मध्यप्रदेश विधान सभा
प्रश्नोत्तर-सूची
जुलाई, 2026 सत्र
सोमवार, दिनांक 20 जुलाई, 2026
भाग-1
तारांकित
प्रश्नोत्तर
उर्वरक
वितरण में
ई-टोकन
प्रणाली की
समस्याओं का
समाधान
[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]
1. ( *क्र. 463 ) श्री जगन्नाथ सिंह रघुवंशी : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या शासन के संज्ञान में यह तथ्य है कि अशोकनगर, गुना जिलों में उर्वरक वितरण हेतु लागू ई-टोकन प्रणाली के कारण किसानों को समय पर उर्वरक प्राप्त नहीं हो रहा है? यदि हाँ, तो जिलेवार प्राप्त शिकायतों पर की गई कार्रवाई का विवरण उपलब्ध कराएं? (ख) क्या विगत तीन माह के दौरान अनेक सहकारी समितियों, उर्वरक विक्रय केंद्रों पर प्रतिदिन औसतन केवल लगभग 20 किसानों को ही ई-टोकन के माध्यम से उर्वरक वितरित किया गया? यदि हाँ, तो केंद्रवार, तिथिवार विवरण क्या है तथा वितरण क्षमता बढ़ाने में विफल रहने वाले अधिकारियों के विरुद्ध क्या कार्यवाही प्रस्तावित है? (ग) क्या शासन के संज्ञान में यह भी है कि किसान ई-टोकन बुक करने के लिए पूरी रात जागने को विवश हैं, फिर भी उन्हें टोकन प्राप्त नहीं हो रहा अथवा टोकन प्राप्त होने के बाद भी संबंधित केंद्र पर उर्वरक उपलब्ध नहीं मिलता? ऐसी स्थिति में किसानों को हो रही परेशानी दूर करने तथा ई-टोकन प्रणाली को पारदर्शी, प्रभावी बनाने हेतु सरकार द्वारा कौन-कौन से सुधारात्मक कदम उठाए जा रहे हैं? (घ) उर्वरक वितरण व्यवस्था की प्रत्यक्ष जिम्मेदारी जिला प्रशासन, DDA, सहकारिता विभाग पर होने के बावजूद किसानों को भटकना पड़ रहा है, कृषि एवं सहकारिता विभाग के अधिकारियों, निजी व्यापारियों एवं संबंधित समितियों की उच्च स्तरीय जांच कराने तथा दोषियों के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई करने का शासन का क्या निर्णय है?
किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) जी नहीं, अपितु कृषकों को ई-टोकन की समस्याओं के संबंध में तत्काल कार्यवाही करते हुए, किसानों के ई-टोकन जनरेट कराया गया है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) जी नहीं। ई-विकास (वितरण एवं कृषि उर्वरक आपूर्ति समाधान) प्रणाली द्वारा ई-टोकन बुक करने की सुविधा 24 घंटे उपलब्ध कराई गई है, किसान कभी भी ई-टोकन बुक कर सकते हैं। ई-विकास प्रणाली अंतर्गत केंद्र पर उपलब्ध उर्वरक ही बुक होता है, अत: संबंधित केंद्र पर उर्वरक उपलब्ध न होने का प्रश्न उद्भूत नहीं होता है। ई-विकास प्रणाली अंतर्गत कृषक संबंधित सहकारी समिति के माध्यम से नि:शुल्क एवं एम.पी. ऑनलाईन केंद्रों से प्रति टोकन रूपये 15/- शुल्क देकर ई-टोकन जनरेट करवा सकते हैं। इसके अतिरिक्त जिला स्तरीय कंट्रोल रूम स्थापित किया जाकर मैदानी विभागीय अधिकारियों को भी ई-टोकन जनरेट कराने में सहायता हेतु प्रशिक्षण के माध्यम से जागरूक किया गया है। (घ) जी नहीं। अत: शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता है।
खेल गतिविधियों हेतु राशि का आवंटन
[खेल एवं युवा कल्याण]
2. ( *क्र. 316 ) श्री लखन घनघोरिया : क्या खेल एवं युवा कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश शासन ने जिला खेल एवं युवा कल्याण विभाग जबलपुर को खिलाड़ियों को खेल सुविधाएं संसाधन उपलब्ध कराने उन्हें प्रोत्साहित करने, खेल गतिविधियों का आयोजन व खेल मैदानों का रख-रखाव आदि के लिये किस-किस योजना मद में कितनी-कितनी राशि आवंटित की गई है एवं कितनी-कितनी राशि व्यय हुई है? वर्ष 2022-23 से प्रश्न दिनांक तक की जानकारी दें। (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार कहां-कहां पर निर्मित आउटडोर, इनडोर स्टेडियम खेल मैदानों में खिलाड़ियों के लिये किन-किन खेलों से संबंधित क्या-क्या सुविधाएं संसाधन खेल सामग्री व खिलाड़ियों को प्रशिक्षित करने की क्या व्यवस्था है? किन-किन इनडोर, आउटडोर व खेल मैदानों का रख-रखाव संधारण आदि पर कब-कब, कितनी-कितनी राशि व्यय हुई? कौन-कौन सी खेल गतिविधियां कब-कब, कहां-कहां पर किस स्तर पर आयोजित की गई? इसमें कहां-कहां की टीमों ने भाग लिया तथा इस पर कितनी-कितनी राशि व्यय हुई? (ग) प्रश्नांश (क) अनुसार किन-किन खेलों से संबंधित कितनी-कितनी राशि की खेल सामग्री क्रय की गई? इस खेल सामग्री का क्या उपयोग किया गया? कौन-कौन सी खेल सामग्री कितनी-कितनी मात्रा में कितनी-कितनी राशि की कब से बेकार, अनुपयोगी व टूटफूटी पड़ी हैं? जानकारी दें। क्या शासन खेल सामग्री के क्रय में वित्तीय अनियमितता, राशि का दुरूपयोग अपव्यय व भ्रष्टाचार की जांच कराकर दोषी अधिकारियों पर कार्यवाही करेगा?
खेल एवं युवा कल्याण मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) खेल और युवा कल्याण विभाग द्वारा जिला खेल एवं युवा कल्याण विभाग जबलपुर को खिलाड़ियों, खेल सुविधाएं संसाधन उपलब्ध कराने उन्हें प्रोत्साहित करने, खेल गतिविधियों के आयोजन व खेल मैदानों का रख-रखाव आदि के लिये आवंटित एवं व्यय राशि की वर्ष 2022-23 से प्रश्न दिनांक तक की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 1 अनुसार है। (ख) वर्ष 2022-23 से प्रश्न दिनांक तक निर्मित आउटडोर, इनडोर स्टेडियम खेल मैदानों में खिलाड़ियों के लिये खेलों से संबंधित सुविधाएं संसाधन खेल सामग्री व खिलाड़ियों को प्रशिक्षित करने हेतु प्रशिक्षक की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 2 अनुसार है एवं इनडोर, आउटडोर व खेल मैदानों का रख-रखाव संधारण पर व्यय राशि की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 3 अनुसार है एवं आयोजित खेल गतिविधियों, टीमों द्वारा प्रतिनिधित्व एवं व्यय राशि की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 4 अनुसार है। (ग) वर्ष 2022-23 से प्रश्न दिनांक तक क्रय खेल सामग्री की राशि सहित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 5 अनुसार है। खेल सामग्री का उपयोग खिलाड़ियों के प्रशिक्षण एवं प्रतियोगिताओं के दौरान किया गया। खेल सामग्री बेकार अनुपयोगी एवं टूटफूट नहीं हुई है। अतः शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
जनपद पंचायत के भवन निर्माण हेतु राशि की स्वीकृति
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
3. ( *क्र. 646 ) श्री हरिशंकर खटीक : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) टीकमगढ़ जिले के जनपद पंचायत जतारा एवं पलेरा के भवन निर्माण हेतु किस-किस खसरा नम्बर के कितने-कितने रकबा में कितनी-कितनी राशि व्यय करके, कब-कब भवन निर्माण कराये गये थे? संपूर्ण जानकारी प्रदाय करें। क्या यह भवन सही और पर्याप्त हैं? (ख) प्रश्नांश (क) के आधार पर जानकारी दें कि क्या यह भवन अत्याधुनिक तरीके से बनाये जाना अतिआवश्यक है? (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के आधार पर जानकारी दें कि क्या प्रश्नकर्ता द्वारा नवीन भवन बनाये जाने हेतु मांग की जा रही है? (घ) प्रश्नांश (क), (ख) एवं (ग) के आधार पर निश्चित समय-सीमा बतायें कि कब तक अत्याधुनिक भवनों के निर्माण हेतु पांच-पांच करोड़ की धनराशि विभाग स्वीकृत करेगा?
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) टीकमगढ़ जिले की जनपद पंचायत जतारा का भवन खसरा क्रमांक-2071, रकबा 0.129 हेक्ट. एवं खसरा क्रमांक-2072, रकबा 0.150 हेक्ट. में स्थित है। जनपद पंचायत भवन का निर्माण वर्ष 1997-98 में राशि रूपये 15.00 लाख से निर्मित है तथा जनपद पंचायत पलेरा का भवन खसरा नं. 1620/3/9501, रकबा-1.00 हेक्ट. में स्थित है। जनपद पंचायत भवन का निर्माण वर्ष 2004-05 में राशि रूपये 7.50 लाख से निर्मित है। जनपद पंचायत जतारा एवं पलेरा में अत्याधुनिक भवन की आवश्यकता व्यक्त की गई है। (ख) जनपद पंचायत जतारा एवं पलेरा में यद्यपि वर्तमान भवनों में कार्यालय संचालित है तथापि भवन के पुराने होने एवं अपर्याप्त स्थान होने के कारण इन जनपदों में मानक प्राक्कलन के आधार पर जनपद भवन बनाये जाने की आवश्यकता व्यक्त की गई है। (ग) जी हाँ। (घ) वर्तमान वित्तीय वर्ष में अतिरिक्त स्टाम्प शुल्क अंतर्गत बजट शून्य होने से कार्य स्वीकृत किया जाना संभव नहीं है, निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
श्रीमंत माधवराव सिंधिया शासकीय आदर्श विज्ञान महाविद्यालय में अनियमितताएं
[उच्च शिक्षा]
4. ( *क्र. 483 ) श्री हेमंत सत्यदेव कटारे : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) श्रीमंत माधवराव सिंधिया शासकीय आदर्श विज्ञान महाविद्यालय ग्वालियर में विश्व बैंक परियोजना अंतर्गत वर्ष 2022 में स्थापित 40 कम्प्यूटरों की प्रयोगशाला पिछले चार वर्षों से बंद क्यों है तथा प्रयोगशाला के कम्प्यूटर बिना उपयोग के ही वारंटी अवधि पार कर चुके हैं तथा छात्रों को इसका लाभ क्यों नहीं मिल रहा है? क्या कम्प्यूटर क्रय, गुणवत्ता, स्टॉक एवं प्रभार हस्तांतरण संबंधी प्रक्रियाओं में अनियमितताओं तथा लगभग 27 लाख रुपये के संभावित वित्तीय अनियमितता के आरोप सामने आए हैं? पूर्ण जानकारी दी जाये। (ख) क्या पूर्व विश्व बैंक परियोजना प्रभारी डॉ. डी कुमार के स्थानांतरण उपरांत उन्हें बिना अदेय प्रमाण-पत्र के LPC जारी की गई थी? यदि नहीं, तो जारी किये अदेय प्रमाण पत्र की प्रति उपलब्ध करायी जाये। साथ ही डॉ. सारिका श्रीवास्तव को विश्व बैंक परियोजना प्रभारी कब बनाया गया? उस आदेश की प्रति उपलब्ध कराई जाये। (ग) डॉ. डी कुमार को दिये गये अग्रिम का समायोजन कब कराया गया? प्रति उपलब्ध कराई जाये। क्या विभागाध्यक्ष रसायन डॉ. ए.के. शुक्ला द्वारा पूर्व में प्राचार्य को पत्र द्वारा अवगत कराया था कि डॉ. डी. कुमार पर लाखों रु. का अग्रिम, लेपटॉप एवं अन्य सामग्री है, जिस पर पूर्व प्राचार्य ने नोटिस भी जारी किया था, जो उनके द्वारा आज दिनांक तक जमा नहीं किया है, इसी कारण अदेय प्रमाण पत्र पर डॉ. ए.के. शुक्ला द्वारा हस्ताक्षर नहीं किये गये थे? (घ) क्या संपूर्ण प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच कर दोषियों के विरुद्ध क्या कार्रवाई प्रस्तावित है?
उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री इन्दर सिंह परमार ) : (क) जी नहीं। जी नहीं। (ख) जी नहीं, अदेय प्रमाण पत्र की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'अ' अनुसार है। डॉ. सारिका श्रीवास्तव को विश्व बैंक परियोजना प्रभारी नहीं बनाया गया, शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता है। (ग) अग्रिम समायोजन दिनांक 02.12.2025 को कराया गया। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'ब' अनुसार है। विभागाध्यक्ष रसायनशास्त्र डॉ. ए.के. शुक्ला द्वारा दिया गया पत्र पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'स' एवं प्राचार्य द्वारा डॉ. डी. कुमार को जारी किया गया पत्र पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'द' अनुसार है। महाविद्यालय द्वारा डॉ. डी. कुमार को दिनांक 02.12.2025 को अदेय प्रमाण पत्र जारी किया गया है। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता। (घ) उत्तरांश 'क' 'ख' एवं 'ग' के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
ग्राम बमोरी, महाविद्यालय में शैक्षणिक कार्य
[उच्च शिक्षा]
5. ( *क्र. 465 ) श्री ऋषि अग्रवाल : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्नकर्ता के प्रश्न 2160, दिनांक 04 अगस्त, 2025 के संदर्भ में बताएं कि वर्ष 2021-22 से 2026-27 तक बमोरी महाविद्यालय में प्रवेश के लिए क्या प्रक्रिया अपनाई गई तथा 2020-21 में इस महाविद्यालय में किस-किस संकाय में कितने अध्यापक एवं अन्य कर्मचारी कार्यरत थे? (ख) वर्ष 2021-22 से 2026-27 तक महाविद्यालय में प्रवेश के लिए विद्यार्थियों को प्रेरित करने के क्या-क्या प्रयास किये गये? शासन, प्रशासन, विश्वविद्यालय स्तर पर क्या मुहिम चलाई गई और उसके क्या परिणाम रहे? (ग) बमोरी तहसील क्षेत्रान्तर्गत महाविद्यालय में पढ़ने वाले विद्यार्थी कितने हैं, इसकी गणना किसी स्तर पर क्यों नहीं की गई तथा इसमें शिक्षक तथा कर्मचारी की भर्ती कर उसका प्रचार-प्रसार करने का प्रयास क्यों नहीं किया गया? (घ) करोड़ों की लागत से निर्मित इस शिक्षा के मंदिर का उपयोग नहीं होने के परिप्रेक्ष्य में क्या इसमें विद्यार्थियों के प्रवेश करने के लिए युद्ध स्तर पर वर्ष भर तक कोई मुहिम चलाई जायेगी?
उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री इन्दर सिंह परमार ) : (क) शासकीय महाविद्यालय बमोरी में शैक्षणिक सत्र 2021-22 से 2026-27 तक प्रवेश हेतु उच्च शिक्षा विभाग द्वारा निर्धारित ई-प्रवेश पोर्टल के माध्यम से नियमानुसार प्रवेश प्रक्रिया संचालित की गई। शेष जानकारी निरंक है। (ख) विद्यार्थियों को प्रवेश हेतु प्रेरित करने के लिये महाविद्यालय एवं विभाग स्तर पर ''कॉलेज चलो अभियान'' के अंतर्गत आवश्यक प्रचार-प्रसार एवं जनजागरूकता संबंधी गतिविधियां संचालित की गई तथा महाविद्यालय में शिक्षकों एवं कर्मचारियों के पद स्वीकृत न होने के कारण नियमित शैक्षणिक गतिविधियों का संचालन संभव नहीं हो सका। (ग) वर्तमान में महाविद्यालय में प्रवेशित विद्यार्थियों की संख्या निरंक है। अत:शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) विभाग द्वारा प्रत्येक वर्ष ''कॉलेज चलो अभियान'' के अंतर्गत प्रवेश प्रक्रिया के व्यापक प्रचार-प्रसार एवं विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा हेतु प्रेरित करने के लिये आवश्यक गतिविधियां संचालित की जाती हैं। शिक्षकों एवं कर्मचारियों की पदस्थापना संबंधी कार्यवाही प्रक्रियाधीन है।
नवीन शासकीय महाविद्यालयों की स्वीकृति
[उच्च शिक्षा]
6. ( *क्र. 406 ) श्री अमर सिंह यादव : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रदेश में विभाग द्वारा विगत 5 वर्षों में कोई नवीन शासकीय महाविद्यालय स्वीकृत किये गये हैं? (ख) यदि हाँ, तो कब-कब, कहां-कहां पर स्वीकृत किये गये हैं? जानकारी दें। (ग) क्या राजगढ़ विधानसभा के नगर खुजनेर में भी नवीन शासकीय महाविद्यालय खोले जाने की कोई घोषणा की गई थी? यदि हाँ, तो कब की गई थी? (घ) क्या उक्त घोषणा के पालन में खुजनेर नगर में नवीन शासकीय महाविद्यालय की स्वीकृति प्रदान की जायेगी? यदि हाँ, तो कब तक बतावें। (ड.) यदि नहीं, तो क्यों नहीं? कारण सहित बतावें।
उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री इन्दर सिंह परमार ) : (क) जी हाँ। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) जी नहीं। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता है। (घ) एवं (ड.) उत्तरांश 'ग' के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
प्रदेश में मोबिलाइजर की सेवा समाप्त होना
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
7. ( *क्र. 32 ) श्रीमती सेना महेश पटेल : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में पेसा एक्ट के अंतर्गत ग्रामीण एवं आदिवासी क्षेत्रों में योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, ग्राम सभा सशक्तिकरण एवं प्रशासनिक सहयोग हेतु प्रदेश में नियुक्त मोबिलाइजर सेवाएँ समाप्त की गई हैं, तो किन शासन आदेशों, नीति निर्णयों अथवा कारणों के आधार पर यह निर्णय लिया गया? कृपया आदेश की प्रति उपलब्ध करावें, कितने मोबिलाइजर कि सेवा समाप्त की गई जिलेवार जानकारी उपलब्ध करावें। (ख) क्या नियुक्त मोबिलाइजर ग्राम स्तर पर पेसा एक्ट के क्रियान्वयन, ग्राम सभा बैठकों के संचालन में सहयोग, योजनाओं की निगरानी में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे थे? यदि हाँ, तो उनकी सेवाएँ समाप्त करने से ग्रामीण प्रशासनिक व्यवस्था एवं योजनाओं के क्रियान्वयन हेतु क्या पेसा एक्ट का क्रियान्वयन नहीं करवाया जाना है? (ग) सरकार द्वारा इन प्रभावित मोबिलाइजर के लिए क्या वैकल्पिक व्यवस्था, पुनः नियोजन या राहत उपाय किये जा रहे हैं? यदि हाँ, तो कब तक? अवधि बतावें।
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) जी हाँ। पेसा मोबिलाइजर की सेवायें भारत सरकार की आर.जी.एस.ए. योजना के तहत ली गई थी, जिसकी अवधि दिनांक 31.03.2026 में पूर्ण हो गई है, परिणामत: सेवायें समाप्त की गई है, जारी आदेश की प्रति संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी नहीं। पेसा मोबिलाइजर का कार्य अत्यन्त-अस्थाई एवं अंशकालिक प्रकृति का था, इसलिये शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। पेसा एक्ट का क्रियान्वयन पंचायत के अन्य विद्यमान अमले के माध्यम से कराया जाता रहेगा। (ग) उपरोक्त प्रश्नांशों के जबाव के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
वसूली के साथ आपराधिक प्रकरण दर्ज किया जाना
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
8. ( *क्र. 526 ) श्री अभय मिश्रा : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या हरिश्चन्द्र द्विवेदी, तत्कालीन मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत सिरमौर वर्तमान पुष्पराजगढ़ जिला अनूपपुर द्वारा प्रथम नियुक्ति के दौरान उपयोग किये गये कान के निःशक्तता प्रमाण पत्र कूटरचित आधारों पर एक कान का तैयार कराकर नौकरी में लाभ प्राप्त किया गया? प्रमाण पत्र की प्रति देते हुये बतावें कि क्या एक कान की निःशक्तता 40 प्रतिशत बन सकती है, जिसकी जाँच कराकर कार्यवाही के साथ कूटरचित प्रमाण पत्र पर धोखाधड़ी के अपराधिक प्रकरण दर्ज कराने एवं प्रश्न दिनांक तक में वेतन एवं अन्य राशि की वसूली बाबत् निर्देश देंगे? (ख) प्रश्नांश (क) के तारतम्य में जनपद पंचायत रीवा में पदस्थगी के दौरान श्री द्विवेदी द्वारा 14608 श्रम कार्ड अपात्रों को जारी कर 2169 लाभार्थियों को विवाह सहायता के लाभ से व्यक्तिगत हितपूर्ति कर लाभान्वित किया गया, यह जानकारी प्रश्नकर्ता के तारांकित प्रश्न क्र. 222, दिनांक 28 जुलाई, 2025 के उत्तर में 371 प्रकरणों की जाँच की जानकारी दी गई एवं अन्य प्रकरणों में जाँच एवं कार्यवाही की जानकारी लंबित रखी गई, इस पर जांच एवं कार्यवाही बाबत् क्या निर्देश देगें? बतावें। अगर नहीं तो क्यों? (ग) प्रश्नांश (क) अनुसार कूटरचित निःशक्तता प्रमाण पत्र की जाँच कराकर संबंधित के ऊपर धोखाधड़ी के अपराध पंजीबद्ध कराने एवं राशि की वसूली के निर्देश देंगे एवं प्रश्नांश (ख) अनुसार कूटरचित दस्तावेज तैयार कराकर प्रमाण पत्र जारी कराकर अपात्रों को व्यक्तिगत हितपूर्ति कर लाभ देने शासन को आर्थिक क्षति पहुंचाने पर राशि वसूली के साथ धोखाधड़ी के अपराध पंजीबद्ध कराने के निर्देश देगें, तो बतावें? अगर नहीं, तो क्यों?
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा राज्य सेवा परीक्षा 2009 में आयोजित संयुक्त प्रतिस्पर्धा परीक्षा परिणाम के आधार पर श्रवण बाधित श्रेणी के अंतर्गत अनुशंसित श्री हरिश्चन्द्र द्विवेदी की नियुक्ति विभागीय आदेश क्रमांक 10269/693/22/वि-2/स्था./12, दिनांक 31.07.12 द्वारा मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत के पद पर की गई है। विकलांगता प्रमाण पत्र की प्रति संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ख) अपर कलेक्टर की अध्यक्षता में गठित 05 सदस्यीय टीम को समस्त प्रकरण उपलब्ध कराये गये थे। समिति ने स्वविवेक के आधार पर 371 प्रकरण जांच हेतु चिन्हित कर जांच की गई, जिसमें किसी प्रकार की विसंगति/अनियमितता नहीं पाई गई। अन्य प्रकरणों में कोई जांच लंबित नहीं है। (ग) उत्तरांश (क) एवं (ख) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
सेन्ट्रल किचन का अनियमित संचालन
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
9. ( *क्र. 510 ) श्री प्रदीप पटेल : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्यप्रदेश के कितने जिलों में सेन्ट्रल किचन द्वारा भोजन गरीब/पात्र हितग्राहियों को उपलब्ध कराया जा रहा है? उक्त जिलों में सेन्ट्रल किचन संचालन पिछले 10 वर्षों में किन-किन फर्मों द्वारा संचालित किया जा रहा है? सेन्ट्रल किचन संचालन हेतु क्या विस्तृत गाइड लाईन विभाग द्वारा जारी किये गये हैं? यदि हाँ, तो उपलब्ध करावें। (ख) रीवा एवं मऊगंज जिले में संचालित सेन्ट्रल किचन हेतु क्या जिला पंचायत रीवा/मऊगंज द्वारा प्रतिवर्ष निविदा की कार्यवाही की गई है? यदि हाँ, तो कृपया पिछले 03 वर्ष की संपूर्ण निविदा प्रक्रिया के अभिलेख जैसे विज्ञापन, अर्हता, शर्त, तुलनात्मक विवरण आदि उपलब्ध करावें? उक्त निविदा शर्तों का निर्धारण करने का अधिकार किसे है? रीवा/मऊगंज जिले में उक्त निविदा शर्तों का निर्धारण एवं निविदा प्रक्रिया कब-कब-की गई है? उक्त का संपूर्ण अभिलेख उपलब्ध कराने का कष्ट करें? (ग) वर्ष 2016-17 से अब तक वर्षवार रीवा/मऊगंज जिले में माहवार सेन्ट्रल किचन में हुए व्यय एवं लाभान्वित हितग्राहियों की सूची तथा भुगतान प्राप्त करने वाली फर्म का मय भुगतान राशि सहित विवरण उपलब्ध करावें।
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'अ' अनुसार है। (ख) जी नहीं। प्रतिवर्ष निविदा की कार्यवाही का प्रावधान नहीं है। इसलिए शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। पूरक जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'ब' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'स' अनुसार है।
नवीन आयुर्वेद महाविद्यालय का निर्माण
[आयुष]
10. ( *क्र. 456 ) श्री हरदीप सिंह डंग : क्या आयुष मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या मंदसौर जिले में सुवासरा विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत नगर शामगढ़ में विभाग द्वारा एक नवीन आयुर्वेद महाविद्यालय स्वीकृत किया गया है? यदि हाँ, तो इसकी स्वीकृति किस आदेश क्रमांक एवं दिनांक को प्रदान की गई थी? प्रतिलिपि उपलब्ध कराएं। (ख) शामगढ़ में उक्त महाविद्यालय के सुचारू संचालन तथा नवीन भवन निर्माण हेतु विभाग द्वारा अब तक भूमि आवंटन, प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति के लिए क्या-क्या ठोस कार्यवाही की गई है? वर्तमान में इस प्रक्रिया की स्थिति क्या है? (ग) क्या उक्त भवन निर्माण के लिए बजट में राशि का प्रावधान किया जा चुका है? यदि हाँ, तो किस निर्माण एजेंसी का चयन कर कार्य आदेश जारी कर दिया गया है अथवा नहीं? यदि नहीं, तो इस देरी के मुख्य कारण क्या हैं? (घ) शामगढ़ क्षेत्र की जनता को इस आयुर्वेद महाविद्यालय के स्वयं के सर्वसुविधायुक्त भवन का लाभ कब तक मिल सकेगा? विभाग द्वारा इस भवन निर्माण कार्य को प्रारंभ करने एवं पूर्ण करने की निश्चित समयावधि क्या तय की गई है?
आयुष मंत्री ( श्री इन्दर सिंह परमार ) : (क) जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) उत्तरांश ''क'' के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) वर्तमान में उत्तरांश 'क' के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
रासायनिक उर्वरक की उपलब्धता संबंधी जानकारी
[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]
11. ( *क्र. 297 ) श्री भंवर सिंह शेखावत : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में खरीफ एवं रबी सीजन में कितनी-कितनी मात्रा में कौन-कौन से रासायनिक उर्वरक की आवश्यकता होती है? कृपया नामवार तथा मात्रावार जानकारी से अवगत करावें। (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में प्रदेश में कृषक वर्ग को, मांग अनुसार क्या पर्याप्त मात्रा में खरीफ एवं रबी सीजन में रासायनिक उर्वरक प्रदाय किया जा रहा है? यदि हाँ, तो नामवार एवं मात्रावार जानकारी से अवगत करावें। (ग) प्रश्नांश (ख) के संदर्भ में, यदि कृषक वर्ग को दोनों सीजन में अपर्याप्त रासायनिक उर्वरक उपलब्ध कराया जा रहा है? यदि हाँ, तो कितना? नामवार, मात्रावार जानकारी से अवगत करावें। (घ) प्रश्नांश (ग) के संदर्भ में, रासायनिक उर्वरक की पर्याप्त मात्रा के अभाव में खेती लाभ का धंधा कैसे होगा?
किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र 1 अनुसार है। (ख) जी हाँ, कृषकों को खरीफ 2026 अंतर्गत फसलों हेतु पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध कराया जा रहा है। जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र 2 अनुसार है। रबी फसल मौसम 01 अक्टूबर से प्रारंभ होता है, अत: शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता है। (ग) जी नहीं। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता है। (घ) प्रश्नांश (ग) के संदर्भ में प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता है।
शैक्षणिक एवं गैर शैक्षणिक पदों के सृजन एवं पद पूर्ति
[उच्च शिक्षा]
12. ( *क्र. 19 ) श्री गोपाल भार्गव : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या विधानसभा क्षेत्र रहली जिला सागर के अंतर्गत शासकीय महाविद्यालय रहली, गढ़ाकोटा, शाहपुर तथा ढाना के लिये शासन द्वारा नवीन विषय आगामी शैक्षणिक सत्र से स्वीकृत करने के आदेश दिये गये हैं? यदि हाँ, तो नवीन विषयों के लिये शैक्षणिक एवं गैर शैक्षणिक पदों की स्वीकृति तथा पद पूर्ति किये जाने के लिए की गई कार्यवाही से अवगत कराया जाये? (ख) नवीन विषयों के लिए शैक्षणिक कक्ष एवं प्रयोगशालाओं के निर्माण के लिए क्या प्रावधान किया गया है, क्या आगामी शैक्षणिक सत्र के पूर्व ही अतिरिक्त भवन एवं सामग्री का आवंटन कर दिया जावेगा, पूर्ण विवरण दिया जावे? (ग) प्रश्नांश (क) में वर्णित चारों महाविद्यालयों के छात्रों की विगत चार वर्षों में प्लेसमेंट की जानकारी दी जावे तथा साथ ही प्रत्येक महाविद्यालय से उत्तीर्ण होने वाले छात्रों के प्लेसमेंट के लिए निर्धारित प्रक्रिया का पूर्ण विवरण दिया जावे?
उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री इन्दर सिंह परमार ) : (क) जी हाँ। रहली, गढ़ाकोटा, ढाना में नवीन विषय स्वीकृति के आदेश जारी किये गये हैं। शाहपुर में नवीन विषय प्रारंभ नहीं किया गया है। कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। (ख) वर्तमान में महाविद्यालय में अधोसंरचना उपलब्ध है। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता है। (ग) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है।
महर्षि महेश योगी वैदिक विश्वविद्यालय की जानकारी
[उच्च शिक्षा]
13. ( *क्र. 394 ) श्री मधु भगत : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या महर्षि महेश योगी वैदिक विश्वविद्यालय करौंदी के अधिनियम के संबंध में माननीय सर्वोच्च न्यायालय एवं माननीय उच्च न्यायालय मध्य प्रदेश द्वारा विश्वविद्यालय अधिनियम की किन-किन धाराओं को अपास्त एवं पुष्ट किये जाने संबंधी आदेश जारी किये गये हैं, यदि हाँ, तो उक्त आदेश सर्वोच्च न्यायालय नई दिल्ली एवं उच्च न्यायालय मध्य प्रदेश द्वारा किस सत्र में किस दिनांक को पारित किये गये? पारित आदेशों सहित जानकारी उपलब्ध करायें? (ख) माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर WP 1065/2001 का पारित आदेश की प्रमाणित प्रतिलिपि उपलब्ध करायें? (ग) प्रश्नांश (क) में वर्णित सर्वोच्च न्यायालय नई दिल्ली एवं उच्च न्यायालय मध्यप्रदेश के पारित आदेशों के उपरांत महर्षि महेश योगी वैदिक विश्वविद्यालय अधिनियम में संशोधन किस दिनांक को किस सत्र में किया गया? यदि हाँ, तो संशोधित अधिनियम की प्रति उपलब्ध करायें? यदि नहीं, तो विलंब का कारण स्पष्टीकरण सहित उपलब्ध करायें तथा स्पष्ट करें कि विश्वविद्यालय अधिनियम में संशोधन कब कराया जायेगा? (घ) क्या विश्वविद्यालय अधिनियम में संशोधन कराए बिना ही विश्वविद्यालय का संचालन नियमानुसार किया जाना नियमानुसार है? यदि हाँ, तो संबंधित नियम कानून उपलब्ध करायें?
उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री इन्दर सिंह परमार ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र "अ" एवं "ब" अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र "ब" अनुसार है। (ग) प्रश्नांश (क) में वर्णित माननीय न्यायालयों के निर्देश के उपरान्त प्रश्नांकित अधिनियम में कोई संशोधन नहीं किया गया है। माननीय न्यायालय द्वारा अधिनियम में संशोधन किये जाने का कोई विशिष्ट निर्देश नहीं दिया गया है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) उत्तरांश (ग) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
विश्वविद्यालय में सहायक प्राध्यापकों की सीधी भर्ती
[उच्च शिक्षा]
14. ( *क्र. 197 ) श्रीमती ललिता यादव : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) महाराजा छत्रसाल बुंदेलखण्ड विश्वविद्यालय छतरपुर में विभिन्न विषयों के कितने पदों पर सहायक प्राध्यापकों की सीधी भर्ती की जा रही है? (ख) विश्वविद्यालय में केयर टेकर कुलपति जो धारा 52 के तहत पदस्थ है, ऐसी स्थिति में क्या उन्हें सीधी भर्ती का अधिकार है या नहीं? यदि हाँ, तो क्या शासन चयन समिति के लिये धारा 49 के तह निर्धारित प्रक्रिया जिसमें राजभवन के एवं शासन के प्रतिनिधि के साथ-साथ विभिन्न विषयों के विषय विशेषज्ञों की चयन समिति बनायेगी या कुलपति स्वयं चयन समिति बनाकर सीधी भर्ती प्रक्रिया करेंगे, हाँ या नहीं? (ग) यदि कुलपति स्वयं चयन समिति बनायेंगे तो जानकारी दें कि इन्हीं सहायक प्राध्यापकों की भर्ती प्रक्रिया को लेकर शासन ने भ्रष्टाचार एवं कदाचरण के कारण कुलपति श्रीमती शुभा तिवारी को हटाकर धारा 52 लगाई थी, जो आज भी लागू है या फिर नये कुलपति कैसे नियुक्त करेंगे? (घ) क्या शासन ऐसी सीधी भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगाकर म.प्र. लोक सेवा आयोग के माध्यम से भर्ती प्रक्रिया करेगा? जो प्रतिवर्ष सहायक प्राध्यापक की भर्ती करता है, तो सीधी भर्ती क्यों?
उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री इन्दर सिंह परमार ) : (क) महाराजा छत्रसाल बुंदेलखण्ड विश्वविद्यालय, छतरपुर में 10 विषयों के लिए 40 सहायक प्राध्यापक के पदों पर सीधी भर्ती की कार्यवाही की जा रही है। (ख) जी हाँ। चयन समिति के गठन हेतु धारा 49 प्रभावशील है। (ग) उत्तरांश 'ख' के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) जी नहीं। नियमानुसार विश्वविद्यालय स्वयं नियोक्ता है।
सड़कों के निर्माण कार्य की निविदा
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
15. ( *क्र. 341 ) कुँवर अभिजीत शाह : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्नकर्ता के तारांकित प्रश्न क्रमांक 513, दिनांक 17.02.2026 के जबाव अनुसार ग्राम रूंदलाय-भवरास, बिल्लौद-रुंदलाय, कासरनी-आमसागर तथा पॉडरमाटी-झाड़बीड़ा सड़कों हेतु पुनः निविदा जारी कर कार्य पूर्ण कराये जाने की लगभग 04 माह पश्चात् क्या स्थिति है? (ख) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित सड़कों का निर्माण, गुणवत्तापूर्ण एवं अनुबंध अनुसार नहीं किये जाने तथा अनुबंध की शर्तों का पालन नहीं कराये जाने के कारण क्या संबंधित ठेकेदार के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही की जा रही है? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्यों? ठेकेदार को कितने समय के लिये किस-किस कारण से किसके आदेश पर डिबार सूची में डाला गया है? क्या ठेकेदार को सूची से रिव्होक कर पुनः कार्य दिया गया है? यदि हाँ, तो किसके आदेश पर तथा क्यों? ठेकेदार को रिव्होक किये जाने के उपरांत भी उसके द्वारा कार्य प्रारंभ नहीं कराये, पर क्या रिव्होक किये जाने वाला अधिकारी भी समान रूप से उत्तरदायी है? नहीं तो क्यों? दस्तावेज सहित बतावें। (ग) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित सड़कों के निर्माण कार्य कब प्रारंभ किये गये थे? कब तक पूर्ण किये जाने की समय-सीमा निर्धारित थी? रिव्होक कर पुनः कार्यावंटन किये जाने पर कार्यपूर्णता की क्या अवधि निर्धारित की गई है? (घ) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित सड़कों के ठेकेदार के माध्यम से विभाग अंतर्गत नर्मदापुरम् संभाग में क्या-क्या कार्य दिनांक 01 जनवरी, 2024 से प्रश्न दिनांक तक कराये जा रहे हैं? इन कार्यों की वर्तमान स्थिति, कार्य का नाम, विवरण, स्वीकृत राशि, इनके विरूद्ध प्राप्त शिकायतों के जांच प्रतिवेदन सहित जानकारी उपलब्ध करावें।
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) माननीय विधायक विधानसभा क्षेत्र-134 टिमरनी के तारांकित प्रश्न क्रमांक 513, दिनांक 17.02.2026 के जवाब अनुसार प्रश्नांकित मार्गों हेतु पुनः निविदा जारी कि गई थी, लेकिन अनुबंध के अनुच्छेद-24 के अंतर्गत संविदाकार के आवेदन उपरांत विवेचना के आधार पर अनुबंध को सक्षम प्राधिकारी (संभागीय मुख्य महाप्रबंधक) द्वारा दिनांक 17.02.2026 को पुनर्जीवित किया गया था। तदोपरांत अनुबंध पुनर्जीवित करने के पश्चात भी संविदाकार द्वारा अत्यंत धीमी गति से कार्य करने एवं निर्धारित समय-सीमा में समुचित संधारण कार्य नहीं किये जाने के कारण नोटिस दिये जाने के उपरांत अनुबंध को पुनः निरस्त किया गया है। मार्गों की वर्तमान स्थिति की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''1'' अनुसार है। (ख) जी हाँ। संविदाकार द्वारा अनुबंधानुसार संधारण एवं रिन्यूवल कार्य नहीं किये जाने के कारण पत्राचार करते हुये कारण बताओ सूचना पत्र जारी करने के उपरांत निर्धारित समय-सीमा में संधारण कार्य नहीं किये जाने के कारण पैकेज क्रमांक MP15MTN035 एवं पैकेज क्रमांक MP15MTN040 के अनुबंध निरस्त किये गये थे तथा अनुबंध में निहित प्रावधानों के अंतर्गत संविदाकार को डिबार किया जा कर डिबार सूची में सम्मिलित किया गया। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''2'' अनुसार है। अनुबंध निरस्तीकरण उपरांत मार्गों के शेष कार्यों की निविदा आमंत्रण की कार्यवाही के दौरान अनुबंध के अनुच्छेद-24 के अंतर्गत संविदाकार द्वारा निरस्त अनुबंध को पुनर्जीवित किये जाने हेतु प्रस्तुत आवेदन एवं नवीन एजेंसी निर्धारण में लगने वाले समय एवं मार्गों का संधारण कार्य प्रभावित होने के दृष्टिगत सक्षम प्राधिकारी (संभागीय मुख्य महाप्रबंधक) द्वारा अनुबंध को पुनर्जीवित किया गया। तत्पश्चात संविदाकार द्वारा रूंदलाय से भवरास मार्ग पर कार्य प्रारंभ किया गया था। परंतु धीमी गति से कार्य किये जाने के कारण संविदाकार से पत्राचार कर कारण बताओ सूचना पत्र जारी किये गये एवं संधारण हेतु लेख किया गया। परंतु निर्धारित समय-सीमा में समुचित संधारण कार्य नहीं किये जाने के कारण नोटिस दिये जाने के उपरांत अनुबंध को पुनः निरस्त किया गया है। अनुबंध निरस्तीकरण उपरांत मार्गों के शेष संधारण कार्य हेतु प्रस्ताव तैयार किये जाने की कार्यवाही की जा रही है। उपरोक्त के क्रम में अनुबंधानुसार कार्यवाही की गई है। अतः शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''3'' अनुसार है। (ग) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित मार्गों के संधारण हेतु कार्यादेश दिनांक 06.03.2024 को जारी किये गये थे, जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''4'' अनुसार है एवं संधारण अवधि समाप्ति की दिनांक 05.03.2029 तक है। पुनर्जीवित कर पुनः कार्यावंटन किये जाने पर शेष संधारण कार्यों की कार्यपूर्णता अवधि दिनांक 31.03.2026 तक निर्धारित की गई थी। तदोपरांत अनुबंध पुनर्जीवित करने के पश्चात भी संविदाकार द्वारा अत्यंत धीमी गति से कार्य करने एवं निर्धारित समय-सीमा में समुचित संधारण कार्य नहीं किये जाने के कारण नोटिस दिये जाने के उपरांत अनुबंध को पुनः निरस्त किया गया है। (घ) नर्मदापुरम संभाग के जिलों के प्रश्नांश (क) में उल्लेखित सड़कों के संविदाकार के 01 जनवरी, 2024 से प्रश्न दिनांक तक कराये जा रहे कार्य की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''5'' अनुसार है।
विधानसभा क्षेत्र सीधी अंतर्गत विकास योजनाएं
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
16. ( *क्र. 642 ) श्रीमती रीती पाठक : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) स्वच्छ भारत मिशन योजना अंतर्गत सीधी विधानसभा में पिछले 5 वर्षों में पंचायतवार जो राशि निर्माण कार्य में व्यय की गई, इसकी घटकवार, पंचायतवार जानकारी दें। इस योजना के तहत कितने स्वच्छता कर्मी कहां-कहां पदस्थ किये गये हैं एवं वॉश एंड व्हील में कितनी किट खरीदी गई और कहां-कहां कार्य कर रही है? (ख) प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना 2.0 (वाटर शेड) के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 में सीधी विधानसभा अंतर्गत किन-किन गांवों का चयन किया गया है एवं आगामी वित्तीय वर्ष के लिए क्या-क्या कार्य योजना बनाई गई है एवं क्या इस योजना के तहत सीधी विधानसभा हेतु नवीन कार्यों की कितनी राशि स्वीकृति की जायेगी? (ग) सीधी विधानसभा अंतर्गत ऐसे कितने पात्र हितग्राही हैं, जिन्हें अभी तक प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं मिल पाया है? वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 में कितने प्रधानमंत्री आवास सीधी विधानसभा में स्वीकृत हुए एवं वर्ष 2026-27 में कितने प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत करने की योजना है?
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) स्वच्छ भारत मिशन (ग्रा.) योजना अंतर्गत सीधी विधानसभा में पिछले 5 वर्षों में पंचायतवार जो राशि निर्माण कार्य में व्यय की गई घटकवार, पंचायतवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'अ' अनुसार है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'ब' अनुसार है। (ख) प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना 2.0 (वाटर शेड) के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 में सीधी विधानसभा अंतर्गत नए गांवों का चयन नहीं किया गया है। आगामी वित्तीय वर्ष के लिए कोई कार्य योजना नहीं बनाई गई है, जिससे नवीन कार्यों के लिए स्वीकृत राशि निरंक है। (ग) सीधी विधानसभा अंतर्गत भारत सरकार से प्राप्त लक्ष्य के अनुक्रम में केवल 347 हितग्राहियों को स्वीकृति जारी कर लाभ देना शेष है। वर्ष 2024-25 में 8825 एवं 2025-26 में 3982 आवास स्वीकृत हुए हैं तथा 2026-27 के लिये भारत सरकार से लक्ष्य अप्राप्त है।
युवाओं को प्रशिक्षण एवं रोजगार
[तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार (केवल कौशल विकास एवं रोजगार)]
17. ( *क्र. 159 ) श्री संजय उइके : क्या राज्य मंत्री, कौशल विकास एवं रोजगार महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना वित्तीय वर्ष 2015 में प्रारंभ हुई है? यदि हाँ, तो वित्तीय वर्ष 2015 से 2025 तक प्रतिवर्ष कितने युवाओं को प्रशिक्षण दिया गया और कितने युवाओं को रोजगार उपलब्ध हुआ? जानकारी दें। (ख) योजना में प्रशिक्षण एवं रोजगार उपलब्धता कराने वाले प्रशिक्षण भागीदार संस्था एवं प्रशिक्षण केन्द्रों की सूची जिलेवार उपलब्ध करावें। बालाघाट जिले में कौन-कौन सी प्रशिक्षण भागीदार संस्था ने कहां-कहां, कितने-कितने युवाओं को प्रशिक्षण दिया एवं रोजगार उपलब्ध कराया गया? जानकारी देवें। (ग) क्या प्रशिक्षण पाठ्यक्रम हेतु स्थानीय उद्योगों की वास्तविक मांग तथा क्षेत्रीय कौशल अन्तर (Skill Gap) का अध्ययन जिलेवार कराया गया है? यदि हाँ, तो जानकारी उपलब्ध करावें? प्रशिक्षण एवं रिकॉर्ड के अनुश्रवण की क्या व्यवस्था है।
राज्य मंत्री, कौशल विकास एवं रोजगार ( श्री गौतम टेटवाल ) : (क) जी हाँ, अपितु यह योजना मध्यप्रदेश में वित्तीय वर्ष 2017-18 में प्रारंभ हुई है। वित्तीय वर्ष 2017-18 से 2024-25 तक की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) जिलेवार प्रशिक्षण प्रदाता (भागीदार) की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है एवं प्रशिक्षण केन्द्रों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है। प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना अंतर्गत बालाघाट जिले में प्रशिक्षण आयोजित करने वाली प्रशिक्षण भागीदार संस्थाओं एवं प्रशिक्षणार्थियों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-4 अनुसार है एवं रोजगार की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-5 अनुसार है। (ग) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-6 अनुसार है। प्रशिक्षण एवं रिकॉर्ड के अनुश्रवण की कार्यवाही भारत सरकार के SIDH Portal से की जाती है।
लैंक्सेस उद्योग में हुए विस्फोट व आगजनी की घटना
[श्रम]
18. ( *क्र. 438 ) श्री विपीन जैन : क्या श्रम मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या लैंक्सेस उद्योग, नागदा में दिनांक 17 जून, 2026 को बेंजाइल क्लोराइड एवं एसिटल टैंक क्षेत्र में भीषण विस्फोट एवं आगजनी की घटना हुई, जिसके कारण शहर में दहशत का माहौल उत्पन्न हो गया? घटना के कारण, क्षति एवं दोषियों के विरुद्ध क्या कार्रवाई की गई? विवरण देवें। (ख) लैंक्सेस उद्योग का फायर ऑडिट अंतिम बार कब कराया गया था, आज दिनांक तक फायर ऑडिट क्यों नहीं कराया गया है, बिना वैध फायर ऑडिट के कारखाने के संचालन के संबंध में विभाग द्वारा कार्यवाही क्यों नहीं की गई? (ग) उद्योग के प्लांट मशीनरी का स्ट्रक्चर ऑडिट पिछले तीन वर्षों में कब-कब करवाया गया? यदि नहीं, कराया तो क्यों, उत्तरदायी अधिकारी/प्रबंधन के विरूद्ध क्या कार्यवाही की गई? (घ) हाल में हुई अग्नि दुर्घटना के उपरांत औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग द्वारा कारखाना मालिक अधिभोगी एवं प्रबंधक के विरूद्ध प्रतिबंधात्मक आदेश जांच एवं वैधानिक कार्यवाही क्यों नहीं की गई है, इसके लिए कौन अधिकारी दोषी है, आगजनी दुर्घटना की उच्च स्तरीय जांच कराई जायेगी? यदि हाँ, तो कब? विवरण दें। (ड.) श्रमिक सुरक्षा श्रम कानून पर्यावरण के उल्लंघन दुर्घटना पर वर्ष 2013 से प्रश्न दिनांक तक लैंक्सेस उद्योग के विरूद्ध क्या कार्रवाई की गई? विवरण दें।
श्रम मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) जी हाँ, लैंक्सेस इंडिया प्रा.लि. नागदा में दिनांक 17.06.2026 की रात्रि लगभग 09:30 बजे हाइड्रोक्लोरिक एसिड एब्जॉर्बर सेक्शन में अग्नि दुर्घटना घटित हुई है। उक्त दुर्घटना में कारखाना प्रबंधन के आकलन अनुसार लगभग 25 लाख रूपये सम्पत्ति की क्षति हुई है। उक्त दुर्घटना की जांच कारखाना अधिनियम 1948 के तहत दिनांक 22 व 30 जून-2026 को स्थल निरीक्षण कर की गई है। सेक्शन के टॉल्विन (Toulene + aqueous HCl mixture) मिक्सचर टैंक क्षमता 5000 लीटर के ट्रांसफर पम्प से हुआ है। उक्त दुर्घटना में प्लास्टिक निर्मित उपरोक्त पम्प व पाईप लाईन तथा टॉल्विन टैंक जल कर नष्ट हो गये हैं। जांच कार्यवाही प्रचलित है। (ख) कारखाने का निरीक्षण समय-समय पर कारखाना अधिनियम के अंतर्गत किया जाता है एवं अधिनियम के प्रावधानों (जिसमें फायर सेफ्टी भी सम्मिलित है) का कारखाना परिसर में पालन करवाया जाना सुनिश्चित किया जाता है। म.प्र. कारखाना नियमावली 1962 के नियम 72 के तहत फायर ऑडिट कराया जाना उपबंधित नहीं है। अत: शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) कारखाना प्रबंधन द्वारा कारखाने के प्लांट मशीनरी एवं भवन का स्ट्रक्चर ऑडिट दिनांक 13.03.2022 से दिनांक 15.03.2022 तक सक्षम व्यक्ति द्वारा कारखाना अधिनियम, 1948 के अंतर्गत कराया गया है। अत: शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) उक्त दुर्घटना की जांच कारखाना अधिनियम, 1948 के तहत दिनांक 22 व 30 जून 2026 को स्थल निरीक्षण कर की गई है। जांच कार्यवाही प्रचलित है। आलोच्य दुर्घटना पृथक भवन घटित हुई है, जो कि शेष उत्पादन प्लांटों से विस्फोटक अधिनियम में निर्देशित सुरक्षित दूरियों पर अनुमोदित रेखा चित्र अनुसार निर्मित है, इसलिये प्रतिबंधात्मक आदेश जांच पर्यन्त जारी करने की आवश्यकता नहीं है। (ड.) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है।
नियम विरूद्ध पदोन्नतियां
[सहकारिता]
19. ( *क्र. 315 ) श्री राजेश कुमार वर्मा : क्या सहकारिता मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रश्नकर्ता के तारांकित प्रश्न क्रमांक 144, दिनांक 17.02.2026 के उत्तर में यह अवगत कराया गया था कि नियम विरूद्ध पदोन्नतियों के संबंध में वर्तमान मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित पन्ना, जिला पन्ना को स्पष्टीकरण प्रस्तुत किये जाने बावत् पत्र जारी किया गया है? यदि हाँ, तो क्या स्पष्टीकरण प्राप्त हुआ है? यदि हाँ, तो चाहे गये स्पष्टीकरण के जवाब की प्रति उपलब्ध करावें। (ख) सहकारिता विभाग द्वारा प्रश्नांश (क) में उल्लेखित नियम विरूद्ध पदोन्नतियों के लिए जारी स्पष्टीकरण पश्चात कब जवाब प्राप्त हुआ तथा उस पर मुख्य कार्यपालन जिला सहकारी के विरूद्ध क्या कार्यवाही की गई है? यदि नहीं, तो शासन कब तक कार्यवाही करेगा? सम्पूर्ण जानकारी उपलब्ध करावें।
सहकारिता मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) जी हाँ। जी हाँ। जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) स्पष्टीकरण का जवाब दिनांक 29.06.2026 को प्राप्त हुआ है। जवाब के परीक्षण उपरांत संतोषजनक नहीं पाये जाने से मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित पन्ना के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही हेतु मध्यप्रदेश राज्य सहकारी बैंक भोपाल को लिखा गया है। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता है।
खुरई विधानसभा क्षेत्र में खाद की उपलब्धता
[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]
20. ( *क्र. 311 ) श्री भूपेन्द्र सिंह : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) खुरई विधानसभा क्षेत्र अन्तर्गत वर्तमान में डी.ए.पी., यूरिया व सुपर फास्फेट की उपलब्धता की स्थिति क्या है? इस दौरान इनकी मांग व पूर्ति हेतु विभाग द्वारा किये जा रहे प्रयासों का ब्यौरा दें? (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार विधानसभा क्षेत्र के कितने किसानों को कुल कितने टोकन, कुल कितनी-कितनी खाद के (डी.ए.पी., यूरिया व सुपर फास्फेट) उपलब्ध कराने हेतु जारी किये गये? कितने किसानों को उक्त खाद उपलब्ध कराई जा चुकी है? शेष किसानों को कब तक उपलब्ध करा दी जायेगी? (ग) क्या क्षेत्र में डी.ए.पी. की उपलब्धता न होने से किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है?
किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र 1 अनुसार है। मांग एवं आवश्यकतानुसार भारत सरकार से प्राप्त रैकों से उर्वरक आपूर्ति निरंतर जारी है। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र 2 अनुसार है। 5785 कृषकों द्वारा उर्वरक क्रय किया जा चुका है। ई-विकास प्रणाली अंतर्गत किसान आवश्यकतानुसार स्वयं ई-टोकन जनरेट कर उर्वरक प्राप्त कर सकते हैं। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता है। (ग) जी नहीं।
ग्राम सड़क योजना का क्रियान्वयन
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
21. ( *क्र. 207 ) श्री साहब सिंह गुर्जर : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र 14 ग्वालियर ग्रामीण अंतर्गत वर्ष 2020-21 से प्रश्न दिनांक तक प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना अंतर्गत कहां-कहां, कितनी-कितनी दूरी एवं राशि की सड़कें स्वीकृत की गई? कार्यवार, भौतिक/वित्तीय स्थिति की विस्तृत जानकारी उपलब्ध करावें। (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार स्वीकृत कार्यों को पूर्ण करने की अनुबंध अनुसार अवधि क्या थी? तय समय-सीमा में कार्य पूर्ण नहीं करने वाले फर्म/ठेकेदार के विरूद्ध क्या कार्यवाही की गई? यदि कार्यवाही नहीं की गई तो कारण बतावें तथा इन अपूर्ण कार्यों को कब तक पूर्ण कर लिया जावेगा? समय-सीमा बतावें। (ग) ग्वालियर ग्रामीण विधानसभा अंतर्गत मुख्यमंत्री मजरा टोला सड़क योजना अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2025-26 में संपर्क विहीन बसाहटों को चिन्हित किया गया है? यदि हाँ, तो इन बसाहटों में सड़क निर्माण कार्य की स्वीकृति कब तक जारी की जावेगी? समय-सीमा दें।
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) विधानसभा क्षेत्र 14 ग्वालियर ग्रामीण अंतर्गत वर्ष 2020-21 से प्रश्न दिनांक तक प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना अंतर्गत सड़कों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''1'' अनुसार है। (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार स्वीकृत कार्यों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''2'' अनुसार है। (ग) जी हाँ, विधानसभा क्षेत्र 14 ग्वालियर ग्रामीण अंतर्गत मुख्यमंत्री मजरा टोला सड़क योजना अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2025-26 में संपर्कविहीन चिन्हित बसाहटों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''3'' अनुसार है। बसाहटों में सड़क निर्माण कार्य को योजना के मापदण्डों एवं पात्रतानुसार किया जाना लक्षित है, इस कारण समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
विकास कार्यों हेतु स्वीकृत प्रस्ताव
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
22. ( *क्र. 623 ) श्री कालु सिंह ठाकुर : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) धार जिला अंतर्गत धरमपुरी विधानसभा में माँ नर्मदा नदी के किनारे आने वाले ग्रामों में विकास कार्यों के प्रस्ताव विभाग द्वारा शासन की ओर भेजे गये हैं? (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार यदि हाँ, तो कौन-कौन से प्रस्ताव कब कब भेजे गये हैं? सूची उपलब्ध करावें। (ग) उक्त कार्यों की प्रशासकीय स्वीकृति कब तक हो जावेगी? समय-सीमा बतावें।
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) जी हाँ। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
सहायक प्राध्यापकों की उपाचार्य/एसोसिएट प्रोफेसर पद पर नियुक्ति
[उच्च शिक्षा]
23. ( *क्र. 137 ) डॉ. चिंतामणि मालवीय : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय उज्जैन में 2007 में नियुक्त सहायक प्राध्यापकों की उपाचार्य/एसोसिएट प्रोफेसर पद पर केरियर एडवांसमेन्ट स्कीम अंतर्गत पदोन्नति कब से लंबित है? (ख) क्या केरियर एडवांसमेन्ट स्कीम अंतर्गत सहायक प्राध्यपक पद से एसोसिएट प्रोफेसर पद पर पदोन्नति हेतु राजभवन ने विषय विशेषज्ञों की चयन समिति का गठन किया है? यदि हाँ, तो? (ग) क्या राजभवन द्वारा निर्धारित विषय विशेषज्ञों की साक्षात्कार समिति ने सहायक प्राध्यापकों के साक्षात्कार लेकर परिणाम सीलबंद किये हैं? (घ) विश्वविद्यालय के विभिन्न संकायों में कार्यरत सहायक प्राध्यापकों के साक्षात्कार किस दिनांक को हुए हैं तथा सहायक प्राध्यापकों के साक्षात्कार होने के बाद विश्वविद्यालय में कार्य परिषद् की कितनी बैठकें सम्पन्न हो चुकी है? (ड.) क्या राजभवन के द्वारा निर्धारित विषय विशेषज्ञों की चयन समिति के द्वारा सीलबंद लिफाफों को न खोले जाने संबंधित राजभवन ने कोई आदेश जारी किया है? राजभवन द्वारा निर्धारित विषय विशेषज्ञों के द्वारा साक्षात्कार लिए जाने के पश्चात सीलबंद लिफाफों को खोले जाने संबंधित कार्यपरिषद् के अधिकार क्या हैं?
उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री इन्दर सिंह परमार ) : (क) वर्ष 2019 से लंबित है। (ख) जी हाँ। (ग) जी हाँ। (घ) साक्षात्कार दिनांक 15.12.2025, 16.12.2025, 23.12.2025 एवं 16.01.2026 को किये गये। साक्षात्कार के बाद प्रश्न दिनांक तक कुल 06 कार्यपरिषद की बैठकें सम्पन्न हो चुकी है। (ड.) जी नहीं। कार्यपरिषद के अधिकार संबंधी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है।
उर्वरकों (डी.ए.पी., यूरिया आदि) की उपलब्धता
[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]
24. ( *क्र. 250 ) श्री नितेन्द्र बृजेन्द्र सिंह राठौर : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विगत वर्ष जिला टीकमगढ़ एवं निवाड़ी में उर्वरकों (डी.ए.पी., यूरिया आदि) की कुल मांग कितनी थी? दोनों जिलों को वास्तविक रूप से कितना उर्वरक उपलब्ध कराया गया? (ख) क्या सरकार आगामी कृषि सीजन में टीकमगढ़ एवं निवाड़ी जिले को पिछले वर्ष की मांग के अनुरूप उर्वरक उपलब्ध करायेगी? यदि नहीं, तो इसके कारण क्या हैं तथा मांग के अनुरूप उर्वरक उपलब्ध कराने हेतु सरकार द्वारा क्या कार्यवाही की जा रही है?
किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी हाँ।
सूचना के अधिकार अंतर्गत जानकारी न दी जाना
[सहकारिता]
25. ( *क्र. 452 ) श्री सुनील उईके : क्या सहकारिता मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या मध्यप्रदेश राज्य तिलहन संघ शासन द्वारा नियंत्रित है तथा मध्यप्रदेश शासन के अधिकारी वरिष्ठ पदों पर होते हैं? (ख) स्थापना काल से वर्तमान तक संघ की कुल कितनी प्रतिशत पूंजी, ऋण/आर्थिक सहायता के रूप में विनोयोजित/प्रदाय की जा चुकी है? (ग) क्या तिलहन संघ के संज्ञान में मुख्य सूचना आयुक्त के निर्देश दिनांक 21.07.2009 में पारित आदेश (अपीलार्थी श्री जावेद सिध्दिकी) द्वारा जानकारी सूचना के अधिकार के तहत दिये जाने का उल्लेख है? (घ) क्या तिलहन संघ द्वारा सूचना के अधिकार के तहत जानकारी दी जा रही है अथवा नहीं, यदि नहीं, तो क्यों?
सहकारिता मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) म.प्र. राज्य तिलहन उत्पादक सहकारी संघ वर्ष 2013 से परिसमापन में है तथा वर्तमान में विभागीय अधिकारी परिसमापक नियुक्त है। (ख) स्थापना काल से वर्तमान तक संघ की कुल पूंजी का ऋण/आर्थिक सहायता के रुप में विनियोजन निरंक है। (ग) जी हाँ। (घ) जी नहीं। म.प्र. राज्य सूचना आयुक्त द्वारा प्रकरण क्रमांक ए-1501/एस.आई.सी./भोपाल/2018 एवं ए-1502/एस.आई.सी./भोपाल/2018 क्रमशः (एम.पी. निगम विरूद्ध तिलहन संघ तथा रवीन्द्र लेले विरूद्ध तिलहन संघ) में पारित आदेश दिनांक 28.07.2020 जिसमें तिलहन संघ को जानकारी देने हेतु आदेशित किया गया था, की प्रभावशीलता को चुनौती देते हुए दो याचिकाएं क्रमांक 14340/2020 एवं 14323/2020 तिलहन संघ द्वारा माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर के समक्ष दायर की गयी थी, जिसमें दिनांक 20.01.2022 को जारी आदेश में राज्य सूचना आयोग के आदेश दिनांक 28.07.2020 पर माननीय न्यायालय से स्थगन है।
भाग-2
नियम
46 (2) के
अंतर्गत
अतारांकित
प्रश्नोत्तर
के रुप में
परिवर्तित
तारांकित
प्रश्नोत्तर
जल
संरचनाओं का
रख-रखाव
एवं
जीर्णोद्धार
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
1. ( क्र. 1 ) श्री प्रहलाद लोधी : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) पवई विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत 1 जनवरी 2022 से प्रश्न दिनांक तक, 15वें केंद्रीय वित्त आयोग एवं 5वें राज्य वित्त आयोग के अंतर्गत कितनी राशि आवंटित की गई? इस अवधि में स्वीकृत कार्यों का वर्षवार एवं मदवार ब्यौरा उपलब्ध कराएं। (ख) क्या शासन के संज्ञान में यह तथ्य है कि उक्त अवधि में निर्मित/निर्माणाधीन अनेक स्टाप डैम (Check Dams) वर्तमान में दयनीय और जर्जर स्थिति में हैं, इनकी गुणवत्ता की जांच हेतु क्या कोई स्वतंत्र समिति गठित की गई है? यदि नहीं, तो शासन कब तक जांच कराकर दोषियों पर कार्यवाही करेगा? (ग) केंद्र सरकार की 'अमृत सरोवर' योजना अंतर्गत इस अवधि में पवई क्षेत्र में कितने सरोवरों का चयन एवं निर्माण कार्य पूर्ण किया गया? क्या यह सत्य है कि अधिकांश अमृत सरोवर आज जल विहीन और सूखे पड़े हैं, यदि हाँ, तो इसका विस्तृत विवरण दें। (घ) उक्त अवधि में 'खेत तालाब' (Farm Pond) योजना के अंतर्गत पवई विधानसभा में कितने लक्ष्य निर्धारित थे और कितने तालाब भौतिक रूप से पूर्ण होकर उपयोग में आ रहे हैं? कितने तालाबों का निर्माण अपूर्ण है और कितनों का भुगतान शेष है? (ङ) क्या शासन उक्त जल संरचनाओं के रख-रखाव एवं जीर्णोद्धार हेतु कोई ठोस कार्ययोजना बना रहा है? यदि हाँ, तो कार्य पूर्ण करने की समय-सीमा क्या है?
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है (ख) विधानसभा क्षेत्र पवई अंतर्गत उक्त अवधि में निर्मित/निर्माणाधीन स्टाप डैम (Check Dams) वर्तमान में दयनीय और जर्जर स्थिति में नहीं है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) विधानसभा क्षेत्र पवई में मनरेगा योजनांतर्गत इस अवधि में 68 अमृत सरोवर का चयन किया गया है, जिसमें से 59 कार्य पूर्ण हैं। पवई विधानसभा क्षेत्रांतर्गत अधिकांश अमृत सरोवर जलविहीन और सूखे होने की स्थिति नहीं हैं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) विधानसभा क्षेत्र पवई में मनरेगा योजनांतर्गत हितग्राही की मांग अनुसार खेत तालाब के कार्य स्वीकृत किये गये हैं। उक्त अवधि में खेत तालाब योजना के कुल 1180 कार्य स्वीकृत किये गये हैं, जिसमें से 927 कार्य पूर्ण होकर उपयोग में आ रहे हैं। 253 कार्य अपूर्ण हैं। निर्मित कराये गये खेत तालाबों में राशि रूपये 285.89 लाख का भुगतान शेष है। (ङ) जी हाँ, 15वां वित्त आयोग के दिशा-निर्देशानुसार पूर्व से ही जल संरचनाओं के रख-रखाव एवं जीर्णोद्धार हेतु प्रावधान उपलब्ध हैं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क मार्गों की जर्जर स्थिति
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
2. ( क्र. 2 ) श्री प्रहलाद लोधी : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या विधानसभा क्षेत्र पवई के अंतर्गत 'गैसबाद पुल' के पिछले एक वर्ष से बंद होने के कारण, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत निर्मित 'दनवारा-बनौली मार्ग' एवं 'सिमरिया-सुनवानी मार्ग' पर भारी एवं ओवरलोडेड व्यावसायिक वाहनों का दबाव बढ़ने से ये मार्ग अत्यंत जर्जर हो गए हैं? यदि हाँ, तो इन मार्गों के पुनर्निर्माण हेतु विभाग द्वारा क्या ठोस कार्यवाही की गई है? (ख) क्या 'मड़वा की घाटी' का निर्माण कार्य पिछले 6 माह से रुका हुआ है? इस कार्य के रुकने के कारण क्या हैं और इसे कब तक पूर्ण कराया जाएगा। (ग) विधानसभा क्षेत्र पवई में जनवरी 2020 के पश्चात से अब तक प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत कुल कितने नवीन मार्गों को स्वीकृति प्रदान की गई है? उनमें से कितनों का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है और कितने कार्य वर्तमान में प्रगति पर हैं? पूर्ण विवरण सूची सहित उपलब्ध कराएं। (घ) उक्त योजना के अंतर्गत जनवरी 2020 के बाद निर्मित एवं मरम्मत किए गए सभी मार्गों का ब्यौरा क्या है? साथ ही, वर्तमान में ऐसी कौन-कौन सी सड़कें हैं जो जर्जर स्थिति में हैं और जिनके मरम्मत एवं तराई (विशेष कार्य) की तत्काल आवश्यकता है? (ङ) क्या शासन उपर्युक्त सभी जर्जर मार्गों के मरम्मत एवं नवीन स्वीकृत कार्यों हेतु प्राथमिकता के आधार पर आवश्यक वित्तीय स्वीकृति प्रदान कर कोई निश्चित समय-सीमा तय करेगा?
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) जी हाँ। विधानसभा क्षेत्र पवई अंतर्गत स्टेट हाईवे पर निर्मित गैसावाद पुल वर्ष 2025-26 के वर्षाकाल के दौरान क्षतिग्रस्त हो गया था। वर्तमान में पुल संधारित है तथा आवागमन सुचारू रूप से प्रचलित है। उक्त पुल के क्षतिग्रस्त होने पर ट्रैफिक परिवर्तित होकर प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत निर्मित दनवारा-बनोली मार्ग (लंबाई 8.15 कि.मी.) एवं सिमरिया-सुनवानी मार्ग (उक्त मार्ग में सम्मिलित 03 सड़कें क्रमश: कमताना से सुनवानीकला, एस.एच. 10 अमानगंज-किशनगढ़ से सुनवानीखुर्द एवं एस.एच.-49 से सांटाबुद्धासिंह, कुल लंबाई 20.52 कि.मी.) पर ट्रैफिक में तत्समय वृद्धि हुई थी, जिससे मार्ग क्षतिग्रस्त हुये है 1. दनवारा-बनोली मार्ग (लंबाई 8.145 कि.मी.) गांरटी अवधि में है। संविदाकार द्वारा मार्ग पर संधारण कार्य नहीं किये जाने के कारण अनुबंध निरस्त किया गया। 2. सिमरिया से सुनवानी मार्ग- इस मार्ग में 03 मार्ग सम्मिलित है। (i) कमताना से सुनवानीकला सड़क (लंबाई 6.14 किमी.) यह मार्ग 15 वर्ष पश्चात संधारण अवधि के अंतर्गत है। सड़क संधारित है। (ii) अमानगंज-किशनगढ़ से सुनवानीखुर्द मार्ग (लंबाई 2.98 कि.मी.) यह मार्ग 05 वर्ष पश्चात संधारण अवधि के अंतर्गत है। संविदाकार द्वारा उक्त मार्ग को संधारित कर दिया गया है। (iii) एस.एच.-49 से सांटाबुद्धासिंह मार्ग (लंबाई 11.40 किमी.) यह मार्ग 10 वर्ष पश्चात संधारण अवधि में है। संविदाकार द्वारा मार्ग पर संधारण कार्य नहीं किये जाने के कारण अनुबंध निरस्त किया गया है। अनुबंध निरस्त किये गये मार्गों पर आवश्यक सुधार कार्य हेतु शेष कार्य के प्राक्कलन तैयार किये जाने की कार्यवाही जारी है। (ख) जी हाँ। मड़वा से रैपुरा मार्ग लम्बाई 31.20 कि.मी. में से 28.774 कि.मी. लम्बाई का कार्य पूर्ण कराया जा चुका है एवं शेष 1.90 कि.मी. (घाट पोर्सन) है। इस भाग में न्यूनतम आवश्यक ग्रेडियेन्ट उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। निर्धारित ग्रेडियेन्ट हेतु अतिरिक्त लंबाई की आवश्यकता हेतु भूमि की उपलब्धता सुनिश्चित जा रही है। भूमि की उपलब्धता के पश्चात कार्य पूर्ण कराया जाना लक्षित है। (ग) विधानसभा पवई क्षेत्रांतर्गत माह जनवरी 2020 के पश्चात वर्तमान तक प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत कुल 13 नवीन सड़कों की स्वीकृति हुई है, जिसमें से 04 सड़कों का कार्य पूर्ण किया गया है। एक सड़क मड़वा रैपुरा कुल लम्बाई 31.20 कि.मी. में से 28.774 कि.मी. का कार्य पूर्ण है एवं मात्र 1.90 कि.मी. (घाट पोर्सन) का कार्य शेष है। शेष 8 मार्गों में से 7 मार्ग PMGSY-IV Batch-I के अंतर्गत स्वीकृत होकर निविदा आमंत्रण की कार्यवाही की जा चुकी है एवं 01 मार्ग पर लोक निर्माण विभाग पन्ना द्वारा कार्य किया जा रहा है। पूर्ण विवरण की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''1'' अनुसार है। (घ) प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजनान्तर्गत माह जनवरी 2020 के पश्चात निर्मित एवं संधारण अंतर्गत 193 सड़कें लंबाई 660.79 किमी. है। 03 सड़कों पर माईनिंग गतिविधियों के कारण आंशिक भाग क्षतिग्रस्त हुआ है जिनका ATCC सर्वे कार्य पूर्ण करा लिया गया सर्वे से प्राप्त ट्राफिक गणना के अनुसार उन्नयन का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। 02 सड़कों में संविदाकार द्वारा संधारण नहीं करने के कारण अनुबंध निरस्त किया गया है एवं उक्त (02) कार्यों की निविदा की कार्यवाही की जा रही है। उक्त मार्ग आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त है, किन्तु जर्जर अवस्था में नहीं है, इन मार्गों पर आवागमन सुचारू रूप से प्रचलित है। विस्तृत विवरण की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''2'' अनुसार है। (ड़) माईनिंग गतिविधियों से प्रभावित 03 सड़कों के मरम्मत की वित्तीय स्वीकृति हेतु प्रस्ताव के लिए ट्रैफिक गणना करा ली गई है। सर्वे से प्राप्त ट्रैफिक गणना के अनुसार उन्नयन का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है।
उद्यानिकी महाविद्यालय में रिक्त पदों की पदपूर्ति
[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]
3. ( क्र. 20 ) श्री गोपाल भार्गव : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या उद्यानिकी महाविद्यालय रहली जिला सागर के लिए शैक्षणिक गैर शैक्षणिक पदों की पूर्ति हेतु विभाग द्वारा विश्वविद्यालय को अधिकृत किया गया है। यदि हाँ, तो पदनाम, विज्ञप्ति ज्ञापित करने की तिथि तथा अब तक की गई कार्यवाही का विवरण प्रस्तुत किया जावे? (ख) उद्यानिकी महाविद्यालय रहली के भवन तथा फार्म एवं अनुशांषिक कार्यों के लिए वित्तीय आवंटन कितना किया गया है तथा इस अनुपूरक बजट में कितना प्रावधान है? (ग) क्या मान. मुख्यमंत्री जी द्वारा उद्यानिकी महाविद्यालय रहली हेतु 25 करोड़ रू की राशि स्वीकृत करने की घोषणा की गई थी यदि हाँ, तो अब तक उक्त घोषणा हेतु किये गये क्रियान्वयन की स्थिति से अवगत करावें? (घ) शुष्क उद्यानिकी प्रशिक्षण केन्द्र रनगवां जिला सागर के अनुरक्षण के लिए विश्वविद्यालय द्वारा कितनी राशि का आवंटन किया गया है। केन्द्र के भवन को जीर्णशीर्ण स्थिति को देखते हुए क्या इसी वित्तीय वर्ष में स्वीकृति दी जावेगी?
किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) उद्यानिकी महाविद्यालय रहली के भवन तथा फार्म एवं अनुषांशिक कार्यों के लिए राशि रू. 05.00 करोड़ का आवंटन किया गया है। इस अनुपूरक बजट में राशि का प्रावधान प्रस्तावित नहीं किया गया है। (ग) जी नहीं। मान. मुख्यमंत्री जी द्वारा उद्यानिकी महाविद्यालय रहली की अधोसंरचना विकास एवं मानव संसाधन हेतु राशि रूपये 30 करोड़ स्वीकृत किये जाने की घोषणा की गई है। उक्त घोषणा के क्रियान्वयन अंतर्गत भवन तथा फार्म एवं अनुषांशिक कार्यों के लिए राशि रू. 05.00 करोड़ का आवंटन किया गया है। उक्त राशि का व्यय भवन निर्माण में किया गया है। (घ) वर्तमान में शुष्क उद्यानिकी प्रशिक्षण केन्द्र रनगवां जिला सागर के लिये विश्वविद्यालय द्वारा राशि आवंटित नहीं की गई है। आवंटन संबंधी कार्यवाही प्रक्रियाधीन है।
प्राथमिक सेवा सहकारी समिति मर्यादित निरंदपुर के द्वारा फर्जी ऋण वितरण
[सहकारिता]
4. ( क्र. 22 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या सहकारिता मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या वर्ष 2015 में प्राथमिक सेवा सहकारी समिति मर्यादित निरंदपुर द्वारा एक ही परिवार के 8 सदस्यों को 18 लाख रूपये का के.सी.सी. ऋण वितरण किया गया है? (ख) प्रश्नांश (क) के अंतर्गत तत्समय 8 में से 7 सदस्य कृषिधारक किसान नहीं थे? (ग) प्रश्नांश (क), (ख) के अंतर्गत की गई अनियमितताओं की जाँच वर्ष 2021 से लंबित है? (घ) यदि हाँ, तो कब तक जाँच पूर्ण कर दोषियों पर कार्यवाही की जावेगी?
सहकारिता मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) एवं (ख) जी हाँ। (ग) जांच अधिकारी, शाखा प्रबंधक जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित जबलपुर शाखा कटंगी द्वारा दिनांक 14.02.2023 को जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया था। जांच प्रतिवेदन अस्पष्ट एवं अपूर्ण होने से पुन: जांच दल गठित कर जांच कराई गई है। (घ) जांच कार्य पूर्ण हो गया है। जांच प्रतिवेदन जिला बैंक स्तर पर परीक्षणाधीन है, परीक्षण उपरांत गुणदोष के आधार पर कार्यवाही की जावेगी।
सुगम संपर्कता परियोजनांतर्गत सड़कों का निर्माण
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
5. ( क्र. 23 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या वर्ष 2025-26 में जनपद पंचायत पनागर को सुगम संपर्कता परियोजना के अंतर्गत 3 करोड़ रूपये स्वीकृत किये गये हैं? (ख) क्या कार्य प्रारंभ करने हेतु 31 मार्च 2026 की समय-सीमा निश्िचत की गई थी? (ग) यदि हाँ, तो क्या बडखेरा, तिंदनी, मंगेला, झुरझुरू एवं ककरहाई की सड़कों के कार्य प्रारंभ किये गये हैं? (घ) यदि नहीं तो क्यों? कब तक प्रारंभ किये जायेंगे?
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) जी नहीं। (ख) जी हाँ। म.प्र. राज्य रोजगार गांरटी परिषद भोपाल के पत्र क्र.1080879 दिनांक 10.06.2026 के अनुसार तकनीकी एवं प्रशासकीय स्वीकृति उपरांत कार्य प्रारंभ करने की समय-सीमा दिनांक 30.06.2026 निर्धारित की गई थी। (ग) जी नहीं। (घ) जनपद पंचायत पनागर अंतर्गत बडखेरा, तिंदनी एवं कक़रहाई की सड़कों की लागत 20.00 लाख से अधिक होने के कारण स्वीकृत नहीं किया जा सकता। ग्राम पंचायत मंगोला की प्रस्तावित सड़क दोहरी सम्पर्कता प्रदाय नहीं करने एवं मुख्यमंत्री मजरा टोला योजना की प्रस्तावित सड़क पर सर्वे होने के कारण प्रस्तावित सर्वे रिजेक्टेड है एवं सुगम सम्पर्कता परियोजना अंतर्गत स्वीकृत नहीं की जा सकती। ग्राम पंचायत निपनिया अंतर्गत झुरझुरू से आर्दश नगर का सर्वे मुख्यमंत्री मजरा टोला योजना की प्रस्तावित सड़क पर सर्वे होने के कारण सुगम सम्पर्कता परियोजना अंतर्गत स्वीकृत नहीं की जा सकती।
खाद वितरण के टोकन प्रणाली में गंभीर समस्या
[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]
6. ( क्र. 33 ) श्रीमती सेना महेश पटेल : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) आलीराजपुर जिले में किसानों को खाद वितरण हेतु टोकन प्राप्त करने में गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है? अनेक स्थानों पर पोर्टल/सर्वर ठप्प रहने के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में नेटवर्क प्रॉब्लम के कारण अनेक किसान अपना पंजीयन नहीं करा पा रहे हैं? जिस कारण टोकन जारी नहीं हो रहे है? यदि हाँ, तो विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराई जाए। (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार पंजीयन नहीं हो पाने एवं टोकन नहीं मिल रहा किसान खाद प्राप्त करने के अधिकार से वंचित हो रहे हैं? यदि हाँ, तो इस समस्या के समाधान हेतु शासन द्वारा अब तक क्या कार्यवाही की गई है? (ग) खाद की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने एवं वितरण व्यवस्था को सुचारु बनाने हेतु शासन द्वारा विकासखंडवार कितनी मात्रा में खाद का आवंटन, भंडारण एवं वितरण किया गया है? साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में नेटवर्क एवं ऑनलाइन प्रक्रिया बाधित होने की स्थिति में वैकल्पिक व्यवस्था क्या की गई है? यदि वैकल्पिक व्यवस्था नहीं बनाई गई तो क्या कारण है।
किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) जी नहीं। अत: शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ख) उत्तरांश (क) के परिप्रेक्ष्य में शेष प्रश्न उद्भूत नहीं होता। (ग) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। किसान कल्याण तथा कृषि विकास, विपणन संघ, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के उर्वरक व्यवस्था में संलग्न अधिकारियों, कर्मचारियों एवं निजी विक्रेताओं को ई-टोकन जनरेट करने के संबंध में प्रशिक्षण शिविर आयोजित किये गये हैं। ई-विकास (वितरण एवं कृषि उर्वरक आपूर्ति समाधान) प्रणाली अंतर्गत कृषक संबंधित सहकारी समिति के माध्यम से नि:शुल्क एवं एमपीऑनलाईन केंद्रों से प्रति टोकन रूपये 15/- शुल्क देकर ई-टोकन जनरेट करवा सकते हैं। इसके अतिरिक्त मैदानी विभागीय अधिकारियों को भी ई-टोकन जनरेट कराने में सहायता हेतु जागरूक किया गया है। शेष प्रश्न उद्भूत नहीं होता है।
किसानों को समर्थन मूल्य का भुगतान
[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]
7. ( क्र. 44 ) डॉ. रामकिशोर दोगने : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या शासन के संज्ञान में यह तथ्य है कि प्रदेश के किसानों को वर्तमान में अपनी कृषि उपज जैसे गेहूं, चना, सोयाबीन, मक्का एवं अन्य फसलों के विक्रय में विभिन्न प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है? (ख) यदि हाँ, तो क्या किसानों को मंडियों एवं उपार्जन केंद्रों पर पंजीयन, स्लॉट बुकिंग, तौल, ग्रेडिंग, भंडारण, परिवहन एवं न्यूनतम समर्थन मूल्य पर उपज विक्रय में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है? हरदा जिला अंतर्गत प्राप्त शिकायतों एवं उनके निराकरण का विवरण क्या है? (ग) क्या अनेक किसानों को उपज विक्रय के पश्चात भुगतान समय पर प्राप्त नहीं हो रहा है तथा कई मंडियों में खरीदी एवं भंडारण की पर्याप्त व्यवस्था उपलब्ध नहीं है? यदि हाँ, तो शासन द्वारा इस (घ) किसानों को खाद, बीज, सिंचाई, विद्युत आपूर्ति, फसल बीमा एवं प्राकृतिक आपदाओं से हुई फसल क्षति के संबंध में हरदा जिला अंतर्गत प्राप्त शिकायतों की संख्या तथा उनके निराकरण की वर्तमान स्थिति क्या है? (ड.) किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य उपलब्ध कराने, कृषि उपज विक्रय प्रक्रिया को सरल एवं पारदर्शी बनाने तथा उपरोक्त समस्याओं के स्थायी समाधान हेतु शासन द्वारा वर्तमान में कौन-कौन से कदम उठाए गए हैं एवं भविष्य की कार्ययोजना क्या है?
किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) जी नहीं। (ख) जी नहीं, शेष प्रश्न उद्भूत नहीं होता है, हरदा जिले की जानकारी एकत्रित की जा रही है। (ग) जी नहीं। (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है। (ड.) कृषकों को उनकी कृषि उपज का उचित मूल्य उपलब्ध कराने तथा कृषि उपज विपणन व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, सरल एवं प्रभावी बनाने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश राज्य कृषि विपणन बोर्ड द्वारा निम्नलिखित नवाचार किए जा रहे है: 01. ई-मंडी प्रणाली के माध्यम से कृषि उपज विपणन की समस्त प्रक्रियाओं का डिजिटलीकरण किया गया है। 02. एमपी फार्मगेट मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से कृषकों को घर अथवा खेत से सीधे कृषि उपज विक्रय की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। 03. प्रदेश की 139 कृषि उपज मंडियों को राष्ट्रीय कृषि बाजार (e-NAM) पोर्टल से जोड़ा गया है। 04. मंडियों में क्लीनिंग, ग्रेडिंग, पैकेजिंग एवं गुणवत्ता परीक्षण (ग्रेन एनालाइजर) की सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। 05. कृषकों को सुरक्षित एवं समयबद्ध भुगतान हेतु पेमेंट गेटवे प्रणाली विकसित की जा रही है।
कृषि उपज के खरीदी में अनियमितताओं की जांच
[सहकारिता]
8. ( क्र. 48 ) डॉ. रामकिशोर दोगने : क्या सहकारिता मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) हरदा जिला अंतर्गत गेहूं, चना, मक्का एवं अन्य कृषि उपज के उपार्जन/खरीदी कार्य में संलग्न कितनी प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों, सेवा सहकारी समितियों अथवा अन्य उपार्जन संस्थाओं के विरुद्ध अनियमितताओं संबंधी शिकायतों के आधार पर जांच प्रचलित है? जांचाधीन समस्त समितियों के नाम, स्थान एवं जांच प्रारंभ किए जाने की तिथि का विवरण उपलब्ध करावें। (ख) उक्त समितियों के विरुद्ध किन-किन प्रकार की अनियमितताओं की शिकायतें प्राप्त हुई है तथा अब तक संपन्न जांचों में क्या तथ्य एवं निष्कर्ष प्राप्त हुए है? जांच प्रतिवेदनों की प्रति उपलब्ध करावें। (ग) जांच में दोषी अथवा डिफॉल्टर पाई गई समितियों, उनके पदाधिकारियों एवं संबंधित अधिकारियों/कर्मचारियों के विरुद्ध प्रशासनिक, वित्तीय अथवा दंडात्मक स्तर पर क्या कार्यवाही की गई है? समितिवार विवरण उपलब्ध करावें। (घ) जांच में अनियमितता अथवा डिफॉल्टर पाए जाने के बावजूद क्या ऐसी कोई समिति वर्तमान में भी समर्थन मूल्य पर उपार्जन अथवा खरीदी कार्य कर रही है? यदि हाँ, तो समितिवार विवरण सहित यह स्पष्ट किया जाए कि उन्हें खरीदी कार्य की अनुमति किन कारणों से प्रदान की गई है। (ड.) भविष्य में उपार्जन कार्य में पारदर्शिता सुनिश्चित करने तथा अनियमितताओं की पुनरावृत्ति रोकने हेतु शासन द्वारा क्या प्रभावी कदम उठाए गए हैं अथवा प्रस्तावित हैं?
सहकारिता मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) हरदा जिला अंतर्गत गेहूं, चना, मक्का एवं अन्य कृषि उपज के उपार्जन/खरीदी कार्य में संलग्न प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों अथवा अन्य उपार्जन संस्थाओं के विरूद्ध अनियमितताओं की शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता। (ख) एवं (ग) उत्तरांश (क) अनुसार, शिकायत प्राप्त नहीं होने से प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) जी नहीं। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता। (ड.) खरीफ एवं रबी सीजन में उपार्जन हेतु शासन द्वारा जारी उपार्जन नीति में पारदर्शिता सुनिश्चित करने एवं अनियमितताओं की पुनरावृत्ति रोकने हेतु प्रावधान किये जाते है।
प्रधानमंत्री सड़क मार्गों का गुणवत्तापूर्ण कार्य किया जाना
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
9. ( क्र. 50 ) इंजीनियर प्रदीप लारिया : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या नरयावली विधानसभा क्षेत्र में प्रधानमंत्री सड़क परियोजना से निर्मित कितने सड़क मार्ग जर्जर/क्षतिग्रस्त हो गए हैं तथा विभाग द्वारा क्या कार्यवाही की गई है? (ख) क्या विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत सागर वि.ख. के प्रधानमंत्री सड़क परियोजना द्वारा निर्मित मार्ग मुख्य मार्ग से जसराज, एन.एच. 26 से बेरखेरी गुरू, बालाजी मंदिर चैराहा से अर्जनी-आमेठ मार्ग, मुख्य मार्ग से रजौआ पहुँच मार्ग, कर्रापुर मुख्य मार्ग से सिमरिया मार्ग, साईखेड़ा से रिछावर मार्ग, पटकुई से बरारू मार्ग, मुख्य मार्ग से किशनपुरा पहुँच मार्ग की प्रश्न दिनांक तक स्थिति जर्जर/क्षतिग्रस्त हो गए हैं? (ग) क्या विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत राहतगढ़ वि.ख. के परियोजना द्वारा निर्मित मार्ग मुख्य मार्ग खुरई से हनौता पारीछित, मुख्य मार्ग से बड़ौरा, नरयावली से खिरिया नीखर-इकपना बसौना, मुख्य मार्ग से सेमरा लहरिया, पहुँच मार्ग की वर्तमान में स्थिति जर्जर/क्षतिग्रस्त हो गए हैं? यदि हाँ, तो विस्तृत जानकारी देवें? (घ) क्या प्रश्नांश (ख) एवं (ग) में वर्णित सड़क मार्ग जर्जर हो गये हैं तथा जिस कारण से आम जनता को आवागमन में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है तो क्या विभाग (ख) एवं (ग) में वर्णित सड़क मार्गों का मजबूतीकरण कार्य करेगा? यदि हाँ, तो कब तक?
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) नरयावली विधानसभा क्षेत्र में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क परियोजना अंतर्गत निर्मित 03 सड़कें (मुख्य मार्ग से जसराज सड़क, मुख्य मार्ग से सेमरा लहरिया एवं मुख्य मार्ग (जेरई) से बडौरा) भारी वाहनों के परिवहन के कारण क्षतिग्रस्त हुए हैं। उक्त मार्गों के ट्रैफिक सर्वे अनुसार उन्नयन प्रस्ताव तैयार किये गये जिसमें से 01 सड़क मुख्य मार्ग से सेमरा लहरिया लम्बाई 5.30 किमी का उन्नयनीकरण कार्य प्रगतिरत है एवं अनुबंधित समयावधि में कार्य पूर्ण किया जाना लक्षित है। (ख) जी नहीं। प्रश्नांश में अंकित 08 मार्गों में से 02 सड़कें अन्य विभाग को हस्तांतरित किये गये है शेष 06 सड़कें जर्जर अवस्था में नहीं है। मुख्य मार्ग से जसराज सड़क (लम्बाई 2.05 किमी) पर भारी वाहनों के परिवहन के कारण क्षतिग्रस्त होने से ट्रैफिक सर्वे अनुसार उन्नयन के प्रस्ताव तैयार किया गया है। शेष 05 सड़कें सामान्य रूप से संधारित है। (ग) जी नहीं, प्रश्नांश में वर्णित 04 सड़कों में से 02 सड़कें क्रमश: मुख्य मार्ग से सेमरा लहरिया (लम्बाई 5.30 किमी) का उन्नयन कार्य प्रगतिरत है एवं मुख्य मार्ग (जेरई) से बडौरा (लम्बाई 1.95 किमी) पर भारी वाहनों के परिहवन के कारण क्षतिग्रस्त होने से ट्रैफिक सर्वे अनुसार उन्नयन का प्रस्ताव तैयार किया गया है। शेष 02 सड़कें सामान्य रूप से संधारित है। (घ) जी नहीं, उत्तरांश (ख) एवं (ग) अनुसार सड़कें जर्जर स्थिति में नहीं है। सभी मार्गों में आवागमन सुचारू रूप से प्रचलन में है। ट्रैफिक सर्वे अनुसार उन्नयन हेतु उपयुक्त 03 मार्गों में मजबूतीकरण की कार्यवाही की गई है। एक सड़क मुख्य मार्ग से सेमरा लहरिया लम्बाई 5.30 किमी का कार्यादेश दिनांक 25/04/2026 को जारी किया गया है। जिसकी अनुबंधित पूर्णता दिनांक 24/04/2027 है। शेष दो मार्गों के उन्नयनीकरण कार्य हेतु प्रस्ताव प्रक्रियाधीन है। वास्तविक समयावधि बता पाना संभव नहीं है।
महाविद्यालय में वाणिज्य एवं विज्ञान संकाय का प्रारम्भ
[उच्च शिक्षा]
10. ( क्र. 51 ) इंजीनियर प्रदीप लारिया : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या शासकीय महाविद्यालय नरयावली में विज्ञान एवं वाणिज्य विषय सत्र 2026-27 में प्रारम्भ करने के संबंध में विभाग द्वारा कोई कार्यवाही की गई है? यदि हाँ, तो जानकारी देवें तथा की गई कार्यवाही के फोटो प्रति उपलब्ध करावें। (ख) क्या प्रश्नांश (क) के संबंध में मान. मुख्यमंत्री जी द्वारा घोषणा की गई है तथा घोषणा क्र. 3895/सहा.अधी./2026 दिनांक 07/05/2026 कार्या. कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट सागर की घोषणा के संबंध में विभाग द्वारा कार्यवाही की गई हैं? (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के संबंध में विभाग द्वारा शासकीय महाविद्यालय नरयावली में वाणिज्य एवं विज्ञान विषय क्या सत्र 2026-27 में प्रारम्भ हो जाएगा तथा प्रारम्भ करने के संबंध में विभाग शीर्ष अधिसूचना जानकारी करेगा?
उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री इन्दर सिंह परमार ) : (क) जी हाँ। नरयावली में नवीन विज्ञान एवं वाणिज्य विषय प्रारंभ करने के संबंध में जानकारी प्राप्त कर परीक्षण किया गया है। विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन तैयार कर वित्त विभाग की सहमति हेतु प्रेषित किया जा रहा है। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता है। (ख) उत्तरांश ''क'' अनुसार। (ग) समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। विभागीय मापदण्डों के परिप्रेक्ष्य में वित्त विभाग की सहमति एवं मंत्रि-परिषद की स्वीकृति उपरान्त कार्यवाही की जाती है।
खाद्य वितरण में आ रही समस्या का निराकरण
[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]
11. ( क्र. 66 ) इंजीनियर हरिबाबू राय : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या हाल ही में यूरिया एवं खाद्य वितरण हेतू ई-टोकन को अनिवार्य बनाया गया है जो कि 24 घण्टे में कब बुकिंग हेतु खुलता है कब बंद रहता है इसका कोई अता-पता नहीं है किसान परेशान है उन्हें समय पर खाद्य उपलब्ध नहीं हो पा रहा है अगर खाद्य के भंडारण में कोई समस्या नहीं है तो ई-टोकन हेतु की गई व्यवस्था पर किसान एक बार में अपना खाद्य एवं यूरिया क्यों बुक नहीं कर पा रहा है। बुवाई से पूर्व किसानों को रासायनिक उर्वरक की अतिआवश्यकता होती है। परंतु जिले में खरीफ की बुवाई हेतु किसान खाद्य के लिए भटक रहें है ऐसा क्यों। (ख) जिला अशोकनगर में खरीफ बुवाई हेतु खाद्य एवं यूरिया की कुल खपत कितनी है। अब तक जिले में कुल कितना खाद्य, यूरिया वितरण किया गया है। कितना खाद्य यूरिया भंडारित है। मात्रा सहित बतावें। (ग) जिले में आगामी रबी की फसल के लिए खाद्य एवं यूरिया की उपलब्ध्ता हेतु क्या कदम उठाये जा रहे है क्योकि प्रत्येक वर्ष जिले के किसान रबी की बुवाई के बाद यूरिया के लिए लंबी कतारों में लगते है। क्या प्रदेश में रबी की फसल हेतु पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध है।
किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) जी हाँ। जी नहीं, ई-विकास (वितरण एवं कृषि उर्वरक आपूर्ति समाधान) प्रणाली 24 घंटे चालू रहती है। जी नहीं। किसान फसलानुसार आवश्यक उर्वरक एवं उर्वरक विक्रेता का चयन कर ई-टोकन जनरेट कर उर्वरक क्रय कर रहे हैं। तदापि किसान अनुसंशित मात्रा से अधिक पूर्व की भांति उर्वरक अपनी आवश्यकता के अनुसार ले सकता है। प्रति किसान एक माह में अधिकतम 50 बैग उर्वरक क्रय कर सकते हैं। उर्वरक आपूर्ति सतत् प्रक्रिया है एवं मांग अनुरूप समय-समय पर भण्डारण कराया जाता है। खरीफ फसलों की बोनी हेतु पर्याप्त उर्वरक उपलब्ध है। जी हॉ। जी नहीं, जिला अशोकनगर की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) प्रदेश में किसानों को पारदर्शीपूर्ण एवं सुगमता से उर्वरक उपलब्घ कराने हेतु ई-विकास (वितरण एवं कृषि उर्वरक आपूर्ति समाधान) प्रणाली लागू की गई है। खरीफ फसलों हेतु पर्याप्त उर्वरक उपलब्ध है। आगामी रबी 2026-27 हेतु संपूर्ण प्रदेश के लिये उर्वरक आवश्यकता का आंकलन कर भारत सरकार से उर्वरक आवंटन हेतु सहमति प्राप्ति की कार्यवाही भारत सरकार द्वारा आयोजित की जाने वाली जोनल कान्फ्रेंस (माह अगस्त में संभावित) में की जावेगी, जिसके आधार पर अशोकनगर जिले में रबी की फसल हेतु उर्वरक एवं यूरिया की पर्याप्त उपलब्धता की जावेगी। अत: शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
सड़क निर्माण एवं विकास कार्यों की स्थिति
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
12. ( क्र. 72 ) इंजीनियर हरिबाबू राय : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अशोकनगर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत वर्ष 2023-24, 2024-25 एवं 2025-26 में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा स्वीकृत सड़क निर्माण, सीसी रोड, नाली निर्माण, पुलिया निर्माण, पंचायत भवन, सामुदायिक भवन तथा अन्य विकास कार्यों की ग्रामवार सूची क्या है? उक्त कार्यों के लिए स्वीकृत राशि, व्यय राशि एवं वर्तमान प्रगति क्या है? अशोकनगर विधानसभा क्षेत्र के ऐसे कितने ग्राम हैं जहाँ मुख्य मार्ग, संपर्क मार्ग, सीसी रोड अथवा नाली निर्माण की आवश्यकता होने के बावजूद कार्य स्वीकृत नहीं हुए हैं? ग्रामवार विवरण प्रदान किया जाए। (ख) क्या शासन के संज्ञान में यह तथ्य है कि क्षेत्र के अनेक ग्रामीण मार्ग खराब स्थिति में हैं, जिससे ग्रामीणों को आवागमन में कठिनाई हो रही है? यदि हाँ, तो ऐसे मार्गों का विवरण एवं उनके सुधार हेतु प्रस्तावित कार्यवाही क्या है? प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, मनरेगा तथा अन्य ग्रामीण विकास योजनाओं के अंतर्गत अशोकनगर विधानसभा क्षेत्र में वर्तमान में कौन-कौन से कार्य प्रगति पर हैं? क्या शासन द्वारा आगामी वित्तीय वर्ष में अशोकनगर विधानसभा क्षेत्र के ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, नाली, पुलिया, पेयजल एवं अन्य आधारभूत सुविधाओं के विकास हेतु कोई विशेष योजना प्रस्तावित है? यदि हाँ, तो उसका विवरण क्या है? कृपया तथ्यात्मक एवं विस्तृत उत्तर देने का कष्ट करें।
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा स्वीकृत सड़क निर्माण, सीसी रोड, नाली निर्माण, पुलिया निर्माण, पंचायत भवन, सामुदायिक भवन तथा अन्य विकास कार्यों की स्वीकृत राशि, व्यय राशि एवं वर्तमान प्रगति की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट - ''अ'' अनुसार है। मुख्य मार्ग, संपर्क मार्ग, सीसी रोड अथवा नाली निर्माण स्वीकृत नहीं होने की ग्रामवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट – ''ब'' अनुसार है। (ख) जी नहीं, विधानसभा क्षेत्र अशोकनगर अंतर्गत अधिकांश ग्रामीण मार्ग सही हैं। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, मनरेगा तथा अन्य ग्रामीण विकास योजनाओं के अंतर्गत अशोकनगर विधानसभा क्षेत्र में वर्तमान में प्रगतिरत कार्यों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट - ''स'' अनुसार है। विधानसभा क्षेत्र अशोकनगर के लिए पृथक से कोई विशेष योजना प्रस्तावित नहीं है। आवश्यक विकास कार्य वित्त आयोग से प्राप्त अनुदान, विधायक निधि एवं सांसद निधि से उपलब्ध राशि की सीमा में रहते हुए प्राथमिकता के आधार पर कराये जायेंगे।
स्वीकृत पुलिया का निर्माण कार्य
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
13. ( क्र. 88 ) श्री विजय रेवनाथ चौरे : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या छिंदवाड़ा/पांढुर्णा जिले के आमला से खापा मार्ग पर प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के अंतर्गत एक पुलिया निर्माण कार्य स्वीकृत किया गया है, यदि हाँ, तो इस पुलिया निर्माण कार्य की कुल स्वीकृत राशि कितनी है तथा इसे किस दिनांक/वर्ष में प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई थी? (ख) क्या स्वीकृति के लंबा समय बीत जाने के बाद भी प्रश्न दिनांक तक मौके पर निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं किया गया है। यदि हाँ, तो संबंधित ठेकेदार या एजेंसी द्वारा कार्य शुरू न करने के क्या तकनीकी, वैधानिक या प्रशासनिक कारण हैं? (ग) क्या विभाग द्वारा कार्य में अत्यधिक विलंब करने वाली निर्माण एजेंसी/ठेकेदार को कोई कारण बताओ नोटिस (Show Cause Notice) जारी किया गया है या उसके खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई की गई है, यदि हाँ, तो उसका विवरण दें और यदि नहीं, तो इस लापरवाही के लिए कौन जिम्मेदार है? (घ) इस महत्वपूर्ण मार्ग पर पुलिया न होने के कारण क्षेत्रीय ग्रामीणों को आवागमन (विशेषकर आगामी वर्षाकाल) में होने वाली भारी परेशानी को देखते हुए सरकार कब तक कार्य प्रारंभ करवाएगी, क्या शासन इस कार्य को पूरा करने के लिए कोई निश्चित समय-सीमा (Timeframe) तय करेगा?
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) जी हाँ। पांढुर्णा जिले के आमला से खापा मार्ग पर प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY-III) के अंतर्गत पैकेज क्रमांक एम.पी.07 बी.आर. 315 में शामिल आमला खापा ब्रिज की कुल लागत राशि रू. 174.41 लाख जी.एस.टी. सहित (संधारण की राशि को छोड़कर) है। मध्यप्रदेश शासन पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग मंत्रालय वल्लभ भवन भोपाल के पत्र क्रमांक 5836/22/ग्रा.स.वि.प्रा./पी.एम.जी.एस.वाय.-3/ब्रिज/2022 भोपाल दिनांक 29.04.22 द्वारा प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई थी। (ख) आमला से खापा मार्ग पर पुलिया निर्माण हेतु मेसर्स स्वामी कृपा (संविदाकार) को कार्यालय के पत्र क्रमांक 93/SAC/RRDA/PIU-1/BR315/2023 छिंदवाड़ा दिनांक 23.01.2023 द्वारा कार्यादेश जारी कर कार्य प्रारंभ कर दिया गया था। अत: शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) विभाग द्वारा संविदाकार को कार्य में विलंब किए जाने के कारण संविदाकार के अनुबंध को कार्यालय के पत्र क्रमांक 363 दिनांक 08.05.2025 के द्वारा निरस्त कर दिया गया था। पुनर्जीवित होने के पश्चात संविदाकार द्वारा कार्य में पुनः विलंब करने के कारण अनुबंध की शर्तों के तहत कार्यवाही करते हुए कार्यालय के पत्र क्रमांक 408 दिनांक 31.03.2026 द्वारा अनुबंध निरस्तीकरण की कार्यवाही कर संविदाकार को ब्लैक लिस्टेड कर दिया गया है। (घ) इस महत्वपूर्ण मार्ग पर पुलिया निर्माण के शेष बचे कार्य को पूर्ण किए जाने हेतु शेष कार्य की माह जून 2026 में निविदा आमंत्रण की कार्यवाही की जा चुकी एवं स्वीकृति उपरांत कार्य को अनुबंध की समय-सीमा में पूर्ण किया जाना लक्षित है।
किसानों को दिए जाने वाले फसल ऋण एवं खाद की सीमा में वृद्धि
[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]
14. ( क्र. 91 ) श्री विजय रेवनाथ चौरे : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या पिछले कुछ वर्षों में डीजल, बीज, कीटनाशक, कृषि मजदूरी और जुताई की लागत (महंगाई) में अत्यधिक वृद्धि हुई है? यदि हाँ, तो क्या इस महंगाई के अनुपात में प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों द्वारा किसानों को दिए जाने वाले प्रति एकड़ फसल ऋण की सीमा वर्तमान में नाकाफी साबित हो रही है? (ख) क्या यह भी सही है कि वैज्ञानिक अनुशंसा और भूमि की जरूरत के बावजूद, सहकारी समितियों द्वारा वर्तमान में किसानों को प्रति एकड़ खाद (यूरिया, डीएपी, एनपीके) देने की एक अधिकतम सीमा तय की गई है, यदि हाँ, तो इस सीमा को तय करने का क्या मापदंड है? (ग) क्या शासन आगामी खरीफ/रबी सीजन से किसानों के फसल ऋण की क्रेडिट लिमिट (KCC Limit) में कम से कम 25 से 30 प्रतिशत की वृद्धि करने तथा प्रति एकड़ खाद के कोटे को बढ़ाने पर विचार कर रहा है? यदि हाँ, तो इस संबंध में कब तक आदेश जारी किए जाएंगे? यदि नहीं, तो क्यों?
किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) :(क) जानकारी एकत्रित की जा रही है। (ख) जी नहीं। ई-विकास प्रणाली अंतर्गत किसानों को प्रति एकड़ खाद उनके जोत के आकार एवं फसल पर ICAR की अनुसंशा अनुसार प्रथम बार में उपलब्ध कराई जाती है। तथापि किसान को पूर्व व्यवस्था भांति अपनी आवश्यकतानुसार उर्वरक क्रय करने की स्वतंत्रता का प्रावधान प्रणाली में उपलब्ध है। (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।
भोज मुक्त विश्वविद्यालय में अनियमितता
[उच्च शिक्षा]
15. ( क्र. 97 ) श्री नारायण सिंह पट्टा : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विभाग के दिनांक 8 जून 2026 के आदेश पर तत्कालीन कुलसचिव, भोजमुक्त विश्वविद्यालय को पद से हटाये जाने का मुख्य कारण क्या है? क्या कुलसचिव की भ्रष्टाचार एवं अन्य गंभीर अनियमितताओं की शिकायत माननीय कुलगुरु, भोज विश्वविद्यालय सहित अन्य को की गई है? यदि हाँ, तो शिकायत की प्रति सहित, की गई कार्यवाही संबंधी सुसंगत दस्तावेजों सहित जानकारी उपलब्ध करायें? (ख) क्या भोज विश्वविद्यालय के आदेश क्रमांक 301/स्था/मप्रभोमुविवि/2026 भोपाल, दिनांक 15/06/2026 में अकादमिक अधिकारी (प्राध्यापक) को वित्त-नियंत्रक फाइनेंस ऑफिसर/प्रभारी बनाया गया है? यदि हाँ, तो किस नियम से तथा विगत 5 वर्ष में अब तक कितनी बार कब-कब वित्त नियंत्रक/फाइनेंस ऑफिसर बनाया जाकर उक्त द्वारा कब-कब कितना भुगतान स्वीकृत किया गया? संपूर्ण जानकारी दस्तावेजों सहित उपलब्ध करायें? (ग) क्या उक्त द्वारा स्वीकृत मासिक वेतन भुगतान सहित अन्य स्वीकृत भुगतान/राशि पर स्थानीय निधि संपरीक्षा ऑडिट विभाग द्वारा अनियमित भुगतान संबंधी आपत्तियाँ दर्ज की गई हैं? यदि हाँतो उक्त दोषियों पर विभाग द्वारा क्या कार्यवाही की गई है? सम्पूर्ण दस्तावेजों सहित जानकारी उपलब्ध करायें? (घ) प्रश्नकर्ता के तारांकित प्रश्न क्रमांक 408, सदन दिनांक 01/12/2025 के उत्तर अनुसार जाँच कार्यवाही से सम्बंधित प्रतिवेदन एवं आदेशों की प्रतियाँ उपलब्ध कराएं? भोज मुक्त विश्वविद्यालय में वर्ष 2013 एवं 2014 में हुई अवैध नियुक्तियों एवं नियमितीकरण के संबंध में की गई जांचों के प्रतिवेदन एवं कार्यवाही सम्बंधित आदेशों की प्रतियाँ उपलब्ध कराएं?
उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री इन्दर सिंह परमार ) : (क) प्रशासनिक आवश्यकता के दृष्टिकोण से प्रतिनियुक्ति समाप्त की गई है। जी हाँ। शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'अ' अनुसार है। (ख) जी हाँ, नियमित वित्त नियंत्रक की पदस्थापना नहीं होने के कारण प्रशासनिक आवश्यकता के दृष्टिकोण से अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। विश्वविद्यालय के परिनियम-04 अनुसार वित्त नियंत्रक स्वीकृतकर्ता अधिकारी नहीं है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) उत्तरांश (ख) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'ब' अनुसार है।
महर्षि महेश योगी वैदिक विश्वविद्यालय के नाम दर्ज भूमि की जानकारी
[उच्च शिक्षा]
16. ( क्र. 98 ) श्री नारायण सिंह पट्टा : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या विश्वविद्यालय अनुदान आयोग शिक्षा मंत्रालय भारत-सरकार द्वारा जारी पत्र क्रमांक मिसिल 8-18/2014 (CPP-I/PU ) 44426, दिनांक 12 फरवरी 2026 की प्रति, प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा और तकनीकी शिक्षा विभाग को प्राप्त है? यदि हाँ, तो पत्र की प्रति सहित उक्त पत्र पर की गई कार्रवाई संबंधी समस्त सुसंगत दस्तावेजों एवं आदेशों की प्रतियाँ उपलब्ध करायें? यदि कार्यवाही नहीं की गई है तो क्यों? (ख) महर्षि महेश योगी वैदिक विश्वविद्यालय के नाम, नियमानुसार कितनी भूमि राजस्व रिकार्ड में दर्ज है? खसरा नंबर सहित कुल रकबे की जानकारी उपलब्ध करायें? (ग) महर्षि महेश योगी वैदिक विश्वविद्यालय में नियमित एवं दुरस्थ शिक्षा अंतर्गत प्रवेशित छात्र-छात्राओं की विगत पाँच वर्ष की विद्यार्थी संख्या उपलब्ध करायें? (घ) क्या विगत सात सत्रों में सत्रांत परीक्षा विश्वविद्यालय मुख्यालय के बाहर संपूर्ण प्रदेश में संचालित की गई हैं? यदि हाँ, तो यूजीसी शिक्षा मंत्रालय भारत-सरकार सहित राज्य सरकार एवं अन्य विभागों की नियमानुसार अनुमतियाँ सहित संपूर्ण परीक्षा केन्द्रों की सूची नाम, स्थान सहित उपलब्ध करायें? (ङ) महर्षि महेश योगी वैदिक विश्वविद्यालय के कुलाधिपति ने वेद विद्या मार्तंड की उपाधि किस विश्वविद्यालय से किस सत्र में पूर्ण की उक्त उपाधि की प्रमाणित प्रतिलिपि उपलब्ध करायें तथा उक्त के द्वारा पीएचडी उपाधि किस विश्वविद्यालय से किस सत्र में प्रवेश लेकर किस विषय में किस गाईड/सुपरवाइज़र के अधीन पूर्ण की गई उपाधि की प्रति सहित जानकारी उपलब्ध करायें?
उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री इन्दर सिंह परमार ) : (क) जानकारी एकत्रित की जा रही है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-"अ" अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-"ब" अनुसार है। (घ) जी हाँ, विश्वविद्यालय की अधिकारिता का विस्तार सम्पूर्ण मध्यप्रदेश पर है तथा विश्वविद्यालय के अधिनियम के अनुसार इन परीक्षाओं का संचालन किया गया। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। परीक्षा केन्द्रों की सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-"स” अनुसार है। (ङ) कुलाधिपति को वेद विद्या मार्तण्ड उपाधि से धर्म संस्कृति महाकुंभ, नागपुर में सम्मानित किया गया। पी.एच.डी. संबंधी जानकारी एकत्रित की जा रही है।
हॉकी प्रशिक्षणार्थियों की जन्म तिथि में परिवर्तन
[खेल एवं युवा कल्याण]
17. ( क्र. 114 ) डॉ. सीतासरन शर्मा : क्या खेल एवं युवा कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या शासन द्वारा हॉकी फीडर सेंटर इटारसी के प्रशिक्षक कन्हैया गुरपानी को प्रशिक्षणार्थियों की जन्म तिथि में परिवर्तन सहित अनेक अनियमितताओं के लिए उत्तरदायी ठहराते हुए हटाया गया था? (ख) यदि हाँ, तो क्या तत्कालीन खेल प्रशिक्षक कन्हैया गुरपानी द्वारा प्रशिक्षणार्थियों की जन्म तिथि में हेराफेरी की गई? (ग) यदि हाँ, तो क्या शासन उपरोक्त तत्कालीन खेल प्रशिक्षण कन्हैया गुरपानी के विरूद्ध पुलिस में प्रकरण दर्ज कर कार्यवाही करेगा?
खेल एवं युवा कल्याण मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) जी हाँ। (ख) जिला कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिला स्तर पर प्रकरण की जाँच हेतु समिति गठित की गई। संचालनालय स्तर पर शिकायत प्राप्त होने पर प्रकरण की जाँच पुलिस अधीक्षक नर्मदापुरम से कराई गई। जिला स्तर पर गठित समिति के जाँच प्रतिवेदन एवं पुलिस अधीक्षक नर्मदापुरम द्वारा प्रस्तुत जाँच प्रतिवेदन दिनांक 17 नवम्बर 2025 के अनुसार प्रकरण में प्रथम दृष्ट्या जन्म तिथि में हेराफेरी परिलक्षित हुई है एवं श्री कन्हैया गुरयानी की कर्तव्य के प्रति लापरवाही प्रदर्शित हुई है। (ग) उक्त प्रकरण में उपरोक्त प्रतिवेदन के आधार पर संचालनालय द्वारा परीक्षण उपरांत आपराधिक उत्तरदायित्व पाए जाने पर पुलिस में प्रकरण दर्ज कर सम्यक कार्यवाही की जावेगी।
पंचायत राज संस्थाओं में वित्तीय अनियमितताएं
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
18. ( क्र. 129 ) श्री अजय अर्जुन सिंह : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रदेश की त्रि-स्तरीय पंचायत राज संस्थाओं की वर्ष 2021-22 की वार्षिक एकीकृत संपरीक्षा (ऑडिट रिपोर्ट) में लगभग रूपये 20.99 करोड़ के अनियमित भुगतान का मामला सामने आया है? (ख) क्या सांची, उज्जैन, टीकमगढ़, डिंडौरी और अन्य जनपदों में बिना सक्षम स्वीकृति के नाश्ते, चाय, विज्ञापनों और निजी वाहन किरायों पर लाखों रूपये खर्च किए गए हैं? यदि हाँ, तो इन फिजूलखर्ची के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के नाम क्या है? (ग) क्या मनरेगा कार्यों और अन्य निर्माण कार्यों में बिना बिल-वाउचर और बिना स्टॉक एंट्री के करोड़ों रूपये का भुगतान किया गया है? इन गायब दस्तावेजों और वित्तीय गबन के लिए विभाग ने अब तक क्या ठोस कदम उठाए हैं? (घ) क्या ऑडिट रिपोर्ट में यह स्पष्ट हुआ है कि कई पंचायतों में भुगतान तब किए गए जब कार्य अधूरे थे या उनका कोई रिकार्ड ही मौजूद नहीं था? यदि हाँ, तो क्या सरकार इन दोषी सरपंचों, सचिवों और जनपद सीईओ के विरूद्ध एफ.आई.आर. (FIR) दर्ज करने और गबन की गई राशि की वसूली करने पर विचार कर रही है? (ड.) प्रदेश में वित्तीय अनुशासन सुनिश्चित करने और भविष्य में इस तरह की सीधी गड़बड़ी को रोकने के लिए क्या विभाग नई पारदर्शी व्यवस्था लागू करने जा रहा है?
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) वर्ष 2021-22 की एकीकृत संपरीक्षा (ऑडिट रिपोर्ट) में लगभग रूपये-20.99 करोड़ के अनियमित भुगतान की आपत्तियां आयी है। (ख) प्रश्नांकित एकीकृत संपरीक्षा (ऑडिट रिपोर्ट) अंतर्गत सांची, बल्देवगढ़, टीकमगढ़, मानपुर, करकेली एवं ढीमरखेडा सहित कुल 06 जनपद पंचायतों में सक्षम स्वीकृति के बिना नाश्ता, चाय, विज्ञापन एवं निजी वाहनों पर व्यय किए जाने संबंधी आपत्तियाँ दर्ज की गई हैं। आपत्तियों के परीक्षण उपरांत आवश्यक होने पर उत्तरदायी अधिकारियों एवं कर्मचारियों की जिम्मेदारी निर्धारित करते हुए नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी। (ग) प्रश्नांकित एकीकृत संपरीक्षा (ऑडिट रिपोर्ट) में संपरीक्षा के दौरान कुछ प्रकरणों में मनरेगा एवं अन्य निर्माण कार्यों में बिल-वाउचर, स्टॉक प्रविष्टियों अथवा अन्य आवश्यक अभिलेखों के अभाव में भुगतान किए जाने संबंधी आपत्तियाँ प्राप्त हुई हैं। विभाग द्वारा संबंधित अभिलेखों का परीक्षण कराने के उपरांत वित्तीय अनियमितताओं की पुष्टि होने पर आवश्यक कार्रवाई की जायेगी। (घ) प्रश्नांकित एकीकृत संपरीक्षा (ऑडिट रिपोर्ट) में कुछ ऐसे प्रकरणों में आपत्तियां ली गई है जिनमें भुगतान के पूर्व कार्यपूर्णता के दस्तावेज अथवा आवश्यक अभिलेख दस्तावेज उपलब्ध नहीं थे। ऐसे मामलों में तथ्यात्मक परीक्षण कर अनियमितता अथवा गबन सिद्ध होने पर संबंधित सरपंच, सचिव, मुख्य कार्यपालन अधिकारी अथवा अन्य उत्तरदायी व्यक्तियों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। (ङ) प्रदेश में वित्तीय अनुपालन सुनिश्चित करने हेतु पूर्व में ही विभागीय पंचायत दर्पण पोर्टल https://mppanchayatdarpan.gov.in, भारत सरकार का ग्राम स्वराज पोर्टल https://egramswaraj.gov.in एवं नरेगा सॉफ्ट पोर्टल www.nrega.dord.gov.in उपयोग हो रहे है। उक्त पब्लिक डोमेन में पंचायतों द्वारा क्रियावन किये जा रहे समस्त कार्य एवं उनकी प्रगति, खर्चा का ब्यौरा, जी.ओ. टेग फोटो कार्य की पूर्णता की स्थिति पारदर्शी रूप से उपलब्ध है।
प्रदेश के विश्वविद्यालय में कुलगुरूओं की नियुक्ति
[उच्च शिक्षा]
19. ( क्र. 130 ) श्री अजय अर्जुन सिंह : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रदेश के प्रमुख शासकीय विश्वविद्यालयों जैसे राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (RGPV), बरकतउल्ला विश्वविद्यालय (BU), जीवाजी विश्वविद्यालय और महाराज छत्रसाल बुंदेलखंड विश्वविद्यालय (छशवि) में कुलगुरुओं (कुलपतियों) की नियुक्ति प्रक्रिया विचाराधीन हैं? (ख) क्या विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) विनियम 2018 के खंड 7.3 के अनुसार कुलगुरु पद के लिए किसी विश्वविद्यालय में न्यूनतम 10 वर्ष का प्रोफेसर के रूप में अनुभव और प्रतिष्ठित अनुसंधान या शैक्षणिक नेतृत्व का अकादमिक रिकॉर्ड होना अनिवार्य है? (ग) क्या प्रदेश के कई विश्वविद्यालयों में इन नियमों की अनदेखी कर ऐसे उम्मीदवारों को कुलपति नियुक्त किया गया है व आगामी कुलपतियों के रिक्त पदों पर नियुक्ति हेतु उन्हें प्राथमिकता मिल रही है, या वे पैनल शामिल है जिनके पास यूजीसी मानकों के अनुसार 10 साल का यूनिवर्सिटी प्रोफेसर का अनुभव या आवश्यक प्रशासनिक दक्षता नहीं है, यदि हाँ, तो योग्य शिक्षाविदों की अनदेखी कर अपात्रों को बढ़ावा देने के क्या कारण है? (घ) जीवाजी विश्वविद्यालय में धारा 52 के तहत कुलगुरु को हटाए जाने के बाद पिछले एक वर्ष से तथा छत्रसाल बुंदेलखड विश्वविद्यालय में पिछले चार महीनों से स्थायी कुलगुरु की नियुक्ति न होने के क्या कारण हैं? क्या सरकार इन विश्वविद्यालयों में यूजीसी गाइड-लाइंस का शत-प्रतिशत पालन करते हुए पूरी तरह पारदर्शी और योग्यता आधारित नियुक्तियां कब तक सुनिश्चित करेगी?
उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री इन्दर सिंह परमार ) : (क) जी नहीं, बरकतउल्ला विश्वविद्यालय, भोपाल एवं जीवाजी विश्वविद्यालय, ग्वालियर के कुलगुरू की नियुक्ति प्रक्रियाधीन है। (ख) एवं (ग) जी नहीं। (घ) जीवाजी विश्वविद्यालय, ग्वालियर के नये कुलगुरू की नियुक्ति प्रक्रियाधीन है। महाराजा छात्रसाल बुंदेलखण्ड विश्वविद्यालय, छतरपुर में राज्य सरकार द्वारा प्रभावशील अधिनियम की धारा 52 की प्रभावशीलता की 1 वर्ष कालावधि दिनांक 30/11/2026 तक है। आगामी कार्यवाही अधिनियम एवं परिनियम के प्रावधानों के तहत की जा सकेगी। कुलगुरू की नियुक्ति की समय-सीमा बताना संभव नहीं है।
सागर में आयुष महाविद्यालय की स्थापना
[आयुष]
20. ( क्र. 145 ) श्री शैलेन्द्र कुमार जैन : क्या आयुष मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्नकर्ता तारांकित प्रश्न क्र. 67, दिनांक 24.02.2026 के उत्तरांश में बताया गया था कि सागर में आयुष महाविद्यालय के भवन निर्माण हेतु रू. 69.90 करोड़ की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है एवं 18 माह में बनाये जाने की अनुबंध किया गया था। उक्त परियोजना में स्वीकृत राशि में से अब तक कितनी राशि, किन-किन कार्यों पर व्यय की गई है एवं वर्तमान तक कौन-कौन से निर्माण कार्य पूर्ण अथवा प्रगतिरत है? विवरण देवें। (ख) आयुष महाविद्यालय परिसर में 100 बिस्तरीय चिकित्सालय का प्रथम चरण लगभग पूर्णतः की ओर है। अतः आगामी शैक्षणिक सत्र से चिकित्सालय के निर्माण कार्य पूर्ण होने की प्रत्याशा में प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ करने की कोई योजना है? यदि नहीं तो कब तक प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ की जायेगी? (ग) आयुष महाविद्यालय के संचालन हेतु आवश्यक शिक्षकीय एवं अशिक्षकीय पदों के सृजन, भर्ती एवं अद्योसंचना विकास की वर्तमान स्थिति क्या है? विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराये।
आयुष मंत्री ( श्री इन्दर सिंह परमार ) : (क) जी हाँ। जी हाँ। आयुष महाविद्यालय परियोजना की अनुबंध राशि रू. 42.51 करोड़ में से आयुष महाविद्यालय के प्रशासनिक भवन निर्माण कार्य में राशि रू.3.77 करोड़ एवं आयुष चिकित्सालय के निर्माण कार्य में राशि 5.64 करोड़ इस प्रकार कुल राशि रू.9.41 करोड़ का व्यय किया गया है। वर्तमान में आयुष महाविद्यालय एवं चिकित्सालय का निर्माण कार्य प्रगतिरत है। (ख) जी हॉ। निर्माण कार्य पूर्ण होने के पश्चात एन.सी.आई.एस.एम. के गाइड-लाइन अनुसार आने वाले शैक्षणिक सत्र में प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ की जावेगी। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) आयुष महाविद्यालय के संचालन हेतु आवश्यक शिक्षकीय एवं अशिक्षकीय पदों के सृजन, मंत्रीपरिषद से स्वीकृत है। शेष प्रश्नांश (क) के अनुसार।
श्रमोदय आवासीय विद्यालय की स्थापना
[श्रम]
21. ( क्र. 146 ) श्री शैलेन्द्र कुमार जैन : क्या श्रम मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्नकर्ता के तारांकित प्रश्न क्रमांक 65, दिनांक 17.02.2026 के उत्तरांश में बताया गया था कि, जिला सागर के ग्राम पंचायत मसानझिरी, रतौना में श्रमोदय आवासीय विद्यालय की स्थापना हेतु 15 एकड़ भूमि चयनित की जा चुकी है एवं निर्माण कार्य मण्डल निधि से कराया जाना प्रस्तावित है तथा निर्माण एजेंसी नियुक्त किये जाने की कार्यवाही प्रचलन में है, तो उक्त परियोजना हेतु अब तक कितनी राशि स्वीकृत कर आवंटित की गई है? मदवार विवरण देवें। (ख) श्रमोदय आवासीय विद्यालय के निर्माण हेतु निर्माण एजेंसी की नियुक्ति की वर्तमान स्थिति क्या है, उक्त प्रक्रिया कब तक पूर्ण कर ली जायेगी? संबंधित विभागीय स्वीकृति का विवरण देवें। (ग) श्रमोदय आवासीय विद्यालय का निर्माण कार्य कब तक शुरू किया जा सकेगा? इसके निर्माण कार्य को पूर्ण कर इसका संचालन कब तक प्रारंभ किये जाने की संभावना है? निर्धारित कार्ययोजना एवं समय-सीमा की जानकारी दें।
श्रम मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) मण्डल के वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट के मद 6.1 में 'श्रमोदय विद्यालय निर्माण पर व्यय/आई.टी.आई. मशीनरी एवं अन्य फर्नीशिंग कार्य' में स्वीकृत 05 नवीन श्रमोदय विद्यालय निर्माण एवं वर्तमान विद्यालयों में अतिरिक्त निर्माण कार्य को दृष्टिगत रखते हुए राशि रूपये 150 करोड़ का अनुमानित बजट प्रावधान रखा गया है। जिसमें वर्ष 2026-27 हेतु श्रमोदय आवासीय विद्यालय, सागर के निर्माण हेतु बजट भी सम्मिलित है। श्रमोदय आवासीय विद्यालय, सागर के निर्माण हेतु निर्माण एजेंसी को वर्तमान में कोई राशि आवंटित नहीं की गई है। (ख) श्रमोदय आवासीय विद्यालय के निर्माण हेतु विभागीय स्वीकृति एवं मान. मुख्यमंत्री जी कार्यालय (समन्वय) से स्वीकृति उपरांत इंजीनियरिंग प्रोजेक्ट्स (इंडिया) लिमिटेड को निर्माण एजेंसी निर्धारित किया गया है। उक्त संबंध में कार्यकारी एजेंसी नियुक्त किये जाने संबंधी पत्र क्रमांक 863691 दिनांक 06.03.2026 की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) श्रमोदय आवासीय विद्यालय का निर्माण कार्य प्रारंभ किये जाने हेतु निर्माण एजेंसी से डिज़ाइन, ड्रॉइंग, कॉन्सेप्ट प्लान एवं साइट प्लान आदि की जानकारी प्राप्त किये जाने की कार्यवाही की जा रही है। निर्माण कार्य प्रारंभ होने के पश्चात 02 वर्ष में कार्ययोजना पूर्ण होने की समय-सीमा निर्धारित है। उक्त कार्य पूर्ण होने के पश्चात ही विद्यालयों का संचालन प्रारंभ किया जा सकेगा।
बीज की उपलब्धता एवं वितरण
[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]
22. ( क्र. 153 ) श्री वीरेन्द्र सिंह लोधी : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विगत वर्ष में सागर जिले में खरीफ एवं रबी दोनों सीजन में बीज की क्या उपलब्धता रही एवं किसानों को कितना बीज वितरण किया गया? (ख) सागर जिले में विकासखण्डवार इस सीजन में कितना बीज वितरित किया गया? (ग) आगामी सीजन में बीज की विकासखण्डवार क्या उपलब्धता रहेगी?
किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। (ग) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-स अनुसार है।
बीज आवंटन एवं अन्य कृषि सुविधाओं की जानाकरी
[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]
23. ( क्र. 158 ) श्री वीरेन्द्र सिंह लोधी : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) खरीफ एवं रबी कृषि सीजन के लिये विगत वर्ष सागर जिले में कौन-कौन से अनाजों के बीज कितनी-कितनी मात्रा में आवंटित किये गये? (ख) उक्त अवधि में बण्डा विधान सभा के ब्लॉकों के लिये आवंटित मात्रा क्या रही विवरण उपलब्ध करवायें। (ग) प्रश्नांश (ख) अनुसार आवंटित मात्रा में से कितनी-कितनी मात्रा का वितरण किया गया? (घ) उक्त अनुसार वितरित बीज जिन किसानों/लाभार्थियों में वितरित किये गये? उनकी नाम, पता सहित सूची उपलब्ध करवाने का कष्ट करें। (ड.) आगामी सीजन के लिये सागर जिला स्तर पर कौन-कौन से बीज कितनी मात्रा में आवंटित किये गये हैं? (च) प्रश्नांश (ड.) अनुसार आवंटित मात्रा में बण्डा क्षेत्र के लिये आवंटित बीजों का प्रकार एवं मात्रा का विवरण उपलब्ध करवाये। (छ) किसान कल्याणकारी योजनाओं अंतर्गत विगत 2 वर्षों में सागर जिले में विधानसभा स्तर आवंटित/वितरित उपकरणों की सूची उपलब्ध करवायें। (ज) प्रश्नांश (छ) अनुसार अवधि में बण्डा विधानसभा के लाभार्थियों की सूची उपलब्ध करवायें।
किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) विगत वर्ष सागर जिले में खरीफ सीजन में बीज 7038.80 क्विंटल एवं रबी सीजन में बीज 51551.00 क्विंटल, इस प्रकार फसलवार बीज की कुल 58589.80 क्विंटल मात्रा आवंटित है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) उक्त अवधि में बण्डा विधान सभा के बण्डा विकासखण्ड के लिये कुल 856.30 क्विंटल एवं शाहगढ़ विकासखण्ड हेतु कुल 811.70 क्विंटल बीज की मात्रा आवंटित है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ग) उत्तरांश (ख) अनुसार आवंटित मात्रा में से बण्डा विकासखण्ड अंतर्गत 856.30 क्विंटल एवं शाहगढ़ विकासखण्ड में 811.70 क्विंटल बीज वितरण किया गया। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है। (घ) वितरित बीज अनुसार किसानों/लाभार्थियों के नाम, पता सहित सूची की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-4 अनुसार है। (ड.) आगामी सीज़न हेतु सागर जिला स्तर पर कुल 60784.00 क्विंटल बीज आवंटित है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-5 अनुसार है। (च) उत्तरांश (ड.) अनुसार आवंटित मात्रा में बण्डा क्षेत्र के लिये फसलवार कुल 11048.00 क्विंटल आवंटित है जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-6 अनुसार है। (छ) किसान कल्याणकारी योजनाओं अंतर्गत विगत 2 वर्षों में सागर जिले में विधानसभा स्तर आवंटित/वितरित उपकरणों की सूची जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-7 एवं 9 अनुसार है। (ज) प्रश्नांश (छ) अनुसार अवधि में बण्डा विधानसभा के लाभार्थियों की सूची जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-8 एवं 9 अनुसार है।
कांउसिल ऑफ इलेक्ट्रो होम्योपैथिक सिस्टम ऑफ मेडिसिन की मान्यता
[आयुष]
24. ( क्र. 165 ) श्री संजय उइके : क्या आयुष मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रश्नकर्ता द्वारा आयुक्त, आयुष विभाग, म.प्र.शासन भोपाल को दिनांक 09-03-2026 एवं 25-05-2026 को काउंसिल ऑफ इलेक्ट्रो होम्योपैथिक सिस्टम ऑफ मेडिसिन, 32-बी, एम.पी. नगर, भोपाल की मान्यता एवं गतिविधियों की जांच पर कठोर कार्यवाही किये जाने संबंधित पत्राचार किया गया था? (ख) यदि हाँ, तो प्रश्नकर्ता को जानकारी किन कारणों से उपलब्ध नहीं कराई गई है? जानकारी कब तक उपलब्ध कराई जावेगी समय-सीमा बतावें। (ग) प्रश्नकर्ता को जानकारी उपलब्ध नहीं कराने के लिए कौन अधिकारी/कर्मचारी जवाबदार है? क्या उसके विरूद्ध कार्यवाही की जावेगी? (घ) क्या कांउसिंल ऑफ इलेक्ट्रो होम्योपैथिक सिस्टम ऑफ मेडिसिन, 32-बी, एम.पी. नगर, भोपाल के विरूद्ध बिना मान्यता कांउसिंल संचालित करने पर कानूनी कार्यवाही की जावेगी? यदि हाँ, तो क्या और कब तक की जावेगी? कांउसिंल द्वारा जारी बी.ई.एम.एस. डिग्री चिकित्सकों पर क्या कार्यवाही की जावेगी?
आयुष मंत्री ( श्री इन्दर सिंह परमार ) : (क) जी हॉ, दिनांक 09/03/2026 का पत्र प्राप्त किन्तु दिनांक 25/05/2026 का पत्र कार्यालय में अप्राप्त है। (ख) इलेक्ट्रो होम्योपैथिक कोर्स आयुष विभाग द्वारा संचालित नहीं किया जाता है एवं उक्त काउंसिल भी आयुष विभाग के अधीन संचालित नहीं है। संचालनालय पत्र दिनांक 29/06/2026 द्वारा माननीय विधायक को अवगत कराये जाने से शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) प्रश्नांश ''ख'' के उत्तर के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) प्रश्नांश ''ख'' के उत्तर के परिप्रेक्ष्य में शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
महर्षि महेश योगी वैदिक विश्वविद्यालय के पत्र पर कार्यवाही
[उच्च शिक्षा]
25. ( क्र. 179 ) श्री विवेक विक्की पटेल : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) कार्यालय आयुक्त उच्च शिक्षा सतपुड़ा भवन भोपाल द्वारा जारी क्रमांक 209/आऊशि/2019 दिनांक 25/09/2019 प्रति, प्राचार्य शिक्षा विभाग महर्षि महेश योगी वैदिक विश्वविद्यालय करौंदी जिला कटनी को जारी पत्र की प्रमाणिक छाया प्रति उपलब्ध कराएं? (ख) कार्यालय आयुक्त उच्च शिक्षा सतपुड़ा भवन भोपाल द्वारा जारी क्रमांक 184/269/आऊशि/छा/2023 भोपाल दिनांक 16/02/2023 प्रति, आयुक्त जनजाति कार्य विभाग सतपुड़ा भवन भोपाल, आयुक्त पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण विभाग सतपुड़ा भवन एवं आयुक्त अनुसूचित जाति कल्याण विभाग श्यामला हिल्स भोपाल को जारी पत्र की प्रमाणित छायाप्रति उपलब्ध कराएं? (ग) महर्षि महेश योगी वैदिक विश्वविद्यालय करौंदी द्वारा जारी पत्र क्रमांक 793/2025 दिनांक 05/05/2025 प्रति, प्राचार्या 50 नर्मदा रोड जबलपुर मध्यप्रदेश को विषय- बीपीएड के संबंद्धता विषयक पत्र की छायाप्रति उपलब्ध कराएं? (घ) महर्षि महेश योगी वैदिक विश्वविद्यालय करौंदी द्वारा जारी क्रमांक 844/2025 दिनांक 24/06/2025 प्रति, माननीय आयुक्त महोदय कार्यालय आयुक्त उच्च शिक्षा विभाग सतपुड़ा भवन भोपाल को जारी पत्र क्या विभाग को प्राप्त है? यदि हाँ, तो पत्र की प्रमाणित छायाप्रति उपलब्ध करायें तथा उक्त पत्र पर की गई कार्यवाही संबंधी सुसंगत दस्तावेजों सहित जानकारी उपलब्ध करायें।
उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री इन्दर सिंह परमार ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट "अ" अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट "ब" अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट "स” अनुसार है। (घ) जी हॉ। शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट "द” अनुसार है।
शासकीय राशि का दुरुपयोग एवं छात्रहित से खिलवाड़
[उच्च शिक्षा]
26. ( क्र. 180 ) श्री विवेक विक्की पटेल : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्नकर्ता के विधानसभा प्रश्न क्रमांक 94 के प्रश्नाश के उत्तर में माननीय उच्च न्यायालय के आदेश के संबंध में तत्काल विधिक अभिमत उपलब्ध कराने का उल्लेख किया गया है। क्या उक्त विधिक अभिमत प्राप्त है यदि हाँ, तो संपूर्ण सुसंगत दस्तावेजों सहित उपलब्ध कराएं? यदि नहीं तो क्यों? उक्त विधिक अभिमत कब उपलब्ध कराया जायेगा? (ख) WP 14783/2013 एवं WP 8652/2015 का छात्रहित में तत्काल निराकरण किये जाने हेतु विश्वविद्यालय प्रबंधन एवं विभागीय अधिकारियों द्वारा क्या कार्यवाही की जा रही है? दस्तावेजों सहित जानकारी उपलब्ध कराएं? (ग) प्रश्नांश (ख) में उल्लिखित प्रकरणों में प्राप्त स्थगन आदेश विगत बारह वर्षों से लंबित क्यों हैं? क्या उक्त स्थगन आदेशों से शासकीय राशि का दुरुपयोग एवं छात्रहित से खिलवाड़ सहित विवादित स्थिति होकर शिकायतों सहित जांच का आधार नहीं बनता? स्पष्ट करें तथा दोषी अधिकारियों के नाम पदनाम उपलब्ध कराएं? (घ) महर्षि महेश योगी वैदिक विश्वविद्यालय करोंदी में पदस्थ सत्र 2003 से वर्तमान सत्र तक के कुल- सचिव एवं उपकुल सचिवों, सहायक कुल सचिवों के नाम पदनाम सूची सहित सभी के नियुक्ति पत्र एवं सभी की नियुक्ति निरंतरता के आदेशों एवं सभी के नियमितीकरण आदेशों की प्रतियां उपलब्ध कराएं?
उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री इन्दर सिंह परमार ) : (क) स्कूल शिक्षा विभाग से जानकारी प्राप्त की जा रही है। (ख) दोनों याचिकाओं में माननीय न्यायालय के समक्ष विचार हेतु अर्जेन्ट हियरिंग का आवेदन फाईल किया जा चुका है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''अ'' अनुसार है। (ग) प्रकरण माननीय न्यायालय में प्रचलित है। अत: उत्तरांश (ख) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''ब'' अनुसार है।
शासकीय नवीन महाविद्यालय प्रारंभ किया जाना
[उच्च शिक्षा]
27. ( क्र. 187 ) श्री निलेश पुसाराम उईके : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि क्या प्रदेश की विधानसभा क्षेत्र पांढुर्णा का वृहद व जनजातीय बाहुल्य ग्राम पाठई में महाविद्यालय प्रारम्भ किये जाने हेतु स्थानीय जनप्रतिनिधि, ग्रामीणों व विधायक से शासन/विभाग को कोई पत्र प्राप्त हुआ है? यदि हां, तो कब-कब एवं उस पर क्या कार्यवाही की गई? यदि नहीं, तो कब तक की जावेगी?
उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री इन्दर सिंह परमार ) : विधानसभा क्षेत्र पांढुर्णा का वृहद व जनजातीय बाहुल्य ग्राम-पाठई में महाविद्यालय प्रारम्भ किये जाने हेतु जनजातीय अनुसंधान एवं विकास संस्था भोपाल के पत्र क्रमांक स्टेनो/2024-25/798 दिनांक 10.07.2024 के साथ माननीय विधायक श्री निलेश उईके द्वारा प्राप्त पत्र क्रमांक वि.नि.स/26/2024 दिनांक 19.06.2024 एवं माननीय विधायक श्री निलेश पुसारामजी उईके, पांढुर्णा द्वारा पत्र दिनांक 26.03.2026 प्राप्त हुआ है। ग्राम-पाठई में महाविद्यालय प्रारम्भ किये जाने हेतु विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन तैयार किया गया है। वित्त विभाग की सहमति एवं मंत्रि-परिषद की स्वीकृति उपरांत नियमानुसार कार्यवाही की जावेगी। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
औद्योगिक इकाइयों में हुई दुर्घटनाओं की जांच
[श्रम]
28. ( क्र. 201 ) श्री दिनेश जैन बोस : क्या श्रम मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या नागदा स्थित लैंक्सेस इंडिया प्रा.लि. में दिनांक 30 मई 2026 को हुई औद्योगिक दुर्घटना में श्रमिक हुकुमसिंह और ओमकार यादव गंभीर रूप से घायल हुए थे जिन्हें इन्दौर स्थित बॉम्बे हॉस्पिटल आईसीयू में भर्ती किया गया था? यदि हाँ, तो क्या दुर्घटना की सूचना औद्योगिक, स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग व बिरलाग्राम पुलिस थाने को तत्काल नहीं देने पर उनके विरूद्ध क्या कार्यवाही की गई? (ख) क्या औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग और बिरलाग्राम पुलिस थाना द्वारा शिकायतें प्राप्त होने पर कार्यवाही कर कारखाना अधिभोगी बलराम गोविन्द खोत, प्रबंधक सुनील गुलाटी व अन्य के विरूद्ध किन-किन धाराओं में प्रकरण दर्ज किया गया है? छायाप्रति उपलब्ध कराते हुए विवरण दें। यदि नहीं किया गया तो क्यों? कब तक किया जाएगा? (ग) उक्त औद्योगिक इकाई में वर्ष 2018 से प्रश्न दिनांक तक कितनी दुर्घटनाएं हुई है तथा कितने लोग घायल/मृत हुए तथा कितने अधिकारियों के विरूद्ध प्रकरण दर्ज किए गए? प्रकरणों की वर्तमान स्थिति क्या है? (घ) वर्ष 2018 से सुरक्षा मानकों, श्रम कानूनों एवं कारखाना अधिनियम के प्रावधानों के पालन में कब-कब जाँच की गई? निरीक्षण की तिथि, पाए गए उल्लंघनों एवं की गई कार्रवाई का विवरण दें।
श्रम मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) जी हाँ, नागदा स्थिति लैंक्सेस इंडिया प्रा.लि. में दिनांक 30 मई 2026 को हुई दुर्घटना में श्रमिक हुकुमसिंह और ओमकार यादव गंभीर रूप से घायल हुए थे, जिसमें से श्रमिक श्री हुकुमसिंह का ईलाज जनसेवा अस्पताल नागदा में किया गया एवं दिनांक 01.06.2026 को उनको अस्पताल से उपचार उपरांत डिस्चार्ज कर दिया गया। श्रमिक श्री ओमकार यादव का ईलाज इंदौर स्थिति बॉम्बे अस्पताल में किया गया एवं दिनांक 09.06.2026 को ईलाज उपरांत उन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया। उक्त दोनों श्रमिकों को स्थाई आंशिक/पूर्ण अशक्तता हुई है। कारखाना प्रबंधन द्वारा दिनांक 30.05.2026 को दूरभाष पर तत्कालीन उपसंचालक, औ.स्वा. एवं सुरक्षा, उज्जैन को सूचित कर निर्धारित प्रारूप क्र.22 में आलोच्य दुर्घटना को संसूचित किया गया था। अत: शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ख) उपरोक्त दुर्घटना की जांच कारखाना अधिनियम, 1948 के अन्तर्गत स्थल निरीक्षण दिनांक 04.06.2026 को प्रांरभ की गई व साक्षी व पीड़ित श्रमिकों के कथन दर्ज किये गये। दुर्घटना जांच में पाये गये उपरोक्त विधि की धारा 7ए-2ए, 28 व म.प्र.कारखाना नियमावली, के नियम 66 के उल्लंघन के लिए श्री बलराम खोत, अधिभोगी एवं श्री सुनील गुलाटी प्रबंधक को कारण बताओ नोटिस क्रमांक 276-77 दिनांक 15.06.2026 जारी किया गया था। प्रकरण में नियमानुसार अनुवर्ती कार्यवाही की जा रही है। अत: शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (घ) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है।
भवन निर्माण में की गई अनियमितताओं पर कार्यवाही
[उच्च शिक्षा]
29. ( क्र. 203 ) श्री दिनेश जैन बोस : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत शासकीय महाविद्यालय झारड़ा का करोड़ों रूपये लागत का नवीन भवन महज 02 वर्ष पूर्व निर्मित हुआ है? यदि हाँ, तो वर्तमान में उक्त भवन की दिवारों व पिलरों में दरारें आ चुकी है? इस प्रकार की स्थिति हेतु कौन जिम्मेदार है। क्या निर्माण एजेंसी द्वारा शासन के करोड़ों रूपये के कार्य में गंभीर अनियमितता करने हेतु जिम्मेदारों पर कोई ठोस कार्यवाही की जायेगी। (ख) निर्माण कार्य के दौरान किस-किस अधिकारी द्वारा कब-कब निरीक्षण किया गया और निरीक्षण में क्या-क्या कमियां पाई गई एवं किस-किस के द्वारा क्या-क्या कार्यवाही की गई? क्या निर्माण में उपयोग होने वाली सामग्री की टेस्टिंग करवाकर निर्माण में उपयोग लिया गया? यदि हां, तो टेस्टिंग रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाये। यदि नहीं तो क्यों? (ग) क्या निर्माण ठेकेदार द्वारा निर्माण कार्य के दौरान गुणवत्ता मानकों का सही ढंग से पालन नहीं किये जाने हेतु संबंधित अधिकारी दोषी नहीं है? यदि है तो कब तक संबंधितों पर कार्यवाही की जायेगी?
उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री इन्दर सिंह परमार ) : (क) जी हाँ। भवन निर्माण दिनांक 16.12.2024 को पूर्ण हुआ है। जी नहीं। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता है। (ख) निर्माण एजेंसी द्वारा किए गए निरीक्षण की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'अ' अनुसार है। निर्माण एजेंसी द्वारा कार्य गुणवत्ता पूर्वक किया गया है। टेस्टिंग रिर्पोट पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'ब' अनुसार है। (ग) जी नहीं, शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता है।
संविदा कर्मचारियों को नियमित कर पंचायत विभाग में संविलियन
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
30. ( क्र. 226 ) श्रीमती झूमा डॉ. ध्यानसिंह सोलंकी : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग अन्तर्गत कितने कर्मचारियों की नियुक्ति संविदा नियम अन्तर्गत की गई है? पदनाम सहित जानकारी प्रदाय करें। क्या वर्तमान सरकार द्वारा चुनावी घोषणा पत्र में संविदा कर्मचारियों को नियमित करने हेतु वर्णन किया गया है? (ख) यदि हाँ, तो वर्तमान तक नियमित क्यों नहीं किया गया है तथा नहीं तो वर्तमान सरकार द्वारा इन्हें नियमित कर पंचायत विभाग में संविलियन करने की कोई योजना है? यदि हाँ, तो कब तक नियमित किया जायेगा? नहीं तो क्या भविष्य में संविदा कर्मचारियों को नियमित कर पंचायत विभाग में संविलियन किया जायेगा?
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। जी नहीं। (ख) सामान्य प्रशासन विभाग के ज्ञाप क्रमांक सी-5-2/2018/1/3 दिनांक 22/07/2023 से जारी परिपत्र वर्तमान में संविदा कर्मचारियों पर प्रभावशील है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
झिरन्या में खेल मैदान की स्वीकृति
[खेल एवं युवा कल्याण]
31. ( क्र. 227 ) श्रीमती झूमा डॉ. ध्यानसिंह सोलंकी : क्या खेल एवं युवा कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भीकनगांव विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत विकासखण्ड झिरन्या में खेल आयोजन हेतु कितने खेल मैदान उपलब्ध हैं? नहीं है तो क्या कारण हैं? (ख) क्या आदिवासी विकासखण्ड में खेल प्रोत्साहन एवं खेल प्रतिभा को बढ़ाने हेतु नवीन खेल मैदान की स्वीकृति प्रदाय की जायेगी? यदि हाँ, तो कब तक? नहीं तो क्या कारण हैं?
खेल एवं युवा कल्याण मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) वर्तमान में भीकनगांव विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत विकासखंड झिरन्या में कोई भी विभागीय खेल मैदान नहीं है। विभाग के नाम नगरीय निकाय सीमा से 2.00 कि.मी. की परिधि में समतल व उपयुक्त 10.00 एकड़ भूमि उपलब्ध नहीं होने के कारण खेल स्टेडियम का निर्माण नहीं किया जा सका है। (ख) माननीय मुख्यमंत्रीजी द्वारा दिये गये निर्देशानुसार प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में सी.एम. युवा शक्ति योजनान्तर्गत खेल स्टेडियम निर्माण किया जाना प्रस्तावित है। योजना अनुमोदन की कार्यवाही प्रचलन में है। अत: शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
रोजगार हेतु केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित योजनाएं
[तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार (केवल कौशल विकास एवं रोजगार) ]
32. ( क्र. 241 ) डॉ. हिरालाल अलावा : क्या राज्य मंत्री, कौशल विकास एवं रोजगार महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में बेरोजगारों के रोजगार देने, हर हाथ को काम देने हेतु क्या-क्या योजनाएं केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा विगत दस वर्षों से संचालित की जा रही हैं, उक्त योजनाओं के क्रियान्वयन हेतु कुल कितना बजट निर्धारित किया गया था, उसमें से कितना बजट एवं राशि बेरोजगारों को रोजगार देने हेतु जिस स्वरूप में व्यय की गई है, वर्षवार जानकारी देवें। (ख) विभाग द्वारा बेरोजगारों को निजी प्राईवेट कंपनियों में रोजगार दिए जाने हेतु क्या-क्या योजनाएं विगत दस वर्षों में संचालित की गईं एवं कुल कितनी प्राईवेट कंपनियों ने बेरोजगारों को रोजगार उपलब्ध कराया, संपूर्ण जानकारी कंपनीवार, वर्षवार उपलब्ध करावें। (ग) विभाग द्वारा सत्ताधारी दल के संकल्प-पत्र/घोषणा-पत्र के क्रियान्वयन हेतु तथा महिलाओं, बेरोजगारों को रोजगार की गारंटी का वादा पूर्ण करने हेतु मुख्यमंत्री, मुख्यसचिव, विभागीय-सचिव द्वारा विगत 5 वर्षों में जो बैठकें आयोजित की गईं, उक्त बैठकों में रखे गए एजेंडे एवं कार्य-विवरण की छायाप्रतियां देवें। (घ) क्या शासन प्रदेश के बेरोजगारों को रोजगार देने, हर हाथ को काम देने हेतु शासन स्तर पर मंत्रिमंडल उप-समिति का गठन कर मध्यप्रदेश में बेरोजगारी की दर में कमी लाने का प्रयास करेगा। यदि हाँ, तो निश्चित समयावधि बतावें। यदि नहीं तो क्यों? (ङ) बेरोजगार पोर्टल पर दर्ज संख्या बतावें, पिछले पांच वर्षों में आयोजित रोजगार मेले, खर्च राशि, युवाओं को प्राप्त स्थाई रोजगार की जानकारी देवें?
राज्य मंत्री, कौशल विकास एवं रोजगार ( श्री गौतम टेटवाल ) : (क) विभाग द्वारा रोजगार के लिये जॉब फेयर योजना संचालित की जा रही है, शासन के विभिन्न विभागों द्वारा संचालित स्वरोजगार योजनाओं की जानकारी एकत्रित की जा रही है। विभाग द्वारा संचालित जॉब फेयर योजना से संबंधित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) प्रश्नावधि में बेरोजगारों को निजी प्राइवेट कम्पनियों में रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाने हेतु जॉब फेयर योजना संचालित की गई है, वर्षवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ग) विभाग का मुख्य कार्य युवा/महिलाओं हेतु कौशल प्रशिक्षण प्रदान कर रोजगार उन्मुख बनाया जाना है, जो कि सतत् प्रक्रिया है। इस हेतु हर स्तर पर योजना, नीति निर्धारण, समीक्षा और निगरानी की सतत् बैठकें आयोजित की जाती है। सभी बैठकों के एजेण्डा तथा कार्यवाही विवरण तैयार नहीं किये जाते है। (घ) जी नहीं। विभाग अंतर्गत वर्तमान में इस प्रकार का प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। (ड.) एमपी रोजगार पोर्टल पर दिनांक 30.06.2026 की स्थिति में दर्ज कुल आकांक्षी युवाओं की संख्या 17, 71, 132 है। प्रश्नावधि में आयोजित रोजगार मेलों एवं व्यय की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है, विभाग द्वारा निजी क्षेत्र में स्थायी रोजगार की जानकारी संधारित नहीं की जाती है।
श्रम विभाग में हुए घोटालों एवं अपात्रों को दिए गए लाभ की जानकारी
[श्रम]
33. ( क्र. 243 ) डॉ. हिरालाल अलावा : क्या श्रम मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विगत आठ वर्षों में विभाग अंतर्गत जो योजनाएं संचालित की जा रही हैं उनमें कौन-कौन सी योजनाओं में घोटाले एवं अपात्रों को अनुदान देने अथवा हितग्राही-मूलक योजना की राशि देने की जानकारी विभाग को प्राप्त हो गई है, उक्त संबंध में विभाग अथवा सक्षम अधिकारी द्वारा जो भी कार्यवाही एवं एफ.आई.आर. दर्ज कराई गई है उसकी जानकारी देवें। (ख) क्या तत्कालीन मुख्यमंत्री माननीय कमलनाथ, तत्कालीन श्रम मंत्री मध्यप्रदेश शासन द्वारा विभाग की संबल योजना एवं अन्य योजनाओं में घोटाले की जांच के लिए कोई जांच-समिति का गठन किया गया था अथवा विभागीय रूप से प्रारंभिक-जांच संबल योजना में करोड़ों रूपए के घोटाले की हुई थी? उक्त संबंध में विभाग अथवा सक्षम अधिकारी द्वारा तैयार की गई जांच रिपोर्ट/जांच प्रतिवेदन की छायाप्रति देवें। (ग) विगत आठ वर्षों में विभाग अंतर्गत हितग्राही मूलक, अनुदान एवं सहायता प्रदान करने हेतु केंद्र एवं राज्य सरकार के माध्यम से जो राशि विभाग में प्राप्त हुई है, उक्त प्राप्त राशि की वर्षवार जानकारी एवं उक्त राशि वर्षवार जिन मदों पर व्यय किए जाने की जानकारी विभाग के पास उपलब्ध है, उसकी संपूर्ण जानकारी पृथक-पृथक वर्षवार देवें। (घ) क्या शासन प्रश्नांश (क), (ख) में उल्लेखित विभागीय योजनाओं में करोड़ों रुपए की घोटाले की उच्चस्तरीय जांच ईओडब्ल्यू अथवा लोकायुक्त से कराने हेतु विभागीय रूप से अनुशंसा करेगा, यदि हाँ, तो निश्िचत समयावधि बतावें, यदि नहीं तो क्यों।
श्रम मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) विगत 08 वर्षों में म.प्र. भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल अंतर्गत संचालित योजनाओं के संबंध में चाही गई जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। विभाग को प्राप्त जानकारी अनुसार विभाग द्वारा संचालित संबल योजना अंतर्गत जिला बड़वानी में हितलाभ राशि के भुगतान में की गई आनियमितता एवं दोषी के विरुद्ध की गई कार्यवाही की जानकारी निम्नानुसार है- 1. जनपद पंचायत राजपुर में कुल 08 लाख रूपये राशि का दोहरा भुगतान होना पाया गया था। जिसमें से राशि 2,61,600/- रूपये जनपद पंचायत राजपुर द्वारा वसूल की जाकर संबल मंडल मंडल में जमा की जा चुकी है। शेष राशि 5,38,400/- रुपये की वसूली करने हेतु तहसीलदार राजपुर द्वारा राजस्व वसूली पत्र जारी किये गये हैं एवं वसूली की कार्यवाही प्रचलित है। 2. जनपद पंचायत राजपुर में पदस्थ श्री पुष्पेन्द्र यादव, सहायक ग्रेड-2 द्वारा कुल 04 लाख रूपये की राशि उत्तराधिकारी के अतिरिक्त अन्य बैंक खातो में जमा करना पाया गया था। उक्त राशि पुष्पेन्द्र यादव से वसूल कर मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत राजपुर द्वारा 04 लाख रुपये की राशि योजना के नोडल खाता क्रमांक 9928002100000207, आई.एफ.सी. कोड PUNB0971700 में जमा करा दी गई है। 3. जनपद पंचायत सेंधवा में पदस्थ श्री पुष्पेन्द्र यादव, सहायक ग्रेड-2 द्वारा ही छलपूर्वक संबल योजना की राशि 73.97 लाख रूपये अपने रिश्तेदारों एवं अन्य व्यक्तियों के बैंक खातों में जमा की गई थी। वसूली की कार्यवाही हेतु मुख्य कार्यपालन अधिकारी महोदय, जिला पंचायत बड़वानी द्वारा अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), अनुभाग सेंधवा को निर्देशित किया गया है। साथ ही दोषी कर्मचारी श्री पुष्पेन्द्र यादव का कृत्य मध्यप्रदेश पंचायत सेवा (आचरण) नियम 1998 के उपनियम 3 (1) (2) एवं (3) के विपरीत होने के कारण श्री पुष्पेन्द्र यादव को मध्यप्रदेश पंचायत सेवा (अनुशासन तथा अपील) नियम 1999 के नियम 15 (ख) (सात) के तहत कार्यालय जनपद पंचायत, राजपुर, जिला बड़वानी के आदेश क्रमांक-23, दिनांक 01/01/2026 द्वारा सेवा से पदच्युत किया गया है। सम्बंधित कर्मचारी द्वारा अनाधिकृत रूप से स्वयं एवं अन्य व्यक्तियों के खाते में जारी की गई कुल राशि की वसूली मध्यप्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम, 1993 की धारा 89 के अंतर्गत विहित प्राधिकारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत बड़वानी के न्यायालय द्वारा प्रकरण क्रमांक 19/2025 में दिनांक 22/01/2026 को वसूली आदेश जारी किया गया है। दिनांक 23/03/2026 को पुलिस थाना-सेंधवा (शहर), जिला बड़वानी में दोषी के विरुद्ध FIR दर्ज करवा दी गयी थी। दिनांक 20/04/2026 को पुलिस थाना सेंधवा (शहर), जिला बड़वानी द्वारा दोषी कर्मचारी पुष्पेन्द्र यादव को गिरफ्तार कर लिया गया है एवं आगामी विधिक कार्यवाही प्रचलित है। (ख) जी नहीं, शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) (i) म.प्र. भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल स्व-वित्तपोषित है। मण्डल को केंद्र अथवा राज्य सरकार से किसी प्रकार का बजट/अनुदान प्राप्त नहीं होता है। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता। (ii) म.प्र. असंगठित शहरी एवं ग्रामीण कर्मकार कल्याण मंडल अंतर्गत संचालित मुख्यमंत्री जनकल्याण संबंल योजना की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। (घ) (i) संबल योजना अंतर्गत प्रश्नांश (क) के संबंध में विधिक कार्यवाही प्रचलन में है, अत: शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ii) म.प्र. भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल अंतर्गत जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है।
प्रतिनियुक्त कर्मचारियों को नियम-विरुद्ध वेतनमान/ सेवानिवृत्ति का लाभ
[सहकारिता]
34. ( क्र. 246 ) श्री महेश परमार : क्या सहकारिता मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा प्रश्न क्र.2403 (04/08/2025) एवं प्रश्न क्र.354 (17/02/2026) के संदर्भ में, क्षेत्रीय सोयाबीन उत्पादक सहकारी संघ (उज्जैन) से स्कूल शिक्षा विभाग में प्रतिनियुक्त कर्मचारियों को नियम-विरुद्ध 7वां वेतनमान देने एवं 60 के स्थान पर 62 वर्ष में सेवानिवृत्त करने के मामले में तत्कालीन जिला शिक्षा अधिकारी (डी.ई.ओ.) उज्जैन श्री आनंद शर्मा (स्वीकारकर्ता), तत्कालीन एडीपीसी श्री गिरीश तिवारी (समर्थनकर्ता) और श्री अशोक कुमावत (नोटशीट प्रस्तुतकर्ता) पर उक्त प्रश्नों के उत्तर दिनांक से प्रश्न दिनांक तक क्या-क्या दंडात्मक व विभागीय कार्यवाही की गई है? संपूर्ण विवरण सहित दस्तावेज प्रस्तुत करे। (ख) क्या गंभीर वित्तीय लापरवाही, विभागीय जांच और शासन को हुई वित्तीय हानि (कर्मचारी शंकरसिंह चौहान से रु.11,73,451/- एवं आर.एस.गिल से रु.5,29,669/- की वसूली लंबित होने) के चलते इन दोषी सेवानिवृत्त होने वाले दोनों अधिकारियों को सेवानिवृत्त होने से पूर्व विभागीय जांच प्रचलित रहते हुए पूर्ण एवं परिणामी समस्त लाभों सहित पूर्ण पेंशन का भुगतान शासन को पहुंची हानि की वसूली के उपरांत किया जाएगा? यदि हाँ, कब-तक? यदि नहीं तो कारण स्पष्ट करें। (ग) क्या माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा चंडी प्रसाद उन्याल बनाम उत्तराखंड राज्य' में प्रतिपादित सिद्धांतों तथा संविधान के अनुच्छेद 141 के प्रकाश में, मध्यप्रदेश शासन सेवानिवृत्त/निर्दोष कर्मचारियों के स्थान पर सीधे तौर पर ज़िम्मेदार उक्त दोषी अधिकारियों (प्रस्तावक,समर्थनकर्ता एवं स्वीकारकर्ता) से व्यक्तिगत रूप से इस हानि की वसूली कर शासकीय कोष में जमा कराएगा? यदि हाँ, तो इसकी निश्चित समय-सीमा क्या है? यदि नहीं, तो दोषी अधिकारियों को संरक्षण देने के कारण स्पष्ट करें।
सहकारिता मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) प्रश्नांश में उल्लेखित तत्कालीन जिला शिक्षा अधिकारी (डी.ई.ओ.) उज्जैन श्री आनंद शर्मा (स्वीकारकर्ता), तत्कालीन एडीपीसी श्री गिरीश तिवारी (समर्थनकर्ता) के विरूद्ध लोक शिक्षण संचालनालय म.प्र. भोपाल के आदेश क्रमांक/स्थापना-1/सत/सी/उज्जैन/वि.सभा,1123/2025-26/278-279, दिनांक 16-06-2026 के द्वारा विभागीय जांच संस्थित की गई है तथा श्री अशोक कुमावत (नोटशीट प्रस्तुतकर्ता) के विरूद्ध संयुक्त संचालक, लोक शिक्षण उज्जैन संभाग उज्जैन के पत्र क्रमांक/सतर्कता/उज्जैन/2026/364 उज्जैन, दिनांक 27-04-2026 के द्वारा विभागीय जांच संस्थित की गई है। तीनों कर्मचारियों के विरूद्ध विभागीय जांच प्रचलन में है। दस्तावेज संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) उत्तरांश (क) अनुसार विभागीय जांच के अंतिम निष्कर्षाधीन। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ग) जानकारी उत्तरांश (ख) अनुसार है।
फसल बीमा और ई-टोकन में विसंगतियां
[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]
35. ( क्र. 249 ) श्री महेश परमार : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2026 में समर्थन मूल्य पर खरीदी की तारीखें बार-बार बदलने से मुख्यमंत्री के गृह जिले उज्जैन में कुल कितने किसान सोसायटियों एवं बैंक के डिफॉल्टर हुए हैं? डिफॉल्टर किसानों के कर्ज का ब्याज सरकार कब तक चुकाकर उन्हें पुनः नियमित सदस्य बनाएगी? (ख) वर्ष 2025-26 में उज्जैन व प्रदेश में खरीफ फसलों (सोयाबीन, धान(चावल) मक्का, ज्वार, बाजरा, कपास आदि) का बीमा प्रीमियम कटने के बावजूद बीमा कंपनियों द्वारा एक वर्ष बाद भी बीमा राशि का भुगतान न करने का विधिक कारण क्या है? सरकार द्वारा दोषी बीमा कंपनियों पर आज दिनांक तक क्या-क्या दंडात्मक कार्रवाई की गई हैं? यदि हाँ, तो कार्रवाई का विवरण दें, यदि नहीं तो कारण क्या है? किसानों को बीमा क्लेम राशि कब तक दी जाएगी? समय-सीमा बताएं। (ग) ई-टोकन प्रणाली में डिजिटल साक्षरता के अभाव में स्लॉट बुक न होने की समस्या का प्रशासनिक निदान क्या है? (घ) ई-टोकन व्यवस्था केवल खाद पर ही क्यों है? प्रमाणित बीजों पर क्यों नहीं? जानकारी दें। क्या ई-टोकन व्यवस्था की मियाद को किसान हित में 2 दिन से बढ़ाकर 10 दिन किया जाएगा? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं तो कारण स्पष्ट करें। (ड.) वर्ष 2026 जनवरी-फरवरी में गेहूं की फसल में ओलावृष्टि, अति वृष्टि, तेज आंधी तूफान से नष्ट हुई फसलों की बीमा राशि उज्जैन जिले के किसानों को कब तक दी जाएगी?
किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) :(क) समर्थन मूल्य पर खरीदी की तारीखें बार-बार बदलने से सोसायटियों द्वारा वितरित ऋण का कोई संबंध नहीं है। शेष जानकारी निरंक है। (ख) प्रधानमंत्री फसल बीमा योजनांतर्गत उज्जैन जिले में खरीफ वर्ष 2025-26 में स्थानीय आपदा प्रावधान अंतर्गत प्राकृतिक आपदाओं से फसलों को हुए नुकसान के एवज में 49498 पात्र कृषक आवेदनों को राशि रूपये 31,24,71,906/- का भुगतान कर दिया गया है। जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। अंतिम दावों का भुगतान उपज के आंकड़ों के संकलन करने के उपरांत किया जाता है। उपज में कमी के आधार पर अंतिम दावों का भुगतान शीघ्र ही किया जा रहा है। दावा भुगतान की समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) संभाग, जिला एवं विकासखंड पर किसान कल्याण तथा कृषि विकास, विपणन संघ,जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के उर्वरक व्यवस्था में संलग्न अधिकारियों, कर्मचारियों एवं निजी विक्रेताओं को ई-टोकन जनरेट करने के संबंध में प्रशिक्षण शिविर आयोजित किये गये हैं। ई-विकास (वितरण एवं कृषि उर्वरक आपूर्ति समाधान) प्रणाली अंतर्गत कृषक संबंधित सहकारी समिति के माध्यम से निःशुल्क एवं एमपी ऑनलाईन केंद्रों से प्रति टोकन रूपये 15/- शुल्क देकर ई-टोकन जनरेट करवा सकते हैं। इसके अतिरिक्त मैदानी विभागीय अधिकारियों को भी ई-टोकन जनरेट कराने में सहायता हेतु जागरूक किया गया है। (घ) वर्तमान में आवश्यकतानुरूप ही खाद पर ई-टोकन व्यवस्था लागू की गई है। ई-टोकन की वैधता 03 दिवस है। ई-टोकन की वैधता 10 दिवस किये जाने पर ई-टोकन द्वारा बुक की गई उर्वरक मात्रा 10 दिनों तक अवरूद्ध रहेगी एवं उर्वरक उपलब्ध होते हुए भी किसी अन्य किसान को नहीं दी जा सकेगी। परिणाम स्वरूप भण्डारण की समस्या उत्पन्न होकर कृषकों में असंतोष की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। (ड.) उज्जैन जिले में रबी वर्ष 2025-26 में स्थानीय आपदा अंतर्गत प्राकृतिक आपदाओं से क्षतिग्रस्त हुई फसलों का सर्वे कर 150790 पात्र कृषक आवेदनों को राशि रूपये 57,46,07,675/- का दावा राशि भुगतान कर दिया गया है। जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है।
केमिकल एवं एक्सअप्लोसिव भवनों में कार्यरत कर्मचारियों की सुरक्षा
[श्रम]
36. ( क्र. 251 ) श्री नितेन्द्र बृजेन्द्र सिंह राठौर : क्या श्रम मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या केमिकल एवं एक्सिप्लोसिव (विस्फोटक) भवनों में कार्यरत समान पदनाम एवं समान कार्य विवरण (Job Description) वाले शासकीय एवं संविदा कर्मचारियों से निर्धारित कार्य से अधिक अथवा भिन्न प्रकृति का कार्य लिया जाना नियमसंगत है? (ख) केमिकल एवं एक्सिप्लोसिव भवनों में कार्यरत कर्मचारियों के लिए कार्यभार एवं सुरक्षा संबंधी क्या मानक निर्धारित हैं?
श्रम मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) शासकीय कर्मचारियों की सेवा शर्तें संबंधित सेवा नियमों एवं विभागीय निर्देशों द्वारा तथा संविदा कर्मचारियों की सेवा शर्तें संबंधित संविदा/कार्यादेश एवं लागू श्रम कानूनों द्वारा विनियमित होती हैं। सामान्यतः कर्मचारी से उसके पद, कार्य विवरण (Job Description), योग्यता एवं प्रशिक्षण के अनुरूप ही कार्य लिया जाना अपेक्षित है। प्रशासनिक आवश्यकता के अनुसार सक्षम प्राधिकारी द्वारा नियमों एवं संविदा की शर्तों के अधीन कार्य आवंटित किया जा सकता है, किन्तु केमिकल एवं विस्फोटक कार्यस्थलों पर किसी भी कर्मचारी से ऐसा कार्य नहीं लिया जा सकता जो लागू सुरक्षा प्रावधानों, आवश्यक प्रशिक्षण, अथवा सुरक्षित कार्य प्रणाली के विपरीत हो। (ख) कारखाना अधिनियम, 1948 के अंतर्गत कैमिकल कारखानों में कार्यरत श्रमिकों की सुरक्षा संबंधी प्रावधानों का विस्तृत उल्लेख किया गया है। विस्फोटक संबंधी विस्तृत प्रावधान केन्द्रीय विधि-एक्सप्लोसिव एक्ट में ही उल्लेखित है। जिसका प्रवर्तन भारत सरकार के अधीन कार्यरत पेट्रोलियम एवं एक्सप्लोसिव सेफ्टी आर्गेनाइजेशन नागपुर द्वारा किया जाता है। उक्त विधि में ही एक्सप्लोसिव भवनों में कार्यरत कर्मचारियों के लिए कार्यभार एवं सुरक्षा संबंधी मानक निर्धारित है, तत्संबंध में कारखाना अधिनियम, 1948 एवं नियमावली में वर्णित सुरक्षा के प्रावधान कारखानों में लागू होते है।
नवीन स्वीकृत सामुदायिक भवनों का निर्माण
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
37. ( क्र. 257 ) श्री बाबू जन्डेल : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) म.प्र.शासन पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग भोपाल द्वारा श्योपुर जिले में नवीन सामुदायिक भवन कहां-कहां, किस-किस की अनुशंसा एवं नियम-निर्देशों के तहत स्वीकृत किये गये? जानकारी दें। (ख) प्रश्नकर्ता की अनुशंसा पर कहां-कहां एवं किस-किस स्थान पर नवीन सामुदायिक भवन स्वीकृत किये गये? ग्रामवार जानकारी उपलब्ध करावे? (ग) उक्त नवीन स्वीकृत सामुदायिक भवनों में से कौन-कौन से कार्य अप्रारम्भ एवं प्रगतिरत तथा पूर्ण हो चुके है? अप्रारम्भ रहने के क्या कारण है? अप्रारम्भ कार्य कब तक प्रारम्भ करा दिये जावेंगे? (घ) क्या प्रश्नकर्ता की अनुशंसा पर स्वीकृत नवीन सामुदायिक भवन गीता भवन सोठवा के पास अभी तक अप्रारम्भ है? यदि हाँ, तो कारण बतावे? अभी तक जिला प्रशासन श्योपुर द्वारा निर्माण कार्य प्रारम्भ कराये जाने हेतु क्या कार्यवाही की गई? विस्तृत रूप से अवगत करावे? प्रश्नकर्ता द्वारा पत्र क्रमांक 587 दिनांक 22.05.2026 के माध्यम से म.प्र.शासन भोपाल एवं जिला प्रशासन श्योपुर को नियत स्थान पर पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध शासकीय भूमि पर निर्माण कार्य प्रारम्भ कराये जाने अन्यथा कार्य एजेन्सी परिवर्तित करने का लेख किया गया था? यदि हाँ, तो उक्त पत्र पर क्या कार्यवाही की गई? यदि नहीं की गई तो क्यों? कारण दें। कब तक निर्माण कार्य नियत स्थान गीता भवन सोठवा के पास प्रारम्भ करा दिया जावेगा? समय-सीमा बतावें?
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) विभिन्न स्तरों से प्रस्तुत मांग के आधार पर सामुदायिक भवन स्वीकृत किये गये है। स्वीकृत सामुदायिक भवनों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'अ' अनुसार है। (ख) जानकारी निरंक है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'ब' अनुसार है। (घ) मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत श्योपुर के पत्र क्रमांक/वि.सभा./2026/1774 दिनांक 26.06.2026 अनुसार ग्राम पंचायत सोठवा अंतर्गत 05 गीता भवन हैं, जिनका विवरण निम्नानुसार है :-
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क्र. |
स्थान का नाम |
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1. |
सामुदायिक गीता भवन, पटवारी कुआं के पास |
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2. |
सामुदायिक गीता भवन, पुराने स्कूल के पास |
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3. |
सामुदायिक गीता भवन, नोहरा बस्ती |
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4. |
सामुदायिक गीता भवन, भेरूजी बस्ती |
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5. |
सामुदायिक गीता भवन, टांटबर महाराज के पास |
उपरोक्तानुसार एक से अधिक गीता भवन होने के कारण ''किस गीता भवन के पास सामुदायिक भवन का निर्माण कराया जाये?'' इस विषय को लेकर भ्रम की स्थिति उत्पन्न होने से स्थल चयन नहीं होने से कार्य अप्रारंभ है। माननीय विधायक द्वारा उल्लिखित पत्र के अनुक्रम में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्योपुर द्वारा निर्माण कार्य प्रारंभ कराये जाने अथवा राशि वापस किये जाने हेतु कार्यालयीन पत्र 4046 दिनांक 26.05.2026 द्वारा मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत श्योपुर को निर्देशित किया गया है। कार्य प्रारंभ कराने के प्रयास किये जा रहे हैं। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
कृषि उपज मण्डी में निर्माण कार्यों की स्वीकृति
[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]
38. ( क्र. 258 ) श्री बाबू जन्डेल : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) कृषि उपज मण्डी श्योपुर में वर्ष 2021-22 से प्रश्न दिनांक तक किन-किन निर्माण कार्यों के लिए विभाग/शासन से स्वीकृति प्राप्त हुई है? कार्य का नाम/लागत एवं टीएस/एएस तथा माप पुस्तिका की छायाप्रति सहित विस्तृत जानकारी देवें? (ख) प्रश्नांश (क) में वर्णित स्वीकृत निर्माण कार्यों के लिए विभाग ने कब-कब कार्यवाही की प्रश्न दिनांक तक कितने कार्य पूर्ण हो गये/निर्माणाधीन है? कितने कार्यों के प्रस्ताव स्वीकृति हेतु भेजे गये जिनकी प्रक्रिया शेष है? (ग) प्रश्नांश (क) में वर्णित स्वीकृत निर्माण कार्यों के अतिरिक्त मण्डी निधि से वर्ष 2021-22 से प्रश्न दिनांक तक किन-किन निर्माण कार्यों का मण्डी प्रागंण में निर्माण कार्य कराया गया? विस्तृत जानकारी दें? (घ) प्रश्नांश (ख) एवं (ग) में वर्णित निर्माण कार्यों की गुणवत्ता का परीक्षण किस सक्षम अधिकारी के द्वारा कराया गया? जानकारी दें? (ड.) उक्त अवधि में किस-किस व्यापारियों द्वारा कौन-कौन सा माल/फसल/अनाज किस-किस दिनांक को कितनी-कितनी मात्रा में खरीदा गया एवं उक्त माल किस-किस दिनांक को कितनी-कितनी मात्रा में मण्डी से निकाला गया? उक्त अवधि में मण्डी प्रांगण में व्यापारियों का माल कहां रखा गया? अवगत करावें? (च) कवर शेड (टीन शेड चबूतरा) किसानों की उपज रखने के लिए बनाये गये है, या व्यापारियों का माल रखने के लिए? (छ) मण्डी गेट पर ड्यूटी लगाये जाने का क्या नियम/निर्देश है? क्या ड्यूटी चक्रानुक्रम अनुसार लगाई जाती है? यदि हाँ, तो विगत वर्षों के ड्यूटी आदेशों की छायाप्रति उपलब्ध करावें?
किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1, 2 एवं 3 अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार 34 निर्माण कार्य स्वीकृत हुए हैं, जिनमें से 18 निर्माण कार्य पूर्ण हो गए हैं, 13 निर्माण कार्य निर्माणाधीन हैं, मंडी समिति श्योपुर से प्राप्त हुए 08 विभिन्न निर्माण कार्यों की स्वीकृति के प्रस्तावों पर मंडी बोर्ड स्तर से स्वीकृति दी जा चुकी है। (ग) प्रश्न अवधि में मंडी समिति श्योपुर की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। शेष प्रश्न उद्भूत नहीं होता है। (घ) मंडी समिति श्योपुर के प्रश्न अवधि अंतर्गत पूर्ण/निर्माणाधीन निर्माण कार्यों में प्रयुक्त की गई निर्माण सामग्री की गुणवत्ता का परीक्षण कार्य अवधि में पदस्थ सहायक यंत्री, मंडी बोर्ड द्वारा NABL (राष्ट्रीय परीक्षण और अंशशोधन प्रयोगशाला प्रत्यायन बोर्ड)/म.प्र. लोक निर्माण विभाग से संबंद्ध प्रयोगशालाओं से कराया गया है, जिसकी जांच रिपोर्ट प्राप्त होने पर सक्षम अधिकारी कार्यपालन यंत्री स्वयं सत्यापन कर गुणवत्ता सुनिश्िचत करते हैं। (ड.) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-4 अनुसार है। नीलामी कार्य दिवस के पूर्व व्यापारियों द्वारा क्रय की गई कृषि उपज की निकासी कर निजी गोदाम/वेयरहाऊसों में भंडारण किया जाता है। (च) कृषि उपज मण्डी समिति श्योपुर में कव्हर्ड शेड (टीन शेड चबूतरा) कृषकों द्वारा विक्रय हेतु लायी गयी कृषि उपज को रखने के लिए बनाये गये है। (छ) जी नहीं। जी हाँ। आदेश की प्रतियां जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-5 अनुसार है।
सहायक यंत्री के प्रभार में अनियमितता
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
39. ( क्र. 261 ) श्री पंकज उपाध्याय : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रश्नकर्ता के प्रश्न क्रमांक 209 दिनांक 17/02/2026 के प्रश्नांश (क) के उत्तर अनुसार श्री धीरज सिंह सिकरवार (उपयंत्री) को सहायक यंत्री जनपद पंचायत कैलारस का प्रभार दिए जाने के समय उनसे वरिष्ठ उपयंत्री/सहायक यंत्री जिला-मुरैना में पदस्थ थे? (ख) क्या जनपद पंचायत अंतर्गत सहायक यंत्री के प्रभारी हेतु डिग्रीधारी उपयंत्री के लिए आठ वर्ष एवं डिप्लोमाधारी उपयंत्री के लिए दस वर्ष की सेवा अनिवार्य है? यदि हां, तो प्रश्न क्रमांक 209 दिनांक 17/02/26 के प्रश्नांश (ङ) के उत्तर में परिशिष्ट 'द' जांच प्रतिवेदन में परीवीक्षावधि में होने के बावजूद भी श्री सिकरवार को दिए गए प्रभार को किस आधार पर नियम विरुद्ध नहीं माना गया है? क्या श्री सिकरवार के अतिरिक्त समस्त सहायक यंत्री/उपयंत्री संविदा पर पदस्थ थे? अथवा अन्य नियमित सहायक यंत्री/उपयंत्री भी जिले में पदस्थ थे? दस्तावेज सहित स्पष्ट जानकारी प्रदान करें। (ग) क्या श्री धीरज सिंह सिकरवार द्वारा किए गए तकनीकी स्वीकृतियों, मूल्यांकनों एवं अवैध प्रभार की जांच हेतु माननीय मंत्री महोदय के विशेष सहायक द्वारा प्रमुख अभियंता ग्रामीण यांत्रिकी सेवा को पत्र क्रमांक 1263 दिनांक 18/03/26 प्रेषित किया गया था? यदि हां, तो उपरोक्त के क्रम में की गई कार्यवाही की संपूर्ण जानकारी दस्तावेज सहित उपलब्ध कराएं?
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'अ' अनुसार है। (ख) जी हाँ, जी नहीं, जी हाँ जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'ब' अनुसार है। (ग) जी हाँ, पत्र क्र. 1263 दिनांक 18.03.26 के परिप्रेक्ष्य से जांच करने हेतु जांच अधिकारी नियुक्त किया गया। पत्र की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'स' अनुसार है।
हस्तांतरित नल-जल योजनाओं का संधारण
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
40. ( क्र. 264 ) श्री दिनेश गुर्जर : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या मुरैना विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (PHE) द्वारा ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित की गई अधिकांश नल-जल योजनाएं पाइप-लाइन टूटने, मोटर जलने और ट्रांसफार्मर खराब होने आदि के कारण पूरी तरह बंद पड़ी हैं? यदि नहीं तो प्रत्येक नल-जल योजना के सुचारु संचालन की पंचनामा रिपोर्ट प्रस्तुत करें। (ख) क्या पंचायतों के पास तकनीकी स्टॉफ और पर्याप्त वित्तीय संसाधन न होने के कारण विभाग इन बंद पड़ी योजनाओं का संकलन, संधारण (सफाई व मरम्मत) और सुचारू संचालन करने में पूरी तरह विफल साबित हुआ है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में गंभीर पेयजल संकट खड़ा हो गया है? (ग) यदि पंचायत विभाग इन योजनाओं को व्यवस्थित रूप से चलाने और जन समस्या को दूर करने में असमर्थ है, तो ग्रामीणों को पानी की बूंद-बूंद के लिए परेशान होने से बचाने के लिए इन नल-जल योजनाओं को वापस लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (PHE) को हस्तांतरित (Handover) क्यों नहीं कर दिया जाता? इस पर विभाग का क्या मत है। (घ) शासन लोकहित और जन समस्या के त्वरित निवारण हेतु इन योजनाओं को पीएचई को वापस सौंपने की कार्रवाई कब तक सुनिश्चित करेगा, ताकि तकनीकी रूप से इनका संधारण कर व्यवस्था को तुरंत ठीक किया जा सकें?
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) जी हाँ, जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट- ''अ'' एवं ''ब'' अनुसार है। विधानसभा क्षेत्र मुरैना के अंतर्गत कुल 16 नल-जल योजना ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित की गई है। जिनमें से वर्तमान में 08 नलजल योजना ग्राम पंचायत- पढ़ावली, पिपरसेवा, लोहगढ़, गढ़ाजर, जरेरूआ, महटौली, जखौदा एवं नूराबाद में चालू अवस्था में है एवं 08 नलजल योजनाएं बंद है। (ख) जी नहीं, नलजल योजना के संचालन, संधारण हेतु पंचायतों के अमले को प्रशिक्षित किया जा रहा है, जिसमें लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग एवं जल निगम ने ग्राम पंचायतों के कुछ अमले को प्रशिक्षित भी किया है तथा समय-समय पर विभाग के तकनीकी अमले द्वारा तकनीकी मार्गदर्शन एवं सहयोग किया जाता है। ग्राम पंचायतों में नलजल योजना के सुचारू रूप से क्रियान्वयन के लिए मध्यप्रदेश पंचायत (ग्रामीण नलजल योजना संचालन-संधारण एवं प्रबंधन) नियम, 2026, दिनांक 22 जून 2026 को राजपत्र प्रकाशित किया गया है। पेयजल के आकस्मिक संकट के निराकरण हेतु जिलों को त्रैमासिक बजट राशि भी आवंटित की जाती है। (ग) मध्यप्रदेश पंचायत (ग्रामीण नलजल योजना संचालन-संधारण एवं प्रबंधन) नियम, 2026 में समस्त प्रकार की समस्याओं के निराकरण हेतु विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किये गये है, इन निर्देशों के अनुरूप कार्यवाहियां करने से विद्यमान कामियां दूर हो जायेगी, शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) प्रश्नांश (ग) के उत्तर के परिप्रेक्ष्य में शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
मध्यप्रदेश फुटबॉल संघ में वित्तीय गबन एवं खिलाड़ियों के शोषण पर कार्रवाई
[खेल एवं युवा कल्याण]
41. ( क्र. 266 ) श्री दिनेश गुर्जर : क्या खेल एवं युवा कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या म.प्र. फुटबॉल संघ (MPFA) व सचिव के विरुद्ध EOW और फर्म्स एंड सोसायटीज में वित्तीय गबन की शिकायतें दर्ज हैं? यदि हाँ, तो संज्ञेय अपराध होने के बावजूद अब तक FIR दर्ज न कराने के लिए कौन से अधिकारी दोषी हैं? कब तक उक्त पर FIR दर्ज कराई जाएगी? (ख) क्या सत्र 2013 में इंदौर व सिंगरौली में आयोजित 'AIFF आई-लीग सेकेंड डिवीजन स्पर्धा' के स्थानीय खर्चों की राशि का नियम विरुद्ध आहरण कर भुगतान रोक दिया गया है? यदि हाँ, तो इस वित्तीय अनियमितता पर विभाग रिकवरी की क्या कार्रवाई कर रहा है? (ग) क्या खिलाड़ियों हेतु AIFF द्वारा निर्धारित ₹1200/- प्रतिदिन दैनिक भत्ते के बदले, उनसे खाली वाउचर्स पर दस्तखत कराकर मात्र ₹200/- दिए जा रहे हैं? क्या यह खिलाड़ियों का घोर आर्थिक शोषण और व्यापक वित्तीय धोखाधड़ी का स्पष्ट मामला नहीं है? (घ) क्या सरकार इस गंभीर संस्थागत भ्रष्टाचार और खिलाड़ियों के अधिकारों के हनन की जांच हेतु तत्काल उच्च स्तरीय समिति बनाएगी या सीधे मामले को EOW को सौंपकर दोषी पदाधिकारियों पर कानूनी कार्रवाई करेगी? यदि हाँ, तो समय-सीमा बताएं?
खेल एवं युवा कल्याण मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ के द्वारा पत्र क्रमांक 223-ए दिनांक 09.07.2026 से अवगत कराया है कि म.प्र. फुटबॉल संघ व सचिव के विरूद्ध कोई शिकायत जांचाधीन नहीं है तथा रजिस्ट्रार, फर्म एवं संस्थाएं मध्यप्रदेश के पत्र क्रमांक 687 दिनांक 09.07.2026 के द्वारा अवगत कराया गया है कि माननीय खेल एवं युवा कल्याण मंत्री के कार्यालय से प्राप्त पत्र दिनांक 04.09.2019 के साथ संस्था के सचिव श्री अमित देव को पद से बर्खास्त कर अस्थायी कार्यकारिणी का गठन करने संबंधी शिकायत सहायक रजिस्ट्रार फर्म्स व संस्थाए जबलपुर संभाग, जबलपुर के कार्यालय में प्राप्त हुई थी जिसमें आर्थिक अपराध शाखा थाना कटंगा, जबलपुर को आर्थिक जांच किये जाने का भी लेख किया गया था। माननीय मंत्रीजी के पत्र के तारतम्य में सहायक रजिस्ट्रार, जबलपुर के कार्यालय द्वारा पत्र दिनांक 12.03.2020 को अधिनियम की धारा 32 के प्रावधानों से अवगत कराया गया था। (ख) एवं (ग) म.प्र. फुटबॉल एसोसिएसन, जबलपुर के पत्र क्रमांकMPFA/GEN/26-27 दिनांक 07 जुलाई, 2026 के अनुसार इंदौर व सिंगरौली में आयोजित AIFF आई-लीग सेकेंड डिवीजन स्पर्धा' के समस्त वित्तीय लेनदेन भारतीय फुटबॉल फेडरेशन (AIFF) से प्राप्त राशि आधार पर AIFF के निर्देशानुसार वितरित की गई है। स्पर्धाओं की ऑडिट रिपोर्ट सहित समस्त रिपोर्ट तैयार कर अखिल भारतीय फुटबॉल फेडरेशन को प्रेषित की गई है। (घ) प्रश्नांश (क) (ख) व (ग) के संदर्भ में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
जनकल्याणकारी शिविरों का आयोजन
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
42. ( क्र. 273 ) श्री मोहन सिंह राठौर : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रदेश की प्रत्येक जनपद स्तर पर ग्रामीण विभाग की विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों की समस्याओं के निराकरण के लिए शिविर आयोजित करने के विभाग के नियम, निर्देश है? यदि हाँ, तो नियम निर्देशों की प्रति उपलब्ध करावें। (ख) प्रश्नांश (क) का उत्तर हाँ है तो जनवरी 2026 से प्रश्न दिनांक तक ग्वालियर जिले में किस-किस जनपद में कब-कब शिविरों का आयोजन किया गया है? जनपदवार, माहवार, स्थानवार जानकारी दें। (ग) प्रश्नांश (ख) में उल्लेखित अवधि में ग्वालियर जिले की जनपद पंचायतों में आयोजित शिविरों में कितने हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया है? शिविरवार, दिनांकवार, हितग्राहीवार जानकारी दें। (घ) ग्वालियर जिले की भितरवार विधानसभा क्षेत्र की जनपदों में आयोजित शिविरों में कितने आवेदन प्राप्त हुए? कितनों का निराकरण किया गया? पात्र/अपात्रवार सूची उपलब्ध कराएं। अपात्र का कारण उल्लेखित करें। कितने आवेदन किस कारण से लंबित है? लंबित आवेदन पत्रों का निराकरण कब तक किया जायेगा? शिविरवार, जनपदवार, ग्राम पंचायतवार, हितग्राही के नामवार जानकारी दें।
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) जी हाँ, जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट - ''अ'' अनुसार है। (ख) एवं (ग) जी हाँ, जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट -''ब'' अनुसार है। (घ) जी हाँ। संख्यात्मक जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट -''ब'' अनुसार एवं हितग्राहीवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट - ''स'' अनुसार है।
जनपद कार्यालय टीकमगढ़ में व्याप्त भ्रष्टाचार
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
43. ( क्र. 276 ) श्री यादवेन्द्र सिंह : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) म.प्र. के टीकमगढ़ जिले की जनपद पंचायतों में पदस्थ कर्मचारी, अधिकारियों की जुलाई 2025 से अब तक कुल कितने कर्मचारियों की वेतन कटौती की गई है? वेतन कटौती के आदेशों की प्रति उपलब्ध करावें। (ख) क्या टीकमगढ़ जिले की जनपद पंचायत टीकमगढ़ में प्रतिदिन किसी न किसी कर्मचारी की वेतन कटौती का आदेश जारी किया जाता है, जिसकी प्रति किसी अधिकारी या कर्मचारी को उपलब्ध नहीं कराई जाती है और अपने स्तर पर ही लेन-देन कर आदेश निरस्त किये जाते हैं? यदि नहीं तो विक्रम यादव, सचिव, ग्राम पंचायत नचनवारा को ग्राम पंचायत लमेरा बल्देवगढ़ के लिये दिनांक 04.08.2025 को भारमुक्त कर दिया, इसके बाद पत्र क्र. 2874, दिनांक 12.09.2025 को दो दिन का नो-वर्क-नो-पे का आदेश दिया गया? कुल कितने अधिकारी/कर्मचारी नो-वर्क-नो-पे पर कार्यरत हैं? उनकी सूची उपलब्ध करावें। (ग) प्रश्नांश (ख) में वर्णित अनियमितताओं की जांच क्या उच्च स्तर से कराई जावेगी? क्या मनमानी एवं नियम विरूद्ध कार्य करने वाले सी.ई.ओ. जनपद पंचायत टीकमगढ़ को दो-दो जनपदों के प्रभार के अलावा ए.सी.ओ. जिला पंचायत टीकमगढ़ का प्रभार दिया गया है तथा जिला पंचायत सी.ई.ओ. का प्रभार तो नहीं दिया जायेगा? (घ) मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत टीकमगढ़ जिला-टीकमगढ़ के विरूद्ध जुलाई 2025 से प्रश्न दिनांक तक किन-किन कर्मचारी, महिला कर्मचारी व जनप्रतिनिधियों द्वारा क्या-क्या शिकायतें की गई व उन पर क्या कार्यवाही की गई? क्या पंचायत समन्वयक अधिकारी ज.पं. टीकमगढ़ द्वारा बिन्दुवार शिकायत दिनांक 03.06.2026 को की गई? यदि हाँ, तो शिकायत पर की गई कार्यवाही से अवगत करावें।
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) म.प्र. के टीकमगढ़ जिले अंतर्गत जनपद पंचायतों में जुलाई, 2025 से वर्तमान दिनांक तक कुल 112 अधिकारियों/कर्मचारियों के वेतन से नियमानुसार कटौती की गई है। जारी आदेशों की प्रतियां पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''अ'' अनुसार। (ख) जी नहीं। कार्यालय जनपद पंचायत टीकमगढ़ में अनुपस्थित अधिकारी/कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार वेतन कटौती की कार्यवाही की जाती है तथा संबंधित वेतन कटौती आदेश की प्रति संबंधित अधिकारी/कर्मचारी को उपलब्ध कराई जाती है। श्री विक्रम यादव, सचिव, ग्राम पंचायत नचनवारा के संबंध में कार्यालय जनपद पंचायत टीकमगढ़ का आदेश क्रमांक 2874, दिनांक 12.09.2025 त्रुटिवश जारी हो गया था, जिसे आदेश क्रमांक 2959, दिनांक 15.09.2025 द्वारा निरस्त कर दिया गया। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-"ब" अनुसार है। कार्यालय जनपद पंचायत टीकमगढ़ के अंतर्गत कोई भी अधिकारी/कर्मचारी 'नो वर्क नो पे' के आधार पर कार्यरत नहीं है। (ग) प्रश्नांश (ख) में वर्णित प्रकरण में कोई अनियमितता परिलक्षित नहीं होने से जांच का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। टीकमगढ़ जिले अंतर्गत 04 जनपद पंचायतों में 03 जनपद सीईओ पदस्थ है। जिसमें मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत बल्देवगढ़ परीवीक्षा अवधि में है, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत पलेरा के स्वास्थ्यगत कारणों से मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत टीकमगढ़ को जनपद जतारा का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। जिला पंचायत टीकमगढ़ में प्रभारी वरिष्ठ लेखाधिकारी के अतिरिक्त नियमित अधिकारी नहीं होने से मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत टीकमगढ़ को जिला पंचायत टीकमगढ़ के आहरण एवं समवितरण अधिकारी का प्रभार सौंपा गया है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट- "स" अनुसार है। प्रभार संबंधी कार्यवाही परिस्थितिजन्य स्थितियों में की जाती हैं, इस बावत् कोई सम्भावना व्यक्त करना संभव नहीं है। (घ) जुलाई 2025 से प्रश्न दिनांक तक मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत टीकमगढ़ के विरूद्ध जनपद के कर्मचारियों द्वारा कुल 06 शिकायतें प्राप्त हुई है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-"द" अनुसार। जनपद पंचायत टीकमगढ़ की महिला कर्मचारियों द्वारा की गई शिकायत एवं उनकी जांच हेतु गठित जांच दल की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट - "इ" अनुसार है। (जांच प्रतिवेदन अप्राप्त है) पंचायत समन्वयक अधिकारी ज.पं. टीकमगढ़ एवं अन्य प्राप्त शिकायतों की जांच हेतु कार्यालयीन पत्र क्रमांक-1965 दिनांक-15.06.2026 द्वारा जांच दल गठित किया गया है, जांच प्रतिवेदन अप्राप्त है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट - "र"अनुसार है।
थोक उपभोक्ता भंडार टीकमगढ़ में अनियमितताएं
[सहकारिता]
44. ( क्र. 277 ) श्री यादवेन्द्र सिंह : क्या सहकारिता मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रश्नकर्ता द्वारा तारांकित प्रश्न क्र. 289 दिनांक 06.02.2026 के माध्यम से थोक उपभोक्ता भंडार टीकमगढ़ में हुये करोड़ों रूपये के घपलों का रिकार्ड गायब किये जाने की जानकारी चाही गई थी? (ख) क्या प्रश्नांश (क) में वर्णित रिकार्ड का उत्तर दिया था कि रिकार्ड संस्था में न होकर पूर्व अध्यक्ष दासू ढीमर के पास है जिसके विरूद्ध प्राथमिकी दर्ज करने हेतु पत्र लिखा गया है तथा तात्कालीन प्रबंधक के संबंध में वस्तु स्थिति से अवगत कराना असंभव है? यदि हाँ, तो रिकार्ड के लिये प्रबंधक जिम्मेदार न होकर अध्यक्ष को जिम्मेदार ठहराना कहां तक न्यायोचित है, जबकि अध्यक्ष बिना पढ़ा लिखा है और उसने अपने हस्त से कभी रिकार्ड प्राप्त न करना लिख कर दिया है? यदि हाँ, तो रिकार्ड के लिये वास्तविक उत्तरदायी कौन है? (ग) क्या थोक उपभोक्ता भंडार टीकमगढ़ का रिकार्ड उपलब्ध कराने हेतु उच्च स्तरीय कार्यवाही की जावेगी? यदि नहीं तो क्यों? (घ) प्रबंधक एवं प्रशासक क्यों उत्तरदायी नहीं विस्तृत विवरण दें एवं रिकार्ड कब तक उपलब्ध करा दिया जावेगा?
सहकारिता मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) जी हाँ। (ख) जी हाँ। रिकार्ड संधारित करने के लिए उत्तरदायित्व निर्धारण हेतु आयुक्त सहकारिता एवं पंजीयक सहकारी संस्थाएं द्वारा दिनांक 06.07.2026 को संयुक्त आयुक्त सहकारिता संभाग सागर को निर्देशित किया गया है। (ग) उत्तरांश (ख) अनुसार। (घ) उत्तरांश 'ख' अनुसार उत्तरदायित्व के निर्धारण के पश्चात वस्तुस्थिति ज्ञात हो सकेगी, समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
मंडी बोर्ड में पदस्थ उपसंचालक के विरुद्ध विभागीय कार्यवाही
[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]
45. ( क्र. 298 ) श्री भंवर सिंह शेखावत : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या यह सत्य है कि मंडी बोर्ड रीवा में पदस्थ उपसंचालक के विरुद्ध गंभीर अनियमितताओं के संबंध में कृषि विभाग द्वारा वर्ष 2025 में आरोप-पत्र जारी किए गए हैं? क्या उनके विरुद्ध वित्तीय अनियमितता, शासकीय क्षति तथा अन्य शिकायतों की जांच भी प्रचलित है? यदि हाँ, तो आरोपों का संक्षिप्त विवरण, वर्तमान स्थिति तथा अब तक की गई कार्रवाई क्या है? (ख) प्रश्नांश (क) के सन्दर्भ में, क्या मध्यप्रदेश कृषि उपज मंडी अधिनियम, 1972 की धारा 26, मध्य प्रदेश राज्य मंडी बोर्ड सेवा विनियम, 1998 तथा मध्य प्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1966 के प्रावधानों के अनुसार विभागीय जांच अथवा अनुशासनिक कार्यवाही लंबित होने पर संबंधित अधिकारी को संवेदनशील पद पर निरंतर पदस्थ न रखने की व्यवस्था है? यदि हाँ, तो उक्त अधिकारी को अब तक मंडी बोर्ड रीवा से स्थानांतरित अथवा अन्यत्र पदस्थ क्यों नहीं किया गया? (ग) प्रश्नांश (ख) के सन्दर्भ में, क्या उक्त अधिकारी के विरुद्ध प्राप्त शिकायतों, न्यायालय में लंबित प्रकरणों एवं अन्य आरोपों के संबंध में शासन के संज्ञान में तथ्य उपलब्ध हैं? यदि हाँ, तो निष्पक्षता, पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने हेतु शासन द्वारा अब तक क्या कार्रवाई की गई है तथा भविष्य में क्या कार्रवाई प्रस्तावित है?
किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। जी हाँ। कार्यवाही की वस्तुस्थिति की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ख) जी नहीं। शेष प्रश्न उद्भूत नहीं होता है। (ग) जी हाँ। विवरण की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। अपचारी कर्मचारी के विरूद्ध विभागीय जांच संस्थित की जाकर जांच कार्यवाही की जा रही है। जांच के निष्कर्ष अनुसार विभाग द्वारा गुण-दोष के आधार पर समुचित निर्णय लिया जायेगा। शेष प्रश्न उद्भूत नहीं होता है।
सहकारी समितियों का ऑडिट
[सहकारिता]
46. ( क्र. 304 ) श्री कैलाश कुशवाहा : क्या सहकारिता मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विगत तीन वर्षों (वर्ष 2023-24, 2024-25 एवं 2025-26) में जिला शिवपुरी की प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों एवं अन्य सहकारी समितियों का कितनी बार ऑडिट कराया गया है? समितिवार ऑडिट की तिथि, ऑडिट श्रेणी एवं ऑडिट प्रतिवेदन का विवरण प्रदान करें। (ख) उक्त अवधि में ऑडिट के दौरान किन-किन सहकारी समितियों में वित्तीय अनियमितताएँ, लेखा संबंधी त्रुटियां, गबन, खाद एवं उर्वरक वितरण में अनियमितता अथवा अन्य प्रकार की अनियमितताएँ पाई गईं? समितिवार अनियमितताओं का विवरण तथा संबंधित अधिकारियों/कर्मचारियों के नाम सहित जानकारी प्रदान करें। (ग) क्या जिला शिवपुरी की किसी सहकारी समिति में वित्तीय अनियमितता, गबन, खाद वितरण में अनियमितता अथवा शासकीय राशि के दुरुपयोग के संबंध में प्रकरण दर्ज किए गए हैं? यदि हाँ, तो समितिवार प्रकरण संख्या, आरोपित व्यक्तियों के नाम, अनियमित राशि, दर्ज एफ.आई.आर./विभागीय कार्रवाई एवं वर्तमान स्थिति का विवरण प्रदान करें। (घ) सहकारिता विभाग की सहकारी समितियों के ऑडिट की वर्तमान स्थिति क्या है? कितनी समितियों का ऑडिट पूर्ण हो चुका है? कितनी समितियों का ऑडिट लंबित है? वर्षवार जानकारी दें। क्या जिला की सहकारी समितियों में अधिकांश समिति प्रबंधकों द्वारा विगत एक वर्ष से ERP का नियमित एवं सही संधारण नहीं किया गया है, जिसके कारण अभिलेखों एवं ERP डेटा में व्यापक त्रुटियाँ हैं? यदि हाँ, तो ऑनलाइन ऑडिट व्यवस्था लागू होने के परिप्रेक्ष्य में दोषी अधिकारियों/कर्मचारियों एवं ऑडिटरों के विरुद्ध क्या कार्यवाही प्रस्तावित है?
सहकारिता मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) विगत 03 वर्षों में से वर्ष 2023-24 एवं 2024-25 में जिला शिवपुरी की प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों एवं अन्य सहकारी समितियों का वर्षवार ऑडिट कराया गया है। वर्ष 2025-26 का ऑडिट प्रक्रियाधीन है। समितिवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ग) जी हाँ। जिला शिवपुरी की 03 प्राथमिक कृषि साख सहकारी संस्थाओं के कर्मचारियों के विरूद्ध म.प्र. सहकारी सोसाइटी अधिनियम 1960 की धारा 58-बी के अंतर्गत प्रकरण दर्ज किये गये है, अनियमितता की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है। जी नहीं, जिला शिवपुरी में पिछले एक वर्ष से समिति प्रबंधकों द्वारा ईआरपी में नियमानुसार मिलान उपरांत ही प्रविष्टि की जा रही हैं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
कृषि महाविद्यालय खुरई में भवन/छात्रावास सुविधाओं की उपलब्धता
[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]
47. ( क्र. 312 ) श्री भूपेन्द्र सिंह : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि खुरई विधानसभा क्षेत्र अन्तर्गत पंडित अटल बिहारी वाजपेयी कृषि महाविद्यालय के नवीन भवन व छात्रावास निर्माण सहित अति आवश्यक सुविधाओं हेतु विभाग द्वारा की जा रही कार्यवाही का विवरण दें। कृषि महाविद्यालय में कब तक भवन, छात्रावास व आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करा दी जावेंगी?
किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : विभाग द्वारा की गई कार्यवाही की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1, 2 एवं 3 अनुसार है। शासन द्वारा प्रथम किश्त के रूप में विमुक्त की गई राशि रूपये 15.00 करोड़ में से, महाविद्यालय भवन का प्रथम फेस एवं छात्रावास भवन का निर्माण कार्य हेतु निविदा आमंत्रित करने की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। निविदा स्वीकृति उपरांत भवन का निर्माण कार्य उपरांत सुविधायें यथाशीघ्र उपलब्ध की जा सकेंगी। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर के खेल परिसर/स्टेडियम की उपलब्धता
[खेल एवं युवा कल्याण]
48. ( क्र. 317 ) श्री लखन घनघोरिया : क्या खेल एवं युवा कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या जबलपुर जिले में खिलाड़ियों को खेलने के लिये एवं खेल प्रतिस्पर्धाओं का आयोजन करने हेतु राष्ट्रीय एवं अतंराष्ट्रीय स्तर के पूर्ण सुविधा युक्त कौन-कौन से खेल परिसर/स्टेडियम हैं? इनमें किन-किन खेलों व खेल प्रतिस्पर्धाओं के आयोजन से संबंधित क्या-क्या सुविधाएं व संसाधन हैं? इनमें किन-किन खेलों से संबंधित कौन-कौन सी राष्ट्रीय स्तर व अंतराष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धाएं कब-कब, किस स्तर पर आयोजित की गई हैं? यदि नहीं तो क्यों? जानकारी दें। वर्ष 2023-24 से प्रश्न दिनांक तक की जानकारी दें। (ख) प्रश्नांश (क) में रानीताल खेल परिसर/स्टेडियम जबलपुर में क्रिकेट मैदान में खिलाड़ियों को खेलने के लिए एवं क्रिकेट प्रतिस्पर्धाओं के आयोजन से संबधित कौन-कौन सी बुनियादी सुविधाओं व संसाधन का अभाव है एवं क्यों? बतलायें। मैदान की पिच और आउटफील्ड मैदान की नियमित देखरेख, रख-रखाव व सुरक्षा की व्यवस्था हैं। इसके लिये क्यूरेटर कब से पदस्थ हैं एवं क्यों? दर्शकों के लिए बैठने व पेयजल की समुचित व्यवस्था न होने का क्या कारण हैं? (ग) प्रश्नांकित रानीताल क्रिकेट मैदान में कब-कब किस-किस स्तर पर कौन-कौन सी क्रिकेट प्रतिस्पर्धाएं आयोजित की गई? इससे कितनी-कितनी आय हुई एवं कितनी-कितनी राशि व्यय हुई? वर्ष 2023-24 से प्रश्न दिनांक तक की जानकारी दें।
खेल एवं युवा कल्याण मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) जबलपुर जिले में खेलों, खेल प्रतियोगिताओं के आयोजन सुविधायें व संसाधन एवं राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धायें आयोजन की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ख) रानीताल खेल परिसर जबलपुर में क्रिकेट मैदान में खिलाड़ियों को खेलने प्रतिस्पर्धाओं के आयोजन के लिये सभी सुविधायें एवं संसाधन उपलब्ध है। रानीताल खेल परिसर में क्रिकेट मैदान में खिलाड़ियों को खेलने के लिये मुख्य रूप से 05 पिच है एवं लगभग 110 मी. लम्बा एवं 145 मीटर चौड़ा ग्राउण्ड है। इसी के साथ ग्राउण्ड में नेट प्रैक्टिस करने के लिए लगभग 05 प्रैक्टिस पिच है एवं इसके अतिरिक्त अन्य सुविधायें सभी संसाधन उपलब्ध है। जी हाँ। आवश्यक आउटसोर्स अमला यथा सुरक्षाकर्मी, 03 संविदा ग्राउण्डमेन, 03 सफाईकर्मी कार्यरत है। पिच को खेलने हेतु तैयार करने के लिये अस्थाई रूप से श्री सुरेश परिहार संविदा ग्राउण्डमेन कार्यरत है। वर्तमान में क्यूरेटर की आवश्यकता नहीं होने से नहीं रखा गया है। दर्शकों के बैठने के लिये अतिरिक्त स्थान उपलब्ध है, आयोजन के दौरान अस्थाई रूप से बैठने की व्यवस्था की जाती है। पेयजल हेतु क्रिकेट ग्राउण्ड में आवश्यक वाटर कूलर उपलब्ध है। (ग) विभाग द्वारा वर्ष 2023-24 से प्रश्न दिनांक तक कोई क्रिकेट प्रतियोगिता आयोजित नहीं की गई। विभिन्न संस्थाओं द्वारा रानीताल क्रिकेट मैदान पर आयोजित प्रतियोगिता/आयोजन के आरक्षण से प्राप्त आय एवं रख-रखाव हेतु किये गये व्यय की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र- 2 अनुसार है।
जावक पंजी का संधारण
[सहकारिता]
49. ( क्र. 336 ) श्री राजेश कुमार वर्मा : क्या सहकारिता मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या मध्यप्रदेश शासन सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा कार्यालयों के निरीक्षण हेतु कोई निर्देश जारी किये गये है? यदि हाँ, तो उक्त निर्देशों के पालन में वर्तमान मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक पन्ना द्वारा अपने कार्यालय का निरीक्षण कब-कब किया गया तथा किस शाखा में क्या-क्या कमी पाई गई? उन कमियों की पूर्ति हेतु क्या कार्यवाही की गई? क्या पाई गई सभी कमियों की पूर्ति कर ली गई है? यदि नहीं, तो क्यो? (ख) मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला सहाकारी केन्द्रीय बैंक जिला पन्ना के कार्यालय में संधारित जावक पंजी वर्ष 2022, 2023, 2024 एवं 2025 में कितने जावक क्रमांक रिक्त पाये गये? वर्तमान मुख्य कार्यपालन अधिकारी के संज्ञान में यह तथ्य कब आया? नियम विरूद्ध जावक कर सके। यदि यह तथ्य संज्ञान में आया तो उसके लिये उनके द्वारा क्या कार्यवाही की गई? (ग) जिला सहकारी बैंक पन्ना के मुख्य कार्यपालन अधिकारी यह कैसे पता लगाते है कि प्रश्नांश (ख) में उल्लेखित खाली छोडे़ गये जावक क्रमांकों में कितने जावक क्रमांक के पत्र पिछली दिनांकों के कभी भी तैयार कर भर दिये जाते है? इस तरह का कार्य मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा क्यों कराया जा रहा है? इसके लिये दोषियों पर क्या कार्यवाही की जावेगी? जिस मुख्य कार्यपाल अधिकारी का कार्यालय में कोई नियंत्रण नहीं है, उन्हें इन पदों से हटाया क्यों नहीं जाता?
सहकारिता मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा सहकारी बैंकों के निरीक्षण हेतु निर्देश जारी नहीं किये गये है। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता। (ख) जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित पन्ना के कार्यालय में संधारित जावक पंजी वर्ष 2022, 2023, 2024 एवं वर्ष 2025 में कुल 59 जावक क्रमांक रिक्त पाये गये। मुख्य कार्यपालन अधिकारी के संज्ञान में माह नवंबर, 2025 में यह तथ्य आया। तथ्य संज्ञान में आने पर उनके द्वारा उक्त वर्षों में पदस्थ संबंधित जावक लिपिकों को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया। जारी कारण बताओ सूचना पत्र पर संबंधित कर्मचारियों द्वारा शपथ पत्र प्रस्तुत कर लेख किया गया है कि बैंक के विभिन्न कक्षों द्वारा संभावित पत्रों को जारी करने हेतु जावक क्रमांक छुड़वाये गये थे परंतु इन जावक क्रमांकों से कोई पत्र जारी नहीं किये गये हैं। (ग) मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा रिक्त जावक क्रमांकों को निरस्त करवा दिया गया है। शेष उत्तरांश (ख) अनुसार है। भविष्य के लिए सचेत रहने हेतु मुख्य कार्यपालन अधिकारी को चेतावनी पत्र जारी किया गया है।
केला फसल बीमा लागू किया जाना
[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]
50. ( क्र. 339 ) सुश्री मंजू राजेन्द्र दादू : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला बुरहानपुर एवं आसपास के क्षेत्रों में केला एक प्रमुख नगदी फसल है तथा प्राकृतिक आपदा, अतिवृष्टि, ओलावृष्टि, तेज हवा एवं अन्य कारणों से किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है इस संबंध में शासन द्वारा क्या कदम उठाए गए हैं? विस्तृत जानकारी देवें। (ख) क्या राज्य शासन द्वारा केला फसल को फसल बीमा योजना में शामिल करने हेतु भारत सरकार को कोई प्रस्ताव भेजा गया है? यदि हाँ, तो उसकी वर्तमान स्थिति क्या है? यदि नहीं, तो इसके क्या कारण है? (ग) क्या तहसील स्तर पर Automatic Weather Station एवं ग्राम पंचायत स्तर पर Automatic Rain Guage स्थापित किए जा रहे है। यदि हाँ, तो कब तक यह स्थापित हो जायेंगे समय-सीमा बताएं? (घ) क्या विभाग केला फसल को फसल बीमा योजना के अंतर्गत शामिल करने पर विचार कर रहा है? यदि हाँ, तो इसकी संभावित समय-सीमा क्या है? यदि नहीं, तो इसके कारण स्पष्ट किए जाए।
किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) मौसम आधारित फसल बीमा योजना के क्रियान्वयन हेतु आवश्यक WINDS कार्यक्रम के क्रियान्वयन हेतु टेण्डर की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। (ख) प्रदेश में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजनांतर्गत उद्यानिकी फसलों हेतु मौसम आधारित फसल बीमा योजना अंतर्गत 16 अधिसूचित फसलों में केला फसल भी शामिल है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) WINDS योजना अंतर्गत तहसील स्तर पर Automatic Weather Stationएवं ग्राम पंचायत स्तर परAutomatic Rain Guage स्थापित किए जाने हेतु टेण्डर की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। समय-सीमा बताया जाना सम्भव नहीं है। (घ) उत्तरांश (ख) अनुसार।
रिक्त पदों की पूर्ति
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
51. ( क्र. 340 ) श्रीमती कंचन मुकेश तनवे : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग अंतर्गत खंडवा जिले की जनपद एवं जिला पंचायत व अधीनस्थ विभागों में अधिकारी कर्मचारियों के किस किस वर्ग श्रेणी के कितने पद स्वीकृत है कितने पद पूर्ण है एवं उनमें कितने पद प्रभार पर हैं? (ख) उक्त रिक्त पदों के भरे जाने की आगामी क्या कार्य योजना एवं कार्यवाही प्रचलित है इसकी पूर्णता की अवधि क्या है? विभाग अंतर्गत अनुकंपा के कितने प्रकरण लंबित है कारण सहित सूचित एवं कार्यवाही की जानकारी प्रदान की जावे। (ग) जिले में विभाग अंतर्गत कितने अधिकारी किस-किस पद पर मूल पदस्थापना स्थान से अन्यत्र कार्य कर रहे हैं एवं कितने वर्ष से? उनके मूल पद से अन्यत्र कार्य हेतु आदेश सहित पूर्ण विवरण देवेंl विगत 2 वर्षों में कितने अधिकारी कर्मचारी क्रमोन्नत पदोन्नत हुए हैं? सूची प्रदान की जावे l (घ) प्रश्नकर्ता के विधान सभा क्षेत्र खंडवा अंतर्गत सचिवों के अधिकांश पद रिक्त होने से डबल प्रभार के चलते जन हितेषी व हितग्राही मूलक योजनायें प्रभावित हो रही हैं। उक्त पदों पर पद पूर्ति की क्या योजना है समयावधि की जानकारी देवें।
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) विभाग अंतर्गत खंडवा में जिला पंचायत एवं जिले की जनपद पंचायत में नियमित/संविदा के कुल स्वीकृत पद 1100, भरे 763 एवं रिक्त पद 337 है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट–अ अनुसार है। (ख) सीधी भर्ती के पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया नियमानुसार निरंतर प्रचलित रहती है, समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। अनुकंपा नियुक्ति के कुल 10 प्रकरण लंबित है, जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ब अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट–स अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट–द अनुसार है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
मूंग की फसल का उपार्जन
[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]
52. ( क्र. 342 ) कुँवर अभिजीत शाह : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में विगत पाँच खरीफ उपार्जन वर्षों में मूँग उपार्जन हेतु कितना-कितना लक्ष्य/सीमा निर्धारित की गई थी? जिसके विरूद्ध म.प्र. शासन द्वारा कितने किसानों से कितना मूँग उपार्जन किया गया? उल्लेखित अवधि में किसानों से कितने क्विंटल प्रति हेक्टेयर के अनुसार मूंग का उपार्जन किया गया? कृपया जिलेवार जानकारी देवें। (ख) म.प्र. के किसानों से किस कारण से खरीफ वर्ष 2026-27 में केवल 25 प्रतिशत मूँग का ही उपार्जन किया जा रहा है? किस-किस जिले/तहसील में किस आधार पर क्विंटल/हेक्टेयर का निर्धारण कितना-कितना किया गया है? बतावें। क्या शासन द्वारा यह क्षमता और बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है? यदि हाँ, तो इस संबंध में क्या- क्या पत्राचार एवं कार्यवाही शासन द्वारा की गई? छायाप्रति उपलब्ध करावें। यदि नहीं तो क्यों? (ग) क्या किसानों के शेष 75 प्रतिशत मूँग की खरीदी स्थानीय मंडियों में सही/उचित भाव पर की जावेगी? यदि हाँ, तो शासन द्वारा इस हेतु क्या तैयारियां की जा रही है? (घ) क्या शासन मंडियों में किसानों द्वारा बेचे जाने वाली मूँग का उचित दाम मिलने के उद्देश्य से कोई न्यूनतम मंडी भाव निर्धारित की जाने अथवा भावांतर पर खरीदे जाने जैसी कोई योजना बना रहा है? यदि हाँ, तो कब तक एवं क्या? यदि नहीं तो क्यों?
किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) विगत पाँच वर्षों में ग्रीष्मकालीन मूंग उपार्जन हेतु भारत सरकार से प्राप्त लक्ष्य एवं उपार्जित मात्रा की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। उल्लेखित अवधि में किसानों से मूंग उपार्जन की जिलावार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है तथा जिलेवार प्रति हेक्टेयर उत्पादकता की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है। (ख) भारत सरकार की प्राइस सपोर्ट योजना के प्रावधान के अनुक्रम में राज्य शासन द्वारा लिये गये निर्णय अनुसार ग्रीष्मकालीन मूंग के उत्पादन की 25 प्रतिशत मात्रा का उपार्जन किया जा रहा है। जिले की उत्पादकता के आधार पर उपार्जन हेतु निर्धारित अधिकतम सीमा के अनुसार उपज का 25 प्रतिशत मात्रा का उपार्जन किया जा रहा है। जिलेवार उपार्जन हेतु उत्पादकता की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-4 अनुसार है। जी हां, पत्राचार की प्रतियां जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-5 अनुसार है। (ग) कृषि उपज मंडियों में मूंग सहित सभी अधिसूचित कृषि उपजों के विक्रय के लिये सुविधाएं उपलब्ध है, जहां पर मण्डी समिति के बोली प्रक्रिया में प्रतिस्पर्धा से कृषकों को उचित मूल्य उपलब्ध कराया जाता है। (घ) भारत सरकार की प्राइस डेफिसिट पेमेंट स्कीम (भावांतर योजना) अंतर्गत दलहनी फसले सम्मिलित नहीं है। शेष प्रश्नांश उद्भूत नहीं होता है।
मनरेगा अंतर्गत बाउण्ड्रीवॉल का निर्माण
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
53. ( क्र. 360 ) श्री ओमकार सिंह मरकाम : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मनरेगा के तहत स्कूलों में बाउन्ड्रीवॉल बनाने के क्या नियम थे? मनरेगा के तहत रीवा, जबलपुर, शहडोल एवं ग्वालियर संभाग के सभी जिलों में कितने-कितने बाउन्ड्रीवॉल कितने-कितने राशि के किस-किस वर्ष में स्वीकृत हुए? राज्य शिक्षा केन्द्र द्वारा अभिसरण मद से किस-किस वर्ष में किस-किस जिले को कितनी-कितनी राशि दी गई? (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार स्वीकृत बाउन्ड्रीवॉलों का भुगतान किस-किस जिले में कितनी-कितनी राशि का किस-किस वर्ष में किया गया? जिलेवार जानकारी दें। क्या सभी भुगतान नियमानुसार है? हाँ या नहीं में जानकारी दें। डिण्डौरी जिला के बाउन्ड्रीवॉलों की भुगतान क्यों नहीं हुआ? कारण दें। (ग) नाला विस्तारीकरण का कार्य मनरेगा अंतर्गत क्या अनुमत्य श्रेणी में है? अगर हाँ तो नियम बतावें। अगर नहीं तो किस-किस जिले में किस-किस वर्ष में कितनी-कितनी राशि के कितने-कितने काम नाला विस्तारीकरण के हुए एवं कितनी-कितनी राशियों का भुगतान किया गया? जानकारी दें।
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) महात्मा गांधी नरेगा के वार्षिक मास्टर परिपत्र के बिंदु 7.7 (च) अनुसार निम्न नियम है:- ''गांवों में सरकारी विद्यालयों के लिए चारदीवारी का निर्माण मानव संसाधन विकास मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा जहां विद्यालयों की चारदीवारी का निर्माण नहीं किया गया है या उपलब्ध नहीं कराई गई है, वहां महात्मा गांधी नरेगा के अंतर्गत या अन्य योजनाओं/कार्यक्रमों के साथ अभिसरण करके सरकार द्वारा चलाए जा रहे विद्यालयों की चारदीवारी का निर्माण कार्य शुरू किया जा सकता है, जो पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'अ' अनुसार है। शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'ब' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'ब' अनुसार है। डिण्डौरी जिले में स्कूल बाउड्रीवॉल निर्माण कार्य हेतु अभिसरण की राशि जनजातीय कार्य विभाग से आवंटन की मांग की गयी, किंतु आवंटन स्वीकृत न होने के कारण भुगतान लंबित है। (ग) जी हाँ। मनरेगा के अनुमत्य कार्यों की सूची अनुसार बाढ़ के पानी की निकासी हेतु नाला निर्माण तथा नाला मरम्मत का कार्य मनरेगा योजना के अनुमत्य कार्यों की सूची के सरल क्रमांक 54, 55, 56, 102, 103, 105, 106, 107 एवं 108 अनुसार अनुमत्य है। म.प्र. राज्य रोजगार गारंटी परिषद् के पत्र क्रमांक 9345 दिनांक 03.10.2012 में अनुमत्य कार्यों का विस्तृत विवरण (परिशिष्ट-1) के सरल क्रमांक 7 (ई) में राज्य द्वारा बाढ़ चैनल (मार्गों) की मरम्मत तथा गहरा करना को अनुमत्य किया गया है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'स' अनुसार है। नाला विस्तारीकरण के स्वीकृत कार्यों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'द' अनुसार है।
नई शिक्षा नीति के अनुसार पुस्तकों एवं छात्र/छात्राओं के प्रवेश की जानकारी
[उच्च शिक्षा]
54. ( क्र. 361 ) श्री ओमकार सिंह मरकाम : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नई शिक्षा नीति 2020 म.प्र. में कब लागू हुई? नई शिक्षा नीति के तहत स्वीकृत पाठ्यक्रम के सभी पुस्तक छात्र/छात्राओं के संख्या अनुसार छप गई हैं। अगर हाँ तो डिण्डौरी जिला के सभी महाविद्यालयों में क्यों उपलब्ध नहीं है? अगर नहीं तो अभी तक पुस्तक क्यों नहीं छपी हैं? इसके लिये कौन जिम्मेदार है? कब तक पुस्तक छप जायेंगी? (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार जब पुस्तक ही नहीं छपी हैं व महाविद्यालयों में नहीं है तो इन विषयों की परीक्षा विद्यार्थी कैसे देते होंगे? विस्तृत जानकारी दें। (ग) वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 में म.प्र. में कुल कितने विद्यार्थियों ने उच्च शिक्षा में नियमित प्रवेश हेतु फार्म भरे थे, जिसमें कितने विद्यार्थियों को प्रवेश दिया गया एवं कितने शेष हैं? संकायवार, विद्यार्थियों की वर्गवार जानकारी दें।
उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री इन्दर सिंह परमार ) : (क) म.प्र. में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 सत्र 2021-22 से लागू की गई। जी हाँ, डिण्डौरी जिला अंतर्गत महाविद्यालयों द्वारा उपलब्ध कराई गई विद्यार्थियों की संख्या के अनुसार विषयवार पुस्तकों का प्रदाय किया गया है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ख) उत्तरांश (क) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) वर्ष 2024-25 में 8, 44, 244 विद्यार्थियों ने तथा वर्ष 2025-26 में 7, 59, 875 विद्यार्थियों ने प्रवेश हेतु फार्म भरा है। प्रवेशित विद्यार्थियों की वांछित जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। वर्ष 2024-25 में 340002 विद्यार्थी एवं वर्ष 2025-26 में 187113 विद्यार्थी शेष हैं।
ग्राम पंचायत स्तरों पर श्मशान धामों का विकास
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
55. ( क्र. 368 ) श्री अरूण भीमावद : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा ग्राम पंचायत एवं ग्राम स्तर पर श्मशान धामों का विकास एवं जीर्णोद्धार की कोई योजना है? (ख) यदि हाँ, तो ग्रामीण क्षेत्रों में वर्षाकाल में अंतिम संस्कारों में आने वाली समस्याओं के लिये क्या ठोस कार्ययोजनाएं प्रस्तावित है? (ग) यदि हाँ, तो विधानसभा क्षेत्र 167 शाजापुर के कितने ग्रामों में श्मशान धाम नहीं है और यदि हैं, तो कितने विकसित है, कितनों का जीर्णोद्धार एवं सौंदर्यीकरण किया जाना है? सूची उपलब्ध करवाएं। (घ) विधानसभा क्षेत्र से प्रस्तावित श्मशान धामों का विकास, जीर्णोद्धार एवं सौंदर्यीकरण के प्रस्ताव पर क्या कार्यवाही की गई?
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) विभाग के अंतर्गत ग्राम पंचायत एवं ग्राम स्तर पर मनरेगा एवं 5वें राज्य वित्त आयोग से मुक्तिधामों के विकास एवं जीर्णोद्धार की योजना है। (ख) ग्रामीण क्षेत्र में वर्षाकाल में अंतिम संस्कारों में आने वाली समस्याओं के निराकरण हेतु श्मशान से रोड को जोड़ने वाली सड़कों का निर्माण, टीन शेड का निर्माण, श्मशान का सौंदर्यीकरण एवं तार फेंसिंग/बाउण्ड्रीवॉल निर्माण आदि कार्य हेतु ग्राम पंचायतों को 5वां वित्त आयोग एवं मनरेगा के कन्वर्जेंस से कार्य कराने के निर्देश हैं। (ग) विधानसभा क्षेत्र 167 शाजापुर अंतर्गत श्मशान धाम विहीन, अविकसित श्मशान घाटों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट – ''अ'' अनुसार है। (घ) विधानसभा क्षेत्र 167 अंतर्गत 129 ग्रामों में (जनपद शाजापुर के 108 ग्राम तथा जनपद मो. बडोदिया के 2 ग्राम) में श्मशान धाम को रोड से जोड़ने की कार्ययोजना प्रस्तावित है। तकनीकी स्वीकृति हेतु प्रस्ताव चाहे गये हैं। प्राप्त होने पर प्रशासकीय स्वीकृति जारी की जायेगी। इसी प्रकार 42 ग्रामों में (जनपद पंचायत शाजापुर के 19 ग्राम तथा जनपद मो. बडोदिया के 23 ग्राम) जीर्णोद्धार/सौंदर्यीकरण की तकनीकी स्वीकृति जारी की जा चुकी है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट – ''ब'' अनुसार है।
कबड्डी मेट की उपलब्धता
[खेल एवं युवा कल्याण]
56. ( क्र. 369 ) श्री अरूण भीमावद : क्या खेल एवं युवा कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) कबड्डी परम्परागत एवं राष्ट्रीय खेलों में आता है, जो देश प्रदेश शहरों में एवं ग्रामीण स्तरों पर प्रतिदिन बालक/बालिकाओं द्वारा खेला जा रहा है। कबड्डी को आधुनिकता स्वरूप देने हेतु विभाग की क्या योजना है तथा कौन-कौन सी सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाती है? (ख) क्या विधान सभा क्षेत्र 167 शाजापुर के शासकीय हायर सेकेण्डरी शालाओं में छात्र/छात्राओं को कबड्डी जैसे परम्परागत खेल को खेलने हेतु बढ़ावा दिया जा रहा है? (ग) यदि हाँ, तो प्रश्नांश (क) एवं (ख) के अनुसार क्या खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा छात्र/छात्राओं को कबड्डी खेलने हेतु मेट की सुविधा उपलब्ध कराई गई है? (घ) यदि नहीं तो क्या शास. महारानी लक्ष्मीबाई कन्या उ.मा.वि. शाजापुर, शासकीय उत्कृष्ट उ.मा.वि. शाजापुर, शासकीय सरदार वल्लभ भाई पटेल सांदीपनि उ.मा.वि. शाजापुर, शास. उ.मा.वि. मक्सी एवं उ.मा.वि. झोलर एवं उत्कृष्ट उ.मा.वि. मो. बड़ोदिया में कबड्डी के लिये मेट उपलब्ध है? यदि नहीं तो कब तक उपलब्ध कराई जायेगी?
खेल एवं युवा कल्याण मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) खेलों को प्रोत्साहन हेतु विभाग द्वारा खेल प्रोत्साहन नियम-2019 बनाये गये हैं, जो जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है, इन नियमों के तहत ही कबड्डी खेल की गतिविधियों को प्रोत्साहन प्रदान किया जाता है। इसके अलावा जिले से प्रस्ताव प्राप्त होने पर कबड्डी मेट्स व आवश्यक खेल सामग्री/उपकरण भी उपलब्ध करवाये जाते है। (ख) शासकीय हायर सेकेण्डरी शालाओं में संचालित कबड्डी प्रशिक्षण के दौरान विभाग से चाहे अनुसार समय-समय पर सहयोग प्रदान किया जाता है। (ग) जिला मुख्यालय पर आयोजित होने वाली कबड्डी प्रतियोगिता/राज्य स्तरीय/राष्ट्रीय स्तर की कबड्डी खेल के आयोजन हेतु विभाग के पास मेट्स उपलब्ध है जो कि आवश्यकतानुसार विभाग/अन्य विभाग द्वारा आयोजित होने वाली कबड्डी प्रतियोगिता हेतु उपलब्ध कराई जाती है। विभाग द्वारा विद्यालयों को खेल सामग्री/उपकरण प्रदाय किये जाने की कोई योजना नहीं है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) प्रश्नाधीन विद्यालयों से मेट उपलब्धता की जानकारी प्राप्त की गई, जिसके अनुसार संबंधित विद्यालयों में कबड्डी मेट उपलब्ध नहीं है। विद्यालयों में कबड्डी प्रतियोगिता के आयोजन के दौरान विभाग द्वारा मेट्स उपलब्ध कराई जाती है।
कृषक कल्याण योजनाओं की जानकारी
[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]
57. ( क्र. 383 ) श्री सिद्धार्थ सुखलाल कुशवाहा : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्यप्रदेश में "कृषक कल्याण वर्ष" के तहत कौन-कौन सी योजनाएं संचालित हो रही हैं और वित्तीय वर्ष 2023-24 से प्रश्न दिनांक तक सतना जिले के किन-किन किसानों को कौन-कौन सी योजनाओं का अभी तक लाभ मिला? योजनावर/किसानवार जानकारी उपलब्ध कराएं। (ख) मध्यप्रदेश में किसानों को खाद दिए जाने की क्या व्यवस्था/नियम सरकार द्वारा निर्धारित किए गए हैं? कितनी-कितनी खाद किस-किस आधार पर और किस नियम से किसानों को दी जाएगी? नियम की एक प्रति दें। (ग) सरकार द्वारा किसानों को खाद खरीदी हेतु ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन और टोकन व्यवस्था की गई है परंतु इस प्रक्रिया में बहुत कठिनाइयां और असुविधाएं किसानों को हो रही है? क्या इस प्रक्रिया का सरलीकरण करते हुए किसानों को नजदीकी सेंटर पर खाद की उपलब्धता नगद पर खरीदने की व्यवस्था सरकार करेगी? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं तो क्यों?
किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) संचालित योजनाओं की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 एवं ''2'' अनुसार है। (ख) मध्यप्रदेश शासन द्वारा किसानों को सुगमता से एवं पारदर्शी प्रकिया द्वारा उर्वरक उपलब्ध कराने हेतु ई-विकास (वितरण एवं कृषि उर्वरक आपूर्ति समाधान) प्रणाली प्रारंभ की गई। जिसके माध्यम से किसान द्वारा चयनित फसल हेतु अनुशंसित पोषक तत्व मात्रा एवं बोये जाने वाले रकबे के मान से उर्वरक की गणना कर उर्वरक उपलब्ध कराया जा रहा है, किसान गणना अनुसार आवश्यक उर्वरक मात्रा एवं उर्वरक विक्रेता का चयन कर ई-टोकन जनरेट कर उर्वरक क्रय कर सकते हैं, तदापि किसान अनुसंशित मात्रा से अधिक उर्वरक अपनी आवश्यकता के अनुसार ले सकता है। ई-टोकन बुक करने की सुविधा 24 घंटे उपलब्ध है। मार्गदर्शी निर्देश की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है। (ग) ई-विकास (वितरण एवं कृषि उर्वरक आपूर्ति समाधान) प्रणाली अंतर्गत किसान स्वयं उर्वरक विक्रेता का चयन करने हेतु स्वतंत्र है। सतना जिले में प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों को छोड़कर अन्य समस्त विक्रेताओं द्वारा नगद में उर्वरक विक्रय किया जाता है। अत: शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता है।
ग्राम पंचायतों में पंचायत भवन एवं श्मशान घाट का निर्माण
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
58. ( क्र. 387 ) श्री नीरज सिंह ठाकुर : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बरगी विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत वर्तमान में कुल कितनी ग्राम पंचायतें हैं? इनमें से कितनी ग्राम पंचायतों के पास स्वयं का पंचायत भवन उपलब्ध नहीं है। भवन-विहीन पंचायतों के नाम, ग्राम पंचायतवार सूची उपलब्ध करावें। (ख) प्रश्नांश (क) के अनुसार भवन विहीन ग्राम पंचायतों में पंचायत भवन निर्माण हेतु प्रश्नकर्ता द्वारा कब-कब विभाग को पत्र लिखे गये? उक्त पत्रों में विभाग द्वारा क्या कार्यवाही की गई? शेष भवन-विहीन पंचायतों के लिए पंचायत भवन निर्माण की क्या कार्ययोजना एवं समय-सीमा निर्धारित की गई है? (ग) क्या बरगी विधानसभा क्षेत्र के अनेक ग्रामों में स्थित श्मशान घाटों तक पहुंचने हेतु पक्की सड़क उपलब्ध नहीं है, जिससे विशेषकर वर्षा ऋतु में अंतिम संस्कार हेतु शव ले जाने में ग्रामीणों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है? बरगी विधानसभा क्षेत्र में कुल कितने श्मशान घाट हैं? (घ) इनमें से कितने श्मशान घाट ऐसे हैं जहां तक पहुंचने हेतु पक्की सड़क उपलब्ध नहीं है? ग्रामवार सूची उपलब्ध कराई जाए। इन श्मशान घाटों तक सड़क निर्माण हेतु शासन द्वारा कौन-कौन सी योजनाएं स्वीकृत की गई हैं, शेष श्मशान घाटों तक सड़क निर्माण कब तक कराया जाएगा?
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) बरगी विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत कुल 131 ग्राम पंचायतें है, जिसमें से जनपद पंचायत जबलपुर में 47 एवं जनपद पंचायत शहपुरा अंतर्गत 84 ग्राम पंचायतें है। जनपद पंचायत जबलपुर की सभी ग्राम पंचायतों में भवन उपलब्ध है, जनपद पंचायत शहपुरा के 03 ग्राम पंचायतों के पास स्वयं का पंचायत भवन नहीं है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'अ' अनुसार है। (ख) प्रश्नांश (क) के अनुसार भवन विहीन ग्राम पंचायतों में पंचायत भवन निर्माण हेतु माननीय विधायक द्वारा पत्र क्रमांक 1281 दिनांक 12.02.2024, पत्र क्रमांक 1516 दिनांक 19.07.2024, पत्र क्रमांक 2578, 2579 दिनांक 29.05.2026 प्राप्त हुये। उक्त पत्रों में प्राप्त पंचायतों में से स्वीकृत 16 पंचायत भवनों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'ब' अनुसार है। शेष भवन विहीन पंचायतों में पंचायत भवन निर्माण वर्तमान वित्तीय वर्ष में अतिरिक्त स्टाम्प शुल्क अंतर्गत बजट शून्य होने से स्वीकृत किया जाना संभव नहीं है, समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ग) जी हाँ, बरगी विधानसभा क्षेत्र में कुल 249 श्मशान घाट हैं, जिसमें जबलपुर जनपद पंचायत में 90 एवं शहपुरा जनपद में 159 श्मशान घाट हैं। (घ) बरगी विधानसभा क्षेत्र में श्मशान घाट पर पहुंचने हेतु कुल 113 ग्रामों में पक्की सड़क उपलब्ध नहीं है, जिसमें जबलपुर जनपद पंचायत में 51 एवं शहपुरा जनपद पंचायत में 62 ग्रामों में पक्की सड़क नहीं है। ग्रामवार सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''स' अनुसार है। इन श्मशान घाटों के सुव्यवस्थित विकास हेतु शासन के पत्र क्रमांक 3640 दिनांक 02.09.2025 के द्वारा समस्त जिला कलेक्टर एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायतों को निर्देशित किया गया है। शेष श्मशान घाटों तक सड़क निर्माण कराये जाने के संबंध में ज्ञातव्य है कि बजट की उपलब्धता अनुसार कार्य स्वीकृत किये जाते है, समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
निर्माण कार्य एवं लंबित प्रकरणों की जानकारी
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
59. ( क्र. 390 ) श्री उमाकांत शर्मा : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2018 से प्रश्नांकित दिनांक तक विकासखण्ड सिरोंज एवं लटेरी अंतर्गत पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा स्वीकृत समस्त निर्माण कार्यों की जानकारी उपलब्ध कराई जाए। उक्त जानकारी में प्रत्येक कार्य की स्वीकृति, तिथि, लागत, कार्य की वर्तमान स्थिति, प्रारंभ, अप्रारंभ अथवा पूर्ण तथा विवरण मदवार, ग्राम पंचायतवार एवं जनपद पंचायतवार पृथक-पृथक प्रदान किया जाए। (ख) प्रश्नांश (क) में उल्लिखित अप्रारंभ एवं अपूर्ण निर्माण कार्यों के लंबित रहने के कारणों का विवरण उपलब्ध कराया जाए। साथ ही ऐसे कार्यों को पूर्ण कराने हेतु विभाग द्वारा की गई प्रशासनिक एवं वित्तीय कार्यवाहियों का विस्तृत विवरण भी उपलब्ध कराया जाए। (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के संदर्भ में वर्तमान में अप्रारंभ एवं अपूर्ण निर्माण कार्यों को पूर्ण कराने हेतु निर्धारित समय-सीमा क्या है? प्रत्येक कार्य के संबंध में मदवार एवं कार्यवार अपेक्षित पूर्णता तिथि की जानकारी उपलब्ध कराई जाए। (घ) विदिशा जिले में पंचायत सचिवों एवं रोजगार सहायकों के विरुद्ध मध्यप्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम की धारा 89 एवं धारा 92 के अंतर्गत वर्तमान में लंबित गतिशील प्रकरणों की जानकारी नामवार, पदवार, संबंधित ग्राम पंचायत एवं प्रकरण की वर्तमान स्थिति सहित उपलब्ध कराई जाए।
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) से (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'अ' अनुसार है। (घ) विदिशा जिले में पंचायत सचिवों, रोजगार सहायकों के विरूद्ध मध्यप्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम की धारा 89 के अंतर्गत वर्तमान में लंबित गतिशील प्रकरणों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'ब' (1) अनुसार है तथा धारा 92 के प्रकरणों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'ब' (2) अनुसार है।
ग्रामीण प्रधानमंत्री आवास योजना की जानकारी
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
60. ( क्र. 391 ) श्री उमाकांत शर्मा : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विकासखंड सिरोंज लटेरी में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण अंतर्गत योजना प्रारंभ से प्रश्नांकित दिनांक तक किन-किन हितग्राहियों के आवास स्वीकृत हुऐ हैं? ग्राम पंचायतवार नाम, पिता का नाम, ग्राम के नाम सहित ग्राम पंचायतवार, जनपदवार जानकारी उपलब्ध करावें। (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में उक्त स्वीकृत आवासों में से किन-किन हितग्राहियों के आवास पूर्ण हुऐ, कितने अधूरे हैं, कितने अप्रारंभ हैं, कौन-कौन से हितग्राहियों के आवासों का स्थान परिवर्तित किया गया है? नाम, पिता का नाम, ग्राम के नाम सहित जानकारी ग्राम पंचायतवार उपलब्ध करावें। (ग) विकासखंड सिरोंज लटेरी में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण अंतर्गत आवास प्लस 2018 की सूची में डुप्लीकेट जॉब कार्ड प्रदर्शित हितग्राहियों के नाम ग्रामवार उपलब्ध करावें तथा विभाग के द्वारा क्या-क्या कार्यवाही की गई? (घ) क्या विकासखंड सिरोंज लटेरी में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण अंतर्गत आवास प्लस 2018 की सूची में एक ही समग्र परिवार के एक से अधिक सदस्यों की डुप्लीकेट समग्र आई.डी. प्रदर्शित हो रही है? यदि हाँ, तो किन-किन परिवारों की हो रही है तथा विभाग के द्वारा क्या-क्या कार्यवाही की गई है?
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) विकासखण्ड सिरोंज लटेरी में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण अंतर्गत योजना प्रारंभ से प्रश्नांकित दिनांक तक आवास स्वीकृति की जानकारी योजना के पोर्टल pmayg.dord.gov.in की A-2 रिर्पोट पर उपलब्ध है। (ख) उक्त स्वीकृत आवासों में से पूर्ण, अधूरे तथा अप्रारंभ की जानकारी योजना के पोर्टल pmayg.dord.gov.in की A-2 रिर्पोट पर उपलब्ध है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'अ' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'ब' अनुसार है। विभाग द्वारा निरंतर भारत सरकार से पत्राचार किया जा रहा है, पत्र पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'स' अनुसार है। (घ) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'द' अनुसार है। विभाग द्वारा डुप्लीकेट समग्र हेतु सत्यापन के निर्देश जारी किये गये, जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'इ' अनुसार है।
महर्षि महेश योगी वैदिक विश्वविद्यालय की जानकारी
[उच्च शिक्षा]
61. ( क्र. 395 ) श्री मधु भगत : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या महर्षि महेश योगी वैदिक विश्वविद्यालय, करौंदी सूचना के अधिकार अधिनियम के दायरे से मुक्त (बाहर) है? यदि हाँ, तो किस दिनांक एवं सत्र से संबंधित आदेश की प्रति उपलब्ध करायें। (ख) महर्षि महेश योगी वैदिक विश्वविद्यालय करौंदी द्वारा जारी आदेश क्रमांक 1439/07, दिनांक 15/03/2007 की प्रमाणित प्रतिलिपि उपलब्ध करायें! (ग) महर्षि विद्या मंदिर नेशनल कैंप ऑफिस महर्षि सेंटर फॉर एजुकेशन एक्सीलेंस कैंपस लांबाखेड़ा बैरसिया रोड भोपाल द्वारा जारी Ref No. MVM/NCD/P&A/AAP/R/Z-5/2007 दिनांक 7 फरवरी 2007 की प्रति उपलब्ध करायें! (घ) महर्षि महेश योगी वैदिक विश्वविद्यालय करौंदी द्वारा जारी आदेश क्रमांक रजि/2012/27 दिनांक 19/10/2012 उपलब्ध करायें। (ड.) महर्षि महेश योगी वैदिक विश्वविद्यालय के कुलाधिपति का नाम एवं पदानुसार योग्यता अर्हता उपाधियों सहित यू.जी.सी. नियमों एवं राज्य सरकार के नियमों सहित जानकारी उपलब्ध कराते हुए यह भी स्पष्ट करें कि क्या उक्त नियुक्ति यू.जी.सी. अधिनियम 1956 से मुक्त है? यदि हाँ, तो संबंधित आदेश उपलब्ध करायें।
उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री इन्दर सिंह परमार ) : (क) जी नहीं। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता। (ख) इस क्रमांक का कोई आदेश विश्वविद्यालय के रिकॉर्ड में उपलब्ध नहीं है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-"अ" अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-"ब" अनुसार है। (ड.) विश्वविद्यालय के कुलाधिपति का नाम डॉ. गिरीश चन्द्र वर्मा है। कुलाधिपति की नियुक्ति संबंधी प्रावधानों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-"स" अनुसार है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
विश्वविद्यालय का नाम परिवर्तन की प्रक्रिया
[उच्च शिक्षा]
62. ( क्र. 399 ) श्री आतिफ आरिफ अकील : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या शासन द्वारा बरकतउल्ला विश्वविद्यालय का नाम बदलने का निर्णय लिया गया है? यदि हाँ, तो क्या नाम रखा जाना प्रस्तावित है? बरकतउल्ला विश्वविद्यालय की स्थापना वर्ष 1988 के लगभग 35 वर्ष पश्चात् विश्वविद्यालय का नाम बदलने में सरकार की मंशा क्या है? (ख) उपरोक्त प्रश्नांश के परिप्रेक्ष्य में भारत के स्वतंत्रता संग्राम आंदोलनों में महान क्रांतिकारी के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले डॉ. बरकतउल्ला भोपाली को क्या सरकार स्वतंत्रता संग्राम सैनानी मानती है? यदि हाँ, तो क्या एक स्वतंत्रता संग्राम सैनानी के नाम पर संचालित विश्वविद्यालय का नाम बदलना उचित है? (ग) प्रश्नांश ''क'', ''ख'' के परिप्रेक्ष्य में किसी विश्वविद्यालय का नाम बदलने की नियम/प्रक्रिया क्या है? विश्वविद्यालय का नाम बदलने के लिये प्रस्ताव/स्वीकृति किन-किन के द्वारा दी जाती है? नियमों की प्रति सहित विस्तृत जानकारी दें।
उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री इन्दर सिंह परमार ) : (क) जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ख) जानकारी एकत्रित की जा रही है। उत्तरांश 'क' के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) किसी विश्वविद्यालय का नाम बदलने के लिए उसको शासित करने वाले अधिनियम में संशोधन विधेयक के माध्यम से करना होता है। शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है।
कीटनाशक / खाद के सेम्पलों की जांच
[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]
63. ( क्र. 400 ) श्री आतिफ आरिफ अकील : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश सरकार द्वारा भोपाल संभाग में विगत 3 वर्षों में कीटनाशक/खाद के कितने सेम्पल किन-किन कंपनी/दुकानों/गोदामों से लिये गये? प्राप्त सेम्पलों में से कितने सेम्पल मानक स्तर के पाये गये? कितने अमानक पाये गये? कंपनी/दुकान/गोदाम/संचालक का नाम, सेम्पल लेने की दिनांक सहित वर्षवार पृथक-पृथक जानकारी उपलब्ध करावें। (ख) उपरोक्त प्रश्नांश के परिप्रेक्ष्य में जिन कंपनी/दुकानदार/विक्रेता के सेम्पल अमानक पाये गये, क्या उनके विरूद्ध कोई विभागीय/कानूनी कार्यवाही की गई? यदि हाँ, तो कब-कब तथा क्या-क्या कार्यवाही की गई? यदि नहीं तो क्यों? (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के परिप्रेक्ष्य में प्रदेश में कीटनाशक/खाद वितरण कंपनियों/दुकानों के सैंपल जांच के क्या नियम निर्धारित किये गये हैं? सेम्पल जांच प्रक्रिया कितनी अवधि में पूर्ण की जाती है? नियमावली की प्रति उपलब्ध करावें।
किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) भोपाल संभाग में गत तीन वर्षों में कीटनाशक औषधि के 601 नमूने लिए गए, जिसमें से 463 सेम्पल मानक तथा 112 सेम्पल अमानक पाये गए। 26 नमूनों का परिणाम अप्राप्त है। गत तीन वर्षों में उर्वरक के 6624 सेम्पल लिए गए, जिसमें से 6193 सेम्पल मानक तथा 332 सेम्पल अमानक पाये गए तथा 99 नमूनों का परिणाम अप्राप्त है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। कंपनी, दुकान/गोदाम/संचालक का नाम, सेम्पल लेने की दिनांक सहित वर्षवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 एवं 2 अनुसार है। (ख) की गई कार्यवाही की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 एवं 2 अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है।
सहकारी समितियों का पंजीयन
[सहकारिता]
64. ( क्र. 408 ) श्री अमर सिंह यादव : क्या सहकारिता मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या सहकारिता विभाग में सहकारी समितियों का पंजीयन किया जाता है। (ख) यदि हाँ, तो पंजीयन हेतु शासन के क्या नियम हैं? निर्देश की प्रति उपलब्ध करावें। (ग) प्रश्न दिनांक तक राजगढ़ जिले में कुल कितनी सहकारी समितियां पंजीकृत है? नाम, स्थान एवं पंजीयन दिनांक सहित बतावें। (घ) राजगढ़ जिले की उक्त पंजीकृत सहकारी समितियों में से दिनांक 31 मार्च 2026 की स्थिति में कौन-कौन सी समितियां ड्यू और ओवर ड्यू है? जानकारी दें। (ड.) उक्त सहकारी समितियों में कौन-कौन सदस्य हैं? सूची उपलब्ध कराएं।
सहकारिता मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) जी हाँ। (ख) सहकारी संस्थाओं का पंजीयन मध्यप्रदेश सहकारी सोसाइटी अधिनियम 1960 तथा नियम 1962 के सुसंगत प्रावधानों के तहत किया जाता है, प्रावधानों की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 एवं 2 अनुसार है। (ग) राजगढ़ जिले में कुल 1944 सहकारी संस्थाएँ पंजीकृत हैं, जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-4, 5 एवं 6 अनुसार है। (ड.) राष्ट्रीय सहकारी डेटाबेस (एन.सी.डी.) पोर्टल अनुसार समितिवार सदस्यों की संख्यात्मक जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है। समितिवार सदस्यों की जानकारी संस्था स्तर पर संधारित है।
प्रधानमंत्री सड़क योजनांतर्गत मार्गों का उन्नयन
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
65. ( क्र. 410 ) श्री मनोज नारायण सिंह चौधरी : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रधानमंत्री सड़क योजनांतर्गत जो सड़कें बनाई जाती हैं, वह यदि खराब हो जाती हैं, तो क्या उन्हें रिपेयर करने का कोई प्रावधान है? यदि हाँ, तो प्रश्नकर्ता विधानसभा क्षेत्र में प्रधानमंत्री सड़क योजनांतर्गत बनी कई सड़कें जैसे - सिंगावदा पहुँच मार्ग, क्षिप्रा से टिगरियागोगा, टिगरिया गोगा से गांगर्दी, टिमरनी से सुनवान कराड़, जशोदगढ़, दुर्गापुरा, मालसापुरा से सिया सी.सी. रोड, पटाड़ी किशनगढ़, बराय रोड, डबलचैकी-बराय रोड, मिर्जापुर रोड, रोजड़ी, मानकुण्ड, सिंगावदा-पोनासा, देहरियासाहु, बरखेड़ा सोमा, कवड़िया मार्ग पर सी.सी. रोड, कवड़ी पहुँच मार्ग, भड़ापिपल्या से गोंदलिया आदि कई मार्ग जो कि पूर्ण रूप से जर्जर स्थिति में हैं। उनका रिपेयर कार्य क्यों नहीं किया गया? (ख) क्या इन सड़कों को पुनः बनाए जाने की संभावनाएं हैं या इनको नक्शे से हटाया जा रहा है?
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) जी हाँ। उक्त मार्गों में से कोई भी मार्ग पूर्ण रूप से जर्जर स्थिति में नहीं है। प्रश्नांकित मार्गों की स्थिति निम्नानुसार है :- संधारित - 10 मार्ग, अनुबंध निरस्त - 06 मार्ग (निविदा कार्यवाही प्रचलन), उन्नयन अंतर्गत प्रस्तावित - 01 मार्ग, कुल - 17 मार्ग। मार्गों की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित मार्गों का संधारण/रख-रखाव कार्य पाँच वर्ष अंतर्गत (डी.एल.पी.), पाँच वर्ष पश्चात (एम.टी.एन.), दस वर्ष पश्चात (पी.टी.एन.) एवं 15 वर्ष पश्चात (एफ.टी.एन) योजना के अंतर्गत कराया जा रहा है, जो मार्ग अधिक क्षतिग्रस्त है अथवा जिन मार्गों पर भारी वाहनों के यातायात होने से क्रस्ट परिवर्तन की आवश्यकता है, उनके ट्राफिक की गणना के आधार पर उन्नयन के प्रस्ताव भी सक्षम प्राधिकारी से स्वीकृति प्राप्त होने के उपरांत मार्ग के उन्नयन संबंधी कार्यवाही की जाती है। वर्तमान में किसी भी मार्ग को नक्शे से हटाये जाने की कार्यवाही नहीं की जा रही है।
खाद बीज की कमी एवं कालाबाजारी
[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]
66. ( क्र. 416 ) श्री राजन मण्डलोई : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या बड़वानी जिले में खरीफ की फसलों के लिए खाद बीज के पूर्वानुमान के अनुसार पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है? यदि हाँ, तो यूरिया, एस.एस.पी., डी.ए.पी., एम.ओ.पी., एन.पी.के. का कितने-कितने मीट्रिक टन का स्टॉक है? (ख) खाद की मांग का कितना अनुमान निकाला गया है? क्या अनुमान के हिसाब से किसानों को खाद उपलब्ध कराया जा रहा है? यदि नहीं तो क्यों? (ग) पिछले वर्ष खरीफ की फसल बड़वानी जिले में कितने हेक्टेयर में बुवाई की गई थी? जिसके अनुपात में कितने मीट्रिक टन खाद का उठाव हुआ था? इस वर्ष बड़वानी जिले में कितने हेक्टेयर भूमि में खरीफ की फसलों की बुवाई होना संभावित है, जिसके अनुसार कितने मीट्रिक टन खाद की व्यवस्था की गई है? प्रश्न दिनांक तक कितने एम.टी. खाद का वितरण किसानों को हो चुका है? (घ) उपरोक्त प्रश्नांश के परिप्रेक्ष्य में क्या जिले में समितियों में खाद बीज की कमी के चलते किसानों को खाद बीज नहीं मिल रहा है एवं व्यापारियों द्वारा खाद बीज की कालाबाजारी की जा रही है एवं नकली खाद बीज भी बेचा जा रहा है, जिससे किसान अधिक दर पर खाद बीज खरीदने को मजबूर हो रहे हैं?
किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) जी हाँ। जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) बड़वानी जिले में खरीफ 2026 हेतु 95, 800 मीट्रिक टन उर्वरक की आवश्यकता आंकलित है। 78, 559 मीट्रिक टन का भण्डारण कराया जा चुका है। जी हाँ, भारत सरकार से प्राप्त होने वाली रैकों से जिले में उर्वरक आपूर्ति निरंतर जारी है। (ग) पिछले वर्ष खरीफ 2025 में बड़वानी जिले में 2, 46, 344 हेक्टेयर में बुवाई की गई थी तथा 95, 198 मीट्रिक टन उर्वरकों का उठाव हुआ था। खरीफ 2026 में 2, 46, 950 हेक्टेयर में फसलों की बुवाई होना अनुमानित है तथा दिनांक 30.06.2026 तक 78, 559 मीट्रिक टन उर्वरकों की उपलब्धता कराई जा चुकी है तथा शेष खरीफ मौसम हेतु उर्वरक आपूर्ति निरंतर जारी है, जिसमें से 51, 773 मीट्रिक टन उर्वरकों का वितरण किसानों को हो चुका है। (घ) जी नहीं। जिले में सहकारी समितियों में किसानों के लिये पर्याप्त उर्वरक एवं बीज उपलब्ध है, अत: उर्वरक एवं बीज की कालाबाजारी जैसी स्थिति नहीं है। किसानों को उर्वरक ई-टोकन के माध्यम से निर्धारित कीमत पर विक्रय कराया जा रहा है एवं अधिक कीमत व नकली उर्वरक-बीज विक्रय किये जाने की कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है।
प्रश्नकर्ता को जानकारी का प्रदाय
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
67. ( क्र. 417 ) श्री राजन मण्डलोई : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि क्या प्रश्नकर्ता द्वारा पत्र क्रमांक 166/2026 दिनांक 07/05/2026 अतिरिक्त प्रमुख सचिव, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, म.प्र. शासन, भोपाल को लिखा गया था? यदि हाँ तो प्रश्नकर्ता को प्रश्न दिनांक तक संपूर्ण जानकारी उपलब्ध करा दी गईं है? यदि नहीं, तो सामान्य प्रशासन विभाग के आदेश क्र. F-19-76/2007/1/4 भोपाल दिनांक 22/03/2011 अनुसार संबंधित अधिकारी/कर्मचारी की जवाबदेही निर्धारित करते हुए उनके विरुद्ध कार्यवाही कब तक की जावेगी तथा जानकारी कब तक उपलब्ध करा दी जावेगी?
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : उल्लेखित पत्र विभाग में प्राप्त होना नहीं पाया गया। अत: शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
जिला पंचायत कर्मचारियों के गोपनीय प्रतिवेदन
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
68. ( क्र. 418 ) डॉ. विक्रांत भूरिया : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या बड़वानी, खरगोन और झाबुआ जिला पंचायतों में भी वर्ष 2022-23 से लेकर वर्ष 2025-26 तक की गोपनीय चरित्रावलियां जिला पंचायत अध्यक्षों को समय पर अग्रेषित की गई हैं? (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में, क्या बड़वानी, खरगोन और झाबुआ जिला पंचायतों में भी DRDA सहित संपूर्ण अमले की गोपनीय चरित्रावलियां आज दिनांक तक लंबित हैं? यदि हाँ, तो इसके लिए उत्तरदायी अधिकारियों/कर्मचारियों के विरुद्ध दंडात्मक कार्यवाही (वेतन वृद्धि रोकने जैसी) की जाएगी? यदि हाँ, तो कब तक और यदि नहीं, तो क्यों नहीं? (ग) क्या 'म.प्र. पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी की शक्तियां तथा कृत्य नियम, 1995' के तहत शासकीय सेवकों के कार्यों का वार्षिक निर्धारण कर गोपनीय राय अध्यक्ष को अग्रेषित करना जिला पंचायत सी.ई.ओ. का वैधानिक दायित्व है? यदि हाँ, तो क्या बड़वानी, खरगोन और झाबुआ में इन नियमों के उल्लंघन और पर्यवेक्षीय लापरवाही के लिए संबंधित जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारियों (CEOs) की भूमिका की उच्च स्तरीय जांच कराई जाएगी? (घ) बड़वानी, खरगोन और झाबुआ जिला पंचायतों में DRDA सहित समस्त अधिकारियों-कर्मचारियों के वर्ष 2022-23 से लेकर वर्ष 2025-26 तक के लंबित गोपनीय प्रतिवेदन कब तक जिला पंचायत अध्यक्ष को प्रस्तुत कर दिए जाएंगे?
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) जी नहीं। मध्यप्रदेश शासन पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग भोपाल के पत्र क्रमांक/बी-1/21/96/वि-5/22/स्था. भोपाल दिनांक 23 सितम्बर 1997 एवं पत्र क्रमांक/6831/22/वि-2/स्था./16 भोपाल दिनांक 14/06/2016 के माध्यम से प्रसारित निर्देशानुसार पंचायती राज के अधीन राजपत्रित अधिकारियों, अराजपत्रित अधिकारियों/कर्मचारियों के वार्षिक गोपनीय प्रतिवेदन लिखने की प्रणाली लागू की गई है तद्नुसार शासन नियमानुसार पालन किया गया है, परन्तु जिला पंचायत के मूल अधिकारी/कर्मचारियों की गोपनीय चरित्रावली जिला पंचायत अध्यक्षों को अग्रेषित की जाना थी, जो अग्रेषित नहीं की गई। (ख) जिला पंचायत के मूल कर्मचारियों के गोपनीय चरित्रावलियां मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत द्वारा अभी तक अध्यक्ष जिला पंचायत को अग्रेषित नहीं की गयी हैं। इसलिए जांच कर उत्तरदायित्व निर्धारित किया जायेगा। (ग) जी हाँ। वर्ष 1995 के निर्देश के अनुक्रम में जिला पंचायत के मूल कर्मचारियों, जिनकी गोपनीय चरित्रावली विभाग के प्रश्नाश ''क'' में उल्लेखित प्रावधानों के अनुसार नहीं लिखी जानी है, उनकी गोपनीय चरित्रावली जिला पंचायत अध्यक्षों को भेजने का दायित्व मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत का है। इस सम्बन्ध में वस्तुस्थिति ज्ञात कर आवश्यक कार्यवाही की जावेगी। (घ) जिला पंचायत बड़वानी, खरगोन और झाबुआ में डी.आर.डी.ए. सहित ऐसे समस्त अधिकारियों/कर्मचारियों के वर्ष 2022-23 से लेकर वर्ष 2025-26 तक के गोपनीय प्रतिवेदन शासन निर्देशानुसार लिखे जाने थे, उनका पालन किया गया है। जिला पंचायत के जिन मूल अधिकारी/कर्मचारियों के गोपनीय प्रतिवेदन जिला पंचायत अध्यक्ष को प्रस्तुत करने चाहिये थे और अभी तक प्रस्तुत नहीं हुये हैं, उन्हें शीघ्र प्रस्तुत कराया जायेगा।
नवीन खाद वितरण टोकन प्रणाली
[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]
69. ( क्र. 420 ) डॉ. विक्रांत भूरिया : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में वर्ष 2026 में कुल खाद की उपलब्धता कितनी है, नवीन खाद वितरण हेतु टोकन प्रदाय पात्रता के क्या नियम हैं एवं एक किसान को एक टोकन पर कितना और कौन-कौन सा खाद देने का प्रावधान है? जिलेवार विस्तृत जानकारी प्रदाय करें। (ख) प्रश्नांश (क) के सबंध में प्रत्येक जिले में कितने-कितने टोकन जारी किये गये है, टोकन जारी होने के कितने समय तक खाद प्राप्त किया जा सकती है? यदि खाद उपलब्ध नहीं है तो क्या फिर से नवीन टोकन जारी करवाना होगा तथा उसके क्या नियम है? विस्तृत जानकारी प्रदाय करें। (ग) क्या खाद उचित मूल्य की दुकान पर उपलब्ध न होने पर बाजार से व्यापारियों से भी खाद क्रय करने का नियम है तथा डी.ए.पी. एवं यूरिया खाद का कितना मूल्य निर्धारित किया गया है? प्रत्येक खाद अनुसार प्रति बोरी दर की विस्तृत जानकारी दी जावे। (घ) सहकारी संस्था से नगद खाद प्रदाय के नियम हैं अथवा नहीं? यदि है तो झाबुआ एवं अलीराजपुर जिले में कितने नगद खरीदी के सेन्टर हैं?
किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) प्रदेश में दिनांक 2.7.2026 की स्थिति में 13.13 लाख मीट्रिक टन उर्वरक की उपलब्धता है। नवीन ई-विकास प्रणाली के माध्यम से प्रदेश का कोई भी किसान उर्वरक प्राप्त कर सकता है। एक टोकन पर उर्वरक मात्रा का निर्धारण किसान द्वारा चयनित फसल, फसल रकबा के मान से किया जाता है। उर्वरक का चयन किसान द्वारा स्वयं किया जाता है। तथापि किसान की फसल हेतु ICAR की अनुशंसित मात्रा से अधिक उर्वरक की मात्रा लेने पर कोई प्रतिबंध नहीं है। जिलावार उर्वरक उपलब्धता की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। ई-टोकन जारी होने से 03 दिवस तक उर्वरक क्रय किया जा सकता है। विक्रेता पर उर्वरक उपलब्ध होने पर ही ई-टोकन जनरेट होता है। अत: शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) जी नहीं। उचित मूल्य की दुकान से उर्वरक प्रदाय नहीं किया जाता है। अपितु विपणन संघ के डबल लॉक केंद्र, प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों, एम.पी. एग्रो से उर्वरक वितरण किया जाता है, निजी व्यापारी द्वारा भी उर्वरक विक्रय किया जाता है। भारत सरकार द्वारा यूरिया का मूल्य रूपये 266.50 प्रति बैग एवं डी.ए.पी. का मूल्य रूपये 1350.00 प्रति बैग निर्धारित है। (घ) जिले की सहकारी समितियों से केवल ऋणी किसानों को उर्वरक उपलब्ध कराया जाता है एवं मार्कफेड के डबल लॉक केंद्रों से किसानों को नगद में उर्वरक विक्रय किया जाता है। इस हेतु अलीराजपुर जिले में 05 एवं झाबुआ जिले में 06 नगद विकय केंद्र संचालित हैं।
आकांक्षी युवा को रोजगार का प्रदाय
[तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार (केवल कौशल विकास एवं रोजगार ) ]
70. ( क्र. 422 ) श्री प्रताप ग्रेवाल : क्या राज्य मंत्री, कौशल विकास एवं रोजगार महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्नकर्ता के तारांकित प्रश्न क्र. 261 दिनांक 17/2/26 के उत्तरांश (ग) के संदर्भ बताएं कि वर्ष 2018 से 2025 तथा जनवरी से जून 2026 तक जीवित पंजी में से कितनों ने 3 वर्ष होने पर नवीनीकरण कराया तथा कितने निरस्त हुए? शिक्षा, वर्ग, जेंडर अनुसार जानकारी प्रदान करें। (ख) 30 जून 2017 से 2026 तक पोर्टल पर आकांक्षी युवा की पंजीयन संख्या शिक्षा, वर्ग तथा जेंडर अनुसार बताएं। प्रश्नांश (क) में वर्णित प्रश्न के प्रश्नांश (ख) के संदर्भ बताएं कि सभी स्तर के शिक्षित हेतु रोजगार शासकीय तथा निजी क्षेत्र में कितना-कितना उपलब्ध है, तथा रोजगार उपलब्ध के बाद भी लाखों आकांक्षी क्यों हैं? (ग) तारांकित प्रश्न क्रमांक 261 दिनांक 17.02.2026 के प्रश्नांश (ख) में वर्णित 2024-25 में रोजगार प्राप्त करने वाले आकांक्षी युवाओं के जिलेवार नाम, पता, पद, वेतन, पद स्थायी/अस्थायी, कार्यालय कार्य या कमीशन एजेंट, रोजगार देने वाली कंपनी का नाम सहित सूची प्रदान करें। जून 2026 की स्थिति में बताएं कि उनमें से कितने युवा रोजगार से हटा दिए गए, स्वयं छोड़कर चले गए या अभी कार्यरत हैं? (घ) वर्ष 2025-26 तथा जून 2026 तक रोजगार मेले में भाग लेने वाली कंपनी का नाम, कितने युवाओं को किस कंपनी ने किस पद के लिए ऑफर लेटर दिए, कितने पद कार्यालय कार्य से है तथा कितने पद कमीशन एजेंट के हैं, पद का वेतन, पद स्थायी/अस्थाई हैं, ऑफर लेटर के पश्चात निरिक्षण किया जाता है कि उन्हें रोजगार प्राप्त हुआ है की जिलेवार जानकारी दें। कमीशन एजेंट पद में वेतन का निर्धारण किस अनुसार किया हैं? विस्तार से जानकारी दें।
राज्य मंत्री, कौशल विकास एवं रोजगार ( श्री गौतम टेटवाल ) : (क) प्रश्नावधि में नियमित पंजी में से नवीनीकरण कराने वाले आवेदकों की संख्या 3, 85, 375 एवं निरस्त हुये आवेदकों की संख्या 47, 56, 152 है। प्रश्नावधि से संबंधित नवीनीकरण कराने वाले एवं निरस्त हुये आवेदकों की शिक्षा, वर्ग, जेंडर अनुसार जानकारी पोर्टल पर संधारित नहीं है। (ख) 30 जून 2026 की स्थिति में एम.पी. रोजगार पोर्टल पर जीवित पंजी पर उपलब्ध आकांक्षी युवाओं की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। विभाग द्वारा शासकीय रोजगारों की जानकारी संधारित नहीं की जाती है, प्रश्नावधि में जॉब फेयर योजना के माध्यम से निजी क्षेत्र में नियुक्ति हेतु ऑफर लेटर प्राप्त आवेदकों की संख्या 8, 17, 744 है। पोर्टल पर पंजीयन की सुविधा सभी प्रकार के आकांक्षी आवेदकों के लिये उपलब्ध होने से अध्ययनरत एवं रोजगार प्राप्त युवा भी पंजीयन करवाते हैं। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 (पेनड्राइव) अनुसार है। ऑफर लेटर प्रदान किये जाने के उपरांत की जानकारी विभाग द्वारा संधारित नहीं की जाती है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 (पेनड्राइव) अनुसार है। ऑफर लेटर प्रदान किये जाने के पश्चात निरीक्षण नहीं किया जाता है, शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। पद के वेतन का निर्धारण नियोजक द्वारा पद की सेवा शर्तों के अनुसार किया जाता है।
बीज प्रमाणीकरण संस्था द्वारा बीज का परीक्षण
[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]
71. ( क्र. 423 ) श्री प्रताप ग्रेवाल : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बीज प्रमाणीकरण संस्था द्वारा बीज परीक्षण 2020-21 से 2025-26 तक कुल नमूने, मानक एवं अमानक नमूनों की संख्या क्या है? अमानक नमूनों में कितने-कितने, किस-किस कैटेगरी के बीज उत्पादक के है? उस बीज उत्पादक पर क्या कार्रवाई की गई? वर्षवार जानकारी दें। (ख) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित अमानक नमूने के निजी बीज उत्पादक संस्था का नाम, नमूनों की संख्या तथा की गई कार्यवाही की जानकारी दें। इस उत्पादक ने आलोच्य वर्ष में खरीफ तथा रबी मौसम में किस फसल के बीज कितने प्रमाणित क्षेत्रफल पर लगाए? बीज की प्रमाणिक मात्रा क्या है और औसत प्रति हेक्टेयर क्या है? वर्षवार बताएं। (ग) ई.ओ.डब्ल्यू. में बीज प्रमाणीकरण संस्था द्वारा अनियमितता किए जाने की महेश पांडे की शिकायत 293/2023 में ई.ओ.डब्ल्यू. से प्राप्त पत्रों तथा दिए उत्तरों की प्रति देवें। (घ) प्रश्नांश (ग) में उल्लेखित शिकायत में विभाग द्वारा निजी बीज उत्पादक को लिखे पत्र तथा प्राप्त उत्तरों की प्रति देवें। किन पत्रों के उत्तर अभी तक प्राप्त नहीं हुए तथा क्या कार्रवाई की गई? (ड.) बीज गुण नियंत्रण के अंतर्गत 2020-21 से 2025-26 तक कुल लिए गए नमूने, कुल विश्लेषित, कुल मानक तथा कुल अमानक की जानकारी दें।
किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) बीज प्रमाणीकरण संस्था द्वारा बीज परीक्षण 2020-21 से अद्यतन 2025-26 तक, कुल 319309 नमूनों में 284140 मानक एवं 35169 अमानक नमूनों की संख्या है। अमानक नमूनों की कैटेगरीवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। संस्था द्वारा अमानक बीज नमूनों का प्रमाणीकरण नहीं किया जाता है। प्रश्नांश के शेष भाग का प्रश्न ही उद्भूत नहीं होता है। (ख) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित अमानक नमूनें के निजी बीज उत्पादक संस्था का नाम, नमूनों की संख्या, जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। संस्था द्वारा अमानक बीज नमूनों का प्रमाणीकरण नहीं किया जाता है। उपरोक्तानुसार निजी संस्थाओं द्वारा आलोच्य वर्षों में खरीफ तथा रबी मौसम में कुल 685716 हेक्टेयर प्रमाणित क्षेत्रफल में 10529113 क्विंटल बीज प्रमाणित किया गया है। संस्थावार, वर्षवार, फसलवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है। (ग) ई.ओ.डब्ल्यू. में बीज प्रमाणीकरण संस्था द्वारा अनियमितता किए जाने की महेश पांडे की शिकायत 293/2023 में ई.ओ.डब्ल्यू. से प्राप्त पत्रों तथा दिए उत्तरों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-4 अनुसार है। (घ) प्रश्नांश ”ग“ के परिप्रेक्ष्य में शिकायतकर्ता द्वारा ई.ओ.डब्ल्यू. में सीधे शिकायत की गई है। ई.ओ.डब्ल्यू. द्वारा चाही गई जानकारी संस्था द्वारा प्रेषित की जा चुकी है। अत: प्रश्नांश के शेष भाग का प्रश्न ही उद्भूत नहीं होता है। (ड.) संयुक्त संचालक (वि.स.), किसान कल्याण तथा कृषि विकास, म.प्र. भोपाल द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार बीज गुण नियंत्रण अंतर्गत वर्ष 2020-21 से 2025-26 तक कुल 102712 बीज नमूने लिये गये, कुल 100542 विश्लेषित, कुल 92759 मानक एवं कुल 8026 अमानक है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-5 अनुसार है।
वाणिज्य संकाय के स्वीकृत पदों पर नियुक्ति
[उच्च शिक्षा]
72. ( क्र. 426 ) डॉ. तेजबहादुर सिंह चौहान : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शासकीय कन्या महाविद्यालय नागदा में वाणिज्य संकाय के तीन सहायक प्राध्यापकों के पद विगत 2 वर्षों से स्वीकृत हैं लेकिन पोर्टल पर मैपिंग न होने के कारण सहायक प्राध्यापक पदस्थ नहीं किये जा रहे हैं और न ही अतिथि विद्वान की नियुक्ति कर पा रहे हैं। किन कारणों से पोर्टल पर मेपिंग नहीं हो पा रही है? जानकारी दें। (ख) प्रश्नांश (क) वर्णित समस्या का समाधान कब तक कर दिया जाएगा?
उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री इन्दर सिंह परमार ) : (क) पृष्ठांकन की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। समय-सीमा बताई जाना संभव नहीं है। (ख) समय-सीमा बताई जाना संभव नहीं है।
उज्जैन में मलखंब एकेडमी की स्थापना
[खेल एवं युवा कल्याण]
73. ( क्र. 427 ) डॉ. तेजबहादुर सिंह चौहान : क्या खेल एवं युवा कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) उज्जैन में माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा मलखंब एकेडमी प्रारंभ करने की घोषणा की गई थी। उक्त घोषणा की प्रगति वर्तमान में किस स्थिति में है? बताने की कृपा करेंl (ख) क्या वर्तमान में प्रदेश के मलखंब खिलाड़ियों को किसी शासकीय खेल संस्थान में आवासीय प्रशिक्षण एवं छात्रवृत्ति की सुविधा दी जा रही है? (ग) खेलो इंडिया में प्रदेश के राष्ट्रीय स्तर पर स्वर्ण पदक विजेता खिलाड़ियों को शासकीय नौकरियों में प्राथमिकता दी जा रही है क्या? यदि नहीं तो क्यों?
खेल एवं युवा कल्याण मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) जी नहीं, माननीय मुख्यमंत्री जी की अध्यक्षता में आयोजित विभागीय समीक्षा बैठक दिनांक 18/09/2024 में उज्जैन में मलखंब एवं जिम्नास्टिक एकेडमी स्थापित करने का निर्णय लिया गया है। इस हेतु म.प्र. शासन वित्त विभाग के परिपत्र क्रमांक 495/आर-329/चार/ब-1/2021 दिनांक 09 अप्रैल 2025 में दिए गए निर्देशानुसार संशोधित प्रस्ताव तैयार कर सक्षम स्वीकृति की कार्यवाही प्रचलन में है। (ख) वर्तमान में प्रदेश में मलखंब खेल के 13 फीडर सेन्टर संचालित है, जिसमें खिलाड़ियों को नि:शुल्क प्रशिक्षण व खेल सामग्री/पोशाक प्रदाय की जा रही है, आवासीय सुविधा उपलब्ध नहीं है। विभागीय नियमानुसार अन्य खेलों की भांति मलखंब खेल में खिलाड़ियों को छात्रवृत्ति/पुरस्कार राशि दी जा रही है। (ग) जी नहीं, मध्यप्रदेश शासन, सामान्य प्रशासन विभाग के पत्र क्र. एफ सी-3-12/09/3/1 भोपाल दिनांक 17 जून 2009 द्वारा विक्रम पुरस्कार प्राप्त उत्कृष्ट खिलाड़ियों को शासकीय सेवा में तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी में नियुक्ति के लिए प्रावधान है, पृथक से खेलो इंडिया में प्रदेश के राष्ट्रीय स्तर पर स्वर्ण पदक विजेता खिलाड़ियों को शासकीय नौकरियों में प्राथमिकता दिए जाने का कोई प्रावधान नहीं है। अत: शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
गलत जानकारी प्रस्तुत करने वाले अधिकारियों के विरुद्ध कार्यवाही
[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]
74. ( क्र. 430 ) श्री कमलेश्वर डोडियार : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या विधानसभा तारांकित प्रश्न क्रमांक 3408, दिनांक 06/03/2026 के उत्तर में विभाग द्वारा प्रस्तुत जानकारी का परीक्षण एवं सत्यापन कराया गया है? यदि हाँ, तो परीक्षण का निष्कर्ष क्या है? यदि नहीं, तो क्यों? (ख) क्या प्रश्नांश (क) वर्णित प्रश्न के उत्तर में कुछ तथ्यों के संबंध में गलत, अपूर्ण अथवा भ्रामक जानकारी सदन को उपलब्ध कराई गई है? यदि हाँ, तो बिंदुवार जानकारी उपलब्ध करावें। (ग) प्रश्नांश (क) वर्णित प्रश्न के उत्तर हेतु जानकारी किस-किस अधिकारी/कर्मचारी द्वारा संकलित, सत्यापित एवं प्रेषित की गई थी? संबंधित अधिकारियों/कर्मचारियों के नाम, पदनाम एवं पदस्थापना स्थल की जानकारी उपलब्ध करावें। यदि जांच में यह पाया जाता है कि विधानसभा को गलत अथवा भ्रामक जानकारी प्रदान की गई है, तो इसके लिए उत्तरदायी अधिकारी/कर्मचारी के विरुद्ध क्या अनुशासनात्मक/निलंबन की कार्यवाही की जाएगी? यदि हाँ, तो कार्यवाही की समय-सीमा बताएं।
किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) जी हाँ। उज्जैन संभाग में किसी भी अधिकारी/कर्मचारी को संलग्नीकरण नहीं किया गया है और न ही नियम विरूद्ध कार्य कराया जा रहा है। (ख) जी नहीं। शेष प्रश्न उद्भूत नहीं होता है। (ग) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। उत्तरांश (ख) के परिप्रेक्ष्य में शेष प्रश्न उद्भूत नहीं होता है।
सहकारी समितियों में वित्तीय अनियमितताओं की जांच
[सहकारिता]
75. ( क्र. 431 ) श्री कमलेश्वर डोडियार : क्या सहकारिता मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला रतलाम में वर्ष 2020 से प्रश्न दिनांक तक सहकारी समितियों में वित्तीय अनियमितता, गबन, शासकीय राशि के दुरुपयोग अथवा अन्य वित्तीय अनियमितताओं के कितने प्रकरण पाए गए हैं? समितिवार, वर्षवार एवं प्रकरणवार जानकारी उपलब्ध करावें। (ख) प्रश्नांश (क) में उल्लिखित प्रकरणों में किन-किन सहकारी समितियों के विरुद्ध जांच कराई गई है? जांच एजेंसी, जांच प्रारंभ करने की तिथि, जांच की वर्तमान स्थिति एवं जांच निष्कर्ष सहित समितिवार जानकारी दें। (ग) क्या वित्तीय अनियमितता अथवा गबन के प्रत्येक प्रकरण में कितनी राशि का अनियमित व्यय अथवा गबन पाया गया है? समितिवार एवं प्रकरणवार राशि की जानकारी उपलब्ध कराएं। (घ) प्रश्नांश (ख) वर्णित प्रकरणों में दोषी पाए गए अधिकारियों, कर्मचारियों, समिति प्रबंधकों, समिति अध्यक्षों अथवा अन्य व्यक्तियों के नाम, पदनाम एवं उनके विरुद्ध की गई विभागीय, राजस्व, वसूली अथवा आपराधिक कार्यवाही की जानकारी दें। (ङ) प्रश्नांश (घ) के अंतर्गत कितने प्रकरणों में प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज की गई है? थाना, अपराध क्रमांक, दर्ज धाराएं एवं प्रकरण की वर्तमान स्थिति का विवरण उपलब्ध कराएं। (च) वित्तीय अनियमितताओं एवं गबन के प्रकरणों में अब तक कितनी राशि की वसूली की गई है तथा कितनी राशि की वसूली शेष है? समितिवार जानकारी उपलब्ध करावें। (छ) ऐसे कितने प्रकरण वर्तमान में लंबित हैं जिनमें अभी तक अंतिम कार्यवाही नहीं की गई है? लंबित रहने के कारण एवं कार्यवाही पूर्ण किए जाने की संभावित समय-सीमा बताई जाए।
सहकारिता मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ग) जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित रतलाम से संबद्ध पैक्स नगरा में राशि रू. 43, 68, 083/-, पैक्स पिपलौदा में राशि रू. 17, 65, 952.17 एवं पैक्स शेरपुर में राशि रू. 74, 26, 647/- का गबन पाया गया है। (घ) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है। (ड.) संस्था नगरा में दोषी कर्मचारियों के विरूद्ध थाना स्टेशन रोड रतलाम में अपराध क्र.-0408 दिनांक 15.05.2026 धारा-173 बी.एन.एस.एस. एवं भा.द.स. की धारा - 409 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है जो वर्तमान में पुलिस विवेचना के अधीन है एवं पैक्स संस्था शेरपुर में दोषी कर्मचारियों के विरूद्ध एफ.आई.आर. दर्ज कराने हेतु थाना पिपलौदा जिला रतलाम में आवेदन प्रस्तुत किया गया है। (च) पैक्स पिपलौदा में गबन राशि रू. 17, 65, 952.17 की पूर्ण वसूली की जा चुकी है। शेष 02 संस्थाओं पैक्स नगरा (राशि 43, 68, 083/-) एवं पैक्स शेरपुर (राशि रू. 74, 26, 647/-) की वसूली होना शेष है। (छ) प्रकरण वर्तमान में लंबित नहीं है। शेष का प्रश्न नहीं उठता।
शांतिधाम एवं पहुंच मार्ग निर्माण की कार्ययोजना
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
76. ( क्र. 434 ) डॉ. राजेन्द्र पाण्डेय : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या शासन/विभाग द्वारा केन्द्र/राज्य प्रवर्तित विभिन्न योजनाओं के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में शांतिधाम निर्माण की कार्ययोजना बनाई गई है? (ख) यदि हाँ, तो विधानसभा क्षेत्र जावरा अंतर्गत विगत पांच वर्षों में कितने स्थानों पर शांतिधाम निर्माण की कार्ययोजना कहाँ-कहाँ पर बनाई जाकर उसे स्वीकृत किया गया है? जनपदवार, ग्रामवार जानकारी दें। (ग) क्या ग्रामीण क्षेत्रों में शांतिधाम पहुंच मार्ग जर्जर व क्षतिग्रस्त होते हैं, जिनके निर्माण की भी कार्ययोजना बनाई गई है? विधानसभा क्षेत्र जावरा में कितने स्थानों पर इन मार्गों को स्वीकृति दी गई? (घ) प्रश्नांश (ख) व (ग) में उल्लेखित दोनों कार्यों की स्वीकृति कब-कब दी जाकर कार्य कब प्रारम्भ हुए? किन-किन ग्रामों में शांतिधाम निर्माण एवं पहुंच मार्ग निर्माण के प्रस्ताव अभी लम्बित हैं? इन्हें स्वीकृति कब तक दी जा सकेगी?
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) जी हाँ। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) वर्तमान में विधानसभा क्षेत्र जावरा में शांतिधाम पहुंच मार्ग जर्जर अवस्था में नहीं है। इसलिए पहुंच मार्ग निर्माण की कार्ययोजना नहीं बनाई गई है। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है, शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता है।
इंडोर व आउटडोर स्टेडियम निर्माण की स्वीकृति
[खेल एवं युवा कल्याण]
77. ( क्र. 435 ) डॉ. राजेन्द्र पाण्डेय : क्या खेल एवं युवा कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या विभाग द्वारा खेलों एवं खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से खेल स्टेडियम व संसाधन उपलब्ध कराने की कार्ययोजना बनाई जाकर कार्य किया जा रहा है? (ख) यदि हाँ, तो क्या प्रदेश में विभिन्न स्थानों पर इंडोर व आउटडोर स्टेडियम निर्माण की स्वीकृति दी जाकर खिलाड़ियों को सुविधाएं प्रदान की जा रही है? (ग) यदि हाँ, तो क्या जावरा विधानसभा क्षेत्र के पिपलौदा व जावरा नगर में माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा इंडोर व आउटडोर खेल स्टेडियम निर्माण की घोषणा की गई थी? (घ) यदि हाँ, तो दोनों स्थानों पर स्टेडियम निर्माण के स्थान को चिन्हित कर कार्ययोजना बनाई गई है तो इनकी स्वीकृति कब तक दी जाकर कार्य कब प्रारम्भ हो सकेगा? सम्पूर्ण जानकारी उपलब्ध कराएं।
खेल एवं युवा कल्याण मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) एवं (ख) जी हाँ। (ग) माननीय मुख्यमंत्री जी ने घोषणा कमांक D-1020 दिनांक 28/12/2025 द्वारा जावरा नगर में आउटडोर व इंडोर स्टेडियम बनाया जाएगा" की घोषणा गई है। पिपलौदा नगर स्टेडियम निर्माण की कोई अधिकृत घोषणा कार्यालय को प्राप्त नहीं हुई है। (घ) जिला खेल और युवा कल्याण अधिकारी जिला रतलाम द्वारा जावरा नगर में खेल स्टेडियम निर्माण हेतु 4.00 हेक्टेयर भूमि चिन्हित कर जिला प्रशासन से भूमि आवंटन के लिये ऑनलाइन आवेदन दिनांक 24.02.2026 को प्रस्तुत किया गया है। जिला प्रशासन स्तर पर भूमि आवंटन की कार्यवाही अपेक्षित है। जिला प्रशासन द्वारा भूमि आवंटन उपरांत शासकीय निर्माण एजेंसी से प्राक्कलन मय तकनीकी स्वीकृति के प्राप्त किया जावेगा, इसके उपरांत प्रस्ताव का परीक्षण कर सक्षम समिति के समक्ष तैयार कर प्रस्तुत किया जावेगा, तदुपरांत शासन द्वारा स्टेडियम निर्माण हेतु आगामी कार्यवाही की जा सकेंगी। पिपलौदा नगर में जिला प्रशासन द्वारा समतल व उपयुक्त नगर निकाय सीमा से 2.00 कि.मी. की परिधि 10.00 एकड़ भूमि विभाग के नाम आवंटन उपरांत खेल स्टेडियम निर्माण पर विचार किया जा सकेगा। निश्चित समय-सीमा बतायी जाना संभव नहीं है।
गारंटी अवधि में जीर्ण-शीर्ण हुई सड़कों की शिकायत
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
78. ( क्र. 442 ) श्री दिलीप सिंह परिहार : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्नकर्ता के अतारांकित प्रश्न क्रमांक 2432 (दिनांक 04.08.2025) के उत्तरांश 'ख' में चार माह का संधारण भुगतान शून्य बताया गया है। क्या वर्तमान तिथि तक ठेकेदार को कोई भुगतान किया गया है? यदि हाँ, तो विवरण दें। (ख) प्रश्नांश (क) में संदर्भित सड़क का भौतिक सत्यापन किन सक्षम अधिकारियों द्वारा और कब-कब किया गया? क्या सड़क मरम्मत का कार्य पूर्ण हो चुका है? यदि हाँ, तो इसकी गुणवत्ता की जाँच किन अधिकारियों द्वारा कब की गई? उक्त सड़क के संबंध में प्रश्नकर्ता द्वारा लिखे गए पत्रों का विवरण देवें। साथ ही, पत्र प्राप्ति के उपरांत ठेकेदार को किन नियमों के अंतर्गत पूर्ण भुगतान किया गया? (ग) क्या लसुडीतंवर से बैलारी सड़क जीर्ण-शीर्ण अवस्था में है? यदि हाँ, तो इस सड़क के निर्माण की प्रारंभ तिथि, लागत और गारंटी अवधि का विवरण दें। इस सड़क के संबंध में किन व्यक्तियों द्वारा कब-कब शिकायतें की गईं और विभाग द्वारा उन पर क्या कार्यवाही की गई? सक्षम अधिकारी के हस्ताक्षरित जांच प्रतिवेदन की प्रतिलिपि उपलब्ध कराएं। (घ) नीमच विधानसभा क्षेत्र में गारंटी अवधि के दौरान जीर्ण-शीर्ण हुई सड़कों का विवरण दें। इन सड़कों के विरुद्ध विभाग द्वारा की गई कार्यवाही और अधिरोपित दंड की सूची उपलब्ध कराएं।
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) जी हाँ। जी नहीं, दिनांक 04.08.2025 के पश्चात वर्तमान तिथि तक संविदाकार को कोई भुगतान नहीं किया गया है (ख) उत्तरांश (क) में वर्णित सड़क का निरीक्षण संधारण अवधि (दिनांक 28.06.2020 - 27.06.2025) के दौरान राज्य गुणवत्ता निरीक्षक श्री संजय वर्मा, श्री एस.सी. शुक्ला एवं श्री वी.के. बरथरे द्वारा क्रमशः दिनांक 21.11.2022, दिनांक 24.03.2023 एवं दिनांक 24.06.2025 को किया गया। उपरोक्तानुसार निरीक्षण प्रतिवेदनों में कार्य की संधारण स्थिति को संतोषप्रद श्रेणी में वर्गीकृत किया गया है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''1'' अनुसार है। सड़क मरम्मत कार्य पूर्ण हो चुका है। अनुबंधानुसार मार्ग की संधारण अवधि 27.06.2025 को पूर्ण हो गई है। संधारण कार्य का निरीक्षण राज्य गुणवत्ता निरीक्षक श्री वी.के. बरथरे द्वारा दिनांक 24.06.2025 को किया गया। संदर्भित सड़क के संबंध में माननीय विधायक महोदय, विधानसभा क्षेत्र नीमच से प्राप्त पत्र दिनांक 24.05.2025 के पश्चात ठेकेदार द्वारा किये गये संधारण कार्य का कोई भुगतान नहीं किया गया है (ग) जी नहीं, लसुडीतंवर से बेलारी मार्ग जीर्ण-शीर्ण अवस्था में नहीं है। इस मार्ग में 02 सड़कें क्रमशः लसुडीतवंर से उमाहेडा सड़क (लंबाई 2.32 किमी.) एवं उमाहेडा से बेलारी सड़क (लंबाई 2.00 किमी.) सम्मिलित है। सड़कवार निर्माण प्रारंभ तिथि, लागत और गारंटी अवधि की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''2'' अनुसार है। उमाहेडा से बैलारी मार्ग में सी.एम. हेल्पलाइन पोर्टल पर शिकायतें प्राप्त हुई है, जिनका निराकरण किया गया है जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''3'' अनुसार है। उमाहेडा से बैलारी मार्ग में ठेकेदार द्वारा संधारण कार्य पूर्ण नहीं करने के कारण मार्ग के पैकेज MP27WB004 का अनुबंध दि. 05.05.2026 को निरस्त किया गया। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''4'' अनुसार है। (घ) नीमच विधानसभा क्षेत्र में गारंटी अवधि के दौरान कोई भी मार्ग जीर्ण-शीर्ण अवस्था में नहीं है। अतः प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। सामान्य संधारण अंतर्गत सभी मार्गों पर संधारण कार्य किया गया है। मानक अनुसार संधारण कार्य पूर्ण नहीं करने के कारण मार्ग के पैकेज MP27WB004 जिसमें उमाहेडा से बेलारी सहित 09 मार्ग समाहित है, का अनुबंध दि. 05.05.2026 को निरस्त किया गया एवं ठेकेदार को 02 वर्ष के लिए डिबार (ब्लैक-लिस्ट) किया गया है, जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''4'' अनुसार है। शेष कार्य हेतु निविदा की कार्यवाही की जाकर कार्य पूर्ण कराया जाना लक्षित है।
विभाग में प्राप्त शिकायतों की जानकारी
[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]
79. ( क्र. 444 ) श्री दिलीप सिंह परिहार : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) 1 जनवरी 2024 के पश्चात नीमच जिले में कृषि विभाग के विभिन्न कार्यालयों में प्राप्त सामान्य शिकायतों एवं सूचना के अधिकार (RTI) के तहत दर्ज शिकायतों का विवरण प्रदान करें। साथ ही, निराकृत शिकायतों की सूची और लंबित शिकायतों पर की जा रही कार्यवाही की अद्यतन स्थिति उपलब्ध कराएं। (ख) प्रश्नांश (क) संदर्भित सूचना के अधिकार के तहत ऐसी कितनी शिकायतें लंबित हैं जिनमें शिकायतकर्ता निर्धारित समय-सीमा में विभाग के समक्ष उपस्थित नहीं हुए? साथ ही, ऐसे कितने शिकायतकर्ता हैं जिन्होंने पांच से अधिक प्रकरणों में शिकायतें की और वे सभी असत्य पाई गईं? उनकी सूची प्रदान करें। (ग) नीमच विधानसभा क्षेत्र में उक्त अवधि के दौरान विभागीय कर्मचारियों के विरुद्ध सूचना के अधिकार के तहत अनियमितता की कितनी शिकायतें दर्ज की गईं? विभाग द्वारा उन पर क्या कार्यवाही की गई? क्या संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध किसी जांच समिति का गठन किया गया है? यदि हाँ, तो समिति के सदस्यों के नाम एवं पद का विवरण उपलब्ध कराएं।
किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) सामान्य शिकायतों की संख्या-01 एवं सूचना के अधिकार के तहत प्राप्त की गई जानकारी के आधार पर दर्ज शिकायतों की संख्या-01 है, जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। निराकृत शिकायतों की संख्या-02 एवं लंबित शिकायतों की संख्या निरंक है, जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ख) प्रश्नांश (क) संदर्भित में शिकायत आवेदन लंबित नहीं है तथा ऐसे शिकायतकर्ता जिन्होंने 5 से अधिक प्रकरणों में शिकायतें की हैं, की संख्या निरंक है। (ग) जी नहीं।
15वें वित्त की राशि का उपयोग
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
80. ( क्र. 447 ) श्री दिनेश राय मुनमुन : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सिवनी जिले की जनपद पंचायतों को 15वें वित्त आयोग की राशि वर्ष 2023-24 से चालू वित्तीय वर्ष तक की स्थिति में राज्य शासन से कितना आबंटन प्राप्त हुआ है? आबंटन से संबंधित आदेश की प्रक्रिया उपलब्ध करावें। वर्षवार प्राप्त आवंटन से जनपद सदस्यों के क्षेत्रों में कौन-कौन से कार्य कितनी-कितनी राशि से कहाँ-कहाँ स्वीकृत किये गये? कार्य का नाम, लागत राशि सहित जनपद पंचायतवार, वर्षवार जानकारी उपलब्ध करावें। (ख) क्या वर्ष 2023-24 से 2025-26 तक आबंटित राशि का जनपद सदस्यवार आबंटन न करके कुछ जनपद सदस्यों को ही पूरी राशि के कार्य आबंटित कर दिये गये हैं? (ग) प्रश्नांश ''ख'' जैसी स्थिति भविष्य में न हो एवं कार्यों का आबंटन निष्पक्ष रूप से सभी सदस्यों में समान हो इसके लिये विभाग क्या कदम उठायेगा? (घ) क्या जिले में 15वें वित्त आयोग की प्रशासकीय स्वीकृति के पूर्व सभी जनपद पंचायतों को जिला पंचायत से अनुशंसा प्राप्त करना होता है? यदि हाँ, तो ऐसा किस नियम/आदेश के तहत किया जा रहा है? उसकी प्रमाणित प्रति देवें। (ड.) क्या अनेक कार्यों की अनुमति जिला पंचायत से अप्राप्त होने पर अनेक कार्य अप्रांरभ है? यदि हाँ, तो इसके लिये कौन जिम्मेदार है?
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) राशि आबंटन संबंधी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट - ''अ'' अनुसार है। आबंटन आदेशों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट - ''ब'' अनुसार है। कार्यों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट - ''स'' अनुसार है। (ख) वर्ष 2023-24 से 2025-26 तक आबंटित राशि का व्यय जनपद की सामान्य सभा की बैठक में अनुमोदन उपरांत किया गया है। 15वें वित्त आयोग के निर्देशों में सदस्यों को क्षेत्रवार राशि वितरण जैसा कोई प्रावधान नहीं है। (ग) वित्त आयोग के निर्देशों के अनुक्रम में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) जिले में 15वें वित्त आयोग की स्वीकृति के पूर्व जनपद पंचायत स्तर से बी.पी.डी.पी. कार्ययोजना तैयार होने के उपरांत अनुमोदन जिला कार्ययोजना समिति से प्राप्त किया जाता है, निर्देशों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट - ''ब'' की कंडिका (डी) अनुसार है। (ङ) प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
किसानों हेतु खाद की आपूर्ति
[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]
81. ( क्र. 448 ) श्री दिनेश राय मुनमुन : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सिवनी विधानसभा क्षेत्र में विगत 5 वर्षों में खरीफ व रबी की फसल का रकबा कितना-कितना रहा है? (ख) उक्त अवधि में प्रत्येक वर्ष यूरिया, डी.ए.पी. एवं सुपर फास्फेट खाद की मांग एवं मांग के एवज में की गई आपूर्ति का अलग-अलग ब्यौरा देवें। (ग) सिवनी विधानसभा क्षेत्र के कृषकों के लिये चालू वर्ष हेतु खाद आपूर्ति की कितनी-कितनी मात्रा तय की गई है? (घ) खाद के उचित समय पर वितरण के लिये क्या-क्या व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई है? सिवनी विधानसभा क्षेत्र में खाद वितरण केन्द्रों की सूची तथा वितरण केन्द्र पर तय मात्रा के संबंध में जानकारी उपलब्ध करायें।
किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है। (घ) जिले में उर्वरकों का वितरण ई-विकास पोर्टल के माध्यम से किया जा रहा है। ई-विकास पोर्टल के द्वारा वैज्ञानिक अनुशंसा अनुसार तथा कृषक की भूमि पर बोई गई फसल अनुसार ही उर्वरकों का वितरण किया जा रहा है। तदापि किसान अनुसंशित मात्रा से अधिक पूर्व की भांति उर्वरक अपनी आवश्यकता के अनुसार ले सकता है। सिवनी विधानसभा क्षेत्र में खाद वितरण केन्द्रों की सूची तथा वितरण केन्द्र पर अनुमानित तय मात्रा के संबंध में जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-4 अनुसार है।
अधोसंरचना मद से स्वीकृत कार्य
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
82. ( क्र. 449 ) श्री रजनीश हरवंश सिंह : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सिवनी जिले सहित केवलारी विधानसभा क्षेत्रांतर्गत अधोसरंचना मद से किन-किन ग्राम पंचायतों को क्या-क्या तथा कितनी-कितनी राशि के कार्य दिये गये हैं? विकासखंडवार जानकारी प्रदान करें। (ख) क्या प्रश्नांश (क) के प्रकाश में केवलारी विधानसभा सहित संपूर्ण सिवनी जिले में अधोसरंचना मद से स्वीकृत कितने निर्माण कार्य पूर्ण हो चुके है एवं कितने कार्य निर्माणाधीन है एवं निर्माणाधीन कार्य कब तक पूर्ण कर लिये जावेंगे? विकासखंडवार जानकारी प्रदान करने का कष्ट करें। (ग) अधोसरंचना मद से स्वीकृत कार्यों की स्वीकृति दिनांक एवं कार्य पूर्ण करने की समयावधि दें।
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) से (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है।
अधूरे निर्माण कार्यों को पूर्ण किया जाना
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
83. ( क्र. 451 ) श्री रजनीश हरवंश सिंह : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वित्तीय वर्ष 2022-23 से प्रश्न दिनांक तक विधानसभा क्षेत्र केवलारी अंतर्गत 15वें वित्त पांचवे वित्त एवं परफॉरमेंस ग्रांट अंतर्गत कितने निर्माण कार्य स्वीकृत किये गये हैं एवं कितने कार्य प्रश्न दिनांक तक अधूरे हैं? पंचायतवार जानकारी देवें। (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार किस कारण से निर्माण कार्य अधूरे हैं, कितने निर्माण कार्य अधूरे हैं एवं कितने कार्य में वित्तीय अनियमितता पाई गई है? जानकारी देवें। (ग) वित्तीय अनियमितता पाए जाने पर दोषी अधिकारी/कर्मचारियों के विरूद्ध क्या कार्यवाही की गई है? (घ) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के अनुसार अधूरे निर्माण कार्यों को कब तक पूर्ण कर लिया जायेगा? समय-सीमा बतायें।
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) वित्तीय वर्ष 2022-23 से प्रश्न दिनांक तक विधानसभा क्षेत्र केवलारी अंतर्गत 15वें वित्त, 5वें वित्त अंतर्गत स्वीकृत एवं प्रगतिरत (अधूरे) कार्यों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट–''अ'' एवं पंचायतवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट–''ब'' पर है। प्रश्न में उल्लेखित अवधि में परफॉरमेंस ग्रांट योजना लागू नहीं है। (ख) अधूरे निर्माण कार्य प्रगतिरत हैं। कार्यों में वित्तीय अनियमितता संबंधी कार्य निरंक है। प्रगतिरत कार्यों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट – ''ब'' अनुसार है। (ग) उत्तरांश (ख) के अनुक्रम में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) अधूरे/प्रगतिरत निर्माण कार्यों को चालू वित्तीय वर्ष में राशि की उपलब्धता अनुसार पूर्ण किया जा रहा है।
खाद वितरण में समस्याओं एवं शिकायतों का निराकरण
[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]
84. ( क्र. 464 ) श्री जगन्नाथ सिंह रघुवंशी : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या ग्वालियर संभाग के जिलों में निजी उर्वरक विक्रेताओं के यहां उर्वरक का वास्तविक स्टॉक उपलब्ध होने के बावजूद पोर्टल पर स्टॉक बैलेंस प्रदर्शित नहीं होता तथा DDA (डबल लॉक ऑथेंटिकेशन/अधिकृत आई.डी.) के दुरुपयोग से स्टॉक की जानकारी में हेरफेर की जा रही है? यदि हाँ, तो विगत 3 महीने में ऐसे कितने प्रकरण पाए गए, कितनी जांच कराई गई तथा किन-किन अधिकारियों एवं व्यापारियों पर क्या कार्रवाई की गई? (ख) क्या कारण है कि सहकारी समितियों में उर्वरक वितरण मुख्यतः पुराने बकायादार (Due) सदस्यों तक सीमित है तथा नए किसानों को सदस्यता एवं उर्वरक प्राप्त करने में कठिनाई हो रही है? वर्तमान में अशोकनगर एवं गुना जिलों में सदस्यता हेतु लंबित आवेदनों की संख्या कितनी है तथा उन्हें स्वीकृत करने की समय-सीमा क्या निर्धारित है? (ग) चंदेरी विधानसभा क्षेत्र में स्थापित तीन अस्थायी उर्वरक वितरण केंद्रों पर पर्याप्त मात्रा में उर्वरक एवं कर्मचारी उपलब्ध न होने के कारण किसानों को जिला मुख्यालय तक आने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। क्या शासन इन केंद्रों को नियमित रूप से संचालित करने, पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध कराने तथा आवश्यक मानव संसाधन की स्थायी व्यवस्था करने का निर्णय लेगा? यदि हाँ, तो कब तक?
किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) जी नहीं। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता है। (ख) जी नहीं। वर्तमान में जिला अशोकनगर तथा गुना जिले में सहकारी समितियों में सदस्यता हेतु लंबित आवेदनों की संख्या निरंक है। उक्त जिलों में पूर्ण आवेदन होने के उपरांत तद्दिनांक में सदस्य बना लिया जाता है। अत: शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता है। (ग) चंदेरी विधानसभा क्षेत्र में रबी सीजन 2025-26 हेतु विपणन संघ द्वारा नईसराय, ईशागढ़ एवं चंदेरी में अस्थायी उर्वरक विक्रय केंद्र खोले गए थे, जिनमें आउटसोर्स के माध्यम से कर्मचारियों की पदस्थी कर उक्त केन्द्रों से किसानों को रासायनिक उर्वरक उपलब्ध कराया गया है। वर्तमान में इन केन्द्रों को नियमित रूप से संचालित करने की कोई योजना प्रचलन में नहीं है। शेष प्रश्नांश उत्पन्न नहीं होता है।
उर्वरक वितरण की व्यवस्था
[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]
85. ( क्र. 466 ) श्री ऋषि अग्रवाल : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या गुना जिले में उवर्रक वितरण हेतु 3 माह पहले से लागू ई-टोकन प्रणाली संचालित की जा रही है? यदि हाँ, तो क्या कारण है कि किसान ई-टोकन बुक करने के लिए रातभर जागने को विवश हैं फिर भी टोकन प्राप्त नहीं हो रहा अथवा टोकन प्राप्त होने के बाद भी संबंधित केन्द्रों पर उर्वरक उपलब्ध नहीं होता है? ऐसी स्थिति में किसानों को समय पर डी.ए.पी., यूरिया, एन.पी.के. की पूर्ति हेतु शासन की क्या योजना है? (ख) गुना जिले में राजस्व एवं वनाधिकार पट्टेधारी किसानों की कितने हेक्टेयर में खरीफ फसल की बोवनी की जानी है? खरीफ 26 सीजन के लिये कितनी-कितनी मात्रा में उक्त उर्वरकों की मांग की है तथा प्रश्न दिनांक तक कितनी-कितनी मात्रा में उक्त उर्वरक उपलब्ध हुये हैं? उपलब्ध उर्वरकों में से जिले के शास. एवं अशास. केन्द्रों को कितनी-कितनी मात्रा में किस-किस दिनांक को आवंटन किया गया है एवं आवंटित उर्वरक केन्द्रों द्वारा प्रश्न दिनांक तक कितनी-कितनी मात्रा में किसानों को कब-कब वितरण किया है? किसानों के नाम सहित सूची देवें। (ग) बमौरी विधानसभा क्षेत्र में केवल एक ही डबल लॉक गोदाम होने एवं पर्याप्त मानव संसाधन उपलब्ध न होने के कारण किसानों को जिला मुख्यालय एवं अन्य राज्यों (राज., उप्र) में उर्वरक लेने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। इसलिए नये गोदाम फतेहगढ़, सिरसी, विशनवाड़ा व म्याना में स्थापित कराये जाने हेतु क्या कार्यवाही करेंगे?
किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) जी हाँ, ई-टोकन बुक करने की सुविधा 24 घंटे उपलब्ध है, जिसके अनुसार किसान कभी भी ई-टोकन जनरेट कर सकते हैं। किसान आवश्यक उर्वरक मात्रा एवं उर्वरक विक्रेता का चयन कर ई-टोकन जनरेट कर उर्वरक क्रय कर सकते हैं। ई-टोकन तभी जनरेट होता है, जब विक्रेता के पास स्टॉक उपलब्ध हो। अत: शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ख) गुना जिले में राजस्व एवं वनाधिकार पट्टाधारी (FRA) सहित किसानों की कुल 3, 36, 450 हेक्टेयर भूमि पर खरीफ 2026 अंतर्गत फसल बोनी का अनुमान है। प्रश्नांश के शेष भाग की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 एवं '2' अनुसार है। (ग) जी नहीं। गुना जिले के फतेहगढ़, सिरसी, विशनवाडा एवं म्याना में नए गोदाम स्थापित किए जाने हेतु संबंधित स्थानों की व्यावसायिक सक्षमता एवं कृषकों की आवश्यकता को दृष्टिगत रखते हुए विपणन संघ द्वारा आगामी कार्यवाही की जा सकेगी।
डिप्लॉय प्राध्यापकों की जानकारी
[उच्च शिक्षा]
86. ( क्र. 468 ) श्री पन्नालाल शाक्य : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस शिक्षा की गुणवत्ता उत्कृष्ट बनाये रखने हेतु स्थापित किये गए हैं, वहाँ वर्तमान में विभिन्न विषयों के कितने पद रिक्त हैं? (ख) पद रिक्त होने के बावजूद प्राध्यापकों को डिप्लॉय किया जा रहा है। वर्तमान में समयावधि समाप्ति उपरांत जिले में व जिले के बाहर किस विषय के कितने प्राध्यापक डिप्लॉय हैं? उन्हें कब तक वापस किया जाएगा? (ग) शिक्षा की गुणवत्ता बनाये रखने हेतु पी.एम. एक्सीलेंस से डिप्लॉय प्राध्यापकों को वापस करने व आगे डिप्लॉय न करने संबंधी आदेश कब तक जारी होंगे?
उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री इन्दर सिंह परमार ) : (क) जी हाँ। प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस महाविद्यालयों में विभिन्न विषयों के कुल 1988 पद रिक्त हैं। उपरोक्त रिक्त पदों में से 1845 नवीन सृजित पद हैं, जिनके पृष्ठांकन की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। (ख) प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस महाविद्यालयों से डिप्लॉय किये गये विषयवार प्राध्यापक/सहायक प्राध्यापकों की संख्या इस प्रकार है :- वाणिज्य-01, अंग्रेजी-04, भूगोल-02, हिन्दी-02, इतिहास-01, गणित-01, ऑर्गेनिक-रसायन-01, भौतिकशास्त्र-03, राजनीति शास्त्र-02, समाजशास्त्र-01 एवं प्राणीशास्त्र-01, डिप्लॉयमेंट शैक्षणिक एवं प्रशासकीय व्यवस्था के सुचारू रूप से संचालन हेतु किया गया है। लोक सेवा आयोग, इन्दौर द्वारा आयोजित सहायक प्राध्यापक परीक्षा वर्ष 2022 एवं 2024 के परीक्षा परिणामों के आधार पर पद पूर्ति कर डिप्लॉयमेंट समाप्त किया जायेगा। (ग) उत्तरांश ''ख'' अनुसार।
स्किल डेवलपमेंट हेतु रोजगार मेलों का आयोजन
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
87. ( क्र. 484 ) श्री हेमंत सत्यदेव कटारे : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) स्किल डेवलपमेंट अंतर्गत क्या-क्या कार्य किए जाते हैं? वर्ष 2020 से अभी तक कितने दिशा निर्देश जारी किए? वर्ष 2020 से 2026 तक स्किल डेवलपमेंट अंतर्गत कितने रोजगार मेले एवं ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट कराए गए? वर्षवार व जिलेवार कितने पंजीयन किये गए? किन-किन कंपनियों ने भाग लिया? कितनी राशि खर्च की गई? वर्षवार एवं जिलेवार जानकारी प्रदान करें। (ख) वर्ष 2020 से 2026 तक जिला भिण्ड, सीधी, रतलाम, धार, मुरैना, विदिशा, नर्मदापुरम, सागर, भोपाल, रायसेन, राजगढ़, गुना में आयोजित रोजगार मेलों व ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट के माध्यम से कितने युवा लाभान्वित हुए? जानकारी उपलब्ध करावें। (ग) वर्ष 2020 से जुलाई 2026 तक मिशन में सभी स्तरों से कितनी शिकायत प्राप्त हुई? जिलेवार जानकारी दें व समस्त शिकायतों की छायाप्रतियां उपलब्ध करावें। (घ) वर्ष 2020 से जिला धार, भिंड, मुरैना, विदिशा, रायसेन, सीधी, भोपाल, नर्मदापुरम की लखपति महिलाओं व समूह का नाम, पति का नाम हार्ड कॉपी में उपलब्ध करावें। (ड.) पत्र क्रमांक 1864/अ.मु.का.अ/ मनरेगा 2022 दिनांक 08/06/22 जांच प्रतिवेदन पर अभी तक विभाग द्वारा क्या कार्रवाई की गई? मिशन में सेवा समाप्ति उपरांत जीवन निर्वाह भत्ता देने का नियम नहीं है तो तत्कालीन SPM IBCB को माननीय उच्च न्यायालय के आदेश के विरुद्ध क्यों अपील नहीं की गई?
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) स्किल डेवलपमेंट (दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना (डी.डी.यू.-जी.के.वाय.) एवं ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आर.से.टी.) योजना) अंतर्गत किये जाने वाले कार्यों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-1 अनुसार तथा वर्ष 2020 से वर्तमान तक जारी किये गये दिशा-निर्देश की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-2 अनुसार है। वर्ष 2020 से 2026 तक स्किल डेवलपमेंट अंतर्गत आयोजित रोजगार मेले एवं पंजीयन की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-3 अनुसार है। वर्षवार, कंपनीवार ट्रेनिंग एवं प्लेसमेंट तथा व्यय की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-4 अनुसार है। (ख) वर्ष 2020 से 2026 तक जिला भिण्ड, सीधी, रतलाम, धार, मुरैना, विदिशा, नर्मदापुरम, सागर, भोपाल, रायसेन, राजगढ़, गुना में आयोजित रोजगार मेलों व ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट के माध्यम से लाभान्वित हुए युवाओं की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-5 अनुसार है। (ग) वर्ष 2020 से जुलाई 2026 तक मिशन में सभी स्तरों से कुल 343 शिकायत प्राप्त हुई। जिलेवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-6 अनुसार है। (घ) वर्ष 2020 से जिला धार, भिंड, मुरैना, विदिशा, रायसेन, सीधी, भोपाल, नर्मदापुरम की लखपति महिलाओं व समूह का नाम, पति के नाम की हार्ड कॉपी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-7 अनुसार है। (ड.) पत्र क्रमांक 1864/अ.मु.का.अ/मनरेगा 2022 दिनांक 08/06/22 जांच प्रतिवेदन तत्कालीन अति. मुख्य कार्यपालन अधिकारी महात्मा गांधी नरेगा द्वारा प्रमुख सचिव महोदय को संबोधित जांच प्रतिवेदन की प्रति (पावती) पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-8 अनुसार है। मान. उच्च न्यायालय के आदेश के पालन में SPM IBCB को पारिश्रामिक का 50 प्रतिशत मानदेय प्रदाय किया जा रहा है। मान. उच्च न्यायालय द्वारा पारित स्थगन आदेश दिनांक 24.04.2025 को समाप्त करने के लिए आजीविका मिशन द्वारा मान. उच्च न्यायालय में उत्तर सहित स्टे वेकेट का आवेदन जमा किया गया है। मान. उच्च न्यायालय द्वारा उक्त याचिका पर अंतिम निर्णय विभाग के आदेश के विपरीत दिये जाने की स्थिति में ही अपील की कार्यवाही की जाएगी। उक्त याचिका में अंतिम निर्णय प्राप्त नहीं हुआ है।
जिला परियोजना अधिकारी की भर्ती
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
88. ( क्र. 491 ) श्री बिसाहूलाल सिंह : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला पंचायत अनूपपुर में वर्तमान पदस्थ जिला परियोजना अधिकारी की पदस्थापना कब हुई थी? इनके नियुक्ति आदेश, जिला पंचायत अनूपपुर द्वारा जारी नियुक्ति पत्र उपस्थिति के समय प्रस्तुत किये गये उपस्थिति पत्र, चिकित्सा प्रमाण पत्र सहित अन्य दस्तावेजों की प्रमाणित छायाप्रतियां, नियुक्ति दिनांक से प्रश्न दिनांक तक वार्षिक कार्ययोजना एवं जिला पंचायत अनूपपुर द्वारा किये गये संविदा वृद्धि आदेशों की प्रमाणित छायाप्रति उपलब्ध करावें। (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार नियुक्ति दिनांक से प्रश्न दिनांक तक पारिश्रमिक/मानदेय वृद्धि किस आधार पर किया गया है, जिसकी शासन एवं जिला पंचायत अनूपपुर द्वारा जारी वेतन वृद्धि के आदेशों की प्रमाणित छायाप्रति तथा नियुक्ति से प्रश्न दिनांक तक पदस्थापना संबंधी राज्य स्तरीय एवं जिला स्तरीय प्रमाणित व्यक्तिगत नस्ती की छायाप्रति उपलब्ध करावें। (ग) क्या प्रश्नांश (क) एवं (ख) अनुसार नियुक्ति दिनांक, नियुक्ति आदेश, संविलियन की जानकारी व जिला परियोजना अधिकारी के पद पर पदस्थापना आदेश व प्रक्रिया की जाँच उच्च स्तरीय कमेटी गठित कर कराई जायेगी? यदि हाँ, तो दोषी पाये जाने पर कड़ी कार्यवाही कब तक की जायेगी? समय-सीमा बताएं।
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) जिला पंचायत अनूपपुर में पदस्थ परियोजना अधिकारी डॉ. उमेश द्विवेदी की पदस्थापना कार्यालय जिला पंचायत अनूपपुर के आदेश दिनांक 26.04.2008 द्वारा की गई थी। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''अ'' एवं ''ब'' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''स'' अनुसार है। जिला पंचायत स्तर पर पदस्थ कर्मचारी की राज्य स्तर पर व्यक्तिगत नस्ती संधारित नहीं की जाती है। डॉ. उमेश द्विवेदी की जिला पंचायत अनूपपुर में संधारित व्यक्तिगत नस्ती की छायाप्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट- ''द'' अनुसार है। (ग) प्रश्नाधीन विषय में कोई भी प्रकरण विचाराधीन न होने से जांच कराये जाने का औचित्य नहीं है। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता।
ड्रिप सिंचाई एवं केंचुआ खाद निर्माण की जानकारी
[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]
89. ( क्र. 492 ) श्री बिसाहूलाल सिंह : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या जिला अनूपपुर में विभाग द्वारा किसानों को ड्रिप सिंचाई एवं केंचुआ खाद निर्माण कार्य का प्रशिक्षण दिये जाने का प्रावधान है? यदि हाँ, तो जिले में अब तक कितने कृषकों को प्रशिक्षित किया गया है? विकासखण्डवार जानकारी उपलब्ध करावें। (ख) कृषकों को ड्रिप सिंचाई योजना एवं केंचुआ प्रशिक्षण के लिये किन मापदण्डों के आधार पर चयन किया जाता है तथा उन्हें कब-कब और कहाँ-कहाँ, कितने-कितने दिनों का प्रशिक्षण दिया गया है? वर्षवार विकासखण्डवार किसानों के नाम सहित जानकारी उपलब्ध करावें। (ग) कृषकों को सिंचाई योजना एवं केंचुआ खाद निर्माण के प्रशिक्षण हेतु शासन स्तर से विकासखण्डवार कितनी-कितनी राशि वर्षवार आवंटित की गई है? विगत 3 वर्षों की जानकारी उपलब्ध करावें। (घ) क्या प्रश्नांश (क), (ख) एवं (ग) अनुसार कृषकों को प्रशिक्षण उपरांत नवाचार कराये जाने की सुविधा उपलब्ध करायी जा रही है एवं विभाग के द्वारा उनके कार्यों का अवलोकन कर उनके कार्यों की समीक्षा की जा रही है? यदि हाँ, तो प्रशिक्षण प्राप्त कर किन-किन कृषकों के द्वारा ड्रिप सिंचाई योजना एवं केंचुआ खाद का लाभ प्राप्त हुआ है? विकासखण्डवार जानकारी उपलब्ध करावें।
किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) जी नहीं। जिले में किसानों को ड्रिप सिंचाई एवं केंचुआ खाद निर्माण कार्य का पृथक से प्रशिक्षण दिये जाने का प्रावधान नहीं है। शेष प्रश्नांश उद्भूत नहीं होता है। (ख) से (घ) प्रशिक्षण का प्रावधान नहीं होने से प्रश्न उद्भूत नहीं होता।
विभिन्न जनपदों में कार्यरत कम्प्यूटर ऑपरेटर का नियमितीकरण
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
90. ( क्र. 494 ) श्री आशीष गोविंद शर्मा : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्यप्रदेश के 55 जिले एवं 313 जनपद में पदस्थ कम्प्यूटर ऑपरेटर जो कि भिन्न योजना में कार्यरत हैं, अपनी सेवा विगत 10 से 15 वर्षों से दे रहे हैं। उक्त सभी कम्प्यूटर ऑपरेटरों को नियमित कब तक किया जावेगा? जानकारी दें। (ख) जनपद स्तर पर कार्यरत कम्प्यूटर ऑपरेटर को नियमित करने हेतु पंचायत ग्रामीण विभाग द्वारा क्या प्रावधान बनाये हैं? कब तक नियमितीकरण के आदेश जारी किये जावेंगे? (ग) जनपद एवं जिले में पदस्थ कम्प्यूटर ऑपरेटर के योजनावार आदेश कब तक जारी किये जावेंगे?
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) जिला एवं जनपद पंचायतों में विभिन्न योजनाओं अंतर्गत पदस्थ कम्प्यूटर ऑपरेटर दो प्रक्रियाओं आउटसोर्स सेवा तथा संविदा के तहत नियुक्त किये जाते हैं। कम्प्यूटर ऑपरेटरों के नियमितीकरण के लिये शासन स्तर पर कोई प्रावधान नहीं हैं और न ही नियमितीकरण किये जाने की कोई योजना है। (ख) एवं (ग) उत्तरांश (क) अनुसार अन्य प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
पैक्स (प्राथमिक कृषि साख समिति) को आर्थिक सहायता
[सहकारिता]
91. ( क्र. 495 ) श्री आशीष गोविंद शर्मा : क्या सहकारिता मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्यप्रदेश में वर्तमान में कितनी प्राथमिक कृषि साख समिति (पैक्स) है? जिलेवार संख्या दें। (ख) इन प्राथमिक कृषि साख समितियों को कौन-कौन से कार्य सौंपे गये हैं, जिससे इनकी आय में वृद्धि हुई हो? प्रमुख कार्यों की जानकारी दें। (ग) क्या वर्तमान में प्रदेश में कोई प्राथमिक कृषि साख समितियां हानि में संचालित हो रही है या कितनी समितियों को कार्य संचालन एवं उपार्जन कार्य हेतु शासन के द्वारा वित्तीय मदद दी जा रही है? जानकारी दें। (घ) इन समितियों द्वारा विभागीय कार्य सम्पादन के लिये कितने पद सृजित किये गये है एवं भर्ती किस प्रकार से की जाती है? देवास जिले में पैक्स के कितने पद रिक्त हैं? प्रश्नकर्ता के विधान सभा क्षेत्र के पैक्स रिक्तता की जानकारी देवें एवं पदों की भर्ती करने की क्या प्रक्रिया है?
सहकारिता मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) बहुउद्देशीय प्राथमिक कृषि साख समितियों द्वारा आदर्श उपविधि के अध्याय 2 में वर्णित कार्य किये जाते है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। बहुउद्देशीय प्राथमिक कृषि साख समितियों द्वारा फसल ऋण वितरण, कृषि आदान, सार्वजनिक वितरण प्रणाली एवं उपार्जन आदि प्रमुख कार्य किये जाते है। (ग) दिनांक 31.03.2025 की स्थिति में 2635 पैक्स समितियाँ हानि में संचालित हो रही हैं, वर्तमान में 4537 बी-पैक्स को कार्य संचालन हेतु राज्य सरकार द्वारा प्रबंधकीय अनुदान के रूप में वित्तीय मदद दी जा रही है, उपार्जन कार्य हेतु शासन द्वारा वित्तीय सहायता नहीं दी जाती है। (घ) बहुउद्देशीय प्राथमिक कृषि साख समितियों द्वारा विभागीय कार्य संपादन के लिये पद सृजन एवं भर्ती की प्रक्रिया समिति के सेवा नियम में किये गये प्रावधान अनुसार की जाती है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है। देवास जिले में बी-पैक्स में रिक्त पदों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-4 अनुसार है। माननीय प्रश्नकर्ता सदस्य के विधानसभा क्षेत्र के बहुउद्देशीय प्राथमिक कृषि साख समितियों में रिक्तता की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र–5 अनुसार है एवं पदों की भर्ती की प्रक्रिया पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है।
उप मंडी मनगवां में किए गए निर्माण कार्य
[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]
92. ( क्र. 511 ) श्री प्रदीप पटेल : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) कृषि उपज मंडी बैकुंठपुर की उपमंडी मनगवां के प्रांगण में फिलिंग कार्य की निविदा वर्ष 2013 कार्यदिश क्रमांक 4953 दिनाक 06.02.2013 के अन्तर्गत किये कार्यों की जानकारी उपलब्ध कराएं। (ख) मंडी प्रांगण करहिया मंडल रीवा में बानको कन्स्ट्रक्शन कंपनी द्वारा 2023 से 2025 तक किये गये कार्यों की यदि शिकायत की गई है, तो निराकरण की जानकारी दें। (ग) वर्ष 2011 से 2014 के बीच करहिया मंडी प्रांगण रीवा एवं मंडी बोर्ड कार्यालय परिसर में सीसी रोड के किये गये कार्यों की जानकारी दें। यदि शिकायत की गई है तो उसकी जानकारी उपलब्ध कराएं। (घ) मंडी प्रांगण अमरपाटन वर्ष 2022-23 में निर्माण कराये गये गोदाम कार्यों की सूची, आवंटित राशि, उक्त कार्य में की गई शिकायत एवं किये गये निराकरण की जानकारी दें। (ड.) वर्ष 2015-16 एवं 2016-17 के मैहर विधानसभा क्षेत्र में स्वीकृत किसान सड़क निधि के कार्यों की सूची, आवंटित राशि, उक्त कार्य में की गई शिकायत एवं किये गये निराकरण की आज दिनाँक की वर्तमान स्थिति एवं कार्य पूर्णता प्रमाण पत्र उपलब्ध कराएं।
किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) प्रश्नाधीन कार्यों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ख) प्रश्नाधीन कार्यों की जानकारी एवं प्राप्त शिकायत के निराकरण की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। (ग) प्रश्नाधीन कार्यों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-स अनुसार है। कोई शिकायत नहीं हुई। (घ) प्रश्नाधीन कार्यों की सूची आवंटित राशि की जानकारी एवं प्राप्त शिकायत के निराकरण की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-द अनुसार है। (ड.) प्रश्नाधीन अवधि में किये गए कार्यों की जानकारी एवं प्राप्त शिकायत के निराकरण की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ई अनुसार है। कार्यपूर्णता प्रमाण पत्र की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-फ अनुसार है।
लंबित राशि का भुगतान
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
93. ( क्र. 522 ) श्री बाला बच्चन : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मनरेगा योजनांतर्गत दिनांक 31.03.2026 की स्थिति में वर्ष 2023-24, 2024-25 एवं 2025-26 में केंद्र सरकार से कितनी राशि प्रदेश सरकार को स्वीकृत हुई? वर्षवार बतावें। (ख) दिनांक 31.05.2026 की स्थिति में प्रदेश में छ: माह से अधिक समय की कितने मनरेगा मजदूरों की राशि लंबित है? जिलावार, मजदूर संख्या, लंबित राशि सहित बतावें। (ग) मटेरियल भुगतान की लंबित राशि की जानकारी भी प्रश्नांश (ख) समय अनुसार देवें। (घ) क्या केंद्र सरकार से राशि में विलंब होने को लेकर प्रदेश सरकार द्वारा त्वरित कार्यवाही नहीं की जा रही, जिससे प्रदेश के लाखों मनरेगा मजदूरों एवं मटेरियल सप्लाई करने वाली फर्मों को क्षति हो रही है? स्पष्ट करें। लंबित राशि का भुगतान कब तक प्राप्त कर प्रदेश के मनरेगा मजदूरों और मटेरियल सप्लाई करने वालों को कर दिया जायेगा? समय-सीमा देवें।
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट – 'अ' अनुसार है। (ख) मनरेगा योजना अंतर्गत मजदूरी का भुगतान 15 दिवस में किये जाने का प्रावधान है। प्रावधान अनुसार मजदूरी का भुगतान किया जा रहा है। भारत सरकार द्वारा मजदूरी भुगतान हेतु अंतिम स्वीकृति आदेश दिनांक 10.06.2026 जारी किया गया है। जो कि पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट–'ब' अनुसार है। दिनांक 01.06.2026 की स्थिति में मनरेगा योजना अंतर्गत लंबित जिलेवार भुगतान राशि रूपये 1661.04 लाख लंबित है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'द' अनुसार है। (ग) सामग्री भुगतान की लंबित राशि की जिलेवार जानकारी https://nrega.dord.gov.in अंतर्गत रिपोर्ट R7.1.1 पर उपलब्ध है। (घ) भारत सरकार से राशि प्राप्त किये जाने हेतु प्रेषित पत्र पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट – 'स' अनुसार है। मजदूरी एवं सामग्री भुगतान एक सतत प्रक्रिया है, समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
बड़वानी जिले की महिलाओं के समूह के लंबित भुगतान का प्रदाय
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
94. ( क्र. 523 ) श्री बाला बच्चन : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्नकर्ता के तारांकित प्रश्न क्र. 2302 दिनांक 24-02-2026 के अनुसार बड़वानी जिले में 134 सिलाई करने वाले समूहों की 2.29 करोड रु. राशि लंबित थी, तो प्रश्न दिनांक तक इन समूहों को कितनी राशि का भुगतान कर दिया गया? (ख) विगत 02 वर्षों में उपरोक्तानुसार बड़वानी जिले को कितनी राशि का भुगतान किस-किस दिनांक को कितने समूह को किया गया की जानकारी उपलब्ध करावें। (ग) लंबित राशि का भुगतान कब तक कर दिया जाएगा? समय-सीमा देवें। (घ) कार्य हुए कई वर्ष होने के बाद भी भुगतान को लंबित रखने वाले प्रदेश स्तरीय अधिकारियों पर विभाग कब तक कार्य करेगा? समूह की महिलाओं का भुगतान लंबित रख उन्हें आर्थिक क्षति पहुंचाने वाले विभागीय अधिकारियों को संरक्षण देने का कारण स्पष्ट करें।
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) प्रश्नांश दिनांक तक बड़वानी जिले के 134 सिलाई कार्य करने वाले समूहों को लंबित राशि का भुगतान नहीं किया गया है। (ख) विगत 02 वर्षों में बड़वानी जिले के सिलाई कार्य करने वाले समूहों को कोई राशि का भुगतान नहीं किया गया है। (ग) लंबित भुगतान के संबंध में जिला-बड़वानी का मांग-पत्र क्र. 4602, दिनांक 01.06.2026 के सत्यापन का कार्य प्रक्रियाधीन है। सत्यापन प्रक्रिया पूर्ण होने के उपरांत राज्य शिक्षा केन्द्र से समन्वय कर भुगतान की कार्यवाही कराई जाएगी। समय-सीमा बताना संभव नहीं है। (घ) गणवेश सिलाई के भुगतान पूर्व सत्यापन प्रक्रिया पूर्ण करने में समय लगने के कारण विलंब हुआ है। विलंब के लिए कोई भी अधिकारी उत्तरदायी नहीं है और न ही विभागीय अधिकारियों को संरक्षण दिया जा रहा है। अतः कार्यवाही किये जाने का प्रश्न उत्पन्न नहीं होता है।
जिम्मेदारों पर कार्यवाही
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
95. ( क्र. 527 ) श्री अभय मिश्रा : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या रीवा जिले की टमस नदी में बसामन मामा के पास एनीकट (चेकडैम) के निर्माण बाबत् 16 जून 2025 को निविदा की कार्यवाही की जाकर एम.पी. बिल्डर्स रीवा के पक्ष में निविदा स्वीकृत की गई थी? निविदा उपरान्त कार्यादेश जारी किये जाने के सबंध में की गई कार्यवाही का विवरण देवें। यदि कार्यवाही नहीं की गई तो इसके लिए कौन-कौन उत्तरदायी है? उनके पद नाम व उन पर की जाने वाली कार्यवाही की जानकारी देवें। (ख) प्रश्नांश (क) के निर्माण कार्य के भौतिक स्थित की जानकारी बाबत् प्रश्नकर्ता सदस्य द्वारा अपने पत्र कमांक 1396 दिनांक 05.05.2026 द्वारा अधीक्षक यंत्री रीवा मण्डल रीवा एवं कार्यपालन यंत्री ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग क्र. 01 द्वारा कार्य की भौतिक स्थिति की जानकारी चाही गई थी जो आज तक अप्राप्त है। इस पर कार्यवाही के साथ जानकारी बाबत् क्या निर्देश देंगे? अगर नहीं तो क्यों? (ग) प्रश्नांश (क) के कार्य को प्रारम्भ कराने एवं समय पर पूर्ण कराये जाने बाबत् कलेक्टर रीवा को प्रश्नकर्ता सदस्य द्वारा पत्र क्रमांक 1405 दिनांक 18.05.2026 द्वारा लेख किया गया था। वर्तमान में कार्यादेश एवं कार्य की भौतिक स्थिति क्या है? (घ) प्रश्नांश (क), (ख) एवं (ग) अनुसार कार्यवाही कर कार्य प्रारम्भ न कराने एवं पत्रों की जानकारी समय पर न देने के लिए उत्तरदायियों पर कार्यवाही का निर्देश देंगे एवं कार्य कब तक प्रारम्भ कर पूर्ण करावेंगे? जानकारी दें।
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) जी हाँ। निविदा उपरांत कार्यादेश जारी करने के लिये कार्यपालन यंत्री, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग क्र. 01 रीवा के पत्र क्र. 419 दिनांक 01.07.2026 द्वारा एल.ओ.ए. जारी कर दिया गया है। शेष कार्यवाही का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ख) निर्माण कार्य की भौतिक स्थिति की जानकारी कार्यपालन यंत्री, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग क्र. 01 रीवा के पत्र क्र. 87 दिनांक 21.05.2026 के द्वारा मान. विधायक महोदय को सूचित किया गया है। अत: शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) कार्य को प्रारंभ कराये जाने बाबत् कार्यपालन यंत्री, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग क्र. 01 रीवा के पत्र क. 87 दिनांक 21.05.2026 के द्वारा मान. विधायक महोदय को वस्तु स्थिति से अवगत करा दिया गया है। (घ) प्रश्नांश (क), (ख) एवं (ग) अनुसार कार्य प्रारंभ कराने हेतु कार्यपालन यंत्री, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग क्र. 01 रीवा के पत्र क्र. 419 दिनांक 01.07.2026 द्वारा एल.ओ.ए. जारी किया गया। मान. विधायक महोदय के द्वारा भेजे गए पत्रों का उत्तर कार्यपालन यंत्री, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग क्र. 01 रीवा के पत्र क्र. 87 दिनांक 21.05.2026 के द्वारा दिया गया है। अतः शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
नोडल विभाग की लापरवाही एवं जवाबदेही
[सहकारिता]
96. ( क्र. 546 ) डॉ. राजेन्द्र कुमार सिंह : क्या सहकारिता मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या सामान्य प्रशासन विभाग के आदेश क्रमांक 407/426/2019/1/3 दिनांक 29.03.2019 द्वारा तिलहन संघ से शासन में पदस्थ सेवायुक्तों को पंचम वेतनमान का लाभ प्रदान किये जाने संबंधी मान. उच्च न्यायालय में लंबित/दायर अवमानना प्रकरणों एवं अन्य विभागों में समन्वय स्थापित करने हेतु सहकारिता विभाग को नोडल विभाग नियुक्ति किया गया था? आदेश की छायाप्रति दें। (ख) नोडल विभाग बनाये जाने के बाद से मई 2026 तक सहकारिता विभाग द्वारा कितनी बैठकों, पत्राचारों अनुस्मारकों एवं प्रस्तावों के माध्यम से प्रकरण का निराकरण करने का प्रयास किया? कार्यवाहियों की छायाप्रति दें। (ग) प्रश्नांश (क) अंतर्गत नोडल विभाग द्वारा कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है? क्या यह सही है? (घ) क्या नोडल विभाग की निष्क्रियता के कारण समान परिस्थितियों वाले कर्मचारियों को कहीं वेतनमान का लाभ मिला और कहीं नहीं मिला? प्राप्त उपलब्धियों का तथ्यात्मक विवरण/जानकारी देंगे।
सहकारिता मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) सामान्य प्रशासन विभाग के आदेश क्रमांक 407/426/2019/1/3 दिनांक 29-03-2019 के द्वारा तिलहन संघ के सेवायुक्तों को पांचवे/छठवें/सातवें वेतनमान का लाभ देने के संबंध में माननीय उच्च न्यायालय में दायर प्रकरण/अवमानना को दृष्टिगत रखते हुये शासन के विभिन्न विभागों से समन्वय स्थापित करने एवं मामले का परीक्षण कर उचित कार्यवाही करने के लिये सहकारिता विभाग को नोडल विभाग नियुक्त किया गया है, आदेश की प्रति संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) उत्तरांश 'क' अनुसार सहकारिता विभाग को वेतन/वेतनमान हेतु नोडल विभाग नहीं बनाये जाने के कारण शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) एवं (घ) उत्तरांश 'क' अनुसार प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
ग्राम पंचायतों में कार्यरत प्रेरकों की सेवायें निरंतर जारी रखी जाना
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
97. ( क्र. 547 ) श्री उमंग सिंघार : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या म.प्र. में पंचायत उपबंध अनुसूचित क्षेत्रों पर विस्तार अधिनियम 1996 (पेसा एक्ट) के क्रियान्वयन हेतु प्रेरकों की नियुक्ति की गई थीं? (ख) क्या इनकी सेवायें समाप्त कर दी गई हैं, तो क्यों? (ग) क्या प्रश्नकर्ता द्वारा दिनांक 20.09.2026 को पत्र क्र. 5899 द्वारा सेवायें निरंतर रखे जाने के संबंध में माननीय मुख्यमंत्री को पत्र लिखा गया है? यदि हाँ, तो विभाग द्वारा इस संबंध में क्या कार्यवाही की गई है? यदि नहीं तो क्यों? (घ) कब तक इनके प्रकरण का निराकरण कर दिया जायेगा?
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) जी हाँ। (ख) जी हाँ। भारत सरकार पंचायती राज मंत्रालय द्वारा प्रवर्तित आर.जी.एस.ए. (संशोधित) योजना दिनांक 01.04.2022 से 31.03.2026 तक प्रभावशील रही। उक्त योजना की बजट कंडिका 6 (iv) के अंतर्गत पेसा मोबलाइजर्स का मानदेय विकलनीय होता था। उक्त योजना की अवधि पूर्ण हो चुकी है। योजना के नवीन स्वरूप में क्रियान्वयन के दिशा-निर्देश भारत सरकार द्वारा अभी जारी नहीं किये गये है। ऐसी दशा में पेसा मोबलाइजर्स की सेवाये निरंतर रखा जाना संभव नहीं है। (ग) दिनांक 20.09.2026 भविष्य लक्षी दिनांक है। अत: शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) उपरोक्त बिन्दुओं के तारतम्य में प्रकरण लंबित रहने का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
मौसमीय परिस्थितियों से किसानों की सुरक्षा
[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]
98. ( क्र. 548 ) श्री उमंग सिंघार : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या केंद्र सरकार द्वारा राज्य सरकार को जारी संभावित अल नीनो प्रभाव, सामान्य से कम वर्षा तथा खरीफ मौसम की तैयारी के संबंध में राज्य सरकार को कोई परामर्श, दिशा-निर्देश अथवा एडवाइजरी जारी की गई है? यदि हाँ, तो जानकारी दें। (ख) उक्त परामर्श के अनुपालन में राज्य शासन द्वारा संभावित अल्पवर्षा, वर्षा अंतराल अथवा प्रतिकूल मौसमीय परिस्थितियों से किसानों की सुरक्षा हेतु क्या कार्ययोजना तैयार की गई है? जिलेवार जानकारी दें। (ग) किसानों तक मोबाइल संदेश, कृषि सलाह, चेतावनी प्रणाली एवं जिला स्तर की आकस्मिक कार्ययोजना (कंटीन्जेंसी प्लान) पहुंचाने हेतु क्या व्यवस्था की गई है तथा कितने जिलों में ऐसी योजना लागू की गई?
किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) जी हाँ, जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) जी हाँ, जानकारी विभागीय वेबसाइट mpkrishi.mp.gov.in पर एवं केंद्रीय शुष्क भूमि कृषि अनुसंधान संस्थान (भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद्) की वेबसाइट icar-crida.res.in पर उपलब्ध है। (ग) किसानों को कृषि सलाह, चेतावनी एवं आकस्मिक कार्ययोजना पहुंचाने हेतु मोबाइल संदेश, mpkrishi.mp.gov.in, icar-crida.res.in, मौसम विभाग का सचेत डेशबोर्ड, मोबाइल अलर्ट एवं सोशल मीडिया द्वारा जानकारी प्रदान की जाने की व्यवस्था है। उक्त कार्य के लिये कोई योजना क्रियान्वित नहीं है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है।
वॉटर शेड योजनान्तर्गत किये गये कार्य
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
99. ( क्र. 551 ) श्री फुन्देलाल सिंह मार्को : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला अनूपपुर के विधानसभा क्षेत्र पुष्पराजगढ़ अंतर्गत जनवरी वर्ष 2025 से जून 2026 तक वॉटर शेड योजना के तहत कितने निर्माण कार्य स्टॉप डेम/चेक डेम/बांध निर्माण की स्वीकृति दी गई एवं किन-किन ग्राम पंचायत के किस-किस ग्राम में कितनी-कितनी लागत के किस-किस प्रकार के कार्य किये गये? ग्राम पंचायतवार, ग्रामवार जानकारी उपलब्ध करावें। इन कार्यों हेतु जारी प्रशासकीय स्वीकृति एवं स्वीकृत किये गये निर्माण कार्य की सूची भी उपलब्ध करावें। (ख) प्रश्नांश (क) में वर्णित कार्यों की तकनीकी तथा प्रशासकीय स्वीकृति पश्चात वित्तीय स्वीकृति दी जाकर कितनी-कितनी राशि का आवंटन हुआ, कितना भुगतान हुआ, कितना भुगतान शेष रहा, कार्यों की विलंबता एवं अपूर्णता की लापरवाही एवं गुणवत्ता विहीन कार्यों को किये जाने की स्थिति में विभाग द्वारा क्या कार्यवाही की गई है? स्वीकृति जारी करने वाले अधिकारी का नाम, स्वीकृत राशि तथा भुगतान आदेश की प्रति उपलब्ध कराई जावे। (ग) प्रश्नांश (ख) अनुसार वॉटर शेड योजना के अंतर्गत निर्माण कार्यों में लगे मजदूरों-राज मिस्त्री की दैनिक मजदूरी की दर क्या थी? प्रतिदिन कितनी राशि, किस दर से मजदूरों को भुगतान की गई तथा इस संबंध में प्रचलित नियमों की प्रति उपलब्ध करावें।
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) प्रश्नाधीन जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ अनुसार है। (ख) योजनांतर्गत कार्यवार राशि का आवंटन नहीं किया जाता है। कार्यों की विलंबता एवं अपूर्णता की लापरवाही एवं गुणवत्ताहीन कार्य नहीं हुए है। अत: कार्यवाही का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। कार्यों से सम्बंधित स्वीकृतियां एवं भुगतान आदेशों की पृष्ठ संख्या लगभग 700 है, अत: इन दस्तावेजों का अवलोकन जिला पंचायत अनूपपुर में कार्यालयीन समय में किया जा सकता है। शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ अनुसार है। (ग) दैनिक मजदूरी दर मनरेगा योजना अंतर्गत प्रचलित मजदूरी दर के अनुरूप थी। प्रश्न की शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ब एवं 'स' अनुसार है।
उर्वरक का आवंटन, भंडारण एवं वितरण
[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]
100. ( क्र. 552 ) श्री फुन्देलाल सिंह मार्को : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जनवरी वर्ष 2025-2026 से प्रश्न दिनांक तक जिला अनूपपुर अंतर्गत पुष्पराजगढ़ विधानसभा क्षेत्र में खरीफ फसल हेतु कितने मीट्रिक टन यूरिया/डी.ए.पी./ग्रोसार/ सुपरफॉस्फेट/एस.एस.पी./एन.पी.के. एवं अन्य फर्टिलाइजर्स की कितनी मांग थी एवं मांग के एवज में की गई आपूर्ति का अलग-अलग ब्यौरा उपलब्ध करावें। खरीफ फसल हेतु किन-किन कंपनियों द्वारा कौन-कौन सी खाद सरकार द्वारा क्रय की गई है, खाद की बिक्री हेतु किन-किन शासकीय/अशासकीय संस्थाओं को विभाग द्वारा अधिकृत किया गया है? (ख) पुष्पराजगढ़ विधानसभा क्षेत्र के कृषकों के लिये खरीफ की फसल हेतु खाद आपूर्ति की कितनी-कितनी मात्रा तय की गई है और खाद के उचित समय पर वितरण के लिये क्या-क्या व्यवस्थायें सुनिश्चित की गई हैं? पुष्पराजगढ़ क्षेत्र के सहकारी एवं निजी खाद वितरण केन्द्र की सूची तथा खाद की मात्रा के संबंध में जानकारी उपलब्ध करावें। (ग) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में क्या किसानों को खाद हेतु ऑनलाइन बुकिंग कराना अनिवार्य है, तत्पश्चात तहसीलदार के प्रमाणीकरण पश्चात खाद उपलब्ध कराया जायेगा?
किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। विभाग द्वारा उर्वरक क्रय नहीं किया जाता है, अपितु म.प्र. राज्य सहकारी विपणन संघ द्वारा पुष्पराजगढ़ विधानसभा क्षेत्र हेतु प्रदाय उर्वरक के नाम एवं कंपनियों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। सहकारी एवं निजी उर्वरक विक्रेताओं की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-4 अनुसार है। किसानों को सुगमता से एवं पारदर्शी प्रक्रिया द्वारा उर्वरक उपलब्ध कराने हेतु ई-विकास (वितरण एवं कृषि उर्वरक आपूर्ति समाधान) प्रणाली प्रारंभ की गई है। जिसके माध्यम से किसान आवश्यक उर्वरक मात्रा एवं उर्वरक विक्रेता का चयन कर ई-टोकन जनरेट कर उर्वरक क्रय करने की सुविधा दी गई है। तदापि किसान अनुसंशित मात्रा से अधिक पूर्व की भांति उर्वरक अपनी आवश्यकता के अनुसार ले सकता है। शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-4 अनुसार है। (ग) जी, हाँ। जी नहीं। एक्सेप्शनल हेंडलिंग के प्रकरणों जैसे वन अधिकार पट्टाधारी, राजस्व पट्टाधारी, सिकमी (बटाईदार/किरायेदार) किसान, धार्मिक ट्रस्ट की भूमि, किसान जिनकी एग्रीस्टैक पर फार्मर आई.डी. नहीं है, एग्रीकल्चर फार्म, कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) एवं कृषि विश्वविद्यालय, मृत भू-स्वामी के प्रकरण, शारीरिक रूप से अक्षम भू-स्वामी, विशेष प्रयोजन आदि में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व)/तहसीलदार का सत्यापन को भी किसान हित में सुगमतापूर्वक उर्वरक उपलब्ध कराने हेतु ई-विकास प्रणाली में सुविधा दी गई है।
स्वीकृत पदों के विरूद्ध पदस्थापना
[सहकारिता]
101. ( क्र. 555 ) श्री श्रीकान्त चतुर्वेदी : क्या सहकारिता मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नवगठित जिला मैहर में संचालित उपायुक्त कार्यालय के लिए स्वीकृत पदों के परिप्रेक्ष्य में अभी तक अधिकारियों, कर्मचारियों की पद स्थापना न किये जाने के क्या कारण हैं? (ख) प्रश्नांश (क) के प्रकाश में क्या किसानों, उपभोक्ताओं से युक्त शासकीय योजनाओं के भौतिकीय रूप से समुचित क्रियान्वयन हेतु विभागीय कार्यालय की व्यवस्थित पद स्थापना कराया जाना अनिवार्य है? यदि हाँ, तो कब तक मैहर जिले के लिये स्वीकृत पद के परिप्रेक्ष्य में पदस्थापना करा दी जावेगी? समयावधि बतायी जावे। यदि नहीं तो क्यों? कारण स्पष्ट किया जावे।
सहकारिता मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) विभाग में अधिकारियों/कर्मचारियों की अत्यधिक कमी होने के कारण नवगठित जिला मैहर में संचालित उपायुक्त कार्यालय के लिए स्वीकृत पदों के परिप्रेक्ष्य में नियमित पदस्थापना नहीं की जा सकी है, किन्तु जिला मैहर में कार्यालयीन कार्य के सुचारू रूप से संचालन हेतु अन्य जिले के अधिकारी/कर्मचारियों को अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। (ख) जी हाँ। मैहर जिले के लिये स्वीकृत पदों के परिप्रेक्ष्य में नियमित पदस्थापना कर्मचारियों की उपलब्धता होने पर की जावेगी। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
जिला मैहर में जिला पंचायत कार्यालय की स्थापना
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
102. ( क्र. 556 ) श्री श्रीकान्त चतुर्वेदी : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या नवगठित जिला मैहर में जिला पंचायत कार्यालय खोले जाने की प्रक्रिया प्रचलन में है? यदि हाँ, तो कब तक कार्यालय खोले जाने की कार्यवाही पूर्ण करा दी जावेगी? समयावधि सहित जानकारी दी जावे। (ख) प्रश्नांश (क) के संबंध में अभी तक क्या पद सृजन की कार्यवाही जिला पंचायत मैहर में कार्यालय संचालित किये जाने की दृष्टि से क्या की जा चुकी है? यदि हाँ, तो विस्तृत रूप से जानकारी उपलब्ध करायी जावे। यदि नहीं तो कब तक पूर्ण की जावेगी? समयावधि दें।
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) जी हाँ। नवगठित जिला मैहर में जिला पंचायत कार्यालय की स्थापना की प्रक्रिया प्रचलन में है। मध्यप्रदेश शासन, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के आदेश दिनांक 03.09.2025 के माध्यम से नवीन जिला पंचायत भवन के निर्माण हेतु प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार। (ख) जिला पंचायत मैहर में कार्यालय संचालित किये जाने की दृष्टि से पद सृजन की कार्यवाही प्रचलन में है। पद सृजन की प्रक्रिया प्रचलन में होने के कारण इसकी पूर्णता हेतु कोई निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
मुख्यमंत्री जनकल्याण संबल योजना की जानकारी
[श्रम]
103. ( क्र. 560 ) डॉ. प्रभुराम चौधरी : क्या श्रम मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विगत 3 वर्षों में विधानसभा सांची अंतर्गत मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल) योजना अंतर्गत कुल कितने हितग्राहियों को अनुग्रह राशि स्वीकृत की गई है? वर्षवार, हितग्राहीवार जानकारी देवें। (ख) विगत तीन वर्षों में विधानसभा क्षेत्र सांची के ऐसे कितने हितग्राही हैं, जिनको राशि स्वीकृति के उपरांत भी प्रश्न दिनांक तक राशि का भुगतान नहीं किया गया है? विस्तृत जानकारी देवें। संबंधित हितग्राही को स्वीकृत राशि का वितरण कब तक कर दिया जावेगा?
श्रम मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) विगत 3 वर्षों में विधानसभा क्षेत्र सांची अंतर्गत मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल) योजना के तहत अनुग्रह राशि स्वीकृत किए गए हितग्राहियों की वर्षवार एवं हितग्राहीवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ख) प्रश्नांश की वांछित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल 2.0) योजनांतर्गत अनुग्रह सहायता स्वीकृति एवं भुगतान एक सतत प्रक्रिया है, योजनांतर्गत प्रत्येक सिंगल क्लिक कार्यक्रम में स्वीकृत तथा डिजिटल हस्ताक्षरित प्रकरणों में भुगतान मृत्यु दिनांक के क्रमानुक्रम में बजट उपलब्धता अनुसार किया जाता है। अत: शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
पंचायतवार स्वीकृत तथा अपूर्ण आवासों की जानकारी
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
104. ( क्र. 561 ) डॉ. प्रभुराम चौधरी : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सांची विधानसभा अंतर्गत विगत 3 वर्षों में किन-किन पंचायतों को आवास स्वीकृत किये गये हैं? इन स्वीकृत आवासों में से कितने आवास अभी तक अपूर्ण हैं? पंचायतवार जानकारी देवें। (ख) स्वीकृत अपूर्ण आवासों को कब तक पूर्ण कर लिया जावेगा? समय-सीमा बतायें।
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) सांची विधानसभा अंतर्गत विगत 03 वर्षों में पंचायतवार स्वीकृत तथा अपूर्ण आवासों की जानकारी योजना प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के पोर्टल pmayg.dord.gov.in पर उपलब्ध है। (ख) स्वीकृत आवासों का निर्माण हितग्राही द्वारा स्वयं किया जाता है। अत: समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
प्रश्नकर्ता के पत्रों पर कार्यवाही
[उच्च शिक्षा]
105. ( क्र. 565 ) श्री मधु भगत : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्नकर्ता द्वारा जारी पत्र क्रमांक 1697/विस110/परसवाड़ा दिनांक 30/03/2026 पर मुख्य सचिव मध्यप्रदेश को जांच हेतु पत्र प्रेषित किया गया था। उक्त पत्र पर विभाग द्वारा क्या कार्रवाई की गई है? की गई कार्यवाही संबंधी सुसंगत दस्तावेजों सहित जानकारी उपलब्ध करायें। यदि कार्यवाही नहीं की गई हैं तो क्यों? कार्यवाही कब की जायेगी? (ख) प्रश्नकर्ता द्वारा जारी पत्र क्रमांक 2016/विस110/परसवाड़ा दिनांक 25/05/2026 श्रीमान कलेक्टर जिला कटनी को चार बिंदुओं पर कार्रवाई हेतु पत्र लिखा गया था। उक्त पत्र पर जिला कलेक्टर कार्यालय एवं कलेक्टर महोदय द्वारा क्या कार्यवाही की गई हैं? की गई कार्यवाही संबंधी समस्त दस्तावेज सहित जारी आदेशों की प्रमाणित प्रतिलिपि उपलब्ध करायें। यदि कार्यवाही नहीं की गई है, तो क्यों? स्पष्टीकरण सहित जानकारी उपलब्ध करायें।
उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री इन्दर सिंह परमार ) : (क) कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। (ख) जानकारी एकत्र की जा रही है।
स्वीकृत सड़कों का निर्माण कार्य
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
106. ( क्र. 571 ) श्री कुँवर सिंह टेकाम : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सीधी एवं सिंगरौली जिले के विकासखण्ड कुसमी, मझौली एवं देवसर अंतर्गत प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से वर्ष 2020-21 से प्रश्न दिनांक तक कितने सड़कों की स्वीकृति प्रदान की गई थी? सूची उपलब्ध करायें। (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में स्वीकृत सड़कों में कितनी सड़कों का निर्माण कार्य प्रारम्भ करा दिया गया है? सूची उपलब्ध करायें। कितनी सड़कों का निर्माण कार्य प्रारम्भ नहीं करा गया है? सड़कवार कारण बतायें। (ग) सीधी जिले के अंतर्गत महखोर से कुसमी मार्ग प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से सड़क का निर्माण कब कराया गया है? जानकारी उपलब्ध करायें। महखोर से कुसमी मार्ग के पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुकने के बाद भी मरम्मत/पुनर्निर्माण का कार्य नहीं कराये जाने का कारण बतायें। सड़क का मरम्मत एवं पुनर्निर्माण कार्य कब तक करा दिया जावेगा? समय-सीमा दें। (घ) प्रश्नांश (ग) के संदर्भ में महखोर से कुसमी मार्ग में किये गए अतिक्रमण को कब तक हटाया जावेगा? समय-सीमा दें। क्या महखोर से कुसमी मार्ग को माननीय मुख्यमंत्री जी के द्वारा एम.डी.आर. घोषित किये जाने की घोषणा की गई थी? यदि हाँ, तो कब तक एम.डी.आर. घोषित कर सड़क का निर्माण कार्य कराया जायेगा? समय-सीमा की जानकारी दें।
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) सीधी एवं सिंगरौली जिले के विकासखण्ड कुसमी, मझौली एवं देवसर अंतर्गत प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से वर्ष 2020-21 से प्रश्न दिनांक तक कुल 93 मार्गों की स्वीकृति प्रदान की गई है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''1'' अनुसार है। (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में स्वीकृत कुल 93 मार्गों में से 13 मार्गों का कार्य पूर्ण हो चुका है, 34 मार्गों का कार्य प्रारंभ है एवं 46 मार्गों का कार्य अप्रारंभ है। सड़कवार सूची एवं कार्य प्रारंभ न होने से संबंधित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''1'' अनुसार है। (ग) प्रश्नांश (ग) में उल्लेखित मार्ग महखोर से कुसमी के अंतर्गत प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना द्वारा निर्मित 02 मार्ग आते है, जिनका विवरण निम्नानुसार है:- 1. कमचड़ (महखोर) से भदौरा, लंबाई 3.44 कि.मी.- मार्ग के मूल पैकेज MP-41106 का निर्माण कार्य दिनांक 10.04.2009 को पूर्ण कराया गया। मार्ग में भारी वाहनों के आवागमन के कारण मार्ग के अपग्रेडेशन का कार्य पैकेज क्रमांक MP41UPG02 के अंतर्गत दिनांक 15.05.2015 को पूर्ण कराया गया। 05 वर्ष की डी.एल.पी. अवधि पूर्ण होने के उपरांत पैकेज क्र. MP41MTN117 के अंतर्गत संविदाकार द्वारा संधारण न करने से दि. 22.03.2024 को अनुबंध निरस्तगी की कार्यवाही पूर्ण करने के उपरांत वर्तमान में मार्ग को 10 वर्षीय संधारण अवधि में पैकेज क्र. MP41PTN084 के अंतर्गत निविदा आमंत्रित की गई। निविदा के प्रथम आमंत्रण में कोई भी निविदा प्राप्त नहीं हुई एवं द्वितीय आमंत्रण में प्राप्त निविदा दर अधिक होने के कारण निविदा अस्वीकृत की गई। वर्तमान में निविदा की कार्यवाही प्रचलन में है। 2. कुसमी से भदौरा, लंबाई 27.70 कि.मी. :- इस मार्ग का निर्माण कार्य दिनांक 15.05.2012 को पूर्ण कराया गया था। वर्तमान में मार्ग दस वर्षीय संधारण अवधि में पैकेज क्रमांक MP41PTN056 के अंतर्गत संधारित है, मार्ग का संधारण कार्य नियमित रूप से कराया जा रहा है। (घ) प्रश्नांश (ग) में उल्लेखित महखोर से कुसमी मार्ग में कोई स्थाई अतिक्रमण नहीं किया गया है। अस्थाई रूप से कुछ स्थानों पर मार्ग के सोल्डर में बाड़ी लगाकर अतिक्रमण किया गया है, जो संज्ञान में आया है, जिसे हटवा दिया गया है। वर्तमान में मार्ग पर आवागमन अबाधित संचालित है। कार्यपालन यंत्री लोक निर्माण विभाग सीधी के पत्र क्र. 1131 दिनांक 29.06.2026 से प्राप्त जानकारी अनुसार मान. मुख्यमंत्री जी द्वारा दिनांक 15 मई 2025 को की गई घोषणा के अनुपालन में कलेक्टर जिला सीधी के आदेश क्रमांक 1132 दिनांक 29.06.2026 द्वारा महखोर से कुसमी मार्ग, लंबाई 30.00 कि.मी. को मुख्य जिला मार्ग (MDR) घोषित किया गया है। मार्ग को लोक निर्माण विभाग में हस्तांतरित करने की प्रक्रिया की जा रही है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''2'' अनुसार है।
ग्रंथपाल पद की स्वीकृति
[उच्च शिक्षा]
107. ( क्र. 578 ) श्री फूलसिंह बरैया : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रश्नकर्ता के तारांकित प्रश्न क्र. 2045 दिनांक 24/02/2026 के उत्तर में वर्ष 1986-87 में महाविद्यालय की स्थापना में ग्रंथालय पद स्वीकृत नहीं था? यदि हाँ, तो सोसायटी रजिस्ट्रीकरण अधिनियम की स्वीकृति की प्रति दें। (ख) क्या कलेक्टर छतरपुर पत्र क्र. 258/व.लि./2001 दिनांक 25/06/2001 सूची क्र. 12 में थी? लखन प्रताप सिंह, सहायक ग्रंथपाल का नाम अनुदान वेतन/जी.पी.एफ. हेतु अंकित है? नहीं तो क्यों? (ग) क्या महाविद्यालय का पत्र क्र.688/विधानसभा प्रश्न 2022 दिनांक 18/07/2022 में सहायक ग्रंथपाल पद स्वीकृत व कार्यरत संख्या एक है? (घ) श्री लखन प्रताप सिंह की नियुक्ति 20/06/1994 एवं पदोन्नति सन् क्या है? आदेश की प्रमाणित प्रति दें। महाविद्यालय को वेतन अनुदान किस सन् में मिला? 1994 से कार्यरत का नाम सूची में क्यों नहीं? (ड.) क्या अधिकारी की साजिश/द्वेष से नाम नहीं भेजा? दोषी अधिकारी पर क्या कार्रवाई की गई? (च) क्या सुप्रीम कोर्ट के आदेश दिनांक 01/04/2000 के पूर्व कार्यरत नियमित कर्मी अनुदान में होंगे? दिनांक 20/06/1994 से कार्यरत श्री सिंह को क्यों नहीं जोड़ा? इसके लिए कौन दोषी है? (छ) क्या 32 साल की सेवा के बाद 6000/- वेतन दिया जाना उचित है? संपरीक्षा सागर से वेतन निर्धारण के बाद भी शासनमान वेतन क्यों नहीं दिया जा रहा है? क्या बकाया एरियर्स दिया जाएगा? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं तो क्यों?
उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री इन्दर सिंह परमार ) : (क) जी हाँ। सोसायटी रजिस्ट्रीकरण अधिनियम की प्रति-स्वीकृति की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-1 अनुसार है। (ख) जी हाँ। केवल जी.पी.एफ. हेतु नाम अंकित है। (ग) जी हाँ। गैर अनुदानित पद पर कार्यरत एक है। (घ) श्री लखन प्रताप सिंह की गैर अनुदानित पद पर प्रथम नियुक्ति दिनांक 20.06.1994 एवं पदोन्नति दिनांक 28.06.2000 है। आदेश की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-2 अनुसार है। महाविद्यालय को वर्ष 1995-96 से वेतन हेतु अनुदान प्राप्त हुआ। महाविद्यालय की स्थापना सत्र 1986-87 में पद स्वीकृत न होने के कारण अनुदानित पद की सूची में नहीं रखा गया। (ङ) जी नहीं। महाविद्यालय की स्थापना 1986-87 के समय में बुक लिफ्टर एवं सहायक ग्रंथपाल का पद स्वीकृत न होने के कारण अनुदान सूची में नाम तत्कालीन प्रबंधक वर्ग एवं प्राचार्य द्वारा प्रस्तुत नहीं किया गया था। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (च) जी हाँ। स्वीकृत गैर अनुदानित पद पर कार्यरत श्री सिंह का पद महाविद्यालय की स्थापना में स्वीकृत नहीं होने के कारण शामिल नहीं किया गया है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (छ) महाविद्यालय के प्रबंधक वर्ग/शासी निकाय द्वारा स्वयं के स्त्रोतों से नियुक्त कर्मचारियों को वेतन भुगतान प्रबंधन वर्ग द्वारा आय के स्त्रोतों के अंतर्गत अधिकतम भुगतान किया जाता है। अनुदान के अंतर्गत पद स्वीकृत/मान्य न होने के कारण शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
श्मशान घाटों के रोड एवं बाउण्ड्रीवॉल का निर्माण
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
108. ( क्र. 579 ) श्री फूलसिंह बरैया : क्या पं चायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दतिया जिले की भाण्डेर विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत कितने ग्रामों में मरघट (श्मशान घाट) बने हुये हैं, जिनकी बाउण्ड्रीवॉल एवं सी.सी. रोड है तथा कितने ग्रामों में श्मशान घाट नहीं है एवं भूमि भी उपलब्ध नहीं है? ग्रामों की सूची उपलब्ध कराई जावे। (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार कितने ग्रामों में मरघट (श्मशान घाट) की भूमि पर अतिक्रमण किया गया है? उनकी सूची व अतिक्रमणकर्ताओं के नाम सहित जानकारी उपलब्ध कराई जाये। क्या शासन इन अतिक्रमणकर्ताओं के विरूद्ध कोई कार्यवाही करेगा? यदि हाँ, तो कब तक? (ग) जिन ग्रामों में मरघट (श्मशान घाट) नहीं हैं, क्या शासन द्वारा वहां नये निर्माण कराये जायेंगे? यदि हाँ, तो कब तक? समयावधि बतायें।
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) भाण्डेर विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत जनपद पंचायत भाण्डेर में कुल 141 ग्रामों में से 135 ग्रामों में श्मशान घाट बने हैं एवं 06 ग्रामों में श्मशान घाट नहीं हैं। 24 ग्रामों में श्मशान घाट की बाउण्ड्री बनी है एवं 42 ग्रामों में श्मशान घाट की सी.सी. रोड है। इसी प्रकार भाण्डेर विधानसभा क्षेत्रांतर्गत जनपद पंचायत दतिया में कुल 86 ग्रामों में से 77 ग्रामों में श्मशान घाट बने हैं एवं 09 ग्रामों में श्मशान घाट नहीं है तथा 31 श्मशान घाट के लिए सी.सी. रोड एवं बाउण्ड्री बनी है, जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट–''अ'' अनुसार है। (ख) भाण्डेर विधानसभा क्षेत्रांतर्गत जनपद पंचायत भाण्डेर के 02 ग्रामों पिपरौआ कलॉ एवं चर्राई में मरघट (श्मशान घाट) की भूमि पर अतिक्रमण किया गया है। अतिक्रमणकारियों के नाम – 1. लालाराम पाल – पिपरौआकलॉ, 2. हरदास पाल – पिपरौआकलॉ, 3. पीतम शर्मा – पिपरौआकलॉ, 4. अशाराम वर्मा – पिपरौआकलॉ, 5. जसवंत यादव – चर्राई जनपद पंचायत भाण्डेर द्वारा पत्र क्रमांक 1375-4 दिनांक 08.07.2026 से सरपंच एवं सचिव को कार्यवाही हेतु निर्देशित किया गया है एवं पत्र क्रमांक 1376 दिनांक 08.07.2026 से तहसीलदार भाण्डेर को सीमांकन कर अतिक्रमण हटवाने हेतु पत्र प्रेषित किया गया है, जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट–''ब'' अनुसार है। (ग) मध्यप्रदेश शासन, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के पत्र क्रमांक/पं.रा./5FC/2025/R-3640951/2025/22/P-1 दिनांक 02.09.2025 से दिये गये निर्देशानुसार ग्राम पंचायत स्तर पर राशि की उपलब्धता अनुसार प्राथमिकता के आधार पर कार्य कराये जाने का प्रावधान है, शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
दोषी पर कार्यवाही न होना
[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]
109. ( क्र. 584 ) श्री देवेन्द्र पटेल : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या मध्यप्रदेश शासन, किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग के आदेश क्रमांक 3734 दिनांक 31.12.2025 द्वारा मंडी बोर्ड रीवा में पदस्थ उपसंचालक के विरुद्ध गंभीर अनियमितताओं के संबंध में आरोप-पत्र जारी किया गया था तथा दिनांक 26.03.2025 को भी उनके विरुद्ध आरोप-पत्र जारी किया गया? क्या रु. 11 लाख की वित्तीय अनियमितता/शासकीय क्षति के संबंध में अपर संचालक (वित्त) द्वारा कार्यवाही हेतु आदेश जारी किए गए हैं तथा वर्तमान में उनके विरुद्ध अन्य गंभीर शिकायतों की जांच प्रचलित है? यदि हाँ, तो अब तक की गई कार्यवाही एवं प्रस्तावित कार्यवाही की जानकारी दें। (ख) क्या मध्यप्रदेश कृषि उपज मंडी अधिनियम, 1972 की धारा 26 के अंतर्गत राज्य मंडी बोर्ड सेवा का गठन किया गया है तथा मध्यप्रदेश राज्य मंडी बोर्ड सेवा विनियम, 1998 एवं मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 (विशेषकर नियम 9) के अंतर्गत विभागीय जांच/अनुशासनिक कार्यवाही लंबित होने की स्थिति में संबंधित अधिकारी को उसी स्थान अथवा संवेदनशील पद पर निरंतर पदस्थ न रखने का प्रावधान/प्रशासनिक व्यवस्था है? यदि हाँ, तो आरोप-पत्र जारी होने एवं जांच लंबित होने के बावजूद मंडी बोर्ड रीवा में पदस्थ उपसंचालक को अब तक स्थानांतरित/हटाया क्यों नहीं गया है? विभाग इन प्रावधानों का पालन सुनिश्चित कराने हेतु क्या कदम उठा रही है? (ग) क्या उक्त उपसंचालक की संलिप्तता/सांठ-गांठ के संबंध में अनेक शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिनमें अधिवक्ताओं द्वारा नोटिस दिए गए हैं तथा न्यायालय में वाद/याचिकाएं भी दायर की गई हैं? यदि हाँ, तो मध्यप्रदेश कृषि उपज मंडी अधिनियम, 1972 की धारा 26, मध्यप्रदेश राज्य मंडी बोर्ड सेवा विनियम, 1998 तथा मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 (नियम 9 सहित) के प्रावधानों के बावजूद उन्हें मंडी बोर्ड रीवा से क्यों नहीं हटाया/स्थानांतरित किया गया है? विभाग इस मामले में पारदर्शिता, निष्पक्षता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए क्या कार्यवाही कर रहा है? समुचित कार्यवाही न करने हेतु कौन अधिकारी उत्तरदायी है? कब तक वैधानिक कार्यवाही की जाएगी? समय-सीमा बताये।
किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। जी नहीं। जी नहीं, जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। जी हाँ। कार्यवाही की वस्तुस्थिति की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है। शेष प्रश्न उद्भूत नहीं होता है। (ख) जी हाँ। जी नहीं। शेष प्रश्न उद्भूत नहीं होता है। विभाग द्वारा नियमानुसार कार्यवाही की जा रही है। (ग) जी हाँ। विवरण की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है। म.प्र. कृषि उपज मंडी अधिनियम, 1972 की धारा 26, म.प्र. राज्य मंडी बोर्ड सेवा विनियम, 1998 तथा म.प्र. सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 (नियम 9 सहित) के प्रावधानों में संबंधित अधिकारी को उसी स्थान अथवा संवेदनशील पद पर निरंतर पदस्थ न रखने का कोई प्रावधान नहीं है। म.प्र. सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 (विशेष कर नियम 9) निलंबन की कार्यवाही से संबंधित है, पदस्थापना परिवर्तन किये जाने से संबंधित नहीं है। अपचारी कर्मचारी के विरूद्ध विभागीय जांच संस्थित की जाकर जांच कार्यवाही की जा रही है। जांच के निष्कर्ष अनुसार विभाग द्वारा गुण-दोष के आधार पर समुचित निर्णय लिया जायेगा। शेष प्रश्न उद्भूत नहीं होता है।
अनुपयोगी कार्यों को कराया जाना
[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]
110. ( क्र. 585 ) श्री देवेन्द्र पटेल : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश की किन-किन कृषि उपज मंडियों में ग्रेडर, कलर सारटेक्स, क्लीनिंग व पैकेजिंग प्लांट, डी.व्ही.आई. सिस्टम एवं बड़े इलेक्ट्रॉनिक तौल कांटों की स्थापना वर्ष 1997 से 2000 के मध्य मशीनों में कितनी-कितनी लागत से, किस मद से एवं किस उद्देश्य से की गई है? मण्डीवार जानकारी दें। (ख) प्रश्नांश (क) उल्लेखित मशीनों से मण्डीवार कितनी मात्रा में कृषि उत्पादों की सफाई, ग्रेडिंग व पैकेजिंग मशीनों की स्थापना से अब तक वर्षवार की गई है, कि जानकारी दें व मण्डीवार इस कार्य पर कितना मासिक बिजली बिल भुगतान किया गया? सफाई, ग्रेडिंग व पैकेजिंग व तोलकांटों से मंडीवार हुई वार्षिक आय की जानकारी भी दें। (ग) आर.के.व्ही.वाय. योजनांतर्गत ग्रेडिंग, क्लीनिंग एवं पैकेजिंग प्लांटों की स्थापना हेतु दिनांक 01/09/2025 को जारी निविदा, मशीनों की स्थापना, मंडियों के चयन, प्लांट स्थापित करने व संचालन संबंधी जानकारी दें। (घ) प्रश्नांश (क) उल्लेखित मशीनरी जिन मंडियों में लगाई गई है या लगाई जानी है, क्या उन मंडियों में नियमन व्यवस्था लागू है? नहीं तो क्यों? धन का अपव्यय किया गया? करोड़ों की राशि अनुपयोगी कार्यों में व्यय करने हेतु कौन-कौन अधिकारी उत्तरदायी है?
किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) स्थापना वर्ष 1997 से 2000 के मध्य की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। मंडियों में ग्रेडर, कलर सारटेक्स, क्लीनिंग व पैकेजिंग प्लांट की स्थापना कृषि उपज के मूल्य संवर्धन, डी.व्ही.आई. सिस्टम की स्थापना कृषकों हेतु विभिन्न योजनाओं के प्रचार-प्रसार एवं बड़े इलेक्ट्रॉनिक तौल कांटों की स्थापना कृषि उपज इत्यादि की त्वरित तौल के उद्देश्य से की गई है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब, ''स'' एवं ''द'' अनुसार है। (ग) 01 वर्ष तक संचालन एवं संधारण भी प्रावधानित है। मंडियों का विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ई अनुसार है। (घ) जी हाँ। शेष प्रश्न उद्भूत नहीं होता है।
पी.जी. कक्षाओं का संचालन
[उच्च शिक्षा]
111. ( क्र. 588 ) श्रीमती चंदा सुरेन्द्र सिंह गौर : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या शासकीय महाविद्यालय पलेरा से पी.जी कक्षायें संचालित नहीं होने से क्षेत्र के छात्र-छात्रायें उच्च शिक्षा ग्रहण करने जिला मुख्यालय से 40 किमी दूर जाने हेतु मजबूर हो रहे हैं और कुछ छात्र-छात्राओं को अन्य जिलों में उच्च शिक्षा ग्रहण करने के लिये जाना पड़ता है, इसलिये शासकीय महाविद्यालय पलेरा में पी.जी. कक्षायें प्रांरभ कराई जायें? यदि हाँ, तो कब-तक समयावधि बतायें। यदि नहीं तो क्यों? (ख) क्या शासकीय महाविद्यालय पलेरा में पी.जी. कक्षायें संचालित किये जाने की मांग प्रश्नकर्ता द्वारा विधान सभा प्रश्नों के माध्यम से वर्ष 2013 से 2018 तक एवं विगत विधानसभा सत्र में भी प्रश्न के माध्यम से बार-बार मांग की गई? शासकीय महाविद्यालय पलेरा में पी.जी. कक्षायें संचालित किये जाने के आदेश कब-तक जारी कर दिये जायेंगे? यदि हाँ, तो जानकारी स्पष्ट करें। यदि नहीं तो क्यों? (ग) क्या शासकीय महाविद्यालय पलेरा में पी.जी. कक्षायें संचालित नहीं किये जाने का कारण क्या है?
उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री इन्दर सिंह परमार ) : (क) जी नहीं। पलेरा से 25 कि.मी. की दूरी पर प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस शासकीय बापू महाविद्यालय नौगांव, जिला छतरपुर में पी.जी. कक्षाएं संचालित हैं, जहाँ विद्यार्थी अध्ययन कर सकते हैं। विभागीय मापदण्डों की पूर्ति एवं वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता के आधार पर विचार किया जाता है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ख) एवं (ग) जी हाँ उत्तरांश "क" अनुसार।
आजीविका मिशन गुना में हुई वित्तीय अनियमितताएं
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
112. ( क्र. 599 ) श्री जयवर्द्धन सिंह : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अधोहस्ताक्षरकर्ता का पत्र क्र. 994/26 दिनांक 24/04/2026 जो ए.सी.एस. पं. एवं ग्रा.वि.वि. एवं सी.ई.ओ. रा.ग्रा.आ.मि., पत्र क्र. 1000/26 दिनांक 12/05/2026, कार्या. सी.एस. का पत्र क्र. 6558 दिनांक 18/5/2026. कार्या. ए.सी.एस. जी.ए.डी. का पत्र दिनांक 09/06/2026 जो ए.सी.एस. पं. एवं ग्रा.वि.वि. एवं कलेक्टर गुना एवं पत्र क्र. 999/26 दिनांक 12/5/2026. कार्या. सी.एस. का पत्र 6560 दिनांक 18/5/2026 जो ए.सी.एस. प. एवं ग्रा.वि.वि. एवं कलेक्टर विदिशा को प्रेषित है, क्या प्राप्त हो गया है? पत्र की प्रति, आवक जावक पंजी, एकल नस्ती एवं सा.प्र.वि. के आदेश दिनांक 22/03/2011 के परिपालन में कृत कार्यवाही की संपूर्ण जानकारी दें एवं सा.प्र.वि. के आदेशों की अवेहलना होने पर संबंधितों के निलंबन की कार्यवाही की गई है? यदि नहीं तो क्यों? (ख) विशेष सहायक, माननीय पंचायत मंत्री का पत्र क्र. 2475 दिनांक 05/6/2026 जो सी.ई.ओ., म.प्र.डे.रा.ग्रा.आ.मि. को प्रेषित प्राप्त हुआ है? पत्र प्राप्ति से प्रश्न दिनांक तक कृत कार्यवाही की संपूर्ण जानकारी दें। कृत कार्यवाही से संबंधित को अवगत करा दिया गया है? यदि नहीं तो सा.प्र.वि. के आदेश की अवमानना होने पर निलंबन की कार्यवाही कर कब तक जानकारी उपलब्ध करा दी जायेगी? यदि नहीं तो क्यों? (ग) गुना जिले के समस्त पंचायतों के सरपंच, सचिव एवं उपसरपंच का नाम, पता, मोबाइल नं. की जानकारी पंचायतवार दें।
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) जी हाँ, श्री जयवर्द्धन सिंह का पत्र क्र. 994/26 दिनांक 24.04.2026 प्राप्त हुआ है। शेष पत्र प्राप्त नहीं हैं। म.प्र. राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन, जिला-गुना में हुई वित्तीय अनियमितता के संबंध में कलेक्टर, जिला-गुना के आदेश क्र. 295 दिनांक 11.06.2026 के द्वारा जांच दल गठित किया गया है। वर्तमान में जांच प्रचलन में है। प्रकरण के संबंध में दिनांक 24.06.2026 को एफ.आई.आर. दर्ज की गई है। (ख) जी हाँ, राज्य कार्यालय शाखा में पत्र क्र. 2475 दिनांक 05.06.2026 प्राप्त हुआ है। शिकायत की जांच हेतु राज्य स्तर से जांच दल गठित किया गया। जांच दल द्वारा जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया है। वर्तमान में कार्यवाही जिला स्तर से प्रचलन में है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है एवं पंचायत दर्पण पोर्टल की वेबसाइट https://mppanchayatdarpan.gov.in पर भी यह जानकारी देखी जा सकती है।
मा. मंत्री जी की घोषणा का पालन
[उच्च शिक्षा]
113. ( क्र. 600 ) श्री जयवर्द्धन सिंह : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रश्नकर्ता का पत्र क्र. 993/26 दिनांक 24/04/2026, राजभवन का पत्र क्र. 1230 दिनांक 27/05/2026 एवं मानव अधिकार आयोग नई दिल्ली का ई-मेल दिनांक 05/06/26 एवं 30/03/26 जो ए.सी.एस./पी.एस. उच्च शिक्षा को प्रेषित किया गया है, प्राप्त हुआ है? पत्र की प्रति, आवक-जावक पंजी, एकल नस्ती एवं सा.प्र.वि. के आदेश दिनांक 22/03/2011 के परिपालन में संपूर्ण जानकारी दें एवं सा.प्र.वि. के आदेशों की अवेहलना होने पर क्या संबंधितों के निलंबन की कार्यवाही की गई है? यदि नहीं तो क्यों? (ख) प्रश्नकर्ता के तारांकित प्रश्न क्र. 469 के प्रश्नांश (क) के उत्तर में दिनांक 29/01/2026 को जानकारी दी है तो संबंधित दस्तावेज की प्रति दें। प्रश्नकर्ता को जानकारी अप्राप्त होने की स्थिति में सा.प्र.वि. के आदेशों की अवेहलना होने पर संबंधितों का निलंबन कर जानकारी कब तक दी जायेगी? (ग) प्रश्नांश (ख) में उल्लेखित प्रश्न के प्रश्नांश (ख) की जानकारी कब तक उपलब्ध करा दी जायेगी? यदि नहीं तो कारण सहित बतायें। प्रश्नांश (ग) में तारांकित प्रश्न क्रमांक 673 दिनांक 16/12/24 में मा. मंत्री उच्च शिक्षा के निर्देशों का पालन सुनिश्चित कर राघौगढ़ कॉलेज को कब तक पी.जी. कॉलेज की अनुमति दी जायेगी? क्या मा. मंत्री जी के निर्देशों का पालन सुनिश्चित नहीं होने पर संबंधितों के विरूद्ध कार्यवाही की जायेगी?
उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री इन्दर सिंह परमार ) : (क) जी हाँ। ई-ऑफिस प्रणाली लागू होने के कारण आवक-जावक पंजी भौतिक रूप से संधारित नहीं है। पत्र की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'अ' अनुसार है। प्रश्नांश में उल्लेखित सामान्य प्रशासन विभाग के परिपत्र दिनांक 22.03.2011 के पैरा-2 के बिंदु-3 अनुसार कार्यवाही पूर्ण होने पर माननीय सदस्य को तद्नुसार अवगत कराया जायेगा। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ख) प्रश्न क्रं. 469 के प्रश्नांश 'क' की जानकारी पत्र क्रमांक 48/127/आउशि/शिका/2025 दिनांक 29.01.2026 माननीय विधायक महोदय को प्रेषित की जा चुकी है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'ब' अनुसार है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) शासकीय महाविद्यालय, राघौगढ़ में स्नातकोत्तर विषय प्रारंभ करने संबंधी विभागीय मापदण्डों के अनुसार इतिहास एवं हिंदी विषय हेतु कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। समय-सीमा बताना संभव नहीं है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
मा. मुख्यमंत्री जी की घोषणाओं का क्रियान्वयन
[उच्च शिक्षा]
114. ( क्र. 603 ) श्री नरेन्द्र सिंह कुशवाह : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रश्नकर्त्ता के तारांकित प्रश्न क्र. 552 दिनांक 17/02/26 के संदर्भ में मा. मुख्यमंत्री जी की घोषणा क्र. डी 0044 दिनांक 06/03/2024 जो कि नयागांव तहसील भिण्ड में महाविद्यालय खोलने की घोषणा की थी? (ख) यदि हाँ, तो क्या मा. मुख्यमंत्री जी की घोषणा को विभाग द्वारा मापदण्ड पूरा नहीं करने का हवाला देकर क्रियान्वित नहीं किया जा रहा है? (ग) यदि नहीं तो क्या विभाग पुनः विचार कर नयागांव में महाविद्यालय खोलने की दिशा में मा. मुख्यमंत्री की घोषणा का पालन किया जायेगा? यदि नहीं तो क्यों? यदि हाँ, तो कब तक? (घ) उपरोक्त प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्य में क्या मा. मुख्यमंत्री जी की घोषणा क्र. 0042 दिनांक 06/03/24 जो कि शासकीय एम.जे.एस. महाविद्यालय भिण्ड में कृषि संकाय की पढ़ाई आरंभ करने के संबंध में घोषणा की गई थी? यदि हाँ, तो कृषि संकाय आरंभ कर दिया गया है? यदि नहीं तो क्यों और कब-तक आरंभ किया जायेगा?
उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री इन्दर सिंह परमार ) : (क) जी हाँ। (ख) जी नहीं। (ग) नयागांव में नवीन महाविद्यालय प्रारंभ किए जाने हेतु विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन पर वित्त विभाग की सहमति एवं मंत्रि-परिषद् की स्वीकृति उपरांत नियमानुसार कार्यवाही की जावेगी। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (घ) जी हाँ। सत्र 2026-27 से शासकीय एम.जे.एस. महाविद्यालय, भिण्ड में कृषि संकाय प्रारंभ करने हेतु निर्देश जारी किए गए हैं। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता।
अशासकीय महाविद्यालयों में व्याप्त अनियमितता
[उच्च शिक्षा]
115. ( क्र. 604 ) श्री नरेन्द्र सिंह कुशवाह : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या भिण्ड नगर संचालित अशासकीय महाविद्यालय चौधरी यदुनाथ सिंह महाविद्यालय भिण्ड एवं चौधरी दिलीप सिंह लॉ-कॉलेज भिण्ड तथा चौधरी दिलीप सिंह कन्या महाविद्यालय भिण्ड में व्याप्त अनियमितताएं एवं मापदण्डों के विरूद्ध कॉलेज संचालित किए जाने के संबंध में इन महाविद्यालयों का भौतिक निरीक्षण दिनांक 14 मार्च 2026 को जिला प्रशासन भिण्ड के निर्देश पर कराया गया था? (ख) यदि हाँ, तो उक्त महाविद्यालय में क्या-क्या कमियां पाई गई एवं इन कॉलेजों को निरीक्षण रिपोर्ट के अनुसार अनापत्ति प्रमाण पत्र देने हेतु अमान्य किया गया था? यदि हाँ, तो इस संबंध में क्या कार्यवाही की गई? (ग) क्या चौधरी यदुनाथ सिंह महाविद्यालय भिण्ड में माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय की दिनांक 03.06.2026 को पी.जी.डी.सी.ए. परीक्षा के दौरान नकल संबंधी वीडियो वायरल हुआ था? इस संबंध में प्राचार्य एम.जे.एस. शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय भिण्ड के पत्र क्रमांक 513/2026 भिण्ड दिनांक 05.06.2026 को पत्र लिखकर स्पष्टीकरण मांगा गया था? यदि हाँ, तो क्या संतोषजनक जवाब दिया गया? (घ) उपरोक्त प्रश्नांश (क) से (ग) के परिप्रेक्ष्य में उक्त तीनों अशासकीय महाविद्यालयों में छात्रों की सुविधा के अनुसार सर्व सुविधायुक्त भवन नहीं है? शैक्षणिक स्टॉफ की कमी है, खेल मैदान नहीं है, मूट कोर्ट रूम नहीं है, विद्यार्थियों की संख्या फर्जी है, बायोमेट्रिक उपस्थिति नहीं लगाई जा रही है, सरकारी टीचर नियम विरूद्ध सेवाएं दे रहे हैं, इन सबके बावजूद भी क्या भौतिक निरीक्षण रिपोर्ट को दरकिनार करते हुये अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी किये जा रहे हैं? यदि हाँ, तो इसके लिये कौन-कौन दोषी है और इनके विरूद्ध क्या कार्यवाही की जा रही है?
उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री इन्दर सिंह परमार ) : (क) जी हाँ। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) जी हाँ, जी हाँ। जी नहीं। (घ) उक्त महाविद्यालयों के भौतिक निरीक्षण प्रतिवेदन के आधार पर अशासकीय महाविद्यालय चौधरी दिलीप सिंह लॉ कॉलेज भिण्ड की निरंतरता के पाठ्यक्रम को मान्य एवं चौधरी यदुनाथ सिंह महाविद्यालय भिण्ड एवं चौधरी दिलीप सिंह कन्या महाविद्यालय भिण्ड की निरंतरता के पाठ्यक्रम को अमान्य किया गया था। अमान्य किए गए दोनों महाविद्यालयों द्वारा अशासकीय महाविद्यालयों हेतु जारी मार्गदर्शिका की कंडिका 07 के अनुसार कमियों की पूर्ति करते हुए पुन: विभाग में निर्धारित शुल्क जमा करते हुए रिव्यू आवेदन किया गया। परीक्षणोपरांत दस्तावेजों की पूर्ति होने पर विभाग द्वारा दोनों महाविद्यालयों को सत्र 2026-27 हेतु निरतंरता के पाठ्यक्रमों को मान्य करते हुए अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी किया गया। सभी कार्यवाही नियमानुसार की गई है। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता।
एयर होस्टेस प्रशिक्षण हेतु पाठ्यक्रम का संचालन
[तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार (केवल कौशल विकास एवं रोजगार ) ]
116. ( क्र. 608 ) डॉ. अभिलाष पाण्डेय : क्या राज्य मंत्री, कौशल विकास एवं रोजगार महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या शासन के संज्ञान में यह विषय आया है, कि वर्तमान में प्रदेश के युवाओं, विशेषकर छात्राओं के बीच 'एयर होस्टेस' और विमानन सेवाओं से जुड़े अन्य रोज़गार के प्रति आकर्षण अत्यधिक बढ़ा है, किंतु इसके प्रशिक्षण हेतु शासकीय स्तर पर कोई प्रमाणिक और किफायती विकल्प उपलब्ध नहीं है? (ख) क्या शासन इस बात पर विचार कर रहा है कि कौशल विकास योजना या तकनीकी शिक्षा विभाग के अंतर्गत शासकीय आई.टी.आई. (ITI) अथवा अन्य सरकारी संस्थानों में एयर होस्टेस ट्रेनिंग को एक स्वतंत्र और प्रमाणित पाठ्यक्रम के रूप में शामिल किया जाए? यदि हाँ, तो इस दिशा में क्या योजना तैयार की जा रही है? (ग) क्या जबलपुर जैसे बड़े और केंद्रीय शहरों में, जहाँ युवाओं की संख्या अधिक है, इस प्रकार के प्रथम शासकीय प्रशिक्षण केंद्र को प्रायोगिक तौर पर आरंभ करने पर कोई आगामी कार्ययोजना है? यदि हाँ, तो इसे कब तक क्रियान्वित किए जाने की संभावना है? यदि नहीं, तो इस योजना पर विचार किया जायेगा?
राज्य मंत्री, कौशल विकास एवं रोजगार ( श्री गौतम टेटवाल ) : (क) जी हाँ। (ख) जी नहीं। शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) जी नहीं। आई.टी.आई. में महानिदेशालय प्रशिक्षण, नई दिल्ली द्वारा प्रमाणित पाठ्यक्रम अनुसार ही व्यवसायों का संचालन किया जाता है, महानिदेशालय प्रशिक्षण, नई दिल्ली की प्रमाणित व्यवसायों की सूची में एयर होस्टेस ट्रेनिंग का व्यवसाय सम्मिलित नहीं है, जिसके कारण वर्तमान में विचार किया जाना संभव नहीं है।
शा. महाविद्यालयों में प्रवेश हेतु पिछड़े एवं कमजोर वर्ग को समान अवसर का प्रदाय
[उच्च शिक्षा]
117. ( क्र. 609 ) डॉ. अभिलाष पाण्डेय : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रदेश के शासकीय महाविद्यालयों में स्नातक (UG) प्रवेश पूरी तरह 12वीं के अंकों के आधार पर होता है, जिससे महंगी कोचिंग और निजी स्कूलों से पढ़े संपन्न छात्र आसानी से चयनित हो जाते हैं, जबकि संसाधनों के अभाव में शासकीय विद्यालयों के गरीब व कमजोर तबके के विद्यार्थी वंचित रह जाते हैं? (ख) क्या शासन के पास ऐसी कोई कार्य-योजना या नीति विचाराधीन है, जिसके अंतर्गत शासकीय महाविद्यालयों की प्रवेश प्रक्रिया में शासकीय विद्यालयों से 12वीं उत्तीर्ण करने वाले छात्र-छात्राओं को विशेष प्राथमिकता प्रदान की जा सके? (ग) क्या इस प्रकार की प्राथमिकता देने से समाज के आर्थिक रूप से कमजोर व पिछड़े वर्ग के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के समान अवसर प्राप्त हो सकेंगे और इससे समाज में शासकीय स्कूलों के प्रति आम जनता एवं विद्यार्थियों का रुझान भी तेजी से बढ़ेगा? (घ) यदि उपर्युक्त बिंदुओं के संबंध में कोई दूरगामी नीतिगत योजना शासन स्तर पर प्रक्रियाधीन है, तो इस कल्याणकारी व्यवस्था को आगामी शैक्षणिक सत्र से कब तक लागू कर दिया जाएगा?
उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री इन्दर सिंह परमार ) : (क) जी हाँ, जी नहीं, शासकीय महाविद्यालयों में स्नातक स्तर पर प्रवेश राज्य शासन द्वारा जारी प्रवेश मार्गदर्शिका में उल्लेखित प्रावधान (आरक्षण, अधिभार एवं अन्य) अनुसार मेरिट के आधार पर किया जाता है। (ख) जी नहीं। (ग) शासन द्वारा आर्थिक एवं सामाजिक रूप से कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा में समान अवसर उपलब्ध कराने हेतु विभिन्न छात्रवृत्ति एवं अन्य कल्याणकारी योजनाएँ संचालित की जा रही हैं। (घ) उत्तरांश (ख) के परिप्रेक्ष्य में लागू नहीं होता।
सहायक लेखा अधिकारी की पदस्थापना
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
118. ( क्र. 630 ) श्री सुरेन्द्र सिंह हनी बघेल : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या जनपद पंचायत कुक्षी एवं डही मनरेगा अंतर्गत सहायक लेखा अधिकारी के पद पर कौन पदस्थ हैं व किस आदेश के तहत आदेश की प्रतिलिपि उपलब्ध करावें। (ख) उक्त सहायक लेखा अधिकारी जहाँ-जहाँ पदस्थ है, वहां उनके द्वारा अभी तक मनरेगा योजना में किस-किस कार्य का कितना भुगतान करवाया गया, कितना शेष है? शेष रहने के कारण और लंबित रहने की अवधि सहित बताएं। (ग) प्रश्नांश (क) वर्णित पदस्थ अधिकारियों के कार्यकाल में मनरेगा में सामग्री भुगतान के लिए अब तक कितनी-कितनी राशि, कब-कब आवंटित की गई, उसके विरुद्ध कौन-कौन से कार्यों का कितना-कितना भुगतान किया जाना निर्धारित था, निर्धारित राशि के विरुद्ध कितनी-कितनी राशि, किस-किस कार्य पर भुगतान की गई ? संपूर्ण जानकारी देवें। (घ) प्रश्नांश (क) वर्णित अधिकारियों के द्वारा उक्त अवधि में सामग्री भुगतान के लिए उच्च स्तर से निर्धारित मापदंडों का पूर्णतः पालन किया गया है? यदि हाँ, तो रिकॉर्ड की प्रमाणित जानकारी देवें, यदि नहीं तो निर्धारित मापदंडो का पालन नहीं करने के लिए इनके विरुद्ध अभी तक क्या कार्यवाही की है? पूर्ण विवरण देवें। इनके द्वारा निर्धारित मापदंडो का पालन नहीं किये जाने के कारण उच्च स्तर से क्या कार्यवाही की गई या दंड दिया गया, पूर्ण जानकारी देवे। यदि कोई कार्यवाही नहीं की गई है, तो इसके लिए उच्च स्तर पर कौन-कौन अधिकारी दोषी है, दोषी अधिकारियों के विरूद्ध की गई कार्यवाही की पूर्ण जानकारी देवे, यदि कार्यवाही नहीं की गई है तो ऐसी कार्यवाही कब-तक की जाएगी? समय-सीमा बताएं।
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) मनरेगा अंतर्गत सहायक लेखा अधिकारी के पद पर जनपद पंचायत कुक्षी में श्रीमती रितु तिवारी पदस्थ हैं एवं जनपद पंचायत डही के लेखाधिकारी का अतिरिक्त प्रभार श्रीमती रितु तिवारी को सौंपा गया है। आदेश की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-1 अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-2 पर अंकित फ्लोचार्ट 'अ' अनुसार है। भारत सरकार स्तर से सीमित आवंटन प्राप्त होने से पूर्ण भुगतान नहीं किया जा सका। (ग) आवंटित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट–3 अनुसार है। शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-1 अनुसार है। (घ) जी हाँ, जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-4 अनुसार है। शेष प्रश्न उत्पन्न नहीं होता है।
हितग्राही मूलक योजनाओं एवं किसानों को सुविधाएं
[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]
119. ( क्र. 643 ) श्रीमती रीती पाठक : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सीधी जिले में कृषि विभाग द्वारा किसानों के उत्थान हेतु कौन-कौन सी हितग्राही मूलक योजनाएं संचालित है? विधानसभावार जानकारी उपलब्ध करावें। (ख) सीधी जिले में कृषि यंत्र अनुदान योजना के अंतर्गत वर्ष 2023-24 वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 में कितने किसानों को कृषि उपकरण उपलब्ध कराये गये हैं? विधानसभावार जानकारी दें। (ग) सीधी जिले में कृषि विभाग में उप संचालक कृषि, परियोजना संचालक आत्मा, सहायक संचालक कृषि, सहायक भूमि संरक्षण अधिकारी, सहायक मृदा सर्वेक्षण अधिकारी, भू-सर्वेक्षण अधिकारी, कृषि विकास अधिकारी के कितने पद रिक्त हैं? सभी कार्यालय प्रमुख के पद कब से रिक्त हैं? इन कार्यालय प्रमुखों का दायित्व किन अधिकारियों के पास है? जानकारी दें।
किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) सीधी जिले में प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में कृषि विभाग द्वारा किसानों के उत्थान हेतु मुख्य रूप से संचालित योजनाओं की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ग) सीधी जिले में कृषि विभाग के अंतर्गत पदवार पदस्थ अधिकारियों/कर्मचारियों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 एवं ''4'' अनुसार है।
स्नातकोत्तर एवं स्नातक महाविद्यालय खोला जाना
[उच्च शिक्षा]
120. ( क्र. 647 ) श्री हरिशंकर खटीक : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में जनवरी 2024 से प्रश्न दिनांक तक कहां-कहां नवीन कॉलेज एवं पी.जी. कॉलेज शासन द्वारा खोले गये हैं? उनके मापदंडों सहित जानकारी प्रदाय करें। (ख) प्रश्नांश (क) के आधार पर बतायें कि टीकमगढ़ जिले के शासकीय महाविद्यालय जतारा एवं पलेरा को स्नातकोत्तर महाविद्यालय क्यों नहीं बनाया जा रहा है? प्रश्नकर्ता द्वारा, कब-कब प्रश्न विधानसभा में, किस-किस प्रश्न क्रमांक के माध्यम से शासन का ध्यान आकर्षित किया गया है? संपूर्ण जानकारी दें। (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के आधार पर जानकारी दें कि जतारा विधानसभा क्षेत्र के ग्राम पंचायत चंदेरा में एवं ग्राम पंचायत बम्हौरीकलां में नवीन स्नातक महाविद्यालय खोले जाने हेतु प्रश्नकर्ता द्वारा कब-कब मांग की गई है? जानकारी दें। (घ) प्रश्नांश (क) (ख) एवं (ग) के आधार पर बतायें कि कब तक नगर जतारा एवं पलेरा के स्नातक महाविद्यालयों में स्नातकोत्तर की कक्षायें एवं ग्राम चंदेरा एवं ग्राम बम्हौरीकलां में स्नातक महाविद्यालय प्रस्ताव में जोड़कर खोल दिये जावेगे? निश्चित समय-सीमा सहित बतायें।
उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री इन्दर सिंह परमार ) : (क) माह जनवरी 2024 से प्रश्न दिनांक तक प्रदेश में शासकीय विधि महाविद्यालय आगर मालवा तथा शासकीय विधि महाविद्यालय शुजालपुर, जिला शाजापुर प्रारंभ किये गये हैं। पी.जी. कॉलेज प्रारंभ नहीं किये गये हैं। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'अ' अनुसार है। (ख) पलेरा से 25 कि.मी. की दूरी पर प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस शासकीय बापू महाविद्यालय नौगांव जिला छतरपुर संचालित है, जहाँ विद्यार्थी स्नातकोत्तर कक्षाओं में अध्ययन कर सकते हैं। विभागीय मापदण्डों की पूर्ति एवं वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता के आधार पर विचार किया जाएगा। प्रश्नकर्ता द्वारा इस संबंध में विधान सभा सत्रों में पूछे गये प्रश्नों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'ब' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'स' अनुसार है। (घ) विभागीय मापदण्डों की पूर्ति एवं वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता के आधार पर विचार किया जाता है। समय-सीमा बताई जाना संभव नहीं है।
होम राशन के परिवहन हेतु वाहनों की जानकारी
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
121. ( क्र. 660 ) डॉ. चिंतामणि मालवीय : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या टेक होम राशन के परिवहन हेतु प्रदेश के सभी जिलों में वित्तीय वर्ष 2024-25 से प्रश्न दिनांक तक क्या शासकीय अथवा निजी वाहनों का उपयोग किया गया। (ख) निर्माण इकाई, आंगनवाड़ी केन्द्रों अथवा अन्य वितरण केन्द्रों तक आपूर्ति करने वाले वाहनों का माहवार विवरण सहित वाहन का पंजीयन क्रमांक (Registration Number), वाहन स्वामी का नाम, परिवहन एजेंसी/ठेकेदार का नाम, प्रेषण (Dispatch) की तिथि, प्रेषित सामग्री की मात्रा, प्रेषण स्थल तथा गंतव्य (Destination) का विवरण साथ ही ईंधन का खर्च यदि हो तो अथवा निजी वाहन स्वामी को दिया गए भाड़े का विवरण। (ग) क्या टेक होम राशन निर्माण एवं परिवहन से संबंधित कोई टेंडर या अनुबंध किया गया। (घ) अनुबंध प्राप्त करने वाली संस्थाओं/एजेंसियों का नाम, निविदा संख्या, निविदा मूल्य, अनुबंध अवधि तथा भुगतान की स्थिति का विवरण। (ड.) क्या उक्त अवधि में टेक होम राशन के परिवहन अथवा वितरण में किसी प्रकार की अनियमितता, शिकायत अथवा जांच दर्ज की गई है? यदि हाँ, तो जिलावार शिकायतों का विवरण, जांच की स्थिति तथा संबंधित व्यक्तियों/एजेंसियों के विरुद्ध की गई कार्रवाई का विवरण।
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) महिला एवं बाल विकास विभाग एवं संयंत्रों के माध्यम से जानकारी तैयार की जा रही है। (ख) जानकारी संकलित की जा रही है। (ग) महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संयंत्रों की महिला आजीविका औद्योगिक सहकारी संस्थाओं से टेक होम राशन निर्माण हेतु अनुबंध निष्पादित किया गया है। संयंत्रों से महिला एवं बाल विकास विभाग की परियोजनाओं तक टेक होम राशन परिवहन हेतु राज्य स्तर से टेंडर प्रक्रिया की गयी है। परियोजनाओं से आंगनवाड़ी, वितरण केंद्रों तक के परिवहन सम्बन्धी जानकारी महिला एवं बाल विकास विभाग के माध्यम से संकलित की जा रही है। (घ) महिला एवं बाल विकास विभाग एवं संयंत्रों के माध्यम से जानकारी तैयार की जा रही है। (ड.) उक्त अवधि में संयंत्रों से महिला एवं बाल विकास विभाग के परियोजनाओं तक परिवहन किये गए टेक होम राशन के सम्बन्ध में किसी प्रकार की अनियमितता, शिकायत अथवा जांच दर्ज नहीं की गयी है। शेष जानकारी महिला एवं बाल विकास विभाग के माध्यम से संकलित की जा रही है।
आर्थिक सहायता के प्रकरण की स्वीकृति
[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]
122. ( क्र. 839 ) श्री विपीन जैन : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) कलेक्टर कार्यालय मंदसौर में मुख्यमंत्री कृषक कल्याण योजना अंतर्गत राशि स्वीकृत करने हेतु प्रश्नकर्ता के पत्र क्रमांक 1418 दिनांक 13.05.2026 के संदर्भ में आवेदक सौरम कुंवर पति स्वर्गीय शंकर सिंह राजपूत निवासी चाँदाखेड़ी तहसील दलौदा के प्रकरण स्वीकृति हेतु क्या कार्यवाही की गई है? (ख) उक्त प्रकरण के संदर्भ में स्वीकृति हेतु कृषि उपज मंडी दलोदा, तहसीलदार दलोदा, पटवारी मौज रिपोर्ट दलोदा, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व मंदसौर द्वारा भी उचित रिपोर्ट बनाकर स्वीकृति हेतु प्रकरण को भेजा गया है जांच रिपोर्ट में भी प्रकरण को स्वीकृति योग्य बताया गया है बावजूद इसके प्रकरण को स्वीकृत क्यों नहीं किया गया है? (ग) मध्य प्रदेश राज्य कृषि विपणन बोर्ड भोपाल द्वारा मुख्यमंत्री कृषक कल्याण योजना के दिशा निर्देश और प्रारूप अनुसार भी प्रकरण स्वीकृत योग्य है तो बताएं कि उक्त प्रकरण को कब तक स्वीकृत कर आवेदक को सहायता प्रदाय कर दी जावेगी?
किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) प्रश्नांश के संदर्भ में आदेश की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) एवं (ग) उत्तरांश ''क'' के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उद्भूत नहीं होता है।
खाद की कमी एवं गेहूं उपार्जन हेतु स्लॉट बुकिंग
[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]
123. ( क्र. 1652 ) श्री रजनीश हरवंश सिंह : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सिवनी जिले एवं केवलारी विधानसभा क्षेत्र में वर्ष 2025-26 में खाद (डीएपी, यूरिया आदि) की मांग एवं उपलब्धता कितनी रही? (ख) खाद की कमी के कारण कितने किसान निर्धारित समय पर खाद प्राप्त नहीं कर सके? विकासखंडवार जानकारी प्रदान करें। (ग) गेहूं उपार्जन हेतु स्लॉट बुकिंग नहीं होने अथवा सर्वर/पोर्टल संबंधी समस्याओं के कारण कितने किसान पंजीकरण एवं विक्रय से वंचित रह गए? केंद्रवार एवं विकासखंडवार जानकारी दें। (घ) उक्त किसानों को राहत प्रदान करने तथा भविष्य में ऐसी स्थिति की पुनरावृत्ति रोकने हेतु शासन द्वारा क्या कार्यवाही की गई है अथवा की जाना प्रस्तावित है?
किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) सिवनी जिले में वर्ष 2025-26 में खाद (डीएपी, यूरिया आदि) की मांग एवं उपलब्धता की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है एवं केवलारी विधानसभा क्षेत्र में वर्ष 2025-26 में खाद (डीएपी, यूरिया आदि) की मांग एवं उपलब्धता की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ख) जिले में खाद की पर्याप्त उपलब्धता रही है। शेष प्रश्न उदभूत नहीं होता। (ग) रबी विपणन वर्ष 2026-27 अंतर्गत समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन हेतु शासन द्वारा निर्धारित समयावधि पर जिन किसानों द्वारा स्लाट बुकिंग की जाकर स्लाट में आवंटित दिनांक अवधि में गेहूं विक्रय हेतु उपज लेकर खरीदी केन्द्रों में उपस्थित हुये हैं, ऐसे किसानों से निर्धारित समयावधि में FAQ गुणवत्ता के आधार पर पात्रता अनुसार गेहूं खरीदी की गई है। उक्त प्रश्नांश की पूरक जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 एवं 4 अनुसार है। (घ) गेंहू उपार्जन के दौरान समय-समय पर उत्पन्न सर्वर संबंधित तकनीकी समस्या का निराकरण तकनीकी टीम द्वारा कराया गया है।
फल वन की स्थापना एवं महिला स्व-सहायता समूहों की सहभागिता
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
124. ( क्र. 1683 ) श्री शैलेन्द्र कुमार जैन : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या सागर जिले में मध्यप्रदेश का प्रथम फ्रूट फॉरेस्ट विकसित किया जा रहा है? यदि हाँ, तो उक्त परियोजना की कुल लागत, क्षेत्रफल, स्थान तथा क्रियान्वयन एजेंसी का विवरण देवें। (ख) उक्त फ्रूट फॉरेस्ट में कितने और कौन-कौन से फलदार पौधों का रोपण किया जाना प्रस्तावित है? परियोजना के अंतर्गत अब तक कितने एवं किस प्रजाति के पौधे लगाए गए हैं तथा शेष कार्य कब तक पूर्ण किया जाएगा? (ग) क्या शासन द्वारा महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से इस परियोजना के माध्यम से रोजगार एवं आय सृजन की कोई कार्ययोजना तैयार की गई है? यदि हाँ, तो विस्तृत विवरण देवें। (घ) क्या उक्त परियोजना के रखरखाव एवं संचालन में महिला स्व-सहायता समूहों को जोड़ा जा रहा है? यदि हाँ, तो कितने समूहों एवं कितनी महिला सदस्यों का चयन किया गया है तथा उन्हें किस प्रकार का आर्थिक लाभ/मानदेय का प्रावधान है? विवरण सहित जानकारी उपलब्ध कराये।
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) राज्य शासन द्वारा फ्रूट फॉरेस्ट करने के संबंध में निर्देश जारी नहीं किये गये है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। सागर जिले में वाटरशेड विकास घटक-प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना 2.0 की परियोजनाओं के अंतर्गत सघन फल वानिकी वृक्षारोपण किया गया है, जिसे प्रकल्प के तौर पर क्रियान्वित करने के लिये फ्रूट फॉरेस्ट का नाम दिया गया है। इस प्रकल्प के अंतर्गत जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) प्रश्नाधीन जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। शेष कार्य सितम्बर 2026 तक पूर्ण किया जायेगा। (ग) उक्त परियोजनाओं में महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से स्व-सहायता समूहों को संबद्ध किया जा रहा है। फल वन से उत्पादित होने वाले फलों से प्राप्त होने वाली आय में स्व-सहायता समूहों एवं सदस्यों की भागीदारी सुनिश्चित की गयी है। (घ) परियोजनाओ अंतर्गत फ्रूट फॉरेस्ट में 14 स्व-सहायता समूहों की 173 महिला सदस्यों को जोड़ा गया है। फल वन से उत्पादित होने वाले फलों से होने वाले आय में स्व-सहायता समूहों एवं सदस्यों की भागीदारी सुनिश्चित की गयी है।
भाग-3
अतारांकित
प्रश्नोत्तर
नवीन
शासकीय
महाविद्यालय
की स्थापना
[उच्च शिक्षा]
1. ( क्र. 9 ) श्री प्रहलाद लोधी : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) पवई विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत वर्तमान में संचालित शासकीय महाविद्यालयों में स्वीकृत पदों के सापेक्ष वर्तमान में कितने पद रिक्त हैं, जिससे अध्यापन कार्य प्रभावित हो रहा है? (ख) क्या यह सत्य है कि रैपुरा क्षेत्र में लंबे समय से नवीन शासकीय महाविद्यालय की मांग की जा रही है? यदि हाँ, तो शासन वहां महाविद्यालय खोलने हेतु कब तक निर्णय लेगा? (ग) क्या शासन को शासकीय महाविद्यालय शाहनगर में स्नातक स्तर पर विज्ञान संकाय तथा स्नातकोत्तर (PG) कक्षाओं को प्रारंभ करने हेतु स्थानीय स्तर से मांग पत्र प्राप्त हुए हैं? यदि हाँ, तो इन नवीन पाठ्यक्रमों को कब से संचालित किया जाएगा? (घ) पवई विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत महाविद्यालयों के बुनियादी ढांचे (भवन, प्रयोगशाला, पुस्तकालय) के सुदृढ़ीकरण हेतु पिछले तीन वर्षों में कितनी राशि आवंटित की गई और वर्तमान में कितने कार्य पूर्ण/अपूर्ण हैं?
उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री इन्दर सिंह परमार ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। रिक्त पदों के विरूद्ध अतिथि विद्वान आमंत्रित होकर अध्यापन कार्य सुचारू रूप से जारी है। (ख) जी हाँ। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ग) जी हाँ। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (घ) वर्ष 2022-23 में शासकीय महाविद्यालय पवई को भवन मरम्मत हेतु रूपये 5.00 लाख राशि आवंटित की गई। कार्य पूर्ण है। वर्ष 2023-24 में शासकीय महाविद्यालय शाहनगर के भवन मरम्मत हेतु रूपये 5.00 लाख राशि आवंटित की गई। कार्य पूर्ण है। पुस्तकालय विकास हेतु 2023-24 में रूपये 1.10 लाख राशि आवंटित की गई। कार्य पूर्ण है।
NRLM के क्रियान्वयन एवं स्व-सहायता समूहों की जानकारी
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
2. ( क्र. 10 ) श्री प्रहलाद लोधी : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) पन्ना जिले में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत वर्तमान में कुल कितने स्व-सहायता समूह (SHGs) पंजीकृत हैं और उनमें से कितनी महिलाएं 'लखपति दीदी' के रूप में चिन्हित की गई हैं? (ख) विगत दो वर्षों में पन्ना जिले के स्व-सहायता समूहों को बैंकों के माध्यम से कुल कितनी ऋण राशि वितरित की गई है? क्या ऋण वितरण में बैंकों द्वारा कोई समस्या आ रही है और यदि हाँ, तो सरकार द्वारा इसके निराकरण हेतु क्या कदम उठाए गए हैं? (ग) पन्ना जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में उत्पादित होने वाले कृषि उत्पादों (जैसे- दाल, तिलहन) एवं हस्तशिल्प के विपणन हेतु स्व-सहायता समूहों को क्या सहायता प्रदान की जा रही है? क्या जिला स्तर पर समूहों हेतु कोई 'स्थायी विक्रय केंद्र' उपलब्ध है? (घ) मिशन के तहत जिले में 'आजीविका ग्रामीण एक्सप्रेस योजना' एवं 'स्टार्ट-अप विलेज एंटरप्रेन्योरशिप प्रोग्राम' (SVEP) का क्या वर्तमान स्टेटस है? पन्ना जिले के कितने गांवों में यह योजनाएं सक्रिय रूप से संचालित हैं? (ङ) क्या सरकार के पास पन्ना जिले में समूहों को दिए गए प्रशिक्षण और उनके द्वारा संचालित सफल आर्थिक इकाइयों का कोई डेटा है? क्या सरकार इन समूहों के उत्पादों को 'पन्ना ब्रांड' के रूप में प्रोत्साहित करने की कोई योजना रखती है?
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) पन्ना जिले में आजीविका मिशन अंतर्गत कुल 10,313 स्व-सहायता समूह पंजीकृत हैं, जिसमें से कुल 29,526 महिलाएं "लखपति दीदी" के रूप में चिन्हित हैं। (ख) पन्ना जिले में विगत दो वर्षों में स्व-सहायता समूहों को बैंकों के माध्यम से कुल राशि रू.7,016.03 लाख का ऋण वितरित किया गया है। ऋण वितरण में बैंकों से कोई समस्या नहीं है। (ग) पन्ना जिले अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में उत्पादित होने वाली कृषि उत्पादों एवं हस्तशिल्प के विपणन हेतु स्व-सहायता समूहों को ऑनलाईन प्लेटफार्म एवं स्थानीय बाजार से जोड़ा गया है। जी हां, जिला स्तर पर समूहों द्वारा उत्पादित उत्पादों हेतु "आजीविका रूरल मार्ट" (स्थायी विक्रय केन्द्र) स्थापित है। (घ) पन्ना जिले में वर्तमान में आजीविका ग्रामीण एक्सप्रेस समूह सदस्यों द्वारा सतत रख-रखाव एवं समय-समय पर सर्विसिंग न कराये जाने के कारण वाहन संचालन की स्थिति में नहीं है। पन्ना जिले में SVEP कार्यक्रम संचालित नहीं है। (ड.) जी हां, पन्ना जिले में कुल 64,202 सफल आर्थिक इकाइयां संचालित हैं, जिसमें से 41,589 गतिविधियां ऑनलाईन पोर्टल में दर्ज हैं। शेष 22,613 गतिविधियां ऑफलाईन डेटा अनुसार संचालित की जा रही हैं। वर्तमान में सरकार की ओर से पन्ना जिले के लिए समूह उत्पादों को "पन्ना ब्रांड" के रूप में प्रोत्साहित करने की कोई योजना नहीं है।
आश्रय निधि का उपयोग
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
3. ( क्र. 24 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रश्न क्र. 182 दिनांक 01 दिसम्बर 2025 के उत्तर में बताया गया है कि जिला पंचायत जबलपुर में आश्रय निधि की राशि रू. 17,47,69,560 जमा है? (ख) क्या उपरोक्त राशि के उपयोग करने हेतु ग्राम पंचायतों से प्रस्ताव मांगे गये हैं? (ग) यदि हाँ, तो ग्राम पंचायतवार प्राप्त प्रस्तावों की जानकारी देवे? (घ) प्रश्नांश (ग) के अंतर्गत स्वीकृति की जानकारी देवें?
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) एवं (ख) जी हाँ। (ग) एवं (घ) उत्तरांश ''क'' एवं ख'' के संबंध में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
किसानों को ऋण वितरण, वसूली एवं अनियमितताएं
[सहकारिता]
4. ( क्र. 34 ) श्रीमती सेना महेश पटेल : क्या सहकारिता मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अलीराजपुर जिले में वर्ष 2021-22 से प्रश्न दिनांक तक जिले की सहकारी संस्थाओं/PACS के माध्यम से किसानों को ऋण वितरण किया गया है? यदि हाँ, तो विकासखण्डवार वर्षवार ऋण प्राप्त किसानों की संख्या, ऋण का प्रकार एवं वितरित राशि की जानकारी दी जाए। (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार उक्त अवधि में विकासखण्डवार ऋण वसूली की गई किसानों की संख्या, वसूली गई कुल राशि, वर्तमान बकाया राशि तथा डिफॉल्टर किसानों की संख्या की जानकारी दी जाए। (ग) प्रश्नांश (क) अनुसार अवधि में विकासखण्डवार कितने किसानों ने ऋण हेतु आवेदन किया, कितने स्वीकृत एवं अस्वीकृत हुए तथा अस्वीकृति के प्रमुख कारण क्या रहे? साथ ही लंबित आवेदनों की स्थिति एवं कारणों की जानकारी दी जाए। (घ) क्या सहकारी संस्थाओं में वित्तीय अनियमितता/घोटाले की स्थिति रही है? हाँ तो क्या नियमित ऑडिट एवं समीक्षा रिपोर्ट में नहीं पकड़ा गया? यदि नहीं, तो इसके लिए कौन जिम्मेदार है? क्या ऑडिट/समीक्षा रिपोर्ट में अनियमितताओं का उल्लेख होने के बावजूद उन पर कार्रवाई नहीं हुई, तो क्या कारण है?
सहकारिता मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-01 अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-02 एवं 03 अनुसार है। (ग) विकासखण्डवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-04 अनुसार है। अस्वीकृति का प्रमुख कारण अन्य बैंकों का ऋण बकाया होना तथा समिति का डिफाल्टर होना था। वर्तमान में लंबित ऋण आवेदन की स्थिति निरंक है, शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता है। (घ) नियमित आडिट एवं समीक्षा रिपोर्ट में जिले की प्राथमिक कृषि साख सहकारी संस्थाओं आमखूंट में राशि रूपये 1.17 करोड़ व संस्था कटठीवाडा में राशि रूपये 3.99 करोड़ की अनियमितता प्रकाश में आई है। अनियमितताएं प्रकाश में आने पर की गई कार्यवाही की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र–05 अनुसार है। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता है।
खेल सुविधाओं एवं उनके समक्ष उत्पन्न समस्याएं
[खेल एवं युवा कल्याण]
5. ( क्र. 46 ) डॉ. रामकिशोर दोगने : क्या खेल एवं युवा कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) हरदा जिले में वर्तमान में संचालित खेल मैदानों, स्टेडियमों, खेल अकादमियों एवं प्रशिक्षण केन्द्रों का खेलवार विवरण दीजिए? (ख) क्या हरदा जिले के प्रतिभावान खिलाड़ियों को पर्याप्त खेल संसाधन, प्रशिक्षकों, आधुनिक खेल उपकरणों, आवासीय सुविधाओं एवं नियमित प्रशिक्षण की उपलब्धता में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है? यदि हाँ, तो प्राप्त शिकायतों एवं उनके निराकरण का विवरण दीजिए? (ग) वर्ष 2023-24, 2024-25 एवं 2025-26 में हरदा जिले के कितने खिलाड़ियों का राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं हेतु चयन हुआ तथा उन्हें शासन द्वारा कितनी आर्थिक सहायता, छात्रवृत्ति अथवा प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई? नाम सहित जानकारी उपलब्ध करावें। (घ) क्या जिले के कई खिलाड़ियों को प्रतियोगिताओं में भाग लेने हेतु यात्रा, प्रशिक्षण एवं खेल सामग्री संबंधी पर्याप्त सहायता प्राप्त नहीं हो रही है? यदि हाँ, तो शासन द्वारा इस संबंध में क्या कदम उठाए गए हैं? (ड.) हरदा जिले के प्रतिभावान खिलाड़ियों को बेहतर खेल सुविधाएं, आधुनिक प्रशिक्षण, खेल छात्रवृत्ति एवं रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने तथा जिले में खेल अधोसंरचना के विकास हेतु शासन द्वारा वर्तमान में कौन-कौन सी योजनाएं संचालित की जा रही हैं? नाम सहित जानकारी उपलब्ध करावें एवं आगामी कार्य योजना क्या है?
खेल एवं युवा कल्याण मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) हरदा जिले में संचालित विभागीय खेल मैदान/स्टेडियम/इंडोर स्टेडियम की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 1 अनुसार है। (ख) जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) प्रश्नोत्तरी अवधि में हरदा जिले से राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में चयनित खिलाड़ी जिन्हें आर्थिक सहायता छात्रवृत्ति अथवा प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 2 व पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 3 अनुसार है। (घ) शासन नियमानुसार खिलाड़ियों को विभाग द्वारा आयोजित संभाग, राज्य एवं राष्ट्रीय स्तरीय प्रतियोगिता में भाग लेने हेतु यात्रा भत्ता एवं प्रशिक्षण हेतु खेल सामग्री उपलब्ध करायी जाती है। (ड.) विभागीय संचालित योजनाओं की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 4 अनुसार है।
संबल कार्डधारी परिवार को अनुग्रह राशि प्रदान करना
[श्रम]
6. ( क्र. 52 ) इंजीनियर प्रदीप लारिया : क्या श्रम मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सागर जिले में विभाग द्वारा वर्ष 2024-25, 2025-26 से प्रश्न दिनांक तक कितने संबल कार्डधारी परिवारों ने सामान्य/दुर्घटना मृत्यु पर अनुग्रह राशि स्वीकृत के आवेदन प्रस्तुत किए हैं/जमा किए हैं? विकासखण्डवार, विधानसभावार जानकारी देवें। (ख) प्रश्नांश (क) में वर्णित संबल कार्डधारी परिवार के कितने आवेदन पत्र अनुग्रह राशि के स्वीकृत किए गए एवं कितने प्रकरण लंबित है? विकासखण्डवार, विधानसभावार जानकारी देवें। (ग) प्रश्नांश (ख) में वर्णित कितने स्वीकृत आवेदनों की अनुग्रह राशि हितग्राहियों के खातों में समायोजित की गई है एवं कितने हितग्राहियों के खातों में शेष हैं तथा शेष हितग्राहियों के खातों में राशि कब तक समायोजित की जावेगी? (घ) प्रश्नांश (क) में वर्णित लंबित आवेदनों पर विभाग द्वारा कब तक स्वीकृति प्रदान की जावेगी एवं हितग्राहियों के खातों में अनग्रह राशि कब तक समायोजित की जायेगी?
श्रम मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) सागर जिले में मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल 2.0) योजनांतर्गत वर्ष 2024-25 एवं 2025-2026 में अनुग्रह सहायता हेतु कुल 4843 आवेदन प्राप्त हुये है। जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। प्रकरणों में सिंगल क्लिक कार्यक्रम में स्वीकृत तथा डिजिटल हस्ताक्षरित प्रकरणों में भुगतान मृत्यु दिनांक के क्रमानुक्रम में बजट उपलब्धता अनुसार किया जाता है। अत: शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) मुख्यमंत्री जनकल्याण संबल योजनांतर्गत अनुग्रह सहायता स्वीकृति एवं भुगतान एक सतत प्रक्रिया है, योजनातर्गत प्रत्येक सिंगल क्लिक कार्यक्रम में स्वीकृत तथा डिजिटल हस्ताक्षरित प्रकरणों में भुगतान मृत्यु दिनांक के क्रमानुक्रम में बजट उपलब्धता अनुसार किया जाता है। अत: शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
शासकीय आई.टी.आई. कालेज जरूआखेड़ा में नवीन ट्रेड प्रारम्भ करना
[तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार (केवल कौशल विकास एवं रोजगार ) ]
7. ( क्र. 53 ) इंजीनियर प्रदीप लारिया : क्या राज्य मंत्री, कौशल विकास एवं रोजगार महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या शासकीय आई.टी.आई. कालेज जरूआखेड़ा में सत्र 2026-27 में नवीन ट्रेड-इलेक्ट्रीशियन, फिटर, कोपा (कम्प्यूटर प्रोग्रामिंग), सोलर टेक्नीशियन एवं बीना रिफायनरी से संबंधित प्रारम्भ करने की घोषणा की गई है? मान. मुख्यमंत्री जी द्वारा 07/06/2026 को घोषणा की गई है? (ख) प्रश्नांश (क) में वर्णित मान. मुख्यमंत्री जी की घोषणा के संबंध में विभाग द्वारा प्रश्न दिनांक तक क्या कार्यवाही की गई? (ग) प्रश्नांश (क) में वर्णित नवीन ट्रेड शासकीय आई.टी.आई. कालेज जरूआखेड़ा में नवीन सत्र 2026-27 में प्रारम्भ हो जाएंगे या नहीं? (घ) प्रश्नांश (क) में वर्णित नवीन ट्रेड आई.टी.आई. कालेज जरूआखेड़ा में कब तक प्रारम्भ हो जाएंगे? विभाग द्वारा प्रारम्भ करने के संबंध में प्रश्न दिनांक तक क्या कार्यवाही की गई है?
राज्य मंत्री, कौशल विकास एवं रोजगार ( श्री गौतम टेटवाल ) : (क) जी हाँ। जी नहीं, घोषणा दिनांक 23.04.2026 को की गई है। (ख) से (घ) घोषणा अनुसार 04 नवीन पाठ्यक्रम यथा इलेक्ट्रीशियन, फिटर, कोपा (कम्प्यूटर प्रोग्रामिंग), सोलर टेक्नीशियन प्रशिक्षण सत्र 2026-27 से प्रारंभ किये जा चुके है।
पंजीकृत एवं अपंजीकृत श्रमिकों को प्राप्त होने वाले लाभ
[श्रम]
8. ( क्र. 68 ) इंजीनियर हरिबाबू राय : क्या श्रम मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अशोकनगर विधानसभा क्षेत्र में वर्तमान में कितने निर्माण श्रमिक एवं असंगठित क्षेत्र के श्रमिक श्रम विभाग में पंजीकृत हैं तथा पिछले तीन वर्षों में कितने नए पंजीयन किए गए हैं? क्या अशोकनगर विधानसभा क्षेत्र के बड़ी संख्या में श्रमिक आज भी श्रम विभाग की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से वंचित हैं? यदि हाँ, तो इसके कारण क्या हैं? पिछले तीन वर्षों में अशोकनगर विधानसभा क्षेत्र के श्रमिकों को प्रसूति सहायता, शिक्षा सहायता, विवाह सहायता, मृत्यु सहायता, उपकरण अनुदान एवं अन्य कल्याणकारी योजनाओं के अंतर्गत कितनी राशि वितरित की गई है? (ख) श्रमिक पंजीयन, नवीनीकरण एवं योजनाओं के लाभ वितरण में प्राप्त शिकायतों की संख्या कितनी है तथा उनके निराकरण हेतु क्या कार्यवाही की गई है? श्रमिकों को योजनाओं का लाभ समय पर उपलब्ध कराने तथा अपात्र व्यक्तियों को लाभ से रोकने के लिए शासन द्वारा क्या कदम उठाए जा रहे हैं? क्या शासन अशोकनगर विधानसभा क्षेत्र में विशेष शिविर आयोजित कर शत-प्रतिशत पात्र श्रमिकों का पंजीयन एवं योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करेगा? यदि हाँ, तो कब तक? उत्तर सहित विस्तृत जानकारी सदन पटल पर रखी जाए।
श्रम मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) (i) म.प्र. असंगठित शहरी एवं ग्रामीण कर्मकार कल्याण मंडल अंतर्गत अशोकनगर विधानसभा क्षेत्र में संबल योजना अंतर्गत कुल 50582 श्रमिक पंजीकृत हैं तथा पिछले तीन वर्षों में असंगठित क्षेत्र के संबल पोर्टल पर कुल 17852 नये पंजीयन किये गये हैं। जी नहीं। अत: शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता। पिछले तीन वर्षों में अशोकनगर विधानसभा क्षेत्र के श्रमिकों को संबल योजनांतर्गत अनुग्रह सहायता में राशि रू.7,64,00,000/-राशि वितरित की गई है। संबल योजनांतर्गत श्रम विभाग द्वारा पंजीकृत श्रमिकों को प्रसूति सहायता, शिक्षा सहायता, विवाह सहायता, उपकरण अनुदान योजना संचालित नहीं है। (ii) म.प्र. भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल अंतर्गत अशोकनगर विधानसभा क्षेत्र में वर्तमान में 2772 निर्माण श्रमिक पंजीकृत है तथा विगत तीन वर्षों में 29 निर्माण श्रमिकों के नवीन पंजीयन किये गये है। जी नहीं, अशोकनगर विधानसभा क्षेत्र में पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के मण्डल द्वारा संचालित कल्याणकारी योजनाओं से वंचित होने की स्थिति नहीं है। अत: शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता। विगत तीन वर्षों में मण्डल द्वारा संचालित योजनाओं में अशोकनगर विधानसभा क्षेत्र के पंजीकृत श्रमिकों को मृत्यु की दशा में अंत्येष्टि एवं अनुग्रह सहायता योजना अंतर्गत राशि रूपये 1,98,72000/- वितरित की गई है। (iii) म.प्र. श्रम कल्याण मंडल द्वारा संगठित क्षेत्र के श्रमिकों हेतु योजनाएं संचालित की जाती है। मंडल द्वारा संचालित योजनाओं में अशोकनगर विधानसभा क्षेत्र में विगत 3 वर्षों में संगठित क्षेत्र के श्रमिकों को विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत प्रदान की गई हितलाभ राशि की जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ख) (i) म.प्र. असंगठित शहरी एवं ग्रामीण कर्मकार कल्याण मंडल अंतर्गत चाही गयी जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। श्रमिकों को योजनाओं का लाभ समय पर उपलब्ध कराने तथा अपात्र व्यक्तियों को लाभ प्राप्त करने से रोकने हेतु पंचायत स्तर तक ग्राम सभाओं के माध्यम से योजना के प्रावधानों एवं हितग्राहियों की सूची का नियमित रूप से वाचन कराया जा रहा है। साथ ही, आवेदन से लेकर हितलाभ प्रदान किए जाने तक की संपूर्ण प्रक्रिया ऑनलाइन की गई है तथा आधार आधारित भुगतान, पंजीयन में डिजिटल हस्ताक्षर आदि व्यवस्थाएं प्रारंभ की गई हैं। उक्त व्यवस्थाएं संपूर्ण मध्यप्रदेश में लागू हैं। अतः अशोकनगर जिले हेतु पृथक रूप से शिविर आयोजित किए जाने का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ii) म.प्र. भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल अंतर्गत श्रमिक पंजीयन, नवीनीकरण एवं योजनाओं के लाभ वितरण के संबंध में शिकायतें विभिन्न माध्यमों से प्राप्त होती है, जिनकी संख्या में परिवर्तन होता रहता है। वर्तमान में मण्डल से संबंधित 04 शिकायतें (जिनमें से 02 शिकायतें एक ही प्रकरण के संबंध में है) प्राप्त है, जिनके निराकरण हेतु योजना के प्रावधान अनुसार कार्यवाही की जा रही है। श्रमिकों को योजनाओं का लाभ समय पर उपलब्ध कराने हेतु योजनाओं के अंतर्गत निराकरण की समय-सीमा निर्धारित की गई है तथा कतिपय योजनाओं को लोकसेवा गारंटी अधिनियम अंतर्गत अधिसूचित किया गया है। अपात्र व्यक्तियों को लाभ से रोकने के लिए आवेदन सत्यापन अधिकारी द्वारा श्रमिक की पात्रता का सत्यापन ग्राम तथा वार्ड स्तर पर करने के उपरांत ही पदाभिहित अधिकारी को अग्रेषित किया जाता है। शासन द्वारा आयोजित जनकल्याण शिविरों के माध्यम से मण्डल अंतर्गत आवेदन प्राप्त किये गये है। उक्त व्यवस्थाएं संपूर्ण मध्यप्रदेश में लागू हैं। अतः अशोकनगर जिले हेतु पृथक रूप से शिविर आयोजित किए जाने का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
विपणन संघ का डबल लॉक के गोदाम की जानकारी
[सहकारिता]
9. ( क्र. 79 ) श्री नरेन्द्र प्रजापति [इंजीनियर] : क्या सहकारिता मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या विधानसभा मनगवां 73 अंतर्गत विपणन संघ का डबल लॉक का गोदाम है? यदि है, तो कहां पर है खसरा नम्बर सहित विवरण दिया जाये? यदि नहीं, तो कब तक में स्थापित करा दिया जायेगा? (ख) विधानसभा मनगवां 73 अंतर्गत सेवा सहकारी समितियों में कर्मचारियों की विवरणिका उपलब्ध करायें एवं रिक्त पदों को कब तक भर दिया जायेगा? जानकारी देवें। (ग) विधानसभा मनगवां 73 में समितियों में पात्र किसानों के लिये खाद-बीज एवं उर्वरक की हर सीजन में बोनी के समय उपलब्धता की कमी को कब तक दूर किया जायेगा?
सहकारिता मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) जी नहीं। विधानसभा क्षेत्र मनगवां 73 अंतर्गत राजस्व ग्राम रानी पुरवा में भूमि खसरा क्रमांक 65/0.223 एवं 66/0.202 को चिन्हित कर भूमि आवंटन हेतु ऑनलाइन आवेदन क्रमांक 0113410803030-APP-27618651 से जिला कलेक्टर को आवेदन किया गया है। भूमि आवंटन होने के उपरांत भंडारण केंद्र निर्माण के संबंध में कार्यवाही की जा सकेगी। (ख) विधानसभा क्षेत्र मनगवां-73 अंतर्गत बहुउद्देश्यीय प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों में कर्मचारियों के भरे एवं रिक्त पदों की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। इन समितियों में कर्मचारियों की भर्ती पंजीयक द्वारा जारी पैक्स कर्मचारी सेवा नियमों के अनुसार की जाती है, समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ग) विधानसभा क्षेत्र मनगवां-73 में बहुउद्देशीय प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों के पात्र किसानों को आवश्यकता अनुसार बोनी के समय खाद एवं बीज उपलब्ध कराया जाता है।
जर्जर भवनों का मरम्मतीकरण एवं भवन नव-निर्माण किया जाना
[उच्च शिक्षा]
10. ( क्र. 80 ) श्री नरेन्द्र प्रजापति [इंजीनियर] : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या शासकीय महाविद्यालय मनगवां जिला रीवा वर्ष 2013 से संचालित है? महाविद्यालय में बी.एस.सी. एवं बी.कॉम का संकाय कब तक में शासन स्तर पर संचालित किया जायेगा, जिससे व्याख्याताओं एवं प्राध्यापकों की नियुक्ति शासन स्तर पर हो सके। समय-सीमा बतलाने का कष्ट करें। (ख) शासकीय महाविद्यालय मनगवां जिला रीवा की बिल्डिंग के कुछ भवन जर्जर हालत में हैं, उनका कब तक मरम्मतीकरण एवं नव-निर्माण किया जायेगा? (ग) शासकीय महाविद्यालय मनगवां में खेल-कूद के लिये मैदान नहीं है, खेल-कूद के मैदान की व्यवस्था कब तक की जायेगी? (घ) शासकीय महाविद्यालय मनगवां में निर्मित भवन के चारों ओर साफ-सफाई कराने के उपरांत वृक्षारोपण कब तक कराया जायेगा एवं यह किस मद से होगा? जानकारी देवें।
उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री इन्दर सिंह परमार ) : (क) जी हाँ। विभागीय मापदण्डों के परिप्रेक्ष्य में संसाधनों की उपलब्धता के आधार पर कार्यवाही की जाती है। निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ख) जी नहीं। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता है। (ग) महाविद्यालय में खेलकूद गतिविधियों हेतु मैदान उपलब्ध है। (घ) वृक्षारोपण का कार्य महाविद्यालय द्वारा आवश्यकतानुसार एवं नियमानुसार कराया जाता है। वृक्षारोपण हेतु पृथक से कोई मद निर्धारित नहीं है। निश्चित समय-सीमा बताई जाना संभव नहीं है।
स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी
[आयुष]
11. ( क्र. 85 ) श्री नरेन्द्र प्रजापति [इंजीनियर] : क्या आयुष मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा मनगवां 73 के अंतर्गत आने वाले सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, उपस्वास्थ्य केन्द्र एवं आरोग्य आयुष मंदिर कितने हैं एवं इन सभी अस्पतालों में चिकित्सक एवं नर्सिंग स्टाफ की भर्ती कब तक कर ली जायेगी? (ख) विधानसभा मनगवां 73 के अंतर्गत आयुर्वेद, होमियोपैथिक के कॉलेज एवं चिकित्सालय कहां एवं कितने हैं? अगर नहीं है, तो होम्योपैथिक कॉलेज एवं चिकित्सालय कब तक बनेगा? क्या आयुर्वेद चिकित्सालय में चिकित्सक एवं नर्सों की उपलब्धता है एवं रिक्त पदों को कब तक भर दिया जाएगा?
आयुष मंत्री ( श्री इन्दर सिंह परमार ) : (क) विधानसभा मनगवां-73 के अंतर्गत स्वास्थ्य विभाग के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र-02, प्राथमिक स्वास्थ्य क्रेन्द्र-06, उपस्वास्थ्य केन्द्र एवं आरोग्य आयुष मंदिर-40 संचालित हैं। जिनमें भर्ती प्रक्रिया स्वास्थ्य विभाग के द्वारा की जाती है एवं आयुष विभाग अंतर्गत आरोग्य मंदिर (आयुष)-06 है। जिसमें चिकित्सा अधिकारी-03, सामुदायिक आयुष स्वास्थ्य अधिकारी-02, कम्पाउण्डर-04, महिला आयुर्वेद स्वास्थ्य कार्यकर्ता-06, औषधालय सेवक-04 एवं पी.टी.एस.-03 पदस्थ है। पदपूर्ति सतत् प्रक्रिया है। (ख) विधानसभा मनगवां-73 में कोई भी आयुर्वेदिक/होम्योपैथी के कॉलेज एवं चिकित्सालय संचालित नहीं है। वर्तमान में मनगवां क्षेत्र में ऐसे कोई होम्योपैथिक कॉलेज व चिकित्सालय स्वीकृत नहीं है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
निर्माण कार्यों की अद्यतन जानकारी
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
12. ( क्र. 86 ) श्री नरेन्द्र प्रजापति [इंजीनियर] : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा मनगवां 73 अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2023-24, 2024-25, 2025-26, 2026-27 में ग्रामीण यांत्रिकीय सेवा द्वारा प्रदत्त विभिन्न निर्माण कार्यों में से कितने पूर्ण हुये कितने निर्माणाधीन हैं और निर्माणाधीन हैं तो कब तक पूर्ण होंगे? समस्त कार्यों के निविदाकारों के निर्माण कार्य की अद्यतन स्थिति एवं निविदाकारों का पूर्ण विवरण दूरभाष सहित उपलब्ध कराये जाने का कष्ट करें। (ख) विधानसभा मनगवां 73 अंतर्गत - 1. ग्राम माडव से ग्राम कंदैला पहुंच मार्ग दूरी 09 कि.मी. प्रधानमंत्री सड़क योजना के तहत टेंडर हुआ था पंरतु आज दिनांक तक यह सड़क का निर्माण पूर्ण नहीं हुआ हैं और जो भी बनी है वह गुणवत्ता विहीन है। 2. ग्राम पंचायत कंदैला अंतर्गत कंदैला पहुंच मार्ग दूरी 03 कि.मी. माननीय मुख्यमंत्री महोदय द्वारा प्रदान की गयी थी जिसका टेंडर हुआ था पंरतु आज दिनांक तक यह सड़क का निर्माण पूर्ण नहीं हुआ हैं और जो भी बनी है वह गुणवत्ता विहीन है। उक्त दोनों सड़क का निर्माण आज दिनांक तक क्यों नहीं पूर्ण हुआ? मानक गुणवत्ता के साथ कब तक पूर्ण हो जायेगा?
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) विधानसभा मनगवां 73अंतर्गत- ग्राम माडव से ग्राम कंदैला पहुंच मार्ग दूरी 09 कि.मी. का कार्य म.प्र. ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण द्वारा दिनांक 17.04.2024 को पूर्ण कराया गया है। वर्तमान में पैकेज क्रमांक एफटीएन 02 के अंतर्गत 15 वर्ष पश्चात् की संधारण अवधि में है। उक्त पैकेज को संविदाकार के द्वारा संधारण कार्य न करने के कारण पैकेज को निरस्त कर दिया गया है। जिसका बैलेन्स वर्क का प्राक्कलन तैयार किया जा रहा है। नवीन एजेन्सी के निर्धारण उपरांत संधारण कार्य पूर्ण कर दिया जायेगा। ग्राम पंचायत कंदैला अंतर्गत कंदैला पहुंच मार्ग दूरी 03 कि.मी. का कार्य लोक निर्माण विभाग को स्वीकृत होकर, पहुंच मार्ग निर्माण कार्य में बी.टी. तक का कार्य पूर्ण कराया गया है। रोड फर्नीचर का कार्य शेष है, जो दिसंबर 2026 तक पूर्ण किया जाना लक्षित है।
ऋण वितरण प्रक्रिया को सरल किया जाना
[सहकारिता]
13. ( क्र. 92 ) श्री विजय रेवनाथ चौरे : क्या सहकारिता मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रदेश के किसानों को प्राथमिक कृषि साख सेवा सहकारी समितियों के माध्यम से मिलने वाले अल्पकालीन फसल ऋण हेतु वर्तमान में अनावश्यक दस्तावेज, अतिरिक्त गारंटर (जमानतदार) एवं नए हलफनामे मांग कर परेशान किया जा रहा है? यदि हाँ, तो नियमों में हाल ही में किए गए इन बदलावों का वैधानिक आधार क्या है? (ख) क्या पूर्व में किसान आसानी से समय पर खाद-बीज हेतु लोन प्राप्त कर लेते थे? यदि हाँ, तो नई जटिल प्रक्रिया लागू होने से ऋण स्वीकृति और वितरण में औसतन कितने दिनों का अतिरिक्त विलंब हो रहा है? (ग) क्या सरकार के संज्ञान में यह बात आई है कि खरीफ एवं रबी सीजन के दौरान बैंकों और समितियों के चक्कर काटने के कारण किसानों की खेती प्रभावित हो रही है तथा वे अपनी ही कृषि भूमि पर ऋण लेने से वंचित हो रहे हैं? (घ) क्या शासन किसानों की सहूलियत के लिए ऋण माफी, नवीनीकरण और नए लोन की इस कागजी प्रक्रिया को पुनः पूर्व की भांति सरल व एकल खिड़की आधारित बनाने पर विचार कर रहा है? यदि हाँ, तो इसे कब तक सरल किया जाएगा और यदि नहीं, तो इसके क्या तकनीकी कारण हैं?
सहकारिता मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) जी नहीं। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता। (ख) जी हां, प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों से खाद बीज हेतु ऋण स्वीकृति और वितरण की प्रक्रिया पूर्वानुसार है। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता। (ग) जी नहीं, ऐसी स्थिति संज्ञान में नहीं है। (घ) उत्तरांश (क) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
संबल अनुग्रह सहायता राशि प्रदान न करना
[श्रम]
14. ( क्र. 93 ) श्री विजय रेवनाथ चौरे : क्या श्रम मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सौंसर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत वर्तमान में ऐसे कितने संबल कार्ड धारक हितग्राही परिवार हैं, जिनके परिजनों की मृत्यु उपरांत अनुग्रह सहायता राशि (संबल राशि) के आवेदन स्वीकृत हो चुके हैं अथवा प्रक्रियाधीन हैं? ग्राम पंचायतवार एवं वार्डवार सूची उपलब्ध कराएं। (ख) क्या इनमें से कई परिवारों को आवेदन किए एक वर्ष या उससे अधिक का समय बीत जाने के बाद भी अनुग्रह सहायता राशि प्रदान नहीं की गई है? यदि हाँ, तो ऐसे लंबित प्रकरणों की कुल संख्या कितनी है और इतनी लंबी अवधि तक भुगतान न होने के क्या कारण हैं? इसके लिए कौन जिम्मेदार है? (ग) उपर्युक्त लंबित प्रकरणों के आश्रित परिजनों के बैंक खातों में रूकी हुई संबल राशि कब तक ट्रांसफर कर दी जाएगी? क्या शासन इसके लिए कोई निश्चित समय-सीमा तय करेगा?
श्रम मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) जानकारी पुस्ताकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) मुख्यमंत्री जनकल्याण संबल योजनांतर्गत वर्तमान में अनुग्रह सहायता का ऐसा कोई भी स्वीकृत प्रकरण लंबित नहीं है, जिसमें स्वीकृति के पश्चात् एक वर्ष अथवा उससे अधिक अवधि व्यतीत होने के बावजूद भुगतान हेतु प्रेषित न किया गया हो। अतः शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) प्रश्नांश (ख) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
लंबित प्रस्तावों की स्वीकृति
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
15. ( क्र. 99 ) श्री नारायण सिंह पट्टा : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मंडला जिले में वर्ष 2023-24 से प्रश्न दिनांक तक अधोसंरचना मद से स्वीकृत कार्यों की जानकारी, स्वीकृति दिनांक, लागत राशि, प्रदाय राशि, पूर्णता/अपूर्णता की स्थिति सहित उपलब्ध करावें? प्रश्नकर्ता के स्वीकृति हेतु लंबित प्रस्तावों में अब तक क्या कार्यवाही की गई है? स्वीकृति नहीं देने के क्या कारण हैं? कब-तक स्वीकृति दी जाएगी? प्रश्नकर्ता के समस्त प्रस्तावों की प्रति उपलब्ध करावें? (ख) सम्पर्कता सड़कों के निर्माण हेतु विभाग के नियम/निर्देश की जानकारी उपलब्ध कराएं? अब तक कितनी बार नियमों में संशोधन किया गया है और क्यों? मंडला जिले से कितनी सड़कों के प्रस्ताव भेजे गए हैं? उनकी अब तक स्वीकृति नहीं होने के क्या कारण हैं? (ग) मंडला जिले की बिछिया विधानसभा अंतर्गत ग्राम पंचायतों को वर्ष 2022-23 से प्रश्न दिनांक तक विभिन्न मदों से कितनी-कितनी राशि कब-कब प्रदाय की गई है? उनसे किये गए कार्यों की जानकारी स्वीकृति दिनांक, लागत राशि, पूर्णता/अपूर्णता की स्थिति सहित उपलब्ध कराएं? (घ) मनरेगा अंतर्गत मंडला जिले में कितनी सामग्री/मजदूरी भुगतान लंबित है? कब तक भुगतान कर दिया जायेगा? मनरेगा अंतर्गत नवीन कार्यों की स्वीकृति कब से नहीं दी गई है और क्यों? क्या इतने माह कार्य नहीं मिलने को लेकर मजदूरों को कोई राहत राशि या बेरोजगारी भत्ता दिया जायेगा? यदि नहीं तो क्यों? (ङ) जनवरी 2026 की स्थिति में प्रदेश में कुल कितने पेसा मोबीलाइज़र कार्यरत थे? इनसे सेवाएं लेना कब और क्यों बंद किया गया? क्या इनकी सेवाएं जारी रखने पर शासन कोई विचार कर रहा है? यदि हाँ, तो विस्तृत जानकारी देवें यदि नहीं तो क्यों?
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) मण्डला जिले में वर्ष 2023-24 से प्रश्न दिनांक तक अधोसंरचना मद में स्वीकृत कार्यों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'अ' अनुसार है। मुख्यमंत्री कार्यालय से प्राप्त सूची में माननीय प्रश्नकर्ता के कोई भी प्रस्ताव लंबित नहीं है। अत: शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ख) सम्पर्कता सड़कों के निर्माण हेतु विभाग के नियम-निर्देश पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'ब' अनुसार है। सुदूर सर्म्पकता निर्दशों में आज दिनांक तक कोई संशोधन नहीं किया गया है। मण्डला जिले से 344 सड़कों के प्रस्ताव एवं स्वीकृत कार्यों की संख्या 30 के संबंध में जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'स' अनुसार है। (ग) मण्डला जिले की बिछिया विधानसभा अंतर्गत ग्राम पंचायत को वर्ष 2022-23 से प्रश्न दिनांक तक विभिन्न मदों से प्रदाय राशि एवं कार्यों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'द' अनुसार है। (घ) मनरेगा अंतर्गत मण्डला जिले में सामग्री/मजदूरी भुगतान के लंबित देयकों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'ड' अनुसार है। म.प्र. राज्य रोजगार गारंटी परिषद् भोपाल के पत्र क्र. MGNREGS-MP/NR-3/Tech./2026/I/855834 भोपाल दिनांक 02.03.2026 द्वारा आगामी आदेश तक सुगम सम्पर्कता परियोजना के अतिरिक्त अन्य किसी प्रकार के कार्य मनरेगा अंतर्गत स्वीकृत नहीं किये जाने के निर्देश प्राप्त है। VB G RAM G योजना प्रारंभ होने के कारण पूर्व में प्रगतिरत कार्यों में श्रमिक नियोजित कर मजदूरी प्रदान की गई। अत: शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ङ) जनवरी 2026 की स्थिति में प्रदेश में कुल 4730 पेसा मोबीलाइजर नियुक्त थे। भारत सरकार, पंचायती राज मंत्रालय के पत्र क्र. F.No. M-11011/23/2025-CB-Part (1) दिनांक 04.05.2026 के अनुपालन में संचा. पत्र क्र. 8448 दिनांक 18.05.2026 के माध्यम से पेसा मोबीलाइजर्स को सेवामुक्त किये जाने के निर्देश दिये गये है। योजना के नवीन स्वरूप क्रियान्वयन का नीति निर्धारण भारत सरकार स्तर पर किया जाना है।
इंटीग्रेटेड स्पोर्ट्स काम्प्लेक्स/स्टेडियम बनाने की योजना
[खेल एवं युवा कल्याण]
16. ( क्र. 100 ) श्री नारायण सिंह पट्टा : क्या खेल एवं युवा कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश के जिलों की विधानसभाओं में इंटीग्रेटेड स्पोर्ट्स काम्प्लेक्स/स्टेडियम बनाने की योजना संबंधित समस्त जानकारी उपलब्ध कराएं? अब तक किन-किन विधानसभाओं में स्वीकृति दी जा चुकी है? जिन विधानसभाओं में स्वीकृति नहीं दी गई है उसके क्या कारण हैं? मंडला जिले की तीनों विधानसभाओं में वर्तमान स्थिति की जानकारी उपलब्ध कराएं? बिछिया विधानसभा में कब तक स्वीकृति दे दी जाएगी? (ख) क्या शासन के संज्ञान में है कि मंडला जिला जनजातीय बहुल क्षेत्र होने के साथ-साथ तीरंदाजी, फुटबॉल, महिला क्रिकेट एवं एथलेटिक्स खेलों में प्रतिभाओं की दृष्टि से अत्यंत संभावनाशील जिला है? क्या मंडला जिले के खिलाड़ियों ने राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में इन खेलों में उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है? ऐसे सभी खिलाड़ियों के नाम, पता एवं संपर्क नम्बर की जानकारी प्रदाय करें? (ग) क्या शासन द्वारा मंडला जिले में महिला जनजातीय खेल अकादमी (Women Tribal Sports Academy) स्थापित करने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन है? यदि नहीं, तो क्या शासन मंडला जिले में तीरंदाजी, फुटबॉल, महिला क्रिकेट एवं एथलेटिक्स को केंद्रित करते हुए महिला जनजातीय खेल अकादमी स्थापित करने पर विचार करेगा? प्रस्तावित अकादमी हेतु भूमि, आधारभूत संरचना, छात्रावास, प्रशिक्षकों की नियुक्ति एवं वार्षिक बजट के संबंध में शासन की क्या कार्य योजना है?
खेल एवं युवा कल्याण मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा दिये गये निर्देशानुसार सी.एम. युवा शक्ति योजनान्तर्गत प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में खेल स्टेडियम निर्माण किया जाना प्रस्तावित है। इस हेतु योजना अनुमोदन की कार्यवाही प्रचलन में है। अतः शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ख) जी हाँ। जी हाँ, जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) विभाग द्वारा मण्डला जिले में तीरंदाजी फीडर संचालित है। जनजाति कार्य विभाग द्वारा कालपी में हेण्डबाल, हॉकी एवं एथेलेटिक तथा सिजोरा में व्हालीबाल एवं कबड्डी बालिका खेल परिसर संचालित है। यह केन्द्र जनजाति खिलाड़ियों के लिये खेल प्रशिक्षण हेतु स्थापित किये गये है। अतः शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
शासकीय महाविद्यालय में कार्यरत आउटसोर्स एजेंसी
[उच्च शिक्षा]
17. ( क्र. 102 ) श्री राकेश शुक्ला : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्नकर्ता के विधानसभा क्षेत्र एवं इंदौर में स्थित शासकीय महाविद्यालय में आउटसोर्स एजेंसी के माध्यम से कार्यरत कर्मचारियों की सूची उनके पदनाम एवं वेतन भत्ते सहित उपलब्ध कराएं। (ख) आउटसोर्स एजेंसी के नाम एवं उनका कार्य अनुभव एवं महाविद्यालय में कब से कार्यरत हैं, इसकी जानकारी भी उपलब्ध करवाएं। (ग) शासकीय महाविद्यालय में अतिथि प्राध्यापक के रूप में कार्य करने वाले कर्मचारियों की जानकारी एवं उनके वेतन, वेतन वृद्धि से संबंधित जानकारी पिछले 2 वित्तीय वर्ष की उपलब्ध करवाएं।
उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री इन्दर सिंह परमार ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट "अ" अनुसार है। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट "ब" अनुसार है। (ग) अतिथि विद्वान हेतु उच्च शिक्षा विभाग द्वारा जारी नीति निर्देश/नियम क्रमांक एफ 1/1/201/2023/38-1, दिनांक 05.10.2023 अनुसार शासकीय महाविद्यालयों में स्वीकृत रिक्त पदों के विरूद्ध अतिथि विद्वानों को आमंत्रण जारी किये जाते हैं तथा कार्यरत अतिथि विद्वानों को कंडिका-6 अनुसार प्रति दिवस रूपये 2000/- एवं अधिकतम मासिक मानदेय रूपये 50000/- दिये जाने का प्रावधान है। उच्च शिक्षा विभाग के परिपत्र दिनांक 05.10.2023 के बिंदु क्रमांक 1.4 के अनुसार महाविद्यालयीन स्थापना में नहीं माना गया है। इसी आधार पर परिपत्र में वेतन वृद्धि दिए जाने का उल्लेख नहीं है। अतः शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता।
स्वीकृत रिक्त पदों की पूर्ति
[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]
18. ( क्र. 134 ) श्री अजय अर्जुन सिंह : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रदेश सरकार वर्ष 2026 को 'कृषक कल्याण वर्ष' के रूप में मना रही है, जबकि स्वयं कृषि विभाग में स्वीकृत 14,537 पदों में से लगभग 60% (8,468 पद) रिक्त पड़े हैं? (ख) क्या शासन को इस गंभीर तथ्य की जानकारी है कि विभाग में वरिष्ठ अधिकारियों के 182 स्वीकृत पदों में से 113 पद (अपर और उप संचालक स्तर के) खाली हैं? यदि हाँ, तो इन पदों को न भरने के क्या कारण हैं? (ग) क्या मैदानी स्तर पर ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों के लगभग 60% पद रिक्त होने के कारण 'सॉइल कार्ड' और 'नमो ड्रोन दीदी' जैसी महत्वपूर्ण योजनाएं प्रभावित हो रही हैं? (घ) क्या विभाग के अधीन आने वाली संस्थाओं जैसे- कृषि अभियांत्रिकी संचालनालय (557 पद रिक्त), बीज-फार्म विकास निगम मंडी बोर्ड में भी 40% से अधिक पद खाली हैं? यदि हाँ, तो इन रिक्तियों का सीधा असर किसानों को मिलने वाली तकनीकी सहायता पर पड़ रहा है? यदि हां, तो किस प्रकार जानकारी दें। (ङ) क्या सरकार 'कृषक कल्याण वर्ष' के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए इन रिक्त पदों पर भर्ती की कोई निश्चित समय-सीमा तय करेगी? यदि हाँ, तो नई भर्ती प्रक्रिया कब तक प्रारंभ की जाएगी?
किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) प्रदेश सरकार वर्ष 2026 को कृषक कल्याण वर्ष के रूप में मना रही है। जी, नहीं। रिक्त पदों की जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-अ एवं 'ब' अनुसार है। (ख) किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग अन्तर्गत वरिष्ठ अधिकारियों (अपर/संयुक्त/उप संचालक) के पद 100 प्रतिशत पदोन्नति से भरे जाने का प्रावधान होने से 115 पद रिक्त है। वरिष्ठ उच्च पदों को पदोन्नति के माध्यम से भरे जाने की कार्यवाही प्रचलन में है। (ग) जी नहीं। विभागीय योजनाओं का संचालन विभाग में पदस्थ अधिकारी/कर्मचारी के माध्यम से किया जा रहा है। (घ) जी हाँ। कृषि अभियांत्रिकी, म.प्र. राज्य बीज एवं फार्म विकास निगम एवं मंडी बोर्ड द्वारा प्रशासकीय दृष्टि से संभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को प्रभार देकर जिला कार्यालयों द्वारा किसानों को मिलने वाली तकनीकी सहायता से संबंधित कार्यों का सुचारू रूप से संचालन किया जा रहा है। (ड.) विभाग अन्तर्गत कृषि विस्तार अधिकारी के 2784 पदों पर कर्मचारी चयन मण्डल भोपाल एवं लोक सेवा आयोग के माध्यम से भर्ती हेतु प्रक्रिया प्रचलित है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
जल स्त्रोत में अतिक्रमण
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
19. ( क्र. 135 ) श्री अजय अर्जुन सिंह : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में पिछले दो वर्षों में 'जल गंगा संवर्धन अभियान' के तहत कितने जल स्रोतों को अतिक्रमण मुक्त करने और साफ-सफाई हेतु वर्ष 2024 और 2025 में जिलावार कितनी-कितनी राशि व्यय की गई? (ख) क्या सागर, रायसेन और दमोह जैसे जिलों में करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद भी जल स्रोत सूखे हैं और 'अमृत सरोवरों' की भूमि पर रसूखदारों द्वारा खेती की जा रही है? (ग) क्या सरकार उन दावों की उच्च स्तरीय जांच कराएगी जिसमें नदियों के प्रदूषण को दूर करने के बजाय केवल उनके घाटों को रंग-रोगन कर बजट व्यय कर दिया गया? क्या व्यय की गई राशि के विरूद्ध भौतिक सत्यापन (Physical Verification) की कोई रिपोर्ट शासन के पास उपलब्ध है? यदि हाँ, तो उसकी प्रतिलिपि उपलब्ध कराएं?
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) प्रदेश में विभाग अंतर्गत पिछले दो वर्षों में 'जल गंगा संवर्धन अभियान' के तहत जल स्रोतों को अतिक्रमण मुक्त करने और साफ-सफाई हेतु वर्ष 2024 और 2025 में कोई राशि व्यय नहीं की गई। जिलों द्वारा जल स्रोतों को अतिक्रमण मुक्त करने और साफ-सफाई हेतु जनसहयोग से कार्य कराया गया है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी नहीं। (ग) जी नहीं, प्रदेश में विभाग अंतर्गत घाटों के रंग-रोगन संबंधी कार्यों पर बजट व्यय नहीं किया गया है। घाटों के रंग-रोगन पर कोई व्यय न होने के कारण उच्च स्तरीय जांच कराए जाने का प्रश्न उत्पन्न नहीं होता। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
रिक्त पदों की पूर्ति
[आयुष]
20. ( क्र. 139 ) डॉ. चिंतामणि मालवीय : क्या आयुष मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रतलाम जिले के आयुर्वेदिक औषधालयों में चिकित्सक के कितने पद स्वीकृत हैं? (ख) वर्तमान में कितने चिकित्सक रतलाम जिले में पदस्थ हैं? (ग) रिक्त पदों की पूर्ति कब तक कर दी जाएगी?
आयुष मंत्री ( श्री इन्दर सिंह परमार ) : (क) आयुर्वेद चिकित्सक स्वीकृत पद-39. (ख) कुल 39 चिकित्सक रतलाम जिले में पदस्थ हैं। (ग) समस्त स्वीकृत पदों पर पदपूर्ति की जा चुकी है।
खेल परिसर भवन का रिनोवेशन
[खेल एवं युवा कल्याण]
21. ( क्र. 147 ) श्री शैलेन्द्र कुमार जैन : क्या खेल एवं युवा कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्नकर्ता के तारांकित प्रश्न क्रमांक 69, दिनांक 24.02.2026 के उत्तरांश में बताया गया था कि खेल परिसर भवन के रिनोवेशन/मरम्मत कार्य हेतु निर्माण एजेंसी म.प्र.भवन विकास निगम, भोपाल द्वारा राशि रू.3.94 करोड़ का प्राक्कलन मय तकनीकी स्वीकृति सहित परीक्षण हेतु सक्षम समिति के समक्ष अनुमोदन हेतु प्रस्तुत किया गया है, तो क्या सक्षम समिति से अनुमोदन प्राप्त कर लिया गया है? यदि नहीं तो कब तक अनुमोदन प्राप्त होने की संभावना है? (ख) खेल परिसर भवन के रिनोवेशन/मरम्मत कार्य हेतु निविदा प्रक्रिया कब तक प्रारंभ कर दी जायेगी? यदि निविदा प्रक्रिया प्रारंभ की जा चुकी है, तो वर्तमान में क्या कार्यवाही प्रचलन में है?
खेल एवं युवा कल्याण मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) जी हाँ। जी हाँ। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ख) निर्माण एजेन्सी म.प्र. भवन विकास निगम भोपाल द्वारा ई-निविदा दिनांक 10/04/2026 को एम.पी. माध्यम को प्रकाशनार्थ भेजी गई थी, जो दिनांक 11/04/2026 को प्रकाशित हुई। कार्य स्थल पर विद्यमान भवन के ध्वस्तीकरण हेतु कलेक्टर से अनुमोदन की कार्यवाही प्रचलन में है, ध्वस्तीकरण उपरांत निविदा कार्यवाही पूर्ण की जा सकेगी।
पंचायत सचिवों के स्थानांतरण की नीति
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
22. ( क्र. 160 ) श्री संजय उइके : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या म.प्र. के ग्राम पंचायतों के सचिवों के स्थानान्तरण सामान्य प्रशासन विभाग/पंचायतराज विभाग की स्थानान्तरण निति 2006 के अनुसार किया गया है? यदि हाँ, तो ग्राम पंचायत के सचिव पंचायतराज विभाग या जिला पंचायत या जनपद पंचायत या ग्राम पंचायत में से किसके कर्मचारी है? केडर नहीं बतावें। जानकारी दें। (ख) क्या ग्राम पंचायत सचिवों के संविलियन की कार्यवाही की गई है? यदि हाँ, तो संविलियन आदेश की प्रतिलिपि उपलब्ध करावें। सचिवों के संविलियन हेतु क्या ग्राम पंचायतों से अनापत्ति प्रमाण पत्र लिया गया था? (ग) क्या बालाघाट जिले में ग्राम पंचायत सचिवों के स्थानान्तरण किये गये है? यदि हाँ, तो उसकी प्रति उपलब्ध करावें। क्या अनुसूचित क्षेत्रों के स्थानान्तरण हेतु स्थानान्तरण नीति 2026 की कंडिका 13 का पालन किया गया है? यदि हाँ, तो जिले में पदस्थापना की वरिष्ठता के क्रम से कौन-कौन से स्थानान्तरण किये गये है? बालाघाट जिले में पदस्थापना की वरिष्ठता सूची उपलब्ध करावें। (घ) ग्राम पंचायत सचिवों को किन प्रशासनिक कारणों से स्थानान्तरण किया गया? प्रत्येक की जानकारी देवें।
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) जी नहीं। वर्ष 2006 में ग्राम पंचायत सचिवों की स्थानांतरण नीति नहीं थी। ग्राम पंचायत सचिव ग्राम पंचायत के कर्मचारी हैं इनका जिला कैडर बनाया गया है। (ख) ग्राम पंचायत सचिव की स्थानांतरण नीति 2026 के अनुसार एक जिले से दूसरे जिले में पंचायत सचिवों के प्रवर्ग में पद रिक्त होने की स्थिति में संविलियन किये जाने का प्रावधान है। शिवपुरी जिले में 03 पंचायत सचिवों के संविलियन की कार्यवाही की गई है। संविलियन का आदेश पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''अ'' अनुसार है। ग्राम पंचायत सचिव स्थानांतरण नीति 2026 में संविलियन हेतु ग्राम पंचायतों से अनापत्ति प्रमाण पत्र लेने का प्रावधान नहीं है। (ग) जी हाँ। स्थानांतरण आदेश की छायाप्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''ब'' अनुसार है। पंचायत सचिव के स्थानांतरण विभागीय नीति के अनुसार किये जाते हैं, सामान्य प्रशासन विभाग की नीति के अनुसार नहीं किये जाते हैं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। जिले में पदस्थ सचिवों की वरिष्ठता सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''स'' अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''द'' अनुसार है।
दुकानों की नीलामी
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
23. ( क्र. 162 ) श्री संजय उइके : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत परसवाड़ा, जिला बालाघाट को न्यायालय कलेक्टर बालाघाट पारित आदेश दिनांक 4 अक्टूंबर 2024 के द्वारा खसरा नं. 208 रकबा 0.038 हेक्टेयर एवं खसरा नं. 238/9 रकबा 0.101 हेक्टेयर में शॉपिंग कॉम्पेलेक्स बनाये जाने हेतु खसरा के कालम नम्बर 12 में आरक्षित करने का आदेशित किया गया? जिसमें जनपद पंचायत परसवाड़ा ने शॉपिंग कॉम्पलेक्स का निर्माण किया? (ख) यदि हाँ, तो जनपद पंचायत परसवाड़ा ने उक्त दोनों भूमियों का कितनी-कितनी राशि भू-भाटक किस-किस मद की राशि से जमा की गयी? दोनों भूमियों में कितनी-कितनी दुकाने किस-किस मद की राशि से कितनी-कितनी लागत की निर्मित की गई? निर्माण एजेंसी किसको बनाया गया? निर्माण कार्य हेतु राशि जनपद पंचायत को कब-कब, कितनी-कितनी प्राप्त हुई? (ग) जनपद पंचायत द्वारा निर्मित शॉपिंग कॉम्प्लेक्स में दुकानों की निलामी हेतु दुकानों का आरक्षण किस-किस वर्ग के लिए कितना-कितना किया गया? क्या 50 प्रतिशत से अधिक आरक्षण दुकानों में किया जा सकता है? (घ) न्यायालय कलेक्टर बालाघाट ने प्रश्नांश (क) में उल्लेखित आदेश में भूमि का हस्तांतरण जनपद पंचायत परसवाड़ा के नाम नहीं करने के बाद भी भू-भाटक किन कारणों से जमा किया गया? जानकादी दें।
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) जनपद पंचायत परसवाड़ा से प्राप्त जानकारी अनुसार माननीय न्यायालय कलेक्टर बालाघाट द्वारा पारित आदेश रा.प्र.क्र.15/अ-20 (3) 2024-25 दिनांक 4 अक्टूबर 2024 के द्वारा खसरा नं. 208 रकबा 0.198 हेक्टेयर में से 0.038 हेक्टेयर एवं न्यायालय कलेक्टर बालाघाट पारित आदेश रा.प्र.क्र. 11/अ-20 (3) 2024-25 खसरा नं. 238/9 रकबा 1.011 हेक्टेयर में से 0.038 हेक्टेयर में शॉपिग कॉम्पलेक्स बनाये जाने हेतु खसरा के कॉलम नम्बर 12 में आरक्षित करने का आदेशित किया गया है। जिसमें जनपद पंचायत परसवाड़ा ने शॉपिंग कॉम्पलेक्स का निर्माण किया है। (ख) जनपद पंचायत परसवाड़ा की निधि से 1103520 (ग्यारह लाख तीन हजार पांच सौ बीस रूपये) प्रब्याजी एवं भू भाटक का भुगतान किया गया है। शेष जानकारी संलग्न परिशिष्ट ''अ'' अनुसार है। (ग) जनपद पंचायत परसवाड़ा अन्तर्गत निर्मित शॉपिंग कॉम्पलेक्स (बस स्टेण्ड ग्राउन्ड स्तर) में दुकानों की नीलामी हेतु दुकानो का आरक्षण मध्यप्रदेश पंचायत (स्थावर सम्पत्ति का अन्तरण) नियम, 1994 के नियम 5 (2) के तहत किया गया। जानकारी संलग्न परिशिष्ट ''ब'' अनुसार है। (घ) खसरा नं. 238/9 में माननीय न्यायालय कलेक्टर बालाघाट के पारित रा.प्र.क्र. 11/अ-20 (3) 2024-25 दिनांक 4 अक्टूबर 2024 के अनुसार 27/11/2024 को खसरा टिप्पणी में परिर्वतन कर 0.038 हेक्टेयर भूमि को शॉपिग कॉम्पलेक्स जनपद पंचायत परसवाड़ा के लिए आरक्षित किया गया है एवं खसरा क्रमांक 208 माननीय न्यायालय कलेक्टर बालाघाट के पारित आदेश रा.प्र.क्र.15/अ-20 (3) 2024-25 दिनांक 4 अक्टूबर 2024 के अनुसार 27/11/2024 को खसरा टिप्पणी में परिर्वतन कर 0.038 हेक्टेयर भूमि को शॉपिग कॉम्पलेक्स जनपद पंचायत परसवाड़ा के लिए आरक्षित किया गया है आरक्षित भूमि को जनपद पंचायत के नाम हस्तांतरित करने की कार्यवाही प्रचलन में है आरक्षित भूमि जनपद पंचायत के नाम हस्तांतरित होने की प्रत्याशा में प्रब्याजि एवं भू भाटक की राशि शासन के कोष में जमा की गई है।
खेल सामग्री की जानकारी
[खेल एवं युवा कल्याण]
24. ( क्र. 167 ) श्री घनश्याम चन्द्रवंशी : क्या खेल एवं युवा कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा प्रदेश में खेलों को बढ़ावा देने के लिए खेल सामग्री (किट) प्रदाय की जाती है? यदि हाँ, तो किन-किन खेलों के लिए क्या-क्या सामग्री प्रदाय की जाती है? खेल एवं प्रदत्त सामग्री की जानकारी प्रदाय करें। (ख) वर्ष 2021 से 2025 तक शाजापुर जिले में विभाग द्वारा किन-किन खेलों को बढ़ावा देने हेतु किन-किन व्यक्तियों को खेल सामग्री प्रदाय की गयी है? विधानसभा क्षेत्रवार नामवार जानकारी प्रदाय करें। (ग) क्या प्रश्नकर्ता द्वारा कालापीपल विधानसभा क्षेत्र में कबड्डी मेट, ओपन जिम खोले जाने हेतु माननीय मंत्री खेल एवं युवा कल्याण को पत्र प्रेषित किये गए थे? यदि हाँ, तो उन पत्रों पर क्या-क्या कार्यवाही की गयी है? जानकारी प्रदाय करें। (घ) क्या विभाग कालापीपल विधानसभा क्षेत्र में कबड्डी मेट, ओपन जिम खोलने एवं क्रिकेट किट प्रदाय करने की कार्यवाही करेगा यदि हाँ, तो कब तक यदि नहीं तो क्यों नहीं,कारण सहित बतावें।
खेल एवं युवा कल्याण मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) जी हाँ। विभाग द्वारा जिला स्तर पर खेल सामग्री क्रय हेतु बजट उपलब्ध कराया जाता है। संचालनालय के पत्र क्रमांक-1936 दिनांक-04.06.2018 द्वारा जारी किए गए निर्देशानुसार जिला स्तर पर खेल सामग्री क्रय एवं वितरण हेतु पुलिस अधीक्षक की अध्यक्षता में समिति का गठन किया जाता है। जिला स्तर पर गठित समिति द्वारा ही जिले में प्राप्त बजट अनुसार आवश्यकता का आंकलन कर खेल सामग्री के क्रय एवं वितरण का निर्णय लिया जाता है। (ख) वर्ष 2021 से 2025 तक शाजापुर जिले में प्रदाय की गई खेल सामग्री की विधानसभा क्षेत्रवार नामवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) जी हाँ। मान. विधायक द्वारा कालापीपल विधानसभा क्षेत्र में ओपन जिम तथा खेल किट की स्वीकृति हेतु पत्र क्रमांक-659 दिनांक-15.06.2024 प्राप्त हुआ है, जिसके क्रम में विधानसभा क्षेत्र कालापीपल में कार्यादेश क्रमांक-10957 दिनांक-20.02.2025 से 1 सेट ओपन जिम प्रदाय एवं स्थापित की जा चुकी है। (घ) जिले से प्रस्ताव प्राप्त होने पर औचित्य व आवश्यकता का आंकलन कर बजट की उपलब्धता अनुसार निर्णय लिया जाता है। उपरोक्त संदर्भ में वर्तमान में जिले का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। अतः शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
पंचायत निधि एवं पंचायत सदस्य निधि की जानकारी
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
25. ( क्र. 168 ) श्री घनश्याम चन्द्रवंशी : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2022 से जून 2026 तक शाजापुर जिला पंचायत निधि एवं जिला पंचायत सदस्य निधि हेतु कितना बजट आवंटन हुआ है? वर्षवार जानकारी प्रदाय करें। (ख) वर्ष 2022 से जून 2026 तक जिला पंचायत अध्यक्ष द्वारा किन-किन स्थानों पर कितनी राशि के विकास कार्य कराए गए है? विकास कार्य एवं व्यय की गई धन राशि का ब्यौरा वार्ड एवं पंचायत के अनुसार उपलब्ध करावे? (ग) वर्ष 2022 से जून 2026 तक जिला पंचायत उपाध्यक्ष एवं सदस्यों द्वारा किन-किन स्थानों पर कितनी राशि के विकास कार्य कराए गए है? विकास कार्य एवं व्यय की गई धन राशि का ब्यौरा वार्ड एवं पंचायत के अनुसार उपलब्ध करावे?
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) निरंक। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''अ'' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''ब'' अनुसार है।
सेवानिवृत कर्मचारियों के क्लेमों का भुगतान
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
26. ( क्र. 174 ) श्री सुरेश राजे : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2021-22 से प्रश्न दिनांक तक जिला पंचायत ग्वालियर एवं इसके अधीन जनपद पंचायतों, DRDA के कौन-कौन से अधिकारी/कर्मचारी सेवानिवृत्त हुए हैं? विभाग का नाम/कर्मचारी का नाम/सेवानिवृत्त दिनांक बतावें तथा (समयमान/सी.पी.एफ./ग्रेच्युटी/अवकाश नगदीकरण इत्यादि) प्रश्न दिनांक तक किस सेवानिवृत्त अधिकारी/कर्मचारी का किस प्रकार की क्लेम राशि का भुगतान किस नियम/ आदेशानुसार अभी तक नहीं हुआ? प्रति देवें तथा इन सेवा निवृत अधिकारी/कर्मचारियों में से किसका प्रकरण क्लैमों का भुगतान हेतु किस दिनांक से न्यायलय में विचाराधीन है? (ख) क्या मध्यप्रदेश शासन द्वारा जिला DRDA (जिला ग्रामीण विकास) का विलय जिला पंचायत में किया जा चुका है? यदि हाँ, तो कब? आदेश की प्रति देवें विलय उपरान्त सेवा निवृत्त होने पर DRDA के स्टाफ को समयमान/सी.पी.एफ/ग्रेच्युटी/अवकाश नगदीकरण इत्यादि आर्थिक क्लैमों का भुगतान किया जा रहा है किन्तु जिला पंचायत/जनपद पंचायत/के अधिकारी/कर्मचारी के सेवानिवृत्त होने पर समयमान/सी.पी.एफ/ग्रेच्युटी/अवकाश नगदीकरण इत्यादि किस आदेश/नियम के अनुसार आर्थिक क्लैमों का भुगतान नहीं किया जा रहा? प्रति देवें, जबकि DRDA का विलय जिला पंचायत में किया जा चुका है यदि इस प्रकार की त्रुटि है तो संशोधित आदेश कब तक जारी किया जायेगा? यदि नहीं तो क्यों? कारण बतावें।
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''अ'' अनुसार। (ख) जी हाँ। मध्यप्रदेश शासन पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के आदेश दिनांक 02.10.1997 से डी.आर.डी.ए. का विलय जिला पंचायत में किया गया है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट–''ब'' अनुसार। डी.आर.डी.ए. के कर्मचारियों के वित्तीय दायित्व राज्य शासन के अधीन होने के कारण उनके सी.पी.एफ., ग्रेच्युटी तथा अवकाश नगदीकरण के भुगतान हेतु राज्य शासन द्वारा आवश्यकतानुसार अनुदान उपलब्ध कराया जा रहा है। जनपद पंचायत के अधिकारी/कर्मचारी के ग्रेच्युटी एवं अवकाश नगदीकरण के भुगतान संबंधी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'स' अनुसार है। डी.आर.डी.ए., जिला पंचायत एवं जनपद पंचायत के कर्मचारियों को समयमान वेतनमान का लाभ प्रदान किए जाने संबंध में शासन द्वारा कोई निर्देश जारी नहीं किए गए हैं। जिला पंचायतों के अंतर्गत स्वीकृत पदों पर कार्यरत अधिकारियों/कर्मचारियों के वेतन एवं सेवानिवृत्ति संबंधी देयों का भुगतान संबंधित जिला पंचायतों द्वारा अपने स्वयं के आय-स्रोतों से किया जाता है। ऐसे अधिकारियों/कर्मचारियों के लिए राज्य शासन से पृथक अनुदान प्रदान किए जाने का कोई प्रावधान नहीं है। डी.आर.डी.ए., जिला पंचायत एवं जनपद पंचायत के कर्मचारियों को समयमान वेतनमान का लाभ प्रदान किए जाने संबंध में शासन द्वारा कोई निर्देश जारी नहीं किए गए हैं। अन्य प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
कृषि उपज मंडी में कार्यरत स्टाफ की जानकारी
[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]
27. ( क्र. 175 ) श्री सुरेश राजे : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) कृषि उपज मंडी में चतुर्थ श्रेणी एवं तृतीय श्रेणी के स्वीकृत स्थायी व अस्थायी पदों के विरूद्ध तथा मानसेवी, मानदेय/संविदा/आउटसोर्स/पंजीकृत फर्म कलेक्टर दर पर नियुक्ति सम्बन्धी आदेश नियम की सत्यापित प्रति देवें। (ख) डबरा एवं नगर परिषद पिछोर की कृषि उपज मंडियों में प्रश्न दिनांक तक चतुर्थ श्रेणी एवं तृतीय श्रेणी के स्वीकृत स्थायी एवं अस्थायी पदों के विरूद्ध तथा मानसेवी/मानदेय/संविदा/आउटसोर्स/पंजीकृत फर्म/कलेक्टर दर पर कार्यरत अधिकारी/ कर्मचारियों (फर्म का नाम अथवा कार्यालय का नाम/नियुक्ति संबंधी सक्षम अधिकारी कर्मचारी का नाम/पद/जन्म तिथि/शैक्षणिक योग्यता/नियुक्ति आदेश क्रमांक एवं दिनांक/नियुक्तिकर्ता अधिकारी का नाम व पद/वर्तमान में वेतनमान अथवा वेतन) की पूर्ण जानकारी देवें।
किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 एवं 2 अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 एवं प्रपत्र-4 अनुसार है।
अमानक उर्वरक बीज वितरण की कालाबाजारी को रोकना
[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]
28. ( क्र. 181 ) श्री विवेक विक्की पटेल : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला बालाघाट अंतर्गत वर्ष 2024-25 से प्रश्न दिनांक तक विपणन सहकारी संघ या प्राथमिक कृषि साख समितियों ने उर्वरक के कितने सैंपल लिए? उनमें से किन-किन उर्वरक विक्रेताओं के सैंपल अमानक पाए गए हैं और क्या उन्हें ब्लैक लिस्ट किया गया है? (ख) जो सैंपल अमानक पाए गए हैं उनके विरूद्ध विपणन संघ द्वारा खाद कंपनियों से कितनी राशि की कटौती की गई? कंपनीवार विवरण देवें? (ग) क्या वर्ष 2024 से प्रश्न दिनांक तक जिला बालाघाट में खाद की किल्लत के बावजूद निजी विक्रेताओं/डीलर के माध्यम से उर्वरक की कालाबाजारी की शिकायतें प्राप्त हुई? यदि हाँ, तो विभाग द्वारा इस पर रोक लगाने हेतु अब तक क्या ठोस कार्रवाई की गई है? शिकायतों का विवरण दिया जावे? (घ) जिला बालाघाट अंतर्गत वर्ष 2024 से प्रश्न दिनांक तक नकली धान बीज वितरण की कितनी शिकायतें जिला विपणन अधिकारी या जिला प्रशासन को प्राप्त हुई है? संख्या सहित विवरण देवें? बीज अमानक पाए जाने पर बीज कंपनी एवं विक्रेताओं पर क्या आवश्यक कार्रवाई कर ब्लैक लिस्ट किया गया? सूची सहित विवरण प्रदान करें? (ड.) जिला बालाघाट अंतर्गत कितनी धान बीज कम्पनियों का धान बीज विक्रय हेतु रजिस्ट्रेशन, जिला विपणन अधिकारी के पास किया गया है सूची उपलब्ध कराएं?
किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) बालाघाट जिले में वर्ष 2024-25 से प्रश्न दिनांक तक विपणन संघ एवं सहकारी समितियों से उर्वरकों के 364 नमूनें लिये गये हैं। शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) प्रश्नांकित अवधि में लिये गये नमूनों के अमानक पाए जाने पर विपणन संघ द्वारा राशि की कटौती नहीं की गई है। अत: शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता है। (ग) वर्ष 2024 में खाद की कोई भी किल्लत नहीं थी। जी हाँ मात्र एक शिकायत प्राप्त हुई थी। शिकायत पर की गई कार्यवाही की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (घ) वर्ष 2024 से प्रश्न दिनांक तक नकली धान बीज वितरण की 02 शिकायतें प्राप्त हुई हैं। संयुक्त संचालक जबलपुर द्वारा जिले के 05 बीज कंपनियों को प्रतिबंधित किया गया तथा 19 बीज विक्रेताओं के लायसेंस निलंबित किए गए है। विस्तृत जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है। (ड.) धान बीज कम्पनियों का धान बीज विक्रय हेतु रजिस्ट्रेशन, जिला विपणन अधिकारी के द्वारा नहीं किया जाता है। उप संचालक, किसान कल्याण तथा कृषि विकास, जिला बालाघाट द्वारा 12 धान बीज कंपनियों को विक्रय लायसेंस जारी किया गया है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-4 अनुसार है।
खिलाड़ियों की सुविधा हेतु संचालित योजनायें
[खेल एवं युवा कल्याण]
29. ( क्र. 182 ) श्री विवेक विक्की पटेल : क्या खेल एवं युवा कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्य प्रदेश में खिलाड़ियों के उत्थान हेतु कौन-कौन सी योजनाएं वर्तमान में प्रभावशील है? योजनावर जानकारी दी जावे? (ख) जबलपुर संभाग में कितने खिलाड़ियों को किन-किन स्थानों पर ट्रेनिंग दी जा रही है? खेलवार प्रशिक्षकों के नाम और संस्थान के नाम पता सहित जानकारी दी जावे? (ग) जबलपुर संभाग के अंतर्गत बालाघाट जिले से वर्ष 2023-24 से प्रश्न दिनांक तक कितने खिलाड़ियों का चयन प्रदेश एवं राष्ट्रीय स्तर पर हुआ है? खेल एवं खिलाड़ियों के नाम सहित जानकारी दी जावे? (घ) प्रश्नांश (ग) के संबंध में उक्त अवधि में चयनित खिलाड़ियों को क्या-क्या खेल सामग्री एवं कितनी सहायता दी गई। खिलाड़ियों के नाम, राशि, सामग्री सहित जानकारी दी जावे? (ड.) जिला बालाघाट में विगत 3 वर्ष में प्राप्त हुई खेल सामग्री कहाँ-कहाँ वितरण की गई तथा किसके द्वारा सत्यापन किया गया सत्यापन रिपोर्ट की प्रमाणित प्रति उपलब्ध कराएं।
खेल एवं युवा कल्याण मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) मध्यप्रदेश में खिलाड़ियों के उत्थान हेतु वर्तमान में प्रभावशील योजनाओं की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 1 अनुसार है। (ख) जबलपुर संभाग में दी जा रही ट्रेनिंग में खिलाड़ियों की संख्या, खेलवार प्रशिक्षकों के नाम एवं संस्थानों के नाम पता सहित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 2 अनुसार है। (ग) जबलपुर संभाग के अंतर्गत बालाघाट जिले से वर्ष 2023-24 से प्रश्न दिनांक तक प्रदेश एवं राष्ट्रीय स्तर पर चयनित खिलाड़ियों की खेलवार, खिलाड़ियों के नाम सहित संख्या की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 3 अनुसार है। (घ) जबलपुर संभाग के अंतर्गत बालाघाट जिले में वर्ष 2023-24 से प्रश्न दिनांक तक राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर चयनित प्रदान की गई खेलवृत्ति एवं प्रोत्साहन राशि से संबंधित जानकारी खेल एवं खिलाड़ियों के नाम सहित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 4 अनुसार है। (ड.) जिला बालाघाट में विगत 3 वर्षों में वितरित खेल सामग्री की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 5 अनुसार है। वितरित सामग्री के सत्यापन रिपोर्ट की प्रमाणित प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 6 अनुसार है।
निर्माण कार्य में अत्यधिक विलम्ब व रिक्त पद की पदपूर्ति
[सहकारिता]
30. ( क्र. 185 ) श्री निलेश पुसाराम उईके : क्या सहकारिता मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि क्या जिला-पांढुर्णा में वर्ष 2023 से आज दिनांक के मध्य सहकारिता विभाग द्वारा गोदाम व अन्य निर्माण कार्य किये गए है? वर्तमान में कितने निर्माणाधीन हैं एवं कितने पूर्ण है? कार्य का नाम, लागत, स्थान, कार्य आदेश व उनकी वर्तमान स्थिति क्या है? क्या उपरोक्त कार्य विभाग द्वारा निर्धारित समयावधियों में पूर्ण कर लिए गए है? यदि नहीं तो क्यों? कौन-कौन से कार्य अपूर्ण है? क्या विलम्ब के लिए दोषियों के विरूद्ध शासन/विभाग द्वारा कोई कार्यवाही की गई? यदि नहीं तो क्यों व कब तक की जावेगी?
सहकारिता मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : जी हां, जिला पांढुर्णा में वर्ष 2023 से आज दिनांक तक 10 निर्माण कार्य किये गये है। वर्तमान में 01 कार्य निर्माणाधीन एवं 09 कार्य पूर्ण हो चुके है। कार्य का नाम, लागत, स्थान, कार्य आदेश व उनकी वर्तमान स्थिति संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। बहुउद्देशीय सहकारी साख संस्था मर्या. राजोराकलां, जिला पांढुर्णा में 1000 मे.टन क्षमता का गोदाम निर्माण समयावधि में पूर्ण नहीं किया गया है। विलंब के लिये दोषियों के विरूद्ध कार्यवाही हेतु निर्माण एजेंसी म.प्र. राज्य सहकारी विपणन संघ को निर्देशित किया गया है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
जनभागीदारी समिति, पीएम श्री योजना अंतर्गत राशि आवंटन
[उच्च शिक्षा]
31. ( क्र. 186 ) श्री निलेश पुसाराम उईके : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या जिला पांढुर्णा, छिंदवाड़ा व सिवनी में संचालित शास.महाविद्यालयों में पी.एम. श्री योजना मद से वर्ष 2024 से आज दिनांक तक कोई राशि प्राप्त हुई हैं? यदि हां, तो कब-कब महाविद्यालयवार जानकारी देवें। क्या उक्त राशि का उपयोग शासन/विभाग के निर्धारित नियमानुसार किया गया हैं? यदि नहीं, तो क्यों? यदि हां, तो व्यय राशि की जानकारी देवें। (ख) क्या प्रदेश के शास.महाविद्यालयों में नियुक्त जनभागीदारी समिति के अध्यक्षो को महाविद्यालय में कार्यालय कक्ष आवंटित करने का प्रावधान है? यदि नहीं, तो क्या जबलपुर संभाग अंतर्गत जिलों के महाविद्यालय में अध्यक्ष को किस नियम के तहत कार्यालय आवंटित किया गया है? (ग) जिला पांढुर्णा, छिंदवाड़ा व सिवनी में संचालित अशासकीय महाविद्यालयों में कौन-कौन से विषयों का अध्ययन होता हैं, जानकारी महाविद्यालयवार देवें। क्या इन महाविद्यालयों में स्वीकृत विषयों के विरूद्ध शासन/विभाग के नियम कोड-28 के अनुसार प्राचार्य व प्राध्यापकों की नियुक्ति की गई है? यदि नहीं, तो क्यों? यदि हां, तो उन प्राचार्यों व प्राध्यापकों के नाम की जानकारी महाविद्यालय अनुसार देवें। (घ) क्या प्रश्नांश (क) में वर्णित जिलों में संचालित महाविद्यालय में वर्ष 2024 से आज दिनांक तक जनभागीदारी समिति के माध्यम से निर्माण कार्य कराए गए हैं? यदि हां, तो उनकी लागत,स्थानवार जानकारी देवें। उक्त समिति से अधिकतम कितनी लागत राशि के कार्य कराए जा सकते है? क्या निर्धारित राशि से अधिक राशि के कार्य कराए जाने वाले अधिकारियों के विरूद्ध कार्यवाही की गई? यदि नहीं, तो क्यों?
उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री इन्दर सिंह परमार ) : (क) जी हाँ, शेष प्रश्नांश की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट–1 अनुसार है। (ख) जी नहीं। जबलपुर संभाग अंतर्गत किसी भी शासकीय महाविद्यालय में जनभागीदारी अध्यक्ष को कक्ष आवंटित नहीं किया गया है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट–2 अनुसार है। (घ) जी हाँ, जनभागीदारी से निर्माण कार्यों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट–3 अनुसार है। जनभागीदारी समिति को प्रत्येक निर्माण के लिए रूपये 15.00 लाख तक के अधिकार हैं इस प्रकार कुल वार्षिक व्यय रूपए 50.00 लाख तक के अधिकार हैं। जी नहीं, क्योंकि निर्धारित राशि से अधिक के कार्य नियमानुसार कराए गए हैं।
अवैध कालोनी के विरूद्ध कार्यवाही
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
32. ( क्र. 205 ) श्री दिनेश जैन बोस : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) तारांकित प्रश्न क्रमांक 503 दिनांक 16/12/2024 के प्रश्नांश (घ) के उत्तरांश अनुसार अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) अनुभाग महिदपुर के प्रतिवेदन अनुसार ग्राम पंचायत कड़ाई अंतर्गत आदिनाथ कालोनी की जांच कार्यवाही प्रचलन में होना बताया गया था। बताएं कि जांच कार्यवाही में प्रश्न दिनांक तक क्या कार्यवाही की गई? प्रतिवेदन की प्रति उपलब्ध कराएं? (ख) उक्त कालोनी पर लोकहित में न्यायालय तहसीलदार के प्रकरण क्रमांक/171/बी-121/2024-25 आदेश दिनांक 25/11/2024 द्वारा इसके क्रय-विक्रय पर रोक लगाई गई थी? क्या उक्त कालोनी के क्रय-विक्रय पर रोक लगाने के पश्चात भी भूखण्डों को क्रय-विक्रय किया गया है? यदि हाँ, तो बताएं कि कब-कब, किस-किस के द्वारा भूखण्डों को विक्रय किया गया एवं किस नियम से नामांतरण की कार्यवाही की गई? संपूर्ण विवरण देवें। आदेश के पालन न करने हेतु कौन-कौन दोषी है? क्या दोषियों पर कार्यवाही की जाएगी? (ग) उक्त आदिनाथ कालोनी अवैध पाए जाने पर प्रश्न दिनांक तक प्रकरण पंजीबद्ध कर कार्यवाही न करने के क्या कारण है? क्या अवैध कालोनाइजरों को संरक्षण प्रदान किया जा रहा है? बताएं कि कब तक प्रकरण पंजीबद्ध कर कार्यवाही की जाएगी?
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) महिदपुर के द्वारा प्रेषित प्रतिवेदन के आधार पर न्यायालय अपर कलेक्टर उज्जैन के यहां राजस्व प्रकरण दर्ज किया जाकर प्रश्न दिनांक तक प्राकृतिक न्याय सिद्धांतों के प्रकाश में अनावेदक को सूचना पत्र तामील करवा कर, पक्ष प्रस्तुत करने का अवसर, सुनवाई संबंधी कार्यवाही की गई है। अनावेदक के जवाब तर्क के पश्चात गुण-दोषों के आधार पर प्रकरण का निराकरण किया जावेगा। (ख) जी, हाँ। न्यायालय तहसीलदार महिदपुर जिला उज्जैन के द्वारा राजस्व प्रकरण क्रमांक 171/बी-121/2024-25 आदेश दिनांक 25/11/2024 के द्वारा भूखण्डों के क्रय विक्रय पर रोक लगाई गई थी। माननीय मध्यप्रदेश उच्य न्यायालय खण्डपीठ इन्दौर प्रकरण क्रमांक डब्ल्यू पी/21045/25 आदेश दिनांक 24/07/2025 एवं गजट नोटिफिकेशन दिनांक 24 दिसम्बर 2014 के प्रकाश में तहसीलदार कार्यालय द्वारा पारित आदेशिका दिनांक 25/07/2025 अनुसार भूखण्डों के क्रय-विक्रय पर रोक लगाए जाने के संबंध में जारी आदेश दिनांक 25/11/2024 को निरस्त किया गया है। उक्त कॉलोनी के भूखण्डों पर क्रय-विक्रय पर रोक होने के उपरांत एक विक्रय पत्र उपपंजीयक कार्यालय महिदपुर के द्वारा विक्रेता भरत भारती के द्वारा क्रेता ईश्वर पिता मोहनलाल के पक्ष में पंजीयन क्रमांक MP 43 16 2024, A11352484 दिनांक 26/11/2024 को निष्पादन किया गया है, रोक अवधि में कोई नामान्तरण नहीं किया गया है। मध्यप्रदेश भू-राजस्व संहिता 1959 की धारा 109,110 के अंतर्गत तथा मध्यप्रदेश शासन वाणिज्यिक कर विभाग मंत्रालय, वल्लभ भवन भोपाल क्रमांक 3/3/4/0008/2026-sec-2-05 (CT) भोपाल दिनांक 26 मई 2026 के निर्देशानुसार कार्यवाही की जा रही है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) महिदपुर के द्वारा प्रेषित प्रतिवेदन के आधार पर न्यायालय अपर कलेक्टर, उज्जैन के यहां राजस्व प्रकरण दर्ज किया जाकर प्राकृतिक न्याय सिद्धांतों के प्रकाश में अनावेदक को सूचना पत्र तामील करवा, कर पक्ष प्रस्तुत करने का अवसर, सुनवाई संबंधी कार्यवाही की गई है। अनावेदक के जवाब तर्क के पश्चात गुण-दोषों के आधार पर प्रकरण का निराकरण किया जावेगा। अवैध कालोनाईजर को किसी भी प्रकार का कोई संरक्षण प्रदान नहीं किया जा रहा है।
अवैध कालोनाइजरों पर चल रहे प्रकरणों की जानकारी
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
33. ( क्र. 206 ) श्री दिनेश जैन बोस : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) कलेक्टर कालोनी सेल उज्जैन में चल अवैध कालोनाइजरों के प्रकरण की अद्यतन स्थिति क्या है? प्रश्न दिनांक तक क्या कार्यवाही की गई है? क्या अवैध कालोनाइजरों को मूलभूत सुविधाएं विकसित किये जाने हेतु आदेश प्रदान किए गए हैं? यदि नहीं, तो क्यों? (ख) क्या अवैध कालोनाइजरों द्वारा मूलभूत सुविधाएं विकसित की जाएगी? यदि हाँ, तो कब तक? क्या कालोनाइजरों द्वारा EWS के शासन के नियमानुसार भूखण्ड प्रदान किए जाएंगे? (ग) क्या अवैध कालोनाइजरों पर कलेक्टर कालोनी सेल उज्जैन में प्रकरण के दौरान भूखंड विक्रय एवं नामांतरण किए जा रहे हैं? यदि हां, तो किस नियम के तहत किए जा रहे हैं? नियम की प्रति उपलब्ध कराएं?
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) अवैध कालोनाईजर/भूमि स्वामियों के विरूद्ध 64 प्रकरण दर्ज किये गये, जिनमें से 12 का निराकरण किया गया है, शेष प्रकरणों में अनावेदकों को सूचना पत्र तामील कराकर प्राकृतिक न्याय सिद्धांतों के प्रकाश में अनावेदकों को उनका पक्ष प्रस्तुत करने का अवसर देते हुये गुण-दोष के आधार पर निराकरण किये जाने की कार्यवाही प्रचलित है। अवैध कालोनाईजरों को मूलभूत सुविधाएं विकसित कराये जाने के संबंध में आदेश प्रदान नहीं किया गया है। क्योंकि वर्तमान में न्यायालयीन कार्यवाही प्रचलन में है। (ख) मध्यप्रदेश ग्राम पंचायत (कालोनियों का विकास) नियम 2014 के नियम 21 के प्रावधानों के तहत कार्यवाही का प्रावधान है। वर्तमान में न्यायालयीन कार्यवाही प्रचलन में है। (ग) जी हाँ, मध्यप्रदेश शासन वाणिज्यिक कर विभाग मंत्रालय, वल्लभ भवन भोपाल क्रमांक 3/3/4/0008/2026-sec-2-05 (CT) भोपाल दिनांक 26 मई 2026 अनुसार सक्षम न्यायालय से रोक नहीं होने के कारण भू-खण्डों के विक्रय पत्र सम्पादित किये जा रहे है। मध्यप्रदेश भू-राजस्व संहिता 1959 की धारा 109 एवं 110 के प्रावधान अनुसार पंजीकृत विक्रय पत्र अनुसार नामांतरण किये जा रहे है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है।
यूरिया खाद की आवश्यकता का आंकलन एवं उपलब्धता
[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]
34. ( क्र. 209 ) श्री साहब सिंह गुर्जर : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या रबी एवं खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 एवं 2026-27 के लिए जिला ग्वालियर में कितनी यूरिया, डीएपी, एमओपी, जिंक आदि खाद की आवश्यकता का आंकलन किया गया है? विकासखण्डवार जानकारी उपलब्ध करावें। (ख) बीज एवं खाद के कितने सैंपल परीक्षण के लिए वर्ष 2020-21 से प्रश्न दिनांक तक लिए गए है? उनमें किस-किस निजी उत्पादक कंपनी के बीज मानक एवं अमानक पाए गए विस्तृत जानकारी देवें।
किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। आगामी रबी 2026-27 हेतु संपूर्ण प्रदेश के लिये उर्वरक आवश्यकता का आंकलन कर भारत सरकार से उर्वरक आवंटन हेतु सहमति प्राप्ति की कार्यवाही भारत सरकार द्वारा आयोजित की जाने वाली जोनल कान्फ्रेंस (माह अगस्त में संभावित) में की जावेगी। (ख) खाद नमूनों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। बीज नमूनों की मानक एवं अमानक की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है।
शिकायतों पर कार्यवाही
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
35. ( क्र. 212 ) श्री योगेन्द्र सिंह (बाबा) : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शिकायतकर्ता द्वारा जिला पंचायत सिवनी को जनपद पंचायत घंसोर के द्वारा प्रेषित पत्र क्रमांक/2407 दिनांक 22.12.2025 पत्र क्रमांक 469 दिनांक 24.04.2026 एवं पत्र क्रमांक 466 दिनांक 12.04.2026, पत्र क्रमांक 894 दिनांक 06.05.2026 पत्र क्रमांक 3042 दिनांक 22.06.2026 एवं पत्र क्रमांक 924 दिनांक 04.05.2026 पर क्या कार्यवाही की गई, की गई कार्यवाही की जानकारी दें। (ख) जिला पंचायत सिवनी के आवक पत्र क्रमांक 1214/736 दिनांक 10.03.2026 पत्र क्रमांक 566 दिनांक 24.03.2026 पर जिला पंचायत के कृषि प्रतिपरीक्षण में रीडर जिला पंचायत के पत्र क्रमांक 622 दिनांक 07.05.2026 पर की जांच में पत्र क्रमांक 566 की रिपोर्ट फर्जी पाई गई थी, यदि हाँ, तो संबंधित अधिकारी के विरूद्ध प्रश्न दिनांक तक क्या कार्यवाही की गई स्पष्ट करे? (ग) जिला पंचायत न्यायालय पर प्रचलित गबन प्रकरण क्रमांक 15/2021-22 गबन राशि 5.20 लाख, प्रकरण क्रमांक 90/2023-24 गबन राशि 27,16,935/- प्रकरण क्रमांक 130/2024-25 गबन राशि 7,37,840/- प्रकरण क्रमांक 78/2023-24 राशि 2,49,835/- पर पंचायत राज अधिनियम की धारा 40, 90, 89, 92, 91 एवं पद से पृथक तथा अन्य कार्यवाही प्रश्न दिनांक तक की गई है तो स्पष्ट करें यदि नहीं की गई है तो अवगत करायें। (घ) क्या जिला पंचायत सिवनी तथा जनपद पंचायत घंसोर में नियम विरूद्ध ग्राम रोजगार सहायकों को दिये गये सचिव के प्रभार का आदेश निरस्त किया जायेगा?
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) कार्यालय जनपद पंचायत घंसौर के पत्र क्रमांक 2407 दिनांक 22.12.2025 द्वारा शिकायतकर्ता शेख निजाम मंसूरी की शिकायत दिनांक 07.11.2025 में ग्राम पंचायत शिकारा से संबंधित शिकायत जांच हेतु जनपद पंचायत स्तरीय जांच दल बनाया गया। कार्यालय जिला पंचायत सिवनी के पत्र क्रमांक 469 दिनांक 24.04.2026 द्वारा पंचायत राज संचालनालय के माध्यम से श्री ओमकार सिंह ठाकुर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत धनौरा एवं घंसौर के विरूद्ध की गई शिकायत की जांच हेतु वरिष्ठ लेखाधिकारी जिला पंचायत सिवनी को निर्देशित किया गया। कार्यालय जिला पंचायत सिवनी के पत्र क्रमांक 466 दिनांक 24.04.2026 द्वारा शिकायतकर्ता शेख निजाम मंसूरी द्वारा पूर्व में दिनांक 07.11.2025 को की गई शिकायत की जांच पर कार्यवाही नहीं किये जाने संबंधी शिकायती पत्र की जांच हेतु मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत घंसौर को लेख किया गया। कार्यालय जनपद पंचायत घंसौर के पत्र क्रमांक 894 दिनांक 06.05.2026 द्वारा शिकायतकर्ता शेख निजाम मंसूरी एवं श्री श्यामलाल डेहरिया द्वारा ग्राम पंचायत शिकारा के निर्माण कार्य एवं अन्य विषय पर की गई शिकायत पर जनपद पंचायत स्तरीय जांच दल गठित किया गया। कार्यालय जिला पंचायत सिवनी के पत्र क्र. 3042 दिनांक 27.11.25 द्वारा शिकायतकर्ता शेख निजाम मंसूरी एवं श्री श्यामलाल डेहरिया द्वारा ग्राम पंचायत शिकारा की निर्माण कार्य एवं अन्य विषय पर की गई शिकायत पर जिला स्तरीय जांच दल को जांच हेतु स्मरण पत्र लिखा गया। जांच दल द्वारा अपने जांच प्रतिवेदन में तत्समय कार्य पूर्ण न होने के कारण कार्य को पूर्णत: अनुपयोगी मानते हुये कार्य पर किया गया व्यय निष्फल होना पाया। जिसके आधार पर न्यायालय विहित प्राधिकारी/मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सिवनी द्वारा प्रकरण क्रमांक 90/2024-25 दर्ज कर तत्कालीन सरपंच एवं प्रभारी सचिव ग्राम पंचायत शिकारा से राशि वसूली किये जाने एवं प्रभारी सचिव/ग्राम रोजगार सहायक की सेवा समाप्त किये जाने के आदेश पारित किये गये। कार्यालय जनपद पंचायत घंसौर के पत्र क्रमांक 924 दिनांक 04.05.2026 द्वारा जनपद पंचायत स्तरीय गठित जांच दल को शीघ्र जांच करने हेतु पत्र लेख किया गया। गठित जांच दल को ग्राम पंचायत शिकारा द्वारा चाहे गये आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराये जाने से जांच दल द्वारा संपूर्ण जांच पूर्ण नहीं की जा सकी। (ख) प्रकरण क्रमांक 90/2024.25 ग्राम पंचायत शिकारा ज.प.घंसौर में तत्कालीन मु.का. अधि. सुश्री शीतल ठाकुर द्वारा प्रेषित प्रति परीक्षण प्रतिवेदन एवं प्रभारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत घंसौर द्वारा प्रेषित प्रति परीक्षा प्रतिवेदन एवं पूर्व में प्राप्ति प्रति परीक्षण प्रतिवेदन में भिन्नता परिलक्षित होने पर श्री ओमकार सिंह ठाकुर प्रभारी मु.का.अधि.ज.पं. घंसौर को कार्यालयीन पत्र क्रमांक 804/रीडर/जि.पं./2026.27 सिवनी दिनांक 19/05/2026 जवाब हेतु जारी किया गया एवं न्यायालय वि.प्राधि./मु.का.अधि.जि.पं.सिवनी के ओदश क्रमांक 622 दिनांक 07/05/2026 द्वारा भौतिक स्थिति के स्थल परीक्षण हेतु 04 सदस्यी दल का गठन किया गया। जांच कार्यवाही प्रचलन में है शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी हाँ। न्यायालय विहित प्राधिकारी/मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सिवनी के प्रकरण क्रमांक 15/2021-22 विरूद्ध श्री अजय डहेरिया प्रभारी सचिव/ग्राम रोजगार सहायक ग्राम पंचायत शिकारा जनपद पंचायत घंसौर में आदेश क्रमांक 1446 दिनांक 02/07/2026 जारी कर राशि वसूली एवं सेवा समाप्त किये जाने का आदेश पारित किया गया है। प्रकरण क्रमांक 90/2024-25 विरूद्ध श्रीमति अनुसुईया वरकड़े तत्कालीन सरपंच एवं श्री अजय डहेरिया प्रभारी सचिव/ग्राम रोजगार सहायक ग्राम पंचायत शिकारा जनपद पंचयात घंसौर में न्यायालयीन आदेश क्रमांक 1447 दिनांक 02/07/2026 द्वारा राशि वसूल किये जाने एवं श्री अजय डहेरिया प्रभारी सचिव/ग्राम रोजगार सहायक की सेवा समाप्ति किये जाने का आदेश पारित किया गया है। प्रकरण क्रमांक 130/2021-22 विरूद्ध श्रीमति अनुसुईया वरकड़े तत्कालीन सरपंच श्री राकेश कौशले उपयंत्री श्री अजय डहेरिया सचिव/ग्राम रोजगार सहायक ग्राम पंचायत शिकारा जनपद पंचायत घंसौर जिला सिवनी में न्यायालयीन प्रक्रिया के तहत प्रक्रियाधीन हैं। प्रकरण क्रमांक 78/2023- 24 विरूद्ध श्री भजनलाल कुलस्ते सरपंच श्री तोपसिंह नेताम सचिव, ग्राम पंचायत शिकारा जनपद पंचायत घंसौर, जिला सिवनी में न्यायालयीन प्रक्रिया के तहत प्रक्रियाधीन है। (घ) मध्यप्रदेश शासन पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग भोपाल के परिपत्र क्रमांक/पं.रा./एफ-6/ग्रा.पं.सचिव-724193/2025/16240 भोपाल दिनांक 04.09.2025 में दिये गये निर्देशानुसार जिला पंचायत सिवनी एवं जनपद पंचायत घंसौर में ग्राम रोजगार सहायक को पूर्ण कालिक सचिव की व्यवस्था होने तक अस्थाई रूप से सचिवीय अधिकार प्रदाय किये गये हैं, स्थाई सचिव उपलब्ध होते ही अस्थाई प्रभार स्वत: समाप्त हो जाएगा।
शिकायती पत्रों एवं जांच प्रतिवेदनों पर कार्यवाही
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
36. ( क्र. 213 ) श्री योगेन्द्र सिंह (बाबा) : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला पंचायत सिवनी के पत्र क्रमांक/2422 दिनांक 18.12.2024, पत्र क्रमांक 1650 दिनांक 07.08.2024, पत्र क्रमांक 1022 दिनांक 14.05.2024, पत्र क्रमांक 4724 दिनांक 08.11.2024, पत्र क्रमांक 2447 दिनांक 23.12.2024, पत्र क्रमांक 164 संभागीय आयुक्त जबलपुर दिनांक 11.03. 2024, 675 दिनांक 25.09.2025, 605/ज.पं. दिनांक 01.03.2024, 943 एवं 936 दिनांक 10.06.2025, 09.06.2025, जि.पं. को प्रेषित दिनांक 13.06.2025 उक्त समस्त पत्रों पर अक्टूबर 2025 के पूर्व की गई जांच कार्यवाही से अवगत कराएं। (ख) जिला पंचायत सिवनी जनपद घंसौर की ग्राम पंचायत शिकारा के विरूद्ध जुलाई 2022 से दिनांक 03.06.2026 से 05.06.2026 तक शिकायतकर्ताओं द्वारा विभिन्न तिथियों में की गई लिखित शिकायतों एवं 181 सी.एम. हेल्पलाइन व कलेक्टर जन सुनवाई इत्यादि पर प्रश्न दिनांक तक क्या कार्यवाही की गई? की गई कार्यवाही की जानकारी दें। यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं तो क्यों नहीं? (ग) विधानसभा क्षेत्र लखनादौन-117 की जनपदों में अधोसंरचना, 15वां, 14वां, 5वां राज्य वित्त मनरेगा, अमृत सरोवर तालाबों पर स्वीकृत राशि, व्यय राशि, कार्य की स्थिति, पूर्ण अथवा अपूर्ण स्थिति स्पष्ट करें। जिसमें मौका स्थल सत्यापन, पुनर्मूल्यांकन, सैम्पल परीक्षण इत्यादि एवं सेक्टर शिकारा के उपयंत्री द्वारा कच्चे एवं पक्के कार्यों का पुनर्मूल्यांकन, सत्यापन वर्ष 2024-25, 2025-26, 2026-27 जांच के दौरान क्या प्रश्नकर्ता के प्रतिनिधि को समक्ष रखकर जांच करायी जावेगी?
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) जनपद पंचायत घंसौर के पत्र क्र. 2422 दिनांक 18.12.2024 सूचना के अधिकार अंतर्गत शिकायतकर्ता के अपीलीय आवेदन पर शिकायतकर्ता को वस्तुस्थिति की जानकारी से अवगत कराया गया। कार्यालय जनपद पंचायत घंसौर के पत्र क्र.1650 दिनांक 07.08.2024, पत्र क्र. 1022 दिनांक 14.05.2024 के द्वारा शिकायतकर्ता द्वारा जनपद एवं जिला स्तरीय पृथक– पृथक जांच दलों की जांच से संतुष्ट न होकर बार– बार शिकायत कर जांच दल सदस्य बदलने की मांग के संबंध में कार्यालय जिला पंचायत से मार्गदर्शन चाहा गया हैं तथा जिला पंचायत के पत्र क्रमांक 4724 दिनांक 08.11.24 शिकायतकर्ता श्री श्यामलाल डेहरिया एवं शेख निजाम ग्राम पंचायत शिकारा द्वारा कलेक्टर महोदय के समक्ष जन सुनवाई दिनांक 05.11.2024 को की गई शिकायत की जांच हेतु कार्यालय जिला पंचायत सिवनी द्वारा जिला स्तरीय जांच दल गठित किया गया। जांच दल द्वारा अपने जांच प्रतिवेदन में तत्समय कार्य पूर्ण होने के कारण कार्य को पूर्णत: अनुउपयोगी मानते हुए कार्य पर किया गया व्यय निष्फल होना पाया। जिसके आधार पर न्यायालय विहित प्राधिकारी/मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सिवनी द्वारा प्रकरण क्रमांक 90/2024-25 दर्ज कर श्रीमती अनुसुईया वरकड़े तत्कालीन सरपंच एवं श्री अजय डहेरिया प्रभारी सचिव/ग्राम रोजगार सहायक ग्राम पंचायत शिकारा जनपद पंचायत घंसौर में न्यायालीन आदेश क्रमांक 1447 दिनांक 02/07/2026 द्वारा राशि वसूल किये जाने एवं श्री अजय डहेरिया प्रभारी सचिव/ग्राम रोजगार सहायक की सेवा समाप्ति किये जाने का आदेश पारित किया गया है। कार्यालय सहायक यंत्री, मनरेगा जनपद पंचायत घंसौर के पत्र क्र. 2447 दिनांक 23.12.24 द्वारा सचिव ग्राम पंचायत शिकारा को जांच हेतु अभिलेख उपलब्ध कराने का लेख किया गया हैं। कार्यालय आयुक्त जबलपुर के पत्र क्र. 164 दिनांक 11.03.24, पत्र क्र. 675 दिनांक 25.09.25 के माध्यम से शिकायतकर्ता ग्राम पंचायत शिकारा की शिकायत की जांच हेतु अधीक्षण यंत्री, ग्रमीण यांत्रिकी सेवा, जबलपुर संभाग, जबलपुर को निर्देशित किया गया हैं। अधीक्षण यंत्री, ग्रमीण यांत्रिकी सेवा, जबलपुर संभाग, जबलपुर द्वारा आदेश क्र.1222/शि.जां./ग्रायांसे/जबलपुर दिनांक 18.11.2025 के माध्यम से 04 सदस्यी दल गठित कर जांच हेतु लेख किया गया हैं। जिसके विरूद्ध में माननीय उच्च न्यायालय, म.प्र. जबलपुर द्वारा WP No .45649/2025 में पारित आदेश दिनांक 27.11.25 के द्वारा स्थगन दिया गया हैं। कार्यालय जनपद पंचायत घंसौर के पत्र क्र. 605 दिनांक 01.03.24 के द्वारा श्री भजनलाल कुलस्ते, सरपंच, ग्राम पंचायत शिकारा के विरूद्ध शिकायत की जांच में दोषी पाये जाने पर म.प्र. पंचायतराज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम, 1993 की धारा 40 के तहत कार्यवाही किये जाने हेतु न्यायालय विहित प्राधिकारी/मु.कार्य.अधि. जिला पंचायत सिवनी द्वारा प्रकरण क्र. 12/2026-27 दर्ज किया गया हैं। प्रकरण न्यायालयीन प्रक्रियाधीन हैं। कार्यालय जनपद पंचायत घंसौर के पत्र क्र. 943 दिनांक 10.06.24 के द्वारा शिकायतकर्ता द्वारा ग्राम पंचायत शिकारा की बाजार वसूली संबंधी शिकायत का जांच प्रतिवेदन के आधार पर पंचायतराज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम, 1993 की धारा 89 के तहत अधिरोपित राशि की वसूली किये जाने हेतु न्यायालय विहित प्राधिकारी/मु.कार्य.अधि. जिला पंचायत सिवनी द्वारा प्रकरण क्र. 13/2026-27 दर्ज किया गया हैं प्रकरण न्यायालयधीन है। पत्र क्र. 936 दिनांक 09.06.2025 के द्वारा श्री श्यमलाल डेहरिया ग्राम शिकारा सिमरिया को बाजार वसूली संबंधी जांच प्रतिवेदन सूचना के अधिकार अधिनियम अंतर्गत प्रदाय किया गया हैं। (ख) जनपद घंसौर की ग्राम पंचायत शिकारा में वर्ष 2022 से 03.06.26, 05.06.26 सीएम हेल्पलाइन में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की 51 शिकायतें दर्ज की गई हैं उनमें से 47 शिकायतों को संतुष्टि पूर्ण बंद करा दिया गया हैं 04 शिकायतें प्रचलन में हैं जिनको बंद कराने की कार्यवाही की जा रही है एवं जन सुनवाई के माध्यम से 18 आवेदन इस कार्यालय को प्राप्त हुए हैं जिसमें से 13 का निराकरण किया जा चुका हैं शेष 05 आवेदनों पर कार्यवाही प्रचलन में हैं। (ग) कार्यालय जिला पंचायत सिवनी के आदेश क्र.1529/ जन.शि./ जि.पं./ 2026-27 दिनांक 07/07/2026 के माध्यम से विधानसभा क्षेत्र लखनादौन-117 अंतर्गत जनपद पंचायत लखनादौन, घंसौर एवं धनौरा की जांच हेतु त्रि-सदस्यी जांच दल (1. कार्यपालन यंत्री, ग्रा.यां से. सिवनी 2, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत, सहायक यंत्री, जनपद पंचायत) गठित कर माननीय विधायक महोदय के प्रतिनिधि को समक्ष में रखकर जांच कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने हेतु निर्देशित किया है।
शिकायती पत्रों, जांच प्रतिवेदनों पर कार्यवाही
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
37. ( क्र. 214 ) श्री योगेन्द्र सिंह (बाबा) : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला सिवनी की जनपद पंचायत घंसौर की ग्राम पंचायत बरेला एवं कटोरी के वर्ष 2024-25 से 2026-27, 30.04.2027 तक की पंचायत निधि, राज्य वित्त, 14वां, 15वां, 5वां ई ग्राम स्वराज, पंचायत दर्पण इत्यादि से कराये गये कार्यों की जांच एवं प्रतिबंधित मद स्वकराधान की राशि का आहरण कर सचिव बरेला द्वारा सेवानिवृत्ति दिनांक से पूर्व राशियों का आहरण किया गया है जिस पर क्या निवृत्तमान सचिव की सेवानिवृत्ति अनुकम्पा राशि पर रोक लगाई जाकर उपरोक्त पर क्या कार्यवाही की जावेगी? (ख) जिला सिवनी की जनपद पंचायत घंसौर की ग्राम पंचायत दिवारी के तालाब जीर्णोद्धार का कार्य कब से स्वीकृत किया जाकर कितनी राशि का आवंटन किया गया है तथा क्या वर्तमान में कार्य पूर्ण हो गया है अथवा अपूर्ण होते हुये व्यय की गई राशि के संबंध में विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराए? (ग) जिला सिवनी की तहसील घंसौर/लखनादौन के ग्राम शिकारा सेराठी तक सड़क निर्माण का कार्य प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजनान्तर्गत निर्माण कार्यवाही कब तक कराया जावेगा।
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) प्रश्नानुसार स्वकराधान मद के संबंध में पूर्व में की गई शिकायत के जांच प्रतिवेदन में अनियमितता पाये जाने पर म.प्र. पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम, 1993 की धारा 89 के तहत तत्कालीन सरपंच, सचिव, उपयंत्री एवं ग्राम रोजगार सहायक के विरूद्ध न्यायालय मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सिवनी में प्रकरण क्रमांक 137/2024-25 दर्ज किया जाकर कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। तत्कालीन ग्राम पंचायत सेवानिवृत्त सचिव को सेवानिवृत्ति उपरांत कोई भी राशि का भुगतान प्रश्न दिनांक तक नहीं किया गया है। वर्ष 2024-25 से प्रश्न दिनांक तक पंचायत निधि राज्य वित्त, 14वां वित्त, 15वां वित्त, 5वां वित्त तथा ई-ग्राम स्वराज तथा पंचायत दर्पण इत्यादि से कराये गये कार्यों के संबंध में संबंधित ग्राम पंचायतों में कोई भी शिकायत किसी भी माध्यम से प्राप्त नहीं हुई है। इस प्रश्न के माध्यम से तथ्यों को संज्ञान में लिया जाकर जिला सिवनी की जनपद पंचायत घंसौर में पदस्थ सहायक यंत्री, उपयंत्री एवं पीसीओ का संयुक्त जांच दल जनपद पंचायत घंसौर के पत्र क्रमांक/1410/शिकायत/ज.पं./2026 घंसौर दिनांक 06.07.2026 के माध्यम से गठित किया गया है, जिसमें जांच कार्यवाही वर्तमान में प्रचलित है। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजनांतर्गत विकासखण्ड लखनदोन के ग्राम राठी से जामुनपानी चरगांव से राठी मार्ग लंबाई 7.4 कि.मी. (पैकेज क्रमांक MP3642) प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना द्वारा वर्ष 2009 में संपर्कता प्रदान की जा चुकी है एवं विकासखण्ड घंसौर अंतर्गत ग्राम शिकारा को बंजारी से शिकारा मार्ग लंबाई 14.95 कि.मी. (पैकेज क्रमांक MP3618) प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत वर्ष 2006 में संपर्कता प्रदान की जा चुकी है। शिकारा से राठी मार्ग दोहरी संपर्कता के अंतर्गत है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के वर्तमान दिशा निर्देशानुसार एकल संपर्कता का प्रावधान होने के कारण उक्त मार्ग का निर्माण किया जाना संभव नहीं है।
डीएपी खाद प्रदाय करना
[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]
38. ( क्र. 228 ) श्रीमती झूमा डॉ. ध्यानसिंह सोलंकी : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भीकनगांव विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत कृषि विभाग अन्तर्गत वर्तमान में कौन-कौन सी योजनाओं का संचालन किया जा रहा है? वर्तमान वित्तीय वर्ष में कितना लक्ष्य प्रदाय किया गया है? योजनावार प्रदाय लक्ष्य की जानकारी प्रदाय करें तथा लक्ष्य पूर्ति हेतु कितने किसानों को लाभांवित किया गया है? कृषक की संख्या सहित ग्रामवार जानकारी उपलब्ध करायें। क्या वर्तमान वित्तीय वर्ष में कृषक कल्याण हेतु नवीन योजनाएं या अतिरिक्त लक्ष्य प्रदाय किया गया है? हाँ तो कौन सी योजनाएं प्रारंभ की गई तथा कौन सी योजना में अतिरिक्त लक्ष्य प्रदाय किया गया है? (ख) वर्तमान में भीकनगांव तहसील अन्तर्गत खरीफ फसल हेतु कितने डी.एपी. यूरिया एवं पोटाश खाद की आवश्यकता है तथा वर्तमान में कितना और कौन-कौन सी संस्था या दुकान पर उपलब्ध है? कृपया उपलब्धता की जानकारी खाद टोकन प्राप्त करने वाले पोर्टल के अनुसार दुकानवार/संस्थावार जानकारी उपलब्ध कराएं। क्या सत्य है कि वर्तमान में डीएपी खाद उपलब्ध नहीं है? हाँ तो कब तक उपलब्ध होगा? नहीं तो क्या कारण है?
किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) वर्तमान में संचालित योजनाओं एवं लक्ष्य की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। पूर्ति की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। योजनाओं का क्रियान्वयन निरंतर जारी है। शेष योजनाओं की पूर्ति पूर्ण होने पर ग्रामवार कृषक संख्यावार जानकारी उपलब्ध करायी जा सकेगी। वर्तमान वित्तीय वर्ष में कपास उत्पादकता मिशन नवीन योजना के अतिरिक्त लक्ष्य प्रदाय किये गये है। (ख) वर्तमान में भीकनगांव तहसील अंतर्गत उर्वरकों की मांग, उपलब्धता की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है तथा वर्तमान में ई-विकास पोर्टल अनुसार दुकानवार/संस्थावार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-4 अनुसार है। जी नही, वर्तमान में भीकनगांव तहसील में 201.300 मे. टन डी.ए.पी. उपलब्ध है, जिसका वितरण हो रहा है। साथ ही मांगलिया (इन्दौर), सनावद एवं खण्डवा रैक पॉइंट से जिले को डीएपी उर्वरक प्राप्त भी हो रहा है, तदानुसार वितरण किया जा रहा है।
उच्च शिक्षा प्राप्त करने हेतु दी जाने वाली सुविधाऍ एवं छात्रवृत्ति की जानकारी
[उच्च शिक्षा]
39. ( क्र. 229 ) श्रीमती झूमा डॉ. ध्यानसिंह सोलंकी : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि खरगोन जिले अन्तर्गत वित्तीय वर्ष 2026-27 में उच्च शिक्षा प्राप्त करने वाले कितने विदयार्थियों को छात्रवृत्ति एवं अन्य नियमानुसार सुविधाएं प्रदान की गई हैं? छात्र के नाम सहित विकासखण्डवार दी गई छात्रवृत्ति या सुविधाओं हेतु प्रदाय राशि की जानकारी उपलब्ध कराये। क्या गत वर्ष के विदयार्थियों की छात्रवृत्ति एवं दी जाने वाली अन्य सुविधाओं हेतु राशि वर्तमान तक लंबित है? हाँ तो कृपया नाम, ग्राम का नाम, विकासखण्ड का नाम सहित लंबित भुगतान की जानकारी उपलब्ध करायें तथा लंबित भुगतान की राशि कब तक प्रदाय की जायेगी?
उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री इन्दर सिंह परमार ) : सत्र 2026-27 में प्रवेश प्रक्रिया संचालित है। सत्र 2026-27 में गतवर्ष के लंबित भुगतानों की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना एवं आवास सहायता योजना में प्राप्त आवेदनों का सत्यापन नोडल महाविद्यालय के द्वारा किया जाता है। भुगतान संबंधी कार्यवाही जनजातीय कार्य विभाग, अनुसूचित जाति कल्याण विभाग एवं पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के द्वारा किया जाता है। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता है।
खेल मैदान का निर्माण
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
40. ( क्र. 234 ) श्री मोहन शर्मा : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या वर्ष 2018-19- में राजगढ़ जिले की नरसिंहगढ़ तहसील के ग्राम सलाय में खेल मैदान का निर्माण कराया गया था? यदि हाँ, तो उसकी स्वीकृत लागत एवं व्यय की गई राशि का विवरण क्या है? (ख) क्या उक्त खेल मैदान का निर्माण कार्य पूर्ण हुए बिना ही पूर्ण भुगतान किया गया था? यदि हाँ, तो भुगतान किस आधार पर किया गया तथा इसके लिए उत्तरदायी अधिकारियों के नाम एवं पद क्या हैं? (ग) क्या पूर्व वर्षों में उक्त खेल मैदान की भूमि पर खेती किए जाने का मामला शासन के संज्ञान में आया था? यदि हाँ, तो इस संबंध में की गई जांच एवं कार्रवाई का विवरण क्या है? यदि नहीं, तो कारण क्या हैं? (घ) क्या अधूरे निर्माण कार्य का पूर्ण भुगतान करने वाले अधिकारियों/कर्मचारियों के विरूद्ध कोई विभागीय अथवा अन्य कार्रवाई की गई है? यदि हाँ, तो उसका विवरण दें, यदि नहीं, तो कारण बताएं। (ङ) वर्तमान में उक्त खेल मैदान की स्थिति क्या है, उसका वर्तमान उपयोग किस प्रयोजन के लिए किया जा रहा है तथा उसे खेल गतिविधियों के लिए उपयोगी बनाए रखने हेतु शासन द्वारा क्या कार्रवाई की गई है अथवा प्रस्तावित है?
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) जी हाँ। वर्ष 2018-19 में ग्राम सलाय, ग्राम पंचायत सराना, जनपद पंचायत नरसिंहगढ़ में खेल मैदान हेतु पुन.प्रशा.स्वी. राशि रू. 100.36 लाख की प्रदान की गई थी। कार्य में राशि रू. 100.36 लाख का व्यय किया गया। (ख) जी नहीं। (ग) जी नहीं। अत: शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) जी नहीं। कार्य की पूर्णता उपरांत भुगतान किया गया है। (ङ) दिनांक 05.07.2021 को कार्य पूर्ण कर दिनांक 20.07.2021 को उक्त कार्य संबंधित ग्राम पंचायत सराना को हस्तांतरित कर दिया गया है। आयुक्त पंचायत राज संचालनालय म.प्र. भोपाल के पत्र क्रं./पं.रा./2015 दिनांक अगस्त 2015 के द्वारा जारी निर्देशानुसार रखरखाव का कार्य संबंधित जनपद पंचायत द्वारा किया जाना है। पत्रों की छायाप्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है।
कृषि रकबे के घटने की जानकारी
[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]
41. ( क्र. 240 ) डॉ. हिरालाल अलावा : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में विभाग द्वारा कुल कितनी कृषि भूमि का रकबा चिन्हित किया है जिसमें कृषि कार्य होकर अनाज एवं अन्य खाद्यान का उत्पादन होता है, जिलेवार कृषि के कुल रकबे की जानकारी एवं उक्त कृषि रकबे में उत्पादन हो रहे अनाज एवं अन्य खाद्यानों के उत्पादन की जानकारी पृथक-पृथक जिलेवार उपलब्ध करावें। (ख) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित समस्त जिलों में कृषि भूमि के रकबों में कृषि उत्पादन के अतिरिक्त अन्य गैर-कृषि, औद्योगिक इकाइयां एवं व्यवसायिक तथा आवासीय इकाइयों के निर्माण से कृषि का रकबा घट गया है। उक्त कृषि के रकबे के घटने के आंकड़ों की जिलेवार जानकारी विगत दस वर्षों की उपलब्ध करावें। (ग) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित संपूर्ण जिलों में कृषि भूमि पर गैर-कृषि कार्य, अवैध कॉलोनी निर्माण, औद्योगिक इकाइयों के अवैध निर्माणों की उच्च स्तरीय जांच कराकर दोषी अधिकारी-कर्मचारियों को दंडित करेंगे? यदि हाँ, तो कब तक? निश्चित समयावधि बतावें। यदि नहीं तो क्यों? (घ) क्या शासन संपूर्ण मध्यप्रदेश में विभिन्न जिलों में कृषि के रकबे के घटने से अनाज एवं खाद्यान के उत्पादन में कमी आने तथा कृषि भूमि का गैर-कृषि कार्यों में उपयोग के वैज्ञानिक एवं तकनीकी अध्ययन हेतु उच्च स्तरीय टास्क फोर्स टीम का गठन करेगा? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं तो क्यों नहीं?
किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) प्रदेश में प्रमुख अनाज एवं अन्य खाद्यान फसलों का वर्ष 2015-16 से वर्ष 2024-25 तक फसलवार बोया गया रकबा एवं उत्पादन की जिलेवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) एवं (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है। (घ) वर्ष 2015-16 में कृषि फसलों का कुल रकबा 236.68 लाख हेक्टेयर तथा उत्पादन 409.20 लाख मे.टन से बढ़कर वर्ष 2024-25 में कृषि फसलों का कुल रकबा 296.87 लाख हेक्टेयर तथा उत्पादन 779.73 लाख मे.टन हो चुका है। शेष प्रश्नांश उद्भूत नहीं होता है।
निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना में यूजीसी गाइड-लाइन का पालन
[उच्च शिक्षा]
42. ( क्र. 242 ) डॉ. हिरालाल अलावा : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्यप्रदेश में वर्तमान में कितने निजी विश्वविद्यालय किस-किस नाम से संचालित हैं, उक्त विश्वविद्यालयों में कौन-से विषय का अध्ययन कराया जाता है उक्त विश्वविद्यालयों में पदस्थ कार्यालयीन एवं शैक्षणिक स्टॉफ के नाम-पदनाम, शैक्षणिक योग्यता एवं उन्हें यूजीसी गाइड-लाइन अनुसार दिये जाने वाले वेतन-भत्तों की जानकारी देवें एवं यूजीसी गाइड-लाइन के विरूद्ध कम वेतन देने वाले विश्वविद्यालयों के विरूद्ध विभाग द्वारा विगत पांच वर्षों में क्या कार्यवाही की गई? वर्षवार पृथक-पृथक बतावें। (ख) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित निजी विश्वविद्यालयों से विगत पांच वर्षों में जिन विद्यार्थियों द्वारा पीएचडी, डिलीट एवं एमफिल की उपाधि प्राप्त की गई हैं, उनकी सम्पूर्ण सूची एवं उक्त विद्यार्थी ने जिस गाइड के अंतर्गत अपना शोध कार्य पूर्ण किया, उनके नाम-पदनाम सहित संपूर्ण जानकारी देवें। (ग) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना हेतु मध्यप्रदेश शासन द्वारा जो अनुदान एवं भूमि नाम मात्र की दर पर दी गई है, उक्त दिए अनुदान एवं भूमि आवंटन आदेश की संपूर्ण जानकारी देवें। (घ) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित निजी विश्वविद्यालयों में यूजीसी गाइड-लाइन अनुसार शैक्षणिक एवं कार्यालयीन स्टॉफ की नियुक्तियों में आरक्षण नियमों का पालन क्यों नहीं किया गया है, इसके लिए कौन दोषी है। क्या शासन निजी विश्वविद्यालयों में आरक्षण नियमों का पालन नहीं करने वाले निजी विश्वविद्यालयों की मान्यता समाप्त कर विश्वविद्यालय बंद करने का आदेश देंगे? यदि हाँ, तो कब तक? निश्चित समयावधि बतावें।
उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री इन्दर सिंह परमार ) : (क) निजी विश्वविद्यालयों द्वारा यूजीसी गाइड लाइन का पालन किया जा रहा है। शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'अ' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'ब' अनुसार है। (ग) निजी विश्वविद्यालयों को अनुदान नहीं दिया गया है तथा भूमि आवंटन राजस्व नियमों के अनुसार किया गया है। शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'स' अनुसार है। (घ) निजी विश्वविद्यालयों हेतु आरक्षण नियम अनिवार्य नहीं है। शेष प्रश्न उपस्थिति नहीं होता है।
किसानों के लिए योजनाएं
[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]
43. ( क्र. 244 ) डॉ. हिरालाल अलावा : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में खरीफ की वर्ष-2025, रबी की वर्ष-2025-26 की फसलों का बीमा प्रश्न-दिनांक तक भी क्यों नहीं किया गया? किन-किन जिलों में कितने किसानों का बीमा लंबित है? क्या शासन लंबित बीमा राशि पर 12% ब्याज देकर किसानों को मुआवजा देने देगी? यदि हाँ, तो कब तक भुगतान किया जाएगा? (ख) प्रदेशभर में पिछले 10 महीनों से किसान सम्मान निधि का भुगतान क्यों नहीं हुआ? कितने किसानों के खाते में 4-5 किस्तें लंबित हैं, लंबित किस्तों का भुगतान कब तक किया जाएगा? (ग) उद्यानिकी फसलों (फल, सब्जी, मसाला आदि) का फसल बीमा क्यों नहीं हो रहा है? इन फसलों में नुकसान होने पर किसानों को मुआवजा देने की सरकार की क्या योजना है? क्या उद्यान फसलों को प्रधानमंत्री फसल-बीमा योजना में शामिल करने का प्रस्ताव केंद्र को भेजा गया है? (घ) इस वर्ष अलनीनो के प्रभाव से मध्यप्रदेश में सूखा/अनियमित वर्षा की आशंका को देखते हुए सरकार की क्या तैयारी है? किसानों को बीज, खाद, सिंचाई और फसल बीमा के लिए क्या विशेष व्यवस्था की गई है? सूखा-प्रभावित जिलो के लिए कितना राहतकोष रखा गया है? (ङ) प्रदेश में सोयाबीन बीज की कीमतें 12,000-15,000 रुपये प्रति बोरी तक हो गई हैं, इसके लिए सरकार ने कौन-कौन से कदम उठाए हैं? बीज कंपनियों पर कार्रवाई की गई है? किसानों को सस्ते दर पर बीज उपलब्ध कराने के लिए क्या ठोस योजना है?
किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) प्रदेश में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजनान्तर्गत खरीफ 2025 एवं रबी 2025-26 में सभी पात्र कृषकों की फसलों का बीमा किया गया है। कृषकों द्वारा स्वेच्छानुसार फसलों का बीमा कराया जाता है। अत: किसानों का फसल बीमा किया जाना लंबित नहीं है। शेष प्रश्न उद्भूत नहीं होता। (ख) जी नहीं। भारत सरकार द्वारा संचालित प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ हितग्राहियों को प्रदान किया जा रहा है। नियत आवश्यक कार्यवाही पूरी करने पर समस्त पात्र हितग्राहियों को योजना का लाभ प्राप्त हो रहा है, अत: शेष प्रश्नांश उदभूत नहीं होता। (ग) वर्ष 2023 में भारत सरकार द्वारा जारी नवीन दिशा-निर्देशानुसार WINDS योजनान्तर्गत Automatic Weather Station (AWS) एवं Automatic Rain Guage (ARG) स्थापित होने के उपरांत मौसम आधारित फसल बीमा योजना क्रियान्वित की जा सकेगी। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा WINDS योजना के क्रियान्वयन हेतु कार्यवाही प्रचलित है। राजस्व विभाग द्वारा R.B.C.6-4 के प्रावधान अंतर्गत प्राकृतिक प्रकोप जैसे अतिवृष्टि, असमयवृष्टि (बेमौसम वर्षा), सूखा, बाढ़, आंधी, तूफान, ओला, पाला, शीतलहर, बीमारी, आदि एवं प्राकृतिक दुर्घटनाओं से उद्यानिकी फसलों (फल, सब्जी, मसाला आदि) की हानि होती है, उक्त क्षति की प्रतिपूर्ति हेतु मुआवजा देने का प्रावधान है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजनांतर्गत वर्ष 2016 से ''मौसम आधारित फसल बीमा योजना'' अंतर्गत उद्यानिकी फसलें सम्मिलित है। (घ) अलनीनों के संभावित प्रभाव तथा सूखा एवं अनियमित वर्षा की आशंका को देखते हुए राज्य सरकार ने किसानों के हित में आवश्यक तैयारियाँ की हैं। बीज की व्यवस्था कम अवधि में पकने वाली फसलों जैसे उड़द, मूंग, रामतिल एवं तिल के बीज सभी जिलों में पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराए गए हैं। उर्वरक (खाद) की उपलब्धता किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। जिलावार उपलब्धता का विवरण जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। सिंचाई व्यवस्था किसानों को जल संरक्षण के उपाय अपनाने तथा आवश्यकता पड़ने पर स्प्रिंकलर एवं ड्रिप सिंचाई के माध्यम से जीवन रक्षक सिंचाई करने की सलाह दी जा रही है। फसल बीमा के संबंध में भारत सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार कार्रवाई की जा रही है। इसका विवरण जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। सूखा राहत: वर्ष 2026-27 में सूखा राहत हेतु ₹20.90 करोड़ का बजट प्रावधान किया गया है। (ड.) राज्य शासन की सक्षम समिति (अपर मुख्य सचिव सह कृषि उत्पादन आयुक्त की अध्यक्षता में गठित बीज दर निर्धारण समिति) द्वारा निर्धारित विक्रय दरों पर राज्य की शासकीय संस्थाओं एवं बीज संघ अंतर्गत सहकारी समितियों द्वारा बीज विक्रय किया जा रहा है। केन्द्रीय संस्थाओं यथा NSC. NAFED, HIL आदि द्वारा निर्धारित केन्द्रीय दरों पर बीज विक्रय किया जा रहा है, जिनकी नियमित मॉनिटरिंग कर किसानों को निर्धारित दरों पर बीज उपलब्ध कराये जाने की कार्यवाही की जा रही है।
वित्तीय एवं विधिक दायित्वों के उल्लंघन पर कार्यवाही
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
44. ( क्र. 247 ) श्री महेश परमार : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अतारांकित प्रश्न क्र.4 (11/03/2025), अतारांकित प्रश्न क्र.350 (28/07/2025), अतारांकित प्रश्न क्र.252 (01/12/2025) एवं तारांकित प्रश्न क्र.93 (17/02/2026) के संदर्भ में, उज्जैन जिले की जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों (CEOs) द्वारा म.प्र. पंचायत राज अधिनियम, 1993 की धारा 73 व बजट नियमों के उल्लंघन पर विकास आयुक्त कार्यालय के पत्र क्र.359 (12/01/2026) द्वारा मांगे गए आरोप पत्र पर आज तक की गई बिंदुवार व दिनांकवार कार्यवाही का विवरण क्या है? (ख) उक्त प्रकरण में म.प्र. सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1966 के नियम 10 व भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 13 (1) (d) के अंतर्गत किन-किन कंडिकाओं व विधिक प्रावधानों का उल्लंघन पाया गया? इस विधिक उल्लंघन के आधार पर दोषी अधिकारियों पर अब तक निलंबन, वेतन कटौती अथवा सेवा से पृथक्करण की क्या कार्यवाही की गई? (ग) क्या खंडवा जिले की जनपद पंचायत छैगांव माखन में समान वित्तीय उल्लंघन पर त्वरित दंडात्मक व आपराधिक (FIR) कार्यवाही की गई थी, जबकि उज्जैन के प्रकरण को 'कार्यवाही प्रचलित है' कहकर टाला जा रहा है? (घ) शासन को हुई वित्तीय हानि की वसूली, दोषी अधिकारियों के विरूद्ध आरोप पत्र तथा विभागीय जांच पूर्ण करने के लिए विभाग क्या निश्चित समय-सीमा तय करेगा? यदि नहीं, तो उत्तरदायी वरिष्ठ अधिकारियों के विरूद्ध संरक्षण देने पर क्या कार्यवाही की जाएगी?
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) उज्जैन जिले की जनपद पंचायतों के 10 मुख्य कार्यपालन अधिकारियों के विरूद्ध विभागीय ज्ञाप क्रमांक 1216-1235 दिनांक 17.02.2026 से म.प्र. सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1966 के नियम 16 अंतर्गत आरोप पत्र जारी किये गये। संबंधितों द्वारा प्रस्तुत प्रतिवाद पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत उज्जैन से कार्यालयीन पत्र क्रमांक 2163 दिनांक 06.04.2026 एवं क्रमांक 3121 दिनांक 19.05.2026 द्वारा अभिमत चाहा गया। वर्तमान में कार्यवाही प्रचलित है। (ख) उत्तरांश 'क' अनुसार। (ग) खंडवा जिले की जनपद पंचायत छै-गांवमाखन में अन्य प्रकरण में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत को आयुक्त इंदौर संभाग इंदौर के आदेश क्रमांक 1017दिनांक 02.04.2025 से निलंबित कर ज्ञाप क्रमांक 1497 दिनांक 13.05.2025 से नियम 14 अंतर्गत आरोप पत्र जारी किये गये है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
छात्रावासों में समान पारिश्रमिक नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई
[श्रम]
45. ( क्र. 248 ) श्री महेश परमार : क्या श्रम मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या राज्य शिक्षा केंद्र (RSK) के 66 नेताजी सुभाषचंद्र बोस बालक छात्रावासों के "सहायक वार्डन" पद पर समान कार्य के बावजूद बैतूल, सागर, हरदा में ₹33, 100-35, 500 तथा देवास, जबलपुर (कुशल कलेक्टर दर), उज्जैन, भोपाल में मात्र ₹9, 815 मासिक पारिश्रमिक दिया जा रहा है? यदि हाँ, तो इस गंभीर विसंगति का वैधानिक कारण क्या है? (ख) क्या विभाग ने RSK के 'DigiGov/DigiGo Portal' सर्वर पर उपलब्ध वित्तीय वर्ष 2021-22 से 2024-25 (अप्रैल-अक्टूबर 2024) एवं 2025-26 (जनवरी-अप्रैल 2026) की मासिक ट्रांजेक्शन रिपोर्ट से इस भेदभावपूर्ण भुगतान का भौतिक सत्यापन किया है? यदि नहीं, तो क्या यह 'समान पारिश्रमिक अधिनियम, 1976' की धारा 4 का खुला उल्लंघन नहीं है? (ग) क्या इस आर्थिक शोषण व नियमों के उल्लंघन की कोई शिकायत श्रम विभाग उज्जैन या प्राधिकृत अधिकारियों को प्राप्त हुई थी? यदि हाँ, तो डिजिटल पोर्टल पर उपलब्ध अकाट्य साक्ष्यों के बावजूद विभाग ने अब तक क्या वैधानिक कदम उठाए? (घ) वेतन संहिता, 2019 व 'समान पारिश्रमिक अधिनियम, 1976' के तहत विगत 1 वर्ष में उक्त 7 जिलों सहित प्रदेश के सभी 66 छात्रावासों में कितनी रूटीन जांचें की गईं? पोर्टल पर ऑन-रिकॉर्ड विसंगति के बावजूद अधिनियम की धारा 10 के तहत दोषी प्रशासनिक अधिकारियों पर क्या दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी? (ङ) क्या विभाग इस प्रश्न के उपरांत तत्काल विस्तृत जांच संस्थित कर दोषियों पर उत्तरदायित्व निर्धारित करेगा? क्या संपूर्ण विसंगतियों, भुगतानों के सत्यापन एवं वैधानिक कार्रवाइयों की संकलित रिपोर्ट आगामी सत्र में सदन के पटल पर रखी जाएगी? यदि हाँ, तो निश्चित समय-सीमा बताएं।
श्रम मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) शिकायतकर्ता द्वारा राज्य शिक्षा केन्द्र के सहायक वार्डनों के समान कार्य होने पर भी समान वेतन प्राप्त ना होने की शिकायत की गई है। चूंकि शिकायत की विषयवस्तु के प्रकरण में समान पारिश्रमिक अधिनियम, 1976 के प्रावधान आकर्षित नहीं होते है। इसके अतिरिक्त राज्य शिक्षा केन्द्र द्वारा पृथक-पृथक जिलों में कार्यरत 'सहायक वार्डन' को पृथक-पृथक वेतन भुगतान किए जाने संबंधी बिंदु भी श्रम अधिनियमों की परिधि में नहीं आता है। उक्त के प्रकाश में शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ख) राज्य शिक्षा केन्द्र के DigiGov Portal पर अपलोड की गई जानकारी/रिपोर्ट राज्य शिक्षा केन्द्र से संबंधित विषय है। श्रम विभाग के पास इस संबंध में पृथक जानकारी उपलब्ध नहीं है। (ग) श्री करण शर्मा, उज्जैन से प्राप्त शिकायत का परीक्षण किया गया। जांच में समान पारिश्रमिक अधिनियम, 1976 के प्रावधान लागू न पाए जाने के कारण शिकायत का निराकरण करते हुए संबंधित आवेदक को सूचित कर दिया गया है। (घ) समान पारिश्रमिक अधिनियम, 1976 को वेतन संहिता, 2019 द्वारा निरसित किया गया है। तथापि, मध्यप्रदेश में वेतन संहिता, 2019 के अंतर्गत राज्य नियम अभी प्रभावी नहीं होने के कारण समान पारिश्रमिक संबंधी मामलों में वर्तमान में समान पारिश्रमिक अधिनियम, 1976 के प्रावधानों के अनुसार कार्यवाही की जा रही है। तथापि समान पारिश्रमिक अधिनियम, 1976 की धारा 10 दण्ड संबंधी धारा है। जो अधिनियम के प्रावधान के उल्लंघन पर प्रभावशील होती है। अत: उत्तरांश (क) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। विगत एक वर्ष में 2025 से समान पारिश्रमिक अधिनियम, 1976 के अंतर्गत 9065 प्रतिष्ठानों/स्थलों का निरीक्षण किया गया एवं पाए गए उल्लंघनों के विरूद्ध 252 अभियोजन प्रकरण दायर किए गए। (ड.) शिकायत की विषयवस्तु समान पारिश्रमिक अधिनियम से संबंधित नहीं है। तथापि समान पारिश्रमिक अधिनियम की शिकायत प्राप्त होती है तो समुचित निराकरण किया जाना सुनिश्चित किया जा रहा है।
पंचायत सचिवों के स्थानांतरण
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
46. ( क्र. 252 ) श्री नितेन्द्र बृजेन्द्र सिंह राठौर : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जनपद पंचायत पृथ्वीपुर अन्तर्गत ऐसी कितनी ग्राम पंचायतें है जिनमें 10 वर्षों एवं अधिक से एक ही पंचायत सचिव पदस्थ है? सूची उपलब्ध कराये। (ख) निवाडी जिले में कितने पंचायत सचिवों का स्थानांतरण एक वर्ष में ही कर दिया गया है? सूची सहित उपलब्ध करायें। (ग) क्या जनपद पंचायत पृथ्वीपुर अन्तर्गत 10 वर्षों से पदस्थ सचिव का स्थानांतरण न किये जाकर एक वर्ष में ही अन्य सचिव का स्थानांतरण कर दिया गया है? यदि हाँ, तो क्यों? कारण दें। क्या यह शासन द्वारा जारी स्थानांतरण नीति के विरूद्ध नहीं है? यदि हां, तो इसका कौन दोषी है? क्या दोषियों पर कार्यवाही की जायेगी?
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) जनपद पंचायत पृथ्वीपुर अन्तर्गत 01 ग्राम पंचायत सचिव 10 वर्षों से अधिक अवधि से एक ही ग्राम पंचायत में पदस्थ है। सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''अ'' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''ब'' अनुसार है। (ग) जनपद पंचायत पृथ्वीपुर अन्तर्गत 10 वर्षों से अधिक अवधि में पदस्थ 07 पंचायत सचिवों का स्थानान्तरण किया गया। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''स'' अनुसार है। जनपद पंचायत पृथ्वीपुर में एक ग्राम पंचायत सचिव का एक वर्ष में स्थानान्तरण किया गया है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''द'' अनुसार है। पंचायत सचिवों का स्थानान्तरण शासन द्वारा जारी स्थानान्तरण नीति 2026 में दिये गये निर्देशों के परिपालन में नियमानुसार किया गया है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
फसल बीमा दावा राशि का भुगतान
[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]
47. ( क्र. 256 ) श्री बाबू जन्डेल : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सम्पूर्ण म.प्र. सहित श्योपुर जिले में खरीफ वर्ष 2025, 2026 में कितने किसानों ने फसल बीमा कराया था तथा उनसे कितनी प्रीमियम राशि ली गई तथा किसानों को बीमा दावा राशि का लाभ वितरण किया गया है? कृषकवार जानकारी उपलब्ध करावें। यदि नहीं दिया गया है, तो क्या कारण है? अब कब तक बीमा दावा राशि का भुगतान कर दिया जावेगा? समय-सीमा बतावें। (ख) श्योपुर विधानसभा क्षेत्र के श्योपुर, बडौदा, प्रेमसर, मानपुर तहसील में कौन सी बीमा कम्पनी फसल बीमा का क्रियान्वयन कर रही है? इसका मुख्य कार्यालय कहाँ है? फसल बीमा से संबंधित शिकायतों का विगत 03 वर्षों में कितनी एवं कौन-कौन की शिकायतों का समाधान हुआ है? (ग) श्योपुर जिले में खरीफ फसलों के खराब होने पर कितनी-कितनी राशि का कौन-कौन से किसानों को किस दर से मुआवजा बांटा गया है तथा कितने किसान मुआवजे के लिए शेष रह गये हैं? इनको कब तक राशि का वितरण कर दिया जावेगा? समय-सीमा बतावें। श्योपुर जिले के कृषि विभाग में कितने पद स्वीकृत हैं और कितने पद भरे हैं तथा कितने पद रिक्त हैं? जानकारी देवें।
किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) प्रधानमंत्री फसल बीमा योजनांतर्गत खरीफ 2025-26 मौसम में बीमित कृषकों, कृषक अंश प्रीमियम की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। योजना के स्थानीय आपदा प्रावधान अंतर्गत प्राकृतिक आपदाओं के कारण फसल क्षति होने पर क्षति की सूचना देने वाले कृषकों को नियमानुसार दावा राशि का भुगतान किया गया है। जिसकी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। अंतिम दावों का भुगतान उपज के आंकड़ों के संकलन करने के उपरांत किया जाता है। उपज में कमी के आधार पर अंतिम दावों का भुगतान शीघ्र ही किया जा रहा है। दावा भुगतान की समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ख) वर्ष 2023-24 से वर्ष 2026-27 तक श्योपुर जिले में योजना के क्रियान्वयन हेतु एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कम्पनी ऑफ इंडिया लिमिटेड चयनित बीमा कम्पनी है। उक्त कम्पनी का मुख्यालय नई दिल्ली में स्थित है। योजनांतर्गत शिकायतों का विवरण जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है। (ग) जिला श्योपुर अंतर्गत वर्ष 2025-26 में माह अक्टूबर 2025 में असमय वर्षा से खरीफ फसल धान प्रभावित हुई थी। प्रभावित कृषकों को राजस्व पुस्तक पत्र 6-4 में निहित प्रावधानों के अनुसार राहत राशि के वितरण की कार्यवाही की गई है। 6621 कृषक राहत राशि वितरण के लिए शेष रह गये है। मुआवजा भुगतान किए गए किसानों की सूची एवं लंबित रहे किसानों की सूची की जानकारी राजस्व विभाग द्वारा एकत्रित की जा रही है। श्योपुर जिले के कृषि विभाग में विभिन्न संवर्गो के 162 पद स्वीकृत है और 53 पद भरे तथा 109 पद रिक्त है।
शुल्क नियोजन/विनियमन का आवेदनों का परीक्षण
[तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार (केवल तकनीकी शिक्षा) ]
48. ( क्र. 262 ) श्री पंकज उपाध्याय : क्या तकनीकी शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्नकर्ता के प्रश्न 2173 दिनांक 24/02/26 के संदर्भ में बताएं कि चार्टर्ड एकाउंटेंट ने आय- व्यय का परीक्षण जिन दस्तावेजों के आधार पर किया, क्या उनकी सूची दी है? यदि नहीं तो परीक्षण का आधार क्या है? विभाग द्वारा विवेचना किस आधार पर की गई? (ख) क्या शुल्क नियोजन के लिए आवेदन के साथ आय-व्यय संबंधी समस्त दस्तावेज आते हैं? यदि नहीं तो विभाग का चार्टड अकाउंटेंट परीक्षण किस आधार पर करते हैं? (ग) क्या शिक्षण संस्थान में उसकी कैटिगरी के अनुसार भूमि-भवन की साइज, शिक्षक तथा गैर शिक्षक कर्मचारी की संख्या, बिजली, पेट्रोल, स्टेशनरी आदि व्यय की सीमा तय की गई है? यदि नहीं, तो क्या कोई संस्थान अनावश्यक भूमि-भवन निर्माण करके, अति कर्मचारी की भर्ती दिखाकर, अनावश्यक विविध खर्च दिखाकर फीस बढ़ाने का आवेदन देगा तो उसका विश्लेषण/परीक्षण कैसे किया जाएगा? (घ) फीस नियोजन के लिए, आवेदन के साथ क्या-क्या दस्तावेज दिए जाते हैं? उनकी सूची प्रदान करें। (ङ) प्रश्नकर्ता के प्रश्न क्रमांक 2173 दिनांक 24/2/26 के संदर्भ में बताएं कि चार्टर्ड एकाउंटेंट ने कितने दिनों में कितने आवेदन का परीक्षण कर रिपोर्ट विभाग को दी तथा विभाग की कमेटी ने किस-किस दिनांक में कितने-कितने आवेदनों पर निर्णय ले लिया?
तकनीकी शिक्षा मंत्री ( श्री इन्दर सिंह परमार ) : (क) जी नहीं, प्रश्न क्रमांक-2173 में सूची के संबंध में उल्लेख नहीं है। प्रवेश एवं शुल्क विनियामक समिति अधिनियम, 2007 एवं विनियम-2008 में दिये गये प्रावधानों के अनुसार शुल्क निर्धारण हेतु परीक्षण संस्था/सोसायटी के अंकेक्षित आय-व्यय का ब्यौरा, महाविद्यालय के अंकेक्षित आय-व्यय का ब्यौरा एवं पाठ्यक्रम के अंकेक्षित आय-व्यय का ब्यौरा के आधार पर करते हुये चार्टड एकाउंटेंट द्वारा गणना पत्रक तैयार किया जाता है। (ख) जी हां। शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) जी हां, शिक्षण संस्थानों में संबंधित नियामक संस्थाओं यथा अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद्, मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया, नेशनल काउंसिल ऑफ टीचर्स एज्यूकेशन, बार काउंसिल ऑफ इंडिया एवं नर्सिग काउंसिल ऑफ इंडिया आदि द्वारा निर्धारित मापदण्डों के प्रावधान लागू है। शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ड.) चार्टर्ड एकाउंटेंट द्वारा आवेदनों के परीक्षण उपरांत प्रस्तुत रिपोर्ट की संख्या संबंधी वर्ष 2022-23 से वर्ष 2025-26 की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है, चार्टर्ड एकाउंटेंट द्वारा आवेदनों का परीक्षण अधिकतम 15 दिवस में किया जाता है। प्रवेश एवं शुल्क विनियामक समिति द्वारा निराकृत प्रकरणों की वर्ष 2022-23 से वर्ष 2025-26 की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है।
अतिथि विद्वानों का नियमितीकरण
[उच्च शिक्षा]
49. ( क्र. 263 ) श्री पंकज उपाध्याय : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या सरकार अतिथि विद्वानों के नियमितीकरण (स्थायीकरण) की कोई नीति बनाने पर विचार कर रही है? (ख) क्या सरकार अतिथि विद्वानों को सामाजिक सुरक्षा जैसे पी.एफ., बीमा, चिकित्सा सुविधा आदि प्रदान करने की योजना पर विचार कर रही है? (ग) क्या कई वर्षों से कार्यरत योग्यता प्राप्त अतिथि विद्वानों की सेवाएं हर वर्ष अस्थायी रूप से ली जाती हैं? यदि हाँ, तो इसका क्या समाधान प्रस्तावित है? (घ) पिछले 5 वर्ष में कार्यरत अतिथि विद्वानों में जिनका भी निधन हुआ है उन अतिथि विद्वानों एवं उनके परिवारों के लिए उच्च शिक्षा विभाग एवं मध्यप्रदेश सरकार ने क्या किया है? सूचीबद्ध जानकारी प्रदान करें। (ड.) वर्तमान में मध्यप्रदेश में कार्यरत अतिथि विद्वानों में कितने विद्वान मध्यप्रदेश के मूल निवासी हैं एवं कितने मध्यप्रदेश के बाहर के हैं? संख्यात्मक जानकारी प्रदान करें।
उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री इन्दर सिंह परमार ) : (क) एवं (ख) जी नहीं। (ग) जी हाँ। अतिथि विद्वानों को मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा विज्ञापित पदों में सभी श्रेणियों में 25 प्रतिशत आरक्षण एवं आयु सीमा में अधिकतम 10 वर्षों की छूट का प्रावधान किया गया है। (घ) विभाग द्वारा जारी अतिथि विद्वान नीति दिनांक 05.10.2023 में प्रश्नांश के संबंध में कोई प्रावधान नहीं होने से शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता। (ङ) वर्तमान में मध्यप्रदेश में कार्यरत अतिथि विद्वानों में मध्यप्रदेश के मूल निवासी की संख्या 3985 एवं मध्यप्रदेश के बाहर के निवासी की संख्या 236 है।
मनरेगा योजना को पुनः चालू किया जाना
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
50. ( क्र. 265 ) श्री दिनेश गुर्जर : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या मुरैना विधानसभा क्षेत्र में मनरेगा योजना के तहत नवीन वित्तीय स्वीकृतियां, मस्टरोल जारी करने और पोर्टल संचालन की अनुमति शासन स्तर से ही बाधित या बंद की गई है? यदि हाँ, तो सरकार द्वारा इस महत्वपूर्ण योजना को नीतिगत रूप से ठप करने का क्या कारण है? (ख) क्या शासन स्तर से बजट आवंटन और नीतिगत स्वीकृतियां न मिलने के कारण गांवों में तालाब, सुदूर सड़क और बुनियादी विकास के काम पूरी तरह रुक गए हैं? इसके लिए सीधे तौर पर शासन की कौन सी नीतियां जिम्मेदार हैं? (ग) क्या सरकार को इस बात का भान है कि शासन के इस निर्णय के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में गरीब मजदूरों के सामने रोजी-रोटी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है और वे पलायन करने को विवश हैं? रोजगार के अधिकार को इस तरह प्रभावित करने के लिए सरकार की क्या जवाबदेही है? (घ) ग्रामीण विकास को पुनः सुचारू करने और संकटग्रस्त मजदूरों को राहत देने के लिए शासन स्तर से इस योजना को पूरी क्षमता के साथ दोबारा कब तक बहाल (चालू) किया जाएगा? क्या सरकार इस संबंध में कोई निश्चित समय-सीमा बताएगी?
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) जिला मुरैना सहित संपूर्ण राज्य में दिनांक 01.07.2026 से विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) योजना (VB-G-RAM-G) प्रारंभ है, उक्त योजना में निर्धारित प्रक्रिया के तहत नवीन स्वीकृतियॉ, मस्टरोल जारी किये जा रहे हैं। शेष प्रश्न उत्पन्न नहीं होता है। (ख) जी नहीं, दिनांक 01.07.2026 से विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) (VB-G-RAM-G) योजना अंतर्गत विकास कार्यों की स्वीकृतियॉ प्रचलन में हैं। शेष प्रश्न उत्पन्न नहीं होता है। (ग) एवं (घ) उत्तरांश (क) एवं (ख) अनुसार प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
वित्तीय अनियमितता एवं स्थानांतरण
[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]
51. ( क्र. 267 ) श्री दिनेश गुर्जर : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या कृषि विभाग के आदेश क्रमांक 3734 दिनांक 31.12.2025 तथा दिनांक 26.03.2025 द्वारा मंडी बोर्ड रीवा में पदस्थ उपसंचालक के विरुद्ध ₹11 लाख की शासकीय क्षति व अन्य गंभीर अनियमितताओं के आरोप-पत्र जारी किए गए हैं? यदि हाँ, तो अपर संचालक (वित्त) के आदेश पर अब तक क्या दंडात्मक कार्रवाई की गई? (ख) क्या मध्य प्रदेश सिविल सेवा नियम, 1966 के नियम 9 व मंडी बोर्ड नियमों के तहत जांच लंबित होने पर अधिकारी को संवेदनशील पद से हटाने का प्रावधान है? यदि हाँ, तो गंभीर वित्तीय आरोपों व न्यायालयीन प्रकरणों के बावजूद उक्त उपसंचालक को रीवा में ही निरंतर पदस्थ रखकर शासकीय साक्ष्यों से छेड़छाड़ का अवसर क्यों दिया जा रहा है? (ग) क्या सरकार की "भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस" नीति के विपरीत वित्तीय कदाचार के आरोपी को प्रशासनिक संरक्षण दिया जा रहा है? यदि नहीं, तो नियम विरुद्ध तरीके से उन्हें इस पद पर बनाए रखने के लिए जिम्मेदार वरिष्ठ अधिकारियों पर सरकार क्या कार्रवाई करेगी तथा उक्त अधिकारी को रीवा से तत्काल कब तक निलंबित/स्थानांतरित किया जाएगा? समय-सीमा बताए।
किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। रीवा में पदस्थ उप संचालक के विरूद्ध राशि रूपये 11 लाख की शासकीय क्षति एवं अनियमितताओं के संबंध में आरोप पत्र जारी नहीं किया गया, अपितु अपर संचालक (वित्त) म.प्र.राज्य कृषि विपणन बोर्ड, भोपाल के पत्र क्रमांक-2404, दिनांक 07.07.2025 से श्री शर्मा उप संचालक, मंडी बोर्ड, आंचलिक कार्यालय, जबलपुर में पदस्थी के दौरान स्थानीय निधि संपरीक्षा में निहित आपत्तियों के अभिलेख की प्रस्तुती एवं वसूली हेतु जारी किया गया। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। शेष प्रश्न उदभूत नहीं होता है। (ख) जी नहीं। म.प्र.सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 (नियम 9) निलंबन की कार्यवाही से संबंधित है, पदस्थापना परिवर्तन किये जाने से संबंधित नहीं है। शेष प्रश्न उदभूत नहीं होता है। (ग) जी नहीं। शेष प्रश्न उदभूत नहीं होता।
श्रमिकों के पंजीयन की जानकारी
[श्रम]
52. ( क्र. 268 ) डॉ. सतीश सिकरवार : क्या श्रम मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में श्रमिकों के पंजीयन किये जाने हेतु क्या नियम है? शासन द्वारा जारी नियम की प्रति उपलब्ध कराई जावे। (ख) श्रमिकों के पंजीयन करने के लिये क्या प्रक्रिया अपनाई जाती है एवं पंजीयन करने का अधिकार किसे है? (ग) ग्वालियर चंबल संभाग में वर्ष 2020 से जून 2026 तक कितने श्रमिकों का पंजीयन किया गया? जिलेवार संख्यात्मक जानकारी दी जावे।? (घ) प्रश्नांश (ग) में उल्लेखित अवधि के मध्य कितने श्रमिकों के आवेदन निरस्त किये गये एवं श्रमिकों के आवेदन लंबित है, निरस्त एवं लंबित आवेदनों की जानकारी कारण सहित दी जावे। लंबित आवेदनों का निराकरण कब तक कर दिया जावेगा? समय-सीमा बताई जावे।
श्रम मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) (i) म.प्र. भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल अंतर्गत 18 से 60 वर्ष तक की आयु के ऐसे श्रमिक पंजीयन हेतु पात्रता रखते है, जिनके द्वारा विगत 12 माह में न्यूनतम 90 दिवस भवन एवं अन्य संनिर्माण कार्यों में कार्य किया गया है। उक्त संबंध में नियम की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ii) श्रम विभाग द्वारा मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल 2.0) योजना अंतर्गत जारी दिशा-निर्देश की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। (ख) (i) मण्डल अंतर्गत निर्माण श्रमिक पंजीयन हेतु श्रमिक द्वारा मण्डल के पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन प्रस्तुत किया जा सकता है। उक्तानुसार आवेदन के संबंध में ग्राम/वार्ड स्तर पर सत्यापन अधिकारी द्वारा पात्रता की जांच उपरांत आवेदन पोर्टल पर संबंधित पदाभिहित अधिकारी को अग्रेषित किया जाता है, तत्पश्चात् संबंधित पदाभिहित अधिकारी द्वारा पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीयन जारी किया जाता है। मण्डल अंतर्गत श्रमिक पंजीयन के लिए शहरी क्षेत्रों हेतु आयुक्त/मुख्य नगर पालिका अधिकारी, नगरीय निकाय एवं ग्रामीण क्षेत्रों हेतु मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत पदाभिहित अधिकारी है। (ii) संबल योजना अंतर्गत पंजीयन की प्रक्रिया पूर्णतः ऑनलाइन है। पंजीयन आवेदन एम.पी. ऑनलाइन, लोक सेवा केन्द्र अथवा कॉमन सर्विस सेंटर के माध्यम से sambal.mp.gov.in पोर्टल पर किए जाते हैं तथा आवेदन की पोर्टल जनरेटेड रसीद तत्काल आवेदक को उपलब्ध हो जाती है। पंजीयन हेतु पदाभिहित अधिकारी शहरी क्षेत्र में संबंधित नगरीय निकाय के आयुक्त/मुख्य नगर पालिका अधिकारी अथवा उनके द्वारा नामांकित अधिकारी तथा ग्रामीण क्षेत्र में मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत हैं। प्राप्त आवेदनों की जांच शहरी क्षेत्र में निकाय द्वारा नामांकित जांच अधिकारी तथा ग्रामीण क्षेत्र में पंचायत सचिव/ग्राम रोजगार सहायक द्वारा की जाती है। जांच उपरांत आवेदन पदाभिहित अधिकारी को अग्रेषित किया जाता है, जो पात्र पाए जाने पर पंजीयन आवेदन स्वीकृत तथा अपात्र पाए जाने पर पंजीयन आवेदन निरस्त करते हैं। (ग) (i) म.प्र. भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल अंतर्गत ग्वालियर एवं चंबल संभाग में वर्ष 2020 से जून, 2026 तक 2,07,712 श्रमिकों का पंजीयन किया गया। जिलेवार संख्यात्मक जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-स अनुसार है। (ii) म.प्र. असंगठित शहरी एवं ग्रामीण कर्मकार कल्याण मंडल अंतर्गत प्रश्नांश संबंधी वांछित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-द अनुसार है। (घ) (i) प्रश्नांश (ग) में उल्लेखित अवधि के मध्य मण्डल अंतर्गत 16949 आवेदन निरस्त किये गये एवं 286 आवेदन लंबित है। निरस्त एवं लंबित आवेदनों की चाही गई जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-स अनुसार है। उक्त संबंध में आवेदन अपूर्ण होने अथवा पात्रता की शर्तें पूरी न होने के कारण आवेदन निरस्त किए जाते है। आवेदन निरंतर प्राप्त होते है एवं पंजीयन किया जाता है, यह सतत् प्रक्रिया है, जिस कारण जांच प्रक्रिया के दौरान आवेदन लंबित प्रदर्शित होते है, लंबित आवेदनों में पात्रता अनुसार निराकरण की कार्यवाही की जाती है। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता है। (ii) संबल योजनांतर्गत प्रश्नांश संबंधी वांछित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-द अनुसार है। निरस्त पंजीयन आवेदन संबल योजना अंतर्गत पात्रता शर्त पूर्ण न करने के कारण निरस्त किये जाते हैं, जांच अधिकारी तथा पदाभिहित अधिकारी द्वारा आवेदनकर्ता श्रमिक के आवेदन में उल्लेखित तथ्यों की जांच उपरांत ही पंजीयन जारी किये जाते हैं, जो कि एक सतत् प्रक्रिया है, अत: शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
पंजीकृत श्रमिकों के उत्थान के लिये प्रचलित योजनाएं
[श्रम]
53. ( क्र. 269 ) डॉ. सतीश सिकरवार : क्या श्रम मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) श्रम विभाग के अंतर्गत असंगठित और निर्माण श्रमिकों के उत्थान के लिये कौन-कौन सी योजनायें वर्तमान में संचालित है? शासन द्वारा जारी आदेश की प्रति उपलब्ध कराई जावे। (ख) ग्वालियर संभाग में वर्ष 2025-26 में विभाग द्वारा संचालित योजनाओं में योजनावार कितने श्रमिकों का पंजीयन किया गया? जिलेवार जानकारी दी जावे। (ग) प्रश्नांश (ख) की अवधि में विभाग द्वारा संचालित योजनाओं कें अंतर्गत कितने आवेदन प्राप्त हुये, प्राप्त आवेदनों में से कितने आवेदन स्वीकृत एवं निरस्त किये गये? जिलेवार संख्यात्मक जानकारी दी जावे। (घ) प्रश्नांश (ग) के संबंध में सभी स्वीकृत आवेदनों को राशि प्रदाय कर दी गई है? यदि नहीं तो क्यों? कारण सहित जानकारी दी जावे। राशि आवंटित नहीं किये जाने के लिये कौन दोषी है?
श्रम मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) (i) श्रमिकों हेतु श्रम विभाग अंतर्गत म.प्र. असंगठित शहरी एवं ग्रामीण कर्मकार कल्याण मण्डल द्वारा मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल 2.0) योजना संचालित है। योजना के दिशा-निर्देश की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-क अनुसार है। (ii) म.प्र. भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल द्वारा पंजीकृत निर्माण श्रमिकों हेतु वर्तमान में 25 कल्याणकारी योजनायें संचालित है। योजनाओं का विवरण एवं शासन द्वारा जारी अधिसूचनाओं एवं आदेशों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ख अनुसार है। (ख) (i) प्रश्नांश संबंधी वांछित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ग अनुसार है। (ii) ग्वालियर संभाग में वर्ष 2025-26 में मण्डल अंतर्गत निर्माण श्रमिकों के पंजीयन की जिलावार संख्यात्मक जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-घ अनुसार है। (ग) (i) प्रश्नांश संबंधी वांछित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ड अनुसार है। (ii) प्रश्नाश (ख) की अवधि में मण्डल द्वारा संचालित योजनाओं में 901 आवेदन प्राप्त हुये, प्राप्त आवेदनों में से 871 आवेदन स्वीकृत एवं 30 आवेदन निरस्त किये गये। जिलेवार संख्यात्मक जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ड अनुसार है। (घ) (i) जी नहीं, मुख्यमंत्री जनकल्याण संबल योजनांतर्गत अनुग्रह सहायता भुगतान एक सतत् प्रक्रिया है, योजनांतर्गत प्रत्येक सिंगल क्लिक कार्यक्रम में स्वीकृत तथा डिजिटल हस्ताक्षरित प्रकरणों में भुगतान मृत्यु दिनांक के क्रमानुक्रम में बजट उपलब्धता अनुसार किया जाता है। अतः शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ii) प्रश्नाश (ग) के संबंध में स्वीकृत आवेदनों में पोर्टल पर राशि प्रदाय की जाना सतत् प्रक्रिया है।
प्रधानमंत्री आवास योजना का क्रियान्वयन
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
54. ( क्र. 270 ) डॉ. सतीश सिकरवार : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला मुरैना में वर्ष 2025-26 में कुल कितने हितग्राहियों के प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत आवेदन प्राप्त हुये? तहसीलवार संख्यात्मक जानकारी दी जावे। (ख) प्रश्नांश (क) के संबंध में प्राप्त आवेदनों में से कितने आवेदन स्वीकृत किये गये एवं कितने अस्वीकृत किये गये? कारण सहित जानकारी दी जावे। (ग) प्रश्नांश (ख) के संबंध में स्वीकृत आवेदनों के हितग्राहियों को राशि प्रदाय कर दी गई है, यदि हां, तो प्रश्न दिनांक तक कितनी किश्ते दी जा चुकी है? (घ) प्रश्नांश (ग) के संबंध में यदि पूर्ण किस्तों का भुगतान हितग्राहियों को नहीं किया गया है, तो कारण सहित जानकारी दी जावे एवं शेष किश्तों का भुगतान कब तक कर दिया जायेगा? समय-सीमा बताई जावे।
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण अंतर्गत हितग्राहियों से सीधे आवेदन नहीं लिये जाते हैं। वर्ष 2025-26 में कुल 250 हितग्राहियों के आवास स्वीकृत किये गये। तहसीलवार जानकारी- अम्बाह में 03, जौरा में 39 एवं सबलगढ़ में 208 स्वीकृत किये गये। (ख) कुल 250 आवास स्वीकृत किये गये हैं एवं 23 आवासों की स्वीकृति की प्रक्रिया प्रचलन में है। (ग) जी हाँ। कुल 83 हितग्राहियों को प्रथम किश्त जारी की गई। (घ) प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण अंतर्गत आवासों का निर्माण हितग्राही द्वारा स्वयं किया जाता है। निश्चित स्तर तक आवास पूर्ण होने पर जियो टेग पश्चात राशि जारी की जाती है। अत: समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
खाद-बीज और पेस्टीसाइड विक्रय करने वाली फर्मों
[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]
55. ( क्र. 271 ) डॉ. सतीश सिकरवार : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) खाद-बीज और पेस्टीसाइड विक्रय करने वाली फर्मों के निरीक्षण हेतु विभाग द्वारा क्या नियम निर्धारित किये गये है, इन संस्थानों का निरीक्षण करने के लिये क्या समय-सीमा नियत की गई है? (ख) ग्वालियर-चंबल संभाग में वर्ष 2023 से प्रश्न दिनांक तक नकली खाद-बीज और पेस्टीसाइड सप्लाई करने कितने प्रकरण दर्ज किये गये? फर्म के नाम एवं जिले सहित वर्षवार जानकारी दी जावे। (ग) प्रश्नांश (ख) के संबंध में दोषी फर्मों के विरूद्ध क्या-क्या कार्यवाही की गयी? विभाग स्तर पर एवं विधिक स्तर पर प्रचलित प्रकरणों की अद्यतन स्थिति की जानकारी फर्मवार दी जावे? (घ) प्रश्नांश (ख) के संबंध में दर्ज प्रकरणों के निराकरण के लिये विभाग द्वारा कितनी समय-सीमा नियत की गई है, यदि नहीं की गई तो समय-सीमा नियत किये जाने की कार्यवाही विभाग स्तर पर की जा रही है?
किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) खाद-बीज और पेस्टीसाइड विक्रय करने वाली फर्मों के निरीक्षण हेतु विभाग द्वारा निर्धारित प्रक्रिया एवं नियम की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। उर्वरक गुण नियंत्रण आदेश, 1985 के खण्ड 28 (1) (C) में निरीक्षण करने की समय-सीमा का उल्लेख नहीं है। अपितु प्रत्येक उर्वरक विक्रेता के प्रतिष्ठानों का वर्ष में न्यूनतम एक बार निरीक्षण करने के निर्देश जारी किये गये हैं। बीज अधिनियम, 1966, बीज नियम, 1968 एवं बीज (नियंत्रण) आदेश 1983 के निहित प्रावधान अनुसार समय-सीमा का उल्लेख नहीं है। बीज निरीक्षक द्वारा आवश्यकतानुसार निरीक्षण किया जाता है, यद्यपि खरीफ-रबी मौसम के दौरान सघन निरीक्षण अभियान संचालित किया जाता है। पेस्टीसाइड विक्रेताओं के कीटनाशी नियम 1971 के नियम 28 (1) के अनुसार निरीक्षकों द्वारा अपनी अधिकारिकता क्षेत्र के समस्त विक्रय परिसरों का निरीक्षण कम से कम 03 बार करने का प्रावधान है। (ख) ग्वालियर-चंबल संभाग में वर्ष 2023 से प्रश्न दिनांक तक नकली खाद-बीज और पेस्टीसाइड सप्लाई करने अंतर्गत नकली खाद-04 प्रकरण, नकली बीज-01 प्रकरण और नकली पेस्टीसाइड-00 प्रकरण, इस प्रकार कुल 05 प्रकरण दर्ज किये गये हैं। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (घ) प्रश्नांश (ख) के संबंध में ग्वालियर एवं अशोकनगर जिले के कुल 04 नकली उर्वरक एवं जिला अशोकनगर में 01 नकली बीज प्रकरण पर थाने में प्राथमिकी सूचना रिपोर्ट (FIR) दर्ज है, प्रकरणों के निराकरण की कार्यवाही पुलिस की विवेचना स्तर पर होने से विभाग द्वारा समय-सीमा नियत करना संभव नहीं है। अत: शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
अधिकारियों का संलग्नीकरण
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
56. ( क्र. 272 ) श्री मोहन सिंह राठौर : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में पंचायत समन्वय अधिकारी, सहायक विकास विस्तार अधिकारियों के कितने पद स्वीकृत है? कितने पद भरे है एवं कितने पद रिक्त है? (ख) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित अधिकारियों में से ग्वालियर जिले में कितने अधिकारी अपनी मूल पदस्थापना पर सेवाएं दे रहे है एवं कितने अधिकारी विभिन्न कार्यालयों में संलग्न है? जिलेवार, नामवार, कार्यालयवार जानकारी दें। (ग) विधानसभा तारांकित प्रश्न क्रमांक 2219 दिनांक 04/8/2025 के उत्तरांश (क) में उल्लेखित अधिकारियों के संबंध में जानकारी दी गई है यदि हाँ, तो क्या? ग्वालियर जिले की भितरवार विधानसभा में संलग्न अधिकारियों का संलग्नीकरण समाप्त कर कब तक मूल पदस्थापना पर पदस्थ किया जायेगा? समय-सीमा बताएं। यदि नहीं तो क्यों?
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) पंचायत समन्वय अधिकारी तथा सहायक विकास विस्तार अधिकारियों के स्वीकृत, भरे एवं रिक्त पद की जानकारी संलग्न परिशिष्ट ''अ'' पर है। (ख) ग्वालियर जिले में पदस्थ पंचायत समन्वय अधिकारी तथा सहायक विकास विस्तार अधिकारियों की जानकारी संलग्न परिशिष्ट ''ब'' अनुसार है। (ग) जी हां। विधानसभा तारांकित प्रश्न क्रमांक 2219 दिनांक 04/8/2025 के उत्तरांश (क) में ''ग्वालियर जिले में कुल 35 पंचायत समन्वय अधिकारी तथा 20 सहायक विकास विस्तार अधिकारी पदस्थ है'' की जानकारी दी गई थी। प्रशासनिक कार्य सुविधा की दृष्टि से श्री अनिल प्रताप सिंह भदौरिया, पंचायत समन्वय अधिकारी घाटीगांव को जनपद पंचायत भिरतरवार में रिक्त खण्ड पंचायत अधिकारी का प्रभार अस्थाई रूप से सौंपा गया है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
कृषि उपज मण्डियों की जमीनों पर अतिक्रमण
[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]
57. ( क्र. 274 ) श्री मोहन सिंह राठौर : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) ग्वालियर जिले में कितनी कृषि उपज मण्डी एवं उप मण्डी संचालित है? संचालित मण्डियों को कितनी-कितनी शासकीय भूमि आवंटित है? मण्डीवार, आवंटित भूमि की जानकारी खसरा नम्बरवार उपलब्ध करायें। (ख) क्या मण्डियों को आवंटित शासकीय भूमियों पर अतिक्रमण किया जाकर निर्माण कार्य कराये गए है/कराए जा रहे है? यदि हाँ, तो मण्डीवार, अतिक्रमित भूमि की खसरावार जानकारी दें। (ग) क्या मोहना जिला ग्वालियर को कृषि उपज मण्डी का रास्ता बंद कर निर्माण कार्य कराया जा रहा है? यदि हाँ, तो किसके द्वारा? क्या इस अवैध निर्माण को तोड़कर अतिक्रमित भूमि को मुक्त कराया जायेगा? यदि हाँ, तो कब तक? समय-सीमा बताएं। (घ) क्या मोहना कृषि उपज मण्डी में चारों ओर अतिक्रमण होने के कारण वर्षा ऋतु में मण्डी प्रांगण में जल भराव होने के कारण मण्डी कार्यालय एवं गोडाउन में आने जाने का रास्ता तीन माह बन्द रहता है? यदि हाँ, तो मण्डी के चारों ओर किया गया अतिक्रमण क्यों नहीं हटाया गया? इसके लिए कौन उत्तरदायी है?
किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) ग्वालियर जिले अन्तर्गत 03 कृषि उपज मण्डी समितियाँ एवं 08 उपमंडियां संचालित हैं। मंडियों को आवंटित भूमि के खसरों की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) एवं (ग) जी नहीं। शेष प्रश्न उद्भूत नहीं होता है। (घ) जी नहीं, कृषि उपज मंडी समिति लश्कर की उपमंडी मोहना में प्राकृतिक ढ़ाल के कारण पुराने क्षतिग्रस्त गोदाम के आस-पास अधिक वर्षा में पानी जमाव की स्थिति निर्मित होती है, पानी की निकासी दक्षिण भाग में स्थित नाले से होती है। उपमंडी मोहना की भूमि पर अतिक्रमण नहीं होने से शेष प्रश्न उद्भूत नहीं होता है।
अपराधियों पर कार्यवाही न होना
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
58. ( क्र. 286 ) श्री यादवेन्द्र सिंह : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या कार्यालय जनपद पंचायत टीकमगढ़ जिला-टीकमगढ़ ने अपने क्र. 1653/जन.पंचा./2024 टीकमगढ़ दिनांक 03.07.2024 तहसीलदार तहसील टीकमगढ़ को लेख किया यदि हाँ, तो उक्त पत्र पर क्या कार्यवाही की गई? (ख) प्रश्नांश (क) में वर्णित पत्र केवल खाना पूर्ति हेतु लेख किया गया जबकि जनपद पंचायत टीकमगढ़ के आदेश क्र. 2742 दिनांक 01.09.2023 द्वारा पेंशन एवं खाद्यान्न बंद किया गया जनपद पंचायत द्वारा धोखाधड़ी के मामला हेतु नगर निरीक्षक पुलिस कोतवाली टीकमगढ़ को न लिखकर तहसीलदार टीकमगढ़ को लिखने का औचित्य बतावें? (ग) क्या प्रश्नांश (क) एवं (ख) में वर्णित पत्राचार केवल औपचारिकता पूर्ण करने को किया गया यदि नहीं तो कब तक कोतवाली टीकमगढ़ में धोखाधड़ी करने का प्रकरण कायम कराया जावेगा?
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) जी हां, जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''अ'' अनुसार है। (ख) श्री चन्द्रप्रकाश गिरी द्वारा आयकर दाता की श्रेणी में होने से पेंशन एवं खाद्यान बंद करने संबंधी लिखित आवेदन जनपद पंचायत टीकमगढ़ में दिनांक 28.08.2023 को प्राप्त हुआ था, आवेदक के आयकर दाता श्रेणी में होने का प्राप्त आवेदन के आधार पर उनकी इंदिरा गांधी वृद्धावस्था पेशन, मुख्यमंत्री कन्या अभिभावक पेंशन एवं खाद्यान बंद करने की कार्यवाही कार्यालयीन आदेश क्र./2742, दिनांक 01.09.2023 द्वारा की गई थी, किंतु बीपीएल संबंधी कार्यवाही तहसीलदार, तहसील टीकमगढ़ स्तर से की जानी है, जिस संबंध में जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''अ'' अनुसार है। (ग) जी हां, जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''ब'' अनुसार है।
शिकायतों पर कार्यवाही
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
59. ( क्र. 287 ) श्री यादवेन्द्र सिंह : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रश्नकर्ता द्वारा तारांकित प्रश्न क्रमांक 7 दिनांक 1 दिसम्बर, 2025 के द्वारा टीकमगढ़ जिले में भ्रष्टाचार की शिकायतों पर कार्यवाही न होने के संबंध में जानकारी चाही गई थी? जिसमें दोषियों को नोटिस जारी करने एवं सचिव को सी.ई.ओ. जिला पंचायत टीकमगढ़ के आदेश क्र. 5246 दिनांक 16.11.2025 के द्वारा निलंबित किया है। (ख) क्या प्रश्नांश (क) में वर्णित सचिव द्वारा ग्राम पंचायत वर्माताल में पदस्थी के दौरान निर्माण कार्यों में घपला किया था? जिसमें लगभग 26 लाख का बिना कार्य कराये बिना मूल्यांकन के भुगतान होना पाया था। जिसकी वसूली हेतु सी.ई.ओ. जनपद पंचायत जतारा, जिला-टीकमगढ़ ने अपने पत्र क्र.-ज.प./2024/1762 जतारा दिनांक 14.11.2024 जारी किया था। यदि हाँ, तो सचिव ने कहां-कहां अपनी पदस्थी के दौरान कितने- कितने रूपयों का अवैध भुगतान किया और कुल कितनी विभागीय जांचें प्रस्तावित हैं विभागीय जांचों पर कार्यवाही न होने का कारण दें? (ग) क्या जिला पंचायत टीकमगढ़ के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने अपने पत्र क्र. जि.पं./मनरेगा/नि./2026/273 टीकमगढ़ दिनांक 26.02.2026 के द्वारा जांच दल बनाया था। जांच दल द्वारा क्या कार्यवाही की? यदि नहीं तो क्यों? क्या प्रश्नांश (क) में वर्णित निलम्बन आदेश जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा निरस्त कर दिया गया है, यदि हां, तो क्यों?
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) जी हां, (ख) जी हां, तत्कालीन सचिव श्री बजेन्द्र खरे की ग्राम पंचायत वर्माताल में पदस्थी के समय 07 निर्माण कार्यों पर स्वीकृत लागत राशि रूपये 2646533/- के विरूद्ध बिना कार्य कराये एवं बिना मूल्यांकन के राशि रूपये 1490017/- व्यय किया जाना पाया गया था। श्री ब्रजेन्द्र खरे सचिव के पदस्थी कार्याकाल की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''अ'' अनुसार है तत्कालीन सचिव ग्राम पंचायत बरेठीखास के विरूद्ध 02 विभागीय जांच प्रचलन में हैं। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट–''ब'' अनुसार है। (ग) जी हां, कार्यालय जिला पंचायत टीकमगढ़ के आदेश क्रमांक 496 दिनांक 04.02.2026 द्वारा शिकायत की जांच हेतु जांच दल का गठन किया गया है। कार्यालयीन पत्र क्रमांक 773 दिनांक 26.02.2026 एवं पत्र क्रमांक 2152 दिनांक 30.06.2026 के माध्यम से जांच दल को जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत करने हेतु स्मरण पत्र जारी किये गये है। जांच कार्यवाही प्रचलन में है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट–''स'' अनुसार है। श्री ब्रजेन्द्र खरे तत्कालीन सचिव ग्राम पंचायत बरेठीखास के स्थानान्तरण पश्चात प्रभार नहीं सौंपे जाने के कारण निलंबित किया गया था तथा कार्यालयीन आदेश क्रमांक 349 दिनांक 24.01.2026 के माध्यम से श्री ब्रजेन्द्र खरे सचिव की विभागीय जांच संस्थित की गई है। श्री ब्रजेन्द्र खरे द्वारा दिनांक 17.03.2026 को ग्राम पंचायत बरेठीखास की प्रभार सूची सौंपे जाने की सूचना पश्चात् कार्यालयीन आदेश क्रमांक 1133 दिनांक 02.04.2026 द्वारा निलंबन से बहाल किया गया। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''द'' अनुसार है।
रिक्त पदों की जानकारी
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
60. ( क्र. 296 ) श्री भंवर सिंह शेखावत : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था के अंतर्गत तथा ग्रामीण विकास के दृष्टिगत पंचायतों के सुचारू संचालन हेतु सहायक विकास विस्तार अधिकारी (ए.डी.ई.ओ.) तथा पंचायत समन्वय अधिकारी (पी.सी.ओ.) के कुल कितने पद स्वीकृत हैं? इंदौर संभाग के जिलो एवं विकासखण्डवार जानकारी उपलब्ध कराई जाए। (ख) प्रश्नांश (क) के सन्दर्भ में उक्त स्वीकृत पदों के विरुद्ध वर्तमान में कितने सहायक विकास विस्तार अधिकारी (ए.डी.ई.ओ.) एवं पंचायत समन्वय अधिकारी (पी.सी.ओ.) कार्यरत हैं? जिला एवं विकासखण्डवार रिक्त पदों की संख्या क्या है? (ग) प्रश्नांश (ख) के सन्दर्भ में क्या शासन रिक्त पदों की पूर्ति करेगा? यदि हाँ, तो कब तक? नहीं तो क्यों? (घ) प्रश्नांश (ग) के सन्दर्भ में क्या शासन द्वारा पंचायत सचिव के हितो को ध्यान में रखते हुए उन्हें पदोन्नत करते हुए (ए.डी.ई.ओ.) तथा (पी.सी.ओ.) के पद पर नियुक्ति हेतु कोई नियमानुसार नीति निर्धारण की गई है? यदि हाँ, तो कृपया अवगत करावे। नहीं तो क्यों?
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) सहायक विकास विस्तार अधिकारी तथा पंचायत समन्वय अधिकारी की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''अ'' एवं ''ब'' पर है। (ख) उत्तरांश (क) अनुसार। (ग) सहायक विकास विस्तार अधिकारी एवं पंचायत समन्वय अधिकारी के रिक्त पदों की पूर्ति हेतु प्रस्ताव कर्मचारी चयन मंडल को प्रेषित किया गया है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (घ) जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
खिलाड़ियों को प्रोत्साहन
[खेल एवं युवा कल्याण]
61. ( क्र. 299 ) श्री भंवर सिंह शेखावत : क्या खेल एवं युवा कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रदेश के अनेक जिलों में खेल स्टेडियम, इंडोर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, सिंथेटिक रनिंग ट्रैक एवं खेल प्रशिक्षण सुविधाओं का अभाव है? प्रदेश में वर्तमान में संचालित खेल अकादमियों, उत्कृष्टता केंद्रों एवं जिला स्तरीय खेल परिसरों की संख्या कितनी है? जिलावार जानकारी उपलब्ध कराई जाए। (ख) प्रश्नांश (क) के सन्दर्भ में, गत तीन वर्षों में खेल अधोसंरचना निर्माण एवं उन्नयन हेतु कितनी राशि स्वीकृत एवं व्यय की गई है? जिलावार एवं कार्यवार विवरण प्रदान किया जाए। (ग) प्रश्नांश (ख) के सन्दर्भ में, राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक प्राप्त करने वाले प्रदेश के खिलाड़ियों को गत तीन वर्षों में कितनी प्रोत्साहन राशि, छात्रवृत्ति एवं अन्य सुविधाएं प्रदान की गई हैं? (घ) प्रश्नांश (ग) के सन्दर्भ में, क्या शासन द्वारा प्रत्येक जिले में आधुनिक खेल सुविधाएं विकसित करने तथा ग्रामीण क्षेत्रों की खेल प्रतिभाओं को प्रशिक्षण उपलब्ध कराने हेतु कोई नवीन नीति अथवा कार्ययोजना तैयार की गई है? यदि हाँ, तो उसका विवरण क्या है?
खेल एवं युवा कल्याण मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) जी नहीं। विभाग द्वारा 18 खेलों की 11 खेल अकादमियॉ, 52 खेलों इंडिया स्मॉल सेंटर, 27 जिले के 42 फीडर सेंटर की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है तथा 41 जिला खेल परिसर संचालित है, जिसकी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है, इसके अलावा विभागीय अंतर्राष्ट्रीय स्तर के हॉकी 15-सिंथेटिक टर्फ निर्मित व 7- निर्माणाधीन है एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर के 8-एथेलेटिक सिंथेटिक ट्रेक निर्मित व 8 -निर्माणाधीन है, की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-4 अनुसार है। (ग) राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक प्राप्त करने वाले प्रदेश के खिलाड़ियों को गत तीन वर्षों में प्रोत्साहन राशि, छात्रवृत्ति एवं अन्य सुविधाएं की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-5 अनुसार है। (घ) जी नहीं, विभाग द्वारा खेल अधोसंरचना निर्माण हेतु वर्ष 2017 द्वारा मार्गदर्शी सिद्धांत जारी किये गये है, जिसके अनुसार खेल अधोसंरचना का निर्माण किया जाता है। विभाग द्वारा प्रश्नांश (क) अनुसार 18 खेलों की 11 खेल अकादमी का संचालन किया जा रहा है।
अपूर्ण निर्माण कार्यों की जानकारी
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
62. ( क्र. 303 ) श्री कैलाश कुशवाहा : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र क्र.-24 पोहरी में वर्ष 2022-23 से प्रश्न दिनांक तक ग्राम पंचायतों में कितने एवं कौन-कौन से कार्य स्वीकृत किये गए? वर्षवार, ब्लॉकवार, राशिवार जानकारी दें। दिनांक 01/04/2021 से 31/03/2025 तक किन-किन पंचायतों के सरपंच, सचिव, रोजगार सहायक सहित उपयंत्री, सहायक यंत्री पर कितनी राशि वसूली हेतु विधिवत नोटिस दिये गए हैं? नोटिस सहित पूर्ण जानकारी देवें। (ख) प्रश्नांश (क) का उत्तर यदि हाँ, है तो विधानसभा क्षेत्र क्र.-24 पोहरी में ऐसे कितने कार्य है जो अप्रारंभ एवं अपूर्ण है, जिनका पूर्णता प्रमाण-पत्र प्राप्त नहीं होने पर भी भुगतान कर दिया गया है? वर्षवार, कार्यवार, राशिवार जानकारी दें। (ग) क्या ग्राम पंचायत नरौआ में दिनांक 31/03/2022 तक के पूर्व सरपंच एवं सचिव पर 10 से अधिक अपूर्ण कार्यों के लाखों रु. वसूली योग्य प्रमाणित है? यदि हाँ, तो पूर्व के सरपंच/सचिव एवं उपयंत्री से समय-सीमा में वसूली की कार्यवाही की जाकर कार्य पूर्ण कराये जाएंगे? (घ) विधानसभा क्षेत्र क्र.-24 पोहरी की ग्राम पंचायतों में पंचायत अधिनियम की धारा 92 के तहत अपूर्ण निर्माण कार्यों के वर्तमान में कौन-कौन सी ग्राम पंचायतों के प्रकरण कितनी-कितनी राशि के वसूली हेतु कब से प्रचलित हैं? विगत 05 वर्षों में कितनी राशि की वसूली हुई है और कितने कार्य पूर्ण किये गये हैं तथा कितने एवं कौन-कौन सी ग्राम पंचायतों के वर्तमान एवं पूर्व सरपंच/सचिव एवं उपयंत्री के विरूद्ध वसूली की कार्यवाही की गई है?
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'अ' अनुसार है। दिनांक 01.04.2021 से 31.03.2025 तक ग्राम पंचायतों के सरपंच, सचिव, रोजगार सहायक एवं उपयंत्रियों को जारी किये गये सूचना पत्र का विवरण निम्नानुसार है :-
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क्र. |
पद का नाम |
जारी नोटिसो की संख्या |
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1. |
सरपंच |
44 |
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2. |
सचिव |
26 |
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3. |
ग्राम रोजगार सहायक |
09 |
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4. |
उपयंत्री |
06 |
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योग |
85 |
किसी भी सहायक यंत्री को नोटिस जारी नहीं किया गया है। जारी नोटिसों की छायाप्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'ब' अनुसार है। (ख) विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 24 पोहरी में अप्रारंभ कार्यों पर कोई आवंटन उपलब्ध नहीं कराया गया है एवं अपूर्ण कार्यों हेतु उपलब्ध कराये गये आवंटन की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'स' अनुसार है। (ग) ग्राम पंचायत नरौआ के अपूर्ण कार्यों के वसूली का कोई प्रकरण संज्ञान में नहीं है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) विधानसभा क्षेत्र क्र. 24 पोहरी की ग्राम पंचायतों में धारा 92 अंतर्गत राशि वसूली हेतु प्रचलित प्रकरणों की सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'द' अनुसार है। विगत 05 वर्षों में 19 निराकृत प्रकरणों में से 08 प्रकरणों में राशि रूपये 10.70 लाख की वसूली की गई है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'च' अनुसार है एवं 11 कार्य पूर्ण कराये गये है। ग्राम पंचायतवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'छ' अनुसार है।
आर.ई.एस. द्वारा सम्पादित कार्य
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
63. ( क्र. 306 ) श्री कैलाश कुशवाहा : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) ग्रामीण यांत्रिकी विभाग द्वारा वर्ष 2020 से दिसम्बर 2025 के मध्य विधानसभा क्षेत्र क्र.-24 पोहरी में कौन-कौन से एवं कुल कितने कार्य स्वीकृत किए गए? स्वीकृत कार्यों की निविदाएं ऑनलाइन/ऑफलाइन किस माध्यम से आमंत्रित की गईं, इसका कार्यवार विवरण दें? प्रत्येक स्वीकृत कार्य का नाम, स्वीकृति वर्ष, स्वीकृत राशि अनुबंध का विवरण, अब तक किये गये भुगतान की जानकारी दें। (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में स्वीकृत कार्यों में से वर्षवार कितने कार्य पूर्ण एवं कितने अपूर्ण हैं? जो कार्य पूर्ण हो चुके हैं, उनके वर्षवार पूर्णता प्रमाण-पत्र का विवरण क्या है? जो कार्य अपूर्ण हैं, उनके विवरण क्या है? RES द्वारा निर्मित कार्यों की गुणवत्ता की जाँच किस एजेंसी द्वारा कराई गई है तथा कितने कार्यों में गुणवत्ता संबंधी अनियमितताएं पाई गई हैं? (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के संदर्भ में ग्रामीण यांत्रिकी विभाग में वर्ष 2020 से दिसम्बर 2025 तक वर्षवार कितनी शिकायतें प्राप्त हुईं? शिकायतों पर यदि कार्यवाही की गई, तो उसका विवरण क्या है? यदि कार्यवाही लंबित है, तो कब तक पूरी की जाएगी? जिन कार्यों को अपूर्ण पाया गया, उनके लिए जिम्मेदार अधिकारी/एजेंसी कौन है? उनके विरुद्ध क्या विभागीय/दंडात्मक कार्यवाही की गई है या की जायेगी? अपूर्ण कार्यों के संबंध में वसूली कार्यवाही हेतु संबंधित उपयंत्री एवं एजेंसी के विरूद्ध सक्षम अधिकारी को प्रस्ताव कब-कब भेजे गये हैं? पूर्ण जानकारी उपलब्ध कराएं।
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) एवं (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) ग्रामीण यांत्रिकी सेवा (विभाग) में दिसंबर 2025 तक कार्यवार सूची में अंकित कार्यों में कोई भी शिकायती आवेदन प्राप्त नहीं होने से शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
आई.टी.आई. भवन का निर्माण
[तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार (केवल कौशल विकास एवं रोजगार)]
64. ( क्र. 313 ) श्री भूपेन्द्र सिंह : क्या राज्य मंत्री, कौशल विकास एवं रोजगार महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र खुरई अन्तर्गत खुरई नगर में नवीन आई.टी.आई. की स्वीकृति हेतु विभाग द्वारा क्या कार्यवाही की जा रही है? विवरण दें। (ख) क्या विधानसभा क्षेत्र खुरई अन्तर्गत मालथौन में नवीन आई.टी.आई. भवन निर्माण हेतु राशि स्वीकृति के बाद भी आज दिनांक तक निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं हुआ है? यदि हाँ, तो क्या कारण है? कब तक निर्माण प्रारंभ व पूर्ण करा लिया जावेगा?
राज्य मंत्री, कौशल विकास एवं रोजगार ( श्री गौतम टेटवाल ) : (क) विभाग की नीति प्रत्येक विकासखण्ड में एक शासकीय आई.टी.आई. प्रारंभ करने की है। वर्तमान में 51 शासकीय आई.टी.आई. विहीन विकासखण्डों में शासकीय आई.टी.आई. प्रारंभ किया जाना विभाग की प्राथमिकता है, इसमें विकासखण्ड खुरई भी सम्मिलित है। (ख) जी हाँ। लोक निर्माण विभाग द्वारा भवन निर्माण का कार्य निविदा स्तर पर लंबित है, निविदा स्वीकृत होने पर एल.ओ.ए. जारी किया जाकर, अनुबंध की प्रक्रिया पूर्ण किये जाने के उपरांत निर्माण कार्य प्रारंभ किया जा सकेगा। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
दुकानों का आवंटन एवं जनपद भूमि की जानकारी
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
65. ( क्र. 314 ) श्री भूपेन्द्र सिंह : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) खुरई विधानसभा क्षेत्र अन्तर्गत जनपद पंचायत मालथौन की वर्तमान में कितनी दुकानें हैं? उक्त दुकानें किस-किस को कब-कब से आवंटित हैं? उक्त दुकानों के आवंटन उपरांत क्या नियमों का पालन किया जा रहा है? यदि नहीं, तो क्या कारण हैं? (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार जनपद मालथौन के नाम से जनपद क्षेत्र में कहां-कहां, कितनी-कितनी शासकीय भूमि आवंटित है? उक्त भूमि का वर्तमान में क्या उपयोग हो रहा है?
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) खुरई विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत जनपद पंचायत मालथौन की वर्तमान में कुल 27 दुकाने है। आवंटित की गई दुकानों की जानकारी संलग्न परिशिष्ट ''अ'' अनुसार है। दुकानों के आवंटन उपरांत 06 दुकानदारों द्वारा नियमों का पालन (दुकान किराया राशि जमा) नहीं किये जाने से दुकान क्र. 04, 06, 08, 11, 12, 13 का आवंटन निरस्त किया गया है शेष 16 दुकानदारों द्वारा नियमों का पालन किया जा रहा है। (ख) जनपद पंचायत मालथौन की वर्तमान में खसरा नंबर 240 में रकबा 1.75 है. एवं खसरा नं. 222/3 रकबा 0.89 है. भूमि आवंटित है। खसरा नं. 222/3 में रकबा 0.89 है. में 33 व्यक्तियों के द्वारा अनाधिकृत रूप से अवैध कब्जा कर अस्थाई टपरा एवं पक्के मकान निर्मित किये गये हैं जिसका तहसील कार्यालय मालथौन में प्रकरण क्रमांक/0255/अ-12/2023-24 दिनांक 16/02/2024 से एवं प्रकरण क्रमांक/0133/ब-121/2026-27 दिनांक 08-07-2026 से दर्ज है। जिसमें 33 कब्जाधारियों को तहसीलदार मालथौन द्वारा अवैध कब्जा हटाने हेतु नोटिस जारी किये गये। तहसीलदार मालथौन द्वारा जारी नोटिस के विरूद्ध 04 कब्जाधारियों के द्वारा माननीय सिविल न्यायालय मालथौन में न्यायालयीन प्रकरण क्रमांक RCSA/30/वर्ष 2025 से दर्ज कराया गया है जो विचाराधीन है एवं खसरा नं0 240 रकबा 1.75 है0 में 16 व्यक्तियो के द्वारा अनाधिकृत रूप से अवैध कब्जा कर अस्थाई टपरा एवं पक्के मकान निर्मित किये गये हैं। जिनके विरूद्ध तहसील कार्यालय मालथौन में प्रकरण क्रमांक/0381/अ-12/2025-26 दिनांक 31/10/2025 दर्ज से है। उक्त 16 कब्जाधारियों के विरूद्ध तहसीलदार मालथौन के द्वारा अवैध कब्जा हटाने संबंधी नोटिस जारी किये गये है। कब्जाधारियों के विरूद्ध कार्यवाही प्रचलन में है। जनपद की उक्त भूमि पर अवैध कब्जा होने के कारण जनपद द्वारा उपयोग नहीं हो पा रहा है। जानकारी संलग्न परिशिष्ट ''ब'' अनुसार है।
मृदा का परीक्षण
[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]
66. ( क्र. 337 ) श्री राजेश कुमार वर्मा : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) गुनौर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत मृदा परीक्षण के कितने नमूना वर्ष 2022-23 एवं 2025-26 में लेने का लक्ष्य रखा गया था? लक्ष्य के विरूद्ध कितने नमूने लिये गये? लक्ष्य के अनुरूप मृदा परीक्षण न कराये जाने के लिये कौन दोषी है? क्या इसके लिये जिले के विभागीय अधिकारी उत्तरदायी नहीं है? यदि हां, तो इन पर क्या कार्यवाही की जावेगी? (ख) गुनौर विधानसभा क्षेत्र में वित्तीय वर्ष 2022-23 एवं 2025-26 में किसानों के खेतों से मृदा नमूने लिए जाकर परीक्षण किये गये मृदा नमूनों की जानकारी उपलब्ध करावें। क्या नमूना लिये जाने के समय कृषक हस्ताक्षर कराये जाते है? यदि हाँ, तो हस्ताक्षर किसके द्वारा कराये जाते है? बतावें। (ग) क्या ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों को मृदा परीक्षण के नमूने लिये जाने के लिये कोई मानदेय दिया जाता है? यदि हाँ, तो किसको कितना मानदेय दिया गया तथा उनके द्वारा कितने नमूने लिये गये? सूची उपलब्ध करावें। (घ) क्या विभाग के मैदानी अमले द्वारा बिना किसानों से संपर्क किये मनगढंत नमूनों की सूची उपलब्ध कराई जाती है और प्रयोगशाला में बिना किसी परीक्षण के मृदा कार्ड जारी कर दिया जाता है? क्या मृदा परीक्षण के नाम पर गुनौर विधानसभा में की गई अनियमितता की जांच प्रदेश स्तर से टीम गठित कर कराई जावेगी? यदि हां, तो कब तक यदि नहीं तो क्यों?
किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) गुनौर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2022-23 एवं 2025-26 में मृदा परीक्षण हेतु मृदा नमूना लक्ष्य, एकत्रित मृदा नमूनों एवं परीक्षण किए गये मृदा नमूनों की जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। मृदा नमूना एकत्रीकरण, परीक्षण के लक्ष्य अनुसार लक्ष्य पूर्ति की गई है। अतएव शेष प्रश्नांश उद्भूत नहीं होता है। (ख) गुनौर विधानसभा क्षेत्र में वित्तीय वर्ष 2022-23 एवं 2025-26 में किसानों के खेतों से एकत्रित एवं परीक्षण किए गये मृदा नमूनों की जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। स्वाइल हैल्थ कार्ड एप से मृदा नमूना एकत्रीकरण प्रक्रिया में कृषक के हस्ताक्षर कराए जाने का प्रावधान नहीं है। शेष प्रश्नांश उद्भूत नहीं होता है। (ग) जी हॉं। कृषि विस्तार अधिकारियों द्वारा किसानों के खेतों से एकत्रित मृदा नमूनों एवं प्रदाय मानदेय की जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (घ) जी नहीं। स्वाइल हैल्थ एण्ड फर्टीलिटी योजना गाइड लाइन अनुसार स्वाइल हैल्थ कार्ड एप पर कृषक से संबंधित जानकारी दर्ज कर, मैदानी अमले द्वारा एप के माध्यम से मृदा नमूना एकत्रित कर, मिट्टी परीक्षण प्रयोगशालाओं को उपलब्ध कराए जाते हैं। एकत्रित मृदा नमूनों का मिट्टी परीक्षण प्रयोगशाला में विश्लेषण उपरांत किसानों को स्वाइल हैल्थ कार्ड जारी किये गये हैं। अतएव शेष प्रश्नांश उद्भूत नहीं होता है।
मंडी निधि से विकास कार्य
[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]
67. ( क्र. 351 ) कुँवर अभिजीत शाह : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्नकर्ता के विधानसभा क्षेत्र में आने वाली मंडी समितियों के पास किस-किस मंडी में कितनी -कितनी राशि/फंड प्रश्न दिनांक तक उपलब्ध है? मंडी निधि से कराये जा सकने वाले विकास/निर्माण कार्यों की जानकारी तथा इस योजना से संबंधित दस्तावेजों, नियमों, प्रावधानों की प्रति उपलब्ध कराई जावें। (ख) मंडी निधि द्वारा स्वीकृत सड़कों का निर्माण किन नियमों के तहत किस एजेंसी के माध्यम से कराया जाता है? इसके निर्धारण में क्या नियम है? ऐसे निर्माण कार्यों में क्षेत्र के निर्वाचित जनप्रतिनिधियों से अनुशंसा लेने के क्या नियम व प्रावधान हैं? यदि नहीं है तो इस प्रावधान को जोड़ने की शासन एवं कृषि विभाग की क्या योजना है? (ग) टिमरनी विधानसभा क्षेत्र में जनवरी 2024 से मंडी निधि द्वारा कितनी सड़कों का निर्माण कराया गया है? उनका विवरण, स्वीकृत लागत, व्यय की गई राशि एवं निर्माण की वर्तमान स्थिति से अवगत करावें। (घ) आगामी समय में मंडी बोर्ड द्वारा किन-किन सड़कों को स्वीकृति देने पर विचार किया जा रहा है? वर्तमान में किन-किन सड़कों पर कार्यवाही किस-किस स्तर पर प्रचलित है? विस्तृत विवरण दें।
किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। म.प्र. कृषि उपज मण्डी अधिनियम-1972 की धारा 17, 25-क, 38 तथा 39 की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ख) प्रावधान की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है एवं निर्माण एजेंसी के संबंध में प्रावधान की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-4 अनुसार है। जी नहीं, ऐसा कोई नियम या प्रावधान नहीं है। वर्तमान में शासन की ऐसी कोई योजना नहीं है। (ग) टिमरनी विधानसभा क्षेत्र में उत्तरांश (ख) अनुक्रम में मण्डी बोर्ड द्वारा स्वीकृत सड़कों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-5 अनुसार है। (घ) प्रश्नांश की जानकारी निरंक है। वर्तमान में मण्डी बोर्ड द्वारा जिला मंदसौर अंतर्गत 02 तथा जिला ग्वालियर अंतर्गत 02 सड़क कार्यों को डिपॉजिट वर्क के रूप में लो.नि.वि. के माध्यम से कराये जाने की प्रशाकीय स्वीकृति जारी की गई है, स्वीकृति की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-6 अनुसार है।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का क्रियान्वयन
[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]
68. ( क्र. 352 ) कुँवर अभिजीत शाह : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) हरदा जिले में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजनांतर्गत रबी एवं खरीफ वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 अंतर्गत कुल कितने किसानों से कितना-कितना प्रीमियम किस-किस फसल के लिये लिया गया है? संपूर्ण जानकारी ग्रामवार, किसानों की संख्यावार, राशिवार, फसलवार, उपलब्ध करावें। (ख) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित अवधि में कितने किसानों के द्वारा टोल फ्री नंबर पर फसल क्षति की शिकायत की गई इसकी संपूर्ण जानकारी किसानवार, ग्रामवार, सहित देवें? (ग) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित अवधि में टोल फ्री नंबर एवं अन्य माध्यमों से किसानों द्वारा प्राप्त फसल क्षति की शिकायत/आवेदन के विरूद्ध कितने किसानों को कितनी फसल का कितना बीमा प्रदान किया गया? बीमा की गणना किस आधार पर की गई? कितने किसानों के आवेदन निरस्त किये गये उसका क्या कारण था? (घ) रवी एवं खरीफ वर्ष 2023-24, 2024-25 व 2025-26 में राज्य सरकार द्वारा फसलों का स्केल ऑफ फायनेंस अथवा अनुमानित औसत मूल्य किस आधार पर तय किया गया? इससे संबंधित पत्रों की सत्यापित प्रति उपलब्ध करावें।
किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) हरदा जिले में खरीफ एवं रबी वर्ष 2024-25, वर्ष 2025-26 फसलवार, प्रीमियम की राशि ग्रामवार, कृषकों की संख्या की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) एवं (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (घ) जिलावार, फसलवार, स्केल ऑफ फायनेंस का निर्धारण फसलों के कास्त लागत के आधार पर किया जाता है। इस संबंध में राज्य स्तरीय तकनीकी समिति का कार्यवाही विवरण की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है।
प्रधानमंत्री आवास योजना की जानकारी
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
69. ( क्र. 364 ) श्री ओमकार सिंह मरकाम : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) इंदिरा आवास एवं प्रधानमंत्री आवास योजना म.प्र. में कब से प्रारंभ व लागू हुई तथा कब तक संचालित रही? जानकारी दें। (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार योजनाओं में हितग्राही को कितनी राशि दिया जाता थी व दिया जा रही है? वर्षवार जानकारी योजना प्रारंभ से प्रश्न दिनांक तक की दे? (ग) प्रश्नांश (क) अनुसार योजनांतर्गत डिण्डौरी जिला में कितने हितग्राही हैं, जिनके आवास अपूर्ण हैं, क्यों अपूर्ण है? इसके लिए कौन जिम्मेदार है? कब तक आवास पूर्ण कराये जायेंगे? आज दिनांक तक आवास के लिये कितनी राशि व्यय की गयी है? हितग्राहीवार जानकारी दें। (घ) पी.एम. जनमन आवास के किसके मकान अपूर्ण है, क्यों अपूर्ण है? कितना राशि व्यय किया गया है? अपूर्ण के लिए जिम्मेदार कौन है? कब तक आवास पूर्ण होंगे? समय-सीमा दें।
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) इंदिरा आवास योजना वर्ष 1996 से प्रारंभ होकर 2016 तक संचालित थी। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण 01 अप्रैल, 2016 से प्रारंभ होकर वर्तमान तक संचालित है। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) इंदिरा आवास तथा प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण अंतर्गत क्रमश: 128 तथा 979 आवास हितग्राहियों द्वारा राशि अन्यत्र कार्यों में व्यय किये जाने के कारण अपूर्ण है। आवास निर्माण हितग्राही द्वारा स्वयं किया जाता है अत: समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। शेष जानकारी प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के पोर्टल pmayg.dord.gov.in की A-2 रिर्पोट पर उपलब्ध है। (घ) पीएम जनमन आवास के 2811 आवास प्रगतिरत है। शेष जानकरी योजना के पोर्टल pmayg.dord.gov.in के PM-Janman Reports के A-1 Janman Progress Report पर उपलब्ध है। योजना में आवास का निर्माण हितग्राही द्वारा स्वयं किया जाता है। अत: समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
ग्रामीण खेलों एवं बजट की जानकारी
[खेल एवं युवा कल्याण]
70. ( क्र. 365 ) श्री ओमकार सिंह मरकाम : क्या खेल एवं युवा कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) इंदौर, जबलपुर, शहडोल एवं रीवा संभाग के सभी जिलों में ग्रामीण क्षेत्रों में कौन-कौन से खेल प्रचलित हैं? उन खेलों के क्या-क्या नियम हैं? जिलेवार प्रचलित खेलों की जानकारी दें। (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों की खेल विकास के लिए सरकार क्या-क्या प्रयास कर रही है? उसके लिए किस-किस मद से कितनी-कितनी राशि वर्ष 2023 से आज दिनांक तक आवंटित किया? वर्षवार, जिलावार, खेलवार जानकारी दें। (ग) क्या डिण्डौरी जिले में विभिन्न खेलों के लिए उपयुक्त स्थान नहीं है, अगर हाँ तो क्यों नहीं? कौन जिम्मेदार है? कब तक उपयुक्त स्थान की व्यवस्था होगी और अगर नहीं तो जानकारी दें कि उपयुक्त स्थान कहां-कहां, किस-किस खेल के लिए कब से है?
खेल एवं युवा कल्याण मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) इंदौर, जबलपुर, शहडोल एवं रीवा संभाग के ग्रामीण क्षेत्रों में प्रचलित खेलों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। सभी खेलों के नियम उनके अन्तर्राष्ट्रीय/राष्ट्रीय महासंघ द्वारा निर्धारित किये जाते है। (ख) ग्रामीण क्षेत्रों की खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिये ग्रीष्मकालीन खेल प्रशिक्षण शिविर मुख्यमंत्री कप प्रतियोगिता एवं खेलों एम.पी. यूथ गेम्स का आयोजन किया जाता है तथा प्रदेश के प्रतिभावान खिलाड़ियों की पहचान कर उन्हें 18-खेलों की 11 खेल अकादमियों में अन्तर्राष्ट्रीय एवं राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिये तैयार किया जाता है। वर्ष 2023-24 से आज दिनांक आवंटित वर्षवार जिलेवार बजट की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। विभाग द्वारा खेलवार राशि आवंटित नहीं की जाती है। (ग) डिण्डौरी जिला मुख्यालय पर बिरसामुण्डा स्टेडियम एवं इण्डोर खेल परिसर कलेक्ट्रेट प्रांगण डिण्डौरी में निर्मित है एवं खेलो इंडिया स्मॉल सेन्टर का संचालित है। अतः शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
खेल मैदान एवं खिलाड़ियों के लिए संचालित योजनाएं
[खेल एवं युवा कल्याण]
71. ( क्र. 384 ) श्री सिद्धार्थ सुखलाल कुशवाहा : क्या खेल एवं युवा कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सतना जिले में खेल के कितने मैदान है और उन मैदानों में क्या-क्या सुविधाएं हैं? कौन-कौन से खेल उक्त मैदानों में कराए जाते हैं? (ख) खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा खिलाड़ियों एवं युवाओं के लिए कौन-कौन सी योजनाएं संचालित है? सतना जिले के लिए किन-किन योजनाओं के लिए कितना-कितना बजट सरकार द्वारा आवंटित किया गया है और सतना जिले के कितने युवाओं खिलाड़ियों को कौन-कौन से योजनाओं का लाभ दिया गया? योजनावार/राशिवार/ खेलवार/खिलाड़ीवार जानकारी उपलब्ध कराएं। (ग) सतना जिले में कितने फेडरेशन है और कौन-कौन से है? उसमें कितने-कितने और कौन-कौन से लोग शामिल है? इससे लोगों को क्या लाभ मिला? फेडरेशन को बनाने का क्या नियम है?
खेल एवं युवा कल्याण मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) सतना जिले में विभागीय स्वामित्व के 04 खेल परिसर/खेल स्टेडियम/खेल मैदान निर्मित होकर संचालित है, जिसकी जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा जिला सतना में खिलाड़ियों एवं युवाओं के लिये संचालित योजनायें एवं योजनावार आवंटित बजट की जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ग) सतना जिले में वर्तमान में किसी भी खेल का फेडरेशन संचालित नहीं है। अतः शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। फेडरेशन का कार्यक्षेत्र राष्ट्रीय स्तर का होकर भारत सरकार के अधीन होता है। फेडरेशन सोसायटी रजिस्ट्रेशन अधिनियम 1860 अथवा कंपनी अधिनियम 2013 की धारा 8 के तहत पंजीकृत हो सकते है।
पंजीकृत श्रमिकों को योजनाओं का लाभ
[श्रम]
72. ( क्र. 388 ) श्री नीरज सिंह ठाकुर : क्या श्रम मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बरगी विधानसभा क्षेत्र में पिछले 5 वर्षों में श्रमिक पंजीयन कराने वाले श्रमिकों की संख्या कितनी है? ग्राम पंचायतवार जानकारी प्रदान करें। (ख) बरगी विधानसभा क्षेत्र में पंजीकृत निर्माण श्रमिकों को पिछले 5 वर्षों में विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के अंतर्गत कितनी राशि वितरित की गई है? कितने श्रमिकों को मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल) योजना का लाभ प्रदान किया गया है? योजनावार विवरण दें। (ग) बरगी विधानसभा क्षेत्र में श्रम विभाग द्वारा संचालित श्रमिक हितग्राही योजनाओं के अंतर्गत कितने आवेदन प्राप्त हुए, स्वीकृत हुए एवं लंबित हैं? असंगठित श्रमिकों के पंजीयन हेतु विभाग द्वारा कौन-कौन से शिविर आयोजित किए गए तथा उनसे कितने श्रमिक लाभान्वित हुए? (घ) क्या शासन के संज्ञान में है कि बरगी विधानसभा क्षेत्र के अनेक पात्र श्रमिक श्रम विभाग की योजनाओं से वंचित हैं? यदि हाँ, तो उन्हें लाभान्वित करने हेतु क्या कार्यवाही प्रस्तावित है? पंजीकृत श्रमिकों के बच्चों को छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत कितने विद्यार्थियों को लाभ प्रदान किया गया है?
श्रम मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) (i) म.प्र. असंगठित शहरी एवं ग्रामीण कर्मकार कल्याण मंडल अंतर्गत बरगी विधानसभा क्षेत्र में मुख्यमंत्री जनकल्याण संबल योजनांतर्गत पंजीकृत श्रमिकों की वांछित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ii) म.प्र. भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल अंतर्गत बरगी विधानसभा क्षेत्र में विगत 05 वर्षों में म.प्र. भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल अंतर्गत 1509 श्रमिक पंजीकृत हुए है। ग्राम पंचायतवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। (iii) म.प्र. श्रम कल्याण निधि अधिनियम 1982 के प्रावधानों के अंतर्गत मंडल के श्रमिकों के व्यक्तिगत पंजीयन का प्रावधान नहीं है। shramkalyanmandal.mponline.gov.in पोर्टल के माध्यम से प्रदेश की औद्योगिक ईकाईयों/स्थापनाओं द्वारा पंजीयन किया जाता है। (ख) (i) म.प्र. असंगठित शहरी एवं ग्रामीण कर्मकार कल्याण मंडल अंतर्गत बरगी विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल) की वांछित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-स अनुसार है। (ii) म.प्र. भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल अंतर्गत बरगी विधानसभा क्षेत्र में पंजीकृत निर्माण श्रमिकों को विगत 05 वर्षों में मण्डल द्वारा संचालित योजनाओं के अंतर्गत वितरित हितलाभ राशि की योजनावार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-द अनुसार है। (ग) (i) म.प्र. असंगठित शहरी एवं ग्रामीण कर्मकार कल्याण मंडल अंतर्गत प्रश्नांश की वांछित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ई अनुसार है। असंगठित श्रमिको के पंजयीन के संबंध में संकल्प से समाधान एवं जनकल्याण शिविरो का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री जनकल्याण संबल योजना एवं म.प्र. भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल योजना अंतर्गत 201 पंजीयन के आवेदन प्राप्त हुए जिसमे 192 आवेदन स्वीकृत किए गए। (ii) म.प्र. भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल अंतर्गत बरगी विधानसभा क्षेत्र में मण्डल द्वारा संचालित योजनाओं के अंतर्गत अनुग्रह सहायता योजना के 103 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 103 आवेदन स्वीकृत हुए, लंबित प्रकरणों की जानकारी निरंक है। असंगठित श्रमिकों के पंजीयन के संबंध में संकल्प से समाधान एवं जनकल्याण शिविरों का आयोजन किया गया, जिसमें मण्डल अंतर्गत श्रमिक पंजीयन हेतु 110 श्रमिकों के आवेदन प्राप्त होकर स्वीकृत हुए। (घ) (i) म.प्र. असंगठित शहरी एवं ग्रामीण कर्मकार कल्याण मंडल अंतर्गत श्रम विभाग द्वारा योजनाओं का सतत् रूप से श्रमिकों द्वारा लाभ प्राप्त किया जा रहा है। संबल योजनांतर्गत पंजीकृत श्रमिकों के बच्चों हेतु छात्रवृत्ति योजना म.प्र. असंगठित शहरी एवं ग्रामीण कर्मकार कल्याण मंडल अंतर्गत संचालित नहीं है। म.प्र. भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल अंतर्गत पजीकृत श्रमिकों द्वारा आवेदन प्रस्तुत करने पर योजना के प्रावधान एवं पात्रता अनुसार मण्डल की योजनाओं का लाभ प्राप्त किया जाता है। मण्डल अंतर्गत संचालित शिक्षा प्रोत्साहन योजना अंतर्गत जिला जबलपुर में 84 विद्यार्थियों को लाभांवित किया गया है। अत: शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
प्राथमिक कृषि साख समितियों का संचालन
[सहकारिता]
73. ( क्र. 389 ) श्री नीरज सिंह ठाकुर : क्या सहकारिता मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बरगी विधानसभा क्षेत्र में कितनी प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियाँ संचालित हैं तथा इनमें से कितनी समितियाँ लाभ एवं हानि में चल रही हैं? (ख) पिछले 5 वर्षों में बरगी विधानसभा क्षेत्र के किसानों को सहकारी समितियों के माध्यम से कितना अल्पकालीन एवं दीर्घकालीन कृषि ऋण वितरित किया गया है? सहकारी समितियों में किसानों के खाद, बीज एवं उर्वरक वितरण की क्या स्थिति है तथा कितनी समितियों में समय पर खाद उपलब्ध नहीं हो पाई? (ग) बरगी विधानसभा क्षेत्र में कितनी सहकारी समितियों के भवन जर्जर अथवा भवनविहीन हैं तथा इनके निर्माण/मरम्मत के लिए क्या कार्ययोजना है तथा सहकारी समितियों में पिछले 5 वर्षों में कितने वित्तीय अनियमितता अथवा गबन के प्रकरण पाए गए तथा उन पर क्या कार्रवाई की गई? (घ) बरगी विधानसभा क्षेत्र में सहकारी समितियों के माध्यम से धान, गेहूं एवं अन्य उपज की खरीद का वर्षवार विवरण क्या है तथा सहकारी समितियों द्वारा संचालित उचित मूल्य दुकानों की संख्या कितनी है तथा इनमें से कितनी दुकानों के विरुद्ध शिकायतें प्राप्त हुई है उन पर क्या कार्यवाही की गई?
सहकारिता मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) 06 समितियां है, जो सभी हानि में चल रहीं है। (ख) समितियों द्वारा वितरित अल्पावधि कृषि ऋण की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-01 अनुसार है, समितियों द्वारा दीर्घकालीन कृषि ऋण वितरण नहीं किया गया है। खाद बीज वितरण की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-02 अनुसार है, समितियों में मांग अनुसार समय पर खाद उपलब्ध हो रही है। (ग) जी नहीं, शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। समितियों में पिछले 05 वर्षों में वित्तीय अनियमितता अथवा गबन के कोई भी प्रकरण संज्ञान में नहीं आये है। (घ) फसलों के उपार्जन की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-03 अनुसार है। समितियों द्वारा संचालित उचित मूल्य दुकान की संख्यात्मक जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-04 अनुसार है, संचालित उचित मूल्य की दुकानों के संबंध में वर्तमान में कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई।
श्रमिक कल्याण योजनाओं की जानकारी
[श्रम]
74. ( क्र. 392 ) श्री उमाकांत शर्मा : क्या श्रम मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विदिशा जिले में 1 अप्रैल, 2018 से प्रश्नांकित दिनांक तक मुख्यमंत्री जन कल्याण संबल योजना एवं मध्यप्रदेश भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल में कौन-कौन श्रमिक पंजीकृत है? ग्राम पंचायतवार, वार्डवार एवं निकायवार जानकारी उपलब्ध करावें। (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में उक्त श्रमिकों के द्वारा पंजीयन का नवीनीकरण नहीं कराया है? ऐसे श्रमिको की भी जानकारी उपलब्ध करावें, क्या विभाग के द्वारा शिविर लगाकर श्रमिकों के पंजीयन का नवीनीकरण किया जाता है, यदि हां, तो कब-कब शिविर लगाये गये है? बतावें। कितने श्रमिकों का पंजीयन नवीनीकरण हुआ है और कितने शेष है बतलावें? (ग) प्रश्नांश (क), (ख) के संदर्भ में विकासखंड सिरोंज लटेरी में उक्त योजनाओ में पंजीकृत श्रमिकों को किन-किन योजनाओं में हितलाभ दिया गया है, श्रमिक का नाम ग्राम/वार्ड का नाम, ग्राम पंचायत योजना का नाम सहित जानकारी ग्राम पंचायत/वार्डवार उपलब्ध करावें। (घ) तहसील सिरोंज-लटेरी में मुख्यमंत्री जन कल्याण संबल योजना एवं मध्यप्रदेश भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल में पंजीकृत श्रमिकों के अनुग्रह सहायता राशि एवं अन्य सहायता हेतु 1 अप्रैल, 2024 से प्रश्नांकित दिनांक के कितने आवेदन प्राप्त हुऐ कितने की स्वीकृति हुई कितने लंबित है, कितने अस्वीकृत हुए, कारण सहित जानकारी उपलब्ध करावें? (ड.) असंगठित शहरी एवं ग्रामीण कर्मकार मंडल श्रमिक संबल आईडी 150248378 बंटी मैना के आश्रितो को अनुग्रह सहायता राशि कब तक स्वीकृत कर दी जावेंगी? जानकारी दें। जनपद पंचायत सिरोंज में कब आवेदन प्राप्त हुआ एवं क्या-क्या कार्यवाही की गई है?
श्रम मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) (i) मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल 2.0) योजना संबंधी प्रश्नांश की वांछित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ii) म.प्र. भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल अंतर्गत विदिशा जिले में 1 अप्रैल, 2018 से प्रश्नांकित दिनांक तक पंजीकृत श्रमिकों की चाही गई ग्राम पंचायतवार, वार्डवार एवं निकायवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ख) 1. संबल योजना के अंतर्गत श्रमिकों के पंजीयन के नवीनीकरण का कोई प्रावधान नहीं है। अत: शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। 2. म.प्र. भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल अंतर्गत वैध श्रमिकों के पंजीयन वर्ष 2027 तक नवीनीकृत किये गये है। शासन द्वारा आयोजित जनकल्याण शिविरों में म.प्र. भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल अंतर्गत पंजीयन, पंजीयन नवीनीकरण एवं योजनाओं के अंतर्गत आवेदन प्राप्त किये जाते है। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता। (ग) 1. मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल 2.0) योजना संबंधी प्रश्नांश (क) एवं (ख) की वांछित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र- 3 अनुसार है। 2. प्रश्नाश (क), (ख) के संदर्भ में विकासखंड सिरोज एवं लटेरी में मध्यप्रदेश भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल द्वारा संचालित योजनाओं में लाभांवित हुए श्रमिकों की वांछित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-4 अनुसार है। (घ) (i) मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल 2.0) योजना संबंधी प्रश्नांश (ग) की वांछित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-5 अनुसार है। (ii) तहसील सिरोज एवं लटेरी में 1 अप्रैल, 2024 से प्रश्नांकित दिनांक तक मध्यप्रदेश भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल की चाही गई जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-6 अनुसार है। (ड.) मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल 2.0) योजनांतर्ग पंजीयन हेतु श्रमिक बंटी बाई [150248378] की मृत्यु उपरांत अनुग्रह सहायात आवेदन को कृषि भूमि 01 हेक्टर से अधिक होने से अस्वीकृत किया गया है। अत: शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
पैक्स समितियों के आय व्यय की जानकारी
[सहकारिता]
75. ( क्र. 393 ) श्री उमाकांत शर्मा : क्या सहकारिता मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) 1 अप्रैल, 2022 से प्रश्नांकित दिनांक तक विदिशा जिले में प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति मर्यादित एवं जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित विदिशा एवं उसकी शाखाओं में किन-किन मदों में आय हुई एवं किन-किन मदों में कितनी राशि व्यय की गई है? समितिवार एवं शाखावार जानकारी उपलब्ध करावें। (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में पैक्स समितियों उपार्जन केन्द्रों के संचालन हेतु कितनी-कितनी राशि प्राप्त हुई है एवं कितनी-कितनी राशि किन-किन व्यक्तियों को भुगतान की गई है? समितिवार जानकारी उपलब्ध करावें। (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के संदर्भ में रबी उपार्जन वर्ष 2026 में पैक्स समिति के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के स्वयं एवं उनके परिजनों के खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग में रबी की फसल के उपार्जन हेतु पंजीयन कराया है? तहसील का नाम, ग्राम का नाम, फसल का नाम, स्वयं सीकमी मूल भूस्वामी या पट्टेदार का नाम खसरा क्रमांक, रकबा, सहित जानकारी उपलब्ध करावें तथा कहां-कहां स्लॉट बुकिंग की एवं कितनी- कितनी उपज का विक्रय किया गया है? बतलावें। (घ) प्रश्नांश (ग) के संदर्भ में क्या समिति के कर्मचारियों के द्वारा अन्य किसानों की भूमि स्वयं के नाम या स्वयं के परिजनों के नाम रबी फसल के विक्रय हेतु पंजीयन कर लिये गये हैं? जानकारी दें तथा विभाग के द्वारा कब तक जांच की जावेगी? समय-सीमा बतावें।
सहकारिता मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्या., विदिशा एवं उससे संबद्ध प्राथमिक कृषि साख सहकारी संस्थाओं में आय के प्रमुख मद ब्याज, कमीशन/प्रवेश शुल्क, व्यापारिक आय, अंशपूंजी पर लाभांश आदि हैं तथा व्यय के प्रमुख मद कर्मचारियों के वेतन भत्ते, भवन किराया, स्टेशनरी/पोस्टेज, ऋणों पर ब्याज, संपत्ति पर मूल्यह्रास, अमानक आस्तियों पर प्रावधान आदि हैं। बैंक से संबंधित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार तथा समितियों से संबंधित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-4 अनुसार है। (घ) जी हां, जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-5 अनुसार है। जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक विदिशा द्वारा जांच आदेशित की गयी है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
सहकारी संस्थाओं की जानकारी
[सहकारिता]
76. ( क्र. 396 ) श्री मधु भगत : क्या सहकारिता मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2022 से प्रश्न दिनांक तक जिला बालाघाट में विभिन्न प्रकार की सहकारी संस्थाओं यथा प्राथमिक साख कृषि सहकारी समितियां, दुग्ध सहकारी समिति, उपभोक्ता सहकारी समितियां एवं अन्य समस्त सहकारी संस्थाएं संचालन के पंजीयन तथा वर्षवार लाभांश/हानि संस्थाओं के नाम सहित जानकारी उपलब्ध करावें? (ख) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित समस्त सहकारी संस्थाओं में किन-किन कृषकों/ हितग्राहियों को कितना-कितना ऋण प्रदाय किया गया तथा प्रश्न दिनांक तक कितनी राशि वसूल की गई? कितनी राशि बकाया हैं? विकासखण्डवार जानकारी देवें। (ग) वर्ष 2022 से प्रश्न दिनांक तक सहकारी समितियों के माध्यम से कौन-कौन से खाद्य/उर्वरकों एवं कृषि आदानों का वितरण किया गया? समितियों के नाम सहित जानकारी देवें। उक्तावधि में जिले में कुल कितनी धान खरीदी की गई तथा कितना भुगतान किया गया एवं ऋण में कितना जमा किया गया राशि का विवरण देवें? (घ) क्या विभाग अंतर्गत उक्तावधि में किसी लोकसेवक पर वित्तिय अनियमितता या भ्रष्टाचार एवं अन्य प्रकार से विभागीय जांच या अन्य आपराधिक प्रकरण पाए गये यदि हाँ, तो समस्त प्रकरण का उल्लेख करते हुए कार्यवाही से अवगत करावें? साथ ही समितियों के वर्षवार ऑडिट की जानकारी उपलब्ध करावें?
सहकारिता मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) उत्तरांश (क) में उल्लेखित 213 सहकारी समितियों में से 185 समितियों द्वारा कृषकों/हितग्राहियों को ऋण प्रदाय नहीं किया जाता है, शेष पुर्नगठित नवीन 28 प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों में से 05 समितियों द्वारा ऋण वितरण का कार्य किया गया है, जिनकी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ग) प्रश्नांकित अवधि में समितियों द्वारा किये गये उर्वरक वितरण और धान खरीदी की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अ अनुसार तथा कृषि आदान (बीज वितरण) की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 ब अनुसार है। (घ) उक्त अवधि में जिला बालाघाट में पंजीकृत सहकारी समितियो में लोकसेवक/ कर्मचारियों द्वारा किये गये वित्तीय अनियमितता, भ्रष्टाचार, विभागीय जांच या अन्य आपराधिक प्रकरण के संबंध में जानकारी एवं समितियों के वर्षवार ऑडिट की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-4 अ एवं 4 ब अनुसार है।
पंचायतों का आय-व्यय का ब्यौरा
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
77. ( क्र. 397 ) श्री मधु भगत : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वित्तिय वर्ष 2023-24 से प्रश्न दिनांक तक बालाघाट जिले की जनपद एवं जिला पंचायतों द्वारा मनरेगा योजनान्तर्गत कुल कितने पुल, पुलिया, स्टाप डैम (पक्के निर्माण कार्य) सुदुर सड़कों के लिए कितनी राशि किस तिथि को स्वीकृत की गई? तिथिवार, ग्रामवार, कार्यों की स्वीकृति की प्रति सहित स्टीमेट, तकनीकी स्वीकृति, प्रशासकीय स्वीकृति सहित वर्तमान भौतिक स्थिति बतायें? (ख) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित समस्त कार्यों में से किन-किन कार्यों का शासन द्वारा भुगतान किया जा चुका हैं कितना भुगतान बाकी हैं क्यों? प्रत्येक कार्य के मूल्यांकन रिपोर्ट सहित यह जानकारी दें कि विधानसभावार आवंटित राशि समान रूप से वितरित क्यों नहीं की गई? कारण स्पष्ट करें। (ग) जिला पंचायत बालाघाट कार्यालय द्वारा विगत 3 वर्षों में किस-किस कार्य हेतु कितनी राशि व्यय की गई तथा खर्चों का भुगतान किस माध्यम से किसे किये किया गया? तिथिवार, कार्यवार बिल बाऊचर रोकड़ बही सहित समस्त दस्तावेज उपलब्ध करावें? (घ) वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 में जिले में लोकसेवकों के स्थानांतरण प्रक्रिया के समस्त दस्ता़वेजों की प्रतियां उपलब्ध करावें? स्थानांतरण उपरान्त संशोधन आदेश क्यों किये गए यदि हाँ, तो सक्षम अधिकारी/मा. मंत्री से अनुमोदन लिया गया यदि हाँ, तो अनुमोदित दस्तावेज उपलब्ध करावें?
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) वित्तीय वर्ष 2023-24 में प्रश्न दिनांक तक जिला बालाघाट में मनरेगा योजनांतर्गत पुल-पुलिया, स्टॉप डेम, पक्के निर्माण कार्य एवं सुदूर सड़कों के कुल 966 कार्य स्वीकृत किये गये जिनकी स्वीकृत राशि 11990.93 लाख रूपये है। तिथिवार, ग्रामवार कार्यों की तकनीकी स्वीकृति, प्रशासकीय स्वीकृति सहित वर्तमान भौतिक स्थिति एवं प्राक्कलन की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'अ' अनुसार है। (ख) प्रश्नांश 'क' में उल्लेखित समस्त कार्यों में किया गया व्यय, भुगतान एवं शेष भुगतान की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'अ' अनुसार है। प्रत्येक कार्य के कार्यवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'ब' अनुसार है। कार्यवार मूल्यांकन की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'अ' अनुसार है। मनरेगा योजनांतर्गत विधानसभावार राशि आवंटित किये जाने का प्रावधान नहीं है किंतु मूल्यांकन अनुसार दर्ज देयकों के आधार पर किया जाता है। शेष प्रश्नांश उत्पन्न नहीं होता। (ग) जिला पंचायत बालाघाट कार्यालय अंतर्गत विगत 3 वर्षों में कार्यों पर व्यय राशि, खर्चों का भुगतान कार्य एजेंसी को भुगतान का माध्यम सहित तिथिवार कार्यवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'स' अनुसार है। (घ) वर्ष 2024-25 से 2025-26 में जिले में मनरेगा योजनांतर्गत अधिकारी/कर्मचारियों के किये गये स्थानांतरण शासन द्वारा जारी निर्देशों के प्रक्रिया अनुसार किये गये। दस्तावेजों की प्रतियां पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'द' अनुसार है। मनरेगा योजनांतर्गत स्थानांतरण उपरांत संशोधन आदेश जारी नहीं किये गये।
शासकीय/अशासकीय महाविद्यालयों का निरीक्षण
[उच्च शिक्षा]
78. ( क्र. 398 ) श्री आतिफ आरिफ अकील : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बरकतउल्ला विश्वविद्यालय द्वारा गठित निरीक्षण समितियों के द्वारा कुलगुरू श्री सुरेश कुमार जैन के कार्यकाल में किन-किन शासकीय/अशासकीय एवं नर्सिंग महाविद्यालयों का निरीक्षण किया गया? (ख) उपरोक्त प्रश्नांश के परिप्रेक्ष्य में कुलगुरू द्वारा निरीक्षण के दौरान किन-किन महाविद्यालयों में क्या-क्या कमियॉ पाई गई? जानकारी दें। (ग) प्रश्नांश (ख) के परिप्रेक्ष्य में क्या संचालित महाविद्यालय निर्धारित मापदण्डों के अनुरूप नहीं पाये गये है? यदि हाँ, तो इनके विरूद्ध क्या-क्या कार्यवाही की गई?
उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री इन्दर सिंह परमार ) : (क) नर्सिंग महाविद्यालय का निरीक्षण नहीं कराया गया है। शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'अ' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'ब' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'स' अनुसार है।
कृषि उपज मण्डियों में शुल्क की बढ़ोत्तरी
[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]
79. ( क्र. 401 ) श्री आतिफ आरिफ अकील : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या वर्ष 2023 में राज्य सरकार ने कृषि उपज मण्डियों पर लगने वाले मण्डी शुल्क 1.5 प्रतिशत से घटाकर 1 प्रतिशत किया था? (ख) यदि हाँ, तो क्या राज्य सरकार ने कृषि उपज मण्डियों में लगने वाले मण्डी शुल्क को इस वर्ष पुनः 1.5 प्रतिशत कर दिया है, जो कि 15 जून, 2026 से लागू हो गया है? (ग) उपरोक्त प्रश्नांश के परिप्रेक्ष्य में क्या बढ़ाये गये मण्डी शुल्क से किसानों को नुकसान होगा एवं व्यापारियों को फायदा होगा? कृषक कल्याण वर्ष में मण्डी शुल्क बढ़ाये जाने के कौन-कौन से कारण है? स्पष्ट करें। (घ) क्या राज्य सरकार उक्त बढ़ाये गये मण्डी शुल्क को घटाकर 1 प्रतिशत करेगा? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं तो क्यों?
किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) एवं (ख) जी हाँ। (ग) जी नहीं। राज्य शासन की अधिसूचना दिनांक 6 अक्टूबर, 2023 के क्रम में कृषि उपज की कीमत के प्रत्येक रूपये 100 पर मण्डी शुल्क की प्रभावी दर रूपये 1.5 के स्थान पर रूपये 1.00 निर्धारित की गई। मंडी फीस की दर रूपये 1.00 हो जाने के कारण विपणन विकास निधि का अंश शून्य हो गया है, जिससे ग्रामीण सड़क विकास, मण्डी समितियों की मूलभूत संरचनों के विकास, कृषि अनुसंधान एवं अधोसंरचना विकास, मुख्यमंत्री कृषक जीवन कल्याण योजना, प्रचार-प्रसार एवं गौ संवर्धन इत्यादि मद में राशि प्राप्त होना बंद हो गई। मण्डी शुल्क बढ़ाये जाने से उपरोक्त कार्य/योजनाओं का सतत् रूप से क्रियान्वयन संभव होगा। जिससे कृषकों को लाभ प्राप्त होगा। (घ) प्रश्नांश नीतिगत विषय है। शेष प्रश्न उदभूत नहीं होता है।
खेल गतिविधियों के संचालन हेतु बजट की उपलब्धता
[खेल एवं युवा कल्याण]
80. ( क्र. 407 ) श्री अमर सिंह यादव : क्या खेल एवं युवा कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या खेल युवा कल्याण विभाग द्वारा जिले में सामग्री क्रय एवं खेल गतिविधियों को संचालित किए जाने हेतु प्रतिवर्ष बजट उपलब्ध कराया जाता है? (ख) यदि हाँ, तो राजगढ़ जिले में विगत 5 वर्षों में कितना-कितना बजट किस-किस कार्य हेतु किस-किस मद से कब-कब उपलब्ध कराया गया है? (ग) उक्त बजट का राजगढ़ जिले में किन-किन गतिविधियों में क्या-क्या उपयोग किया गया हैं? बतावें। (घ) उक्त बजट से राजगढ़ जिले में कौन-कौन सी सामग्री किस-किस एजेंसी से क्रय की गई है? बतावें।
खेल एवं युवा कल्याण मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) जी हाँ। (ख) राजगढ़ जिले को विगत 5 वर्षों में विभिन्न योजना मदों में उपलब्ध कराए गए बजट का वर्षवार विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ग) राजगढ़ जिले में प्रश्नांकित अवधि में आवंटित बजट का उपयोग किन-किन गतिविधियों में किया गया है, का विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 में समाहित है। (घ) राजगढ़ जिले को आवंटित बजट से क्रय की गई खेल सामग्री एवं एजेंसी की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है।
पंचायतों में आश्रितों को अनुकंपा नियुक्ति
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
81. ( क्र. 409 ) श्री अमर सिंह यादव : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) ग्राम पंचायतों में पंचायत सचिव एवं ग्राम रोजगार सहायक के भर्ती एवं उनके आश्रितो को अनुकंपा दिए जाने के शासन के क्या नियम है? निर्देश की प्रति उपलब्ध करावें। (ख) प्रश्न दिनांक को राजगढ़ जिले में कुल कितने पंचायत सचिव एवं ग्राम रोजगार सहायक के पद कब से रिक्त है जानकारी दें। उक्त पदों की पूर्ति कब की जावेगी? बतावें। (ग) क्या शासन द्वारा नियुक्त पंचायत सचिव की सेवा में रहते हुए आकस्मिक मृत्यु हो जाने पर अनुकंपा नियुक्ति दिए जाने का प्रावधान है, यदि हाँ, तो प्रश्न दिनांक को कितने पंचायत सचिव के अनुकंपा के प्रकरण लंबित है। उनके कारण सहित बतावे। क्या उन्हें अनुकंपा नियुक्ति दी जावेगी यदि हाँ, तो कब तक और यदि नहीं तो क्यों नहीं बतावें।
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''अ'' अनुसार हैं। ग्राम पंचायत सचिव भर्ती, अनुशासन और सेवा की शर्तें नियम 2026- पृष्ठ क्रमांक 01 से 52 तक, ग्राम रोजगार सहायक की मार्गदर्शिका 2025- पृष्ठ क्रमांक 53 से 72 तक, पंचायत सचिवों के अनुकंपा नियुक्ति के नियम निर्देश- पृष्ठ क्रमांक 73 से 90 तक। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''ब'' अनुसार है। ग्राम पंचायत सचिवों की भर्ती की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ग) जी हाँ। पंचायत सचिव की सेवा में रहते हुए, आकस्मिक मृत्यु हो जाने पर अनुकंपा नियुक्ति दिये जाने के प्रावधान हैं। राजगढ़ जिले की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''स'' अनुसार है। पात्रता एवं संवर्ग के पदों की उपलब्धता के अनुसार अनुकंपा नियुक्ति दी जाती है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
स्टेडियम का निर्माण एवं सामग्री प्रदाय
[खेल एवं युवा कल्याण]
82. ( क्र. 414 ) श्री राजन मण्डलोई : क्या खेल एवं युवा कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या मध्यप्रदेश शासन द्वारा प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में स्टेडियम निर्माण के निर्देश दिए गए थे? यदि हाँ, तो बड़वानी विधानसभा अन्तर्गत मुख्यालय बड़वानी में कब तक स्टेडियम निर्माण होगा? (ख) क्या प्रश्नांश (क) के संदर्भ में बड़वानी में विभाग द्वारा स्टेडियम निर्माण के लिए स्थल निरीक्षण कर, प्राक्कलन तैयार कर स्वीकृति हेतु भेजा गया था? यदि हाँ, तो कब तक स्वीकृति मिलेगी? नहीं तो क्यो? (ग) बड़वानी में युवाओं को खेल से जोड़ने एवं प्रतिभा विकास के लिए जिले में बहुउद्देशीय खेल परिसर/स्टेडियम/नोडल सेंटर स्थापित करने की समय-सीमा क्या है? विगत पाँच वर्ष में बड़वानी विधानसभा में कौन-कौन सी खेल सामग्री प्रदाय की गई? समस्त जानकारी वर्षवार देवें। (घ) विगत 5 वर्ष में विभाग द्वारा बड़वानी में खेलों को बढ़ावा देने के लिए कितनी खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया? खिलाड़ियों को प्रोत्साहन एवं खेल सुविधा के लिए किन-किन योजनाओं, किस-किस मद से कितनी-कितनी राशि आवंटित की गई? कितनी राशि व्यय हुई? समस्त जानकारी देवें।
खेल एवं युवा कल्याण मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) जी हाँ। मुख्यमंत्री युवा शक्ति योजनान्तर्गत प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में स्टेडियम निर्माण किया जाना प्रस्तावित है, योजना अनुमोदन की कार्यवाही प्रचलन में है। योजना अनुमोदन उपरान्त बड़वानी विधानसभा मुख्यालय पर भी स्टेडियम निर्माण के औचित्य व आवश्यकता का आंकलन व बजट की उपलब्धता अनुसार स्टेडियम निर्माण पर विचार किया जावेगा। अतः शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ख) जी नहीं, शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) प्रश्नोत्तर (क) के संदर्भ में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। विभाग द्वारा विधानसभावार खेल सामग्री प्रदाय नहीं की जाती है। विगत 05 वर्षों में बड़वानी जिले को प्रदाय खेल सामग्री की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (घ) विगत 05 वर्षों में बड़वानी जिले में आयोजित खेल प्रतियोगिताओं की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है एवं आवंटित मदवार आवंटित राशि व व्यय की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है।
फर्जी दस्तावेजों के आधार पर टेंडर प्राप्त किया जाना
[उच्च शिक्षा]
83. ( क्र. 415 ) श्री राजन मण्डलोई : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या वर्ष 2023-24 से 2025-26 तक की अवधि में प्रदेश के शासकीय महाविद्यालयों में प्रयोगशालाओं के उन्नयन कार्य के लिये जैम के माध्यम से निविदाएं आमंत्रित की गई थी? यदि हाँ, तो क्या विश्वास सेल्स एंड सर्विसेस के द्वारा शासकीय नवीन आदर्श महाविद्यालय श्योपुर, शासकीय राजीव गांधी महाविद्यालय मंदसौर एवं शासकीय महाविद्यालय जैतवारा जिला सतना एवं अन्य महाविद्यालयों में कूटरचित दस्तावेजों एवं अधूरे प्रमाण-पत्रों के आधार पर निविदा प्रतियोगिता में भाग लिया गया था? क्या निविदाएं खुलने पर परीक्षण उपरांत फर्जी दस्तावेज पाए जाने पर विश्वास सेल्स एंड सर्विसेस के संचालक के विरुद्ध सिटी थाना कोतवाली श्योपुर में दिनांक 11/05/2024 को प्राचार्य के द्वारा आपराधिक प्रकरण पंजीयन कराया गया था? इसी प्रकार से क्या थाना बायडी नगर जिला मंदसौर में अपराध क्रमांक 0449 दिनांक 17/09/2023 को दर्ज किया गया था और क्या थाना जैतवारा जिला सतना में दिनांक 03/03/2025 को अपराध क्रमांक 0044 पंजीबद्ध किया गया था? (ख) प्रश्नांश (क) यदि हाँ, तो विभाग द्वारा उक्त संचालक के विरुद्ध अब तक क्या-क्या कार्यवाही की जाकर ब्लैक लिस्ट कब किया गया? यदि नहीं तो क्यों?
उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री इन्दर सिंह परमार ) : (क) जी हां। जी हां। जी हां। जी हां। जी हां। (ख) श्री विश्वास जैन, संचालक विश्वास सेल्स एवं सर्विस को कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर निविदा में भाग लेने का प्रथम दृष्टया दोषी पाया गया था, जिसके उपरांत कार्यालयीन पत्र क्रमांक 1575/23/टी.एल./आउशि/शिकायत/2023 दिनांक 25-09-2023 के द्वारा प्रचलित समस्त टेंडर प्रक्रिया से उक्त फर्म की दावेदारी निरस्त किये जाने संबंधी आदेश जारी किया गया। जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है।
ग्रामीण यंत्री की सेवा एवं मनरेगा में क्लस्टर आवंटन
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
84. ( क्र. 419 ) डॉ. विक्रांत भूरिया : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या विभागीय आदेश दिनांक 13/11/2024 के बिंदु-3 अनुसार उपयंत्रियों के क्लस्टर प्रभार परिवर्तन हेतु जिला पंचायत अध्यक्ष का अनुमोदन अनिवार्य है? (ख) यदि हाँ, तो खरगोन, बड़वानी व झाबुआ जिले में प्रश्न दिनांक की स्थिति में कार्यरत RES/मनरेगा उपयंत्रियों के नाम, पदस्थापना, आवंटित क्लस्टर व मुख्यालय की सूची दें तथा वर्तमान प्रभार आदेशों व स्वीकृत नोटशीट की प्रमाणित प्रतियां जिलावार उपलब्ध कराएं? (ग) क्या उक्त जिलों में कलेक्टर, सीईओ जिला पंचायत व कार्यपालन यंत्री द्वारा जिला पंचायत अध्यक्ष के विधिक अनुमोदन के बिना ही उपयंत्रियों के क्लस्टर प्रभार बदल दिए गए हैं, जो जिला पंचायत अध्यक्ष के अधिकारों का हनन है? (घ) जिला पंचायत अध्यक्ष बड़वानी, खरगोन व झाबुआ द्वारा अधिकारों के अतिक्रमण के संबंध में कलेक्टर व सीईओ को दिनांक 01 अप्रैल, 2026 से प्रश्न दिनांक तक कितने पत्र प्रेषित किए गए और उस पर जिला कलेक्टर द्वारा क्या कार्यवाही की गई है? जिला पंचायत खरगोन, झाबुआ की साधारण सभा में मामले उठाए जाने के बाद उन पर की गई संपूर्ण कार्यवाही का बिंदुवार विवरण दें? (ङ) क्या शासन पंचायती राज को कमजोर करने वाले दोषी अधिकारियों पर अनुशासनात्मक कार्यवाही करते हुए नियमों के विरुद्ध जारी समस्त अवैध आदेशों को तत्काल निरस्त करेगा? यदि नहीं, तो क्यों?
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) जी हाँ। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र "अ" अनुसार है। (ग) जिला खरगोन में जिला पंचायत अध्यक्ष का अनुमोदन प्राप्त किया गया तथा जिला झाबुआ एवं बड़वानी में संज्ञान में आने के उपरान्त क्लस्टर के जारी आदेश निरस्त कर जिला पंचायत अध्यक्ष से अनुमोदन प्राप्त कर क्लस्टर परिवर्तन आदेश जारी किये गए। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र "ब" अनुसार है। (ङ) दिनाँक 13.11.2024 क्लस्टर परिवर्तन संबंधी आदेश संज्ञान में न होने के कारण संज्ञान में आने के उपरान्त क्लस्टर परिवर्तन संबंधी पूर्व में जारी आदेश निरस्त/संशोधन/परिवर्तन कर दिए गए हैं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं।
जनभागीदारी निधि का उपयोग
[उच्च शिक्षा]
85. ( क्र. 421 ) डॉ. विक्रांत भूरिया : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) इंदौर के होलकर विज्ञान महाविद्यालय जन भागीदारी निधि से किन-किन कार्यों में भुगतान किया जा रहे हैं? होलकर कॉलेज की जन भागीदारी के प्रबंध समिति के नाम और वह कब स्थापित हुई? (ख) प्रश्नांश (क) के संबंध में वर्ष 2018 से 2026 तक जन भागीदारी निधि का उपयोग किस -किस मदों में किया गया है? जन भागीदारी निधि से 2018 से लेकर 2026 तक "सिक्योरिटी गार्ड, सफाई कर्मचारी एवं नाश्ता" आदि मद में कितने रुपए का भुगतान किया गया? क्या इन सब के लिए शासन से स्वीकृति प्राप्त की गई है? (ग) वर्ष 2025-26 से महाविद्यालय में कर्मचारियों की संख्या कितनी है, सरकार द्वारा कितने पद स्वीकृत किए गए है और कितने लोगों को वेतन दिया जा रहा है एवं किस मद से भुगतान किया जा रहा है?
उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री इन्दर सिंह परमार ) : (क) शासकीय होल्कर विज्ञान महाविद्यालय, इन्दौर जनभागीदारी निधि से महाविद्यालयीन विकास, अकादमिक व्यय, आमंत्रण के आधार पर अतिथि विद्वानों, अन्य आमंत्रितों का मानदेय एवं अन्य विविध व्यय हेतु भुगतान किया जा रहा है। प्रबंध समिति संबंधी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'अ' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'ब' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'स' अनुसार है।
आजीविका मिशन द्वारा मिशनकर्मियों की सेवा
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
86. ( क्र. 424 ) श्री प्रताप ग्रेवाल : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या संविदा अनुबंध वर्ष 2015 की कंडिका 19 (किसी भी विवाद की स्थिति में राज्य आजीविका फोरम का निर्णय अंतिम एवं बंधानकारी होगा) एवं पत्र क्रमांक 5358/प्रशा/SRLM/17 भोपाल दिनांक 19/07/17 में जिला प्रबंधक की सेवा समाप्त, CEO आजीविका मिशन के आदेश पर की गई थी। पत्र में स्वयं CEO ने अपील सुनवाई का क्षेत्र अधिकार विकास आयुक्त सह ACS पंचायत विभाग का बताया है? (ख) क्या संविदा अनुबंध की कंडिका 19 में अपीलीय अधिकारी राज्य आजीविका फोरम का मतलब विकास आयुक्त है और 2015 से विकासयुक्त ही CEO आजीविका मिशन द्वारा मिशनकर्मियों की सेवा समाप्त उपरांत अपीलीय अधिकारी है? CEO आजीविका मिशन द्वारा की गई मिशनकर्मियों की सेवा समाप्त की आपील सुनवाई संभागयुक्त क्यों नहीं कर सकते? कारण सहित स्पष्ट जानकारी देवें। (ग) CEO आजीविका मिशन द्वारा 2015 से 2025 तक जिन मिशनकर्मियों की सेवा समाप्ति की गई है, उन मिशनकर्मियों की CEO आजीविका मिशन स्वयं अपील सुनवाई क्यों नहीं कर सकते हैं? (घ) वर्ष 2015 से 2025 तक सेवासमाप्त सभी मिशनकर्मियों की अद्यतन तथा मिशनकर्मियों की द्वितीय, तृतीय अपील सुनवाई की गई है, उनकी पृथक से संख्यात्मक जानकारी उपलब्ध करावे।
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) जी हाँ। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ अनुसार है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ब अनुसार है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ब अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ब अनुसार है। (घ) वर्ष 2015 से 2025 तक कुल 190 संविदा कर्मियों की सेवा समाप्त की गई। 01 मिशन कर्मी की द्वितीय, तृतीय अपील सुनवाई की गई है।
केग की रिपोर्ट पर आपत्तियों
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
87. ( क्र. 425 ) श्री प्रताप ग्रेवाल : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या लोकायुक्त ने ऑडिटर जनरल की रिपोर्ट वर्ष 2022 के संबंध में की गई टीप के संबंध में प्रतिवेदन की जानकारी चार बार पत्र लिखने के बाद भी नहीं देने पर 10-7-24 को अपर मुख्य सचिव को जानकारी सहित उपस्थित होने का आदेश दिया था? क्या आठ बार दिनांक तय करने के बाद भी उपस्थित नहीं? अपर मुख्य सचिव जानकारी सहित किस दिनांक को उपस्थित हुए तथा इसमें विलंब का कारण क्या है? दी गई जानकारी की प्रति देवें। (ख) 2022-23 से 2025-26 तक किस-किस संयंत्र में यह जांच की गई कि स्टाक नहीं होने के बावजूद टीएचआर आपूर्ति किया जाना दिखाया गया तथा चालानो में उल्लिखित ट्रक संख्या कि वाहन पोर्टल के अनुसार जांच की गई। दोनों स्थिति की जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करें। (ग) पूर्व विधायक पारस सकलेचा की शिकायत पर दर्ज प्रकरण क्रमांक 589/ई/24 के संदर्भ में लोकायुक्त कार्यालय द्वारा प्राप्त समस्त पत्र तथा दिए गए उत्तर की प्रति, प्राप्त तथा भेजे गए दस्तावेज सहित जानकारी देवें। (घ) प्रश्नाधीन केग की रिपोर्ट पर आपत्तियों के संबंध में किस-किस अधिकारी पर क्या कार्रवाई की गई, कार्यवाही की अद्यतन स्थिति क्या है? (ड.) प्रश्नाधीन ऑडिट रिपोर्ट में उठाए गए बिंदु अनुसार 2022 से, उन बिंदुओं पर किस-किस जिले में जांच की गई? जांच रिपोर्ट उपलब्ध कराएं।
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) जी हाँ। कार्यालयीन व्यस्तता के कारण माननीय लोकायुक्त कार्यालय में उपस्थिति नहीं दी जा सकी है। विधि सलाहकार, लोकायुक्त कार्यालय के समक्ष उपस्थित होने हेतु 31.08.2026 का दिनांक निर्धारित किया गया है। उक्त दिनांक पर अपर मुख्य सचिव स्वयं उपस्थित होंगी। (ख) टीएचआर आपूर्ति के सम्बन्ध में एसआरएलएम के धार, सागर, रीवा, मंडला एवं शिवपुरी संयंत्रों में जांच की गयी। जांच प्रतिवेदन की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट "अ" अनुसार है। चालानों में उल्लिखित एसआरएलएम के 02 संयंत्रों धार एवं मंडला से संबंधित 03 चालानों के 02 ट्रक संख्या की जांच की गई। जांच की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट "ब" अनुसार है। (ग) प्रकरण क्रमांक 589/ई/24 के संदर्भ में लोकायुक्त कार्यालय से प्राप्त पत्र पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट "स" अनुसार एवं विभाग को प्रेषित उत्तर की प्रति मय दस्तावेजों सहित पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट "द" अनुसार है। (घ) प्रश्नाधीन केग की रिपोर्ट पर आपत्तियों के संबंध में एसआरएलएम स्तर से कार्यवाही प्रक्रियाधीन है तथा महिला एवं बाल विकास विभाग स्तर से केग की रिपोर्ट पर आपत्तियों के संबंध में की गयी कार्यवाही की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट "ई" अनुसार है। (ड.) एसआरएलएम से संबंधित धार, सागर, रीवा, मंडला एवं शिवपुरी संयंत्रों में जांच की गयी। जांच प्रतिवेदन प्रश्न क्रमांक "ख" के उत्तर में उल्लेखित पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-"अ" एवं "ब" अनुसार है। महिला एवं बाल विकास विभाग स्तर से केग की रिपोर्ट पर आपत्तियों के संबंध में की गयी कार्यवाही की जानकारी प्रश्न क्रमांक (घ) के उत्तर में उल्लेखित पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट "ई" अनुसार है।
सीखो-कमाओ योजना के अंतर्गत प्रशिक्षण
[तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार (केवल कौशल विकास एवं रोजगार)]
88. ( क्र. 428 ) डॉ. तेजबहादुर सिंह चौहान : क्या राज्य मंत्री, कौशल विकास एवं रोजगार महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सीखो-कमाओ योजना के अंतर्गत नागदा नगर के अंतर्गत स्थित ग्रेसिम उद्योग, केमिकल उद्योग और लेक्सेस उद्योग में कितने नवयुवकों को मानदेय प्रदान करते हुए प्रशिक्षण पर रखा गया है? (ख) हायर सेकेंडरी, स्नातक, तकनीकी डिप्लोमा होल्डर और तकनीकी ग्रेजुएट ऐसे प्रशिक्षण प्राप्तकर्ता कितने युवक है? श्रेणीवार संख्या बताते हुए उनके चयन की प्रक्रिया का आधार और माध्यम क्या है?
राज्य मंत्री, कौशल विकास एवं रोजगार ( श्री गौतम टेटवाल ) : (क) जानकारी निरंक है। (ख) उत्तरांश (क) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
रिक्त पदों पर नियुक्तियां
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
89. ( क्र. 429 ) डॉ. तेजबहादुर सिंह चौहान : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जनपद पंचायत खाचरौद, जिला उज्जैन में विकासखंड अधिकारी, खंड पंचायत अधिकारी, विकास विस्तार अधिकारी के 1-1 पद विगत लंबे समय से रिक्त हैं, सहायक विस्तार अधिकारी के 9 पदों के विरुद्ध 7 पद रिक्त है पंचायत समन्वय अधिकारी के स्वीकृत 19 पदों के विरुद्ध 7 पद रिक्त है सहायक ग्रेड 2 का 1 पद रिक्त है, सहायक ग्रेड 3 के 4 पद स्वीकृत हैं और सभी रिक्त हैं, तीन पद भृत्य के स्वीकृत हैं जिनमें से 2 पद रिक्त हैं इन पदों पर अधिकारियों-कर्मचारियों नियुक्ति नहीं होने के कारण कार्य प्रभावित हो रहे हैं और सरकारी योजनाओं का क्रियान्वयन में भी परेशानी होती है? (ख) प्रश्नांश (क) वर्णित इन पदों पर अभी तक नियुक्तियां क्यों नहीं की गयी? कारण दें l इन पदों पर नियुक्तियां कब तक कर दी जाएगी?
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) जी हां। (ख) शासकीय सेवकों की कमी एवं पदोन्नतियां न होने से। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) का क्रियान्वयन
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
90. ( क्र. 432 ) श्री कमलेश्वर डोडियार : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सैलाना विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत कितने हितग्राहियों को आवास स्वीकृत किए गए हैं? ग्राम पंचायतवार एवं वित्तीय वर्षवार जानकारी उपलब्ध करावें। (ख) प्रश्नांश (क) में स्वीकृत हितग्राहियों में से कितने हितग्राहियों को प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय किस्त जारी की गई है? पंचायतवार एवं वर्षवार जानकारी उपलब्ध करावे। (ग) वित्तीय वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 में सैलाना विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत कितने हितग्राहियों के आवास पूर्ण हो चुके हैं तथा कितने हितग्राही योजना से लाभान्वित हुए हैं? ग्राम पंचायतवार एवं वर्षवार जानकारी उपलब्ध करावे। (घ) वर्तमान में कितने स्वीकृत आवास निर्माणाधीन हैं तथा कितने आवास विभिन्न कारणों से अपूर्ण/लंबित हैं? लंबित रहने के कारणों सहित पंचायतवार जानकारी उपलब्ध करावे। (ङ) योजना अंतर्गत स्वीकृत किन-किन हितग्राहियों को अब तक कोई किश्त प्राप्त नहीं हुई है? नाम, ग्राम, पंचायत एवं कारण सहित जानकारी उपलब्ध करावे। (च) क्या शासन के संज्ञान में यह तथ्य है कि सैलाना विधानसभा क्षेत्र में पात्र हितग्राही प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के लाभ से वंचित हैं? यदि हाँ, तो ऐसे पात्र एवं प्रतिक्षारत हितग्राहियों की संख्या ग्राम पंचायतवार बतावे तथा उन्हें लाभान्वित किए जाने हेतु क्या कार्यवाही प्रस्तावित है? (छ) वित्तीय वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत सैलाना विधानसभा क्षेत्र हेतु स्वीकृत, आवंटित एवं व्यय की गई राशि का पंचायतवार विवरण उपलब्ध करावे।
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) से (ग) जानकारी प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के पोर्टल pmayg.dord.gov.in की A-2 रिर्पोट पर उपलब्ध है। (घ) वर्तमान में वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 के सैलाना विधान सभा क्षेत्र के समस्त आवास निर्माणाधीन है, शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ड.) जानकारी प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के पोर्टल pmayg.dord.gov.in की A-2 रिर्पोट पर उपलब्ध है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (च) जी हाँ। नवीन पात्र हितग्राहियों के लिए आवास प्लस 2024 के माध्यम से सर्वेक्षण करवाया गया जिसके अंतर्गत क्षेत्र में कुल 40758 हितग्राहियों का चयन किया गया है। चयनित हितग्राहियों के सत्यापन का कार्य प्रगतिरत है। भारत सरकार से लक्ष्य प्राप्त होने पर हितग्राहियों को लाभांवित किया जा सकेगा। (छ) जानकारी प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के पोर्टल pmayg.dord.gov.in की B-3 रिर्पोट पर उपलब्ध है।
आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों में गरीब आदिवासी परिवारों को स्थायी रोजगार
[श्रम]
91. ( क्र. 433 ) श्री कमलेश्वर डोडियार : क्या श्रम मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या श्रम विभाग द्वारा जिला रतलाम के सैलाना विधानसभा क्षेत्र के आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों में गरीब आदिवासी परिवारों, असंगठित श्रमिकों एवं बेरोजगार युवाओं को स्थायी रोजगार उपलब्ध कराने हेतु कोई विशेष योजना संचालित की जा रही है? यदि हाँ, तो योजनावार जानकारी उपलब्ध करावे। (ख) वित्तीय वर्ष 2023-24, 2024-25 एवं प्रश्न दिनांक तक सैलाना विधानसभा क्षेत्र में श्रम विभाग की विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत कितने आदिवासी हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया है? योजनावार एवं ग्रामवार जानकारी उपलब्ध करावे। (ग) सैलाना विधानसभा क्षेत्र में श्रम विभाग द्वारा कौशल विकास, रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण, स्वरोजगार अथवा निजी एवं शासकीय क्षेत्र में रोजगार उपलब्ध कराने हेतु कौन-कौन से प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए गए हैं? वर्षवार जानकारी उपलब्ध करावे। (घ) प्रश्नांश (ग) के अंतर्गत प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले हितग्राहियों में से कितने व्यक्तियों को स्थायी रोजगार प्राप्त हुए है? रोजगार का प्रकार, संस्था का नाम एवं लाभार्थियों की संख्या सहित की जानकारी देवें।
श्रम मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) (i) जी नहीं, स्थायी रोजगार उपलब्ध कराने हेतु कोई योजना संचालित नहीं की जाती। असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों हेतु श्रम विभाग अंतर्गत म.प्र. असंगठित शहरी एवं ग्रामीण कर्मकार कल्याण मंडल द्वारा मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबंल 2.0) योजना संचालित है, योजनांतर्गत अंत्येष्टि सहायता (रू. 5 हजार) सामान्य मृत्यु सहायता (रू. 2 लाख), दुर्घटना मृत्यु सहायता (रू. 4 लाख), स्थायी दिव्यांगता सहायता (रू. 2 लाख), आंशिक स्थायी दिव्यांगता सहायता (रू. 1 लाख) की आर्थिक सहायता संपूर्ण म.प्र. में प्रदान की जाती है। (ii) म.प्र. भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल अंतर्गत संपूर्ण मध्यप्रदेश के पंजीकृत निर्माण श्रमिकों हेतु 25 कल्याणकारी योजनायें संचालित है। उक्त योजनाओं का लाभ सैलाना विधानसभा क्षेत्र के पंजीकृत निर्माण श्रमिकों को भी उपलब्ध कराया जा रहा है। मण्डल द्वारा किसी आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र हेतु कोई विशेष योजना संचालित नहीं की जाती है, अपितु मण्डल की योजनाओं का लाभ संपूर्ण मध्यप्रदेश के पंजीकृत निर्माण श्रमिकों द्वारा पात्रता अनुसार प्राप्त किया जा सकता है। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता। (ख) (i) म.प्र. असंगठित शहरी एवं ग्रामीण कर्मकार कल्याण मंडल अंतर्गत आदिवासी हितग्राहियों हेतु पृथक से कोई योजना संचालित नहीं की जाती है। सैलाना विधानसभा क्षेत्र में संबल योजनांतर्गत वितरित हितलाभ संबंधी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ii) म.प्र. भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल द्वारा आदिवासी हितग्राहियों हेतु पृथक से कोई योजना संचालित नहीं की जाती है, मण्डल की योजनाओं का लाभ संपूर्ण मध्यप्रदेश के पंजीकृत निर्माण श्रमिकों द्वारा पात्रता अनुसार प्राप्त किया जा सकता है। वित्तीय वर्ष 2023-24, 2024-25 एवं प्रश्न दिनांक तक सैलाना विधानसभा क्षेत्र में मण्डल की योजनाओं में लाभांवित हितग्राहियों की योजनावार एवं ग्रामवार संख्यात्मक जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। (ग) म.प्र. भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल अंतर्गत सैलाना विधानसभा क्षेत्र में मण्डल द्वारा कौशल विकास, रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण, स्वरोजगार अथवा निजी एवं शासकीय क्षेत्र में रोजगार उपलब्ध कराने हेतु पृथक से कोई प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित नहीं किए गए है। म.प्र. भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल द्वारा पंजीकृत निर्माण श्रमिकों की संतानों को रोज़गारोन्मुख प्रशिक्षण प्रदाय करने हेतु कौशल प्रशिक्षण योजना एवं शैक्षणिक सत्र 2023-24 से ग्राम मुगालिया छाप, जिला भोपाल में श्रमोदय आदर्श आई.टी.आई. संचालित है, जिसमें सम्पूर्ण मध्यप्रदेश के पंजीकृत श्रमिकों की संतानें प्रवेश प्राप्त कर प्रशिक्षण प्राप्त कर सकती है। (घ) (i) म.प्र. असंगठित शहरी एवं ग्रामीण कर्मकार कल्याण मंडल अंतर्गत प्रश्नांश (ग) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ii) म.प्र. भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल अंतर्गत प्रश्नांश (ग) के उत्तर अनुसार सैलाना विधानसभा क्षेत्र में पृथक से कोई प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित नहीं किये जाने से प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
खेल मैदानों का निर्माण एवं मरम्मत
[खेल एवं युवा कल्याण]
92. ( क्र. 436 ) डॉ. राजेन्द्र पाण्डेय : क्या खेल एवं युवा कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या विभाग द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए विभिन्न स्तर पर कार्य किया जा रहा है? (ख) यदि हाँ, तो विभाग द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में खेल मैदानों को चिन्हित कर खेल मैदान निर्माण करने की कार्ययोजना बनाई गई है? (ग) यदि हाँ, तो जावरा विधानसभा क्षेत्र में जावरा व पिपलौदा विकासखंड के किन ग्राम पंचायतों के किन-किन ग्रामों में खेल मैदानों का चिन्हांकन कर उनके निर्माण/मरम्मत कार्य की कार्ययोजना स्वीकृत की गई थी? उन स्थानों पर कितनी-कितनी राशि स्वीकृत कर क्या-क्या कार्य कराए गए थे? (घ) उक्तानुसार जावरा विधानसभा क्षेत्र के ग्रामों में खेल मैदानों की स्थिति कैसी है तथा क्या इसमें खेल आयोजन किये जा रहे है या नही? विगत 15 वर्षों में इन ग्रामों के खेल मैदानों हेतु कितनी राशि स्वीकृत की जाकर क्या-क्या कार्य किये गए? क्या कार्यों का भौतिक सत्यापन कराया गया? सम्पूर्ण स्थिति की जानकारी दें।
खेल एवं युवा कल्याण मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) ग्रामीण खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिये ग्रीष्मकालीन खेल प्रशिक्षण शिविर, मुख्यमंत्री कप का आयोजन किया जाता है तथा प्रदेश के प्रतिभावान खिलाड़ियों की पहचान कर उन्हें 18 खेलों की 11 खेल अकादमियों में अन्तर्राष्ट्रीय एवं राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिये तैयार किया जाता है। (ख) विभागीय सीमित बजट एवं संसाधन को दृष्टिगत रखते हुए विकासखण्ड मुख्यालय एवं उच्च स्तर पर ही खेल अधोसंरचना का निर्माण किया जाता है। इस हेतु विभागीय पत्र क्र. 693/30/2017/नौ, दिनांक 24.03.2017 द्वारा जारी मार्गदर्शी सिद्धांत जारी किये गये है। (ग) एवं (घ) प्रश्नोत्तर (ख) अनुसार प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
सहकारी समितियों में अनियमितताऍ
[सहकारिता]
93. ( क्र. 437 ) डॉ. राजेन्द्र पाण्डेय : क्या सहकारिता मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या शासन/विभाग द्वारा सहकारी क्षेत्रों को सशक्त करने के लिए विभिन्न कार्ययोजना बनाई जाकर कार्य किया जा रहा है? (ख) यदि हाँ, तो जानकारी दें कि रतलाम जिले में कितनी सहकारी समितियों का पंजीयन किया जाकर उनमें से कितनी सक्रिय रूप से संचालित हो रही है? कितनी समितियां निष्क्रिय होकर बंद है? (ग) प्रश्नांश (ख) में वर्णित रतलाम जिले में कितनी कृषि सहकारी समितियां है, उनमें कितने कृषक सदस्य है? कितनी आवास समितियां है, उनमें कितने सदस्य है? किन-किन स्थानों पर ये समितियां संचालित हो रही है? सम्पूर्ण जानकारी दें। (घ) रतलाम जिलें में वर्ष 2015-16 से प्रश्न दिनांक तक किन-किन स्थानों पर इन समितियों के खिलाफ अनियमितताओं की कितनी शिकायतें प्राप्त होकर उनमें क्या-क्या कार्यवाही की गई? आर्थिक अनियमितताओं के प्रकरण में दोषी से वसूली की गई या नही? कितनी शिकायतों की जांच लम्बित है, उन पर कब तक कार्यवाही की जाएगी? सम्पूर्ण जानकारी दें।
सहकारिता मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) जी हाँ। (ख) रतलाम जिले में 791 विभिन्न प्रकार की सहकारी संस्थाऐं पंजीकृत है, जिनमें से 410 कार्यशील एवं 381 निष्क्रिय है। (ग) रतलाम जिले में कुल 116 कृषि सहकारी समितियां हैं, जिनमें 1,16,009 सदस्य हैं तथा 75 गृह निर्माण सहकारी समितियां हैं, जिनमें 4,994 सदस्य हैं। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-01 एवं 02 अनुसार है। (घ) रतलाम जिले में वर्ष 2015-16 से प्रश्न दिनांक तक जिले की प्राथमिक कृषि साख सहकारी संस्थाओं के खिलाफ 78 एवं गृह निर्माण सहकारी संस्थाओं के खिलाफ 96 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें की गई कार्यवाही की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-03 एवं 04 अनुसार है। प्रकरण में पैक्स पिपलौदा में दोषी से राशि रू. 17,65,952.17 वसूल कर ली गई है, शेष संस्थाओं में वसूली नहीं हुई है। वसूली की कार्यवाही हेतु म.प्र. सहकारी सोसाइटी अधिनियम, 1960 की धारा 64 के अंतर्गत वाद दायर करने हेतु संस्था को निर्देशित किया गया है, शेष 40 शिकायतों की जांच प्रक्रियाधीन है, जिनमें कार्यवाही जांच प्रतिवेदन के निष्कर्षाधीन। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
पंचायत द्वारा किए गए भ्रष्टाचार पर कार्यवाही
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
94. ( क्र. 440 ) श्री विपीन जैन : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मंदसौर जिले अंतर्गत ग्राम पंचायत दलौदा चौपाटी में पंचायत द्वारा सरपंच के व्यक्तिगत नाम से ट्रैक्टर क्रय प्रकरण में, ट्रैक्टर को फाइनेंस कंपनी द्वारा नीलाम करने से पंचायत को हुई हानि के संबंध में क्या कार्यवाही की गई है? विवरण देवें। (ख) क्या ट्रैक्टर नीलामी के कारण पंचायत को जो आर्थिक नुकसान हुआ है? इसकी राशि की वसूली संबंधित सरपंच से की गई है, यदि नहीं, तो क्यों? इसकी वसूली कब तक कर ली जाएगी। (ग) उक्त प्रकरण में अभी तक हुई संपूर्ण कार्यवाही का विवरण देवें?
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) मंदसौर जिले अंतर्गत ग्राम पंचायत दलौदा चौपाटी में पंचायत द्वारा सरपंच के व्यक्तिगत नाम से ट्रैक्टर क्रय प्रकरण में, ट्रैक्टर को फाइनेंस कंपनी द्वारा नीलाम करने से पंचायत को हुई हानि के संबंध में सरपंच श्रीमती दुर्गा केथवास, तत्कालीन सचिव श्री विरेन्द्र मेहरा तथा श्री दिलीप धाकड़ एवं वर्तमान सचिव श्री पर्वत ऑजना के विरूद्ध मध्यप्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 की धारा 89 के प्रावधानों के अंतर्गत राशि वसूली हेतु कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया। (ख) सरपंच श्रीमती दुर्गा केथवास को राशि वसूली हेतु मध्यप्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 की धारा 89 के प्रावधानों के अंतर्गत कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया। (ग) मंदसौर जिले अंतर्गत ग्राम पंचायत दलौदा चौपाटी में पंचायत द्वारा सरपंच के व्यक्तिगत नाम से ट्रैक्टर क्रय प्रकरण में ट्रैक्टर को फाइनेंस कंपनी द्वारा नीलाम करने से पंचायत को हुई हानि के संबंध में सरपंच श्रीमती दुर्गा केथवास, तत्कालीन सचिव श्री विरेन्द्र मेहरा तथा श्री दिलीप धाकड एवं वर्तमान सचिव श्री पर्वत ऑजना के विरूद्ध मध्यप्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 की धारा 89 के प्रावधानों के अंतर्गत संबंधितों के विरूद्ध राशि वसूली अधिरोपित किये जाने का कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया जाकर वर्तमान में प्रकरण में कार्यवाही प्रचलित है।
जीर्ण-शीर्ण पंचायत भवनों की जानकारी
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
95. ( क्र. 443 ) श्री दिलीप सिंह परिहार : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) 1 जनवरी, 2024 के पश्चात प्रश्नकर्ता विधायक द्वारा जीर्ण-शीर्ण एवं नवीन पंचायत भवनों हेतु विभाग को कब-कब और कितने प्रस्ताव दिए गए? इनमें से कितनों को प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है तथा कितने की स्वीकृति किस कारण से शेष है? (ख) नीमच विधानसभा क्षेत्र में विभागीय जांच के अनुसार कौन-कौन से ग्राम पंचायत भवन जीर्ण-शीर्ण अवस्था में हैं? क्या इन भवनों की स्थिति विभागीय पोर्टल पर दर्ज कर दी गई है? यदि हाँ, तो सूची उपलब्ध कराएं। (ग) नीमच विधानसभा क्षेत्र में कितनी जीर्ण-शीर्ण ग्राम पंचायतों को डिसमेंटल (ध्वस्त) करने के आदेश दिए गए हैं? सूची उपलब्ध कराएं।
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) 01 जनवरी, 2024 के पश्चात प्रश्नकर्ता विधायक द्वारा पत्र क्र. 94, दिनांक 12.06.2025 के माध्यम से 14 ग्राम पंचायतों में जीर्ण-शीर्ण भवन होने के कारण नवीन ग्राम पंचायत भवन स्वीकृत किये जाने हेतु प्रस्ताव दिये गये थे। बजट के अभाव के कारण इनमें से किसी भी प्रस्ताव पर प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान नहीं की जा सकी है। (ख) जनपद पंचायत नीमच में ग्राम पंचायत आमलीखेड़ा, सेमली चन्द्रावत, बमोरी, धामनिया, बिसलवास सोनगरा, जावी, महुडिया, बरूखेड़ा जीर्ण-शीर्ण अवस्था में है। इन भवनों की स्थिति की प्रविष्टि विभागीय पोर्टल पर दर्ज नहीं है। जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) कार्यालय जिला पंचायत नीमच के पत्र क्रमांक 1761, दिनांक 27.06.2026 के द्वारा ग्राम पंचायत आमलीखेड़ा, सेमली चन्द्रावत, बमोरी, धामनिया, जावी, बिसलवास सोनगरा, महुडिया एवं बरूखेड़ा जीर्ण-शीर्ण अवस्था में होने से डिसमेंटल (ध्वस्थ) करने हेतु प्रस्ताव कलेक्टर जिला नीमच को प्रेषित किये गये है, जिन पर डिसमेंटल किये जाने के आदेश अपेक्षित हैं। जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है।
सहकारिता एवं सामाजिक संस्थाओं के पंजीकरण
[सहकारिता]
96. ( क्र. 445 ) श्री दिलीप सिंह परिहार : क्या सहकारिता मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) 1 जनवरी, 2018 के पश्चात नीमच, मंदसौर व रतलाम जिलों में सहकारिता संस्था, सामाजिक संस्था एवं सहकारिता से जुड़ी अन्य संस्थाओं के पंजीकरण किन कारणों से निरस्त किए गये या लंबित हैं? उक्त संस्थाओं की सूची उपलब्ध कराएं। (ख) प्रश्नांश (क) में संदर्भित कितनी संस्थाओं ने अपना पंजीकरण पुनर्जीवित करने हेतु आवेदन किया है? उनकी सूची उपलब्ध कराएं। (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) में संदर्भित कितनी संस्थाओं के विभिन्न श्रेणी के खाते बंद किए गए हैं? उनमें शेष राशि का विवरण दें। (घ) उक्त संस्थाओं में से कितनी संस्थाएं 'मिनी बैंक' के रूप में कार्य कर रही थी और भुगतान संबंधी नियमों का उल्लंघन कर रही थी? ऐसी संस्थाओं के विरुद्ध शिकायतें कब-कब, कहां-कहां दर्ज की गई? शिकायतकर्ता का नाम, पता एवं जांच करने वाले समक्षम अधिकारी के पद सहित जानकारी दें।
सहकारिता मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) 01 जनवरी, 2018 के पश्चात नीमच, मंदसौर व रतलाम जिलों में सहकारी संस्थाओं को अकार्यशील होने के कारण एवं अंकेक्षण वर्ग ''द'' में वर्गीकृत होने से म.प्र. सहकारी सोसाइटी अधिनियम 1960 की धारा 69 (1) एवं 70 (1) के अंतर्गत परिसमापन में लाया जाकर उनके पंजीयन निरस्त किए गए हैं। नीमच, मंदसौर व रतलाम की जिलेवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र- 01, 02 व 03 अनुसार है। (ख) प्रश्नांश (क) में संदर्भित संस्थाओं में से नीमच में 12 सहकारी संस्थाओं को मंदसौर में 04 सहकारी संस्थाओं को एवं रतलाम में 15 सहकारी संस्थाओं को पुनर्जीवित किया गया। नीमच, मंदसौर व रतलाम की जिलेवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र- 04, 05 व 06 अनुसार है। (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) में संदर्भित विभिन्न श्रेणी में जिला नीमच में 115 सहकारी संस्थाओं के खाते बंद किए गए, मंदसौर में 84 संस्थाओं के खाते बंद किए गए एवं रतलाम में 39 संस्थाओं के खाते बंद किए गए। उक्त संस्थाओं के खातों में कोई राशि वर्तमान में शेष नहीं है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) उक्त संस्थाओं में से कोई भी संस्था ''मिनी बैंक'' के रूप में कार्य नहीं कर रही थी। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
भ्रामक जानकारी दी जाना
[सहकारिता]
97. ( क्र. 450 ) श्री रजनीश हरवंश सिंह : क्या सहकारिता मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या अतारांकित प्रश्न क्रमांक 3401, दिनांक 16/07/2024 में शासन द्वारा यह जानकारी दी गई थी कि म.प्र. राज्य तिलहन संघ से शासन में पदस्थ सेवायुक्त कर्मचारियों को पंचम/षष्ठम वेतनमान दिये जाने संबंधी उच्च न्यायालय अवमानना प्रकरणों में तत्कालीन प्रमुख सचिव सहकारिता विभाग द्वारा अप्रैल 2015 माननीय उच्च न्यायालय में शपथ पत्र प्रस्तुत किया गया था? यदि हाँ, तो जानकारी दें। (ख) क्या तारांकित प्रश्न क्र. 562, दिनांक 17.02.2026 में मान. उच्च न्यायालय में शपथ पत्र नहीं देने की जानकारी दी गई? (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) में अलग-अलग भ्रामक जानकारी दिये जाने के लिए कौन दोषी है? संबंधित पर क्या कार्यवाही की गई? यदि नहीं, तो क्यों? (घ) प्रश्नांश (क) के प्रकाश में प्रकरण का निराकरण कब तक कर दिया जाएगा? यदि नहीं, तो क्यों?
सहकारिता मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) जी हाँ। शपथ पत्र की प्रति संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी नहीं, तारांकित प्रश्न क्रमांक 562, दिनांक 17.02.2026 के प्रश्नांश (घ) के उत्तर में शपथ पत्र में तिलहन संघ के कर्मचारियों की स्थिति की जानकारी प्रस्तुत करने का लेख किया गया था। (ग) एवं (घ) उत्तरांश (क) एवं (ख) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
ग्राम पंचायतों में सामुदायिक भवन निर्माण
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
98. ( क्र. 454 ) श्री सुनील उईके : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या विधानसभा क्षेत्र जुन्नारदेव अंतर्गत ग्राम पंचायत भरदागढ़ के इमलीडोह (भीमसेन ढाना), ग्राम पंचायत रामपुर, ग्राम पंचायत बेलगांवमाल तथा ग्राम पंचायत डुंगरिया (मदीना मस्जिद के पास) में वर्तमान में कोई सामुदायिक भवन उपलब्ध नहीं है अथवा उपलब्ध भवन जनसंख्या एवं स्थानीय आवश्यकताओं की दृष्टि से अपर्याप्त हैं? (ख) क्या उक्त स्थानों पर सामाजिक, सांस्कृतिक, शासकीय एवं सामुदायिक गतिविधियों के संचालन हेतु नवीन सामुदायिक भवनों के निर्माण की आवश्यकता है? (ग) क्या शासन द्वारा उक्त ग्रामों में सामुदायिक भवन निर्माण हेतु सर्वेक्षण/आवश्यकता परीक्षण कराने का विचार कर रहे हैं? यदि हाँ, तो कब तक? (घ) क्या शासन उक्त स्थानों पर सामुदायिक भवन निर्माण हेतु आवश्यक प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान करने पर विचार कर रहा है? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो कारण बतायें?
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) विधानसभा क्षेत्र जुन्नारदेव अंतर्गत ग्राम पंचायत भरदागढ़ के भीमसेन ढाना में पंचायत भवन के पास सामुदायिक भवन स्वीकृत है जो कि इमलीडोह (भीमसेन ढाना) से दूरी 500 मीटर पर है, ग्राम पंचायत डुंगरिया (मदीना मस्जिद के पास) पूर्व से सामुदायिक भवन बना हुआ है। ग्राम पंचायत रामपुर एवं बेलगांव माल में सामुदायिक भवन नहीं है। (ख) ग्राम पंचायत रामपुर एवं बेलगांव माल में सामुदायिक भवन की आवश्यकता है। (ग) वर्तमान में उक्त ग्रामों में सामुदायिक भवन निर्माण हेतु सर्वेक्षण/आवश्यकता परीक्षण कराने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) जी नहीं। वर्तमान वित्तीय वर्ष में अतिरिक्त स्टॉम्प शुल्क अंतर्गत बजट शून्य होने से कार्य स्वीकृत किया जाना संभव नहीं है। यदि माननीय विधायक चाहें, तो स्वयं की विधायक निधि से उक्त कार्य स्वीकृत करा सकते हैं।
जी राम जी योजना
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
99. ( क्र. 457 ) श्री हरदीप सिंह डंग : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्नकर्ता द्वारा दिनांक 17, फरवरी 2026 को अतारांकित प्रश्न क्र. 304 के माध्यम से जी राम जी योजना के बारे में जानकारी चाही गई थी, जिसके प्रत्युत्तर में बताया गया था कि विकसित भारत जी राम जी अधिनियम 2025 के अध्याय 1 की कंडिका 1 (2) अनुसार भारत सरकार द्वारा नोटिफिकेशन उपरांत योजना तैयार की जाना है। भारत सरकार से नोटिफिकेशन अप्राप्त है। क्या उक्त नोटिफिकेशन प्राप्त हो चुका है जानकारी देवें? (ख) प्रश्नांश (क) यदि हाँ, तो इस योजना में कौन-कौन से कार्यों को सम्मिलित किया जाएगा? किए जाने वालो कार्यों के नामों की नियमों सहित जानकारी उपलब्ध कराएं? (ग) प्रश्न दिनांक तक क्या प्रश्नांश (क) वर्णित जनान्तर्गत प्रदेश में अलग-अलग क्षेत्र की आवश्यकतानुसार कार्यों की स्वीकृति प्रदान की गई है? जानकारी देवें? (घ) मंदसौर जिले में किन-किन कार्यों को चिंहित कर प्रस्तावित किया गया है तथा कितने कार्यों की स्वीकृति प्रदान कि गई है विधानसभावार जानकारी देवें?
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट -अ अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट – ब अनुसार है। (ग) जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट – स अनुसार है।
मुख्यमंत्री मजरा टोला सड़क योजना
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
100. ( क्र. 458 ) श्री चन्दरसिंह सिसौदिया : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मुख्यमंत्री मजरा टोला सड़क योजना अंतर्गत गरोठ विधानसभा क्षेत्र में कुल कितने सड़क निर्माण कार्य के प्रस्ताव विभाग को प्राप्त हुए हैं? सूची उपलब्ध करावें। (ख) प्राप्त प्रस्तावों में कुल कितनी सड़कों के निर्माण हेतु वित्तीय स्वीकृति प्रदान की जा चुकी हैं? स्वीकृत राशि सहित सूची प्रदान करें। (ग) जिन सड़कों की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई, उनके निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिये गये हैं? यदि नहीं, तो कब तक प्रारंभ किये जावेंगे?
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) मुख्यमंत्री मजरा टोला सड़क योजना अंतर्गत गरोठ विधानसभा क्षेत्र में योजना के मापदण्ड एवं मार्ग दर्शीय निर्देशों के अनुसार 33 बसाहटों को प्राथमिकता सूची में चिन्हित किया गया। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''1'' अनुसार है। (ख) गरोठ विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत मुख्यमंत्री मजरा टोला सड़क योजना में चिन्हित 33 बसाहटों में से प्रथम चरण में 10.028 कि.मी. लम्बाई व राशि रूपये 893.59 लाख के कार्य स्वीकृत किया जाना लक्षित है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''2'' अनुसार है। (ग) जी नहीं। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं।
रिक्त पदों एवं नवीन संकाय का संचालन
[उच्च शिक्षा]
101. ( क्र.
459 ) श्री
चन्दरसिंह
सिसौदिया : क्या
उच्च शिक्षा
मंत्री महोदय
यह बताने की कृपा
करेंगे कि (क) गरोठ
विधानसभा
क्षेत्र
अन्तर्गत
संचालित शासकीय
महाविद्यालयों
में शैक्षणिक
एवं गैर शैक्षणिक
के कुल कितने
पद स्वीकृत
हैं और वर्तमान
में कितने
कार्यरत हैं? कितने
पद रिक्त हैं? सूची
प्रदान करें।
इन रिक्त पदों
की पूर्ति की
क्या योजना
हैं? क्या
शासन इन रिक्त
पदों की
पूर्ति करेगा? यदि
हाँ, तो
कब तक?
(ख) विधानसभा
अंतर्गत
संचालित
महाविद्यालयों
में कौन-कौन
से संकाय
संचालित हैं? कौन-कौन
से संकाय
संचलित नहीं
हैं। सूची
प्रदाय करें। (ग) क्या
शासकीय
महाविद्यालय
भानपुरा में
विज्ञान
संकाय
प्रारंभ कर
दिया गया हैं? यदि
नहीं तो क्या
विभाग
शैक्षणिक
सत्र 2026-27
में विज्ञान
संकाय
प्रारंभ करने
की स्वीकृति
प्रदान करेगा? यदि
हाँ, तो
कब तक?
उच्च
शिक्षा
मंत्री ( श्री
इन्दर सिंह
परमार ) : (क) शैक्षणिक/गैर
शैक्षणिक
पदों के स्वीकृत/
कार्यरत/ रिक्त
पदों की जानकारी
संलग्न परिशिष्ट
अनुसार है। म.प्र.
लोक सेवा आयोग
द्वारा जारी
विज्ञापन वर्ष
2024
एवं 2025
की चयन सूचियां
प्राप्त
होने के
उपरांत पद
पूर्ति की
कार्यवाही की
जावेगी।
समय-सीमा बताई
जाना संभव
नहीं है। (ख) गरोठ
विधानसभा
अंतर्गत श्री
शिवनारायण
उदिया शासकीय
महाविद्यालय, गरोठ
में कला, वाणिज्य
एवं विज्ञान
संकाय
संचालित हैं
तथा शासकीय महाविद्यालय, भानपुरा
में केवल कला
संकाय
संचालित है, विज्ञान
एवं वाणिज्य
संकाय
संचालित नहीं
है। (ग)
जी नहीं, विभागीय
मापदण्डों
के
परिप्रेक्ष्य
में संसाधनों
की उपलब्धता
के आधार पर
कार्यवाही की
जाती है। निश्चित
समय-सीमा बताई
जाना संभव
नहीं है।
शांतिधाम जीर्णोद्धार एवं सौंदर्यीकरण
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
102. ( क्र. 460 ) श्री चन्दरसिंह सिसौदिया : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या विभाग अन्तर्गत ग्राम पंचायत एवं ग्राम स्तर पर मुक्तीधामों के विकास एवं जीर्णोद्धार की कोई योजना हैं? यदि हाँ, तो गरोठ विधानसभा क्षेत्र अन्तर्गत कुल कितनी ग्राम पंचायतों, ग्राम स्तर पर शांतिवन शेड मुक्तिधाम का कार्य किया जा चुका हैं? कितनी ग्राम पंचायतों में प्रश्न दिनांक तक मुक्तिधाम शेड निर्माण, सौंदर्यीकरण नहीं हुआ हैं? यदि हाँ, तो सूची उपलब्ध करावें। (ख) गरोठ विधानसभा अन्तर्गत कितनी ग्राम पंचायतों/ग्रामों में शांतिधाम जीर्ण-शीर्ण होकर मार्गविहिन हैं एवं कितने मुक्तिधामों में सौंदर्यीकरण नहीं हुआ हैं? क्या शासन इन ग्राम पंचायत, ग्राम स्तर पर मुक्तिधाम शेड़ निर्माण एवं सौंदर्यीकरण का कार्य करेगा? यदि हाँ, तो कब तक?
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) विभाग के अंतर्गत ग्राम पंचायत एवं ग्राम स्तर पर मनरेगा एवं 5वें राज्य वित्त आयोग से मुक्तिधामों के विकास एवं जीर्णोंद्धार की योजना है। गरोठ विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत कुल 209 ग्राम स्तर पर मुक्तिधाम शेड कार्य किया गया। 22 ग्राम स्तर पर मुक्तिधाम शेड निर्माण एवं 170 ग्राम स्तर पर सौंदर्यीकरण नहीं हुआ है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट–अ अनुसार है। (ख) गरोठ विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत 10 ग्राम स्तर पर शांतिधाम जीर्ण-शीर्ण होकर 10 ग्राम स्तर पर मार्ग विहीन है। शासन के निर्देशानुसार कार्य योजना में शामिल कर बजट की उपलब्धता के आधार पर इन मुक्तिधाम शेड निर्माण एवं सौंदर्यीकरण का कार्य किया जायेगा। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट – ''ब'' अनुसार है।
अंतिम वेतन प्रमाण पत्र
[उच्च शिक्षा]
103. ( क्र. 467 ) श्री पन्नालाल शाक्य : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्रांतिवीर तात्याटोपे विवि गुना, से प्रतिनियुक्ति समाप्ति उपरांत डॉ. ललित कुमार नामदेव एवं डॉ. देवेंद्र कुमार भड़ेरिया को 15.01.2026 को कार्यमुक्त किया था, जो वर्तमान में शा.पी.जी. महाविद्यालय गुना में सेवारत हैं उन्हें बिना लिखित सूचना के वेतन, अंतिम वेतन प्रमाण पत्र, आय विवरणी दाखिल करने हेतु फॉर्म 16 आज दिनांक तक जारी नहीं किया गया, क्यों? इन्हें कब तक जारी किया जावेगा। (ख) प्रश्नांश (क) में वर्णित अधिकारियों के लगभग 6 माह तक एल.पी.सी. जारी न करने, वेतन रोकने के कारण परिवारजनों को आर्थिक व मानसिक संताप देने वाले अधिकारियों के विरुद्ध क्या कार्यवाही प्रस्तावित की जा रही है?
उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री इन्दर सिंह परमार ) : (क) डॉ. ललित कुमार नामदेव एवं डॉ. देवेन्द्र कुमार भड़ेरिया का अंतिम वेतन प्रमाण पत्र एवं फार्म 16 तैयार कर दिनांक 07/07/2026 को प्राचार्य, शासकीय स्नातकोत्तर को भेजा जा चुका है। (ख) संबंधित अधिकारियों को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया है।
संविदा कर्मचारियों के वेतन विसंगति
[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]
104. ( क्र. 469 ) श्री नागेन्द्र सिंह : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या कृषि विभाग में कार्यरत संविदा कर्मचारियों में आत्मा परियोजना, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन एवं मिट्टी परीक्षण प्रयोगशाला में कार्यरत कर्मचारियों के ATM सहायक तकनीकी प्रबंधक तथा TA तकनीकी प्रबंधक के समकक्षता के समय 2800 ग्रेड-पे लेवल 10 दिया गया है? यदि हाँ, तो विभाग में कार्यरत संविदा लैब टेक्नीशियनों को भी समकक्षता के आधार पर 2800 ग्रेड-पे लेवल 10 क्यों नहीं दिया गया? यदि दिया जायेगा तो कब तक? समय-सीमा बतायें। (ख) क्या कृषि विभाग में पदस्थ संविदा कर्मचारियों को NPS एवं महंगाई भत्ता का लाभ दिया जा रहा है? यदि नहीं तो क्यो? यदि दिया जायेगा तो कब तक?
किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) जी हाँ। कार्यवाही प्रचलन में है, समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। शेष प्रश्न उद्यभूत नहीं होता है। (ख) जी नहीं। म.प्र. शासन, सामान्य प्रशासन विभाग के आदेश/क्रमांक/सी-5-2/2018/1/3 दिनांक 22 जुलाई, 2023 की कंडिका-8 (1) के अनुसार कार्यवाही विभाग में प्रचलन में है, समय-सीमा बताई जाना संभव नहीं है।
अनापत्ति प्रमाण पत्र प्रदाय में विलम्ब
[आयुष]
105. ( क्र. 470 ) श्री नागेन्द्र सिंह : क्या आयुष मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या आवेदक राशिद कुरैशी द्वारा दिनांक 01-12-2025 को वक्फ प्रबंधन कमेटी मामले में (NOC) अनापत्ति प्रमाण पत्र या अनुमति प्रदान करने हेतु जिला आयुष अधिकारी रीवा एवं संभागीय आयुष अधिकारी रीवा को आवेदन पत्र प्रस्तुत किया गया था? यदि हाँ, तो क्या संबंधित मामले में आवेदक को NOC/अनुमति प्रदान कर दी गई है? यदि नहीं, तो क्यों? विलंब का कारण बतावें। विलंब के लिये कौन उत्तरदायी है? (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार संबंधित मामले में क्या आवेदक को अनापत्ति प्रमाण पत्र/अनुमति प्रदान की जावेगी? यदि हाँ, तो कब तक? समय-सीमा बतायें। यदि नहीं, तो क्यों? कारण बतायें। (ग) प्रभारी जिला आयुष अधिकारियों/पूर्णकालिक जिला आयुष अधिकारियों एवं प्रभारी संभागीय आयुष अधिकारियों/पूर्णकालिक संभागीय आयुष अधिकारियों को शासकीय कर्मचारियों/आमनागरिकों के मामलों में किन-किन कार्यों (जैसे- शैक्षणिक/चिकित्सीय/फार्मेंसी/अन्य सामाजिक कार्यों) की अनुमति/अनापत्ति (NOC) प्रदान करने के अधिकार प्रदत्त किये गये हैं, पूर्ण विवरण/सूची उपलब्ध करायें। (घ) जिला आयुष अधिकारियों एवं संभागीय आयुष अधिकारियों को अधीनस्थ कर्मचारियों/आम नागरिकों द्वारा प्रस्तुत आवेदन पत्रों के निराकरण करने हेतु कितने दिनों की समय-सीमा निर्धारित की गई है? जानकारी उपलब्ध करायें। समय-सीमा पर आवेदनों के निराकरण न करने की स्थिति में संबंधित अधिकारियों के विरूद्ध क्या अनुशासनात्मक कार्यवाही किये जाने के प्रावधान हैं? जानकारी उपलब्ध करायें।
आयुष मंत्री ( श्री इन्दर सिंह परमार ) : (क) जी हाँ। जी नहीं। कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। विलंब के लिए दोषी लिपिक को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया है। (ख) नियमानुसार कार्यवाही की जावेगी। प्रकरण में कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ग) नियमित कर्मचारियों हेतु शैक्षणिक कार्य एवं परीक्षा संबंधी कार्य हेतु (NOC) अनापत्ति प्रमाण पत्र प्रदाय किये जाने के शासन द्वारा अधिकार प्रत्यायोजित नहीं किये गए है। संविदा सामुदायिक आयुष चिकित्सा अधिकारियों (CAMO) को विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में सम्मिलित होने, साक्षात्कार, अभिलेख सत्यापन तथा नियुक्ति प्रक्रिया के अन्य चरणों में चाहे गये अनापत्ति प्रमाण पत्रों को जारी करने के लिए राष्ट्रीय आयुष मिशन शाखा संचालनालय आयुष द्वारा जिला आयुष अधिकारियों को अधिकृत किया गया है। जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (घ) समय-सीमा निर्धारित नहीं की गई है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
बहोरीबंद विधान सभा क्षेत्र अन्तर्गत तकनीकी शिक्षा
[तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार (केवल कौशल विकास एवं रोजगार)]
106. ( क्र. 471 ) श्री प्रणय प्रभात पांडे : क्या राज्य मंत्री, कौशल विकास एवं रोजगार महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बहोरीबंद विधान सभा क्षेत्र अन्तर्गत कहाँ पर आई.टी.आई. संस्थान हैं तथा इन संस्थानों में कौन-कौन से कोर्स संचालित हैं। (ख) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित संस्थानों में ट्रेडवार कितने विद्यार्थी प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं एवं इनमें प्रशिक्षण देने हेतु कितने पद स्वीकृत हैं तथा इन स्वीकृत पदों पर कितने रिक्त हैं। सम्पूर्ण सूची देवें। (ग) क्या शासन कटनी जिला अन्तर्गत स्लीमनाबाद में आई.टी.आई. प्रारंभ करेगा? उत्तर में यदि हाँ, तो किस प्रकार से कब तक यदि नहीं, तो क्यों नहीं?
राज्य मंत्री, कौशल विकास एवं रोजगार ( श्री गौतम टेटवाल ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-एक अनुसार है। (ख) व्यवसायवार प्रशिक्षणार्थियों की जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-एक अनुसार एवं स्वीकृत एवं रिक्त पदों की जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-दो अनुसार है। (ग) जी नहीं। विभाग की नीति प्रत्येक विकासखण्ड में एक शासकीय आई.टी.आई. प्रारंभ करने की है। स्लीमनाबाद, बहोरीबंद विकासखण्ड के अंतर्गत आता है। विकासखण्ड बहोरीबंद में शासकीय आई.टी.आई., बहोरीबंद पूर्व से ही संचालित है।
शासकीय महाविद्यालय में रिक्त पदों की जानकारी
[उच्च शिक्षा]
107. ( क्र. 472 ) श्री प्रणय प्रभात पांडे : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बहोरीबंद विधान सभा क्षेत्र अन्तर्गत कहाँ-कहाँ पर कब से शासकीय महाविद्यालय संचालित है तथा इन महाविद्यालयों में कौन-कौन संकाय संचालित है तथा इनमें कितने विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। बतलावें महाविद्यालयवार सूची देवें। (ख) प्रश्नांश में उल्लेखित महाविद्यालयों में प्राध्यापकों/सहायक प्राध्यापकों के कितने पद स्वीकृत हैं तथा इन स्वीकृत पदों में से कितने पद रिक्त हैं एवं कहाँ-कहाँ पर कौन-कौन से अतिथि विद्वान कब से कार्यरत है। सूची देवें। (ग) क्या शासकीय महाविद्यालय स्लीमनाबाद में साइंस विषय की स्नातकोत्तर कक्षायें प्रारंभ करने की मांग की जा रही है। (घ) प्रश्नांश (ग) के उत्तर में यदि हाँ, तो शासन किस प्रकार से कब तक शासकीय महाविद्यालय स्लीमनाबाद में एम.एस.सी. की कक्षायें प्रारंभ करेगा?
उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री इन्दर सिंह परमार ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''अ'' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''ब'' अनुसार है। (ग) जी हाँ। (घ) विभागीय मापदण्डों के परिप्रेक्ष्य में संसाधनों की उपलब्धता के आधार पर कार्यवाही की जाती है। निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
पॉलिटेक्निक डिप्लोमा की समकक्षता
[तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार (केवल तकनीकी शिक्षा) ]
108. ( क्र. 478 ) श्री राजेश कुमार शुक्ला : क्या तकनीकी शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या राजीव गांधी प्रौद्योगिक तकनीकी विश्वविद्यालय के तीन वर्षीय डिप्लोमा कोर्स (पॉलिटेक्निक संस्थानों से) को माध्यमिक शिक्षा मंडल, भोपाल द्वारा 12वीं कक्षा के समकक्ष माना जाता है? (ख) यदि हाँ, तो क्या उक्त डिप्लोमा धारकों को 12वीं उत्तीर्ण के समकक्ष मानते हुए स्नातक स्तर B.A., B.Sc., B.Com. आदि में प्रवेश की पात्रता प्रदान की जाती है? (ग) क्या डिप्लोमा धारक अभ्यर्थी D.El.Ed. (डी.एल.एड.) या अन्य शिक्षक प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए पात्र हैं? (घ) राज्य शासन द्वारा डिप्लोमा धारकों को किस संकाय Arts/Science/Commerce/other के अंतर्गत वर्गीकृत किया गया है? (ड.) क्या अनेक शिक्षण संस्थानों एवं प्रतियोगी परीक्षाओं में डिप्लोमा को 12वीं के पूर्ण विकल्प के रूप में स्वीकार नहीं किया जाता। यदि हाँ, तो शासन द्वारा इस विसंगति को दूर करने हेतु क्या कदम उठाए जा रहे हैं, ताकि डिप्लोमा धारकों को 12वीं के समान सभी अवसर प्राप्त हो सकें?
तकनीकी शिक्षा मंत्री ( श्री इन्दर सिंह परमार ) : (क) जी हाँ। (ख) पात्रता का निर्धारण संबंधित विश्वविद्यालयों द्वारा निर्धारित मापदंडों के अनुसार किया जाता है। (ग) पात्रता का निर्धारण संबंधित संस्थानों द्वारा निर्धारित मापदंडों के अनुसार किया जाता है। (घ) विभाग अंतर्गत डिप्लोमा धारकों को इंजीनियरिंग/नॉन इंजीनियरिंग में वर्गीकृत किया गया है, जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ड.) जी नहीं। शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
शासकीय होम्योपैथी स्वास्थ्य कल्याण केन्द्र भोपाल की जानकारी
[आयुष]
109. ( क्र.
487 ) श्री
हेमंत
सत्यदेव
कटारे : क्या
आयुष मंत्री
महोदय यह
बताने की कृपा
करेंगे कि (क) वर्ष
2023
में
केन्द्रीय
योग एवं
प्राकृतिक
अनुसंधान परिषद्
(CCRYN) नई
दिल्ली के साथ
निष्पादित
समझौता
ज्ञापन की
प्रमाणित
प्रति उपलब्ध
करायें। (ख) वर्ष
2017
से आज दिनांक
तक शासकीय
होम्योपैथी
स्वास्थ्य
कल्याण
केन्द्र
भोपाल में
मरीजों से
प्राप्त/वसूल
की गई राशि का
वर्षवार
विवरण/लेखा विवरण
की प्रमाणित
प्रतिलिपियां
उपलब्ध करायी
जायें। (ग) शासकीय
होम्योपैथी
स्वास्थ्य
कल्याण केन्द्र
भोपाल में
शासकीय
होम्योपैथी
मेडिकल कॉलेज
एवं
चिकित्सालय
में उपलब्ध
कराये गये अधिकारियों
एवं
कर्मचारियों
की पदवार
संख्या एवं
सूची उपलब्ध
करायी जायें।
आयुष
मंत्री ( श्री
इन्दर सिंह
परमार ) : (क)
जानकारी
पुस्तकालय में
रखे परिशिष्ट -1 (अ एवं
ब) अनुसार (वर्ष 2022-23 व 2023-24
के एम.ओ.यू.
संलग्न है। (ख) वर्ष
2017
से 23
जनवरी, 2024
तक की प्राप्त
सम्पूर्ण
राशि सी.सी.आर.वाय.एन.
भारत सरकार, नई
दिल्ली में
सीधे जमा की
गई है,
जिसका
संधारण भी
उनके माध्यम
से किया जाता
था अत: दिया
जाना संम्भव
नहीं है उसके
पश्चात की
वर्षभार
प्रतिलिपियां
संलग्न है।
जनवरी 2024 से
महाविद्यालय
एकाउण्ट में
प्राप्त
राशि का
वर्षभार
विवरण संलग्न
है। जानकारी
पुस्तकालय
में
रखे परिशिष्ट -2
अनुसार है। (ग) शासकीय
होम्योपैथिक
चिकित्सा
महाविद्यालय
द्वारा
प्राप्त
सेडमैप के
माध्यम से 08
अकुशल कर्मी
(आउटसोर्स)
उपलब्ध
कराये गये है
जिसकी सूची
संलग्न है। जानकारी
पुस्तकालय में
रखे परिशिष्ट-''3''
अनुसार है।
प्रदेश के विश्वविद्यालयों की जानकारी
[उच्च शिक्षा]
110. ( क्र. 488 ) श्री हेमंत सत्यदेव कटारे : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश के भोपाल, इंदौर, सीहोर, रायसेन एवं सागर जिले में संचालित निजी व शासकीय विश्वविद्यालयों में कौन-कौन से शैक्षणिक कोर्स संचालित है? कोर्स हेतु आवंटित सीट संख्या, शुल्क विवरण आदि की विश्वविद्यालयवार जानकारी उपलब्ध करायी जाये। (ख) निजी व शासकीय विश्वविद्यालयों में कुलगुरू व शैक्षणिक स्टॉफ के चयन की वर्तमान में कौन-सी प्रक्रिया प्रचलित है? चयन समिति के गठन सहित उनके शैक्षणिक अनुभव संबंधी क्या-क्या अर्हताओं सहित पूर्ण जानकारी दी जाये। (ग) उपरोक्त जिलों में संचालित निजी व शासकीय विश्वविद्यालयों में वर्तमान में पदस्थ कुलगुरू, कुल सचिव सहित प्राध्यापक, सहायक प्राध्यापकों की जानकारी विश्वविद्यालयवार दी जाये जिसमें विश्वविद्यालय का नाम, कुलगुरू/कुलसचिव/ प्राध्यापक/सहायक प्राध्यापक का नाम, शैक्षणिक, अनुभव अर्हता, नियुक्ति दिनांक सहित रिक्त पदों की जानकारी भी पृथक-पृथक विश्वविद्यालयवार प्रदान की जाये। (घ) शिक्षा सत्र 2025-26 में उक्त जिलों के निजी व शासकीय विश्वविद्यालयों व उनके अधीन महाविद्यालयों में प्रवेशित छात्रों की संख्या व छात्रों को प्राप्त छात्रवृत्ति की विश्वविद्यालयवार व कोर्सवार पृथक-पृथक जानकारी उपलब्ध करायी जायें। (ड.) आलोच्य अवधि में उक्त जिलों के निजी व शासकीय विश्वविद्यालयों व उनके अधीन महाविद्यालयों में प्रदेश से बाहर के कितने छात्र अध्ययनरत रहे की जानकारी विश्वविद्यालयवार व कोर्सवार पृथक-पृथक जानकारी उपलब्ध करायी जायें।
उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री इन्दर सिंह परमार ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट- 'अ' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट- 'ब' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट- 'स' अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट- 'द' अनुसार है। (ड.) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट- 'ई' अनुसार है।
प्रदेश में युवाओं को रोजगार प्रदान करना
[तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार (केवल कौशल विकास एवं रोजगार ) ]
111. ( क्र. 490 ) श्री हेमंत सत्यदेव कटारे : क्या राज्य मंत्री, कौशल विकास एवं रोजगार महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2020 से जून 2026 तक मध्य प्रदेश के किन-किन विभागों द्वारा युवाओं के रोजगार के लिए कौन-कौन सी योजनाएं चलाई जा रही है? कितना बजट रखा गया कितना बजट खर्च किया गया? वर्षवार बतावे। योजनाओं का लाभ लेने के लिए क्या पात्रता निर्धारित की गई है? (ख) किन-किन योजनाओं में युवाओं को रोजगार के लिए ऋण उपलब्ध कराया जाता है और कितना-कितना ऋण उपलब्ध कराया जाता है? (ग) वर्ष 2020 से जुलाई 2026 तक कितने युवाओं ने रोजगार ऋण के लिए आवेदन किये व कितने युवाओं व किस-किस वर्ग के युवाओं को अलग-अलग योजनाओं में रोजगार के लिए ऋण दिया गया? कितनी महिलाओं व कितने पुरुषों को ऋण दिया गया? वर्षवार व जिलेवार जानकारी दें। (घ) वर्ष 2021 से जून 2026 तक अलग-अलग विभागों में युवाओं को रोजगार के लिए ऋण न प्राप्त होने के संबंध में विभाग व बैंकों के विरुद्ध कितनी शिकायतें प्राप्त हुई, कितनी CM हेल्पलाइन के माध्यम से शिकायतें प्राप्त हुई? वर्षवार संख्यात्मक जानकारी उपलब्ध करावे। (ड.) वर्ष 2021 से जून 2026 तक अलग-अलग विभागों में युवाओं को रोजगार के लिए ऋण दिया गया उन युवाओं के नाम, पता, मोबाइल नंबर, रोजगार का नाम की वर्षवार जिलेवार सूची उपलब्ध करावे।
राज्य मंत्री, कौशल विकास एवं रोजगार ( श्री गौतम टेटवाल ) : (क) विभाग द्वारा रोजगार के लिये जॉब फेयर योजना संचालित की जा रही है, शासन के विभिन्न विभागों द्वारा संचालित स्वरोजगार योजनाओं की जानकारी एकत्रित की जा रही है। विभाग द्वारा संचालित जॉब फेयर योजना से संबंधित वर्षवार बजट की जानकारी निम्नानुसार है- (राशि लाख रूपये में)
|
वर्ष |
आवंटन |
व्यय |
|
2020-21 |
141.62 |
97.71 |
|
2021-22 |
141.62 |
101.32 |
|
2022-23 |
247.12 |
156.34 |
|
2023-24 |
221.06 |
110.47 |
|
2024-25 |
384.06 |
348.63 |
|
2025-26 |
1000.01 |
892.57 |
कोई भी आवेदक जॉब फेयर योजना में भाग ले सकता है। (ख) विभाग द्वारा संचालित जॉब फेयर योजना में ऋण वितरण का प्रावधान नहीं है। शासन के विभिन्न विभागों द्वारा संचालित स्वरोजगार योजनाओं की जानकारी एकत्रित की जा रही है। (ग), (घ) एवं (ड.) उत्तरांश 'ख' के परिप्रेक्ष्य में विभागीय जानकारी का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। शासन के विभिन्न विभागों द्वारा संचालित स्वरोजगार योजनाओं की जानकारी एकत्रित की जा रही है।
कृषकों को कृषि यंत्र की उपलब्धता की जानकारी
[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]
112. ( क्र. 493 ) श्री बिसाहूलाल सिंह : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला अनूपपुर में किसान कल्याण एवं कृषि विभाग के द्वारा कृषि कार्य को लाभ का धंधा बनाये जाने के लिये कौन-कौन से तकनीक अपनाई गई है तथा कृषकों को उक्त क्षेत्र में कौन-कौन सी सुविधाएँ उपलब्ध कराई गई है? जानकारी देवें। (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार कृषि को लाभ का धंधा बनाये जाने के लिये कृषकों को आधुनिक तकनीक से कृषि कार्य किये जाने के लिये विभाग द्वारा कौन-कौन सा कृषि यंत्र उपलब्ध कराये गये है तथा कृषि यंत्र किन किन लोगों को उपलब्ध कराये जाने का प्रावधान है? (ग) प्रश्नांश (ख) अनुसार जिले में वर्ष 2023-24 से प्रश्न दिनांक किन-किन हितग्राहियों को कृषि यंत्र प्रदान किये गये है? सूचीबद्ध जानकारी उपलब्ध कराये। (घ) प्रश्नांश (क) एवं (ख) अनुसार जिले के कृषकों को प्रशिक्षण प्रदान कर विभाग के द्वारा कृषि को लाभ का धंधा बनाने के लिए कितनी राशि आवंटित हुई है तथा उनमें से किसानों के हित में कितनी राशि व्यय की जा चुकी है? विकासखण्डवार जानकारी देवें। (ड.) कृषि विभाग द्वारा गरीबी रेखा के नीचे के जनजातीय वर्ग के कृषकों को कौन-कौन से लाभ दिये जाने का प्रावधान है तथा उन्हें अब तक कौन-कौन से लाभ दिया जा चुका है? विगत तीन वर्षों की जानकारी उपलब्ध कराये।
किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) जिला अनूपपुर में किसान कल्याण एवं कृषि विभाग के द्वारा कृषि कार्य को लाभ का धंधा बनाये जाने के लिये कम लागत में डी.एस.आर. पद्धति में धान की बुवाई एवं पेडी ट्रांसप्लांटर से धान की रोपाई करने हेतु कृषकों को सलाह दी जा रही है। साथ ही संतुलित उर्वरक का उपयोग, प्राकृतिक खेती अपनाई जाने हेतु संगोष्ठी, प्रशिक्षण, मेला आदि व मैदानी अमले के माध्यम से किसानों को मौसमी फसलों की उन्नत किस्मों एवं तकनीक का प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार कृषकों को आधुनिक तकनीक से कृषि कार्य किये जाने के लिये विभाग द्वारा उपलब्ध कराये कृषि यंत्र की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। कृषि यंत्र वितरण के प्रावधान की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ग) उत्तरांश (ख) अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है। (ड.) विभाग में गरीबी रेखा के नीचे के जनजातीय वर्ग के कृषकों को लाभ दिये जाने हेतु अलग से योजना संचालित नहीं है, अपितु समस्त योजनाओं में मार्गदर्शी निर्देशानुसार आदिवासी उपयोजना घटक अंतर्गत जनजातीय वर्ग के सभी कृषकों को योजना का लाभ दिये जाने का प्रावधान है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
मनरेगा योजना में लंबित भुगतान
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
113. ( क्र. 498 ) श्री आशीष गोविंद शर्मा : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या महात्मा गाँधी नरेगा अन्तर्गत प्रदेश स्तर पर मजदूरी राशि 5508.56 लाख रुपये व सामग्री राशि 108548.56 लाख रुपये का भुगतान वर्तमान में वित्त वर्ष 2025-2026 का लम्बित है एवं मजदूरी मद राशि माह जनवरी 2026 से मजदूर के खातों में अप्राप्त रही है? कब तक राशि प्राप्त हो जावेगी। (ख) प्रश्नांश (क) के अनुसार सामग्री मद हेतु भुगतान की क्या प्रक्रिया है एवं भुगतान लम्बित होने का कारण क्या है स्पष्ट करें। (ग) क्या विकसित भारत "जीरामजी' योजना के प्रारम्भ होने के पूर्व वर्तमान अवधि तक के लम्बित मजदूरी एवं सामग्री मद के भुगतान से सम्बन्धित एजेंसियों को जारी कर दिये जावेंगे या नवीन योजना के माध्यम से भुगतान हेतु कोई प्रावधान किया गया है। जानकारी दें। (घ) माह जनवरी-फरवरी 2026 में सामग्री मद के भुगतान करने पर किन कोषालय अधिकारियों द्वारा भुगतान किन कारणों से रिजेक्ट किया गया क्या दोषी अधिकारियों पर कार्यवाही की गई।
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) महात्मा गाँधी नरेगा योजना अन्तर्गत प्रदेश स्तर पर नरेगा साफ्ट अनुसार मजदूरी मद में राशि रूपये 5103.87 लाख एवं सामग्री मद में राशि रूपये 90966.28 लाख का भुगतान वित्तीय वर्ष 2025-2026 का लम्बित है। भारत सरकार द्वारा मजदूरी भुगतान हेतु अंतिम स्वीकृति आदेश दिनांक 10.06.2026 जारी किया गया है। जो कि संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) सामग्री मद में देयकों के सत्यापन उपरांत ग्राम पंचायत द्वारा प्रविष्टि नरेगा साफ्ट में की जाकर जनपद कार्यालय द्वारा भुगतान की कार्यवाही की जाती है। भारत सरकार से राशि प्राप्त होने पर सामग्री भुगतान सतत रूप से किया जाता है। (ग) वित्तीय वर्ष 2026-27 में नरेगा साफ्ट अनुसार मजदूरी मद में राशि रूपये 70339.86 लाख एवं सामग्री मद में राशि रूपये 50994.46 लाख का भुगतान किया गया है। विकसित भारत "जीरामजी" योजना के प्रारम्भ होने के पूर्व के मनरेगा योजना के देयकों का भारत सरकार से राशि प्राप्त होने पर भुगतान किया जा सकेगा। (घ) वित्तीय वर्ष 2025-2026 में सामग्री मद के भुगतान में प्रक्रियात्मक त्रुटियां होने के कारण कतिपय कोषालय द्वारा भुगतान रिजेक्ट किये गये थे, जिन्हें बाद में सुधार कर पुन: भुगतान हेतु प्रेषित किये जाने पर भुगतान किया गया है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
गृह विज्ञान संकाय प्रारंभ किया जाना
[उच्च शिक्षा]
114. ( क्र. 499 ) श्री आशीष गोविंद शर्मा : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) देवास जिले के अंतर्गत कितने महाविद्यालयों में स्नातक तक गृह विज्ञान संकाय संचालित किये जा रहे है? संख्या एवं महाविद्यालयों के नाम एवं विद्यार्थियों की संख्या की जानकारी दें। (ख) क्या जिला देवास के ब्लॉक कन्नौद के शासकीय कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय में गृह विज्ञान संकाय कि कक्षायें प्रारंभ करने का कोई प्रस्ताव विभाग के पास विचाराधीन है? (ग) क्या कन्नौद तहसील में गृह विज्ञान से 12th की परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले छात्र-छात्राओं को इसी विषय में आगे अध्यापन हेतु अन्यत्र जाना पड़ता है तथा इससे होने वाली समस्याओं के कारण अधिकांश छात्र-छात्राएं विशेषकर छात्राएं अध्यापन छोड़ देती है, यदि हाँ, तो विभाग की क्या योजना है? (घ) क्या प्रश्नकर्ता के विधान सभा अंतर्गत कन्नौद महाविद्यालय में छात्राओं के लिये इस विषय में नियमित अध्यापन हेतु वर्तमान सत्र से संकाय लागू हो सकता है यदि हाँ, तो कब तक? समय-सीमा की जानकारी दें।
उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री इन्दर सिंह परमार ) : (क) देवास जिले के अंतर्गत सिर्फ शासकीय कन्या महाविद्यालय देवास में स्नातक स्तर पर गृह विज्ञान संकाय (बी.एच.एससी.) संचालित है। शासकीय कन्या महाविद्यालय देवास में गृह विज्ञान संकाय के अंतर्गत बी.एच.एस.सी. गृह विज्ञान में 14 एवं बी.ए. गृह विज्ञान में 10 तथा व्यावसायिक पाठ्यक्रम में 189 छात्राऐं अध्ययनरत हैं। (ख) जी हाँ। (ग) जी नहीं, शासकीय कन्या महाविद्यालय देवास में गृह विज्ञान संकाय संचालित है। (घ) जी नहीं। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता है।
उद्योगों में सुरक्षा मानकों का उल्लंघन
[श्रम]
115. ( क्र. 524 ) श्री बाला बच्चन : क्या श्रम मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या दिनांक 17 जून, 2026 को नागदा स्थित लैंक्सेस उद्योग के HCL प्लांट में आगजनी की घटना हुई थी? यदि हाँ, तो घटना का समय, स्थान, कारण, प्रभावित इकाई, जनहानि, संपत्ति हानि तथा पर्यावरणीय प्रभाव का विवरण दें। (ख) क्या उक्त घटना की जांच शासन द्वारा औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा संचालनालय, जिला प्रशासन, मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड तथा अन्य सक्षम एजेंसियों द्वारा कारखाना अधिनियम, 1948, रासायनिक दुर्घटना (आपात योजना, तैयारी एवं प्रतिक्रिया) नियम, 1996 तथा प्रासंगिक औद्योगिक सुरक्षा प्रावधानों के अंतर्गत कराई गई है? यदि हाँ, तो जांच समिति का गठन, निष्कर्ष एवं की गई कार्रवाई का विवरण दें। क्या इस घटना के संबंध में पूर्व विधायक दिलीप सिंह गुर्जर ने मुख्यमंत्री से पत्र क्र. 5493/नागदा दिनांक 18/06/2026 प्रेषित कर जांच की मांग की है? (ग) क्या संबंधित इकाई में ज्वलनशील रसायनों के भंडारण, पाइपलाइन सुरक्षा, फ्लेम-प्रूफ (Ex d/Ex e) अथवा इंट्रिंसिकली सेफ (Ex ic) उपकरणों के वर्गीकरण एवं सत्यापन, ऑन-साइट एवं ऑफ-साइट आपदा प्रबंधन योजना तथा सुरक्षा ऑडिट का नियमानुसार परीक्षण एवं सत्यापन कराया गया है? यदि हाँ, तो अंतिम परीक्षण की तिथि, निष्कर्ष तथा प्रतिवेदन, प्रमाणन एजेन्सी के नाम सहित छायाप्रति उपलब्ध करायें। (घ) क्या यह तथ्य सही है कि आग प्रभावित क्षेत्र के निकट लगभग 1,392 मीट्रिक टन टोलुएन, 40 किलोलीटर डीजल तथा एसीटैल्डिहाइड से भरे दो टैंकर रात्रि में भी मौजूद थे? यदि हाँ, तो क्या उनका भंडारण निर्धारित सुरक्षा मानकों एवं पृथक्करण दूरी के अनुरूप था? विवरण दें।
श्रम मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) जी हाँ, लैंक्सेस इंडिया प्रा. लि. नागदा में दिनांक 17.06.2026 की रात्रि लगभग 09:30 बजे हाइड्रोक्लोरिक एसिड एब्जार्बर सेक्शन में अग्नि दुर्घटना घटित हुई है। उक्त दुर्घटना में कारखाना प्रबंधन के आंकलन अनुसार लगभग 25 लाख रूपये की क्षति हुई है। उक्त दुर्घटना में जनहानि/श्रमिकगणों को शारीरिक क्षति नहीं हुई है। कारखाने के उपलब्ध साधनों से लगभग 20 मिनिट की समयावधि में अग्निशमन कर लिया गया था। जांच कार्यवाही प्रचलित है। (ख) उक्त दुर्घटना की जांच सूचना उपरांत कारखाना अधिनियम, 1948 के तहत कार्यालय उप संचालक औ. स्वा. एवं सुरक्षा उज्जैन द्वारा दिनांक 22 व 30 जून-2026 को स्थल निरीक्षण कर की गई है। कारखाना अधिनियम, 1948 के अंतर्गत जांच कार्यवाही प्रचलित में है। प्रकरण में नियमानुसार अनुवर्ती कार्यवाही की जावेगी। जांच समिति गठन के निर्देश इस कार्यालय को अप्राप्त है। पूर्व विधायक श्री दिलीप सिंह गुर्जर द्वारा माननीय मुख्यमंत्री जी को प्रेषित पत्र क्रमांक 5493/नागदा दिनांक 18.06.2026 की प्रतिलिपि इस कार्यालय को प्राप्त नहीं है। (ग) कारखाने द्वारा (पी.ई.एस.ओ.) नागपुर से उपरोक्त पेट्रोलियम एक्ट व विस्फोटक पदार्थ एक्ट प्रावधानों अनुसार अनुमोदन कराया है व रसायन भंडारण हेतु लायसेंस भी प्राप्त किया गया है जो कि वर्ष-2034 तक वैध है। उपरोक्त रेखाचित्र व लायसेंस की फोटो प्रति की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। कारखाने में सुरक्षा जोन अनुसार फ्लेम-प्रूफ एवं इंट्रिंसिकली सेफ उपकरण परिसर में स्थापित किये है। कारखाने द्वारा उपरोक्त फ्लेम-प्रूफ एवं इंट्रिंसिकली सेफ उपकरणों का परीक्षण किया जाता है जिसकी रिपोर्ट की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। कारखाने का ऑन साईट आपात प्रबंधन योजना की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है। ऑफ साईट आपात प्रबंधन योजना तैयार की गई है, जिसकी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-4 अनुसार है। कारखाने का अतिंम सेफ्टी ऑडिट दिनांक 13 से 15 अक्टूबर, 2025 के मध्य स्वतंत्र ऑडिटर द्वारा किया गया है जिसकी रिपोर्ट की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-5 अनुसार है। कारखाने में स्थापित प्रेशर वेसल्स व उनसे सयुक्त पाइपलाइनों का परीक्षण विभाग द्वारा नियुक्त सक्षम व्यक्ति से पीरियोडिक अन्तराल पर कराया जा रहा है अंतिम टेस्ट रिपोर्ट दिनांक 05 से 08 मई- 2026 की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-6 अनुसार है। (घ) जी नहीं, दुर्घटना दिनांक 17.06.2026 को कारखाना परिसर में सिर्फ रॉ-मटेरियल एसीटैल्डिहाइड (Acetaldehyde) ट्रक उपस्थित था जिसे अग्नि दुर्घटना के समय कारखाना प्रबंधन द्वारा पूर्व निर्धारित सुरक्षित स्थल पर पार्किंग कर दिया गया था। उक्त ट्रक अग्नि दुर्घटना से प्रभावित नहीं हुआ।
फर्मों/कंपनियों द्वारा श्रम मामलों का पालन
[श्रम]
116. ( क्र. 525 ) श्री बाला बच्चन : क्या श्रम मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सारणी जिला बैतूल स्थित सतपुड़ा ताप विद्युत गृह में संबंद्ध डिस्मेंटल एवं 660 मेगावाट की नवीन इकाई स्थापना कार्य में कितनी फर्में/कंपनियां कार्यरत हैं उनका नाम, पता जी.एस.टी. नंबर, जिस कार्यादेश से इन्हें कार्य प्रारंभ की अनुमति मिली उसकी प्रमाणित प्रति फर्म/कंपनीवार देवें। (ख) दिनांक 01-01-23 से 31-05-26 तक इन फर्मों/कंपनियों द्वारा जमा कराए पी.एफ. की जानकारी फर्म/कंपनी नाम, कुशल, अर्धकुशल, अकुशल श्रमिक/कर्मचारी नाम, पी.एफ.नंबर, पी.एफ. अंशदान राशि कंपनी, पी.एफ. अंशदान राशि श्रमिक/कर्मचारी, इस अवधि की श्रमिक/कर्मचारी की माहवार सैलरी स्लीप सहित माहवार, फर्म/कंपनीवार देवें। (ग) जो कर्मचारी/श्रमिक उपरोक्तानुसार अन्य राज्यों के है उनकी फर्म/कंपनी नाम, श्रमिक/कर्मचारी नाम, स्थायी पता, आधार नंबर, पी.एफ. नंबर सहित देवें। ये जिस समय से कार्यरत हैं यह भी बतावें। इनके पुलिस वेरिफिकेशन की छायाप्रति प्रत्येक श्रमिक/कर्मचारी के संबंध में देवें। (घ) इस संबंध में माननीय श्रम मंत्री व प्रमुख सचिव श्रम को माह जून 2026 में सारणी जिला बैतूल के निवासियों द्वारा जो पत्र दिए गए उन पर उत्तर दिनांक तक की गई कार्यवाही का विवरण देवें। प्रश्नांश (ग) अनुसार पुलिस वेरिफिकेशन न करने वाली फर्मों/कंपनियों पर विभाग क्या कार्यवाही करेगा?
श्रम मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) बैतूल जिले में सारणी स्थित सतपुड़ा विद्युत गृह में संबंद्ध डिस्मेंटलींग फर्म की कुल संख्या 02 है जिसके नाम एवं पता की जानकारी निम्नानुसार है:- (1) मेसर्स चिनार स्टील सेगमेंट सेंटर प्रा.लिमि. कोलकाता. हेड ऑफिस पता- सुईट नं. 301, सेंटर पांईट, 21, हेमन्त बासु सरानी, कोलकाता -700001. ब्रांच ऑफिस पता- म.प्र.पा.ज.कं. लिमि., सतपुड़ा थर्मल पावर प्लाट, बैतूल-सारनी-परासिया रोड़, सारनी जिला-बैतूल (म.प्र.)-460447 (2) मेसर्स एडीफिक्स इंजीनियरिंग हेड ऑफिस पता- यूनिट नं.-126. न्यु एपोलो इंडस्ट्रीयल स्टेट मोगरा लाने, अंधेरी ईस्ट मुम्बई-400069 ब्रांच ऑफिस पता- 42ए, धंवंतरी नगर, राजेन्द्र नगर इंदौर (म.प्र.) 452012 बैतूल जिले में सारणी स्थित सतपुड़ा विद्युत में 660 मेगावाट की नवीन इकाई स्थापना कार्य में कार्यरत फर्म की कुल संख्या 01 है जिसके नाम एवं पता की जानकारी निम्नानुसार है- 1. मेसर्स भारत हैवी इलेक्ट्रीकल्स लिमिटेड (बी.एच.ई.एल.), बी.एच.ई.एल. हाउस, सीरी फॉन्ट, न्यू दिल्ली.-110049 कार्यादेश जिससे इन्हें कार्य प्रारंभ की अनुमति मिली एवं जी.एस.टी नंबर की जानकारी श्रम विभाग द्वारा संधारित नहीं की जाती है। (ख) दिनांक 01.01.2023 से 31.05.2026 की अवधि में संबंधित फर्मों द्वारा कर्मचारियों के भविष्य निधि (EPF) अंशदान, प्रतिष्ठानवार एवं कर्मचारीवार जानकारी श्रम विभाग द्वारा संधारित नहीं की जाती है। (ग) उत्तरांश (ख) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) बैतूल निवासी श्री नरेंद्र वाडिवा द्वारा दिनांक 03.06.2026 को सारणी जिला बैतूल में 660 मेगावाट की ऊर्जा विभाग की प्रस्तावित इकाई में चिनार स्टील सेंगमेंट प्रा.लि. कोलकाता (प. बंगाल) द्वारा किये जा रहे निस्तारण कार्य में स्थानीय युवाओं/श्रमिकों को रोजगार में प्राथमिकता दिये जाने संबंधी शिकायत श्रम विभाग को की गई थी जिसके संबंध में श्रम पदाधिकारी, बैतूल को मध्य प्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड, सतपुड़ा ताप विद्युत गृह, सारनी जिला बैतूल, चिनार स्टील सेंगमेंट प्रा.लि. द्वारा स्थानीय श्रमिकों को भी कार्य में नियोजित किया गया है ऐसा अवगत कराया गया है। किये गये पत्राचार एवं अभिलेख की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। पुलिस से सत्यापन कराये जाने संबंधी प्रावधानों का पालन कराया जाना श्रम विभाग का विषय नहीं है।
जिम्मेदारों पर अनुशासनात्मक कार्यवाही
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
117. ( क्र. 536 ) श्री अभय मिश्रा : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या कार्यालय कमिश्नर रीवा द्वारा पत्र क्रमांक 6/वि./यो./शिका./2026/1/898296 रीवा, दिनांक 23.03.2026 द्वारा कलेक्टर रीवा को भ्रामक व गलत जानकारी पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को देकर सही तथ्यों को छुपाने पर कार्यवाही के निर्देश दिये गये थे? कार्यवाही की जानकारी प्रति देते हुये बतावें? (ख) प्रश्नांश (क) के पत्र पर कार्यवाही हेतु प्रश्नकर्ता सदस्य द्वारा पत्र कमांक 1440, दिनांक 09.06.2026 द्वारा कलेक्टर रीवा को पत्र लिखकर कार्यवाही का आग्रह किया गया था पत्र पर की गई कार्यवाही की जानकारी प्रति देते हुये बतावे अगर कार्यवाही नहीं की गई तो इसके लिए कौन उत्तरदायी है उन पर कार्यवाही के क्या निर्देश देगे बतावें? अगर नहीं तो क्यों? (ग) क्या प्रश्नांश (क) में विधान सभा पत्र क्रमांक 431 दिनांक 11.03.2025 पर प्रशासकीय स्वीकृत आदेश क्र. 6154, दिनांक 05.11.2024 के स्वीकृत सभी कार्यों की जानकारी भौतिक रूप से प्रारम्भ कराये जा चुके, जनपद स्तर पर जीओ टैग हेतु प्राप्त सभी कार्यों के जीओ टैग अनुमोदित किये जा चुके है प्रश्नकर्ता के अतारांकित प्रश्न क्रमांक 302, दिनांक 24.02.2026 में सभी कार्य प्रगतिरत एवं प्रश्न क्रमांक 909, दिनांक 24.02.2026 में 6 कार्य अप्रारम्भ एवं शीघ्र निराकरण के निर्देश की जानकारी दी गई? (घ) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के पत्र पर समय पर कार्यवाही कर निराकरण न करने एवं जिम्मेदारों पर कार्यवाही लंबित रखने एवं प्रश्नांश (ग) अनुसार गलत जानकारी देने पर किन-किन पर कार्यवाही के निर्देश देगे पद नाम सहित विवरण देवें? अगर नहीं तो क्यों?
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) जी हाँ। प्रश्न में अंकित पत्र के संदर्भ में, कार्यालय कलेक्टर रीवा द्वारा मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत रीवा को पत्र मय नस्ती के, ई-ऑफिस के माध्यम से अंतरित की गई है। जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी हाँ। शेष जानकारी उत्तरांश (क) अनुसार है। (ग) जी हाँ। (घ) उत्तरांश (क) एवं (ख) अनुसार कार्यवाही प्रचलन में होने से शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
स्थानांतरण के साथ अनुशासनात्मक कार्यवाही
[सहकारिता]
118. ( क्र. 537 ) श्री अभय मिश्रा : क्या सहकारिता मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रश्नकर्ता के अतारांकित प्रश्न क्रमांक 439, दिनांक 01.12.2025 के बिन्दु (क) में जांच कार्यवाही प्रक्रियाधीन एवं पूर्ण स्पष्टीकरण एवं प्रतीक्षित होने की जानकारी दी गई थी? जानकारी अनुसार जांच पूर्ण हो गई हो तो जांच का विवरण एवं कार्यवाही की स्थिति बतावें। अगर समय पर जांच पूरी नहीं की गई तो इसके लिये उत्तरदायिओं पर कार्यवाही के निर्देश देगें बतावें। अगर नहीं तो क्यों? (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में प्रश्नकर्ता के तारांकित प्रश्न क्रमांक 300, दिनांक 17.02.2026 में जांच पूर्ण होकर जांच प्रतिवेदन दिनांक 03.02.2026 को प्राप्त होने और परीक्षणाधीन की जानकारी दी गई? परीक्षणोपरांत की गई कार्यवाही का विवरण प्रति देते हुये बतावें। (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के जांच प्रतिवेदन एवं पूर्व के जांच प्रतिवेदनों में श्री ज्ञानेन्द्र पाण्डेय को दोषी पाये जाने के बाद भी स्थानांतरित कर अनुशासनात्मक कार्यवाही प्रस्तावित नहीं की गई क्यों जबकि स्थानांतरण नीति के बिन्दु क्रमांक 27 में शिकायत की जांच में प्रथम दृष्टि दोषी पाये जाने बिन्दु 31 के अनुसार 3 वर्ष से अधिक पदस्थापना पर स्थानांतरण के निर्देश थे, फिर भी स्थानांतरित नहीं किया गया क्यों बतावें। स्थानांतरण बावत् क्या निर्देश देंगे बतावें। नहीं तो क्यों? (घ) प्रश्नांश (क), (ख) एवं (ग) अनुसार संबंधितों पर अनुशासनात्मक कार्यवाही के साथ स्थानांतरण के क्या निर्देश देगें बतावें। नहीं तो क्यों?
सहकारिता मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) जी हाँ। पूर्ण जांच प्रतिवेदन दिनांक 02.07.2026 को प्राप्त हुआ है, जांच प्रतिवेदन अनुसार शिकायत निराधार पाये जाने से कोई कार्यवाही नहीं की गई है। मऊगंज जिले से संबंधित एक अन्य प्रकरण में प्राप्त स्पष्टीकरण परीक्षणाधीन है। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता है। (ख) जी हाँ। दिनांक 03.02.2026 को प्राप्त जांच प्रतिवेदन में त्रुटि पाये जाने से पुनः पूर्ण जांच प्रतिवेदन दिनांक 02.07.2026 को प्राप्त किया गया है। जांच प्रतिवेदन में शिकायत निराधार पाये जाने से कार्यवाही नहीं की गई है। (ग) उत्तरांश (क) एवं (ख) के परिप्रेक्ष्य में कार्यवाही का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। शासन की स्थानांतरण नीति बैंक सेवायुक्तों पर लागू नहीं होती है। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता है। (घ) उत्तरांश (क), (ख) एवं (ग) के परिप्रेक्ष्य में कार्यवाही का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
प्रदेश में प्राथमिक कृषि साख सहकारी संस्थाओं के निर्वाचन की तैयारी
[सहकारिता]
119. ( क्र. 549 ) श्री उमंग सिंघार : क्या सहकारिता मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्न दिनांक तक प्रदेश की प्राथमिक कृषि साख सहकारी संस्थाओं (पैक्स) के निर्वाचन नहीं होने के वर्तमान में कारण क्या हैं? (ख) क्या सहकारी संस्थाओं के निर्वाचन संपन्न कराने हेतु सदस्यता सूची, पुनर्गठन, निर्वाचन क्षेत्र निर्धारण अथवा अन्य आवश्यक प्रशासनिक कार्यवाही पूर्ण कर ली गई है? यदि हाँ, तो विवरण दें? (ग) प्रश्न दिनांक तक निर्वाचन कराए जाने हेतु क्या तैयारी एवं कार्यवाही प्रचलन में है तथा कौन-कौन से चरण शेष हैं? (घ) प्राथमिक कृषि साख सहकारी संस्थाओं के निर्वाचन कब तक कराए जाने की संभावना है अथवा क्या कोई संभावित समय-सीमा निर्धारित की गई है?
सहकारिता मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) प्राथमिक कृषि साख सहकारी संस्थाओं (पैक्स) के निर्वाचन पुनर्गठन की कार्यवाही प्रक्रियाधीन रहने आदि कारण से संपन्न नहीं कराए जा सके हैं। (ख) पैक्स के पुनर्गठन के पश्चात सदस्यता सूची, निर्वाचन क्षेत्र निर्धारण, आवश्यक अन्य प्रशासनिक कार्यवाही पूर्ण की जा सकेगी। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता। (ग) पैक्स के पुनर्गठन की कार्यवाही पूर्ण होने के पश्चात निर्वाचन प्रक्रिया प्रारंभ की जा सकेगी। (घ) उत्तरांश "ग" अनुसार। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
मध्यप्रदेश में रोजगार मेलों का आयोजन
[तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार (केवल कौशल विकास एवं रोजगार ) ]
120. ( क्र. 550 ) श्री उमंग सिंघार : क्या राज्य मंत्री, कौशल विकास एवं रोजगार महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विगत् 03 वर्षों में मध्य प्रदेश में कुल कितने रोजगार मेलों का आयोजन किया गया? जिलेवार एवं वर्षवार जानकरी दें। (ख) आयोजित रोजगार मेलों के आयोजन पर कितनी राशि व्यय की गई तथा राशि किस मद से दी गई जानकारी देवें। (ग) आयोजित रोजगार मेलों में कुल कितने हितग्राहियों/आवेदकों ने भाग लिया तथा उनमें से कितने आवेदकों को रोजगार प्राप्त हुआ? विगत तीन वर्ष की जानकारी देवें। (घ) रोजगार प्राप्त हितग्राहियों को किन-किन निजी एवं शासकीय संस्थाओं/कंपनियों में रोजगार उपलब्ध कराया गया तथा प्रत्येक संस्था/कंपनी के माध्यम से चयनित हितग्राहियों की संख्या बताएं।
राज्य मंत्री, कौशल विकास एवं रोजगार ( श्री गौतम टेटवाल ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है।
पहुँच मार्ग का निर्माण
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
121. ( क्र. 553 ) श्री फुन्देलाल सिंह मार्को : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला अनूपपुर के पुष्पराजगढ़ विधानसभा क्षेत्र में कुल कितने राजस्व ग्राम हैं जो प्रधानमंत्री सड़क तथा लोक निर्माण विभाग एवं अन्य सुदूर सड़कों से जुडे हैं तथा जो ग्राम पक्की सड़कों से नहीं जुड़े हैं, उनके न जुड़ने का क्या कारण है? जो ग्राम राजस्व ग्राम हैं उनमें पक्की एवं सुदूर सड़कें बनाये जाने हेतु शासन की क्या कार्ययोजना हैं? ऐसे ग्रामों को कब तक पक्की सुदूर सड़कों से जोड़ा जायेगा? सूची सहित जानकारी दें। (ख) क्या प्रश्नकर्ता द्वारा माननीय मुख्यमंत्री जी को पत्र क्रमांक 436, दिनांक 19 फरवरी, 2026 प्रेषित कर पुष्पराजगढ़ विधानसभा सभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत, जरही से ग्राम भालुचुआ तक मार्ग का निर्माण एवं घाट कटिंग सहित एक नग रपटा पुलियां का निर्माण कराने तथा ग्राम पंचायत हर्राटोला अंतर्गत फर्सीसेमर से नर्मदा नदी तक पीसीसी रोड निर्माण नाली सहित कराये जाने की मांग की गई थी? (ग) प्रश्नांश (ख) के संदर्भ में प्रेषित पत्र पर विभाग द्वारा क्या कार्यवाही की गई है एवं कब तक कार्यवाही पूर्ण कर ग्राम पंचायत, जरही से ग्राम भालुचुआ तक मार्ग का निर्माण एवं घाट कटिंग सहित एक नग रपटा पुलियां का निर्माण तथा ग्राम पंचायत हर्राटोला अंतर्गत फर्सीसेमर से नर्मदा नदी तक पीसीसी रोड निर्माण (नाली सहित) करा दिया जायेगा?
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) विधानसभा क्षेत्र पुष्पराजगढ़ अंतर्गत कुल 271 राजस्व ग्राम है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से 202 राजस्व ग्रामों को पक्की सड़कों से संपर्कता प्रदान की जा चुकी है एवं लोक निर्मण विभाग द्वारा 56 राजस्व ग्रामों को पक्की सड़क से जोड़ा गया है। शेष 13 राजस्व ग्रामों में से 9 राजस्व ग्रामों को मुख्यमंत्री मजरा टोला सड़क संपर्क योजना में सम्मिलित है, 1 राजस्व ग्राम 250 से अधिक जनसंख्या होने के कारण PMGSY-IV योजना अंतर्गत प्राथमिकता सूची में शामिल है। शेष 03 राजस्व ग्राम (बसाहटें) क्रमश: रमना सरकारी-1, रमना सरकारी-2 एवं बिलाईखेर-3 का PMGSY-IV के अंतर्गत सर्वे किया गया, किन्तु तीनों बसाहटों की जनसंख्या 250 से कम होने के कारण कार्य योजना में सम्मिलित नहीं है। उक्त तीनों बसाहटों में मकान दूर-दूर (Scatered) है एवं मुख्यमंत्री मजरा टोला सड़क योजना के मार्गदर्शी सिद्धांत के अनुसार पात्र न होने के कारण योजना में सम्मिलित नहीं है। जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी हाँ। (ग) प्रश्नांश (ख) के संदर्भ में विधानसभा क्षेत्र पुष्पराजगढ़ अंतर्गत भालूचुआ बसाहट संपर्क विहीन है। भालूचुआ बसाहट मुख्यमंत्री मजरा टोला सड़क योजना अंतर्गत पुष्पराजगढ़ विधानसभा की प्राथमिकता सूची के सरल क्र. 80 में अंकित है। ग्राम पंचायत हर्राटोला अंतर्गत फर्रीसेमर से नर्मदा नदी तक मार्ग निर्माण नाली सहित कराने हेतु प्राक्कलन, तकनीकी स्वीकृति जारी कर जिला खनिज निधि से स्वीकृति हेतु जिला पंचायत अनूपपुर को प्रेषित किया गया है। ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार माननीय विधायक महोदय द्वारा प्रस्तावित कार्य की स्वीकृति हेतु ग्रामीण यांत्रिकी सेवा को सीधे राशि उपलब्ध न होने के कारण कार्य स्वीकृत नहीं किये गये।
पुष्पराजगढ़ क्षेत्र में शा. महाविद्यालय की स्वीकृति
[उच्च शिक्षा]
122. ( क्र. 554 ) श्री फुन्देलाल सिंह मार्को : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि जिला अनूपपुर के विधानसभा क्षेत्र पुष्पराजगढ़ अंतर्गत निवासरत आदिवासी भाई-बहनों के उच्च शिक्षा के अध्यापन की सुविधा हेतु ग्राम करपा, ग्राम दमेहडी एवं ग्राम बेनीवारी में शासकीय महाविद्यालय खोले जाने के परिप्रेक्ष्य में प्रश्नकर्ता द्वारा क्या मुख्यमंत्री जी को पत्र क्रमांक 441, दिनांक 20 फरवरी, 2026 लिखा गया था? यदि हाँ, है तो प्रेषित पत्र पर विभाग द्वारा क्या कार्यवाही की गई है एवं कब तक कार्यवाही पूर्ण कर ग्राम करपा, ग्राम दमेहडी एवं ग्राम बेनीवारी में शासकीय महाविद्यालय खोले जाने की स्वीकृति प्रदान कर दी जावेगी?
उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री इन्दर सिंह परमार ) : विभागीय मापदण्डों की पूर्ति नहीं होने के कारण नवीन महाविद्यालय प्रारंभ किया जाना संभव नहीं है। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता है।
सामुदायिक स्वच्छता परिसरों की जानकारी
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
123. ( क्र. 586 ) श्री देवेन्द्र पटेल : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) योजनांतर्गत प्रदेश की 15329 ग्राम पंचायतों में निर्मित 18336 सामुदायिक स्वच्छता परिसरों में से जिन 17,239 स्वच्छता रिसरों में बिजली की व्यवस्था है, इन परिसरों में वर्तमान में बिजली की व्यवस्थ है कि नहीं। सत्यापित कर जिलेवार जानकारी उपलब्ध करावें। (ख) प्रदेश के जिन 17,776 सामुदायिक स्वच्छता परिसरों में पानी की व्यवस्था है, उनके संबंध में प्रत्येक में पानी का स्त्रोत बतावें। यदि नल जल योजना या समूह जल योजना का कनेक्शन इन परिसरों में है, तो ग्राम पंचायतों द्वारा भुगतान किए गए जल कर की जिलेवार जानकारी उपलब्ध करावें। (ग) प्रदेश के जिन 15542 सामुदायिक स्वच्छता परिसरों में सफाई कर्मचारी नियत हैं, उनमें प्रत्येक परिसर हेतु नियत कर्मचारी का नाम, पता और पंचायत द्वारा गत 6 माह में सफाई कार्य के बदले किए गए भुगतान की जानकारी उपलब्ध करावें। (घ) क्या विभाग तारांकित प्रश्न क्र. 3099, दिनांक 06/03/2026 के उत्तर की समीक्षा कर तथ्यों का विस्तृत परीक्षण/जांच करायेगा? यदि हाँ, तो कब तक?
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) योजनांतर्गत प्रदेश की 15329 ग्राम पंचायतों में निर्मित 18336 सामुदायिक स्वच्छता परिसरों में से जिन 17,239 स्वच्छता स्वच्छता परिसरों में बिजली की व्यवस्था के संबंध में जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) प्रदेश के जिन 17,776 सामुदायिक स्वच्छता परिसरों में जल की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु ग्राम पंचायतों द्वारा प्रदाय जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) प्रदेश के जिन 15542 सामुदायिक स्वच्छता परिसरों में सफाई कर्मचारी नियत हैं, उनमें प्रत्येक परिसर हेतु नियत कर्मचारी का नाम, पता एवं भुगतान की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (घ) तारांकित प्रश्न क्र. 3099, दिनांक 06/03/2026 के संबंध में लेख है कि भारत सरकार के निर्देशानुसार नियमित अंतराल पर सामुदायिक स्वच्छता परिसरों की क्रियाशीलता का आंकलन कराया जाता है। आंकलन उपरांत क्रियाशीलता के निर्धारित मापदण्डों में पाई गई कमियों को ग्राम पंचायत द्वारा निराकृत किया जाता है। उक्त की क्रियाशीलता बनाए रखने हेतु विभाग द्वारा सतत समीक्षा की जाती है तथा यह एक निरंतर प्रक्रिया है। जाँच कराने का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
विभागीय अधिकारियों पर भ्रष्टाचार संबंधी जांच
[सहकारिता]
124. ( क्र. 587 ) श्री देवेन्द्र पटेल : क्या सहकारिता मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में सहकारिता विभाग के किन-किन अतिरिक्त पंजीयक, संयुक्त पंजीयक, उपायुक्त, सहायक आयुक्त/पंजीयक, सहकारी निरीक्षक, अंकेक्षक, सहायक अंकेक्षण महाप्रबंधकों पर भ्रष्टाचार, अनियमितता, गबन व अन्य मामलों में विभागीय जांच, ई.ओ.डब्ल्यू जांच व लोकायुक्त में जांच चल रही है? अधिकारीवार मामले का विस्तृत विवरण व कार्यवाही व जांच की अद्यतन स्थिति बतावें। (ख) अपचारी अधिकारियों पर समय-सीमा में कार्यवाही हो इस हेतु विभाग क्या कार्यवाही कर रहा है? प्रश्नांश (क) उल्लेखित मामलों में प्रकरणवार विभाग ने अब तक क्या कार्यवाही की है नहीं तो क्यों? (ग) प्रश्नांश (क) उल्लेखित किन मामलों में जांच प्रक्रिया पूर्ण होने के बावजूद कार्यवाही नहीं हुई है और क्यों? इस हेतु कौन उत्तरदायी है? (घ) प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्य में क्या कार्यवाही, किस स्तर पर किस कारण से लंबित है, प्रकरणवार जानकारी दें?
सहकारिता मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) से (घ) जानकारी संकलित की जा रही है।
वित्त आयोग की निधि का त्रुटिपूर्ण वितरण
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
125. ( क्र. 592 ) श्रीमती चंदा सुरेन्द्र सिंह गौर : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) 15 वें वित्त एवं 5वें वित्त की निधि से ग्राम पंचायत डुम्बार करमासन हटा, जनपद पंचायत बल्देवगढ़ एवं ग्राम पंचायत बन्नेबुजुर्ग, पाली के द्वारा कितने निर्माण कार्य दिनांक 01.01.2023 से प्रश्न दिनांक तक वर्णित ग्राम पंचायतों के सरपंचों द्वारा किये गये? समस्त कार्यों के प्रस्ताव, प्राक्कलन, ए.एस. टी.एस. तथा संलग्न खसरा की नकल एवं हितग्राही का नाम, कार्य का नाम पूर्णत: प्रमाण पत्र की जानकारी उपलब्ध करायें। (ख) जिला पंचायत टीकमगढ़ की निधि एवं जनपद पंचायत पलेरा की निधि समानुपात रूप से जिला पंचायत सदस्यों एवं जनपद पंचायत सदस्यों को वितरण क्यों नहीं की गई है? संपूर्ण जिला पंचायत निधि टीकमगढ़ एवं जनपद पंचायत निधि पलेरा की जानकारी दिनांक 01.01.2023 से प्रश्न दिनांक तक समस्त जिला पंचायत सदस्यों के वार्डों में दी गई राशि एवं निर्माण कार्यों का नाम एवं सदस्य द्वारा मांग किये गये निर्माण कार्य का मांग पत्र एवं कितने कार्य जिले में जनप्रतिनिधियों की मांग के अनुसार दिये गये है उन कार्यों की माप पुस्तिकाओं एवं प्राक्कलन, ए.एस., टी.एस., ग्राम पंचायत का प्रस्ताव, खसरा की जानकारी उपलब्ध करायें। (ग) क्या जिन जनपद सदस्यों को या जिला पंचायत सदस्यों को अपने-अपने वार्डों में विकास कार्यों हेतु राशि नहीं देकर वंचित किया गया है तथा राशि नहीं देने का क्या कारण था। संपूर्ण जानकारी स्पष्ट करें तथा जिन जनपद सदस्यों को या जिला पंचायत सदस्यों के वार्डों में विकास हेतु निर्माण कार्यों पर राशि दी गई है? क्या उक्त निर्माण एजेंसी द्वारा कार्य पूर्ण किये गये है या अधूरे पड़े है? समस्त जानकारी से अवगत करायें तथा क्या अधूरे कार्य पूर्ण होने पर ही नवीन राशि समान रूप से बांटे जाने का कार्य किया जावेगा? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्यों? कारण स्पष्ट करें। (घ) वर्ष 2023 से मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत टीकमगढ़ द्वारा कितनी सुदूर सड़कों की स्वीकृति प्रदान की गई है और कौन-कौन जनप्रतिनिधियों द्वारा अनुशंसा की गई है तथा कितने कार्य पूर्ण है, कितने अपूर्ण है उनके निर्माण कार्यों की गुणवत्ता कैसी है किन सक्षम अधिकारियों द्वारा जांच की गई तथा आम जनता उन सड़कों से कितनी लाभान्वित हो रही है तथा उक्त सुदूर सड़कों के प्राक्कलन, जांच रिपोर्ट, पूर्णत:, ग्राम पंचायत का प्रस्ताव, खसरे की नकल एवं जनप्रतिनिधियों की अनुशंसा के पत्रों की जानकारी उपलब्ध करायें।
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट - ''अ'' अनुसार है। (ख) 15वें वित्त आयोग के निर्देशों में सदस्यों को क्षेत्रवार राशि वितरण जैसा कोई प्रावधान नहीं है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) वित्त आयोग के निर्देशों के अनुक्रम में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट – ''ब'' अनुसार है।
प्राध्यापकों एवं फर्नीचर की पूर्ति
[उच्च शिक्षा]
126. ( क्र. 593 ) श्रीमती चंदा सुरेन्द्र सिंह गौर : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शासकीय महाविद्यालय बल्देवगढ़ में कितनी छात्र संख्या है और उनकी शिक्षा के लिये कितने प्रोफेसर/प्राध्यापक/अतिथि विद्वान प्राध्यापक छात्र-छात्राओं को अध्यापन का कार्य कर रहे है? संपूर्ण जानकारी दें। (ख) क्या शासकीय महाविद्यालय बल्देवगढ़ में छात्र-छात्राओं को कक्षाओं में बैठने हेतु फर्नीचर की सुविधा नहीं है, इसलिये शासकीय महाविद्यालय बल्देवगढ़ में फर्नीचर की सुविधा कब तक उपलब्ध करा दी जावेगी? यदि हाँ, तो समयावधि बतायें यदि नहीं तो क्यों? कारण स्पष्ट करें। (ग) क्या शासकीय महाविद्यालय बल्देवगढ़ में छात्र- छात्राओं को प्रयोगशाला में संयंत्रों के अभाव है एवं पेयजल की किस प्रकार की सुविधा है तथा शासकीय महाविद्यालय बल्देवगढ़ में कितने भृत्य पदस्थ है? भृत्यों एवं छात्रों की शिक्षा ग्रहण के संबंध में किसी भी प्रकार की अपूर्ण व्यवस्था को कब तक पूर्ण करा दिया जावेगा? संपूर्ण जानकारी उपलब्ध कराएं।
उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री इन्दर सिंह परमार ) : (क) महाविद्यालय में कुल 1267 छात्र संख्या है। शेष जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी नहीं। छात्र/छात्राओं की कक्षा में बैठने हेतु महाविद्यालय में फर्नीचर सुविधा उपलब्ध है। उक्त उत्तरांश के परिप्रेक्ष्य में शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता। (ग) महाविद्यालय की प्रयोगशाला में मूलभूत उपकरण उपलब्ध हैं एवं पेयजल हेतु नल कनेक्शन एवं वाटर कूलर की सुविधा उपलब्ध है तथा महाविद्यालय में भृत्य का 01 पद स्वीकृत है, जिसकी पद पूर्ति आउटसोर्स के माध्यम से की गई है। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता।
किसानों को खाद उपलब्ध कराया जाना
[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]
127. ( क्र. 596 ) श्री वीरसिंह भूरिया : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या सहकारी समितियों में खाद की कमी से किसानों को कालाबाजारी से अधिक मूल्य पर खाद का क्रय करना पड़ रहा है? (ख) किसानों को पर्याप्त मात्रा में खाद की उपलब्धता के लिये शासन द्वारा क्या-क्या कदम उठाये जा रहे है? जानकारी दें।
किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) जी नहीं। सहकारी समितियों में उर्वरकों का पर्याप्त भंडारण कराया गया है। अत: शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ख) भारत सरकार द्वारा खरीफ 2026 हेतु 19.0 लाख मीट्रिक टन यूरिया, 8.0 लाख मीट्रिक टन डीएपी, 7.0 लाख मीट्रिक टन एनपीके, 6.5 लाख मीट्रिक टन एसएसपी एवं 1.0 लाख मीट्रिक टन एमओपी की सहमति दी गई है। भारत सरकार से प्राप्त होने वाली रैकों के माध्यम से प्रदेश में निरंतर उर्वरक आपूर्ति कराई जा रही है। सहकारी समितियों को उनके गोदाम तक कंपनियों द्वारा उर्वरक प्रदाय कराया जा रहा है। प्रदेश में कृषकों को सुगमता से एवं पारदर्शी प्रक्रिया द्वारा उर्वरक उपलब्ध कराने हेतु ई-विकास (वितरण एवं कृषि उर्वरक आपूर्ति समाधान) प्रणाली प्रारंभ की गई। जिसके माध्यम से किसान चयनित फसल हेतु आवश्यक उर्वरक मात्रा एवं उर्वरक विक्रेता का चयन कर ई-टोकन जनरेट कर उर्वरक क्रय कर सकते हैं। ई-टोकन बुक करने की सुविधा 24 घंटे उपलब्ध है।
कूटरचित असत्य, भ्रामक एवं झूठी जानकारी दी जाना
[श्रम]
128. ( क्र. 601 ) श्री जयवर्द्धन सिंह : क्या श्रम मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रश्नकर्ता का पत्र 1004/26, दिनांक 25/05/26 जो सी.एम., सी.एस., म.प्र.शासन, पी.एस. श्रम, श्रमायुक्त इंदौर, कलेक्टर गुना को एन.एफ.एल. गुना में ठेकेदार द्वारा शोषण, ग्रेज्युटी, पी.एफ. और नोड्यूज पर जबरन हस्ताक्षर करवाने वालों के विरूद्ध कार्यवाही हेतु प्रेषित किया गया, प्राप्त हुआ? प्रश्नकर्ता एवं संबंधितों से प्राप्त पत्रों की प्रति दें। (ख) क्या प्रश्नांश (क) में सा.प्र.वि. का आदेश एफ 19-76/2007/1/4 भोपाल, दिनांक 22/03/2011 में उल्लेखित बिन्दुओं एवं परिशिष्टों का पालन सुनिश्चित किया गया? यदि नहीं तो आदेश के बिन्दु पांच में उल्लेखानुसार नियमों के उल्लंघन पर निलंबन की कार्यवाही कर, कब-तक पूर्ण जानकारी दी जायेगी? (ग) प्रश्नकर्ता के तारांकित प्रश्न क्रमांक 468, दिनांक 17/02/26 में परिशिष्ट (ब), (स), (ल) उल्लेखित है, किन्तु संलग्न नहीं है, असत्य/झूठी/भ्रामक/कूटरचित जानकारी प्रश्नांश (ख) का पालन सुनिश्चित नहीं किया गया है? कब तक संबंधितों का निलंबन कर पूर्ण जानकारी दी जायेगी? (घ) प्रश्नकर्ता के अतारांकित प्रश्न क्रमांक 591, दिनांक 1/12/25 के उत्तर में उल्लेखित 12.52 करोड़ की वसूली राशि का पूर्ण विवरण हितग्राही का नाम/पता/खाता/मो./बैंक डिटेल सहित दें। (ड.) बीओसीबोर्ड क्रमशः पत्र 3201, 3263, 667824 दिनांक 5/12/24, 11/12/2024, 12/12/25 में किस प्रयोजन से किसे जारी किया गया? क्या पत्रानुसार पूर्ति हो गई है, नहीं तो क्यों कारण बताये। (च) क्या प्रश्नांश (घ) एवं (ड.) में वर्णित राशि के लिये अमानत-में-खयानत का प्रकरण दर्ज किया जायेगा?
श्रम मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) जी हां, प्राप्त पत्रों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-क अनुसार है। (ख) सा.प्र.वि. के आदेश क्रमांक एफ 19-76/2007/1/4 दिनांक 22/3/2011 का उल्लंघन नहीं पाया गया है। अत: शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) प्रश्नकर्ता के तारांकित प्रश्न क्रमांक 468, दिनांक 17/02/26 में परिशिष्ट (ब), (स), (ल) की जानकारी पूर्व के उत्तर में संलग्न की गई थी। पुन: जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-(ख), (ग), (घ) अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ड अनुसार है। (ड.) म.प्र. भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल के पत्र क्रमांक 3201, दिनांक 05.12.2024 के माध्यम से वन भवन, तुलसी नगर, भोपाल के ई-ब्लॉक के प्रथम तल पर मण्डल के कार्यालय भवन हेतु आवंटित स्थान वन विभाग को वापस नहीं किये जाने का अभिमत तथा स्थान वापस किये जाने की स्थिति में मण्डल द्वारा उक्त हेतु व्यय की गई राशि वापस करवाने के संबंध में प्रमुख सचिव, म.प्र. शासन, श्रम विभाग को लेख किया गया। उक्त आवंटित स्थान क्रय हेतु मण्डल द्वारा व्यय की गई राशि का वांछित विवरण उप सचिव, म.प्र. शासन, श्रम विभाग, भोपाल को मण्डल के पत्र क्रमांक 3269, दिनांक 11.12.2024 के द्वारा प्रेषित किया गया। मण्डल का पत्र क्रमांक 667824, दिनांक 12.12.2025 वनमण्डलाधिकारी, सामान्य वन मण्डल, भोपाल को प्रेषित किया गया, जिसमें वन भवन, तुलसी नगर, भोपाल के ई-ब्लॉक के प्रथम तल पर आवंटित स्थान क्रय के संबंध में रजिस्ट्री हेतु मुद्रण/स्टाम्प शुल्क एवं पंजीयन शुल्क तथा ब्याज राशि का भुगतान किये जाने का लेख किया गया। उक्त पत्रों के संबंध में आवंटित स्थान निरस्त होने के पश्चात् मण्डल को स्थान क्रय की राशि रूपये 14,27,26,687/- का भुगतान वन विभाग से प्राप्त हो चुका है। रजिस्ट्री हेतु मुद्रण/स्टाम्प शुल्क एवं पंजीयन शुल्क तथा ब्याज राशि का भुगतान वन विभाग से अप्राप्त है। मण्डल का पत्र क्रमांक 3263, दिनांक 10.12.2024 उप श्रमायुक्त, मध्यप्रदेश, इंदौर को प्रेषित किया गया, जिसमें मध्यप्रदेश के आर्थिक सर्वेक्षण वर्ष 2024-25 हेतु मण्डल से संबंधित जानकारी प्रेषित की गई है। उक्त जानकारी श्रमायुक्त कार्यालय के संदर्भित पत्र क्रमांक 33480-82 दिनांक 05.11.2024 में वांछित होने से प्रेषित की गई, जिसके संबंध में मण्डल स्तर से कार्यवाही पूर्ण है। (च) (i) म.प्र. असंगठित शहरी एवं ग्रामीण कर्मकार कल्याण मंडल अंतर्गत उत्तरांश (घ) में दी गई, जानकारी के अनुक्रम में अमानत में खयानत की स्थिति निर्मित नहीं होती। अत: प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ii) म.प्र. भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल अंतर्गत प्रश्नांश (ड.) के उत्तर में उल्लेख अनुसार मण्डल को वन विभाग से राशि रूपये 14,27,26,687/- का भुगतान प्राप्त हो चुका है। रजिस्ट्री हेतु मुद्रण/स्टाम्प शुल्क एवं पंजीयन शुल्क तथा ब्याज राशि के भुगतान हेतु वन विभाग से पत्राचार किया गया है। वन विभाग द्वारा शेष राशि के भुगतान हेतु किसी प्रकार की असहमति व्यक्त नहीं की गई है, अत: वर्तमान में अमानत-में-खयानत का प्रकरण दर्ज किये जाने की स्थिति नहीं है।
शासकीय भूमि पर अतिक्रमण एवं कब्जा
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
129. ( क्र. 602 ) श्री जयवर्द्धन सिंह : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) ग्राम पंचायत पारकना, जनपद पंचायत एवं विकासखण्ड राघौगढ़, जिला गुना में कुल समग्र परिवार की सूची प्रदान करें। (ख) वर्ष 2021 से प्रश्न दिनांक तक कुल कितने परिवारों पर सम्पत्ति कर अधिरोपित किया गया उसकी सूची संपत्ति की मूल्यांकन अनुसार दें। आबादी के क्षेत्र में कुल ऐसे कितने परिवार हैं जिनसे 2021 से प्रश्न दिनांक तक कर अधिरोपित नहीं किया उनकी सूची प्रदान करें। (ग) आबादी के अंदर, बाहर और शासकीय जमीन पर निर्मित भवन अतिक्रमण की सूची खसरे नंबर सहित दें। (घ) ग्राम पंचायत क्षेत्र में आबादी के अंदर कुल कितने परिवारों को चिन्हित कर स्वामित्व योजना का लाभ दिया सूची विवरण सहित दें। कुल कितने परिवार शेष रह गए चिन्हांकन के लिये, उनकी सूची कारण सहित दें? आबादी क्षेत्र में खाली पड़ी भूमि का रकबा खसरे नंबर नक्शा सहित उपलब्ध करायें। (ड.) ग्राम पंचायत द्वारा 2021 से कुल कितनी भवन अनुज्ञा या व्यावसायिक अनुज्ञा जारी की गई उनकी सूची खसरे नक्शा और प्राक्कलन विवरण सहित दें? ऐसे कुल कितने भवन है जो बिना अनुज्ञा स्वीकृति के बने हुए हैं उन पर क्या कार्यवाही प्रचलित है, स्वामित्ववार बतायें।
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) ग्राम पंचायत पारकना में कुल समग्र परिवार 447 है एवं सदस्य 1756 है जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''अ'' अनुसार है। (ख) वर्ष 2021 से प्रश्न दिनांक तक ग्राम पंचायत पारकना के आबादी क्षेत्र स्थित कुल 123 भवनों पर सम्पत्ति कर अधिरोपित किया गया है। जिसकी सूची मूल्यांकन विवरण सहित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''ब'' अनुसार है। ग्राम पंचायत पारकना के आबादी क्षेत्र के सभी कर योग्य भवनों पर सम्पत्ति कर अधिरोपित किया जा चुका है। अत: शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) तहसीलदार तहसील राघौगढ़ के पत्र क्रमांक री-2/2026/236 राघौगढ़ दिनांक 30/06/2026 अनुसार ग्राम पारकना में आबादी भूमि के अन्दर निर्मित भवनों के संबंधी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''स'' अनुसार है। आबादी भूमि के बाहर शासकीय भूमि पर निर्मित भवनों की जानकारी निरंक है। (घ) तहसीलदार तहसील राघौगढ़ के पत्र क्रमांक/री-2/2026/236 राघौगढ़ दिनांक 30/06/2026 अनुसार ग्राम पारकना में आबादी भूमि के सर्वे क्रमांक 321, 326, 329, 331, 345 है जिसके अंतर्गत स्वामित्व योजना के तहत 123 भूखण्ड आवंटित किये गये है कोई परिवार आबादी भूमि में चिन्हांकन हेतु शेष नहीं है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''द'' अनुसार है। (ड.) ग्राम पंचायत द्वारा कोई भवन अनुज्ञा अथवा व्यावसायिक अनुज्ञा जारी नहीं की गई है। ''वर्तमान में ग्राम पंचायत द्वारा वर्ष 2021 के पश्चात निर्मित भवनों का सर्वेक्षण कराया जा रहा है सर्वेक्षण उपरांत प्रकरणवार परीक्षण कर प्रचलित नियमों के अनुसार आवश्यक कार्यवाही की जायेगी''।
ग्राम पंचायतों में नवीन कार्य प्रारंभ किया जाना
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
130. ( क्र. 605 ) श्री नरेन्द्र सिंह कुशवाह : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रश्नकर्ता के तारांकित प्रश्न क्र. 2497, उत्तर दिनांक 04/08/2025 के संदर्भ में भिण्ड विकासखण्ड की विभिन्न ग्राम पंचायतों के मजरों-टोलो को मुख्य मार्ग से जोड़ने के लिये सुदूर मार्ग ग्राम पंचायतों को ग्राम के अन्दर दलदल व पानी निकासी के लिये सड़क व नाला, नाली निर्माण के लिये मध्यप्रदेश राज्य रोजगार गारंटी परिषद भोपाल के पत्र क्र. 844, दिनांक 27/05/2025 द्वारा शासन स्तर से नवीन दिशा-निर्देश जारी कर दिये गये है? (ख) यदि हाँ, तो कब और क्या दिशा-निर्देश जारी किये गये है? (ग) उक्त निर्देश के अनुसार भिण्ड विकासखण्ड की ग्राम पंचायत में नवीन कार्य प्रारंभ किये जायेगें? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं तो क्यों?
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) जी हाँ। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) चाही गई जानकारी भविष्यात्मक होने से वर्तमान में दी जाना संभंव नहीं है। शेष प्रश्न उत्पन्न नहीं होता।
किसानों के प्रशिक्षण एवं प्रचार-प्रसार
[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]
131. ( क्र. 606 ) श्री नरेन्द्र सिंह कुशवाह : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भिण्ड जिले में आत्मा योजना अन्तर्गत वर्ष 2023-24 से 2025-26 में कितना बजट प्रशिक्षण एवं भ्रमण हेतु प्राप्त हुआ? जिले के अंदर कितने किसानों को प्रशिक्षण एवं भ्रमण कराया गया? (ख) वर्ष 2023-24 से 2025-26 में आत्मा योजनान्तर्गत किसानों के लिये कृषि कार्य साहित्य एवं प्रचार-प्रसार पर कितनी राशि व्यय की गई? (ग) वर्ष 2023-24 से 2025-26 में प्राकृतिक खेती में कितने किसानों का पंजीयन किया गया एवं उन्हें कितनी-कितनी राशि प्रदाय की गई? (घ) वर्ष 2023-24 से 2025-26 में राष्ट्रीय तिलहन मिशन एवं एफ.पी.ओ. सरसों प्रशिक्षण में कितने प्रशिक्षण आयोजित कराये एवं उनके लिये कितना बजट प्राप्त हुआ? (ड.) वर्ष 2023-24 से 2025-26 में आत्मा योजनान्तर्गत प्रशिक्षण हेतु किन-किन कर्मचारियों को कितनी-कितनी राशि का भुगतान किया गया एवं कितनी-कितनी राशि का समायोजन हुआ?
किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) भिण्ड जिले में आत्मा योजना के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2023-24 से 2025-26 में प्रशिक्षण एवं भ्रमण हेतु प्राप्त बजट राशि एवं जिले के अंदर कराये गये किसानों के प्रशिक्षण एवं भ्रमण की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) आत्मा योजनांतर्गत वित्तीय वर्ष 2023-24 से 2025-26 में किसानों के लिए कृषि साहित्य एवं प्रचार-प्रसार पर व्यय राशि की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ग) वित्तीय वर्ष 2023-24 से 2025-26 में प्राकृतिक खेती हेतु कराये गये किसानों का पंजीयन एवं उन्हे प्रदाय राशि की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है। (घ) वित्तीय वर्ष 2023-24 से 2025-26 में राष्ट्रीय तिलहन मिशन एवं एफ.पी.ओ. सरसों प्रशिक्षण हेतु प्राप्त बजट राशि एवं आयोजित प्रशिक्षण की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-4 अनुसार है। (ड.) आत्मा योजनांतर्गत वित्तीय वर्ष 2023-24 से 2025-26 तक प्रशिक्षण हेतु कार्यालयीन अमले को प्रदाय अग्रिम राशि एवं राशि समायोजन की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-5 अनुसार है।
स्टेडियम की स्वीकृति
[खेल एवं युवा कल्याण]
132. ( क्र. 610 ) डॉ. अभिलाष पाण्डेय : क्या खेल एवं युवा कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रदेश शासन द्वारा प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में खेल सुविधाओं के विस्तार हेतु एक-एक सर्वसुविधायुक्त स्टेडियम निर्माण कराने की कोई महत्वाकांक्षी योजना लाई गई है? (ख) यदि हाँ, तो उक्त योजना के अंतर्गत जबलपुर उत्तर विधानसभा क्षेत्र में स्टेडियम निर्माण को लेकर विभाग द्वारा वर्तमान में क्या कार्ययोजना तैयार की गई है? (ग) क्या जबलपुर उत्तर विधानसभा क्षेत्र में इस स्टेडियम के निर्माण हेतु विभाग या जिला प्रशासन द्वारा किसी उपयुक्त भूमि/स्थल का चयन व चिन्हांकन कर लिया गया है; यदि हाँ, तो चयनित स्थल का विवरण क्या है? (घ) उक्त स्टेडियम निर्माण की संपूर्ण कार्ययोजना की वर्तमान स्थिति क्या है, शासन द्वारा इसके लिए कितनी राशि स्वीकृत की जा रही है तथा प्रश्नकर्ता के विधानसभा क्षेत्र के खिलाड़ियों व युवाओं के लिए यह स्टेडियम कब तक बनकर पूर्ण हो जाएगा?
खेल एवं युवा कल्याण मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) जी हाँ। मुख्यमंत्री युवा शक्ति योजनान्तर्गत प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में स्टेडियम निर्माण किया जाना प्रस्तावित है, योजना अनुमोदन की कार्यवाही प्रचलन में है। (ख) प्रश्नोत्तर (क) अनुसार योजना अनुमोदन की कार्यवाही प्रचलन में है। अतः शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) एवं (घ) प्रश्नोत्तर (क) एवं (ख) के संदर्भ में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
आयुष औषधालय खोले जाने संबंधी
[आयुष]
133. ( क्र. 611 ) डॉ. अभिलाष पाण्डेय : क्या आयुष मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्नकर्ता द्वारा जबलपुर उत्तर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आम जनता को पारंपरिक एवं आयुष चिकित्सा पद्धतियों का लाभ देने के उद्देश्य से एक नया शासकीय आयुर्वेदिक अस्पताल खोले जाने हेतु विभाग को दिये गये प्रस्ताव पर दिनांकवार क्या-क्या कार्यवाही की गई है? (ख) क्या इस संबंध में जिला प्रशासन या क्षेत्रीय आयुष अधिकारी से कोई व्यावहारिक रिपोर्ट (Feasibility Report) मंगवाई गई है और वर्तमान में यह प्रस्ताव किस स्तर पर लंबित है? (ग) क्या शासन द्वारा जबलपुर उत्तर विधानसभा क्षेत्र में इस शासकीय आयुर्वेदिक अस्पताल को खोलने तथा इसके लिए बजट आवंटित करने हेतु वर्तमान में कोई समबद्ध कार्य योजना तैयार की जा रही है? यदि हाँ, तो प्रस्तावित स्थल और उसकी संपूर्ण कार्य योजना का विवरण क्या है? (घ) यदि उपर्युक्त बिंदुओं के संबंध में वर्तमान में कोई कार्यवाही प्रक्रियाधीन नहीं है, तो क्या शासन क्षेत्र की सघन आबादी और स्थानीय नागरिकों की निरंतर बढ़ती मांग को देखते हुए आगामी वित्तीय वर्ष के बजट में यहां एक शासकीय आयुर्वेदिक अस्पताल की स्थापना को प्राथमिकता से शामिल करेगा?
आयुष मंत्री ( श्री इन्दर सिंह परमार ) : (क) जबलपुर उत्तर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत नया शासकीय आयुर्वेदिक अस्पताल खोले जाने हेतु प्रस्ताव प्राप्त नहीं है। माननीय के पत्र क्र. 414, दिनांक 17.02.2026 द्वारा शासकीय मनमोहन नगर अस्पताल हेतु चिकित्सक का पद स्वीकृत करने एवं उक्त प्रक्रिया पूर्ण होने तक किसी आयुर्वेदिक चिकित्सक की अस्थाई पदस्थापना/संलग्नीकरण हेतु लिखा गया है। आयुष चिकित्सा पद्वतियों का लाभ देने के उदेश्य से एन.एच.एम. योजना अंतर्गत सी.एच.सी. मनमोहन नगर में संविदा होम्योपैथी चिकित्सा अधिकारी पदस्थ है एवं जबलपुर उत्तर विधानसभा अंतर्गत शासकीय आयुष विंग, शासकीय होम्योपैथी औषधालय लालमाटी सेठ गोविन्ददास जिला चिकित्सालय परिसर जबलपुर में संचालित है। (ख) जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) जी नहीं। वर्तमान में विभाग द्वारा आयुर्वेदिक अस्पताल खोले जाने की कोई योजना प्रक्रियाधीन नहीं है।
प्रधानमंत्री आवास योजना में लापरवाही
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
134. ( क्र. 629 ) श्री सुरेन्द्र सिंह हनी बघेल : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या मध्यप्रदेश ग्रामीण बैंक, ब्यावरा शाखा, जिला राजगढ़ में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत वर्ष 2019 में स्वीकृत पात्र हितग्राहियों के प्रकरणों में बैंक स्तर पर आवश्यक कार्यवाही समय पर नहीं किए जाने के कारण आवास अनुदान/सब्सिडी की राशि हितग्राहियों के खातों में जमा नहीं हो सकी तथा प्रकरण लंबित रहे, जबकि संबंधित पोर्टल वर्ष 2022 में बंद हुआ है? (ख) मध्य प्रदेश ग्रामीण बैंक, ब्यावरा शाखा में ऐसे कितने प्रकरण लंबित रहे जिनमें बैंक की कार्यवाही के अभाव में आवास की सब्सिडी/अनुदान राशि जमा नहीं हो सकी, नाम सहित सूची उपलब्ध करायें। (ग) क्या उक्त प्रकरणों की जांच कराई गई है या नहीं? यदि हाँ, तो जांच में क्या तथ्य सामने आए तथा जिम्मेदार अधिकारियों/कर्मचारियों के नाम एवं उनके विरुद्ध की गई कार्रवाई क्या है? (घ) ऐसे पात्र हितग्राहियों को योजना का लाभ दिलाने हेतु शासन द्वारा क्या कदम उठाए गए हैं? क्या शासन लंबित प्रकरणों में पात्र हितग्राहियों को अनुदान राशि उपलब्ध कराने हेतु विशेष अनुमति प्रदान करेगा? यदि हाँ, तो कब तक?
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण अंतर्गत वर्ष 2019 के स्वीकृत पात्र हितग्राहियों को राशि स्टेट नोडल अकाउंट के माध्यम से सीधे उनके खाते में नियमानुसार अंतरित की जा चुकी है। अत: अन्य किसी बैंक से कार्यवाही का प्रश्न नहीं उठता। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण का पोर्टल बंद नहीं हुआ है। (ख) से (घ) उत्तरांश (क) के अनुक्रम में शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
जनपद पंचायत के उपयंत्रियों द्वारा निष्पादित कार्य
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
135. ( क्र. 631 ) श्री सुरेन्द्र सिंह हनी बघेल : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा कुक्षी की जनपद पंचायतों में वर्तमान में कितने उपयंत्री पदस्थ हैं? उनके नाम, पदस्थापना दिनांक एवं कार्यक्षेत्र विवरण जनपदवार दें? (ख) विगत 3 वर्षों में विधानसभा कुक्षी की जनपद पंचायतों अंतर्गत पदस्थ उपयंत्रियों द्वारा किन-किन निर्माण कार्यों का मूल्यांकन, किस-किस दिनांक को किया गया, कार्य का नाम, मद का नाम, स्वीकृति दिनांक, स्वीकृत लागत, व्यय राशि, मूल्यांकन दिनांक, मूल्यांकन राशि, कार्य की वर्तमान भौतिक स्थिति की जानकारी देवें। (ग) विगत 3 वर्ष में विधानसभा कुक्षी की जनपद पंचायतों अंतर्गत विभिन्न निर्माण कार्यों में कितनी शिकायतें प्राप्त हुई हैं? इन शिकायतों पर कृत कार्रवाई संबंधी जानकारी देवें। (घ) विधानसभा कुक्षी की जनपद पंचायतों की ग्राम पंचायतों में पिछले 3 वर्षों में स्वीकृत ऐसे कितने कार्य है, जिनका अभी तक किसी प्रकार का कोई मूल्यांकन उपयंत्री द्वारा नहीं किया गया है? इसके क्या कारण है? इसके लिए कौन-कौन दोषी है, दोषी पर की गई कार्यवाही सहित प्रमाणित जानकारी देवें।
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र -'अ' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र -'ब' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र -'स' अनुसार है। (घ) विधानसभा कुक्षी की जनपद पंचायत कुक्षी अंतर्गत ग्राम पंचायत में विगत 03 वर्षों से स्वीकृत निर्माण कार्यों का समय-समय पर मूल्यांकन किया जाता है अत: शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
श्रम नियमों के उल्लंघन एवं बोनस भुगतान
[श्रम]
136. ( क्र. 632 ) श्री सुरेन्द्र सिंह हनी बघेल : क्या श्रम मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भोपाल सिटी लिंक लिमिटेड (BCLL) की NIT क्रमांक 41, 43, 60, 63, 121, 122, 123, 153, में वर्णित बस ऑपरेटर्स में से किन-किन ऑपरेटर्स के द्वारा कब-कब श्रम नियमों में वर्णित प्रावधानों का उल्लंघन किया गया? नियमों के उल्लंघन पर विभाग द्वारा किस ऑपरेटर पर क्या कार्रवाई की गई? पूर्ण विवरण दें। (ख) क्या उक्त बस ऑपरेटर्स के अंतर्गत कार्यरत कर्मचारियों को श्रम नियमों के अधीन बोनस एक्ट के तहत जुलाई 2021 से प्रश्न दिनांक तक नियमानुसार बोनस का भुगतान किया गया है? हाँ अथवा नहीं? यदि हाँ, तो किस ऑपरेटर द्वारा कुल कितना-कितना बोनस कब भुगतान किया गया? यदि नहीं, तो इस अनियमितता पर विभाग द्वारा क्या दंडात्मक कार्रवाई की गई? (ग) क्या 'प्रिंसिपल एंप्लॉयर' होने के नाते BCLL ने अपने विधिक दायित्वों का पूर्ण निर्वाह किया है? BCLL की ओर से अनुबंधित ऑपरेटर्स नियमानुसार श्रम नियमों का अक्षरशः पालन करें, इसका उत्तरदायित्व BCLL में किस अधिकारी/पदनाम का निर्धारित था? (घ) क्या शासन उपरोक्त वर्णित NIT के आधार पर वर्ष 2022 से प्रश्न दिनांक तक, माहवार किस-किस ऑपरेटर द्वारा कितनी-कितनी बसों का संचालन किया गया तथा उनके अधीन कितने कितने ड्राइवर एवं कंडक्टरों को माहवार कितनी सैलरी का भुगतान किया गया, इसका संपूर्ण गौशवारा प्रदान करें?
श्रम मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) कार्यालय सहायक श्रमायुक्त, भोपाल के अभिलेखों के अनुसार भोपाल सिटी लिंक लिमिटेड (BCLL) के विरुद्ध एनआईटी क्रमांक 41, 43, 60, 63, 121, 122, 123 एवं 153 से संबंधित प्रश्न में वर्णित प्रकृति की कोई औपचारिक शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। तथापि, संबंधित प्रतिष्ठान एवं उसके द्वारा नियोजित संविदाकारों को श्रम कानूनों का पालन सुनिश्चित करने हेतु आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं। (ख) भोपाल सिटी लिंक लिमिटेड द्वारा प्राप्त जानकारी के अनुसार बस ऑपरेटर के साथ निष्पादित अनुबंध अनुसार कर्मचारियों को बोनस, वेतन एवं अन्य भुगतान संबंधी कार्यवाही संबंधित बस ऑपरेटरों द्वारा की जाती है। प्रश्नांश में चाही गयी जानकारी संकलित की जा रही है। (ग) भोपाल सिटी लिंक लिमिटेड को प्रमुख नियोजक के रूप में पंजीकृत किये जाने हेतु निर्देशित किया गया है। संबंधित संविदाकारों के संबंध में उपलब्ध अभिलेखों का निरीक्षण किया जा रहा है तथा जहाँ आवश्यक होगा वहाँ संविदा श्रम (विनियमन एवं उन्मूलन) अधिनियम, 1970 एवं नियमों के प्रावधानों के अनुसार आवश्यक वैधानिक कार्यवाही की जाएगी। (घ) प्रमुख नियोजक को निर्देशित किया गया है कि वर्ष 2022 से संबंधित समस्त संविदाकारों, उनके द्वारा नियोजित श्रमिकों की संख्या, वेतन भुगतान एवं अन्य वैधानिक अभिलेखों का विवरण कार्यालय को उपलब्ध कराएं। जानकारी प्राप्त होने पर उसका परीक्षण कर नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही की जाएगी।
फर्जी जाति प्रमाण पत्रों की जांच
[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]
137. ( क्र. 639 ) डॉ. राजेन्द्र कुमार सिंह : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) किसान कल्याण विभाग के सहायक/उप संयुक्त/अपर संचालक स्तर के किस-किस नाम/पदनाम के अधिकारियों के विरुद्ध दिनांक 01.04.2022 से प्रश्न तिथि तक फर्जी जाति प्रमाण पत्रों के आधार पर नौकरी प्राप्त करने एवं विभागीय योजनाओं में वित्तीय अनियमितताएं करने पर विभागीय/ई.ओ.डब्ल्यू./लोकायुक्त की जांचें रजिस्टर होने किराये के वाहनों के बिना जिला कलेक्टरों की अनुमति के भुगतान करने या अपने अधीनस्थ अन्य कार्यालयों को भुगतान करने संबंधी किस-किस प्रकार की शिकायतों पर प्रश्नतिथि तक क्या-क्या जॉच किसके विरुद्ध चल रही है, की प्रकरणवार जॉच एजेन्सीवार जानकारी दें? (ख) क्या श्री महेश कुमार, कृषि विस्तार अधिकारी, छतरपुर को राज्य शासन ने वर्ष 1999 में अनुसूचित जाति वर्ग के कर्मचारियों के लिये चलाये गये विशेष भर्ती अभियान के तहत दिनांक 24.04.1999 को डिंडोरी जिला में ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी के पद पर पदस्थ किया था? (ग) प्रश्नांश (ख) में वर्णित अधिकारी का जाति प्रमाण पत्र/निवास प्रमाण पत्र एवं कक्षा 5वीं/8वीं/10वीं/11वीं/12वीं (हायर सेकेण्डरी) की अंकसूची उपलब्ध करायें?
किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) जी हाँ। (ग) कार्यालय में उपलब्ध अभिलेख अनुसार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2, 3 एवं 4 अनुसार है, शेष प्रश्न उद्भुत नहीं होता है।
किटनाशक यंत्र एवं रसायनों के उपयोग का प्रशिक्षण
[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]
138. ( क्र. 641 ) श्री केशव देसाई : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या मध्यप्रदेश में मूंग एवं अन्य दलहनी फसलों में कीटनाशकों एवं पेस्टिसाइड्स का उपयोग निर्धारित मानकों से अधिक किया जा रहा है? (ख) पिछले पांच वर्षों में कृषि विभाग द्वारा मूंग, उड़द एवं अन्य दलहनी फसलों में पेस्टीसाइड अवशेष (Pesticide Residue) की जांच हेतु कितने नमूने लिए गए तथा उनमें से कितने नमूने निर्धारित मानकों से अधिक पाए गए? (ग) राज्य में कार्यरत कीटनाशक एवं कृषि रसायन बनाने वाली कंपनियों द्वारा किसानों को सुरक्षित उपयोग संबंधी प्रशिक्षण देने के क्या प्रावधान हैं तथा पिछले पांच वर्षों में कंपनियों द्वारा कितने प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए गए? (घ) विभिन्न कृषि कंपनियों ने किसानों को पेस्टीसाइड के सुरक्षित उपयोग, मात्रा निर्धारण एवं प्रतीक्षा अवधि (Waiting Period) संबंधी कितने प्रशिक्षण दिए हैं? जिलेवार, संख्यात्मक जानकारी दें। (ड.) किसानों को अत्यधिक एवं अनियंत्रित कीटनाशक उपयोग से होने वाले स्वास्थ्य जोखिमों, कैंसर एवं अन्य गंभीर बीमारियों के प्रति जागरूक करने हेतु राज्य सरकार द्वारा क्या अभियान संचालित किए जा रहे है? (च) म.प्र. में कौन-कौन सी कंपनियों के द्वारा कीटनाशक दिया जा रहा है एवं कितनी कंपनी के द्वारा किसानों को सेल से पहले जागरूकता दी जाती है? संपूर्ण जानकारी देवें।
किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) जी नहीं। (ख) विभाग द्वारा पेस्टीसाइड अवशेष परीक्षण हेतु नमूने नहीं लिए जाते हैं। तथापि भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद नई दिल्ली के द्वारा अखिल भारतीय कीटनाशक अवशेष एवं संदूषक नेटवर्क परियोजना के तहत राष्ट्रीय स्तर पर कीटनाशक अवशेष निगरानी योजना के अंतर्गत वर्ष 2020-21 से 2020-26 की अवधि में दलहनी फसलों के 445 नमूनें का केंद्रीय एकीकृत नाशीजीव प्रबंधन केंद्र, इन्दौर एवं मुरैना तथा नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड, सेंटर फॉर एनालिसिस एंड लर्निंग इन लाइवस्टॉक एंड फूड, लिमिटेड, आणंद, गुजरात से एकत्रीकरण कराकर परीक्षण कराया गया, जिनमें से कोई भी नमूना अधिकतम अवशेष सीमा से अधिक नहीं पाया गया। (ग) कीटनाशी अधिनियम, 1968 एवं कीटनाशी नियम, 1971 के अंतर्गत निजी कृषि रसायन कंपनियों द्वारा किसानों को प्रशिक्षण आयोजित किए जाने संबंधी कोई वैधानिक प्रावधान नहीं है। अतः प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) प्रश्नांश (ग) के उत्तर के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ड.) विभाग द्वारा संचालित विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों, कृषक संगोष्ठियों, विस्तार गतिविधियों एवं जन-जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से किसानों को कीटनाशकों के सुरक्षित, संतुलित एवं अनुशंसित उपयोग, निर्धारित मात्रा, प्रतीक्षा अवधि तथा व्यक्तिगत सुरक्षा उपायों के संबंध में नियमित रूप से जागरूक एवं प्रशिक्षित किया जाता है। (च) कंपनियों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। कीटनाशी अधिनियम, 1968 एवं कीटनाशी नियम, 1971 के प्रावधानों के अनुसार प्रत्येक पंजीकृत कीटनाशक के प्रत्येक पैकेट/बोतल के साथ उपयोग विधि, अनुशंसित मात्रा, सावधानियाँ तथा सुरक्षा संबंधी आवश्यक निर्देशों का लीफलेट संलग्न किया जाना अनिवार्य है, जिससे किसानों को उत्पाद के सुरक्षित एवं वैज्ञानिक उपयोग की जानकारी उपलब्ध हो सके।
सीधी जिले में खेल सुविधाओं का विस्तार
[खेल एवं युवा कल्याण]
139. ( क्र. 644 ) श्रीमती रीती पाठक : क्या खेल एवं युवा कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या सीधी जिला मुख्यालय में एक सर्व-सुविधायुक्त वृहद इन्डोर स्टेडियम स्वीकृति किये जाने की कोई योजना है? वर्तमान में क्या विभाग द्वारा कोई खेल स्टेडियम स्वीकृत किया गया है? (ख) सीधी विधानसभा क्षेत्र की किन-किन ग्राम पंचायतों में ओपन जिम की स्थापना की गई है एवं दिनांक 1 जनवरी, 2024 से अब तक ऐसे कितने ओपन जिम स्थापित किये गये हैं? (ग) सीधी जिले में खेल प्रशिक्षकों के कितने पद स्वीकृत हैं एवं इनमें से कितने पदों पर खेल प्रशिक्षक पदस्थ हैं एवं कितने पद रिक्त हैं? (घ) पिछले 3 वर्षों में सीधी जिले में कितने प्रदेश स्तरीय, जिला स्तरीय खेल आयोजन विभाग द्वारा आयोजित किये गए हैं? क्या इन आयोजनों की सतत मॉनिटरिंग एवं क्रियान्वयन में आवश्यक सहभागिता की भौतिक स्थिति का परीक्षण किया गया है?
खेल एवं युवा कल्याण मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) जी हाँ। जी नहीं। संचालनालयीन पत्र क्रमांक 11001, दिनांक 09.02.2026 द्वारा कलेक्टर सीधी को समतल व उपयुक्त नगर निकाय सीमा से 2.00 कि.मी. की परिधि में 10.00 एकड़ भूमि विभाग के नाम आवंटित किये जाने हेतु लेख किया गया है। जिला प्रशासन द्वारा भूमि आवंटन के उपरांत शासकीय निर्माण एजेंसी से निरीक्षण/परीक्षण कराकर प्राक्कलन मय तकनीकी स्वीकृति के प्राप्त कर सक्षम समिति के समक्ष प्रस्तुत किया जा सकेंगा। (ख) विभाग द्वारा ग्राम पंचायतों में ओपन जिम स्थापित नहीं की जाती है। अतः शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र -1 अनुसार है। (घ) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। आवश्यकतानुसार आयोजनों की भौतिक स्थिति का परीक्षण किया जाता है।
इंजीनियरिंग कालेज की स्थापना एवं तकनीकी प्रशिक्षण
[तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार (केवल तकनीकी शिक्षा) ]
140. ( क्र. 645 ) श्रीमती रीती पाठक : क्या तकनीकी शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या सीधी जिले में नवीन इंजीनियरिंग कालेज के स्थापना की कोई योजना है। यदि हाँ, तो यह कब तक स्वीकृति किया जावेगा? यदि नहीं तो कारण की जानकारी दें। (ख) सीधी जिले में विभाग के अधीन कौन-कौन से संस्थान संचालित है एवं कौन से नवीन संस्थान खोले जाने की सरकार की योजना है। (ग) तकनीकी शिक्षा/कौशल विकास/रोजगार के लिये कौन-कौन से ट्रेनिंग कार्यक्रम चलाये जा रहे हैं। इन कार्यक्रमों का संचालन किन लोगों द्वारा किया जा रहा है? विस्तृत विवरण एवं प्रशिक्षण केन्द्रों की जानकारी दें।
तकनीकी शिक्षा मंत्री ( श्री इन्दर सिंह परमार ) : (क) जी नहीं, शेष का प्रश्न उत्पन्न नहीं होता। विभाग की प्राथमिकता प्रत्येक संभाग में एक शासकीय/स्वशासी/अनुदान प्राप्त/राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय का घटक संस्थान के इंजीनियरिंग महाविद्यालय प्रारंभ करने की है, जिला सीधी प्रदेश के रीवा संभाग में आता है, रीवा संभाग में पूर्व से ही शासकीय इंजीनियरिंग महाविद्यालय, रीवा संचालित है, जिसमें सीधी जिले के छात्र-छात्राओं को भी अध्ययन का लाभ प्राप्त हो रहा है। (ख) जिला सीधी मुख्यालय पर शासकीय पॉलीटेकनिक महाविद्यालय, सीधी संचालित हैं, सीधी जिले के विकासखण्डों में संचालित शासकीय आई.टी.आई. की जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। वर्तमान में सीधी जिले में नवीन संस्थान खोले जाने की कोई योजना नहीं हैं। (ग) सीधी जिले में भी शिल्पकार प्रशिक्षण योजना का संचालन शासकीय आई.टी.आई. में विभिन्न व्यवसायों के साथ किया जाता है, शासकीय आई.टी.आई. एवं संचालित व्यवसायों की विस्तृत जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। मुख्यमंत्री सीखो-कमाओ योजना का संचालन जिला स्तरीय शासकीय आई.टी.आई. के माध्यम से किया जाता है, योजनांतर्गत पंजीकृत प्रतिष्ठानों में पात्र अभ्यर्थियों को संलग्न किया जाता है, योजना में प्रशिक्षण केन्द्रों का संचालन नहीं किया जाता है।
अनुग्रह सहायता राशि की स्वीकृति
[श्रम]
141. ( क्र. 648 ) श्री हरिशंकर खटीक : क्या श्रम मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) टीकमगढ़ जिले की जनपद पंचायत जतारा एवं पलेरा की ऐसी कौन-कौन सी ग्राम पंचायतें है जिनके श्रमिकों की मृत्यु उपरांत जनवरी 2021 से, प्रश्न दिनांक तक उनके वारिसों को अन्त्येष्टि/अनुग्रह सहायता राशि प्रदान की गई है और किस-किसको दी जाना शेष है? (ख) प्रश्नांश (क) के आधार पर जानकारी दें कि ऐसे कितने श्रमिक है जो बाहर पलायन करने के कारण कार्यालय में जाकर अपने-अपने पंजीयन को रिनुअल नहीं करा सके है और जनपद पंचायत कार्यालयों में एवं अपने अनुविभागीय, राजस्व कार्यालयो में भटक रहे है? ऐसे श्रमिकों के पंजीयन कब तक रिनुअल किये जायेंगे? (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के आधार पर बताये कि कितने हितग्राहियों के केस लंबित है जो पात्र होने के बावजूद उनको अन्त्येष्टि एवं अनुग्रह सहायता राशि प्रश्न दिनांक तक नहीं दी गई है? इसमें कौन-कौन दोषी है, प्रश्न दिनांक तक दोषियों के विरुद्ध क्या-क्या कार्यवाही की गई है? (घ) प्रश्नांश (क), (ख) एवं (ग) के आधार पर निश्चित समय-सीमा सहित बताये कि कब तक लंबित केसों का निराकरण कर भुगतान राशि प्रदाय कर दी जावेगी?
श्रम मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) म.प्र. भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल अंतर्गत टीकमगढ़ जिले की जनपद पंचायत जतारा एवं पलेरा में माह जनवरी, 2021 से प्रश्न दिनांक तक अंत्येष्टि एवं अनुग्रह सहायता योजना अंतर्गत लाभांवित हितग्राहियों की वांछित ग्राम पंचायतवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। प्रश्नांकित अवधि में उक्त योजना अंतर्गत लंबित प्रकरणों की जानकारी निरंक है। मुख्यमंत्री जनकल्याण संबंल योजना अंतर्गत प्रश्नांश की वांछित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। (ख) म.प्र. भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल अंतर्गत पंजीकृत श्रमिकों के बाहर पलायन करने के कारण श्रमिक पंजीयन नवीनीकरण नहीं किये जाने संबंधी प्रकरणों की जानकारी निरंक है। मण्डल द्वारा ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से श्रमिक पंजीयन एवं नवीनीकरण की व्यवस्था उपलब्ध है, जिससे पलायन करने वाले श्रमिकों द्वारा किसी कार्यालय में उपस्थित होकर पंजीयन नवीनीकरण कराया जाना आवश्यक नहीं है, अपितु ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से नवीनीकरण किया जा सकता है। अत: शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता। मुख्यमंत्री जनकल्याण संबंल योजना अंतर्गत पंजीयन निरंतरित रखे जाने हेतु नवीनीकरण की आवश्यकता नहीं है। (ग) मुख्यमंत्री जनकल्याण संबंल योजना अंतर्गत वांछित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। योजनांतर्गत प्रत्येक सिंगल क्लिक कार्यक्रम से स्वीकृत तथा डिजीटल हस्ताक्षरित प्रकरणों में भुगतान मृत्यु दिनांक के क्रमानुक्रम में बजट उपलब्धता अनुसार किया जाता है। म.प्र. भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल अंतर्गत लंबित प्रकरणों की जानकारी निरंक है। (घ) मुख्यमंत्री जनकल्याण संबंल योजना अंतर्गत अनुग्रह सहायता भुगतान एक सतत प्रक्रिया है, योजनांतर्गत प्रत्येक सिंगल क्लिक कार्यक्रम में स्वीकृत तथा डिजीटल हस्ताक्षरित प्रकरणों में भुगतान मृत्यु दिनांक के क्रमानुक्रम में बजट उपलब्धता अनुसार किया जाता है। म.प्र. भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल अंतर्गत लंबित प्रकरणों की जानकारी निरंक है।
अपूर्ण भवन निर्माण का कार्य पूर्ण किया जाना
[तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार (केवल तकनीकी शिक्षा) ]
142. ( क्र. 649 ) श्री हरिशंकर खटीक : क्या तकनीकी शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) टीकमगढ़ जिले के नगर जतारा में शासकीय पॉलिटेक्निक महाविद्यालय कब खोला गया था? समस्त संबंधित आदेशों की छायाप्रतियां प्रदाय करें। (ख) प्रश्नांश (क) के आधार पर जानकारी दें कि इसके भवन निर्माण हेतु, किस-किस खसरा नंबर की एवं कितने-कितने रकबा की भूमि कुल कितनी भूमि जिला प्रशासन द्वारा भूमि आवंटित की गई थी? छायाप्रतियां प्रदान करें। (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के आधार पर जानकारी दें कि इसके भवन निर्माण हेतु कितनी-कितनी राशि शासन द्वारा कब-कब स्वीकृत की गई थी? कुल कितनी राशि उपरोक्त प्रयोजनार्थ स्वीकृत की गई थी? प्रश्न दिनांक तक कितनी-कितनी राशि से क्या-क्या कार्य पूर्ण करा दिया गया है और क्या-क्या कार्य शेष है? संबंधित ठेकेदार का नाम, पता सहित यह भी जानकारी दें कि उन्हें कब-कब कितना भुगतान कर दिया गया है? संपूर्ण जानकारी दें। (घ) प्रश्नांश (क), (ख) एवं (ग) के आधार पर बताएं कि कब से इस भवन में शासकीय पॉलिटेक्निक की कक्षाएं संचालित है? यह भवन जब पी.आई.यू. द्वारा बनाया गया तो क्या पूर्ण बन चुका है या अधूरा है अभी अधूरे कार्य कौन-कौन से शेष हैं? निश्चित समय-सीमा दें कि कब तक अधूरे निर्माण कार्य पूर्ण करवाकर पी.आई.यू. शासकीय पॉलिटेक्निक महाविद्यालय जतारा के नाम हस्तांतरित कर दिया जावेगा?
तकनीकी शिक्षा मंत्री ( श्री इन्दर सिंह परमार ) : (क) विभाग द्वारा शासकीय पॉलिटेक्निक महाविद्यालय, जतारा की स्वीकृति दिनांक 16 मई, 2011 को जारी की गई थी। आदेश की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) शासकीय पॉलिटेक्निक महाविद्यालय, जतारा हेतु खसरा न. 208/1/1 में कलेक्टर, जिला-टीकमगढ़ के आदेश प्रकरण क्र.-057/वी-121/ 2010-2011, दिनांक 07.04.2011 द्वारा 2 हेक्टेयर भूमि तथा आदेश प्रकरण क्र.-77/वी-121/2010-2011, दिनांक 06.02.2012 द्वारा 2 हेक्टेयर भूमि कुल 4 हेक्टेयर भूमि शासकीय पॉलिटेक्निक महाविद्यालय, जतारा के लिये आवंटित की गई है। सुसंगत दस्तावेजों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ग) विभाग द्वारा शासकीय पॉलिटेक्निक महाविद्यालय, जतारा के मुख्य भवन के निर्माण कार्य हेतु रूपये 787.00 लाख की स्वीकृति दिनांक 25.01.2012 को जारी की गई थी। जिसके आधार पर रूपये 100.00 लाख के व्यय की स्वीकृति दिनांक 25.01.2012 को, रूपये 200.00 लाख के व्यय की स्वीकृति दिनांक 12.02.2014 को, रूपये 120.00 लाख के व्यय की स्वीकृति दिनांक 16.12.2014 को, रूपये 265.00 लाख के व्यय की स्वीकृति दिनांक 03.01.2015 को, रूपये 90.00 लाख एवं 12.00 लाख के व्यय की स्वीकृति दिनांक 06.01.2018 को, इस प्रकार कुल रूपये 787.00 लाख के व्यय की स्वीकृति जारी की गई। पीआईयू द्वारा पूर्ण राशि का समय-सीमा में व्यय नहीं किये जाने के कारण रूपये 67.02 लाख के व्यय की स्वीकृति दिनांक 08.11.2019 को एवं राशि रूपये 18.05 लाख के व्यय की स्वीकृति दिनांक 01.10.2024 को जारी गई। कार्य हेतु स्वीकृत राशि में से राशि रूपये 625.31 लाख का उपयोग मुख्य भवन के निर्माण कार्य एवं 200 मीटर बाउण्ड्रीवॉल के निर्माण कार्य में किया गया। शासकीय पॉलिटेक्निक महाविद्यालय, जतारा के निर्माण में शेष कार्यों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है। इस कार्य हेतु ठेकेदार ''मेसर्स सुरेश चन्द्र गुप्ता, 60 गनेश बजार झांसी उ.प्र'' है। निर्माण एजेंसी द्वारा फर्म को किये गये भुगतान की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-4 अनुसार है। (घ) भवन में जनवरी, 2021 से कक्षाएं संचालित है। भवन का कार्य अपूर्ण है, शेष कार्यों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
सहकारी समितियों में वेतन पुनरीक्षण
[सहकारिता]
143. ( क्र. 650 ) श्रीमती कंचन मुकेश तनवे : क्या सहकारिता मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों के सेवा नियमों का अंतिम व्यापक पुनरीक्षण कब किया गया था? वर्तमान आर्थिक एवं महंगाई की परिस्थितियों को देखते हुए सेवा नियमों के पुनरीक्षण की क्या योजना है? (ख) प्रदेश में समान कार्य करने वाले समिति कर्मचारियों के वेतनमान में असमानता की स्थिति निर्मित है क्या? क्या शासन PACS कर्मचारियों हेतु राज्य स्तरीय एक समान वेतन संरचना लागू करने पर विचार कर रहा है? (ग) क्या कर्मचारियों का वेतन समिति के लाभ-हानि से पृथक कर न्यूनतम सम्मानजनक वेतन सुनिश्चित करने का प्रस्ताव विचाराधीन है? क्या शासन PF, ग्रेच्युटी, बीमा, पदोन्नति एवं समयमान वेतनमान जैसी सुविधाओं को अनिवार्य रूप से लागू करने पर विचार कर रहा है? (घ) खंडवा विकासखंड में कितनी प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितिया संचालित है उक्त समितियों में विगत 3 वर्षों में ब्याज अनुदान एवं अन्य प्रतिपूर्तियां प्राप्त हुई है, विगत 3 वर्षों में कितने किसानों का कितना-कितना ऋण माफ़ किया है, कितने किसानों के डिफाल्टर होने पर कार्यवाही की गई, समितिवार जानकारी प्रदान करें तथा व्यय के साथ वर्तमान में समितियों की वित्तीय स्थिति की जानकारी प्रदान करें।
सहकारिता मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों के सेवा नियमों का अंतिम व्यापक पुनरीक्षण किया जाकर आदेश क्रमांक साख/विधि/33/2013/2046 दिनांक 30.08.2013 से जारी किया गया था। बी-पैक्स सेवानियम में समय-समय पर आवश्यकता अनुसार संशोधन किये जाकर आदेश जारी किये गये है। वर्तमान आर्थिक एवं महंगाई की परिस्थितियों को देखते हुए सेवा नियमों के पुनरीक्षण की कोई योजना विचाराधीन नहीं है। (ख) प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितिया पृथक-पृथक प्रशासनिक एवं वित्तीय इकाईयां है। इनमें कार्यरत कर्मचारियों को बी-पैक्स के सेवानियम अनुसार संस्था की आर्थिक सक्षमता के आधार पर वेतन भत्तों का भुगतान किया जाता है। वर्तमान में पैक्स कर्मचारियों हेतु राज्य स्तरीय एक समान वेतन संरचना लागू करने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। (ग) वर्तमान में कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। जी नहीं। (घ) खण्डवा विकासखंड में 13 प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियां संचालित है। जी हाँ, विगत 3 वर्षों में किसानों का ऋण माफ नहीं किया गया है, विगत 3 वर्षों में किसानों के डिफाल्टर होने पर 4349 कृषकों से संपर्क कर, नोटिस देकर एवं क्रिस योजना तथा धारा 84 में प्रकरण दर्ज कर वसूली हेतु कार्यवाही की गई है, जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है।
रिक्त भरे पदों की स्थिति एवं शुल्क विवरण
[उच्च शिक्षा]
144. ( क्र. 651 ) श्रीमती कंचन मुकेश तनवे : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) उच्च शिक्षा विभाग अंतर्गत खण्डवा जिले में कितने, किस-किस श्रेणी/प्रकार (निजी/शासकीय) कालेज, संस्थान संचालित है उनकी कालेजवार मान्यता, वैधता की जानकारी देवें। (ख) खण्डवा जिले में संचालित शास. कॉलेजों में स्वीकृत पदों, रिक्त पदों, समस्त प्रकार (शैक्षणिक, गैर शैक्षणिक, कार्यालयीन) की जानकारी सूचीबद्ध कर प्रस्तुत की जावें। (ग) नवीन यूनिवर्सिटी क्रांतिसूर्य टंटया भील खरगोन में स्वीकृत रिक्त पदों की जानकारी आऊटसोर्स कर्मचारी हो तो उनकी एजेंसी की जानकारी नाम, पंजीयन, अनुबंध, पता, कर्मचारी संख्या की पूर्ण जानकारी दें। (घ) क्रांतिसूर्य टंटया भील यूनिवर्सिटी से संबद्ध कॉलेजों (खण्डवा) के विगत वर्षों के परिणाम (प्रवेशित, उत्तीर्ण, एटीकेटी, फेल) मुख्य परीक्षा व पूरक/एटीकेटी व संकायवार शुल्क की जानकारी (प्रवेश शुल्क, एटीकेटी, रिव्यूव, रिवेल्युवेश आदि) दें।
उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री इन्दर सिंह परमार ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-01 अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-02 अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-03 अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-04 अनुसार है।
जल संवर्धन के संबंध में
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
145. ( क्र. 1063 ) श्री सचिन सुभाषचंद्र यादव : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या विधानसभा क्षेत्र कसरावद अंतर्गत बोराड, वंसावली, अम्बक, वेदा, कुंदा एवं साटक प्रमुख नदियाँ विगत वर्षों से विशेषकर ग्रीष्मकाल में पूर्णतः सूख जाती हैं, जिसके कारण नदी किनारे स्थित ग्रामों के किसानों एवं ग्रामीणों को सिंचाई, पेयजल एवं पशुओं के लिए जल उपलब्धता संबंधी गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है? (ख) यदि हाँ, तो उक्त नदियों के पुनर्जीवन, जलधारण क्षमता बढ़ाने तथा वर्षभर जल उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु शासन द्वारा अब तक कौन-कौन से सर्वेक्षण, अध्ययन अथवा योजनाएँ तैयार की गई हैं? उनका ग्रामवार एवं नदीवार विवरण क्या है? (ग) क्या शासन द्वारा उक्त नदियों के पुनर्जीवन, जल संरक्षण एवं भूजल स्तर में वृद्धि के उद्देश्य से प्रत्येक प्रभावित ग्रामों में स्टॉप डेम या बैराज के निर्माण की कोई कार्ययोजना तैयार की जा रही है? यदि हाँ, तो विवरण नहीं तो कार्ययोजना बनाई जाए।
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) जी हाँ, विधानसभा क्षेत्र कसरावद अंतर्गत बोराड, वंसावली, अम्बक, वेदा, कुंदा एवं साटक प्रमुख नदियाँ विगत वर्षों से विशेषकर ग्रीष्मकाल में सूख जाती हैं। जी नहीं, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग एवं अन्य विभाग से निर्मित संरचनाओं से नदी के किनारे ग्रामों में ग्रामीणों को पेयजल एवं पशुओं के लिए जल उपलब्धता कराई जाती है। (ख) विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत नदी पुनर्जीवन का कोई सर्वेक्षण, अध्ययन कार्य नहीं कराया गया हैं। जलधारण क्षमता बढ़ाने तथा वर्षभर जल उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु मनरेगा योजना से जल संरक्षण एवं जल संवर्धन कार्य कराये गये है। ग्राम पंचायतवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) नदियों के पुनर्जीवन की कार्य योजना नहीं बनायी जा रही हैं किन्तु विकसित भारत जी राम जी योजना में ग्राम सभा द्वारा अनुमोदित प्लान अनुसार जल संरक्षण एवं भूजल स्तर में वृद्धि हेतु जी.आई.एस. आधारित योजना प्लानर साफ्टवेयर, सीपरी साफ्टवेयर एवं युक्तधारा साफ्टवेयर से बनायी जा रही हैं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
नल-जल योजना नियम 2026
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
146. ( क्र. 1700 ) श्री अजय अर्जुन सिंह : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या विभाग द्वारा 'नलजल योजना नियम 2026' का ड्राफ्ट तैयार कर जल जीवन मिशन के तहत गांवों में मुफ्त पानी की व्यवस्था को समाप्त कर प्रति माह 'जल कर' (टैक्स) और जुर्माना प्रणाली लागू करने की योजना बनाई जा रही है, यदि हाँ, तो इस संबंध में जनता से सुझाव/आपत्तियां मंगाने की अंतिम तिथि क्या तय की गई थी और इसे कब तक अंतिम रूप से लागू किया जाएगा? (ख) क्या नए नियमों के तहत हर ग्रामीण परिवार के लिए प्रति माह केवल 10 हजार लीटर पानी के उपयोग की मानक सीमा तय की जा रही है और सीमा से अधिक पानी खर्च करने या बर्बादी करने पर ₹100 से ₹500 तक का भारी जुर्माना लगाने का प्रावधान है, यदि हाँ, तो ग्रामीण क्षेत्रों में इस पानी की बर्बादी और मीटरिंग की निगरानी किस तकनीकी प्रणाली से की जाएगी? (ग) क्या यदि किसी ग्रामीण उपभोक्ता द्वारा लगातार तीन महीने तक पानी का बिल नहीं चुकाया जाता है, तो ग्राम पंचायत और 'पानी समिति' को उनका नल कनेक्शन काटने का कानूनी अधिकार दिया जा रहा है? यदि हाँ, तो क्या इस कड़े नियम से ग्रामीण क्षेत्रों के आर्थिक रूप से कमजोर और अत्यंत गरीब परिवारों को इस मूलभूत आवश्यकता से वंचित होना नहीं पड़ेगा? (घ) क्या गांवों में पानी की सप्लाई रुकने, तकनीकी खराबी आने या ग्रामीणों को दूषित व गंदा पानी मिलने की स्थिति में पंचायत सचिव तथा पानी समिति को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराते हुए उन पर कार्रवाई का प्रावधान किया गया है; यदि हाँ, तो अब तक प्रदेश में इस योजना के रख-रखाव में लापरवाही बरतने वाले कितने जिम्मेदारों पर कार्रवाई की गई है?
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) नल जल योजना नियम 2015 में जारी किए गए थे जिनको 2020 में अद्यतन किया गया था। विभाग द्वारा 'मध्यप्रदेश पंचायत (ग्रामीण नलजल योजना संचालन, संधारण एवं प्रबंधन) नियम, 2026' का प्रारूप 31 मार्च 2026 को प्रकाशित करते हुए जनता के सुझाव एवं आपत्तियाँ हेतु एक माह का समय दिया गया था। समस्त सुझावों एवं आपत्तियों को समाहित करते हुए 22 जून, 2026 को नियम का राजपत्र में अंतिम प्रकाशन किया गया है। यह नियम प्रकाशन की तिथि से लागू हो गए है। 2015 और 2026 के नियमों में भी सेवा आधारित जल प्रभार का प्रावधान था। यह प्रभार ग्राम सभा के अनुमोदन उपरांत सिर्फ नल जल सेवा के लाभार्थियों पर लागू किया जाएगा। (ख) नवीन नियमों में प्रति माह प्रति ग्रामीण परिवार पेयजल उपयोग की कोई अधिकतम सीमा निर्धारित नहीं है। (ग) नियमों में आर्थिक रूप से कमजोर एवं अत्यंत गरीब परिवारों को जल प्रभार से मुक्त रखने का अधिकार ग्राम पंचायत को दिया गया है। (घ) ग्राम की आंतरिक जल प्रणाली के समुचित प्रबंधन के लिए ग्राम पंचायत को जिम्मेदारी दी गयी है।