मध्यप्रदेश विधान सभा
प्रश्नोत्तर-सूची
फरवरी-मार्च, 2026 सत्र
मंगलवार, दिनांक 17 फरवरी, 2026
भाग-1
तारांकित
प्रश्नोत्तर
प्रधानमंत्री
आदर्श ग्राम
योजना के तहत
प्रदान राशि
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
1. ( *क्र. 161 ) श्रीमती सेना महेश पटेल : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वित्तीय वर्ष 2024-25 से प्रश्न दिनांक तक अलीराजपुर जिले की जनपद एवं जिला पंचायतों द्वारा मनरेगा योजना के तहत पुल, पुलिया, स्टाप डेम (पक्के निर्माण कार्य), सुदूर सड़क निर्माण कार्यों के लिए कितने कार्य स्वीकृत किए गए हैं? सूची बताएं। अगर नहीं किए गए तो क्यों? कब तक स्वीकृत किए जाएंगे? अवधि की जानकारी दें। (ख) प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के अंतर्गत वर्ष 2024-25 से प्रश्न दिनांक तक अलीराजपुर जिले की पंचायतों को प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के तहत कितनी राशि प्रदान की गई है? सूची दें। यदि प्रदान नहीं की गयी तो क्यों? (ग) क्या प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना की राशि अन्य जिलों को दी गई है, लेकिन अलीराजपुर को नहीं? यदि हाँ, तो जिले की पंचायतों को राशि कब तक उपलब्ध कराई जायेगी? अवधि की जानकारी दें।
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) अलीराजपुर जिला अंतर्गत जनपद व जिला स्तर से मनरेगा योजना अंतर्गत वर्ष 2024-25 से प्रश्न दिनांक तक कुल 63 कार्य स्वीकृत किए गये हैं, जो- निम्नानुसार है :- पुल/पुलिया-54 कार्य, स्टॉपडेम-09 कार्य, सुदूर सड़क-00 कार्य, उक्तानुसार कुल 63 कार्य नियमानुसार स्वीकृत किये गये हैं। जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। जिला एवं जनपद पंचायतों का 60 : 40 का अनुपात संधारण नहीं होने के कारण वर्ष 2024-25 में सुदूर सड़क की नवीन स्वीकृति नहीं की गई। भारत सरकार ग्रामीण विकास मंत्रालय के अर्द्धशासकीय पत्र क्रमांक J-11017/01/2025-RE-VII, दिनांक 20 मई, 2025 द्वारा महात्मा गांधी नरेगा अंतर्गत ग्रामीण संयोजकता के कार्य हेतु मार्गदर्शिका दिशा-निर्देश जारी किये जा रहे हैं। उक्त निर्देशों के परिपालन में आयुक्त म.प्र. राज्य रोजगार गांरटी परिषद के पत्र क्रमांक 844, दिनांक 27.05.2025 के माध्यम से आगामी आदेश तक खेत सड़क/सुदूर सड़क के नवीन कार्य नहीं लिये जाने के निर्देश जारी किये गये हैं। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ख) प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के अंतर्गत जिले को प्रश्न दिनांक तक राशि प्राप्त नहीं हुई है। शेष प्रश्न विभाग से संबधित नहीं है। (ग) विभाग से संबधित नहीं है।
अनियमितताओं पर अनुशासनात्मक कार्यवाही
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
2. ( *क्र. 143 ) श्रीमती अनुभा मुंजारे : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या म.प्र. शासन पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग मंत्रालय, वल्लभ भवन, भोपाल द्वारा ग्राम पंचायत सचिवों के संलग्नीकरण नहीं किए जाने के संबंध में आदेश क्रमांक/58/उ.स./वि-5/स्था./2024, भोपाल दिनांक 04.05.2024 जारी किया गया है? यदि हाँ, तो आदेश की प्रमाणित छायाप्रति उपलब्ध कराएं? क्या मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत बालाघाट द्वारा जिले की समस्त 10 जनपद पंचायतों में उक्त आदेश के जारी होने के पश्चात भी ग्राम पंचायत सचिवों का अन्य कार्यालय (जनपद पंचायतों) में संलग्नीकरण के आदेश जारी किए गए हैं? यदि हाँ, तो कब कब, किन-किन ग्राम पंचायत सचिवों के संलग्नीकरण आदेश जारी किए गए? आदेशों की प्रमाणित छायाप्रति सहित सूची उपलब्ध कराएं। (ख) क्या प्रश्नांश (क) में वर्णित आदेश में संलग्नीकरण का जारी किया गया आदेश नियम के विरुद्ध माना गया है तथा मान. उच्च न्यायालय द्वारा राज्य स्तर से इस तरह की त्रुटिपूर्ण कार्यवाही के संबंध में शपथ पत्र प्रस्तुत करने के आदेश दिए गए हैं एवं भविष्य में इस तरह की स्थिति विभाग के संज्ञान में आने पर संबंधित आदेश जारीकर्ता अधिकारी के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही की जावेगी? (ग) क्या प्रश्नांश (क) में वर्णित आदेश के परिपालन में राज्य स्तर से मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत बालाघाट से शपथ पत्र लिया गया है? यदि हाँ, तो शपथ पत्र की प्रमाणित छायाप्रति उपलब्ध कराएं?
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) जी हाँ। जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) जी हाँ। (ग) जी नहीं। प्रश्नांश ''क'' के उत्तर के अनुक्रम में आवश्यक भी नहीं।
प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना का क्रियान्वयन
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
3. ( *क्र. 409 ) श्रीमती उमादेवी लालचंद खटीक : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या दमोह जिला अन्तर्गत शासन द्वारा केन्द्र/राज्य परिवर्तित प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, वाटर शेड विकास का विगत वर्षों से क्रियान्वयन किया जा रहा है? (ख) प्रश्नांश (क) यदि हाँ, तो जिला अंतर्गत वर्ष 2023 से प्रश्न दिनांक तक विकासखण्डवार किन-किन ग्राम पंचायतों के ग्रामों में उक्त योजना को स्वीकृति दी जाकर कार्य किये गये और कितने पूर्ण एवं कितने अपूर्ण रहे? स्वीकृत योजनानुसार बतावें। (ग) उपरोक्त उल्लेखित वर्षों में स्वीकृत योजनानुसार कितना-कितना बजट स्वीकृत होकर कितना-कितना व्यय किस-किस प्रकार के कार्यों पर किन-किन स्थानों पर किया गया? योजनानुसार, ग्रामवार, कार्यवार व्यय अनुसार बतावें। (घ) योजना क्रियान्वयन का कार्यादेश अवधि में किस-किस सक्षम अधिकारी द्वारा समय-समय पर स्थल निरीक्षण कर कार्यों की जांच एवं कार्यों की पूर्णता के संबंध में कब-कब कार्यवाही की? स्थल निरीक्षण की जांच एवं कार्यवाही की वर्षवार जानकारी दें।
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) जी हाँ। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र–अ अनुसार है। (ग) भारत शासन द्वारा परियोजनाओं की स्वीकृति के समय ही केवल एकजाई लागत स्वीकृत की जाती है। वर्षवार बजट की स्वीकृति नहीं दी जाती है। वर्षवार व्यय की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र–अ अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-स अनुसार है।
एन.एफ.एस.एम. के तहत बीजों का प्रदाय
[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]
4. ( *क्र. 472 ) श्रीमती चंदा सुरेन्द्र सिंह गौर : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या विकासखण्ड बल्देवगढ़ एवं पलेरा में एन.एफ.एस.एम. योजना के तहत प्रर्दशन गेहूं, चना, सरसों, मसूर किन-किन किसानों को प्रदाय किया गया? किसान का नाम, पता, प्रदाय दिनांक सहित जानकारी उपलब्ध करायें। (ख) कृषि विभाग बल्देवगढ़ और पलेरा द्वारा ऑनलाईन आवेदन कर या ऑफलाईन से कितने-कितने किसानों को वर्ष 2018 से प्रश्न दिनांक तक गेहूँ, चना, सरसों, मसूर के बीज दिये गये हैं? संपूर्ण किसानों की सूची, नाम, पता, ग्रामवार एवं हस्ताक्षर सहित उपलब्ध करायें। (ग) ग्रीष्मकालीन समय में बल्देवगढ़ एवं पलेरा क्षेत्र के कितने किसानों को खाद (रासायनिक खाद) एवं बीज वर्ष 2018 से प्रश्न दिनांक तक उपलब्ध कराया गया? संपूर्ण सूची ग्रामवार, किसान का नाम, पिता का नाम, प्राप्ति के हस्ताक्षर, सहित उपलब्ध करायें। (घ) क्या यदि वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारी बल्देवगढ़ एवं पलेरा द्वारा फर्जीवाड़ा किया गया है तो इसकी जांच कराकर कार्यवाही करेंगे? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्यों? कारण स्पष्ट करें।
किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखें परिशिष्ट के प्रपत्र-1 A एवं 1 B अनुसार है। शेष जानकारी एकत्रित की जा रही है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखें परिशिष्ट के प्रपत्र-2 A एवं 2 B अनुसार है। शेष जानकारी एकत्रित की जा रही है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखें परिशिष्ट के प्रपत्र-3 A, 3 B, 3C एवं 3D अनुसार है। (घ) वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी बल्देवगढ़ एवं पलेरा के विरूद्ध उक्त संबंध में कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई। शेष प्रश्न उद्भूत नहीं होता है।
खेल मैदान एवं खेल सामग्री की उपलब्धता
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
5. ( *क्र. 30 ) श्री घनश्याम चन्द्रवंशी : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शासन द्वारा प्रत्येक ग्राम में खेल मैदान बनाये जाने की योजना प्रस्तावित थी? वर्तमान में कालापीपल विधानसभा के कितने ग्रामों में खेल मैदान बनाये गए हैं? (ख) क्या विभाग द्वारा ग्रामीण खेलों को बढ़ावा देने के लिए कबड्डी मेट तथा अन्य खेल सामग्री ग्राम पंचायतों को उपलब्ध कराई जाती है? (ग) यदि हाँ, तो कालापीपल विधानसभा के कितने ग्रामों में कबड्डी मेट उपलब्ध कराई गई, शेष बचे ग्रामों के लिए भी क्या कोई योजना विभाग के पास है?
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) मनरेगा योजनांतर्गत प्रत्येक ग्राम में खेल मैदान बनाये जाने की योजना है। वर्तमान में कालापीपल विधानसभा के 97 ग्रामों में खेल मैदान बनाए गए हैं, जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) मनरेगा योजनांतर्गत ग्रामीण खेलों को बढ़ावा देने के लिए कबड्डी मेट तथा अन्य खेल सामग्री उपलब्ध कराये जाने का प्रावधान नहीं है। (ग) प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
न्यायालय आदेश के बाद भी तिलहन संघ सेवायुक्तों को वेतनमान न मिलना
[सहकारिता]
6. ( *क्र. 562 ) श्री केशव देसाई : क्या सहकारिता मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या म.प्र. राज्य तिलहन संघ के वे सेवायुक्त जो शासन के विभिन्न विभागों में पदस्थ हैं, को पांचवां वेतनमान लाभ प्रदान किये जाने संबंधी निर्णय दिनांक 30.11.1998 एवं दिनांक 19.05.2016 को (न्यायालयीन आदेशों के पालन में) आयोजित वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक में लिया गया था? कार्यवाही विवरण देंगे? (ख) यदि हाँ, तो उक्त निर्णयों के पालन में प्रशासकीय आदेश कब जारी किये गये? यदि जारी नहीं किये तो इसका क्या कारण है? (ग) क्या शासन स्वीकार करता है कि प्रशा. आदेश जारी न होने के कारण सेवायुक्तों को वित्तीय क्षति हुई है? यदि हाँ, तो क्या कार्यवाही प्रस्तावित है? (घ) क्या प्रमुख सचिव, सहकारिता विभाग द्वारा अप्रैल 2015 को विधिवत उच्च. न्यायालय जबलपुर में शपथ पत्र जमा कर दिया गया था कि तिलहन संघ सेवायुक्तों को शासन में संविलियन कर उन्हें नियमानुसार वेतनमान लाभ दिया जावेगा? शपथ पत्र की छायाप्रति देवें। (ड.) क्या न्यायालयीन आदेशों का पालन 10 वर्ष तक समय-सीमा में भी न किया जाना अवमानना की श्रेणी में आता है? पांचवां वेतनमान लाभ देने की समय-सीमा बतायेंगे? यदि नहीं, तो क्यों नहीं?
सहकारिता मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) अपर मुख्य सचिव, सामान्य प्रशासन विभाग की अध्यक्षता में दिनांक 30.11.1998 को एवं मुख्य सचिव की अध्यक्षता में दिनांक 19.05.2016 को आयोजित बैठक का कार्यवाही विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 01 एवं 02 अनुसार है। (ख) शासन के विभिन्न विभागों में प्रतिनियुक्ति पर पदस्थ तिलहन संघ के कर्मचारियों के वेतनमान के निर्धारण के संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग/वित्त विभाग द्वारा निर्देश जारी किये गये हैं। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता। (ग) जानकारी उत्तरांश 'ख' अनुसार। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता। (घ) जी नहीं, शपथ पत्र में तिलहन संघ के कर्मचारियों की स्थिति की जानकारी प्रस्तुत की गई थी। शपथ पत्र की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 03 अनुसार है। (ड.) म.प्र. राज्य सहकारी तिलहन संघ के शासन के विभिन्न विभागों में संविलियत कर्मचारियों को पांचवां एवं छठवां वेतनमान का लाभ प्रदाय किये जाने के संबंध में माननीय उच्च न्यायालय में विभिन्न याचिकाएं/रिट अपील एवं अवमानना प्रकरण लंबित है। माननीय उच्च न्यायालय के निर्णय उपरांत नियमानुसार कार्यवाही की जा सकेगी। प्रकरण न्यायालयीन प्रक्रिया में होने के कारण समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
आदिवासी परिवारों के पलयान पर रोक
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
7. ( *क्र. 14 ) श्री मुकेश मल्होत्रा : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या श्योपुर जिले में 50 प्रतिशत से अधिक सहरिया आदिवासी परिवार राजस्थान, गुजरात, हरियाणा एवं पंजाब राज्यों में रोजगार के लिए पलायन क्यों कर रहे हैं? (ख) यदि हाँ, तो क्या पलायन करने का कारण स्थानीय स्तर पर रोजगार की अनुपलब्धता है? (ग) क्या श्योपुर जिले में शासन-प्रशासन द्वारा स्थानीय स्तर पर पलायन कर रहे आदिवासियों को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए कोई योजना या श्योपुर में कोई उद्योग खोलने की योजना विचाराधीन है, जिससे लोगों को स्थानीय स्तर पर रोजगार मिल सके जानकारी दें?
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) जी नहीं। (ख) प्रश्नांश (क) के उत्तर अनुसार प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) भारत सरकार के वार्षिक मास्टर परिपत्र की कंडिका 4.2.2 अनुसार महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना अंतर्गत अकुशल श्रम करने के इच्छुक जॉब कार्डधारी परिवारों को काम की मांग करने पर एक वित्तीय वर्ष में 100 दिन (वनाधिकार पत्र धारकों को अतिरिक्त 50 दिवस) के रोजगार का प्रावधान किया गया है। मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत श्योपुर के पत्र क्रमांक 977, दिनांक 02.02.2026 पर जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। श्योपुर जिले में कोई उद्योग स्थापना हेतु प्रक्रियाधीन नहीं है।
कच्ची सड़कों का निर्माण कार्य
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
8. ( *क्र. 132 ) इंजीनियर हरिबाबू राय : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्नकर्ता के विधानसभा क्षेत्र अशोकनगर के अंतर्गत ग्राम पंचायतों में आवागमन को सुगम बनाने हेतु 1. काकाखेड़ी मुख्य सड़क से बारमहू तक (3 कि.मी.) 2. परवई से ऊमरी तक (3 कि.मी.) 3. राम पहाड़ी से सेमरा बामौरा के बीच सड़क एवं नाले पर पुलिया निर्माण कार्य 4. नगेश्री से मढ़ी तूमैन तक (1 कि.मी.) 5. ग्राम बांसखेड़ी तथा ग्राम गरेठा के बीच छूटी हुयी सड़क (1 कि.मी.) 6. कचनार रोड श्री रामसिंह सरपंच के घर के पास से दण्डोतिया पुरा तक (2 कि.मी.) की कच्ची सड़कों को कब कांक्रीट, पक्का निर्माण कार्य कराया? समय-सीमा दें। (ख) यदि प्रश्नांश (क) में वर्णित कार्य वर्तमान वित्तीय वर्ष में स्वीकृत नहीं है तो क्या इन्हें आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में स्वीकृत किया जायेगा? जानकारी दें।
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) प्रश्नांश ''क'' में मांग आधारित मार्गों की जानकारी निम्नानुसार है :- काकाखेड़ी मुख्य सड़क से बारमहू तक (3.00 कि.मी.)-ग्राम काकाखेड़ी, लोक निर्माण विभाग द्वारा निर्मित मार्ग शाढ़ौरा से बाजिदपुर मार्ग पर स्थित है एवं ग्राम बारमहू, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना अंतर्गत पैकेज क्रमांक एम.पी.4739 के मार्ग सोबत से बारमहू द्वारा एकल सम्पर्कता प्राप्त है। चाहा गया उल्लेखित मार्ग दोहरी सम्पर्कता के अंतर्गत आने के कारण प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के दिशा निर्देशों की कंडिका 3.8 के अनुसार उक्त मार्ग का निर्माण कराया जाना संभव नहीं है। परवई से ऊमरी तक (3.00 कि.मी.)-ग्राम परवई, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना अंतर्गत पैकेज क्रमांक एम.पी.1321 के मार्ग बगलुया से परवई के द्वारा एवं ग्राम उमरी, योजनांतर्गत पैकेज क्रमांक एम.पी.4760 के मार्ग बायंगा से उमरी द्वारा एकल सम्पर्कता प्राप्त है। चाहा गया उल्लेखित मार्ग दोहरी सम्पर्कता के अंतर्गत आने के कारण प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के दिशा निर्देशों की कंडिका 3.8 के अनुसार उक्त मार्ग का निर्माण कराया जाना संभव नहीं है। राम पहाड़ी से सेमरा बामौरा के बीच सड़क एवं नाले पर पुलिया निर्माण कार्य-ग्राम सेमराबामोरा, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना अंतर्गत पैकेज क्रमांक एम.पी.47502 के मार्ग बामोरा से बांसखेड़ी द्वारा एकल सम्पर्कता प्राप्त है एवं ग्राम रामपहाड़ी, राजस्व ग्राम/बसाहट न होने एवं मुख्यमंत्री मजराटोला की गाइड-लाइन के बिंदु क्रमांक 3 (ii) के अनुसार पात्र न होने के कारण उल्लेखित चाहे गये मार्ग एवं पुलिया का निर्माण योजनांतर्गत कराया जाना संभव नहीं है। नगेश्री से मढ़ी तूमैन तक (1.00 कि.मी.)-ग्राम नगेश्री, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना अंतर्गत पैकेज क्रमांक एम.पी.4798 के मार्ग अशोकनगर विदिशा मार्ग से नगेश्री द्वारा एवं ग्राम मढ़ी तूमैन, एम.पी.आर.सी.पी. योजना अंतर्गत पैकेज क्रमांक एम.पी.47डब्ल्यू.बी.03 के मार्ग कचनार मार्ग से मढ़ीतूमैन मार्ग द्वारा एकल सम्पर्कता प्राप्त है। चाहा गया उल्लेखित मार्ग दोहरी सम्पर्कता के अंतर्गत आने के कारण प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के दिशा-निर्देशों की कंडिका 3.8 के अनुसार उक्त मार्ग का निर्माण कराया जाना संभव नहीं है। ग्राम बांसखेड़ी तथा ग्राम गरेठा के बीच छूटी हुयी सड़क (1.00 कि.मी.)-ग्राम बांसखेड़ी, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना अंतर्गत पैकेज क्रमांक एम.पी.47502 के मार्ग बामोरा से बांसखेड़ी के द्वारा एवं ग्राम गरेठा, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना अंतर्गत जिला विदिशा तहसील सिरोंज के पैकेज क्रमांक एम.पी.4556 के मार्ग गरेठा से अमीरगढ़ द्वारा एकल सम्पर्कता प्राप्त है। चाहा गया उल्लेखित मार्ग दोहरी सम्पर्कता के अंतर्गत आने के कारण प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के दिशा-निर्देशों की कंडिका 3.8 के अनुसार उक्त मार्ग का निर्माण कराया जाना संभव नहीं है। कचनार रोड श्री रामसिंह सरपंच के घर के पास से दण्डोतिया पुरा तक (2.00 कि.मी.)-दण्डोतियापुरा राजस्व ग्राम/बसाहट न होने एवं मुख्यमंत्री मजराटोला की गाइड-लाइन के बिंदु क्रमांक 3 (ii) के अनुसार पात्र न होने के कारण उल्लेखित चाहे गये मार्ग का निर्माण योजना अंतर्गत कराया जाना संभव नहीं है। (ख) उत्तरांश ''क'' परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
इंजीनियरिंग कॉलेज की स्थापना
[तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार (केवल तकनीकी शिक्षा)]
9. ( *क्र. 546 ) श्री श्रीकान्त चतुर्वेदी : क्या तकनीकी शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या नवगठित जिला मैहर में स्थापित औद्योगिक इकाइयों के परिप्रेक्ष्य में इस जिले के युवाओं के लिए तकनीकी शिक्षा की सुविधा मुहैया कराये जाने की दृष्टि से शासन स्तर में इंजीनियरिंग कॉलेज स्थापित कराये जाने की प्रक्रिया प्रचलित है? यदि हाँ, तो ऐसी प्रक्रिया किस स्तर पर लंबित है? जानकारी दें। (ख) प्रश्नांश (क) के संबंध में यदि नहीं, तो क्या निकट भविष्य में मैहर, जिला मुख्यालय में इंजीनियरिंग कॉलेज स्थापित कराये जाने की प्रक्रिया पूर्ण करायी जावेगी? यदि हाँ, तो कब तक? समयावधि बतायी जाये।
तकनीकी शिक्षा मंत्री ( श्री इन्दर सिंह परमार ) : (क) जी नहीं। शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ख) उत्तरांश 'क' के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
खेत सड़क योजना एवं ग्रेवल रोड निर्माण
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
10. ( *क्र. 213 ) श्री मोहन सिंह राठौर : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या भितरवार विधानसभा क्षेत्र में वर्ष 2025-26 में खेत सड़क योजना में 11 ग्रेवल रोड निर्माण का विभाग द्वारा निर्णय लिया गया था? यदि हाँ, तो अभी तक निर्माण कार्य प्रारंभ क्यों नहीं किया गया? कारण स्पष्ट करें। यदि बिना किसी कारण के कार्य प्रारंभ नहीं हुए तो इसके लिए कौन उत्तरदायी है? (ख) क्या विधानसभा प्रश्न क्रमांक 194, सत्र दिसम्बर 2025 के प्रश्नांश (क) के उत्तर में अवगत कराते हुए भारत सरकार द्वारा समय-सीमा निर्धारण का उल्लेख किया गया था? यदि हाँ, तो क्या प्रश्न दिनांक तक भितरवार विधानसभा की प्रस्तावित सड़कों को शामिल कर लिया गया है? यदि हाँ, तो कौन-कौन सी? यदि नहीं, तो क्यों? (ग) क्या प्रदेश सरकार के खेत सड़क योजना/ग्रेवल सड़क निर्माण पर रोक लगाई गई है? यदि हाँ, तो आदेश निर्देश की प्रति उपलब्ध करायें? यदि नहीं, तो खेत सड़क योजना, ग्रेवल रोड एवं अन्य ग्रेवल रोड के प्रस्ताव क्यों स्वीकृत नहीं किये जा रहे हैं? कारण स्पष्ट करें। (घ) क्या विभाग भितरवार विधानसभा क्षेत्र के प्रस्तावित खेत सड़क योजना अन्तर्गत प्रस्तावित सड़क एवं अन्य योजना में प्रस्तावित ग्रेवल सड़क की स्वीकृति जारी करेगा? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्यों?
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) भितरवार विधान सभा क्षेत्र में खेत सड़क योजना में 11 ग्रेवल रोड निर्माण का विभाग द्वारा निर्णय नहीं लिया गया। ग्राम पंचायतों के द्वारा 11 खेत सड़क के कार्य वर्ष 2025-26 की कार्ययोजना में शामिल किये गए थे, जिसकी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। भारत सरकार, ग्रामीण विकास मंत्रालय का अर्द्ध शासकीय पत्र क्रमांक 11017, दिनांक 20 मई, 2025 नई दिल्ली द्वारा महात्मा गांधी नरेगा अंतर्गत ग्रामीण संयोजकता के कार्यों हेतु मार्गदर्शी दिशा-निर्देश जारी किये हैं, जिसके अनुक्रम में मध्य प्रदेश राज्य रोजगार गारंटी परिषद के पत्र क्रमांक 844/MGNREGS-MP/2025, भोपाल दिनांक 27.05.2025 में सुदूर संपर्क/खेत सड़क योजना के नवीन कार्य नहीं लिए जाने का लेख है। निर्देश की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। शेष प्रश्न उत्पन्न नहीं होता। (ख) जी नहीं। भारत सरकार, ग्रामीण विकास मंत्रालय का अर्द्ध शासकीय पत्र क्रमांक 11017, दिनांक 20 मई, 2025 नई दिल्ली द्वारा महात्मा गांधी नरेगा अंतर्गत ग्रामीण संयोजकता के कार्यों हेतु मार्गदर्शी दिशा-निर्देश जारी किये हैं, जिसके अनुक्रम में मध्य प्रदेश राज्य रोजगार गारंटी परिषद के पत्र क्रमांक 844/MGNREGS-MP/2025, भोपाल दिनांक 27.05.2025 में सुदूर संपर्क/खेत सड़क योजना के नवीन कार्य नहीं लिए जाने का लेख है। निर्देश की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। शेष प्रश्न उत्पन्न नहीं होता। (ग) जी नहीं। प्रगतिरत कार्यों का क्रियान्वयन मनरेगा नियमानुसार किया जा रहा है। सुदूर संपर्क/खेत सड़क निर्माण कार्य के संबंध में ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार का अर्द्ध शासकीय पत्र क्रमांक 11017, दिनांक 20 मई, 2025 नई दिल्ली द्वारा महात्मा गांधी नरेगा अंतर्गत ग्रामीण संयोजकता के कार्यों हेतु मार्गदर्शी दिशा-निर्देश जारी किये हैं, जिसके अनुक्रम में परिषद का पत्र क्रमांक 844, दिनांक 27.05.2025 से भारत सरकार द्वारा जारी किये गये मार्गदर्शी दिशा-निर्देशों के प्रकाश में नवीन दिशा-निर्देश जारी होने तक सुदूर संपर्क/खेत सड़क के नवीन कार्य नहीं लिये जाए, का लेख किया गया है। निर्देश की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) मनरेगा योजनान्तर्गत समय-समय पर जारी निर्देशानुसार कार्य संपादित कराये जाते हैं। स्वीकृति के संबध में समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। शेष प्रश्न उत्पन्न नहीं होता।
युवाओं को सरकारी नौकरी उपलब्ध कराया जाना
[तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार (केवल कौशल विकास एवं रोजगार)]
11. ( *क्र. 263 ) श्री आतिफ आरिफ अकील : क्या राज्य मंत्री, कौशल विकास एवं रोजगार महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या संकल्प पत्र 2023 मध्यप्रदेश की जनता को माननीय प्रधानमंत्री जी की गारंटी भी और विकसित मध्यप्रदेश का निर्माण का विजन डॉक्यूमेन्ट भी है एवं सरकार ने संकल्प पत्र के बिन्दुओं को धरातल पर उतारने का कार्य प्रारंभ कर दिया है, जिसका उल्लेख माननीय राज्यपाल महोदय मध्यप्रदेश के अभिभाषण दिनांक 20 दिसम्बर, 2023 के बिन्दु क्र.09 में किया गया है? (ख) यदि हाँ, तो क्या माननीय राज्यपाल के अभिभाषण दिनांक 20 दिसम्बर, 2023 के बिन्दु क्र. 23 में उल्लेख अनुसार अगले पांच वर्षों में ढाई लाख सरकारी नौकरियों के अवसर उपलब्ध कराने एवं हर परिवार में कम से कम 1 रोजगार अथवा स्व-रोजगार के अवसर प्रदान करने के लक्ष्य के साथ सरकार कार्य करेगी, का उल्लेख किया गया है? (ग) यदि हाँ, तो वर्तमान सरकार को 2 वर्ष से अधिक समय व्यतीत हो जाने पर इस अवधि में प्रश्न दिनांक तक कितने आकांक्षी युवाओं/शिक्षित बेरोजगारों को सरकारी नौकरियां उपलब्ध कराई है एवं कितने परिवारों को रोजगार अथवा स्व-रोजगार उपलब्ध कराया गया है? कृपया पृथक-पृथक संख्या दें।
राज्य मंत्री, कौशल विकास एवं रोजगार ( श्री गौतम टेटवाल ) : (क) एवं (ख) जी हाँ। (ग) विगत 02 वर्षों में विभाग अंतर्गत जॉब फेयर योजना के माध्यम से निजी क्षेत्र के नियोजकों द्वारा 163941 आकांक्षी युवाओं को ऑफर लेटर प्रदाय किये गये हैं, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विभाग अंतर्गत स्व-रोजगार के लिए संचालित राज्य शासन की मुख्यमंत्री उद्यम क्रान्ति योजना तथा केंद्र शासन की प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम योजना के माध्यम से 25847 युवाओं को स्व-रोजगार दिया गया है, अनुसूचित जाति कल्याण विभाग अंतर्गत संत रविदास स्व-रोजगार योजना में लाभार्थियों की संख्या 3829 तथा डॉ. भीमराव अम्बेडकर आर्थिक कल्याण योजना में लाभार्थियों की संख्या 7881 है एवं जनजातीय कार्य विभाग अंतर्गत अनुसूचित जनजाति के युवाओं के लिये रोजगारमूलक आर्थिक सहायता में लाभांवित हितग्राही 5112 हैं। शासकीय पदों पर नियुक्तियों की जानकारी विभाग द्वारा संधारित नहीं की जाती है।
नीलाम ट्रैक्टर की राशि की वसूली
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
12. ( *क्र. 285 ) श्री विपीन जैन : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या ग्राम पंचायत दलौदा चौपाटी, जिला मंदसौर अंतर्गत क्रय किए गए ट्रैक्टर की नीलामी की राशि की वसूली संबंधित सरपंच से की गई है? यदि नहीं, तो क्यों? (ख) क्या वसूली के लिए उन्हें नोटिस दिया गया है, ट्रैक्टर नीलामी के कारण सरकारी पैसे का जो दुरुपयोग हुआ है, उसके लिए कौन जिम्मेदार है?
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) जी नहीं। सरपंच ग्राम पंचायत दलौदा चौपाटी को राशि वसूली हेतु मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत मंदसौर के पत्र क्रमांक 4829, दिनांक 31.12.2025 से म.प्र. पंचायत राज अधिनियम 1993 की धारा 89 के तहत कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया है। (ख) जी हाँ, प्रथम दृष्टया श्रीमती दुर्गा कैथवास, सरपंच ग्राम पंचायत दलौदा चौपाटी एवं तत्कालीन सचिव, श्री विरेन्द्र मेहरा तथा श्री दिलीप धाकड़, सचिव जिम्मेदार है।
मजरा टोला अंतर्गत सड़कों का निर्माण
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
13. ( *क्र. 84 ) श्री मुरली भँवरा : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मुख्यमंत्री मजरा-टोला सड़क योजना के अंतर्गत बागली विधानसभा क्षेत्र से कुल कितनी सड़कों के प्रस्ताव विभाग को प्राप्त हुए हैं? प्रस्ताववार विवरण उपलब्ध कराएँ। (ख) प्रश्नांश (क) वर्णित प्राप्त प्रस्तावों में से अब तक कितनी सड़कों के निर्माण हेतु वित्तीय स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है? स्वीकृत राशि सहित जानकारी दें। (ग) जिन सड़कों को वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई है, उनके निर्माण कार्य प्रारंभ किए जाने की संभावित तिथि उपलब्ध कराएं?
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) मुख्यमंत्री मजरा-टोला सड़क योजना के दिशा-निर्देश अनुसार बागली विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत कुल 45 बसाहटों को सड़क संपर्कता प्रदान करने हेतु प्रस्ताव प्राथमिकता सूची में चिन्हित किये गये हैं। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) मुख्यमंत्री मजरा-टोला सड़क योजना के अंतर्गत वर्तमान तक स्वीकृति प्राप्त नहीं हुई है। (ग) उत्तरांश ''ख'' के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
अतिरिक्त विषय विस्तार की स्वीकृति
[उच्च शिक्षा]
14. ( *क्र. 168 ) श्री नीरज सिंह ठाकुर : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बरगी विधानसभा के अंतर्गत ग्राम बरगी में शासकीय महाविद्यालय की स्वीकृति कब प्रदान की गई थी एवं वर्तमान में कितने बच्चे महाविद्यालय में अध्ययनरत हैं? (ख) क्या शासकीय महाविद्यालय बरगी में केवल कला संकाय में बी.ए. की ही कक्षायें संचालित हैं? इसके अलावा अन्य कोई भी विषय संचालित नहीं हो रहे हैं एवं यहाँ के बच्चों को अन्य विषय की शिक्षा हेतु 25 से 30 कि.मी. दूर जबलपुर जाना पड़ता है? (ग) क्या प्रश्नकर्ता द्वारा पूर्व में शासकीय महाविद्यालय बरगी में एम.ए. वाणिज्य संकाय में बी.कॉम. एवं विज्ञान संकाय में अतिरिक्त विषय विस्तार की स्वीकृति हेतु पत्र लिखा गया? यदि हाँ, तो इस पर विभाग द्वारा क्या कार्यवाही की गई? नहीं तो क्यों? (घ) प्रश्नांश (क) अनुसार अध्ययनरत बच्चों की दर्ज संख्या को दृष्टिगत रखते हुये अतिरिक्त विषय विस्तार किये जाने हेतु शासन की क्या कार्य योजना है? संपूर्ण जानकारी उपलब्ध करावें।
उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री इन्दर सिंह परमार ) : (क) शासकीय महाविद्यालय बरगी की स्वीकृति दिनांक 05.08.2013 को प्रदान की गई थी। वर्तमान में 272 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। (ख) जी हाँ। जी हाँ। (ग) जी हाँ। वाणिज्य संकाय एवं विज्ञान संकाय प्रारंभ करने में विभागीय मापदण्डों की पूर्ति नहीं हो रही है। एम.ए. में विभागीय मापदण्डों की पूर्ति नहीं हो रही है। (घ) उत्तरांश (ग) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
सड़कों एवं पुल निर्माण की स्वीकृति
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
15. ( *क्र. 245 ) श्री भैरो सिंह बापू : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सुसनेर विधानसभा क्षेत्र जिला आगर-मालवा अंतर्गत ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण/प्रधानमंत्री सड़क योजना तथा अन्य मद से विभाग द्वारा कितनी सड़कों का निर्माण विगत वर्ष 2024 से प्रश्न दिनांक तक किया गया? जानकारी देवें। (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार कितनी सड़कें गारंटी अवधि में हैं एवं उक्त सड़कों की वर्तमान भौतिक स्थिति क्या है? गारंटी अवधि में जो सड़कें हैं, उनके ठेकेदारों के नाम सहित सड़कों की जानकारी देवें? (ग) सुसनेर विधानसभा क्षेत्र में कितनी सड़कें व पुल प्रधानमंत्री सड़क योजना फेस 4 में व अन्य योजना में निर्माण हेतु चिन्हित किए गए हैं एवं कितनी आबादी तक के गांव/मजरे/टोलों को सम्मिलित किया गया है? जानकारी ग्रामवार देवें तथा चिन्हित की गई सड़कों व पुल-पुलियाओं की प्रशासकीय स्वीकृति कब तक प्रदान की जावेगी? (घ) ग्राम मैना से सुसनेर के बीच कंठाल नदी पर पुलिया छोटी होने से वर्षा के दिनों में आवागमन बंद रहता है, उक्त छोटी पुलिया के स्थान पर बड़े पुल का निर्माण किये जाने हेतु क्या कोई प्रस्ताव विभाग द्वारा भेजा गया है? यदि हाँ, तो कब तक स्वीकृति प्रदान की जावेगी?
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) सुसनेर विधानसभा क्षेत्र, जिला आगर-मालवा अंतर्गत म.प्र. ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण द्वारा प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना अंतर्गत 03 मार्गों तथा अन्य मद से विभाग द्वारा 02 मार्गों का निर्माण विगत वर्ष 2024 से प्रश्न दिनांक तक किया गया है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''1'' अनुसार है। (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार सुसनेर विधानसभा क्षेत्र, जिला आगर-मालवा अंतर्गत 05 सड़क गारंटी अवधि में है एवं उक्त सड़कों की वर्तमान भौतिक स्थिति अनुसार मार्ग संधारित है। गारंटी अवधि अंतर्गत सड़कों की सूची ठेकेदार के नाम सहित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''2'' अनुसार है। (ग) सुसनेर विधानसभा क्षेत्र में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-IV में कुल 16 सड़क (जिला आगर मालवा की 10 सड़क व जिला शाजापुर की 06 सड़क) को निर्माण हेतु चिन्हित किया गया है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''3'' अनुसार है एवं मुख्यमंत्री मजरा टोला सड़क योजना में कुल 22 सड़क (जिला आगर मालवा की 16 सड़क व जिला शाजापुर की 06 सड़क) को निर्माण हेतु चिन्हित किया गया है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''4'' अनुसार है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-IV में 500 + आबादी (वर्ष 2011 की जनगणना अनुसार) तक एवं मुख्यमंत्री मजरा टोला सड़क योजना में 100 + आबादी (दिनांक 01.04.2025 की स्थिति में) तक बसाहटों को सम्मिलित किया गया है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''3'' एवं ''4'' अनुसार है। क्षतिग्रस्त/जलमग्न संरचनाओं के स्थान पर नवीन संरचना के पुनर्निर्माण योजना अंतर्गत विधानसभा क्षेत्र सुसनेर में कुल 14 पुल (जिला आगर अंतर्गत 13 पुल व जिला शाजापुर अंतर्गत 01 पुल) को निर्माण हेतु चिन्हित किया गया है, जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''5'' अनुसार है। चिन्हित की गई सड़कों व पुल-पुलियाओं की प्रशासकीय स्वीकृति योजना के मार्गदर्शीय सिद्वांतों अनुसार प्राथमिकता के आधार पर स्वीकृति प्रदान की जावेगी। वर्तमान में सुसनेर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत उक्त में से 1 पुल (बामनियाखेडी़ से सुसनेर चैनेज 50 मीटर) के निर्माण की प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है। (घ) सुसनेर से देहरिया सुसनेर व्हाया मैना मार्ग के चैनेज 1050 मीटर पर पूर्व निर्मित व्ही.सी.डब्ल्यू. के स्थान पर नवीन पुलिया बनाए जाने हेतु क्षतिग्रस्त/जलमग्न संरचनाओं के स्थान पर नवीन संरचना के पुनर्निर्माण योजना अंतर्गत प्राथमिकता सूची (प्राथमिकता-IV) में शामिल किया गया है। स्वीकृत मार्ग दर्शीय सिद्वांतों अनुसार प्राथमिकता के आधार पर स्वीकृति प्रदान की जावेगी। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''6'' अनुसार है।
नागदा को जनपद पंचायत बनाया जाना
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
16. ( *क्र. 257 ) डॉ. तेजबहादुर सिंह चौहान : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि खाचरौद जनपद पंचायत में क्षेत्र की 130 ग्राम पंचायतें खाचरौद तहसील की 67 और नागदा व उन्हेल तहसील की 63 ग्राम पंचायतें शामिल हैं, नागदा उन्हेल तहसीलों के गांवों की दूरी जनपद पंचायत मुख्यालय खाचरौद से अत्यधिक होने के कारण ग्रामीणजनों को आवश्यक कार्य हेतु आवागमन में परेशानी होती है एवं शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन में भी कठिनाई होती है? भौगोलिक दृष्टि से चंबल नदी सीमा रेखा का कार्य करती है, कार्य सुविधा एवं ग्रामीणजनों की सुविधा की दृष्टि से क्या शासन नागदा उन्हेल तहसील के ग्राम पंचायतों को अलग कर नागदा को पृथक जनपद पंचायत बनाने पर विचार करेगा? जानकारी दें।
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : राजस्व विभाग की अधिसूचना क्रमांक E.F. No. 1/11/0001/2024/7-4, दिनांक 12 मार्च, 2024 से प्रशासनिक इकाइयों के परिसीमन (सृजन एवं सीमाओं में परिवर्तन) एवं युक्तियुक्तकरण के लिए ''मध्यप्रदेश प्रशासनिक इकाई पुनर्गठन आयोग'' गठित किया गया है। इस आयोग की अनुशंसा पर राज्य शासन विचारोपरान्त निर्णय ले सकेगा।
पंचायतों के निर्माण कार्यों में अनियमितता
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
17. ( *क्र. 313 ) श्री नितेन्द्र बृजेन्द्र सिंह राठौर : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) ग्राम पंचायत लडवारी खास, ततारपुरा, मडिया, लुहरगुवां एवं भोपालपुरा में वित्तीय वर्ष 2022 से प्रश्न दिनांक तक 5वां वित्त, 15वां वित्त, योजना से कितनी राशि पंचायतवार प्राप्त हुई है, निर्माण कार्यों एवं आवंटित राशि का संपूर्ण उल्लेख कर, कितने निर्माण कार्य पूर्ण एवं अपूर्ण हैं? जानकारी दें। (ख) क्या वित्तीय वर्ष 2022 से पूर्व में हुये निर्माण कार्यों को ही दर्शा कर दोबारा राशि का भुगतान कराया गया है? किन उपयंत्रियों द्वारा निर्माण कार्यों का मूल्यांकन किया गया? क्या सही मूल्यांकन किया गया या नहीं? (ग) क्या इन सभी पंचायतों में लोगों द्वारा निर्माण कार्यों में भ्रष्टाचार की शिकायतों पर मूल्यांकन की जांच कराई जायेगी एवं मौके पर निर्माण कार्य हुये हैं या नहीं उसका सत्यापन कराया जायेगा? (घ) क्या प्रश्नांश (क) में वर्णित पंचायतों में वित्तीय वर्ष 2024-2025 से प्रश्न दिनांक तक 5वां वित्त एवं 15वां वित्त योजना से स्वीकृत कार्यों की जांच अन्य शासकीय निर्माण एजेन्सियों द्वारा कराई जायेगी, जिससे समय-सीमा में इन पंचायतों में हुए भ्रष्टाचार पर कार्यवाही हो सके।
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी नहीं। उपयंत्रियों द्वारा निर्माण कार्यों के मूल्यांकन की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। जी हाँ, मूल्यांकन सही किया गया है। पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के कॉलम में उपयंत्रियों की जानकारी दर्शित है। (ग) एवं (घ) प्रश्नांश (ख) के उत्तर के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
इलेक्ट्रो होम्योपैथी कोर्स का संचालन
[उच्च शिक्षा]
18. ( *क्र. 273 ) श्री राजन मण्डलोई : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रश्नकर्ता के तारांकित प्रश्न क्र. 347, उत्तर दिनांक 01.12.2025 के उत्तर में अटल बिहारी वाजपेयी हिन्दी विश्वविद्यालय भोपाल के अध्ययन केन्द्रों में इलेक्ट्रो होम्योपैथी कोर्स का संचालन वर्ष 2022-23 से किया जा रहा है, की जानकारी दी गई थी? (ख) यदि हाँ, तो विश्वविद्यालय के किन-किन अध्ययन केन्द्रों में उक्त पाठ्यक्रम किन नियम/आदेश के तहत किया जा रहा है? (ग) यदि उक्त अध्ययन केन्द्रों में नियम विरुद्ध उक्त पाठ्यक्रम संचालित किया जाकर इलेक्ट्रो होम्योपैथी डॉक्टरों की डिग्री दी गई है, तो क्या उन्हें निरस्त करते हुये इसके लिये दोषी के विरूद्ध कार्यवाही की जावेगी? (घ) क्या उक्त अध्ययन केन्द्रों में वर्तमान में इलेक्ट्रो होम्योपैथी कोर्स संचालित है? यदि हाँ, तो क्यों एवं किन कारणों से तथा किन-किन अध्ययन केन्द्रों में कितने-कितने छात्र/छात्रायें अध्ययनरत हैं?
उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री इन्दर सिंह परमार ) : (क) जी हाँ। (ख) विश्वविद्यालय के 14 अध्ययन केद्रों में एक वर्षीय पत्रोपाधि पाठ्यक्रम का संचालन विश्वविद्यालय के उद्देश्यों के दृष्टिगत कार्यपरिषद द्वारा बैठक दिनांक 15.03.2022 में लिए गए निर्णय के आधार पर किया जा रहा है। (ग) उत्तरांश 'ख' के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) जानकारी उत्तरांश 'ख' अनुसार है। शेष जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है।
नियम विरुद्ध प्रभार दिया जाना
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
19. ( *क्र. 209 ) श्री पंकज उपाध्याय : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या श्री धीरज सिंह सिकरवार, उपयंत्री को सहायक यंत्री जनपद पंचायत कैलारस का प्रभार दिए जाने के समय समीपस्थ जनपद पंचायत में सहायक यंत्री एवं जनपद पंचायत कैलारस में अन्य वरिष्ठ उपयंत्री पदस्थ थे। तत्समय जनपद पंचायत कैलारस में पदस्थ समस्त उपयंत्रियों की सूची तथा समीपस्थ जनपद पंचायतों में पदस्थ सहायक यंत्रियों की सूची सेवा अवधि एवं उनकी वरिष्ठता के क्रम में उपलब्ध कराएं? (ख) श्री धीरज सिंह सिकरवार, उपयंत्री को सहायक यंत्री, जनपद पंचायत, कैलारस का प्रभार किस नियम की किस कंडिका के तहत दिया गया? स्पष्ट जानकारी तथा प्रभार संबंधी आदेश की प्रति उपलब्ध कराएं। (ग) क्या प्रश्नकर्ता के प्रश्न क्रमांक 255, दिनांक 01.12.25 के प्रश्न खंड (ड.) के उत्तर में जांच उपरांत कार्यवाही किए जाने का लेख किया गया? तो क्या इस संबंध में कोई जांच की गई? यदि हाँ, तो जांच आदेश, जांच प्रतिवेदन, कार्यवाही आदि से संबंधित संपूर्ण दस्तावेज उपलब्ध कराएं?
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' एवं ''ब'' अनुसार है। (ख) म.प्र. शासन पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के आदेश क्रमांक 5229/22/वि-3/ग्रा.यां.से./2019, दिनांक 20.09.2019 की कंडिका 4 में जारी दिशा-निर्देश अनुसार कार्यालय कलेक्टर, जिला मुरैना के आदेश क्रमांक 5642/मनरेगा/स्था./ई-145/2024-25, मुरैना दिनांक 26.06.2024 द्वारा श्री धीरज सिंह सिकरवार, उपयंत्री ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग मुरैना को कार्यसुविधा की दृष्टि से जनपद पंचायत कैलारस में सहायक यंत्री के रिक्त पद का प्रभार सौंपा गया। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''स'' अनुसार है। (ग) मध्यप्रदेश शासन पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के ज्ञाप क्र. 37/22/वि-3/ग्रा.यां.से./2026, भोपाल दिनांक 06.01.2026 द्वारा उक्त प्रश्न (ड.) के संबंध में तथ्यों की विस्तृत जांच करते हुए अभिमत सहित जांच प्रतिवेदन शीघ्र उपलब्ध कराने हेतु मुख्य कार्यपालन अधिकारी म.प्र. राज्य रोजगार गांरटी परिषद् भोपाल को पत्र प्रेषित किया गया था। मनरेगा परिषद द्वारा जांच कर जांच प्रतिवेदन प्रेषित किया गया है, जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''द''अनुसार है।
सुदूर सड़क एवं खेत सड़क योजना
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
20. ( *क्र. 503 ) कुँवर अभिजीत शाह : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्नकर्ता के अतारांकित प्रश्न क्रमांक 386, दिनांक 20.03.2025 के जवाब में लेख किया गया है कि सुदूर सड़क/खेत सड़क योजना को बंद नहीं किया गया है। मनरेगा योजनांतर्गत विगत 05 वित्तीय वर्षों में हरदा जिले में कुल कितना बजट आवंटन किया गया? इस बजट का उपयोग किस-किस सड़क निर्माण कार्य में किया गया? हरदा जिले में कुल कितनी सड़कें किस-किस ग्राम पंचायत में बनाई गई? इसकी ग्राम पंचायतवार, राशिवार, तिथिवार जानकारी प्रदान की जावे। (ख) सुदूर सड़क/खेत सड़क योजना में सड़क निर्माण कार्य क्यों नहीं किये जा रहे हैं? इसके क्या कारण हैं? यदि किये जा रहे हैं तो 05 वित्तीय वर्षों में कब-कब हरदा जिले में मनरेगा योजनान्तर्गत सुदूर सड़क निर्माण किया गया? (ग) सुदूर सड़क/खेत सड़क योजना की क्या गाइड-लाइन है एवं शासन द्वारा समय-समय पर क्या-क्या संशोधन किये गये हैं? संपूर्ण योजना की प्रति उपलब्ध करावें। (घ) क्या संपूर्ण मध्यप्रदेश के किसानों के हितों को देखते हुए प्रधानमंत्री आवास योजना हितग्राही को आवास हेतु रेत/बजरी निकालने एवं डालने तथा खेत के गोहे/कॉकड़ पर बजरी डालने की अनुमति ग्राम पंचायत स्तर पर ही दिये जाने एवं इस रेत/बजरी को किसानों तथा प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राही के लिए रॉयल्टी मुक्त किये जाने हेतु क्या विभाग स्तर पर कोई कार्ययोजना तैयार की जा रही है? यदि हाँ, तो क्या एवं कब तब पूर्ण हो जावेगी? यदि नहीं, तो क्यों?
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) जी हाँ, सुदूर संपर्क/खेत सड़क योजना को बंद नहीं किया गया है। मनरेगा योजनान्तर्गत बजट प्रदान किये जाने का प्रावधान नहीं है। मनरेगा योजनान्तर्गत श्रमिकों द्वारा की गयी कार्य की मांग अनुसार स्वीकृत/प्रगतिरत कार्यों पर आवंटन उपरान्त श्रमिक द्वारा किये गए कार्य के भुगतान की कार्यवाही की जाती है। मनरेगा योजनान्तर्गत किये गये सुदूर संपर्क/खेत सड़क निर्माण कार्यों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'अ' अनुसार है। (ख) वर्ष 2025-26 में भारत सरकार, ग्रामीण विकास मंत्रालय के अर्द्धशासकीय पत्र क्रमांक J/11017/2025/RE-VII, दिनांक 20.05.2025 के माध्यम से ग्रेवल सड़क निर्माण के संबंध में मार्गदर्शी दिशा-निर्देश प्राप्त हुए, जिसके पालन कराये जाने हेतु म.प्र. राज्य रोजगार गांरटी परिषद भोपाल का पत्र क्रमांक 844/एम.जी.एन.आर.जी.एस.-एम.पी./2025, भोपाल दिनांक 27.05.2025 अनुसार नवीन दिशा-निर्देश जारी होने तक सुदूर संपर्क/खेत सड़क की नवीन स्वीकृति जारी नहीं किये जाने के निर्देश जारी किये गये। निर्देश की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'ब' अनुसार है। (ग) निर्देश की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'स' अनुसार है। (घ) प्रधानमंत्री आवास योजना हितग्राही को आवास हेतु रेत/बजरी निकालने एवं डालने तथा खेत के गोहे/कॉकड़ पर बजरी डालने की अनुमति ग्राम पंचायत स्तर पर ही दिये जाने एवं इस रेत/बजरी को किसानों तथा प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राही के लिए रॉयल्टी मुक्त किये जाने के संबंध में संचालक, प्रशासन और खनिकर्म अनुसार “बिना प्राधिकार के खनन के विरुद्ध म.प्र. खनिज (अवैध खनन, परिवहन तथा भण्डारण का निवारण) नियम 2022 में प्रावधान हैं। यह नियम अधिसूचित नियम है। खेत पहुंच मार्ग में किसान द्वारा बजरी डलवाने का विषय खनिज साधन विभाग का विषय नहीं है। रेत/बजरी को किसानों तथा प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राही के लिए किसानों को छूट का प्रावधान मध्यप्रदेश रेत (खनन, परिवहन, भण्डारण एवं व्यापार) नियम 2019 में नहीं है।” जो पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'द' अनुसार है। प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को निर्माण हेतु सस्ती दरों/नि:शुल्क रेत उपलब्ध कराने हेतु खनिज साधन विभाग को कार्यवाही हेतु पत्र क्र. 1721, दिनांक 24.09.2025 को प्रेषित किया जा चुका है जो पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'इ' अनुसार है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। कार्ययोजना तैयार किये जाने संबंधी भविष्यात्मक प्रश्न का उत्तर दिया जाना संभव नहीं है।
रोजगार मेलों का आयोजन
[तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार (केवल कौशल विकास एवं रोजगार)]
21. ( *क्र. 326 ) श्री दिनेश जैन बोस : क्या राज्य मंत्री, कौशल विकास एवं रोजगार महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विगत पांच वित्तीय वर्षों में राज्य सरकार द्वारा उज्जैन जिले में वर्षवार कितने-कितने रोजगार मेले आयोजित किए गए हैं? आयोजित मेलों में कुल कितने आकांक्षी युवाओं द्वारा भाग लिया गया एवं कितने युवाओं को ऑफर लेटर प्रदान किए गए हैं? संपूर्ण विवरण देवें। (ख) क्या रोजगार मेलों में केवल ऑफर लेटर प्रदान कर कंपनियों द्वारा ज्वाइन नहीं किया गया? यदि हाँ, तो क्या विभाग द्वारा केवल रोजगार मेले का आयोजन करना ही उद्देश्य है या युवाओं को रोजगार की गारंटी भी दी जाती है? क्या विभाग द्वारा आयोजित मेले में युवाओं को प्रदान किए गए? ऑफर लेटर के पश्चात निरीक्षण किया जाता है कि उन्हें रोजगार प्राप्त हुआ है या नहीं। (ग) किस-किस कंपनी द्वारा ऑफर लेटर प्रदान किए गए हैं? कितने युवाओं को रोजगार प्रदान किया गया है? जानकारी उपलब्ध कराएं।
राज्य मंत्री, कौशल विकास एवं रोजगार ( श्री गौतम टेटवाल ) : (क) प्रश्नावधि में उज्जैन जिले में आयोजित रोजगार मेलों की जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) रोजगार मेलों में निजी क्षेत्र के नियोजकों द्वारा चयनित आवेदकों को ऑफर लेटर प्रदाय किये जाते हैं, विभाग द्वारा ज्वाइनिंग संबंधी जानकारी संधारित नहीं की जाती है। विभाग द्वारा रोजगार मेलों के माध्यम से आकांक्षी युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाये जाते हैं। जी नहीं। (ग) प्रश्नांश 'क' के परिप्रेक्ष्य में ऑफर लेटर प्रदाय करने वाली कम्पनियों की जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। ऑफर लेटर प्राप्त आवेदकों की जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है।
सेडमैप एवं सीटाडेल कंपनी द्वारा पारिश्रमिक भुगतान
[श्रम]
22. ( *क्र. 80 ) श्री रामनिवास शाह : क्या श्रम मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सिंगरौली जिले में कितने शासकीय विभागों में सेडमैप द्वारा कितनी संख्या में श्रमिक उपलब्ध कराये जा रहे हैं? विवरण दें। (ख) क्या श्रमिकों का पारिश्रमिक भुगतान संबंधितों के बैंक खातों में किया जा रहा है? (ग) क्या शासन के नियमानुसार पारिश्रमिक से ई.पी.एफ./ई.एस.आई.सी. कटौती कर जमा किया जाता है तो खातावार विवरण उपलब्ध करायें। (घ) क्या नगर निगम सिंगरौली में कार्यरत सीटाडेल कंपनी द्वारा विगत दो माह से श्रमिकों का पारिश्रमिक भुगतान नहीं किया गया है? यदि हाँ, तो क्यों नहीं किया गया है कारण सहित स्पष्ट करें तथा जानकारी दें कि कब तक भुगतान किया जावेगा।
श्रम मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) सिंगरौली जिले में सेडमैप द्वारा कुल 12 शासकीय विभागों में 664 कर्मचारी उपलब्ध कराये हैं। विभागवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '1' अनुसार है। (ख) जी हाँ। (ग) जी हाँ। ई.पी.एफ./ई.एस.आई.सी. कटौती की खातावार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '2' अनुसार है। (घ) जी नहीं। सीटाडेल कंपनी द्वारा विगत दो माह का श्रमिकों के परिश्रमिक भुगतान किया गया है। अत: शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
महर्षि महेश योगी वैदिक विश्वविद्यालय को राज्य विश्वविद्यालय का दर्जा
[उच्च शिक्षा]
23. ( *क्र. 94 ) श्री विवेक विक्की पटेल : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) उच्च न्यायालय, ग्वालियर पीठ डिवीजन बैंच द्वारा WA 29/2025,आदेश दिनांक 15.07.2025 में क्या महर्षि महेश योगी वैदिक विश्वविद्यालय को 24.08.1998 से 07.11.2014 की अवधि हेतु स्टेट यूनिवर्सिटी (राज्य विश्वविद्यालय) दर्शाते हुए राज्य शिक्षा केंद्र, भोपाल के निर्णय को निरस्त किया गया? यदि हाँ, तो क्या शासन उक्त न्यायिक आदेश से सहमत है? यदि हाँ, तो उक्त अवधि में राज्य विश्वविद्यालय होने के नाते महर्षि महेश योगी वैदिक विश्वविद्यालय हेतु मध्यप्रदेश शासन द्वारा स्वीकृत प्रशासनिक, शैक्षणिक, अशैक्षणिक पदों की संख्या, पदनाम विवरण तथा इसके लिए पारित बजट राशि की वर्षवार जानकारी उपलब्ध करायें। (ख) यदि शासन उक्त न्यायालयीन आदेश से असहमत है, तो यह स्पष्ट किया जाए कि आदेश के विरुद्ध शासन स्तर से अब तक क्या विधिक अथवा प्रशासनिक कार्यवाही की गई है? यदि नहीं, तो इसके लिए कौन दोषी है?
उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री इन्दर सिंह परमार ) : (क) जी हाँ। माननीय उच्च न्यायालय खण्डपीठ द्वारा रिट अपील क्रमांक 29/2025 में पारित आदेश दिनांक 15.07.2025 के अनुक्रम में स्कूल शिक्षा विभाग अन्तर्गत प्रकरण के प्रभारी अधिकारी जिला परियोजना समन्वयक, मुरैना द्वारा पत्र क्रमांक 1638, दिनांक 13.08.2025 द्वारा माननीय उप महाधिवक्ता, माननीय उच्च न्यायालय खण्डपीठ, ग्वालियर से विधिक अभिमत हेतु लिखा गया है। वर्तमान में अभिमत अप्राप्त है। उक्त विश्वविद्यालय के राज्य विश्वविद्यालय होने के संबंध में मान. सर्वोच्च न्यायालय द्वारा सिविल अपील नं. 1395-1396/2017 में दिये गये निर्देश के परिप्रेक्ष्य में माननीय उच्च न्यायालय में रिट याचिका क्रमांक 8652/2015 विचाराधीन है। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता। (ख) उत्तरांश "क" में वर्णित अनुसार एवं राज्य शिक्षा केन्द्र के पत्र क्रमांक 767, दिनांक 03.02.2026 द्वारा भी प्रकरण के प्रभारी अधिकारी जिला परियोजना समन्वयक मुरैना को विषयांकित अपील में पारित आदेश दिनांक 15.07.2025 के निर्णय के अनुक्रम में शासकीय अधिवक्ता का अभिमत तत्काल उपलब्ध कराने हेतु लेख किया है जिससे प्रकरण में आगामी आवश्यक कार्यवाही की जा सके। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
राज्य स्तर से स्वीकृत कार्य
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
24. ( *क्र. 123 ) श्री साहब सिंह गुर्जर : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र ग्वालियर ग्रामीण अन्तर्गत दिनांक 01 जनवरी, 2024 से प्रश्नांकित दिनांक तक विभाग द्वारा पंचायतराज संचालनालय एवं ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के द्वारा योजना 4610 (स्टाम्प शुल्क), योजना 6084 (मुख्यमंत्री अवसंरचना) एवं अन्य मदों से कौन-कौन से निर्माण कार्य स्वीकृत किये गये हैं? योजनावार, कार्यवार जानकारी उपलब्ध करावें। (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार निर्माण कार्यों की प्रशासकीय स्वीकृतियां किन-किन जनप्रतिनिधियों के प्रस्ताव/अनुशंसाओं पर जारी की गई? क्या उक्त निर्माण कार्यों हेतु क्षेत्रीय विधायक से प्रस्ताव/अनुशंसा चाही गई थी? यदि हाँ, तो विभागीय पत्र की प्रति उपलब्ध करावें? (ग) विधानसभा क्षेत्र अन्तर्गत विकासखण्ड मुरार के ग्राम जखारा में राज्य स्तर से स्वीकृत ग्रामीण स्टेडियम निर्माण कार्य (राशि रूपये 80.00 लाख) स्वीकृत कर निर्माण एजेंसी कार्यपालन यंत्री ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग ग्वालियर को बनाया गया। क्या उक्त ग्रामीण स्टेडियम वर्तमान में बदहाली का शिकार है तथा पूर्णत: क्षतिग्रस्त एवं अनुपयोगी है, जो कि शासकीय राशि के दुरूपयोग की श्रेणी में आता है, इस स्थिति का कारण बतावें एवं उक्त स्टेडियम का मरम्मत कार्य विभाग द्वारा कब तक कराया जावेगा? समय-सीमा दें। (घ) क्या ग्वालियर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र अन्तर्गत अन्य ग्रामीण स्टेडियमों के निर्माण की कोई कार्ययोजना है तथा इस संबंध में क्या क्षेत्रीय विधायक से प्रस्ताव/अनुशंसा प्राप्त की जावेगी?
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) उत्तरांश (क) में उल्लेखित पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट में योजना 6084 में स्वीकृत कार्य मुख्यमंत्री कार्यालय से प्राप्त माननीय जनप्रतिधियों के प्रस्तावों/अनुशंसाओं पर स्थायी वित्त समिति के अनुमोदन उपरांत जारी की गई है। योजना क्रमांक 4610 (स्टाम्प शुल्क) से विभागीय प्राथमिकता अनुसार कार्य स्वीकृत किये गए हैं। (ग) जी हाँ। कार्य को पूर्ण कराकर जनपद पंचायत मुरार को हस्तांतरित किया गया है। वर्तमान तक स्टेडियम की बदहाली और क्षतिग्रस्त के संबंध में कोई शिकायत प्राप्ति की जानकारी उपलब्ध नहीं है। अत: शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) वर्तमान में ऐसी कोई कार्ययोजना विचाराधीन नहीं है। अत: शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
सहकारी संस्थाओं द्वारा ऋण एवं खाद का प्रदाय
[सहकारिता]
25. ( *क्र. 269 ) श्री कमलेश्वर डोडियार : क्या सहकारिता मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या वर्ष 2020 से प्रश्न दिनांक तक जिला रतलाम में सहकारिता विभाग अंतर्गत विभिन्न सहकारी संस्थाएँ संचालित हैं? यदि हाँ, तो पंजीकृत प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों, दुग्ध सहकारी समितियों उपभोक्ता सहकारी समितियों एवं अन्य सहकारी संस्थाओं की तहसीलवार जानकारी पृथक-पृथक वर्षवार दें। (ख) प्रश्नांश 'क' में उल्लेखित कितने किसानों/सदस्यों को ऋण प्रदान किया गया? कुल कितनी ऋण राशि वितरित की गई? कितनी ऋण राशि बकाया है? जानकारी वर्षवार एवं तहसीलवार बतावें। (ग) वर्ष 2020 से प्रश्न दिनांक तक जिला रतलाम की सहकारी समितियों के माध्यम से यूरिया, डी.ए.पी. एवं अन्य उर्वरकों का, बीज व कृषि आदानों का कितना-कितना वितरण किया गया? संबंधित समितियों के नाम सहित वर्षवार अनुसार जानकारी पृथक-पृथक बतावें। (घ) क्या सहकारिता विभाग अंतर्गत किसी सहकारी समिति में अनियमितता, भ्रष्टाचार या वित्तीय गड़बड़ी के प्रकरण पाए गए हैं? यदि हाँ, तो वर्ष 2020 से प्रश्न दिनांक तक रतलाम जिले के अंतर्गत दर्ज प्रकरणों की संख्या, संबंधित समिति का नाम तथा की गई कार्यवाही की जानकारी दें। सहकारिता विभाग की सहकारी समितियों के ऑडिट की वर्तमान स्थिति क्या है? कितनी समितियों का ऑडिट पूर्ण हो चुका है? कितनी समितियों का ऑडिट लंबित है? वर्षवार जानकारी बतावें।
सहकारिता मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) जी हाँ। जानकारी वर्षवार एवं तहसीलवार पृथक-पृथक पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) जानकारी वर्षवार, तहसीलवार पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है। (घ) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-4 अनुसार है। रतलाम जिलें में दिनांक 31 मार्च, 2025 की स्थिति में पंजीकृत 760 सहकारी संस्थाओं में से 369 सहकारी संस्थाओं का अंकेक्षण कार्य पूर्ण हो चुका है। अंकेक्षण हेतु शेष संस्थाएं 391 हैं। वर्ष 2020-21 की 03, वर्ष 2021-22 की 15, वर्ष 2022-23 की 38 एवं वर्ष 2023-24 की 37 समितियों का ऑडिट लंबित हैं।
भाग-2
नियम
46 (2) के
अंतर्गत
अतारांकित प्रश्नोत्तर
के रुप में
परिवर्तित
तारांकित प्रश्नोत्तर
बायो
प्रोडक्ट परीक्षण
हेतु लैब की
उपलब्धता
[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]
1. ( क्र. 32 ) श्री घनश्याम चन्द्रवंशी : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्यप्रदेश में विक्रय होने वाले बायो कृषि प्रोडक्ट की गुणवत्ता परीक्षण हेतु वर्तमान में कितनी परीक्षण लैब संचालित है? (ख) यदि हाँ, तो क्या संभाग अथवा जिला स्तर पर भी बायो पेस्टिसाइड के परीक्षण हेतु लैब संचालित करने की योजना है? यदि हाँ, तो कब तक?
किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) जी नहीं। (ख) शासन द्वारा समय-समय पे यथोचित निर्णय लिया जाता है, समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
किसानों के लिए योजनाएं
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
2. ( क्र. 42 ) डॉ. हिरालाल अलावा : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मनरेगा योजनान्तर्गत खेत सड़क योजना किन कारणों और कब से बंद है? खेत सड़क योजना को पुनः शुरू करने की शासन की क्या योजना है? प्रति सहित जानकारी दें। (ख) क्या किसानों के घरों से खेतों तक सड़क बनाने तथा अनाज और खेती संबंधी वस्तुओं की ढुलाई बावत सुगम बनाने के लिए वर्तमान में मनरेगा योजना संचालित हैं, प्रति सहित जानकारी दें। यदि कोई योजना संचालित नहीं है तो कारण बताएं। (ग) नलकूप खनन योजना एवं प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना अंतर्गत जनवरी 2024 से प्रश्न दिनांक तक मनावर विधानसभा क्षेत्र के किन-किन किसानों को क्या-क्या लाभ मिला? प्रति सहित बताएं। (घ) प्रश्नकर्ता द्वारा जनवरी 2024 से प्रश्न-दिनांक तक माननीय मुख्यमंत्री एवं विभाग को खेत सड़क योजना, संबंधी पत्रों पर क्या कार्यवाही की गई, प्रति सहित जानकारी दें। यदि कार्यवाही नहीं की गई तो क्यों?
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) मनरेगा योजनान्तर्गत खेत सड़क योजना बंद नहीं है, प्रगतिरत कार्यों का क्रियान्वयन मनरेगा नियमानुसार किया जा रहा हैं। वर्तमान में भारत सरकार, ग्रामीण विकास मंत्रालय के अर्धशासकीय पत्र क्रमांक J/11017/2025/RE-VII दिनांक 20/05/2025 के माध्यम से ग्रेवल सड़क निर्माण के सम्बन्ध में मार्गदर्शी दिशा निर्देश प्राप्त हुए जिसके पालन कराये जाने हेतु म.प्र. राज्य रोजगार गांरटी परिषद भोपाल का पत्र क्रमांक 844/एमजीएनआरजीएस-एमपी/2025 भोपाल दिनांक 27-05-2025 अनुसार नवीन दिशा निर्देश जारी तक सुदूर संपर्क/खेत सड़क की नवीन स्वीकृति जारी नहीं किये जाने के निर्देश जारी किये गए। निर्देश की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट–'अ' अनुसार है। शेष प्रश्न उत्पन्न नहीं होता। (ख) सुदूर संपर्क/खेत सड़क योजना मनरेगा योजनान्तर्गत संचालित हैं जिसमे स्वीकृत प्रगतिरत कार्यों का क्रियान्वयन किया जा रहा हैं। निर्देशों की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'ब' अनुसार है। वर्तमान में भारत सरकार, ग्रामीण विकास मंत्रालय के अर्धशासकीय पत्र क्रमांक J/11017/2025/RE-VII दिनांक 20/05/2025 के माध्यम से ग्रेवल सड़क निर्माण के सम्बन्ध में मार्गदर्शी दिशा निर्देश प्राप्त हुए जिसके पालन कराये जाने हेतु म.प्र. राज्य रोजगार गांरटी परिषद भोपाल का पत्र क्रमांक 844/एमजीएनआरजीएस-एमपी/2025 भोपाल दिनांक 27-05-2025 अनुसार नवीन दिशा निर्देश जारी तक सुदूर संपर्क/खेत सड़क की नवीन स्वीकृति जारी नहीं किये जाने के निर्देश जारी किये गए। निर्देश की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट–'अ' अनुसार है। शेष प्रश्न उत्पन्न नहीं होता है। (ग) नलकूप खनन एवं प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना अन्तर्गत 2024 से प्रश्न दिनांक तक मनावर विधानसभा क्षेत्र के लाभान्वित कृषकों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट–स अनुसार है। (घ) प्रश्नांश "घ" के संबंध में जिला पंचायत धार में माननीय विधायक महोदय द्वारा खेत सड़क की स्वीकृति के संबंध में कुल 3 पत्र दिनांक 27-05-25 के बाद प्रेषित किये गये है। पत्रों की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट–द अनुसार है। म.प्र. राज्य रोजगार गांरटी परिषद का पत्र क्रमांक 844 दिनांक 27-05-2025 पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट–'अ' के माध्यम से आगामी आदेश तक खेत सड़क के नवीन कार्य नहीं किये जाने के निर्देश जारी होने के कारण माननीय विधायक के पत्रों पर कार्यवाही नहीं हो सकी।
उमरबन कॉलेज का निर्माण कार्य
[उच्च शिक्षा]
3. ( क्र. 44 ) डॉ. हिरालाल अलावा : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) धार जिला के उमरबन विकासखंड अंतर्गत उमरबन कॉलेज की स्वीकृति दिनांक से प्रश्न दिनांक तक किस-किस मद में किस दिनांक को कितनी-कितनी राशि स्वीकृत एवं जारी की गई, किस-किस राशि को किस दिनांक को आहरित कर किस-किस मद में खर्च किया गया? स्वीकृत राशि, आहरित एवं खर्च राशि का प्रति सहित ब्यौरा देवें। (ख) उमरबन कॉलेज में इन्फ्रास्ट्रक्चर का निर्माण, कॉलेज बाउंड्री, गार्डन, कॉलेज के प्रोफेसर एवं स्टॉफ के लिए रेजिडेंशियल कॉम्पलेक्स,कॉलेज से मेन रोड तक सड़क निर्माण करने और छात्र-छात्राओं के लिए 100-100 सीटर का हास्टल स्वीकृत किए जाने हेतु प्रश्नकर्ता ने माननीय मुख्यमंत्री एवं माननीय मंत्री उच्च शिक्षा एवं विभाग को कब-कब ईमेल एवं पत्र लिखा, उक्त पत्र पर प्रश्न दिनांक तक क्या कार्यवाही की गई प्रति सहित बतावें। (ग) उमरबन कॉलेज में इन्फ्रास्ट्रक्चर का निर्माण, कॉलेज बाउंड्री, गार्डन, कॉलेज के प्रोफेसर एवं स्टॉफ के लिए रेजिडेंशियल कॉम्पलेक्स, कॉलेज से मेन रोड तक सड़क निर्माण करने और छात्र-छात्राओं के लिए 100-100 सीटर का हास्टल स्वीकृत/निर्माण किए जाने के लिये विभाग की क्या योजना है, कब तक राशि जारी की जाएगी? (घ) राज्य शासन द्वारा कॉलेज के इन्फ्रास्ट्रक्चर निर्माण, कॉलेज बाउंड्री, गार्डन, कॉलेज से मेन रोड तक सड़क, कॉलेज के प्रोफेसर एवं स्टॉफ के लिए रेजिडेंशियल कॉम्पलेक्स, छात्र-छात्राओं के लिए हास्टल के क्या-क्या नियम प्रक्रिया स्केल तय किया गया है उसकी प्रति देवें।
उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री इन्दर सिंह परमार ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''अ'' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''ब'' अनुसार है। पत्रों पर कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। (ग) प्रश्नांश ''ख'' के संदर्भ में, वित्तीय संसाधनों की सीमित उपलब्धता के अनुसार कार्यवाही की जा रही है। राशि जारी किए जाने के संबंध में निश्चित समय-सीमा बताई जाना संभव नहीं है। (घ) शासकीय महाविद्यालयों के भवन निर्माण हेतु मध्यप्रदेश शासन, वित्त विभाग द्वारा परिपत्र क्रमांक 347/आर-1703/चार/ब-1/2012 दिनांक 31.03.2017 तथा परिपत्र क्रमांक 456/आर-2595982/2025/ब-1/चार दिनांक 31.03.25 जारी किए गए हैं। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''स'' अनुसार है, तदनुसार योजना क्रमांक-7643 (शासकीय महाविद्यालयों के भवन निर्माण) अंतर्गत स्वीकृतियां जारी की जाती हैं। सीमित वित्तीय संसाधनों के कारण राज्य शासन की प्राथमिकता कक्षाओं, प्रयोगशालाओं, बाउन्ड्रीवॉल, एप्रोच रोड जैसी मूल सुविधा युक्त महाविद्यालय भवन बनाने की है, तदनुसार कार्यवाही की जाएगी।
जिला सहकारी बैंक हरदा का जिला मुख्यालय हरदा किया जाना
[सहकारिता]
4. ( क्र. 54 ) डॉ. रामकिशोर दोगने : क्या सहकारिता मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 1998 में जिला होशंगाबाद से अलग कर हरदा को जिला घोषित किया गया था, जिला घोषित किए जाने के उपरांत समस्त शासकीय विभागों का जिला मुख्यालय हरदा को बना दिया गया है परन्तु जिला सहकारी बैंक हरदा का जिला मुख्यालय वर्तमान में भी जिला नर्मदापुरम (होशंगाबाद) होने का क्या कारण है? जानकारी दें। (ख) क्या जिला सहकारी बैंक हरदा का जिला मुख्यालय हरदा करने की प्रक्रिया प्रचलन में है? जानकारी दें। (ग) यदि हाँ, तो जिला सहकारी बैंक हरदा का जिला मुख्यालय हरदा कब तक कर दिया जावेगा। समय-सीमा बतावें। यदि नहीं, तो क्यों? कारण स्पष्ट करें।
सहकारिता मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) जी हाँ। जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित, नर्मदापुरम (होशंगाबाद) का कार्यक्षेत्र दो जिलों हरदा एवं नर्मदापुरम तक विस्तारित है तथा हरदा जिले में स्थापित 06 शाखाओं के माध्यम से आमजनों को बैंकिंग सुविधायें उपलब्ध हो रही है। जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित होशंगाबाद (नर्मदापुरम) कमजोर बैंक की श्रेणी में होने तथा आर्थिक रूप से सक्षम नहीं होने से हरदा जिले में पृथक से जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक की स्थापना का कोई प्रस्ताव नहीं है। (ख) जी नहीं। उत्तरांश ''क'' अनुसार। (ग) उत्तरांश ''क'' के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
फर्जी स्व-सहायता समूह के द्वारा अनियमितता एवं भ्रष्टाचार
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
5. ( क्र. 56 ) डॉ. रामकिशोर दोगने : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) हरदा जिले में किस-किस आंगनवाड़ी केन्द्र, झूलाघर, शासकीय प्राथमिक/माध्यमिक शाला, शासकीय छात्रावासों एवं शिक्षा गारंटी शाला में कौन-कौन से स्व-सहायता समूह मध्यान्ह भोजन की व्यवस्था करते है? संस्थावार, समूहवार जानकारी उपलब्ध करावें। (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार उल्लेखित स्व-सहायता समूहों द्वारा विगत 03 वर्षों में किस-किस कार्य हेतु कितनी-कितनी राशि एवं कितना अनाज/राशन, शासन से प्राप्त किया व कितनी-कितनी राशि किस-किस कार्य/सामग्री क्रय में व्यय की, की सम्पूर्ण जानकारी एवं लेखे की प्रमाणित प्रति उपलब्ध करावें। (ग) क्या हरदा जिले में संचालित स्व-सहायता समूहों के नाम पर कुछ लोगों द्वारा फर्जी नाम पर समूह बनाकर शासन की योजनाओं की राशि का गबन किया जा रहा है और वास्तविक सदस्यों व पदाधिकारियों को ठगा जा रहा है? क्या विभाग द्वारा समय-समय पर इसकी जाँच कराई जाती है? यदि हाँ, तो विगत 03 वर्षों में कब-कब जाँच कराई गई और जाँच में क्या-क्या गड़बड़ियां पाईं गईं? समस्त जानकारी प्रमाणित प्रति सहित उपलब्ध करावें। (घ) यदि जाँच नहीं कराई गई है तो इसका क्या कारण है? स्पष्ट करें।
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) योजनांतर्गत शासकीय छात्रावासों में स्व-सहायता समूहों द्वारा मध्यान्ह भोजन का संचालन नहीं किया जाता है एवं जिले में शिक्षा गारंटी शाला संचालित नहीं है। शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'अ' एवं 'ब' अनुसार है। (ख) पीएम पोषण पोर्टल के माध्यम से भोजन पकाने में प्रयुक्त होने वाली सामग्री हेतु राशि सीधे स्व-सहायता समूह के खाते में अंतरित की जाती है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'स' एवं 'द' अनुसार है। (ग) जी नहीं। जिले में पीएम पोषण योजनांतर्गत राशि के गबन से संबंधित कोई लिखित एवं मौखिक शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) उत्तरांश (ग) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
श्रमोदय आवासीय विद्यालय की स्थापना
[श्रम]
6. ( क्र. 65 ) श्री शैलेन्द्र कुमार जैन : क्या श्रम मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्नकर्ता के तारांकित प्रश्न क्रमांक 474, दिनांक 28.07.2025 के उत्तरांश में बताया गया था कि, म.प्र. भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार मंडल जिला सागर में एक श्रमोदय आवासीय विद्यालय स्थापित किये जाने की स्वीकृति प्रदान की गई है। उक्त श्रमोदय आवासीय विद्यालय की स्थापना हेतु प्रश्न दिनांक तक क्या कार्यवाही प्रचलन में है? विवरण सहित बताएँ। (ख) श्रमोदय आवासीय विद्यालय स्थापित किये जाने हेतु क्या शासन स्तर पर भूमि का चयन कर बजट आवंटित किया गया है? यदि हाँ, तो भूमि चयन, बजट राशि एवं संबंधित विभागीय स्वीकृति का विवरण देवें। यदि नहीं, तो उक्त प्रक्रिया कब तक पूर्ण की जायेगी?
श्रम मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) श्रम विभाग अंतर्गत मध्यप्रदेश भवन संनिर्माण कर्मकार मण्डल द्वारा जिला सागर में स्वीकृत एक श्रमोदय आवासीय विद्यालय स्थापित किये जाने हेतु जिला कलेक्टर एवं श्रम विभागीय कार्यालय के समन्वय से भूमि चिन्हांकन की कार्यवाही पूर्ण की जा चुकी है। भूमि चिन्हांकन की स्थिति निम्नानुसार है:-
|
जिले का नाम |
आवश्यक भूमि |
भूमि चयन की स्थिति |
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सागर |
लगभग 15 एकड़ |
ग्राम पंचायत मसानझिरी, रतौना, सागर में 15 एकड़ भूमि चयनित हो चुकी है। |
(ख) जिला सागर हेतु स्वीकृत हेतु स्वीकृत 01 श्रमोदय आवासीय विद्यालय की स्थापना हेतु ग्राम पंचायत मसानझिरी, रतौना सागर में भूमि चिन्हांकित हो चुकी है। श्रमोदय विद्यालय की स्थापना हेतु शासन से बजट आवंटन नहीं किया जाता है अपितु मण्डल निधि से श्रमोदय विद्यालय के निर्माण संबंधी कार्यों को किया जाता है। वर्तमान में निर्माण एजेंसी की नियुक्ति प्रचलित है। अत: शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता है।
कीटनाशक दवा विक्रेता दुकानदारों की जाँच
[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]
7. ( क्र. 66 ) श्री शैलेन्द्र कुमार जैन : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सागर जिले में कृषि विभाग के कृषि विस्तारक अधिकारियों द्वारा रसायनिक खाद, कीटनाशक एवं खरपतवार नाशक दवा बिक्री दुकानों से विगत 2 वर्ष में कितने सेम्पल लिये गये तथा सेम्पल के जाँच उपरांत क्या परिणाम आये? अमानक पाये गये सेम्पल विक्रेताओं के खिलाफ विभाग द्वारा क्या कार्यवाही की गई? जानकारी दें। (ख) क्या प्रश्नांश (क) में वर्णित सेम्पलों के परिणाम आने के उपरांत इनके वास्तविक उपयोग के बारे में उपयोगकर्ता किसानों के साथ विभाग द्वारा समीक्षा की जाती है? यदि नहीं, तो इसका क्या कारण है? (ग) क्या कृषि विभाग के कृषि विस्तारक अधिकारियों द्वारा रसायनिक खाद, कीटनाशक एवं खरपतवार नाशक दवा बिक्री दुकानों की जाँच किये जाने की निर्धारित व्यवस्था है? यदि हाँ, तो प्रत्येक अधिकारियों को न्यूनतम कितनी दुकानों की जाँच करने का प्रावधान है? किन-किन अधिकारियों द्वारा सागर जिले के अंतर्गत कौन-कौन सी दुकानों की जाँच की गई, तिथिवार बताएँ।
किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) विभागीय मैदानी अधिकारियों द्वारा किसानों को रसायनिक उर्वरक, कीटनाशक, खरपतवारनाशक के उपयोग के संबंध में समस्त प्रकार की जानकारी एवं सलाह प्रसार कार्यक्रमों, प्रशिक्षण, खेत पाठशालाओं आदि के द्वारा उचित सलाह दी जाती है। (ग) जी हां, उर्वरक निरीक्षकों द्वारा उर्वरक प्रतिष्ठानों के निरीक्षण का प्रावधान उर्वरक (नियंत्रण) आदेश 1985 में है, परन्तु निरीक्षकवार संख्या निर्धारित नहीं है तथा कीटनाशी नियम 1971 अंतर्गत कीटनाशी विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों का वर्ष में न्यूनतम 3 बार निरीक्षण प्रावधानित है। शेष प्रश्नांश की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है।
वीबीजीरामजी के तहत केन्द्र सरकार से प्राप्त राशि
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
8. ( क्र. 70 ) श्री नारायण सिंह पट्टा : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मनरेगा (वीबीजीरामजी) योजना अंतर्गत वर्ष 2023-24 से प्रश्न दिनांक तक प्रदेश को केंद्र सरकार से कितनी राशि प्राप्त हुई एवं राज्य सरकार द्वारा इसमें कितना अंशदान मिलाकर जिलों को कितनी-कितनी राशि आवंटित की गई, जिलेवार वर्षवार जानकारी उपलब्ध कराएं? मंडला जिले में इस योजना अंतर्गत कुल कितना भुगतान लंबित है, मजदूरी-सामग्री की अलग-अलग जानकारी उपलब्ध कराएं? भुगतान लंबित होने के क्या कारण हैं, कब तक भुगतान कर दिया जायेगा? मंडला जिले में कुल कितने जॉब कार्डधारी हैं, इन्हें वर्ष 2024-25 से प्रश्न दिनांक तक कितने दिनों का कार्य मिला, प्रत्येक जॉबकार्ड धारीवार वर्षवार जानकारी उपलब्ध कराएं? जिन जॉब कार्डधारियों को एक वर्ष में 100 दिन का काम नहीं मिल पाया, क्या उन्हें रोजगार भत्ता दिया गया, यदि हाँ, तो जानकारी उपलब्ध कराएं, यदि नहीं तो क्यों? (ख) मनरेगा का नाम कब बदला गया है? नाम बदलने के साथ योजना में कौन-कौन से नवीन प्रावधान जोड़े गए हैं? पुराने किन प्रावधानों को समाप्त या संशोधित किया गया है, विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराएं? क्या प्रत्येक जॉब कार्डधारी को 125 दिनों के काम/रोजगार की गारंटी दी गई है? जॉब कार्डधारियों को काम नहीं मिलने की स्थिति में कोई भत्ता या विभागीय क्षतिपूर्ति राशि प्रदान की जाएगी?
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) मनरेगा योजनान्तर्गत वित्तीय वर्ष 2023-24 से 2025-26 प्रश्न दिनांक तक भारत सरकार एवं राज्य सरकार से प्राप्त राशि का विवरण संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। उपरोक्त राशि में से जिलेवार किये गये व्यय का विवरण नरेगा सॉफ्ट (www.nrega.nic.in) की रिपोर्ट 7.1.1 अनुसार अवलोकन हेतु उपलब्ध है। (वीबीजीरामजी) योजना वर्तमान में लागू नहीं होने के कारण प्राप्त राशि की जानकारी निरंक हैं। मण्डला जिले में राशि रूपये 56.27 लाख मजदूरी भुगतान एवं राशि रूपये 949.61 लाख सामग्री भुगतान वित्तीय वर्ष 2023-24 से प्रश्न दिनांक तक लंबित है। योजना अंतर्गत कार्यरत मजदूरों के खाता नम्बर त्रुटियुक्त होने एवं अन्य तकनीकी कारणों से विगत वर्षों के मजदूरी भुगतान रिजेक्ट हुए हैं जिससे मजदूरी भुगतान लंबित है। जिसका निराकरण कराया जाकर लंबित मजदूरी भुगतान कराया जा रहा है एवं वर्तमान वित्तीय वर्ष 2025-26 में भारत सरकार से मजदूरों के खाते में राशि अतंरित नहीं होने के कारण भुगतान लंबित है। सामग्री भुगतान एक सतत् प्रक्रिया है। भारत सरकार से राशि प्राप्ति के आधार पर लंबित सामग्री भुगतान किया जाता है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। योजना अंतर्गत मण्डला जिले में कुल 2.54 लाख जाब कार्डधारी हैं। इन्हें वर्ष 2024-25 से प्रश्न दिनांक तक 147.90 लाख दिवसों का रोजगार उपलब्ध कराया गया है। योजना अंतर्गत वर्षवार जाब कार्डधारीवार जानकारी का विवरण नरेगा सॉफ्ट (www.nrega.nic.in) की रिपोर्ट 5.1.1 अनुसार अवलोकन हेतु उपलब्ध है। योजना अंतर्गत परिवार को 01 वित्तीय वर्ष में कार्य की मांग करने पर 100 दिवस (अधिकतम) का रोजगार प्रदाय करने का प्रावधान है। मनरेगा योजना मांग आधारित योजना है एवं काम की मांग अनुसार सबंधित कार्य एजेंसी द्वारा जाब कार्डधारी परिवारों को रोजगार उपलब्ध कराया जाता है। मंडला जिले में योजना अंतर्गत मजदूरों को बेरोजगारी भत्ता देने की स्थिति निर्मित नहीं है। (ख) मनरेगा योजना वर्तमान में मनरेगा नाम से ही संचालित है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
महर्षि महेश योगी वैदिक विश्वविद्यालय में नियुक्तियां
[उच्च शिक्षा]
9. ( क्र. 71 ) श्री नारायण सिंह पट्टा : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रश्नकर्ता के अतारांकित प्रश्न क्रमांक 75 दिनांक 01/12/2025 के प्रश्नांश (ग) के उत्तर में महर्षि महेशयोगी वैदिक विश्वविद्यालय को पृथक अधिनियम से स्थापित निजी विश्वविद्यालय बताया है, यदि हाँ, तो उक्त विश्वविद्यालय किस शासकीय विभागीय नियंत्रण से मध्यप्रदेश में स्थापित होकर संचालित है, संबंधित आदेशों सहित जानकारी उपलब्ध करायें? (ख) उक्त विश्वविद्यालय में कुलगुरु प्रो.प्रमोद वर्मा को बताया गया है, यदि हाँ, तो इनकी नियुक्ति किस विज्ञापन पर हुई, कितने आवेदन प्राप्त हुए छानबीन समिति एवं चयन समिति सहित नियुक्तिकर्ता का नाम एवं प्रमोद वर्मा का नियुक्ति पत्र संपूर्ण दस्तावेजों सहित जानकारी उपलब्ध करायें? (ग) उक्त प्रश्न में कुलाधिपति की नियुक्ति प्रक्रियाधीन बताई है, यदि हाँ, तो यूजीसी प्रोफार्मा में कुलाधिपति ब्रह्मचारी गिरीशचंद्र वर्मा को शासन के किस आदेश पर दर्शाया गया है, जानकारी दस्तावेजों सहित उपलब्ध करायें? (घ) क्या पूर्व सत्र के उक्त प्रश्न की विभाग द्वारा अधूरी/भ्रामक जानकारी दी गई? पूर्ण जानकारी कब तक उपलब्ध कराई जायेगी। (ड.) ब्रह्मचारी गिरीशचंद्र वर्मा एवं प्रो.प्रमोद कुमार वर्मा मध्यप्रदेश एवं छत्तीसगढ़ के कौन-कौन से विश्वविद्यालय में क्रमशः कुलाधिपति/कुलपति/कुलगुरु के पद पर नियुक्त होकर पदस्थ हैं, एक से अधिक विश्वविद्यालय में पदस्थ रहने के यूजीसी के नियम सहित उक्त दोनों के नियुक्ति पत्र सहित दस्तावेजों सहित जानकारी उपलब्ध करायें? (च) उक्त विश्वविद्यालय में नियमित कुलाधिपति एवं नियमित कुलसचिव का पद किस दिनांक से रिक्त है एवं नियमानुसार कितनी समय-सीमा तक उक्त दोनों पद रिक्त रह सकते हैं, जानकारी उपलब्ध करायें?
उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री इन्दर सिंह परमार ) : (क) जी हाँ। उक्त विश्वविद्यालय उच्च शिक्षा विभाग के माध्यम से जारी महर्षि महेश योगी वैदिक विश्वविद्यालय अधिनियम, 1995 (क्रमांक 37 सन् 1995) द्वारा स्थापित एवं संचालित है। अतः उच्च शिक्षा विभाग इस विश्वविद्यालय के लिए प्रशासकीय विभाग है। अत: किसी आदेश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ख) कुलगुरू प्रो. प्रमोद वर्मा की नियुक्ति विश्वविद्यालय के परिनियम क्रमांक 2 के परिप्रेक्ष्य में गठित समिति की अनुशंसा पर कुलाधिपति द्वारा की गई है। संबंधित दस्तावेज पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-1 अनुसार है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) जी हाँ। नियुक्ति की प्रक्रिया पूर्ण होने तक श्री गिरीश चन्द्र वर्मा प्रबंध बोर्ड के निर्णय से कार्यकारी कुलाधिपति के रूप में कार्य कर रहे हैं। संबंधित दस्तावेज पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-2 अनुसार है। (घ) विभाग द्वारा पूर्व सत्र के प्रश्न क्रमांक 75 का समुचित उत्तर प्रस्तुत किया गया है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ड.) ब्रह्मचारी गिरीशचंद्र वर्मा, महर्षि महेश योगी वैदिक विश्वविद्यालय के कार्यकारी कुलाधिपति होने के अतिरिक्त महर्षि यूनिवर्सिटी ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी, मंगला, बिलासपुर के कुलाधिपति भी है। श्री प्रमोद कुमार वर्मा, महर्षि यूनिवर्सिटी ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी, मंगला, बिलासपुर के कुलपति के अतिरिक्त प्रभार में है। दो पदों पर कुलाधिपति होने अथवा कुलाधिपति/कुलपति के अतिरिक्त प्रभार में होने से निषेध संबंधी उल्लेख निजी विश्वविद्यालयों से संबंधित यू.जी.सी. विनियम में नहीं है। शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-3 अनुसार है। (च) विश्वविद्यालय में नियमित कुलाधिपति का पद दिनांक 28/12/2024 से एवं नियमित कुलसचिव का पद दिनांक 01/09/2024 से रिक्त है। रिक्त पदों की पूर्ति हेतु समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
ग्राम पंचायत स्तरों पर श्मशान धामों का विकास
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
10. ( क्र. 75 ) श्री अरूण भीमावद : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या विभाग अंतर्गत ग्राम पंचायत एवं ग्राम स्तर पर श्मशान धामों का विकास एवं जीर्णोद्धार की कोई योजना हैं? (ख) यदि हाँ, तो ग्रामीण क्षेत्रों में वर्षाकाल में अंतिम संस्कारों में आने वाली समस्याओं के लिए क्या कोई ठोस कार्ययोजनाएं प्रस्तावित है? (ग) यदि हाँ, तो विधानसभा क्षेत्र 167 शाजापुर के कितने ग्रामों में श्मशान धाम नहीं है? यदि है तो कितने विकसित है, कितनों का जीर्णोद्धार किया जाना है और कितनों का सौन्दर्यीकरण किया जाना है? सूची उपलब्ध करवाए? (घ) विधानसभा क्षेत्र से प्रस्तावित श्मशान धामों का विकास, जीर्णोद्धार एवं सौन्दर्यीकरण के प्रस्ताव पर प्रश्न दिनांक तक क्या कार्यवाही की गई?
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) जी हाँ। (ख) जी हाँ, विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 167 अंतर्गत जनपद पंचायत शाजापुर की ग्राम पंचायतों में 103 श्मशान से रोड को जोड़ने वाली सड़कों की जानकारी संकलित की गई है। 10 ग्राम पंचायतों के 10 ग्रामों में शांतिधाम पहुंच मार्ग हेतु 5वां वित्त की (ग्राम पंचायत स्तर) प्राप्त राशि अनुसार तकनीकी स्वीकृति जारी की जा चुकी है। साथ ही जनपद पंचायत मो. बड़ोदिया में श्मशान से जोड़ने वाली 29 सड़कों की जानकारी संकलित की गई है, जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट - ''अ'' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट- ''ब'' अनुसार है। (घ) विधानसभा क्षेत्र 167 अंतर्गत जनपद पंचायत शाजापुर में 09 ग्राम पंचायतों में 5वां मद से प्राप्त राशि अनुसार 09 ग्रामों में शांतिधाम विकास (सौंदर्यीकरण) की तकनीकी स्वीकृति, साथ ही जनपद पंचायत मो. बड़ोदिया अंतर्गत 14 कार्यों की तकनीकी स्वीकृतियां इस प्रकार कुल 23 कार्यों की 5वां वित्त आयोग अंतर्गत प्राप्त राशि अनुसार प्रदाय की जा चुकी है, जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट – ''स'' अनुसार है।
कबड्डी खेलने के लिए मेट की उपलब्धता
[खेल एवं युवा कल्याण]
11. ( क्र. 77 ) श्री अरूण भीमावद : क्या खेल एवं युवा कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) कबड्डी को आधुनिकता स्वरूप देने हेतु विभाग की क्या योजना है तथा कौन-कौन सी सुविधाएं इस हेतु उपलब्ध करवाई जाती है? (ख) क्या विधानसभा क्षेत्र 167 शाजापुर के शासकीय हायर सेकेण्ड्री शालाओं में कबड्डी जैसे परम्परागत खेल को बढ़ावा दिया जा रहा है? (ग) यदि हाँ तो प्रश्नांश (क) एवं (ख) के अनुसार खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा क्या छात्र/छात्राओं को कबड्डी खेलने हेतु मेट की सुविधा उपलब्ध कराई गई है? (घ) यदि नहीं, तो शासकीय महारानी लक्ष्मीबाई कन्या उ.मा.वि. शाजापुर, शासकीय उत्कृष्ट उ.मा.वि. शाजापुर, शासकीय सरदार वल्लभ भाई पटेल सांदीपानि उ.मा.वि. शाजापुर, शासकीय.उ.मा.वि.मक्सी, शासकीय उ.मा.वि. झोकर एवं उत्कृष्ट उ.मा.वि मो.बड़ोदिया में कबड्डी के लिए कब तक मेट उपलब्ध करवाई जावेगी? जानकारी दें।
खेल एवं युवा कल्याण मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) खेलों को प्रोत्साहन हेतु विभाग द्वारा खेल प्रोत्साहन नियम-2019 बनाये गये है, जिसकी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है, इन नियमों के तहत ही कबड्डी खेल की गतिविधियों को प्रोत्साहन प्रदान किया जाता है। इसके अलावा जिले से प्रस्ताव प्राप्त होने पर कबड्डी मेट्स व आवश्यक खेल सामग्री/उपकरण भी उपलब्ध करवाये जाते है। (ख) शासकीय हायर सेकेण्ड्री शालाओं में संचालित कबड्डी प्रशिक्षण के दौरान विभाग से चाहे अनुसार समय-समय पर सहयोग प्रदान किया जाता है। (ग) जिला मुख्यालय पर आयोजित होने वाली कबड्डी प्रतियोगिता/राज्य स्तरीय/राष्ट्रीय स्तर की कबड्डी खेल के आयोजन हेतु विभाग के पास मेट्स उपलब्ध है जो कि आवश्यकतानुसार विभाग/अन्य विभाग द्वारा आयोजित होने वाली कबड्डी प्रतियोगिता हेतु उपलब्ध कराई जाती है। विभाग द्वारा विद्यालयों को खेल सामग्री/उपकरण प्रदाय किये जाने की कोई योजना नहीं है। (घ) प्रश्नोत्तर (ग) के संदर्भ में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
12. ( क्र. 85 ) श्री मुरली भँवरा : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना अंतर्गत बागली विधानसभा क्षेत्र के ऐसे ग्राम जिनकी जनसंख्या 500+, 250 + अथवा 100+ है, उनके सर्वे उपरांत कुल कितनी सड़कों के निर्माण हेतु प्रस्ताव विभाग को प्राप्त हुए हैं? (ख) प्राप्त प्रस्तावों में से कितनी सड़कों के निर्माण हेतु विभाग द्वारा वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई है? यदि हाँ, तो ग्रामवार एवं सड़कवार विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराए। (ग) जिन सड़कों को वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई है, उनके निर्माण कार्य कब से प्रारंभ किए जाएंगे तथा पूर्णता हेतु निर्धारित समय-सीमा क्या है?
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-IV के अंतर्गत बागली विधानसभा क्षेत्र में वर्ष 2011 की जनसंख्या के आधार पर 500+ आबादी की कुल 37 बसाहटों के जी.एस.एस. (ग्राम सड़क सर्वे) सर्वे किया गया। PMGSY-IV में सामान्य विकासखण्ड में 500+ आबादी की बसाहटों की पात्रता है। (ख) आज दिनांक तक किसी भी सड़क हेतु वित्तीय स्वीकृति प्रदान नहीं की गई है। अतः शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) प्रश्नांश ''ख'' के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
सहकारिता विभाग के अंतर्गत संस्थाओं में अधिवार्षिकी आयु
[सहकारिता]
13. ( क्र. 88 ) श्री रजनीश हरवंश सिंह : क्या सहकारिता मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या सहकारिता विभाग के अन्तर्गत म.प्र. आवास संघ में कार्यरत कर्मियों को सेवानिवृत्ति आयु 62 वर्ष निर्धारित है, यदि हाँ, तो शासन आदेश की प्रति दें। (ख) क्या म.प्र. शासन के स्थायीकर्मी/वर्क चार्ज/कॉन्टिजेंसी कर्मियों की सेवानिवृत्ति आयु 62 वर्ष निर्धारित है? यदि हाँ, तो आदेशों की छायाप्रति दें। (ग) म.प्र. राज्य तिलहन संघ गत लगभग 15 वर्षों से परिसमापन में है, के शासन में प्रतिनियुक्ति पर लगभग 28 वर्ष तक पदस्थ कर्मियों को समान रूप से सेवानिवृत्ति आयु 62 वर्ष का लाभ प्रदान करने का है? यदि हाँ, तो समय-सीमा बताई जाए, यदि नहीं, तो कारण स्पष्ट करें। (घ) म.प्र. राज्य तिलहन संघ के किन-किन कर्मियों को पांचवां वेतनमान अन्तर्गत शासन में प्रतिनियुक्ति पर तिलहन संघ ने कार्यमुक्त किया? विभागवार आदेशों की छायाप्रति दें। साथ ही यह भी स्पष्ट किया जाए कि समान प्रवृत्ति के अन्य अनेक मामलों में आज तक उक्त लाभ क्यों नहीं दिया गया है? इसके लिये उत्तरदायी अधिकारी/विभाग कौन-सा है? क्या इस संबंध में कोई नीति निर्देश जारी किये गये हैं, यदि नहीं, तो क्यों? स्पष्ट करें।
सहकारिता मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) जी हाँ। आदेश की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र- 01 अनुसार है। (ख) जी हाँ। आदेश की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र- 02 अनुसार है। (ग) म.प्र. राज्य तिलहन संघ वर्ष 2013 से परिसमापन में है। जी नहीं, तिलहन संघ के सेवानियमों के प्रावधान अनुसार सेवानिवृत्त आयु 60 वर्ष है। तिलहन संघ परिसमापन में होने के कारण। (घ) म.प्र. राज्य तिलहन संघ से शासन में प्रतिनियुक्ति पर जाने वाले कर्मचारियों को कार्यमुक्त किया गया है, उन्हें तिलहन संघ में चतुर्थ वेतनमान लागू होने के कारण तिलहन संघ द्वारा चतुर्थ वेतनमान का अंतिम वेतन प्रमाण पत्र (LPC) जारी किया गया है। अत: शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
अपूर्ण निर्माण कार्यों को पूर्ण किया जाना
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
14. ( क्र. 89 ) श्री रजनीश हरवंश सिंह : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वित्तीय वर्ष 2023-24 से प्रश्न दिनांक तक सिवनी जिले के विधानसभा क्षेत्र केवलारी अंतर्गत 15वे वित्त, 5वे वित्त एवं परफॉर्मेंस ग्रांट अंतर्गत कितने निर्माण कार्य स्वीकृत किए गए एवं कितने कार्य प्रश्नांश दिनांक तक अधूरे है पंचायतवार एवं विकासखंडवार जानकारी देवें। (ख) प्रश्नांश (क) वर्णित निर्माण कार्य किस कारण से अधूरे है एवं कितने निर्माण कार्यों में वित्तीय अनियमितता पाई गई है जानकारी देवें? (ग) वित्तीय अनियमितता पाए जाने पर दोषी अधिकारी कमर्चारियों के विरूद्ध क्या कार्यवाही की गई है? (घ) प्रश्नांश (क) एवं (ख) अधूरे निर्माणधीन कार्यों को कब तक पूर्ण कर लिया जाएगा समय-सीमा की जानकारी दें।
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) वित्तीय वर्ष 2023-24 से प्रश्न दिनांक तक सिवनी जिले के विधानसभा क्षेत्र केवलारी अंतर्गत 15वां वित्त अंतर्गत 783 कार्य, 5वां वित्त अंतर्गत 590 कार्य स्वीकृत किये गये। चूंकि परफॉर्मेंस ग्रांट योजना वित्तीय वर्ष 2023-24 के पूर्व ही बंद हो चुकी थी इसलिए वित्तीय वर्ष 2023-24 से प्रश्नांश दिनांक तक इस योजना अंतर्गत कोई भी कार्य स्वीकृत नहीं किया गया। 210 कार्य प्रश्न दिनांक तक प्रगतिरत/अधूरे हैं। पंचायतवार एवं विकासखण्डवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) अधूरे निर्माण कार्य नवीन स्वीकृति वाले हैं। विधानसभा क्षेत्र केवलारी अंतर्गत निर्माण कार्यों में वित्तीय अनियमितता प्रकाश में नहीं आई है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) प्रश्नांश (ख) के उत्तर के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) प्रगतिरत/अधूरे निर्माण कार्यों को कार्यों की प्रकृति के अनुसार समय-सीमा में पूर्ण कर लिया जावेगा।
वित्तीय अनियमिताओं पर दंडात्मक कार्रवाई
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
15. ( क्र. 93 ) श्री
महेश परमार : क्या
पंचायत
मंत्री महोदय
यह बताने की
कृपा करेंगे
कि (क) क्या
उज्जैन जिले
की जनपद
पंचायतों
द्वारा
म.प्र.पंचायत
राज एवं ग्राम
स्वराज
अधिनियम,1993
की धारा 73
एवं 92 के
उल्लंघन के
संबंध में
विभागीय पत्र
क्रमांक 4171 दिनांक 17.07.2025 तथा
पंचायत राज
संचालनालय के
पत्र क्रमांक 18300 दिनांक 13.10.2025 के
माध्यम से
मुख्य
कार्यपालन
अधिकारियों के
विरुद्ध
दंडात्मक
कार्यवाही का
प्रस्ताव
भेजा गया था? यदि हाँ, तो
प्रथम
विधानसभा प्रश्न
क्रमांक 04 दिनांक 11 मार्च 25 एवं प्रश्न
क्रमांक 252 दिनांक 01/12/25 की तिथि
से प्रश्न
दिनांक तक इस
प्रकरण में
सामान्य
प्रशासन विभाग
की विभागीय
जांच
नियमावली (CCA Rules,1966) के अनुसार
कौन-कौन से
चरण पूर्ण किए
गए, उनका
दिनांकवार
विवरण दिया
जाए। (ख) क्या GAD नियमों
के अनुसार
प्रारंभिक
जांच, सक्षम
प्राधिकारी
का निर्णय, निलंबन, आरोप
पत्र, विभागीय
जांच एवं
अंतिम निर्णय
की समय-सीमा निर्धारित
है? यदि
हाँ, तो
उज्जैन जिले
के प्रकरण
वर्तमान में
किस स्टेज पर
लंबित हैं तथा
अब तक कितने चरणों
में जांच
पूर्ण हुई है? (ग) क्या
धारा 92 के
अंतर्गत राशि
वसूली, निलंबन
अथवा सेवा से
पृथक्करण
अनिवार्य होने
के बावजूद कोई
कार्यवाही न
किया जाना
नियम विरुद्ध
नहीं है?
यदि
हाँ, तो
देरी के लिए
उत्तरदायी
अधिकारियों
के विरुद्ध
क्या
कार्यवाही
प्रस्तावित
है? (घ) खंडवा
जिले की जनपद
पंचायत
छैगांव माखन
में त्वरित
कार्यवाही की
तुलना में
उज्जैन जिले में
कार्यवाही न
होना क्या
संविधान के
अनुच्छेद 14 के
उल्लंघन को
दर्शाता है? यदि हाँ, तो
समानता के
सिद्धांत के
अनुरूप
समयबद्ध कार्रवाई
कब तक की
जाएगी?
पंचायत
मंत्री ( श्री
प्रहलाद सिंह
पटैल ) : (क) जी
हाँ। विकास
आयुक्त
कार्यालय के
पत्र क्रमांक 851/वि.जा./22/वि-2/26
दिनांक 02.02.2026 से
अवगत कराया
गया है कि
दोषियों के
विरूद्ध नियमानुसार
कार्यवाही
किये जाने
हेतु पत्र क्रमांक
359 दिनांक
12.01.2026 से
मुख्य
कार्यपालन
अधिकारी जिला
पंचायत उज्जैन
से संबंधितों
के विरूद्ध
कार्यवाही
हेतु आरोप
पत्र/कारण
बताओं नोटिस
के प्रारूप
चाहे गये है। (ख)
एवं (ग) उत्तरांश
(क) अनुसार। (घ)
समय-सीमा
बताया जाना
संभव नहीं।
ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण में प्रतिनियुक्ति
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
16. ( क्र. 98 ) श्री सुरेश राजे : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत मध्य प्रदेश ग्रामीण यांत्रिकी सेवा (RES) के किन-किन सहायक यंत्रियों एवं उपयंत्रियों को मध्यप्रदेश ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण में प्रतिनियुक्ति पर कार्य करने हेतु अनापत्ति प्रमाण-पत्र प्रदान की गई है? नाम सहित, NOC की अवधि (कब से कब तक) की जानकारी उपलब्ध कराई जाए। (ख) RES द्वारा सहायक यंत्री एवं उपयंत्री को मध्यप्रदेश ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण में प्रतिनियुक्ति पर कार्य करने हेतु NOC सामान्यतः कितने वर्षों के लिए दी जाती है? NOC की अवधि समाप्त होने के बाद किन-किन मामलों में नवीनीकरण किया गया है? जिन मामलों में नवीनीकरण नहीं हुआ है, वे अधिकारी किस नियम के अंतर्गत अब तक MPRRDA में प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत हैं? (ग) क्या RES में सहायक यंत्री एवं उपयंत्री अधिक संख्या में होने अथवा वहां उनकी आवश्यकता न होने के कारण उन्हें MPRRDA में प्रतिनियुक्ति पर भेजा गया है? यदि हाँ, तो कारण स्पष्ट किए जाएँ। (घ) यदि RES में सहायक यंत्री एवं उपयंत्री अतिरिक्त हैं, तो समय-समय पर नवीन भर्ती प्रक्रिया क्यों की जा रही है? यदि वे अतिरिक्त नहीं हैं, तो मध्यप्रदेश ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण में प्रतिनियुक्ति पर पदस्थ सहायक यंत्री एवं उपयंत्री को कब तक मूल विभाग में वापस बुलाया जाएगा तथा निर्धारित अवधि पूर्ण होने के बावजूद वापसी आदेश जारी नहीं करने वाले जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध क्या कार्रवाई की जाएगी? यदि कार्रवाई नहीं की जाएगी, तो उसके कारण स्पष्ट किए जाएँ।
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) मंत्रि-परिषद आयटम क्रमांक 34 दिनांक 01.10.2018 द्वारा ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के स्वीकृत पदों के पुनर्निर्धारण में म.प्र. ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण में कार्य करने हेतु पद रक्षित हैं। जिसके अनुसार संरचना में सृजित पदों के अनुरूप प्राधिकरण की मांग के आधार पर ग्रामीण यांत्रिकी सेवा द्वारा अधिकारियों की प्राधिकरण में कार्य करने हेतु सेवाएं सौंपी जाती है। दोनों अनुषांगिक निकायों के एक ही विभाग के अधीन होने के फलस्वरूप प्राधिकरण द्वारा इन सेवाओं हेतु एनओसी नहीं अपितु अनुशासनात्मक कार्यवाही एवं गोपनीय प्रतिवेदन की जानकारी मांगी जाती है। सौंपी गई सेवाओं की नवीनीकरण के प्रस्ताव भी प्राधिकरण द्वारा प्रेषित नहीं किये जाते हैं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) जी नहीं। उत्तरांश ''ख'' के अनुक्रम में प्रशासकीय संरचना में प्रतिनियुक्ति हेतु रक्षित पदों के प्रावधान अंतर्गत सेवाएं सौंपी जाती है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) जी नहीं। मध्यप्रदेश शासन वित्त विभाग मंत्रालय वल्लभ भवन भोपाल के ज्ञाप क्रमांक एफ 11-3/2012/नियम/चार भोपाल दिनांक 16.07.2012 में जारी दिशा-निर्देशानुसार ग्रामीण यांत्रिकी सेवा में सहायक यंत्री/उपयंत्री की समय-समय पर नवीन भर्ती प्रक्रिया की जाती है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
उद्यानिकी महाविद्यालय का विकास
[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]
17. ( क्र. 115 ) श्री गोपाल भार्गव : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या दिनांक 28.02.2025 को माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा गढ़ाकोटा जिला सागर के प्रवास पर उद्यानिकी महाविद्यालय के सम्पूर्ण अधोसरंचना विकास एवं मानव संसाधन के लिए इस वर्ष के बजट में 30 करोड़ रूपये स्वीकृत करने की घोषणा की गई थी। यदि हाँ, तो स्वीकृति आदेश की जानकारी एवं आदेश की प्रति उपलब्ध कराएं। (ख) उद्यानिकी महाविद्यालय रहली में अभी तक भवन निर्माण तथा मानव संसाधन उपलब्ध कराये जाने के लिए की गई कार्यवाही का विवरण दें। (ग) महाविद्यालय में अध्ययीन विद्यार्थियों के लिए प्रक्षेत्र विकसित करने की कार्यवाही अभी तक क्यों नहीं की गई है। जबकि शासन द्वारा इस प्रयोजन के लिये पर्याप्त भूमि उपलब्ध कराई जा चुकी है? (घ) महाविद्यालय के लिए स्वीकृत शैक्षणिक एवं गैर शैक्षणिक संवर्ग के रिक्त पदों का विवरण तथा अब तक पदपूर्ति किये जाने की जानकारी दी जायें तथा शेष पदों की पूर्ति कब तक कर ली जावेगी समयावधि बताई जावें?
किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) जी हाँ, जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। राशि स्वीकृति की कार्यवाही प्रकियाधीन है। (ख) उद्यानिकी महाविद्यालय रहली, जिला-सागर को आवंटित राशि रू. 500.00 लाख के द्वारा प्रथम चरण का कार्य मार्च 2026 तक पूर्ण कर लिया जावेगा। परियोजना अंतर्गत मुख्य भवन (फेस-1) का समस्त निर्माण कार्य किया जा चुका है। कुछ हिस्सों का कार्य प्रगति पर है। ठेकेदार को पंचम चल देयक की राशि रू. 434.00 लाख का भुगतान किया जा चुका है। मानव संसाधन उपलब्ध कराये जाने के लिए शासन से स्वीकृत पदानुसार विज्ञापन क्र. IPRO/REG/2025/72, दि 03/10/2025 एवं विज्ञापन क्र. IPRO/REG/2025/80, दिनांक 10/11/2025 जारी किया गया है, कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। (ग) महाविद्यालय में अध्ययीन विद्यार्थियों के लिए प्रक्षेत्र विकसित करने की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। (घ) उद्यानिकी महाविद्यालय, रेहली के लिए स्वीकृत शैक्षणिक संवर्ग के 51 पद एवं गैर शैक्षणिक संवर्ग के 41 पदों की स्वीकृति प्रदान की गई है। जिसके अंतर्गत अधिष्ठाता के 01 पद एवं सहायक प्राध्यापक के 26 पदों का विज्ञापन क्र. IPRO/REG/2025/72 दिनांक 03/10/2025 एवं 04 पदों का विज्ञापन क्रमांक IPRO/REG/2025/80 दि. 10/11/2025 से कुल 31 पदों को विज्ञापित किये गए हैं। गैर शैक्षणिक संवर्ग के पदों की पूर्ति वित्त विभाग से स्वीकृति उपरान्त नियमानुसार की जावेगी।
मजरे टोलों की बसाहटों को सड़क मार्ग से जोड़ा जाना
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
18. ( क्र. 124 ) श्री साहब सिंह गुर्जर : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विभाग अन्तर्गत ऐसे मजरे टोले जो कि पहुँच मार्गों से जुडे़ हुए नहीं है, ऐसे मजरे टोलों को सड़क मार्गों से जोड़ने की विभाग की क्या कार्य योजना है? नियम/निर्देशों की प्रति उपलब्ध करावें? (ख) विधानसभा क्षेत्र ग्वालियर ग्रामीण के अन्तर्गत दिनांक 01 जनवरी 2023 से प्रश्नांकित दिनांक तक कौन-कौन से मजरे टोले एवं सुदूर बसाहटों को सड़क मार्गों से जोड़ा गया है? वर्षवार, योजनावार, कार्यवार जानकारी उपलब्ध करावें। ऐसे कौन से मजरे टोले है जो आज भी पहुँच मार्ग से नहीं जुडे़ हुए है। वर्षवार, योजनावार, कार्यवार जानकारी उपलब्ध करावें? (ग) प्रश्नांश (ख) अनुसार मजरो टोलों को विभागीय योजनाओं के अन्तर्गत जोडे़ जाने हेतु क्या क्षेत्रीय विधायक से प्रस्ताव/अनुशंसा चाहे जाने का नियम है? स्थानीय विधायक द्वारा प्रेषित अनुशंसा/प्रस्तावों के आधार पर विधानसभा क्षेत्र में कौन-कौन से कार्य स्वीकृत किये गये? दिनांक 01 जनवरी 2023 से योजनावार, कार्यवार जानकारी उपलब्ध करावें?
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) ऐसे बसाहटें (मजरा टोले), जो कि पहुंच मार्गों से जुडे़ नहीं हैं, को जोड़ने हेतु केन्द्र सरकार से प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-IV के दिशा-निर्देश दिसम्बर 2024 में जारी किये गये हैं, जिसके अनुसार जनगणना 2011 के अनुसार सामान्य विकासखण्ड में 500+ आबादी, आदिवासी विकासखण्ड/आंकाक्षी जिला/विकासखण्ड में 250+ आबादी की सम्पर्क विहीन बसाहटों को जोड़ा जाना है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-IV के दिशा-निर्देशों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''1'' अनुसार है। मुख्यमंत्री मजरा टोला सड़क योजना के दिशा निर्देशानुसार म.प्र. राज्य इलेक्ट्रॉनिक विकास निगम लिमिटेड (MPSeDC) द्वारा चिन्हांकित की गई बसाहटों के सत्यापन उपरांत बसाहटों को संपर्क विहीन पाये जाने पर, जिनकी जनसंख्या 01 अप्रैल 2025 की स्थिति में कम से कम 100 (अनुमानित 20 आवास) हो योजना अंतर्गत पात्र है। मुख्यमंत्री मजरा टोला सड़क योजना के दिशा निर्देशों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''2'' अनुसार है। (ख) विधानसभा क्षेत्र ग्वालियर ग्रामीण के अंतर्गत दिनांक 01 जनवरी 2023 से प्रश्नांकित दिनांक तक प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना अंतर्गत किसी मजरे टोले एवं सुदूर बसाहटों को सड़क मार्ग से नहीं जोड़ा गया है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-IV के दिशा-निर्देश के अनुसार 6 सम्पर्क विहीन बसाहटों का चिन्हांकन कर ग्रामीण सड़क सर्वे एप से जीएसएस सर्वे किया गया है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''3'' अनुसार है। मुख्यमंत्री मजरा टोला सड़क योजना के अंतर्गत MPSeDC द्वारा चिन्हित बसाहटों के सत्यापन में बसाहट संपर्कविहीन पाये जाने पर बसाहटों की प्राथमिकता सूची तैयार किया जाना है। वर्तमान तक किसी मजरे टोला एवं सुदूर बसाहट को योजना अंतर्गत नहीं जोड़ा गया है। (ग) प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-IV के दिशा निर्देश के अनुसार योजना के लिए पात्र बसाहटों की प्राथमिकता सूची पोर्टल से प्राप्त कर माननीय सांसद एवं माननीय विधायक को प्रस्तुत कर सुझाव प्राप्त किया जाना है एवं प्राप्त सुझावों में से दिशा निर्देश के अनुरूप प्राप्त सुझावों पर सम्पूर्ण विचार हेतु जिला पंचायत के समक्ष प्रस्तुत किया जाना है। वर्तमान स्थिति में PMGSY-IV अंतर्गत कोई कार्य स्वीकृत नहीं हैं। मुख्यमंत्री मजरा टोला सड़क योजना के दिशा निर्देशानुसार संपर्कविहीन बसाहटों की प्राथमिकता सूची तैयार की जावेगी, तैयार की गई प्राथमिकता सूची में जिला कलेक्टर द्वारा माननीय सांसद/क्षेत्रीय विधायक/जिला पंचायत सदस्यों से परामर्श कर, जिला पंचायत से अनुमोदन कराया जावेगा।
पंचायतों को राशि का आवंटन एवं विकास कार्य
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
19. ( क्र. 127 ) श्री मधु भगत : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जबलपुर संभाग में वर्ष 2023-24 से प्रश्न दिनांक तक मनरेगा योजनान्तर्गत कितनी राशि व्यय की गई? जिलेवार सूची उपलब्ध करावें। (ख) क्या परसवाड़ा विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत महकापाठा, पुजारीटोला सहित सैकड़ों पुल-पुलिया कि स्थिति जर्जर है? यदि हाँ, तो सड़कों सहित पुल-पुलिया की वर्तमान भौतिक स्थिति बताये तथा कब तक मरम्मत कार्य या नवीनीकरण कार्य कराया जावेगा तिथि की जानकारी दें? (ग) परसवाड़ा विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत कौन-सी पंचायतों में विगत 3 वर्षों में सुदूर सड़कों का निर्माण कराया गया? वर्तमान में भौतिक स्थिति क्या है? प्रत्येक सुदूर सड़कों का पृथक से विवरण देवें? उक्तावधि में कुल कितने सड़क निर्माण हेतु विकासखण्ड स्तर एवं जिला स्तर पर कितने आवेदन प्राप्त हुए? उन आवेदनों पर क्या विचार किया गया? विवरण उपलब्ध कराएं? (घ) बालाघाट विकासखण्ड के अधिकारी द्वारा विगत 1 वर्ष में कार्यालय बालाघाट में कुल आय-व्यय का ब्यौरा खरीदी-बिक्री एवं समस्त प्रकार के बिल, व्हाऊचर तथा प्रशासकीय स्वीकृति की प्रतियां उपलब्ध करावे?
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) जबलपुर संभाग में वर्ष 2023-24 से प्रश्न दिनांक तक मनरेगा योजनान्तर्गत व्यय की गई राशि का जिलेवार विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ अनुसार है। (ख) परसवाड़ा विधानसभा क्षेत्रांतर्गत बालाघाट जनपद की ग्राम पंचायत अरनामेटा के महकापाठा, पुजारीटोला में जिला पंचायत सदस्य मद एवं ग्राम पंचायत मद से पुल-पुलिया वर्ष 2003-04 में बनायी गई थी जो कि वर्तमान में जर्जर स्थिति में है। यह पुलिया मनरेगा योजनांतर्गत निर्मित नहीं की गई है, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा एवं पंचायतराज से भी पुल पुलिया निर्मित नहीं है। मनरेगा (Annual Master Circular) के पैरा 7.12.3 अनुसार मनरेगा से केवल मनरेगा के तहत बनाए गए कार्यों का ही मरम्मत या नवीनीकरण कार्य कराया जा सकता है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) परसवाड़ा विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत जनपद पंचायत किरनापुर में 27 ग्राम पंचायतें सम्मिलित हैं। जिसमें विगत 03 वर्षों से प्रश्न दिनांक तक मनरेगा योजनांतर्गत 10 सुदूर सड़क स्वीकृत हैं जिसमें 03 सड़क पूर्ण हैं एवं 07 सड़क प्रगतिरत हैं। जनपद पंचायत बालाघाट में विगत 3 वर्षों में कुल 25 सुदूर सड़क कार्य हैं। जिसमें कुल 18 कार्य पूर्ण हो गये हैं तथा 07 कार्य प्रगतिरत हैं। जनपद पंचायत परसवाड़ा में 42 ग्राम पंचायतें सम्मिलित हैं जिसमें विगत 03 वर्षों से प्रश्न दिनांक तक मनरेगा योजनांतर्गत 23 कार्य स्वीकृत किये गये हैं जिसमें से 19 कार्य पूर्ण हैं 4 कार्य प्रगतिरत हैं। भौतिक स्थिति की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ब अनुसार है। उक्तावधि में परसवाड़ा विकासखण्ड स्तर पर 32 आवेदन प्राप्त हुये हैं एवं जिला स्तर पर 103 आवेदन प्राप्त हुए। परीक्षण उपरांत पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ब अनुसार कार्य स्वीकृत किये गये है। (घ) कार्यालय जनपद पंचायत बालाघाट में वर्ष 2024-25 का आय-व्यय का ब्यौरा, बिल वाउचर की स्थिति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-स अनुसार है।
स्वीकृत सड़कों की निविदा
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
20. ( क्र. 131 ) श्री बाबू जन्डेल : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र क्र.01 श्योपुर में प्रधानमंत्री सड़क योजना-4 एफ एवं जनमन योजनांतर्गत कौन-कौन सी सड़कें स्वीकृत है? विस्तृत सूची उपलब्ध करावे? (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार उक्त स्वीकृत सड़कों में से कौन-कौन सी सड़कों की निविदा स्वीकृत होकर कौन-कौन से ठेकेदार से अनुबंध हो चुके है तथा कौन सी सड़कों की निविदा आमंत्रित नहीं की गई है? निविदा आमंत्रित नहीं किये जाने के क्या कारण है? स्वीकृत शेष सड़कों की निविदा कब तक आमंत्रित की जावेगी? समय-सीमा बताएं? (ग) श्योपुर विधानसभा क्षेत्र के कौन-कौन से ग्राम/बसाहटे अब तक बारह मासी सड़कों से नहीं जुड़ सके है? उक्त मार्गों को कब तक जोड़ा जावेगा? (घ) प्रधानमंत्री सड़क योजनांतर्गत किन-किन मार्गों के निर्माण को 05 वर्ष की अवधि पूर्ण हो गई है? क्या इन मार्गों में संधारण की आवश्यकता है, यदि हाँ, तो कब तक संधारण कार्य कराया जावेगा?
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) विधानसभा क्षेत्र क्र. 01 श्योपुर के प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में PMGSY-IV अन्तर्गत कोई भी मार्ग वर्तमान में स्वीकृत नहीं है एवं PMJANMAN योजना अन्तर्गत स्वीकृत 10 मार्गों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''1'' अनुसार है। (ख) विधानसभा क्षेत्र क्र. 01 श्योपुर के PMJANMAN योजना अन्तर्गत स्वीकृत सभी मार्गों की निविदाजारी कर संविदाकारों से अनुबंध किया जा चुका है। वर्तमान में कोई भी स्वीकृत मार्ग निविदा हेतु शेष नहीं है जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''1'' अनुसार है। (ग) प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना अन्तर्गत वर्तमान में PMGSY-IV योजना के तहत 250 से अधिक के आबादी के ग्रामों को जोड़ने हेतु PMGSY-IV के निर्देशानुसार सम्पर्क विहीन बसाहटों का चिन्हांकन कर OMMAS Portal पर जानकारी दर्ज की जा चुकी है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''2'' अनुसार है। मार्गों के लिये स्वीकृति प्राप्त होने पर बसाहटों को जोड़ा जावेगा, बसाहटों के लिए मार्गों की स्वीकृति प्रचलन में है। अतः समय-सीमा बताया जाना सम्भव नहीं है। (घ) प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजनान्तर्गत जिन मार्गों के निर्माण को 5 वर्ष अवधि पूर्ण हो चुकी है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''3'' अनुसार है। विभागीय दिशा निर्देशानुसार PMGSY योजना अन्तर्गत निर्मित समस्त मार्गों के संधारण हेतु नियमित संधारण आवश्यकतानुसार समय-समय पर किया जाता है।
शासकीय महाविद्यालय में स्नातकोत्तर कक्षाओं का संचालन
[उच्च शिक्षा]
21. ( क्र. 134 ) श्री राजेश कुमार शुक्ला : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र बिजावर के शासकीय महाविद्यालय बिजावर में स्नातक और स्नातकोत्तर स्तर पर किन-किन विषयों की कक्षाएं स्वीकृत है एवं कितनी संचालित है। (ख) उक्त महाविद्यालय में स्नातकोत्तर कक्षाएं प्रारंभ करने हेतु शासन स्तर पर अब तक क्या कार्यवाही की गई है? यदि कोई प्रस्ताव लंबित है, तो उसकी अद्यतन स्थिति क्या है? उसके स्वीकृति की संभावित समय-सीमा क्या है? (ग) उक्त शासकीय महाविद्यालय में वर्तमान में विषयवार स्वीकृत पदों की संख्या कितनी है? उनमें से कितने पद भरे हुए हैं तथा कितने पद रिक्त हैं? (घ) B.Sc. स्तर पर नियमित विषय-विशेषज्ञ प्राध्यापकों/सहायक प्राध्यापकों की वर्तमान उपलब्धता क्या है? (ड.) क्या प्राध्यापकों/सहायक प्राध्यापकों की कमी के कारण छात्रों को अतिथि विद्वानों एवं सीमित विषय विकल्पों पर निर्भर रहना पड़ रहा है? (च) क्या सरकार इस तथ्य से अवगत है कि बिजावर क्षेत्र आदिवासी बहुल एवं आर्थिक रूप से पिछड़ा क्षेत्र है, जहाँ उच्च शिक्षा के लिए शासकीय वैकल्पिक संसाधन अत्यंत सीमित हैं? यदि हाँ, तो क्या शासन द्वारा नियमित प्राध्यापकों की शीघ्र नियुक्ति, B.Sc. एवं अन्य विषयों में पूर्ण फैकल्टी उपलब्ध कराने तथा स्नातकोत्तर कक्षाएं प्रारंभ कर छात्रों को स्थानीय स्तर पर गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा उपलब्ध कराने हेतु कोई ठोस कार्ययोजना प्रस्तावित है? यदि हाँ, तो उसका विस्तृत विवरण दें।
उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री इन्दर सिंह परमार ) : (क) विधानसभा क्षेत्र बिजावर के शासकीय महाविद्यालय बिजावर में स्नातक स्तर पर कला एवं विज्ञान संकाय संचालित हैं। स्नातकोत्तर स्तर पर किसी भी विषय की कक्षाएं संचालित नहीं है। (ख) बिजावर में स्नातकोत्तर की कक्षाएं प्रारंभ करने के संबंध में विभागीय मापदण्डों के परिप्रेक्ष्य में विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन तैयार किया जा रहा है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ग) जानकारी संलग्न परिशिष्ट ''अ'' अनुसार है। (घ) जानकारी संलग्न परिशिष्ट ''ब'' अनुसार है। (ड.) जी नहीं। (च) जी हाँ। म.प्र. लोक सेवा आयोग से वर्ष 2022 की सहायक प्राध्यापक/क्रीड़ाधिकारी की चयन सूची प्राप्त हो चुकी हैं, जिस पर नियुक्ति की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। वर्ष 2024 में 2197 पदों का विज्ञापन जारी किया जा चुका है, जैसे ही चयन सूची प्राप्त होगी शेष बचे रिक्त पदों पर नियुक्ति की कार्यवाही की जावेगी। शेष उत्तरांश ''ख'' अनुसार।
जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित में पदोन्नति के नियम
[सहकारिता]
22. ( क्र. 144 ) श्री राजेश कुमार वर्मा : क्या सहकारिता मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या कार्यालय जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित पन्ना के आदेश क्रमांक/स्थापना/2025-26/722 दिनांक 22/09/25 द्वारा जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित पन्ना के कर्मचारियों की पदोन्नति अग्रेत्तर वेतनमान में की गई है? यदि हाँ, तो नियमों की प्रति उपलब्ध करावें? क्या सहकारिता विभाग में पूरे मध्यप्रदेश में इस प्रकार की पदोन्नति प्रारंभ हो गई है? यदि हाँ, तो नियमों की प्रति उपलब्ध करावें। (ख) क्या वर्तमान में आरक्षण के मामले को लेकर माननीय उच्च न्यायालय एवं माननीय सर्वोच्च न्यायालय में याचिकाएं विचाराधीन होने के कारण पूरे प्रदेश में पदोन्नति रुकी हुई है? यदि हाँ, तो जिला सहकारी केंद्रीय बैंक पन्ना में शासन के किन निर्देशों के आधार पर प्रश्नांश (क) में उल्लिखित पदोन्नतियां की गई हैं? यदि यह पदोन्नतियां शासन के नियमों एवं निर्देशों को दर किनार कर की गई है तो क्या इसके लिये संबंधित मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला सहकारी बैंक मर्यादित पन्ना एवं जवाबदार अधिकारियों के विरूद्ध आदेशों/निर्देशों की अवहेलना एवं स्वेच्छाचारिता के लिये दोषी मानकर कार्यवाही की जावेगी? यदि हाँ, तो कब तक कार्यवाही की जावेगी और यदि नहीं, तो क्यों? जानकारी दें।
सहकारिता मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) जी हाँ। पदोन्नति संबंधी कोई नियम जारी नहीं किये गये हैं। जी नहीं। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता है। (ख) जी हाँ। प्रश्नांश (क) में उल्लेखित पदोन्नतियों के संबंध में मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित, पन्ना को पदोन्नति निरस्त किये जाने के निर्देश दिये जाने के साथ ही स्पष्टीकरण प्रस्तुत किये जाने बाबत् पत्र जारी किया गया है। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता है।
दोषियों के विरूद्ध कार्यवाही
[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]
23. ( क्र. 153 ) डॉ. राजेन्द्र कुमार सिंह : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या दिनांक 01.04.2021 से 31.03.2025 के दौरान संचालक/अपर संचालक/संयुक्त संचालक/उप संचालक कृषि या उर्वरक के द्वारा किन-किन थोक एवं फुटकर उर्वरक विक्रेता/समितियों/अन्य एवं उर्वरकों के किस नाम एवं पते वाले परिवहनकर्ता विभिन्न जांचों में दोषी पाये गये? सभी जांच रिपोर्टो की एक-एक प्रति उपलब्ध करायें। (ख) प्रश्नांश (क) में वर्णित अवधि में भोपाल स्थित संचालनालय कृषि/राज्य शासन के किसान कल्याण विभाग ने किस-किस अवैध भंडारणकर्ता/अवैध परिवहनकर्ता/काला बाजारी करने वाले किस-किस के विरूद्ध एफ.आई.आर. दर्ज करने का निर्देश/पत्र सतना/रीवा/मैहर जिलों के उप संचालक एवं संयुक्त संचालक कृषि रीवा को जारी/लिखा था? सभी पत्रों/आदेशों की एक-एक प्रति दें। (ग) प्रश्नांश (क) में वर्णित अवधि में संयुक्त संचालक रीवा एवं सतना/रीवा/मैहर जिले के उप संचालक कृषि के द्वारा किन-किन अवैध परिवहनकर्ताओं/अवैध भंडारणकर्ताओं/अवैध कालाबाजारी करने वाले विक्रेताओं को पुन: जांच कर दोष मुक्त किया गया? सूची दें। सभी प्रकरणों के दोष मुक्ति के जारी आदेशों की एक प्रति दें। (घ) क्या विभाग संयुक्त संचालक रीवा एवं अधीनस्थ उप संचालकों के जारी आदेशों की जिनका प्रश्नांश (ग) में वर्णन है की समीक्षा कर पुन: जांच कर दोषियों के विरूद्ध कार्यवाही करेगा? यदि हाँ, तो कब तक?
किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) :(क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ग) प्रश्नांश (क) में वर्णित अवधि में पुनः जांच कर दोष मुक्त करने की कार्यवाही नहीं की गयी है। अत: शेष प्रश्न उद्भूत नहीं होता है। (घ) प्रश्नांश (ग) के संदर्भ में प्रश्न उद्भूत नहीं होता है।
किराये के वाहनों के देयकों का भुगतान
[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]
24. ( क्र. 154 ) डॉ. राजेन्द्र कुमार सिंह : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जबलपुर/रीवा/सागर संभागों के अंतर्गत आने वाले सभी संभागीय कार्यालयों के प्रथम एवं द्वितीय श्रेणी के अधिकारियों के द्वारा 01.04.2023 से 30.04.2025 के दौरान अपने किराये के लिये वाहनों की स्वीकृति किस सक्षम कार्यालयों से ली जानी नियमत: अनिवार्य थी? किस-किस कार्यालयों द्वारा स्वीकृति ली? किस-किस कार्यालयों ने स्वीकृति नहीं लेकर किराये के वाहन कार्यालयों में लगाये? संभागीय कार्यालयवार, पदवार वाहन क्रमांकवार/वर्षवार/माहवार/वाहनों के किरायावार/किस से वाहन किराये पर लगे उसके नाम/पतेवार/जानकारी उपलब्ध कराये? (ख) क्या कार्यालय संयुक्त संचालक, किसान कल्याण जबलपुर संभाग ने क्र. लेखा/2023-24/5477 जबलपुर दिनांक 26.03.2024 से परियोजना संचालक आत्मा जबलपुर को वाहन के देयक भुगतान करने बावत् पत्र लिखा? पत्र की एक प्रति देते हुये बतायें कि वाहन के देयक के भुगतान के लिये कलेक्टर जबलपुर से लिखित में अनुमति ली गई? अगर नहीं तो क्यों? कारण दें। अगर ली गई तो एक प्रति दें। किस सक्षम कार्यालयों से वाहनों के देयकों के भुगतान की अनुमति नियमों के अनुसार ली जाना अत्यावश्यक थी? भुगतान की संभागीय कार्यालयवार ली गई अनुमतियों की प्रति दें। (ग) प्रश्नांश (क) में वर्णित समयानुसार एवं संभागीय कार्यालयों में वाहनों के देयकों का भुगतान किन-किन कार्यालयों में नियमों के अनुसार नहीं हुआ? कितना-कितना भुगतान अनियमित रूप से किस-किस कार्यालयों में हुआ? शासन क्या व कब कार्यवाही किस नाम/पदनाम पर कब तक करेगा?
किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) जी हाँ। जबलपुर संभाग की जानकारी के साथ प्रश्नांश (क) के शेष भाग की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। रीवा/सागर संभागों के अंतर्गत आने वाले संभागीय कार्यालयों की जानकारी निरंक है। (ख) जी, हॉं। प्रति जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। आकस्मिक रुप से लिये गये किराये के वाहन के व्यय की स्वीकृति के अधिकार म.प्र. वित्तीय अधिकार पुस्तिका-2012 (भाग-1) की कंडिका 1.C.6 अनुसार कार्यालय प्रमुख को प्रदत्त होने के कारण कलेक्टर जबलपुर से अनुमति की आवश्यकता नहीं है। शेष प्रश्न उद्भूत नहीं होता। (ग) उत्तरांश (क) एवं (ख) के अनुक्रम में प्रश्न उद्भूत नहीं होता।
पलायन को रोकने के उपाय
[श्रम]
25. ( क्र. 162 ) श्रीमती सेना महेश पटेल : क्या श्रम मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2023-24 से प्रश्न दिनांक तक अलीराजपुर जिले से रोजगार की तलाश में कुल कितने परिवार एवं व्यक्ति पलायन कर चुके हैं? ग्राम, ब्लॉकवार वर्षानुसार सूची दें। (ख) जिले में पलायन के मुख्य कारण क्या हैं? क्या इस संबंध में कोई आधिकारिक सर्वेक्षण या अध्ययन कराया गया है? यदि हाँ, तो उसकी प्रति उपलब्ध करायें। यदि नहीं, तो क्यों? (ग) जिले से शत्-प्रतिशत पलायन रोकने हेतु अब तक सरकार द्वारा कौन-कौन से ठोस कदम उठाए गए हैं तथा कौन-सी योजनाएँ लागू की गई हैं यदि कोई प्रभावी कदम नहीं उठाए गए हैं, तो इसके कारण दें। (घ) शत्-प्रतिशत पलायन रोकने एवं स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन हेतु सरकार की क्या ठोस कार्ययोजना है? अगर नहीं तो क्यों? कब तक कार्य योजना बनाई जायेगी अवधि दें।
श्रम मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) वर्तमान में श्रम विभाग द्वारा प्रश्नांश में वांछित की गई, जानकारी संधारित नहीं की जाती है, अतः शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ख) श्रम विभाग अंतर्गत प्रश्नांश में उल्लेखित विषय के संबंध में अधिकारिक सर्वेक्षण नहीं है। शासन स्तर पर इस प्रकार के सर्वेक्षण बाबत् निर्णय विचाराधीन नहीं है (ग) जिले में शत्-प्रतिशत पलायन रोकने हेतु शासन के विभिन्न विभागों द्वारा रोजगार मूलक योजनाएं चलाई जा रही हैं। श्रम विभाग के अंतर्गत म.प्र. भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल द्वारा निर्माण श्रमिकों हेतु तथा म.प्र. असंगठित शहरी एवं ग्रामीण है कर्मकार कल्याण मंडल द्वारा असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों हेतु मुख्यमंत्री जनकल्याण संबल योजना (2.0) अंतर्गत विभिन्न योजनाओं के माध्यम से श्रमिकों को विभिन्न हितलाभ प्रदान किये जाते हैं ताकि श्रमिकों को आर्थिक सहायता के माध्यम से पलायन रोका जा सके। उक्त योजनाओं की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (घ) शासन के विभिन्न विभागों द्वारा रोजगार मूलक योजनाओं के माध्यम से रोजगार उपलब्ध कराया जाता है। अत: शेष प्रश्नांश के संबंध में कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।
रोजगार मेलों के माध्यम से रोजगार का प्रदाय
[तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार (केवल कौशल विकास एवं रोजगार) ]
26. ( क्र. 170 ) डॉ. सतीश सिकरवार : क्या राज्य मंत्री, कौशल विकास एवं रोजगार महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला ग्वालियर एवं जिला मुरैना में वर्तमान में रोजगार कार्यालयों में कितने शिक्षित एवं अशिक्षित बेरोजगार पंजीकृत है? वर्ष 2020 से वर्ष 2025 तक पंजीकृत महिलाओं एवं पुरूषों की पृथक-पृथक जानकारी उपलब्ध करावें। (ख) प्रश्नांश (क) की अवधि में कब-कब रोजगार मेलों का आयोजन किया गया एवं आयोजित मेलों में कौन-कौन सी कम्पनियों/संस्थाओं द्वारा भाग लिया गया? कम्पनियों/संस्थावार नाम सहित जानकारी दी जावे। (ग) प्रश्नांश (ख) वर्णित आयोजित रोजगार मेलों में कितने पंजीकृत युवाओं ने भाग लिया? संख्यावार जानकारी दी जावे। (घ) प्रश्नांश (ग) के वर्णित कितने पंजीकृत युवाओं को रोजगार मेला में कौन-कौन सी कम्पनी/संस्थान में रोजगार मिला एवं कितना मानदेय पर नियुक्ति प्रदान की गई? संपूर्ण जानकारी नाम सहित दी जावे।
राज्य मंत्री, कौशल विकास एवं रोजगार ( श्री गौतम टेटवाल ) : (क) एम.पी. रोजगार पोर्टल पर जिला ग्वालियर एवं जिला मुरैना से संबंधित शिक्षित आकांक्षी युवाओं की संख्या क्रमश: 104989 एवं 82734 तथा अशिक्षित आकांक्षी युवाओं की संख्या क्रमश: 121 व 142 है। प्रश्नावधि से संबंधित पंजीकृत महिलाओं एवं पुरूषों की संख्या निम्नानुसार है-
|
वर्ष |
ग्वालियर |
मुरैना |
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|
पुरूष |
महिला |
पुरूष |
महिला |
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2020 |
21221 |
10282 |
20026 |
7448 |
|
2021 |
64750 |
24009 |
45330 |
13016 |
|
2022 |
18194 |
9193 |
11624 |
3121 |
|
2023 |
35360 |
18437 |
34886 |
11809 |
|
2024 |
5561 |
2396 |
4909 |
1228 |
|
2025 |
18792 |
8195 |
16457 |
6058 |
(ख) एवं (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है।
अभिलेखों का निरीक्षण करने के दिशा-निर्देश
[सहकारिता]
27. ( क्र. 182 ) श्री राजेश कुमार वर्मा : क्या सहकारिता मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या कार्यालय प्रमुख द्वारा अपने कार्यालय की शाखाओं के कार्य एवं अभिलेखों का समय-समय पर निरीक्षण करने के शासन के निर्देश है? यदि हाँ, तो नियमों की प्रति उपलब्ध करावें। (ख) मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित पन्ना द्वारा वर्ष 2022, 2023, 2024, 2025 में अपने कार्यालय का कब-कब निरीक्षण किया गया तथा निरीक्षण के दौरान कार्यालय की किस-किस शाखा में क्या-क्या कमी पाई गई? जानकारी दें। कार्यालय की शाखाओं में पाई गई कमियों की पूर्ति के लिये क्या कार्यवाही की गई तथा कमियों की पूर्ति पश्चात अभिलेखों का कब-कब निरीक्षण किया गया? जानकारी दें। (ग) कार्यालय मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित पन्ना जिला पन्ना द्वारा वर्ष 2024 में जारी किये गये कार्यालयीन पत्र क्रमांक 61,72,73,107,108,140,147,157, 158,202,203,205,209, 237,262,267,272,273,286, 290, 291,292,293,294,300,318,319,355,356,369,383,421,463,468,470,471,480,513,525,656,657,673,680,681,733,734,779,834, 835,848,849,906,921,924, 948, 949, 974, 986,993,994 की प्रतियां उपलब्ध करावें। यदि जावक रजिस्टर में यह क्रमांक अंकित है और पत्र जावक नहीं हुआ है तो क्या यह कार्यप्रणाली कार्यालय प्रमुख की स्वेच्छाचारिता को दर्शित नहीं करता है? यदि हाँ, तो इस प्रकार की दूषित कार्यप्रणाली के लिये कार्यालय प्रमुख पर शासन निर्देशों के अनुरूप वैधानिक कार्यवाही की जावेगी? यदि हाँ, तो क्या कार्यवाही की जावेगी और यदि नहीं, तो कार्यवाही क्यों नहीं की जावेगी? जानकारी दें।
सहकारिता मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) जी, नहीं। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता है। (ख) कार्यालय प्रमुख द्वारा औपचारिक रूप से समय-समय पर कक्षों का निरीक्षण किया जाता है, जिसका कोई रिकार्ड संधारित नहीं किया जाता है। वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा समय-समय पर बैंक मुख्यालय एवं शाखाओं के किये गए निरीक्षण की जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता है। (ग) प्रश्न में वर्णित 60 जावक क्रमांकों में से एक जावक क्रमांक 147 दिनांक 29.04.2024 पर पत्र जारी किया गया है, जिसकी प्रति संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। शेष 59 क्रमांकों से बैंक द्वारा कोई पत्र जारी नहीं किये गये हैं, अपितु बैंक के संबंधित कक्षों द्वारा कार्यालयीन समय में संभावित डाक/पत्र भेजने हेतु जावक नम्बरों की रिक्तता दर्शित है। रिक्तता के संबंध में संबंधित कर्मचारियों को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किये गये। संबंधित कर्मचारियों द्वारा स्टाम्प पेपर पर शपथ पत्र दिया गया है कि उक्त नम्बरों को कक्षों द्वारा संभावित पत्रों को जारी करने हेतु छुड़वाया गया था, परंतु इन नम्बरों पर पत्र जारी नहीं किये गये है। मुख्य कार्यपालन अधिकारी को भविष्य के लिए सचेत रहने हेतु चेतावनी पत्र जारी किया गया है।
इनडोर स्टेडियम (हॉल) की स्वीकृति
[खेल एवं युवा कल्याण]
28. ( क्र. 184 ) श्री सोहनलाल बाल्मीक : क्या खेल एवं युवा कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) परासिया विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत इनडोर स्टेडियम (हॉल) के निर्माण कार्य की स्वीकृति हेतु प्रश्नकर्ता द्वारा पिछले दिसम्बर 2025 विधानसभा के सत्र में तारांकित प्रश्न क्र. 310 दिनांक 01.12.2025 के उत्तर में जानकारी दी गई थी कि इनडोर स्टेडियम निर्माण हेतु भूमि आवंटित की जा चुकी है और स्वीकृति हेतु जिला खेल अधिकारी छिंदवाड़ा से प्राप्त प्रतिवेदन में उल्लेख किया गया है कि आवंटित भूमि विकासखण्ड मुख्यालय से 5 किमी. दूरी एवं पहाड़ी की ढ़लान पर स्थित है भूमि का कुछ भाग समतल-असमतल है उक्त भूमि इनडोर स्टेडियम के निर्माण हेतु उपर्युक्त नहीं है जिसके कारण इनडोर स्टेडियम निर्माण कार्य की स्वीकृति प्रदान किया जाना संभव नहीं है। (ख) क्या विभाग द्वारा आवंटित भूमि का अन्य अधिकारी से पुनः स्थल निरीक्षण कराने प्रतिवेदन प्राप्त कर इनडोर स्टेडियम हेतु पुन: भूमि का स्थल निरीक्षण कराया जाकर स्वीकृति प्रदान की जाएगी, यदि हाँ, तो कब तक? (ग) प्रश्नांश (क) के संबंध में जिला खेल अधिकारी छिंदवाड़ा द्वारा गलत एवं भ्रामक जानकारी देने पर विभाग द्वारा उनके विरूद्ध कब तक कार्यवाही की जायेगी?
खेल एवं युवा कल्याण मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) जी हाँ। (ख) जी नहीं। परासिया विधानसभा क्षेत्र में इंडोर स्टेडियम (हॉल) निर्माण हेतु संचालनालयीन पत्र क्रमांक 10282 दिनांक 20.01.2026 द्वारा कलेक्टर छिंदवाड़ा को समतल व उपयुक्त नगर निकाय सीमा से 2.00 कि.मी. की परिधि 10.00 एकड़ भूमि आवंटन हेतु लेख किया गया है। जिला प्रशासन द्वारा भूमि आवंटन उपरांत समुचित प्रस्ताव प्राप्त कर सक्षम समिति से अनुमोदन हेतु प्रस्ताव तैयार कर प्रेषित किया जावेगा, इसके उपरांत शासन द्वारा नियमानुसार प्रकरण में कार्यवाही की जा सकेंगी। (ग) प्रश्नोत्तर ''क'' के संदर्भ में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
कृषि उपज मण्डियों का प्रांगण विस्तार
[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]
29. ( क्र. 215 ) श्री मोहन सिंह राठौर : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रदेश में संचालित कृषि उपज मण्डियों के प्रांगण के विस्तार की योजना है? यदि हाँ, तो वर्ष 2025-26 एवं वर्ष 2026-27 में प्रदेश की कौन-कौन सी मण्डियों के प्रांगण विस्तार के प्रस्ताव विचाराधीन है? जिलावार जानकारी दें। (ख) क्या ग्वालियर जिले के भितरवार विधानसभा क्षेत्र की कृषि उपज मण्डी भितरवार एवं कृषि उपज मण्डी मोहना के प्रांगण विस्तार के प्रस्ताव विभाग को प्राप्त हुए है? यदि हाँ, तो कब-कब एवं किसके माध्यम से ब्यौरा दें। (ग) क्या भितरवार कृषि उपज मण्डी के लिए भितरवार में उपलब्ध शासकीय भूमि को आरक्षित/आवंटन का प्रस्ताव जिला स्तर पर लंबित है? यदि हाँ, तो किस स्तर पर एवं लंबित रहने का क्या कारण है। (घ) यदि प्रश्नांश (क), (ख), (ग) का उत्तर हाँ में है तो कृषि उपज मण्डी भितरवार के प्रांगण विस्तार की स्वीकृति कब तक जारी की जायेगी? समय-सीमा बताएं? यदि नहीं तो क्यों?
किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) जी नहीं। वर्ष 2025-26 में प्रांगण विस्तार संबंधी विचाराधीन प्रस्तावों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ग) जी हाँ। कृषि उपज मण्डी भितरवार के प्रांगण विस्तार हेतु कार्यालयीन पत्र क्रमांक/मंडी/नवीन मंडी/2025- 26/4021 भितरवार दिनांक 25/09/2025 से ऑनलाइन आवेदन की अनुमति प्रदान की गयी है, जिसके अनुक्रम में सचिव, कृषि उपज मण्डी भितरवार द्वारा नजूल निर्वर्तन नियमों के तहत शासकीय भूमि आवंटन हेतु दिनांक 25/10/2025 को RCMS पोर्टल पर आवेदन कर दिया गया है। जिला प्रशासन स्तर पर कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। प्रक्रियाधीन होने से शेष प्रश्न उद्भूत नहीं है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है। (घ) मंडी समिति की आवश्यकता, व्यवहार्यता एवं भूमि की उपलब्धता अनुसार प्रांगण विस्तार की कार्यवाही की जाती है। उक्त के अनुक्रम में समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
कृषि उपज मण्डी का उन्नयन
[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]
30. ( क्र. 217 ) श्री महेंद्र रामसिंह यादव : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र कोलारस में संचालित कृषि उपज मण्डी के उन्नयन/नवीन मण्डी बनाये जाने के संबंध में माननीय मंत्री महोदय एवं विभाग को प्रश्नकर्ता द्वारा कौन-कौन से पत्र प्रेषित किये गये? पत्रों की छायाप्रति उपलब्ध करावें? (ख) उक्त पत्रों पर माननीय मंत्री जी एवं विभाग द्वारा क्या कोई कार्यवाही प्रस्तावित की गयी है। यदि हाँ, तो विवरण दें। यदि नहीं, तो कारण स्पष्ट करें? (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के संदर्भ में कौन-कौन से कार्य कितनी-कितनी राशि के स्वीकृति किये जा चुके है व कौन-कौन से किस कारण से शेष है कार्यवार विवरण दें यदि नहीं, तो कारण स्पष्ट करें?
किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) जी हाँ। पत्रों की छायाप्रति जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी हाँ। उत्तरांश (क) के अनुक्रम में भूमि की उपलब्धता, उपयोगिता एवं व्यवहार्यता के आधार परीक्षण प्रतिवेदन प्राप्त किया जा रहा है। शेष प्रश्न उद्भूत नहीं होता। (ग) उत्तरांश (ख) के परिप्रेक्ष्य में शेष प्रश्न उद्भूत नहीं होता।
बैंक खाता धारकों की जमा पूंजी का भुगतान
[सहकारिता]
31. ( क्र. 219 ) श्री महेंद्र रामसिंह यादव : क्या सहकारिता मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित शिवपुरी को राज्य शासन द्वारा 50 करोड़ रू. की सहायता उपलब्ध कराई गयी है? यदि हाँ, तो जानकारी उपलब्ध करावें। उक्त 50 करोड़ की राशि किस-किस मद में व्यय की गयी है? जानकारी मदवार पृथक-पृथक उपलब्ध करावें। (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार क्या बैंक द्वारा किसानों/अमानतदारों की जमा पूंजी में से अमानतदारों को गंभीर बीमारियों एवं शादी विवाह हेतु नियमित भुगतान किया जा रहा है? यदि नहीं, तो क्यों? (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) अनुसार क्या जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक शिवपुरी को शासन द्वारा अन्य कोई अंशपूंजी सहायता राशि उपलब्ध कराये जाने हेतु कोई प्रस्ताव वित्त अथवा सहकारिता विभाग में विचाराधीन है? यदि हाँ, तो उसकी अद्यतन स्थिति से अवगत करावें? अंशपूंजी बैंक को कब तक उपलब्ध करा दी जावेगी?
सहकारिता मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) जी हाँ। मदवार व्यय की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी हाँ। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी हाँ। जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित शिवपुरी को शासन द्वारा रू. 50.00 करोड़ की अंशपूंजी सहायता राशि उपलब्ध कराये जाने का प्रस्ताव विचाराधीन है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
महाविद्यालयों में स्वीकृत एवं रिक्त पद की जानकारी
[उच्च शिक्षा]
32. ( क्र. 221 ) श्री भूपेन्द्र सिंह : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र खुरई अंतर्गत वर्तमान में खुरई, मालथौन व बांदरी महाविद्यालयों में विषयवार स्वीकृत एवं रिक्त पदों का ब्यौरा क्या है? (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार पदों की पूर्ति हेतु वर्ष 2022-23 से वर्तमान तक किन-किन महाविद्यालयों में किन-किन विषयों हेतु कितने प्राध्यापक/सहायक प्राध्यापकों का चयन विभाग द्वारा किया गया एवं शेष रिक्त पदों के विरूद्ध अतिथि विद्वानों का चयन करने के उपरांत भी क्या वर्तमान में पद रिक्त हैं?
उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री इन्दर सिंह परमार ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट ''अ'' अनुसार है। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट ''ब'' अनुसार है। जी हाँ।
बरोदियाकलां में शासकीय महाविद्यालय की स्वीकृति
[उच्च शिक्षा]
33. ( क्र. 222 ) श्री
भूपेन्द्र
सिंह : क्या
उच्च शिक्षा
मंत्री महोदय
यह बताने की
कृपा करेंगे
कि क्या
प्रश्नकर्ता
के विधानसभा
क्षेत्र खुरई
अंतर्गत बरोदियाकलां
में उच्च
शिक्षा हेतु
शासकीय महाविद्यालय
की मांग
छात्र/छात्राओं
एवं जनप्रतिनिधियों
द्वारा अनेक
वर्षों से की
जा रही है? यदि हाँ, तो इस
संबंध में
विभाग की क्या
योजना है? कब तक
बरोदियाकलां
में
महाविद्यालय
की स्वीकृति
प्रदान की
जावेगी?
उच्च
शिक्षा
मंत्री ( श्री
इन्दर सिंह
परमार ) : जी
हाँ। विभागीय
मापदण्ड की
पूर्ति नहीं
होने से नवीन
महाविद्यालय
प्रारंभ किए
जाने में
कठिनाई है।
शेष प्रश्नांश
उपस्थित नहीं
होता।
मनरेगा मजदूरों की मजदूरी दर में वृद्धि
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
34. ( क्र. 227 ) श्री सिद्धार्थ सुखलाल कुशवाहा : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मनरेगा का नाम बदलने के पश्चात मजदूरों के मजदूरी दर में वृद्धि कर? 261 रुपए प्रतिदिन से बढ़ाकर न्यूनतम ₹400 प्रतिदिन और एक वर्ष में से कम से कम 150 दिन का काम क्या दिये जाने पर शासन विचार करेगा यदि नहीं, तो क्यों नहीं? (ख) क्या शासन मध्यप्रदेश में मनरेगा मजदूरों को 150 दिनों का काम नहीं मिलने पर ग्राम पंचायत स्तर से बेरोजगारी भत्ता दिये जाने की कार्य योजना पर विचार करेगा जिससे ग्राम पंचायत स्तर से मजदूरों का पलायन रूक सके।
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) वर्तमान में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम 2005 के सेक्शन 6 (1) के तहत भारत सरकार द्वारा मजदूरी दर अधिसूचित किये जाने का प्रावधान है। विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम, 2025 के अध्याय 1 की कंडिका 1 (2) अनुसार भारत सरकार द्वारा नोटिफिकेशन अनुसार योजना तैयार की जाना है। भारत सरकार से नोटिफिकेशन अप्राप्त है। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम 2005 की कंडिका 6 (1) द्वारा मजदूरी दर का निर्धारण भारत सरकार द्वारा किया जाता है। भारत सरकार के वार्षिक मास्टर परिपत्र की कंडिका 4.2.2 में वनाधिकार पत्र धारकों को एक वित्तीय वर्ष में अतिरिक्त 50 दिवस अर्थात एक वित्तीय वर्ष में 150 दिन के रोजगार का प्रावधान किया गया है। (ख) महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम 2005 की धारा-7 में बेरोजगारी भत्ते का प्रावधान किया गया है।
टूटे पुल/पुलियों का निर्माण
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
35. ( क्र. 229 ) श्री संजय उइके : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रधानमंत्री सड़क योजना से निर्मित गढी से माना-लपटी रोड, बिरसा से भूतना एवं लहंगाकन्हारर से मुरकुट्टा रोड पर पुल टूटा हुआ है, जिसके कारण आवागमन बाधित है? (ख) यदि हाँ, तो प्रश्नांश “क” में उल्लेखित पुलों का निर्माण कब तक किया जावेगा?
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) जी हाँ। माना से लपटी मार्ग, बिरसा से भुतना मार्ग एवं लहंगाकन्हार से मुरकुट्टा मार्ग में पुलिया अत्यधिक वर्षा एवं बाढ़ के कारण क्षतिग्रस्त हुई है। इन मार्गों के क्षतिग्रस्त भागों में संधारण स्तर के संविदाकारों से मरम्मत कार्य कर आवागमन बनाये रखा गया है। वर्तमान में आवागमन बाधित नहीं है। (ख) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित लहंगाकन्हार से मुरकुट्टा मार्ग किमी 06 ऑफ एल080 से मुरकुट्टा मार्ग के एकरेखण का भाग है। क्षतिग्रस्त पुलों की पुनर्निर्माण योजना अंतर्गत क्रमश: किमी 06 ऑफ एल080 से मुरकुट्टा मार्ग के चैनेज 1400 मीटर, बिरसा से भूतना मार्ग एवं माना से लपटी मार्ग पर नवीन पुलों का निर्माण योजना की प्राथमिकता सूची में शामिल है। योजना के दिशा निर्देशों के क्रम में पात्रता अनुसार स्वीकृति उपरांत ही निर्माण किया जाना संभव है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
राजा शंकर शाह यूनिवर्सिटी के लिए फंड
[उच्च शिक्षा]
36. ( क्र. 233 ) श्री सुनील उईके : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) राजा शंकर शाह यूनिवर्सिटी छिंदवाड़ा के लिए स्थापना के बाद से प्रश्न दिनांक तक कितनी- कितनी राशि सरकार द्वारा आवंटित की गई है। यूनिवर्सिटी स्थापना आदेश एवं उसके लिए बिल्डिंग एवं इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए चिन्हित की गई भूमि आवंटन आदेश के दस्तावेज के साथ राशि आवंटन पत्र की छायाप्रति प्रदान करें? (ख) यूनिवर्सिटी के द्वारा सरकार से राशि आवंटन के लिए किए गए समस्त पत्र व्यवहार की छायाप्रति उपलब्ध कराये। (ग) यूनिवर्सिटी स्थापना के बाद यदि उसके निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया हो चुकी थी तो समस्त टेंडर डॉक्यूमेंट, प्रशासकीय एवं तकनीकी स्वीकृति की छायाप्रति दें। (घ) यूनिवर्सिटी एवं सरकार के द्वारा यदि पूर्व में स्वीकृत तकनीकी एवं प्रशासकीय स्वीकृति में बदलाव किया गया है तो किए गए बदलावों नवीन तकनीकी एवं प्रशासकीय स्वीकृतियों की छायाप्रति प्रदान करें। यह भी बताएं की किन कारणों से यह बदलाव किया गया? (ड.) यूनिवर्सिटी का काम कब तक पूरा हो पाएगा?
उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री इन्दर सिंह परमार ) : (क) राजा शंकरशाह विश्वविद्यालय, छिंदवाड़ा को स्थापना के पश्चात वित्तीय वर्ष 2020-21 से निरंतर 42-सहायक अनुदान 002- संधारण अनुदान में प्रावधानित राशि 2 करोड़ प्रतिवर्ष प्रश्न दिनांक तक आवंटित की गई है। शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'अ' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'ब' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'स' अनुसार है। (घ) कोई परिवर्तन नहीं किया गया, अत: प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ड.) समय-सीमा बताई जाना संभव नहीं है।
इमलीखेड़ा में प्रस्तावित स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स
[खेल एवं युवा कल्याण]
37. ( क्र. 234 ) श्री सुनील उईके : क्या खेल एवं युवा कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) छिंदवाड़ा के इमलीखेड़ा में स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का प्रस्ताव प्रथम बार संचालनालय खेल एवं युवक कल्याण विभाग भोपाल कब भेजा गया था एवं इस संबंध में प्रथम सर्वेक्षण कब हुआ था? इस संबंध में हुए समस्त पत्र व्यवहार की कॉपी प्रदान करें। (ख) इस स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स हेतु भूमि का चयन कब हुआ था एवं भूमि आवंटन कब हुआ था? खेल विभाग को हुए उक्त भूमि आवंटन की कार्यवाही की संपूर्ण नस्ती प्रकरण की कॉपी प्रदान करें। (ग) छिंदवाड़ा के इमलीखेड़ा में स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स की स्वीकृति कब प्राप्त हुई थी? स्वीकृति पत्र तकनीकी स्वीकृति एवं प्रशासकीय स्वीकृति की कॉपी प्रदान करें। (घ) उपरोक्त स्पोर्ट कॉम्प्लेक्स में प्रश्न दिनांक तक स्वीकृत राशि एवं व्यय राशि की जानकारी प्रदान करने का कष्ट करेंगे।
खेल एवं युवा कल्याण मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) कलेक्टर छिंदवाड़ा ने आदेश क्रमांक 07/अ-19 (3)/2018-19 दिनांक 30.01.2019 द्वारा ग्राम ईमलीखेडा छिंदवाड़ा में स्थित खसरा नं. 65/2 की 8.093 हेक्टेयर भूमि फुटबाल अकादमी एवं इंटीग्रेटेड स्पोर्टस कॉम्पलेक्स निर्माण हेतु खेल और युवा कल्याण विभाग को आवंटित की गई। उक्त भूमि में फुटबाल अकादमी एवं इंटीग्रेटेड स्पोर्टस कॉम्पलेक्स निर्माण हेतु जिला खेल और युवा कल्याण अधिकारी छिंदवाड़ा द्वारा पत्र प्रेषित किया था, जिसकी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। भूमि का प्रथम सर्वेक्षण दिनांक 21.02.2019 को किया गया था। जिला खेल और युवा कल्याण अधिकारी छिंदवाड़ा द्वारा छिंदवाड़ा में स्पोर्टस कॉम्पलेक्स निर्माण हेतु विधिवत प्रस्ताव प्रस्तुत नहीं किया गया। (ख) स्पोर्टस कॉम्पलेक्स निर्माण हेतु भूमि का चयन दिनांक 04/01/2019 को किया गया, यह भूमि कलेक्टर छिंदवाड़ा द्वारा दिनांक 30.01.2019 को खेल और युवा कल्याण विभाग को आवंटित की गई है, जिसकी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट में समाहित है। (ग) जिले द्वारा विधिवत प्रस्ताव प्रेषित नहीं किये जाने के कारण छिंदवाड़ा में स्पोर्टस कॉम्पलेक्स निर्माण की स्वीकृति की कार्यवाही नहीं की गई है। (घ) प्रश्नोत्तर ''ग'' के संदर्भ में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
चौराई कृषि मंडी का उन्नयन
[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]
38. ( क्र. 237 ) चौधरी सुजीत मेर सिंह : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) चौरई कृषि उपज मंडी किस ग्रेड में है? (ख) चौरई कृषि उपज मंडी की वार्षिक आवक, राजस्व एवं किसानों की संख्या अलग-अलग देवें। (ग) क्या चौरई कृषि उपज मंडी में कई बी-ग्रेड मंडियों के समकक्ष मापदण्ड होने के बावजूद भी सी- ग्रेड में रखा गया है? (घ) क्या चौरई कृषि उपज मंडी को बी-ग्रेड में उन्नयन हेतु प्रस्ताव सरकार के पास लंबित है? (ड.) यदि हाँ, तो कब तक उपरोक्त मंडी बी-ग्रेड में आ जावेगी?
किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) चौरई कृषि उपज मंडी “ग” वर्ग में है। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) जी नहीं। मंडियों का अंतिम वर्गीकरण वर्ष 2016 में किया गया था। इसके उपरांत मंडियों का पुनः वर्गीकरण नहीं हुआ है। वर्ष 2016 में निर्धारित मंडी वर्गीकरण वर्तमान तक यथावत है। अतः चौरई कृषि उपज मंडी का वर्ष 2016 में निर्धारित ग्रेड “ग” ग्रेड वर्तमान में लागू है। (घ) जी नहीं। (ड.) प्रश्नांश (घ) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
फसल बीमा का क्रियान्वन
[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]
39. ( क्र. 238 ) चौधरी सुजीत मेर सिंह : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) चौरई विधानसभा क्षेत्र के चौरई, चाँद और बिछुया तहसील में कौनसी बीमा कंपनी फसल बीमा का क्रियान्वयन कर रही है? (ख) इसका मुख्यालय में कार्यालय कहां है? (ग) क्या फसल बीमा से संबंधित किसानों की शिकायतों के निराकरण हेतु प्रभावी व्यवस्था है? (घ) विगत 3 वर्षों में कितनी शिकायतों का समाधान हुआ है?
किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) :(क) विधान सभा क्षेत्र चौरई सहित जिला छिन्दवाडा हेतु वर्ष 2023-24 से 2025- 26 तक के लिए एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कम्पनी ऑफ इंडिया लिमिटेड चयनित क्रियान्वयन एजेन्सी है। (ख) एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कम्पनी ऑफ इंडिया लिमिटेड का मुख्यालय नई दिल्ली में है। (ग) जी हाँ। (घ) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है।
कृषि विज्ञान केन्द्र को प्रारंभ किया जाना
[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]
40. ( क्र. 241 ) श्री उमाकांत शर्मा : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या सिरोंज तहसील के ग्राम चौड़ाखेड़ी, तहसील सिरोंज, जिला विदिशा में श्री मालवा महिला विकास समिति कृषि विज्ञान केन्द्र संचालित करती थी? यदि हाँ, तो कृषि विज्ञान केन्द्र के स्वीकृति के आदेश निर्देशों की छायाप्रति उपलब्ध करावें। (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में विभाग द्वारा समिति को कितनी-कितनी अनुदान राशि कब-कब स्वीकृत की गई बतावें तथा कितनी भूमि का आवंटन कब-कब दिया गया जानकारी दें। (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के संदर्भ में उक्त कृषि विज्ञान केन्द्र कब से बंद है तथा भूमि व भवन पर किस विभाग या संस्था का अधिपत्य है? (घ) क्या विभाग सिरोंज में पुनः कृषि विज्ञान केन्द्र प्रारंभ करने हेतु भारत सरकार को कब-कब पत्राचार किए गए, पत्रों की छायाप्रति उपलब्ध करावें। (ड.) पूर्व केन्द्रीय मंत्री श्री राधामोहन सिंह जी के समय कृषि विज्ञान केन्द्र प्रारंभ करने हेतु आवेदन पर क्या कार्यवाही हुई? अद्यतन स्थिति क्या है? सिरोंज में कृषि विज्ञान केन्द्र कब तक भूमि आवंटन कर प्रारंभ कर दिया जावेगा? जानकारी दें।
किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 एवं 3 अनुसार है। (ग) वर्ष 2001 से बंद है तथा भूमि एवं भवनों को गैर सरकारी संस्था श्री महिला मालवा विकास समिति को उपयोग के लिए अनुमति दी गई है तथा आधिपत्य विभाग का है। (घ) जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ड.) आवेदन संस्थान में उपलब्ध नहीं है। विदिशा जिले में कृषि विज्ञान केन्द्र अतिशीघ्र स्थापित होने जा रहा है। भूमि आवंटन ग्राम बेरखेड़ी जीतू में हो चुकी है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-4 अनुसार है। प्रश्नांश का शेष भाग उद्भूत नहीं होता है, समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
खेल प्रशिक्षण केन्द्र में सुविधाएं
[खेल एवं युवा कल्याण]
41. ( क्र. 242 ) श्री उमाकांत शर्मा : क्या खेल एवं युवा कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या खेल प्रशिक्षण केन्द्र अलीगंज सिरोंज जिला विदिशा में प्रशासकीय स्वीकृति आदेश क्रमांक एफ-2-2/2013/नौ दिनांक- 05/03/2013 को राशि 166.31 लाख रूपए स्वीकृत हुई थी प्रशासकीय स्वीकृति आदेश की छायाप्रति उपलब्ध करावें। (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में उक्त राशि से कौन-कौन से निर्माण कार्य पूर्ण किए गए। कौन-कौन से कार्य शेष हैं डी.पी.आर. की छायाप्रति उपलब्ध करावें एवं निर्माण कार्य एजेंसी को कितनी राशि कब-कब जारी की गई जानकारी दें। (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के संदर्भ में क्या विभाग द्वारा मात्र 58.50 लाख रूपए की कार्य एजेंसी को जारी किए गए हैं शेष हानि 107.81 लाख राशि कब तक जारी की जावे बतावें? यदि नहीं, तो क्यों कारण बतावें। (घ) प्रश्नकर्ता के पत्र क्रमांक 2400/एसआरजे/2025, 2401/एसआरजे/2025 दिनांक 04/10/2025 एवं प्रमुख सचिव 2402/एसआरजे/2025, 2403/एसआरजे/2025 एवं संचालक 2405/एसआरजे/2025, 2400/एसआरजे/2025 दिनांक 04/10/2025 को पत्र प्राप्त हुए हैं तो विभाग द्वारा क्या-क्या कार्यवाही की गई है छायाप्रति उपलब्ध करावें। (ड.) सिरोंज स्थित खेल स्टेडियम में चौकीदार, पेयजल, विद्युतीकरण आदि अन्य सुविधाओं का अभाव है? कब-तक राशि स्वीकृत, आवश्यक निर्माण कार्य एवं सुधार एवं अन्य कार्य करा लिए जावेंगे? क्योंकि सुविधाओं के अभाव में अभी कोई खेल गतिविधियां संचालित नहीं हो पा रही हैं।
खेल एवं युवा कल्याण मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) जी हाँ, प्रशासकीय स्वीकृति की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) दिनांक 4 फरवरी 2013 को सम्पन्न स्थाई वित्तीय समिति की बैठक में दिये गये अनुमोदन अनुसार म.प्र.शासन खेल और युवा कल्याण विभाग के आदेश क्र. एफ 2-7/2013/नौ दिनांक 05/03/2013 द्वारा सिरोंज स्टेडियम हेतु राशि रू. 166.31 लाख की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई, इस स्वीकृति के विरूद्ध सिरोंज स्टेडियम निर्माण हेतु कोई राशि जारी नहीं की गई है। इस हेतु पुनरीक्षित स्वीकृति के संदर्भ में स्टेडियम का निर्माण का स्थल उपयुक्त नहीं होने की जानकारी संचालनालय को प्राप्त होने पर प्रश्नकर्ता मान. सदस्य की उपस्थिति में विभागीय अधिकारियों द्वारा स्थल निरीक्षण किया गया, निरीक्षण के दौरान यह निर्णय लिया गया कि संचालनालयीन आदेश क्रमांक 3900 दिनांक 08.10.2010 द्वारा राशि रू. 64.83 लाख की स्वीकृति अनुसार वर्तमान में निर्माणाधीन स्टेडियम के प्रथम चरण का कार्य पूर्ण किया जावें तथा अतिरिक्त निर्माण की वर्तमान में कोई आवश्यकता नहीं है। निर्मित स्टेडियम का विधिवत उपयोग आरंभ हो जावेगा, तब अतिरिक्त निर्माण पर विचार किया जावेगा। उपरोक्त के अलावा यह भी उल्लेखनीय है कि स्टेडियम निर्माण हेतु पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति दिनांक 05.03.2013 को जारी की गई थी, इस स्वीकृति को जारी किये लगभग 13 वर्ष व्यतीत हो गये हैं, इतनी अवधि पश्चात निर्माण लागत में वृद्धि होना स्वाभाविक है, इसे दृष्टिगत रखते हुए उपरोक्त स्वीकृति अनुसार वर्तमान में कार्य आंरभ किया जाना व्यवहारिक रूप से संभव भी नहीं है। (ग) सिरोंज में स्टेडियम निर्माण हेतु संचालनालयीन आदेश क्र. 3900 दिनांक 08.10.2010 द्वारा राशि रू. 64.83 लाख की स्वीकृति प्रदान प्रदान करते हुये राशि रू.6.50 लाख जारी की गई, पत्र क्र. 419 दिनांक 15.04.2013 द्वारा रू. 50.00 लाख, पत्र क्र. 7939, दिनांक 18.11.2019 द्वारा रू.8.33 लाख, इस प्रकार कुल राशि रू.64.83 लाख जारी की गई, इसके अलावा पत्र क्रमांक 11644 दिनांक 29.02.2020 जो कि कारोना महामारी में निविदा न होने से निर्माण एजेंसी द्वारा राशि लेप्स की गई, स्वीकृति क्रमांक 10697 दिनांक 01.12.2022 जारी की गई, जिसे निरस्त करते हुये पुनः पत्र क्रमांक 13677 दिनांक 20.02.2023 द्वारा खेल प्रशिक्षण केन्द्र की पुताई, पेटिंग कार्य हेतु राशि रूपये 3.18 लाख एवं विद्युत कार्य हेतु राशि रूपये 1.20 लाख, इस प्रकार कुल राशि रूपये 4.38 लाख का लघु निर्माण मद से अतिरिक्त आवंटन दिया गया। स्टेडियम का निर्माण कार्य पूर्ण हो गया है। अतः शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) कार्यालय में उपलब्ध दस्तावेज अनुसार माननीय प्रश्नकर्ता सदस्य के 03 पत्र क्रमशः पत्र क्रमांक 2402, 2403 एवं 2404 दिनांक 04.10.2025 प्राप्त हुये है, मान. सदस्य द्वारा खेल परिसर सिरोंज में विभिन्न सुविधाओं का विस्तार किये जाने के संबंध में संचालनालयीन पत्र क्रमांक 10225 दिनांक 20.01.2026 द्वारा जिला खेल और युवा कल्याण अधिकारी जिला विदिशा से अभिमत मय औचित्य सहित प्रस्ताव चाहे गये है। जिला खेल और युवा कल्याण अधिकारी विदिशा से प्रस्ताव प्राप्त होने के उपरांत प्रस्ताव का परीक्षण कर बजट उपलब्धतानुसार नियमानुसार आगामी कार्यवाही की जाना संभव हो सकेंगी। निश्चित समय-सीमा बतायी जाना संभव नहीं है। (ड.) संचालनालयीन पत्र क्रमांक 10225 दिनांक 20.01.2026 द्वारा जिला खेल और युवा कल्याण अधिकारी जिला विदिशा से विभिन्न प्रस्तावित कार्यों के संदर्भ में मय औचित्य चाहा गया है। जिला खेल और युवा कल्याण अधिकारी विदिशा से विधिवत प्रस्ताव प्राप्त होने के उपरांत प्रकरण में आगामी आवश्यक कार्यवाही की जा सकेंगी।
विकास कार्य हेतु स्वीकृत राशि में अनियमितता
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
42. ( क्र. 246 ) श्री भैरो सिंह बापू : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या जिला पंचायत आगर-मालवा में जिला पंचायत सदस्य एवं जिले की जनपद पंचायतों के सदस्यों को अपने निर्वाचन क्षेत्रों में विकास कार्य हेतु अधिकार प्राप्त है? यदि हाँ, तो किन-किन कार्यों के लिए जिला पंचायत सदस्य एवं जनपद सदस्य अपनी अनुशंसा पर अपने निर्वाचन क्षेत्र में कार्य स्वीकृत करवा सकते है। नियम की प्रति उपलब्ध करावें? (ख) जिला पंचायत आगर-मालवा एवं जिले के समस्त विकासखण्ड अंतर्गत निर्वाचित जिला पंचायत सदस्य एवं जनपद सदस्य की अनुशंसा पर वर्ष 2022 से प्रश्न दिनांक तक कितनी-कितनी राशि, किन-किन कार्यों हेतु स्वीकृत की गई जानकारी देवें? क्या उक्त राशि के आंवटन में भेद-भाव किया गया है यदि नहीं, तो राशि समान रूप से जिला पंचायत सदस्यों एवं जनपद सदस्यों को नियमानुसार क्यों आवंटित नहीं की गई? (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) अनुसार जिला पंचायत सदस्यों एवं जनपद सदस्यों के निर्वाचन क्षेत्रों में राशि आवंटन में भेदभाव क्यों किया गया समान रूप से आवंटन नहीं किये जाने हेतु कौन अधिकारी जिम्मेदार है? (घ) जिला आगर-मालवा अंतर्गत 15वां वित्त आयोग एवं 5वां वित्त आयोग से जिला पंचायत एवं जनपद पंचायतों को वर्ष 2022 से प्रश्न दिनांक तक कितनी राशि प्राप्त हुई उक्त राशि कहां-कहां, किन-किन कार्यों हेतु किस नियम के तहत खर्च की गई जानकारी देवें?
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) मध्यप्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम, 1993 की धारा 47 के अंतर्गत जिला पंचायत सदस्य एवं जिले की जनपद पंचायतों के सदस्यों को अपने निर्वाचन क्षेत्रों में विकास कार्य हेतु अधिकार जिला/जनपद पंचायत स्तर पर गठित समितियों के कृत्यों के अंतर्गत आती है। नियम की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''अ'' अनुसार है। जिला पंचायत/जनपद पंचायत सदस्य को स्वयं की अनुशंसा पर अपने निर्वाचन क्षेत्र में कार्य स्वीकृत करने के कोई निर्देश नहीं है। (ख) मध्यप्रदेश शासन, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के दिशा-निर्देशों में जिला/जनपद पंचायत सदस्यों की अनुशंसा अनुसार कार्यों की स्वीकृति के संबंध में कोई निर्देश नहीं है। स्वीकृत कार्यों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''ब'' अनुसार है। (ग) उत्तरांश (क) एवं (ख) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) जिला पंचायत एवं जनपद पंचायतों के कार्यों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''स'' अनुसार है।
कबड्डी व कुश्ती मेट तथा अन्य खेल सामग्री का प्रदाय
[खेल एवं युवा कल्याण]
43. ( क्र. 250 ) श्री सोहनलाल बाल्मीक : क्या खेल एवं युवा कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) परासिया विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत छात्र/छात्राओं एवं युवा खिलाड़ियों को कबड्डी व कुश्ती मेट प्रदान किये जाने के लिये प्रश्नकर्ता द्वारा मान. खेल एवं युवा कल्याण मंत्री महोदय को पत्र क्र.वि.स./परासिया/127/2025/603 दि. 28.10.2025 एवं अनुस्मरण पत्र क्र.685 दिनांक 01.12.2025 इसी तरह विभिन्न प्रकार की खेल सामग्री प्रदान किये जाने के लिये पत्र क्र.वि.स./परासिया/127/2024/735 दि.28.11.2024, अनुस्मरण पत्र 01 पत्र क्र.859 दिनांक 16.12.2024, अनुस्मरण पत्र 02 पत्र क्र.142 दिनांक 10.03.2025, अनुस्मरण पत्र 03 पत्र क्र.454 दिनांक 28.07.2025 व अनुस्मरण पत्र 04 पत्र क्र.686 दिनांक 01.12.2025 प्रेषित किये जा चुके हैं। इन पर क्या कार्यवाही की गई। परन्तु अभी तक कबड्डी व कुश्ती मेट तथा अन्य खेल सामग्री प्रदान नहीं की गई है जिसका क्या कारण है? अवगत करायें। (ख) प्रश्नांश ''क'' में उल्लेखित विभिन्न प्रेषित पत्रों में कबड्डी व कुश्ती मेट तथा अन्य विभिन्न प्रकार की खेल सामग्री को प्रदान किये जाने के संबंध में निवेदन को स्वीकार कर कब तक कार्यवाही को पूर्ण करते हुए खेल सामग्री प्रदान किये जाने की स्वीकृति प्रदान कर खेल सामग्री प्रदाय कर दी जायेगी? अवगत करायें।
खेल एवं युवा कल्याण मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) परासिया विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत कबड्डी व कुश्ती मेट तथा अन्य खेल सामग्री प्रदाय किये जाने हेतु मान.सदस्य के पत्र प्राप्त हुए है। विधानसभा क्षेत्र परासिया में खेल और युवा कल्याण विभाग द्वारा कोई स्टेडियम/खेल परिसर संचालित नहीं है। इस कारण परासिया विधानसभा क्षेत्र में कबड्डी/कुश्ती मेट्स प्रदाय नहीं की गई है। खेल सामग्री क्रय हेतु प्रतिवर्ष संचालनालय द्वारा उपलब्ध बजट अनुसार विभिन्न जिलों को राशि आवंटित की जाती है, इस राशि से संचालनालय के क्रमांक-1936 दिनांक-04.06.2018 में दिये गये निर्देश अनुसार जिला स्तर पर पुलिस अधीक्षक की अध्यक्षता में गठित समिति द्वारा जिलों को आवंटित बजट अनुसार ही आवश्यकता का आकलन कर सामग्री क्रय एवं वितरण का निर्णय पर लिया जाता है। जिला स्तर पर गठित समित द्वारा परासिया विधानसभा क्षेत्रार्न्तगत प्रदाय खेल सामग्री की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) प्रश्नोत्तर (क) के संदर्भ में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
खाचरौद की मटर मंडी का विस्तार
[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]
44. ( क्र. 258 ) डॉ. तेजबहादुर सिंह चौहान : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या वर्तमान में खाचरौद स्थित मटर मंडी निर्माण हेतु आवंटित भूमि किसानों से मटर क्रय करने हेतु एवं वहां से परिवहन हेतु पर्याप्त है, यदि नहीं तो इस दिशा में वर्तमान प्रस्तावित भूमि के नजदीक स्थित शासकीय भूमि को भी प्राप्त करने की दिशा में शासन (मंडी बोर्ड) कोई कार्यवाही कर रहा है? (ख) शासन द्वारा निर्माण कार्य हेतु कितनी राशि स्वीकृत की गयी है? नए स्वरूप से मटर मंडी के लिए भूमि विस्तारित होने के पश्चात क्या स्वीकृत राशि पर्याप्त होगी? (ग) यदि नहीं, तो क्या शासन (मंडी बोर्ड) अतिरिक्त राशि उपलब्ध करवाएगा?
किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) जी हाँ, वर्तमान आवश्यकताओं के मान से भूमि पर्याप्त होने से शेष प्रश्न विचारण में नहीं है। (ख) मंडी समिति, खाचरौद के नवीन फल सब्जी मंडी प्रांगण में निर्माण कार्यों हेतु मंडी बोर्ड द्वारा राशि रुपये 100.00 लाख स्वीकृत किये गए हैं। उत्तरांश (क) के अनुक्रम में वर्तमान में प्रश्न उपस्थित नहीं है। (ग) उत्तरांश (क) एवं (ख) के अनुक्रम में वर्तमान में प्रश्न उपस्थित नहीं है।
आकांक्षी युवा की जानकारी
[तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार (केवल कौशल विकास एवं रोजगार)]
45. ( क्र. 261 ) श्री प्रताप ग्रेवाल : क्या राज्य मंत्री, कौशल विकास एवं रोजगार महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रोजगार कार्यालय में 2018 से 2025 तक 31 दिसंबर को जीवित पंजी पर दर्ज आकांक्षी युवा की जानकारी वर्षवार जिलेवार देवें। उपरोक्त वर्षों में 1 जनवरी से 31 दिसंबर तक पोर्टल पर कितने युवा ने पंजीयन कराया। 31 दिसंबर 2021 तथा 31 दिसंबर 2025 के अनुसार पोर्टल पर दर्ज आकांक्षी युवा की शिक्षा अनुसार, जाति अनुसार तथा जातिगत जेंडर अनुसार जानकारी प्रदान करें। (ख) प्रश्नकर्ता के प्रश्न क्रमांक 2378 दिनांक 4/8/25 के संदर्भ में बताएं कि 30 जून 2025 को स्कूल शिक्षित आकांक्षी युवा की तुलना में महाविद्यालयीन शिक्षित की संख्या 3 लाख ज्यादा क्यों है। क्या प्रदेश में महाविद्यालयीन शिक्षित युवा के स्तर के कार्य नहीं है। रोजगार मेले में 2024-25 में आफर लेटर देने वाली प्रमुख 10 कंपनी के नाम तथा उनके द्वारा दिए आफर लेटर की संख्या तथा औसत वेतन की जानकारी प्रदान करें। (ग) प्रश्नकर्ता के प्रश्न 2378 दि. 04/08/2025 के संदर्भ में बताए कि जनवरी 2019 से जून 2025 तक 57.24 लाख आकांक्षी युवा ने पंजीयन कराया तथा 4.6 लाख को रोजगार मेलों में ऑफर लेटर मिला तो फिर जीवित पंजी पर संख्या 2019 में 31.55 लाख से घटकर जून 2025 में 25.68 लाख कैसे हो गई। (घ) 2024, 2025 और 2026 को 16 जनवरी की स्थिति में रोजगार कार्यालय में जीवित पंजी पर दर्ज संख्या जिलेवार बतावे। 16 जनवरी 2024 से 15 जनवरी 2025 तथा 15 जनवरी 2025 से 16 जनवरी 2026 तक पोर्टल पर दर्ज नये पंजीयन की संख्या जिलेवार बताएं।
राज्य मंत्री, कौशल विकास एवं रोजगार ( श्री गौतम टेटवाल ) : (क) प्रश्नावधि में एम.पी. रोजगार पोर्टल पर दर्ज जानकारी अनुसार जिले की जीवित पंजी में दिनांक 31 दिसम्बर की स्थिति में आकांक्षी युवाओं की वर्षवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। प्रश्नावधि में 01 जनवरी से 31 दिसम्बर तक युवाओं के पंजीयन की वर्षवार जानकारी निम्नानुसार है:-
|
वर्ष |
पोर्टल पर पंजीयन की संख्या |
|
2018 |
746818 |
|
2019 |
508901 |
|
2020 |
604317 |
|
2021 |
1234454 |
|
2022 |
713389 |
|
2023 |
1371134 |
|
2024 |
175369 |
|
2025 |
697478 |
आंकाक्षी युवाओं की शिक्षा, वर्ग, जेण्डर की वर्षवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है, जाति संबंधी जानकारी पोर्टल पर संधारित नहीं की जाती हैं। (ख) एम पी रोजगार पोर्टल पर स्कूल शिक्षित/महाविद्यालयीन शिक्षित आकांक्षी युवाओं का पंजीयन स्वैच्छिक है। प्रदेश में सभी स्तर के शिक्षित युवाओं हेतु रोजगार उपलब्ध है। रोजगार मेले में 2024-25 में ऑफर लेटर देने वाली प्रमुख 10 कंपनी की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है। (ग) मध्यप्रदेश रोजगार पोर्टल पर 03 वर्ष की अवधि उपरांत पंजीयन नवीनीकरण का प्रावधान है, नवीनीकरण नहीं किये जाने की स्थिति में पंजीयन निरस्त होकर कुल पंजीयन की संख्या में दर्शित नहीं होता है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-4 एवं 5 अनुसार है।
बी.बी.जी. रामजी में पंजीकृत मजदूरों तथा एक्टिव मजदूरों की संख्या
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
46. ( क्र. 266 ) श्री प्रताप ग्रेवाल : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) 2021 से 2025 तक मनरेगा योजना में पंजीकृत मजदूर तथा एक्टिव मजदूर की प्रत्येक वर्ष के दिसंबर 31 अनुसार संख्या बताएं? कितने मजदूरों (हाउस होल्ड) के जॉब कार्ड बनाए गए? कितने नाम जॉब कार्ड से काटे गए? कितने जॉब कार्ड की डिमांड प्रत्येक वर्ष की गई है? कितने पंजीकृत हाउस होल्ड के जॉब कार्ड नहीं बनाए गए। (ख) मनरेगा मे 2020 से 2025 तक वर्षवार व जिलेवार कितने मजदूरों को पूर्ण 100 दिवस का रोजगार दिया गया? कितने हाउस होल्ड को पूरे 100 दिवस का रोजगार मिला? प्रत्येक वर्ष में प्रत्येक एक्टिव मजदूर को औसतन कितना दिवस रोजगार और औसतन कितनी राशि प्राप्त हुई। (ग) मनरेगा में 2020 से 2025 तक वर्षवार व जिलेवार कितने मजदूरों को पूर्ण 150 दिवस का रोजगार दिया गया? कितने हाउस होल्ड को पूरे 150 दिवस का रोजगार मिला? (घ) मनरेगा में 2020 से 2025 तक वर्षवार क्या-क्या भौतिक लक्ष्य निर्धारित किए गए थे एवं लक्ष्यों के विरुद्ध क्या उपलब्धि रही तथा प्रत्येक वर्ष में व्यय कितना है, उसमे केंद्र तथा राज्य का हिस्सा क्या है। (ड.) प्रारम्भ में मनरेगा योजना के संचालन के लिए क्या नियम निर्देश बनाए गए थे? समय-समय पर प्रदेश द्वारा मनरेगा में किये गए बदलाव व नवाचार किस प्रकार है सभी की छायाप्रति उपलब्ध करवाएं।
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) 2021 से 2025 तक मनरेगा योजना में पंजीकृत मजदूर तथा एक्टिव मजदूर की 31 दिसंबर की स्थिति में जानकारी, जोड़े गए परिवार एवं श्रमिक, विलोपित/काटे गए जॉब कार्ड तथा श्रमिक जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'A' पर है। मनरेगा में पंजीकृत सभी हाउस होल्ड के जॉब कार्ड बनाए गए हैं। अतः शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) योजनान्तर्गत जॉब कार्डधारी परिवार (हाउस होल्ड) के पंजीकृत मजदूरों को उपलब्ध कराये गए 100 दिवस रोजगार की जिलेवार एवं वर्षवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'B' पर है। प्रत्येक वर्ष में एक्टिव जॉब कार्डधारी परिवार को औसत रोजगार एवं औसत मजदूरी की राशि की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'B-1' पर है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'C' पर है। (घ) मनरेगा योजना मांग आधारित है, लक्ष्य आधारित नहीं है। वित्तीय वर्ष 2020-21 से 2024-25 तक अनुमोदित लेबर बजट (मानव दिवस) तथा लेबर बजट के विरुद्ध उपलब्धि (मानव दिवस), कुल व्यय तथा उसमे केंद्र एवं राज्य के अंशदान की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट- 'D' पर है। (ड.) मनरेगा योजना के नियम के संबंध में जारी नियम निर्देश की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'E' पर है। नवाचार के संबंध में राज्य द्वारा विगत वर्ष से वार्षिक लेबर बजट तैयार करने के लिए प्लानर तथा कार्यों के वैज्ञानिक पद्धति से चयन करने के लिए SIPRI सॉफ्टवेयर का उपयोग प्रारम्भ किया गया है। भारत सरकार द्वारा बायोमेट्रिक फेसियल अथेंटिकेशन से मजदूरों की e-KYC कराई जाकर जॉब कार्ड अद्यतन कराये जा रहे हैं। इस संबंध में जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'E-1' पर है।
आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र के विकास हेतु संचालित योजनाएं
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
47. ( क्र. 271 ) श्री कमलेश्वर डोडियार : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या जिला रतलाम के सैलाना विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत वर्ष 2021 से प्रश्न दिनांक तक आदिवासी बाहुल्य ग्रामों/पंचायतों के समग्र विकास हेतु पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा विशेष योजनाएँ संचालित की जा रही हैं? यदि हाँ, तो उनके नाम बतावे। (ख) प्रत्येक योजना अंतर्गत स्वीकृत कार्यों की संख्या एवं स्वीकृत राशि, पूर्ण एवं प्रगतिरत कार्यों की संख्या बतावे। (ग) क्या सैलाना विधानसभा क्षेत्र के आदिवासी बाहुल्य ग्रामों के लिए किसी विशेष आदिवासी विकास पैकेज के प्रावधान के अंतर्गत अतिरिक्त बजट या योजनाएँ स्वीकृत की गई हैं? यदि हाँ, तो स्वीकृत राशि, व्यय की गई राशि की जानकारी बतावे।
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) जिला रतलाम के सैलाना विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा विशेष योजनाएं संचालित नहीं की जा रही है। विभाग अंतर्गत सामान्य योजनाएं संचालित की जा रही हैं। (ख) एवं (ग) प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
ग्रामीण सड़कों के निर्माण की जानकारी
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
48. ( क्र. 275 ) डॉ. राजेन्द्र पाण्डेय : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क विहीन मजरा, टोला, बस्तियों को सुगम आवागमन से जोड़े जाने के साथ ही मनरेगा योजना अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्र के वैकल्पिक मार्गों को जोड़ा जा रहा है? (ख) यदि हाँ, तो क्या उपरोक्तानुसार उल्लेखित प्रश्नांश (क) अंतर्गत दोनों विभागीय कार्य योजनाओं के माध्यम से रतलाम जिला अंतर्गत विभिन्न प्रस्तावित कार्य योजना के विभिन्न कार्य किया जा रहे हैं? (ग) यदि हाँ, तो जिला अंतर्गत दोनों योजनाओं के प्रस्तावित एवं आगामी स्वीकृत तथा विगत स्वीकृत कार्यों की वर्ष 2024- 25 से लेकर प्रश्न दिनांक तक की संपूर्ण जानकारी उपलब्ध कराएं? (घ) रतलाम जिला अंतर्गत वर्ष 2023-24 से लेकर प्रश्न दिनांक तक पंचवर्षीय गारंटी में आने वाली कितनी प्रधानमंत्री ग्राम सड़क कार्यों का मरम्मत मूलक एवं सुधारात्मक कार्यों के साथ क्या-क्या कार्य, किन-किन स्थानों पर, किन-किन वर्षों में किए गए? साथ ही वर्तमान वर्ष में क्या किए जाने हेतु क्या कार्यवाही की जा रही है?
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) जी हाँ, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-IV में वर्ष 2011 की जनगणना अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों में सामान्य विकास खण्डों में 500+ आबादी एवं आदिवासी विकास खण्डों में 250+ आबादी वाले संपर्क विहिन मजरा टोला/बसाहटों को सुगम आवागमन हेतु बारहमासी सड़कों से सर्म्पकता दिये जाने हेतु योजना के दिशा निर्देश अनुसार सर्वे कार्य किया गया है। मनरेगा योजना अंतर्गत ग्रेवल सड़कों के स्वीकृत कार्यों का क्रियान्वयन नियमानुसार किया जा रहा है। वर्तमान में भारत सरकार, ग्रामीण विकास मंत्रालय का अर्द्ध शासकीय पत्र क्रमांक जे/11017/01/2025/आरई/7 दिनांक 20/05/2025 में दिये गये निर्देश के पालन हेतु मध्यप्रदेश राज्य रोजगार गारंटी परिषद भोपाल के पत्र क्रमांक 844 दिनांक 27/05/2025 में प्रदाय निर्देश अनुसार नवीन दिशा निर्देश जारी होने तक सुदूर संपर्क/खेत सड़क के नवीन कार्य नहीं लिये जाने के निर्देश जारी है। (ख) जी नहीं, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-IV अंतर्गत रतलाम जिले में 81 बसाहटों को चिन्हांकित कर जी.एस.एस. (ग्राम सड़क सर्वे) सर्वे किया गया हैं। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''1'' अनुसार है। केंद्र सरकार से स्वीकृति प्रचलन में है। मनरेगा योजना अंतर्गत ग्रेवल सड़कों के स्वीकृत कार्यों का क्रियान्वयन नियमानुसार किया जा रहा है। वर्तमान में भारत सरकार, ग्रामीण विकास मंत्रालय का अर्द्ध शासकीय पत्र क्रमांक जे/11017/01/2025/आरई/7 दिनांक 20/05/2025 में दिये गये निर्देश के पालन हेतु मध्यप्रदेश राज्य रोजगार गारंटी परिषद भोपाल के पत्र क्रमांक 844 दिनांक 27/05/2025 में प्रदाय निर्देश अनुसार नवीन दिशा निर्देश जारी होने तक सुदूर संपर्क/खेत सड़क के नवीन कार्य नहीं लिये जाने के निर्देश जारी है। (ग) प्रश्न उपस्थित नहीं होता। मनरेगा योजना अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2024-25 से लेकर प्रश्न दिनांक तक ग्रेवल सड़क के कोई भी कार्य स्वीकृत नहीं किये गये है। (घ) रतलाम जिले अंतर्गत वर्ष 2023-24 से लेकर प्रश्न दिनांक तक प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना अंतर्गत निर्मित, पांच वर्षीय गारंटी अवधि में कुल 26 सड़कों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''2'' अनुसार है। मार्गों पर आवश्यकता अनुसार सामान्य संधारण अनुबंधानुसार सड़कों की पूरी लम्बाई में गारंटी अवधि के प्रत्येक वर्ष में कराये गए। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''3'' अनुसार है। पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''2'' के सरल क्रमांक 08 से 26 तक की कुल 19 सड़कें वर्तमान में पांच वर्षीय गारंटी अवधि में है उक्त समस्त सड़कों पर सामान्य संधारण अनुबंधानुसार कराया जा रहा है।
कन्या एवं विधि महाविद्यालय प्रारंभ किया जाना
[उच्च शिक्षा]
49. ( क्र. 276 ) डॉ. राजेन्द्र पाण्डेय : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या जावरा विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत जावरा नगर में कन्या एवं विधि महाविद्यालय प्रारंभ किए जाने की विगत कई वर्षों से निरंतर मांग की जा रही है? (ख) यदि हाँ, तो क्या प्रश्नकर्ता द्वारा माननीय मुख्यमंत्री जी, माननीय मंत्री जी एवं विभागीय माननीय प्रमुख सचिव महोदय को पत्रों के माध्यम से एवं सदन में प्रश्नों के माध्यम से भी उक्त दोनों महाविद्यालय को प्रारंभ किए जाने हेतु निवेदन किया है? (ग) यदि हाँ, तो शासन/विभाग द्वारा क्षेत्रीय अत्यंत आवश्यक शैक्षणिक कार्यों की कठिनाइयों के निराकरण हेतु किस प्रकार की कार्य योजना बनाई जाकर कब तक स्वीकृति दी जा सकेगी? (घ) रतलाम जिला अंतर्गत जिला मुख्यालय पर एक विधि महाविद्यालय एवं एक कन्या महाविद्यालय ही संचालित है रतलाम जिला काफी बड़ा होकर जावरा नगर जिले का मध्य केंद्र होने को दृष्टिगत रखते हुए क्या कन्या एवं विधि महाविद्यालय जावरा नगर में स्वीकृत किए जाने पर शासन विचार करेगा यदि हाँ, तो कब तक स्वीकृति दी जायेगी।
उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री इन्दर सिंह परमार ) : (क) एवं (ख) जी हाँ। (ग) जावरा में कन्या महाविद्यालय प्रारंभ करने हेतु विभागीय मापदण्डों की पूर्ति नहीं हो रही है। BCI द्वारा दिनांक 13.08.2025 को जारी मोरेटोरियम में नवीन विधि महाविद्यालय 03 वर्ष तक प्रारंभ करने को स्थगित रखा गया है। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता। (घ) उत्तरांश ''ग'' के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
टीकमगढ़ जिले में व्याप्त भ्रष्टाचार की जांच
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
50. ( क्र. 288 ) श्री यादवेन्द्र सिंह : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रश्नकर्ता द्वारा सत्र दिसम्बर 2025 तारांकित प्रश्न क्र. 7 दिनांक 01.12.2025 पूछा गया था। यदि हाँ, तो क्या प्रश्न के उत्तर में जो जांच दल गठन किया गया उसमें श्री देवानंद शुक्ला कार्यपालन यंत्री ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग टीकमगढ़ शामिल रहे और आगे की जांचों में भी शामिल हैं? (ख) क्या देवानंद शुक्ला जनपद जतारा में सहायक यंत्री रहे हैं और जिन जांचों में शुक्ला जी को शामिल किया गया है उसमें अनियमिततायें शुक्ला जी द्वारा ही की गई, मनरेगा के केन्द्रीय जांच दल ने शुक्ला जी के सहायक यंत्री जतारा प्रभार के समय क्या-क्या अनियमितताएं पाई और उन पर कितनी गबनित राशि जमा करने का दायित्व है? (ग) क्या प्रश्नांश (क) में वर्णित प्रश्न की जांच जिला पंचायत कार्यालय में बैठकर बनाई गई यदि नहीं, तो खण्ड पंचायत अधिकारी का जांच प्रतिवेदन 20.04.2021 जिसमें ग्राम पंचायत के कार्यों का निरीक्षण सहायक यंत्री जनपद जतारा एवं तत्कालीन सरपंच श्रीमती सुकन बाई के कथनों पर आधारित नहीं है। क्या बनावटी जांच प्रतिवेदन के स्थान पर कब तक कराई जावेगी? (घ) प्रश्नांश (क) में वर्णित प्रश्न के उत्तरांश (ख) में जिला पंचायत टीकमगढ़ के पत्र क्र.-5311 दिनांक 20.11.2025 पर क्या कार्यवाही की गई व उत्तरांश (घ) में परिशिष्ट- अ में सरल क्र.-3 पर वर्णित शिकायत पर क्या कार्यवाही की गई विस्तृत विवरण दें?
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) जी हाँ। जिला स्तर से जांच दल का गठन किया गया था जिसमें श्री देवानंद शुक्ला कार्यपालन यंत्री ग्रामीण यांत्रिकी सेवा सम्मिलित थे एवं तत्समय शेष रही शिकायत के जांच दल में भी शामिल थे। प्रश्नाधीन शिकायत में से 07 कार्य श्री शुक्ला (तत्समय सहायक यंत्री) के कार्यकाल के थे। जानकारी संज्ञान में आने पर पुन: जांच हेतु नवीन जांच दल का गठन कार्यालय जिला पंचायत टीकमगढ़ के आदेश क्रमांक 496 दिनांक 04/02/2026 के माध्यम से किया गया है। (ख) यह सही है कि श्री देवानंद शुक्ला जनपद पंचायत जतारा में सहायक यंत्री रहे है। यह भी सही है कि वर्ष 2021- 22 में मनरेगा के केन्द्रीय जांच दल के जांच प्रतिवेदन एवं म.प्र. राज्य रोजगार गारंटी परिषद् भोपाल के पत्र क्रमांक 162 दिनांक 06/04/2022 के बिन्दु क्रमांक– ए-4, ए-6, ए-9 के अनुसार श्री देवानंद शुक्ला को प्रथम दृष्टया अनियमितता में शामिल मानते हुऐ अनुशासनात्मक कार्यवाही का प्रस्ताव संभाग आयुक्त कार्यालय सागर भेजा गया था। प्रेषित प्रस्ताव पर संभाग आयुक्त कार्यालय द्वारा आदेश क्रमांक 1240 दिनांक 13/05/2025 में उनका प्रस्तुत पक्ष समाधान कारक पाते हुऐ प्रकरण समाप्त किया गया है। इस प्रकार उन पर कोई गबन अधिरोपित नहीं है। परन्तु यह संज्ञान में आने पर कि प्रश्नकर्ता के दिसम्बर 2025 के तारांकित प्रश्न क्रमांक 07 के अनुक्रम में गठित जांच दल के कार्यक्षेत्र में श्री शुक्ला के समय के 07 कार्य भी आ रहें है, नवीन जांच दल दिनांक 04/02/2026 को गठित कर दिया गया है। (ग) इस संबंध में खण्ड पंचायत अधिकारी जनपद पंचायत जतारा द्वारा प्रश्नाश में उल्लेखित जांच प्रतिवेदन त्रुटि संगत एवं विसंगति पूर्ण होने के कारण संबंधित से स्पष्टीकरण चाहा गया है तथा उक्त शिकायत की पुन: जांच हेतु नवीन दल का गठन किया गया है। (घ) प्रश्नांश (क) में वर्णित प्रश्न के उत्तरांश (ख) में वर्णित नोटिस जारी कर उत्तर चाहा गया है, कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। उत्तरांश (घ) के संबंध में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत ने दिनांक 20/11/2025 में जांच दल गठित किया था परन्तु उसमें तत्कालीन सहायक यंत्री श्री देवानंद शुक्ला के समय के कार्यों के संज्ञान में आने पर पुन: नवीन जांच दल का गठन दिनांक 04/02/2026 में किया गया है।
थोक उपभोक्ता भंडार में व्याप्त अनियमितता
[सहकारिता]
51. ( क्र. 289 ) श्री यादवेन्द्र सिंह : क्या सहकारिता मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या टीकमगढ़ जिले में थोक उपभोक्ता भंडार क्रियाशील है यदि हाँ, तो वर्तमान में उसके द्वारा क्या-क्या कार्य किये जा रहे हैं? कार्यों के नाम कर्मचारी/अधिकारियों के नाम व पते एवं गठन से लेकर अब तक का रिकॉर्ड अभिलेख किसके पास है विवरण दें। (ख) क्या प्रश्नांश (क) में वर्णित भंडार में दासू अध्यक्ष एवं राकेश गिरी कर्मचारी के रूप में रहे हैं यदि हाँ, तो कब से कब तक विवरण दें। (ग) क्या प्रश्नांश (क) में वर्णित भंडार में करोड़ों रूपयों का घपला कर रिकॉर्ड में आग लगा दी गई है यदि नहीं, तो गठन से लेकर अभी तक का रिकॉर्ड क्यों किसी के व्यक्तिगत पजेशन में है? कार्यालय में रिकॉर्ड क्यों नहीं है रिकॉर्ड न देने वाले अधिकारी/पदाधिकारी की एफ.आई.आर. क्यों नहीं की गई? (घ) प्रश्नांश (क) में वर्णित भंडार का आय-व्यय पत्रक, अंकेक्षण पत्रक गठन दिनांक से अभी तक उपलब्ध करावें।
सहकारिता मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) जी हाँ, सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत 07 उचित मूल्य की दुकानें संचालित है। संस्था के गठन वर्ष 2002 से वर्ष 2016 तक का रिकार्ड तत्कालीन अध्यक्ष श्री दासू ढ़ीमर के पास होने से उक्त कार्यकाल में कौन-कौन अधिकारी-कर्मचारी पदस्थ थे, की जानकारी नहीं है। वर्ष 2017 से संस्था का अभिलेख संस्था कार्यालय में संधारित है। वर्तमान में संस्था में पदस्थ अधिकारियों/कर्मचारियों की सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र -01 अनुसार है। (ख) प्रश्नांश (क) में वर्णित संस्था के पूर्व अध्यक्ष श्री दासू ढ़ीमर के कार्यकाल के रिकार्ड संस्था में नहीं होने से श्री दासू ढ़ीमर एवं श्री राकेश गिरी के संबंध में वस्तुस्थिति की जानकारी दिया जाना संभव नहीं है। श्री दासू ढ़ीमर से रिकॉर्ड प्राप्ति हेतु वैधानिक एवं पुलिस कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। (ग) संस्था के गठन वर्ष 2002 से वर्ष 2016 तक का रिकॉर्ड श्री दासू ढ़ीमर तत्कालीन अध्यक्ष के आधिपत्य में है एवं वर्ष 2017 से वर्तमान तक का रिकॉर्ड संस्था कार्यालय में उपलब्ध है। संस्था के पूर्व अध्यक्ष श्री दासू ढ़ीमर के द्वारा रिकॉर्ड प्रभार में नहीं देने के कारण म.प्र. सहकारी सोसाइटी अधिनियम, 1960 की धारा 57 के तहत रिकॉर्ड जप्ती हेतु उप पंजीयक सहकारी संस्थाएं जिला टीकमगढ़ द्वारा आदेश जारी किया गया है तथा नगर निरीक्षक, जिला कोतवाली टीकमगढ़ को श्री दासू ढ़ीमर के द्वारा संस्था का रिकॉर्ड न देने के कारण प्राथमिकी दर्ज करने हेतु पत्र लिखा गया है। (घ) वर्ष 2002-03 से वर्ष 2010-11 के आय-व्यय पत्रक एवं अंकेक्षित पत्रक उप आयुक्त कार्यालय एवं संस्था कार्यालय में उपलब्ध नहीं है। वर्ष 2011-12 से वर्ष 2024-25 तक आय-व्यय पत्रक एवं अंकेक्षित पत्र पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-02 अनुसार है।
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना अंतर्गत निर्माण कार्य
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
52. ( क्र. 298 ) श्री हरदीप सिंह डंग : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सुवासरा विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के समस्त चरणो में योजना प्रारम्भ से प्रश्न दिनांक तक कितनी सड़कों का निर्माण किया गया है सड़क का नाम, ठेकेदार का नाम, वर्ष, चरण (फेस) सहित जानकारी देवें एवं सड़कों की वर्तमान स्थिति से अवगत कराएं? (ख) प्रश्नांश (क) वर्णित सड़कों के निर्माण के समय सड़कों के दोनों ओर पानी निकासी हेतु नाली एवं सी.सी. रोड़ का किन-किन गांवों में निर्माण किया गया है गांव के नाम सहित जानकारी देवें? (ग) प्रश्नांश (क) वर्णित सड़कों के निर्माण के पश्चात प्रश्न दिनांक तक किन-किन मार्गों के साईडो में नाली एवं सी.सी. रोड का निर्माण विभाग द्वारा किया गया है जानकारी देवें? (घ) जिन गांवों में नाली, सी.सी. रोड का निर्माण नहीं हुआ है उन गांवों में कब तक इनका निर्माण करने की विभाग द्वारा योजना बनाई गई है जानकारी देवें?
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) सुवासरा विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत निर्मित प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत समस्त चरणों में 97 सड़कों का निर्माण किया गया। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''1'' अनुसार है। सभी सड़कें संधारण अवधि में है। (ख) उत्तरांश ''क'' अनुसार निर्मित सड़कों में आवश्यकता अनुसार 87 मार्गों में पानी निकासी हेतु नाली एवं सीसी का निर्माण किया गया। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''2'' अनुसार है। (ग) प्रश्नांश (क) में वर्णित सड़कों के निर्माण के पश्चात संधारण अवधि में आवश्यकतानुसार संधारण प्राक्कलन के अंतर्गत प्रावधानित मद के तहत 20 मार्गों में बढ़ी हुई बसाहट/आबादी क्षेत्र में नाली एवं सीसी रोड निर्माण किया गया है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''3'' अनुसार है। (घ) आगामी पाँच वर्ष हेतु संधारण अवधि में आवश्यकतानुसार संधारण प्राक्कलन के अंतर्गत प्रावधानित मद में बढ़ी हुई बसाहट/आबादी क्षेत्र में नाली एवं सीसी रोड निर्माण किया जाता है।
किसानों को लंबित भुगतान का प्रदाय
[सहकारिता]
53. ( क्र. 299 ) श्री अभय मिश्रा : क्या सहकारिता मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रश्न क्रमांक-433 उत्तर दिनांक 01.12.2025 के उत्तर बिन्दु (ग) में कार्यालय कलेक्टर रीवा के पत्र क्रमांक-996/खाद्य/भू.पा./2025 रीवा दिनांक 28.01.2025 द्वारा खरीदी केन्द्र बीड़ा क्रमांक-02 बीरखाम खरीदी प्रभारी एवं सर्वेयर के विरूद्ध एफ.आई.आर. दर्ज करने के निर्देश पर दिनांक 28.01.2025 को अपराध क्रमांक-0060/2025 दर्ज कराई गई एवं समिति प्रबंधक सहित दोषियों के विरूद्ध कार्यवाही हेतु कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया एवं कलेक्टर के पत्र क्रमांक-1111/खाद्य/भू.पा./2025 रीवा दिनांक 04.03.2025 के माध्यम से सेवा सहकारी समिति बीड़ा के समिति प्रबंधक एवं कम्प्यूटर ऑपरेटर के विरूद्ध एफ.आई.आर. दर्ज कराने के निर्देश दिये गये जिस पर माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर द्वारा सी.ओ.ई.आर.सी.आई.व्ही.ई एक्शन न लेने के आदेश पर दिनांक 26.11.2025 को नियत सुनवाई की तिथि पर क्या विभाग द्वारा पक्ष समर्थन प्रस्तुत किया गया? माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर द्वारा क्या निर्देश दिये गये बतावें? पक्ष समर्थन प्रस्तुत नहीं किया गया तो इसके जिम्मेदार कौन-कौन है? उनके पदनाम सहित इन पर कार्यवाही के क्या निर्देश देंगे बतावें अगर नहीं तो क्यों? (ख) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित प्रश्नांश (ड.) अनुसार कार्यालय कलेक्टर (खाद्य) जिला रीवा से प्राप्त जानकारी अनुसार किसानों के भुगतान हेतु कार्यवाही प्रचलित है दी गई जानकारी अनुसार किसानों के भुगतान की स्थिति क्या है इस संबंध में की गई कार्यवाही की प्रति देते हुये बतावें? इनके भुगतान कब तक किया जाएगा एवं प्रश्नांश (क) अनुसार जिम्मेदारों पर लंबित अपराध पंजीबद्ध कराने बावत क्या निर्देश देंगे जानकारी दें। अगर नहीं तो क्यों?
सहकारिता मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) जी हाँ। माननीय उच्च न्यायालय के पोर्टल से प्राप्त जानकारी अनुसार प्रकरण में दिनांक 13.03.2025 के पश्चात प्रकरण सुनवाई हेतु लिस्ट नहीं हुआ है, इसलिये शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता है। (ख) किसानों का भुगतान लंबित है। कलेक्टर खाद्य जिला रीवा के पत्र क्र./उपा./2024-25/1076 रीवा दिनांक 20.02.2025 के द्वारा प्रबंध संचालक म.प्र. स्टेट सिविल सप्लाईज कार्पोरेशन भोपाल को किसानों को भुगतान हेतु राशि रू. 1,16,77,560/- की प्रति पूर्ति मूल्य स्थिरीकरण कोष/राज्य शासन के कोष से स्वीकृत कराने का प्रस्ताव प्रेषित किया गया है। इसके साथ ही समिति प्रबंधक के विरूद्ध तहसीलदार सेमरिया द्वारा दिनांक 12.06.2025 को आर.आर.सी. जारी कर वसूली की कार्यवाही की जा रही है। पत्र की प्रति संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता।
सहकारिता विभाग में स्थानांतरण नीति
[सहकारिता]
54. ( क्र. 300 ) श्री अभय मिश्रा : क्या सहकारिता मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रश्न क्रमांक 439, उत्तर दिनांक 01.12.2025 के उत्तरांश (क) 'जी हाँ' जाँच कार्यवाही प्रक्रियाधीन एवं पूर्ण स्पष्टीकरण प्रतीक्षित होने से वर्तमान में जानकारी दिया जाना संभव नहीं है, दी गई जानकारी अनुसार जाँच प्रक्रिया पूरी कर ली गई हो तो कार्यवाही का विवरण देवें। अगर जांच की कार्यवाही पूरी नहीं की गई तो इसके लिये कौन-कौन अधिकारी/कर्मचारी जिम्मेदार है? उनके पदनाम का विवरण देते हुये उन पर कर्तव्य के निर्वहन न करने के दोषी मानकर क्या कार्यवाही प्रस्तावित करेंगे? अगर नहीं तो क्यों? (ख) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित प्रश्नांश (ख) में 'जी हाँ' राज्य शासन की स्थानांतरण नीति म.प्र. राज्य सहकारी बैंक के अधिकारियों के स्थानांतरण पर लागू नहीं है का उत्तर दिया गया तो इन अधिकारियों के स्थानांतरण बाबत् तैयार की गई नीति की प्रति देते हुये बतावें कि गृह जिले में स्थानांतरण व पदोन्नत कर पदस्थ किये जाने बाबत् शासन के क्या निर्देश हैं? श्री ज्ञानेन्द्र पाण्डेय जो चार वर्ष से अधिक अवधि से रीवा (गृह जिले) में पदस्थ होकर कार्य कर रहे हैं, जिनके स्थानांतरण बाबत् क्या निर्देश देंगे? अगर नहीं तो क्यों? (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के अनुक्रम में मुख्य सचिव कार्यालय के पत्र क्रमांक-16367 एवं 16369 दिनांक 12.11.2025 द्वारा सामान्य प्रशासन विभाग (कार्मिक) को एवं पत्र क्रमांक-16267 दिनांक 10.11.2025 द्वारा प्रमुख सचिव सहकारिता विभाग, अपर मुख्य सचिव सहकारिता को क्रमांक-8269 दिनांक 09.06.2025 द्वारा कार्यवाही का लेख किया गया पत्रों पर की गई, कार्यवाही की जानकारी प्रति दें एवं बतावें कि कार्यवाही नहीं की गई तो क्यों? क्या कार्यवाही बाबत् निर्देश देंगे? अगर नहीं तो क्यों? (घ) प्रश्नांश (क), (ख) एवं (ग) में उल्लेखित आधारों पर कार्यवाही के साथ श्री पाण्डेय को अन्यत्र पदस्थ कर जाँच कराने बाबत् निर्देश देंगे? अगर नहीं तो क्यों?
सहकारिता मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) जी हाँ। जांच पूर्ण होकर जांच प्रतिवेदन दिनांक 03-02-2026 को प्राप्त हुआ है, जो परीक्षणाधीन है। शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ख) मध्यप्रदेश राज्य सहकारी बैंक मर्यादित भोपाल के सेवायुक्त के (सेवायुक्तों के नियोजन, निबंधन तथा कार्य स्थिति) सेवा नियम के तहत लागू ''मानव संसाधन नीति'' की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-01 अनुसार है, जहां तक ग़ृह जिले में स्थानांतरण व पदोन्नति कर पदस्थ किये जाने बाबत् शासन के निर्देशों का प्रश्न है, तो इस संबंध में राज्य शासन की स्थानांतरण नीति बैंक सेवायुक्त पर लागू नहीं होती है। जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित रीवा में श्री ज्ञानेंद्र पाण्डेय की मुख्य कार्यपालन अधिकारी के पद पर पदस्थापना प्रशासनिक कार्यव्यवस्था के दृष्टिकोण से की गई है, शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) प्रश्नांश में उल्लेखित पत्र क्रमांक 16267 दिनांक 10-11-2025 एवं पत्र क्रमांक 8269, दिनांक 09-06-2025 कार्यवाही हेतु संबंधित जांच अधिकारी को प्रेषित की जाकर शिकायती बिंदुओं पर तथ्यात्मक प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिये गये हैं। पत्रों की प्रतियां पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-02 एवं 03 अनुसार है तथा इन पर कार्यवाही का विवरण उत्तरांश ''क'' अनुसार है। मुख्य सचिव कार्यालय के पत्र क्रमांक 16367 एवं 16369 दिनांक 12-11-2025 पर कार्यवाही प्रचलन में हैं। (घ) उत्तरांश (क), (ख) एवं (ग) अनुसार है।
मुख्यमंत्री मजरा-टोला सड़क योजना का क्रियान्वयन
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
55. ( क्र. 303 ) श्री हरदीप सिंह डंग : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या शासन द्वारा मुख्यमंत्री मजरा-टोला सड़क योजनान्तर्गत सड़कों का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है? यदि हाँ, तो कब तक प्रारम्भ की जावेगी जानकारी देवें। (ख) उपरोक्त योजनान्तर्गत किन-किन मजरे/टोलों को सम्मिलित किए जाने हेतु शासन द्वारा विभाग को निर्देशित किया गया है? जानकारी देवें। (ग) सुवासरा विधानसभा क्षेत्र में पंचायतों के अंतर्गत किन-किन मजरे/टोलों/ग्रामों को सम्मिलित किया गया है? पंचायत एवं ग्राम के नाम सहित जानकारी उपलब्ध कराएं। (घ) सुवासरा विधानसभा क्षेत्र में इनके अतिरिक्त वंचित मजरे/टोलों/ग्रामों की सूची एवं सम्मिलित नहीं करने का कारण की जानकारी देवें।
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) जी हाँ। मुख्यमंत्री मजरा-टोला सड़क योजना के संबंध में जारी दिशा-निर्देशों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''1'' अनुसार है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ख) योजना के मापदण्डानुसार चिन्हांकित बसाहटों में से संपर्कता विहीन बसाहटों को संपर्कता प्रदान करना, जो बारहमासी संपर्कता प्रदाए मार्गों से 50 मीटर या उससे अधिक मीटर की दूरी पर स्थित हो, जिसमें 01 अप्रैल 2025 की स्थिति में कम से कम 100 जनसंख्या हो। (ग) वर्तमान में मुख्यमंत्री मजरा-टोला सड़क योजना अंतर्गत विधानसभा सुवासरा अंतर्गत चिन्हांकित 42 संपर्कता विहीन बसाहटों की प्राथमिकता सूची का अनुमोदन जिला पंचायत की साधारण सभा में किया गया है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''2'' अनुसार है। (घ) मुख्यमंत्री मजरा-टोला सड़क योजना अंतर्गत सुवासरा विधानसभा क्षेत्र में योजना के मापदण्डानुसार चिन्हित 95 बसाहटों के सर्वे उपरांत 42 बसाहटें संपर्कता विहीन (अनकनेक्टेड) एवं 53 बसाहटें संपर्कता युक्त (कनेक्टेड) पाई गई। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''3'' अनुसार है।
आउटसोर्स कर्मचारियों को सुविधाएं
[श्रम]
56. ( क्र. 306 ) श्री दिलीप सिंह परिहार : क्या श्रम मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्न दिनांक तक नीमच और मंदसौर जिले में विभिन्न विभागों तथा मध्यप्रदेश विद्युत वितरण कंपनी में पंजीकृत आउटसोर्स कर्मचारियों की कंपनीवार और संख्यावार सूची उपलब्ध कराएं। (ख) 1 जनवरी 2018 के बाद, प्रश्नांश (क) में संदर्भित किन-किन विभागों में, किन-किन आउटसोर्स कर्मचारियों द्वारा ठेका कंपनियों के खिलाफ किस प्रकार की शिकायतें दर्ज की गईं? इनमें से कितनी शिकायतें वेतन, बोनस, समान कार्य-समान वेतन, कार्यस्थल पर भेदभाव, सुरक्षा, भविष्य निधि (पी.एफ.), सामाजिक सुरक्षा, नौकरी से गलत तरीके से निकालना और कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न या अन्य से संबंधित थीं? इन शिकायतों पर विभाग द्वारा ठेकेदार के खिलाफ क्या कार्यवाही की गई? (ग) प्रश्नांश (क) और (ख) के संदर्भ में कार्यस्थल पर श्रमिक की मृत्यु होने पर ठेकेदार द्वारा कितनी राशि देने का प्रावधान है? क्या ठेकेदार द्वारा प्रत्येक कर्मचारी का बीमा कराना अनिवार्य है? यदि हाँ, तो जिले के समस्त विभागों में कार्यरत निजी श्रमिकों में से कितनों का जीवन बीमा वर्तमान में संचालित है? सूची उपलब्ध कराएं। (घ) उज्जैन संभाग में राष्ट्रीय श्रम सहायता पोर्टल पर उक्त अवधि में दर्ज शिकायतों और विभाग द्वारा निराकृत शिकायतों की संख्यात्मक जानकारी दें।
श्रम मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) नीमच जिले में विभिन्न विभागों तथा म.प्र. वि.वि. कंपनी में पंजीकृत आउटसोर्स कर्मचारियों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 की तालिका-अ अनुसार है तथा मंदसौर जिले की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 की तालिका-ब अनुसार है। (ख) प्राप्त शिकायतों तथा की गयी कार्यवाही संबंधी वांछित नीमच जिले की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 की तालिका-अ अनुसार है एवं मंदसौर जिले की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 की तालिका-ब अनुसार है। (ग) कार्य स्थल पर श्रमिक की मृत्यु पर कर्मकार प्रतिकर अधिनियम, 1923 (वर्तमान में सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 के अंतर्गत) क्षतिपूर्ति राशि का प्रावधान है। ऐसे संस्थान जो 10 या 10 से अधिक कर्मचारी नियाजित करते हैं, उन्हें कर्मचारी राज्य बीमा अधिनियम, 1948 के तहत पंजीयन प्राप्त करना अनिवार्य है। उक्त पंजीयन प्राप्त कर्मचारी अधिनियम अंतर्गत बीमित होते हैं। मंदसौर जिले में ESI अथवा वैधानिक बीमा से आच्छादित श्रमिकों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है तथा नीमच जिले की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-4 अनुसार है। (घ) राष्ट्रीय श्रम सहायता पोर्टल नाम से कोई पोर्टल उपलब्ध नहीं है। अत: प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
नीमच आई.टी.आई. में स्वीकृत पदों की जानकारी
[तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार (केवल कौशल विकास एवं रोजगार ) ]
57. ( क्र. 308 ) श्री दिलीप सिंह परिहार : क्या राज्य मंत्री, कौशल विकास एवं रोजगार महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) आई.टी.आई. नीमच में प्रश्न दिनांक तक विभिन्न प्रकार के कुल कितने पद स्वीकृत हैं? इन पदों के विरुद्ध कुल कितने कर्मचारी/अधिकारी कार्यरत हैं तथा कितने पद कब से रिक्त हैं? जानकारी दें। (ख) प्रश्नांश (क) संदर्भित 1 जनवरी 2020 के पश्चात उक्त आई.टी.आई. के विरुद्ध किस-किस व्यक्ति द्वारा किस-किस प्रकार की शिकायतें कब-कब की गईं? इनमें कितनी शिकायतें आर्थिक अनियमितता की थीं? सूची उपलब्ध कराएं। (ग) 1 जनवरी 2020 के पश्चात आई.टी.आई. नीमच द्वारा कौन-कौन सी सामग्री किस-किस नियम का पालन करते हुए खरीदी गई? खरीदी के बिल वाउचर, विभिन्न स्वीकृत टेंडरों की राशि, विभिन्न टेंडरों में भाग लेने वाली फर्मों का नाम, आई.टी.आई. की कैश-बुक की छायाप्रति सहित समस्त जानकारी उपलब्ध कराएं। (घ) उक्त आई.टी.आई. महाविद्यालय में कब-कब, कितनी-कितनी राशि शासन के किस मद से किस कार्य हेतु प्राप्त हुई? उनका उपयोग कब-कब किया गया? कितना कार्य पूर्ण हो गया है तथा कितना शेष है? आई.टी.आई. के विभिन्न फंडों में वर्तमान में कुल कितनी राशि उपलब्ध है? सक्षम अधिकारी द्वारा विभिन्न कैश-बुकों का ऑडिट कब-कब किया गया है? (ड.) क्या नीमच आई.टी.आई. से उत्तीर्ण विद्यार्थियों को नीमच जिले की औद्योगिक इकाइयों में रोजगार प्रदान करने की कोई प्राथमिकता विभाग की ओर से है? यदि नहीं, तो क्या कोई कार्ययोजना प्रचलन में है?
राज्य मंत्री, कौशल विकास एवं रोजगार ( श्री गौतम टेटवाल ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ग) प्रश्नावधि से संबंधित आई.टी.आई., नीमच की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है। (घ) आई.टी.आई., नीमच में वर्षवार शासन से प्राप्त राशि, मदवार व्यय राशि, मदवार समर्पण राशि एवं मदवार शेष राशि की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-4 अनुसार है। मदवार प्राप्त राशि का व्यय संबंधित वित्तीय वर्ष में किया गया है। आई.टी.आई., नीमच के विभिन्न फण्डों में वर्तमान में उपलब्ध राशि की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-5 अनुसार है। कैशबुक का ऑडिट महालेखाकार, ग्वालियर द्वारा वित्तीय वर्ष 2017-18 तक किया गया है तथा पी.पी.पी. योजना अंतर्गत संधारित कैश-बुक का ऑडिट प्रति वर्ष सी.ए. द्वारा किया गया है। (ड.) जी नहीं, आई.टी.आई., नीमच के विभिन्न व्यवसायों से उत्तीर्ण प्रशिक्षणार्थियों के नियोजन एवं प्रशिक्षु प्रशिक्षण हेतु जिला स्तरीय रोजगार मेला/कैम्पस ड्राइव का आयोजन किया जाता है, जिसमें स्थानीय औद्योगिक इकाई भी अपने प्रतिष्ठान अनुरूप प्रशिक्षणार्थियों को नियोजन कर रोजगार प्रदान करते हैं।
किसानों हेतु खाद बीज वितरण की व्यवस्था
[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]
58. ( क्र. 314 ) श्री नितेन्द्र बृजेन्द्र सिंह राठौर : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र 45 पृथ्वीपुर में शासन की योजना अन्तर्गत कितने किसानों को कितना खाद बीज उपलब्ध कराया गया है? प्रत्येक वर्ष खाद बीज की कमी क्यों आती है, जिस कारण किसानों को कई दिनों तक लाइन में खडे रहना पड़ता है एवं मंहगे दामों पर खाद बीज खरीदना पड़ता है। (ख) शासन द्वारा खाद बीज की कालाबाजारी की रोकथाम हेतु क्या कार्यवाही की गई?
किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) वर्ष 2025 खरीफ एवं रबी 2025-26 में विभिन्न फसलों का 2147.73 क्विंटल बीज, कुल 10164 किसानों को योजनाओं के तहत वितरण कराया गया है। शासकीय एवं निजी उर्वरक विक्रेताओं द्वारा 15050 किसानों को यूरिया, डी.ए.पी., एन.पी.के., एस.एस.पी. एवं पोटाश की कुल मात्रा 8832.39 मे.टन विक्रय किया गया। पृथ्वीपुर विधानसभा के किसानों को निरंतर आपूर्ति की गई है तथा कई दिनों तक लाइन में खड़े रहने की समस्या निर्मित नहीं हुई है। मंहगे दामों पर उर्वरक एवं बीज क्रय करने संबंधी शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। (ख) उर्वरक विक्रेताओं के संस्थानों पर राजस्व एवं कृषि विभाग के अधिकारियों की संयुक्त टीम के रूप में ड्यूटी लगाई गई तथा उनकी निगरानी में सफलतापूर्वक उर्वरक वितरण कराया गया। अवैध भण्डारण/परिवहन/विक्रय पाये जाने पर 10 व्यक्तियों के विरुद्ध एफ.आई.आर. दर्ज कराई गई है तथा 03 उर्वरक विक्रेताओं के विक्रय लायसेंस निरस्त किये गये हैं।
ग्रामों में ओपन जिम की स्थापना
[खेल एवं युवा कल्याण]
59. ( क्र. 319 ) श्री चन्द्रशेखर देशमुख : क्या खेल एवं युवा कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बैतूल जिले में मुलताई विधानसभा अंतर्गत वर्ष 2023-24, 2024-25 एवं 2025-26 में किन-किन ग्रामों में ओपन जिम लगाई गई है? (ख) क्या ओपन जिम लगाए जाने हेतु क्षेत्रीय विधायक की अनुशंसा का प्रावधान है अथवा नहीं? यदि है तो, क्या खेल एवं युवा कल्याण विभाग बैतूल द्वारा ग्राम आष्टा, सावंगी और प्रभात पट्टन में ओपन जिम लगाने हेतु क्षेत्रीय विधायक की अनुशंसा ली गई थी? यदि अनुशंसा नहीं ली गई तो ग्रामों का चयन किसकी अनुशंसा से किया गया? (ग) वर्ष 2025-26 में विधानसभा क्षेत्र के किन-किन ग्रामों में ओपन जिम लगाए जाना प्रस्तावित है? जानकारी देवें। (घ) एक वित्तीय वर्ष में, एक विधानसभा में कितने ग्रामों में ओपन जिम लगाए जा सकते हैं? प्रश्नकर्ता के विधानसभा क्षेत्र में वर्ष 2023 से 2025 तक कितने ओपन जिम लगाए गए हैं?
खेल एवं युवा कल्याण मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) बैतूल जिले के मुलताई विधानसभा अंतर्गत वर्ष 2023-24, 2024-25 एवं 2025-26 में लगाई गई ओपन जिम की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) ओपन जिम की स्थापना जिले के प्रस्ताव अथवा मान. सांसद, क्षेत्रीय विधायक, कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, जिला खेल और युवा कल्याण अधिकारी एवं अन्य जनप्रतिनिधियों की मांग पर की जाती है। जिला खेल और युवा कल्याण अधिकारी द्वारा स्थल का निरीक्षण एवं आवश्यकता का आकलन करने व बजट की उपलब्धता अनुसार ही ओपन जिम प्रदाय एवं स्थापित किये जाने पर निर्णय लिया जाता है। ग्राम आष्टा, सावंगी और प्रभातपट्टन में प्रदाय एवं स्थापित ओपन जिम की अनुशंसाकर्ता/प्रस्तावकर्ता की जानकारी संलग्न परिशिष्ट में समाहित है। (ग) वर्ष 2025-26 में ग्राम पंचायत हिवरखेड़ में ओपन जिम स्थापित किये जाने के संबंध में माननीय सदस्य से प्रस्ताव प्राप्त हुआ है। स्थल का निरीक्षण एवं आवश्यकता का आकलन करने व बजट की उपलब्धता के आधार पर उक्त स्थान पर ओपन जिम स्थापित किये जाने के संबंध में निर्णय लिया जा सकेगा। (घ) एक वित्तीय वर्ष में, एक विधानसभा में ओपन जिम लगाने की संख्या निर्धारित नहीं की गई है। मान. सांसद, कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक एवं अन्य जनप्रतिनिधियों की मांग प्राप्त होने पर उत्तरांश (ख) अनुसार कार्यवाही संपादित की जावेगी। मुलताई विधानसभा क्षेत्र में वर्ष 2023 से 2025 तक लगाये गये ओपन जिम की जानकारी संलग्न परिशिष्ट में समाहित है।
कृषि कल्याण योजनाओं में DBT व्यवस्था में परिवर्तन
[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]
60. ( क्र. 320 ) श्री चन्द्रशेखर देशमुख : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या शासन द्वारा वर्ष 2015 से कृषि विभाग की योजनाओं में किसानों को अनुदान राशि Direct Benefit Transfer (DBT) के माध्यम से दी जा रही थी, जिससे वे अपनी आवश्यकता अनुसार कृषि प्रदाय सामग्री स्वयं क्रय कर रहे थे? यदि हाँ, तो शासनादेश क्रमांक NFSNM/कार्यक्रम/1/2025-26/507 दिनांक 10.06.2025 द्वारा cash DBT के स्थान पर kind DBT लागू करने का क्या औचित्य है, जबकि इससे किसानों की स्वतंत्रता सीमित हो रही है? (ख) क्या विभाग द्वारा उपरोक्त आदेश के पश्चात कृषि प्रदाय सामग्री को एम.पी. एग्रो के माध्यम से कुछ चयनित निजी निर्माता/कंपनियों से अनुबंध कर किसानों को उपलब्ध कराया जा रहा है? यदि हाँ, तो इसके कारण स्पष्ट किए जाएं। (ग) प्रश्न दिनांक तक एम.पी. एग्रो द्वारा कितनी निजी कंपनियों के साथ अनुबंध किए गए हैं? प्रत्येक कंपनी को कितने क्रय आदेश (Purchase Orders) जारी किए गए हैं तथा किन-किन कंपनियों को क्रय आदेश नहीं दिए गए हैं, इसके कारण क्या हैं? (घ) क्या इस नवीन व्यवस्था से किसानों को अपनी पसंद के अनुसार कृषि प्रदाय सामग्री क्रय करने की स्वतंत्रता से वंचित किया गया है तथा कुछ विशिष्ट निजी कंपनियों को आर्थिक लाभ पहुँचाने की स्थिति निर्मित हुई है? यदि नहीं, तो शासन का पक्ष की जानकारी दें।
किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) जी हाँ। कृषकों को अरहर, कोदो, कुटकी तथा रागी तथा खरीफ मौसम उपरान्त पड़ती भूमि में चना एवं मसूर एवं ग्रीष्म कालीन उड़द फसलों की उन्नत किस्मों के बीज, धान में जिंक सूक्ष्म पोषक तत्व के उपयोग को प्रोत्साहित किये जाने तथा सरलता से उक्त आदानों को उपलब्ध कराने के उद्देश्य से उक्त घटकों में kind DBT लागू किया गया जबकि अन्य समस्त आदानों पर पूर्ववत DBT व्यवस्था लागू है। अत: किसानों की स्वतंत्रता सीमित होने का प्रश्न उद्भूत नहीं होता है। (ख) जी नहीं, शेष प्रश्न उद्भूत नहीं होता है। (ग) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। शेष प्रश्न उद्भूत नहीं होता है। (घ) जी नहीं, शेष प्रश्न उद्भूत नहीं होता है।
गुलशन पॉलीओल्स कंपनी द्वारा की गई लापरवाही की जांच
[श्रम]
61. ( क्र. 322 ) श्री विजय रेवनाथ चौरे : क्या श्रम मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या 10 जनवरी 2026 को गुलशन पॉलीओल्स लिमिटेड, बोरगांव, सौसर तहसील, पांढुर्ना जिला में धनराज गुजवार नामक श्रमिक की मशीन बेल्ट में फंसने से मृत्यु हुई थी? क्या इस हादसे में सुरक्षा मानक का उल्लंघन हुआ था? (ख) मृतक श्रमिक धनराज गुजवार की मृत्यु के समय आयु कितनी वर्ष थी? क्या आयु 60 वर्ष से अधिक थी? यदि हाँ, तो मृतक कामगार की आयु 60 वर्ष से अधिक होने पर इसे कंपनी प्रबंधन द्वारा काम पर कैसे रखा गया? (ग) मृतक के परिजनों को कितना मुआवजा देने का प्रावधान है और कितना मुआवजा दिया गया? (घ) क्या कंपनी प्रबंधन द्वारा मृतक का जीवन बीमा कराया गया था? यदि नहीं, तो क्यों? (ड.) कंपनी आरम्भ होने से अब तक किस-किस दिनांक को कितने हादसे हुए और उनमें कितने श्रमिक मृत हुए? (च) क्या बार-बार हो रहे हादसों पर जाँच दल गठित कर क्या कठोर कार्यवाही की जायेगी?
श्रम मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) जी हाँ, 10 जनवरी 2026 को गुलशन पॉलीओल्स, लिमिटेड, बोरगांव, सौसर तहसील, पांढुर्णा जिला में धनराज गुजवार नामक श्रमिक की मशीन बेल्ट में फंसने से मृत्यु हुई थी। इस हादसे में सुरक्षा मानक का उल्लंघन प्रथम दृष्टया पाया गया है। (ख) मृतक श्रमिक धनराज गुजवार की उम्र 64 वर्ष थी। जी हाँ। कम्पनी प्रबंधन द्वारा मृतक श्रमिक को काम पर रखा गया, जिसकी जानकारी विभाग को दुर्घटना के समय प्राप्त हुई जिसके लिये म.प्र. औद्योगिक नियोजन (स्थाई आदेश) अधिनियम 1961 के तहत कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया है (ग) कर्मचारी क्षतिपूर्ति अधिनियम, 1923 के अंतर्गत मृतक के परिजनों को मुआवजा राशि रूपये 7, 77, 122/- (रूपये सात लाख सतहत्तर हजार एक सौ बाईस) का प्रावधान है। कारखाना प्रबंधन द्वारा माननीय कर्मचारी क्षतिपूर्ति आयुक्त श्रम न्यायालय में राशि जमा करायी गई है, जो विचाराधीन है। इसके अतिरिक्त त्वरित सहायता के रूप में मृतक के आश्रितों को रूपये 2,00,000/- नगद भी प्रदान किये गये। (घ) जी हाँ कर्मकार क्षतिपूर्ति पॉलिसी क्र. 181300/48/2026/661 के तहत बीमा कराया गया था। अत: शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ड.) कम्पनी में अब तक दो हादसे हुए। यद्यपि एक हादसा कारखाने में विनिर्माण प्रक्रिया चालू होने के पूर्व दिनांक 31/03/2023 को हुआ, जिसमें एक श्रमिक की मृत्यु हुई एवं दूसरा दिनांक 10/01/2026 को हुआ, जिसमें एक श्रमिक की मृत्यु हुई। उक्त जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (च) विभाग द्वारा कारखाना अधिनियम 1948 एवं भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार अधिनियम 1996 के प्रावधानों के तहत सुरक्षा मानकों एवं दुर्घटनाओं की जांच कर कार्यवाही निरन्तर की जाती है।
ग्रामीण विकास कार्यों के लिए शासन से प्राप्त राशि का उपयोग
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
62. ( क्र. 323 ) श्री विजय रेवनाथ चौरे : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शासन द्वारा सौंसर विधानसभा क्षेत्र में 5 वर्ष में जिला पंचायत, जनपद पंचायत, ग्राम पंचायत को विकास कार्यों के लिए प्रतिवर्ष कौन-कौन से मदों में कितनी-कितनी राशि आवंटित की है? (ख) सौंसर विधान सभा क्षेत्र अंतर्गत गत 5 वर्षों में जिला पंचायत, जनपद पंचायत, ग्राम पंचायत में शासन से प्राप्त राशि से कौन-कौन से विकास कार्य करवाए गए हैं? कार्यवार जानकारी देवें। (ग) सौंसर विधान सभा क्षेत्र में गत 5 वर्षों में मनरेगा योजना अंतर्गत कौन-कौन से कार्य कराए गए हैं? कितनी राशि व्यय की गई है? कार्य का नाम, स्वीकृत एवं व्यय राशि वर्तमान भौतिक स्थिति क्रियान्वयन एजेंसी सहित जानकारी देवें। (घ) सौंसर विधान सभा क्षेत्र में गत 7 वर्षों में मनरेगा योजना से कितने परिवारों को 100 दिन का रोजगार प्रदान किया गया है? वर्षवार विकासखंडवार जानकारी देवें। (ड.) सौंसर विधान सभा क्षेत्र में गत 10 वर्षों में मनरेगा योजना से वन अधिकार पट्टा धारक वन क्षेत्र के निवासी कितने परिवारों को 150 दिन का रोजगार प्रदान किया गया है? विकासखंडवार, वर्षवार जानकारी देवें।
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) आवंटित राशि की जानकारी संलग्न परिशिष्ट–''अ'' अनुसार है। (ख) कार्यवार जानकारी निम्न पब्लिक डॉमेन में देखी जा सकती है –1.https:// egramswaraj.gov.in/activity Analysis Report.do2.https://mppanchayatdarpan.gov.in/ Reports/Works/ Works_Physical_Financial_Progress.aspx (ग) कार्यवार जानकारी निम्न पब्लिक डॉमेन में देखी जा सकती है – https://nreganarep.nic.in/netnrega/dynamic_work_details.aspx page=S&lflag=eng&state_name= MADHYA%20PRADESH&state_code=17&fin_year=2025-2026&source=national&Digest=gm XxZNfffqy8d/ MJno YdCA (घ) जानकारी संलग्न परिशिष्ट-''ब'' अनुसार है। (ड.) जानकारी संलग्न परिशिष्ट-''स'' अनुसार है।
अवैध सड़क निर्माण कार्य की जानकारी
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
63. ( क्र. 327 ) श्री दिनेश जैन बोस : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) तारांकित प्रश्न क्रमांक 243 दिनांक 01/12/2025 के परिप्रेक्ष्य उत्तरांश में जिला पंचायत उज्जैन के पत्र क्रमांक 6672 उज्जैन दिनांक 11/11/2025 के द्वारा अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) से प्रतिवेदन चाहा गया था, जो प्रश्न दिनांक तक अप्राप्त है? प्रतिवेदन अप्राप्त रहने के क्या कारण है? स्पष्टीकरण देवें। (ख) क्या राजस्व विभाग द्वारा तारांकित प्रश्न क्रमांक 243 में उल्लेखित उक्त निर्माण एवं सर्वे नंबरों की भूमि की नोईयत कर दी गई है? यदि हाँ, तो प्रतिवेदन की प्रति उपलब्ध करावें। यदि नहीं, तो क्यों? पटवारी एवं राजस्व निरीक्षक द्वारा उक्त संबंध में अपना प्रतिवेदन विभाग में कब उपलब्ध कराया गया? यदि हाँ, तो प्रतिवेदन की प्रतियां उपलब्ध करावें। (ग) क्या अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) द्वारा जांच रिपोर्ट अपेक्षित है? यदि हाँ, तो कब तक जांच पूर्ण कर कार्यवाही की जावेगी? कब तक कार्यवाही कर राशि की वसूली की जाएगी? क्या जांच को लंबित कर संबंधित दोषियों को संरक्षण प्रदान किया जा रहा है?
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) अनुविभागीय अधिकारी राजस्व से वांछित प्रतिवेदन दिनांक 27.01.2026 को प्राप्त हो गया है। उक्त संबंध में अनुविभागीय अधिकारी राजस्व द्वारा तहसीलदार महिदपुर को सीमांकन हेतु प्रदत्त निर्देश के अनुक्रम में तहसीलदार महिदपुर द्वारा दिनांक 20.11.2025 को प्रकरण दर्ज किया गया एवं दिनांक 22.01.2026 को कार्यवाही पूर्ण की गई। (ख) जी हाँ। प्रतिवेदन की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। पटवारी एवं राजस्व निरीक्षक द्वारा उक्त संबंध में अपना प्रतिवेदन 22.01.2026 को तहसीलदार महिदपुर के कार्यालय में उपलब्ध कराया गया। प्रतिवेदन की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
कौशल विकास प्रशिक्षण योजना की जानकारी
[श्रम]
64. ( क्र. 328 ) श्री राजन मण्डलोई : क्या श्रम मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्यप्रदेश भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मचार कल्याण मंडल के द्वारा वित्तीय वर्ष 2022-23 से लेकर वित्तीय वर्ष 2025-26 की अवधि में कौशल प्रशिक्षण योजना के अन्तर्गत किस-किस वर्ष में कितने युवाओं को प्रशिक्षण दिया गया एवं प्रशिक्षण किन-किन एजेंसियों के द्वारा दिया गया, इसके एवज में उन एजेंसियों को कितनी-कितनी राशि का किस-किस वर्ष में कितना-कितना भुगतान किया गया? (ख) क्या जिन युवाओं को कौशल प्रशिक्षण दिलाया गया है उन्हें कोई प्रमाण-पत्र संबंधित संस्थाओं द्वारा या विभाग के द्वारा दिया गया है? यदि नहीं, तो क्या ऐसे प्रशिक्षित युवाओं को बिना प्रमाण-पत्र के सरकार की रोजगार मूलक योजनाओं का लाभ मिल पायेगा अथवा नहीं? (ग) उपरोक्त प्रश्नांश के परिप्रेक्ष्य में क्या विभिन्न स्तरों पर मय प्रमाण के शिकायतें प्राप्त होने पर जांच की गई एवं जांच में फर्जी ट्रेनिंग देने के तथ्य आये हैं? यदि हाँ, तो उक्त फर्जी प्रशिक्षण के नाम पर भुगतान की गई राशि वसूली हेतु तथा इसमें श्रम विभाग के उत्तरदायी के विरूद्ध अभी तक क्या कार्यवाही की गई है?
श्रम मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) मध्यप्रदेश भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के द्वारा वित्तीय वर्ष 2022-23 से लेकर वित्तीय वर्ष 2025-26 की अवधि में किसी भी प्रशिक्षणार्थी को प्रशिक्षण प्रदान नहीं किया गया है। अत: शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ख) एवं (ग) उत्तरांश ''क'' के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
मुक्तिधामों पर अवैध कब्जा
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
65. ( क्र. 338 ) इंजीनियर हरिबाबू राय : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्नकर्ता द्वारा पूर्व में तारांकित प्रश्न क्र. 897 दिनांक 04/08/2025 पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को प्रेषित किया गया था, जिसके जवाब में विभाग द्वारा विधानसभा अशोकनगर में कुल 274 राजस्व ग्राम होने तथा 234 ग्रामों में मुक्तिधाम निर्मित होना बताया गया था। क्या यह पूर्ण रूप से सही है? अगर हाँ तो 234 मुक्तिधाम ग्रामों की सूची प्रदान करने का कष्ट करें। साथ ही कितने मुक्तिधाम निर्मित है, कितने निर्माणाधीन है तथा कितने प्रस्तावित हैं? कितने अवैध कब्जे में हैं? संपूर्ण जानकारी उपलब्ध कराएं। (ख) विधानसभा अशोकनगर में ग्राम लखेरी बसारती में अहिरवार बस्ती में मुक्तिधाम के लिये भूमि आरक्षित है, जिसका सर्वे नंबर 213 रकबा 0.199 हेक्टेयर है, जिस पर दबंगों, रसूखदारों द्वारा कब्जा कर रखा है तथा इसी प्रकार ग्राम पंचायत मोहरी राय में भी मुक्तिधाम पर अवैध कब्जा है। जिस पर प्रशासन द्वारा कोई भी ठोस कार्यवाही क्यों नहीं की जा रही है? कब तक अवैध कब्जों को हटाने की कार्यवाही की जावेगी? क्या 234 मुक्तिधाम पूर्ण रूप से निर्मित हो चुके हैं? क्योंकि वर्तमान में लगभग 70 से अधिक ग्राम ऐसे हैं जिनमें मुक्तिधाम नहीं है? वस्तुस्थिति की जानकारी दें।
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) विधानसभा अशोकनगर अन्तर्गत 274 राजस्व ग्राम है, जिसमें प्रश्न क्रमांक 897 दिनांक 04.08.2025 तक कुल 234 ग्रामों में मुक्तिधाम निर्मित हो चुके थे, वर्तमान प्रश्न दिनांक तक 247 ग्रामों में मुक्तिधाम निर्मित हो चुके हैं। सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'अ' अनुसार है। विधानसभा अशोकनगर अन्तर्गत 247 ग्रामों में मुक्तिधाम निर्मित है, 18 ग्रामों में निर्माणाधीन है एवं 09 ग्राम मजरे हैं। सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'ब' अनुसार है। 274 राजस्व ग्रामों में वर्तमान में मुक्तिधाम पर अवैध कब्जे की स्थिति नहीं है। (ख) ग्राम पंचायत लखेरी वसारती में पूर्व से मुक्तिधाम निर्मित है। अहिरवार बस्ती लखेरी राजस्व ग्राम में सम्मिलित है, जिस हेतु अतिरिक्त मुक्तिधाम निर्माण के लिये सर्वे क्रमांक 213 रकबा 0.199 हेक्टेयर भूमि आरक्षित है, जिसका सीमांकन कराने एवं कब्जा हटवाने की कार्यवाही राजस्व विभाग द्वारा की जा रही है। ग्राम मोहरीराय में मुक्तिधाम पर अवैध कब्जा नहीं है एवं मुक्तिधाम वर्तमान में संचालित है। ग्राम पंचायत मोहरीराय के ग्राम शंकरपुर में मुक्तिधाम का निर्माण कार्य प्रारंभ किया गया था, जो कि निर्माणाधीन होकर स्थल विवाद के कारण वर्तमान में बंद है। 247 मुक्तिधाम पूर्ण रूप से निर्मित किए जा चुके हैं। केवल 27 राजस्व ग्राम ऐसे हैं जिनमें मुक्तिधाम नहीं हैं, जिसमें से 18 निर्माणाधीन हैं एवं 09 ग्राम बेचिराग/मजरे हैं।
कृषि संकाय की स्नातक एवं स्नातकोत्तर कक्षाओं का संचालन
[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]
66. ( क्र. 343 ) श्री रामनिवास शाह : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि सिंगरौली जिले में संचालित कृषि विज्ञान केन्द्र में से भूमि व आधारभूत संरचनाओं की उपलब्धता को दृष्टिगत रखते हुए क्या कृषि स्नातक/स्नातकोत्तर कक्षाएं प्रारंभ की जाना प्रस्तावित है? यदि हाँ, तो कब तक?
किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) जी नहीं हैं। शेष प्रश्न उद्भूत नहीं होता।
खाद-बीज परमिट का समायोजन
[सहकारिता]
67. ( क्र. 344 ) श्री कैलाश कुशवाहा : क्या सहकारिता मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या शिवपुरी जिले में जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक शिवपुरी द्वारा वर्ष 2019-20 के पूर्व जिले की 84 प्राथमिक कृषि संस्थाओं द्वारा खाद-बीज वितरण किया गया था? यदि हाँ, तो क्या उन सहकारी समितियों का असमायोजित खाद-बीज आज भी किसानों के परमिट में शाखा प्रबंधकों द्वारा समायोजित न किये जाने के कारण लाखों-करोड़ों की राशि सोसायटियों में बकाया दिख रही है? किन शाखाओं के किन प्रबंधकों द्वारा परमिटों का समायोजन नहीं किया गया था? उक्त जानकारी संस्थावार एवं शाखावार दें। (ख) क्या शिवपुरी जिले की समस्त 84 प्राथमिक कृषि साख सहकारी संस्थाओं द्वारा वर्ष 2018-19 से पूर्व नगद और वस्तु ऋण का वितरण किसानों को किया गया है और कितने किसान ओवर ड्यू की श्रेणी में आ रहे हैं? संस्थावार संख्यात्मक जानकारी देवें। (ग) क्या शासन द्वारा वर्ष 2025-26 में शिवपुरी के जिला सहकारी बैंक को 50 करोड़ की राशि आवंटित की गई? यदि हाँ, तो उक्त प्राप्त राशि किसके खाते में जमा कराई गई? राशि किस उद्देश्य से आवंटित की गई? आवंटन पत्र की प्रति उपलब्ध करावें।
सहकारिता मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) जी हाँ। जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) जी हाँ। शिवपुरी जिले की समस्त 86 प्राथमिक कृषि साख सहकारी संस्थाओं द्वारा वर्ष 2018-19 से पूर्व नगद और वस्तु ऋण का वितरण किया गया है, जिसकी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ग) राज्य शासन द्वारा वर्ष 2025-26 में नहीं, अपितु वर्ष 2024-25 में शिवपुरी जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक को रू. 50 करोड़ की शासकीय अंशपूंजी राशि उपलब्ध कराई गई है, जो अपेक्स बैंक की संभागीय शाखा ग्वालियर में जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक शिवपुरी के नाम से संचालित करंट अकाउण्ट में जमा कराई गई। उक्त राशि बैंक की वित्तीय स्थिति सुदृढ़ करने के उद्देश्य से उपलब्ध कराई गई है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है।
अजीविका मिशन द्वारा पंजीकृत समूहों को आवंटित कार्य
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
68. ( क्र. 345 ) श्री कैलाश कुशवाहा : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शिवपुरी जिले में दिसम्बर 2025 तक अजीविका मिशन के तहत कौन-कौन से कहाँ-कहाँ के समूह पंजीकृत हैं? पंजीकृत समूहों के नाम, पता, अध्यक्ष का नाम, पिता का नाम, जाति, समूह सदस्य संख्या, बैंक का नाम एवं खाता सहित समूहों की सम्पूर्ण जानकारी दें। (ख) उक्त पंजीकृत समूहों को 01 अप्रैल 2024 से 31 दिसम्बर 2025 तक क्या-क्या कार्य कितनी-कितनी राशि, किस-किस समूह को आवंटित किये गये? उक्त समूहों को अजीविका मिशन द्वारा कितनी चक्रीय राशि, कितनी समुदाय निवेश राशि जारी की गई? समूहवार बताएं। (ग) समूह गठन के बाद समूह सदस्यों की व्यक्तिगत कितनी बचत समूह में जमा की गई 01 अप्रैल 2022 से 31 दिसम्बर 2025 तक की जानकारी दें कि कितने समूहों के पास बुक्स ऑफ रिकार्ड उपलब्ध हैं, जिसमें लेखन किया जा रहा है? (घ) जिले में अजीविका मिशन द्वारा समूहों के सुचारू संचालन हेतु क्या-क्या कार्य स्वीकृत किये जा रहे हैं जिससे समूहों के सदस्यों को कार्य मिल सके एवं उनकी आमदनी में बढ़ोत्तरी हो सके? (ड.) अजीविका मिशन द्वारा समूह बनने के बाद चक्रीय राशि, समुदाय निवेश राशि एवं अन्य राशि देने के क्या वित्तीय नियम-निर्देश हैं? चक्रीय राशि, समुदाय निवेश राशि, स्टार्ट-अप फंड उक्त अवधि में किन समूहों को दिया जा चुका है और कितने को देना शेष है?
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) अजीविका मिशन अंतर्गत शिवपुरी जिले में दिसम्बर 2025 तक 12784 समूह पंजीकृत है। शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-1 अनुसार है। (ख) मिशन द्वारा समूहों को कोई भी कार्य आवंटित नहीं किया जाता है। समूह अपने निर्णय अनुसार अपनी गतिविधियां संचालित करते है। चक्रिय राशि एवं सी.आई.एफ. की समूहवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-2 अनुसार है। (ग) समूह सदस्य की व्यक्तिगत बचत की जानकारी लोकोस पोर्टल की F01 रिपोर्ट अनुसार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-3 अनुसार है। जिले में 12, 784 समूहों के पास बुक्स ऑफ रिकार्ड उपलब्ध है। (घ) आजीविका मिशन द्वारा समूहों को कोई भी कार्य स्वीकृत नहीं किए जाते हैं। समूह अपने निर्णय अनुसार अपनी गतिविधियां संचालित करते हैं। (ड.) चक्रीय राशि, समुदाय निवेश राशि एवं अन्य राशि से संबंधित भारत सरकार के निर्देश पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-4 अनुसार है। चक्रिय राशि एवं सी.आई.एफ. की समूहवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-2 अनुसार है।
वित्तीय अनियमितता एवं भ्रष्टाचार की जाँच
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
69. ( क्र. 350 ) श्रीमती अनुभा मुंजारे : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या श्रीमती दुर्गेश तिवारी, महिला ए.पी.ओ., जिला पंचायत बालाघाट द्वारा जनपद पंचायत जिला बालाघाट के रोजगार सहायकों व अन्य लोगों के माध्यम से अपने निजी 5 बैंकों के 8 खातों में 5 साल में 40 लाख रूपये कमीशन की राशि क्रेडिट किये जाने का प्रकरण विभाग के समक्ष आया है? क्या विभागीय जांच की जा रही है? यदि नहीं, तो क्यों? प्रश्न तिथि तक उक्त प्रकरण में क्या कार्यवाही की गई? सम्पूर्ण विवरण दें। (ख) क्या उक्त प्रकरण में जाँच समिति का गठन किया गया है? कौन-कौन से अधिकारी थे? आदेश की प्रति देवें। जिला पंचायत सी.ई.ओ. श्री अभिषेक सराफ के द्वारा जांच की गई, जिसमें 40 लाख रूपये की कमीशन की राशि जमा होना/अनियमितता पाई गई? यदि हाँ, तो उक्त प्रकरण में विभागीय जांच के निर्देश दिये गये हैं? क्या जांच प्रतिवेदन में श्रीमती दुर्गेश तिवारी, ए.पी.ओ. दोषी पाई गईं? (ग) उक्त प्रकरण में श्रीमती दुर्गेश तिवारी, महिला ए.पी.ओ., जिला बालाघाट को निलंबित किया गया है। यदि नहीं, तो क्यों और कब तक निलंबित किया जावेगा? कमीशन की राशि अपने निजी खाते में जमा होना/अनियमितता के लिए कौन-कौन अधिकारी/कर्मचारी दोषी हैं? उन पर कब तक कार्यवाही की जावेगी और उक्त राशि वर्तमान स्थिति में किसके पास है? शासन हानि की भरपाई कौन करेगा? सम्पूर्ण जानकारी व विवरण दें।
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) जी हाँ। जी हाँ। (ख) जी हाँ। आदेश की प्रति संलग्न परिशिष्ट – 1 पर है। प्रकरण में जांच उपरांत अंतिम निर्णय हेतु कार्यवाही प्रचलन में है। (ग) श्रीमती दुर्गेश तिवारी, अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी, जनपद पंचायत बालाघाट को आगामी आदेश तक जनपद पंचायत बालाघाट से जनपद पंचायत किरनापुर में कार्य करने हेतु आदेशित किया गया है। आदेश की प्रति संलग्न परिशिष्ट – 2 पर है। प्रकरण में अंतिम निर्णय होना शेष है। निर्णय उपरांत आगामी कार्यवाही की जावेगी।
सातवें वेतनमान के भुगतान में त्रुटि
[सहकारिता]
70. ( क्र. 354 ) श्री महेश परमार : क्या सहकारिता मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या विधानसभा प्रश्न क्र. 2403, दिनांक 04/08/25 के उत्तरानुसार जिला शिक्षा अधिकारी, उज्जैन द्वारा श्री शंकर सिंह चौहान (भृत्य) को 01.01.2016 से सातवें वेतनमान का लाभ स्वीकार किया गया? यदि हाँ, तो उक्त भुगतान नोटशीट में प्रस्तावक, समर्थनकर्ता एवं स्वीकारकर्ता प्राधिकारी की लापरवाही पर म.प्र. सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1966 के नियम 10 तथा म.प्र. वित्तीय संहिता एवं कोषालय नियमों के अंतर्गत की गई दंडात्मक कार्यवाही की जानकारी दें। (ख) क्या आयुक्त, सहकारिता एवं पंजीयक सहकारी संस्थाएं, म.प्र. भोपाल के पत्र क्र./विप./ तिल.संघ/2025/983, दिनांक 22.07.2025 एवं आयुक्त लोक शिक्षण, संचालनालय भोपाल को प्रेषित पत्र की पावती उपलब्ध है? यदि हाँ, तो दोनों प्रतियों की छायाप्रति एवं सामान्य प्रशासन विभाग (कार्मिक) द्वारा लापरवाही पर प्रारंभिक/विभागीय जांच प्रावधानों की प्रतियां दें तथा विधानसभा प्रश्न क्र. 2403, दिनांक 04.08.2025 के उत्तर में दोषी तत्कालीन जिला शिक्षा अधिकारी, उज्जैन एवं तत्कालीन परिसमापक, क्षेत्रीय सोयाबीन उत्पादक सहकारी संघ मर्यादित, उज्जैन को 60 वर्ष के स्थान पर 62 वर्ष आयु में सेवानिवृत्त करने की लापरवाही पर प्रश्न दिनांक तक की गई कार्यवाही की जानकादी दें। (ग) शासन को हुई वित्तीय हानि का आकलन, हानि राशि, वसूली हेतु प्रश्न दिनांक तक की कार्यवाही, जांच की वर्तमान स्थिति एवं सामान्य प्रशासन विभाग के परिपत्रानुसार जांच की निर्धारित समय-सीमा बताएं। (घ) क्या माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने Chandi Prasad Uniyal बनाम राज्य उत्तराखंड (सिविल अपील) में सिद्धांत प्रतिपादित किया कि शासन को हुई हानि की वसूली दोषी अधिकारियों से की जा सकती है? यदि हाँ, तो निर्णय प्रति उपलब्ध कराते हुए इन दोनों अधिकारियों से वसूली कब तक कर शासन कोष में जमा होगी? स्पष्ट करें।
सहकारिता मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) जी हाँ। आयुक्त लोक शिक्षण संचालनालय म.प्र. भोपाल द्वारा तत्कालीन जिला शिक्षा अधिकारी को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया है, साथ ही संयुक्त संचालक लोक शिक्षण संभाग उज्जैन द्वारा 02 लिपिकों को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया है। (ख) आयुक्त सहकारिता एवं पंजीयक सहकारी संस्थाएं, भोपाल के प्रश्नांश में उल्लेखित पत्र आयुक्त लोक शिक्षण संचालनालय भोपाल को कार्यालयीन भृत्य के माध्यम से दिनांक 22-7-2025 को भेजा गया है। प्रेषित पत्र एवं पावती की छायाप्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-01 अनुसार है। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी प्रारंभिक/विभागीय जांच संबंधी निर्देश पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-02 अनुसार है। उक्त प्रकरण में दोषी तत्कालीन शिक्षा अधिकारी उज्जैन को आयुक्त लोक शिक्षण संचालनालय म.प्र. भोपाल द्वारा कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया है तथा तत्कालीन परिसमापक क्षेत्रीय सोयाबीन उत्पादक सहकारी संघ उज्जैन को आयुक्त सहकारिता एवं पंजीयक सहकारी संस्थाएं, म.प्र. भोपाल द्वारा कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया है। (ग) श्री शंकर सिंह चौहान भृत्य से कुल राशि रू. 11, 73, 451/- वसूल की जानी है, जिसमें से राशि रू. 93, 812/- वसूल कर ली गई है, राशि रू. 10, 79, 639/- वसूली हेतु शेष है। इसी प्रकार श्री आर.एस. गिल डाटा एंट्री ऑपरेटर से राशि रू. 5, 29, 669/- वसूल की जानी है, जिसमें से राशि रू. 1, 13, 772/- वसूल कर ली गई है, राशि रू. 4, 15, 867/- वसूली हेतु शेष है। उक्त के संबंध में दोनों कर्मचारियों द्वारा माननीय उच्च न्यायालय में याचिका क्र. 35229/2025 दायर की गई है, जिसमें माननीय उच्च न्यायालय द्वारा दिनांक 08.09.2025 को पारित आदेश में वसूली पर रोक लगा दी गई है। प्रकरण न्यायालयीन प्रक्रिया में होने के कारण समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (घ) चंडी प्रसाद उन्याल बनाम स्टेट ऑफ उत्तराखण्ड सिविल अपील क्र. 5899/2012 में पारित निर्णय की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-03 अनुसार है। शेष जानकारी उत्तरांश 'ग' अनुसार है।
कृषि उपज मंडी का स्थान परिवर्तन
[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]
71. ( क्र. 358 ) श्री सतीश मालवीय : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या सिंहस्थ 2028 को दृष्टिगत रखते हुए कृषि उपज मंडी उज्जैन को अन्यत्र स्थानांतरित करने की शासन की क्या योजना है? जानकारी उपलब्ध करावें। (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में यदि कृषि उपज मंडी उज्जैन को अन्य जगह स्थानांतरित किए जाने की योजना है तो चिन्हित स्थानों के सर्वे नं., रकबा, स्थानवार सम्पूर्ण जानकारी उपलब्ध करावें। (ग) शहर के अन्दर संचालित कृषि उपज मंडी में किसानों को उपज को बेचने में भारी यातायात दबाव के कारण आए दिन जाम लगने से होने वाली परेशानी को देखते हुए कितने समय में मण्डी को स्थानांतरित किया जावेगा? समय-सीमा बतावें।
किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) जी नहीं। (ख) उत्तरांश (क) के अनुक्रम में प्रश्न उद्भूत नहीं होता है। (ग) वर्तमान में मंडी स्थानांतरण की योजना प्रस्तावित नहीं है।
खरीदी केन्द्रों के पंजीयनों की जांच
[सहकारिता]
72. ( क्र. 362 ) श्री जगन्नाथ सिंह रघुवंशी : क्या सहकारिता मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या वित्तीय वर्ष 2025–26 में डोंगर का खरीदी केन्द्र, चंदेरी में तत्कालीन समिति प्रबंधक/बैंक शाखा प्रबंधक श्री प्रमोद कोली द्वारा गेहूँ उपार्जन में पंजीयनों की हेराफेरी कर लगभग 3277 क्विंटल गेहूँ का फर्जी क्रय किया गया, जिसके कारण उन्हें निलंबित किया गया था? यदि हाँ, तो इतने बड़े फर्जीवाड़े के उपरांत भी श्री प्रमोद कोली को पुनः बहाल क्यों किया गया? जिन पंजीयनों के माध्यम से गेहूँ का क्रय किया गया, क्या उनकी विस्तृत जांच कराई गई है? यदि जांच कराई गई है, तो उसकी रिपोर्ट एवं निष्कर्ष क्या हैं? यदि जांच नहीं कराई गई है, तो इसके क्या कारण हैं? (ख) क्या हिराबल सेवा सहकारी समिति में महेंद्र पुत्र शोभाराम (कृषक) के पंजीयन में तहसील पिपरई (अर्रोन) की भूमि जोड़कर लगभग 12 लाख रुपये की अवैध निकासी की गई है? यदि हाँ, तो क्या उक्त पंजीयन की जांच कराई जाएगी और कब तक जांच पूर्ण की जाएगी? यदि नहीं, तो इसके कारण क्या हैं? (ग) क्या गेहूँ उपार्जन में अनेक पंजीयनों में भी फर्जी रूप से अन्य ग्रामों/तहसीलों की भूमि जोड़ी गई है तथा अनेक पंजीयनों में फर्जीवाड़ा कर राशि किसी अन्य व्यक्ति के खाते में भेजी गई है? यदि हाँ, तो क्या विभाग वित्तीय वर्ष 2021–22 से श्री प्रमोद कोली द्वारा संचालित समस्त खरीदी केन्द्रों के पंजीयनों की विस्तृत जांच कराएगा? यदि हाँ, तो यह जांच कब तक पूर्ण की जाएगी? यदि नहीं, तो इसके कारण स्पष्ट किए जाएं।
सहकारिता मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) जी हाँ। बैंक में स्टाफ की कमी एवं सेवा सहकारी समिति डोंगर थूबोन के समस्त कृषकों को विक्रय मूल्य का पूर्ण भुगतान हो जाने से बैंक कैडर कमेटी के निर्णय दिनांक 27.10.2025 के संदर्भ में श्री प्रमोद कोली को बहाल किया गया। जिन पंजीयनों के माध्यम से गेहूं क्रय किया गया है, उसकी जांच के आदेश अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) अनुभाग चंदेरी द्वारा दिनांक 03.02.2026 से कर दिये गये है, इसके साथ ही अनुभाग स्तरीय जांच दल द्वारा ग्राम बडेरा में गेहूं के स्कंध कमी, अवैध भंडारण एवं परिवहन के संबंध में प्रस्तुत जांच प्रतिवेदन के आधार पर समिति प्रबंधक श्री प्रमोद कोली के विरूद्ध थाना चंदेरी में दिनांक 12.05.2025 को अपराध क्र. 250 दर्ज कराया गया है। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता। (ख) कृषक महेन्द्र पुत्र शोभाराम के पंजीयन में भूमि की जांच हेतु अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) अनुभाग चंदेरी द्वारा पत्र क्र./खाद्य शाखा/2026/88 दिनांक 03.02.2026 के द्वारा अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) अनुभाग मुंगावली को जांच हेतु लेख किया गया था। अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) अनुभाग मुंगावली द्वारा पत्र क्र./खाद्य शाखा/2026/114 दिनांक 05.02.2026 के माध्यम से तहसीलदार तहसील पिपरई को जांच हेतु आदेशित किया गया है। जांच प्रक्रियाधीन है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ग) अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) अनुभाग चंदेरी द्वारा आदेश क्र./खाद्य शाखा/2026/86 दिनांक 03.02.2026 के माध्यम से संपूर्ण प्रकरण की जांच हेतु जांच दल गठित किया गया है। जांच प्रक्रियाधीन है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
शा. विश्वविद्यालयों तथा महाविद्यालयों में पत्रकारिता विषय का संचालन
[उच्च शिक्षा]
73. ( क्र. 366 ) श्री लखन घनघोरिया : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्तमान में प्रदेश के किन-किन शासकीय विश्वविद्यालयों तथा शासकीय महाविद्यालयों में स्नातक अथवा स्नातकोत्तर स्तर पर "पत्रकारिता एवं जनसंचार" विषय संचालित किया जा रहा है? जानकारी दें। (ख) क्या प्रश्नांश (क) में वर्णित विषय हेतु प्रदेश स्तर पर केंद्रीय अध्ययन मंडल (Central Board of Studies) का भी गठन किया गया है? यदि हाँ, तो उसका विवरण दें। (ग) यदि शासकीय विश्वविद्यालयों तथा शासकीय महाविद्यालयों में स्नातक अथवा स्नातकोत्तर स्तर पर "पत्रकारिता एवं जनसंचार" विषय संचालित किया जा रहा है, तो क्या कारण है कि प्रदेश में मध्यप्रदेश लोकसेवा आयोग द्वारा आयोजित सहायक प्राध्यापक भर्ती प्रक्रिया में "पत्रकारिता एवं जनसंचार" विषय को अब तक सम्मिलित नहीं किया गया है? (घ) मध्यप्रदेश में इस विषय को सहायक प्राध्यापक की भर्ती प्रक्रिया से बाहर रखने का क्या औचित्य है? (ड.) क्या कारण है कि मध्यप्रदेश शासन के अधीन विभिन्न विभागों, मंडलों, निगमों, नगर निगमों तथा अन्य शासकीय एवं अर्ध-शासकीय संस्थाओं में जनसंपर्क अधिकारी/सूचना अधिकारी जैसे पदों पर भर्ती के लिए अनिवार्य शैक्षणिक योग्यता में "पत्रकारिता एवं जनसंचार" में डिग्री/डिप्लोमा को सम्मिलित नहीं किया जाता है?
उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री इन्दर सिंह परमार ) : (क) उच्च शिक्षा विभाग से संबंधित विश्वविद्यालयों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'अ' अनुसार है। शासकीय महाविद्यालयों में उक्त विषय संचालित नहीं है। अन्य विभागों से जानकारी एकत्रित की जा रही है। (ख) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'ब' अनुसार है। (ग) उच्च शिक्षा विभाग से संबंधित शासकीय महाविद्यालयों में ''पत्रकारिता एवं जनसंचार'' विषय संचालित नहीं किया जा रहा है एवं विषय के पद भी स्वीकृत नहीं होने से म.प्र. लोक सेवा आयोग द्वारा भर्ती प्रक्रिया में सम्मिलित नहीं किया गया है। (घ) उत्तरांश ''ग'' के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ड.) जानकारी एकत्रित की जा रही है।
पदीय दायित्वों के विपरीत विधि प्रक्रिया का उल्लंघन
[सहकारिता]
74. ( क्र. 415 ) श्री राजेन्द्र भारती : क्या सहकारिता मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) म.प्र. सहकारी अधिनियम 1960 के प्रावधानों के अंतर्गत राज्य एवं जिला सहकारी कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक का परिसमापन कर दिया गया हैं? यदि हाँ, तो 19.02.2016 में दतिया जिला का परिसमापन कर दिया गया था? यदि हाँ, तो परिसमापक का पदभार दिनांक 23.02.2016 को एच.पी. जाटव द्वारा ग्रहण किया गया था? यदि हाँ, तो अधिनियम की धारा 70 (2) 71 (2) के अनुसार विधिक कार्यवाही में भाग लेने के लिये परिसमापक को अधिकार दिया गया है? यदि हाँ, तो जिला एवं सत्र न्यायालय (एम.पी.एम.एल.ए. कोर्ट) में 2016-17 से प्रकरण क्रमांक 09/SCPPS/2022 में दिसम्बर 2024 तक विधिक कार्यवाहियों में क्या श्री नरेन्द्र सिंह परमार भाग लेते रहे हैं? यदि हाँ, तो क्या सुप्रीम कोर्ट के प्रकरण क्रमांक SLP (क्रिमिलन) नं. 3419/2024 SCP (सिविल) नं. 5578/2016 एवं प्रकरण क्रमांक MCRC/28473/2024 में बैंक के परिसमापक/ARCS एवं सुप्रीम कोर्ट एवं हाईकोर्ट में प्रचलित अन्य प्रकरण में श्री अखिलेश शुक्ला ने भाग लिया है? जानकारी दें। (ख) नियमों के विपरीत श्री नरेन्द्र सिंह परमार ने एम.पी.एम.एल.ए कोर्ट में किस आधार पर कानूनी कार्यवाही में भागीदारी करते रहे हैं तथा श्री अखिलेश शुक्ला एवं अन्य परिसमापकों द्वारा सुप्रीम कोर्ट, हाईकोर्ट की तरह जिला न्यायालय भोपाल एवं ग्वालियर में भाग क्यों नहीं लिया गया हैं? (ग) क्या शासन/विभाग पदीय दायित्वों एवं कर्त्तव्यों के विपरीत एवं विधि एवं विधि प्रक्रिया का उल्लंघन करने वाले उक्त अधिकारियों को बचाने के लिये उपलब्ध रिकार्ड होने तथा प्रश्नकर्ता द्वारा की गई शिकायतों में संलग्न होने के बावजूद शासन द्वारा तारांकित प्रश्न क्रमांक 2491 दिनांक 20 मार्च 2025 एवं तारांकित प्रश्न क्रमांक 2079, दिनांक 04 अगस्त 2025 तथा तारांकित प्रश्न क्रमांक 501 दिनांक 01 दिसम्बर 2025 में जानकारी क्यों उपलब्ध नहीं कराई जा रही है? क्या शासन/विभाग विधानसभा में जानबूझकर जानकारी न देकर दोषियों की सुरक्षा कर रहा है? यदि हाँ, तो क्यों?
सहकारिता मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) जी हाँ। जी हाँ। जी हाँ। जी हाँ। जी हाँ। जी हाँ। (ख) श्री नरेंद्र सिंह परमार द्वारा दिनांक 29.07.2015 को महाप्रबंधक जिला सहकारी कृषि एवं ग्रामिण विकास बैंक मर्या. दतिया के रूप में संयुक्त पंजीयक सहकारी संस्थाएं संभाग ग्वालियर के आदेश दिनांक 27.01.2015 के परिपालन में माननीय न्यायालय सी.जे.एम. दतिया में परिवाद दायर किया गया था। उक्त वाद जिला सहकारी कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक मर्या. दतिया को परिसमापनाधीन किये जाने से पूर्व जनरल मैनेजर जिला सहकारी कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक मर्या. दतिया के रूप में दायर किया गया था। उक्त प्रकरण कालांतर में MPMLA न्यायालय भोपाल में प्रकरण क्रमांक SCPPS 102/2018 तथा MPMLA न्यायालय ग्वालियर में SCPPS 09/2022 के रूप में प्रचलित रहा है। श्री नरेन्द्र सिंह परमार द्वारा मूल परिवाद जिला सहकारी कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक मर्या. दतिया को परिसमापनाधीन किये जाने से पूर्व दायर किया गया। जिला सहकारी कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक मर्या. दतिया के परिसमापक श्री अखिलेश शुक्ला व श्री सी.पी.एस. भदोरिया द्वारा सुप्रीम कोर्ट एवं हाईकोर्ट की कार्यवाहियों में परिसमापक के रूप में भाग लिया है। माननीय उच्चतम न्यायालय नई दिल्ली के प्रकरण क्र. ट्रांसफर पिटीशन (क्रिमिनल) No. 1120/ 2024 में पारित आदेश दिनांक 07.10.2025 के परिपालन में वर्तमान में शासकीय अभिभाषक द्वारा प्रकरण क्रमांक 09/SCPPS/2022 में शासन का पक्ष समर्थन शासकीय अधिवक्ता द्वारा किया जा रहा है। श्री अखिलेश शुक्ला द्वारा जिला न्यायालय की कार्यवाही में भाग लिया गया है। श्री अखिलेश शुक्ला परिसमापक के रूप में जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण न्यायालय जिला दतिया में प्रचलित प्रकरण में विधिक प्रक्रिया में भाग लिया गया है। (ग) तारांकित प्रश्न क्रमांक 2491 दिनांक 20 मार्च 2025 एवं तारांकित प्रश्न क्रमांक 501 दिनांक 01 दिसम्बर 2025 की जानकारी प्रेषित कर दी गई है। तारांकित प्रश्न क्रमांक 2079 दिनांक 4 अगस्त 2025 का स्पष्टीकरण मा. सदस्य से समय पर प्राप्त न होने के कारण प्रश्न व्यपगत हो गया था, जिस कारण उत्तर देने की आवश्यकता नहीं हुई।
विधायक निधि एवं शासन की अन्य निधियों का उपयोग
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
75. ( क्र. 416 ) श्री राजेन्द्र भारती : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या दतिया विधायक कार्यालय से जनपद पंचायत दतिया को पत्र क्रमांक 202/24 दिनांक 01.10.2024, पत्र क्रमांक 433/2024 दिनांक 22.11.2024 एवं पत्र क्रमांक 595/2025 दिनांक 09.01.2025 लिखकर जनता की समस्याओं के निराकरण हेतु जानकारी चाही गई थी? यदि हाँ, तो जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा उक्त पत्रों पर क्या कार्यवाही की गई है? यदि हाँ, तो अवगत कराएं। यदि नहीं, तो क्यों? कारण सहित जानकारी दें। (ख) क्या दतिया विधानसभा क्षेत्र के विकास कार्यों/निर्माण कार्यों हेतु विधायक निधि सहित अन्य निधि से होने वाले निर्माण कार्यों की अनुशंसा पर जनपद पंचायत दतिया द्वारा समय-सीमा में तकनीकी स्वीकृति एवं संबंधित निर्माण एजेंसियों पंचायतों के खातों में राशि अंतरित की गई है? यदि हाँ, तो वर्ष 2024-25 एवं वर्ष 2025-26 में जनपद पंचायत क्षेत्र में दतिया विधायक कार्यालय से जारी विधायक निधि के समस्त विकास कार्यों हेतु जारी तकनीकी स्वीकृति पत्रों की प्रतियों सहित संबंधित निर्माण एजेंसी को अंतरित करने के पत्रों की प्रतियां प्रदान करें। समय-सीमा में विधायक निधि एवं अन्य निधि के कार्यों हेतु तकनीकी स्वीकृति प्रदान करने एवं निर्माण राशि क्रियान्वयन एजेंसियों को जारी न करने के क्या कारण हैं? कारण सहित संपूर्ण जानकारी प्रदान करें। (ग) क्या दतिया विधायक द्वारा दतिया जनपद पंचायत क्षेत्र की ग्राम पंचायत में हो रही अनियमितताओं, भ्रष्टाचार एवं फर्जीवाड़े के संबंध में पत्र 1. पत्र क्रमांक 1167, 1668, 1669/2025 दिनांक 09.09.2025 2. पत्र क्र. 1102, 1103, 1104/2025 दिनांक 10.07.2025 3. पत्र क्र. 1447, 1448, 1449/2025 दिनांक 25.07.2025 लिखकर शासन/प्रशासन से कार्यवाही का अनुरोध किया गया था? यदि हाँ, तो उक्त पत्रों पर शासन/प्रशासन द्वारा क्या कार्यवाही की गई? कृपया संपूर्ण कार्यवाही की जानकारी दें एवं क्या कार्यवाही न करने वाले अधिकारियों के विरूद्ध शासन कोई कार्यवाही करेगा? यदि हाँ, तो कब तक?
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) जी हाँ, जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''अ'' अनुसार है। (ख) जी हाँ, जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''ब'' अनुसार है। (ग) जी हाँ, ग्राम पंचायतों द्वारा किये जा रहे कार्यों में अनियमितता के संबंध में गुणदोष के आधार पर पंचायती राज अधिनियम की धारा 40/92 के तहत कार्यवाही समय–समय पर की गई है।
सुदूर सड़क एवं खेत सड़क के निर्माण कार्य
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
76. ( क्र. 425 ) श्री केदार चिडाभाई डावर : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या मनरेगा योजना के अन्तर्गत पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के माध्यम से पंचायतों द्वारा अपने क्षेत्र में सुदूर सड़क एवं खेत सड़क के निर्माण कार्य कराये जाते हैं? (ख) क्या इस योजना से ग्राम पंचायतों में निवासरत ग्रामीणों एवं कृषकों को आवागमन एवं फसल लाने ले जाने का अच्छा लाभ मिलता है? (ग) क्या पिछले वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 से शासन ने विधान सभा क्षेत्र भगवानपुरा में उक्त योजना के अन्तर्गत खेत सड़क एवं सुदूर सड़क का कार्य बंद कर दिया है? (घ) यदि हाँ, तो क्या ग्रामीणों एवं कृषकों के हितों की योजना के अंतर्गत खेत सड़क एवं सुदूर सड़क को बंद क्यों किया है? यदि बंद नहीं किया गया है तो इस योजना के उक्त कार्य कब तक चालू किये जायेंगे? यदि नहीं, तो कारण की जानकारी दे।
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) जी हाँ, मनरेगा योजनान्तर्गत सुदूर संपर्क/खेत सड़क का निर्माण किया जाता हैं। वर्तमान में भारत सरकार, ग्रामीण विकास मंत्रालय के अर्धशासकीय पत्र क्रमांक J/11017/2025/RE-VII, दिनांक 20/05/2025 के माध्यम से ग्रेवल सड़क निर्माण के सम्बन्ध में मार्गदर्शी दिशा-निर्देश प्राप्त हुए, जिसके पालन कराये जाने हेतु म.प्र. राज्य रोजगार गांरटी परिषद् भोपाल का पत्र क्रमांक 844/एमजीएनआरजीएस-एमपी/2025 भोपाल दिनांक 27-05-2025 अनुसार नवीन दिशा-निर्देश जारी तक सुदूर संपर्क/खेत सड़क की नवीन स्वीकृति जारी नहीं किये जाने के निर्देश जारी किये गए। निर्देश की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट–अ अनुसार है। (ख) जी हाँ। (ग) वित्तीय वर्ष 2024-25 में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विकास के पत्र क्रमांक 5191 दिनांक 19.11.2024 के बिंदु क्रमांक 03 अनुसार प्रदेश की समस्त जनपदों को सुदूर संपर्क/खेत सड़क के कार्यों की स्वीकृति हेतु राशि रूपये 01 करोड़ / 03 करोड़ रूपये की सीमा की अनुमति दी गई। निर्देश की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट–ब अनुसार है। जिला खरगोन में वित्तीय वर्ष 2024-25 में गैर कृषि कार्य पर्याप्त मात्रा में प्रगतिरत होने से सुदूर सड़क एवं खेत सड़क के कार्य स्वीकृत नहीं किये गए। वर्ष 2025-26 में भारत सरकार, ग्रामीण विकास मंत्रालय के अर्धशासकीय पत्र क्रमांक J/11017/2025/RE-VII दिनांक 20/05/2025 के माध्यम से ग्रेवल सड़क निर्माण के सम्बन्ध में मार्गदर्शी दिशा-निर्देश प्राप्त हुए, जिसका पालन कराये जाने हेतु म.प्र. राज्य रोजगार गांरटी परिषद् भोपाल का पत्र क्रमांक 844/एमजीएनआरजीएस-एमपी/2025 भोपाल दिनांक 27-05-2025 अनुसार नवीन दिशा-निर्देश जारी होने तक सुदूर संपर्क/खेत सड़क की नवीन स्वीकृति जारी नहीं किये जाने के निर्देश जारी किये गए। निर्देश की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट –अ अनुसार है। (घ) मनरेगा योजनान्तर्गत खेत सड़क योजना बंद नहीं है, प्रगतिरत कार्यों का क्रियान्वयन मनरेगा नियमानुसार किया जा रहा हैं। वर्ष 2025-26 में भारत सरकार, ग्रामीण विकास मंत्रालय के अर्धशासकीय पत्र क्रमांक J/11017/2025/RE-VII, दिनांक 20/05/2025 के माध्यम से ग्रेवल सड़क निर्माण के सम्बन्ध में मार्गदर्शी दिशा-निर्देश प्राप्त हुए, जिसके पालन कराये जाने हेतु म.प्र. राज्य रोजगार गांरटी परिषद् भोपाल का पत्र क्रमांक 844/एमजीएनआरजीएस-एमपी/2025 भोपाल दिनांक 27-05-2025 अनुसार नवीन दिशा-निर्देश जारी होने तक सुदूर संपर्क/खेत सड़क की नवीन स्वीकृति जारी नहीं किये जाने के निर्देश जारी किये गए। निर्देश की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट– अ अनुसार है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं हैं। शेष प्रश्न उत्पन्न नहीं होता।
वित्तीय अनियमितता करने वालों के विरूद्ध कार्यवाही
[श्रम]
77. ( क्र. 468 ) श्री जयवर्द्धन सिंह : क्या श्रम मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या अधोहस्ताक्षरकर्ता का पत्र क्र. 960 दिनांक 19/01/26 जो पी.एस. श्रम विभाग को प्राप्त हुआ है? सा.प्र.वि. के आदेश क्रमांक एफ 19-76/2007/1/4 दिनांक 22/3/2011 के उल्लंघन होने पर आदेश के बिन्दु पांच अनुसार संबंधितों का निलंबन करते हुये कब तक जानकारी उपलब्ध कराई जायेगी? (ख) प्रदेश प्रवक्ता, एम.पी.पी.सी.सी. का ई-मेल दिनांक 19/01/2026 शाम 07:26 एवं श्री सौरभ चौहान निवासी इंदौर द्वारा सिंगल क्लिक में हुई गड़बड़ी को लेकर अनेकों ई-मेल पी.एस. श्रम विभाग को संबोधित प्रेषित किये है? उन पर कब, क्या कार्यवाही किस के द्वारा की गई? यदि नहीं, तो संबंधितों के विरूद्ध कब तक कार्यवाही कर जानकारी दी जायेगी? ई-मेल एवं एकल नस्ती प्रति एवं आदेश/निर्देशों सहित बतायें। (ग) प्रश्नकर्ता के प्रश्न क्र. 591 दिनांक 01/12/2025 में प्रश्नांश (क) के उत्तर में वसूली की कार्यवाही कलेक्टर के माध्यम से प्रचलित है। अन्तर्गत समस्त कृत कार्यवाही, एकल नस्ती, पत्र, हितग्राहियों की जानकारी दें। (घ) प्रश्नांश (ग) में वन विभाग से क्रय की गई संपत्ति एवं आवंटन निरस्त सहित संपूर्ण जानकारी की एकल नस्ती, प्रेषित/प्राप्त पत्र, प्राप्त राशि, रजिस्ट्री निरस्ती की प्रति सहित जानकारी प्रति दें। (ड.) वर्ष 2020 से प्रश्न दिनांक तक भोपाल में मेन पॉवर हेतु पंजीकृत संस्थाओं के आवेदन की प्रति, पंजीयन प्रमाण पत्र की प्रति दें।
श्रम मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) जी हाँ। प्राप्त पत्र पर विभाग द्वारा कार्यवाही की जा चुकी है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। सा.प्र.वि. के आदेश क्रमांक एफ 19-76/2007/1/4 दिनांक 22/3/2011 का उल्लंघन नहीं पाया गया है। अत: शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ख) प्रदेश प्रवक्ता, एम.पी.पी.सी.सी. का ई-मेल दिनांक 19/01/2026 के पत्र का परीक्षण किया गया। पत्र में किस प्रकार की अनुमति का उल्लेख किया गया है, स्पष्टता नहीं है। श्रम विभाग द्वारा नियुक्ति संबंधी अनुमति नहीं दी जाती है। अत: शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। श्री सौरभ चौहान निवासी इंदौर से प्राप्त पत्र के संबंध में पूर्व में ही प्रकरण शासन द्वारा संबंधित विभाग को अग्रेषित किया जा चुका है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। अत: शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) वांछित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-स अनुसार है। (घ) म.प्र. श्रम कल्याण मण्डल अंतर्गत लोक परिसम्पत्ति प्रबंधन विभाग, म.प्र. शासन, भोपाल के आदेश क्रमांक 390/172/2021/76-1 दिनांक 06/07/23 द्वारा म.प्र. श्रम कल्याण मण्डल को आवंटित वन भवन के ई-ब्लॉक के तृतीय तल पर 5000 वर्ग फिट स्थान क्रय किया गया था। आदेश की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-द अनुसार है। जिसका क्रय मूल्य रूपये 4, 89, 42, 695/- का भुगतान किया गया था। चालान की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ई अनुसार है। क्रय किये गये स्थान की रजिस्ट्री हेतु मुद्रण/स्टांप शुल्क रूपये 46, 49, 545/- एवं पंजीयन शुल्क राशि रूपये 14, 68, 273/- इस प्रकार कुल राशि रूपये 61, 17, 818/- का भुगतान किया गया था। वांछित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-फ अनुसार है। उक्त आवंटन म.प्र. शासन वन विभाग मंत्रालय वल्लभ भवन भोपाल के आदेश क्रमांक एफ 2/1/26/0002/2025/10-2 भोपाल दिनांक 07/05/25 द्वारा निरस्त कर दिया गया, जिसकी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ज अनुसार है। म.प्र. श्रम कल्याण मण्डल द्वारा स्थान क्रय की लागत के रूप में भुगतानित राशि रूपये 4, 89, 42, 695/- मण्डल को दिनांक 15/10/2025 को UTR NO. RBISH00071184439 के माध्यम से लौटा दिया गया है एवं स्टाम्प शुल्क एवं रजिस्ट्री की राशि लौटाये जाने हेतु मण्डल द्वारा क.आ/लेखा/2025/3732 दिनांक 03/11/25 प्रेषित किया गया है। प्रेषित पत्र की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-य अनुसार है। म.प्र. भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल अंतर्गत प्रश्नांश की चाही गई जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-र अनुसार है। (ड.) श्रम विभाग अंतर्गत भोपाल जिले में मेन-पॉवर हेतु 51 पंजीकृत संस्थाएं हैं, संस्थाओं के आवेदन की प्रति एवं पंजीयन प्रमाण पत्र की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ल अनुसार है।
शिकायती पत्रों पर कार्यवाही
[उच्च शिक्षा]
78. ( क्र. 469 ) श्री जयवर्द्धन सिंह : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या अधोहस्ताक्षरकर्ता का क्रमशः पत्र क्र. 946, 947 दिनांक 19/12/25 जो सी.एस., ए.सी.एस. उच्च शिक्षा/सा.प्र.वि. एवं पत्र क्र. 924, 925, दिनांक 12/12/2025 जो एससी.एस./आयुक्त उच्च शिक्षा को प्राप्त हुआ है? सा.प्र.वि. के आदेश क्रमांक एफ 19-76/2007/1/4 दिनांक 22/3/2011 के उल्लंघन होने पर आदेश के बिन्दु पांच अनुसार संबंधितों का निलंबन करते हुये कब तक जानकारी उपलब्ध कराई जायेगी? (ख) प्रदेश उपाध्यक्ष, एन.एस.यू.आई. का पत्र क्रमांक 116 दिनांक 26/11/2025 जो सी.एस., ए.सी.एस. उच्च शिक्षा, एम.पी.पी.यू.आर.सी. के अध्यक्ष एवं कलेक्टर/पुलिस अधीक्षक सीहोर को संबोधित है कब और क्या कार्यवाही किस के द्वारा की गई? यदि नहीं, तो संबंधितों के विरूद्ध कार्यवाही कर कब तक जानकारी प्रेषित की जायेगी? पत्रों की प्रति एवं एकल नस्ती प्रति एवं आदेश/निर्देशों सहित बतायें। (ग) प्रश्नकर्ता के प्रश्न क्र.673 दिनांक 16/12/24 में मा. मंत्री के निर्देशानुसार प्रश्न दिनांक तक उच्च शिक्षा ने क्या कार्यवाही की? उसकी समस्त जानकारी दें। प्रश्नकर्ता का प्रश्न क्र.590 दिनांक 01/12/25 उत्तरांश (क) में वर्णित पत्र दिनांक 10/11/25 में उल्लेखानुसार क्या कार्यवाही की गई? उसकी समस्त जानकारी दें। (घ) विभाग ने कितने नर्सिंग कॉलेजों को एन.ओ.सी. जारी की? समस्त एन.ओ.सी. की प्रति दें। नर्सिंग कॉलेजों द्वारा सम्बद्धता के लिये ऑनलाइन कितने प्राप्त हुये? आवेदन की प्रति, संलग्न समस्त दस्तावेज विश्वविद्यालयवार दें।
उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री इन्दर सिंह परमार ) : (क) जी हाँ। माननीय विधायक को पत्र क्रमांक 48/127/आउशि/शिका/2025 दिनांक 29.01.2026 द्वारा जानकारी प्रदान की गई है। पत्र क्रमांक 924-925 पर कृत कार्यवाही न करने के लिये दोषी पाये गये सहायक को कारण बताओ सूचना-पत्र जारी किया गया है। (ख) जानकारी एकत्रित की जा रही है। (ग) शासकीय महाविद्यालय, राघौगढ़ में स्नातकोत्तर विषय प्रारंभ करने संबंधी विभागीय मापदण्डों के अनुसार इतिहास एवं हिन्दी विषय हेतु विस्तृत परियोजना प्रस्ताव वित्त विभाग को प्रेषित किया जा रहा है। मध्यप्रदेश नर्सिंग रजिस्ट्रेशन काउंसिल भोपाल से प्राप्त शिकायतों की अद्यतन स्थिति से संबंधित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट "अ" अनुसार है। (घ) विभाग द्वारा कुल 18 शासकीय नर्सिंग महाविद्यालयों एवं 183 अशासकीय नर्सिंग महाविद्यालयों को अनापत्ति प्रमाण-पत्र/एन.ओ.सी. जारी किये गये हैं। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'ब' एवं 'स' अनुसार है। नर्सिंग महाविद्यालय को संबद्धता विश्वविद्यालय द्वारा प्रदान की जाती है। जानकारी एकत्रित की जा रही है।
सामुदायिक भवन निर्माण की जांच
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
79. ( क्र. 473 ) श्रीमती चंदा सुरेन्द्र सिंह गौर : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या ग्राम पंचायत चंदेरी विकासखण्ड बल्देवगढ़ में सामुदायिक भवन निर्माण 20 लाख रूपये की लागत से दिनांक 07.09.2018 में कार्य प्रारंभ किया गया? उक्त राशि किस मद के तहत जारी की गई तथा निर्माण के पूर्व उक्त भवन को बनाये जाने हेतु स्थल निरीक्षण जियोटैग कहाँ के लिये किया गया? संपूर्ण जानकारी दस्तावेजों सहित उपलब्ध करायें। (ख) क्या रमकुण्डा खिरक में तत्कालीन सरपंच का खेतों पर मकान बना हुआ है? वहीं पर उक्त सामुदायिक भवन निर्माण करने हेतु किस सक्षम अधिकारी द्वारा अनुमति दी गई और पंचायत चंदरी ग्राम के निवासियों की सुविधा हेतु क्यों नहीं बनाया गया? चंदेरी से लगभग 2 कि.मी. दूर क्यों बनाया गया? कारण स्पष्ट करें। (ग) क्या निर्माण होने के बाद पटैती भूमि को दान में दिया गया जो निर्माण के बाद में दिया गया? जब ग्रामीणों द्वारा शिकायत की गई और तत्कालीन सरपंच उक्त सामुदायिक भवन में निवास करते रहे और शासन की 20 लाख रूपये की राशि के भवन का दुरूपयोग किया गया, जनहित में भवन निर्माण नहीं होने से तत्कालीन सरपंच से उक्त राशि की वसूली कब तक करा ली जावेगी? (घ) क्या ले-आउट से लेकर भुगतान तक एवं पूर्णत: तक उपयंत्री एवं सचिव रोजगार सहायक भी दोषी हैं तथा निर्माण के बाद पूर्णत: करने वाले उपयंत्री एवं वर्ष 2021-22 की स्वीकृत नाली एवं पुलिया निर्माण माह अक्टूबर 2025 में तत्कालीन सरपंच द्वारा निर्माण किसकी स्वीकृति आदेश से किया गया? भुगतान एवं मजदूरों तथा बिलों की छायाप्रतियां उपलब्ध करायें एवं दोषियों पर कार्यवाही प्रस्तावित करेंगे? यदि हाँ, तो कब तक? नहीं तो क्यों? कारण स्पष्ट करें।
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) जी हाँ। उक्त राशि योजना क्रमांक-4610 अतिरिक्त स्टाम्प शुल्क वसूली के विरूद्ध अनुदान मद से स्वीकृत किया गया है। स्थल निरीक्षण किये गये स्थान पर ही सामुदायिक भवन का निर्माण किया गया है। निर्माण के पूर्व उक्त भवन को बनाये जाने हेतु स्थल निरीक्षण जियोटैग नहीं किया गया है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी हाँ। तत्कालीन सरपंच के खेतों पर मकान बना हुआ है, जिसकी रजिस्ट्री ग्राम पंचायत के नाम की गई एवं तत्पश्चात नामांतरण कराया गया। उक्त सामुदायिक भवन निर्माण हेतु किसी अधिकारी द्वारा अनुमति नहीं दी गई। बल्कि ग्राम पंचायत चंदेरी के ही मजरा रमकुण्डा खिरक में सामुदायिक भवन का निर्माण ग्राम सभा के प्रस्ताव क्र. 2 दिनांक 02.10.2018 द्वारा पारित प्रस्ताव के आधार पर कराया गया। चंदेरी में पूर्व से 4 सामुदायिक भवन निर्मित हैं। चंदेरी से 2 कि.मी. दूर रमकुण्डा खिरक में 15-20 परिवार निवासरत हैं। अत: उनकी सुविधा के दृष्टिगत यह भवन बनाया गया। (ग) जी हाँ। सामुदायिक भवन निर्माण होने के बाद तत्कालीन सरपंच के पति के स्वयं की पटैती भूमि को पदेन सचिव ग्राम पंचायत चंदेरी के नाम दिनांक 15.03.2023 को रजिस्ट्री कराई गई, तत्पश्चात नामतंरण किया गया। जिला स्तर से गठित जांच दल के जांच प्रतिवेदन बिंदु-6 के अनुसार सामुदायिक भवन पूर्व सरपंच श्रीमती रामाबाई लोधी पति मनमोहन के अधिग्रहण में था। वर्तमान में पूर्व सरपंच के अधिग्रहण से कब्जा मुक्त कराकर ग्राम पंचायत को आधिपत्य में सौंप दिया गया है। शासन की 20.00 लाख रूपये की राशि का दुरूपयोग का प्रश्न ही पैदा नहीं होता। (घ) ग्राम सभा प्रस्ताव क्र. 2 दिनांक 02.10.2018 अनुसार रमकुण्डा खिरक में बनाये जाने को पारित प्रस्ताव अनुसार एवं तत्कालीन सरपंच/सचिव द्वारा बताये गये स्थान पर सामुदायिक भवन निर्माण का ले-आउट तत्कालीन उपयंत्री श्रीमती प्रार्थना पाराशर द्वारा किया गया था। ''उक्त स्थल परिवर्तन के लिये श्रीमती रामाबाई लोधी तत्कालीन सरपंच एवं श्री ग्यादीन लोधी सेवानिवृत्त तत्कालीन सचिव कार्य प्रारंभ कराने के लिये जिम्मेदार है।'' तत्कालीन उपयंत्री श्री सत्येन्द्र सिंह तोमर द्वारा कार्य का मूल्यांकन अपनी पदस्थापना अवधि के दौरान ही किया गया था। सिर्फ कार्यालयीन अभिलेख की प्रतिपूर्ति हेतु कार्य का गौशवारा एवं पूर्णता प्रमाण-पत्र पर हस्ताक्षर सहायक यंत्री के निर्देश पर दिनांक 23.03.2023 किये गये। वर्ष 2021-22 की स्वीकृत नाली एवं पुलिया निर्माण के संबंध में समग्र प्रकरण की जांच किये जाने हेतु कार्यालय जिला पंचायत टीकमगढ़ के पत्र क्रमांक 459 दिनांक 03.02.2026 के माध्यम से त्रि-सदस्यीयय जांच दल का गठन किया गया है एवं जांच दल को एक माह के अंदर जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत करने हेतु निर्देशित किया गया। जांच प्रतिवेदन प्राप्त होने पर जांच निष्कर्षों के आधार पर आवश्यक कार्यवाही की जायेगी।
किसानों को भावान्तर राशि का भुगतान
[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]
80. ( क्र. 480 ) श्री उमंग सिंघार : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मंडी बोर्ड भोपाल में वर्तमान में खरीफ 2025 सोयाबीन भावान्तर योजना के तहत कितने किसानों को अंतर की राशि प्राप्त नहीं हो पायी? (ख) कितने किसानों का पंजीयन किया गया? जिलेवार संख्या बतायें। (ग) कितने किसानों को राशि मिली तथा कितनों को नहीं मिली? जिलेवार जानकारी दें। (घ) किस मद से राशि प्रदान की गई? (ड.) प्रकरणों का कब तक निराकरण कर दिया जायेगा?
किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) 9140 प्रकरणों में तकनीकी त्रुटियां होने से कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ग) 6.86 लाख किसानों को भावान्तर राशि ₹ 1454 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है तथा 9140 प्रकरणों में उत्तरांश (क) अनुसार कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। जिलेवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (घ) भावान्तर योजना अंतर्गत, मूल्य स्थिरीकरण कोष, मध्यप्रदेश राज्य कृषि विपणन बोर्ड द्वारा शासन के आदेशानुसार आवंटन से राशि प्रदान की गई। (ड.) प्रकरणों का सतत निराकरण किया जा रहा है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
अंतर्राष्ट्रीय पदक विजेता खिलाड़ियों हेतु राज्य स्तरीय प्रोत्साहन
[खेल एवं युवा कल्याण]
81. ( क्र. 481 ) श्री उमंग सिंघार : क्या खेल एवं युवा कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) 1 जनवरी 2024 से प्रश्न दिनांक तक की अवधि में मध्यप्रदेश के कितने खिलाड़ियों ने विभिन्न अंतर्राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में पदक प्राप्त किए हैं? कृपया खेलवार विवरण दें। (ख) उपर्युक्त अवधि में अंतर्राष्ट्रीय पदक विजेता खिलाड़ियों को राज्य सरकार द्वारा कुल कितनी वित्तीय प्रोत्साहन सम्मान राशि प्रदान की गई है तथा यह राशि कितने खिलाड़ियों को प्रदान की गई? कृपया वर्षवार एवं पदक श्रेणी के अनुसार विवरण दें। (ग) उपर्युक्त खिलाड़ियों में से कुल कितने खिलाड़ी राज्य सरकार की शासकीय सेवाओं अथवा खेल कोटा के अंतर्गत रोजगार हेतु पात्र है, उनमें से कितने खिलाड़ियों को अब तक रोजगार प्रदान किया गया है, कितनों को प्लाट/मकान आवंटित किये गये? कितने पात्र खिलाड़ियों के प्रकरण वर्तमान में लंबित हैं? (घ) क्या राज्य सरकार द्वारा अंतर्राष्ट्रीय पदक विजेता खिलाड़ियों को रोजगार प्रदान करने हेतु कोई विशेष योजना/प्रावधान लागू है? यदि हाँ, तो उस योजना/प्रावधान का नाम, लागू होने की तिथि तथा इसके अंतर्गत अब तक कितने खिलाड़ियों को रोजगार प्रदान किया गया है?
खेल एवं युवा कल्याण मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) एवं (ख) 1 जनवरी 2024 से प्रश्न दिनांक तक की अवधि में विभिन्न अंतर्राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में प्रदेश के खिलाड़ियों द्वारा प्राप्त पदक की खेलवार जानकारी और प्रश्नाधीन अवधि में उन्हें प्रदाय प्रोत्साहन राशि की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) म.प्र. शासन के परिपत्र क्र. एफ सी-3-12/ 09/3/1 दिनांक 17 जून 2009 द्वारा विक्रम पुरस्कार प्राप्त उत्कृष्ट खिलाड़ियों को शासकीय सेवा में नियुक्ति दिये जाने का प्रावधान है, पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट में उल्लेखित खिलाड़ियों में से विक्रम पुरस्कार प्राप्त उत्कृष्ट खिलाड़ी सुश्री अमी कमानी, सुश्री प्राची यादव, सुश्री रजनी झा, श्री जय मीणा, सुश्री प्रगति दुबे, श्री आदित्य दुबे, सुश्री रूकमणि दांगी को खेल कोटे से पूर्व में ही नियुक्ति प्रदान की जा चुकी है एवं श्री विवेक सागर को ओलम्पिक खेल में पदक प्राप्त करने के फलस्वरूप विशेष प्रकरण मानकर मंत्रि-परिषद् के अनुमोदन उपरांत गृह विभाग अंतर्गत डी.एस.पी. के पद पर नियुक्ति प्रदान की गई तथा श्री कमल चावला पूर्व से ही भारतीय रेल्वे में पदस्थ है। खिलाड़ियों को प्लाट/मकान आवंटित किए जाने का नियमों में कोई प्रावधान नहीं है। मध्यप्रदेश शासन खेल और युवा कल्याण विभाग मंत्रालय वल्लभ भवन भोपाल के आदेश क्र. एफ 2-22/2023/नौ दिनांक 23-11-2025 द्वारा विक्रम पुरस्कार प्राप्त 11 खिलाड़ियों को उत्कृष्ट खिलाड़ी घोषित किया गया है, जिनको नियुक्ति प्रदान करने की कार्यवाही प्रचलन में है। (घ) म.प्र. शासन के परिपत्र क्र. एफ सी-3-12/09/3/1 दिनांक 17 जून 2009 द्वारा विक्रम पुरस्कार प्राप्त उत्कृष्ट खिलाड़ियों को शासकीय सेवा में नियुक्ति दिये जाने का प्रावधान है। खेल और युवा कल्याण विभाग द्वारा विक्रम पुरस्कार प्राप्त 120 उत्कृष्ट खिलाड़ियों को शासकीय सेवा में नियुक्ति प्रदान की गई है।
अमृत सरोवर तालाब का निर्माण
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
82. ( क्र. 484 ) डॉ. प्रभुराम चौधरी : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा सांची में मनरेगा योजनान्तर्गत विगत तीन वर्षों में कितने अमृत सरोवर तालाब हेतु कहाँ-कहाँ कितनी-कितनी राशि स्वीकृत की गई है? जानकारी उपलब्ध करावें। (ख) क्या प्रश्नांश (क) वर्णित सभी अमृत सरोवर पूर्ण हो चुके हैं और इनका जन समुदाय द्वारा उपयोग किया जा रहा है? ऐसे कितने अमृत सरोवर तालाब हैं जो आज दिनांक तक पूर्ण नहीं किये जा सके हैं और क्यों? जानकारी उपलब्ध करावें।
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) विधानसभा सांची में मनरेगा योजनांतर्गत 01 जनवरी 2023 से प्रश्न दिनांक तक विगत तीन वर्षों में 16 अमृत सरोवर तालाब राशि रू. 290.46 लाख के स्वीकृत किए गए। जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी नहीं। 05 अमृत सरोवर भौतिक रूप से पूर्ण हैं। 11 कार्य प्रगतिरत हैं। पूर्ण कार्यों के जल का उपयोग जन समुदाय द्वारा किया जा रहा है। 11 अमृत सरोवर तालाब अपूर्ण हैं। चूँकि मनरेगा मांग आधारित योजना है, अत: जॉब कार्डधारी द्वारा रोजगार की मांग करने पर श्रमिकों को नियोजित करते हुए कार्य पूर्ण किया जाता है।
खेल स्टेडियम की जानकारी
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
83. ( क्र. 485 ) डॉ. प्रभुराम चौधरी : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या विभाग द्वारा प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में एक-एक खेल स्टेडियम का निर्माण किया गया है? इन स्टेडियम का निर्माण कब-कब पूर्ण किया गया? विधानसभावार बताने का कष्ट करें। (ख) क्या इन सभी स्टेडियमों का बच्चों के खेल हेतु वर्तमान में उपयोग किया जा रहा है और जिन विधानसभा में अभी तक उपयोग नहीं किए जा रहे हैं, उनका नाम बतावें। सांची विधानसभा के खेल स्टेडियम की क्या स्थिति है? इसकी जानकारी उपलब्ध करावें।
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) जी नहीं। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। सांची विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत खेल मैदान का कार्य 07.07.2021 को पूर्ण किया जाकर 19.07.2021 को मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत सांची को हस्तांतरित किया जा चुका है।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना
[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]
84. ( क्र. 495 ) श्री बाला बच्चन : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रधानमंत्री फसल बीमा योजनांतर्गत वर्ष 2021-22 से 2025-26 तक कितनी राशि केन्द्रांश/राज्यांश/कृषकांश के रूप में प्रीमियम राशि बीमा कंपनियों को भुगतान की गई? वर्षवार, फसलवार, बीमा कंपनी नाम, राशि सहित वर्षवार कृषक संख्या सहित देवें। (ख) उक्त अवधि में कितनी क्लेम राशि किस अवधि की, किस बीमा कंपनी द्वारा दी गई? बीमा कंपनी नाम, क्लेम राशि, फसल नाम, कृषक संख्या सहित वर्षवार देवें। राज्य शासन द्वारा दावा प्रकरण प्रस्तुत करने की दिनांक व भुगतान दिनांक की जानकारी कंपनी नाम सहित वर्षवार, फसलवार देवें। राज्य शासन द्वारा प्रस्तुत दावा प्रकरणों की छायाप्रति भी वर्षवार देवें। (ग) प्रश्न क्रमांक 131 दिनांक 01-12-2025 (तारांकित) के उत्तरांश (ग) अनुसार प्रस्तुत किए गए दावों का 21 दिवस में राशि न देने पर बीमा कंपनी पर 12 प्रतिशत वार्षिक ब्याज अधिरोपित करने का प्रावधान है तो कितनी बीमा कंपनियों पर यह कार्यवाही की गई? बीमा कंपनी नाम, राशि सहित प्रश्नांश (क) अवधि अनुसार देवें। (घ) यदि उपरोक्तानुसार ब्याज राशि वसूली नहीं गई है तो यह कब वसूल की जाएगी? समय-सीमा देवें।
किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। राज्य शासन द्वारा दावा प्रकरण प्रस्तुत नहीं किये जाते अपितु उपज में कमी के आधार पर बीमा कम्पनी द्वारा दावों का भुगतान पात्र बीमित किसानों को किया जाता है। (ग) प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की मार्गदर्शी निर्देशिका के अनुसार लागू प्रीमियम राशि बीमा कम्पनी को भुगतान होने एवं वास्तविक उपज के आंकड़े बीमा कम्पनी को उपलब्ध कराने के 21 दिवस में दावा राशि का भुगतान करने का प्रावधान है। उक्त नियम के उल्लंघन की स्थिति में बीमा कम्पनी पर 12 प्रतिशत वार्षिक दर से ब्याज अधिरोपित करने का नियम है। उक्त नियम के उल्लंघन का कोई प्रकरण संज्ञानित नहीं हुआ है। (घ) उत्तरांश 'ग' अनुसार प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
स्प्रिंकलर पाइप-लाइन में अनियमितताओं की जांच
[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]
85. ( क्र. 499 ) श्री फुन्देलाल सिंह मार्को : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) उप संचालक कृषि रीवा एवं अन्य सहयोगी स्टॉफ के विरूद्ध अनुसूचित जाति-जनजाति के कृषकों को स्प्रिंकलर पाइप-लाइन प्रदाय की अनुदान राशि को सामान्य श्रेणी के कृषकों के भुगतान किये जाने के संबंध में कितनी शिकायतें प्राप्त हुईं? शिकायत की प्रति एवं उस पर हुई कार्यवाही का विवरण देवें। (ख) क्या उप संचालक के विरूद्ध शासन के आदेश दिनांक 4 मार्च 2016 द्वारा टीकर सिंचाई तालाब में वित्तीय अनियमितता के विरूद्ध 27.08 लाख रूपये की वसूली हेतु आदेश दिये गये थे? यदि हाँ, तो कितनी राशि वसूल की गई है तथा वित्तीय अनियमितता करने के विरूद्ध जारी आरोप-पत्र एवं उनके स्पष्टीकरण की प्रति उपलब्ध करावें। (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख के संदर्भ में शिकायतों पर दिये गये स्पष्टीकरण के उपरांत किन-किन तथ्यों को प्रमाणित पाया गया तथा संबंधित वित्तीय अनियमितता करने वाले एवं कूटरचना करने वालों के विरूद्ध विभाग ने क्या कार्यवाही की है? यदि नहीं, तो क्यों? जानकारी उपलब्ध करावें।
किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) 02 शिकायतें प्राप्त हुयी। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) जी हाँ। श्री बागरी द्वारा माननीय उच्च न्यायालय, जबलपुर में याचिका क्रमांक डब्ल्यू.पी.7737/2019 दायर किया गया जो माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर में विचाराधीन है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ग) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में कार्यवाही प्रक्रियाधीन है तथा प्रश्नांश (ख) के संदर्भ में माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर में प्रकरण विचाराधीन है।
राजस्व ग्रामों को सुदूर ग्रामों से जोड़ा जाना
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
86. ( क्र. 500 ) श्री फुन्देलाल सिंह मार्को : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अनूपपुर जिले की पुष्पराजगढ़ विधानसभा क्षेत्र में कुल कितने राजस्व ग्राम हैं जो प्रधानमंत्री सड़क तथा लोक निर्माण विभाग एवं अन्य सुदूर सड़कों से जुड़े हैं तथा जो ग्राम पक्की सड़कों से नहीं जुड़े हैं, उनके न जुड़ने का क्या कारण हैं? जो राजस्व ग्राम हैं, उनमें पक्की एवं सुदूर सड़कें बनाये जाने हेतु शासन की क्या कार्ययोजना है? ऐसे ग्रामों को कब तक पक्की, सुदूर सड़कों से जोड़ा जायेगा? (ख) अनूपपुर जिले में सड़कों के निर्माण हेतु शासन ने वर्ष 2024-25 में कितनी राशि किन सड़कों के लिये स्वीकृत की है? विकासखंडवार जानकारी देवें। (ग) विधानसभा क्षेत्र पुष्पराजगढ़ में 1 अप्रैल 2023 से प्राधिकरण अंतर्गत किस-किस योजना में कौन-कौन सी सड़कों के निर्माण कार्य कितनी-कितनी राशि के स्वीकृत किये गये तथा कितने और कौन-कौन से निर्माण कार्य स्वीकृति हेतु लंबित हैं? लंबित निर्माण कार्य कब तक स्वीकृत किये जायेंगे? (घ) विधानसभा क्षेत्र पुष्पराजगढ़ में खराब सड़क का सर्वे करके मरम्मत कराई गई है। यदि हाँ, तो कौन-कौन सी सड़कें, कहाँ-कहाँ पर, कितनी-कितनी खराब पाई गईं एवं किन सड़कों की मरम्मत की गई है? शेष रही सड़कों की मरम्मत कब तक कर दी जायेगी?
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) विधानसभा क्षेत्र पुष्पराजगढ़ अंतर्गत कुल 271 राजस्व ग्राम हैं। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से 210 राजस्व ग्रामों को पक्की सड़कों से संपर्कता प्रदान की जा चुकी है। वर्तमान में विकासखण्ड पुष्पराजगढ़ में 250 से अधिक की जनसंख्या का कोई भी राजस्व ग्राम संपर्क विहीन नहीं है। लोक निर्माण विभाग अंतर्गत कुल 56 राजस्व ग्रामों को पक्की सड़क से जोड़ा गया है। शेष राजस्व ग्राम अन्य विभागों के निर्मित मार्गों से संपर्कता प्राप्त है। (ख) अनूपपुर जिले में वर्ष 2024-25 में शासन द्वारा प्रधानमंत्री जनमन योजना अंतर्गत कुल 81 मार्ग, जिसकी स्वीकृत लागत 133.26 करोड़ की स्वीकृति प्राप्त हुई है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''1'' अनुसार है। मनरेगा की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''2'' अनुसार है। लोक निर्माण विभाग की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''3'' अनुसार है। (ग) विधानसभा क्षेत्र पुष्पराजगढ़ में 01 अप्रैल 2023 से प्रश्नांश दिनांक तक प्रधानमंत्री जनमन योजना के अंतर्गत कुल 64 मार्ग, लंबाई 132.52 कि.मी. एवं 98.01 करोड़ के सड़क निर्माण कार्य स्वीकृत हुये हैं। वर्तमान में कोई भी सड़क निर्माण कार्य के प्रस्ताव लंबित नहीं है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''4'' अनुसार है। ग्रामीण यांत्रिकी सेवा की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''5'' अनुसार है। मनरेगा की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''6'' अनुसार है। लोक निर्माण विभाग की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''7'' अनुसार है। (घ) विधानसभा क्षेत्र पुष्पराजगढ़ अंतर्गत खराब सड़कों के मरम्मत हेतु कोई सर्वे कार्य नहीं कराया गया है। अनुबंधानुसार मार्गों के संधारण की सतत् प्रक्रिया के तहत आवश्यकतानुसार कार्य कर मार्गों को संधारित किया गया है। मनरेगा अंतर्गत विधानसभा क्षेत्र पुष्पराजगढ़ में 04 सडकों के मरम्मत का कार्य कराया गया है, जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''8'' अनुसार है। लोक निर्माण विभाग की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''9'' अनुसार है।
समर्थन मूल्य पर उपार्जन एवं भावान्तर
[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]
87. ( क्र. 504 ) कुँवर अभिजीत शाह : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्यप्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2026-27 में गेहँ, चना, मक्का एवं मूँग की फसल को समर्थन मूल्य पर उपार्जित किये जाने की क्या योजना है? यदि नहीं, तो क्यों? शासन द्वारा खरीफ विपणन मौसम में मक्का का उपार्जन क्यों नहीं किया गया? किसानों को मक्का का औसतन भाव लगभग 1200 रूपये प्रति क्विंटल प्रदान किया गया जबकि समर्थन मूल्य 2400 रूपये/क्विंटल होने के उपरांत भी किसान को इसका भुगतान नहीं हो सका, जिससे किसान को उपज का आधा दाम मिला अत्यधिक आर्थिक नुकसान हुआ। क्या शासन द्वारा इस आर्थिक नुकसानी का सर्वे कराया गया है? क्या शासन इस हेतु जवाबदेह है? समस्त जिलों की मंडियों में मक्का का औसत भाव कितना कितना रहा? (ख) भावान्तर भुगतान योजनांतर्गत किसानों से सोयाबीन का उपार्जन किया गया? समर्थन मूल्य की अपेक्षाकृत इस योजना के क्या फायदे हैं? कुल विक्रेता किसानों की संख्या, क्रय की गई सोयाबीन की मात्रा, किसानों को भुगतान की गई राशि तथा कितने किसानों को कितनी राशि का भुगतान शेष है? शेष भुगतान कब तक किया जावेगा? लगभग 03 माह व्यतीत हो जाने उपरांत भी किसानों को किस कारण से भावान्तर का भुगतान नहीं हो सका है? इसके लिये कौन जिम्मेदार है? विस्तृत जानकारी प्रदान की जावे।
किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) प्रदेश में खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग द्वारा विकेन्द्रीयकृत योजना के तहत भारत सरकार द्वारा निर्धारित समर्थन मूल्य पर गेहूं का उपार्जन किया जाता है। भारत सरकार की नीति अनुसार समर्थन मूल्य पर उपार्जित मक्का को लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत पात्र परिवारों को वितरण की अनिवार्यता, सरप्लस मक्का को केन्द्रीय पूल में प्राप्त न करने, मक्का की सेल्फ लाइफ सीमित होने तथा मक्का उपार्जन मात्रा अनुसार लक्षित सार्वजानिक वितरण प्रणाली में खपत न होने के कारण विगत वर्षों से मक्का का उपार्जन नहीं होता रहा है। फसल चना एवं मूंग का न्यूनतम समर्थन मूल्य पर उपार्जन किये जाने हेतु शासन द्वारा समय-समय पर नीतिगत निर्णय लिया जाता है। मंडियों में मक्का के भाव की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। शेष प्रश्न उद्भूत नहीं होता है। (ख) भावान्तर योजनांतर्गत किसानों से सोयाबीन का उपार्जन नहीं किया गया है। समर्थन मूल्य प्रणाली की तुलना में भावान्तर योजना में किसान को मंडी में बाजार भाव पर अपनी उपज बेचने का अवसर मिलता है और यदि कृषक को प्राप्त विक्रय मूल्य न्यूनतम समर्थन मूल्य से कम होता है और मॉडल रेट से अधिक होता है तो न्यूनतम समर्थन मूल्य से विक्रय मूल्य के अंतर की राशि शासन द्वारा सीधे किसान के खाते में प्रदान की जाती है तथा यदि कृषक का विक्रय मूल्य मॉडल दर से कम है तो कृषक को न्यूनतम समर्थन मूल्य और मॉडल दर के अंतर की राशि शासन द्वारा सीधे किसान के खाते में प्रदान की जाती है, इससे किसान को बाजार का लाभ भी मिलता है और मूल्य सुरक्षा भी सुनिश्चित होती है। इस योजना में शासन को फसल की भौतिक खरीद, भंडारण एवं परिवहन की आवश्यकता नहीं होती, जिससे अपव्यय, लीकेज और प्रशासनिक खर्च कम होता है। भुगतान ऑनलाइन माध्यम से, पारदर्शी और समयबद्ध रूप से किया जा सकता है। मंडी प्रांगण में खुली नीलामी के कारण प्रतिस्पर्धा बढ़ती है, मंडी व्यवस्था मजबूत होती है और गुणवत्ता आधारित व्यापार को बढ़ावा मिलता है। साथ ही यह व्यवस्था राजकोषीय रूप से अधिक टिकाऊ है तथा किसानों के लिए भी अधिक सुलभ और लाभकारी सिद्ध होती है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। जिसके अनुसार 6.86 लाख किसानों का भुगतान किया जा चुका है। भुगतान हेतु शेष कृषकों के तकनीकी समस्याओं यथा-बैंक खातों की त्रुटिपूर्ण जानकारी, खातों का आधार सीडिंग नहीं होना, डाटा इंद्राज में त्रुटि आदि के कारण भुगतान लंबित है। उपरोक्त त्रुटियों के निदान की कार्यवाही सतत की जा रही है। उक्त कार्यवाही पूर्ण कर भुगतान किया जाएगा। भावान्तर राशि भुगतान की कार्यवाही सतत प्रक्रियाधीन है। अतः शेष प्रश्न उद्भूत नहीं होता है।
महाविद्यालयों में रिक्त पदों की पूर्ति
[उच्च शिक्षा]
88. ( क्र. 539 ) श्रीमती उमादेवी लालचंद खटीक : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला दमोह के महाविद्यालयों में प्रोफेसर, असिस्टेंट प्रोफेसरों के कितने पद रिक्त है? विषयवार जानकारी दें। (ख) प्रश्नांश (क) वर्णित पदों के रिक्त रहने के क्या कारण है? रिक्त पदों की पूर्ति हेतु विभाग द्वारा कब-कब क्या कार्यवाही की गई? (ग) क्या महाविद्यालयों में पद रिक्त होने से छात्र/छात्राओं की पढ़ाई पर असर नहीं पड़ रहा है?
उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री इन्दर सिंह परमार ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) दमोह जिले के महाविद्यालयों में सेवानिवृत्ति एवं स्थानांतरण होने से पद रिक्त हैं। रिक्त पदों की पूर्ति एक सतत् प्रक्रिया है। सहायक प्राध्यापक परीक्षा-2022 के आधार पर नियुक्ति की कार्यवाही निरंतर जारी है तथा वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 में रिक्त पदों की पूर्ति हेतु म.प्र. लोक सेवा आयोग द्वारा विज्ञापन जारी कर चयन संबंधित कार्यवाही की जा रही है। (ग) रिक्त पदों के विरूद्ध अतिथि विद्वानों के आमंत्रण से अध्यापन सुचारू रूप से जारी है, जिससे छात्र/छात्राओं की पढ़ाई पर कोई असर नहीं पड़ रहा है।
नयागांव में नवीन महाविद्यालय की स्वीकृति
[उच्च शिक्षा]
89. ( क्र. 552 ) श्री नरेन्द्र सिंह कुशवाह : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या दिनांक 06 मार्च 2024 को भिण्ड में आयोजित कृषि एवं सहकारिता सम्मेलन में माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा भिण्ड विधान सभा क्षेत्र के नयागांव में नवीन महाविद्यालय निर्माण हेतु घोषणा की गई थी? यदि हाँ, तो उच्च शिक्षा विभाग द्वारा प्रश्न दिनांक तक क्या आवश्यक कार्यवाही की है? (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में उच्च शिक्षा विभाग द्वारा कब तक आवश्यक कार्यवाही पूर्ण की जावेगी समयावधि बताएं। बजट सत्र 2025 में तारांकित प्रश्न के परिप्रेक्ष्य में माननीय मंत्री जी द्वारा आश्वासन दिया गया था तथा इसी क्रम में माननीय मुख्यमंत्री जी माननीय मंत्री जी को लिखे पत्रों पर हुई कार्यवाही से अवगत करावें। (ग) क्या माननीय मुख्यमंत्री जी की घोषणा पर उच्च शिक्षा विभाग द्वारा कोई भी आशातीत कार्यवाही नहीं की गई है? क्या महाविद्यालय निर्माण हेतु नयागांव के आस-पास भूमि का चिन्हांकन, विभागीय अनुमति कब तक प्रदान कर भवन अनुज्ञा की अनुमति प्रदान की जावेगी? (घ) प्रश्नांश (क), (ख) एवं (ग) की संपूर्ण जानकारी व समयावधि की जानकारी दें।
उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री इन्दर सिंह परमार ) : (क) दिनांक 06.03.2024 को भिण्ड में माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा भिण्ड विधानसभा क्षेत्र के नयागांव तहसील में परीक्षण उपरांत महाविद्यालय खोले जाने की घोषणा की गयी थी। परीक्षण अनुसार नयागांव में महाविद्यालय प्रारंभ करने हेतु विभागीय मापदण्डों की पूर्ति नहीं हो रही है। (ख) से (घ) उत्तरांश ''क'' के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
नवीन कृषि महाविद्यालय का निर्माण
[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]
90. ( क्र. 553 ) श्री नरेन्द्र सिंह कुशवाह : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या दिनांक 06 मार्च 2024 को भिण्ड में आयोजित किसान एवं सहाकारिता सम्मेलन में माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा भिण्ड नगर में नवीन कृषि महाविद्यालय के निर्माण की घोषणा की गई थी? यदि हाँ, तो प्रश्न दिनांक तक हुई कार्यवाही से अवगत करावें। (ख) क्या नवीन कृषि महाविद्यालय निर्माण के संदर्भ में विभाग द्वारा उच्च शिक्षा विभाग से समन्वयन हेतु कार्यवाही की गई है? यदि हाँ, तो प्रश्न दिनांक तक हुई कार्यवाही से अवगत करावें। यदि नहीं, तो आवश्यक कार्यवाही हेतु समयावधि बताएं। (ग) माननीय मुख्यमंत्री जी की घोषणा पर विभाग द्वारा क्या-क्या कार्यवाही की गई है? सम्पूर्ण जानकारी से अवगत करावें। (घ) भिण्ड नगर में नवीन कृषि महाविद्यालय का निर्माण कब तक प्रारंभ किया जावेगा? बिन्दुवार जानकारी से अवगत करावें।
किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) जी नहीं। (ख) से (घ) उत्तरांश ''क'' के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
सड़कों का मरम्मत कार्य
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
91. ( क्र. 556 ) श्री फूलसिंह बरैया : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दतिया जिले में प्रधानमंत्री/मुख्यमंत्री सड़क योजनांतर्गत वर्ष 2022-23 से प्रश्न दिनांक तक कितनी नवीन सड़कें स्वीकृत की गई हैं तथा कितनी पुरानी सड़कों के मरम्मत कार्य हुये हैं? इनकी सूची विधानसभावार बतायें। इन पर कितना व्यय किया गया है? कार्यवार बतायें। (ख) उक्त सड़कों में कौन-कौन से कार्य पूर्ण हो चुके हैं? क्या उनके गुणवत्ता प्रमाण पत्र लिये गये हैं? उनकी प्रति एवं किस-किस अधिकारियों द्वारा समय-समय पर निरीक्षण किये गये हैं? उनकी निरीक्षण की टीप भी उपलब्ध कराएं। (ग) भाण्डेर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत भाण्डेर से सरसई जाने वाली सड़क शुरू में ही 3 कि.मी. में विगत 3 वर्षों से गड्ढों में तब्दील हैं। यहां गड्ढों एवं धूल के कारण पैदल एवं दो पहिया वाहनों का निकलना मुश्किल हो रहा हैं। बरसात में तो पैदल एवं दो पहिया वाहन कीचड़ में डूब जाते हैं। विभाग द्वारा इस रोड की मरम्मत कब की जाएगी? यह आवश्यक रोड हैं, क्या इसका चौड़ीकरण प्रस्तावित है अथवा नहीं? यदि नहीं, तो क्या आगामी कार्ययोजना में जोड़ा जायेगा?
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) दतिया जिले में प्रधानमंत्री/मुख्यमंत्री सड़क योजनांतर्गत वर्ष 2022-2023 से प्रश्न दिनांक तक पी.एम. जनमन योजना के अंतर्गत 08 नवीन मार्ग स्वीकृत हुये हैं, जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''1'' अनुसार है तथा दतिया जिले के अतंर्गत 321 पुरानी सड़कों का संधारण कार्य किया जा रहा है, जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''2'' अनुसार है। ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''3'' अनुसार है। (ख) उतरांश ''क'' अनुसार प्रधानमंत्री/मुख्यमंत्री सड़क योजनांतर्गत वर्ष 2022-2023 में पी.एम. जनमन योजना के अंतर्गत 02 मार्ग पूर्ण हो चुके हैं। जिनकी गुणवत्ता संबंधी जांच समय-समय State Quality Monitor द्वारा की गई है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''4'' अनुसार है। ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''3'' अनुसार है। (ग) दतिया जिले अंतर्गत भाण्डेर विधानसभा क्षेत्र के मार्ग भाण्डेर से सरसई लम्बाई 18.413 कि.मी., पैकेज क्र. MP09MTN072 में स्वीकृत होकर 05 वर्ष पश्चात की संधारण अवधि में है। उक्त मार्ग के चैनेज क्र. 0 मी. से चैनेज 500 मी. तक कुल 0.50 कि.मी. भाग नगर पालिका परिषद्, भाण्डेर को हस्तांतरित किया जा चुका है। मार्ग की चैनेज क्र. 0.51 कि.मी. से 2.50 कि.मी. तक का भाग क्रेशर स्थापित एवं पत्थर की खदान होने के कारण हैवी ट्रैफिक से प्रभावित है। हैवी ट्रैफिक को रोकने हेतु जिला प्रशासन से अनुरोध किया गया है। हैवी ट्रैफिक होने से इस मार्ग का ATCC सर्वे प्रस्तावित किया गया है। संविदाकार द्वारा मार्ग को मोटरेबल बनाया गया है।
निर्माण कार्यों में अनियमितता की जांच
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
92. ( क्र. 557 ) श्री फूलसिंह बरैया : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला दतिया में भाण्डेर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत जनपद भाण्डेर एवं जनपद दतिया की ग्राम पंचायतों एवं ग्रामीण यांत्रिकी विभाग द्वारा मनरेगा मद से वर्ष 2022-23 से प्रश्न दिनांक तक कितनी-कितनी राशि के अमृत सरोवर तालाब एवं चेक-डेम व सुदूर सड़कें बनवाई गई हैं? पंचायतवार एवं वर्षवार जानकारी दें तथा कार्य की लागत भी दें। (ख) प्रश्नांश (क) के अनुसार उक्त वर्षों में बनाये गये अमृत सरोवर तालाब एवं चेक-डेम सुदूर सड़कों के प्रत्येक कार्य पर कितने श्रमिकों को रोजगार दिया गया हैं? सूची सहित बतायें तथा श्रमिकों पर कितनी राशि व्यय की गई? (ग) क्या उक्त कार्यों में वित्तीय अनियमितता संबंधी कोई शिकायत प्राप्त हुई थी? यदि हाँ, तो इसकी किसने जांच की? संबंधितों के विरूद्ध कार्यवाही की? यदि हाँ, तो बतायें।
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) जनपद पंचायत भाण्डेर एवं जनपद पंचायत दतिया में मनरेगा मद से ग्राम पंचायतों द्वारा वर्ष 2022-23 से प्रश्न दिनांक तक 37 अमृत सरोवर राशि 497.83 लाख, 15 चेक-डेम राशि 145.45 लाख, 8 सुदूर सड़क राशि 89.96 लाख की स्वीकृति कर कार्य कराये गये। जनपद पंचायत भाण्डेर एवं जनपद पंचायत दतिया में मनरेगा मद से ग्रामीण यांत्रिकी सेवा द्वारा वर्ष 2022-23 से प्रश्न दिनांक तक 02 अमृत सरोवर राशि रूपये 66.75 लाख की स्वीकृति कर कार्य कराये गये। ग्रामीण यांत्रिकी सेवा द्वारा चेक-डेम एवं सुदूर सड़क के कार्य वर्ष 2022-23 से प्रश्न दिनांक तक नहीं कराये गये है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) जी नहीं, कार्यों में वित्तीय अनियमितता संबंधी शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
सहायक प्राध्यापकों को चतुर्थ समयमान वेतनमान का लाभ
[उच्च शिक्षा]
93. ( क्र. 563 ) श्री हरिशंकर खटीक : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि वर्ष 2009, 2012 एवं 2019 में चयनित सहायक प्राध्यापकों को वरिष्ठ, प्रवर एवं चतुर्थ समयमान वेतनमान दिया जा रहा है, जबकि वर्ष 2004-05 में चयनित सहायक प्राध्यापकों को सम्पूर्ण अर्हताएं पूर्ण कराए जाने के बावजूद भी प्रश्न दिनांक तक नहीं, क्यों? विभागों ने क्या-क्या कार्यवाही की है? सम्पूर्ण जानकारी प्रदाय कर यह भी बताएं कि विभाग ने कब-कब कैबिनेट की बैठक में उपरोक्त प्रकरण को रखा है? कृपया अद्यतन सम्पूर्ण जानकारी देते हुए निश्चित समय-सीमा सहित बताएं। कब-कब वर्ष 2004-05 में चयनित सहायक प्राध्यापकों को शासन/विभाग द्वारा वरिष्ठ, प्रवर एवं चतुर्थ समयमान वेतनमान का लाभ मिल सकेगा?
उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री इन्दर सिंह परमार ) : जी हाँ। वर्ष 2004-05 में चयनित ऐसे सहायक प्राध्यापक जिन्होंने नियुक्ति हेतु निर्धारित अर्हता की पूर्ति नियुक्ति के समय अथवा 02 वर्ष के बाद तक पूर्ण नहीं किए जाने के कारण वेतनमान के प्रकरण रूके हुए हैं। निर्धारित अर्हता, निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण नहीं किये जाने के कारण परिवीक्षा समाप्ति तिथि का निर्धारण करने एवं तद्नुसार वेतनमान दिए जाने के संबंध में प्रकरण विचाराधीन है। उक्त प्रकरण केबिनेट बैठक में नहीं रखा गया है। प्रकरण में कार्यवाही की जा रही है, समय-सीमा बताई जाना संभव नहीं है।
स्नातक महाविद्यालय में स्नातकोत्तर की कक्षाएं प्रारंभ की जाना
[उच्च शिक्षा]
94. ( क्र. 564 ) श्री हरिशंकर खटीक : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्नकर्ता द्वारा कब-कब शासकीय महाविद्यालय जतारा, टीकमगढ़ में स्नातकोत्तर महाविद्यालय की कक्षाएं प्रारंभ कराने हेतु किस-किस तारांकित एवं अतारांकित प्रश्न क्रमांकों के माध्यम से एवं माननीय मुख्यमंत्री, विभागीय मंत्री महोदय को पत्रों के माध्यम से शासन का कब-कब ध्यानाकर्षित कराया गया है? (ख) प्रश्नांश (क) के आधार पर जानकारी दें कि माननीय तत्कालीन मुख्यमंत्री जी की घोषणाएं थीं कि शास. महाविद्यालय जतारा में स्नातकोत्तर की कक्षाएं प्रारंभ करवाई जावेंगी? घोषणा क्र. एवं दिनांक सहित बताएं। फिर भी प्रारंभ नहीं हुई हैं, क्यों? प्रश्न दिनांक तक विभाग ने क्या-क्या कार्यवाही की है? कृपया अद्यतन जानकारी से अवगत करावें। (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के आधार पर निश्चित समय-सीमा सहित बताएं कि कब तक विभाग छात्र-छात्राओं के हित में शास. महाविद्यालय जतारा में स्नातकोत्तर की कक्षाएं प्रारंभ कर देगा?
उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री इन्दर सिंह परमार ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा दिनांक 30.08.2018 को शासकीय महाविद्यालय जतारा जिला टीकमगढ़ में स्नातकोत्तर की कक्षाएं प्रारंभ कराये जाने हेतु घोषणा क्रमांक बी-5124 की गई थी। उक्त घोषणा के परिपालन में विभागीय मापदण्डों के परिप्रेक्ष्य में कार्यवाही की जा रही है। (ग) समय-सीमा बताई जाना संभव नहीं है।
अतिरिक्त संचालक पद पर कनिष्ठ अधिकारी की पदस्थापना
[उच्च शिक्षा]
95. ( क्र. 591 ) श्री हेमंत सत्यदेव कटारे : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) उच्च शिक्षा के अन्तर्गत संभागीय अतिरिक्त संचालक के पद पर किस प्रकार के अनुभवी व वरिष्ठ अधिकारी/प्राध्यापक को पदस्थ किये जाने के नियम हैं? विभागीय नियमों की पूर्ण जानकारी दी जाये। (ख) ग्वालियर-चंबल संभाग में अतिरिक्त संचालक, उच्च शिक्षा के पद पर डॉ. के. रत्नम कनिष्ठ प्राध्यापक होते हुये उन्हें उक्त पद पर पदस्थ किये जाने का क्या आधार है? डॉ. रत्नम को प्रशासनिक अथवा प्राचार्य के रूप में पदस्थ रहने का क्या अनुभव प्राप्त है? उनकी वरिष्ठता आदि की पूर्ण जानकारी उपलब्ध करायी जाये। (ग) कनिष्ठ प्राध्यापक को ग्वालियर-चंबल संभाग के संभागीय अतिरिक्त संचालक जैसे जिम्मेदार प्रशासनिक पद पर पदस्थ करने हेतु कौन जिम्मेदार है? क्या यह नियुक्ति निरस्त कर अन्य योग्य अधिकारी की पदस्थापना करने पर राज्य शासन विचार करेगा? यदि हाँ, तो कब तक? समय-सीमा बताएं।
उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री इन्दर सिंह परमार ) : (क) म.प्र. शैक्षणिक सेवा (महाविद्यालयीन शाखा) भरती नियम, 1990 में अतिरिक्त संचालक के पद पर पदोन्नति हेतु प्राचार्य, उपाधि महाविद्यालय काडर की संयुक्त ज्येष्ठता सूची तथा अनुभव के आधार पर किए जाने का उल्लेख है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) तत्कालीन अतिरिक्त संचालक, ग्वालियर-चंबल संभाग, ग्वालियर द्वारा अतिरिक्त संचालक के दायित्वों के निर्वहन हेतु असहमति व्यक्त किए जाने पर प्रशासकीय कार्य सुविधा के दृष्टिगत डॉ. कुमार रत्नम, प्राध्यापक को अतिरिक्त संचालक का प्रभार दिया गया। डॉ. रत्नम को भारतीय ऐतिहासिक अनुसंधान परिषद् में 03 वर्ष का प्रशासकीय अनुभव है। वर्ष 2009 के पश्चात वरिष्ठता सूची जारी नहीं होने से डॉ. रत्नम का नाम वरिष्ठता सूची में शामिल नहीं है। (ग) उत्तरांश ''ख'' के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
दूषित पानी व गुणवत्ताहीन भोजन से विद्यार्थियों को पीलिया
[उच्च शिक्षा]
96. ( क्र. 592 ) श्री हेमंत सत्यदेव कटारे : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) व्ही.आई.टी. यूनीवर्सिटी सीहोर स्थित छात्रावासों में लंबे समय तक दूषित पानी व गुणवत्ताहीन भोजन प्रदाय किये जाने से सैकड़ों छात्र पीलिया से ग्रसित होने, शिकायत करने पर छात्रों के साथ मारपीट करने एवं ई-मेल के माध्यम से देश के विभिन्न राज्यों के निवासरत हजारों छात्र/छात्राओं से जबरन छात्रावासों को खाली कराये जाने से निर्मित हुई अराजकता की स्थिति संबंधी घटना की जांच राज्य शासन द्वारा किन अधिकारियों का दल बनाकर करायी गयी? जांच में क्या पाया? जांच प्रतिवेदन की छायाप्रति सहित पूर्ण जानकारी उपलब्ध करायी जाये। (ख) प्रश्नांश (क) की घटना में विश्वविद्यालय प्रशासन के किन-किन अधिकारी/पदाधिकारी के विरूद्ध अपराध पंजीबद्ध कराया? नाम, पदनाम, थाना, अप.क्र. धाराएं आदि की पूर्ण जानकारी दी जाये। इसी प्रकार किन-किन छात्रों के विरूद्ध अपराध पंजीबद्ध किये गये? उनका नाम, थाना, अप.क्र. व धाराएं आदि की जानकारी दी जाये। (ग) क्या दिनांक 02 दिसम्बर 2025 को विधानसभा में प्रश्नकर्ता की ध्यानाकर्षण सूचना के जवाब में मंत्री जी द्वारा मुख्यमंत्री जी से चर्चा होने के 7 दिन के भीतर ऐसी कठोर कार्यवाही तथा अपराध पंजीबद्ध होने से हजारों छात्रों का भविष्य खराब न हो इस हेतु कानूनी सलाह लेकर छात्रों का भविष्य सुरिक्षत करने का आश्वासन दिया था? राज्य शासन द्वारा विश्वविद्यालय को धारा-41 (1) का नोटिस जारी कर 7 दिवस में कार्यवाही हेतु लिखे जाने के बाद पुन: दि. 17.12.2025 को विशेष सत्र के दौरान मान. मंत्री जी द्वारा पूर्व में धारा-41 (2) का नोटिस जारी किये जाने व विश्वविद्यालय में प्रशासक नियुक्त किये जाने का प्रस्ताव शासन के पास विचाराधीन होने की जानकारी दी गई थी? यदि हाँ, तो प्रश्न दिनांक तक धारा-41 (1) एवं धारा-41 (2) के नोटिस एवं प्रशासक नियुक्त करने संबंधी प्रस्ताव पर शासन द्वारा क्या-क्या कार्यवाही की गयी/निर्णय लिया गया? पृथक-पृथक जानकारी उपलब्ध करायी जाये। (घ) विधानसभा में दिये आश्वासन अनुसार छात्रों के विरूद्ध पंजीबद्ध अपराधों को कानूनी सलाह लेकर प्रत्याहरित करने के संबंध में राज्य शासन की ओर से प्रश्न दिनांक तक क्या कार्यवाही की गयी? पूर्ण जानकारी दी जाये।
उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री इन्दर सिंह परमार ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) पुलिस द्वारा हॉस्टल वार्डन प्रशांत कुमार पांडे एवं अन्य के विरूद्ध अपराध क्रमांक 561/25, धारा 191 (2), 190, 296 ए, 115 (2), 351 (3) बी.एन.एस. दर्ज कर विवेचना में लिया गया है। व्ही.आई.टी. विश्वविद्यालय द्वारा परिसर में छात्रों द्वारा आगजनी व तोड़फोड़ किए जाने के आवेदन पर अज्ञात छात्रों के विरूद्ध अपराध क्रमांक 562/25 धारा 190, 191 (1), 326 (g), 324 (1), बी.एन.एस. पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है। (ग) जी हाँ। जी नहीं, विधानसभा के कार्यवाही विवरण दिनांक 17.12.2025 में ऐसा उल्लेख नहीं है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) उत्तरांश (ख) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
यू.जी.सी. वेतनमान की पात्रता
[उच्च शिक्षा]
97. ( क्र. 596 ) श्री बृज बिहारी पटैरिया : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) उच्च शिक्षा विभाग अन्तर्गत यू.जी.सी. के वेतनमान दिये जाने के क्या नियम हैं? कितने वर्ष का शैक्षणिक कार्य करने वाले सहायक प्राध्यापकों एवं प्राध्यापकों को दिये जाने के प्रावधान है? पी.एच.डी. धारित एवं गैर पी.एच.डी. धारित के लिये क्या नियम हैं? नियम एवं विवरण देवें। (ख) चतुर्थ वेतनमान प्राप्त करने हेतु सहायक प्राध्यापकों को कितने वर्ष तक अनिवार्य शैक्षणिक कार्य करने पर यू.जी.सी. वेतनमान के लिये पात्र होते हैं? विवरण एवं नियम देवें। क्या जिन लोगों के द्वारा नियमानुसार शैक्षणिक कार्य नहीं किया, इसके बावजूद भी कूटरचित दस्तावेजों (गोपनीय चरित्रावली) के आधार पर लाभ लिया जा रहा है? क्या ऐसे मामलों की जांच की जावेगी? यदि हाँ, तो नामवार जानकारी देवें। कब तक कार्यवाही होगी? (ग) क्या विभाग में रूसा एवं विश्व बैंक परियोजना (ए.पी.डी.) के प्रभार हेतु प्राचार्य/प्राध्यापक पद धारित ही पदस्थ किये जाने के प्रावधान हैं या राज्य प्रशासनिक सेवा के अपर कलेक्टर स्तर का ए.पी.डी हो सकते हैं? विवरण देवें। वर्तमान में पदस्थ ए.पी.डी. की विगत 2 वर्षों में प्राप्त शिकायतों पर प्रश्न दिनांक तक क्या कार्यवाही की गई? किस स्तर के अधिकारी के द्वारा जांच की गई? जांच प्रतिवेदन में दोषी है कि नहीं, विवरण प्रतिवेदन उपलब्ध करायें। वर्तमान में परियोजना के प्रभारी की विभिन्न अनियमितताओं की शिकायतों का प्रकरण राज्य आर्थिक अपराध अनुसंधान (ई.ओ.डब्ल्यू.) में भी प्रकरण दर्ज है। विवरण देवें। यदि हाँ, तो विभाग कब तक ए.पी.डी./ओ.एस.डी. के प्रभार से पृथक करेगा? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्यों?
उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री इन्दर सिंह परमार ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'अ' अनुसार है। सेवा में नियुक्ति दिनांक से शैक्षणिक कार्य करने वाले सहायक प्राध्यापकों एवं प्राध्यापकों को वेतनमान दिये जाने का प्रावधान है। पीएच.डी धारित सहायक प्राध्यापक को छठवें वेतनमान में पीएच.डी. की उपाधि प्राप्त करने पर अतिरिक्त वेतन वृद्धि प्रदान करने का प्रावधान है। गैर पीएच.डी. धारकों को अतिरिक्त वेतन वृद्धि की पात्रता नहीं है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'अ' अनुसार ही है। (ख) चतुर्थ वेतनमान वर्ष 1986 लागू होने के दिनांक से समस्त सहायक प्राध्यापक, यू.जी.सी वेतनमान के लिए पात्र होते हैं। जी नहीं। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता है। (ग) मध्यप्रदेश शासन उच्च शिक्षा विभाग के आदेश क्रमांक एफ 1-6/2014/3 दिनांक 10.10.2014 द्वारा अतिरिक्त परियोजना संचालक का पद राज्य प्रशासनिक संवर्ग वेतनमान 37400-67000-8700 ग्रेड-पे का है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'ब' अनुसार है। संबंधित की शिकायत की जांच संचालक, वित्त, उच्च शिक्षा संचालनालय एवं अन्य दो सदस्यीय समिति से कराई गई, जो निराधार पाई गई। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'स' अनुसार है। ई.ओ.डब्ल्यू. में पंजीबद्ध शिकायत क्रमांक 511/2025 से संबंधित जानकारी जांच अधिकारी (ई.ओ.डब्ल्यू.) को दिनांक 28.01.2026 को प्रेषित की गई है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'द' अनुसार है। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता है।
खेल अधोसंरचना का निर्माण एवं नवीनीकरण
[खेल एवं युवा कल्याण]
98. ( क्र. 597 ) श्री बृज बिहारी पटैरिया : क्या खेल एवं युवा कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा संचालित योजना मई 2025 द्वारा जारी आदेशानुसार संकल्प 2024 श्री रूपसिंह स्पोर्टस मिशन अंतर्गत खेल इन्फ्रास्ट्रक्चर के द्वारा खेल अधोसंरचना के निर्माण एवं नवीनीकरण हेतु जिला कार्यालय खेल विभाग द्वारा मुख्य परियोजना यंत्री म.प्र. पुलिस आवास एवं अधोसंरचना विकास निगम के माध्यम से एवं प्रश्नकर्ता द्वारा कब कब देवरी वि.खं. एवं केसली वि.ख. हेतु प्रस्ताव प्राक्कलन सहित खेल संचालनालय भोपाल को प्रेषित किये गये है? विवरण उपलब्ध करावें। (ख) क्या प्रस्ताव अनुसार देवरी के लिये 113.00 लाख एवं केसली अदिवासी बाहुल्य वि.खं. के 150.00 लाख के प्रस्ताव/प्राक्कलन सहित खेल संचालनालय में लंबित है? कब तक स्वीकृत कर दिये जावेंगे? विवरण देवें। विलम्ब के कारण बतायें। (ग) क्या खेल विभाग विकासखंड स्तर जल क्रीड़ा (वाटर स्पोर्ट्स) एवं शूटिंग/तीरंदाजी के लिय योजना है या बनाई जा रही है? क्या नियम हैं? विवरण प्रदान करायें।
खेल एवं युवा कल्याण मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) जिला खेल और युवा कल्याण अधिकारी जिला सागर से विकासखंड देवरी व केसली में खेल अधोसंरचना निर्माण हेतु कोई प्रस्ताव/प्राक्कलन प्राप्त नहीं हुये हैं। (ख) प्रश्नोत्तर ''क'' के संदर्भ में शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) विभागीय सीमित बजट व सीमित संसाधान के कारण विभाग द्वारा विकासखंड स्तर पर जल क्रीड़ा (वाटर स्पोर्ट्स) एवं शूटिंग, तीरंदाजी खेल हेतु वर्तमान में कोई योजना प्रस्तावित नहीं है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
अनियमितताओं की उच्च स्तरीय जांच
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
99. ( क्र. 614 ) श्री देवेन्द्र पटेल : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रायसेन जिलान्तर्गत जनपद पंचायत सिलवानी की ग्राम पंचायत खमरिया खुर्द एवं प्रतापगढ़ जनपद पंचायत बेगमगंज की ग्राम पंचायत फतेहपुर को वित्तीय वर्ष 2022 से प्रश्न दिनांक तक 15वा वित्त/5वा वित्त मद से कितनी राशि प्राप्त हुई? विवरण दें। इस राशि से पंचायतों द्वारा क्या-क्या कार्य, कितनी-कितनी लागत से किन-किन स्थानों पर कराये गए हैं? इन कार्यों की गुणवत्ता कैसी है व वर्तमान भौतिक स्थिति बतावें। किन-किन कार्यों के पूर्णता प्रमाण पत्र जारी किये गये हैं? किन के नहीं? जानकारी उपलब्ध कराएं। (ख) गंगा जल संवर्धन अभियान अंतर्गत इन पंचायतों में कितने कार्य कराये गये और इन पर कितनी राशि व्यय हुई? विस्तृत विवरण दें। इन कार्यों में मनरेगा अंतर्गत कितने व्यक्तियों को रोजगार दिया गया? पंचायतवार संख्या बतावें व उन्हें कितनी राशि का भुगतान किया गया है? विवरण दें। (ग) क्या विभाग उक्त तीनों पंचायतों में की गई अनियमितताओं और गुणवत्ताहीन निर्माण कार्यों की जांच उच्च स्तरीय दल गठित कर कराते हुए उत्तरदायियों पर समुचित कार्यवाही करेगा? यदि हाँ, तो कब तक?
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट – ''अ'' अनुसार है। (ख) गंगा जल संवर्धन अभियान अंतर्गत इन पंचायतों में 32 कार्य कराये गये और इन पर 20.49 लाख राशि व्यय हुई। इन कार्यों में मनरेगा अंतर्गत 471 व्यक्तियों को रोजगार दिया जाकर उन्हें राशि रू. 13.78 लाख का भुगतान किया गया। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट - ''ब'' अनुसार है। (ग) इन ग्राम पंचायतों में अनियमितताओं और गुणवत्ताहीन निर्माण कार्यों की शिकायत लंबित नहीं है, शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
जिला सहकारी केन्द्रीय बैंकों में अनियमितता
[सहकारिता]
100. ( क्र. 615 ) श्री देवेन्द्र पटेल : क्या सहकारिता मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित, शिवपुरी की शाखा कोलारस, करैरा तथा शाखा बैराढ़ में वर्ष 2013 से 2022 के मध्य हुए गबन व अनियमितताओं के मामले में अब तक किन-किन पर क्या कार्यवाही की गई है? एफ.आई.आर. एवं विभागीय जांच की अद्यतन स्थिति क्या है? जानकारी दें। राशि की वसूली हेतु क्या प्रयास किये गये? जानकारी दें। दोषियों को संरक्षण देने हेतु कौन-कौन अधिकारी उत्तरदायी हैं? (ख) जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक पन्ना में वर्ष 2017 से 2022 के मध्य हुए 1.85 करोड़ के गबन में एफ.आई.आर., विभागीय जांच व वसूली की अद्यतन स्थिति बतावें। विभागीय जांच व पुलिस कार्यवाही में देरी के क्या कारण हैं? स्पष्ट विवरण दें।
सहकारिता मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित, शिवपुरी की शाखा कोलारस, करैरा तथा बैराढ़ में वर्ष 2013 से 2022 के मध्य हुए गबन व अनियमितताओं के मामले में की गई कार्यवाही एफ.आई.आर., विभागीय जांच एवं राशि वसूली की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता है। (ख) जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित पन्ना में वर्ष 2017 से 2022 के मध्य हुए रू. 1.85 करोड़ के गबन में एफ.आई.आर., विभागीय जांच व वसूली की अद्यतन जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। बैंक द्वारा विभागीय जांच के संबंध में जांच अधिकारियों को जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत करने हेतु अंतिम स्मरण पत्र जारी किया गया है, साथ ही पुलिस कार्यवाही की अद्यतन स्थिति की जानकारी उपलब्ध कराये जाने हेतु थाना प्रभारी थाना कोतवाली पन्ना को दिनांक 28-01-2026 को पत्र भेजा गया है।
भारत सरकार से मनरेगा की लंबित राशि
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
101. ( क्र. 618 ) श्री बाला बच्चन : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विभाग को मनरेगा योजनान्तर्गत वर्ष 2023-24 से 2025-26 तक के लिए भारत सरकार से कितनी राशि प्राप्त हुई व राज्य सरकार ने इस अवधि के लिए कितनी राशि प्रदान की? वर्षवार पृथक-पृथक बतावें। (ख) वर्ष 2024-25 (दिनांक 31.03.2025) तक मनरेगा योजनांतर्गत किस वित्तीय वर्ष की कितनी राशि भारत सरकार से लेना शेष है? वर्षवार देवें। (ग) विभाग को दिनांक 20.01.2026 की स्थिति में 02 माह से अधिक समय का कितना मजदूरी भुगतान कितने मजदूरों का शेष है, मजदूर संख्या, लंबित राशि सहित बतावें। मटेरियल भुगतान की लंबित राशि भी इसी अनुसार है। यह भुगतान कब तक कर दिया जाएगा? समय-सीमा देवें। (घ) प्रश्नांश (ख) अनुसार भारत सरकार से लंबित राशि प्राप्ति के लिए किए गए पत्राचार की छायाप्रति देवें। इसके लिए उठाए गये समस्त कदमों की जानकारी देवें।
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) मनरेगा योजनान्तर्गत वित्तीय वर्ष 2023-24 से 2025-26 प्रश्न दिनांक तक भारत सरकार एवं राज्य सरकार से प्राप्त राशि का विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ अनुसार है। (ख) वर्ष 2024-25 (दिनांक 31.03.2025) तक वित्तीय वर्ष 2023-24 में राशि रूपये 43.74 करोड़ एवं वित्तीय वर्ष 2024-25 में राशि रूपये 878.11 करोड़, इस प्रकार कुल राशि रूपये 921.85 करोड़ भारत सरकार से लेना शेष थी। वित्तीय वर्ष 2025-26 में भारत सरकार से सामग्री मद में प्राप्त राशि क्रियान्वयन एजेंसी को वित्तीय वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 में लंबित बिलों के भुगतान हेतु जारी की गई। (ग) नरेगा साफ्ट (www.nrega.nic.in) की रिपोर्ट 8.1.2 अनुसार दिनांक 19.01.2026 की स्थिति में 36.82 लाख ट्रांजेक्शन्स अंतर्गत राशि रूपये 575.81 करोड़ मजदूरी भुगतान एवं रिपोर्ट 7.1.1 अनुसार राशि रूपये 819.04 करोड़ सामग्री भुगतान शेष है। मजदूरी एवं सामग्री की राशि भारत सरकार एवं राज्य सरकार से प्राप्त होकर व्यय किया जाना एक सतत प्रक्रिया है। भुगतान की समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (घ) भारत सरकार से प्रश्नांश (ख) के संबंध में किए गए पत्राचार की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ब अनुसार है।
योग प्रशिक्षण एवं सहायक प्रशिक्षकों की भर्ती
[आयुष]
102. ( क्र. 660 ) श्रीमती अनुभा मुंजारे : क्या आयुष मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या मध्यप्रदेश में आयुष विभाग द्वारा योग प्रशिक्षक/सहायक प्रशिक्षक के पदों पर भर्ती की गई? वर्ष 2020 से वर्तमान तक कितने पदों पर भर्ती की गई? किस दिनांक को, कितने पदों का विज्ञापन जारी किया गया? क्या-क्या योग्यता रखी गई? रोस्टर क्या था? नियम शर्तों सहित बताएं। (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार बालाघाट जिले के अंतर्गत कितने आयुर्वेदिक औषधालयों में योग प्रशिक्षक एवं सहायक प्रशिक्षकों की नियुक्ति की गई? क्या इनका पुलिस वेरिफिकेशन किया गया? यदि हाँ, तो कब किया गया? यदि नहीं, तो क्यों? क्या इनके समस्त प्रमाण पत्रों एवं डिप्लोमा की जांच की गई? हाँ तो कब? यदि नहीं, तो क्यों? कारण बताएं। (ग) बालाघाट जिले के परसवाड़ा क्षेत्र अंतर्गत पदस्थ योग प्रशिक्षक व सहायक प्रशिक्षकों का P.E.B. स्कोर कार्ड क्या था? बताएं। शासकीय औषधालय भंडेरी में पदस्थ योग प्रशिक्षक/सहायक प्रशिक्षक निरंतर जाते हैं या निवास से सेवा प्रदान करते हैं? सक्षम अधिकारी द्वारा उनके विरुद्ध क्या कार्रवाई की गई? जानकारी देवें। (घ) क्या बालाघाट जिले के अंतर्गत सजायाफ्ता विद्यार्थी की शासकीय आयुर्वेदिक औषधालय में पदस्थापना की गई? यदि हाँ, तो पदस्थ प्रशिक्षकों की जांच की जाए? जिले में पदस्थ योग प्रशिक्षकों के चरित्र प्रमाण पत्रों का सत्यापन क्यों नहीं किया गया? कारण बताएं। संक्षिप्त में जानकारी दें।
आयुष मंत्री ( श्री इन्दर सिंह परमार ) : (क) जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। आउटसोर्स एजेन्सी (उद्यमिता विकास केन्द्र सेडमैप, भोपाल) के माध्यम से योग प्रशिक्षक एवं योग सहायक की अंशकालीन सेवायें ली जा रही हैं। (ख) प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) प्रश्न उपस्थित नहीं होता। भंडेरी में आयुष विभाग की कोई संस्था न होने से, शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
भाग-3
अतारांकित
प्रश्नोत्तर
मजदूरों
को मजदूर
सम्मान निधि
[श्रम]
1. ( क्र. 28 ) श्री मुकेश मल्होत्रा : क्या श्रम मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या शासन द्वारा किसान सम्मान निधि के तहत किसानों को समय-समय पर किसान सम्मान निधि और प्राकृतिक आपदा में मुआवजा राशि दी जाती है? यदि हाँ, तो क्या इसी प्रकार मजदूरों को भी प्रदेश में मजदूर सम्मान निधि का प्रावधान किया जाना विचाराधीन है? (ख) किसानों को फसल में नुकसान होने पर उन्हें उचित मुआवजा दिया जाता है। इसी प्रकार मजदूरों को भी मजदूर सम्मान निधि का प्रावधान किया जायेगा यदि नहीं, तो क्यों कारण बताएं? (ग) क्या मजदूरों के साथ कार्य करते समय किसी प्रकार की घटना घटित होने पर उनकी मृत्यु हो जाती हैं तो उनके परिवार को भरण-पोषण करने हेतु किसी प्रकार की सहायता दिये जाने का प्रावधान है? (घ) यदि प्रश्नांश (क), (ख) एवं (ग) का उत्तर हाँ है तो क्या सरकार मजदूर सम्मान निधि लागू करने का नियम बनाएगी? यदि हां, तो कब तक और नहीं तो कारण दें।
श्रम मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) जी हाँ शासन द्वारा किसान सम्मान निधि के तहत किसानों को समय-समय पर किसान सम्मान निधि और प्राकृतिक आपदा में मुआवजा राशि दिया जाता है, इस प्रकार की कोई योजना वर्तमान श्रम विभाग में विचाराधीन नहीं है। (ख) श्रम विभाग अंतर्गत मध्यप्रदेश शहरी/ग्रामीण कर्मकार कल्याण मंडल एवं मध्यप्रदेश भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के पंजीकृत श्रमिकों को मृत्यु अथवा दिव्यांगता की स्थिति में अनुग्रह सहायता दी जाती है। अत: शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) जानकारी उत्तरांश (ख) अनुसार है। (घ) उत्तरांश (क) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
बाल श्रमिकों की रोकथाम
[श्रम]
2. ( क्र. 31 ) श्री घनश्याम चन्द्रवंशी : क्या श्रम मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या शाजापुर जिले के प्रतिष्ठानों अथवा संस्थानों में बाल श्रमिकों के कार्य किये जाने की जानकारी विभाग के पास है? (ख) विगत 3 वर्षों में विभाग द्वारा बाल श्रमिकों के कार्य किये जाने की कितनी सूचनाओं अथवा शिकायतों पर कार्यवाही की गयी ब्यौरा देवें? (ग) विभाग द्वारा बाल श्रम रोकने के लिए क्या प्रयास किये गये?
श्रम मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) नही, शाजापुर जिले के संस्थानों/प्रतिष्ठानों में बाल श्रमिकों के कार्य किये जाने की कोई सूचना विभाग के पास नहीं है। (ख) विगत 3 वर्षों में श्रम विभाग द्वारा बालक एवं कुमार श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम, 1986, संशोधन 2016 के अंतर्गत नियमानुसार की गई कार्यवाही की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) राज्य में बाल श्रम निषेध एवं उन्मूलन हेतु निरंतर कार्यवाही की जा रही है। (1) बाल श्रम से संबंधित प्रकरणों की नियमित समीक्षा की जा रही है तथा उल्लंघन के मामलों में न्यायिक कार्यवाही की जा रही है। (2) बाल/कुमार एवं बंधक श्रम प्रथा के उन्मूलन हेतु विमुक्त कराये गये बाल/कुमार एवं बंधक श्रमिकों के पुनर्वास, शिक्षा, कौशल विकास के संबंध में निरंतर निगरानी की जा रही है। (3) बाल श्रम एवं बंधक श्रम उन्मूलन हेतु समेकित राज्य कार्य योजना (State Action Plan – SAP) तैयार की गई है, जिसमें शिक्षा विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग तथा कौशल विकास विभाग को सम्मिलित किया गया है। (4) बाल श्रमिकों के नियोजन को हतोत्साहित करने के उद्देश्य से श्रम विभाग द्वारा बालक एवं कुमार श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम, 1986 संशोधित 2016 की धारा 3 एवं 14 से संबंधित प्रावधानों का सारांश औद्योगिक एवं व्यावसायिक संस्थानों में प्रदर्शित कराया जा रहा है। (5) जन-जागरूकता हेतु प्रचार-प्रसार गतिविधियाँ, अभियान एवं कार्यशालाओं का आयोजन नियमित रूप से किया जा रहा है। (6) जिला स्तर पर कलेक्टर की अध्यक्षता में गठित टास्क फोर्स की नियमित बैठकें आयोजित की जा रही हैं, जिनमें चाइल्ड लाइन, महिला एवं बाल विकास विभाग,शिक्षा विभाग, विशेष पुलिस इकाई, बाल कल्याण समिति, गैर-सरकारी संगठन (NGO) आदि सम्मिलित रहते हैं।
ग्राम पंचायतों के भवन
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
3. ( क्र. 33 ) श्री घनश्याम चन्द्रवंशी : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) कालापीपल विधानसभा क्षेत्र में कितने ग्राम पंचायत भवन उपयोग की स्थिति में है एवं कितनी ग्राम पंचायतों के पास भवन नहीं है? (ख) भवन विहीन पंचायत में कब तक भवन निर्माण किया जायेगा।
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) कालापीपल विधानसभा क्षेत्र में 110 ग्राम पंचायतों में से 93 पंचायत भवन उपयोग की स्थिति में हैं एवं 02 ग्राम पंचायतों के पास भवन नहीं है। (ख) बजट की उपलब्धता के आधार पर नवीन कार्य स्वीकृत किये जाते है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
कर्मचारी राज्य बीमा सेवाएं इंदौर में अनिवार्यता
[श्रम]
4. ( क्र. 43 ) डॉ. हिरालाल अलावा : क्या श्रम मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) श्रम मंत्रालय के अधीन कार्यरत संचालनालय कर्मचारी राज्य बीमा सेवाएं इंदौर में मरीजों को समय पर ईलाज और दवाइयां नहीं मिलने की दिनांक 01/01/2023 से प्रश्न दिनांक तक की समस्त शिकायतों की छायाप्रतियां उपलब्ध करावें। किस-किस शिकायत की जांच में क्या पाया गया? सभी प्रकार की दवाइयों की सप्लाई करने वाली टेंडर प्राप्तकर्ता फर्म/व्यक्तियों पर क्या कार्यवाही की गई, आदेशों की प्रतियां सहित बतावें। किसकी शिकायतों पर किन-किन अधिकारियों के विरूद्ध, किस अधिकारी/ कार्यालय के द्वारा जांच की जा रही है, विवरण देते हुए जांच अधिकारी से प्राप्त पत्रों की और प्रस्तुत जवाब की मय दस्तावेजों सहित प्रतियां देवें। (ख) चालू वर्ष में कुल कितना बजट किस-किस व्यय के लिए स्वीकृत, प्राप्त हुआ है? कितना किस-किस कार्य के लिए खर्च किया जा चुका है? कितना बजट किन कारणों से शेष बचा है? विवरण देवें। क्या मांग नहीं होने के कारण बजट खर्च नहीं किया जा रहा है? या मांग होने के बावजूद भी खर्च नहीं किया जा रहा है? (ग) क्या ESIS के हॉस्पिटल, डिस्पेंसरी में किसी प्राईवेट व्यक्ति, फर्म की मशीन रखी, इंस्टॉल की गई है? वह किस उपयोग की है बताते हुए संख्या और स्थान बतावें, किस सक्षम अनुमति, नियम से ऐसी मशीन रखी, लगाई हैं? विवरण सहित बतावें।
श्रम मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) प्राप्त शिकायतों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 1 अनुसार है। शिकायतवार निराकरण की स्थिति की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 2 अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 3 अनुसार है। मदवार मांग एवं खर्च संबंधी स्थिति परिशिष्ट में अंकित है। (ग) जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
म.प्र. जल एवं भूमि प्रबन्ध संस्थान भोपाल को भूमि आवंटन
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
5. ( क्र. 45 ) डॉ. हिरालाल अलावा : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) म.प्र. जल एवं भूमि प्रबन्ध संस्थान भोपाल के नाम पर ग्राम चन्दनपुरा के किस खसरा नम्बर का कितना रकबा वर्तमान में दर्ज है इनमें से कितनी भूमि किस-किस किसान से अर्जित की गई, कितनी-कितनी भूमि कलिया सोत परियोजना के द्वारा आवंटित या अन्तरित की गई। (ख) ग्राम चन्दनपुरा के किस खसरा नम्बर के कितने रकबे पर वाल्मी संस्था का वर्तमान में कब्जा है किस खसरा नम्बर का कितना रकबा चार दीवारी से घिरा है कितने रकबे पर कौन-कौन सा निर्माण है। (ग) रजिया बानों एवं शाहिदा बानों की अर्जन से शेष बची किस खसरा नम्बर के कितने रकबे को वाल्मी संस्था ने अपनी चार दीवारी के अन्दर किस-किस आधार पर शामिल किया, अर्जन से शेष किस खसरा नम्बर के कितने रकबे पर वाल्मी संस्था ने अपना नाम दर्ज करवाया। (घ) अर्जन से शेष भूमि पर से वाल्मी संस्था कब तक अपना कब्जा हटाएगी, कब तक भूमि को अपनी चार दीवारी से पृथक करेगी ? समय-सीमा सहित बतावें।
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) म.प्र. जल एवं भूमि प्रबंध संस्थान के नाम पर ग्राम चंदनपुरा में खसरा क्र. 7,8,11,14,16,18,19,20,21,25,26,27,31/2,33/2, 35,38,43,48/1, 50/2,52, 53,55,56,58,98/39,97/71,13/2,71/क,60,61/2 का रकवा क्रमश: 2.902,1.935,2.668, 0.239, 2.322,0.166,0.178,0.890, 0.174,0.170,0.182,0.684,12.364,2.399,0.032,0.231,0.045, 1.943,0.081, 0.267, 0.174, 0.376,0.372,0.121,1.315,2.273,1.044,1.210,0.324 कुल 37.081 हेक्टेयर भूमि वर्तमान में राजस्व अभिलेखों में दर्ज है। विभाग द्वारा भूअर्जन नहीं किया गया है। कलियासोत परियोजना के द्वारा ग्राम चंदनपुरा की रकवा 56.186 हेक्टेयर भूमि वाल्मी को अंतरित की गई। (ख) ग्राम चंदनपुरा में कुल रकवा 56.186 हेक्टेयर पर वाल्मी का कब्जा है, किसी एक खसरा पर नहीं अपितु संयुक्त खसरों पर सुरक्षा की दृष्टि से बाउन्ड्रीवाल का निर्माण कराया गया है। ग्राम चंदनपुरा की भूमि पर प्रशासकीय भवन, छात्रावास, सामुदायिक भवन, आवासीय भवन, म.प्र. ग्रामीण सड़क अकादमी के प्रशासकीय भवन छात्रावास, अतिथि ग्रह, आवासीय भवन आदि का निर्माण कराया गया है। (ग) उत्तरांश ''क'' अनुसार रजियाबानों एवं शाहिदाबानों की अर्जन से शेष बची भूमि की विभाग को जानकारी नहीं है। शेष प्रश्नांश उद्भूत नहीं होता है। (घ) उत्तरांश ''ग'' के संदर्भ में प्रश्न उद्भूत नहीं होता है।
हरदा जिले में बेरोजगारों को रोजगार
[तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार (केवल कौशल विकास एवं रोजगार ) ]
6. ( क्र. 55 ) डॉ. रामकिशोर दोगने : क्या राज्य मंत्री, कौशल विकास एवं रोजगार महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2021 से प्रश्न दिनांक तक जिला रोजगार कार्यालय हरदा में कितने शिक्षित एवं अशिक्षित बेरोजगार पंजीकृत हुए है? इनमें से कितने पुरूष एवं कितनी महिलाएं है? वर्षवार, आवेदक का नाम, पता सहित पंजीयन की जानकारी उपलब्ध करावें। (ख) वर्ष 2021 से प्रश्न दिनांक तक रोजगार कार्यालय हरदा के माध्यम से कितने बेरोजगारों को शासकीय, सार्वजनिक, सहकारी एवं निजि क्षेत्र में रोजगार उपलब्ध कराया गया है? पुरूष एवं महिला उम्मीदवारों की संख्या वर्षवार, आवेदक/पिता का नाम, जाति एवं पता सहित जानकारी उपलब्ध करावें। (ग) क्या जिला रोजगार कार्यालय शिक्षित बेरोजगारों को रोजगार उपलब्ध कराने में असफल एवं निष्क्रिय सिद्ध हो रहा है। यदि हाँ, तो इसका कारण स्पष्ट करे। (घ) क्या हरदा जिले के शिक्षित बेरोजगारों को बेरोजगारी भत्ता प्रदाय किए जाने की कोई योजना प्रचलन में है क्या? यदि हाँ, तो योजना की जानकारी उपलब्ध करावे। यदि नहीं, तो इसका कारण स्पष्ट करे।
राज्य मंत्री, कौशल विकास एवं रोजगार ( श्री गौतम टेटवाल ) : (क) प्रश्नावधि में एम.पी. रोजगार पोर्टल पर जिला रोजगार कार्यालय, हरदा में दर्ज आकांक्षी युवाओं में 15396 शिक्षित एवं 23 अशिक्षित हैं, इनमें 8601 पुरूष एवं 6818 महिलाएं हैं। आवेदकों के नाम, पता सहित पंजीयन की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) प्रश्नावधि में जिला रोजगार कार्यालय, हरदा के माध्यम से निजी क्षेत्र में ऑफर लेटर प्राप्त पुरूष, महिला एवं कुल आवेदकों की संख्या की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। विभाग में उपलब्ध जानकारी अनुसार आवेदकों के नाम, वर्ग एवं जिले की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है, आवेदकों की जाति एवं पूर्ण पता संधारित नहीं है। (ग) जी नहीं। शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) जी नहीं। विभाग द्वारा जॉब फेयर योजना के माध्यम से हरदा जिले में रोजगार मेलों का आयोजन कर निजी क्षेत्र में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराये जाते हैं।
बाल श्रमिकों से संबंधित प्रकरण
[श्रम]
7. ( क्र. 57 ) डॉ. रामकिशोर दोगने : क्या श्रम मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नर्मदापुरम संभाग में बाल श्रमिक अधिनियम के उल्लंघन के कितने प्रकरण 01 जनवरी 2024 से प्रश्न दिनांक तक दर्ज किए गए है। जिलेवार जानकारी उपलब्ध करावे। (ख) दर्ज किए गए प्रकरणों में दोषियों के विरूद्ध क्या कार्यवाही की गई है? जिलेवार जानकारी उपलब्ध करावे। (ग) बाल श्रमिकों के शोषण मुक्ति के लिए तथा उनके पुनर्वास हेतु शासन की कौन-कौन सी योजनाएँ प्रचलन में है।
श्रम मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) नर्मदापुरम संभाग में 01 जनवरी 2024 से प्रश्न दिनांक तक बाल श्रम अधिनियम के अंतर्गत दर्ज उल्लंघन प्रकरणों की जिलेवार जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) दर्ज किए गए प्रकरणों में दोषियों के विरूद्ध श्रम विभाग द्वारा की गई कार्यवाही की जिलेवार जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) बाल श्रम प्रथा के उन्मूलन हेतु बालक एवं कुमार श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम, 1986 संशोधन 2016 प्रभावशील है। जिसके अंतर्गत सक्षम प्राधिकारी द्वारा निरीक्षण में अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन पाये जाने पर नियमानुसार कार्यवाही की जाती है। निरीक्षण में बाल श्रमिक नियोजित पाये जाने पर उन्हे नियमानुसार विमुक्त कराया जाता है। विमुक्त बाल श्रमिकों के पुनर्वास हेतु अधिनियम के प्रावधान अनुसार जिला स्तर पर बाल श्रम पुनर्वास कोष स्थापित है, नियोजकों से वसूल की गयी क्षतिपूर्ति राशि तथा शासन से प्राप्त पुनर्वास हेतु राशि से बाल श्रमिकों का पुनर्वास किये जाने का प्रावधान है। इसके अतिरिक्त विमुक्त बाल एवं किशोर श्रमिकों की शिक्षा, कौशल प्रशिक्षण एवं परिवार को शासन की योजनाओं का पात्रता अनुसार लाभ प्रदाय कराया जाता है।
तालाब हेतु भूमि का आवंटन एवं मंडला जिले के कार्य
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
8. ( क्र. 73 ) श्री नारायण सिंह पट्टा : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या यह सही है कि बैतूल जिले में जिला पंचायत द्वारा जारी मद से वर्ष 2020-21 से स्वीकृत किए गए तालाबों के लिए कलेक्टर से शासकीय भूमि का विधिवत आवंटन करवाए बिना ही तालाबों का निर्माण किया गया है? (ख) वर्ष 2020-21 से प्रश्नांकित दिनांक तक किस-किस मद से कितनी-कितनी लागत का तालाब किस ग्राम से किस निर्माण एजेन्सी को स्वीकृत किया गया उस तालाब पर प्रश्नांकित दिनांक तक कितनी-कितनी राशि खर्च की गई, किस तालाब का निर्माण किन कारणों से अधूरा है? (ग) किस तालाब के लिए, किस ग्राम के किस खसरा नम्बर का कितना रकबा कलेक्टर ने किस प्रकरण क्रमांक, आदेश दिनांक से किस एजेन्सी को आवंटित किया ? क्या वह भूमि निस्तार पत्रक, अधिकार अभिलेख एवं खसरा पंजी में किस-किस मद में दर्ज भूमि है? (घ) यदि कलेक्टर ने भूमि आवंटित नहीं की हो तो कारण बतावें, कब तक कलेक्टर से भूमि का आवंटन आदेश प्राप्त कर लिया जावेगा, समय सीमा बतावें? (ड.) मंडला जिले में ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग संभाग क्रमांक 1 द्वारा वर्ष 2022-23 से प्रश्न दिनांक तक कौन-कौन से कार्य किये गए हैं/ किये जा रहे हैं, विवरण सहित जानकारी उपलब्ध कराएं? इनमें से कितने कार्यों के भुगतान किस कारण से लंबित हैं? इस हेतु क्या कार्यवाही की गई है, कब तक भुगतान करा दिया जायेगा? स्वीकृत ग्रेवल सड़कों का निर्माण किस कारण से नहीं किया जा रहा है? इनका निर्माण कब तक प्रारम्भ किया जायेगा?
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) बैतूल जिले में वर्ष 2020-21 से शासकीय भूमि पर स्वीकृत तालाब सक्षम तकनीकी/प्रशासकीय स्वीकृति के आधार पर निर्मित है। ग्राम पंचायतों एवं ग्रामीण यांत्रिकी सेवा द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल/निस्तारी उपयोग हेतु बनाये जाने वाले छोटे-छोटे तालाब प्रायः उन्हीं स्थानों पर निर्मित होते है जहाँ प्राकृतिक रूप से जल ठहराव/भराव होता है। भूमि आवंटन का प्रश्न उत्पन्न नहीं होता हैं। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'अ' अनुसार हैं। (ग) उत्तरांश 'क' में प्रस्तुत जवाब अनुसार तालाबों के निर्माण में भूमि आवंटन की अनिवार्यता नहीं होने से कलेक्टर से भूमि आवंटन नहीं कराया गया एवं तालाबों का निर्माण शासकीय (राजस्व) मद में दर्ज भूमि पर ही किया गया है। खसरा, सरकारी जमीन इत्यादि की जानकारी तथा मनरेगा योजना अंतर्गत निर्मित कार्यों की जानकारी सिपरी पोर्टल पर उपलब्ध है, जिसे पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'ब' फ्लोचार्ट अनुसार देखा जा सकता है। (घ) उत्तरांश 'क' एवं 'ग' में प्रस्तुत जवाब अनुसार आवश्यकता नहीं है। शेष प्रश्न उत्पन्न नहीं होता हैं। (ड.) मंडला जिले में ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग क्र. 1 द्वारा वर्ष 2022-23 से प्रश्न दिनांक तक किये गए कार्यों की सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'स' अनुसार है। कार्यों के लंबित भुगतान की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'स' अनुसार है। आवंटन न होने के कारण भुगतान लंबित है। भुगतान की समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। म.प्र.शासन पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के परिपत्र क्रमांक 5191 भोपाल दिनांक 19.11.2024 पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'द' में मण्डला जिले की जनपद घुघरी, बिछिया, मवई एवं मण्डला हेतु सुदूर संपर्क/खेत सड़क हेतु जनपद के मजदूरी सामग्री अनुपात के आधार पर मनरेगा योजनान्तर्गत राशि रूपये 1 करोड़ तक की अनुमति वित्तीय वर्ष 2024-25 हेतु प्रदान की गई थी जिसके परिपालन में मनरेगा योजनान्तर्गत स्वीकृत ग्रेवल सड़क के निर्माण कार्यो की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'स' में सरल क्रमांक 01 से 06 अनुसार है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'स' में रखे सरल क्र. 7 से 17 तक अंकित कार्यों में वित्तीय वर्ष 2024-25 के पश्चात दिनांक 01.04.2025 से अनुमति न होने एवं वित्तीय वर्ष 2025-26 में भारत सरकार, ग्रामीण विकास मंत्रालय के अर्द्धशासकीय पत्र क्रमांक J/11017/2025/RE-VII दिनांक 20/05/2025 अनुसार ग्रेवल सड़क निर्माण के सम्बन्ध में मार्गदर्शी दिशा निर्देश प्राप्त हुए जिसके पालन कराये जाने हेतु म.प्र. राज्य रोजगार गारंटी परिषद भोपाल का पत्र क्रमांक 844/ एमजीएनआरजीएस-एमपी/2025 भोपाल दिनांक 27-05-2025 अनुसार नवीन दिशा निर्देश जारी होने तक सुदूर संपर्क/खेत सड़क की नवीन स्वीकृति जारी नहीं किये जाने के निर्देश जारी किये गए, जिस कारण स्वीकृति की कार्यवाही नहीं की गयी हैं। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
मुख्यमंत्री अधोसंरचना मद में स्वीकृत कार्य
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
9. ( क्र. 74 ) श्री
नारायण सिंह
पट्टा : क्या
पंचायत
मंत्री महोदय
यह बताने की
कृपा करेंगे
कि (क) मंडला
जिले अन्तर्गत
मुख्यमंत्री
अधोसंरचना मद
से वर्ष 2023-24 से प्रश्न
दिनांक तक
स्वीकृत
कार्यों की
जानकारी कार्य
का नाम लागत
राशि स्वीकृति
दिनांक सहित
उपलब्ध कराएं? प्रश्नकर्ता
के
प्रस्तावित
कार्य जो
मुख्यमंत्री बी
मॉनिट के
माध्यम से
विभाग को
प्राप्त हुए हैं
उनकी
स्वीकृति किन
कारणों से
लंबित है, कब तक
स्वीकृति दी
जाएगी? जनप्रतिनिधियों
द्वारा
अनुशंसित
कार्यों की
स्वीकृति
हेतु
प्राथमिकता
किस आधार/किस
नियम के तहत
तय की जाती है? प्राथमिकता
तय करने के
क्या मानक हैं? क्या
पूर्व से
लंबित
कार्यों की
स्वीकृति दिए
बिना बाद में
अनुशंसित
कार्यों को
स्वीकृति
दिया जाना
नियम संगत है? इस
संबंध में
विभाग के क्या
नियम हैं? (ख) मुख्यमंत्री
मजराटोला
योजना अंतर्गत
बिछिया विधानसभा
की चिन्हित 308
बसाहटों में
से 145
बसाहटों में
सड़क निर्माण
हेतु क्या
कार्यवाही की
जा रही है? उक्त
सभी की सूची
लागत राशि की
जानकारी सहित
उपलब्ध कराएं? इन
सड़कों का
निर्माण किन
एजेंसी
द्वारा किया जाना
प्रस्तावित
है? (ग) प्रश्नकर्ता
के सीईओ जिला
पंचायत मंडला
को लिखे पत्र
क्रमांक/1881/विधा./ 2026/ MDL, दिनांक 19/01/2026 में
उल्लेखित
सड़कों के
निर्माण हेतु
विभाग द्वारा
क्या
कार्यवाही की
जा रही है? (घ) नर्मदा
पथ अंतर्गत
आश्रय भवन
बनाने हेतु
विभाग को
कितने
प्रस्ताव
प्राप्त हुए
हैं, सभी
की छायाप्रति
उपलब्ध कराएं? इस हेतु
किस मद से
कितनी राशि
खर्च की जाएगी, प्रत्येक
भवन की लागत
संबंधित
जानकारी उपलब्ध
कराएं? प्रश्नकर्ता
के प्रस्ताव
पर अब तक क्या
कार्यवाही की
गई है?
पंचायत
मंत्री ( श्री
प्रहलाद सिंह
पटैल ) : (क) जानकारी
पुस्तकालय
में रखे
परिशिष्ट के
प्रपत्र-'अ'
अनुसार है।
जी हाँ। मुख्यमंत्री
अवसंरचना
योजना 6084
में स्वीकृत
कार्य मुख्यमंत्री
कार्यालय से
प्राप्त
माननीय
जनप्रतिधियों
के प्रस्तावों/अनुशंसाओं
पर स्थायी
वित्त समिति
के अनुमोदन
उपरांत जारी
किये जाते हैं।
अत: शेष प्रश्न
उपस्थित नहीं
होता। (ख) मुख्यमंत्री
मजरा टोला
सड़क योजना
अंतर्गत विधान
सभा बिछिया
में (MPSeDC) द्वारा
चिन्हित 479
बसाहटों में
से सर्वे
उपरांत 252
बसाहटें
संपर्कविहिन
चिन्हित की गई
है, प्राथमिकता
सूची तैयार की
जानी है। वर्तमान
तक कोई भी स्वीकृति
प्राप्त
नहीं होने से
शेषांश निरंक
है। (ग) उल्लेखित
कार्यों का
स्वीकृति
हेतु पोर्टल
पर परीक्षण की
व्यवस्था की
गई है। (घ) नर्मदा
परिक्रमा पथ
में आने वाले
प्रत्येक
ग्रामों को
इसमें शामिल
किया गया है
जिन कार्यों
की
सैद्धांतिक
स्वीकृति
शासन से
प्राप्त
होती है,
उसके
अनुसार ग्राम
पंचायत से
प्रस्ताव
एवं आवश्यक
दस्तावेज
प्राप्त
किये जाते है।
बजट की उपलब्धता
एवं स्थल की
उपयुक्तता
के आधार पर
कुल 19
कार्य स्वीकृत
किए गए है। जानकारी
पुस्तकालय
में रखे
परिशिष्ट के
प्रपत्र-'ब'
अनुसार है।
पंचायतराज
में प्रश्नकर्ता
का पत्र
प्राप्त
नहीं होने से
शेष प्रश्न
उपस्थित नहीं
होता है।
ग्राम पंचायत स्तरों पर ग्राम सुदूर सड़क का निर्माण
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
10. ( क्र. 76 ) श्री अरूण भीमावद : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या मध्यप्रदेश शासन द्वारा पूर्व में घोषित खेत सड़क योजना का क्रियान्वयन वर्तमान में हो रहा है? (ख) यदि हाँ तो किसानों को खेत से सड़क तक अपनी कृषि यंत्रों एवं पैदावार उपजों को बिना परेशानियों से खेत से सड़क तक सुविधाओं का लाभ प्राप्त हो रहा है? (ग) क्या विधानसभा क्षेत्र 167 में खेत-सड़क योजना प्रभावशील है? (घ) यदि हाँ तो प्रश्नकर्ता द्वारा प्रस्तावित खेत-सड़क की कार्य स्वीकृति कब तक होगी? समय-सीमा दें।
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) जी हां, खेत सड़क योजना में स्वीकृत कार्यों का क्रियान्वयन मनरेगा नियमानुसार किया जा रहा है। भारत सरकार, ग्रामीण विकास मंत्रालय का अर्द्धशासकीय पत्र क्रमांक J/11017/01/2025/RE-VII दिनांक 20.05.2025 के निर्देशों के पालन हेतु म.प्र. राज्य रोजगार गारंटी परिषद, भोपाल के पत्र कमांक 844 दिनांक 27.05.2025 अनुसार नवीन दिशा निर्देश जारी होने तक सुदूर सम्पर्क/खेत सड़क के नवीन कार्य नहीं लिये जाने हेतु निर्देशित किया गया है। (ख) मनरेगा योजनान्तर्गत पूर्व में निर्मित सुदूर सम्पर्क/खेत सड़कों का उपयोग हो रहा है। शेष प्रश्न उत्पन्न नहीं होता है। (ग) जी हां, खेत सड़क योजना में स्वीकृत कार्यों का क्रियान्वयन मनरेगा नियमानुसार किया जा रहा हैं। भारत सरकार, ग्रामीण विकास मंत्रालय का अर्द्धशासकीय पत्र क्रमांक J/11017/01/2025/RE-VII दिनांक 20.05.2025 के निर्देशों के पालन हेतु म.प्र. राज्य रोजगार गारंटी परिषद भोपाल के पत्र क्रमांक 844 दिनांक 27.05.2025 अनुसार नवीन दिशा निर्देश जारी होने तक सुदूर सम्पर्क/खेत सड़क के नवीन कार्य नहीं लिये जाने हेतु निर्देशित किया गया है जो विधानसभा क्षेत्र 167 में भी लागू है। (घ) समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
उदयनगर महाविद्यालय के नवीन भवन का निर्माण
[उच्च शिक्षा]
11. ( क्र. 86 ) श्री मुरली भँवरा : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या शासकीय महाविद्यालय, उदयनगर के नवीन भवन निर्माण हेतु ₹14.96 लाख (चौदह लाख छियानवे हजार रुपये) की राशि स्वीकृत की गई है? (ख) यदि हाँ, तो उक्त निर्माण कार्य की वर्तमान प्रगति क्या है तथा कार्य को पूर्ण किए जाने की निर्धारित समय-सीमा क्या है?
उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री इन्दर सिंह परमार ) : (क) जी नहीं। शासकीय महाविद्यालय उदयनगर के नवीन भवन निर्माण हेतु जारी स्वीकृति आदेश क्रमांक 696/2679697/2025/38-2, दिनांक 11.04.2025 द्वारा राशि रू. 1496.15 लाख की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई है। (ख) निर्माण एजेंसी द्वारा महाविद्यालय को आवंटित भूमि का परीक्षण किया गया एवं पाया गया है कि आवंटित भूमि में अतिक्रमण है। अतः निर्माण एजेंसी द्वारा निविदा प्रक्रिया नहीं की गई है। अतः भवन निर्माण पूर्ण किए जाने की निर्धारित समय-सीमा बताई जाना संभव नहीं है।
केवलारी में स्टेडियम निर्माण
[खेल एवं युवा कल्याण]
12. ( क्र. 90 ) श्री रजनीश हरवंश सिंह : क्या खेल एवं युवा कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या म.प्र. शासन द्वारा प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में स्टेडियम निर्माण के निर्देश दिए गए थे? यदि हाँ, तो केवलारी विधानसभा अंतर्गत मुख्यालय केवलारी में कब तक स्टेडियम निर्माण होगा। (ख) प्रश्नांश (क) के प्रकाश में क्या कार्यालय कलेक्टर द्वारा स्थल निरीक्षण कर, प्राक्क्लन तैयार कर निर्देश देने के उपरांत इंडोर खेल परिसर हेतु राशि रूपये 3 करोड़ 79 लाख 90 हजार 685 प्राक्कलन स्वीकृति हेतु भेजा गया था? (ग) यदि हाँ, तो कब तक स्वीकृति आदेश जारी कर वर्क ऑर्डर देकर निर्माण/शिलान्यास की कार्यवाही की जायेगी? समय-सीमा बताएं नहीं तो क्यों कारण स्पष्ट करें।
खेल एवं युवा कल्याण मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) जी हाँ। सी.एम.युवा शक्ति योजना के अनुमोदन की कार्यवाही प्रचलन में है। योजना में दिये गये निर्देशानुसार जिले से समुचित प्रस्ताव मय तकनीकी स्वीकृति सहित प्राप्त होने पर प्रस्ताव के औचित्य का परीक्षण कर बजट उपलब्धतानुसार सक्षम समिति के समक्ष प्रस्तुत किया जा सकेगा। (ख) जी हाँ। खेल परिसर निर्माण हेतु जिले द्वारा दिनांक 28.06.2023 को प्रथम स्तरीय प्राक्कलन राशि रूपये 3,79,90,685/- बिना तकनीकी स्वीकृति के प्राप्त हुआ था। (ग) उत्तरांश ''क'' व ''ख'' के संदर्भ में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
संबल योजना अंतर्गत राशि का भुगतान
[श्रम]
13. ( क्र. 96 ) श्री प्रणय प्रभात पांडे : क्या श्रम मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) कटनी जिला अंतर्गत बहोरीबंद एवं रीठी विकासखण्डों में कितने श्रमिकों के संबल कार्ड बने है? जनपदवार संख्या देवें। (ख) प्रश्नांश ''क'' में उल्लेखित क्षेत्र अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2020 -21 से प्रश्न दिनांक तक कहां-कहां के कौन-कौन से श्रमिकों के परिवार को अनुग्रह सहायता राशि प्रदान की गई? सूची देवें। (ग) प्रश्नांश ''क'' एवं ख'' के संदर्भ में कहां-कहां के किन-किन हितग्राहियों को किन कारणों से अनुग्रह सहायता राशि प्रदान नहीं की गई? जानकारी दें एवं किस प्रकार से कब तक अनुग्रह राशि प्रदान की जावेगी?
श्रम मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल 2.0) योजनांतर्गत वर्तमान में पात्र असंगठित श्रमिकों का पंजीयन कर, पृथक से कार्ड प्रदान नहीं किये जाते हैं, ई-पंजीयन पत्र संबल पोर्टल से डाउनलोड किया जा सकता है। कटनी जिला की बहोरीबंद एवं रीठी विकासखण्ड में मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल 2.0) योजनांतर्गत 1,12,696 श्रमिकों के ई-पंजीयन जारी किये गये है। वांछित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ख) मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल) योजना अंतर्गत बहोरीबंद एवं रीठी विकासखण्ड में वर्ष 2020-21 से प्रश्नांश दिनांक तक भुगतान किये गये प्रकरणों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। (ग) मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल 2.0) योजनांतर्गत कटनी जिले की बहोरीबंद एवं रीठी विकासखण्ड में प्रश्नांश में चाही गई, जानकारी संबंधी कुल 376 अनुग्रह सहायता के प्रकरण हैं। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-स अनुसार है। मुख्यमंत्री जनकल्याण संबल योजनांतर्गत अनुग्रह सहायता भुगतान एक सतत् प्रक्रिया है, योजनांतर्गत प्रत्येक सिंगल क्लिक कार्यक्रम में स्वीकृत एवं डिजिटल हस्ताक्षरित प्रकरणों में मृत्यु दिनांक के क्रमानुक्रम में बजट उपलब्धता अनुसार भुगतान किया जाता है। अतः शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
बहोरीबंद क्षेत्र अंतर्गत मार्ग निर्माण
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
14. ( क्र. 97 ) श्री प्रणय प्रभात पांडे : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना -IV हेतु क्या दिशा-निर्देश है बतलावे एवं यह भी बतलावें कि इस योजना अंतर्गत बहोरीबंद विधानसभा क्षेत्र में कहां-कहां की संपर्क विहीन बसाहटों को एकल संपर्क मार्ग से जोड़े जाने की योजना है? सूची देवें। (ख) मुख्यमंत्री मजरा टोला योजना अंतर्गत 11 जुलाई 2025 को जारी दिशा निर्देशों एवं पी.एम. जनमन योजना हेतु जारी दिशा निर्देश के अनुसार मध्यप्रदेश ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण द्वारा कटनी जिले अंतर्गत कहां-कहां के कौन-कौन से मार्गों का निर्माण किया जावेगा? (ग) कटनी जिले अंतर्गत प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना अंतर्गत कहां-कहां के कौन-कौन से मार्ग गारंटी अवधि में है तथा उनका संधारण कब-कब किया गया तथा वर्तमान में ये मार्ग किस स्थिति में है? बतलावें। सूची देवें एवं यह भी बतलावें कि किन-किन निविदाकारों को गारंटी अवधि में मार्गों का संधारण न करने का दोषी पाया गया है तथा उनके विरूद्ध कब क्या कार्यवाही की गई? (घ) क्या बचैया से सिदुरसी मार्ग, कछगवां से बचैया एवं बहोरीबंद से सुपेली पहुंच मार्ग तथा खम्हरिया से मर्दानगढ़ मार्गों की हालत जर्जर है, इन मार्गों एवं वर्षाकाल में जर्जर हुए अन्य मार्गों का सुधार कब तक कर लिया जावेगा? बतलावें। जर्जर-मार्गों की सूची एवं निविदाकारों की सूची दें।
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना -IV हेतु जारी दिशा-निर्देश की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''1'' अनुसार है। बहोरीबंद विधानसभा क्षेत्र में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना -IV अंतर्गत 16 संपर्क विहीन बसाहटों का जीएसएस सर्वे किया गया है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''2'' अनुसार है। (ख) मुख्यमंत्री मजरा टोला सड़क योजना अंतर्गत 11 जुलाई 2025 को जारी दिशा निर्देश के अनुसार कटनी जिले में 266 बसाहटे संपर्कविहीन चिन्हांकित की गई है जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''3'' अनुसार है। योजना के पात्रता मापदण्डानुसार स्वीकृति प्रदान की जावेगी। पीएम जनमन योजना अंतर्गत दिशा निर्देशों के अनुसार 01 मार्ग की स्वीकृति प्राप्त है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''4'' अनुसार है। (ग) कटनी जिले में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना अंतर्गत गारंटी अवधि में 29 मार्ग लंबाई 286.894 कि.मी. में से 20 मार्गों का संधारण कार्य संतोषजनक किया गया है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''5'' अनुसार है। गारंटी अवधि में मार्गों के संतोषजनक संधारण ना करने वाले 09 मार्गों के 04 संविदाकरों के विरूद्ध अनुबंधानुसार निरस्तीकरण की कार्यवाही की गई है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''6'' अनुसार है। (घ) मार्ग सिंदुरसी से बचैया पैकेज क्र MP20702 अंतर्गत लंबाई 10.659 कि.मी. में से कुछ स्थानों पर पेच/पॉट होल्स होने के कारण संविदाकार को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया था। वर्तमान में मार्ग पर संधारण कार्य प्रगतिरत है एवं दिनांक 28.02.2026 तक संधारण कार्य पूर्ण किया जाना लक्षित है। विपरीत स्थिति में अनुबंध निरस्तीकरण की कार्यवाही की जावेगी। मार्ग बचैया से कछगवा पैकेज क्र. MP20MTN064 अंतर्गत लंबाई 2.00 कि.मी. मार्ग पर संधारण संतोषजनक न किये जाने के कारण संविदाकार मेसर्स मदर कन्स्ट्रक्शन, दमोह के विरूद्ध अनुबंध निरस्तीकरण की कार्यवाही दिनांक 16.01.2026 को की गई है। बहोरीबंद (सिहोरा सलैया) से सुपोली मार्ग पैकेज क्र. MP20PTN028 लंबाई 6.48 कि.मी. 10 वर्ष पश्चात संधारण अवधि अंतर्गत है। उक्त मार्ग के चैनेज 400 मीटर एवं 800 मीटर में पानी निकासी न होने के कारण मार्ग में गड्ढे निर्मित हो गये थे जिसका संधारण संविदाकार द्वारा करा दिया गया है। मार्ग में 3.00 कि.मी. बीटी रिन्यूवल का कार्य कराया जा चुका है, संविदाकार द्वारा समय पर बीटी रिन्यूवल कार्य पूर्ण न करने के कारण दिनांक 21/01/2026 को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया है एवं शेष कार्य पूर्ण करने हेतु माह फरवरी 2026 तक का लक्ष्य दिया गया है। वर्तमान में मार्ग संधारित एवं आवागमन सुचारू रूप से जारी है। खम्हरिया से मर्दानगढ़ मार्ग पैकेज क्र. MP20WB09 (लंबाई 2.078 कि.मी.) के अंतर्गत निर्मित है। मार्ग में कुछ स्थानों पर पेच/पॉट होल्स होने के कारण संविदाकार को दिनांक 21.01.2026 को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया है। उसके पश्चात संविदाकार द्वारा मार्ग में संधारण कार्य प्रारंभ कर दिया गया है एवं दिनांक 28/02/2026 तक संधारण कार्य पूर्ण किया जाना लक्षित है। विपरीत स्थिति में अनुबंध निरस्तीकरण की कार्यवाही की जावेगी। इकाई कटनी अंतर्गत वर्तमान में मार्ग जर्जर नहीं है। कुछ मार्गों में कुछ स्थानों पर बी.टी. पेंच वर्क/पॉट होल्स निर्मित हो गये थे जिसमें संविदाकार को संधारण करने हेतु निर्देशित किया जा चुका है। संविदाकारों द्वारा मार्गों पर फरवरी-2026 तक संधारण कार्य पूर्ण किया जाना लक्षित है।
ग्वालियर संभाग में विधायक कप का आयोजन
[खेल एवं युवा कल्याण]
15. ( क्र. 99 ) श्री कैलाश कुशवाहा : क्या खेल एवं युवा कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रदेश में युवाओं को खेल गतिविधियों से जोड़ने, उनकी छिपी प्रतिभा को प्रोत्साहित करने तथा खेलों के प्रति सकारात्मक वातावरण निर्मित करने के उद्देश्य से प्रतिवर्ष “विधायक कप” खेल प्रतियोगिता का आयोजन किया जाता था, किंतु विगत दो वर्षों से इसका आयोजन नहीं किया गया है? कारण सहित जानकारी दी जाये। (ख) क्या “विधायक कप” योजना ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों के युवाओं के लिए अपनी खेल प्रतिभा प्रदर्शित करने, जिला एवं संभाग स्तर पर पहचान बनाने तथा राज्य व राष्ट्रीय स्तर तक आगे बढ़ने का एक महत्वपूर्ण एवं प्रभावी मंच रही है। इसके बावजूद विभाग द्वारा इस लोकप्रिय एवं जनहितकारी योजना को बंद/स्थगित करने का निर्णय क्यों लिया गया? ''विधायक कप'' पुन: कब तक चालू करवाया जायेगा क्या इस संबंध में शासन द्वारा कोई आदेश, निर्देश अथवा नीति निर्णय लिया गया है? यदि हाँ, तो जानकारी दी जावे। (ग) “विधायक कप” योजना किस वर्ष प्रारंभ की गई थी? विगत पाँच वर्षों में ग्वालियर संभाग के किन-किन जिलों एवं विधानसभा क्षेत्रों में ''विधायक कप'' का आयोजन किया गया, प्रत्येक वर्ष कितनी राशि का आवंटन किया गया तथा आयोजन पर वास्तविक व्यय कितनी राशि का हुआ, इसका वर्षवार एवं स्थानवार विस्तृत विवरण उपलब्ध कराया जाए। (घ) वर्तमान में मध्यप्रदेश में खेल विभाग द्वारा खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने हेतु कौन-कौन सी योजनाएं संचालित की जा रही है? जानकारी दी जावे।
खेल एवं युवा कल्याण मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) वित्तीय वर्ष 2023-24 में विधानसभा चुनाव व वित्तीय वर्ष 2024-25 में लोकसभा चुनाव तथा राष्ट्रीय खेल उत्तराखण्ड-2025 के आयोजन के कारण विधायक कप का आयोजन नहीं किया जा सका। (ख) जी हाँ, ''विधायक कप'' हेतु प्रति विधानसभा क्षेत्र राशि रूपये 1.00 लाख की राशि आवंटित की जाती थी जो अत्यंत कम थी इसके स्थान पर खेल व खिलाडि़यों के प्रोत्साहन हेतु खेलों इंडिया एम.पी.यूथ गेम्स दिनांक 13 जनवरी से 31 जनवरी, 2026 तक विकासखण्ड स्तर से राज्य स्तर तक आयोजित किये गये है। अत: शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) ''विधायक कप'' का आयोजन वर्ष 2016 में प्रारंभ किया गया, विगत पांच वर्षों में ग्वालियर संभाग के जिलों में ''विधायक कप'' आयोजन आवंटित राशि, व्यय राशि, स्थान आदि की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 1 अनुसार है। (घ) विभाग द्वारा खेल व खिलाड़ियों के प्रोत्साहन हेतु संचालित योजनाओं की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 2 अनुसार है।
राजस्व ग्रामों को सुदुर संपर्क की सड़क से जोड़ा जाना
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
16. ( क्र. 111 ) श्री रमेश प्रसाद खटीक : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शिवपुरी जिले की करैरा विधान सभा क्षेत्र क्र.23 में कितने राजस्व ग्राम हैं जो प्रधानमंत्री सड़क तथा अन्य सुदूर सड़क से जुड़े है तथा जिन ग्रामों को पक्की सुदूर सड़क से नहीं जोड़ा गया है उन ग्रामों में सड़क बनाएं जाने हेतु क्या विभाग की कोई कार्य योजना है। ऐसे ग्रामों को कब तक पक्की सुदूर सड़क से जोड़ा जायेगा। (ख) क्या विधान सभा क्षेत्र करैरा में ग्रेवल सड़क एवं खेल सड़क योजना अन्तर्गत विभाग द्वारा कार्य स्वीकृति करा कर निर्माण कार्य कराने की कोई योजना बनाई है जानकारी दे। (ग) यदि ग्रेबल सड़क, खेल सड़को के कार्य स्वीकृत किये तो इन्हें कब तक बनाया जाएगा।
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) शिवपुरी जिले की करैरा विधानसभा क्षेत्र क्र. 23 में 215 राजस्व ग्राम हैं, जिनमें से 170 ग्राम प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना एवं 26 ग्राम अन्य विभाग द्वारा पक्की सड़कों से जोड़े गये हैं। वर्तमान में कुल 19 ग्राम पक्की सड़क से नहीं जुड़े हैं। जिसमें से विभाग द्वारा पीएमजीएसवाय-IV योजनान्तर्गत 04 ग्राम एवं मुख्यमंत्री मजरा टोला सड़क योजनान्तर्गत 10 ग्राम पक्की सड़क से संपर्कता हेतु योजनाओं में सम्मिलित हैं। 05 ग्रामों के संबंध में लेख है कि 03 ग्राम पीएमजनमन योजना में सम्मिलित हैं एवं 02 ग्राम (भदारी एवं मिडेनी) पूर्व में पीएमजनमन योजना में सम्मिलित किये जाकर भारत सरकार को प्रस्ताव प्रेषित किये गये थे, किन्तु मापदंडानुसार पात्र न होने के कारण स्वीकृत नहीं किये गये, क्योंकि उक्त ग्राम तत्समय जनमन योजनान्तर्गत प्रस्तावित थे, अतः इन्हें अन्य योजनाओं में सम्मिलित नहीं किया गया। भविष्य में उक्त दोनों ग्रामों को अन्य योजना यथा- पीएमजीएसवाय-IV/मुख्यमंत्री मजरा टोला सड़क योजना में प्रस्तावित किया जा सकेगा। जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र ''1'' अनुसार है। मनरेगा योजना अंतर्गत आयुक्त मध्यप्रदेश राज्य रोजगार गारंटी परिषद भोपाल के पत्र क्रं./844 भोपाल, दिनांक 27/05/2025 से प्रसारित नवीन निर्देश अनुसार वर्तमान में सुदूर संपर्क/खेत सड़क के नवीन कार्य नहीं लिये जाने है। जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र ''2'' अनुसार है। ग्रामीण यांत्रिकी सेवा अंतर्गत मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 0 से 500 तक के आबादी के संपर्क विहीन 30 राजस्व ग्रामों को एकल संपर्कता से जोड़ा गया है। (ख) मनरेगा योजना अंतर्गत आयुक्त मध्यप्रदेश राज्य रोजगार गारंटी परिषद भोपाल के पत्र क्रं./844 भोपाल, दिनांक 27/05/2025 से प्रसारित नवीन निर्देश अनुसार वर्तमान में सुदूर संपर्क/खेत सड़क के नवीन कार्य नहीं लिये जाने है। जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र ''2'' अनुसार है। (ग) मनरेगा योजना अंतर्गत वर्तमान में ग्रेवल सड़क, खेत सड़कों पर रोक होने से नवीन कार्य की स्वीकृति नहीं की गईं। आयुक्त मध्यप्रदेश राज्य रोजगार गारंटी परिषद भोपाल के पत्र क्रं./844 भोपाल, दिनांक 27/05/2025 से प्रसारित नवीन निर्देश अनुसार वर्तमान में सुदूर संपर्क/खेत सड़क के नवीन कार्य नहीं लिये जाने है। जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र ''2'' अनुसार है।
खेल मैदान के लिये भूमि का आरक्षण
[खेल एवं युवा कल्याण]
17. ( क्र. 114 ) श्री रमेश प्रसाद खटीक : क्या खेल एवं युवा कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या करैरा विधान सभा क्षेत्र अन्तर्गत म.प्र. शासन द्वारा खेलों को बढ़ावा देने हेतु करैरा नगर से लगे ग्राम पेणपत चिन्नोद के सर्वे न.11 रकवा 2.30 हेक्टर आरक्षित भूमि खेल मैदान तथा दिनारा तह. करैरा के सर्वे नं. 444 रकबा 2.40 हेक्टर जो खेल मैदान के लिये प्रश्नकर्ता के पत्र एवं स्थानीय निवासियों की मांग पर कलेक्टर शिवपुरी के द्वारा भूमि आरक्षित की गयी थी? (ख) क्या चिन्नोद एवं दिनारा में खेल मैदान की आरक्षित भूमि पर बाउण्ड्रीवॉल तथा स्टेडियम का कार्य स्वीकृति हेतु प्रस्तावित है? (ग) क्या उक्त कार्य की स्वीकृति हेतु प्रश्नकर्ता द्वारा मांग की गयी है? यदि हाँ, तो मांग पर विभाग द्वारा क्या कार्यवाही की गयी? कार्यवाही से अवगत करावें तथा कब कार्य की स्वीकृति होगी जानकारी दें।
खेल एवं युवा कल्याण मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) जी हाँ। (ख) करैरा विकासखंड अन्तर्गत करैरा नगर से लगे ग्राम पेणपत चिन्नोद के सर्वे नं.11 रकवा 2.30 हेक्टेयर भूमि विभाग के नाम आवंटित होने के उपरांत जिला प्रशासन से प्रस्ताव प्राप्त होने के उपरांत प्रस्ताव का परीक्षण व आंकलन करने के उपरांत बजट उपलब्धता अनुसार खेल स्टेडियम निर्माण हेतु सक्षम समिति के समक्ष अनुमोदन हेतु प्रस्तुत किया जा सकेगा। विभागीय नीति अनुसार विकासखंड या उच्च स्तर पर खेल स्टेडियम निर्माण किये जाने की योजना होने के कारण दिनारा विकासखंड मुख्यालय नहीं होने से खेल स्टेडियम निर्माण की स्वीकृति प्रदान की जाना संभव नहीं है। (ग) जी हाँ। उत्तरांश ''क'' व ''ख'' के संदर्भ प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
श्मशान/मुक्तिधाम, पंचायत भवन, सामुदायिक भवनों का निर्माण
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
18. ( क्र. 125 ) श्री साहब सिंह गुर्जर : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विभाग द्वारा ग्राम पंचायतों में श्मशान/मुक्तिधाम, पंचायत भवन, सामुदायिक भवनों के निर्माण हेतु स्वीकृति के क्या नियम है? नियमों की प्रति उपलब्ध करावें। (ख) ग्वालियर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र की कौन-कौन सी ग्राम पंचायतें प्रश्नांश (क) अनुसार श्मशान/मुक्तिधाम, पंचायत भवन, सामुदायिक भवन विहीन है? वर्तमान स्थिति में ग्रामवार, पंचायतवार जानकारी उपलब्ध करावें? विहीन होने का कारण बतावे तथा कब तक निर्माण कराया जावेगा? समय-सीमा बतावें। (ग) ग्वालियर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र अन्तर्गत किन ग्रामों/ग्राम पंचायतों में मुक्तिधाम हेतु पहुंच मार्ग नहीं है वर्तमान स्थिति में ग्रामवार,पंचायतवार, जानकारी उपलब्ध करावें तथा उक्त पहुंच मार्गों का निर्माण कब तक कराया जावेगा? समय-सीमा बतावें।
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) विभाग द्वारा ग्राम पंचायतों में श्मशान/मुक्तिधाम की स्वीकृति संबंधी निर्देश की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'अ' अनुसार है। ग्राम पंचायतों में पंचायत भवन, सामुदायिक भवन निर्माण के कोई भी निर्दिष्ट नियम नहीं है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'ब' अनुसार है। पूर्व में निर्माण नहीं होने या अनुपयोगी होने के कारण ग्राम पंचायतें श्मशान/मुक्तिधाम, पंचायत भवन, सामुदायिक भवन विहीन है। बजट की उपलब्धता के आधार पर नवीन कार्य स्वीकृत किये जाते है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'ब' अनुसार है। मध्यप्रदेश शासन पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के पत्र क्रमांक/आर-3640951/2025/22/पी-1 भोपाल दिनांक 02.09.2025 द्वारा निर्देश जारी किये गये है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'स' अनुसार है।
आवंटित राशि का उपयोग
[आयुष]
19. ( क्र. 128 ) श्री मधु भगत : क्या आयुष मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बालाघाट जिले में विगत 4 वर्षों में किस-किस कार्य हेतु कितनी-कितनी राशि कब-कब शासन से आवंटित हुई तथा उक्त राशि का उपयोग किस कार्य हेतु कब-कब किया गया? बिल, व्हाउचर सहित कार्यादेश, निविदा प्रक्रिया के दस्तावेज सहित भुगतान की तिथिवार जानकारी उपलब्ध करावें? (ख) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित समस्त कार्यों में से किस-किस कार्य एजेंसी या भुगतानकर्ता को कब-कब कितनी राशि भुगतान किस माध्यम से की गई? तिथिवार विवरण उपलब्ध करावें? (ग) समस्त जिले में कुल कितने लोकसेवक किस-किस स्थान पर पदस्थ है तथा किस कार्यालय में कार्यरत हैं? नियुक्ति आदेश सहित वर्तमान कार्यादेश उपलब्ध करावें एवं शासन के पदस्थापना आदेश के बावजूद अन्य स्थान पर संलग्न क्यों किया गया कारण स्पष्ट करें। (घ) जिला विभाग प्रमुख द्वारा विगत दो वर्षों में जिला कार्यालय में किस-किस कार्य हेतु व्यय किया गया आय-व्यय का ब्यौरा देवें? साथ ही 2 वर्षों में किये गए दौरे/भ्रमण/निरीक्षण की तिथिवार जानकारी उपलब्ध करावें?
आयुष मंत्री ( श्री इन्दर सिंह परमार ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''अ'' अनुसार है। (ख) भुगतान आई.एफ.एम.आई.एस. सॉफ्टवेयर के माध्यम से ऑनलाईन भुगतान किया गया। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''अ'' अनुसार है। (ग) शासन के आदेश के विपरीत कोई भी लोकसेवक अन्यत्र स्थान पर पदस्थ नहीं किये गये है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''ब'' अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''अ'' एवं ''स'' अनुसार है।
आत्मा योजना के संविदाकर्मियों को संविदा नीति का लाभ
[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]
20. ( क्र. 133 ) इंजीनियर हरिबाबू राय : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या सामान्य प्रशासन विभाग की 22 जुलाई 2023 की संविदा नीति अनुसार कृषि विभाग की राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन योजना के संविदा कर्मचारियों को उक्त संविदा नीति का लाभ मिला है? यदि हाँ, तो इसी विभाग में कार्यरत आत्मा योजना के संविदा कर्मियों को 22 जुलाई 2023 की संविदा का लाभ क्यों नहीं मिला। (ख) क्या एक ही विभाग में समान प्रकृति का कार्य करने वाले संविदा कर्मियों के साथ यह अन्याय नहीं है, इस भेदभाव के लिए कौन जिम्मेदार है?
किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) जी हाँ। प्रश्नांश के शेष भाग में संविदा नीति दिनांक 22 जुलाई 2023 के क्रम में प्रस्ताव समग्र रूप से विचाराधीन है। (ख) उत्तरांश 'क' के संदर्भ में शेष का प्रश्न उद्भूत नहीं होता है।
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
21. ( क्र. 138 ) श्री मुरली भँवरा : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना अंतर्गत देवास जिले की बागली विधानसभा में विगत 10 वर्षों में कौन-कौन सी सड़कें कहां से कहां तक निर्मित की गई हैं? कृपया उनकी लंबाई, स्वीकृति वर्ष एवं कार्य पूर्णता तिथि सहित जानकारी उपलब्ध करावें। (ख) क्या प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना अंतर्गत निर्मित समस्त सड़कें परफॉर्मेंस गारंटी/दोष देयता अवधि के अंतर्गत होती हैं? (ग) यदि हाँ, तो परफॉर्मेंस गारंटी अवधि के दौरान ठेकेदार द्वारा पेचवर्क/मरम्मत कार्य कितने समय में एवं किन परिस्थितियों में किया जाना अनिवार्य है? देवास जिले में उक्त कार्य की अनिवार्यता एवं गुणवत्ता की निगरानी किस विभागीय अधिकारी द्वारा की जाती है? (घ) निर्धारित समय-सीमा में पेचवर्क नहीं किए जाने की स्थिति में संबंधित ठेकेदार के विरूद्ध क्या-क्या दंडात्मक अथवा वित्तीय कार्रवाई किए जाने का प्रावधान है? देवास जिले में प्रश्न दिनांक तक पेचवर्क नहीं करने पर कितने ठेकेदारों पर कार्रवाई की गई है?
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना अंतर्गत देवास जिले की बागली विधानसभा में विगत 10 वर्षों में कुल 43 सड़के, लम्बाई 201.53 कि.मी. में निर्मित की गई थी। जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी हाँ। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत निर्मित समस्त सड़कों के पूर्णता प्रमाण पत्र जारी किये जाने के पश्चात 05 वर्ष की परफार्मेंस गारंटी अवधि होती है। (ग) परफार्मेंस गारंटी अवधि के दौरान संविदाकार द्वारा पेचवर्क/मरम्मत कार्य अनुबंध में दिये गये प्रावधान अनुसार नियमित रूप से किया जाता है। देवास जिले में उक्त कार्य की अनिवार्यता एवं गुणवत्ता की निगरानी सहायक प्रबंधक/उपयंत्री द्वारा नियमित रूप से की जाती है एवं मार्गों का निरीक्षण महाप्रबंधक द्वारा भी किया जाता है। (घ) संविदाकार द्वारा मार्ग का संधारण/रखरखाव कार्य निर्धारित समय-सीमा में नहीं किये जाने पर संविदाकार को उस अवधि का भुगतान नहीं किया जाता है तथा संबंधित संविदाकार को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया जाता है एवं कारण बताओ सूचना पत्र जारी किये जाने के पश्चात यदि 15 दिवस के अंदर संविदाकार द्वारा मार्ग का संधारण/रखरखाव कार्य पूर्ण नहीं किया जाता है एवं सूचना पत्र का उत्तर प्रस्तुत नहीं करता है अथवा उत्तर संतोषजनक नहीं होता है तो संविदाकार का अनुबंध निरस्त करने की कार्यवाही की जाती है एवं अनुबंध निरस्ती के पश्चात संविदाकार की विभाग के पास जमा परफार्मेंस गारंटी की राशि को राजसात किया जाता है एवं अनुबंधानुसार वसूली योग्य राशि की गणना करके वसूली की जाती है। प्रश्न दिनांक तक देवास जिले में इस कार्यालय के अंतर्गत भिन्न-भिन्न योजनाओं में चल रहे गारंटी अवधि (DLP) के कार्यों में पेचवर्क का कार्य नहीं करने के कारण विगत एक वर्ष में कुल 05 संविदाकारों के अनुबंध निरस्त करने की कार्यवाही की गई है।
मनरेगा योजना अंतर्गत फर्जी जॉब कार्ड एवं फर्जी भुगतान
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
22. ( क्र. 140 ) श्री भंवर सिंह शेखावत : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या मध्य प्रदेश राज्य में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के अंतर्गत योजना के प्रारंभ से वर्तमान तक फर्जी जॉब कार्ड पाए गए हैं? यदि हाँ, तो वर्षवार एवं जिलावार कितने फर्जी जॉब कार्ड चिन्हित किए गए हैं? (ख) उक्त फर्जी जॉब कार्ड के माध्यम से मृत/अमृत (अस्तित्वहीन) व्यक्तियों अथवा अपात्र व्यक्तियों के नाम पर कितनी राशि का भुगतान किया गया है? कृपया वर्षवार विवरण सदन में प्रस्तुत करें। (ग) क्या फर्जी जॉब कार्ड एवं फर्जी भुगतान के लिए उत्तरदायी अधिकारियों/कर्मचारियों/जनप्रतिनिधियों के विरूद्ध कार्यवाही प्रस्तावित की गई है? यदि हाँ, तो कार्यवाही का प्रकार एवं संख्या बताई जाए। यदि नहीं, तो कारण स्पष्ट किया जाए। (घ) क्या फर्जी भुगतान की गई राशि की वसूली की गई है? यदि हाँ, तो कितनी राशि की वसूली की गई है तथा कितनी राशि अभी शेष है? यदि नहीं, तो वसूली नहीं किए जाने के कारण क्या हैं? क्या भविष्य में मनरेगा योजना में फर्जी जॉब कार्ड एवं फर्जी भुगतान रोकने हेतु शासन द्वारा क्या ठोस एवं स्थायी उपाय किए जा रहे हैं?
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) महात्मा गाँधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के अंतर्गत योजना के प्रारम्भ से वर्तमान तक फर्जी जॉब कार्ड पाए गए, की वर्षवार जिलेवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'अ 'अनुसार है। (ख) फर्जी जॉब कार्ड के माध्यम से मृत/अमृत (अस्तित्वहीन) व्यक्तियों अथवा अपात्र व्यक्तियों के नाम राशि का भुगतान की वर्षवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'ब' अनुसार है। (ग) फर्जी जॉब कार्ड एवं फर्जी भुगतान के लिए उत्तरदायी अधिकारियों/कर्मचारियों/जनप्रतिनिधियों के विरूद्ध कार्यवाही की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'स' अनुसार है। (घ) फर्जी भुगतान की गई राशि की वसूली की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'द' अनुसार है। श्रमिकों का शत-प्रतिशत मजदूरी भुगतान आधार आधारित बैंक खातों में किया जा रहा है। साथ ही मजदूरों के भौतिक सत्यापन हेतु समस्त श्रमिकों का e-KYC किया जा रहा है।
ग्राम रोजगार सहायकों को पंचायत सचिव का प्रभार
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
23. ( क्र. 141 ) श्री भंवर सिंह शेखावत : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या मध्य प्रदेश राज्य में पंचायती राज व्यवस्था के अंतर्गत ग्राम रोजगार सहायकों को पंचायत सचिव अथवा अन्य प्रशासनिक कार्यों का अतिरिक्त प्रभार दिए जाने का प्रावधान है? यदि हाँ, तो इसका स्पष्ट वैधानिक/नियामक आधार क्या है? शासन आदेश/नियम की प्रति उपलब्ध कराएं। (ख) क्या धार जिले में ग्राम रोजगार सहायकों को पंचायत सचिव अथवा अन्य पदों का प्रभार दिया गया है? यदि हाँ, तो विगत तीन वर्षों में वर्षवार एवं विकासखण्डवार कितने ग्राम रोजगार सहायकों को प्रभार दिया गया है? संख्या दें। (ग) धार जिले में वर्तमान में कौन-कौन से ग्राम रोजगार सहायक किस-किस ग्राम पंचायत में कार्यरत हैं तथा उन्हें किस पद का प्रभार सौंपा गया है? ग्राम पंचायतवार नाम सहित जानकारी उपलब्ध कराएं। (घ) ग्राम रोजगार सहायकों को प्रभार दिए जाने की स्थिति में, क्या उन्हें संबंधित पद के अनुरूप मानदेय/भत्ते/वित्तीय अधिकार प्रदान किए जाते हैं? यदि हाँ, तो उसका विवरण दें, यदि नहीं, तो इसके क्या कारण हैं?
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''अ'' अनुसार है। (ख) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''ब'' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''स'' अनुसार है। (घ) जी नहीं। ग्राम रोजगार सहायकों को उनके कार्यों को दृष्टिगत रखते हुये मनरेगा से दिये जाने वाले मानदेय रूपये 9,000/- के अतिरिक्त पंचायत राज मद से रूपये 9,000/- मानदेय दिया जाता है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
संबल योजना का क्रियान्वयन
[श्रम]
24. ( क्र. 142 ) श्री कैलाश कुशवाहा : क्या श्रम मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) संबल योजना के तहत शासन द्वारा कौन-कौन सी सुविधाएं हितग्राहियों को दी जा रही हैं। संबल योजना के अंतर्गत असंगठित श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से संबल कार्ड बनाए गए हैं? यदि हाँ, तो यह बतायें कि शिवपुरी जिले में वर्तमान में कुल कितने श्रमिकों के संबल कार्ड बनाए जा चुके हैं तथा इनमें से कितने कार्ड सक्रिय हैं? जानकारी दी जाये। (ख) क्या संबल योजना अंतर्गत श्रमिक की मृत्यु के उपरांत उसके परिवार को अनुग्रह सहायता राशि प्रदान किए जाने का प्रावधान है। वर्ष 01.01.2024 से 31.12.2025 तक शिवपुरी जिले में कुल कितने हितग्राहियों को अनुग्रह सहायता राशि दी गई तथा कितने पात्र परिवार आज भी सहायता राशि से वंचित हैं? लंबित प्रकरणों की जानकारी दी जाए। (ग) शिवपुरी जिला अंतर्गत संबल योजना के तहत जिन हितग्राही परिवारों की अनुग्रह सहायता राशि अभी तक लंबित है, उनकी सहायता राशि कब तक संबंधित हितग्राहियों के बैंक खातों में डाली जाएगी? क्या समय-सीमा निर्धारित की गई है? यदि हाँ, कब तक, जानकारी दी जाये। (घ) विधानसभा क्षेत्र 24 पोहरी के अन्तर्गत वर्ष 01.01.2024 से 31.12.2025 तक अंत्येष्टी सहायता राशि ग्राम पंचायतों एवं नगर पंचायतों के द्वारा किन-किन व्यक्तियों को दी गई एवं कितने व्यक्तियों की सहायता राशि लंबित है, लंबित राशि कब तक डाली जावेगी? सूची सहित जानकारी दी जाये।
श्रम मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) श्रम विभाग द्वारा म.प्र. असंगठित शहरी एवं ग्रामीण कर्मकार कल्याण मण्डल अंतर्गत मुख्यमंत्री जनकल्याण संबल योजना असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों हेतु संचालित की जा रही है। योजनांतर्गत अंत्येष्टि सहायता (रू. 5 हजार), सामान्य मृत्यु सहायता (रू.2 लाख), दुर्घटना मृत्यु सहायता (रू. 4 लाख), आंशिक दिव्यांगता सहायता (रू. 1 लाख) एवं स्थायी दिव्यांगता सहायता (रू. 2 लाख) की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। वर्तमान में संबल योजनांतर्गत पात्र असंगठित श्रमिकों का पंजीयन कर, पृथक से कार्ड प्रदान नहीं किये जाते हैं, ई- पंजीयन पत्र संबल पोर्टल से डाउनलोड किया जा सकता है,। शिवपुरी जिले में संबल योजनांतर्गत कुल 4,24,107 असंगठित श्रमिकों का पंजीयन किया गया है व इसमें से 4,21,336 पंजीयन सक्रिय है। (ख) जी हाँ। शिवपुरी जिले में संबल योजनांतर्गत 01.01.2024 से 31.12.2025 तक कुल 2108 प्रकरणों में राशि भुगतान किया गया है। प्रश्नांश में चाही गई जानकारी संबंधी 663 प्रकरण है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ग) मुख्यमंत्री जनकल्याण संबल योजनांतर्गत अनुग्रह सहायता भुगतान एक सतत प्रक्रिया है, योजनांतर्गत प्रत्येक सिंगल क्लिक कार्यक्रम में स्वीकृत तथा डिजिटल हस्ताक्षरित प्रकरणों में भुगतान मृत्यु दिनांक के क्रमानुक्रम में बजट उपलब्धता अनुसार किया जाता है। अत: शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) विधानसभा क्षेत्र 24 पोहरी के अन्तर्गत वर्ष 01.01.2024 से 31.12.2025 तक कुल 101 प्रकरणों में अंत्येष्टी सहायता का भुगतान किया गया है। वांछित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल 2.0) योजनांतर्गत मृत्यु पश्चात् अंत्येष्टि सहायता की राशि तत्काल प्रदान की जाती है। अत: शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
पंचायत सचिव एवं रोजगार सहायकों का नियमितीकरण
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
25. ( क्र. 149 ) श्री देवेन्द्र रामनारायन सखवार : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या विभाग द्वारा पंचायत स्तर पर शासकीय कार्य करने हेतु पंचायत सचिव एवं रोजगार सहायकों की नियुक्ति की गई है? (ख) यदि हाँ, तो प्रश्नांश (क) के संदर्भ में क्या विभाग उन पंचायत सचिव एवं रोजगार सहायकों को नियमित करेगा? (ग) यदि हाँ, तो कब तक? समय-सीमा सहित सम्पूर्ण जानकारी देवें।
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) जी नहीं, सचिवों की नियुक्ति स्थानीय निकाय पंचायतों द्वारा की जाती है तथा रोजगार सहायकों की नियुक्ति मनरेगा योजना अन्तर्गत अंशकालिक, योजना के जीवनकाल तक के लिए की जाती है। (ख) एवं (ग) उत्तरांश ''क'' के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
सामुदायिक भवनों की जानकारी
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
26. ( क्र. 151 ) श्री देवेन्द्र रामनारायन सखवार : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा अम्बाह के अंतर्गत वर्ष 2024 से प्रश्न दिनांक तक कितने सामुदायिक भवन स्वीकृत हुए हैं, सूचीवार जानकारी देवें। (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में कितने स्वीकृत सामुदायिक भवनों का निर्माण कार्य प्रारंभ किया गया है तथा कितने का कार्य पूर्ण किया जा चुका है? जानकारी देवें। (ग) प्रश्नांश (ख) अंतर्गत कितने ऐसे स्वीकृत सामुदायिक भवन है जिनका निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं किया गया हैं तथा कब तक उनका निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया जावेगा? संपूर्ण जानकारी उपलब्ध करावें।
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) विधानसभा अम्बाह के अंतर्गत वर्ष 2024 से प्रश्न दिनांक तक 11 सामुदायिक भवन स्वीकृत हुये है। सूचीवार जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) प्रश्नांश 'क' के संदर्भ में 05 सामुदायिक भवनों का निर्माण कार्य प्रारंभ किया गया है तथा एक भी कार्य पूर्ण नहीं है। (ग) 06 सामुदायिक भवनों का निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं हुआ है। पंचायतों को राशि प्रदाय कर दी गई है। कार्य उनके द्वारा संपादित किया जाता है।
श्रमिकों को किये गये भुगतान की जानकारी
[श्रम]
27. ( क्र. 157 ) डॉ.
राजेन्द्र
कुमार सिंह : क्या
श्रम मंत्री
महोदय यह
बताने की कृपा
करेंगे कि
(क) मैहर जिले
में स्थित
के.जे.एस.
सीमेंट/अल्ट्राटेक
सीमेंट
सरलानगर/रिलायंस
एम.पी. बिड़ला
ग्रुप भरौली/प्रिज्म
सीमेंट कंपनी
रामपुर
बाघेलान में प्रश्नतिथि
तक स्थायी/कंपनी
के पे-रोल पर
अकुशल/अर्धकुशल/कुशल
श्रमिक कब से
कार्यरत हैं? इन
अकुशल/अर्धकुशल/कुशल
श्रमिकों को
कितना वेतन
नगद/एकाउण्ट
में दिया जा
रहा है जानकारी
दें। (ख) प्रश्नांश
(क) में
वर्णित
कंपनियों में
किस-किस नाम
एवं पते वाली
ठेकेदार (श्रमिक
उपलब्ध
कराने वाले) कंपनियों
के द्वारा 01.04.2022 से प्रश्नतिथि
तक
कितने-कितने
अकुशल/अर्धकुशल/कुशल
श्रमिकों को
उपलब्ध
कराया जा रहा
है? इन
ठेकेदार
कंपनियों को
ऊपर उल्लेखित
समयानुसार
सीमेंट
कंपनियों के
द्वारा जो
वर्क ऑर्डर
कार्य के एवं
भुगतान देने
वाली राशि को
उल्लेखित कर, जारी
किये गये सभी की
एक-एक प्रति
दें। (ग) प्रश्नांश
(क) में
वर्णित
सीमेंट
कंपनियों ने प्रश्नांश
(ख) में उल्लेखित
समयानुसार
ठेके से जो
श्रमिक लिये
उन सभी अकुशल/अर्धकुशल/कुशल
श्रमिकों को
कितनी राशि का
प्रतिमाह भुगतान
किया?
श्रम
मंत्री ( श्री
प्रहलाद सिंह
पटैल ) : (क) प्रश्नांश
(क) में चाही गई
जिला मैहर
स्थित
के.जे.एस.
सीमेंट संबंधित
जानकारी
पुस्तकालय
में रखे
परिशिष्ट के
प्रपत्र 1 (1) अनुसार है, अल्ट्राटेक
सीमेंट वर्क्स, सरलानगर
संबंधी जानकारी
पुस्तकालय
में रखे
परिशिष्ट के
प्रपत्र 1 (2) अनुसार है
तथा प्रिज्म
जॉनसन लि.
मनकहरी
संबंधी जानकारी
पुस्तकालय
में रखे
परिशिष्ट के
प्रपत्र 1 (3) अनुसार है।
संस्थान
आर.सी.सी.पी.एल.
भरौली, मैहर
द्वारा
प्रदत्त
जानकारी
अनुसार उनके
संस्थान में
कोई भी स्थाई
श्रमिक
नियोजित नहीं
है। (ख) प्रश्नांश
(ख) में
ठेकेदारों के
माध्यम से
नियोजित
अकुशल, अर्धकुशल, कुशल
श्रमिकों की
के.जे.एस.
सीमेंट
संबंधित जानकारी
पुस्तकालय
में रखे
परिशिष्ट के
प्रपत्र 2 (1) अनुसार है, अल्ट्राटेक
सीमेंट वर्क्स, सरलानगर
संबंधी जानकारी
पुस्तकालय
में रखे
परिशिष्ट के
प्रपत्र 2 (2) अनुसार है, रिलायंस
सीमेंट,
भरौली
संबंधी जानकारी
पुस्तकालय
में रखे
परिशिष्ट के
प्रपत्र 2 (3) अनुसार है
तथा प्रिज्म
सीमेंट कंपनी
रामपुर
बाघेलान
संबंधी जानकारी
पुस्तकालय
में रखे
परिशिष्ट के
प्रपत्र 2 (4) अनुसार है।
सीमेंट
कंपनियों के
वर्क ऑर्डर
एवं वर्क ऑर्डर
के विरूद्ध
भुगतान की
जानकारी श्रम
विभाग द्वारा
संधारित नहीं
की जाती है। (ग) प्रश्नांश
(क) में
वर्णित
कंपनियों में प्रश्नांश
(ख) में उल्लेखित
समयानुसार
श्रमिकों को
किये गये भुगतान
की जानकारी
उत्तरांश-ख
में उल्लेखित परिशिष्ट में
सम्मिलित
है।
गृह निर्माण सहकारी संस्थाओं की जानकारी
[सहकारिता]
28. ( क्र. 158 ) डॉ. राजेन्द्र कुमार सिंह : क्या सहकारिता मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भोपाल जिले में 01.04.2021 से 31.04.2024 के दौरान किस-किस नाम एवं पते वाली गृह निर्माण सहकारी संस्थाओं के द्वारा ज्यादा सदस्य बनाकर उनसे भुगतान लेने/वित्तीय अनियमितताएं करने/शासन के स्थापित मापदण्डों/मानदण्डों के विपरीत कार्य करने की शिकायतें सहकारिता विभाग के जिला/संभागीय/सहकारिता आयुक्त/प्रमुख सचिव सहकारिता म.प्र. शासन के समक्ष आई? सभी शिकायतों की एक-एक प्रति प्रकरणवार/गृह निर्माण सहकारी संस्थावार उपलब्ध करायें? (ख) प्रश्नांश (क) में वर्णित समयानुसार उक्त सभी शिकायतों पर (क) में उल्लेखित कार्यालयों के द्वारा क्या कार्यवाही की? सभी आदेशों/पत्रों की एक-एक प्रति उपलब्ध करायें? (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) में उल्लेखित किस-किस नाम एवं पते वाली गृह निर्माण सहकारी संस्था को भंग कर राज्य शासन ने अपने प्रतिनिधि को वहां पदस्थ किया? जारी सभी आदेशों की एक-एक प्रति दें।
सहकारिता मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) से (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।
न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) एवं क्रय व्यवस्था
[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]
29. ( क्र. 163 ) श्रीमती सेना महेश पटेल : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या वर्तमान खरीफ एवं रबी विपणन वर्ष में केंद्र सरकार, राज्य सरकार द्वारा किन-किन प्रमुख फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) निर्धारित किया गया है? फसलवार MSP की सूची बतायें। (ख) प्रदेश में MSP पर फसलों की सरकारी खरीद की वर्तमान स्थिति क्या है? अब तक किन-किन फसलों की कितनी मात्रा का क्रय किया गया है तथा किन फसलों की खरीद अभी प्रारंभ नहीं हुई है? (ग) जिन फसलो पर किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य MSP का पूरा लाभ नहीं मिल रहा है, तो इसके क्या कारण हैं? शासन उसे सुधारने के लिए क्या कार्यवाही करेगा ? यदि हाँ, तो कब तक? अवधि बताये।
किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) भारत सरकार द्वारा वर्तमान खरीफ एवं रबी विपणन वर्ष हेतु निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य की फसलवार जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) प्रदेश में खरीफ में MSP पर खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग द्वारा धान, ज्वार, बाजरा एवं गेहूं का उपार्जन किया जाता है। वर्तमान स्थिति में धान का 51.74 लाख मैट्रिक टन एवं ज्वार का 397.20 मैट्रिक टन उपार्जन समर्थन मूल्य पर किया गया है। गेहूं उपार्जन हेतु कृषकों का पंजीयन दिनांक 07 फरवरी 2026 से 07 मार्च 2026 तक किया जाना निर्धारित है। राज्य शासन द्वारा समय-समय पर MSP पर रबी एवं खरीफ फसलों की खरीदी का नीतिगत निर्णय लिया जाता है। (ग) राज्य शासन द्वारा समय-समय पर MSP पर रबी एवं खरीफ फसलों की खरीदी का नीतिगत निर्णय लिया जाता है। इस वर्ष फसल सोयाबीन में कृषकों को न्यूनतम समर्थन मूल्य का लाभ दिलाये जाने हेतु भावांतर भुगतान योजना लागू की गई।
राजस्व ग्रामों को सुदूर ग्रामों से जोड़ना
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
30. ( क्र. 165 ) श्री नीरज सिंह ठाकुर : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जबलपुर जिले की बरगी विधानसभा क्षेत्र में कुल कितने राजस्व ग्राम हैं? जो प्रधानमंत्री सड़क तथा अन्य सुदूर सड़कों से जुड़े हैं तथा जो ग्राम पक्की सुदूर सड़कों से नहीं जुड़े हैं उनके न जुड़ने के क्या कारण हैं? (ख) जो ग्राम राजस्व ग्राम हैं उनमें पक्की एवं सुदूर सड़कें बनाई जाने हेतु शासन की क्या-क्या योजना हैं? ऐसे ग्रामों को कब तक पक्की, सुदूर सड़कों से जोड़ा जायेगा? सूची सहित जानकारी उपलब्ध करावें।
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) जनसंख्या वर्ष 2001 के अनुसार जबलपुर जिले की बरगी विधान सभा अन्तर्गत जबलपुर विकासखण्ड में कुल 116 राजस्व ग्राम है एवं शहपुरा विकासखण्ड में 222 राजस्व ग्राम है जिनमें शहपुरा विकासखण्ड में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना अन्तर्गत पात्र 109 राजस्व ग्रामों को जोड़ा जा चुका है तथा जबलपुर विकासखण्ड में पात्र 78 राजस्व ग्रामों को जोड़ा गया है। जबलपुर विकासखण्ड में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के लिए पात्र 02 राजस्व ग्राम नहीं जुड़े है, नहीं जुड़ने का कारण तत्समय जनसंख्या 500 से कम एवं वनक्षेत्र अन्तर्गत होना है, शेष राजस्व ग्राम अन्य योजना/अन्य विभागों से जुड़े है। मनरेगा योजना अंतर्गत जबलपुर विकासखण्ड में मात्र 04 राजस्व ग्राम सुदूर सड़क से नहीं जुड़े है, नहीं जुड़ने के कारण वनक्षेत्र अन्तर्गत है, शेष राजस्व ग्राम अन्य योजना/अन्य विभागों से जुड़े है। (ख) जबलपुर जिले में 02 राजस्व ग्राम नहीं जुड़े है, इनमें से ग्राम बढ़ैयाखेड़ा की जनसंख्या 2011 के अनुसार 500 + होने के कारण प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-IV में सर्वे किया गया है एवं ग्राम गढ़गोरखपुर को मुख्यमंत्री मजरा टोला सड़क सम्पर्क योजना अन्तर्गत सम्पर्कता सर्वे किया गया। स्वीकृति की कार्यवाही प्रचलन में है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
ग्राम पंचायतों द्वारा विकास कार्य की राशि का उपयोग
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
31. ( क्र. 166 ) श्री नीरज सिंह ठाकुर : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बरगी विधानसभा क्षेत्रांतर्गत ग्राम पंचायतों को दिनांक 1 जनवरी 2023 से प्रश्न दिनांक तक किस-किस कार्य के लिये किस-किस दिनांक में कितनी-कितनी राशि प्रदान की गई? ग्राम पंचायतवार पृथक-पृथक राशि, कार्य का नाम, कार्य की स्थिति बतायें? (ख) प्रश्नांश (क) के प्रकाश में ग्राम पंचायतों में कितनी-कितनी राशि किस-किस कार्य में व्यय की गई? ग्राम पंचायत का नाम, कार्य, राशि दिनांक सहित जानकारी दें? (ग) ग्राम पंचायतों में कितने कार्य पूर्ण हो गये है? कितने कार्य अधूरे पड़े हैं एवं कितने कार्यों का मूल्यांकन हो चुका है? ग्राम पंचायतवार पृथक-पृथक जानकारी उपलब्ध करावें? (घ) प्रश्नांश (ग) के प्रकाश में यदि कार्य अधूरे पड़े हैं तो कार्य पूर्ण न होने का कारण व इसके लिये जिम्मेदार पर विभाग द्वारा क्या कार्यवाही की गई? ग्राम पंचायतवार पृथक-पृथक जानकारी उपलब्ध करावें।
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) से (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (घ) स्वीकृत सभी कार्य प्रगतिरत हैं। किसी भी कार्य में प्रथम दृष्टया निष्फल व्यय किये जाने की जानकारी नहीं है।
संबल के हितग्राहियों को सहायता राशि का भुगतान
[श्रम]
32. ( क्र. 167 ) श्री नीरज सिंह ठाकुर : क्या श्रम मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जबलपुर जिले में कितने श्रमिकों के संबल कार्ड बने हुये हैं? (ख) दिनांक 1 जनवरी 2023 से प्रश्न दिनांक तक बरगी विधानसभा में मृत्यु के उपरान्त मिलने वाली अनुग्रह सहायता राशि कितने हितग्राहियों के परिवार को मिली है एवं कितने परिवार को अनुग्रह सहायता राशि मिलना शेष है? सूची उपलब्ध करावें। (ग) बरगी विधानसभा में लंबित सहायता राशि हितग्राहियों के परिवार के खातों में कब भेजी जावेगी समय-सीमा बतायें?
श्रम मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) जबलपुर जिले में मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल 2.0) योजनांतर्गत कुल 6,02,867 श्रमिक पंजीकृत है। (ख) मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल) योजना अंतर्गत बरगी विधानसभा में दिनांक 01 जनवरी 2023 से प्रश्न दिनांक तक अनुग्रह सहायता के कुल 632 स्वीकृत प्रकरणों में भुगतान किया गया है। प्रश्नांश में चाही गयी जानकारी संबंधी 245 प्रकरण हैं। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) मुख्यमंत्री जनकल्याण संबल योजनांतर्गत अनुग्रह सहायता भुगतान एक सतत प्रक्रिया है, योजनांतर्गत प्रत्येक सिंगल क्लिक कार्यक्रम में स्वीकृत एवं डिजिटल हस्ताक्षरित प्रकरणों में मृत्यु दिनांक के क्रमानुक्रम में बजट उपलब्धता अनुसार भुगतान किया जाता है। अत: शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
शासकीय एवं अशासकीय संस्थाओं की जानकारी
[तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार (केवल कौशल विकास एवं रोजगार ) ]
33. ( क्र. 169 ) डॉ. सतीश सिकरवार : क्या राज्य मंत्री, कौशल विकास एवं रोजगार महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला ग्वालियर में वर्तमान में कौशल विकास एवं रोजगार हेतु कितने शासकीय, अशासकीय संस्थान, एन.जी.ओ, ट्रस्ट संचालित किये जा रहे है? संस्थानों/संचालकों के नाम एवं पता सहित संपूर्ण जानकारी दी जावे। (ख) जिला ग्वालियर में मध्यप्रदेश शासन की कौन-कौन सी योजनायें विकास एवं रोजगार हेतु वर्तमान में संचालित है? योजनावार जानकारी दी जावे। (ग) प्रश्नांश (ख) में उल्लेखित योजनाओं को संचालित करने हेतु विगत् 5 वर्षों में विभाग द्वारा कितना-कितना अनुदान सहायता राशि के रूप में प्रदान की गई है? पृथक-पृथक संस्थावार जानकारी दी जावे। (घ) प्रश्नांश (ख) में उल्लेखित योजनाओं (पाठ्यक्रमों) में कितने छात्र/छात्राओं को प्रशिक्षण दिया गया। पाठ्यक्रमवार संख्यात्मक जानकारी दी जावें।
राज्य मंत्री, कौशल विकास एवं रोजगार ( श्री गौतम टेटवाल ) : (क) जिला ग्वालियर में 54 आई.टी.आई. संचालित है, जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है, जिला रोजगार कार्यालय ग्वालियर संचालित है, जिसमें श्री पवन कुमार भिमटे, उप सचांलक पदस्थ है, जिला रोजगार कार्यालय ग्वालियर का पता दूकूल द रेडीमेड गारमेंट पार्क, झलकारी बाई कालेज के सामने, गदाईपुरा, मुरैना रोड ग्वालियर है, कौशल विकास एवं रोजगार हेतु पी.एम.के.व्ही.वाय. 4.0 योजना के अंतर्गत 3 शासकीय संस्थानों को लक्ष्य आवंटन किया गया है एवं संचालन प्रक्रियाधीन है, जिनके नाम एवं पता की जानकारी इस प्रकार है (1) शासकीय महिला पी.जी. कॉलेज, गरम सड़क, मोरार, ग्वालियर-474006 (2) शासकीय संभागीय आई.टी.आई., बिरला नगर सिमको तिराहा, गोले के मंदिर के पास, ग्वालियर-474004 (3) राजमाता विजयराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय, बी-505, भाऊ साहिब, पोटनिस इन्क्लेव, इन्द्रामणी नगर के पास, ग्वालियर। (ख) विभागांतर्गत मुख्यमंत्री सीखो कमाओ योजना (MMSKY), जॉब फेयर योजना एवं केरियर काउंसिलिंग योजना संचालित है। योजनाओं की विस्तृत जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ग) अनुदान सहायता राशि प्रदान किये जाने का प्रावधान नहीं होने के कारण जानकारी निरंक है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है।
उच्च शिक्षा के लिये ऋण का प्रदाय
[उच्च शिक्षा]
34. ( क्र. 171 ) डॉ. सतीश सिकरवार : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में उच्च शिक्षा ऋण गारंटी योजना कब से लागू है एवं इसके क्या प्रावधान है? नियम सहित जानकारी दी जावे। (ख) वर्ष 2023 से प्रश्न दिनांक तक ग्वालियर संभाग में उच्च शिक्षा हेतु विदेश एवं प्रदेश के बाहर अध्ययन करने हेतु कितने-कितने आवेदन प्राप्त हुये, जिलावार संख्यात्मक जानकारी दी जावे। (ग) प्रश्नांश (ख) में उल्लेखित अवधि में प्राप्त आवेदनों से कितने आवेदन स्वीकार हुये एवं कितने आवेदन निरस्त किये गये? आवेदन निरस्त करने के कारण सहित जानकारी दी जावे। (घ) प्रश्नांश (ग) के संबंध में ग्वालियर संभाग में उच्च शिक्षा हेतु विदेश एवं प्रदेश के बाहर अध्ययन करने वाले कितने विद्यार्थियों को शासन की गारंटी पर बैंकों द्वारा कितना-कितना ऋण दिया गया।
उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री इन्दर सिंह परमार ) : (क) योजना वर्ष 2009-10 से लागू है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) वर्ष 2023 से प्रश्न दिनांक तक प्राप्त आवेदनों की संख्या निरंक है। (ग) एवं (घ) उत्तरांश ''ख'' के परिप्रेक्ष्य में शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
शासकीय एवं अशासकीय आई.टी.आई. का संचालन
[तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार (केवल कौशल विकास एवं रोजगार ) ]
35. ( क्र. 172 ) डॉ. सतीश सिकरवार : क्या राज्य मंत्री, कौशल विकास एवं रोजगार महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) ग्वालियर संभाग में वर्तमान स्थिति में कितने शासकीय एवं अशासकीय आई.टी.आई. संस्थान संचालित है? जिलेवार नाम/पता सहित जानकारी दी जावे। (ख) प्रश्नांश (क) के संबंध में उल्लेखित संस्थानों में कौन-कौन से पाठ्यक्रम का अध्ययन कराया जाता है? पाठ्यक्रमवार (कोर्स) अध्ययनरत छात्रों की संख्यात्मक जानकारी दी जावे। (ग) ग्वालियर संभाग में वर्तमान में संचालित संस्थानों का निरीक्षण कितनी-कितनी अवधि में किया जाना होता है, वर्तमान में संचालित संस्थानों का वर्ष 2020 से वर्ष 2025 के मध्य कब-कब निरीक्षण/किस-किस अधिकारियों द्वारा किया गया? निरीक्षण दिनांकवार जानकारी दी जावे। यदि निरीक्षण नहीं किया गया तो क्या कारण रहे? निरीक्षण नहीं करने के संबंध में त्रुटिकर्ताओं के विरूद्ध क्या कार्यवाही की गई? जानकारी दी जावे (घ) प्रश्नांश (ग) के संबंध में अधिकारियों द्वारा किये गये निरीक्षण में पाई गई अनियमितताओं/कमियों के संबंध में क्या कार्यवाही की गई। जानकारी दी जावे।
राज्य मंत्री, कौशल विकास एवं रोजगार ( श्री गौतम टेटवाल ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ग) औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों के निरीक्षण संबंधी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है। प्रश्नावधि से संबंधित वर्तमान संचालित संस्थाओं के निरीक्षण की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-4 अनुसार है। समयाभाव एवं शासकीय कार्यों की अत्याधिक व्यस्तताओं के कारण शेष संस्थाओं के निरीक्षण नहीं किये जा सकें। शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-5 अनुसार है।
योजना अंतर्गत प्राप्त राशि का विवरण
[उच्च शिक्षा]
36. ( क्र. 178 ) श्री महेश परमार : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या मध्यप्रदेश के पारंपरिक राज्य विश्वविद्यालयों को प्रधानमंत्री उषा (PM-USHA) योजना के अंतर्गत चिन्हित कर वित्तीय सहायता/अनुदान प्रदान किया गया है? यदि हाँ, तो योजना के अंतर्गत विश्वविद्यालयवार स्वीकृत एवं जारी की गई राशि, राशि जारी करने की तिथि, उक्त राशि के उपयोग हेतु केंद्र/राज्य शासन द्वारा जारी दिशा-निर्देश तथा इस संबंध में किए गए अनुमोदन/ समझौते से संबंधित सभी अभिलेखों की सत्यापित प्रतियाँ उपलब्ध कराएं। (ख) उक्त पारंपरिक विश्वविद्यालयों द्वारा PM-USHA योजना के अंतर्गत प्राप्त धनराशि का विश्वविद्यालयवार एवं मदवार संपूर्ण व्यय विवरण क्या है, जिसमें अधोसंरचना विकास, शैक्षणिक एवं शोध सुविधाएं, डिजिटल/तकनीकी उन्नयन, क्षमता निर्माण तथा अन्य स्वीकृत घटकों पर किए गए व्यय का तिथिवार विवरण सम्मिलित हो। योजना के अंतर्गत विश्वविद्यालयों द्वारा खरीदे गए तकनीकी उपकरणों/डिजिटल संसाधनों के संबंध में प्रत्येक उपकरण का नाम, तकनीकी विशिष्टताएं, खरीद दर, खरीदी गई संख्या तथा प्रत्येक मद पर की गई कुल व्यय राशि का विश्वविद्यालयवार एवं उपकरणवार विस्तृत ब्यौरा उपलब्ध कराएं। (ग) क्या योजना के अंतर्गत प्राप्त राशि के उपयोग एवं तकनीकी क्रय में पारदर्शिता सुनिश्चित करने हेतु तृतीय पक्ष ऑडिट या मूल्यांकन कराया गया है? यदि हाँ, तो विश्वविद्यालयवार ऑडिट रिपोर्टों की सत्यापित प्रतियाँ उपलब्ध कराएं तथा योजना की प्रगति एवं प्रभाव का मूल्यांकन क्या है? जानकारी दें।
उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री इन्दर सिंह परमार ) : (क) जी हाँ। प्रदेश के पारम्परिक कुल 08 विश्वविद्यालयों में प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा अभियान योजना अंतर्गत वित्तीय सहायता/अनुदान प्रदान किया गया है। शेष प्रश्नांश के संबंध में चाही गई जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-"अ" अनुसार है। (ख) विश्वविद्यालयवार चाही गई जानकारी का विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-"ब" अनुसार है। (ग) विश्वविद्यालयों द्वारा पारदर्शिता सुनिश्चित करने हेतु तृतीय पक्ष ऑडिट या मूल्यांकन के संबंध में विश्वविद्यालयवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-"स" अनुसार है।
सचिव व रोजगार सहायकों के रिक्त पदों की पूर्ति
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
37. ( क्र. 179 ) श्री मुकेश मल्होत्रा : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला श्योपुर जिला पंचायत में सचिव व रोजगार सहायकों के कितने पद रिक्त है तथा यह पद कब तक भरे जाएंगे पदों की वर्गवार जानकारी उपलब्ध करावें? (ख) यदि प्रश्नांश (क) वर्णित ग्राम पंचायतवार रिक्त पदों पर कब तक भर्ती की जावेगी? यदि नहीं, तो क्यों नहीं?
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। पंचायत सचिव के मध्यप्रदेश पंचायत सेवा (ग्राम पंचायत सचिव भर्ती, अनुशासन और सेवा शर्तें) नियम 2025 के अंतिम प्रकाशन की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। सेवा भर्ती नियमों के अंतिम प्रकाशन उपरांत ग्राम पंचायत सचिवों के रिक्त पदों को भरे जाने का प्रस्ताव है। ग्राम रोजगार सहायक के लिये वित्तीय अनुपलब्धता के कारण भर्ती की कार्यवाही का वर्तमान में कोई प्रस्ताव नहीं है। (ख) उत्तरांश ''क'' अनुसार है।
चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की विभिन्न मांगों का निराकरण
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
38. ( क्र. 185 ) श्री सोहनलाल वाल्मीक : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्यप्रदेश की विभिन्न ग्राम पंचायतों में अस्थाई रूप से कार्यरत चौकीदार, नलकूप चालक/पंप ऑपरेटर, भृत्य, सफाई कर्मचारी एवं अन्य कर्मचारियों को सरकार/विभाग द्वारा कब तक नीति बनाते हुये नियमित कर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को नियमित कर्मचारियों की भांति लाभ प्रदान कर दिया जायेगा? जानकारी दें। (ख) प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्य में मध्यप्रदेश की विभिन्न ग्राम पंचायतों में कार्यरत चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की विभिन्न मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुये उचित निर्णय लेकर मांगों के निराकरण के संबंध में प्रश्नकर्ता द्वारा मान. मुख्यमंत्री महोदय को पत्र क्र.वि.स./परासिया/127/2026/39 दि. 16.01.2026 व मान.पंचायत मंत्री महोदय को पत्र क्र.38 दिनांक 16.01.2026 एवं श्रीमान प्रमुख सचिव महोदय पंचायत विभाग को पत्र क्र. 37 दि. 16.01.2026 को प्रेषित किये गये है, इन पत्रों पर अभी तक क्या कार्यवाही की गई है तथा कब तक कार्यवाही करते हुए मांगों को पूरा किया जायेगा? जानकारी दें।
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) पंचायतें अपनी आवश्यकता एवं आय स्रोत के मद्देनजर, स्थानीय स्तर पर प्रश्नांश में वर्णित कार्यों संबंधी सेवाएं आपसी सहमति के आधार पर लेती है। स्थानीय निकाय के कर्मचारियों को शासकीय कर्मचारियों के समान लाभ दिये जाने के कोई प्रावधान नहीं है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) प्रश्नांश (क) के उत्तर के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
अतिवृष्टि से हुये नुकसान के मुआवजा राशि का भुगतान
[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]
39. ( क्र. 188 ) श्री मधु भगत : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या समस्त बालाघाट जिले में कृषकों की विभिन्न प्रकार की अतिवृष्टि से नुकसान हुआ है? यदि हां, तो कृषकों के नाम सहित प्रभावित फसलों के प्रकार तथा शासन द्वारा मुआवजा के रुप में विगत 2 वर्षों में प्रदाय की राशि का राजस्व ग्रामवार, कृषकवार, विकासखण्डवार जानकारी उपलब्ध करावे एवं वर्ष 2023 में शासन द्वारा धान पर कितना समर्थन मूल्य निर्धारित किया गया था एवं 2023 से 2025 तक प्रतिवर्ष अनुसार कितना-कितना शासन द्वारा धान पर समर्थन मूल्य का निर्धारण किया गया प्रतिवर्ष अनुसार धान खरीदी के समर्थन मूल्य पर की गई वृद्धि के पृथक-पृथक सूची एवं किस आधार पर समर्थन मूल्य बढ़ाया गया समस्त दस्तावेज उपलब्ध करावें? (ख) समस्त बालाघाट जिले में शासन योजना अंतर्गत विगत 2 वर्षों में किन-किन हितग्राहियों को किस-किस प्रकार से लाभांवित किया गया, कृषि उपकरण सहित खाद्य, बीज की नामवार तिथिवार जानकारी उपलब्ध करावें? साथ ही जिले में वर्ष 2023 से खाद्य उर्वरक एवं बीज पर 2025 तक कितनी वृद्धि शासन द्वारा की गई एवं कितने प्रतिशत सब्सिडी खाद उर्वरक एवं बीज की शासन द्वारा किसानों को दिया गया पृथक-पृथक वर्षवार सूची एवं समस्त दस्तावेज उपलब्ध करावे? (ग) कार्यालय मिट्टी परीक्षण शाखा बालाघाट के भवन निर्माण एवं रिपेरिंग कार्य की निविदा प्रक्रिया के समाचार पत्र सहित प्रशासकीय स्वीकृति, प्राक्कलन तथा कार्यादेश सहित समस्त दस्तावेज उपलब्ध करावें?
किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) जी हाँ। बालाघाट जिले में तहसीलों में अतिवृष्टि से नुकसान एवं कृषकों को वितरित राशि की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। धान (सामान्य) का समर्थन मूल्य भारत सरकार द्वारा निर्धारित किया जाता है। वर्ष 2023-24 में रू.2183, वर्ष 2024-25 में रू.2300 एवं वर्ष 2025-26 में रू.2369 प्रति क्विं. धान का समर्थन मूल्य निर्धारित था। वर्ष 2024-25 में रू.117 तथा वर्ष 2025-26 में रू.69 प्रति क्विं. की वृद्धि हुई। राज्य शासन द्वारा समर्थन मूल्य का निर्धारण नहीं किया जाता है। इसलिए दस्तावेज उपलब्ध कराया जाना संभव नहीं है। (ख) जिला बालाघाट शासन योजना अंतर्गत विगत दो वर्षों में DBT एवं Kind के माध्यम से हितग्राहियों को लाभांवित किया गया है। कृषि उपकरण, बलराम तालाब, ड्रिप/स्प्रिंकलर, नलकूप खनन की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। जिले में वर्ष 2023 से 2025 तक खाद, उर्वरक एवं बीज पर वृद्धि की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है। राज्य सरकार द्वारा किसानों को खाद, उर्वरकों पर सब्सिडी नहीं दी जाती हैं तथा बीज की सब्सिडी की योजनावार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-4 अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-5 अनुसार है।
समर्थन मूल्य पर फसल खरीदी एवं भुगतान
[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]
40. ( क्र. 190 ) श्री भंवर सिंह शेखावत : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्य प्रदेश राज्य में वर्ष 2023-24 से वर्तमान तक समर्थन मूल्य (MSP) पर कौन-कौन सी फसलों की खरीद की जाना निर्धारित था? प्रत्येक फसल की निर्धारित दर प्रति क्विंटल क्या थी? (ख) प्रश्नांश (क) वर्णित अवधि में रबी एवं खरीफ सीजन अनुसार फसलवार कितनी-कितनी मात्रा (क्विंटल/मीट्रिक टन) की वास्तविक खरीद की गई? क्या उक्त अवधि में बोई गई समस्त उपज की खरीद समर्थन मूल्य पर की गई? यदि हाँ, तो फसलवार एवं वर्षवार विवरण उपलब्ध करावें। यदि नहीं, तो किन-किन फसलों की कितनी मात्रा की खरीद नहीं की गई? (ग) प्रश्नांश (ख) के सन्दर्भ में फसलों की खरीदी नहीं करने के क्या कारण रहे? समर्थन मूल्य पर की गई खरीद के विरूद्ध फसलवार कितनी राशि का भुगतान किया गया? कृपया जानकारी दे।
किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) मध्य प्रदेश राज्य में वर्ष 2023-24 में न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर धान, ज्वार, बाजरा, गेहूं चना, मसूर, सरसों, मूंग, उड़द, वर्ष 2024-25 में धान, ज्वार, बाजरा, तुअर, सोयाबीन, गेहूं, चना, मसूर, सरसों, मूंग, उड़द एवं वर्ष 2025- 26 में वर्तमान तक धान, ज्वार, बाजरा की खरीदी न्यूनतम समर्थन मूल्य पर किया जाना निर्धारित था। फसलवार निर्धारित दर की जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) वर्णित अवधि में रबी एवं खरीफ सीजन अनुसार फसलवार खरीदी मात्रा की जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। शेष प्रश्न उद्भूत नहीं होता है। (ग) उत्तरांश'ख' के अनुसार समर्थन मूल्य पर की गई खरीदी के विरूद्ध फसलवार भुगतान की राशि की जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है।
बैकलॉग के रिक्त पदों पर अनाधिकृत रूप से संविदा नियुक्तियां
[आयुष]
41. ( क्र. 193 ) श्री चैन सिंह वरकड़े : क्या आयुष मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा प्रश्न क्र. 1572 दिनांक (14/03/2013) 14 मार्च 2013 में बताया गया है कि बैकलॉग के रिक्त पदों पर नियुक्ति के प्रकरण में गुणदोष के आधार पर नियमानुसार कार्यवाही की जावेगी अब तक क्या कार्यवाही की गई बतायें और बैकलॉग पदों की भर्ती नियम क्या हैं, बतायें? (ख) विधानसभा प्रश्न क्रमांक (2033) दिनांक 20 मार्च 2025 में बताया गया है कि गैर आरक्षित वर्ग के कम्पाउंडर को नियमित नियुक्ति एवं जनजाति वर्ग के लिए आरक्षित बैकलॉग पद पर नियुक्त कम्पाउंडर श्रीमति ठाकुर को विभाग में प्रचलित नीति न होने से नियमित नियुक्ति एवं अन्य हित लाभ से वंचित करना म.प्र. लोक सेवा (SC, ST एवं अन्य पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षण) अधिनियम 1994 सा.प्र.वि. (आरक्षण प्रकोष्ठ) भोपाल दिनांक 27.07.1996 एवं दिनांक 14/09/1998 के प्रावधानों, आदेशों का उल्लंघन है या नहीं स्पष्ट करें। साथ ही उल्लंघनकर्ताओं पर अधिनियम के तहत कार्यवाही की जायेगी या नहीं? (ग) विधानसभा प्रश्न क्र. 1572 दिनांक 14 मार्च 2013 में बताया गया है कि जिला आयुष अधिकारी से अभिलेख मांगा गया है जवाब की प्रतियां उपलब्ध करावें। आयुष विभाग को बैकलॉग के नियमित पदों के विरूद्ध अनाधिकृत रूप से संविदा नियुक्ति का अधिकार है या नहीं यदि है तो आदेश की प्रति उपलब्ध करावें। (घ) बैकलॉग के तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के पदों पर नियुक्ति के अधिकार संभाग आयुक्त (कमिश्नर) को प्रदत्त है तो फिर दिनांक 26.08.2009, 11.03.2010 के आदेशों में नियुक्तिकर्ता अधिकारी आयुक्त संचालनालय आयुष म.प्र. क्यों? स्पष्ट करें।
आयुष मंत्री ( श्री इन्दर सिंह परमार ) : (क) विधानसभा प्रश्न क्र. 1572 में नियुक्ति के प्रकरण में कार्यवाही के संबंध में कोई भी उल्लेख नहीं किया गया। सामान्य प्रशासन विभाग के नियमानुसार भर्ती की जाती है। (ख) शासन द्वारा समय-समय पर जारी दिशा-निर्देशों एवं न्यायालय निर्णय के अनुक्रम में कार्यवाही की गई है। किसी भी अधिनियम का उल्लंघन नहीं किया गया है। (ग) तत्कालीन जिला आयुष अधिकारी वर्ष 31.08.2012 में सेवानिवृत्त होने के पश्चात वर्ष 2020 में उनकी मृत्यु हो गई है। बैकलॉग के नियमित पदों के विरूद्ध संविदा नियुक्ति नहीं की जाती है। (घ) विभाग प्रमुख को तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के पदों पर समस्त अधिकार प्रदत्त है।
मुख्यमंत्री एवं प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
42. ( क्र. 204 ) श्री सुरेश राजे : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र क्र. 19 डबरा के अंतर्गत वर्ष 2018-19 से 2025-26 तक मुख्यमंत्री एवं प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना अंतर्गत कहाँ से कहाँ तक कितनी-कितनी दूरी की सड़क का निर्माण कितनी-कितनी राशि से कब-कब स्वीकृत हुआ? इन्हें किस फर्म/ठेकेदार द्वारा किस-किस उपयंत्री की देखरेख में बनवाया गया? (ख) प्रश्नांश (क) वर्णित प्रत्येक कार्य पर प्रश्न दिनांक तक व्यय राशि एवं कार्य पूर्ण/अपूर्ण का कारण सहित योजनावार एवं वर्षवार जानकारी दें।
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजनान्तर्गत विधानसभा क्षेत्र 19 डबरा में वर्ष 2018-19 से 2025-26 तक सड़कों की वर्षवार जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र ''1'' अनुसार है। ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजनान्तर्गत विधानसभा क्षेत्र 19 डबरा में वर्ष 2018-19 से 2025-26 तक सड़कों की वर्षवार जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र ''2'' अनुसार है। (ख) प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से संबंधित जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र ''1'' अनुसार है। ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग से प्राप्त मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना से संबंधित जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र ''2'' अनुसार है।
प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना का क्रियान्वयन
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
43. ( क्र. 206 ) श्री सुरेश राजे : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना किस वर्ष से प्रारंभ की गई? इसके अंतर्गत किसानों के हित में कौन-कौन से कार्य कराए जाने का प्रावधान है? क्रियान्वयन सम्बन्धी नियम/आदेश की छायाप्रति उपलब्ध करवाएं। (ख) प्रश्नांश (क) के अंतर्गत वर्ष 2021-22 से 2025-26 में प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना अंतर्गत करवाए जाने वाले कार्यों हेतु कितनी-कितनी राशि केंद्र सरकार एवं राज्य सरकार से जिला ग्वालियर को प्राप्त हुई? वर्षवार बताएं। (ग) प्रश्नांश (ख) के अनुसार उक्त वर्षों में प्राप्त राशि से किस-किस जनपद पंचायत के किस ग्राम में कौन-कौन से कार्य कितनी-कितनी राशि के स्वीकृत कर किस निर्माण एजेंसी द्वारा करवाए गए? प्रत्येक कार्य पर प्रश्न दिनांक तक कितनी-कितनी राशि व्यय की गई? कार्य पूर्ण/अपूर्ण का कारण सहित वर्षवार एवं कार्यवार बतावें।
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के अंतर्गत वाटरशेड विकास घटक 2.0 योजना वर्ष 2021-22 में प्रारंभ की गई है। इसके अंतर्गत किसानों के हित में जल संरक्षण एवं संवर्धन तथा उत्पादन प्रणाली संबंधी कार्य किये जाते है। क्रियान्वयन के संबंध में भारत शासन से प्राप्त दिशा-निर्देश पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ अनुसार है। (ख) प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना वाटरशेड घटक 2.0 की प्रश्नाधीन जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ब अनुसार है। (ग) प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना वाटरशेड घटक 2.0 की प्रश्नाधीन जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-स अनुसार है।
समूहों की जानकारी
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
44. ( क्र. 212 ) श्री पंकज उपाध्याय : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2015 से अभी तक विकासखण्ड स्तर से नेशनल MIS पोर्टल में कितने समूह व महिला सदस्यों को डिलीट किया गया वर्षवार बताए? LOKOS ऐप पर वर्तमान में कितने समूह, ग्राम संगठन? CLF की संख्यात्मक एंट्री है? (ख) मिशन का क्या उद्देश्य है? मिशन में कितने कर्मचारी है, उनके नाम व पदस्थापना कहाँ है? वर्ष 2015 से मिशन कर्मियों के विरूद्ध कितनी शिकायतें है? क्या सेवा समाप्ति के पश्चात भरण पोषण की लिए कोई तन्खा, मानदेय या अन्य प्रकार की राशि देने का प्रावधान है? पूर्व SPM IBCB को किस आधार पर सेवा समाप्ति उपरांत प्रत्येक माह भरण पोषण के लिए मानदेय दिया जा रहा है? पूरा न्यायालयीन प्रकरण किस प्रकार है? दस्तावेज उपलब्ध करावें। (ग) वर्ष 2015 से पूर्व नेशनल MIS में कितने समूह की एंट्री है? क्या अक्टूबर 2023 तक नेशनल MIS में समूह की संख्या 443859 व सदस्यों की संख्या 5241447 थी? (घ) क्या विधानसभा सत्र अगस्त 2025 में प्रश्न क्रमांक 2195 में वर्ष 2015 में अगस्त तक 3490 समूह Lokos portal पर दर्ज किये? अगस्त 2025 के बाद कितने समूह बने व वर्ष 2025 में कुल कितने समूहों का गठन माहवार हुआ?
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) वर्ष 2015 से नेशनल एमआईएस पोर्टल में समूह व महिला सदस्यों को डिलीट नहीं किया गया है। लोकोस पर वर्तमान में कुल 5,12,141 समूह, 40,927 ग्राम संगठन एवं 1,455 संकुल स्तरीय संगठन की जानकारी दर्ज/अद्यतन की गई है। (ख) लक्षित परिवारों को सामुदायिक संस्थाओं में संगठित कर उनका सामाजिक व आर्थिक सशक्तिकरण करना उद्देश्य है। मिशन में कार्यरत कर्मचारी, उनके नाम व पदस्थापना संबंधी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ अनुसार है। वर्ष 2015 से मिशन कर्मियों के विरूद्ध 284 शिकायतें है। जी नहीं, सेवा समाप्ति उपरांत भरण पोषण, तनख्वाह, मानदेय आदि देने का प्रावधान नहीं है। पूर्व SPM IBCB को माननीय उच्च न्यायालय के आदेश के परिपालन में प्रत्येक माह निर्धारित मानदेय का आधा दिया जा रहा है। माननीय उच्च न्यायालय से संबंधित दस्तावेज पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ब अनुसार है। (ग) नेशनल MIS पर वर्ष 2015 के पूर्व कुल 60,361 समूहों की जानकारी दर्ज है। माह अप्रैल 2023 से नेशनल MIS पोर्टल के स्थान पर लोकोस पोर्टल का क्रियान्वयन किया गया है। जिसके अनुसार अक्टूबर, 2023 तक लोकोस पोर्टल में समूह की संख्या 4,77,930 व सदस्यों की संख्या 56,76,108 प्रदर्शित हो रही है। (घ) जी हाँ, विधानसभा सत्र अगस्त 2025 में प्रश्न क्रमांक 2195 के संदर्भ में वर्ष 2025 में अगस्त तक 3490 समूह Lokos portal पर दर्ज प्रतिवेदित किये गए थे। अगस्त 2025 से दिसम्बर 2025 तक 1700 समूहों का गठन किया गया है एवं वर्ष 2025 में माहवार गठित समूहों का विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-स अनुसार है।
सामुदायिक भवनों का निर्माण
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
45. ( क्र. 214 ) श्री मोहन सिंह राठौर : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रदेश के सभी ग्रामों में ग्रामीण जनों की सुविधा एवं सामाजिक कार्यक्रमों हेतु सामुदायिक भवन निर्माण कराये जाने की योजना है? यदि हाँ तो योजना की प्रति उपलब्ध करायें? सामुदायिक भवनों की स्वीकृति/निर्माण वर्तमान में कैसे किया जा रहा है? क्या सरकार प्रत्येक ग्राम में सामुदायिक भवन निर्माण का निर्णय लेगी? (ख) क्या ग्वालियर जिले की भितरवार विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न ग्रामों में सामुदायिक भवन निर्माण के प्रस्ताव वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 में विभाग को जनप्रतिनिधियों के माध्यम से प्राप्त हुए है? यदि हाँ तो कितने एवं कौन से ग्रामों के उनकी वर्षवार जानकारी दें। (ग) प्रश्नांश ''ख'' में प्राप्त प्रस्तावों में से कितने सामुदायिक भवन कहाँ-कहाँ एवं कितनी-कितनी राशि के स्वीकृत किये गए वर्षवार जानकारी दें। (घ) प्रश्नांश ''ख'' में प्राप्त प्रस्तावों में से प्रश्नांश ''ग'' में उल्लेखित भवनों की स्वीकृति उपरांत शेष प्रस्तावित भवनों को क्या स्वीकृत किया जायेगा? यदि हाँ तो कब तक? यदि नहीं, तो क्यों?
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) जी नहीं। वर्तमान में ऐसी कोई योजना नहीं है। विभिन्न स्तरों से प्रस्तुत मांग के आधार पर सामुदायिक भवन स्वीकृत किये गये है। वर्तमान में ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। (ख) जी हाँ। कुल 42 प्रस्ताव प्राप्त हुये है। विस्तृत जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'अ' अनुसार है। (ग) प्रश्नांश (ख) में प्राप्त प्रस्तावों में से 12 सामुदायिक भवन स्वीकृत किये गये है। विस्तृत जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'ब' अनुसार है। (घ) बजट की उपलब्धता के आधार पर नवीन कार्य स्वीकृत किये जाते है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
आई.टी.आई. कॉलेजों की स्थापना
[तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार (केवल कौशल विकास एवं रोजगार ) ]
46. ( क्र. 216 ) श्री मोहन सिंह राठौर : क्या राज्य मंत्री, कौशल विकास एवं रोजगार महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या विभाग के पत्र 3898 दिनांक 12.08.2024 द्वारा 51 स्थानों पर नवीन आई.टी.आई. कॉलेज स्वीकृत करने का निर्णय लिया गया है? यदि हाँ, तो प्रश्न दिनांक तक नवीन आई.टी.आई. स्थापना की अद्यतन स्थिति क्या है? आई.टी.आई. कॉलेजवार बताएं। (ख) क्या प्रश्नांश (क) में उल्लेखित आदेश/निर्देशों के पालन में जिला कलेक्टर ग्वालियर के आदेश प्र.क्रं. 0059/अ-20 (3) 2024-25/18553 दिनांक 14.11.2024 भितरवार जिला ग्वालियर एवं आदेश प्र.क्र. 0066/अ-20 (3) 2024-25/19236 दिनांक 26.11.2024 द्वारा घाटीगांव जिला ग्वालियर के लिए भूमि आरक्षित कर दी गई है? यदि हाँ, तो दोनों स्थानों पर आई.टी.आई. स्थापित करने में विलंब क्यों हो रहा है? विवरण दें। (ग) प्रश्नांश (ख) में उल्लेखित कार्यवाही होने के उपरांत क्या वर्ष 2025-26, 2026-27 में भितरवार, जिला ग्वालियर एवं घाटीगांव, जिला ग्वालियर में नवीन आई.टी.आई. कार्य प्रारंभ करने की स्वीकृति विभाग कब तक जारी करेगा? समय-सीमा बताये।
राज्य मंत्री, कौशल विकास एवं रोजगार ( श्री गौतम टेटवाल ) : (क) जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ख) जी हाँ। विकासखंड भितरवार एवं घाटीगांव में नवीन शासकीय आई.टी.आई. प्रारंभ करने की स्वीकृति नहीं है। शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं हैं।
कोलारस में नवीन आउटडोर खेल परिसर के निर्माण
[खेल एवं युवा कल्याण]
47. ( क्र. 218 ) श्री महेंद्र रामसिंह यादव : क्या खेल एवं युवा कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्नकर्ता के अतारांकित प्रश्न क्र. 184 दिनांक 01.12.2025 द्वारा माननीय मंत्री जी द्वारा अवगत कराया गया था कि ग्राम मानीपुरा तहसील कोलारस में आउटडोर खेल परिसर (स्टेडियम) हेतु आवंटित भूमि का अधिग्रहण खेल विभाग द्वारा नहीं किया गया है? यदि हाँ, तो भूमि अधिग्रहण न होने के क्या कारण है स्पष्ट करें? (ख) क्या म.प्र. भवन विकास निगम भोपाल द्वारा नवीन आउटडोर खेल परिसर (स्टेडियम) के निर्माण हेतु प्राक्कलन एवं तकनीकी स्वीकृति प्राप्त हुई है यदि नहीं, तो कारण स्पष्ट करें? (ग) प्रश्नांश (ख) अनुसार यदि हाँ, तो प्राक्कलन एवं तकनीकी स्वीकृति की स्वच्छ छायाप्रति उपलब्ध करावें एवं खेल परिसर निर्माण हेतु प्रचलित कार्यवाही की अद्यतन स्थिति की जानकारी दें।
खेल एवं युवा कल्याण मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) जी हाँ। कार्यालय तहसीलदार कोलारस के पत्र क्रमांक/रीडर-2/2025/1216 कोलारस दिनांक 02.12.2025 द्वारा ग्राम मानीपुरा स्थित भूमि सर्वे नं. 25 रकबा 8.634 हेक्टेयर में से कस्बा 2.83 हेक्टेयर भूमि विभाग के नाम आरक्षित की गई। इस भूमि का सीमांकन, कराकर नक्शा, खसरा एवं आधिपत्य जिला खेल और युवा कल्याण अधिकारी शिवपुरी द्वारा प्राप्त किया गया है। (ख) जी नहीं, उक्त आवंटित 2.83 हेक्टेयर भूमि में खेल स्टेडियम निर्माण किये जाने हेतु निर्माण एजेंसी म.प्र.भवन विकास निगम भोपाल को स्थल निरीक्षण कर प्राक्कलन मय तकनीकी स्वीकृति सहित प्रस्तुत किये जाने हेतु लेख किया गया था, जिसके संदर्भ में निर्माण एजेंसी के अधिकारियों द्वारा मौके पर पहुंचकर स्थल निरीक्षण किया गया, स्थल निरीक्षण के दौरान भूमि के बीचों बीच हाईटेंशन लाईन 33 के.वी. के 2-टावर लगे हुये, जिन्हें हटाया जाना संभव नहीं है। इस कारण उक्त आवंटित भूमि में खेल परिसर निर्माण किया जाना संभव नहीं है। संचालनालयीन पत्र क्रमांक 10445 दिनांक 26.01.2026 द्वारा कलेक्टर शिवपुरी को नगर निकाय सीमा से 2.00 कि.मी. की परिधि में समतल व उपयुक्त 10.00 एकड़ भूमि विभाग के नाम आवंटन हेतु लेख किया गया है। (ग) उत्तरांश ''ख'' के संदर्भ में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
अधिनियम 1993 में हुए संशोधनों की जानकारी
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
48. ( क्र. 220 ) श्री महेंद्र रामसिंह यादव : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) म.प्र. पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 कब लागू हुआ? उक्त अधिनियम लागू होने पर तत्समय उनके क्या-नियम व सिद्धांत निर्धारित किये गये थे? संपूर्ण जानकारी उपलब्ध करावें। (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार म.प्र. पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम लागू होने के पश्चात् कब-कब, कौन-कौन से संशोधन किये गये? जानकारी वर्षवार, संशोधनवार, पृथक-पृथक उपलब्ध करावें। (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) अनुसार जिला पंचायत अध्यक्ष के क्या-क्या अधिकार व कर्तव्य निर्धारित किये गये थे? अध्यक्ष के अधिकारों में कब-कब, क्या-क्या संशोधन किये गये? वर्षवार, संशोधनवार जानकारी, आदेशों की छायाप्रति सहित पृथक-पृथक उपलब्ध करावें। (घ) जिला पंचायत अध्यक्षों को और अधिक सशक्त किये जाने के संबंध में शासन की कोई नवीन योजना प्रस्तावित है यदि हाँ, तो विवरण दें यदि नहीं, तो कारण स्पष्ट करें?
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) म.प्र. पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993, 25 जनवरी 1994 से लागू हुआ है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट –''अ'' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट –''ब'' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट –''स'' अनुसार है। (घ) जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं है।
प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजनांतर्गत निर्मित मार्गों का उन्नयनीकरण
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
49. ( क्र. 223 ) श्री भूपेन्द्र सिंह : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रश्नकर्ता के विधानसभा क्षेत्र खुरई के मालथौन विकासखंड अंतर्गत प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजनांतर्गत निर्मित कुछ मार्गों पर यातायात दबाव अधिक होने के कारण इन मार्गों के उन्नयनीकरण/मजबूतीकरण हेतु विभाग द्वारा ए.टी.सी.सी. सर्वे कराया गया है? यदि हाँ, तो उक्तानुसार ब्यौरा दें। (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार उक्त मार्गों का उन्नयनीकरण/मजबूतीकरण कब तक कर लिये जाने की योजना है?
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) जी हाँ। विधानसभा क्षेत्र खुरई के मालथौन विकासखंड अंतर्गत प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजनांतर्गत निर्मित मार्ग क्रमश: इमलिया से आसोली मार्ग, दुगहाकलां से दुगहाखुर्द मार्ग, दुगहाकलां से झोलसी मार्ग,रजवांस से हड़ली मार्ग एवं पाली (झिकनी) से चंद्रपुर मार्गों पर यातायात दबाव अधिक होने के कारण ए.टी.सी.सी. सर्वे कार्य, कंसलटेंट मेसर्स सक्षम सर्वे सॉल्यूशन दिल्ली द्वारा माह नवम्बर 2025 में किया गया है। (ख) उक्त मार्गों में तकनीकी औचित्य सिद्ध होने तथा सक्षम स्वीकृति प्राप्त होने के उपरांत उन्नयनीकरण/मजबूतीकरण कार्य किया जाना संभव है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
विभिन्न निर्माण कार्य एवं स्नातकोत्तर कक्षायें प्रारंभ करना
[उच्च शिक्षा]
50. ( क्र. 224 ) श्री भूपेन्द्र सिंह : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या खुरई विधानसभा क्षेत्रांतर्गत शासकीय महाविद्यालय मालथौन में सुरक्षा हेतु बाउण्ड्रीवॉल निर्माण, खेल ग्राउण्ड और पवेलियन निर्माण की आवश्यकता है? यदि हाँ, तो कब तक उक्त कार्यों को स्वीकृति प्रदान की जावेगी? (ख) प्रश्नांश 'क' अनुसार क्या मालथौन महाविद्यालय में अध्ययनरत छात्र/छात्राओं एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा राजनीति विज्ञान, इतिहास, हिन्दी साहित्य, वनस्पति विज्ञान एवं जन्तु विज्ञान की स्नातकोत्तर की कक्षायें प्रारंभ किये जाने की मांग की जा रही है? यदि हाँ, तो कब तक इन संकायों की स्नातकोत्तर कक्षायें प्रारंभ की जाएगी।
उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री इन्दर सिंह परमार ) : (क) जी हॉं, बाउण्ड्रीवॉल एवं खेल मैदान विकास की आवश्यकता है। प्राथमिकता पर बाउण्ड्रीवॉल निर्माण का प्रस्ताव स्थाई वित्त समिति द्वारा दिनांक 24.10.2025 को स्वीकृत किया जा चुका है। खेल मैदान विकास हेतु वित्तीय संसाधनों की उपलब्धतानुसार कार्यवाही की जाएगी। (ख) जी हॉं, विभागीय मापदण्डों के परिप्रेक्ष्य में प्रस्ताव परीक्षणाधीन है, अतः समय-सीमा बताई जाना संभव नहीं है।
सेवा सहकारी समिति और खाद बीज की उपलब्धता
[सहकारिता]
51. ( क्र. 226 ) श्री सिद्धार्थ सुखलाल कुशवाहा : क्या सहकारिता मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सतना जिला अंतर्गत कितनी सेवा सहकारी समितियां संचालित है? उक्त संचालित समितियों में कितने किसान के.सी.सी. धारक सदस्य हैं? क्या उक्त समितियों में के.सी.सी. धारक कृषक सदस्यों को समय पर खाद बीज उपलब्ध कराया जाता है? यदि हाँ, तो कितने किसानों को कितनी खाद और कितना बीज दिया गया है? समितिवार कितना खाद (यूरिया एवं डीएपी) और बीज का वितरण पिछले दो वर्षों में किया गया है, जानकारी उपलब्ध कराए? (ख) प्रश्नांश दिनांक तक सतना जिले की कितनी सेवा सहकारी समितियों में कितनी-कितनी और कौन-कौन सी खाद (यूरिया और DAP) उपलब्ध है समितिवार जानकारी उपलब्ध कराए? क्या सभी समितियों में जितने किसान रजिस्टर्ड है उतनी खाद की उपलब्धता है यदि नहीं, तो क्यों? शासन द्वारा समय पर किसानों को खाद उपलब्ध नहीं कराने का कारण स्पष्ट करें?
सहकारिता मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) सतना जिला अंतर्गत 108 सेवा सहकारी समितियां संचालित है। उक्त संचालित समितियों में कुल 22,672 किसान के.सी.सी. धारक सदस्य है। जी हां, समितियों द्वारा के.सी.सी. धारक कृषक सदस्यों को उनकी पात्रता एवं समितियों में उपलब्धता के आधार पर खाद, बीज उपलब्ध कराया जाता है, जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 01 अनुसार है। समितिवार पिछले 02 वर्षों में खाद (यूरिया एवं डीएपी) और बीज वितरण की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 01 अनुसार है। (ख) सतना जिले में प्रश्नांश दिनांक तक सेवा सहकारी समितियों में उपलब्ध खाद (यूरिया और डीएपी) की समितिवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 02 अनुसार है। समितियों में किसान रजिस्टर्ड नहीं होते है बल्कि सदस्य होते है। सदस्य किसानों की मांग अनुसार खाद का भंडारण कराया जाकर पात्रता अनुसार वितरण किया जाता है, शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता।
भावांतर की दर एवं भुगतान की जानकारी
[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]
52. ( क्र. 228 ) श्री सिद्धार्थ सुखलाल कुशवाहा : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सतना एवं मैहर जिले के कितने-कितने किसानों को भावांतर योजना के लिए पंजीकृत/पात्र किया गया है और पंजीकृत कितने किसानों को कितना-कितना, कौन-कौन की फसलों का भावांतर भुगतान कर दिया गया है? कितने किसान का भुगतान शेष हैं? शेष किसानों का भुगतान क्यों नहीं किया गया है? कब तक में भुगतान किया जाएगा? देरी का कारण क्या है और दोषी अधिकारी कर्मचारी कौन है? क्या दोषियों पर कोई कार्यवाही की जाएगी? (ख) सतना एवं मैहर जिले के कई गांव के किसान जो भावांतर योजना में पंजीयन से वंचित रह गए हैं, उनके लिए सरकार की क्या कार्ययोजना है? (ग) मध्यप्रदेश में भावांतर योजना में कौन-कौन सी फसलों को शामिल किया गया है और प्रत्येक फसल का कितना-कितना भावांतर दाम निर्धारित किया गया है? फसलवार निर्धारित भावांतर दर की जानकारी उपलब्ध कराएं। (घ) किसानों की आय में वृद्धि और किसान कल्याण के लिए मध्यप्रदेश सरकार कौन-कौन सी योजना चला रही हैं? योजनावार जानकारी उपलब्ध कराएं। वर्तमान समय में महंगाई के कारण किसानों की लागत मूल्य बढ़ गई परन्तु फसलों के दाम नहीं बढ़ने से किसानों में निराशा है। किसान हित में सरकार की क्या कार्ययोजना है? जानकारी उपलब्ध कराएं।
किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) खरीफ 2025 हेतु सोयाबीन में भावांतर योजना अंतर्गत सतना एवं मैहर जिले में क्रमशः 73 एवं शून्य किसानों द्वारा पंजीयन कराया गया है। सतना जिले के पात्र किसानों को भुगतान की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। मैहर जिले में पंजीयन शून्य होने से भुगतान नहीं होना है। भुगतान कार्यवाही सतत प्रक्रियाधीन है। अतः शेष प्रश्न उद्भूत नहीं होता है। (ख) योजना में पंजीयन हेतु दिनांक 03 अक्टूबर से दिनांक 17 अक्टूबर 2025 तक अवधि निर्धारित थी। अतः किसानों को योजना में पंजीयन हेतु पर्याप्त समय उपलब्ध कराया गया था। पंजीयन अवधि समाप्त होने से शेष प्रश्न उद्भूत नहीं होता है। (ग) मध्यप्रदेश में खरीफ 2025 हेतु भावांतर योजना में “सोयाबीन” फसल को शामिल किया गया है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। केवल सोयाबीन हेतु भावांतर योजना लागू करने से शेष प्रश्न उद्भूत नहीं होता है। (घ) किसानों की आय में वृद्धि और किसान कल्याण के लिए मध्यप्रदेश सरकार के द्वारा चलाई जाने वाली योजनाओं की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है। भारत सरकार द्वारा कृषि लागत और मूल्य आयोग की अनुशंसा के आधार पर फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य निर्धारित किया जाता है, जिसमें प्रश्नांश में उल्लेख कारणों का भी समावेश होता है। भारत सरकार द्वारा घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य पर शासन द्वारा समय-समय पर लिये गये निर्णय अनुसार प्रमुख फसलों के लिये खरीदी/उपार्जन किया जाता है।
वाटरशेड परियोजनाओं की जानकारी
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
53. ( क्र. 235 ) श्री सुनील उईके : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) छिंदवाड़ा पांढुर्णा बैतूल और सिवनी जिले में वर्ष 2020 से प्रश्न दिनांक तक WCD-PMKSY वाटरशेड परियोजना के अंतर्गत कितने प्रोजेक्ट स्वीकृत क्रियान्वित एवं संचालित हुए हैं? (ख) छिंदवाड़ा पांढुर्णा बैतूल एवं सिवनी जिले में वर्ष 2020 से प्रश्न दिनांक तक WCD-PMKSY वाटरशेड प्रोजेक्ट में स्वीकृत सभी प्रोजेक्ट के स्वीकृति पत्र, स्वीकृत परियोजनाओं की प्रोजेक्ट रिपोर्ट, प्रोजेक्ट वाइस आवंटन पत्र, प्रोजेक्ट क्रियान्वयन संबंध में सरकार से प्राप्त दिशा निर्देश, सहित प्रोजेक्ट में व्यय की गई राशि की संपूर्ण जानकारी एवं भुगतान पत्रक की कॉपी प्रदान करें? (ग) छिंदवाड़ा पांढुर्णा बैतूल एवं सिवनी जिले में क्रियान्वित इन वाटरशेड प्रोजेक्ट में किए गए कार्यों की जानकारी, स्वीकृत प्राक्कलन, प्रशासकीय एवं तकनीकी स्वीकृति प्रोजेक्टवार व्यय राशि, ग्राम पंचायतवार, हितग्राहियों या समूह के नाम तथा उन्हें प्रदाय राशि, व्यय राशि, भुगतान के पूर्व कार्य के सत्यापन पत्रक की ग्राम पंचायतवार जानकारियों की छायाप्रति प्रदान करें।
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) प्रश्नाधीन अवधि में छिंदवाड़ा जिले में 03 एवं पांढुर्णा जिले में 01 परियोजना स्वीकृत होकर क्रियान्वित की जा रही है। बैतूल एवं सिवनी जिले में प्रश्नाधीन अवधि में कोई परियोजना स्वीकृत नहीं हुई है। (ख) प्रश्नाधीन अवधि में छिंदवाड़ा एवं पांढुर्णा जिले में स्वीकृत परियोजनाओं के स्वीकृति/आवंटन पत्र पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''अ'' अनुसार है। प्रारम्भिक परियोजना प्रतिवेदन पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''ब'' अनुसार है। परियोजना क्रियान्वयन के संबंध में दिशा निर्देश पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''स'' अनुसार है। परियोजना में व्यय की गई राशि की सम्पूर्ण जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''द'' अनुसार है। वाटरशेड परियोजना अंतर्गत भुगतान पत्रक की पृष्ठ संख्या लगभग 9122 है, अत: इन दस्तावेजों का अवलोकन जिला पंचायत, छिंदवाड़ा में कार्यालयीन समय में किया जा सकता है। प्रश्नाधीन अवधि में बैतूल एवं सिवनी जिले में कोई परियोजना स्वीकृत नहीं होने से शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) छिंदवाड़ा एवं पांढुर्णा जिले की प्रश्नाधीन जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''द'' अनुसार है। भुगतान के पूर्व कार्य के सत्यापन पत्रक के पृष्ठ संख्या लगभग 9304 है, अत: इन दस्तावेजो का अवलोकन जिला पंचायत, छिंदवाड़ा में कार्यालयीन समय में किया जा सकता है। प्रश्नाधीन अवधि में बैतूल एवं सिवनी जिले में कोई परियोजना स्वीकृत नहीं होने से शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
आजीविका मिशन योजना का क्रियान्वयन
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
54. ( क्र. 236 ) श्री सुनील उईके : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन अंतर्गत प्रदेश की कुल कितनी महिलाओं को स्व-सहायता समूह में जोड़ा गया है भारत सरकार के लोकोस पोर्टल पर प्रदर्शित हो रही समूह सदस्यों की जानकारी जिलेवार बताएं। (ख) यदि संख्या में अंतर है तो क्या कारण है? संख्या में अंतर के सम्बन्ध में जिलों द्वारा दिए गए उत्तरों की प्रति उपलब्ध कराएं। (ग) प्रदेश में कितने निष्क्रिय स्व-सहायता समूह है जिन्हें पूर्व में रिवॉल्विंग फंड, सामुदायिक निवेश निधि दी जा चुकी है। उनकी जिलेवार संख्या बताए। (घ) समूहों के निष्क्रिय होने के कारण क्या पूर्व में उपलब्ध कराई गई, रिवॉल्विंग फंड, सामुदायिक निवेश निधि, स्टार्टअप फंड वापस ली जावेगी? इस संबंध में भारत सरकार के क्या निर्देश है? (ड.) सामुदायिक निवेश निधि को समूह को दिए जाने के सरकार के क्या निर्देश है? प्रदेश में कितने समूहों को रिवॉल्विंग फंड, सामुदायिक निवेश निधि उपलब्ध कराया गया है और रोटेशन के आधार पर समूहों को सामुदायिक निवेश निधि दी गई पृथक-पृथक जिलेवार सूची प्रदान करें? (च) कितने समूहों द्वारा सामुदायिक निवेश निधि को वापस किया गया है? जिलेवार सूची देवें। यदि नहीं, किया गया है तो क्या कारण है? जानकारी दें।
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन अंतर्गत प्रदेश की कुल 58,90,621 महिलाओं को स्व-सहायता समूह में जोड़ा गया है। भारत सरकार के लोकोस पोर्टल अनुसार समूह सदस्यों की जिलेवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-1 अनुसार है। (ख) संख्या में अंतर नहीं है। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता। (ग) भारत सरकार के लोकोस पोर्टल की FD01 रिपोर्ट अनुसार प्रदेश में निष्क्रिय 971 स्व-सहायता समूह है, जिन्हें पूर्व में रिवॉल्विंग फंड एवं 319 समूहों को सामुदायिक निवेश निधि दी जा चुकी है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-2 अनुसार है। (घ) जी नहीं, निष्क्रिय समूहों से रिवॉल्विंग फंड, सामुदायिक निवेश निधि, स्टार्टअप फंड वापस लिए जाने के संबंध में निर्देश भारत सरकार से प्राप्त नहीं हुए हैं। (ड.) सामुदायिक निवेश निधि को समूह को दिए जाने के शासन के निर्देश पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-3 अनुसार है। प्रदेश में समूहों को प्रदाय रिवॉल्विंग फंड, सामुदायिक निवेश निधि की जिलेवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-4 अनुसार है। शेष प्रश्नांश की जानकारी संकलित की जा रही है। (च) जानकारी संकलित की जा रही है।
खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन
[खेल एवं युवा कल्याण]
55. ( क्र. 239 ) चौधरी सुजीत मेर सिंह : क्या खेल एवं युवा कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) पिछले 5 वर्षों में चौरई विधान सभा क्षेत्र में कितनी जिला/संभाग/राज्य विकासखंड स्तरीय प्रतियोगिताएं आयोजित की गई? (ख) इन प्रतियोगिताओं पर अलग-अलग कितनी राशि व्यय की गयी? (ग) व्यय की गई राशि का उपयोगिता प्रमाण पत्र उपलब्ध कराएं। (घ) क्या प्रतियोगिताओं में स्थानीय खिलाड़ियों को प्राथमिकता दी गई है? यदि नहीं, तो कारण बताएं।
खेल एवं युवा कल्याण मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) से (ग) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (घ) जी हाँ। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
सड़क निर्माण की स्वीकृति
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
56. ( क्र. 240 ) चौधरी
सुजीत मेर
सिंह : क्या
पंचायत
मंत्री महोदय
यह बताने की
कृपा करेंगे
कि (क) छिन्दवाड़ा
जिले की जाखावाड़ी
से देवी सड़क
निर्माण की
स्वीकृत राशि, लंबाई, कार्य
प्रारंभ दिनांक, कार्य
पूर्ण दिनांक, व्यय
राशि एजेंसी का
नाम देवें। (ख) क्या
उपरोक्त सड़क
का कार्य पुल-
पुलिया सहित
पूर्ण हो गया
है? (ग) क्या
उपरोक्त
मार्ग का
कार्य पूर्ण
गुणवत्ता के
साथ किया गया
है? यदि
हाँ, तो
जांच
प्रतिवेदन की
प्रति उपलब्ध
कराएं। (घ) यदि
कार्य पूर्ण
नहीं हुआ है, तो कब तक
हो जावेगा? (ड.) यदि
कार्य
गुणवत्ता
पूर्ण नहीं
हैं तो दोषियों
के विरूद्ध
क्या
कार्यवाही की
जावेगी?
पंचायत
मंत्री ( श्री
प्रहलाद सिंह
पटैल ) : (क) जिला
छिन्दवाड़ा
में
म.प्र.ग्रामीण
सड़क विकास
प्राधिकरण छिन्दवाड़ा
के अंतर्गत जाखावाड़ी
से देवी सड़क का
कार्य किसी भी
योजना में स्वीकृत
नहीं है। अपितु
इस
योजनान्तर्गत
रामाकोना से
गोनी व्हाया
घडेला महाजन
भिमाल गोंदी
कुण्डा रैयत लंबाई
25.128
कि.मी. का
मार्ग दिनांक 31.12.2019 को
पूर्ण किया
गया है जिसकी
स्वीकृत राशि 1755.76 लाख थी। जिसके
विरूद्ध
मार्ग में 1561.85 लाख का
व्यय किया गया
है। मार्ग की
आर.डी. 1200 से 1340 मी. कुल
लंबाई 140 मी.
में निजी भूमि
विवाद तथा
प्रकरण उच्च
न्यायालय में
विचाराधीन
होने के कारण 140 मी. लंबाई
में कार्य
नहीं कराया जा
सका है। उक्त कार्य
मेसर्स
रायसिंग एण्ड
कम्पनी लांजी
रोड बालाघाट
केम्प छिन्दवाड़ा
के द्वारा पूर्ण
किया गया है। वर्तमान
में रामाकोना
से गोनी मार्ग
की आर.डी. 4100
मी. से दाई ओर
निकला हुआ
मार्ग जो कि
ग्राम देवी को
जोड़ता है, जिसकी
लम्बाई 0.350 कि.मी. है, जो कि इस
योजना के 15 वर्षीय
संधारण अवधि
के अंतर्गत
पैकेज क्र. एमपी
07 एफटीएन
016 के
अंतर्गत मेसर्स
अरनव
इंटरप्राईजेस
छिन्दवाड़ा
एजेंसी
द्वारा
संधारित किया
जा रहा है। जानकारी
संलग्न परिशिष्ट
के प्रपत्र ''1'' अनुसार है।
(ख) जी हाँ, उत्तरांश
''क''
में
उल्लेखित
मार्ग पर 4 हाई लेवल
ब्रिज होने के
कारण पुलों का
निर्माण पृथक
से पैकेज
बनाकर पृथक
एजेन्सी द्वारा
दिनांक 26.06.2021 को
पूर्ण किया
गया जानकारी
संलग्न परिशिष्ट
के प्रपत्र ''2'' अनुसार है।
विकासखण्ड
बिछुआ में
दिनांक 12
एवं 13
जुलाई 2022
में अचानक हुई
अतिवृष्टि के
कारण एच.एफ.एल.
बढ़ जाने के
कारण 4
पुलों में से 3 पुल
आर.डी. 14025
मीटर, 16950
मीटर एवं 18200 मीटर पर
निर्मित
पुलों की
एप्रोच मार्गों
में कटाव हो
गया है। पुलो
के कटे हुए
एप्रोचेस को
मुरम से भर
दिया गया
जिससे आवागमन
सुचारू रूप से
प्रारंभ है। उपरोक्त
क्षतिग्रस्त
एप्रोच मार्गों
का निरीक्षण
विभाग के
वरिष्ठ
अधिकारी एवं
ब्रिज
एक्सपर्ट
द्वारा करा
लिया गया है। जिसके
अनुपालन में
आई.आई.टी.
इंदौर के
द्वारा डी.पी.आर.
पुनरीक्षण
एवं प्रुफ
चेकिंग कार्य
किया जा रहा
है। प्रस्तुत
रिपोर्ट के
आधार पर उक्त
पुलों के एप्रोच
मार्ग का
कार्य पूर्ण
कराया जाना
संभव है। (ग) जी
हाँ, उत्तरांश
''ख''
में
उल्लेखित
मार्ग का
कार्य पूर्ण
गुणवत्ता के
साथ किया गया
है, जिसका
निरीक्षण
नेशनल क्वालिटी
मॉनिटर एवं
स्टेट क्वालिटी
मॉनिटर
द्वारा किया
जा चुका है
एवं उनके
द्वारा उक्त
मार्ग को
संतोषप्रद
ग्रेडिंग
प्रदाय की गई
है। जानकारी
संलग्न परिशिष्ट
के प्रपत्र ''3'' अनुसार है।
(घ) उत्तरांश ''क'' एवं
''ख''
के
परिप्रेक्ष्य
में प्रश्न
उपस्थित नहीं
होता। (ड.) उत्तरांश
''ग''
के
परिप्रेक्ष्य
में प्रश्न
उपस्थित नहीं
होता।
प्रधानमंत्री आवास योजना से स्वीकृत आवास
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
57. ( क्र. 243 ) श्री उमाकांत शर्मा : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण से विकासखण्ड सिरोंज एवं लटेरी में योजना प्रारंभ से प्रश्नांकित दिनांक तक किन-किन हितग्राहियों के आवास स्वीकृत किए गए ग्रामवार नाम पिता का नाम सहित जानकारी उपलब्ध करावें। (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में स्वीकृत आवासों में कितने आवास पूर्ण हुए कितने अपूर्ण हैं कितने आवास अप्रारंभ हैं स्वीकृत हितग्राहियों के आवास अप्रारंभ के क्या कारण व नाम सहित जानकारी उपलब्ध करावें। (ग) विकासखण्ड सिरोंज एवं लटेरी में आवास प्लस एप से किन-किन हितग्राहियों के नाम जोड़े गए नाम, ग्राम का नाम सहित जानकारी उपलब्ध करावें। (घ) प्रश्नांश (ग) के संदर्भ में आवास प्लस की सूची में सम्मिलित किन-किन हितग्राहियों की प्रतीक्षा सूची में सम्मिलित हैं नाम, ग्राम का नाम सहित जानकारी उपलब्ध करावें तथा कब तक स्वीकृत कर दिए जावेंगे। (ड.) क्या ऐसी शिकायतें प्राप्त हुई है कि ग्रामों में निर्धारित सूची क्रम से प्रधानमंत्री आवास की किश्त आती है उसके विरूद्ध सरपंच, सचिव एवं अन्य अधिकारी द्वारा मनमानी की क्रम को बदलकर आवास की राशि डाली गई है यदि हां तो इसके लिए दोषी कौन है? दोषियों पर क्या कार्यवाही की गई? यदि नहीं, तो कब तक की जावेगी? जानकारी दें।
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण से विकासखण्ड सिरोंज एवं लटेरी में योजना प्रारंभ से प्रश्नांकित दिनांक तक जिन हितग्राहियों के आवास स्वीकृत किए गए, ग्रामवार नाम पिता का नाम सहित जानकारी योजना के पोर्टल pmayg.nic.in पर उपलब्ध है। (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में स्वीकृत आवासों में से पूर्ण, अपूर्ण तथा अप्रारंभ आवासों की जानकारी योजना के पोर्टल pmayg.nic.in पर उपलब्ध है। जिन हितग्राहियों के आवास अप्रारंभ है उनकी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) विकासखण्ड सिरोंज एवं लटेरी में आवास प्लस एप 2018 में जोड़े गये हितग्राहियों की जानकारी योजना के पोर्टल pmayg.nic.in पर उपलब्ध है तथा आवास प्लस एप 2024 की जानकारी जनपद पंचायत के लॉग इन पर अवलोकन हेतु उपलब्ध है। (घ) आवास प्लस 2018 की प्रतिक्षा सूची में सम्मिलित हितग्राहियों की जानकारी योजना के पोर्टल pmayg.nic.in पर उपलब्ध है तथा इनकी स्वीकृति की कार्यवाही प्रचलन में हैं। आवास प्लस 2024 की प्रतिक्षा सूची अभी तैयार होना शेष है। (ड.) जिले से प्राप्त जानकारी अनुसार इस संबंध में शिकायतें प्राप्त नहीं हुई हैं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
प्रतिनियुक्ति अथवा अनुसंलग्न शिक्षकों की जानकारी
[उच्च शिक्षा]
58. ( क्र. 244 ) श्री उमाकांत शर्मा : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शैक्षणिक एवं गैर शैक्षणिक शिक्षकों के कौन-कौन से अधिकारी, कर्मचारियों की प्रतिनियुक्ति अथवा अनुसंलग्न (अटैच) कहां-कहां किया गया है अधिकारी का नाम, पदनाम प्रतिनियुक्त संस्था/ अनुशंसा संस्था का नाम व दिनांक प्रतिनियुक्तिकर्ता अधिकारी का नाम सहित जानकारी देवें। (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में उक्त अधिकारी कर्मचारियों, प्राध्यापक, सहायक प्राध्यापकों को कब तक कार्यमुक्त कर दिया जावेगा समय-सीमा बतावें यदि नहीं, तो क्यों? (ग) क्या शासकीय लाल बहादुर शास्त्री महाविद्यालय सिरोंज एवं महाविद्यालय लटेरी में शैक्षणिक एवं गैर शैक्षणिक पद स्वीकृत हैं बतावें। (घ) प्रश्नांश (ग) के संदर्भ में उक्त पदों की पूर्ति कब तक कर दी जावेगी? समय-सीमा बतावें, पद पूर्ति के विभाग के क्या नियम निर्देश हैं छायाप्रति उपलब्ध करावें।
उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री इन्दर सिंह परमार ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''अ'' अनुसार है। (ख) प्रतिनियुक्ति/डिप्लायमेंट संबंधित आदेश में उल्लेखित अवधि अनुसार कार्यवाही की जाती है। समय-सीमा बताई जाना संभव नहीं। (ग) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''ब'' अनुसार है। (घ) पदों की पूर्ति एक सतत् प्रक्रिया है। समय-सीमा बताई जाना संभव नहीं। सहायक प्राध्यापक परीक्षा-2022 एवं सहायक प्राध्यापक परीक्षा-2024-25 के विज्ञापन जारी होने के उपरांत चयन/नियुक्ति की कार्यवाही निरंतर की जा रही है।
सर्वसुविधा युक्त स्टेडियम का निर्माण
[खेल एवं युवा कल्याण]
59. ( क्र. 247 ) श्री भैरो सिंह बापू : क्या खेल एवं युवा कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला आगर-मालवा में वर्ष 2023 से प्रश्न दिनांक तक खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा कितनी राशि एवं सामग्री विभाग से प्राप्त हुई है वर्षवार जानकारी देवे तथा उक्त राशि एवं सामग्री का उपयोग कहाँ-कहाँ किया गया जानकारी देवें? विकासखण्ड स्तर पर कौन-कौन से खेल संचालित किये जाते है प्रशिक्षकों एवं स्टाफ सहित जानकारी देवें? (ख) सुसनेर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा कितने इण्डोर एवं आउटडोर स्टेडियम संचालित है एवं उनमें कौन-कौन से खेल आयोजित होते है जानकारी देवें? (ग) क्या माननीय मुख्यमंत्री महोदय द्वारा विगत वर्ष बजट सत्र में प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में खेल स्टेडियम बनाये जाने की घोषणा की गई थी उक्त घोषणा के परिप्रेक्ष्य में सुसनेर विधानसभा में खेल विभाग द्वारा कोई कार्य योजना बनाई गई? जानकारी देवें? सुसनेर विधानसभा में सर्वसुविधायुक्त खेल मैदान का निर्माण कार्य कब तक स्वीकृत कर दिया जायेगा? (घ) खेल विभाग द्वारा ग्रामीण क्षेत्र में खेलों के प्रति ग्रामीण युवाओं हेतु कौन-कौन सी योजना संचालित की जा रही है जानकारी देवें?
खेल एवं युवा कल्याण मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) वर्ष 2023 से प्रश्न दिनांक तक विभाग से जिला आगर-मालवा को प्राप्त राशि एवं उपयोग/व्यय की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 1 अनुसार है। विभाग द्वारा जिले को सामग्री प्रदाय नहीं की गई है। विकासखण्ड स्तर पर संचालित खेल एवं कार्यरत प्रशिक्षकों एवं स्टाफ की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 2 अनुसार है। (ख) खेल और युवा कल्याण विभाग का सुसनेर विधानसभा क्षेत्र में कोई भी इंडोर एवं आउटडोर स्टेडियम संचालित नहीं है। (ग) जी हाँ। माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा दिये गये निर्देशानुसार मुख्यमंत्री युवा शक्ति योजनान्तर्गत प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में खेल परिसर निर्माण किया जाना है। योजना के अनुमोदन की कार्यवाही प्रचलन में है। विधानसभा क्षेत्र सुसनेर में खेल परिसर के निर्माण हेतु कलेक्टर जिला आगर-मालवा द्वारा 2.218 हेक्टेयर भूमि आवंटित की गई है। मुख्यमंत्री युवा शक्ति योजना स्वीकृत होने एवं बजट की उपलब्धता व आवश्यकता का आंकलन कर खेल परिसर निर्माण की कार्यवाही संपादित की जावेगी। (घ) खेल विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 3 अनुसार है, जिसका लाभ ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं द्वारा लिया जा रहा है।
योजनाओं एवं रिक्त पदों की पूर्ति
[आयुष]
60. ( क्र. 248 ) श्री भैरो सिंह बापू : क्या आयुष मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) आयुष विभाग अंतर्गत कौन-कौन सी योजना संचालित की जा रही है जानकारी देवें? (ख) सुसनेर विधानसभा क्षेत्र में कुल कितने औषधालय/आयुष क्लीनिक/डिस्पेंसरियां/हेल्थ एवं वेलनेस सेंटर संचालित है? उक्त संचालित केन्द्रों में कितने केन्द्रों पर पर्याप्त दवाई उपकरण व संसाधन उपलब्ध है? उक्त केन्द्रों में विगत 01 वर्ष में कहाँ-कहाँ केम्प लगाए गए जानकारी देवें तथा कितने मरिजों का स्वास्थ्य परिक्षण किया गया। (ग) प्रश्नांश (ख) अनुसार सुसनेर विधानसभा में संचालित कितने स्वास्थ्य केन्द्रों में कितने पद स्टाफ के भरे है एवं कितने केन्द्रों पर पद रिक्त है जानकारी देवें। रिक्त पदों की पूर्ति कब तक की जावेगी।
आयुष मंत्री ( श्री इन्दर सिंह परमार ) : (क) विभागीय बजट में विभाग अंतर्गत 22 योजनाएं संचालित हैं। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''अ'' अनुसार। (ख) सुसनेर विधानसभा क्षेत्रांतर्गत कुल 07 आयुष औषधालय संचालित है, जिसमें 04 आयुष्मान आरोग्य मंदिर है। जी हाँ। शिविर की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''ब'' अनुसार। (ग) रिक्त पदों की पूर्ति सतत् प्रक्रिया है। निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''स'' अनुसार।
सेवा सहकारी समिति खोले जाने की स्वीकृति
[सहकारिता]
61. ( क्र. 249 ) श्री सोहनलाल वाल्मीक : क्या सहकारिता मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) परासिया विधानसभा क्षेत्र के अन्तर्गत किसानों को सुविधा प्राप्त हो सके जिसके लिये निम्न ग्राम पंचायत के ग्रामों में सेवा सहकारी समिति (सोसायटी) खोला जाना अत्यंत ही आवश्यक है, विवरण निम्नानुसार है:- क्र. ग्रा.पंचा. का नाम, सेवा सह.स. खोले जाने हेतु ग्राम का नाम 1. धमनिया धमनिया 2. खैरीचैतू खैरीचैतू 3. दबक दबक 4. तुमड़ी भोकई 5. देवरी पिपरिया 6. साजवा साजवा 7. सोनापीपरी सोनापीपरी 8. पटपड़ा पटपड़ा 9. जमुनियाजेठू जमुनियाजेठू क्या उक्त सभी ग्राम पंचायतों/ग्रामों में किसानों की सुविधा के लिये सेवा सहकारी समिति (सोसायटी) प्रारम्भ किये जाने हेतु विभाग द्वारा सर्वे कराकर कार्यवाही की जायेगी? अवगत करायें। (ख) प्रश्नांश (क) के अनुसार उक्त सभी ग्राम पंचायतों/ग्रामों में सोसायटी प्रारम्भ किये जाने के संबंध में कब तक विभिन्न औपचारिकताओं व कार्यवाही को पूर्ण करते हुए सोसायटी खोले जाने हेतु स्वीकृति प्रदान कर दी जायेगी? अवगत करायें। (ग) ग्रामीण क्षेत्रों में सेवा सहकारी समिति सोसायटी खोले जाने के संबंध में विभाग के क्या दिशा निर्देश नियमावली है? छायाप्रति उपलब्ध करायें।
सहकारिता मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) जी हां, समिति प्रारंभ किये जाने हेतु नियमानुसार प्रावधानों के अंतर्गत परीक्षण किया गया। परासिया विधानसभा क्षेत्र की विभिन्न प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों के अंतर्गत प्रश्नांश में उल्लेखित ग्राम पंचायत के ग्राम सम्मिलित हैं। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। पुनर्गठन संबंधी निर्धारित मापदण्डों की पूर्ति नहीं होने से इन ग्राम पंचायतों/ग्रामों में नवीन सेवा सहकारी समिति का गठन किया जाना संभव नहीं है। (ख) उत्तरांश 'क' के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों के गठन के संबंध में दिशा-निर्देश की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है।
शासकीय होम्योपैथिक औषधालयों का संचालन
[आयुष]
62. ( क्र. 260 ) डॉ. तेजबहादुर सिंह चौहान : क्या आयुष मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या उज्जैन जिले की तहसील मुख्यालय नागदा, खाचरौद, उन्हेल, महिदपुर, बड़नगर एवं तराना में शासकीय होम्योपैथिक औषधालय संचालित हो रहे हैं? यदि नहीं, तो क्यों जबकि जिले में खाचरौद ग्रामीण की भैसोला ग्राम पंचायत सहित अन्य दो-तीन ग्राम पंचायतों में शासकीय होम्योपैथिक औषधालय सफलता के साथ संचालित हो रहे हैं? (ख) क्या भविष्य में होम्योपैथिक चिकित्सा से इलाज चाहने वाले आम मरीजों के लिए तहसील मुख्यालय नागदा-खाचरौद पर शासकीय होम्योपैथिक औषधालय खोला जा सकेगा? जानकारी दें।
आयुष मंत्री ( श्री इन्दर सिंह परमार ) : (क) उज्जैन जिले के तहसील मुख्यालय, नागदा, खाचरौद, उन्हेल, महिदपुर, बड़नगर एवं तराना में शासकीय होम्योपैथी औषधालय संचालन नहीं हो रहे है। जिला उज्जैन के खाचरौद तहसील अंतर्गत ग्राम भैसोला में शासकीय होम्योपैथी औषधालय विगत 50 वर्ष से संचालित है। (ख) आवश्यकता एवं बजट उपलब्धता अनुसार नवीन औषधालय स्वीकृत किये जाते है। अतः निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं हैं।
आजीविका मिशन अंतर्गत स्कूली गणवेश सिलाई कार्य
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
63. ( क्र. 264 ) श्री आतिफ आरिफ अकील : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा आजीविका मिशन के समूहों को स्कूलों गणवेश सिलाई करने का कार्य किस वर्ष से दिया गया था एवं इसका उद्देश्य क्या था और इस संबंध में क्या दिशा-निर्देश जारी किये गये थे? (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार प्रश्न दिनांक तक गणवेश तैयार करने वाले समूहों को किस-किस वर्ष में कितनी-कितनी राशि का भुगतान किया गया? वर्षवार जानकारी दें। (ग) उपरोक्तानुसार उक्त कार्य हेतु कुल कितनी सिलाई मशीनें क्रय कर किन-किन समूहों को कब-कब उपलब्ध कराई गई? सिलाई मशीन क्रय करने पर कुल कितनी राशि व्यय हुई एवं कुल कितनी महिलाओं ने उक्त अवधि में सिलाई का कार्य किया है? (घ) क्या गणवेश सिलाई का कार्य समूह की महिलाओं से वर्तमान में कराया जा रहा है? यदि नहीं, तो क्यों? यह कार्य कब तथा किन कारणों से बन्द किया गया है तथा इस संबंध में आर्थिक अनियमिततायें करने की कितनी शिकायतें प्राप्त हुई एवं उन प्राप्त शिकायतों में क्या-क्या कार्यवाही की गई? यदि नहीं, तो क्यों?
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) राज्य शिक्षा केन्द्र द्वारा स्कूल गणवेश सिलाई का कार्य वित्तीय वर्ष 2018-19, 2020-21, 2022-23 एवं 2023-24 में राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के स्व-सहायता समूह को जिला कलेक्टरों के माध्यम से प्रदान किया गया था। गणवेश सिलाई कार्य से समूह की महिलाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन कर आय में वृद्धि, महिला सशक्तिकरण, कौशल विकास तथा आत्मनिर्भरता में बढ़ावा मिला। दिशा-निर्देश जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) राज्य शिक्षा केन्द्र के डिजीगोव पोर्टल से सत्र 2022-23 एवं 2023-24 में कुल वास्तविक राशि रूपये 399,83,54,650/- समूहों को भुगतान किया गया। शेष वर्षों का भुगतान इस कार्यालय के माध्यम से नहीं किया गया। (ग) आजीविका मिशन द्वारा सिलाई मशीन क्रय हेतु पृथक राशि उपलब्ध नहीं कराई गई। अनुमानित 60,000 महिलाओं द्वारा कार्य किया गया था। (घ) जी नहीं, वर्तमान में राज्य शिक्षा केन्द्र से कार्य आदेश प्राप्त नहीं होने के कारण गणवेश सिलाई कार्य नहीं किया जा रहा है। गणवेश के संबंध में आर्थिक अनियमितताओं की 74 शिकायतें प्राप्त हुई थी। जिनमें से 38 शिकायतें जांच उपरांत नस्तीबद्ध की गई तथा शेष शिकायतों की जांच प्रचलित है।
संचालित शासकीय/स्व-शासकीय पॉलिटेक्निक कॉलेजों की जानकारी
[तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार (केवल तकनीकी शिक्षा) ]
64. ( क्र. 265 ) श्री आतिफ आरिफ अकील : क्या तकनीकी शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) राजधानी भोपाल में पॉलिटेक्निक कॉलेज कहाँ-कहाँ पर संचालित है, उनमें से कौन-कौन से कॉलेज सरकारी है एवं कौन-कौन से स्वशासी है? पृथक-पृथक जानकारी दें। (ख) प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्य में क्या उक्त कॉलेज सर्वसुविधायुक्त है? यदि नहीं, तो कौन-कौन सी कमियाँ है? इनकी पूर्ति हेतु शासन की ओर से क्या-क्या कार्यवाही की जा रही है अथवा की जाना है? (ग) उक्त कॉलेजों में कौन-कौन से कोर्स संचालित है तथा उन कोर्स को पढ़ाने के लिये पर्याप्त शैक्षणिक व अन्य स्टॉफ है? यदि नहीं, तो कितने-कितने शैक्षणिक स्टॉफ व अन्य स्टॉफ की कमी है? पदवार संख्या बतावें।
तकनीकी शिक्षा मंत्री ( श्री इन्दर सिंह परमार ) : (क) राजधानी भोपाल में 59 महाविद्यालयों में डिप्लोमा पाठ्यक्रम संचालित है, जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। शासकीय तथा स्वशासी पॉलिटेक्निक महाविद्यालयों की जानकारी निम्नानुसार है :-
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संस्था का नाम |
प्रकार |
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शासकीय महिला पालीटेक्निक महाविद्यालय, भोपाल |
शासकीय |
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सरदार वल्लभ भाई पालीटेक्निक महाविद्यालय, भोपाल |
स्वशासी |
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यूनिवर्सिटी पालीटेक्निक महाविद्यालय, राजीव गॉधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, भोपाल |
स्वशासी |
(ख) पॉलिटेक्निक महाविद्यालयों में संचालित पाठ्यक्रम अनुसार कक्षाएं, लेब, छात्रावास इत्यादि सुविधाएं उपलब्ध है। नियमित शैक्षणिक स्टॉफ की पूर्ति अतिथि व्याख्याताओं के माध्यम से सुनिश्चित की जा रही है। (ग) राजधानी भोपाल में संचालित महाविद्यालयों के डिप्लोमा पाठ्यक्रमों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। जी नहीं, शैक्षणिक स्टॉफ व अन्य स्टॉफ की शासकीय/स्वशासी पॉलिटेक्निक महाविद्यालयों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है।
चिकित्सीय पाठ्यक्रमों में शुल्क का विनियमन
[तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार (केवल तकनीकी शिक्षा) ]
65. ( क्र. 267 ) श्री प्रताप ग्रेवाल : क्या तकनीकी शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) 16-17 से दिसम्बर 25 तक वर्षवार बतावें कि चिकित्सा शिक्षा, तकनीकी शिक्षा तथा उच्च शिक्षा के कितने-कितने संस्थानों के शुल्क का विनियमन किये जाने हेतु आवेदन प्राप्त हुए तथा संस्थाओं की तीनों कैटेगरी में कितनी-कितनी संस्थाओं का शुल्क 20% तक, 21 से 40 % तक, 41 से 60 %तक तथा 61 % से अधिक बढ़ाया गया या कम किया गया। (ख) वर्ष 2016-17 से दिसंबर 26 तक शुल्क निर्धारण प्रक्रिया के निर्माण/संशोधन हेतु बैठक किस-किस दिनांक को आयोजित की गई, उसमें कौन-कौन सदस्य उपस्थित हुए तथा उसमें तीनों कैटेगरी के कितने-कितने संस्थाओं के आवेदन पर निर्णय लिया गया। बैठक की रिपोर्ट की प्रतियां उपलब्ध करावें तथा अतां.प्रश्न क्रमांक 112 दिनांक 1 दिसंबर 2025 के प्रश्नांश (ग) एवं (घ) की जानकारी उपलब्ध करावें? (ग) 2024-25 के वार्षिक प्रतिवेदन के खंड 6 प्रवेश एवं शुल्क विनियामक समिति की कंडिका 6.2 में उल्लेखित 12 नियम एवं विनियम तथा अधिनियम 2007 की प्रतियां उपलब्ध करावे तथा बतावें की शिक्षा में मुनाफाखोरी या उसके वाणिज्यकरण रोकने के लिए क्या मापदंड तय किए गए हैं। प्रत्येक मापदंड का विस्तृत उल्लेख करें। (घ) 2025-26 के शुल्क अनुसार पाठ्यक्रम एमबीबीएस, एमडी आयुर्वेदिक क्लीनिकल, एमडी आयुर्वेदिक नॉन क्लीनिकल, बीई, एमबीए तथा विभिन्न एलएलबी तथा एलएलएम पाठ्यक्रम में न्यूनतम एवं अधिकतम फीस क्या है तथा इसमें अंतर के कारण का एक उदाहरण अधिनियम 2007 के अध्याय-4 कंडिका (9) (1) में दिए गए प्रावधान अनुसार संस्थान के नाम सहित बतावे तथा अतारांकित प्रश्न क्रमांक 112 दिनांक 1.12.2025 के प्रश्नांश (घ) की शेष जानकारी उपलब्ध करावें।
तकनीकी शिक्षा मंत्री ( श्री इन्दर सिंह परमार ) : (क) प्रश्नावधि की तकनीकी शिक्षा, चिकित्सा शिक्षा एवं उच्च शिक्षा के अंतर्गत संचालित निजी क्षेत्र की गैर-अनुदान प्राप्त व्यवासायिक संस्थाओं से प्राप्त आवेदनों पत्रों पर निर्धारित शुल्क एवं प्रतिशत वृद्धि की वर्षवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1/2/3 अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-4 अनुसार है। अतरांकित प्रश्न क्रमांक 112 की अपूर्ण जानकारी संकलित की जा रही है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-5 अनुसार है। शिक्षा में मुनाफाखोरी या उसके वाणिज्यकरण रोकने के लिए मध्यप्रदेश निजी व्यावसायिक शिक्षण संस्था (प्रवेश का विनियमन एवं शुल्क का निर्धारण) अधिनियम, 2007 के अध्याय-2 की धारा-4 की उपधारा (9) को दिनांक 12 सितम्बर, 2013 को संशोधित कर मध्यप्रदेश निजी व्यावसायिक शिक्षण संस्थान (प्रवेश का विनियमन एवं शुल्क का निर्धारण) संशोधित अधिनियम, 2013 प्रकाशित किया गया है, विस्तृत जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-5 अनुसार है। (घ) सत्र 2025-26 की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-6 अनुसार है। पाठ्यक्रम प्रारंभ होने पर उसकी न्यूनतम फीस निर्धारित की जाती है, तत्पश्चात उसके आय-व्यय पत्रक के आधार पर फीस निर्धारित की जाती है, आय-व्यय पत्रक में अधिकतर वेतन का शीर्ष बड़ा होता है, जिसमें अंतर के कारण अत्यधिक फीस वृद्धि की संभावना होती है, संस्था प्रेस्टिज इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट रिसर्च, इन्दौर के एम.बी.ए. पाठ्यक्रम की सचिवालय के सी.ए. द्वारा तैयार की गई गणना पत्रक रिपोर्ट की उदाहरण के रूप में जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-7 अनुसार है। अतारांकित प्रश्न क्रमांक 112 की अपूर्ण जानकारी संकलित की जा रही है।
मण्डी बोर्ड को वित्तीय सहायता
[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]
66. ( क्र. 268 ) श्री प्रताप ग्रेवाल : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2016-17 से 2024-25 एवं अप्रैल से दिसंबर 2025 तक मंडियो में आवक तथा मंडी फीस से आय तथा व्यय कितना-कितना है? आय तथा व्यय में वृद्धि या कमी के मुख्य कारण क्या हैं? प्रवर्गवार मंडियों एवं उप मंडियों अनुसार जानकारी दें। (ख) दिसम्बर 2025 तक मण्डी बोर्ड की कुल वर्तमान परिसंपत्तियाँ (Current Assets) कितनी हैं? बोर्ड पर कुल ऋण (Total Debt) और बकाया ऋण राशि कितनी है? कुल लंबित लेनदारिया तथा देनदारिया जैसे वेतन, पेंशन, ठेकेदार का भुगतान, सामग्री का भुगतान, अन्य कितनी-कितनी है? (ग) मंडी बोर्ड का 2015-16 से 2024-25 तक का आय व्यय पत्रक देवें तथा बतावे कि इस अवधि में मंडी बोर्ड ने कितनी-कितनी राशि का ऋण क्यों लिया तथा अपनी राशि में से किसी अन्य विभाग को कितनी राशि दी? (घ) मण्डी बोर्ड और प्रदेश की 259 मंडियों 298 उप मंडियों में कुल कितने कर्मचारी कार्यरत हैं? कर्मचारियों का वेतन और पेंशन कब से लंबित है और कितने कर्मचारी प्रभावित हैं? कुल कितना वेतन एवं पेंशन बकाया भुगतान शेष है? क्या बोर्ड अपनी मौजूदा देनदारियां (ऋण) चुकाने की स्थिति में है? राज्य सरकार द्वारा मण्डी बोर्ड को वित्तीय सहायता या राहत पैकेज के रूप में क्या मदद दी जा रही है?
किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) प्रश्नांश अवधि में मंडी समितियों में आवक, आय एवं व्यय की संभागवार एवं प्रवर्गवार मंडी समितियों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-एक अनुसार है। आय में कमी का मुख्य कारण समय-समय पर मंडी फीस की दरों कमी होने एवं मंडी समितियों में कार्यरत अधिकारियों/कर्मचारियों के वेतन-भत्ते आदि में समय-समय पर बढ़ने से व्यय में वृद्धि का मुख्य कारण है। (ख) मंडी बोर्ड की वर्तमान परिसंपत्तियाँ (Current Assets) की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-दो अनुसार है। मंडी बोर्ड पर कोई बकाया ऋण शेष न होने एवं किसी प्रकार के भुगतान लंबित न होने से प्रश्न उद्भूत नहीं होता है। (ग) मंडी बोर्ड का 2015-16 से 2024-25 तक का आय व्यय पत्रक की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-तीन अनुसार है। प्रश्नांश अवधि में मंडी बोर्ड द्वारा किसी प्रकार की ऋण राशि नहीं ली जाने से प्रश्न उद्भूत नहीं होता है। (घ) मण्डी बोर्ड और प्रदेश की 259 मंडियो 298 उप मंडियों में कार्यरत कर्मचारियों की संभागवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-चार एवं पॉच अनुसार है। मंडी बोर्ड द्वारा कोई ऋण नहीं लिये जाने एवं राज्य सरकार से वित्तीय सहायता या राहत पैकेज के रूप में कोई मदद प्राप्त नहीं होने से प्रश्न उद्भूत नहीं होता है।
किसान कल्याण योजनाओं से लाभान्वित किसान
[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]
67. ( क्र. 270 ) श्री कमलेश्वर डोडियार : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या किसान कल्याण एवं कृषि विभाग अंतर्गत जिला रतलाम के सैलाना विधानसभा क्षेत्र में वर्ष 2023 से प्रश्न दिनांक तक किसानों को विभिन्न शासकीय योजनाओं के अंतर्गत लाभ प्रदान किया गया है? यदि हाँ, तो वर्ष 2023 से प्रश्न दिनांक तक वर्षवार पृथक-पृथक जानकारी बतावें। (ख) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित कुल कितने किसानों को लाभान्वित किया गया? प्रत्येक वर्ष में योजनावार कितने किसानों को लाभ मिला तथा प्रदत्त लाभ वर्ष 2023 से प्रश्न दिनांक तक वर्षवार पृथक-पृथक बतावें। (ग) वर्ष 2023 से प्रश्न दिनांक तक वर्षवार कितने किसानों को शासकीय संस्थानों के माध्यम से रासायनिक उर्वरक वितरित किए गए संस्था बतावें एवं वितरित उर्वरकों की कुल मात्रा बीज एवं कृषि दवाइयों की कुल कितनी मात्रा कितने किसानों को वितरित की गई? वर्ष 2023 से प्रश्न दिनांक तक वर्षवार पृथक-पृथक बतावें।
किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ग) उर्वरक की जानकारी विस्तृत होने के कारण जानकारी शासकीय संस्थाओं से एकत्रित की जा रही है। जिलें में विभागीय योजनाओं अंतर्गत बीज वितरण की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 एवं 3 अनुसार है।
योजनाओं का क्रियान्वयन
[श्रम]
68. ( क्र. 272 ) श्री कमलेश्वर डोडियार : क्या श्रम मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या जिला रतलाम के सैलाना विधानसभा क्षेत्र में वर्ष 2020 से प्रश्न दिनांक तक विभिन्न श्रम कल्याण योजनाओं का क्रियान्वयन किया गया है? यदि हाँ, तो योजनाओं के नाम बतावें। प्रश्न दिनांक तक सैलाना विधानसभा क्षेत्र में श्रम विभाग द्वारा कितने श्रमिकों को पंजीकृत कर हितग्राही लाभान्वित किए गए? योजनावार लाभान्वित हितग्राहियों की सूची पृथक-पृथक वर्षवार अनुसार बतावें। (ख) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित कितने अपंजीकृत श्रमिक शेष हैं? जानकारी पृथक-पृथक वर्षवार अनुसार बतावें। क्या सैलाना विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत आदिवासी बाहुल्य एवं असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए श्रम विभाग द्वारा कोई विशेष योजना/अभियान संचालित किया गया है? यदि हाँ, तो उसका विवरण एवं लाभान्वित हितग्राहियों की संख्या बतावें। श्रम विभाग द्वारा आगामी वर्षों में सैलाना विधानसभा क्षेत्र में श्रमिक पंजीयन बढ़ाने, योजनाओं का लाभ अधिकाधिक श्रमिकों तक पहुँचाने, रोजगार एवं सामाजिक सुरक्षा सुदृढ़ करने हेतु क्या भविष्य की कार्ययोजना प्रस्तावित है? योजनावार एवं समय-सीमा सहित जानकारी दें।
श्रम मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) जी हाँ, रतलाम के सैलाना विधानसभा क्षेत्र में वर्ष 2020 से प्रश्न दिनांक तक विभिन्न श्रम कल्याण योजनाओं का क्रियान्वयन किया जा रहा है। श्रम विभाग अंतर्गत म.प्र. भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। सैलाना विधानसभा क्षेत्र के अंर्तगत वर्ष 2020 से प्रश्न दिनांक तक म.प्र. भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल अंतर्गत कुल 1484 निर्माण श्रमिक पंजीकृत किए गए हैं एवं 1104 निर्माण श्रमिक एवं उनके आश्रितों को विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत लाभान्वित किया गया है। जिसकी वर्षवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। प्रश्नांकित अवधि में म.प्र. भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल द्वारा लाभान्वित हितग्राहियों की वर्षवार चाही गयी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है। म.प्र. असंगठित शहरी एवं ग्रामीण कर्मकार कल्याण मण्डल द्वारा मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल 2.0) योजना संचालित है, सैलाना विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत वर्ष 2020 से प्रश्न दिनांक तक संबल योजनांतर्गत कुल 23,933 श्रमिक पंजीकृत किए गए व 2,082 हितग्राही लाभान्वित किये गये हैं। वर्षवार पंजीकृत श्रमिको की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। संबल योजनांतर्गत पंजीकृत श्रमिक की मृत्यु उपरांत लाभान्वित हितग्राहियों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-4 अनुसार है। म.प्र. श्रम कल्याण मंडल द्वारा सम्पूर्ण देश में संगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिये योजनाओं का संचालन किया जाता है। म.प्र. श्रम कल्याण निधि अधिनियम, 1982 के प्रावधानों के अंतर्गत मंडल द्वारा प्रदेश की समस्त औद्योगिक इकाईयों में कार्यरत श्रमिकों एवं ऐसी स्थापनाओं जहां वर्ष के किसी भी कार्य दिवस पर 9 से अधिक श्रमिक कार्यरत है, म.प्र. श्रम कल्याण द्वारा श्रमिकों के लिये निम्नलिखित योजनाओं का संचालन किया जा रहा है:- 1. शैक्षणिक छात्रवृत्ति योजना 2. शिक्षा प्रोत्साहन पुरस्कार योजना 3. विवाह सहायता योजना 4. अंतिम संस्कार सहायता योजना 5. कल्याणी सहायता योजना, 6. उत्तम श्रमिक पुरस्कार योजना 7. श्रमिक साहित्य पुरस्कार योजना 8. अनुग्रह सहायता योजना। म.प्र. श्रम कल्याण मंडल द्वारा संचालित योजनाओं के अंतर्गत रतलाम जिले के सैलाना विधानसभा क्षेत्र से किसी भी श्रमिक द्वारा आवेदन नहीं किये जाने के कारण प्रश्नांश (क) में चाही गयी जानकारी निरंक है। म.प्र. श्रम कल्याण मंडल में श्रमिकों के व्यक्तिगत पंजीयन का प्रावधान नहीं है। पोर्टल के माध्यम से प्रदेश की औद्योगिक ईकाईयों/ स्थापना द्वारा पंजीयन किया जाता है। अत: चाही गई जानकारी निरंक है। (ख) म.प्र. भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल अंतर्गत पंजीकरण हेतु निर्धारित प्रपत्र में संबंधित पदाभिहित अधिकारी के समक्ष आवेदन करने पर नियमानुसार व पात्रतानुसार जांच कर पंजीयन की कार्यवाही स्थानीय निकायों द्वारा की जाती है। अत: पृथक-पृथक वर्षवार जानकारी निरंक है। मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल 2.0) योजनांतर्गत पंजीकरण हेतु आवेदन करने पर नियमानुसार व पात्रतानुसार पंजीयन की कार्यवाही की जाती है, आवेदित प्रकरणों में पात्र कोई भी श्रमिक पंजीकरण हेतु वर्तमान में शेष नहीं है। अत: पृथक-पृथक वर्षवार जानकारी निरंक है। श्रम विभाग द्वारा संचालित योजना संपूर्ण प्रदेश पर लागू है क्षेत्र विशेष के लिये पृथक से कोई योजना संचालित नहीं है। नियमित एवं निरंतर आयोजित ग्राम सभा तथा वार्ड सभा के माध्यम से भी श्रम कल्याण के योजनाओं का प्रचार-प्रसार तथा पंजीयन/पात्रता परीक्षण करने की योजना है। अत: शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
स्व-सहायता समूहों के काम बंद होना
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
69. ( क्र. 274 ) श्री राजन मण्डलोई : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या दिनांक 20 दिसम्बर, 2023 के माननीय राज्यपाल महोदय के अभिभाषण के बिन्दु क्र. 11 में लगभग 5 लाख स्व-सहायता समूहों से 61 लाख से अधिक महिलाओं को जोड़ा जा चुका है, का लेख किया गया है? (ख) यदि हाँ, तो वर्तमान में कितने स्व-सहायता समूह है एवं इन समूहों से कितनी महिलाएं जुड़कर रोजगार प्राप्त कर रही है? (ग) उपरोक्त प्रश्नांश के परिप्रेक्ष्य में आजीविका मिशन अंतर्गत स्व-सहायता समूहों को पोषण आहार संयंत्रों के संचालन कार्य कब से एवं किस उद्देश्य से दिया गया था तथा संयंत्र संचालन एवं पोषण आहार बनाने में कितनी महिलाओं को रोजगार मिल रहा था? (घ) क्या उक्त पोषण आहार संयंत्रों को कब से और किन कारणों से बंद कर दिया गया है और कितनी समूह की महिलाएं बेरोजगार हुई है? जानकारी दें।
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) जी हाँ, माननीय राज्यपाल महोदय के अभिभाषण के लिए लगभग 5 लाख स्व-सहायता समूह से 61 लाख से अधिक महिलाओं को जोड़े जाने का लेख विभाग को किया गया है। (ख) वर्तमान में (दिनांक 27 जनवरी 2026) भारत सरकार के लोकोस पोर्टल अनुसार 5,12,141 स्व-सहायता समूह हैं एवं इन समूहों में 58,90,372 महिलाएं SHG से जुड़कर अपनी आजीविका गतिविधियों के लिए प्रयास कर रहीं है। (ग) मंत्रि-परिषद आदेश आयटम क्रमांक 20 दिनांक 13 मार्च 2018 के पालन में देवास संयंत्र माह फरवरी-2019 से फरवरी-2020 तक, नर्मदापुरम संयंत्र माह जुलाई-2019 से फरवरी-2020 तक, धार संयंत्र माह जुलाई-2019 से फरवरी-2020 तक, सागर संयंत्र माह नवंबर-2019 से जनवरी-2020 तक तथा मंडला संयंत्र माह नवंबर-2019 से जनवरी- 2020 तक संचालित रहा। उक्त अवधि में रीवा एवं शिवपुरी संयंत्र प्रारम्भ नहीं हुए। मंत्रि-परिषद आदेश आयटम क्रमांक 9 दिनांक 28 सितम्बर 2021 के पालन में देवास संयंत्र माह दिसंबर-2021 से निरन्तर, नर्मदापुरम संयंत्र माह दिसंबर-2021 से निरन्तर, धार संयंत्र माह दिसंबर-2021 से निरन्तर, सागर संयंत्र माह जनवरी-2022 से निरन्तर, मंडला संयंत्र माह जनवरी-2022 से निरन्तर, रीवा संयंत्र माह फरवरी-2022 से निरन्तर तथा शिवपुरी संयंत्र माह दिसंबर-2021 से निरन्तर आजीविका मिशन अंतर्गत स्व-सहायता समूहों द्वारा पोषण आहार संयंत्रों का संचालन कार्य किया जा रहा है। स्व-सहायता समूहों को पोषण आहार संयंत्रों का संचालन कार्य दिए जाने का मुख्य उद्देश्य महिला एवं बाल विकास विभाग की परियोजनाओं तक रेडी-टू-ईट टेक होम राशन (THR) उत्पादन कर निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करना, स्व-सहायता समूहों की सहभागिता को बढ़ावा देना, स्थानीय स्तर पर महिलाओं को रोजगार उपलब्ध कराना तथा उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है। संयंत्र संचालन एवं पोषण आहार बनाने में देवास संयंत्र में 25 महिलाओं को, नर्मदापुरम संयंत्र में 25 महिलाओं को, धार संयंत्र में 15 महिलाओं को, सागर संयंत्र में 18 महिलाओं को, मंडला संयंत्र में 34 महिलाओं को, रीवा संयंत्र में 29 महिलाओं को एवं शिवपुरी संयंत्र में 8 महिलाओं को, इस प्रकार कुल महिलाओं 154 को रोजगार मिल रहा है। (घ) जी नहीं, समस्त संयंत्र वर्तमान में कार्यशील एवं सुचारु रूप से संचालित हैं। संयंत्रों में कार्यरत किसी भी समूह की महिलाएं बेरोजगार नहीं हुई हैं।
निर्माण कार्यों की स्वीकृति
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
70. ( क्र. 277 ) डॉ. राजेन्द्र पाण्डेय : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रश्नकर्ता द्वारा माननीय मुख्यमंत्री जी एवं माननीय मंत्री जी को प्रेषित पत्र के माध्यम से वर्ष 2024 -25 में जावरा जनपद एवं पिपलोदा जनपद अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्र के विभिन्न कार्यों की स्वीकृति हेतु आग्रह किया था? (ख) यदि हाँ, तो जावरा जनपद अंतर्गत 1-मुंडला-मन्याखेड़ी मार्ग पर पिंगला नदी पर पुलिया निर्माण 2-ग्राम नन्दावता में पर्यटन स्थल पहाड़ी पर सामुदायिक भवन 3- ग्राम झालवा में मांगलिक भवन के पास सांस्कृतिक शेड 4- ग्राम मेहंदी में सांस्कृतिक शेड 5- ग्राम मार्तंड़गंज में सांस्कृतिक शेड 6- ग्राम मोयाखेड़ा नई आबादी में सांस्कृतिक शेड 7- ग्राम शक्कर खेड़ी में सांस्कृतिक शेड 8-ग्राम पिपलिया सिर में उप स्वास्थ्य केंद्र के पास सांस्कृतिक क्षेत्र के कार्यों की स्वीकृति हेतु अनुरोध किया गया था? (ग) क्या प्रश्नांश (क) वर्णित पत्र में पिपलोदा जनपद अंतर्गत 1- अर्नियागुर्जर- सोहनगढ़ मार्ग पर पुलिया 2- ग्राम सोहनगढ़ में नई आबादी में सांस्कृतिक शेड 3-ग्राम बोरखेड़ा में मांगलिक भवन के पास सांस्कृतिक शेड 4- ग्राम बडायला माताजी में सांस्कृतिक शेड 5-ग्राम रियावन में गौशाला में सांस्कृतिक शेड 6-ग्राम आक्यादेह में सांस्कृतिक शेड 7- ग्राम कंसेर में सांस्कृतिक शेड निर्माण इत्यादि के कार्यों की स्वीकृति हेतु भी अनुरोध किया था? (घ) यदि हाँ, तो उपरोक्त प्रश्नांश (ख) व (ग) में उल्लेखित कार्यों की स्वीकृति कब तक दी जाकर कार्य कब प्रारंभ होंगे?
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) से (ग) जी हाँ। (घ) उत्तरांश (ख) एवं (ग) के परिप्रेक्ष्य में स्वीकृत कार्यों की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है।
किसान कल्याणकारी योजनाओं का क्रियान्वयन
[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]
71. ( क्र. 284 ) डॉ. राजेन्द्र पाण्डेय : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या केंद्र/राज्य प्रवर्तित विभिन्न योजनाओं के माध्यम से रतलाम जिले में किसान कल्याण एवं कृषि विकास के अनेक कार्य किया जा रहे हैं? (ख) यदि हाँ, तो वर्ष 2020 से लेकर प्रश्न दिनांक तक आत्मा परियोजना अंतर्गत रतलाम जिले में किन-किन स्थानों पर किस-किस प्रकार के कार्य किए गए तथा किये जा रहे हैं? वर्षवार जानकारी दें। (ग) जिले में शासकीय स्तर पर एवं निजी रूप से (फर्म/कंपनी/सोसाइटी इत्यादि) बीज उत्पादन का कार्य किया जा रहा है तो किन-किन स्थानों पर किस-किस प्रकार के बीजों का उत्पादन किया जा रहा है? (घ) जैविक खेती रतलाम जिला अंतर्गत किन-किन स्थानों पर की जाकर उनके प्रोत्साहन हेतु क्या-क्या किया जा रहा है? जिला अंतर्गत किन-किन स्थानों पर विकासखंडवार कितने-कितने कृषक चिन्हित होकर जैविक खेती कर रहे हैं? संपूर्ण जानकारी दें।
किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) जी हाँ। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है।
मेहमान प्रवक्ताओं की मांगो का निराकरण
[तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार (केवल कौशल विकास एवं रोजगार ) ]
72. ( क्र. 287 ) श्री विपीन जैन : क्या राज्य मंत्री, कौशल विकास एवं रोजगार महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या मध्यप्रदेश के शासकीय आई.टी.आई. कॉलेजो में मेहमान प्रवक्ताओं द्वारा वर्षों से सेवाएं दी जा रही है? (ख) दिनांक 16.12.2025 को कैबिनेट मीटिंग में लिए गए निर्णय अनुसार मध्य प्रदेश के शासकीय आई.टी.आई. कॉलेज में कार्यरत मेहमान प्रवक्ताओं को किस श्रेणी में रखा गया है नियमित, संविदा या आउटसोर्स? (ग) विभागीय भर्ती परीक्षाओं में वर्षों से कार्यरत मेहमान प्रवक्ताओं को अनुभव के अंक क्यों नहीं दिए जा रहे हैं जबकि अन्य विभागों में कार्यरत कर्मचारियों को अनुभव के अंक दिए जाते हैं? (घ) विभागीय भर्ती परीक्षाओं में मेहमान प्रवक्ताओं के लिए 50% पद आरक्षित और उन्हें संविदा नीति में क्यों शामिल नहीं किया जा रहा है बताएं कि उनकी उक्त मांगों को कब तक पूरा कर दिया जाएगा? (ड.) वर्तमान में आयोजित की जा रही भर्ती विज्ञापन में मेहमान प्रवक्ताओं को अनुभव के अंक क्यों नहीं दिए जा रहे है
राज्य मंत्री, कौशल विकास एवं रोजगार ( श्री गौतम टेटवाल ) : (क) जी हाँ। (ख) मध्यप्रदेश शासन, वित्त विभाग द्वारा दिनांक 22 दिसम्बर, 2025 को जारी परिपत्र के बिन्दु क्रमांक-2.10 में अतिथि व्याख्याता (मेहमान प्रवक्ता) को मानदेय प्राप्त कार्मिकों की श्रेणी में रखा गया है। (ग) विभागीय भर्ती परीक्षाओं में मेहमान प्रवक्ताओं को अनुभव के अंक दिये जाने का प्रावधान नहीं है। शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) विभागीय भर्ती एवं संविदा नियमों में मेहमान प्रवक्ताओं को 50% आरक्षण एवं अनुभव अंक प्रदान किये जाने का प्रावधान नहीं है। शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ड.) विभागीय भर्ती एवं संविदा नियमों में मेहमान प्रवक्ताओं को अनुभव अंक प्रदान किये जाने के संबंध में प्रावधान नहीं होने के कारण वर्तमान में आयोजित प्रशिक्षण अधिकारी भर्ती परीक्षा में मेहमान प्रवक्ताओं को अनुभव के अंक नहीं दिये जा रहे हैं।
महात्मा गांधी नरेगा योजना के क्रियान्वयन में भ्रष्टाचार
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
73. ( क्र. 293 ) श्री यादवेन्द्र सिंह : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या म.प्र. राज्य रोजगार गांरटी परिषद का पत्र क्र.-162/MGNREGS-MP/NR-3/22 भोपाल दिनांक 06.04.2022 कलेक्टर एवं जिला कार्यक्रम समन्वयक महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी स्कीम जिला टीकमगढ़ को भेजा गया था? (ख) यदि हाँ, तो क्या एन.एल.एम. की टीम द्वारा टीकमगढ़ जिले में दिनांक 20.09.2021 से 23.09.2021 तक मनरेगा योजना में क्रियान्वयन में की गई जांच में पाई गयी अनियमितताओं का प्रतिवेदन अपेक्षित कार्यवाही हेतु दिया था? यदि हाँ, तो आज दिनांक तक उस पर क्या कार्यवाही की गई? (ग) क्या प्रश्नांश (ख) में वर्णित जांच में वित्तीय अनियमितता में वसूली योग्य राशि 147.96 लाख पाई गई जिसमें अधिकारी एवं कर्मचारी से समान रूप से वसूली योग्य है जिसमें सहायक यंत्री जो वर्तमान में कार्यपालन यंत्री ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग टीकमगढ़ है शामिल है? (घ) प्रश्नांश (क) में वर्णित पत्र के बिन्दु क्र.-03 एवं 4 में फर्जी मूल्यांकन दर्ज करने वाले उपयंत्री एवं सत्यापन करने वाले सहायक यंत्री के विरूद्ध एफ.आई.आर. क्यों नहीं की गई कब तक उपर्वर्णित पत्र पर कार्यवाही की जावेगी?
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) जी हाँ। (ख) जी हाँ। म.प्र. पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम-1993 की धारा-89 के अंतर्गत वसूली राशि के आदेश दिनांक 17.02.2025 को पारित किये गये थे जो पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'अ' अनुसार हैं। (ग) जी हां, प्रश्नांश (ख) में वर्णित जांच में वित्तीय अनियमितता में वसूली योग्य राशि 147.96 लाख पाई गई। प्रश्नांश (ख) में वर्णित जांच में वित्तीय अनियमितता में वसूली योग्य राशि लाख में ग्राम पंचायत बिंदारीखास-31. 48 लाख, ग्राम पंचायत वर्माडांग-27.71 लाख, ग्राम पंचायत देवखा-24.20 लाख, ग्राम पंचायत मझगुवां-28.93लाख एवं ग्राम पंचायत नादिया-35.64 लाख कुल राशि-147.96 लाख रूपये संबंधित सरपंच/सचिव/ग्राम रोजगार सहायक एवं उपयंत्री से वसूली किये जाने हेतु आदेश धारा-89 दिनांक 17.02.2025 (पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'अ') के अंतर्गत पारित किये गये थे। धारा-89 के अंतर्गत पारित आदेशों एवं उक्त वसूली आदेश के विरूद्ध न्यायालय कमिश्नर सागर संभाग सागर में प्रस्तुत अपील में पारित किये गये आदेशों में वसूली हेतु तत्कालीन सहायक यंत्री वर्तमान कार्यपालन यंत्री ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग टीकमगढ़ शामिल नहीं थे। न्यायालय कमिश्नर सागर संभाग सागर द्वारा पारित आदेश पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'ब' अनुसार हैं। (घ) प्रश्नांश (क) में वर्णित पत्र म.प्र. राज्य रोजगार गारंटी परिषद का पत्र क्र.162/MGNREGS-MP/NR-3/22 भोपाल दि. 06.04. 2022 के बिन्दु क्र.03 एवं 4 में फर्जी मूल्यांकन दर्ज करने वाले उपयंत्री एवं सत्यापन करने वाले सहायक यंत्री के विरूद्ध एफ.आई.आर. हेतु कार्यालय कलेक्टर जिला टीकमगढ़ के पत्र क्र. 94 दिनांक-19.04.2022 (पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'स') अनुसार मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत जतारा को लेख किया गया था तथा मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत जतारा के पत्र क्रमांक-303 दिनांक-22.04.2022 के माध्यम से थाना दिगौड़ा में संबंधितों के विरूद्ध एफ.आई.आर. दर्ज करवाई गई थी। उक्त दोनो पत्र पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'द' अनुसार है। संबंधित थाना दिगौड़ा में दर्ज कराई गई एफ.आई.आर. के विरूद्ध तत्कालीन सहायक यंत्री एवं वर्तमान कार्यपालन यंत्री, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग टीकमगढ़ के द्वारा मा. उच्च न्यायालय जबलपुर में याचिका क्रमांक-10839/2022 प्रस्तुत कर स्थगन प्राप्त किया गया है जो पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'इ' अनुसार है। न्यायालय कमिश्नर सागर संभाग सागर द्वारा पारित आदेश पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'ब' अनुसार मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत जतारा के पत्र क्रमांक-303 दिनांक-22.04.2022 (पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'द') के माध्यम से की गयी समस्त कार्यवाही निरस्त की गयी।
ग्राम बरेठी जनपद जतारा में निर्माण कार्यों में अनियमितता
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
74. ( क्र. 294 ) श्री यादवेन्द्र सिंह : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2021 से 2025 तक ग्राम बरेठी में कुल किये कार्यों का विवरण तकनीकी स्वीकृति प्राक्कलन व मूल्यांकन सहित विवरण दें? (ख) क्या ग्राम बरेठी जनपद जतारा, में वर्ष 2015 से 2021 तक के एक भी कार्य गुणवत्ता युक्त नहीं है केवल कागजों में बिल वाउचर्स से पूर्ति की गई है यहां तक कि उस पंचायत का उपयंत्री तकनीकी ज्ञान न रखने वाले ब्लॉक कॉर्डीनेटर को बनाये रखा गया है ऐसा क्यों? (ग) क्या एक उपयंत्री एक ही जनपद में कार्य करता है लेकिन श्री मनीष त्रिपाठी जो उपयंत्री नहीं है कुछ पंचायतें जनपद जतारा की उपयंत्री की हैसियत से एवं पलेरा में ब्लॉक कॉर्डीनेटर प्रधानमंत्री आवास के रूप में कार्य कर रहे है, जबकि जिले में कई मनरेगा उपयंत्रियों का संलग्नीकरण कर बिना कार्य वेतन दिया जा रहा है। ऐसा क्यों इसके लिए कौन-कौन दोषी है? (घ) प्रश्नांश (ख) में वर्णित कार्यों में अनियमितता करने वाले कर्मचारी/पदाधिकारी पर कब तक क्या कार्यवाही की जावेगी?
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) वर्ष 2021 से 2025 तक ग्राम पंचायत बरेठीखास में स्वीकृत किये गये कार्यों का विवरण जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'अ' अनुसार है। (ख) वर्ष 2015 से 2025 तक ग्राम पंचायत बरेठीखास में कराये गये कार्यों की जांच कार्यालयीन पत्र क्रमांक ज.पं./मनरेगा 2026/318 दिनांक 27/01/2026 से गठित जनपद स्तरीय जांच दल द्वारा उक्त अवधि के कार्यों में से 16 कार्यों की गुणवत्ता से संबंधित जांच कराई गई जो पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'ब' अनुसार है। तत्कालीन उपयंत्री श्री मनीष त्रिपाठी सिविल (तकनीकि) डिप्लोमा धारी है। श्री त्रिपाठी की तकनीकी डिप्लोमा प्रमाण पत्र पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'स' अनुसार है। (ग) जी हाँ। शासन के निर्देशानुसार एक उपयंत्री एक ही जनपद पंचायत में कार्य करेगा। श्री मनीष कुमार त्रिपाठी वीसी पीएमएवाय-जी को उपयंत्री का प्रभार आदेश क्रमांक 1737 दिनांक 27/01/2022 के माध्यम से प्रदाय किया गया था। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'द' अनुसार है। श्री मनीष कुमार त्रिपाठी तकनिकी डिप्लोमा धारी उपयंत्री को कार्यालय जिला पंचायत टीकमगढ के आदेश क्रमांक-248 दिनांक 21/01/2026 के माध्यम से मनरेगा सेक्टर के कार्य दयित्वों से मुक्त करते हुए मूल योजना में कार्य करने हेतु आदेशित किया गया है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'ई' अनुसार है। जिले की जनपद पंचायतों में संलग्न उपयंत्रियों से तकनीकी कार्य जनपद पंचायतों में कराए जा रहे है जिसके आधार पर संबंधितों को वेतन भुगतान किया जा रहा है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) प्रश्नाश (ख) में वर्णित कार्यों में अनियमितता करने वाले कर्मचारियों को जांच प्रतिवेदन के आधार पर कार्यालय जनपद पंचायत जतारा के पत्र क्रमांक 361 दिनांक 30/01/2026 के माध्यम वे कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'ऐ' अनुसार है। उत्तर प्राप्त होने पर गुण–दोष के आधार पर आवश्यक होने पर संबंधित अधिकारी/कर्मचारी के विरूद्ध कार्यवाही की जायेगी। समय-सीमा बताएं जाना सम्भव नहीं है।
अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद के नियमों का पालन
[तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार (केवल तकनीकी शिक्षा)]
75. ( क्र. 297 ) श्री विपीन जैन : क्या तकनीकी शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रदेश के शासकीय पॉलिटेक्निक महाविद्यालय अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद के नियमों के अंतर्गत आते हैं एवं उनके शिक्षकों, प्राचार्य के पदों की योग्यता व इनको दिए जा रहे वेतनमान अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद के नियमानुसार होते हैं? (ख) वर्तमान में शासकीय पॉलिटेक्निक महाविद्यालय मंदसौर में कार्यरत सभी शिक्षकों, संविदा शिक्षको, दैनिक वेतन भोगी, आउटसोर्स कर्मचारियों की सूची मय शैक्षणिक योग्यता सहित देवें। (ग) क्या अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद की अधिसूचना दिनांक 4 जनवरी 2016 के अनुसार पॉलिटेक्निक महाविद्यालय में मानवीकी और विज्ञान संकाय के शिक्षकों को प्राचार्य/निदेशक के लिए पात्र नहीं माना गया है? गजट नोटिफिकेशन की प्रति देवें। (घ) वर्तमान में शासकीय पॉलिटेक्निक महाविद्यालय मंदसौर के प्राचार्य का प्रभार अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद के नियमों के अनुसार दिया गया है यदि नहीं, तो क्यों?
तकनीकी शिक्षा मंत्री ( श्री इन्दर सिंह परमार ) : (क) प्रदेश के शासकीय पॉलिटेक्निक महाविद्यालयों के लिये अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद, नई दिल्ली के प्रावधानों को यथावत लागू किये जाने की बाध्यता नहीं है। राज्य सरकार द्वारा शिक्षकों, प्राचार्यों की योग्यता एवं वेतनमान अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद, नई दिल्ली के प्रावधानों में से यथोचित प्रावधानों को अंगीकृत कर लागू किये जाते है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ग) जी हाँ। अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद, नई दिल्ली की अधिसूचना दिनांक 04 जनवरी, 2016की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (घ) जी नहीं। विभाग द्वारा जारी अधिसूचना दिनांक 22 नवम्बर, 2017 के अनुसार पॉलिटेक्निक महाविद्यालयों के प्राचार्यों के रिक्त पदों पर भर्ती हेतु गैर अभियांत्रिकी विषयों के उम्मीदवारों को भी सम्मिलित किया गया है, अधिसूचना की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है।
मनरेगा अंतर्गत कार्यों में अनियमितता की जांच
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
76. ( क्र. 301 ) श्री अभय मिश्रा : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रीवा संभाग के विभिन्न जिलों में मनरेगा योजना अन्तर्गत एवं कितने कार्य विभाग द्वारा अन्य मदों की राशि से कराये जा रहे है? इन कार्यों की भौतिक स्थिति व भुगतान का विवरण वर्ष 2020 से प्रश्नांश दिनांक तक का कार्यवार देवें। इनमें कितने कार्यों के पूर्णता प्रमाण-पत्र जारी किये गये की प्रति उपलब्ध कराएं। अगर नहीं किये गये तो क्यों? इसके लिये उत्तरदायियों के नाम के साथ उन पर कार्यवाही के क्या निर्देश देंगे? जानकारी दें। यदि नहीं, तो क्यों? रीवा जिले में ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग क्रमांक-01 एवं 02 से संबंधित कार्यों की जानकारी पृथक से देवें। (ख) प्रश्नांश (क) के तारतम्य में क्या विधायक विकास निधि/जिला खनिज गौड़ मद से स्वीकृत ग्रेवल/सुदूर सड़क के कार्यों में मनरेगा कन्वर्जन (लेबर भुगतान) कर कार्य कराये जाने पर रोक लगाई गई है तो आदेश की प्रति देवें। अगर नहीं लगाई गई है तो स्पष्ट जानकारी देवें। प्रश्नांश (क) अनुसार संचालित कार्यों के भुगतान बाबत् शासन के क्या निर्देश हैं? निर्देश की प्रति उपलब्ध कराते हुये जानकारी दें कि इनमें कितने कार्यों के भुगतान कब-कब किये गये? (ग) प्रश्नांश (क) अनुसार स्वीकृत कार्य पूर्ण नहीं किये गये, राशि आहरित कर गबन कर ली गई, पूर्णता प्रमाण-पत्र जारी नहीं किये गये एवं प्रश्नांश (ख) अनुसार विधायक विकास निधि एवं खनिज गौड़ मद से सुदूर सड़क/ग्रेवल सड़क के कार्य मनरेगा कन्वर्जन के साथ स्वीकृत नहीं किये जा रहे, कराये गये कार्यों के भुगतान नहीं किये गये, मजदूरों की मजदूरी का भुगतान लंबित है, इसके लिये जिम्मेदारों के पदनाम के साथ कार्यवाही के क्या निर्देश देंगे? बतावें। अगर नहीं तो क्यों?
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) रीवा एवं मऊगंज जिला अन्तर्गत मनरेगा योजना से वित्तीय वर्ष 2019-20 से 2025-26 तक 170760 कार्य कराये जा रहे है जिसमें 144609 कार्य अभिसरण से कराये जा रहे है। सिंगरौली जिला अन्तर्गत मनरेगा योजना से वित्तीय वर्ष 2019-20 से 2025-26 तक 56275 कार्य कराये जा रहे है जिसमें 29945 कार्य अभिसरण से कराये जा रहे है। सीधी जिला अन्तर्गत मनरेगा योजना से वित्तीय वर्ष 2019-20 से 2025-26 तक 132584 कार्य कराये जा रहे है जिसमें 101118 कार्य अभिसरण से कराये जा रहे है। सतना जिला अन्तर्गत मनरेगा योजना से वित्तीय वर्ष 2019-20 से 2025-26 तक 130157 कार्य कराये जा रहे है जिसमें 74781 कार्य अभिसरण से कराये जा रहे है। भौतिक स्थिति एवं भुगतान विवरण फ्लो चार्ट पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट–'अ' अनुसार है। नरेगा पोर्टल अनुसार रीवा एवं मऊगंज जिला अन्तर्गत 144062 कार्यों की, सिंगरौली जिला अन्तर्गत 47142 कार्यों की, सीधी जिला अन्तर्गत 107035 कार्यों की एवं सतना जिला अन्तर्गत 109169 कार्यों की पूर्णता नरेगा पोर्टल पर दर्ज है। कार्यवार जानकारी फ्लो चार्ट पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट–'अ' अनुसार है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग क्रमांक 01 एवं 02 से संबंधित कार्यों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट– 'ब' अनुसार है। (ख) वर्ष 2025-26 में ग्रेवल सड़क की नवीन स्वीकृति नहीं किये जाने के निर्देश जारी है। भारत सरकार, ग्रामीण विकास मंत्रालय के अर्द्धशासकीय पत्र क्रमांक J/11017/2025/RE-VII दिनांक 20/05/2025 के माध्यम से ग्रेवल सड़क निर्माण के संबंध में मार्गदर्शी दिशा-निर्देश प्राप्त हुए जिसके पालन कराये जाने हेतु म.प्र. राज्य रोजगार गांरटी परिषद भोपाल का पत्र क्रमांक 844/एमजीएनआरजीएस-एमपी/2025 भोपाल दिनांक 27-05-2025 अनुसार नवीन दिशा-निर्देश जारी होने तक सुदूर संपर्क/खेत सड़क की नवीन स्वीकृति जारी नहीं किये जाने के निर्देश जारी किये गए। निर्देश की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट–'स' अनुसार है। संचालित कार्यों का मजदूरी भुगतान तथा सामग्री भुगतान नियमानुसार कार्यों के मूल्यांकन व सत्यापन अनुसार पोर्टल पर उपलब्ध राशि अनुरूप किया जाता है। भुगतान से संबंधित निर्देश मनरेगा योजनान्तर्गत वार्षिक मास्टर परिपत्र 2024-25 की कंडिका 7.12.4 पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'द' अनुसार हैं। कार्यों का भुगतान विवरण फ्लो चार्ट पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट–'अ' अनुसार है। (ग) प्रश्नांश (क) अनुसार स्वीकृत कार्य रोजगार की मांग अनुसार श्रमिकों का नियोजन कर कराये गये कार्य का मूल्यांकन व सत्यापन उपरान्त भुगतान की कार्यवाही पश्चात कार्य पूर्ण किये जाते है। प्रश्नांश (ख) अनुसार विधायक निधि एवं खनिज गौड मद से सुदूर सड़क/ग्रेवल सड़क के कार्य म.प्र. राज्य रोजगार गारंटी परिषद भोपाल के पत्र क्रमांक 844/एमजीएनआरईजीएस-म.प्र./2025 भोपाल दिनांक 27.05.2025पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट–'स' द्वारा नवीन ग्रेवल/सुदूर सड़क के कार्यों हेतु भारत सरकार द्वारा जारी किये गये मार्गदर्शी दिशा-निर्देशों के प्रकाश में नवीन दिशा-निर्देश होने तक सुदूर/खेत सड़क के नवीन कार्य नहीं लिये जाये। कराये गये कार्यों पर रोजगार के मांग अनुसार श्रमिकों के नियोजन तथा मूल्यांकन सत्यापन पश्चात मजदूरी भुगतान की कार्यवाही की जाती है। मजदूरी भुगतान लम्बित नहीं है। शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
खनिज मद से कार्यों की स्वीकृति एवं निर्माण कार्य
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
77. ( क्र. 302 ) श्री अभय मिश्रा : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या जिला खनिज न्यास मद से वित्तीय वर्ष 2025-26 हेतु कार्य योजना तैयार कर अनुमोदन उपरान्त प्राक्कलन एवं तकनीकी स्वीकृति बावत पत्र मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत द्वारा कार्यपालन यंत्री ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग क्र. 1 व 2 रीवा के लिखे गये जिसके पालन में कब-कब, किन-किन जनपद पंचायतों में प्राक्कलन व तकनीकी स्वीकृति संबंधितों द्वारा जिला पंचायत को प्रदान की गई का विवरण जनपदवार जिले का देंवे। (ख) प्रश्नांश (क) के तारतम्य में वित्तीय वर्ष 2024-2025 में खनिज न्यास मद से स्वीकृत सेमरिया विधानसभा के कार्यों की भौतिक स्थिति, भुगतान की स्थिति क्या है? कार्यवार विवरण देवें, अगर कार्य अप्रारंभ है तो क्यों इसके लिये उत्तरदायियों पर कार्यवाही के साथ कार्य प्रारंभ कब तक करावेंगे बतावें? (ग) प्रश्नांश (क) अनुसार प्राप्त प्राक्कलन तकनीकी स्वीकृति पोर्टल में दर्ज कर ऑनलाईन करने की कार्यवाही की जाकर प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई तो कब प्रति देते हुये बतावें अगर नहीं जारी की गई तो क्यों कारण बतावें? इसके लिये कौन-कौन उत्तरदायी है, उनके पदनाम के साथ इन पर कार्यवाही के क्या निर्देश देंगे बतावें एवं प्रशासकीय स्वीकृति जारी कर कार्य कब तक प्रारंभ करवायेंगे बतावें? नहीं तो क्यों? (घ) प्रश्नांश (क), (ख) एवं (ग) अनुसार उल्लेखित आधारों पर कार्यवाही न करने के लिये कौन-कौन उत्तरदायी है? उन पर कार्यवाही के साथ प्रशासकीय स्वीकृति जारी कर कार्य प्रारंभ कराने बावत क्या शासन निर्देश जारी करेगा यदि नहीं, तो क्यों?
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'अ' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'ब' अनुसार है। सभी कार्य प्रगतिरत हैं। अत: शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) जी नहीं। प्रस्तावित कार्यों की स्वीकृति हेतु पोर्टल पर परीक्षण कराया जा रहा है। (घ) उतरांश (क), (ख) एवं (ग) के परिप्रेक्ष्य में शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
जी राम जी योजना का क्रियान्वयन
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
78. ( क्र. 304 ) श्री हरदीप सिंह डंग : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जी राम जी योजना मध्यप्रदेश में कब से प्रारम्भ कर दी जाएगी? इस योजना में कौन-कौन से कार्यों को सम्मिलित किया जाएगा? किए जाने वालो कार्यों के नामों की नियमों सहित जानकारी उपलब्ध कराएं? (ख) क्या उपरोक्त योजनान्तर्गत प्रदेश में अलग-अलग क्षेत्र की आवश्यकता अनुसार कार्यों की स्वीकृति प्रदान की जाएगी? जानकारी देवें। (ग) उपरोक्त योजनान्तर्गत खेत सड़क, मुक्तिधाम पहुँच मार्ग, स्कूल की बाउण्ड्रीवॉल निर्माण जैसे कार्यों को सम्मिलित किया जाएगा या नहीं? जानकारी देवें। (घ) एक पंचायत में अधिकतम कितनी राशि तक एवं कितने कार्य स्वीकृत किए जावेंगे? जानकारी देवें।
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) विकसित भारत जी राम जी अधिनियम 2025 के अध्याय 1 की कंडिका 1 (2) अनुसार भारत सरकार द्वारा नोटिफिकेशन उपरांत योजना तैयार की जाना है। भारत सरकार से नोटिफिकेशन अप्राप्त है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ख) से (घ) उत्तरांश (क) अनुसार।
विकासखण्ड स्तरीय स्टेडियम का निर्माण
[खेल एवं युवा कल्याण]
79. ( क्र. 305 ) श्री हरदीप सिंह डंग : क्या खेल एवं युवा कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या माननीय मंत्री जी द्वारा प्रत्येक विकासखण्ड में स्टेडियम बनाने की घोषणा (सदन में आश्वासन) की गई है? (ख) यदि हाँ, तो प्रश्न दिनांक तक मध्यप्रदेश में कितने स्टेडियम स्वीकृत किए गए है? स्थान का नाम, विधानसभा सहित जानकारी देवें। (ग) सुवासरा विधानसभा में प्रश्नकर्ता द्वारा विकासखण्ड स्तर पर नवीन स्टेडियम निर्माण हेतु प्रश्न दिनांक तक कितने पत्र दिए गए है? जानकारी देवें। (घ) सुवासरा विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत युवाओं की सुविधा एवं उत्कृष्ट प्रदर्शन कर प्रदेश का नाम देश में रोशन करने हेतु कब तक स्टेडियम की स्वीकृति प्रदान की जाएगी जानकारी देवें?
खेल एवं युवा कल्याण मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) एवं (ख) म.प्र. शासन खेल और युवा कल्याण विभाग द्वारा पत्र क्रमांक 693/30/2017/नौ दिनांक 24.03.2017 स्टेडियम निर्माण हेतु विभागीय नीति निर्धारित की गई है। जिसके अन्तर्गत विभाग द्वारा 86 विकासखंड मुख्यालय में 126 खेल अधोसंरचना (इंडोर व आउटडोर स्टेडियम) निर्मित है, जिसकी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है तथा वर्तमान में खेल स्टेडियम 24-निर्माणाधीन है, जिसकी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ग) माननीय प्रश्नकर्ता द्वारा विधानसभा क्षेत्र सुवासरा के विकासखंड सीतामउ में नवीन स्टेडियम निर्माण हेतु (03 पत्र) क्रमांक 696 दिनांक 13.11.2024, क्रमांक 27.01.2025 एवं क्रमांक 341 दिनांक 30.07.2025 प्राप्त हुये है। इस संदर्भ में न्यायालय कलेक्टर जिला मंदसौर द्वारा आदेश क्रमांक 89/अ-20 (11)/14-15 दिनांक 03.03.2025 द्वारा कस्बा सीतामउ की शासकीय भूमि सर्वे क्रं. 10/1/1 रकबा 16.500 हे. भूमि में से 3.00 हे. भूमि से खेल और युवा कल्याण विभाग को आवंटित की गई है। उक्त भूमि में खेल स्टेडियम निर्माण हेतु निर्माण एजेंसी म.प्र. भवन विकास निगम भोपाल से प्राक्कलन मय तकनीकी स्वीकृति सहित चाहे गये है। निर्माण एजेंसी से प्राक्कलन मय तकनीकी स्वीकृति सहित प्राप्त होने के उपरांत बजट की उपलब्धता व आवश्यकता का आंकलन कर सक्षम समिति से स्वीकृति प्राप्त करने की कार्यवाही की जा सकेंगी। (घ) प्रश्नोत्तर (ग) के संदर्भ में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरूद्ध शिकायतों पर कार्यवाही
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
80. ( क्र. 307 ) श्री दिलीप सिंह परिहार : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) 1 जनवरी, 2021 के बाद नीमच, मंदसौर और रतलाम जिलों के पंचायत विभाग में किन-किन अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध किस-किस प्रकार की शिकायतें प्राप्त हुईं? इनमें से कितनी शिकायतें आर्थिक अनियमितता से संबंधित थीं? (ख) प्रश्नांश (क) में संदर्भित आर्थिक शिकायतों में से कितने प्रकरणों में अधिकारियों/कर्मचारियों के विरुद्ध किस-किस उच्च स्तरीय समिति ने जांच की? जांच प्रतिवेदन की प्रतिलिपि उपलब्ध कराएं। (ग) प्रश्नांश (क) व (ख) में संदर्भित जांच समिति द्वारा दोष सिद्ध होने के उपरांत कितने प्रकरणों में संबंधित कर्मचारी के विरुद्ध कहाँ-कहाँ, किस-किस थाने में एफ.आई.आर. दर्ज की गई? यदि नहीं, तो क्यों? (घ) उक्त कितने प्रकरणों में वाद माननीय न्यायालय में विचाराधीन है? सूची उपलब्ध कराएं।
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'अ'अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'ब' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'स' अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'द' अनुसार है।
अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ शिकायतें
[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]
81. ( क्र. 309 ) श्री दिलीप सिंह परिहार : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) 1 जनवरी, 2021 के बाद कृषि विभाग में नीमच, मंदसौर, रतलाम जिलों में किन-किन अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ किस-किस प्रकार की शिकायतें प्राप्त हुईं? इनमें से कितनी शिकायतें आर्थिक अनियमितता से संबंधित थीं? (ख) प्रश्नांश (क) में संदर्भित आर्थिक शिकायतों में से कितने प्रकरणों में अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ किस-किस उच्च स्तरीय समिति ने जांच की? जांच प्रतिवेदन की छायाप्रति उपलब्ध कराएं। (ग) प्रश्नांश (क) और (ख) में संदर्भित जांच समिति द्वारा दोष सिद्ध होने के उपरांत कितने प्रकरणों में संबंधित कर्मचारी के खिलाफ कहाँ-कहाँ, किस-किस थाने में एफ.आई.आर. दर्ज की गई? यदि नहीं, तो क्यों? (घ) उक्त कितने प्रकरण माननीय न्यायालय में विचाराधीन हैं? सूची उपलब्ध कराएं।
किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) 01 जनवरी, 2021 के बाद उप संचालक, किसान कल्याण तथा कृषि विकास जिला मंदसौर में श्री पप्पू कटारा, सहायक संचालक कृषि एवं श्री जितेन्द्र चौहान, कृषि विस्तार अधिकारी के विरूद्ध बीज नमूना एवं खाद नमूना लेने की शिकायत प्राप्त हुयी थी। जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। उप संचालक, किसान कल्याण तथा कृषि विकास, जिला नीमच/रतलाम की जानकारी निरंक है। (ख) जिला मंदसौर में श्री पप्पू कटारा, सहायक संचालक एवं श्री जितेन्द्र चौहान, कृषि विस्तार अधिकारी की शिकायत हेतु जिला स्तर पर अधिकारियों का जांच दल गठन कर जांच करायी गयी। जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ग) प्रश्नांश (क) और (ख) में संदर्भित जांच समिति द्वारा जांच में शिकायत निराधार पायी गयी। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) जानकारी निरंक है।
प्राचार्या के विरूद्ध कार्यवाही
[उच्च शिक्षा]
82. ( क्र. 310 ) श्रीमती निर्मला सप्रे [एडवोकेट] : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय बीना में पदस्थ प्राचार्या के विरुद्ध भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप फर्जी नियुक्ति, कर्मचारियों का शोषण, शासन की राशि का दुरुपयोग व छात्र–छात्राओं को धमकी देने अभद्र भाषा बोलने आदि के विरोध में छात्र– छात्राओं द्वारा आंदोलन विरोध प्रदर्शन किए गए व कार्यवाही हेतु ज्ञापन पत्र प्रेषित किए गए हैं? संबंधित के विरुद्ध कितने पत्र विभाग को प्राप्त हुये? जानकारी दें। (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार छात्र–छात्राओं द्वारा आंदोलन विरोध प्रदर्शन कर कार्यवाही हेतु ज्ञापन पत्र प्रेषित किए गए हैं तो उन पर पर क्या कोई कार्यवाही की गई? यदि हाँ, तो क्या? यदि नहीं, तो क्यों व कब तक की जावेगी? जानकारी दें।
उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री इन्दर सिंह परमार ) : (क) जी हाँ। संबंधित के विरूद्ध कुल 03 शिकायत संबंधी पत्र विभाग को प्राप्त हुए हैं। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'अ', 'ब' एवं 'स' अनुसार है। (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार प्राप्त ज्ञापन पत्र पर जांच कार्यवाही प्रचलन में है।
इंडोर, आउटडोर स्टेडियम का निर्माण
[खेल एवं युवा कल्याण]
83. ( क्र. 311 ) श्रीमती निर्मला सप्रे [एडवोकेट] : क्या खेल एवं युवा कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) माननीय मुख्यमंत्री महोदय द्वारा विगत एक वर्ष पूर्व बीना प्रवास के दौरान बीना में इंडोर, आउटडोर स्टेडियम निर्माण कराने की घोषणा की गई थी? यदि हाँ, तो घोषणा पूरी करने विभाग द्वारा क्या कार्यवाही की गई? जानकारी दें। (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार माननीय मुख्यमंत्री महोदय द्वारा की गई घोषणा पर यदि विभाग द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की है तो क्यों व कब तक की जावेगी?
खेल एवं युवा कल्याण मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) जी हाँ। कलेक्टर जिला सागर द्वारा पत्र क्रमांक-7924 दिनांक 19.09.2024 द्वारा मुख्यमंत्री कार्यालय भोपाल को मान. मुख्यमंत्री जी द्वारा दिनांक 09.09.2024 को सागर जिला के बीना में लगभग 3 करोड़ की लागत से इंडोर आउटडोर स्टेडियम बनाये जाने की घोषणा के संदर्भ में कार्यवाही हेतु लेख किया गया है। विभागीय स्वामित्व का पूर्व से बीना में इंडोर व आउटडोर स्टेडियम निर्मित होकर संचालित होने के कारण बीना में पृथक से इंडोर आउटडोर स्टेडियम निर्माण की आवश्यकता प्रतीत नहीं होने से प्रकरण में कोई कार्यवाही नहीं की गई है। (ख) प्रश्नोत्तर (क) के संदर्भ में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
कौशल विकास केंद्र खोलने की घोषणा का क्रियान्वयन
[तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार (केवल कौशल विकास एवं रोजगार ) ]
84. ( क्र. 312 ) श्रीमती निर्मला सप्रे [एडवोकेट] : क्या राज्य मंत्री, कौशल विकास एवं रोजगार महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या विधानसभा क्षेत्र बीना के बेरोजगार युवाओं में कौशल विकास व रोजगार के अवसर प्रदान करने हेतु बीना नगर में कौशल विकास केंद्र खोलने की घोषणा की गई है? यदि हाँ, तो घोषणा पर अमल हेतु अब तक क्या कार्यवाही की गई? (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार यदि घोषणा पर कोई कार्यवाही नहीं की गई तो क्यों व कब तक की जावेगी? जानकारी दें।
राज्य मंत्री, कौशल विकास एवं रोजगार ( श्री गौतम टेटवाल ) : (क) जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ख) उत्तांश (क) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
कर्मकार मण्डल कार्ड के मापदण्ड
[श्रम]
85. ( क्र. 315 ) श्री नितेन्द्र बृजेन्द्र सिंह राठौर : क्या श्रम मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) कर्मकार मण्डल कार्ड बनाने हेतु क्या मापदण्ड है? विधानसभा क्षेत्र 45 पृथ्वीपुर अन्तर्गत कितने कार्ड बनाये गये है? (ख) योजना अन्तर्गत कितने श्रमिको को लाभ दिया गया है? जानकारी दें।
श्रम मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) म.प्र. भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल कार्ड बनाए जाने हेतु भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार (नियोजन तथा सेवा शर्तों का विनियमन) अधिनियम, 1996 की धारा 12 के अंतर्गत हिताधिकारी के रूप में पंजीयन के लिये भवन एवं अन्य संनिर्माण श्रमिक की आयु 18 से 60 वर्ष के बीच होनी चाहिए। पंजीयन के लिये श्रमिक का पिछले 12 माहों में कम-से-कम 90 दिन भवन एवं अन्य संनिर्माण कार्य से संबंधित नियोजन में काम करना अनिवार्य है। म.प्र. भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल द्वारा कार्ड जारी नहीं किये जाते है, अपितु ई-पंजीयन पत्र जारी किया होता है। विधानसभा क्षेत्र 45 पृथ्वीपुर अंतर्गत कुल 11884 निर्माण श्रमिकों का पंजीयन किय गया है। (ख) निवाड़ी जिले के अंतर्गत पृथ्वीपुर विधानसभा क्षेत्र में म.प्र. भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल द्वारा संचालित कल्याणकारी योजना अंतर्गत कुल 2924 निर्माण श्रमिकों एवं उनके आश्रितों को लाभ प्रदाय किया गया है। योजनावार चाही गई जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है।
शासकीय महाविद्यालय मुलताई में स्नातकोत्तर कक्षाएँ प्रारंभ की जाना
[उच्च शिक्षा]
86. ( क्र. 321 ) श्री चन्द्रशेखर देशमुख : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या मुलताई विधानसभा क्षेत्रांतर्गत शासकीय महाविद्यालय मुलताई में वर्तमान में विज्ञान एवं वाणिज्य संकाय में केवल स्नातक स्तर तक की कक्षाएं ही संचालित है, जबकि छात्रों द्वारा स्नातकोत्तर कक्षाएं प्रारंभ किए जाने की मांग विगत 25 वर्षों से की जा रही है? (ख) क्या विधानसभा क्षेत्र के छात्र-छात्राओं को विज्ञान एवं वाणिज्य संकाय में स्नातकोत्तर शिक्षा हेतु लगभग 50 किलोमीटर दूर अन्य महाविद्यालयों में जाना पड़ता है, जिससे उन्हें आर्थिक एवं शैक्षणिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है? (ग) शासन द्वारा शासकीय महाविद्यालय मुलताई में गणित, भौतिक शास्त्र, रसायन शास्त्र, जीव विज्ञान, वनस्पति विज्ञान एवं वाणिज्य विषयों में स्नातकोत्तर कक्षाएँ प्रारंभ किए जाने हेतु अब तक क्या कार्यवाही की गई है? (घ) क्या शासन द्वारा सत्र 2026-27 से शासकीय महाविद्यालय मुलताई में विज्ञान एवं वाणिज्य संकाय की स्नातकोत्तर कक्षाएँ प्रारंभ किया जाएगा? यदि हाँ, तो समय-सीमा बताएं।
उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री इन्दर सिंह परमार ) : (क) एवं (ख) जी हाँ। (ग) शासकीय महाविद्यालय मुलताई में विज्ञान एवं वाणिज्य संकाय की स्नातकोत्तर स्तर की कक्षाएं प्रारंभ किये जाने के संबंध में विभागीय मापदण्ड के परिप्रेक्ष्य में परीक्षण किया जा रहा है। (घ) समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
अमृत सरोवर योजना की जानकारी
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
87. ( क्र. 324 ) श्री विजय रेवनाथ चौरे : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सौंसर विधानसभा क्षेत्र में विगत 5 वर्षों में अमृत सरोवर योजना अंतर्गत कितने तालाब बनाए गए हैं? (ख) उक्त तालाबों पर कितनी-कितनी राशि व्यय की गई है? स्वीकृत राशि, व्यय राशि की पंचायतवार जानकारी, कार्य की वर्तमान भौतिक स्थिति के साथ एवं क्रियान्वयन एजेंसी की जानकारी भी देवें। (ग) पीएम जनमन योजना अंतर्गत छिंदवाड़ा पांढुर्णा जिले में स्वीकृत कार्यों की सूची, कार्य का नाम स्वीकृत राशि, व्यय राशि, क्रियान्वयन एजेंसी के साथ कार्य की वर्तमान भौतिक स्थिति की पंचायतवार जानकारी दें।
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) सौंसर विधानसभा क्षेत्र में विगत 5 वर्षों में अमृत सरोवर योजना अंतर्गत 15 तालाब बनाए गए हैं। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'अ' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'ब' अनुसार है।
पुनरीक्षित न्यूनतम वेतन की एरियर राशि का भुगतान
[श्रम]
88. ( क्र. 325 ) श्री दिनेश जैन बोस : क्या श्रम मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) माननीय उच्च न्यायालय इंदौर द्वारा पारित आदेश के अनुक्रम में श्रमायुक्त इंदौर द्वारा 01/04/2024 से लागू पुनरीक्षित न्यूनतम वेतन की एरियर राशि भुगतान के संबंध में जारी आदेश की प्रति उपलब्ध करावें? (ख) उज्जैन जिले के अंतर्गत किस-किस शासकीय कार्यालय द्वारा श्रमायुक्त इंदौर द्वारा 01/04/2024 से लागू पुनरीक्षित न्यूनतम वेतन के एरियर राशि का भुगतान कर दिया गया है? किस-किस कार्यालय द्वारा एरियर राशि का भुगतान नहीं किया गया है? शेष कार्यालयों द्वारा कब तक एरियर राशि का भुगतान कर दिया जाएगा? समय-सीमा बताएं। यदि नहीं, तो क्यों? (ग) प्रश्नांश (ख) अनुसार एरियर राशि का भुगतान नहीं करने वाले कार्यालय प्रमुख की जानकारी उपलब्ध कराते हुए बताएं कि एरियर राशि का भुगतान नहीं करने पर श्रम विभाग द्वारा क्या कार्यवाही की जा रही है। (घ) क्या श्रम विभाग स्वतः संज्ञान लेकर श्रमिकों के हित में समस्त शासकीय कार्यालयों में एरियर राशि का भुगतान किया जाना सुनिश्चित करेगा? यदि हाँ, तो इसकी कार्ययोजना बतावें। यदि नहीं, तो क्यों कारण बताएं?
श्रम मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) माननीय उच्च न्यायालय इंदौर द्वारा पारित आदेश के अनुक्रम में श्रमायुक्त इंदौर द्वारा 01/04/2024 से लागू पुनरीक्षित न्यूनतम वेतन की एरियर राशि भुगतान के संबंध में जारी आदेश की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) उज्जैन जिले के अंतर्गत जिन शासकीय कार्यालयों द्वारा 01/04/2024 से लागू पुनरीक्षित न्यूनतम वेतन के एरियर का भुगतान किया है, उनकी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। एरियर राशि का भुगतान नहीं करने वाले शासकीय विभागों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है। (ग) प्रश्नांश (ख) अनुसार एरियर राशि का भुगतान नहीं करने वाले पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-3 में उल्लेखित कार्यालय प्रमुखों को पत्र क्रमांक 1425 दिनांक 22/04/2025 तथा कारण बताओं सूचना पत्र क्रमांक 396 दिनांक 02/02/2026 द्वारा भुगतान के निर्देश दिए गए हैं। (घ) प्रश्नांश (ग) के उत्तर अनुसार इस हेतु पत्र क्रमांक 1425 दिनांक 22/04/2025 जारी किया गया है। परिणामस्वरूप उत्तर (ख) के वर्णित विभागों द्वारा एरियर राशि का भुगतान किया गया है। पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-3 में उल्लेखित शेष विभागों द्वारा बजट आवंटन प्राप्त होने पर भुगतान किया जा रहा है।
ग्राम पंचायत के सामग्री/सेवाप्रदाता वेन्डर की जानकारी
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
89. ( क्र. 329 ) श्री राजन मण्डलोई : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बड़वानी जिले में ऐसे कितने सामग्री/सेवा प्रदाता वेन्डर पंजीकृत हैं जिनकी वेन्डर आई.डी. डबल (दोहरी) बनी हुई है? उनके नाम, पते सहित विवरण देवें। डबल वेन्डर आई.डी. रखने वाले आपूर्तिकर्ताओं को वर्ष 2022-23 से प्रश्न दिनांक तक को कितना भुगतान किन-किन ग्राम पंचायतों से प्राप्त हुआ है? वेन्डर आई.डी. वार– नाम एवं पते सहित जानकारी दें। (ख) बड़वानी जिले के समस्त सामग्री/सेवाप्रदाता वेन्डर जिन्हें वर्ष 2022-23 से प्रश्न दिनांक तक 50 लाख से अधिक का भुगतान विभिन्न ग्राम पंचायतों से प्राप्त हुआ उनके वेन्डर आई.डी. वार – नाम एवं पते, भुगतानकर्ता ग्राम पंचायत के नाम सहित जानकारी दें। (ग) बड़वानी जिले में वर्ष 2025-26 में प्रश्न दिनांक तक ग्राम पंचायत द्वारा सामग्री/सेवाप्रदाता वेन्डर के भुगतान से काटे गये टी.डी.एस. की जानकारी तथा ग्राम पंचायत द्वारा जमा किये गये रिटर्न की जानकारी देवें।
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) प्रश्नांश के संदर्भ में जानकारी निरंक है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) प्रश्नांश के संदर्भ में जानकारी निरंक है।
विभागीय योजनाओं का क्रियान्वयन
[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]
90. ( क्र. 346 ) श्री संदीप श्रीप्रसाद जायसवाल : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या कृषि विभाग कटनी को विगत वर्षों में जिला खनिज प्रतिष्ठान मद से राशि प्राप्त हुई थी? यदि हाँ, तो किस आवश्यकता, मांग एवं किस सक्षम प्राधिकारी के क्या प्रस्ताव के आधार पर किस हेतु कितनी राशि किस सक्षम प्राधिकारी द्वारा किन निर्देशों के अध्याधीन स्वीकृत की गयी थी? (ख) प्रश्नांश (क) वर्णित राशि का क्या-क्या सामग्री क्रय करने में किस नाम, पदनाम के शासकीय सेवक के आदेशों से व्यय किया गया? क्या सामग्री क्रय करने में भंडार क्रय नियमों का पालन किया गया? हाँ, तो किस प्रकार स्पष्ट कीजिये और क्रय की गयी सामग्री के बाजार मूल्य से तुलनात्मक अध्ययन से अवगत करायें। (ग) प्रश्नांश (ख) में कितने-कितने मूल्य की क्या-क्या सामग्री कितने और किन-किन हितग्राहियों को किस-किस के द्वारा कब-कब प्रदाय की गयी और क्या वितरित की गयी सामग्री की उपयोगिता का वर्तमान में परीक्षण कराया गया है? हाँ, तो क्या परिणाम रहे? नहीं तो क्यों और क्या इस पूरी प्रक्रिया की जानकारी कटनी से म.प्र. विधानसभा के सदस्यों को प्रदाय की गयी और सहभागिता हेतु आमंत्रित किया गया? हाँ, तो जानकारी प्रदान करें। नहीं तो क्यों? कारण बताइये।
किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) उत्तरांश (क) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) उत्तरांश (ख) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
सामग्री क्रय में अनियमितता
[आयुष]
91. ( क्र. 351 ) श्रीमती अनुभा मुंजारे : क्या आयुष मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बालाघाट जिले में आयुष विभाग अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2020-21 से प्रश्न दिनांक तक कितनी-कितनी राशि शासन/प्रशासन द्वारा आवंटित की गई? उक्त राशि से क्या-क्या खरीदी की गई? वर्षवार, विकासखंडवार, तिथिवार, मदवार, सामग्रीवार जानकारी उपलब्ध करावें। (ख) प्रश्नांश (क) के अनुसार खरीदी के लिये विभाग द्वारा निविदा आमंत्रित की गई या नहीं? यदि हाँ, तो निविदा की शर्ते, निविदाकार का नाम, निविदा किस समाचार पत्रों में प्रकाशित की गई प्रति उपलब्ध कराये। यदि नहीं, तो इसके लिये दोषी अधिकारी/कर्मचारी कौन-कौन हैं? सूची देवें। (ग) प्रश्नांश (क) व (ख) अनुसार हितग्राहियों की सूची सहित वितरण सामग्री का 4 वर्षों (वर्ष 2020-21 से 2023-24 तक) का ब्यौरा उपलब्ध करावें? संपूर्ण खरीदी के बिल वाउचर चेक/ड्राफ्ट/नगद/आर.टी.जी.एस. कि प्रतियां उपलब्ध करावें। (घ) बालाघाट जिले के आयुष विभाग में अधिकारी व कर्मचारी (संविदा सहित) कब से पदस्थ हैं? इनकी मूल पदस्थापना कहां है? पदवार, नामवार सम्पूर्ण जानकारी दें।
आयुष मंत्री ( श्री इन्दर सिंह परमार ) : (क) क्रय की कार्यवाही जिला स्तर पर की जाती है, विकासखण्ड स्तर पर नहीं। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''अ'' अनुसार है। (ख) प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्य में विभाग द्वारा खरीदी मध्य प्रदेश भण्डार क्रय नियम के अनुसार की गई है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''अ'' अनुसार। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) भुगतान की प्रक्रिया आई.एफ.एम.आई.एस. द्वारा ऑनलाईन पेमेंट के माध्यम से की गई है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''अ'' अनुसार। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''ब'' अनुसार।
आई.टी.आई. की स्थापना एवं संचालन
[तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार (केवल कौशल विकास एवं रोजगार)]
92. ( क्र. 352 ) श्री विवेक विक्की पटेल : क्या राज्य मंत्री, कौशल विकास एवं रोजगार महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्नकर्ता के विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 112 वारासिवनी-खैरलांजी के अंतर्गत आने वाले विकासखंड वारासिवनी एवं खैरलांजी में नवीन शासकीय आई.टी.आई. की स्थापना के संबंध में क्या कार्ययोजना प्रस्तावित है? (ख) क्या विकासखंड वारासिवनी एवं खैरलांजी में स्वीकृत आई.टी.आई. की कक्षाएं संचालन हेतु भवन निर्माण के लिए भूमि चिन्हित की जाकर आवंटन की कार्यवाही पूर्ण की जा चुकी है? जानकारी उपलब्ध कराएं। (ग) यदि प्रश्नांश (ख) में वर्णित विकासखंड में आई.टी.आई. स्वीकृत है, तो कक्षाओं का संचालन कि भवन में कब से किया जाएगा, स्थान एवं समय की जानकारी दें साथ ही कौन-कौन से ट्रेड संचालित किये जा रहे हैं?
राज्य मंत्री, कौशल विकास एवं रोजगार ( श्री गौतम टेटवाल ) : (क) विभाग की नीति प्रत्येक विकासखण्ड में एक शासकीय आई.टी.आई. खोलने की है। वर्तमान 51 विकासखण्ड शेष हैं, जिसमें शासकीय आई.टी.आई. खोला जाना विभाग की प्राथमिकता है। जिसमें विकासखण्ड वारासिवनी एवं खैरलांजी भी सम्मिलित हैं। (ख) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) विकासखंड वारासिवनी एवं खैरलांजी में नवीन शासकीय आई.टी.आई. प्रारंभ करने की स्वीकृति नहीं है। शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
मल्लखंब जिमनास्टिक अकादमी की स्थापना
[खेल एवं युवा कल्याण]
93. ( क्र. 361 ) श्री अनिल जैन कालूहेड़ा : क्या खेल एवं युवा कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2006-07 में तत्कालीन खेल युवा कल्याण मंत्री द्वारा मल्लखंब जिमनास्टिक अकादमी खोलने की घोषणा की गई थी विभाग द्वारा इस संबंध में क्या कार्रवाई की गई है? (ख) यदि प्रश्नांश (क) का उत्तर हाँ है तो इसकी विस्तृत जानकारी उपलब्ध करावें। उज्जैन में मल्लखंब एवं जिमनास्टिक खेल के राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी है किंतु उनके मान से प्रशिक्षक नहीं है। विभाग द्वारा प्रशिक्षकों के नियुक्ति के संबंध में क्या कोई कार्यवाही प्रस्तावित है?
खेल एवं युवा कल्याण मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) वर्ष 2006-07 में तत्कालीन खेल युवा कल्याण मंत्री द्वारा मल्लखंब जिमनास्टिक अकादमी खोलने हेतु की गई अधिकृत घोषणा के संबंध में विभाग में कोई दस्तावेज/जानकारी उपलब्ध नहीं है। अतः शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ख) उज्जैन में मल्लखंब खेल में विश्वामित्र अवार्डी प्रशिक्षक तथा जिम्नास्टिक खेल में एन.आई.एस. प्रशिक्षक उपलब्ध है, जिनके द्वारा खिलाड़ियों को निरंतर प्रशिक्षण दिया जा रहा है एवं प्रशिक्षणरत खिलाड़ियों द्वारा राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पदक भी अर्जित किए गए हैं। साथ ही वर्तमान में भारत सरकार की खेलो इण्डिया स्मॉल सेंटर योजनान्तर्गत भी मल्लखंब खेल के स्माल सेंटर का संचालन किया जा रहा है, जिसमें भी भारत सरकार द्वारा निर्धारित योग्यताधारी प्रशिक्षक नियुक्त है। अतः शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
सहकारी समितियों के गठन व क्रियान्वयन की जानकारी
[सहकारिता]
94. ( क्र. 364 ) श्रीमती कंचन मुकेश तनवे : क्या सहकारिता मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या छोटे खण्डवा जिले में सीमांत किसानों को आर्थिक सहायता व सशक्त बनाने के उद्देश्य से प्राथमिक कृषि ऋण समितियां पैक्स बनाई गई है, यदि हाँ, तो प्रश्नकर्ता के खंडवा विधान सभा में कितनी समितियां गठित की गई है एवं उन समितियों द्वारा ऋण स्वीकृत किए गए किसानों की, विगत 2 वर्षों की वर्षवार, राशिवार, जानकारी प्रदान करें। (ख) खंडवा जिले में कितनी प्राथमिक कृषि साख समितियां गठित है एवं विगत 2 वर्षों में इन समितियों ने किन योजनाओं अंतर्गत कितने हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया है? जानकारी देवें। (ग) समितियों की कार्य प्रणाली व वित्तीय अनियमितता को लेकर, विगत 2 वित्तीय वर्षों में कितनी शिकायतें प्राप्त हुई, किन-किन, प्रकरणों में क्या-क्या कार्यवाही की गई है, कितने प्रकरण प्रचलित है? (घ) खंडवा विधान सभा की जावर सहकारी समिति में कितने सेल्समैन नियुक्त है, विगत 2 वर्षों में किसे, कितना-कितना एरियर्स भुगतान किया गया, भुगतान लंबित है तो कारण सहित जानकारी प्रदान करें?
सहकारिता मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) जी हॉं, खंडवा विधानसभा में 06 नवीन एम-पैक्स गठित की गई हैं, इन नवीन समितियों द्वारा व्यवसाय प्रारंभ नहीं किये जाने से ऋण वितरण की जानकारी निरंक है। (ख) खंडवा जिले में कुल 131 एम-पैक्स समितियॉं गठित हैं, जिनमें 26 नवीन गठित एम-पैक्स एवं पूर्व से कार्यरत 105 समितियों द्वारा हितग्राहियों को लाभांवित किये जाने संबंधी विगत दो वर्षों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-01 अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-02 अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-03 अनुसार है।
रानीताल खेल परिसर की जानकारी
[खेल एवं युवा कल्याण]
95. ( क्र. 387 ) श्री लखन घनघोरिया : क्या खेल एवं युवा कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) खेल एवं युवा कल्याण विभाग जबलपुर को किस-किस योजना मद में कितनी कितनी राशि आवंटित की गई एवं कितनी-कितनी राशि व्यय हुई? बतलावें। वर्ष 2021-22 से 2025-26 तक की जानकारी दें। खेल मैदानों/स्टेडियम का रख-रखाव सुरक्षा देखभाल खेल सामग्री का क्रय व खेल गतिविधियों के आयोजन पर कितनी-कितनी राशि व्यय हुई? (ख) जिला जबलपुर में राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय स्तरीय कौन-कौन सी खेल प्रतिस्पर्धाएं आयोजित करने व खिलाड़ियों को राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर की खेल, गतिविधियों/स्पर्धाओं में भाग लेने प्रशिक्षित करने हेतु कौन-कौन से खेल मैदान है एवं इनमें किन-किन खेलों से संबंधित क्या-क्या सुविधाएं व्यवस्था एवं संसाधन हैं? इनका रख-रखाव व सुधार मरम्मत कार्य पर वर्षवार कितनी-कितनी राशि व्यय हुई? बतलायें। (ग) प्रश्नांश (क) में किन-किन खेलों में प्रशिक्षित कितने-कितने खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय खेल स्पर्धाओं में कब-कब भाग लिया है एवं किन-किन खिलाड़ियों ने किन-किन स्पर्धाओं में कौन-कौन से पदक प्राप्त कर प्रदेश एवं देश को गौरांवित किया है? (घ) रानीताल खेल परिसर जबलपुर में राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय स्तर की किन-किन खेल प्रतियोगिताओं/स्पर्धाओं का आयोजन करने, खिलाड़ियों को प्रशिक्षित करने बावत् क्या-क्या सुविधाएं संसाधन हैं? जानकारी दें। इसमें कब से किस स्तर पर कौन-कौन सी राष्ट्रीय/अन्तर्राष्ट्रीय खेल प्रतिस्पर्धाएं आयोजित नहीं की गई हैं? (ड.) रानीताल खेल परिसर में राष्ट्रीय स्तरीय वेलोड्रम का निर्माण कब कितने क्षेत्रफल में कितनी राशि में कराया गया? इसमें कब से राष्ट्रीय स्तर की साईक्लिंग प्रतियोगिताएं आयोजित नहीं की गई हैं एवं क्यों? वर्तमान में इस वेलोड्रम में साइक्लिंग ट्रेक की क्या स्थिति है? क्या शासन वेलोड्रम की इस दुर्दशा के लिये दोषी अधिकारियों पर कार्यवाही करेगा? जानकारी दें।
खेल एवं युवा कल्याण मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) खेल एवं युवा कल्याण विभाग जबलपुर को योजनाओं में वर्ष 2021-22 से 2025-26 तक विभिन्न योजना में आवंटित एवं व्यय राशि की जानकारी एवं खेल मैदानों/स्टेडियम का रख-रखाव, देखभाल खेल सामग्री क्रय व खेल गतिविधियों के आयोजन की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है तथा खेल मैदानों/स्टेडियम के रख-रखाव सुरक्षा देखभाल खेल सामग्री क्रय पर व्यय राशि की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ख) जिला जबलपुर में राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय स्तरीय खेल प्रतिस्पर्धाएं आयोजित करने व खिलाड़ियों को राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय स्तर की खेल गतिविधियों/स्पर्धाओं में भाग लेने प्रशिक्षित करने हेतु उपलब्ध खेल मैदान की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है। खेल मैदानों के रख-रखाव व सुधार मरम्मत कार्य पर वर्षवार व्यय राशि की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 में समाहित है। स्व. ईश्वरदास रोहाणी खेल परिसर नव निर्मित होने के कारण कोई मरम्मत कार्य नहीं हुआ है। (ग) प्रश्नांश (क) में किन-किन खेलों में प्रशिक्षित कितने-कितने खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय खेल स्पर्धाओं भाग एवं खिलाड़ियों खेल स्पर्धाओं में पदक प्राप्त कर देष एवं प्रदेश को गौरवान्वित किया है से संबंधित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-4 अनुसार है। (घ) रानीताल खेल परिसर जबलपुर में राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय स्तर की खेल प्रतियोगिताओं/स्पर्धाओं का आयोजन, खिलाड़ियों को प्रशिक्षित करने हेतु सुविधाएं संसाधन तथा आयोजित राष्ट्रीय स्तर की खेल प्रतियोगिता की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है। जिला जबलपुर में राष्ट्रीय स्तर की खेलों इंडिया यूथ गेम्स-2022 माह जनवरी 2023 में तीरंदाजी, खो-खो, तलवारबाजी एवं रोड साईक्लिंग खेल में आयोजित की गई। अन्तर्राष्ट्रीय स्तर की खेल प्रतियोगिता का आयोजन नहीं किया गया है। राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय स्तर की खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन खेल संघ संस्थाओं द्वारा किया जाता है। (ड.) रानीताल खेल परिसर में साईक्लिंग वेलोड्रम का निर्माण लोक निर्माण विभाग जबलपुर द्वारा माह अप्रैल 2006 में लागत राशि रू. 250.00 लाख से किया गया था। वेलोड्रम की लम्बाई 535 मी और चैड़ाई 8.5 मी (क्षेत्रफल:4547.5M) है। है जो कि तत्समय के अन्तर्राष्ट्रीय यूनियन साईक्लिस्ट इंटरनेशनल के प्रचलित मापदण्ड अनुसार थी। वर्तमान में अन्तर्राष्ट्रीय यूनियन साईक्लिस्ट इंटरनेशनल के पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-5 अनुसार साईक्लिंग खेल की राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता हेतु इंडोर वेलोड्रम ट्रेक वुडन की सतह पर 250 मीटर की लम्बाई का होना होता है एवं आउटडोर साईक्लिंग वेलोड्रम के लिये 333.33 मीटर लम्बाई होना आवश्यक होता है। रानीताल खेल परिसर में स्थित वेलोड्रम साईक्लिंग खेल के लिये अन्तर्राष्ट्रीय/राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता हेतु वर्तमान में प्रचलित अन्तर्राष्ट्रीय यूनियन साईक्लिस्ट इंटरनेशनल के आवश्यक मापदण्डों के अनुसार नहीं होने से यह राष्ट्रीय, अन्तर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिये उपयुक्त नहीं है।
ऑडिट रिपोर्ट की जानकारी
[सहकारिता]
96. ( क्र. 417 ) श्री राजेन्द्र भारती : क्या सहकारिता मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या शासन द्वारा सहकारी संस्थाओं का प्रत्येक वित्तीय वर्ष में ऑडिट कराने का प्रावधान है? यदि हाँ, तो क्या परिसमापन किये गये दतिया जिला सहकारी एवं ग्रामीण विकास बैंक का ऑडिट निरंतर रूप से प्रत्येक वित्तीय वर्ष में कराया जाता रहा है? यदि हाँ, तो ऑडिट किये जाने के नियम, निर्देश की प्रतियां उपलब्ध करायें। (ख) क्या विभाग द्वारा प्रत्येक वित्तीय वर्ष में ऑडिट करने के लिये ऑडिटर की नियुक्ति की जाती है? यदि हाँ, तो दतिया जिला सहकारी एवं ग्रामीण विकास बैंक में वर्ष 2010-2011, 2011-12 एवं 2012-13 में नियुक्त किये गये ऑडिटरों के नाम, पदनाम, सहित ऑडिट रिपोर्ट एवं नियुक्ति पत्र की प्रतियां उपलब्ध करायें। (ग) क्या ऑडिट की गई संस्थाओं के आय-व्यय संबंधी एवं प्रशासनिक कार्यों पर ली गई आपत्तियों के निराकरण करने के लिये निर्देश दिये जाते है, यदि हाँ, तो वर्ष 2012-13 की ऑडिट रिपोर्ट में ऑडिट ऑक्जेक्शन का निराकरण किये जाने के संबंध में वर्ष 2013-14 की ऑडिट रिपोर्ट में उल्लेख किया गया है? यदि हाँ, तो वर्ष 2013-14 की ऑडिट रिपोर्ट की प्रति उपलब्ध करायें।
सहकारिता मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) जी हां, म.प्र. सहकारी सोसाइटी अधिनियम, 1960 की धारा 58 व म.प्र. सहकारी सोसाइटी नियम, 1962 के नियम 50 के अंतर्गत ऑडिट कराया जाता है। परिसमापनाधीन जिला सहकारी कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक मर्या. दतिया का ऑडिट वर्ष 2015-16 तक पूर्ण किया गया है। वर्ष 2016-17 व आगामी वर्षों का ऑडिट लंबित है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-"अ" अनुसार है। (ख) जी हां, वर्ष 2012-13 का नियुक्ति पत्र एवं वर्ष 2010-11 से वर्ष 2012-13 तक के ऑडिट रिपोर्ट की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-"ब" अनुसार है। अनुपलब्ध जानकारी संकलित की जा रही है। (ग) जी हाँ। जी हां, जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-"ब" अनुसार है।
कृषि विस्तार अधिकारी द्वारा की गई कार्यवाही
[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]
97. ( क्र. 423 ) श्री देवेन्द्र रामनारायन सखवार : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या संचालनालय किसान कल्याण तथा कृषि विकास म.प्र भोपाल के आदेश क्र. स्था/अ-3-अ/प्रा.क.वि.अधि./ई.एस.बी./2024/662 दिनांक 2.3.2024 के तहत सरल क्र. 05 पर जितेन्द्र कुमार श्रीवास्तव को ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी के पद पर 3 वर्ष की परिवीक्षा अवधि हेतु जिला दतिया के विकासखण्ड भाण्डेर में एस.ए.डी.ओ. के अधीन पदस्थ किया गया था? यदि हाँ, तो जानकारी देवें। (ख) जिला दतिया में कई वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारी होने के बावजूद जितेन्द्र कुमार श्रीवास्वत को परिवीक्षा अवधि पूर्ण किये बिना किसके आदेश से प्रभारी वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी सेंवढ़ा में पदस्थ किया गया था? यदि हाँ, तो आदेश की प्रति उपलब्ध करायें। (ग) क्या संचालनालय किसान कल्याण एवं कृषि विकास भोपाल म.प्र. के पत्र क्र./अ-2-3/यूडी./स्था./2024-25/2836 दिनांक 19.08.2025 के माध्यम से इन्हें प्रभारी वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी के पद से हटाया जाना था? यदि हाँ, तो उन्हें आदेश के बाद भी प्रश्न दिनांक तक क्यों नहीं हटाया गया? कारण स्पष्ट करें। (घ) क्या प्रभारी वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी सेंवढ़ा जिला दतिया के द्वारा दिनांक 02.01.2026 को कस्बा इन्दरगढ़ के आर.के. टेण्डर्स प्रो. प्रदीप कुमार गुप्ता, निवासी इन्दरगढ़ के विरूद्ध पुलिस थाना इन्दरगढ़ में अपराध क्र. 4/2026 धारा 3/7 एक्ट के तहत एफ.आई.आर. कराई गई थी? यदि हाँ, तो एफ.आई.आर. दर्ज होने के बाद से प्रश्न दिनांक तक जप्त माल एवं घटना के समय कराई गई वीडियोग्राफी को पुलिस को जब्त क्यों नहीं कराया गया? यदि हाँ, तो उसके लिये दोषी अधिकारी/कर्मचारियों के विरूद्ध कार्यवाही करेगा? यदि हाँ, तो कब तक? समय-सीमा बतायें। (ड.) वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी सेंवढ़ा किस नियम के तहत 31.12.2025 से प्रश्न दिनांक तक आर.के. टेण्डर्स इन्दरगढ़ की दुकान सील बन्द किये हुये हैं? नियम उपलब्ध करायें।
किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) प्रशासनिक दृष्टिकोण से कलेक्टर जिला दतिया के आदेश दिनाक 30.10.2024 से प्रभारी वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी सेंवढा का प्रभार सौंपा गया। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ग) जी हाँ। संचालनालय किसान कल्याण तथा कृषि विकास के पत्र क्रमांक 2836 दिनांक 19.08.2025 के अनुक्रम में कलेक्टर दतिया के आदेश क्रमांक 300 दिनांक 04.02.2026 से प्रभारी वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी को हटाते हुऐ अन्य वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारी को पदस्थ कर दिया गया है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है। (घ) जी हाँ। संबंधित की जप्त सामग्री का पंचनामा, जप्तीनामा एवं सामग्री सूची तत्समय एफ.आई.आर. क्रमांक 0004 दिनांक 02.01.2026 द्वारा थाना इन्दरगढ में दर्ज कराई गई। वीडियोग्राफर की उपस्थिति में दुकान पर ताला तोड़कर निरीक्षण किया गया है। एफ.आई.आर. की प्रति जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-4 अनुसार है। (ड.) उर्वरक (नियंत्रण) आदेश 1985 के खण्ड 28 (1) में प्रदत्त शक्तियों के अधीन कार्यवाही की गई। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-5 अनुसार है। जप्त सामग्री की सुपर्दगी संबंधित फर्म में रखे होने तथा प्रोपराइटर प्रदीप कुमार गुप्ता द्वारा सामग्री सुपर्दगी में न लेने के कारण प्रतिष्ठान बंद है।
अतिथि विद्वानों को हरियाणा मॉडल का लाभ
[तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार (केवल तकनीकी शिक्षा)]
98. ( क्र. 470 ) श्री जयवर्द्धन सिंह : क्या तकनीकी शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रश्नकर्ता का पत्र क्र. 962 दिनांक 19/01/26 जो पीएस तकनीकी शिक्षा विभाग को प्राप्त हुआ है (संलग्न 14 जनप्रतिनिधियों/विधायक/मंत्रीगण के पत्रों सूची)? साप्रवि के आदेश क्रमांक एफ 19-76/2007/1/4 दिनांक 22/3/2011 के उल्लंघन होने पर आदेश के बिन्दु पांच अनुसार संबंधितों का निलंबन करते हुये कब तक संपूर्ण पत्रों की जानकारी प्रश्नकर्त्ता को उपलब्ध कराई जायेगी। (ख) क्या प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्य में हरियाणा मॉडल लागू करने हेतु विभाग ने कमेटी बनाई है? यदि हाँ, तो कमेटी के सदस्यों की समस्त जानकारी एवं कमेटी ने किन बिन्दुओं के अन्तर्गत अध्ययन कर रिपोर्ट प्रस्तुत की, समस्त जानकारी उपलब्ध कराई जाये? (ग) उपरोक्तानुसार कितने अतिथि विद्वान किस कॉलेज में कब से सेवारत है, समस्त अतिथि विद्वानों के नाम, पता, वेतन, मोबाईल नं. शैक्षणिक योग्यता/अनुभव का गौशवारा कॉलेजवार, जिलेवार उपलब्ध कराये। (घ) प्रश्नकर्ता के प्रश्न क्र. 2526 दिनांक 20/3/25 के प्रश्नांश (ख) के उत्तर में चल-अचल संपत्ति का ब्यौरा संधारित नहीं है का लेख है, तो स्पष्ट करें कि आरजीपीवी ने संपूर्ण संपत्तियां कैसे अर्जित की है, ब्यौरा दें। प्रश्नांश (घ) एवं (ड.) की जानकारी अद्यतन स्थिति तक प्रश्नकर्त्ता को अप्राप्त है? जानकारी छुपाने पर साप्रवि के आदेश के बिन्दु पांच अनुसार संबंधितों का निलंबन कर जानकारी दी जाये।
तकनीकी शिक्षा मंत्री ( श्री इन्दर सिंह परमार ) : (क) जी हाँ। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ख) जी नहीं। शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) विभागांतर्गत अतिथि विद्वान कार्यरत् नहीं है, कार्यरत अतिथि व्याख्याताओं की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (घ) राजीव गॉधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, भोपाल द्वारा चल अचल सम्पत्तियॉ विद्यार्थियों/ महाविद्यालयों से प्राप्त होने वाले विभिन्न शुल्कों से अर्जित की गई है। विधानसभा तारांकित प्रश्न क्रमांक-2526 की पूर्ण जानकारी दिनांक 11.08.2025 को उपलब्ध करवायी जा चुकी है। शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
अधूरी योजनाओं को पूरा किया जाना
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
99. ( क्र. 471 ) श्री जयवर्द्धन सिंह : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या अद्योहस्ताक्षरकर्ता का पत्र क्र. 965 दिनांक 19/01/26 जो सीएस, पीएस पंचायत, ग्रामीण विकास एवं कलेक्टर जिला गुना को प्राप्त हुआ है? साप्रवि के आदेश क्रमांक एफ 19-76/2007/1/4 दिनांक 22/03/2011 के उल्लंघन होने पर आदेश के बिन्दु पांच अनुसार संबंधितों का निलंबन करते हुये कब तक संपूर्ण पत्र की जानकारी प्रश्नकर्त्ता को उपलब्ध कराई जायेगी। (ख) प्रश्नकर्ता का प्रश्न क्र. 481 दिनांक 28/07/25 प्रश्नांश (क) के उत्तर में पत्र क्र. 13131 दिनांक 17/07/2025 को जारी किये गये पत्रों की प्रति एवं प्राप्त संपूर्ण जानकारियों की प्रति प्रश्नकर्त्ता को प्रश्न दिनांक तक उपलब्ध नहीं कराने पर उपरोक्त प्रश्नांश (क) में वर्णित सा.प्र.वि. के नियमों के अन्तर्गत शिष्टाचार एवं सम्मान में कमी के साथ कार्यालय के कार्य प्रभावित होने की स्थिति में बिन्दु पांच अनुसार संबंधितों का निलंबन करते हुये अनुशासनात्मक कार्यवाही कर संपूर्ण जानकारी से अवगत कराये? (ग) विभाग द्वारा वर्ष 2025-26 में प्राप्त बजट का कितना प्रतिशत व्यय किया जा चुका है? मदवार, योजनावार, प्राप्त, व्यय एवं शेष किस कारणों से बचा है गौशवारा बनाकर पृथक-पृथक जिलेवार बताये। कितनी पुरानी योजनायें वित्तीय वर्ष 2026-27 में बंद एवं कितनी नई योजनाओं को शामिल किया जा रहा है? योजना की विस्तृत जानकारी दें।
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) जी हाँ, माननीय सदस्य का पत्र क्र. 965 दिनांक 19/01/26 विभाग को प्राप्त हुआ है। मध्य प्रदेश, सामान्य प्रशासन विभाग के पत्र क्रमांक एफ 19-76/2007/1/4 दिनांक 22/03/2011 के बिंदु क्रमांक 2 के उपबिन्दु 3 अनुसार की गयी कार्यवाही अनुसार मध्य प्रदेश राज्य रोजगार गारंटी परिषद, भोपाल के आदेश क्रमांक 3892 दिनाक 06.02.2026 से जांच दल गठित किया गया हैं जिसके निर्देश की प्रति माननीय सदस्य को भेजी गयी हैं। शेष प्रश्न उत्त्पन्न नहीं होता। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'अ' अनुसार हैं। (ख) माननीय सदस्य का प्रश्न क्र. 481 दिनांक 28/07/25 के भाग 'क 'के उत्तर में अवगत कराया गया हैं की प्रश्नकर्ता माननीय विधायक जी के पत्र क्रमांक 815 दिनाक 26/06/2025 के अनुक्रम में प्रश्नकर्ता माननीय विधायक जी को प्राप्ति दिनांक 30.06.2025 को प्रेषित की गई थी एवं वांछित 06 बिन्दुओं की जानकारी में से 03 बिन्दुओं की जानकारी पत्र क्रमांक 12599 दिनांक 09.07.2025 से प्रेषित की गई है एवं शेष जानकारी जिला स्तर की होने से एकत्रीकरण हेतु जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को संचालक सह आयुक्त पंचायत राज संचालनालय, मध्य प्रदेश के पत्र क्रमांक 13131 दिनांक 17.07.2025 एवं पत्र क्रमांक 18257 दिनांक 13.10.2025 प्रेषित किया गया है। कुल 08 ज़िलों क्रमश: अशोकनगर, रतलाम, भोपाल, झाबुआ, गुना, श्योपुर, नरसिंहपुर एवं खंडवा से जानकारी प्राप्त की जा चुकी हैं। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'ब' अनुसार हैं। शेष ज़िलों की जानकारी संचालक सह आयुक्त, पंचायत राज संचालनालय, मध्य प्रदेश द्वारा संकलित की जा रही हैं। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'स' अनुसार हैं।
वैण्डरों के विरुद्ध कार्यवाही
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
100. ( क्र. 475 ) श्रीमती चंदा सुरेन्द्र सिंह गौर : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या विकासखण्ड बल्देवगढ़ की 80 ग्राम पंचायतों में वैण्डर बुन्देला कन्स्ट्रक्शन, श्री राम राजा कन्स्ट्रक्शन, शिवानी कन्स्ट्रक्शन द्वारा ग्राम पंचायतों के निर्माण कार्यों में मटेरियल सप्लाई के बिल लगाकर फर्जीवाड़ा किया जाता है, जिसमे वर्ष 2023 से प्रश्न दिनांक तक इन तीनों वैण्डरों द्वारा समस्त ग्राम पंचायतों में कितने बिल लगाये गये? (ख) क्या इन तीनों वैण्डरों की फर्मों को संचालित करने वाला एक ही व्यक्ति है और तीनों फर्म के संचालक के नाम-रेत, मिट्टी, बोल्डर, पत्थर क्रेशर आदि की कोई लीज भी शासन द्वारा नहीं दी गई तथा सीमेन्ट, सरिया की कोई दुकान भी नहीं है, फिर भी फर्जी बिलों का भुगतान कैसे हो रहे हैं और क्या उक्त तीनों वैण्डरों द्वारा 31,49,50,000 (इकतीस करोड़ उन्चास लाख पचास हजार) रुपये के बिलों का भुगतान लिया गया है? इनके द्वारा कितनी जी.एस.टी. आयकर एवं राजस्व राशि शासन के पक्ष की गई है? सम्पूर्ण जानकारी शासन के पक्ष में जमा दस्तावेजों की छायाप्रतियां उपलब्ध करायें। (ग) क्या उक्त तीनों वैण्डरों की ब्लैक लिस्ट करते हुये वैधानिक कार्यवाही कर शासन की राजस्व आय के साथ फर्जीवाड़ा करने वाले के विरूद्ध कार्यवाही करते हुये जनपद पंचायत बल्देवगढ़ सहित जिले में इनके बिलों पर प्रतिबंध लगाये जाने का आदेश जारी करेंगे? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्यों? कारण स्पष्ट करें।
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) विकासखण्ड बल्देवगढ़ की ग्राम पंचायतों में वर्ष 2023 से प्रश्न दिनांक तक तीनों फर्मो के द्वारा मटेरियल सप्लाई कर देयक भुगतान प्रस्तुत किये गए। फर्मवार वर्षवार प्राप्त देयकों एवं फर्मों को भुगतान की गई राशि संबंधित जानकारी संलग्न परिशिष्ट-'अ' अनुसार है। उपरोक्त फर्मों के विरूद्ध फर्जीवाड़ा किये जाने के संबंध में कोई भी शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। (ख) जी नहीं, तीनों फर्मों को संचालित करने वाला एक ही व्यक्ति नहीं है। तीनों फर्मो के संचालकों की जानकारी संलग्न परिशिष्ट- 'ब' अनुसार है। जी.एस.टी. और आयकर वसूली के संबंध में जांच की जा रही है। (ग) प्रश्नांश (ख) अनुसार जांच की कार्यवाही की जा रही है, जांच उपरांत नियमानुसार आवश्यक होने पर संबंधित वैण्डरों के विरूद्ध वैधानिक कार्यवाही की जाऐगी।
फर्जी नियुक्ति के विरूद्ध कार्यवाही
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
101. ( क्र. 477 ) श्रीमती चंदा सुरेन्द्र सिंह गौर : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या ग्राम पंचायत रामनगर बुर्जुग जनपद पंचायत पलेरा में रोजगार सहायक की अवैध तरीके से फर्जी नियुक्ति की गई थी? उक्त रोजगार सहायक की समस्त अंकसूचियां एवं ग्राम पंचायत का प्रस्ताव एवं नियुक्ति आदेश की प्रमाणित प्रतियां उपलब्ध करायें। (ख) क्या तत्कालीन उप सरपंच महिला जसोदा वाई रैकवार के हस्ताक्षर तत्कालीन सचिव द्वारा बनाये गये थे, जबकि उप सरपंच जसोदा बाई रैकवार निरक्षर महिला है अंगूठा निशानी करती है और इस संबंध में उप सरपंच द्वारा लिखित शिकायत कर शपथ पत्र भी दिनांक 24.4.2013 में लिखकर दिया गया फिर भी जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा कोई कार्यवाही क्यों नहीं की गई? सम्पूर्ण दस्तावेज, शपथ-पत्र एवं शिकायती पत्र तथा निराकरण की छाया प्रतियॉं उपलब्ध करायें। (ग) क्या उक्त अवैध फर्जी नियुक्ति पर कार्य करने वाले रोजगार सहायक को पद से पृथक करके शासन से पाये जाने वाले मानदेय की वसूली की कार्यवाही करेंगे? यदि हाँ, तो कब तक यदि नहीं, तो क्यों? कारण स्पष्ट करें।
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) ग्राम पंचायत रामनगर बुजुर्ग जनपद पंचायत पलेरा में रोजगार सहायक की अवैध तरीके से फर्जी नियुक्ति नहीं की गई थी। उक्त रोजगार सहायक की समस्त अंकसूचियां एवं ग्राम पंचायत का प्रस्ताव एवं नियुक्ति आदेश की प्रमाणित प्रतियां पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ अनुसार हैं। (ख) तत्कालीन उप सरपंच महिला जसोदा बाई रैकवार के हस्ताक्षर तत्कालीन सचिव द्वारा नहीं बनाने के संबंध में उप सरपंच जसोदा बाई रैकवार द्वारा दिनांक 30/01/2026 को नोटरीकृत शपथ पत्र प्रस्तुत किया गया। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ब अनुसार, जिसमें उल्लेख है कि वह साक्षर महिला है एवं दिनांक 21/03/2010 को ग्राम रोजगार सहायक की नियुक्ति की बैठक में वह स्वयं उपस्थित थी। कार्यालय जनपद पंचायत पलेरा की आवक जावक पंजी में उप सरपंच जसोदा बाई रैकवार द्वारा दिनांक 24.04.2013 की प्रश्नाधीन शिकायत पंजीकृत नहीं पाई गई। इस कारण से जनपद कार्यालय पलेरा द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की गई है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। दिनांक 02/02/2026 को खण्ड पंचायत अधिकारी एवं सहायक विकास विस्तार अधिकारी के द्वारा श्रीमती जशोदा बाई रैकवार पूर्व उप सरपंच के हस्ताक्षर प्रमाणीकरण ग्राम पंचायत के 02 पंचों के समक्ष लिये गये जिसकी प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-स अनुसार है। (ग) ग्राम पंचायत रामनगर बुजुर्ग के ग्राम रोजगार सहायक की नियुक्ति अवैध नहीं है। जिस कारण से कोई कार्यवाही नहीं की गई है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना का क्रियान्वयन
[तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार (केवल कौशल विकास एवं रोजगार)]
102. ( क्र. 482 ) श्री उमंग सिंघार : क्या राज्य मंत्री, कौशल विकास एवं रोजगार महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) 1 अप्रैल, 2022 से 31 मार्च, 2024 तक की अवधि में प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (PMKVY) के अंतर्गत मध्यप्रदेश में कुल कितने प्रशिक्षण केंद्र स्वीकृत एवं संचालित रहे हैं? (ख) उपर्युक्त अवधि में कुल कितने छात्र पंजीकृत हुए? उनमें से कितने छात्रों ने प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूर्ण किया तथा कितने छात्रों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए? (ग) उपर्युक्त अवधि में कुल कितने छात्रों को रोजगार/प्लेसमेंट प्राप्त हुआ तथा पंजीकरण के अनुपात में प्लेसमेंट का अनुपात (Registration: Placement Ratio) क्या है? (घ) उक्त अवधि में केंद्र सरकार द्वारा PMKVY के अंतर्गत राज्य को कुल कितना फंड आवंटित किया गया तथा वास्तव में कितनी राशि व्यय की गई? (ड.) क्या प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के अंतर्गत छात्रों की उपस्थिति/पंजीकरण के लिए बायोमेट्रिक प्रणाली अपनाई जाती है? (च) उपर्युक्त अवधि में इस योजना के अंतर्गत प्राप्त शिकायतों पर कार्यवाही की गई है? यदि हाँ, तो जानकारी दें।
राज्य मंत्री, कौशल विकास एवं रोजगार ( श्री गौतम टेटवाल ) : (क) दिनांक 01 अप्रैल, 2022 से 31 मार्च में प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (PMKVY) अंतर्गत कोई प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित नहीं रहे है। अत: जानकारी निरंक है। (ख) से (च) प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्य में शेष जानकारी निरंक है।
प्रदेश में सहकारी साख समिति के चुनाव
[सहकारिता]
103. ( क्र. 483 ) श्री उमंग सिंघार : क्या सहकारिता मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्राथमिक कृषि सहकारी संस्थाओं के संबंध में माननीय उच्च न्यायालय ने निर्वाचन कराने हेतु आदेश जारी किये है? यदि हाँ, तो कब? जानकारी दें। (ख) किन कारणों से चुनाव नहीं कराये गये? (ग) कब तक चुनाव करा दिये जायेंगे?
सहकारिता मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) जी हॉं, प्राथमिक कृषि साख सहकारी संस्थाओं के संबंध में माननीय उच्च न्यायालय के समक्ष याचिकाकर्ताओं द्वारा याचिका दायर करने पर संबंधित संस्था के निर्वाचन कराने हेतु माननीय न्यायालय द्वारा समय-समय पर आदेश प्रसारित किये गये हैं, जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) कार्यालय मध्यप्रदेश राज्य सहकारी निर्वाचन प्राधिकारी से प्राप्त जानकारी अनुसार प्राथमिक कृषि साख सहकारी संस्थाओं के निर्वाचन वर्ष 2017-2018 से नहीं हुए हैं। प्राथमिक कृषि साख सहकारी संस्थाओं के निर्वाचन, विधानसभा निर्वाचन 2018 की आदर्श आचार संहिता प्रभावशील होने से, शासन द्वारा जारी जय किसान ऋण माफी योजना 2018 के अंतर्गत सदस्यों की पात्रता/अपात्रता में परिवर्तन संभावित होने, लोकसभा निर्वाचन 2019 की आदर्श आचार संहिता प्रभावशील होने, वर्ष 2019 में निर्वाचन सूची का नया प्रारूप अधिसूचित होने तथा सदस्यता सूची तैयार कराई जाने, वर्ष 2020 एवं 2021 में कोरोना महामारी एवं वर्ष 2022 में स्थानीय निकाय चुनाव की आचार संहिता प्रभावशील होने, वर्ष 2023 में विधानसभा निर्वाचन की आदर्श आचार संहिता तथा जून 2024 में लोकसभा निर्वाचन की आदर्श आचार संहिता प्रभावशील होने एवं भारत सरकार की ''सहकार से समृध्दि'' योजनान्तर्गत प्रत्येक ग्राम पंचायत में पैक्स/ दुग्ध/मत्स्य समितियों का गठन किये जाने हेतु पैक्स संस्थाओं का पुनर्गठन कर नवीन पैक्स बनाए जाने की कार्यवाही प्रचलित होने से संस्थाओं के निर्वाचन नहीं कराए जा सके हैं। (ग) उत्तरांश (ख) अनुसार, समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
रोजगार गारंटी परिषद के अधीन संविदा पर अपात्रों की नियुक्ति
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
104. ( क्र. 488 ) श्री आरिफ मसूद : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या म.प्र. राज्य रोजगार गारंटी परिषद के अधीन जिला, जनपद स्तर और मनरेगा परिषद में संविदा पर पदस्थ लेखाधिकारी, सहायक लेखाधिकार, आडिट आफिसर, आडिटर, अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी, लेखापाल और कम्प्यूटर आपरेटर द्वारा नियुक्ति के समय लगाये गये कम्प्यूटर डिग्री/ डिप्लोमा व अनुभव प्रमाण पत्र की जांच हेतु मनरेगा परिषद के आदेश क्रमांक 8187 दिनांक 27/02/2025 को जाँच दल गठित किया गया है? (ख) प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्य में जॉच कमेटी द्वारा कितने संविदा अधिकारियो एवं कर्मचारियों की कम्प्यूटर डिग्री यूनिवर्सिटी की पाई गई एवं उनके द्वारा लगाये गये अनुभव प्रमाण-पत्र फर्जी पाए गये एवं कितनो के अनुभव प्रमाण-पत्र ई.पी.एफ. में पंजीकृत संस्था के पाये गये? जानकारी उपलब्ध करावें। (ग) प्रश्नांश (ख) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न दिनांक तक किन-किन के विरूद्ध क्या कार्यवाही की गई, नामवर पद सहित जॉच रिपोर्ट उपलब्ध करावे।
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) जी हाँ। (ख) जांच की कार्यवाही एवं विभिन्न शैक्षणिक एवं अन्य संस्थाओं से अभिलेख सत्यापन के संबंध में है। जांच की कार्यवाही प्रचलित है। (ग) उत्तरांश (ख) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उत्पन्न नहीं होता है।
फसल बीमा दावा राशि का भुगतान
[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]
105. ( क्र. 497 ) श्री बाला बच्चन : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बड़वानी जिले में वर्ष 2022-23 से 2025-26 तक कितनी प्रीमियम राशि, कितने किसानों से फसल बीमा के रूप में ली गई? किसान संख्या, प्रीमियम राशि, फसल नाम, बीमा कंपनी नाम सहित विधानसभावार देवें। (ख) उपरोक्त अवधि में कितनी क्लेम राशि, कितने किसानों को प्रदाय की गई? किसान संख्या, क्लेम राशि, फसल नाम, भुगतान दिनांक, बीमा कंपनी नाम, किस वर्ष की राशि है? सहित वर्षवार विधानसभावार देंवे। (ग) इस अवधि में जिला स्तर से राज्य स्तर को, राज्य स्तर से बीमा कंपनी को कब-कब दावा प्रकरण प्रस्तुत किए गए, की जानकारी (बड़वानी जिले के संदर्भ) दिनांकवार, वर्षवार देवें। (घ) प्रश्न दिनांक की स्थिति में बड़वानी जिले में कितनी क्लेम राशि कितने किसानों की लंबित है? कृषक संख्या, फसल नाम, राशि विधानसभावार देवें। इसका भुगतान कब तक कर दिया जायेगा? समय-सीमा देवें।
किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।
किसानों को उर्वरक का प्रदाय
[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]
106. ( क्र. 498 ) श्री बाला बच्चन : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बड़वानी जिले में वर्ष 2023-24 से 2025-26 तक कितना उर्वरक किसानों को सहकारिता व निजी क्षेत्र के माध्यम से उपलब्ध कराया गया? उर्वरक नाम, मात्रा की जानकारी विकासखण्डवार देवें। (ख) वर्ष 2023-24 से 2025-26 से किस सोसायटी को कितना-कितना उर्वरक प्रदाय किया गया? उर्वरक नाम, मात्रा एवं सोसायटी का नाम की जानकारी बड़वानी जिले में विकासखण्डवार देवें। (ग) क्या विलंब से एवं कम मात्रा में सोसायटियों को उर्वरक प्रदाय किया जा रहा है? कारण स्पष्ट करें। समय पर व पर्याप्त मात्रा में उर्वरक प्रदाय की व्यवस्था कब तक सुनिश्चित की जाएगी? समय-सीमा देवें।
किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ग) जी नहीं, सोसायटियों को वर्ष 2023-24 में 59668.0 मेट्रिक टन, 2024-25 में 63155.83 मेट्रिक टन एवं 2025-26 में दिनांक 27.01.2026 तक 63513.89 मेट्रिक टन उर्वरक उपलब्ध कराया गया है। समितियों की मांग के आधार पर नियमानुसार पर्याप्त मात्रा में उर्वरक प्रदाय किया जा रहा है। अत: शेष प्रश्न उद्भूत नहीं होता है।
महाविद्यालयों में पदों की पूर्ति
[उच्च शिक्षा]
107. ( क्र. 501 ) श्री फुन्देलाल सिंह मार्को : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शहडोल संभाग अंतर्गत संचालित बालक/बालिका शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, विधि महाविद्यालय, आदर्श महाविद्यालय एवं व्यवसायिक महाविद्यालय में प्रथम एवं द्वितीय श्रेणी के कौन-कौन से पद कब से स्वीकृत हैं? कौन-कौन से स्वीकृत पद भरे हैं एवं कितने पद कब से रिक्त हैं? जिलेवार संख्यात्मक जानकारी देते हुये बतावें कि इनमें कितनी संख्या में अतिथि विद्वान कब से कार्यरत हैं? (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के शासकीय कर्मचारियों के कितने पद कब से स्वीकृत हैं, कब से रिक्त हैं इन पदों को भरे जाने हेतु विभाग द्वारा क्या प्रयास किये जा रहे हैं? कब तक रिक्त पदों की पूर्ति कर दी जायेगी? जिलेवार संख्यात्मक जानकारी उपलब्ध करावें। (ग) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में आउटसोर्स, संविदा या अन्य माध्यम से कितने कर्मचारी कब से पदस्थ हैं? जिलेवार संख्यात्मक जानकारी उपलब्ध करावें।
उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री इन्दर सिंह परमार ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''अ'' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''ब'' अनुसार है। गैर शैक्षणिक पद सहायक वर्ग-2, लेखापाल, मुख्यलिपिक एवं हॉस्टल मैनेजर के पदों की पूर्ति पदोन्नति द्वारा की जाती है, जो कि एक सतत् प्रक्रिया है। प्रयोगशाला तकनीशियन के रिक्त पदों की पूर्ति हेतु मांग-पत्र म.प्र. कर्मचारी चयन मंडल को प्रेषित किया जा रहा है। रिक्त पदों की पूर्ति हेतु समय-सीमा बताई जाना संभव नहीं है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''स'' अनुसार है।
ग्रामीण योजना के तहत निर्माण कार्य
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
108. ( क्र. 502 ) श्री फुन्देलाल सिंह मार्को : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अनूपपुर जिले की जनपद पंचायतों को 15वें वित्त आयोग की राशि वर्ष 2021-22 से चालू वित्तीय वर्ष तक की स्थिति में राज्य शासन से कितना आवंटन प्राप्त हुआ है? प्राप्त आवंटन से जनपद सदस्यों के क्षेत्रों में कौन-कौन से कार्य कितनी-कितनी राशि के कहां स्वीकृत किये गये? कार्य का नाम, लागत राशि सहित जनपद पंचायतवार, वर्षवार जानकारी उपलब्ध करावें। (ख) केन्द्र/राज्य प्रवृर्तित योजना अंतर्गत अनूपपुर जिले में प्रधान मंत्री सिंचाई योजना, वाटरशेड योजना एवं जल गंगा अभियान के तहत वित्तीय वर्ष 2023 से प्रश्न दिनांक तक किन-किन ग्राम पंचायत के किस-किस ग्राम में कितनी लागत के किस प्रकार के कार्य किये गये? पंचायतवार, ग्रामवार सूची उपलब्ध करावें। (ग) प्रश्नांश (ख) के संदर्भ में कार्य क्रियान्वयन हेतु किस-किस वर्ष में किस दिनांक को स्वीकृति दी जाकर किन-किन स्थानों पर कार्य प्रारंभ हुए एवं कार्य पूर्ण हुए, साथ ही अपूर्ण कार्य एवं प्रारंभ कार्य किन-किन कारणों से शेष रहे एवं कब पूर्ण होंगे?
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) 15वां वित्त आयोग मद के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2021-22 से वित्तीय वर्ष 2025-26 तक की स्थिति में जनपद पंचायतवार प्राप्त आवंटन निम्नानुसार है –
|
(राशि लाख में) |
|||||||
|
क्र. |
जनपद का नाम |
वित्तय वर्ष |
|||||
|
2021-22 |
2022-23 |
2023-24 |
2024-25 |
2025-26 |
योग |
||
|
1 |
जैतहरी |
113.65 |
117.67 |
106.13 |
106.13 |
0 |
443.58 |
|
2 |
कोतमा |
33.92 |
34.65 |
31.57 |
18.04 |
0 |
118.18 |
|
3 |
अनूपपुर |
60.30 |
62.30 |
57.42 |
32.82 |
0 |
212.84 |
|
4 |
पुष्पराजगढ़ |
132.07 |
136.74 |
126.30 |
72.20 |
0 |
467.31 |
प्राप्त आवंटन से जनपद सदस्यों के क्षेत्रों में किये गये कार्यों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''अ'' अनुसार है। (ख) एवं (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट- ''ब'' अनुसार है।
शासकीय महाविद्यालयों का संचालन
[उच्च शिक्षा]
109. ( क्र. 526 ) कुँवर अभिजीत शाह : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या हरदा जिले के शासकीय महाविद्यालयों में प्राध्यापकों के स्वीकृत पदों के विरूद्ध लंबे समय से नियमित नियुक्तियां नहीं की गई हैं, जिसके कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है, यदि हाँ, तो वर्तमान जिले के समस्त महाविद्यालयों में किस-किस विषय के कितने पद स्वीकृत, कितने भरे एवं कितने पद रिक्त हैं और इसके लिए जिला उच्च शिक्षा अधिकारी द्वारा क्या प्रस्ताव शासन को भेजे गए? इन विषयों में कितने-कितने विद्यार्थी पंजीकृत है? (ख) क्या हरदा जिले के शासकीय महाविद्यालयों में प्रयोगशालाएं, पुस्तकालय, आई.टी. सुविधाएं एवं कक्षाओं की आधारभूत संरचना निर्धारित मापदंडों के अनुरूप नहीं है? यदि हाँ, तो विगत तीन वर्षों में इन सुविधाओं के लिए कितनी राशि स्वीकृत की गई एवं इनका उपयोग किस प्रकार किस कार्य में किया गया? (ग) हरदा जिले के कॉलेजों में परीक्षा परिणामों में गिरावट, विद्यार्थियों की उपस्थिति में कमी एवं ड्रॉप-आउट बढ़ने के क्या कारण पाए गए हैं तथा इस संबंध में उच्च शिक्षा अधिकारी द्वारा कितनी बार निरीक्षण किया गया और निरीक्षण में क्या गंभीर कमियां पाई गई? (घ) क्या शासन यह स्पष्ट करेगा कि उपरोक्त अनियमितताओं एवं शैक्षणिक अव्यवस्थाओं के लिए किन-किन अधिकारियों/प्राचार्यों की जवाबदेही तय की गई है, उनके विरूद्ध क्या विभागीय कार्रवाई की गई है तथा हरदा जिले के कॉलेजों में गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा सुनिश्चित करने हेतु क्या ठोस कार्ययोजना एवं समय-सीमा निर्धारित की गई है?
उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री इन्दर सिंह परमार ) : (क) जी नहीं, जी नहीं, रिक्त पदों के विरूद्ध अतिथि विद्वान आमंत्रित कर अध्यापन कार्य सुचारू रूप से जारी होने से विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित नहीं हो रही है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) जिले के महाविद्यालयों में परीक्षा परिणाम संतोषजनक रहा है। ड्रापआउट हेतु विद्यार्थियों द्वारा अन्य पाठ्यक्रमों में प्रवेश जैसे आई.टी.आई., पॉलिटेक्निक एवं अन्य व्यक्तिकरण कारण हैं। निरीक्षण किया गया। निरीक्षण में कोई गंभीर कमी नहीं पाई गई। (घ) उत्तरांश (ग) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता। कॉलेजों की गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा सुनिश्चित करने हेतु कार्यशाला/सेमिनार/जागरूकता प्रोग्राम एवं अधिकारी/कर्मचारियों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया है।
स्वीकृत पदों की जानकारी
[तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार (केवल तकनीकी शिक्षा)]
110. ( क्र. 540 ) श्रीमती उमादेवी लालचंद खटीक : क्या तकनीकी शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दमोह जिले में तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने हेतु कौन से केन्द्र संचालित है एवं इन केन्द्रों में कौन-कौन से हेड संचालित किये जा रहे है? सूची दें। (ख) उक्त केन्द्रों में कितने शैक्षणिक पद स्वीकृत है एवं कितने पद वर्तमान में खाली पदों पर कब तक भर्ती की जावेगी? (ग) वर्तमान में हटा नगर आई.टी.आई. स्वीकृत है, तो उसका संचालन कब किया जावेगा एवं भवन की स्वीकृति कब होगी?
तकनीकी शिक्षा मंत्री ( श्री इन्दर सिंह परमार ) : (क) दमोह जिले में तकनीकी शिक्षा हेतु स्वशासी पॉलिटेक्निक महाविद्यालय, दमोह सिविल इंजीनियरिंग, कम्प्यूटर साईस एण्ड इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रीकल इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रानिक्स एण्ड टेलिकम्युनिकेशन इंजीनियरिंग एवं मैकेनिकल इंजीनियरिंग पाठ्यक्रमों के साथ संचालित है। महाविद्यालय के बजट हेड की जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) स्वशासी पॉलिटेक्निक महाविद्यालय, दमोह में स्वीकृत एवं रिक्त पदों की जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ग) जी नहीं। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं हैं।
राज्य पोषित नल कूल खनन योजना का क्रियान्वयन
[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]
111. ( क्र. 544 ) श्रीमती उमादेवी लालचंद खटीक : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) राज्य पोषित नल कूप खनन योजना कब शुरू की गई एवं अनुदान देने के क्या-क्या प्रावधान है? बतायें। (ख) दमोह जिले अंतर्गत अनु.जाति, अनु.जनजाति एवं पिछड़ा वर्ग के कितने कृषकों को वर्ष 2023 से प्रश्न दिनांक तक नलकूप खनन योजना से लाभान्वित किया गया? जानकारी उपलब्ध करायें।
किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) राज्य पोषित नलकूप खनन योजना 31 दिसम्बर, 2001 में शुरू की गई। योजना प्रदेश के 48 जिलों में (क्रांतिक, अर्द्धक्रांतिक एवं अतिदोहित क्षेत्रों को छोडकर) लागू है। योजना का उद्देश्य प्रदेश के अनुसूचित जाति/जन जाति वर्ग के समस्त कृषकों को प्रथम आये प्रथम पाये के आधार पर सफल-असफल नलकूप खनन पर लागत का 75 प्रतिशत या अधिकतम रू. 25000/- जो भी कम हो अनुदान देय है। सफल नलकूप खनन पर पंप स्थापना हेतु लागत का 75 प्रतिशत या अधिकतम रू. 15000/- जो भी कम हो अनुदान देय है। (ख) दमोह जिले अंतर्गत अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जन जाति के लाभांवित कृषकों की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। योजनांतर्गत पिछड़ा वर्ग के कृषकों को अनुदान दिये जाने का प्रावधान नहीं है।
वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारी कार्यालय भवन बनाया जाना
[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]
112. ( क्र. 550 ) श्री श्रीकान्त चतुर्वेदी : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि क्या मैहर तहसील/विकासखण्ड स्तर में वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारी कार्यालय भवन बनवाये जाने की प्रक्रिया शासन स्तर में प्रचलित है? यदि हां, तो किस स्तर में है? यदि नहीं, तो क्यों? क्या निकट भविष्य में उक्त कार्यालय भवन बनवाये जाने की कार्यावाही की जावेगी। समयावधि निर्धारित कर जानकारी दी जावें।
किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : जी नहीं। विकासखण्ड मैहर जिला सतना में वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी कार्यालय पूर्व से ही निर्मित है। शेष का प्रश्न ही उद्भूत नहीं होता।
विक्रेता एवं कनिष्ठ विक्रेताओं को समान कार्य समान वेतन
[सहकारिता]
113. ( क्र. 551 ) श्री श्रीकान्त चतुर्वेदी : क्या सहकारिता मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बी-पैक्स सहकारी समितियों में कार्यरत विक्रेताओं एवं कनिष्ठ विक्रेताओं से समान रूप सेवायें लिये जाने के परिप्रेक्ष्य में समान कार्य समान वेतन दिलवाये जाने की नीति का निर्धारण कराये जाने की प्रक्रिया क्या शासन स्तर पर प्रचलन में है? यदि हाँ, तो कब तक लागू की जावेगी? (ख) प्रश्नांश (क) के संबंध में यदि नहीं, तो क्या निकट भविष्य में समान कार्य समान वेतन की दृष्टि से इस विषय में आदेश जारी किये जावेंगे? यदि नहीं, तो क्यों? कारण सहित जानकारी दी जावे।
सहकारिता मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) जी नहीं। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता। (ख) जी नहीं, क्योंकि प्राथमिक कृषि साख सहकारी संस्था सेवानियम अनुसार कनिष्ठ संविदा विक्रेताओं की नियुक्ति पूर्णत: अनुबंध के आधार पर संविदा विक्रेता के रूप में की गई है एवं नियमित पद पर नियुक्ति का प्रावधान नहीं है तथा कनिष्ठ संविदा विक्रेताओं को खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग द्वारा प्रावधानित देय कमीशन एवं मानदेय अनुसार भुगतान किया जाता है।
जैविक खाद, कीटनाशक का क्रय एवं भुगतान
[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]
114. ( क्र. 560 ) श्री फूलसिंह बरैया : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दतिया जिला अंतर्गत विभाग द्वारा वर्ष 2023-24 से प्रश्न दिनांक तक रबी व खरीफ की जींसवार फसलों के लिये कृषकों को बीज जैविक खाद कीटनाशक वितरण हेतु कितना बीज विभाग द्वारा कब-कब, किस-किस दर एवं किन-किन संस्थाओं से क्रय किया गया, उन संस्थाओं को कब-कब, कितना वितरण भुगतान किया गया है? (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में कितना-कितना बीज, जैविक खाद, कीटनाशक कितने-कितने कृषकों को वितरण किया गया? विकासखंडवार बताये। (ग) उक्त वर्षों में कितनी बार बीज जैविक खाद कीटनाशक वितरण या बीज क्रय में अनियमितताओं के मामले सामने आये हैं? क्या उक्त वर्षों में किसानों को कब बीज वितरण अथवा जैविक खाद किसानों को मुफ्त दिया जाना था? किन्तु कृषकों से राशि ली गई इस संबंध में कृषकों अथवा जनप्रतिनिधियों ने कोई शिकायत की हैं उन पर क्या कार्यवाही की गई हैं? अवगत करायें।
किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) दतिया जिला अंतर्गत विभाग द्वारा वर्ष 2023-24 से प्रश्न दिनांक तक रबी व खरीफ की जींसवार फसलों के लिये कृषकों को बीज वितरण हेतु विभाग द्वारा संस्थाओं के माध्यम से बीज भण्डारण, वितरण एवं भुगतान की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1, 2 एवं 3 अनुसार है। विभाग द्वारा जैविक खाद एवं कीटनाशक वितरित नहीं किया गया है। (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में विकासखंडवार एवं वर्षवार बीज वितरण की मात्रा की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-4, 5 एवं 6 अनुसार है। उक्त वर्षों में विभाग द्वारा जैविक खाद एवं कीटनाशक कृषकों को प्रदाय नहीं किया गया है। (ग) उक्त वर्षों में योजना में शासन निर्धारित दिशा-निर्देश/प्रावधान अनुसार कृषकों को बीज वितरण किया गया है। उक्त वर्षों में जैविक खाद एवं कीटनाशक विभाग द्वारा वितरित नहीं किया गया है। कृषको से राशि लिये जाने के संबंध में कृषकों एवं जन प्रतिनिधियों से कोई शिकायत प्राप्त नहीं है।
ग्राम, मजरे एवं टोलो में सड़क निर्माण
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
115. ( क्र. 561 ) श्री फूलसिंह बरैया : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दतिया जिले की भाण्डेर विधानसभा में कौन-कौन से ग्राम/टोले/मजरे हैं जो वर्तमान में पक्की सड़क से नहीं जुड़े हैं उनकी सूची उपलब्ध करायें। (ख) क्या उक्त ग्रामों टोलो मजरो को पक्की सड़क से जोड़ने की कोई योजना हैं यदि हाँ, तो योजना की प्रति उपलब्ध कराई जावें तथा वर्तमान तक विभाग द्वारा उक्त सड़कों को जोड़ने की क्या कार्यवाही की गई है? (ग) उक्त ग्रामों/टोलो/मजरो को कब तक पक्की सड़क से जोड़ा जायेगा? समयावधि की जानकारी दें।
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) दतिया जिले की भाण्डेर विधानसभा में मुख्यमंत्री मजरा टोला सड़क योजनांतर्गत 28 बसाहटें संपर्कविहीन चिन्हित हुई है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' अनुसार है। (ख) मुख्यमंत्री मजरा टोला सड़क योजना के दिशा-निर्देशों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-''ब'' अनुसार है। योजनांतर्गत सर्वे उपरांत प्राथमिकता सूची तैयार की जा रही है। (ग) उत्तरांश (ख) अनुसार प्राथमिकता सूची अनुसार दिशा- निर्देशों के अनुरूप पात्रतानुसार स्वीकृति की कार्यवाही की जावेगी, तदानुसार समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
116. ( क्र. 566 ) श्री हरिशंकर खटीक : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) टीकमगढ़ जिले के अंतर्गत वर्तमान में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की वह कौन-कौन सी सड़के हैं, जो क्षतिग्रस्त हो गई हैं? ऐसी सड़कों के नाम, लम्बाई सहित जानकारी दें एवं यह भी बताएं कि इनकी मरम्मत कराने में या पुनः नवीन निर्माण कराने में कितनी-कितनी राशि की आवश्यकता पड़ेगी? विभाग ने प्रश्न दिनांक तक क्या-क्या कार्यवाही की है? कृपया अद्यतन जानकारी से अवगत करावें। (ख) प्रश्नांश (क) के आधार पर जानकारी दें कि भारत सरकार के मापदण्ड अनुसार प्रश्नकर्ता के क्षेत्र की ऐसी कौन-कौन सी नवीन सड़कें हैं जो नवीन कार्य योजना में इस वर्ष ली जा रही हैं। इन सड़कों के नाम, लम्बाई सहित, यह भी बताएं कि इन सड़कों के नवीन निर्माण हेतु कब तक और कितनी राशि स्वीकृत होंगी? (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के आधार पर बताएं कि उपरोक्त योजना से नवीन सड़कों का निर्माण कार्य कब तक प्रारंभ हो जावेगा एवं क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत कब तक करवा दी जावेगी? निश्चित समय-सीमा सहित बताएं।
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) टीकमगढ़ जिले के अंतर्गत वर्तमान में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत निर्मित समस्त मार्ग संतोषजनक रूप से संधारित हैं एवं योजनांतर्गत निर्मित मार्गों का रख-रखाव एवं संधारण कार्य संविदाकारों द्वारा समय-समय पर आवश्यकता अनुसार किया जा रहा है। (ख) प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-IV के अंतर्गत जतारा विधानसभा में 18 बसाहटों का सर्वे पूर्ण कर लिया गया है जिसकी प्राथमिकता सूची (सीएनसीपीएल) जनरेट की जा चुकी है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-''1'' अनुसार है एवं मुख्यमंत्री मजरा टोला योजना अंतर्गत 92 बसाहटों का सर्वे कार्य पूर्ण किया जा चुका है एवं प्राथमिकता सूची (सीएनसीपीएल) जनरेट करने की कार्यवाही की जा रही है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-''2'' अनुसार है। इन सड़कों के नवीन निर्माण कार्य की स्वीकृति जारी होने के उपरांत समय-सीमा एवं राशि की जानकारी दिया जाना संभव होगा। (ग) भारत सरकार द्वारा पीएमजीएसवाय-IV एवं राज्य सरकार द्वारा मुख्यमंत्री मजरा टोला सड़क योजना की स्वीकृति मिलने के उपरांत ही नवीन सड़कों का कार्य प्रारंभ किया जा सकेगा। संबंधित संविदाकारों से मार्गों का रख-रखाव, संधारण एवं मरम्मत के कार्य समय-समय पर किये जाते है।
होम्योपैथी वेलनेस सेंटर द्वारा संचालन शोध परियोजना
[आयुष]
117. ( क्र. 593 ) श्री हेमंत सत्यदेव कटारे : क्या आयुष मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्नकर्ता द्वारा विधान सभा अतारांकित प्रश्न क्र. 568 दिनांक 1.12.2025 के प्रश्नांश (क) के उत्तर में उल्लेखित समझौता ज्ञापन (एमओयू) दिनांक 01 अप्रैल, 2025 का है जबकि होम्योपैथी वेलनेस सेन्टर वर्ष 2018 से संचालित हैं अतः स्पष्ट किया जाय कि वर्ष 2018 से 31 मार्च, 2025 तक यह केन्द्र किस आधार/समझौते के अंतर्गत संचालित था? यदि कोई पूर्व एमओयू/दस्तावेज उपलब्ध हो तो उसकी छायाप्रति उपलब्ध करायी जाय। (ख) होम्योपैथी वेलनेस सेंटर वर्ष 2018 से संचालित है, अतः यह अवगत कराया जाये कि अब तक इस केन्द्र के माध्यम से कितनी शोध परियोजनाएं (Resserch Projects) पूर्ण की जा चुकी अथवा वर्तमान में संचालित हैं? साथ ही उक्त सभी शोध परियोजनाओं की विषयवार सूची उपलब्ध करायी जाय। (ग) होम्योपैथी वेलनेस सेन्टर में नोडल अधिकारी के पद पर कौन अधिकारी किस दिनांक से कार्यरत है? इस पद पर नियुक्ति की क्या प्रक्रिया है, चयन किन मापदण्डों के आधार पर किया और उनका अनुभव तथा योग्यता क्या है? पूर्ण विवरण दिया जाय। (घ) होम्योपैथी वेलनेस सेन्टर जो CCKYN के सहयोग से संचालित है, उसमें एमओयू के अनुसार कुल कितने लोंग कौन-कौन से पदों पर कार्यरत हैं? पूर्ण जानकारी दी जाय।
आयुष मंत्री ( श्री इन्दर सिंह परमार ) : (क) यह केन्द्र सी.सी.आर.वाय.एन. नई दिल्ली व जी.एच.एम.सी. भोपाल के बीच हुए एमओयू से संचालित है। पूर्व के एमओयू जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''अ''अनुसार। (ख) जानकारी निरंक है। (ग) स्थानीय महाविद्यालय की नोडल अधिकारी डॉ. जूही गुप्ता महाविद्यालय की वरिष्ठ शिक्षिका है। इस कोलैबोरेशन की प्रस्तावक है, महाविद्यालय के अनुसंधान व योग विभाग की प्रमुख होने के साथ-साथ उक्त केन्द्र की अक्टूबर 2017 से अपने मूल कार्य के साथ-साथ नोडल अधिकारी का अतिरिक्त प्रभार है। भारत सरकार द्वारा कोई निर्धारित योग्यता नहीं है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''ब'' अनुसार। (घ) एमओयू में पदों की व्याख्याता नहीं है, क्योंकि पदस्थापना सी.सी.आर.वाय.एन. नई दिल्ली द्वारा की गयी है, अतः इसकी जानकारी भी वही से उपलब्ध होगी। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''स'' अनुसार।
सरसों, चना, गेहूँ के बीज वितरण में अनियमितताएं
[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]
118. ( क्र. 594 ) श्री हेमंत सत्यदेव कटारे : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2025-26 में जिला भिण्ड अंतर्गत सरसों, चना एवं गेहूँ का बीज किस योजना के तहत कितनी-कितनी मात्रा में किसानों को वितरित किये जाने हेतु प्राप्त हुआ? पृथक-पृथक जानकारी दी जाय। (ख) आलोच्य अवधि में प्राप्त सरसों, चना एवं गेंहूँ के बीज का वितरण जिले के किस-किस विकासखण्ड में कराया गया? किसानों की संख्या प्रदाय की किये गये बीज का नाम व मात्रा सहित जानकारी उपलब्ध करायी जाय। (ग) क्या आलोच्य अवधि में प्राप्त हुये उक्त बीज निःशुल्क किसानों को वितरित किया जाना था? यदि नहीं, तो किस प्रकार वितरण कराया गया विकासखण्डवार पूर्ण जानकारी दी जाय?
किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) भिण्ड जिले में वर्ष 2025-26 में राष्ट्रीय खाद्य एवं पोषण सुरक्षा मिशन में दलहन चना प्रदर्शन अंतर्गत 75 कि.ग्रा. प्रति कृषक के मान से कुल 285 क्विंटल एंव राष्ट्रीय मिशन ऑन इडिवल आयल अंतर्गत सरसों प्रदर्शन 05 किग्रा. प्रति कृषक के मान से कुल 163 क्विंटल तथा वैल्यू चेन क्लस्टर अंतर्गत सरसों बीज 05 कि.ग्रा. प्रति कृषक के मान से कुल 400 क्विंटल बीज प्राप्त हुआ है। (ख) आलोच्य अवधि में राष्ट्रीय खाद्य एवं पोषण सुरक्षा मिशन में दलहन चना प्रदर्शन अंतर्गत एंव राष्ट्रीय मिशन ऑन इडिवल आयल में सरसों प्रदर्शन अंतर्गत भिण्ड जिले के 06 विकासखण्ड (भिण्ड/अटेर/मेहगांव/ गोहद/रौन/लहार) तथा सरसों वैल्यू चैन क्लस्टर अंतर्गत बीज का वितरण विकासखण्ड मेहगांव/ गोहद/रौन/लहार में कराया गया है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ग) आलोच्य अवधि में राष्ट्रीय खाद्य एवं पोषण सुरक्षा मिशन में दलहन चना प्रदर्शन अंतर्गत बीज का वितरण कृषक अंश राशि के साथ एंव राष्ट्रीय मिशन ऑन इडिवल आयल अंतर्गत सरसों प्रदर्शन एंव वैल्यू क्लस्टर अंतर्गत बीज का वितरण निःशुल्क किया गया है। कृषकों की सूची जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है।
महाविद्यालयों में विज्ञान की कक्षाओं की स्वीकृति
[उच्च शिक्षा]
119. ( क्र. 598 ) श्री बृज बिहारी पटैरिया : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सागर जिले के देवरी एवं केसली में शासकीय महाविद्यालयों में स्नातकोत्तर विषयों के नवीन विषयों के संचालन की अनुमति हेतु प्रश्नकर्ता द्वारा कब-कब मांग की गई? उन पर क्या कार्यवाही हुई है? विवरण देवें। (ख) क्या मांग अनुसार शिक्षा सत्र 2026-27 के प्रारम्भ होने के पूर्व में स्वीकृति प्रदान करा दी जावेगी? विवरण देवें कब तक, साथ ही महाविद्यालय देवरी हेतु नवीन भवन/कक्षों के निर्माण एवं आडिटोरियम कम इंडोर स्टेडियम की मांग की गई थी उसकी स्वीकृति प्रदान किये जाने में विलम्ब के क्या कारण है? कब तक आदेश प्रदान करा देगे? (ग) महाविद्यालय केसली में विज्ञान विषयों की कक्षायें प्रारम्भ कराये जाने हेतु मा. मुख्यमंत्री जी की घोषणा अनुसार क्या चालू शिक्षा सत्र या 2026-2027 सत्र प्रारम्भ के पूर्व स्वीकृति प्रदान करा दी जावेगी? यदि हाँ, तो आदेश की प्रति उपलब्ध करायें। महाविद्यालय में शैक्षणिक एवं गैर शैक्षणिक स्टाफ की कमी की पूर्ति कब तक करा दी जावेगी? स्वीकृति एवं रिक्त पदों की जानकारी उपलब्ध कराये।
उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री इन्दर सिंह परमार ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-"अ" अनुसार है। प्राप्त पत्रों पर कार्यवाही प्रस्तावित की गई है। (ख) निश्चित समय-सीमा बताई जाना संभव नहीं है। शासकीय महाविद्यालय देवरी में ऑडिटोरियम सह इंडोर स्टेडियम निर्माण तथा आर्टस एवं कॉमर्स भवन निर्माण की मांग प्राप्त हुई। विस्तृत प्राक्कलन प्राप्त होने पर वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता अनुसार कार्यवाही की जाएगी, समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ग) विभागीय मापदण्डों के परिप्रेक्ष्य में प्रस्ताव पर कार्यवाही की जा रही है। समय-सीमा बताई जाना संभव नहीं है। रिक्त पदों की पूर्ति एक सतत् प्रक्रिया है, समय-सीमा बताई जाना संभव नहीं है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट "ब" एवं पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट "स" अनुसार है।
बायर कंपनी के नकली धान बीज
[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]
120. ( क्र. 616 ) श्री देवेन्द्र पटेल : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सिलवानी विधानसभा क्षेत्र के ग्राम मुआर, पठा, हमीरपुर, देवरी सहित अन्य दर्जनों ग्रामों के किसानों द्वारा विगत समय में बायर कंपनी का धान बीज बोया गया था, जिसमें अंकुरण न होने से किसानों को भारी क्षति उठानी पड़ी थी। इस संबंध में विभाग व जिला प्रशासन ने कब क्या-क्या कार्यवाही की जानकारी दें? मामले की जांच के निष्कर्ष क्या हैं? कितने किसानों को कितना-कितना मुआवजा दिया गया? जानकारी दें। (ख) प्रश्नांश (क) उल्लेखित प्रकरण में शेष पीडि़त किसानों को मुआवजा न दिये जाने और संबंधित बीज कंपनी के विरूद्ध ठोस कार्यवाही न होने के क्या कारण है? कब तक समुचित कार्यवाही की जाकर सभी पीड़ित किसानों को न्याय दिलाया जावेगा? नहीं तो क्यों?
किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) सिलवानी विधानसभा क्षेत्र के ग्राम मुआर, पठा, हमीरपुर, देवरी सहित अन्य ग्रामों के किसानों द्वारा विगत समय में बायर कंपनी का धान बीज बोया गया था, जिसमें अंकुरण न होने के संबंध में विभाग को कोई लिखित शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। तथापि, दिनांक 14.10.2025 को कलेक्टर, रायसेन की जन-सुनवाई में ग्राम मढ़िया देवरी के कृषकों द्वारा बायर कंपनी की हाइब्रिड धान किस्म 8433 'क्रान्ति' के खराब होने से उत्पादन प्रभावित होने की शिकायत प्रस्तुत की गई। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। उक्त शिकायत पर उप संचालक कृषि, जिला रायसेन द्वारा विभागीय अधिकारियों एवं कृषि वैज्ञानिकों से स्थल निरीक्षण एवं जांच कराई गई, जिसके आधार पर बीज विक्रेता फर्म का लाइसेंस निलंबित किया गया तथा बीज कंपनी के बीजों का जिले में विक्रय प्रतिबंधित किया गया जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2, 3 एवं 4 अनुसार है। भारत सरकार के संज्ञान में प्रकरण आने पर भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आई.सी.ए.आर.), नई दिल्ली द्वारा की गई स्वतंत्र जांच में बीज नमूने निम्न गुणवत्ता के एवं ब्लैक-स्ट्रीक्ड ड्वार्फ वायरस से प्रभावित पाए गए, जिससे उत्पादन प्रभावित हुआ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-5 अनुसार है। विभागीय नियमों के अंतर्गत कृषकों को प्रत्यक्ष मुआवजा प्रदान किए जाने का कोई प्रावधान नहीं है। (ख) उक्त प्रकरण में बीज अधिनियम, 1966 एवं बीज (नियंत्रण) आदेश, 1983 के प्रावधानों के अनुरूप आवश्यक एवं वैधानिक कार्यवाही की गई है। वर्तमान में कोई अतिरिक्त कार्यवाही शेष नहीं है।
कृषि उपज मण्डी के दस्तावेज गायब होना
[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]
121. ( क्र. 617 ) श्री देवेन्द्र पटेल : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा प्रश्न क्रमांक 2502 दिनांक 04-08-2025 में मंडी कटनी के लेखा सत्यापन से संबंधित मंडी शुल्क पाक्षिकी/वार्षिक विवरणी, अनुज्ञा पत्र, बिल-बिल्टी आदि के कौन-कौन से रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं हैं? इसकी स्पष्ट जानकारी न दिये जाने के क्या कारण हैं? (ख) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित प्रश्न के प्रश्नांश (क) के उत्तर में वर्ष 2010-11 से वर्ष 2024-25 तक के 942 अभिलेख अनुपलब्ध एवं 4974 अभिलेखों की स्थिति अस्पष्ट अर्थात 5916 अभिलेख उपलब्ध न होने की स्थिति को गंभीरता से क्यों नहीं लिया गया है? इसके क्या कारण हैं इसकी जांच न होने के क्या कारण हैं? (ग) उक्त प्रश्न के प्रश्नांश (क) के अनुसार 8050 फाइलों में से मात्र 278 फाइलें तत्कालीन लेखा सत्यापन शाखा नस्ती सहायक ने प्राप्त की है? शेष नस्ती प्राप्त क्यों नहीं की गई? पूर्व में यह नस्तियां किसके प्रभार में थीं? प्रभार सौंपते समय यह नस्तियां क्यों नहीं सौंपी गई? प्रश्नांश (क), (ख) एवं (ग) में त्रुटिपूर्ण जानकारी देने वालों पर क्या कार्यवाही की जावेगी?
किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) अनुपलब्ध रिकार्ड की अद्यतन जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। शेष प्रश्न उदभूत नहीं होता। (ख) जी नही। मंडी समिति कटनी में लंबित लेखा सत्यापन की कार्यवाही पूर्ण किये जाने के कार्य को गंभीरता से लिया गया है। कार्यालयीन आदेश क्रमांक 1772-1773 दिनॉंक 14/08/2025 से 02 जॉंच दल गठित किये गये साथ ही मंडी समिति कटनी के स्तर से भी आदेश दिनॉंक 31/10/2025 से 02 जॉंच दल गठित किये गये हैं इसके साथ ही रिकार्ड की अनुपलब्धता एवं रिकार्ड की स्थिति की स्पष्ट जानकारी तैयार करने की कार्यवाही हेतु मंडी समिति कटनी के स्तर से दो सदस्यीय जॉंच दल पत्र दिनॉंक 16/01/2026 से किया गया है। शेष प्रश्न उदभूत नहीं होता। (ग) जी नहीं। नस्तियॉं प्रभार में दिया जाना कार्यालयीन प्रक्रिया है इस संबंध में उत्तरांश (ख) के अनुसार कार्यवाही मंडी समिति कटनी के स्तर से की गई है। शेष प्रश्न उदभूत नहीं होता।
परीक्षा केन्द्र निर्धारण हेतु मापदण्ड
[तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार (केवल तकनीकी शिक्षा)]
122. ( क्र. 619 ) श्री हरिशंकर खटीक : क्या तकनीकी शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (RGPV) भोपाल में डिग्री एवं डिप्लोमा परीक्षाओं हेतु परीक्षा केन्द्र निर्धारित/बनाये जाने के लिये विश्वविद्यालय द्वारा निश्चित नियम, मापदण्ड एवं दिशा-निर्देश निर्धारित हैं? यदि हाँ, तो नियम एवं मापदण्ड की प्रति दें। (ख) क्या जनवरी 2025 से आज दिनांक तक राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (RGPV) द्वारा आयोजित समस्त डिग्री एवं डिप्लोमा परीक्षाओं में बनाये गये सभी परीक्षा केन्द्र उक्त निर्धारित नियमों एवं मापदण्डों के अंतर्गत ही बनाये गये थे? यदि हाँ, तो यह भी स्पष्ट किया जाए कि (1) क्या सभी परीक्षा केन्द्रों का पूर्व/दौरान भौतिक निरीक्षण कराया गया था? (2) क्या सभी परीक्षा केन्द्रों पर निर्धारित मूलभूत एवं सुरक्षा संबंधी सुविधायें नियमानुसार उपलब्ध पाई गई थीं? (3) उक्त संबंध में गठित जाँच/निरीक्षण टीम के प्रतिवेदन की सत्यापित प्रतियां उपलब्ध कराई जायें? (ग) क्या जनवरी 2025 से आज दिनांक तक बनाये गये सभी परीक्षा केन्द्रों का निरीक्षण विश्वविद्यालय/विभाग के अधिकारियों द्वारा किया गया? यदि हाँ, तो जानकारी दी जाए कि किन-किन अधिकारियों द्वारा, किस-किस तिथि को निरीक्षण किया गया तथा उससे संबंधित सभी आदेश एवं निरीक्षण रिपोर्ट की सत्यापित प्रतियां उपलब्ध कराई जायें? (घ) यदि किसी भी परीक्षा केन्द्र पर नियमों के उल्लंघन अथवा निर्धारित सुविधाओं के अभाव की पुष्टि हुई हो तो यह भी बताया जाए कि (1) इसके लिये कौन-कौन से अधिकारी/कर्मचारी जिम्मेदार पाये गये? (2) उनके विरुद्ध क्या-क्या दण्डात्मक/विभागीय कार्यवाही की गई है? (3) यदि कार्यवाही लंबित है तो उसे कब तक पूर्ण किया जाएगा?
तकनीकी शिक्षा मंत्री ( श्री इन्दर सिंह परमार ) : (क) जी हाँ, परीक्षा केन्द्र निर्धारण हेतु जारी अधिसूचना की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) जी हाँ। (1) प्रत्येक परीक्षा में नये बनाये गये परीक्षा केन्द्रों का भौतिक निरीक्षण करवाया जाता हैं। (2) जी हाँ। (3) 07 नवीन परीक्षा केन्द्रों के भौतिक सत्यापन की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ग) जी नहीं, जनवरी-2025 के पश्चात् बनाये गये केवल नवीन परीक्षा केन्द्रों का भौतिक सत्यापन करवाया गया हैं। शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है, अपितु 07 नवीन परीक्षा केन्द्रों के भौतिक सत्यापन की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (घ) जानकारी निरंक है। शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
15वें वित्त आयोग की स्वीकृत राशि
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
123. ( क्र. 684 ) श्री दिनेश जैन बोस : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) उज्जैन जिले अंतर्गत 15वें वित्त आयोग की वर्ष 2022-23, 2023-24 एवं 2024-25 की राशि कहाँ-कहाँ स्वीकृत की गई? जानकारी देवें। 15वें वित्त आयोग की राशि जिला पंचायत सदस्यों को समान रूप से उनकी अनुशंसा अनुसार क्यों जारी नहीं की गई? (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार उक्त राशि का समान रूप से जिला पंचायत सदस्यों की अनुशंसा अनुसार जारी नहीं करने हेतु कौन जिम्मेदार है, नियम विरूद्ध राशि किसके आदेश पर जारी की गई? नियम विरूद्ध राशि जारी करने वाले अधिकारियों पर क्या कार्यवाही की जायेगी?
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) उज्जैन जिले अंतर्गत 15वें वित्त आयोग की वर्ष 2022-23, 2023-24 एवं 2024-25 की स्वीकृत राशि की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। म.प्र. शासन पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग भोपाल के पत्र क्रमांक 11325 दिनांक 01.10.2020 अंतर्गत 15वां वित्त आयोग के क्रियान्वयन संबंधी दिशा-निर्देशानुसार District Action Plan जिला पंचायत की सामान्य सभा में एवं Dirtrict Planing Committee में अनुमोदन किया गया। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता है। (ख) उत्तरांश (क) के संदर्भ में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।