मध्यप्रदेश विधान सभा
प्रश्नोत्तर-सूची
फरवरी-मार्च, 2026 सत्र
बुधवार, दिनांक 18 फरवरी, 2026
भाग-1
तारांकित
प्रश्नोत्तर
पुलिस
चौकी का
उन्नयन
[गृह]
1. ( *क्र. 547 ) श्री श्रीकान्त चतुर्वेदी : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मैहर में स्थित मां शारदा मंदिर क्षेत्र में प्रतिदिन बीस से तीस हजार के लगभग आने वाले दर्शनार्थियों की भीड़ की सुरक्षा व्यवस्था की दृष्टि से पुलिस चौकी की जगह थाना खोले जाने की अनिवार्यता के कारण क्या शासन स्तर से नवीन रूप से पुलिस बल के पद सृजित करते हुए, उक्त स्थान पर थाना स्थापित कराये जाने की प्रक्रिया प्रचलन में है? यदि हाँ, तो कब तक मैहर मां शारदा धाम में थाना स्थापित करा दिया जावेगा? समयावधि बतायी जावे। (ख) प्रश्नांश (क) के प्रकाश में यदि नहीं, तो क्यों? कारण सहित जानकारी दी जावे और क्या निकट भविष्य में इस व्यवस्था को लागू किये जाने की कार्यवाही की जावेगी? समयावधि निर्धारित कर जानकारी उपलब्ध करायी जावे।
मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) अधिकृत - राज्य मंत्री (श्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल) : (क) जी हाँ। मां शारदा देवी मंदिर, मैहर में स्थापित पुलिस चौकी का थाने में उन्नयन के प्रस्ताव का परीक्षण पुलिस मुख्यालय स्तर पर किया जा रहा है। परीक्षण उपरांत नियमानुसार कार्यवाही की जावेगी। समयावधि बताया जाना संभव नहीं है। (ख) उत्तरांश (क) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
फर्शी पत्थर धारित क्षेत्रों का हस्तांतरण
[खनिज साधन]
2. ( *क्र. 430 ) श्री ब्रजेन्द्र प्रताप सिंह : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या विधानसभा सत्र दिसम्बर 2025 के प्रश्न क्रमांक 264 के उत्तर में राजस्व एवं खनिज विभाग द्वारा संयुक्त रूप से फर्शी पत्थर धारित क्षेत्रों का चिन्हांकन किया जाकर क्षेत्र उपलब्धता के संबंध में प्रतिवेदन दिया गया है, अवगत कराया गया था? (ख) यदि हाँ, तो उपलब्ध क्षेत्र खनन हेतु माइनिंग कॉर्पोरेशन को हस्तांतरण किये जाने हेतु क्या कार्यवाही की गई है? जानकारी दें। कब तक उपलब्ध क्षेत्र माइनिंग कॉर्पोरेशन को हस्तांरित किया जावेगा? समय-सीमा बतावें?
मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) अधिकृत - मंत्री (श्री चेतन्य काश्यप) : (क) जी हाँ। कलेक्टर (खनिज शाखा) पन्ना द्वारा पत्र दिनांक 19.11.2025 से स्थल जाँच प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया था। प्रतिवेदन के संबंध में इस कार्यालय के पत्र दिनांक 02.01.2026 से अतिरिक्त जानकारी प्रेषित करने हेतु लेख किया गया था। (ख) कलेक्टर कार्यालय (खनि शाखा) से वन क्षेत्र संबंधी विस्तृत प्रतिवेदन पत्र दिनांक 03.02.2026 से प्राप्त हुआ है, जिसके परीक्षण हेतु तकनीकी समिति का गठन किया गया है, समिति का प्रतिवेदन प्राप्त होने के उपरांत आगामी कार्यवाही की जायेगी।
डिस्ट्रिक्ट मिनरल फाउंडेशन (D.M.F.) फंड का उपयोग
[खनिज साधन]
3. ( *क्र. 665 ) श्री प्रेमशंकर कुंजीलाल वर्मा : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या सरकार द्वारा खनन प्रभावित क्षेत्रों के विकास हेतु डिस्ट्रिक्ट मिनरल फाउंडेशन (D.M.F.) फंड का उपयोग किया जा रहा है? (ख) यदि हाँ, तो अब तक कितना व्यय किया गया है? (ग) विधानसभा क्षेत्र सिवनी मालवा में डिस्ट्रिक्ट मिनरल फाउंडेशन (D.M.F.) फंड से कितनी राशि विकास हेतु खर्च की गई है?
मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) अधिकृत - मंत्री (श्री चेतन्य काश्यप) : (क) जी हाँ। (ख) प्रश्नांश अनुसार अब तक रूपये 3556.64 करोड़ व्यय किया गया है। (ग) विधानसभा क्षेत्र सिवनी मालवा में डिस्ट्रिक्ट मिनरल फांउडेशन (D.M.F.) फंड से विकास हेतु राशि खर्च नहीं की गई है।
अनुकंपा नियुक्ति हेतु दिशा-निर्देश
[सामान्य प्रशासन]
4. ( *क्र. 641 ) डॉ. सतीश सिकरवार : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा अनुकम्पा नियुक्ति के प्रकरणों के निराकरण के संबंध में किस-किस दिनांक को क्या-क्या निर्देश जारी किये गये हैं? जारी परिपत्रों की प्रतियां उपलब्ध कराई जावे। (ख) मृतक शासकीय सेवक के आश्रितों द्वारा अनुकम्पा नियुक्ति दिये जाने हेतु आवेदन प्रस्तुत किये जाने पर, विभाग द्वारा रोस्टर का आधार लिया जाकर, आश्रितों को नियुक्ति नहीं दी जा रही है, जबकि सा.प्र. विभाग द्वारा जारी निर्देशों में रोस्टर का प्रावधान नहीं है? (ग) अनुकम्पा नियुक्ति के निराकरण के संबंध में विभाग द्वारा कितनी समय-सीमा तय की गई है? यदि समय-सीमा नियत नहीं की गई है, तो क्या समय-सीमा नियत किये जाने पर विचार किया जावेगा और यदि नहीं, तो कारण सहित जानकारी प्रदाय की जावे। (घ) ग्वालियर संभाग के विभिन्न शासकीय विभागों में अनुकम्पा नियुक्ति के कितने प्रकरण प्रश्न दिनांक तक किस-किस वर्ष से लंबित हैं? लंबित प्रकरणों की वर्षवार/विभागवार जानकारी दी जावे।
मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) अधिकृत - राज्य मंत्री (श्रीमती कृष्णा गौर) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) अनुकम्पा नियुक्ति के संबंध में परिपत्र दिनांक 29.9.2014 की कंडिका–7.9 में आरक्षण रोस्टर अनुसार संबंधित प्रवर्ग के रिक्त पद पर ही अनुकम्पा नियुक्ति दिये जाने का प्रावधान है। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता। (ग) अनुकम्पा नियुक्ति के संबंध में परिपत्र दिनांक 29.9.2014 की कंडिका–13.6 में एक माह की समय-सीमा तय की गई है। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता। (घ) कार्यालय आयुक्त, ग्वालियर संभाग की स्थापना में अनुकम्पा नियुक्ति के लंबित प्रकरणों की जानकारी निरंक है। समस्त विभागों की अनुकम्पा नियुक्ति के प्रकरणों की जानकारी केन्द्रीयकृत रूप से संधारित नहीं की जाती है, क्योंकि इनका संधारण प्रशासन से संबंधित विभागों द्वारा किया जाता है।
पुलिस लाइन एवं थानों में पदस्थ उप निरीक्षक एवं निरीक्षक के प्रभार
[गृह]
5. ( *क्र. 697 ) श्री सुरेश राजे : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला ग्वालियर की पुलिस लाइन में कौन-कौन पुलिस निरीक्षक एवं उप निरीक्षक किस-किस दिनांक से पदस्थ होकर कार्यरत हैं? पूर्ण जानकारी देवें। (ख) जिला ग्वालियर अंतर्गत शहर एवं ग्रामीण क्षेत्र के किस पुलिस थाना/चौकी में कौन-कौन उप निरीक्षक, प्रभारी निरीक्षक (टी.आई.) के पद पर किस दिनांक से पदस्थ होकर कार्यरत हैं? उनका नाम/पद/जन्मतिथि/एवं प्रथम नियुक्ति सहित विस्तृत ब्यौरा देवें। (ग) बिंदु 1 एवं 2 के अनुसार जब जिला पुलिस बल ग्वालियर में पुलिस निरीक्षक उपलब्ध हैं, तो पुलिस थानों में उप निरीक्षकों को प्रभारी पुलिस निरीक्षक क्यों बनाया गया? कारण दें तथा प्रभारी उप निरीक्षकों से निरीक्षक का प्रभार कब तक हटाकर पुलिस निरीक्षकों को पदस्थ किया जायेगा? समयावधि बतावें। यदि नहीं, किया जायेगा तो क्यों? कारण दें।
मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) अधिकृत - राज्य मंत्री (श्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र "अ" अनुसार है। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र "ब" अनुसार है। (ग) वर्तमान में पुलिस लाईन में तैनात निरीक्षकों के विरूद्ध गंभीर शिकायत, आपराधिक प्रकरण, विभागीय जांच आदि लंबित होने एवं स्वास्थ्य संबंधी समस्या व पदीय कर्तव्यों के प्रति उदासीनता के कारण उक्त निरीक्षकों की पदस्थापना थाना प्रभारी निरीक्षकों के रूप में नहीं की जा सकती है। इकाई के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र के 06 थानों में पुलिस निरीक्षक (टी.आई.) का स्थानांतरण अन्य थानों अथवा इकाई में हो जाने से उन थानों में पूर्व से पदस्थ उपनिरीक्षक स्तर के अधिकारी पुलिस रेगुलेशन के पैरा-584 में निहित शर्तों के अनुरूप अपने पद की वरिष्ठता के आधार पर उक्त थानों में प्रभारी अधिकारी के कार्यों का संपादन कर रहे हैं। पुलिस लाईन में पदस्थ निरीक्षकों के विरुद्ध लंबित आपराधिक प्रकरण, विभागीय जांच, गंभीर शिकायतों आदि का निराकरण होने के उपरांत उनकी थाना प्रभारी निरीक्षक के पद पर पदस्थापना की जावेगी। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता है।
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल द्वारा जारी आदेशों का क्रियान्वयन
[पर्यावरण]
6. ( *क्र. 279 ) श्री अजय अर्जुन सिंह : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्न दिनांक तक विगत सात वर्षों में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल द्वारा सीवेज फार्मिंग रोकने, रेत का अवैध उत्खनन रोकने, दूध डेयरियों को शहरी क्षेत्र से बाहर स्थानांतरित करने, पराली जलाने पर रोक लगाने, फ्लाय एश का प्रबंधन करने, कचरे का निस्तारण करने और बिना ट्रीटमेंट किए नालों और सीवेज को पीने के पानी में मिलने से रोकने के इंतजाम करने के संबंध में कौन-कौन से आदेश जारी किये गये हैं? सभी आदेशों की प्रतिलिपि उपलब्ध कराएं। (ख) क्या नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के सॉलिड वेस्ट और सीवेज का नियमानुसार प्रबंधन करने के आदेश का पालन नहीं किया गया? इसी के परिणामस्वरूप इंदौर के भागीरथपुरा में पीने का पानी दूषित हुआ और इतनी बड़ी संख्या में निर्दोष नागरिक बीमार हुए और दो दर्जन से अधिक की मृत्यु हो गई? (ग) नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के सॉलिड वेस्ट और सीवेज का नियमानुसार प्रबंधन करने के आदेश का इंदौर में क्रियान्वयन करने में लापरवाही बरतने में कौन-कौन अधिकारी जिम्मेदार हैं और उन पर क्या कार्यवाही की गई है?
मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) अधिकृत - राज्य मंत्री (श्री दिलीप अहिरवार) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' अनुसार है। (ख) नगर पालिक निगम, इन्दौर से प्राप्त जानकारी अनुसार माननीय राष्ट्रीय हरित अधिकरण के आदेशों एवं शासन के निर्देशों के परिपालन में सॉलिड वेस्ट एवं सीवेज का नियमानुसार प्रबंधन किया जाता है। भागीरथपुरा क्षेत्र के अपस्ट्रीम में पालदा एवं उद्योग नगर औद्योगिक क्षेत्र, पोलोग्राउण्ड औद्योगिक क्षेत्र स्थित है। वर्तमान में पोलोग्राउण्ड एवं पालदा उद्योग नगर औद्योगिक क्षेत्र की औद्योगिक इकाइयों को हानिकारक एफ्यूलेंट के ट्रीटमेंट हेतु स्वयं के एफ्यूलेंट ट्रीटमेंट प्लांट लगाये जाने का प्रावधान किया गया है, जिसका समय-समय पर निरीक्षण किया जाता है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जिला इन्दौर से प्राप्त जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''ब'' अनुसार है। उल्लेखनीय है कि भागीरथपुरा क्षेत्र में पीने का पानी दूषित होने के संबंध में माननीय उच्च न्यायालय, इन्दौर में प्रकरण क्रमांक 50628/2025, 247/2026 और 469/2026 चलायमान है। (ग) भागीरथपुरा घटना की न्यायिक जांच के आदेश राज्य शासन द्वारा दिए गए हैं। जांच प्रतिवेदन प्राप्त होने के बाद ही इस प्रश्न का उत्तर दिया जाना संभव है।
वन विभाग/अभ्यारण की भूमि
[वन]
7. ( *क्र. 46 ) डॉ. हिरालाल अलावा : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) इंदौर, भोपाल, जबलपुर संभागों में दिनांक 01.01.2022 से प्रश्न-दिनांक तक किस क्षेत्र के किस मद के कितनी-कितनी भूमि पर कितने प्रकार के कुल कितने पौधों/वृक्षों का वृक्षारोपण किया गया? (ख) प्रश्नांश (क) के भूमियों और पौधों/वृक्षों को क्रय करने, वृक्षारोपण लायक बनाने एवं अन्य समस्त खर्च की गई राशियों की जिलेवार/क्षेत्रवार जानकारी देवें। (ग) प्रश्नांश (क) के वृक्षारोपण किये गये कितने पौधे/वृक्ष वर्तमान में जीवित हैं और कितने किन कारणों से सूख गए? जिलेवार/क्षेत्रवार बतावें।
मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) अधिकृत - राज्य मंत्री (श्री दिलीप अहिरवार) : (क) से (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।
भोपाल पुलिस द्वारा उपयोग किये जा रहे वाहन
[गृह]
8. ( *क्र. 486 ) श्री आरिफ मसूद : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) गृह पुलिस भोपाल के अंतर्गत आने वाले समस्त थाना प्रभारी, सहायक पुलिस आयुक्तों द्वारा कौन-कौन से शासकीय वाहनों का उपयोग किया जा रहा है? उपयोग किये जा रहे वाहनों के मेक, निर्माण वर्ष एवं बीमा तथा प्रश्न दिनांक तक कितने कि.मी. तक चल चुकी है? जानकारी उपलब्ध करावें। (ख) प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्य में क्या थाना प्रभारी एवं सहायक पुलिस आयुक्तों द्वारा उपयोग किये जा रहे वाहन अपनी आयु पूर्ण कर चुके हैं? उसके बाद भी अधिकारियों द्वारा उक्त वाहनों का उपयोग किया जा रहा है, जिससे कभी भी कोई दुर्घटना हो सकती है। (ग) प्रश्नांश (ख) के परिप्रेक्ष्य में क्या उक्त वाहनों को शीघ्र ही बदला जायेगा? यदि नहीं, तो क्यों?
मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) अधिकृत - राज्य मंत्री (श्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे गये परिशिष्ट के प्रपत्र 'क' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे गये परिशिष्ट के प्रपत्र 'ख' अनुसार है। स्क्रेप नीति अंतर्गत 15 वर्ष आयु पूर्ण स्क्रेप योग्य वाहनों को चिन्हित किया जाकर चरणबद्ध रूप से स्क्रेप किया जा रहा है। वर्तमान में 610 वाहन स्क्रेप किये जा चुके हैं, शेष स्क्रेप प्रक्रिया प्रचलन में है। (ग) आयु पूर्ण वाहनों को चरणबद्ध तरीके से स्केप किया जाकर बजट आवंटन एवं वाहन क्रय स्वीकृति के आधार पर इकाइयों में वाहनों की कमी की पूर्ति की जा रही है।
ऑनलाइन बैंकिंग धोखाधड़ी तथा अन्य साइबर अपराध
[गृह]
9. ( *क्र. 673 ) श्री प्रताप ग्रेवाल : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2020 से प्रश्न दिनांक तक प्रदेश में साइबर अपराधों की ऑनलाइन बैंकिंग धोखाधड़ी तथा अन्य साइबर अपराध के कितने प्रकरण दर्ज किये गये? उनमें कुल राशि समाहित, कुल आरोपी बतावें। आरोपी में कितने राज्य के निवासी हैं, कितने अन्य राज्य के निवासी हैं तथा कितने विदेशी नागरिक हैं? वर्षवार जिलेवार जानकारी दें। (ख) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित कुल राशि में से वर्षवार बतावें कि कितनी राशि जब्त हुई, उसमें से कितनी राशि पीड़ितों को दी गई? कितने आरोपी पकड़े गए, कितनों को गिरफ्तार करना शेष है? उनमें से कितने राज्य के, राज्य के बाहर के तथा विदेशी हैं? (ग) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित अवधि के प्रकरण में कुल कितनी राशि का गबन हुआ। किस-किस प्रकरण में कितनी राशि की रिकवरी की गई? रिकवरी परसेंटेज क्या रहा? कितनी राशि किस-किस प्रकरण में पीड़ितों को दी गई। प्रत्येक वर्ष में सर्वाधिक साइबर अपराध किस जिले के नागरिकों के साथ हुए? साइबर अपराध जिनके साथ हुए, उनकी औसत उम्र क्या-क्या है? (घ) माहिलाओं के साथ साइबर अपराध के कितने प्रकार से अपराधों को विभाजित किया गया है? वर्ष 2020 से अब तक माहवार, जिलेवार, कितने अपराध दर्ज किए गए? कितने मामलों में अपराधी पकड़े गए, कितने प्रकरणों में सजा हुई? सजा का प्रतिशत क्या रहा। (ड.) सर्वाधिक बैंक/वित्तीय स्तर के साइबर अपराध करने वाले आरोपी या अपराध करने वाले अपराधियों के स्थान कहाँ-कहाँ पाए गए या चिन्हित किये गए, जिसमें राज्य के, राज्य से बाहर या विदेश कहाँ से सर्वाधिक साइबर अपराध म.प्र. में किये जा रहे हैं व साइबर अपराध मामले में प्रदेश 2020 से 2025 में देश में कितने नंबर पर है?
मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) अधिकृत - राज्य मंत्री (श्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे गये परिशिष्ट के प्रपत्र "अ" अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे गये परिशिष्ट के प्रपत्र "ब" अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे गये परिशिष्ट के प्रपत्र "स" अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे गये परिशिष्ट के प्रपत्र "द" अनुसार है। (ड.) जानकारी पुस्तकालय में रखे गये परिशिष्ट के प्रपत्र "ई" अनुसार है।
मण्डी शुल्क में छूट का लाभ
[सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम]
10. ( *क्र. 891 ) श्री अभय मिश्रा : क्या सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या विधानसभा प्रश्न क्रमांक 1088, उत्तर दिनांक 02.12.2025 के बिन्दु (ग) अनुसार म.प्र. एम.एस.एम.ई. विकास नीति-2021 में प्रावधानित मण्डी शुल्क से छूट सुविधा को मण्डी शुल्क की प्रतिपूर्ति से प्रतिस्थापित करने हेतु प्रस्ताव विचाराधीन है? (ख) यदि प्रश्नांश (क) हाँ है तो मण्डी शुल्क से छूट सुविधा को मण्डी शुल्क की प्रतिपूर्ति से प्रतिस्थापित हेतु विचाराधीन प्रस्ताव को कब तक विचारोपरांत क्रियान्वित कराये जाने बाबत कार्यवाही करेंगे बतावें? अगर नहीं तो क्यों? (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के संदर्भ में खाद्य प्रंस्करण औद्योगिक इकाइयों को मण्डी शुल्क से छूट का लाभ प्रदान नहीं किया जा रहा है तो क्या विभाग प्रावधानित मण्डी शुल्क से छूट का लाभ प्रदान करने के लिये चुकाये गये मण्डी शुल्क की प्रतिपूर्ति का भी प्रावधान लंबित प्रस्ताव में सम्मिलित कर कार्यवाही करेगा? यदि हाँ, तो समय-सीमा बतावें। अगर नहीं तो क्यों?
सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री ( श्री चेतन्य कुमार काश्यप ) : (क) जी हाँ। (ख) कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। (ग) म.प्र. एम.एस.एम.ई. प्रोत्साहन योजना 2021 में यंत्र-संयंत्र में रू. 10 करोड़ से अधिक निवेश करने वाली खाद्य प्रंस्करण इकाइयों को मण्डी शुल्क से छूट का लाभ का प्रावधान किया गया था। किंतु मण्डी बोर्ड द्वारा वित्तीय कठिनाइयों के दृष्टिगत इकाइयों को मण्डी शुल्क से छूट का लाभ प्रदान नहीं किया जा पा रहा है। प्रावधानित मण्डी शुल्क से छूट का लाभ प्रदान करने के लिये चुकाये गये मण्डी शुल्क की प्रतिपूर्ति का प्रावधान प्रस्ताव में सम्मिलित किया गया है।
दतिया जिले के पंडोखर थाना के तत्कालीन प्रभारी के विरूद्ध कार्यवाही
[गृह]
11. ( *क्र. 414 ) श्री राजेन्द्र भारती : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या पॉक्सो एक्ट की धारा 3/4 में यह प्रावधान है कि जब तक बलात्कार के प्रकरण में D.N.A. रिपोर्ट नहीं आती, तब तक प्रकरण में विवेचक द्वारा कोई निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता है? यदि हाँ, तो दतिया जिले के तत्कालीन पंडोखर थाना प्रभारी, श्री रविन्द्र शर्मा द्वारा अपराध क्रमांक 74/16 में बिना D.N.A. रिपोर्ट प्राप्त किये E.R. (खारिजी रिपोर्ट) किस आधार पर लगाई गई? कृपया विस्तृत जानकारी प्रदान करें। (ख) क्या विभाग के पास श्री रविन्द्र शर्मा द्वारा पंडोखर थाना में दर्ज अपराध क्रमांक 74/16 में गंभीर अनियमितताएं करने के संबंध में शिकायत प्राप्त हुई थी? यदि हाँ, तो उक्त प्राप्त शिकायत के आधार दण्डात्मक कार्यवाही की गई है? यदि हाँ, तो कृपया आदेशों की प्रतियां प्रदान करें। यदि नहीं, तो क्यों? कारण सहित बतायें कि किसी प्राप्त शिकायत के आधार पर जारी विभागीय जांच अधिकतम कितने दिवस में पूर्ण करने के शासनादेश हैं? कृपया शासनादेश की प्रति प्रदान करते हुये बतायें कि रविन्द्र शर्मा के विरुद्ध विभागीय जाँच एक वर्ष पश्चात भी क्यों लंबित है? कारण सहित बतायें। (ग) पुलिस मुख्यालय, म.प्र. भोपाल का आदेश है कि पत्र क्रमांक/पु.सु/3/कार्मिक/1/155/2563/21, दिनांक 02.08.2021 द्वारा आपराधिक प्रकरण एवं विभागीय जांच में संलिप्त अधिकारियों की थाने में पदस्थापना संबंधी आदेश जारी किया गया था? यदि हाँ, तो उक्त आदेश में जिन पुलिस कर्मियों के विरूद्ध आपराधिक प्रकरण विवेचना में अथवा अभियोजन में लंबित हैं तथा जिन पुलिस कर्मियों के विरूद्ध भ्रष्टाचार, नैतिक अधोपतन, शारीरिक हिंसा एवं अवैध निरोध संबंधी आरोप लगे हैं। उनको पुलिस थानों, क्राइम बांच अथवा किसी अधिकारी के कार्यालय में तैनात न करने के आदेश हैं? यदि हाँ, तो उक्त आदेश जारी होने के बाद भी रविन्द्र शर्मा को वर्ष 2023 से विभागीय जांच जारी रहने के बाद भी नगर निरीक्षक थाना कोतवाली दतिया, जिला दतिया, थाना प्रभारी लहार, थाना प्रभारी गोहद चौराहा जिला भिण्ड बनाये जाने के क्या कारण हैं? (घ) गृह विभाग, म.प्र. शासन द्वारा यातायात थानों में थाना प्रभारियों एवं अन्य पुलिस कर्मियों को नियुक्त करने के मापदण्ड निर्धारित किये गये हैं? यदि हाँ, तो उक्त मापदण्डों के आदेशों की प्रतियां प्रदान करते हुये बतायें कि दतिया जिला सहित म.प्र. में ऐसे कितने यातायात प्रभारी हैं, जो शासन के उल्लेखित आदेश एवं निर्धारित मापदण्डों के विरूद्ध यातायात थानों में पदस्थ हैं। कृपया अप्रशिक्षित थाना प्रभारियों एवं पुलिस कर्मियों की सूची प्रदान करते हुये बतायें कि क्या अप्रशिक्षित पुलिस कर्मियों को हटाकर प्रशिक्षितों को नियुक्त किया जायेगा? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्यों? कृपया कारण सहित अवगत करायें।
मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) अधिकृत - राज्य मंत्री (श्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल) : (क) पॉक्सो एक्ट की धारा 3/4 में बलात्कार के प्रकरण में डी.एन.ए. रिपोर्ट/परीक्षण प्राप्त न होने पर कोई निर्णय लिये जाने का प्रावधान नहीं है। धारा 164 (द.प्र.स.) के अन्तर्गत पीड़िता द्वारा दिये गये कथन के आधार पर ई.आर. (खारिजी) कता की गई है, डी.एन.ए. रिपोर्ट धनात्मक (पॉजिटिव) आने पर ई.आर. निरस्त कर विवेचना में लिया गया विवेचना पूर्ण कर अभियोग पत्र माननीय न्यायालय में प्रस्तुत किया गया है। संबंधित विवेचक निरीक्षक, रविन्द्र शर्मा, तत्कालीन थाना प्रभारी पण्डोखर के विरुद्ध विभागीय जांच संस्थित की गई है। (ख) जी हाँ, तत्कालीन थाना प्रभारी पण्डोखर द्वारा थाना पण्डोखर में दर्ज अपराध क्रमांक 74/16 के संबंध में शिकायत प्राप्त हुई थी। निरीक्षक रविन्द्र शर्मा की जिला दतिया में पदस्थापना अवधि के दौरान विभागीय जांच संस्थित नहीं हुई थी। विभागीय जांच क्रमांक 09/2024, दिनांक 03.04.2024 को संस्थित हुई थी। पण्डोखर के अपराध क्रमांक 74/16 में लापरवाही के संबंध में वर्तमान में वि.जा. पुलिस अधीक्षक मुरैना के द्वारा संपादित की जा रही है। पुलिस अधीक्षक, जिला मुरैना से प्राप्त अभिलेख अनुसार विभागीय जांच कमांक 09/24 में दिनांक 24.12.2024 को साक्षी श्री सतीश कुमार वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी सीन ऑफ क्राईम मोबाईल यूनिट के कथन लेख किये गये हैं। तदुपरांत अग्रिम अभियोजन कार्यवाही हेतु दिनांक 11.02.2025, 10.03.2025, 16.04.2025, 01.05.2025, 26.05.2025, 20.06.2025, 22.07.2025, 18.08.2025, 25.09.2025, 23.10.2025, 21.11.2025, 22.12.2025, 20.01.2026 नियत की गई थी, किन्तु नोटिस तामिल उपरांत भी अपचारी के उपस्थित नहीं होने के कारण विभागीय जांच में कार्यवाही नहीं की जा सकी है। एक वर्ष में पूर्ण करने का प्रावधान है। छायाप्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) जी हाँ, पुलिस मुख्यालय मध्य प्रदेश भोपाल का आदेश क्रमांक/पु.मु/3/कार्मिक/1/155/2563/21, दिनांक 02.08.2021 जारी किया गया है। तत्कालीन निरीक्षक, रविन्द्र शर्मा की जिला दतिया में पदस्थापना अवधि (दिनांक 03.05.2015 से दिनांक 12.04.2017 एवं दिनांक 25.07.2019 से दिनांक 26.05.2022) के दौरान कोई भी विभागीय जांच संस्थित नहीं हुई थी। विभागीय जांच क्रमांक 25/24, दिनांक 12.11.2024 को संस्थित हुई थी एवं विभागीय जांच क्रमांक 09/2024, दिनांक 03.04.2024 को संस्थित हुई थी। तत्कालीन निरीक्षक, रविन्द्र शर्मा को दिनांक 26.05.2022 को जिला दतिया से जिला भिण्ड के लिये स्थानातंरण पर कार्यमुक्त किया गया। जिला भिण्ड में पदस्थ निरीक्षक, रविन्द्र शर्मा के विरुद्ध विभागीय जांच 09/24 एवं 25/24 (संस्थित जिला दतिया) में भ्रष्टाचार, नैतिक अधोपतन, शारीरिक हिंसा एवं अवैध निरोध संबंधी आरोप नहीं होने से नियमानुसार पदस्थापना की गई है। (घ) पुलिस मुख्यालय की जी.ओ.पी. अनुसार विभाग अंतर्गत पुलिस कर्मियों को प्रशिक्षण उपरांत ही यातायात थानों एवं अन्य थानों में पदस्थ किया जाता है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
मार्गदर्शिका 2013 में सुधार किया जाना
[योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी]
12. ( *क्र. 815 ) श्रीमती चंदा सुरेन्द्र सिंह गौर : क्या उप मुख्यमंत्री, योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र विकास योजना की मार्गदर्शिका वर्ष 2013 के नियमों के प्रावधानों का उपयोग किया जा रहा है, जिसमें प्रश्नकर्ता के पूर्व के प्रश्न दिसम्बर 2024 में उत्तर दिया गया था, उसमें विकलांगों को मोटराईज्ड (तीन पहिया की इंजन) युक्त साईकिल दिये जाने के प्रावधान की माँग में लिखा गया है कि व्हील चेयर दिये जाने का प्रावधान है? (ख) विधायकों को विधानसभा क्षेत्र में प्रश्नांश (क) वर्णित तीन पहिया इंजन युक्त साईकिल दिये जाने का प्रावधान क्यों नहीं किया गया, जबकि सांसदों को प्रावधान है, इसलिये मार्गदर्शिका 2013 का नवीनीकरण करते हुये तीन पहिया युक्त इंजन मोटराईज्ड साईकिल एवं सार्वजनिक स्थलों पर ठंडा पानी पीने हेतु वाटरकूलर दिये जाने का विधायक विकास निधि में प्रावधान कब तक कर दिया जावेगा? क्या विभाग जनहित में आदेश जारी करेंगे? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्यों? कारण स्पष्ट करें। (ग) क्या समस्त विधायकगणों से इस संबंध में सुझाव भी जिले के योजना अधिकारियों ने वरिष्ठ कार्यालयों के आदेशानुसार मांगे गये थे, उस पर क्या विचार किया गया? जानकारी स्पष्ट करें।
उप मुख्यमंत्री, योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) विधानसभा सत्र-दिसम्बर, 2024 के प्रश्न क्रमांक-1551 के भाग (क) में उत्तर दिया गया था कि विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र विकास योजना की मार्गदर्शिका-2013 की कंडिका 2.4 पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के बिन्दु क्रमांक-21 में दिव्यांगजनों के कल्याण हेतु मोटरयुक्त व्हीलचेयर का प्रावधान है। (ख) विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र विकास योजना मार्गदर्शिका-2013 में संशोधन की प्रक्रिया प्रचलन में है। समय–सीमा बताया जाना संभव नहीं है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) जी हाँ। माननीय विधायकों से प्राप्त सुझाव अनुसार विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र विकास योजना की मार्गदर्शिका-2013 में संशोधन की कार्यवाही प्रचलन में है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
ग्राम आकलोन अंतर्गत अवैध रूप से अस्थायी मुरम उत्खनन
[खनिज साधन]
13. ( *क्र. 60 ) श्री जगन्नाथ सिंह रघुवंशी : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या मध्यप्रदेश गौण खनिज नियम 1996 (या नवीन संशोधन) के तहत शासकीय आबादी भूमि पर खनन निषिद्ध है? यदि हाँ, तो ग्राम-पंचायत आकलोन की आबादी भूमि सर्वे क्रमांक 332/1 एवं अन्य भूमि पर मैसर्स M/S TRG Industries Pvt. Ltd., M/S Shri Riddhi-Siddhi Buildwell Ltd. (JV) के द्वारा किस नियम के तहत उत्खनन किया जा रहा है? अनुमतियों की प्रमाणित छायाप्रति देवें। (ख) क्या इतने बड़े स्तर पर ग्राम आकलोन में मुख्य सड़क के किनारे आबादी क्षेत्र में बसाहट के नजदीक अवैध उत्खनन होना प्रशासनिक चूक नहीं है? क्या प्रशासन प्रश्नांश (क) में एजेंसी द्वारा किये जा रहे अवैध उत्खनन पर कोई कार्यवाही करेगा? यदि हाँ, तो कब तक? (ग) यदि प्रश्नांश (क) में अनुमति दी गई है तो कितनी मात्रा के उत्खनन की अनुमति दी गई है और प्रश्न दिनांक तक कितनी मात्रा में एजेंसी द्वारा उत्खनन किया जा चुका है? क्या खनिज विभाग द्वारा मौके पर जाकर उत्खनन का मेजरमेंट किया गया है? यदि हाँ, तो क्या स्वीकृत खनिज मात्रा एवं वास्तविक उपयोग की गई मात्रा में कोई अंतर पाया गया है? यदि हाँ, तो इससे शासन को कितने राजस्व की हानि हुई है?
मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) अधिकृत - मंत्री (श्री चेतन्य काश्यप) : (क) मध्यप्रदेश गौण खनिज नियम 1996 के नियम 5 (2) (ग) में संवेदनशील क्षेत्र जैसे रेडियो स्टेशन, दूरदर्शन केन्द्र, हवाई अड्डा, प्रतिरक्षा संस्थान से 300 मीटर की दूरी के भीतर, किसी पुल, राष्ट्रीय/राज्य राजमार्ग, रेल लाईन, सार्वजनिक भवन, श्मशान भूमि से 100 मीटर की दूरी के भीतर, अन्य पक्की सड़क से 50 मीटर अथवा ग्रामीण कच्चा रास्ता से 10 मीटर की दूरी खनन हेतु प्रतिबंधित है। इसी प्रकार नियम 5 (2) (घ) के अनुसार नदी के किनारों, जलाशय, नहर, बांध, कोई प्राकृतिक जलमार्ग या जल रोकने वाली किसी संरचना से 100 मीटर की दूरी के भीतर तथा नाले से 50 मीटर की दूरी पर खनन प्रतिबंधित है। प्रश्नाधीन कंपनियों द्वारा ग्राम आकलोन के खसरा क्रमांक 332/1 के अंश रकबा 1.000 हेक्टेयर पर अवैध उत्खनन किये जाने के कारण इनके विरूद्ध मुरम खनिज मात्रा 237 घनमीटर के अवैध उत्खनन का प्रकरण दिनांक 02.02.2026 को दर्ज किया गया है। प्रश्नाधीन कंपनियों को उत्खनन हेतु कोई अनुमति प्रदान नहीं की गई है। इन्हें उत्खनन हेतु जारी सैद्धांतिक मंजूरी को अवैध उत्खनन का प्रकरण प्रकाश में आने पर कलेक्टर, अशोकनगर द्वारा आदेश दिनांक 10.02.2026 से निरस्त कर दिया गया है। अत: शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ख) प्रश्नांश (क) में दिये उत्तर अनुसार अवैध उत्खनन का प्रकरण प्रकाश में आने पर कलेक्टर कार्यालय अशोकनगर द्वारा इसके विरूद्ध कार्यवाही की गई है। प्रश्नाधीन कंपनियों को जारी सैद्धांतिक मंजूरी को आदेश दिनांक 10.02.2026 से निरस्त कर दिया गया है। अत: शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) प्रश्नाधीन कंपनी को उत्खनन की अनुमति नहीं दी गई है। इनके पक्ष में जारी सैद्धांतिक मंजूरी को कलेक्टर अशोकनगर द्वारा जारी आदेश दिनांक 10.02.2026 से निरस्त किया गया है। अत: शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
पुलिस रेगुलेशन एक्ट के नियमों का पालन
[गृह]
14. ( *क्र. 748 ) श्री चन्द्रशेखर देशमुख : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या पुलिस रेगुलेशन एक्ट के पैरा 217 एवं पैरा 226 में यह प्रावधान है कि आरक्षक स्तर के कर्मचारियों को स्थायी आर्थिक नुकसान की सजा नहीं दी जा सकती? क्या इस संबंध में विभिन्न डी.जी.पी. द्वारा आदेश जारी किए गए हैं? यदि हाँ, तो आदेशों की प्रतियां उपलब्ध कराई जाए? (ख) क्या विगत 20 वर्षों में प्रदेश में आरक्षक स्तर के पुलिसकर्मियों को संचयी प्रभाव से वेतन वृद्धि रोके जाने की सजा दी गई है? यदि हाँ, तो जिलावार जानकारी दें तथा बताएं कि क्या यह पैरा 217 एवं 226 के अंतर्गत जारी आदेशों का उल्लंघन नहीं है? (ग) क्या विगत 10 वर्षों में पैरा 217 एवं 226 के संबंध में विधानसभा में प्रश्न लगाए गए हैं? यदि हाँ, तो प्रश्न, उत्तर तथा उनके आधार पर पुलिसकर्मियों को दी गई राहत की जानकारी उपलब्ध कराई जाए? यदि नहीं, तो कारण स्पष्ट किया जाए?
मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) अधिकृत - राज्य मंत्री (श्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल) : (क) पुलिस रेगुलेशन के पैरा 217 में आरक्षकों को दण्ड के संबंध में प्रावधान किये गये हैं एवं पुलिस रेगुलेशन के पैरा 226 में किसी विशेष अपराध के लिए क्या दण्ड दिया जाना है, उससे संबंधित नियमों का उल्लेख किया गया है। पुलिस रेगुलेशन के पैरा 217 एवं पैरा 226 की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। विभिन्न डी.जी.पी. द्वारा पुलिस रेगुलेशन के उक्त प्रावधानों के अनुसार ही आदेश जारी किये गये हैं। पृथक से कोई आदेश जारी नहीं किया गया है। (ख) एवं (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।
अवैध शराब बिक्री की रोकथाम
[वाणिज्यिक कर]
15. ( *क्र. 421 ) श्री देवेन्द्र रामनारायन सखवार : क्या उप मुख्यमंत्री, वाणिज्यिक कर महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला मुरैना में कितने आबकारी ठेकेदारों को शराब की दुकानों का आवंटन किया गया है? नाम, पते सहित जानकारी देवें। (ख) प्रश्नांश "क" के संदर्भ में क्या विभाग आबकारी ठेकेदारों को ग्रामीण स्तर पर आवंटित दुकानों के अलावा प्रत्येक ग्राम में शराब बिक्री करने की अनुमति देता है? यदि हाँ, तो उसकी जानकारी उपलब्ध करायें। (ग) क्या विभाग ग्रामीण स्तर पर बिक रही अवैध शराब की बिक्री पर रोक लगाने की कार्यवाही करेगा? यदि हाँ, तो कब तक? (घ) वर्ष 2024 से प्रश्न दिनांक तक विभाग द्वारा अवैध शराब बिक्री के कितने प्रकरण बनाये? उनकी सूची उपलब्ध करायें।
उप मुख्यमंत्री, वाणिज्यिक कर ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) जिला मुरैना में एक ठेकेदार को वर्ष 2025-26 में 59 कम्पोजिट मदिरा दुकानों का एकल समूह में निष्पादन/आवंटन किया गया है। मेसर्स कैश्ले पाईन्ट ट्रेडर्स एल.एल.पी., पार्टनर श्री जीरालाल, निवासी सोमनगर, खरबई, जिला रायसेन को निष्पादन/आवंटन किया गया है। (ख) प्रश्नांश "क" के परीप्रेक्ष्य में विभाग आबकारी ठेकेदारों को ग्रामीण स्तर पर आवंटित दुकानों के अतिरिक्त अन्य किसी भी ग्राम में शराब विक्रय की अनुमति नहीं है। (ग) जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में मदिरा के अवैध विक्रय, संग्रह, परिवहन एवं उपभोग आदि की सूचना प्राप्त होने पर तत्काल नियमानुसार कार्यवाही की जाती है। (घ) मुरैना जिले में वर्ष 2024 से प्रश्नांश अवधि में मदिरा के अवैध विक्रय, संग्रह, परिवहन एवं उपभोग आदि के संबंध में 1845 प्रकरण मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम 1915 के अन्तर्गत पंजीबद्ध किये हैं। सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है।
उद्योग की स्थापना हेतु भूमि का हस्तांतरण
[औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन]
16. ( *क्र. 251 ) श्री सोहनलाल बाल्मीक : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या परासिया विधानसभा क्षेत्र के अन्तर्गत वर्ष 2019 में ग्राम डोमरी में स्थित लगभग 118 एकड़ से अधिक राजस्व विभाग की भूमि को मध्यप्रदेश इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन विभाग में परिवर्तित कराया गया था, परन्तु जुन्नारदेव में बांध का निर्माण कार्य होने के कारण ग्राम डोमरी में स्थित M.P.I.D.C. की 47 हेक्टेयर भूमि को शासन के द्वारा पुनः राजस्व विभाग में परिवारों के विस्थापन के लिये परिवर्तित कर दिया गया है? क्या विभाग राजस्व विभाग में उक्त भूमि को परिवर्तित किये जाने के आदेश को निरस्त कर उक्त भूमि को पुनः M.P.I.D.C. विभाग में ही परिवर्तित किये जाने का आदेश जारी करेगा, जिससे भूमि पर उद्योगों की स्थापना हो सके? यदि हाँ, तो कब तक कार्यवाही कर आदेश जारी कर दिये जायेंगे? (ख) प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्य में कब तक कार्यवाही करते हुये उपरोक्त भूमि पर बडे़-बड़े उद्योगों की स्थापना हेतु योजना बनाकर सरकार द्वारा उद्योगों की स्थापना करा दी जायेगी? (ग) प्रश्नांश (क) के संबंध में प्रश्नकर्ता द्वारा मान. मुख्यमंत्री जी को पत्र क्र.वि.स./परासिया/127/2025/730, दिनांक 08.12.2025 को प्रेषित किया गया है, जिस पर की गई कार्यवाही से अवगत करायें।
मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) अधिकृत - मंत्री (श्री चेतन्य काश्यप) : (क) औद्योगिक प्रयोजन हेतु उल्लेखित भूमि का आधिपत्य दिनांक 06.11.2020 को विभाग के पक्ष में प्राप्त किया गया था। कलेक्टर जिला-छिंदवाड़ा के छिंदवाड़ा सिंचाई कॉम्प्लेक्स परियोजना प्रस्ताव पर एम.पी.आई.डी.सी. क्षेत्रीय कार्यालय, जबलपुर द्वारा उपरोक्त उल्लेखित भूमि का आधिपत्य दिनांक 13.12.2024 को राजस्व विभाग को सौंप दिया गया है। अत: शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ख) उत्तरांश (क) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) प्रश्नांश में उल्लेखित पत्र दिनांक 18.12.2025 के संबंध में की गई कार्यवाही की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है।
सड़क निर्माण एवं अन्य कार्यों की एन.ओ.सी. जारी की जाना
[वन]
17. ( *क्र. 575 ) श्री दिनेश राय मुनमुन : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या मध्यप्रदेश में विभिन्न विभागों द्वारा वन क्षेत्र में कराये जाने वाले कार्यों की एन.ओ.सी. देने के प्रकरण लंबित हैं? यदि हाँ, तो कितने वर्ष 2023 से प्रश्न दिनांक तक की विभागवार, कार्यवार जानकारी दें। (ख) सिवनी जिले में ऐसे कितने कार्य हैं, जो वन विभाग द्वारा एन.ओ.सी. नहीं दिये जाने के कारण अप्रांरभ, अपूर्ण हैं? विधानसभावार, कार्यवार वर्ष 2023 से प्रश्न दिनांक तक जानकारी दें। एन.ओ.सी. नहीं देने का कारण भी स्पष्ट करें। (ग) प्रश्नांश ''ख'' में जनहित के कार्यों में अवरोध के लिये कौन-कौन उत्तरदायी है? उत्तरदायित्व निर्धारण कर संबंधित के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही की जावेगी? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्यों?
मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) अधिकृत - राज्य मंत्री (श्री दिलीप अहिरवार) : (क) मध्य प्रदेश में विभिन्न विभागों द्वारा वन क्षेत्र में कराये जाने वाले कार्यों के लिए एन.ओ.सी. वन विभाग द्वारा जारी नहीं की जाती, अपितु प्रयोक्ता एजेंसी के द्वारा वन (संरक्षण एवं संवर्धन) अधिनियम, 1980 की धारा 2 (1) के प्रावधानों के अंतर्गत आवेदन करने पर, भारत सरकार द्वारा गैर वानिकी कार्यों हेतु वन भूमि के व्यपवर्तन की सशर्त अनुमति प्रदान की जाती है। (ख) एवं (ग) उत्तरांश (क) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
सामाजिक वानिकी की पौध शालाओं में भ्रष्टाचार
[वन]
18. ( *क्र. 567 ) श्री कैलाश कुशवाहा : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सामाजिक वानिकी वन मण्डल ग्वालियर के अधीन शिवपुरी जिले में कितनी-कितनी पौध शालायें किस वर्ष से संचालित की जा रही हैं, उक्त पौध शालाओं पर पदस्थ कर्मचारियों/अधिकारियों की पदस्थी दिनांक से वर्तमान पदस्थापना तक की जानकारी दी जावे। (ख) क्या उक्त पौध शालाओं में पदस्थ कर्मचारियों एवं अधिकारियों के विरूद्ध अनियमितताओं एवं भ्रष्टाचार से संबंधित शिकायत प्राप्त हुई है? यदि हाँ, तो शिकायतों पर क्या कार्यवाही की गई? (ग) वित्तीय वर्ष अप्रैल 2022 से 31.12.2025 तक पौध शालाओं में प्रतिदिन कार्यरत मजदूरों की जानकारी तथा वर्ष 2022 से वर्तमान तक पौध शालाओं में किस-किस प्रजाति के कितने पौधे तैयार किये गये हैं तथा प्रति पौधा पर कितना व्यय हुआ है? अप्रैल 2022 से वर्तमान तक पौध शालाओं में प्रतिवर्ष पौध की सिंचाई एवं रख-रखाव पर कितना-कितना, कब-कब व्यय किया गया? जानकारी दी जावे। (घ) प्रश्नकर्ता के कार्यालय के पत्र क्र. 2025/1405, दिनांक 05.12.2025 द्वारा शिवपुरी जिले की सामाजिक वानिकी की पौध शालाओं के संबंध में 01 लगायत 06 बिन्दुओं की अप्रैल 2022 से वर्तमान तक की जानकारी चाही गई थी, जो आज दिनांक तक अप्राप्त है। जानकारी क्यों नहीं भेजी गई, इस संबंध में दोषियों के विरूद्ध क्या कार्यवाही की जावेगी? (ड.) वर्ष 2022 से शासन द्वारा उक्त पौधशालाओं के लिए कितनी राशि आवंटित की गई तथा प्राप्त आवंटन की राशि कहां-कहां व्यय की गई? जानकारी दी जावे।
मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) अधिकृत - राज्य मंत्री (श्री दिलीप अहिरवार) : (क) सामाजिक वानिकी वृत्त ग्वालियर अंतर्गत शिवपुरी जिले में 03 पौध शालाएं संचालित की जा रही हैं। शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 01 अनुसार है। (ख) जी हाँ। संबंधित कर्मचारी को उस रोपणी से पृथक कर दिया गया है। वनमण्डलाधिकारी सामाजिक वानिकी ग्वालियर के पत्र क्र./2025/433, दिनांक 09.12.2025 द्वारा शिकायत की जांच हेतु समिति गठित की गई। समिति गठन का आदेश पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 02 अनुसार है। (ग) वित्तीय वर्ष 2022 से दिनांक 31.12.2025 तक पौध शालाओं में कार्यरत मजदूरों की संख्या पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 03 अनुसार है। वर्ष 2022 से वर्तमान तक पौध शालाओं में प्रति वर्ष प्रजातिवार तैयार किये गये पौधों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 04 अनुसार है। वर्ष 2022-23 में प्रति पौधा 10 रूपये एवं वर्ष 2023-24 में 11.50 रूपये एवं वर्ष 2024-25 में 11.50 रूपये व्यय किया गया है। वर्ष 2022 से वर्तमान तक पौध शालाओं में पौध की सिंचाई एवं रख-रखाव पर किये गये व्यय की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 05 अनुसार है। (घ) प्रश्नकर्ता सदस्य के कार्यालय के पत्र क्र.2025/1405, दिनांक 05.12.2025 की जानकारी वनमण्डलाधिकारी, सामाजिक वानिकी वन वृत्त, ग्वालियर द्वारा उनके कार्यालयीन पत्र क्र. 4080, दिनांक 31.12.2025 से प्रश्नकर्ता को प्रेषित की जा चुकी है। (ड.) वर्ष 2022 से उक्त पौध शालाओं के लिए आवंटित एवं व्यय राशि की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 06 अनुसार है।
जेल विभाग में रिक्त पदों की जानकारी
[जेल]
19. ( *क्र. 452 ) श्री रजनीश हरवंश सिंह : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्य प्रदेश में जेल विभाग में कितने व कौन-कौन से पद रिक्त हैं? जिलावार जानकारी देवें। (ख) क्या विभाग रिक्त पदों में भर्ती करेगा? यदि हाँ, तो कब और यदि नहीं, तो क्यों पूर्णतः जानकारी देवें? (ग) क्या जेल विभाग में रिक्त पदों की पूर्ति हेतु कोई प्रस्ताव विचाराधीन है?
मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) अधिकृत - राज्य मंत्री (श्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल) : (क) विभाग में रिक्त पदों की जिलेवार एवं जेलवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'अ' अनुसार है। (ख) जी हाँ। सीधी भर्ती के रिक्त पदों की पूर्ति की कार्रवाई मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग एवं मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल के माध्यम से प्रचलन में है। पदोन्नति के रिक्त पदों की पूर्ति मध्यप्रदेश लोक सेवा पदोन्नति नियम-2025 के विरुद्ध माननीय उच्च न्यायालय में लंबित याचिका के निराकरण उपरांत की जा सकेगी। (ग) रिक्त पदों की पूर्ति हेतु मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग एवं मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल भोपाल में विचाराधीन प्रस्ताव की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'ब' अनुसार है।
केन्द्र सरकार से लंबित राशि व ऋणों की जानकारी
[वित्त]
20. ( *क्र. 782 ) श्री बाला बच्चन : क्या उप मुख्यमंत्री, वित्त महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्न क्र. 597, दिनांक 02.12.2025 (अतारांकित) के (क) उत्तर में वर्ष 2020-21 से 2023-24 तक जो लोक ऋण की जानकारी दी गई, क्या उसमें खाद्य, नागरिक आपूर्ति विभाग द्वारा समर्थन मूल्य पर खरीदी के लिए लिया ऋण भी शामिल है? यदि हाँ, तो इसे कहां दर्शाया गया है, उसका विवरण देवें। (ख) यदि नहीं, दर्शाया गया है तो इसका कारण देवें। (ग) केन्द्र सरकार से दिनांक 31 मार्च, 2025 की स्थिति में मनरेगा, समर्थन मूल्य पर गेहूँ और धान की खरीदी, गृह व महिला बाल विकास विभाग की कितनी राशि लंबित है? किस वित्तीय वर्ष की लंबित है? सहित पूर्ण विवरण देवें। (घ) प्रश्नांश (ग) वर्णित राशि की प्राप्ति के लिए किस समस्त पत्राचार की छायाप्रति देवें। लंबित राशि कब तक प्राप्त होगी? समय-सीमा देवें।
उप मुख्यमंत्री, वित्त ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) एवं (ख) किसी योजना विशेष के लिये लोक ऋण नहीं लिया जाता है, बल्कि मध्यप्रदेश राजकोषीय उत्तरदायित्व एवं बजट प्रबंधन अधिनियम, 2005 का पालन करते हुये राज्य की समग्र आवश्यकता के अनुसार ऋण लिया जाता है। अत: शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) एवं (घ) संबंधित विभागों से प्राप्त जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है।
विभागवार कार्यक्रमों में व्यय की गई राशि की जानकारी
[सामान्य प्रशासन]
21. ( *क्र. 651 ) श्री सिद्धार्थ सुखलाल कुशवाहा : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दिनांक 01.04.2021 से प्रश्नतिथि के दौरान सतना जिले में विभिन्न स्थानों पर/विभिन्न विभागों के द्वारा माननीय प्रधानमंत्री/माननीय मुख्यमंत्री/प्रभारी मंत्री/अन्य द्वारा किये गये शासकीय कार्यक्रमों में किस-किस मद में, कितनी-कितनी राशि, किस-किस अन्य/विभाग के द्वारा, कब-कब, कहां-कहां, व्यय की गई? कार्यवार/माहवार/वर्षवार/मदवार/व्ययवार/राशिवार जानकारी दें। (ख) प्रश्नांश (क) में वर्णित अवधि में उक्त सभी कार्यक्रमों में व्यय की गई राशि का भुगतान किस-किस को कब-कब, कितना-कितना, किस-किस मद में व कार्य हेतु व्यय किया गया, की जानकारी कार्यक्रमवार/माहवार/वर्षवार/मदवार/व्ययवार/भुगतान प्राप्तकर्तावार जानकारी उपलब्ध करायें? (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) में जो व्यय हुआ और जिन-जिन फर्मों को भुगतान किया गया है, उनके G.S.T. नंबर सहित भुगतान किए गए बिल की प्रति उपलब्ध कराएं और जिन फर्मों को भुगतान किया गया है, वो किस नाम व पते पर रजिस्टर्ड हैं? रजिस्ट्रेशन की एक प्रति उपलब्ध कराएं।
मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) अधिकृत - राज्य मंत्री (श्रीमती कृष्णा गौर) : (क) से (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।
उद्योगों के लिये आवंटित भूखण्डों पर उद्योग को प्रारंभ किया जाना
[सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम]
22. ( *क्र. 677 ) डॉ. तेजबहादुर सिंह चौहान : क्या सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) खाचरौद तहसील के ग्राम फर्नाखेड़ी में घोषित औद्योगिक क्षेत्र में अब तक कितने सूक्ष्म एवं लघु उद्योग स्थापित किये जा चुके हैं? औद्योगिक क्षेत्र की भूमि पर कितने भूखण्ड प्राप्तकर्ता द्वारा उद्योग स्थापित करने की कार्यवाही की गई है? कृपया नाम सहित बताने की कृपा करें। (ख) ऐसे कितने भूखण्ड प्राप्तकर्ता हैं, जिन्होंने भूखण्ड तो प्राप्त कर रखे हैं, लेकिन उद्योग स्थापित करने की कार्यवाही अभी तक भी प्रारंभ नहीं की है? यदि उद्योग स्थापित करने की कार्यवाही प्रारंभ नहीं की गई है, तो क्या उनके खिलाफ शासन ने प्लाट (भूखण्ड) निरस्त करने एवं उक्त भूखण्ड नए लोगों को देने के संदर्भ में कोई कार्यवाही की है? (ग) क्या नागदा, महिदपुर रोड एवं भगत पुरी और नागदा तहसील के ग्राम कचनारिया में भी औद्योगिक क्षेत्र स्थापित किया गया है? यदि नहीं, किया गया है तो क्या कोई कार्यवाही प्रचलित है?
सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री ( श्री चेतन्य कुमार काश्यप ) : (क) जानकारी पुस्तकालय रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) 57 आवंटियों द्वारा भूखंड आवंटन के पश्चात उद्योग स्थापित करने की कार्यवाही नहीं की गई है, जिनमें से 1 इकाई समयावधि में है। 35 आवंटियों को समयावधि सूचना पत्र जारी किए गए हैं तथा 21 इकाइयों की लीज निरस्त की गई है। जानकारी पुस्तकालय रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ग) नागदा (पांडल्याकलाँ) एवं भगतपुरी में पूर्व से औद्योगिक क्षेत्र स्थापित है, महिदपुर रोड (गोगापुर) में शुगर मिल की भूमि पर नवीन औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया गया है तथा नागदा तहसील के ग्राम कचनारिया में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विभाग द्वारा औद्योगिक क्षेत्र स्थापित नहीं किया गया है। वर्तमान में कोई कार्यवाही प्रचलित नहीं है।
विधायकों के पत्रों पर कार्यवाही संबंधी दिशा-निर्देश
[सामान्य प्रशासन]
23. ( *क्र. 599 ) श्री कालु सिंह ठाकुर : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा विधायक से प्राप्त पत्रों की अलग पंजी बनाने तथा निर्धारित समय-सीमा में कार्यवाही कर की गई कार्यवाही से अवगत करने के निर्देश हैं? (ख) यदि प्रश्नांश (क) हाँ है तो जिला धार में प्रश्नकर्ता ने दिनांक 01 जनवरी, 2024 से प्रश्न दिनांक तक किन विभागों में कौन-कौन से पत्र जारी किये थे? संपूर्ण पत्रों की प्रति उपलब्ध करावें और यह भी बतावें की उक्त पत्रों पर क्या-क्या कार्यवाही कब-कब की गई? (ग) उक्त पत्रों में से किन-किन पत्रों पर कार्यवाही नहीं की गई थी और किस कारण तथा किन-किन पत्रों पर की गई कार्यवाही से प्रश्नकर्ता को अवगत नहीं कराया गया तथा क्यों? कब तक अवगत करायेंगे?
मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) अधिकृत - राज्य मंत्री (श्रीमती कृष्णा गौर) : (क) इस संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग के निर्देश संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) एवं (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।
गुमशुदा महिला और बालिका की जानकारी
[गृह]
24. ( *क्र. 709 ) डॉ. विक्रांत भूरिया : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश के समस्त पुलिस थानों में वर्ष 2020 से 2026 तक कितनी महिला और बालिका के Missing (गुमशुदा) होने की रिपोर्ट दर्ज हुई है? विस्तृत संख्यात्मक जानकारी प्रदान करें। (ख) प्रश्नांश (क) वर्णित प्रति वर्ष कितनी गुमशुदा महिला और बालिका को सकुशल पुलिस वापस लाने में सफल रही और जो महिला और बालिका की जानकारी प्राप्त नहीं हुई, उन सभी प्रकरणों की वर्तमान स्थिति की विस्तृत जानकारी प्रदान करें। (ग) महिला सुरक्षा को लेकर विभाग की कार्य योजना और बजट की जानकारी प्रदान करें।
मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) अधिकृत - राज्य मंत्री (श्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल) : (क) से (ग) जानकारी संकलित की जा रही है।
सागर नगर को प्रदूषण मुक्त रखा जाना
[पर्यावरण]
25. ( *क्र. 68 ) श्री शैलेन्द्र कुमार जैन : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्नकर्ता के अतारांकित प्रश्न क्रमांक 993, दिनांक 02.12.2025 के उत्तरांश में बताया गया था कि सागर नगर में विभिन्न चिकित्सालयों एवं उद्योगों सहित कुल 22 इकाइयों को प्रदूषणकारी इकाइयों में चिन्हित किया गया था। इन पर अब तक क्या-क्या कार्यावाही की गई तथा वर्तमान तक कितनी इकाइयों द्वारा प्रदूषण नियंत्रण/निवारण हेतु पूर्ण व्यवस्था कर ली गई है एवं कौन-कौन सी इकाइयां अभी तक शेष है? (ख) चिन्हित की गई प्रदूषणकारी जिन इकाइयों द्वारा प्रदूषण नियंत्रण/निवारण हेतु व्यवस्था नहीं की गई है, उन पर अब तक क्या कार्यवाही की गई, की गई कार्यवाही का विवरण दें। (ग) क्या सागर नगर को प्रदूषण मुक्ति बनाये जाने हेतु शासन स्तर पर कोई विशेष कार्ययोजना संचालित की जा रही है? यदि नहीं, तो क्या शासन सागर नगर को प्रदूषण मुक्त बनाये जाने हेतु कोई समग्र कार्ययोजना प्रारंभ किये जाने पर विचार करेगा तथा कब तक? यदि नहीं, तो कारण सहित बताएँ।
मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) अधिकृत - राज्य मंत्री (श्री दिलीप अहिरवार) : (क) एवं (ख) जी हाँ। जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) केन्द्र सरकार की राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम योजना (N.C.A.P.) संचालित है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
भाग-2
नियम
46 (2) के
अंतर्गत
अतारांकित
प्रश्नोत्तर
के रुप में
परिवर्तित
तारांकित
प्रश्नोत्तर
पिछड़ी
जनजातियों को
पुलिस आरक्षक
में सीधी
भर्ती
[गृह]
1. ( क्र. 1 ) श्री मुकेश मल्होत्रा : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या गृह पुलिस विभाग मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2017-18 में सीधी भर्ती के तहत मध्य प्रदेश की विशेष पिछड़ी आदिम जाति सहरिया, बैगा एवं भूरिया जनजाति के शिक्षित बेरोजगार युवक-युवतियों की गृह पुलिस विभाग में आरक्षक जीडी व SAF में नियुक्तियां की गई है? (ख) क्या वर्ष 2017-18 के बाद गृह पुलिस विभाग सामान्य प्रशासन विभाग ने पुलिस आरक्षक जीडी हुआ SAF के पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया सहरीया, बैगा, भूरिया आदिम जनजातियों के लिए बंद कर दी गई है? यदि हाँ, तो कारण बताएं? (ग) क्या विभाग मध्यप्रदेश की विशेष पिछड़ी आदिम जनजातियों की पुलिस आरक्षक जीडी जैसे कार्यपालक पदों पर सीधी भर्ती का नियम 2017-18 का पुनः लागू कर उक्त वर्ग की नियुक्तियां करने की प्रक्रिया अपनाने का कार्य आरंभ करेगा? यदि हाँ, तो कब तक समय-सीमा बताएं? (घ) प्रश्नांश (क), (ख) एवं (ग) का उत्तर सही है तो गृह पुलिस विभाग में आदिम जनजाति बैगा भूरिया एवं सहरिया जनजाति के आठवीं उत्तीर्ण 10वीं उत्तीर्ण 12वीं उत्तीर्ण बेरोजगार व्यक्तियों की पुलिस आरक्षक जीडी SAF पदों पर कब तक सीधी भर्ती की जाएगी? समय-सीमा बताएं, नहीं तो, क्यों नहीं कारण दें।
मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जी हाँ। मध्यप्रदेश शासन, गृह विभाग, मंत्रालय, वल्लभ भवन, भोपाल के आदेश क्रमांक एफ2 (अ) 30/2017/बी-4/दो, दिनांक 06.12.2017 के माध्यम से जिला इकाई बल एवं उन जिलों के अंतर्गत आने वाली विशेष सशस्त्र बल (SAF) की इकाइयों में आदिम जनजातियों के विशेष भर्ती अभियान के तहत आरक्षक के 160 पदों पर भर्ती की गई। (ख) जी नहीं। यह सही नहीं है कि पुलिस विभाग में सहरिया, बैगा एवं भारिया आदिम जनजातियों के लिए नियुक्ति प्रक्रिया बन्द कर दी गई है। (ग) विशेष पिछड़ी आदिम जनजातियों के लिए जब भी विशेष भर्ती अभियान चलाया जायेगा, तो इन पिछड़ी आदिम जनजातियों की पुलिस आरक्षक GD व SAF कार्यपालिक पदों पर भर्ती की जाएगी। इसके अतिरिक्त पुलिस विभाग में बालाघाट, डिंडौरी एवं मण्डला जिलों में वर्ष 2022 में विशेष सहयोगी दस्ता हेतु 150 पदों पर नक्सल प्रभावित विकासखण्डों के आदिवासियों की विशेष सहयोगी दस्ता के 882 पदों की भर्ती प्रक्रिया पूर्ण की जा चुकी है। (घ) विशेष पिछड़ी आदिम जनजातियों के लिए जब भी विशेष भर्ती अभियान चलाया जायेगा, तो इन पिछड़ी आदिम जनजातियों की पुलिस आरक्षक GD व SAF कार्यपालिक बलों पर भर्ती की जाएगी। इसके अतिरिक्त पुलिस विभाग में बालाघाट, डिंडौरी एवं मण्डला जिलों में नक्सल प्रभावित विकासखण्डों के आदिवासियों की वर्ष 2022 में विशेष सहयोगी दस्ता हेतु 150 पदों पर एवं वर्ष 2025 में 882 पदों पर भर्ती की गई है। बैगा, सहरिया, भारिया जनजाति की बटालियन बनाये जाने के संबंध में आरक्षण प्रावधानों के तहत अनुसूचित जनजाति के पदों की संख्या अनुसार भर्ती की सतत प्रक्रिया अनुसार कार्यवाही की जाती है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
लीज उत्खनन पट्टे को निरस्त किया जाना
[खनिज साधन]
2. ( क्र. 4 ) श्री मुकेश मल्होत्रा : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या ग्राम कराहल के शासकीय भूमि सर्वे क्रमांक 1412/1/1 रकबा 2 हेक्टेयर भूमि पर नीरज पुत्र कैलाश नारायण मंगल निवासी लहरोनी जिला श्योपुर को फरसी, पत्थर, खंडा ढोका उत्खनन पट्टा स्वीकृत किये जाते समय निर्धारित प्रक्रिया में नियमों का पालन नहीं किया है? (ख) नीरज मंगल को जिस स्थान पर लीज पट्टा स्वीकृत किया है उस स्थान का सत्यापन कौन-कौन अधिकारियों से कराया गया जानकारी दें? (ग) क्या सत्यापन करने वाले अधिकारियों द्वारा जो खदान से 2 मीटर दूरी पर स्थित को कस्तूरबा गाँधी छात्रावास आदिवासी परिवारों के पीएम आवास 80 मीटर के दायरे में पेट्रोल पम्प एवं वन विभाग का कार्यालय 50 मीटर की दूरी पर तालाब और चीर घर 150 मीटर के दायरे में बने हैं तेजाजी महाराज के मंदिर है के बावजूद भी नीरज मंगल को खदान तीज पट्टा किस नियम अंतर्गत स्वीकृत किया गया है स्पष्ट करें? (घ) प्रश्नांश (क), (ख) एवं (ग) हाँ है तो क्या लीज पट्टा निरस्त करने की कार्यवाही की जाएगी? यदि हाँ, तो कब तक नहीं तो क्यों नहीं कारण बताएं।
मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जी नहीं, मध्यप्रदेश गौण खनिज नियम 1996 के प्रावधानों के अनुसार प्रश्नाधीन उत्खनिपट्टा स्वीकृत किया गया है। (ख) तहसीलदार तहसील कराहल, वनमण्डलाधिकारी वनमण्डल श्योपुर एवं खनि निरीक्षक श्योपुर द्वारा स्थल जांच प्रतिवेदन प्राप्त किए गए है। उसके उपरांत ही उत्खनिपट्टा स्वीकृत किया गया है। (ग) जी नहीं। तहसीलदार कराहल के जांच प्रतिवेदन अनुसार कस्तूरबा गाँधी छात्रावास उत्खनिपट्टा क्षेत्र से 115 मीटर की दूरी पर है। तालाब, आवास, पेट्रोल पम्प, चीर घर, तेजाजी महाराज का मंदिर एवं वन विभाग का कार्यालय मध्यप्रदेश गौण खनिज नियम 1996 में प्रावधानित प्रतिबंधात्मक दूरियां छोड़कर स्थित है। (घ) उत्तरांश (क) से (ग) के प्रकाश में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
खनन उपरान्त खदानों की भरवाई
[खनिज साधन]
3. ( क्र. 155 ) डॉ. राजेन्द्र कुमार सिंह : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) खान और खनिज अधिनियम 1957 एवं पर्यावरणीय स्वीकृति (मंजूरी) किसी खदान (खनन योजना) को देते वक्त क्या माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेश हैं कि खनन पूरा होने के बाद जमीन को उसकी पुरानी स्थिति में वापस लाया जाये। (ख) सतना एवं रीवा जिलों की खनिज विभाग के प्रभारी की सतना एवं रीवा जिलों में कब से कब तक की पदस्थापना रही है एवं प्रश्नतिथि तक कुल कितने-कितने बार पदस्थापना हुई एवं कुल कितना समय (वर्ष एवं माह) प्रश्नतिथि तक हुआ है कि जानकारी देते हुये बतायें कि अपनी पदस्थापना के दौरान प्रिज्म सीमेंट/सतना सीमेंट वर्क्स/अल्ट्राटेक सीमेंट सरला नगर/के.जे.एस. सीमेंट/रिलायंस एम.पी. बिरला ग्रुप भरौली/जे.पी. रीवा की किस-किस ग्राम की कितने-कितने वर्ग मीटर की पूरी तरह खुद कर बंद हो चुकी खदानों को मा.सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों के तहत भरवाया, खदानवार/कंपनीवार जानकारी दें। (ग) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित नियमों के अंतर्गत एवं (ख) में वर्णित कंपनियों की किस-किस खुली खदानों में 01.01.2020 से प्रश्नतिथि तक डूबने से किस-किस नाम/पते के लोगों की मृत्यु हुई? प्रकरणवार जानकारी दें। (घ) राज्य शासन कब तक इन खुली खदानों जिनमें खनन बंद हो चुका है को प्रश्नतिथि तक भरवाने में असफल एवं मा.सर्वोच्च न्यायालय के दिशा निर्देशों का पालन न करने वाले सतना/रीवा के खनिज अधिकारी को कब तक निलंबित कर विभागीय जांच संस्थित करेगा? समय-सीमा दें।
मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जी नहीं, अपितु खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम 1957 की धारा 5 (2) में प्रावधान है कि, राज्य सरकार द्वारा कोई भी खनन पट्टा तब तक नहीं दिया जायेगा, जब तक कि अनुमोदित खनन योजना प्रस्तुत नहीं की जाती है। अधिसूचित खनिज सरंक्षण और विकास नियम, 2017 के नियम 24 के तहत खान बंद करने की अंतिम योजना प्रस्तुत करने के प्रावधान है। नियम 26 एवं नियम 27 में अनुमोदित खनन योजना अनुसार खान के उद्धार और पुनर्वास कार्यों के सहित सुरक्षात्मक उपायों को किये जाने का प्रावधान है। खनन पूरा होने के बाद जमीन को पुरानी स्थिति में वापस लाये जाने के प्रावधान नहीं है। प्रश्नांश में माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का संदर्भ नहीं होने से उत्तर दिये जाने का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ व ब पर दर्शित है। (ग) प्रश्नांश (ख) में वर्णित कंपनियों की किसी भी खदान में प्रश्नांश अवधि में डूबने से कोई मृत्यु नहीं हुई है। अतः जानकारी निरंक है। (घ) उत्तरांश (क), (ख) एवं (ग) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
सीमेंट कम्पनियों का वन भूमि पर अवैध कब्जा
[वन]
4. ( क्र. 156 ) डॉ. राजेन्द्र कुमार सिंह : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सतना एवं मैहर जिले के किन-किन वन क्षेत्र क्रमांकों में किस-किस सीमेंट कंपनियों को कितने-कितने रकबे पर किस आराजी क्रमांकों पर उत्खनन की मंजूरी कब से प्राप्त है? किस-किस वन क्षेत्र क्रमांकों (वन भूमि पर) पर अवैध कब्जो/वैध कब्जा किस किस सीमेंट कंपनी/अन्य का कब से है? वन विभाग द्वारा अवैध कब्जों को हटाने/उत्खनन बंद करने कब-कब क्या पत्र आदेश/निर्देश 01.01.2021 से 31.12.2025 तक किस-किस को लिखे/जारी किये सभी की एक-एक प्रति उपलब्ध कराये? (ख) मैहर जिले के सरलानगर में स्थित अल्ट्राट्रेक सीमेंट (पुरवा नाम मैहर सीमेंट) के द्वारा वन विभाग की कितनी वन भूमि पर अवैध कब्जा कर स्थायी एवं अस्थायी निर्माण कर लेने पर उक्त कंपनी को वन विभाग द्वारा प्रश्नतिथि तक क्या-क्या पत्र/नोटिस/निर्देश/आदेश जारी किये सभी को एक-एक प्रति उपलब्ध कराते हुये बतायें कि प्रश्नतिथि तक वन विभाग ने कंपनी के प्रेसीडेंट/एच आर प्रमुख/अन्य संबंधित एवं सक्षम अधिकारियों के विरूद्ध आपराधिक प्रकरण कायम क्यों नहीं किया है? अगर कर लिया है तो विवरण की प्रति उपलब्ध करायें? (ग) अल्ट्राटेक सीमेंट सरलानगर मैहर के द्वारा वन विभाग की अवैध रूप से कब्जा/अतिक्रमित वन भूमि को सीमेंट कंपनी को ही आवंटित किये जाने वन विभाग/राजस्व विभाग में या अन्य सक्षम कार्यालयों में आवेदन किया गया है? अगर हाँ, तो आवेदनों की प्रति देते हुये बतायें कि राज्य शासन अल्ट्राटेक कं. के विरूद्ध आपराधिक प्रकरण कायम न करते हुये उन्हें नियम विरूद्ध लाभान्वित किन नियमों/कानूनों के तहत कर रहा है?
मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-1 एवं 2 अनुसार है। (ख) मैहर जिले के सरलानगर में स्थित अल्ट्राटेक सीमेन्ट पूर्व नाम मैहर सीमेन्ट के द्वारा 25.583 हेक्टेयर वन भूमि पर कब्जा कर स्थाई एवं अस्थाई निर्माण करने के कारण कम्पनी के विरूद्ध वन अपराध प्रकरण क्रमांक 31/12 दिनांक 24.02.2024 पंजीबद्ध किया गया है, जिसकी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-3 अनुसार है। (ग) जी हाँ। वन भूमि व्यपवर्तन के आवेदन की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-4 अनुसार है। वन (संरक्षण एवं संवर्धन) अधिनियम, 1980 के प्रावधानों के उल्लंघन की जानकारी प्रस्ताव के साथ भारत सरकार को प्रेषित की जाती है, कार्यवाही भारत सरकार के निर्णय के अधीन है। अतः शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
प्रतियोगी परीक्षा केंद्रों की दूरी से परीक्षार्थियों को असुविधा
[सामान्य प्रशासन]
5. ( क्र. 164 ) श्रीमती सेना महेश पटेल : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2023-24 से प्रश्न दिनांक तक प्रदेश में सरकार द्वारा कुल कितनी प्रतियोगी परीक्षायें आयोजित की गईं, किस-किस विभाग के अंतर्गत कितनी भर्तियां हुईं, प्रश्न दिनांक तक विभागवार कितने पद रिक्त हैं और इन रिक्त पदों को भरने के लिए सरकार की क्या कार्य योजना है। अवधि बताए। (ख) प्रतियोगी परीक्षाओं के परीक्षा केंद्र प्रायः अन्य संभागों या दूरस्थ स्थानों पर क्यों निर्धारित किए जाते हैं? इससे परीक्षार्थियों को आने-जाने एवं ठहरने की कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है और कई योग्य अभ्यर्थी परीक्षा देने से वंचित रह जाते हैं इसके क्या कारण हैं? (ग) क्या सरकार इस समस्या के समाधान हेतु संभाग स्तर पर परीक्षा केंद्र आयोजित करने का कोई विकल्प अपनाएगी? यदि हाँ, तो इसे कब तक लागू किया जाएगा और यदि अभी तक लागू नहीं हुआ है तो कारण क्या है?
मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग एवं मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मण्डल की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। विभागवार रिक्त पदों की जानकारी केन्द्रीकृत रूप से संधारित नहीं की जाती है, क्योंकि इसका प्रशासन विभाग स्तर से किया जाता है। विभागों द्वारा मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग एवं मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मण्डल के माध्यम से पदों को भरने की कार्यवाही की जाती है, जो एक सतत प्रकिया है। (ख) अभ्यर्थियों की संख्या, उपलब्ध सीटों की संख्या एवं परीक्षा की शुचिता एवं सुरक्षा को दृष्टिगत रखते हुए परीक्षार्थियों की प्राथमिकता के आधार पर परीक्षा केन्द्र आवंटित किए जाते हैं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) उत्तरांश (ख) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
आबकारी चालान घोटाले में राशि की जानकारी
[वाणिज्यिक कर]
6. ( क्र. 177 ) श्री महेश परमार [डॉ. हिरालाल अलावा] : क्या उप मुख्यमंत्री, वाणिज्यिक कर महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) इंदौर आबकारी चालान कूटरचना प्रकरण में जांच अधिकारी रजनी सिंह द्वारा प्रस्तुत जांच/रिपोर्ट दें। रिपोर्ट पर क्या कार्यवाही की गई? जांच में सहयोग हेतु किस व्यक्ति ने जांच अधिकारी, प्रमुख सचिव और आबकारी आयुक्त के समक्ष आवेदन प्रस्तुत किए उस पर क्या कार्यवाही की गई? (ख) क्या जांच अधिकारी और प्रस्तुतकर्ता अधिकारी ने वित्त संहिता, मासिक तौजी सत्यापन और इस हेतु शासन के द्वारा जारी आदेशों के अनुसार रिपोर्ट प्रस्तुत की है? इस रिपोर्ट के संबंध में प्राप्त शिकायतों के निराकरण की प्रतियां देवें। विधि अनुसार मासिक तौजी सत्यापन की जिम्मेदारी किस अधिकारी की निर्धारित है आदेश की प्रतियां देवें। (ग) प्रकरण में कुल कितनी राशि की कूट रचना पाई गई कुल कितनी राशि की वसूली बकाया है? आरोपी लाइसेंसियों से वसूली नहीं होने की स्थिति में राशि की वसूली किस प्रकार से की जाएगी? क्या दोषी अधिकारियों से शासन वसूली करेगा? इस संबंध में कब तक निर्णय लिया जाएगा? (घ) क्या राजू दशवंत और अंश त्रिवेदी के नौकरनामा अनुबंध स्वीकृत किए गए थे? ये किस अधिकार/अनुमति आदि के आधार पर इंदौर में मदिरा दुकानों के संचालन का कार्य संपादित कर रहे थे? क्या ये दोनों बिना सक्षम अनुमतियों के अवैधानिक रूप से कार्य कर रहे थे? दोनों के नाम विभाग के किन दस्तावेजों में अंकित है प्रतियां देवें।
उप मुख्यमंत्री, वाणिज्यिक कर ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) इंदौर आबकारी चालान कूटरचना प्रकरण में जांच अधिकारी द्वारा जांच रिपोर्ट प्रस्तुत की गई है, जिसका परीक्षण किया गया जा रहा है। अपर संचालक (वित्त), कार्यालय आबकारी आयुक्त मध्यप्रदेश ग्वालियर के पत्र क्रमांक-65 दिनांक 28.04.2025 से प्राप्त जांच प्रतिवेदन अनुसार आरोप पत्र में पूर्व में दर्शायी गयी राशि रूपये 41,73,73,670/- के स्थान पर कूटरचित चालानों के माध्यम से कतिपय अनुज्ञप्तिधारियों द्वारा हेराफेरी कर 68,80,04,557/- शासकीय राजस्व की क्षति पहुंचाई गई है, प्रकरण में बढ़ी हुई राशि के संबंध में श्री संजीव दुबे, तत्कालीन सहायक आबकारी आयुक्त को शासन पत्र दिनांक 27.01.2026 द्वारा पूरक आरोप पत्र जारी किया गया है, शेष अधिकारियों/कर्मचारियों को पूरक आरोप पत्र जारी करने की कार्यवाही की जा रही है। बैंक चालान कूटरचना प्रकरण में विभागीय जांच संस्थित होने के उपरांत विभागीय जांच अधिकारी द्वारा दस्तावेज/अभिलेख/साक्ष्यों के आधार पर अपने विवेक अनुसार स्वतंत्र रूप से जांच की जाती है। (ख) प्रश्नांश (क) के अनुसार जांच रिपोर्ट प्रस्तुत की गई है, जिसका परीक्षण किया गया जा रहा है। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता है। (ग) इंदौर जिले के मदिरा अनुज्ञप्तिधारियों द्वारा कोषालयीन चालानों में की गई कूटरचना में रूपये 41,65,21,890/- के चालान पाये गये थे। आलोच्य अवधि में अनुज्ञप्तिधारियों से मदिरा दुकानों की प्रत्याभूति राशि की मांग के विरूद्ध उनके द्वारा जमा राशि, जिसमें कूटरचित चालानों की राशि को सम्मिलित करते हुए, बकाया राशि की गणना उपरांत कुल बकाया राशि रूपये 68,80,04,557/- आंकलित हुई। जिसमें से रूपये 22,16,06,432/- जमा हो जाने के उपरांत शेष राशि रूपये 46,63,98,125/- की बकाया वसूली हेतु मध्यप्रदेश भू-राजस्व संहिता के प्रावधानानुसार कलेक्टर जिला इंदौर द्वारा आर.आर.सी. जारी की गई है। वसूली की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। (घ) सहायक आबकारी आयुक्त कार्यालय,जिला इंदौर से प्राप्त जानकारी अनुसार राजू दशवंत और अंश त्रिवेदी के नौकरनामा अनुबंध स्वीकृत नहीं किए जाने से प्रश्नांश की शेष जानकारी निरंक है।
प्रश्नकर्ता के पत्र पर कार्यवाही
[खनिज साधन]
7. ( क्र. 232 ) श्री संजय उइके : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रश्नकर्ता द्वारा अपने पत्र क्रमांक 777/2025-26 दिनांक 01-12-2025 द्वारा प्रमुख सचिव, खनिज को पत्र लिखकर जानकारी मांगी गई थी? (ख) यदि हाँ, तो प्रश्न दिनांक तक जानकारी किन कारणों से उपलब्ध नहीं कराई गई और कब तक करा दी जावेगी?
मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जी हाँ। (ख) जानकारी संकलित की जा रही थी। प्रश्नांश (क) के संबंध में जानकारी पत्र दिनांक 09/02/2026 को उपलब्ध करा दी गई है।
गुमशुदा नाबालिग बच्चियों को ढूंढा जाना
[गृह]
8. ( क्र. 252 ) श्री सोहनलाल बाल्मीक : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दिनांक 14.07.2025 को ग्राम अम्बाड़ा की 2 नाबालिग बच्चियाँ अपने घर काली पूजा ग्राउण्ड के पास अम्बाड़ा से सुबह लगभग प्रातः 10 बजे स्कूल जाने के लिये निकली थीं उसके बाद दोनों बच्चियां अपने घर वापिस अम्बाड़ा नहीं आई, दोनों बच्चियों के गुमशुदा होने की रिपोर्ट उनकी माँ द्वारा पुलिस चौकी गुढ़ी, थाना जुन्नारदेव में दर्ज कराई जा चुकी है और पुलिस द्वारा अज्ञात आरोपियों के खिलाफ प्रकरण भी दर्ज कर लिया गया है। परन्तु लगभग 6 माह बीत जाने के बाद भी पुलिस द्वारा दोनों नाबालिग बच्चियों की तपास कर उनका पता अभी तक न लगाते हुए दोनों नाबालिग बच्चियों को उनके माता-पिता को नहीं सौंपा गया जिसका क्या कारण है? (ख) प्रश्नांश (क) के अनुसार दोनों नाबालिग बच्चियों का पता लगाने उन्हें ढूंढकर परिजनों को सौंपने के लिये क्या विभाग द्वारा एक विशेष पुलिस दल गठित कर मामले की उच्च स्तरीय जांच कराकर कार्यवाही की जायेगी? (ग) दोनों नाबालिग बच्चियों का पता लगाने उन्हें ढूंढकर परिजनों को सौंपे जाने हेतु प्रश्नकर्ता द्वारा पुलिस महानिदेशक महोदय भोपाल को पत्र क्र.वि.स./परासिया/127/2025/493 दि.23.08.2025 को प्रेषित किया गया है, जिस पर अभी तक क्या कार्यवाही की गई है? जानकारी दें।
मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) दिनांक 14.07.2025 को ग्राम अम्बाड़ा, चौकी गुढ़ी, थाना जुन्नारदेव क्षेत्र से दो नाबालिग (जुड़वा) (बालिकाएं उम्र 14 वर्ष) प्रातः लगभग 08:00 से 8:30 बजे स्कूल जाने हेतु घर से निकली थी जो वापस नहीं लौटी। रिपोर्ट पर चौकी गुढ़ी, थाना जुन्नारदेव में गुम इंसान क्रमांक 50/2025, 51/2025 तथा अपराध क्रमांक 269/2025 धारा 137 (2) बीएनएस का पंजीबद्ध किया गया। प्रारंभिक जांच में दोनों बालिकाएं स्कूल न जाकर एक साथ ऑटो से चर्च तिराहा, जुन्नारदेव गई तथा वहा से खेड़ापति मंदिर की ओर पैदल जाते हुए CCTV फुटेज में दिखाई दी। इसके आगे CCTV उपलब्ध न होने से आगे की पुष्टि नहीं हो सकी। पुलिस द्वारा तत्क्षण रेडियो मैसेज के माध्यम से सभी जिलो के समस्त थाना/चौकियों को सूचित कर पतासाजी हेतु निर्देशित किया गया। जिला स्तर पर विवेचना टीम गठित कर समस्त थाना-चौकी, RPF, GRP, कंट्रोल रूम भोपाल, छात्रावास, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, धर्मशाला, अस्पताल एवं धार्मिक स्थलों पर व्यापक खोजबीन की गई। स्कूल स्टाफ, सहपाठी, परिजन, ऑटो चालक एवं अन्य सबंधित व्यक्तियों से पूछताछ कर कथन लेख किए गए। बालिकाओं की दस्तयाबी हेतु पुलिस द्वारा निरंतर तकनीकी एवं भौतिक माध्यमों से प्रयास किए जा रहे हैं। (ख) जी हाँ। प्रकरण की संवेदनशीलता को दृष्टिगत रखते हुए विभाग द्वारा प्रकरण में विशेष पुलिस दल (SIT) एवं किशोर इकाई गठित कर अनुविभागीय अधिकारी जुन्नारदेव द्वारा उच्च स्तरीय एवं स्वतंत्र विवेचना की जा रही है। गुमशुदा बालिकाओं की तलाश हेतु मिशन वात्सल्य पोर्टल पर गुमशुदा का विवरण इन्द्राज किया गया है। जिले के समस्त थाना/चौकी एवं सोशल मीडिया/व्हाट्सएप ग्रुप्स के माध्यम से बालिकाओं के फोटो-पपलेट व्यापक स्तर पर प्रसारित किए गए है। विशेष टीम द्वारा मथुरा-वृन्दावन, कुबेरेश्वर धाम सीहोर, बैतूल, भोपाल, नागपुर आदि स्थानों के होटल, लॉज, ढाबा, अनाथालय, फैक्ट्रियों एवं अन्य संभावित स्थलों पर तलाश की गई तथा थाना-चौकियों को WhatsApp एवं अन्य माध्यमों से बालिकाओं के फोटो इश्तहार तलाश हेतु भेजे गए। (ग) प्रश्नकर्ता द्वारा पुलिस महानिदेशक महोदय, भोपाल को पत्र क्र. विस/परासिया/127/2025/493 दिनांक 23.08 2025 को प्रेषित पत्र में उल्लेखित बिन्दु के संबंध में गुमशुदा दोनों नाबालिग बालिकाओं की नियमित तलाश की जा रही है। बालिकाओं की तलाश हेतु गजट प्रकाशन कराया गया है। विशेष विवेचना दल का गठन किया गया है। तलाश हेतु उप पुलिस महानिरीक्षक छिन्दवाड़ा रेंज द्वारा दिनांक 15-10-2025 के तहत जनसहयोग हेतु 220,000/- की ईनाम उद्घोषणा की गई है। विशेष विवेचना टीम द्वारा भोपाल में थाना टी.टी. नगर, बागसेवनिया तथा जी.आर.पी. भोपाल, बाल कल्याण समिति, वन स्टॉप सेंटर एवं बाल गृहों में पत्राचार कर तलाश की गई तथा पंपलेट वितरित किए गए। प्रकरण की जानकारी जनमानस तक पहुंचाने हेतु प्रिंट/डिजिटल मीडिया एवं आकाशवाणी छिंदवाड़ा के माध्यम से प्रचार-प्रसार कराया गया, दिनांक 05-09-2025 को All India Radio FM 102-2 MHz पर गुमशुदगी सूचना का प्रसारण किया गया। विशेष टीम द्वारा दिनांक 03.12.2025 को ओपाल, दिनांक 30.12.2025 को नागपुर दिनांक 25.01.2026 को पिपरिया, होशंगाबाद, वर्तमान में दिनांक 29.01.2026 औद्योगिक इकाई, मंडीदीप एवं पीथमपुर में तलाश की। विशेष विवेचना टीम द्वारा तकनीकी एवं भौतिक साक्ष्यों के आधार पर दोनों बालिकाओं की सतत तलाश की जा रही है। सभी संभावित स्थानों पर लगातार दबिश दी जा रही है तथा संबंधित व्यक्तियों से पूछताछ एवं तकनीकी विश्लेषण के आधार पर निरंतर तलाश की जा रही है। दोनों बालिकाओं की शीघ्र दस्तयाबी हेतु पुलिस द्वारा हर संभव प्रयास सतत जारी हैं तथा विवेचना प्रगतिरत है।
खेतों में करंट लगने से वन्य जीवों की मृत्यु
[वन]
9. ( क्र. 280 ) श्री अजय अर्जुन सिंह : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या सरकार के संज्ञान में है कि किसानों द्वारा खेतों में अवैध करंट तार लगाने से पिछले 10 वर्षों में मध्यप्रदेश में बड़ी संख्या में बाघ, तेंदुए और भालू सहित अनेक वन्य जीवों की मौत हो चुकी है? (ख) विगत दस वर्षों में जिलावार मृत वन्य जीवों का विवरण, दोषी किसानों के विरुद्ध दर्ज मुकदमों की संख्या एवं दंडित मामलों का विवरण क्या है? (ग) क्या वर्तमान में वन्य जीवों द्वारा 25% या अधिक नुकसान किये जाने पर ही उन्हें मुआवजा दिया जाता है? (घ) क्या सरकार अन्य राज्यों की तरह दस प्रतिशत पर भी मुआवजा देने और मुआवजा देने का अधिकार वन विभाग को देने पर विचार करेगी ताकि किसानों को करंट तार लगाने से रोका जा सकें?
मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जी हाँ। (ख) विगत 10 वर्षों में मृत वन्य जीवों का विवरण, दोषी के विरूद्ध दर्ज मुकदमों की संख्या एवं दंडित मामलों का विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट में है। (ग) वन्यजीवों द्वारा 25% या अधिक फसल नुकसान किये जाने पर मुआवजा राजस्व विभाग द्वारा दिया जाता है। (घ) वन्यजीवों द्वारा दस प्रतिशत फसल हानि पर मुआवजा देने और उसके अधिकार वन विभाग को देने का कोई प्रस्ताव नहीं है। वन्यप्राणी बाहुल्य क्षेत्रों में सतत निगरानी कर अवैध बिजली करंट तार लगाने से रोका जाता है।
घोड़ारोज़ से फसलों को नुकसान
[वन]
10. ( क्र. 286 ) श्री विपीन जैन : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि मंदसौर जिले में घोड़ारोज़ (नीलगाय) से किसानों की फसलों को हो रहे नुकसान से बचाव के लिए क्या-क्या प्रयास या कदम उठाए गए हैं? विवरण देवें।
मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : नीलगायों द्वारा किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचाये जाने पर सहायता राशि का भुगतान यथा संशोधित राजस्व पुस्तक परिपत्र खण्ड छ: क्रमांक-4 के प्रावधानों के तहत किया जाता है। किसानों की फसलों को नुकसान करने वाली नीलगाय को आखेट करने की अनुमति जारी करने के लिए मध्यप्रदेश के समस्त अनुविभागीय अधिकारी राजस्व अपने-अपने अधिकार क्षेत्र की सीमाओं के भीतर प्राधिकृत अधिकारी घोषित है। वर्ष 2016 में मंदसौर जिले के ऐरा ग्राम से 27 एवं NATRAX कैम्पस, पीथमपुर धार से 45 नीलगायों को वर्ष 2023-24 में प्रायोगिक तौर पर बोमा विधि से पकड़कर गांधी सागर अभयारण्य में छोड़ा गया है। शाजापुर जिले से प्रायोगिक तौर पर 846 काले हिरण एवं 67 नीलगाय को हेलीकॉप्टर से हांका लगाकर बोमा विधि से अन्यत्र स्थानांतरित किया गया है। उक्त प्रयोग के परिणाम का व्यापक रूप से लागू करने पर अभी निर्णय नहीं लिया गया है।
अनियमितता की जांच
[वन]
11. ( क्र. 290 ) श्री यादवेन्द्र सिंह : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या कार्यालय वन परिक्षेत्र अधिकारी टीकमगढ़ के पत्र क्र.-923 दिनांक 06.06.2013 द्वारा कमिश्नर सागर संभाग द्वारा ग्राम पनियाराखेरा में जन चौपाल एवं रात्रि विश्राम के समय दिये गये निर्देशानुसार मजना सुनौनी मार्ग से पनियाराखेरा रोड उन्नयन की अनुमति लंबाई 5 कि.मी. चौड़ाई 5 मीटर के लिये अनुशंसित की थी यदि हाँ, तो क्या? (ख) यह कार्यपालन यंत्री ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग टीकमगढ़ द्वारा वर्णित प्रश्नांश (क) में वर्णित लंबाई-चौड़ाई का कार्य पूर्ण कर दिया गया? (ग) क्या कार्यालय वन मण्डलाधिकारी वन मंडल "ईको सेंटर ढोंगा टीकमगढ़ म.प्र. ने अपने पत्र क्र.-मा.नि./2019/544 टीकमगढ़ दिनांक 22.02.2019 द्वारा लंबाई 9 कि.मी. एवं चौड़ाई 10 मीटर की स्वीकृति दी गई? (घ) प्रश्नांश (क) एवं (ग) में वर्णित चौड़ाई प्रश्नांश (क) के पत्र अनुसार 5 मीटर किंतु प्रश्नांश (ग) के पत्र में 10 मीटर कैसे की गई जबकि प्रश्नांश (क) में वर्णित आदेश के समय भी 5 मीटर चौड़ाई की मांग थी। क्या संपूर्ण घटना क्रम में हुये भ्रष्टाचार की जांच करवाकर कार्यवाही की जावेगी?
मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जी हाँ। प्रश्नाधीन पत्र से वन परिक्षेत्र अधिकारी द्वारा स्थल निरीक्षण कर जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया था, जिस पर मार्ग उन्नयन (पक्का) करने हेतु अनुमति दिनांक 21.01.2014 से जारी की गई है। (ख) एवं (ग) जी हाँ। (घ) कार्यपालन यंत्री, ग्रामीण यान्त्रिकी सेवा संभाग, टीकमगढ़ द्वारा ग्राम मजना सुनौनी मुख्य मार्ग से पनियाराखेरा मार्ग उन्नयन हेतु 5 मीटर चौड़ाई एवं 5 कि.मी. लंबाई में अनुमति चाही गई, जिसे वनमण्डल अधिकारी, टीकमगढ़ द्वारा पत्र क्रमांक/मा.चि./2014/301 दिनांक 21.01.2014 से स्वीकृत किया गया। कार्यपालन यंत्री, लोकनिर्माण विभाग, टीकमगढ़ द्वारा ग्राम कारी से सुनौनी मार्ग उन्नयन हेतु 10 मीटर चौड़ाई एवं 9.5 किमी लंबाई में अनुमति चाही गई, जिसे वनमण्डल अधिकारी, टीकमगढ़ द्वारा पत्र क्रमांक/मा.चि./2019/544 दिनांक 22.02.2019 से स्वीकृत किया गया। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
थाना कोतवाली टीकमगढ़ में दर्ज प्रकरण 607/22 की जानकारी
[गृह]
12. ( क्र. 291 ) श्री यादवेन्द्र सिंह : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रश्नकर्ता के विरूद्ध थाना कोतवाली में अपराध क्र.-607/22 धारा 147, 148, 149,294, 323, 324, 506, 188 ता.हि. एवं 123 (1) (ए) (बी) लोक प्रति. अधिनियम का कायम कर विवेचना दौरान धारा 326,307 ता.हि. का इजाफा कर चालान क्र.- 124/2023 दिनांक 23.03.2023 को कता किया जाकर चालान दिनांक 17.11.2025 को एम.पी.एम. एल.ए. कोर्ट ग्वालियर में पेश किया गया विलम्ब का क्या कारण है एवं सी.एम. हेल्पलाइन में शिकायत क्र.19427553 का हवाला देकर विधानसभा सत्र दिसम्बर 2025 दिनांक 02.12.2025 तारांकित प्रश्न क्र.688 में उत्तर दिया कि 1000 दिन की एक शिकायत लंबित है जिसकी जांच एस.डी.ओ.पी. टीकमगढ़ कर रहे है कृपया जांच प्रतिवेदन से अवगत करावें? (ख) क्या प्रश्नकर्ता की शिकायत क्र. 18968060 दिनांक 03.09.2022 है किंतु प्रश्नांश "क" में वर्णित प्रश्न क्र.688 में शिकायत क्र. 19427553 का हवाला देकर गलत जवाब दिया ऐसा क्यों? (ग) क्या प्रश्नांश "ख" में वर्णित शिकायत में निराकरण में उल्लेख किया कि विवेचना के दौरान घटना स्थल पर कट्टा न चलना एवं फरियादी को भागते समय लगी फेंसिंग में फस कर गिरने से चोटे आना पाया गया फिर धारा 326 ता.हि. एवं अन्य धाराओं में चालान प्रस्तुत क्यों किया गया? (घ) प्रश्नांश "ख" में वर्णित शिकायत में फोर्स क्लोज कराये जाने का उल्लेख क्यों किया एक भी शासकीय कर्मचारियों द्वारा शासकीय आदेशों की अवहेलना का कथन नहीं किया फिर भी जिला दण्डाधिकारी टीकमगढ़ द्वारा किस आधार पर पत्र क्र.-520/RAD M/025 दिनांक 27.10.2025 लेख किया गया पत्र लेखन का आधार बतावें?
मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट "अ" अनुसार है। (ख) प्रश्नकर्ता की सी.एम. हेल्पलाइन शिकायत क्र. 18968060 दिनांक 03.09.2022 है। किन्तु प्रश्नांश (क) में वर्णित विधानसभा प्रश्न क्रमांक 688 में 100 दिवस 200 दिवस 300 दिवस एवं 1000 दिवस की लंबित शिकायतों की जानकारी चाही गयी थी। शिकायत क्र. 19427553 दिनांक 18.11.2025 तत्समय लंबित थी जिसकी जानकारी 1000 दिवस से अधिक लंबित अवधि की शिकायतों में प्रदाय की गयी थी। उक्त संबंध में कोई भी तथ्य नहीं छिपाया गया है न ही किसी प्रकार की गलत जानकारी प्रदाय की गयी है। (ग) प्रकरण में फरि. का मेडिकल परीक्षण, एक्स-रे रिपोर्ट एवं कथनों के आधार पर धारा 307, 326 ताहि. इजाफा किया गया। विवेचना दौरान डॉक्टर द्वारा क्वेरी रिपोर्ट में फरि. गोलू गिरी को आई चोट क्र.-01 एवं 03 में अस्थी भंग होना पाया गया है एवं ग्रिवियस इन नेचर लेख किया गया तथा बिन्दु क्रमांक-01 एवं 02 में पीड़ित को आई चोटें प्राण घातक नहीं थी लेख किया गया। प्रकरण में स्वतंत्र साक्षियों के कथन एवं ड्यूटी में लगे कर्मचारियों के कथनों से घटना स्थल पर कट्टा चलना भी नहीं पाया गया। उक्त आधार पर धारा 307 ताहि. का घटित होना नहीं पाये जाने पर प्रकरण से धारा 307 ताहि. पृथक कर डॉ. की क्वेरी रिपोर्ट अनुसार आई चोट क्र.- 01 एवं 03 में अस्थि भंग होना पाया गया है एवं डॉ. द्वारा क्वेरी रिपोर्ट में ग्रिवियस इन नेचर लेख होने से धारा 326 एवं अन्य धाराओं में चालान प्रस्तुत किया गया। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे गये परिशिष्ट "ब" अनुसार है।
जेकेसेम (सेंट्रल) लिमिटेड कंपनी द्वारा किया जा रहा उत्खनन कार्य
[खनिज साधन]
13. ( क्र. 348 ) श्री राजेश कुमार वर्मा : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जेकेसेम (सेंट्रल) लिमिटेड कंपनी पुरैना (अमानगंज) द्वारा तहसील अमानगंज, सिमिरिया के किन-किन ग्रामों में कौन-कौन से खसरा नंबरों में खनन किया गया है? विवरण देवें। खनिज विभाग जिला पन्ना द्वारा संबंधित कंपनी को कौन-कौन से खसरा नंबरों की खनन की अनुमति दी गई है? ग्रामवार,खसरा नम्बरवार जानकारी देवें तथा आदेश की प्रतियां उपलब्ध करावे। क्या खनन की दी गई अनुमति में उल्लिखित शर्तों के अनुसार कम्पनी के द्वारा खनन किया जा रहा है? यदि हाँ, तो इसकी जांच कब-कब कराई गई है? जांच प्रतिवेदनों की प्रति उपलब्ध करावे। यदि जांच नहीं कराई गई है तो यह कैसे ज्ञात हुआ है कि कंपनी द्वारा उत्खनन कार्य शर्तों के अनुरूप किया जा रहा है? जानकारी दें। (ख) क्या खनिज विभाग पन्ना द्वारा जेकेसेम (सेंट्रल) लिमिटेड कंपनी पुरैना (अमानगंज) को खनन की शर्तों के अनुपालन का दोषी पाया गया है, यदि हाँ, तो कब-कब और क्या कार्यवाही की गई है? क्या खनन की अनुमति देते समय खनिज अधिकारी द्वारा इस तथ्य का ध्यान रखा गया है कि म.प्र. भू-राजस्व संहिता 1959 की धारा- 165 (4) के अनुक्रम में शासन को राजस्व की हानि हो रही है? यदि हाँ, तो कब-कब और क्या रिपोर्ट दी गई है? उसकी प्रति उपलब्ध करावे। कंपनी द्वारा किये जा रहे अवैध उत्खनन के लिये कौन-कौन से अधिकारी जिम्मेदार है? जिम्मेदार अधिकारियों/कंपनी के विरूद्ध क्या कार्यवाही की जावेगी?
मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) प्रश्नांश अनुसार जेकेसेम (सेंट्रल) लिमिटेड कंपनी द्वारा तहसील अमानगंज एवं सिमिरिया में ग्रामवार, भू-प्रवेश प्राप्त खसरे नंबरों पर ही खनन कार्य किया गया है। खनन हेतु दिये गये भू-प्रवेश की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-"अ" पर दर्शित है। आदेश की प्रतियां पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-"ब" पर दर्शित है। खनन की दी गई अनुमति में उल्लेखित शर्तों के अनुसार कम्पनी द्वारा खनन किया जा रहा है। खनि अधिकारी द्वारा स्वीकृत खनिपट्टे की जाँच के संबंध में किये गये निरीक्षण प्रतिवेदन की प्रतियां पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-"स" पर दर्शित है। प्राप्त प्रतिवेदन अनुसार कंपनी द्वारा उत्खनन कार्य शर्तों के अनुरूप किया जा रहा है। शेष भाग का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ख) जी नहीं। शेष भाग का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। खनन की अनुमति प्रदान करते समय म.प्र. भू-राजस्व संहिता 1959 की धारा 165 (4) आदिवासी भूमि में लागू होता है। ऐसे प्रकरणों में कलेक्टर की अनुमति प्राप्त कर भूमि के अंतरण की कार्यवाही की जाती है। अतः राजस्व हानि का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। शेष भाग का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। पट्टाधारी कंपनी द्वारा अवैध उत्खनन किये जाने का कोई प्रकरण प्रकाश में नहीं आने से शेष भाग का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
नहरों का निर्माण एवं सुधार पर व्यय राशि
[नर्मदा घाटी विकास]
14. ( क्र. 371 ) श्री लखन घनघोरिया : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रानी अवंति बाई लोधी सागर परियोजना बरगी बांध जबलपुर बायीं तट नहर संभाग बरगी हिल्स जबलपुर को किस-किस मद में कितनी-कितनी राशि आवंटित की गई एवं कितनी-कितनी राशि व्यय हुई? नहरों के रख-रखाव, सुरक्षा, सुधार, मरम्मत कार्य एवं पुनर्निर्माण पर कितनी-कितनी राशि व्यय हुई? वर्ष 2021-22 से 2024-25 तक की जानकारी दें। (ख) प्रश्नांश (क) में कहां से कहां तक की कितने-कितने कि.मी. मुख्य नहर, शाखा, उपशाखा नहरों व वितरण नहरों का कब-कब, कितनी-कितनी राशि में सुधार, मरम्मत व पुनर्निर्माण कराया गया है एवं कहां-कहां की कितने-कितने कि.मी. तक का कब से सुधार, मरम्मत एवं पुनर्निर्माण नहीं कराया गया हैं एवं कयों? उपसंभागवार जानकारी दें। (ग) प्रश्नांश (क) में निर्मित कहां से कहां तक कितने-कितने कि.मी. की शाखा नहरें, उपशाखा एवं वितरण नहरें कब से टूटी-फूटी पड़ी हैं उनमें दरारें आ गई हैं, दरक गई, जर्जर खस्ता हाल, क्षतिग्रस्त, झाडियां व जंगली पेड़ उग आये हैं? तिलवारा के पास चरगवां, जोतपुर की नहरों की वर्तमान में क्या स्थिति है? इसकी जांच कब किसने की हैं? बतलावें। क्या शासन इसकी जांच करवाकर दोषी अधिकारियों पर कार्यवाही करेगा? जानकारी दें।
मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''अ'' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''ब'' एवं ''स'' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''द'' एवं ''इ'' अनुसार है। तथा ''इ'' के कॉलम-6 में उल्लेखित वस्तुस्थिति के प्रकाश में शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
पंजीकृत आपराधिक प्रकरणों पर कार्यवाही
[गृह]
15. ( क्र. 372 ) श्री लखन घनघोरिया : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जबलपुर जिले में लूट, चोरी, नकबजनी, हत्या, हत्या का प्रयास, अपहरण, मारपीट लापता, गुमशुदा, यौन शोषण, यौन शोषण व हत्या, ऑनलाईन व साइबर ठगी, देह व्यापार, मानव तस्करी से सम्बंधित कितने-कितने मामले पंजीकृत किये गये हैं? इनसे सम्बंधित कितने कितने अपराधियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है एवं कितने-कितने लापता, फरार हैं? बतलावें। वर्ष 2024 से प्रश्न दिनांक तक की थानावार जानकारी दें। (ख) प्रश्नांश (क) में पंजीकृत कितने-कितने प्रकरण विवेचना जांच में लम्बित, न्यायालय में चार्जशीट प्रस्तुत नहीं की गई हैं? यौन शोषण, यौन अपराध एवं पॉक्सो एक्ट के तहत पंजीकृत कितने-कितने मामले विवेचना में किस स्तर पर 3 माह से लेकर एक वर्ष एवं अधिक अवधि से लम्बित हैं एवं कितने प्रकरणों में समयावधि में न्यायालय में चालान नहीं प्रस्तुत किया गया हैं? इसमें दोषी अधिकारियों पर क्या कार्यवाही की गई हैं? सम्पूर्ण जानकारी उपलब्ध करावें। (ग) प्रश्नांश (क) में बालक/बालिकाओं, किशोर-किशोरियों के लापता, गुम होने, अपहरण से सम्बंधित पंजीकृत कितने-कितने प्रकरणों में कितने-कितने बच्चों, बालिकाओं, किशोरियों को पुलिस तलाशने में विफल है एवं कितने-कितने का पता लगाकर उन्हें सकुशल घर पहुंचाया गया है? जानकारी दें। (घ) प्रश्नांश (क) में यौनशोषण, दुष्कर्म एवं पॉक्सो एक्ट के पंजीकृत कितने-कितने प्रकरणों में न्यायालय में चालान प्रस्तुत किया गया है कितने प्रकरणों में न्यायालय द्वारा पारित निर्णय में कितने अपराधियों को सजा सुनाई गई एवं कितने प्रकरण लम्बित हैं? जानकारी दें।
मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'अ' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'अ' में समाहित है। शेष भाग की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'ब' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे गये परिशिष्ट 'स' में अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे गये परिशिष्ट 'द' में अनुसार है।
दुर्घटना में मृत्यु मामले में खात्मा/खारिजी में विलंब
[गृह]
16. ( क्र. 437 ) डॉ. चिंतामणि मालवीय : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दुर्घटना में मृत्यु के मामले में पुलिस के द्वारा खात्मा/खारिजी कोर्ट में पेश करने के लिए समय-सीमा कितनी है। (ख) नवंबर 2024 से दिसंबर 2025 के मध्य रतलाम, उज्जैन, देवास तथा कटनी जिले के सभी थाना क्षेत्रों में दुर्घटना में किन-किन व्यक्तियों की मृत्यु हुई। (ग) दुर्घटना में मृत्यु होने के उपरान्त खात्मा/खारिजी कितने मामलों में पेश कर दिए गए। (घ) क्या रतलाम, उज्जैन, देवास तथा कटनी जिले के किसी थाने का कोई ऐसा मामला है जिसमें नवंबर 2024 के पश्चात दुर्घटना में अब तक खात्मा/खारिजी पेश नहीं हुई है। यदि हाँ, तो क्यों नहीं हुई। कब तक खात्मा/खारिजी पेश कर दी जाएगी।
मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) :(क) बीएनएस के तहत समय-सीमा लागू नहीं है। माननीय न्यायालय के आदेश से पेश किये जाते है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'अ' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'ब' अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'स' अनुसार है।
जिला खनिज प्रतिष्ठान मद की राशि एवं कार्यों की स्वीकृति
[खनिज साधन]
17. ( क्र. 448 ) श्री नीरज सिंह ठाकुर : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला जबलपुर में वर्ष 2024 से प्रश्नांश दिनाँक तक जिला खनिज प्रतिष्ठान मद की राशि को किन-किन कार्यों में व्यय किया गया है? कार्यों के विवरण सहित जानकारी उपलब्ध करावें। (ख) क्या प्रश्नकर्ता द्वारा विधानसभा क्षेत्र बरगी में प्रतिवर्ष विभिन्न विकास एवं निर्माण कार्यों की स्वीकृति हेतु प्रस्ताव जिला खनिज अधिकारी/कलेक्टर को प्रेषित किये गये हैं? यदि हाँ, तो स्वीकृत कार्यों की संपूर्ण जानकारी देते हुये अद्यतन स्थिति व कार्य के पूर्ण, अपूर्ण सहित संपूर्ण जानकारी देवें।
मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ पर दर्शित है। (ख) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ब पर दर्शित है।
नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण अंतर्गत कार्यों की स्वीकृति
[नर्मदा घाटी विकास]
18. ( क्र. 450 ) श्री नीरज सिंह ठाकुर : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या बरगी विधानसभा क्षेत्रांतर्गत बरगी बायीं तट नहरों के सुधार कार्यों एवं आवागमन हेतु नहरों के बैंकों पर सड़क निर्माण के नवीन कार्यों का प्रस्ताव एवं मुख्य नहर एवं इसकी माइनर/सब माइनर वितरण प्रणाली के अंतर्गत प्रस्तावित सुधार एवं नवीन कार्य कराये जाने हेतु विभाग द्वारा 15128.83 लाख का प्रस्ताव तैयार किया गया है? यदि हाँ, तो उक्त प्रस्ताव पर विभाग द्वारा क्या कार्यवाही की गई है? (ख) प्रश्नांश (क) के संबंध में प्रश्नकर्ता द्वारा भी पत्र लिखा गया था, उक्त पत्र पर क्या कार्यवाही की गई? कब तक कार्य की स्वीकृति प्रदान कर दी जावेगी?
मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) एवं (ख) जी हाँ। डी.पी.आर. परीक्षणाधीन है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ भोपाल में दर्ज शिकायत की जाँच
[सामान्य प्रशासन]
19. ( क्र. 455 ) डॉ. रामकिशोर दोगने : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्नकर्ता द्वारा तारांकित प्रश्न क्रमांक 41 दिनांक 02/12/2025 के माध्यम से प्रश्न किया गया था कि हरदा मंडी भूमि घोटाले के मामले में शिकायतकर्ता श्री प्रदीप अहिरवार द्वारा पत्र क्रमांक 04/25 दिनांक 21.02.2025 को आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ इकाई भोपाल में दर्ज की गई शिकायत जो कि आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ इकाई भोपाल में प्रकरण क्रमांक 152/2025 में दर्ज की गई है के उत्तर में मान. मंत्री महोदय द्वारा बताया गया था कि प्रकरण कि जाँच सत्यापनाधीन है। क्या वर्तमान में उक्त शिकायत की जाँच पूरी हो चुकी है? विस्तृत जानकारी उपलब्ध करावे। (ख) यदि हाँ, तो जाँच में क्या पाया गया? की गई जाँच की रिर्पोट उपलब्ध करावें। (ग) यदि नहीं तो जाँच पूरी नहीं होने का क्या कारण है? स्पष्ट करे एवं जाँच कब तक पूरी हो जावेगी? समय-सीमा बतावें।
मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जी हाँ, हरदा कृषि उपज मंडी भूमि के संबंध में शिकायतकर्ता श्री प्रदीप अहिरवार द्वारा की गई शिकायत आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ में दर्ज होकर सत्यापनाधीन है। (ख) शिकायत की जांच पूरी नहीं हुई है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) जांच में प्राप्त तथ्यों व साक्ष्यों के आधार पर अग्रिम विधिसम्मत कार्यवाही का प्रावधान है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
शासकीय कार्यक्रमों में जनप्रतिनिधि का प्रोटोकॉल
[सामान्य प्रशासन]
20. ( क्र. 457 ) डॉ. रामकिशोर दोगने : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शासकीय कार्यक्रमों में जनप्रतिनिधि (विधायक) के प्रोटोकॉल क्या है? नियमों से संबंधित सम्पूर्ण जानकारी उपलब्ध करावे। (ख) क्या शासकीय कार्यों के भूमि पूजन व लोकार्पण के पत्थरों पर प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा पूर्व मंत्री, पूर्व विधायक व पार्टी विशेष के जिला अध्यक्ष का नाम अंकित करवाया जा सकता है? (ग) यदि हाँ, तो कौन से नियम अनुसार शासन द्वारा जारी की गई नियमावली की प्रति उपलब्ध करावे। (घ) यदि नहीं, तो इस प्रकार का कृत्य करने वाले हरदा जिले के प्रशासनिक अधिकारियों पर शासन स्तर से क्या कार्यवाही की जावेगी?
मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) शासकीय कार्यक्रमों में जनप्रतिनिधि (विधायक) के प्रोटोकॉल संबंधी नियमों संबंधी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'अ' एवं 'ब' अनुसार है। (ख) शासकीय कार्यक्रमों में क्षेत्र के सभी जनप्रतिनिधियों एवं नागरिकों को आमांत्रित किया जाता है। लोकार्पण/शिलान्यास के पत्थरों पर किसी अतिथि का नाम अंकित किये जाने या नहीं किये जाने के संबंध में कोई निर्देश नहीं है। कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों के नाम पत्थरों पर अंकित किये जाते है। (ग) एवं (घ) उत्तरांश ''ख'' के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
आयुध अधिनियम 1959 का उपयोग
[गृह]
21. ( क्र. 487 ) श्री आरिफ मसूद : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या आयुध अधिनियम 1959 की धारा 1 के बिन्दु (घ) की परिभाषा में कोई परिवर्तन किया गया है? यदि हाँ, तो जानकारी उपलब्ध करावें। (ख) प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्य में क्या बिन्दु (घ) से अभिप्राय है कि जिस क्षेत्र में पुलिस आयुक्त नियुक्त हो वहां पर आयुध अधिनियम 1959 की समस्त धाराओं का उपयोग पुलिस आयुक्त द्वारा किया जावेगा? यदि हाँ, तो भोपाल और इंदौर नगरीय पुलिस क्षेत्र में इस धारा का उपयोग पुलिस आयुक्त द्वारा कब तक किया जावेगा? यदि नहीं तो क्यों?
मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जी नहीं। (ख) आयुध अधिनियम 1959 की धारा 2 के बिन्दु (घ) के सन्दर्भ में जी हाँ। भोपाल और इंदौर नगरीय पुलिस क्षेत्र में इस धारा का उपयोग पुलिस आयुक्त द्वारा किये जाने की समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
वन ग्रामों में विधायक निधि के कार्य
[वन]
22. ( क्र. 505 ) कुँवर अभिजीत शाह : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दिनांक 01 जनवरी 2013 से 30 नवंबर 2023 के दौरान हरदा जिले के वन ग्रामों में कितने यात्री प्रतीक्षालय, चबूतरा, टीन शेड, सड़क, भवन अन्य विकास/निर्माण कार्यों हेतु वन विभाग द्वारा कब-कब अनापत्ति/अनुमति प्रदान की गई है? कार्य का नाम, स्वीकृति वर्ष, स्वीकृत राशि, स्थान, जारी अनुमति की दिनांक सहित जानकारी देवें। संपूर्ण अनुमति/अनापत्ति एवं प्रपत्र (क) एवं (ख) की सत्यप्रति उपलब्ध करावें। क्या वन विभाग की स्वीकृति के अभाव में ये संरचनायें निर्मित की गई है? यदि हाँ, तो इनके विनिष्टिकरण हेतु क्या कार्यवाही की जा रही है? (ख) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित कार्यों हेतु क्या म.प्र. शासन वन विभाग मंत्रालय भोपाल के परिपत्र क्रमांक 5-5/11/6/109, दिनांक 29 मई 2009 के आधार पर अनुमति/अनापत्ति जारी की गई है? यदि नहीं तो इसके अलावा अनुमतियां किस नियम/अधिनियम की किस धारा के तहत जारी की गई? नियमों की प्रति उपलब्ध कराई जावे। (ग) क्या म.प्र.शासन द्वारा वन संरक्षण अधिनियम के प्रावधानों में परिवर्तित कर विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र विकास योजनांतर्गत स्वीकृत किये जाने वाले 44 प्रकार के विकास/निर्माण कार्यों को वनग्रामों में भी प्रदान किये जाने हेतु कार्यवाही कर प्रक्रिया का सरलीकरण/शिथिलीकरण किया जा रहा है? क्या शासन को ज्ञात है, कि विधायक निधि के कार्यों को वन ग्रामों में स्वीकृत करने से लेकर निर्माण तक विभिन्न अनुमति प्राप्त करना होता है, जिसमें अत्यधिक समय लगता है एवं वनग्रामों में विकास कार्य नहीं हो पाते है? इस हेतु क्या कार्यवाही की जा रही है?
मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) प्रश्नाधीन अवधि में हरदा जिले के वनग्रामों में यात्री प्रतीक्षालय, चबूतरा, टीन शेड निर्माण कार्यों की अनुमति प्रदान नहीं की गई है, अपितु अनुसूचित जनजाति एवं अन्य परंपरागत वन निवासी (वन अधिकारों की मान्यता अधिनियम) 2006 की धारा 3 (2) अंतर्गत निर्दिष्ट कार्यों की अनुमति प्रदान की गई है, जिसकी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट- 1 अनुसार है। हरदा वनमंडल अंतर्गत स्वीकृति के अभाव में अनाधिकृत रूप से निर्मित संरचनाओं के प्रकरण प्रकाश में नहीं आये हैं, अत: शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ख) उत्तरांश ''क'' में उल्लेखित अनुमतियाँ राज्य शासन के पत्र दिनांक 29.05.2009 के प्रावधान अनुसार जारी की गई है, जिसकी प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-2 अनुसार है। (ग) उत्तरांश (क) में उल्लेखित अधिनियम की धारा 3 (2) के प्रावधानों से भिन्न कार्य वन भूमि व्यपवर्तन की अनुमति भारत सरकार से प्राप्त कर किये जा सकते हैं। वन (संरक्षण एवं संवर्धन) अधिनियम,1980 तथा उसके अंतर्गत बनाये गये नियमों को परिवर्तित करने का अधिकार राज्य शासन को नहीं है, अत: शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
शहीद इलाप सिंह परियोजना का क्रियान्वयन
[नर्मदा घाटी विकास]
23. ( क्र. 506 ) कुँवर अभिजीत शाह : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्नकर्ता के प्रश्न क्रमांक 383 दिनांक 17.12.2024 के जबाव में लेख किया गया है, कि प्रश्नकर्ता की विधानसभा क्षेत्र के ग्राम काथड़ी, तजपुरा, करताना एवं रूदलाय, तवा सिंचाई परियोजना के कमाण्ड क्षेत्र में आते है। विगत 05 वर्षों में रबी एवं ग्रीष्मकाल में कुल कितना-कितना पानी, किस-किस दिनांक को इन ग्रामों में उपलब्ध कराया गया है तथा कितने किसान इससे लाभांवित हुए है? जानकारी देवें। (ख) यह सिंचाई परियोजना वर्तमान में किस स्तर पर प्रक्रियाधीन है? योजना के पूर्ण होने की दिनांक क्या है? निर्धारित तिथि तक कार्य पूर्ण न होने पर क्या निर्माण एजेंसी के विरूद्ध कोई कार्यवाही की गई है अथवा अर्थदण्ड लगाया गया है यदि हाँ तो बतावें? यदि नहीं तो क्यों? (ग) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित योजना हेतु कुल कितनी राशि शासन द्वारा कब-कब स्वीकृत की गई है तथा कितनी राशि और कब तक स्वीकृत की जावेगी? इस राशि में से कितनी राशि का भुगतान एजेंसी को कब-कब किया गया है? (घ) जिले में तवा सिंचाई परियोजना के आउट कमाण्ड क्षेत्र में आने वाले ग्रामों की सूची उपलब्ध करावें? इन ग्रामों के लिये शासन द्वारा क्या कोई माईक्रो उद्वहन योजना लाई जाकर शत्-प्रतिशत सिंचित किया जा रहा है? यदि हाँ, तो क्या एवं कब तक, यदि नहीं तो क्यों?
मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जी हाँ। जल संसाधन विभाग द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-"अ" अनुसार है। ग्राम काथड़ी के 223 कृषक, ग्राम करताना के 263 कृषक, ग्राम रुदलाय के 218 कृषक एवं ग्राम तजपुरा के 205 कृषक लाभांवित हुए हैं। (ख) शहीद ईलाप सिंह माईक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना के अंतर्गत पम्प हाउस क्रमांक-01, पम्प हाउस क्रमांक-02 एवं पाइप-लाइन बिछाने का कार्य प्रगति पर है। अनुबंध अनुसार कार्य पूर्णता की तिथि 05.09.2029 है। शेष प्रश्न लागू नहीं। (ग) जल संसाधन विभाग द्वारा उपलब्ध कराई गई, जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-"ब" अनुसार है। (घ) जल संसाधन विभाग द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-"स" अनुसार है। इन ग्रामों के लिए वर्तमान में हंडिया शाखा नहर संभाग टिमरनी अंतर्गत कोई योजना प्रस्तावित नहीं है।
वन विभाग में स्थानांतरण नीति
[वन]
24. ( क्र. 554 ) श्री प्रीतम लोधी : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या वन विभाग में वन मण्डलाधिकारी के अधिकतम एक जिले में 03 वर्ष से अधिक समय पश्चात स्थानांतरण का नियम है? (ख) मध्यप्रदेश में कितने वन मण्लाधिकारी (डीएफओ) 03 वर्ष से अधिक समय से एक ही स्थान पर पदस्थ है? क्या एक जिला स्तरीय अधिकारी का एक ही स्थान पर पदस्थ रहना उचित है? 03 वर्ष से अधिक समय एक ही जगह पर जमे वन मण्डलाधिकारी को कब तक हटाया जायेगा? (ग) वन मंडल शिवपुरी अंतर्गत वर्ष 2024 एवं 2025 में सड़क निर्माण, तालाब निर्माण एवं खनन से संबंधित कितनी एनओसी एवं अनुमति वनमंडलाधिकारी द्वारा जारी की गई? संपूर्ण जानकारी नाम सहित देवें। क्या अनुमतियों में वन संरक्षण अधिनियमों का शत्-प्रतिशत पालन किया गया? यदि नहीं तो वनमंडलाधिकारी पर कार्यवाही की गई? नहीं तो क्यों?
मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जी नहीं, वनमंडलाधिकारी की पदस्थापना प्रशासनिक आवश्यकता अनुसार की जाती है। (ख) वन विभाग में 03 वर्ष से अधिक समय से केवल 01 वनमंडलाधिकारी शिवपुरी वनमंडल में पदस्थ है। राज्य शासन प्रशासनिक आवश्यकता को देखते हुए अधिकारी को वनमंडल में 03 वर्ष से अधिक समय तक पदस्थ रख सकती है। अतः शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है (ग) वनमंडल शिवपुरी के अंतर्गत वर्ष 2024 एवं 2025 में सड़क निर्माण से संबंधित 06 अनुमति एवं खनन से संबंधित 50 एन.ओ.सी. वनमंडलाधिकारी द्वारा जारी की गई। वर्ष 2024 एवं 2025 में तालाब निर्माण से संबंधित कोई अनुमति जारी नहीं की गई है। शेष जानकारी संलग्न परिशिष्ट-एक एवं दो अनुसार है। जारी अनुमतियों में अपेक्षित नियम/अधिनियमों का पालन किया गया है, अत: शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
जिला खनिज प्रतिष्ठान मद/डीएमएफ अन्तर्गत स्वीकृत कार्य
[खनिज साधन]
25. ( क्र. 569 ) श्री साहब सिंह गुर्जर : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विभाग अन्तर्गत जिला खनिज प्रतिष्ठान/डीएमएफ मद से ग्राम पंचायतों में अधोसंरचना निर्माण कार्य स्वीकृति के क्या नियम है? नियम/निर्देशों की प्रति उपलब्ध करावें? (ख) विधानसभा क्षेत्र के अन्तर्गत प्रश्नांश (क) के संदर्भ में दिनांक 01 जनवरी, 2023 से प्रश्नांकित दिनांक तक कौन-कौन से अधोसंरचना निर्माण कार्य स्वीकृत किये गये है? वर्षवार, कार्यवार जानकारी उपलब्ध करावें। (ग) प्रश्नांश (ख) अनुसार स्वीकृत अधोसंरचना निर्माण कार्य हेतु क्या क्षेत्रीय विधायक से प्रस्ताव/अनुशंसा चाहे जाने का नियम है? स्थानीय विधायक द्वारा प्रेषित अनुशंसा/प्रस्तावों के आधार पर विधानसभा क्षेत्र में कौन-कौन से कार्य स्वीकृत किये गये है? दिनांक 01 जनवरी, 2023 से वर्षवार, कार्यवार जानकारी उपलब्ध करावें? (घ) यदि क्षेत्रीय विधायक द्वारा प्रेषित प्रस्ताव/अनुशंसा अनुसार जनहित में अधोसंरचना कार्य स्वीकृत नहीं किये गये तो इसका कारण बतावें? डीएमएफ मद अन्तर्गत विभाग की आगामी कार्य योजना क्या है? प्रति उपलब्ध करावें।
मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जिला खनिज प्रतिष्ठान निधि से कराये जाने वाले कार्यों के संबंध में प्रावधान म.प्र. जिला खनिज प्रतिष्ठान नियम, 2016 के तहत अधिसूचित हैं। जिला खनिज प्रतिष्ठान (डी.एम.एफ.) मद से ग्राम पंचायतों में अधोसंरचना निर्माण कार्य स्वीकृति के प्रावधान पृथक से नहीं किये गये हैं। (ख) विधानसभा क्षेत्र ग्वालियर ग्रामीण अंतर्गत वर्षवार स्वीकृत कार्यों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट पर दर्शित है। (ग) जी नहीं। माननीय विधायक, जिला खनिज प्रतिष्ठान न्यास मण्डल के सदस्य हैं। स्वीकृत कार्य की वर्षवार एवं कार्यवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट पर दर्शित है। (घ) जिला खनिज प्रतिष्ठान नियम, 2016 में प्रश्नांश अनुसार कोई प्रावधान नहीं है। डी.एम.एफ. मद के अंतर्गत विभाग की कोई कार्ययोजना नहीं है। यह संबंधित जिले के न्यास मण्डल का विषय है।
सिंचाई हेतु जल उपलब्ध कराया जाना
[नर्मदा घाटी विकास]
26. ( क्र. 570 ) श्री संजय सत्येन्द्र पाठक : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या बरगी जलाशय नर्मदा घाटी परियोजना अंतर्गत कटनी जिले के विकासखंडों में कृषकों को सिंचाई हेतु जल उपलब्ध कराने हेतु नहरों का निर्माण किया गया है? विकासखंडवार जानकारी प्रदान करें। कृषकों को कब तक सिंचाई हेतु जल उपलब्ध करा दिया जावेगा? (ख) प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्य में क्या कटनी जिले के स्लीमनाबाद के पास भूमिगत टनल का निर्माण कार्य पूर्ण किया जा चुका है? जानकारी उपलब्ध करावे? यदि टनल का कार्य पूर्ण नहीं हुआ है तो कब तक पूर्ण करा दिया जायेगा बतायें?
मुख्यमंत्री
( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जी
हाँ। जानकारी
संलग्न परिशिष्ट अनुसार
है। निर्मित
नहरों से जल
प्रदाय किया
जा रहा है, निर्माणाधीन
परियोजनाओं
के पूर्ण होने
पर प्रश्नाधीन
विकासखण्ड
के शेष कृषकों
को जल उपलब्ध
कराया जाना
प्रतिवेदित
है। (ख) जी
नहीं। भूमिगत
टनल की कुल
लम्बाई 11,952 मीटर
में से 96.60
प्रतिशत निर्माण
कार्य पूर्ण
किया जा चुका
है। निर्माण
के दौरान अत्यंत
जटिल
भू-गर्भीय
चुनौतियों के
कारण यह कार्य
मई 2026 तक
पूर्ण होना
संभावित है।
परिशिष्ट
- "छ:"
खनन हेतु शासन की अनुमति
[खनिज साधन]
27. ( क्र. 583 ) श्री मधु भगत : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) परसवाड़ा विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत भरवेली, उकवा मॉइल द्वारा खनिज खनन से मध्यप्रदेश सरकार को लाभांश से करोड़ों रूपये का राजस्व प्राप्त होता हैं, खनन क्षेत्रों के ग्रामों में मध्यप्रदेश के कुल खनिज खनन राजस्व में से 10 प्रतिशत लाभांश राशि उन क्षेत्रों में विकास कार्यों के लिए खर्च करना आवश्यक है जहां से मॉयल द्वारा खनन किया जा रहा है मॉयल (मैंगनीज और इंडिया लिमिटेड) द्वारा मध्यप्रदेश सरकार को दिये जा रहे राजस्व में से परसवाड़ा विधानसभा क्षेत्र के किन-किन ग्रामों में वर्ष 2023 से प्रश्न दिनांक तक कितनी-कितनी राशि, किन-किन कार्यों में खर्च की गई हैं? खर्च की गई राशि के समस्त दस्तावेज उपलब्ध करावे? (ख) परसवाड़ा विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत खनिज विभाग द्वारा कौन-कौन से अयस्कों किन-किन ग्रामों में खनन के लिए शासकीय अनुमति किस-किस ठेकेदार को वर्ष 2023 से प्रश्न दिनांक तक दी गई हैं तथा राजस्व एवं जुर्माना राशि कितनी जमा की गई, पूर्ण दस्तावेज सहित जानकारी उपलब्ध करावें?
मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) प्रश्नांश अनुसार उक्त खदानों से मध्यप्रदेश सरकार को लाभांश प्राप्त होता है। लाभांश की राशि राज्य की संचित निधि में जमा होती है। इसके पृथक से प्रश्नानुसार व्यय किये जाने का प्रावधान नहीं है। अत: शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ख) प्रश्नांश अनुसार कोई स्वीकृति प्रदान नहीं की गई है। जिससे राजस्व जमा करने का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। अवैध उत्खनन/परिवहन/भण्डारण पर की गई कार्यवाही से जमा जुर्माना राशि की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ पर दर्शित है। दस्तावेजों की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ब पर दर्शित है।
सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम की स्थापना
[सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम]
28. ( क्र. 600 ) श्री भैरो सिंह बापू : क्या सूक्ष्म,लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला आगर-मालवा में विभाग की कौन-कौन सी योजनाएं संचालित की जा रही है जानकारी देवें? विभाग द्वारा सूक्ष्म, लघु उद्योग स्थापित किये जाने हेतु वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 की कार्य योजना क्या है? जानकारी देवें। (ख) वर्तमान में जिला आगर-मालवा में कौन-कौनसी इकाई सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, विभाग द्वारा किन-किन स्थानों पर स्थापित की गई है तथा उसमें कितने लोगों को रोजगार प्रदान किया जा रहा है? जानकारी देवें। (ग) जिला आगर- मालवा अंतर्गत सुसनेर विधानसभा में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, विभाग द्वारा लघु उद्योगों हेतु कौन-कौन से स्थान/भूमि चिन्हित की गई है तथा वहां पर कौन-कौन से उद्योग स्थापित किये जाने की योजना है? (घ) प्रश्नांश (क), (ख) एवं (ग) अनुसार सूक्ष्म, लघु उद्योग स्थापित किये जाने हेतु विभाग द्वारा कहां-कहां भूमि आवंटित की गई एवं किन-किन इकाई/समूह एवं व्यक्ति को कौन-कौन से उद्योग स्थापित करने हेतु की भूमि आवंटित की गई जानकारी देवें?
सूक्ष्म,लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री ( श्री चेतन्य कुमार काश्यप ) : (क) जिला आगर मालवा में निम्नानुसार योजनाएं संचालित की जा रही है- 1. मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना। 2. एमएसएमई प्रोत्साहन योजना। 3. मध्यप्रदेश स्टार्टअप नीति एवं कार्यान्वयन योजना 2025। विभाग द्वारा सूक्ष्म, लघु उद्योग स्थापित हेतु वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 की कार्य योजना निम्नानुसारः-
|
क्र. |
वर्ष |
विवरण |
लक्ष्य |
पूर्ति |
राशि (लाख रूपये में) |
|
1 |
2024-25 |
मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना |
55 |
65 |
391.70 |
|
विनिर्माण इकाई |
125 |
14 |
138.75 |
||
|
2 |
2025-26 |
मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना |
88 |
98 |
564.56 |
|
विनिर्माण इकाई |
175 |
162 |
1530 |
(ख) विभाग द्वारा उद्योग स्थापित नहीं किए जाते हैं अपितु उद्योगों को प्रचलित विभागीय नीति/नियम में प्रावधानित सुविधाओं का लाभ पात्रतानुसार प्रदान किया जाता है। उद्यमियों को इकाई स्थापना हेतु प्रश्नांश (क) के उत्तर में उल्लेखित योजनाओं में लाभ प्रदाय किया जाता है। (ग) जिला आगर-मालवा अंतर्गत सुसनेर विधानसभा में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विभाग द्वारा ग्राम आंकली में नवीन औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया गया है। इन भूखण्डों पर आवंटियों द्वारा विनिर्माण उद्योग स्थापित किये जा रहे हैं/जाएंगे। (घ) प्रश्नांश (क) (ख) एवं (ग) अनुसार सूक्ष्म, लघु उद्योगों की स्थापना की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र "अ'', "ब'' एवं ''स" अनुसार है।
एनडीपीएस एक्ट के तहत फर्जी प्रकरण
[गृह]
29. ( क्र. 609 ) श्री विपीन जैन : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जनवरी 2015 से प्रश्न दिनांक तक मंदसौर जिले अंतर्गत कितने पुलिसकर्मियों पर एनडीपीएस एक्ट के तहत फर्जी प्रकरण बनाने की शिकायतें मध्यप्रदेश और अन्य राज्यों से प्राप्त हुई हैं वर्षवार विवरण देवें? (ख) प्रश्नांश (क) अंतर्गत किन-किन आरोपों में शिकायतें प्राप्त हुई और उन पर क्या-क्या कार्यवाहियां विभाग द्वारा की गई है? विवरण देवें।
मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) एवं (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट में समाहित है।
क्रशरों एवं परिवहन से पर्यावरण एवं फसलों को नुकसान
[खनिज साधन]
30. ( क्र. 612 ) श्री कैलाश कुशवाहा : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या ग्राम गुरावल एवं ग्राम पंचायत भानगढ़ में स्थित क्रशरों पर गिट्टी के उत्खनन एवं परिवहन से पर्यावरण एवं किसानों की फसलों को नुकसान होने तथा दोनों क्रशरों में क्रशर संचालकों द्वारा क्रशर में उपयोग किये जाने वाली खनिज का स्वीकृत क्षेत्र से उत्खनन न किया जाकर अन्य शासकीय भूमि से खनिज का उत्खनन किया जा रहा है। (ख) क्या उक्त क्रशरों से उक्त ग्रामों व आस-पास आबादी वाले क्षेत्र होने के कारण धूल आदि से पर्यावरण एवं आमजन की सुरक्षा को गंभीर खतरा उत्पन्न हो रहा है। सुरक्षा हेतु संचालकों द्वारा कोई उपाय नहीं किये हैं एवं क्रशरों के पास में किसानों की फसलों को भारी नुकसान हो रहा है जिसे रोकने हेतु संचालकों द्वारा कोई उपाय नहीं किये गये हैं। उक्त ग्रामों में क्रशरों के उपयोग के भारी वाहनों से ग्रामीणों को दुर्घटनाओं का सामना करना पड़ रहा है तथा पास में पहाड़ होने से पर्यावरण दूषित हो रहा है? (ग) उक्त दोनों क्रशरों के संबंध में प्रश्नकर्ता के पत्र क्र. 2026/20-21 दिनांक 13/01/2026 द्वारा कलेक्टर शिवपुरी को जांच हेतु पत्र लिखा गया है क्या जांच प्रतिवेदन प्राप्त हो गया है? यदि हाँ, तो प्रति उपलब्ध कराएं। (घ) शिवपुरी जिले में स्वीकृत रेत खदानों से रेत खनिज का उत्खन्न न किया जाकर शासकीय क्षेत्र से अवैध रेत खनन व परिवहन किये जाने की जांच कराई जावेगी? यदि हाँ, तो कब तक?
मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जिला व तहसील शिवपुरी अन्तर्गत ग्राम गुरावल में कोई भी क्रशर स्थापित नहीं है। तहसील शिवपुरी के ग्राम भानगढ़ में स्वीकृत भण्डारण अनुज्ञप्ति में एक क्रशर स्थापित है। जिसे प्रदूषण नियंत्रण मण्डल की जल एवं वायु सम्मति प्राप्त है। उनके पक्ष में कोई उत्खनिपट्टा स्वीकृत नहीं है और न ही अवैध उत्खनन का कोई प्रकरण प्रकाश में आया है। (ख) क्षेत्रीय अधिकारी म.प्र. प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड विजयपुर गुना के पत्र क्रमांक 1072 दिनांक 04/02/2026 से भानगढ़ क्रशर प्लांट ग्राम भानगढ़ तहसील व जिला शिवपुरी के लिये प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड गुना द्वारा सम्मति सशर्त जारी की गई है। क्रशर के संचालन से आस-पास आबादी वाले क्षेत्र में धूल उत्सर्जन से पर्यावरण एवं आमजन की सुरक्षा से सम्बंधित गंभीर खतरे उत्पन्न होने, पास के किसानों की फसलों में नुकसान तथा भारी वाहनों के आवागमन से ग्रामीण क्षेत्र में दुर्घटना पर्यावरण दूषित होने सम्बंधी कोई भी मामले प्रकाश में नहीं आये है। (ग) जी हाँ, जांच प्रतिवेदन की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट पर दर्शित है। (घ) जिला प्रशासन द्वारा रेत खनिज के अवैध उत्खनन एवं परिवहन पर सतत रूप से कार्यवाही की जा रही है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्रश्न दिनांक तक रेत खनिज के अवैध उत्खनन के 06 प्रकरण पंजीबद्ध किये जाकर राशि रूपये 6,15,000/- अर्थदण्ड जमा कराया गया है। खनिज रेत के अवैध परिवहन के 56 प्रकरण पंजीबद्ध किये जाकर राशि रूपये 22,22,353/- अर्थदण्ड जमा कराया गया है। इसी प्रकार खनिज रेत के अवैध भण्डारण के 21 प्रकरण पंजीबद्ध किये जाकर राशि रूपये 1,89,00,375/- अर्थदण्ड जमा कराया गया है।
संचालनालय भौमिक तथा खनिकर्म के निर्देशों का पालन
[खनिज साधन]
31. ( क्र. 632 ) श्री कालु सिंह ठाकुर : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या संचालनालय भौमिक तथा खनिकर्म मध्यप्रदेश भोपाल के पत्र क्रमांक 7927 दिनांक 25-7-24 में श्रीमति राधा बाई ठाकुर निवासी ग्राम चिपखोदरा जिला धार के खसरा नं.- 28/3 की भूमि का लीज का प्रकरण समाप्त करवाकर आवंटित भूमि पर खनन अनुमति प्रदान करने हेतु कलेक्टर धार को पत्र जारी किया गया था? (ख) प्रश्नांश (क) यदि हाँ तो क्या धार कलेक्टर द्वारा जांच प्रतिवेदन और की गई कार्यवाही की प्रति प्रेषित की गई है? यदि हाँ, तो जांच प्रतिवेदन और की गई कार्यवाही की प्रति उपलब्ध करावें और यदि नहीं तो किस कारण अभी तक जाँच प्रतिवेदन नहीं भेजा गया है? जानकारी दें। (ग) प्रश्नांश (ख) अनुसार यदि प्रतिवेदन विभाग में प्रेषित करने के बाद विभाग द्वारा क्या कार्यवाही की गई? बतावें और यदि कार्यवाही नहीं गई तो किस कारण? स्पष्ट करें।
मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जी नहीं। माननीय विधायक द्वारा प्राप्त पत्र के आधार पर क्षेत्र की जांच कर स्पष्ट प्रतिवेदन एवं की गई कार्यवाही की जानकारी चाही गई थी। (ख) जी हाँ। जांच प्रतिवेदन मय पंचनामा की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट पर दर्शित है। प्रकरण में अनुविभागीय अधिकारी राजस्व धार के आदेश दिनांक 05/01/2012 के तहत खनि निरीक्षक, राजस्व निरीक्षक एवं हल्का पटवारी तथा गठित दल के सदस्यों के साथ श्रीमती राधाबाई पति श्री कालुसिंह ठाकुर निवासी ग्राम चिफखोदरा तहसील पीथमपुर की निजी भूमि ग्राम फालक्याघाटपुरा तहसील पीथमपुर के सर्वे क्रमांक 28/3 रकबा 2.000 हेक्टेयर क्षेत्र पर स्वीकृत उत्खनिपट्टा में उत्खनन के संबंध में जाँच की गई, जाँच में स्वीकृत खसरा क्रमांक 28 भाग रकबा 2.000 हेक्टेयर पर उत्खनन न किया जाकर पट्टाधारी द्वारा खसरा क्रमांक 35 रकबा 2.723 हेक्टेयर क्षेत्र कारम नदी में उत्खनन किया जाना पाया गया जिसकी मात्रा लगभग 7848.75 घ.मी. पाई गई। नायब तहसीलदार टप्पा नालछा जिला धार के प्रस्तुत प्रतिवेदन के आधार पर अवैध उत्खनन के प्रकरण में कार्यवाही करने हेतु अनुविभागीय अधिकारी राजस्व धार को इस कार्यालय के पत्र क्रमांक 17 दिनांक 09/01/2012 के दवारा भेजा गया। संचालक महोदय भोपाल द्वारा दिनांक 30/10/2024 को उपरोक्त प्रकरण में अग्रिम कार्यवाही करने हेतु लेख करने से उपरोक्त प्रकरण अनुविभागीय अधिकारी राजस्व पीथमपुर से हस्तांतरित कर कलेक्टर न्यायालय/अपर कलेक्टर न्यायालय धार को प्रेषित किया गया। अपर कलेक्टर न्यायालय जिला धार द्वारा प्रकरण में पुनः जाँच कर कलेक्टर महोदय को प्रतिवेदन प्रस्तुत करने हेतु दिनांक 21-01-2026 को अनुविभागीय अधिकारी राजस्व पीथमपुर को प्रेषित किया गया है। (ग) प्रश्नांश अनुसार प्रतिवेदन दिनांक 01/08/2024 के आधार पर संचालनालय के पत्र दिनांक 30/10/2024 से नियमानुसार कार्यवाही किये जाने हेतु कलेक्टर धार को लेख किया गया था। वर्तमान में अपर कलेक्टर न्यायालय द्वारा मूल प्रकरण दिनांक 21/01/2026 को पुनः जांच कर प्रतिवेदन प्रेषित करने हेतु अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) पीथमपुर को भेजा गया था। प्रकरण अद्यतन अपर कलेक्टर न्यायालय में विचाराधीन है।
प्रकरण क्रमांक 719/23 की जानकारी
[गृह]
32. ( क्र. 637 ) श्री पंकज उपाध्याय : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रश्नकर्ता के प्रश्न क्रमांक 591 दिनांक 02/07/24 के प्रश्नांश (क) के उत्तर में कहा गया था कि आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए संभावित स्थानों पर दबिश की कार्रवाई की जा रही है? यदि हाँ, तो कब-कब, किस-किस स्थान पर दबिश दी गई एवं दल में कौन-कौन पुलिसकर्मी थे संपूर्ण विवरण उपलब्ध कराए। (ख) पुलिस थाना जौरा में दर्ज प्रकरण क्रमांक 719/23 में पुलिस द्वारा क्या क्या भौतिक एवं तकनीकी साक्ष्य एकत्रित किए गए हैं। उनकी प्रतियाँ उपलब्ध कराएं तथा विवेचना की अद्यतन स्थिति से भी अवगत कराएं? (ग) क्या प्रश्नकर्ता के प्रश्न क्रमांक 779 दिनांक 02/12/25 के प्रश्नांश (ड.) के उत्तर में अभियुक्तगणों की सीडीआर प्राप्त कर विवेचना में शामिल किए जाने का लेख किया गया है? यदि हाँ, तो सीडीआर में क्या तथ्य पाए गए तथा सीडीआर की प्रति भी उपलब्ध करायें।
मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) :(क) जी हाँ, थाना जौरा के अपराध क्रमाक 719/23 के प्रकरण में आरोपियों की गिरफ्तारी हेतु रजौधा हाउस, एमएस रोड जौरा (थाना जौरा क्षेत्र) में तथा ग्राम रजौदा (थाना चिन्नौनी क्षेत्र) में तलाश की गई। तलाशी दल में थाना जौरा के सउनि कन्हैया सिंह, आर. 1059 विनोद धाकड़, आर. 1191 बहुदेव शामिल थे। (ख) जिला मुरैना के पुलिस थाना जौरा में दर्ज अपराध क्रमांक 719/23 की विवेचना में फरियादी विनोद दुबे द्वारा प्रस्तुत करने पर रूपये 30 हजार की राशि भौतिक साक्ष्य के रूप में जब्त गई। इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य के रूप में फरियादी विनोद दुबे एवं आरोपीगणों के सीडीआर प्राप्त कर विश्लेषण किया गया। प्रकरण की विवेचना में है अतः विस्तृत जानकारी दी जाना विधिसम्मत संभव नहीं है। (ग) प्रश्न क्रमांक 779 दिनांक 02/12/2025 के प्रश्नांश (ङ) के उत्तर में अभियुक्तगणों की सीडीआर प्राप्त कर विवेचना में शामिल किए जाने का उल्लेख किया गया था। प्रकरण की विवेचना में होने के कारण सीडीआर में पाये गये तथ्यों की जानकारी एवं सीडीआर की प्रति दिया जाना विधिसम्मत संभव नहीं है।
पुरानी पेंशन योजना लागू करने की शासन की योजना
[वित्त]
33. ( क्र. 638 ) श्री पंकज उपाध्याय : क्या उप मुख्यमंत्री, वित्त महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या एनपीएस में कर्मचारियों के अंशदान की राशि को शेयर मार्केट में निवेश किया जाता है, जिससे पूंजी पर प्रतिफल की अनिश्िचतता तथा शेयर मार्केट में मंदी की स्थिति में जमा पूंजी पर नुकसान होने का खतरा बना रहता है? (ख) क्या एनपीएस कर्मचारियों के भविष्य निधि खाते में 14% अलग से अंशदान करना पड़ता है, जिसके कारण शासन पर अतिरिक्त वित्तीय भार पड़ रहा है? (ग) क्या एनपीएस कर्मचारियों की पेंशन कुल अंशदान पर निर्भर करती है और सेवा अवधि कम होने पर कर्मचारियों की जमा पूंजी भी कम होने से पेंशन कम मिलती है? क्या यह एक नकारात्मक बिंदु है? (घ) क्या जिला मुरैना अंतर्गत नगरीय निकायों में एनपीएस की कटौती की राशि को समय पर कर्मचारियों के भविष्य निधि खाते में जमा नहीं किया जा रहा है, जिसके फलस्वरूप जमा पूंजी पर मिलने वाले प्रतिफल का अनवरत नुकसान कर्मचारियों को हो रहा है? (ङ) क्या पुरानी पेंशन योजना लागू करने की शासन की योजना है? यदि हाँ, तो विवरण सहित जानकारी उपलब्ध कराएं।
उप मुख्यमंत्री, वित्त ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) जी हाँ। इस योजना के सुचारू रूप से क्रियान्वयन करने हेतु NPS ट्रस्ट की स्थापना PFRDA द्वारा 1882 के भारतीय ट्रस्ट अधिनियमों के तहत NPS परिसम्पत्तियों एवं निधियों की देखभाल करते है, जो कि अभिदाताओं के सर्वोत्तम हित में की गई है। यह NPS संबंधित समस्त मध्यवर्ती संस्थाओं के परिचालक, निवेश प्रबंधन संबंधी ऑडिटेड स्कीम के फायनेंशियल, आंतरिक ऑडिट रिपोर्ट, निरीक्षण ओर अनुपालन रिपोर्ट को प्राप्त कर आकलन करता है, जिससे सिस्टम में आवश्यक परिवर्तन किया जा सके। (ख) जी हाँ। NPS कर्मचारियों के NPS खातों में 14 प्रतिशत राशि जमा किये जाने से शासन पर भविष्य की देयताएं कम होती है। (ग) जी, हाँ। NPS अंशदायी पेंशन योजना है। इस योजना के अंतर्गत अभिदाता अपने पूर्ण सेवाकाल के दौरान जमा राशि एवं शासकीय अंशदान पर उपार्जित लाभांश को जोड़कर कुल अंशदान की कम से कम 40 प्रतिशत राशि Annuity Service Provider से एन्युटी क्रय कर वार्षिक (एन.यु.टी.) प्राप्त करता है। (घ) कार्यालय नगर पालिक निगम मुरैना (म.प्र.) के पत्र क्रमांक/स्था./2026/527, मुरैना, दिनांक 03.02.2026 द्वारा प्राप्त जानकारी के अनुसार नगर पालिक निगम मुरैना के अंतर्गत NPS राशि वेतन से 10 प्रतिशत कटौत्रा एवं निकाय अंशदान 14 प्रतिशत निकाय में राशि उपलब्ध न होने से माह अप्रैल 2024 से जनवरी 2026 तक राशि जमा नहीं की गई है। (ड.) वर्तमान में राज्य शासन में पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल करने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
खनिज मद की राशि को राज्य संचित निधि में जमा किया जाना
[खनिज साधन]
34. ( क्र. 646 ) श्री मोहन सिंह राठौर : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या विभिन्न जिलों में खनिज मद से प्राप्त राशि राज्य की संचित निधि में जमा कराई जाती है? यदि हाँ, तो वर्ष 2023-24 से प्रश्न दिनांक तक राज्य की संचित निधि में कितनी-कितनी राशि प्रदेश के विभिन्न जिलों द्वारा जमा कराई गई? जिला वार वर्षवार ब्यौरा दें। (ख) प्रश्नांश (क) राज्य की संचित निधि से प्राप्त राशि के व्यय करने के क्या नियम है एवं राशि किस-किस प्रयोजन/कार्यों पर व्यय करने का प्रावधान है? नियमों/निर्देशों की प्रति उपलब्ध करायें। (ग) क्या प्रश्नांश (क) में प्राप्त राशि प्रश्नांश (ख) में उल्लेखित नियम निर्देशों के अनुसार ही व्यय की गई है? व्यय का प्रयोजन/कार्य उस पर व्यय राशि किस नियम/निर्देशों के अनुसार व्यय की गई, कार्यवार, जिस नियम से व्यय की गई है उस नियम की प्रति उपलब्ध करायें। (घ) क्या खनिज मद की राशि से कार्य स्वीकृत के प्रस्ताव प्रश्नकर्ता के पत्र क्रमांक 25 दिनांक 15.01.2025 जिला कलेक्टर ग्वालियर को प्रस्तुत किये गये थे? यदि हाँ, तो कार्य स्वीकृत क्यों नहीं किये गये? प्रस्तावित कार्यों को कब तक स्वीकृत किया जायेगा? समय-सीमा बताएं।
मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जी हाँ। शेष जानकारी संलग्न परिशिष्ट पर दर्शित है। (ख) राज्य की संचित निधि को विभाग द्वारा व्यय किये जाने के प्रावधान नहीं है। अतः शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) उत्तरांश (ख) के प्रकाश में प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) जी नहीं। खनिज मद से स्वीकृति के कोई प्रस्ताव प्राप्त नहीं हुआ है। अपितु माननीय प्रश्नकर्ता विधायक द्वारा जिला खनिज प्रतिष्ठान से स्वीकृति हेतु प्रश्नांश में उल्लेखित पत्र द्वारा 36 कार्यों की सूची उपलब्ध कराई गयी थी। जिला खनिज प्रतिष्ठान की बैठक दिनांक 09/01/2025 में सूची में दर्शित एक कार्य (रामजानकी मंदिर सामुदायिक भवन बरई) को स्वीकृत किया गया है। एक कार्य सर्किट हाउस निर्माण घाटीगांव को जिला खनिज प्रतिष्ठान के राज्य मद से स्वीकृति हेतु दिनांक 03/02/2025 को प्रेषित किया गया है। एक अन्य कार्य भितरवार जनपद पंचायत में मीटिंग हॉल का निर्माण कार्य अन्य मद से स्वीकृत कर निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। शेष कार्यों के संबंध में जिला खनिज प्रतिष्ठान की आगामी दिवसों में आयोजित होने वाली बैठक में कार्यों पर निर्णय लिये जाने हेतु प्रस्तुत किया जाना है।
बिना टेण्डर के कराये गये कार्य एवं कोटेशन अनियमित भुगतान
[वन]
35. ( क्र. 648 ) श्री मोहन सिंह राठौर : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्न क्रमांक 791 दिनांक 02.12.2025 के परिशिष्ट-2 में दिये गये कार्यों के एस्टीमेट, तकनीकी, प्रशासकीय स्वीकृतियां सक्षम अधिकारी के द्वारा दी गई है? यदि हाँ, तो अधिकारों की प्रति उपलब्ध करायें। (ख) वन विभाग के अधिकारियों को शासन/वित्त विभाग द्वारा प्रदत्त प्रशासकीय/वित्तीय अधिकारों की जानकारी दें, क्या प्रश्नांश (क) में दी गई स्वीकृतियां वन विभाग के अधिकारियों को प्रदत्त अधिकारों के अनुरूप है, यदि हाँ, तो स्पष्ट करें। (ग) क्या प्रश्नांश (क) में उल्लेखित प्रश्न के उत्तर में माप पुस्तिका की छायाप्रतियां उपलब्ध कराई गई है? उपलब्ध कराई गई माप पुस्तिका निर्धारित फार्मेट में है? या रजिस्टर नोटबुक को माप पुस्तिका का रूप दिया गया है? माप पुस्तिका प्रदाय करने के लिए कौन एवं किस स्तर का अधिकारी सक्षम है? क्या सक्षम अधिकारी द्वारा निर्धारित माप पुस्तिका उसके अधीनस्थ तकनीकी योग्यता धारी को प्रदाय की गई है? यदि हाँ, तो कार्यवार, माप पुस्तिका की जानकारी दें। प्रश्नांश (क) में उल्लेखित कार्यों के टेण्डर किये गये है? यदि हाँ, तो टेन्डरों की प्रति उपलब्ध करायें? यदि नहीं कराये गये तो क्यों? इसके लिए कौन दोषी है? दोषियों के ऊपर कब तक कार्यवाही की जायेगी?
मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट में है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) जी हाँ। उपलब्ध कराई गई माप पुस्तिका के दस्तावेजों में सुविधा अनुरूप प्रारूप परिवर्तित किया गया है। माप पुस्तिका प्रदाय करने हेतु सक्षम अधिकारी निर्धारित नहीं है। माप पुस्तिका बीट गार्ड एवं परिक्षेत्र सहायक द्वारा संधारित किये जाने हेतु निर्देश है। संबंधित उपवन मण्डलाधिकारी/समकक्ष अधिकारी द्वारा कार्य के दौरान कराये जा रहे कार्य का निरीक्षण एवं कार्यों का माप पुस्तिका में की गई प्रविष्टियों से मिलान करने के निर्देश है। जी नहीं। विभाग में राशि रूपये 25.00 लाख से अधिक के कार्य को टेण्डर के माध्यम से कराये जाने के निर्देश है। प्रश्नांश (क) में उल्लेखित कार्य राशि रूपये 25.00 लाख से कम के होने से टेण्डर प्रक्रिया से नहीं कराये गये है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
खदान दुर्घटनाओं के पीड़ितों को मुआवजा
[खनिज साधन]
36. ( क्र. 657 ) श्रीमती अनुभा मुंजारे : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बालाघाट जिले में मॉयल ओर इंडिया लिमिटेड द्वारा संचालित भरवेली खान, उकवा खान, चिखला खान आदि में घटित खदान दुर्घटना में विगत 5 वर्षों में कितने श्रमिकों की मौत हुई? मृतक श्रमिक के परिवार को कितना मुआवजा राशि एवं नौकरी प्रदाय की गई, यदि हाँ, तो श्रमिकों के नामवार, मुआवजा तथा नौकरी की कालमवार जानकारी उपलब्ध करावें। (ख) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित खदानों में हुई दुर्घटना की जांच किन अधिकारी/कर्मचारियों द्वारा की गई एवं जांच प्रतिवेदन का निष्कर्ष क्या निकला तथा दोषियों पर क्या कार्यवाही की गई? संपूर्ण दस्तावेज की सत्य प्रतिलिपि उपलब्ध करावें। (ग) उपरोक्त खदानों के प्रबंधक/अधिकारियों को उक्त अवधि में किन-किन जनप्रतिनिधि ने पत्राचार किया एवं उन पत्रों पर प्रबंधक द्वारा क्या कार्यवाही की गई? (घ) क्या प्रश्नकर्ता द्वारा भरवेली मॉयल को निर्माण कार्य किए जाने के संबंध में मौखिक या लिखित रूप से प्रस्ताव प्रदान किए गए? यदि हाँ, तो कार्रवाई से अवगत करावें।
मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-"अ" पर दर्शित है। (ख) प्रश्नांश (क) में दिये उत्तर अनुसार उल्लेखित खदानों में हुई दुर्घटना की जांच किन अधिकारी/कर्मचारियों द्वारा की गई एवं जांच प्रतिवेदन का निष्कर्ष क्या निकला तथा दोषियों पर की कार्यवाही की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-"अ" में दर्शित है। सम्पूर्ण दस्तावेजों की प्रतियां पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-"ब" पर दर्शित है। (ग) प्रश्नांश अनुसार खदानों के प्रबंधक अधिकारियों को प्रश्नाधीन अवधि में जनप्रतिनिधियों से कोई पत्र प्राप्त नहीं हुआ है। शेष भाग का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) जी हाँ। प्रश्नकर्ता द्वारा पत्र क्रमांक 646/2025 दिनांक 29/06/2025 से ग्राम-भटेरा में निर्माण कार्य हेतु प्रस्ताव दिया गया था। संबंधित निर्माण कार्य हेतु आवश्यक अनुमोदन प्राप्त हो चुका है और कार्य प्रगति पर है।
विशेष केंद्रीय सहायता मद से राशि प्राप्त कर कराए गए प्रशिक्षण कार्य
[वन]
37. ( क्र. 661 ) श्री सुनील उईके : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या वर्ष 2015 से 2019 के बीच विशेष केंद्रीय सहायता मद से राशि प्राप्त कर छिंदवाड़ा, जबलपुर, मंडला, अनूपपुर, सिंगरौली, सिवनी, बैतूल, बालाघाट आदि वनमंडलों में प्रबंध संचालक लघु वनोपज यूनियन के माध्यम से लाख उत्पादन सह प्रशिक्षण कार्य एवं बी कीपिंग एंड मार्केटिंग प्रशिक्षण जैसे कार्य किए गए थे यदि हाँ, तो किस संस्था के द्वारा उक्त प्रशिक्षण कार्य किए गए थे? (ख) प्रश्नांश (क) वर्णित समस्त वनमंडलों द्वारा विशेष केंद्रीय सहायता मद अंतर्गत प्रशिक्षण करवाने के लिए क्या राज्य सरकार को प्रस्ताव प्रेषित किया गया। वनमंडलवार दिनांकवार जानकारी उपलब्ध कराएं। (ग) उपरोक्त समस्त प्रशिक्षण कार्यकमों में क्रियान्वयन एजेंसी संस्था को किये गये भुगतान राशि का विवरण प्रदान करें। (घ) उपरोक्त प्रशिक्षण कार्यक्रमों के लिए क्रियान्वयन एजेंसी संस्था को जारी कार्य आदेशों की कॉपी भी प्रदान करें। (ड.) उपरोक्त समस्त प्रशिक्षण कार्यक्रमों में क्रियान्वयन एजेंसी संस्था द्वारा प्रस्तुत बिल की कॉपी एवं भुगतान किए गए भुगतान पत्रक प्रमाणक की कॉपी प्रदान करें। (च) उपरोक्त प्रशिक्षण कार्यक्रमों के जनजातीय कार्य विभाग को प्रेषित उपयोगिता प्रमाण पत्र की भी कॉपी प्रदान करें।
मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) लाख उत्पादन सह प्रशिक्षण कार्य संबंधी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-1 अनुसार है एवं बी कीपिंग एंड मार्केटिंग प्रशिक्षण नहीं कराया गया है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-1 में है। प्रस्ताव संचालक, आदिम जाति क्षेत्रीय विकास योजनाएं, सतपुड़ा भवन, भोपाल को भेजा गया था। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-1 में है। (घ) जबलपुर एवं पश्िचम छिन्दवाड़ा वनमंडल द्वारा वर्ष 2017-18 में उपरोक्त प्रशिक्षण कार्यक्रमों के लिए क्रियान्वयन एजेन्सी संस्था को कार्य आदेश जारी नहीं किया गया था। अपितु कार्य कराने के पूर्व स्वीकृति हेतु अग्रेषित परियोजना प्रस्ताव में उक्त कार्य दिव्य सागर सोसायटी भोपाल के द्वारा संपादित किया जाना प्रस्तावित किया गया था। तदानुसार ही कार्य कराया गया। शेष वनमंडलों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-2 अनुसार है। (ड.) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-3 अनुसार है। (च) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-4 अनुसार है।
विज्ञापनों पर हुए व्यय की जानकारी
[जनसंपर्क]
38. ( क्र. 662 ) श्री सुनील उईके : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) 1 अप्रैल 2023 से प्रश्न दिनांक तक जनसंपर्क विभाग द्वारा प्रिंट मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, सोशल मीडिया एवं डिजिटल मीडिया को दिए गए विज्ञापनों पर किए गए कुल व्यय की माहवार जानकारी देवें। (ख) 1 अप्रैल 2023 से प्रश्न दिनांक तक सरकार द्वारा पूरे प्रदेश में जनकल्याणकारी योजनाओं पर केंद्रित प्रदर्शनी,रेलवे स्टेशनों में स्थापित डिजिटल बोर्ड स्क्रीन,जिलों में संचालित कॉमन सर्विस सेंटरों पर डिजिटल स्क्रीन के द्वारा प्रचार प्रसार पर कितना व्यय किया गया है। जानकारी देवें। (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) में वर्णित अवधि में जनसंपर्क विभाग द्वारा संभागीय मुख्यालय, जिला मुख्यालय एवं विकासखंड मुख्यालय में कराए गए दीवार लेखन कार्यों पर किस दर से किस एजेंसी के माध्यम से कितनी राशि व्यय की गई है जानकारी देवें। (घ) इसी अवधि में यह भी बताएं कि प्रदेश में जिला मुख्यालय विकासखंड एवं तहसील में किस दर से कितने आयरन फ्रेम बोर्ड किस एजेंसी से लगाए गए हैं। (ड.) इसी अवधि में जनसंपर्क विभाग द्वारा प्रदेश में कितने होर्डिंग, फ्लेक्स बैनर, विनाइल प्रिंट कर लगवाए गए हैं एवं उन पर कितनी राशि व्यय की गई है कार्य करने वाली एजेंसी के नाम सहित जानकारी देवें।
मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जानकारी एकत्रित की जा रही है। (ख) प्रश्नाधीन अवधि में रूपये 21,60,74,094/- व्यय हुआ। (ग) रूपये 7.50/- प्रति वर्गफिट की दर से दीवार लेखन कार्य कराया गया है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट- "एक" अनुसार है। (घ) रूपये 80/- प्रति वर्गफिट की दर से आयरन फ्रेम बोर्ड लगाये गये हैं। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट "दो'' अनुसार है। (ड.) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''तीन' अनुसार है।
राज्य पुलिस बल में रिक्त पदों की पूर्ति
[गृह]
39. ( क्र. 666 ) श्री प्रेमशंकर कुंजीलाल वर्मा : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या राज्य में पुलिस बल में भारी कमी है? (ख) प्रश्नांश (क) यदि हाँ, तो स्वीकृत पदों, कार्यरत कर्मियों एवं रिक्त पदों की संख्या उपलब्ध कराएं। (ग) रिक्त पदों पर नियुक्तियां कब तक की जावेगी? (घ) 1 वर्ष में जनवरी 2025 से जनवरी 2026 तक कितने सायबर मामले हुए है, कितने साइबर अपराधियों की सजा दिलाई गई?
मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जी नहीं। (ख) स्वीकृत पदों की कुल संख्या 1,26,317 है। जिला बल संवर्ग में रक्षित निरीक्षक से आरक्षक के उपलब्ध पदों की जानकारी संलग्न परिशिष्ट-अ अनुसार है। (ग) समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है, क्योंकि भर्ती एक सतत प्रक्रिया है। वर्तमान में कुल 8500 रिक्त पदों पर भर्ती की प्रक्रिया प्रचलन में है। (घ) 01 जनवरी, 2025 से 31 जनवरी, 2026 तक दर्ज सायबर अपराधों की संख्या (जिनमें आई.टी. एक्ट शामिल हो) 1264, माननीय न्यायालय द्वारा सायबर आरोपियों को सजा दी गई उनकी संख्या-12 जानकारी संलग्न परिशिष्ट-ब अनुसार है।
मध्यप्रदेश कार्य गुणवत्ता परिषद का गठन
[सामान्य प्रशासन]
40. ( क्र. 670 ) श्री उमाकांत शर्मा : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या मध्यप्रदेश कार्य गुणवत्ता परिषद का गठन किया गया है यदि हाँ, तो संगठनात्मक संरचना एवं क्या-क्या कार्य हैं बतावें एवं प्रतिनियुक्ति के क्या नियम निर्देश हैं नियम निर्देशों की छायाप्रति उपलब्ध करावें। (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में मध्यप्रदेश कार्य गुणवत्ता परिषद की बैठक कब-कब आयोजित की गई हैं बैठक में क्या-क्या निर्णय लिए गए हैं उनकी जानकारी उपलब्ध करावें। (ग) मध्यप्रदेश कार्यगुणवत्ता परिषद को गठन होने से प्रश्नांकित दिनांक तक किन-किन गुणवत्ताविहीन निर्माण कार्यों की शिकायतें प्राप्त हुई हैं शिकायतों का विवरण उपलब्ध करावें एवं किन-किन अधिकारियों द्वारा जांच की गई जानकारी दें। (घ) प्रश्नांश (ग) के संदर्भ में कौन-कौन से निर्माण कार्य जांच में गुणवत्ताविहीन पाए गए एवं किन-किन अधिकारियों एवं ठेकेदारों पर क्या-क्या कार्यवाही की गईं? यदि कार्यवाही नहीं की गई है तो कब तक की जावेगी। (ड.) क्या प्रश्नकर्ता के पत्र क्र. 2393/एसआरजे/2025, दिनांक 26/10/2025 श्रीमान अपर मुख्य सचिव महोदय सामान्य प्रशासन विभाग एवं पत्र क्र. 2394/एसआरजे/2025, दिनांक- 26/10/2025, श्रीमान मुख्य कार्यकारी अधिकारी मध्यप्रदेश कार्यगुणवत्ता परिषद भोपाल को पत्र प्राप्त हुए हैं यदि हाँ, तो उन पर क्या कार्यवाही की गई? की गई कार्यवाही के विवरण की छायाप्रति उपलब्ध करावें।
मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) :(क) जी हाँ, जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट–''अ'' एवं ''ब'' अनुसार है। (ख) मध्यप्रदेश कार्य गुणवत्ता परिषद की बैठक दिनांक 13.04.2023 को आयोजित की गई है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट–''स'' अनुसार है। (ग) एवं (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट–''द'' अनुसार है। (ड.) जी हाँ, कार्यवाही प्रचलित है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
बेरोजगारों से ली गई फीस का अन्यत्र संवितरण
[सामान्य प्रशासन]
41. ( क्र. 674 ) श्री प्रताप ग्रेवाल : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रतियोगी परीक्षाओं में बेरोजगारों से ली गई फीस में से स्कूल शिक्षा विभाग को 2022 में राशि 137 करोड़ तथा 2023 में 297 करोड़ रुपए क्यों दिए गए। जबकि स्कूल शिक्षा विभाग का 2022-23 का बजट 27795.42 करोड़ तथा 2023-24 का बजट 31983.05 करोड़ था। क्या स्कूल शिक्षा विभाग यह राशि पुनः कर्मचारी चयन मंडल को देगा। यदि नहीं तो क्यों। राशि के संदर्भ में लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा जारी दोनों पत्रों की प्रति देवें। (ख) क्या व्यापम द्वारा राजीव गांधी प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय को 12.6.2015 को 10 करोड़ रुपए दिए गए। यदि हाँ, तो यह क्यों, किसके आदेश से, दिए गए थे पिछले 15 वर्षों में व्यापम, पीईबी, कर्मचारी चयन मंडल द्वारा किस-किस विभागों को कितनी-कितनी राशि किसके आदेश से, बेरोजगारों से वसूल गई फीस में से, क्यों दी गई। क्या सरकार द्वारा वर्ष 2023 में यूथ महापंचायत में वनटाइम परीक्षा शुल्क की घोषणा की गई थी उस पर कोई निर्णय लिया है। (ग) क्या प्रश्न 2308 दिनांक 15/03/22 के उत्तर में बताया गया कि 2011-12 से 2020-21 तक व्यापम, पीईबी की आय 1047 करोड़ तथा खर्च 502 करोड़ है। यदि हाँ, तो बताओ कि 2010-11 से 2024-2025 तक प्रत्येक वर्ष की 31 मार्च को सावधि जमा तथा बैंक में नगद जमा कितना कितना है। 2021-22 से 2024-25 तक कुल आय तथा कुल व्यय कितना-कितना है। (घ) 2015-16 से 2025-26 तक ऑडिट फीस, कंप्यूटर के अलावा अन्य सेवा का भुगतान, सिक्योरिटी खर्च, ऑनलाइन एग्जाम खर्च, एडजस्टमेंट आफ एग्जाम एक्सपेंस थ्रू सेंटर,विज्ञापन खर्च की वर्षवार, खर्च अनुसार, सूची बनाकर देवें। आय व्यय पत्रक नहीं देवें। इन वर्षों में हुई कुल परीक्षा, कुल घोषित पद, कुल चयनित पद, आवेदन करने वाले कुल अभ्यर्थी, परीक्षा में शामिल कुल अभ्यर्थी तथा कुल प्राप्त फीस की वर्षवार जानकारी दें। क्या कारण था कि कांस्टेबल परीक्षा 2025 में कितने अभ्यर्थियों को 200 से 800 किलोमीटर दूर परीक्षा केंद्र दिए गए एवं कितने अभ्यर्थी इस परीक्षा में अनुपस्थित रहे जिलेवार जानकरी देवें?
मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) वर्ष 2022 में राशि रू 137 करोड़ एवं वर्ष 2023 में राशि रू. 160 करोड़, कुल राशि रू 297 करोड़ आयुक्त, लोक शिक्षण संचालनालय को प्रतिभागी विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना के क्रियान्वयन हेतु दी गई थी। राशि पुनः कर्मचारी चयन मंडल को देने का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ख) जी हाँ। राजीव गॉंधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के घटक महाविद्यालय के रूप में शहडोल में स्थापित किए जाने वाले इंजीनियरिंग महाविद्यालय के पूंजीगत व्यय हेतु तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग के आदेश दिनांक 30.03.2015 द्वारा दिए गए थे। शेष जानकारी एकत्रित की जा रही है। (ग) एवं (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है। (ड.) अभ्यर्थियों की संख्या, उपलब्ध सीटों की संख्या एवं परीक्षा की शुचिता एवं सुरक्षा को दृष्टिगत रखते हुए केन्द्र निर्धारित किए जाते हैं। शेष जानकारी एकत्रित की जा रही है।
श्रीराम कॉलोनी में रिक्त पड़े आवासों और भूमि का उपयोग
[वन]
42. ( क्र. 678 ) डॉ. तेजबहादुर सिंह चौहान : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नागदा जंक्शन में श्रीराम कॉलोनी में वन विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों के लिए आवास का निर्माण किया गया था लेकिन उक्त आवास लंबे समय से रिक्त रहकर पूर्णत: जीर्णशीर्ण हो चुके हैं क्या वर्तमान में भी इनमें वन विभाग के कर्मचारी निवास करते हैं जानकारी दें। (ख) स्थानीय लोगों द्वारा वन विभाग की आवासीय भूमि पर अवैध रूप से कब्जा किया जा रहा है इस भूमि को सुरक्षित करने के संबंध में क्या वन विभाग द्वारा कोई कार्रवाई की गई है? (ग) वन विभाग को यदि इस भूमि की आवश्यकता नहीं है तो क्या उक्त भूमि को वन विभाग अन्य शासकीय उपयोग हेतु हस्तांतरित कर सकता है?
मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) आवासीय भवन जीर्णशीर्ण होने के कारण वन विभाग के कर्मचारी निवास नहीं कर रहे है। (ख) स्थानीय लोगों द्वारा वन विभाग की आवासीय भूमि पर अवैध रूप से कब्जा नहीं किया जा रहा है। प्रश्नाधीन आवासीय भूमि वन विभाग की देख-रेख व निगरानी में है। (ग) वन विभाग को प्रश्नाधीन भूमि की आवश्यकता है अतः शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
औद्योगिक इकाइयों द्वारा सी.एस.आर. फण्ड का उपयोग
[औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन]
43. ( क्र. 681 ) श्री दिनेश जैन बोस : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भारत सरकार के कंपनी एक्ट 2013 के सेक्शन 135 के अधीन कार्पोरेट सोशल रिस्पांसबिलिटी के अंतर्गत आने वाली कौन-कौन सी कंपनियां/औद्योगिक संस्थान उज्जैन जिले में स्थित है? कंपनी का नाम, पता, वार्षिक टर्न-ओवर, सी.एस.आर. राशि की संपूर्ण जानकारी देवें। (ख) वर्ष 2020-21 से प्रश्न दिनांक तक उज्जैन जिले अंतर्गत कार्यरत औद्योगिक इकाइयों द्वारा कौन-कौन से कार्य कितनी-कितनी लागत के कब-कब सी.एस.आर. मद से किए गए हैं? इकाइयों के नामवार, कार्यवार, स्थानवार, वर्षवार पृथक-पृथक विवरण देवें। (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) अनुसार उज्जैन जिले में कार्यरत सबसे बड़ी औद्योगिक इकाई ग्रेसिम इंडस्ट्रीज द्वारा जिस अनुपात में लाभ प्राप्त किया जाता है, उस अनुपात में प्रभावित क्षेत्रों में जनहित के लिए निर्माण कार्य क्यों नहीं कराए जा रहे हैं? बताएं कि सी.एस.आर. मद द्वारा किस अनुपात से जनहित के कार्य कराए जाने के प्रावधान हैं? शासन के नियम-निर्देश की छायाप्रति उपलब्ध कराएं।
मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) एवं (ख) उज्जैन जिले अंतर्गत तहसील नागदा में निजी भूमि पर स्थापित इकाई मेसर्स ग्रेसिम इंडस्ट्रीज एवं मेसर्स लैंसेक्स से प्राप्त जानकारी अनुसार इकाइयों द्वारा वर्ष 2020-21 से प्रश्न दिनांक तक उज्जैन जिले के अंतर्गत सी.एस.आर. मद से किये गये कार्यों की जानकारी पुस्तकालय में रखे गये परिशिष्ट-'अ' अनुसार है। (ग) मेसर्स ग्रेसिम इंडस्ट्रीज से प्राप्त जानकारी अनुसार सी.एस.आर. मद से किये गये कार्यों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'अ' में समाहित है। भारत सरकार द्वारा अधिसूचित कंपनी अधिनियम 2013 की धारा 135 के अनुसार सभी कंपनियां जिनका पिछले वित्तीय वर्ष में नेटवर्थ 500 करोड़ रू. या उससे ज्यादा हो, या टर्न-ओवर 1000 करोड़ रू. या उससे ज्यादा हो, या नेट प्रॉफिट 5 करोड़ या उससे ज्यादा हो, उन्हें कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व अंतर्गत विगत तीन वित्तीय वर्षों के औसत शुद्ध लाभ का 2 प्रतिशत राशि सी.एस.आर. के रूप में व्यय करना आवश्यक है। कंपनी अधिनियम 2013 के शेड्यूल-7 में वर्णित गतिविधियों में ही कंपनियों द्वारा सी.एस.आर. व्यय की जा सकती है। विस्तृत जानकारी पुस्तकालय में रखे गये परिशिष्ट 'ब' अनुसार है। पात्र कम्पनियों की इकाइयों एक से अधिक राज्य या राज्य में एक से अधिक स्थान पर परिचालित हो सकती है। कम्पनी द्वारा परिचालन स्थान एवं संबंधित क्षेत्र में कार्पोरेट सामाजिक दायित्व की गतिविधि को प्राथमिकता दी जानी है, अपितु यह बंधनकारी नहीं है अर्थात कम्पनी इच्छानुसार किसी भी स्थान या राज्य में सी.एस.आर. गतिविधि कर सकती है। विस्तृत जानकारी पुस्तकालय में रखे गये परिशिष्ट-'स' अनुसार है।
घातक केमिकल से उत्पन्न प्रदूषण
[पर्यावरण]
44. ( क्र. 682 ) श्री दिनेश जैन बोस : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नागदा स्थित ग्रेसिम इंडस्ट्रीज से निकल रहे घातक केमिकल के कारण आसपास के क्षेत्र में उत्पन्न गंभीर पर्यावरणीय एवं स्वास्थ्य संकट के संबंध में मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा विगत पांच-पांच वर्षों में कब-कब किस-किस के द्वारा क्या-क्या जांच की गई है? विवरण देवें। (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार निरीक्षण में क्या-क्या कमियां पाई गई हैं? क्या-क्या कार्यवाही की गई है? क्या प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा आसपास के क्षेत्रों से जल नमूने एवं मृदा नमूने एकत्रित किए गए हैं? यदि हाँ तो नमूने से संबंधित जांच रिपोर्ट उपलब्ध कराएं। (ग) बताएं कि प्रश्नांश (क) एवं (ख) के संबंध में विगत पांच वर्षों में कुल कितनी शिकायतें प्राप्त हुई हैं? कितनी शिकायतों पर क्या-क्या कार्यवाही की गई है? संपूर्ण विवरण देवें।
मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) से (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट -''अ'' एवं ''ब'' अनुसार है।
जिला रतलाम में अवैध खनिज का उत्खनन
[खनिज साधन]
45. ( क्र. 685 ) श्री कमलेश्वर डोडियार : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला रतलाम में वर्ष 2020 से प्रश्न दिनांक तक खनिज विभाग के अधिकारियों एवं खनिज माफियाओं की मिलीभगत से आवंटित मात्रा से अधिक खनिज का अवैध उत्खनन एवं क्रशर संचालन किया जा रहा है? यदि हाँ तो सैलाना विधानसभा क्षेत्र का विवरण क्या है? क्या शासन को यह ज्ञात है कि क्रशरों से उड़ने वाली धूल एवं मिट्टी के कारण ग्रामीणों के खेतों में धूल जम रही है, जिससे फसलों का उत्पादन प्रभावित हो रहा है तथा आसपास निवासरत लोगों को सांस, दमा एवं अन्य गंभीर बीमारियाँ हो रही हैं? यदि हाँ, तो अब तक इस संबंध में क्या कार्यवाही की गई है? अवैध उत्खनन एवं प्रदूषण फैलाने वाले क्रशरों के विरुद्ध जुर्माना एवं आपराधिक कार्यवाही हेतु सरकार द्वारा क्या ठोस कदम उठाए गए हैं? (ख) क्या रतलाम ग्रामीण क्षेत्र में आदिवासी समुदाय द्वारा वर्षों से शासकीय भूमियों पर कृषि कार्य किया जा रहा है? क्या शासन यह स्वीकार करता है कि ऐसी भूमि पर खनिज आवंटन से आदिवासियों की आजीविका प्रभावित हो रही है? यदि हाँ, तो ऐसी शासकीय कृषि भूमि पर किए गए खनिज आवंटनों को निरस्त करने हेतु शासन की क्या नीति एवं समय-सीमा है? भविष्य में आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों में पर्यावरण संरक्षण, जन-स्वास्थ्य सुरक्षा एवं अवैध खनन पर प्रभावी रोक लगाने के लिए सरकार द्वारा क्या कार्ययोजना बनाई गई है?
मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जी नहीं, प्रश्नांश अनुसार सैलाना विधान सभा क्षेत्र में आवंटित मात्रा से अधिक खनिज का अवैध उत्खनन एवं क्रशर संचालन के संबंध में कोई प्रकरण प्रकाश में नहीं आया है। क्रशर से उड़ने वाली धूल व मिट्टी के कारण फसलों के उत्पादन प्रभावित होने, लोगों को सांस, दमा एवं अन्य गंभीर बीमारियों जैसी कोई स्थिति प्रकाश में नहीं आई है। क्रशर आधारित पत्थर उत्खनिपट्टा का संचालन राज्य स्तरीय पर्यावरण समाघात निर्धारण प्राधिकरण मध्यप्रदेश (सिया) एवं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से सहमति प्राप्त होने के पश्चात किया जा रहा है। अतः शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ख) जी नहीं, खनिज आवंटन से आदिवासियों की आजीविका प्रभावित नहीं हो रही है। अतः शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
वन परिक्षेत्र में कराये गये कार्यों की जानकारी
[वन]
46. ( क्र. 686 ) श्री कमलेश्वर डोडियार : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला रतलाम के सैलाना विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत समस्त वन परिक्षेत्र में अप्रैल 2022 से जनवरी 2026 तक वृक्षारोपण, भू-जल संवर्धन, भू-जल संरक्षण एवं वन्य जीवों को पेय-जल की उपलब्धता के उद्देश्य से कितने निर्माण कार्य किस मद एवं योजना से स्वीकृत किये गये हैं एवं कितने कार्य पूर्ण किये गये हैं? सभी की वर्षवार, कार्यवार सूची उपलब्ध करावें। (ख) इन कार्यों में कितनी राशि व्यय की गयी एवं कितनी राशि शेष है? कार्यवार विस्तृत जानकारी उपलब्ध करायें। (ग) क्या भुगतान से पहले इन कार्यों का भौतिक सत्यापन करवाया गया है? यदि हाँ तो भौतिक सत्यापन का विस्तृत विवरण उपलब्ध करायें। यदि नहीं तो कारण बतावें।
मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जिला रतलाम के सैलाना विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत प्रश्नाधीन अवधि में वृक्षारोपण के उद्देश्य से 15 कार्य स्वीकृत किये गये, जिनमें 13 पूर्ण एवं 2 अपूर्ण हैं। भू-जल संवर्धन के उद्देश्य से 12 कार्य स्वीकृत हैं, जिनमें 11 पूर्ण एवं 1 अपूर्ण है। भू-जल संरक्षण के कोई कार्य स्वीकृत नहीं है। वन्य जीवों के पेय-जल उपलब्धता के 6 कार्य स्वीकृत किये गये हैं, सभी कार्य पूर्ण हैं। जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-'अ', 'ब' एवं 'स' अनुसार है। (ख) प्रश्नाधीन कार्यों में व्यय एवं शेष राशि की जानकारी उत्तरांश (क) के संलग्न परिशिष्ट में है। (ग) प्रश्नाधीन कार्यों के भुगतान के पूर्व भौतिक सत्यापन कराया गया है जिसका विवरण उत्तरांश (क) के संलग्न परिशिष्ट में है।
जावरा स्थित औद्योगिक क्षेत्र में अधोसंरचना के कार्य
[औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन]
47. ( क्र. 689 ) डॉ. राजेन्द्र पाण्डेय : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या विभाग द्वारा जावरा नगर स्थित शुगर मिल परिसर में बहु उत्पाद औद्योगिक क्षेत्र को वर्ष 2017-18 में स्वीकृति दी जाकर वर्ष 2020-21 में अधोसंरचना के कार्य किए गए? (ख) यदि हाँ तो किस वर्ष में किस प्रकार के कार्य कितनी लागत के स्वीकृत होकर उनमें से कितने कार्य पूर्ण हुए, कितने कार्य अपूर्ण अथवा अप्रारंभ हैं, तो किन कारणों से? वर्षवार, स्वीकृत बजट कार्यों पर व्यय तथा संपूर्ण स्थिति से अवगत करावें। (ग) क्या विद्युत, पानी एवं सड़क निर्माण इत्यादि अन्य प्रकार के भी अधोसंरचना के कोई और कार्य शेष हैं? यदि हाँ तो कब तक पूर्ण किए जा सकेंगे? (घ) क्या विभाग औद्योगिक परिसर में पानी हेतु स्थाई व्यवस्था होने तक निवेशकों को ट्यूबवेल खनन की अनुमति देकर औद्योगिक कार्य प्रारंभ किया जा सकेंगे? अनेक निवेशकों जिन्होंने अपने निवेश के आवेदन वापस ले लिए, उनके पुनः आमंत्रण, आवंटन हेतु एवं शेष बचे निवेशकों हेतु कार्य प्रारंभ किए जाने की कार्यवाही करेगा? यदि हाँ तो कब तक?
मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जी हाँ। विभाग के अन्तर्गत क्षेत्रीय कार्यालय एम.पी.आई.डी.सी.लि., उज्जैन, क्षेत्रांतर्गत बहु-उत्पाद औद्योगिक क्षेत्र जावरा में अधोसंरचना कार्य प्रारंभ किये गये है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट–'अ' अनुसार है। (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में औ.क्षे. जावरा में वर्ष 2021-22 से निम्नांकित नवीन निर्माण कार्य जैसे :- सी.सी. रोड, स्टॉर्म वॉटर ड्रेन, सीवर लाइन, यूटिलिटी लाइन, इंटरनल वॉटर डिस्ट्रीब्यूशन, सम्पवेल, ओवरहेड टैंक, सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट, रिसाईकल ओवरहेड टैंक पूर्ण कर लिये गये हैं। औद्योगिक पार्क में उपरोक्त वर्णित समस्त कार्य पूर्ण किये जा चुके हैं। विद्युतीकरण एवं अन्य वैकल्पिक एप्रोच रोड का कार्य प्रगतिरत है जो आगामी 6 माह में पूर्ण होना संभावित है। कार्य की प्रगति का विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट–'अ' में समाहित है। (ग) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में संबंधित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट–'अ' में समाहित है। विभाग के अधीन एम.पी.आई.डी.सी. क्षेत्रीय कार्यालय उज्जैन अनुसार विद्युत कार्य एवं वैकल्पिक पहुंच मार्ग का कार्य आगामी 06 माह में पूर्ण होना सम्भावित है। (घ) विभाग के अधीन एम.पी.आई.डी.सी. क्षेत्रांतर्गत औद्योगिक क्षेत्रों में ट्यूबवेल खनन की अनुमति दिये जाने की अधिकारिता नहीं है। इकाइयों द्वारा कलेक्टर कार्यालय के माध्यम से सी.जी.डब्ल्यू.बी. से खनन अनुमति प्राप्त की जाना होगी। 12 इकाइयों में से 04 इकाइयों द्वारा व्यक्तिगत कारणों से राशि रिफन्ड चाहा गया, जिसे विभाग द्वारा नियमानुसार रिफन्ड किया जा चुका है। शेष बचे 08 निवेशकों का भौतिक प्लाट सर्वे कार्य पूर्ण हो चुका है, जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'ब' अनुसार है। निवेशकों द्वारा लीजडीड हेतु आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत किये जाने के उपरांत पंजीयन की कार्यवाही पूर्ण की जावेगी एवं पंजीयन उपरांत इकाइकर्ता द्वारा प्लाट पर इकाई निर्माण कार्य प्रारंभ किया जा सकता है। निवेशकों के लिए शेष प्लाट आवंटन हेतु उपलब्ध है।
वायु व जल प्रदूषण की रोकथाम
[पर्यावरण]
48. ( क्र. 690 ) डॉ. राजेन्द्र पाण्डेय : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या शासन/विभाग द्वारा केंद्र/राज्य प्रवर्तित योजनाओं के माध्यम से जल एवं वायु प्रदूषण की रोकथाम हेतु विभिन्न प्रकार की गतिविधियों के साथ ही अनेक प्रकार के कार्य किया जा रहे हैं? (ख) यदि हाँ तो वर्ष 2020-21 से लेकर प्रश्न दिनांक तक रतलाम जिला अंतर्गत किन-किन कार्यों हेतु किस-किस प्रकार की अनुमतियां दी गई? वर्षवार जानकारी दें। (ग) प्रश्नांश (ख) उल्लेखित वर्षों में निर्धारित मापदंड के सूचक अनुसार जिले में जल एवं वायु के निर्धारित मापदंड अनुसार क्या स्थिति है? (घ) प्रश्नांश (ख) उल्लेखित वर्षों में किन-किन के द्वारा नियम विरुद्ध कार्य किए जाने तथा बिना अनुमति के अवैधानिक रूप से कार्य किए जाने के साथ ही अन्य प्रकार की भी कोई और शिकायत/आवेदन प्राप्त हुए, तो वर्षवार उन पर किस-किस प्रकार की कार्यवाही की गई? कितनी कार्रवाई पूर्ण हुई, कितनी प्रक्रियाधीन है, कितनी कार्यवाही नहीं हुई तो किन कारणों से? स्पष्ट जानकारी दें।
मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जी हाँ। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''अ'' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''ब'' अनुसार है। (घ) अमृत सागर तालाब परियोजना से संबंधित कोई शिकायत/आवेदन प्राप्त नहीं हुये हैं। अत: शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
सड़क निर्माण हेतु संयुक्त स्थल निरीक्षण
[वन]
49. ( क्र. 693 ) श्री दिलीप सिंह परिहार : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नीमच विधानसभा क्षेत्र में वन विभाग के अंतर्गत आने वाली कौन-कौन सी सड़कों का संयुक्त निरीक्षण किया गया है और वन विभाग की रिपोर्ट कब तक उपलब्ध करा दी जाएगी? (ख) क्या नीमच विधानसभा क्षेत्र के पिपल्या जागीर से जलेश्वर महादेव होते हुए हरवार तक की कच्ची सड़क के डामरीकरण के लिए विभाग द्वारा ऑनलाइन परिवेश पोर्टल पर आवेदन किया गया है? आवेदन की वर्तमान स्थिति क्या है? (ग) प्रश्नांश (ख) में संदर्भित सड़क के लिए क्या वन विभाग ने संयुक्त निरीक्षण कर लिया है? यदि हाँ, तो विभाग का अनापत्ति प्रमाण पत्र कब तक दे दिया जाएगा? (घ) दिनांक 1 जनवरी 2021 के बाद से प्रत्येक वर्ष वन विभाग नीमच को शासन स्तर से किस-किस मद में कितनी-कितनी राशि की स्वीकृति प्राप्त हुई तथा इसे किन-किन कार्यों के लिए व्यय किया गया? प्रशासकीय एवं तकनीकी स्वीकृति की जानकारी उपलब्ध कराएं।
मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) नीमच विधानसभा क्षेत्र में वन विभाग के अंतर्गत पिपल्या जागीर से जलेश्वर महादेव होते हुए हरवार तक सड़क निर्माण का संयुक्त स्थल निरीक्षण किया गया। भारत सरकार के परिवेश पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन प्राप्त होने पर कार्यवाही की गई। आवेदक संस्था से 08 बिन्दुओं की जानकारी चाही गई। (ख) जी हाँ। शेष उत्तरांश (क) अनुसार। (ग) जी हाँ। कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण विभाग द्वारा आपत्ति की पूर्ति किए जाने के उपरांत ही प्रकरण भारत सरकार को स्वीकृति हेतु भेजा जा सकता है। स्वीकृति का अधिकार भारत सरकार के पास होने से समय-सीमा बताना संभव नहीं है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है।
वन विभाग में स्थानांतरण नीति का पालन
[वन]
50. ( क्र. 696 ) श्री दिलीप सिंह परिहार : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वन विभाग, नीमच जिले में 1 जनवरी 2025 के पश्चात कितने अधिकारियों/कर्मचारियों के स्थानांतरण किन नियमों व अनुमतियों के तहत किए गए? नाम व पद सहित सूची उपलब्ध कराएं। (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में, क्या स्थानांतरण नीति में निश्चित सीमा में माननीय प्रभारी मंत्री के अनुमोदन से स्थानांतरण का प्रावधान है? क्या समय-सीमा के पश्चात् जिले के अधिकारी को कर्मचारियों के स्थानांतरण/संलग्नीकरण की अनुमति है? यदि हाँ, तो नियम की प्रतिलिपि दें। (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के संदर्भ में, नीमच में कौन-कौन से कर्मचारी कितने-कितने समय से एक ही स्थल पर कार्यरत हैं? एक स्थल पर समान पद पर कार्य करने को लेकर विभाग की क्या नीति है? नियमों की प्रतिलिपि दें। (घ) जिला नीमच में वन क्षेत्र में सड़क निर्माण को लेकर वन विभाग में कितने अनापत्ति प्रमाण-पत्र लंबित हैं? सड़कवार जानकारी दें।
मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) वन मंडल नीमच अंतर्गत 1 जनवरी 2025 के पश्चात स्थानांतरण नीति 2025 की कंडिका (5) व (13) के तहत 22 अधिकारी/कर्मचारियों के स्थानांतरण किये गये हैं। सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-1 अनुसार है। (ख) जी हाँ। स्थानांतरण नीति 2025 की कंडिका (4) के अनुसार शिथिलन अवधि के पश्चात स्थानांतरण प्रतिबंधित किये गये हैं, किंतु स्थानांतरण नीति की कंडिका (12) अनुसार एक ही मुख्यालय पर स्थित एक कार्यालय से उसी मुख्यालय पर स्थित दूसरे कार्यालय में प्रशासकीय दृष्टि से स्थानीय परिवर्तन सक्षम अधिकारी द्वारा किया जा सकता है, यह स्थानीय व्यवस्था है, जिसे स्थानांतरण की श्रेणी में नहीं रखा जायेगा। स्थानांतरण नीति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-2 अनुसार है। (ग) वन मंडल नीमच अंतर्गत पदस्थ अधिकारी/कर्मचारी की सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-3 अनुसार है। स्थानांतरण नीति वर्ष 2025 की कंडिका (17) अनुसार सामान्यत: एक ही स्थान पर 3 वर्ष या उससे अधिक पदस्थापना की अवधि पूर्ण कर लेने पर स्थानांतरण किया जा सकेगा, किंतु कंडिका (18) अनुसार 3 वर्ष पूर्ण होने पर स्थानांतरण किया ही जावे, यह अनिवार्य नहीं है। कंडिका (13) अनुसार संवर्ग संख्या 200 तक, संवर्ग में कार्यरत संख्या के अधिकतम 20 प्रतिशत कर्मचारियों का ही स्थानांतरण किया जा सकता है। स्थानांतरण नीति उत्तरांश (ख) के पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट में है। (घ) वन मंडल नीमच अंतर्गत वनक्षेत्र में सड़क निर्माण के लंबित वन व्यपवर्तन प्रकरणों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-4 अनुसार है।
प्रतियोगी परीक्षाओं हेतु परीक्षा केंद्र का निर्धारण
[सामान्य प्रशासन]
51. ( क्र. 698 ) श्री सुरेश राजे : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्यप्रदेश शासन द्वारा मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग तथा मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन आयोग द्वारा शासकीय नौकरी हेतु आयोजित प्रतियोगी परीक्षाओं का केंद्र संभागीय स्तर पर रखा जाता है किन्तु ग्वालियर में इनका केंद्र किस कारण कब से बंद किया गया है? ग्वालियर एवं चम्बल संभाग का उक्त प्रतियोगी परीक्षाओं का केंद्र ग्वालियर में नहीं रखने से इन जिलों के उम्मीदवारों का केंद्र 500 किलोमीटर से अधिक (भोपाल, जबलपुर, इंदौर) होने से विशेषकर योग्य छात्राएं/महिलाएं अकेली व आर्थिक बोझ के कारण भाग लेने से वंचित रह रही हैं? (ख) प्रश्नांश (क) के अनुसार मध्यप्रदेश शासन द्वारा आगामी महीनों में मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग व मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन आयोग इत्यादि प्रतियोगी परीक्षाओं का केंद्र ग्वालियर एवं चम्बल संभाग के छात्र-छात्राओं के हित में ग्वालियर में रखने के आदेश कब तक जारी किये जावेंगे? समयावधि बताएं। यदि नहीं तो क्यों? कारण सहित बताएं।
मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा निरंतर रूप से राज्य सेवा प्रारंभिक परीक्षा, राज्य सेवा मुख्य परीक्षा हेतु ग्वालियर व चंबल संभाग जिला मुरैना तथा सहायक प्राध्यापक परीक्षा, राज्य अभियांत्रिकी सेवा परीक्षा व राज्य पात्रता परीक्षा (सेट) हेतु ग्वालियर जिले के परीक्षा केन्द्रों का चयन किया जाता है। मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल द्वारा वर्तमान में कम्प्यूटरीकृत परीक्षा की मानक संचालन प्रक्रियानुसार भारत सरकार/राज्य सरकार (UGC, AICTE, Government Universities, Education Board, ETC) से मान्यता प्राप्त शैक्षणिक संस्थानों को परीक्षा केन्द्र बनाए जाने हेतु मंडल द्वारा निरंतर प्रयास किये जाते हैं। परीक्षा की शुचिता को दृष्टिगत रखते हुये उपरोक्तानुसार एवं तकनीकी रूप से परिपूर्ण केन्द्रों के अभाव के कारण सितम्बर, 2024 से ग्वालियर शहर में केन्द्र नहीं बनाया गया है। अभ्यर्थियों की संख्या, उपलब्ध सीटों की संख्या व परीक्षा की शुचिता एवं सुरक्षा को दृष्टिगत रखते हुए केन्द्र निर्धारित किए जाते हैं। (ख) मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा ग्वालियर व चंबल संभाग (मुरैना) दोनों जिलों में निरंतर रूप से हर वर्ष महत्वपूर्ण परीक्षाओं का आयोजन किया जा रहा है। मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल द्वारा ग्वालियर शहर में, परीक्षा शुचिता हेतु आवश्यक तकनीकी एवं आधारभूत सुविधा व संसाधनों की उपलब्धता के आधार पर उत्तरांश (क) में उल्लेखित शैक्षणिक संस्थाओं को परीक्षा केन्द्र के रूप में निर्धारित किया जा सकता है। समयावधि बताया जाना संभव नहीं है।
जन-सेवा मित्रों की बहाली
[लोक सेवा प्रबन्धन]
52. ( क्र. 706 ) श्री विजय रेवनाथ चौरे : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या शासन ने जन-सेवा मित्र योजना के तहत 9300 युवाओं की नियुक्ति की थी और उन्हें विभिन्न शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन में लगाया था? (ख) यदि हाँ, तो पिछले दो वर्षों में इन्हें कार्य से पृथक करने के क्या कारण रहे तथा क्या इन्हें पुनः बहाल करने की क्या योजना है? (ग) जन-सेवा मित्रों को कार्य से अलग करने से शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन पर क्या प्रभाव पड़ा है तथा शासन द्वारा इन्हें शीघ्र बहाल करने हेतु क्या कदम उठाए जा रहे हैं?
मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) संस्थान ने (Chief Minister's Young Professionals for Development Programme) योजना के तहत जन-सेवा मित्र नाम से लगभग 9300 युवाओं को इंटर्नशिप प्रदान की गई थी। जिसमें विभिन्न योजनाएं शामिल थीं। जन-सेवा मित्रों को शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन का दायित्व नहीं दिया गया था। (ख) इंटर्नशिप प्रोग्राम निश्चित अवधि के लिए था। अवधि समाप्त होने पर उनकी इंटर्नशिप स्वतः समाप्त हो गयी है। इंटर्नशिप प्रोग्राम का समापन नियमों एवं शर्तों के अनुरूप हुआ है, उक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम रोजगार से सम्बंधित नहीं था। केवल प्रशिक्षण कार्यकम था। अतः बहाली का प्रश्न उत्पन्न नहीं होता है। उक्त बिन्दुओं का स्पष्ट उल्लेख कार्यक्रम के विज्ञापन, नियम पुस्तिका एवं इंटर्न को दिए गए ऑफर लेटर में दिया गया था। (ग) उत्तरांश (क) एवं (ख) अनुसार प्रश्न उत्पन्न नहीं होता है।
इटारसी वन परिक्षेत्र में हुई अवैध कटाई
[वन]
53. ( क्र. 708 ) श्री विजय रेवनाथ चौरे : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2023 से 2025 के बीच नर्मदापुरम वन मंडल के अंतर्गत इटारसी वन परिक्षेत्र में छीपीखापा बीट में कितने मूल्य के कितने वृक्षों की अवैध कटाई उजागर हुई है? वन विभाग के एस.डी.ओ., डी.एफ.ओ., सी.सी.एफ. द्वारा प्रस्तुत जांच प्रतिवेदन एवं इस अवैध कटाई के संबंध में हुए समस्त पत्र व्यवहार के साथ, राज्य स्तरीय उड़न दस्ता दल द्वारा प्रस्तुत जांच प्रतिवेदन प्रदान करें। (ख) वन विभाग के रेंजर, एस.डी.ओ., और डी.एफ.ओ. नर्मदापुरम के द्वारा गत 3 वर्ष में किए गए परिक्षेत्र इटारसी के बीट निरीक्षण रोस्टर की कॉपी प्रदान करें। (ग) अवैध कटाई मामले में दोष निर्धारण संबंध में शासन के नियमों की कॉपी प्रदान करें। यह भी बताएं कि कितने घन मीटर लकड़ी की अवैध कटाई पर किस अधिकारी की जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए? (घ) गत 2 वर्षों में छीपीखापा बीट का स्थल निरीक्षण डी.एफ.ओ. सी.सी.एफ. द्वारा कब-कब किया गया है, उसका क्या परिणाम है? निरीक्षण प्रतिवेदन की कॉपी देवें। (ड.) क्या शासन विधायकों के साथ आई.एफ.एस. अधिकारियों की समिति गठित कर इस अवैध कटाई का वास्तविक मूल्यांकन करवाकर जिम्मेदारों पर न्यायोचित कार्रवाई करेगी?
मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) नर्मदापुरम वन मंडल के अंतर्गत इटारसी वन परिक्षेत्र की बीट छीपीखापा में राज्य स्तरीय उड़नदस्ता दल के प्रतिवेदन अनुसार वर्ष 2023 से 2025 के बीच सागौन एवं सतकटा प्रजाति के कुल 1280 वृक्षों की अवैध कटाई से राशि रू. 2, 04, 95, 770/- की हानि हुई है। शेष प्रश्नांश की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-1 में है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-2 में है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-3 में है। उत्तरदायित्व का निर्धारण घनमीटर के आधार पर किये जाने के संबंध में पृथक से कोई नियम नहीं है। (घ) गत 02 वर्षों में छीपीखापा बीट का स्थल निरीक्षण मुख्य वन संरक्षक द्वारा नहीं किया गया है। वन मंडलाधिकारी द्वारा बीट छीपीखापा का भ्रमण क्रमश: दिनांक 05.10.2024, 23.08.2025, 12.09.2025, 30.09.2025 एवं 05.10.2025 को किया गया, जिसमें वन मंडलाधिकारी द्वारा किये गये कार्यों का उल्लेख दौरा दैनंदिनी में किया गया है, जिसकी प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-4 में है। (ङ) उक्त अवैध कटाई का वास्तविक मूल्यांकन निर्धारित प्रक्रियानुसार सक्षम स्तर से किया गया है। अत: शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
निर्मित एवं निर्माणाधीन परियोजनाओं की जानकारी
[नर्मदा घाटी विकास]
54. ( क्र. 712 ) श्री सचिन सुभाषचंद्र यादव : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) खरगोन जिले में विभाग की कितनी सिंचाई परियोजनाएं निर्मित एवं निर्माणाधीन हैं? विवरण देवें। (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार क्या सिंचाई परियोजनाओं की डी.पी.आर. में सिंचाई का लक्ष्य निर्धारित किया गया था? अगर हाँ तो डी.पी.आर. अनुसार प्रश्न दिनांक तक कितना कृषि रकबा सिंचित हो रहा है? साथ ही वर्तमान में सिंचाई रकबा कम हुआ या बढ़ा है? सिंचाई परियोजनाओं की योजनावार जानकारी उपलब्ध करावें। (ग) खरगोन जिले में निर्मित या निर्माणाधीन सिंचाई परियोजनाओं की स्वीकृत राशि, एजेंसी से किया गया अनुबंध, एजेंसी का नाम, नम्बर सहित योजनावार जानकारी उपलब्ध करावें। (घ) विधानसभा क्षेत्र कसरावद की शासन स्तर पर कोई योजना लंबित हैं? अगर हाँ तो कौन-कौन सी, कब तक स्वीकृति प्राप्त होगी? (ड.) ऐसी कितनी सिंचाई परियोजनाए हैं जिनके टूटने और फूटने के कारण किसानों की फसलें और उपजाऊ मिट्टी बहने की शिकायतें प्राप्त हुई हैं? क्या ऐसे किसानों को मुआवजा प्रदान किया गया है? अगर हाँ तो योजनावार किसान के नाम, ग्राम सहित विवरण उपलब्ध करावें।
मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) से (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''अ'', ''ब'' एवं ''स'' अनुसार है। (घ) जी नहीं। शेष प्रश्न लागू नहीं। (ड.) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''द'' अनुसार है।
अवैध शराब एवं मादक पदार्थ के प्रकरण
[गृह]
55. ( क्र. 713 ) श्री सचिन सुभाषचंद्र यादव : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में दिनांक 1 जनवरी 2025 से प्रश्न दिनांक तक अवैध शराब एवं नशीले पदार्थों के विरुद्ध कितने प्रकरण दर्ज किए गए? जिलेवार विवरण देवें। (ख) क्या प्रश्नांश (क) अनुसार बड़े माफियाओं पर कोई कार्रवाई की गई है? अगर हाँ तो कार्यवाही का जिलेवार विवरण देवें। (ग) युवाओं को नशे से बचाने हेतु क्या विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं? अगर हाँ तो विवरण दें और यदि नहीं तो कारण बताएं।
मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट "अ" अनुसार। (ख) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट "अ" में समाहित है। (ग) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट "ब" अनुसार है।
दीर्घकाल से एक ही स्थान पर पदस्थी
[वन]
56. ( क्र. 724 ) श्री जगन्नाथ सिंह रघुवंशी : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) श्री नवीन श्रीवास्तव, सहायक ग्रेड-03, जिला वन मण्डलाधिकारी कार्यालय, जिला-अशोकनगर मुख्य लिपिक व व्यय शाखा में विगत कितने वर्षों से पदस्थ हैं? यदि तीन वर्ष से अधिक समय से एक ही शाखा में पदस्थ हैं, तो कारण बतावें। (ख) जिला वन मंडलाधिकारी कार्यालय अशोकनगर में विगत कितने वर्षों से वाहनों को किराये से लेने हेतु टेण्डर नहीं लगाये गये हैं और वर्तमान में किस वर्ष की टेण्डर प्रक्रिया के अधीन वाहन अनुबंध किये गये हैं एवं किस-किस रजिस्ट्रेशन नंबर की गाड़ी लगी हुई है? वाहन स्वामी के नाम सहित सारणीवार जानकारी देवें। (ग) प्रश्नांश (ख) में लगी हुई गाड़ियों के किराये का भुगतान प्रतिमाह कितना और किन-किन फर्म्स को किया जाता है? जी.एस.टी. रजिस्ट्रेशन सहित विगत 3 वर्षों की जानकारी सारणीवार उपलब्ध करावें। (घ) क्या श्री नवीन श्रीवास्तव द्वारा अपने रिश्तेदारों एवं स्वयं के वाहन फर्म्स के माध्यम से विभाग में लगाये गये हैं? इनके किस-किस रिश्तेदारों के नाम से फर्म्स हैं, जिन्हें वाहन किराये का भुगतान किया जाता है और उक्त जी.एस.टी. रजिस्ट्रेशन पर ट्रेवल कंपनी संचालित की जा सकती है या उक्त जी.एस.टी. क्रमांक अन्य उद्देश्य हेतु रजिस्ट्रेशन होकर शासन के साथ फर्जीवाड़ा किया जा रहा है? संपूर्ण जानकारी देवें। (ड.) क्या ऐसे भ्रष्ट कर्मचारी पर शासन तत्काल कार्यवाही इन्हें निलंबित कर विभागीय जांच कायम करेगा? यदि हाँ तो कब तक?
मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) श्री नवीन श्रीवास्तव सहायक ग्रेड-03 वन मण्डलाधिकारी कार्यालय, जिला अशोकनगर मुख्य लिपिक शाखा प्रभारी के रूप में 03 वर्षों तथा व्यय शाखा में विगत 05 वर्षों से पदस्थ हैं। व्यय शाखा में लेखा परीक्षा उत्तीर्ण कर्मचारियों की आवश्यकता रहती है। वन मंडल अशोकनगर में श्री नवीन श्रीवास्तव, सहायक ग्रेड-03 के अतिरिक्त कोई कर्मचारी लेखा परीक्षा उत्तीर्ण नहीं होने एवं अन्य लेखापाल पदस्थ नहीं होने से श्री नवीन श्रीवास्तव सहायक ग्रेड-03 को व्यय शाखा एवं मुख्य लिपिक का प्रभार दिया गया है (ख) वित्तीय वर्ष 2023-24 एवं 2024-25 में निविदा नहीं की गयी है, अपितु अनुबंध कर वाहन किराये से लगाये गये हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 में आनलाइन टेंडर प्रक्रिया से वाहन किराये पर लगाये गये। प्रश्नांश की शेष जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) जानकारी संलग्न परिशिष्ट में है। (घ) वित्तीय वर्ष 2023-24 एवं 2024-25 संलग्न परिशिष्ट अनुसार वर्धा ग्रुप शिवपुरी के मालिक श्री राहुल श्रीवास्तव, जो श्री नवीन श्रीवास्तव के पुत्र हैं, का वाहन अनुबंधित किराये पर लगाया गया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में श्री नवीन श्रीवास्तव के रिश्तेदार का कोई वाहन किराये पर नहीं लगा है। जी.एस.टी. का भुगतान वर्धा ग्रुप शिवपुरी के उत्तरांश (ख) में उल्लेखित जी.एस.टी. क्रमांक के विरूद्ध किया गया है, अत: शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ड.) श्री नवीन श्रीवास्तव, सहायक ग्रेड-3 द्वारा वाहन अनुबंध के समय अपने पुत्र से पदीय संव्यवहार संबधी जानकारी प्रकाश में नहीं लाने के कारण उनके विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही हेतु लघु शास्ति का आरोप ज्ञापन जारी किया गया है।
जब्त की गई रेत का भण्डारण
[खनिज साधन]
57. ( क्र. 728 ) चौधरी सुजीत मेर सिंह : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विगत वर्ष 2023-24 और 2024-25 में चौरई विधानसभा क्षेत्र में कितनी मात्रा में अवैध रेत जब्त की गई है? (ख) जब्त की गई रेत को किन-किन स्थानों पर भंडारित किया गया है? (ग) किस स्थान पर कितनी रेत भंडारित की गई? पृथक-पृथक विवरण देवें। (घ) वर्तमान में उसका भौतिक स्टॉक कितना है? पृथक-पृथक जानकारी देवें। (ड.) जब्त की गई रेत की नीलामी/निस्तारण का संपूर्ण विवरण दिया जावे।
मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) से (ड.) जानकारी संलग्न परिशिष्ट पर दर्शित है।
खंडवा माइक्रो उद्वहन सिंचाई योजना
[नर्मदा घाटी विकास]
58. ( क्र. 744 ) श्रीमती कंचन मुकेश तनवे : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्नकर्ता के विधानसभा क्षेत्र में वर्ष 2018 से खंडवा माइक्रो उद्वहन सिंचाई योजना का कार्य चल रहा है किन्तु 550 करोड़ की योजना को 8 वर्ष पूर्ण होने के बाद भी कार्य अधूरा है और ग्राम सिंहाडा, गोकुल गांव, माथनी, पीपलकोटा तक लाइन भी नहीं पहुंची है, जो कार्य किया है अब तक कंपनी ने वह भी गुणवत्ताहीन और बेतरतीब किया है। मापदंड के अनुरूप उचित गहराई में पाइप-लाइन नहीं डाली गई, कहीं किसानों के खेत में पाइप बोनी के दौरान फंस जाते हैं, टेस्टिंग के बाद लाइन फूट रही है। किसानों के खेत में लाइन फूटने से नुकसान हो रहा। उक्त परिप्रेक्ष्य में क्या शासन जिम्मेदार कंपनी और विभाग के अधिकारियों पर कार्यवाही करने के लिये जांच दल गठित कर जांच कराएगा? यदि हाँ तो कब तक कार्यवाही की जायेगी? (ख) प्रश्नांश (क) वर्णित योजना के तहत 9.2 हेक्टेयर में 50.60 लाख की लागत से वृक्षारोपण किया जाना चाहिए था तथा कमांड क्षेत्र में 50 हेक्टेयर में पौधारोपण भी किया जाना था? इसकी क्या स्थिति है तथा कितना कार्य, कितनी लागत का किया गया है? स्वास्थ्य सुविधाएं हेतु 125 लाख राशि प्रस्तावित थी तथा वाटर यूजर एसोसिशन WUA के तहत प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए जाना थे? उन पर अब तक कितनी राशि का कहाँ-कहाँ उपयोग किया गया है? कृपया लिखित दस्तावेज सहित जानकारी उपलब्ध कराएं।
मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) खण्डवा माइक्रो उद्वहन सिंचाई योजना वर्ष 2018 से नहीं वरन इसका अनुबंध दिनांक 07 मार्च 2024 में किया गया, जिसमें कार्य पूर्णता का दिनांक 06 मार्च 2030 निर्धारित है। प्रश्नाधीन ग्राम इस परियोजना के कमाण्ड क्षेत्र में नहीं आते हैं। कार्य निर्धारित मापदण्ड अनुसार किये जा रहे हैं। वर्तमान में कोई टेस्टिंग का कार्य नहीं किया जा रहा है। शेष प्रश्न लागू नहीं। (ख) खण्डवा माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना के समस्त कार्य अनुबंध अनुसार पूर्ण किये जाने की अवधि मार्च 2030 है। शेष प्रश्न लागू नहीं।
झूठी एफ.आई.आर. से नाम हटाया जाना
[गृह]
59. ( क्र. 749 ) श्री फूलसिंह बरैया : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या जिला गुना थाना कैन्ट अंतर्गत श्री शिशुपाल सिंह के द्वारा श्री रामवीर जाटव पर एफ.आई.आर. दर्ज कराई है? एफ.आई.आर. की छायाप्रति उपलब्ध करावें। (ख) नगर पुलिस अधीक्षक महोदय गुना द्वारा जो जांच उपरांत प्रतिवेदन दिया है, उसकी छायाप्रति उपलब्ध करावें। (ग) श्री रामवीर जाटव द्वारा झूठी एफ.आई.आर. हटाने हेतु प्रश्न दिनांक तक कितने आवेदन दिये गये हैं? समस्त आवेदन की छायाप्रति उपलब्ध करावें। (घ) जिला गुना, थाना केन्ट में पदस्थ श्री अनूप भार्गव थाने में कब से पदस्थ हैं? पदस्थी आदेश सहित श्री भार्गव की सी.आर. रिपोर्ट संलग्न करावें। (ड.) श्री अनूप भार्गव, थाना प्रभारी द्वारा नियुक्ति दिनांक से प्रश्न दिनांक तक संपत्ति विवरण की छायाप्रति उपलब्ध करावें।
मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जिला गुना के थाना कैन्ट में फरियादी श्री शिशुपाल रघुवंशी की रिपोर्ट पर श्री रामवीर जाटव एवं 06 अन्य के विरुद्ध अपराध क्रमांक 743/24 धारा 420, 467, 468, 120 बी भादवि का पंजीबद्ध कर वर्तमान में विवेचनाधीन है। प्रथम सूचना पत्र की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) प्रकरण की विवेचना जारी है। अतः नगर पुलिस अधीक्षक जिला गुना का जांच प्रतिवेदन दिया जाना विधिसम्मत नहीं है। (ग) श्री रामवीर जाटव के आलोच्य अपराध के संदर्भ में आवेदन की अनेकों प्रतियों विभिन्न कार्यालयों से प्राप्त हुई है। संदेहियों द्वारा इस प्रकार के आवेदन दिये जाते हैं जिन पर विवेचना के दौरान जांच की जाती है। अतः उनकी प्रतियों उपलब्ध करना विवेचना को प्रभावित कर सकता है। (घ) एवं (ड.) विधानसभा प्रकिया तथा कार्य संचालन संबंधी नियम 36 (13) के अंतर्गत जानकारी दिया जाना संभव नहीं है।
नवीन उद्योगों की स्थापना
[औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन]
60. ( क्र. 760 ) श्री आतिफ आरिफ अकील : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री जी ने औद्योगिक निवेश और उद्योगों को प्रोत्साहन देने के लिये देश-विदेशों की यात्रा कर आयोजन एवं रोड-शो किये हैं? (ख) यदि हाँ तो जनवरी 2024 से प्रश्न दिनांक तक की अवधि में माननीय मुख्यमंत्री जी एवं उनके प्रतिनिधि मण्डल ने किन-किन देशों की कब-कब यात्रायें की? इन यात्राओं पर कुल कितनी राशि व्यय हुई एवं देश के अन्दर किन-किन राज्यों के किस-किस शहर में कब-कब औद्योगिक निवेश और उद्योग के प्रोत्साहन के लिये आयोजन एवं रोड-शो किये? इन आयोजनों एवं यात्रा पर तथा इन आयोजनों के प्रचार-प्रसार पर कुल कितनी राशि व्यय हुई? सम्पूर्ण जानकारी दें। (ग) प्रश्नांश (ख) परिप्रेक्ष्य में विदेशों से विभिन्न सेक्टरों में कुल कितनी राशि का पूंजी निवेश प्राप्त हुआ? बतावें। विदेशी पूंजी निवेश से कितने बड़े उद्योग कहाँ-कहाँ पर स्थापित होने जा रहे हैं? उद्योग प्रारंभ होने की अद्यतन स्थिति क्या है? (घ) देश के अन्दर मानननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा औद्योगिक निवेश और उद्योगों को प्रोत्साहन देने के लिये की गई सम्मिट से कितनी राशि के उद्योग प्रदेश में कहाँ-कहाँ पर स्थापित होने जा रहे हैं एवं उक्त अवधि में राज्य के किन-किन उद्योगपतियों के द्वारा किन-किन देशों में उद्योग स्थापित करने के लिये अनुबंध किये गये हैं? जानकारी दें।
मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जी हाँ। (ख) जनवरी 2024 से प्रश्न दिनांक तक की अवधि में औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग अंतर्गत आयोजित राष्ट्रीय/अंतर्राष्ट्रीय आयोजनों एवं यात्रा पर तथा इन आयोजनों के प्रचार-प्रसार पर हुये कुल व्यय की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'1' अनुसार है। (ग) विभाग के अधीन एम.पी. इण्डस्ट्रियल डेव्हलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड द्वारा मध्यप्रदेश में विदेशी पूंजी निवेश के रूप में प्राप्त राशि संबंधी आंकड़े संधारित नहीं किये जाते हैं। विभाग द्वारा विदेशों में आयोजित इन्टरेक्टिव सेशन एवं रोड-शो के माध्यम से प्रदेश में औद्योगिकरण एवं निवेश को बढ़ावा देने का प्रयास किया जाता है। उक्त के फलस्वरूप जनवरी 2024 से प्रश्न दिनांक तक विभिन्न सेक्टरों में प्राप्त निवेश आशय प्रस्तावों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'2' अनुसार है। (घ) विभाग अंतर्गत जनवरी 2024 से प्रश्न दिनांक तक आयोजित समिट में ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से प्राप्त/उपलब्ध निवेश प्रस्तावों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'3' अनुसार है। राज्य के उद्योगपतियों द्वारा अन्य देशों में उद्योग स्थापित करने के लिए किये गये अनुबंध की जानकारी विभाग द्वारा संधारित नहीं की जाती है।
लंबित राशि की वसूली
[वित्त]
61. ( क्र. 783 ) श्री बाला बच्चन : क्या उप मुख्यमंत्री, वित्त महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) केन्द्र सरकार ने म.प्र. सरकार को वर्ष 2021-22 से 2023-24 तक कितना ऋण कब-कब दिया व किस ब्याज दर पर दिया की जानकारी वर्षवार देवें। इस अवधि में 8 प्रतिशत से कम ब्याज दर पर अन्य क्षेत्रों से कितनी राशि का ऋण किस ब्याज दर पर लिया गया? प्रत्येक ऋण की जानकारी, राशि, ब्याज दर, ऋणदाता संस्था का नाम सहित वर्षवार देवें। (ख) कम ब्याज दर वाले ऋण त्याग कर अधिक ब्याज दर वाले ऋण लिए जाने का क्या कारण है? स्पष्ट करें। (ग) प्रदेश सरकार की वर्ष 2023-24 (31 मार्च, 2024) तक 100 करोड़ रू. से अधिक की कितनी वसूली किन-किन से शेष है? नाम, राशि, कब से शेष है की जानकारी देवें। इस पर आरोपित ब्याद दर का क्या प्रावधान है? (घ) प्रश्नांश (ग) अनुसार इस लंबित राशि की कितनी वसूली दिनांक 01-04-2024 से 31-12-2025 तक की गई? नाम, राशि सहित जानकारी देवें। राशि वसूली में विलंब के उत्तरदायी अधिकारियों पर विभाग द्वारा कब तक कार्यवाही कर राशि वसूल की जाएगी?
उप मुख्यमंत्री, वित्त ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) वर्ष 2021-22 से 2023-24 तक के ऋण की जानकारी, मध्यप्रदेश सरकार के वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिये जारी वित्त लेखे खण्ड-II के विवरण पत्रक संख्या 17 में दर्शित है। भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक द्वारा परीक्षित वित्त लेखे खण्ड-II पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार तथा भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक की वेबसाइट www.cag.gov.in पर उपलब्ध है। (ख) प्रदेश की समग्र आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए मध्यप्रदेश राजकोषीय उत्तरदायित्व एवं बजट प्रबंधन अधिनियम 2005 के निर्धारित मापदण्डों के अनुरूप भारतीय रिजर्व बैंक से Auction पद्धति के आधार पर आवश्यकता अनुसार ऋण प्राप्त किया जाता है। (ग) प्रदेश सरकार द्वारा दिए गए ऋण और अग्रिमों का विस्तृत विवरण मध्यप्रदेश सरकार के वित्त लेखे (खण्ड-II) 2024-25 के विवरण पत्रक संख्या 18 पर उपलब्ध है। भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक द्वारा परीक्षित वित्त लेखे (खण्ड-II) पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार तथा भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक की वेबसाइट www.cag.gov.in पर उपलब्ध हैं। तत्संबंध में दाण्डिक ब्याज के विषयक वित्त विभाग के परिपत्र क्रमांक 759 दिनांक 19/05/2017 से समस्त विभागों के लिए निर्देश जारी किए गए हैं। (घ) संस्था के नाम, राशि आदि की जानकारी उत्तरांश (ग) अनुसार है। शासकीय संस्थाओं द्वारा अपनी बचत से निर्धारित किश्तों में ऋण की राशि का सतत रूप से पुनर्भुगतान किया जाता है। वसूली हेतु निर्देश समय-समय पर जारी किए गए हैं।
कुम्हार जाति के अधिकारों का हनन
[सामान्य प्रशासन]
62. ( क्र. 823 ) श्री श्रीकान्त चतुर्वेदी : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला मैहर को सतना जिले से पृथक कर गठित किया गया। सतना जिले में सम्बद्ध रहते हुए कुम्हार जाति अनुसूचित जाति में होते हुए MPE-DISTRIC पोर्टल मैहर में दर्ज न होने संबंधी शिकायतों पर विगत 02 वर्षों से क्या कार्यवाही की गयी? जानकारी दें। (ख) प्रश्नांश (क) के संबंध में क्या मैहर जिले के कुम्हार समाज एवं प्रश्नकर्ता द्वारा विगत वर्ष से सतत पत्राचार किए जाने के बावजूद में भी पोर्टल पर सुधार कर इस जाति को अनुसूचित जाति में प्रविष्ट न किए जाने से उनके अधिकारों का हनन हो रहा है? यदि हाँ तो क्या उत्तर दिनांक के पूर्व इस समस्या का निराकरण कराया जावेगा? यदि नहीं तो क्यों? कारण स्पष्ट करते हुए जानकारी दी जावे।
मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जी हाँ। प्राप्त पत्रों पर कार्यवाही प्रचलन में है। (ख) प्रश्नांश (क) के उत्तर के प्रकाश में शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
व्यापार प्रोत्साहन हेतु नियुक्त एजेंसियां / सलाहकार
[औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन]
63. ( क्र. 831 ) श्री उमंग सिंघार : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) 01 जनवरी 2024 से 31 दिसम्बर 2025 की अवधि में औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग द्वारा किसी भी उद्देश्य से (जैसे – निवेश प्रोत्साहन, नीति सलाह, सम्मेलन/आयोजन, ब्रांडिंग संचार अथवा अन्य सेवाएं) कितनी सार्वजनिक अथवा निजी एजेंसियों/परामर्शदाताओं को नियुक्त किया गया? (ख) उपर्युक्त अवधि में नियुक्त प्रत्येक एजेंसी/परामर्शदाता का नाम, उन्हें सौंपे गए कार्य का स्वरूप नियुक्ति की अवधि तथा उनके लिये स्वीकृत एवं भुगतान की गई कुल राशि की जानकारी दें। (ग) उपर्युक्त एजेंसियों में से कितनी एजेंसियां वर्तमान में भी विभाग के लिये कार्यरत हैं तथा उनकी वर्तमान नियुक्त अवधि एवं शेष दायित्व क्या है? एजेंसीवार जानकारी दें।
मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जी हाँ। (ख) प्रश्नांश अवधि में विभाग के अधीन एम.पी.आई.डी.सी. अंतर्गत निवेश प्रोत्साहन, नीति सलाह, सम्मेलन/आयोजन, ब्रांडिंग संचार अथवा अन्य सेवाओं के लिए 58 एजेंसी/परामर्शदाताओं को नियुक्त किया गया है जिसकी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) वर्तमान में विभाग के अधीन एम.पी.आई.डी.सी. के लिए कार्यरत एजेंसी/परामर्शदाताओं की नियुक्ति अवधि का विवरण एवं शेष दायित्वों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट में समाहित है।
वित्तीय प्रबंधन की जानकारी
[वित्त]
64. ( क्र. 832 ) श्री उमंग सिंघार : क्या उप मुख्यमंत्री, वित्त महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) म.प्र. के बजट की राशि किन योजनाओं पर अधिक खर्च हो रही है? योजना/मद सहित राशि की विगत वित्तीय वर्ष की जानकारी दें। (ख) प्रश्नांश (क) के प्रकाश में क्या माईनिंग और जी.एस.टी. से आय में कमी आई है? यदि हाँ तो कितनी? (ग) विगत वित्तीय वर्ष में कर्ज की भरपाई पर सालाना खर्च की जानकारी दें। (घ) विगत तीन वर्ष में कितनी ब्याज राशि का भुगतान किया गया?
उप मुख्यमंत्री, वित्त ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) वित्तीय वर्ष 2025-26 में मध्यप्रदेश के बजट की योजनावार राशि का खर्च बजट साहित्य की पुस्तिका 'योजनाओं का विभागवार संकलन' पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार उपलब्ध है। विगत वित्तीय वर्ष में बजट अंतर्गत योजनाओं पर व्यय की जानकारी, भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक द्वारा अंकेक्षित मध्यप्रदेश सरकार के विनियोग लेखे 2024-25 पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार तथा भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक की वेबसाइट www.cag.gov.in पर उपलब्ध है। (ख) जी, नहीं। वित्तीय वर्ष 2024-25 के भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक द्वारा अंकेक्षित वित्त लेखे खण्ड-I के विवरण पत्रक संख्या 3 'समेकित निधि से प्राप्तियों का विवरण' अनुसार माईनिंग और जी.एस.टी. से आय में वृद्धि हुई है, जो पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-01 अनुसार तथा भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक की वेबसाइट www.cag.gov.in पर उपलब्ध है। (ग) वित्तीय वर्ष 2024-25 में कर्ज की भरपाई पर सालाना खर्च की जानकारी भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक द्वारा अंकेक्षित वित्त लेखे खण्ड-I 2024-25 के विवरण पत्रक संख्या 4 में 'समेकित निधि से व्यय का विवरण पत्रक' के भाग ख : प्रकृति अनुसार व्यय' में उल्लेख अनुरूप पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-02 अनुसार तथा भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक की वेबसाइट www.cag.gov.in पर उपलब्ध है। (घ) विगत तीन वित्तीय वर्ष 2024-25, 2023-24 तथा 2022-23 में भुगतान की गई ब्याज राशि का विवरण भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक द्वारा अंकेक्षित मध्यप्रदेश के वित्त लेखे खंड-II के विवरण पत्रक संख्या 17 पर उपलब्ध है, जो कि पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार तथा भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक की वेबसाइट www.cag.gov.in पर उपलब्ध है।
रायसेन जिलांतर्गत उद्योग एवं रोजगार की स्थिति
[सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम]
65. ( क्र. 835 ) डॉ. प्रभुराम चौधरी : क्या सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रायसेन जिले में विगत तीन वर्षों में कितने सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग स्थापित किये गए हैं? जानकारी देवें। (ख) सांची विधानसभा अंतर्गत अगामी वित्तीय वर्षों में नवीन उद्योग स्थापित करने की क्या योजना है एवं संचालित उद्योगों में से कितने उद्योग चालू हैं? तीन वर्षों में कितने लोगों को रोजगार उपलब्ध कराये गए? जानकारी देवें। (ग) स्थापित उद्योगों को किन-किन योजनांतर्गत सूक्ष्म, लघु और मध्यम विभाग द्वारा कितनी-कितनी सब्सिडी उपलब्ध कराई गई? जानकारी देवें। (घ) विभाग द्वारा बेरोजगार युवाओं के लिए कौन-कौन सी योजनाएं हैं, जिससे वह अपना उद्योग लगाकर रोजगार प्राप्त कर सकें की विस्तृत जानकारी देवें।
सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री ( श्री चेतन्य कुमार काश्यप ) : (क) भारत सरकार के उद्यम पोर्टल अनुसार रायसेन जिले में विगत 03 वर्षों में कुल 2642 उद्योग पंजीकृत हुए हैं। (ख) विभाग द्वारा उद्योग स्थापित नहीं किए जाते हैं अपितु उद्योगों को प्रचलित विभागीय नीति/नियमों में प्रावधानित सुविधाओं का लाभ पात्रतानुसार प्रदान किया जाता है। सांची विधानसभा अंतर्गत उद्योग स्थापित करने हेतु विभाग द्वारा संचालित मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना एवं एम.एस.एम.ई. प्रोत्साहन योजना 2025 अंतर्गत लाभान्वित हितग्राहियों को ब्याज अनुदान एवं विकास अनुदान प्रदान किया जाता है। भारत सरकार के उद्यम पोर्टल द्वारा स्थापित उद्योगों की जानकारी विधानसभावार संधारित नहीं की जाती है। प्रश्नांश (क) के संदर्भ में जिले में कुल विगत 03 वर्षों में कुल प्रदाय रोजगार की संख्या 15030 है। (ग) रायसेन जिले में स्थापित उद्योगों को सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विभाग द्वारा संचालित निम्नानुसार योजनाओं अंतर्गत सब्सिडी उपलब्ध कराई गई:-
|
क्र. |
योजना का नाम |
अनुदान (राशि रू. करोड़ में) |
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1 |
मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना |
0.7719 |
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2 |
एम.एस.एम.ई. प्रोत्साहन योजना |
185.69 |
(घ) विभाग द्वारा बेरोजगार युवाओं को अपना उद्योग लगाकर रोजगार प्राप्त करने हेतु मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना का क्रियान्वयन किया जा रहा है। योजनांतर्गत उद्योग क्षेत्र में अधिकतम रूपये 50 लाख और सेवा एवं अधिकतम रूपये 25 लाख तक का ऋण बैंकों के माध्यम से उपलब्ध कराया जाता है। राज्य शासन द्वारा योजनांतर्गत लाभान्वित हितग्राहियों को प्रदत्त ऋण पर 3% की दर से ब्याज अनुदान अधिकतम 07 वर्षों तक एवं CGTMSE द्वारा दी जा रही गारंटी शुल्क का भुगतान ऋण अवधि अथवा 07 वर्षों तक प्रदान किया जाता है।
रेत का अवैध उत्खनन व भण्डारण
[खनिज साधन]
66. ( क्र. 836 ) डॉ. प्रभुराम चौधरी : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रायसेन जिले में वर्ष 2020 से प्रश्न दिनांक तक कुल कितने व कहाँ-कहाँ रेत खनन पट्टों की स्वीकृति दी गई? स्थलवार, खसरा, रकबा व ग्राम की जानकारी देवें। (ख) रायसेन जिले में कहाँ-कहाँ रेत खनिज भण्डारण की अनुमतियां दी गई हैं? वर्तमान में वैध अनुमति स्थलों की जानकारी उपलब्ध करावें। (ग) प्रश्नांश (क) के अनुसार स्वीकृत खनिज पट्टों से प्रतिवर्ष स्थलवार कितनी रॉयल्टी शासन को प्राप्त हुई एवं रॉयल्टी की राशि किस-किस दिनांक को किस-किस हेड/मद में जमा की गई? विस्तृत जानकारी देवें।
मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) रायसेन जिले में वर्ष 2020 से 30/06/2023 तक की अवधि के लिये जिला रेत समूह ठेकेदारों को रायसेन में स्वीकृत रेत खदानें आवंटित थीं। म.प्र. शासन, खनिज साधन विभाग के आदेश दिनांक 31/05/2023 से रायसेन जिले की संपूर्ण रेत खदानों के खनन पट्टे की स्वीकृति न होकर, उत्खनि पट्टे म.प्र. राज्य खनिज निगम को स्वीकृत किये गये हैं, जिनका विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ पर दर्शित है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ब पर दर्शित है। (ग) मध्यप्रदेश रेत (खनन, परिवहन, भण्डारण एवं व्यापार) नियम, 2019 में प्रचलित नियम अनुसार रायल्टी सहित, संपूर्ण खदानों की निविदत्त मात्रा अनुसार ठेका राशि, ठेकेदार द्वारा अनुबंध शर्तों के अनुसार म.प्र. राज्य खनिज निगम स्तर पर जमा की जाती है, उक्त जमा राशि म.प्र. राज्य खनिज निगम द्वारा समय-समय पर अन्य जिलों से प्राप्त राशि सहित एकत्र रूप में खनिज शीर्ष में जमा कराया जाता है। रायसेन जिले की वर्षवार जमा राशि की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-स पर दर्शित है।
अपर नर्मदा सिंचाई परियोजना की जानकारी
[नर्मदा घाटी विकास]
67. ( क्र. 837 ) श्री फुन्देलाल सिंह मार्को : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अपर नर्मदा सिंचाई परियोजना, (शोभापुर-डिंडोरी-अनूपपुर) की स्वीकृत राशि एवं तारीख क्या है? इस योजना में किस जिले की कौन सी तहसील की कितनी हेक्टेयर भूमि डैम के डूब क्षेत्र में आ रही है? कितनी भूमि निजी कृषकों की एवं कितनी शासकीय वन एवं राजस्व विभाग की भूमि डूब क्षेत्र में आ रही है? (ख) प्रश्नांश (क) में वर्णित योजनान्तर्गत किस जिले एवं तहसील के कितने ग्राम विस्थापित किये जायेंगे तथा इनके विस्थापन की क्या व्यवस्थायें विभाग द्वारा की गई हैं तथा यह योजना कब तक पूर्ण होगी एवं किस जिले की कौन सी विधानसभा क्षेत्र के कितने कृषकों की कितनी हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी? (ग) प्रश्नांश (क) में वर्णित योजना के स्वीकृति आदेश जारी किये जाने के पूर्व क्या ग्राम पंचायत में पेसा एक्ट के तहत ग्राम सभा में सहमति ली गई है? यदि नहीं तो क्या कारण हैं? यदि ली गई है तो कार्यवाही विवरण उपलब्ध करावें। (घ) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में क्या शासन यह सुनिश्चित करेगा कि किसी भी परिवार को उनके पारम्परिक निवास से विस्थापन न कर वन अधिकार अधिनियम, 2006 का पालन किया जाये तथा इस समस्या के संबंध में प्रश्नकर्ता विधायक एवं सरपंच, जनपद सदस्य, जिला पंचायत सदस्यों द्वारा मुख्यमंत्री को लिखे पत्र दिनांक 24.07.2024 के संदर्भ में विभाग द्वारा की गई कार्यवाही से अवगत करावें।
मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति राशि रूपये 1482.96 करोड़ की दिनांक 05/08/2021 को जारी की गई है। डिण्डौरी जिले की बजाग तहसील की 1566.96 हेक्टेयर एवं अनूपपुर जिले की पुष्पराजगढ़ तहसील की कुल 1385.20 हेक्टेयर भूमि। निजी कृषकों की 2437.71 हेक्टेयर भूमि। वन भूमि डूब क्षेत्र में नहीं है। राजस्व विभाग की 514.45 हेक्टेयर भूमि डूब क्षेत्र में आ रही है। (ख) डिण्डौरी जिले की बजाग तहसील के 17 ग्राम, अनूपपुर जिले की पुष्पराजगढ़ तहसील के 10 ग्राम आंशिक रूप से प्रभावित होंगे। विभाग के आदेश क्रमांक NVD/5/0001/2025/Sec-1-27, दिनांक 06.01.2026 को जारी विशेष पैकेज अनुसार। अनुबंध अनुसार दिनांक 27/11/2027 को पूर्ण होगी। डिण्डौरी जिले की डिण्डौरी विधानसभा क्षेत्र के 19, 679 (अनुमानित) कृषकों की 27, 550 हेक्टेयर एवं अनूपपुर जिले की पुष्पराजगढ़ विधानसभा क्षेत्र के 12, 893 (अनुमानित) कृषकों की 18, 050 हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी। (ग) पेसा अधिनियम दिनांक 15/11/2022 परियोजना की स्वीकृति के पश्चात लागू हुआ है। अत: शेष प्रश्न लागू नहीं। (घ) वन भूमि के प्रभावित न होने से वन अधिनियम 2006 के प्रावधान लागू नहीं होते हैं। कार्यालय मुख्य अभियंता, रानी अवंती बाई लोधी सागर परियोजना, बरगी हिल्स, जबलपुर के पत्र क्रमांक 6065/05/कार्य-2/2023, दिनांक 04/02/2026 द्वारा अध्यक्ष ग्राम पंचायत ठाड़पाथर विकासखण्ड पुष्पराजगढ़, जिला अनूपपुर को उत्तर प्रेषित किया जा चुका है।
सी.एस.आर. फंड से क्षेत्रीय स्तर पर विकास
[औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन]
68. ( क्र. 838 ) श्री फुन्देलाल सिंह मार्को : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शहडोल संभाग अंतर्गत संचालित औद्योगिक इकाइयों द्वारा पिछले तीन वर्षों में कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सी.एस.आर.) फंड के अंतर्गत कितनी राशि जारी की गई है तथा उसका उपयोग किन कार्यों में किया गया है? विगत 3 वित्तीय वर्षों का जिलेवार, इकाईवार विवरण प्रदान करें। (ख) उक्त अवधि में इन इकाइयों द्वारा शहडोल संभाग के स्थानीय क्षेत्रों में कितनी राशि खर्च की गई तथा संभाग से बाहर अन्य स्थानों पर कितनी राशि व्यय की गई? (ग) क्या विभाग के सी.एस.आर. फंड से किये गये कार्यों में स्थानीय शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण सुधार एवं सामुदायिक विकास जैसे विषयों को प्राथमिकता दिये जाने संबंधी निर्देश हैं? यदि हाँ तो निर्देश की प्रतियां उपलब्ध करावें। (घ) जिन औद्योगिक इकाइयों के कारण किसी क्षेत्र में प्रदूषण फैल रहा है, वे अपने सी.एस.आर. फंड का महत्वपूर्ण अंश उसी प्रभावित क्षेत्र में व्यय करने के लिये बाध्य हों, क्या विभाग ऐसे निर्देश जारी करेगा? यदि हाँ तो कब तक?
मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) एवं (ख) शहडोल संभाग अंतर्गत संचालित औद्योगिक इकाइयों द्वारा विगत तीन वर्षों में कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सी.एस.आर.) में जिलेवार किये गये कार्यों तथा व्यय की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''अ'' अनुसार है। (ग) एवं (घ) जी नहीं। मध्यप्रदेश शासन, औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग द्वारा औद्योगिक इकाइयों के सी.एस.आर. फंड से किए गए कार्यों में शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण सुधार एवं सामुदायिक विकास जैसे विषयों को प्राथमिकता दिए जाने के संबंध में कोई पृथक विभागीय निर्देश जारी नहीं किये गये हैं। सी.एस.आर. गतिविधियों के विषयों का निर्धारण, कंपनी अधिनियम, 2013 की धारा 135 एवं अनुसूची-VII (Schedule-VII) के अंतर्गत किया गया है, जिनका अनुपालन कंपनियों द्वारा किया जाता है। कंपनी अधिनियम 2013 के शेडयूल-7 में वर्णित गतिविधियों में ही कंपनियों द्वारा सी.एस.आर. व्यय किया जा सकता है। पात्र कम्पनियों की इकाइयों एक से अधिक राज्य या राज्य में एक से अधिक स्थान पर परिचालित हो सकती है। कम्पनी द्वारा परिचालन स्थान एवं संबंधित क्षेत्र में कार्पोरेट सामाजिक दायित्व की गतिविधि को प्राथमिकता दे, यह बंधनकारी नहीं है अर्थात कम्पनी इच्छानुसार किसी भी स्थान या राज्य में सी.एस.आर. गतिविधि कर सकता है। सी.एस.आर. फेसिलिटेट करने एवं उनके क्रियान्वयन को सुव्यवस्थित करने के संबंध में राज्य सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देश पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''ब'' अनुसार है। सी.एस.आर. फण्ड के उपयोग के संबंध में भारत सरकार कार्पोरेट कार्य मंत्रालय द्वारा जारी स्पष्टीकरण सहित (FAQS) की विस्तृत जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'स' अनुसार है।
निवेश प्रोत्साहन हेतु समिट का आयोजन
[औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन]
69. ( क्र. 842 ) श्री राजेन्द्र भारती : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या म.प्र. शासन द्वारा वर्ष 2013 से प्रश्न दिनांक तक औद्योगिक नीति के अंतर्गत निवेश प्रोत्साहन हेतु समिट का आयोजन किया गया हैं? यदि हाँ तो बतायें कि उक्त आयोजन कब-कब किया गया? वर्षवार, स्थानवार, संभागवार, जिलेवार हुए समिट की जानकारी प्रदान करते हुये जानकारी दें कि उक्त समिट में कौन-कौन से उद्योगों को प्रदेश में लगाने हेतु किस-किस औद्योगिक घराने से एम.ओ.यू. कराये गये थे? एम.ओ.यू. की प्रतियां उपलब्ध करायें। (ख) क्या प्रश्नकर्ता द्वारा तारांकित प्रश्न क्रमांक 2493, दिनांक 21 मार्च 2025 एवं प्रश्न क्रमांक 702, दिनांक 29 जुलाई 2025 में चाही गई जानकारी संकलित कर ली गई हैं? यदि हाँ तो कृपया उक्त प्रश्नों में चाही गई जानकारी उपलब्ध करायें। यदि नहीं तो कारण सहित विस्तृत विवरण दें।
मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जी हाँ। औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग अंतर्गत वर्ष 2013 से प्रश्न दिनांक तक निवेश प्रोत्साहन हेतु आयोजित किए गए समिट का विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-1 अनुसार है। वर्ष 2012 के पश्चात विभाग द्वारा उद्योग स्थापना हेतु एम.ओ.यू. नहीं किए जाते हैं अपितु निवेशकों द्वारा ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से निवेश आशय प्रस्ताव प्रस्तुत किए जाते हैं। प्राप्त निवेश आशय प्रस्तावों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'2' अनुसार है। (ख) जी नहीं। जानकारी संकलित की जा रही है।
खण्ड स्तरीय समीक्षा बैठक का आयोजन
[सामान्य प्रशासन]
70. ( क्र. 892 ) श्री अभय मिश्रा : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेश पर माननीय विधायकों के द्वारा खण्ड स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित किये जाने बाबत् निर्देश दिये गये हैं? जारी निर्देश की प्रति देते हुए बतावें कि किन-किन जिलों में कब-कब अनुविभागीय अधिकारी राजस्व (सचिव) द्वारा बैठक आयोजित कर समीक्षाएं कराई गई? विधानसभावार जानकारी उपलब्ध करावें। (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार समीक्षा बैठक आहूत किये जाने बाबत् अनुविभागीय अधिकारी राजस्व को अधीकृत किया गया है? संबंधित अधिकारियों द्वारा माननीय विधायकों से संपर्क कर बैठक आहूत किये जाने बाबत् कार्यवाही/पत्राचार किया गया? पत्र की प्रति देते हुये जानकारी देवें। अगर संबंधितों द्वारा अपने दायित्व का निर्वहन कर समीक्षा बैठक आहूत नहीं की गई तो इस बाबत् किन को जिम्मेदार मानकर कार्यवाही के निर्देश देंगे? अगर नहीं तो क्यों? (ग) प्रश्नांश (क) अनुसार जारी निर्देश के पालन में प्रश्नांश (ख) अनुसार जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा खण्ड स्तरीय बैठक आयोजित कर समीक्षा नहीं कराई गई जिसके कारण विकास कार्य एवं हितग्राही मूलक योजनाओं की समीक्षा प्रभावित हुई, इस पर कार्यवाही के साथ शासन के निर्देश के पालन में बैठक आयोजित किये जाने बाबत् क्या निर्देश देंगे? बतावें जिससे बैठकें निर्धारित अवधि पर आहूत की जावें। (घ) प्रश्नांश (क), (ख) एवं (ग) अनुसार खण्ड स्तरीय बैठक निर्धारित तिथि व माह पर आयोजित हो सके इस बात का स्पष्ट निर्देश जारी करने के साथ बैठक आयोजित न करने के जिम्मेदारों पर कार्यवाही बाबत् क्या निर्देश देंगे? अगर नहीं तो क्यों?
मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी निर्देशों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। शेष जानकारी संकलित की जा रही है। (ख) जी हाँ। समीक्षा बैठक हेतु अनुविभागीय अधिकारी राजस्व को अधिकृत किया गया है। निर्देशानुसार बैठकें आयोजित की जाती हैं। (ग) एवं (घ) उत्तरांश (ख) के अनुक्रम में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
गेल कंपनी द्वारा हो रहे प्रदूषण के कारण मानव जीवन पर विपरीत प्रभाव
[पर्यावरण]
71. ( क्र. 914 ) श्री जयवर्द्धन सिंह : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) गुना में पी.एस.यू. गेल कंपनी में सी.एस.आर. अंतर्गत विगत 5 वर्षों में क्या कार्य और लाभ दिये गये हैं? वर्षवार/राशिवार/कार्यवार पृथक-पृथक बतायें। यदि नहीं, तो क्यों? (ख) गेल में विभाग के कौन से नियमों का पालन करना अनिवार्य है? इसके लिये कब और कौन सी अनुमति अनिवार्य है? बतायें। विभाग द्वारा कब और कितने निरीक्षण किये गये हैं? विगत पांच वर्षों की निरीक्षण रिपोर्ट बतायें। क्या कार्य नियम विरूद्ध पाये गये हैं और कंपनी के विरूद्ध क्या कार्यवाही किसके द्वारा कब और क्या की गई? (ग) उद्योग/उपक्रम/इकाइयों से ए.क्यू.आई.पी.एम.पी.एस. का स्तर कितना है? हवा में कंटेंट का अधिकतम स्तर (प्रति घनमीटर) कितना है? इसका मानक स्तर क्या है? राघौगढ़ में हवा में कंटेंट की मात्रा (प्रति घनमीटर) पी.एम.पी.एस. NOx, C कितनी पाई गई है? AQI का स्तर कितना पाया गया? क्या प्रदूषण से गुना जिले में कैंसर रोगियों की संख्या बढ़ी है एवं मानव स्वास्थ्य पर क्या प्रभाव पड़ता है? वायु प्रदूषण नियंत्रण करने के लिये वायु नियंत्रण बोर्ड, उद्योग विभाग एवं संचालित पी.एस.यू. के द्वारा क्या प्रयास/उपाय किये गये है? वर्षवार गौशवारा बनाकर विस्तृत बतायें। (घ) प्रदेश उपाध्यक्ष, एन.एस.यू.आई. का ई-मेल दिनांक 14.01.2026 पी.एस. पर्यावरण, पी.एस./एम.डी. पर्यटन प्रेषित शिकायत पर कृत कार्यवाही से अवगत करायें।
मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) गेल कंपनी से प्राप्त जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट - ''अ'' (पेनड्राइव) अनुसार है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) जल (प्रदूषण निवारण तथा नियंत्रण) अधिनियम 1974 एवं वायु (प्रदूषण निवारण तथा नियंत्रण) अधिनियम 1981 के प्रावधानों का पालन करना एवं सम्मति लेना अनिवार्य है। इसके अतिरिक्त परिसंकटमय और अन्य अपशिष्ट (प्रबंधन एवं सीमापार संचलन) नियम 2016 तथा चिकित्सालय को जैव चिकित्सा प्रबंधन नियम 2016 के तहत प्राधिकार प्राप्त करना अनिवार्य है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'ब' (पेनड्राइव) अनुसार है। (ग) उद्योग/उपक्रम/इकाइयों के AQI की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'अ' के भाग (ग) अनुसार है। पी.एम. की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'स' (पेनड्राइव) अनुसार है। मानक स्तर की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'द' (पेनड्राइव) अनुसार है। राघौगढ़ की परिवेशीय वायु गुणवत्ता का स्तर दिनांक 08/02/2026 की स्थिति में PM10 72.65 μg/m3, PM2.5 36.74 μg/m3, NO2 36.98 μg/m3 एवं CO 0.82mg/m3 पाई गई। राघौगढ़ की AQI की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'इ' (पेनड्राइव) अनुसार है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जिला-गुना से प्राप्त जानकारी अनुसार AQI (कैंसर) रोग से संबंधित कोई प्रकरण नहीं है। राघौगढ़ का AQI दिनांक 08/02/2026 की स्थिति में संतोषजनक पाया गया है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'ई', 'उ' एवं 'ऊ' (पेनड्राइव) अनुसार है। (घ) प्रश्नाधीन पत्र पर्यावरण विभाग में उत्तर दिनांक तक पंजीकृत होना नहीं पाया गया है।
प्रश्नकर्ता के पत्रों पर कार्यवाही
[वन]
72. ( क्र. 915 ) श्री जयवर्द्धन सिंह : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या अधोहस्ताक्षरकर्ता का पत्र क्र. 966 दिनांक 19/01/26 जो सीएम/सीएस/एसीएस/पीसी.सी.एफ., पत्र क्र. 935 दिनांक 15/12/26 सीएस/एसीएसवन/एसीएससाप्रवि/एसीएससीएम/डिप्टी सेकेट्रीवन/ पीएसलोकपरिसंपत्ति प्रबंधन, क्र. 911 दिनांक 13/11/25 जो अपर प्रबंध संचालक (व्यापार) म.प्र. राज्य लघु वनोपज संघ पर्या., क्र. 871-874 दिनांक 04/8/25 जो सीएस/एसीएससाप्रवि/ एसीएससीएम/एसीएसवन एवं पत्र क्र. 831-832 दिनांक 09/6/25 जो सीएम/वनमंत्री/एसीएसवन को प्राप्त हुआ है? सा.प्र.वि. के आदेश क्रमांक एफ 19-76/2007/1/4 दिनांक 22/3/2011 के उल्लंघन होने पर आदेश के बिन्दु पांच अनुसार संबंधितों का निलंबन करते हुये कब तक जानकारी उपलब्ध कराई जायेगी? (ख) वन विभाग के पत्र दिनांक 11/08/25, 28/8/25 एवं 19/1/26 में विरोधाभास क्यों है, जबकि हस्ताक्षर पदेन उप सचिव वन विभाग के हैं? कूटरचित, झूठी, भ्रामक जानकारी अधोहस्ताक्षरकर्ता को उपलब्ध कराने पर संबंधितों का निलंबन कर एकजाई जानकारी कारण सहित दी जाये। (ग) वन विभाग के आदेश क्रमांक एफ 2/1/26/0002/2025/10-2 दिनांक 07/05/2025 क्या जारी किया गया है? उक्त आदेश की प्रति, एकल नस्ती, नियम, निर्देश एवं आदेश की संपूर्ण प्रति दें। (घ) वन विभाग का पत्र क्र. 4613 दिनांक 30/12/25 के संलग्न परिशिष्ट 5 के पृष्ठ क्र. 129 को कम्प्लीशन सर्टिफिकेट बताया गया है तो सिद्ध करें कि कैसे और किसने जारी किया? यदि नहीं तो असत्य जानकारी प्रेषित करने पर संबंधितों का निलंबन कर सही जानकारी दें।
मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) माननीय सदस्य के प्रश्नाधीन पत्रों पर की गई कार्यवाही की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-1 अनुसार है। उक्त पत्रों पर कार्यवाही कर माननीय सदस्य को अवगत कराया गया है। अत: शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ख) प्रश्नाधीन पत्रों में विरोधाभास नहीं है एवं कूटरचित, झूठी, भ्रामक जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई है। अत: शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) वन विभाग का प्रश्नाधीन आदेश मुख्यत: वन भवन के ई-ब्लॉक के तीन तलों जो अन्य संस्थाओं को आवंटित थे, उनका आवंटन निरस्त कर संपूर्ण तल वन विभाग को आवंटित कर सौंपने के संबंध में है। शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-2 अनुसार है। (घ) वन विभाग का पत्र क्रमांक 4613 दिनांक 30/12/2025 के संलग्न परिशिष्ट-5 के पृष्ठ क्रमांक 129 पर बताये गये कम्प्लीशन सर्टिफिकेट के संबंध में कार्यालय प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख (कक्ष-समन्वय) के पत्र क्रमांक सम./भंडार/4336 दिनांक 31/07/2024 के साथ संलग्न प्रारूप के कॉलम-3 के अनुसार कार्य-पूर्णता प्रमाणीकरण मध्यप्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम एवं वन विभाग के अधिकारियों द्वारा संयुक्त रूप से हस्ताक्षरित हैं, प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-3 अनुसार है। अत: शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
नर्मदा-पार्वती लिंक परियोजना का क्रियान्वयन
[नर्मदा घाटी विकास]
73. ( क्र. 919 ) श्री सुदेश राय : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नर्मदा-पार्वती लिंक परियोजना की वर्तमान में प्रगति की क्या स्थिति है? (ख) उक्त योजना में भूमि पूजन के बाद वर्तमान में किस फेस अंतर्गत कार्य प्रगतिरत है तथा सीहोर नगर को उक्त योजना का लाभ कब से मिलना प्रारम्भ हो जावेगा? समय-सीमा बतावें।
मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) एवं (ख) आई.एस.पी. पार्वती माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना चरण-। एवं ।। का भौतिक कार्य 100 प्रतिशत पूर्ण किया जा चुका है, टेस्टिंग एवं कमिशनिंग का कार्य प्रगति पर है। आई.एस.पी. पार्वती माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना चरण-।।। एवं ।V के निर्माण की वर्तमान भौतिक प्रगति 78 प्रतिशत है। परियोजना अंतर्गत सीहोर नगर में जल पहुँचाने का कार्य सम्मिलित नहीं है। शेष प्रश्न लागू नहीं।
भू-अर्जन से प्रभावित परिवार के सदस्य को रोजगार का प्रदाय
[औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन]
74. ( क्र. 959 ) श्री केशव देसाई : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या औद्योगिक क्षेत्र मालनपुर में भू-अर्जन से प्रभावित सभी किसानों के परिवारों के सदस्यों को उद्योग संचालनालय म.प्र. शासन भोपाल के पत्र दिनांक 22.03.1993 के प्रावधान अनुसार रोजगार प्रदाय कराया गया है? यदि हाँ तो लाभ प्राप्त करने वाले सदस्यों के नाम, पता सहित सूची उपलब्ध करावें। यदि नहीं तो कारण बतावें। (ख) प्रश्नांश (क) के अनुसार किसान रजोला पुत्र समेरा जिसका भूमि सर्वे क्रमांक 2083/2, 2084/1, 2181/7, 2182, 2208, 2187, 2188 व किसान रामहेत पुत्र हरिविलास भूमि सर्वे नंबर 2195/1, 2195/3, 2196/1, 2196/2 की भूमि का अर्जन किया गया? क्या रजोला पुत्र समेरा, रामहेत पुत्र हरिविलास के परिवार के किसी सदस्य को रोजगार प्रदान किया गया है? यदि हाँ तो सदस्य का नाम, फैक्ट्री का नाम व किस पद पर रखा गया की जानकारी उपलब्ध करावें। यदि नहीं तो क्या इन किसानों के परिवार के किसी एक सदस्य को रोजगार दिलाया जायेगा? यदि हाँ तो समय-सीमा बतायें।
मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जी हाँ। औद्योगिक क्षेत्र मालनपुर में भू-अर्जन से प्रभावित भूमि स्वामियों के परिवारों के सदस्य को उद्योग संचालनालय, म.प्र. शासन, भोपाल के परिपत्र दिनांक 22.03.1993 में दिये गये निर्देश के अनुक्रम में, कार्यालय में रोजगार हेतु आवेदन करने पर रोजगार प्रदाय कराया गया है, जिसकी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। भू-अर्जन से प्रभावित ऐसे भूमि स्वामी जिन्होंने पूर्व में रोजगार हेतु आवेदन प्रस्तुत नहीं किया, की जानकारी प्राप्त होने पर कलेक्टर कार्यालय से समन्वय स्थापित करते हुए यथोचित जांच उपरांत संबंधित को रोजगार दिलाये जाने हेतु अपेक्षित कार्यवाही की जाती है। (ख) प्रश्नांश (क) के अनुसार भूमि स्वामी रजोला पुत्र समेरा एवं रामहेत पुत्र हरिविलास की उल्लेखित भूमि के अर्जन की कार्यवाही हुई है। रजोला के पुत्र फूलसिंह के पुत्र बंसत का नाम मास्टर सूची में शामिल होने से श्री बंसत को इकाई मेसर्स केडबरी इण्डिया लि. में ऑपरेटर के पद पर रोजगार उपलब्ध कराया गया। भूमि स्वामी रामहेत के पुत्र श्री राधेश्याम का नाम मास्टर सूची में शामिल होने से उन्हें रोजगार उपलब्ध कराये जाने हेतु इकाई मेसर्स केडबरी इण्डिया लि. को कार्यालयीन पत्र दिनांक 04.03.2014 एवं इकाई मेसर्स कर्लोन लिमिटेड को कार्यालयीन पत्र दिनांक 28.08.2017 से प्रस्ताव भेजा गया। विभाग के अधीन एम.पी.आई.डी.सी. क्षेत्रीय कार्यालय, ग्वालियर अनुसार 2022 मॆं श्री राधे श्याम द्वारा अपने स्थान पर अपने पुत्र श्री दिलीप गौर को रोजगार दिये जाने हेतु मास्टर सूची मॆं नाम दर्ज कराया गया। तत्पश्चात विभागांतर्गत एम.पी.आई.डी.सी क्षेत्रीय कार्यालय ग्वालियर द्वारा दिनांक 17.08.2022, 16.11.2022, 14.03.2023, 14.06.2023, 18.08.2023, 18.10.2024 एवं 19.05.2025 से विभिन्न इकाइयों को कार्यालयीन पत्र प्रेषित किए गए। हाल ही में इकाई मेसर्स मार्वल जी.डी.सी. प्रा.लि. में श्री दिलीप गौर के बायोडाटा के आधार पर इलेक्ट्रिकल पद पर अप्रेंटिस के रूप में चयन किया गया।
प्रदूषण करने वाली फैक्ट्रियों के विरूद्ध कार्यवाही
[पर्यावरण]
75. ( क्र. 960 ) श्री केशव देसाई : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या औद्योगिक क्षेत्र मालनपुर में मोंटेज (फ्लेक्स) फैक्ट्री द्वारा चिमनियों से प्रतिदिन अत्यधिक धुआं उत्सर्जित हो रहा है, जिसके कारण आसपास के आवासीय क्षेत्रों में अत्यधिक मात्रा में कालिख (सूट) गिरती है, जिससे घरेलू सामान व छतों पर कालिख की मोटी परत छा जाती है। (ख) क्या प्रश्नांश (क) के अनुसार चिमनी से निकलने वाले धुंए में उपस्थित प्रदूषक कणों के कारण नागरिकों में श्वांस संबंधी रोग जैसे - दमा, एलर्जी, आंखों में जलन व फेफड़े संबंधी समस्यायें उत्पन्न हो रही हैं? (ग) प्रश्नांश (क) व (ख) के अनुसार फैक्ट्री द्वारा वायु प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण अधिनियम एवं संबंधित नियमों व अनुमतियों की शर्तों का गंभीर उल्लंघन किया जा रहा है। उक्त फैक्ट्री के खिलाफ कब तक कार्यवाही होगी? समय-सीमा बतावें। यदि नहीं तो क्यों नहीं? (घ) प्रश्नकर्ता द्वारा उक्त संबंध में शिकायती पत्र क्रमांक 549/2026 अनुविभागीय अधिकारी राजस्व गोहद व पत्र क्रमांक 540/2026 दिनांक 09.01.2026 प्रमुख सचिव, पर्यावरण विभाग, भोपाल को पत्र प्रेषित किये जाने पर विभाग द्वारा क्या कार्यवाही की गई? समस्त कार्यवाही की जानकारी दें।
मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) एवं (ग) उत्तरांश (क) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) माननीय विधायक जी के पत्र में उल्लेखित उद्योगों की जांच कराये जाने पर उद्योगों में शून्य निस्त्राव की स्थिति निर्मित पाई गई एवं स्त्रोतीय तथा परिवेशीय वायु गुणवत्ता के परिणाम मानकों के अनुरूप पाये गये। उद्योगों में प्रदूषण नियंत्रण व्यवस्था हेतु स्थापित संयंत्र संचालित पाये गये।
झूठी रासुका को हटाने की कार्यवाही
[गृह]
76. ( क्र. 962 ) श्री फूलसिंह बरैया : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्न क्रमांक 2320, दिनांक 21/03/2025 में विभाग द्वारा गजराज सिंह उर्फ सोनू गंगवाल पुलिस थाना नानाखेड़ा जिला उज्जैन पर दो बार रासुका लगाई गई। दोनों रासुका, दिनांक 01/10/2017 एवं दिनांक 21/07/2020 के आदेश, आरोप पत्र, पुलिस प्रतिवेदन, 24 प्रकरण की एफ.आई.आर. की कॉपी व सम्पूर्ण दस्तावेजों की कॉपी प्रश्न दिनांक तक क्यों उपलब्ध नहीं कराई गई? क्या विभाग ऐसे अधिकारी/कर्मचारियों पर कार्यवाही करेगा? यदि हाँ तो कब तक? समय-सीमा बतायें। (ख) गजराज सिंह उर्फ सोनू गंगवाल पर पुलिस थाना नानाखेड़ा उज्जैन में पुलिस अधीक्षक उज्जैन द्वारा अपने प्रतिवेदन के माध्यम से गृह विभाग को अवगत कराया है कि प्रश्न दिनांक तक सोनू गंगवाल पर 24 प्रकरण दर्ज हैं। क्या फरियादी के पिता डॉ. भंवर सिंह गंगवाल को 24 प्रकरण में से 22 प्रकरणों में माननीय न्यायालय द्वारा दोष मुक्त किया गया है? विभाग आदेशों की कॉपी उपलब्ध करायें। क्या विभाग द्वारा 22 केसों में दोषमुक्त होने पर भी रासुका की कार्यवाही जारी रहेगी या रासुका की कार्यवाही को समाप्त किया जावेगा? यदि हाँ तो कब तक? समय-सीमा बतायें। (ग) विभाग द्वारा प्रश्न दिनांक तक गजराज सिंह उर्फ सोनू गंगवाल पर दर्ज किये गये 24 प्रकरण के समस्त रिकार्ड की छायाप्रति क्यों उपलब्ध नहीं कराई गई? जानकारी कब तक उपलब्ध कराई जायेगी? समय-सीमा बतायें। (घ) क्या विभाग गजराज सिंह पर लगी झूठी रासुका को हटाने की कार्यवाही करेगा? यदि हाँ तो कब तक? समय-सीमा बतावें।
मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) विभागीय पत्र दिनांक 25.11.2025 एवं पुनः पत्र दिनांक 29.01.2026 द्वारा जानकारी विधानसभा सचिवालय को प्रेषित की गयी है, शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट "अ" अनुसार। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट "ब"अनुसार। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट "स" अनुसार।
जिला जेल एवं उप-जेल की समस्याओं का निराकरण
[जेल]
77. ( क्र. 972 ) श्री हरिशंकर खटीक : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या जिला जेल टीकमगढ़ एवं उप-जेल जतारा की सुरक्षा हेतु बंदियों को पेय-जल की समस्या से निजात दिलाने हेतु, बंदियों के परिजनों हेतु वेटिंग शेड के निर्माण हेतु, मुख्य सड़क से जेल के गेट तक तथा उप-जेल के चारों ओर सड़क निर्माण, नाली निर्माण कार्य एवं अन्य समस्याओं से मुक्त्ति दिलाने हेतु प्रश्नकर्ता द्वारा जनवरी 2021 से प्रश्न दिनांक तक कब-कब विधानसभा में कौन-कौन से प्रश्न क्रमांक के माध्यम से शासन का ध्यान आकर्षित कराया है? सम्पूर्ण जानकारी दें तथा यह भी बतायें कि वर्तमान में सब-जेल जतारा पर कौन-कौन सी समस्याएं विद्यमान हैं? उपरोक्त समस्याओं के निदान हेतु विभाग द्वारा प्रश्न दिनांक तक क्या-क्या कार्यवाही की गई है? सम्पूर्ण जानकारी दें। (ख) प्रश्नांश (क) के आधार पर बतायें कि क्या जिला जेल टीकमगढ़ की बाउण्ड्रीवॉल निर्माण हेतु 194.96 लाख रूपये एवं सब-जेल जतारा परिसर की चैनलिंक फेंसिंग के कार्य हेतु 11.35 लाख रूपये स्वीकृत किये गये थे किन्तु बाद में जेल मुख्यालय भोपाल के पत्र क्र. 955 दिनांक 17.05.2023 द्वारा जिला जेल टीकमगढ़ की बाउण्ड्रीवॉल की बचत राशि से सब-जेल जतारा चेनलिंक फेंसिंग के स्थान पर पक्की बाउण्ड्रीवॉल निर्माण कराये जाने के आदेश जारी किये गये थे? क्या जिला जेल टीकमगढ़ की बाउण्ड्रीवॉल का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है? उपरोक्त्त कार्य पर कुल कितनी राशि व्यय हो चुकी है और उपरोक्त कार्य के सम्पूर्ण भुगतान के उपरांत कितनी राशि लोक निर्माण विभाग टीकमगढ़ के पास प्रश्न दिनांक तक शेष बची है? प्रश्न दिनांक तक क्या उपरोक्त बचत राशि से सब-जेल जतारा की बाउण्ड्रीवॉल का निर्माण कार्य कराया जा चुका है या नहीं? क्या विभाग के आदेश को लोक निर्माण विभाग जो एजेंसी है, वह नहीं मान रही है? (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के आधार पर बतायें कि जिला जेल टीकमगढ़ की सम्पूर्ण बाउण्ड्रीवॉल का निर्माण कराने के पश्चात शेष बची हुई राशि से क्या सब-जेल जतारा की शेष बची बाउण्ड्रीवॉल का निर्माण कार्य पूर्ण कराया जा सकता है? यदि हाँ तो लोक निर्माण विभाग सुरक्षा की दृष्टि से जतारा उप-जेल की शेष बाउण्ड्रीवॉल का निर्माण कार्य कब तक पूरा करा देगा? क्या जेल मुख्यालय भोपाल के द्वारा प्रश्नांश (ख) के आदेशानुसार लोक निर्माण विभाग टीकमगढ़ उसका पालन क्यों नहीं कर रहा है? स्पष्ट बतायें। जिला जेल टीकमगढ़ की बाउण्ड्रीवॉल के भुगतान के बाद बची हुई शेष राशि से जतारा उप-जेल की बाउण्ड्रीवॉल का कार्य कब से प्रारंभ कर दिया जावेगा? अगर नहीं किया गया तो इसमें कौन-कौन अधिकारी दोषी माना जावेगा? स्पष्ट बतायें। (घ) प्रश्नांश (क), (ख) एवं (ग) के आधार पर बतायें कि सब-जेल जतारा में भीषण पेय-जल समस्या के निदान हेतु विगत 3 वर्षों में शासन द्वारा क्या-क्या कार्यवाही की गई है? उपरोक्त कार्य हेतु कितनी राशि व्यय की गई है? व्यय की गई राशि से पेय-जल समस्या का निदान हो गया है अथवा नहीं? यदि पेय-जल समस्या का निदान नहीं हुआ है तो क्या विभाग स्थायी पेय-जल समस्या के निदान हेतु विस्तृत कार्ययोजना बनाकर दूर से अंडर ग्राउंड पाइप-लाइन जेल तक लाकर पेय-जल समस्या निदान हेतु कार्ययोजना बनवायेगा और कब तक विभाग राशि स्वीकृत करेगा? स्पष्ट बतायें। जतारा उप-जेल की समस्त समस्याओं का निराकरण कब तक कर दिया जावेगा? शेष बाउण्ड्रीवॉल का निर्माण कार्य कब तक किया जावेगा?
मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जी हाँ, सम्पूर्ण जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। सब-जेल जतारा में बाउण्ड्रीवॉल का अधूरा कार्य अपूर्ण होने के साथ-साथ पानी की कठिनाई मुख्यतः शेष है। बाउण्ड्रीवॉल के अपूर्ण कार्य को लोक निर्माण विभाग द्वारा पूरा कराया जा रहा है तथा पेय-जल की समस्या दूर करने हेतु लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा वर्ष 2021 में 1 बोर एवं जेल अधीक्षक द्वारा दिनांक 22.11.2024 को 2 बोर कराए गए जो सफल नहीं हो सके हैं। (ख) जी हाँ। जी हाँ। जी नहीं, जिला जेल टीकमगढ़ की बाउण्ड्रीवॉल का 20 मीटर निर्माण शेष है, जिस पर लगभग रुपये 97.02 लाख राशि व्यय हो चुकी है व रूपये 59.00 लाख राशि का बचत संभावित है। सब-जेल जतारा की कुल लगभग 540 मीटर लम्बी बाउण्ड्रीवॉल में से लगभग 340 मीटर लम्बी बाउण्ड्रीवॉल का कार्य पूर्ण हो चुका है तथा शेष 200 मीटर में अधिकांशतः प्लिंथ लेवल पर कार्य रुका हुआ है। जी नहीं। (ग) जी हाँ। लोक निर्माण विभाग द्वारा आगामी 6 माह में बाउण्ड्रीवॉल का कार्य पूरा करा लिये जाने के प्रयास किए जाएंगे। जी नहीं, पूर्ण पालन हो रहा है। वर्ष 2025-26 में राशि के अभाव के कारण लोक निर्माण विभाग को आवंटन नहीं सौंपा जा सका, जिसका पुनर्विनियोजन कराकर दिनांक 20.01.2026 को आवंटन उपलब्ध करा दिया गया है। लोक निर्माण विभाग द्वारा शीघ्र कार्य को प्रारंभ कर आगामी 6 माह में पूरा करा दिये जाने की संभावना व्यक्त की है। प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) पेय-जल समस्या के निराकरण हेतु लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा 01 बोरवेल वर्ष 2021 में किया गया, जिस पर 70, 280/- राशि व्यय की गई थी तथा दिनांक 22.11.2024 अधीक्षक सब-जेल जतारा द्वारा भी 02 बोर कराए गए, जिस पर राशि रुपये 70, 000/- व्यय की गई। जेल में पेय-जल की कमी यथावत है, जिसके लिए जेल से कुछ दूरी पर पुनः भू-जल सर्वे कराकर पानी की उपलब्धता होने पर बोर कराने की कार्यवाही की जाएगी व वर्ष 2026-27 के बजट में पाइप-लाइन से पानी सप्लाई की व्यवस्था की जा सकेगी। जेल की समस्याओं बाबत् जो प्रस्ताव आते हैं, उन्हें प्राथमिकता पर स्वीकृत किया जाता है। वर्ष 2025-26 में सामान्य मरम्मत, पुताई, इलेक्ट्रिक फैन, एक्जास्ट फेन, लाइट. 03 नग सेप्टिक टैंक, नाली निर्माण, मच्छर जाली, संत्री पोस्ट एवं अतिरिक्त व्ही.सी. कक्ष के कार्य सब-जेल जतारा में कराए गए हैं। वर्ष 2026-27 में भी अन्य आवश्यक कार्यों को प्राथमिकता पर कराए जाएंगे। बाउण्ड्रीवॉल का कार्य आगामी 6 माह में स्थानीय भूमि विवाद को निराकृत कर पूर्ण करा लिया जाना संभावित है।
सीमेंट एवं रासायनिक खाद कारखाने की स्थापना
[औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन]
78. ( क्र. 973 ) श्री हरिशंकर खटीक : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रश्नकर्ता द्वारा टीकमगढ़ जिले में सीमेंट कारखाना या रासायनिक खाद निर्माण या अन्य वृहद उद्योग खोले जाने हेतु अतारांकित प्रश्न क्र. 918 दिनांक 02.12.2025 विधानसभा प्रश्न किया गया था, जिसके प्रश्नांश (क) के उत्तर में कहा गया था कि विभाग द्वारा स्वयं उद्योगों की स्थापना नहीं की जाती है अपितु प्रदेश में औद्योगिक इकाइयों की स्थापना में उद्योगपतियों/ निवेशकों को फेसिलिटेट किया जाता है? क्या विभाग ने टीकमगढ़ जिले में वृहद उद्योग खोले जाने हेतु उद्योगपति/निवेशकों से जो प्रदेश में वृहद उद्योग खोल रहे हैं, विभागीय अधिकारियों द्वारा उनसे चर्चा हुई है या नहीं? प्रश्न दिनांक तक की गई कार्यवाही की अद्यतन जानकारी उपलब्ध कराएं। (ख) प्रश्नांश (क) के आधार पर बतायें कि प्रदेश के अनेकों जिलों में वृहद उद्योग खोले जा रहे हैं, फिर टीकमगढ़ जिले में क्यों नहीं? वृहद उद्योगों को जिले में खोलने हेतु विभाग के द्वारा प्रश्न दिनांक तक क्या-क्या सराहनीय पहल की गई है? सम्पूर्ण जानकारी दें। (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के आधार पर बतायें कि टीकमगढ़ जिले की जतारा तहसील में ग्राम रामनगर खुर्द, ग्राम सिमरा खुर्द एवं ग्राम दिनउ की शासकीय भूमि पर औद्योगिक क्षेत्र स्थापित किये जाने हेतु जिला प्रशासन द्वारा विभाग के पक्ष में हस्तांतरण की प्रक्रिया से वंचित है, वह भूमि कब तक विभाग के पक्ष में हस्तांतरण कर दी जावेगी? निश्चित समय-सीमा सहित बतायें। (घ) प्रश्नांश (क), (ख) एवं (ग) के आधार पर बतायें कि टीकमगढ़ जिले में ऐसे कौन-कौन से प्राकृतिक अयस्क/अपार भण्डार हैं, जिसके आधार पर कौन-कौन से वृहद उद्योग खोले जा सकते हैं? सम्पूर्ण जानकारी देते हुए बतायें कि टीकमगढ़ जिले का विभाग द्वारा कब तक सम्पूर्ण प्रचार-प्रसार किया जावेगा, जिससे उद्योगपति/निवेशक टीकमगढ़ जिले का भ्रमण कर सीमेंट कारखाना, रासायनिक खाद या अन्य वृहद उद्योग खोले जाने हेतु शासन से अनुबंध कर सकें? ऐसी कार्यवाही की जावेगी तो कब तक? निश्चित समय-सीमा सहित बतायें।
मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जी हाँ। विभाग द्वारा टीकमगढ़ जिले सहित संपूर्ण प्रदेश में निवेश हेतु उद्योगपतियों/निवेशकों के साथ ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट, रीजनल इण्डस्ट्री कॉन्क्लेव, रीजनल इण्डस्ट्री स्किल एण्ड एम्लॉयमेंट कॉन्क्लेव, देश एवं विदेश में रोड-शो/इन्टरेक्टिव सेशन्स आयोजित कर प्रदेश में उपलब्ध संसाधनों एवं निवेश की संभावनाओं पर निरंतर प्रयास किये जा रहे हैं। साथ ही प्रदेश में निवेश को आकर्षित करने हेतु शासन द्वारा विभिन्न विभागों की 18 नवीन नीतियां लागू की गई है। (ख) एवं (ग) वृहद उद्योग स्थापित करने का निर्णय निवेशक द्वारा परियोजना के विभिन्न पहलुओं पर विचार कर किया जाता है, विभाग उद्योगपतियों को संपूर्ण प्रदेश में निवेश की संभावनाओं के संबंध में जानकारी उपलब्ध कराता है जिसमें टीकमगढ जिला भी शामिल है। विभाग द्वारा औद्योगिक प्रयोजन हेतु टीकमगढ जिले की जतारा तहसील में रामनगर खुर्द की 130.56 हेक्टेयर भूमि एवं पलेरा तहसील में सिमरा खुर्द एवं ग्राम दिनउ की कुल 72.57 हेक्टेयर भूमि औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग के पक्ष में हस्तांतरित किये जाने हेतु कार्यालय कलेक्टर टीकमगढ़ में आवेदन किया गया है। भूमि हस्तांतरण की कार्यवाही कार्यालय कलेक्टर टीकमगढ़ में प्रक्रियाधीन होने से समय-सीमा बताई जाना संभव नहीं है। (घ) खनिज साधन विभाग से प्राप्त जानकारी अनुसार टीकमगढ़ जिले में डायस्पोर, पायरोफिलाइट, ग्रेनाइट एवं क्वार्ट्ज खनिज पाया जाता है, जिसके आधार पर इन खनिजों से संबंधित निवेशकों से नीति अंतर्गत प्रस्ताव प्राप्त होने पर नियमानुसार सहायता/सुविधा प्रदान करने की कार्यवाही की जायेगी। टीकमगढ़ जिले सहित संपूर्ण प्रदेश में किये गये प्रचार-प्रसार की जानकारी उत्तरांश (क) अनुसार है।
सेडमैप द्वारा मैनपावर चयन में अनियमितताएं
[सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम]
79. ( क्र. 976 ) श्री हेमंत सत्यदेव कटारे : क्या सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सेडमैप में इम्पैनल्ड होने हेतु कौन-कौन सी अर्हताओं/पात्रताओं का होना आवश्यक है? क्या डी.पी.आई. की ओर से सेडमैप को पी.एम.श्री योजना के क्रियान्ययन हेतु आउटसोर्स पर मैनपावर उपलब्ध कराने हेतु लिखे जाने पर सेडमैप द्वारा 08 व्यक्तियों का चयन कर मेसर्स ओम पारस मैनपावर सर्विस, भोपाल के माध्यम से मैनपावर की नियुक्तियां की गयी थीं। यदि हाँ तो चयनितों के नाम, पिता का नाम, पद, शैक्षणिक योग्यता अनुभव, पता, मोबाइल नंबर आदि की पूर्ण जानकारी दी जाये। साथ ही सेडमैप द्वारा अपनायी चयन प्रक्रिया में किस पोर्टल पर अथवा विज्ञापन जारी कर आवेदन आमंत्रित किये गये? पदवार क्या शैक्षणिक अर्हताएं रखी गयी, पदवार कितने-कितने अभ्यर्थियों के आवेदन प्राप्त हुये, कब इंडरव्यू आयोजित किया, विज्ञापन व्यय के रूप में कितनी राशि का भुगतान किया गया आदि की जानकारी उपलब्ध करायी जाये। (ख) क्या सेडमैप द्वारा मेसर्स ओम पारस व स्कूल शिक्षा विभाग ने मिलकर सेवानिवृत्त सभी आठों चहेते शिक्षा विभाग के अधिकारियों का चयन कर शिक्षित बेरोजगारों के साथ अन्याय व संगठित अपराध कर श्रम नियमों तथा पसारा नियमों का उल्लंघन किया है? यदि हाँ तो इसके लिये कौन उत्तरदायी है? क्या इस चयन प्रक्रिया को निरस्त कर पुन: पूर्ण पारदर्शी चयन प्रक्रिया अपनायी जायेगी? (ग) सांदीपनी विद्यालयों में 306 महिला सहायिकाएं उपलब्ध कराए जाने के संबंध में भी सेडमैप द्वारा मेसर्स ओम पारस मैनपावर सर्विस भोपाल कार्यादेश को दिया था? यदि हाँ तो उक्त आउटसोर्स एजेंसी इस कार्य हेतु पूर्व अनुभव एवं वित्तीय क्षमता की पात्रता रखती थी? यदि एजेंसी इस प्रकार के कार्य हेतु अपात्र थी तो कंपनी को उक्त कार्य सौंपने हेतु कौन उत्तरदायी है? क्या संबंधित पर कार्रवाई कर कार्यादेश निरस्त किया जाएगा? (ड.) आउटसोर्स एजेंसी ओम पारस मैनपावर सर्विस के पंजीयन, सेडमैप में इम्पैनल्ड किए जाने सहित कंपनी द्वारा सेडमैप में संलग्न समस्त दस्तावेज उपलब्ध कराए जाएं।
सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री ( श्री चेतन्य कुमार काश्यप ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। सेडमैप में विभाग से मैनपावर की मांग प्राप्त होने पर सेडमैप की वेबसाइट पर लिंक जारी कर साक्षात्कार के माध्यम अथवा विभाग से अनुशंसित नाम प्राप्त होने पर अनुशंसा अनुसार इम्पैनल्ड एजेन्सी के माध्यम से आउटसोर्स मैनपावर की सेवा उपलब्ध करायी जाती हैं। चूंकि लोक शिक्षण संचालनालय के पत्र क्र. पी.एम.श्री पी.एम.यू./2025-26/45-ए दिनांक 15.09.2025 एवं पत्र क्र. पी.एम.श्री पी.एम.यू./2025-26/289 दिनांक 17.12.2025 से उपरोक्त 08 व्यक्तियों की सेवाएं उपलब्ध कराने हेतु अनुशंसा प्राप्त होने से शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। पत्रों की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है। (ख) प्रश्नांश (क) के उत्तर अनुसार प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी हाँ। मेसर्स ओम पारस मैनपावर सर्विस भोपाल (आउटसोर्स एजेंसी) सेडमैप में नियमानुसार इम्पैनल्ड होने से शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ड.) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-4 अनुसार है।
भ्रष्टाचार संबंधी शिकायतों पर कार्यवाही
[सामान्य प्रशासन]
80. ( क्र. 977 ) श्री हेमंत सत्यदेव कटारे : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता आर.के. मेहरा अधीक्षण यंत्री, एल.के. दुबे कार्यपालन यंत्री, एम.पी. सिंह के विरूद्ध EOW एवं लोकायुक्त में कब-कब, कितनी शिकायतें दर्ज की गईं? शिकायतों के विवरण सहित शिकायत जांचों के निष्कर्षों की जानकारी उपलब्ध करायी जाये। (ख) लोक निर्माण विभाग द्वारा आर्थिक अनियमितताएं कर निर्माण कराये गए बावड़िया ओवर-ब्रिज के संबंध में EOW एवं लोकायुक्त में कब-कब कितनी शिकायतें दर्ज की गईं? शिकायतों के विवरण सहित जांच में निष्कर्षों की पूर्ण जानकारी उपलब्ध कराई जाये? (ग) रचना कन्स्ट्रक्शन कंपनी अंभलेश्वर गुजरात के द्वारा आर्थिक अनियमितताएं की जाकर बनाये गये बावड़िया ओवर ब्रिज के संबंध में आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ एवं लोकायुक्त में कब-कब कितनी शिकायतें दर्ज की गई थीं? उक्त शिकायतों का विवरण एवं जांच के निष्कर्षों की पूर्ण जानकारी उपलब्ध करायी जाये? क्या रचना कन्स्ट्रक्शन कंपनी को लोक निर्माण विभाग द्वारा ब्लैक लिस्ट किया गया अथवा नहीं? (घ) क्या रचना कन्स्ट्रक्शन कंपनी द्वारा उक्त ओवर ब्रिज बनाने संबंधी कार्य को सबलेट पर सब कॉन्ट्रेक्टर भवानी इन्फ्रा को दिया था? यदि हाँ तो क्या इस कार्य की निविदा में कार्य को सब-लेट पर दिये जाने का प्रावधान था? साथ ही क्या सबलेट कॉन्ट्रेक्टर को ब्रिज बनाने के कार्य का अनुभव प्राप्त था? यदि नहीं तो इस संबंध में कौन दोषी है तथा उन पर क्या कार्यवाही की? क्या यह कार्यवाही लोक निर्माण विभाग के सबलेट पर कार्य देने संबंधी निर्धारित नियम मापदण्डों के अनुरूप थी? यदि नहीं तो इस हेतु कौन जिम्मेदार था? जानकारी दें।
मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ एवं लोकायुक्त संगठन की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। लोकायुक्त संगठन में पुलिस महानिदेशक को प्रेषित 02 शिकायतों में से 01 शिकायत क्रमांक-3571/सी/25-26 दिनांक 07.01.2026 में श्री आर.के. मेहरा, चीफ इंजीनियर, श्री एल.के. दुबे, कार्यपालन यंत्री, श्री एम.पी. सिंह, सहायक यंत्री, लोक निर्माण विभाग के नाम सम्मिलित हैं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ख) उल्लेखित विषय से संबंधित शिकायत आर्थिक अपराध में दिनांक 29.03.2023 को शिकायत क्रमांक-76/2023 पर दर्ज की गई है एवं लोकायुक्त संगठन में शिकायत क्रमांक-3571/सी/25-26 पर दिनांक 07.01.2026 को आवक की गई है। उक्त शिकायत महानिदेशक, विशेष पुलिस स्थापना को सत्यापन हेतु भेजी गई है। (ग) आर्थिक अपराध में शिकायत क्रमांक-76/2023 तथा लोकायुक्त संगठन में शिकायत क्रमांक-3571/सी/25-26 वर्तमान में सत्यापनाधीन है। (घ) उत्तरांश (ग) के परिप्रेक्ष्य में जांच उपरांत दोषी पाये गये व्यक्तियों के विरूद्ध विधि अनुसार कार्यवाही का प्रावधान है।
रायसेन जिले में शराब की दुकानों का संचालन
[वाणिज्यिक कर]
81. ( क्र. 980 ) श्री देवेन्द्र पटेल : क्या उप मुख्यमंत्री, वाणिज्यिक कर महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रायसेन जिले में वर्तमान में किन-किन स्थलों पर शराब/मदिरा दुकानें संचालित हैं? दुकान का स्थल व इनके मालिकाने, ग्रुप और पार्टनर्स की जानकारी दें। क्या उक्त सभी दुकानें राज्य सरकार की आबकारी नीति के तहत नियमानुसार है? (ख) सुल्तानगंज के समीप मढिया गोसाई में खोली गई नई शराब दुकान क्या शासन की नीति के अनुरूप खोली गई है? क्या नीति में नवीन दुकान खोलने का प्रावधान है? नहीं तो फिर उक्त दुकान क्यों खोली गई है? (ग) रायसेन जिले में अवैध शराब की बिक्री/पैकारी को रोकने में विभाग की असफलता के क्या कारण है? विभाग अवैध दुकानों से गांव-गांव की जा रही शराब बिक्री पर कब तक रोक लगायेगा?
उप मुख्यमंत्री, वाणिज्यिक कर ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) वर्ष 2025-26 में रायसेन जिले में कुल 66 कम्पोजिट मदिरा दुकानें संचालित हैं। संचालित कम्पोजिट मदिरा दुकानों का स्थल व इनके मालिकाने, ग्रुप और पार्टनर्स की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। जिला रायसेन में सभी कम्पोजिट मदिरा दुकानें मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण) क्रमांक 47 दिनांक 14 फरवरी 2025 में जारी दिशा-निर्देशों के तहत नियमानुसार संचालित हैं। (ख) पूर्व में सुल्तानगंज क्र.-1 एवं सुल्तानगंज क्र.-2 दुकानें एक ही परिसर में संचालित होने से सुल्तानगंज क्र.-2 दुकान ग्राम पंचायत सुल्तानगंज के ही मढ़िया क्षेत्र में स्थापित की गई है। जिला रायसेन में कोई शराब की नई दुकान नहीं खोली गई है, जिले में पूर्ववत दुकानों की संख्या 66 ही है। आबकारी नीति वर्ष 2025-26 में नई दुकान खोलने का प्रावधान नहीं है। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता। (ग) रायसेन जिले में अवैध शराब की बिक्री पर कठोर नियंत्रण स्थापित किया गया है। जिले में अवैध मदिरा विक्रय, धारण, संग्रहण, अधिपत्य एवं परिवहन के विरूद्ध 01 अप्रैल 2025 से दिसम्बर 2025 तक 1557 न्यायालयीन प्रकरण पंजीबद्ध किये गये हैं, जिनमें देशी मदिरा एवं अवैध आसवन 6743.21 बल्क लीटर, महुआ लाहन 258388 किलोग्राम, विदेशी मदिरा स्प्रिट 6846.61 बल्क लीटर एवं विदेशी मदिरा बीयर 290.65 बल्क लीटर साथ ही अन्य मादक पदार्थ (OP) 150 लीटर जप्त की गई। अवैध मदिरा की रोकथाम हेतु जिले में निरंतर कार्यवाही की जा रही है।
ग्रेनाइट उत्खननकर्ताओं द्वारा अवैध उत्खनन
[खनिज साधन]
82. ( क्र. 981 ) श्री देवेन्द्र पटेल : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) ग्राम सिलपतपुरा तह. चंदला जिला छतरपुर में एस.बी. ग्रेनाइट, किसान मिनरल्स एवं ग्रेनाइट इंडिया फर्मा को कब कितनी-कितनी भूमि उत्खनन हेतु लीज पर दी गई है? सम्पूर्ण विवरण दें व लीज की अनुबंधित शर्तों की प्रति उपलब्ध करावें। (ख) प्रश्नांश (क) उल्लेखित कंपनियों द्वारा क्या लीज क्षेत्र में ही उत्खनन किया जा रहा है? लीज क्षेत्र के बाहर ग्राम की चरनोई भूमि, तालाब व अन्य निस्तार की भूमिओं पर अवैध उत्खनन और कचरा डालने की वस्तुस्थिति क्या है? कब-कब जिला प्रशासन और खनिज अधिकारियों ने उक्त स्थलों का मुआयना किया? बतावें। इस संबंध में जिला प्रशासन और एस.डी.एम. को ग्रामीणों द्वारा की गई शिकायतों पर क्या कार्यवाही की गई है? विवरण दें। (ग) प्रश्नांश (ख) उल्लेखित मामले में अनियमितताओं को लेकर संबंधित उत्खननकर्ताओं और इन्हें संरक्षण देने वाले जिला खनिज अधिकारी पर कब तक विधिसम्मत कार्यवाही की जाएगी? नहीं तो क्यों?
मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) प्रश्नांश अनुसार ग्राम सिलपतपुरा तहसील चंदला जिला छतरपुर में स्वीकृत उत्खनिपट्टा की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-"अ" पर दर्शित है। स्वीकृत आदेश एवं अनुबंध की छायाप्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-"ब" पर दर्शित है। (ख) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित कम्पनियों में से ग्रेनाइट इंडिया द्वारा स्वीकृत क्षेत्र से बाहर उत्खनन किये जाने पर अवैध उत्खनन का प्रकरण दर्ज किया गया है। एस.बी. ग्रेनाइट एवं किसान मिनरल्स के विरूद्ध स्वीकृत क्षेत्र के बाहर ग्राम की चरनोई भूमि, तालाब व अन्य निस्तार की भूमिओं पर अवैध उत्खनन संबंधी कोई प्रकरण प्रकाश में नहीं आया है। उत्खनन के दौरान निकले ओव्हर बर्डन (कचरा) एवं मशीनरी के उपयोग हेतु एस.बी. ग्रेनाइट एवं किसान मिनरल्स को सब्सिडरी परपस हेतु क्षेत्र आंवटित किया गया है एवं ग्रेनाइट इंडिया द्वारा स्वीकृत क्षेत्र में ही ओव्हर बर्डन (कचरा) डाला जाता है। खनिज अमले द्वारा समय-समय पर क्षेत्र का मुआयना किया जाता है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-"स" पर दर्शित है। अवैध उत्खनन एवं कचरा डालने के संबंध में सरपंच ग्राम पंचायत भैरा द्वारा की गई शिकायत के संबंध में जांच कराई गई, प्राप्त जांच प्रतिवेदन अनुसार शिकायत में उल्लेखित तथ्य आधारहीन एवं निराधार होना पाया गया। शिकायत एवं की गई जाँच के प्रतिवेदन की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-"द" पर दर्शित है। (ग) उत्तरांश (ख) अनुसार उत्खननकर्ताओं पर अवैध उत्खनन की कार्यवाही की गई है। अत: शेष भाग का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
माननीय मुख्यमंत्री जी की घोषणाओं का क्रियान्वयन
[सामान्य प्रशासन]
83. ( क्र. 1371 ) श्री हरिशंकर खटीक : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या दिनांक 05.07.2024 को माननीय मुख्यमंत्री महोदय जी शासकीय प्रवास के दौरान टीकमगढ़ जिले के तहसील लिधौरा के अंतर्गत ग्राम छिपरी सामाजिक कुंभ स्थल गए थे और उन्होंने प्रश्नकर्ता के द्वारा दिए गए मांग पत्र के आधार पर वहां पर क्या-क्या घोषणाएं की थीं? कृपया मांग पत्र की छायाप्रति प्रदाय करें। (ख) प्रश्नांश (क) के आधार पर जानकारी दें कि दिए गए मांग पत्र के आधार पर की गई इन घोषणाओं में प्रश्न दिनांक तक कौन-कौन सी घोषणाओं पर अमल किया जा चुका है और कौन-कौन सी घोषणाओं को अमल में लाना शेष है? (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के आधार पर बताएं कि क्या ग्राम छिपरी का नाम बदलकर मातृधाम छिपरी किए जाने के संबंध में प्रश्न दिनांक तक विभागों ने क्या-क्या कार्यवाही की? जानकारी दें। (घ) प्रश्नांश (क), (ख) एवं (ग) के आधार पर बताएं कि ग्राम छिपरी का नाम बदलकर मातृधाम छिपरी कब तक कर दिया जावेगा? निश्चित समय-सीमा बताएं।
मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जी हाँ। जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) विभागों में निहित नियमों/प्रावधानों के अंतर्गत घोषणाओं के क्रियान्वयन की कार्यवाही की जाती है, जो एक सतत प्रक्रिया है, अत: समय-सीमा बताई जाता संभव नहीं है। (ग) एवं (घ) ग्राम छिपरी का नाम बदलकर मातृधाम करने के संबध में लेख है कि वर्तमान में जनगणना 2027 के लिए राज्य की प्रशासनिक इकाइयों की सीमाओं की फ्रीजिंग दिनांक 31/12/2025 से प्रभावी होने के साथ ही 01/01/2026 से 31/03/2027 की अवधि के दौरान प्रशासनिक इकाइयों की सीमाओं में कोई परिवर्तन नहीं किया जा सकता हैं।
भाग-3
अतारांकित
प्रश्नोत्तर
रेत के अवैध
डम्पर व
ट्रेक्टरों
पर कार्यवाही
[खनिज साधन]
1. ( क्र. 13 ) श्री मुकेश मल्होत्रा : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या श्योपुर जिले की विधान सभा क्षेत्र विजयपुर में मुरैना जिले की तहसील सबलगढ़ के बरोठा चंबल घाट चम्बल नदी और वीरपुर के काऊपुरा चम्बल नदी से रेत खनिज माफिया द्वारा चम्बल नदी में हिटेची वन टेन टू टेन जेसीबी मशीनों से 50 डम्पर व 100 ट्रैक्टर ट्रालियों से अवैध रेत का परिवहन शहरी क्षेत्र एवं ग्रामीण क्षेत्रों में किया जा रहा है? (ख) क्या मुरैना जिला और श्योपुर जिले में चंबल नदी से रेत परिवहन की खनिज साधन विभाग ने अनुमति प्रदान दी गई है यदि हाँ तो जानकारी उपलब्ध कराए? (ग) अक्टूबर माह में विजयपुर एस.डी.एम. मिश्रा द्वारा अवैध उत्खनन कर्ताओं पर कार्यवाही करने पर रेत खनिज माफिया ने ट्रैक्टर ट्रॉली से कुचलने का प्रयास किया गया। उस माफिया पर क्या कार्यवाही की गई जानकारी दे। (घ) क्या प्रश्नांश (क), (ख) एवं (ग) के परिप्रेक्ष्य में विभाग रेत के अवैध परिवहन पर कार्यवाही करेगा ? यदि हाँ तो कब तक नहीं तो क्यों नही, कारण बतावे।
मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जी नहीं। प्रश्नानुसार प्रकरण प्रकाश में नहीं आया है। (ख) जी नहीं। (ग) प्रश्नाधीन माह में प्रश्नाधीन अधिकारी को किसी भी रेत के ट्रैक्टर द्वारा कुचलने का कोई प्रयास नहीं किया गया था, न ही उनके साथ इस प्रकार की कोई घटना घटित हुई थी। माह अक्टूबर में दिनांक 20.10.2025 को पुलिस निरीक्षक राकेश शर्मा मय फोर्स के एस.डी.एम. मिश्रा के साथ कस्बा विजयपुर का भ्रमण करते हुए सुनवई रोड पर पहुंचे जहां ट्रैक्टर ट्राली रेत से भरे खड़े थे, उक्त दोनों ट्रेक्टरों पर अपराध क्रमांक 414/25 धारा 303 (2) बी.एन.एस. एवं खनिज नियम का प्रकरण पंजीबद्ध किया गया। जिसका चालान करके माननीय न्यायालय में पेश किया गया। (घ) जिले में अवैध परिवहन की रोकथाम हेतु टास्क फोर्स गठित है, जिनके द्वारा सूचना प्राप्त होने पर संयुक्त कार्यवाही की जाती है। राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य मुरैना अन्तर्गत वन कर्मचारियों द्वारा रेत के अवैध उत्खनन/परिवहन एवं भण्डारण की रोकथाम हेतु घाट क्षेत्रों एवं आसपास के क्षेत्रों में नियमित रूप से सतत् गश्ती कार्य किया जाता है एवं समय-समय पर वन विभाग, पुलिस एवं राजस्व विभाग द्वारा संयुक्त रूप से कार्यवाहियां की जाती है एवं अवैध रेत उत्खनन/परिवहन की रोकथाम हेतु घाट क्षेत्रों में मार्ग अवरोधक खंती खुदवाकर मार्ग अवरुद्ध किये जाते हैं। इसी के परिणाम स्वरूप गेमरेंज सबलगढ़ के घाट बरौठा एवं काऊपुरा अन्तर्गत वर्ष 2025 में 04 वन अपराध प्रकरण पंजीबद्ध कर 02 वाहन जप्त कर एवं 1400 घ.मी. चंबल नदी के रेत का विनिष्टीकरण कर भारतीय वन अधिनियम 1927 एवं वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 के प्रावधानों के तहत वैधानिक कार्यवाही की गई। जिला प्रशासन द्वारा कार्यवाही निरंतर की जा रही है। अतः शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
मादक पदार्थों के विरूद्ध कार्यवाही
[गृह]
2. ( क्र. 36 ) श्री घनश्याम चन्द्रवंशी : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विगत 3 वर्षों में शाजापुर जिले में मादक पदार्थों के विरूद्ध कितनी कार्यवाही की गई? (ख) पुलिस द्वारा की गई कार्यवाही के पश्चात कितने मामलों में आरोपियों को माननीय न्यायालय में दोष सिद्ध होने के पश्चात सजा सुनाई गई?
मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) विगत 03 वर्षों में मादक पदार्थों के कुल 42 प्रकरणों पर कार्यवाही की गई। (ख) माननीय न्यायालय में दोष सिद्ध होने के पश्चात 06 प्रकरणों में सजा सुनाई गई।
बैंक चालान प्रकरण में कूटरचना
[वाणिज्यिक कर]
3. ( क्र. 48 ) डॉ. हिरालाल अलावा : क्या उप मुख्यमंत्री, वाणिज्यिक कर महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सहायक आबकारी आयुक्त कार्यालय इंदौर में हुए बैंक चालान कूटरचना प्रकरण में जांच में सहयोग हेतु किस नाम के व्यक्ति ने जांच अधिकारी श्रीमती रजनी सिंह और प्रमुख सचिव और आबकारी आयुक्त के समक्ष आवेदन प्रस्तुत किए, उन आवेदनों की प्रतियां देवें एवं आवेदनों के संबंध में जारी पत्रों, निराकरण आदि की प्रतियां भी देवें। (ख) इंदौर, भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर सहित किन जिलों के आबकारी अधिकारियों के विरूद्ध किन कारणों से विभागीय जांच लंबित है, वर्तमान स्थिति का विवरण देते हुए जांच के लिए जारी आदेशों, प्रतिवेदनों की प्रतियां देवें, जिनका निराकरण कर दिया गया है उनके निराकरण आदेशों की प्रतियां भी देवें। (ग) क्या संजीव कुमार दुबे तत्कालीन सहायक आबकारी आयुक्त इंदौर ने बिना कलेक्टर की अनुमति लिए महू और इंदौर वेयर हाउस से मदिरा दुकानों को मदिरा प्रदाय की अनुमति जारी की थी? प्रतियां देवें। किस आदेश, नियम के तहत इसके लिए कलेक्टर की अनुमति, स्वीकृति आवश्यक है प्रतियां देवें। क्या सरकार के द्वारा ही बनाई गई स्थानांतरण नीति के अनुसार संजीव कुमार दुबे की विभागीय जांच, लोकायुक्त, ED, पुलिस, आयकर आदि जांच के चलते जिले में पोस्टिंग की जा सकती है? महत्वपूर्ण कार्य दिया जा सकता है? यदि नहीं तो इनको कब हटाया जाएगा, समय-सीमा सहित बतावें।
उप मुख्यमंत्री, वाणिज्यिक कर ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) बैंक चालान कूटरचना प्रकरण में विभागीय जांच संस्थित होने के उपरांत विभागीय जांच अधिकारी द्वारा दस्तावेज/अभिलेख/साक्ष्यों के आधार पर अपने विवेक अनुसार स्वतंत्र रूप से निर्णय लिया जाता है, जिसमें विभागीय जांच प्रचलन के दौरान विभाग द्वारा कोई हस्तक्षेप नहीं किया जाता है। (ख) विभाग में वर्तमान में 11 विभागीय जांच प्रचलित हैं, जिनका विवरण एवं विभागीय जांच आदेशों की प्रतियां पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-एक अनुसार है। वर्ष 2025-26 में 07 विभागीय जांच निराकृत की गई है, जिनका विवरण एवं निराकरण आदेशों की प्रतियां पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-दो अनुसार है। (ग) श्री संजीव दुबे, तत्कालीन सहायक आबकारी आयुक्त, जिला इंदौर द्वारा वर्ष 2016-17 में इंदौर जिले की देशी मदिरा दुकान हातोंद एवं गांधीनगर को देशी मदिरा भाण्डागार इंदौर के स्थान पर देशी मदिरा मद्यभाण्डागार महू से मदिरा प्रदाय लेने हेतु कलेक्टर जिला इंदौर के अनुमोदन उपरांत अनुमति प्रदान की गयी थी। आदेश की प्रति, पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-तीन अनुसार है। मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम-1915 की धारा-7 में अधिकारों का प्रत्यायोजन वर्णित है जो कि पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-चार अनुसार है। मदिरा दुकानों के लायसेंस एवं मदिरा दुकानों से मद्यभाण्डागार की संबद्धता संबंधी कार्यवाही कलेक्टर स्तर से संपादित की जाती है। मद्यभाण्डागार से मदिरा प्रदाय के संबंध में स्थानीय परिस्थितियों के आधार पर कलेक्टर स्तर से निर्णय लिये जाते है। श्री संजीव दुबे, सहायक आबकारी आयुक्त की पदस्थापना स्थानांतरण नीति तथा प्रशासकीय कार्य सुविधा की दृष्टि से की गई है।
मेघनगर औद्योगिक क्षेत्र में प्रदूषण
[पर्यावरण]
4. ( क्र. 121 ) श्री वीरसिंह भूरिया : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि प्रश्नकर्ता के विधानसभा क्षेत्र-194 थांदला में मेघनगर औद्योगिक क्षेत्र में केमिकल प्लांटों द्वारा प्रदूषण फैलाया जा रहा है? क्षेत्र के किसानों की फसलों का नष्ट होना, जानवरों की मृत्यु होना, जहरीला पानी पीने से जान-माल हानि का नुकसान हो रहा है किसी समय इंदौर जैसी बड़ी घटना घट सकती है इस परिप्रेक्ष्य में क्या सरकार इन प्लांटो को बंद करेगी या नहीं? मेघनगर क्षेत्र की जनता के साथ न्याय होगा या नहीं?
मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : मेघनगर औद्योगिक क्षेत्र में स्थापित एवं संचालित 24 केमिकल उद्योगों में शून्य निस्त्राव की स्थिति बनाये रखे जाने हेतु संयंत्र स्थापित किये गये हैं। क्षेत्रांतर्गत एम.पी.यू.डी.सी. द्वारा उपचारित जल प्रदाय किया जाता है। किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग से प्राप्त जानकारी अनुसार प्रदूषण के कारण क्षेत्र में फसल नष्ट होने की सूचना नहीं है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जिला झाबुआ से प्राप्त जानकारी अनुसार बीमार व्यक्तियों के केमिकल एवं जहरीला पानी पीने से प्रभावित होना नहीं पाया गया है। पशुपालन एवं डेयरी विभाग से प्राप्त जानकारी अनुसार जानवरों की मृत्यु होना नहीं पाई गई है। अत: शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
वृक्षारोपण/प्लांटेशन कार्यों की जानकारी
[वन]
5. ( क्र. 135 ) श्री राजेश कुमार शुक्ला : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधान सभा क्षेत्र बिजावर में वर्ष 2024-25 से प्रश्न दिनांक तक विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत कराए गए वृक्षारोपण/प्लांटेशन कार्य वर्ष में किए गए प्लांटेशन का कुल रकबा लगाए गए पौधों की कुल संख्या प्रत्येक कार्य पर स्वीकृत राशि एवं वास्तविक व्यय का विवरण दें। (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार कार्य स्थल का नाम, ग्राम/वन खंड एवं संबंधित कार्यान्वयन एजेंसी/ठेकेदार/समिति का नाम बतावें। (ग) उक्त कार्यों में लगे मजदूरों को की गई मजदूरी भुगतान की स्थलवार व्यय राशि की जानकारी उपलब्ध करावें।
मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) से (ग) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है।
माननीय मुख्यमंत्री जी की घोषणाओं का क्रियान्वयन
[सामान्य प्रशासन]
6. ( क्र. 136 ) श्री प्रणय प्रभात पांडे : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दिनांक 12.09.2024 को माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा कटनी जिला अंतर्गत तहसील मुख्यालय बहोरीबंद आगमन पर कौन-कौन सी घोषणाएं की गई, विभागवार सूची देवें। (ख) प्रश्नांश (क) में इन घोषणाओं के क्रियान्वयन हेतु कब-कब किसके द्वारा क्या कार्यवाही की गई बतलावे एवं की गई कार्यवाही की छायाप्रति देवें? (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के संदर्भ में उल्लेखित घोषणाओं की अद्यतन स्थिति क्या है, इन घोषणाओं का क्रियान्वयन किन-किन विभागों द्वारा किस प्रकार से कब तक किया जावेगा? जानकारी दें।
मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) एवं (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) विभागों में निहित नियमों/प्रावधानों के अंतर्गत घोषणाओं के क्रियान्वयन की कार्यवाही की जाती है, जो एक सतत प्रक्रिया है, अत: समय-सीमा बताई जाना संभव नहीं है।
बहोरीबंद माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना
[नर्मदा घाटी विकास]
7. ( क्र. 137 ) श्री प्रणय प्रभात पांडे : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या बहोरीबंद माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना का क्या वृहद सर्वे कार्य पूर्ण हो चुका है, उत्तर में यदि हाँ तो वृहद सर्वे कार्य पूर्ण होने के पश्चात् बहोरीबंद एवं स्लीमनाबाद तहसीलों के लाभांवित ग्रामों की नाम सहित सूची देवे। (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में बहोरीबंद एवं स्लीमनाबाद तहसीलों के कौन-कौन से ग्राम बहोरीबंद माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना से वंचित हो रहे है, ग्रामों के नाम सहित सूची देवे। (ग) प्रश्नांश (ख) में उल्लेखित बहोरीबंद माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना की सिंचाई से वंचित ग्रामों के कृषकों की सिंचाई की समस्याओं पर क्या शासन सहानूभूतिपूर्वक विचार कर छूटे हुए ग्रामों को इस परियोजना में सम्मिलित कर उन्हें भी लाभांवित करेगा?
मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जी हॉं। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''अ'' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''ब'' अनुसार है। (ग) वर्तमान में मध्यप्रदेश राज्य को आवंटित नर्मदा जल का पूर्ण आवंटन परियोजनाओं को किया जा चुका है। ऐसी दशा में नवीन योजना प्रस्तावित नहीं है। शेष प्रश्न लागू नहीं।
आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध करना
[गृह]
8. ( क्र. 159 ) डॉ. राजेन्द्र कुमार सिंह : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जबलपुर जिले के किस थाना क्षेत्र या किस सक्षम कार्यालय में सहायक आबकारी आयुक्त जबलपुर संजीव दुबे के विरूद्ध किस-किस व्यक्तियों/महिलाओं ने आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध किये जाने, आवेदन कब-कब दिया है? उस पर प्रश्नतिथि तक क्या कार्यवाही की गई? प्रकरणवार जानकारी दें? प्रश्नतिथि तक एफ.आई.आर. दर्ज क्यों नहीं की गई? कारण दें? शासन किस-किस नाम/ पदनाम को एफ.आई.आर. समय पर दर्ज ना करने पर कब तक निलंबित करेगा? (ख) इंदौर जिले के थाना चंदन नगर के टी.आई. इंद्रमण पटेल के संरक्षण एवं सरपरस्ती में 150 से ज्यादा प्रकरणों में शराब तस्करी/हथियार जब्ती/जुआ/एन.डी.पी.एस. एक्ट एवं अन्य गंभीर प्रकरणों में पाकेट गवाह आमिर एवं सलमान की गवाही होने पर जो 01.10.2023 से 30.10.2024 के दौरान पद का खुलेआम दुरूपयोग करने वाले टी.आई. के विरूद्ध राज्य शासन ने प्रश्नतिथि तक आपराधिक प्रकरण क्यों कायम नहीं किया है? क्या उक्त टी.आई. ने पाकेट गवाहों के माध्यम से निर्दोषों को जानबूझकर आपराधिक प्रकरणों में फंसाकर/कुछ को छोड़कर अवैध वसूली नहीं की है? राज्य शासन क्या उक्त समय के सभी प्रकरणों की उच्च स्तरीय जांच क्यों नहीं करवायेगा? (ग) सतना जिले के थाना सिंहपुर/थाना कोलगवां/कोटर/बाबूपुर में सिंहपुर कालिंजर मार्ग एवं सतना सेमरिया मार्ग सतना-ग्राम बठिया में 01.01.2015 से 31.12.2019 तक सड़क मार्ग पर लूट/डकैती/अपहरण एवं घरों में लूट/ डकैती/अपहरण के मामलों में दर्ज सभी एफ.आई.आर. की एक-एक प्रति दें। मलखान सिंह गैंग में कौन-कौन नाम/पते के सदस्य थे? उक्त ऊपर उल्लेखित प्रकरण में कौन-कौन आरोपी नाम दें किन जेलों में कब से बंद हैं? ग्राम बठिया (सतना सीमेंट के पास) के कौन-कौन संदेही उक्त प्रकरणों में पाये गये? सूची नाम सहित दें?
मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'अ' अनुसार है। (ख) प्रश्नांश की विषयवस्तु पर माननीय सर्वोच्च न्यायालय, नई दिल्ली में SLP (Cri) No. 14087/ 2025 अनवर हुसैन विरूद्ध म.प्र. शासन एवं इंटरविनर पिटीशन द्वारा असद अली वारसी IA No. 301315/2025 विचाराधीन है। जिमसें म.प्र. शासन की ओर से जवाबदावा माननीय सर्वोच्च न्यायालय, नई दिल्ली में प्रस्तुत किया गया है। प्रकरण में आगामी सुनवाई दिनाक 10.03.2026 नियत है। प्रकरण में माननीय सर्वोच्च न्यायालय, नई दिल्ली द्वारा दिये निर्देशों के अनुरूप अग्रिम कार्रवाई की जायेगी। वर्तमान में निरीक्षक श्री इंद्रमणि पटेल पुलिस लाईन, इंदौर में पदस्थ हैं। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'ब' एवं 'स' अनुसार है।
थानों/चौकियों में पुलिस बल की पदस्थी एवं संबद्धीकरण
[गृह]
9. ( क्र. 194 ) श्रीमती प्रियंका पैंची : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला गुना अंतर्गत विधानसभा क्षेत्र चाचौड़ा के थाना कुंभराज, चाचौड़ा, बीनागंज, मृगवास और मधुसूदनगढ़ में पुलिस बल के पदवार कितने पद स्वीकृत/रिक्त हैं और वर्तमान में कितने अधिकारी/कर्मचारी विधिवत पदस्थ हैं? थानावार सूची दें। (ख) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित थानों/चौकियों में ऐसे कितने पुलिसकर्मी हैं जो मौखिक आदेश या संबद्धीकरण के आधार पर रक्षित केंद्र या अन्य कार्यालयों में कार्य कर रहे हैं? संख्या एवं नाम सहित जानकारी दें। (ग) इसी प्रकार, ऐसे कितने पुलिसकर्मी हैं जो मूल रूप से रक्षित केंद्र या अन्य कार्यालयों में पदस्थ हैं, लेकिन उन्हें मौखिक आदेश या अस्थायी संबद्धीकरण के माध्यम से चाचौड़ा विधानसभा के थानों में कार्य लिया जा रहा है? क्या पुलिस मैनुअल या म.प्र. पुलिस रेगुलेशन में मौखिक आदेश से पदस्थापना का कोई प्रावधान है? यदि नहीं, तो ऐसा करने वाले अधिकारियों पर क्या कार्यवाही की जाएगी? (घ) क्या शासन थानों में बल की कमी को देखते हुए, समस्त प्रकार के मौखिक आदेशों को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर, पुलिसकर्मियों को उनकी मूल पदस्थापना वाले थानों पर भेजने का आदेश जारी करेगा? यदि हाँ, तो कब तक?
मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार। (ख) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित थानों/चौकियों में पुलिसकर्मी मौखिक आदेश या संबद्धीकरण के आधार पर रक्षित केन्द्र या अन्य कार्यालयों में कार्य नहीं कर रहे है। अतः शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता है। (ग) रक्षित केन्द्र या अन्य कार्यालयों में पदस्थ पुलिसकर्मियों को मौखिक आदेश या अस्थायी संबद्धीकरण के माध्यम से चाचौड़ा विधानसभा के थानों में कार्य हेतु पदस्थ नहीं किया गया है। अतः शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता है। (घ) उत्तरांश (ख) एवं (ग) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता है।
थाना प्रभारियों द्वारा न्यायालयों के आदेशों का पालन
[गृह]
10. ( क्र. 295 ) श्री यादवेन्द्र सिंह : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या कार्यालय थाना प्रभारी, थाना देहात, जिला टीकमगढ़ ने अपने पत्र क्र.था.प्र. देहात/1651/25, दिनांक 07.07.2025 द्वारा एस.डी.एम. टीकमगढ़ के दांडिक प्रकरण क्र.-0034/दांडिक/164/2025 के संपूर्ण दस्तावेजों की मांग की गई थी? (ख) क्या न्यायालय अनुविभागीय दण्डाधिकारी टीकमगढ़, जिला टीकमगढ़ ने अपने प्र.क्र.-0034/दांडिक/164/2025 को बी.एन.एस. की धारा 164, 165 का उल्लंघन होने पर अनावेदकगणों के विरूद्ध बी.एन.एस. की धारा 223 के तहत कार्यवाही कर सात दिवस में प्रतिवेदन मांगा था, जो थाना देहात द्वारा नहीं दिया गया? (ग) क्या थाना देहात द्वारा तहसीलदार टीकमगढ़ एवं एस.डी.एम. टीकमगढ़ के आदेशों का पालन नहीं किया जा रहा है? (घ) प्रश्नांश (ग) यदि नहीं तो पुलिस अधीक्षक टीकमगढ़ एवं उप पुलिस अधीक्षक टीकमगढ़ द्वारा थाना प्रभारी थाना देहात के प्रति क्या कार्यवाही की? जानकारी दें।
मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जी हाँ (ख) बी.एन.एस. के स्थान पर बी.एन.एस.एस. की धारा 164, 165 एवं बी.एन.एस. की धारा 223 के परिप्रेक्ष्य में उत्तर दिया जा रहा है। जी हाँ प्रतिवेदन मांगा गया था। दस्तावेज प्राप्त होने पर जांच उपरांत थाना प्रभारी देहात द्वारा दिनांक 29.01.2026 को अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) टीकमगढ़ को प्रतिवेदन दिया गया। अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) टीकमगढ़ के प्रतिवेदन दिनाक 30.01.2026 के पालन में दिनाक 30.01.2026 को अप.क्र. 33/2026 धारा 223 (बी) भारतीय न्याय संहिता 2023 पंजीबद्ध कर विवेचना में है। (ग) थाना देहात द्वारा एस.डी.एम./तहसीलदार टीकमगढ़ के आदेशों का विधि अनुसार पालन किया गया है। (घ) उत्तरांश (ग) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
टीकमगढ़ जिले में खनिज की चोरी
[खनिज साधन]
11. ( क्र. 296 ) श्री यादवेन्द्र सिंह : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या वन विभाग की रिपोर्ट नंबर 1156/02 दिनांक 16.10.2025 द्वारा उप प्रबंधक प्रभारी अधिकारी म.प्र. माइनिंग कार्पोरेशन लिमिटेड टीकमगढ़ के विरूद्ध भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 26 (1) वीट कारी नं. 02 कक्ष क्र.आर.एफ. 48 डायस्फोर एवं पायरोफाइट कारी खदान द्वारा लगभग 2.62 हेक्टर वन भूमि पर अतिक्रमण की कार्यवाही की थी? (ख) यदि हाँ तो इसके बाद भी, दि म.प्र. माईनिंग कार्पोरेशन लिमिटेड टीकमगढ़ द्वारा अनुबंधकर्ता ठेकेदार के विरूद्ध क्या कार्यवाही की? यदि नहीं तो क्यों इसके लिये कौन दोषी है? (ग) क्या वन विभाग और खनिज मिलकर खनिज चोरी करवा रहे हैं यदि नहीं तो क्या वर्तमान में वन भूमि पर आज भी अवैध उत्खनन संबंधित ठेकेदार द्वारा किया जा रहा है? (घ) टीकमगढ़ वनमंडल में अवैध रूप से कारी खास के रिजर्व जंगल से बहुमूल्य खनिज की चोरी जारी है और खनिज विभाग व वन विभाग द्वारा क्या कार्यवाही की गई विस्तृत जानकारी दें।
मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जी हाँ। वन विभाग द्वारा प्रश्नाधीन क्षेत्र में अतिक्रमण का प्रकरण दर्ज किया गया है। (ख) वन विभाग द्वारा प्रकरण दर्ज कर जाँच की कार्यवाही की जा रही है। जाँच की कार्यवाही प्रचलित होने के कारण प्रश्नानुसार कार्यवाही का वर्तमान में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) जी नहीं। वन विभाग द्वारा वन क्षेत्र में अतिक्रमण का प्रकरण दर्ज किया गया है। निगम के पक्ष में वन भूमि पर स्वीकृत क्षेत्र पर नियमानुसार कार्य किया जा रहा है। अत: अवैध उत्खनन किये जाने का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) जी नहीं। निगम की कारी वन कक्ष क्रमांक आर.एफ. 48 ग्राम कारी, जिला टीकमगढ़ खदान वैध रूप से संचालित है। अतः खनिज चोरी का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। प्रश्नांश की शेष जानकारी उत्तरांश (क) में दर्शित है।
बागली विधानसभा में विकास योजनाएं
[वित्त]
12. ( क्र. 335 ) श्री मुरली भँवरा : क्या उप मुख्यमंत्री, वित्त महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्तमान वित्तीय वर्ष के अनुपूरक बजट में देवास जिले की बागली विधानसभा को कौन-कौन से विकास कार्यों हेतु कितनी राशि का प्रावधान किया गया है? कृपया कार्यवार एवं राशि सहित विस्तृत जानकारी उपलब्ध करावें। (ख) क्या बागली विधानसभा एक आदिवासी बाहुल्य एवं भौगोलिक रूप से दुर्गम क्षेत्र होने के बावजूद यहां सड़क निर्माण एवं आधारभूत संरचना की अत्यंत आवश्यकता है? यदि हाँ, तो शासन स्तर पर बागली विधानसभा की सड़कों एवं अन्य विकास कार्यों को लेकर कौन-कौन सी योजनाएं प्रस्तावित हैं? कृपया उनकी वर्तमान स्थिति सहित जानकारी दें। (ग) क्या बागली विधानसभा को विगत दो लगातार अनुपूरक बजटों में किसी भी प्रकार का उल्लेखनीय विकास कार्य अथवा नवीन स्वीकृति प्राप्त नहीं हुई है? यदि हाँ, तो इसके क्या कारण हैं? (घ) बागली विधानसभा को कब तक सड़क, पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं अन्य मूलभूत विकास कार्यों हेतु विशेष बजटीय प्रावधान उपलब्ध कराए जाएंगे।
उप मुख्यमंत्री, वित्त ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) राज्य बजट में विधानसभावार राशि प्रावधानित नहीं होती है। बजट के आधार पर स्वीकृत योजनाओं में राज्य के विभिन्न विभागों द्वारा कार्य स्वीकृत किये जाते है। (ख) राज्य बजट में विधानसभावार राशि प्रावधानित नहीं होती है। बजट के आधार पर स्वीकृत योजनाओं में राज्य के विभिन्न विभागों द्वारा कार्य स्वीकृत किये जाते है। (ग) राज्य बजट में विधानसभावार राशि प्रावधानित नहीं होती है। बजट के आधार पर स्वीकृत योजनाओं में राज्य के विभिन्न विभागों द्वारा कार्य स्वीकृत किये जाते है। (घ) राज्य बजट में विधानसभावार राशि प्रावधानित नहीं होती है। बजट के आधार पर स्वीकृत योजनाओं में राज्य के विभिन्न विभागों द्वारा कार्य स्वीकृत किये जाते है।
खनिज प्रतिष्ठान राशि से विकास कार्यों की स्वीकृति
[खनिज साधन]
13. ( क्र. 356 ) श्री सोहनलाल बाल्मीक : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला छिंदवाड़ा खनिज प्रतिष्ठान मद में करोड़ो रूपये की राशि जमा है परन्तु फिर भी लगभग पांच वर्षों से जिला खनिज प्रतिष्ठान मद से छिंदवाड़ा जिले की विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में विकास/निर्माण कार्यों की न तो स्वीकृति प्रदान की जा रही है और न ही कार्यों हेतु कोई राशि आवंटित की जा रही है? जिसका क्या कारण है? (ख) प्रश्नांश (क) के अनुसार छिन्दवाड़ा जिले के समस्त विधायकगणों द्वारा अपने-अपने विधानसभा क्षेत्र में विभिन्न विकास एवं निर्माण कार्यों की स्वीकृति जिला खनिज प्रतिष्ठान मद से प्रदान कराये जाने हेतु कई बार जिला कलेक्टर एवं जिला खनिज अधिकारी से मिलकर चर्चा कर विकास/निर्माण कार्यों के प्रस्ताव जमा किए जा चुके है परन्तु फिर भी किस कारण से खनिज प्रतिष्ठान मद की बैठक आयोजित नहीं की जा रही है और ना ही कार्यों की स्वीकृति जिला खनिज मद से प्रदान नहीं की जा रही है क्यों, कारण स्पष्ट करें? (ग) जिला खनिज प्रतिष्ठान मद से विभिन्न कार्यों की स्वीकृति हेतु प्रश्नकर्ता द्वारा श्रीमान कलेक्टर महोदय छिंदवाड़ा एवं जिला खनिज अधिकारी छिंदवाड़ा को पत्र क्र.वि.स./परासिया/ 127/ 2025/567 दिनांक 13.10.2025 एवं मान. प्रभारी मंत्री जिला छिंदवाड़ा को पत्र क्र.वि.स./परासिया/ 127/2025/717 दिनांक 13.12.2025 को प्रेषित किए गये है इन पत्रों पर अभी तक क्या कार्यवाही की गई है? अगर नहीं की गई है तो इसका क्या कारण है? कब तक कार्यवाही कर स्वीकृति प्रदान कर दी जायेगी?
मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जिला छिंदवाड़ा में खनिज प्रतिष्ठान मद अंतर्गत पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ अनुसार कार्य स्वीकृत कर राशि आवंटित की गयी है। अतः शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ख) छिंदवाड़ा जिला खनिज प्रतिष्ठान को प्राप्त प्रस्तावों के संबंध में दिनांक 19/06/2025 को कार्यपालिका समिति की बैठक आयोजित की गई थी, जिसके क्रम में समिति/न्यास मंडल की आगामी बैठक आयोजित किया जाना है। जिसमें विकास/निर्माण कार्यों के प्रस्तावों के संबंध में समिति/न्यास मंडल के निर्णय अनुसार कार्यवाही की जा सकेगी। प्रश्नांश की शेष जानकारी निरंक हैं। (ग) माननीय प्रभारी मंत्री को लेख किये गये पत्र दिनांक 13/12/2025 की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ब अनुसार है। माननीय विधायक के पत्र क्रमांक 567 दिनांक 13.10.2025 के संबंध में कार्यालयीन पत्र दिनांक 10.11.2025 से माननीय विधायक द्वारा प्रस्तुत प्रस्तावों को आगामी जिला खनिज प्रतिष्ठान न्यास मंडल की बैठक में प्रस्तुति उपरान्त निर्णय अनुसार स्वीकृति के संबंध में अग्रिम कार्यवाही की जावेगी, तदाशय से माननीय विधायक को अवगत कराया गया है। तीनों पत्र की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ब पर है।
बाघों की मृत्यु की जानकारी
[वन]
14. ( क्र. 393 ) श्री लखन घनघोरिया : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश शासन ने बाघों की सुरक्षा, सरंक्षण, देखभाल, इलाज तथा बाघों की सुरक्षा हेतु स्पेशल फोर्स का गठन करने की क्या व्यवस्था की है तथा इस पर कितनी-कितनी राशि व्यय की है। शासन में प्रदेश में बाघों की बढ़ती संख्या को देखते हुए सुरक्षित कॉरिडोर बनाने की क्या योजना बनाई हैं? बतलायें। वर्ष 2021-22 से 2025-26 तक की जानकारी दें। (ख) प्रदेश में राष्ट्रीय इन उद्यानों, अभयारणों में कितने-कितने बाघ/बाघिन हैं, इनमें वर्षवार कितनी-कितनी वृद्धि हुई है तथा कितने-कितने शावकों, बाघों व बाघिन की मृत्यु हुई हैं? बतलायें। वर्षवार पृथक-पृथक जानकारी दें। (ग) प्रश्नांश (क) में किन-किन राष्ट्रीय उद्यानों अभयारण्यों में कितने-कितने बाघों की मृत्यु स्वाभाविक, प्राकृतिक बीमारी, आपसी संघर्ष, करेंट, फंदा अवैध शिकार से हुई है? कितने बाघों की मृत्यु के कारण का पता नहीं लगा हैं? कितने बाघ लापता है तथा कितने बाघों की मृत्यु टाईगर रिजर्व क्षेत्र के बाहर हुई हैं? कितने प्रतिशत बाघों की मृत्यु संदिग्ध पाई गई हैं? शासन ने बांधवगढ़ टाईगर रिजर्व व उसके आसपास हुई कितने बाघों की संदिग्ध मौंतों की जांच कब किसने कराई हैं। जांच रिपोर्ट कब प्रस्तुत की गई और शासन ने उस पर कब क्या कार्यवाही की हैं। जांच रिपोर्ट की छायाप्रति दें। (घ) प्रश्नांश (क) में कितने बाघों की मृत्यु या शिकार के प्रकरणों के डॉग स्क्वाड से क्राइम सर्वे कराया गया हैं? कितने प्रकरणों में एफ.एस.एल. डॉग स्क्वाड और पोस्टमार्टम नहीं कराया गया एवं क्यों? बतलायें। अवैध शिकार के पंजीकृत कितने प्रकरणों में कितने शिकारियों/ आरोपियों व अंतरराज्यीय/अंतरराष्ट्रीय गिरोह के सदस्यों को पकड़ा हैं? जानकारी दें।
मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) प्रदेश में बाघों की सुरक्षा, संरक्षण, देखभाल, ईलाज तथा बाघों की सुरक्षा हेतु स्पेशल फोर्स का गठन नहीं किया गया है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। राष्ट्रीय व्याघ्र संरक्षण प्राधिकरण, नई दिल्ली द्वारा मध्यप्रदेश में 7 वाईल्ड लाईफ कॉरिडोर को चिन्हांकित किया गया है। मध्यप्रदेश के 20 वर्षीय वाईल्ड लाईफ एक्शन प्लॉन में 21 वाईल्ड लाईफ कॉरिडोर को चिन्हांकित किया गया है। (ख) वर्ष 2022 की गणना अनुसार प्रदेश में 785 बाघ/बाघिन है। वर्ष 2018 में बाघ गणना अनुसार 526 बाघ बाघिन थे। वर्ष 2022 की गणना उपरांत 49 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। मध्यप्रदेश में विगत 5 वर्षों में शावकों, बाघों एवं बाघिन की मृत्यु की जानकारी का विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-1 में है। (ग) प्रश्नांश के प्रथम भाग की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-2 में है। उक्त अवधि में 52 बाघों की मृत्यु मध्य प्रदेश के टाइगर रिजर्व क्षेत्र के बाहर हुई है। बाघों की मृत्यु की प्रत्येक प्रकरण को संदिग्ध मानते हुये घटना स्थल का मुआयना/ निरीक्षण डॉग स्क्वाड द्वारा कराया जाता है एवं पोस्टमार्टम किया जाता है तत्पश्चात निष्कर्ष के आधार पर ही मृत्यु का कारण निश्चित किया जाता है। प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) द्वारा बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व व उसके आसपास हुई बाघों की मृत्यु के संबंध में एस.आई.टी. गठित कर जांच कराई गई। जांच प्रतिवेदन एस.आई.टी. समिति द्वारा उनके पत्र क्रमांक 18 दिनांक 14.12.2024 के द्वारा प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) को प्रस्तुत किया गया। जांच रिपोर्ट पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-3 में है। समिति द्वारा दिये गये सुझाव अनुसार क्षेत्र संचालक, बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व एवं मुख्य वन संरक्षक, शहडोल को आवश्यक निर्देश दिये गये हैं। (घ) मध्य प्रदेश में बाघों की मृत्यु या शिकार के प्रकरणों में विभागीय डॉग स्क्वाड से क्राइम सर्वे कराया जाता है एवं सभी प्रकरणों में एफ.एस.एल. तथा पोस्टमार्टम कराया जाता है। प्रश्नांश की शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-4 में है।
वाहनों के किराया बिलों के भुगतान में फर्जीवाड़ा
[सामान्य प्रशासन]
15. ( क्र. 394 ) श्री लखन घनघोरिया : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्नकर्ता सदस्य का पत्र क्र./1167/JBP/25, दिनांक 17/11/2025 में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जबलपुर व अन्य अधिकारियों द्वारा मोबिलिटी सपोर्ट में वाहनों से यात्रा किराया बिलों के भुगतान में फर्जीवाड़ा, भ्रष्टाचार व शासन को वित्तीय क्षति पहुंचाने की शिकायत की जांच महानिदेशक (डी.जी.) आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो म.प्र. भोपाल ने कब किससे कराई है और आरोपी अधिकारियों के विरूद्ध कब क्या कार्यवाही की गई है? यदि नहीं तो क्यों? पत्र की छायाप्रति दें। (ख) क्या प्रश्नांकित पत्र के साथ संलग्न नोटशीट बिलों में उल्लेखित पंजीकृत वाहन प्रदाता ट्रेवल्स एजेंसी जबलपुर के स्वामिव में पंजीकृत नहीं हैं। जैसा कि अतारांकित प्रश्न (क्र. 2068) दिनांक 06/08/2025 के उत्तर में मा. परिवहन मंत्री म.प्र. शासन, भोपाल ने संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र "अ" "ब" में बतलाया हैं? यदि हाँ, तो क्या शासन मोबिलिटी सपोर्ट में वाहनों के किराया बिलों के भुगतान में फर्जीवाड़ा, भ्रष्टाचार व शासन को लाखों रूपयों की वित्तीय क्षति पहुंचाने की जांच सिट (एस.आई.टी.) का गठन कर करवाने व आरोपी अधिकारियों के विरूद्ध एफ.आई.आर. दर्ज कराकर कार्यवाही करेगा?
मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) शिकायत पत्र आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ में परीक्षणोंपरांत लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग को मूलत: आवश्यक कार्यवाही हेतु दिनांक 17.12.2025 को प्रेषित किया गया है। जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जॉंच में पाये गये तथ्यों के आधार पर नियम अनुसार कार्यवाही का प्रावधान है।
डायमंड म्यूजियम हेतु भूमि आवंटन
[सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम]
16. ( क्र. 433 ) श्री ब्रजेन्द्र प्रताप सिंह : क्या सूक्ष्म,लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) पन्ना जिले में डायमंड पार्क बनाये जाने हेतु प्रश्न दिनांक तक क्या कार्यवाही की गई है? (ख) क्या मध्य प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम द्वारा पन्ना जिले में प्रस्तावित डायमंड पार्क के निकट डायमंड म्यूजियम बनाये जाने हेतु भूमि आवंटन के लिये पत्र के माध्यम से मांग की गई है? (ग) यदि हाँ तो उक्त संबंध में क्या कार्यवाही की गई है? कब तक पर्यटन विभाग को डायमंड म्यूजियम हेतु भूमि आवंटित की जावेगी? समय-सीमा बतावें।
सूक्ष्म,लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री ( श्री चेतन्य कुमार काश्यप ) : (क) पन्ना जिले के डायमंड पार्क हेतु न्यायालय कलेक्टर जिला पन्ना के आदेश पृ.क्र. 1029 पन्ना दिनांक 30.10.2024 के द्वारा आराजी क्र. 67/1/1/1/2 रकवा 8.94 हेक्टेयर एवं 67/1/1/2 रकवा 4.00 हेक्टेयर भूमि कुल 12.94 हेक्टेयर भूमि ग्राम जनकपुर तह. पन्ना जिला पन्ना में आवंटित की गई है। मध्य प्रदेश शासन सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विभाग मंत्रालय भोपाल के ज्ञाप क्रमांक 533 दिनांक 26.03.2025 से नवीन औद्योगिक क्षेत्र (डायमंड पार्क) जनकपुर तहसील एवं जिला पन्ना में विकास कार्यों हेतु राशि रूपये 1265.46 लाख (रूपये बारह करोड़ पैंसठ लाख छियालीस हजार मात्र) की प्रशासकीय स्वीकृति एवं उद्योग संचालनालय के आदेश क्रमांक 28 दिनांक 26/3/2025 से राशि रूपये 400.00 लाख (रूपये चार करोड़ मात्र) की वित्तीय स्वीकृति क्रियान्वयन संस्था म.प्र. लघु उद्योग निगम मर्या. भोपाल के पक्ष में प्रसारित की गई है। (ख) जी हॉं। (ग) विभाग द्वारा डायमंड म्यूजियम बनाये जाने हेतु भूमि आवंटन किये जाने का प्रावधान विभागीय नियमों में नहीं है, अत: शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
अनुकंपा नियुक्ति प्रकरण की स्वीकृति
[वन]
17. ( क्र. 436 ) श्री ब्रजेन्द्र प्रताप सिंह : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि क्या श्री प्रशांत गर्ग पिता श्री जागेश्वर प्रसाद गर्ग की अनारक्षित संवर्ग के रिक्त वन संरक्षक के पद पर अनुकम्पा नियुक्ति प्रकरण मुख्य वन संरक्षक वृत्त छतरपुर द्वारा अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक भोपाल को स्वीकृति हेतु प्रेषित किया गया है? यदि हाँ तो उक्त संबंध में क्या कार्यवाही की गई है? कब तक प्रकरण का निराकरण कर अनुकंपा नियुक्ति प्रदान की जावेगी? जानकारी दे।
मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : श्री प्रशांत गर्ग पिता श्री जागेश्वर प्रसाद गर्ग की अनारक्षित संवर्ग के रिक्त वनरक्षक के पद पर अनुकम्पा नियुक्ति देने की सहमति हेतु प्रकरण प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख कार्यालय में प्राप्त हुआ था, जिस पर दिनांक 28-01-2026 से वनरक्षक के पद पर अनुकंपा नियुक्ति दिये जाने हेतु मुख्य वन संरक्षक छतरपुर को सहमति प्रदान की गई है। संबंधित के द्वारा औपचारिक पूर्तियाँ करने के उपरांत ही नियुक्ति दी जा सकती है। अत: समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
खदान संचालकों की जानकारी
[खनिज साधन]
18. ( क्र. 447 ) श्री नीरज सिंह ठाकुर : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि जिला जबलपुर अंतर्गत मुरूम, मैग्नीज, बाक्साईड, आयरन और, डोलोमाईट, लेटराईट, सिलिका सेंड, की कितनी खदानें संचालित हैं? इन सभी खदानों के लीज धारकों की पते सहित सूची उपलब्ध करावें।
मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : संचालित खदानों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट पर है।
विकास कार्यों की स्वीकृति
[वन]
19. ( क्र. 449 ) श्री नीरज सिंह ठाकुर : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बरगी विधानसभा क्षेत्रांतर्गत 1 जनवरी 2024 से प्रश्नांश दिनाँक तक विभाग द्वारा कौन-कौन से कार्य स्वीकृत किये गये? कार्य का नाम, लागत राशि सहित सूची उपलब्ध करावें एवं कार्य की वर्तमान स्थिति क्या हैं? (ख) प्रश्नांश (क) अवधि में प्रश्नकर्ता द्वारा विभाग को विकास कार्य हेतु कब-कब प्रस्ताव दिये गये? उक्त प्रस्तावों में विभाग द्वारा क्या कार्यवाही की गई? कितने कार्यों की स्वीकृति प्रदान की गई एवं कितने कार्य लंबित हैं? इन कार्यों की कब तक स्वीकृति प्रदान की जावेगी? समय-सीमा बतायें।
मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट-1 अनुसार है। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट-2 अनुसार है। प्रश्नाधीन अवधि में अधोसंरचना विकास के 7 कार्यों के प्रस्ताव दिये गये हैं। उक्त कार्यों में से राशि की उपलब्धता अनुसार 05 कार्य की स्वीकृत जारी की गयी है। शेष 02 कार्यों को राशि उपलब्ध न होने के कारण स्वीकृत किये जाने का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
पांचवा वेतनमान का लाभ देने में दोहरी नीति
[वित्त]
20. ( क्र. 454 ) श्री रजनीश हरवंश सिंह : क्या उप मुख्यमंत्री, वित्त महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या म.प्र. राज्य तिलहन संघ के शासन में संविलियत सेवायुक्तों को पांचवे वेतनमान की पात्रता है? यदि हाँ तो संबंधित शासनादेश की छायाप्रति दें। क्या विधानसभा प्रश्न क्र. 2140 उत्तर दिनांक 16-07-2024 में वित्त विभाग टीप अनुसार पांचवे वेतनमान की पात्रता है, बताया है। (ख) वित्त विभाग टीप क्र. 881/2020 दिनांक 25-06-2020 के तारतम्य में श्री सतीश गुप्ता उप संचालक संस्थागत वित्त को वित्त विभाग आदेश क्र. 3614 दि. 03-10-2022 अनुसार पांचवे वेतनमान एरिया किस वैधानिक आधार पर स्वीकृत किया जबकि विधानसभा प्रश्न 753 उत्तर दिनांक 21-12-2021 में बताया है कि पांचवे वेतनमान की पात्रता नहीं है? (ग) क्या वित्त विभाग आदेश क्र. 496 दि. 23-03-2019 के अंतर्गत शासन में प्रतिनियुक्ति पर पदस्थ तिलहन संघ सेवायुक्तों को राज्य शासन कर्मियों के समान पांचवा वेतनमान स्वीकृत आदेशित किया गया है? यदि हाँ तो उक्त आदेश के अनुसार वेतन निर्धारण की प्रक्रिया क्या है? (घ) क्या आयुक्त कोष लेखा पत्र क्र. 146491 क्रमांक 85/2024/DTA दि. 12-01-2024 एवं संचालनालय स्थानीय निधि 2530 दि. 21-12-2023 अनुसार प्रतिनियुक्ति पर पदस्थ तिलहन संघ कर्मियों को प्रतिनियुक्ति दिनांक से संविलियन दिनांक तक की अवधि का वेतन निर्धारण के एरियर भुगतान आदेशित है? यदि हाँ तो उक्त आदेशों की छायाप्रति दें। यदि नहीं तो कारण स्पष्ट करें।
उप मुख्यमंत्री, वित्त ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) तिलहन संघ के शासन में संविलियत सेवायुक्तों को वेतनमान की पात्रता के संबंध में मध्यप्रदेश शासन, सामान्य प्रशासन विभाग के परिपत्र दिनांक 12 अगस्त 2013 एवं परिपत्र दिनांक 23 अगस्त 2016 के अनुसार है। विधानसभा प्रश्न क्रमांक 2140 के उत्तर दिनांक 16.07.2024 भिन्न प्रकरण में की गई कार्यवाही से संबंधित है। (ख) आयुक्त, संस्थागत वित्त द्वारा दी गई जानकारी में तिलहन संघ के शासन में पदस्थ सेवायुक्तों को सामान्य प्रशासन विभाग के परिपत्र दिनांक 12 अगस्त 2013 एवं परिपत्र दिनांक 23 अगस्त 2016 के अनुसार पात्रता का लेख है। (ग) मध्यप्रदेश शासन, वित्त विभाग का परिपत्र क्रमांक 496, दिनांक 23.03.2019 की कंडिका-3 में सामान्य प्रशासन विभाग के परिपत्र दिनांक 12 अगस्त 2013 एवं परिपत्र दिनांक 23 अगस्त 2016 में अंकित प्रक्रिया अनुसार वेतन निर्धारण हेतु लेख है। (घ) आयुक्त, कोष एवं लेखा का पत्र दिनांक 12.01.2024 वस्तुत: एरियर भुगतान के संबंध में Special Facility Screen उपलब्ध कराने विषयक है, जबकि संचालक, स्थानीय निधि के पत्र दिनांक 21.12.2023 में संचालक, कोष एवं लेखा भोपाल को अंकित है तथा पत्र में आवश्यक दस्तावेज की प्रति प्रेषित किये जाने विषयक लेख है। पत्रों की छायाप्रति संलग्न परिशिष्ट-अ एवं 'ब' अनुसार है।
आरक्षक संवर्ग के पुलिसकर्मियों की वेतन वृद्धि रोकना
[गृह]
21. ( क्र. 458 ) डॉ. रामकिशोर दोगने [डॉ. योगेश पंडाग्रे] : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) म.प्र. में विगत 2006 से प्रश्न दिनांक तक कुल कितने आरक्षक संवर्ग के पुलिसकर्मियों को स्थाई रूप से वेतन वृद्धि रोके जाने की सजा दी गई? जानकारी उपलब्ध करावे। (ख) जिन पुलिसकर्मियों को सजा दी गई है उनमें से कितने पुलिसकर्मियों द्वारा डी.आई.जी./ आई.जी./ए.डी.जी./डी.जी.पी. स्तर पर प्रश्न दिनांक तक अपील प्रस्तुत की गई है? जानकारी उपलब्ध करावे। (ग) क्या पुलिस रेग्युलेशन एक्ट के पैरा 226 में निहित प्रावधान में स्थाई रूप से वेतन वृद्धि रोके जाने की स्पष्ट मनाही है और इसके संबंध में समय-समय पर पुलिस महानिदेशक द्वारा जिला पुलिस इकाइयों को निर्देश भी जारी किए गए क्या? यदि हाँ तो उक्त आदेशो की प्रति उपलब्ध करावे। (घ) क्या इस संबंध में वर्ष 2016 के बाद से विधानसभा सदस्यों द्वारा विधानसभा में प्रश्न भी लगाए गए है? यदि हाँ तो उक्त प्रश्नों व मंत्री महोदय द्वारा दिये गए उत्तर की प्रति उपलब्ध करावे। (ड.) पुलिस रेग्युलेशन एक्ट के पैरा 226 के प्रावधान और डी.जी.पी. के निर्देश के बाद भी जिन पुलिसकर्मियों को सजा दी गई तथा जिन्हें अलग-अलग स्तर पर अपील करने के उपरांत भी कोई राहत नहीं मिली, क्या उनके मामलों में शासन राहत प्रदान करेगा? स्पष्ट करे।
मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) एवं (ख) जानकारी एकत्रित की जा रही है। (ग) पुलिस रेग्युलेशन के पैरा 226 में किसी विशेष अपराध के लिए क्या दण्ड दिया जाना है, उससे संबंधित नियमों का उल्लेख किया गया है। पुलिस रेग्युलेशन के पैरा 226 की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। पुलिस महानिदेशक द्वारा पुलिस रेग्युलेशन के उक्त प्रावधान के अनुसार ही निर्देश जारी किये गये है। पृथक से कोई निर्देश जारी नहीं किये गए है। (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है। (ड.) पुलिस रेग्युलेशन के पैरा 226 में किसी विशेष अपराध के लिए क्या दण्ड दिया जाना है, उससे संबंधित नियमों का उल्लेख किया गया है। पुलिसकर्मी दण्डादेश के विरूद्ध सक्षम अधिकारी को अपील कर सकता है, जिसका निराकरण प्रकरण के गुण-दोष के आधार पर किया जाता है।
भारतीय दण्ड संहिता अंतर्गत प्रकरण दर्ज किया जाना
[गृह]
22. ( क्र. 462 ) सुश्री रामश्री (बहिन रामसिया भारती) राजपूत : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रदेश में भारतीय संविधान/शासन नियमानुसार एवं सुप्रीम कोर्ट के पारित आदेश अनुसार आत्महत्या के प्रयास करने वाले व्यक्ति पर बीएनएस (आईपीसी) की धारा में अपराध पंजीबद्ध किया जा सकता है? यदि हां/नहीं तो क्यों? (ख) यदि हाँ तो वर्ष 2022 से प्रश्न दिनांक तक प्रदेश के जिन-जिन थाना क्षेत्रांतर्गत जिन-जिन व्यक्तियों द्वारा आत्महत्या का प्रयास किया गया है। क्या उक्त थाना क्षेत्रांतर्गत थाना प्रभारी/बीट प्रभारी के सोशल मीडिया/अन्य स्रोतों से संज्ञान में आने के उपरांत समस्त आत्महत्या प्रयास करने वाले व्यक्तियों पर अपराध पंजीबद्ध किया गया था? यदि नहीं, तो क्यों? (ग) यदि नहीं तो क्या पुलिस-अधीक्षक से पुलिस महानिदेशक तक के अधिकारियों के संज्ञान में ऐसे प्रकरण आने के उपरांत सक्षम अधिकारी उक्त थाना प्रभारी/ बीट प्रभारी को निलंबित कर विभागीय जांच कर कार्यवाही की जाएगी? यदि नहीं तो क्यों?
मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) भारतीय दण्ड संहिता की धारा 309 के अंतर्गत आत्महत्या का प्रयास एक संज्ञेय अपराध था। दिनांक 29 मई 2018 से लागू मानसिक स्वास्थ्य देख-रेख अधिनियम, 2017, की धारा 115 (1) के अधीन आत्महत्या का प्रयास करने वाले व्यक्ति को गंभीर दवाब से ग्रसित होना माना गया जब तक की अन्यथा साबित नहीं कर दिया जाता है तथा इस उपधारणा के आधार पर न्यायालय में विचारण तथा दण्ड नहीं दिया जायेगा। भारतीय दण्ड संहिता की धारा 309 विलोपित नहीं की गई थी। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) पुलिस अधीक्षक से पुलिस महानिदेशक तक के अधिकारियों के संज्ञान में ऐसे कोई भी प्रकरण नहीं आये, जिसमें थाना प्रभारी/बीट प्रभारी को निलंबित कर विभागीय जांच की कार्यवाही की जा सके।
पुलिस थाना एवं पुलिस बल की उपलब्धता
[गृह]
23. ( क्र. 465 ) श्री भंवर सिंह शेखावत : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्य प्रदेश राज्य में सुरक्षा की दृष्टि से निर्धारित मानकों के अनुसार प्रति कितनी जनसंख्या एवं प्रति कितने वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल पर एक पुलिस थाना तथा कितने पुलिस बल की आवश्यकता निर्धारित है? वर्तमान में राज्य में कुल कितने पुलिस थाने कार्यरत हैं तथा उनके अंतर्गत कितनी जनसंख्या एवं कितने क्षेत्रफल का कवरेज किया जा रहा है? (ख) राज्य में वर्तमान में कुल स्वीकृत पुलिस बल की संख्या कितनी है तथा उसके विरूद्ध कितने पद भरे हुए हैं और कितने पद रिक्त हैं? क्या वर्तमान में राज्य में जनसंख्या एवं क्षेत्रफल के अनुपात में पुलिस थाने एवं पुलिस बल पर्याप्त हैं? यदि हाँ, तो उसका आधार क्या है? यदि नहीं, तो उसके क्या कारण हैं? (ग) क्या राज्य सरकार द्वारा पुलिस व्यवस्था को सुदृढ़ करने हेतु नवीन पुलिस थाने स्थापित किए जाने का प्रस्ताव है? यदि हाँ, तो आगामी वर्षों में कब तक तथा किन-किन जिलों/स्थानों पर नवीन पुलिस थाने स्थापित किए जाने की योजना है? (घ) क्या राज्य सरकार द्वारा पुलिस बल की कमी को दूर करने हेतु नवीन भर्ती की योजना प्रस्तावित है? यदि हाँ, तो वर्षवार एवं जिलेवार विवरण उपलब्ध कराया जाए।
मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) मध्यप्रदेश शासन, गृह विभाग के आदेश क्रमांक एफ 2 (अ) 39/2010/बी-3/दो, दिनांक 25.11.2010 द्वारा जनसंख्या एवं भा.द.वि. अपराधों के अनुसार पुलिस थाना एवं चौकी के गठन के मापदण्ड निर्धारित किये गये है, शासन आदेश की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। वर्तमान में राज्य में कुल 1175 पुलिस थाने स्वीकृत है, जिनके अंतर्गत सम्मिलित रूप से मध्यप्रदेश की सम्पूर्ण जनसंख्या एवं क्षेत्रफल का कवरेज किया जा रहा है। (ख) वर्तमान में मध्यप्रदेश में कुल स्वीकृत पुलिस बल की संख्या 1,26,317 भरे हुए पदों की संख्या 1,02,448 तथा रिक्त पदों की संख्या 23,869 है। राज्य में जनसंख्या एवं क्षेत्रफल के अनुपात में पुलिस थानें एवं पुलिस बल को बढ़ाने हेतु निरंतर प्रयास किये जा रहे है। (ग) पुलिस व्यवस्था को सुदृढ़ करने हेतु राज्य सरकार द्वारा कानून व्यवस्था के दृष्टिगत समय-समय पर नवीन पुलिस थाने स्थापित किये जाते है। यह एक निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है। वर्षवार नवीन पुलिस थाने की स्थापना की योजना तैयार नहीं की जाती है। (घ) पुलिस बल की कमी को दूर करने हेतु भर्ती वर्ष 2025 के 8500 रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया प्रचलन में है। इसके अतिरिक्त विभिन्न संवर्ग के रिक्त पदों की पूर्ति हेतु भर्ती वर्ष 2026 के प्रस्ताव पर कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। पुलिस बल की भर्ती प्रदेश स्तर पर की जाती है। जिलेवार विवरण उपलब्ध नहीं है।
अधिकारियों/कर्मचारियों का स्थानांतरण
[सामान्य प्रशासन]
24. ( क्र. 467 ) श्री भैरो सिंह बापू : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) आगर जिले में शासकीय एवं संविदा पर कार्यरत कितने अधिकारी, कर्मचारी, बाबू, पटवारी पिछले 4 साल या उससे अधिक से एक ही कार्यालय में पदस्थ है? गोशवारा जानकारी उपलब्ध कराएं। (ख) क्या जिले में ऐसे अधिकारी एवं कर्मचारी भी है जिनके द्वारा वर्षों से एक ही कार्यालय में नाम मात्र के लिए अलग-अलग काम देखे जा रहे है? यदि हाँ तो उनका स्थानांतरण क्यों नहीं किया जा रहा है? यदि स्टाफ की कमी है तो अधिकारी व कर्मचारी का स्थानांतरण अंतर कार्यालय क्यों नहीं किया जा रहा? (ग) सुसनेर विधानसभा में ऐसे कितने कार्यालय है जिनमें कोई भी अधिकारी व कर्मचारी पदस्थ नहीं है? जिला व अन्य बड़े कार्यालय के अधिकारी व कर्मचारी इन कार्यालयों में पदस्थ क्यों नहीं किये जा रहे है? (घ) क्या जिले के अनेक अधिकारी एवं कर्मचारियों द्वारा जिले में निवास नहीं किया जाता है एवं प्रति दिवस जिले के बाहर से आवागमन किया जाता है? यदि हाँ तो सूची उपलब्ध कराएं। क्या जो अधिकारी, कर्मचारी जिले में नहीं रहते हैं, उन्हें शासन की ओर से कोई विशेष अधिकार प्राप्त है? (ङ) आगर जिले में ऐसे कितने अधिकारी, कर्मचारी है जो काम के समय या कार्यस्थल पर मादक पदार्थों का सेवन करते है? ऐसे अधिकारी, कर्मचारी पर क्या कार्यवाही की गई है? यदि नहीं तो क्यों?
मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) से (घ) जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ङ) जिला आगर मालवा में पदस्थ 2 कर्मचारी कार्यस्थल पर मादक पदार्थ का सेवन करते हुए पाये गये, उन पर म.प्र. सिविल सेवा आचरण (नियंत्रण, वर्गीकरण तथा अपील) नियम 1966 के अनुसार कार्यवाही की गई।
सामाजिक वानिकी द्वारा कराये गये कार्य
[वन]
25. ( क्र. 489 ) श्री आरिफ मसूद : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या मार्गों के किनारे सामाजिक वानिकी द्वारा लगाये गये पोधों की सुरक्षा के लिये NGT द्वारा कोई निर्देश दिये गये थे। यदि हाँ तो उनका विवरण एवं तत्समय गठित दल द्वारा की गई कार्यवाही का विवरण दिया जावें। (ख) भोपाल शहर के अरेरा कॉलोनी E-6, E-7 सेक्टर में मार्गों के किनारे पूर्व में किये गये वनीकरण तथा पौधरोपण के क्षेत्र में अधिकांश में फैंसिंग तोड़ने तथा उसमें व्यवसायिक रूप से अतिक्रमण करने के कितने मामले पाये गये हैं तथा उनके विरूद्ध अब तक क्या कार्यवाही की गई है। (ग) भोपाल में AQI में बढ़ोतरी होने के लिये वृक्षारोपण तथा लगे हुए पेड़ो की सुरक्षा के दृष्टिगत विभाग द्वारा क्या कार्यवाही की जा रही है तथा इसके लिये वित्तीय वर्ष 2025-26 एवं 2026-27 में कितना वित्तीय प्रावधान है। (घ) भोपाल स्थित E-6, E-7 अरेरा कॉलोनी में सड़कों के किनारे वृक्षारोपण में हुए अतिक्रमण को हटाने, नये वृक्ष लगाने तथा फैंसिंग लगाने की कार्यवाही को क्या आगामी वर्षाकाल के पूर्व कर लिया जावेगा यदि नहीं तो क्यों?
मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) सामाजिक वानिकी द्वारा लगाये गये पौधों की सुरक्षा के लिये NGT द्वारा कोई निर्देश नहीं दिये गये हैं। अत: शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ख) भोपाल शहर के अरेरा कालोनी E-6, E-7 सेक्टर में मार्गों के किनारे राजधानी परियोजना प्रशासन वनमण्डल वर्तमान में पर्यावरण वानिकी वनमण्डल, भोपाल द्वारा वर्ष 2023 के पूर्व किये गये वनीकरण तथा पौधारोपण के क्षेत्रों को अप्रैल 2023 में राजधानी मंडल लोक निर्माण विभाग, निर्माण संभाग क्र. 2 भोपाल एवं नगर निगम भोपाल को सुरक्षा एवं रख-रखाव हेतु हस्तांतरित किया जा चुका है। क्षेत्र हस्तांतरण करते वक्त इन क्षेत्रों में फेंसिंग तोड़ने तथा उसमें व्यवसायिक रुप से अतिक्रमण करने के कोई मामले नहीं थे। अत: शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) भोपाल के AQI में बढ़ोतरी होने के लिये वृक्षारोपण तथा लगे हुए पेड़ो की सुरक्षा के दृष्टिगत पर्यावरण वानिकी वनमंडल अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2025-26 में कुल 8600 नये पौधों का रोपण किया गया है। विगत 05 वर्षों में लगाए गए कुल 159533 पौधों, 12 पार्क/नगर वन कुल क्षेत्रफल 353.866 हेक्टेयर क्षेत्र तथा भोज वेट लैंड क्षेत्र के अंतर्गत किये गये वृक्षारोपण क्षेत्रों की सुरक्षा एवं रखखाव का कार्य किया जा रहा है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में कुल राशि रु.784.32 लाख का वित्तीय प्रावधान है। वर्ष 2026-27 हेतु वित्तीय प्रावधान के लिये APO तैयार किया जा रहा है। (घ) प्रश्नाधीन क्षेत्र वन विभाग के प्रबंधन एवं नियंत्रण में नहीं होने से प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
थानों में पुलिस बल की कमी की पूर्ति
[गृह]
26. ( क्र. 490 ) श्री आरिफ मसूद : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) संपूर्ण भोपाल जिले में कुल कितना जिला पुलिस बल उपलब्ध है। निरीक्षक से लेकर आरक्षक तक के पदवार संख्या सहित पृथक-पृथक जानकारी उपलब्ध करावें। (ख) प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्य में नगरीय क्षेत्र भोपाल के समस्त थानों/चौकी में कितना-कितना बल शासन द्वारा स्वीकृत है। थानों/ चौकियों सहित स्वीकृत बल एवं वर्तमान में उपलब्ध बल की जानकारी उपलब्ध करावें। (ग) प्रश्नांश (ख) के परिप्रेक्ष्य में रक्षित केन्द्र भोपाल में 03 वर्ष से अधिक समय से पदस्थ अधिकारी/कर्मचारियों (निरीक्षक से आरक्षक) तक की पदवार जानकारी उपलब्ध करावें। (घ) क्या रक्षित केन्द्र में पदस्थ बल से शीघ्र ही थानों/चौकियों में कमी बल की पूर्ति की जावेगी यदि हाँ तो कब तक जानकारी उपलब्ध करावें।
मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) भोपाल (नगरीय/ग्रामीण) जिला अंतर्गत निरीक्षक से आरक्षक की पदवार उपलब्ध बल की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ अनुसार। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ब अनुसार। (ग) रक्षित केन्द्र भोपाल में 03 वर्ष से अधिक समय से पदस्थ अधिकारी/कर्मचारियों की पदवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-स अनुसार। (घ) विभाग में स्थानांतरण शासन द्वारा जारी स्थानांतरण नीति के अनुसार उचित स्तरों पर परीक्षण एवं उपयुक्तता के आधार पर कानून व्यवस्था के दृष्टिकोण से किये जाते है, जो एक निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है। जिसकी समय-सीमा बताई जाना संभव नहीं है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
संरक्षित वन की अधिसूचना
[वन]
27. ( क्र. 527 ) कुँवर अभिजीत शाह : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रश्न क्रमांक 758 दिनांक 5 जुलाई 2024 एवं प्रश्न क्रमांक 80 दिनांक 02/12/2025 में बताई गई संरक्षित वन की अधिसूचनाओं में अधिसूचित की गई भूमियों में से वनखण्ड के बाहर छोड़ी, भूमियों को भा.व.अ.1927 की धारा 34अ के अनुसार डीनोटीफाईड किए जाने की अधिसूचनाएं वन मुख्यालय एवं वन मंडल में उपलब्ध है। (ख) यदि हाँ तो संरक्षित वन की किस दिनांक को प्रकाशित अधिसूचना में कितने ग्रामों की कितनी भूमि एवं कितने ग्रामों की समस्त भूमि अधिसूचित की गई, इनमें से किस दिनांक को कितने ग्रामों की कितनी भूमि एवं कितने ग्रामों की समस्त भूमि धारा 34अ में अधिसूचित की गई। (ग) धारा 29 एवं धारा 34अ में अधिसूचित की गई भूमियों में से कितनी भूमि की धारा 5 से 19 तक की जांच वर्तमान में भी लम्बित है।
मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जी हाँ। (ख) संबंधित अधिसूचनाएं वन विभाग की अधिकारिक वेबसाईट https://mpforest.gov.in पर सूचना का अधिकार के तहत "विभाग की अधिसूचनाओं एवं जी.आई.एस. डाटा से सम्बंधित जानकारी" के अंतर्गत Public Domain पर उपलब्ध है। अधिसूचनाओं में ग्रामवार विवरण उल्लेखित है। (ग) भारतीय वन अधिनियम, 1927 कीधारा 29 एवं धारा 34अ में अधिसूचित की गई भूमियों में धारा 5 से 19 की कार्यवाही नहीं की जाती है।
पेंशन योजना का लाभ
[वित्त]
28. ( क्र. 528 ) कुँवर अभिजीत शाह : क्या उप मुख्यमंत्री, वित्त महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या केन्द्र सरकार के द्वारा राष्ट्रीय पेंशन योजना की अधिसूचना जारी होने के दिनांक के पूर्व कर्मिकों की भर्ती हेतु विज्ञापित पदों के सापेक्ष भर्ती किये गये कार्मिकों को पुरानी पेंशन योजना का लाभ दिये जाने का विकल्प दिया गया है और उन्हें यह लाभ दिया जा रहा है। यदि हाँ, तो मध्य प्रदेश शासन द्वारा उक्त लाभ प्रदेश के कर्मचारियों को कब तक दिया जावेगा? यदि नहीं तो क्यों? कारण बतावें। (ख) क्या प्रश्नांश (क) अनुसार मध्य प्रदेश के कार्मिकों द्वारा भी पुरानी पेंशन योजना की मांग की जा रही है? क्या जनप्रतिनिधियों द्वारा भी कर्मचारियों के समर्थन में शासन को पत्र लेख कर अनुरोध किया गया है? क्या मांग पूरी न होने के कारण कर्मचारियों द्वारा माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर में रिट याचिका दायर की गई है? यदि हाँ? तो क्या उसका उत्तर नियुक्त प्रभारी अधिकारी के द्वारा प्रस्तुत कर दिया गया है? यदि नहीं तो क्यों? विलंब के लिए कौन दोषी है? दोषी अधिकारी के विरूद्ध क्या कार्यवाही की गई?
उप मुख्यमंत्री, वित्त ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) जी हाँ। संविधान के प्रावधानों के अनुसार राज्य सरकार अपने कार्मिकों के संबंध में उपलब्ध वित्तीय संसाधन एवं अन्य प्राथमिकताओं के दृष्टिगत यथासमय उचित निर्णय लेता है। वर्तमान में तदाशय का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। (ख) विभिन्न माध्यमों से प्रदेश के अधिकारी/कर्मचारियों को उक्त लाभ दिये जाने विषयक के आवेदन प्राप्त हुये है, जो कि एक सतत् प्रक्रिया है। वर्तमान में उक्त संबंध में कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। राज्य शासन अपने वित्तीय संसाधनों एवं अन्य प्राथमिकताओं के दृष्टिगत कर्मचारी हित में समय-समय पर उचित निर्णय लेता है। संविधान के प्रावधानों के अनुसार नागरिक अपनी मांगों के संबंध में माननीय न्यायालय में वाद प्रस्तुत करने हेतु स्वतंत्र है। न्यायालयीन प्रकरणों में राज्य शासन द्वारा प्रभारी अधिकारी नियुक्त कर नियत समयावधि में प्रचलित नियम/ नीति के दृष्टिगत जवाबदावा प्रस्तुत किया जाता रहा है। शेष का प्रश्न नहीं उठता।
जहरीली शराब के विरूद्ध कार्यवाही
[वाणिज्यिक कर]
29. ( क्र. 572 ) श्री महेश परमार : क्या उप मुख्यमंत्री, वाणिज्यिक कर महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दिनांक 01.01.2023 से प्रश्न दिनांक तक प्रदेश के किन-किन जिलों से जहरीली शराब की गंभीर शिकायतें प्राप्त हुए हैं और कितने लोग उसे पीकर मरे है? वर्षवार जिलेवार संख्या बताए। (ख) चालू वित्तीय वर्ष में जबलपुर जिले में जहरीली शराब की दैनिक भास्कर में प्रकाशित ख़बर के विरूद्ध आबकारी विभाग के अधिकारियों ने क्या-क्या कार्यवाही की जानकारी उपलब्ध कराए? (ग) आबकारी अधिनियम की धारा 48 क्या है? प्रश्नांश (ख) की अवधि अनुसार प्रदेश के कितने जिलों में आबकारी विभाग के अधिकारियों के द्वारा आबकारी अधिनियम की धारा 49 के विरूद्ध कार्यवाही की गई है? क्या इस धारा के अंतर्गत आबकारी विभाग द्वारा प्रकरण दर्ज नहीं किए जा रहे है? (घ) क्या आबकारी आयुक्त के द्वारा इस धारा अंतर्गत कार्यवाही नहीं होने की समीक्षा की गई? यदि हाँ तो कितने अधिकारियों के विरूद्ध कार्यवाही की गई? यदि समीक्षा नहीं की गई तो क्या यह आबकारी आयुक्त का दायित्व नहीं है? (ड.) एम.आर.पी. से अधिक रेट पर शराब बिक्री के कारण क्या जहरीली शराब ज़्यादा सस्ते रेट पर उपलब्ध हो रही है? इस वित्तीय वर्ष में एम.आर.पी. से अधिक रेट पर शराब बिक्री की शिकायत सबसे अधिक किस जिले से आ रही है और सरकार ने उस पर क्या कार्यवाही की जानकारी देवें।
उप मुख्यमंत्री, वाणिज्यिक कर ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) दिनांक 01.01.2023 से प्रश्न दिनांक तक प्रदेश में जहरीली शराब की गंभीर शिकायत के संबंध में 19 शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिसकी जिलेवार/वर्षवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-एक अनुसार है। शेष प्रश्नांश जहरीली शराब के सेवन से किसी भी व्यक्ति की मृत्यु नहीं होने से जानकारी निरंक है। (ख) वर्तमान वित्तीय वर्ष में जबलपुर जिले में जहरीली शराब की दैनिक भास्कर में प्रकाशित ख़बर के संबंध में जिला जबलपुर में अधिकारियों के गठित जांच दल द्वारा सिंधी कैम्प क्षेत्र में जाकर रहवासियों से सम्पर्क किया तथा विधिवत् पंचनामें/वीडियो तैयार किये गये हैं, जिसमें सिंधी कैम्प क्षेत्र में मृतकों के परिजनों द्वारा विधिवत् बयान दिये गये है कि कारित मृत्यु शराब के अत्यधिक सेवन तथा स्वास्थ्यगत एवं अन्य कारणों से हुई हैं। इसके अतिरिक्त कुछ लोगों की मृत्यु दुर्घटना/आत्महत्या करने के कारण हुई है। थाना प्रभारी हनुमानताल जबलपुर द्वारा अपने पत्र क्रमांक-1621/25, दिनांक 31-12-2025 के माध्यम से अवगत कराया है कि हनुमानताल क्षेत्र अंतर्गत विगत 05 वर्षों में जहरीली शराब के सेवन से किसी भी व्यक्ति की मृत्यु होने संबंधी एफ.आई.आर./मर्ग का प्रकरण थाना हनुमानताल के अभिलेखों में पंजीबद्ध नहीं हुआ है। कम्पोजिट मदिरा दुकान सिंधी कैम्प में संग्रहित मदिरा के सैम्पल का परीक्षण किये जाने हेतु निदेशक क्षेत्रीय न्यायालयिक विज्ञान प्रयोगशाला, जबलपुर की ओर भेजा गया। निदेशक क्षेत्रीय न्यायालयिक विज्ञान प्रयोगशाला, जबलपुर की जांच रिपोर्ट दिनांक 08-01-2026 अनुसार मदिरा के सैम्पल में हानिकारक तत्व अनुपस्थित पाये गये। जबलपुर जिले में जहरीली शराब की दैनिक भास्कर में प्रकाशित खबर जांच उपरांत असत्य/ भ्रामक पाई गई है। (ग) मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम 1915 की धारा 48 में ''अपराधों का शमन करने और शास्ति अधिरोपित करने की शक्ति'' आबकारी आयुक्त एवं कलेक्टर को प्रदत्त हैं। मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम 1915 की धारा 49 तंग करने वाली तलाशी अभिग्रहण, निरोध या गिरफ्तारी करने वाले अफसरों के लिये शास्ति, का कोई प्रकरण प्रकाश में नहीं आने से जानकारी निरंक है। (घ) प्रश्नांश (ग) में वर्णित उत्तर के परिप्रेक्ष्य में किसी अधिकारी के विरूद्ध कोई कार्यवाही किये जाने की स्थिति निर्मित नहीं होने से जानकारी निरंक है। (ड.) यह कहना सही नहीं है कि एम.आर.पी. से अधिक रेट पर शराब बिक्री के कारण जहरीली शराब ज़्यादा सस्ते रेट पर उपलब्ध हो रही है। इस वित्तीय वर्ष में एम.आर.पी. से अधिक रेट पर शराब बिक्री की शिकायत सबसे अधिक जिला जबलपुर में 1041, जिला भोपाल में 857, जिला पन्ना 736, जिला रतलाम में 419, जिला सतना में 404, जिला अनूपपुर में 380, जिला शिवपुरी में 328, जिला भिण्ड में 297, जिला अशोकनगर में 290, जिला इन्दौर में 261, जिला बालाघाट में 258, जिला सागर 242 एवं जिला सिंगरौली में 183 प्राप्त हुई हैं, जिसकी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-दो अनुसार है। एम.आर.पी. से अधिक रेट पर मदिरा का विक्रय की पुष्टि होने पर, संबंधित लायसेंसियों के विरूद्ध प्रकरण पंजीबद्ध किया जाकर मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण) क्रमांक 47 दिनांक 14.02.2025 की कण्डिका 22 के प्रावधान अनुसार कार्यवाही की जाती है।
हाईकोर्ट में सिवनी जिले के विचाराधीन प्रकरण
[सामान्य प्रशासन]
30. ( क्र. 576 ) श्री दिनेश राय मुनमुन : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सिवनी जिले के विभिन्न विभागों में हाईकोर्ट जबलपुर में पदोन्नति में आरक्षण एवं अन्य कारणों से संबंधित ऐसे कितने प्रकरण विचाराधीन है, जिनमें प्रदेश सरकार, कलेक्टर सिवनी एवं विभाग प्रमुख पक्षकार है? प्रकरण क्रमांक, प्रकरण दिनांक, वादी/प्रतिवादी नाम सहित विभागवार देवें। इनमें कब-कब तारीखें लगी? प्रकरणवार, प्रकरण क्रमांक सहित विभागवार उपलब्ध करायें। (ख) इन प्रकरणों में शासन जिला कलेक्टर सिवनी एवं विभाग प्रमुख की ओर से कितने अधिवक्ताओं ने पैरवी की? ये कब-कब उपस्थित/अनुपस्थित रहे प्रकरणवार, प्रकरण क्रमांक सहित बतावें। इन्हें किये भुगतान की जानकारी अधिवक्ता नाम, राशि, दिनांक सहित देवें। (ग) इन सभी प्रकरणों की अद्यतन स्थिति विभागवार, प्रकरणवार देवें। (घ) प्रश्नांश ''ख'' के संबंध में अधिवक्ताओं को किये गये भुगतान की छायाप्रति संलग्न करते हुये यह स्पष्ट करें कि क्या शासकीय अधिवक्ताओं को भुगतान किये जाने का प्रावधान है? यदि हाँ, तो दिशा-निर्देशों की छायाप्रति उपलब्ध करावें। यदि नही, तो किस नियम के तहत इन्हें भुगतान किया गया है? स्पष्ट करें।
मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट - 'अ' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट - 'ब' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट - 'स' अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट - 'द' अनुसार है। जी हॉं, निर्देश की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट – 'इ' अनुसार है। निगम, मंडल, परिषद, उपक्रम आदि संस्थाओं के प्रकरणों में उनके द्वारा पृथक से दर निर्धारित किया जाने का प्रावधान है।
शासकीय मान्यता प्राप्त अधिकारी/कर्मचारी संगठनों की जानकारी
[सामान्य प्रशासन]
31. ( क्र. 577 ) श्री दिनेश राय मुनमुन : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या शासन ने प्रदेश के शासकीय कार्यालयों एवं संस्थाओं में कार्यरत अधिकारियों एवं कर्मचारियों के संगठनों को मान्यता प्रदान की है? यदि हॉ, तो प्रश्न दिनांक तक प्रदेश में कार्यरत समस्त शासकीय मान्यता प्राप्त संचालित संगठनों के वर्तमान प्रांत अध्यक्ष एवं सचिव सहित संगठन का नाम, पता एवं मान्यता की प्रतियों सहित सूची प्रदान करें। (ख) क्या शासकीय मान्यता प्राप्त कर्मचारी संगठनों पर पदाधिकारियों अध्यक्ष, सचिव एवं कोषाध्यक्ष को शासन द्वारा कोई विशेष सुविधाएं प्रदान की जाती है? यदि हाँ, तो इस संबंध में जारी शासनादेश की प्रतियां प्रदान करें। (ग) क्या शासन द्वारा शासकीय मान्यता प्राप्त कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारियों के साथ कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान हेतु अधिकारियों एवं कर्मचारियों की संयुक्त परामर्शदात्री समिति की बैठकों के आयोजन संबंधी आदेश/निर्देश जारी किये गये है? यदि हाँ, तो उक्त बैठकों में प्राप्त समस्याओं का निराकरण प्रांत स्तर एवं जिले स्तर पर किस स्तर के अधिकारी द्वारा किया जाता है? नियम/आदेश की प्रति उपलब्ध कराते हुये बतायें कि जबलपुर संभाग के समस्त विभागों में विगत एक वर्ष में परामर्शदात्री समिति की बैठकें कब-कब आयोजित की गई? बैठकों के आयोजन संबंधी पत्रों की प्रतियां एवं बैठकों में प्राप्त समस्याओं एवं उनके निराकरण की अद्यतन स्थिति की जानकारी देवें।
मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-01 अनुसार है। (ख) जी हाँ शासन के निर्देशों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-02 अनुसार है। (ग) जी हाँ। परामर्शदात्री समिति की बैठकों के संबंध में जारी परिपत्र क्रमांक 2253/1199/1 (3) /70 दिनांक 19 दिसम्बर, 1970 एवं आयुक्त, जबलपुर संभाग की बैठकों से संबंधित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-03 अनुसार है।
परसवाड़ा वन मण्डल अंतर्गत निर्माण कार्य
[वन]
32. ( क्र. 581 ) श्री मधु भगत : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्नकर्ता के विधानसभा क्षेत्र क्र. 110 परसवाड़ा अंतर्गत आने वाले समस्त वन मण्डलों में वर्ष 2024-25 से प्रश्न दिनांक तक क्या-क्या निर्माण कार्य कराये जा रहे हैं? किन-किन निर्माण कार्यों की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदाय की गई हैं? सूची सहित निर्माण कार्यों की जानकारी उपलब्ध करावें। (ख) विधानसभा अंतर्गत आने वाले समस्त वन मण्डलों के रेन्ज में किन-किन ग्राम पंचायतों के किन-किन स्थानों पर पोल फेन्सिंग का कार्य किया गया है, किये गये पोल फेन्सिंग कार्य में कितने टन फेन्सिंग जाली/काटा तार का उपयोग किया गया है निविदा के कार्यादेश प्राक्कलन नक्शा खसरा सहित किये गये भुगतान के बिल वाऊचर व स्टॉक पंजी सहित समस्त दस्तावेज की सत्यापित प्रति उपलब्ध करावें? (ग) विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत आने वाले समस्त वन मण्डलों के रेंज के किस-किस स्थानों पर प्लान्टेशन का कार्य किया गया है कितना लक्ष्य विभाग द्वारा दिया गया था? कितना प्लान्टेशन का कार्य किया गया, प्लान्टेशन के लिये कितने गड्ढे खोदने का प्रावधान था एवं कितने गड्ढे खोदकर पेड़ लगाये गये, उक्त कार्यों का विभाग द्वारा कितना भुगतान किया गया, बिल वाऊचर सहित कार्य स्थल के पंचनामे के दस्तावेज एवं उक्त कार्यों के समस्त दस्तावेज उपलब्ध करावें? (घ) विधानसभा क्षेत्र में समस्त वन मण्डलों में विभाग द्वारा कराये जा रहे निर्माण कार्य एवं अस्थाई सुदूर वन क्षेत्र में सड़क निर्माण कार्य में हुये खर्च राशि की ग्रामवार सूची उपलब्ध करावें?
मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-1 अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-2 अनुसार है। कार्यादेश प्राक्कलन नक्शा खसरा सहित किये गये भुगतान बिल वाउचर, स्टाक पंजी सहित समस्त दस्तावेज की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-3 अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-4 अनुसार है। भुगतान किये गये बिल वाउचर की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-5 अनुसार है। कार्य स्थल के पंचनामे के संबंध में कोई प्रावधान नहीं है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-6 अनुसार है।
लोकायुक्त संगठन में लंबित प्रकरण
[सामान्य प्रशासन]
33. ( क्र. 595 ) श्री भंवर सिंह शेखावत : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में लोकायुक्त संगठन में वर्ष 2022-23 से वर्तमान तक कुल कितने प्रकरण प्राप्त हुए हैं? (ख) प्रश्नांश (क) के सन्दर्भ में उक्त अवधि में कितने प्रकरणों का निराकरण किया गया तथा कितने प्रकरण वर्तमान में लंबित हैं? (ग) प्रश्नांश (ख) के सन्दर्भ में कितने प्रकरणों में दोष सिद्ध हो पाया तथा उनके विरूद्ध क्या कार्यवाही प्रस्तावित की गई? अवगत करावे। (घ) प्रश्नांश (ग) के सन्दर्भ में लंबित प्रकरणों के शीघ्र निराकरण हेतु शासन द्वारा क्या कार्ययोजना एवं समय-सीमा निर्धारित की गई है? यदि हाँ, तो उसका विवरण दे।
मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) संगठन में वर्ष 2022-23 से वर्तमान तक 1884 शिकायतें पंजीबद्ध हुई हैं एवं विशेष पुलिस स्थापना में 1063 आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध किए गए हैं। (ख) उत्तरांश ''क'' के संदर्भ में शिकायत एवं जांच शाखा तथा तकनीकी शाखा द्वारा उक्त अवधि में 1592 जांचोपरांत निराकृत किए गए हैं। शिकायत एवं जांच शाखा में 1291 तथा तकनीकी शाखा के 88 प्रकरण, कुल 1379 जांचाधीन हैं। साथ ही लोकायुक्त संगठन की विशेष पुलिस स्थापना द्वारा उक्त अवधि में पंजीबद्ध 1063 आपराधिक प्रकरणों में से 393 प्रकरणों की विवेचना पूर्ण की जाकर निराकरण किया गया जिनमें 134 प्रकरण अभियोजन स्वीकृति में 39 प्रकरण में चालानी कार्यवाही में, 208 प्रकरणों में चालान माननीय न्यायालय में पेश किए गए, 12 प्रकरण माननीय न्यायालय में खात्मा पेश/आरोपी की मृत्यु/उन्मोचित प्रकरण शामिल हैं तथा शेष 670 प्रकरण वर्तमान में विवेचनाधीन हैं। (ग) उत्तरांश ''ख'' के संदर्भ में शिकायत एवं जांच शाखा में 146 तथा तकनीकी शाखा के 07 इस प्रकार उक्त अवधि में कुल 153 प्रकरणों में अनुशासनात्मक कार्यवाही अधिरोपित की गई है। शिकायत एवं जांच की पहल पर उक्त अवधि में राशि रूपये 20,97,17,905/- (बीस करोड़ सन्तानवें लाख सत्रह हजार नौ सौ पांच मात्र) की वसूली की गई है। साथ ही लोकायुक्त संगठन की विशेष पुलिस स्थापना में उक्त अवधि में माननीय न्यायालयों में चालान पेश किए गए जिनमें 208 प्रकरणों में से 07 प्रकरणों में आरोपीगण के विरूद्ध माननीय न्यायालय में दोष सिद्ध हुए हैं तथा उन प्रकरणों में से संबंधित आरोपीगण के विरूद्ध सामान्य प्रशासन विभाग के परिपत्र क्रमांक सी-6-2/98/3/1 दिनांक 26.05.1998 अनुसार अनुशासनात्मक कार्यवाही करने हेतु लेख किया गया है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। परिपत्र दिनांक 23.12.2024 में समय-सीमा निर्धारित होने से शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता है।
गुमशुदा बालिकाओं और महिलाओं की एफ.आई.आर.
[गृह]
34. ( क्र. 608 ) श्री विपीन जैन : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) 1 जनवरी 2023 से प्रश्न दिनांक तक मंदसौर जिले में कितनी बालिकाओं और महिलाओं की गुमशुदगी की एफ.आई.आर. दर्ज हुई है, वर्षवार संख्यात्मक जानकारी देवें? (ख) प्रश्नांश (क) वर्णित समय अवधि में कितने मामलो में सफलता प्राप्त की गई है और कितने शेष हैं वर्षवार संख्यात्मक जानकारी देवें।
मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) एवं (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है।
सहायक ग्रेड 3 कर्मचारियों को सीपीसीटी परीक्षा में छूट
[सामान्य प्रशासन]
35. ( क्र. 622 ) श्री नारायण सिंह पट्टा : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सामान्य प्रशासन विभाग अंतर्गत जबलपुर व सागर संभाग के समस्त विभागों में अनुकम्पा नियुक्ति में पदस्थ सहायक ग्रेड-3 में कितने कर्मचारियों की नियुक्ति की गयी है? कौन-कौन से विभाग में कितने कर्मचारियों को सीपीसीटी योग्यता पूर्ण नहीं होने के कारण सेवा से बर्खास्त किया गया है? विभागवार जानकारी प्रदान की जावे? (ख) सामान्य प्रशासन विभाग के पत्र क्रमांक/44/सी-3-6/91/3-1, दिनांक 16 जनवरी 1992 के अनुसार क्या 40 वर्ष एवं सामान्य प्रशासन विभाग के पत्र क्रमांक एपसी 3-35/84-3/1 भोपाल दिनांक 15 नवम्बर 1984 अनुसार 45 वर्ष पूर्ण होने के उपरांत अनुकम्पा नियुक्ति में पदस्थ सहायक ग्रेड-3 को मुद्रलेखन की छूट के आधार पर सीपीसीटी परीक्षा की छूट को समाप्त कर परीविक्षा अवधि समाप्त की गयी यदि हाँ तो विभागवार जानकारी देवे? (ग) क्या संचालनालय किसान कल्याण तथा कृषि विभाग मध्यप्रदेश के आदेश क्रमांक/अ-2-6/स्था./ परीविक्षा/रीवा–303/2016/661 भोपाल दिनांक 13 मार्च 2023 द्वारा 40 वर्ष पूर्ण होने के उपरांत कर्मचारियों को सीपीसीटी परीक्षा से छूट देकर परीविक्षा अवधि समाप्त कर नियमित किया गया है एवं इसी प्रकार अन्य विभागों में भी 40 वर्ष पूर्ण होने के उपरांत कर्मचारियों को सीपीसीटी परीक्षा से छूट देकर परीविक्षा अवधि समाप्त कर नियमित किया गया है तो अन्य विभाग में अनुकम्पा नियुक्ति में पदस्थ सहायक ग्रेड-3 के कर्मचारियों को सीपीसीटी परीक्षा से छूट प्रदान कर परीविक्षा अवधि को समाप्त कर नियमित करने की कार्यवाही क्यों नहीं की जा रही है, कारण बतावें? कब तक कार्यवाही की जावेगी? विभागवार जानकारी प्रदान करें?
मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) कार्यालय संभागीय आयुक्त सागर के राजस्व स्थापना में कुल 07 कर्मचारियों को सहायक ग्रेड-3 के पद पर अनुकम्पा नियुक्ति प्रदान की गई। कार्यालय में किसी भी कर्मचारी को सेवा से बर्खास्त नहीं किया गया है। जानकारी एकत्रित की जा रही है। (ख) जी नहीं। (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।
अनुकम्पा नियुक्ति के लिये लंबित कार्यवाही
[सामान्य प्रशासन]
36. ( क्र. 633 ) श्री कालु सिंह ठाकुर : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) धार जिला अंतर्गत अनुकम्पा नियुक्ति के कितने प्रकरण लंबित है? विभागवार, नाम सहित जानकारी बतावें? (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार कौन-कौन से कार्यालय में कौन-कौन से प्रकरण लंबित है? जानकारी दें। (ग) इन प्रकरणों में कौन-कौन से प्रकरण कब से लंबित है और किस कारण और कब तक निराकरण कर लिए जायेंगे जानकारी दें? (घ) धार जिले में प्रश्न दिनांक तक तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के नियमित और संविदा के कितने पद रिक्त है? विभागवार जानकारी दें।
मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) एवं (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'अ' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'स' अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'ब' अनुसार है।
लोक ऋण की जानकारी
[वित्त]
37. ( क्र. 639 ) श्री पंकज उपाध्याय : क्या उप मुख्यमंत्री, वित्त महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या 2021-22 से 2023-24 के तीन वर्षों में क्रमशः 46284.98 करोड़, 58867.32 करोड़ तथा 65180.02 करोड़ लोक ऋण लिया गया। इन तीन वर्षों में कुल लोक ऋण 170332.32 करोड़ किन-किन कार्यों में खर्च किया गया। प्रमुख 10 कार्य तथा उन पर, लोक ऋण की राशि के व्यय की जानकारी दें। वर्ष 2024-25 तथा अप्रैल 2025 से जनवरी 2026 तक किस-किस लोक ऋण मद में कितना-कितना ऋण लिया गया। (ख) वर्ष 2022-23 में 20 हजार करोड़ ब्याज तथा 22 हजार करोड़ ऋण, कुल 42 हजार करोड़ तथा वर्ष 2023-24 में 23 हजार करोड़ ब्याज तथा 22 हजार करोड़ ऋण, कुल 45 हजार करोड़ का भुगतान क्या लोक ऋण से किया गया। वर्ष 2024-25 तथा अप्रैल 2025 से जनवरी 2026 तक कितना ब्याज तथा ऋण का भुगतान किया गया। (ग) प्रश्नांश (क) और (ख) अनुसार बताएं कि वर्ष 2021-22 से 2024-25 तक किस-किस दिनांक को कितना ऋण किस लोक ऋण मद में लिया गया तथा किस-किस दिनांक को कितना ब्याज तथा कितना-कितना लोक ऋण का पुनर्भुगतान किया गया। (घ) वर्ष 2021-22 से 2024-25 तक कुल बजटीय राजस्व प्राप्तियां तथा वास्तविक प्राप्तियाँ कितनी है। इन वर्षों में लिया गया कुल लोक ऋण, ब्याज तथा लोक ऋण का भुगतान, वास्तविक राजस्व प्राप्तियां का कितना-कितना प्रतिशत है?
उप मुख्यमंत्री, वित्त ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) (1) राज्य शासन पर लोक ऋण की विस्तृत जानकारी भारत के नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक द्वारा अंकेक्षित वित्तीय वर्ष 2021-22 से 2023-24 तक की स्थिति में वित्त लेखे खंड-II के विवरण पत्रक संख्या 17 पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-1 अनुसार तथा वेबसाईट www.cag.gov.in पर उपलब्ध है। (2) तीन वर्षों में राज्य शासन द्वारा लिए गए ऋण के पूंजीगत कार्यों में व्यय की जानकारी भारत के नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक के वित्त लेखे 2021-22 से 2023-24 में विवरण पत्रक संख्या 16 में पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-2 अनुसार तथा वेबसाईट www.cag.gov.in पर उपलब्ध है। (3) वर्ष 2024-25 में लोक ऋण की जानकारी मध्यप्रदेश सरकार के वित्त लेखे खंड-II के विवरण पत्रक संख्या 17 तथा वर्ष 2025-26 में लोक ऋण की अनुमानित जानकारी वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट साहित्य के वित्त सचिव के स्मृति पत्र अनुसार बजट के सार में पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-3 अनुसार हैं। (ख) जी नहीं। ब्याज का भुगतान लोक ऋण से नहीं किया जाता। लोक ऋण राशि का पूर्ण उपयोग प्रदेश के अधोसंरचना विकास में किया जाता है। (ग) वर्ष 2021-22 से 2023-24 तक के लेखा की जानकारी मध्यप्रदेश शासन के बजट साहित्य की मांग संख्या ''भारित विनियोग-ब्याज की अदायगी और ऋण सेवा, मांग संख्या'' भारित विनियोग लोक ऋण वर्ष 2023-24, 2024-25 तथा 2025-26 की बजट पुस्तिका में लेखा अंतर्गत तथा वर्ष 2024-25 के पुनरीक्षित अनुमान अंतर्गत पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार तथा वेबसाईट www.finance.gov.in पर उपलब्ध है। (घ) वित्तीय वर्ष 2021-22 से 2024-25 तक कुल बजटीय राजस्व प्राप्तियां तथा वास्तविक प्राप्तियों की जानकारी बजट साहित्य के 'वित्त सचिव के समृति पत्र' में बजट के सार में पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-4 अनुसार है। इन वर्षों में लिए गए कुल लोक ऋण, ब्याज तथा लोक ऋण भुगतान का वास्तविक राजस्व प्राप्ति का प्रतिशत पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-5 अनुसार है।
ई.ओ.डब्ल्यू. में दर्ज प्रकरणों की जानकारी
[सामान्य प्रशासन]
38. ( क्र. 640 ) श्री पंकज उपाध्याय : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) पूर्व विधायक पारस सकलेचा द्वारा आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ को शपथ पत्र सहित, नोटरी से प्रमाणित की गई, रतलाम की सिवरेज योजना में भ्रष्टाचार एवं आर्थिक अपराध की शिकायत दिनांक 11.6.2025, सलंग्न दस्तावेज 342 पृष्ठ, ईओडब्ल्यू आवक क्रमांक 1659/25/1548/2025 (1) को प्रमुख सचिव नगरीय विकास एवं आवास विभाग को परीक्षण हेतु क्यों भेजा गया? (ख) क्या पूर्व विधायक सकलेचा ने ईओडब्ल्यू को पत्र क्रमांक 403 दिनांक 12.8.2025 भेजकर बताया कि प्रमुख सचिव, नगरीय विकास एवं आवास विभाग को रतलाम सिवरेज में घोटाले की शिकायत 9/5/2025 को की गई थी, जिसका कोई उत्तर प्राप्त नहीं होने पर ईओडब्ल्यू में शिकायत की गई है। यदि हाँ तो बतावे कि शिकायत की जांच ईओडब्ल्यू द्वारा कराए जाने पर क्या निर्णय लिया गया। (ग) ईओडब्ल्यू को वर्ष 2020 से जनवरी 2026 तक भ्रष्टाचार एवं आर्थिक अपराध से जुड़ी कितनी शिकायतें प्राप्त हुई। कितनी शिकायत निराकृत की, कितनी शिकायत संबंधित विभाग को परीक्षण हेतु भेजी गई तथा कितनी शिकायत पर अपराध पंजीबद्ध किए गए, वर्षवार जानकारी दें। (घ) वर्ष 2020 से जनवरी 2026 तक ईओडब्ल्यू में पंजीबद्ध प्रकरणों में विभिन्न न्यायालयों में हुए फैसले में कितने प्रकरण में आरोपी को सजा हुई तथा कितने प्रकरण में आरोपी बरी किए गए। वर्षवार जानकारी दें।
मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ के द्वारा शिकायत आवक क्रमांक-1659/2025 एवं 1548/2025 को नगरीय विकास एवं आवास विभाग को प्रेषित करते हुए आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ से जॉंच कराए जाने के संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग के पत्र क्रमांक-एफ-22 (25) 92/1-10, दिनांक 02.11.1993 के अनुसार प्रस्ताव मॉंगा गया है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी हॉं, शिकायत आवेदन आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ में दि.19.08.2025 को प्राप्त हुआ है, जिसे आवक क्रमांक-863/2025 पर दर्ज किया गया है एवं उक्त शिकायत को आवक क्रमांक-1659/2025 एवं 1548/2025 में सम्मिलित किए जाने हेतु नगरीय विकास एवं आवास विभाग को भेजा गया है। (ग) एवं (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है।
रिक्त पदों की पूर्ति
[सामान्य प्रशासन]
39. ( क्र.
642 ) डॉ.
सतीश सिकरवार
: क्या
मुख्यमंत्री
महोदय यह
बताने की कृपा
करेंगे कि (क)
ग्वालियर
संभाग में
किन-किन
कार्यालयों
में किस-किस
संवर्ग
(श्रेणी) के
कितने-कितने
पद स्वीकृत
है। जानकारी
उपलब्ध कराई
जावें? (ख) प्रश्नांश
(क) में
उल्लेखित
स्वीकृत पदों
में प्रश्न
दिनांक तक
किस-किस
श्रेणी के पद
कब से रिक्त है, संवर्गवार/संख्यात्मक
जानकारी दी
जावें? (ग) प्रश्नांश (ख) में
अंकित रिक्त
पदों की
पूर्ति हेतु
शासन स्तर/संभाग/जिला
स्तर पर क्या
कार्यवाही की
गई, जानकारी
उपलब्ध कराई
जावें? (घ) प्रश्नांश (ग) में
अंकित रिक्त
पदों की
पूर्ति नहीं
किये जाने के
क्या कारण है
एवं रिक्त पदों
की पूर्ति कब
तक कर दी
जावेगी, समय-सीमा
बताई जावें?
मुख्यमंत्री
( डॉ. मोहन यादव ) : (क) से
(घ)
जानकारी
संकलित की जा
रही है।
जेल संदर्शकों की नियुक्ति
[जेल]
40. ( क्र. 643 ) डॉ. सतीश सिकरवार : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जेल संदर्शकों की नियुक्ति किये जाने के क्या प्रावधान है। शासन द्वारा जारी परिपत्र/निर्देशों की प्रति सहित जानकारी उपलब्ध कराई जावें? (ख) ग्वालियर एवं चम्बल संभाग अन्तर्गत केन्द्रीय जेल/उपजेल/सबजेल में वर्तमान में नियुक्त जेल संदर्शकों के नाम व पते सहित जानकारी दी जावें? (ग) यदि जेल संदर्शकों की नियुक्ति नहीं की गई तो क्यों? नियुक्ति नहीं किये जाने के लिये कौन जिम्मेदार है? त्रुटिकर्ताओं के विरूद्ध क्या कार्यवाही की गई, जानकारी उपलब्ध कराई जावें। (घ) क्या जेल संदर्शकों को जेलों का निरीक्षण/बैठक किये जाने के अधिकार है? यदि हां तो 1 जनवरी 2024 से वर्तमान के मध्य जेल संदर्शकों द्वारा कब-कब निरीक्षण/बैठकें की गई? निरीक्षण एवं आयोजित बैठकों की दिनांकवार जानकारी उपलब्ध कराई जावें? (ड.) संभागीय आयुक्त/जिला कलेक्टर्स को जेलों का निरीक्षण करने हेतु क्या समय-सीमा नियत है? इनके द्वारा कब-कब निरीक्षण किये गये, दिनांकवार जानकारी उपलब्ध कराई जावें।
मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) म.प्र. जेल नियमावली 1968 के नियम 814 से 817 तक जेल संदर्शकों संबंधी प्रावधान है। नियम की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ अनुसार है। (ख) ग्वालियर एवं चम्बल संभाग के अंतर्गत वर्तमान में जिला जेल, दतिया में अशासकीय संदर्शक नियुक्त है। श्री अजय दुबे पुत्र श्री ओमप्रकाश दुबे, निवासी-रिछरा फाटक, जिला- दतिया म.प्र.। अन्य जेलों की जानकारी निरंक है। (ग) निर्धारित प्रारूप में अनुशंसा सहित प्रकरण भेजने के निर्देश समस्त कलेक्टरों को जारी किए गए हैं। (घ) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ब अनुसार है। (ड.) मध्यप्रदेश जेल नियमावली 1968 के नियम 78 के अनुसार संभागीय आयुक्त अपने संभागों की जेलों का निरीक्षण कर सकेंगे तथा मध्यप्रदेश जेल नियमावली 1968 के नियम 82 के तहत जिला दण्डाधिकारी अथवा अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी अपने मुख्यालय की जेलों का 03 माह में 01 बार निरीक्षण कर सकेंगे। निरीक्षण की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-स अनुसार है।
शासकीय सेवकों को सेवावृद्धि
[सामान्य प्रशासन]
41. ( क्र. 644 ) डॉ. सतीश सिकरवार : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सेवानिवृत्त शासकीय सेवकों की सेवावृद्धि किये जाने के क्या प्रावधान है। शासन द्वारा जारी परिपत्र/निर्देशों की प्रति सहित जानकारी उपलब्ध कराई जावें? (ख) दिनांक 1 जनवरी 2023 से 31 दिसम्बर 2025 के मध्य प्रदेश में किस-किस संवर्ग के सेवानिवृत्त सेवकों की सेवावृद्धि कब-कब की गई? शासकीय सेवक का नाम/कार्यालय का नाम एवं सेवावृद्धि की अवधि सहित जानकारी उपलब्ध कराई जावें? (ग) वर्तमान में अधिकांश कार्यालयों में पद रिक्त है? क्या इन रिक्त पदों पर सेवानिवृत्त शासकीय सेवकों को नियुक्त किये जाने की कार्यवाही शासन स्तर पर विचाराधीन है? यदि हाँ तो इस संबंध में कब तक निर्णय लिया जावेगा, समय-सीमा बताई जावें।
मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) सामान्य प्रशासन विभाग के परिपत्र दिनांक 23.1.1999 अनुसार किसी भी शासकीय सेवक को सेवावृद्धि/पुनर्नियुक्ति नहीं दिये जाने का प्रावधान किया गया था। परिपत्र की प्रति संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) उत्तरांश (क) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) रिक्त पदों पर सेवानिवृत्त शासकीय सेवकों को नियुक्त किये जाने की कार्यवाही शासन स्तर पर विचाराधीन नहीं है। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता है।
विधायकों, सांसदों एवं जनप्रतिनिधियों के पत्रों पर कार्यवाही
[सामान्य प्रशासन]
42. ( क्र. 645 ) श्री मोहन सिंह राठौर : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या माननीय विधायकों, माननीय सांसदों एवं अन्य जनप्रतिनिधियों द्वारा शासन को एवं शासन के विभिन्न विभागों, जिलों को लिखे गए पत्रों पर की गई कार्यवाही से सम्बंधित माननीय विधायक, माननीय सांसदों एवं माननीय जनप्रतिनिधियों को अवगत कराये जाने के शासन के नियम/निर्देश है? यदि हाँ तो नियम निर्देशों की प्रति उपलब्ध करायें। (ख) प्रश्नकर्ता द्वारा जिला कलेक्टर, ग्वालियर एवं जिले के विभिन्न विभागों के जिला अधिकारियों को दिनांक 1 जनवरी 2025 से प्रश्न दिनांक तक लिखे गए पत्रों की विभागवार, विषयवार, माहवार जानकारी दें। (ग) प्रश्नांश (ख) में उल्लेखित पत्रों पर सम्बंधित विभाग के जिला अधिकारी द्वारा क्या कार्यवाही की गई है तथा की गई कार्यवाही से कब-कब एवं किस पत्र दिनांक से अवगत कराया गया है? पत्रवार जानकारी दें। (घ) यदि प्रश्नांश (ख) में उल्लेखित पत्रों पर प्रश्नांश ''ग'' अनुसार कार्यवाही नहीं की गई है तो क्यों नहीं? जनप्रतिनिधियों को पत्रों पर कार्यवाही नहीं करने, पत्र लिखने वाले जनप्रतिनिधियों को अगवत नहीं कराये जाने वाले अधिकारी के विरूद्ध प्रश्नांश (क) में उल्लेखित निर्देशों के अनुसार कार्यवाही की जायेगी? यदि हाँ तो क्या एवं कब तक? समय-सीमा बताएं।
मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) इस संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी निर्देशों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'अ' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'ब' अनुसार है। (ग) एवं (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।
बजट का अनियमित प्रक्रिया से व्यय
[वन]
43. ( क्र. 647 ) श्री मोहन सिंह राठौर : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वन विभाग ग्वालियर को वर्ष 2022-23 से प्रश्न दिनांक तक किस-किस मद में किस-किस कार्य हेतु कितना-कितना बजट मूल बजट एवं अनुपूरक बजट सहित प्राप्त हुआ? वर्षवार, मदवार एवं कार्यवार विवरण दें। (ख) प्रश्नांश ''क'' में प्राप्त बजट में से कौन-कौन से कार्यों पर व्यय करने के पूर्व वित्त विभाग की अनुमति आवश्यक थी? मदवार, कार्यवार, वर्षवार जानकारी दें। (ग) प्रश्नांश ''ख'' में राशि व्यय करने का दिनांक, व्हाउचर नंबर की प्रति एवं वित्त विभाग से ली गई अनुमति की प्रति कार्यवार उपलब्ध करायें। (घ) क्या जिले में निर्माण कार्यों, सिविल वर्क, अर्थवर्क, बाउण्ड्री निर्माण आदि के कार्य बिना एस्टीमेट बिना तकनीकी स्वीकृति, बिना प्रशासकीय स्वीकृति के कराया जाकर नियम विरूद्ध भुगतान किया गया है? यदि हाँ तो क्या ऐसा करने वाले अधिकारी के विरूद्ध कार्यवाही की जायेगी, यदि नहीं तो क्यों नहीं? (ड.) प्रश्नांश ''क'' अवधि में कराए गए कार्यों की कार्यवार, वर्षवार, एस्टीमेट, तकनीकी स्वीकृति, प्रशासकीय स्वीकृति एवं भुगतान स्वीकृतकर्ता अधिकारी की जानकारी दें।
मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-1अनुसार है। (ख) बजट विधानसभा से पारित होकर वित्त विभाग के माध्यम से वन विभाग को प्राप्त होकर व्यय किया जाता है। जिसके लिये पृथक से वित्त विभाग की अनुमति आवश्यक नहीं है। (ग) उत्तरांश (ख) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ड.) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-2 अनुसार है।
डी.एम.एफ.मद में व्यय और कार्यों की प्रगति
[खनिज साधन]
44. ( क्र. 652 ) श्री सिद्धार्थ सुखलाल कुशवाहा : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सतना जिला अंतर्गत दिनांक 01.04.2021 से प्रश्न तिथि के दौरान जिला खनिज मद (DMF) में वित्तीय वर्षवार कितनी-कितनी रकम कहां-कहां से (सोर्स) प्राप्त हुई? मदवार/राशिवार/वर्षवार सोर्सवार (जहां से प्राप्त हुई) जानकारी दें? (ख) प्रश्नांश (क) में वर्णित अवधि अनुसार उक्त DMF की प्राप्त राशि को किस-किस स्थान पर, किस-किस प्रकार के कितनी-कितनी राशि के, क्या कार्य करने हेतु, किस सक्षम बैठक में, किस सक्षम अधिकारी द्वारा अपने अधिकार का प्रयोग करते हुए आवंटित की? जारी सभी आवंटित आदेशों की एक-एक प्रति दें? (ग) प्रश्नांश (क) में वर्णित समयानुसार DMF की राशि को व्यय कर जो कार्य किए गए, की एजेंसी कौन-कौन, किस-किस कार्य हेतु थी? कार्यवार/एजेंसीवार जानकारी दें? (घ) प्रश्नांश (क) में वर्णित अवधि अनुसार फंड से कार्यों के भुगतान किस-किस व्यक्ति/फर्म/संस्था/अन्य को किन-किन कार्यों के, कहां-कहां के, कब-कब के, किस-किस मद में किए गये, की जानकारी उपलब्ध कराएं? सभी कार्यों की प्रश्नतिथि तक प्रगति कितने प्रतिशत है कि जानकारी प्रकरणवार/कार्यवार दें?
मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ पर है। (ख) प्रश्नांश अनुसार वर्णित अवधि में जिला खनिज प्रतिष्ठान की वित्तीय वर्ष 2021-22 की बैठक दिनांक 29/01/2022 को प्रभारी मंत्री की अध्यक्षता में, वित्तीय वर्ष 2022-23 की बैठक दिनांक 07/01/2023 को, वित्तीय वर्ष 2025-26 की बैठक दिनांक 07/05/2025 को कलेक्टर जिला सतना की अध्यक्षता में आयोजित की गयी थी। मध्यप्रदेश जिला खनिज प्रतिष्ठान नियम, 2016 में अधिसूचित नियमों के तहत प्रक्रिया का पालन करते हुए विभिन्न स्तर पर सक्षम अधिकारियों द्वारा अनुशंसा/अनुमति अनुसार कार्य स्वीकृत किये गये हैं। कार्य अनुसार, स्थानवार, राशिवार एजेन्सी सहित जानकारी का विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ब अनुसार है। जिस पर उल्लेखित कार्य के आवंटित आदेशों की प्रति पृथक-पृथक संलग्न कर प्रस्तुत है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ब पर है। (घ) प्रश्नांश (क) में वर्णित अवधि अनुसार जिला खनिज प्रतिष्ठान मद से कार्यों का भुगतान शासन से अधिकृत निर्माण एजेन्सियों से कराया जाता है। प्रश्न तिथि तक डी.एम.एफ. से स्वीकृत कार्यों की प्रगति की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ब पर है।
कोरोना योद्धा पदक से वंचित करने पर कार्यवाही
[गृह]
45. ( क्र. 658 ) श्रीमती अनुभा मुंजारे : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) कोरोना काल में ड्यूटी किये गये पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारियों को म.प्र. शासन गृह विभाग के पत्र क्रं-112/433/2020बी-3/दो दिनांक 1/02/2021 व पुलिस मुख्यालय के आदेश क्र-पु.मु/पी.एम.ए सेल/कोविड-19/245/21 दिनांक 12.08.2021 के द्वारा कितने पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारियों को कर्मवीर योद्धा पदक प्रदाय किया गया सूची उपलब्ध करावें? (ख) माननीय मंत्री एवं विधायक की सुरक्षा में पदस्थ अंगरक्षकों (P.S.O.) को कर्मवीर योद्धा पदक से वंचित क्यों रखा गया कारण दें? अंगरक्षकों की संख्या व नामवार जानकारी देवें। (ग) प्रश्नांश (ख) के आधार पर कोरोना काल में माननीय मंत्री एवं विधायक की सुरक्षा ड्यूटी में पदस्थ अंगरक्षकों (P.S.O.) को कर्मवीर योद्धा पदक प्रदाय किये जाने का आदेश कब तक जारी किया जावेगा समय-सीमा बताइए? नहीं दिया जावेगा तो क्यों?
मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे गये परिशिष्ट-अ अनुसार है। (ख) कोविड-19 महामारी के दौरान जिन पुलिस अधिकारियों/कर्मचारियों द्वारा संभावित संक्रमण स्थानों पर कार्य करने वाले अधिकारियों/कर्मचारियों को कर्मवीर योद्धा पदक से सम्मानित करने हेतु उनकी इकाइयों से प्राप्त प्रस्तावों के आधार पर अनुमोदन उपरान्त दिनांक 12.08.2021 को कर्मवीर योद्धा पदक के आदेश जारी किये गये। जिन अधिकारियों/कर्मचारियों के प्रस्ताव समय-सीमा में प्राप्त नहीं हुये उनका नाम कर्मवीर योद्धा पदक हेतु सम्मिलित नहीं किया गया है। जानकारी पुस्तकालय में रखे गये परिशिष्ट-ब अनुसार है। (ग) उत्तरांश (ख) अनुसार। वर्तमान में कर्मवीर योद्धा पदक प्रदाय किये जाने के संबंध में कोई प्रक्रिया प्रचलित नहीं है।
जिला खनिज मद में प्राप्त राशि से विकास कार्य
[खनिज साधन]
46. ( क्र. 659 ) श्रीमती अनुभा मुंजारे : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) खनिज मद से कितनी राशि वर्ष 2023-24 से 2025-26 तक बालाघाट जिले को प्राप्त हुई है? वर्षवार विवरण दें। (ख) प्रश्नांश (क) में उपलब्ध राशि से कौन-कौन से कार्य प्रश्नांश (क) वर्णित वर्षों में स्वीकृत कर कराये गये हैं? कार्यवार, वर्षवार, स्थानवार जानकारी देवें। कार्य स्वीकृत करने के क्या-क्या मापदण्ड है? क्या स्वीकृत कार्य निर्धारित मापदण्डों के अनुसार ही स्वीकृत किये गये हैं? यदि हाँ, तो स्पष्ट करें? यदि नहीं तो क्यों? (ग) क्या प्रश्नकर्ता के द्वारा वर्ष 2025-26 में जिला कलेक्टर बालाघाट को खनिज मद से कार्य स्वीकृत करने हेतु प्रस्ताव दिया गया था? यदि हाँ, तो प्रस्तावित कार्यों में से कितने कार्य स्वीकृत किये गये हैं? यदि नहीं, तो क्यों? (घ) प्रश्नांश (क) अवधि में बालाघाट विधानसभा क्षेत्र में कितने कार्य स्वीकृत किये गये हैं? वर्षवार, कार्यवार सम्पूर्ण विवरण दें। क्या कार्य जिले की सभी विधान सभाओं में समान रूप से स्वीकृत किये गये है? यदि हाँ तो विवरण दें? यदि नहीं, तो क्यों?
मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जिला खनिज मद (खनिज शीर्ष 0853) अंतर्गत वर्षवार प्राप्त राशि का विवरण निम्नानुसार है:-
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क्र. |
वित्तीय वर्ष |
प्राप्त राशि (करोड़ में) |
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1. |
2023-24 |
119.35 |
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2. |
2024-25 |
168.20 |
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3. |
2025-26 (जनवरी 2026 तक) |
140.91 |
(ख) प्रश्नांश (क) में जमा राशि राज्य की संचित निधि में जमा होती है, जिसका व्यय करने का प्रावधान खनिज नियमों में न होने से शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) प्रश्नकर्ता माननीय विधायक द्वारा वर्ष 2025-26 में दिया गया प्रस्ताव खनिज मद से न होकर, अपितु जिला खनिज प्रतिष्ठान निधि से कार्य स्वीकृत किये जाने हेतु दिया गया था। जिला खनिज प्रतिष्ठान निधि से स्वीकृति हेतु प्राप्त प्रस्ताव में से कुल 65 कार्यों को स्वीकृत करने हेतु लेख किया गया था, जिसमें 42 कार्यों की स्वीकृति दी गई है। (घ) प्रश्नांश (क) के अनुसार उल्लेखित अवधि में बालाघाट विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत कुल 133 कार्य स्वीकृत किये गये हें, जिनका विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। जिले की सभी विधानसभाओं में समान रूप से कार्य स्वीकृत करने का प्रावधान म.प्र. जिला खनिज प्रतिष्ठान नियम, 2016 में नहीं है। उक्त कार्य जिला खनिज प्रतिष्ठान न्यास मंडल की अनुशंसा अनुसार स्वीकृत किये गये हैं।
थाना प्रभारियों को सौंपे गए थानों के प्रभार
[गृह]
47. ( क्र. 663 ) श्री सुनील उईके : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या राज्य के विभिन्न जिलों में थाना प्रभारी के पद पर निरीक्षक के स्थान पर उप निरीक्षक स्तर के अधिकारियों को प्रभार/पदस्थापना दी गई है? यदि हाँ, तो ऐसे सभी थाना प्रभारियों की जिलेवार सूची उपलब्ध करावें। (ख) क्या ऐसे निरीक्षक/उप निरीक्षक हैं जिन्हें एक ही थाने में एक से अधिक बार प्रभार दिया गया है? यदि हाँ, तो ऐसे अधिकारियों की नामवार एवं थानावार सूची प्रदान की जाए। (ग) उपरोक्त (क) एवं (ख) में उल्लिखित निरीक्षक/उप निरीक्षकों में से कितनों के विरूद्ध वर्तमान में शिकायतों की जांच अथवा विभागीय जांच प्रचलित है? यदि हाँ, तो उनका विवरण उपलब्ध कराया जाए। (घ) क्या छिंदवाड़ा जिले के थाना देहात के तत्कालीन थाना प्रभारी गोविंद सिंह राजपूत को गत वर्ष लाइन अटैच किया गया था? यदि हाँ तो किन कारणों से लाईन अटैच किया गया? उस संबंध में तत्कालीन पुलिस अधीक्षक द्वारा जारी नोटिस, आरोप पत्र एवं की गई कार्रवाई एवं जांच रिपोर्ट तथा वर्तमान पुलिस अधीक्षक द्वारा इन्हें थाना देहात में पुन: पदस्थी आदेश की प्रतिलिपि उपलब्ध कराई जाए। साथ ही यह भी स्पष्ट किया जाए कि कार्य में लापरवाही के आधार पर लाइन अटैच किए जाने के उपरांत उन्हें पुनः उसी थाना देहात में किस आधार पर पदस्थ किया गया?
मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट "अ" अनुसार। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट "ब" अनुसार। (ग) उपरोक्त (क) एवं (ख) में उल्लेखित निरीक्षक/उप निरीक्षकों में से वर्तमान में शिकायतों की जांच अथवा विभागीय जांच संबंधित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट "अ" एवं "ब" के कॉलम संख्या 08 एवं 09 अनुसार। (घ) जी हाँ, थाना प्रभारी श्री गोविंद सिंह राजपूत द्वारा पदीय कर्तव्यों के निर्वहन में की गई लापरवाही के कारण उन्हें लाइन अटैच किया गया था। उक्त संबंध में तत्कालीन पुलिस अधीक्षक द्वारा जारी नोटिस, आरोप पत्र एवं की गई कार्यवाही एवं जांच रिपोर्ट तथा वर्तमान पुलिस अधीक्षक द्वारा इन्हें थाना देहात में पुनः पदस्थी आदेश संबंधित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट "स" अनुसार। निरीक्षक श्री गोविंद सिंह राजपूत विरूद्ध लगाये गये आरोप प्रथम दृष्टयां प्रमाणित परिलक्षित नहीं होने पर प्रशासनिक दृष्टि से उन्हें पुनः थाना प्रभारी देहात पदस्थ किया गया था।
ग्रीन इंडिया मिशन की राशि में भ्रष्टाचार
[वन]
48. ( क्र. 664 ) श्री सुनील उईके : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या ग्रीन इंडिया मिशन के अंतर्गत ESIP योजना अंतर्गत नर्मदापुरम वन मंडल में भ्रमण कार्यक्रम में भ्रष्टाचार एवं शासकीय राशि में गबन व हेराफेरी करने के कारण डिप्टी रेंजर हरगोविंद मिश्रा को विभागीय जांच में आर्थिक भ्रष्टाचार प्रमाणित होने पर दिनांक 30.06.2025 को बर्खास्त कर दिया गया था। (ख) क्या बर्खास्त डिप्टी रेंजर हरगोविंद मिश्रा द्वारा मुख्य वन संरक्षक नर्मदापुरम के आदेश के खिलाफ अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक सतर्कता भोपाल के समक्ष अपील की थी जिसमें अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक सतर्कता भोपाल द्वारा प्रमाणित भ्रष्टाचार के कारण दंडित किए जाने के उक्त आदेश को निरस्त कर दिया था। (ग) क्या अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक सतर्कता भोपाल द्वारा दोष सिद्ध अधिकारी की बर्खास्तगी को निरस्त करके भ्रष्टाचारी अधिकारी को संरक्षण नहीं दिया जा रहा है। (घ) क्या शासन इस प्रकार अपील प्रकरण पर सतही विचारण करने वाले अधिकारी अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक सतर्कता भोपाल द्वारा आई.एफ.एस. अधिकारी मुख्य वन संरक्षक नर्मदापुरम के संपूर्ण विचारण के पश्चात लिए गए बर्खास्त करने के आदेश को निरस्त करने वाले अधिकारी के विरूद्ध जांच एवं कार्रवाई करेगा।
मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) मुख्य वन संरक्षक नर्मदापुरम के आदेश क्रमांक 62 दिनांक 30.06.2025 से डिप्टी रेंजर हरगोविंद मिश्रा को बर्खास्त किया गया परन्तु उक्त आदेश में शासकीय हानि अथवा गबन होना नहीं पाया गया है। (ख) बर्खास्त डिप्टी रेंजर श्री मिश्रा द्वारा आवेदन दिनांक 18.8.2025 से अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (सतर्कता एवं शिकायत) भोपाल को अपील की गई थी। अपीलीय प्राधिकारी द्वारा मध्य प्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1966 के नियम 27 अंतर्गत समस्त साक्ष्यों एवं अभिलेखों का नियमानुसार अध्ययन/विश्लेषण एवं व्यक्तिगत सुनवाई का अवसर देने के उपरांत अपीलीय आदेश क्रमांक 08 दिनांक 15.1.2026 द्वारा मुख्य वन संरक्षक नर्मदापुरम का आदेश क्रमांक 62 दिनांक 30.06.2025 निरस्त किया है। (ग) जी नहीं। (घ) अपीलीय प्राधिकारी ने नियमानुसार नैसर्गिक न्याय के सिद्धांतों का पालन करते हुए बर्खास्तगी आदेश को निरस्त किया है। अत: शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
मोरन गंजाल माइक्रो सिंचाई परियोजना से सिंचाई
[नर्मदा घाटी विकास]
49. ( क्र. 667 ) श्री प्रेमशंकर कुंजीलाल वर्मा : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नर्मदा घाटी परियोजनाओं के अंतर्गत कुल 5 वर्षों में कितनी सिंचाई परियोजनाएं स्वीकृत हैं? (ख) कितनी पूर्ण एवं कितनी प्रगति पर हैं? (ग) विधानसभा क्षेत्र सिवनी मालवा में मोरन गंजाल माइक्रो सिंचाई परियोजना की क्या स्थिति है? इससे सिवनी मालवा के कितने हे. रकबे में सिंचाई हो सकेगी? (घ) कार्य पूर्णता की अवधि क्या है?
मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) एवं (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) एवं (घ) भौतिक प्रगति 41 प्रतिशत है। 2,128 हेक्टेयर में। अनुबंध अनुसार दिनांक 31/01/2027.
नए हवाई अड्डों/एयर स्ट्रिप/हेलीपैड के निर्माण
[विमानन]
50. ( क्र. 668 ) श्री प्रेमशंकर कुंजीलाल वर्मा : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या सरकार द्वारा राज्य में नए हवाई अड्डों/एयर स्ट्रिप/हेलीपैड के निर्माण की कोई योजना है? (ख) यदि हाँ, तो उनका स्थान, अनुमानित लागत एवं समय-सीमा क्या है? (ग) क्या राज्य में एयर एम्बुलेंस सेवा प्रारंभ की गई है? यदि हाँ, तो अब तक कितने मरीजों को इसका लाभ मिला है?
मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) ''म.प्र. सिविल एविएशन पॉलिसी, 2025'' के अंतर्गत प्रदेश में हर 2 घंटे (150 कि.मी. का दायरा) में एक वाणिज्यिक हवाई अड्डा, छोटे विमानों के लिये हर 01 घंटे (75 कि.मी. का दायरा) में एक हवाई पट्टी एवं प्रत्येक तहसील/ब्लॉक में हर 30 मिनट (45 कि.मी. का दायरा) में एक हेलीपेड विकसित किये जाने का लक्ष्य है। (ख) स्थानों के चयन की प्रक्रिया प्रचलित है। योजना के क्रियान्वयन पर ही लागत एवं समय-सीमा का अनुमान लगाया जा सकेगा। (ग) जी हाँ। राज्य में अब तक 130 मरीजों को इसका लाभ मिला है।
विधायकों एवं मंत्रियों को लिपिकीय सुविधा
[सामान्य प्रशासन]
51. ( क्र. 671 ) श्री उमाकांत शर्मा : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधायकों एवं मंत्रियों को लिपिकीय सुविधा उपलब्ध कराने हेतु विभाग के क्या नियम निर्देश की छायाप्रति उपलब्ध करावें। 1 जनवरी 2023 से प्रश्नांकित दिनांक तक माननीय विधायकों को लिपिकीय सुविधा उपलब्ध कराने हेतु कौन-कौन से कर्मचारियों के, कलेक्टरों द्वारा आदेश जारी किए गए हैं कर्मचारी का नाम, पदनाम, विभाग का नाम, पदस्थापना, पदांकित कार्यालय का नाम सहित जानकारी उपलब्ध करावें। (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में कौन-कौन से माननीय विधायकों को कलेक्टरों द्वारा लिपिकीय सुविधा उपलब्ध कराने हेतु कर्मचारी उपलब्ध नहीं कराए गए हैं। माननीय विधायकों के नाम सहित जानकारी उपलब्ध करावें, विभाग द्वारा नियुक्ति हेतु कलेक्टरों को कब-कब पत्राचार किया गया है यदि नहीं किया गया है तो कब तक कलेक्टरों को निर्देश जारी कर दिए जावेंगे समय-सीमा बतावें। यदि नहीं तो क्यों। (ग) क्या माननीय विधायकों को शासकीय शिक्षकों की लिपिकीय सुविधा उपलब्ध कराने के किन आदेशों के तहत नियुक्ति नहीं की जा रही है आदेशों की छायाप्रति उपलब्ध करावें, तो शिक्षकों से गैर शैक्षणिक कार्य क्यों करवाए जा रहे हैं। (घ) प्रश्नकर्ता के पत्र क्रमांक 910/बीपीएल/2024 दिनांक 29/08/2024 कलेक्टर विदिशा एवं श्रीमान प्रमुख सचिव महोदय को पत्र क्रमांक- 911/बीपीएल/2024, दिनांक 29/08/2024 को पत्र प्राप्त हुए यदि हाँ तो पत्रों पर क्या कार्यवाही की गई है पत्र पावती एवं कृत कार्यवाही से प्रश्नकर्ता को कब-कब अवगत कराया पत्रों की छायाप्रति उपलब्ध करावें।
मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) माननीय विधायकों एवं माननीय मंत्रियों को लिपिकीय सुविधा उपलब्ध कराने संबंधी नियम निर्देश की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''अ'' अनुसार है। 1 जनवरी 2023 से प्रश्नांकित दिनांक तक कलेक्टर जिला इंदौर, धार, खरगौन, झाबुआ, खण्डवा, उज्जैन, देवास, शाजापुर, आगर मालवा, मंदसौर, नीमच, गुना, मुरैना, श्योपुर, सीधी, सतना, शहडोल, सागर, दमोह, टीकमगढ़, भोपाल, सीहोर, रायसेन, विदिशा, हरदा, बैतूल, नरसिंहपुर, छिन्दवाड़ा, सिवनी, मण्डला, बालाघाट, अलीराजपुर, पन्ना, शिवपुरी, राजगढ़, भिण्ड, दतिया एवं उमरिया द्वारा माननीय विधायकों को लिपिकीय सुविधा अंतर्गत उपलब्ध कराये गये कर्मचारियों के नाम, पदनाम, विभाग का नाम, पदांकित कार्यालय की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''ब'' अनुसार है। शेष जिलों से जानकारी एकत्रित की जा रही है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''ब'' अनुसार है। माननीय विधायक द्वारा अपनी इच्छानुसार लिपिक का नाम लिखित में अपने क्षेत्र के जिला कलेक्टर को सूचित किये जाने पर संबंधित जिला कलेक्टर द्वारा लिपिकीय सुविधा उपलब्ध करायी जा सकेगी। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''अ'' अनुसार है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) जी हॉं, माननीय सदस्य द्वारा कलेक्टर विदिशा को संबोधित व मुख्य सचिव को पृष्ठांकित पत्र प्राप्त हुआ था। उक्त पत्र के संदर्भ में कलेक्टर विदिशा द्वारा पत्र दिनांक 28.11.2024 के माध्यम से माननीय विधायक को वस्तुस्थिति से अवगत कराते हुए, किसी अन्य लिपिक वर्गीय कर्मचारी को नामांकित किये जाने का अनुरोध किया गया। पत्र पावती की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''स'' अनुसार है।
अधिमान्य पत्रकारों को सुविधाएं
[जनसंपर्क]
52. ( क्र. 672 ) श्री उमाकांत शर्मा : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) 1 अप्रैल 2023 से प्रश्नांकित दिनांक तक विभाग द्वारा किन-किन समाचार पत्रों एवं न्यूज चैनलों को कितने-कितने विज्ञापन दिए गए विज्ञापन के क्या नियम निर्देश हैं। (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में क्षेत्रीय समाचार पत्रों को प्रोत्साहन के लिए विभाग के क्या नियम निर्देश हैं जानकारी दें। (ग) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में वर्तमान में प्रदेश में कितने अधिमान्य (मान्यता प्राप्त) पत्रकार पंजीकृत हैं? जिलावार संख्या क्या है? अधिमान्य पत्रकारों को दी जा रही स्वास्थ्य बीमा, दुर्घटना बीमा, पेंशन, आवास, यात्रा एवं अन्य शासकीय सुविधाओं का विवरण उपलब्ध कराये। (घ) विगत तीन वर्षों में कितने पत्रकारों को अधिमान्यता प्रदान, निरस्त अथवा नवीनीकरण से वंचित किया गया है? क्या कारण रहे? (ड.) क्या सरकार द्वारा अधिमान्य पत्रकारों की पेंशन राशि बढ़ाने अथवा नई कल्याणकारी योजनाएँ लागू करने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन है? यदि हाँ, तो उसका विवरण दे तथा यदि नहीं, तो क्या कारण हैं?
मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जानकारी एकत्रित की जा रही है। नियम निर्देश की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-एक अनुसार है। (ख) उत्तरांश (क) अनुसार। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-दो एवं तीन अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-चार एवं पांच अनुसार है। नियमानुसार वांछित दस्तावेज के साथ ऑनलाईन आवेदन करने पर अधिमान्य पत्रकारों का नवीनीकरण किया जाता है। (ड.) जी नहीं। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
धार्मिक स्थलों/कस्बों पर मदिरा विक्रय पर प्रतिबंध
[वाणिज्यिक कर]
53. ( क्र. 675 ) श्री प्रताप ग्रेवाल : क्या उप मुख्यमंत्री, वाणिज्यिक कर महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2020-21 से 2024-25 तथा अप्रैल 2025 से जनवरी 2026 में मसाला/प्लेन देशी, विदेशी मदिरा अनुसार खपत/विक्रय की जिलेवार जानकारी देवें। (ख) उज्जैन सहित जिन समस्त धार्मिक शहरों/कस्बों/स्थलों पर मदिरा विक्रय प्रतिबंधित किया गया, उन जिलों की 2023-24 से 2025-26 के कंपोजिट मदिरा दुकानों के ठेके/लायसेंस कितनी राशि में दिए गए है? मदिरा विक्रय प्रतिबंधित करने के उपरांत भी उन जिलों में मदिरा विक्रय/खपत और ठेके की राशि में बढ़ोतरी किन कारणों से हुई? (ग) चालू वर्ष में किन जिलों में गारंटी राशि किन लाइसेंसियों ने समय पर जमा नहीं करवाई? कितनी अवधि उपरांत गारंटी जमा की? इस संबंध में किस व्यक्ति ने शिकायत की थी, निराकरण क्या किया?, बताते हुए कार्यवाही संबंधी समस्त प्रतियां देवें। (घ) क्या नियमानुसार विलंब से गारंटी जमा की जा सकती है? नहीं तो लायसेंसी और जिम्मेदार अधिकारी/ कर्मचारी पर की गई कार्रवाई का विवरण देते हुए नोटिसों, अंतिम निराकरण/कार्रवाई आदेशों की प्रतियां देवें। (ड.) वर्ष 2020-21 से 2025-26 तक देशी, विदेशी तथा कंपोजिट मदिरा दुकान, रेस्तरां बार, होटल बार, रिसोर्ट बार तथा सिविलियन बार की संख्या तथा उनसे प्राप्त लायसेंस फीस/राशि की जिलेवार जानकारी दुकान, बार की केटेगरी अनुसार दें।
उप मुख्यमंत्री, वाणिज्यिक कर ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) वर्ष 2020-21, 2021-22, 2022-23, 2023-24 एवं 2024-25 तथा वर्ष 2025 अप्रैल से जनवरी 2026 की अवधि में, देशी/विदेशी/माल्ट मदिरा की खपत की वर्षवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-एक से छ: अनुसार है। शासन की आबकारी नीति/ठेका शर्तों के प्रावधानानुसार, आबकारी विभाग द्वारा दुकानों से मदिरा बिक्री की जानकारी संकलित नहीं की जाती है। (ख) शासन की आबकारी नीति अनुसार, राज्य की 13 नगरीय एवं 06 ग्रामीण निकाय क्षेत्रों को पवित्र क्षेत्र घोषित किया गया है, वर्ष 2025-26 हेतु पवित्र क्षेत्रों में संचालित समस्त मदिरा दुकानों से मदिरा विक्रय प्रतिबंधित कर दिया गया है, दुकानों का इस वित्तीय वर्ष में निष्पादन नहीं किया गया है। पवित्र क्षेत्रों में संचालित मदिरा दुकानों के जिलों के वर्ष 2023-24, 2024-25 एवं 2025-26 के लिए मदिरा दुकानों/एकल समूहों के ठेकों के निष्पादन मूल्य के वर्षवार विवरण से परिलक्षित है कि, घोषित पवित्र क्षेत्र में संचालित मदिरा दुकानों को बंद किये जाने के उपरांत उनके मूल्य को समीपवर्ती मदिरा दुकानों में समायोजित किया जाकर, वर्ष 2025-26 के लिये ई-टेण्डर के माध्यम से निष्पादन किये जाने पर, पवित्र क्षेत्र वाले जिलों के वर्ष 2025-26 हेतु ठेकों के निष्पादन से गत वर्ष 2024-25 की तुलना में, अधिक मूल्य प्राप्त हुई हैं। उक्तानुसार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-सात अनुसार है। पवित्र क्षेत्रों वाले जिलों में गत वर्ष की तुलना में मदिरा की खपत की तुलनात्मक कमी/वृद्धि हुई है, जिनकी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-आठ अनुसार है। शेष प्रश्नांश मदिरा की बिक्री से प्राप्त राशि के संबंध में जानकारी उत्तरांश (क) अनुसार है। (ग) वर्तमान वर्ष में समय पर प्रतिभूति जमा नहीं करने के संबंध में 02 शिकायतें प्राप्त हुई, जिला भोपाल की शिकायत श्री राजेन्द्र कुमार गुप्ता द्वारा एवं जिला सागर की शिकायत श्री मनोज सोनी द्वारा की गई थी। जिलों से प्राप्त उत्तर अनुसार, जिला भोपाल एवं जिला सागर के लायसेंसी द्वारा प्रतिभूति राशि जमा करने की अंतिम दिनांक 05.04.2025 थी, दिनांक 06.04.2025 को रविवार अवकाश होने से, प्रतिभूति की संपूर्ण राशि 01 दिवस के विलंब से, दिनांक 07.04.2025 को, जमा की गयी। उक्तानुसार तथ्यों के परिप्रेक्ष्य में, प्रतिभूति की राशि 01 दिवस का विलंब के संदर्भ में किसी अधिकारी/कर्मचारी के विरूद्ध विभाग द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की गई है। (घ) प्रश्नांश (ग) में वर्णित उत्तर के परिप्रेक्ष्य में संपूर्ण प्रतिभूति की राशि 01 दिवस विलंब से किये जाने के कारण किसी अधिकारी/कर्मचारी के विरूद्ध विभाग द्वारा कोई कार्यवाही नहीं किये जाने से, प्रश्नांश की जानकारी निरंक है। (ड.) वर्ष 2020-21 से वर्ष 2025-26 तक कंपोजिट मदिरा दुकान, रेस्तरां बार, होटल बार, रिसोर्ट बार तथा सिविलियन बार की संख्या तथा उनसे प्राप्त लायसेंस फीस/राशि की जिलेवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-नौ से चौदह अनुसार है।
बलात्कार एवं अपहरण की जानकारी
[गृह]
54. ( क्र. 676 ) श्री प्रताप ग्रेवाल : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्नकर्ता के प्रश्न 598 दिनांक 24/11/25 के प्रश्नांश (क) तथा (ग) के संदर्भ में बतावें कि जानकारी संकलन की दिनांक या अवधि क्या-क्या है? किस वर्ष के कितने अपहरण के प्रकरण, पीड़िता की बरामदगी के उपरांत बलात्संग के प्रकरणों में परिवर्तित हुए? (ख) प्रश्नकर्ता के प्रश्न 598 दिनांक 24/11/25 के प्रश्नांश (ख) के परिशिष्ट अ में दिये गये स्टेटमेंट की प्रति, एससीआरबी द्वारा एनसीआरबी को किस क्रमांक तथा दिनांक के पत्र में संलग्न कर भेजी गई। उन पत्रों की प्रतियां समस्त संलग्न दस्तावेज सहित देवें। (ग) 6 वर्ष, 6 वर्ष से अधिक तथा 12 वर्ष, 12 वर्ष से अधिक तथा 16 वर्ष, 16 वर्ष से अधिक तथा 18 वर्ष तक की अनुसूचित जाति, जनजाति, पिछडा तथा सामान्य वर्ग की बालिका से बलात्कार, बलात्कार संग हत्या तथा सामूहिक बलात्कार की वर्ष 2016 से 2025 तक की जानकारी वर्षवार, जिलेवार देवें। (घ) 2019 से 2025 तक 18 वर्ष तक की बालिका तथा 18 वर्ष से अधिक की महिला के अपहरण के प्रकरणों की वर्षवार जिलेवार जानकारी दें। इनमें से कितने प्रकरण बालिका तथा महिला की बरामदगी के उपरांत बलात्संग के प्रकरण में परिवर्तित हुए? (ड.) एससीआरबी द्वारा एनसीआरबी को crime against women (IPC/BNS+ SLL) की वर्ष 2016 से 2025 की भेजी गई जानकारी के पत्र (संलग्न दस्तावेज सहित) की प्रतियां देवें।
मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) से (ड.) जानकारी संकलित की जा रही है।
खाचरौद उप जेल से कैदियों का भागना
[जेल]
55. ( क्र. 679 ) डॉ. तेजबहादुर सिंह चौहान : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विगत दिनों तीन शातिर अपराधियों का खाचरौद उप जेल से भाग जाना पुलिस प्रशासन की घोर लापरवाही के साथ-साथ एक सुनियोजित षड्यंत्र को दर्शाने वाली घटना है इस घटना में किन-किन लोगों को दोषी मानकर उन पर क्या कार्यवाही की गई है? (ख) भविष्य में ऐसी घटना की पुनरावृत्ति न हो एवं शातिर अपराधियों को जेल में आवश्यक सुख-सुविधाओं का मिलना बंद हो सके इस संदर्भ में जेल प्रशासन द्वारा क्या कार्यवाही की जाएगी?
मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जी नहीं। सब जेल, खाचरौद से 03 अपराधियों के भाग जाने की घटना में प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने से श्री नवीन कुमार नेमा, कार्यवाहक जेल उप अधीक्षक, सब जेल, खाचरौद एवं श्री रितेश कटारा प्रहरी को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। (ख) प्रत्येक जेल का सुरक्षा ऑडिट कराया जाकर सुरक्षा उपाय सुनिश्चित किए जा रहे हैं, प्रत्येक जेलों की आऊटर वॉल पर इलेक्ट्रिक फेन्सिग लगाई जाना प्रक्रियाधीन है। शातिर अपराधियों को पृथक से कोई सुविधा नहीं दी जाकर उन्हें विशेष निगरानी में रखा जा रहा है।
प्रयोगशाला व शोध एवं संस्थान
[विज्ञान और प्रौद्योगिकी]
56. ( क्र. 680 ) डॉ. तेजबहादुर सिंह चौहान : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा नागदा-खाचरोद विधानसभा में कौन-कौन सी प्रयोगशाला व शोध संस्थान का संचालन किया जा रहा है? जानकारी दें। (ख) क्या विभाग द्वारा नागदा-खाचरोद विधानसभा में विज्ञान और प्रौद्योगिकी के द्वारा कोई गतिविधिया क्षेत्र क्रियान्वित की जा रही है अगर की जा रही है तो जानकारी उपलब्ध कराएं।
मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा नागदा-खाचरोद विधानसभा में प्रयोगशाला व शोध संस्थान का संचालन नहीं किया जा रहा है। (ख) जी, नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
अवैध उत्खनन एवं परिवहन के दर्ज प्रकरण
[खनिज साधन]
57. ( क्र. 683 ) श्री दिनेश जैन बोस : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) 1 अप्रैल, 2020 से प्रश्न दिनांक तक उज्जैन जिले अंतर्गत अवैध उत्खनन, अवैध परिवहन के कुल कितने प्रकरण बनाए गए है? उक्त प्रकरण में क्या-क्या कार्यवाही की गई है? संपूर्ण विवरण देवें। (ख) विधानसभा क्षेत्र महिदपुर में अत्याधिक मात्रा में अवैध उत्खनन एवं अवैध परिवहन किया जा रहा है, जिसके संबंध में कई बार शिकायत मिलने के पश्चात भी विभाग द्वारा प्रश्न दिनांक तक उनके रोकथाम हेतु कोई कार्यवाही की गई है? यदि नहीं तो, क्यों कारण बताएं। (ग) प्रश्नांश (ख) अनुसार विगत 2 वर्षों में कब-कब, किस-किस अधिकारी द्वारा अवैध उत्खनन एवं परिवहन के रोकथाम हेतु निरीक्षण कर कार्यवाही की गई है? संपूर्ण विवरण देवें।
मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ पर है। (ख) अवैध उत्खनन एवं परिवहन के संबंध में प्राप्त शिकायतों पर विभाग द्वारा नियमानुसार कार्यवाही की गई है। जिसका विस्तृत विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ब पर है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ब पर है।
जेल में कैदियों को गुणवत्ताहीन भोजन का प्रदाय
[जेल]
58. ( क्र. 687 ) श्री कमलेश्वर डोडियार : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रतलाम जेल में कैदियों को निर्धारित मात्रा में भोजन क्यों नहीं दिया जा रहा है? वर्तमान में कैदियों को कितनी मात्रा में भोजन दिया जा रहा है? (ख) क्या रतलाम जेल में वर्तमान में कैदियों को दिया जाने वाला भोजन घटिया और गुणवत्ताहीन है? कैदियों को दिए जाने वाले भोजन की विभाग द्वारा नियमित जांच कराई जाती हैं यदि हाँ, तो जांच रिपोर्ट उपलब्ध करावें। (ग) क्या जेल अधिकारियों के संरक्षण में जेल के अंदर कैदियों को तंबाकू, बीड़ी और मादक उत्पाद पहुंचाकर महंगे दामों में बेचा जा रहा है? यदि नहीं, तो हर जेल में कैदियों को तंबाकू उत्पाद आसानी से मिलने की जांच की जाएगी? (घ) क्या जेल प्रशासन द्वारा कैदियों को दिए जाने वाले भोजन और सुविधाओं की नियमित जांच की जाती है? क्या कैदियों को घटिया भोजन और तंबाकू उत्पाद प्रदान करने में शामिल जेल अधिकारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई की जाएगी?
मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) निर्धारित मात्रा में भोजन दिया जा रहा है। जेल नियमावली के नियम-530 एवं 531 के अनुसार। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ अनुसार है। (ख) जी नहीं, भोजन की जांच/परीक्षण जेल अधीक्षक, उप जेल अधीक्षक एवं जेल चिकित्सक द्वारा प्रतिदिन किया जाता है। सर्किल जेल रतलाम भोजन की गुणवत्ता में आई.एस.ओ. प्रमाणित है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ब अनुसार है। (ग) जी नहीं, शेष प्रश्न उपस्थित नहीं। (घ) जी हाँ, उत्तर (ख) अनुसार। अवैध वस्तुएं पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाती है। शिकायत प्राप्त होने पर नियमानुसार जांच उपरांत कार्रवाई की जाती है।
लोक सेवा केंद्रों पर प्राप्त आवेदनों की स्थिति
[लोक सेवा प्रबन्धन]
59. ( क्र. 688 ) श्री कमलेश्वर डोडियार : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला रतलाम के सैलाना विधानसभा क्षेत्र के लोक सेवा केंद्रों पर वर्ष 2023 से प्रश्न दिनांक तक कुल आवेदन की संख्या, प्रत्येक वर्ष में सैलाना विधानसभा क्षेत्र के लोक सेवा केंद्रों पर कितने आवेदन प्राप्त हुए? प्राप्त आवेदनों में कितने समाधान/निराकरण किए गए निरस्तीकरण के आधार किन-किन कारणों से आवेदनों को निरस्त किया गया? जानकारी उपलब्ध कराएं। (ख) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित लंबित आवेदनों की संख्या जिन आवेदनों पर कार्रवाई नहीं हो पाई, उनकी संख्या और कारण? अधिकारियों/कर्मचारियों के विरुद्ध कार्यवाही यदि कोई अधिकारी/कर्मचारी समय-सीमा में आवेदनों पर कार्यवाही नहीं करता है, तो उसके विरुद्ध क्या कारवाई की गई है? नहीं की गई हो तो उसका कारण स्पष्ट करें। कृपया जानकारी वर्षवार पृथक-पृथक दें।
मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) सैलाना विधान सभा क्षेत्र में 03 लोक सेवा केन्द्रों क्रमशः सैलाना, बाजना, रावटी में वर्षवार आवेदनों की जानकारी संलग्न परिशिष्ट-अ अनुसार है। विभिन्न विभागों के आवेदन पत्रों के निरस्तीकरण का कारण पात्रता की परिधि में न होना, आवेदन अपूर्ण होना तथा बावजूद निराकरण हेतु नियत समयावधि में अनिवार्य दस्तावेज प्रस्तुत न करना है। (ख) लंबित आवेदन की संख्या 1404 जो नियत समयावधि अंतर्गत है। समय-सीमा में निराकरण नहीं होने वाले आवेदनों के संबंध में सम्बंधित पर लोक सेवा गारंटी अधिनियम अनुसार जुर्माना अधिरोपित करने की कार्यवाही की जानकारी संलग्न परिशिष्ट- ब अनुसार है।
औद्योगिक निवेश के कार्य
[सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम]
60. ( क्र. 692 ) डॉ. राजेन्द्र पाण्डेय : क्या सूक्ष्म,लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या शासन/विभाग द्वारा केंद्र/राज्य प्रवर्तित योजनाओं के माध्यम से उद्योग संवर्धन के लिए कार्य किये जा रहे है? (ख) यदि हाँ, तो वर्ष 2020 से लेकर प्रश्न दिनांक तक रतलाम जिले में कितने युवा उद्यमियों ने नए उद्योग/निवेश किस-किस योजना के तहत प्रारंभ किये? उनके लिए विभाग ने कितनी सहायता/अनुदान प्रदान किया? (ग) प्रश्नांश (ख) अंतर्गत कितने उद्योग/निवेश प्रारम्भ हुए अथवा कार्ययोजना की प्रक्रिया प्रारम्भ हुई? विभाग ने इन उद्योगों के लिए क्या भूमि आवंटित की, यदि हाँ तो कहां-कहां पर? (घ) जावरा विधानसभा क्षेत्र में विभाग की कितनी-कितनी भूमियां है, उन पर क्या किया जा रहा है? क्या रिक्त भूमियों के लिए नए निवेशकों को आमंत्रित किया जा रहा है तो किन-किन के क्या-क्या प्रस्ताव आये है? विभाग द्वारा की जा रही कार्यवाही की जानकारी दें।
सूक्ष्म,लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री ( श्री चेतन्य कुमार काश्यप ) : (क) जी हाँ। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ग) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। जी हाँ। जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। (घ) जावरा विधानसभा क्षेत्र में विभाग के औद्योगिक क्षेत्र कुम्हारी जावरा में 14.637 हैक्टेयर एवं औद्योगिक क्षेत्र आयटीसी कम्पाउंड जावरा में 2.02 हेक्टेयर भूमि है। इन भूमियों पर आवंटन योग्य क्षेत्र पर वर्तमान में औद्योगिक गतिविधियां संचालित है। इसके अतिरिक्त विभाग को ग्राम बागाखेड़ा तहसील जावरा में 2.428 हेक्टेयर भूमि हस्तांतरित हुई है, जिसके सीमांकन एवं आधिपत्य लिया जाना शेष है। चूंकि वर्तमान में विभाग के पास जावरा विधानसभा क्षेत्र में कोई रिक्त भूमि उपलब्ध नहीं है, अत: शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
खेल एवं जिम प्रशिक्षकों के विरूद्ध शिकायतें
[गृह]
61. ( क्र. 694 ) श्री दिलीप सिंह परिहार : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) इंदौर व उज्जैन संभाग में 1 जनवरी, 2018 के बाद किन-किन स्थलों पर खेलकूद/जिम प्रशिक्षकों (शासकीय/निजी संस्थान) के खिलाफ किस-किस तरह की शिकायतें किन-किन व्यक्तियों द्वारा विभिन्न थानों में दर्ज की गईं? शिकायतकर्ता का नाम और मोबाइल नंबर सहित संपूर्ण जानकारी उपलब्ध कराएं। (ख) प्रश्नांश (क) में संदर्भित उक्त शिकायतों में से कितनों का निराकरण कर दिया गया है तथा कितने प्रकरण माननीय न्यायालय में प्रक्रियाधीन हैं? (ग) क्या प्रदेश में निजी खेलकूद/जिम में प्रशिक्षण देने वाले प्रशिक्षकों का पंजीकरण थानों में दर्ज कराना अनिवार्य है? यदि नहीं, तो क्या शासन द्वारा इस संबंध में कोई कार्यवाही प्रचलन में है? (घ) प्रदेश के विभिन्न जिमों में महिलाओं से ब्लैकमेलिंग को लेकर विभिन्न थानों में कितने प्रकरण दर्ज हैं? सिर्फ संख्यात्मक जानकारी दें।
मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) प्रश्नांश (क) के अनुसार 17 शिकायतों को निराकृत कर 10 प्रकरण दर्ज किये गये है। (08 शिकायतें एक ही प्रकरण से संबंधित है।) एवं 10 प्रकरण माननीय न्यायालय में प्रक्रियाधीन है। (ग) प्रदेश में निजी खेलकूद/जिम में प्रशिक्षण देने वाले प्रशिक्षकों का पंजीकरण थानों में दर्ज कराना अनिवार्य है के संबंध में विभिन्न जिलों एवं संचालनालय खेल और युवा कल्याण मध्यप्रदेश से प्राप्त जानकारी अनुसार कोई नियमावली नहीं है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) प्रदेश के विभिन्न जिमों में महिलाओं से ब्लैकमेलिंग को लेकर विभिन्न थानों में 02 प्रकरण जिसमें छिन्दवाड़ा जिले के देहात थाना एवं धार जिले के अजाक थाना में 01-01 प्रकरण दर्ज है।
विवाह के नाम पर धोखाधड़ी संबंधी प्रकरण
[गृह]
62. ( क्र. 695 ) श्री दिलीप सिंह परिहार : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रदेश में वर्ष 2021 से 2025 तक की अवधि में स्थानीय समाचार पत्रों में विवाह के नाम पर की जा रही धोखाधड़ी से संबंधित खबरें प्रकाशित हो रही हैं और इन मामलों में पीड़ित व्यक्तियों द्वारा पुलिस विभाग को की गई शिकायतों पर एफ.आई.आर. भी दर्ज की गई है? (ख) प्रश्नांश (क) यदि हाँ, तो प्रदेश में ऐसे कितने मामलों में पीड़ित व्यक्तियों के माध्यम से पुलिस प्रशासन को शिकायतें प्राप्त हुई हैं और उनमें से कितने मामलों में पुलिस द्वारा एफ.आई.आर. दर्ज की गई है? (ग) क्या प्रश्नाधीन अवधि में, प्रश्नांश (ख) में प्राप्त एक ही मामले की शिकायत पुलिस कमिश्नर इंदौर और पुलिस अधीक्षक नीमच को प्राप्त हुई है? यदि हाँ, तो क्या उस शिकायत के संदर्भ में सक्षम स्तर पर कोई जाँच कराई गई है? यदि हाँ, तो तत्संबंधी ब्यौरा दें और यदि नहीं, तो कारण बताएँ। (घ) प्रश्नांश (ग) में उल्लेखित जाँच हेतु लंबित शिकायत की जाँच कब तक करते हुए मामले की एफ.आई.आर. दर्ज कर ली जाएगी? समय-सीमा दें।
मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जी हाँ। (ख) जी हाँ। प्रदेश में 116 मामलों में पीड़ित व्यक्तियों के माध्यम से पुलिस प्रशासन को शिकायतें प्राप्त हुई है एवं 94 मामलों में पुलिस द्वारा एफ.आई.आर. दर्ज की गई है। (ग) जी हाँ। शिकायत की जांच पुलिस अधीक्षक नीमच द्वारा थाना प्रभारी थाना नीमच कैंट द्वारा कराई गई जांच के संबंध में जानकारी संलग्न परिशिष्ट 'अ' अनुसार है। पुलिस कमिश्नर इन्दौर का शिकायत जांच के संबंध में जानकारी संलग्न परिशिष्ट 'ब' अनुसार है। (घ) जांच लंबित नहीं है।
जनसंपर्क विभाग द्वारा प्रचार-प्रसार पर व्यय
[जनसंपर्क]
63. ( क्र. 707 ) श्री विजय रेवनाथ चौरे : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जनसंपर्क विभाग के द्वारा विजन फोर्स कंपनी को पिछले 4 वर्षों में प्रचार-प्रसार का क्या-क्या कार्य दिया गया है? (ख) उक्त कंपनी को प्रचार-प्रसार गतिविधियों में दिए गए कार्यों के संबंध में विभाग द्वारा आमंत्रित की गई निविदा प्रपत्र एवं उसकी शर्तों के साथ किए गए अनुबंध की कॉपी भी प्रदान करें। (ग) उक्त अवधि में उक्त विजन फोर्स कंपनी द्वारा किए गए कार्यों के बिलों की कॉपी भी प्रदान करें एवं जनसंपर्क विभाग द्वारा प्रश्न दिनांक तक कितना भुगतान किया जा चुका है? भुगतान पत्रक की भी कॉपी प्रदान करें।
मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जनसंपर्क विभाग द्वारा विजन फोर्स कंपनी से रीवा संभाग के अंतर्गत 06 जिलों में जल गंगा संवर्धन अभियान का आयरन फ्रेम बोर्ड तथा उज्जैन संभाग के अंतर्गत 07 जिलों में दीवार लेखन के माध्यम से प्रचार-प्रसार एवं मध्यप्रदेश माध्यम द्वारा दिनांक 03 जनवरी, 2024 को माननीय मुख्यमंत्रीजी के जबलपुर प्रावास तथा दिनांक 05 जनवरी, 2024 को रीवा प्रवास के दौरान ब्रांडिंग संबंधी कार्य कराये गये। (ख) ई-टेंडर के माध्यम से संस्थाओं को पैनलबद्ध किया जाता है। मध्यप्रदेश माध्यम द्वारा आमंत्रित निविदा प्रपत्र, विजन फोर्स कंपनी को दिये गये एम्पेनल्ड आदेश तथा कंपनी द्वारा दी गई सहमति संबंधी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''एक'' अनुसार है। (ग) जनसंपर्क विभाग में भुगतान हेतु देयक प्राप्त नहीं हुए है। मध्यप्रदेश माध्यम में प्रस्तुत कुल दो देयक जिनका भुगतान मध्यप्रदेश माध्यम द्वारा किया गया है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''दो'' अनुसार है।
अवैध खनन और परिवहन के विरुद्ध कार्यवाही
[खनिज साधन]
64. ( क्र. 710 ) डॉ. विक्रांत भूरिया : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) देवास जिले में अवैध रेत और अन्य खनिज खनन, परिवहन, अवैध चेक नाके के खिलाफ विभाग ने वर्ष 2021 से 2025 तक लिखित शिकायत के विरुद्ध जिला खनिज अधिकारी, खनिज संचालनालय और विभाग ने कितनी शिकायत पर क्या-क्या विधिक कार्यवाही की गई? विस्तृत जानकारी प्रदान करें। (ख) प्रश्नांश (क) के संबंध में कौन-कौन से शिकायत में आवेदक/शिकायतकर्ता के बयान दर्ज किये गए, कार्यवाही की जानकारी प्रदान करें। यदि बयान नहीं किये गए तब, इस प्रकार के जाँच के क्या-क्या नियम है? (ग) पिछले दो वर्ष से जब देवास जिले में रेत खनन बन्द है, फिर जाँच नाके किस नियम के तहत संचालित है?
मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) प्रश्नधीन अवधि में देवास जिले में अवैध रेत और अन्य खनिज खनन, परिवहन की 02 लिखित शिकायतें तथा अवैध चेक नाके की 02 लिखित शिकायते विभाग में प्राप्त हुई। जिन पर की गई कार्यवाही की जानकारी संलग्न परिशिष्ट पर है। (ख) प्रश्नांश के प्रथम भाग की जानकारी संलग्न परिशिष्ट पर है। खनिज रेत के प्रकरणों में कार्यवाही हेतु अधिसूचित रेत (खनन, परिहवन, भण्डारण एवं व्यापार) नियम 2019 के प्रावधानों के तहत तथा अन्य खनिजों के प्रकरणों में अधिसूचित मध्यप्रदेश खनिज (अवैध खनन, परिहवन तथा भण्डारण का निवारण) नियम 2022 के प्रावधानों के तहत जांच के नियम है। (ग) मध्यप्रदेश खनिज (अवैध खनन, परिहवन तथा भण्डारण का निवारण) नियम 2022 के नियम 7 अवैध परिवहन की रोकथाम हेतु अस्थाई खनिज जांच नाके स्थापित किये गये है।
ग्लोबल इंवेस्मेंट समिट और निवेश
[औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन]
65. ( क्र. 711 ) डॉ. विक्रांत भूरिया : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्यप्रदेश में साल 2020 से 2026 तक "ग्लोबल इन्वेस्टर समिट, रीजनल समिट" के आयोजन से कौन-कौन सी कम्पनी और फर्म ने, कितने का निवेश किया है अथवा निवेश हेतु MOU किया है, विस्तृत जानकारी प्रदान करें। (ख) प्रश्नांश (क) के संबंध मे, कितनी कंपनियों द्वारा अपने उद्योग मध्यप्रदेश में लगाए जा चुके हैं? इनमें प्रदेश के कितने युवाओं को इसमें सीधे रोजगार मिल पाया है? (ग) सरकार ने ग्लोबल इन्वेस्टर समिट, रीजनल समिट, निवेश के लिए प्रदेश और अन्य राज्य, विदेश में आयोजन और दौरे हेतु कितनी राशि खर्च की है? वर्ष अनुसार 2020 से 2026 तक किए गए खर्च की विस्तृत जानकारी प्रदान करें।
मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) प्रश्नाधीन अवधि में विभाग द्वारा उद्योग स्थापना हेतु कोई एम.ओ.यू. नहीं किये गये है, तथापि निवेशकों द्वारा निवेश आशय प्रस्ताव ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से प्रस्तुत किए जाते है। औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग अंतर्गत वर्ष 2020 से 2026 तक आयोजित इन्वेस्टर समिट, रीजनल समिट में ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से प्राप्त निवेश प्रस्तावों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'1' अनुसार है। (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में उल्लेखित अवधि में विभाग के अधीन एमपीआईडीसी क्षेत्रांतर्गत 922 उद्योग स्थापित हुये है जिनमें 64914 व्यक्तियों को रोजगार सृजित हुआ है। (ग) औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग अंतर्गत वर्ष 2020 से 2026 तक प्रदेश, अन्य राज्य एवं विदेश में आयोजित विभिन्न आयोजनों एवं व्यय की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'2' अनुसार है।
लोक सेवा केन्द्रों का संचालन
[लोक सेवा प्रबन्धन]
66. ( क्र. 714 ) श्री सचिन सुभाषचंद्र यादव : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) इंदौर संभाग में कुल कितने लोक सेवा केंद्र संचालित हैं? जिलेवार संचालित लोक सेवा केन्द्रों की जानकारी उपलब्ध कराएं। (ख) प्रदेश में लोक सेवा केन्द्र संचालन के क्या मापदण्ड है? इंदौर संभाग ने किनके द्वारा और कब से संचालित किया जा रहा है? जानकारी दें। (ग) क्या इन लोक सेवा केन्द्रों के विरूद्ध आर्थिक अनियमितता और अनाधिकृत वसूली की कोई शिकायतें प्राप्त हुई है? अगर हाँ तो क्या कार्रवाई की गई? विवरण दें।
मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) प्रदेश में संचालित लोक सेवा केन्द्रों की जिलेवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ अनुसार है। (ख) लोक सेवा केन्द्र संचालन के मापदण्ड निविदा (RPF) में उल्लेखित है। मॉडल RPF पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ब अनुसार है। इंदौर संभाग लोक सेवा केन्द्र संचालकों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ अनुसार है। (ग) लोक सेवा केन्द्रों के विरूद्ध शिकायतें प्राप्त होने पर नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही संबंधित जिले द्वारा की जाती है।
अधिकारी-कर्मचारियों के विरुद्ध कार्यवाही
[वाणिज्यिक कर]
67. ( क्र. 715 ) श्री अनिल जैन कालूहेड़ा : क्या उप मुख्यमंत्री, वाणिज्यिक कर महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या वाणिज्य कर मंत्रालय, मध्य प्रदेश के अधीन पंजीयन विभाग में कार्यरत अधिकारी एवं कर्मचारी भारतीय मुद्रांक अधिनियम, 1899 तथा रजिस्ट्रेशन अधिनियम, 1908 एवं उनके अधीन बनाए गए नियमों के अनुसार सद्भावना (बोनाफाइड) में दस्तावेजों के पंजीयन एवं राजस्व संग्रहण का कार्य करते हैं? (ख) क्या यह तथ्य शासन के संज्ञान में है कि उपर्युक्त अधिनियमों में निहित वैधानिक उपचारों एवं अपील प्रावधानों के उपलब्ध रहते हुए भी पंजीयन विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध सीबीआई, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), लोकायुक्त, आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) एवं पुलिस जैसी अन्वेषण एजेंसियों द्वारा प्रत्यक्ष रूप से दण्डात्मक कार्यवाही की जा रही है? (ग) यदि हाँ, तो ऐसे मामलों में जहाँ अधिकारी एवं कर्मचारी द्वारा की गई कार्यवाही अधिनियमों के प्रावधानों के अनुरूप एवं सदभावनापूर्वक है, उन्हें संरक्षण प्रदान करने हेतु शासन की वर्तमान नीति क्या है? (घ) भविष्य में पंजीयन विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को अनावश्यक आपराधिक कार्यवाही से विधिक संरक्षण प्रदान करने के लिए शासन द्वारा क्या ठोस कदम उठाए जा रहे हैं अथवा उठाए जाने का प्रस्ताव है?
उप मुख्यमंत्री, वाणिज्यिक कर ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) जी हॉं, पंजीयन विभाग में कार्यरत अधिकारी एवं कर्मचारी सामान्यतः भारतीय मुद्रांक अधिनियम 1899 तथा रजिस्ट्रेशन अधिनियम 1908 एवं उनके अधीन बनाये गये नियमों के अनुसार सदभावना में दस्तावेजों के पंजीयन एवं राजस्व संग्रहण का कार्य करते हैं। इसका उल्लंघन पाये जाने की दशा में संबंधितों के विरूद्ध नियमानुसार कार्यवाही की जाती है। (ख) लोकायुक्त, आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) एवं पुलिस जैसी अन्वेषण एजेंसियों द्वारा अनुसंधान उपरांत शासकीय सेवकों के विरूद्ध न्यायालयीन कार्यवाही के पूर्व नियमानुसार अभियोजन स्वीकृति प्राप्त किये जाने का प्रावधान है। प्रकरण प्राप्त होने पर गुण-दोष के आधार पर परीक्षण उपरांत निर्णय लिया जाता है। (ग) पंजीयन अधिनियम 1908 के प्रावधानों के अनुरूप एवं सदभावनापूर्वक कार्य के लिए संरक्षण प्रावधान अधिनियम की धारा 86 में वर्णित हैं जो निम्नानुसार हैः-''कोई भी रजिस्ट्रीकर्ता ऑफिसर अपनी पदीय हैसियत से सद्भावनापूर्वक की गई या इंकार की गई किसी बात के कारण किसी भी वाद, दावे या मांग के लिए दायी न होगा''। (घ) शासन स्तर से पुलिस मुख्यालय (अपराध अनुसंधान विभाग) को विधिक स्थिति से परिपत्र क्रमांक 3492/2007/2/पांच दिनांक 03.11.2007 द्वारा लिखा गया है तथा पुलिस मुख्यालय (अपराध अनुसंधान विभाग) द्वारा परिपत्र क्रमांक अअवि/विधि (1) विविध/6/06/367/2006 दिनांक 23.06.2006 एवं क्रमांक अअवि/विधि (1) विविध/140/20/1519/2020 दिनांक 23.12.2020 जारी कर पुलिस अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि किसी भी शासकीय सेवक की गिरफ्तारी एवं चालान तभी किया जाना चाहिए जब उसका अपराधिक दायित्व उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर प्रमाणित होता हो।
अतिरिक्त संचालक के पद का प्रभार
[कुटीर एवं ग्रामोद्योग]
68. ( क्र. 720 ) श्री कैलाश कुशवाहा : क्या राज्य मंत्री, कुटीर एवं ग्रामोद्योग महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या शासन के आदेश क्र. F1/0018/2025/52-1 दिनांक 06.01.2026 द्वारा हाथकरघा संचालनालय के ऐसे उप संचालक के दो वरिष्ठ पद का अतिरिक्त संचालक के पद का प्रभार सौंपा गया है जिनके विरूद्ध कार्यस्थल पर महिला कर्मचारी से छेड़छाड़ एवं यौन प्रताड़ना का आपराधिक प्रकरण क्र. FIR NO. 0404/2022 थाना महाराणा प्रताप नगर भोपाल में दिनांक 23/09/2022 को दर्ज होकर न्यायालय में विचाराधीन है? यदि हाँ तो विवरण दें। (ख) क्या मूलभूत नियम एवं शासन के नियमों के तहत आपराधिक प्रकरण के विचाराधीन रहते दो पद ऊपर के वरिष्ठ/पद का प्रभार/दायित्व दिया जा सकता है? यदि हाँ तो किन-किन नियमों के तहत्? (ग) क्या शासनादेश दिनांक 06.01.2026 से नियम विरूद्ध अतिरिक्त संचालक के पद का प्रभार सौंपे गये अधिकारी के विरूद्ध मा. राज्य मंत्री जी द्वारा अधीनस्थ महिला कर्मचारी से छेड़छाड़ प्रकरण में अनुशासनात्मक कार्यवाही के लिखित निर्देश दिये गये थे यदि हाँ तो नियमानुसार आपराधिक प्रकरण दर्ज होने पर भी विभाग द्वारा अनुशासनात्मक कार्यवाही न करके उक्त अधिकारी को वरिष्ठतम पद का प्रभार क्यों दिया गया? इसके लिये कौन जिम्मेदार हैं? (घ) क्या शासन आदेश दिनांक 06.01.2026 से उक्त अधिकारी को दिये गये नियम विरूद्ध अतिरिक्त संचालक के प्रभार को निरस्त कर अपनी गलती सुधारेगा? यदि नहीं तो किन-किन नियमों/प्रक्रियाओं के तहत उक्त प्रभार का औचित्य मान्य करेगा? पूर्ण विवरण दिया जाये।
राज्य मंत्री, कुटीर एवं ग्रामोद्योग ( श्री दिलीप जायसवाल ) : (क) जी हाँ। आदेश क्रमांक एफ-1/0018/2025/52-1, दिनांक 6/1/2026 द्वारा श्री एम.के. बांगडे, हाथकरघा संचालनालय में वरिष्ठतम उप संचालक, हाथकरघा को अतिरिक्त संचालक के रिक्त पद का कार्यवाहक प्रभार आगामी आदेश पर्यन्त तक सौंपा गया है। यह सही है कि कार्यालयीन महिला कर्मचारी द्वारा थाना महाराणा प्रताप नगर भोपाल में इनके विरूद्ध एफ.आई.आर. क्रमांक 404/2022 धारा-354 (भादवि) पंजीबद्ध कराया गया है, जो वर्तमान में न्यायालय में विचाराधीन है। (ख) माननीय न्यायालय में प्रकरण विचाराधीन रहते हुए कार्यवाहक उच्च पद का प्रभार सौंपने या ना सौंपने के संबंध में मूलभूत नियमों में कोई प्रावधान नहीं है। श्री बांगडे को कार्यवाहक उच्च प्रभार, अतिरिक्त संचालक हाथकरघा के प्रभार से पृथक करते हुए उनकी पदस्थापना मूल पद उप संचालक, हाथकरघा, जोनल हाथकरघा कार्यालय, भोपाल में कर दी गई है। (ग) प्रकरण में जांच कर आवश्यक कार्यवाही करने हेतु विभागीय मंत्री की नोटशीट दिनांक 5/12/2024 प्राप्त हुई थी जिसे आवश्यक कार्यवाही हेतु आयुक्त हाथकरघा को प्रेषित की गई है। जांच प्रतिवेदन अप्राप्त है। (घ) उत्तरांश (ख) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
अग्रिम प्राप्त किये बगैर वस्त्रों का उत्पादन
[कुटीर एवं ग्रामोद्योग]
69. ( क्र. 721 ) श्री कैलाश कुशवाहा : क्या राज्य मंत्री, कुटीर एवं ग्रामोद्योग महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या म.प्र. शासन के भण्डार क्रय नियमों वस्त्र प्रदाय हेतु 85 प्रतिशत अग्रिम प्राप्त कर हस्ताशिल्प एवं हाथकरघा विकास निगम को वस्त्र उत्पादन कर प्रदाय करने का प्रावधान है? वित्तीय वर्ष 2018 से 2023 के अन्तर्गत निगम द्वारा बिना 85 प्रतिशत अग्रिम राशि प्राप्त किये, किस-किस प्रकार के कितनी-कितनी राशि के कितने-कितने नग/मीटर वस्त्रों/कपडो का उत्पादन या क्रय किया गया था? उक्त वस्त्रों को उत्पादन के पश्चा्त किस-किस विभाग को प्रदाय किया गया यदि नहीं तो क्यों? उक्त वस्र कब से स्टॉक में है और क्यों? (ख) प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्य में निगम द्वारा मनमोन ढंग से बिना 85 प्रतिशत अग्रिम राशि के नियम विरूद्ध बिना किसी शासकीय विभाग के आदेश प्राप्त किये करोडों रूपये के वस्त्रों को उत्पादित कराये जाने तथा समय से स्टॉक में खराब किये जाने से शासन की करोडों रूपये की धनराशि का दुरूपयोग किये जाने के लिए कौन-कौन दोषी है। (ग) क्यों प्रश्नांश (क) एवं (ख) के संबंध में शासन ने कोई जांच कमेटी गठित की गई थी जॉंच कमेटी की रिपोर्ट में क्या पाया गया? जॉंच कमेटी की रिपोर्ट पर कार्यवाही के निर्देश राज्य मंत्रीजी द्वारा दिये गये थे। यदि जॉंच कमेटी के आदेश जारी किये गये थे तो जॉंच कमेटी की रिपोर्ट पर क्या कार्यवाही की गयी, यदि नहीं तो क्यों? कौन जिम्मेदार है, कार्यवाही कब तक की जावेगी?
राज्य मंत्री, कुटीर एवं ग्रामोद्योग ( श्री दिलीप जायसवाल ) : (क) जी हां। म.प्र. भण्डार क्रय एवं सेवा उपार्जन नियम-2015 (यथा संशोधित-2022) के अंतर्गत निगम प्राधिकृत प्रदायकर्ता अभिकरण है। शासकीय विभागों से क्रय आदेश प्राप्त होना एवं निगम द्वारा वस्त्रों का उत्पादन कराकर संबंधित क्रयकर्ता विभागों को वस्त्रों का प्रदाय किया जाना सतत् प्रक्रिया है। वर्ष 2020-21 में आदिवासी विकास विभाग द्वारा विशेष रंग संयोजन डिजाईन के साथ 80 हजार चादर एवं तकिया कवर सेट सहित प्रदाय करने का आदेश प्राप्त हुआ था। विभाग से 85 प्रतिशत अग्रिम राशि प्राप्त होने के विरूद्ध 44 हजार नग चादर एवं तकिया कवर प्रदाय किये जा चुके है। 36 हजार चादर एवं तकिया कवर के विरूद्ध शेष अग्रिम राशि प्राप्त नहीं होने के कारण प्रदाय नहीं किया गया है। निगम को शासकीय चिकित्सालयों से गॉज, बैण्डेज, चादर आदि वस्त्रों के क्रय आदेश निरंतर प्राप्त होते रहते है। चादर एवं तकिया कवर का भी उत्पादन सक्षम अनुमोदन से निरन्तर रहा है और स्टॉक में उपलब्ध है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ख) उत्तरांश (क) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) जी हां। जांच कमेटी द्वारा प्रस्तुत जांच रिपोर्ट में कोई अधिकारी/कर्मचारी दोषी नहीं पाया गया। राज्यमंत्री जी की टीप दिनांक 28/1/2025 के निर्देशानुसार जांच कमेटी की रिपोर्ट पर कार्यवाही प्रारंभ की गई है। समय-सीमा निर्धारित किया जाना संभव नहीं है।
भण्डार क्रय नियमों का उल्लंघन
[वन]
70. ( क्र. 725 ) श्री जगन्नाथ सिंह रघुवंशी : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वनमंडल अधिकारी कार्यालय अशोकनगर द्वारा विगत 6 वर्षों में क्रय की गई सामग्री की जानकारी तथा सामग्री के भुगतान के व्यय, व्हाउचर की छायाप्रति स्पष्ट कॉपी में उपलब्ध करावे साथ ही किस-किस मद से राशि का भुगतान किया गया है? सारणीवार जानकारी देवें। (ख) प्रश्नांश (क) वर्णित जानकारी में किन-किन मदो में एक ही वित्तीय वर्ष में राशि 10 लाख से अधिक व्यय की गई है? क्या उक्त मदों में सामग्री क्रय करने हेतु खुली विज्ञप्ति नहीं निकाली गई है अथवा नही, यदि नहीं तो लोकल वेंडर को लाभ पहुंचाने हेतु टुकड़ो में सामग्री क्रय करने वाले अधिकरियों/ कर्मचारियों पर शासन क्या कार्यवाही करेगा? (ग) प्रश्नांश (क) में विगत 6 वर्षों में क्रय की गई सामग्री के भौतिक सत्यापन तथा सामग्री क्रय करने हेतु गठित समितियों के आदेशों की स्पष्ट छायाप्रति देवें, सारणीवार देवें।
मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) वनमंडल अशोकनगर के अंतर्गत विगत 6 वर्षों में क्रय की गई, सामग्री भुगतान के व्यय वाउचर की छायाप्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-1 अनुसार है। क्रय सामग्री के मद की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-2 अनुसार है। (ख) वनमंडल अशोकनगर अंतर्गत क्रय सामग्री में एक ही वित्तीय वर्ष में राशि रू. 10 लाख से अधिक राशि के मद की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-3 अनुसार है। परिशिष्ट में उल्लेखित मदों के अंतर्गत सामग्री निविदाओं के माध्यम से ही क्रय की गयी है। अतः शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) वनमंडल अशोकनगर अंतर्गत क्रय सामग्री के भौतिक सत्यापन की जानकारी उत्तरांश (क) के परिशिष्ट 1 में है। सामग्री क्रय करने हेतु गठित समिति के आदेशों की छायाप्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-4 अनुसार तथा गठित समिति के आदेशों की सारणी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-5 अनुसार है।
भारतीय वन अधिनियम की धारा 20 का क्रियान्वयन
[वन]
71. ( क्र. 726 ) श्री संजय उइके : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वन मुख्यालय वन भवन भोपाल वर्तमान में कितनी आरक्षित वन भूमि होना प्रतिवेदित कर रहा है, इनमें से कितनी आरक्षित वन भूमि वर्किंग प्लान में दर्ज है, दर्ज आरक्षित वन भूमि में से कितनी भूमि की राजपत्र में भा.व.अ. 1927 की धारा 20 के अनुसार प्रकाशित अधिसूचना उपलब्ध है? जिलेवार बतावें। (ख) धारा 20 की अधिसूचना के पूर्व धारा 4 की अधिसूचना एवं धारा 5 से 19 तक की जांच के क्या-क्या प्रावधान है, इन प्रावधानों का पालन किए बिना धारा 20 की अधिसूचना प्रकाशित करने का क्या–क्या प्रावधान किस-किस धारा में दिया गया है? (ग) धारा 20 की अधिसूचना का प्रकाशन कर उसमें चतुर्थ सीमा का उल्लेख किए बिना वन विभाग आरक्षित वन प्रतिवेदित भूमियों की चतुर्थ सीमा का निर्धारण किस पद्धति से किसके आदेश से कर रहा है? (घ) धारा 20 (अ) में आरक्षित वन से संबंधित क्या-क्या प्रक्रिया दी जाकर किसे किन भूमियों को आरक्षित वन माने जाने का आदेश दिए जाने का अधिकार दिया गया है? यदि ऐसा कोई अधिकार नहीं दिया हो तो कारण बतावें?
मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) वर्तमान में कुल 61,886 वर्ग किलोमीटर आरक्षित वन भूमि प्रतिवेदित है। प्रश्नांश की शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-1 अनुसार है। (ख) भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 4 एवं 5 से 19 तक की प्रक्रियॉ, प्रावधान की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-2 अनुसार है। प्रावधानों का पालन कर ही धारा 20 की अधिसूचना जारी की जाती है। (ग) वनखंड की चतुर्दिक सीमा का उल्लेख कर आरक्षित वन की अधिसूचना राजपत्र में प्रकाशित की जाती है। शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) धारा 20 अ से संबंधित प्रक्रियॉ, प्रावधान की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-3 अनुसार है।
राज्य में प्रतिवेदित संरक्षित वन भूमि
[वन]
72. ( क्र. 727 ) श्री संजय उइके : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वन मुख्यालय वन भवन भोपाल द्वारा राज्य में कितनी भूमि भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 4 के अनुसार अधिसूचित एवं धारा 29 के तहत अधिसूचित भूमि होना प्रतिवेदित किया गया है, उनमें से कितनी भूमि वर्किंग प्लान में दर्ज है? (ख) धारा 4 में अधिसूचित भूमि को पी.आर.एफ. दर्ज करने, प्रतिवेदित करने की बजाय पी.एफ. दर्ज करने, प्रतिवेदित करने का क्या-क्या कारण है? ऐसा किस कानून की किस धारा में दिए किस प्रावधान के अनुसार किया जा रहा है? (ग) धारा 4 में अधिसूचित वनखण्ड में कितनी-कितनी गैर संरक्षित वन भूमि, अहस्तानान्तरित भूमि, भूस्वामी हक की भूमि एवं बडे झाड, छोटे झाड के जंगल मद में दर्ज भूमि शामिल है, इन भूमियों को पी.एफ. दर्ज करने या पी.एफ. प्रतिवेदित करने का क्या-क्या कारण है? (घ) धारा 4 में अधिसूचित कितने वनखण्ड में शामिल कितनी भूमि के संबंध में वर्ष 1988 में किस को वन व्यवस्थापन अधिकारी बनाया गया एवं उनमें से कितने वनखंड की धारा 5 से 19 तक की जॉच वर्तमान में भी लम्बित है?
मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) भारतीय वन अधिनियम, 1927 की धारा 4 में अधिसूचित भूमियों में से अधिकांश भूमिया भारतीय वन अधिनियम, 1927 की धारा 29 में संरक्षित वन घोषित होने के कारण संरक्षित वन प्रतिवेदित किया जाता है। शासकीय या पडत भूमि जो केवल अधिनियम की धारा 4 में अधिसूचित है उन्हें संरक्षित भूमि प्रतिवेदित नहीं किया जाता, अतः शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) अधिनियम की धारा 4 की प्रकाशित अधिसूचनाओं में वनखण्ड में शामिल गैर संरक्षित वन भूमि, अहस्तानान्तरित भूमि एवं बडे झाड़, छोटे झाड़ के जंगल मद की भूमियों का मदवार उल्लेख नहीं है। अधिसूचित वनखंडों में सम्मिलित निजी भू-स्वामी भूमि कारकबा 34107.95 हेक्टेयर है, भूमिस्वामी हक की भूमियों को संरक्षित वन प्रतिवेदित नहीं किया जाता है, शेष उत्तरांश (ख) के अनुसार। (घ) वर्ष 1988 से अधिनियम की धारा 4 में अधिसूचित 6520 वनखंडों के वन व्यवस्थापन हेतु अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) को उनके प्रभार क्षेत्र के लिए वन व्यवस्थापन अधिकारी नियुक्त कर वन व्यवस्थापन की कार्यवाही वर्तमान में अर्द्ध न्यायिक प्रक्रिया में जांच में है।
वनरक्षकों को पदोन्नति/सेवानिवृत्ति स्वत्वों का लाभ
[वन]
73. ( क्र. 731 ) डॉ. योगेश पंडाग्रे : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या वर्ष 1999 में दैनिक वेतन भोगी कर्मियों को वनरक्षक बनाया गया था? (ख) यदि हाँ, तो किस-किस वन वृत में? (ग) क्या इन वनरक्षकों को प्रशिक्षण एवं पदोन्नतियां दी गई है? (घ) क्या इन कर्मचारियों को सेवानिवृति उपरान्त पेंशन एवं अन्य लाभ दिए गए है यदि हाँ, तो क्या अन्य वन मण्डलों की भांति उत्तर वन मण्डल बैतूल विगत एक वर्ष में सेवानिवृत्त कर्मचारियों के पेंशन, ग्रेच्युटी सहित अन्यं स्वत्वों का भुगतान किया गया है? (ङ) यदि नहीं तो क्यों कब तक भुगतान कर दिया जावेगा निश्चित समय-सीमा बताएं?
मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जी हाँ। (ख) वर्ष 1999 में वनवृत्त बालाघाट, बैतूल, भोपाल, छिंदवाड़ा, इन्दौर, जबलपुर, खण्डवा, सिवनी, शहडोल एवं उज्जैन में दैनिक वेतनभोगी कर्मियों को वनरक्षक बनाया गया है। (ग) नियमानुसार प्रशिक्षण एवं पदोन्नतियां प्रदान की गई। (घ) जी हाँ। उत्तर वन मण्डल बैतूल के सेवानिवृत्त 3 कर्मचारियों के विरुद्ध जारी कारण बताओ सूचना पत्र पर माननीय उच्च न्यायालय का स्थगन होने के कारण पेंशन, ग्रेच्युटी सहित अन्य स्वत्वों का भुगतान नहीं किया गया है। (ड.) पेंशन/ग्रेच्युटी सहित अन्य स्वत्वों का भुगतान न होने के कारण की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। सेवानिवृत्त कर्मचारियों द्वारा माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर में याचिकाएं दायर की गई हैं, जिसमें निर्णय होने पर गुण-दोष के आधार पर कार्यवाही सम्भव है, समय-सीमा बताना सम्भव नहीं है।
हवाई अड्डा (एयरपोर्ट) की स्वीकृति
[विमानन]
74. ( क्र. 733 ) श्री सोहनलाल बाल्मीक : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) छिंदवाड़ा में हवाई अड्डा (एयरपोर्ट) प्रारम्भ किये जाने हेतु विभाग द्वारा किस स्थान पर कितनी भूमि चिन्हित की गई है? खसरा, नक्शा सहित जानकारी उपलब्ध करायें। (ख) प्रश्नांश (क) के अनुसार छिंदवाड़ा में हवाई अड्डा (एयरपोर्ट) प्रारम्भ किये जाने के लिये क्या भारत सरकार या विमानन विभाग के विशेषज्ञों द्वारा स्थल का निरीक्षण कर हवाई अड्डा (एयरपोर्ट) प्रारम्भ किये जाने के लिये कार्यवाही करते हुये योजना बनाकर प्रस्ताव स्वीकृति हेतु भारत सरकार को प्रेषित किया गया है? प्रस्ताव मय दस्तावेजों सहित जानकारी उपलब्ध करायें। प्रश्न दिनांक तक हवाई अड्डा प्रारम्भ किये जाने के लिये क्या-क्या कार्यवाही की गई है? जानकारी दें। (ग) प्रश्नांश (ख) के अनुसार यदि हवाई अड्डा प्रारम्भ किये जाने की योजना एवं प्रस्ताव स्वीकृति हेतु भारत सरकार को प्रेषित नहीं किया गया है तो कब तक विभिन्न औपचारिकताओं एवं कार्यवाही को पूर्ण कराते हुए राज्य सरकार द्वारा स्वीकृति हेतु योजना बनाकर प्रस्ताव भारत सरकार को प्रेषित कर दिया जायेगा?
मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) भारत सरकार की रीजनल कनेक्टिविटी योजना (RCS-UDAN 5.2) के अंतर्गत छिन्दवाड़ा जिले में हवाई अड्डा (एयरपोर्ट) प्रारंभ किये जाने हेतु ग्राम खूनाझिरखुर्द, टिकाड़ी एवं तिवड़ाकामथ में लगभग 250 हेक्टेयर भूमि चिन्हित की गई है। विस्तृत सर्वेक्षण नहीं होने के कारण खसरा एवं नक्शा तैयार नहीं है। (ख) भारत सरकार की रीजनल कनेक्टिविटी योजना (RCS-UDAN 5.2) के अंतर्गत छिन्दवाड़ा में हवाई पट्टी के विकास/विस्तार हेतु भारत सरकार, नागर विमानन मंत्रालय को सैद्धांतिक सहमति दी गई है। (ग) भारत सरकार, नागर विमानन मंत्रालय को सैद्धांतिक सहमति जारी कर दी गई है। म.प्र. शासन एवं भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण के मध्य एग्रीमेंट निष्पादन शेष है। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
वृक्षारोपण कार्यों की जानकारी
[वन]
75. ( क्र. 734 ) श्री राजन मण्डलोई : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि क्या यह सही है कि प्रश्नकर्ता ने अपने पत्र क्रमांक 444/2025 दिनांक 04/11/2025 द्वारा वनमंडलाधिकारी, वनमंडल (सा.) बड़वानी से वृक्षारोपण कार्यों विषयक जानकारी चाही गई थी। यदि हाँ तो क्या प्रश्नकर्ता को जानकारी उपलब्ध करा दी गई है। यदि नहीं तो क्यों और इसके लिए क्या संबंधित उत्तरदायियों के विरूद्ध नियमानुसार कार्यवाही की जायेगी? यदि हाँ, तो कब तक यदि नहीं तो क्यों?
मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : जी हाँ। चाही गई जानकारी माननीय प्रश्नकर्ता सदस्य को वनमंडलाधिकारी (सामान्य) वनमण्डल बड़वानी के पत्र क्रमांक 383 दिनांक 20/01/2026 से उपलब्ध करा दी गई है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
बड़वानी जिले में NVD-PWD के कार्यों की जानकारी
[नर्मदा घाटी विकास]
76. ( क्र. 735 ) श्री राजन मण्डलोई : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बड़वानी जिले में वर्ष 2024-25 से प्रश्न दिनांक तक NVD-PWD द्वारा कितने कार्यों की निविदा बुलवाई गई? समस्त कार्यों के निविदा दस्तावेज तथा कार्यादेश उपलब्ध कराये। (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार, उपरोक्त समस्त कार्यों की कितनी शिकायते विभाग को सी.एम. हेल्प लाईन सहित विभिन्न माध्यमों से प्राप्त हुई समस्त शिकायतों की छायाप्रतियां तथा उन पर क्या कार्यवाही की गई रिपोर्ट उपलब्ध कराये?
मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) 24 कार्यों की। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''अ'' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''ब'' अनुसार है।
शस्त्र लाइसेंस के आवेदनों पर कार्यवाही
[गृह]
77. ( क्र. 739 ) श्री भैरो सिंह बापू : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या जिला आगर-मालवा में दिसम्बर 2023 से प्रश्न दिनांक तक नवीन शस्त्र लाईसेंस, सीमा वृद्धि नामांतरण/फौती नामांतरण के आवेदन प्राप्त हुए है? वर्षवार आवेदकों के नाम सहित जानकारी देवें। (ख) प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्य में कितने आवेदनों को स्वीकृत एवं कितने आवेदनों को अस्वीकृत किया गया सम्पूर्ण जानकारी कारण सहित उपलब्ध करावें? कितने आवेदन विचाराधीन जानकारी देवें।
मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'अ' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'ब' अनुसार है।
विकास निषिद्ध क्षेत्र में गतिविधियाँ का संचालन
[गृह]
78. ( क्र. 740 ) श्रीमती निर्मला सप्रे [एडवोकेट] : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या कलेक्टर, सागर द्वारा आदेश क्रमांक 3254/रीकले/09 दिनांक 31.03.2009 के अंतर्गत बी.पी.सी.एल. रिफाइनरी, बीना से 05 किमी क्षेत्र को नो-डेवलपमेंट जोन एवं 01 किमी क्षेत्र को निषिद्ध क्षेत्र घोषित किया गया था? क्या उक्त आदेश गृह विभाग द्वारा निर्धारित सुरक्षा मानकों को दृष्टिगत रखते हुए पारित किया गया था? (ख) क्या शासन के संज्ञान में यह तथ्य है कि वर्तमान में उक्त निषिद्ध एवं नो-डेवलपमेंट क्षेत्र में लेबर कॉलोनियाँ, बैचिंग प्लांट तथा अन्य निर्माण एवं मानवीय गतिविधियाँ संचालित की जा रही हैं? (ग) क्या यह गतिविधियाँ न केवल कलेक्टर के आदेशों बल्कि गृह विभाग के सुरक्षा प्रोटोकॉल एवं Official Secrets Act, 1923 के प्रावधानों के भी प्रतिकूल नहीं हैं, क्योंकि यह क्षेत्र सामरिक, औद्योगिक एवं राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा है? क्या शासन यह मानता है कि इस प्रकार की गतिविधियों से संवेदनशील सूचनाओं के लीक होने, आतंरिक सुरक्षा को खतरा उत्पन्न होने की संभावना बढ़ जाती है? इन तथ्यों के बावजूद अब तक इन गतिविधियों के विरुद्ध प्रशासन द्वारा क्या ठोस कार्रवाई की गई है? यदि हाँ, तो क्या? यदि नहीं तो क्यों? (घ) यदि भविष्य में किसी प्रकार की दुर्घटना, जनहानि या सुरक्षा चूक होती है, तो उसकी जिम्मेदारी किस अधिकारी/विभाग की होगी?
मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जी हाँ। जी हाँ। (ख) वर्तमान समय में निषिद्ध एवं नो-डेव्लपमेन्ट क्षेत्र में होने वाली लेवर कॉलोनियों, बैचिंग प्लांट तथा अन्य निर्माण एवं मानवीय गतिविधियाँ जो संचालित हो रही है, उनके आवेदन पत्रों को दिनांक 17/12/2025 को क्षेत्रीय विकास नियंत्रण समिति की बैठक में अस्थायी निर्माण हेतु निरस्त किया गया है तथा निषिद्ध क्षेत्र में किये जा रहे निर्माण कार्य की जांच हेतु दल गठित किया गया है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) बीना रिफायनरी में नो. डेवलपमेंट जोन क्षेत्र में सभी गतिविधियों का नियंत्रण करने के लिये अनुविभागीय अधिकारी की अध्यक्षता में एक 6 ड्राफ्ट कमेटी गठित की गई है। इसके साथ-साथ एक महत्वपूर्ण यूनिट पेट्रोकेमिकल प्रोजेक्ट का कार्य प्रगतिशील है जिसके तहत बीना रिफायनरी की सुरक्षा हेतु यहाँ पर SISF की एक बटालियन के साथ बीना रिफायनरी में दो प्रायवेट सिक्योरिटी कंपनी ईट्स एंड चेकमेट के द्वारा सुरक्षा प्रदान की जा रही है। बीना रिफायनरी से संबंधित संवेदनशील सूचनाओं एवं आंतरिक सुरक्षा के खतरे अन्य सभी प्रकार की सुरक्षा को दृष्टिगत रखते हुए समय-समय पर मॉक ड्रिल अभ्यास कराया जाता है। रिफायनरी के अधिकारीगण एसआईएसएफ के सभी जवान दो प्रायवेट सिक्योरिटी ईट्स एंड चेकमेट के साथ-साथ शासन प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के नेतृत्व में किया जाता है। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान एवं समय- समय पर कलेक्टर सागर एवं पुलिस अधीक्षक सागर द्वारा संयुक्त रूप से सुरक्षा मानकों की समीक्षा करते हुए मॉक ड्रिल कराई गई थी। दिनांक 02-07-25 को प्रभारी बीडीडीएस सागर एसडीओपी बीना जोनल पुलिस अधीक्षक विशेष शाखा सागर द्वारा भी विभिन्न सुरक्षा मानकों के संबंध में सुरक्षा ऑडिट किया गया है। (घ) बीना रिफायनरी एक बहुत ही महत्वपूर्ण औद्योगिक इकाई है जिसकी सुरक्षा में किसी भी प्रकार की दुर्घटनाएं जनहानि या सुरक्षा में कोई चूक न हो इसके लिये समय- समय पर सुरक्षा संबंधी इंतजाम करते हुये प्रशासन के निर्देश पर रिफायनरी स्टॉफ स्थानीय पुलिस SIS प्राईवेट सिक्योरिटी कंपनी द्वारा सम्मिलित रूप से सुरक्षा अभ्यास कराये जाते है एवं वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा सुरक्षा मानकों की समीक्षा की जाती है।
सावरी वन परिक्षेत्र में अनुभूति कार्यक्रम
[वन]
79. ( क्र. 746 ) श्री निलेश पुसाराम उईके : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या पश्चिम सामान्य वन मण्डल छिंदवाड़ा, जिला-छिंदवाड़ा की सावरी वन परिक्षेत्र में भी अनुभूति कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है? यदि हाँ तो वित्तीय वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 में अब तक कुल कितने 'अनुभूति शिविर' आयोजित किए गए? प्रत्येक शिविर की तिथि, स्थान और सम्मिलित हुए विद्यार्थियों की संख्या का पूर्ण विवरण दें। (ख) उपरोक्त आयोजित शिविरों के लिए शासन द्वारा प्रति शिविर कितनी राशि आवंटित की गई थी और उसमें से वास्तविक रूप से कितनी राशि व्यय की गई? क्या व्यय की गई राशि का भौतिक सत्यापन कराया गया है? (ग) क्या यह नियम विरुद्ध नहीं है कि शासन के महत्वपूर्ण जन-जागरूकता कार्यक्रमों में स्थानीय निर्वाचित प्रतिनिधियों (विधायक, जनपद/जिला पंचायत सदस्यों) को न तो आमंत्रित किया गया और न ही सूचित किया गया? सावरी रेंज में विगत शिविरों में आमंत्रित अतिथियों की सत्यापित सूची उपलब्ध कराएं। (घ) क्या विभाग उन अधिकारियों पर जिम्मेदारी तय करेगा जिन्होंने स्थानीय प्रोटोकॉल का उल्लंघन कर जनप्रतिनिधियों को कार्यक्रम से दूर रखा? यदि हाँ, तो क्यों? यदि नहीं, तो इसके ठोस कारण क्या हैं?
मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जी हाँ। प्रश्नांश की शेष जानकारी निम्नानुसार है:-
|
क्र. |
वित्तीय वर्ष |
शिविर की तिथि |
शिविर स्थल |
सम्मिलित विद्यार्थियों की संख्या |
|
1 |
2024-25 |
24.12.2025 |
बोमल्या |
133 |
|
2 |
2024-25 |
18.01.2025 |
लावाघोघरी |
126 |
|
3 |
2025-26 |
20.01.2026 |
लावाघोघरी |
120 |
|
4 |
2025-26 |
22.01.2026 |
देवगढ़ |
120 |
(ख) सावरी परिक्षेत्र में अनुभूति शिविरों के आयोजन हेतु वित्तीय वर्ष 2024-25 में प्रति शिविर राशि रूपये 85500/- एवं वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्रति शिविर राशि रूपये 88475/- आवंटित की गई थी। उक्त राशि का पूर्ण व्यय नियमानुसार किया जा चुका है। व्यय की गई राशि का भौतिक सत्यापन कराया गया है। (ग) सावरी परिक्षेत्र में आयोजित शिविरों में स्थानीय प्रोटोकॉल का ध्यान रखा गया। स्थानीय जनप्रतिनिधियों को दूरभाष एवं व्यक्तिगत संवाद के माध्यम से आमंत्रित किया गया। शेष जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (घ) स्थानीय प्रोटोकॉल का कोई उल्लंघन नहीं होने के कारण किसी भी अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
निजी सुरक्षा एजेन्सी को लायसेंस देना
[गृह]
80. ( क्र. 762 ) श्री आतिफ आरिफ अकील : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या विभाग के अन्तर्गत निजी सुरक्षा एजेन्सी पंजीकृत की जाकर उनके लायसेंस जारी किये जाते हैं? यदि हाँ तो लायसेंस कितनी अवधि तक के लिये जारी किये जाते है तथा उनका नवीनीकरण किस आधार पर किया जाता है? प्रश्न दिनांक तक कुल कितनी निजी सुरक्षा एजेन्सी पंजीकृत होकर उनके लायसेंस जारी किये गये है? इन सुरक्षा एजेन्सियों के संचालकों के नाम/पते/ लायसेंस क्रमांक/जारी दिनांक तथा उनके मोबाईल नम्बर सहित जानकारी दें? (ख) उक्त लायसेंसधारी निजी सुरक्षा एजेन्सियों में से किन-किन एजेन्सियों के कब-कब तथा किन-किन कारणों से लायसेंसो का नवीनीकरण नहीं किया जा रहा है? इनकी सूची दें। (ग) उपरोक्तानुसार वर्ष 2017 के बाद से प्रश्न दिनांक तक की अवधि में भोपाल के किन-किन निजी सुरक्षा एजेन्सियों के लायसेंसों को निरस्त किया गया है अथवा उनका नवीनीकरण नहीं किया जा रहा है? (घ) क्या भोपाल की क्लासिक सिक्योरिटी एजेन्सी का लायसेंस निरस्त किया गया है? यदि हाँ तो कब तथा किन कारणों से एवं इस सिक्योरिटी एजेन्सी के संचालक के विरूद्ध भोपाल के किन-किन थानों में किन-किन धाराओं अन्तर्गत प्रकरण पंजीबद्ध है व उन प्रकरणों में क्या-क्या कार्यवाही की जा रही है? जानकारी दें।
मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जी हाँ। निजी सुरक्षा एजेंसी लायसेंस 05 वर्ष की अवधि तक के लिए जारी किये जाते हैं तथा मध्यप्रदेश निजी सुरक्षा अभिकरण (विनियमन) नियम 2024 के नियम 6 अंतर्गत लायसेंस का नवीनीकरण किया जाता है। कुल 1585 निजी सुरक्षा एजेंसी पंजीकृत हैं। शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-"अ" अनुसार है। (ख) यह कहना सही नहीं है कि निजी सुरक्षा एजेंसी के लायसेंसों का नवीनीकरण नहीं किया जा रहा है, मध्यप्रदेश निजी सुरक्षा अभिकरण (विनियमन) नियम 2024 के नियम 6 अनुसार नवीनीकरण किया जाता है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-"ब" अनुसार है। (घ) जी हाँ। निजी सुरक्षा अभिकरण (विनियमन) अधिनियम 2005 की धारा 8 (1) का उल्लंघन किये जाने से आवेदन दिनांक 03.11.2023 को निरस्त किया गया है। शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-"स" अनुसार है।
मादक पदार्थों की तस्करी एवं फैक्ट्री संचालन
[गृह]
81. ( क्र. 763 ) श्री आतिफ आरिफ अकील : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्यप्रदेश पुलिस मुख्यालय भोपाल में उपलब्ध जानकारी के अनुसार दिनांक 13 दिसम्बर, 2023 से 20 जनवरी, 2026 तक की अवधि में एम.डी. ड्रग्स, मादक पदार्थ आदि के अवैध तस्करी/ परिवहन के कितने-कितने प्रकरण किस-किस जिले के किन-किन थानों के अन्तर्गत पंजीबद्ध किये गये है एवं अन्तर्राष्ट्रीय बाजार मूल्य के हिसाब कुल कितनी राशि के एम.डी. ड्रग्स व अन्य मादक पदार्थ आदि जब्त किये गये है? इस संबंध में कुल कितने आरोपियों को गिरफ्तार कर चालान न्यायालय में प्रस्तुत किये गये है? (ख) क्या भोपाल शहर, इन्दौर, उज्जैन एवं रीवा संभाग में विगत कई वर्षों से एम.डी. ड्रग्स, मादक पदार्थ एवं नशीली कफ सीरप का विक्रय सक्रिय गिरोह के द्वारा स्थानीय पुलिस के संरक्षण में खुलेआम किया जा रहा है जिससे इन क्षेत्रों के छात्र/छात्रायें एवं युवा नशे के आदि हो गये है? यदि नहीं तो इतनी बड़ी मात्रा में लंबे समय से भोपाल, रतलाम, इन्दौर आदि स्थानों में एम.डी. ड्रग्स की फैक्ट्रियां संचालित हो रही है एवं पुलिस के खूफिया विभाग को जानकारी होने के बावजूद कार्यवाही तत्समय नहीं की गई जिससे यह कारोबार फल फूल रहा है इसकी रोकथाम के लिये सरकार क्या कार्यवाही कर रही है?
मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार। (ख) जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
प्रदेश में आत्म हत्याओं की घटनाओं में वृद्धि
[गृह]
82. ( क्र. 764 ) श्री राजन मण्डलोई : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) पुलिस मुख्यालय में उपलब्ध जानकारी के अनुसार दिनांक 13 दिसम्बर, 2023 से 20 जनवरी, 2026 की अवधि में प्रदेश में आत्म हत्याओं की कुल कितनी घटनायें घटित हुई है? जिलेवार बतावें एवं इन आत्म हत्याओं के कारण क्या-क्या रहे है? (ख) उक्त आत्म हत्याओं की घटनाओं में कितनी संख्या में कृषक, कृषक मजदूर, छात्र आदि थे? इनमें से कितने किसानों द्वारा कर्ज एवं फसल नुकसान होने आदि के कारण आत्म हत्या की गई है? इन कृषकों के नाम, पते सहित सूची दें। (ग) क्या आत्म हत्या करने वाले कृषक, कृषक मजदूर एवं छात्र/छात्राओं के निकटतम परिजनों को सरकार के द्वारा आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई गई है? यदि हाँ तो कितनी-कितनी यदि नहीं तो क्यों एवं आत्महत्या को रोकथाम के लिये सरकार द्वारा क्या कार्यवाही की जा रही है?
मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) दिनांक 13 दिसम्बर, 2023 से 20 जनवरी, 2026 की अवधि में प्रदेश में कुल 32,385 आत्महत्या की घटना हुई है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-"अ" अनुसार है। (ख) उक्त आत्महत्याओं की घटनाओं में कुल कृषक-562, कृषक मजदूर- 667, छात्र/छात्रा-987 तथा किसान द्वारा फसल नुकसान होने के कारण आत्महत्या-02 हैं। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-"ब" अनुसार है। (ग) जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
मुख्यमंत्री जी की घोषणाओं का क्रियान्वयन
[सामान्य प्रशासन]
83. ( क्र. 765 ) श्री राजन मण्डलोई : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री के द्वारा की जाने वाली घोषणाओं का संधारण मंत्रालय में किया जाता है? (ख) यदि हाँ तो दिनांक 13 दिसम्बर, 2023 से 20 जनवरी, 2026 की अवधि में माननीय मुख्यमंत्री जी ने कुल कितनी घोषणाएं की है? उनमें से कितनी घोषणाओं पर अक्षरशः पालन किया जा चुका है और कितनी घोषणाएं प्रक्रियाधीन है? (ग) माननीय मुख्यमंत्री द्वारा प्रश्नांश (ख) की अवधि में की गई घोषणाओं के विषय/घोषणा क्रमांक/घोषणा दिनांक सहित सूची दें? इन घोषणाओं में से कौन-कौन सी घोषणाएं निरस्त/विलोपित किन-किन कारणों से की गई है? उनकी सूची दें।
मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जी हां। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'अ' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'ब' अनुसार है।
अधिक राशि के आहरण पर दोषियों के कार्यवाही
[योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी]
84. ( क्र. 784 ) श्री बाला बच्चन : क्या उप मुख्यमंत्री, योजना,आर्थिक एवं सांख्यिकी महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्न क्र. 509 दि. 02-12-2025 (अतारांकित) के (क) उत्तर में वर्णित विभाग के पत्र क्रमांक 5/1/2/0059/2025-sec-1-23 (PES) दि. 20-11-2025 द्वारा कलेक्टर जिला बड़वानी को कार्यवाही हेतु निर्देश जारी किए गए उस पर उत्तर दिनांक तक की गई कार्यवाही का विवरण देवें। इसी उत्तर में उल्लेखित मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत ठीकरी द्वारा दिए स्मरण पत्रों की भी अद्यतन स्थिति देवें। (ख) अधिक राशि आहरण के बाद भी अभी तक संबंधितों पर कोई कार्यवाही नहीं किये जाने का क्या कारण है? इन पर कब तक कार्यवाही कर राशि वसूल कर ली जाएगी? (ग) राशि वसूली न कर इन्हें संरक्षण देने वाले अधिकारियों के नाम, पदनाम देकर बतावें कि इसके लिए विभाग इन पर कब तक कार्यवाही करेगा?
उप मुख्यमंत्री, योजना,आर्थिक एवं सांख्यिकी ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) संदर्भित पत्र के परिप्रेक्ष्य में कलेक्टर, जिला-बड़वानी, मध्यप्रदेश के पत्र दिनांक 03.02.2026 द्वारा जानकारी प्रेषित की गई है। उक्त पत्र तथा मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत ठीकरी के स्मरण पत्रों की अद्यतन स्थिति जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) कलेक्टर, जिला-बड़वानी, मध्यप्रदेश के पत्र दिनांक 03.02.2026 अनुसार उक्त प्रकरणों में राशि का आहरण मूल्यांकन अनुसार ही किया गया है, अधिक राशि का आहरण नहीं किया गया है। अत: शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) उत्तरांश (ख) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
पदोन्नति में आरक्षण के प्रकरण
[सामान्य प्रशासन]
85. ( क्र. 785 ) श्री बाला बच्चन : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्न क्रमांक 1051 दिनांक 12-03-2025 (अतारांकित) के (क) से (घ) उत्तर के परिप्रेक्ष्य में बतावें पदोन्नति में आरक्षण से संबंधित कितने प्रकरण माननीय सर्वोच्च न्यायालय में म.प्र. सरकार के विरुद्ध या प्रदेश सरकार की अपील पर लंबित है? प्रकरण क्रमांक, दिनांक, पक्षकार नाम सहित देवें। (ख) इन प्रकरणों में प्रश्न दिनांक तक कितनी तारीखे लगी? प्रकरणवार देवें। इन तारीखों में शासकीय अधिवक्ता कब-कब उपस्थित/अनुपस्थित रहे, कि जानकारी प्रकरणवार देवें। (ग) इन प्रकरणों में शासकीय अधिवक्ताओं एवं अन्य अधिवक्ताओं को शासन कि तरफ से कितनी राशि का कब-कब भुगतान किया गया? नाम, राशि, दिनांक सहित देवें।
मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) पदोन्नति में आरक्षण से संबंधित माननीय सर्वोच्च न्यायालय में विभाग द्वारा राज्य शासन की ओर से एस.एल.पी. क्रमांक 13954/2016 सहित 07 एस.एल.पी. दायर की गई है। सामान्य प्रशासन विभाग की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट- 'अ' अनुसार है। (ख) एवं (ग) सामान्य प्रशासन विभाग की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट- 'ब' अनुसार है। पदोन्नति में आरक्षण से संबंधित माननीय सर्वोच्च न्यायालय में लंबित विभिन्न प्रकरण विभागों/विभागों के अधीनस्थ संस्थाओं/उपक्रमों से संबंधित हैं। समस्त प्रकरणों का डाटा केन्द्रीयकृत रूप से संधारित नहीं किया जाता हैं, क्योंकि इनका प्रशासन संबंधित विभागों/विभागों के अधीनस्थ संस्थाओं/उपक्रमों द्वारा किया जाता है।
हंडिया बैराज का निर्माण
[नर्मदा घाटी विकास]
86. ( क्र. 796 ) डॉ. रामकिशोर दोगने : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) हंडिया बैराज का निर्माण कार्य कब स्वीकृत किया गया? निर्माण प्रारंभ एवं पूर्ण होने की तिथि स्पष्ट करे। हंडिया बैराज की कुल स्वीकृत लागत कितनी है तथा वर्तमान में कितनी राशि व्यय की जा चुकी है? जानकारी उपलब्ध करावें। (ख) बैराज का निर्माण कार्य किस योजना/परियोजना अंर्तगत किया गया है? बैराज की तकनीकी विशेषताएँ (लम्बाई, ऊंचाई, भंडारण क्षमता, गेटो की संख्या) क्या है? बैराज से सिंचित होने वाला क्षेत्रफल कितना है तथा किन-किन ग्रामों/क्षेत्रों को इससे लाभ प्राप्त होगा? जानकारी उपलब्ध करावें। (ग) बैराज निर्माण हेतु कौन सी निर्माण एजेंसी/ठेकेदार को टेंडर दिया गया है? अनुबंध की राशि कितनी है? टेंडर के नियम एवं शर्तों की विस्तृत जानकारी की प्रति उपलब्ध करावें। (घ) क्या बैराज निर्माण के दौरान अथवा पश्चात, गुणवत्ता एवं तकनीकी जाँच कराई गई है? यदि हाँ, तो जाँच रिर्पोट की प्रति उपलब्ध करावें। यदि नहीं तो क्यों? इसका कारण स्पष्ट करें।
मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) दिनांक 06/08/2021 को स्वीकृत किया गया, दिनांक 09/01/2023 को प्रारंभ किया गया है। अनुबंध अनुसार कार्य पूर्णता का दिनांक 08/01/2029 है। कुल लागत राशि रूपये 1294.27 करोड़ है जिसमें से वर्तमान में राशि रूपये 886.21 करोड़ व्यय हुई है। (ख) हंडिया बैराज परियोजना अंतर्गत कुल लंबाई 561 मीटर, ऊँचाई 10.50 मीटर, भण्डारण क्षमता 190.89 एम.सी.एम. एवं गेटों की संख्या 31 है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-"अ" अनुसार है। (ग) मेसर्स करण डेव्हलपमेन्ट सर्विसेस, प्रा.लि.एल.सी.सी. प्रोजेक्ट, प्रा.लि. (जे.व्ही.) ग्वालियर को राशि रूपये 1160.84 करोड़ में अनुबंध किया गया है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-"ब" अनुसार है। (घ) निर्माण कार्य प्रगतिरत है। गुणवत्ता की जांच कराई जा रही है। जांच रिपोर्ट पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-"स" अनुसार है। बैराज का निर्माण कार्य विभागीय मापदण्डों/डिजाईन ड्राईंग के अनुसार सम्पादित किया जा रहा है। शेष प्रश्न लागू नहीं।
शासन के आदेश के विरूद्ध पदस्थापना
[गृह]
87. ( क्र. 822 ) श्रीमती चंदा सुरेन्द्र सिंह गौर : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या टीकमगढ़ जिले के समस्त थानों में थाना प्रभारियों की पदस्थापना शासन के आदेशों का पालन करते हुये की गई है, क्योंकि पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी आदेश में उल्लेख किया गया था कि किसी भी पदाधिकारी के विरुद्ध यदि कोई जांच या प्रकरण प्रचलन में है तो उसकी पदस्थापना थाना प्रभारियों के पदों पर नहीं की जावेगी इसलिये जिले के समस्त थाना प्रभारियों की सूची तथा अपराध या जाँच या प्रकरण प्रचलन में नहीं होने की पत्रावली सहित उपलब्ध करायें। (ख) क्या आम जनता से पुलिस का संवाद हो और दुर्घटनाओं से कैसे बचा जा सके, छोटी-छोटी बेटियों के साथ घृणित अपराध न हो लाईन आर्डर बना रहे इस प्रकार की गोष्ठी या संवाद कार्यक्रमों में क्षेत्रीय विधायकों शामिल क्यों नहीं किया जाता है? कारण स्पष्ट करें। (ग) क्या थाना प्रभारियों द्वारा अपने थानों में मासिक या तिमाही बैठकों का आयोजन करके क्षेत्रीय विधायकों को आमंत्रित किये जाने और जन सुविधा या शासकीय, निर्माण संबंधी सुविधाओं और असुविधाओं के बारे में चर्चा किये जाने, जिससे विधायक विकास निधि से जन सुविधा के आवश्यक कार्य पूर्ण हो सके? आयोजन हेतु कोई अवरोध है? सम्पूर्ण जानकारी दें। यदि नहीं तो इस प्रकार के आयोजन क्यों नहीं किये जाते।
मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) थाना स्तर पर जनसंवाद कार्यक्रम, शांति समिति की बैठकों एवं जिला स्तर पर आयोजित सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में समिति में शामिल जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित किया जाकर गोष्ठी की जाती है। शेषांश प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) थाने के नियमित कार्यों एवं अपराधों की समीक्षा विभागीय स्तर पर थाना प्रभारी एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा की जाती है। जनसुविधा या शासकीय निर्माण संबंधी सुविधाओं और असुविधाओं के बारे में चर्चा किये जाने के संबंध में माननीय क्षेत्रीय विधायकगणों को आमंत्रित कर बैठक के आयोजन में कोई अवरोध नहीं है। विकास, निधि संबंधी बैठक पुलिस द्वारा नहीं आयोजित की जाती है।
राज्य अपराध रिकार्ड ब्यूरों की वार्षिक रिपोर्ट
[गृह]
88. ( क्र. 833 ) श्री उमंग सिंघार : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्यप्रदेश राज्य अपराध रिकार्ड ब्यूरो (एससीआरबी) द्वारा वर्ष 2022-23 एवं 2024 की वार्षिक अपराध रिपोर्ट का प्रकाशन अब तक क्यों नहीं किया गया है? कारण बताएं। (ख) प्रश्नांश (क) के प्रकाश में निरन्तर रिपोर्ट का प्रकाशन होता रहे इस दिशा में क्या शासन कार्यवाही करेगा? यदि हाँ तो कब तक यदि नहीं तो क्यों? (ग) क्या उक्त आशय की जानकारी वेबसाइड पर उपलब्ध करायी जायेगी?
मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) मध्यप्रदेश राज्य अपराध रिकार्ड ब्यूरो (एस.सी.आर.बी.) द्वारा वर्ष 2022-23 एवं 2024 की वार्षिक अपराध रिपोर्ट वेबसाईट https://www.mppolice.gov.in/crime-in-mp पर उपलब्ध है (ख) उत्तरांश (क) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) जानकारी वेबसाईट https://www.mppolice.gov.in/crime-in-mp पर उपलब्ध है।
वन्य जीव प्रबंधन पर खर्च धनराशि
[वन]
89. ( क्र. 834 ) श्री उमंग सिंघार : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) म.प्र. के वन्य जीव प्रबंधन पर विगत तीन वर्षों में कितनी राशि खर्च की गई है? (ख) विगत तीन वर्षों में कितने प्रकरण बाघों की मृत्यु एवं अवैध शिकार के प्रकाश में आये है? (ग) क्या बाघों के शिकार में तस्करों की संलिप्ता प्रकाश में आई है तो कब कब? विगत तीन वर्षों की जानकारी दें। (घ) प्रश्नांश (ख) के प्रकाश में किन्हें दोषी पाया गया है, उन पर क्या कोई कार्यवाही की गई?
मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) मध्यप्रदेश के वन्यजीव प्रबंधन पर विगत तीन वर्षों में निम्नानुसार राशि खर्च की गई है:-
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वित्तीय वर्ष |
व्यय राशि लाख में |
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2022-23 |
21783.94 |
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2023-24 |
26260.08 |
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2024-25 |
28066.11 |
(ख) मध्यप्रदेश में विगत 3 वर्षों में कुल 147 बाघों की मृत्यु के प्रकरण प्रकाश में आये हैं एवं जिनमें से शिकार के कुल 16 प्रकरण तथा 9 प्रकरण खाल/अवयव जप्ती के हैं। (ग) मध्यप्रदेश में विगत 3 वर्षों में बाघों के शिकार में तस्करों की संलिप्तता का एक प्रकरण घटना स्थल ग्राम नेवरगांव, जिला सिवनी का प्रकाश में आया है, जिसमें राज्य स्तरीय टाइगर स्ट्राईक फोर्स भोपाल द्वारा वन अपराध प्रकरण क्रमांक 237/17 दिनांक 18.02.2025 पंजीबद्ध कर 05 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। (घ) मध्यप्रदेश में विगत तीन वर्षों में हुई बाघों के अवैध शिकार के कारण हुई मृत्यु के प्रकरणों में वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 के अनुसार 110 गिरफ्तार आरोपियों के विरूद्ध नियमानुसार न्यायालयीन कार्यवाही की गई है।
विशेष पिछड़ी जनजातियों की गृह विभाग में भर्ती
[गृह]
90. ( क्र. 839 ) श्री फुन्देलाल सिंह मार्को : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विभाग द्वारा पूर्व के वर्ष में सीधी भर्ती के तहत मध्यप्रदेश की विशेष पिछड़ी आदिम जाति सहरिया, बैगा एवं भारिया जनजाति के शिक्षित बेरोजगार युवक-युवतियों की आरक्षक, एसएएफ में नियुक्ति की गई है? (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में क्या सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा इस नियुक्ति प्रक्रिया को बंद कर दिया है? यदि हाँ, तो कारण बतावें यदि नहीं तो राज्य की विशेष पिछड़ी जनजाति सहरिया, बैगा एवं भारिया के लिये नियुक्ति हेतु कब तक प्रक्रिया आरंभ करेगा?
मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जी हाँ। मध्यप्रदेश शासन, गृह विभाग, मंत्रालय, वल्लभ भवन, भोपाल के आदेश क्रमांक/एफ (अ) 30/2017/बी-4/दो, भोपाल, दिनांक 06.12.2017 के माध्यम से जिला इकाई बल एवं उन जिलों के अंतर्गत आने वाली विशेष सशस्त्र बल (SAF) की इकाइयों में आदिम जनजातियों के विशेष भर्ती अभियान के तहत आरक्षक के 160 पदों पर भर्ती की गई। (ख) विशेष पिछड़ी आदिम जनजातियों के लिए जब भी विशेष भर्ती अभियान चलाया जायेगा, तो इन पिछड़ी आदिम जनजातियों की पुलिस आरक्षक GD व SAF कार्यपालिक पदों पर भर्ती की जाएगी। इसके अतिरिक्त पुलिस विभाग में बालाघाट, डिण्डोरी एवं मण्डला जिलों में नक्सल प्रभावित विकासखण्डों के आदिवासियों की वर्ष 2022 में विशेष सहयोगी दस्ता हेतु 150 पदों पर एवं वर्ष 2025 में 882 पदों पर भर्ती की गई है।
वन भूमि पर विभिन्न कार्यों हेतु अनुमति
[वन]
91. ( क्र. 840 ) श्री फुन्देलाल सिंह मार्को : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वन भूमि पर सड़क निर्माण, ग्रामों के विद्युतिकरण, अभ्यारण्य क्षेत्र में निजी तथा वन अधिकार अधिनियम के पट्टे की भूमि पर नलकूप खनन इत्यादि कार्यों की अनुमति हेतु शासन के क्या निर्देश हैं? निर्देशों की प्रति उपलब्ध करावें। (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में डीएफओ तथा उसके ऊपर के अधिकारियों, राज्य शासन, भारत सरकार को कितनी भूमि की अनुमति देने के अधिकार हैं? निर्देशों की प्रति उपलब्ध करावें। (ग) शहडोल संभाग में प्रश्न दिनांक तक वन विभाग के किन- किन कार्यालयों में प्रश्नांश (क) से संबंधित प्रकरण कब से और क्यों लंबित हैं? जिलेवार, वर्षवार, बताते हुये लंबित प्रकरणों का कब तक निराकरण किये जाने की सीमा बतावें। (घ) उक्त लंबित प्रकरणों की विभाग के किस-किस अधिकारी ने कब-कब समीक्षा की, लंबित प्रकरणों के लिये दोषियों के विरूद्ध विभाग कोई कार्यवाही करेगा, यदि हाँ तो कब तक?
मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) वन (संरक्षण एवं संवर्धन) अधिनियम, 1980 एवं अनुसूचित जनजाति एवं अन्य परम्परागत वन निवासी (वन अधिकारों की मान्यता) अधिनियम, 2006 की धारा 3 (2) के तहत गैर वानिकी कार्यों हेतु वनभूमि व्यपवर्तन के संबंध में भारत सरकार का पत्र दिनांक 18.05.2009 एवं राज्य शासन का पत्र दिनांक 29.05.2009 तथा भारत सरकार के पत्र दिनांक 13.12.2023 से संरक्षित क्षेत्र (राष्ट्रीय उद्यान/अभयारण्य/टाइगर रिजर्व) कॉरीडोर/ईको-सेंसेटिव जोन/बफर क्षेत्र में वन्यजीव अनुमति के संबंध में निर्देश हैं। निर्देशों की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-1 पर है। (ख) अनुसूचित जनजाति एवं अन्य परम्परागत वन निवासी (वन अधिकार की मान्यता) अधिनियम 2006 की धारा 3 (2) के तहत उल्लेखित 13 कार्यों हेतु 01 हेक्टेयर के कम वन भूमि कि स्वीकृति प्रदान करने का अधिकार क्षेत्रीय वनमण्डलाधिकारी को है। 01 हेक्टेयर से अधिक वनभूमि की स्वीकृति राज्य शासन/भारत सरकार स्तर से जारी किये जाते हैं। संरक्षित क्षेत्र (राष्ट्रीय उद्यान/अभयारण्य/टाइगर रिजर्व) कॉरीडोर/ईको-सेंसेटिव जोन/बफर क्षेत्र में वन्यजीव अनुमति भारत सरकार के पत्र दिनांक 13.12.2023 के अनुसार कार्यवाही की जाती है। निर्देशों की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-1 पर है। (ग) वन (संरक्षण एवं संवर्धन) अधिनियम, 1980 एवं वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 के तहत प्राप्त प्रकरणों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-2 पर एवं अनुसूचित जनजाति एवं अन्य परम्परागत वन निवासी (वन अधिकारों की मान्यता) अधिनियम, 2006 की धारा 3 (2) के तहत जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-3 पर है। (घ) वन वृत्त शहडोल अंतर्गत लंबित प्रकरणों की समीक्षा की जानकारी प्रकरणवार उत्तरांश (ग) के परिशिष्ट में है। प्रकरणों की समीक्षा विभागीय स्तर पर समय-समय पर करके त्वरित निराकरण की कार्यवाही की जाती है। अत: किसी के विरूद्ध कार्यवाही करने का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
झूठे प्रकरण के आधार पर निरस्त शस्त्र लायसेंस की बहाली
[गृह]
92. ( क्र. 850 ) श्री राजेन्द्र भारती : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या दतिया जिला दण्डाधिकारी द्वारा अपने आदेश क्रमांक/क्यू/आर्म्स/9-5/रा.नि.2020 दिनांक 26.07.2021 द्वारा श्री रामसिंह परमार पुत्र श्री गुलाब सिंह परमार सहित कितने शस्त्र लायसेंसधारी है जिनका लायसेंस निलंबित किये गये है? यदि हाँ, तो कृपया कारण सहित जानकारी प्रदान करें। (ख) उक्त दर्ज आपराधिक प्रकरण में माननीय सत्र न्यायालय द्वारा दोषमुक्त करके थाने में जमा शस्त्र लायसेंस वापस करने के आदेश के बाद वर्ष 2016 में श्री राम सिंह परमार को थाने से वापस दिया गया था? यदि हाँ, तो पुनः उसी प्रकरण में जिला दण्डाधिकारी द्वारा उपरोक्त उल्लेखित आदेश दिनांक 26.07.2021 द्वारा पुनः शस्त्र लायसेंस निलंबित क्यों किया गया? कारण बतायें। (ग) क्या निलंबित शस्त्र लायसेंस के विरुद्ध आवेदक, रामसिंह परमार की अपील पर आयुक्त ग्वालियर संभाग द्वारा अपीलीय आदेश क्रमांक 0250/अपील/2022-23 दिनांक 22.04.2024 द्वारा जिला दण्डाधिकारी दतिया के आदेश को निरस्त किया गया था? कारण सहित जानकारी दें। (घ) क्या आयुक्त ग्वालियर संभाग के अपीलीय आदेश दिनांक 22-04-2024 अन्य आवेदनकर्ताओ को आवेदक रामसिंह परमार द्वारा दिनांक 29/08/25 को कलेक्ट्रेट कार्यालय में आवेदन बहाल करने का आवेदन समस्त सहपत्रों के साथ जमा किया था? यदि हाँ, तो उक्त आवेदन पत्र में अभी तक कोई कार्यवाही क्यो नहीं गई? कारण सहित अवगत कराते हुये बतायें कि क्या एक ही प्रकरण में माननीय न्यायालय के आदेश के बाद भी दो-दो बार किसी शस्त्र को निलंबित करने के क्या कारण है? कारण सहित बताते हुये यह भी बतायें कि निलंबित शस्त्र कब तक बहाल किया जायेगा?
मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) अनावेदक श्री रामसिंह परमार पुत्र श्री गुलाब सिह परमार निवासी ग्राम उदगुवां थाना जिगना जिला दतिया का शस्त्र लायसेंस क्यू/आर्म्स/9-5/श0नि0/2020/4099 दिनांक 26.07.2021 से निलंबित किया गया है। इसके साथ ही थाना जिगना जिला दतिया के अन्य तीन लायसेंसधारियों के शस्त्र लायसेंस आपराधिक प्रकरण दर्ज होने तथा व्यक्तियों के आचरण एवं लायसेंसी शस्त्र का दुरुपयोग करने वाले व्यक्तियों के शस्त्र लायसेंस निलंबित किये गये है। (ख) जी हाँ। श्री रामसिंह परमार के प्रकरण में पुलिस अधीक्षक दतिया द्वारा पत्र क्रमांक पुअ/दतिया/आर्म्स/1492/21 दिनांक 08.03.2021 से ऐसे शस्त्र लायसेंसधारी व्यक्तियों के आचरण एवं लायसेंसी शस्त्र का दुरुपयोग करने वाले व्यक्तियों के शस्त्र लायसेंस निलंबित किये जाने हेतु प्रस्तावित किया गया था। इसी आधार पर अनावेदक श्री रामसिंह परमार पुत्र श्री गुलाब सिंह परमार निवासी ग्राम उदगुवां थाना जिगना जिला दतिया का शस्त्र लायसेंस कार्यालयीन आदेश कमांक क्यू/आर्म्स/9-5/श0नि0/2020/4099 दिनांक 26.07.2021 से निलंबित किया गया है। (ग) जी हां। अपीलार्थी के प्रकरण में आयुक्त ग्वालियर संभाग ग्वालियर द्वारा यह भी आदेशित किया गया था कि अपीलार्थी पर दर्ज आपराधिक प्रकरण एवं वर्तमान स्थिति के संबंध में पुलिस अधीक्षक जिला दतिया से प्रतिवेदन प्राप्त कर अपीलार्थी को विधिवत साक्ष्य एवं सुनवाई का अवसर प्रदान कर तथा विधिवत जांच करते हुये, विधि संगत आदेश पारित होने तक की अवधि के दौरान शस्त्र लायसेंस निलंबित रहने के भी आदेश दिये गये है। (घ) जी हाँ। अनावेदक श्री रामसिंह परमार का शस्त्र लायसेंस निलंबन से बहाल किये जाने के संबंध में पुलिस अधीक्षक दतिया से प्रतिवेदन प्राप्त किया गया तथा अनावेदक को समक्ष में सुनवाई का अवसर दिया जाकर, प्राप्त पुलिस प्रतिवेदन एवं गुण-दोषों के आधार पर अनावेदक श्री रामसिंह परमार का शस्त्र लायसेंस निलंबन से निरस्त किया गया है। इस न्यायालय द्वारा अनावेदक का शस्त्र लायसेंस दो-दो बार निलंबित नहीं किया गया है। पुलिस प्रतिवेदन एवं ग्राम वासियों के कथनों के आधार पर पूर्ण संतुष्टि होने के उपरान्त अनावेदक श्री रामसिंह परमार का शस्त्र लायसेंस निलंबन से निरस्त किया गया है।
वन क्षेत्र में अतिक्रमण
[वन]
93. ( क्र. 851 ) श्री राजेन्द्र भारती : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या अतारांकित प्रश्न क्रमांक 458 उत्तर दिनांक 10/3/2022 के (ख) उत्तर जी हाँ वन परिक्षेत्र डभौरा के कक्ष क्रमांक 259 में 931 लोगों द्वारा अतिक्रमण किया गया है, जिनके विरुद्ध भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 66 क के तहत वन अपराध प्रकरण क्रमांक 261/6 दिनांक 31/1/2021 पंजीबद्ध किया गया है की जानकारी दी गई है। (ख) उक्त के परिपालन में वन परिक्षेत्र कार्यालय डभौरा द्वारा दिनांक 27/12/2023 के अपराध क्रमांक 261/6 दिनांक 13-1-021 का चालान न्यायालय त्यौंथर में मात्र 105 अतिक्रमणकारियों का पेश किया गया जबकि उत्तर में 931 लोगों पर अपराध दर्ज करना बताया गया, ऐसा क्यों? क्या संपूर्ण अतिक्रमणकारियों का चालान पेश करते हुए दोषी गलत जानकारी देने वाले वन अधिकारियों पर कठोर दंडात्मक कार्यवाही कर दी जाएगी? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं तो क्यों? कब तक सम्पूर्ण आरोपियों का चालान पेश करा दिया जाएगा? (ग) उक्त प्रश्नांश (क) एवं (ख) के संबंध में क्या कुल 1600 भूमिहीन दलित आदिवासी उक्त कक्ष क्रमांक 259 में लंबे समय से अतिक्रमण कर निवासरत हैं? करीब 600 लोगों का नाम वन विभाग द्वारा अतिक्रमण सूची में छोड़ा गया है। क्या पुनः इसे किसी निष्पक्ष अधिकारी से जांच कराकर उनका नाम सूची में जुड़वाते हुए चालन न्यायालय पेश कर देंगे? यदि हाँ, तो कब तक? समय-सीमा बताएं। यदि नहीं तो क्यों? (घ) उक्त प्रश्नांश (क) एवं (ख) के जिस कक्ष क्रमांक पर अतिक्रमण है तथा अतिक्रमणकारियों पर अपराध दर्ज है, उन्हें वन अमले द्वारा आए दिन परेशान व बेदखल करने की धमकी दी जा रही है। जब तक माननीय न्यायालय का निर्णय नहीं हो जाता तब तक के लिए क्या वन अधिकारियों को आदेश जारी किया जाएगा कि उन्हें प्रताड़ित, परेशान न करें। यदि हाँ तो आदेश प्रति के साथ जानकारी दें। यदि नहीं तो क्यों?
मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जी हाँ। (ख) वन अपराध क्रमांक 261/6 दिनांक 13.01.2021 की जांच करने पर वास्तविक रूप से दुष्प्रेरण के लिये उत्तरदायी 03 व्यक्तियों एवं मौके पर अतिक्रमण करने वाले 94 अतिक्रमणकारियों के विरूद्ध माननीय न्यायालय में अभियोग पत्र प्रस्तुत किया गया था। शेष 834 व्यक्तियों के विरूद्ध जांच में अपराध प्रमाणित नहीं पाये जाने के कारण उनके विरूद्ध न्यायालय में अभियोग पत्र प्रस्तुत नहीं किया गया। मौके पर अतिक्रमण करने वाले एवं वास्तविक रूप से अतिक्रमणकारियों को दुष्प्रेरण करने वालों के विरूद्ध ही जांच में प्राप्त तथ्यों के आधार पर न्यायालय में अभियोग पत्र प्रस्तुत किया गया है, जिसमें किसी प्रकार की गलत जानकारी नहीं दी गई है। अतः शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी नहीं, मौके पर अतिक्रमण कर कब्जा करने वाले अतिक्रमणकारी का नाम नहीं छोड़ा गया है। मौके पर काबिज कुल 94 अतिक्रमणकारी एवं दुष्प्रेरण करने वाले 03 व्यक्तियों के विरूद्ध न्यायालय में अभियोग पत्र प्रस्तुत करने की कार्यवाही कर दी गई है। अतः शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) जी नहीं। अतः शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
वनमंडल रीवा को आवंटित बजट का उपयोग
[वन]
94. ( क्र. 897 ) श्री अभय मिश्रा : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या वित्तीय वर्ष 2024-25, 2025-26 में वन मण्डल कार्यालय रीवा अंतर्गत आने वाले परिक्षेत्र को कितनी राशि आवंटित की गई? आवंटित राशि अनुसार व्यय की जानकारी प्रश्न दिनांक तक परिक्षेत्रवार देवे। (ख) प्रश्नांश (क) के वन मण्डल कार्यालय द्वारा 25 जनवरी, 2025 से 31 दिसंबर, 2025 तक कौन-कौन सी सामग्री क्रय की गई, क्रय के पूर्व शासन के क्रय नियमों का पालन किया गया? जिसके संबंध में अपनायी गई विधि प्रक्रिया की जानकारी की प्रति देते हुये क्या-क्या सामग्री क्रय की गई, की जानकारी देवें? (ग) प्रश्नांश (क) के कार्यालय द्वारा ज्योति इन्फ्रा को वित्तीय वर्ष 2024-25 से प्रश्नांश दिनांक तक के दौरान किये गये भुगतान का विवरण उपलब्ध करावें। (घ) प्रश्नांश (क) के कार्यालय एवं वन मण्डल अधिकारी के द्वारा उपयोग किये गये वाहन का क्रमांक व नाम के साथ वन मण्डल कार्यालय एवं परिक्षेत्र में कितने वाहन किराये पर लगाए गये है, की जानकारी वाहन क्रमांक सहित इन वाहनों को व्यय किये गये किराये एवं तेल की जानकारी पृथक-पृथक वाहनवार देवें। (ड.) प्रश्नांश (क), (ख), (ग) एवं (घ) में उल्लेखित जानकारी देने के साथ की गई अनियमितताओं पर जांच एवं कार्यवाही बावत् क्या निर्देश देंगे बतावें? अगर नहीं तो क्यों?
मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-1 अनुसार है। (ख) वनमंडल रीवा अंतर्गत परिक्षेत्रों में विभिन्न कार्यों में उपयोग हेतु 25 जनवरी, 2025 से 31 दिसम्बर, 2025 तक क्रय की गई सामग्री की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-2 अनुसार है। सामग्री का क्रय नियमानुसार भण्डार क्रय नियमों का पालन करते हुए किया गया है। क्रय सामग्री की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-2 अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-3 अनुसार है। (घ) वनमंडलाधिकारी रीवा द्वारा उपरोक्त अवधि में शासकीय वाहन क्रमांक MP02 ZA 0923 (स्कॉर्पियों) का उपयोग किया गया है तथा परिक्षेत्रों में गश्ती, वानिकी एवं अन्य शासकीय कार्यों के उपयोग हेतु किराये के वाहनों की जानकारी तथा किराये एवं तेल पर व्यय की गई राशि की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-4 अनुसार है। (ड.) वर्ष 2024-25 से प्रश्न दिनांक तक कार्यों में किसी भी अधिकारी/कर्मचारी द्वारा अनियमितता प्रकाश में नहीं आई है। अत: शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
विधायकों के पत्रों पर सा.प्र.वि. के आदेशों का पालन नहीं होना
[गृह]
95. ( क्र. 916 ) श्री जयवर्द्धन सिंह : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या अद्योहस्ताक्षरकर्ता का पत्र क्र. 939 दिनांक 15.12.25 जो एसीएसहोम, डीजीपी, क्र. 949 दिनांक 05.01.26 जो एसीएसहोम, डीजीपी, एसपी/कलेक्टर विदिशा, क्र. 958 दिनांक 12.01.26 एवं क्र. 960 दिनांक 19.01.26 जो एडीजीसाईबर क्राइम को प्राप्त हुआ है? साप्रवि के आदेश दिनांक 22.3.2011 के उल्लंघन होने पर आदेश के बिन्दु पांच अनुसार संबंधितों का निलंबन करते हुय कब तक जानकारी उपलब्ध कराई जायेगी? (ख) प्रवक्ता, एमपीपीसीसी का पत्र क्र. 3 दिनांक 19.01.26 सीपी भोपाल एवं क्र. 7-8 दिनांक 21.01.26 जो एडीजीसायबर तथा प्रदेश उपाध्यक्ष, एनएसयूआई के पत्रों पर सायबर द्वारा पत्र क्र. डी/19 एवं 21 दिनांक 15.01.26 जो डीसीपीक्राइम, डीसीपीजोन-1 का पत्र क्र. 2105 दिनांक 17.11.25 जो एसीपीटीटी नगर, डीसीपीजोन-4 का पत्र क्र. 37 दिनांक 15.11.25 जो सीएमएचओ, भोपाल पुलिस आयुक्त भोपाल का पत्र क्र. सा-56 ए दिनांक 21.11.25 जो डीसीपीजोन-1, टीआईरातीबड़ का पत्र क्र. 105 दिनांक 10.11.25 एवं प्रदेश उपाध्यक्ष एनएसयूआई का ईमेल दिनांक 8.12.25 जो एसपीसीहोर, ईमेल दिनांक 07.01.26 जो डीजीपी, ईमेल दिनांक 02.09.25 जो पुलिस आयुक्त भोपाल, ईमेल दिनांक 29.08.25 जो एसपीरायसेन को भेजा गया है पर कृत कार्यवाही से अवगत करायें। (ग) विष्णु प्रसाद अग्रवाल का क्रमश: स्पीड पोस्ट नं. EI746707749IN/ EI746707718IN/EI746707721IN सीपी/एसीपी/टीआईटीटी नगर, भोपाल जनसुनवाई EI534191475IN एसीएस होम, जनसुनवाई सीपी 06.01.26 डीजीपी दिनांक 13.01.26 पर कृत कार्यवाही की जानकारी दें।
मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'अ' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'ब' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'स' अनुसार है।
साप्रवि के आदेशों का उल्लंघन
[विज्ञान और प्रौद्योगिकी]
96. ( क्र. 917 ) श्री जयवर्द्धन सिंह : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या अद्योहस्ताक्षरकर्ता का पत्र क्र. 960 दिनांक 19/01/26 सीएस, एमडीएमपीएसईडीसी, क्र. 903-904 दिनांक 8/9/25 एसीएस होम, एसीएस/एमडीएमपीएसईडीसी, क्र. 902 दिनांक 28/8/25, क्र. 897-898 दिनांक 18/8/25 सीएस, एमडीएमपीएसईडीसी, क्र. 985-986 एसीएस/एमडीएमपीएसईडीसी, क्र. 838-839 दिनांक 09/06/25 पीएससीएम, पीएस/एमडीएमपीएसईडीसी, क्र. 834-835 दिनांक 09/06/2025 सीएम, एसीएस/एमडीएमपीएसईडीसी को प्राप्त हुआ है? साप्रवि के आदेश क्रमांक एफ 19-76/2007/1/4 दिनांक 22/3/2011 के उल्लंघन होने पर आदेश के बिन्दु पांच अनुसार संबंधितों का निलंबन करते हुये कब तक जानकारी उपलब्ध कराई जायेगी? (ख) प्रवक्ता, एमपीपीसीसी का पत्र क्र.7 दिनांक 21/01/26 जो मुख्यमंत्री, पीएस एवं एमडीएमपीएसईडीसी एवं श्री सौरभ चौहान निवासी इंदौर द्वारा एमपीएसईडीसी में व्याप्त अनियमितताओं/गड़बड़ियों को लेकर अनेकों ईमेल एमडी एमपीएसईडीसी को प्रेषित किये है उन पर कब, क्या कार्यवाही की गई, जानकारी दें? यदि नहीं तो संबंधितों के विरूद्ध कब तक कार्यवाही कर जानकारी दी जायेगी? ईमेल एवं एकल नस्ती प्रति एवं आदेश/निर्देशों सहित दें। (ग) एमडीएमपीएसईडीसी ने प्रश्नकर्त्ता के कितने पत्रों की अभिस्वीकृति, पत्र के उत्तर दिये है? बतायें। यदि नहीं तो क्यों कारण सहित स्पष्ट करें। एमपीएसईडीसी समस्त कार्यालय में कार्यरत नियमित/आउटसोर्स/थर्डपार्टी/संविदा/कलेक्टर दर पर कार्यरत स्टॉफ की सूची, वेतन, पदीयदायित्व के आदेश, उपस्थिति की प्रति गौशवारा बनाकर मुख्यमंत्री जी घोषणा क्र. बी-1207 के अनुक्रम में तीन माह की विस्तृत जानकारी दें।
मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जी नहीं, पत्र क्रमांक 902 दिनांक 28.08.2025 एवं क्रमांक 985-986 एमडी एमपीएसईडीसी को अप्राप्त। एमडी एमपीएसईडीसी को प्राप्त पत्रों पर एमपीएसईडीसी द्वारा नियमानुसार कार्यवाही की गई है। अत: प्रश्नांश का शेष भाग उपस्थित नहीं होता। (ख) एमपीएसईडीसी द्वारा की गई कार्यवाही संबंधी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-1 अनुसार है। (ग) जी हॉं, 05 पत्रों की अभिस्वीकृति दी गई है, पत्र क्रमांक 902 दिनांक 28.08.2025 एवं क्रमांक 985-986 एमडी एमपीएसईडीसी को अप्राप्त। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-2 अनुसार है।
अपराधी की गिरफ्तारी
[गृह]
97. ( क्र. 957 ) श्री बृज बिहारी पटैरिया : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या मे. विश्वास सेल्स एंड सर्विसेस भोपाल के संचालकों के विरूद्ध प्रदेश के विभिन्न थानों में वाय दीनगर थाना मंदसौर, कोतवाली थाना श्यौपुर, थाना जैतवारा जिला सतना में विभिन्न गम्भीर धाराओं में प्रकरण पंजीबद्ध हुये है। यदि हाँ तो गिरफ्तारी नहीं होने के क्या कारण है? विवरण देवें। (ख) क्या जिला न्यायालय श्योपुर द्वारा दिसम्बर 2024 में जमानत आवेदन भी निरस्त किये गये है फिर भी आज दिनांक तक गिरफ्तार नहीं किये जाने के क्या कारण है? विवरण देवें। (ग) क्या आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया जाना विभाग की लापरवाही नहीं है? यदि हाँ तो क्या जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्यवाही की जावेगी, यदि हाँ तो कब तक नहीं तो क्यों? स्पष्ट विवरण प्रदान करें।
मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जी हाँ। विवेचना की संक्षिप्त जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी हाँ, प्रकरण में आरोपी विश्वास सेल्स एण्ड सर्विसेस भोपाल के प्रोपराईटर श्री विश्वास जैन द्वारा सत्र न्यायालय श्योपुर अपर सत्र न्यायाधीश श्योपुर के न्यायालय में अग्रिम जमानत हेतु आवेदन प्रस्तुत किया गया था, जिसे न्यायाधीश महोदय द्वारा दिनांक 13.12.2024 को निरस्त किया गया। प्रकरण की विवेचना के दौरान संकलित साक्ष्यों के अनुसार आरोप अप्रमाणित पाये जाने से आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया गया व प्रकरण में साक्ष्य का अभाव होने से खात्मे का अंतिम प्रतिवेदन क्र. 03/25 दिनांक 28.06.2025 तैयार कर सक्षम न्यायालय में प्रस्तुत किया गया है। (ग) जी नहीं, गिरफ्तारी के संबंध में विवेचना अधिकारियों द्वारा कोई भी लापरवाही नहीं की गई है। अपराध के तथ्य एवं परिस्थितियों की विवेचना एवं साक्ष्यों के आधार पर विधिक कार्यवाही की जाती है।
समय-सीमा में आवास आवंटन
[गृह]
98. ( क्र. 958 ) श्री बृज बिहारी पटैरिया : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भोपाल जिले में जून 2025 से 30 दिसम्बर, 2025 तक कब-कब प्रश्नकर्ता द्वारा आवास आवंटन हेतु अनुरोध पत्र प्रेषित किये गये किन-किन दिनांकों में विभाग को प्राप्त हुये, की गई कार्यवाही का विवरण देवें। (ख) जून 2025 से प्रश्न दिनांक तक कौन-कौन से आवास रिक्त थे? सूची प्रदान करें। इस अवधि में अन्य आवेदन किन लोगों के प्राप्त हुये किन्हें किस-किस दिनांक पर आवास आवंटित किये गये? प्रति उपलब्ध करायें। (ग) उक्त अवधि में आज दिनांक तक के आवेदनकर्ताओं को जिन्हें आवास आवंटित नहीं किये उनकी सूची देवें एवं कारण सहित बताये, कि आवंटन क्यों नहीं हुये हैं? क्या यह सत्य है कि आवास आवंटन शाखा के अनुभाग अधिकारी/प्रस्तुतकर्ता लिपिक के द्वारा जानबूझकर समय-सीमा में वरिष्ठ अधिकारियों तक प्रकरण प्रस्तुत नहीं किये गये हैं यदि हाँ तो ऐसे लापरवाह कर्मचारियों को अन्यत्र विभागों में पदस्थी की कार्यवाही की जावेगी? यदि हाँ तो कब तक नहीं तो क्यों, कारण सहित बतायें।
मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। भोपाल स्थित शासकीय आवास आवंटन नियम 2000 के नियम 10 के अंतर्गत प्रतिष्ठित एवं गणमान्य व्यक्तियों, ख्यातिप्राप्त व्यक्तियों, सामाजिक संस्थाओं एवं राजनैतिक पार्टियों को अधिकतम 40 शासकीय आवास आवंटित किये जाने के नियमों में प्रावधान है। माननीय विधानसभा अध्यक्ष पूल के अंतर्गत 36 आवास का कोटा निर्धारित है, जिसका आवंटन माननीय विधानसभा अध्यक्ष द्वारा किया जाता है। वर्तमान में उक्त निर्धारित कोटे के अतिरिक्त सामान्य पूल के 18 शासकीय आवास माननीय विधायकगणों को आवंटित समय-समय पर आवंटित किए गए है। भोपाल स्थित शासकीय आवास आवंटन नियम, 2000 के नियम 10 के प्रावधान के तहत सामाजिक संस्थाओं, राजनैतिक पार्टियों, गणमान्य व्यक्तियों तथा ख्याति प्राप्त व्यक्तियों को शासकीय आवास 03 वर्ष की अवधि के लिए माननीय मुख्यमंत्रीजी के अनुमोदन उपरांत आवंटित/नवीनीकरण किए जाते है। (ख) जून, 2025 से प्रश्न दिनांक तक भोपाल स्थित विभिन्न श्रेणियों के शासकीय आवास उपलब्ध होने पर भोपाल स्थित शासकीय आवास आवंटन नियम 2000 के तहत अधिकारियों को उनकी पात्रता का परीक्षण किए जाने के उपरांत समिति द्वारा आवंटित किए जाते है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के उत्तर के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
भू-अर्जन पर किसानों के परिवार को सहायता
[औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन]
99. ( क्र. 961 ) श्री केशव देसाई : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना के समय भू-अर्जन से प्रभावित किसानों को दिये जाने वाले लाभ, मुआवजा रोजगार का क्या प्रावधान है? इन नियमों/प्रावधानों की छायाप्रति उपलब्ध करावें। (ख) औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना के समय भू-अर्जन से प्रभावित परिवारों के एक सदस्य रोजगार प्रदान किया जाता है? क्या यदि रोजगार प्राप्त सदस्य सेवानिवृत्त अथवा दिवगंत हो जाए तो उसके स्थान पर उसी परिवार के एक अन्य सदस्य को पुन: रोजगार प्रदान करने का प्रावधान है? यदि हाँ तो नियमों की सत्यापित प्रति उपलब्ध करायें।
मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) भूमि अर्जन पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम 2013 अंतर्गत प्रभावित किसानों/भूमि स्वामियों को दिये जाने वाले लाभ, मुआवजा रोजगार के प्रावधान उल्लेखित है की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) भूमि अर्जन पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम 2013 की दूसरी अनुसूची में प्रभावित कुटुम्बों (ऐसे भू-स्वामी और कुटुम्ब दोनों जिनकी जीविका मुख्यत: अर्जित भूमि पर निर्भर है।) के लिए पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन हकदारी के तत्व का उल्लेख है जिसमें वार्षिकी या नियोजन के विकल्प उल्लेखित है। उक्त अनुसूची की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। रोजगार प्राप्त सदस्य सेवानिवृत्त अथवा दिवंगत हो जाए तो उसके स्थान पर उसी परिवार के एक अन्य सदस्य को पुन: रोजगार प्रदान करने का उल्लेख अधिनियम अंतर्गत नहीं है।
जी.आई.एस. के माध्यम से रोजगार की उपलब्धता
[औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन]
100. ( क्र. 963 ) श्री फूलसिंह बरैया : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला ग्वालियर, दतिया, भोपाल एवं मुरैना में विभाग द्वारा वर्ष 2024 से प्रश्न दिनांक तक कितनी कम्पनी स्थापित की गई? सूचीवार जानकारी देवें। (ख) जिन कम्पनी को विभाग द्वारा स्थापित किया गया है, उनमें ग्वालियर, दतिया, भोपाल एवं मुरैना के कितने बेरोजगार युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराया गया है, नाम सहित सूची उपलब्ध करावें। (ग) जी.आई.एस. के माध्यम से ग्वालियर, दतिया, भोपाल एवं मुरैना में कितनी कम्पनियों ने प्रश्न दिनांक तक इन्वेस्टमेंट किया गया है, कम्पनी का नाम एवं इन्वेस्टमेंट अमाउंट सहित जानकारी देवें। (घ) जी.आई.एस. के माध्यम से कितने युवाओं को रोजगार दिया गया है, कम्पनी का नाम एवं रोजगार पाने वाले युवाओं का नाम सहित जानकारी उपलब्ध करावें।
मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) विभाग द्वारा स्वयं उद्योगों की स्थापना नहीं की जाती अपितु निवेशकों को उद्योग स्थापना हेतु सुविधा/सहायता प्रदान की जाती है। जिला ग्वालियर, दतिया, भोपाल एवं मुरैना में वर्ष 2024 से प्रश्न दिनांक तक स्थापित औद्योगिक इकाइयों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-1 अनुसार है। (ख) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित कम्पनियों द्वारा प्रदाय रोजगार की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-1 अनुसार है। कम्पनियों में रोजगार प्राप्त व्यक्तियों की नाम सहित सूची विभाग अंतर्गत म.प्र. इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन द्वारा संधारित नहीं की जाती है। (ग) जी.आई.एस. के माध्यम से ग्वालियर, दतिया, भोपाल एवं मुरैना में कंपनियों द्वारा किये गये निवेश की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-2 अनुसार है। सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विभाग से प्राप्त जानकारी अनुसार जी.आई.एस. के माध्यम से ग्वालियर, दतिया, भोपाल एवं मुरैना में निजी कंपनियों द्वारा इन्वेस्टमेंट अमाउंट की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'3' अनुसार है। (घ) प्रश्नांश (ग) में उल्लेखित जी.आई.एस. के माध्यम से स्थापित कम्पनियों द्वारा प्रदत्त रोजगार की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-2 अनुसार है। कम्पनियों में रोजगार प्राप्त व्यक्तियों की नाम सहित जानकारी विभाग अंतर्गत म.प्र. इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन द्वारा संधारित नहीं की जाती है।
गिट्टी खदाने/क्रशर संचालन
[खनिज साधन]
101. ( क्र. 964 ) श्री फूलसिंह बरैया : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दतिया जिले के भाण्डेर विधानसभा में वर्ष 2022 से प्रश्न दिनांक तक कितने गिट्टी खदाने/क्रेशर संचालित है स्थान, नाम संचालक, रकबा, लीज अवधि सहित देवें। (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार स्वीकृति से संबंधित तहसीलदार, कलेक्टर (खनिज शाखा) को प्रेषित प्रतिवेदन की प्रमाणित प्रति प्रत्येक स्वीकृत खदान/क्रेशर बार उपलब्ध करायें? इनके लीज के क्या नियम है? उपलब्ध कराये। (ग) संचालित क्रेशरों से वर्ष 2023-24 एवं 2024-25 तक कितनी-कितनी रायल्टी जमा कराई गई है? खदानवार बताये।
मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) दतिया जिले के भाण्डेर विधान सभा में वर्ष 2022 के पूर्व से स्वीकृत होकर वर्तमान में संचालित गिट्टी खदानें/क्रशर, स्थान, नाम, संचालन, रकबा, लीज अवधि की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ पर है। प्रश्नाधीन विधानसभा क्षेत्र में वर्ष 2022 से कोई भी नवीन उत्खनिपट्टा स्वीकृत नहीं किया गया है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ब पर है। गौण खनिज के उत्खनिपट्टा स्वीकृति एवं संचालन के लिए मध्यप्रदेश गौण खनिज नियम, 1996 में प्रावधान है। यह नियम अधिसूचित नियम है। (ग) प्रश्नानुसार जानकारी प्रश्नांश (क) में पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ पर है।
नोटरी का पद सृजित किया जाना
[विधि एवं विधायी कार्य]
102. ( क्र. 974 ) श्री हरिशंकर खटीक : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) टीकमगढ़ जिले के नगर लिधौरा, मोहनगढ़, दिगौड़ा में तहसीलें कब खोली गई थीं? आदेशों की छायाप्रतियाँ प्रदाय करें। (ख) प्रश्नांश (क) के आधार पर बतायें कि टीकमगढ़ जिले में कहाँ-कहाँ, कौन-कौन सी तहसीलों के अन्तर्गत कौन-कौन अधिवक्ता नोटरी के रूप में कब से कार्य कर रहे हैं? उनके नाम, पते सहित जानकारी उपलब्ध करायें। (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के आधार पर जानकारी दें कि तहसील लिधौरा, मोहनगढ़ एवं दिगौड़ा की तहसीलों में नोटरी के पद जनहित में सृजित किये जावेंगे तो कब तक? निश्चित समय-सीमा बतायें
मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) से (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।
संविदा डाटा एंट्री ऑपरेटरों की वेतन विसंगति
[वित्त]
103. ( क्र. 975 ) श्री हरिशंकर खटीक : क्या उप मुख्यमंत्री, वित्त महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या म.प्र. शासन, वित्त विभाग, मंत्रालय भोपाल द्वारा जारी नीति दिनांक 23.05.2014 अनुसार विधि एवं विधायी कार्य विभाग के डाटा एन्ट्री आपरेटरों का वेतनमान 2400 ग्रेड-पे किया गया था। इसके बावजूद म.प्र. शासन, सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी नीति दिनांक 22.07.2023 की कंडिका 4.1.1 के अनुपालन हेतु वित्त विभाग द्वारा डाटा एन्ट्री आपरेटर (संविदा) का नियमित पद से समकक्षता का निर्धारण 1900 ग्रेड-पे किया गया है? 1900 ग्रेड-पे किस आधार पर किया गया है? स्पष्ट जानकारी दें। (ख) क्या सामान्य प्रशासन विभाग, मंत्रालय भोपाल द्वारा संविदा अधिकारियों/कर्मचारियों के संबंध में जारी नीति दिनांक 05.06.2018 के अनुसार समकक्ष नियमित पदों के वेतनमान के न्यूनतम का 90 प्रतिशत किये जाने के संबंध में आदेश जारी किये गये थे, उस आदेश के परिपालन में वित्त विभाग द्वारा डाटा एन्ट्री आपरेटर (संविदा) को वेतनमान 2400 ग्रेड-पे का अनुमोदन किया गया था? यदि हाँ तो किस-किस विभाग को अनुमोदन दिया गया था, विभागों के नाम सहित सम्पूर्ण जानकारी प्रदान करें। (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के आधार पर बतायें कि ऐसे कौन-कौन से विभाग हैं जिनमें ऐसे नियमित डाटा एन्ट्री आपरेटर को 2400 ग्रेड-पे एवं संविदा डाटा एन्ट्री आपरेटर को 1900 ग्रेड-पे दिया जा रहा है? जब पद एक है तो समान कार्य समान वेतन दिया जाना चाहिये, फिर यह वेतन विसंगति क्यों की जा रही हैं? स्पष्ट करें। (घ) प्रश्नांश (क), (ख) एवं (ग) अनुसार वित्त विभाग कब तक वेतन विसंगति दूर करते हुए कब तक डाटा एन्ट्री ऑपरेटरों का पद समान कार्य, समान वेतन के आधार पर नियमित एवं संविदा को एक मानकर 2400 ग्रेड-पे जो लागू है, उसे अन्य विभागों में समानता के रूप में करने हेतु आदेश जारी करेगा? समय-सीमा स्पष्ट करें।
उप मुख्यमंत्री, वित्त ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) जी हाँ। मध्यप्रदेश शासन, सामान्य प्रशासन विभाग के परिपत्र दिनांक 22.07.2023 की कंडिका 4.1.1 समस्त संविदा अधिकारियों/कर्मचारियों के 01.04.2018 की स्थिति में मासिक पारिश्रमिक निर्धारण से संबंधित है, उक्त कंडिका में विशिष्ट संवर्ग (डाटा एन्ट्री ऑपरेटर) के वेतन निर्धारण के संबंध में लेख नहीं है। समकक्षता निर्धारण का निर्णय परिपत्र की कंडिका 3.3 अनुसार गठित समिति स्तर से समग्र रूप से लिया गया है। (ख) जी हाँ। वित्त विभाग द्वारा वेतनमान के अनुमोदन विषयक कार्यवाही नहीं की जाती है। शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) उपरोक्त (क) एवं (ख) के अनुक्रम में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) राज्य शासन अपने वित्तीय संसाधनों एवं अन्य प्राथमिकताओं को दृष्टिगत रखते हुए यथासमय उचित निर्णय लेता है।
स्टार्ट अप को उपलब्ध करायी आर्थिक सहायता
[सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम]
104. ( क्र. 978 ) श्री हेमंत सत्यदेव कटारे : क्या सूक्ष्म,लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में विगत पांच सालों में कितने स्टार्ट अप शुरू व कितने बंद हुए? शुरू/बंद हुये स्टार्ट अप का नाम, पता सहित वर्षवार सूची उपलब्ध करायी जाये साथ ही जानकारी दी जाये कि स्टार्ट अप की संख्या के मान से देश में प्रदेश का स्थान किस नंबर पर आता है? (ख) आलोच्य अवधि में किन स्टार्ट अप को एमएसएमई विभाग की ओर से कितनी धनराशि की मदद उपलब्ध करायी गयी? स्टार्ट अप का नाम, पता व धनराशि की जानकारी सहित वर्षवार विवरण दिया जाये। (ग) प्रदेश में टर्न ओवर के आधार पर कौन-कौन से 10 स्टार्ट अप प्रथम 10 की सूची में आते है? स्टार्ट अप का नाम, पता व टर्न ओवर की राशि सहित पूर्ण विवरण दिया जाये। (घ) क्या प्रदेश के किसी स्टार्ट अप को यूनीकॉर्न स्टेटस मिला है? यदि नहीं तो इसके क्या कारण है, विस्तार से जानकारी दें।
सूक्ष्म,लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री ( श्री चेतन्य कुमार काश्यप ) : (क) प्रदेश में विगत पाँच सालों में कुल 5,557 स्टार्टअप्स भारत सरकार द्वारा अधिमान्य किये गये। अधिमान्य स्टार्टअप्स के नाम, पता एवं वर्षवार विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। बंद हुए स्टार्टअप्स के संबंध में नाम, पता सहित वर्षवार सूची विभागीय अभिलेखों में संधारित नहीं की जाती है। स्टार्टअप्स की संख्या के मान से देश में मध्यप्रदेश का स्थान 11वाँ है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ग) स्टार्टअप्स के टर्नओवर से संबंधित वित्तीय विवरण व्यक्तिगत है, जिसकी जानकारी विभाग द्वारा संधारित नहीं की जाती है। (घ) जी नहीं। यूनिकॉर्न स्टेटस प्राप्त होने की प्रक्रिया समयसाध्य होती है तथा यह संबंधित स्टार्टअप के व्यवसायिक विस्तार, निजी एवं संस्थागत निवेश, वैश्विक बाजार में उपस्थिति एवं निवेशकों द्वारा किए गए मूल्यांकन पर निर्भर करती है। प्रदेश के स्टार्टअप को यूनिकॉर्न स्टेटस (निजी स्वामित्व वाली कंपनी का मूल्यांकन अमेरिकी डॉलर 1 बिलियन या उससे अधिक होना) प्राप्त करने में सहायता हेतु राज्य शासन द्वारा म.प्र. स्टार्टअप नीति एवं कार्यान्वयन योजना 2025 संचालित की जा रही हैं।
राज्य सरकार पर कर्ज व शासकीय संपत्तियों का विक्रय
[वित्त]
105. ( क्र. 982 ) श्री देवेन्द्र पटेल : क्या उप मुख्यमंत्री, वित्त महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जनवरी 2024 से राज्य सरकार ने प्रतिमाह कितना-कितना कर्ज किन-किन संस्थाओं से किन शर्तों पर प्रश्न दिनांक तक लिया है? विवरण दें। वर्तमान में राज्य सरकार पर कुल कितना कर्ज है? इस कर्ज पर प्रतिमाह कितना ब्याज अदा किया जा रहा है? (ख) प्रश्नांश (क) उल्लेखित अवधि में लाड़ली बहना योजना में प्रतिमाह कितनी राशि क्रय की गई है? ब्यौरा दें व बतावें कि इस योजना में महिलाओं की दी जाने वाली राशि में बढ़ोत्तरी की क्या योजना है? विवरण दे। (ग) प्रश्नांश (क) उल्लेखित अवधि में राज्य सरकार द्वारा राज्य व राज्य से बाहर स्थित म.प्र. शासन की किन-किन सम्पत्तियों का विक्रय कितनी राशि में किस योजना के आधार पर किया है? विवरण दें व बतावें कि भविष्य में किन-किन सम्पत्तियों का विक्रय किन नियम निर्देशों के तहत किया जाना है?
उप मुख्यमंत्री, वित्त ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) (1) जनवरी, 2024 से 31 मार्च, 2025 तक ऋण की जानकारी, भारत के नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक द्वारा अंकेक्षित मध्यप्रदेश सरकार के वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिये जारी वित्त लेखे खण्ड-II के विवरण पत्रक संख्या 17 में जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-01 अनुसार है। वित्त लेखे भारत के नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक की वेबसाईट www.cag.gov.in पर भी उपलब्ध हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 के वित्त लेखे भारत के नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक द्वारा अंकेक्षित नहीं किए जाने से जानकारी दी जाना संभव नहीं है। तथापि वित्त सचिव के स्मृति पत्र अनुसार राज्य शासन पर 31 मार्च 2026 तक कुल ऋण के अनुमान की स्थिति का पत्रक पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-02 अनुसार है। राज्य शासन द्वारा कर्जे पर ब्याज भुगतान की जानकारी बजट अनुमान वर्ष 2025-26 की स्थिति में वित्त सचिव के स्मृति पत्र के बजट सार में उल्लेख अनुरूप पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-03 पर है। (ख) उल्लेखित अवधि में लाड़ली बहना योजना में राशि का क्रय नहीं बल्कि लाड़ली बहना योजना में राज सहायता प्रदान की गई है। राज्य शासन द्वारा लाड़ली बहना या अन्य योजनाओं में राशि की बढ़ोत्तरी का निर्णय शासन स्तर पर समय-समय पर लिया जावेगा। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) लोक परिसंपत्ति प्रबंधन विभाग से प्राप्त पत्र क्रमांक 67/4545245/2026/76-1, दिनांक 09.02.2026 द्वारा प्रदत्त उत्तर में जनवरी, 2024 के पश्चात् किसी प्रकार की परिसम्पत्ति का निर्वतन नहीं किया गया है।
मैहर में डीएमएफ के लंबित कार्य
[खनिज साधन]
106. ( क्र. 983 ) श्री देवेन्द्र पटेल : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला खनिज प्रतिष्ठान मद अंतर्गत मैहर विधानसभा क्षेत्र के वर्ष 2023-24 में अनुमोदित व स्वीकृत किन-किन कार्यों की राशि निर्माण एजेंसियों को जारी कर दी गई है? सूची दें व बतावें कि किन-किन कार्यों हेतु राशि जारी नहीं की गई है और क्यों? (ख) प्रश्नांश (क) उल्लेखित कार्यों में से कितने व कौन-कौन से कार्य निरस्त किये गये है और क्यों? अनुमोदित कार्यों को निरस्त करने का अधिकार किसको है? कार्यों को स्वीकृत करने राशि जारी करने व कार्यों को निरस्त करने संबंधी नीतियों की प्रति उपलब्ध करावें। कार्यों को निरस्त करने का कार्यवार स्पष्ट कारण बतावें। (ग) वर्ष 2023-24 में अनुमोदित सूची में सम्मिलित पेयजल संबंधी कार्यों को तत्कालीन पेयजल संकट को देखते हुए तत्कालीन कलेक्टर द्वारा पंचायतों को मौखिक निर्देश दिये गए थे कि स्वीकृति की प्रत्याशा में कार्यों को शीघ्र करा लिया जाये उक्त कार्य करा भी लिए गए थे किन्तु अब इन कार्यों को किन नियम-निर्देशों के तहत निरस्त किया गया है? विस्तृत विवरण दें व कारण बतावें।
मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जिला खनिज प्रतिष्ठान मद अंतर्गत मैहर विधानसभा क्षेत्र के वर्ष 2023-24 में 146 कार्य अनुमोदित किये गये। जिसमें से 15 कार्यों की राशि निर्माण एजेंसी को जारी की गई है, जिसकी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ पर है। प्रशासकीय स्वीकृति जारी न किये जाने वाले कार्यों की राशि जारी नहीं की गई है। जिसकी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ब पर है। (ख) वित्तीय वर्ष 2023-24 के अनुमोदित कोई कार्य निरस्त नहीं किये गये हैं। अनुमोदित कार्यों को निरस्त करने संबंधी अधिकार जिला खनिज प्रतिष्ठान न्यास मंडल को है। प्रश्नांश अनुसार कार्यों को स्वीकृत करने, राशि जारी करने व कार्य को निरस्त करने संबंधी प्रावधान म.प्र. जिला खनिज प्रतिष्ठान नियम, 2016 में अधिसूचित हैं अतः शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) वित्तीय वर्ष 2023-24 के न्यास मंडल में अनुमोदित कार्यों का अनुमोदन शासन स्तर से विनिर्दिष्ट पोर्टल पर विभागीय एनओसी प्राप्त न होने के कारण पेयजल संबंधी कार्यों की प्रशासकीय स्वीकृति जारी नहीं की गई है। पेयजल संबंधी कोई कार्य निरस्त नहीं किये गये हैं।