मध्यप्रदेश विधान सभा
प्रश्नोत्तर-सूची
फरवरी-मार्च, 2026 सत्र
गुरुवार, दिनांक 19 फरवरी, 2026
भाग-1
तारांकित
प्रश्नोत्तर
बेचिराग
राजस्व
ग्रामों में
बसने का
अधिकार
[राजस्व]
1. ( *क्र. 2 ) श्री मुकेश मल्होत्रा : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या श्योपुर जिले में बेचिराग राजस्व ग्राम ऊकाल, ग्राम सोहनदेह, ग्राम श्यामपुरा खैरोना, ग्राम अजनई ग्राम पिपरकक्ष, ग्राम बैराही बागदा, ग्राम सारसिली, ग्राम बरौनियां, ग्राम झंकापुर, ग्राम, खूंटका, ग्राम सुखदेला, ग्राम रहिका, आदि बेचिराग राजस्व ग्रामों में आदिवासियों को रहने बसने का अधिकार दिया जायेगा? (ख) क्या सरकार बेचिराग राजस्व ग्राम जैसे-उकाल, सोनदेह, श्यापुरा, खैरोना, बाँस ई, पिपरकच्छ, अजनोई, सारसिल्ली, बैराई बागदा, सुखदेला, रही का सहराना, जार की तलैया सहराना, खूटका बरोनिया आदि बेचिराग ग्रामों में बसाहट की जायेगी? (ग) वर्तमान में बेचिराग राजस्व ग्रामों में आदिवासियों को बसाने के लिये क्या कार्यवाही की जा रही है? जानकारी दें। (घ) प्रश्नांश (क), (ख) एवं (ग) के परिप्रेक्ष्य में इन बेचिराग राजस्व ग्रामों में भूमिहीन आदिवासियों को कब तक भू-अधिकार पट्टे स्वीकृत कर बसाया जायेगा? समय-सीमा बतावें। यदि नहीं, तो क्यों नहीं? कारण बतावें।
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) श्योपुर जिले में ऊकाल ग्राम सोहनदेह, ग्राम अजनई, ग्राम बैराही बागदा, बेचिराग ग्राम हैं, इन ग्रामों में कोई आदिवासी निवास नहीं करता केवल उनके द्वारा खेती की जाती है। ग्राम श्यामपुरा, खैरोना बेचिराग ग्राम हैं, ग्राम सारसिली आबाद राजस्व ग्राम है। ग्राम पिपरकक्ष ग्राम, रहिका, ग्राम सुखदेला, ग्राम झंकापुर, ग्राम, खूंटका राजस्व ग्राम नहीं है। मध्य प्रदेश भू-राजस्व संहिता, 1959 यथा संशोधित 2018 की धारा 237 में निस्तार अधिकारों के प्रयोग के लिए ग्राम की कुल कृषि भूमि के न्यूनतम 2 प्रतिशत तक सुरक्षित रखने के पश्चात् आबादी मद में भूमि व्यपवर्तित करने का प्रावधान है तथा मध्य प्रदेश भू-राजस्व संहिता (दखल रहित भूमि, आबादी तथा वाजिब उल अर्ज) नियम, 2020 में आबादी के लिए भूमि का आरक्षण, अर्जन, निर्वर्तन संबंधी नियम हैं, जिसमें जिला कलेक्टर को कार्यवाही का अधिकार है। (ख) एवं (ग) मध्य प्रदेश भू-राजस्व संहिता, 1959 यथा संशोधित 2018 की धारा 237 में निस्तार अधिकारों के प्रयोग के लिए ग्राम की कुल कृषि भूमि के न्यूनतम 2 प्रतिशत तक सुरक्षित रखने के पश्चात् आबादी मद में भूमि व्यपवर्तित करने का प्रावधान है तथा मध्य प्रदेश भू-राजस्व संहिता (दखल रहित भूमि, आबादी तथा वाजिब उल अर्ज) नियम, 2020 में आबादी के लिए भूमि का आरक्षण, अर्जन, निर्वर्तन संबंधी नियम है, जिसमें जिला कलेक्टर को कार्यवाही का अधिकार है। (घ) उत्तरांश (ख) अनुसार मध्य प्रदेश भू-राजस्व संहिता, 1959 यथा संशोधित 2018 की धारा 237 की कार्यवाही नहीं होने से प्रश्न उद्भूत नहीं होता।
राजस्व एवं वन सीमा विवाद का निराकरण
[राजस्व]
2. ( *क्र. 429 ) श्री ब्रजेन्द्र प्रताप सिंह : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या विधानसभा सत्र जुलाई 2025 में प्रश्नकर्ता द्वारा ध्यानाकर्षण के माध्यम से वन एवं राजस्व सीमा विवाद निराकरण के संबंध में डिप्टी कलेक्टर (वन व्यवस्थापन अधिकारी) नियुक्त करने की मांग की गई थी? जिस पर माननीय राजस्व मंत्री जी द्वारा भी व्यक्तिगत रूप से आश्वासन दिया गया था एवं कलेक्टर पन्ना द्वारा पत्र क्रमांक 1678, दिनांक 01.08.2025 के माध्यम से प्रमुख सचिव, राजस्व विभाग भोपाल को पन्ना विधानसभा हेतु डिप्टी कलेक्टर (वन व्यवस्थापन अधिकारी) नियुक्त करने हेतु मांग की गई थी? (ख) क्या पन्ना विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत वन राजस्व सीमा विवाद के निराकरण हेतु पृथक डिप्टी कलेक्टर (वन व्यवस्थापन अधिकारी) विभाग द्वारा शीघ्र नियुक्त किया जावेगा? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्यों?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जी हाँ, कार्यालयीन पत्र क्रमांक 1678/भू-अभि/स.अ./2025 पन्ना, दिनांक 01.08.2025 के माध्यम से प्रमुख सचिव, राजस्व विभाग, भोपाल को जिले में केवल वन व्यवस्थापन के प्रकरणों के निराकरण हेतु 01 राज्य प्रशासनिक अधिकारी की नियुक्ति किये जाने हेतु लेख किया गया था। (ख) शासन द्वारा अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) को पदेन वन व्यवस्थापन अधिकारी घोषित किया गया है, अत: उक्त अनुक्रम में पृथक से डिप्टी कलेक्टर नियुक्त किये जाने का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
सिंघाडे़ की खेती को प्राकृतिक आपदा से नुकसान की क्षतिपूर्ति
[राजस्व]
3. ( *क्र. 545 ) श्री श्रीकान्त चतुर्वेदी : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नगठित जिला मैहर सहित समूचे म.प्र. में परम्परागत सिंगरहा समाज के लोगों द्वारा सिंघाड़े की खेती किये जाने पर उनकी फसल अतिवृष्टि एवं अन्य प्राकृतिक प्रकोपों से तथा जलभराव आदि से क्षतिग्रस्त हो जाने की स्थिति में क्षतिपूर्ति हेतु शासन द्वारा क्या कोई प्रावधान किये गये हैं? यदि हाँ, तो जानकारी दी जावे। (ख) प्रश्नांश (क) के संबंध में यदि नहीं, तो क्या निकट भविष्य में सिंघाड़े की खेती करने वाले किसानों की क्षतिपूर्ति के लिये शासन स्तर से R.B.C. (राजस्व पुस्तक परिपत्र) में इस फसल के हेतु प्राकृतिक आपदाओं की फसलों की सूची में सम्मिलित कर ऐसे क्षतिपूर्ति के पात्र किसानों की वित्तीय सहायता राशि उपलब्ध कराये जाने की क्या कार्यवाही की जावेगी? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्यों? (ग) प्रश्नांश (क) अनुसार फसल की क्षतिपूर्ति हेतु क्या वर्ष 2022 से 2025 तक शासन स्तर में वित्तीय सहायता के लिये मैहर जिला अंतर्गत मांग पत्र दिये गये हैं? यदि हाँ, तो ऐसे मांग पत्रों पर अभी तक क्या कार्यवाही की गयी है? जानकारी उपलब्ध करायी जावे।
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) नवगठित जिला मैहर सहित समूचे म.प्र. में सिंघाड़े की खेती किये जाने पर उनकी फसल अतिवृष्टि एवं अन्य प्राकृतिक प्रकोपों से क्षतिग्रस्त हो जाने की स्थिति में राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 के पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 के पद (एक) की कंडिका-क अनुसार फसल क्षति हेतु आर्थिक अनुदान सहायता के लिए मानदण्ड निर्धारित है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' अनुसार है। (ख) उत्तरांश (क) के परिप्रेक्ष्य में शेष प्रश्न उद्भूत नहीं होता है। (ग) जी नहीं, अत: प्रश्न उद्भूत नहीं होता है।
शालाओं के भवनों का संधारण
[स्कूल शिक्षा]
4. ( *क्र. 1021 ) श्री दिनेश राय मुनमुन : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सिवनी विधान सभा क्षेत्र के किन-किन ग्रामों में कितनी प्राथमिक, माध्यमिक, उच्चतर माध्य. शालाएं संचालित की जा रही हैं? (ख) प्रश्नांश ''क'' वर्णित कितनी इमारतें जर्जर अवस्था में हैं? शासन से कब-कब इन भवनों की मरम्मत की मांग की गई अथवा अतिरिक्त कक्ष की मांग की गई एवं किस स्तर में वर्तमान में लंबित है या इनकी मरम्मत हेतु कोई योजना शासन द्वारा बनाई जा रही है? (ग) प्रश्नांश ''क'' वर्णित कितने विद्यालयों को अतिरिक्त कक्ष की आवश्यकता है, कितने विद्यालयों में बाउंड्री की आवश्यकता है? इन्हें कब तक बनवाया जाना प्रस्तावित है एवं कितने विद्यालय की छत से पानी रिसता है, क्या इसकी कोई सूची शासन या विभाग के पास उपलब्ध है? यदि हाँ, तो उपलब्ध करायें। यदि नहीं, तो क्या टीम गठित कर जांच करवाई जाकर सत्यापित एवं फिटनेस सर्टिफिकेट की प्रति प्रश्नकर्ता को उपलब्ध कराई जायेगी?
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'एक' अनुसार है। (ख) सिवनी विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत 44 जीर्ण-शीर्ण प्राथमिक/माध्यमिक शालाओं में से 05 नवीन भवन स्वीकृत किये गये हैं। शेष शाला भवनों के प्रस्ताव वार्षिक कार्ययोजना में सम्मिलित है, जिनके निर्माण के लिए स्वीकृति, बजट की उपलब्धता पर निर्भर करेगी। कोई भी शासकीय हाई/हायर सेकेण्डरी स्कूल भवन की इमारत जर्जर अवस्था में नहीं है। शालाओं की अधोसंरचना के अनुरक्षण हेतु जिले को राशि ₹25.00 लाख जारी किया गया है। अतः शेषांश उद्भूत नहीं होता है। विद्यार्थी नामांकन के अनुसार अतिरिक्त आवश्यकता होने पर उपलब्ध बजट अनुसार अधोसंरचना सुदृढ़ीकरण कार्य किया जाता है। अधोसंरचना सुदृढ़ीकरण कार्य बजट की उपलब्धता तथा सक्षम समिति की स्वीकृति पर निर्भर करता है। अतः शेषांश उद्भूत नहीं होता। (ग) प्रश्नांश (क) के अनुसार विधानसभा क्षेत्र सिवनी अंतर्गत 25 प्राथमिक एवं माध्यमिक शालाओं में 32 अतिरिक्त कक्ष, 203 शालाओं में बाउण्ड्रीवॉल, 193 शालाओं में मरम्मत कार्यों का चिन्हांकन किया गया है। शासकीय हाईस्कूल एवं हायर सेकेण्डरी स्कूलों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'दो' अनुसार है। अतिरिक्त कक्ष, बाउण्ड्रीवॉल सहित अन्य अधोसंरचना निर्माण मांग/प्रस्ताव एवं बजट की उपलब्धता पर निर्भर करता है। अतः समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं, मरम्मत योग्य कार्यों में छत की मरम्मत का कार्य सम्मिलित होता है। अतः शेषांश उद्भूत नहीं होता है।
उप स्वास्थ्य केन्द्रों के भवनों का निर्माण
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
5. ( *क्र. 1000 ) श्री मोहन सिंह राठौर : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन मध्यप्रदेश द्वारा वित्तीय वर्ष 2023-24 में उप स्वास्थ्य केन्द्रों के भवन निर्माण हेतु प्रशासकीय स्वीकृतियां जारी की गई थी? यदि हाँ, तो ग्वालियर जिले में कितने भवनों की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई? आदेशों की प्रति उपलब्ध करायें। (ख) प्रश्नांश ''क'' में उल्लेखित उप स्वास्थ्य केन्द्र के लिए जारी प्रशासकीय स्वीकृति अनुसार भितरवार विधानसभा क्षेत्र में कितने-कितने उप स्वास्थ्य केन्द्र स्वीकृत किये गये? कितनों का निर्माण कार्य प्रारम्भ कराया गया है? भवनों की अद्यतन स्थिति क्या है? भवनवार जानकारी दें। (ग) प्रश्नांश ''क'' में स्वीकृत भवनों के निर्माण के टेण्डर प्रदेश मुख्यालय से कराये गये हैं? यदि हाँ, तो क्यों? जिला स्तर पर यदि बजट दिया गया है तो टेंण्डर प्रक्रिया जिला स्तर से क्यों नहीं की गई? स्पष्ट करें। (घ) क्या भितरवार विधानसभा क्षेत्र में निर्माणाधीन भवनों में उपयोग किया जा रहे मटेरियल की गुणवत्ता निम्न स्तर की है? क्या भवनों में लग रहे मटेरियल की गुणवत्ता की जांच की गई है एवं किसके द्वारा? यदि हाँ, तो भवनवार जानकारी दें। यदि नहीं, तो क्यों? क्या सभी निर्माणाधीन भवनों की तकनीकी जांच कराई जायेगी?
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जी हाँ। ग्वालियर जिले में 35 उप स्वास्थ्य केन्द्रों भवन के निर्माण हेतु जारी प्रशासकीय स्वीकृतियों की आदेश प्रति की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' अनुसार है। (ख) प्रश्नांश 'क' में उल्लेखित भितरवार विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत 17 उप स्वास्थ्य केन्द्र भवन स्वीकृत किये गये हैं, जिसमें से 10 उप स्वास्थ्य केन्द्र भवनों का कार्य प्रारंभ होकर 05 भवन पूर्ण हो चुके हैं, 05 भवन प्रगतिरत हैं, 04 भवनों का कार्य अप्रारंभ है एवं शेष 03 भवनों की प्रशासकीय स्वीकृति निरस्त की गई। भवनवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''ब'' अनुसार है। (ग) जी नहीं। जिला स्तर पर जिला स्वास्थ्य समिति निर्माण कार्यों हेतु अधिकृत नहीं होने के कारण प्रक्रिया संभागीय कार्यपालन यंत्री द्वारा की गई। (घ) जी नहीं। जी हाँ, भवनों में लगे मटेरियल की जाँच निर्धारित प्रक्रिया अनुसार शासकीय लैब एवं शासन से मान्यता प्राप्त एन.ए.बी.एल. लैब से कराई गई है। मटेरियल की गुणवत्ता की जाँच की भवनवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''स'' अनुसार। जी नहीं।
संविलियन संबंधी कार्यवाही
[स्कूल शिक्षा]
6. ( *क्र. 1264 ) श्री कुँवर सिंह टेकाम : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या श्री शिवनारायण सिंह सेवा निवृत्त प्राचार्य, शासनाधीन संस्था बहुउद्देशीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय रामपुर नैकिन, जिला-सीधी (म.प्र.) की प्रथम नियुक्ति दिनांक 01.07.1998 को हुई थी? परन्तु उनका संविलियन आज दिनांक तक क्यों नहीं किया गया? जानकारी उपलब्ध करायें। (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में श्री शिवनारायण सिंह के संविलियन के संबंध में अभी तक कार्यवाही विभाग में प्रचलित है? यदि संविलियन की कार्यवाही की जायेगी तो कब तक? संपूर्ण जानकारी उपलब्ध करायें। (ग) प्रश्नांश (ख) के संदर्भ में श्री शिवनारायण सिंह के संविलियन के प्रकरण में मध्यप्रदेश शासन व विभागीय मंत्री का भी अनुमोदन हो चुका है, परन्तु अभी तक इनके प्रकरण में कोई उचित कार्यवाही नहीं की गई है? यदि नहीं, तो क्यों जानकारी उपलब्ध करायें। (घ) प्रश्नांश (ग) के संदर्भ में क्या श्री शिवनारायण सिंह, सेवानिवृत्त प्राचार्य की फाइल शिक्षा विभाग के अधीन मंत्रालय में लम्बित है, जबकि इनके साथी समस्त कर्मचारियों का संविलियन किया जा चुका है? यदि हाँ, तो जानकारी उपलब्ध करायें।
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जी हाँ, दिनांक 01.07.1998 को शिवनारायण सिंह की नियुक्ति अशासकीय विद्यालय बहुउद्देशीय कन्या उ.मा.वि. रामपुर नैकिन, जिला-सीधी में संस्था द्वारा की गई थी। (ख) से (घ) उत्तरांश (क) के प्रकाश में नियमानुसार कार्यवाही प्रचलित है।
इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में जलजनित बीमारी से प्रकोप की घटना
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
7. ( *क्र. 1145 ) श्री उमंग सिंघार : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या विभाग को इंदौर शहर के भागीरथपुरा क्षेत्र में जलजनित बीमारी के प्रकोप की जानकारी थी? यदि हाँ, तो विभाग को इस घटना की पहली सूचना किस तिथि को और किस माध्यम से प्राप्त हुई? (ख) दिनांक 21 दिसम्बर, 2025 से प्रश्न दिनांक तक उक्त प्रकोप में कुल कितनी मृत्यु हुई है? कुल कितने व्यक्ति अस्पताल में भर्ती किये गये तथा वर्तमान में कितने मरीज अब भी उपचाराधीन है? (ग) क्या उक्त अवधि में हो रही मौतों एवं बीमारियों के कारणों का पता लगाने के लिए प्रयोगशाला जांच करायी गई थी? यदि हाँ, तो जांच में कौन-कौन से जलजनित रोगों जैसे हैजा, कॉलेरा, टाइफॉयड एवं डायरिया आदि की पुष्टि या अस्वीकृति हुई? (घ) क्या विभाग द्वारा इस प्रकरण के संबंध में इंदौर नगर निगम से घटना के कारणों, परिस्थितियों एवं क्रम पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई थी? यदि हाँ, तो रिपोर्ट कब मांगी गई एवं कब प्राप्त हुई तथा उसके मुख्य निष्कर्ष क्या है?
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) स्वास्थ्य विभाग, इंदौर को भागीरथपुरा क्षेत्र में हुई जलजनित बीमारी के आउटब्रेक की जानकारी दिनांक 29.12.2025 को U.P.H.C. भागीरथपुरा के चिकित्सा अधिकारी के माध्यम से आई.डी.एस.पी. शाखा को प्राप्त हुई। (ख) दिनांक 21.12.2025 से उत्तर दिनांक तक उक्त एक्यूट डायरियल डिजीज के कारण कुल 20 मृत्यु की अधिकारिक पुष्टि हुई है एवं कुल 459 व्यक्ति अस्पताल में भर्ती किये गये तथा वर्तमान में उत्तर दिनांक तक 04 मरीज उपचाराधीन हैं। (ग) हाँ। उक्त अवधि में हो रही बीमारियों एवं मृत्यु के संभावित कारणों की पुष्टि हेतु NIRBI-Kolkata, MGM Microbiology Lab & DPHL- Indore प्रयोगशाला इंदौर द्वारा जल नमूनों एवं रोगियों के Stool नमूनों की प्रयोगशाला में जाँच कराई गई थी। प्रयोगशाला से प्राप्त जाँच निष्कर्षों के अनुसार कॉलेरा एवं E.coli की रिपोर्ट प्राप्त हुई है। (घ) प्रश्न अनुसार माननीय म.प्र. उच्च न्यायालय खंडपीठ, इंदौर द्वारा जनहित याचिका में पारित आदेश अनुसार सेवानिवृत्त उच्च न्यायालय के न्यायाधीश द्वारा प्रकरण की जांच की जाना है। अत: तत्संबंध में कोई जानकारी नगर निगम से अपेक्षित नहीं है।
नवीन शिक्षक संवर्ग के शिक्षकों को प्रदत्त सुविधाएं
[स्कूल शिक्षा]
8. ( *क्र. 845 ) श्री राजेन्द्र भारती : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या म.प्र. शासन के स्कूल शिक्षा विभाग अंतर्गत नवीन शिक्षक संवर्ग की I.F.M.I.S. पोर्टल पर दर्ज नियुक्ति तिथि प्रथम नियुक्ति दिनांक के हिसाब से दर्ज की गई है? यदि हाँ, तो प्रदेश के अनेकों शिक्षकों की I.F.M.I.S. पोर्टल पर प्रदर्शित त्रुटिपूर्ण नियुक्ति तिथि संशोधित करके प्रथम नियुक्ति दिनांक के हिसाब से दर्ज की जायेगी? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्यों? कारण सहित बतायें। (ख) प्रदेश में नवीन शिक्षक संवर्ग के शिक्षकों को सेवानिवृत्ति उपरांत कौन-कौन से स्वत्वों का भुगतान करने का प्रावधान है। सत्र 2024-25 एवं 2025-26 नवीन शिक्षक संवर्ग के कितने शिक्षक सेवानिवृत्त हुये हैं? दतिया विधानसभा क्षेत्र के सेवानिवृत्त शिक्षकों की संख्यात्मक जानकारी प्रदान करते हुये, उन शिक्षकों को सेवानिवृत्ति पश्चात प्रदाय की गई समस्त भुगतान राशि का मदवार विवरण प्रदान करें। (ग) क्या स्कूल शिक्षा विभाग में नवीन शिक्षक संवर्ग के सेवानिवृत शिक्षकों की जमा अंशदान राशि की मासिक पेंशन राशि प्रदान की जाती है? यदि हाँ, तो उक्त आदेश की प्रति प्रदान करते हुए बतायें कि उक्त जमा अंशदान राशि सेवानिवृत्त शिक्षकों की मृत्यु उपरांत परिजनों को प्रदान करने संबंधी क्या प्रावधान है? इस संबंध में जारी आदेश की प्रतियां प्रदान करें। (घ) दतिया विधानसभा क्षेत्र में नवीन शिक्षक संवर्ग में सम्मिलित होने के पूर्व कितने सहा. अध्यापक, अध्यापक एवं वरि. अध्यापकों का निधन सेवा में रहते हुये हो गया था? वर्ष 2025 में मृत अध्यापक संवर्ग के शिक्षकों की संस्थावार सूची उपलब्ध कराते हुये अवगत करायें कि उक्त अवधि में मृत अध्यापक संवर्ग के शिक्षकों के परिजनों को कौन-कौन से स्वत्वों का भुगतान किया गया है और कौन-कौन सा भुगतान होना शेष है? भुगतान प्राप्त एवं शेष की सूची प्रदान करते हुये बतायें कि उनके परिजनों को अनुकम्पा नियुक्ति प्रदान की गई हैं? यदि नहीं, तो क्यों? कारण सहित बतायें।
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) I.F.M.I.S. पोर्टल पर दर्ज नियुक्ति दिनांक शासकीय सेवा में नियुक्ति का दिनांक है। दर्ज दिनांक त्रुटिपूर्ण नहीं होने से शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ख) नवीन शैक्षणिक संवर्ग के शिक्षकों को सेवानिवृत्ति उपरांत बीमा की जमा राशि शासकीय सेवा 05 वर्ष पूर्ण होने पर ग्रेच्युटी प्रदान की जाती है। एन.पी.एस. में जमा राशि वित्त विभाग के परिपत्र दिनांक 06.08.2014 अनुसार भुगतान का प्रावधान है। शेषांश जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'एक' अनुसार है। (ग) जी हाँ। आदेश की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'दो' अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'तीन' अनुसार है।
अनूपपुर में फर्जी पट्टे की जांच एवं कार्यवाही
[राजस्व]
9. ( *क्र. 1251 ) श्री फुन्देलाल सिंह मार्को : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सभापति, स्वास्थ्य एवं महिला बाल विकास, जिला पंचायत, अनूपपुर द्वारा दिनांक 16.12.2025 को शिकायती पत्र जिला कलेक्टर, अनूपपुर को दिया गया था, जिसमें तहसील जैतहरी के ग्राम झांईताल के आराजी खसरा नंबर 1266, रकबा 6.66 हेक्टेयर, खसरा नंबर 88, रकबा 4 हेक्टेयर, खसरा नंबर 83/2, रकबा 4.69 एकड़ जो वर्ष 1958-59 में वन भूमि दर्ज है एवं ग्राम गोबरी के आराजी खसरा नंबर 146 एवं 163 के फर्जी पट्टे की जांच संबंधी था? (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में शिकायती पत्र व तथ्य अनुसार भू-अधिकार संहिता (पट्टाधारक) के द्वारा वन भूमि पर किस आधार व पात्रतानुसार सक्षम अधिकारी द्वारा विधि व प्रक्रिया का पालन करते हुये पट्टा जारी किया गया? विवरण उपलब्ध करावें। (ग) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में पट्टाधारक द्वारा सेन्ट्रल बैंक, जैतहरी से ऋण व शासन से ऋण प्राप्त किया गया है? यदि हाँ, तो ऋण में उपयोगी दस्तावेजों की प्रमाणित छायाप्रति उपलब्ध करावें? (घ) प्रश्नांश (क) से संदर्भित शिकायत के आधार पर समस्त प्रकरणों की उच्च स्तरीय जांच करवा कर शासकीय आराजी से अतिक्रमण को मुक्त करा कर शासकीय दस्तावेज में कूटरचना करने वालों के विरूद्ध विभाग द्वारा नियमानुसार कार्यवाही की जावेगी? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्यों? जांच उपरांत अतिक्रमण मुक्त हुई भूमि के दस्तावेज उपलब्ध करावें।
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जी हाँ। (ख) शिकायती पत्र में उल्लेखित तथ्यों पर जांच की कार्यवाही अनुविभागीय अधिकारी जैतहरी स्तर पर प्रचलित है। (ग) जी नहीं। सेन्ट्रल बैंक, जैतहरी शाखा से ऋण प्राप्त नहीं किया गया है। (घ) संदर्भित शिकायत के संबंध में जांच हेतु अनुविभागीय अधिकारी जैतहरी एवं तहसीलदार जैतहरी को निर्देशित किया गया है। जांच की कार्यवाही प्रचलित है। तथ्यात्मक जांच प्रतिवेदन प्राप्त होने उपरांत गुण-दोषों के आधार पर नियमानुसार कार्यवाही की जावेगी।
पदोन्नति आदेश जारी किया जाना
[जल संसाधन]
10. ( *क्र. 375 ) श्री लखन घनघोरिया : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या शासन के आदेशानुसार जल संसाधन विभाग में यह नियम है कि विभाग में उपयंत्रियों की स्वीकृत संख्या का पांच प्रतिशत निचले पदों पर कार्यरत डिप्लोमा/डिग्रीधारी मानचित्रकार/सहायक मानचित्रकार, अनुरेखक/अमीन तथा समयपाल से सीमित परीक्षा द्वारा भरा जाए? (ख) यदि हाँ, तो क्या कारण है कि प्रमुख अभियंता जल संसाधन भोपाल के पृ.क्र. 3322401/91/2017/864, भोपाल दिनांक 01.04.2018 के तहत उपरोक्त डिप्लोमा/डिग्रीधारी निचले पदों पर कार्यरत कर्मचारियों को उपयंत्री के पद पर पदोन्नति दिये जाने के स्थान पर उपयंत्री (सिविल) पद का प्रभार सौंपा गया है? (ग) क्या उपरोक्त सन्दर्भ में प्रश्नकर्ता के प्रश्न क्रमांक 281, दिनांक 30 जुलाई, 2025 के उत्तर में जानकारी दी गई थी कि माननीय उच्च न्यायालय, जबलपुर द्वारा डब्ल्यू.पी. क्रमांक 11484/2015 में पारित निर्णय दिनांक 20.03.2017 के अनुपालन में तत्समय मध्यप्रदेश लोक सेवा पदोन्नति नियम, 2002 प्रभावशील न होने के कारण कार्य हित में पदों का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया था, जबकि उस समय पदोन्नतियों पर कोई भी रोक नहीं थी, इसलिए पदोन्नति नियम 2002 प्रभावशील थे। (घ) क्या सरकार प्रश्नांश "ग" में उल्लेखित वस्तुस्थिति को ध्यान रखते हुए जल संसाधन विभाग उपयंत्री (सिविल) के प्रभार पर कार्यरत इन कर्मचारियों के साथ न्याय करते हुए, इन्हें उपयंत्री के पद पर पदस्थ करने के लिए आदेश जारी करेगी?
जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) जी नहीं। (ख) पदोन्नति नियम, 2002 प्रभावशील न होने के कारण। प्रभार सौंपा गया है। (ग) उत्तरांश "ख" के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थिति नहीं होता। (घ) जी हाँ। मध्यप्रदेश लोक सेवा पदोन्नति नियम, 2025 के संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग से प्राप्त निर्देशों के अनुक्रम में कार्यवाही किया जाना प्रतिवेदित है।
राजस्व विभाग द्वारा सा.प्र.वि. के आदेशों का उल्लंघन
[राजस्व]
11. ( *क्र. 1304 ) श्री जयवर्द्धन सिंह : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अधोहस्ताक्षरकर्ता का पत्र क्रमांक 915, 916, दिनांक 05.12.2025, कलेक्टर जिला अशोकनगर, पत्र क्रमांक 901/25, दिनांक 25.08.2025 एवं 953/26, दिनांक 12.01.2026, प्रमुख सचिव, राजस्व विभाग, पत्र क्रमांक 952, दिनांक 12.01.2026 कलेक्टर भोपाल, पत्र क्रमांक 1111, दिनांक 30.10.2025 एवं पत्र क्रमांक 532, दिनांक 29.01.2024 कलेक्टर/एस.डी.एम. गुना को प्रेषित था, उपरोक्त सभी पत्रों में सा.प्र.वि. के आदेश दिनांक 22.03.2011 का पालन सुनिश्चित नहीं होने पर सा.प्र.वि. के आदेश के अनुक्रम में निलंबन करते हुये अनुशासनात्मक कार्यवाही की गई है? यदि नहीं, तो क्यों कारण/आदेश/निर्देश/नियम सहित बतायें? कब तक निलंबन कर, कृत कार्यवाही से अवगत कराया जायेगा? (ख) प्रश्नकर्ता के प्रश्न क्रमांक 1472 के उत्तर दिनांक 04.12.2025 के परिप्रेक्ष्य में पत्र क्रमांक 927, दिनांक 15.12.2025, मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, राजस्व विभाग को प्रेषित किया गया है, किन्तु संबंधितों का निलंबन नहीं किया गया, तो कारण, नियम सहित बतायें, क्यों? कब तक निलंबन किया जाकर कृत कार्यवाही से अवगत करायेंगे। (ग) न्यायालय तहसीलदार परगना आरोन गुना के पारित आदेश दिनांक 19.11.2024 नामांतरण पंजी क्रमांक 21, आदेश दिनांक 07.08.1992 एवं खसरा पंचशाला संवत् 2045 में ट्रस्ट के संबंध में क्या वर्णित है? समस्त प्रति दें। ट्रस्ट फर्जी पाये जाने पर जिला प्रशासन ने कार्यवाही क्यों नहीं की गई? कारण सहित बतायें एवं कौन जिम्मेदार है? जानकारी दें।
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) 1. प्रश्नकर्ता का पत्र क्रमांक 915, 916 दिनांक 05.12.2025 के संबंध में तहसीलदार तहसील चंदेरी से पत्र क्रमांक/क्यू/रा.नि./2026/102, 103, दिनांक 07.02.2026 से जानकारी प्राप्त हुई। विस्तृत जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'क' एवं 'ख' अनुसार है। 2. पत्र क्रमांक 952, दिनांक 12.01.2026 में वन विभाग को वन भवन निर्माण हेतु हस्तांतरित भूमि के राजस्व विभाग के पत्र क्रमांक एफ-6-128/2008/सात/नजूल, दिनांक 22.05.2008 की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'ग' अनुसार है। मौके पर वन भवन निर्मित है। 3. पत्र क्रमांक 1111, दिनांक 30.10.2025 एवं पत्र क्रमांक 532, दिनांक 29.01.2024 के अनुक्रम में तहसील राघौगढ़ में कार्यवाही प्रचलित है। (ख) माननीय विधायक महोदय के पत्र दिनांक 15.12.2025 के प्रत्युत्तर में विभाग द्वारा पत्र क्रमांक 1279/402/7084/2025/सात/3, दिनांक 17.12.2025 द्वारा माननीय विधायक महोदय को प्रकरण की विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराते हुए, सामान्य प्रशासन विभाग के निर्देशों के अनुरूप प्रकरण में जान-बूझकर अथवा किसी दुर्भावना से विलंब किये जाने की स्थिति प्रतीत नहीं होने की स्थिति में किसी अधिकारी विशेष के विरूद्ध दंडात्मक स्थिति निर्मित न होने संबंधी जानकारी देते हुए, प्रकरण की वस्तुस्थिति से अवगत कराया गया था। साथ ही माननीय विधानसभा सदस्य द्वारा पूछे गये प्रश्न अथवा किसी भी तरह के पत्राचार को विभाग द्वारा अत्यंत गंभीरता से लेते हुए सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ शासकीय दिशा-निर्देशों के अनुसरण में कार्यवाही की जाती है, अवगत कराया गया। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''01'' अनुसार है। (ग) न्यायालय तहसीलदार, परगना आरोन, जिला-गुना का प्रतिवेदन दिनांक 19.11.2024 की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''02''अनुसार है। कस्बा आरोन की नामांतरण पंजी क्र. 21 की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''03'' अनुसार है एवं खसरा पंचशाला संवत 2045 की प्रति की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''04'' अनुसार है। सनातन धर्ममंडल ट्रस्ट आरोन के संबंध में माननीय उच्च न्यायालय खंडपीठ ग्वालियर के प्रकरण क्र. WP/17567/2024 में पारित निर्णय दिनांक 30.01.2026 द्वारा याचिकाकर्ता को रजिस्ट्रार पब्लिक ट्रस्ट गुना के समक्ष निर्णय दिनांक से 2 सप्ताह में अभ्यावेदन प्रस्तुत होने हेतु एवं रजिस्ट्रार पब्लिक ट्रस्ट को 90 दिन के भीतर इस अभ्यावेदन को निराकृत करने हेतु निर्देशित किया गया है। माननीय न्यायालय के निर्देशों के परिपालन में नियमानुसार कार्यवाही की जावेगी। निर्णय दिनांक 30.01.2026 की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''05'' अनुसार है।
भू-अर्जन के प्रकरणों का निराकरण
[राजस्व]
12. ( *क्र. 507 ) कुँवर अभिजीत शाह : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या नर्मदापुरम संभाग के हरदा, नर्मदापुरम एवं बैतूल जिले में भा.व.अ. 1927 की धारा 4 में अधिसूचित भू-स्वामी हक की भूमियों, उन पर स्थित सम्पत्ति एवं वनोपज के अर्जन प्रकरण अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) जिन्हें वन व्यवस्थापन अधिकारी बनाया है, के समक्ष 1988 से प्रश्नांकित दिनांक तक भी वन विभाग ने प्रस्तुत नहीं किये? (ख) 1988 में धारा 4 की किस दिनांक को प्रकाशित अधिसूचना के अनुसार किस ग्राम के किस किसान के किस खसरा नम्बर का कितना रकबा किस वनखण्ड में शामिल किया है? उस निजी भूमि की धारा 11 के अनुसार अवार्ड का प्रकरण वर्तमान में किसके समक्ष लम्बित है? (ग) धारा 11 के तहत अवार्ड हेतु लम्बित निजी भूमि, उस पर स्थित सम्पत्ति एवं वनोपज के मुआवजा निर्धारण का प्रकरण किस दिनांक को अनुविभागीय अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किया? यदि प्रकरण ही प्रस्तुत नहीं किया तो अवार्ड किस आधार पर किस कानून की किस धारा के किस प्रावधान के अनुसार पारित किया जावेगा?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) नर्मदापुरम संभाग के हरदा जिला अन्तर्गत भा.व.अ. 1927 की धारा 4 में अधिसूचित भू-स्वामी हक की भूमियों के अर्जन प्रकरण लंबित नहीं हैं। बैतूल में प्रकरण वनव्यवस्थापन अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत किये गये हैं। जिला नर्मदापुरम में वनविभाग से प्राप्त अभिलेखों के आधार पर वनव्यवस्थापन अधिकारियों के समक्ष कार्यवाही प्रचलित है। (ख) जिला नर्मदापुरम एवं हरदा वनमंडल अंतर्गत निजी भूमि की धारा 11 में कोई अवार्ड प्रकरण लंबित नहीं है। पश्चिम बैतूल (सा.) वनमंडलों में अभिलेखों अनुसार भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 4 (1) के तहत अधिसूचित 156 वनखंड की उपलब्ध ब्लॉक हिस्ट्री में निजी भूमि हेतु संलग्न प्रपत्र एवं अधिसूचना में 20.430 हेक्ट. निजी भूमि वनखंड में शामिल होना पाया गया है, जिसमें किसान का नाम उल्लेखित नहीं है। खसरे की जानकारी दी गई है, जो संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। निजी भूमि की धारा 11 के अनुसार अवार्ड का प्रकरण वर्तमान में वन व्यवस्थापन अधिकारी/अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) बैतूल/भैंसदेही के समक्ष लंबित है। (ग) जिला हरदा की जानकारी निरंक है। जिला बैतूल में धारा 11 के तहत अवार्ड हेतु 17 वनखंडों के 20.430 हेक्ट. निजी भूमि पर स्थित सम्पत्ति एव वनोपज के मुआवजा निर्धारण का प्रकरण दिनांक 06.02.2025 से वन व्यवस्थापन अधिकारी/अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) बैतूल/भैंसदेही के समक्ष प्रस्तुत किया गया है। जिला नर्मदापुरम में सामान्य वन मण्डल के कुल 108 वनखण्डों पर धारा-5 से धारा-19 की कार्यवाही संबंधित वनव्यवस्थापन अधिकारी के न्यायालय में प्रचलन में है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
बरेला को पूर्ण तहसील का दर्जा
[राजस्व]
13. ( *क्र. 199 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्न क्र. 232, दिनांक 03 जुलाई, 2024 के उत्तरांश (ग) के अनुसार बरेला को पूर्ण तहसील का दर्जा देने बावत कलेक्टर से प्राप्त प्रस्ताव क्या विभाग में परीक्षणाधीन है? (ख) यदि हाँ, तो क्या निर्णय लिया गया है? (ग) यदि नहीं, तो बरेला को पूर्ण तहसील का दर्जा कब तक प्राप्त होगा?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) एवं (ख) जी हाँ। जनगणना 2027 हेतु क्षेत्राधिकारी परिवर्तन की फ्रीजिंग तिथि दिनांक 31.12.2025 से किसी प्रशासनिक इकाई में क्षेत्राधिकार परिवर्तन अनुमत्य न होने से प्रस्ताव पर आगामी कार्यवाही वर्तमान में संभव नहीं है। (ग) उत्तरांश (क) अनुसार। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का संचालन
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
14. ( *क्र. 1048 ) डॉ. तेजबहादुर सिंह चौहान : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) खाचरौद तहसील के ग्राम बटलावदी में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र विगत वर्ष बनकर पूर्ण हो चुका है, जिसके साथ-साथ चिकित्सकों और स्टाफ के लिए आवास भी बनाए गये हैं, लेकिन लोकार्पण होने के पश्चात आज तक उसे प्रारंभ क्यों नहीं किया जा सका है? कारण बताएं। (ख) वर्तमान में भवन का उपयोग न होने और देखरेख के अभाव में भवन के चारों ओर कटीली झाड़ियां बढ़ती जा रही है और असामाजिक तत्व उसके दरवाजे खिड़की को नुकसान पहुंचा रहे हैं, इसको प्रारंभ कर स्वास्थ्य सेवाएं कब से प्रारंभ कर दी जायेगी? (ग) इस अस्पताल के लिए कितने पद स्वीकृत हैं, क्या वहां पर किसी चिकित्सक या कर्मचारी की पद स्थापना की गई है? यदि नहीं, की गयी है तो कब तक पदस्थ कर दिए जाएंगे।
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जी हाँ। वर्तमान में प्राथ.स्वा. केन्द्र बटलावदी में चिकित्सा अधिकारी एवं पैरामेडिकल स्टाफ पदस्थ है एवं क्रियाशील है तथा शासकीय चिकित्सक एवं स्टाफ को आवास आवंटित किये जा चुके हैं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) उतरांश 'क' के परिप्रेक्ष्य में शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। पदपूर्ति एक निरंतर प्रकिया है। निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
कफ सीरप के नमूनों का फेल होना
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
15. ( *क्र. 1124 ) श्री राजन मण्डलोई : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा इंदौर जिले में वर्ष 2023 में रिमन लैब से लिए गये खांसी के दवा के नमूनों में प्रयोगशाला द्वारा डी.ई.जी. (डाइ इथिलीन ग्लाइकोल) निर्धारित मात्रा से अधिक मात्रा में पाए जाने की पुष्टि हुई थी? यदि हाँ, तो जांच रिपोर्ट की प्रतियां उपलब्ध करावें एवं प्रकरण में कब-कब क्या कार्यवाही की गई? (ख) प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्य में प्रदेश में खांसी की दवा में किन-किन नमूनों में डी.ई.जी. (डाइ इथिलीन ग्लाइकोल) निर्धारित मात्रा से अधिक मात्रा में पाए जाने की पुष्टि हुई है एवं उन पर कब क्या कार्यवाही की गई? वर्ष 2023 से प्रश्न दिनांक तक दवा निर्मातावार/जिलावार एवं दिनांकवार जानकारी उपलब्ध करावें। (ग) प्रश्नांश (क) के अनुसार वर्ष 2023 में रिमन लैब से लिए गये खांसी की दवा के नमूनों में प्रयोगशाला द्वारा डी.ई.जी. निर्धारित मात्रा से अधिक मात्रा में पाए जाने की पुष्टि होने के बाद भी विभाग द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाए गये, जिसके परिणाम स्वरूप छिंदवाड़ा में दुखद घटना घटित हुई? इसके लिए कौन-कौन जिम्मेदार है?
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जी हाँ, जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' अनुसार एवं प्रकरण में की गई कार्यवाही की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''ब'' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''स'' अनुसार है। (ग) उत्तरांश 'क' के पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''ब'' अनुसार है। शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''द'' अनुसार है।
हाई स्कूल एवं हायर सेकेंड्री शालाओं के भवन निर्माण
[स्कूल शिक्षा]
16. ( *क्र. 786 ) श्री विक्रम सिंह : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सतना जिले के रामपुर बघेलान विधानसभा में कितनी हाई स्कूल (बालक/बालिका) एवं हायर सेकेंड्री (बालक/बालिका) संचालित है? नाम सहित बतावें। (ख) रामपुर बघेलान विधानसभा में संचालित हाई स्कूल (बालक/बालिका) एवं हायर सेकेंड्री (बालक/बालिका) कितने भवन विहीन हैं? जिनको उन्नयन करनें के बाद भवन निर्माण के लिये राशि स्वीकृत नहीं की गई है? (ग) क्या जिन विद्यालयों में उन्नयन के बाद भवन निर्माण नहीं किया गया वहां किस भवन पर विद्यालय संचालित है? नाम सहित विवरण दें।
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) प्रश्नाधीन जिले के प्रश्नाधीन विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र 'एक' अनुसार है। (ख) प्रश्नाधीन विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत कोई भी शासकीय हाईस्कूल (बालक/बालिका) एवं हायर सेकेण्डरी (बालक/बालिका) भवन विहीन नहीं है। शेषांश जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र 'दो' अनुसार है। (ग) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र 'दो अनुसार है।
सैनिक स्कूल में अध्ययनरत छात्रों के छात्रवृत्ति का भुगतान
[स्कूल शिक्षा]
17. ( *क्र. 1222 ) श्री बिसाहूलाल सिंह : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्राचार्य सैनिक स्कूल अंबिकापुर द्वारा पत्र क्रमांक 1590, दिनांक 21 मार्च, 2025 को प्रमुख सचिव, स्कूल शिक्षा तथा सहायक आयुक्त, अनूपपुर द्वारा पत्र दिनांक 31.12.2025 के द्वारा डी.ई.ओ. एवं डी.पी.सी. अनूपपुर को अनु. जाति वर्ग के छात्रों के कक्षा 6वीं से 10वीं तक (सैनिक स्कूल अंबिकापुर में अध्ययनरत्) शुल्क प्रतिपूर्ति हेतु पत्र लेख किया है? यदि हाँ, तो उक्त सभी पत्रों की छायाप्रतियाँ उपलब्ध करावें। (ख) प्रश्नांश (क) के संबंध में क्या उक्त छात्रों की छात्रवृत्ति/शुल्क प्रतिपूर्ति की राशि विभाग द्वारा स्वीकृत कर दी गई है? क्या उक्त राशि का भुगतान संबंधितों को करा दिया गया है? यदि हाँ, तो स्वीकृत आदेश एवं भुगतान के विवरण सहित संपूर्ण जानकारी उपलब्ध करावें। यदि नहीं, तो क्यों? जानकारी देवें। (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के संबंध में क्या संपूर्ण कार्यवाही स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा की जावेगी या फिर कौन-कौन सी कार्यवाही किस-किस विभाग द्वारा की जावेगी? संपूर्ण जानकारी पृथक-पृथक उपलब्ध करावें।
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी नहीं। सामान्य एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों की शुल्क प्रतिपूर्ति स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा प्रदाय की गयी। शेष के लिए कार्यवाही की जा रही है।
शासकीय भूमि को निजी भूमि में तब्दील किया जाना
[राजस्व]
18. ( *क्र. 1016 ) श्री सिद्धार्थ सुखलाल कुशवाहा : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मैहर जिले में मैहर नगर के खसरा क्रमांक 196, क्षेत्रफल 2.299 हेक्टेयर में वर्ष 1958-59 की खसरा खतौनी में क्या उक्त भूमि शासकीय दर्ज थी? वर्ष 1958-59 का खसरा उपलब्ध कराएं? (ख) क्या उक्त भूमि में तत्कालीन पटवारी गिरजा प्रसाद द्विवेदी द्वारा किसी सक्षम कार्यालय के आदेशों पर राम भरोसे यादव के नाम पर दर्ज कर दी? अगर किसी सक्षम कार्यालय ने कोई लिखित आदेश दिया था तो उक्त सभी आदेशों/नोटशीटों की नस्तियों की एक-एक प्रति उपलब्ध कराएं? (ग) प्रश्न तिथि तक प्रश्नांश (क), (ख) में वर्णित भूमि के खसरा क्रमांकों में बटांकन कर उसे धीरे-धीरे बेचा जा रहा है/हस्तांतरित कर दिया गया है? अगर नहीं तो अब उक्त भूमि का कुल कितना रकबा प्रश्न तिथि तक शेष है? खसरों में किस नाम/पते के लोगों का स्वामित्व चढ़ा है? प्रश्न तिथि तक के उक्त भूमि के खसरों की प्रति दें? (घ) क्या उक्त भूमि का वर्तमान आराजी क्रमांक 196/2/2 एवं रकबा 2.068 या (अन्य) प्रश्न तिथि तक शेष है? प्रश्नांश (क) में वर्णित आराजी क्रमांक 196 के हिस्सों को प्रश्न तिथि तक क्या-क्या बटांकन कर किस-किस नाम/पते ने खरीदा/अपने नाम पर हस्तांतरित किया? सभी का सूची व खसरा दें।
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जी हाँ। मैहर जिले में मैहर नगर के खसरा क्रमांक 196, क्षेत्रफल 2.299 हेक्टेयर में वर्ष 1958-59 की खसरा-खतौनी में उक्त भूमि शासकीय दर्ज थी। वर्ष 1958-59 का खतौनी की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'अ' अनुसार है। (ख) जी हाँ। तत्कालीन पटवारी द्वारा सक्षम कार्यालय के आदेशों पर राम भरोसे यादव के नाम भूमि दर्ज की गयी थी। आदेश की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'ब' अनुसार है। (ग) जी हाँ, प्रश्नांश (क), (ख) में वर्णित भूमि के खसरा क्रमांकों में बंटाकन कर विक्रय किया गया है। खसरों के प्रति की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'स' अनुसार है। (घ) जी नहीं, आराजी क्रमांक 196/2/2 का रकबा 0.012 हेक्टेयर है। आराजी क्रमांक 196 के बटांकों के खसरा पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'द' अनुसार है।
विवादास्पद एजेंसी को कार्यादेश
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
19. ( *क्र. 1024 ) श्री रजनीश हरवंश सिंह : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या महात्मा गांधी स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय (MGM MC), इंदौर में साफ-सफाई एवं सुरक्षा कार्य हेतु एक ऐसी एजेंसी को कार्यादेश (Work Order) प्रदान किया गया, जिसकी सेवाएं पूर्व में विभाग द्वारा असंतोषजनक प्रदर्शन या अन्य कारणों से टर्मिनेट (Terminate) की जा चुकी थी? यदि हाँ, तो संबंधित एजेंसी का नाम, पूर्व में टर्मिनेशन का कारण और वर्तमान में कार्यादेश जारी करने वाले सक्षम अधिकारी का नाम व पदनाम क्या है? (ख) उक्त कार्यादेश जारी करने से पूर्व विभाग द्वारा किस समिति का गठन किया गया था? समिति में शामिल सदस्यों के नाम, पदनाम एवं समिति गठन के आदेश क्रमांक व दिनांक सहित विवरण उपलब्ध कराएं। (ग) क्या विभाग द्वारा एक ही विषय (सफाई एवं सुरक्षा निविदा) पर अलग-अलग तिथियों में परस्पर विरोधी आदेश जारी किये गये? यदि हाँ, तो पूर्व के आदेश को विधिवत निरस्त किये बिना नया आदेश जारी करने का आधार क्या था? क्या यह प्रशासनिक प्रक्रिया और वित्तीय नियमों का स्पष्ट उल्लंघन नहीं है? (घ) क्या शासन इस संपूर्ण प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच करा रहा है? यदि हाँ, तो जांच हेतु नियुक्त अधिकारी/एजेंसी का नाम और जांच की वर्तमान स्थिति क्या है? यदि जांच नहीं कराई गई है, तो इसका ठोस कारण स्पष्ट करें।
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) जी नहीं। उत्तरांश (क) के परिप्रेक्ष्य में शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी नहीं। दिनांक 08.12.2025 को भारत सरकार के उपक्रम एच.एल.एल. इन्फ्राटेक लिमि. से संतोषजनक उत्तर प्राप्त होने के पश्चात आदेश जारी किया गया। जी नहीं। (घ) जी नहीं। शासन आदेश अनुसार एच.एल.एल. इन्फ्राटेक लिमि. द्वारा सफाई सुरक्षा कार्य हेतु पूर्व में कार्यरत एजेंसी एजाईल सिक्योरिटी फॉर्स प्रा. लिमि. की सेवाएं समाप्त कर नवीन एजेंसी बी.वी.जी. इंडिया लिमिटेड को कार्य आवंटित किया गया है। अत: जांच का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है।
माननीय न्यायालय में भूमि विवाद से संबंधित प्रकरण
[राजस्व]
20. ( *क्र. 1068 ) श्री दिलीप सिंह परिहार : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) उज्जैन संभाग में वर्ष 2024 से प्रश्न दिनांक तक की अवधि में भूमि विवाद से संबंधित कितने प्रकरण माननीय न्यायालय में विचाराधीन हैं, जिनमें शासन को प्रतिवादी बनाया गया है? (ख) प्रश्नांश (क) संदर्भित विचाराधीन प्रकरणों में से कितने प्रकरणों में शासन की ओर से जवाबदावे प्रस्तुत किये गये हैं और कितने प्रकरणों में जवाबदावे प्रस्तुत किया जाना शेष है? प्रकरणवार ब्यौरा दें। (ग) प्रश्नांश (क), (ख) संदर्भित प्रकरणों में ऐसे कितने प्रकरण हैं, जिनमें नियुक्त प्रभारी अधिकारी के द्वारा जवाबदावे प्रस्तुत नहीं किये जाने के परिणामस्वरूप माननीय न्यायालय के द्वारा एकपक्षीय निर्णय पारित किये जाने के कारण शासन को वर्तमान बाजार मूल्य की कितनी राशि की आर्थिक क्षति हुई है? विस्तृत ब्यौरा दें। (घ) प्रश्नांश (ग) संदर्भित प्रकरणों में शासन की ओर से जवाबदावा प्रस्तुत नहीं करने से शासन को हुई आर्थिक हानि के संबंध में कौन-कौन अधिकारी/कर्मचारी उत्तरदायी हैं? क्या दोषियों के विरुद्ध शासन कोई कार्यवाही करेगा? यदि हाँ, तो तत्संबंधी ब्यौरा दें।
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) एवं (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'अ'अनुसार है। (ग) निरंक। (घ) उत्तरांश (ग) के प्रकाश में प्रश्न उद्भूत नहीं होता।
चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
21. ( *क्र. 1115 ) श्री सचिन सुभाषचंद्र यादव : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) खरगोन, बड़वानी एवं आसपास के निमाड़ क्षेत्र में विगत 3 वर्षों में डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया एवं जलजनित बीमारियों से प्रभावित मरीजों की संख्या कितनी रही है? वर्षवार विवरण देवें। (ख) प्रश्नकर्ता के विधानसभा क्षेत्र कसरावद में विगत 13 वर्षों में विभाग द्वारा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र कसरावद में एम.डी. मेडिसीन एवं स्त्री रोग चिकित्सक के रिक्त पदों की पूर्ति क्यों नहीं कर पाई? कारण दें। कब तक पूर्ति की जायेगी। (ग) शासकीय मेडिकल कॉलेजों से जुड़े जिला चिकित्सालयों में आधुनिक चिकित्सा उपकरण होने के बावजूद विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी के कारण आम जनता को निजी अस्पतालों में इलाज करवाना पड़ रहा है? शासन इस पर क्या कार्यवाही कर रही है? (घ) क्या शासन यह स्वीकार करता है कि ग्रामीण एवं आदिवासी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति अत्यंत चिंताजनक है? यदि हाँ, तो इन क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने हेतु शासन की विशेष योजना क्या है?
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' अनुसार है। (ख) प्रदेश में विशेषज्ञ/डॉक्टर की अत्यधिक कमी होने के कारण पदपूर्ति के निरंतर प्रयास किये जा रहे हैं, पदों की भर्ती लोक सेवा आयोग के माध्यम से की जा रही है। रिक्त पदों की पूर्ति एक निरंतर प्रकिया है, निश्चित समयावधि बताया जाना संभव नहीं है। (ग) जी नहीं, राज्य सरकार द्वारा समस्त जिला चिकित्सालयों में उच्च गुणवत्ता की स्वास्थ्य सेवायें प्रदान किये जाने हेतु विभिन्न प्रयास किये जा रहे हैं तथा उपलब्धता अनुसार विशेषज्ञ/पी.जी. चिकित्सकों की पदस्थापना निरंतर की जा रही है। उपलब्ध विशेषज्ञ/चिकित्सकों द्वारा आमजन को स्वास्थ्य सेवायें निरंतर प्रदान की जा रही है। (घ) जी नहीं, शासन द्वारा निरंतर ग्रामीण एवं आदिवासी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं का निरंतर विस्तार किया जा रहा है। स्वास्थ्य सेवाएं को सुदृढ़ करने हेतु शासन की योजनाओं की जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र ''ब'' अनुसार है।
मजराटोला ग्रामीण/शहरी को राजस्व ग्राम में जोड़ा जाना
[राजस्व]
22. ( *क्र. 541 ) श्रीमती उमादेवी लालचंद खटीक : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधान सभा क्षेत्र हटा अंतर्गत आने वाले कुल कितने मजरा टोला ग्रामीण एवं मजरा टोला शहरी को राजस्व ग्राम में जोड़कर घोषित किया गया है? क्या ये चिन्हित मजरे टोले राजस्व ग्राम/शहर संबंधी मापदण्ड पूर्ण करते हैं? (ख) यदि हाँ, तो क्या इन ग्रामों/शहरों को राजस्व ग्राम में घोषित कर दिया गया है? यदि नहीं, तो कब तक कर दिया जावेगा? घोषित राजस्व ग्रामों/शहरों की सूची उपलब्ध करायें। (ग) हटा शहर गौरी शंकर के समीप शहरी टोला को राजस्व ग्राम में जोड़ा जाकर ग्राम/शहर संबंधी मापदण्ड पूर्ण कर पट्टे आदि देने का प्रावधान कब तक कर दिया जावेगा?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जी नहीं। (ख) उत्तरांश (क) के परिप्रेक्ष्य में शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) हटा शहर में गौरीशंकर के समीप शहरी टोला (मुहल्ला) पूर्व से ही राजस्व ग्राम (नगरीय क्षेत्र की सीमा अंतर्गत) के रूप में चिन्हित है,इसलिए इनको अलग से राजस्व ग्राम के रूप में जोड़ने का प्रश्न ही उद्भूत नहीं हो रहा है तथा पट्टे देने का कार्य शासन के निर्देशानुसार एवं विधि अनुकूल होने से पात्र व्यक्तियों को किया जा सकता है।
अर्बन सीलिंग एक्ट अंतर्गत भूमि अधिग्रहण
[राजस्व]
23. ( *क्र. 1052 ) श्री दिनेश जैन बोस : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) तारांकित प्रश्न क्रमांक 1036, दिनांक 04.12.2025 एवं तारांकित प्रश्न क्रमांक 2937, दिनांक 06.08.2025 के परिप्रेक्ष्य में प्रश्नकर्ता द्वारा जानकारी चाही गई थी कि अर्बन सीलिंग एक्ट अंतर्गत अधिग्रहित भूमि किसके द्वारा कब किस नियम के तहत निजी स्वामित्व में दर्ज की गई, जिसकी जानकारी निरंक है? पूर्ण जानकारी उपलब्ध न कराने हेतु कौन जिम्मेदार है? क्या संबंधित अधिकारियों द्वारा दोषियों को संरक्षण प्रदान किया जा रहा है? यदि नहीं, तो उक्त खसरा नंबरों का वर्ष 2005-06 से 2025-26 तक संपूर्ण रिकॉर्ड उपलब्ध कराया जाए। (ख) तारांकित प्रश्न क्रमांक 1036, दिनांक 04.12.2025 प्रश्नांश (ख) के परिप्रेक्ष्य उत्तरांश अनुसार उक्त खसरा नंबर वर्तमान में अर्बन सीलिंग एक्ट म.प्र. शासन शासकीय दर्ज है। यदि हाँ, तो क्यों उक्त खसरा नंबर वर्तमान राजस्व अभिलेख में निजी स्वामित्व में दर्ज आ रही है? क्या विभाग द्वारा गलत जानकारी प्रदान की जा रही है? यदि हाँ, तो क्या जिम्मेदारों पर कार्यवाही की जायेगी। (ग) तारांकित प्रश्न क्रमांक 2937, दिनांक 06.08.2025 प्रश्नांश (क) अनुसार कार्यालय अपर कलेक्टर जिला भोपाल आदेश पत्र क्रमांक 959/अ.क./2006, भोपाल दिनांक 02.08.2006 के पालन में रिकॉर्ड दुरस्त कर म.प्र. शासन अर्बन सीलिंग दर्ज किया गया था। यदि हाँ, तो बताएं कि किस अधिकारी द्वारा कब किस नियम के तहत निजी स्वामित्व में दर्ज की गई? छाया प्रतियां सहित जानकारी उपलब्ध कराएं।
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) तारांकित प्रश्न क्रमांक 1036, दिनांक 04.12.2025 एवं तारांकित प्रश्न में क्रमांक 2937, दिनांक 06.08.2025 के परिप्रेक्ष्य में ग्राम मिसरोद भूमि तहसील कोलार स्थित भूमि सर्वे क्रमांक 14, 15, 16, 17, 20, 23/4/1 रकबा 1.170 हे. 0.89 एकड़ खसरा क्रमांक 14, 15, 16, 17, 23/4/2 रकबा 0.214 हे. 0.53 हे. एकड़ भूमि राजस्व अभिलेख में वर्ष 2006 तक निजी स्वामित्व में दर्ज थी, अर्बन सीलिंग एक्ट अन्तर्गत उक्त भूमि के सर्वे नंबरों को सक्षम प्राधिकारी नगर भूमि सीमा के प्रकरण क्रमांक 9/89, आदेश दिनांक 16.04.1987 द्वारा अतिशेष घोषित किया गया था। माननीय उच्च न्यायालय, जबलपुर के रिट याचिका क्रमांक 3454/91 आदेश पारित दिनांक 26.06.1992 के आधार पर अभिलेख दुरूस्त हेतु न्यायालय अपर कलेक्टर जिला भोपाल के प्रकरण क्रमांक 46/अ-6-अ/2005-06, आदेश पारित दिनांक 02.08.2006 एवं कार्यालय अपर कलेक्टर जिला भोपाल आदेश पत्र क्रमांक 959/अ.क./2006, भोपाल दिनांक 02.08.2006 के पालन में रिकार्ड दुरूस्त कर राजस्व अभिलेख में अर्बन सीलिंग म.प्र. शासन शासकीय दर्ज किया गया। शेष प्रश्न उद्भूत नहीं होता। वर्ष 2005-06 से 2025-26 तक खसरा नकल छायाप्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'अ' अनुसार है। (ख) जी हाँ। वर्तमान में भी म.प्र. शासन अर्बन सीलिंग दर्ज है, खसरा नकल पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'ब' अनुसार है। शेष प्रश्न उद्भूत नहीं होता। (ग) जी हाँ, न्यायालय अपर कलेक्टर जिला भोपाल के प्रकरण क्रमांक 46/अ-6-अ/2005-06, आदेश पारित 02.08.2006 एवं कार्यालय अपर कलेक्टर जिला भोपाल पत्र क्रमांक 959/अ.क./2006, भोपाल दिनांक 02.08.2006 के पालन में रिकार्ड दुरुस्त कर राजस्व अभिलेख में अर्बन सीलिंग मध्यप्रदेश शासन शासकीय दर्ज किया गया। उसके पश्चात से ही राजस्व अभिलेख में भूमि म.प्र. शासन अर्बन सीलिंग दर्ज है। खसरे की नकल पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'स'अनुसार है।
आवासीय भूमि के पट्टे की स्वीकृति
[राजस्व]
24. ( *क्र. 1195 ) डॉ. प्रभुराम चौधरी : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सांची विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत आवासीय भूमि का पट्टा प्रदाय की क्या योजना है? क्या ग्रामीण क्षेत्रों में नागरिकों को पट्टे प्रदाय किये गये हैं? यदि हाँ, तो नाम, पते सहित जानकारी उपलब्ध करावें। (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार पट्टे स्वीकृति के प्रकरण लंबित हैं एवं लंबित प्रकरणों का निराकरण किया जाकर हितग्राहियों को कब तक वितरित किये जावेंगे? (ग) घास भूमि को आबादी भूमि मद में परिवर्तित करने की शासन की क्या योजना है? ऐसी भूमि को चिन्हित किया गया है? यदि हाँ, तो ग्रामवार भूमि की खसरावार सहित जानकारी उपलब्ध करावें।
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) आवासीय भूमि के पट्टे मुख्यमंत्री आवासीय भू-अधिकार योजना अंतर्गत प्रदाय किये जाते हैं। सांची विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में तहसील रायसेन में 1742 एवं तहसील गैरतगंज में 430 पट्टे प्रदाय किये गये हैं, जिनके नाम एवं पते की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार आवासीय भूमि के पट्टे के प्रकरण संबंधित तहसीलों में लंबित नहीं है। शेष का प्रश्न उद्भूत नहीं होता। (ग) मध्यप्रदेश भू-राजस्व संहिता 1959 संशोधित अधिनियम 2018 की धारा 237 (3) में घास भूमि को आबादी भूमि मद में परिवर्तन किये जाने के प्रावधान हैं। शेष प्रश्नांश की जानकारी निरंक है।
एम्पाग्लिफ्लोजि़न टैबलेट की खरीदी
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
25. ( *क्र. 1098 ) श्री मधु भगत : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दिनांक 30 मार्च, 2025 को M.P.P.H.S.C.L. ने एम्पाग्लिफ्लोजि़न टैबलेट खरीदी का प्रोडक्ट पेटेंट किस दिनांक को खत्म किया गया? समस्त दस्तावेज उपलब्ध करावें एवं प्रोजेक्ट का पेटेंट खत्म होने के उपरांत क्या दवाइयां लेने के शासन के नियम हैं? नियम निर्देश की प्रतियां उपलब्ध करावें। साथ ही प्रोडक्ट खरीदी की निविदा के दर बीड तुलनात्मक कार्यादेश सहित समस्त दस्तावेज उपलब्ध करावें? (ख) एम्पाग्लिफ्लोजि़न टैबलेट कितनी मात्रा में खरीदी गई? स्टॉंक पंजी एवं सत्यापन के समस्त दस्तावेज उपलब्ध करावें? साथ ही खरीदे गये प्रोडक्ट पर कितना भुगतान किया गया? (ग) एम्पाग्लिफ्लोजि़न टैबलेट की प्रोडक्ट खरीदते समय बाजार दर क्या थी एवं प्रश्न दिनॉंक तक खरीदे गये प्रोडक्ट की बाजार दर कितनी है? समस्त दस्तावेज उपलब्ध करावें एवं बाजार दर के अधिक में प्रोडक्ट खरीदा गया है तो किन-किन अधिकारियों की सहमति ली गई एवं किस आधार पर प्रोडक्ट खरीदा गया? नियम निर्देशों की प्रति उपलब्ध करावें।
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) मध्यप्रदेश पब्लिक हेल्थ सर्विसेस कॉर्पोरेशन लिमिटेड द्वारा औषधियों की पेटेंट से संबंधित कोई भी दस्तावेज संधारित नहीं किये जाते हैं। कॉर्पोरेशन द्वारा औषधियों का केवल खुली निविदा के माध्यम से दर अनुबंध किया जाता है। दर बिड निविदा तुलनात्मक प्रपत्र संबंधी जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) एवं (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।
भाग-2
नियम
46 (2) के
अंतर्गत
अतारांकित प्रश्नोत्तर
के रुप में
परिवर्तित
तारांकित प्रश्नोत्तर
सामुदायिक
स्वास्थ्य
केंद्र में
चिकित्सीय
सुविधा में
वृद्धि
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
1. ( क्र. 11 ) श्री मुकेश मल्होत्रा : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या जिला श्योपुर की विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 2 विजयपुर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र विजयपुर, वीरपुर और कराहल अस्पतालों में डॉक्टर की कमी गुणवत्ता की दवाई एक्स-रे मशीन, लैब, सिटी स्कैन, सोनोग्राफी मशीन के अभाव में कई मरीजों को अपनी जान गंवानी पड़ती है? (ख) क्या सरकार वीरपुर, विजयपुर एवं करहल के अस्पताल में चार-पांच डॉक्टरों की पद स्थापना कर अच्छी दवाइयों के साथ आधुनिक मशीन जैसे एक्स-रे, लैब, सीटी स्कैन, सोनोग्राफी मशीन 2 एक्स-रे टेक्नीशियन और 2 लैब टेक्नीशियन, फार्मासिस्ट स्टाफ डॉक्टर स्टाफ की संख्या में वृद्धि कर इस गंभीर समस्या का समाधान करने का निर्णय लेगी। यदि हाँ, तो कब तक समय-सीमा बताये।
उप
मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य
एवं चिकित्सा
शिक्षा ( श्री
राजेन्द्र
शुक्ल ) : (क)
जी
नहीं। (ख) सामुदायिक
स्वास्थ्य
केन्द्र
विजयपुर, कराहल
एवं प्राथमिक
स्वास्थ्य
केन्द्र
वीरपुर में उपलब्ध
चिकित्सकों
एवं स्टाफ की जानकारी
संलग्न परिशिष्ट अनुसार
है। शासन के
मापदण्ड
अनुसार
स्वीकृत पदों
पर पदस्थी की
कार्यवाही एक
निरंतर
प्रक्रिया है।
समय-सीमा बताया
जाना संभव
नहीं है।
परिशिष्ट
- "छ:"
स्टाप डेम का निर्माण
[जल संसाधन]
2. ( क्र. 38 ) श्री घनश्याम चन्द्रवंशी : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) कालापीपल विधानसभा में कितने स्टाप डेम के निर्माण की प्रक्रिया वर्तमान में प्रचलन में है? (ख) क्या निम्न जल स्तर एवं डार्क झोन में आने वाले क्षेत्रों के लिए विभागीय मापदंड जिसके अनुसार क्षमता 0.50 मिली घन मीटर एवं कैचमेंट एरिया 60 वर्ग मीटर को छोटे स्टाप डेम हेतु शिथिल किया जा सकता है? यदि हाँ, तो किन परिस्थितियों में? यदि नहीं, तो क्यों नहीं?
जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) विभाग अंतर्गत कालापीपल विधानसभा क्षेत्र में कोई भी स्टाप डेम के निर्माण की प्रक्रिया वर्तमान प्रचलन में नहीं है। (ख) जी नहीं, विभागीय मापदंडों के अनुसार तालाब/बैराज की न्यूनतम जल भराव क्षमता एवं जल ग्रहण क्षेत्र निर्धारित है। विभागीय तकनीकी परिपत्रों में निर्धारित मापदण्ड के अनुसार छोटे कम जल भराव क्षमता के जल संरचनाओं (स्टाप डेम) निर्माण निर्धारित तकनीकी एवं वित्तीय मापदण्ड अनुसार साध्य नहीं होने से कम भराव क्षमता (छोटी) जल संरचनाओं का निर्माण संभव नहीं होता है।
अर्जन भूमि की जानकारी
[राजस्व]
3. ( क्र. 50 ) डॉ. हिरालाल अलावा : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रश्न क्रमांक 1023 दिनांक 4 दिसम्बर 2025 के उत्तरांश (क) में प्रश्न क्रमांक 1698 दिनांक 18 जुलाई 2024 के उत्तरांश (ग) में उल्लेखित कार्यवाही के अनुक्रम में अभिलेख सुधार संबंधी प्रकरण न्यायालय अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), नजूल टी.टी. नगर वृत्त, जिला-भोपाल (म.प्र.) में प्रकरण क्रमांक-31/अ-6-अ/2025-26 प्रचलित है। प्रकरण में पटवारी द्वारा मौका जांच की गई है। अभिलेखागार से खसरों की प्रति बुलाई जा चुकी है की जानकारी दें। (ख) यदि हाँ, तो रजियां बानो एवं शाहिदा बानो की अर्जन से शेष किस खसरा नम्बर के कितने रकबे पर खसरा पंजी में कलियासोत परियोजना या वाल्मी संस्था या शासकीय किस पटवारी ने किसके आदेश से दर्ज किया। (ग) खसरा पंजी में कृषक शाहिदा बानो एवं रजिया बानो का नाम बिना अर्जन आदेश के किस-किस आधार पर काटा जाकर कलियासोत परियोजना या वाल्मी या शासकीय दर्ज किया है। (घ) रजिया बानो एवं शाहिदा बानो का नाम उनकी निजी भूमि से काट कर अन्य का नाम दर्ज करने के लिए शासन किसे जिम्मेदार मानता है पद व नाम सहित बतावें।
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जी हाँ। (ख) वर्तमान वर्ष 2025-26 के खसरा अनुसार खसरा नंबर क्रमश: 26, 27, 43, 33/2, 31/2, कुल 05 किता, कुल रकवा क्रमश: 0.182 हे., 0.684 हे., 0.045 हे., 2.399 हे., 12.364 हे. दर्ज है। खसरा नंबर 31/2 में नामांतरण पंजी क्रमांक 49 आदेश दिनांक- 04/10/1996 अनुसार 4.443 हे. का भू-अर्जन किया जा चुका है। शेष 7.921 हे. शासकीय, कलियासोत परियोजना, वाटरलैण्ड एण्ड मैनेजमेंट भोपाल के नाम पर दर्ज पाया गया है। उक्त भूमि उपलब्ध शासकीय दस्तावेजों अनुसार वर्ष 1996-97 में नामांतरण पंजी क्रमांक 48 अनुसार कलियासोत परियोजना एवं वाल्मी भोपाल के नाम होने की प्रविष्टि दर्ज है। भूमि का विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार। प्रकरण न्यायालय अनुविभागीय अधिकारी टी.टी. नगर में प्रकरण क्रमांक 31 अ-6-अ 2025-26 में कार्यवाही प्रचलित है। न्यायालयीन प्रकृति का होने से प्रकरण के निराकरण उपरांत ही निष्कर्ष निकाला जाना उचित होगा। (ग) एवं (घ) उत्तरांश (ख) अनुसार है।
अतिरिक्त भूमि का आधिपत्य
[राजस्व]
4. ( क्र. 51 ) डॉ. हिरालाल अलावा : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रश्न क्रमांक 1022 दिनांक 4/12/2025 के उत्तरांश (ख) में प्रकरण में जांच कार्यवाही प्रचलित है। न्यायालयीन प्रकृति का होने से प्रकरण के निराकरण उपरांत ही निष्कर्ष निकाला जाना उचित होगा? उत्तर दिया गया था? (ख) यदि हाँ, तो रजिया बानो एवं शाहिदा बानो के नाम पर वर्ष 1985-86 में किस खसरा-नम्बर का कितना रकवा दर्ज था, इसमें से किस खसरा-नम्बर के कितने रकबे को किस अवार्ड आदेश से अर्जित किया गया, अर्जित रकबे के अलावा किस खसरा-नम्बर के कितने रकबे पर वर्तमान में किसका नाम खसरा पंजी में दर्ज है। (ग) अर्जित किए बिना निजी भूमि से कृषक का नाम काटकर किसी अन्य का नाम दर्ज किए जाने के लिए राजस्व विभाग का कौन-कौन-सा कर्मचारी/अधिकारी जिम्मेदार है, उसके विरूद्ध शासन ने कब और क्या-क्या कार्यवाही की है यदि नहीं, की तो कारण बतावे। (घ) अर्जित भूमि को छोड़कर शेष भूमि पर कब तक रजिया बानो एवं शाहिदा बानो का नाम दर्ज कर दिया जावेगा समय-सीमा सहित बतावे।
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जी हाँ। (ख) रजिया बानो के नाम पर वर्ष 1985-86 में खसरा नंबर 2/2, 26, 27, 31/2, 33/2, 43 रकवा क्रमश: 18.16 एकड़/7.349 हे., 0.45 एकड़/0.182 हे., 1.69 एकड़/0.684 हे., 30.55 एकड़/12.364 हे., 5.83 एकड़/2.359 हे., 0.11 एकड़/0.045 हे., कुल किता 06, कुल रकवा 56.79 एकड़/22.983 हे. एवं शाहिदा बानो के नाम वर्ष 1985-86 में खसरा नंबर 3, 4 रकवा क्रमश: 65.90 एकड़/26.669 हे., 22.98 एकड़/9.300 हे., कुल किता 02, कुल रकवा 88.88 एकड़/35.969 हे. दर्ज था। रजिया बानो एवं शाहिदा बानो की भूमि अर्जन की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट- अ अनुसार तथा अर्जन के अलावा कलियासोत परियोजना एवं वाल्मी के नाम पर दर्ज भूमि का विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ब अनुसार। (ग) न्यायालय अनुविभागीय अधिकारी टी.टी. नगर, भोपाल में प्रकरण क्रमांक 31 अ-6-अ 2025-26 में कार्यवाही प्रचलित है। न्यायालयीन प्रकृति का होने से प्रकरण के निराकरण उपरांत ही निष्कर्ष निकाला जाना उचित होगा। (घ) जांच प्रक्रिया पूर्ण किए जाने उपरांत प्राधिकारी द्वारा उचित आदेश पारित किया जायेगा।
नामांतरण एवं बंटवारा प्रकरणों में अनियमितताओं की शिकायत
[राजस्व]
5. ( क्र. 63 ) श्री जगन्नाथ सिंह रघुवंशी : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) तहसील नईसराय में कुल कितने नामांतरण/बंटवारा प्रकरण दर्ज किए गए और कितने प्रकरण भौतिक रूप से प्रचलित है और ऑनलाईन दर्ज नहीं किये गये है? इनमें से कितने नामांतरण/बंटवारा प्रकरणों का निराकरण किया गया है? (ख) प्रश्नांश (क) की अवधि में कितने नामांतरण/बंटवारे के प्रकरण निरस्त किये गये हैं? कारण सहित सूची उपलब्ध करावें। साथ ही कितने नामांतरण/बंटवारे के प्रकारण लंबित चल रहे है? सूची उपलब्ध करावें। (ग) प्रश्नांश (ग) में लंबित नामांतरण/बंटवारे के प्रकारणों के निराकरण की समय-सीमा क्या है? उक्त समय-सीमा में प्रकरण का निराकरण न होने पर संबंधित तहसीलदार के खिलाफ कार्यवाही की जायेगी और कब तक? (घ) कितने बंटवारा प्रकरणों में तहसीलदार नईसराय द्वारा स्टाम्प ड्यूटी एवं पंजीयन शुल्क का सही निर्धारण न करके शासन को राजस्व की हानि पहुंचाई है? ऐसे कितने प्रकारण है और संभावित नुकसान तथा उसकी अनुमानित राशि कितनी है? साथ ही क्या शासन यह भी जांच करेगा कि बंटवारा प्रकरणों में महिला उत्तराधिकारियों को उनका वैधानिक हिस्सा पूर्ण रूप से दिया गया या नहीं एवं कितने मामलों में महिलाओं को आंशिक हिस्सा मिला? कितने मामलों में महिलाओं को शून्य हिस्सा दर्शाया गया? क्या ऐसे मामलों में हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम, 2005 का पालन हुआ या नहीं?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) :(क) तहसील नईसराय अंतर्गत राजस्व वर्ष 2025-26 में नामांतरण के कुल 1048 प्रकरण एवं बंटवारे के कुल 139 प्रकरण दर्ज किये गये हैं। तहसील नईसराय अंतर्गत ऐसा कोई भी प्रकरण नहीं है जो भौतिक रूप से प्रचलित होकर ऑनलाइन दर्ज नहीं किया गया हो। तहसील नईसराय अंतर्गत राजस्व वर्ष 2025-26 में नामांतरण के कुल 869 व बंटवारे के कुल 107 प्रकरणों का निराकरण आज दिनांक तक किया जा चुका है। (ख) प्रश्नांश (क) की अवधि में तहसील नईसराय अंतर्गत नामांतरण के कुल 162 प्रकरण व बंटवारे के कुल 29 प्रकरण निरस्त किये गये हैं। नामांतरण 162 प्रकरण किसी वित्तीय सस्था में बंधक होने, वसीयत में आपत्ति होने, स्वत्व के संबंध में वरिष्ठ न्यायालय/माननीय सिविल न्यायालय/माननीय उच्च न्यायालय में होने से, विक्रय पत्र में उल्लेखित तथ्य तथा राजस्व अभिलेखों में दर्ज तथ्यों में भिन्नता होने, भूमि के रकवे का मिलान न होने आदि कारण से निरस्त किये गये हैं एवं बंटवारे के 29 प्रकरण किसी वित्तीय संस्था में बंधक होने के कारण वादग्रस्त भूमि के सबंध में माननीय सिविल न्यायालय/माननीय उच्च न्यायालय में स्वत्व संबंधी मामला होने से, हितबद्ध पक्षकारों में से किसी मृत व्यक्ति को पक्षकार बनाने आदि के कारण निरस्त किये गये हैं। तहसील नईसराय अंतर्गत नामांतरण के 179 प्रकरण एवं बंटवारे के 32 प्रकरण लंबित चल रहे हैं। सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार। (ग) म.प्र. शासन द्वारा नामांतरण किये जाने हेतु म.प्र.भू.रा.सं. (भू-अभिलेखों में नामांतरण) नियम 2018, बंटवारा किये जाने हेतु म.प्र.भू.रा.सं. (कृषि खाते का विभाजन) नियम 2020 एव आगामी वर्षों में हुये संशोधन निर्देश जारी किये गये है। उक्त संबंध में म.प्र.लो.से.गा.अधि. 2010 अंतर्गत एवं म.प्र.भू.रा.सं. 1959 के अंतर्गत समय अवधि निर्धारित की गई है। जो इस प्रकार है:- अविवादित नामांतरण हेतु 30 दिवस विवादित नामांतरण हेतु 5 माह अविवादित बंटवारा हेतु 90 दिवस की समयावधि निर्धारित की गई है। लोक सेवा गारंटी अधिनियम के प्रावधानों के तहत अर्थदण्ड की कार्यवाही की जाती है परंतु कोई प्रकरण समय-सीमा से बाहर न होने के कारण कार्यवाही नहीं की गई है। (घ) तहसील नईसराय अंतर्गत सभी बंटवारा प्रकरणों में कार्यालय महानिरीक्षक पंजीयन एवं अधीक्षक मुद्रांक भोपाल (35ए, पंजीयन भवन, अरेरा हिल्स भोपाल म.प्र. के पत्र क्र./57/तकनीकी/2021) भोपाल दिनांक 07.01.2022 के नियमानुसार स्टाम्प ड्यूटी एव पंजीयन शुल्क का निर्धारण किया जाकर शासन को राजस्व की किसी भी प्रकार की हानि नहीं पहुंचाई जाती है। महिला उत्तराधिकारियों को आपसी सहमति से पूर्ण रूप से हिस्सा दिया जाता है या महिलाओं को शून्य हिस्सा वाले मामले निरंक है। तहसील नईसराय अंतर्गत सभी बंटवारे के प्रकरणों में हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम, 2005 का पालन किया जाता है।
शासकीय भूमि पर अतिक्रमण
[राजस्व]
6. ( क्र. 64 ) श्री जगन्नाथ सिंह रघुवंशी : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) गत 1 वर्ष में ग्राम पंचायत नईसराय की परिसीमा के अंतर्गत शासकीय भूमि से अतिक्रमण हटाने हेतु कुल कितने प्रशासनिक आदेश पारित किए गए थे तथा उनमें से कितने आदेशों पर आज दिनांक तक कार्रवाई नहीं की गई है? यदि कार्रवाई नहीं की गई है तो उसके क्या कारण हैं? ग्राम पंचायत नईसराय की परिसीमा के अंतर्गत शासकीय भूमि से अतिक्रमण हटाने हेतु कितने आदेश जारी किए गए हैं? उनमें से कितने आदेशों का पूर्ण पालन किया गया है तथा कितने आदेश आज भी लंबित हैं? (ख) क्या यह तथ्य शासन के संज्ञान में है कि गत 1 वर्ष के दौरान ग्राम पंचायत नईसराय की परिसीमा के अंतर्गत शासकीय भूमि पर अतिक्रमण आज भी बड़े पैमाने पर विद्यमान है? यदि हां, तो उन्हें कब तक हटाया जायेगा? (ग) क्या गत 1 वर्ष में ग्राम पंचायत नईसराय की परिसीमा के अंतर्गत कुछ मामलों में शासकीय भूमि से अतिक्रमण लाभ अर्जित करने के उद्देश्य से अथवा किसी अन्य प्रकार के दबाव/प्रभाव के कारण जानबूझकर नहीं हटाया जा रहा है? यदि हाँ, तो क्या ऐसे मामलों की पहचान की गई है? यदि नहीं, तो कब तक की जायेगी। क्या तहसीलदार श्री मयंक तिवारी की भूमिका की जाँच कराई जाएगी?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) गत 1 वर्ष में ग्राम पंचायत नईसराय की परिसीमा के अंतर्गत शासकीय भूमि से अतिक्रमण हटाने हेतु कुल 18 प्रशासनिक आदेश पारित किये गए थे जिनमें से सभी 14 आदेशों में कार्यवाही पूर्ण की जा चुकी है। शेष 04 में से 03 प्रकरणों में वादग्रस्त भूमि के संबंध में माननीय सिविल न्यायालय अशोकनगर में वाद क्रमांक आरसीएस ए/153/2025 तथा आरसीएस ए/226/2024 प्रचलित है तथा शेष 01 प्रकरण में थाना प्रभारी थाना नईसराय को पुलिस बल हेतु पत्र जारी किया जा चुका है। (ख) ग्राम पंचायत नईसराय की परिसीमा अंतर्गत शासकीय भूमि पर अतिक्रमण की शिकायत अथवा संज्ञान में आने पर मध्यप्रदेश भू-राजस्व संहिता 1959 की धारा 248 के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही निरंतर की जा रही है। (ग) जी नहीं। ऐसा कोई मामला संज्ञान में नहीं है जिसमें अतिक्रमण लाभ अर्जित करने के उद्देश्य से अथवा किसी अन्य प्रकार के दबाव प्रभाव के कारण जानबूझकर नहीं हटाया गया हो। अत: तहसीलदार मयंक तिवारी की भूमिका संदेहप्रद न होने से वर्तमान में जांच की आवश्यकता नहीं है।
प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों का जीर्णोद्धार
[स्कूल शिक्षा]
7. ( क्र. 87 ) श्री मुरली भँवरा : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बागली विधानसभा क्षेत्र में स्थित समस्त जीर्ण-शीर्ण प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालय भवनों के जीर्णोद्धार/पुनर्निर्माण हेतु राज्य सरकार द्वारा वर्तमान में क्या-क्या प्रयास किए जा रहे हैं? (ख) प्रश्नकर्ता के विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत अधिकांश प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों के जीर्ण-शीर्ण भवनों से संबंधित जानकारी एवं प्रस्ताव विभाग को प्रेषित किए जा चुके हैं। उक्त प्राप्त प्रस्तावों पर विभाग द्वारा अब तक क्या कार्यवाही की गई है? जानकारी दें। (ग) प्रश्नांश (ख) वर्णित प्रस्तावों पर यदि स्वीकृति प्रदान की गई है, तो विद्यालयवार विवरण, स्वीकृत राशि तथा कार्य प्रारंभ किए जाने की संभावित समय-सीमा बतावें?
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) बागली विधानसभा अंतर्गत एक जीर्ण-शीर्ण प्राथमिक शाला के विरूद्ध नवीन भवन एवं 9 प्रा.वि./मा.वि. में मेजर रिपेयर कार्य स्वीकृत है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट–अ अनुसार है। (ख) बागली विधानसभा अंतर्गत बागली विकासखण्ड के 7 शालाओं के जीर्ण-शीर्ण भवन के विरुद्ध नवीन भवनों के निर्माण कार्यों की स्वीकृति बजट की उलब्धता पर निर्भर करेगी एवं 54 शालाओं के भवन जीर्ण-शीर्ण घोषित किये जाने हेतु लोक निर्माण विभाग देवास को कार्यालय के पत्र क्र. 03 दिनांक 01.01.2026 द्वारा भेजे गये है जो कि लोक निर्माण विभाग निर्धारित प्रक्रिया के अन्तर्गत जीर्ण-शीर्ण प्रमाण पत्र मिलने के उपरांत स्वीकृति बजट की उपलब्धता पर निर्भर करेगी। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट–'ब' एवं 'स' अनुसार है। (ग) प्रश्नांश (ख) अनुसार स्वीकृति बजट की उलब्धता पर निर्भर करेगी। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
लापरवाह अधिकारी पर कार्यवाही
[जल संसाधन]
8. ( क्र. 105 ) श्री रमेश प्रसाद खटीक : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दिनांक 06 नवम्बर 2025 को मोहनी पिकअप वियर की फीडर कैनाल गेट को ज्यादा मात्रा में खोलने के कारण नहर के टूटने से खेतों में पानी भर गया जिससे पीपलखाड़ी ग्राम के किसानों की 200 बीघा धान की कटी फसल नष्ट हो बह गयी जिसके संबंध में प्रश्नकर्ता के पत्र क्रमांक 1092 दिनांक 01-12-2025 के द्वारा विभागीय मंत्री को पत्र प्रेषित कर इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार अनुविभागीय अधिकारी श्री रविन्द्र शर्मा जो वर्ष 2004 से यहां पदस्थ है के विरूद्ध कार्यवाही किये जाने की मांग की थी जिस पर विभाग द्वारा की गई कार्यवाही से अवगत कराएं। यदि नहीं, की गई तो कब तक कार्यवाही की जावेगी समय-सीमा बताएं। (ख) ग्राम पीपलखाड़ी के कृषकों की फसल समूल नष्ट होने पर क्या उन्हें मुआवजा दिया जायेगा। जानकारी दें।
जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) जी नहीं, केनाल गेट फंस जाने के कारण बंद नहीं किया जा सका जिसके कारण पानी का बहाव अधिक हो जाने से ओव्हर फ्लो होकर नाले के माध्यम से बहाव होना प्रतिवेदित है। नाले में पूर्व से पानी होने के कारण निकटवर्ती कृषकों के खेत में पानी पहुँचा जिससे कुछ कृषकों की फसल प्रभावित होना प्रतिवेदित है। अत: शेष प्रश्न लागू नहीं। (ख) नाले में अत्यधिक फ्लो होने के कारण क्षेत्र में कुछ समय के लिये पानी का भराव हुआ था जिससे फसल समूल नष्ट नहीं होना प्रतिवेदित है। घटना का सर्वेक्षण जिला प्रशासन राजस्व विभाग द्वारा किया जाना प्रतिवेदित है। तत्संबंध में वर्तमान में विभाग में कोई भी कार्यवाही लंबित नहीं है।
शासकीय आवास निर्मित किये जाने की घोषणा का क्रियान्वयन
[राजस्व]
9. ( क्र. 116 ) श्री गोपाल भार्गव : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या दिनांक 28.02.2025 को माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा गढ़ाकोटा जिला सागर के प्रवास पर अनुविभागीय मुख्यालय रेहली एवं तहसील मुख्यालय गढ़ाकोटा जिला सागर में क्रमशः 50 एवं 25 शासकीय आवास निर्मित किये जाने के संबंध में घोषणा की गई थी? यदि हाँ, तो इस संबंध में अब तक की गई कार्यवाही की पूर्ण जानकारी उपलब्ध कराएं। (ख) क्या पूर्व में निर्मित भवन जीर्ण-शीर्ण हो चुके हैं तथा उन्हें ध्वस्त करने की कार्यवाही की जा रही है? (ग) प्रस्तावित भवनों के निर्माण के लिए वर्ष 2025-26 एवं 2026-27 में कितना वित्तीय प्रावधान किया गया है तथा उक्त भवनों पर होने वाली लागत का विवरण दिया जावे।
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जी हाँ। इस संबंध में विभागाध्यक्ष कार्यालय स्तरीय लागत परीक्षण समिति की बैठक संपन्न हो चुकी है। स्थायी वित्तीय समिति के विचारार्थ प्रकरण प्रस्तुत करने की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। (ख) पूर्व से निर्मित भवनों के संबंध में कलेक्टर सागर द्वारा तहसील गढ़ाकोटा के लिए पत्र क्रमांक 11269/व.लि.-2/2025 दिनांक 30/12/2025 एवं तहसील रहली के लिए आदेश क्रमांक 7919 दिनांक 19/09/2024 से शासकीय आवासों को जीर्ण-शीर्ण घोषित किये जाने का आदेश जारी किया गया है। (ग) राजस्व विभाग के कार्यालय एवं आवासीय भवनों के निर्माण की योजनांतर्गत वित्तीय वर्ष 2025-2026 में रूपये 411.00 करोड़ का बजट प्रावधान सम्मिलित है तथा वित्तीय वर्ष 2026-2027 में रूपये 411.00 करोड़ का बजट अनुमान प्रस्तावित है। दोनों तहसीलों के प्रस्तावित आवासीय भवनों के निर्माण हेतु पृथक-पृथक कुल रूपये 815.91 लाख लागत की विस्तृत प्राक्कलन रिपोर्ट प्राप्त हुई है।
मिडवासा मध्यम सिंचाई परियोजना
[जल संसाधन]
10. ( क्र. 117 ) श्री गोपाल भार्गव : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या दिनांक 28.02.2025 को माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा गढ़ाकोटा जिला सागर के प्रवास पर मिडवासा मध्यम सिंचाई परियोजना के निर्माण कार्य को शीघ्र किये जाने की घोषणा की गई थी यदि हाँ, तो इस संबंध में अभी तक की गई कार्यवाही का विवरण दें? (ख) मिडवासा मध्यम सिंचाई परियोजना का कितना सिंचाई क्षेत्र प्रस्तावित है तथा इस परियोजना की आज की स्थिति में कितनी लागत है? (ग) प्रश्नाधीन योजना की प्रशासनिक स्वीकृति को जारी किये जाने में विलंब का क्या कारण है तथा यह कब तक जारी कर दी जावेगी?
जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) जी हाँ, परियोजना की प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त किये जाने की कार्यवाही प्रचलन में है। (ख) परियोजना का 7200 हेक्टेयर सिंचाई क्षेत्र प्रस्तावित है तथा परियोजना की आज की स्थिति में राशि रु. 286.2 करोड़ की लागत आकलित है। (ग) परियोजना की प्रशासकीय स्वीकृति के संबंध में कार्यवाही प्रचलन में होने से विलम्ब का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। निश्िचत समय बताया जाना संभव नहीं है।
डॉक्टरों की कमी दूर की जाना
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
11. ( क्र. 145 ) श्री देवेन्द्र रामनारायन सखवार : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा अम्बाह अन्तर्गत सिविल अस्पताल अम्बाह एवं पोरसा में विशेषज्ञ चिकित्सकों एवं कर्मचारियों के कितने पद स्वीकृत है, नाम, पद नामवार जानकारी देवें? (ख) सिविल अस्पताल अम्बाह एवं पोरसा में क्या स्वीकृत विशेषज्ञ चिकित्सक स्वीकृत पद अनुसार पदस्थ है? यदि हाँ, तो नाम, पद सहित जानकारी देवें? (ग) क्या सिविल अस्पताल अम्बाह एवं पोरसा में विशेषज्ञ चिकित्सकों के स्वीकृत पद अनुसार चिकित्सक पदस्थ नहीं है तो विभाग कब तक रिक्त पदों के अनुसार चिकित्सक पदस्थ करेगा। समय-सीमा सहित सम्पूर्ण जानकारी देवें।
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' अनुसार है। (ख) जी नहीं, जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''ब'' अनुसार है। (ग) जी हाँ। रिक्त पदों की पूर्ति एक निरंतर प्रक्रिया है, निश्िचत समयावधि बताई जाना संभव नहीं है।
अतिथि शिक्षकों का नियमितीकरण
[स्कूल शिक्षा]
12. ( क्र. 148 ) श्री देवेन्द्र रामनारायन सखवार : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) म.प्र. में स्कूल शिक्षा विभाग अन्तर्गत कितने अतिथि शिक्षक कार्यरत है जिलेवार संख्या की जानकारी देवें। (ख) क्या सरकार अतिथि शिक्षकों को नियमित करेगी? (ग) यदि हाँ, तो कब तक समय-सीमा बतावें?
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) :(क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) वर्तमान में, ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। (ग) उत्तरांश (ख) के प्रकाश में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
आउटसोर्स ग्रेड-डी कर्मचारियों की भर्ती
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
13. ( क्र. 253 ) श्रीमती सेना महेश पटेल : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) आलीराजपुर जिले में वर्ष 2025-26 से प्रश्न दिनांक तक स्वास्थ्य विभाग में आउटसोर्स ग्रेड-डी कर्मचारियों की भर्ती किन-किन कंपनियों द्वारा किस ग्राम एवं ब्लॉक में कितने पदों पर की जा रही है। कितने आवेदन किस पद के लिए प्राप्त हुए, किस आधार पर चयन किया गया, सूची उपलब्ध करावें। (ख) प्रश्नांश (क) के अनुसार चयन किये गये पदों के लिए नियम, मापदंड, चयन प्रक्रिया और आवश्यक पात्रता क्या है? चयनित कंपनी का रजिस्ट्रेशन, मापदण्ड, पात्रता एवं निविदा में भाग लेने वाली कंपनी की सूची उपलब्ध करावें। (ग) क्या प्रश्नांश (क) के अनुसार भर्ती के दौरान नियमों का उल्लंघन होने की शिकायतें प्राप्त हुई हैं और यदि किसी कंपनी के द्वारा नियमों के खिलाफ भर्ती की गई है, तो उस पर क्या कार्यवाही हुई? की गई कार्यवाही की प्रति उपलब्ध करावें।
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' अनुसार। नियमानुसार चयनित आउटसोर्स एजेन्सी द्वारा श्रम विभाग मध्यप्रदेश शासन के द्वारा जारी दिशा निर्देशों के आधार पर भर्ती प्रक्रिया संपादित की जाती है। (ख) श्रम विभाग मध्यप्रदेश शासन द्वारा आउटसोर्स कर्मचारियों हेतु श्रेणीवार योग्यता व मापदण्डों के निर्धारण के संबंध में समय-समय पर दिशा निर्देश जारी किये जाते रहे है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''ब'' अनुसार। (ग) जी हाँ, माननीय विधायक महोदय श्रीमती सेना महेश पटेल के पत्र क्रमांक 08, दिनांक 08/01/2026 के संदर्भ मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी अलीराजपुर द्वारा जांच समिति गठित की गई है, जांच के आधार पर नियमानुसार आगामी कार्यवाही की जा सकेगी। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
अतिथि शिक्षकों का नियमितीकरण
[स्कूल शिक्षा]
14. ( क्र. 254 ) श्रीमती
सेना महेश
पटेल : क्या
स्कूल शिक्षा
मंत्री महोदय
यह बताने की कृपा
करेंगे कि (क) वर्ष
2023-24 से प्रश्न
दिनांक तक
प्रदेश में
कुल कितने
अतिथि शिक्षक
कार्यरत हैं, साथ ही
यह संख्या
वर्षवार
कितनी रही है, वर्तमान
स्थिति क्या
है? जिलेवार
जानकारी
प्रदान करें।
(ख) प्रश्नांश
(क) के अनुसार
वर्तमान में
प्रदेश के किन
जिलों में
अतिथि
शिक्षकों की
सबसे अधिक
आवश्यकता है
तथा अतिथि
शिक्षकों के
नियमितीकरण
की प्रक्रिया
के लिए सरकार
ने अब तक क्या
कदम उठाए हैं
और इसे पूर्ण
करने के लिए
क्या योजना है? (ग) अतिथि
शिक्षकों को
वेतन, भत्ते
और अन्य
सुविधाएँ किस
प्रकार
प्रदान की जा
रही हैं?
यदि
इनका
नियमितीकरण
नहीं हुआ है, तो इसके
न होने का
क्या कारण है
और इन्हें कब
तक नियमित
किया जाएगा
अथवा नहीं
किया जाएगा?
स्कूल
शिक्षा
मंत्री ( श्री
उदय प्रताप
सिंह ) : (क) जानकारी
संलग्न
परिशिष्ट पर है।
(ख) जानकारी
संलग्न
परिशिष्ट अनुसार।
अतिथि
शिक्षकों को
सीधे नियमितीकरण
का कोई
प्रस्ताव
विचाराधीन
नहीं है। मध्यप्रदेश
राज्य स्कूल
शिक्षा (शैक्षणिक
संवर्ग) सेवा
शर्तें एवं भर्ती
नियम 2018
में संशोधित
नियम दिनांक 27.12.2024 अनुसार
शैक्षणिक
संवर्ग
अंतर्गत सीधी
भर्ती के
शिक्षकों के
विज्ञापित
पदों की 50
प्रतिशत
रिक्तियां
म.प्र. शासन द्वारा
संचालित
शासकीय
विद्यालयों
में ऐसे अतिथि
शिक्षक जिनके
द्वारा
न्यूनतम तीन
शैक्षणिक
सत्रों में 200 दिवस (प्रति
सत्र न्यूनतम 30 दिवस) के
रूप में कार्य
किया हो,
के
लिये आरक्षित
है। पात्रता
परीक्षा
उत्तीर्ण
करने
तदुपरांत चयन
परीक्षा से
मेरिट क्रम
में नियुक्ति
का प्रावधान
है। (ग) अतिथि
शिक्षकों को
मानदेय
मध्यप्रदेश
शासन स्कूल
शिक्षा विभाग
मंत्रालय, वल्लम
भवन, भोपाल
के आदेश क्र./2032/1226/2022/20-2
दिनांक 29.09.2023
अनुसार दिया
जा रहा है। उत्तरांश
(ख)
के
प्रकाश में प्रश्न
उपस्थित नहीं
होता।
चेक पोस्टों में अवैध वसूली
[परिवहन]
15. ( क्र. 281 ) श्री अजय अर्जुन सिंह : क्या परिवहन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या विभाग को जानकारी है कि मध्यप्रदेश में चेक पोस्ट बंद होने के उपरांत भी परिवहन अधिकारियों के दलाल ट्रक चालाकों से आर.टी.ओ. के नाम पर अवैध धन उगाही कर रहे हैं? (ख) क्या यह भी ज्ञात है कि मऊगंज जिले के हनुमना चेकपोस्ट क्षेत्र में एक दलाल ने ट्रक ड्राइवर से वसूली के लिए ट्रक पर चढ़ने का प्रयास किया, जिसे ड्राइवर ने 5 किलोमीटर तक लटकाए रखा, जिसका वीडियो वायरल हो गया है? (ग) यदि हाँ, तो इस अवैध वसूली की प्रवृत्ति को रोकने के लिए क्या ठोस कदम उठाए गए हैं तथा दोषी दलालों व अधिकारियों के विरूद्ध अब तक की गई कार्यवाही का विवरण बतायें। यह भी बताएं कि कब तक इस पर रोक लगाई जाएगी?
परिवहन मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जी नहीं। मध्यप्रदेश में चेक पोस्ट बंद होने के उपरांत चेकपाइंट बनाकर वाहन चेकिंग की कार्यवाही की जा रही है। चेकिंग में पारदर्शिता रहे, इस हेतु POS, Body Worn Camera प्रदाय किये गए हैं। अवैध वसूली की शिकायत प्राप्त होने पर सख्ती से कार्यवाही की जाती है। (ख) सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो क्लिप को संज्ञान लेते हुए प्राप्त जानकारी अनुसार उक्त व्यक्ति का संबंध परिवहन विभाग से होना नहीं पाया गया। उक्त वायरल वीडियो पर पुलिस थाना हनुमना, जिला मऊगंज द्वारा अपराध क्रमांक 583/2025, दिनांक 22.12.2025 दर्ज कर कार्यवाही की जा रही है। (ग) अवैध वसूली की प्रवृत्ति को रोकने के लिए विभाग द्वारा कई कदम उठाये गये हैं। वाहन चेकिंग के दौरान शिकायत प्राप्त होने पर कार्यवाही करते हुए 01 परिवहन निरीक्षक, 03 परिवहन उप निरीक्षक, 02 प्रधान आरक्षक को चेकपाइंट से हटाकर मुख्यालय संबद्ध किया जाकर विभागीय जांच की गई। उपरोक्तानुसार ही 01 प्रधान आरक्षक एवं 02 परिवहन आरक्षकों को निलंबित किया जाकर मुख्यालय संबद्ध किया गया।
ऑडिटर द्वारा शासकीय कार्य में अनियमितता
[स्कूल शिक्षा]
16. ( क्र. 316 ) सुश्री रामश्री (बहिन रामसिया भारती) राजपूत : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) छतरपुर जिले के कार्यालय जिला शिक्षा अधिकारी छतरपुर में ऑडिट शाखा/सतर्कता शाखा का प्रभार जूनियर ऑडिटर को किस दिनांक को दिया गया? (ख) क्या जूनियर ऑडिटर शासन नियमों/प्रावधानों के तहत विधिवत नस्ती तैयार कर जिला शिक्षा अधिकारी को प्रस्तुत करते है, यदि हाँ, तो वर्ष 2024 से दिसम्बर 25 तक प्राचार्यों की की गई ऑडिट के आक्षेपों की प्रतियां उपलब्ध करावें? (ग) क्या सतर्कता प्रभारी ने निलंबित शिक्षक जो 3 वर्ष से अधिक समय से निलंबित है उनके सम्बन्ध में किन-किन दिनांकों को नस्ती DEO के समक्ष प्रस्तुत की यदि नहीं, की तो क्यों? नस्ती की प्रमाणित प्रतियां उपलब्ध करावें? (घ) क्या 1 वर्ष से कम की अवधि में निलंबित शिक्षकों को बहाल किया गया और 8 से 10 वर्ष तक के शिक्षक आज भी निलंबित है उनकी फाइल सतर्कता प्रभारी ने लंबित रखी है जिसमे शासन घर बैठे राशि दे रहा है जो गंभीर अनियमितता की श्रेणी में है कब तक दोषी के विरुद्ध कर्यवाही की जावेगी समय-सीमा बतायें?
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) :(क) प्रश्नांकित प्रभार दिनांक 19.03.2024 से दिया गया है। (ख) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-1 अनुसार है। (ग) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-2 अनुसार है। (घ) जी हाँ। उत्तरांश (ग) के अनुसार शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
जेकेसेम (सेंट्रल) लिमिटेड कंपनी पुरैना (अमानगंज) द्वारा क्रय की गई भूमि
[राजस्व]
17. ( क्र. 349 ) श्री राजेश कुमार वर्मा : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या कलेक्टर महोदय पन्ना के प्र.क्र. 0052/अ21/2019-20, आदेश, दिनांक 14/02/2020 द्वारा ग्राम हरदुआकेन,खसरा नं. 879 रकवा 0.7800 हे. भूमि विक्रय की अनुमति के संबंध में यह आदेश था कि प्रस्तावित क्रेता विषयांकित कंपनी अथवा अन्य किसी जाति वर्ग के व्यक्ति को वर्तमान में प्रचलित गाइड-लाइन के अनुसार निर्धारित मूल्य या उससे अधिक मूल्य पर अंतरण करने की अनुमति इस शर्त पर प्रदान की जाती है कि आवेदक विक्रय के पूर्व भूमि का डायवर्सन करायेगा तत्पश्चात भूमि का विक्रय करेगा? यदि हाँ, तो क्या उक्त आदेश के पालन में कार्यवाही की गई है? यदि हाँ, तो उल्लिखित सम्पत्ति का डायवर्सन किस तिथि को कराया गया है एवं विक्रय किस तिथि को किया गया है? बतावें। उक्त आदेश के अपालन की स्थिति में क्या कार्यवाही की गई है? (ख) विषयांकित कंपनी के नाम तहसील सिमरिया, अमानगंज के किन-किन ग्रामों में, भूमि औद्योगिक/खनन प्रयोजन में दर्ज है? ग्रामवार, खसरावार, रकवा सहित जानकारी देवें? क्या उक्त कंपनी द्वारा उपरोक्त भूमियों को क्रय करने के पूर्व एम.पी.एल.आर.सी.1959 की धारा-165 (4) के अनुक्रम में धारा 59 के अंतर्गत पुनर्निर्धारण कराया गया है? यदि हाँ, तो रजिस्ट्री दिनांक एवं पुनर्निधारण दिनांक की जानकारी देवें। यदि कंपनी द्वारा भूमि क्रय करने के पूर्व पुनर्निधारण नहीं कराया गया है, तो क्या शासन को मुद्रांक शुल्क की हानि हुई है? यदि हाँ, तो क्या यह राशि कम्पनी से वसूल की जावेगी? यदि हाँ, तो कब तक और यदि नहीं, तो इस हानि की राशि की पूर्ति किस प्रकार की जावेगी? बतावें।
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जी हाँ, आदेश दिनांक 14.02.2020 का पालन किया गया है। उल्लेखित संपत्ति का डायवर्सन (पुनर्निर्धारण) दिनांक 23.01.2021 को किया गया है एवं विक्रय दिनांक 02.03.2020 को किया गया है। (ख) कंपनी के पक्ष में पंजीबद्ध दस्तावेज में संपत्ति का मूल्यांकन डायवर्टेड (पुनर्निर्धारण) भूमि के मान से किया जाकर नियमानुसार राजस्व (मुद्रांक शुल्क) जमा किया गया है जिससे मुद्रांक शुल्क की हानि नहीं हुई है। तहसील सिमरिया की जानकारी निरंक है। तहसील अमानगंज में कंपनी के नाम 261 खसरा दर्ज हैं व सभी खसरे औद्योगिक एवं खनन प्रयोजन हेतु डायवर्टेड हैं जिनकी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट पर अनुसार है।
चिकित्सालय भवन निर्माण शीघ्र प्रारंभ किया जाना
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
18. ( क्र. 353 ) श्री विवेक विक्की पटेल : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 112 वारासिवनी- खैरलांजी के अंतर्गत आने वाले विकासखंड खैरलांजी में 50 बिस्तर के अस्पताल भवन निर्माण की प्रशासकीय स्वीकृति राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के आदेश क्रमांक/भवन/एनएचएम/2024 -25/5006 भोपाल दिनांक 11.09.2024 द्वारा राशि प्रदान की गई है? यदि हां, तो स्वीकृति के 01 वर्ष से अधिक का समय व्यतीत हो जाने के पश्चात भी कार्य प्रारंभ नहीं किया गया है न ही निविदा आमंत्रित की गई है क्यों कारण सहित बताएं? (ख) शासकीय चिकित्सालय भवन निर्माण कार्य कब तक प्रारंभ किए जाने की कार्रवाई प्रस्तावित है? समय-सीमा बताएं।
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जी हाँ। उक्त निर्माण कार्य हेतु 15वें वित्त आयोग योजनांतर्गत अद्यतन पर्याप्त राशि भारत सरकार से प्राप्त न होने एवं योजनावधि मार्च 2026 में समाप्त होने की स्थिति में वित्तीय पोषण की अनुपलब्धता के कारण कार्य की निविदाएं संबंधित निर्माण एजेंसी मध्यप्रदेश पुलिस गृह एवं अधोसंरचना विकास विभाग द्वारा आमंत्रित नहीं की गई। (ख) वित्तीय पोषण की समुचित व्यवस्था के अभाव में निश्िचत समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
बागली विधानसभा अंतर्गत स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
19. ( क्र. 363 ) श्री मुरली भँवरा : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) देवास जिले की बागली विधानसभा अंतर्गत विकासखंड बागली एवं विकासखंड कन्नोद में वर्तमान में कुल कितने स्वास्थ्य केंद्र (सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, उप-स्वास्थ्य केंद्र) संचालित हैं? प्रत्येक स्वास्थ्य केंद्र पर चिकित्सक, नर्स, कंपाउंडर, लैब टेक्नीशियन एवं अन्य कर्मचारियों के स्वीकृत पदों की संख्या, पदस्थ कर्मचारियों की संख्या तथा रिक्त पदों की संख्या सूचीबद्ध जानकारी सहित उपलब्ध करावें। (ख) तहसील मुख्यालय बागली एवं तहसील मुख्यालय सतवास स्थित स्वास्थ्य केंद्रों पर वर्तमान में कौन-कौन सी चिकित्सीय सुविधाएं उपलब्ध हैं तथा वहां कौन-कौन से चिकित्सा उपकरण/यंत्र (जैसे एक्स-रे, पैथोलॉजी, आपातकालीन सेवाएं आदि) स्थापित एवं क्रियाशील हैं? विवरण प्रदान करें। (ग) बागली एवं सतवास मुख्यालय पर मरीजों की आवश्यकता के अनुरूप महत्वपूर्ण उपकरण/यंत्र जैसे सोनोग्राफी मशीन, डिजिटल एक्स-रे मशीन, ई.सी.जी. मशीन आदि उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में शासन द्वारा उक्त उपकरण कब तक उपलब्ध कराए जाएंगे? स्पष्ट समय-सीमा बताएं।
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) देवास जिले की बागली विधानसभा अंतर्गत विकासखण्ड बागली में 02 सिविल अस्पताल, 07 प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, 40 उप स्वास्थ्य केन्द्र तथा विकासखण्ड कन्नौद अंतर्गत 01 सिविल अस्पताल, 01 सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, 07 प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र एवं 37 उप स्वास्थ्य केन्द्र संचालित हो रहे है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' अनुसार। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''ब'' अनुसार। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''ब'' अनुसार। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, बागली से प्राप्त मांग पत्र के अनुक्रम में विभाग के प्रचलित नियमानुसार युक्तियुक्तकरण की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र सतवास का मांग पत्र प्राप्त नहीं हुआ है। मांग पत्र प्राप्त होने पर प्रचलित नियमानुसार युक्तियुक्तकरण उपरांत प्रशिक्षित मानव संसाधन की उपलब्धता के आधार पर प्रदायगी की जा सकेगी। यह एक निरंतर प्रक्रिया है तथा निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
संजीवनी क्लीनिक खोला जाना
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
20. ( क्र. 376 ) श्री लखन घनघोरिया : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश शासन की संजीवनी क्लीनिक खोलने की मूल योजना एवं उद्देश्य क्या था और क्या शासन इस योजना को मूल रूप में क्रियान्वित करने में सफल हैं? यदि नहीं, तो इसका मुख्य कारण क्या हैं? (ख) जबलपुर शहर में मूल योजना के तहत स्वीकृत कितने संजीवनी क्लीनिक संचालित हैं। इनमें स्वीकृत व पदस्थ स्टाफ की क्या स्थिति है तथा इसमें मरीजों के इलाज से सम्बंधित कौन सी मूलभूत सुविधाएं एवं संसाधनों की व्यवस्था नहीं है एवं क्यों? (ग) जबलपुर शहर के कितने वार्डों में अभी तक संजीवनी क्लीनिक नहीं खोले गये हैं एवं क्यों? कितने वार्डों में संजीवनी क्लीनिक भवनों का निर्माण नहीं कराया गया एवं क्यों? कितने वार्डों में संजीवनी क्लीनिक भवनों का निर्माण कितनी राशि में कराया गया हैं? वर्तमान में इन भवनों की क्या स्थिति है? जानकारी दें। (घ) विधानसभा क्षेत्र क्र.97 जबलपुर (पूर्व) में स्वीकृत कितने संजीवनी क्लीनिक संचालित हैं। वर्तमान में स्वीकृत एवं पदस्थ स्टाफ उपलब्ध सुविधाएं संसाधनों की क्या स्थिति हैं? कितने वार्डों में संजीवनी क्लीनिक नहीं खोले गये एवं क्यों? किन वार्डों में नये भवनों का निर्माण नहीं कराया गया एवं क्यों? सूची दें। (ड.) शहर के किन-किन वार्ड में पूर्व से संचालित शासकीय क्लीनिक/उपस्वास्थ्य केन्द्रों को संजीवनी क्लीनिक का नाम दिया गया एवं क्यों? वर्तमान में इनमें क्या सुविधाएं, संसाधन, स्वीकृत एवं पदस्थ स्टाफ की क्या स्थिति हैं?
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) प्रदेश शासन की संजीवनी क्लीनिक खोलने की मूल योजना एवं उद्देश्य शहरी स्वास्थ्य संस्थाओं को हेल्थ एण्ड वेलनेस सेन्टर के रुप में विकसित किया जाना है, जिनके माध्यम से शहरी आबादी विशेष रुप से गरीब एवं अन्य वंचित वर्गों की स्वास्थ्य स्थिति में सुधार किया जा सके। जी हाँ, शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) जबलपुर शहर में मूल योजना तहत 51 संजीवनी क्लीनिक संचालित हैं। इनमें स्वीकृत व पदस्थ स्टाफ की स्थिति की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' अनुसार। इन संजीवनी क्लीनिक पर मरीजों के इलाज से संबंधित सभी मूलभूत चिकित्सकीय सुविधायें उपलब्ध हैं। 12 संजीवनी क्लीनिक में संविदा चिकित्सकों के रिक्त पदों की पूर्ति की प्रक्रिया सतत जारी है। (ग) जबलपुर शहर के 09 वार्डों में संजीवनी क्लीनिक नहीं खोले गये हैं, जिसकी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''ब'' अनुसार। 30 वार्डों में संजीवनी क्लीनिक भवनों का कार्य 25 लाख रुपये प्रति संजीवनी क्लीनिक के मान से नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के द्वारा कराया गया है। वर्तमान में इन भवनों की स्थिति ठीक है। (घ) विधानसभा क्षेत्र क्र. 97 जबलपुर (पूर्व) में 15 स्वीकृत संजीवनी क्लीनिक संचालित हैं। वर्तमान में स्वीकृत एवं पदस्थ स्टाफ उपलब्ध सुविधायें संसाधनों की स्थिति संबंधी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''स'' अनुसार। 01 वार्ड में संजीवनी क्लीनिक नहीं खुली है क्योंकि उक्त वार्ड में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा भवन का कार्य मापदण्ड अनुरुप न होने के कारण नवीन संजीवनी को हेण्डओवर नहीं लिया गया है जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''द'' अनुसार। (ड.) शहर में संचालित 10 सिविल डिस्पेंसरी को शहरी आबादी को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने हेतु संजीवनी क्लीनिक के रूप में मनोनीत किया गया है, जिनकी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''ई'' अनुसार। संजीवनी क्लीनिक में प्राथमिक उपचार की सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध है जिनकी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''स'' अनुसार एवं वर्तमान में स्वीकृत पदस्थ स्टाफ की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''ई'' अनुसार।
बंद शुगर मिल की भूमि कृषकों को पुनः लौटाई जाना
[राजस्व]
21. ( क्र. 440 ) डॉ.
चिंतामणि
मालवीय : क्या
राजस्व
मंत्री महोदय
यह बताने की
कृपा करेंगे
कि (क) आलोट
विधान सभा क्षेत्र
में पूर्व में
संचालित शुगर
मिल के लिए
कौन से सन में
भूमि अधिग्रहित
की गई थी?
(ख)
शुगर
मिल के लिए
कितने हेक्टर
भूमि अधिग्रहित
की गई थी?
(ग)
कितने
गांव में भूमि
अधिग्रहित
की गई थी?
(घ)
शुगर
मिल बंद होने
के उपरान्त
कितने कृषकों
को कितनी भूमि
पुनः लाटाई गई? (ड.) वर्तमान
में शुगर मिल
के स्वत्व पर
कितनी भूमि
शेष है? (च) क्या
शेष भूमि
कृषकों को
लौटाने की कोई
योजना है यदि
नहीं, तो
योजना कब तक
बनेगी?
राजस्व
मंत्री ( श्री
करण सिंह
वर्मा ) : (क) श्री
विक्रम शुगर
मिल के नाम से
स्वतंत्रता पूर्व
भूमि ली गई थी।
भूमि जिस वर्ष
में ली गई थी
भूमि
अधिग्रहण संबंधी
रिकार्ड
उपलब्ध न होने
से जानकारी
दिया जाना
संभव नहीं है।
(ख) भूमि
अधिग्रहण
संबंधी
रिकार्ड
उपलब्ध नहीं हैं, किन्तु
तहसील आलोट
में वर्ष 1959-60 के
उपलब्ध
रिकॉर्ड
अनुसार 13
ग्राम
की कुल रकवा 744.066 हे. भूमि
श्री विक्रम
शुगर मिल के
नाम पर दर्ज थी।
(ग) भूमि
अधिग्रहण
संबंधी
रिकार्ड
उपलब्ध नहीं हैं
किन्तु तहसील
आलोट
अन्तर्गत
वर्ष 1959-60 के
उपलब्ध
रिकॉर्ड
अनुसार 13
ग्राम
में विक्रम
शुगर मिल के
नाम भूमि दर्ज
थी। (घ) कृषकों
की पुनः भूमि
लौटाने की कोई
कार्यवाही
नहीं की गई है।
(ड.) वर्तमान
में शुगर मिल
के स्वत्व पर
तहसील आलोट
अंतर्गत कोई
भूमि शेष नहीं
हैं। श्री
विक्रम शुगर
मिल के नाम पर
दर्ज भूमि वर्तमान
राजस्व
अभिलेखों में
शासकीय हैं।
(च) वर्तमान
में शुगर मिल
के स्वत्व पर
तहसील आलोट
अंतर्गत कोई
भूमि शेष नहीं
हैं। श्री
विक्रम शुगर
मिल के नाम पर
दर्ज भूमि वर्तमान
राजस्व
अभिलेखों में
शासकीय हैं।
हाईकोर्ट स्थगन पश्चात भूमि की रजिस्ट्री एवं नामांतरण
[राजस्व]
22. ( क्र. 460 ) श्री सोहनलाल बाल्मीक : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) छिंदवाड़ा शहर के ग्राम लोनियाकरबल स्थित राजकुमारी सोनी की निजी भूमि ख.नं.284 एवं 286 के संबंध में हाईकोर्ट जबलपुर के प्रकरण क्र.SA/86/2019 में वादग्रस्त भूमि पर यथास्थिति के आदेश हैं जिसकी जानकारी तहसीलदार, जिला पंजीयक, उपपंजीयक छिंदवाड़ा को देने के बाद भी उक्त भूमि का रकवा 0.232 हेक्टेयर से 3 गुना से अधिक बढ़ाकर नियम विरूद्ध तरीके से बिना किसी आदेश के परिवर्तित कर 0.739 हेक्टेयर करते हुये विमला हनवटकर का नाम दर्ज कर दिया गया और विमला द्वारा प्रशांत शर्मा एवं रोहित साहू के नाम दिनांक 11.11.2025 को रजिस्ट्री कर नामांतरण कर उच्च न्यायालय के आदेश की अवहेलना की गयी। इस प्रकार नियम विरूद्ध तरीके से कार्य करने न्यायालय आदेश की अवहेलना के लिये कौन-कौन से अधिकारी,कर्मचारी व व्यक्ति दोषी हैं कब तक जांच कर दोषियों पर कार्यवाही एवं एफ.आई.आर दर्ज की जायेगी? अवगत करायें। (ख) प्रश्नांश ''क'' के अनुसार हाईकोर्ट स्थगन होने के बाद भी नियम विरूद्ध तरीके से वादग्रस्त भूमि की रजिस्ट्री एवं नामांतरण एवं बढ़ाये गये रकबे को कब तक खारिज करते हुये दुरूस्त कर दिया जायेगा? अवगत करायें। (ग) उपरोक्त संबंध में मेरे द्वारा कलेक्टर महोदय छिंदवाड़ा को पत्र क्र.वि.स./परासिया/127/2026/43 दि. 19.01.2026 को प्रेषित किया गया है, जिस पत्र पर अभी तक क्या कार्यवाही की गई है? अगर नहीं की गई तो उसका क्या कारण है? कब तक कार्यवाही की जायेगी? अवगत करायें।
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जी हाँ, तत्संबंध में तात्कालीन तहसीलदार छिंदवाड़ा नगर श्री धर्मेन्द्र चौकसे, वर्तमान तहसीलदार तहसील देपालपुर जिला इंदौर को अनुविभागीय अधिकारी (रा.) छिंदवाड़ा द्वारा एवं तात्कालीन पटवारी श्री सुरेश सूर्यवंशी एवं वर्तमान पटवारी श्री पवन मालवीय को अतिरिक्त तहसीलदार छिंदवाड़ा नगर द्वारा कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया है। जांच उपरांत दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्यवाही की जावेगी। (ख) न्यायालय कलेक्टर छिंदवाड़ा के राजस्व प्रकरण 5/पुनर्विलोकन/2025-2026 के माध्यम से पुनर्विलोकन अनुमति प्राप्त होने के उपरांत अतिरिक्त तहसीलदार छिंदवाड़ा-नगर के द्वारा आदेश दिनांक 09/02/2026 के अनुसार क्रेताओं के पक्ष में किया गया नामातरंण निरस्त कर उक्त वादग्रस्त भूमि पर पूर्ववत विमला हनवटकर का नाम दर्ज किया गया। (ग) माननीय विधायक परासिया का पत्र क्रमांक वि.स./परासिया/127/2026/43 दिनांक 19/01/2026 जांच हेतु अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) छिंदवाड़ा को दिनांक 30/01/2026 को प्राप्त हुआ है। जिस पर जांच कार्यवाही प्रचलित है।
सिंचाई योजनाओं की लागत राशि को दोगुनी की जाना
[जल संसाधन]
23. ( क्र. 461 ) श्री सोहनलाल बाल्मीक : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) म.प्र. शासन द्वारा जल संसाधन विभाग के मापदण्ड के अनुसार लघु सिंचाई योजनाओं के अन्तर्गत जलाशयों की प्रशासकीय स्वीकृति राशि वर्तमान में 3.50 लाख रूपये प्रति हेक्टेयर की दर से स्वीकृत की जा रही है, जबकि विभागीय एकीकृत दर में वृद्धि हो चुकी है और बाजार मूल्य में भी दोगुनी वृद्धि हो चुकी है जिसके कारण प्रश्नकर्ता के विधानसभा क्षेत्र की विभिन्न सिंचाई योजनाओं की लागत प्रति हेक्टेयर अधिक आ रही है जिसका मुख्य कारण जलाशय के स्थल की टोपोग्राफी के अनुसार प्रावधान एवं मूल्य वृद्धि है। इसके कारण प्रश्नकर्ता के विधानसभा क्षेत्र में सिंचाई योजनाओं की स्वीकृति प्राप्त नहीं हो पा रही है। ऐसी स्थिति को देखते हुए सिंचाई योजनाएं की लागत प्रति हेक्टेयर दर राशि को दोगुना किया जाना अत्यंत आवश्यक है। उपरोक्त संबंध में क्या विभाग द्वारा कार्यवाही की जायेगी? (ख) प्रश्नांश (क) के अनुसार लघु सिंचाई योजनाएं की लागत प्रति हेक्टेयर दर स्थल की टोपोग्राफी के प्रावधान अनुसार एवं बाजार मूल्य वृद्धि को दृष्टिगत रखते हुए प्रति हेक्टेयर दर राशि को दोगुनी किए जाने के संबंध में विभिन्न औपचारिकताओं व कार्यवाही को पूर्ण करते हुए कब तक शासन द्वारा राशि को दोगुना कर दिया जायेगा? जानकारी दें।
जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) एवं (ख) सिंचाई योजनाओं की प्रति हेक्टेयर लागत में वृद्धि का प्रस्ताव वर्तमान में विचाराधीन नहीं है।
शिक्षक विहिन शालाओं की जानकारी
[स्कूल शिक्षा]
24. ( क्र. 508 ) कुँवर अभिजीत शाह : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला हरदा अंतर्गत समस्त शासकीय विद्यालयों में शिक्षकों के कुल कितने पद स्वीकृत है? इनमें से कितने पद भरे है तथा कितने पद रिक्त है? जानकारी देवें। भरे पदों के संबंध में विषयवार, विद्यालयवार, शिक्षकों के नामवार, पदनामवार जानकारी देवें। विद्यालयों में दर्ज कक्षावार विद्यार्थियों की संख्यावार जानकारी भी प्रदान की जावे? (ख) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित शालाओं में से कितनी शालायें शिक्षकविहीन है इन शालाओं में शिक्षकों को पदस्थ करने की क्या कोई कार्यवाही प्रचलन में है? यदि हाँ, तो कब तक पूर्ण कर ली जावेगी? यदि नहीं, तो क्यों? (ग) क्या शिक्षकों के संलग्नीकरण एवं अतिशेष शिक्षकों की नवीन पदस्थापना पर प्रतिबंध है? यदि हां, तो शिक्षक विहीन शालाओं में किस प्रकार शिक्षकों की व्यवस्था की जावेगी? यदि शिक्षकों की व्यवस्था नहीं की जावेगी तो विद्यार्थियों को हो रहे नुकसान के लिए कौन जिम्मेदार है? (घ) किन शालाओं में केवल अतिथि शिक्षक ही पदस्थ होकर शालाओं का संचालन कर रहे हैं? शाला का नाम, ग्राम का नाम, तहसील का नाम, अतिथि शिक्षक की संख्या सहित जानकारी देवें?
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) :(क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-1 अनुसार। (ख) शून्य शिक्षकीय शालाओं की संख्या निरंक है। अतः शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) संलग्नीकरण पर प्रतिबंध है। अतिशेष शिक्षकों की नवीन पदस्थापना विभागीय स्थानान्तरण नीति 2022 के अनुसार कार्यवाही की जाती है एवं रिक्त पदों की पूर्ति अतिथि शिक्षकों से की जाती है। अतः शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-2 अनुसार।
जलाशयों का निर्माण एवं नहरों की मरम्मत कराया जाना
[जल संसाधन]
25. ( क्र. 542 ) श्रीमती उमादेवी लालचंद खटीक : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जल संसाधन विभाग के विधानसभा क्षेत्र हटा में कितने जलाशय है 10 वर्षों में कितने छोटे-बड़े जलाशयों का निर्माण हुआ जानकारी सूची में देवे? (ख) निर्मित जलाशयों की जल भरण क्षमता क्या है तथा कितने हेक्टेयर में सिंचाई होती है? जलाशयवार बतायें। (ग) हटा विधानसभा क्षेत्र में नहरों की मरम्मतीकरण के लिये क्या विभाग द्वारा प्रावधान किया गया है? यदि हाँ, तो नहरों का सुधार कब तक होगा? समय-सीमा बतायें।
जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के "प्रपत्र-अ" अनुसार है। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के "प्रपत्र-ब" अनुसार है। (ग) जी हाँ। नहरों के मरम्मतीकरण का कार्य प्रत्येक वर्ष वार्षिक मरम्मत एवं जल उपभोक्ता संथा (PIM) द्वारा रबी सिंचाई के पूर्व कराया जाना प्रतिवेदित है। 13 जलाशयों के नहरों के मरम्मतीकरण हेतु प्रस्ताव आर.आर.आर. अंतर्गत विभागीय स्तर पर परीक्षणाधीन है। वर्तमान में सीमा बताया जाना संभव नहीं है। जानकारी संलग्न परिशिष्ट के "प्रपत्र-स" अनुसार है।
मैहर विधान सभा क्षेत्र के शाला भवनों का निर्माण
[स्कूल शिक्षा]
26. ( क्र. 548 ) श्री श्रीकान्त चतुर्वेदी : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2023-24 में मुख्यमंत्री ग्राम सड़क एवं अवसंरचना राज मद से मैहर जिले एवं मैहर विधानसभा क्षेत्र के शाला भवनों के निर्माण हेतु क्या कार्य आदेश (प्रशासकीय स्वीकृति) जारी किये गये है? यदि हाँ, तो अभी तक कौन-कौन से भवनों के निर्माण कार्य कराये गये हैं? जानकारी दी जावें। (ख) प्रश्नांश (क) के प्रकाश में क्या राज्य शिक्षा केन्द्र के निर्देशन पर कार्यालय कलेक्टर (जिला शिक्षा केन्द्र) सतना/जिला मैहर म.प्र. के आदेश क्र./जिशि के/निर्माण/2025/1586 सतना दिनांक 13.10.2025 एवं आदेश क्र./1570 दिनांक 10.10.2025 के अनुसार जारी प्रशासकीय स्वीकृति से संबंधित निर्माण कार्य अभी भी राशि प्राप्त न होने के कारण निर्मित होने से लंबित है? यदि हाँ, तो क्यों? उक्त कार्यों हेतु कब तक राशि उपलब्ध कराकर कार्य पूर्ण कराये जावेंगे। समयावधि बतायी जावें। यदि नहीं, तो कारण सहित जानकारी उपलब्ध करायी जावें।
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जी नहीं। मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के कार्यों की स्वीकृति स्कूल शिक्षा विभाग से संबंधित नहीं है। अधोसंरचना राज्य मद से संबंधित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट पर है। (ख) उक्त कार्यों की प्रथम किस्त की राशि जारी कर दी गई है। अत: शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
पिछोर को जिला बनाया जाना
[राजस्व]
27. ( क्र. 555 ) श्री प्रीतम लोधी : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि क्या पिछोर को जिला बनाने की कार्यवाही प्रचलन में है?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : जी हाँ। वर्तमान में प्रशासनिक इकाइयों के परिसीमन एवं युक्तियुक्तकरण के लिये मध्यप्रदेश प्रशासनिक इकाई पुनर्गठन आयोग गठित होकर कार्यरत है। जनगणना 2027 हेतु क्षेत्राधिकार परिवर्तन की फ्रीजिंग तिथि दिनांक 31.12.2025 से किसी प्रशासनिक इकाई में क्षेत्राधिकार परिवर्तन अनुमत्य न होने से प्रस्ताव पर आगामी कार्यवाही वर्तमान में संभव नहीं हैं।
राजघाट बांध के समीप पर्यटन स्थल की स्थापना
[पर्यटन]
28. ( क्र. 573 ) श्री शैलेन्द्र कुमार जैन : क्या राज्य मंत्री, पर्यटन महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्नकर्ता के अतारांकित प्रश्न क्र. 1263, दिनांक 10.07.2024 के उत्तरांश में बताया गया था कि, सागर की जल प्रदाय योजनांतर्गत स्थापित राजघाट बांध को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की योजना तैयार कर बांध के समीप ग्राम सलैयागांजी, जिला सागर में खसरा नं. 11/4, रकवा 4.46 हेक्टेयर स्थित भूमि निविदा के माध्यम से उपलब्ध कराई जा चुकी है, परन्तु प्रश्नकर्ता के अतारांकित प्रश्न क्र. 994, दिनांक 04.12.2025 के उत्तरांश में बताया गया कि इस प्रकार की कोई कार्यवाही प्रचलन में नहीं है स्थिति स्पष्ट करें। (ख) क्या प्रश्नांश (क) वर्णित योजनांतर्गत पर्यटन स्थल को विकसित किये जाने की कार्यवाही काफी लम्बे समय चल रही है, किन्तु अब तक इसे पूर्ण नहीं किया जा सका, इसका क्या कारण है तथा इसे कब तक पूर्ण किया जा जायेगा?
राज्य मंत्री, पर्यटन ( श्री धर्मेन्द्र भाव सिंह लोधी ) : (क) अतारांकित प्रश्न क्रमांक 1263 दिनांक 10/07/2024 में वर्णित भूमि निजी निवेशक ज्ञानोदय सागर ग्रुप को रिसोर्ट की स्थापना हेतु लीज पर प्रदान की गई है। अतारांकित प्रश्न क्रमांक 994 में दिये गये विवरण अनुसार राजघाट बांध को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की कोई कार्यवाही प्रचलित नहीं है। (ख) उत्तरांश "क" अनुसार।
आउटसोर्सिंग पदों की जानकारी
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
29. ( क्र. 578 ) श्री बाबू जन्डेल : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) श्योपुर विधानसभा में स्वास्थ्य विभाग एवं मेडिकल कॉलेज तथा विद्युत विभाग में कितने-कितने आउटसोर्सिंग के पद है? पदवार एवं श्रेणीवार जानकारी उपलब्ध करावें। (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार कितने पद भरे हुये है एवं कितने पद रिक्त है तथा वर्णित पदों पर भर्ती की क्या प्रकिया है? भर्ती के नियम/निर्देश उपलब्ध करावें। (ग) वर्ष 2019-20 से प्रश्न दिनांक तक की गई भर्ती की सूची उपलब्ध मय चयनित उम्मीदवारों के नाम,पद,शैक्षणिक योग्यता,मूल निवास का पता एवं देय मासिक वेतन राशि सहित पृथक-पृथक जानकारी गोशवारा सहित उपलब्ध करावें? (घ) क्या आउटसोर्सिंग पदों पर भर्ती कार्यालय प्रमुख/विभाग अध्यक्ष द्वारा की जाती है? या फिर भर्ती का ठेका किसी कम्पनी/फर्म को दिया गया है, तो विज्ञापन के प्रति टेंडर की राशि एवं पूरी टेंडर की प्रकिया की जानकारी उपलब्ध कराते हुए ठेके वाली कम्पनी/फर्म का नाम,पता और कितनी राशि में ठेका आवंटित किया गया है? आदेश की प्रति उपलब्ध कराते हुए वर्ष 2019-20 से प्रश्न दिनांक तक भुगतान की गई राशि की जानकारी भी माहवार उपलब्ध करावें, साथ ही उनके द्वारा नियुक्त कर्मचारियों को कितना नियमित भुगतान किया जा रहा है जानकारी माहवार उपलब्ध करावें?
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) कार्यालय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के अधीन, जिला चिकित्सालय, शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय श्योपुर एवं श्योपुर वृत्त अंतर्गत कंपनी के माध्यम से आउटसोर्सिंग की पदवार एवं श्रेणीवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ अनुसार है। (ख) कार्यालय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के अधीन, जिला चिकित्सालय, शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय श्योपुर एवं श्योपुर वृत्त अंतर्गत कंपनी के माध्यम से आउटसोर्सिंग के रिक्त पदों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ब अनुसार है। शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय श्योपुर में आउटसोर्स के समस्त पद रिक्त है। आउटसोर्स कर्मचारियों की पद पूर्ति शासन द्वारा निर्धारित मापदंडों के आधार पर मध्यप्रदेश भंडार क्रय व सेवा उपार्जन नियम 2022 (यथा संशोधित 2022) के माध्यम से चयनित एजेंसी तथा श्रम विभाग मध्यप्रदेश के नियमों के आधार पर की जाती है। भर्ती नियम/निर्देश की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-स अनुसार है। (ग) वर्ष 2019-20 में चयनित उम्मीदवारों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-द अनुसार है। मेडिकल कॉलेज की जानकारी उत्तरांश ''ख'' अनुसार है। (घ) आउटसोर्सिंग पदों पर भर्ती संबंधी जानकारी उत्तरांश ''ख'' अनुसार है। चयनित आउटसोर्स एजेंसी से संबंधित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ई अनुसार है।
भवन विहीन स्कूलों के भवन की स्वीकृति
[स्कूल शिक्षा]
30. ( क्र. 584 ) श्री नीरज सिंह ठाकुर : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जबलपुर जिले की विधानसभा बरगी में कुल कितने हायर सेकेण्डरी/हाई स्कूल हैं इनमें से कितने स्वयं के भवन में एवं कितने एकीकृत विद्यालय में चल रहे हैं? स्कूलवार सूची सहित जानकारी देवें। (ख) जिन विद्यालयों में स्वयं के भवन नहीं हैं उनके लिये शासन की क्या कार्य योजना है? (ग) क्या छात्र संख्या अधिक होने के कारण एवं स्वयं का भवन न होने से छात्रों को अध्ययन में असुविधा हो रही है? यदि हाँ, तो छात्रों के भविष्य एवं सुविधा को देखकर यह भवन कब स्वीकृत होगें? (घ) प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्य में दिनाँक 1 जनवरी 2024 से प्रश्नांश दिनाँक तक प्रश्नकर्ता द्वारा भवन हेतु कब-कब पत्र लिखे गये? उक्त पत्रों पर क्या कार्यवाही की गई?
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) :(क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट-'एक' अनुसार है। (ख) उत्तरांश (क) के प्रकाश में प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) उतरांश (क) के प्रकाश में विद्यार्थी नामांकन के अनुसार अतिरिक्त आवश्यकता होने पर मांग/प्रस्ताव अनुसार उपलब्ध बजट अनुसार अधोसंरचना सुदृढ़ीकरण कार्य किया जाता है। अधोसंरचना सुदृढ़ीकरण कार्य मांग/प्रस्ताव एवं बजट की उपलब्धता तथा सक्षम समिति की स्वीकृति पर निर्भर करता है। अतः निश्िचत समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (घ) जानकारी संलग्न परिशिष्ट-'दो' अनुसार है।
लिपिक वर्गीय कर्मचारियों को समयमान वेतनमान का प्रदाय
[स्कूल शिक्षा]
31. ( क्र. 587 ) श्री नीरज सिंह ठाकुर : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्यप्रदेश में शिक्षा विभाग के लिपकीय वर्ग के कर्मचारियों को समयमान वेतनमान दिये जाने हेतु क्या प्रावधान हैं? (ख) जिला जबलपुर अंतर्गत शिक्षा विभाग के ऐसे कितने लिपिक हैं जिन्हें 10, 20 एवं 30 वर्षीय सेवा पूर्ण करने के पश्चात समयमान वेतमान दिया गया है? उनके नाम बतायें? (ग) जबलपुर जिले में विकासखण्ड सिहोरा में ऐसे कितने लिपिक हैं जिन्होंने दिसम्बर 2025 में 30 वर्षीय सेवा अवधि पूर्ण कर ली है? किन्तु उन्हें समयमान वेतनमान का लाभ नहीं दिया गया है उनके नाम बतायें एवं नहीं दिये जाने का क्या कारण है? कब तक उन्हें समयमान वेतनमान का लाभ दे दिया जावेगा? समय-सीमा बतायें?
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) :(क) शासनादेश पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-1 अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-2 अनुसार है। (ग) जानकारी निरंक है, शेषांश प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
अवैध कालोनियों के विरूद्ध कार्यवाही
[राजस्व]
32. ( क्र. 635 ) श्री कालु सिंह ठाकुर : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) धरमपुरी विधानसभा अंतर्गत कौन-कौन सी वैध और अवैध कालोनियाँ है? वर्ष 2023 से प्रश्न दिनांक तक किन-किन कॉलोनाइजरों के विरुद्ध अपराध पंजीबद्ध हुए है और इन पर क्या कार्यवाही की गई है? जानकारी दें? (ख) क्या इन कॉलोनियों में कृषि भूमि का व्यपवर्तन ही भूखंडों में विभाजित कर उन्हें विक्रय कर अवैध कालोनियों का निर्माण किया गया है? (ग) क्या इन कालोनियों में मूलभूत सुविधाओ में कौन-कौन सी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई है और कौन-कौन सी सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई गई है? (घ) क्या मध्यप्रदेश नगर पालिका (कॉलोनाइजर का रजिस्ट्रीकरण, निर्बन्धन और शर्तें) नियम 1998 के तहत कालोनी विकास की अनुमति व कॉलोनाइजर का लाइसेंस लिया गया था और टी.एन.सी.पी. इंदौर से नक्शा पास कराया गया था? यदि हाँ, तो सभी की विकास की अनुमति, कॉलोनाइजर लाइसेंस और टी.एन.सी.पी. इंदौर से पास कराए गए नक्शे की प्रमाणित प्रति उपलब्ध करावें और यदि नहीं, तो किस कारण? (ङ) क्या इन कॉलोनाइजरों द्वारा रेरा पंजीयन कराया गया है? यदि हां, तो पंजीयन की प्रमाणित प्रति प्रदान करें और यदि पंजीयन नहीं कराया गया तो क्यों?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) धरमपुरी विधानसभा अंतर्गत वैध– अवैध कॉलोनियों की जानकारी इस प्रकार है:-
|
क्र. |
क्षेत्र का नाम |
कुल वैध कॉलोनियों की संख्या |
कुल अवैध कॉलोनियों की संख्या |
वर्ष 2023 से प्रश्न दिनांक तक पंजीबद्ध किए गए अपराधों की संख्या |
|
1 |
नगरीय क्षेत्र धामनोद |
30 |
11 |
00 |
|
2 |
नगरीय क्षेत्र धरमपुरी |
02 |
10 |
00 |
|
3 |
नगरीय क्षेत्र मांडव |
00 |
00 |
00 |
|
4 |
नगरीय क्षेत्र धरमपुरी |
06 |
18 |
00 |
|
5 |
नगरीय क्षेत्र नालछा |
01 |
00 |
00 |
|
|
योग - |
39 |
39 |
00 |
जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'अ' अनुसार है। (ख) जी हाँ, नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्र में लगी भूमि का व्यपवर्तन करने के उपरांत कृषकों द्वारा भूखण्डों को विभाजित कर विक्रय किया जा रहा है जिससे अवैध कॉलोनियां निर्मित हो रही है। (ग) धामनोद, धरमपुरी निकाय की कॉलोनियों में पेयजल, स्ट्रीट लाईट, सीसीरोड, सीवेज लाइन इत्यादि सुविधाएं उपलब्ध कराई गई है। मांडव एवं पीथमपुर की जानकारी निरंक है। (घ) जी हाँ, उत्तरांश (क) अनुसार। विकास अनुमति, कॉलोनाईजर लाईसेंस, नक्शे की प्रमाणित प्रति जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''ब'' अनुसार है। (ड.) जी हाँ, मांडव निकाय की जानकारी निरंक है, शेष निकायों के रेरा पंजीयन की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''स'' अनुसार है। शेष प्रश्न उद्भूत नहीं होता है।
राजस्व ग्रामों के अभिलेखों में त्रुटि
[राजस्व]
33. ( क्र. 656 ) श्री संजय सत्येन्द्र पाठक : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या कटनी जिले के अनुभाग विजयराघवगढ़ में ग्राम रजरवारा नं.1 एवं ग्राम रजरवारा नं.2 पृथक-पृथक राजस्व ग्राम हैं। इसी तरह ग्राम जंगल पुरैनी एवं ग्राम राखी पुरैनी भी पृथक-पृथक राजस्व ग्राम हैं तथा इनके पटवारी हल्के भी पृथक-पृथक हैं? चारों ग्रामों के हल्का नंबर, रा.नि.मं. एवं तहसील सहित जानकारी उपलब्ध करायें। (ख) ग्राम रजरवारा नं.1 के समस्त खसरे ग्राम रजरवारा नं.2 एवं ग्राम जंगल पुरैनी के समस्त खसरे ग्राम राखी पुरैनी में समाहित होने के कारण जमीनों के क्रय-विक्रय में किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ता है? यह विसंगति कितने वर्षों से हैं जानकारी दें? (ग) क्या प्रश्नांश (ख) वर्णित विसंगतिपूर्ण राजस्व अभिलेखों में जुड़े हुए इन ग्रामों को पृथक-पृथक किया जाएगा? यदि हां, तो कब तक? नहीं तो क्यों? इस हेतु कौन दोषी है?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जी हाँ, कटनी जिले के अनुभाग विजयराघवगढ़ अंन्तर्गत ग्राम रजरवारा नं.1 एवं ग्राम रजरवारा नं.2 तथा ग्राम जंगल पुरैनी एवं राखी पुरैनी पृथक-पृथक राजस्व ग्राम है तथा इनके पटवारी हल्के भी पृथक-पृथक है जो निम्नानुसार है:-
|
तहसील का नाम |
राजस्व निगम मंडल |
पटवारी हल्का नम्बर |
ग्राम का नाम |
LGD CODE |
|
विजयराघवगढ़ |
सिंगोडी |
22 |
रजरवारा नं. 1 |
488545 |
|
विजयराघवगढ़ |
देवराकलां |
02 |
रजरवारा नं. 2 |
488491 |
|
विजयराघवगढ़ |
सिंगोडी |
22 |
जंगल पुरैनी |
488488 |
|
विजयराघवगढ़ |
विजयराघवगढ़ |
20 |
राखी पुरैनी |
488544 |
(ख) जी नहीं। वर्तमान में ग्राम रजरवारा नं.1 के समस्त खसरे ग्राम रजरवारा नं.2 एवं ग्राम जंगल पुरैनी के समस्त खसरे ग्राम राखी पुरैनी में समाहित नहीं है। उक्त चारों ग्राम के राजस्व अभिलेख में विसंगति थी जिसे राजस्व महाभियान 2024-25 के दौरान ठीक कर लिया गया है। वर्तमान में राजस्व अभिलेख में कोई विसंगति नहीं है। (ग) प्रश्नांश (ख) में वर्णित विसंगति राजस्व अभिलेखों में जुडे़ उक्त चारों ग्रामों में कोई विसंगति न होने के कारण पृथक-पृथक किये जाने का प्रश्न ही उद्भूत नहीं होता।
म.प्र. बंदोबस्त कार्य में त्रुटिपूर्ण नक्शा एवं रिकार्ड दुरूस्ती
[राजस्व]
34. ( क्र. 701 ) श्री महेंद्र रामसिंह यादव : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या म.प्र. में बन्दोबस्त का कार्य 1994 में समापन होकर प्रत्येक जिले में भू-प्रबंधक कार्यालयों की स्थापना राजस्व विभाग के बंदोबस्त विभाग द्वारा की गई है? यदि हाँ, तो शिवपुरी जिले में वर्ष 1994 के पश्चात कितने ग्रामों के (ग्राम की सूची सहित) त्रुटिपूर्ण नक्शा, रिकार्ड में दुरूस्ती की गई है? शासन स्तर से स्वीकृति कब हुई और कितने ग्रामों में स्वीकृति के प्रकरण लंबित है? शासन स्वीकृति की प्रति दें। (ख) जिला शिवपुरी के कृषकों द्वारा बंदोबस्त के त्रुटिपूर्ण खसरा एवं नक्शा दुरूस्ती के लिए म.प्र.शासन भू-राजस्व संहिता 1959 की धारा 107 (5) के अंतर्गत कितने आवेदन पेश किए गए हैं? (वर्ष 2019 से प्रश्न तक ग्रामवार आवेदनों की सूची दें) (ग) उपरोक्त (ख) में दर्शाये कृषकों के आवेदन पर कितनों का निराकरण किया, कितने शेष है? (वर्षवार सूची दें) शेष आवेदनों का कब तक निराकरण कर दिया जावेगा? (घ) क्या आयुक्त भू-अभिलेख एवं बन्दोबस्त म.प्र. ग्वालियर कलेक्टर शिवपुरी को शिवपुरी जिले में त्रुटिपूर्ण खसरा एवं नक्शा दुरूस्ती किए जाने कोई निर्देष जारी किए गए हैं? यदि हाँ, तो खसरा एवं नक्शा दुरूस्ती हेतु क्या कार्यवाही की गयी? अवगत करावें।
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जी हाँ। नक्शा दुरूस्ती की जानकारी संलग्न परिशिष्ट में है। शेष जानकारी निरंक है। (ख) जिला शिवपुरी में धारा 107 (5) के अंतर्गत नक्शा संशोधन हेतु कोई आवेदन पेश नहीं किया गया है। (ग) उत्तरांश (ख) के परिप्रेक्ष्य में जानकारी निरंक है। (घ) शासन से पत्र क्र.796/2021/सात/5 भोपाल दि. 08.09.2021 से समस्त जिलों को नक्शा शुद्धिकरण हेतु निर्देश प्राप्त हुये थे जिसमें संपूर्ण जिले में खसरा नक्शा दुरूस्ती हेतु निर्देशानुसार कार्यवाही की गई थी।
कोरोना काल में मृत शासकीय सेवकों के आश्रितों को अनुकंपा नियुक्ति
[स्कूल शिक्षा]
35. ( क्र. 729 ) चौधरी सुजीत मेर सिंह : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) छिन्दवाड़ा जिले में कोरोना काल में शिक्षा विभाग में कोरोना से कितने शिक्षक/कर्मचारियों की मृत्यु हुई थी? (ख) इनमें से कितने वारिसों को अनुकंपा नियुक्ति प्रदान कर दी गई है? (ग) जिन पात्र वारिसों को नियुक्ति प्रदान नहीं की गई है उसके नाम बताये जाए एवं कारण बताया जाए कि नियुक्ति क्यों नहीं प्रदान की गई? (घ) पात्र वारिसों को कब तक नियुक्ति प्रदान कर दी जावेगी?
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) से (ग) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (घ) उपलब्ध पद एवं आवश्यक अर्हता अनुरूप अनुकम्पा नियुक्ति प्रदाय किया जाना एक सतत प्रक्रिया है।
अधिकारियों/कर्मचारियों के अटेचमेंट की जानकारी
[राजस्व]
36. ( क्र. 736 ) श्री सतीश मालवीय : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्तमान में कलेक्टर कार्यालय उज्जैन एवं ज़िला पंचायत उज्जैन में कितने कर्मचारी/अधिकारियों को अन्य विभागों से संयोजित किया है एवं कितने अधिकारी/कर्मचारी अन्यत्र संयोजित है? विभगवार सम्पूर्ण जानकारी नाम, पद, कब से संयोजित है, पूर्ण विवरण उपलब्ध करावें। (ख) उज्जैन जिले में कितने पटवारियों का अटेचमेंट/संयोजन किस किस कार्यालय में कब से किया गया है? कार्यालयवार पटवारियों की सूची उपलब्ध करावें। (ग) उज्जैन जिले में पटवारियों के कितने पद रिक्त है? तहसीलवार जानकारी देवें। (घ) अटेचमेंट/संयोजन के क्या नियम है? इन कर्मचारियों को किस नियम के तहत संयोजित/अटेचमेंट किया जाता है? जानकारी उपलब्ध करावें। (ङ) क्या इन कर्मचारियों के संयोजन/अटेचमेंट से उनके मूल विभाग का कार्य प्रभावित नहीं हो रहा है? या उक्त विभागों की कर्मचारी/अधिकारी की आवश्यकता नहीं है? जानकारी देवें।
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जी नहीं। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट–''अ'' अनुसार। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''ब'' अनुसार। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''स'' अनुसार। (ड.) जी नहीं।
मोहनपुरा-कुंडालिया सिंचाई परियोजना
[जल संसाधन]
37. ( क्र. 738 ) श्री भैरो सिंह बापू : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) कुंडालिया बांध परियोजना (मोहनपुरा-कुंडलिया परियोजना) अंतर्गत सुसनेर विधानसभा क्षेत्र के बड़ागांव परिसीमन क्षेत्र एवं सुसनेर तहसील के लगभग 30-35 गांव जो परियोजना से वंचित है उन्हें परियोजना में सम्मिलित किए जाने की क्या कार्य योजना है? कब तक उक्त गांवों को सिंचाई सुविधा का लाभ मिलेगा? (ख) माननीय मुख्यमंत्री महोदय द्वारा सालरिया गौ-अभयारण्य के भ्रमण कार्यक्रम में गायों को पीने के पानी की व्यवस्था हेतु कुंडलियां डेम से पाइप-लाइन के माध्यम से गौशाला में पानी की व्यवस्था किए जाने हेतु घोषणा की गई थी यदि हाँ, तो उक्त संबंध में अभी तक क्या कार्यवाही की गई? जानकारी देवें।
जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) एवं (ख) जी नहीं। अत: शेष प्रश्न लागू नहीं होता।
बन्द पड़ी एक्स-रे मशीन को ठीक करवाया जाना
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
38. ( क्र. 745 ) श्री मनोज नारायण सिंह चौधरी : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि बरोठा के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में जो एक्स-रे मशीन लगी हुई है, वह वर्तमान में विगत कई समय से बन्द पड़ी है, जिससे मरीजों को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। यह बताने का कष्ट करेंगे कि यह मशीन कब तक चालू की जाएगी या इसकी जगह पर नवीन एक्स-रे मशीन कब तक लगाई जाएगी, समय-सीमा बताएं?
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : जी हाँ। पुरानी एक्स-रे मशीन के निष्क्रिय तथा मरम्मत योग्य नहीं होने के कारण दिनांक 04.02.2026 को नवीन एक्स-रे मशीन उपलब्ध करा दी गई है।
भूमि के नामांतरणों में विसंगतियां
[राजस्व]
39. ( क्र. 751 ) श्री यादवेन्द्र सिंह : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या म.प्र. भू-राजस्व संहिता 1959 की धारा 109, 110 भूमियों के नामांतरण हेतु सृजित की गयी है। जिसका अवलंबन लेकर क्रय-विक्रय द्वारा वारिसान हक व मृत्यु होने पर तहसीलदारों को नाम परिर्वतन के अधिकार दिये गये है। (ख) पंजीकृत विक्रय विलेख होने पर भी टीकमगढ़ जिले में मनमाने तरीके से नामांतरण निरस्त किये जा रहे है जिससे भू-स्वामी भारी असहज महसूस कर रहे है यदि नामांतरण योग्य भूमि नहीं तो उसका विक्रय पत्र ही क्यों पंजीकृत किया जाता है। (ग) पट्टे मद प्राप्त भूमियों पर बिक्री से प्रतिबंधित टिप्पणी न होने से विक्रय पत्र तो हो जाता है किंतु नामांतरण नहीं होता यहां तक कि जो पट्टे सन् 1980 के पूर्व बने है उनका नामांतरण किया जाना चाहिये किंतु 1959 जब भू-राजस्व संहिता बनाई गयी थी। जैसी जमीन जब दर्ज कर दी गयी उसके आधार पर नामांतरण किये जाते है। जिससे क्रेता-विक्रेता को परेशानी सहित शासन को राजस्व की भी हानि हो रही है। (घ) क्या नामांतरण हेतु 1959 की जगह 1980 तक की भूमि विक्रय की अनुमति दी जावेगी जिससे भूमि नामांतरण सुगमता से हो सकें।
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जी हाँ। (ख) टीकमगढ़ जिले में म.प्र. भू-राजस्व संहिता यथा संशोधित 2018 की धारा 109-110 के तहत ऑनलाइन आरसीएमएस प्रक्रिया के तहत पोर्टल पर नामांतरण हेतु प्रकरण प्राप्त होने पर उसका गुण-दोषों के आधार पर निराकरण किया जा रहा है। जिससे कोई भी भूमिस्वामी असहज महसूस नहीं कर रहा है। शेष प्रश्नांश वाणिज्यकर एवं पंजीयन विभाग से संबंधित है। (ग) भूमि पर नामांतरण की कार्यवाही म.प्र. भू-राजस्व संहिता 1959 (यथा संशोधित-2018) के प्रावधानों के अनुसार की जाती है। (घ) प्रश्नानुसार कोई विषय वर्तमान में विचाराधीन नहीं है। इस कारण उत्तर दिया जाना आवश्यक नहीं है।
अवैध भूमि का क्रय
[राजस्व]
40. ( क्र. 752 ) श्री यादवेन्द्र सिंह : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या चंद्रप्रकाश गिरी पुत्र श्री प्रताप गिरी निवासी ग्राम श्रीनगर तहसील व जिला-टीकमगढ़ का नाम ग्राम श्रीनगर की बी.पी.एल. सूची में है। यदि हां, तो चंद्रप्रकाश गिरी ने गिरी ग्रुप ऑफ कंपनी से टीकमगढ़ खास में करोड़ों रूपये की संपत्ति कब खरीदी है? (ख) राकेश गिरी, लक्ष्मीगिरी, महेश गिरी, यशराज गिरी के पास टीकमगढ़ जिला में किन-किन ग्रामों में कितनी कितनी भूर्मि है रकवा व मूल्यांकन सहित बतायें? (ग) क्या नरेश गोस्वामी तनय महेश गोस्वामी के पास टीकमगढ़ किला एवं खास में खसरा नं. 1148, 1149, 1145, 1155, 1137, 1150 की भूमियां है। इनका वर्तमान रकवा मूल्यांकन सहित बतायें? क्या नरेश गोस्वामी पुत्र श्री महेश गोस्वामी ग्राम हारी तहसील तहरौली, जिला झांसी, उ.प्र. का निवासी है और वहां पर इसका नाम गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वालों की सूची में है और टीकमगढ़ में करोड़ों रूपयों की भूमि कय-विक्रय कर रहा है। (घ) क्या नरेश गोस्वामी तनय महेश गोस्वामी के दो आधार कार्ड है एक में चकरा टीकमगढ़ एवं दूसरे में हारी तह. तहरौली जिला-झांसी उ.प्र. का पता अंकित है। कब तक इसकी जांच करवाकर छल कपट एवं धोखाधड़ी का प्रकरण कायम किया जावेगा?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जी हाँ, गिरी ग्रुप ऑफ कंपनी की संबंध में जानकारी जिला कार्यालय में संधारित नहीं है। (ख) जिला टीकमगढ़ की तहसील टीकमगढ़ अन्तर्गत राकेशगिरि, लक्ष्मीगिरि, महेशगिरि, यशराजगिरि की ग्रामवार भूमि की जानकारी अनुमानित मूल्यांकन सहित संलग्न परिशिष्ट 'अ' पर है। (ग) जी हाँ, नरेश गोस्वामी तनय महेश गोस्वामी के पास टीकमगढ़ जिले में खसरा नंबर 1149, 1145, 1137, 1150, की भूमियाँ है। सूची संलग्न परिशिष्ट 'ब' पर है। शेष खसरा नंबर 1148 एवं 1155 में भूमि नहीं है। शेष प्रश्न राजस्व विभाग से संबंधित नहीं है। (घ) राजस्व विभाग से संबंधित नहीं।
पुरातत्व अवशेषों का संरक्षण
[संस्कृति]
41. ( क्र. 778 ) डॉ. योगेश पंडाग्रे : क्या राज्य मंत्री, संस्कृति महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र आमला के अंतर्गत विकासखंड आमला के ग्राम काजली और कनोजिया में पुरातत्व अवशेषों के संबंध में शासन को कोई जानकारी है, इस संबंध में जनप्रतिनिधियों एवं सामाजिक संगठनों से प्राप्त आवेदनों की जानकारी देवें। (ख) शासन द्वारा इन पुरातात्विक अवशेषों के सर्वेक्षण और इन्हें सूचीबद्ध किए जाने हेतु यदि कोई कार्यवाही की गई हो तो जानकारी दें। (ग) इन ग्रामों में अस्त व्यस्त पड़े पुरातात्विक अवशेषों को संरक्षित करने हेतु सरकार क्या कार्यवाही करेगी? सम्पूर्ण कार्य योजना का ब्यौरा दें।
राज्य मंत्री, संस्कृति ( श्री धर्मेन्द्र भाव सिंह लोधी ) : (क) जी हाँ, किसी भी जनप्रतिनिधि एवं सामाजिक संगठनों से आवेदन प्राप्त होना प्रकाश में नहीं आया। (ख) जी हाँ, विभाग द्वारा ग्राम से ग्रामवार पुरातत्वीय सर्वेक्षण योजनान्तर्गत उक्त स्थलों का पुरातत्वीय सर्वेक्षण कराया गया है। (ग) ग्रामवार पुरातत्वीय सर्वेक्षण के दौरान इन स्थलों पर कुछ प्राचीन प्रतिमाओं के अवशेष प्रकाश में आये है। जो कि अत्याधिक क्षरित एवं भग्न है। जो अत्याधिक पुरातत्वीय महत्व की नहीं पाई गई है। अत: इनका सिर्फ डॉक्यूमेंटशन कराया गया एवं पुरातत्वीय सर्वेक्षण रिपोर्ट के अंतर्गत ''बैतूल जिले का पुरातत्व'' संबंधी पुस्तक में प्रकाशन किया गया। वर्तमान में ये प्रतिमाएं पूजित होकर ग्राम पंचायत एवं ग्रामवासियों की अभिरक्षा में है।
आउटसोर्स कर्मचारियों को वेतन का भुगतान
[स्कूल शिक्षा]
42. ( क्र. 793 ) डॉ. रामकिशोर दोगने : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्नकर्ता का तारांकित प्रश्न क्रमांक 1990 दिनांक 06.08.2025 के प्रश्नांश (ड.) में मान. मंत्री महोदय द्वारा जी हाँ कहकर, स्वीकार किया गया था कि भा.ज.पा. के संकल्प पत्र में आउटसोर्स कर्मचारियों को संविदा का लाभ एवं कर्मचारियों की मृत्यु पर उनके आश्रितों को अनुकम्पा नियुक्ति की प्रक्रिया में सरलीकरण करने की घोषणा की गई थी। यदि हां, तो सरकार द्वारा आउटसोर्स कर्मचारियों को संविदा एवं आश्रितों को अनुकम्पा नियुक्ति का लाभ कब तक दिया जावेगा? समय-सीमा बतावें। (ख) श्रम विभाग के स्पष्ट निर्देश है कि आउटसोर्स कर्मचारियों को प्रतिमाह निश्चित दिनांक पर वेतन भुगतान किया जावे। इसके पश्चात भी शिक्षा विभाग में कार्यरत आउटसोर्स डाटा एन्ट्री ऑपरेटरों को विगत 03 माह से वेतन भुगतान क्यों नहीं किया गया है? स्पष्ट करे और वेतन भुगतान कब तक कर दिया जावेगा? समय-सीमा बतावे। (ग) आउटसोर्स कर्मचारियों से नियमित कर्मचारी की तरह ही कार्य कराया जाता है परन्तु सरकार द्वारा आउटसोर्स कर्मचारियों को नियमित कर्मचारियों के समान वेतन भुगतान क्यों नहीं किया जा रहा है? स्पष्ट करें। (घ) आउटसोर्स कम्पनी द्वारा कर्मचारियों के खाते ई.पी.एफ. और ई.एस.आई.सी. राशि का भुगतान प्रतिमाह नहीं किया जा रहा है साथ ही विभाग द्वारा भुगतान किये जाने के उपरांत भी समय पर वेतन भुगतान नहीं किया जाता है? स्पष्ट करें।
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जी नहीं। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) बजट उपलब्धता अनुसार भुगतान की कार्यवाही की जाती है जो कि सतत प्रक्रिया है। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) नियमानुसार भुगतान किया जाता है, शेषांश प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) जानकारी उत्तरांश (ख) के अनुसार है।
मुहाल माईनर के कार्य में विलम्ब
[जल संसाधन]
43. ( क्र. 794 ) डॉ. रामकिशोर दोगने : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) हरदा जिला अंतर्गत स्वीकृत मुहाल माईनर के कार्य की वर्तमान स्थिति क्या है? विस्तृत जानकारी उपलब्ध करावे। (ख) मुहाल माईनर के कार्य को पूर्ण करने में और कितना समय लगेगा? समय-सीमा बताये। (ग) मुहाल माईनर के कार्य में विलम्ब होने व कार्य धीमी गति से चलने का क्या कारण है? स्पष्ट करे।
जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) हरदा जिले में मुहाल माइनर अंतर्गत वर्तमान में निर्माण कार्य 65 प्रतिशत पूर्ण हो चुका है तथा शेष कार्य प्रगतिरत है। 138 कृषकों की भूमि का भू-अर्जन किया जाना था जिसके विरूद्ध 119 कृषकों का रजिस्ट्रेशन कर 117 कृषकों का भुगतान भू-अर्जन अधिकारी के द्वारा किया जा चुका है। शेष 19 कृषकों के भू-अर्जन की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) मुहाल माइनर का कार्य पूर्ण करने की अनुमानित तिथि 30.06.2026 लक्षित है। (ग) मुहाल माइनर कार्य में विलम्ब होने का मुख्य कारण मुहाल माइनर का निर्माण कार्य वर्ष 2019 में स्वीकृत हुआ था। जिसके उपरांत कोविड-19 महामारी के कारण प्रथम निविदा निरस्त होने के पश्चात निविदा का पुनः आमंत्रण दिनांक 17.03.2023 को निष्पादित किया गया। मुहाल माइनर में भू-अर्जन की कार्यवाही में अधिक समय लगने से निर्माण कार्य प्रभावित हुआ है।
फिश पार्लर/स्मार्ट फिश पार्लर का संचालन
[मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास]
44. ( क्र. 803 ) श्री शैलेन्द्र कुमार जैन : क्या राज्य मंत्री, मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या राज्य सरकार द्वारा मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास विभाग अंतर्गत फिश पार्लर/मत्स्य विक्रय केंद्र स्थापित करने की कोई योजना संचालित की जा रही है? यदि हाँ, तो योजना का नाम, उद्देश्य एवं दिशा-निर्देश क्या हैं? (ख) सागर नगर में वर्ष 2022-23, 2023-24 एवं 2024-25 में फिश पार्लर स्थापना हेतु कितनी राशि स्वीकृत की गई तथा कितने हितग्राहियों को लाभ दिया गया? विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराये। (ग) क्या फिश पार्लर संचालकों को मत्स्य संरक्षण, स्वच्छता, पैकेजिंग एवं विपणन का प्रशिक्षण दिया जाता है? यदि हाँ, तो सागर नगर में प्रशिक्षण की व्यवस्था एवं संख्या क्या है? (घ) सागर नगर में फिश पार्लर/स्मार्ट फिश पार्लर योजनांतर्गत वर्तमान में कितने पार्लर स्थापित/निर्माणाधीन हैं, उनसे संबंधित स्वीकृत राशि कितनी और कब कब दी गई?
राज्य मंत्री, मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास ( श्री नारायण सिंह पंवार ) : (क) जी हाँ। विभाग द्वारा मुख्यमंत्री मछुआ समृद्धि योजना संचालित की जा रही है योजना के उद्देश्य एवं दिशा-निर्देश की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट -अ अनुसार। (ख) सागर नगर में वर्ष 2022-23 एवं 2023-24 की जानकारी निरंक है वर्ष 2024-25 में 09 फिश पार्लर स्थापना हेतु राशि रूपये 45.00 लाख स्वीकृत की गई जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ब अनुसार। (ग) योजना अंतर्गत संचालित समस्त कार्यक्रमों हेतु प्रशिक्षण का प्रावधान है। सागर नगर में जिला अधिकारी द्वारा 45 हितग्राहियों को प्रशिक्षण दिया गया। (घ) नगर निगम सागर को वर्ष 2024-25 हेतु 09 स्मार्ट फिश पार्लर निर्माण हेतु राशि रूपये 45.00 लाख पत्र क्रमांक 337 दिनांक 26.03.2025 से नगर निगम के बैंक खाते में जमा की गई। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट -ब अनुसार। नगर निगम सागर द्वारा स्मार्ट फिश पार्लर निर्माण कार्य प्रक्रियाधीन है।
एम.आर.आई. मशीन की व्यवस्था
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
45. ( क्र. 807 ) श्री ब्रजेन्द्र प्रताप सिंह : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि जिला चिकित्सालय पन्ना में एम.आर.आई. मशीन न होने के कारण मरीजों को जांच हेतु बाहर जाना पड़ता है जिससे उनके समय व धन की हानि होती है क्या मरीजों की सुविधा हेतु चिकित्सालय में एम.आर.आई मशीन की सुविधा उपलब्ध कराई जावेगी? यदि हाँ तो कब तक? यदि नहीं, तो क्यों?
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : विभाग की कार्ययोजना अनुसार चिकित्सा महाविद्यालयों में एम.आर.आई. मशीनें तथा पब्लिक प्राईवेट पार्टनशिप के आधार पर कुछ जिलों क्रमश: इन्दौर, भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर एवं उज्जैन में एम.आर.आई. सेवायें स्वीकृत की गई है। वर्तमान में अन्य जिला चिकित्सालय में एम.आर.आई. सेवायें प्रारंभ करने का कोई विभागीय प्रस्ताव प्रचलन में नहीं है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
महाराज छत्रसाल जी की जयंती मनाई जाना
[संस्कृति]
46. ( क्र. 808 ) श्री ब्रजेन्द्र प्रताप सिंह : क्या राज्य मंत्री, संस्कृति महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या माननीय मुख्यमंत्री जी की घोषणा अनुसार पन्ना जिले में महाराजा छत्रसाल जी की जयंती भव्य तरीके से मनाये जाने हेतु बजट उपलब्ध कराने के संबंध में पत्र क्रमांक 1749/सीएमएस/एसडीके/2025 भोपाल दिनांक 10.09.2025 से विभाग को पत्र प्रेषित किया गया था? जिसके उत्तर में विभाग द्वारा महाराजा छत्रसाल जी की जंयती मऊसहानियाँ छतरपुर जिले में मनाई जाती है से अवगत कराया गया था? (ख) यदि हाँ, तो पन्ना जिला महाराजा छत्रसाल जी की राजधानी रही है एवं गौरव दिवस के रूप में मनाते है इसलिये माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा पन्ना जिले में महाराजा छत्रसाल जी की जयंती भव्य तरीके से मनाये जाने हेतु बजट उपलब्घ कराने की घोषणा की गई थी तो विभाग द्वारा मऊसहानियाँ में महाराजा छत्रसाल जी की जयंती का आयोजन बताकर भ्रमित क्यो किया जा रहा है? बतावें। कब तक माननीय मुख्यमंत्री जी की घोषणा अनुसार पन्ना जिले में महाराजा छत्रसाल जी की जयंती भव्य तरीके से मनाये जाने हेतु बजट उपलब्ध कराया जावेगा? बतावें। यदि नहीं, तो क्यों? कारण बतावें।
राज्य मंत्री, संस्कृति ( श्री धर्मेन्द्र भाव सिंह लोधी ) : (क) जी हाँ। (ख) इस स्वरूप का आयोजन विभाग अंतर्गत संस्कृति संचालनालय द्वारा महाराजा छत्रसाल की जयन्ती पर प्रतिवर्ष दो दिवसीय ''विरासत महोत्सव'' का आयोजन मऊसहानियाँ, जिला छतरपुर में आयोजित किया जाता है। यह कला पंचांग में अंकित विभाग का नियमित आयोजन है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
लघु फिल्म सिटी बनाने हेतु निवेश
[पर्यटन]
47. ( क्र. 814 ) श्रीमती चंदा सुरेन्द्र सिंह गौर : क्या राज्य मंत्री, पर्यटन महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या बुन्देलखण्ड की बुन्देली कला, गायन, वादन, नृत्य, लेखन, पेंटिग, डिजाईनर जैसी आदि लोक कलाओं को देश-विदेश में फैलाने तथा प्रतिभावान कलाकारों को प्रोत्साहन हेतु उनके हित में खरगापुर में एक लघु फिल्म सिटी का निर्माण किये जाने हेतु विभाग क्या इनवेस्ट मीट का आयोजन कर निवेश आमंत्रित करेगा? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्यों? कारण स्पष्ट करें। (ख) प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्य में क्या शासन की लगभग 8-10 एकड़ भूमि रिक्त पड़ी है जो अतिक्रमणकारियों से मुक्त कराई गई है उसी भूमि पर लघु फिल्म सिटी का निर्माण कराये जाने की योजना पर शासन द्वारा विचार किया जावेगा? (ग) क्या समस्त यूट्यूबरों को एवं कलाकारों के एक सम्मेलन के माध्यमों से माननीय मुख्यमंत्री जी को आमंत्रित करते हुये जिला कलेक्टर टीकमगढ़ को आयोजन करने हेतु आदेशित करेंगे? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्यों? कारण स्पष्ट करें।
राज्य मंत्री, पर्यटन ( श्री धर्मेन्द्र भाव सिंह लोधी ) : (क) विभाग के अंतर्गत खरगापुर में फिल्म सिटी निर्माण किये जाने संबंधी कोई प्रस्ताव लंबित नहीं है। शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) वर्तमान में कोई भूमि आंवटित नहीं है। शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) वर्ष 2025-26 में प्रदेश के प्रमुख क्षेत्रीय केंद्रों जैसे जबलपुर, रीवा, भोपाल एवं ग्वालियर में इन्फ्लुएंसर मीट का आयोजन किया गया। कार्ययोजना के अंतर्गत अब तक जिला स्तर पर किसी इन्फ्लुएंसर मीट कार्ययोजना प्रचलित नहीं है।
शासकीय भवन को तोड़ना
[राजस्व]
48. ( क्र. 818 ) श्रीमती चंदा सुरेन्द्र सिंह गौर : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या ग्राम किटाखेरा तहसील जतारा की शासकीय भूमि खसरा क्रमांक 208/1 की भूमि खसरा क्रमांक 285/1 को अदला-बदली किये जाने के आदेश जिला कलेक्टर (तत्कालीन) द्वारा दिनांक 10.07.97 को जारी किया गया था जिसके स्वमेव निगरानी में कमिश्नर सागर द्वारा उक्त प्रकरण लिया गया तथा दिनांक 23 जुलाई 2000 को तत्कालीन कलेक्टर का आदेश निरस्त किया गया। समस्त दस्तावेज उपलब्ध करायें। (ख) क्या दिनांक 20 सितम्बर 2005 को स्वमेव निगरानी में लेकर दिनांक 10.7.97 का आदेश तत्कालीन कलेक्टर टीकमगढ़ का पुन: निरस्त किया गया तथा उसके पश्चात राजस्व मण्डल ग्वालियर के आदेश दिनांक 5 फरवरी 2002 को उल्लेख किया गया कि कलेक्टर टीकमगढ़ विधि अनुसार निराकरण करें। समस्त दस्तावेजों की छायाप्रतियां उपलब्ध करायें। (ग) क्या प्रश्नांश (क) उल्लेखित भूमि खसरा क्र. 285/1 पर शासन द्वारा पॉलिटेक्निक भवन का निर्माण कर दिया गया है उक्त शासकीय भवन यदि फर्जी तरीके की अदला बदली वाली भूमि पर शासन ने निर्माण कर दिया है तो उक्त शासकीय भवन को तोड़ने का अधिकार अमर सिंह यादव को किसने दिया है? क्या उक्त शासकीय भवन के तोड़े जाने पर थाना जतारा द्वारा की गई एफ.आई.आर. के अनुसार अपराधी अमर सिंह यादव से क्षतिपूर्ति की राशि के आदेश जारी करेंगे? यदि हाँ, तो कब तक, यदि नहीं, तो क्यों? कारण स्पष्ट करें। (घ) क्या फर्जी तरीके से अदला-बदली की गई भूमि को निरस्त किये जाने के आदेश करेंगे? यदि हां, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्यों? कारण स्पष्ट करें।
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जी हाँ। आदेशों की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''अ'' अनुसार है। (ख) जी हाँ। आदेशों की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''ब'' अनुसार है। (ग) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित भूमि ख.नं. 208/1 शासकीय पॉलिटेक्निक भवन का निर्माण किया गया है जो वर्तमान में संचालित है। प्रश्नांकित भूमि पर माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर में द्वितीय अपील प्रकरण क्रमांक 3314/2024 विचाराधीन होने से निर्णय आने के उपरांत विधि सम्यक कार्यवाही की जावेगी। उक्त शासकीय भवन की बाउण्ड्रीवॉल तोड़ने पर अमरसिंह पिता ठाकुरदास यादव निवासी तहसील के सामने यादव कालोनी जतारा टीकमगढ़ मध्यप्रदेश के विरूद्ध थाना जतारा में बीएनएस 2023 की धारा–223 के तहत एफ.आई.आर. दर्ज कराई गई है। आदेशों की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''स'' अनुसार है। माननीय उच्च न्यायालय के निर्णय के उपरांत तदनुसार अग्रेतर कार्यवाही की जा सकेगी। (घ) जानकारी उत्तरांश (ग) अनुसार है।
दोषियों के विरूद्ध एफ.आई.आर. दर्ज की जाना
[राजस्व]
49. ( क्र. 820 ) श्रीमती चंदा सुरेन्द्र सिंह गौर : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रश्नकर्ता के तारांकित प्रश्न क्रमांक 1023 दिनांक 13 मार्च 2025 को सदन में माननीय राजस्व मंत्री जी द्वारा सुरेन्द्र लोधी तनय चूरामन, श्रीमति भागवती पत्नी सुरेन्द्र लोधी निवासी रमपुरा नजदीक हटा के विरुद्ध भी एफ.आई.आर. दर्ज कराने का आश्वासन दिया गया था। (ख) क्या अवर सचिव, मध्य प्रदेश शासन, राजस्व विभाग द्वारा कलेक्टर, टीकमगढ़ को अपने पत्र क्रमांक-804/ई.नं. 2982045/2025 | सात-3 दिनांक 28/5/2025 को एफ.आई.आर. दर्ज किये जाने का उल्लेख कर पत्र जारी किया गया फिर भी एफ.आई.आर. दोषियों के विरुद्ध क्यों नहीं की जा रही है किस कारण से भू-माफियाओं को बचाया जा रहा है कारण स्पष्ट करें। (ग) क्या आश्वासन पूर्ण किये जाने हेतु एवं प्रकरण को विवेचना में लिये हुये एक वर्ष का समय व्यतीत हो गया है फिर भी एफ.आई.आर. दोषियों के विरुद्ध नहीं की जा रही है दोषियों के विरुद्ध एफ.आई.आर. कब तक करा दी जावेगी। समयावधि बतायें।
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) प्रश्नांश से संबंधित सुरेन्द्र लोधी तनय चूरामन, श्रीमती भागवती पत्नी सुरेन्द्र लोधी निवासी रमपुरा नजदीक हटा के विरूद्ध एफ.आई.आर. की कार्यवाही का आश्वासन नहीं दिया गया था। अपितु संबंधित के विरूद्ध नियमानुसार जांच एवं कार्यवाही का आश्वासन माननीय मंत्री महोदय द्वारा दिया गया था। (ख) सुरेन्द्र लोधी तनय चूरामन लोधी के कथन पूर्व में अंकित किये गये थे जिसमें सुरेन्द्र सिंह तनय चूरामन एवं भागवती पत्नी सुरेन्द्र लोधी को कोई पट्टा जारी नहीं किया गया है, न ही मौके पर कोई कब्जा है। उक्त प्रकरण के संबंध में थाना प्रभारी पुलिस बल्देवगढ़ को विवेचना में शामिल करने के लिये लेख किया गया है जिसकी विवेचना पुलिस विभाग के पास लंबित है। (ग) प्रश्नांश पुलिस विभाग थाना बल्देवगढ़ से संबंधित है।
ग्राम तिन्दुहरा वि.ख. मैहर को राजस्व ग्राम घोषित कराये जाना
[राजस्व]
50. ( क्र. 825 ) श्री श्रीकान्त चतुर्वेदी : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या मैहर विधानसभा क्षेत्र में स्थित ग्राम पंचायत तिन्दुहरा के बसाहट में आमजन भाषा में सम्बोधित होने वाले तिन्दुहरी मोहल्ले जिसमें चार वार्ड ग्राम पंचायत के स्थित है, उक्त मोहल्ले को तिन्दुहरी नाम से राजस्व ग्राम घोषित कर शासकीय अभिलेखों में इन्द्राज कराये जाने की याचिका विगत सत्र में प्रस्तुत की गयी थी? (ख) प्रश्नांश (क) यदि हाँ, तो इस संबंध में प्रचलित कार्यवाही किस स्तर में है, जानकारी दी जावे? यदि नहीं, तो क्या उद्भूत विषय पर शासन द्वारा कार्यवाही की जावेगी? यह हां, तो कब तक नहीं तो क्यों? (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के संबंध में अभी तक कार्यवाही लंबित रखने के क्या कारण है और क्या इस मोहल्ले तिन्दुहरी से कम आबादी वाले ग्राम जैसे ग्राम खरौंधी एवं आमाडाड़ी राजस्व ग्राम घोषित है? यदि हां, तो क्या निकट भविष्य में इस ग्राम तिन्दुहरी को शासन द्वारा राजस्व ग्राम घोषित किया जावेगा? यदि हां, तो कब तक नहीं तो कारण सहित जानकारी दी जावे।
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जी हाँ। (ख) मध्यप्रदेश भू-सर्वेक्षण नियम 2020 के अध्याय तीन (भाग-घ) के नियम 43 (3) के प्रावधानों के अनुसार राजस्व ग्राम बनाये जाने की निर्धारित मापदण्ड की पूर्ति होने पर नहीं करता है। मापदण्ड की पूर्ति होने पर यथोचित कार्यवाही की जायेगी। (ग) तहसील मैहर अंतर्गत ग्राम खरौंधी एवं आमाडाड़ी वर्ष 1958-59 के पूर्व से राजस्व ग्राम घोषित हैं।
नामांतरण एवं बंटवारा प्रकरणों का निराकरण
[राजस्व]
51. ( क्र. 869 ) श्री राजेश कुमार वर्मा : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2024 से प्रश्न दिनांक तक की अवधि में तहसील गुन्नौर में कितने नामांतरण/बंटवारा के आवेदन अस्वीकार/खारिज किये गये है तथा कितने आवेदन स्वीकृत किये गये है? स्वीकृत/अस्वीकृत प्रकरणों की ग्रामवार, वर्षवार, प्रकरणवार, आवेदन पंजीयन दिनांक, आदेश दिनांक, प्रकरण खारिज करने का स्पष्ट कारण (जैसे मौका विवाद, अभिलेखीय, वरिष्ठ राजस्व न्यायालय में प्रक्रियाधीन होना आदि) सहित नामांतरण व बंटवारा की पृथक-पृथक जानकारी देवें। (ख) प्रश्नांश (क) वर्णित अवधि में तहसीलदार गुनौर द्वारा निराकृत ऐसे कितने प्रकरण है, जिनका आदेश एवं पंजीयन एक ही दिन में किया गया है? ऐसे कितने प्रकरण है जिनमें बिना मौका जांच एवं अभिलेखीय जांच, प्रकरण वरिष्ठ राजस्व न्यायालय में प्रक्रियाधीन होने पर भी स्वीकृत किया है? ग्रामवार, प्रकरणवार, वर्षवार जानकारी देवें। क्या एक ही दिन में प्रकरणों का निराकरण कराना क्या विधि प्रक्रिया के अनुरूप है? यदि हां, तो नियमों की प्रति उपलब्ध करावे। यदि नहीं, तो इस तरह की दूषित कार्यवाही के लिये, तहसीलदार के विरूद्ध क्या कार्यवाही की जावेगी? (ग) क्या प्रश्नांश (क) वर्णित अवधि में एक ही भूमि के प्रकरण को पहले अस्वीकृत/खारिज किया गया है तथा कुछ समय पश्चात उसी भूमि के दूसरे आवेदन पर प्रकरण को स्वीकृत किया गया है? यदि हाँ, तो ऐसे प्रकरणों की वर्षवार, प्रकरणवार, पंजीयन दिनांक, आदेश दिनांक, आदेश की प्रति सहित जानकारी देवें। (घ) क्या तहसीलदार गुनौर द्वारा एक ही प्रकरण के स्वीकृत/अस्वीकृत स्वरूप के 02 आदेश एम.पी.एल.आर.सी.1959 के प्रावधानों/विधि प्रक्रिया को अपना कर पारित किये है? यदि हाँ, तो नियम/निर्देशों की प्रति देवें। यदि नहीं, तो उत्तरदायित्व निर्धारित कर पीठासीन अधिकारी पर कब तक और क्या कार्यवाही की जावेगी? जानकारी दें।
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) वर्ष 2024 से प्रश्नांश दिनांक तक स्वीकृत, अस्वीकृत नामांतरण, बंटवारा की संख्या एवं सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है।
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प्रकरण की स्थिति |
नामांतरण |
बंटवारा |
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नामांतरण आवेदन |
साइबर नामांतरण |
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स्वीकृत |
1303 |
1218 |
548 |
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अस्वीकृत |
166 |
- |
76 |
(ख) प्रश्नांश (क) में वर्णित अवधि में तहसीलदार गुनौर द्वारा एक ही दिन में पंजीयन एवं आदेश किये गये प्रकरणों की संख्या निरंक है। कोई भी प्रकरण बिना मौका जांच, अभिलेखीय जांच एवं वरिष्ठ राजस्व न्यायालय में प्रक्रियाधीन होने पर स्वीकृत नहीं किया गया है। तहसीलदार गुनौर द्वारा एक ही दिन में पंजीयन एवं आदेश किये गये प्रकरणों की संख्या निरंक होने से शेष प्रश्न उद्भूत नहीं होता। (ग) जानकारी निरंक है। (घ) म.प्र. भू-राजस्व संहिता 1959 (यथा संशोधित 2018) के प्रावधानों/विधि प्रक्रिया के अनुरूप आदेश पारित किये जाने से शेष प्रश्न उद्भूत नहीं होता।
नर्सिंग कॉलेजों की मान्यता बहाल की जाना
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
52. ( क्र. 881 ) श्री अभय मिश्रा : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रदेश सरकार द्वारा नर्सिंग परीक्षा आयोजित कर प्रवेश दिये जाने बावत निर्देश दिये गये है जारी निर्देश के पालन में प्रदेश के कितने शासकीय नर्सिंग कॉलेजों को मान्यता प्राप्त है, विवरण देते हुये बतावें कि इनमें वर्ष 2020 से प्रश्नांश दिनांक तक कितने प्रवेश दिये गये एवं कितने प्रवेश हेतु सीटे रिक्त हैं? (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार उल्लेखित शासकीय नर्सिंग कॉलेजों में प्रश्नांश (क) में उल्लेखित अवधि अनुसार कॉलेजों की मान्यता समाप्त हुई प्रवेश हेतु सीटों की संख्या प्रतिवर्ष घटी इसके लिये कौन-कौन उत्तरदायी है बतावें एवं शासकीय नर्सिंग कॉलेजों की मान्यता बहाल कराकर प्रवेश हेतु सीटों को बढ़ाकर वर्ष 2025 में आयोजित परीक्षा में वंचित परीक्षार्थियों के प्रवेश बावत निर्देश देंगे अगर नहीं तो क्यों? (ग) प्रश्नांश (क) अनुसार आयोजित परीक्षा में मान्यता प्राप्त कॉलेजों में रिक्त सीटों की जानकारी परीक्षा पूर्व कितने छात्रों को दी गई, अन्य आयोजित परीक्षाओं में जिस तरह रिक्त सीटों की जानकारी के बाद परीक्षा आयोजित कर प्रवेश दिये जाते है इन पर भी परीक्षा पूर्व रिक्त सीटों की जानकारी नर्सिंग कॉलेजवार प्रदेश की दिये जाने बावत क्या निर्देश देंगे जानकारी दें जिससे परीक्षार्थियों को प्रवेश पाने में सुविधा मिल सकें, अगर नहीं तो क्यों? (घ) प्रश्नांश (क), (ख) एवं (ग) अनुसार उल्लेखित तथ्यों पर कार्यवाही बावत क्या निर्देश देंगे बतावें अगर नहीं तो क्यों?
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जी हाँ। वर्तमान में नर्सिंग कौंसिल द्वारा प्रदेश में शैक्षणिक सत्र 2025-26 में कुल 18 शासकीय नर्सिंग कॉलेजों को मान्यता प्रदान की गयी है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशष्ट-01 अनुसार। प्रवेश एवं रिक्त सीटों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-02 अनुसार। (ख) जी नहीं, 18 शासकीय नर्सिंग कॉलेज की मान्यता समाप्त नहीं की गयी है। शेष शासकीय नर्सिंग संस्थाओं द्वारा मान्यता नवीनीकरण के लिये आवेदन नहीं किया गया है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) मान्यता प्राप्त नर्सिंग कॉलेजों में उपलब्ध सीटों की जानकारी काउंसिलिंग के प्रत्येक चरण में छात्रों की च्वाइस फिलिंग से पूर्व काउंसिलिंग पोर्टल पर उपलब्ध करायी जाती है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) उत्तरांश (क), (ख) एवं (ग) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
अनुशासनात्मक कार्यवाही के साथ अपराध पंजीबद्ध किया जाना
[राजस्व]
53. ( क्र. 882 ) श्री अभय मिश्रा : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या विधानसभा प्रश्न क्रमांक 435 उत्तर दिनांक 04.12.2025 के उत्तरांश (क) अनुसार तहसीलदार सेमरिया द्वारा पत्र क्रमांक 425/प्रवा./से./2025 दिनांक 23.10.2025 जिला आपूर्ति नियंत्रक रीवा म.प्र. एवं पत्र क्रमांक 426/प्रवा./तह./से./2025 दिनांक 24.10.2025 द्वारा थाना सेमरिया जिला रीवा को कार्यवाही हेतु पत्राचार किया गया जिस पर थाना प्रभारी सेमरिया एवं जिला आपूर्ति नियंत्रक रीवा द्वारा की गई कार्यवाही का विवरण देंवे। (ख) प्रश्नांश (क) के तारतम्य में मृतक संदिग्ध पंजीयन को जिसे असत्यापित किया जाना अपेक्षित था गलती से आपरेटर द्वारा सत्यापित ऑप्शन क्लिक हो गया जिसके सत्यापन सुधार हेतु कार्यालय पत्र क्रमांक 425 दिनांक 23.10.2025 द्वारा जिला आपूर्ति नियंत्रक रीवा को लेख किया गया प्रस्तुत शपथ पत्र पर कार्यालयीन पत्र क्रमांक 426/प्रवा./से./25 दिनांक 24.10.2025 द्वारा श्री संतोष सिंह एवं नोटरी श्री गिरिधर गोपाल मिश्रा के विरूद्ध सुसंगत धाराओं में कार्यवाही बावत थाना सेमरिया को लेख किया गया इस पर कार्यवाही की जानकारी देवें। (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) अनुसार तहसीलदार सेमरिया श्री अर्जुन बेलवंशी की प्रकरण में संलिप्तता परिलक्षित है जिस पर इनके विरूद्ध भी सुसंगत धाराओं में अपराध पंजीबद्ध कराये जाने बावत् निर्देश देंगे बतावें? मुख्य सचिव कार्यालय को प्रश्नकर्ता द्वारा पत्र क्रमांक 1210 दिनांक 04.11.2025 द्वारा लेख किया गया जिस पर प्रमुख सचिव राजस्व को जावक क्रमांक 16269 दिनांक 10.11.2025 द्वारा कार्यवाही कर अवगत कराने का लेख किया गया? कार्यवाही की जानकारी देंवे। (घ) प्रश्नांश (क), (ख) एवं (ग) अनुसार उल्लेखित तथ्यों के परिप्रेक्ष्य में विभाग क्या कार्यवाही करेगा यदि नहीं, तो क्यों?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जी हाँ, विधानसभा प्रश्न क्रमांक 435 उत्तर दिनांक 04.12.2025 के उत्तरांश (क) अनुसार तहसीलदार सेमरिया द्वारा पत्र क्रमांक 425/प्रवा./से./2025 दिनांक 23.10.2025 जिला आपूर्ति नियंत्रक रीवा म.प्र. एवं पत्र क्रमांक 426/प्रवा./से./2025 दिनांक 24.10.2025 द्वारा थाना सेमरिया जिला रीवा को कार्यवाही हेतु पत्राचार किया गया। जिस पर जिला आपूर्ति नियंत्रक रीवा द्वारा तहसीलदार सेमरिया के पत्र क्र. 425/प्रवा/से./2025 दिनांक 23.10.2025 के अनुसार कार्यवाही की जाकर संबंधित किसान का पंजीयन असत्यापित कर दिया गया है एवं उपार्जन नहीं हुआ है जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार। इसी प्रकार थाना सेमरिया जिला रीवा द्वारा तहसीलदार सेमरिया के पत्र क्रमांक 426/प्रवा./से./दिनांक 24.10.2025 के तारतम्य कार्यवाही हेतु पंजीयन से संबंधित मूल दस्तावेज प्राप्त करने की कार्यवाही की जा रही है मूल दस्तावेज प्राप्त होने पर वैधानिक कार्यवाही की जायेगी। (ख) उत्तरांश (क) अनुसार कार्यवाही की जा रही है। (ग) उत्तरांश (क) एवं (ख) अनुसार तहसीलदार तहसील सेमरिया को अनुविभागीय अधिकारी अनुभाग सिरमौर के पत्र क्रमांक 736/स्टेनो/2025 सिरमौर दिनांक 10/11/2025 से कारण बताओ नोटिस जारी किया जाकर जवाब लिया गया एवं संतुष्टकारक जवाब होने के कारण शिकायत नस्तीबद्ध की गई है। शेष प्रश्नांश शासन से संबंधित है। (घ) उत्तरांश (क), (ख) एवं (ग) अनुसार कार्यवाही की जा रही है।
भवन विहीन शालाओं के निर्माण हेतु बजट प्रावधान
[स्कूल शिक्षा]
54. ( क्र. 931 ) श्रीमती अर्चना चिटनीस : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बुरहानपुर जिले में कितनी नवीन स्वीकृत व पूर्व की प्राथमिक, माध्यमिक, हाईस्कूल और हायर सेकेण्डरी स्कूल के भवन विहीन है? यदि हाँ, तो शालाओं के नाम उपलब्ध कराएं। क्या सक्षम समिति स्वीकृति के पश्चात जिले के कितने भवन निर्माण हेतु 2025-26 के बजट में प्रावधान किया गया है? यदि हाँ, तो शालावार ब्यौरा उपलब्ध कराएं? यदि नहीं, तो सक्षम समिति की स्वीकृति जिलेवार उपलब्ध कराएं। यदि नहीं, तो कारण स्पष्ट करें। (ख) क्या जिला बुरहानपुर में कितनी शालाओं के भवन जर्जर अवस्था में है तथा कौन सी प्राथमिक, माध्यमिक, हाईस्कूल और हायर सेकेण्डरी स्कूल अन्य भवनों में संचालित हो रही है? यदि हाँ, तो सक्षम समिति की स्वीकृति के पश्चात आगामी बजट में भवन निर्माण हेतु राशि कब तक स्वीकृत की जाएगी? यदि नहीं, तो कारण स्पष्ट करें। (ग) क्या बुरहानपुर की नेताजी सुभाषचंद्र बोस बालिका छात्रावास राजपुरा, निजामुद्दीन तथा प्राथमिक शाला सलीमनगर, मोहम्मदपुरा माध्यमिक शाला जम्बुपानी, हाईस्कूल खारी, हाईस्कूल खामला, आदिलपुरा, तुरकगुराड़ा, के भवन निर्माण सक्षम समिति स्वीकृति हेतु प्रस्तुत कर आगामी बजट में राशि स्वीकृत की जाएगी? यदि हाँ, तो सक्षम समिति की स्वीकृति हेतु प्रस्तुत प्रस्ताव उपलब्ध कराएं।
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) प्रश्नाधीन जिला अंतर्गत शासकीय हाई स्कूल एवं हायर सेकेण्डरी भवन क्रमशः माध्यमिक एवं हाई स्कूल के उन्नयन से अस्तित्व में आते है, उन्नत हुए माध्यमिक शाला एवं हाई स्कूल के भवन ही क्रमशः हाई स्कूल और हायर सेकेण्डरी भवन है। अत कोई भी शासकीय हाईस्कूल एवं हायर सेकेण्डरी स्कूल भवन विहीन नहीं है अपितु विद्यार्थी नामांकन के आधार पर आवश्यकता होने पर आवश्यक अधोसंरचना निर्माण किया जाता है। शेषांश उद्भूत नहीं होता है। जी हाँ जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'1' अनुसार है। अतः शेषांश उद्भूत नहीं होता है। डाईस डाटा 2025-26 अनुसार जिला बुरहानपुर की कोई प्राथमिक एवं माध्यमिक शाला भवन विहीन नहीं है। डाईस डाटा 2024-25 के अनुसार जिला बुरहानपुर की 02 भवन विहीन शालाओं के विरूद्ध वर्ष 2025-26 में प्राथमिक शाला गोरखेडा फाल्या, प्राथमिक शाला वारकोट में भवन स्वीकृत किये गये हें तथा राशि जमा कर दी गई है। (ख) प्रश्नाधीन जिला अंतर्गत कोई भी शासकीय हाईस्कूल एवं हायर सेकेण्डरी शालाओं के भवन जर्जर अवस्था में नहीं है तथा स्वयं के भवन में संचालित हो रहे है। जिला बुरहानपुर की 27 शालाओं में प्राथमिक/माध्यमिक शाला भवन/अतिरिक्त कक्ष को जर्जर घोषित किया गया है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट- 2 पर है। अतः शेषांश उद्भूत नहीं होता है। (ग) प्रश्नाधीन जिला अंतर्गत शासकीय हाईस्कूल तुरकगुराडा की स्वीकृत्ति वित्तीय वर्ष 2025-26 में दी जा चुकी है। शेष उल्लेखित हाईस्कूलों में विद्यार्थी नामांकन के आधार पर आवश्यकतानुसार अधोसंरचना सुदृढ़ीकरण कार्य मांग/प्रस्ताव एवं बजट की उपलब्धता तथा सक्षम समिति की स्वीकृति पर निर्भर करता है। जिले के नेताजी सुभाष चंद्र बोस बालिका छात्रावासों एवं शाला भवनों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट- 3 अनुसार है। इनकी स्वीकृति मांग/प्रस्ताव एवं बजट की उपलब्धता पर निर्भर करेगी। अतः निश्िचत समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
क्षतिग्रस्त बैराजों की मरम्मत
[जल संसाधन]
55. ( क्र. 932 ) श्रीमती अर्चना चिटनीस : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या जिला बुरहानपुर केला/गन्ना उत्पादक क्षेत्र के लिए करोड़ों रूपए से निर्मित बैराज अतिवृष्टि से क्षतिग्रस्त हुए है? यदि हाँ, तो क्या मरम्मत के अभाव वर्ष 2023-24, 2024-25 व 2025-26 कितने टीएएसी जल व्यर्थ बह गया है। यदि हाँ, तो विभाग को कितने बैराज के मरम्मत के लिए विभागीय कार्ययोजना-डीपीआर प्राप्त हुई है? यदि हाँ, तो बैराज मरम्मत हेतु विभाग द्वारा स्वीकृत कार्यवाही सुनिश्िचत की गई? यदि हाँ, तो स्वीकृति का ब्यौरा उपलब्ध कराएं? यदि नहीं, तो कारण स्पष्ट करें? (ख) क्या विभाग आगामी वित्तीय बजट में जिला बुरहानपुर के बैराज मरम्मत हेतु विभागीय कार्य योजना-डीपीआर में स्वीकृति हेतु आवश्यक प्रावधान करेगा?
जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) जी हाँ। अतिवर्षा के कारण कुल 09 बैराज क्षतिग्रस्त हुए थे। संरचना क्षतिग्रस्त होने से पूर्ण क्षमता अनुसार जल भराव नहीं हो सका। 04 बैराजों का मरम्मत कार्य वर्ष 2024-25 में पूर्ण करा दिया गया है एवं तीन बैराजों के मरम्मत कार्य की प्रशासकीय स्वीकृति हेतु प्रस्ताव मैदानी स्तर पर परीक्षणाधीन है। 02 बैराज फोफनारकला एवं कालूशाह बाबा बैराज अत्यधिक क्षतिग्रस्त होने के कारण मरम्मत योग्य नहीं होना प्रतिवेदित है। (ख) प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त योजनाओं के लिए आवश्यक प्रावधान बजट में किया जाता है।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के संचालन
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
56. ( क्र. 934 ) श्री विपीन जैन : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) ग्राम दलोदा चौपाटी जिला मंदसौर अंतर्गत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण कितनी लागत से कब किया गया था? (ख) उक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का संचालन कब से शुरू कर दिया गया है? यदि नहीं, तो क्यों? (ग) क्या विभाग बिना पदों का सृजन किये योजना के स्वास्थ्य केन्द्रों का निर्माण कर देता है और शासकीय धन का दुरुपयोग करता है यदि नहीं, तो बताएं कि दलोदा स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का संचालन अभी तक शुरू क्यों नहीं किया गया है?
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र दलोदा चौपाटी के भवन निर्माण कार्य हेतु राशि रूपये 95.00 लाख की प्रशासकीय स्वीकृति विभागीय आदेश क्रमांक एफ 12-11/2013/सत्रह/मेडि-3 भोपाल दिनांक 25.03.2013 द्वारा की गई थी एवं भवन निर्माण कार्य दिनांक 25.02.2017 को पूर्ण किया गया। (ख) प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र के पदों का सृजन न होने की स्थिति में वर्तमान में संचालित नहीं है। (ग) वर्तमान व्यवस्था के अंतर्गत पदों का सृजन के बिना स्वास्थ्य केन्द्र के निर्माण नहीं किया जाता है। प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र दलोदा चौपाटी के पदों के सृजन की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। कार्यवाही पूर्ण होने के पश्चात उक्त केन्द्र का संचालन सुचारू रूप से किया जा सकेगा।
बिना मुंडेर के खुले कुओं को बंद किया जाना
[राजस्व]
57. ( क्र. 935 ) श्री विपीन जैन : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या स्थानीय शासन, प्रशासन सुरक्षा की दृष्टि से सड़कों के किनारे बिना मुंडेर के खुले कुएं से हो रही घटनाओं से बचाव के लिए चिंतित हैं? (ख) यदि हां, तो बताएं कि मंदसौर जिले में 27 अप्रैल 2025 को सड़क के किनारे बिना मुंडेर के खुले कुएं में हुई घटना के बाद भविष्य में इसकी पुनरावृति न होने और दिशा समिति में दिए गए निर्देश के बाद मंदसौर जिले में कितने कुओं को चिन्हित किया गया और क्या उन्हें सुरक्षित करने के लिए निर्देशित किया गया, सूची देवें। (ग) प्रश्न दिनांक की स्थिति में भी जिले में सड़कों के किनारे बिना मुंडेर व खुले कुएं और अकार्यशील कुएं स्थित है जिनसे कभी भी कोई गंभीर दुर्घटनाएं हो सकती हैं इसकी जवाबदारी किसकी है? (घ) प्रशासन कब समय-सीमा में सर्वे कर सड़कों के किनारे बिना मुंडेर वाले कुएं, खुले पड़े हजारों कुओं को सुरक्षित करने और अकार्यशील कुओं को बंद करने की कार्यवाही करेगा?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जी, हाँ। (ख) मंदसौर जिले के अंतर्गत बिना मुंडेर के खुले कुएं का सर्वे करवाया जाकर बिना मुंडेर के कुएं मालिकों को कुएं की मुंडेर बनाने हेतु निर्देशित किया गया। बिना मुंडेर के कुएं की संख्या 2033 है जिसकी सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट "अ" अनुसार है। (ग) जिले में सड़कों के किनारे बिना मुंडेर व खुले कुएं और अकार्यशील कुएं पर कुएं मालिकों के विरूद्ध कार्यवाही किये जाने हेतु सूचना पत्र जारी किये गये है। (घ) बिना मुंडेर वाले कुओं को सुरक्षित करने और अकार्यशील कुओं को बंद करने हेतु समस्त अनुविभागीय अधिकारी राजस्व एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत (समस्त) को पत्र क्रमांक128/आर.एम./2023 दिनांक 10.02.2023, 680/आर.एम./2024, दिनांक 01.08.2024, 805/आर.एम./2024, दिनांक 30.08.2024 एवं कार्यपालन यंत्री लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी जिला मंदसौर को पत्र क्रमांक 920/आर.एम./2024, दिनांक 15.10.2024 से निर्देशित किया गया है। उक्त संबंध में पुन: पत्र क्रमांक 1056/आर.एम./2025, दिनांक 31.12.2025 को जारी किया गया है। उक्त पत्रों की छायाप्रतियां पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट "ब" अनुसार है।
परिसर शाला योजना के तहत शालाओं का विलय
[स्कूल शिक्षा]
58. ( क्र. 943 ) श्री प्रताप ग्रेवाल : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रश्न क्रमांक 1053 अनुसार 2010-11 से 2024-25 में राज्य शिक्षा केंद्र का व्यय 364.98 करोड़ से बढ़कर 6485.08 करोड़ तथा स्कूल शिक्षा का 6203.09 करोड़ से 32059.91 करोड़ हो गया है यदि हाँ, तो प्रमुख मदों में दोनों वर्षों के व्यय की राशि में वृद्धि का कारणों से अवगत करायें। (ख) प्रश्न क्रमांक 1053 के प्रश्नांश (क) के संदर्भ में जानकारी दें कि एक परिसर एक शाला योजना के अंतर्गत किस-किस जिले/तहसील में कितनी शालाओं को मर्ज किया गया तथा शिक्षकों की सेवानिवृत्ति के बाद भर्ती क्यों नहीं की गई? जिन स्कूलों में टीचर संख्या एक तथा दो है,उन स्कूलों में कुल मिलाकर विद्यार्थी की संख्या कितनी है। जिन शाला में 20 से कम विद्यार्थी हैं, उनमें अध्यापकों की संख्या कितनी है। चारों कैटेगरी के स्कूल की अलग-अलग बताएं। स्कूल शिक्षा विभाग के नामाकंन सहित जानकारी देवें। (ग) 2024-25 के बजट अनुसार प्राथमिक माध्यमिक शिक्षा एवं हाई स्कूल, हायर सेकेण्डरी शिक्षा में प्रमुख मद सहित प्रावधान एवं व्यय बताएं। इस अवधि में लोक शिक्षण संचालनालय तथा राज्य शिक्षा केंद्र में कितना-कितना व्यय किस-किस प्रमुख मद में किया गया। सर्वाधिक व्यय वाले 10 मदों की राशि दोनों विभाग की अलग-अलग बताएं। (घ) प्रदेश में कुल कितने शासकीय विद्यालय संचालित है कितने भवन जीर्ण-शीर्ण है कितने में बालक-बालिका शौचालय हैं कितने में नहीं एवं कुल कितने पद स्वीकृत है कुल कितने पद भरे हैं, कितने रिक्त संवर्गवार जानकारी जिलेवार देवें।
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जी हाँ। शिक्षकों के वेतन भत्तों में वृद्धि, अध्यापक संवर्ग में छठवां वेतनमान, शिक्षक संवर्ग को सातवें वेतनमान, सांदीपनि विद्यालय योजना, ई-स्कूटी वितरण, समय-समय पर मंहगाई भत्तों में वृद्धि, विद्यार्थियों को नि:शुल्क गणवेश वितरण, आरटीई की प्रतिपूर्ति, शाला मरम्मत, विशेष आवश्यकता वाले विद्यार्थियों के लिये भत्ते इत्यादि के कारण व्यय में वृद्धि हुई है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-एक पर है। शिक्षकों की भर्ती नियमित रूप से की जाती है, यह सतत प्रक्रिया है। शेषांश की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट- दो एवं तीन पर है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट- चार एवं पाँच पर है। (घ) कक्षा 1 से 8 के विद्यालयों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट छ: पर एवं कक्षा 9 से 12वीं के विद्यालयों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट- सात पर है। शेषांश की जानकारी एजुकेशन पोर्टल के अनुसार पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट- आठ पर है।
प्राकृतिक आपदा से हुई मृतकों की जानकारी
[राजस्व]
59. ( क्र. 944 ) श्री प्रताप ग्रेवाल : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्नकर्ता के प्रश्न क्रमांक 2624 दिनांक 28.07.2025 में सांप, बिच्छू, कुत्ता, अन्य जानवर के काटने से, डूबने, आकाशीय बिजली तथा आदि से व्यक्तियों की मृत्यु की जिलेवार प्रत्येक प्रकार की घटना/आपदा में मृतकों की अलग-अलग संख्या तथा भुगतान सहित जानकारी जनवरी 2016 से दिसंबर 2025 तक कि देवें। (ख) धार, रतलाम तथा झाबुआ जिले में 2020 से दिसम्बर 2025 तक आपदा में मृतकों की संख्या प्रदान करें। (ग) 2016 से 2025 तक कुल कितनी राशि के घोटाले, किस प्रकार की आपदा के कितने प्रकरणों में किए गए। किस पद के कितने कर्मचारी अधिकारी शामिल पाए गए। कितनों पर पुलिस में प्रकरण तथा कितनों पर विभागीय, क्या कार्रवाई की गई। कितनी राशि अभी तक वसूल हुई। पुलिस में प्रकरण दर्ज नहीं करना इसका निर्णय किस-किस प्रकरण में किस आधार पर लिया गया, जानकारी दें। (घ) आपदा में सहायता राशि में घोटाले को रोकने की चेक लिस्ट तथा वह किस अधिकारी की जिम्मेदारी है। (ड.) उक्त जानकारी के लिए प्रश्नकर्ता के पत्र क्रमांक 407/2025 दिनांक 11/09/2025 को तहसीलदार सरदारपुर को पत्र दिया गया था जिसकी जानकारी दिलवाया जाए।
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जिलेवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''अ'' अनुसार है। (ख) धार, रतलाम तथा झाबुआ जिले में 2020 से दिसम्बर 2025 तक आपदा में मृतकों की संख्यात्मक जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''ब'' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''स'' अनुसार है। (घ) राजस्व पुस्तक परिपत्र 6 (4) के प्रावधान अनुसार प्राकृतिक आपदा से प्रभावितों को सहायता राशि वितरण हेतु तैयार किए गए प्रकरण के प्रत्येक चरण मौका जांच, सहायता राशि का निर्धारण व भुगतान की कार्यवाही से संबंधित सभी अधिकारी/कर्मचारी की जिम्मेदारी सामान्यत: होती है। (ड.) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''द'' अनुसार है।
भूमि अधिग्रहण की जानकारी
[राजस्व]
60. ( क्र. 947 ) डॉ. विक्रांत भूरिया : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रीवा संभाग के समस्त आदिवासी ब्लॉक में वर्ष 2020 से 2025 तक विभिन्न विकास कार्य जैसे बांध निर्माण, सिंचाई परियोजना, खदानों के खनन हेतु, बड़ी फैक्ट्री निर्माण हेतु, आदिवासी (ST) के लिए रिज़र्व भूमि अधिग्रहण किया गया है, किस दर पर किया गया है, विस्तृत जानकारी प्रदान करें। (ख) प्रश्नांश (क) के सम्बन्ध में सिंगरौली जिले में coal ब्लॉक हेतु, भूमि अधिग्रहण कौन-कौन से गाँव मे, किस दर पर की गई, विस्तृत जानकारी खाता-खसरा, भू-स्वामी सहित प्रदान की जाएं। (ग) सिंगरौली जिले में भूमि अधिग्रहण के विरुद्ध कितने दावे और आपति प्राप्त हुए और क्या कार्यवाही की गई, संपूर्ण जानकारी प्रदान करे।
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जिला रीवा- रीवा जिला अंतर्गत आदिवासी ब्लॉक नहीं होने से जानकारी निरंक है। जिला सतना- जिले की जानकारी निरंक है। जिला-सीधी-जानकारी निरंक है। जिला-सिंगरौली-सिंगरौली जिले अंतर्गत कोई आदिवासी ब्लॉक नहीं है एवं आदिवासी (ST) के लिए रिजर्व भूमि का अधिग्रहण नहीं किया गया है। जिला मऊगंज- जिला मऊगंज अंतर्गत आदिवासी ब्लॉक न होने के कारण जानकारी निरंक है (ख) प्रश्नांश (क) के अनुसार सिंगरौली जिले में काई भी ब्लॉक आदिवासी नहीं है। अत: सिंगरौली जिले की जानकारी निरंक है। (ग) सिंगरौली जिले में उत्तरांश (क) एवं (ख) अनुसार जनकारी निरंक है।
गंभीर नदी एवं कान्हा डायवर्सन परियोजना से संभावित प्रदूषण
[जल संसाधन]
61. ( क्र. 967 ) श्री महेश परमार : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या भारत सरकार के पूर्व माननीय प्रधानमंत्री द्वारा वर्ष 1991 में लोकार्पित गंभीर जलाशय परियोजना विगत लगभग 40 वर्षों से उज्जैन शहर को शुद्ध पेयजल उपलब्ध करा रही है, जिससे शहर भीषण जल संकट से सुरक्षित रहा है? (ख) क्या शिप्रा नदी को प्रदूषण मुक्त बनाने हेतु प्रस्तावित/क्रियान्वित कान्ह डायवर्सन क्लोज डक्ट परियोजना के अंतर्गत कान्हा नदी का लगभग 40 क्यूसेक रसायन व अपशिष्ट प्रदूषित जल सीधे गंभीर नदी में छोड़े जाने का प्रावधान है? यदि हां, तो शिप्रा शुद्धिकरण योजना कहीं गंभीर नदी के प्रदूषण की योजना सिद्ध न हो, जैसा कि इस संबंध में पूर्व में विधानसभा प्रश्नों के माध्यम से इंगित किया गया था? (ग) यदि हां, तो इस परियोजना के लिए राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT), पर्यावरण विभाग, मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड तथा अन्य सक्षम प्राधिकरणों से प्राप्त समस्त अनुमतियों एवं दिशा-निर्देशों की प्रमाणित प्रतियां उपलब्ध कराई जाएं तथा यह भी स्पष्ट किया जाए कि किन-किन तकनीकी उपायों (उपचार संयंत्र, फिल्ट्रेशन, निगरानी व्यवस्था आदि) के आधार पर 40 क्यूसेक जल गंभीर नदी में मिलने पर उसे प्रदूषित होने से रोका जाएगा? (घ) क्या कान्ह डायवर्सन परियोजना से छोड़ा जाने वाला उक्त जल उज्जैन की जीवन रेखा गंभीर नदी को प्रदूषित कर भविष्य में भागीरथ पूरा इंदौर जैसी प्रदूषणकारी घटनाओं को जन्म दे सकता है? यदि हां, तो इसके लिए जिम्मेदार प्रशासनिक एवं तकनीकी समिति की जवाबदेही तथा दायित्व स्पष्ट करे? (ड.) उज्जैन जिले की जल सुरक्षा, जन सुरक्षा, जन स्वास्थ्य एवं पर्यावरण संरक्षण सुनिश्िचत करने की विभागीय जवाबदेही किसकी होगी?
जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) जी हाँ। (ख) जी हाँ। कान्ह डायवर्सन परियोजना से शिप्रा को कुभ-2028 अंतर्गत धार्मिक स्नान एवं शिप्रा नदी को अविरल एवं निर्मल बनाये जाने एवं कान्ह नदी के दूषित जल को डायवर्ट कर उज्जैन शहर के निचले क्षेत्र में गंभीर के संगम में प्रवाहित किये जाने की योजना है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) उत्तरांश (ख) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) जी नहीं। कान्ह डायवर्सन क्लोज डक्ट परियोजना से व्यपवर्तित जल पेयजल हेतु आरक्षित गंभीर जलाशय के डाउन स्ट्रीम में छोड़ा जाना प्रस्तावित है जिससे उज्जैन शहर का पेयजल प्रभावित नहीं होगा। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ड.) उत्तरांश (घ) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
जैनरिक दवाओं में जैनरिक चिन्ह के संबंध में
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
62. ( क्र. 968 ) श्री कैलाश कुशवाहा : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या हम जो दवाइयां खा रहे है वह जैनरिक हैं या इथिकल? आज तक जैनरिक दवाओं में प्रतीक चिन्ह क्यों नहीं दिया जा रहा। इसमें सिर्फ गरीब लोगों का शोषण हो रहा है। इस संबंध में कार्यवाही कब तक की जावेगी? (ख) दवाइयों की लागत और बिक्री में इतना बडा अन्तर क्यों है? जैसे पैरासिटामोल आई.वी. 100 एम.एल. की MRP300 रू से अधिक है जबकि उसकी थोक खरीद 30 रू. के लगभग है? हर वर्ष देशभर में लगभग जैनरिक दवाएं 03 लाख करोड़ की बिकती हैं जिसके हिसाब से अमूमन 10 गुना यानि 30 लाख करोड़ रूपया आम और गरीब जनता से क्यों लिया जा रहा है? जानकारी दी जावे। (ग) ड्रग प्रतिबंधित होने के बाद भी कई कम्पनियां उन ड्रग्स को क्यों बेच रही हैं? जैसे एसिक्लोफेनाक और पैरासीटामोल सायरप। ऐसा क्यों जानकारी दें। (घ) फार्मा प्रोडक्शन सिर्फ फार्मेसी स्टोर्स पर ही बिकना चाहिए उसके बावजूद सम्पूर्ण म.प्र. में जनरल स्टोर और ऑनलाइन क्यों बिक रहे है? म.प्र. में कितने प्रकार की प्रतिबंधित दवाओं का विक्रय किया जा रहा है यदि हाँ, तो कितने प्रकरण पंजीबद्ध किये गये तथा क्या कार्यवाही की गई? (ङ) प्रदेश भर में प्रोडक्ट कोस्ट और MRP में हजारों गुना का अन्तर क्यों बताएं? सम्पूर्ण प्रदेश में हर कम्पनी के हर प्रोडक्ट पर एक ही फॉर्मूला लागू होना चाहिए। प्रोडक्ट कोस्ट +मार्जन=MRP। ऐसा क्यों स्पष्ट करें।
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) बाज़ार में जेनेरिक एवं इथिकल दोनों प्रकार की औषधियां विक्रयार्थ उपलब्ध रहती है। बाजार में उपलब्ध जेनेरिक एवं इथिकल औषधियों का निर्माण केन्द्रीय अधिनियम ''औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940'' एवं नियमावली, 1945 एवं औषधि महानियंत्रक (भारत), नई दिल्ली के दिशा निर्देशों के आधार पर किया जाता है। अतः शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ख) औषधि (मूल्य नियंत्रण) आदेश, 2013 के तहत आवश्यक औषधियों के मूल्यों के निर्धारण का अधिकार राज्य सरकार को नहीं अपितु भारत सरकार द्वारा गठित राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण, नई दिल्ली को है। राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण, नई दिल्ली द्वारा यह सुनिश्चित किया जाता है कि उपभोक्ता को निर्धारित सिलिंग प्राईज से अधिक मूल्य पर औषधियों का विक्रय न हो। अतः शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) प्रतिबंधित की गयी औषधियों का विक्रय निषेध है। शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) वैद्य औषधि अनुज्ञप्ति प्राप्त होने पर अनुज्ञप्ति की शर्तों के अनुसार जनरल स्टोर में एवं ऑनलाईन फार्मों प्रोडक्टस का विक्रय किया जा सकता है। शेष जानकारी उत्तरांश ''ग'' अनुसार है। (ङ) उत्तरांश (ख) में समाहित हैं।
नर्सिंग केडर की सीधी पर रोक
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
63. ( क्र. 969 ) श्री राजकुमार कर्राहे : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या नर्सिंग ट्यूटर, एसोसियेट प्रोफेसर, प्रोफेसर के चयन हेतु वर्तमान में प्रकिया प्रचलन में है? यदि हाँ, तो क्या वर्ष 2018 में 10 प्रतिशत पद सीधी भर्ती से भरे जा चुके है? यदि हाँ, तो नर्सिंग सेवा भर्ती नियम 2024 के पूर्व सभी भर्ती नियमों में 10 प्रतिशत सीधी भर्ती एवं 90 प्रतिशत पदोन्नति से भरे जाने के प्रावधान थे? यदि हाँ, तो वर्ष 2018 में 10 प्रतिशत पद भरे जाने के बाद वर्ष 2024 में संशोधित भर्ती नियम में 90 प्रतिशत पद भी सीधी भर्ती से भरे जाने के प्रावधान कर विभागीय कर्मचारियों के पदोन्नति के अवसर बंद किये जा रहे है? यदि हाँ, तो ऐसा क्यों? कारण बतावें। (ख) नर्सिंग संवंर्ग संशोधित भर्ती नियम 2024 अनुसार विभाग में योग्यताधारी कर्मचारी उपलब्ध नहीं होने पर सीधी भर्ती के प्रावधान किये गये तो विभाग द्वारा योग्यताधारी कर्मचारी उपलब्ध होने के बावजूद भी सीधी भर्ती क्यों की जा रही है? कारण बतावे? क्या कुछ विभागीय कर्मचारियों द्वारा अन्य बाहरी लोगों को लाभ पहुँचाने के उद्देश्य से विभागीय कर्मचारियों की अनदेखी की जा रही है? क्या सम्पूर्ण प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच की जायेगी? (ग) क्या प्रश्नांश (क) के संबंध में प्रचलन भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगायी जायेगी? यदि हाँ, तो कब तक। यदि नहीं, तो क्यों? कारण सहित बतायें।
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जी हाँ। जी हाँ विभागीय सीधी भर्ती के माध्यम से भरे गये। जी हाँ। जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण) प्रकाशित दिनांक 21/03/2024 में मध्यप्रदेश चिकित्सा शिक्षा (अराजपत्रित) सेवा भर्ती नियम 2023 में निहित अनुसार पद पूर्ति की कार्यवाही की जा रही है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। जी नहीं। प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) प्रश्नांश ''क'' के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
डी.पी.एच.एन.ओ. की भर्ती एवं पदोन्नति की जानकारी
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
64. ( क्र. 970 ) श्री राजकुमार कर्राहे : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्यप्रदेश के समस्त जिलों में वर्ष 2007 से प्रश्न दिनांक तक डी.पी.एच.एन.ओ. (नर्सिंग) के पद पर किन-किन कर्मचारियों की पदोन्नति या विभागीय सीधी भर्ती से नियुक्ति की गयी? उनकी शैक्षणिक योग्यता क्या थी? नामवार शैक्षणिक योग्यता सहित सम्पूर्ण विस्तृत विवरण देवें? (ख) क्या यह सही है कि डी.पी.एच.एन.ओ. का पद नर्सिंग संवर्ग का पद है। यदि हाँ, तो नवीन भर्ती नियम में नर्सिंग संवर्ग हेतु आवश्यक योग्यता नर्सिंग से ग्रेजुएट या पोस्ट ग्रेजुएट के स्थान पर शैक्षणिक योग्यता हॉस्पिटल मेनेजमेंट एवं हॉस्पिटल एडमिनिस्ट्रेशन अनिवार्य क्यों की गयी, कारण बतावे? (ग) प्रश्नांश (ख) में यदि हाँ, तो क्या यह सही है कि नर्सिंग संवर्ग के कर्मचारियों को सीधी भर्ती अथवा पदोन्नति से वंचित करने हेतु उक्त नियम बनाये गये है, यदि हाँ, तो दोषी अधिकारी, कर्मचारियों के विरूद्ध क्या कार्यवाही की जावेगी? कब तक? समय-सीमा बतावे? (घ) क्या यह सत्य है कि वर्ष 2015 से प्रश्न दिनांक तक संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं को प्रश्नांश (ख) के संबंध में माननीय विधायकगण से कितने-कितने शिकायती पत्र प्राप्त हुए? जिस पर प्रश्न दिनांक तक विभाग द्वारा क्या-क्या कार्यवाही की गई? यदि नहीं, तो क्यों? सम्पूर्ण जानकारी दें।
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) संचालनालय स्वास्थ्य सेवायें, भोपाल में दिनांक 12 जून, 2023 को भीषण अग्निकांड में नर्सिंग शाखा की समस्त नस्तियों/अभिलेख जलकर नष्ट हो जाने से जानकारी उपलब्ध कराये जाने में कठिनाई है। (ख) जी हां। अतिरिक्त योग्यता नियमों में वर्ष 2017 से ही उल्लेखित होने से प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) उत्तरांश ''क'' अनुसार। प्रश्नांश ''ख'' के संबंध में माननीय विधायक से एक पत्र प्राप्त हुआ था, जिसके संबंध में संचालनालय के पत्र क्रमांक 66 दिनांक 09/02/2026 द्वारा माननीय विधायकगण को अवगत कराया गया है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
सिविल अस्पताल डबरा में चिकित्सकों की पदस्थापना
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
65. ( क्र. 971 ) श्री सुरेश राजे : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सिविल अस्पताल डबरा में किस-किस संवर्ग के विशेषज्ञ चिकित्सक के पद स्वीकृत हैं? स्वीकृत पदों के विरुद्ध कौन-कौन चिकित्सक किस दिनांक से चिकित्सालय डबरा में तथा अन्य चिकित्सालय में किसके आदेशानुसार अनुलग्न होकर कार्यरत हैं? किस संवर्ग विशेषज्ञ के चिकित्सकों के पद रिक्त हैं? संवर्ग/विशेषज्ञवार बतावें तथा डबरा की जनता को स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ एवं समुचित उपचार हेतु अनुलग्न चिकित्सकों की संलग्नता कब तक समाप्त की जाएगी? समयावधि बतावें। यदि नहीं, तो क्यों? कारण बतावें। (ख) सिविल अस्पताल डबरा का नवीन भवन कुल कितनी राशि का स्वीकृत है? कार्य पूर्ण करने की अवधि कब तक है? इस भवन का निर्माण कार्य किस फर्म द्वारा किस माह से प्रारंभ किया गया था? वर्तमान में कितना प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है? कुल कितनी राशि का भुगतान फर्म को किस-किस दिनांक को किया गया? इसका निर्माण कार्य किस दिनांक से किस कारण बंद है? पूर्ण जानकारी देवें। (ग) प्रश्नांश (ख) के अनुसार सिविल अस्पताल डबरा के नवीन भवन का निर्माण कार्य फर्म द्वारा अनुबंध की शर्तों का उल्लंघन कर कार्य बंद करने से इस फर्म के विरुद्ध अभी तक क्या कार्यवाही की गई? प्रमाण सहित बतावें यदि नहीं, तो क्यों? अपूर्ण कार्य कब तक पूर्ण करवाया जायेगा? समयावधि बतावें, जिससे क्षेत्र की जनता को आवश्यक सुविधाओं का लाभ मिल सके?
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'अ' अनुसार कार्य सुविधा की दृष्टि से अन्य चिकित्सालयों में रिक्त पदों पर कार्य करने हेतु आदेशित किया गया था जो वर्तमान में निरस्त किया जा चुका है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'अ' अनुसार शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'ब' अनुसार। (ग) फर्म द्वारा निर्धारित समयावधि में कार्य पूर्ण नहीं करने के कारण अनुबंध समाप्त किया गया है। अनुबंध समाप्त किए जाने संबंधी प्रमाण जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'स' अनुसार अपूर्ण कार्य पूर्ण किए जाने के संबंध में निश्चित समयावधि बताई जाना संभव नहीं है।
कृषि भूमि का व्यवसायिक भूमि में डायवर्सन
[राजस्व]
66. ( क्र. 984 ) श्री नारायण सिंह पट्टा : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मंडला जिला अंतर्गत ग्राम ग्वारा तहसील मंडला में हवाई पट्टी के निर्माण व विस्तार हेतु कब-कब एवं कितनी-कितनी, किस-किस की भूमि का अधिग्रहण किया गया? अधिग्रहण पश्चात दिए गए मुआवजे की राशि की जानकारी भी उपलब्ध कराएं? (ख) ग्राम सुनेहरामाल तहसील मंडला के खसरा क्रमांक 488/1 एवं 488/2 में से जो भूमि डायवर्सन की गई, उसका कितना मुआवजा भूमि स्वामी को कब दिया गया? आदेश की प्रतियाँ उपलब्ध कराएं? (ग) क्या उक्त भूमि का जो डायवर्सन हुआ उसके संबंध में न्यायालय नायब तहसीलदार बम्हनी जिला मंडला ने पत्र क्रमांक/ना.तह./प्रवा./2020/53, मंडला दिनांक 02/12/2020 के माध्यम से अनुविभागीय अधिकारी तहसील व जिला मंडला को डायवर्सन निरस्त कर निर्माण में रोक लगाए जाने हेतु सूचित किया था जिसमे स्पष्ट लेख था कि उक्त डायवर्सन व निर्माण भूमि स्वामी द्वारा आर्थिक लाभ प्राप्त करने के उद्देश्य से किया जा रहा है। यदि हां, तो इसके आधार पर क्या कार्यवाही की गई? नायब तहसीलदार के पत्र को संज्ञान में न लेकर जाँच नहीं करने और डायवर्सन निरस्त न करने के क्या कारण रहे, विस्तृत जानकारी प्रदान करें? (घ) इस सम्बन्ध में कितनी शिकायतें कब-कब की गईं। उनमें क्या जाँच की गई, दस्तावेजों सहित उपलब्ध कराएं? क्या सुनियोजित तरीके से हवाई पट्टी के विस्तार की जानकारी लगते ही भूमि का क्रय, डायवर्सन अस्थायी निर्माण आदि किया गया, क्या इसकी कोई जाँच की गई? क्या अब कोई जाँच की जाएगी?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) ग्वारा हवाई पट्टी के निर्माण व विस्तार हेतु अधिग्रहण की गई भूमि का अवार्ड, राशि सहित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट- 'अ' अनुसार है। (ख) ग्वारा हवाई पट्टी विस्तारीकरण अंतर्गत ग्राम सुनेहरामाल, तहसील मण्डला के खसरा क्रमांक 488/1 को कुल राशि 2,96,953/- (दो लाख छियान्वे हजार नौ सौ तिरेपन रूपये) एवं खसरा क्रमांक 488/2 को कुल राशि 2,39,212/- (दो लाख उन्तालीस हजार दो सौ बारह रूपये) का मुआवजा भुगतान किया जाना लंबित है। उक्त खसरा में से जो भूमि डायवर्सन की गई है उसकी मुआवजा राशि की जानकारी निम्नानुसार है:- खसरा क्रमांक 488/2/2 में से 0.20 हे. भूमि व्यवसायिक भूमि के नाम से डायवर्सन की गई है। व्यवसायिक भूमि एवं परिसम्पत्तियों का मुआवजा कुल रू.4,22,13,248/- (चार करोड़ बाईस लाख तेरह हजार दो सौ अड़तालीस रूपये) का भुगतान दि. 02.06.2025 को किया गया है। आदेश की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'ब' अनुसार है। (ग) जी, हाँ उक्त भूमि का डायवर्सन 27.10.2020 को हुआ था। उक्त भूमि का नामांतरण दिनांक 31.08.2020 को न्यायालय नायब तहसीलदार बम्हनी द्वारा किया गया। डायवर्सन निरस्त के संबंध में न्यायालय नायब तहसीलदार बम्हनी जिला मण्डला ने पत्र क्रमांक/ना.तह./प्रवा./2020/53, मण्डला दिनांक 02/12/2020 के माध्यम से अनुविभागीय अधिकारी तहसील व जिला मण्डला को डायवर्सन निरस्त कर निर्माण में रोक लगाए जाने हेतु सूचित किया गया था। चूंकि धारा 11 का प्रकाशन 11 दिसम्बर 2020 को हुआ था तथा उसके पूर्व ही नामांतरण एवं डायवर्सन की कार्यवाही की जा चुकी थी, जिस कारण तत्कालीन अनुविभागीय अधिकारी के द्वारा किसी भी प्रकार की कार्यवाही नहीं की गई। (घ) 1.ग्वारा हवाई पट्टी के संबंध में 02 शिकायतें दिनांक 22.06.2023 एवं 11.11.2024 को प्राप्त हुई है। 2. अनु.अधि. (रा.) मण्डला द्वारा शिकायत की जांच की गई है। जांच प्रतिवेदन की छायाप्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'स' अनुसार है। 3. जांच में अस्थाई निर्माण पाया गया। 4. आवेदक मनीष कुमार सिंगौर अनावेदक- मुकेश सिंह गोंड उपरोक्त दोनों शिकायतों की जांच में मूल विक्रेता श्री धीरसिंह मार्को पिताश्री बादल उर्फ बहादुर सिंह मार्को ग्राम बेरटोला मण्डला को मुआवजा भुगतान नकिया जाने व क्रेता मुकेश सिंह ग्राम घंसौर जिला जबलपुर द्वारा भूमि अर्जन अधिनियम 2013 की धारा 11 की अधिसूचना के प्रकाशन के पूर्व की क्रय किये जाने से, क्रेता मुकेश पिता विजय गोंड को मुआवजा राशि दिया जाना सही पाया गया है। उक्त जांच प्रतिवेदन के आधार पर दिनांक 02.06.2025 को मुकेश पिता विजय गोंड के खाता में मुआवजा राशि कुल रू.4,22,13.248/- (चार करोड़ बाईस लाख तेरह हजार दो सौ अड़तालीस रूपये) का हस्तांतरण ई-चेक के माध्यम से किया गया है। खाता तथा कम्प्यूटर से प्राप्त भुगतान देयक की छायाप्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'द' अनुसार है।
फर्जी आया कार्यकताओं एवं सुपरवाईजरों का भुगतान
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
67. ( क्र. 985 ) श्री नारायण सिंह पट्टा : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या मंडला जिला अंतर्गत विकासखंड मोहगांव में वर्ष 2019-20 से प्रश्न दिनांक के बीच फर्जी आशा कार्यकर्ताओं को विभिन्न शासकीय भुगतान से संबंधित कोई मामला सामने आया है? यदि हाँ, तो इस सम्बन्ध में की गईं जाँच का प्रतिवेदन एवं अब तक की गई कार्यवाही से अवगत करावें? (ख) क्या इस प्रकरण में डीसीएम की कोई जिम्मेदारी तय नहीं की गई है, जबकि समस्त कार्यों की मॉनिटरिंग सुपरवीज़न का काम इन्हीं के द्वारा किया जाता है? क्या पुनः जाँच कर डीसीएम की भी जिम्मेदारी तय की जाएगी? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्यों? मंडला में पदस्थ डीसीएम कितने वर्षों से यहाँ पदस्थ हैं? इन्हें एक ही जगह पदस्थ रखे जाने के क्या कारण हैं? इन्हें कब तक अन्यत्र पदस्थ किया जायेगा? (ग) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित गड़बड़ी और किस किस जिले में सामने आई है? क्या इस तरह की गड़बड़ियों से बचने के लिए मंडला सहित प्रदेश के अन्य जिलों में आशा कार्यकर्ताओं का वेरिफिकेशन सत्यापन कराया गया है कि जो कार्यरत हैं वे वास्तविक हैं या नहीं? यदि नहीं, तो क्या कोई सत्यापन कार्यवाही की जाएगी? (घ) मंडला जिला अंतर्गत समस्त आशा कार्यकर्ताओ व पर्यवेक्षकों के नाम स्थान मोबाइल नंबर सहित जानकारी उपलब्ध कराएं? वर्ष 2024-25 से प्रश्न दिनांक तक इन्हें किये गए विभिन्न भुगतानों की जानकारी प्रत्येक के संदर्भ में अलग-अलग प्रदान करें?
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जी हाँ। जांच प्रतिवेदन की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र “अ” अनुसार है एवं दोषी पाये गये संविदा कर्मचारी तत्कालीन बीपीएम श्रीमती अनामिका दुबे की जिला कलेक्टर द्वारा पत्र क्रमांक/एनएचएम/690 मंडला दिनांक 30.06.2023 एवं बीएएम श्रीमती रानु कुम्हरे की जिला कलेक्टर के पत्र क्रमांक/एनएचएम/692 दिनांक 30.06.2023 के माध्यम से सेवा समाप्त की गयी, उनके द्वारा फर्जी खातों में किये गये भुगतान की राशि रू.27,67,930/- (सत्ताईस लाख सड़सठ हजार नौ सौ तीस मात्र) राज्य स्वास्थ्य समिति के खाते में दिनांक 28.06.2023 को जमा कराया गया तथा दोनों संविदा कर्मचारियों पर दिनांक 29.06.2023 को भा.द.सं. की धारा 420, 409, 120 बी में मोहगांव थाने में आपराधिक प्रकरण दर्ज कराया गया है। (ख) जी नहीं। जी नहीं। डीसीएम पर वित्तिय भुगतान की जिम्मेदारी नहीं होती है। प्रश्नांश (क) के उत्तर के संदर्भ में डीसीएम पर कार्यवाही का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। मंडला जिले में श्री हिमांशु सिंगौर, डीसीएम 11 वर्षों से पदस्थ है। संविदा मानव संसाधन मैन्युअल के अनुसार कोई निश्चित समयावधि के पश्चात स्थानांतरण का प्रावधान नहीं है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित गड़बड़ी शिवपुरी जिले में पायी गयी थी। जी हाँ। आशा पोर्टल पर पंजीकृत समस्त आशाओं के डेटाबेस का सत्यापन किया गया है। (घ) मंडला जिले की समस्त आशा एवं आशा पर्यवेक्षक के नाम स्थान मोबाईल नंबर सहित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र “ब” अनुसार है वर्ष 2024-25 से प्रश्न दिनांक तक किये गये विभिन्न भुगतानों की नामवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र “ब” अनुसार है।
सामुदायिक केंद्र का सिविल अस्पताल में उन्नयन
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
68. ( क्र. 992 ) श्री नारायण पटेल : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सा.स्वा.केंद्र मूंदी में वर्तमान में चिकित्सक एवं सहायक कर्मचारियों के स्टाफ के कितने पद स्वीकृत है तथा स्वीकृत पदों के विरुद्ध कितने कर्मचारी वर्तमान में पदस्थ है? (ख) सा.स्वा.केंद्र मूंदी को सिविल अस्पताल में उन्नयन करने की दिशा में क्या कार्यवाही की जा रही है? (ग) सा.स्वा.केंद्र मूंदी में स्त्री रोग विशेषज्ञ एवं शिशु रोग विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति हेतु क्या कार्यवाही की जा रही है? (घ) प्रश्नकर्ता के विधानसभा अंतर्गत सिविल अस्पताल औंकारेश्वर को क्या आगामी सिहंस्थ आयोजन को देखते हुए 30 बिस्तर से 100 बिस्तर तथा चिकित्सकीय अमले के विस्तार में क्या कार्यवाही की जा रही है?
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) संस्था की बैड आक्यूपेंसी 80 प्रतिशत से कम होने के कारण मूंदी को सिविल अस्पताल में उन्नयन की पात्रता न होने के कारण उन्नयन संबंधी कोई प्रस्ताव विचारण में नहीं है। (ग) विशेषज्ञों की अत्यधिक कमी के कारण सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र स्तर की संस्थाओं में विशेषज्ञों की पद पूर्ति में कठिनाई है। उपलब्धता अनुसार विशेषज्ञ एवं पीजी चिकित्सकों की पूर्ति निरंतर प्रक्रिया है। (घ) प्रस्ताव अनुसार 20 बिस्तरीय सिविल अस्पताल औंकारेश्वर का उन्नयन 50 बिस्तरीय सिविल अस्पताल के उन्नयन की कार्यवाही की गई है। 100 बिस्तरीय सिविल अस्पताल में उन्नयन का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।
चिकित्सकों के रिक्त पदों की पूर्ति
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
69. ( क्र. 996 ) श्री
पंकज
उपाध्याय : क्या उप
मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य
एवं चिकित्सा
शिक्षा महोदय
यह बताने की
कृपा करेंगे
कि (क) क्या
तारांकित प्रश्न
क्रमांक 1239 दिनांक 13 मार्च 2025 पर
चर्चा के
दौरान माननीय
उपमुख्यमंत्री
महोदय द्वारा
विधानसभा
क्षेत्र जौरा
अंतर्गत
चिकित्सालयों
में
चिकित्सकों
के रिक्त पदों
को छह महीने
के अंदर भरे
जाने की
कार्यवाही
किए जाने का आश्वासन
दिया गया था? यदि हाँ, तो
दिनांक 13
मार्च 2025
एवं प्रश्न
दिनांक की
स्थिति में
खाली एवं भरे
पदों की
तुलनात्मक
जानकारी
उपलब्ध कराएं।
(ख) वर्ष
2023-24 से 2025-26 तक
प्रदेश के
विभिन्न
जिलों से
चिकित्सकों के
रिक्त पदों को
भरे जाने हेतु
डिमांड शासन
को भेजी गई
एवं उसके क्रम
में शासन
द्वारा क्या
कार्यवाही की
गई? (ग) शासकीय
चिकित्सालयों
में डायलिसिस
सुविधा मुहैया
कराए जाने
हेतु क्या मापदंड
एवं प्रावधान
निर्धारित है? (घ) क्या
जिला मुरैना
अंतर्गत किसी
भी शासकीय चिकित्सालय
में डायलिसिस
सुविधा
उपलब्ध नहीं है
एवं जिसके
कारण किडनी की
समस्या से
पीड़ित मरीजों
को डायलिसिस
हेतु
ग्वालियर, जयपुर, दिल्ली
आदि बड़े
शहरों की ओर
पलायन करना
पड़ता है? (ड.) क्या
विभाग द्वारा
किडनी की
समस्या से
पीड़ित
मरीजों का संख्यात्मक
रिकॉर्ड
संग्रहित
किया जाता है? यदि हां, तो
संपूर्ण
प्रदेश की
जानकारी
जिलेवार उपलब्ध
कराएं?
उप
मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य
एवं चिकित्सा
शिक्षा ( श्री
राजेन्द्र
शुक्ल ) : (क) जी
नहीं। जानकारी
पुस्तकालय में
रखे परिशिष्ट के
प्रपत्र 'अ' अनुसार।
(ख) जिलों
से चिकित्सकों
की पदपूर्ति
हेतु प्राप्त
डिमांड के
अनुक्रम में
विशेषज्ञ/चिकित्सकों
की पदस्थापना
हेतु दर्शित
की जाने वाली
रिक्तियों
में सम्मिलित
किया जाता है, पदस्थापना
स्थल चयन हेतु
विकल्प
प्राप्त
होने के
उपरांत मध्यप्रदेश
लोक सेवा आयोग
से चयनित
विशेषज्ञों, चिकित्सकों
तथा बंधपत्र
चिकित्सकों
की पद स्थापनायें
प्रदेश
अंतर्गत
विभिन्न
संस्थाओं
में की गई है। वर्ष
2023-24 से
वर्ष 2025-26 तक
की अवधि में
प्रदेश में
नियुक्त/पदस्थ
किये गये
विशेषज्ञ/चिकित्सकों/बंधपत्र
चिकित्सकों
का विवरण जानकारी
पुस्तकालय में
रखे परिशिष्ट के
प्रपत्र 'ब' अनुसार।
(ग) प्रदेश
के शासकीय
चिकित्सालयों
में स्थान की
उपलब्धता (120 sq.ft. प्रति
डायलिसिस
मशीन) डायलिसिस
रोगियों की
संख्या, अधोसंरचना, उपकरणों
की उपलब्धता, मानव
संसाधन, औषधि आदि
के गैप
एनालिसिस के
उपंरात
उपयुक्त
पाये जाने पर
डायलिसिस
सुविधा
प्रारंभ किये
जाने का
प्रावधान है। (घ) जिला
मुरैना
अंतर्गत जिला
चिकित्सालय
मुरैना में
डायलिसिस
सुविधायें
उपलब्ध हैं। अत:
शेष प्रश्न
उपस्थित/उद्भूत
नहीं होता है।
(ड.) जी हाँ। जानकारी
पुस्तकालय में
रखे परिशिष्ट के
प्रपत्र 'स' अनुसार।
भ्रष्ट अधिकारी के विरुद्ध कार्यवाही
[स्कूल शिक्षा]
70. ( क्र. 997 ) श्री पंकज उपाध्याय : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत मुरैना द्वारा श्री राजीव सिंह जादौन खंड स्रोत समन्वयक जौरा के विरुद्ध प्राप्त शिकायतों के आधार पर तीन सदस्यीय समिति बनाकर जांच करवाई थी? यदि हां, तो संपूर्ण जानकारी दस्तावेज सहित उपलब्ध कराएं। (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार जांच में क्या श्री राजीव सिंह जादौन के विरुद्ध आरोप सही पाए गए? यदि हां तो जांच प्रतिवेदन के आधार पर क्या कार्यवाही की गई? कार्यवाही से संबंधित जानकारी दस्तावेजों सहित उपलब्ध कराएं। यदि नहीं, की गई तो क्यों नहीं की गई? कारण स्पष्ट करें। (ग) क्या श्री राजीव सिंह जादौन के विरूद्ध कार्यवाही नहीं कर उन्हें बचाया जा रहा है?
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट "अ" पर है। (ख) प्रश्नांश (क) के अनुसार जाँच प्रतिवेदन अनुसार संबधित के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही किये जाने का लेख किया गया था। कार्यालयीन आदेश क्रमांक 2358 मुरैना दिनांक 22/11/2024 के द्वारा श्री राजीव सिंह जादौन खण्ड स्त्रोत समन्वयक जौरा को मध्यान्ह भोजन संचालित करने वाले स्व सहायता समूहों के संचालको को परेशान किये जाने की शिकायत पर उनको खण्ड स्त्रोत समन्वयक पद से हटाकर उनकी प्रतिनियुक्ति समाप्त की गई थी। इस आदेश से व्यथित होकर श्री जादौन के द्वारा माननीय उच्च न्यायालय खण्डपीठ ग्वालियर में WP No 37384/2024 याचिका दायर की गयी उसमें उक्त आदेश पर स्टे दिया गया। इसलिये तत्समय उनके विरूद्ध कोई कार्यवाही नहीं की गई। इसके पश्चात मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत मुरैना के द्वारा तीन सदस्यों की जाँच कमेटी बनाकर समूह संचालकों की शिकायत की जाँच करायी गयी। दिनांक 08 अक्टूबर 2025 को माननीय उच्च न्यायालय के द्वारा आदेश दिनांक 09 अक्टूबर 2025 में (17) Consequently, the order, dated 22.11.2024 (Anneure P/1) whereby respondent no-5 is given charge of the post of BRCC is also set- aside. The petition succeeds and hereby allowed. का आदेश दिया गया। उक्त आदेश में जिला पंचायत मुरैना द्वारा कराई गई जांच का भी माननीय न्यायालय के इस आदेश में संज्ञान में लिया गया है। उक्त परिस्थिति अनुसार आगामी कोई कार्यवाही किया जाना उचित प्रतीत नहीं होता यदि कार्यवाही इस प्रकरण में की जाती है तो माननीय उच्च न्यायालय की अवहेलना होगी। उपरोक्त समस्त आदेश की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट "ब" पर है। (ग) जी नहीं। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
पट्टे की भूमि के कम्प्यूटराईजेशन में सुधार
[राजस्व]
71. ( क्र. 1002 ) श्री मोहन सिंह राठौर : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या वर्ष 1984 से वर्ष 2003 तक किसानों को कृषि भूमि के पट्टे दिये गये थे? यदि हाँ, तो ग्वालियर जिले की गिर्द विधानसभा (वर्तमान में भितरवार) में कितने किसानों को पट्टे दिये गए? ग्रामवार, तहसीलवार जानकारी दें। (ख) क्या प्रश्नांश (क) में दिये गये पट्टों की भू-अधिकार, ऋण पुस्तिका किसानों के पास उपलब्ध है? क्या वर्ष 2011 तक खसरा-खतौनी में पट्टेदार का नाम दर्ज है? यदि हाँ, तो वर्ष 2011 से राजस्व अभिलेखों के कम्प्यूटराईजेशन के उपरांत कम्प्यूटरीकृत अभिलेखों में नाम प्रदर्शित क्यों नहीं हो रहा है? कारण स्पष्ट करें। (ग) प्रश्नांश (ख) में दर्शित स्थिति की इन्द्राज दुरूस्ती के लिए जिला कलेक्टर ग्वालियर, एस.डी.एम. भितरवार, एस.डी.एम. घाटीगाँव को दिसम्बर 2023 से प्रश्न दिनांक तक कितने आवेदन प्राप्त हुए प्राप्त आवेदनों में से कितने प्रकरणों में अभिलेख सुधारे गए? कितनों में कार्यवाही नहीं की गई और क्यों? वर्षवार, तहसीलवार जानकारी दें। (घ) क्या शासन ऐसे कृषक जिनको प्रश्नांश ''क'' अवधि में दिए गए पट्टों एवं प्रश्नांश (ख) में उल्लेखित अभिलेख उपलब्ध है, के अभिलेख में सुधार करने का निर्णय लेगा? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्यों?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जी हां, वर्ष 1984 से वर्ष 2003 तक किसानों को कृषि भूमि के पट्टे दिये गए। ग्वालियर जिले के गिर्द विधानसभा (वर्तमान में भितरवार) में वर्ष 1984 से 2003 तक कुल 3422 किसानों को कृषि भूमि के पट्टे/व्यवस्थापन किये गए। ग्रामवार एवं तहसीलवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार। (ख) प्रश्नांश (क) में दिए गए पट्टों की भू-अधिकार ऋण पुस्तिका किसानों को तत्समय प्रदाय की गई थी। वर्ष 2011 में पट्टेदारों का नाम खसरा खतौनी में दर्ज होने की जानकारी एकत्रित की जा रही है। वर्ष 2011 तक खसरा खतौनी में पट्टेदार का नाम दर्ज रहा है एवं इसके पश्चात वर्ष 2011 में भू-अभिलेख डाटा NIC Software से webgis software में शिफ्ट किए जाने से कुछ पट्टेदारों की अभिलेख की प्रविष्टि तकनीकी कारणों से स्वत: विलोपित हो गई। (ग) दिसम्बर 2023 से वर्तमान तक कलेक्टर न्यायालय जिला ग्वालियर में पट्टे संबंधी अभिलेख संशोधन बावत 01 आवेदन/प्रकरण प्राप्त हुए। इसी प्रकार अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) भितरवार न्यायालय में कुल 67 आवेदन एवं अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) घाटीगांव न्यायालय में कुल 16 आवेदन प्राप्त हुए। इस प्रकार पट्टा संशोधन के लिए प्राप्त कुल आवेदनों की संख्या 84 है। उपरोक्त प्रस्तुत आवेदनों में से कलेक्टर न्यायालय द्वारा विधानसभा क्षेत्र भितरवार के अनुविभाग घाटीगांव एवं भितरवार क्षेत्र के 01 आवेदन/प्रकरण का निराकरण करते हुए अभिलेख सुधार की कार्यवाही की गई है। शेष प्रकरणों में कार्यवाही प्रचलित है। (घ) मध्यप्रदेश भू-राजस्व संहिता 1959 (यथा संशोधित 2018) के प्रावधानों अनुसार ऐसे प्रकरणों का संज्ञान होने पर कार्यवाही की जाती है। शेष उत्तरांश (ग) अनुसार।
जिला चिकित्सालय का मेडिकल कॉलेज में विलय
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
72. ( क्र. 1004 ) इंजीनियर प्रदीप लारिया : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या जिला चिकित्सालय, सागर को बुन्देलखण्ड मेडिकल कॉलेज, सागर में मर्ज करने के संबंध में विभाग/शासन द्वारा कोई योजना बनाई जा रही है या प्रस्तावित है? जानकारी देवें। (ख) क्या जिला चिकित्सालय जिले की स्वास्थ्य सेवाओं में प्राथमिक/ द्वितीयक स्तर की देखभाल/विशेषज्ञ उपचार/आपाकालीन सेवाएं/स्वास्थ्य योजनाएं/स्वास्थ्य कार्यक्रमों का प्रबंधन जिला चिकित्सालय द्वारा किया जाता है? यदि हां, तो जानकारी देवें। (ग) क्या सागर संभाग एवं सागर जिले में मातृ मृत्यु एवं शिशु दर समस्त प्रदेश में सबसे ज्यादा है? यदि हां तो जानकारी देवें तथा यदि जिला चिकित्सालय को मेडिकल कॉलेज में मर्ज किया जाता है तो इससे स्वास्थ्य सुविधाओं पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा? जानकारी देवें। (घ) प्रश्नांश (ख) एवं (ग) की जानकारी को दृष्टिगत रखते हुए क्या जिला चिकित्सालय सागर को शासकीय शहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र सिविल अस्पताल मकरोनिया में मर्ज करने/दर्जा प्रदान करने या जिला चिकित्सालय को जिले में अन्य स्थान पर स्थापित किये जाने हेतु शासन कोई कार्यवाही करेगा? जानकारी देवें।
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जी हां। विभागीय आदेश क्रमांक 898/एफ 1/4/1/0001/2024/1-सत्रह-मेडि भोपाल दिनांक 27.09.2024 द्वारा बुन्देलखण्ड चिकित्सा महाविद्यालय सागर एवं जिला चिकित्सालय सागर से संबद्ध अस्पताल के विलय की स्वीकृति प्रदान की गई है। (ख) जी हां। जिला चिकित्सालय में प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र/सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र से एवं अन्य स्थानों से आने वाले सभी मरीजों को सभी प्रकार की उपचार एवं स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान की जाती है। शासन स्तर से संचालित सभी राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों का संचालन भी जिला चिकित्सालय द्वारा किया जाता है। जिला चिकित्सालय, सागर में डी.एन.बी./डिप्लोमा कोर्स भी संचालित किया जा रहा है। जिला चिकित्सालय, सागर में आरबीएसके/जिला विकलांग बोर्ड/जिला मेडिकल बोर्ड भी संचालित किया जा रहा है। जिला चिकित्सालय, सागर में स्वास्थ्य सेवाओं में प्राथमिक/द्वितीयक स्तर की देखभाल/विशेषज्ञ उपचार/पुनर्वास/आपातकालीन सेवायें एवं सभी स्वास्थ्य सेवाएं योजनाओं की सेवाएं प्रदान की जाती है। (ग) जी नहीं। जिला चिकित्सालय सागर को मेडिकल कॉलेज में मर्ज करने से जन-सामान्य को तृतीयक स्तर की स्वास्थ्य सेवायें प्राप्त होगी। (घ) जी नहीं। दिनांक 27/09/24 को जिला चिकित्सालय सागर को मेडिकल कॉलेज सागर में मर्जर की स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है। वर्तमान में सिविल अस्पताल, मकरोनिया 50 बिस्तरीय अस्पताल के रूप में स्वीकृत एवं संचालित है। जिला चिकित्सालय सागर से सिविल अस्पताल, मकरोनिया की दूरी लगभग 7.5km है। वर्तमान में जिला चिकित्सालय सागर 300 बिस्तरीय अस्पताल स्वीकृत एवं संचालित है एवं जिला चिकित्सालय, सागर के उन्नयन की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। वर्तमान में जिला चिकित्सालय (300 बिस्तर) एवं मेडिकल कॉलेज अस्पताल (750 बिस्तर), सागर आस-पास के कैंपस में ही संचालित हैं।
कड़ान मध्यम सिंचाई परियोजना का प्राक्कलन
[जल संसाधन]
73. ( क्र. 1005 ) इंजीनियर प्रदीप लारिया : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या कड़ान मध्यम सिंचाई परियोजना के पुनरीक्षित प्राक्कलन को साधिकार समिति की माह दिसम्बर 2024 में आयोजित साधिकार समिति बैठक में सम्मिलित किया गया था? यदि हां, तो जानकारी देवें। (ख) क्या साधिकार समिति द्वारा पुनरीक्षण किये जाने हेतु अनुमोदन किया गया है? यदि हां, तो जानकारी देवें तथा विभाग द्वारा कब-तक पुनरीक्षण किया जाएगा? जानकारी देवें। (ग) क्या कड़ान मध्यम सिंचाई परियोजना से लाभांवित होने वाले 52 गांवों को सिंचाई सुविधा का लाभ मिलेगा तथा पुनरीक्षित स्वीकृति के कारण लाभांवित गांव को सिंचाई सुविधा से वंचित होना पड़ेगा? यदि हां, तो जानकारी देवें। (घ) क्या निर्माणाधीन सिंचाई परियोजना में गाइडबंध निर्माण के कारण पथरियाहाट गांव डूब में प्रभावित होगा? जानकारी देवें तथा विभाग की पुनरीक्षित प्राक्कलन को स्वीकृत करने से अप्रत्याशित जनहानि को रोकने एवं योजना पूर्ण होने से परियोजना जन उपयोगी साबित होगी को दृष्टिगत रखते हुए क्या विभाग पुनरीक्षित प्राक्कलन की स्वीकृति विभाग प्रदान करेगा? जानकारी देवें।
जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) एवं (ख) जी नहीं। (ग) उत्तरांश ''ख'' के परिप्रेक्ष्य में लागू नहीं। (घ) प्रस्ताव विभागीय स्तर पर गुणदोष के आधार पर परीक्षणाधीन है। शेष प्रश्नांश लागू नहीं।
छात्रावासों में अधीक्षक/वार्डन की नियुक्ति
[स्कूल शिक्षा]
74. ( क्र. 1008 ) श्री अनिल जैन : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) निवाड़ी विधानसभा क्षेत्र में स्कूल शिक्षा विभाग अंतर्गत कितने बालक-बालिका छात्रावास संचालित हैं, नाम एवं स्थान सहित जानकारी देवें। (ख) प्रश्नांश (क) अंतर्गत कौन-कौन से छात्रावासों में किस-किस अधीक्षक/वार्डन की वर्ष 2018 से प्रश्न दिनांक तक नियुक्ति की गई है? प्राप्त आवेदनों के प्रपत्र एवं नियुक्ति पत्र की छायाप्रति उपलब्ध करावें। (ग) वर्ष 2018 से प्रश्न दिनांक तक छात्रावासों में अधीक्षक/वार्डन की नियुक्ति हेतु कब-कब विज्ञप्ति जारी की गई है, उसकी छायाप्रति उपलब्ध करावें। (घ) छात्रावासों में अधीक्षक/वार्डन की नियुक्ति के क्या प्रावधान हैं, नियम की छायाप्रति उपलब्ध करावें। क्या किसी छात्रावास में अधीक्षक/वार्डन को समय अवधि से अधिक समय तक पदस्थ किया गया है, यदि हां, तो क्यों? ऐसी परिस्थिति निर्मित होने के लिये कौन अधिकारी उत्तरदायी है एवं उत्तरदायी अधिकारियों पर क्या कभी कोई कार्यवाही या जांच प्रस्तावित की गई है, पूर्ण जानकारी देवें?
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) निवाड़ी विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत बालक आवासीय छात्रावास स्वीकृत नहीं है। बालिका छात्रावासों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'अ' पर है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'ब' पर है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'स' पर है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'द' पर है। छात्रावासों में वार्डन की समयावधि पूर्ण होने से नवीन नियुक्ति प्रक्रिया पूर्ण हाने तक वार्डन को प्रभार दिया गया। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
नवीन विद्यालय भवनों के निर्माण
[स्कूल शिक्षा]
75. ( क्र. 1009 ) श्री अनिल जैन : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र निवाड़ी अंतर्गत नवीन शासकीय हाईस्कूल/हायर सेकेण्डरी के कितने भवन स्वीकृत हुये थे? जानकारी देवें? क्या उक्त भवनों के निर्माण कार्य के लिए विज्ञप्ति जारी कर दी गई है? यदि हां, तो कब जारी की गई है? दिनांक सहित संपूर्ण जानकारी देवें? (ख) क्या प्रश्नांश (क) अनुसार उक्त भवनों के निर्माण कार्य की विज्ञप्ति जारी की जाकर निविदा प्रकिया पूर्ण कर ली गई है यदि हां, तो उक्त भवनों के निर्माण कार्य की वर्तमान में क्या स्थिति है? (ग) क्या निवाड़ी विधानसभा क्षेत्र में शासकीय हाईस्कूल रजपुरा के नवीन भवन के निर्माण हेतु विज्ञप्ति जारी कर निविदा प्रक्रिया पूर्ण कर ली गई थी, परंतु उसके पश्चात भी आज दिनांक तक शासकीय हाईस्कूल रजपुरा के नवीन भवन का निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं हुआ है, यदि हां, तो उपरोक्त संबंध में विलंब के लिए कौन उत्तरदायी है एवं उक्त भवन का निर्माण कब तक शुरू कर लिया जावेगा, जानकारी दें।
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) एवं (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट पर है। (ग) जी हाँ, आवंटित भूमि अनुपयुक्त होने के कारण जारी निविदा निरस्त की गई है। अतः शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। उपर्युक्त भूमि आवंटन उपरांत ही आगामी कार्यवाही संभव है। अतः समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
म.प्र. भू-राजस्व संहिता 1959 की धारा- 165 (4) का पालन नहीं किया जाना
[राजस्व]
76. ( क्र. 1013 ) श्री राजेश कुमार वर्मा : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विगत 10 वर्ष में जे.के. सेम (सेंट्रल) लिमिटेड कंपनी पुरैना (अमानगंज) द्वारा कलेक्टर महोदय से अनुमति प्राप्त कर कितनी भूमियां क्रय की गई है? आदेशों की प्रति उपलब्ध करावें। (ख) जे.के. सीमेन्ट कम्पनी ने आदेशों के पालन में किस तिथि को भूमि क्रय की है? क्या उपरोक्त सभी भूमियों का क्रय करने के पूर्व म.प्र. भू-राजस्व संहिता 1959 की धारा-165 (4) के अनुक्रम में डायवर्सन/पुनर्निर्धारण कराया गया है? उक्त भूमियों की रजिस्ट्री दिनांक एवं डायवर्सन दिनांक सहित जानकारी देवें। (ग) कलेक्टर पन्ना के आदेशों का पालन न करने पर कंपनी पर क्या कार्यवाही की गई है? जानकारी दें। (घ) यदि कंपनी पर कार्यवाही नहीं की जावेगी तो क्यों? उक्त संबंध में क्या खनिज अधिकारी पन्ना द्वारा कोई कार्यवाही की गई है? यदि हाँ, तो प्रति उपलब्ध करावें।
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) विगत 10 वर्षों में जे.के. सेम (सेंट्रल) लिमिटेड कंपनी पुरैना (अमानगंज) द्वारा न्यायालय कलेक्टर पन्ना से 27 प्रकरणों में अनुमति पश्चात 28 विक्रय पत्र निष्पादित कराए गए हैं। आदेशों की प्रतियां पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट–'अ' अनुसार। (ख) प्रश्नांश की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट –'ब' अनुसार। (ग) एवं (घ) उत्तरांश (क) अनुसार, जानकारी निरंक है।
एच.आई.व्ही. बच्चों के इलाज में लापरवाही
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
77. ( क्र. 1017 ) श्री सिद्धार्थ सुखलाल कुशवाहा : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सतना जिले में बच्चों को एच.आई.व्ही. पॉजिटिव ब्लड चढ़ा दिए जाने के गंभीर लापरवाही के प्रकरण में राज्य शासन द्वारा प्रश्न तिथि तक किस-किस नाम/पदनाम के विरुद्ध कब व क्या कार्यवाही सुनिश्चित की है? प्रारंभिक जांच के बाद दोषी पाए जाने वालों पर FIR प्रश्न तिथि तक संबंधित थाना क्षेत्र में कर दी गई है या नहीं? प्रकरण की बिंदुवार रिपोर्ट प्रस्तुत करें। (ख) घटना के पीड़ितों को इलाज के लिए राज्य शासन क्या-क्या सुविधा उपलब्ध कराने हेतु प्रतिबद्ध है? क्या-क्या घोषणाएं किस-किस पदनाम/नाम से प्रश्न तिथि तक की है? कितनी-कितनी सहायता राशि प्रश्न तिथि तक उपलब्ध कराई गई है एवं किस-किस को? पीड़ितों के लिए की जाने वाली/दी जाने वाली सुविधाओं/इलाज का बिंदुवार विस्तृत विवरण उपलब्ध कराएं। (ग) दिनांक 01-04-2021 से प्रश्न तिथि तक कितनी 108 एम्बुलेंस सतना जिले को माहवार/वर्षवार प्राप्त हुई? एंबुलेंसों की क्रमांकवार जानकारी दें। प्रश्न तिथि तक किस-किस क्रमांकों की 108 एम्बुलेंस किस-किस स्थान पर खराब होकर खड़ी हैं? किस-किस क्रमांकों की 108 एम्बुलेंस किस-किस स्थान पर कार्य कर रही हैं? थानेवार/अनुविभागवार जानकारी दें। (घ) प्रश्नांश (क) में वर्णित 108 एम्बुलेंस का खर्च पेट्रोल/उपकरण/मेन्टेनेंस/ड्राइवर/सहायक कौन सा कार्यालय व्यय करता है? सतना जिले में दिनांक 01-04-2021 से प्रश्न तिथि तक किस-किस क्रमांक की 108 एम्बुलेंसों पर कितनी-कितनी राशि व्यय हुई? माहवार/वर्षवार/वाहन क्रमांकवार/व्ययवार/भुगतानवार जानकारी दें।
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) सतना जिले में बच्चों को एच.आई.व्ही. पॉजिटिव ब्लड चढ़ा दिये जाने के गंभीर लापरवाही के प्रकरण में राज्य शासन द्वारा प्रश्न तिथि तक अधिकारी/कर्मचारियों के विरूद्ध कार्यवाही की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' अनुसार है। प्रकरण में जिला प्रशासन सतना द्वारा व्यवसायिक ब्लड डोनर के विरूद्ध की गई एफ.आई.आर. की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''ब'' अनुसार है। प्रकरण की बिंदुवार रिपोर्ट पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''स'' अनुसार है। (ख) घटना के पीड़ितों को इलाज के लिए राज्य शासन सुविधा उपलब्ध कराने हेतु प्रतिबद्ध है। घटना के पीड़ितों को इलाज के लिए राज्य शासन द्वारा एच.आई.व्ही. संक्रमित मरीज पाये जाने के उपरान्त ए.आर.टी. सेंटर में मरीजों का पंजीयन कराकर निःशुल्क नियमित उपचार जिला चिकित्सालय सतना में किया जा रहा है। कार्यालय बाल कल्याण समिति जिला सतना द्वारा 04 बच्चों - राम सिया कोरी, यशवंत दाहियॉ, प्रहलाद मिश्रा एवं आशीष चौरसिया को प्रतिमाह राशि 4000/- रूपये उपलब्ध कराई गई है, जिसकी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''द'' अनुसार है। (ग) दिनांक 01-04-2021 से प्रश्न तिथि तक सतना एवं मैहर जिले को 60 (06 ए.एल.एस., 20 बी.एल.एस. तथा 34 जननी) 108 एम्बुलेंस प्राप्त हुई है। एम्बुलेंस की क्रमांकवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''ई'' अनुसार है। प्रश्न तिथि में जिला सतना की ए.एल.एस. वाहन क्रमांक CG-04-NV-6654 DH SATNA एवं 03 बी.एल.एस. वाहन क्रमांक CG-04-NW-6375 PS BIRSINGHPUR, CG-04-NS-2914 CHC MAJHGAWAN एवं CG-04-NU-4329 CHC DEVRAJNAGAR वाहन मरम्मत हेतु वर्कशॉप में है। 108 एम्बुलेंस पर कार्य कर रही है की थानेवार/अनुविभागवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''ई'' अनुसार है। (घ) 108 एम्बुलेंस हेतु पेट्रोल/उपकरण/मेंटेनेंस/ ड्राइवार/सहायक इत्यादि का व्यय अनुबंधित संस्था जे.ए.ई.एस. द्वारा वहन किया जाता है। संतना जिले में दिनांक 01-04-2021 से प्रश्न तिथि तक 108 एंबुलेंसों पर हुई व्यय राशि की माहवार/ वर्षवार/वाहन/क्रमांकवार/व्ययवार/भुगतानवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''फ'' अनुसार है।
सिंचाई जलाशयों की नहरों की मरम्मत
[जल संसाधन]
78. ( क्र. 1020 ) श्री दिनेश राय मुनमुन : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सिवनी विधानसभा क्षेत्र में कितने सिंचाई जलाशय हैं, ये जलाशय किस-किस वर्ष में बने हैं? इनमें से कितने जलाशयों में कच्ची नहरे हैं? (ख) इन जलाशयों की कच्ची नहरों की नियमित सफाई एवं मरम्मत हेतु शासन द्वारा प्रतिवर्ष कितनी राशि उपलब्ध कराई जाती है? जलाशयवार जानकारी देवें। (ग) पुरानी कच्ची नहरों की मरम्मत नहीं होने के कारण पानी व्यर्थ बह जाने और किसानों को होने वाले नुकसान के लिये कौन जिम्मेदार है? (घ) रबी मौसम के पूर्व सभी नहरों की मरम्मत व सफाई अनिवार्य रूप से किये जाने के निर्देश कब जारी किये गये थे? आदेश/निर्देश की छायाप्रति उपलब्ध करावें।
जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) एवं (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-"अ" अनुसार है। (ग) नहरों से जल प्रवाह के रिसाव का समावेश करते हुए नहरों में जल प्रवाहित किया जाता है, जो व्यर्थ पानी बहने की श्रेणी में नहीं आता है, जिसके लिए किसी के उत्तरदायी होने की स्थिति नहीं होती है। (घ) रबी मौसम के पूर्व सभी नहरों की मरम्मत व साफ-सफाई का कार्य दिनांक 18.08.1999 को प्रकाशित म.प्र. सिंचाई प्रबंधन में कृषकों की भागीदारी अधिनियम 1999 के अंतर्गत किया जाता है। निर्देश की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-"1" अनुसार है।
सांदीपनि विद्यालय का निर्माण एवं शैक्षणिक सुविधाओं का विस्तार
[स्कूल शिक्षा]
79. ( क्र. 1025 ) श्री रजनीश हरवंश सिंह : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि क्या माननीय स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) केवलारी विधानसभा क्षेत्र में निर्माणाधीन सांदीपनि विद्यालय के निर्माण कार्य की वर्तमान भौतिक प्रगति क्या है? क्या निर्माण कार्य अत्यंत धीमी गति से चल रहा है? यदि हाँ, तो इसके क्या कारण हैं और कार्य कब तक पूर्ण होगा? (ख) क्या सांदीपनि विद्यालय केवलारी में विद्यार्थियों हेतु वाहन (बस) सुविधा प्रारंभ करने की कोई योजना विचाराधीन है? यदि हाँ, तो यह सुविधा कब से उपलब्ध करा दी जाएगी? (ग) क्या सांदीपनि विद्यालय में मानकों के अनुसार नियमित शिक्षकों के पद रिक्त हैं? इन रिक्त पदों की संख्या कितनी है और इन पर नियमित भर्ती की प्रक्रिया कब तक पूर्ण कर ली जावेगी? (घ) नगर पंचायत क्षेत्र के अंतर्गत हाई स्कूल बोचिया एवं हाई स्कूल बगलई को हायर सेकेण्डरी स्कूल में उन्नयन (Upgradation) करने हेतु विभाग द्वारा वर्तमान में क्या कार्यवाही की जा रही है? क्या इन्हें आगामी शैक्षणिक सत्र से क्रमोन्नत कर दिया जाएगा? (ङ) क्या सांदीपनि विद्यालय के विशिष्ट स्वरूप (प्रवेश नियमों) के कारण सामान्य विद्यार्थियों को प्रवेश में कठिनाई हो रही है? क्या शासन जनहित में केओली क्षेत्र में एक अन्य नवीन हायर सेकेण्डरी विद्यालय खोलने पर विचार करेगा? यदि नहीं, तो क्यों?
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) केवलारी विधानसभा क्षेत्र में स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत 01 सांदीपनि विद्यालय केवलारी का निर्माण कार्य लगभग 60 प्रतिशत पूर्ण हो चुका है। वर्तमान में निर्माण कार्य अनुबंधानुसार एवं निर्धारित योजना के अनुसार प्रगति पर है। सम्पूर्ण निर्माण कार्य जून 2026 तक पूर्ण किये जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। (ख) जी हाँ। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ग) जी हाँ। सांदीपनि विद्यालय केवलारी में मानकों के अनुसार उच्च माध्यमिक शिक्षक के 01, माध्यमिक शिक्षक के 11 एवं प्राथमिक शिक्षक के 04 पदों पर अतिथि शिक्षकों द्वारा अध्यापन कार्य कराया जा रहा है। पदपूर्ति एक सतत प्रक्रिया है, समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (घ) वर्तमान में शालाओं का उन्नयन स्थगित है। शालाओं का उन्नयन सक्षम स्वीकृति एवं बजट प्रावधान पर निर्भर करेगा। (ङ) जी नहीं। सांदीपनि विद्यालय में प्रवेश, कक्षाओं की रिक्तियों एवं बैठक क्षमता के आधार पर शासकीय विद्यालयों/नजदीकी निवासरत विद्यार्थियों को प्राथमिकता से दिये जाते हैं। शेषांश उतरांश "घ" अनुसार है।
नंदेवानी जलाशय के अंतर्गत पुल एवं सड़क का निर्माण
[जल संसाधन]
80. ( क्र. 1028 ) श्री विजय रेवनाथ चौरे : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या सौंसर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम नंदेवानी में 2020 में वृहत जलाशय का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है लेकिन एक पुल के न होने के कारण इसे पाँच वर्ष से भरा नहीं जा रहा है? (ख) क्या एक पुल और एक सड़क के निर्माण की स्वीकृति हेतु प्रस्ताव प्रदेश को जा चुके हैं किंतु आज दिनांक तक स्वीकृति नहीं दी गई है? यदि हाँ तो पुल और सड़क की स्वीकृति न दिए जाने का क्या कारण है? (ग) क्या सरकार इसका संज्ञान लेगी कि पुल और सड़क न बनने के कारण करोड़ों रुपए से निर्मित जलाशय का पानी भराव नहीं हो पा रहा है और क्षेत्र के हज़ारों किसानों को सिंचाई हेतु पानी उपलब्ध नहीं हो पा रहा है? (घ) उपरोक्त पुल और सड़क की स्वीकृति कब तक शासन द्वारा प्रदान की जाएगी?
जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) मोहगांव मध्यम (नंदेवानी) परियोजना का निर्माण कार्य जुलाई 2023 में पूर्ण किया गया है। ग्रामीणों के सुलभ आवागमन के दृष्टिगत बांध में पूर्ण जल भराव नहीं किया जा रहा है। (ख) 02 हाई लेवल पुल के निर्माण को मोहगांव परियोजना की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति शामिल किया गया है। परियोजना की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति की कार्यवाही प्रचलन में है। (ग) परियोजना की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त होने के पश्चात् समस्या का निदान हो जाना प्रतिवेदित है। (घ) समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
सांदीपनि स्कूल का निर्माण एवं विद्यार्थियों हेतु यातायात की सुविधा
[स्कूल शिक्षा]
81. ( क्र. 1029 ) श्री विजय रेवनाथ चौरे : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सौंसर विधानसभा क्षेत्र में कितने सांदीपनि स्कूल निर्माणाधीन हैं, इनमें से कितने प्रश्न दिनांक तक पूर्ण हो चुके हैं? स्थानवार विवरण दें। (ख) सौंसर विधानसभा क्षेत्र के किन-किन सांदीपनि स्कूलों में छात्र-छात्राओं को स्कूल तक पहुंचाने हेतु बस सुविधा उपलब्ध है? जिन स्कूलों में बस सुविधा उपलब्ध नहीं है, वहां यह सुविधा कब तक उपलब्ध हो जायेगी? (ग) क्या सौंसर शहर में संचालित होने वाले सांदीपनि स्कूल के छात्र-छात्राओं के लिए बस सुविधा उपलब्ध है? यदि नहीं, तो यातायात सुविधा उपलब्ध न होने पर भी सौंसर शहर के सांदीपनि स्कूल को तत्काल नए भवन में क्यों प्रारंभ किया जा रहा है?
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) सौंसर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत स्कूल शिक्षा विभाग का 01 सांदीपनि विद्यालय सौंसर जिला छिंदवाड़ा का निर्माण पूर्ण हो चुका है। दिनाँक 23 जनवरी 2026 से विद्यालय नवीन भवन में संचालित है। (ख) वर्तमान में बस सुविधा उपलब्ध नहीं है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ग) प्रश्नांश "ख" अनुसार। वर्तमान में नवीन भवन में उपलब्ध सुविधाओं का लाभ छात्र-छात्राओं को मिल सके, इस हेतु नवीन भवन का उपयोग किया जा रहा है। पात्रता अनुसार साइकिल दिए जाने का प्रावधान है।
बैराज तालाब अथवा माइक्रो उद्वहन योजनाएं
[जल संसाधन]
82. ( क्र. 1032 ) श्री प्रेमशंकर कुंजीलाल वर्मा : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र सिवनी-मालवा में सिंचाई हेतु बैराज तालाब अथवा माइक्रो उद्वहन की कितनी योजनाएं प्रस्तावित अथवा स्वीकृत हैं? कितनी योजनाओं का कार्य प्रारंभ किया गया है तथा कितनी राशि खर्च की गई? (ख) शेष योजनाओं की क्या स्थिति है?
जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) जल संसाधन विभाग की प्रस्तावित 03 योजनाओं को स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है। इनमें से 02 योजनाओं का कार्य प्रारंभ किया जाना प्रतिवेदित है। जिनमें 107.25 करोड़ राशि व्यय की जाना प्रतिवेदित है। नर्मदाघाटी विकास विभाग से प्राप्त जानकारी अनुसार 01 सिंचाई परियोजना स्वीकृत होकर प्रगतिरत है, जिस पर 898.31 करोड़ राशि व्यय किए जाने का उल्लेख है। (ख) उत्तरांश (क) अनुसार जल संसाधन विभाग की शेष 01 परियोजना की निविदा की कार्यवाही प्रचलन में होना प्रतिवेदित है।
रिक्त पदों की पूर्ति
[राजस्व]
83. ( क्र. 1035 ) श्री प्रेमशंकर कुंजीलाल वर्मा : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) राज्य में तहसील एवं पटवारी स्तर पर रिक्त पदों की संख्या वर्तमान में कितनी है? (ख) सिवनी-मालवा विधानसभा क्षेत्र की तहसील सिवनी-मालवा, तहसील डोलरिया, तहसील शिवपुर, तहसील केसला एवं तहसील इटारसी में तहसीलदार, नायब तहसीलदार, आर.आई. एवं पटवारी के कितने पद स्वीकृत हैं? (ग) वर्तमान में उपरोक्त में से कितने पद रिक्त हैं? (घ) रिक्त पदों पर कब तक नियुक्तियां की जावेंगी?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) वर्तमान में सभी जिलों की तहसील में पटवारी के 3247 पद रिक्त हैं। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट–''अ'' अनुसार। (ग) जानकारी संलग्न परिशिष्ट-''ब'' अनुसार। (घ) नायब तहसीलदार की सीधी भर्ती से रिक्त पदों की पूर्ति का मांग पत्र पृथक-पृथक म.प्र. लोक सेवा आयोग इंदौर एवं कर्मचारी चयन मण्डल आयोग भोपाल को प्रेषित किये गये हैं। वर्ष 2025 में ही दिव्यांगजनों के रिक्त 200 पदों की पूर्ति का प्रस्ताव कर्मचारी चयन मण्डल को भेजा गया है।
सिंचाई परियोजना के विस्थापितों को मुआवजा एवं पुनर्वास
[जल संसाधन]
84. ( क्र. 1036 ) श्री उमाकांत शर्मा : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) टेम सिंचाई परियोजना एवं सेमलखेड़ी तीर्थ सिंचाई परियोजना अन्तर्गत कौन-कौन से ग्रामों के कृषक/परिवार डूब क्षेत्र में प्रभावित हुए हैं? परियोजनावार जानकारी उपलब्ध करावें एवं डूब प्रभावित कृषकों/परिवारों की कितनी-कितनी कृषि भूमि, आवासीय भूमि तथा मकान प्रभावित हुए हैं? ग्रामवार जानकारी उपलब्ध करावें। (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में डूब प्रभावित कृषकों, परिवारों को मुआवजा प्रदान करने हेतु शासन द्वारा क्या मुआवजा दरें एवं क्या नीति निर्धारित की गई है एवं डूब प्रभावित कृषकों एवं परिवारों को कितना-कितना मुआवजा राशि का भुगतान किया जा चुका है? सूची उपलब्ध करावें। कितने कृषक मुआवजा हेतु शेष हैं? नाम, ग्रामवार सूची उपलब्ध करावें तथा कारण भी बतावें। (ग) डूब प्रभावित कृषकों एवं परिवारों को पुनर्वास एवं पुनर्व्यवस्थापन (पुनर्वास कॉलोनी) के लिए कहाँ-कहाँ भूमि आवंटित की गई है एवं कौन-कौन सी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं? (घ) प्रश्नांश (ग) के संदर्भ में डूब प्रभावित कृषकों, परिवारों का पुनर्वास कब तक कर लिया जावेगा? समय-सीमा बतावें। डूब प्रभावित कृषकों को अभी तक पुनर्वास नहीं किया गया है, यदि हाँ तो इसके लिए कौन-कौन अधिकारी जिम्मेदार हैं? बतावें एवं जिम्मेदारों पर क्या कार्यवाही की गई है?
जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के "प्रपत्र-अ" अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के "प्रपत्र-ब" अनुसार है। (ग) तहसील लटेरी, ग्राम दक्कन स्थित सर्वे क्रमांक 169, रकबा 23.47 हे. मद चरनोई में से रकबा 15.035 हे. भूमि टेम मध्यम परियोजना के डूब से प्रभावितों के पुनर्वास हेतु विभाग को हस्तातंरित की गई है एवं ग्राम सेमलखेड़ी स्थित भूमि सर्वे क्र. 106, रकबा 19.371 हे. नोईयत शासकीय में से 6.000 हे. भूमि सेमलखेड़ी तीर्थ लघु परियोजना में प्रभावितों के पुनर्वास हेतु विभाग को हस्तांतरित की गई है। वर्तमान में पुनर्वास एवं पुनर्व्यस्थापन की कार्यवाही सतत होने से मूल-भूत सुविधाओं की जानकारी दिया जाना संभव नहीं है। (घ) सेमलखेड़ी तीर्थ सिचांई परियोजना के डूब प्रभावितों के पुनर्वास हेतु कॉलोनी का निर्माण कार्य प्रक्रियाधीन है, जो दिनांक 17.12.2026 तक पूर्ण किया जाना लक्षित है। टेम मध्यम सिंचाई परियोजना अन्तर्गत डूब प्रभावितों के विस्थापन हेतु कॉलोनी निर्माण हेतु निविदा आमंत्रित की जा चुकी है। शेष प्रश्न लागू नहीं।
चिकित्सालयों में रिक्त पदों की पूर्ति
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
85. ( क्र. 1037 ) श्री उमाकांत शर्मा : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भोपाल संभाग में जिला चिकित्सालय, सिविल हॉस्पिटल, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, उप स्वास्थ्य केन्द्र, आरोग्य केन्द्र में कितने-कितने पद स्वीकृत हैं? जानकारी उपलब्ध करावें एवं कौन-कौन से पद रिक्त हैं? चिकित्सालयवार जानकारी उपलब्ध करावें। (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में रिक्त पदों की पूर्ति कब तक कर दी जावेगी? समय-सीमा बतावें। विभाग के पद पूर्ति के क्या नियम, निर्देश, आदेश हैं? छायाप्रति उपलब्ध करावें। (ग) विदिशा जिले में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय, सिविल सर्जन कार्यालय, विकासखण्ड चिकित्सा कार्यालय एवं अन्य कार्यालय एवं अस्पतालों में कौन-कौन से अधिकारी, कर्मचारी अनुसंलग्न, प्रतिनियुक्ति में पदस्थ हैं? अधिकारी/कर्मचारी का नाम, पदनाम, पदांकित कार्यालय का नाम, अनुसंलग्न कार्यालय का नाम, अनुसंलग्नकर्ता अधिकारी के नाम सहित अनुसंलग्न एवं प्रतिनियुक्ति आदेशों की छायाप्रति उपलब्ध करावें। (घ) प्रश्नांश (ग) के संदर्भ में उक्त अधिकारी/कर्मचारियों को कब तक कार्यमुक्त कर दिया जावेगा? समय-सीमा बतावें तथा नियम विरूद्ध अनुसंलग्नकर्ता अधिकारी पर क्या कार्यवाही की गई? यदि कार्यवाही नहीं की गई है तो कब तक की जावेगी? समय-सीमा बतावें।
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''अ'' अनुसार। (ख) पदपूर्ति एक निरंतर प्रक्रिया है। शत्-प्रतिशत पूर्ति हेतु निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''ब'' अनुसार। (ग) अधिकारी/कर्मचारी को प्रशासकीय कार्य व्यवस्था की दृष्टि से किया गया है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''स'' अनुसार। (घ) संबंधित अधिकारी/कर्मचारी को कार्यमुक्त किया जा चुका है, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। आदेश पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''द'' अनुसार।
प्रदेश की सीमाओं पर बने चेक पोस्ट
[परिवहन]
86. ( क्र. 1041 ) श्री आतिफ आरिफ अकील : क्या परिवहन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रदेश की सीमाओं पर बने सभी चेक पोस्ट बंद कर दिए गए हैं? (ख) यदि हाँ तो उक्त चेक पोस्ट कब से तथा किन कारणों से बंद किए गए हैं? पूर्ण ब्यौरा दें (ग) उपरोक्त प्रश्नांश के परिप्रेक्ष्य में क्या चेक पोस्ट बंद करने के बाद चेक पॉइंट बनाए गए हैं? (घ) यदि हाँ तो चेक पॉइंट बनाने का उद्देश्य क्या है एवं चेक पॉइंट पर विभाग द्वारा किस स्तर के अधिकारी/कर्मचारी तैनात किए गए हैं तथा किस-किस प्रकार के वाहनों से कितनी-कितनी राशि वसूली करने के आदेश-निर्देश दिए गए हैं? (ड.) क्या प्रदेश के सभी चेक पॉइंटों पर प्राइवेट दलालों के द्वारा वाहन चालकों से अवैध वसूली की जाकर करोड़ों रुपए की बंदरबांट की जा रही है?
परिवहन मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) शासन की नीति के तहत आदेश दिनांक 30.06.2024 के द्वारा अन्तर्राज्यीय सीमाओं पर संचालित परिवहन जाँच चौकियों का संचालन दिनांक 01.07.2024 से बंद किया गया है। आदेश की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ग) जी हाँ। (घ) चेक पॉइंट बनाने का उद्देश्य वाहनों के अवैध संचालन को रोकना एवं मोटरयान कर तथा शमन शुल्क के रूप में शासकीय राजस्व को वसूल करना है। विभाग द्वारा परिवहन निरीक्षक, परिवहन उप निरीक्षक, सहायक परिवहन उप निरीक्षक, परिवहन प्रधान आरक्षक, परिवहन आरक्षक एवं वाहन चालक स्तर के अधिकारी एवं कर्मचारी चेक पॉइंट पर तैनात किये गए हैं। मोटरयान कराधान अधिनियम, 1991 की अनुसूचियों में विभिन्न वाहनों की श्रेणी के अनुसार विहित मोटरयान कर की राशि, उक्त अधिनियम की धारा 13 में विहित मोटरयान कर की शास्ति की राशि एवं मोटरयान अधिनियम, 1988 की धारा 200 के तहत राज्य सरकार द्वारा विभिन्न वाहनों की श्रेणी के अनुसार निर्धारित शमन शुल्क की राशि वसूल करने के आदेश एवं निर्देश दिये गये हैं, जिनकी प्रतियां पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। (ड.) जी नहीं।
जिला अस्पतालों में चिकित्सीय अमले एवं दवाइयों की कमी
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
87. ( क्र. 1043 ) श्री आतिफ आरिफ अकील : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भोपाल के जिला चिकित्सालय जयप्रकाश अस्पताल सहित अधीनस्थ चिकित्सालयों के लिए चिकित्सक एवं पैरामेडिकल स्टाफ सहित अन्य कौन-कौन से पद स्वीकृत हैं? इन स्वीकृत पदों में से कौन-कौन से पद कब से रिक्त हैं? इन पदों की पूर्ति की दिशा में शासन ने अब तक क्या कार्रवाई की एवं कब तक पूर्ति कर दी जावेगी? (ख) उक्त चिकित्सालयों में कौन-कौन से चिकित्सा उपकरण, पैथोलॉजी लैब एवं दवाओं की कमी कब से है? इसकी पूर्ति की दिशा में सरकार की ओर से क्या कार्रवाई की गई? कब तक पूर्ति कर दी जावेगी? (ग) उपरोक्त प्रश्नांश (क) एवं (ख) के परिप्रेक्ष्य में क्या उन चिकित्सालयों में चिकित्सक/अन्य स्टाफ तथा दवा आदि की कमी के कारण मरीजों का समुचित इलाज नहीं मिल पा रहा है? यदि नहीं, तो उन चिकित्सालयों में दवाओं एवं चिकित्सकों की कमी तथा फंगस लगी दवा वितरित करने के संबंध में विगत कई महीनों से समाचार प्रकाशित हो रहे हैं? इस संबंध में वस्तुस्थिति स्पष्ट करें।
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'अ' अनुसार है। रिक्त पदों पर पदस्थी संबंधी विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'अ' अनुसार है। रिक्त पदों की पूर्ति एक निरंतर प्रक्रिया है, निश्चित समयावधि बताई जाना संभव नहीं है। (ख) भोपाल जिले अंतर्गत संचालित स्वास्थ्य संस्थाओं में चिकित्सा उपकरणों, पैथोलॉजी लैब एवं दवाओं की पर्याप्त व्यवस्था है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी नहीं, उपलब्ध विशेषज्ञ/चिकित्सकों एवं सहायक स्टॉफ द्वारा आमजन को स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान की जा रही है। समस्त स्वास्थ्य केन्द्रों में मापदण्ड अनुसार दवाइयां, सामग्री, उपकरण आदि पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं एवं मरीजों को दवाइयां प्रदान की जा रही है। समाचार पत्र में प्रकाशित औषधियों का परीक्षण कराया गया, परीक्षण में दवाइयां मानक स्तर की पायी गई हैं। जांच रिपोर्ट पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'ब' अनुसार है।
मेडिकल कॉलेज के निर्माण की घोषणा का क्रियान्वयन
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
88. ( क्र. 1044 ) श्री अरूण भीमावद : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र शाजापुर में माननीय मुख्यमंत्री महोदय के दिनांक 8 दिसम्बर 2024 के प्रवास के दौरान एक नया मेडिकल कॉलेज खोलने की घोषणा की गई थी? (ख) यदि हाँ, तो इसके लिए कितनी राशि स्वीकृत हुई है और इसका निर्माण कार्य कब तक शुरू होगा? समय-सीमा बताएं। (ग) इस संबंध में अब तक क्या-क्या कार्यवाही की गई है? जानकारी उपलब्ध करावें।
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जी हाँ। (ख) पी.पी.पी. मोड पर शाजापुर में मेडिकल कॉलेज स्थापित किया जायेगा। राशि स्वीकृति का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। पी.पी.पी. मोड के नियमानुसार योग्य निविदाकार प्राप्त होने पर निर्माण कार्य की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी जायेगी। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं। (ग) उत्तरांश (ख) अनुसार।
माइक्रो इरिगेशन लाइनिंग की प्रशासनिक स्वीकृति
[जल संसाधन]
89. ( क्र. 1047 ) श्री अरूण भीमावद : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या माननीय मुख्यमंत्री महोदय द्वारा दिनांक 16 नवम्बर 2025 को मक्सी प्रवास के दौरान लखुंदर नहर को माइक्रो इरिगेशन लाइनिंग की घोषणा की गई थी? (ख) क्या लखुन्दर बांध से निकलने वाली नहरों को माइक्रो इरिगेशन लाइनिंग की प्रशासनिक स्वीकृति की गई है? (ग) यदि हाँ, तो इसकी लागत राशि कितनी है और प्रशासनिक स्वीकृति कब तक जारी की जावेगी?
जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा दिनांक 16 नवम्बर 2025 को लखुंदर परियोजना अंतर्गत उच्च दाबयुक्त सूक्ष्म सिंचाई परियोजना स्वीकृत किये जाने की घोषणा की गई थी। (ख) एवं (ग) परियोजना की प्रशासकीय स्वीकृति हेतु साधिकार समिति की दिनांक 11.02.2026 की बैठक में समिति द्वारा अनुशंसा की गई। तदानुसार कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
सांदीपनि विद्यालय के नवीन भवन में कक्षाओं का संचालन
[स्कूल शिक्षा]
90. ( क्र. 1049 ) डॉ. तेजबहादुर सिंह चौहान : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि खाचरोद में सांदीपनि विद्यालय के नवीन भवन का लोकार्पण माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा विगत दिवस में किया जा चुका है लेकिन उसमें कक्षाओं का संचालन आज तक क्यों नहीं हुआ है? नवीन भवन में कक्षाएं कब से प्रारंभ कर दी जाएंगी? जानकारी दें।
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) सांदीपनि विद्यालय खाचरोद, जिला उज्जैन के नवीन भवन में दिनाँक 28 जनवरी 2026 से कक्षायें प्रारंभ कर दी गई हैं। अत: शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
प्रतिकर का भुगतान
[राजस्व]
91. ( क्र. 1054 ) श्री दिनेश जैन बोस : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या अतारांकित प्रश्न क्रमांक-52, दिनांक 03 जुलाई 2024 के उत्तरांश (ग) में बताया कि प्रतिकर राशि दिनांक 05.01.1996 को अवार्ड दिनांक से 06 वर्ष 01 माह बाद जमा की गई? (ख) क्या दिनांक 6.12.1994 तक कार्यपालन यंत्री द्वारा भू-धारक को भुगतान लेने हेतु लिखा गया कोई सूचना पत्र प्रश्नाधीन प्रकरण के अभिलेख में नहीं है? यदि है तो क्रमांक एवं दिनांक सहित जानकारी दें। (ग) क्या प्रश्नांश (क) एवं (ख) के उत्तर अनुसार भू-धारक को मुआवजा राशि का भुगतान लेने की सूचना देना तथा अवार्ड में निर्धारित राशि शासकीय कोषालय में जमा कराना, दोनों कार्यवाही अवार्ड दिनांक से 05 वर्ष की अवधि बीतने के बाद कार्यपालन यंत्री द्वारा की जाना प्रमाणित है? यदि नहीं, तो किस अभिलेख के कारण? (घ) यदि प्रश्नांश (ग) का उत्तर हाँ तो क्या प्रश्नाधीन प्रकरण में दिनांक 6.12.1994 से ही भू-अर्जन अधिनियम 2013 की धारा 24 के प्रावधान एवं इस धारा के संबंध में जारी राज्य शासन के परिपत्र एवं न्यायालयीन आदेश प्रभावशील हो गये हैं? यदि नहीं, तो नियम-प्रावधान सहित कारण बतायें। (ड.) यदि प्रश्नांश (घ) का उत्तर हाँ है तो क्या विभाग कलेक्टर भोपाल के पृष्ठांकन क्रमांक-271/भू-अर्जन/25, दिनांक 19.2.2025 द्वारा सूचित निर्णय के स्थान पर भू-अर्जन अधिनियम 2013 के प्रावधानानुसार मुआवजा भुगतान करने हेतु कलेक्टर को निर्देश देंगे? हाँ तो कब? यदि नहीं, तो क्यों? नियम सहित जानकारी दें।
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जी हाँ। कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन विभाग, भोपाल (म.प्र.) द्वारा राशि 8, 46, 074/- रूपये (आठ लाख छियालीस हजार चौहत्तर रूपये) मात्र का चेक क्रमांक 134215, दिनांक 12/09/1995 द्वारा इस कार्यालय को भू-स्वामी को भुगतान हेतु प्रेषित किया गया था। उक्त चेक को इस कार्यालय द्वारा चालान क्र. 02, दिनांक 05/01/1996 को शासकीय कोषालय में रेवन्यू डिपोजिट में जमा किया गया था। (ख) जी हाँ। कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन विभाग, भोपाल (म.प्र.) द्वारा आवेदक को मुआवजा प्राप्त करने हेतु कई बार पत्राचार किया गया, तदुपरांत अंतिम बार पत्र क्र. 252 एवं पत्र क्र. 253, दिनांक 29/06/1995 द्वारा मुआवजा प्राप्त करने हेतु सूचना दी गई, परंतु आवेदक मुआवजा प्राप्त करने हेतु उपस्थित नहीं हुआ। (ग) जी नहीं। उत्तरांश (क) एवं (ख) अनुसार। (घ) जी नहीं। म.प्र. शासन, राजस्व विभाग, मंत्रालय, वल्लभ भवन, भोपाल के पत्र क्रमांक एफ 12-5/2014/सात/शा.2ए, भोपाल, दिनांक 29 जनवरी 2014 द्वारा भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 24 के संबंध में निर्देश विषयक संबंधी जारी दिशा-निर्देश अनुसार उक्त भूमि का भौतिक अधिग्रहण पूर्व में किया गया था एवं भू-अर्जन अधिनियम 1894 की धारा-11 के अधीन अवार्ड भी पारित किया जा चुका था। (ड.) जी नहीं। भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 एवं माननीय सर्वोच्च न्यायालय, नई दिल्ली की एस.एल.पी. (सी) 9036-9038/2016, दिनांक 06/03/2020 के निर्णय के बिन्दु 363 (4) के अनुसार भूमि अर्जन, पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 इस प्रकरण में लागू नहीं होता है। भू-अर्जन अधिनियम 1894 के अनुसार ही आवेदक को मुआवजा भुगतान किया जा सकता है।
झोलाछाप बंगाली डॉक्टरों पर कार्यवाही
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
92. ( क्र. 1057 ) श्री कमलेश्वर डोडियार : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला रतलाम के सैलाना विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत अवैध रूप से झोलाछाप/बंगाली डॉक्टरों द्वारा प्रैक्टिस किए जाने की कितनी शिकायतें/प्रकरण संज्ञान में आई हैं? उनका वर्षवार एवं क्षेत्रवार जानकारी बतावें। उक्त अवधि में झोलाछाप डॉक्टरों द्वारा हैवी डोज/अनधिकृत दवाओं के उपयोग से मरीजों की मृत्यु/गंभीर बीमारी के कितने प्रकरण दर्ज हुए हैं? उनका वर्षवार विवरण क्या है? इन अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने हेतु स्वास्थ्य विभाग द्वारा क्या-क्या कार्यवाही की गई है? कितने झोलाछाप डॉक्टरों के विरुद्ध एफ.आई.आर./सीलिंग/दंडात्मक कार्यवाही की जानकारी बतावें। (ख) क्या प्रश्नांश (क) में उल्लेखित संबंधित अधिकारी/कर्मचारियों की मिलीभगत के कारण उक्त अवैध प्रैक्टिस संचालित हो रही है? यदि हाँ, तो अब तक किन-किन अधिकारियों/कर्मचारियों के विरुद्ध जांच/कार्यवाही की गई है? यदि नहीं, तो कारण सहित बतावें। (ग) सैलाना विधानसभा क्षेत्र में झोलाछाप डॉक्टरों की रोकथाम हेतु विशेष अभियान/निरीक्षण अभियान चलाया जाएगा या नहीं? यदि हाँ, तो अभियान की समय-सीमा, कार्ययोजना एवं जिम्मेदार अधिकारियों का विवरण दें। यदि नहीं, तो क्यों नहीं? कारण बतावें। जिन अधिकारियों ने समय रहते कार्यवाही नहीं की, क्या उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी या नहीं? यदि हाँ, तो कब तक की जाएगी? यदि नहीं, तो इसका स्पष्ट कारण बतावें।
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जिला रतलाम के सैलाना विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत अवैध रूप से झोलाछाप/बंगाली डॉक्टरों द्वारा प्रैक्टिस किए जाने के कुल 14 प्रकरण संज्ञान में आए हैं। वर्षवार, क्षेत्रवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। उक्त अवधि में झोलाछाप डॉक्टरों से उपचार उपरांत एक मरीज की मृत्यु होना दर्ज है जिसका विधिवत पोस्टमॉर्टम कराया गया है परन्तु रिपोर्ट अपेक्षित होने के कारण यह स्पष्ट रूप से कहा नहीं जा सकता कि मृत्यु हैवी डोज़/अनधिकृत दवा के उपयोग से हुई है। इन अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने हेतु विभाग द्वारा संचालनालयीन पत्र क्र. 248 दिनांक 15/07/2024 द्वारा निर्देशित किया गया है जिसके अनुक्रम में जिला रतलाम में समय-समय पर जांच दल गठित कर झोलाछाप डॉक्टरों के विरूद्ध कार्यवाही की गई है, जिसकी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी नहीं। समय-समय पर प्राप्त शिकायत/सूचना के आधार पर जिला स्तर पर जांच दल गठित कर नियमानुसार कार्यवाही की गई है। अवैध प्रैक्टिस के संचालन में किसी अधिकारी/कर्मचारी का कोई प्रमाण नहीं होने के कारण अधिकारियों/कर्मचारियों के विरूद्ध जांच/कार्यवाही का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) सैलाना विधानसभा क्षेत्र में झोलाछाप डॉक्टरों की रोकथाम हेतु विशेष अभियान/निरीक्षण अभियान की कोई योजना नहीं है। मध्यप्रदेश उपचर्या गृह तथा रूजोपचार संबंधी स्थापनाएं (रजिस्ट्रीकरण तथा अनुज्ञापन) अधिनियम, 1973 तथा नियम 1997 (यथा संशोधित) 2021 के विनियामक प्रावधानों के अनुक्रम में नियमित निरीक्षण की कार्यवाही सतत जारी है। उत्तरांश (क) में दी गई जानकारी के अनुक्रम में अधिकारियों के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही करने का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
शासकीय भूमियों पर कब्जा
[राजस्व]
93. ( क्र. 1060 ) डॉ. राजेन्द्र पाण्डेय : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या भू-माफियाओ द्वारा षड़यंत्रपूर्वक कूटरचित दस्तावेजों के माध्यम से शासकीय भूमि को निजी भूमि के रूप में कब्जा किये जाने की निरंतर शिकायतें प्राप्त हो रही हैं? (ख) यदि हाँ तो विभाग द्वारा रतलाम जिले का सम्पूर्ण राजस्व एवं नजूल भूमियों का रिकार्ड बंदोबस्त विभाग में संधारित किया गया है? (ग) यदि हाँ तो रतलाम जिला अंतर्गत शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में किन–किन स्थानों पर नजूल एवं राजस्व भूमियों पर अवैध अतिक्रमण के साथ ही झूठे दस्तावेजों के माध्यम से भूमियों को हड़पने की कितनी शिकायतें प्राप्त हुईं? उन पर क्या-क्या कार्यवाही की गई? (घ) उपरोक्त प्रश्नांश (क), (ख) व (ग) अंतर्गत उल्लेखित राजस्व एवं नजूल भूमियों का मिलान मध्य भारत प्रांत एवं म.प्र. शासन के साथ ही वर्ष 1956-57 तक शासकीय रही, भूमियां निजी भूमि के रूप में किन-किन वर्षों में किसके आदेश से अंतरित हुईं? वर्ष 2020-21 से लेकर प्रश्न दिनांक तक की स्थिति से अवगत करें।
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जी हाँ, जिला रतलाम में तहसील जावरा अंतर्गत 4 शिकायतें प्राप्त हुई हैं। (ख) जी हाँ। (ग) तहसील जावरा के अंतर्गत 4 शिकायत प्राप्त हुई हैं। 1- कस्बा जावरा के सर्वे क्रमांक 464 व 465, इसमें न्यायालय व्यवहार वर्ग 02, जावरा के दीवानी प्रकरण क्रमांक 0134/ए. 173 व आ. दिनांक 23/04/1976 के पालन में। 2- ग्राम रोजाना के सर्वे क्रमांक 299/1, 299/2, 300, आदेश क्रमांक 18 ए 6/97-98-8/5/98 से दर्ज हुई हैं। 3- ग्राम उखेडिया के सर्वे क्रमांक 57, प्रकरण क्रमांक 100/71-72, दिनांक 16/05/1972 दर्ज है। 4- ग्राम बन्नाखेडा के सर्वे क्रमांक 224, 225, 226 में रिट याचिका क्रमांक WP 1142/2023, WP 29945/2022, WP 17643/2021, WP 19/2005 दर्ज होकर विचाराधीन हैं। उपरोक्त शिकायतें प्राप्त होकर माननीय उच्च न्यायालय खण्डपीठ इन्दौर एवं सिविल न्यायालयों में याचिका एवं सिविल वाद दर्ज होकर कार्यवाही विचाराधीन हैं। (घ) तहसील कार्यालय में उपलब्ध रिकार्ड के अनुसार भूमि मिसल बन्दोबस्त वर्ष 1957-58 में सर्वे न 464 व 465 शासकीय हैं व न्यायालय तहसीलदार जावरा के प्रकरण क्रमांक 4/अ-6/1986-87 आदेश दिनांक 24/10/1986 द्वारा भूमि सर्वे नम्बर 464 व 465 पर वर्ष 1986-87 में भूमि स्वामी रहमत खां, हमीद खां, पिता नाहर खां का नाम दर्ज किया गया हैं। 2. तहसील कार्यालय में उपलब्ध रिकार्ड के अनुसार भूमि मिसल बन्दोबस्त वर्ष 1957-58 में सर्वे नं. 299/1, 299/2 शासकीय हैं व ग्राम रोजाना के सर्वे क्रमांक 299/1, 299/2, आदेश क्रमांक 18 ए 6/97-98 दिनांक 8/5/98 के माध्यम से वर्ष 1986-87 में निजी दर्ज हुई हैं। 3. तहसील कार्यालय में उपलब्ध रिकार्ड के अनुसार भूमि मिसल बन्दोबस्त वर्ष 1957-58 में सर्वे नं. 57 शासकीय हैं व ग्राम उखेडिया के सर्वे क्रमांक 57 में वर्ष 1969 में सर्वे क्र. 57/2 रकबा 0.253 हेक्टेयर भूमि बिना सक्षम आदेश के निजी स्वत्व पर दर्ज हुई। वर्ष 1980-81 में सर्वे क्र. 57/4 रकबा 0.316 हेक्टेयर, 57/5 रकबा 0.316 हेक्टेयर भूमि बिना सक्षम आदेश के निजी स्वत्व पर दर्ज हुई। वर्ष 1990-91 में सर्वे क्र. 57/1 रकबा 1.037 हेक्टेयर शासकीय पट्टेदार से बिना सक्षम आदेश के निजी स्वत्व पर दर्ज हुई। वर्ष 2004-05 में सर्वे क्र. 57/2 में से रकबा 0.253 हेक्टेयर शासकीय पट्टेदार से 33/A-3/2003-04 दिनांक 27/02/2004 आदेश के माध्यम से निजी स्वत्व पर दर्ज हुई। वर्ष 2020-21 से प्रश्न दिनांक तक शासकीय भूमि से निजी भूमि होने की जानकारी निरंक है।
स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
94. ( क्र. 1061 ) डॉ. राजेन्द्र पाण्डेय : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जावरा विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत सिविल हॉस्पिटल जावरा व पिपलोदा तथा सामुदायिक, प्राथमिक, उप स्वास्थ्य केन्द्र एवं संजीवनी क्लिनिक कहाँ-कहाँ पर संचालित किये जा रहे हैं? (ख) प्रश्नांश (क) वर्णित स्वास्थ्य सेवाओं के सफल संचालन हेतु कितने पदों की स्वीकृतियां दी जाकर, कितने पद भरे हुए है? कितने रिक्त हैं तो रिक्त पदों की पूर्ति कब तक की जा सकेगी? (ग) किन-किन केन्द्रों पर संचालन हेतु किन-किन की पदस्थापना की गई, जिनमें से उच्च अध्ययन अथवा अन्य कारणों से लम्बी अवधि की छुट्टी पर कौन-कौन हैं तथा ज्वाइनिंग के पश्चात छुट्टी लेकर कितने लोग कर्तव्य स्थल पर वापस नहीं आये? (घ) शासन/ विभाग द्वारा सीधे पद पूर्ति के साथ ही संविदा, आउटसोर्स, रोगी कल्याण समिति इत्यादि द्वारा किस प्रकार पदपूर्ति की जा रही है? साथ ही सफाई कर्मी एवं सुरक्षा कर्मियों की पदपूर्ति की क्या व्यवस्था की जा रही है?
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' अनुसार। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' अनुसार। पदपूर्ति एक निरंतर प्रक्रिया है तथा निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' एवं ''ब'' अनुसार। (घ) शासन/विभाग द्वारा पदपूर्ति एक निरंतर प्रक्रिया है। संविदा कर्मचारियों की पद पूर्ति राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के माध्यम से, आउटसोर्स/साफ़-सफाई/सुरक्षा कर्मचारियों की पदपूर्ति शासन द्वारा निर्धारित मापदंडों के आधार पर मध्यप्रदेश भंडार क्रय व सेवा उपार्जन नियम 2022 (यथा संशोधित-2023) के माध्यम से चयनित एजेंसी के द्वारा की जाती है एवं रोगी कल्याण समिति से आउटसोर्स व्यवस्था के माध्यम से कर्मचारियों की पदपूर्ति का नियम नहीं है।
पट्टाधिकार योजना का क्रियान्वयन
[राजस्व]
95. ( क्र. 1064 ) श्री हरदीप सिंह डंग : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सुवासरा विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत नगरीय क्षेत्र सीतामऊ, शामगढ़, सुवासरा में शासन द्वारा आवासीय भूमि के पट्टाधिकार योजना के प्रारम्भ दिनांक से प्रश्न दिनांक तक कितने-कितने पट्टे वितरित किए गए हैं? दिनांक एवं वर्षवार जानकारी देवें। (ख) उपरोक्त पट्टे प्रदान करने हेतु शासन द्वारा किन नियमों एवं शर्तों का पालन किया गया है? जानकारी देवें। (ग) प्रश्न दिनांक तक पट्टों से वंचित पात्र हितग्राहियों को उपरोक्त योजना का लाभ देने के उद्देश्य से उपरोक्त तीनों नगर परिषदों से क्या राजस्व विभाग को प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं? जानकारी देवें। (घ) प्रश्नांश (ग) में उल्लेखित सूची में कितने पट्टेधारियों को पट्टे हेतु स्वीकृति दी गई है एवं कितने पट्टेधारियों को अपात्र किया गया है? दोनों के कारण सहित बतावें।
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) सुवासरा विधानसभा क्षेत्रांतर्गत नगरीय क्षेत्र सीतामऊ/ शामगढ़/सुवासरा में पट्टाधिकार योजना अंतर्गत प्रारम्भ दिनांक से प्रश्न दिनांक तक कुल 1358 पट्टे वितरित किये गये हैं। वर्षवार जानकारी निम्नानुसार है-
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नगर परिषद् |
वर्ष |
वितरित पट्टे की संख्या |
|
शामगढ़ |
2013-14 |
38 |
|
|
2017-18 |
61 |
|
|
2019-20 |
114 |
|
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2021-22 |
109 |
|
|
2023-24 |
03 |
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सुवासरा |
2013-14 |
297 |
|
|
2019-20 |
418 |
|
|
2021-22 |
56 |
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सीतामऊ |
2013-14 |
54 |
|
|
2019-20 |
72 |
|
|
2023-24 |
136 |
|
|
कुल योग |
1358 |
(ख) मध्यप्रदेश नगरीय क्षेत्र के भूमिहीन व्यक्ति (पट्टाधृति) अधिकारों का प्रदान किया जाना अधिनियम 1984 के अनुक्रम में नगरीय विकास एवं आवास विभाग के आदेश क्रमांक एफ 4209/2025/18-3 भोपाल दिनांक 17.11.2025 के आदेशानुसार पट्टे प्रदान किये गये जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''अ'' अनुसार है। (ग) जी हाँ। शासन द्वारा जारी परिपत्र एवं निर्देश के क्रम में समस्त पात्र हितग्राहियों के प्रस्ताव भेजे गए हैं। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''ब'' अनुसार है। (घ) नगर परिषद् शामगढ़, सीतामऊ एवं सुवासरा में पट्टाधारियों पात्र/अपात्र की जानकारी निम्नानुसार है :-
|
नगर परिषद् |
पात्र/स्वीकृत |
अपात्र |
|
शामगढ़ |
19 |
177 |
|
सुवासरा |
62 |
533 |
|
सीतामऊ |
9 |
73 |
|
कुल |
90 |
783 |
जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''स'' अनुसार है।
चंदवासा चिकित्सालय भवन का निर्माण
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
96. ( क्र. 1065 ) श्री हरदीप सिंह डंग : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) चंदवासा प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र का भवन किस वर्ष में स्वीकृत हुआ था? लागत राशि सहित जानकारी देवें। (ख) उपरोक्त भवन के निर्माण हेतु किस एजेंसी को नियुक्त किया गया था एवं टेण्डर के पश्चात् किस ठेकेदार के द्वारा निर्माण किया जा रहा है? निर्माण कार्य प्रारम्भ करने की दिनांक एवं प्रश्न दिनांक तक की स्थिति से अवगत करावें। (ग) उपरोक्त भवन के निर्माण को प्रारम्भ से प्रश्न दिनांक तक किस इंजीनियर की देखरेख में क्वालिटी रिपोर्ट विभाग को प्रेषित की जा रही है एवं अभी तक निर्माण कार्य के संबंध में किस-किस ने कोई शिकायत की है? यदि हाँ तो शिकायतकर्ता का नाम एवं उस पर की गई जांच की रिपोर्ट देवें। (घ) उपरोक्त भवन के निर्माण कार्य में इतना विलम्ब होने का क्या कारण रहा एवं निर्माण कार्य कब तक पूर्ण कर लिया जावेगा? जानकारी देवें।
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) एवं (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' अनुसार। (ग) क्वालिटी रिपोर्ट उपयंत्री श्री अनिल राठौर द्वारा प्रेषित की जा रही है, श्री विनोद पवार द्वारा शिकायत की गई है, जांच रिपोर्ट की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''ब'' अनुसार। (घ) ठेकेदार द्वारा समय पर कार्य पूर्ण नहीं करने के कारण विविध जमा में राशि 50, 000/- रोकी गई है, माह मई 2026 तक कार्य पूर्ण करना लक्षित है।
सांदीपनि विद्यालय का निर्माण
[स्कूल शिक्षा]
97. ( क्र. 1070 ) श्री दिलीप सिंह परिहार : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या नीमच शहर में सांदीपनि विद्यालय के निर्माण हेतु शासन द्वारा स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है? यदि हाँ, तो उक्त विद्यालय के निर्माण की वर्तमान वस्तुस्थिति से अवगत कराएं। (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में, क्या विद्यालय हेतु भूमि चयन, निविदा (टेंडर) प्रक्रिया तथा अन्य आवश्यक प्रशासनिक कार्यवाही पूर्ण होने के पश्चात भी संबंधित विभागीय अधिकारियों की लापरवाही अथवा उदासीनता के कारण निर्माण कार्य अब तक प्रारंभ नहीं हो पाया है? यदि हाँ, तो इसके लिए उत्तरदायी अधिकारी कौन हैं और उनके विरुद्ध क्या कार्यवाही की जा रही है? (ग) उक्त सांदीपनि विद्यालय के निर्माण कार्य हेतु निर्माणकर्ता एजेंसी को समस्त आवश्यक तकनीकी एवं प्रशासनिक अनुमतियां कब तक प्रदान कर दी जाएंगी? समय-सीमा बताएं।
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जी हाँ। वर्तमान में कार्य अप्रारंभ है। (ख) जी नहीं, स्थान परिवर्तन के कारण ऐसी स्थिति निर्मित हुई हैं। इसमें कोई अधिकारी उत्तरदायी नहीं है। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
जलाशयों के लीकेज का मरम्मत कार्य
[जल संसाधन]
98. ( क्र. 1076 ) श्री साहब सिंह गुर्जर : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) ग्वालियर जिले के तिघरा जलाशय (श्रीमंत माधवराव सिंधिया जलाशय) से पुरानी स्टेट समय की नहर निकली है, इसका वेस्टेज पानी नदी में छोड़ा जाता है। क्या इस वेस्टेज पानी को स्टेट समय की नहर से जोड़ा जाएगा? यदि हाँ, तो कब तक? समय-सीमा बतावें। यदि नहीं, तो कारण बतावें। (ख) विधानसभा क्षेत्र 14 ग्वालियर ग्रामीण अन्तर्गत हरसी डेम से ग्राम पारसेन गजेन्द्र सिंह मास्टर के खेत से आलोरी तक क्या नहर क्षतिग्रस्त है? यदि हाँ, तो इसकी मरम्मत कब तक कराई जावेगी? समय-सीमा बतावें। यदि नहीं, तो कारण बतावें। (ग) ग्वालियर जिले में वर्ष 2024-25 में आई बाढ़ से विधानसभा क्षेत्र 14 ग्वालियर अन्तर्गत बाहंगीखुर्द तालाब की पार, स्यावरी भेला तालाब की पार, रतवाई तालाब की पार एवं जखारा भूमियाबाबा मंदिर के पीछे तालाब की पार, क्या क्षतिग्रस्त हुई थी? इनकी मरम्मत कब तक कराई जावेंगी? समय-सीमा बतावें। (घ) दिनांक 01/01/2024 से 20/01/2026 तक विभाग अन्तर्गत ग्वालियर जिले के जलाशयों एवं नहरों का विभागीय अधिकारियों द्वारा कब-कब निरीक्षण/परीक्षण किया गया? निरीक्षण टीप की छायाप्रति उपलब्ध करावें। यह भी जानकारी दें कि इस अवधि में संधारण कार्य हेतु कितनी राशि कब-कब व किन कार्यों के लिए व्यय की गई? पूर्ण जानकारी देवें
जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) जी नहीं। पानी की मात्रा नहर के प्रवाह क्षमता से अधिक होने के कारण नहर में मिट्टी आदि जमा हो जाने की समस्या हो जाती है तथा नहर क्षतिग्रस्त होने की भी संभावना भी रहती है। अतः शेष प्रश्नांश लागू नहीं होता है। (ख) जी हाँ। कार्यरत एजेन्सी के माध्यम से माह जून 2026 तक ठीक करा लिया जाना प्रतिवेदित है। (ग) रतवाई तालाब, जखारा भूमि बाबा मंदिर के पीछे तालाब की पार क्षतिग्रस्त नहीं होना तथा बहांगीखुर्द तालाब की पार क्षतिग्रस्त होना प्रतिवेदित है। स्यावरी भेला तालाब जनपद पंचायत मुरार के अधीन है। प्राप्त जानकारी अनुसार वर्ष 2024-25 में आई बाढ़ से तालाब की पार क्षतिग्रस्त नहीं हुई थी। रतवाई तालाब की पार पर लोक निर्माण विभाग द्वारा रोड का निर्माण किया जा रहा है उनके द्वारा उक्त तालाब की पार की ऊंचाई को कम कर दिया गया था, जिसके संबंध में विभाग द्वारा लोक निर्माण विभाग को नोटिस देकर कार्य बंद करा दिया गया है तथा नियमानुसार पुनर्निर्माण हेतु लोक निर्माण विभाग को लेख किया गया है। बाहंगीखुर्द तालाब की मरम्मत का कार्य माह जून 2026 तक पूर्ण कराये जाने का लक्ष्य है। (घ) अधिकारियों द्वारा दिनांक 01.01.2024 से 20.01.2026 तक किये गये निरीक्षणों की निरीक्षण टीप संलग्न "परिशिष्ट-1" एवं व्यय विवरण संलग्न "प्रपत्र-अ" अनुसार है।
लंबित राशि की वसूली
[परिवहन]
99. ( क्र. 1077 ) श्री साहब सिंह गुर्जर : क्या परिवहन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) ग्वालियर जिले में यात्री वाहन मद संख्या 872 एवं माल वाहन मद संख्या 873 में कितनी धनराशि दिनांक 31.12.2025 की स्थिति में वसूली की जाना शेष है? मदवार पृथक-पृथक जानकारी उपलब्ध करावें। (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में 6 माह से अधिक समय से लंबित प्रकरणों की जानकारी, वाहन स्वामी का नाम, वाहन स्वामी का पता, मोबाइल नम्बर, वाहन क्रमांक, लंबित राशि सहित मद 872 एवं मद 873 में पृथक-पृथक प्रकरणवार जानकारी देवें। (ग) लंबित राशि वसूली के लिए वाहन स्वामियों को कब-कब नोटिस दिए गए? इस लंबित राशि के लिए इनके वाहन कब तक राजसात कर लिए जाएंगे? समय-सीमा बतावें। यदि नहीं, तो क्यों? कारण बतावें। (घ) राशि की वसूली न कर इन्हें संरक्षण देने वाले अधिकारियों के नाम, पदनाम देकर बतावें कि इसके लिए विभाग इन पर कब तक कार्यवाही करेगा? जानकारी उपलब्ध करावें।
परिवहन मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) दिनांक 31.12.2025 की स्थिति में ग्वालियर जिले में यात्री वाहन मद संख्या 872 में राशि रूपये 15, 79, 06, 144/- एवं माल वाहन मद संख्या 873 में राशि रूपये 33, 17, 41, 000/- वसूली हेतु लंबित है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) मोटरयान कर एवं शास्ति की बकाया राशि की वसूली हेतु समय-समय पर मांग-पत्र जारी किये जाते हैं तथा वाहन चेकिंग की कार्यवाही के दौरान इस प्रकार के वाहन पाये जाने पर उनसे बकाया राशि वसूली की कार्यवाही की जाती है। प्रश्न दिनांक तक ग्वालियर जिले में यात्री वाहन मद संख्या 872 में राशि रूपये 7, 46, 30, 644/- एवं माल वाहन मद संख्या 873 में राशि रूपये 1, 73, 73, 847/- वसूली की जा चुकी है। लंबित राशि वसूली की कार्यवाही एक सतत प्रक्रिया है, जिसके परिप्रेक्ष्य में समय-सीमा बताया जाना अपेक्षित नहीं है। (घ) प्रश्नांश (ग) के परिप्रेक्ष्य में विभागीय अधिकारियों द्वारा वसूली की कार्यवाही निरंतर की जा रही है। अतः शेषांष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
मुख्य महाप्रबंधक, मध्यप्रदेश मत्स्य महासंघ के विरुद्ध शिकायत
[मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास]
100. ( क्र. 1079 ) श्री कैलाश कुशवाहा : क्या राज्य मंत्री, मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या विभाग में अनेक वरिष्ठ अधिकारियों की उपलब्धता होने के बावजूद श्री रवि कुमार गजभिये को निरंतर महत्वपूर्ण एवं संवेदनशील पदों/दायित्वों पर पदस्थ किया गया? (ख) क्या श्री रवि कुमार गजभिये, वर्तमान मुख्य महाप्रबंधक, मध्यप्रदेश मत्स्य महासंघ के विरुद्ध व्यक्तिगत शिकायतें एवं अन्य न्यायालयीन प्रकरण लंबित/निराकृत की अनेक शिकायतें प्राप्त हुई हैं? यदि हाँ, तो उनकी संख्या, प्रकृति एवं वर्तमान स्थिति क्या है? (ग) क्या सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) द्वारा ऐसे परिपत्र/निर्देश प्रभावी हैं, जिनके अनुसार आपराधिक अथवा न्यायालयीन प्रकरण लंबित होने की स्थिति में किसी अधिकारी को पदोन्नति देने अथवा महत्वपूर्ण/संवेदनशील पदों पर पदस्थ नहीं किया जाना चाहिए? (घ) क्या श्री गजभिये द्वारा संचालक तथा मुख्य महाप्रबंधक (CGM) पद पर रहते हुए प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PMMSY) अंतर्गत केज कल्चर, झींगा पालन, तालाब निर्माण, बायोफ्लॉक एवं मत्स्य किसान योजनाओं में लगभग ₹150 करोड़ से अधिक की सब्सिडी जारी की गई? (ङ) क्या श्री गजभिये के विरुद्ध वर्ष 2019 में FIR दर्ज हुई तथा वर्ष 2023 में चालान न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, इसके बावजूद उन्हें महत्वपूर्ण एवं वित्तीय दृष्टि से संवेदनशील पदों पर पदस्थ किया गया? (च) यदि उपरोक्त मामलों में GAD के निर्देशों अथवा सेवा नियमों का उल्लंघन पाया जाता है, तो दोषी अधिकारियों के विरुद्ध कौन-सी विभागीय अथवा प्रशासनिक कार्यवाही प्रस्तावित है?
राज्य मंत्री, मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास ( श्री नारायण सिंह पंवार ) : (क) तत्कालीन संचालक मत्स्योद्योग श्री भरत सिंह का आकस्मिक निधन हो जाने के कारण संचालनालय में पदस्थ उप संचालक श्री रवि कुमार गजभिये को अपने कार्य के साथ-साथ संचालक मत्स्योद्योग का अतिरिक्त प्रभार आगामी आदेश तक सौंपा गया था, तत्पश्चात शासन के आदेश दिनांक 01.07.2025 से वरिष्ठता के आधार पर श्री मनोज कुमार पथरोलिया, संयुक्त संचालक, मत्स्योद्योग को संचालक मत्स्योद्योग के पद पर पदस्थ किया गया। (ख) श्री रवि कुमार गजभिये के विरूद्ध दो शिकायतें प्राप्त हुई हैं। शिकायतें भ्रष्टाचार एवं अवैध पदोन्नति के संबंध में है। उक्त शिकायतों की जांच विभाग में प्रचलन में है तथा मा. उच्च न्यायालय जबलपुर में विचाराधीन हैं। (ग) जी हाँ। शासन परिपत्र/निर्देश की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ अनुसार। (घ) जी हाँ। श्री रवि कुमार गजभिये द्वारा संचालक/मुख्य महाप्रबंधक के पद पर रहते हुए राशि रूपये 122.228 करोड़ की सब्सिडी जारी की गई। (ड.) वर्ष 2019 में श्री गजभिये के विरूद्ध पुलिस थाना बंडोल जिला सिवनी में प्रकरण दर्ज है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ब अनुसार। (च) जांच कार्यवाही प्रचलन में है। दोषी पाये जाने पर नियमानुसार शासन स्तर से कार्यवाही की जावेगी।
सनघटा मध्यम सिंचाई परियोजना की डी.पी.आर.
[जल संसाधन]
101. ( क्र. 1082 ) श्री देवेन्द्र कुमार जैन : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शिवपुरी अंतर्गत सनघटा सिंचाई परियोजना की प्रारंभिक डी.पी.आर. में सिंचित होने वाले ग्रामों की सूची, डी.पी.आर. की प्रति तथा निविदा शर्तों की छायाप्रतियां उपलब्ध करावें। (ख) क्या सनघटा सिंचाई परियोजना की प्रारंभिक डी.पी.आर. के आधार पर निर्माण कार्य हेतु जारी की गई निविदा में जिन ग्रामों को सिंचाई परियोजना में शामिल किया गया था, निविदा जारी होने के उपरांत उन ग्रामों में से अनेक ग्रामों को सिंचाई परियोजना से हटाकर अन्य नये ग्रामों को शामिल किया गया है? आवश्यकता सहित सकारण उत्तर दें। (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के संदर्भ में परियोजना में शामिल किन-किन ग्रामों को किन-किन कारणों से कौन-कौन से अधिकारियों के अनुमोदन/आदेश से हटाया गया है? क्या उक्त अधिकारी ऐसा आदेश करने हेतु अधिकृत थे अथवा नहीं? परियोजना में शामिल किये गए नये ग्रामों सूची दें। इस संबंध में जारी किये गये समस्त आदेशों की छायाप्रतियां उपलब्ध करावें। (घ) क्या सिंचाई परियोजना की निविदा शर्तें जारी होने के बाद शामिल ग्रामों को हटाया जा सकता है? यदि हाँ तो किस स्तर के अधिकारियों के आदशों से हटाया जा सकता है? क्या सनघटा सिंचाई परियोजना में भी सक्षम अधिकारियों के आदेश पर ही शामिल ग्रामों को परियोजना से हटाकर बाहर किया गया अथवा नहीं? यदि नहीं, तो ऐसा करने वाले कौन-कौन अधिकारी दोषी हैं तथा उनके विरूद्ध कब तक कार्यवाही की जावेगी?
जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) परियोजना से सिंचित होने वाले ग्रामों की सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-"अ" अनुसार तथा डी.पी.आर., निविदा (अनुबंध) की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-"1" एवं "2" अनुसार है। (ख) जी हाँ, 11 ग्रामों को हटाकर नये 16 ग्रामों को शामिल किया जाना प्रतिवेदित है। स्कोप आफ वर्क में वर्णित विद्युत खपत 1.27 मेगावाट को सीमित रखते हुये, उच्चतम लेवल 454.00 मीटर वाले सैच्य क्षेत्र 2546 हेक्टेयर को छोड़कर लेवल 401.00 मीटर वाले सैच्य क्षेत्र 2577 हेक्टेयर को शामिल किया जाना प्रतिवेदित है। (ग) परियोजना से हटाये गये ग्रामों एवं नये जोड़े गये ग्रामों की सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-"ब" अनुसार है। मुख्य अभियंता द्वारा अनुमोदन किया जाना प्रतिवेदित है। जी हाँ। परियोजना से संबंधित जारी आदेशों की छायाप्रतियां पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट "1-6" अनुसार है। (घ) जी हाँ। मुख्य अभियंता। जी हाँ। शेष प्रश्न लागू नहीं होता।
उच्च प्रभार दिये जाने हेतु काउंसलिंग में अनियमितता
[स्कूल शिक्षा]
102. ( क्र. 1086 ) श्री महेंद्र रामसिंह यादव : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या लोक शिक्षण भोपाल द्वारा विभिन्न पदों के उच्च प्रभार हेतु काउंसलिंग की गयी थी? यदि हाँ, तो कब? उसमें शिक्षकों के लिए यह अनिवार्य था कि उन पर विभागीय जांच संस्थित न हो? काउंसलिंग के नियम व निर्देश उपलब्ध करावें। (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार प्रदेश में ऐसे कौन-कौन से शिक्षक काउसंलिग में शामिल हुए एवं उन्हें उच्च प्रभार दे दिया गया, जिनकी विभागीय जांच संस्थित थी या वे जांच में दोषी थे? जानकारी नामवार, पदवार, संस्था एवं जिलावार पृथक-पृथक उपलब्ध करावें। (ग) क्या टीकमगढ़ जिले में पदस्थ श्री रामलखन पाराशर, प्रधानाध्यापक को विभागीय जांच प्रतिवेदन क्र. 184 दि. 10.07.2021 में दोषी पाये जाने के उपरांत भी विभाग द्वारा इन्हें दण्डित करने के बजाय शिक्षक से व्याख्याता का उच्च प्रभार दिया गया? यदि हाँ, तो इनके लिए कौन दोषी है व उनके विरूद्ध क्या कार्यवाही की गयी है या की जावेगी? (घ) काउंसलिंग में शिक्षकों से लिए गए विकल्प को डी.ई.ओ. से प्रमाणित कराने का प्रावधान था? यदि हाँ, तो टीकमगढ़ में विकल्प पर श्री रामलखन पाराशर द्वारा ही हस्ताक्षर किए गए हैं, क्या शासन द्वारा अधिकृत थे? यदि हाँ, तो सक्षम प्राधिकारी के आदेश की प्रति दें। यदि नहीं, तो नियम विरूद्ध विकल्प पर डी.ई.ओ. पदमुद्रा पर अवैधानिक हस्ताक्षर के लिए इन पर क्या कार्यवाही की गई? यदि नहीं, तो क्यों?
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-1 अनुसार। जी हाँ। शेषांश जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-2 अनुसार है। (ख) जिला टीकमगढ़ के श्री रामलखन पाराशर, प्रधानाध्यापक, शा.मा.शा. हीरानगर का उच्च पद प्रभार के आदेश जारी किये गये, जबकि उनके विरूद्ध विभागीय जांच संस्थित थी। शेष जिलों की जानकारी निरंक है। (ग) जांचकर्ता अधिकारी के जाँच प्रतिवेदन क्रमांक 184, दिनांक 10.07.2021 में संबंधित शिक्षक के विरुद्ध अधिरोपित आरोप क्रमांक-1, 2 एवं 3 आंशिक रूप से प्रमाणित होने संबंधी प्रतिवेदन सक्षम अधिकारी को प्रस्तुत किया गया। जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा काउंसलिंग के समय जांच के संबंध में अवगत नहीं कराए जाने से ऐसी स्थिति निर्मित हुई। इसके लिए तत्कालीन जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा प्रकरण में लापरवाही हेतु दोषी है तथा तत्कालीन जिला शिक्षा अधिकारी पूर्व से ही निलंबित है। इस कृत्य हेतु विभागीय कार्यवाही प्रारंभ की गई है। (घ) जी हाँ। जी हाँ। जी नहीं। संबंधित शिक्षक को प्रकरण में आयोजित काउंसलिंग में जिला शिक्षा अधिकारी की पदमुद्रा पर हस्ताक्षर करने के फलस्वरूप अनुशासनात्मक कार्यवाही करते हुए दिनांक 03.02.2026 को निलंबित किया गया है।
सिहुंड़ी जलाशय का अपूर्ण निर्माण
[जल संसाधन]
103. ( क्र. 1092 ) श्री प्रणय प्रभात पांडे : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रश्नकर्ता द्वारा विधानसभा की बैठक दिनांक 18-07-2024 में पूछे गये अतारांकित प्रश्न क्र.3185 की कण्डिका (ग) के उत्तर में बतलाया गया था, कि जलाशय निर्माण की निविदा के विखण्डन की कार्यवाही प्रतिवेदित है। विधानसभा की बैठक दिनांक 13-03-2025 को पूछे गये अतारांकित प्रश्न क्र. 202 की कण्डिका (घ) के उत्तर में बतलाया गया कि निविदा विखण्डन की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। विधानसभा बैठक दिनांक 30-07-2025 को पूछे गये प्रश्न क्र. 845 की कण्डिका (घ) के उत्तर में बतलाया गया कि सिहुंड़ी जलाशय की निविदा के विखण्डन की कार्यवाही परीक्षणाधीन है एवं विधानसभा की बैठक दिनांक 04-12-2025 को पूछे गये तारांकित प्रश्न क्र. 1075 के उत्तर में बतलाया गया कि निविदा विखण्डन की कार्यवाही वर्ष 2024 से मैदानी/विभागीय स्तर पर लम्बित होना प्रतिवेदित है। सक्षम स्तर से निविदा विखण्डन कर जमानत राशि राजसात की जाकर नियमानुसार पेनाल्टी की वसूली कर नवीन निविदा आमंत्रित की जावेगी। (ख) प्रश्नांश (क) के उत्तर में यदि हाँ, तो वर्ष 2012 प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त इस योजना को मैदानी अमले द्वारा कब तक लम्बित रखा जावेगा? बतलावें एवं यह भी बतलावें कि तत्संबंध में प्रमुख अभियन्ता जल संसाधन विभाग भोपाल द्वारा दिनांक 18-11-2025 को मुख्य अभियन्ता बेनगंगा कछार जल संसाधन विभाग सिवनी को इस संबंध में प्रेषित पत्र की छायाप्रति देवें एवं यह भी बतलावें कि इस पर कब किस के द्वारा क्या कार्यवाही की गई? बतलावें एवं की गई कार्यवाही की छायाप्रति देवें। (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के संदर्भ में सिहुंड़ी जलाशय की निविदा के विखण्डन की कार्यवाही में अत्यधिक विलम्ब होने एवं जलाशय एवं नहर निर्माण की लागत लगातार बढ़ने का दोषी कौन है? क्या शासन इसकी उच्च स्तरीय जांच कराकर दोषियों पर कार्यवाही करते हुये शीघ्र निविदा विखण्डन कर जमानत की राशि राजसात एवं पेनाल्टी की वसूली कर निर्माण कार्य की नवीन निविदा आमंत्रित करेगा? यदि हाँ, तो किस प्रकार से कब तक? यदि नहीं, तो क्यों नहीं? बतलावें।
जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) कार्यपालन यंत्री द्वारा पत्र दिनांक 28.01.2026 को अनुबंध क्र. 01/डी.एल./2020-21 कटनी, दिनांक 07.07.2020 का विखंडन किया जा चुका है। शेष कार्य पूर्ण कराये जाने हेतु नियमानुसार नवीन निविदा आमंत्रण की कार्यवाही की जाना प्रचलन में है। की गई कार्यवाही संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) एवं (ग) उत्तरांश (क) के अनुसार प्रकरण में विभाग द्वारा की गई कार्यवाही के अनुक्रम में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
बायोफ्लॉक टैंकों का निर्माण
[मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास]
104. ( क्र. 1099 ) श्री मधु भगत : क्या राज्य मंत्री, मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला बालाघाट अंतर्गत मत्स्य विभाग के राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत वर्ष 2020-21 से 2025-26 तक शासन द्वारा कितनी राशि का आवंटन प्राप्त हुआ और कितनी राशि योजना में किस-किस कार्य हेतु जिले के किस-किस विकासखण्डों में खर्च की गई? बिल व्हाउचर सहित कार्यादेश निविदा प्रक्रिया के समस्त दस्तावेज सहित भुगतान की तिथिवार जानकारी उपलब्ध करावें। (ख) जिले में राष्ट्रीय कृषि योजना और प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना अंतर्गत वर्ष 2020 से 2026 तक कितने बायोफ्लॉक टैंक निर्माण किये गये हैं? प्रत्येक की वर्षवार सूची प्रदान करें एवं बायोफ्लॉक टैंक (Biofloc) निर्माण से किन-किन कृषकों को लाभान्वित किया गया है एवं वर्तमान में सक्रिय बायोफ्लॉक टैंक (Biofloc) से किसानों को प्रतिवर्ष कितनी मछली उत्पादन से लाभ हो रहा है? अनुदान प्राप्त कृषकों के स्थल चयन का नक्शा खसरा एवं बायोफ्लॉक टैंक (Biofloc) की फोटो सहित समस्त दस्तावेजों की सत्यापित प्रति उपलब्ध करावें।
राज्य मंत्री, मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास ( श्री नारायण सिंह पंवार ) : (क) जिला बालाघाट अंतर्गत वर्ष 2020-21 एवं 2021-22 में राशि रूपये 27.10 लाख बायोफ्लॉक निर्माण हेतु आवंटित हुई जिसके विरूद्ध में राशि रूपये 27.10 लाख व्यय की गई। शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ अनुसार। (ख) जिले में राष्ट्रीय कृषि विकास योजनांतर्गत वर्ष 2020 से 2026 तक कुल 6 बायोफ्लॉक टैंक का निर्माण किया गया एवं प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना अंतर्गत 11 बायोफ्लॉक टैक का निर्माण किया गया। शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ब अनुसार।
सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की जानकारी
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
105. ( क्र. 1109 ) श्री सतीश मालवीय : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सिंहस्थ 2028 को दृष्टिगत रखते हुए विकासखंड घट्टिया जो कि सिंहस्थ क्षेत्र में लगता है, ऐसे में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घट्टिया एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नरवर पर कितने स्पेशलिस्ट चिकित्सक पदस्थ हैं? कितने पद रिक्त व कितने स्वीकृत हैं? रिक्त पदों को कब तक भरा जाएगा? (ख) प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ताजपुर, उन्हेल एवं पानबिहार पर कितने चिकित्सक/अधिकारी/कर्मचारी पदस्थ हैं? कितने पद रिक्त व कितने स्वीकृत हैं? रिक्त पदों को कब तक भरा जाएगा? जानकारी देवें। (ग) प्रश्नांश (ख) में वर्णित सभी 5 मुख्यालयों पर चिकित्सकों व अन्य स्टाफ के रुकने के लिए आवासीय भवन/क्वार्टर हैं अथवा नहीं? यदि नहीं, तो आवासीय भवन का निर्माण कब तक किया जावेगा? समय-सीमा बताते हुए सम्पूर्ण जानकारी देवें। (घ) प्रश्नांश वर्णित सभी 5 स्वास्थ्य केंद्रों पर विद्युत, स्वच्छ पानी की निरंतर आपूर्ति की क्या व्यवस्था है? क्या आगामी सिंहस्थ को देखते हुए वैकल्पिक व्यवस्था भी प्रस्तावित है? विस्तृत जानकारी देवें। (ङ) सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घट्टिया एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नरवर पर सोनोग्राफी मशीन एवं सभी आवश्यक उपकरण मय स्टाफ सिंहस्थ 2028 को देखते हुए कब तक उपलब्ध कराया जाएगा? समय-सीमा बतावें।
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र घट्टिया एवं नरवर में विशेषज्ञ पदों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'अ' अनुसार। रिक्त पदों की पूर्ति निरंतर प्रक्रिया है, निश्चित समयावधि बताया जाना संभव नहीं है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'ब' अनुसार। पदपूर्ति एक निरंतर प्रक्रिया है, निश्चित समयावधि बताई जाना संभव नहीं है। (ग) प्रश्नांश में वर्णित समस्त 05 मुख्यालयों में मापदण्ड अनुसार चिकित्सकों एवं अन्य स्टॉफ के लिए आवासीय भवन/क्वार्टर उपलब्ध हैं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) प्रश्नांकित समस्त 05 स्वास्थ्य केन्द्रों में विद्युत एवं स्वच्छ पानी की निरंतर आपूर्ति की व्यवस्था जैसे बोरवेल, नल कनेक्शन एवं आर.ओ. तथा विद्युत कनेक्शन आदि उपलब्ध है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ड.) सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र नरवर के जिला मुख्यालय से 20 से 25 कि.मी. स्थिति होने तथा निकट के जिला चिकित्सालय देवास से 15 से 20 कि.मी. पर स्थित होने से सोनोग्राफी मशीन की तत्काल आवश्यकता की स्थिति निर्मित नहीं हुई है। इस स्वास्थ्य केन्द्र पर अन्य उपकरण सतत उपलब्ध रहते हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र घट्टिया को 50 बिस्तरीय सिविल अस्पताल में उन्नयन का कार्य तीव्र गति से चल रहा है, जिसे माह दिसंबर 2026 में पूर्ण हो जाना अपेक्षित है, तदोपरांत आवश्यकता होने पर सोनोग्राफी मशीन एवं अन्य उपकरण आवश्यकतानुसार उपलब्ध कराये जा सकेंगे। पदपूर्ति एक निरंतर प्रक्रिया है, निश्चित समयावधि बताया जाना संभव नहीं है।
विद्यालयों के नवीन भवन निर्माण की स्वीकृति
[स्कूल शिक्षा]
106. ( क्र. 1110 ) श्री सतीश मालवीय : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) घट्टिया विधानसभा क्षेत्र अन्तर्गत कितने शासकीय प्राथमिक विद्यालय एवं माध्यमिक विद्यालय के भवन जीर्ण-शीर्ण अवस्था में हैं? शालावार जानकारी देवें। (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में ऐसे कितने प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालय हैं जो अन्य विभागों के भवनों में संचालित किए जा रहे हैं? संख्या एवं शालाओं के नाम बतावें। (ग) ऐसे कितने प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालय संचालित हो रहे हैं, जहां स्कूल बाउंड्रीवॉल, शौचालय, स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था उपलब्ध है एवं ऐसे कितने विद्यालय हैं जहां पर ये व्यवस्था उपलब्ध नहीं है? जिन विद्यालयों में उक्त सुविधाएं उपलब्ध नहीं है, क्या विभाग को इस संबंध में प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं? प्राप्त प्रस्तावों पर विभाग द्वारा कब तक कार्यवाही अथवा स्वीकृति प्रदान की जाएगी? (घ) क्या प्रश्नांश (क) के संबंध ऐसे भवन जो पूर्ण रूप से जीर्ण-शीर्ण हो चुके है एवं जहां शाला संचालित करना संभव नहीं है, ऐसे स्थानों का चयन कर नवीन भवन निर्माण की स्वीकृति कब तक प्रदान की जाएगी? समय-सीमा बतावें।
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) घट्टिया विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत कुल 21 प्राथमिक विद्यालय एवं माध्यमिक विद्यालय भवन जीर्ण-शीर्ण अवस्था में है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-01 अनुसार। (ख) घट्टिया विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत कुल 09 प्राथमिक विद्यालय एवं माध्यमिक विद्यालय भवन जीर्ण-शीर्ण होने के कारण अन्य भवन में संचालित हो रहे है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-02 अनुसार। (ग) घट्टिया विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत कुल 217 प्राथमिक विद्यालय एवं माध्यमिक विद्यालय में बाउण्ड्रीवॉल सुविधा उपलब्ध नहीं है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-03 अनुसार। शौचालय की व्यवस्था सभी विद्यालयों में उपलब्ध है। स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था सभी विद्यालयों में उपलब्ध है। विद्यालय में बाउण्ड्रीवॉल स्वीकृति बजट की उपलब्धता पर निर्भर करेगा। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (घ) प्रश्नांश (क) के संबंध में 21 जीर्ण-शीर्ण भवनों में शाला का संचालन नहीं किया जा रहा है, शाला भवनों की स्वीकृति बजट की उपलब्धता पर निर्भर करेगी। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
क्षिप्रा शुद्धिकरण योजनांतर्गत व्यय राशि
[जल संसाधन]
107. ( क्र. 1112 ) श्री महेश परमार : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2019 से प्रश्न दिनांक तक प्रश्नकर्ता द्वारा क्षिप्रा नदी को प्रदूषित करने वाले कान्ह डायवर्सन प्रोजेक्ट के संबंध में कुल कितने विधानसभा प्रश्न उठाए गए हैं? उन प्रश्नों का वर्षवार एवं सत्रवार विवरण उपलब्ध कराया जाए। (ख) सिंहस्थ 2004 से प्रश्न दिनांक तक क्षिप्रा नदी शुद्धिकरण के नाम पर कितनी परियोजनाएं स्वीकृत/क्रियान्वित की गई? प्रत्येक परियोजना एवं योजना का नाम, स्वीकृति वर्ष, स्वीकृत एवं व्यय की गई राशि, परियोजना से प्राप्त वास्तविक परिणामी लाभ, तकनीकी, प्रशासनिक एवं मूल्यांकन रिपोर्ट का वर्षवार विवरण एवं प्रमाणित प्रतियां उपलब्ध कराएं तथा वर्तमान में कार्यरत जल सयंत्र एवं शुद्धिकरण की क्षमता की जानकारी उपलब्ध करावें। (ग) उपरोक्त परियोजनाओं के क्रियान्वयन के उपरांत वर्तमान में क्षिप्रा नदी के जल को किस श्रेणी (A, B, C, D अथवा E) में वर्गीकृत किया गया है? क्या प्रश्नांश (क) एवं (ख) के परिप्रेक्ष्य में उज्जैन शहर के नागरिकों को क्षिप्रा नदी से शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है? यदि नहीं, तो कारण स्पष्ट करें। (घ) क्या लगभग 920 करोड़ रुपये की कान्ह डायवर्सन क्लोज डक्ट परियोजना के पूर्ण होने से कान्हा नदी का प्रदूषित जल क्षिप्रा नदी में मिलना पूर्णतः बंद हो जाएगा? (ड.) उपरोक्त सभी प्रश्न खंडों के संदर्भ में, क्षिप्रा नदी में मिलने वाले लगभग 18 से 20 गंदे नालों के प्रदूषित जल एवं औद्योगिक रसायनों को रोकने में जल संसाधन विभाग कितना सफल रहा है? उज्जैन शहर की जन एवं जल सुरक्षा हेतु किए गए कार्यों के दस्तावेजी प्रमाण प्रस्तुत किए जाएं।
जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) विभाग से संबंधित विवरण संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) इस विभाग अंतर्गत सिंहस्थ 2004 से प्रश्न दिनांक तक कोई भी परियोजना क्षिप्रा नदी शुद्धिकरण के नाम पर स्वीकृत/क्रियान्वित नहीं की गई। अपितु कान्ह नदी का जल उज्जैन शहर में क्षिप्रा नदी पर स्थित प्रमुख घाटों में मिलने से रोकने हेतु कान्ह डायवर्सन परियोजना (सिंहस्थ 2016) एवं कान्ह क्लोज डक्ट परियोजना (सिंहस्थ 2028) स्वीकृत की गई हैं। शेष प्रश्न लागू नहीं होता। (ग) म.प्र. प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड उज्जैन से प्राप्त विवरण संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (घ) कान्ह क्लोज डक्ट परियोजना (सिंहस्थ 2028) कान्ह नदी के गैर मानसूनी जल (अधिकतम क्षमता 40 क्यूमेक) को व्यपवर्तित कर उज्जैन में क्षिप्रा नदी में मिलने से रोकने हेतु निर्माणाधीन है। वर्षाकाल के दौरान नदी में होने वाला अतिरिक्त बहाव इस परियोजना के अंतर्गत व्यपवर्तित नहीं होगा। (ड.) जल संसाधन विभाग द्वारा प्रश्नांश में अपेक्षित कार्य नहीं किया जाता है। शेष प्रश्नांश लागू नहीं।
स्टॉप डेम का निर्माण
[जल संसाधन]
108. ( क्र. 1116 ) श्री सचिन सुभाषचंद्र यादव : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) खरगोन जिले की कसरावद विधानसभा में वर्ष 2003 से प्रश्न दिनांक तक किस-किस विभाग द्वारा कहाँ-कहाँ कुल कितने स्टॉप डेम बनाए गए हैं? विवरण देवें। (ख) प्रश्नांश (क) की जानकारी अनुसार उक्त स्टॉप डेमों की वर्तमान स्थिति क्या है? कितने स्टॉप डेमों में जल संग्रहण हो रहा है? कितने जीर्ण-शीर्ण स्थिति में हैं? विवरण देवें। (ग) जीर्ण-शीर्ण/क्षतिग्रस्त डेमों की मरम्मत हेतु कोई कार्ययोजना बनाई गई है? अगर हाँ तो कब तक स्वीकृति प्रदान की जाएगी? नहीं तो क्यों नहीं? कारण बताएं।
जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) जल संसाधन विभाग द्वारा निर्मित संरचनाओं की जानकारी संलग्न परिशिष्ट के "प्रपत्र-अ" अनुसार है। ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग महेश्वर से प्राप्त जानकारी संलग्न परिशिष्ट के "प्रपत्र-ब" अनुसार एवं जनपद पंचायत कसरावद जानकारी संलग्न परिशिष्ट के "प्रपत्र-स "अनुसार है। (ख) जल संसाधन विभाग द्वारा निर्मित डेडगांव स्टॉप डेम का निर्माण की स्थिति जीर्ण-शीर्ण/क्षतिग्रस्त होने से उक्त स्टॉप डेम के निर्माण में जल संग्रहण नहीं हो पाना एवं देवला बैराज की स्थिति अच्छी होने से जल ग्रहण होना प्रतिवेदित है। ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग महेश्वर द्वारा निर्मित 03 स्टॉप डेम एवं जनपद पंचायत कसरावद के द्वारा निर्मित 15 स्टॉप डेम की स्थिति अच्छी होना एवं स्टॉप डेमों में जल संग्रहण होना प्रतिवेदित है। (ग) जी नहीं। स्टॉप डेम का निर्माण वेदा नदी पर निर्मित होने से वेदा नदी में अपरवेदा, इंदिरा सागर परियोजना की नहर से नदी में जल छोड़े जाने पर स्टॉप डेम के निर्माण वाले स्थान पर पर्याप्त जल प्रवाह बना रहता है जिससे कृषकगण सिंचाई करते हैं। अतः स्टॉप डेम के निर्माण की मरम्मत एवं पुनर्निर्माण की आवश्यकता नहीं होना प्रतिवेदित है।
सहायक जिला परियोजना समन्वयक की प्रतिनियुक्ति
[स्कूल शिक्षा]
109. ( क्र. 1128 ) श्रीमती अनुभा मुंजारे : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या बालाघाट जिले के DPC कार्यालय में पदस्थ सहायक जिला परियोजना समन्वयक श्री अजित वाहने की प्रतिनियुक्ति की गई है एवं किस अधिकारी के आदेश से, किस नियम के तहत की गई? प्रतिनियुक्ति के क्या प्रावधान थे? नियुक्ति में वरीयता क्रम क्या था? सहायक जिला परियोजना समन्वयक की नियमावली का विवरण, आदेश सहित सम्पूर्ण जानकारी देवें। (ख) क्या सहायक जिला परियोजना समन्वयक श्री अजित वाहने द्वारा शालाओं के भ्रमण किया गया? यदि भ्रमण किया गया तो किस वाहन से? वाहन क्रमांक, वाहन पर व्यय डीजल, लॉगबुक सहित संक्षिप्त में जानकारी दिनांकवार, शालावार बिल व्हाउचर सहित देवें। क्या शासकीय राशि का दुरुपयोग करने पर सेवा समाप्ति की जावेगी? यदि हाँ तो कब तक? समय-सीमा बतायें। (ग) क्या बालाघाट जिले में प्राइवेट स्कूल की मान्यता कार्य शिक्षा के अधिकार नियम के तहत किया गया हैं? बालाघाट जिले में स्कूल ऑफ रियल लरनर्स कोसमी की मान्यता मध्यप्रदेश बोर्ड की है और कोर्स इंडियन सर्टिफिकेट ऑफ़ सेकेण्डरी एजुकेशन किस नियम से चला रहे हैं? मान्यता कितने सालों से, किसके द्वारा, किस नियम से दी जा रही हैं? दोषी कौन-कौन हैं? नामवार सूची देवें। (घ) प्रश्नांश (ग) अनुसार क्या शासन के नियमों की अवहेलना करने एवं भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने वाले अधिकारियों पर कार्यवाही की जावेगी? यदि हाँ तो कब तक? यदि नहीं, तो क्यों? कारण बतायें।
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जी हाँ। डी.पी.सी. कार्यालय में पदस्थ सहायक जिला परियोजना समन्वयक श्री अजित वाहने की प्रतिनियुक्ति कलेक्टर एवं जिला मिशन संचालक बालाघाट के आदेश क्रमांक 838 दिनांक 31.08.2022 के अनुसार प्रतिनियुक्ति की गई है। इनका वरीयता क्रम 5 था। शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-"क'' अनुसार है। (ख) जी हाँ। श्री अजित वाहने सहायक परियोजना समन्वयक द्वारा जिला परियोजना समन्वयक के साथ शालाओं का भ्रमण किया गया। श्री अजित वाहने को पृथक से वाहन उपलब्ध नहीं कराया गया है। शेषांश का प्रश्न उपस्थिति नहीं होता है। (ग) जी हाँ। जी नहीं, अशासकीय स्कूल की मान्यता कक्षा 1 से 8 तक है, यह मान्यता निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के तहत राज्य द्वारा निर्मित शिक्षा का अधिकार नियम के तहत प्रदान की गई है। संबंधित अशासकीय विद्यालय में इंडियन सर्टिफिकेट ऑफ सेकेण्डरी एजुकेशन कोर्स का संचालन नहीं किया जा रहा है तथापि एन.सी.ई.आर.टी. पाठ्यक्रम चलाया जा रहा है। शेषांश की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''ख'' अनुसार है। (घ) उत्तरांश "ग" के अनुसार शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
राजस्व विभाग में शिक्षकों का संलग्नीकरण
[राजस्व]
110. ( क्र. 1129 ) श्रीमती अनुभा मुंजारे : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या बालाघाट जिले के अंतर्गत अनुविभागीय अधिकारी बालाघाट द्वारा कई शिक्षकों को गैर शैक्षणिक कार्य करने हेतु अनुविभाग कार्यालय में संलग्न किया गया है? कितने शिक्षक संलग्न हैं? सूची सहित जानकारी देवें। क्या राजस्व विभाग में कार्य करने के शासन के नियम/आदेश हैं? यदि हाँ तो नियम बताएं। (ख) क्या अनुविभाग में संलग्न शिक्षक अपने शैक्षणिक शाला में कार्य करते हैं? यदि हाँ तो कब? नहीं तो क्यों? शासन के संलग्नीकरण के आदेश बताएं। क्या SDM बालाघाट द्वारा शिक्षा विभाग के शिक्षकों को ही संलग्न किया जाता है, क्यों? कारण बताएं। क्या बच्चों के भविष्य के साथ हो रहे खिलवाड़ के विरूद्ध शासन कोई कार्रवाई करेगा? यदि हाँ तो कब तक? (ग) क्या शिक्षकों को B.L.O. के दायित्व से मुक्त करने हेतु मध्यप्रदेश स्कूल शिक्षा विभाग का पत्र क्र. एफ-44-47/2011/20-2 भोपाल दिनांक 25.3.2013, पत्र दिनांक 27.2.2015, पत्र क्र. एफ-44-15/2017/20-2 भोपाल दिनांक 24.7.2017 का पालन किया गया? यदि हाँ तो कब? यदि नहीं, तो क्यों? जानकारी देवें। (घ) क्या बालाघाट जिले के 99% शिक्षक B.L.O. के कार्य में संलग्न है जिससे स्कूलों की शैक्षणिक व्यवस्था चरमरा गई? बच्चों के उज्जल भविष्य को अंधकार में करने वाले एस.डी.एम. पर कार्रवाई की जाएगी? क्या B.L.O. के कर्तव्य से शिक्षकों को मुक्त किया जावेगा? यदि हाँ तो कब तक? यदि नहीं, तो क्यों? कारण बताएं।
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) बालाघाट जिले के अंतर्गत अनुविभागीय अधिकारी (रा.) बालाघाट के द्वारा गैर शैक्षणिक कार्य करने हेतु शिक्षकों को संलग्न नहीं किये जाने से शेष प्रश्न उद्भूत नहीं होता है। (ख) प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्य में जानकारी निरंक। (ग) कार्यालय मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी म.प्र. भोपाल का पत्र क्र. फा.क्र. 39/3/2023/बी.एल.ओ./5779 भोपाल, दिनांक 19.10.2022 में दिये गये निर्देशानुसार बूथ लेवल अधिकारी में नियुक्त किये जाने वाले कर्मचारियों की श्रेणी (1) शिक्षक को सम्मिलित किया गया है, तद्नुसार शिक्षकों को बी.एल.ओ. का कार्य सौंपा गया है जिससे शिक्षकों को बी.एल.ओ. के दायित्व से मुक्त करने के कोई निर्देश नहीं है। प्रश्न में उल्लेखित शिक्षा विभाग के पत्र दिनांक 19.10.2022 के पूर्व के हैं। (घ) जिला बालाघाट अंतर्गत विधान सभा क्षेत्र क्र. 111 बालाघाट में 185 शिक्षक बी.एल.ओ. के कार्य में संलग्न है। कार्यालय मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी म.प्र. भोपाल का पत्र क्र. फा.क्र. 39/3/2023/बी.एल.ओ./5779 भोपाल, दिनांक 19.10.2022 में दिये गये निर्देशानुसार बूथ लेवल अधिकारी में नियुक्त किये जाने वाले कर्मचारी की श्रेणी (1) शिक्षक को सम्मिलित किया गया है। तद्नुसार शिक्षकों को बी.एल.ओ. के कार्य सौंपा जाने से किसी अधिकारी के विरूद्ध कार्यवाही का प्रश्न उद्भूत नहीं होता है।
आदिवासियों की जमीन के मद में परिवर्तन
[राजस्व]
111. ( क्र. 1130 ) श्री सुनील उईके : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या आदिवासी से गैर आदिवासियों को जमीन विक्रय करने संबंध में शासन द्वारा क्या नियम एवं शर्तें लागू की गई है? (ख) क्या छिंदवाड़ा जिले में 1 अप्रैल 2020 से प्रश्न दिनांक तक कितने आदिवासियों की जमीनों का म.प्र. भू-राजस्व संहिता की धारा 165 के अंतर्गत मद परिवर्तन किया गया है? सभी के नाम सहित जानकारी देवें। (ग़) उक्त अवधि के इन सभी प्रकरणों में किस आधार पर आवेदक की किन परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए भूमि के मद परिवर्तन के आदेश दिए गए हैं? सूचीबद्ध जानकारी देवें। (घ) क्या इन सभी प्रकरणों में म.प्र. भू-राजस्व संहिता की धारा 165 के निहित प्रावधानों का पालन किया गया है? यदि हाँ तो उक्त प्रावधानों की भी जानकारी देवें। (ड.) 1 अप्रैल 2020 से प्रश्न दिनांक तक छिंदवाड़ा जिले में आदिवासियों की जमीनों के म.प्र. भू-राजस्व संहिता की धारा 165 के तहत किए गए मद परिवर्तन के समस्त प्रकरणों की जानकारी पटवारी प्रतिवेदन, तहसीलदार प्रतिवेदन, अनुविभागीय अधिकारी के प्रतिवेदन एवं कलेक्टर द्वारा पारित आदेश के साथ आदेश पत्रिका एवं संलग्न दस्तावेजों की कॉपी भी प्रदान करें।
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) आदिवासी से गैर आदिवासियों की जमीन विक्रय करने के संबंध में वर्णित प्रावधानों के तहत गैर अधिसूचित क्षेत्र में आदिवासी से गैर आदिवासियों की भूमि विक्रय की अनुमति प्रदाय की जाती हैं। (ख) छिन्दवाड़ा जिले में 1 अप्रैल 2020 से प्रश्न दिनांक तक कुल 135 प्रकरणों में आदिवासियों की जमीनों का म.प्र. भू-राजस्व संहिता की धारा 165 के अंतर्गत आदिवासियों की भूमि को गैर आदिवासियों को विक्रय की अनुमति प्रदाय की गई हैं। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'अ' अनुसार। (ग) उक्त अवधि के इन सभी प्रकरणों में आवेदक द्वारा प्रस्तुत आवेदन पत्र, शपथ-पत्र में उल्लेखित कारणों के आधार पर म.प्र. भू-राजस्व संहिता की धारा 165 में वर्णित प्रावधानों के तहत अनुमति प्रदाय की गई है। उक्त आवेदन पत्र, शपथ-पत्र की प्रतियां संलग्न है। (घ) जी हाँ, इन सभी प्रकरणों में म.प्र. भू-राजस्व संहिता की धारा 165 के निहित प्रावधानों का पालन किया गया हैं। उक्त सभी प्रकरणों में म.प्र. भू-राजस्व सहिता की धारा 165 की उप कंडिका-6 में वर्णित प्रावधानों के तहत अनुमति प्रदाय की गई हैं। (ड.) न्यायालय कलेक्टर का राजस्व प्रकरण क्रमांक 0001/अ-21/2024-25 दिनांक 21/04/2025 को एवं राजस्व प्रकरण क्रमांक 0106/अ-21/2024-25 दिनांक 11/03/2025 को न्यायालय कमिश्नर जबलपुर संभाग, जबलपुर को भेजा गया है। शेष समस्त प्रकरणों के संबंध में जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'ब' अनुसार।
सिंध नदी पर स्टॉप डैम का निर्माण
[जल संसाधन]
112. ( क्र. 1132 ) श्री सुरेश राजे : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र 19 डबरा में जिगनिया-बारकारी स्थित सिंध नदी पर स्टॉप डैम का निर्माण एवं पाइप-लाइन बिछाने सहित कुल कितनी-कितनी राशि की कार्ययोजना स्वीकृत है, जिसका सम्पूर्ण कार्य कब तक पूर्ण किया जाना है? प्रश्न दिनांक तक स्टॉप डैम एवं पाइप-लाइन बिछाने का कार्य कितने प्रतिशत हो चुका है? स्टॉप डैम एवं पाइप-लाइन बिछाने एवं अन्य कार्यों पर कितनी-कितनी राशि का भुगतान किस-किस फर्म को किया गया? पूर्ण जानकारी देवें तथा शेष कार्य कब तक पूर्ण किया जायेगा? समयावधि बतावें। (ख) हरसी कमांड क्षेत्र की नहरों के रख-रखाव हेतु वर्ष 2023-24 से 2025-26 में प्रश्न दिनांक तक कितनी-कितनी राशि प्राप्त हुई, जिसके विरुद्ध किस-किस माइनर एवं सब-माइनर नहरों में किस प्रकार का कार्य कितनी-कितनी राशि से विभागीय अथवा किस फर्म/ठेकेदार द्वारा करवाया गया? कार्यवार एवं वर्षवार पृथक-पृथक बतावें। (ग) हरसी कमांड क्षेत्र की डी-17 मुख्य नहर के बायीं ओर गत 15 वर्ष पूर्व डामरीकरण कार्य हुआ था जो की पूर्णत: क्षतिग्रस्त हो जाने से 10 ग्रामों की जनता का आवागमन में अत्यंत कठिनाई होने से इस नहर पर डामरीकरण कार्य कब तक करवाया जायेगा? समयावधि बतावें। यदि नहीं, तो कारण बतावें।
जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) से (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।
ड्रोन द्वारा भूमि का सर्वे
[राजस्व]
113. ( क्र. 1136 ) श्री मनोज नारायण सिंह चौधरी : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि प्रश्नकर्ता के विधानसभा क्षेत्र के हाटपिपल्या, नेवरी, बरोठा, देहरियासाहु जैसे बड़े गांव के साथ ही कई गावों में जो ड्रोन द्वारा भूमि के सर्वे हुए हैं, उसमें कई त्रुटियाँ हैं। उसमें कई नाम छूट गए हैं। कई लोग वर्षों से बसे हुए हैं, फिर भी उनके नाम नहीं लिए गए हैं। विभाग द्वारा इस विसंगति को दूर करने के लिये क्या कार्यवाही की जाएगी और कब तक? समय-सीमा बताएं।
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : ग्राम हाटपिपल्या, नेवरी, बरोठा, देहरियासाहु जैसे बड़े गांव में में ड्रोन द्वारा भूमि के सर्वे में हाटपिपल्या व बरोठा में नक्शा उपलब्ध नहीं होने से स्वामित्व योजना का लाभ नहीं दिया गया है। उक्त दोनों ग्राम एम.पी.एस.ई.डी.सी. में नक्शा निर्माण में प्रक्रियाधीन हैं। शेष ग्राम नेवरी, देहरियासाहु ग्रामों में ड्रोन फ्लाई के पश्चात अंतिम अधिकार अभिलेख तैयार करते समय वे नाम अभिलेख में उल्लेखित नहीं हुए, जो जी.टी. कार्य के स्थल पर मकान रिक्त होने से अंतिम अधिकार अभिलेख में सम्मिलित नहीं किए गए किन्तु ऐसे अभिलेखों में यदि किसी व्यक्ति द्वारा कोई आवेदन संबंधित तहसीलों में प्राप्त हो रहा है, तो ऐसे आवेदनों को मध्यप्रदेश भू-राजस्व संहिता 1959 में दिए गए प्रावधानों के अंतर्गत लिए जाकर, विधिवत सुनवाई उपरान्त अभिलेख सुधार की कार्यवाही की जा रही है।
विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
114. ( क्र. 1142 ) श्रीमती कंचन मुकेश तनवे : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) खंडवा जिला चिकित्सालय में न्यूरोलॉजिस्ट, नेफ्रोलॉजी, कार्डियोलॉजी विशेषज्ञों की नियुक्तियां कब तक की जाएंगी? (ख) स्व. नन्द कुमार सिंह चौहान मेडिकल कॉलेज खंडवा हेतु अलग से मेडिकल कॉलेज अस्पताल प्रस्तावित है, इस हेतु खंडवा ITI के समीप भूमि का चिन्हांकन भी किया जा चुका है। इस कार्य और बजट की स्वीकृति कब तक हो पाएगी ताकि खंडवा जिले की आर्थिक रूप से कमजोर जनता को सुपर स्पेशलिटी सुविधाएं उपलब्ध हो सकें? (ग) खंडवा जिले में कितनी एम्बुलेंस संचालित हैं, उनके संचालन संलग्नीकरण की क्या नियमावली है? विगत 2 वर्षों में उक्त वाहनों द्वारा कितने रोगियों को कहाँ-कहाँ से लाया व कहाँ-कहाँ छोड़ा गया तथा कितने मरीजों को किन-किन कारणों से इंदौर रेफर किया गया की विस्तृत जानकारी प्रदान करें। (घ) जिला चिकित्सालय खंडवा में विगत 2 वर्षों में चिकित्सा व्यवस्था पर कहाँ-कहाँ कितना व्यय किया गया? वर्षवार, मदवार जानकारी देवें।
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जिला चिकित्सालय खण्डवा में न्यूरोलॉजिस्ट, नेफ्रोलॉजिस्ट, कार्डियोलॉजी विशेषज्ञों के पद स्वीकृत नहीं है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) जी हाँ। कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ग) खण्डवा जिले में कुल 18 (03 एल.ए.एस., 15 बी.एल.एस) 108 एम्बुलेंस तथा 22 जननी एम्बुलेंस संचालित हैं, 108 सेवा अंतर्गत संचालित सेवाओं के संचालन विषयक सेवा प्रदाता संस्था JAES के साथ निष्पादित अनुबंध की छायाप्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'अ' अनुसार। विगत 02 वर्षा में उक्त एम्बुलेंस (एल.ए.एस./बी.एल.एस.) वाहनों द्वारा 34656 रोगियों/मरीजों को लाने एवं छोड़ने तथा उक्त में से 2111 रोगियों/मरीजों को इंदौर रेफर किया गया, जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'ब' अनुसार। (घ) जिला चिकित्सालय खण्डवा में विगत 02 वर्षों में चिकित्सा व्यवस्था पर किये गये व्यय की वर्षवार, मदवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'स' अनुसार है।
शिक्षकों का परीक्षा के समय निर्वाचन कार्य में संलग्नीकरण
[स्कूल शिक्षा]
115. ( क्र. 1143 ) श्रीमती कंचन मुकेश तनवे : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्तमान में स्कूलों की परीक्षा के गणित विज्ञान जैसे विषयों के शिक्षकों को परीक्षा अवधि में SIR निर्वाचन कार्य में संलग्न किया जाना क्या न्यायोचित है? यदि नहीं, तो खंडवा जिले के गणित विज्ञान, के शिक्षकों को शासन के स्पष्ट निर्देश होने के बाद भी संलग्न या BLO क्यों बनाया जा रहा है? ऐसी स्थिति में शासन के आदेश की अवहेलना पर क्या कार्यवाही प्रस्तावित की जाएगी? (ख) खंडवा जिले में सत्र 2018 में शिक्षा विभाग से ट्राईबल व ट्राईबल से शिक्षा विभाग में प्रतिनियुक्ति स्थानांतरण पर गए शिक्षकों की वर्तमान स्थान पर स्थाई पदस्थापना की क्या नीति है या कितने वर्षों के लिए प्रतिनियुक्ति दी गई है? भविष्य में उनके पैतृक विभाग में वापस भेजे जाने पर वरिष्ठता पदोन्नति के क्या नियम निर्धारित है? नियम व आदेश की प्रतियां दें। (ग) खंडवा विधान सभा अंतर्गत कितने सांदीपनि स्कूल व पी.एम. श्री विद्यालय प्रस्तावित है, उनकी क्या कार्ययोजना है? जानकारी दें।
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जी हाँ। निःशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम, 2009 की कंडिका 27 के तहत किसी शिक्षक को निर्वाचनों से संबंधित कर्तव्यों हेतु अभिनियोजित किया जा सकता है। निर्वाचन संबंधी कार्य का भाग विशेष गहन पुनरीक्षण (एस.आई.आर.) कार्य भी है, जिसमें बी.एल.ओ. बनाये गये हैं। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-एक, दो, तीन एवं चार अनुसार है। (ग) खण्डवा विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत सांदीपनि विद्यालय आनंद नगर एवं सांदीपनि विद्यालय जावर की स्वीकृति प्रदान की गई है। 04 पी.एम. श्री विद्यालय संचालित है। नवीन पी.एम. श्री विद्यालय प्रस्तावित नहीं है। शेषांश प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
108 आपातकालीन वाहन सेवा की जांच
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
116. ( क्र. 1146 ) श्री उमंग सिंघार : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रदेश में स्वीकृत रेफरल ट्रांसपोर्ट योजना के अंतर्गत 108 आपातकालीन एम्बुलेंस सेवा एवं जननी एक्सप्रेस के संचालन हेतु सेवा प्रदाता संस्था का अनुबंध दिसम्बर 2021 में किया गया? (ख) क्या अनुबंध की शर्त क्रमांक 12 में रोड टैक्स, टैक्स, ड्यूटी फीस, टोल चार्जेस का उल्लेख है? (ग) प्रश्नांश (ख) के प्रकाश में क्या परिवहन शुल्क और रोड टैक्स हेतु दिनांक 06.03.2025 को प्रोजेक्ट हेड मेसर्स जे.ए.ई.एस. प्रोजेक्ट (आई) प्रा.लि. भोपाल को पत्र लिखा गया? यदि हाँ तो इस पर क्या कार्यवाही हुई? (घ) क्या सेवा प्रदाता उक्त संस्था के विरूद्ध विभाग में जांच प्रचलित है? कब तक उल्लेखित बिन्दुओं पर कार्यवाही की जायेगी?
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जी हाँ। (ख) जी नहीं, अपितु, 108 अंतर्गत संचालित सेवाओं के संचालन हेतु प्रकाशित निविदा की कंडिका 32. PAYMENT TERMS AND CONDITIONS की उपबिन्दु 32.1.2 Invoicing (Opex) (c) The Financial proposal of the Bidders shall be inclusive of all expenses/costs towards but not limited to : के बिन्दु क्रमांक - (12) Road tax, taxes, duties, fees, toll charges का उल्लेख है। (ग) जी हाँ। सेवा प्रदाता संस्था JAES के साथ निष्पादित अनुबंध की शर्त अनुसार, यदि सेवा प्रदाता संस्था द्वारा आर.टी.ओ. अंतर्गत किसी भी प्रकार के नियम का उल्लंघन किया जाता है, तो इस परिस्थिति में समस्त कार्यवाही परिवहन विभाग के अधिकार क्षेत्रांतर्गत आता है। प्रश्नांश के प्रथम भाग में दिये गये उत्तर के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
दृष्टिबाधित शिक्षकों की समस्याओं का निराकरण
[स्कूल शिक्षा]
117. ( क्र. 1153 ) श्री अजय विश्नोई : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्यप्रदेश की शासकीय शालाओं में कुल कितने दृष्टिबाधित शिक्षक कार्यरत हैं? (ख) क्या दृष्टिबाधित शिक्षकों की उपस्थिति शिक्षक एप पर संभव है? यदि हाँ तो कैसे? यदि नहीं, तो क्या विभाग दृष्टिबाधित शिक्षकों की उपस्थिति के लिये कोई अन्य व्यवस्था की गई है? यदि हाँ तो यह व्यवस्था क्या है? (ग) क्या विभाग दृष्टिबाधित शिक्षकों की पदस्थापना और स्थानांतरण के लिये पृथक से विशेष नीति बनायेगा? यदि हाँ तो कब तक बनाई जाएगी? समयावधि बताएं। (घ) क्या विभाग नये पाठ्यक्रमों को ब्रेल लिपी में उपलब्ध कराने की व्यवस्था करेगा? यदि हाँ तो कब तक?
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट-1 अनुसार। (ख) जी नहीं। जी हाँ। शेषांश जानकारी संलग्न परिशिष्ट-2 अनुसार। (ग) ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। (घ) राज्य शिक्षा केंद्र आई.ई.डी. कक्ष द्वारा वर्तमान में प्रचलित पाठ्यक्रम अनुसार शासकीय ब्रेल प्रेस भोपाल के माध्यम से कक्षा 1 से 8 तक की समस्त पाठ्य पुस्तकों को ब्रेल लिपि में मुद्रित करवाकर बच्चों को प्रदान की जा रही हैं।
बी.पी.एल. कार्डधारियों की जानकारी
[राजस्व]
118. ( क्र. 1154 ) श्री अजय विश्नोई : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) म.प्र. में कुल कितने BPL कार्डधारी है? जिलावार संख्या उपलब्ध कराएं। (ख) क्या शासन इस तथ्य से अवगत है कि लाखों BPL कार्डधारी अब अपात्र हो गये है, परन्तु अब भी BPL की सुविधायें प्राप्त कर रहे हैं, जबकि लाखों लोग पात्र आज भी BPL कार्ड बनवाने की प्रतीक्षा में है? (ग) यदि प्रश्नांश (ख) का उत्तर हाँ है तो, क्या शासन, वर्तमान BPL कार्डधारियों में पात्र-अपात्र की समीक्षा करने तथा BPL कार्ड बनवाने के लिये प्रतीक्षारत, वास्तविक गरीबों से ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित करके, पात्र BPL सूची बनायेगा, ताकि अपात्र BPL कार्डधारी व्यवस्था से बाहर हो जाये और पात्र गरीब का BPL कार्ड बन जाये?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) म.प्र. में कुल 7839355 BPL कार्डधारी हैं। जिलावार संख्या संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) शासन की ओर से अधिकृत BPL सूची में नाम जोड़ने एवं काटने के लिए सक्षम प्राधिकारियों द्वारा BPL सूची में नाम जोड़ने एवं BPL सूची से नाम पृथक करने की कार्यवाही समय-समय पर की जाती है। BPL सूची में नाम जोड़ने एवं काटने की प्रक्रिया सतत है। (ग) उत्तरांश (ख) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उद्भूत नहीं होता है।
तालाबों का निर्माण
[जल संसाधन]
119. ( क्र. 1159 ) श्री नितेन्द्र बृजेन्द्र सिंह राठौर : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) निवाड़ी जिले में सिंचाई विभाग द्वारा निवाड़ी एवं पृथ्वीपुर विधानसभा में 2014 से अब तक कितने तालाब बनाये हैं? (ख) तालाब निर्माण के बाद कितने तालाबों से सिंचाई हो रही है? क्या एस्टीमेट के अनुसार उन तालाबों के साथ नहरें बनाई गई है? यदि नहीं, तो क्या इस योजना में भारी भ्रष्टाचार हुआ है?
जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के "प्रपत्र-अ" अनुसार है। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के "प्रपत्र-ब" अनुसार है। नहरों का निर्माण एस्टीमेट के अनुसार कराया जाना प्रतिवेदित है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
राजस्व प्रकरणों का समय-सीमा में निराकरण
[राजस्व]
120. ( क्र. 1160 ) श्री भैरो सिंह बापू : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जनवरी 2024 से जिला आगर-मालवा एवं जिला शाजापुर में नामांतरण, सीमांकन, डायवर्सन, बंटवारा, रिकार्ड दुरूस्ती आदि के कितने प्रकरण लंबित हैं? प्रश्न दिनांक तक तहसीलवार जानकारी देवें। (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार कितने प्रकरण हैं जिनका निराकरण समय-सीमा में किया जा चुका है एवं कितने ऐसे प्रकरण है जिनमें समय-सीमा में निराकरण नहीं किया गया है? समय-सीमा में निराकरण नहीं होने के क्या कारण हैं? जानकारी देवें। (ग) क्या रजिस्ट्री होते ही नामांतरण स्वत: हो जाता है और नामांतरण होने के बाद रिकार्ड भी स्वत: दर्ज हो जाता है? यदि हाँ, तो कौन-कौन सी तहसीलों में यह व्यवस्था चालू की गई है? (घ) प्रश्नांश (ग) अनुसार जिला शाजापुर एवं जिला आगर-मालवा के कितने प्रकरणों में ऐसा हुआ है कि रजिस्ट्री होते ही नामांतरण हो गया एवं रिकार्ड में दर्ज भी हो गया? जानकारी देवें।
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जिला शाजापुर एवं आगर-मालवा में नामांतरण, सीमांकन एवं बंटवारा के लंबित प्रकरणों की तहसीलवार संख्यात्मक जानकारी संलग्न परिशिष्ट 'अ' पर है। जिले में डायवर्सन एवं रिकार्ड दुरुस्ती के लंबित प्रकरणों की अनुभागवार जानकारी संलग्न परिशिष्ट 'ब' पर है। (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार नामांतरण, सीमांकन एवं बंटवारा के लंबित प्रकरणों की तहसीलवार संख्यात्मक जानकारी संलग्न परिशिष्ट 'अ' पर है। डायवर्सन के प्रकरण WebGis 2.0 पोर्टल के माध्यम से 15 दिवस में स्वतः निराकृत हो जाते है एवं रिकार्ड दुरुस्ती के कुल जानकारी संलग्न परिशिष्ट 'ब' पर है एवं शेष 1 प्रकरण प्रक्रियाधीन है। (ग) साइबर तहसील अंतर्गत रजिस्टरी उपरांत नामांतरण प्रकरण स्वतः दर्ज हो जाता है एवं नियमानुसार अंतिम आदेश उपरांत स्वतः भू-अभिलेख अद्यतन हो जाता है। यह व्यवस्था समस्त तहसीलों में लागू है। (घ) जिला शाजापुर एवं आगर-मालवा में रजिस्ट्री होते ही नामांतरण एवं रिकार्ड में दर्ज प्रकरणों की जानकारी संलग्न परिशिष्ट 'स' पर है।
धार्मिक पर्यटन स्थलों का विकास
[पर्यटन]
121. ( क्र. 1161 ) श्री भैरो सिंह बापू : क्या राज्य मंत्री, पर्यटन महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) धार्मिक पर्यटन स्थलों के विकास हेतु विभाग द्वारा क्या कदम उठाये जा रहे हैं? जानकारी देवें। (ख) सुसनेर विधानसभा अंतर्गत विश्व प्रसिद्ध धार्मिक पर्यटन स्थल माँ बगुलामुखी मंदिर परिसर में क्या-क्या विकास कार्य होना प्रस्तावित है? जानकारी देवें। (ग) सुसनेर विधानसभा क्षेत्र जिला आगर-मालवा में स्थित अति प्राचीन विश्व प्रसिद्ध माँ बगुलामुखी मंदिर परिसर में माँ बगुलामुखी लोक बनाये जाने की मांग लगातार की जा रही है, क्या अन्य पर्यटन स्थलों पर बनाये गए लोक (कोरीडोर) अनुसार माँ बगुलामुखी लोक का निर्माण किया जायेगा? यदि हाँ, तो कब?
राज्य मंत्री, पर्यटन ( श्री धर्मेन्द्र भाव सिंह लोधी ) : (क) पर्यटन विभाग द्वारा क्षेत्र विशेष के प्रमुख धार्मिक पर्यटन स्थलों के विकास हेतु सुविधा विस्तार एवं पर्यटन सुविधाओं को लेकर पर्यटन मंत्रालय, भारत सरकार की प्रशाद योजनान्तर्गत तथा अन्य योजनाओं के अंतर्गत प्रस्ताव प्रेषित किये जाते हैं। इसके अतिरिक्त राज्य बजट से भी उक्त कार्यों हेतु बजट स्वीकृत किया जाता है, जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार। (ख) वर्तमान में कोई कार्य प्रस्तावित नहीं है। शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) जानकारी उत्तरांश "ख" अनुसार।
शमशान घाट/मरघट की जमीन पर अतिक्रमण
[राजस्व]
122. ( क्र. 1167 ) डॉ. सतीश सिकरवार : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्तमान में जिला ग्वालियर में किन-किन स्थानों/सर्वे नम्बरों की शासकीय भूमि पर शमशान घाट/मरघट निर्मित हैं? सर्वे नम्बर एवं नाम सहित जानकारी दी जावे। (ख) प्रश्नांश (क) के संबंध में किन-किन शमशान घाट/मरघट की जमीन पर असामाजिक तत्वों द्वारा अतिक्रमण किये गये है एवं अतिक्रमण के प्रकरण किस-किस राजस्व/सिविल न्यायालय में प्रचलित है? न्यायालय का नाम/प्रकरण प्रचलित होने का वर्ष/प्रकरण की वर्तमान स्थिति एवं स्थान सहित जानकारी उपलब्ध कराई जावे। (ग) क्या ग्वालियर जिले की ग्राम पंचायत निरावली, तहसील वृत कुलैथ में शासकीय भूमि सर्वे क्रमांक 384, 387 में रकवा 0.3900 हेक्टेयर, 0.1900 हेक्टेयर पर मरघट है? (घ) प्रश्नांश (ग) के संबंध में यदि हाँ तो क्या उक्त मरघट की जमीन पर अवैध कब्जा कर मकान आदि बने हुए है, जिसका प्रकरण तहसील वृत कुलैथ जिला ग्वालियर में भी प्रचलित रहा है। (ड.) प्रश्नांश (घ) के संबंध में मरघट की भूमि/जमीन से पूर्णतः अतिक्रमण मुक्त कब तक करायी जावेगी? समय-सीमा बताएं। यदि नहीं, तो क्यों?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जिला ग्वालियर में शासकीय भूमि पर शमशान घाट/मरघट की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार। (ख) पटवारी हल्का छीमक द्वारा जांच प्रतिवेदन दिनांक 13-11-2025 को ग्राम छीमक के सर्वे क्रमांक 651 रकवा 0.05 हेक्टर, 652 रकवा 1.30 हेक्टर, पर किशोर सिंह जाट द्वारा फसल बोकर अतिक्रमण होना पाया गया, जिसे न्यायालय नायब तहसीलदार वृत छीमक के प्रकरण क्रमांक 0040/अ-68/25-26 में दिनांक 18-11-2025 को बेदखली आदेश पारित कर अतिक्रामक को बेदखल कर दिया गया है एवं दिनांक 21-11-2025 को ग्राम छीमक के भूमि सर्वे क्रमांक 651 रकवा 0.05 हेक्टर, 652 रकवा 1.30 हेक्टर ग्राम पंचायत छीमक के सरपंच/सचिव को कब्जा सौंपा गया है। ग्राम निरावली के शमशान घाट/मरघट की जमीन पर असामाजिक तत्वों द्वारा अतिक्रमण किये जाने पर नायब तहसीलदार वृत कुलैथ के प्र.क्र. 002/अ-68/24- 25/आदेश दिनांक 5-5-2025 जिसे दिनांक 4-1-2026 को अतिक्रमण मुक्त करा दिया गया है तथा कब्जा ग्राम पंचायत को सौंप दिया गया है। सिविल न्यायालय में प्रकरण प्रचलित नहीं है। (ग) जी हाँ। (घ) नायब तहसीलदार वृत कुलैथ के प्र.क्र. 002/अ-68/24-25 आदेश दिनांक 5-5-2025 जिसे 4-1-2026 को अतिक्रमण मुक्त करा दिया गया है कब्जा ग्राम पंचायत को सौंप दिया गया है। मकान आदि नहीं बने है। (ड.) जानकारी उत्तरांश (ख) एवं (घ) अनुसार है।
नव निर्मित स्वास्थ्य केन्द्रों का संचालन
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
123. ( क्र. 1182 ) श्रीमती नीना विक्रम वर्मा : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या धार विधानसभा क्षेत्रांतर्गत ग्राम मोहनपुर, ग्राम आहू सहित अनेक गांवों में नवीन स्वास्थ्य केन्द्र भवन निर्मित होकर एक वर्ष से अधिक समय से खाली पड़े हुए है? (ख) यदि हाँ तो क्या कारण है कि विभाग इन स्वास्थ्य केन्द्रों को प्रारंभ नहीं कर पा रहे है? क्या मैदानी स्तर पर पदस्थ करने हेतु विभाग के पास पर्याप्त अमला नहीं होना भी इन स्वास्थ्य केन्द्रों को प्रारंभ करने में बाधक है? (ग) क्या विभाग इन स्वास्थ्य केन्द्रों को प्रारंभ कर इनके नियमित संचालन हेतु क्या कोई कार्ययोजना बना रहा है? यदि हाँ, तो विवरण दें तथा कब तक ग्रामीणों को इन स्वास्थ्य केन्द्र भवनों से स्वास्थ्य लाभ की सुविधा प्राप्त हो सकेगी? (घ) धार विधानसभा में इस प्रकार के नव निर्मित स्वास्थ्य केन्द्रों के भवनों की सूची प्रदान करें।
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जी नहीं, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र घाटाबिल्लोद एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र मोहनपुरा संचालित है तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र आहू संचालित नहीं है। (ख) चिकित्सकों की पदपूर्ति मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग से एवं पैरामेडिकल के रिक्त पदों की भर्ती की कार्यवाही ई.एस.बी. के माध्यम से निरंतर प्रयास किये जा रहे है। (ग) पद पूर्ति एक सतत प्रकिया है। निश्चित समयावधि बताई जाना संभव नहीं है। (घ) धार विधानसभा क्षेत्रांतर्गत सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र घाटाबिल्लोद, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र आहू एवं मोहनपुरा के भवन नवनिर्मित है।
अवैधानिक भूमि विक्रय की अनुमति
[राजस्व]
124. ( क्र. 1191 ) श्री बाला बच्चन : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) तारांकित प्रश्न क्रमांक 1478 दिनांक 10-07-2024 के उत्तरांश (क) में आदिवासी व्यक्ति की जमीन गैर आदिवासी व्यक्ति के नाम विक्रय के 474 प्रकरणों की जानकारी दी गई है, उसकी अनुमति किस सक्षम अधिकारी के हस्ताक्षर से जारी हुई है की सूची क्रेता/विक्रेता नाम, पता अनुमति दिनांक, अधिकारी नाम-पदनाम सहित इंदौर संभाग के अंतर्गत जिलावार देवें। (ख) इसके लिए सक्षम अधिकारी द्वारा क्या राज्य शासन से अभिमत मांगा गया था? यदि हाँ तो इससे संबंधित दस्तावेजों की प्रमाणित प्रति प्रकरणवार देवें। (ग) प्रश्नांश (क) में वर्णित प्रश्न के (ग) उत्तर में परीक्षण के उपरांत कार्यवाही करने का जिक्र है तो क्या परीक्षण कराया गया? यदि हाँ तो इसके दस्तावेज देवें। यदि नहीं, तो कब तक परीक्षण कराया जाएगा? (घ) बिना राज्य शासन की अनुमति के प्रश्नांश (क) अनुसार भूमि विक्रय की अनुमति देने वाले अधिकारियों पर शासन कब तक कार्यवाही करेगा?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जी हाँ, प्रश्न क्रमांक 1478 दिनांक 10.7.2024 तारांकित के उत्तरांश (क) के अनुसार इंदौर संभाग के अन्तर्गत आदिवासी व्यक्ति की जमीन गैर आदिवासी के नाम विक्रय करने संबंधी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार। (ख) आदिवासी व्यक्ति की जमीन गैर आदिवासी व्यक्ति के नाम विक्रय करने के संबंध में राज्य शासन से अभिमत प्राप्त करने संबंधी म.प्र. भू-राजस्व संहिता 1959 की धारा 165-6 (क) के अन्तर्गत कोई प्रावधान नहीं होने से जानकारी निरंक है। (ग) संभागायुक्त इंदौर संभाग इंदौर से विषयांतर्गत प्रतिवेदन चाहा गया है, प्राप्त होने के उपरांत अग्रेतर कार्यवाही की जाएगी। (घ) जानकारी उत्तरांश (ग) अनुसार है।
मोटरयान कर एवं शास्ति की बकाया राशि की वसूली
[परिवहन]
125. ( क्र. 1192 ) श्री बाला बच्चन : क्या परिवहन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बड़वानी एवं खरगोन जिले में यात्री वाहन मद संख्या 872 एवं माल वाहन मद संख्या 873 में कितनी राशि की वसूली दि. 10.01.2026 की स्थिति में लंबित है? जिलावार, मदवार पृथक-पृथक जानकारी देवें। (ख) 03 माह से अधिक लंबित वसूली के प्रकरणों की जानकारी वाहन स्वामी का नाम, पता, वाहन क्रमांक, लंबित राशि सहित मद संख्या 872 एवं 873 में पृथक-पृथक प्रश्नांश (क) अनुसार जिलावार देवें। (ग) प्रश्न क्रमांक 1114 दिनांक 04-12-2025 (अतारांकित) के प्रश्नांश (ख) के उत्तर अनुसार किसी भी वाहन पर मोटरयान कर एवं शास्ति की राशि बकाया होने पर फिटनेस, स्वामित्व अंतरण, परमिट जारी नहीं करना आदि रोक लगाई जाती है तो फिर उपरोक्त प्रश्नांश (ख) अनुसार कर राशि लंबित रहने के बावजूद कितने वाहनों के फिटनेस और परमिट विगत 05 वर्षों में जारी किए गए की जानकारी वाहन स्वामी नाम, पता, वाहन क्रमांक, कर सहित जिलावार देवें। (घ) उपरोक्त राशि की वसूली कब तक होगी? समय-सीमा जिलावार देवें।
परिवहन मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) दिनांक 10.01.2026 की स्थिति में बड़वानी जिले में यात्री वाहन मद संख्या 872 में राशि रूपये 7, 18, 47, 731/- एवं माल वाहन मद संख्या 873 में राशि रूपये 7, 12, 15, 912/- वसूली हेतु लंबित है, जबकि खरगोन जिले में यात्री वाहन मद संख्या 872 में राशि रूपये 5, 49, 50, 849/- एवं माल वाहन मद संख्या 873 में राशि रूपये 5, 19, 23, 169/- वसूली हेतु लंबित है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) किसी भी वाहन पर मोटरयान कर एवं शास्ति की राशि बकाया होने पर वाहन से संबंधित फिटनेस, स्वामित्व अंतरण, परमिट जारी नहीं किया जाता है। अतः शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) मोटरयान कर एवं शास्ति की बकाया राशि की वसूली हेतु समय-समय पर मांग-पत्र जारी किये जाते हैं तथा वाहन चेकिंग की कार्यवाही के दौरान इस प्रकार के वाहन पाये जाने पर उनसे बकाया राशि वसूली की कार्यवाही की जाती है, जो कि एक सतत प्रक्रिया है, जिसके परिप्रेक्ष्य में समय-सीमा बताया जाना अपेक्षित नहीं है।
शालाओं के भवन मरम्मत एवं पुताई कार्य में राशि का व्यय
[स्कूल शिक्षा]
126. ( क्र. 1196 ) डॉ. प्रभुराम चौधरी : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रायसेन जिले में वित्तीय वर्ष 2023-24 से प्रश्न दिनांक तक स्कूलों के मरम्मत कार्य एवं कार्यालयीन कार्य हेतु कितनी-कितनी राशि व्यय की गई? स्कूलवार विवरण देवें। (ख) सांची विधानसभा अंतर्गत प्रायमरी/मिडिल/हाई/हायर सेकेण्डरी स्कूलों में भवनों की मरम्मत एवं पुताई कार्य में स्कूलवार कितनी-कितनी राशि व्यय की गई? वर्तमान में कौन-कौन से स्कूल हैं जिनमें मरम्मत एवं पुताई कार्य शेष हैं? सूची दें। (ग) प्रश्नांश (ख) के संबंध में क्या पुताई एवं मरम्मत कार्य हेतु निविदा टेण्डर कराये गये हैं? यदि हाँ, तो वह कौन-कौन सी संस्था है? जानकारी देवें।
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) रायसेन जिले में वित्तीय वर्ष 2023-24 एवं 2025-26 में प्राथमिक माध्यमिक शालाओं के भवन मरम्मत कार्य स्वीकृति शून्य है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में प्राथमिक/माध्यमिक शालाओं में मरम्मत तथा कार्यालयीन कार्य हेतु व्यय की जानकारी एवं हाई स्कूल/हायर सेकेण्डरी की 2023-24 की जानकारी निरंक तथा 2024-25, 2025-26 की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'1' अनुसार है। (ख) साँची विधान सभा अन्तर्गत वित्तीय वर्ष 2023-24 एवं 2025-26 में प्राथमिक माध्यमिक शालाओं के भवन मरम्मत कार्य स्वीकृति शून्य है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में प्राथमिक/माध्यमिक शालाओं में मरम्मत की जानकारी एवं हाई स्कूल एवं हायर सेकेण्डरी की 2024-25 से वर्तमान तक की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'2' अनुसार है। (ग) प्रश्नांश (ख) के संबंध में प्राथमिक एवं माध्यमिक शालाओं हेतु उपरोक्त कार्य शाला प्रबंधन समिति द्वारा कराये जाते हैं। मरम्मत एवं पुताई कार्य से संबंधित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'2' अनुसार है। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
बिना अनुमति के कर्मचारियों का स्थानांतरण
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
127. ( क्र. 1212 ) श्री फूलसिंह बरैया : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दतिया जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के आदेश क्रमांक स्था./2025/7525 दतिया दिनांक 27.08.2025 के द्वारा 7 A.N.M. एवं आदेश क्रमांक स्था./विज्ञप्ति/A.N.M./2025/8993 दिनांक 13.10.2025 एवं आदेश क्रमांक स्था./2025/7797 दिनांक 08.09.2025 के द्वारा कर्मचारियों के स्थानांतरित (एक स्थान से दूसरे स्थान पर) किये हैं। यदि हाँ, तो आदेशों की प्रतियां उपलब्ध कराई जायें। इनके अलावा यदि और कर्मचारियों के मुख्यालय परिवर्तित किये हैं तो उनकी भी प्रतियां उपलब्ध कराई जायें। (ख) विधानसभा सत्र दिसम्बर 2025 में अतारांकित प्रश्न क्रमांक 1494 दिनांक 04.12.2025 में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी दतिया ने प्रश्नांश (क) में वर्णित आदेशों का हवाला ही नहीं दिया है, ऐसा क्यों? (ग) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित आदेश क्रमांक 7/A.N.M. के स्थानांतरित बिना सक्षम अधिकारी के अनुमोदन के किये हैं, जबकि इन A.N.M. की नियुक्ति की शर्त क्रमांक 4 में स्पष्ट उल्लेख है कि बिना संचालनालय की अनुमति के स्थानांतरण न किये जायें एवं अन्य दो आदेश भी बिना सक्षम अधिकारी के अनुमोदन से किये गये हैं, आदेश जारी करने वाले अधिकारी का नाम बतायें। (घ) क्या विधानसभा को गुमराह करने एवं अपनी मर्जी से स्थानांतरण करने वाले अधिकारी पर कार्यवाही की जायेगी? यदि हाँ तो कब? समयावधि बतायें।
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) कार्य सुविधा की दृष्टि से विभिन्न अधिकारी/कर्मचारी की ड्यूटी लगाई जाती है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार। (ख) कार्य सुविधा की दृष्टि से ड्यूटी लगाये जाने के कारण आदेशों का उल्लेख नहीं किया। (ग) प्रश्नांश (क) अनुसार आदेश डॉ. बी.के. वर्मा, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी दतिया द्वारा जारी किये गये। (घ) उत्तरांश (ख) अनुसार शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
ऐतिहासिक धरोहरों का संरक्षण
[संस्कृति]
128. ( क्र. 1213 ) श्री फूलसिंह बरैया : क्या राज्य मंत्री, संस्कृति महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या दतिया जिले की भाण्डेर विधानसभा के ग्राम गुजर्रा में सम्राट अशोक शिलालेख है जो पर्यटन क्षेत्र में आता है, यदि हाँ तो इस ऐतिहासिक धरोहर शिलालेख को संरक्षित रखने के लिये क्या योजना है? यदि इस धरोहर की सुरक्षा हेतु कोई कर्मचारी नियुक्त है तो नाम एवं पद बतायें। (ख) इस ऐतिहासिक धरोहर शिलालेख तक जाने का पक्का रास्ता नहीं है। बरसात में शिलालेख के आस-पास पानी भरा रहता है। इस पर्यटन क्षेत्र को संरक्षित रखने के लिये क्या विभाग द्वारा अभी तक कोई कार्यवाही की गई? यदि हाँ तो विवरण दें। यदि नहीं, तो क्यों? (ग) क्या पर्यटन क्षेत्र सम्राट अशोक शिलालेख गुजर्रा को संरक्षित रखने की कोई योजना है? यदि नहीं, बनी हो तो क्या ऐतिहासिक महत्व को दृष्टिगत रखते हुए योजना तैयार कर शिलालेख तक मुख्य मार्ग से जोड़ने एवं पर्यटकों के लिये मूलभूत सुविधायें जैसे पानी, बैठने/मीटिंग हेतु भवन जैसी आवश्यक सुविधायें दी जायेंगी? यदि हाँ तो कब तक? यदि नहीं, तो क्यों?
राज्य मंत्री, संस्कृति ( श्री धर्मेन्द्र भाव सिंह लोधी ) : (क) उपरोक्त राज्य संरक्षित स्मारक नहीं है। अत: शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) एवं (ग) उत्तरांश (क) अनुसार।
चेक पोस्टों पर अवैध वसूली
[परिवहन]
129. ( क्र. 1216 ) श्री केशव देसाई : क्या परिवहन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या भिंड जिले के दीनपुरा व मालनपुरा बैरियर पर संगठित अपराधियों के द्वारा परिवहन विभाग में पदस्थ आरक्षक शंकर पचौरी के संरक्षण में प्रतिदिन कई लाख रूपये की अवैध वसूली की जा रही है? यदि हाँ तो पदस्थ परिवहन स्टॉफ व निजी कटर के खिलाफ क्या कार्यवाही की जायेगी? (ख) क्या माननीय मुख्यमंत्री के निर्देश पर प्रदेश के सभी परिवहन चेक पोस्ट बंद किये जा चुके हैं? यदि हाँ तो विभिन्न परिवहन चेक पोस्ट पर हो रही करोड़ों रूपये की उगाही के विरूद्ध कब तक कार्यवाही होगी? (ग) क्या परिवहन आयुक्त के द्वारा पदस्थ स्टॉफ द्वारा ही निजी कटर के माध्यम से उगाई की गई जा रही है? इस कारण प्रत्येक बैरियर से म.प्र. सीमा में प्रवेश के लिए एक हजार से लेकर चार हजार रूपये तक प्रति व्यवसायिक वाहनों से अवैध उगाही की जा रही है? इस पर कब तक और क्या कार्यवाही की जावेगी? समयावधि बतावें।
परिवहन मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जी नहीं। परिवहन आयुक्त कार्यालय के आदेश क्रमांक 47/टीसी/24 दिनांक 12.07.2024 के द्वारा प्रदेश की अंतर्राज्यीय सीमाओं पर 45 रोड सेफ्टी एंड इंफोर्समेंट चेकिंग पॉइंट स्थापित किये गये हैं, जिसमें उत्तरप्रदेश की सीमा पर इटावा-ग्वालियर मार्ग पर आर.टी.ओ. चेक पॉइंट भिण्ड-1 स्थापित किया गया है। उक्त क्षेत्र में दीनपुरा स्थान आता है, मालनपुर स्थान नहीं है। आदेश की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' अनुसार है। आर.टी.ओ. चेकिंग पॉइंट भिण्ड-1 पर मोटरयान अधिनियम/नियमों के तहत अवैध रूप से संचालित वाहनों के विरूद्ध चालानी कार्यवाही की जाती है। श्री शंकर पचौरी, आरक्षक के पद पर पदस्थ न होकर परिवहन उप निरीक्षक के पद पर कार्यरत हैं। श्री शंकर पचौरी को आर.टी.ओ. चेकिंग पॉइंट भिण्ड-1 पर प्रभारी के रूप में पदस्थ किया गया है। आदेश दिनांक 09.12.2024 की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''ब'' अनुसार है। शिकायत प्राप्त होने पर नियमानुसार विभागीय कार्यवाही की जाती है। (ख) जी हाँ। परिवहन चेक पोस्टों पर हो रही अव्यवस्थाओं को दूर करने और पारदर्शी व्यवस्था लागू करने तथा सुशासन के उद्देश्य से मध्यप्रदेश में ''ईज ऑफ डूइंग बिजनेस'' के अन्तर्गत शासन के आदेश क्रमांक 925/1429257/2023/आठ, दिनांक 30.06.2024 के द्वारा 01 जुलाई 2024 से प्रदेश के समस्त परिवहन चेक पोस्टों का संचालन पूर्णतः बंद कर दिया गया है। शासन आदेश की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''स'' अनुसार है। अतः शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) जी नहीं। परिवहन विभाग के प्रवर्तन अमले में पदस्थ परिवहन अधिकारियों/कर्मचारियों द्वारा मोटरयान अधिनियम/नियम के तहत अवैध रूप से संचालित व्यवसायिक/गैर व्यवसायिक वाहनों के विरूद्ध चालानी कार्यवाही करते हुये समझौता शुल्क/शास्ति की राशि वसूल की जाती है। चेकिंग में पारदर्शिता हेतु POS, Body Worn Camera प्रदाय गए हैं। गतवर्ष अवैध रूप से संचालित वाहनों से वसूल की गई राशि का पत्रक पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''द'' अनुसार है। अतः शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
अधोसंरचना मद की लंबित राशि की प्रशासकीय स्वीकृति
[जल संसाधन]
130. ( क्र. 1223 ) श्री बिसाहूलाल सिंह : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या विधानसभा क्षेत्र अनूपपुर अंतर्गत चंदास डायवर्सन में पोड़ी से दुलहा तालाब दुलहरा होते हुये रजहा तालाब तक पक्की नाली निर्माण कराये जाने हेतु अधोहस्ताक्षरी द्वारा जल संसाधन विभाग को पत्राचार किया गया है? यदि हाँ तो पत्रों की छायाप्रति उपलब्ध करायें। (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार जल संसाधन विभाग द्वारा अभी तक पोड़ी डायवर्सन से दुलहा तालाब दुलहरा में पानी भराव के लिये पूर्व से कच्ची मिट्टी से बनी थी। वह टूट-फूट गई है, जिससे तालाब तक पानी नहीं पहुँचता है। जल संसाधन विभाग के द्वारा अभी तक पक्की नाली के निर्माण कार्य की कार्यवाही कागजों में सीमित है जिसे कब तक स्वीकृति प्रदान की जायेगी? (ग) प्रश्नांश (ख) अनुसार वर्ष 2024-25 में मुख्यमंत्री अधोसंरचना मद से चंदास डायवर्सन एवं सकरा जलाशय से नहर व पुलिया निर्माण कार्य स्वीकृत किये जाने हेतु प्रस्ताव जल संसाधन विभाग को भेजा था, जिसमें कार्यवाही न कर डी.पी.आर. वरिष्ठ कार्यालय को नहीं भेजने से क्षेत्र के लगभग 400.00 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति तक नहीं मिल सकी है? यदि हाँ, तो क्यों? (घ) प्रश्नांश (क), (ख) एवं (ग) अनुसार जल संसाधन विभाग अनूपपुर को प्रस्तावित मुख्यमंत्री अधोसंरचना मद की लंबित राशि से कार्यों की प्रशासकीय स्वीकृति कब तक प्रदान की जायेगी? समय-सीमा बतावें।
जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) जी हाँ। पत्र की छायाप्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) नहरों के मरम्मत कार्य हेतु DMF मद में स्वीकृति हेतु प्रेषित किया जाना प्रतिवेदित है। प्रस्ताव की स्वीकृति संबंधित विभाग से अपेक्षित है। जल संसाधन विभाग में स्वीकृति हेतु लंबित नहीं है। (ग) एवं (घ) संबंधित कार्य के निर्माण के प्रस्ताव की स्वीकृति DMF मद में से प्राप्त होने तथा आवंटन उपलब्ध कराने के उपरांत कार्य विभाग द्वारा निर्माण एजेंसी के रूप में किया जाता है। अत: शेष प्रश्न लागू नहीं होता।
चेक पॉइंट पर अवैध वसूली
[परिवहन]
131. ( क्र. 1249 ) श्री राजन मण्डलोई : क्या परिवहन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रदेश के समस्त चेक पोस्ट को बंद कर उनके स्थान पर चेक पॉइंट बनाये गये हैं? यदि हाँ तो चेक पोस्ट बंद करने के कारण क्या थे एवं चेक पॉइंट बनाये जाने के क्या उद्देश्य है और इसके संबंध में क्या दिशा/निर्देश दिये गये अथवा नियम बनाये गये हैं? बतायें। (ख) क्या उक्त चेक पॉइंटों पर अवैध वसूली किये जाने के संबंध में शासन स्तर पर विगत 2 वर्षों में कितनी शिकायतें किस-किस के द्वारा किस-किस स्तर पर की गई और उनमें क्या-क्या कार्यवाही की गई? यदि नहीं, तो क्यों? (ग) उपरोक्त प्रश्नांश के परिपेक्ष्य में प्रश्नकर्ता के प्रश्न क्रमांक 1150 उत्तर दिनांक 04/12/2025 के संदर्भ में बड़वानी जिले में मद क्रमांक 872 एवं 873 में कितनी-कितनी बकाया राशि वसूली की जाना है? क्या जिला परिवहन अधिकारी द्वारा जानबूझकर समस्त बकाया वसूली नहीं की जाकर बकायादारों को उपकृत किया जा रहा है? यदि नहीं, तो क्या इस मामले की उच्च स्तरीय जांच कराई जायेगी? यदि हाँ तो कब तक? यदि नहीं, तो क्यों?
परिवहन मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जी हाँ। परिवहन चेक पोस्टों पर हो रही अव्यवस्थाओं को दूर करने और पारदर्शी व्यवस्था लागू करने तथा सुशासन के उद्देश्य से मध्यप्रदेश में "ईज ऑफ डूइंग बिजनेस" के अन्तर्गत शासन के आदेश क्रमांक 925/1429257/2023/आठ, दिनांक 30.06.2024 के द्वारा 01 जुलाई 2024 से प्रदेश के समस्त परिवहन चेक पोस्टों का संचालन बंद कर दिया गया है। शासन आदेश की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र "अ" अनुसार है। परिवहन चेक पोस्टों के स्थान पर परिवहन आयुक्त कार्यालय के पत्र क्रमांक 47/टीसी/24 दिनांक 12.07.2024 के द्वारा प्रदेश की अंतर्राज्यीय सीमाओं पर 45 रोड सेफ्टी एंड इंफोर्समेंट चेकिंग पॉइंट स्थापित किये गये हैं। उक्त आदेश में ही चेकिंग पॉइंट पर वाहन चेकिंग का कार्य किये जाने के संबंध में दिशा-निर्देश दिये गये हैं। आदेश की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र "ब" अनुसार है। (ख) परिवहन चेक पॉईंट पर पदस्थ प्रवर्तन अमले के विरूद्ध विगत 02 वर्षों में प्राप्त शिकायतों पर की गई विभागीय कार्यवाही का विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र "स" अनुसार है। (ग) प्रश्नकर्ता के प्रश्न क्रमांक 1150 उत्तर दिनांक 04.12.2025 के संदर्भ में बड़वानी जिले में मद क्रमांक 872 की बकाया राशि रूपये 10, 89, 62, 973/- के विरूद्ध यात्री वाहनों से राशि रूपये 7, 76, 883/- वसूल किये गये हैं, इसी प्रकार मद क्रमांक 873 की बकाया राशि रूपये 14, 92, 85, 084/- के विरूद्ध मालयानों से राशि रूपये 5, 14, 766/- वसूल किये गये हैं। शेष बकाया राशियों की वसूली हेतु बकायादार वाहन स्वामियों को नोटिस जारी किये गये हैं। नोटिसों की प्रतियां पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र "द" अनुसार है। अतः शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
जिला चिकित्सालय उमरिया की जानकारी
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
132. ( क्र. 1252 ) श्री फुन्देलाल सिंह मार्को : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला चिकित्सालय, उमरिया में 1.4.2023 से प्रश्न दिनांक तक कितने चिकित्सक/पैरा मेडिकल स्टाफ के पद स्वीकृत हैं, स्वीकृत पद में से कितने भरे हैं, कितने रिक्त हैं? उक्त अवधि में कितने एक्सीडेंटल मरीज को भर्ती कर जिला चिकित्सालय में उपचार किया एवं कितनों को अन्यत्र रेफर किया? संख्यात्मक जानकारी वर्षवार उपलब्ध करावें तथा मरीजों को अन्यत्र रेफर करने के क्या कारण रहे? (ख) प्रश्नांश (क) की समयावधि में जिला चिकित्सालय, उमरिया में पदस्थ आउटसोर्स कर्मचारियों की भर्ती नियम की प्रति उपलब्ध कराते हुये बतायें कि आउटसोर्स अभ्यर्थियों के चयन पश्चात क्या उनकी चयन सूची को सूचना पटल अथवा विभागीय पोर्टल पर सार्वजनिक किया गया था? यदि हाँ तो विवरण दें। यदि नहीं, तो कारण बतायें। (ग) प्रश्नांश (क) की समयावधि में जिला उमरिया अंतर्गत चिकित्सालय में कितनी प्रसूती (गर्भावस्था) महिलायें भर्ती हुईं, कितनी महिलाओं में खून की कमी की समस्या पाई गई थी, कितनी प्रसूती (गर्भावस्था) महिलाओं की मृत्यु खून की कमी से हुई? इनमें से कितनी प्रसूती (गर्भावस्था) महिलायें आदिवासी समाज से थीं? संख्यात्मक वर्षवार जानकारी उपलब्ध करावें।
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'अ' अनुसार। (ख) जानकारी एकत्रित की जा रही है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'ब' अनुसार।
फ्लाई ओला हवाई सेवा का संचालन
[पर्यटन]
133. ( क्र. 1265 ) श्री कुँवर सिंह टेकाम : क्या राज्य मंत्री, पर्यटन महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या मध्यप्रदेश पर्यटन विभाग द्वारा भोपाल, जबलपुर, रीवा एवं सिंगरौली मार्ग के लिये फ्लाई ओला का संचालन किया जा रहा है? यदि हाँ, तो पूर्ण विवरण सहित जानकारी उपलब्ध कराएं। (ख) क्या प्रश्नांश (क) के संदर्भ में भोपाल, जबलपुर, रीवा एवं सिंगरौली यात्रा के लिये फ्लाई ओला के द्वारा टिकट बुक किया जाता है? यदि हाँ, तो पूर्ण विवरण सहित जानकारी उपलब्ध करायें। (ग) क्या प्रश्नांश (ख) के संदर्भ में जो यात्री टिकट बुक करते हैं उन्हें निर्धारित तिथि में हवाई सेवा का लाभ मिलता है? यदि हाँ, तो जानकारी उपलब्ध करावें। माह में कितने दिन फ्लाई ओला हवाई सेवा का संचालन किया गया है? विगत तीन माह का यात्रा विवरण मय सवारी की संख्या सहित जानकारी उपलब्ध करायें। (घ) क्या प्रश्नांश (ग) के संदर्भ में निर्धारित तिथि में फ्लाई ओला निरस्त होने की स्थिति में यात्रियों को उसकी जानकारी दी जाती है? यदि हाँ, तो किस माध्यम से दी जाती है? जानकारी उपलब्ध करायें। फ्लाई ओला हवाई सेवा अचानक निरस्त किये जाने से यात्रियों को जो परेशानी होती है उसके लिये उत्तरदायी कौन है? स्पष्ट कारण बतायें।
राज्य मंत्री, पर्यटन ( श्री धर्मेन्द्र भाव सिंह लोधी ) : (क) वर्तमान में निजी ऑपरेटर मेसर्स JET SERVE AVIATION PVT. LTD (फ्लाई ओला), भोपाल, रीवा, सतना एवं सिंगरौली मार्ग पर हवाई सेवा का संचालन किया जा रहा है, इसमें जबलपुर सम्मिलित नहीं है। (ख) प्रश्नांश (क) के उत्तर में वर्णित भोपाल, रीवा, सतना एवं सिंगरौली स्थानों हेतु टिकट बुकिंग की सुविधा www.flyola.in एवं https://www.air.irctc.co.in/वेबसाइट पर उपलब्ध है। (ग) जी हाँ। जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार। (घ) जी हाँ। यदि हवाई सेवा निरस्त होती है तो फ्लाई ओला द्वारा यात्रियों को दूरभाष एवं ई-मेल के माध्यम से जानकारी दी जाती है। खराब मौसम, एयर ट्रैफिक कंट्रोलर की अनुमति के कारण या अन्य कारण जो कि ऑपरेटर के नियंत्रण के कारणों के अलावा अन्य कारणों जिनके लिये ऑपरेटर उत्तरदायी है, अनुबंध अनुसार पेनाल्टी निर्धारित की गई है।
विद्यालयों का उन्नयन
[स्कूल शिक्षा]
134. ( क्र. 1268 ) श्री नरेन्द्र सिंह कुशवाह : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या भिण्ड जिले के भिण्ड विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत विभिन्न विद्यालयों के उन्नयन के संदर्भ में विगत माह दिये गये पत्रों पर प्रश्न दिनांक तक क्या कार्यवाही संतुति की गई है? यदि नहीं, तो कब तक उन्नयन सम्बधी कार्य पूर्ण किया जावेगा? (ख) वर्ष 2023 से विभाग द्वारा भिण्ड जिले के भिण्ड विधानसभा क्षेत्र में किन-किन परियोजनाओं की स्वीकृति प्रदान की गई है? योजना का नाम व निर्धारित राशि का ब्यौरा उपलब्ध कराएं। (ग) भिण्ड विधानसभा क्षेत्र के प्रस्तावित विद्यालय उन्नयन का कार्य कब तक पूर्ण किया जावेगा? समयावधि बताएं।
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) विधानसभा क्षेत्र भिण्ड के अंतर्गत पत्र दिनांक 30.12.2023 एवं 25/1/2024 के क्रम में हबलदार सिंह का पुरा (नुन्हाटा) में कक्षा 6 से 8 तक संचालन करने के लिए पत्र प्राप्त हुये। प्राथमिक विद्यालय हबलदार सिंह का पुरा से 2.5 कि.मी. की दूरी पर शासकीय माध्यमिक शाला नुन्हाटा संचालित है। अत: नि:शुल्क बाल शिक्षा अधिनियम के प्रावधान अनुसार नवीन विद्यालय खोलने की कार्यवाही नहीं की गई है। अत: शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) जानकारी उत्तरांश "क" अनुसार।
परिवहन विभाग के अधिकारी/कर्मचारियों के विरूद्ध कार्यवाही
[परिवहन]
135. ( क्र. 1300 ) श्री हेमंत सत्यदेव कटारे : क्या परिवहन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2013 से अब तक परिवहन आयुक्त से आरक्षक तक किन-किन अधिकारी-कर्मचारियों के विरुद्ध कब-कब, किन-किन कारणों से विभागीय जांच, लोकायुक्त जांच, ई.ओ.डब्ल्यू. जाँच, सी.बी.आई. प्रवर्तन निदेशालय, इनकम टैक्स सहित अन्य कार्रवाई हुई? इन जांच अथवा कार्रवाईयों का कब-कब, क्या निराकरण हुआ? जांच प्रतिवेदन सहित सभी संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराते हुये विभाग में पदस्थ जिन अधिकारी-कर्मचारियों पर अपराधिक प्रकरण दर्ज है, उनकी सूची उपलब्ध करायी जाये। (ख) आलोच्य अवधि में विभाग में पदस्थ व सेवानिवृत्त समस्त क्षेत्रीय परिवहन अधि., सहा. क्षेत्रीय परिवहन अधि., जिला परिवहन अधि., परिवहन निरीक्षकों, परि.उप. निरीक्षकों और परिवहन प्रधान आरक्षकों द्वारा ज्वाइनिंग से वर्तमान तक प्रस्तुत किए गए चल-अचल संपत्ति पत्रक एवं सभी की सेवा पुस्तिका की प्रति उपलब्ध कराएं। साथ ही परिवहन उप निरीक्षक श्री के.के. गोस्वामी द्वारा पूर्व में आरक्षक के पद पर नियुक्ति के दौरान एवं बाद में लोक सेवा आयोग के माध्यम से टी.एस.आई. के पद पर नियुक्ति पर घोषित चल-अचल संपत्ति पत्रकों की भी पूर्ण जानकारी दी जाये। (ग) क्या क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी उज्जैन द्वारा भारी वाहनों को अवैधानिक रूप से अधिक भार क्षमता की अनुमति प्रदान किए जाने संबंधी शिकायत/सूचना विभागीय अधिकारियों अथवा मंत्रियों को विगत 05 वर्षों में प्राप्त हुई? यदि हाँ तो क्या उसकी जांच करायी गयी? यदि हाँ तो जांच और कार्रवाई संबंधी संपूर्ण नस्ती उपलब्ध कराएं। (घ) क्या वाहन क्रमांक- एमपी 13 एच 1668, एमपी 13 एच 1098, एमपी 13 एच 1099, एमपी 13 एच 1114, एमपी 13 एच 1115, एमपी 13 एच 8818, एमपी 13 एच 1161, एमपी 13 एच 7818 को कंपनी से पास इन वाहनों की भार क्षमता के विपरीत 55 टन भार क्षमता की अनुमति अवैधानिक रूप से प्रदान की गई है? यदि हाँ, तो क्या इन सभी वाहनों की अवैधानिक रूप से जारी भार क्षमता में संशोधन के बिना ही प्रतिवर्ष, वर्ष परमिट प्रमाण-पत्र जारी किया जाता रहा है? यदि हाँ तो इसके लिए कौन दोषी है? (ड.) उपरोक्त सभी वाहनों को अवैधानिक रूप से अधिक भार क्षमता की अनुमति दिए जाने से शासन को अब तक कितने राजस्व का नुकसान हुआ? क्या वाहन मालिक से इस राजस्व की वसूली की जाएगी तथा क्या दोषी पाए जाने पर आर.टी.ओ. संतोष मालवीय पर शासन कार्रवाई करेगा? जानकारी दी जाये।
परिवहन मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) से (ड.) जानकारी सकंलित की जा रही है।
अनियमितताओं की जानकारी एवं दोषियों पर कार्यवाही
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
136. ( क्र. 1301 ) श्री हेमंत सत्यदेव कटारे : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) कार्यालय, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी भिण्ड में विगत 10 वर्षों से कौन-कौन सी एजेन्सियां कार्यरत है? वर्षवार कार्यरत एजेन्सी का नाम, पता, मोबाइल नंबर आदि की जानकारी दी जाये। (ख) कार्यालय, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी भिण्ड में अधिकारियों द्वारा अपनी चहेती एजेन्सियों को लाभ पहुँचाने की नियत से ई-टेण्डर की प्रक्रिया की कागजी खानापूर्ति दर्शाकर विगत कई वर्षों से कार्यरत एजेन्सियों की ही कार्यावधि नियम विरूद्ध तरीके से निरंतर क्यों बढ़ायी जा रही है? क्या इस संबंध में पूर्व में कोई शिकायत प्राप्त हुई है तो उसकी जाँच में क्या पाया गया? जानकारी दी जाये। (ग) कार्यालय, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी भिण्ड में श्री राजेश शर्मा डाटा मैनेजर पद पर कब से पदस्थ/कार्यरत हैं? श्री शर्मा का मूल पद क्या है? क्या यह स्थायी अथवा संविदा कर्मी हैं? पूर्ण जानकारी दी जाये। (घ) क्या श्री राजेश शर्मा को पूर्व में डी.पी.एम. का प्रभार दिया गया? यदि हाँ, तो बताएं कि किन परिस्थितियों में किस अधिकारी द्वारा श्री शर्मा को प्रभार सौंपा? श्री शर्मा किस दिनांक से किस दिनांक तक सभी अवधियों में डी.पी.एम. के प्रभार में रहे हैं? विस्तृत जानकारी दी जाये। (ड.) क्या नियमानुसार डाटा मैनेजर अथवा संविदा डाटा एंट्री मैनेजर को डी.पी.एम. जैसे प्रशासनिक पद का प्रभार दिया जा सकता है? यदि हाँ, तो नियम की छायाप्रति उपलब्ध करायी जाये। यदि नहीं, दिया जा सकता तो नियम विरूद्ध प्रभार देने के संबंध में कौन दोषी है तथा उसके विरूद्ध कार्यवाही की जायेगी? यदि हाँ, तो कब तक? समय-सीमा बतायी जाये।
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र 'अ' अनुसार है। (ख) जी नहीं, जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) कार्यालय, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी भिण्ड में श्री राजेश शर्मा डाटा मैनेजर पद पर दिनांक 23/08/2007 से कार्यरत है। श्री राजेश शर्मा का मूल पद डाटा मैनेजर हैं तथा वे एक संविदा कर्मचारी है। (घ) जी हाँ, तत्कालीन जिला कार्यक्रम प्रबंधक श्री भरत जैन के द्वारा सेवा से त्याग पत्र देने के कारण रिक्त डी.पी.एम. के पद पर तत्कालीन मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के द्वारा कार्यालय आदेश क्र./स्था.एन.एच.एम./2019/19214-21 भिण्ड, दिनांक 10/10/2019 के द्वारा डी.पी.एम. का प्रभार सौंपा गया, श्री राजेश शर्मा दिनांक 10/10/2019 से 01/06/2025 तक जिला कार्यक्रम प्रबंधक के पद पर कार्यरत रहे। जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र 'ब' अनुसार है। (ड.) प्रशासकीय कार्य सुविधा की दृष्टि से डी.पी.एम. का प्रभार तत्कालीन मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा स्थानीय स्तर पर दिया गया। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
पैथोलॉजी संचालन के नियमों का उल्लंघन
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
137. ( क्र. 1305 ) श्री जयवर्द्धन सिंह : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या अधोहस्ताक्षरकर्ता का क्रमशः पत्र क्र. 958 दिनांक 12/1/26 जो सीएम/सीएस/पीएस हेल्थ/एमडी एनएचएम एवं 906/दि. 17/10/25 जो पी.एस. हेल्थ को प्राप्त हुआ है? सा.प्र.वि. के आदेश क्रमांक एफ 19-76/2007/1/4 दिनांक 22/3/2011 के उल्लंघन होने पर आदेश के बिन्दु पांच अनुसार संबंधितों का निलंबन करते हुये कब तक जानकारी उपलब्ध कराई जायेगी? (ख) ई-निविदा 2021_DHS_143787_1 दिनांक 25/5/21 में कितने निविदाकार ने हिस्सा लिया? इसमें एल1, एल2 एवं अन्य कौन-सी कंपनी सम्मिलित थीं? विज्ञापन/निविदा के साथ प्राप्त एवं बिडिंग के समस्त दस्तावेज सहित एकल नस्ती की प्रति दें। (ग) क्या एल1 और एल2 कंपनी के बीच टेण्डर प्रक्रिया के बाद क्या कोई एम.ओ.यू. हुआ था? क्या यह CVC के नियमों का उल्लंघन नहीं है? यदि नियमों का उल्लंघन है, तो उस पर कब और क्या कार्यवाही की गई? समस्त दस्तावेज दें। यदि नहीं, तो क्यों? कारण सहित बतायें। (घ) निविदा एवं मरीजों से जांच के संबंध में कितनी शिकायतें प्राप्त हुईं? उन पर कब और क्या कार्यवाही की गई? (ड.) डायग्नोस्टिक सेवाओं पर GST लेने के क्या नियम हैं? नियमों/आदेशों की प्रति दें। (च) सी.एम.एच.ओ. भोपाल का क्रमशः पत्र क्र. 24458/दि. 12/12/25, 25398/दि. 23/12/25, संचा.लो.स्वा. एवं चि.शि. का पत्र क्र. 556-558/दि. 22/11/25, एम.पी.एन.आर.सी. का पत्र क्र. 16030/दि. 27/11/25 तक कृत कार्यवाही से एकल नस्ती सहित अवगत करायें।
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) पत्र क्रमांक 906/25 दिनांक 17.10.2025 से संबंधित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' अनुसार है। पत्र क्रमांक 958/26 दिनांक 12.01.2026 प्राप्त हुआ है, जिसमें निविदा क्रमांक ई-निविदा 2021_DHS_143787_1 दिनांक 25/05/21 की निविदा प्रक्रिया, निविदा पश्चात दो एजेंसी के मध्य हुए कथित एम.ओ.यू., जांचों, GST आदि विषयों के संबंध में वृहद जानकारी चाही है। पत्र में उल्लेखित बिन्दुओं का परीक्षण किया जा रहा है। परीक्षण उपरांत उत्तर दिया जायेगा। अत: जानकारी एकत्रित की जा रही है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) 6 निविदाकारों ने हिस्सा लिया, जिसमें से तीन तकनीकी रूप से Qualify हुए - 1- M/s Science House Medicals Pvt Ltd, 2- M/s Neuberg Supratech Reference Laboratories Pvt Ltd एवं 3- GTI Infotel Pvt Ltd, इसमें एल 1 - M/s Science House Medicals Pvt Ltd, एल 2 - M/s Neuberg Supratech Reference Laboratories Pvt Ltd एवं विज्ञापन/निविदा के साथ प्राप्त एवं बिडिंग के दस्तावेज सहित एकल नस्ती की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''ब'' अनुसार है। (ग) एल 1 और एल 2 कंपनी के बीच हुए कथित एम.ओ.यू. की जानकारी प्राप्त हुई है। इस संबंध में एल1 कंपनी से स्पष्टीकरण लिया है, जो परीक्षणाधीन है। (घ) निविदा से संबंधित 1 शिकायत प्राप्त हुई। श्री सुरज बगजई द्वारा 02.09.2021 को आपत्ति प्रस्तुत की गई थी जिसका तत्काल निराकरण किया जा चुका है। जिला स्तर पर प्राप्त शिकायतों का निराकरण जिला स्तर से किया जाता है जिस हेतु जिला स्वास्थ्य अधिकारी-2 नामांकित है। जिलों से प्राप्त जानकारी निरंक है। राज्य स्तर पर मरीजों से जांच संबंधी एक शिकायत श्री संस्कार जैन निवासी दलौदा, मंदसौर की सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र धुंधडका में जांच के संबंध में प्राप्त हुई थी, जिसका निराकरण किया जा चुका है। (ड.) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''स'' अनुसार है। (च) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''द'' अनुसार है।
शासकीय भूमियों का नामांतरण
[राजस्व]
138. ( क्र. 1319 ) श्री दिनेश गुर्जर : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला शहडोल की तहसील सोहागपुर अंतर्गत खसरा क्रमांक 566, 1700, 1708, 1711 एवं 1719 की शासकीय भूमि को वर्ष 1998-99 से 2008-09 के मध्य किन दस्तावेजों के आधार पर निजी व्यक्तियों के नाम दर्ज की गयी? क्या इन कूटरचित नामांतरणों में संलिप्त राजस्व अधिकारियों/कर्मचारियों को चिन्हित कर उन पर दंडात्मक कार्यवाही की गई? (ख) क्या संभागीय आयुक्त शहडोल द्वारा दिनांक 04.12.2024 को जारी पत्र में दिए गए जांच निर्देशों का अक्षरशः पालन किया गया है? यदि हाँ, तो जांच प्रतिवेदन की प्रति उपलब्ध कराएं। यदि पालन नहीं हुआ, तो इसके लिए उत्तरदायी अधिकारियों पर क्या कार्यवाही की जा रही है? (ग) शासकीय भूमि को निजी भूमि के रूप में दर्ज करने से शासन को अब तक हुई वित्तीय एवं राजस्व हानि का क्या आकलन किया गया है? क्या उक्त भूमि को पुनः शासकीय अभिलेखों (Record of Rights) में दर्ज करने हेतु 'म.प्र. भू-राजस्व संहिता' के तहत सुधार की कार्यवाही प्रारंभ कर दी गई है? (घ) भूमि अभिलेखों में भविष्य में इस प्रकार के फर्जीवाड़े को रोकने के लिए शासन द्वारा क्या तकनीकी या स्थायी सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है? क्या शासन इस पूरे घोटाले की जांच किसी विशेष जांच एजेंसी (SIT) से कराने पर विचार करेगा?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) खसरा क्रमांक 566, 1700, 1708, 1711 एवं 1719 की शासकीय भूमि के संबंध में जानकारी चाही गई है, उक्त भूमि ग्राम छतवई की आराजियां है, जिन आराजियों के अवलोकन में पाया गया कि वर्ष 1999-2000 में उक्त आराजियों की जानकारी निम्नानुसार है :- 1- आराजी खसरा क्रमांक 566 के कैफियत अ-19 (4)/दिनांक 20/05/1998 के माध्यम से सनत पिता बब्बू के नाम भूमि स्वामी दर्ज किया गया। जरिये प्रकरण जो वर्ष 1998-99 से निरंतर 2008-09 तक भूमि स्वामी दर्ज रहा। 2- आराजी खसरा क्रमांक 1700 के कैफियत कॉलम में अ-19 (4)/दिनांक 20/05/1998 के माध्यम से मिथलेश पिता गंगा के नाम भूमि स्वामी दर्ज किया गया। जरिये प्रकरण जो वर्ष 1998-99 से निरंतर 2008-09 तक भूमि स्वामी दर्ज रहा। 3-आराजी खसरा क्रमांक 1708 के कैफियत कॉलम में अ-19 (4)/दिनांक 20/05/1998 के माध्यम से मिथलेश पिता गंगा के नाम भूमि स्वामी दर्ज किया गया। जरिये प्रकरण जो वर्ष 1998-99 से निरंतर 2008-09 तक भूमि स्वामी दर्ज रहा। 4- आराजी खसरा क्रमांक 1711 के कैफियत कॉलम में अ-19 (4)/दिनांक 20/05/1998 के माध्यम से मिथलेश पिता गंगा के नाम भूमि स्वामी दर्ज किया गया। जरिये प्रकरण जो वर्ष 1998-99 से निरंतर 2008-09 तक भूमि स्वामी दर्ज रहा। 5- आराजी क्रमांक 1719 के कैफियत कॉलम में अ-19 (4)/दिनांक 20/05/1998 के माध्यम से मिथलेश पिता गंगा के नाम भूमि स्वामी दर्ज किया गया। जरिये प्रकरण जो वर्ष 1998-99 से निरंतर 2008-09 तक भूमि स्वामी दर्ज रहा। अनुविभागीय अधिकारी सोहागपुर के न्यायालयीन प्रकरण क्रमांक 121/अ-74/2009-10 के माध्यम से कार्यवाही हेतु निर्देशित किया गया, जिसके परिपालन में तहसीलदार सोहागपुर के प्रकरण 1/अ-6अ/2009-10 के माध्यम से पुन: शासकीय भूमि दर्ज किया गया। उक्त आराजियों में कूटचरित माध्यम से संलिप्त राजस्व कर्मचारियों को तत्कालीन तहसीलदार तहसील सोहागपुर के पत्र क्रमांक 541/प्रवा./तह./2010 सोहागपुर दिनांक 22.05.2010 के माध्यम से दोषी व्यक्तियों सुशील प्रसाद मिश्रा पिता गया प्रसाद मिश्रा सेवानिवृत्त तत्कालीन पटवारी हल्का छतवई, मथुरा प्रजापति पिता अकाली प्रसाद प्रजापति सेवानिवृत्त तत्कालीन पटवारी हल्का छतवई विरूद्ध भा.द.सा. की धारा 420/467/468 व 471 व अन्य सह प्रावधानों के तहत प्रकरण दर्ज करने हेतु थाना प्रभारी को लेख किया गया है। (ख) कमिश्नर महोदय शहडोल द्वारा दिनांक 04.12.2024 को जारी निर्देश के अनुसार ग्राम निपनिया की भूमि ख.नं. 153 के संबंध में अनुविभागीय अधिकारी (रा.) अनुविभाग सोहागपुर का जांच प्रतिवेदन स्पष्ट नहीं होने से पुन: जांच की कार्यवाही की जा रही है। जांच प्रतिवेदन के आधार पर उत्तरदायित्व निर्धारित कर कार्यवाही की जाएगी। (ग) शासकीय भूमि को निजी भूमि के रूप में दर्ज करने से शासन को तत्समय के गाइड-लाइन के अनुसार रूपये 11, 90, 000 आकलित है। उक्त भूमि को पुन: शासकीय अभिलेखों (Record of Rights) में दर्ज करने हेतु अनुविभागीय अधिकारी सोहागपुर के न्यायालयीन प्रकरण क्रमांक 121/अ-74/2009-10 के माध्यम से कार्यवाही हेतु निर्देशित किया गया, जिसके परिपालन में तहसीलदार सोहागपुर के प्रकरण 1/अ-6अ/2009-10 के माध्यम से पुन: शासकीय भूमि दर्ज किया गया। वर्तमान में उक्त आराजियां शासकीय मद में दर्ज है। (घ) तहसीलदार तहसील सोहागपुर के पत्र क्रमांक 541/प्रवा./तह./2010 सोहागपुर दिनांक 22.05.2010 के माध्यम से दोषी व्यक्तियों सुशील प्रसाद मिश्रा पिता गया प्रसाद मिश्रा सेवानिवृत्त तत्कालीन पटवारी हल्का छतवई, मथुरा प्रजापति पिता अकाली प्रसाद प्रजापति सेवानिवृत्त तत्कालीन पटवारी हल्का छतवई विरूद्ध भा.द.सा. की धारा 420/467/468 व 471 व अन्य सह प्रावधानों के तहत प्रकरण दर्ज करने हेतु थाना प्रभारी को लेख किया गया है। अत: स्पष्ट है कि समुचित कार्यवाही प्रारंभ की गई है अत: SIT गठन का प्रश्न उत्पन्न नहीं होता है।
जिला चिकित्सालय भवन का निर्माण
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
139. ( क्र. 1320 ) श्री दिनेश गुर्जर : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या मुरैना जिला चिकित्सालय का 300 बिस्तरीय पुराना भवन लगभग 40 वर्ष पुराना और जर्जर हो चुका है? क्या शासन इस पुराने भवन को तोड़कर वहां नवीन 500 बिस्तरीय भवन के निर्माण और अस्पताल को कुल 1000 बिस्तरों में उन्नत (Upgrade) करने के प्रस्ताव को शीघ्र प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान करेगी? यदि नहीं, तो कारण देवें। (ख) विभाग द्वारा निर्माणाधीन 'क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल ब्लॉक' में स्थानीय आवश्यकताओं और चिकित्सकीय सुगमता के लिए प्रस्तावित संशोधनों जैसे ट्रामा सेंटर को ओ.पी.डी. से जोड़ना, वार्डों का एकीकरण और मॉड्यूलर ओ.टी. के निर्माण पर अब तक क्या कार्यवाही हुई है? क्या इन संशोधनों हेतु ड्राइंग में बदलाव के निर्देश संबंधित निर्माण एजेंसी को दे दिए गए हैं? (ग) क्या शासन के संज्ञान में है कि जिला चिकित्सालय मुरैना में दूर-दराज के जिलों और पड़ोसी राज्यों (राजस्थान) से आने वाले मरीजों के परिजनों हेतु रैन बसेरा और वाहन पार्किंग की कोई समुचित व्यवस्था नहीं है? इन मूलभूत सुविधाओं के अभाव में आमजन को हो रही भारी परेशानी को दूर करने के लिए सरकार की क्या योजना है? (घ) अस्पताल में प्रतिदिन स्वीकृत क्षमता के विरुद्ध 1000-1100 मरीज उपचार हेतु आ रहे हैं, तो क्या शासन इस बढ़ते दबाव को देखते हुए नवीन भवन निर्माण और क्षमता विस्तार के कार्यों को स्वीकृत करेगी? यदि हाँ तो एक निश्चित समय-सीमा बताएं।
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जी नहीं। वर्तमान में जिला चिकित्सालय मुरैना संचालित है। 300 बिस्तर से 600 बिस्तरीय अस्पताल भवन का उन्नयन किये जाने की प्रशासकीय स्वीकृति दिनांक 17.11.2017 को राशि रूपये 60.54 करोड़ निर्माण एजेंसी मध्यप्रदेश गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मण्डल को दी गई थी के अनुक्रम में नवीन भवन निर्मित कर वर्तमान में कुल 600 बिस्तर संचालित है। वर्तमान में 1000 बिस्तर उन्नयन का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। (ख) जिला चिकित्सालय मुरैना के परिसर में 50 बिस्तरीय क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल ब्लॉक (सी.सी.एच.बी.) का निर्माण कार्य राशि रूपये 16.63 करोड़ की स्वीकृति राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन द्वारा दिनांक 02.03.2023 को प्रदान की गई है। निर्माण कार्य पूर्णत: की ओर है। सिविल सर्जन जिला चिकित्सालय के प्रस्ताव अनुसार क्रिटिकल केयर ब्लॉक एवं ओ.पी.डी. ब्लॉक को जोड़े जाने हेतु राशि रूपये 22.52 लाख की अनुमति राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन द्वारा अतिरिक्त स्वीकृति दिनांक 05.02.2026 को प्रदान की गई है। निर्माण एजेंसी मध्यप्रदेश भवन विकास निगम है। (ग) जिला चिकित्सालय मुरैना परिसर में रैन बसेरा स्थापित नहीं है। जिला चिकित्सालय परिसर में वाहन पार्किंग की सुविधा उपलब्ध है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) नवीन भवन निर्माण स्वीकृति का प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
पटवारी हल्कावार भूमियों की जानकारी
[राजस्व]
140. ( क्र. 1344 ) डॉ. राजेन्द्र कुमार सिंह : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्नकर्ता के अता. प्रश्न. 1415 दिनांक 04.12.2025 के प्रश्नांश (ग) के उत्तर में राज्य शासन ने स्वीकार किया है कि भूमियां वापस किये जाने (529.36 एकड़) के संबंध में किसी सक्षम अधिकारी का आदेश उपलब्ध नहीं है? उक्त 529.36 एकड़ भूमि की वर्तमान समय में राज्य शासन/जिला प्रशासन शासकीय गाइड-लाइन दर के अनुसार कितना मूल्य निर्धारित करता है? (ख) उपरोक्त 529.36 एकड़ भूमि नगर पालिक निगम सतना के अंदर किस-किस वार्ड क्रमांकों में कितने-कितने एकड़ एवं नगर निगम सीमा के बाहर किस-किस ग्राम पंचायत में कितने-कितने एकड़ स्थित हैं? पटवारी हल्कों में कितने-कितने एकड़ है? पूरी भूमि 529.36 की जानकारी दें। पटवारी हल्कावार भूमियों का अलग-अलग कुल रकबा दें।
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) विधानसभा अतारांकित प्रश्न क्रमांक 1415 दिनांक 04.12.2025 के प्रश्नांश (ग) में दी गई जानकारी अनुसार 529.36 एकड़ भूमि की वर्तमान समय में मध्यप्रदेश शासन की शासकीय गाइड-लाइन की वार्डवार एवं ग्रामवार जानकारी पुस्तकाल में रखे परिशिष्ट 'अ' अनुसार हैं। (ख) उपरोक्त 529.36 एकड़ भूमि की नगर पालिक निगम सतना के वार्डवार/ग्राम पंचायतवार रकबा की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'ब' अनुसार है।
धारणाधिकार के तहत पट्टा प्राप्त करना
[राजस्व]
141. ( क्र. 1345 ) डॉ. राजेन्द्र कुमार सिंह : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या धारणाधिकार के तहत पट्टे प्राप्त करने के लिए आधार कार्ड/समग्र आई.डी./बिजली का बिल/नगर निगम का टैक्स/ऑनलाइन आवेदन के बाद संबंधित पटवारी हल्का की रिपोर्ट के बाद, आर.आई. की रिपोर्ट के बाद, एस.डी.एम. की रिपोर्ट के बाद फाइल कलेक्टर के पास जाती है। वहां से अनुमोदन के बाद नजूल जाती है, फिर पट्टा आवंटित होता है या कोई अन्य प्रोसेस हो तो उसका विस्तृत बिन्दुवार उल्लेख करें। (ख) नगर पालिक निगम सतना क्षेत्राधिकार एवं तहसील रघुराजनगर में दिनांक 01.01.2021 से 31.12.2024 तक किस-किस पटवारी हल्कों में किस-किस नाम एवं पते के लोगों को धारणाधिकार के तहत या अन्य किस योजनांतर्गत (नाम बतायें योजना का) कब-कब, किस साइज (वर्गफुट) के पट्टे दिये गये? माहवार/वर्षवार/पटवारी हल्कावार/पट्टा प्राप्त करने वालों के नाम/पते एवं पट्टे का साइज (वर्ग फुटवार/पट्टा फुटवार) प्राप्त करने वाले के नाम, पते एवं पट्टे का साईज (वर्ग फुटवार), स्थानवार जानकारी दें। (ग) प्रश्नांश (ख) में वर्णित जारी पट्टों के सभी जारी आदेशों की एक-एक प्रति दें। (घ) प्रश्नांश (ख) में वर्णित जारी पट्टों में किस नाम के पटवारी हल्का के पटवारियों ने अपनी पहली टिप्पणी दर्ज की? पट्टेवार/प्रकरणवार जानकारी दें।
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) धारणाधिकार के तहत पट्टे प्राप्त करने के लिए आधार कार्ड/समग्र आई.डी./बिजली का बिल/नगर निगम का टैक्स/ऑनलाइन आवेदन के बाद, संबंधित हल्का पटवारी की रिपोर्ट के बाद, आर.आई. की रिपोर्ट के बाद, एस.डी.एम. की रिपोर्ट के बाद फाइल कलेक्टर न्यायालय में जाती हैं। कलेक्टर न्यायालय से आदेश पारित होने के पश्चात गाइड-लाइन की दर से आवासीय/वाणिज्यिक प्रयोजन हेतु आवेदक द्वारा प्रीमियम एवं भू-भाटक जमा किया जाता है। तत्पश्चात पट्टे की प्रति प्रदाय की जाती हैं। (ख) नगर पालिक निगम सतना क्षेत्राधिकार एवं तहसील रघुराजनगर में दिनांक 01.01.2021 से 31.12.2024 तक तहसील रघुराजनगर अंतर्गत सभी शहरी हल्कों में पात्र पाए गए आवेदकों को धारणाधिकार योजना के अंतर्गत पात्रता अनुसार कुल 924 प्रकरण स्वीकृत किए गए तथा 536 पट्टों का वितरण किया गया। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'अ' अनुसार है। (ग) प्रश्नांश (ख) में वर्णित जारी पट्टों के सभी जारी आदेशों की एक-एक प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'ब' अनुसार है। (घ) प्रश्नांश (ख) में वर्णित जारी पट्टों में किस नाम के पटवारी हल्का के पटवारियों ने अपनी पहली टिप्पणी दर्ज की, पट्टेवार/प्रकरणवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'स' अनुसार।
टीकमगढ़ में शासकीय मेडिकल कॉलेज की स्थापना
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
142. ( क्र. 1372 ) श्री हरिशंकर खटीक : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) टीकमगढ़ जिले में मेडिकल कॉलेज खोले जाने हेतु प्रश्नकर्ता द्वारा जनवरी 2019 से प्रश्न दिनांक तक कब-कब विधानसभा में प्रश्नों के माध्यम से शासन का जनहित में ध्यानाकर्षित किया है? कृपया प्रश्न क्रमांक, दिनांक सहित जानकारी प्रदाय करें एवं विभाग द्वारा प्रश्न दिनांक तक क्या-क्या कार्यवाही की गई है? कृपया ऐसे समस्त आदेशों की छायाप्रतियां प्रदाय करें। (ख) प्रश्नांश (क) के आधार पर बताएं कि क्या शासन द्वारा केबिनेट से सैद्धांतिक स्वीकृति टीकमगढ़ में सरकारी मेडिकल कॉलेज खोले जाने की दी जा चुकी थी? आदेश की छायाप्रति प्रदाय करें। (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के आधार पर जानकारी दें कि जब सरकारी मेडिकल कॉलेज टीकमगढ़ में स्वीकृत हुआ था, तब पी.पी.पी. मोड पर मेडिकल कॉलेज हो जाने से क्या टीकमगढ़ जिले की जनता को लाभ 100% मिलेगा या नहीं? इससे किस-किस को लाभ मिलेगा? जानकारी दें। (घ) प्रश्नांश (क), (ख) एवं (ग) के आधार पर बताएं कि मेडिकल कॉलेज टीकमगढ़ के लिए कब-कब जिला प्रशासन द्वारा किस-किस खसरा नं. के कितने-कितने रकबे की कुल कितनी-कितनी भूमि कहाँ-कहाँ की आवंटित की गई थी और कहाँ-कहाँ की क्यों निरस्त कर दी गई है? वर्तमान में फाइनल भूमि कहाँ की आवंटित की जा चुकी है एवं यह भी बताएं कि पी.पी.पी. मोड पर जिले में मेडिकल कॉलेज टीकमगढ़ खोले जाने हेतु विभाग द्वारा कब से कब-कब टेंडर लगाए जा रहे हैं और वर्तमान स्थिति क्या है? जब कोई टेंडर लेने का उत्सुक नहीं है तो क्या शासन पुन: सरकारी मेडिकल कॉलेज टीकमगढ़ में खोले जाने हेतु एक बार पुन: विचार करेगा? अगर हाँ तो कब तक? निश्चित समय-सीमा बताएं।
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जी हाँ। जानकारी का विवरण निम्नानुसार है:-
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क्र. |
विधानसभा सत्र |
विधानसभा प्रश्न का दिनांक |
विधानसभा प्रश्न क्रमांक |
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1 |
जुलाई 2019 |
17 जुलाई 2019 |
2755-तारांकित |
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2 |
फरवरी-मार्च 2021 |
08 मार्च 2021 |
3850-तारांकित |
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3 |
दिसम्बर 2022 |
23 दिसम्बर 2022 |
1627-तारांकित |
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4 |
फरवरी-मार्च 2023 |
20 मार्च 2023 |
3402-तारांकित |
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5 |
फरवरी-मार्च 2024 |
12 फरवरी 2024 |
1293-तारांकित |
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6 |
जुलाई 2024 |
10 जुलाई 2024 |
3036-तारांकित |
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7 |
दिसम्बर 2024 |
18 दिसम्बर 2024 |
246-तारांकित |
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8 |
फरवरी-मार्च 2025 |
13 मार्च 2025 |
2935-अतारांकित |
विभाग द्वारा की गई कार्यवाही की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-क अनुसार। (ख) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ख अनुसार। (ग) जी हाँ। जन सामान्य को तृतीयक स्तर की स्वास्थ्य सेवायें उपलब्ध होगी। (घ) जिला टीकमगढ़ चिकित्सा महाविद्यालय स्थापित किये जाने के संबंध में कलेक्टर, जिला टीकमगढ़ स्तर से पारित आदेश दिनांक 25/01/2021 को ग्राम मवई खास तहसील व जिला टीकमगढ़ स्थित भूमि खसरा नं. 4761/273 कुल रकबा 18.862 हेक्टेयर भूमि में से कुल रकबा 18.00 हेक्टेयर भूमि आवंटित की गई थी। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ग अनुसार। आवंटित भूमि पर माननीय उच्च न्यायालय, जबलपुर में विधिक याचिका क्रमांक 29472/2023 न्यायालय में दायर होने के कारण निरस्त की गई। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-घ अनुसार। आवंटित भूमि पर माननीय उच्च न्यायालय, जबलपुर में विधिक याचिका क्रमांक 29472/2023 न्यायालय में दायर होने के कारण कलेक्टर जिला टीकमगढ़ द्वारा पारित आदेश दिनांक 31/12/2024 से ग्राम मामौन जिला एवं तहसील टीकमगढ़ स्थित भूमि खसरा नम्बर 178 के अंश रकबा 7.960 हेक्टेयर एवं खसरा नम्बर 179, 180, 181, 182, 183, 184, 185, 186, 187, 188, 189, 190, 191, 192, 193, 194 रकबा क्रमश: 0.028, 0.223, 0.069, 0.267, 0.081, 0.085, 0.283, 0.016, 0.089, 0.247, 0.057, 0.032, 0.040, 0.146 हेक्टेयर खसरा नम्बर 195 का अंश रकबा 3.153 हेक्टेयर कुल किता 18 कुल रकबा 12.950 हेक्टेयर भूमि शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय हेतु हस्तांतरित किया गया। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ड. अनुसार। पी.पी.पी. मोड पर विभाग द्वारा जारी टेण्डर की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-च अनुसार। वर्तमान में भी टेण्डर प्रक्रिया प्रचलन में है। टेण्डर प्रक्रिया जारी होने के कारण सरकारी मेडिकल कॉलेज टीकमगढ़ में खोले जाने हेतु पुन: विचार किया जाना वर्तमान में संभव नहीं है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
अपूर्ण एवं अप्रारंभ कार्यों की जानकारी
[स्कूल शिक्षा]
143. ( क्र. 1375 ) श्री देवेन्द्र पटेल : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) माह जनवरी 2026 की स्थिति में रायसेन जिले के किन-किन हायर सेकेण्डरी एवं हाई स्कूलों में स्वीकृत भवन निर्माण व अतिरिक्त कक्ष निर्माण कार्य अपूर्ण एवं अप्रारंभ है, क्यों? कार्यवार कारण बतावें। (ख) प्रश्नांश (क) उल्लेखित कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण हों इस हेतु प्रमुख सचिव तथा आयुक्त, लोक शिक्षण द्वारा कब-कब, क्या-क्या कार्यवाही व प्रयास किये गये हैं? जानकारी दें। (ग) रायसेन जिले के किन-किन हायर सेकेण्डरी व हाई स्कूलों के पास किस-किस मद की कितनी-कितनी राशि उपलब्ध है? छात्र-छात्राओं व संस्था हित में उक्त राशि व्यय नहीं किये जाने के क्या कारण हैं? (घ) प्रश्नांश (ग) उल्लेखित राशि समय-सीमा में व्यय हो, इस हेतु विभाग द्वारा क्या कार्यवाही की गई है? नहीं तो क्यों?
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-एक अनुसार है। (ख) समय-समय पर निर्माण इकाइयों के साथ विभिन्न माध्यम से समीक्षा की जाती है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-दो अनुसार है। निर्दिष्ट मदों में आवश्यकतानुसार राशि शाला विकास प्रबंधन समिति एवं अन्य समितियों द्वारा व्यय की जाती है। आवश्यकता नहीं होने पर राशि अव्ययित रहती है। (घ) राशियों को व्यय करने के स्पष्ट निर्देश दिये गये हैं। समय-समय पर समीक्षा भी की जाती है। अतः शेषांश उद्भूत नहीं होता।
विद्यालयों में साइकल स्टैंडों का गुणवत्ताहीन निर्माण
[स्कूल शिक्षा]
144. ( क्र. 1376 ) श्री देवेन्द्र पटेल : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विगत दो वर्षों में सतना, पन्ना एवं सागर जिलों के किन-किन उच्च माध्यमिक व उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में कितनी-कितनी लागत से सायकल स्टैंड/वाहन स्टैंड/पार्किंग सुविधा के कार्य स्वीकृत किये गये हैं? विद्यालयवार लागत की जानकारी दें। (ख) प्रश्नांश (क) उल्लेखित कार्य किन तकनीकी मापदण्डों से किन निर्माण एजेंसियों द्वारा किये गए है? क्या कार्य गुणवत्तापूर्ण रूप से पूर्ण किये गये हैं? नहीं तो क्यों? क्या कार्य एजेंसी के निर्धारित व गुणवत्तापूर्ण कार्य के मामले में विभाग व शासन के नियम-निर्देशों का पालन किया गया है? नहीं तो क्यों? इस हेतु कौन उत्तरदायी है? (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) वर्णित गुणवत्ताहीन कार्यों के मामले में क्या विभाग भोपाल से विभागीय व तकनीकी जांच दल भेजकर इनका भौतिक सत्यापन एवं गुणवत्ता की जांच कराकर उत्तरदायी लोगों को दंडित करेगा? नहीं तो क्यों? क्या विस्तृत जांच कराई जाकर दोषियों पर कार्यवाही की जावेगी? यदि हाँ तो कब तक?
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) प्रश्नाधीन जानकारी निरंक है (ख) एवं (ग) उत्तरांश (क) के प्रकाश में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
भर्ती प्रक्रिया में अनियमितता
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
145. ( क्र. 1480 ) श्री बृज बिहारी पटैरिया : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन मध्यप्रदेश के आदेश क्रमांक एन.एच.एम./एच.आर./2020/16454/भोपाल दिनांक 17.12.2020 अनुसार ज्वाला अरसे की नियुक्ति संविदा कंसल्टेन्ट मातृ स्वास्थ्य एवं मिडवाइफरी के पद पर हुई? इनके चयन से संबंधित योग्यता, चयन सूची, अनुभव एवं अन्य सभी दस्तावेज जिसके आधार पर चयन किया गया है की सम्पूर्ण सत्यापित प्रति उपलब्ध करावें। (ख) क्या चयन के पूर्व उक्त कर्मचारी एन.एच.एम. में ही स्टाफ नर्स के पद पर जयप्रकाश चिकित्सालय भोपाल में कार्यरत थीं? क्या इन्हें शिकायतों के आधार पर या फर्जीवाड़े या सेवा नियमों के पालन नहीं करने के कारण पद से पृथक किया गया था? यदि हाँ तो नियुक्ति आदेश एवं बर्खास्तगी आदेश सहित सम्पूर्ण विस्तृत विवरण देवें। इनकी शैक्षणिक योग्यता पदस्थापना के दौरान धारित योग्यता एवं पदस्थापना के दौरान विभाग से अनुमति लेकर किये गये कोर्स की संपूर्ण विस्तृत जानकारी देवें। (ग) क्या प्रश्नांश (क) वर्णित कर्मचारी द्वारा स्वयं को लाभ पहुंचाने हेतु नर्सिंग सेवा भर्ती नियमों में सांठ-गांठ कर संशोधन कर भर्ती नियमों में परिवर्तन कर नर्सिंग संवर्ग के पदोन्नति के 90 प्रतिशत पदों को 10 प्रतिशत किया गया एवं 10 प्रतिशत विभागीय सीधी भर्ती को 100 प्रतिशत कर अपर संचालक नर्सिंग संचा. स्वा. सेवायें द्वारा दिनांक 10.11.2025 के मांग पत्र द्वारा म.प्र. कर्मचारी चयन मंडल भोपाल को प्रेषित कर भर्ती की जा रही है? क्या किसी भी शासकीय संस्था में समकक्ष योग्यताधारी कर्मचारी/अधिकारी उपलब्ध न होने की दशा में विभागीय सीधी भर्ती पदोन्नति से भरे जाने का प्रावधान है? यदि हाँ तो नियम विरूद्ध भर्ती किये जाने के संबंध में संबंधित कर्मचारी के विरूद्ध क्या कार्यवाही की जावेगी? समय-सीमा बतावें। क्या इन्हें वर्तमान पदस्थापना स्थान से एन.एच.एम. में वापस किया जाएगा? यदि हाँ तो कब तक? नहीं तो क्यों?
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जी हाँ। ज्वाला अरसे के चयन से संबंधित योग्यता, चयन सूची, अनुभव एवं अन्य सभी दस्तावेज की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र “अ” अनुसार। (ख) जी हाँ। जी हाँ। नियुक्ति आदेश की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र “ब” अनुसार एवं सेवा से पृथक करने संबंधी आदेश पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र “स” अनुसार है। इनकी पदस्थापना के दौरान शैक्षणिक योग्यता बी.एस.सी. नर्सिंग थी। संविदा पद पर रहते हुए श्रीमती ज्वाला अरसे द्वारा इस कार्यालय से कोर्स हेतु अनुमति नहीं ली गई। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी नहीं। जी नहीं। जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
भाग-3
अतारांकित
प्रश्नोत्तर
जाति
प्रमाण पत्र बनाये
जाने की
जानकारी
[राजस्व]
1. ( क्र. 15 ) श्री मुकेश मल्होत्रा : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या जिला श्योपुर के आदिवासी विकासखण्ड कराहल में भील भिलाला तथा पटेलिया लंबे समय से निवासरत है? यदि हाँ, तो क्या आदिवासी विकासखण्ड कराहल में निवासरत भील भिलाला तथा पटेलिया के अनुसूचित जनजाति के प्रमाण पत्र जिला श्योपुर के कराहल से एस.डी.एम.द्वारा बनाए जाते थे? जानकारी प्रदाय करे? (ख) क्या गुना शिवपुरी में निवासरत भील भिलाला पटेलिया जनजाति समुदाय के जाति प्रमाण पत्र जारी हो रहे हैं? (ग) प्रश्नांश (क) यदि हाँ तो क्या कारण है कि वर्ष 2005-06 से उक्त क्षेत्र में निवासरत भील भिलाला पटेलिया का अनुसूचित जनजाति के प्रमाण पत्र प्रदाय नहीं किये जा रहे हैं जबकि वर्ष 2005-06 से पूर्व अनुसूचित जनजाति का प्रमाण पत्र बनाये जाते थे? दस्तावेज सहित कारण बतावें? (घ) क्या विभाग आदिवासी विकासखण्ड कराहल में भील भिलाला पटेलिया का अनुसूचित जनजाति के प्रमाण पत्र बनाना आरंभ करेगा, यदि हाँ, तो कब तक यदि नहीं, तो क्यों नहीं कारण बतावें?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जी हाँ, विकासखण्ड कराहल में भील भिलाला तथा पटेलिया लंबे समय से निवास कर रहे हैं। सन् 1950 की स्थिति में भील भिलाला तथा पटेलिया विकासखण्ड कराहल में निवासरत नहीं होने के कारण उनके जाति प्रमाण पत्र अनुविभागीय अधिकारी कराहल द्वारा नहीं बनाये जाते है। (ख) जी हाँ, गुना एवं शिवपुरी जिले में निवासरत भील भिलाला पटेलिया जनजाति समुदाय के जाति प्रमाण पत्र जारी हो रहे हैं। (ग) वर्ष 2005-06 से वर्ष 2014 तक भील भिलाला पटेलिया के जाति प्रमाण पत्र बनाये जाते थे परंतु सामान्य प्रशासन विभाग मंत्रालय भोपाल का पत्र क्रमांक एफ सात-42/2012/आ.प्रा./भोपाल दिनांक 13.01.2014 की बिन्दु क्रमांक 5.1 अनुसार अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के मामलें में उनकी जाति की पुष्टि वर्ष 1950 या उससे पूर्व मध्यप्रदेश में निवास की पुष्टि होने पर ही जाति प्रमाण पत्र जारी करने के निर्देश हैं। भील भिलाला तथा पटेलिया जाति के व्यक्ति 1950 की स्थिति में कराहल विकासखण्ड में निवास नहीं कर रहे थे इसीलिए कराहल से जाति प्रमाण पत्र जारी नहीं किये जा रहे है। वर्तमान में भील भिलाला पटेलिया के जाति प्रमाण पत्र के आवेदन लोकसेवा केन्द्र के माध्यम से प्राप्त कर 1950 की स्थिति में वह जिस जिले में निवास करते थे उस संबंधित जिले को जाति प्रमाण पत्र बनाये जाने हेतु आवेदन अग्रेषित कर दिया जाता हैं। (घ) उत्तरांश 'ग' के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं है।
कराहल में मां शबरी आश्रम का निर्माण
[संस्कृति]
2. ( क्र. 19 ) श्री मुकेश मल्होत्रा : क्या राज्य मंत्री, संस्कृति महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या तत्कालीन मुख्यमंत्री द्वारा दिनांक 25 नवम्बर 2017 को शिवपुरी जिले के ग्राम सेसई में जिला श्योपुर के विकासखण्ड कराहल, ग्वालियर के घाटीगांव और अशोक नगर के करीला धाम के पास और शिवपुरी, गुना में और आदिवासी विकासखण्ड कराहल में 7.50 - 7.50 करोड की लागत से माता शबरी आश्रमों के निर्माण की घोषणा की थी? (ख) प्रश्नकर्ता के तारांकित प्रश्न क्रमांक 1442 दिनांक 21.03.2025 के संदर्भ में सरकार ने स्वीकार किया कि हां घोषणा की गई है इसके बाद आसंदी द्वारा माननीय मंत्री जी को स्पष्ट निर्देश कि कराहल आदिवासी विकासखण्ड है वहां शबरी माता आश्रम के लिए चिन्हित भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराकर जल्द कार्य कराने के बाद भी अभी तक कोई कार्यवाही विभाग द्वारा क्यों नहीं की गई? (ग) कराहल मुख्यालय पर चिन्हित भूमि में भू-माफिया द्वारा खेती की जा रही है? क्या सरकार मां शबरी आश्रम के लिए चिन्हित भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराकर शबरी आश्रम का निर्माण करेगी? (घ) प्रश्नांश (क), (ख) एवं (ग) यदि हाँ तो विभाग क्या कराहल पर माता शबरी आश्रम कार्य शीघ्र आरंभ करेगा? यदि हाँ तो समय-सीमा बतावें? यदि नहीं, तो क्यों?
राज्य मंत्री, संस्कृति ( श्री धर्मेन्द्र भाव सिंह लोधी ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।
शाजापुर जिले में महिला चिकित्सकों की नियुक्ति
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
3. ( क्र. 39 ) श्री घनश्याम चन्द्रवंशी : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शाजापुर जिले में वर्तमान में महिला चिकित्सकों के कितने पद स्वीकृत हैं इन पदों पर वर्तमान में कितनी महिला चिकित्सक कार्यरत हैं? (ख) विभाग द्वारा महिला चिकित्सकों के रिक्त पदों को कब तक भरा जा सकेगा?
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) विभाग अंतर्गत महिला चिकित्सक के पदनाम अनुसार पद स्वीकृत नहीं है। शाजापुर जिले में पदस्थ महिला चिकित्सकों की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) रिक्त पदों की पूर्ति एक निरंतर प्रक्रिया है, पदपूर्ति हेतु निश्चित समयावधि बताया जाना संभव नहीं है।
शाला भवनों के निर्माण की स्वीकृति
[स्कूल शिक्षा]
4. ( क्र.
40 ) श्री
घनश्याम
चन्द्रवंशी : क्या
स्कूल शिक्षा
मंत्री महोदय
यह बताने की कृपा
करेंगे कि (क) कालापीपल
विधानसभा में
कितने
प्राथमिक, माध्यमिक, हाई
स्कूल तथा
हायर
सेकेण्डरी
स्कूलों में छात्रों
की संख्या के
अनुपात में
भवनों की आवश्यकता
है? (ख)
क्या विभाग
नवीन
विद्यालय भवन
बनाने के लिए
स्वीकृतियां
प्रदान कर रहा
है? यदि
हाँ,
तो कब तक
स्वीकृति
प्रदान की
जायेगी?
स्कूल
शिक्षा
मंत्री ( श्री
उदय प्रताप
सिंह ) : (क) कालापीपल
विधानसभा
क्षेत्र में
कुल 247
प्राथमिक/माध्यमिक
शालाएं
संचालित है
जिनमें
पर्याप्त
भवन उपलब्ध है, भवन
की आवश्यकता
नहीं है।
प्रश्नाधीन
विधानसभा
क्षेत्र
अंतर्गत 10
शासकीय
हाईस्कूल एवं 06 हायर
सेकेण्डरी
स्कूलों में
छात्रों की
संख्या के
अनुपात में
भवन/अतिरिक्त
कक्षों की आवश्यकता
है। (ख) नवीन
भवनों की
स्वीकृतियां
आवश्यकता तथा
बजट की
उपलब्धता पर
निर्भर
करेगा। समय-सीमा
बताया जाना
संभव नहीं है।
विद्यार्थी
नामांकन के
अनुसार
अतिरिक्त
आवश्यकता
होने पर उपलब्ध
बजट अनुसार
अधोसंरचना
सुदृढ़ीकरण कार्य
किया जाता है।
अधोसंरचना
सुदृढ़ीकरण कार्य
बजट की
उपलब्धता तथा
सक्षम समिति
की स्वीकृति
पर निर्भर
करता है। अतः
निश्चित
समय-सीमा बताया
जाना संभव
नहीं है।
नामांतरण/अर्जन हेतु जानकारी का संकलन
[राजस्व]
5. ( क्र. 52 ) डॉ. हिरालाल अलावा : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रश्न क्रमांक 1698 दिनांक 18 जुलाई 2024 में “वर्ष 1987-88 में ग्राम चन्दनपुरा में खसरा में रजिया बानो के नाम पर दर्ज 22.938 हेक्टेयर एवं शाहिदा बानो के नाम पर दर्ज 35.938 हेक्टेयर भूमि दर्ज थी, उक्त में से 37.785 हेक्टेयर भूमि का अर्जन किया गया एवं नामान्तरण प्रकरण/अर्जन प्रकरण की जानकारी संकलित की जा रही है, जानकारी संकलित किए जाने हेतु कलियासोत परियोजना, बाल्मी एवं राजस्व अधिकारियों का संयुक्त दल गठन किया गया है” की जानकारी पटल पर दी है। (ख) रजिया बानो की दर्ज 22.938 हेक्टेयर एवं शाहिदा बानो की दर्ज 37.785 हेक्टेयर भूमि में से किस खसरा नम्बर का कितना रकवा अर्जित किया, अर्जित रकबे के अलावा किस खसरा नम्बर का कितना रकवा कलियासोत परियोजना एवं बाल्मी के नाम पर दर्ज किया, इसमें से कितने रकबे पर क्या-क्या निर्माण किसका वर्तमान में है। (ग) अधिकारियों के गठित संयुक्त दल ने प्रश्नांकित दिनांक तक कौन-कौन सा अभिलेख, दस्तावेज एवं जानकारी संकलित की है उसकी प्रति सहित बतावें कि उनमें बिना अर्जन के कृषकों का नाम काट कर अन्य का नाम दर्ज करने का जिम्मेदार किसे पाया है।
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जी हां। परंतु शाहिदा बानो के नाम पर 35.969 हेक्टेयर भूमि दर्ज थी। (ख) रजिया बानो एवं शाहिदा बानो की भूमि अर्जन की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट- अ अनुसार तथा अर्जन के अलावा कलियासोत परियोजना एवं बाल्मी के नाम पर दर्ज भूमि का विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट- ब अनुसार। अर्जन के अलावा कलियासोत परियोजना एवं बाल्मी के नाम पर दर्ज भूमि पर कोई निर्माण नहीं है। (ग) अधिकारियों के जांच दल द्वारा रिकार्ड रूम से वर्ष 1985-86 का खसरा एवं नामांतरण पंजियों को संकलित किया है। प्रश्न के शेष भाग के संदर्भ में न्यायालय अनुविभागीय अधिकारी टी.टी. नगर, भोपाल में प्रकरण क्रमांक 31 अ- 6-अ 2025-26 में कार्यवाही प्रचलित है। न्यायालयीन प्रकृति का होने से प्रकरण के निराकरण उपरांत ही निष्कर्ष निकाला जाना उचित होगा।
अर्जित जमीन से अधिक जमीन पर कब्जा
[जल संसाधन]
6. ( क्र. 53 ) डॉ. हिरालाल अलावा : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या जल संसाधन विभाग की कलियासोत परियोजना के लिए ग्राम चन्दनपुरा भोपाल की अर्जित भूमि के अतिरिक्त बिना अर्जन के ही रजिया बानो एवं शाहिदा बानो की भूमि को कलियासोत परियोजना एवं बाल्मी संस्था के नाम पर दर्ज करवाया जाकर पक्की दीवार बनाकर कब्जे में ले लिया गया है। (ख) ग्राम चन्दनपुरा के किस खसरा नम्बर में से किस खसरा के कितने रकबे को अर्जित किया, रजिया बानो और शाहिदा बानो के नाम पर किस-किस खसरा नम्बर के कितने रकबे पर कलियासोत परियोजना एवं बाल्मी का नाम राजस्व अभिलेख खसरा पंजी में वर्तमान में दर्ज है, किस खसरा नम्बर का कितना रकवा बनाई गई चार दीवारी के अंदर है इसमें से कितना रकवा रिक्त है। (ग) विभाग ने अपनी भूल को सुधार कर अर्जित भूमि के अलावा शेष भूमि से कलियासोत परियोजना एवं बाल्मी का नाम कटवाने, भूमि को अपनी चार दीवारी से बाहर किए जाने के संबंध में क्या-क्या कार्यवाही की है यदि नहीं, की तो कारण बतावें कब तक क्या-क्या कार्यवाही की जावेगी समय-सीमा बतावें।
जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) जी नहीं। कार्यपालन यंत्री, कलियासोत शीर्ष कार्य संभाग, भोपाल द्वारा जल संसाधन विभाग अन्तर्गत बाल्मी संस्थान हेतु ग्राम चंदनपुरा की 93.33 एकड़ भूमि का अर्जन कलेक्टर भोपाल के पत्र क्रं. 30/31-82/87-88 दिनांक 05.11.1988 द्वारा पारित अवार्ड अनुसार किया गया था। वर्तमान में उक्त सम्पूर्ण भूमि बाल्मी संस्थान के आधिपत्य एवं स्वामित्व में है पक्की दीवार का निर्माण बाल्मी संस्थान द्वारा कराया गया है। (ख) ग्राम चंदनपुरा के खसरा नं. 2/2 का 17.50 एकड़ एवं 31/2 का 10.97 एकड़ रजिया बानो की कुल भूमि 28.47 एकड़ तथा शाहिदा बानो के खसरा नं. 3 में 64.86 एकड़, कुल भूमि 93.33 एकड़ भूमि बाल्मी संस्थान के लिए अजित की गई थी एवं पक्की दीवार का निर्माण बाल्मी संस्थान द्वारा कराया गया है। (ग) वर्तमान में उक्त भूमि बाल्मी संस्थान के अधिपत्त एवं स्वामित्व में है। शेष प्रश्न लागू नहीं होता।
पारसोल-राजघाट मार्ग निर्माण एजेंसी द्वारा अवैध भण्डारण
[राजस्व]
7. ( क्र. 61 ) श्री जगन्नाथ सिंह रघुवंशी : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) ईसागढ़ द्वारा ग्राम शंकरपुर की शासकीय भूमि सर्वे क्रमांक 265/1,266/1,266/2 एवं अन्य भूमि पर पर पारसोल-राजघाट मार्ग की निर्माण-एजेंसी M/S TRG industries pvt. ltd.,M/S Shri riddhi-siddhi Buildwell Ltd. (JV) द्वारा गिट्टी, रेत एवं अन्य निर्माण सामग्री के भण्डारण, प्लांट की स्थापना एवं बेस कैंप लगाने की अनुमति दी गई है यदि हाँ तो अनुमति की छायाप्रति देवें। यदि नहीं, तो अवैध रूप से शासकीय भूमि पर कब्जा करने पर अनुविभागीय अधिकारी ईसागढ़ द्वारा क्या कार्यवाही की गई है जानकारी देवें। (ख) क्या प्रश्नांश (क) में निर्माण एजेंसी द्वारा भूमि सीमांकन एवं अन्य निर्माण संबंधी अनुमति लेने हेतु आवेदन तहसीलदार या अन्य सक्षम अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किया गया था यदि हाँ तो उसकी सत्यापित प्रतिलिपि उपलब्ध कराये यदि नहीं, तो विना अनुमति के किये गये निर्माण कार्यों के विरूद्ध प्रशासन द्वारा की गई कार्यवाही के संबंध में जानकारी उपलब्ध करावें। (ग) यदि शासकीय भूमि के अतिरिक्त प्रश्नांश (क) में एजेंसी द्वारा निजी भूमि को भी किराये से ली गई है तो उक्त भूमि का व्यावसायिक उपयोग में ली गई भूमि का डायवर्जन संबंधी आदेश की छायाप्रति उपलब्ध करायें। (घ) यदि प्रश्नांश (क) में एजेंसी द्वारा वैधानिक-प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया है, तो निर्माण एजेंसी एवं जिम्मेदार अधिकारियों/ कर्मचारी के खिलाफ क्या कार्यवाही की जाएगी और कब-तक?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जी नहीं, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व ईसागढ़ द्वारा ग्राम शकरपुर की उल्लेखित सर्वे क्रमांकों पर कोई अनुमति जारी होना नहीं पाया गया। शासकीय भूमि पर कब्जे के संबंध में न्यायालय तहसीलदार तहसील ईसागढ़ द्वारा प्र.क्र. 20/3-68/2025-26 दर्ज कर कार्यवाही संस्थित की गई है। (ख) जी नहीं निर्माण एजेंसी द्वारा भूमि सीमांकन हेतु आवेदन पत्र तहसीलदार के समक्ष प्रस्तुत नहीं किया गया। उक्त शासकीय भूमि पर कोई निर्माण कार्य होना नहीं पाया गया। (ग) आदेश की छायाप्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार। (घ) एजेंसी द्वारा वैधानिक प्रक्रिया का पालन किये जाने से शेष प्रश्न उद्भुत नहीं होता है।
नामांतरण एवं इंद्राज दुरुस्ती की कार्यवाही
[राजस्व]
8. ( क्र. 62 ) श्री जगन्नाथ सिंह रघुवंशी : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या अनुभाग अशोकनगर एवं ईसागढ़ में नामांतरण एवं इंद्राज दुरुस्ती से संबंधित बड़ी संख्या में प्रकरण निर्धारित समय-सीमा के भीतर निराकृत नहीं हो पा रहे हैं? यदि हाँ, तो जानकारी दें कि (1) वर्तमान में दोनों अनुविभागों में कितने नामांतरण एवं इंद्राज दुरुस्ती के प्रकरण लंबित हैं? (2) इनमें से कितने प्रकरण 30 दिवस, 60 दिवस एवं 90 दिवस से अधिक समय से लंबित हैं? क्या शासन द्वारा नामांतरण एवं इंद्राज दुरुस्ती के लिए स्पष्ट समय-सीमा निर्धारित की गई है? यदि हाँ, तो वह समय-सीमा क्या है? यदि नहीं, तो समय-सीमा निर्धारित करने हेतु क्या कदम उठाए जा रहे हैं? (3) क्या अनावश्यक आपत्तियों, बार-बार रिपोर्ट मंगाने तथा जवाबदेही के अभाव के कारण आम नागरिकों एवं किसानों को बार-बार तहसील एवं अनुविभाग कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते हैं? (ख) क्या शासन प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्य में नामांतरण एवं इंद्राज दुरुस्ती को पूरी तरह ऑनलाइन, ट्रैकिंग-आधारित एवं समयबद्ध सेवा बनाये जाने के विलंब के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर दण्डात्मक कार्रवाई करने तथा अनुविभाग अशोकनगर एवं ईसागढ़ में लंबित प्रकरणों के लिये विशेष निराकरण अभियान (Special Drive) चलाने पर विचार करेगा? यदि हाँ, तो उसकी समय-सीमा बताएं। यदि नहीं, तो कारण स्पष्ट किया जाए।
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) 1.वर्तमान में अनुभागवार नामांतरण एवं इंद्राज दुरूस्ती के लंबित प्रकरणों का विवरण निम्नानुसार है:-
|
क्रमांक |
अनुभाग का नाम |
नामांतरण के लंबित प्रकरणों की संख्या |
इंद्राज दुरूस्ती के लंबित प्रकरणों की संख्या |
|
1 |
अशोकनगर |
420 |
527 |
|
2 |
ईसागढ़ |
368 |
65 |
2. -
|
क्र |
अनुभाग का नाम |
नामांतरण के लंबित प्रकरणों की संख्या |
इंद्राज दुरूस्ती |
||||
|
|
|
(30 दिवस) |
(60 दिवस) |
(90 दिवस से अधिक) |
(30 दिवस) |
(60 दिवस) |
(90 दिवस से अधिक) |
|
1 |
अशोकनगर |
383 |
1 |
36 |
166 |
77 |
284 |
|
2 |
ईसागढ़ |
204 |
144 |
20 |
0 |
0 |
65 |
जी हाँ, म.प्र. भू-राजस्व संहिता की धारा 110 (भू-अभिलेखों में अधिकार - अर्जन बावत् नामांतरण) के प्रावधान अनुसार अविवादित नामांतरण की समय-सीमा 30 दिवस एवं विवादित मामले की दशा में 05 माह नियत है। जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (3) नहीं, नामांतरण एवं इन्द्राज दुरूस्ती के प्रकरणों का निराकरण म.प्र. भू-राजस्व संहिता के प्रावधानों के अंतर्गत नियमानुसार एवं समय-सीमा में किया जाता है। (ख) जी हाँ, वर्तमान में नामांतरण एवं इंद्राज दुरुस्ती की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन एवं ट्रेकिंग इन, आधारित है। वर्तमान में प्रकरणों के लिए विशेष निराकरण अभियान चलाने की कोई कार्यवाही इस लिए कार्यालय स्तर पर प्रचलित नहीं है। शेष उत्तरांश 'क' अनुसार।
नहरों का पक्कीकरण किया जाना
[जल संसाधन]
9. ( क्र. 122 ) श्री वीरसिंह भूरिया : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि विधानसमा क्षेत्र 194, थांदला, जिला झाबुआ के अंतर्गत 15 तालाबों की नहरों के पक्कीकरण की मांग वर्षों से किसानों द्वारा की जा रही है परंतु आज दिनांक तक इन तालाबों की नहरों का पक्कीकरण हेतु कोई कार्यवाही नहीं की गई है। किसानों की यह मांग पूरी होगी की नहीं? अगर होगी तो कब तक? कृपया समय-सीमा से अवगत करायें।
जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : तालाबों की नहरों के पक्कीकरण के प्रस्ताव आर.आर.आर. मद अंतर्गत प्रस्तावित है। भारत सरकार से स्वीकृति प्राप्त होने के उपरांत कार्य का क्रियान्वयन किया जा सकेगा। निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
कांजी हाउस की शासकीय भूमि पर अतिक्रमण
[राजस्व]
10. ( क्र. 176 ) श्री महेश परमार : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या तहसीलदार, तराना जिला उज्जैन द्वारा प्रकरण क्रमांक 0018/अ-68/2024-2025,आदेश दिनांक 11.10.2024 में ग्राम कनार्दी स्थित शासकीय भूमि सर्वे क्रमांक 422/1, रकवा 6.40 हेक्टेयर (कांजी हाउस) पर टीन शेड लगाकर किए गए अतिक्रमण को मध्यप्रदेश भू-राजस्व संहिता,1959 की धाराओं 248 एवं 250 के अंतर्गत अवैध घोषित करते हुए आरोपियों को ₹5000 अर्थदंड सहित बेदखली का आदेश पारित किया गया था? यदि हाँ, तो आदेश में निर्धारित 7 दिवस की अवधि में अतिक्रमण न हटाए जाने पर प्रश्न दिनांक तक दोषियों को सिविल जेल क्यों नहीं भेजा गया? (ख) संविधान के अनुच्छेद 14 (समानता), 21 (विधि द्वारा स्थापित प्रक्रिया) तथा शासन के भूमि संरक्षण दायित्व के बावजूद वर्ष 2024 से प्रश्न दिनांक तक कांजी हाउस की भूमि को अतिक्रमण मुक्त कर सिविल जेल की कार्यवाही क्यों नहीं की गई? (ग) क्या तहसीलदार तराना द्वारा जावक क्रमांक 483, दिनांक 11.11.2024 को अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) तराना, राजस्व निरीक्षक ग्राम कनार्दी, जनपद पंचायत तराना एवं थाना प्रभारी तराना को सूचना दी गई थी? यदि हाँ, तो इसके उपरांत भी कार्यवाही न होने के कारण स्पष्ट करें। (घ) क्या शासन कांजी हाउस (ग्राम कनार्दी) की भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराने में लापरवाह प्रशासनिक अधिकारियों की पहचान कर उनके विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही करेगा? यदि हाँ, तो कब तक?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जी हाँ, प्रकरण क्रमांक 18/अ-68/24-25 में पारित आदेश के विरूद्ध अनावेदक द्वारा अपील संस्थित किये जाने से अपील प्रकरण क्रमांक 121/अपील/2024-25 आदेश दिनांक 09.06.2025 के अध्यधीन दिनांक 30.01.2026 को कांजी हाउस की भूमि अतिक्रमण मुक्त कर कांजी हाउस की भूमि का कब्जा सरपंच ग्राम कनार्दी को सौंपा गया। शेष प्रश्न उद्भूत नहीं होता है। (ख) उत्तरांश 'क' अनुसार। (ग) जी हाँ, विषयांतर्गत अपील अनुविभागीय अधिकारी अनुभाग तराना के समक्ष प्रस्तुत होने के कारण अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही नहीं की जा सकी थी। (घ) कोई लापरवाही नहीं बरती गई। अत: शेष प्रश्न उत्पन्न नहीं होता है।
शाला भवनों की मरम्मत एवं नवीन निर्माण
[स्कूल शिक्षा]
11. ( क्र. 186 ) श्री बाबू जन्डेल : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र क्र.01 श्योपुर अंतर्गत कितने शासकीय प्राथमिक/माध्यमिक विद्यालय भवन क्षतिग्रस्त है तथा कितने विद्यालयों में बाउण्ड्रीवाल एवं अतिरिक्त कक्ष निर्माण कार्य की आवश्यकता है? (ख) प्रश्नांश (क) वर्णित विद्यालयों/संस्थाओं के लिए मरम्मतीकरण कार्य एवं बाउण्ड्रीवाल निर्माण कार्य के साथ ही अतिरिक्त कक्ष निर्माण कार्य हेतु राशि कब तक उपलब्ध करा दी जावेगी? (ग) श्योपुर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त एवं भवन विहीन शासकीय प्राथमिक/माध्यमिक विद्यालयों के लिए नवीन भवन निर्माण कब तक स्वीकृत किये जावेंगे? समय-सीमा बतावें।
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) विधान सभा क्षेत्र श्योपुर के अन्तर्गत 15 प्राथमिक एवं 06 माध्यमिक विद्यालय जीर्णशीर्ण तथा 103 बाउन्ड्रीवाल विहीन है। (ख) उत्तरांश ''क'' अनुसार शालाओं में मरम्मत तथा बाउन्ड्रीवाल निमार्ण हेतु स्वीकृति, बजट की उलब्धता पर निर्भर करेगी। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ग) विधान सभा क्षेत्र श्योपुर के अन्तर्गत प्राथमिक विद्यालय नीमखेडा (23020928001), प्राथमिक विद्यालय बगदिया (23010900821), प्राथमिक विद्यालय रतोदन बंजारा बस्ती (23010923706) की स्वीकृति जारी की गई है। शेष नवीन भवनों की स्वीकृति, बजट की उपलब्धता पर निर्भर करेगी। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
खेल मैदान की भूमि उपलब्ध कराई जाना
[राजस्व]
12. ( क्र. 259 ) डॉ. तेजबहादुर सिंह चौहान : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नागदा-खाचरौद विधानसभा क्षेत्र में कितनी ग्राम पंचायतों में स्थानीय युवाओं द्वारा खेल मैदान की भूमि उपलब्ध करवाए जाने हेतु अनुविभागीय अधिकारी को आवेदन देकर खेल मैदान की भूमि के लिए मांग की गयी है अब तक कितने आवेदन विचाराधीन है और कब से है? जानकारी दें। (ख) अब तक कितने आवेदनों पर कार्यवाही कर नोयत परिवर्तन हेतु जिला कलेक्टर के समक्ष प्रकरण प्रस्तुत किए गए हैं?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) नागदा, खाचरोद विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत खाचरोद अनुभाग से 02 ग्राम पंचायतों (लुहारी, गिंदवानिया) में स्थानीय युवाओं द्वारा खेल मैदान की भूमि उपलब्ध करवाए जाने हेतु प्रस्ताव अपर कलेक्टर जिला उज्जैन को प्राप्त हुए थे। इनमें से ग्राम गिंदवानिया हेतु प्रस्ताव पर इस न्यायालय द्वारा खेल मैदान आरक्षित किए जाने हेतु आदेश जारी कर दिये गये है एवं ग्राम लुहारी से प्राप्त प्रस्ताव विधि के प्रावधानों के विपरित होने से विचारोपरांत निरस्त गया है। (ख) अनुभाग खाचरोद से 02 प्रस्ताव (ग्राम पंचायत लुहारी गिंदवानिया) प्राप्त हुए।
यात्री बसों में आगजनी घटनाओं की रोकथाम
[परिवहन]
13. ( क्र. 283 ) श्री अजय अर्जुन सिंह : क्या परिवहन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जनवरी, 2023 से दिसम्बर, 2025 की तीन साल की अवधि में प्रदेश यात्री बसों में आगजनी की कितनी घटनाएं घटित हुई है और इनमें कितने यात्रियों की मृत्यु हुई है? आगजनी की घटना का स्थान और दिनांक सहित विवरण दें? (ख) क्या विभाग की जानकारी में है कि प्रदेश की स्लीपर बसों में अभी भी इमरजेंसी गेट को बंद करके उसमें सीटें लगाने, ड्राइवर का केबिन अलग रखने और स्लीपर बर्थ में स्लाइडर लगाने पर कोई रोक नहीं है जिससे अभी भी 90 प्रतिशत स्लीपर बसें अवैध रूप से मोडिफाई करके चलाई जा रही है और इसलिए इन बसों में यात्रा करने वाले यात्रियों की जान खतरे में है? (ग) क्या प्रदेश के मोटर व्हीकल एक्ट में स्लीपर बसों के रजिस्ट्रेशन का स्पष्ट प्रावधान नहीं है और उन्हें डीलक्स बस के रूप में रजिस्टर किया जाता है? (घ) यदि हाँ, तो विभाग द्वारा स्लीपर यात्री बसों में यात्रियों की सुरक्षा के लिए सख्त कार्यवाही करने में उदासीनता बरतने का क्या कारण है?
परिवहन मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी नहीं। मध्यप्रदेश मोटरयान नियम 1994 के नियम 155-क में स्लीपर कोच बस के लिए विशेष उपबंध विहित किये गये है। परिवहन विभाग द्वारा समय-समय पर स्लीपर बसों पर चेकिंग की कार्यवाही की जाती है तथा इस दौरान नियम विरूद्ध संचालित पाये जाने पर उनके विरूद्ध नियमानुसार चालानी कार्यवाही की जाती है। (ग) जी नहीं। मध्यप्रदेश मोटरयान नियम, 1994 के नियम 155-क में स्लीपर कोच बस के लिए विशेष उपबंध विहित किये गये है। जिसके परिप्रेक्ष्य में शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) उत्तरांश (ग) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
सी.एम. हेल्पलाइन में गंभीर अनियमितताएं
[स्कूल शिक्षा]
14. ( क्र. 317 ) सुश्री रामश्री (बहिन रामसिया भारती) राजपूत : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) छतरपुर जिलान्तर्गत विकासखण्ड ईशानगर में सेवानिवृत्त शिक्षकों के अर्जित अवकाश नगदीकरण के सम्बन्ध में CM हेल्प लाइन 181 में कितनी शिकायतें वर्ष 2022 से प्रश्न दिनांक तक कितनी दर्ज की गई? L1 अधिकारी द्वारा पोर्टल पर अपात्र दर्शाकर जिन शिकायतों का निराकरण किया गया उनकी सूची उपलब्ध करावें? (ख) क्या CM हेल्प लाइन में अपात्र दर्शाये गए सेवानिवृत्त शिक्षकों को बाद में पात्र घोषित कर अर्जित अवकाश का नगदीकरण किया गया? (ग) प्रश्नांश "क" में यदि वह अपात्र थे तो बाद में किन नियमों के तहत पात्र होकर अर्जित अवकाश का नगदीकरण किया गया? (घ) क्या अर्जित अवकाश के नगदीकरण में भारी भ्रष्टाचार हुआ है? यदि हाँ, तो L1 अधिकारी के विरूद्ध कब तक कार्यवाही की जावेगी समय-सीमा बतायें?
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट-एक एवं दो अनुसार। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट-तीन अनुसार। (ग) मध्यप्रदेश शासन, वित्त विभाग के परिपत्र क्रमांक/419/2008/नियम/चार, दिनांक 16 जून, 2008 अनुसार अर्जित अवकाश संचयन के आधार पर नगदीकरण की कार्यवाही की गई है। (घ) उत्तरांश "ग" के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
अनुकम्पा नियुक्ति का आदेश जारी करना
[स्कूल शिक्षा]
15. ( क्र. 318 ) सुश्री रामश्री (बहिन रामसिया भारती) राजपूत : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधान सभा प्रश्न क्रमांक अतारांकित 455 दि. 30/07/2025 के प्रश्नांश (ग) में उत्तर दिया गया कि योग्यता न होने के कारण नियुक्ति के स्थान पर 1 लाख रूपए दिए गए? (ख) प्रश्नांश (क) वर्णित आवेदक 10 वीं पास है और उसे 1 लाख की राशि नहीं दी गई न ही उसने राशि ली है वह भृत्य पद पर अनुकम्पा नियुक्ति की मांग कर रहा है जिसे विभाग द्वारा नियुक्ति आदेश प्रश्न दिनांक तक जारी नहीं किया गया? क्यों, कारण बताएं। (ग) कार्यालय प्राचार्य शा.उ.मा.वि. बड़ामलहरा के पत्र क्र. 140 दि. 17/08/24 के तहत श्री स्व. प्रेमनाथ सपेरा प्राथमिक शिक्षक का निधन 15/06/24 को हो गया उसके पुत्र श्री मान सिंह नागवंशी का प्रकरण लंबित है जिसके सम्बन्ध में आवेदक अर्हता रखता है। क्या अनेक नियुक्तियां पटवारी के पद पर कलेक्टर छतरपुर द्वारा की गई, यदि हाँ तो उक्त आवेदक को प्रश्न दिनांक तक नियुक्ति आदेश नहीं किये जाने का क्या कारण हैं, कब तक नियुक्ति दी जावेगी?
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जी हां। (ख) आवेदक को अनुकंपा नियुक्ति के बदले एकमुश्त राशि रूपये 1,00,000/- (रूपये एक लाख) स्वीकृत करते हुए आवेदक श्री कुंजीलाल बसोर पुत्र स्व.श्री परसादी लाल बसोर के बैंक खाता क्रमांक 80028785901 के माध्यम से जिला कोषालय, छतरपुर द्वारा दिनांक 15.07.2025 को भुगतान किया जा चुका है। म.प्र. शासन, स्कूल शिक्षा विभाग, मंत्रालय, भोपाल के आदेश क्रमांक/एफ 1-23/2010/20-1, भोपाल दिनांक 23.06.2010 के अनुसार निकायों के अधीन नियत वेतनमान में कार्यरत अध्यापक संवर्ग के शिक्षकों के दिवंगत होने पर उनके आश्रित सदस्य को संविदा शाला शिक्षक वर्ग 3 के पद पर नियुक्ति का प्रावधान है। संबंधित की उक्त पद हेतु आवश्यक योग्यता न धारित होने पर नियुक्ति प्रदान नहीं की गई है। अत: शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) उत्तरांश 'ख' में वर्णित परिपत्र अनुक्रम में विभाग अन्तर्गत अनुसूचित जनजाति संवर्ग का सहायक ग्रेड-3 का पद रिक्त न होने के कारण अनापत्ति कलेक्टर, छतरपुर के लिये जारी अनुक्रम में कलेक्टर छतरपुर में प्रकरण विचाराधीन है। नियुक्ति की कार्यवाही सतत् प्रक्रिया है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
सहायक वार्डनों के वेतन में असमानता
[स्कूल शिक्षा]
16. ( क्र. 355 ) श्री महेश परमार : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रदेश के शासकीय नेताजी सुभाष चन्द बोस बालक छात्रावासों में समान पद एवं प्रक्रिया से नियुक्त सहायक वार्डनों को ₹9815, ₹33100 एवं ₹35500 का भिन्न पारिश्रमिक दिया जा रहा है, जो संविधान के अनुच्छेद 14 व 16 के प्रतिकूल है? यदि हाँ, तो म.प्र.सिविल सेवा (नियमन) अधिनियम, 1958 की धारा 3-4 के अंतर्गत समान वेतन निर्धारण हेतु क्या कदम उठाए गए है एवं उनकी क्रियान्वयन का समय-सीमा क्या है? यदि नहीं, कारण बताएं। (ख) क्या प्रश्नांश "क" के अनुक्रम में जबलपुर उच्च न्यायालय द्वारा WP 25286/2024 (23.09.2024) में वेतन कटौती को दंडात्मक व अवैध माना गया है? यदि हाँ, तो WP 5011/2021, 10405/2021,1003/2025,29540/2025 में राज्य शिक्षा केंद्र के श्री मोरे एवं श्री पाण्डेय द्वारा उक्त दृष्टांत के अनुरूप पूर्ण वेतन सुनिश्चित क्यों नहीं किया गया तथा म.प्र.लोक सेवा (अनुशासनिक) नियम, 1981 के नियम 7-8 के अंतर्गत कार्यवाही क्यों नहीं की गई? जानकारी दें। (ग) क्या प्रश्नांश "क" एवं "ख" के संदर्भ में GAD परिपत्र F5-5/2010/1/8 (18.05.2010) एवं SC SLP (C) 29852/2009 के बावजूद अवैध आदेश निरस्त नहीं किए गए? यदि हाँ, तो म.प्र. सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1966 के नियम 12-13 के अंतर्गत निर्देश जारी किये जाएंगे तथा समय-सीमा बताएं? (घ) क्या उपरोक्त सभी प्रश्नांश में समान पारिश्रमिक अधिनियम, 1976 की धारा 4-5, 10 तथा कर्मचारी भविष्य निधि एवं विविध प्रावधान अधिनियम,1952 की धारा 14,16-17,17B के उल्लंघन पर दोषियों को दंडित नहीं किया गया? यदि हाँ, तो IPC की धारा 166-167 के अंतर्गत की गई कार्यवाही की रिपोर्ट दें। (ङ) क्या उपरोक्त सभी प्रश्नांश के संदर्भ में विधि विभाग की सलाह से केजीबीवी एवं बालिका छात्रावासों के समकक्ष वेतन/भविष्य निधि एवं उत्तरदायित्व निर्धारण किया जाएगा?
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जी नहीं। तत्समय शासकीय नेताजी सुभाषचन्द्र बोस बालक छात्रावास को बालक आवासीय विशेष प्रशिक्षण केन्द्र के नाम से जाना जाता था में सहायक वार्डन की नियम, नियुक्ति प्रक्रिया एवं वर्तमान में शासकीय नेताजी सुभाषचन्द्र बोस बालक छात्रावास के नियम, नियुक्ति प्रक्रिया पृथक-पृथक है। तत्कालीन बालक आवासीय विशेष प्रशिक्षण केन्द्र में मानदेय 9815/- निर्धारित था। राज्य कार्यकारिणी समिति के निर्णय दिनांक 31.08.2023 के अनुसार इस कार्यालय के आदेश क्रमांक 7119 दिनांक 26.09.2023 के अनुक्रम में समग्र शिक्षा अभियान अंतर्गत संचालित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय एवं नेताजी सुभाषचन्द्र बोस बालिका छात्रावास में संविदा पर कार्यरत् सहायक वार्डन को मासिक मानदेय रूपये 33,100/- एवं उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के आधार पर कार्यालयीन आदेश क्रमांक/2963 दिनांक 23.06.2025 द्वारा नवीन पारिश्रमिक 35.500/- दिया जा रहा है। मासिक मानदेय संबंधी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी नहीं। डबल्यू पी 25286/2024 में पारित अंतरिम आदेश दिनांक 23 सितंबर 2024 का अनुपालन करते हुये याचिकाकर्ता श्री रावत को याचिका में संलग्न पी/8 के अनुरूप मानदेय का भुगतान किया जा रहा है। प्रकरण हरदा जिले से संबंधित होकर अद्यतन लंबित है। प्रश्नांश में वर्णित शेष न्यायालयीन प्रकरण भी माननीय न्यायालय में अद्यतन लंबित हैं। (ग) लागू नहीं। उत्तरांश "क" और "ख" के अनुसार। (घ) लागू नहीं। उत्तरांश "ग" अनुसार। (ड.) कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय एवं नेताजी सुभाषचंद्र बोस बालक/बालिका छात्रावासों में समान पद एवं प्रक्रिया में नियुक्त सहायक वार्डन को समकक्ष वेतन का निर्धारण किया जा चुका है। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
वाहनों का किराया व पी.ओ.एल. पर व्यय राशि
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
17. ( क्र. 397 ) श्री लखन घनघोरिया : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अतारांकित प्रश्न क्र. 386 दिनांक 04.12.2025 के संदर्भ में कोविड-19 मोबिलिटी सपोर्ट व मोबिलिटी सपोर्ट में अनुबंधित वाहनों में वैक्सीन परिवहन नमूना संग्रहण कार्य, एम्बुलेंस, टीकाकरण व पल्स पोलियों में वाहनों का किराया व पी.ओ.एल. पर कितनी-कितनी राशि व्यय हुई हैं? जानकारी दें। वर्ष 2019-20 से 2025-26 प्रश्न दिनांक तक की पृथक-पृथक जानकारी दें। अनुबंधित वाहनों की सूची दर व निविदा की शर्तों बिलों नोटशीट की छायाप्रति दें। (ख) मिशन संचालक का पत्र क्र./एन.एच.एम./एस.पी.एम.यू./2025/517/99 दिनांक 25.11.2025 के संदर्भ में कब किस पर कार्यवाही की गई हैं? जानकारी दें। प्रश्न में उल्लेखित पी.ओ.एल. बिल क्र. 530 दिनांक 11.12.2020 जिसका सही नं. 503 दिनांक 11.12.2020 राशि 1,58,855/- से संबंधित नोटशीट व वाहनों की सूची दें। (ग) क्या प्रश्नांकित अनुबंधित वाहन व प्रश्नांकित प्रश्न क्र. 386 के प्रश्नांश (ग) के उत्तर में परिशिष्ट के प्रपत्र 'ई' में उल्लेखित पंजीकृत वाहन प्रदाता वाहन ट्रेवर्ल्स एजेंसी जबलपुर के स्वामित्व में पंजीकृत नहीं हैं। जैसा कि अतारांकित प्रश्न क्र. 2068 दिनांक 06.08.2025 के परिवहन विभाग के उत्तर में परिशिष्ट के प्रपत्र 'अ' 'ब' में उल्लेखित हैं? यदि हाँ, तो क्या शासन वाहनों के फर्जी किराया बिलों व पी.ओ.एल. के फर्जी, बिलों के भुगतान में फर्जीवाड़ा भ्रष्टाचार व शासन को करोड़ों रूपयों की वित्तीय क्षति पहुंचाने की जांच सिट (एस.आई.टी.) का गठन करवाकर व एफ.आई.आर. दर्ज करवाकर कार्यवाही करेगा?
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन म.प्र. भोपाल द्वारा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जबलपुर को कोविड-19 में मोबिलिटी सपोर्ट एवं मोबिलिटी सपोर्ट के तहत वाहनों के किराया एवं पी.ओ.एल. के लिए आवंटित राशि एवं व्यय की वर्षवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' अनुसार। अनुबंधित वाहनों की दर व निविदा की शर्तों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''ब'' अनुसार। बिलों एवं नोटशीट की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''स'' अनुसार। (ख) अपर मिशन संचालक के पत्र पर कार्यवाही परीक्षणाधीन है। पी.ओ.एल. बिल क्र. 503 से संबंधित नोटशीट व वाहनों की सूची की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''फ'' अनुसार। (ग) जी नहीं, वाहन प्रदाता वाहन ट्रेवल्स एजेंसी जबलपुर के स्वामित्व में पंजीकृत है, पंजीकरण की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''ज'' अनुसार। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। जी नहीं शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
संविदा जिला कार्यक्रम प्रबंधक के पद पर पदस्थापना
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
18. ( क्र. 398 ) श्री लखन घनघोरिया : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या अतारांकित प्रश्न क्र. 378 दिनांक 04/12/2025 के उत्तर में उल्लेखित श्री विजय पाण्डेय आर.आई. डाटा प्रबंधक (टीकाकरण) को धारित शैक्षणिक योग्यता व अर्हताओं के आधार पर मिशन संचालक के आदेश क्र./एन.एच.एम./एच.आर./सेल-1/2838 दिनांक 29/12/2021 के द्वारा संविदा जिला कार्यकम प्रबंधक (डी.पी.एस.) जिला जबलपुर के अतिरिक्त प्रभार में पदस्थ किया गया हैं? यदि हाँ तो क्यों? बतलावें। आदेश की छायाप्रति दें। (ख) संविदा जिला कार्यक्रम प्रबंधक (डी.पी.एम.यू.) पद की नियुक्ति सम्बंधी निर्धारित चयन प्रक्रिया, शैक्षणिक योग्यता, अर्हताएं सेवा नियम, शर्ते आदि क्या हैं? जानकारी दें। (ग) क्या प्रश्नांकित प्रश्न क्र. 378, दिनांक 04/12/2025 के उत्तर में श्री विजय पाण्डेय, संविदा आर.आई. डाटा प्रबंधक (टीकाकरण) शासकीय सेवा में पदस्थ रहकर फर्जी छात्र के रूप में नियमित पाठयक्रम बैचलर ऑफ कम्प्यूटर एप्लीकेशन (सिक्स सेमेस्टर) स्नातक डिग्री कोर्स परीक्षा वर्ष 2017 में एवं मास्टर ऑफ सोशल वर्क (दो वर्षीय) स्नातकोत्तर डिग्री कोर्स परीक्षा वर्ष 2021 में उत्तीर्ण की है, जो कि अवैध है, जिसे शासन से मान्य नहीं किया हैं? यदि हाँ तो शासन ने इसकी जांच कब किससे कराई हैं एवं आरोपी के विरूद्ध कब क्या कार्यवाही की हैं? यदि नहीं, तो क्यों? जांच रिपोर्ट की छायाप्रति दें। (घ) अतारांकित प्रश्न क्र. 2067 दिनांक 06/08/2025 के प्रश्नांश (ग) उत्तर की एकत्रित जानकारी व प्रश्नांश (घ) में उल्लेखित जांच रिपोर्ट की छायाप्रति दें।
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जी हाँ, रिक्त पद पर तत्कालीन प्रशासकीय कार्य सुविधा की दृष्टि से श्री विजय पाण्डेय (कर्मचारी आई NHM009348) संविदा आर.आई. डाटा मैनेजर, डीपीएमयू, जिला जबलपुर को संविदा जिला कार्यक्रम प्रबंधक (डीपीएम) का अतिरिक्त कार्य प्रभार सौंपा गया जिसके आदेश की छायाप्रति जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' अनुसार हैं। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''ब'' अनुसार हैं। (ग) श्री विजय पाण्डेय संविदा डाटा प्रबंधक (टीकाकरण) द्वारा राष्ट्रीय स्वास्थ्य अंतर्गत संविदा सेवा में पदस्थ रहते हुए नियमित पाठ्यक्रम/कोर्स किये जाने की विभाग को जानकारी नहीं है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है। जांच रिपोर्ट की छायाप्रति जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''स'' अनुसार हैं।
मौका स्थिति अनुसार नाले की कनेक्टिविटी
[राजस्व]
19. ( क्र. 410 ) श्री योगेन्द्र सिंह (बाबा) : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या आयुक्त भोपाल संभाग भोपाल की नस्ती क्रमांक 31/2018 म.प्र. शासन, राजस्व विभाग के पत्र क्रमांक 1031 दिनांक 09.10.2018 पर से कायम होकर प्रमुख राजस्व आयुक्त म.प्र. भोपाल के पत्र क्रमांक 7335 दिनांक 05.10.2018 एवं म.प्र. शासन, राजस्व विभाग भोपाल के पत्र क्रमांक 330 दिनांक 28.03.2018 भी प्रश्नाधीन से संबंधित होने के कारण संलग्न हुए है? (ख) पत्र क्रमांक 8840 दिनांक 01.10.2019 के अनुक्रम में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) टी.टी. नगर भोपाल के पत्र क्रमांक 1988 दिनांक 18.10.2019 एवं तहसीलदार टी.टी. नगर भोपाल के पत्र क्रमांक 433 दिनांक 18.10.2019 के बिन्दु क्रमांक 5 में अंकित है कि विधानसभा प्रश्न क्रमांक 7002 के प्रश्नांश (ग) मार्च 2017 में प्रश्नाधीन डायवर्टेड नाला का प्रवाह केवल खसरा क्रमांक 96-91/1 में होकर प्रवाहित होने का लेख है पर मौके पर यह पश्चिम दिशा में खसरा क्रमांक 96-91/1 एवं दक्षिण दिशा में खसरा 90-91/2/3/1/4 रकवा 0.08 एकड़ में डायवर्टेड होकर विधानसभा प्रश्न क्रमांक 4595 मार्च 2018 के प्रश्नोत्तर अनुसार प्रवाहित है? (ग) क्या विधानसभा प्रश्न क्रमांक 7002 के प्रश्नांश (ग) सत्र मार्च 2017 के जवाब प्रस्तुतीकरण में त्रुटि एवं विलंब हुआ है? यदि हाँ तो क्या संबंधित के विरूद्ध कोई कार्यवाही होगी, यदि हाँ तो क्या एवं कब तक, यदि नहीं, तो क्यों नहीं?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जी हाँ। (ख) तहसीलदार टी.टी. नगर के पत्र क्रमांक 433 दिनांक 18.10.2019 के बिन्दु क्रमांक 5 में यह उल्लेखित है कि विधानसभा प्रश्न क्रमांक 7002 के प्रश्नांश (ग) का जबाव की मौका स्थिति अनुसार वर्तमान नाले की कनेक्टिविटी एवं प्रवाह भूमिगत हो रहा है तथा यह खसरा क्रमांक 96- 91/1 की भूमि से हो रहा है। उक्त के संबंध में आवेदक का तर्क है कि मौके पर पश्चिम दिशा में नाले में खसरा क्रमांक 96-91/1 के अंश भाग तथा दक्षिण दिशा में खसरा क्रमांक 90- 91/2/3/1/4 के अंश भाग में डायवर्ट होकर बह रहा है जो सोसायटी के निजी स्वत्व की भूमि है जबकि विधानसभा प्रश्न क्रमांक 7002 के प्रश्नांश (ग) के उत्तर में नाला डायवर्स प्रवाह केवल खसरा क्रमांक 96-91/1 में होकर ही होना लेख है। उक्त विषय संबंधित सत्र 2018 विधानसभा प्रश्न क्रमांक 4595 के प्रश्नांश (ख) के उत्तर में स्वीकार्य किया गया है कि उक्त नाला भूमि खसरा नम्बर 96-91/1 के अंश भाग तथा खसरा नम्बर 90- 91/2/3/1/4 में डायवर्ट किया गया है। इस प्रकार विधानसभा प्रश्न क्रमांक 7002 के प्रश्नांश (ग) का पूर्ण जबाव विधानसभा प्रश्न क्रमांक 4595 में दिया जा चुका है जिसमे त्रुटि सुधार हो चुकी है। (ग) यदि शिकायत प्राप्त होती है तो शिकायत का परीक्षण कर जांच प्रतिवेदन अनुसार कार्यवाही की जावेगी।
प्रश्नकर्ता के पत्रों पर कार्यवाही न होना
[राजस्व]
20. ( क्र. 411 ) श्री योगेन्द्र सिंह (बाबा) : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या आयुक्त भोपाल संभाग भोपाल की नस्ती क्रमांक 31/2018 म.प्र. शासन, राजस्व विभाग के पत्र क्रमांक 1031 दिनांक 09.10.2018 पर से कायम होकर प्रमुख राजस्व आयुक्त म.प्र. भोपाल के पत्र क्रमांक 7335 दिनांक 05.10.2018 एवं म.प्र. शासन, राजस्व विभाग भोपाल के पत्र क्रमांक 330 दिनांक 28.03.2018 भी प्रश्नाधीन शिकायत से संबंधित होने के कारण संलग्न नस्ती हुए है। (ख) प्रश्नांश 'क' की नस्ती की शिकायत का आयुक्त भोपाल संभाग भोपाल के पत्र क्र. 7882 दिनांक 15.10.2018 से कलेक्टर जिला भोपाल से चाहा गया जांच प्रतिवेदन अनेक स्मरण पत्र इत्यादि जारी होने पर भी अप्राप्त रहने के कारण अर्द्धशासकीय पत्र क्रमांक 3784 दिनांक 30.04.2019 से कलेक्टर भोपाल को त्रुटिकर्ताओं के विरूद्ध म.प्र. सिविल सेवा नियम 1965 के तहत अनुशासनहींनता की कार्यवाही हेतु लिखा गया है पर कार्यवाही नहीं हुई है? क्या अब कोई कार्यवाही होगी? यदि हाँ तो क्या एवं कब तक? यदि नहीं, तो क्यों नहीं?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जी हॉं। (ख) अर्द्धशासकीय पत्र क्रमांक 3784 दिनांक 30.04.19 से त्रुटिकर्ताओं के विरूद्ध अनुशासनहींनता की कार्यवाही करने हेतु लेख किया गया था किन्तु वर्तमान में उक्त प्रकरण के संबंध में माननीय उच्च न्यायालय में रिट याचिका क्रमांक 12216/2013 प्रचलित होने तथा माननीय सिविल न्यायालय में RCSA क्रमांक 2989/23. जिसमें पेशी दिनांक 04.03.2026 नियत होने से शेष प्रश्नांश की जानकारी निरंक है।
संकुल प्रभारी की शिकायतों पर कार्यवाही
[स्कूल शिक्षा]
21. ( क्र. 422 ) श्री देवेन्द्र रामनारायन सखवार : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या पूरनलाल कश्यप संकुल प्रभारी के पद पर शा.उ.मा. विद्यालय जीनफिल्ड सबलगढ़ जिला मुरैना में पदस्थ हैं? यदि हाँ, तो जानकारी देवें? (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में उनकी नियुक्ति किस केटेगरी (अनु. जाति/अनु.जन. जाति/ओ.बी.सी. सामान्य/ईडब्लू.एस.) में हुई थी तथा उनकी पदोन्नति किस केटेगरी से हुई है सम्पूर्ण जानकारी देवें। (ग) क्या शिक्षक पूरनलाल कश्यप संकुल प्रभारी के विरूद्ध नियुक्ति दिनांक से प्रश्न दिनांक तक कितनी शिकायतें प्राप्त हुई है तथा उन शिकायतों पर क्या-क्या कार्यवाही की गई? सम्पूर्ण जानकारी देवें।
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जी हाँ। आदेश की प्रति संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) श्री पूरनलाल कश्यप की नियुक्ति अनुसूचित जनजाति संवर्ग के अन्तर्गत हुई थी एवं उनकी पदोन्नति नहीं हुई। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी नहीं। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
पर्यटन स्थलों का पुनरूद्धार
[पर्यटन]
22. ( क्र. 529 ) कुँवर अभिजीत शाह : क्या राज्य मंत्री, पर्यटन महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) हरदा के प्रमुख पर्यटन स्थल मकड़ाई किला, नाग झिरी, देव झिरी, कान्हा बाबा सोडलपुर, गोराखाल जलप्रपात, गंगेश्वरी मठ, छीपानेर नर्मदा घाट, भादुगांव गौमुख, अजनाल नदी उद्गम स्थल, रिद्धनाथ मंदिर हंडिया, जोगा का किला, तेली की सराय, गुप्तेश्वर मंदिर चारूवा, गुप्तेश्वर मंदिर हरदा एवं अन्य प्रमुख ऐतिहासिक धरोहर एवं पर्यटन स्थलों को संरक्षित किये जाने हेतु शासन द्वारा विगत 05 वर्षों में कितना-कितना बजट उपलब्ध कराया गया है? इस बजट का क्या-क्या उपयोग किस-किस कार्य में किया गया? वर्षवार, राशिवार, कार्यवार जानकारी प्रदान की जाये। (ख) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित स्थानों अथवा अन्य किसी पर्यटन स्थल के रखरखाव, मरम्मत एवं सौन्दर्यीकरण हेतु जिले के लिये विभाग की क्या योजना है? क्या हरदा जिले का कोई पर्यटन प्लान निर्धारित है? यदि हॉं, तो इसकी छायाप्रति उपलब्ध कराई जावे। यदि नहीं, तो क्यों? (ग) क्या हरदा जिले में ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं क्षेत्रीय धरोहरों, अवशेषों को सुरक्षित एवं संरक्षित रखे जाने हेतु संग्रहालय की स्थापना किये जाने हेतु कोई कार्यवाही प्रचलन में है? यदि हाँ तो किस स्तर पर एवं यदि नहीं, तो क्यों? (घ) मकड़ाई किले का पुनरूद्धार किये जाने हेतु क्या विभाग की कोई योजना है? यदि हाँ, तो उपलब्ध करावें? यदि नहीं, तो क्यों?
राज्य मंत्री, पर्यटन ( श्री धर्मेन्द्र भाव सिंह लोधी ) : (क) हरदा जिले के तेली की सराय स्थल पर शासन की स्वीकृत राशि रू. 95.95 लाख से जन सुविधाओं के विकास कार्य कराये गये है। नवम्बर 2025 में पूर्ण कर दिये गये हैं। (ख) वर्तमान में कोई योजना स्वीकृत नहीं है। शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) एवं (घ) जी नहीं। शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
सहायक अस्पताल प्रबंधक की वेतन विसंगति
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
23. ( क्र. 530 ) कुँवर अभिजीत शाह : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या स्वशासी चिकित्सा महाविद्यालयों में नियमित पदों पर कार्यरत सहायक अस्पताल प्रबंधकों को लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के अंतर्गत कार्यरत सहायक अस्पताल प्रबंधकों के समान वेतनमान/पे-ग्रेड ₹5400 नहीं दिया जा रहा है? यदि हाँ, तो इसके क्या कारण हैं, जबकि दोनों पदों के लिए मास्टर ऑफ हॉस्पिटल एडमिनिस्ट्रेशन/ मैनेजमेंट की समान अर्हताएँ निर्धारित की गई है? (ख) क्या शासन इस तथ्य से अवगत है कि स्वशासी चिकित्सा महाविद्यालयों में जिला चिकित्सालय एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों की तुलना में कार्यभार एवं बिस्तरों की संख्या कई गुना अधिक है? यदि हाँ, तो अधिक कार्यभार के बावजूद सहायक अस्पताल प्रबंधकों को समान वेतनमान न दिए जाने का औचित्य क्या है? (ग) क्या मेडिकल रिकॉर्ड ऑफिसर की नियुक्ति एम.पी. ऑनलाइन के माध्यम से की जा रही है तथा उनका वेतनमान/पे-ग्रेड ₹5400 से प्रारंभ होता है? साथ ही क्या स्वशासी चिकित्सा महाविद्यालयों में सीधी भर्ती (साक्षात्कार) से नियुक्त मेडिकल ऑफिसर तथा जिला चिकित्सालय/सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में लोक सेवा आयोग से नियुक्त मेडिकल ऑफिसर का वेतनमान भी ₹5400 पे-ग्रेड से प्रारंभ है? (घ) जब समान अथवा कम अर्हता एवं कार्यभार वाले अन्य पदों को ₹5400 पे-ग्रेड दिया जा रहा है, तो स्वशासी विकित्सा महाविद्यालयों में पदस्थ सहायक अस्पताल प्रबंधकों को समान वेतनमान एवं वार्षिक वेतन वृद्धि के साथ वेतन भुगतान क्यों नहीं किया जा रहा है? इसके लिए कौन अधिकारी/ विभाग उत्तरदायी है तथा शासन इस विसंगति को दूर करने हेतु क्या प्रस्तावित कर रहा है?
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।
आवास/कार्यालय का आवंटन
[जल संसाधन]
24. ( क्र. 532 ) कुँवर अभिजीत शाह : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्नकर्ता के विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत तवा कॉलोनी टिमरनी स्थित जल संसाधन विभाग का शासकीय आवास क्रमांक एफ-2 वर्तमान में किस नियम से और किस आधार पर आवंटित है? आवास आवंटन आदेश की छायाप्रति उपलब्ध करावें। विगत 10 वर्षों में आवास धारक द्वारा कितना-कितना किराया कब-कब, किस-किस माध्यम से जमा किया गया है? दस्तावेज उपलब्ध करावें। (ख) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित शासकीय आवास वर्तमान में किसके आधिपत्य में है? प्रश्नकर्ता द्वारा अपने संसदीय कर्तव्यों के निष्पादन के लिये उक्त आवास की कार्यालय हेतु मांग की गई है। प्रश्न किस कारण से आवास/कार्यालय आवंटन नहीं किया जा सका है? (ग) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित शासकीय आवास रिक्त कराये जाने हेतु विभागों द्वारा क्या-क्या प्रयास किये गये है? जारी समस्त पत्रों, आदेशों एवं दस्तावेजों की सत्यापित प्रति उपलब्ध करावें। शासकीय संपत्ति पर जबरन आधिपत्य किये जाने पर दोषी के विरूद्ध क्या कार्यवाही के क्या प्रावधान/अधिकार है? नियमों, निर्देशों की छायाप्रति उपलब्ध करावें। (घ) वर्तमान में किस-किस विधायक को कब-कब से किस नियम के तहत उनके क्षेत्र में शासकीय आवास/कार्यालय उपलब्ध करवाया है? विधायक का नाम, विधानसभा क्षेत्र का नाम, आवास/कार्यालय का पता एवं कार्यालय/आवास आवंटन किए जाने के शासन नियम एवं निर्देश सहित जानकारी प्रदान की जाए।
जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।
राजस्व में लंबित प्रकरणों का निराकरण
[राजस्व]
25. ( क्र. 585 ) श्री नीरज सिंह ठाकुर : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या भूमि/भवनों के नामांतरण, बंटवारा सीमांकन, इन्द्राज दुरूस्ती करने की समय-सीमा निर्धारित है? यदि हाँ, तो नियम निर्देशों की प्रति उपलब्ध करायें। (ख) क्या जबलपुर जिले की बरगी विधानसभा क्षेत्र की तहसीलों में 1 जनवरी 2024 से प्रश्नांश दिनांक तक प्रश्नांश (क) में उल्लेखित प्रकरण प्राप्त हुये हैं? यदि हाँ, तो कितने प्रकरण प्राप्त हुए। (ग) क्या प्रश्नांश (ख) में उल्लेखित अवधि में प्राप्त प्रकरणों का निराकरण समय-सीमा में नहीं किया गया है? यदि हाँ, तो कितने प्रकरण लंबित हैं? कारण सहित बतायें। तहसीलवार, माहवार, ग्रामवार एवं नामवार जानकारी दें। (घ) क्या प्रश्नांश (क) में उल्लेखित निर्देशों का पालन समय-सीमा में नहीं करने पर प्रश्नांश (ख) में उल्लेखित विधानसभा क्षेत्र के किसी अधिकारी के विरूद्ध कार्यवाही की गई है? यदि हाँ, तो नामवार, पदवार जानकारी देवें, यदि नहीं, तो क्यों?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जी हाँ, म.प्र. शासन राजस्व विभाग द्वारा दिनांक 4 जनवरी 2019 से नामांतरण, दिनांक 25 सितम्बर 2020 से बंटवारा एवं दिनांक 23 सितम्बर 2020 को सीमांकन करने की समय-सीमा निर्धारित की गई है। निर्देशों की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट–'अ' अनुसार। (ख) जबलपुर जिले की बरगी विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत 01 जनवरी 2024 से प्रश्नांश दिनांक तक कुल 11,119 नामांतरण, 972 बंटवारा एवं 4297 सीमांकन के प्रकरण प्राप्त हुये है। तहसीलवार, माहवार, ग्रामवार एवं नामवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट–'ब'अनुसार। (ग) प्राप्त प्रकरणों का विधि अनुरूप समय-सीमा में निराकरण किया गया है, कोई प्रकरण लंबित नहीं है। (घ) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित निर्देशों का पालन समय-सीमा में किया गया है। अत: प्रश्न ही उत्पन्न नहीं होता है।
प्रसूति सहायता राशि का भुगतान
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
26. ( क्र. 586 ) श्री नीरज सिंह ठाकुर : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला जबलपुर अंतर्गत 1 जनवरी 2024 से प्रश्नांश दिनांक तक कुल कितनी महिलाओं का प्रसव शासकीय अस्पतालों में हुआ है? अस्पताल के नामवार संख्यात्मक जानकारी दी जावे। (ख) प्रश्नांश (क) वर्णित अवधि में हुये प्रसव उपरान्त शासन द्वारा मिलने वाली राशि का भुगतान क्या समस्त आवेदक महिलाओं को हो चुका है? यदि नहीं, तो कितनी महिलाओं को राशि का भुगतान किया जाना शेष है? (ग) प्रश्नांश (ख) के संबंध में जिन महिलाओं को राशि का वितरण नहीं किया गया है, उसके क्या कारण रहे एवं इसके लिये कौन दोषी है? (घ) प्रश्नांश (ख) के संबंध में पात्र महिलायें जिनका प्रसव हुआ है वह उक्त लाभ से वंचित है उन्हें राशि का भुगतान कब तक कर दिया जावेगा? समय-सीमा बतायें।
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जिला जबलपुर अंतर्गत 1 जनवरी 2024 से 31 जनवरी 2026 तक जिले के शासकीय अस्पतालों में कुल 67544 प्रसव हुए हैं। अस्पताल के नामवार संख्यात्मक जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी नहीं। योजना अंतर्गत पात्र महिलाओं को सहायता राशि का भुगतान एक सतत् एवं नियमित प्रक्रिया है। शेष प्रसूति सहायता योजना के 2243 एवं जननी सुरक्षा योजना के 1586 हितग्राहियों के भुगतान प्रचलन में है। (ग) प्रश्नांश (ख) के संबंध में भुगतान के प्रक्रियाधीन/लंबित होने के प्रमुख कारणों में हितग्राही की समग्र आईडी का न होना, उसका ई-केवायसी सत्यापित न होना, बैंक खाता आधार लिंक डी.बी.टी इनेबल्ड न होना, महिला के समग्र का पति अथवा पति के परिवार से न जुड़ा होना आधार कार्ड की जानकारी हितग्राही द्वारा उपलब्ध न करवाया जाना है। इसके लिए हितग्राही स्वयं जवाबदेय है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) सभी पात्र महिलाओं के द्वारा भुगतान हेतु आवश्यक पूर्तियां जैसे समग्र आईडी एवं उसकी ई-केवायसी आधार लिंक बैंक खाता (डीबीटी इनेबल्ड) होते ही भुगतान की प्रक्रिया निरंतर है। निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
रतलाम मेडिकल कॉलेज में हुई अनियमितताओं की जांच
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
27. ( क्र.
589 ) श्री
भंवर सिंह
शेखावत : क्या
उप मुख्यमंत्री, लोक
स्वास्थ्य
एवं चिकित्सा
शिक्षा महोदय
यह बताने की
कृपा करेंगे
कि (क) विधान
सभा सत्र
दिसम्बर 2025 के
दिनांक 04 दिसम्बर 2025 की
प्रश्नोत्तर
सूची के प्रश्न
संख्या 75 क्र. 811 के
उत्तरांश “क” में “जी हाँ” कार्यवाही
प्रचलन में
दर्शाया गया
है यदि हाँ, तो
अधिष्ठाता
द्वारा की गई
अनियमितताओं
एवं लापरवाही
से सम्बंधित
शिकायत की
जाँच स्वयं अधिष्ठाता
या उससे
जूनियर स्तर
के अधिकारी से
कराने का क्या
औचित्य है? (ख) क्या
प्रश्नांश
(क) के सम्बन्ध
में
शिकायतकर्ता
द्वारा
दिनांक 17/12/2025 एवं 19/12/2025
को विभागीय
आयुक्त को
उपरोक्त
शिकायत के सम्बन्ध
में वस्तुस्थिति
से अवगत कराते
हुए रतलाम
मेडिकल कॉलेज
की डीन को
तत्काल पद से
हटाकर
शासन/संचालनालय
स्तर पर समिति
गठित कर
स्वतंत्र एवं
निष्पक्ष
जांच कराने का
आग्रह किया
गया है? (ग) प्रश्नांश (ख)
अनुसार
विभाग/शासन
द्वारा प्रश्न
दिनांक तक
क्या
कार्यवाही की
गयी? जाँच
समिति कब गठित
की गई?
समिति में
कौन-कौन सदस्य
है? इनका
पदनाम बतावें? जाँच
कब तक पूर्ण
कर ली जायेगी? (घ) क्या
शासन शिकायत
की गंभीरता
एवं
संवदेनशीलता
के दृष्टिगत
तत्काल डीन को
हटाकर
संचालनालय/शासन
स्तर से
पारदर्शी
जांच कराया
जाना
सुनिश्चित
करेंगे? यदि नहीं, तो
क्यों?
उप मुख्यमंत्री, लोक
स्वास्थ्य
एवं चिकित्सा
शिक्षा ( श्री
राजेन्द्र
शुक्ल ) : (क) से
(ग)
जानकारी
एकत्रित की जा
रही है। (घ) जी
हां।
गुण-दोषों के
आधार पर
कार्यवाही की
जावेगी।
मत्स्य पालन की योजनाएं
[मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास]
28. ( क्र. 634 ) श्री कालु सिंह ठाकुर : क्या राज्य मंत्री, मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्यप्रदेश शासन द्वारा मत्स्य पालन की कौन-कौन सी योजनायें संचालित हैं? संचालित योजनाओं के क्या नियम/मापदण्ड हैं? (ख) धरमपुरी विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत वर्ष 2023 से प्रश्न दिनांक तक किन-किन शासकीय तालाबों में मत्स्य पालन किया गया? वर्षवार स्थानों की जानकारी एवं मत्स्य पालन के रकवा, हितग्राही का नाम एवं हितग्राही को प्रदान लाभांश/अनुदान की जानकारी प्रदान करें।
राज्य मंत्री, मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास ( श्री नारायण सिंह पंवार ) : (क) म.प्र. शासन द्वारा 02 योजनाएं विभाग में संचालित है। (क) मछुआ प्रशिक्षण (ख) मुख्यमंत्री मछुआ समृद्धि योजना जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ अनुसार। (ख) प्रश्नांश अवधि में धरमपुरी विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत 118 तालाबों में मत्स्य पालन कार्य किया गया शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ब अनुसार।
मंदिरों के मरम्मत हेतु राशि की स्वीकृति
[धार्मिक न्यास और धर्मस्व]
29. ( क्र. 636 ) श्री कालु सिंह ठाकुर : क्या राज्य मंत्री, धार्मिक न्यास और धर्मस्व महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) धरमपुरी विधानसभा अंतर्गत कितने मंदिर पंजीबद्ध है? सूची उपलब्ध करावें? (ख) क्या इन मंदिरों की मरम्मत हेतु राशि स्वीकृत की गई है? यदि हाँ तो किन-किन मंदिरों हेतु कितनी राशि स्वीकृति की गई है और इन मंदिरों में क्या-क्या मरम्मत का काम किया गया है? संपूर्ण जानकारी उपलब्ध करावें?
राज्य मंत्री, धार्मिक न्यास और धर्मस्व ( श्री धर्मेन्द्र भाव सिंह लोधी ) : (क) धरमपुरी विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत कुल 69 शासन संधारित मंदिर पंजीबद्ध है। जानकारी संलग्न परिशिष्ट-अ अनुसार है। (ख) जी हां। श्री बिल्वामृतेश्वर महादेव मंदिर के जीर्णोद्धार एवं विकास कार्यों हेतु मंदिर कोष में जमा राशि से राशि रूपये 5.50 करोड़ के उपयोग की अनुमति प्रदान की गई है। जानकारी संलग्न परिशिष्ट-ब अनुसार है।
श्रीयुत कॉलेज गंगेव के राजस्व रकबे एवं खसरे का निर्धारण
[राजस्व]
30. ( क्र. 703 ) श्री नरेन्द्र प्रजापति [इंजीनियर] : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) श्रीयुत कॉलेज गंगेव के निर्मित भवन का राजस्व रकवा/खसरा नम्बर कितना है? कॉलेज का भवन निजी पट्टे की भूमि पर निर्मित है या सरकारी भूमि पर निर्मित है? जानकारी प्रदान करें। (ख) श्रीयुत कॉलेज परिसर निर्मित भवन के अलावा कुल कितने रकबे में है? (ग) श्रीयुत कॉलेज के चारों ओर कुल कितना सरकारी राजस्व का रकवा है? (घ) यदि कॉलेज सरकारी राजस्व रकबे में निर्मित है, तो निकट भविष्य में गरीब शिक्षार्थियों के हित में कॉलेज को मध्य प्रदेश शासन शासकीय घोषित करने की क्या योजना है?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) श्रीयुत कॉलेज गंगेव निर्मित भवन राजस्व अभिलेख अनुसार ग्राम मढ़ीकला की खसरा नंबर 34 रकवा 0.182, 35 रकवा 0.053, 37/1/4 रकवा 0.506 जिसके भूमिस्वामी कॉलम में श्रीयुत शिक्षा समिति दर्ज अभिलेख है जो निजी पट्टे की भूमि है। (ख) श्रीयुत कॉलेज के चारों ओर कुल सरकारी भूमियां ग्राम मढ़ीकला की खसरा नंबर 67 रकवा 0.579, 68 रकवा 0.293, 889/64 रकवा 0.579, 890/68 रकवा 0.295 हे. कुल रकवा 1.748 हे. दर्ज अभिलेख है जिसमें से आराजी नंबर 889/64 रकवा 0.579, 890/68 रकवा 0.295 के खसरे के कालम नंबर 12 में श्रीयुतकॉलेज गंगेव का खेल का मैदान दर्ज अभिलेख है। (ग) श्रीयुत कॉलेज परिसर निर्मित भवन के अलावा ग्राम मढ़ीकला की खसरा नंबर 27 रकवा 0.603. 31 रकवा 0.032, 213 रकवा 0.765, 28 रकवा 0.441, 29 रकवा 0.138, 30 रकवा 0.247, 33 रकवा 0.020, 32 रकवा 0.178 कुल रकवा 2.424 हे. दर्ज अभिलेख है। (घ) उत्तरांश 'क' के अनुक्रम में प्रश्न उद्भूत नहीं होता है।
वेतन वृद्धि का लाभ
[राजस्व]
31. ( क्र. 750 ) श्री केशव देसाई : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) ग्वालियर संभागीय आयुक्त कार्यालय सहित संभाग अंतर्गत कार्यरत राजस्व विभाग के किन-किन तृतीय वर्ग के कर्मचारियों की वर्ष 2024 एवं वर्ष 2025 की वेतन वृद्धियां देय होने पर भी प्रश्न दिनांक तक नहीं लगाई गई हैं। कर्मचारियों के नामों की सूची उपलब्ध कराई जाये। (ख) प्रश्नांश (क) वर्णित कर्मचारियों को उक्त अवधि की वेतन वृद्धियां न लगाई जाने के संबंध में क्या कोई आदेश पारित किए गए हैं यदि हाँ, तो आदेश की प्रतियां उपलब्ध करायें यदि आदेश जारी नहीं हुए हैं तो वेतन वृद्धियां देय होने पर भी न लगाई जाने का कारण स्पष्ट किया जावे। (ग) क्या प्रश्नांश (क) वर्णित कर्मचारियों की वेतन वृद्धियां लगाई जाने के संबंध में माननीय मंत्रीगणों, विधायकगणों द्वारा भी वरिष्ठ अधिकारियों को पत्राचार किया गया है। यदि हाँ, तो माननीय मंत्री महोदय द्वारा किए गए पत्राचारों के संबंध में संबंधित अधिकारी द्वारा क्या उत्तर दिया गया है उत्तर की प्रति उपलब्ध करावें। यदि पत्रों का उत्तर नहीं दिया गया है तो इस संबंध में कौन दोषी है एवं उन पर क्या कार्यवाही की जावेगी। (घ) उपरोक्तानुसार क्या शासन प्रश्न दिनांक तक वेतन वृद्धि से वंचित कर्मचारियों को वेतन वृद्धि का लाभ प्रदान करेगा? यदि हाँ तो कब तक? यदि नहीं, तो क्यों?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''अ''अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''ब''अनुसार है। (ग) जिलों से प्राप्त जानकारी के प्रकाश में जानकारी निरंक है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) म.प्र. वेतन पुनरीक्षण नियम 2017 की कंडिका 10 अनुसार कर्मचारियों को नियमानुसार वेतन वृद्धि का लाभ प्रदाय किया जाता है।
म.प्र. भू-राजस्व संहिता 1959 का पालन न होना
[राजस्व]
32. ( क्र. 756 ) श्री यादवेन्द्र सिंह : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) टीकमगढ़ जिले में विगत 2 वर्ष में किन-किन व्यक्तियों के विरूद्ध एम.पी.एल.आर.सी. की धारा 248 के तहत कार्यवाही की गयी? नाम, पता सहित बतायें। (ख) क्या ग्राम के कुटबार/चौकीदारों को सेवा भूमि उपलब्ध कराना शासन का कर्तव्य है यदि हाँ तो ग्राम उत्तमपुरा तहसील टीकमगढ़ की भूमि जो कोटवार को दी गयी थी? राजस्व मण्डल में पदस्थ तत्कालीन अध्यक्ष एम.के.सिंह जिनके आदेशों का पालन परीक्षण उपरांत किया जावे किंतु उत्तमपुरा में कोटवार की भूमि दुकानदारों को आवंटित कर दी, ऐसा क्यों? (ग) क्या उत्तमपुरा की वही भूमि कलेक्टर सुभाष कुमार द्विवेदी द्वारा बिना परीक्षण किये मात्र शपथ पत्रों के आधार पर भूमि विक्रय की अनुमति देकर उसे सही अमलीजामा पहना दिया, क्या इस प्रकरण की जांच राज्य स्तर से कराई जायेगी? (घ) कलेक्टर सुभाष कुमार द्विवेदी द्वारा अपने टीकमगढ़ पदस्थी के कार्यकाल में कुल कितनी अनुमतियां 165 भूरा.सं. 1959 के तहत भूमि विक्रय के आदेश दिये? विक्रेता के नाम पता सहित प्रकरण का विस्तृत ब्यौरा दें।
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) टीकमगढ़ जिले में विगत 2 वर्ष में एम.पी.एल.आर.सी.की धारा 248 के तहत की गई कार्यवाही की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट "अ" अनुसार है। (ख) जी हाँ, म.प्र.भू.रा.सं. 1959 संशोधित 2018 की धारा 231 कोटवारों का पारिश्रमिक अनुसार राज्य सरकार, साधारण आदेश द्वारा ऐसे निबंधनों ओर शर्तों के, जो उस आदेश में वर्णित किये जाये, अध्यधीन रहते हुये समय-समय पर कोटवारों को उनकी सेवाओं के लिये सेवा भूमि उपलब्ध कराने या उनका पारिश्रमिक या दोनों के लिये मापदंड नियत कर सकेगी। ग्राम उत्तमपुरा के खसरा पंचशाला संवत 2028 से 2033 के अनुसार खसरा नंबर 87/2 रकवा 4.047 हेक्टेयर भग्गू तनय रतना बुनकर चौकीदार ग्राम बड़ागांवखुर्द दर्ज है। खसरा पंचसाला वर्ष 1986-87 से 1990-91 के अनुसार मध्यप्रदेश शासन सेवाभूमि कोटवार, वर्ष 1987-88 में प्रकरण क्रमांक 400/ आ.का./1986 दिनांक 20.11.1986 तहसीलदार महोदय आदेश अनुसार भूमि खसरा नंबर 87/2 का त्याग पत्र स्वीकार किया जाकर बंजर दर्ज किये जाने की स्वीकृति प्रदान की टीप अंकित है। खसरा नंबर 87/2 रकवा 4.047 हेक्टेयर वर्ष 1991-92 से 1995-96 में बंजर दर्ज है। जिसमें वर्ष 1997-98 में 2.023 हेक्टेयर भूमि का शासकीय पट्टा विधिवत अरविन्द पिता कुन्दन जैन को न्यायालय तहसीलदार टीकमगढ़ के प्रकरण क्रमांक 0002/अ-19 (4)/1997-98 आदेश दिनांक 03.11.1997 एवं 2.023 हेक्टेयर भूमि का पट्टा संजय पिता कुन्दनलाल जैन को न्यायालय तहसीलदार टीकमगढ़ के प्रकरण क्रमांक 0006/अ-19 (4)/1997-98 आदेश दिनांक 03.11.1997 के द्वारा प्रदाय किया गया जिसका खसरा रिकार्ड में अमल पंजी क्रमांक 16 एवं 17 वर्ष 1997-98 के आधार पर खसरा में अमल किया गया। ग्राम उत्तमपुरा स्थित भूमि खसरा नंबर 87/2/1 रकवा 2.023 हेक्टेयर में अपर कलेक्टर टीकमगढ़ के रा.प्र.क्र. 0034/स्व.निग./2002-03 पारित आदेश दिनांक 06.05.2003 के अनुसार तहसीलदार टीकमगढ़ का आदेश निरस्त कर भूमि शासकीय दर्ज किये जाने का आदेश पारित किया गया। जिसमें न्यायालय अपर आयुक्त सागर संभाग सागर ने अपने पुनरीक्षण प्र.क.665/अ-19/2002-03 में पारित आदेश दिनांक 20.10.2005 आदेश स्थाई रखते हुये भूमि शासकीय यथावत रखी गई। जिसमें वर्ष 2012-13 माननीय न्यायालय राजस्व मण्डल ग्वालियर के सदस्य श्री एम.के.सिंह ग्वालियर के द्वारा निग./580/दो/06 आदेश दिनांक 19.06.2012 अनुसार संजय कुमार तनय कुन्दनलाल जैन का पुनः नाम दर्ज किया गया। उत्तमपुरा स्थित भूमि खसरा नम्बर 87/2/2 रकवा 2.023 हेक्टेयर में न्यायालय अपर कलेक्टर टीकमगढ़ के राजस्व प्रकरण क्रमांक 33/स्व./2002-03 में पारित आदेश दिनांक 06.05.2003 के अनुसार तहसीलदार टीकमगढ़ का आदेश निरस्त कर भूमि शासकीय दर्ज किये जाने का आदेश पारित किया गया जिसमें न्यायालय अपर आयुक्त सागर संभाग सागर ने अपने पुनरीक्षण प्रकरण क्रमांक 666/अ-19/2002-03 आदेश दिनांक 20/10/2005 आदेश स्थाई रखते हुये भूमि शासकीय यथावत रखी गई। जिसमें वर्ष 2012-13 माननीय न्यायालय राजस्व मण्डल ग्वालियर के सदस्य श्री एम.के.सिंह ग्वालियर के द्वारा निग./579/दो/06 आदेश दिनांक 19.06.2012 अनुसार अरविन्द तनय कुन्दनलाल जैन का नाम पुनः दर्ज किया गया। (ग) प्रश्नाधीन प्रकरण में तत्कालीन कलेक्टर महोदय द्वारा म.प्र. भू-राजस्व संहिता 1959 की धारा 165-7 (ख) के अन्तर्गत विधिवत जांच कराई जाकर विधिसम्मत एवं नियमानुसार भूमि विक्रय की अनुमति प्रदान किए जाने से शेष प्रश्नांश उद्भूत नहीं होता है। (घ) श्री सुभाष द्विवेदी तत्कालीन कलेक्टर टीकमगढ़ जिले में दिनांक 16.06.2020 से 11.07.2023 तक पदस्थ रहे है उक्त पदस्थ अवधि के दौरान म.प्र.भू.रा. संहिता 1959 की धारा 165 के अन्तर्गत कुल 36 अनुमतियां नियमानुसार दी गई है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट "ब" अनुसार है।
भ्रष्टाचार के आरोपी के विरूद्ध कार्यवाही न होना
[स्कूल शिक्षा]
33. ( क्र. 757 ) श्री यादवेन्द्र सिंह : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रश्नकर्ता ने विधानसभा सत्र दिसम्बर 2025 को तारांकित प्रश्न क्रमांक-690 दिनांक 04-12-2025 द्वारा टीकमगढ़ में पदस्थ जिला शिक्षा अधिकारी के विरूद्ध कार्यवाही करने हेतु प्रश्न किया गया था, जिसमें प्रश्नांश 'घ' के उत्तर में कारण बताओं सूचना पत्र जारी किया गया है, जवाब दिया गया था? यदि हाँ तो अब तक क्या कार्यवाही की गई? विस्तृत विवरण दें। (ख) क्या न्यायालयीन प्रकरणों का सहारा लेकर जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा प्रतिदिन स्थानांतरण किये जा रहे है या रिलीव किया जा रहा है? (ग) क्या प्रदेश में श्री एच.एस. चौहान के अलावा कोई योग्यताधारी कर्मचारी नहीं है जबकि श्री चौहान डाइट कुण्डेश्वर में प्रवक्ता के पद पर कार्यरत है, जिसके कारण डाइट में शिक्षकों के प्रशिक्षण प्रभावित हो रहे है? कब तक टीकमगढ़ जिला को नया जिला शिक्षा अधिकारी दिया जावेगा और श्री चौहान को डाइट कुण्डेश्वर के लिए मुक्त किया जावेगा? यदि नहीं, तो क्यों?
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जी हाँ। जी हाँ। संचालनालय के आदेश दिनांक 18.12.2025 द्वारा संबंधित लोक सेवक के विरूद्ध परिनिन्दा की शास्ति से दंडित किया गया है। (ख) जी नहीं। न्यायालयीन प्रकरणों में माननीय न्यायालय द्वारा पारित निर्णय के पालन में संबंधित के अभ्यावेदन का निराकरण कर उनकी स्थानान्तरित संस्था हेतु कार्य मुक्त किया गया है। (ग) प्रशासकीय कार्य सुविधा की दृष्टि से अपने कार्य के साथ-साथ जिला शिक्षा अधिकारी का प्रभार दिया गया है। अत: शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
सी.एम. राईज स्कूलों के निर्माण एवं शिक्षकों की उपलब्धता
[स्कूल शिक्षा]
34. ( क्र. 771 ) श्री राकेश शुक्ला : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्नकर्ता के विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 206 इंदौर में निर्माणाधीन सी.एम. राइज स्कूल की वर्तमान स्थिति से अवगत करवाते हुए बताए कि इनका निर्माण कब तक पूर्ण हो जाएगा। (ख) प्रश्नकर्ता के विधान सभा क्षेत्र में निर्माणाधीन सी.एम. राइज स्कूलों में प्रश्न दिनांक की स्थिति में अध्ययनरत विद्यार्थी एवं उनके अनुपात में कार्यरत शिक्षकों की उपलब्धता की जानकारी दें। (ग) तीनों सी.एम. राइज स्कूल में विषयवार अध्यापन कार्य करने वाले शिक्षकों की उपलब्धता से अवगत करवाएं।
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट "एक" पर है। (ख) विधान सभा क्षेत्र क्र. 206 में निर्माणाधीन सांदीपनि विद्यालय महाराजा शिवाजीराव चिमनबाग में छात्र संख्या 460 एवं शिक्षक की संख्या 31 है, मल्टी मल्हार आश्रम में छात्र संख्या 878 एवं शिक्षक संख्या 44 है तथा अहिल्या आश्रम में छात्र संख्या 873 तथा शिक्षक की संख्या 45 है। (ग) जानकारी संलग्न परिशिष्ट "दो" पर है।
अधोसंरचना विकास कार्य के प्रस्ताव पर कार्यवाही
[स्कूल शिक्षा]
35. ( क्र. 772 ) श्री राकेश शुक्ला : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि माननीय मुख्यमंत्री कार्यालय से प्राप्त अधोसंरचना कार्य के विषय में विभाग को आयुक्त नगरीय प्रशासन एवं विकास के अर्द्धशासकीय पत्र क्रमांक 8594 दिनांक 25/7/25 के संदर्भ में क्या कार्यवाही की गई है प्रश्न दिनांक तक की स्थिति से अवगत करवाए।
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है।
प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र का 30 बिस्तरों के अस्पताल के रूप में उन्नयन
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
36. ( क्र. 779 ) श्री सोहनलाल बाल्मीक : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या परासिया विधानसभा क्षेत्र के अन्तर्गत प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पगारा एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र उमरेठ का उन्नयन 30 बिस्तरों के अस्पताल के रूप में किये जाने की कार्यवाही विभाग द्वारा की जायेगी? अवगत करायें। (ख) प्रश्नांश ''क'' के अनुसार मरीजों एवं आमजनों की सुविधा हेतु प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पगारा एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र उमरेठ का उन्नयन 30 बिस्तरों के अस्पताल के रूप में किए जाने के संबंध में क्या विभिन्न औपचारिकताओं एवं कार्यवाही को पूर्ण करते हुए उन्नयन की स्वीकृति प्रदान कर दी जायेगी?
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) एवं (ख) वर्तमान में प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पगारा एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र उमरेठ का 30 बिस्तरीय अस्पताल के रूप में उन्नयन का कोई भी प्रस्ताव विभाग में प्रक्रियाधीन नहीं है।
स्वास्थ्य केन्द्रों में पदों की पूर्ति
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
37. ( क्र. 780 ) श्री राजेश कुमार शुक्ला : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र बिजावर में वर्तमान में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC), प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC), उप-स्वास्थ्य केंद्र (Sub Health Centre) के कुल कितने भवन निर्मित होकर लोकार्पित किए जा चुके हैं? स्थानवार एवं वर्षवार विवरण प्रदाय करें। (ख) प्रश्नांश "क" के अनुक्रम में उपरोक्त प्रत्येक स्वास्थ्य भवन में डॉक्टर, स्टाफ नर्स, एएनएम, पैरामेडिकल स्टाफ, अन्य कर्मचारियों के कितने पद स्वीकृत हैं तथा कितने वर्तमान में पदस्थ हैं? भवनवार विवरण प्रदाय करें। (ग) वर्तमान में कितने स्वास्थ्य केंद्रों में एक ही डॉक्टर/कर्मचारी को एक से ज्यादा भवनों के संचालन की जिम्मेदारी दी गई है? ऐसे सभी स्थानों का नाम, पदनाम एवं तैनाती का विवरण प्रदाय करें। (घ) सरकार द्वारा उक्त रिक्त पदों को भरने, प्रत्येक स्वास्थ्य भवन में पूर्णकालिक डॉक्टर व नर्स की पदस्थापना, आवश्यक चिकित्सा उपकरण, दवाइयाँ एवं संसाधन उपलब्ध कराने हेतु क्या कार्य योजना है तथा उसे कब तक लागू किया जाएगा?
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' अनुसार। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र ''ब'' अनुसार। (ग) प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र अनगौर में पदस्थ चिकित्सा अधिकारी को खण्ड चिकित्सा अधिकारी बिजावर का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र अनगौर के चिकित्सा अधिकारी के अतिरिक्त अन्य स्थानों पर किसी की तैनाती नहीं की गई है। (घ) चिकित्सकों व नर्सों के रिक्त पदों की पूर्ति एवं चिकित्सा उपकरण, दवाइयां तथा संसाधन उपलब्ध कराना एक निरंतर प्रक्रिया है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
नहरों के लाइनिंग कार्य
[जल संसाधन]
38. ( क्र. 795 ) डॉ. रामकिशोर दोगने : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) हरदा जिला अंतर्गत नहरों के लाइनिंग कार्य की वर्तमान स्थिति क्या है? जानकारी उपलब्ध करावें। (ख) हरदा जिला अंतर्गत कहाँ-कहाँ नहरों का लाइनिंग कार्य किया गया है? विस्तृत जानकारी उपलब्ध करावें। (ग) क्या हरदा जिला अंतर्गत नहरों की लाइनिंग का कार्य पूर्ण हो चुका है? यदि नहीं, तो इसका कारण स्पष्ट करें। (घ) हरदा जिला अंतर्गत कहाँ-कहाँ पर नहरों की लाइनिंग का कार्य अपूर्ण स्थिति में है? जानकारी उपलब्ध करावें और कब तक कार्य पूर्ण कर लिया जावेगा? समय-सीमा बतायें।
जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) हरदा जिले अंतर्गत 03 क्यूमेक्स क्षमता से अधिक की नहरों की लाईनिंग का कार्य पूर्ण कर लिया गया है एवं माचक उपनहर की चैन क्र. 05 से 26 तक डीप कटिंग रीच में सी.सी.जी.एम. लाईनिंग का निर्माण कार्य प्रगतिरत है। 03 क्यूमेक्स से कम क्षमता वाली नहरों की लाईनिंग कार्य का प्रस्ताव विभागीय स्तर पर तकनीकी परीक्षणाधीन है। (ख) विवरण संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) जी नहीं। हरदा जिले अंतर्गत कुल 237.08 कि.मी. में नहरों का लाईनिंग कार्य पूर्ण हो चुका है एवं शेष नहरों के लाईनिंग प्रस्ताव विभागीय स्तर पर तकनीकी परीक्षणाधीन है। (घ) माचक उपनहर की चैन क्र. 05 से 26 तक डीप कटिंग रीच में सी.सी.जी.एम. लाईनिंग का निर्माण कार्य प्रगतिरत है, वर्तमान में कार्य लगभग 50 प्रतिशत पूर्ण हो चुका है तथा शेष कार्य जून 2026 तक पूर्ण कराये जाना प्रतिवेदित है।
चिकित्सालय में भोजन व्यवस्था का टेण्डर
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
39. ( क्र. 797 ) श्रीमती अनुभा मुंजारे : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शासकीय जिला चिकित्सालय बालाघाट में विगत 05 वर्ष में भर्ती मरीजों का खाना किस संस्था द्वारा बनाया जा रहा है? इस हेतु कब-कब टेंडर जारी किये गये थे? सम्पूर्ण दस्तावेज की सत्यापित छायाप्रति उपलब्ध करावें? (ख) क्या बिना टेंडर विगत वर्षों से एक ही संस्था से यह कार्य कराया जा रहा है? यदि हाँ तो किस नियम से? सम्पूर्ण विस्तृत विवरण देवें? क्या बिना टेंडर के कार्य कराये जाने से शासकीय नियमों की अवहेलना हो रही है यदि हॉं तो दोषी अधिकारी के विरूद्ध क्या कार्यवाही की जावेगी? समय-सीमा बतावें?
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार। (ख) जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
नर्सिंग कॉलेज बालाघाट में क्रय में अनियमितताएं
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
40. ( क्र. 798 ) श्रीमती अनुभा मुंजारे : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रश्नकर्ता द्वारा पूर्व में बजट सत्र मार्च 2025 में विधानसभा तारांकित प्रश्न क्रमांक 644 द्वारा जी.एन.एम. प्रशिक्षण केन्द्र बालाघाट एवं उन्नयन पश्चात नर्सिंग कॉलेज बालाघाट में विगत 05 वर्ष में आवंटित बजट में किये कार्यों एवं खरीदी में की गयी अनियमितता की जांच की मांग की थी? यदि हाँ तो विभाग द्वारा प्रकरण के संबंध क्या जांच की गयी? जांच रिपोर्ट एवं दोषियों के विरूद्ध क्या कार्यवाही की गयी है? सम्पूर्ण विस्तृत विवरण देवें? (ख) क्या वित्तीय अनियमितता पाये जाने पर भी संचालनालय स्वास्थ्य सेवायें भोपाल द्वारा आज दिनांक तक कोई कार्यवाही नहीं की गयी है? यदि हाँ तो क्यों? कारण बतावें? दोषी अधिकारी/कर्मचारी के विरूद्ध क्या कार्यवाही की जावेगी? कब तक? समय-सीमा बतावें?
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) एवं (ख) जानकारी एकत्रित की जा रही है।
राजस्व भूमियों का आवंटन
[राजस्व]
41. ( क्र. 806 ) श्री संजय उइके : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्न क्रमांक 819 एवं 820 दिनांक 30 जुलाई 2025 में बताए गए बालाघाट जिले के 1318 ग्रामों की 97823.920 हेक्टेयर भूमि एवं बैतूल जिले के 455 ग्रामों की 74031.853 हेक्टेयर भूमि को कलेक्टर द्वारा विधिवत वन विभाग को प्रश्नांकित दिनांक तक आवंटित नहीं किया? वन विभाग द्वारा वर्किंग प्लान में दर्ज कर कब्जा करने पर कलेक्टर ने वन विभाग के विरूद्ध कार्यवाही भी नहीं की? (ख) यदि हाँ, तो बालाघाट जिले के 1318 ग्रामों की 97823.920 हेक्टेयर भूमि एवं बैतूल जिले के 455 ग्रामों की 74031.853 हेक्टेयर भूमि जिला राजस्व अभिलेखागार में उपलब्ध मिसल बन्दोबस्त, निस्तार पत्रक, अधिकार अभिलेख एवं खसरा पंजी में किस-किस प्रयोजन के लिए और किस-किस मद में दर्ज भूमि है इनसे संबंधित भू-राजस्व संहिता 1959 के अध्याय 18 की किस धारा में क्या प्रावधान दिए है? (ग) राज्य मंत्रालय ने भूमि वन विभाग को आवंटित करने और वन विभाग के कब्जे की प्रविष्टी खसरा पंजी में दर्ज करने के संबंध में किस क्रमांक दिनांक से कलेक्टर को क्या-क्या आदेश या निर्देश दिए है? यदि प्रश्नांकित दिनांक तक भी मंत्रालय ने कोई आदेश, निर्देश नहीं दिए हो तो कारण बतावें?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) : जिला बालाघाट के 1318 ग्रामों की 97823.920 हेक्टेयर भूमि मध्यप्रदेश राजपत्र में भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 29 एवं 4 (1) में अधिसूचना प्रकाशित करने के उपरांत वन विभाग द्वारा वर्किंग प्लान में शामिल किया गया है। अतः कार्यवाही का प्रश्न नहीं उठता। बैतूल जिले के 455 राजस्व ग्रामों की 74031.853 हे. भूमि को वन विभाग ने वर्किंग प्लान में शामिल कर संरक्षित वन एवं नारंगी वन प्रतिवेदित किया है। वन विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार मध्यप्रदेश राजपत्र में भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 29 एवं 4 (1) में अधिसूचनाओं द्वारा भूमि वर्किंग प्लान में शामिल की गई है। धारा 4 (1) का प्रकाशन होने से उक्त भूमि वन विभाग द्वारा नियंत्रण एवं प्रबंधन की दृष्टि से भारत सरकार के अनुमोदन उपरांत कार्य आयोजना में शामिल की गई है। वर्किंग प्लान में दर्ज भूमि आवंटन की प्रक्रिया प्रचलित है। वर्किंग प्लान में शामिल दखल रहित भूमियों को आवंटित किये जाने के सम्बन्ध में न्यायालय कलेक्टर में प्रचलित न होकर प्रावधान अनुसार वन व्यवस्थापन अधिकारी सम्बंधित अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) के न्यायालयों में प्रचलित है। (ख) बालाघाट जिले के 1318 ग्रामों भी 97823.920 हेक्टेयर भूमि जिला राजस्व अभिलेखागार में उपलब्ध मिसल बन्दोबस्त, निस्तार पत्रक, अधिकार अभिलेख एवं खमरा पंजी म.प्र. भू-राजस्व सहिता 1959 की धारा 237 उपधारा (1) में वर्णित प्रयोजन यथा (क) इमारती लकड़ी या ईंधन के लिए (छ) चारागाह पास बीड या चारे के लिए। (ग) कब्रिस्तान तथा शमशान भूमि के लिए (प) गोठान के लिए (ड.) शिविर के लिए (च) घतिहान के लिए (छ) बाजार के लिए (ज) खान निकालने के स्थान के लिए (अ) बाद के गहों के लिए (3) पाठशालाओं, खेल के मैदानो, उद्यानों, सड़कों, गलियों, नालियों जैसे तथा उसी प्रकार के लोक प्रयोजनों के लिए (ट) किन्हीं वन्य प्रयोजनों के लिए जो निस्वार के अधिकार के प्रयोग के लिए विहित किए जाए, के अन्तर्गत दर्ज भूमि नहीं है। म.प्र. भू-राजस्व संहिता 1959 के अध्याय 18 में नाबादी तथा दखल रहित भूमि में बऔर उसकी उपज में अधिकार के संबंध में प्रावधान दिए गए है। गैर खाते की दखल रहित जमीन को निस्तार पत्रक अधिकार अभिलेख एवं खसरा पंजी में 1. इमारती लकड़ी या ईधन के लिए 2. चारागाह घास बीड या चारे के लिए 3. कब्रिस्तान तथा शमशान भूमि के लिए 4. गोठान के लिए 5. शिविर के लिए 6. खलिहान के लिए 7. बाजार के लिए 8. खाला निकालने के स्थान के लिए 9. खाद के गड्ढों के लिए 10 पाठशालाओं, खेल के मैदानों, उद्यानों सड़कों, गलियों, नालियों जैसे तथा उसी प्रकार के लोक प्रयोजनों के लिए 11. किन्हीं अन्य प्रयोजनों के लिए जो निस्तार के अधिकार के प्रयोग के लिए विहित किए जाए, दर्ज किया जाता है। म.प्र. भू-राजस्व संहिता 1959 के अध्याय 18 में आबादी तथा दखल हित भूमि में और उसकी उपज में अधिकार सम्बन्धी प्रावधान है। (ग) भारतीय वन अधिनियम 1927 के अंतर्गत सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी अधिसूचनाओं के अंतर्गत किया जाता है।
राजस्व ग्रामों के रिकार्ड का अद्यतनीकरण
[राजस्व]
42. ( क्र. 809 ) श्री ब्रजेन्द्र प्रताप सिंह : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या पन्ना टाईगर रिजर्व अन्तर्गत ग्राम झालर एवं खम्हरिया से ग्रामवासियों को विस्थापित कर ग्राम नवीन झालर में एवं ग्राम पीपरटोला से ग्रामवासियों को विस्थापित कर ग्राम पुखरा में बसाया गया था? (ख) यदि हाँ तो इन वन ग्रामों को राजस्व ग्राम बनाए जाने की अधिसूचना कब जारी की गई थी? अधिसूचना जारी होने से आज दिनांक तक क्या कार्यवाही की गई है? क्या इन राजस्व ग्रामों का रिकार्ड अपडेट कर लिया गया है? क्या इन ग्रामों के हितग्राहियों को खसरा नक्शा खतौनी मिलने लगी है? यदि नहीं, तो अधिसूचना जारी होने के दिनांक से लम्बा समय व्यतीत हो जाने के बाद भी इन ग्रामों का रिकार्ड अपडेट न होने के लिए कौन दोषी है? दोषियों के विरूद्ध क्या कार्यवाही की जावेगी? बतावें? कब तक रिकार्ड अपडेट किया जावेगा? समय-सीमा बतावें?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जी हाँ। (ख) नवीन झालर एवं नयी बस्ती पुखरा म.प्र. शासन राजस्व विभाग की अधिसूचना क्रमांक एक/5-3/22/सात/शा.7 दिनांक 18.07.2022 से राजस्व ग्राम घोषित किये गये। इसमें वन विभाग की अधिसूचना क्रमांक 15-14/2020/10-2 दिनांक 18 जनवरी 2022 से डी-नोटिफाइड वन भूमि, वन परिसर जनवार (नवीन झालर) वन खण्ड सकरिया के वन कक्ष क्रमांक पी-434 का 221.00 हे. तथा वन परिसर पुखरा के वन खण्ड क्रमांक पी-105, पी-106, पी-107, पी-108 का कुल क्षेत्रफल 379.51 हे. राजस्व विभाग को हस्तांतरित की गई भूमि शामिल है। ग्राम झालर-खम्हरिया, गंगउ एवं सकरा के विस्थापितों को वन खण्ड सकरिया के वन कक्ष क्रमांक पी-434 का 221.00 हे. में बसाया गया, यह वर्तमान में नवीन राजस्व ग्राम नवीन झालर है। ग्राम पीपरटोला एवं सूरजपुरा के विस्थापितों को उत्तर वन मण्डल पन्ना के वन कक्ष क्रमांक पी-107 पी-105, पी-106, पी-108, में बसाया गया है जो वर्तमान में नवीन राजस्व ग्राम नयी बस्ती पुखरा है। MPSEDC से नक्शे प्राप्त कर ग्राम नयी बस्ती पुखरा के ग्राउण्ड टूथिंग की कार्यवाही दिनांक 22.01.2026 को सहायक सर्वेक्षण अधिकारी राजस्व निरीक्षक मण्डल बृजपुर द्वारा पूर्ण करायी जा चुकी है, ग्राम के अधिकार अभिलेख तैयार करने की कार्यवाही प्रचलन में है। संयुक्त सर्वेक्षण के दौरान ग्रामवासियों द्वारा इस आशय की शिकायत की गई है कि जारी कृषि भूमि के पट्टे, निवास हेतु प्रदाय की गई भूमि तथा सिंचाई हेतु निर्मित कराया गया तालाब, वन विभाग द्वारा जंगल के अंदर कर लिया है तथा 15 प्लाटों पर कृषि कार्य करने से एवं कृषि भूमियों की तालाब से सिंचाई/उपयोग करने से वन विभाग के कर्मचारियों द्वारा मना किया जा रहा है। उक्त शिकायत के निराकरण हेतु कार्यालय अनुविभागीय अधिकारी एवं वन व्यवस्थापन अधिकारी पन्ना के द्वारा उप वन मण्डलाधिकारी उत्तर वन मण्डल पन्ना से स्पष्टीकरण चाहा गया है, क्षेत्र संचालक पन्ना टाईगर रिजर्व तथा वन मण्डलाधिकारी उत्तर वन मण्डल पन्ना को भी सूचित किया गया है। शिकायत का शीघ्र निराकरण कर ग्राउंड ट्रुथिंग और राजस्व सर्वेक्षण का कार्य पूर्ण कर कृषकों को खसरा, नक्शा, खतौनी की नकल प्रदाय की जा सकेगी। निश्चित समय-सीमा बताई जाना संभव नहीं है।
बृहस्पति कुंड क्षेत्र में ग्लास ब्रिज का निर्माण
[पर्यटन]
43. ( क्र. 810 ) श्री ब्रजेन्द्र प्रताप सिंह : क्या राज्य मंत्री, पर्यटन महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि पन्ना विधानसभा अन्तर्गत बृहस्पति कुंड क्षेत्र में ग्लास ब्रिज के निर्माण की स्वीकृति कब प्रदाय की गई थी एवं कितनी राशि स्वीकृत की गई थी? क्या ग्लास ब्रिज का निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया गया है? यदि नहीं, तो क्यों? कब तक निर्माण कार्य प्रारंभ किया जाकर पूर्ण किया जावेगा? समय-सीमा बतावें?
राज्य मंत्री, पर्यटन ( श्री धर्मेन्द्र भाव सिंह लोधी ) : पन्ना विधानसभा अन्तर्गत बृहस्पति कुंड का सौंदर्यीकरण एवं विकास कार्य हेतु राशि रु.795.94 लाख की प्रशासकीय स्वीकृति दिनांक 05/10/2023 को राज्य शासन के पर्यटन अधोसंरचना का विकास सामान्य मद में प्रदान की गई है। उक्त स्वीकृति के अंतर्गत सौंदर्यीकरण एवं अन्य विकास कार्य पूर्ण कर दिये गये हैं तथा ग्लास ब्रिज का कार्य प्रगतिरत है जो मार्च 2026 तक पूर्ण कर लिया जावेगा।
सिंचाई परियोजना और बांध निर्माण
[जल संसाधन]
44. ( क्र. 813 ) डॉ. विक्रांत भूरिया : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश के समस्त जिलों में पिछले वर्ष 2020 से 2025 तक सिंचाई की कितने परियोजना और बांध का निर्माण किया गया है और कितने निर्माणाधीन है। सभी परियोजना के अंतर्गत कौन-कौन सी जगह पर निर्माण हुआ, प्रति परियोजना क्या बजट रहा। (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में वर्तमान में कितनी परियोजना निर्माणाधीन है और कहॉं-कहॉं पर है, कितना बजट है। (ग) प्रश्नांश (क) के संबंध में ऐसे निर्माण कार्य में कितनी जनसंख्या को विस्थापित किया गया है और कितने लोगों को विस्थापन का मुआवजा देना बाकी है।
जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) से (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।
मैहर जिले में जिला चिकित्सालय की स्थापना
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
45. ( क्र. 827 ) श्री श्रीकान्त चतुर्वेदी : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नवगठित जिला मैहर में जिला चिकित्सालय स्थापित कराये जाने की प्रक्रिया अनुसार क्या बजट में जोड़े जाने की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है? यदि हाँ तो कब तक पूर्ण हो जावेंगे? यदि नहीं, तो क्यों कारण सहित जानकारी दी जावे। (ख) प्रश्नांश (क) के संबंध में क्या मैहर जिले में औद्योगिक ईकाइयों एवं धार्मिक नगरी के परिप्रेक्ष्य में सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराये जाने की दृष्टि से जिला चिकित्सालय स्थापित कराया जाना आवश्यक है? यदि हाँ तो कब तक स्थापित कराया जावेगा? यदि नहीं, तो क्यों कारण सहित जानकारी दी जावे।
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) एवं (ख) जी हाँ। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
शासकीय भूमि पर अवैध अतिक्रमण
[राजस्व]
46. ( क्र. 853 ) श्री राजेन्द्र भारती : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या दतिया जिले के ग्राम उदगवां में स्थित शासकीय भूमि जिसका खसरा नंबर 1040/2, 1040/3 एवं 1040/4 एवं 1040/5 को ग्राम के पटवारी द्वारा अवैध तरीके से निजी भूमि में परिवर्तित करके ऑनलाइन पोर्टल पर निजी खातेदारों के नाम प्रविष्टि की गई थी? यदि नहीं, तो फिर आज भी पोर्टल पर उक्त खसरा नंबर शासकीय प्रदर्शित न होकर निजी भूमि प्रदर्शित क्यों हो रही है? कारण सहित जानकारी प्रदान करें। (ख) क्या दतिया विधान सभा क्षेत्र के ग्राम बसई में शासन की नजूल भूमि सर्वे क्रमांक 905 पर दबंग भू-माफिया द्वारा स्थानीय राजस्व अधिकारियों के सहयोग से अतिक्रमण करके दुकाने एवं भवन निर्माण करने की शिकायत पत्र क्रमांक 110/2024 दिनांक 19.09.2024 पत्र क्रमांक 878/2025 दिनांक 09.03.2025, पत्र क्रमांक 1657, 1658/2025 दिनांक 01.09.2025 एवं पत्र क्रमांक 1959, 1960, 1961/2025 दिनांक 27.12.2025 कलेक्टर दतिया, मुख्य सचिव, म.प्र. शासन, भोपाल एवं अवर सचिव, म.प्र. शासन राजस्व विभाग भोपाल को प्राप्त हुई थी? यदि हाँ, तो उक्त शिकायती पत्रों पर शासन एवं प्रशासन द्वारा क्या कार्यवाही की गई? की गई कार्यवाही से अवगत कराते हुये यह भी बतायें कि शासन की उक्त बहुमूल्य भूमि से अवैध दुकानों एवं भवन का अतिक्रमण हटाकर शासन/प्रशासन अपने आधिपत्य में लेगा? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्यों नहीं? कारण बताते हुये यह भी बतायें कि शासन की बहुमूल्य कीमती जमीन पर अवैध कब्जा करके शासन को क्षति पहुचाने वाले दबंग भू-माफिया के विरूद्ध प्रशासन कोई कार्यवाही करेगा, यदि हाँ तो क्या और कब तक? यदि नहीं, तो क्यों? जानकारी दे। (ग) क्या राजस्व विभाग दतिया जिले की शासकीय भूमि को सुरक्षित एवं संरक्षित करने हेतु पोर्टल पर प्राथमिकता के आधार पर शासकीय दर्ज किये जाने हेतु विशेष अभियान चलायेगा? यदि हाँ, तो कब तक और यदि नहीं, तो क्यों नहीं? कारण सहित जानकारी दे।
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जी हॉं। ग्राम उदगवां में स्थित भूमि सर्वे नं. 1040/ 2,1040/3 एवं 1040/4,1040/5 को तहसीलदार दतिया के प्रकरण क्र. 01/अ-6/14-15 आदेश दिनांक 24/03/2015 के आधार पर शासकीय से निजी खातेदारों के नाम की प्रविष्टि की गई थी। (ख) ग्राम बसई में शासकीय भूमि सर्वे क्र. 995 पर दबंग भू-माफिया द्वारा दुकान एवं भवन निर्माण करने की शिकायत पत्र क्र. 110/2024 शासन से जिला कलेक्टर द्वारा प्रेषित शिकायती पत्र के पालन में भूमि पर काबिज अतिक्रामक को विधिवत कारण बताओ नोटिस जारी किया गया एवं न्यायालय नायब तहसीलदार बसई में प्रकरण क्रमांक 05/अ-68/2024-25 के द्वारा बेदखली आदेश दिनांक 01/09/2024 पारित किया गया। इसी दौरान अतिक्रामक ने सिविल न्यायालय दतिया में प्रकरण क्र. RCSA/33/2025 दर्ज कराया जो कि वर्तमान में लंबित होने से शेष प्रश्नांश की जानकारी निरंक है। (ग) मध्यप्रदेश भू-राजस्व संहिता 1959 (यथा संशोधित 2018) की विभिन्न धाराओं के अंतर्गत शासकीय भूमि के सुरक्षित एवं संरक्षित किए जाने के प्रावधान है, जिनके अंतर्गत राजस्व अधिकारियों द्वारा कार्यवाही की जाती है। इस संबंध में पृथक से अभियान चलाने संबंधी कोई कार्यवाही इस कार्यालय स्तर पर विचाराधीन नहीं है।
पी.एम. किसान सम्मान निधि
[राजस्व]
47. ( क्र. 854 ) श्री राजेन्द्र भारती : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या राज्य एवं केन्द्र सरकार द्वारा किसानों के हित में पी.एम. सम्मान निधि दी जा रही हैं? यदि हाँ तो दतिया जिला में कितने किसानों को सम्मान निधि स्वीकृत है तथा प्रत्येक किसानों को कितनी राशि प्रदान की जा रही है? कृपया ग्रामवार/तहसीलवार संख्यात्मक जानकारी प्रदाय करें। (ख) दतिया जिला में ऐसे कितने किसान हैं जिनकी सम्मान निधि वर्तमान में कब से बंद होने के क्या कारण हैं? जानकारी देते हुये बतायें कि क्या संबंधित पटवारी एवं राजस्व अधिकारियों द्वारा समुचित कार्यवाही की गई है अथवा नहीं? कारण सहित बतायें कि छूटे हुए किसानों को कब तक राशि प्राप्त हो जायेगी? (ग) दतिया जिले में कितने किसानों को वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 में नष्ट हुई फसलों एवं आवास हेतु आर.बी.सी. के प्रावधानों के अंतर्गत मुआवजा/राशि दी गई हैं? ग्रामवार/ वार्डवार एवं फसल बीमा तहसीलवार सूचियां प्रदाय करें।
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जी हाँ। जिला दतिया में 137751 हितग्राहियों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि स्वीकृत है। योजनांतर्गत हितग्राहियों को कुल राशि रूपये 6000/- तीन समान किश्तों में प्रदान किये जा रहे हैं। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'अ' अनुसार है। (ख) प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत नियत अनिवार्य कार्यवाही पूर्ण करने पर योजना का लाभ प्राप्त होता है। जिला दतिया में 1022 हितग्राहियों की पात्रता संबंधी त्रुटिपूर्ण जानकारी को पीएम किसान पोर्टल पर अद्यतन किया गया है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ग) दतिया जिला अंतर्गत वर्ष 2024-25 में फसल क्षति अंतर्गत 02 ग्राम में कुल 601 कृषकों को मुआवजा राशि दी गई है एवं वर्ष 2025-26 में फसल क्षति निरंक है। आवास क्षति अंतर्गत वर्ष 2024-25 में कुल 7270 एवं वर्ष 2025-26 में कुल 682 कृषकों को आर्थिक सहायता वितरित की गई है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'ब' अनुसार है।
भू-धारण प्रमाण पत्र का प्रदाय
[राजस्व]
48. ( क्र. 863 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या जबलपुर जिले के वार्ड क्र. 72, 73, 74, 75, 76, 77, 78 के अनेक हितग्राही वर्ष 2020 के पूर्व से शासकीय भूमि पर निवासरत हैं? (ख) क्या इन हितग्राहियों को भू-धारण प्रमाण पत्र प्रदाय करने हेतु चिन्हित किया गया है? यदि हाँ तो जानकारी देवे। (ग) क्या इन हितग्राहियों को भू-धारण प्रमाण पत्र दिये जायेंगे?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जी हाँ, जबलपुर जिले के वार्ड क्रमांक 72, 73, 74, 75, 76, 77, 78, के अनेक हितग्राही वर्ष 2020 के पूर्व से शासकीय आबादी भूमि पर निवासरत हैं। (ख) नगर निगम क्षेत्र में शासकीय भूमि में निवासरत लोगों को समस्त दस्तावेजों सहित हितग्राही द्वारा स्वयं ही धारणाधिकार प्रमाण पत्र के लिए आवेदन प्रस्तुत कर उनके धारित क्षेत्रफल का प्रीमियम व भू-भाटक संबंधी गणना के उपरांत पात्र हितग्राहियों द्वारा गणना की गई राशि शासन के हित में चालान के माध्यम से जमा किये जाने के उपरांत ही धारणाधिकार प्रमाण पत्र प्रदाय किये जाने की योजना वर्ष 2020 से लागू है। नगर निगम अंतर्गत वार्ड क्र. 72, 73, 74, 75, 76, 77 एवं 78 में कुल 547 पात्र हितग्राहियों को भू-धारण प्रमाण पत्र हेतु चिन्हित किया जाकर धारणाधिकार प्रमाण पत्र प्रदाय किये गये है। (ग) 547 पात्र लाभार्थियों को धारणाधिकार प्रमाण पत्र जारी किए गए हैं।
गुरूजी (अनुदेशकों) की भर्ती में भ्रष्टाचार
[स्कूल शिक्षा]
49. ( क्र. 871 ) श्री मधु भगत : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या विधानसभा सत्र दिसंबर 2025 के विधानसभा तारांकित प्रश्न क्रमांक 1038 दिनांक 04.12.2025 गुरुजी (अनुदेशक) भर्ती के संबंध में जिला परियोजना समन्वयक जिला शिक्षा केन्द्र बालाघाट द्वारा गुरुजी (अनुदेशक) भर्ती के संबंध में भ्रामक एवं असत्य जानकारी दी गई, जबकि कार्यालय कलेक्टर के पत्र क्रं/जिशिके/स्था/2025/2/3 दिनांक 01/05/2025 के आदेश में 30 गुरुजी (अनुदेशक) भर्ती एवं की गई स्थापना के आदेश है एवं पत्र क्रमांक जिला शिक्षा केन्द्र स्थापना 2025/593 संशोधित आदेश दिनांक 27/06/2025 में विकासखण्ड बिरसा शासकीय प्राथमिक शालाओं में स्थापना एवं विकासखण्ड परसवाड़ा में 5 गुरुजी अनुदेशकों की स्थापना आदेश के पत्र मुझे स्थानीय स्तर पर प्राप्त हुए है जिस पर वर्तमान बालाघाट कलेक्टर महोदय के एवं जिला परियोजना समन्वयक जिला शिक्षा केन्द्र बालाघाट के हस्ताक्षर पत्र पर अंकित है? एक ही प्रकरण में दो भिन्न-भिन्न उत्तरों के संबंध में विभाग वस्तुस्थिति स्पष्ट करें। (ख) विधानसभा को जानकारी उपलब्ध कराने में संबंधित अधिकारियों द्वारा गुमराह किया गया हैं एवं गुरुजी (अनुदेशक) भर्ती प्रक्रिया में भारी भ्रष्टाचार किया गया हैं? क्या ऐसे अधिकारियों पर विभाग द्वारा क्या कार्यवाही की जा रही है? यदि हाँ तो कब तक नहीं तो क्यों?
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जी नहीं। दिनांक 1/5/2025 एवं 27/6/2025 को जारी आदेश तत्कालीन अनुदेशकों/पर्यवेक्षकों का संविदा शाला शिक्षक वर्ग-3 के पद पर नियोजन के संबंध में है। गुरुजी/अनुदेशक की भर्ती से संबंधित नहीं है। (ख) जी नहीं। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
अतिवृष्टि से क्षतिग्रस्त फसलों का मुआवज़ा भुगतान
[राजस्व]
50. ( क्र. 872 ) श्री कालु सिंह ठाकुर : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2025-2026 में धार जिले की धरमपुरी और पीथमपुर तहसील में अतिवृष्टि से हुई क्षति से प्रभावित कृषकों को कुल कितनी राहत राशि स्वीकृत हुई है? कितनी आवंटित की गई है व कितनी शेष है? (ख) यदि शेष है तो कृषकों को राशि का वितरण कब तक होगा?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) वर्ष 2025-2026 में धार जिले की धरमपुरी और पीथमपुर तहसील में अतिवृष्टि से हुई क्षति से प्रभावित कृषकों को तहसील धरमपुरी में राहत राशि रूपये 65,60,614/- एवं तहसील पीथमपुर में राहत राशि रूपये 6,08,67,242/- इस प्रकार कुल राहत राशि 6,74,27,856/- रूपये स्वीकृत कर वितरण किया गया है। वर्तमान में राशि भुगतान हेतु शेष नहीं है। (ख) उत्तरांश (क) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उद्भूत नहीं होता है।
मंदिरों का जीर्णोद्धार
[धार्मिक न्यास और धर्मस्व]
51. ( क्र. 873 ) श्री भैरो सिंह बापू : क्या राज्य मंत्री, धार्मिक न्यास और धर्मस्व महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग अंतर्गत मध्यप्रदेश में कितने शासन संधारित मंदिर है जिलेवार/तहसीलवार संख्यात्मक जानकारी देवें? वर्ष 2023 से प्रश्न दिनांक तक कितने मंदिरों के जिर्णोद्धार हेतु राशि स्वीकृत की गई आदेश की प्रति देवें? (ख) क्या मंदिरों के जिर्णोद्धार हेतु SPA योजना एवं वास्तुकला विद्यालय भोपाल का योगदान धर्मस्व विभाग द्वारा लिया जा रहा है यदि हाँ, तो कितने मंदिरों की डिजाईन एवं अन्य कार्य SPA द्वारा पूर्ण करवाया जा रहा है। मंदिरों के नाम सहित जानकारी देवें? (ग) सुसनेर विधानसभा क्षेत्र जिला आगर-मालवा अंतर्गत मध्यप्रदेश एवं राजस्थान की सीमा पर स्थित प्रसिद्ध पिपलिया खेडा बालाजी मंदिर के जीर्णोद्धार एवं विकास हेतु शासन द्वारा क्या कार्यवाही की जा रही है? जिला कलेक्टर द्वारा कब-कब विभाग को प्रस्ताव भेजे गए जानकारी देवें। (घ) प्रश्नांश (ग) अनुसार पिपलिया खेडा बालाजी मंदिर के जीर्णोद्धार एवं विकास हेतु विभाग द्वारा कब तक स्वीकृति प्रदान कर दी जायेगी?
राज्य मंत्री, धार्मिक न्यास और धर्मस्व ( श्री धर्मेन्द्र भाव सिंह लोधी ) : (क) धार्मिक न्यास और धर्मस्व विभाग अंतर्गत प्रदेश के शासन संधारित मंदिरों की संख्या 22098 है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'अ' अनुसार है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'ब' अनुसार है। (ख) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'स' अनुसार है। (ग) श्री पिपल्या खेडा बालाजी मंदिर के जीर्णोद्धार एवं विकास कार्य हेतु वर्ष 2023 में जिला खजिन प्रतिष्ठान मद से राशि रूपये 1.03 करोड़ की राशि स्वीकृत की गई है। आयुक्त, उज्जैन संभाग उज्जैन के पत्र क्रमांक 1272/देव-6/2025, दिनांक 11/03/2025 द्वारा प्रस्ताव विभाग को भेजा गया है। (घ) कार्य की औचित्यता एवं बजट की उपलब्धता के आधार पर राशि स्वीकृत की जाती है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
स्वास्थ्य केन्द्र सेमरिया में एम्बुलेंस का संचालन
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
52. ( क्र. 905 ) श्री अभय मिश्रा : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या रीवा जिले के स्वास्थ्य केन्द्र सेमरिया को जिला खनिज गौड़ मद एवं विधायक विकास निधि से अनुशंसा कर एम्बुलेंस क्रय उपरान्त स्वास्थ्य केन्द्र को सौंपे जाने का कार्य गरीबों की सुविधा हेतु किया गया? (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार एम्बुलेंस के संचालन एवं ईंधन बावत् जिला शासन द्वारा क्या निर्देश जारी किये गये निर्देश की प्रति देते हुये बतावें अगर एम्बुलेंस का उपयोग ईंधन की कमी व चालक व देखरेख के बगैर प्रारंभ नहीं किया गया तो इसके लिये कौन-कौन उत्तरदायी है उन पर कार्यवाही के साथ एम्बुलेंस के संचालन कराये जाने बावत् क्या निर्देश देंगे बतावें अगर नहीं तो क्यों? (ग) प्रश्नांश (क) के स्वास्थ्य केन्द्र के नवीन भवन के लोकार्पण कराकर संचालन बावत् निर्देश देंगे तो बतावें वर्तमान में नवीन भवन की भौतिक स्थिति क्या है बतावें इस बावत् कितनी-कितनी राशि कब-कब जारी की गई राशि अनुसार कार्य की भौतिक स्थिति क्या है बतावें? (घ) प्रश्नांश (क), (ख) एवं (ग) में उल्लेखित अनुसार कार्यवाही के निर्देश के साथ एम्बुलेंस के नियमित संचालन कराने एवं प्रश्नांश (ग) अनुसार नवीन भवन के लोकार्पण एवं नवीन भवन में संचालन बावत् क्या निर्देश देंगे बतावें अगर नहीं तो क्यों?
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जी हाँ। (ख) एम्बुलेंस के नियमित संचालन एवं ईंधन हेतु रोगी कल्याण समिति मद से व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। संबंधित दिशा निर्देश सहित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' अनुसार। वर्तमान में जिले में जिला खनिज मद से प्रदाय एम्बुलेंस के संचालन हेतु वाहन चालक, ईंधन एवं मेंटनेस हेतु आउटसोर्स के माध्यम से अनुबंधित एजेंसी द्वारा 24X7 नि:शुल्क रेफरल सेवाएं प्रदान की जा रही है, जिसके माध्यम से गत दो माह में कुल 30 रोगियों को एम्बुलेंस सेवा प्रदान की गई है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) स्वास्थ्य केन्द्र के नवीन भवन का निर्माण 95 प्रतिशत तक कार्य पूर्ण हो चुका है, जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र''ब'' अनुसार। शेष कार्य हेतु अतिरिक्त प्रशासकीय स्वीकृति दिनांक 07.01.2026 को जारी की जा चुकी है भवन निर्माण पूर्ण होने पर लोकार्पण एवं संचालन की कार्यवाही की जावेगी। (घ) जानकारी उत्तरांश (क), (ख) एवं (ग) के उत्तर में समाहित है।
शिक्षकों की समस्या निवारण हेतु शिविर का आयोजन
[स्कूल शिक्षा]
53. ( क्र.
906 ) श्री
अभय मिश्रा : क्या
स्कूल शिक्षा
मंत्री महोदय
यह बताने की
कृपा करेंगे
कि (क) क्या
रीवा जिले के
जिला शिक्षा
अधिकारी द्वारा
रायपुर
कर्चुलियान
सहित अन्य
जनपद पंचायतों
में समस्याओं
के निराकरण
बावत् दिनांक 30.05.2025
को शिविर का
आयोजन किया
गया? उसमें
कितने आवेदन
कर्मचारियों
द्वारा
किन-किन बावत्
प्रस्तुत
किये गये, कितने
आवेदनों का
निराकरण किया
गया, कितने
लंबित हैं का
विवरण
प्राप्त
आवेदन पत्रों
का देते हुये
बतावें? (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार
प्राप्त
आवेदन पत्रों
का शिविर में
उपस्थिति के
दौरान कितने निराकरण
किये गये एवं
कितने लंबित
रखे गये का विवरण
पृथक से
देवें। (ग) प्रश्नांश (क) अनुसार
क्या
शिक्षकों
द्वारा
मिसिंग राशि के
भुगतान न किये
जाने बावत्
आवेदन दिये
गये इन पर
कार्यवाही की
स्थिति क्या
है बतावें, शासन
के आदेश
क्रमांक/अध्या./पे.प्र./डी.
मिसिंग/क्रेडिट/12/2024/11
के जारी आदेश
के बाद भी
मिसिंग राशि
का भुगतान
नहीं किया जा
रहा क्यों
कारण सहित
बतावें? (घ) प्रश्नांश (क) अनुसार
आयोजित शिविर
में प्रश्नांश (ख) एवं
(ग) अनुसार
प्राप्त
आवेदन पत्रों
का निराकरण कर
समस्याएं
निराकृत नहीं
की गई एवं
प्रश्नांश (ग) में
उल्लेखित
आदेश का पालन
कर राशि का
वितरण किन-किन
संकुल
अन्तर्गत
जिले में नहीं
किया गया का
विवरण
पृथक-पृथक
देवें? इसके लिये
जिम्मेदारों
पर कार्यवाही
के साथ भुगतान
बावत् क्या
निर्देश
देंगे बतावें
अगर नहीं तो
क्यों?
स्कूल
शिक्षा
मंत्री ( श्री
उदय प्रताप
सिंह ) : (क) जी
नहीं,
अपितु
दिनांक 23.05.2025 को
विकासखण्ड
रायपुर
कर्चुलियान
में शिविर का
आयोजन किया
गया था।
शेषांश जानकारी
संलग्न
परिशिष्ट
अनुसार है। (ख)
जानकारी
संलग्न
परिशिष्ट
अनुसार
है। (ग)
उत्तरांश (क) अनुसार
एक आवेदक
श्रीमती मीनू
तिवारी
प्राथमिक
शिक्षक संकुल
शा.उ.मा.वि. कन्या
रायपुर
कर्चुलियान
जिला रीवा
द्वारा माह मई
2016
एवं नवम्बर 2016 के
एनपीएस
मिसिंग के
संबंध में
आवेदन प्रस्तुत
किया था। इस
संबंध में
आवश्यक
कार्यवाही की
गई है,
माह मई 2016
एनपीएस की
राशि पूर्व
में ही जमा थी
एवं माह नवम्बर
2016
एनपीएस की
राशि रु. 2369 देयक
क्र. 200024718608
दिनांक 03.02.2026 को
कोषालय में
प्रस्तुत
किया जा चुका
है। अब कोई भी
कार्यवाही
शेष नहीं
है। (घ) उत्तरांश
(क)
एवं (ग)
अनुसार है।
शासकीय भूमि से अतिक्रमण हटाया जाना
[राजस्व]
54. ( क्र. 940 ) श्री विपीन जैन : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) ग्राम अरनियाभट्टी व सोंधनी तहसील व जिला मंदसौर में वर्ष 2021 से 2026 तक कितनी शिकायते शासकीय भूमि पर अतिक्रमण किए जाने व अतिक्रमण हटाए जाने हेतु तहसीलदार मंदसौर व जिला प्रशासन मंदसौर को प्राप्त हुई है दिनांक, शिकायतकर्ता, अतिक्रमणकर्ता के नाम बतावें? (ख) उक्त शिकायतों पर राजस्व अधिकारी द्वारा अतिक्रमण हटाने की क्या कार्रवाई की गई है यदि हाँ तो अतिक्रमण किस दिनांक को हटाया गया है यदि नहीं, तो अतिक्रमण न हटाए जाने के क्या कारण है? उक्त अतिक्रमण को कब तक हटा दिया जाएगा? जानकारी दे।
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) ग्राम अरनियाभट्टी एवं सौंधनी तहसील व जिला मंदसौर में वर्ष 2021 से 2026 तक एक शिकायत जन आवेदन से प्राप्त शिकायतकर्ता राहुल धनगर निवासी-मोहम्मदपुरा द्वारा भूमि ग्राम सौंधनी की दिनांक 16/07/2024 को शिकायत प्राप्त हुई। अतिक्रमणकर्ता-श्री प्रभुलाल पिता नंदराम गायरी निवासी मोहम्मदपुरा भूमि ग्राम सौंधनी। (ख) उक्त शिकायत के संबंध में अतिक्रमणकर्ता को नोटिस जारी कर अर्थदण्ड आरोपित कर शासकीय भूमि से बेदखली की कार्यवाही दिनांक 27/01/2023 को की गई। शेष प्रश्नांश उद्भूत नहीं होता है।
फर्जी तरीके से भूमि विक्रय करने वालों पर कार्रवाई
[राजस्व]
55. ( क्र. 942 ) श्री विपीन जैन : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि प्रश्नकर्ता के पत्र क्रमांक 1167 दिनांक 30/12/2025 के संबंध में अनुविभागीय अधिकारी राजस्व जावरा और आवेदक नाथू लाल पिता रतनलाल बलाई निवासी ग्राम करजू तहसील दलौदा जिला मंदसौर द्वारा उसकी जमीन फर्जी तरीके से विक्रय कर नामांतरण किए जाने से संबंधित पर कार्यवाही करने हेतु दिए गए आवेदनों पर आज दिनांक तक क्या कार्यवाही की गई है? यदि कार्यवाही नहीं की गई है तो बताएं कि कब तक कार्यवाही कर अवगत कराया जायेगा?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : आवेदक नाथुलाल पिता रतनलाल जाति बलाई ग्राम - करजू तहसील दलौदा के ग्रामकांकरवा स्थित भूमि सर्वे-नं. 62 रकवा 0.970 पर मृतक संपत्तबाई पति रतनलाल के स्थान पर वारिसान का नामांतरण के आवेदन दिए जाने पर नायब तहसीलदार टप्पा ढोढर का प्रकरण क्रमांक 925/3-6/2025-2026 से दर्ज होकर प्रचलित है। उक्त भूमि वर्ष 2005-2006 में मध्यप्रदेश राज्य अधिसूचना क्रमांक 4609/1837/10 दिनांक 19.01.1968 के अनुसार वन विभाग को अधिग्रहित हो गई है। सर्वे क्रमांक 62 रकवा 0.97 हेक्टेयर का बंदोबस्त पूर्व सर्वे क्रमांक 36/5 रकवा 0.971 हेक्टेयर से निर्मित हुआ है व बंदोबस्त के पूर्व सर्वे क्रमांक 36/5 अभिलेखों में वर्ष 1975-76 से 1979-1980 के खसरे में अंकित होकर समदी बाई पति रतन जाति बलाई निवासी धतरावदा शासकीय पट्टेदार दर्ज है। उक्त सर्वे नं. से संबंधित किसी भी प्रकार का फर्जी विक्रय नहीं हुआ है।
बीमारियों और दुर्घटनाओं से मृत्यु
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
56. ( क्र. 945 ) श्री प्रताप ग्रेवाल : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बीमारियों और दुर्घटनाओं से मृत्यु के संबंध में MIS में क्या प्रविष्टियां की जाती है? 2022 से 2025 तक MIS में व्यक्ति की मृत्यु के संबंध में वर्षवार आंकड़े क्या हैं? इस अवधि में हार्ट अटैक, कैंसर, पैरालिसिस, ब्रेन हेमरेज, किडनी फेलियर, लिवर फैलियर, हैजा, टीबी तथा दुर्घटना में मृत व्यक्तियों की जानकारी वर्षवार जिलेवार देवे। (ख) पोस्टमार्टम किन परिस्थितियों में किये जाते है। 2022 से 2025 तक प्रदेश में कुल कितने पोस्टमार्टम किये गए? पोस्टमार्टम करने के जिलेवार व वर्षवार आंकड़े, मृत्यु के कारण सहित देवे? इस अवधि में रोड एक्सीडेंट से हुई मृत्यु के पोस्टमार्टम वर्षवार, जिलेवार कितने किये गए? (ग) 2022 से 2025 तक सभी प्रकार के शासकीय चिकित्सा केंद्रों/अस्पतालों अनुसार बताए कि आउटडोर, इंडोर मरीज की संख्या क्या है। कुल कितनी कीमत की दवाइयां राज्य स्तर एवं स्थानीय स्तर पर खरीदी गई एवं कितनी राशि की दवा मरीजों को नि:शुल्क उपलब्ध कराई गई। खरीदी गई दवाइयों का MIS में किस तरह प्रविष्टि की जाती है। पत्रक किस प्रकार तैयार किया जाता है। (घ) 2022 से 2025 तक सभी केटेगरी के चिकित्सालय में हार्ट अटैक, पैरालिसिस, कैंसर, ब्रेन हेमरेज, किडनी फेलियर, लीवर फेलियर, हैजा, टीबी की कितनी-कितनी कीमत की दवाई नि:शुल्क मरीजों में वितरित की गई। वर्षवार जिलेवार अस्पताल की केटेगरी अनुसार जानकारी दें।
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।
लोक शिक्षण संचालनालय तथा राज्य शिक्षा केंद्र का गठन
[स्कूल शिक्षा]
57. ( क्र. 946 ) श्री प्रताप ग्रेवाल : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्नकर्ता के प्रश्न क्रमांक 1112 दिनांक 30 जुलाई 2025 में बताया गया कि जनगणना के अधिकृत आंकड़े उपलब्ध नहीं है तथा आंकड़े संधारित नहीं किए जाते। (ख) क्या विभाग आर्थिक सांख्यिकी विभाग से जनगणना के अनुमानित आंकड़े लेकर विधायक के प्रश्न क्र.1112 का यथोचित उत्तर देगा। (ग) प्रश्न क्रमांक 1112 के प्रश्नांश (घ) के भाग 3 और 4 का उत्तर यदि जी नहीं है तो बताएं की नामांकन में गिरावट का अध्ययन किन बिंदु पर किया जाएगा तथा विभाग द्वारा पिछले 20 वर्षों में निरंतर गिरावट के अध्ययन पर विभाग स्तर पर कोई जांच क्यों नहीं की। (घ) लोक शिक्षण संचालनालय तथा राज्य शिक्षण केंद्र का गठन कब और क्यों किया गया। क्या इन दोनों संस्थानों के गठन के बाद से स्कूल शिक्षा में गिरावट नहीं हुई। दोनों संस्थाओं के कार्य क्या-क्या है तथा वह संचनालय के कार्य से भिन्न किस प्रकार से है। समस्त संबंधित दस्तावेज देवे।
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) आर्थिक एवं साख्यिकी विभाग को जनगणना के अनुमानित आंकड़े उपलब्ध कराने हेतु राज्य शिक्षा केन्द्र के पत्र क्रमांक/राशिके/ ईएण्डआर/2026/881 दिनांक 04.02. 2026 के माध्यम से लेख किया गया है। (ग) प्रत्येक परिवार एवं परिवार के सदस्यों को समग्र आई.डी. उपलब्ध कराई गई है। अतः समग्र आई.डी. के आधार पर प्रतिवर्ष शाला जाने योग्य बच्चों का लक्ष्य निर्धारित कर उन्हें शाला में नामांकित करने हेतु प्रयास किये जाते है। (घ) लोक शिक्षण संचालनालय, मध्यप्रदेश का गठन 1956 में किया गया एवं राज्य शिक्षा केन्द्र का गठन 1999 में किया गया। जी नहीं। माध्यमिक स्तर की शिक्षा के लोकव्यापीकरण एवं साक्षरता गतिविधियों के संचालन के लिए राज्य शिक्षा केन्द्र का गठन किया गया, लोक शिक्षण संचालनालय अंतर्गत समस्त स्थापना संबंधी कार्य एवं कक्षा 9वीं से 12वीं तक विद्यालयों का संचालन, नियंत्रण एवं योजनाओं का क्रियान्वयन एवं शिक्षा उपलब्ध कराना। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है।
कार्यरत पंचायत प्रेरकों की सेवा समाप्ति
[स्कूल शिक्षा]
58. ( क्र. 952 ) श्री चैन सिंह वरकड़े : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2013 से 2018 तक कार्यरत पंचायत प्रेरकों की कुल संख्या कितनी थी (जिलावार विवरण सहित) बतावें? (ख) पंचायत प्रेरकों की सेवाएँ समाप्त करने का आदेश किस प्राधिकारी द्वारा एवं किस कारण से जारी किया गया? (ग) सेवा समाप्ति के बाद पंचायत प्रेरकों द्वारा प्रस्तुत किए गए ज्ञापनों/आवेदनों पर शासन द्वारा क्या कार्यवाही की गई? (घ) पंचायत प्रेरकों की पुनः समायोजन एवं सेवा बहाली हेतु वर्तमान में शासन स्तर पर क्या प्रस्ताव लंबित हैं?
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) साक्षर भारत योजना 31 मार्च 2018 तक संचालित थी। मार्च 2018 में जिलेवार प्रेरकों की संख्या पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) प्रेरकों के भर्ती विज्ञापन में स्पष्ट था कि योजना समाप्ति पर नियुक्तियां स्वत: समाप्त हो जावेगी। (ग) एवं (घ) उत्तरांश 'ख' के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
पंचायत प्रेरक शिक्षकों की सेवाओं की बहाली
[स्कूल शिक्षा]
59. ( क्र. 953 ) श्री चैन सिंह वरकड़े : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या वर्ष 2013 में साक्षर भारत योजनांतर्गत प्रत्येक पंचायत में एक महिला एवं एक पुरुष पंचायत प्रेरक की भर्ती रोस्टर प्रणाली के तहत की गई थी? (ख) क्या पंचायत प्रेरकों से मात्र 2000 प्रतिमाह मानदेय पर लगभग 5 वर्षों तक कार्य लिया गया? (ग) क्या दिनांक 31 मार्च 2018 को 23,930 पंचायत प्रेरक शिक्षकों को बिना पूर्व सूचना सेवा से पृथक कर दिया गया? (घ) क्या शासन पंचायत प्रेरकों की पुनः समायोजन कर सेवा बहाली करने का विचार है? यदि हाँ, तो उसकी समय-सीमा क्या है और यदि नहीं, तो इसके क्या कारण हैं?
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) एवं (ख) जी हां। (ग) जी नहीं। प्रेरकों के भर्ती विज्ञापन में ही स्पष्ट किया गया था कि योजना समाप्ति पर नियुक्तियां स्वत: समाप्त हो जावेगी। (घ) उत्तरांश 'ग' के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
बी.सी.एल.एल. बसों के परमिट की जानकारी
[परिवहन]
60. ( क्र. 955 ) श्री सुरेन्द्र सिंह हनी बघेल : क्या परिवहन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) 1 अप्रैल 2024 से प्रश्न दिनांक तक नगर निगम/बी.सी.एल.एल. (BCLL) के तहत सिटी सेवा में कितनी बसें संचालित हैं? उक्त समयावधि में संचालित समस्त बसों के जो अस्थाई/स्थाई परमिट जारी किए गए हैं, उनका बसवार और प्रति परमिट की समयावधि के अनुसार कुल कितने परमिट बनाए गए हैं जानकारी उपलब्ध कराएं। (ख) पूर्व तारांकित प्रश्न संख्या 1451, दिनांक 04.12.2025 के प्रश्नांश (घ) में दिए गए उत्तर के क्रम में परिशिष्ट की संपूर्ण जानकारी प्रदान करें। (ग) पूर्व तारांकित प्रश्न संख्या 1451, दिनांक 04.12.2024 के प्रश्नांश (ख) के संदर्भ में, डीलक्स बसों के संबंध में आज की स्थिति का भौतिक सत्यापन (Physical Verification) प्रतिवेदन प्रस्तुत किया जाना था, जो कि नहीं दिया गया? उक्त भौतिक सत्यापन की रिपोर्ट प्रस्तुत करें।
परिवहन मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) 1 अप्रैल 2024 से प्रश्न दिनांक तक नगर निगम/ बी.सी.एल.एल. सिटी सेवा में 225 बसें संचालित है। उक्त समयावधि में संचालित बसों के जारी किए गए अस्थाई/स्थाई परमिट की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ख) पूर्व तारांकित प्रश्न संख्या 1451 दिनांक 04-12-2025 के प्रश्नांश (घ) में दिए गए उत्तर के साथ संपूर्ण जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-फ में प्रेषित की गई है। वांछित जानकारी का गौशवारा पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। (ग) वाहन के पंजीयन के समय मोटरयान अधिनियम, 1988 की धारा 44 के तहत बसों का भौतिक सत्यापन किया गया जिसकी प्रतियां पुन: पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-स अनुसार है। उक्त धारा के तहत दिनांक 01-04-2021 के उपरान्त वाहन को पंजीयन या अंतरण के समय भौतिक निरीक्षण की आवश्यकता नहीं है।
सांदीपनि विद्यालय की स्वीकृति
[स्कूल शिक्षा]
61. ( क्र. 965 ) श्री सोहनलाल बाल्मीक : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) ग्राम मोरडोंगरी एवं कोहका में सी.एम. राईस स्कूल (सांदीपनि विद्यालय) खोला जाना अत्यंत आवश्यक है क्योंकि मोरडोंगरी एवं कोहका दोनों ही ग्रामीण व अनुसूचित जनजाति बाहुल्य क्षेत्र हैं और परासिया से लगभग 30 कि.मी. की दूरी पर स्थित हैं इन दोनों क्षेत्रों के गरीब परिवार के छात्र/छात्राओं को 30 कि.मी. की दूरी तय कर सी.एम.राईस स्कूल परासिया में अध्ययन करने आना पड़ता है। जिसके कारण अध्यनरत् विद्यार्थियों को आने-जाने में बहुत अधिक असुविधाओं व परेशानियों का सामना करना पड़ता है और उन्हें अतिरिक्त किराया राशि भी वहन करना पड़ता है छात्र-छात्राओं की सुविधा हेतु ग्राम मोरडोंगरी एवं ग्राम कोहका में सी.एम. राईस स्कूल (सांदीपनि विद्यालय) की स्वीकृति प्रदान किया जाना अत्यंत आवश्यक है। क्या विभाग द्वारा उपरोक्त संबंध में कार्यवाही की जायेगी। (ख) प्रश्नांश (क) के अनुसार छात्र/छात्राओं की सुविधा हेतु ग्राम मोरडोंगरी एवं कोहका में सी.एम. राईस स्कूल (सांदीपनि विद्यालय) की स्वीकृति के संबंध में विभिन्न औपचारिकताओं एवं कार्यवाही को पूर्ण करते हुए कब तक सी.एम.राईस (सांदीपनि विद्यालय) की स्वीकृति प्रदान कर दी जायेगी? अवगत कराये।
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) सांदीपनि विद्यालयों की स्वीकृति बजट की उपलब्धता एवं सक्षम अनुमोदन पर निर्भर है। (ख) उत्तरांश 'क' के अनुक्रम में निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
आशा कार्यकर्ताओं एवं पर्यवेक्षकों को मानदेय भुगतान
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
62. ( क्र. 986 ) श्री नारायण सिंह पट्टा : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) आशा कार्यकर्ताओं व पर्यवेक्षकों को प्रतिमाह कितना मानदेय दिया जाता है? क्या केंद्र सरकार द्वारा घोषित 1500 रूपए प्रतिमाह की राशि इन्हें नियमित रूप से प्रदाय की जाती है? क्या राज्य सरकार द्वारा घोषित 1000 रूपए की वार्षिक वृद्धि की राशि इन्हें दी जा रही है? क्या पर्यवेक्षकों को 3000 रूपए यात्रा भत्ता दिया जाता है? यदि हाँ तो मंडला जिले के सन्दर्भ में इन्हें प्रदाय राशि की जानकारी उपलब्ध कराएं? यदि नहीं, तो क्यों इनके क्या कारण हैं प्रत्येक के पृथक-पृथक बताएं? (ख) क्या आशा कार्यकर्ताओं व पर्यवेक्षकों को प्रत्येक माह की निश्चित तिथि में नियमित भुगतान किया जाता है? क्या इन्हें प्रत्येक माह की 5 तारीख तक नियमित भुगतान देने की व्यवस्था बनाई जाएगी? क्या इन्हें भुगतान की कोई पर्ची या पे-स्लिप प्रदान की जाती है? क्या इन्हें टीम बेस्ड इंसेंटिव का तुरंत भुगतान कर दिया जाता है? क्या तुरंत भुगतान की कोई व्यवस्था बनाई जाएगी? क्या इसमें आशा पर्यवेक्षकों को भी शामिल किया जायेगा? (ग) क्या आशा कार्यकर्ताओं को अनटाइड फंड का नियमित भुगतान किया जाता है? क्या इस भुगतान को नियमित करने की व्यवस्था बनाई जाएगी? क्या पर्यवेक्षकों को भी रिकॉर्ड संधारण हेतु अनटाइड फण्ड का भुगतान किया जायेगा? (घ) आशा कार्यकर्ताओं व पर्यवेक्षकों द्वारा अपनी विभिन्न मांगों को लेकर विभाग को जो ज्ञापन/मांग पत्र सौंपे गए, उनमें क्या कार्यवाही की गई या की जा रही है?
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) आशा कार्यकर्ता एवं आशा पर्यवेक्षकों प्रतिमाह मानदेय का प्रावधान नहीं है, उन्हें कार्य आधारित प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती है। जी नहीं, केंद्र सरकार से वित्तीय वर्ष 2025-26 हेतु इस प्रकार के कोई निर्देश प्राप्त नहीं है। जी नहीं, मंत्री परिषद के निर्णय दिनांक 31 अगस्त 2023 के अनुक्रम में प्रचलित उपभोक्ता मूल्य सूचकांक दर अनुरूप वार्षिक वृद्धि आदेश क्रमांक/आशा/एनएचएम/2025/2157 एवं आदेश क्रमांक/आशा/एनएचएम/2025/2158 भोपाल दिनांक 08 जुलाई 2025 को प्रदान किया गया है जो जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र “अ” अनुसार है। जी नहीं, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के निर्धारित मापदंड अनुसार आशा पर्यवेक्षकों को प्रति दिवस राशि रू. 50/- के मान से यात्रा भत्ता प्रदान किया जाता है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) जी हां। नियमित भुगतान प्रदान करने की व्यवस्था स्थापित की गयी है जिसकी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र “ब” अनुसार है। जी नहीं। टीम बेस्ड इंसेंटिव का खंड चिकित्सा अधिकारी द्वारा सत्यापन उपरांत भुगतान किया जाता है। टीम बेस्ड इंसेंटिव के नियमित भुगतान संबंधी व्यवस्थापन है जिसके निर्देश जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र “स” अनुसार है। जी नहीं। (ग) जी नहीं, अनटाईड फंड की राशि ग्राम सभा स्वस्थ ग्राम तदर्थ समिति को दिये जाने का प्रावधान है। प्रश्नांश के प्रथम भाग में दिये गये उत्तर के परिप्रेक्ष्य में आशा कार्यकर्ताओं को अनटाईड फंड की राशि जारी नहीं की जाती है। जी नहीं। (घ) आशा एवं आशा पर्यवेक्षकों द्वारा सौंपे गये ज्ञापनों पर यथोचित कार्यवाही की जाती है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
सूत्र परिवहन सेवा अंतर्गत संचालित बसें
[परिवहन]
63. ( क्र. 987 ) श्री नारायण सिंह पट्टा : क्या परिवहन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सूत्र परिवहन सेवा (सूत्र सेवा म.प्र. की अपनी सेवा) अंतर्गत इंदौर एवं भोपाल जिले में कितनी बसों का पंजीयन कब-कब कराया गया? बसों के मॉडल, वर्ष, क्रमांक, मालिक के नाम सहित जानकारी उपलब्ध कराएं? (ख) उक्त बसों को किस-किस रूट का परमिट कब-कब दिया गया, परमिट की प्रतियाँ उपलब्ध कराएं? इन रूटों में ये बसें कब से कब तक संचालित की गईं? इनकी जाँच कब-कब की गईं, जाँच सम्बंधित दस्तावेज उपलब्ध कराएं? (ग) प्रथम पंजीयन के दौरान के इन बसों के मालिकों के नाम, पता एवं बाद में विक्रय के बाद इनके मालिकों के नाम, पता की जानकारी उपलब्ध कराएं? (घ) प्रथम पंजीयन के दौरान इन बस मालिकों को कितनी छूट किस कारण से प्रदान की गई? योजना अंतर्गत नगरीय प्रशासन विभाग से इन बस मालिकों को कितनी सब्सिडी प्रदान की गई? (ङ) सामान्य बसों की तुलना में इन बसों के माध्यम से आम यात्रियों को किस- किस तरह की राहत प्रदान की गई? (च) तय रूट पर बसें नहीं चलाने को लेकर विभाग द्वारा इन बसों के विरूद्ध कितना जुर्माना लगाने का प्रावधान था? जांचों के दौरान कितनी बसों में जुर्माने लगाए गए, जानकारी देवें? सब्सिडी क्लेम हेतु विभाग द्वारा नगरीय प्रशासन विभाग को जो रिपोर्टस भेजी गईं उनकी छायाप्रतियाँ उपलब्ध कराएं?
परिवहन मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) से (च) जानकारी संकलित की जा रही है।
आपदा प्रबंधन के तहत बजट एवं व्यय की जानकारी
[राजस्व]
64. ( क्र. 999 ) श्री पंकज उपाध्याय : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) 15 वें वित्त आयोग की अनुशंसानुसार एसडीआरएफ तथा एसडीआरएमएफ के तहत संबंधित अनुदान वर्षों में किस-किस मद में बजट प्रावधान,आवंटन एवं व्यय कितना-कितना है? इस अवधि में प्राकृतिक आपदाओं में केंद्रीयकृत आहरण व्यवस्था (ग्लोबल) सम्मिलित योजना शीर्ष आपदा का नाम बताएं तथा प्रत्येक प्रकार की अलग-अलग आपदा में कुल कितनी राहत राशि प्रदान की गई,वर्षवार बताएं। (ख) 15वें वित्त आयोग की अवधि में प्रत्येक वर्षवार बताए कि मद 6436 में आपदा प्रबंधन से संबंधित आयोजित प्रशिक्षण के लिए किए गए भुगतान की जानकारी देवें। क्रय किए गए उपकरणों मात्रा, कुल कितनी राशि के खरीदे गए? (ग) प्रश्नांश (ख) अनुसार अवधि में आपदा प्रबंधन योजना मद क्रमांक 6276 के तहत किस जिले में क्या-क्या कार्य कितनी लागत का किया गया तथा इस मद में वर्षवार खर्च की समस्त जानकारी दें। (घ) प्रश्नांश (ख) अनुसार अवधि में क्षमता निर्माण मद 7667 के तहत प्रतिवर्ष कितना-कितना आवंटन प्राप्त हुआ तथा कितना व्यय किया गया? इस मद में किए गए खर्च की समस्त जानकारी दें। (ड.) प्रश्नांश (ख) अनुसार अवधि में मद 7767 में महामारी/CBRN आपदाओं की रोकथाम हेतु क्या-क्या कार्य किए गए?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) 15 वें वित्त आयोग की अनुशंसानुसार एसडीआरएफ तथा एसडीआरएमएफ के तहत संबंधित अनुदान वर्षों (वर्ष 2020-21 से 2025-26) विभिन्न मदों में बजट प्रावधान एवं व्यय की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''अ'' अनुसार है। केन्द्रीयकृत आहरण व्यवस्था (ग्लोबल) सम्मिलित योजना शीर्षों के नाम पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''अ'' अनुसार है। प्रत्येक प्रकार की आपदा में प्रदान की गई राहत राशि की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''अ'' अनुसार है। (ख) 15वें वित्त आयोग की अवधि में वर्षवार मद 6436 में आपदा प्रबंधन से संबंधित प्रशिक्षण के लिए किए गए भुगतान की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''अ'' अनुसार है। शेष जानकारी संकलित की जा रही है। (ग) योजना शीर्ष 6276 के तहत विभिन्न विभागों को जारी प्रशासकीय स्वीकृतियों की छायाप्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''ब'' अनुसार है। शेष जानकारी संकलित की जा रही है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''अ'' अनुसार है। (ड.) योजना शीर्ष 7767 में महामारी/CBRN आपदाओं की रोकथाम अर्न्तगत किये गये कार्यों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''स'' अनुसार है।
स्वास्थ्य केन्द्रों का उन्नयन एवं स्वास्थ्य सुविधायें
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
65. ( क्र. 1001 ) श्री मोहन सिंह राठौर : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) ग्वालियर जिले में स्वास्थ्य केन्द्र उप स्वास्थ्य केन्द्र कहाँ-कहाँ संचालित है? नामवार जानकारी दें। इनमें कितने पद किस-किस श्रेणी के स्वीकृत है एवं कितने पद भरे है कितने रिक्त है? स्वास्थ्य केन्द्रवार जानकारी दें। (ख) क्या प्रश्नकर्ता द्वारा भितरवार विधानसभा क्षेत्र के स्वास्थ्य केन्द्रों के उन्नयन हेतु माननीय मुख्यमंत्री जी, माननीय उप मुख्यमंत्री जी एवं विभागीय प्रमुख सचिव को उन्नयन के प्रस्ताव दिये गये है? (ग) क्या ग्वालियर जिले में संचालित स्वास्थ्य केन्द्रों में रिक्त पदों के विरूद्ध आउटसोर्स कर्मचारी रखे गये है? यदि हाँ तो कितने, केन्द्रवार आउटसोर्स कर्मचारियों की पदवार, पदों की योग्यता एवं रखे गए कर्मचारियों की योग्यतावार जानकारी दें। (घ) आउटसोर्स पर कर्मचारी रखने के क्या नियम है? ग्वालियर जिले में आउटसोर्स से मानव संसाधन उपलब्ध कराने वाली एजेन्सी/फर्म के संचालक का नाम, पता एवं फर्म रजिस्ट्रेशन की जानकारी दें। क्या आउटसोर्स पर कर्मचारी रखते समय आरक्षण नियमों का पालन किया गया है? यदि नहीं, तो इसके लिए कौन उत्तरदायी है? क्या आउटसोर्स कर्मचारियों के मानदेय/वेतन का भुगतान समय पर नहीं किया जा रहा है?
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' अनुसार। (ख) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''ब'' एवं 'ब-1' अनुसार। (ग) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''स'' अनुसार। (घ) नियमानुसार चयनित आउटसोर्स एजेन्सी द्वारा श्रम विभाग, म.प्र. शासन के द्वारा जारी दिशा निर्देशों के आधार पर भर्ती प्रक्रिया की जाती है, जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''द'' अनुसार। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''ई'' अनुसार। आउटसोर्स कर्मचारियों हेतु आरक्षण का प्रावधान नहीं है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। आउटसोर्स कर्मचारियों को समय पर वेतन भुगतान किया जा रहा है।
स्कूलों में अतिरिक्त कक्ष की स्वीकृति
[स्कूल शिक्षा]
66. ( क्र. 1006 ) इंजीनियर प्रदीप लारिया : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नरयावली विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत आने वाले विकासखण्ड सागर एवं राहतगढ़ में कितने शासकीय हाईस्कूल एवं हायर सेकेण्डरी स्कूल अपने स्वयं के भवन में संचालित हैं? जानकारी देवें। (ख) क्या प्रश्नांश (क) में वर्णित शासकीय हाई स्कूल एवं हायर सेकेण्डरी स्कूलों में छात्र-छात्राओं की संख्या दर्ज है? जानकारी देवें तथा छात्र-छात्राओं की दर्ज संख्या अनुसार क्या भवन एवं कक्ष उपलब्ध है? जानकारी देवें। (ग) क्या प्रश्नांश (क) में वर्णित स्कूल भवन में पर्याप्त कक्ष न होने के कारण शाला दो पारियों में संचालित की जा रही हैं? यदि हाँ तो जानकारी देवें। (घ) क्या प्रश्नांश (ख) एवं (ग) को दृष्टिगत रखते हुए शासकीय हाईस्कूल रिछावर/शा.उ.मा.वि. सानौधा/शासकीय पी.एम. श्री बरारू/शा.उ.मा.वि. पथरिया हाट/शा.उ.मा.वि.कर्रापुर/शा. हाईस्कूल कुड़ारी/शा.उ.मा.वि. भैंसा/शा.हा.स्कूल इशुरवारा/शा.हा.स्कूल पाटन/शा.हा. स्कूल लोटना-लोटनी/बरखेरा खुमान एवं शा.हाईस्कूल लुहारी में विभाग अतिरिक्त कक्ष निर्माण की स्वीकृति प्रदान करेगा? यदि हाँ, तो कब तक जानकारी देवें।
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) एवं (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट 'एक' अनुसार है। (ग) जानकारी संलग्न परिशिष्ट 'दो' अनुसार है। (घ) जी हाँ। उल्लेखित शासकीय विद्यालयों में अतिरिक्त कक्ष निर्माण कार्य बजट की उपलब्धता तथा सक्षम समिति की स्वीकृति पर निर्भर करता है। अतः निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
सिंचाई योजनाओं की स्वीकृत एवं साध्यता
[जल संसाधन]
67. ( क्र.
1007 ) इंजीनियर
प्रदीप
लारिया : क्या
जल संसाधन
मंत्री महोदय
यह बताने की
कृपा करेंगे
कि (क) क्या
नरयावली
विधानसभा
क्षेत्र
अंतर्गत सागर
एवं राहतगढ़
विकासखंड में
किन-किन
सिंचाई परियोजनाओं/योजनाओं
की साध्यता
स्वीकृति हेतु
विभाग में
लंबित है? जानकारी
देवें। (ख) क्या
पिपरिया
जसराज जलाशय
योजना को
विभाग द्वारा
स्वीकृति
प्रदान की गई
थी? यदि
हाँ तो
जानकारी
देवें तथा क्या
विभाग में
पुनरीक्षित
प्राक्कलन
स्वीकृति
हेतु लंबित है? जानकारी
देवें। (ग) प्रश्नांश
(क) में
वर्णित
सिंचाई
योजनाओं/परियोजनाओं
की साध्यता के
लिए विभाग
द्वारा प्रश्न
दिनांक तक
क्या
कार्यवाही की
गई है?
योजनाओं के
नाम सहित की
गई कार्यवाही
की जानकारी
देवें।
जल संसाधन
मंत्री ( श्री
तुलसीराम
सिलावट ) : (क)
विवरण संलग्न परिशिष्ट अनुसार
है। (ख)
जी हाँ।
पुनरीक्षित
प्रशासकीय स्वीकृति
का प्रस्ताव
विभागीय स्तर
पर
परीक्षणाधीन
है। (ग)
विवरण संलग्न परिशिष्ट
अनुसार है।
निवाड़ी में गौरव दिवस का आयोजन
[संस्कृति]
68. ( क्र. 1010 ) श्री अनिल जैन : क्या राज्य मंत्री, संस्कृति महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या निवाड़ी जिले में जिला स्तर पर विभाग द्वारा प्रतिवर्ष कोई कार्यक्रम आयोजित किया जाता है? हां अथवा नहीं? (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में यदि नहीं, तो क्या विभाग द्वारा कोई कार्यक्रम आयोजित किये जाने की कार्ययोजना प्रस्तावित है? संपूर्ण जानकारी देवें। (ग) क्या दिनांक 22/12/2024 को निवाड़ी जिला मुख्यालय पर आयोजित किसान सम्मेलन के दौरान माननीय मुख्यमंत्री महोदय के द्वारा निवाड़ी गौरव दिवस मनाये जाने की घोषणा की गई थी? यदि हाँ तो उक्त घोषणा के क्रियान्वयन की कार्यवाही कर निवाड़ी जिला मुख्यालय पर गौरव दिवस कब से प्रारम्भ किया जावेगा? जानकारी दें।
राज्य मंत्री, संस्कृति ( श्री धर्मेन्द्र भाव सिंह लोधी ) : (क) जी हाँ, संस्कृति विभाग द्वारा प्रतिवर्ष गढकुण्डार महोत्सव दिसम्बर 27, 28, 29 को आयोजित किया जाता है। विक्रम महोत्सव प्रतिवर्ष 30 मार्च को तथा भारत पर्व प्रतिवर्ष 26 जनवरी को आयोजित किया जाता है। (ख) उत्तरांश 'क' अनुसार। (ग) जी हाँ, कार्यवाही प्रचलन में है।
निवाड़ी जिला चिकित्सालय का लोकार्पण
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
69. ( क्र. 1011 ) श्री अनिल जैन : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या निवाड़ी जिला चिकित्सालय भवन के निर्माण का कार्य पूर्ण होकर लोकार्पण की प्रतीक्षा कर रहा है? यदि हाँ तो, जिला चिकित्सालय को कब तक प्रारम्भ किया जाएगा, समय-सीमा बतावें? (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में क्या निवाड़ी जिला चिकित्सालय प्रारम्भ होने के पूर्व विशेषज्ञ चिकित्सकों, पेरामेडिकल, टेक्नीशियन, कम्प्यूटर ऑपरेटर एवं अन्य समस्त स्टॉफ आदि की भर्ती कर ली जावेगी, यदि हाँ तो भर्ती प्रक्रिया किस माध्यम से की जावेगी, जानकारी दे।
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) भवन निर्माण कार्य पूर्ण होकर माह अप्रैल 2025 में हस्तांतरित हो चुका है, लोकार्पण होना है। निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ख) पदपूर्ति एक निरंतर प्रक्रिया है। निश्चित समयावधि बताया जाना संभव नहीं है।
अंधियारी बांध परियोजना के कार्य एवं भुगतान
[जल संसाधन]
70. ( क्र. 1018 ) श्री सिद्धार्थ सुखलाल कुशवाहा : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सतना जिले के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2010 से प्रश्न तिथि तक अंधियारी बांध परियोजना में कब-कब तकनीकी/वित्तीय स्वीकृति एवं प्रशासकीय स्वीकृति कितनी-कितनी राशि के, क्या-क्या कार्य करने, कब-कब जारी की गई? जारी सभी वित्तीय तकनीकी एवं प्रशासकीय स्वीकृतियों की एक-एक प्रति उपलब्ध करायें। (ख) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित समयानुसार उक्त अंधियारी बांध योजना में कब– कब व किस-किस कार्य हेतु, कितनी-कितनी राशि की निविदायें जारी की गई? जारी सभी निविदाओं की एक-एक प्रति उपलब्ध करायें। (ग) प्रश्नांश (क) में वर्णित अवधि में उक्त कार्य में किस-किस नाम एवं पते को कब-कब, कितनी-कितनी राशि का, किस-किस कार्य हेतु किस-किस निविदा में भुगतान हुआ? निविदावार/वर्षवार/माहवार/राशिवार/कार्यवार/तकनीकी स्वीकृतिवार/प्रशासकीय स्वीकृतिवार जानकारी दें। (घ) क्या एक ही बांध के कार्य के लिये 5 से 6 बार तक एक ही प्रकार के कार्य करने की प्रशासकीय, तकनीकी एवं वित्तीय स्वीकृति जारी कर 40 लाख रूपयों से ज्यादा का ओव्हर पेमेंट किया गया? अगर नहीं तो कुल कितना भुगतान प्रश्न तिथि तक किया गया की, राशि की जानकारी दें? वर्ष 2010 में निविदा की कुल कितनी राशि रखी गयी थी का विवरण दें।
जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) प्रशासकीय एवं तकनीकी स्वीकृतियों की प्रतियां पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' एवं ''ब'' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के "प्रपत्र-स" अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के "प्रपत्र-ग" अनुसार है। (घ) जी नहीं विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के "प्रपत्र-ग" अनुसार है।
परिवहन बस सेवा में लगेज की अनुमति
[परिवहन]
71. ( क्र. 1022 ) श्री दिनेश राय मुनमुन : क्या परिवहन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) परिवहन बस सेवा में यात्रियों की लगेज के अतिरिक्त कितना लगेज ले जाने के लिये विभाग द्वारा अनुमति/परमिट प्रदाय किया जाता है, तो जानकारी देवें? (ख) यदि विभाग द्वारा अनुमति अतिरिक्त लगेज ले जाने के लिये विभाग द्वारा परमिट प्रदान किया जाता है, तो इसके लिये विभाग की क्या शर्तें/नियम/दर निश्चित की गई है? (ग) विभाग द्वारा प्रश्नांश (ख) में वर्णित शर्तों/ नियम के तहत नियम का पालन के लिये विभाग ने वर्ष 2025-2026 से प्रश्न दिनांक तक कितने बस या परिवहन सेवा के विरूद्ध कार्यवाही की गई? जिलेवार जानकारी देवें। (घ) क्या विभाग परिवहन सेवा बस में निर्धारित लगेज से अधिक होने पर ऐसा कोई नियम/शर्त निर्धारित करेगा? जिससे निर्धारित लगेज पर यात्री/अन्य की सूचना पर तत्काल कार्यवाही एवं लगेज पर रोक लग सके?
परिवहन मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) मध्यप्रदेश मोटरयान नियम, 1994 के नियम 78 में विहित प्रावधानों एवं मात्रा के अनुसार मंजिली गाडि़यों में यात्रियों के लगेज के अतिरिक्त माल ले जाने की अनुमति है। नियम की प्रति जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) अतिरिक्त लगेज ले जाने हेतु विभाग द्वारा विहित शर्तें/नियम के संबंध में जानकारी उत्तरांश (क) अनुसार है तथा उक्त संबंध में दर का कोई निर्धारण विभाग द्वारा नहीं किया गया है। (ग) विभाग द्वारा उक्त शर्तों/नियम के तहत वर्ष 2025-2026 से प्रश्न दिनांक तक बस या परिवहन सेवा के विरूद्ध की गई कार्यवाही निम्नानुसार है -
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क्र. |
जिला |
चालान संख्या |
वसूला गया राजस्व |
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1 |
इंदौर |
78 |
3,91,000/- |
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2 |
ग्वालियर |
21 |
8,02,500/- |
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3 |
झाबुआ |
31 |
3,33,500/- |
शेष जिलों की जानकारी निरंक है। (घ) उत्तरांश (क) के अनुसार विहित प्रावधानों के संबंध में वाहन चेकिंग के दौरान जांच की जाती है तथा अनियमितता पाये जाने पर संबंधित के विरूद्ध नियमानुसार चालानी कार्यवाही की जाती है, जिसके परिप्रेक्ष्य में अन्य कोई नियम/शर्तें निर्धारित किया जाना अपेक्षित नहीं है।
सीएम सुगम परिवहन सेवा का संचालन
[परिवहन]
72. ( क्र. 1023 ) श्री दिनेश राय मुनमुन : क्या परिवहन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रदेश में सीएम सुगम परिवहन सेवा के अंतर्गत राज्य परिवहन सेवा की शासकीय बसों का संचालन प्रस्तावित है? यदि हां, तो वर्तमान में इसमें कौन-कौन से जिले एवं स्थान शामिल किये गये है? (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में जबलपुर संभाग में म.प्र. सड़क परिवहन निगम की कुल कितनी सम्पत्ति किस-किस जिले में कहां-कहां पर है? (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के संदर्भ में क्या सीएम सुगम परिवहन सेवा के अंतर्गत सिवनी को भी इस सेवा से जोड़ा जा रहा है? यदि हां, तो सिवनी से किन-किन शहरों के लिये बसों का संचालन प्रस्तावित है?
परिवहन मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जी नहीं। मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा योजना के अंतर्गत निजी बस ऑपरेटर के साथ अनुबंध स्थापित कर बसों का संचालन पीपीपी पद्धति पर किया जा सकेगा। इस योजना को प्रदेश के समस्त जिलों में चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) जी हां। इस योजना के क्रियान्वयन हेतु बस संचालन के मार्गों का चिंहाकन आधुनिक वैज्ञानिक सर्वे के माध्यम से किया जाएगा। सर्वे पूर्ण हो जाने के उपरान्त ही सिवनी से विभिन्न शहरों को संचालित होने वाले मार्ग स्पष्ट हो सकेगें।
अधिकारियों की पदस्थापना एवं लंबित जांच
[जल संसाधन]
73. ( क्र. 1026 ) श्री रजनीश हरवंश सिंह : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मुख्य अभियंता, जल संसाधन विभाग सिवनी के अधीन वर्तमान में कुल कितने संभाग एवं उप संभाग संचालित हैं? साथ ही, मुख्य अभियंता कार्यालय में 'संलग्न अधिकारी' के रूप में कार्यपालन यंत्री (EE) के कितने पद स्वीकृत हैं और वर्तमान में उन पदों पर कितने कार्यपालन यंत्री कार्यरत हैं? (ख) सिवनी क्षेत्र के अंतर्गत स्वीकृत पदों के विरुद्ध वर्तमान में कुल कितने कार्यपालन यंत्री (EE) एवं कितने सहायक यंत्री (AE) मैदानी व कार्यालयीन स्तर पर पदस्थ हैं? श्रेणीवार एवं स्थानवार जानकारी देवें। (ग) क्या वर्तमान में कई सहायक यंत्रियों को कार्यपालन यंत्री का प्रभार सौंपा गया है? यदि हाँ, तो उन संभागों के नाम, प्रभारी कार्यपालन यंत्री का नाम एवं उन्हें किस दिनांक से यह प्रभार दिया गया है, इसकी सूची उपलब्ध कराएं? क्या इन सहायक यंत्रियों के पास अन्य उपसंभागों का भी प्रभार है? स्पष्ट विवरण दें। (घ) मुख्य अभियंता, सिवनी के अधीन कार्यरत किन-किन अधिकारियों (राजपत्रित एवं अराजपत्रित) के विरुद्ध वर्तमान में लोकायुक्त, ई.ओ.डब्ल्यू. (EOW) या अन्य विभागीय जांच/अनुशासनात्मक कार्यवाही लंबित है? अधिकारी का नाम, पद और वर्तमान स्थिति सहित पूर्ण विवरण प्रदान करें।
जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-1 एवं 2 अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-3 अनुसार है। (ग) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-4 अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-5 अनुसार है।
स्थायी पट्टों के वितरण एवं लंबित राजस्व प्रकरण
[राजस्व]
74. ( क्र. 1027 ) श्री रजनीश हरवंश सिंह : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सिवनी जिले के केवलारी विधानसभा क्षेत्र में वर्ष 2018 से प्रश्न दिनांक तक ग्रामवार कितने हितग्राहियों को स्थायी पट्टे वितरित किए गए हैं? ऐसे कितने पात्र हितग्राही शेष हैं, जिन्हें पट्टे हेतु चिन्हित तो कर लिया गया है, किंतु वितरण अभी बाकी है? उनकी सूची उपलब्ध कराएं। (ख) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित चिन्हित एवं पात्र हितग्राहियों को शासन द्वारा कब तक पट्टों का भौतिक वितरण सुनिश्चित कर दिया जाएगा? क्या इसके लिए कोई समय-सीमा निर्धारित की गई है? (ग) प्रश्नांश (क) वर्णित क्षेत्र में ऐसे कितने स्थायी पट्टेदार हैं जिनके नवीनीकरण (Renewal), शर्त उल्लंघन अथवा अपालन के मामले विभाग के पास लंबित हैं? इन प्रकरणों का निराकरण न होने के कारण शासन को 'भू-भाटक' (Land Rent) के रूप में अनुमानित कितनी राजस्व हानि हुई है? (घ) उक्त लंबित प्रकरणों और राजस्व हानि के लिए उत्तरदायी अधिकारियों/कर्मचारियों के विरुद्ध शासन क्या कार्यवाही कर रहा है? क्या शासन इन लंबित प्रकरणों के निराकरण हेतु कोई विशेष अभियान चलाएगा?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) सिवनी जिले के केवलारी विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत आने वाली नगर परिषदों में वर्ष 2018 से प्रश्न दिनांक तक चिन्हांकित हितग्राहियों एवं वितरित पट्टों की जानकारी निम्नानुसार है:-
|
नगर परिषद का नाम |
पट्टाघृति एवं धारणाधिकार अंतर्गत वितरित पट्टों की संख्या |
चिन्हिंत हितग्राही जिन्हें पट्टे वितरित किया जाना शेष है। |
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1 |
2 |
4 |
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केवलारी |
50 |
127 |
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छपारा |
226 |
161 |
पट्टा वितरण हेतु शेष चिन्हित हितग्राहियों की वार्डवार संख्यात्मक जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) उत्तरांश (क) में उल्लेखित चिन्हित हितग्राहियों की जांच कार्यवाही प्रचलित है। विभाग द्वारा जारी परिपत्र क्रमांक एफ-6-75/2019/सात/शा-3 भोपाल दिनांक 24 सितम्बर, 2020 में छः माह में कार्यवाही पूर्ण करने के निर्देश जारी किये गये है। (ग) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित नगरीय क्षेत्र दिनांक 18/11/2020 से नगरीय क्षेत्र घोषित किया गया है। वर्तमान में जारी स्थायी पट्टों की 30 वर्ष की अवधि समाप्त नहीं होने के कारण नवीनीकरण, शर्त उल्लंघन अथवा अपालन संबंधी मामले लंबित नहीं है। शेष प्रश्नांश उद्भूत नहीं होता है। (घ) उत्तरांश (ग) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उद्भूत नहीं होता है।
शिक्षकों के पदों की पूर्ति
[स्कूल शिक्षा]
75. ( क्र. 1033 ) श्री प्रेमशंकर कुंजीलाल वर्मा : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्नकर्ता के विधानसभा क्षेत्र सिवनी-मालवा के स्कूलों में शिक्षक के स्वीकृत पदों की संख्या कितनी है? (ख) वर्तमान में नियुक्त शिक्षक एवं रिक्त पदों की संख्या क्या है? रिक्त पदों पर कब तक नियुक्तियां की जावेगी? (ग) क्या प्रश्नकर्ता के विधानसभा क्षेत्र के ग्रामीण एवं आदिवासी क्षेत्रों के स्कूलों में भवन, शौचालय और पेयजल की सुविधा पर्याप्त नहीं है? यदि हाँ, तो सुधार हेतु क्या कदम उठाए गए हैं?
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) एवं (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। रिक्त पदों की पूर्ति सतत् प्रक्रिया है, समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ग) विधानसभा क्षेत्र सिवनी-मालवा में जीर्ण-शीर्ण शाला के विरूद्ध 04 नवीन शाला भवन तथा 15 बालिका शौचालय मरम्मत के कार्य स्वीकृत किये गये है तथा सभी प्राथमिक एवं माध्यमिक शालाओं में पर्याप्त वैकल्पिक पेयजल व्यवस्था उपलब्ध है। हाईस्कूल/हायर सेकेण्ड्री विद्यालयों में पर्याप्त सुविधाऐं उपलब्ध है, अत: शेषांश उदभूत नहीं होता।
पर्यटन स्थल, हेरिटेज स्थल और पर्यटन केंद्र घोषित किया जाना
[पर्यटन]
76. ( क्र. 1034 ) श्री प्रेमशंकर कुंजीलाल वर्मा : क्या राज्य मंत्री, पर्यटन महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्तमान में प्रश्नकर्ता के विधानसभा क्षेत्र में कितने प्रमुख पर्यटन स्थल हेरिटेज स्थल और पर्यटन केंद्र संचालित हैं? (ख) प्रश्नकर्ता विधानसभा क्षेत्र सिवनी मालवा में आंवलीघाट, तिलक सिंदूर, तवा बांध एवं चूरना सतपुड़ा टाइगर रिजर्व को पर्यटन स्थल घोषित करने की क्या योजना है? यदि हां, तो कब तक इसका क्रियान्वयन होगा?
राज्य मंत्री, पर्यटन ( श्री धर्मेन्द्र भाव सिंह लोधी ) : (क) विभाग द्वारा पर्यटन एवं हेरिटेज स्थल की सूची संधारित नहीं की जाती है। (ख) विभाग द्वारा जारी नवीन पर्यटन नीति 2025 अंतर्गत किसी स्थल को पर्यटन स्थल घोषित करने का कोई प्रावधान नहीं है। शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
मदरसों की जानकारी
[स्कूल शिक्षा]
77. ( क्र. 1038 ) श्री उमाकांत शर्मा : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या शासन से अनुदान प्राप्त विकासखण्ड सिरोंज एवं लटेरी में पंजीकृत मदरसा संचालित हो रहे हैं यदि हां, तो उनके नाम, डाईसकोड, पता दर्ज छात्रों के नाम, छात्र की समग्र आईडी, आधार कार्ड नंबर, उम्र, पता सहित सूची उपलब्ध करावें। (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में 1 अप्रैल, 2018 से प्रश्नांकित दिनांक तक उक्त मदरसों के छात्रों को कौन-कौन सी सुविधाएं व कितना-कितना अनुदान दिया जा रहा है, मदवार एवं वर्षवार जानकारी उपलब्ध करावें एवं किस संस्था या व्यक्ति द्वारा संचालित किए जा रहे हैं? (ग) प्रश्नांश (क), (ख) के संदर्भ में उक्त मदरसों में पुस्तक वितरण की सूची एवं किस समूह द्वारा मध्यान्ह भोजन संचालित किया जा रहा है एवं समूह का नाम अध्यक्ष एवं कोषाध्यक्ष का नाम पंजीयन क्रमांक एवं माहवार भुगतान राशि की जानकारी उपलब्ध करावें। (घ) प्रश्नांश (क), (ख), (ग) के संदर्भ में क्या अनुदान प्राप्त मदरसों की शिकायतें प्राप्त हुई हैं यदि हां, तो किन-किन अधिकारियों द्वारा जांच कराई गई? जांच प्रतिवेदन की छायाप्रति उपलब्ध करावें। यदि कार्यवाही नहीं की गई है कब तक की जावेगी? समय-सीमा बतावें। (ड.) उक्त मदरसों द्वारा मध्यान्ह भोजन एवं पुस्तक वितरण में आर्थिक अनियमितताएं की जा रही हैं तो इसकी जांच कब तक कराई जावेगी बतावें?
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जी हाँ, जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-एक अनुसार है। (ख) जी हाँ, जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-दो अनुसार है। (ग) जी हाँ, जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-तीन अनुसार है। (घ) जी हॉ, जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-चार अनुसार है। (ड.) जी नहीं। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
स्वीकृत निर्माण कार्यों की जानकारी
[पर्यटन]
78. ( क्र. 1039 ) श्री उमाकांत शर्मा : क्या राज्य मंत्री, पर्यटन महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्यप्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम मर्यादित भोपाल एवं विभाग द्वारा 01.04.2023 से प्रश्नांकित दिनांक तक प्रदेश में कौन-कौन से निर्माण कार्य स्वीकृत किए या कार्य एजेंसी के रूप में कार्य किया? कार्य का नाम, लागत, कार्य प्रारंभ दिनांक, कार्य पूर्णता दिनांक, ठेकेदार का नाम सहित जानकारी देवें एवं प्रशासकीय स्वीकृति आदेश की छायाप्रति उपलब्ध करावें। (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में उक्त निर्माण कार्यों में से कितने कार्य पूर्ण हुए कितने अपूर्ण, कितने अप्रारंभ हैं? बतावें। अपूर्ण एवं अप्रारंभ का क्या कारण है? बतावें। (ग) मध्यप्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम मर्यादित भोपाल द्वारा कौन-कौन से विभागों के कार्य किए जा रहे हैं? कार्यों की जानकारी देवें एवं कितने कार्य पूर्ण हुए, कितने अपूर्ण हैं, कितने अप्रारंभ हैं? अप्रारंभ का क्या कारण है? जानकारी उपलब्ध करावें। (घ) प्रश्नांश (क), (ख) के संदर्भ में उक्त कार्य का निरीक्षण किन-किन अधिकारियों द्वारा कब-कब किया गया है? क्या कार्य गुणवत्ताविहीन पाए गए हैं तो दोषी ठेकेदारों पर क्या कार्यवाही की गई है? बतलावें। यदि कार्यवाही नहीं की गई है तो क्यों?
राज्य मंत्री, पर्यटन ( श्री धर्मेन्द्र भाव सिंह लोधी ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट - "अ" अनुसार। (ख) उत्तरांश (क) अनुसार। शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट -"ब" अनुसार। (घ) समय-समय पर कार्यपालन यंत्री/अधीक्षण यंत्री/मुख्य अभियंता द्वारा कार्यों का निरीक्षण किया जाता है। कार्य की गुणवत्ता/मानक/निर्धारित मापदण्ड अनुसार पूर्ण किये गये हैं। कोई गुणवत्ता विहीन नहीं है। शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
भोपाल स्थित मछली घर का पुनरुद्धार
[मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास]
79. ( क्र. 1040 ) श्री आतिफ आरिफ अकील : क्या राज्य मंत्री, मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या वर्ष 2023-24 में भोपाल शहर में स्थित मछली घर के पुनरुद्धार एवं सौंदर्यीकरण के नाम पर नए एक्वेरियम श्रृंखला का निर्माण किया गया था? यदि हां, तो क्या कार्य हेतु बजट मद में राशि पूर्व से प्रावधानित थी? यदि नहीं, तो क्या इस कार्य के लिए शासन स्तर/वित्त विभाग से कोई अनुमति ली गई थी? यदि नहीं, तो क्यों? स्पष्ट करें। (ख) उक्त कार्य पर 8-9 लाख का व्यय होना नोटशीट पर लिखा गया था फिर भी नियम विरुद्ध एक ही परिवार की तीन सदस्यों के तीन कोटेशन प्राप्त कर कार्य कराया गया? यदि हां, तो क्यों? (ग) क्या उक्त आर्थिक अनियमितता की जांच कमेटी बदलने के नाम पर आरोपी अधिकारी/कर्मचारी के विरुद्ध प्रश्न दिनांक तक कोई कार्रवाई नहीं की गई? यदि हाँ, तो क्यों? (घ) क्या उक्त निर्मित कार्य जांच के साथ भौतिक सत्यापन एवं मूल्यांकन कराया जाकर संबंधितों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी? यदि हां, तो कब तक समयावधि बतावें।
राज्य मंत्री, मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास ( श्री नारायण सिंह पंवार ) : (क) जी हाँ। पूर्व से बजट प्रावधानित नहीं होने के कारण शासन स्तर/वित्त विभाग से अनुमति प्राप्त की गई। (ख) उल्लेखित नोटशीट की राशि अनुसार न्यूनतम दर प्राप्त होने वाली फर्म से कार्य कराया गया। (ग) आथिक अनियमितता की जांच के संबंध में विभाग द्वारा कोई कमेटी का गठन नहीं किया गया है। (घ) आर्थिक अनियमितता पाये जाने पर विभाग द्वारा नियमानुसार कार्यवाही की जावेगी
नगरीय क्षेत्रों में शासकीय भूमि पर धारणाधिकार
[राजस्व]
80. ( क्र. 1042 ) श्री आतिफ आरिफ अकील : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या विभाग द्वारा अपने पत्र क्रमांक एफ 6-75/2019/सात/शा.3 भोपाल दिनांक 24 सितंबर, 2020 द्वारा प्रदेश के समस्त कलेक्टर को नगरीय क्षेत्र की शासकीय भूमि धारकों को धारणाधिकार संबंधी परिपत्र जारी किया गया था और क्या यह वर्तमान में भी पात्रों के आवेदन लिए जाकर उनका निराकरण किया जा रहा है? यदि नहीं, तो क्यों? (ख) यदि हां, तो भोपाल नगरीय क्षेत्रों की शासकीय भूमिधारी के धारणाधिकार के लिए कितने आवेदन प्राप्त हुए हैं? उन प्राप्त आवेदनों में कितने आवेदन नियम अनुसार पाए गए एवं कितने आवेदन किन कारणों से अमान्य किए गए हैं? (ग) क्या उक्त आवेदन ऑफ़लाइन प्राप्त किया जा रहे हैं या ऑनलाइन प्राप्त किया जा रहे हैं? यदि ऑनलाइन प्राप्त किया जा रहे हैं तो किस पोर्टल के माध्यम से प्राप्त किया जा रहे है और यह पोर्टल वर्तमान में चालू है? यदि नहीं, तो क्यों?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जी हाँ, वर्तमान में भी धारणाधिकार योजनान्तर्गत आवेदन प्राप्त हो रहे हैं हैं। जिनका नियमानुसार निराकरण किया जा रहा है। (ख) जिला भोपाल में 11196 आवेदन प्राप्त हुए हैं जिनमें से 2894 आवेदन पात्र पाए जाने पर उन्हें पट्टे जारी किये गए हैं। टी एण्ड सी.पी. अंतर्गत लेंड युज भिन्न होने, निवास संबंधी प्रमाण-पत्र न होने, एक ही परिवार के एक से अधिक आवेदन दर्ज होने आदि कारणों से 7946 आवेदन निरस्त किये गए हैं। (ग) आवेदन “म.प्र. लोकसेवा गारन्टी पोर्टल ”के माध्यम से ऑनलाइन प्राप्त किये जाकर आर.सी.एम.एस. पोर्टल पर प्रकरण दर्ज किये जा रहे हैं। वर्तमान में यह पोर्टल चालू होने से शेष प्रश्न उद्भूत नहीं होता।
उप स्वास्थ्य केन्द्रों का उन्नयन
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
81. ( क्र. 1045 ) श्री अरूण भीमावद : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) ग्राम पनवाडी, मंडोदा एवं तिलावद गोविन्द बड़े कस्बे में आते हैं, जिनकी जनसंख्या 5000 से अधिक होने के कारण उप स्वास्थ्य केन्द्र संचालित हो रहे हैं। जिसमें स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां आमजनों को हो रही हैं? उक्त उप स्वास्थ्य केन्द्रों को प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में उन्नयन करने हेतु कोई कार्ययोजना प्रस्तावित है? (ख) यदि नहीं, है तो क्यों नहीं और यदि हाँ, तो कब तक उक्त उप स्वास्थ्य केन्द्रों का प्राथमिक उपस्वास्थ्य केन्द्रों में उन्नयन किया जायेगा? समयावधि बताएं।
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) ग्राम पनवाड़ी, मंडोदा एवं तिलावद गोविन्द बड़े कस्बे में आते हैं, जिनकी जनसंख्या 5000 से अधिक होने के कारण उप स्वास्थ्य केन्द्र संचालित हो रहे हैं। वर्तमान में उप स्वास्थ्य केन्द्र ग्राम पनवाड़ी, मंडोदा एवं तिलावद गोविन्द के 06 बिस्तरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र के रूप में उन्नयन का प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। शाजापुर विकासखण्ड के अंतर्गत 02 अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र खोले जाने की पात्रता है। प्रस्ताव प्राप्त होने पर कार्यवाही की जा सकेगी। (ख) उक्त स्वास्थ्य केन्द्रों का प्राथमिक उपस्वास्थ्य केन्द्रों में उन्नयन का प्रस्ताव प्राप्त होने पर, वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता अनुसार इन प्रस्तावों पर कार्यवाही की जा सकेगी। निश्चित समयावधि बताया जाना संभव नहीं है।
शासकीय हाई स्कूलों के भवन निर्माण
[स्कूल शिक्षा]
82. ( क्र. 1046 ) श्री अरूण भीमावद : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शाजापुर विधानसभा क्षेत्र में कितने शासकीय हाई स्कूल संचालित किये जा रहे है? क्या संचालित हाई स्कूल कितने अपने निजी भवन में संचालित हो रहे है या किसी अन्य शाला में संचालित हो रहे है? (ख) यदि अपने भवन में संचालित हो रहे है तो संख्या दें और यदि नहीं, हो रहे तो क्या शासकीय हाई स्कूल, तिलावद गोविन्द, बिकलाखेडी आदि के शाला भवन निर्माण प्रस्तावित है या नहीं? (ग) यदि हाँ, तो उक्त शालाओं का भवन निर्माण कब तक स्वीकृत होगे? (घ) यदि नहीं, तो शाला भवन निर्माण की प्रस्तावित कार्य योजना क्या है? जानकारी दें।
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) एवं (ख) प्रश्नाधीन विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत कुल 14 शासकीय हाई स्कूल संचालित है। जो अपने स्वयं के भवन में संचालित हो रहे है। अतः शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) एवं (घ) उत्तरांश (क) के प्रकाश में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
पुराने मंदिरों का जीर्णोद्धार
[धार्मिक न्यास और धर्मस्व]
83. ( क्र. 1050 ) डॉ. तेजबहादुर सिंह चौहान : क्या राज्य मंत्री, धार्मिक न्यास और धर्मस्व महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) खाचरौद नागदा क्षेत्र के शासकीय रिकॉर्ड में दर्ज पुराने मंदिरों के जीर्णोद्धार संबंधित कितने प्रकरण लंबित है और यह प्रकरण कब से लंबित है? जानकारी दें। (ख) जीर्णोद्धार के लिए राशि स्वीकृत हेतु कितने प्रकरण लंबित है और लंबित प्रकरणों का निपटारा कब तक कर दिया जाएगा?
राज्य मंत्री, धार्मिक न्यास और धर्मस्व ( श्री धर्मेन्द्र भाव सिंह लोधी ) : (क) खाचरौद-नागदा विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत शासन संधारित मंदिरों के जीर्णोद्धार प्रस्ताव शासन स्तर पर अप्राप्त होने से लंबित प्रकरणों की संख्या 'निरंक' है। (ख) प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उद्भूत नहीं होता है।
ग्रामीण क्षेत्रों में प्रारंभ की जाने वाली परिवहन सेवा
[परिवहन]
84. ( क्र. 1051 ) डॉ. तेजबहादुर सिंह चौहान : क्या परिवहन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) ग्रामीण क्षेत्रों में प्रारंभ की जाने वाली परिवहन सेवा का रूट निर्धारण किस आधार पर किया जाएगा और इसकी प्रक्रिया क्या होगी? यह सेवाएं कब तक प्रारंभ कर दी जाएगी? जानकारी दें। (ख) इन सेवाओं का संचालन परिवहन विभाग के द्वारा किया जाएगा या निजी क्षेत्र के द्वारा संचालन होगा जानकारी दें?
परिवहन मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) ग्रामीण क्षेत्रों में प्रारंभ की जाने वाली परिवहन सेवा का रूट निर्धारण आधुनिक वैज्ञानिक पद्धति से सर्वे के आधार पर किया जाएगा। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ख) मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा योजना के अंतर्गत निजी बस ऑपरेटर के साथ अनुबंध स्थापित कर बसों का संचालन पीपीपी पद्धति पर किया जा सकेगा।
संयोजित शिक्षकों की पदस्थापना
[स्कूल शिक्षा]
85. ( क्र. 1053 ) श्री दिनेश जैन बोस : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या विधानसभा क्षेत्र महिदपुर अंतर्गत शासकीय प्राथमिक विद्यालय कुकलखेड़ा, शासकीय प्राथमिक विद्यालय रसूलपुरा में विगत कई समय से विद्यालय भवन विहीन है? यदि हां, तो विभाग द्वारा भवन स्वीकृति हेतु क्या-क्या कार्यवाही की गई? यदि नहीं, तो क्यों? कब-कब, किस-किस के द्वारा विद्यालय भवन स्वीकृति हेतु मांग पत्र भेजे गए हैं? भवन नहीं होने के कारण छात्र/छात्राओं को खुले या मंदिर/चबूतरों पर बैठना पड़ रहा है। (ख) विकासखंड महिदपुर अंतर्गत सुदृढ़ीकरण के तहत चयनित विद्यालयों की सूची उपलब्ध कराते हुए बताएं कि चयनित विद्यालयों में कब तक निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा? चयनित होने के पश्चात भी विलंब होने के क्या कारण है? स्पष्टीकरण देवें। (ग) उज्जैन जिले अंतर्गत वर्ष 2018 से वर्ष 2025 तक कब-कब, किन-किन शिक्षकों को अन्य कार्यालयों या विभागों में संयोजित किया गया एवं क्यों? शिक्षकों के नाम, पदनाम एवं संस्था का नाम सहित विस्तृत जानकारी देवें। क्या शासन के नियमानुसार जिन शिक्षकों को गैर शैक्षणिक कार्यों में संयोजित किया गया है उन्हें तत्काल उनकी मूल पदस्थापना हेतु कार्यमुक्त किए जाने के निर्देश के पालन में कितने शिक्षकों को कार्यमुक्त किया गया?
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) विधानसभा क्षेत्र महिदपुर अंतर्गत शासकीय प्राथमिक कुकलखेडा, शासकीय प्राथमिक विद्यालय रसूलपुरा के जीर्ण-शीर्ण भवन के स्थान पर नवीन भवन स्वीकृति जारी की गई है। मांग पत्र भेजे गये है कि जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। वर्तमान में प्राथमिक विद्यालय कुकलखेडा अन्य भवन में संचालित हो रहा है एवं प्राथमिक विद्यालय रसूलपुरा स्थानीय व्यवस्था के अंतर्गत अन्य भवन में संचालित हो रहा है। (ख) प्रश्नाधीन एक विद्यालय शासकीय हाईस्कूल डेल्ची बुजुर्ग चयनित हुआ था, जिसमें सुदृढ़ीकरण कार्य पूर्ण हो चुका है। अत: शेषांश उदभूत नहीं होता। (ग) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार। शेषाश 4 शिक्षकों को उनकी मूल संस्था हेतु कार्यमुक्त कर दिया गया है।
फर्जी जाति प्रमाण-पत्र के आधार पर शासकीय सेवा प्राप्ति
[स्कूल शिक्षा]
86. ( क्र. 1055 ) श्री दिनेश जैन बोस : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या सीधी में पदस्थ जिला शिक्षा अधिकारी पवन सिंह ने 1989 में शिक्षा विभाग में नियुक्ति प्राप्त करने हेतु अनुसूचित जनजाति वर्ग का फर्जी प्रमाण-पत्र प्रस्तुत किया था, जबकि यह उत्तर प्रदेश के सामान्य वर्ग से हैं? (ख) क्या पवन सिंह ने अनुसूचित जनजाति वर्ग का प्रमाण-पत्र शहडोल जिले के जयसिंहनगर जनपद के ग्राम दरेंन का प्रस्तुत किया है? सीधी कलेक्टर के पत्र क्रमांक 527/परिवाद/03 पत्र द्वारा जानकारी दी की दरेन में अभिलेखनुसार पवन कुमार सिंह तनय अन्न सिंह जाति गौड़ कभी भी निवासरत नहीं थे? (ग) क्या मध्यप्रदेश विधानसभा से चाही गई जानकारी के परिप्रेक्ष्य में शिक्षा विभाग में संयुक्त संचालक द्वारा पत्र क्र./स्था-3/2023/214 रीवा दिनांक 27/01/2023 के माध्यम से सीधी जिला शिक्षा अधिकारी से जानकारी मांगी गई की कितने कर्मचारियों ने फर्जी जाति प्रमाण-पत्र के माध्यम से शासकीय सेवा हासिल की है जिस पर जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से 30 जनवरी, 2023 को पत्र क्रमांक/523/विधानसभा/2023 में जानकारी भेजी गई की पवन सिंह का प्रकरण कमिश्नर संभाग रीवा के कार्यालय में लंबित है। यदि हां, तो उक्त प्रकरण पर कार्यवाही क्यों नहीं की गई?
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) प्रकरण में संबंधित के विरूद्ध विभागीय जांच संस्थित है। (ख) जी हां। जी हां। (ग) जी हां। कार्यालय आयुक्त रीवा संभाग रीवा के आदेश क्रमांक-136/6-वि/वि.जा./2025 रीवा, दिनांक 18.07.2025 के द्वारा श्री पवन कुमार सिंह, प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी सीधी के विरूद्ध विभागीय जांच संस्थित की गई है।
लम्बित राजस्व प्रकरणों की जानकारी
[राजस्व]
87. ( क्र. 1058 ) श्री कमलेश्वर डोडियार : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला रतलाम के सैलाना विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत वर्ष 2021 से प्रश्न दिनांक तक राजस्व विभाग को वर्षवार कितने आवेदन/प्रकरण प्राप्त हुए? उक्त अवधि में नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, नक्शा/खसरा सुधार, गिरदावरी, शासकीय/गोचर भूमि, अतिक्रमण आदि से संबंधित प्रकरणों का वर्षवार एवं प्रकरणवार विवरण क्या है? उपर्युक्त वर्षों में कितने प्रकरणों का निराकरण किया गया तथा कितने प्रकरण लंबित हैं? उनके लंबित रहने के कारण क्या हैं? वर्षवार, ग्रामवार निराकृत एवं लंबित प्रकरणों की जानकारी बतावें। (ख) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित संबंधित अवधि में राजस्व विभाग द्वारा संचालित राजस्व महाअभियान/विशेष अभियान के अंतर्गत सैलाना विधानसभा क्षेत्र में किए गए कार्यों की जानकारी पृथक-पृथक वर्षवार अनुसार बतावे? लंबित/अनियमित प्रकरणों के लिए जिम्मेदार अधिकारी/कर्मचारियों के विरुद्ध की गई कार्यवाही की जानकारी भी दें? यदि नहीं, तो क्यों नहीं कारण सहित बतावें।
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'अ' अनुसार है। (ख) राजस्व महाभियान के सभी प्रकरणों का निराकरण किया गया है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'ब' अनुसार है। शेष प्रश्नांश की जानकारी निरंक है।
नवीन तालाब का निर्माण
[जल संसाधन]
88. ( क्र. 1059 ) श्री कमलेश्वर डोडियार : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या जिला रतलाम के सैलाना विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों में नवीन तालाब निर्माण हेतु जल संसाधन विभाग द्वारा सर्वे कराया जाएगा? यदि हाँ, तो कब निश्चित समयावधि बतावें। नहीं तो क्यों नहीं जानकारी बतावें? (ख) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित सर्वे उपरांत क्या नवीन तालाब निर्माणों की स्वीकृति दी जाएगी? यदि हाँ, तो कब तक स्वीकृति प्रदान की जाएगी? यदि नहीं, तो इसके स्पष्ट कारण बतावें। क्या सैलाना विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों के लिए कोई नवीन/विशेष सिंचाई परियोजना प्रस्तावित है? यदि हाँ, तो प्रस्तावित परियोजना का नाम, क्षेत्र, अनुमानित लागत, लाभान्वित ग्राम/कृषक संख्या तथा स्वीकृति/क्रियान्वयन की समय-सीमा बतावें। यदि नहीं, तो इसके स्पष्ट कारण बतावें।
जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) जी हाँ, निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है, क्योंकि योजनाओं हेतु चिन्हित स्थल निरीक्षण उपरांत स्थल तकनीकी रूप से उपयुक्त पाये जाने पर साध्यता की स्वीकृति प्रदान किये जाने के पश्चात् सर्वेक्षण कार्य कराया जाता है। (ख) विभागीय तकनीकी मापदण्ड अनुसार तालाब/बैराज निर्माण के लिए स्थल उपयुक्त पाये जाने एवं निर्धारित मापदण्ड अनुसार योजना की प्रति हेक्टेयर लागत उपयुक्त प्रतीत होने पर निर्माण कार्यों की स्वीकृति प्रदान की जाती है। अत: समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। स्वीकृति हेतु निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
ड्रोन सर्वे में हुई त्रुटि का सुधार
[राजस्व]
89. ( क्र. 1062 ) डॉ. राजेन्द्र पाण्डेय : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या रतलाम जिला अंतर्गत वर्ष 2023-24 से लेकर प्रश्न दिनांक तक भूमि सीमांकन, बंटवारा, नक्शा, त्रुटि सुधार एवं ड्रोन सर्वे में हुई त्रुटि सुधार संबंधी आवेदन निरंतर प्राप्त हो रहे है? (ख) यदि हाँ, तो रतलाम जिला अंतर्गत तहसीलवार उक्ताशय अथवा अन्य प्रकार के भी संबंधित आवेदकों के आवेदन, शिकायते प्राप्त हो रही है? (ग) यदि हाँ, तो जिला अंतर्गत तहसीलवार कुल कितने आवेदन किस-किस प्रकार के प्राप्त होकर उन पर किस-किस प्रकार की कार्यवाही करते हुए निराकृत हुए? जानकारी दें। (घ) प्राप्त आवेदन/शिकायतों का निराकरण कितनी समयावधि में किया जा रहा है? साथ ही क्या कुछ ग्रामों एवं स्थानों के ट्रेस, नक्शा, नकल इत्यादि दस्तावेज गुम होकर न तो तहसील कार्यालय में, न ही जिला बंदोबस्त कार्यालय में है तो ऐसी स्थिति में शासन/प्रशासन द्वारा कार्य किस प्रकार किया जा रहा है?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) एवं (ख) जी हाँ (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार हैं। (घ) प्राप्त आवेदन शिकायतों का निराकरण मध्यप्रदेश भू-राजस्व संहिता 1959 में निहित प्रावधानों के अधीन किया जाता हैं। भू-अभिलेख ऑनलाईन पोर्टल पर जिला रतलाम के नक्शा एवं खसरा संबंधी जानकारी उपलब्ध हैं।
मॉडल स्कूल जावरा के पदों की पूर्ति
[स्कूल शिक्षा]
90. ( क्र. 1063 ) डॉ. राजेन्द्र पाण्डेय : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या विभाग द्वारा आदर्श उ.मा.वि. (माडल स्कूल) जावरा एवं जावरा विधानसभा क्षेत्र में हायर सेकेण्डरी व हाई स्कूल विद्यालय संचालित किये जा रहे है? (ख) यदि हां, तो उक्त स्कूलों में अध्ययन अध्यापन हेतु कुल कितने-कितने पद स्वीकृत होकर उनके विरुद्ध कितने कार्यरत है? कितने रिक्त है, तो कब तक पदपूर्ति की जा सकेगी? (ग) मॉडल स्कूल जावरा के स्टाफ क्वार्टर विगत वर्ष से बनकर तैयार हो चुके, किन्तु संबंधितो को आवंटित नहीं किये जाने के कारण तोड़फोड़, चोरी एवं सुनसान होने से अवैध कार्य हो रहे है तो विधिवत आवंटन कब तक किया जाकर उपयोग किया जा सकेगा? जानकारी दें। (घ) जावरा विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत कितने हाई स्कूल एवं हायर सेकेंडरी स्कूल भवन विहीन होकर अन्य भवनों में संचालित किये जा रहे है तो विगत कई वर्षों से भवनविहीन हाई स्कूल एवं हायर सेकेंडरी स्कूलों को भवन निर्माण के बजट की स्वीकृति कब तक दी जा सकेगी?
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) माध्यमिक शिक्षा मण्डल, म.प्र. भोपाल द्वारा जावरा विधानसभा क्षेत्र में आदर्श उच्चतर माध्यमिक विद्यालय संचालित है। शेष जी हाँ। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। शालाओं में रिक्त पदों की पूर्ति अतिथि शिक्षकों द्वारा की जाती है। नियमित शिक्षकों की पद पूर्ति एक सतत् प्रक्रिया है। अत: समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ग) मॉडल स्कूल जावरा के स्टाफ क्वार्टर बनकर तैयार है। 11 आवास गृहों के आवंटन हेतु मात्र 03 आवेदन प्राप्त हुये थे। जो कि आवंटित किये जा चुके हैं, शेष रिक्त है। (घ) प्रश्नाधीन विधानसभा में कोई भी हाई एवं हायर सेकेण्डरी स्कूल भवन विहीन नहीं है। शासकीय हाई एवं हायर सेकेण्डरी स्कूलों में विद्यार्थी संख्या के मान से अधोसंरचना की आवश्यकता की पूर्ति मांग, प्रस्ताव, बजट उपलब्धता तथा सक्षम समिति पर निर्भर है, अत: समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
नाहरगढ चिकित्सालय भवन का निर्माण
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
91. ( क्र. 1066 ) श्री हरदीप सिंह डंग : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र नाहरगढ़ का वर्तमान निर्माणाधीन नवीन भवन स्वास्थ्य सेवाओं हेतु पर्याप्त हो पाएगा या नहीं जानकारी देवें? (ख) उपरोक्त के भवन निर्माण की लागत, निर्माण एजेंसी, गुणवत्ता (क्वालिटी), ठेकेदार का नाम एवं प्रश्न दिनांक तक इंजीनियर की रिपोर्ट की जानकारी देवें? (ग) प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र नाहरगढ़ के पुराने भवन में कुल कितने कक्ष है तथा प्रत्येक कक्ष किस कार्य हेतु उपयोग में लिया जा रहा है? जानकारी देवें। नवीन निर्माणाधीन भवन में कुल कितने कक्षों को निर्माण किया जा रहा है तथा उनका उपयोग किस-किस कार्य हेतु लिया जाएगा? तुलनात्मक अंतर की जानकारी देवें। (घ) नवीन निर्माणाधीन छोटे भवन के पास अन्य और भवन (कमरे) की आवश्यकता है कब तक इसकी (भवन/कमरो) पूर्ति कर दी जाएगी?
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जी हाँ। (ख) प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र भवन की निर्माण लागत राशि रूपये 159.00 लाख तथा निर्माण एजेंसी स्वास्थ्य विभाग है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''अ'' अनुसार। (ग) प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र नाहरगढ़ के पुराने एवं नए भवन के कक्षों की संख्या तथा उपयोग संबंधी जानकारी तुलनात्मक विवरण के साथ जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''ब'' अनुसार। (घ) नवीन निर्माणाधीन भवन में प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में उपलब्ध होने वाली समस्त सुविधाएं नियोजित है एवं अतिरिक्त कक्षों की आवश्यकता नहीं है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
सुवासरा शामगढ सिंचाई योजना का क्रियान्वयन
[जल संसाधन]
92. ( क्र. 1067 ) श्री हरदीप सिंह डंग : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शामगढ़ सुवासरा सूक्ष्म सिंचाई योजना की लागत, प्रति हेक्टयर, प्रारम्भ दिनांक, योजना के उद्देश्य की जानकारी देवें? (ख) प्रश्नांश (क) वर्णित योजना में कितने ग्रामों के किसानो को सिंचाई हेतु सम्मिलित किया गया था? जानकारी देवें। क्या उपरोक्त योजना में शासन द्वारा प्रत्येक किसान के खेत पर सिंचाई हेतु पानी उपलब्ध कराने की गारंटी दी गई थी या नहीं जानकारी देवें? (ग) प्रश्नांश (क) वर्णित योजना में कितने किसानों के खेतों पर सिंचाई हेतु पानी उपलब्ध नहीं हो पाया है? जानकारी देवें एवं किसानों की तरफ से पानी प्राप्त नहीं होने की शिकायत प्राप्त हुई है किसानों का नाम, ग्रामों के नाम की जानकारी देवें? (घ) समस्त किसानों को इस योजना का लाभ मिल पाएगा या नहीं जानकारी देवें?
जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) परियोजना की लागत रु. 1662.47 करोड़। प्रति हेक्टेयर लागत रूपये 2.00 लाख एवं प्रारंभ दिनांक 02.08.2018 है तथा योजना का उददे्श्य कृषकों को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराना है। (ख) कुल 277 ग्रामों के किसानों को। जी नहीं। योजनान्तर्गत कमाण्ड क्षेत्र में आने वाले समस्त किसानों को सिंचाई हेतु जल उपलब्ध कराया जाना लक्षित है। (ग) कुल 720 किसानों। किसानों से प्राप्त शिकायत की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-”अ” एवं ''ब'' अनुसार है। (घ) परियोजना के अंतर्गत स्थापित सिंचाई व्यवस्था अनुसार परियोजना के कमाण्ड में शामिल समस्त किसानों को योजना का लाभ मिल पाना प्रतिवेदित है।
प्रदेश में संचालित चार्टर बसों का संचालन
[परिवहन]
93. ( क्र. 1069 ) श्री दिलीप सिंह परिहार : क्या परिवहन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) इंदौर, उज्जैन संभाग में कुल कितनी चार्टर बसें किन-किन स्थलों के बीच संचालित हैं? सूची उपलब्ध कराएं तथा चार्टर बसों के संचालन के लिए परिवहन विभाग द्वारा बनाए गए नियमों की प्रतिलिपि दें। (ख) प्रश्नांश (क) संदर्भित 1 जनवरी, 2018 से प्रश्न दिनांक तक ओवर स्पीड बसों की कहाँ-कहाँ, किस-किस प्रकार की दुर्घटनाएं हुईं? स्थलवार सूची उपलब्ध कराएं तथा प्रदेश में संचालित समस्त बसों की फिटनेस की जानकारी दें। (ग) प्रश्नांश (क), (ख) संदर्भित इंदौर, उज्जैन संभाग में चार्टर बसों के संचालन के लिए किन-किन शहरों में, कहाँ-कहाँ शहर के बीच में कार्यालय संचालित हैं? सूची दें तथा यह भी बताएं कि शहर के मध्य चार्टर बस का कार्यालय किस नियम के तहत संचालित है। प्रतिलिपि दें। (घ) इंदौर, उज्जैन संभाग में परिवहन विभाग द्वारा कहां-कहां पर उक्त अवधि में किस-किस चार्टर बस के खिलाफ किन-किन नियमों की अनदेखी के लिए किस-किस प्रकार की कार्यवाही की गई? की गई कार्यवाही की जानकारी दें। (ड.) चार्टर बस के विरुद्ध उक्त अवधि में किन व्यक्तियों ने किस प्रकार की शिकायतें विभाग को दी? विभाग ने उन पर क्या कार्यवाही की? जानकारी दें।
परिवहन मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) इन्दौर, संभाग में कुल चार्टर बसों तथा संचालित स्थलों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-''अ'' एवं उज्जैन संभाग में कुल चार्टर बसों तथा संचालित स्थलों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-''ब'' अनुसार है। चार्टर बसों का संचालन केन्द्रीय मोटरयान नियम 1988, नियम 1989 म.प्र. मोटरयान नियम 1994 म.प्र. कराधान अधिनियम/नियम 1991 के तहत किया जाता है। पृथक से चार्टर बसों के संचालन हेतु कोई नियम नहीं बनाये गये हैं। (ख) 01 जनवरी, 2018 से प्रश्न दिनांक तक ओवर स्पीड से हुई दुर्घटनाओं के प्रकरण पुलिस विभाग द्वारा पंजीबद्ध किये गये है। पुलिस विभाग से प्राप्त जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''स'' अनुसार है तथा प्रश्नांश (क) के संदर्भ में संचालित बसों के फिटनेस की जानकारी इंदौर संभाग की पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' एवं उज्जैन संभाग की पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''ब'' अनुसार है। (ग) उज्जैन संभाग अन्तर्गत उज्जैन जिले में चार्टर बसों के संचालन के लिये शहर के बीच में कार्यालय संचालित नहीं है बल्कि प्रमुख बस स्टैण्ड नाना खेड़ा के पास इंदौर रोड, आनंद पैलेस होटल नाना खेड़ा उज्जैन पर मोटरयान नियम 1994 के नियम 120 के अन्तर्गत संचालित हैं। स्थल की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''द'' अनुसार है। इसी प्रकार इंदौर संभाग अन्तर्गत चार्टर बसों का संचालन एस.पी.पी. एआईसीटीएसएल द्वारा अनुबंधित बस संचालक मेसर्स चार्टर्ड बस प्रा. लिमि. एवं चार्टर्ड स्पीड लिमि. को सशुल्क कार्यालय प्रदान किये गये हैं, अनुबंधित बस संचालक द्वारा स्वयं विभिन्न शहरों में यात्री प्रतीक्षालय, बुकिंग काउण्टर एवं ऑफिस किराये पर लेकर स्वयं के द्वारा राशि का वहन/भुगतान किया जा रहा है। इंदौर एस.पी.पी. ए.आई.सी.टी.एस.एल. कार्यालय स्थल 30 रेसीडेन्सी एरिया को यात्री पिकअप एवं ड्रोप स्टेशन शासन द्वारा नोटिफाईड किया गया है। स्थल की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''ङ'' अनुसार है। (घ) इन्दौर, उज्जैन संभाग के अन्तर्गत परिवहन विभाग द्वारा उक्त अवधि में चार्टर बसों के विरूद्ध नियमों की अनदेखी किये जाने का कोई भी प्रकरण प्रकाश में नहीं आने से जानकारी निरंक है। (ङ) क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय इंदौर में श्री दिनेश शर्मा, किशोर बस सर्विस नरसिंहगढ द्वारा शिकायत प्रस्तुत की गई जो कि मुख्य कार्यपालन अधिकारी अटल सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेस लिमि. इंदौर को शिकायत का परीक्षण कर प्रतिवेदन प्रेषित करने हेतु लिखा गया है। अटल सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेस लिमि. इंदौर से प्राप्त जानकारी अनुसार उन्हें प्राप्त शिकायतों एवं निराकरण की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''च'' अनुसार है। चार्टर बस में इन्दौर से जबलपुर के लिये की गई यात्रा के दौरान हुई समस्या एवं बस की खराब स्थिति के संबंध में दिनांक 27.06.2025 को शिकायतकर्ता सचिन वर्मा की ओर से शिकायती पत्र मेल पर प्राप्त होने पर क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी इन्दौर को कार्यवाही किये जाने हेतु निर्देशित किया गया है।
आर्थिक रूप से कमजोर व्यक्तियों को प्रमाण पत्र दिया जाना
[राजस्व]
94. ( क्र. 1071 ) श्री दिलीप सिंह परिहार : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शासन द्वारा आर्थिक रूप से कमजोर व्यक्तियों को प्रमाण-पत्र जारी करने की योजना किस वर्ष से प्रारंभ की गई है? सक्षम प्राधिकारी द्वारा प्रमाण-पत्र जारी करने हेतु निर्धारित आवेदन प्रपत्र की प्रति उपलब्ध कराएँ। (ख) क्या प्रश्नांश (क) में संदर्भित निर्धारित प्रपत्र में आवेदन प्रस्तुत करने पर ही प्रमाण-पत्र जारी किया जाता है, या सक्षम प्राधिकारी अपने स्तर पर कोई अन्य प्रपत्र निर्धारित कर उसे आवेदक से भरवाकर और हस्ताक्षर करवाकर प्रमाण-पत्र जारी करता है? यदि हाँ, तो सक्षम प्राधिकारी द्वारा निर्धारित उस पृथक प्रपत्र की प्रति उपलब्ध कराएँ। (ग) दिनांक 01.01.2023 से 31.12.2025 तक की अवधि में नीमच जिले में कुल कितने व्यक्तियों ने इस योजना के अंतर्गत सक्षम प्राधिकारी को आवेदन प्रस्तुत किए और उनमें से कितने व्यक्तियों के आवेदन पत्र निरस्त किए गए? सक्षम प्राधिकारी का नाम, पदनाम और पदस्थापना अवधि सहित, माहवार जारी किए गए प्रमाण-पत्रों का ब्यौरा दें। (घ) प्रश्नांश (ग) में संदर्भित सक्षम प्राधिकारी (नीमच ग्रामीण) द्वारा आवेदन पत्रों को किन कारणों से निरस्त किया जा रहा है? क्या शासन इसकी जाँच कराएगा? यदि नहीं, तो कारण बताएं।
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) शासन द्वारा आर्थिक रूप से कमजोर व्यक्तियों को प्रमाण-पत्र जारी करने की योजना वर्ष 2021 से प्रारंभ की गई है। सक्षम प्राधिकारी द्वारा प्रमाण-पत्र जारी करने हेतु निर्धारित आवेदन https://mpedistrict.gov.in/MPL/index.aspx पर ऑनलाईन उपलब्ध है। आवेदन की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''अ'' अनुसार है। (ख) जी हाँ, शासन द्वारा आर्थिक रूप से कमजोर व्यक्तियों को प्रमाण-पत्र शासन द्वारा निर्धारित प्रपत्र में ही प्राधिकारी द्वारा जारी किया जाता है। (ग) दिनांक 01.01.2023 से 31.12.2025 तक की अवधि में नीमच जिले में कुल 6626 व्यक्तियों ने इस योजना के अंतर्गत सक्षम प्राधिकारी को आवेदन प्रस्तुत किए और उनमें से 451 व्यक्तियों के आवेदन पत्र निरस्त किए गए। सक्षम प्राधिकारी का नाम, पदनाम और पदस्थापना अवधि सहित, माहवार जारी किए गए प्रमाण-पत्रों का ब्यौरा पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''ब'' अनुसार है। (घ) तहसीलदार एवं सक्षम प्राधिकारी तहसील नीमच ग्रामीण के द्वारा शासन निर्धारित सीमा से अधिक आय/संपत्ति व होने से अपात्र होने या म.प्र. शासन सामान्य प्रशासन विभाग भोपाल के परिपत्र क्रमांक एफ 7-11/2019/आ.प्र. एक भोपाल, दिनांक 29 जून 2021 की कंडिका 4 में निर्धारित दस्तावेज-स्व घोषणा पत्र प्रस्तुत नहीं करने के कारण आवेदन निरस्त किए जाते है। शेष प्रश्नांश उद्भूत नहीं होता है।
शिक्षा विभाग में नियुक्त अन्य विभागीय कर्मचारियों के वेतनमान
[स्कूल शिक्षा]
95. ( क्र. 1080 ) श्री कैलाश कुशवाहा : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्यप्रदेश के शिवपुरी जिले में ऐसे कितने कर्मचारी कार्यरत है, जो अन्य विभाग में कार्यरत रहते हुये पूर्ण वेतनमान पर थे, किन्तु विभागीय अनुमति प्राप्त कर शिक्षा विभाग में नियुक्त हुये है? सूची संलग्न करें। (ख) उपरोक्तानुसार शिक्षा विभाग में नियुक्त होने पर स्टायपैड के रूप में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय वर्ष में क्रमश: 70%, 80% एवं 90% वेतन भुगतान किया जा रहा है। ऐसा क्यों? ऐसा होने से संबंधितों का वेतन सॉफ्टवेयर के माध्यम से सही मिल रहा है, या नहीं यदि नहीं, तो क्यों? विभाग ऐसी समस्या का निराकरण कब तक करेगा तथा ऐसे कर्मचारियों को डीए एरियर राशि का भुगतान कब तक किया जायेगा? जानकारी दी जावे। (ग) क्या ऐसे कर्मचारियों की पूर्व की सेवा इस नवीन सेवा में जोडी जा रही है हां या नहीं यदि नहीं, तो क्यों? यह सुविधा केवल आदेश में है या पोर्टल पर भी लागू है विवरण दें। (घ) पूर्व मुख्यमंत्री द्वारा 02/09/2023 को अतिथि शिक्षकों के संबंध में की गई घोषणा जिसमें विभागीय परीक्षा लेकर गुरूजी की तर्ज पर नियमितिकरण किया जाए और 12 माह का सेवाकाल तथा 62 वर्ष तक का सेवाकाल किया जाए, नियमित शिक्षकों की भांति अतिथि शिक्षकों को भी सी.एल., ओ.एल. तथा मेडिकल अवकाश दिया जाए। महीने की निश्चित 5 तारीख को मानदेय मिला जाए। इस संबंध में कब तक कार्यवाही की जावेगी जानकारी दें?
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट-एक अनुसार है। (ख) सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी निर्देश दिनांक 12.12.2019 के आधार पर संशोधित भर्ती एवं पदोन्नति नियम 2018 की कंडिका 13 के अनुसार कार्यवाही की गई है। परिवीक्षा अवधि समाप्ति पर IFMIS पोर्टल पर वेतन निर्धारण के कोषालय से अनुमोदन उपरांत भुगतान की प्रक्रिया निर्धारित है। (ग) म.प्र. सिविल सर्विस पेंशन नियम 1976 के नियम 26 के तहत कार्यवाही की जाती है। (घ) इस संबंध में कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। तथ्यात्मक स्थिति जानकारी संलग्न परिशिष्ट-दो अनुसार है।
बालक एवं बालिका छात्रावासों में सामग्री क्रय एवं सुविधाएं
[स्कूल शिक्षा]
96. ( क्र. 1081 ) श्री कैलाश कुशवाहा : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शिवपुरी जिले के सर्व शिक्षा अभियान के बालक एवं बालिका छात्रावासों में गद्दे एवं रोटी बनाने की मशीन किस फर्म से एवं किस रेट पर खरीदी गई है? रोटी बनाने वाली मशीन का उपयोग कितने छात्रावासों में हो रहा है और इस मशीन से मानव श्रम (रसोइयॉं) के कार्य में कितनी कमी आई है? छात्रावासों की रसोइयों में कितनी कमी की गई है? स्पष्ट संख्यात्मक उल्लेख करें। गद्दे खरीदी के रेट बाजार दर से अधिक है इसका कारण क्या है? क्या इसकी जॉंच कराई जावेगी? यदि हाँ, तो कब तक? जानकारी दी जावे। (ख) क्या उपरोक्तानुसार छात्रावासों में म.प्र. शासन द्वारा निर्धारित अवकाश जैसे होली, दिपावली, दशहरा आदि में लम्बे अवकाश होते हैं, इन अवकाश दिवसों की राशि का कटौती कर भुगतान किए है या सम्पूर्ण माह के उपस्थिति शत्-प्रतिशत मानकर भुगतान किया है। दिनांक 01/04/2025 से 31/12/2025 तक की जानकारी दी जावे। क्या इसकी जॉंच कराई जावेगी यदि हाँ, तो कब तक? जानकारी दी जावे। (ग) क्या उपरोक्तानुसार छात्रावासों में म.प्र. शासन से बच्चों को स्वास्थ्य विभाग से नि:शुल्क दवाओं का मिलने का प्रावधान है क्या? इनमें प्राइवेट मेडिकल के बिल लगाये गये हैं। एक बच्चे की कितनी राशि का भोजन देने का नियम, क्या उतनी राशि का भोजन दिया जा रहा है? क्या इसकी जॉंच कराई जावेगी? यदि हाँ, तो कब तक? जानकारी दी जावे।
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) शिवपुरी जिले में नेताजी सुभाष चंद्र बोस बालिका/कस्तुरवा गांधी बालिका छात्रावासों में एल-1 फर्म अंश इन्टरप्राइजेज ग्राम पालना इन्दौर द्वारा गद्दे राशि रूपये 2899/- प्रति यूनिट की दर पर एवं नवकार एसोसिएट खण्डेलवाल कम्पाउण्ड प्रार्थना टोल नाका इन्दौर द्वारा रोटी मेकर राशि रूपये 247780/- प्रति यूनिट की दर जैम पोर्टल पर टेण्डर के माध्यम से खरीदकर प्रदाय किये गये। रोटी मेकर मशीन का उपयोग 12 छात्रावासों में हो रहा है। रसोईयां की संख्या छात्र-छात्रा के मान से वही है, जो पूर्व से कार्यरत है। गद्दों की खरीदी जैम पोर्टल के माध्यम से टेण्डर कर नियमानुसार की गई है। समय शिक्षा अभियान द्वारा प्रश्नांकित सामग्री 07 छात्रावास हेतु रोटी मेकर मशीन एवं मैटर्स (गद्दे) के जैम पोर्टल द्वारा क्रय आदेश जारी कर दिये गये है सप्लाई जारी है बिल प्राप्त होने पर भुगतान की कार्यवाही की जाएगी। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। शेषांश प्रश्न का उत्तर उपस्थित नहीं होता। (ख) जी हां। छात्रावासों में निर्धारित अवकाश जैसे होली, दिपावली, दशहरा आदि में लंबे अवकाश होते हैं, इन अवकाश दिवसों की राशि का कटौती न कर संपूर्ण माह की उपस्थिति शत-प्रतिशत मानकर भुगतान किया जाता है। अत: शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट पर है। (ग) नेताजी सुभाष चंद्र बोस बालिका/कस्तुरवा गांधी बालिका छात्रावासों में स्वास्थ्य शिवरों के माध्यम से छात्रावासों में नि:शुल्क दवायें प्रदाय की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर प्राइवेट मेडिकल बिल लगाये जाते है। प्रतिमाह प्रति छात्र राशि 2000/- रूपये भोजन हेतु देने का प्रावधान है। जी हां। नियमानुसार भोजन प्रदाय किया जा रहा है। समग्र शिक्षा अंतर्गत संचालित छात्रावासों में प्राथमिक उपचार हेतु छात्रावासों में कुछ आवश्यक दवायें रखी जाती है। ज्यादा बीमार होने पर स्वास्थ्य विभाग की सेवाएँ ली जाने का प्रावधान है। अपरिहार्य स्थिति में प्राईवेट मेडिकल सुविधा भी ली जा सकती है। प्रतिमाह प्रति छात्रा ₹2450/- की राशि भोजन हेतु देने का प्रावधान है एवं निर्धारित राशि का भोजन अधीक्षिकाओं द्वारा छात्राओं को उपलब्ध कराया जाता है। जिला स्तर पर कर्तव्यस्थ अधिकारी द्वारा नियमित मॉनिटरिंग की जाती है। अतः कोई भी शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। किसी तरह की शिकायत प्राप्त होने पर जांच करायी जावेगी। अत: शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
द्वितीय क्रमोन्नति का लाभ
[स्कूल शिक्षा]
97. ( क्र. 1091 ) श्री प्रणय प्रभात पांडे : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या जबलपुर संभाग अंतर्गत पदोन्नति प्राप्त माध्यमिक शिक्षक संवर्ग एवं उच्च माध्यमिक शिक्षक संवर्ग को 24 वर्षीय द्वितीय क्रमोन्नति का क्या लाभ दिया जा रहा है? यदि नहीं, तो क्यों नहीं जानकारी दें। (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में क्या संभागीय आयुक्त संचालक जबलपुर द्वारा दिनांक 09-04-2025 को लोक शिक्षण संचालनालय को पत्र प्रेषित कर मार्गदर्शन मांगा गया था, यदि हाँ, तो उसका जवाब आज दिनांक तक लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा न देने के क्या कारण हैं? (ग) प्रश्नकर्ता द्वारा अगस्त 2025 में पूछे गये विधानसभा प्रश्न क्र. 2842 के जवाब में दिये गये उत्तर में एक कमेटी गठन की बात की गयी थी तथा उक्त समस्या के निराकरण हेतु 10 दिवस का समय दिया गया था, उक्त कमेटी द्वारा लम्बित क्रमोन्नति के संबंध में क्या निर्णय लिया गया है? जानकारी दे। (घ) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित शिक्षकों को 24 वर्षीय द्वितीय क्रमोन्नति का लाभ कब तक मिल पायेगा?
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जी हां। मध्यप्रदेश शासन, सामान्य प्रशासन विभाग (वेतन आयोग प्रकोष्ठ) मंत्रालय के परिपत्र क्रमांक एफ. 1-1/1/वेआप्र./99 भोपाल दिनांक 17 मार्च 1999/19 अप्रैल 1999 के अनुसार पात्र लोक सेवकों को क्रमोन्नति का लाभ दिया गया है। (ख) जी हॉ। प्रकरण में गठित समिति द्वारा की गई अनुशंसा पर सहमति हेतु वित्त विभाग को प्रस्ताव प्रेषित किया गया है। (ग) जी हॉ। प्रकरण में वेतन निर्धारण विसंगति के निराकरण हेतु गठित समिति की अनुशंसा पर सहमति के लिए नस्ती वित्त विभाग को प्रेषित की गई है। (घ) समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
छपरी जलाशय की मरम्मत
[जल संसाधन]
98. ( क्र. 1093 ) श्री प्रणय प्रभात पांडे : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बहोरीबंद-विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत छपरी-बांध एवं उसकी की नहर मरम्मत हेतु किस मद से कितनी राशि कब स्वीकृत की गयी थी एवं यह भी जानकारी दें कि उल्लेखित कार्य की निविदा किस निविदाकार के नाम पर किन-किन कार्यों हेतु कितनी राशि से स्वीकृत की गयी थी? (ख) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित मरम्मत कार्य का अनुबंध किन शर्तों के अधीन कब किया गया तथा अनुबंध की शर्तों के अनुरूप यह कार्य कब पूर्ण होना था, बतलावें। कार्य प्रारंभ दिनांक सहित सम्पूर्ण जानकारी देवें। (ग) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित जलाशय एवं नहर मरम्मत कार्य वर्तमान समय में किस स्थिति में है, निविदाकार द्वारा किस-किस दिनांक को कौन-कौन से कार्य कर कितना-कितना भुगतान प्राप्त किया तथा कौन-कौन से कितनी लागत के कार्य प्रश्न दिनांक तक शेष हैं, सूची देवें। (घ) क्या क्षेत्रीय कृषकों को सिंचाई का समुचित लाभ प्रदान करने हेतु दिनांक 13-01-2022 को प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त मरम्मत कार्य के पूर्ण करने में असाधारण विलम्ब हो रहा है? उत्तर में यदि हाँ, तो अनुबंध समयावधि पर कार्यपूर्ण न करने वाले निविदाकार के विरूद्ध कब किसके द्वारा क्या कार्यवाही की गई, बतलावें एवं यह भी जानकारी दें कि क्या विभाग निश्चित समयावधि पर कार्य पूर्ण न करने वाले निविदाकार की निविदा का विखण्डन कर जमानत की राशि राजसात एवं पेनाल्टी की वसूली कर मरम्मत कार्य की नवीन निविदा आमंत्रित की जावेगी? उत्तर में यदि हाँ, तो किस प्रकार से कब तक, यदि नहीं, तो क्यों नहीं, जानकारी दें।
जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) जलाशय के बांध एवं नहर सुधार एवं सी.सी. लाईनिंग कार्य की स्वीकृति एस.डी. एम.एफ मद अंतर्गत राहत आयुक्त म.प्र. शासन द्वारा दिनांक 13.01.2022 को राशि रू. 156.92 लाख की प्रदान की गई तथा निविदा मेसर्स समीक्षा कंस्ट्रक्शन एण्ड इन्फ्राटेक कंपनी, मुरैना को राशि रू. 127.09 लाख की स्वीकृत की जाना प्रतिवेदित है। (ख) कार्य का अनुबंध दिनांक 26.05.2022 को पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-1 अनुसार किया गया था। कार्य प्रारंभ दिनांक 26.05.2022। कार्य पूर्ण करने का दिनांक 25.11.2023। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के "प्रपत्र-अ" अनुसार है। (घ) जी हां। निविदाकार द्वारा समय-सीमा में कार्य पूर्ण न किये जाने के कारण कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग, कटनी द्वारा अनुबंध विखण्डन हेतु प्रस्ताव मुख्य अभियंता को प्रेषित किया गया। निविदाकार द्वारा आवेदन पत्र मय शपथ पत्र मुख्य अभियंता, वैनगंगा कछार, जल संसाधन विभाग, सिवनी में प्रस्तुत कर कार्य को दिनांक 30.06.2026 तक पूर्ण किये जाने हेतु अनुरोध किया गया। जिसके तारतम्य में मुख्य अभियंता द्वारा दिनांक 31.12.2025 को निविदाकार को दिनांक 30.06.2026 तक समयवृद्धि स्वीकृत की गई है। अत: शेष प्रश्नांश लागू नहीं।
कृषि भूमि पर आवासीय कॉलोनियों का निर्माण
[राजस्व]
99. ( क्र. 1097 ) श्री मधु भगत : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्नकर्ता के विधानसभा अंतर्गत आने वाले पंचायत पटवारी हल्का नं कोसमी तह. बालाघाट में कितने कालोनी का निर्माण कार्य चल रहा है? सूची उपलब्ध करावें। साथ ही कृषि भूमि में कितने प्लाटिंग कार्य के नक्शे एवं बटांकन किये गये? साथ ही कॉलोनाईजर के समस्त प्रकार की NOC सहित पूर्ण दस्तावेज उपलब्ध करावें एवं खसरा नं. 416 के फर्द बँटवारे एवं दिये गये रजिस्ट्री नक्शा के समस्त दस्तावेज उपलब्ध करावें एवं कालोनाईजर के लाईसेंस सहित समस्त दस्तावेज उपलब्ध करावें। यदि शासन के नियम निर्देशों के अनुसार कालोनाईजर के दस्तावेज पूर्ण नहीं होने की स्थिति में किस आधार पर पटवारी द्वारा रजिस्ट्री नक्शा दिया गया है? नियम निर्देशों की प्रति उपलब्ध करावें एवं सम्पूर्ण राजस्व अभिलेखों की संबंधित भूमि के दस्तावेज उपलब्ध कराये जावे। (ख) नीमच शहर में नगर पालिका परिषद द्वारा बीते एक दशक में होटल/रेस्टोरेंट कारोबार के लिए कौन-कौन से कारोबारियों को किस आकार के भवन/भूमि आवंटित/लीज पर दिए गए एवं शहर में वर्तमान में संचालित सरोवर रेस्टोरेंट के लिए कितनी भूमि/भवन का आवंटन किसके नाम किया गया? क्या इसके लिए नगरपालिका परिषद की अनुमति ली गई? नहीं तो इसके लिए कौन दोषी है एवं संबंधित दोषी अधिकारी के विरुद्ध क्या कार्रवाई की गई? की गई कार्यवाही के प्रतिवेदन सहित भूमि आवंटन प्रक्रिया के समस्त दस्तावेज उपलब्ध करावें।
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) विधानसभा परसवाडा अंतर्गत आने वाले पंचायत पटवारी हल्का न कोसमी तहसील बालाघाट में 01 कालोनी का निर्माण कार्य चल रहा है। कृषि भूमि में प्लाटिंग कार्य के नक्शा एवं बटांकन की जानकारी निरंक है। कालोनाईजर के समस्त प्रकार की एनओसी सहित पूर्ण दस्तावेज जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-1 अनुसार है। खसरा नं. 416 के फर्द बंटवारे की जानकारी निरंक है एवं वर्तमान खसरे के अनुसार 12 बटांकन हुये है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-2 अनुसार है। कालोनाईजर के लायसेंस सहित समस्त जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-3 अनुसार है। खातेदार द्वारा रजिस्ट्री खसरे की मांग किये जाने के कारण पटवारी द्वारा रजिस्ट्री नक्शा दिया गया है, पटवारी द्वारा रजिस्ट्री नक्शा पृथक रूप से जारी किये जाने के संबंध में शासन से कोई विशिष्ट अथवा प्रचलित नियम/निर्देश उपलब्ध नहीं है। संबंधित आदेश की प्रतिलिपि जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-4 अनुसार है एवं संशोधित म.प्र. पंजीयन अधिनियम 1908 एवं पजीयन 1939 संशोधन दिनांक 27.12.2016 मध्यप्रदेश राजपत्र की प्रति जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-5 अनुसार है। संबंधित भूमि के सम्पूर्ण राजस्व अभिलेख जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-6 अनुसार है। (ख) नगर पालिका परिषद नीमच द्वारा विगत दशक 01.04.16 से वर्तमान तक होटल/रेस्टोरेंट करोबार के लिये मात्र तरण पुष्कर परिसर स्थित सरोवर होटल की भवन/भूमि लीज पर दी गई है। होटल सरोवर के 10 कमरे, हाल व प्रागण पूर्व में अजीत पिता बिहारी लाल जायसवाल को तत्कालीन नगर सुधार न्यास, नीमच द्वारा अनुबंध दिनांक 06.07.88 के माध्यम से 03 वर्षों के लिये किराये पर दिया गया था। तत्पश्चात् अशोक कुमार पिता कश्मीरी लाल अरोरा के द्वारा दिनांक 20.01.12 को श्री अजीत जायसवाल के साथ संपादित सहमति पत्र के आधार पर नामांतरण आवेदन पत्र प्रस्तुत किया गया। जो परिषद सकल्प क्रमांक 34 दिनांक 26.03.12 से स्वीकृत किय गया। तत्पश्चात अशोक अरोरा द्वारा आवेदन प्रस्तुत किये जाने पर आदेश क्रमांक 1425/रा.वि./2025 दिनांक 17.04.25 से तत्कालीन मुख्य नगर पालिका अधिकारी द्वारा आदेश दिये गये। दिनांक 25.05.25 को सहायक राजस्व निरीक्षक द्वारा 30 वर्ष के लिये उक्त समस्त का अनुबंध निष्पादित कराया गया। रिकार्ड के अनुसार ऐसा अनुबंध निष्पादित करने के लिये परिषद संकल्प की अनुमति ली जाना नहीं पाया गया है। परिषद संकल्प कमांक 34 दिनांक 26.03.12 के माध्यम से नगर पालिका की संपत्ति का अवैध नामांतरण करने के लिये तत्कालीन अध्यक्ष नगर पालिका तथा मुख्य नगर पालिका अधिकारी दोषी है। इसी प्रकार आदेश दिनांक 17.04.25 जारी कर श्री अशोक अरोरा के साथ 30 वर्षीय किराया अनुबंध संपादित करने के लिये तत्कालीन मुख्य नगर पालिका अधिकारी दोषी है। दोषियों के विरुद्ध कार्यवाही प्रचलित है। अपेक्षित दस्तावेजों की प्रतियां जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-7 अनुसार है।
प्रदेश में संचालित एम्बुलेंस सेवा का व्यय
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
100. ( क्र. 1107 ) डॉ. विक्रांत भूरिया : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में वर्तमान में प्रति जिला कितनी डायल 108 एंबुलेंस सेवा में है? प्रति एंबुलेंस कितने किलो मीटर एरिया और जनसंख्या को कवर किया जाता है? जिलेवार विस्तृत जानकारी प्रदान करें। (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में NHM (नेशनल हेल्थ मिशन) के नियम अनुसार प्रति व्यक्ति (जनसंख्या) कितनी एंबुलेंस सेवा प्रदान करने का नियम है? प्रदेश में इस विषय में कितनी एंबुलेंस की कमी है? (ग) प्रति एंबुलेंस सेवा में प्रतिवर्ष शासन को कितना खर्च होता है? वर्ष 2020 से 2025 तक 108 एंबुलेंस सेवा पर कुल कितना खर्चा हुआ है? विस्तृत जानकारी प्रदान करें।
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) प्रदेश में वर्तमान में भारत शासन से प्राप्त दिशा-निर्देश, प्रति 5 लाख की जनसंख्या पर 01 ए.एल.एस. तथा प्रति 1 लाख की जनसंख्या पर 01 बी.एल.एस. के मान से 1002, डायल 108 एम्बुलेंस संचालित है, जिनकी जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-''अ'' अनुसार। प्रति एम्बुलेंस किलोमीटर एरिया निर्धारित नहीं है एवं जनसंख्या कवरेज की जानकारी प्रश्नांश के प्रथम भाग में उपलब्ध है। (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में नेशनल हेल्थ मिशन के नियम अनुसार जनसंख्या अनुपातिक एम्बुलेंस सेवा संबंधी प्रावधान प्रश्नांश (क) के अनुरूप है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) प्रति एम्बुलेंस सेवा में प्रतिवर्ष शासन को लगभग रु. 14.69 लाख का खर्च होता है। वर्ष 2020 से 2025 तक 108 एम्बुलेंस सेवा पर व्यय की जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र ''ब'' अनुसार है।
राजस्व और चेक पोस्ट, उड़नदस्ता के सबंध मे
[परिवहन]
101. ( क्र. 1108 ) डॉ. विक्रांत भूरिया : क्या परिवहन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश के ग्वालियर, इन्दौर, उज्जैन, जबलपुर, रीवा डिवीजन के समस्त जिलों में संचालित जिला परिवहन कार्यालय, चेक पोस्ट और जाँच दल (उड़नदस्तो) से विभाग (सरकार) को वर्ष 2020 से 2025 तक कितने राजस्व की प्रति वर्ष प्राप्ति हुई है? (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में अवैधानिक परिवहन करने पर वर्ष 2020 से 2025 तक जो भी कार्यवाही की गई है, उसकी विस्तृत जानकारी वाहन नंबर, वसूली की गयी राशि के सहित प्रदान की जाए। (ग) वर्तमान में प्रदेश में कितने चेक पोस्ट और जाँच दल (उड़न दस्ते) कहां-कहां पर कार्यरत है? कितने शासकीय अधिकारी, कर्मचारी उक्त चेक पोस्ट, जाँच दल और कार्यालय में 3 वर्ष से अधिक समय से कार्यरत है? नाम, पद और पोस्टिंग के वर्ष की जानकारी प्रदान की जाए।
परिवहन मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) से (ग) जानकारी संकलित की जा रही हैं
समान कार्य हेतु समान वेतन का भुगतान
[स्कूल शिक्षा]
102. ( क्र. 1113 ) श्री महेश परमार : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) संविधान के अनुच्छेद 14, 16 एवं 21, समान पारिश्रमिक अधिनियम, 1976 तथा माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा SLP (C) No.16848/2021 सहित विभिन्न न्याय-दृष्टांतों में समान कार्य हेतु समान वेतन का उक्त न्यायिक निर्णय को नेताजी सुभाषचन्द्र बोस बालक आवासीय छात्रावासों के सहायक वार्डनों पर लागू क्यों नहीं किया गया? कारण स्पष्ट करें। (ख) वर्तमान में मध्यप्रदेश में कुल कितने नेताजी सुभाषचन्द्र बोस बालक आवासीय छात्रावास संचालित हैं? उनमें पदस्थ समस्त सहायक वार्डनों के प्रथम नियुक्ति आदेश, प्रथम नियुक्ति पर देय वेतन तथा वर्ष 2025–26 में प्रतिमाह देय वेतन विवरण (पे-स्टेटमेंट) की प्रमाणित प्रतियां उपलब्ध कराई जाएं। (ग) कितने सहायक वार्डनों को ₹35,500, कितनों को ₹33,100 तथा कितनों को ₹9,815 वेतन (परिणामी लाभ सहित) दिया जा रहा है? इस वेतन विसंगति के संबंध में राज्य शिक्षा केंद्र, भोपाल द्वारा अर्द्धशासकीय पत्र क्रमांक 100 दिनांक 13.08.2021 की तर्ज पर किन-किन सहायक वार्डनों को व्यक्तिगत पत्र/स्मरण-पत्र जारी किए गए? समस्त पत्राचार की प्रमाणित प्रतियां नोटशीट सहित दी जाएं। (घ) वर्ष 2018 से प्रश्न दिनांक तक वेतन घटाकर ₹9,815 किए जाने के विरुद्ध कितनी रिट एवं अवमानना याचिकाएं दायर हुई हैं? प्रत्येक प्रकरण का वर्षवार विवरण, प्रकरण क्रमांक, छात्रावास का नाम, वर्तमान स्थिति तथा माननीय उच्च न्यायालय द्वारा पारित अंतरिम राहत आदेशों सहित संपूर्ण न्यायिक रिकॉर्ड उपलब्ध कराएं। (ड.) क्या दिनांक 26.10.2007 एवं 24.12.2008 को संविदा भर्ती पर रोक संबंधी परिपत्र जारी किए गए थे? यदि हां, तो उनकी प्रतियां उपलब्ध करावे।
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा SLP (C) No 16848/2021 समान कार्य हेतु समान वेतन का उक्त न्यायिक निर्णय सर्व शिक्षा अभियान अन्तर्गत संचालित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय एवं बालिका छात्रावासों तथा तत्कालीन आवासीय विशेष प्रशिक्षण केन्द्र (आर.एस.टी.) के स्वयं सेवक/सहायक वार्डन (संविदा) पर लागू नहीं होता है। क्योकि दोनों के नियम एवं मानदेय पृथक-पृथक है। (ख) म.प्र. में कुल 66 नेताजी सुभाषचन्द्र बोस बालक छात्रावास संचालित है। उनमें पदस्थ सहायक वार्डनों के प्रथम नियुक्ति आदेश, देय वेतन, वेतन विवरण की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट -1 अनुसार है। (ग) सहायक वार्डन कों प्रदाय वेतन की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-2 अनुसार है। अर्द्वशासकीय पत्र क्रमांक 100 दिनांक 13.08.2021 कलेक्टर जिला उज्जैन को श्री करण शर्मा सहायक वार्डन द्वारा अधिक मानदेय एवं एरियर की राशि वसूली के लिये जारी किया गया था। जिसकी छायाप्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-3 अनुसार है। इसके अतिरिक्त किसी अन्य सहायक वार्डनों को अर्द्धशासकीय पत्र जारी नहीं किया गया है। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) माननीय उच्च न्यायालय में दायर याचिकाओं की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-4 पर है। (ड.) जी नहीं। संविदा भर्ती पर रोक संबंधी परिपत्र जारी नहीं किये गये। अपितु मात्र उपयंत्री, प्रोग्रामर एवं डाटा एण्ट्री ऑपरेटर के पद की पूर्ति संविदा से लिये जाने के निर्देश थे।
चिकित्सकीय लापरवाही पर दंडात्मक कार्यवाही
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
103. ( क्र. 1114 ) श्री महेश परमार : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या वर्ष 2025 में छिंदवाड़ा जिले में नकली/दूषित कफ सिरप (कोल्ड्रिफ) के सेवन से बच्चों की मृत्यु हुई है? यदि हां, तो जिलेवार एवं वर्षवार कुल मृत्यु संख्या, उक्त सिरप के निर्माण, भंडारण, वितरण व आपूर्ति के लिए जिम्मेदार फर्मों/अधिकारियों के नाम तथा उनके विरुद्ध की गई आपराधिक व विभागीय कार्यवाही का विवरण प्रस्तुत करें। (ख) क्या इंदौर शहर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पेयजल से डायरिया प्रकोप के कारण 7 से 15 से अधिक तथा अब तक 23 नागरिकों की मृत्यु हुई और सैकड़ों लोग अस्पतालों/आईसीयू में भर्ती हुए? यदि हां, तो मृत्यु का क्षेत्रवार विवरण, पेयजल गुणवत्ता जांच में लापरवाही के लिए उत्तरदायी नगर निगम व स्वास्थ्य अधिकारियों के नाम तथा मृतकों के परिजनों को दी गई मुआवजा राशि बताएं। (ग) क्या उपरोक्त दोनों घटनाओं में सरकारी अस्पतालों में समय पर समुचित उपचार, आवश्यक दवाइयां एवं विशेषज्ञ चिकित्सा उपलब्ध नहीं कराई गई? यदि हां, तो उपचार में देरी से हुई मृत्यु, दवा आपूर्ति में कमी तथा दोषी चिकित्सकों/अधिकारियों पर की गई कार्यवाही स्पष्ट करें। (घ) क्या कई मामलों में पोस्टमार्टम व टॉक्सिकोलॉजी रिपोर्ट समय पर नहीं कराई गई? यदि हां, तो दोषियों पर की गई दंडात्मक कार्यवाही बताएं। (ड.) भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने हेतु शासन द्वारा क्या ठोस प्रशासनिक व दंडात्मक कदम उठाए जा रहे हैं? (च) चिकित्सा अधिकारी द्वारा मौके पर प्रशासनिक व्यवस्था की कमी के संपूर्ण प्रतिवेदन की प्रति उपलब्ध कराएं।
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जी हाँ, जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-''अ'' अनुसार। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-''ब'' अनुसार। (ग) उक्त दोनों ही घटनाओं के दौरान समुचित उपचार, आवश्यक दवाइयां एवं विशेषज्ञ चिकित्सा उपलब्ध कराई गई है। अतः शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) पुलिस द्वारा दस्तावेज देने पर तुरंत चिन्हित केसेस का पोस्टमार्टम कराया गया। अतः शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ड.) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-''स'' अनुसार। (च) उत्तरांश (ग) अनुसार शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
प्राकृतिक आपदाओं का मुआवजा
[राजस्व]
104. ( क्र. 1117 ) श्री सचिन सुभाषचंद्र यादव : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या वर्ष 2023 से प्रश्न दिनांक तक खरगोन जिले में अतिवृष्टि, ओलावृष्टि एवं प्राकृतिक आपदाओं से किसानों की फसलें प्रभावित हुई है? अगर हाँ कितने किसानों को मुआवजा प्रदान किया गया है कितने शेष है? तहसीलवार विवरण दें। (ख) खरगोन जिले में विगत 3 वर्षों में नामांतरण, बंटवारा एवं सुधार प्रकरणों की कुल संख्या कितनी रही है? इनमें से कितने प्रकरण अब तक लंबित हैं? लंबित प्रकरणों के निराकरण हेतु क्या समय-सीमा निर्धारित की गई है? (ग) ग्रामीण क्षेत्रों में सीमांकन एवं अतिक्रमण संबंधी प्रकरण वर्षों से लंबित हैं, जिससे किसानों को न्याय नहीं मिल पा रहा है? यदि हाँ, तो जिले में कुल कितने सीमांकन प्रकरण लंबित हैं? इनके शीघ्र निराकरण हेतु क्या कदम उठाए गए हैं?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्टि अनुसार है। (ख) जिले में विगत तीन वर्षों में नामान्तरण, बटवारा एवं सुधार प्रकरणों की जानकारी निम्नानुसार है:-
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वर्ष |
नामान्तरण |
बटवारा |
सुधार |
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दर्ज लंबित |
दर्ज लंबित |
दर्ज लंबित |
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2023-24 |
272320 |
34710 |
5700 |
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2024-25 |
283600 |
34170 |
9756 |
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2025-26 |
225592385 |
3057500 |
56549 |
लंबित प्रकरणों का निराकरण नियमानुसार निर्धारित समय-सीमा में किया जाता है। (ग) तहसीलों से प्राप्त जानकारी अनुसार सीमांकन एवं अतिक्रमण संबंधी प्रकरण वर्षों से लंबित नहीं हैं। समय-सीमा में निराकरण किया जा रहा है।
शिक्षकों के बकाया एरियर का भुगतान
[स्कूल शिक्षा]
105. ( क्र. 1120 ) श्रीमती निर्मला सप्रे [एडवोकेट] : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा शिक्षकों के बकाया एरियर आदि के भुगतान के क्या नियम हैं? कितनी समय-सीमा निर्धारित है? विस्तृत जानकारी देने की कृपा करें। (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार क्या विधानसभा क्षेत्र बीना के विकासखंड बीना में कार्यरत प्राथमिक शिक्षक, माध्यमिक शिक्षक एवं उच्च माध्यमिक शिक्षकों का सभी प्रकार के बकाया एरियर आदि का भुगतान नियमानुसार किया जा चुका है? हाँ अथवा नहीं यदि हाँ, तो विकासखंड बीना में कार्यरत प्राथमिक शिक्षक, माध्यमिक शिक्षक एवं उच्च माध्यमिक शिक्षकों के बकाया (प्रथम/द्वितीय क्रमोन्नति, महंगाई भत्ता) एवं अन्य के एरियर का भुगतान शेष क्यों है? कब से व कौन-कौन सा एरियर भुगतान शेष है, की जानकारी दें? (ग) प्रश्नांश (ख) अनुसार यदि शिक्षकों का (प्रथम/द्वितीय क्रमोन्नति, महंगाई भत्ता) एवं अन्य के एरियर का भुगतान शेष है, तो कब तक भुगतान कर दिया जावेगा? एरियर भुगतान में विलम्ब करने या लम्बे समय से लंबित रखने वाले संबंधित अधिकारी के विरुद्ध क्या कार्यवाही की जावेगी?
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) बीना विकासखण्ड में प्राथमिक शिक्षक, माध्यमिक शिक्षक, उच्च माध्यमिक शिक्षक संवर्ग को प्रथम एवं द्वितीय क्रमोन्नति एवं समयमान वेतनमान के 175 प्रकरण वेतन निर्धारण अनुमोदन उपरांत देयक कोषालय में प्रस्तुत कर दिये गये है। 200 प्रकरण वेतन निर्धारण अनुमोदन हेतु कोष एव लेखा सागर संभाग सागर स्तर पर लंबित है। इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी, सागर के पत्र दिनांक 05.02.2026 द्वारा संयुक्त संचालक, कोष एवं लेखा सागर संभाग को प्रकरणों के निराकरण के संबंध में स्मरण पत्र भेजा गया है। मंहगाई भत्ते के एरियर्स संबंधी कोई प्रकरण लंबित नहीं है। (ग) उत्तरांश (ख) अनुसार भुगतान की कार्यवाही एक सतत् प्रक्रिया है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
अतिथि शिक्षकों के लंबे अवकाश अवधि में वैकल्पिक व्यवस्था
[स्कूल शिक्षा]
106. ( क्र. 1121 ) श्रीमती निर्मला सप्रे [एडवोकेट] : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र बीना अंतर्गत विकासखंड बीना में शैक्षणिक सत्र 2025-26 में हाई एवं हायर सेकेंडरी स्कूलों में रिक्त पदों के विरुद्ध कितने अतिथि शिक्षक कार्यरत हैं? विद्यालयवार पदवार नाम सहित बतावेंI (ख) प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्य में कार्यरत अतिथि शिक्षकों को किस प्रकार के अवकाश की पात्रता है? विगत दो माह में विकासखंड बीना के कितने अतिथि शिक्षक लम्बे अवकाश पर हैं? विद्यालयवार, नामवार, किस दिनांक से अवकाश पर रहे या हैं, जानकारी दें I (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के तारतम्य में किसी अतिथि शिक्षक के लम्बे अवकाश पर जाने के उपरांत शैक्षणिक व्यवस्था बनाये रखने अतिथि शिक्षक के संबंधित विषय पैनल से अगले क्रम में अन्य आवेदक को आमंत्रित किये जाने का कोई प्रावधान है? यदि हाँ, तो जानकारी दें। (घ) प्रश्नांश (ग) के परिप्रेक्ष्य में विद्यालय में कार्यरत अतिथि शिक्षक के लम्बे अवकाश पर जाने के उपरांत प्राचार्य द्वारा शैक्षणिक व्यवस्था बनाये रखने एवं नियमानुसार संबंधित विषय पैनल से अगले क्रम में अन्य आवेदक को आमंत्रित नहीं करने पर छात्र-छात्राओं को हुए शैक्षणिक नुकसान पर क्या कार्यवाही का प्रावधान है?
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-1 अनुसार है। (ख) अतिथि शिक्षकों के लिए किसी भी प्रकार की अवकाश का प्रावधान नहीं है। शेष उत्तरांश पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-2 अनुसार है। (ग) जी हाँ। अतिथि शिक्षक अस्थायी व्यवस्था है। अतः अनुपस्थिति की स्थिति में विकासखण्ड के पैनल से मेरिट क्रम में अतिथि शिक्षक आमंत्रण का प्रावधान है। (घ) शाला प्रभारी द्वारा अन्य शिक्षकों से अध्यापन की व्यवस्था की गई है। संयुक्त संचालक लोक शिक्षण द्वारा पत्र क्र./अति.शि./2025-26/439 भोपाल दिनांक 05.02.2026 से शाला प्रभारी को कारण बताओं सूचना पत्र जारी किया गया है।
सामग्री क्रय में अनियमितता
[स्कूल शिक्षा]
107. ( क्र. 1122 ) श्री राजन मण्डलोई : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या बड़वानी जिला शिक्षा केंद्र में सामग्री खरीद में गड़बड़ी की शिकायतों के पश्चात कलेक्टर बड़वानी द्वारा जांच दल का गठन किया गया? यदि हाँ, तो जांच दल गठन के आदेश तथा जांच दल द्वारा कलेक्टर बड़वानी को प्रस्तुत जांच रिपोर्ट एव संलग्न दस्तावेजों की छायाप्रतियां उपलब्ध करावें। (ख) जिला शिक्षा केंद्र द्वारा वर्ष 2023-24 से प्रश्न दिनांक तक कितने स्कूल की मरम्मत के प्रस्ताव भेजे गए, नाम, स्थान सहित बताये? प्रस्ताव तथा प्राक्कलन, प्राप्त आवंटन, ठेकेदार के दस्तावेज, कार्यादेश, अनुबंध पत्र, किये गए कार्य, निरिक्षण रिपोर्ट, माप-पुस्तिका, भुगतान बिल तथा भुगतान विषयक दस्तावेजों की नोटशीट सहित छायाप्रतिया उपलब्ध करावें। (ग) जिला शिक्षा केंद्र द्वारा वर्ष 2023-24 से प्रश्न दिनांक तक कितने स्कूल में आत्मा रक्षा योजना के तहत छात्राओं को प्रशिक्षण हेतु कितना आवंटन प्राप्त हुआ? स्कूलवार प्राप्त आवंटन, प्रशिक्षण प्राप्तकर्ता छात्राओं के नाम, प्रशिक्षण हेतु चयनित प्रशिक्षक की योग्यता तथा योजना के दिशा-निर्देश, प्रशिक्षण हेतु जारी कार्यादेश, प्रशिक्षण की अवधि तथा किये गए भुगतान की नोटशीट सहित छायाप्रतियां दें। (घ) जिला शिक्षा केंद्र के APC तथा DPC द्वारा वर्ष 2024-25 से प्रश्न दिनांक तक किये गए स्कूलों के निरिक्षण, पंचनामे, सूचना पत्र, जवाब तथा की गई कार्यवाही की नोटशीट सहित छायाप्रतिया उपलब्ध कराएं।
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जी हां। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'1' पर है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'2' पर है। (ग) आत्मरक्षा प्रशिक्षण हेतु वर्ष 2023-24 में 318 शालाओं में राशि रू. 47.70 लाख एवं वर्ष 2024-25 में 289 शालाओं में राशि रू. 43.35 लाख प्रति विद्यालय राशि रू. 15000/- के मान से राशि सीधे शालाओं के IA खाते में लिमिट जारी की गयी, जिसका व्यय शालाओं द्वारा IA खाते के माध्यम से किया गया। जिसमें से वित्तीय वर्ष 2023-24 में 13 शालाओं द्वारा राशि रू. 1,83,997/- एवं वर्ष 2024-25 में 14 शालाओं में राशि रू. 2,10,000/- व्यय किया गया। आत्मरक्षा प्रशिक्षण के दिशा-निर्देश एवं प्रशिक्षण प्राप्त छात्राओं के नामों की सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'3' पर है। (घ) स्कूलों के निरीक्षण की नोटशीट सहित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'4' पर है।
मरम्मत कार्यों की जानकारी
[जल संसाधन]
108. ( क्र. 1123 ) श्री राजन मण्डलोई : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि बड़वानी जिले में वर्ष 2023-24 से प्रश्न दिनांक तक विभागीय निर्माण तथा मरम्मत कार्य हेतु प्राप्त आवंटन तथा आवंटन के विरुद्ध किये गए संपादित कार्य एवं भुगतान की जानकारी देवें।
जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है।
हाई स्कूल व हायर सेकेंडरी भवनों की मरम्मत
[स्कूल शिक्षा]
109. ( क्र. 1125 ) श्री निलेश पुसाराम उईके : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या जिला-पांढुर्ना, छिंदवाड़ा व सिवनी में शासकीय हाई एवं हायर सेकेण्डरी स्कूल भवनों की विभागीय परिसम्पत्तियों के संधारण/अन्य मद अंतर्गत मरम्मत कार्य के लिए सामग्री हेतु एवं साईकिल स्टैंड निर्माण हेतु वर्ष 2023 से आज दिनांक तक राशि प्राप्त हुई है? यदि हां, तो किस स्कूल भवन के लिये कितनी-कितनी राशि किस-किस कार्य के लिये प्राप्त हुई व उक्त कार्य को संपादित/मरम्मत कार्य करने की प्रक्रिया विभाग द्वारा निर्धारित की गई थी? क्या उक्त कार्य विभाग द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के तहत किये गए हैं? यदि नहीं, तो क्यों? क्या उक्त कार्य के सम्पादन/सामग्री क्रय में की गई अनियमितता के संबंध में स्थानीय प्रतिनिधियों व संगठनों द्वारा कोई पत्र शासन/ विभाग/जिला प्रशासन को प्राप्त हुए? यदि हां, तो उन पर क्या कार्यवाही की गई? क्या उक्त कार्य की सूक्ष्म जांच जिले के तकनीकी व कोषालय अधिकारी के मार्गदर्शन में कराई जावेगी? यदि हां, तो कब तक? (ख) क्या प्रश्नांश (क) में वर्णित जिलों में वर्षों से शिक्षण कार्य के अलावा अन्य शासकीय कार्य के लिए प्रतिनियुक्ति में गए शिक्षकों के चलते पात्र/योग्य शिक्षकों की कमी के कारण छात्रगण अच्छी/बेहतर शिक्षा से वंचित हो रहे हैं? यदि हां, तो उन शिक्षण कार्य के अलावा अन्य कार्य में प्रतिनियुक्ति में गए शिक्षकों को कब तक अपने मूल कार्य करने के लिए इससे मुक्त किया जावेगा?
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जी हाँ, जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है, जी हाँ। जी नहीं, अतः शेषांश उद्भूत नहीं होता। (ख) समग्र शिक्षा अभियान अंतर्गत शिक्षकों की सेवाएँ समय-समय पर नियमानुसार ली जाती है। इन शिक्षकों के बदले संबंधित विद्यालयों में वैकल्पिक रूप से अतिथि शिक्षक व्यवस्था की जाती है। अतः शेषांश उद्भूत नहीं होता। समग्र शिक्षा अभियान अंतर्गत लिये गये शिक्षकों की सेवाएँ निर्धारित समय उपरांत शाला में पदांकन किया जाता है। अतः निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं।
विद्यालय भवनों में मरम्मत एवं शिक्षकों की पूर्ति
[स्कूल शिक्षा]
110. ( क्र. 1126 ) श्री निलेश पुसाराम उईके : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या जिला-पांढुर्ना व छिंदवाड़ा में विभाग द्वारा संचालित स्कूलों/विद्यालयों के समस्त भवन तकनीकी रूप से छात्र/छात्राओं को शैक्षणिक उपयोग के लिये उपयुक्त हैं? यदि नहीं, तो विद्यालयों/स्कूलों के नाम व उनकी वर्तमान स्थिति की जानकारी देवें। क्या उक्त स्कूल/विद्यालय भवन जो शैक्षणिक कार्य के लिये तकनीकी रूप से उपयुक्त नहीं है, उन्हें व्यवस्थित करने हेतु स्कूल प्रशासन द्वारा कोई कार्यवाही की गई है? यदि हां, तो उसकी जानकारी देवें। यदि नहीं, तो क्यों और उन्हें कब तक व्यवस्थित कर लिया जावेगा? उसकी तिथि व तब तक के लिए वैकल्पिक व्यवस्था क्या है? (ख) क्या जिला-पांढुर्ना, छिंदवाड़ा व सिवनी में संचालित स्कूलों व विद्यालयों में स्वीकृत शिक्षकों के विरूद्ध पर्याप्त शिक्षक पदस्थ हैं? यदि नहीं, तो उन विद्यालयों के नाम व पदस्थिति की जानकारी देवें। क्या कुछ विद्यालयों में स्वीकृत शिक्षकों के पद के विरूद्ध अधिक शिक्षक पदस्थ हैं? यदि हां, तो उन्हें कब तक रिक्त स्थानों में पदस्थ किया जावेगा? यदि नहीं, तो क्यों? (ग) क्या जिला-पांढुर्ना, छिंदवाड़ा में संचालित प्राथमिक व माध्यमिक स्कूल भवनों की मरम्मत/सन्धारण हेतु राशि स्वीकृत की गई है? यदि हां, तो वर्ष 2023 से आज दिनांक तक वर्षवार, विद्यालयवार स्वीकृत राशि व उसे व्यय करने की प्रक्रिया की जानकारी देवें। क्या उक्त मरम्मत/सन्धारण कार्य में तकनीकी व अन्य अनियमितता के संबंध में कोई शिकायत/पत्र शासन/विभाग को प्राप्त हुए है? यदि हां, तो वे क्या है और उन पर क्या कार्यवाही की गई? यदि नहीं, तो कब तक कि जावेगी?
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जिला पांढुर्ना एवं छिंदवाड़ा में विभाग द्वारा संचालित समस्त हाई एवं हायर सेकेण्डी स्कूलों के भवन एवं 2627 प्राथमिक एवं माध्यमिक शालाओं में से 2495 शालाओं के भवन तकनीकी रूप से छात्र-छात्राओं के शिक्षण हेतु उपयुक्त है शेष 132 प्राथमिक एवं माध्यमिक शालाओं के भवन जीर्ण शीर्ण है इनके नवीन शाला भवनों की मांग आगामी वार्षिक कार्य योजना 2026-27 में शामिल है। इनकी शालाओं का संचालन अतिरिक्त कक्षों/ ग्राम पंचायत भवन/आंगनवाड़ी भवनों इत्यादि में किया जा रहा है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'अ' अनुसार है। (ख) जी हां, अत: शेषांश उदभूत नहीं होता है। जी हां, अतिशेष शिक्षकों के अन्यत्र पदांकन की प्रक्रिया शैक्षणिक सत्र उपरान्त किये जाने की व्यवस्था है। यह सतत् प्रक्रिया है। अत: निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। शेषांश उदभूत नहीं होता है। (ग) जी हाँ। वर्ष 2023 से आज तक छिंदवाड़ा एवं पांढुर्ना जिले में संचालित 78 प्राथमिक एवं माध्यमिक शालाओं में मरम्मत कार्य की स्वीकृति जारी की गई है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'ब' अनुसार। सभी 78 मरम्मत कार्य संबंधित शाला प्रबंधन समिति द्वारा कराये जा रहे है एवं कार्य की प्रगति एवं मूल्यांकन के आधार पर संबंधित शाला प्रबंधन समिति द्वारा व्यय किये जाते है। मरम्मत कार्य की अनियमितता के संबंध में कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। अत: शेषांश उदभूत नहीं होता।
राजस्व प्रकरणों का निराकरण
[राजस्व]
111. ( क्र. 1133 ) श्री सुरेश राजे : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला ग्वालियर की तहसील डबरा में वर्ष 2023-24 से 2025-26 में किसानों की भूमि के नामान्तरण/बटवारा/सीमांकन/राजस्व अभिलेख में सुधार संबंधी प्राप्त प्रकरणों में से कितने-कितने प्रकरणों का निराकरण किया गया? कार्यवार एवं वर्षवार संख्या बतावें। कितने प्रकरण किस कारण वर्तमान में लंबित होकर विचाराधीन है? वर्षवार सूची देवें। (ख) तहसील डबरा के अंतर्गत 2025-26 में किस ग्राम के शांतिधाम/कब्रिस्तान की किस खसरा नंबर की कितनी भूमि पर अतिक्रमण कर खेती करने वाले व्यक्तियों से अतिक्रमण हटाने हेतु आवेदन किस दिनांक को प्राप्त हुए? क्या अतिक्रमण हटाया गया? यदि हाँ, तो किस दिनांक को? यदि नहीं, तो कब तक हटाया जायेगा? यदि नहीं, हटाया जायेगा तो क्यों? कारण सहित पूर्ण जानकारी देवें।
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जिला ग्वालियर की तहसील डबरा में वर्ष 2023-24 से 2025-26 में किसानों की भूमि के नामान्तरण/बटवारा/सीमांकन/राजस्व अभिलेख में सुधार संबंधी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ अनुसार। लम्बित प्रकरणों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ब अनुसार। प्रकरण पक्षकारो की तलबी, जांच प्रतिवेदन, स्थल निरीक्षण आदि वैधानिक कार्यवाही के कारण लम्बित है। (ख) पटवारी हल्का छीमक द्वारा जांच प्रतिवेदन दिनांक 13-11-2025 को ग्राम छीमक के सर्वे क्रमांक 651 रकवा 0.05 हेक्टर, 652 रकवा 1.30 हेक्टर, पर किशोर सिंह जाट द्वारा फसल बोकर अतिक्रमण पाया जाने पर न्यायालय नायब तहसीलदार वृत छीमक के प्रकरण क्रमांक 0040/अ-68/25-26 में दिनांक 18-11-2025 को बेदखली आदेश पारित कर अतिक्रामक को बेदखल कर दिया गया है एवं दिनांक 21-11-2025 को ग्राम छीमक के भूमि सर्वे क्रमांक 651 रकवा 0.05 हेक्टर, 652 रकवा 1.30 हेक्टर, कब्रिस्तान की शासकीय भूमि से अतिक्रामक का अवैध कब्जा हटाकर ग्राम पंचायत छीमक के सरपंच/सचिव को कब्जा सौंपा गया।
त्रटिपूर्ण नक्शों में सुधार
[राजस्व]
112. ( क्र. 1137 ) श्री मनोज नारायण सिंह चौधरी : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि प्रश्नकर्ता के विधानसभा क्षेत्र के कई बड़े गावों जैसे-हाटपिपल्या, नेवरी, बरोठा, देहरियासाहु के साथ ही कई गावों में वर्षों से नक्शे त्रुटिपूर्ण है, अभी तक नक्शे नहीं सुधारे गए हैं, जिससे लोग लगातार परेशान हो रहे हैं। इसके लिए क्या व्यवस्था की जा रही है, जिससे लोगों को परेशानियों का सामना न करना पडे़। इसका कब तक निराकरण होगा? कब तक यह त्रुटि सुधार होगी?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : जिला देवास कापत्र क्रमांक 2544/भू-अभि./अधी./2024 देवास दिनांक 21/11/2024 द्वारा ग्राम हाटपिपल्या के त्रुटिपूर्ण नक्शे का नवीन भू-सर्वेक्षण के संबंध में अधिसूचना प्रस्ताव प्राप्त हुआ है यह नगरीय ग्राम है नक्शा प्रोग्राम के अंतर्गत 10 नगरीय क्षेत्रों के पायलट प्रोजेक्ट का कार्य पूर्ण होने के उपरांत हाटपिपल्या को शामिल कर नियमानुसार कार्यवाही की जावेगी। (2.) जिला देवास के पत्र क्रमांक 968/भू-अभि./बंदो./2025 देवास दिनांक 01/05/2025 के क्रम में जिले को निर्धारित प्रारूप में प्रस्ताव इस कार्यालय में भेजने हेतु लेख किया गया है। पत्र की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ अनुसार है। (3.) जिला देवास केग्राम बरोठा की अधिसूचना दिनांक 7 नवम्बर, 2025 को म.प्र. राजपत्र में प्रकाशित की जाकर भौतिक सत्यापन की कार्यवाही जिला स्तर पर प्रचलित है। अधिसूचना पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ब अनुसार है। (4.) ग्राम देहरियासाहू का नक्शा त्रुटिपूर्ण नहीं हैं।
हाटपिपल्या माइक्रो उद्वहन परियोजना
[जल संसाधन]
113. ( क्र. 1138 ) श्री मनोज नारायण सिंह चौधरी : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि हाटपिपल्या माइक्रो उद्वहन परियोजना की स्वीकृति कब हुई? इस योजना की कितनी राशि स्वीकृत हुई है और इसका कार्य कब प्रारंभ होगा?
जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : प्रशासकीय स्वीकृति राशि रू. 5027.01 करोड़ दिनांक 25.03.2022 एवं पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति राशि रू. 6034.40 करोड़ दिनांक 03.10.2023। योजना का कार्य प्रारंभ हो चुका है।
सिंचाई परियोजनाओं की प्रगति एवं लागत वृद्धि
[जल संसाधन]
114. ( क्र. 1147 ) श्री उमंग सिंघार : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जल संसाधन विभाग के अंतर्गत वर्तमान में कितनी वृहद एवं मध्यम सिंचाई योजनाएं स्वीकृत हैं? इनमें से कितनी योजनाओं पर कार्य प्रारंभ हो गया है? कार्य एजेंसी सहित जानकारी दें। (ख) प्रश्नांश (क) के प्रकाश में म.प्र. की कितनी एजेंसी हैं तथा अन्य राज्यों की कितनी हैं? स्पष्ट करें।
जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट -अ" (पेज क्र. 1 से 9 तक) अनुसार है। (ख) म.प्र. की 64 एजेंसी एवं अन्य राज्यों की 50 एजेंसी है।
सरकारी स्कूलों में छात्रों का प्रवेश कम होना
[स्कूल शिक्षा]
115. ( क्र. 1148 ) श्री उमंग सिंघार : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या स्कूल चले अभियान के नवीनतम नामांकन आंकड़ों के अनुसार प्रदेश के सरकारी स्कूलों से लगभग 7 लाख से अधिक बच्चे सूची से बाहर हो गए हैं? स्कूल छोड़ चुके है तथा उनका कोई स्पष्ट रिकार्ड विभाग के पास उपलब्ध नहीं है? (ख) प्रश्नांश (क) के प्रकाश में कितने बच्चे निजी स्कूलों में स्थानांतरित हुये? कितने अन्य राज्यों में चले गये और कितने बच्चों की स्थिति अज्ञात/लापता की श्रेणी में है? (ग) क्या लगभग 55 जिलों के करीब 3500 से अधिक स्कूलों में नए सत्र में एक भी छात्र का प्रवेश नहीं हुआ है तथा नामांकन घटने के आधार पर आने वाले समय में लगभग 5000 सरकारी स्कूल बंद करने की तैयारी की जा रही है? (घ) क्या शासन की जानकारी में जिन स्कूलों में छात्र संख्या 10 से कम है की जानकारी है? (ड.) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के प्रकाश में शासन क्या कदम उठा रहा है?
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जी नहीं। स्कूल चले हम अभियान प्रतिवर्ष शैक्षणिक सत्र के प्रारंभ में आयोजित कर छात्रों के नवीन प्रवेश एवं आगामी कक्षा में प्रवेश हेतु पालकों को प्रोत्साहित एवं जागरूक किया जाता है। यू-डाईस सत्र 2024-25 में कक्षा 1 से 12 तक सरकारी स्कूलों में 7939967 नामांकन था जबकि यू-डाईस सत्र 2025-26 के प्रावधिक आकड़ों के अनुसार कक्षा 1 से 12 तक का नामांकन 7805980 है। प्रतिवर्ष चाईल्ड प्रोफाइल अद्यतन की जाती है। जिसके माध्यम से शाला छोड़ने वाले बच्चों का विवरण उपलब्ध रहता है। (ख) उत्तरांश (क) के संदर्भ में शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) यू-डाईस सत्र 2025-26 के प्रावधिक आकड़ों के अनुसार शून्य नामांकन वाली शासकीय शालाओं की संख्या निरंक है। जी नहीं। (घ) जी हां। (ड.) सत्र 2025-26 में चाईल्ड वाईस ट्रेकिंग के आधार पर शाला से बाहर बच्चों को चिन्हित कर उन्हें शिक्षा की मुख्य धारा में लाने हेतु प्रयास किये गये है। जिससे की नामांकन में वृद्धि हुई है।
प्रधानमंत्री/मुख्यमंत्री कृषक सम्मान निधि
[राजस्व]
116. ( क्र. 1162 ) श्री भैरो सिंह बापू : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सुसनेर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत कुल कितने किसानों को प्रधानमंत्री/मुख्यमंत्री कृषक सम्मान योजना अंतर्गत प्रोत्साहन राशि प्रदान की जा रही है? विकासखंडवार, ग्रामवार संख्यात्मक जानकारी उपलब्ध करावे? (ख) प्रधानमंत्री/मुख्यमंत्री कृषक सम्मान योजना अंतर्गत पात्र किसानों के नाम जोड़ने की क्या कोई योजना प्रचलन में है? (ग) प्रश्नांश (ख) अनुसार यदि हां, तो कब से किसानों के नाम जोड़े जाएंगे यदि नहीं, तो इसका कारण स्पष्ट करें? (घ) प्रधानमंत्री/मुख्यमंत्री कृषक सम्मान योजना अंतर्गत किसानों के नाम जोड़े जाने के क्या नियम व शर्ते हैं विस्तृत जानकारी उपलब्ध करावें?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'अ' अनुसार है। (ख) प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत नाम जोड़ने हेतु हितग्राहियों द्वारा पीएम किसान पोर्टल पर नया किसान पंजीयन (New Farmer Registration) के माध्यम से आवेदन करने की प्रक्रिया उपलब्ध है। (ग) योजना की गाइड लाइन अनुसार पंजीयन की प्रक्रिया प्रचलित है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'ब' अनुसार है।
कर्मचारियों का निलंबन
[स्कूल शिक्षा]
117. ( क्र. 1168 ) डॉ. सतीश सिकरवार : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला शिक्षा अधिकारी को किस-किस श्रेणी/संवर्ग के शासकीय सेवकों को निलंबित किये जाने के अधिकार किस शासन आदेश से दिये गये है, शासन द्वारा जारी निर्देश/परिपत्र उपलब्ध कराये जावे। (ख) जिला मुरैना एवं ग्वालियर में वर्ष 2024-25 में किस-किस श्रेणी/संवर्ग के शासकीय सेवकों को निलंबित किया गया है? नाम, आदेश दिनांक एवं पदस्थ शाला के नाम सहित जानकारी दी जावे। (ग) प्रश्नांश (ख) के संबंध में निलंबित किये गये शिक्षकों एवं कर्मचारियों को किस दिनांक को बहाल किया गया एवं किस शाला में पदस्थ किया गया एवं क्या शास्ति अधिरोपित की गई? नाम, आदेश दिनांक एवं पदस्थ शाला के नाम सहित जानकारी दी जावे।
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'अ' अनुसार। (ख) एवं (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ब अनुसार।
स्वास्थ्य केंद्र खोला जाना
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
118. ( क्र. 1176 ) श्री राजकुमार कर्राहे : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या मान. मुख्यमंत्री मान. स्वास्थ्य मंत्री को विधानसभा क्षेत्र लांजी अंतर्गत ग्राम बापड़ी, डोंगरगांव, टेडवा, कटंगी, देवरबेली, बड़गांव में उप स्वास्थ्य केन्द्र एवं ग्राम बेलगांव, कुम्हारीकला, पौनी में प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र प्रारंभ करने हेतु पत्र प्रेषित किया गया था? यदि हाँ, तो विभाग द्वारा आज दिनांक तक क्या कार्यवाही की गयी? कब तक उपरोक्त स्थानों में स्वास्थ्य संस्थाओ की स्वीकृति हो पायेगी? सम्पूर्ण विस्तृत विवरण देवें। (ख) क्या विकासखंड लांजी की जनसंख्या लगभग 2,10,000 है एवं लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के मापदंड अनुसार प्रति 5000 जनसंख्या पर एक उप स्वास्थ्य केन्द्र एवं प्रति 30,000 जनसंख्या में एक प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र होना चाहिये? यदि हाँ, तो मापदंड अनुसार उपरोक्त ग्रामों में स्वास्थ्य संस्थाओं की स्वीकृति कब तक की जावेगी? सम्पूर्ण विस्तृत विवरण देवें।
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जी हाँ, विकासखण्ड लांजी के अंतर्गत द्विचरणीय परीक्षण किये जाने पर, ग्राम पापडी (बापडी) एवं ग्राम डोंगरगांव में उप स्वास्थ्य केन्द्र खोले जाने की पात्रता नहीं है। ग्राम टेडवा, कटंगी, देवरबेली एवं बडगॉंव में उप स्वास्थ्य केन्द्र खोले जाने की पात्रता है। उप स्वास्थ्य केन्द्र कुम्हारीकला एवं उप स्वास्थ्य केन्द्र बेलगांव का उन्नयन प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में किये जाने की पात्रता है। उप स्वास्थ्य केन्द्र पौनी को प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में उन्नयन की पात्रता नहीं है। विभाग द्वारा प्राप्त प्रस्तावों का द्विचरणीय परीक्षण किया गया है। स्वीकृति हेतु प्रस्ताव परियोजना परीक्षण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया जाता है, उपरोक्त ग्रामों की स्वास्थ्य संस्थाओं की स्वीकृति की निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ख) विकासखण्ड लांजी की जनसंख्या के संबंध में वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार विकासखंड लांजी की जनसंख्या 174066 है। सामान्य क्षेत्र में लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के मापदण्ड अनुसार प्रति 5000 जनसंख्या पर एक उप स्वास्थ्य केन्द्र एवं प्रति 30,000 की जनसंख्या में एक प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र खोले जाने का प्रावधान है। शेष प्रश्नांश (क) अनुसार।
सामान्य नियम के तहत पदनाम दिया जाना
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
119. ( क्र. 1177 ) श्री राजकुमार कर्राहे : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग में चिकित्सकों को वरिष्ठता के आधार पर चयन कर पदनाम दिया गया है एवं दिया जा रहा है? यदि हां, तो किस नियम से? सम्पूर्ण विस्तृत विवरण देवें। (ख) प्रश्नांश (क) में यदि हां, तो लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के अंतर्गत अन्य संवर्ग के कर्मचारियों जैसे पैरामेडिकल, नर्सिंग एव अन्य कडर को इसी नियम से वरिष्ठता एवं शैक्षणिक योग्यता के आधार पर विभागीय चयन कर पदनाम क्यों नहीं दिया जा रहा है? कारण बतावें। यदि दिया जायेगा तो कब तक? समय-सीमा बतावें। (ग) क्या प्रश्न क्रमांक 3023 दिनांक 06.08.2025 के उत्तर में चार सदस्य जांच समिति 25.07.25 को अधिष्ठाता गांधी मेडिकल कॉलेज को जांच कराने हेतु सौंपा गया था जबकि अधिष्ठाता द्वारा नियम विरुद्ध नर्सिंग केडर का उच्च पदनाम दिया गया था? क्या उक्त जांच अधिष्ठाता गांधी मेडिकल कॉलेज द्वारा जांच न कराकर शासन स्तर से जांच कराई जाएगी? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्यों, कारण बतावें।
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जी हाँ। लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण (राजपत्रित) सेवा भर्ती नियम 2022 के अनुसार। नियम की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार। (ख) विभागीय आवश्यकता के अनुसार चिकित्सकीय संवर्गो में नियमों के अनुसार कार्यवाही की गई शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।
जीर्णशीर्ण विद्यालय भवनों एवं शौचालयों की जानकारी
[स्कूल शिक्षा]
120. ( क्र. 1187 ) श्रीमती चंदा सुरेन्द्र सिंह गौर : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या खरगापुर विधानसभा-47 के अंतर्गत ऐसे कितने प्राथमिक, माध्यमिक एवं हाई स्कूल विद्यालय है जिनके भवन जीर्ण-शीर्ण हालत में है विद्यालय का नाम एवं भवन के खराब होने में कार्य का उल्लेख करते हुये संपूर्ण जानकारी उपलब्ध करायें। (ख) क्या जिन विद्यालयों में शौचालय खराब हालत में है या शौचालय है ही नहीं उनकी संपूर्ण जानकारी उपलब्ध करायें। (ग) ऐसे कितने विद्यालयों के खेल मैदान है जहां पर अतिक्रमण किया गया हो, की जानकारी उपलब्ध कराये तथा माध्यमिक शाला फूलपुर में शासकीय खेल मैदान खसरा क्रमांक 125/6/1 पर भू-माफियाओं द्वारा जबरन अवैध कब्जा कर लिया गया है जिसको हटाये जाने हेतु विभाग द्वारा क्या कार्यवाही की गई? संपूर्ण जानकारी उपलब्ध करायें। (घ) क्या मा.शाला फूलपुर के खेल मैदान पर अतिक्रमण करने वालों को हटाकर छात्र/छात्राओं के खेल मैदान को सुरक्षित कब तक करा लिया जावेगा तथा अतिक्रमणकारियों के विरूद्ध वैधानिक कार्यवाही की जावेगी? यदि हां, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्यों? कारण स्पष्ट करें।
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ अनुसार। हाई एवं हायर सेकेण्डरी स्कूलों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-एक अनुसार। (ख) प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों में शौचालय खराब है कि जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ब अनुसार। हाई एवं हायर सेकेण्डरी स्कूलों का उत्तरांश (क) के प्रकाश में जानकारी निरंक है। (ग) प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों के खेल मैदान पर अतिक्रमण है कि जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-स अनुसार। शासकीय हायर सेकेण्डरी स्कूल देरी के खेल मैदान पर अतिक्रमण किया गया है। अतिक्रमण हटाने हेतु संबंधित प्राचार्य द्वारा तहसीलदार खरगापुर कार्यालय जिला-टीकमगढ़ में प्रकरण दर्ज कराया गया है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-दो अनुसार। (घ) एकीकृत माध्यमिक शाला फूलपुर के अतिक्रमण से संबंधित प्रश्नांश (ग) के उत्तर अनुसार कार्यवाही की गई है।
मंदिरों के निर्माण के लिये राशि की स्वीकृति
[धार्मिक न्यास और धर्मस्व]
121. ( क्र. 1188 ) श्रीमती चंदा सुरेन्द्र सिंह गौर : क्या राज्य मंत्री, धार्मिक न्यास और धर्मस्व महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या खरगापुर विधान सभा 47 के कालका माता मंदिर देवी, दूबदेई माता दूबदेई, विंध्यवासिनी माता मंदिर दुर्गानगर वल्देवगढ़ में मूलभूत आवश्यक निर्माण कार्य कराये जाने हेतु पूर्व में दिये गये प्राक्कलनों के संबंध में प्रश्नकर्ता के प्रश्न क्रमांक 1243 दिनांक 06 अगस्त, 2025 में बताया था कि अपूर्ण प्रस्ताव थे। अब पुन: जिला कलेक्टर टीकमगढ़ के माध्यम से प्रस्ताव भेजे जा चुके हैं उक्त प्रस्तावों के प्राक्कलनों अनुसार निर्माण कार्यों की स्वीकृति कब तक कर दी जावेगी? समयावधि बतायें। (ख) क्या जो प्रस्ताव भेजे गये हैं उनके प्राक्कलनों में आवश्यक निर्माण ही शामिल किये गये हैं, क्योंकि यह तीनों मंदिर काफी प्राचीन है और आम जनता की आस्था के केन्द्र भी है तथा नवरात्रि के समय काफी श्रृद्धालुओं का आना-जाना रहता है इसलिये आवश्यक निर्माण कार्यों को स्वीकृति प्रदान कब तक प्रदान की जाएगी? यदि नहीं, तो क्यों कारण स्पष्ट करें। (ग) क्या पुन: भेजे गये प्रस्ताव प्राप्त हुये अथवा नहीं तथा राशि की स्वीकृति टीकमगढ़ जिले में कई स्थानों के लिये कर दी गई है, परन्तु इन मंदिरों के लिये अभी तक राशि जारी क्यों नहीं की जा रही है? कारण स्पष्ट करें।
राज्य मंत्री, धार्मिक न्यास और धर्मस्व ( श्री धर्मेन्द्र भाव सिंह लोधी ) : (क) कलेक्टर जिला टीकमगढ़ द्वारा प्रेषित संशोधित प्रस्ताव विभाग स्तर पर परीक्षण में है। कार्य की औचित्यता एवं बजट की उपलब्धता के आधार पर राशि स्वीकृत की जाती है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ख) प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्य में समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ग) प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उद्भूत नहीं होता है।
विभागीय स्थानांतरण की जानकारी
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
122. ( क्र. 1193 ) श्री बाला बच्चन : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्न क्रमांक 853 (अतारांकित) दिनांक 04-12-2025 में (क) एवं (ख) उत्तर अनुसार सक्षम प्राधिकारी द्वारा अभ्यावेदन के निराकरण का उल्लेख है तो इसका निराकरण अब तक क्यों नहीं किया जा सका? (ख) इसी तरह के अन्य प्रकरणों का भी निराकरण क्यों लंबित है? महीनों के पश्चात भी इनका निराकरण न कर कोताही बरतने वाले सक्षम अधिकारियों का नाम, पदनाम देकर स्पष्टीकरण प्रकरणवार देवें। (ग) कब तक प्रश्नांश (क) व (ख) अनुसार निराकरण कर दिया जाएगा? यदि नहीं, तो इसे लंबित रखने वाले अधिकारियों पर विभाग कब तक कार्यवाही करेगा? समय-सीमा देवें। स्थानांतरित कर्मचारियों को कब तक रिलीव कर स्थानांतरित जगह पर ज्वाइनिंग करा दी जाएगी? प्रकरणवार देवें। यदि नहीं, तो संरक्षण देने का कारण स्पष्ट करें।
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) माननीय न्यायालय के आदेश के अनुपालन में विधिसंगत कार्यवाही प्रचलन में है। (ख) इस प्रकार के समस्त प्रकरण में विधिसंगत कार्यवाही प्रचलन में हैं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) न्यायालयीन प्रकरण होने से समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
फार्मासिस्टों के ग्रेड पे एवं वेतन विसंगति का निराकरण
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
123. ( क्र. 1194 ) श्री बाला बच्चन : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या कर्मचारी आयोग म.प्र. द्वारा अपने पत्र क्र. 186/कर्म. आ./लेखा/2022 भोपाल दिनांक 17-09-2022 द्वारा आयुक्त संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं म.प्र. को स्टेट फार्मासिस्ट एसोसिएशन द्वारा प्रस्तुत मांगपत्र बिंदु 01 अनुसार ग्रेड पे दिए जाने के संबंध में, पद एवं वेतन संरचना के संबंध में जानकारी प्रपत्र में भरकर प्रस्ताव प्रशासकीय/वित्त विभाग के माध्यम से आयोग को भिजवाने हेतु लेख किया गया था? इस संबंध में प्रश्न दिनांक तक की गई कार्यवाही से अवगत करावें। (ख) प्रदेश के फार्मासिस्टों की वेतन विसंगति के संबंध में विभाग द्वारा वित्त विभाग को भेजे गए प्रस्ताव एवं वित्त विभाग द्वारा की गई कार्यवाही से संबंधित समस्त दस्तावेज उपलब्ध करावें। (ग) प्रदेश के फार्मासिस्टों की वेतन विसंगति एवं अन्य मांगों के संबंध में विभाग में कितने आश्वासन लंबित है? जानकारी देवें। इनका निराकरण कब तक कर दिया जाएगा? समय-सीमा देवें।
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जी हाँ, परंतु संचालनालय स्वास्थ्य सेवायें, सतपुड़ा भवन में दिनांक 12.06.2023 को हुये भीषण अग्निकांड़ में मूल नस्ती एवं अभिलेख नष्ट होने के कारण जानकारी उपलब्ध नहीं है। मांगपत्र बिन्दु क्रमांक 1 के संबंध में प्रस्ताव अध्यक्ष, म.प्र. कर्मचारी वेतन आयोग, भोपाल को प्रेषित किया गया था इसके अतिरिक्त मांगपत्र सचिव, म.प्र. कर्मचारी आयोग (वेतन), भोपाल को संचालनालय के पत्र क्रमांक 536-एक्स दिनांक 01.05.2025 एवं पत्र क्रमांक 118-एक्स दिनांक 30.01.2026 तथा पत्र क्रमांक 145-जी दिनांक 02.02.2026 को प्रेषित किया गया है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-“अ” अनुसार है (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-“ब” अनुसार है (ग) 02 आश्वासन लंबित है। यथा शीघ्र निराकरण किया जावेगा।
व्यापारियों एवं रहवासियों को दुकान/स्थान का आवंटन
[राजस्व]
124. ( क्र. 1200 ) श्री आरिफ मसूद : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सुभाषचन्द्र बोस मार्केट मोती नगर वार्ड-58, जोन 12, ओल्ड सुभाष नगर, भोपाल से दिनांक 09/02/2025 को जबरन बेदखल किए गए व्यापारियों/रहवासियों को हटाए जाने के एवज में उसी स्थान पर या अन्य स्थान पर आवंटित किए जाने के संबंध में माह फरवरी से प्रश्न दिनांक तक व्यापारियों का आवेदन आयुक्त, भोपाल को प्राप्त हुए? आवेदक का नाम एवं पता सहित पूर्ण विवरण दें। (ख) उक्त आवेदनों पर प्रश्न दिनांक तक क्या-क्या कार्यवाही की गई? यदि कोई कार्यवाही नहीं हुई तो क्यों? (ग) क्या प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्य में कार्यालय आयुक्त भोपाल संभाग भोपाल द्वारा पत्र क्रमांक 1444/171/शि/शाखा/भोपाल/2025, भोपाल दिनांक 05/03/25 से कलेक्टर जिला भोपाल को प्रेषित किया गया है? यदि हां, तो उक्त प्रश्नांश के संबंध में क्या कार्यवाही की गई? यदि नहीं, तो क्यों? (घ) क्या मोती नगर से जबरन बेदखल किए गए व्यापारियों/रहवासियों ने दिनांक 29/08/2025 को श्रीमान आयुक्त भोपाल संभाग भोपाल से भेंट कर कार्यवाही हेतु मांग किए जाने पर आयुक्त भोपाल संभाग भोपाल पत्र क्र. 15572/6013 दिनांक 30/09/2025 को प्रकरण टी.एल. में रखे जाने हेतु संबंधित ए.डी.एम. दक्षिण को नस्ती लेकर उपस्थित होने के निर्देश दिए गए थे? यदि हां तो टी.एल. में प्रश्न दिनांक तक क्या कार्यवाही की गई? यदि नहीं, तो क्यों तथा कब तक मोती नगर के व्यापरियों/रहवासियों को दुकान/स्थान उपलब्ध करा दिया जाएगा? यदि नहीं, तो क्यों?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जी हाँ। श्री भरत राय सुभाषचन्द्र बोस मार्केट मोतीनगर ओल्ड सुभाष नगर भोपाल द्वारा प्रस्तुत आवेदन आयुक्त भोपाल को प्राप्त हुए हैं। (ख) माननीय उच्च न्यायालय में डब्लू पी 6363/2025 रईसा बी व अन्य विरूद्ध यूनियन ऑफ इंडिया जनरल मेनेजर वेस्टर्न सेन्ट्रल रेल्वे व म.प्र. शासन तथा अन्य के विरूद्ध लंबित है। डब्ल्यू पी 6363/2025 में दिनांक 28.02.2025 से स्थगन दिया गया था जो आज भी प्रभावशील है। (ग) जी हां। शेष प्रश्नांश (ख) के उत्तर अनुसार। (घ) जी हॉ। मोती नगर रहवासियों द्वारा माननीय उच्च न्यायालय में डब्लू पी 6363/2025 रईसा बी व अन्य विरूद्ध यूनियन ऑफ इंडिया जनरल मेनेजर वेस्टर्न सेन्ट्रल रेल्वे व म.प्र. शासन तथा अन्य के विरूद्ध लंबित है। डब्लू पी 6363/2025 में दिनांक 28.02.2025 से स्थगन दिया गया था जो आज भी प्रभावशील है। माननीय उच्च न्यायालय के आदेश की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है।
गौ-अभ्यारण की स्वीकृति
[राजस्व]
125. ( क्र. 1210 ) श्री विश्वामित्र पाठक : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र सिहावल में तहसील सिहावल में बांकी से बघोर तक एवं तहसील देवसर में अकौरी-जियावन में गौ-अभ्यारण्य हेतु आवश्यकतानुसार जमीन की उपलब्धता है? क्या वहॉं पर गौ-अभ्यारण्य स्वीकृत किया जायेगा? (ख) प्रश्नांश (क) में यदि हां, तो आवारा पशुओं से किसानों के फसलों के बचाव एवं गौ-संवर्धन हेतु प्रस्तावित स्थानों में कब तक गौ-अभ्यारण्य की स्वीकृति प्रदान कर गौ-संरक्षण की व्यवस्था की जायेगी? समय-सीमा बतायें। (ग) क्या सिंहावल विधानसभा क्षेत्र के ग्रामों में पशुओं के लिये आहार गेहूँ का भूसा एवं पराली जलाने पर रोक लगाई जायेगी? यदि हां, तो कब तक? समय-सीमा बतायें।
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जिला सिंगरौली अंतर्गत विधानसभा क्षेत्र सिहावल तहसील देवसर में गौ-अभ्यारण हेतु ग्राम चौराडाड की झिरिया नाला से लगी आराजी खसरा क्रमांक 84/12 रकवा 88.9410 हे0 के अंश भाग 70.0000 हे0, 85/1रकवा 55.1010 हे0 के अंश भाग 40.0000 हे0, 92/1रकवा 6.4720 हे0 के अंश भाग 2.0200 हे0 एवं आराजी खसरा क्रमांक 90 रकवा 0.4660 हे0, 91रकवा 1.7810 हे0 यानी कुल किता 05 योग रकवा 114.2670 हे0 उपलब्ध है। उक्त प्रस्तावित समस्त आराजीयत म.प्र. शासन के स्वामित्व की भूमियां है। जिला सीधी अंतर्गत विधानसभा क्षेत्र सिहावल में स्वालंबी गौशाला योजना अन्तर्गत (कामधेनु निवास) ग्राम खुटेली तहसील बहरी में 58.19 हेक्टेयर भूमि का चिन्हांकन कर फिजीबिल्टी रिपोर्ट मध्यप्रदेश गौ-संवर्धन बोर्ड भोपाल को भेज दिया गया है तथा ग्राम पंचायत सिहौलिया में गौ-अभ्यारण्य का कार्य निर्माणधीन है। (ख) उत्तरांश (क) के प्रकाश में प्रश्न उदभूत नहीं होता। (ग) जिला सिंगरौली अंतर्गत विधानसभा सिहावल के तहसील देवसर ऐसा कोई आवेदन/शिकायत/आपत्ति वर्तमान तक प्राप्त नहीं है। कलेक्टर जिला सीधी के आदेश कमांक 29 सीधी दिनांक 8.4.2025 (अन्तर्गत धारा 163 भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023) आदेश जारी हुआ है जिसके तारतम्य में पराली जलाने की घटनाओं पर रोक लगाने हेतु दण्डात्मक कार्यवाही की जाती है। आदेश की छायाप्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार।
भाण्डेर विधानसभा क्षेत्र में निर्माण कार्य पूर्ण कराया जाना
[जल संसाधन]
126. ( क्र. 1214 ) श्री फूलसिंह बरैया : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दतिया जिले में जल संसाधन विभाग द्वारा कितने निर्माण कार्य चलाये जा रहे है? यह कार्य कब स्वीकृत हुये है तथा कितने वर्षों से पूर्ण नहीं हुये है? सूची प्रदाय करें। (ख) दतिया जिले की भाण्डेर विधानसभा के ग्राम उनाव में बालाजी मंदिर से नदी पार करने वाला रपटा अधूरा पड़ा है। इस कार्य को कब स्वीकृत किया गया था तथा इसका निर्माण कार्य किस एजेन्सी से कराया जा रहा है? ठेकेदार का नाम भी बतायें। कार्य की पूर्णता की अवधि कब तक की थी? (ग) समयावधि में कार्य न करने वाली एजेन्सी के विरूद्ध क्या कार्यवाही की गई? इस कार्य को कब तक पूरा करा लिया जायेगा? समयावधि बतायें।
जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी हाँ, दिनांक 07/09/2022 को। मैं. कात्यायनी कंस्ट्रक्शन मुरैना। दिनांक 31/12/2025 तक। (ग) कार्यरत एजेंसी को अनुबंध में निहित दाण्डिक धाराओं के अंतर्गत आगामी समयवृद्धि प्रदान करने की कार्यवाही प्रक्रियाधीन होना प्रतिवेदित है। जून–2026 तक पूर्ण किया जाना लक्षित है।
शिक्षण संस्थाओं में पानी का भराव
[स्कूल शिक्षा]
127. ( क्र. 1215 ) श्री फूलसिंह बरैया : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दतिया जिले में ऐसी कितनी शिक्षण संस्थायें है, जो बरसात में पानी भर जाने के कारण बन्द रहती हैं? सूची उपलब्ध करायें। (ख) दतिया जिले की विधानसभा भाण्डेर में कौन-कौन सी शिक्षण संस्थायें हैं, जिनमें बरसात में 15 दिन एक माह एवं चार पाँच माह पानी भरा रहता है? सूची संलग्न की जावे। (ग) ऐसी संस्थाओं के जिनमें पानी भरे रहने के कारण छात्रों की पढ़ाई बाधित होती है, इस संबंध में विभाग ने क्या कार्यवाही की है या क्या उक्त समस्या से निपटने के लिये कोई कार्य योजना तैयार की है? यदि हाँ, तो कब तक समस्या का निराकरण हो जायेगा? समयावधि बतायें।
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) एवं (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार ऐसी संस्थाये जिनमें बरसात के समय पानी भरे रहने के कारण पढ़ाई बाधित होती है। उनकी वैकल्पिक व्यवस्था की जाती है। बच्चों की पढ़ाई बाधित न हो इसके लिए सुरक्षित जगह पर शैक्षणिक व्यवस्था की जाती है। स्थानीय व्यवस्था अनुसार इस संबंध में संबंधित ग्राम पंचायत/नगर पंचायत को बरसाती पानी के भराव के निदान हेतु अवगत कराया गया। अत: शेषांश का प्रश्न उदभूत नहीं होता है।
अन्यत्र कार्यरत शिक्षकों को प्रभार दिया जाना
[स्कूल शिक्षा]
128. ( क्र. 1217 ) श्री केशव देसाई : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शिक्षा विभाग के अंतर्गत विकासखण्ड मेहगांव में कुल कितने संकुल केन्द्र विद्यालय है और कौन-कौन शिक्षक संकुल केन्द्र एवं संस्था के प्रभारी रहे हैं? जानकारी देवें। (ख) क्या संकुल केन्द्र मानहड, कनाथर एवं उक्त संस्थाओं का प्रभार अन्य संस्था में कार्यरत शिक्षक को सौंपा गया है? आदेश की प्रति उपलब्ध करावें। (ग) प्रश्नांश क्रमांक (ख) के संदर्भ में क्या उस संस्था में कोई वरिष्ठ शिक्षक कार्यरत नहीं है? इसलिये संस्था एवं संकुल केन्द्र का प्रभार अन्य संस्था में कार्यरत शिक्षक को प्रदाय किया गया है? इस आशय का म.प्र. शासन का आदेश उपलब्ध करावें। (घ) क्या शासन की इस प्रकार की कोई नीति है? जिसमें अन्य संस्था में कार्यरत शिक्षकों को अन्य संस्थाओं का प्रभार सौंपा जा सकता है, जबकि उस संस्था में वरिष्ठ शिक्षक कार्यरत है? आदेश (नीति) उपलब्ध करावें।
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) स्कूल शिक्षा विभाग के अन्तर्गत विकासखण्ड मेहगांव में कुल 10 संकुल केन्द्र संचालित है। प्रभारियों की सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-एक पर है। (ख) जी हां। आदेश की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-दो पर है। (ग) जी हाँ। जी हाँ। शासन आदेश की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-तीन पर है। (घ) उत्तरांश (ग) अनुसार।
अनूपपुर में 108 एम्बुलेंस का संचालन
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
129. ( क्र. 1253 ) श्री फुन्देलाल सिंह मार्को : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अनूपपुर जिले में कितनी 108 एम्बुलेंस (ALS, BLS, जननी वाहन) किस कंपनी द्वारा संचालित हैं? इन एम्बुलेंस की कौन-कौन सी बेस लोकेशन निर्धारित की गई है? एम्बुलेंस का रजि.नंबर, बेस लोकेशन सहित जानकारी उपलब्ध करावें। (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में 1 अप्रैल, 2024 से प्रश्न दिनांक तक कौन-कौन से रजि. नंबर, बेस लोकेशन की एम्बुलेंस ने किन-किन मरीजों को कब-कब, किन-किन अस्पतालों में लाया एवं वापस छोड़ा गया, एम्बुलेंस की दिनांकवार, समयवार, मरीजवार जानकारी उपलब्ध करावें। (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के संदर्भ में 108 एम्बुलेंस में शासन द्वारा निर्धारित क्या-क्या सुविधायें उपलब्ध होती हैं एवं इनको किस मद एवं दर से कितना भुगतान किया गया है? जीपीएस लोकेशन सहित जानकारी उपलब्ध करावें। अनुबंधित एम्बुलेंस का रिस्पांस टाइम कितना निर्धारित किया गया है, विभिन्न स्तर के माध्यमों से समय पर न पहुँचने संबंधी क्या शिकायतें प्राप्त हुई हैं, यदि हां, तो शिकायत पर हुई कार्यवाही की जानकारी उपलब्ध करावें।
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) अनूपपुर जिले में कुल 26 (02-ALS,11-BLS एवं 13-जननी वाहन) 108 एम्बुलेंस M/s JAES Projects (I) Pvt.Ltd. कंपनी द्वारा संचालित है। एम्बुलेंसवार रजि. नंबर, बेस लोकेशन सहित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' अनुसार। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''ब'' अनुसार। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''स'' अनुसार। केन्द्रीयकृत 108 कॉल सेंटर के माध्यम से प्रदेश में संचालित समस्त एम्बुलेंस वाहनों के परिचालन व्यय हेतु प्रश्नांकित अवधि में संस्था JAES द्वारा प्रस्तुत देयक का मद, दर एवं किये गये भुगतान की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''द'' अनुसार। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' अनुसार। अनुबंधित एम्बुलेंस का रिस्पांस टाइम शहरी क्षेत्र में 18 मिनट तथा ग्रामीण क्षेत्र हेतु 25 मिनट निर्धारित है। जी नहीं, शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
भू-अधिकार एवं स्वामित्व योजना का क्रियान्वयन
[राजस्व]
130. ( क्र. 1254 ) श्री फुन्देलाल सिंह मार्को : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मुख्यमंत्री आवासी पट्टा, धारणाधिकार, स्वामित्व योजना के अंतर्गत उमरिया जिले में पात्र व्यक्तियों को पट्टे प्रदान किये गये हैं? यदि हां, तो वित्तीय वर्ष 2022 से प्रश्न दिनांक तक उक्त जिले में इन योजना के अंतर्गत कुल कितने पट्टे वितरित किये गये? उक्त अवधि में कितने व्यक्तिगत पट्टे, कितने सामुदायिक पट्टे एवं कितने वनाधिकार पट्टे प्रदान किये गये? ग्रामवार, तहसीलवार, विधानसभा क्षेत्रवार जानकारी उपलब्ध करावें। (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में प्रत्येक राजस्व क्षेत्र के अनुसार लाभान्वित व्यक्तियों के नाम, उनके द्वारा प्राप्त खसरा नंबर, भूमि का रकबा (वर्ग मीटर या हेक्टेयर में) तथा विवरण की तिथि का विवरण ग्रामवार, नगरवार रूप में उपलब्ध करावें। (ग) ऐसे कितने पात्र हितग्राही हैं जिन्हें प्रश्न दिनांक तक अधिकार पत्र नहीं दिये गये हैं, लंबित प्रकरणों का निराकरण कब तक कर दिया जायेगा? पट्टा वितरण में किसी प्रकार की अनियमितता या विवाद की शिकायतें प्राप्त हुई हैं? यदि हां, तो उसका विवरण एवं की गई कार्यवाही का विवरण भी उपलब्ध करावें।
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जिले में मुख्यमंत्री आवास पट्टा, धारणाधिका, स्वामित्व योजना के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2022 से प्रश्न दिनांक तक कुल 7539 पट्टे वितरित किये गये है, ग्रामवार, तहसीलवार, विधानसभा क्षेत्रवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट "अ" अनुसार है। (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार लाभान्वित व्यक्ति के नाम, ग्रामवार, नगरवार की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट "ब" अनुसार है। (ग) (1) धारणाधिकार पट्टा वर्ष 2022-23 से प्रश्न दिनांक तक धारणाधिकार के तहत पट्टा प्रदाय हेतु कुल 1402 ऑन लाईन आवेदन प्राप्त हुये थे, जिनमें से जांच कार्यवाही उपरांत 245 आवेदन पात्र पाये जाने से धारणाधिकार के तहत पट्टा प्रदाय किया गया है। शेष 1157 प्रकरणों में जांच कार्यवाही एवं आवेदक के दस्तावेजी साक्ष्य प्रमाण हेतु कार्यवाही प्रचलित है। आवेदकों से दस्तावेजी साक्ष्य प्रमाण तथा नजूल तहसीलदार एवं नजूल अधिकारी से जांच प्रतिवेदन प्राप्त होते ही शीघ्र निराकरण की कार्यवाही की जावेगी। धाराणाधिकार के पट्टा वितरण में किसी प्रकार की अनियमितता या विवाद की शिकायतें प्राप्त नहीं हुई है। (2) मुख्यमंत्री आवासी पट्टा- के अंतर्गत नगर पालिका उमरिया में पात्र 53 हितग्राहियों को पट्टे प्रदाय किये गये एवं कोई भी प्रकरण लंबित नहीं है। नगर परिषद मानपुर में कुल 219 पात्र हितग्राहियों को पट्टे प्रदाय किये गये एवं कोई भी प्रकरण लंबित नहीं है। नगर परिषद पाली, चंदिया एवं नौरोजाबाद में जानकारी निरंक है। (3) स्वामित्व योजना के अंतर्गत जिले में 6527 पात्र हितग्राहियों को पट्टे प्रदाय किये गये है एवं कोई भी प्रकरण लंबित नहीं है। (4) वनाधिकार अधिनियम अंतर्गत वर्ष 2022 से प्रश्न दिनांक तक एम.पी.वन मित्र पोर्टल के माध्यम से कुल 11360 आवेदन उपखण्ड समितियों से प्राप्त हुये जिसमें से 495 आवेदन पात्र पाये जाने पर हितग्राहियों को पट्टा वितरण किया गया है। शेष 2341 आवेदन ग्राम एवं उपखण्ड समितियों में कार्यवाही प्रचलन में है तथा 8524 आवेदनों में पुनः परीक्षण उपरांत मान्य न होने एवं दस्तावेजी साक्ष्य एवं वास्तविक काबिज न होने के कारण से अपात्र किये गये। पट्टा वितरण में किसी प्रकार की अनियमितता या विवाद की शिकायतें प्राप्त नहीं हुई हैं।
चिकित्सकों की उपस्थिति
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
131. ( क्र. 1302 ) श्री हेमंत सत्यदेव कटारे : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र सालौन बी, विकासखण्ड भाण्डेर, जिला दतिया में दि. 01.01.2025 से पदस्थ रहे चिकित्सकों की जानकारी उपलब्ध करायी जाये। (ख) प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में पदस्थ रहे चिकित्सकों के लिये माह मार्च, 2025 में ओ.पी.डी. का क्या समय निर्धारित किया गया था तथा दिनांक 29 मार्च, 2025 को उपस्थित किस चिकित्सक द्वारा किन-किन और कितने मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण किया? चिकित्सक का नाम, मरीज का नाम, उम्र की जानकारी उपलब्ध करायी जाये। (ग) आलोच्य अवधि में प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र सालौन बी, विकासखण्ड भाण्डेर में चिकित्सकों की उपस्थिति क्या सार्थक एप के माध्यम से अंकित किये जाने का प्रावधान नियत है? यदि हाँ, तो दिनांक 29 मार्च, 2025 को प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पर उपस्थित चिकित्सकों की उपस्थिति के प्रमाणीकरण में उपस्थिति पत्रक/सार्थक एप से उपस्थिति की जानकारी उपलब्ध करायी जाये।
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'अ' अनुसार है। (ख) संस्था में ओ.पी.डी. का समय प्रातः 09 बजे से दोपहर 02 बजे तक तथा सांय 05 बजे से 06 बजे तक निर्धारित है। दिनांक 29 मार्च, 2025 को ओ.पी.डी. में उपस्थित चिकित्सकों द्वारा स्वास्थ्य परीक्षण किए मरीजों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'ब' अनुसार है। ओ.पी.डी. रजिस्टर में चिकित्सकवार पृथक-पृथक प्रविष्टी नहीं की गई है। (ग) जी हाँ। उपस्थिति प्रमाणीकरण में उपस्थिति पत्रक की छायाप्रति एवं सार्थक एप की उपस्थिति जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'स' अनुसार है।
एनआरआई सीटों पर प्रवेश में अनियमितताएं
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
132. ( क्र. 1303 ) श्री हेमंत सत्यदेव कटारे : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) म.प्र. के निजी एवं शासकीय विश्वविद्यालयों से संबद्ध प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों में प्रवासी (एनआरआई) छात्रों के लिए एमबीबीएस और पोस्ट ग्रेजुएशन (पीजी) पाठ्यक्रमों में आरक्षित कितनी-कितनी सीटें है? मेडिकल कॉलेजवार जानकारी दी जाये। (ख) वर्ष 2010 से प्रश्न दिनांक तक सभी सीटों पर प्रवेशित विद्यार्थियों की सूची जिसमें विद्यार्थियों का नाम भारत एवं विदेश में इनके पते सहित एनआरआई होने संबंधी प्रमाण के रूप में प्रस्तुत दस्तावेज, इन दस्तावेजों का सत्यापन किए जाने संबंधी नस्ती उपलब्ध करायी जाये। (ग) वर्ष 2010 से वर्तमान शैक्षणिक सत्र तक निजी एवं प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों में फर्जी एनआरआई छात्रों अथवा अनुचित रूप से एनआरआई कोटे में प्रवेश दिए जाने की कितनी शिकायतें प्राप्त हुई और उन शिकायतों पर क्या कार्रवाई की गई? शिकायतों की जानकारी सहित शिकायतों पर की गई कार्यवाही संबंधी नस्ती उपलब्ध कराएं।
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) म.प्र. के शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों में एनआरआई सीटें स्वीकृत नहीं है तथा निजी विश्वविद्यालयों से संबद्ध प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों में प्रवासी (एनआरआई) छात्रों के लिए एमबीबीएस ओर पोस्ट ग्रेजुएशन (पी.जी.) पाठ्यक्रमों में आरक्षित सीटों की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार। (ख) एवं (ग) की जानकारी एकत्रित की जा रही है।
सा.प्र.वि. के आदेशों का उल्लंघन
[स्कूल शिक्षा]
133. ( क्र. 1306 ) श्री जयवर्द्धन सिंह : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि क्या विभाग द्वारा साप्रवि के आदेश क्रमांक एफ 19-76/2007/1/4 दिनांक 22/3/2011 का पालन किया जाता है? वर्ष 2022 से प्रश्न दिनांक तक D.P.I एवं RSK ने कार्यालयवार क्या और कैसे किया जाता है? समस्त जानकारी का गौशवारा बनाकर आदेश/निर्देश/नियम एवं आवक-जावक, निरीक्षण पंजी एवं कार्यालय प्रमुख की आवेदन पर टीप की प्रति सहित बताये? यदि नहीं, तो इसके लिये कौन जिम्मेदार है, उनके विरूद्ध साप्रवि के आदेश के बिन्दु 5 अन्तर्गत निलंबन किया जायेगा? यदि हां, तो कब तक और किसका? यदि नहीं, तो क्यों कारण सहित कार्यालयवार पृथक-पृथक बताये।
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : जी हाँ। सामान्य प्रशासन विभाग के निर्देशानुसार प्राप्त पत्रों पर कार्यवाही की जाती है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार हैं। नियमानुसार माननीय सांसद एवं विधायक के पत्रों पर कार्यवाही की जाती हैं। अतः शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
नियम विरूद्ध हॉस्पिटल का संचालन
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
134. ( क्र. 1307 ) श्री जयवर्द्धन सिंह : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) गुना CMHO को भोपाल सिटी हॉस्पिटल द्वारा मान्यता के लिये प्राप्त आवेदन एवं संलग्न दस्तावेजों की प्रति दें, CMHO द्वारा कब जांच दल गठितकर उक्त हॉस्पिटल का निरीक्षण करवाया गया, रिपोर्ट की प्रति दें। हॉस्पिटल को जारी पंजीयन प्रमाण की प्रति दें? (ख) प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्य में हॉस्टिपल के विरूद्ध कब और कितनी शिकायतें प्राप्त हुई? प्रति दें। उस पर कब और किसने क्या कार्यवाही की, समस्त दस्तावेज दें? (ग) प्रश्नांश अवधि में हॉस्पिटल संचालन के समय के आईपीडी, ओपीडी, ओटी की संधारित पंजी की प्रति दें? (घ) उपरोक्त के संबंध में नियम विरूद्ध हॉस्पिटल संचालन पर CMHO एवं अन्य जिम्मेदारों को इसके संबंध में कभी कोई नोटिस/पत्र जारी किया गया है प्रति दें? CMHO एवं अन्य जिम्मेदारों पर कार्यवाही नहीं करने के क्या कारण है? (ड.) प्रदेश उपाध्यक्ष एनएसयूआई का क्रमशः पत्र क्र. 110, 111, 112, 113, 13, 7, 111, 114, 6, 4 दिनांक 26/12/25, 27/10/25, 11/12/25, 13/1/26, 25/11/25,7/1/26, 8/12/25 जो पीएस/ आयुक्त हेल्थ को प्रेषित किये गये है, कृत कार्यवाही सहित एकल नस्ती दें। (च) नर्सिंग होम्स के डॉक्टरों/नर्सिंग स्टॉफ की जानकारी विभाग के पोर्टल पर कब से सार्वजनिक थी? इसे किस कारण से बंद किया गया? प्रारंभ/बंद करने सहित संपूर्ण आदेश, निर्देश की एकल नस्ती सहित जानकारी दें।
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) से (च) जानकारी एकत्रित की जा रही है।
वरिष्ठ प्राचार्यों की वेतन विसंगति
[स्कूल शिक्षा]
135. ( क्र. 1321 ) श्री दिनेश गुर्जर : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या जिला राजगढ़ एवं भोपाल में 30 वर्ष की सेवा पूर्ण कर चुके प्राचार्यों को रू.6600/- ग्रेड पे प्रदान किया जा रहा है, जबकि जिला मुरैना में समान सेवा अवधि पूर्ण करने वाले वरिष्ठ प्राचार्यों को मात्र रू. 5400/- ग्रेड पे ही दिया जा रहा है? (ख) जब शासन के नियम सम्पूर्ण प्रदेश में समान रूप से लागू है तब विभिन्न जिलो में इस प्रकार की वेतन विसंगति उत्पन्न होने का क्या कारण है? (ग) जिला मुरैना के वरिष्ठ प्राचार्यों को भी राजगढ़ एवं भोपाल के समान रू.6600/- ग्रेड पे कब तक प्रदान किया जाएगा?
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) भोपाल एवं राजगढ़ जिला अंतर्गत 30 वर्ष की सेवा पूर्ण कर चुके नियमित प्राचार्यो (व्याख्याता सीधी भर्ती प्राचार्य पद पर पदोन्नत) को 6600/- ग्रेड पे प्रदान किया जा रहा है। मुरैना जिले के संबंध में संभागीय संयुक्त संचालक ग्वालियर संभाग ग्वालियर से संचालनालय के पत्र कमांक/303-304 दिनांक 05.02.2026 द्वारा जांच प्रतिवेदन चाहा गया है, जांच उपरांत नियमानुसार कार्यवाही की जायेगी। (ख) एवं (ग) उत्तरांश (क) अनुसार।
मध्यान्ह भोजन में अनियमितता
[स्कूल शिक्षा]
136. ( क्र. 1322 ) श्री दिनेश गुर्जर : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मुरैना जिले में पिछले 3 वर्षों (गत वर्षों) में कुल कितने प्राथमिक, माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों को शासन द्वारा बंद किया गया है या अन्य स्कूलों में विलय (Merge) किया गया है? विधानसभावार बंद किए गए स्कूलों की सूची और उन्हें बंद करने के ठोस कारण का विवरण देवें। (ख) क्या शासन द्वारा स्कूलों को बंद करने के कारण ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों, विशेषकर बालिकाओं को शिक्षा छोड़ने पर मजबूर होना पड़ रहा है? क्या विभाग ने स्कूलों को बंद करने से पहले बच्चों के आवागमन हेतु किसी वैकल्पिक व्यवस्था का आंकलन किया था? (ग) क्या शासन को यह ज्ञात है कि मुरैना जिले के अनेक विद्यालयों में मध्यान्ह भोजन (Mid-day Meal) की गुणवत्ता अत्यंत घटिया है और बच्चों को पौष्टिक आहार के नाम पर केवल खानापूर्ति की जा रही है? पिछले एक वर्ष में जिले में घटिया भोजन वितरण के संबंध में कुल कितनी शिकायतें प्राप्त हुई और उन पर विभाग द्वारा क्या ठोस कार्यवाही की गई? (घ) क्या घटिया भोजन की शिकायतों के बावजूद संबंधित स्वयं सहायता समूहों या ठेकेदारों के विरूद्ध कोई दंडात्मक कार्यवाही नहीं की जा रही है? क्या सरकार मुरैना जिले के मध्यान्ह भोजन वितरण प्रणाली की उच्च स्तरीय जांच कराकर दोषियों पर प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराएगी? यदि नहीं, तो क्यों?
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) शासन द्वारा किसी प्रा./मा., हाई एवं हायर सेकेण्ड्री शाला को बंद नहीं किया गया है, अपितु जो विद्यालय शासन के नियमानुसार सांदीपनी विद्यालय की परिधि में आते थे उन्हें सादीपनी विद्यालयों में मर्ज किया गया है। अनुदान प्राप्त विद्यालय जहां समस्त शिक्षक सेवानिवृत्त हो चुके है वे विद्यालय स्वतः बंद हुये है। उनकी शालावार जानकारी एवं शून्य नामांकन के कारण अक्रियाशील विद्यालयों की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी नहीं। संबंधित विद्यालय के समस्त छात्र/छात्राएं पड़ोस के विद्यालय तथा सांदीपनी विद्यालय में शिक्षा प्राप्त कर रहे है। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) जिन स्व-सहायता समूह के द्वारा मध्यान्ह भोजन वितरण में अनियमितता की शिकायत प्राप्त हुई है, जांच उपरांत 15 स्व-सहायता समूह को मध्यान्ह भोजन कार्य से पृथक करने की कार्यवाही की गई है। (घ) उत्तरांश (ग) के संबंध में शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
महाराजा छत्रसाल जन्मोत्सव का कार्यक्रम
[संस्कृति]
137. ( क्र. 1373 ) श्री हरिशंकर खटीक : क्या राज्य मंत्री, संस्कृति महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या महाराजा छत्रसाल बुंदेलखण्ड केसरी का जन्म टीकमगढ़ जिले के पलेरा विकासखण्ड के तहसील लिधौरा के ग्राम मोरपहाड़िया में हुआ था? (ख) प्रश्नांश (क) के आधार पर जानकारी दें कि संस्कृति विभाग द्वारा जो वार्षिक कैलेण्डर पंचांग प्रतिवर्ष का प्रकाशित होता है, तो उसमें कब बुंदेलखण्ड केसरी महाराजा छत्रसाल की जन्म जयंती के दिन का उल्लेख प्रकाशित होगा? कृपया स्पष्ट बताएं। (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के आधार पर बताएं कि प्रश्न दिनांक तक म.प्र. विधानसभा के माध्यम से एवं माननीय मुख्यमंत्री जी माननीय विभागीय मंत्री एवं प्रमुख सचिव जी, महाप्रबंधक जी, सभी को पत्र प्रेषित करने के पश्चात् भी महाराजा छत्रसाल की जन्मोत्सव का वार्षिक सांस्कृतिक कार्यक्रम उनके जन्मदिन पर शासन द्वारा, प्रतिवर्ष ग्राम मोरपहाड़िया में नहीं किये जाने का क्या कारण है? यदि होगा तो किस तारीख को जानकारी दें।
राज्य मंत्री, संस्कृति ( श्री धर्मेन्द्र भाव सिंह लोधी ) : (क) जी हां। (ख) विभाग अंतर्गत प्रकाशित कला पंचाग में प्रतिवर्ष आयोजन की तिथि महाराजा छत्रसाल की जयंती की तिथि अनुसार प्रकाशित की जाती है। (ग) परम्परानुसार विभाग अंतर्गत महाराजा छत्रसाल की जयंती पर दो दिवसीय विरासत महोत्सव का आयोजन मऊसहानिया (जिला छतरपुर) में किया जाता है शेष का प्रश्न उत्पन्न नहीं होता है।
हरपुरा सिंचाई परियोजना का कार्य प्रारंभ किया जाना
[जल संसाधन]
138. ( क्र. 1374 ) श्री हरिशंकर खटीक : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) टीकमगढ़ जिले के ऐसे कौन-कौन से कार्य हैं, जिनके लिए शासन ने राशि तो स्वीकृत की है, लेकिन प्रश्न दिनांक तक उन कार्यों के फील्ड पर निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं हुए हैं? प्रत्येक ऐसे कार्य की लागत सहित स्वीकृति के आदेश की छायाप्रतियां प्रदाय करें। (ख) प्रश्नांश (क) के आधार पर जानकारी दें जतारा विधानसभा क्षेत्र के ऐसे कौन-कौन से कार्य हैं, जिनकी वोधी संस्था द्वारा साध्यता प्रदाय की गई है, ऐसे आदेशों की छायाप्रतियां प्रदाय कर यह भी बताएं कि ऐसे कौन-कौन से कार्य हैं, जो साध्यता के अभाव में वोधी संस्था में परीक्षण हेतु रखे हैं? कृपया निश्चित समय-सीमा सहित बताएं कि कब तक वोधी संस्था द्वारा परीक्षण करवाकर साध्यता प्रदाय कर दी जावेगी? (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के आधार पर बताएं कि केन बेतवा लिंक सिंचाई परियोजना से टीकमगढ़ जिले की कौन-कौन सी तहसीलों के कौन-कौन से ग्रामों के कितना-कितना रकबा सिंचित किया जावेगा? कृपया सम्पूर्ण जानकारी एवं अद्यतन जानकारी से अवगत करावें। (घ) प्रश्नांश (क), (ख) एवं (ग) के आधार पर बताएं कि हरपुरा सिंचाई परियोजना से नहर द्वारा पानी बराना तालाब में लाने हेतु 19 किलोमीटर की नहर का खुदाई का कार्य प्रारंभ हो गया है? अगर नहीं तो खुदाई कार्य समस्त पूर्ण कार्यवाही करवाकर प्रारंभ कब तक करा दिया जावेगा? निश्चित समय-सीमा सहित बताए एवं सम्पूर्ण अद्यतन जानकारी से सभी परियोजना की जानकारी आदेशों की छायाप्रतियों सहित बताएं एवं इन परियोजनाओं से कितना-कितना रकबा कौन-कौन से गांवों का सिंचित होगा?
जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) स्वीकृति आदेश की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-1 अनुसार है। (ख) जतारा विधानसभा क्षेत्र की किसी भी योजना का प्रस्ताव साध्यता हेतु मुख्य अभियंता बोधी जल संसाधन विभाग भोपाल में लंबित नहीं होना प्रतिवेदित है। अत: शेष प्रश्नांश लागू नहीं होता है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (घ) जी नहीं। निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। योजना पूर्ण होने पर लगभग 12 ग्रामों का 1280 हेक्टेयर रकवा सिंचित किया जाना प्रस्तावित है। कमाण्ड एरिया का विस्तृत सर्वेक्षण कार्य वर्तमान में प्रगतिरत है, विस्तृत सर्वेक्षण उपरान्त वास्तविक ग्रामवार सिंचाई रकबा बताया जाना संभव हो सकेगा। निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
आदिवासी भूमि स्वामियों की भूमि का हस्तांतरण
[राजस्व]
139. ( क्र. 1377 ) श्री देवेन्द्र पटेल : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) ग्राम खैरी तहसील केसली जिला सागर में भूरा एवं कुन्जी आदिवासी के वारिस लक्ष्मण एवं मूंगाबाई एवं भूमि स्वामी लक्ष्मण आदिवासी के वारिस करोड़ी एवं भगोती एवं उनके वारिस बाबू और हुकम सिंह के नाम पर कितनी-कितनी भूमि राजस्व रिकार्ड में दर्ज है? खसरा व रकबा बतावें। (ख) क्या प्रश्नांश (क) में उल्लेखित भूमि स्वामियों की कृषि भूमि को फर्जी आधार पर अन्य लोगों को हस्तांतरित कर दिया गया है? क्या आदिवासी भूस्वामी की भूमि को कलेक्टर की अनुमति के बिना अन्य को हस्तांतरित किया जा सकता है? यदि नहीं, तो उक्त मामले में किन-किन राजस्व अधिकारियों के कार्यकाल में कूटरचना और फर्जीवाड़ा कर उक्त भूमि या उसके अंशभाग को अन्य को हस्तांतरित किया गया है? (ग) प्रश्नांकित भूमि जो कि लगभग 18 एकड़ है को खुर्दबुर्द करने हेतु कौन उत्तरदायी है? उक्त भूमि से संबंधित विगत 60 वर्षों में किए गए सभी नामांतरण/रजिस्ट्री इत्यादि की प्रतिलिपियां उपलब्ध करावें।
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) ग्राम खैरी (एलजीडी कोड 461344) तहसील केसली जिला सागर में भूरा (फौत) एवं कुंजी आदिवासी (फौत) के नाम भूमि दर्ज नहीं है। कुंजी के वारिस लक्ष्मन पिता कुंजी (फौत) वारिस भगोनी पुत्री लक्ष्मन एवं भूरा के वारिस मूगाबाई बेबा भूरा आदिवासी के वारिस कड़ोरी वारिस, बाबू, हुकुमसिंह पिता कड़ोरी के नाम वर्तमान बी-1 में खसरा नंबर 168 रकवा 0.12 हेक्टेयर, खसरा नंबर 227 रकवा 0.70 हेक्टेयर (2.05 एकड़) भूमिस्वामी हक में दर्ज है। (ख) तहसीलदार केसली से प्राप्त प्रतिवेदन अनुसार प्रश्न के प्रथम भाग के संबंध में जानकारी निम्नानुसार है- बंदोबस्त वर्ष 1982-83 की कार्यवाही के आधार पर नाम में परिवर्तन किया जाना पाया गया है। मध्य प्रदेश भू-राजस्व संहिता की धारा 165 अंतर्गत कार्यवाही किए जाने का प्रावधान है। प्रश्न के अंतिम भाग के संबंध में अंतिम आदेश बंदोबस्त पश्चात किया गया है, बंदोबस्त के अंतिम प्रकाशन उपरांत भूमि का विवरण निम्न है-
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मिसल बंदोबस्त पूर्व1975-81 |
मिसल बंदोबस्त पूर्व1975-81 |
परिवर्तन का विवरण |
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ख.नं. |
रकवा |
भूमि स्वामी |
ख.नं |
रकवा |
भूमि स्वामी |
बंदोबस्त 1982-83 के दौरान परिवर्तित |
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71 |
0.109 |
मूंगा बेवा भूरा |
203 |
0.15 |
डेल पिता दुरग लोधी |
बंदोबस्त 1982-83 के दौरान परिवर्तित |
|
172 |
2.355 |
224 |
3.45 |
भगवत सींग पिता गुलाब सींग लोधी |
||
|
175 |
0.518 |
259 |
1.50 |
|||
|
186 |
2.869 |
261 |
0.65 |
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वर्तमान मिसल बंदोबस्त में परिवर्तन करने का कोई आदेश उल्लेखित नहीं है। उपरोक्त मिसल बंदोबस्त सहायक बंदोबस्त अधिकारी एवं सहायक अधीक्षक भू-अभिलेख बंदोबस्त दल क्रमांक 02 रहली के सदस्य राजस्व निरीक्षक दल द्वारा तैयार की गई है। इसके उपरांत वर्ष 1985-90 के मध्य भूमि खसरा नंबर 276 रकवा 2.65 हेक्टेयर में निम्नानुसार परिवर्तन पाया गया-
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मिसल बंदोबस्त पूर्व 1975-81 |
मिसल बंदोबस्त पूर्व 1975-81 |
परिवर्तन का विवरण |
||||
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ख.नं |
रकवा |
भूमि स्वामी |
ख.नं |
रकवा |
भूमि स्वामी |
बंदोबस्त 1982-83 के दौरान परिवर्तित |
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276 |
2.65 |
भगोती पुत्री लक्ष्मन बगैरह |
276 |
2.65 |
भैयाराम नाबा बल्द वली सियाराम देवीसींग नाबा वल्द प्यारेलाल वली सियाराम सौर |
खसरा पांचसाला तत्कालीन पटवारी द्वारा तैयार किसी आदेश के बिना 1989-1990 में परिवर्तित किया गया |
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बिंदु 'ख' की विषयवस्तु के निष्कर्ष हेतु में उभय- पक्ष/हितबद्ध पक्षकारों को सुना जाना आवश्यक है जिस हेतु अ.वि.अ केसली जिला- सागर को पत्र लेख किया गया है। |
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(ग) सहायक बंदोबस्त अधिकारी एवं सहायक भू-अभिलेख अधीक्षक बंदोबस्त दल क्र. 02 रहली के सदस्य राजस्व निरीक्षक विगत 46 वर्षों बंदोबस्त के बाद फौती नामांतरण एवं बटवारा से उनके वारिसानों के नाम दर्ज हुये। अन्य किसी प्रकार का अंतरण नहीं किया गया है।
हाई स्कूल भवन हेतु स्थल चयन में अनियमितता
[स्कूल शिक्षा]
140. ( क्र. 1378 ) श्री देवेन्द्र पटेल : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या ग्राम सिंहपुर विकासखण्ड गौरिहार जिला छतरपुर में हाई स्कूल भवन निर्माण हेतु राशि आवंटित की गई है? यदि हां, तो कितनी राशि? निर्माण एजेंसी कौन है? (ख) क्या उक्त भवन के निर्माण हेतु कही भूमि आवंटित की गई है? यदि हां, तो आराजी क्रमांक व रकबा बतावें। यदि नहीं, तो क्यों? (ग) क्या उक्त भवन का निर्माण माध्यमिक शाला परिसर में किया जा रहा है? विद्यार्थियों के खेलकूद, सायकल पार्किंग व अन्य कार्यक्रम हेतु नियम स्थल पर उक्त निर्माण किये जाने का औचित्य बतावें? (घ) क्या प्रश्नांश (क) वर्णित ग्राम की शासकीय भूमि खसरा नं. 638/191/1 रकबा 0.7840 हेक्टेयर पर उक्त हाई स्कूल का निर्माण कराये जाने की मांग ग्रामीणों एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने मान. प्रभारी मंत्री, कलेक्टर व अनुविभागीय अधिकारी से की थी? यदि हां, तो इनके आवेदनो व मांग पत्र पर कार्यवाही न किये जाने के क्या कारण रहे है? यदि कार्यवाही की गई है तो क्या कार्यवाही की गई बतावें? कब तक उचित स्थल तय कर उक्त भवन का निर्माण कराया जावेगा? ग्राम में उपलब्ध खसरा नं. 638 एवं 250 की अंशभूमि जो शासकीय है पर विद्यालय बनाने में विभाग व निर्माण एजेंसी को क्या आपत्ति है?
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जी हां, जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी हां। ग्राम सिंहपुर विकासखण्ड गौरिहार में हाईस्कूल भवन निर्माण हेतु राजस्व विभाग द्वारा आराजी क्रमांक 255/1 व रकवा 0.368 हेक्टेयर भूमि आवंटित की गई हैं। (ग) जी हां। राजस्व विभाग द्वारा उपलब्ध कराई गई भूमि पर ही हाईस्कूल सिंहपुर का भवन निर्माण कराया जा रहा हैं। प्राचार्य शास. हाईस्कूल सिंहपुर के पत्र दिनांक 02.02.2026 एवं 05.02.2025 के द्वारा सिंहपुर में हाईस्कूल भवन निर्माण के उपरांत भी बच्चों को साईकिल पार्किंग, गणतंत्र दिवस में सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं कबड्डी, खो-खो, आदि खेलो हेतु पर्याप्त खेल स्थान उपलब्ध हैं। (घ) जी हां। ग्राम सिंहपुर में शासकीय भूमि खसरा नं. 638/191/1 रकबा 0.7840 हेक्टेयर पर हाईस्कूल भवन का निर्माण कराये जाने की मांग कुछ ग्रामीणों द्वारा की गई थी, किन्तु स्थानीय जनप्रतिनिधि (सरपंच) एवं अन्य ग्रामीणों द्वारा राजस्व विभाग से आवंटित जमीन आराजी क्रमांक 255/1 व रकबा 0.368 हेक्टेयर में ही भवन निर्माण कराये जाने संबंधी पंचनामा राजस्व अधिकारियों के समक्ष दिया गया, तदनुसार राजस्व विभाग द्वारा आवंटित भूमि पर ही हाईस्कूल सिंहपुर के भवन का निर्माण कराया जा रहा हैं। शेषांश का प्रश्न ही नहीं हैं।
गबन घोटाले करने वाले कर्मचारियों पर F.I.R.
[स्कूल शिक्षा]
141. ( क्र. 1481 ) श्री बृज बिहारी पटैरिया : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला सागर अंतर्गत स्कूल शिक्षा विभाग के किन-किन वि.ख. में अधिकारी-कर्मचारी शिक्षक/प्रभारी प्राचार्य एवं अन्य कर्मचारी जिन्होंने गबन घोटाले एवं स्कूलों की राशि अपनों एवं अन्य कर्मचारियों के माध्यम से चेक द्वारा अथवा नगद शासकीय राशि को दुरुपयोग किया है उनके नाम, पदवार राशि सहित जानकारी उपलब्ध कराये। (ख) ऐसे कौन-कौन से अधिकारी कर्मचारी शिक्षक है एवं अन्य है जिन्हें 2025 जनवरी से लेकर जनवरी 2026 तक निलंबित किया गया है। जिन्हें निलंबित किया गया है उनके मुख्यालय कहां रखे गये है। नाम, पद, स्थान सहित विवरण देवें। (ग) जिन्हें आर्थिक अनियमितताओं के कारण निलंबित किया गया है उनके विरूद्ध पुलिस प्रकरण पंजीबद्ध कराये गये है या नहीं यदि नहीं, तो प्रथम दृष्टया निलंबन के साथ-साथ एफ.आई.आर. दर्ज क्यों नहीं कराई गई कारण सहित बताये एवं कब तक पुलिस प्रकरण दर्ज कराकर सेवा पृथक की कार्यवाही के प्रस्ताव शासन को भेज दिये जावेगे? राशि वसूली के लिये उनके देय स्वत्वों से कब तक वसूली कर ली जावेगी? नहीं तो स्पष्ट नियमों सहित जानकारी प्रदान करें।
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) एवं (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार 04 निलंबित लोकसेवकों को आर्थिक अनियमितता के कारण निलंबित किया गया, जिनके विरूद्ध विभागीय जाँच संस्थित है। विभागीय जाँच में प्रतिवेदन के आधार पर नियमानुसार कार्यवाही की जाती है। अतः शेषांश प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
अस्पताल प्रबंधक में अनियमितताएं
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
142. ( क्र. 1482 ) श्री बृज बिहारी पटैरिया : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या चिकित्सा महाविद्यालयों में अस्पताल प्रबंधक, रजिस्ट्रार, उप रजिस्ट्रार के संविदा, नियमित वेतनमान में पद स्वीकृत है? इनकी उचित आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए क्या इन पदों की स्वीकृति कर पूर्ति की गई है? विवरण दें। (ख) क्या अस्पताल प्रबंधक, उप रजिस्ट्रार, रजिस्ट्रार के पदों पर भर्ती प्रक्रिया में पूर्ण रूप से अर्हता प्राप्त अभ्यर्थियों का ही चयन किया गया है? विस्तृत रूप से विवरण देवें। (ग) क्या शासन द्वारा उपरोक्त पदों को स्वीकृत एवं पद पूर्ति पश्चात अस्पताल प्रबंधक की व्यवस्था में सुचारू रूप से संचालन हुआ है तथा अपने कर्तव्य का निर्वहन संस्था स्तर पर वैधानिक रूप से कर रहे हैं? विवरण सहित जानकारी उपलब्ध करावें। (घ) क्या कुछ अस्पताल प्रबंधक रजिस्ट्रार, उप रजिस्ट्रार मुख्यालय भोपाल स्तर के अन्य कार्यालयों में बिना संस्था की NOC प्राप्त किये संलग्न है तथा अनैतिक कार्यों में भी लिप्त है, इन लोगों के विरुद्ध कितनी शिकायतें संचालनालय स्तर पर मेल/आवक के माध्यम से प्राप्त हुई तथा क्या जनप्रतिनिधियों द्वारा ध्यानाकर्षण, शून्यकाल तथा विधानसभा प्रश्न के माध्यम से शासन का ध्यान आकर्षित कराया गया है? यदि हां, तो प्रश्न दिनांक तक उस पर क्या कार्रवाई की गई? क्या संचालक/आयुक्त द्वारा वसूली/अनैतिक कार्यों में लिप्त होने से इन्हें संरक्षण दिया जा रहा है? संलग्न कर्मचारियों/अधिकारियों को मूल संस्था में कब तक भेजा जाएगा? यदि हाँ, तो समय-सीमा बतायें। यदि नहीं, तो क्यों कारण सहित बताएँ।
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।