मध्यप्रदेश विधान सभा


प्रश्‍नोत्तर-सूची
मार्च, 2022 सत्र


मंगलवार, दिनांक 15 मार्च, 2022


भाग-1
तारांकित प्रश्‍नोत्तर



सिहोरा में आई.टी.आई. की स्वीकृति

[तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोज़गार]

1. ( *क्र. 968 ) श्रीमती नंदनी मरावी : क्या खेल एवं युवा कल्याण मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि सिहोरा विधानसभा क्षेत्रांतर्गत विकास खण्‍ड सिहोरा मुख्यालय में शासकीय आई.टी.आई. खोले जाने की मांग लम्बे समय से युवाओं द्वारा की जा रही है? अभी तक शासकीय आई.टी.आई. न खोले जाने से जो बच्चे निजी आई.टी.आई. का खर्चा उठाने में सक्षम नहीं हैं, वे अपनी इच्छा अनुसार ट्रेड का प्रशिक्षण प्राप्त करने से वंचित रह जाते हैं? सिहोरा मुख्यालय में कब तक शासकीय आई.टी.आई. प्रारंभ कर दी जावेगी?

खेल एवं युवा कल्याण मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : जी हाँ। विकासखण्‍ड सिहोरा मुख्‍यालय से 20 कि.मी. दूरी पर शासकीय आई.टी.आई. मझौली स्‍थापित है। विकासखण्‍ड सिहोरा में प्रायवेट आई.टी.आई. संचालित है। विभाग की नीति प्रत्‍येक विकासखण्‍ड में एक आई.टी.आई. खोलने की है। अत: वर्तमान में सिहोरा मुख्‍यालय में नवीन आई.टी.आई. प्रस्‍तावित नहीं है।

प्रधानमंत्री आवास योजना

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

2. ( *क्र. 2626 ) सुश्री चंद्रभागा किराड़े : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता के विधान सभा क्षेत्र पानसेमल के जनपद पंचायत पानसेमल में प्रधानमंत्री आवास योजना प्रारम्‍भ दिनांक से लेकर प्रश्‍न दिनांक तक कुल प्राप्‍त आवेदन पत्रों की हितग्राहीवार सूची देवें। (ख) प्रश्‍नांश (क) की सूची में से कुल स्‍वीकृत, अस्‍वीकृत एवं लंबित आवेदन पत्रों की सूची देवें। (ग) प्रश्‍नांश (ख) में स्‍वीकृत आवेदन पत्रों में से हितग्राहीवार भुगतान किन-किन तिथियों में किया गया है? उसकी तिथिवार सूची देवें। (घ) प्रश्‍नांश (क) सूची में से कुल स्‍वीकृत आवेदनों में से अपूर्ण निर्माण बताकर कितने हितग्राहियों को अयोग्‍य घोषित किया? हितग्राहीवार सूची देवें। क्‍या विभाग इस संबंध में कोई निर्णय लेकर पुन: आवास निर्माण पूर्ण करने हेतु निर्देश जारी करेगा? (ड.) प्रधानमंत्री आवास योजनान्‍तर्गत जनपद पंचायत पानसेमल में क्‍या हितग्राहियों को मजदूरी का पैसा डाला जाता है? यदि हाँ, तो ऐसे समस्‍त हितग्राहियों की सूची देवें। वर्ष 2018 से प्रश्‍न दिनांक तक की स्थिति में भुगतान के प्रमाण के स्‍वरूप में उपलब्‍ध दस्‍तावेज प्रस्‍तुत करें।

पंचायत मंत्री ( श्री महेन्‍द्र सिंह सिसौदिया ) : (क) प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण में आवेदन पत्र लेने का प्रावधान नहीं है। (ख), (ग) एवं (घ) प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ड.) जी हाँ। मजदूरी भुगतान की कार्यवार (आवासवार) जानकारी मनरेगा पोर्टल के पब्लिक डोमेन में nrega.nic.in की एम.आई.एस. रिपोर्ट R 6.8 पर उपलब्‍ध है।

उद्यानिकी बीज, दवा, खाद तथा उपकरण की खरीदी

[उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण]

3. ( *क्र. 2502 ) कुमारी हिना लिखीराम कावरे : क्या राज्य मंत्री, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या विभाग द्वारा फलों, फूलों तथा सब्जियों के बीज, दवा, खाद तथा उपकरण जो सब्सिडी पर किसानों को उपलब्‍ध कराने होते हैं, उनकी खरीदी M.P. State Agro Industries Development Corp. Ltd. के माध्‍यम से खरीदने की बाध्‍यता है? क्‍या यह भी सही है कि सब्जियों के आधुनिक किस्‍म बीज, दवा तथा उपकरण के रेट M.P. State Agro Industries Development Corp. Ltd. में अनुमोदित नहीं होने के कारण विभाग किसानों को सब्सिडी पर उपलब्‍ध नहीं करा पाता, जिससे किसानों को शासन की योजना का लाभ नहीं मिल पाता तथा किसानों को मजबूरी में बाजार से पूरी कीमत देकर बीज, खाद, दवा तथा उपरकरण खरीदने पड़ते हैं? (ख) क्‍या M.P. State Agro Industries Development Corp. Ltd. विषयांकित सभी सामग्री बाजार मूल्‍य से ज्‍यादा मूल्‍य पर विभाग को उपलब्‍ध कराता है तथा समस्‍त सामग्री की गुणवत्‍ता भी बाजार के मुकाबले कम होती है? (ग) क्‍या M.P. State Agro Industries Development Corp. Ltd. के माध्‍यम से विषयांकित सामग्री खरीदने की बाध्‍यता समाप्‍त करने का मामला केबिनेट में रखा जाएगा?

राज्य मंत्री, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण ( श्री भारत सिंह कुशवाह ) : (क) जी हाँ। मध्‍यप्रदेश शासन उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्‍करण विभाग, मंत्रालय भोपाल का पत्र क्रमांक एफ 6-1/2018/58, दिनांक 25.06.2019 के माध्‍यम एम.पी. स्‍टेट एग्रो इंडस्‍ट्रीज डेव्‍लपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड से सामग्री क्रय किये जाने हेतु नोडल एजेंसी नियुक्‍त किया गया है। जी नहीं। निगम द्वारा रेट कॉन्‍ट्रेक्‍ट के माध्‍यम से दरों का अनुबंध किया जाता है। प्रदायकर्ता सभी सामग्रियों की दरें प्रस्‍तुत करते हैं, सभी सामग्रियां आधुनिक होती हैं। (ख) जी नहीं। निगम द्वारा जारी रेट कॉन्‍ट्रेक्‍ट ऑफर में यह प्रावधान किया गया है कि जो दरें निगम को प्रस्‍तुत की गई हैं, प्रदायकर्ता द्वारा उनसे कम दर पर वह सामग्री बेची नहीं जा सकती है। यदि निगम की जानकारी में अनुमोदित दर से कम दर पर सामग्री विक्रय की जानकारी आती है, तो तत्‍काल प्रभाव से उस सामग्री पर वह कम दर ही लागू कर दी जाती है तथा प्रदायक के विरूद्ध नियमानुसार कार्यवाही की जाती है। (ग) प्रस्‍ताव लंबित नहीं है। अत: प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

कम दूरी की सड़कों का निर्माण

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

4. ( *क्र. 1324 ) श्रीमती लीना संजय जैन : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या जिला विदिशा में विकासखण्‍ड बासोदा एवं ग्‍यारसपुर अंतर्गत एक ग्राम को दूसरे ग्राम से जोड़ने हेतु एकल मार्ग से जोड़े गये हैं, लेकिन इन मार्गों की दूरी अधिक होने के कारण ग्रामीणों को भारी कठिनाई जाती है? यदि हाँ, तो ऐसे ग्रामों के नाम विकासखण्‍डवार अलग-अलग बतावें। (ख) क्‍या विभाग द्वारा प्रश्‍नांश (क) के उत्‍तर में वर्णित ग्रामों की दूरी कम करने के लिये कोई दूसरे मार्ग का निर्माण कराया जावेगा? यदि नहीं, तो कारण बतावें। (ग) क्‍या शासन उपरोक्‍त ग्रामों को मुख्‍यमंत्री सड़क योजना अंतर्गत शामिल कर ग्रामों की दूरी कम करने हेतु सड़कों का निर्माण जनहित में करवा कर ग्रामीण जनता को लाभान्वित करवायेगा? यदि नहीं, तो स्‍पष्‍ट कारण बतावें।

पंचायत मंत्री ( श्री महेन्‍द्र सिंह सिसौदिया ) : (क) जी नहीं। प्रश्‍नांकित विकासखण्‍डों में एकल सम्‍पर्क विहीन राजस्‍व ग्रामों को मुख्‍यमंत्री/प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजनान्‍तर्गत बारहमासी मार्ग से सम्‍पर्कता प्रदान की गई है। योजनान्‍तर्गत एक ग्राम को दूसरे ग्राम से (दोहरी सम्‍पर्कता) जोड़ने का प्रावधान नहीं है। अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) एवं (ग) उत्‍तरांश '' के संदर्भ में शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

मण्‍डी बोर्ड द्वारा निर्मित सड़कों की जानकारी

[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]

5. ( *क्र. 2252 ) श्रीमती रामबाई गोविंद सिंह : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) तहसील पथरिया एवं तहसील बरियागढ़ जिला दमोह में किसान सड़क निधि एवं रा.कृ.वि. बोर्ड से पूर्व में निर्मित की गई सड़कों की मरम्‍मत एवं विस्‍तार की क्‍या योजना बनाई गई है? (ख) यदि योजना नहीं बनाई गई है तो इन सड़कों की मरम्‍मत एवं विस्‍तार कैसे संभव होगा? (ग) यदि योजना बनाई गई है तो वह कब प्रारंभ होगी, जिससे आम ग्रामीण को आवागमन में सुविधा मिल सके?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री कमल पटेल ) : (क) मध्‍यप्रदेश शासन के निर्देशानुसार मण्‍डी बोर्ड द्वारा मण्‍डी प्रांगण के बाहर अन्‍य कोई निर्माण कार्य नहीं किया जावेगा। अत: शेष कार्यवाही का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ख) उत्‍तरांश (क) अनुसार प्रश्‍नांश (क) की पूर्व निर्मित सडकों के मरम्‍मत एवं विस्‍तार संबंधी कार्यवाही मण्‍डी बोर्ड से संभव नहीं है। (ग) उत्‍तरांश (क) एवं (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

राजस्व ग्रामों को पक्‍की सड़क से जोड़ा जाना

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

6. ( *क्र. 2537 ) श्रीमती झूमा डॉ. ध्यानसिंह सोलंकी : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि भीकनगांव विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत कुल कितने राजस्व ग्राम शेष हैं, जो प्रश्‍न दिनांक तक पक्की सड़क से नहीं जुड़ पाये हैं तथा नहीं जुड़ने का क्या कारण है? कारण सहित ग्रामों की सूची उपलब्ध करावें तथा यह भी बतायें की कब तक उपरोक्त ग्रामों को पक्की सड़क से जोड़ दिया जायेगा? क्या क्षेत्रीय विधायक द्वारा मार्ग निर्माण करने हेतु विभाग को पत्र प्राप्त हुआ है? यदि हाँ, तो वर्तमान तक क्या कार्यवाही की गई है? कृपया मार्गवार जानकारी उपलब्ध करावें। क्या दिये गये पत्रों में से कोई मार्ग स्वीकृत हुआ है या स्वीकृति हेतु कार्यवाही चल रही है? यदि नहीं, तो क्या कारण हैं?

पंचायत मंत्री ( श्री महेन्‍द्र सिंह सिसौदिया ) : भीकनगांव विधानसभा क्षेत्रांतर्गत पक्की सड़क से नहीं जुड़े शेष राजस्व ग्रामों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। क्षेत्रीय विधायक द्वारा मार्ग निर्माण करने हेतु विभाग को प्रेषित किये गये पत्रों के संबंध में जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है।

मनरेगा अंतर्गत दिया गया रोजगार

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

7. ( *क्र. 1320 ) श्रीमती कल्पना वर्मा : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सतना जिले में वित्‍तीय वर्ष 2021-22 में 28 फरवरी, 2022 तक कितने जॉबकार्डधारी परिवारों द्वारा मनरेगा में कार्य की मांग की गई? जनपदवार संख्‍यात्‍मक जानकारी देवें। (ख) उपरोक्‍त अवधि में कितने जॉबकार्डधारी परिवारों को मनरेगा में काम मिला और कितनों को नहीं मिला? (ग) मनरेगा में जॉबकार्डधारी परिवारों द्वारा कार्य की मांग करने के बावजूद उन्‍हें काम न दिए जाने का क्‍या कारण है? (घ) क्‍या सरकार भविष्‍य में मनरेगा में जॉबकार्डधारी परिवारों को काम दिया जाना सुनिश्चित करेगी? यदि हाँ, तो कब तक, नहीं तो क्‍यों?

पंचायत मंत्री ( श्री महेन्‍द्र सिंह सिसौदिया ) : (क) सतना जिले में वित्तीय वर्ष 2021-22 में 28 फरवरी, 2022 तक 126726 जॉबकार्डधारी परिवारों द्वारा मनरेगा में कार्य की मांग की गई। जनपदवार संख्‍यात्‍मक विवरण संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) उत्‍तरांश '''' की अवधि में 123704 जॉबकार्डधारी परिवार कार्य स्‍थल पर उपस्थित हुये हैं, जिन्‍हें मनरेगा में काम दिया गया है। शेष जॉबकार्डधारी कार्यस्‍थल पर उपस्थित नहीं हुये, इस कारण काम नहीं देने का प्रश्‍न ही नहीं उठता। (ग) उत्‍तरांश '''' के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उत्‍पन्‍न नहीं होता। (घ) महात्‍मा गांधी राष्‍ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम 2005 का उद्देश्‍य ऐसे प्रत्‍येक ग्रामीण परिवार जिनके वयस्‍क सदस्‍य अकुशल शारीरिक श्रम कार्य करना चाहते हैं, को एक वित्‍त वर्ष में कम से कम 100 दिनों का गारंटीयुक्‍त मजदूरी रोजगार उपलब्‍ध कराना है। मनरेगा में मजदूरी रोजगार को कानूनी गारंटी दी गई है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - "एक"

दोषियों के विरूद्ध जांच एवं कार्यवाही

[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]

8. ( *क्र. 872 ) श्री राकेश मावई : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या राजमाता वि.सि.कृ.वि.वि. ग्‍वालियर द्वारा डीन/डायरेक्‍टर के पदों में विज्ञापन में साक्षात्‍कार हेतु मेरिट के आधार पर योग्‍य अभ्‍यर्थियों को विज्ञापित पदों की संख्‍या के विरूद्ध न्‍यूनतम 1 : 3 तथा अधिकतम 1 : 5 के अनुपात में बुलाये जाने की शर्त थी? यदि हाँ, तो आवेदन करने वाले सभी अभ्‍यर्थियों को साक्षात्‍कार हेतु क्‍यों बुलाया गया? शर्त का पालन क्‍यों नहीं किया गया? इसके लिये कौन-कौन दोषी हैं तथा दोषियों के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की गई? यदि नहीं, तो क्‍यों? क्‍या सभी अभ्‍यर्थियों को साक्षात्‍कार में बुलाकर भ्रष्‍टाचार को बढ़ावा नहीं दिया गया? साक्षात्‍कार में सम्मिलित सभी अभ्‍यर्थियों के पदवार, मूल्‍यांकन पत्रक, साक्षात्‍कार पत्रक, रिकॉर्डिंग तथा विज्ञापन सहित सम्‍पूर्ण जानकारी देवें। (ख) क्‍या एकेडमिक मूल्‍यांकन में अधिक प्राप्‍तांक वाले अभ्‍यर्थियों को साक्षात्‍कार में कम अंक दिए गए? यदि हाँ, तो क्‍या साक्षात्‍कार रिकॉर्डिंग की उच्‍च स्‍तरीय जांच कराई जायेगी? यदि नहीं, तो क्‍यों? (ग) क्‍या राजमाता वि.सि.कृ.वि.वि. ग्‍वालियर अंर्तगत कृषि महाविद्यालय खण्‍डवा में विज्ञापन दिनांक 04.01.2018 के संबंध में तारांकित प्रश्‍न क्रमांक 3232, दिनांक 25.03.2021 के उत्‍तर में यह बताया गया कि चयन प्रक्रिया निरस्‍त कर दी गई है? यदि हाँ, तो माननीय कृषि मंत्री जी द्वारा विश्‍वविद्यालय के दोषी अधिकारी/कर्मचारियों के विरूद्ध नोटशीट पर कार्यवाही के आदेश दिये गये तथा प्रश्‍न दिनांक तक दोषियों के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की गई? यदि कार्यवाही नहीं की गई तो इसके लिये कौन दोषी है? (घ) कृषि विश्‍वविद्यालय ग्‍वालियर अन्‍तर्गत उद्यानिकी महाविद्यालय मंदसौर से अस्‍थानांतरणीय पद होने के बावजूद कौन-कौन प्राध्‍यापक/सहायक प्राध्‍यापक/वैज्ञानिक अन्‍य स्‍थान पर स्‍थानांतरण/संलग्‍न किए गए हैं? उनके नाम, पद सहित जानकारी देवें तथा स्‍थानांतरण/संलग्‍नीकरण के लिए कौन दोषी हैं? उनको कब तक कृषि महाविद्यालय मंदसौर में वापिस किया जायेगा?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री कमल पटेल ) : (क) एवं (ख) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) में "विश्‍वविद्यालय द्वारा उक्त से संबंधित जानकारी एवं दस्तावेज शासन को भेजने की कार्यवाही की जा रही है, प्राप्त दस्तावेज का शासन स्तर पर परीक्षण उपरांत उत्तर दिया जायेगा" (ग) तारांकित प्रश्‍न क्रमांक 3232, दिनांक 25.03.2021 के उत्‍तर में यह बताया गया है कि जारी विज्ञापन दिनांक 04.01.2018 के संबंध में माननीय उच्‍च न्‍यायालय में संबंधित अभ्‍यर्थियों द्वारा याचिका क्रमांक डब्‍ल्‍यु.पी. 4024/2021 एवं डब्‍ल्‍यु.पी. 4863/2021 दायर की गई है। माननीय उच्‍च न्‍यायालय खण्‍डपीठ ग्‍वालियर के निर्णय अनुसार आगामी कार्यवाही की जावेगी। विज्ञापित पदों के विरूद्ध आज दिनांक तक किसी भी अभ्‍यर्थी के नियुक्ति आदेश प्रसारित नहीं किये गये तथा प्रकरण माननीय उच्‍च न्‍यायालय में प्रचलन में है। विश्‍वविद्यालय से दस्तावेज प्राप्त कर परीक्षण उपरांत कार्यवाही पर निर्णय लिया जायेगा। (घ) उद्यानिकी महाविद्यालय मंदसौर में उक्त महाविद्यालय से ट्रांसफर नहीं करने की शर्त पर पद स्वीकृत किये गए है। वर्तमान में ट्रांसफर एवं संलग्नीकरण तत्काल समाप्त करने के निर्देश दिए जा रहे हैं।

मनरेगा अन्तर्गत किये गये कार्य

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

9. ( *क्र. 2360 ) श्री हर्ष विजय गेहलोत (गुड्डू) : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रतलाम जिले में विधानसभा अनुसार बतावें की वित्तीय वर्ष 2021-22 में 10 फरवरी, 22 तक कुल कितने जॉबकार्डधारियों ने मनरेगा में काम मांगा? कितने जॉबकार्डधारियों को काम मिला तथा कितने को काम नहीं मिला? काम न दिए जाने का क्या कारण है? (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार बतावें कि वर्ष 2017-18 से 2021-22 तक मनरेगा में कितनी राशि का प्रावधान था, कितने जॉबकार्डधारियों को प्राप्‍त हुई, कितने जॉबकार्डधारियों ने काम मांगा तथा कितने जॉबकार्डधारियों को काम नहीं मिला? (ग) रतलाम जिले में वर्ष 2017 से 2021 तक प्रतिवर्ष किस-किस माह मे, कितनी-कितनी संख्या में पलायन हुआ है? (घ) रतलाम जिले में मनरेगा में वर्ष 2017 से 2021 तक आर्थिक अनियमितता के कितने प्रकरण पाये गये? प्रकरणवार राशि, दिनांक, प्रकार, जिम्मेदार अधिकारी/कर्मचारी सहित जानकारी देवें।

पंचायत मंत्री ( श्री महेन्‍द्र सिंह सिसौदिया ) : (क) रतलाम जिले में वित्तीय वर्ष 2021-22 में 10 फरवरी, 22 तक 91853 जॉबकार्डधारियों ने मनरेगा में काम की मांग की गई। उपरोक्‍त अवधि में मांग करने के उपरांत कार्य स्‍थल पर उपस्थित 76659 जॉबकार्डधारियों को काम दिया गया। मनरेगा अंतर्गत कार्य की मांग करने वाले शेष जॉबकार्डधारी कार्यस्‍थल पर उपस्थित नहीं हुये, इस कारण काम नहीं देने का प्रश्‍न ही नहीं उठता। विधानसभावार जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) मनरेगा योजनांतर्गत जिले को राशि आवंटित करने का कोई प्रावधान नहीं है। मजदूरी का भुगतान श्रमिकों के खाते में एवं सामग्री का भुगतान सामग्री प्रदायकर्ता के खाते में FTO द्वारा नोडल खाते से PFMS के माध्‍यम से हस्‍तांतरित होता है। शेष जानकारी उत्‍तरांश '''' अनुसार है। (ग) महात्‍मा गांधी राष्‍ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजनांतर्गत जॉबकार्डधारी परिवारों के वयस्‍क सदस्‍यों द्वारा अकुशल श्रम की मांग किये जाने पर एक वित्‍तीय वर्ष में एक जॉबकार्डधारी परिवार को 100 दिवस का रोजगार दिये जाने का प्रावधान है। स्‍थाई पलायन संबंधी आंकड़े पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग में संधारित नहीं किये जाते हैं। (घ) रतलाम जिले में मनरेगा योजना में वर्ष 2017 से 2021 तक आर्थिक अनियमितता की प्रकरणवार जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है।

परिशिष्ट - "दो"

जॉबकार्ड धारियों का मनरेगा में रजिस्‍ट्रेशन

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

10. ( *क्र. 1293 ) श्री भूपेन्द्र मरावी : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) डिण्‍डोरी जिले में वित्‍तीय वर्ष 2021-22 में 28 फरवरी, 2022 तक कितने जॉबकार्ड धारी लोगों ने मनरेगा में रजिस्‍ट्रेशन कराया था? उपरोक्‍त अवधि में कितने जॉबकार्डधारियों को मनरेगा में काम मिला? (ख) उपरोक्‍त अवधि में कितने जॉबकार्ड धारियों को मनरेगा में काम नहीं मिला? (ग) मनरेगा में जॉबकार्ड होने के बावजूद काम मांगने पर उन्‍हें काम न दिए जाने का क्‍या कारण है? (घ) क्‍या सरकार भविष्‍य में मनरेगा में जॉबकार्ड धारियों को प्रत्‍येक व्‍यक्ति को कार्य की मांग करने पर काम दिया जाना सुनिश्चित करेगी?

पंचायत मंत्री ( श्री महेन्‍द्र सिंह सिसौदिया ) : (क) महात्‍मा गांधी राष्‍ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत डिण्‍डौरी जिले में वित्‍तीय वर्ष 2021-22 में 28 फरवरी 2022 तक 6465 जॉबकार्डधारी परिवारों ने मनरेगा में रजिट्रेशन कराया। उक्‍त अवधि में इन 6465 जॉबकार्डधारी परिवारों के साथ-साथ 180976 जॉबकार्डधारी परिवारों को मांग के आधार पर काम/रोजगार उपलब्‍ध कराया गया। (ख) उत्‍तरांश '''' के परिप्रेक्ष्‍य में जॉबकार्डधारियों को मनरेगा में काम नहीं मिलने की संख्‍या शून्‍य है। (ग) उत्‍तरांश '''' के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उत्‍पन्‍न नहीं होता। (घ) महात्‍मा गांधी राष्‍ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम 2005 का उद्देश्‍य ऐसे प्रत्‍येक ग्रामीण परिवार जिनके वयस्‍क सदस्‍य अकुशल शारीरिक श्रम कार्य करना चाहते हैं, को एक वित्‍त वर्ष में कम से कम 100 दिनों का गारंटीयुक्‍त मजदूरी रोजगार उपलब्‍ध कराना है। मनरेगा में मजदूरी रोजगार को कानूनी गारंटी दी गई है।

मनरेगा योजनान्‍तर्गत निर्माण कार्यों की जानकारी

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

11. ( *क्र. 2828 ) श्री उमाकांत शर्मा : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र की जनपद सिरोंज एवं लटेरी में 01 अप्रैल, 2020 से प्रश्‍नांकित अवधि तक मनरेगा योजनान्‍तर्गत कौन-कौन से सामुदायिक कार्य स्‍वीकृत किये गये हैं? स्‍वीकृत राशि, व्‍यय राशि, कितने कार्य पूर्ण हुए, कितने अपूर्ण हैं, कितने अप्रारंभ हैं? जनपद पंचायतवार संख्‍यात्‍मक जानकारी उपलब्‍ध करावें। (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में उक्‍त कार्यों का मूल्‍यांकन किन-किन अधिकारियों द्वारा किया है? सामग्री मद से कितने वेन्‍डरों को कब-कब कितना-कितना भुगतान किया गया है? पंचायतवार जानकारी उपलब्‍ध करावें। निर्माण कार्यों के मूल्‍यांकन का सत्‍यापन किसके द्वारा किया गया है? (ग) प्रश्‍नांश (ख) के संदर्भ में उपरोक्‍त अवधि‍ में मनरेगा योजना अन्‍तर्गत निर्माण कार्यों की शिकायतें जनपद एवं जिलास्‍तर पर कब-कब व किन-किन के द्वारा की गई है तथा उनकी जांच किन-किन अधिकारियों से कराई गई है? जांच में किन-किन को दोषी पाया गया है? दोषियों के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की गई? (घ) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में प्रश्‍नकर्ता के मनरेगा योजना से निर्माण कार्य स्‍वीकृत करने हेतु जनपद पंचायतों को कौन-कौन से पत्र कब-कब प्राप्‍त हुए हैं तथा उक्‍त पत्रों पर प्रश्‍नांकित दिनांक तक क्‍या कार्यवाही की गई है? पत्रों में उल्‍लेखित कार्यों में से कितने कार्य स्‍वीकृत किये गये, कितने शेष हैं, कितने कार्य अपूर्ण हैं तथा कितने कार्य अप्रारंभ हैं? शेष कार्य कब तक स्‍वीकृत किये जावेंगे? (ड.) प्रश्‍नांश (ग) और (घ) के संदर्भ में जनपद पंचायत लटेरी की ग्राम पंचायत उनारसीकलां, सेमरा मेघनाथ, झूकरजोगी तथा जनपद पंचायत सिरोंज की ग्राम पंचायत चौड़ाखेड़ी, भौंरिया, पामाखेड़ी के निर्माण कार्यों की जांच कौन-कौन से अधिका‍रियों द्वारा की गई? अधिकारी का पदनाम सहित जानकारी उपलब्‍ध करावें। क्‍या जांच प्रतिवेदनों पर कार्यवाही लंबित है? यदि हाँ, तो इसके लिए दोषी कौन है? ग्राम उनारसीकलां के निर्माण कार्यों का रिकॉर्ड जांच एजेंसी को कब तक उपलब्‍ध करा दिया जावेगा?

पंचायत मंत्री ( श्री महेन्‍द्र सिंह सिसौदिया ) : (क) प्रश्‍नाधीन अवधि में मनरेगा अंतर्गत गौशाला, चारागाह, ग्रेवल सड़क, चेकडेम, स्‍टापडेम, सी.सी. रोड, पुलिया, नवीन तालाब, तालाब जीर्णोद्धार, रेनवॉटर हार्वेस्टिंग, पंचायत भवन, आंगनवाड़ी भवन एवं सामुदायिक स्‍वच्‍छता परिसर इत्‍यादि 4082 सामुदायिक कार्यों की स्‍वीकृत राशि रूपये 18285.8 लाख, व्‍यय राशि रूपये 9030.41 लाख है, जिनमें से 1025 कार्य पूर्ण, 3057 अपूर्ण व अप्रारंभ कार्य कोई नहीं है। जनपद पंचायतवार संख्‍या पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) कार्यों का मूल्‍यांकन उपयंत्रियों द्वारा किया गया है। सामग्री मद में वेन्‍डरों को पंचायतवार भुगतान की गई राशि की दिनांकवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। निर्माण कार्यों का सत्‍यापन सहायक यंत्री के द्वारा किया गया है। उपयंत्री व सहायक यंत्री की जानकारी उत्‍तरांश '' के पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-1 में दी गई है। (ग) जानकारी संकलित की जा रही है। (घ) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में प्रश्‍नकर्ता के मनरेगा योजना से निर्माण कार्य स्‍वीकृत करने हेतु जनपद पंचायत सिरोंज में 26 पत्र एवं जनपद पंचायत लटेरी में 24 प्राप्‍त हुए। पत्रों में उल्‍लेखित प्रस्‍तावों में स्‍वीकृत किये गये कार्य, पूर्ण कार्य एवं अपूर्ण/प्रगतिरत कार्य तथा स्‍वीकृति हेतु शेष कार्यों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 3 एवं परिशिष्‍ट -4 अनुसार है। (ड.) विकासखण्‍ड लटेरी की ग्राम पंचायत सेमरा मेघनाथ, झूकरजोगी तथा विकासखण्‍ड सिरोंज की ग्रामपंचायत चैड़ाखेड़ी, भौंरिया एवं पामाखेड़ी के निर्माण कार्यों की जांच कार्यपालन यंत्री ग्रामीण यांत्रिकी सेवा जिला विदिशा द्वारा कराई गई, जिसमें संबंधित ग्राम पंचायत के सरपंच/सचिव एवं उपयंत्री व सहायक यंत्री को दोषी पाया गया। उक्त प्रकरण को पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम की धारा 89 में दर्ज कर कार्यवाही प्रचलन में है। कार्यपालन यंत्री ग्रामीण यांत्रिकी सेवा जिला विदिशा द्वारा जांच प्रतिवेदन में पाया गया कि निर्माण कार्यों में अनियमितताएं तो हुई है, परन्तु वसूली राशि एवं मौके की जांच रिपोर्ट में भिन्नता होने से इन तथ्यों के परीक्षण हेतु कार्यालय के पत्र क्र. 1484/जि.पं./2022, दिनांक 01.02.2022 द्वारा जिला स्तरीय समिति गठित की गई, जिसमें श्री एस.पी. आर्य, महा प्रबंधक म.प्र. ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण पी.आई.यू.-2 विदिशा एवं श्री के.एल. लाहोरिया, अनुविभागीय अधिकारी उपसंभाग विदिशा को 15 दिवस में तथ्यात्मक जांच कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने हेतु निर्देशित किया गया था। प्रतिवेदन अप्राप्त होने की दशा में पुनः पत्र क्र. 3227, दिनांक 28.02.2022 द्वारा अविलंब प्रतिवेदन प्रस्तुत करने हेतु निर्देशित किया गया है। ग्राम पंचायत उनारसीकलां विकासखण्‍ड लटेरी के अभिलेख के संबंध में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत लटेरी के पत्र क्र. 588, दिनांक 28.02.2022 के द्वारा समस्त अभिलेख ग्राम पंचायत उनारसीकलां में उपलब्ध हैं, विगत 05 वर्षों के निर्माण कार्यों में अनियमितताओं की प्राप्त शिकायतों की जांच हेतु कार्यपालन यंत्री ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग विदिशा को पत्र क्र. 3889, दिनांक 03.03.2022 द्वारा निर्देशित किया गया।

माध्‍यमिक शिक्षकों की भर्ती

[स्कूल शिक्षा]

12. ( *क्र. 1047 ) श्री निलय विनोद डागा : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा प्रश्‍न क्रमांक 215, दिनांक 13.12.2021 द्वारा प्रदेश में माध्‍यमिक शिक्षकों के 54282 पद रिक्त होना बताया गया है, परन्तु विभाग ने केवल 5670 पदों पर ही भर्ती का आयोजन किया है? क्‍या उक्‍त पदों में वृद्वि की जावेगी? (ख) मध्यप्रदेश में माध्‍यमिक शिक्षकों के कितने पद बैकलॉग के रिक्‍त हैं? विषयवार बतावें। (ग) मुख्यमंत्री जी द्वारा जो घोषणा की गई है उसके अनुसार क्या इसी वित्‍तीय वर्ष में बैकलॉग पदों की भर्ती प्रक्रिया प्रारंभ की जाकर पदों की पूर्ति की जावेगी? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्‍यों? (घ) वर्ष 2018 में शिक्षक भर्ती परीक्षा का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों शिक्षक पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण अभ्यर्थी ओवरएज हो गए हैं, इसके लिए कौन जिम्मेदार है? क्‍या ओवरएज हुए अभ्‍यर्थियों को राहत प्रदान की जावेगी?

राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) विधान सभा प्रश्‍न क्रमांक 215, दिनांक 13.12.2021 में बताई गई रिक्तियों में सीधी भर्ती एवं पदोन्नति की रिक्तियां सम्मिलित हैं। पदपूर्ति एक सतत् प्रक्रिया है, पदों में वृद्वि सक्षम स्वीकृति पर निर्भर करेगा। (ख) माध्यमिक शिक्षक भर्ती प्रक्रिया प्रचलित है, भर्ती प्रक्रिया पूर्ण होने के पश्‍चात बैकलॉग पदों की गणना कर जानकारी दी जा सकेगी। (ग) वर्तमान नियोजन प्रक्रिया में पूर्व के बैकलॉग पदों को सम्मिलित किया गया है, प्रश्‍नांश '' के उत्‍तर के प्रकाश में समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) वर्तमान में प्रचलित उच्च माध्यमिक एवं माध्यमिक शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में अभ्यर्थी की न्यूनतम एवं अधिकतम आयु की गणना दिनांक 01.01.2019 की स्थिति में की गई है। अतः शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

स्वीकृत सड़क का निर्माण

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

13. ( *क्र. 1984 ) श्री विजय रेवनाथ चौरे : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या सौंसर विधानसभा के ग्राम घोगरी से भवानी माता मंदिर की ओर लगभग डेढ़ किलोमीटर की सड़क सन 2019 में स्वीकृत हुई थी? (ख) ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग के अधीन इस सड़क का निर्माण होना था, परंतु आज 3 वर्ष बीत चुके किंतु निर्माण कार्य प्रारंभ क्यों नहीं हुआ? (ग) कार्य प्रारंभ कब तक होगा? (घ) इस सड़क का निर्माण कब तक पूरा किया जाएगा, विभाग के अधिकारियों पर क्या कार्यवही होगी?

पंचायत मंत्री ( श्री महेन्‍द्र सिंह सिसौदिया ) : (क) सन 2019 में कोपरावाडी रामूढाना रोड से घोघरी तक एक किलोमीटर सड़क स्‍वीकृत हुई थी। इसी मार्ग पर भवानी माता मंदिर स्थित है। (ख) ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग के अधीन स्‍वीकृत कोपरावाडी रामूढाना रोड से घोघरी मार्ग में किसानों की निजी भूमि आने एवं किसानों द्वारा शासन पक्ष में भूमि दान देने हेतु तैयार न होने के कारण कार्य प्रारंभ नहीं हुआ। (ग) किसानों द्वारा शासन पक्ष में रजिस्‍टर्ड दान पत्र देने के उपरांत ही कार्य किया जा सकेगा। (घ) उत्‍तरांश '''' के परिप्रेक्ष्‍य में शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

स्‍टेनो टायपिस्‍ट/लिपिक संवर्ग अंतर्गत पदोन्‍नति

[स्कूल शिक्षा]

14. ( *क्र. 2769 ) श्री के.पी. त्रिपाठी [ श्री राजेन्द्र शुक्ल ] : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या स्‍कूल शिक्षा विभाग अंतर्गत जिला, संभाग एवं राज्‍य स्‍तर के कार्यालयों में वर्ष 1998 के पश्‍चात स्‍टेनो टायपिस्‍ट संवर्ग से लिपिक संवर्ग में तथा लिपिक संवर्ग से स्‍टेनो टायपिस्‍ट संवर्ग में पदोन्‍नति की गई है? यदि हाँ, तो किन-किन को पदोन्‍नत किया गया? (ख) प्रश्‍नांश (क) के प्रकाश में स्‍टेनो टायपिस्‍ट संवर्ग से लिपिक संवर्ग में तथा लिपिक संवर्ग से स्‍टेनो टायपिस्‍ट संवर्ग में पदोन्‍नति क्‍या नियम विरूद्ध है? क्‍या इन संवर्गों के कर्मचारियों की पदोन्‍नतियॉ निरस्‍त की गईं हैं? यदि हाँ, तो किन-किन की पदोन्‍नति निरस्‍त की गई और किनकी नहीं? सूची उपलब्‍ध कराएं। (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के प्रकाश में क्‍या इन संवर्गों में नियम विरूद्ध पदोन्‍नति की जांच हेतु संचालक, लोक शिक्षण, म.प्र. की अध्‍यक्षता में समिति गठित की गई थी? यदि हाँ, तो जांच प्रतिवेदन पर क्‍या कार्यवाही की गई? जांच प्रतिवेदन एवं की गई कार्यवाही उपलब्‍ध करायें।

राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) वर्ष 1998 के पश्चात जिला एवं संभाग स्तर के कार्यालयों में स्टेनो टायपिस्ट संवर्ग से लिपिक संवर्ग में तथा लिपिक संवर्ग से स्‍टेनो टायपिस्ट संवर्ग में पदोन्नति नहीं की गई है। केवल राज्य स्तरीय कार्यालय लोक शिक्षण संचालनालय के आदेश दिनांक 01.02.2003 द्वारा श्रीमती रेखा खान एवं आदेश दिनांक 12.08.2005 द्वारा श्रीमती अर्चना देशभ्रतार को स्‍टेनो टायपिस्ट संवर्ग से लिपिक संवर्ग (सहायक ग्रेड-2) के पद पर पदोन्नति दी गई है। लिपिक संवर्ग से स्‍टेनो टायपिस्ट संवर्ग में किसी को पदोन्नति नहीं दी गई है। (ख) जी हाँ। जी नहीं। प्रकरण की जांच कराई जा रही है। (ग) जी नहीं। शेषांश का प्रश्‍न नहीं उठता।

मनरेगा योजनान्‍तर्गत हुये कार्यों की जांच

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

15. ( *क्र. 141 ) श्री पुरुषोत्तम लाल तंतुवाय : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) हटा व पटेरा विकासखण्‍ड में विगत वर्ष 2018-19, 2019-20 तथा 2020-21 मनरेगा योजना अंतर्गत कौन-कौन से सामुदायिक मूलक कार्य कितनी-कितनी लागत से स्‍वीकृत किये गये? कार्य एजेंसी सहित जनपदवार जानकारी उपलब्‍ध करायी जावे। साथ ही मूल्‍यांकनकर्ता के पदनाम की जानकारी व कराये गये कार्य की वर्तमान स्थिति बतावें। (ख) हटा व पटेरा विकासखण्‍ड में कराये गये मनरेगा अंतर्गत कार्यों की गुणवत्‍ताहीन होने की जिला स्‍तर पर कितनी शिकायतें प्राप्‍त हुईं? शिकायतों पर क्‍या निराकरण हुआ? प्रदेश स्‍तरीय जांच दल बनाकर मनरेगा योजना अन्‍तर्गत हुये उक्‍त कार्यों की जांच, दल बनाकर करायी जावेगी?

पंचायत मंत्री ( श्री महेन्‍द्र सिंह सिसौदिया ) : (क) जनपद पंचायत हटा में विगत वर्ष 2018-19, 2019-20 तथा 2020-21 में मनरेगा योजना अंतर्गत 824 सामुदायिक मूलक कार्य राशि रू. 3045.80 लाख एवं जनपद पंचायत पटेरा अंतर्गत 853 सामुदायिक मूलक कार्य राशि रू. 4094.16 लाख लागत से स्‍वीकृत किये गये हैं। कार्यों का मूल्‍यांकन उपयंत्री द्वारा किया गया है। कार्य एजेंसी सहित कार्यों की वर्तमान स्थिति की जनपदवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) जनपद पंचायत हटा अंतर्गत मनरेगा योजना में कार्यों की गुणवत्‍ताहीन होने की 07 शिकायतें प्राप्‍त हुई, जिसमें से 06 शिकायतें जांच के दौरान निराधार पायी गयी एवं 01 शिकायत में जो भी कमी पायी गयी थी, उसका सुधार करा दिया गया है एवं पटेरा अंतर्गत कार्यों की गुणवत्‍ताहीन होने की 09 शिकायतें प्राप्‍त हुई, जिसमें से 05 शिकायतें जांच के दौरान निराधार पायी गयी एवं 04 शिकायत में जो भी कमी पायी गयी थी, उसका सुधार करा दिया गया है। शिकायतों के निराकरण की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। शेष प्रश्‍न उत्‍पन्‍न नहीं होता है।

प्रथम क्रमोन्नति एवं शिक्षक के पद पर नियुक्ति

[स्कूल शिक्षा]

16. ( *क्र. 2599 ) श्री सिद्धार्थ सुखलाल कुशवाहा : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रश्‍न क्रमांक 5302, दिनांक 17.03.2021 में मनीषा कुशवाहा, अध्यापक जोरी रीवा के प्रथम क्रमोन्नति एवं स्कूल शिक्षा विभाग में माध्यमिक शिक्षक के पद पर नियुक्ति से सम्बंधित था, जिसके जवाब में डी.ई.ओ. रीवा द्वारा जांच समिति गठित की गई थी तथा अतारांकित प्रश्‍न क्रमांक 385, दिनांक 20.12.2021 के द्वारा पुन: उसी बिंदु पर जानकारी चाही गई तो जवाब में जांच प्रतिवेदन प्राप्त होने एवं परीक्षण उपरांत कार्यवाही करने का आश्‍वासन दिया गया था तो अब तक आदेश जारी क्यों नहीं किए गए? उक्त आदेश कब तक जारी होंगे? (ख) क्या प्रश्‍नांश (क) में उल्लेखनीय जांच प्रतिवेदन पत्र क्रमांक 237, दिनांक 07.12.2021 जो डी... रीवा को प्रस्तुत की गई थी, उसमें अध्यापिका को विषयांकित हितलाभ दिए जाने का पात्र माना गया है तो फिर आज दिनांक तक विषयांकित हितलाभ संबंधी आदेश जारी न करना पदीय दायित्वों के प्रति कर्तव्यविमुख होना दर्शाता है तो इसका दोषी कौन है? उसके विरुद्ध क्या दण्‍डात्मक कार्यवाही होगी एवं कब तक? (ग) क्या संचालनालय के पत्र क्रमांक 1805, दिनांक 09.12.2021 जे.डी. रीवा को जारी कर प्रकरण में विलंब करने के दोषी की जांचकर शीघ्र कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए थे? यदि हाँ, तो आज दिनांक तक कोई कार्यवाही क्यों नहीं की गई एवं दोषियों को बचाने का प्रयास करने का दोषी कौन है? उसके विरुद्ध क्या कार्यवाही होगी एवं कब तक?

राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) जी हाँ। रीवा जिला अंतर्गत अध्यापक संवर्ग के क्रमोन्नति से छूटे हुये लोक सेवकों की 12 वर्ष की सेवा पूर्ण होने के उपरांत विभागीय क्रमोन्नति समिति की अनुशंसा के आधार पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत रीवा द्वारा दिनांक 28.02.2022 को प्रथम क्रमोन्नति दिये जाने संबंधी आदेश जारी किये जा चुके हैं। उपरोक्त वर्णित आदेश में श्रीमती मनीषा कुशवाह का नाम सम्मिलित है। माध्यमिक शिक्षक के पद पर नियुक्ति की कार्यवाही प्रचलन में हैं। (ख) उत्तरांश '''' के प्रकाश में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी नहीं। अपितु प्रकरण का पूर्ण परीक्षण कर नियमानुसार कार्यवाही करने के निर्देश दिये गये थे। उत्तरांश '''' के प्रकाश में शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

जॉबकार्डधारी परिवारों को मनरेगा में काम दिया जाना

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

17. ( *क्र. 755 ) श्री मुकेश रावत (पटेल) : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अलीराजपुर जिले में वित्तीय वर्ष 2021-22 में प्रश्‍न दिनांक तक कितने जॉबकार्डधारी परिवारों द्वारा मनरेगा में कार्य की मांग की गई? (ख) उक्‍त अवधि में कितने जॉबकार्डधारी परिवारों को मनरेगा में काम मिला और कितने को नहीं मिला? (ग) मनरेगा में जॉबकार्डधारी परिवारों को काम मांगने के बावजूद उन्‍हें काम न दिए जाने का क्‍या कारण है? (घ) क्या सरकार भविष्य में मनरेगा में जॉबकार्डधारी परिवारों को काम दिया जाना सुनिश्चित करेगी?

पंचायत मंत्री ( श्री महेन्‍द्र सिंह सिसौदिया ) : (क) अलीराजपुर जिले में वित्तीय वर्ष 2021-22 में प्रश्‍न दिनांक तक 107138 जॉबकार्डधारी परिवारों द्वारा मनरेगा में कार्य की मांग की गई। (ख) उत्तरांश '''' की अवधि में कार्य स्थल पर उपस्थि‍त 83760 जॉबकार्डधारी परिवारों को मनरेगा में कार्य उपलब्ध कराया गया। शेष जॉबकार्डधारी परिवार कार्यस्थाल पर उपस्थित नहीं हुए। अत: शेष प्रश्‍नांश उत्पन्न नहीं होता। (ग) उत्तरांश '''' के परिप्रेक्ष्य में प्रश्‍न उत्पन्न नहीं होता। (घ) महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम 2005 का उद्देश्य ऐसे प्रत्येक ग्रामीण परिवार जिनके वयस्क सदस्य अकुशल शारीरिक श्रम कार्य करना चाहते हैं, को एक वित्त वर्ष में कम से कम 100 दिनों का गारंटीयुक्त मजदूरी रोजगार उपलब्ध कराना है। मनरेगा में मजदूरी रोजगार को कानूनी गारंटी दी गई है।

शिकायतों पर कार्यवाही

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

18. ( *क्र. 1954 ) श्री शरद जुगलाल कोल : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला शहडोल व रीवा में ग्राम पंचायतों के निर्माण कार्यों की शिकायतें किन-किन अधिकारियों एवं कर्मचारियों को वर्ष 2019 से प्रश्‍न दिनांक तक में प्राप्‍त हुई, का विवरण जनपदवार, अधिकारीवार जिलों का देवें। (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार प्राप्‍त शिकायतों की जांच हेतु किन-किन अधिकारियों को कब-कब आदेश जारी किये गये? जांच में किन-किन को दोषी मानकर कार्यवाही प्रस्‍तावित की गई एवं कितनी जांचें लंबित हैं? कितनी जांचों में सरपंच, सचिव के अतिरिक्‍त सहायक यंत्री, उपयंत्री व मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायतों को भी दोषी बनाया गया? अगर नहीं बनाया गया तो क्‍यों, जबकि इन सभी के कर्तव्‍य व उत्‍तरदायित्‍व निर्माण कार्यों में निहित हैं? (ग) प्रश्‍नांश (क) अनुसार प्राप्‍त शिकायतों में प्रश्‍नांश (ख) अनुसार जांच अधिकारियों द्वारा संबंधित मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी, सहायक यंत्री व उपयंत्री को दोषी नहीं बनाया गया, जबकि इनके निर्माण कार्यों में भूमिका निहित की गई है? इनको भी दोषी बनाकर क्‍या कार्यवाही करेंगे? अगर नहीं तो क्‍यों? (घ) प्रश्‍नांश (क) अनुसार प्रश्‍नांश (ख) के जांचकर्ता अधिकारियों को किन जांचों से वरिष्‍ठ अधिकारियों द्वारा पृथक किया गया फिर भी उनके द्वारा जबरन जांच प्रतिवेदन प्रस्‍तुत किया गया? उन जांच अधिकारियों पर क्‍या कार्यवाही करेंगे? (ड.) प्रश्‍नांश (क) अनुसार पंचायतों की शिकायतों पर प्रश्‍नांश (ख) अनुसार नियुक्‍त जांच अधिकारियों द्वारा जांच में सिर्फ सरपंच, सचिव को दोषी बनाकर कार्यवाही प्रस्‍तावित की गई तो इस पर क्‍या कार्यवाही करेंगे? अगर नहीं, तो क्‍यों?

पंचायत मंत्री ( श्री महेन्‍द्र सिंह सिसौदिया ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट  अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) शहडोल जिले में प्राप्‍त 46 शिकायतों में से जांच पूर्ण 14 शिकायतों के अंतर्गत 01 शिकायत में सहायक यंत्री को तथा 06 शिकायतों में 04 उपयंत्रियों को दोषी पाया गया है। रीवा जिले में प्राप्‍त 126 शिकायतों में से जांच पूर्ण 82 शिकायतों के अंतर्गत 01 शिकायत में सहायक यंत्री व उपयंत्री को दोषी पाया गया है। इन पर नियमानुसार कार्यवाही की जावेगी। दोनों जिलों के शेष शिकायतों में मु.का.अधि., सहायक यंत्री व उपयंत्री की अनियमितताओं में संलिप्‍तता नहीं पाये जाने से उनके विरूद्ध कोई कार्यवाही की आवश्‍यकता उपस्थित नहीं होती है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (घ) शहडोल एवं रीवा जिले में किसी भी जांचकर्ता अधिकारी को किसी भी जांच में वरिष्‍ठ अधिकारियों द्वारा जांच से पृथक नहीं किया गया है और न ही उनके द्वारा जबरन जांच प्रतिवेदन प्रस्‍तुत किया गया है। अतएव उन जांच अधिकारियों पर कार्यवाही करने का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ड.) जी हाँ। दोषी सरपंच सचिव के विरूद्ध पंचायत राज एवं ग्राम स्‍वराज अधिनियम 1993 की धारा 89 के तहत वसूली तथा धारा-40 एवं 92 के तहत समस्‍त कार्यवाही की जावेगी। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

आवास योजनांतर्गत स्‍वीकृत आवास

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

19. ( *क्र. 2579 ) श्री राकेश गिरि : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास मिशन एवं प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण में शासकीय अनुदान एवं हितग्राही अंश कितना-कितना निर्धारित है? दोनों योजनाओं की शर्तें बतायें। (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार जिन हितग्राहियों ने मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास मिशन में आवेदन किया था, किन्तु केवल आवास स्वीकृत हुआ अथवा प्रथम किश्त/आंशिक राशि प्राप्त करने के उपरान्त किन्ही परिस्थितिजन्य कारणों से आवास पूर्ण नहीं हो सके हैं? क्या ऐसे हितग्राहियों को प्रधानमंत्री आवास योजना में सम्मिलित किया जायेगा? (ग) जिन हितग्राहियों द्वारा मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास मिशन के तहत स्वीकृत बैंक ऋण में से आंशिक ऋण चुकाया है और कतिपय कारणों से शेष ऋण चुकाने में असमर्थ होने से उनके खाते एन.पी.ए. हो चुके हैं? क्या ऐसे हितग्राहियों की शेष ऋण राशि शासन द्वारा वहन/माफ की जायेगी? (घ) प्रश्‍नांश (ख) एवं (ग) में यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो, ग्रामीण क्षेत्र में पक्का आवास निर्माण हेतु हितग्राही को मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास मिशन में अंशदान देना पड़ रहा है, जबकि प्रधानमंत्री आवास योजना में शत-प्रतिशत अनुदान है, अतः मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास मिशन के हितग्राहियों की ऋण राशि माफ करने की योजना कब तक बनाई जायेगी?

पंचायत मंत्री ( श्री महेन्‍द्र सिंह सिसौदिया ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) एवं (ग) जी नहीं। (घ) ऐसी कोई योजना विचारण में नहीं है।

देवास जिलांतर्गत खेल सामग्री का वितरण

[खेल एवं युवा कल्याण]

20. ( *क्र. 2404 ) श्री पहाड़सिंह कन्नौजे : क्या खेल एवं युवा कल्याण मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा देवास जिला अन्तर्गत पिछले 3 वर्षों में कहां-कहां खेल सामग्री वितरित की गई? संपूर्ण विवरण दें। कितनी राशि जिला देवास अन्तर्गत खेल विभाग द्वारा दी गई? (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में क्‍या विधानसभा बागली को भी सामग्री दी गई? यदि हाँ, तो क्या सामग्री 3 वर्षों में दी गई? यदि नहीं, तो खेल सामग्री क्यों नहीं दी गई? (ग) प्रश्‍नांश (ख) के संदर्भ में क्या खेलों को प्रोत्साहित करने हेतु प्रश्‍नकर्ता के क्षेत्र को भी खेल सामग्री दी जायेगी? यदि हाँ, तो क्या-क्या‍ सामग्री दी जायेगी? यदि नहीं, तो क्यों नहीं दी जायेगी?

खेल एवं युवा कल्याण मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा जिला देवास अंतर्गत पिछले 03 वर्षों में वितरित खेल सामग्री का तथा इस अवधि में जिला देवास को प्राप्त आवंटन की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) जी हाँ। विधानसभा क्षेत्र बागली को 03 वर्षों में दी गई सामग्री की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ग) विकासखण्‍ड बागली में खेलों को प्रोत्साहित करने हेतु वर्ष 2021-22 में प्रदाय खेल सामग्री की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है।

इन्दौर जिलान्तर्गत मिनी खेल एकेडमी खोली जाना

[खेल एवं युवा कल्याण]

21. ( *क्र. 1570 ) श्री संजय शुक्ला : क्या खेल एवं युवा कल्याण मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) इन्दौर जिला अन्तर्गत मिनी खेल एकेडमी खोले जाने का प्रस्ताव खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा भोपाल को भेजा गया था? (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में जिला खेल अधिकारी इन्दौर द्वारा कब मिनी खेल एकेडमी खोले जाने का प्रस्ताव खेल विभाग (मंत्रालय) भोपाल को प्रेषित किया? इन्दौर जिले में कहां पर मिनी खेल एकेडमी खोलने का प्रस्ताव भेजा गया? खेल विभाग भोपाल द्वारा उक्त प्रस्ताव पर क्या कार्यवाही की गई? विधानसभा क्षेत्र इंदौर 01 अन्‍तर्गत भी मिनी खेल एकेडमी खोली जायेगी? (ग) प्रश्‍नांश (ख) के संदर्भ में क्या प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है? यदि हाँ, तो कब तक, कहां पर व कितनी राशि से मिनी खेल एकेडमी खोली जाना प्रस्तावित है? कार्य कब प्रारंभ होगा कब तक पूर्ण होगा?

खेल एवं युवा कल्याण मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) जी नहीं। (ख) एवं (ग) प्रश्‍नांश '''' के उत्‍तर के संदर्भ में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

आर.जी.पी.वी. में की गई अनियमितताओं पर कार्यवाही

[तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोज़गार]

22. ( *क्र. 2845 ) श्री मेवाराम जाटव : क्या खेल एवं युवा कल्याण मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या आर.जी.पी.वी. में नियमों को दर किनार करते हुए लगभग 170 करोड़ रूपयों का भुगतान किये जाने के संबंध में श्री राकेश खरे एवं डॉ. एस.के. जैन की दो सदस्‍यीय जांच समिति ने जांच कर रिपोर्ट नवम्‍बर 2021 में संचालनालय को सौंपी थी? (ख) यदि हाँ, तो उक्‍त रिपोर्ट में की गई अनुशंसा एवं निष्‍कर्ष के आधार पर दोषियों के विरूद्ध कार्यवाही नहीं करने के क्‍या कारण हैं?

खेल एवं युवा कल्याण मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) जी हाँ। (ख) श्री सुरेश सिंह कुशवाह के विरूद्ध अनुशासनात्‍मक कार्यवाही करने के लिये राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्‍वविद्यालय को नियुक्ति प्राधिकारी होने के कारण जांच प्रतिवेदन प्रेषित किया गया है।

फसल बीमा राशि का प्रदाय

[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]

23. ( *क्र. 2766 ) श्री विपिन वानखेड़े : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) आगर तहसील में कितने किसानों के खातों में खरीफ 2020 तथा रबी 2020-21 की फसल बीमा दावा की कितनी-कितनी राशि जमा की गई है? कितने किसानों के खातों में खरीफ 2020 तथा रबी 2020-21 की फसल बीमा दावा राशि 100 रूपये से कम जमा करवाई गई है? (ख) क्‍या माननीय मुख्‍यमंत्री जी द्वारा किसानों के खातों में फसल बीमा राशि कम देने के मामले की जांच के निर्देश दिये गये हैं? क्‍या किसानों के खातों में फसल बीमा राशि कम देने के मामले की जांच की गई है? यदि हाँ, तो आगर तहसील के कितने किसानों के खातों में फसल बीमा दावा राशि कम जमा हुई है तथा ऐसे किसानों के खातों में वास्‍तविक नुकसान अनुसार बढ़ी हुई फसल बीमा दावा राशि कब तक जमा करवा दी जावेगी और यदि जांच के निर्देश नहीं दिये गये हैं तथा जांच नहीं की गई है तो ऐसे किसान जिन्‍हें खरीफ 2020 तथा रबी 2020-21 की फसल बीमा दावा राशि कम मिली है, उन्‍हें वास्‍तविक नुकसानी के आधार पर फसल बीमा की राशि कब तक प्राप्‍त होगी?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री कमल पटेल ) : (क) एवं (ख) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

किसानों को समर्थन मूल्य के साथ बोनस का प्रदाय

[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]

24. ( *क्र. 1731 ) श्री अर्जुन सिंह काकोडि़या : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) आज भी हमारा देश कृषि प्रधान है, किसानों को उनके उत्पादन उपज का सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य देती है, इसकी भरपाई के एवज में किसानों को बोनस देने का प्रावधान था, लेकिन किसानों को मिलने वाला बोनस 2014-15 के बाद बंद हो गया, ऐसा क्यों? किसानों को पुनः बोनस दिया जाएगा कि नहीं? यदि दिया जाएगा तो कब से प्रारंभ करेंगे? यदि नहीं, तो क्यों नहीं? (ख) किसानों की उपज का समर्थन मूल्य तय करने में राज्य सरकार की क्या भूमिका होती है? समर्थन मूल्य तय करने के क्या मापदण्‍ड हैं? किसानों की आय कब तक दुगनी होगी? (ग) जनवरी माह में प्रदेश में अति ओलावृष्टि हुई, जिसमें हमारे सिवनी जिले में प्रश्‍नकर्ता के विधानसभा क्षेत्र बरघाट के तकरीबन 60 गांव ओलावृष्टि से प्रभावित हुए और किसानों की फसलें बर्बाद हो गई, सरकार के द्वारा कहा गया था कि उन किसानों की क्षतिग्रस्त फसलों का मुआवजा तुरंत किसानों के खातों में दिया जाएगा, लेकिन आज तक किसानों को उनकी क्षतिग्रस्त फसलों का मुआवजा प्राप्त नहीं हुआ है? कितना मुआवजा तय किया गया है और कब तक किसानों को दिया जाएगा?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री कमल पटेल ) : (क) जी हाँ, भारत सरकार द्वारा समर्थन मूल्‍य के साथ बोनस दिया जाता था, शेष प्रश्‍नांश भारत सरकार स्‍तर से संबंधित है। (ख) उपज का समर्थन मूल्‍य तय करने में भारत सरकार के कृषि लागत एवं मूल्‍य आयोग द्वारा राज्‍य शासन से प्रश्‍नावली की जानकारी ली जाती है। समर्थन मूल्‍य तय करने का मापदण्‍ड भारत सरकार स्‍तर से संबंधित है। विभाग में किसानों के आय के आंकडे संधारित नहीं किए जाते हैं। समयावधि बताना संभव नहीं है। (ग) माह जनवरी में सिवनी जिले का बरघाट विधान सभा क्षेत्र के अंतर्गत ओला वृष्टि से 51 ग्रामों के कुल 3405 किसानों की फसल क्षति ग्रस्‍त होने से प्रभावित सभी किसानों को मुआवजा राशि रूपये 53317581/- किसानों के खाते में भुगतान किया जा चुका है।

रोजगार सहायक एवं सचिव के स्‍थानान्‍तरण

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

25. ( *क्र. 2516 ) श्री ब्रह्मा भलावी : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बैतूल जिले में विधान सभा क्षेत्र 132, घोड़ा डोंगरी के अन्‍तर्गत गत दो वर्ष में किस-किस ग्राम पंचायत के सचिव एवं रोजगार सहायक का स्‍थानान्‍तरण किया गया या उसका प्रभार बदला गया? यह कार्यवाही किस अधिकारी के आदेश से की गई, आदेश का अनुमोदन या पृष्टि या अनुमति किस अधिकारी के द्वारा दी गई? (ख) रोजगार सहायक एवं सचिव के स्‍थानान्‍तरण किए जाने या प्रभार बदले जाने का अधिकार राज्‍य शासन के किस परिपत्र की किस कंडिका के अनुसार किन-किन शर्तों पर किसे प्रदान किया गया है? (ग) शासन के परिपत्र का उल्‍लंघन कर सचिव एवं रोजगार सहायक के किए गए स्‍थानान्‍तरण या प्रभार बदले जाने की कार्यवाहियों को लेकर शासन क्‍या कर रहा है, कब तक करेगा?

पंचायत मंत्री ( श्री महेन्‍द्र सिंह सिसौदिया ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ग) उत्‍तरांश '''' के परिप्रेक्ष्‍य में, परीक्षण कर समुचित कार्यवाही की जाएगी।

 

 

 

 






भाग-2

नियम 46 (2) के अंतर्गत अतारांकित प्रश्‍नोत्तर के रुप में परिवर्तित तारांकित प्रश्‍नोत्तर


उर्वरक वितरण केन्‍द्र बनाया जाना

[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]

1. ( क्र. 56 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या जबलपुर जिले में उर्वरकों की आपूर्ति हेतु किसानों को इस वर्ष 15 से 20 दिन तक लाईन लगाकर इंतजार करना पड़ा है? (ख) क्या इस अव्यवस्था को दूर करने के लिये अधिक संख्या में उर्वरक वितरण केन्द्र बनाये जा सकते हैं? (ग) यदि नहीं तो उर्वरकों की सुलभ उपलब्धता हेतु क्या कार्यवाही की जावेगी?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री कमल पटेल ) : (क) जी नहीं। (ख) एवं (ग) प्रश्‍नांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

कृषि मण्‍डी के कार्य

[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]

2. ( क्र. 108 ) डॉ. राजेन्‍द्र पाण्‍डेय : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या विभागीय माननीय मंत्री जी के विगत वर्ष 2020-21 में प्रवास कार्यक्रम के दौरान जावरा अरनियापीथा मण्‍डी एवं खाचरोद नाका फल-फूल सब्‍जी मण्‍डी को उन्‍नत किये जाने हेतु मांग पत्र दिये गये थे? (ख) यदि हाँ, तो अरनियापीथा मण्‍डी जावरा को फूडपार्क के रूप में विकसित किये जाने हेतु किस प्रकार की कार्ययोजना बनाई जाकर योजना को कब तक स्‍वीकृति दी जा सकेगी? (ग) फल-फूल सब्‍जी मण्‍डी खाचरोद नाका के निर्माण हेतु विगत वर्षों में कितनी राशि स्‍वीकृत होकर उससे क्‍या-क्‍या कार्य किये गये? कितने पूर्ण हुये? कितने अपूर्ण रहे? भौतिक सत्‍यापन किसके द्वारा किया गया? (घ) फल-फूल सब्‍जी मण्‍डी खाचरोद, नाका जावरा परिसर अन्‍तर्गत अन्‍य और भी कितने लायसेंसधारी हैं तथा अरनियापीथा मण्‍डी जावरा अन्‍तर्गत कितने ऐसे व्‍यापारी लायसेंसधारी हैं जो दोनों स्‍थानों पर गोडाउन, शॉप प्राप्‍त कर दोनों स्‍थानों पर ही एक साथ कार्य कर रहे हैं तो किस नियम प्रक्रिया से?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री कमल पटेल ) : (क) जी नहीं। अपितु प्रबंध संचालक को संबोधित मांग पत्र प्राप्‍त हुये हैं। (ख) मण्‍डी प्रांगणों में फुडपार्क का प्रावधान नहीं होने से उक्‍त कार्य कराया जाना संभव नहीं है। अपितु मण्‍डी बोर्ड द्वारा फल सब्‍जी मण्‍डी विकसित किये जाने हेतु राशि रू 598.32 लाख की स्‍वीकृति दी गई है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र 'अनुसार है। (ग) फल-फूल सब्‍जी मण्‍डी खाचरोद नाका प्रागंण में विगत वर्षों में 09 कार्यों हेतु राशि रू 855.76 लाख रू. स्‍वीकृत हुये थे, उक्‍त समस्‍त कार्य वर्ष 2020-21 तक पूर्ण हो चुके हैं। जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र 'अनुसार है। भौतिक सत्‍यापन उपंयत्री, सहायक यंत्री एवं कार्यपालन यंत्री द्वारा किया गया। (घ) फल-फूल सब्‍जी मण्‍डी खाचरोद नाका जावरा परिसर अंतर्गत कुल 122 लायसेंसधारी हैं तथा अरनियापीथा मण्‍डी जावरा के अंतर्गत 61 लायसेंसधारी हैं जिनके द्वारा दोनों स्‍थानों पर भूमि एवं संरचना आवंटन नियम 2009 के नियम 3 के उपनियम (7) (क) (ख) के अनुसार गोडाउन, शॉप प्राप्‍त कर एक साथ कार्य कर रहे हैं। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र  'अनुसार है।

सुदूर ग्राम सड़क व खेल मैदान की स्‍वीकृति

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

3. ( क्र. 109 ) डॉ. राजेन्‍द्र पाण्‍डेय : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2019-20 से लेकर प्रश्‍न दिनांक तक रतलाम जिला अंतर्गत कितनी ग्राम पंचायतों में कुल कितनी राशि के सुदूर ग्राम सड़क एवं खेल मैदान हेतु मनरेगा से स्‍वीकृति प्रदान की गई? कितने कार्य पूर्ण हुए कितने अपूर्ण रहे? संख्‍यात्‍मक जानकारी देवें? (ख) वर्ष 2019-20 से लेकर प्रश्‍न दिनांक तक मनरेगा अन्‍तर्गत रतलाम जिले में कितनी ग्राम पंचायतों में खेल मैदान स्‍वीकृत किये गये? इस हेतु कुल कितनी राशि स्‍वीकृत की गई? कितने कार्य पूर्ण कितने अपूर्ण रहे? संख्‍यात्‍मक जानकारी देवें। (ग) खेल मैदान एवं सुदुर ग्राम सड़क के उपरोक्‍त वर्षों में किये गये कार्यों का भौतिक सत्‍यापन किस सक्षम अधिकारी द्वारा किया गया? जनपदवार पंचायतवार जानकारी दें। (घ) पूर्ण किये गये सुदूर ग्राम सड़क एवं खेल मैदानों का क्‍या आमजन व खिलाड़ि‍यों द्वारा इनका उपयोग किया जा रहा है?

पंचायत मंत्री ( श्री महेन्‍द्र सिंह सिसौदिया ) : (क) वर्ष 2019-20 से लेकर प्रश्‍न दिनांक तक रतलाम जिला अंतर्गत मनरेगा योजना से 124 ग्राम पंचायतों में राशि रू. 1523.09 लाख की सुदूर ग्राम सड़क एवं 30 ग्राम पंचायतों में राशि रू. 86.35 लाख के खेल मैदान हेतु स्‍वीकृति प्रदान की गई है। जिनमें से 13 सुदूर ग्राम सड़क कार्य पूर्ण एवं 118 अपूर्ण हैं तथा 12 खेल मैदान पूर्ण एवं 20 अपूर्ण हैं। (ख) उत्‍तरांश () अनुसार। (ग) खेल मैदान एवं सुदुर ग्राम सड़क के उपरोक्‍त वर्षों में किये गये कार्यों का भौतिक सत्‍यापन उपयंत्री एवं सहायक यंत्री द्वारा किया गया है। जनपदवार पंचायतवार जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट  '' एवं '' अनुसार है। (घ) जी हाँ।

क्षेत्रीय ओपन स्‍टेडियम बनाया जाना

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

4. ( क्र. 118 ) डॉ. राजेन्‍द्र पाण्‍डेय : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या यह सही है कि पिपलौदा जनपद मुख्‍यालय एवं जावरा जनपद मुख्‍यालय पर विगत कई वर्षों से ओपन खेल स्‍टेडियम बनाए जाने की मांग प्रश्‍नकर्ता द्वारा, विभिन्‍न खेलों के खिलाड़ि‍यों द्वारा एवं क्षेत्रीय आमजन के द्वारा लगातार की जा रही है? (ख) यदि हाँ, तो पिपलौदा जनपद मुख्‍यालय अन्‍तर्गत लगने वाली लगभग 52 ग्राम पंचायतों के 100 गांव एवं जावरा जनपद मुख्‍यालय अन्‍तर्गत आने वाली 68 ग्राम पंचायतों के 100 से अधिक गांव आने के बावजूद ओपन स्‍टेडियम की स्‍वीकृति क्‍यों लंबित है? (ग) प्रश्‍नकर्ता द्वारा अप्रैल 2020 से मान. विभागीय मंत्री जी, प्रमुख सचिव, आयुक्‍त पंचायतराज को लिखे पत्रों पर शासन/विभाग द्वारा क्‍या कार्यवाही की गई? (घ) उपरोक्‍तानुसार उपरोक्‍त खिलाडियों एवं क्षेत्रीय जन-जन हेतु क्रीड़ा गतिविधियों के इस आवश्‍यक कार्य हेतु शासन/विभाग, प्रश्‍नकर्ता द्वारा लिखें गये पत्रों के माध्‍यम से किये गये अनुरोध पर किस प्रकार की कार्य योजना बनाई? साथ ही पत्रों पर क्‍या कार्यवाही की गई बतावें।

पंचायत मंत्री ( श्री महेन्‍द्र सिंह सिसौदिया ) : (क) विभाग में प्रश्‍नाधीन कोई मांग प्राप्‍त नहीं हुई है, पिपलौदा जनपद पंचायत मुख्‍यालय एवं जावरा जनपद पंचायत मुख्‍यालय नगरीय क्षेत्र में होने से पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग से स्‍टेडियम निर्माण की कार्यवाही करने का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता। (ख) विभाग द्वारा 13वां वित्‍त आयोग के परफारमेंस ग्रांट मद से प्रत्‍येक विधानसभा क्षेत्र (ग्रामीण) अंतर्गत एक ग्रामीण खेलकूद मैदान (स्‍टेडियम) निर्माण की योजना अंतर्गत विधानसभा क्षेत्र जावरा में प्रश्‍नकर्ता माननीय विधायक जी की अनुशंसा पर जनपद पंचायत जावरा की ग्राम पंचायत ढोढर में लागत राशि रूपये 80.00 लाख से वर्ष 2018 में ग्रामीण खेलकूद मैदान (स्‍टेडियम) निर्माण पूर्ण कराया जा चुका है। जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट  अनुसार है। (ग) एवं (घ) उत्‍तरांश '''' अनुसार प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

विभागीय योजनाओं से कृषकों को लाभान्वित किया जाना

[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]

5. ( क्र. 165 ) श्री कमलेश्‍वर पटेल : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सिहावल तहसील अन्‍तर्गत फसल बीमा की योजना के तहत कितने किसानों का बीमा कराया गया है? योजना के तहत कितने किसानों को तीन वर्ष में फसल बीमा की राशि प्रदाय की गई है संख्‍या सहित बतावें? (ख) विभाग द्वारा कृषकों को कौन-कौन से बीज फसल चक्रानुसार उपलब्‍ध कराये जाते है? सीधी, सिंगरौली जिले के सिहावल विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत कौन-कौन से बीज किन-किन किसानों को उपलब्‍ध कराया गया है सूची सहित बतावें? किसानों को बीज प्रदाय हेतु पात्रता के क्‍या मापदण्‍ड तय किये गये है? क्‍या पात्रता मापदण्‍ड का पालन किया गया है? (ग) प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत कृषकों को क्‍या-क्‍या लाभ दिये जाने के प्रावधान हैं? सिहावल विधानसभा क्षेत्रान्‍तर्गत किन-किन कृषकों को विगत 3 वर्ष में कौन-कौन सा लाभ दिया गया है? किन-किन प्रावधानों का लाभ नहीं दिया गया है? किस कारण से नहीं दिया गया है एवं कब तक दिया जावेगा।

किसान कल्याण मंत्री ( श्री कमल पटेल ) : (क) सिहावल तहसील अंतर्गत बीमित कृषकों की  जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र-1 अनुसार है। शेष जानकारी एकत्रित की जा रही है। (ख) विभाग द्वारा कृषकों को फसल चक्रानुसार खरीफ एवं रबी फसलों के बीज उपलब्‍ध कराये जाते हैं। सीधी सिंगरौली जिले के सिहावल विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत किसानों को उपलब्‍ध कराये गये बीज की  जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र-2 अनुसार है। किसानों को बीज प्रदाय हेतु विभागीय योजनाओं के दिशा-निर्देश एवं मापदण्ड तय किये गये हैं तथा बीज प्रदाय हेतु तय दिशा-निर्देश एवं मापदण्‍डों का पालन किया गया है। (ग) प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना ''पर ड्राप मोर क्राप'' माईक्रोइरीगेशन घटक अंतर्गत ड्रिप एवं स्प्रिंकलर पर अनुदान दिये जाने का प्रावधान है तथा ''पर ड्राप मोर क्राप'' अदर इंटरवेशन घटक अंतर्गत बलराम तालाब निर्माण पर अनुदान दिया जाता है। सिहावल विधानसभा क्षेत्रांतर्गत विगत 3 वर्ष में लाभांवित कृषकों की  जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र-तीन अनुसार है। शेष का प्रश्‍न ही नहीं उठता है।

ग्राम पंचायतों में आनंद उत्‍सव

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

6. ( क्र. 187 ) श्री लक्ष्‍मण सिंह : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) गुना जिले में कुल कितनी पंचायतें है? (ख) चांचौड़ा विधानसभा की कितनी ग्राम पंचायतों को आनंद उत्‍सव मनाने के लिए शामिल किया गया तथा कितने क्‍लस्‍टर बनाये गये? (ग) इन क्‍लस्‍टर को कितना-कितना धन किस मद से आनन्‍द उत्‍सव के लिए दिया गया? (घ) इस आनन्‍द उत्‍सव में अलग-अलग क्‍लस्‍टर में कितने-‍कितने लोगों ने भाग लिया?

पंचायत मंत्री ( श्री महेन्‍द्र सिंह सिसौदिया ) : (क) गुना जिले में कुल 421 ग्राम पंचायतें है। (ख) जनपद पंचायत चाचौड़ा अंतर्गत 106 ग्राम पंचायतो को शामिल किया गया जिनमें 35 क्‍लस्‍टर बनाये गये। (ग) राज्‍य स्‍तर से '' स्‍टाम्‍प शुल्‍क मद'' से राशि मद से 15000/- (पद्रंह हजार रूपये) प्रति क्‍लस्‍टर के मान से जनपद पंचायत चाचौड़ा को कुल राशि 525000/- (पाँच लाख पच्‍चीस हजार) आवंटित किया गया। (घ) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट  अनुसार है।

परिशिष्ट - "तीन"

स्कूलों का उन्नयन

[स्कूल शिक्षा]

7. ( क्र. 198 ) श्री रामचन्‍द्र दांगी : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) पिछले 2 वर्षों 2020-212021-22 में जिला राजगढ़ में कितने स्कूलों का उन्नयन किया गया सूची? उपलब्ध करावें। (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार यदि नहीं किए गए तो क्या कारण रहा? (ग) स्कूलों के उन्नयन न होने के कारण कितने बच्चों को दूरस्थ स्कूलों में जाना पड़ा? उसका जिम्मेदार कौन है? (घ) वर्ष 2022-23 में क्या शासन स्कूलों का उन्नयन करेगी? यदि हाँ, तो कब से जिससे स्कूल में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को अपने गांव से दूर-दराज स्कूलों में न जाना पड़े?

राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) जानकारी निरंक है। अतः शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) मंत्रि-परिषद के निर्णय दिनांक 22.6.2021 के अनुक्रम में विभागीय आदेश क्रमांक एफ 44-2/2021/20-2 दिनांक 12 जुलाई 2021 द्वारा निर्देश जारी किये गये हैं कि प्रदेश के 9200 विद्यालयों को ''सर्व संसाधनयुक्त विद्यालयों '' के रूप में विकसित किया जायेगा। इस कारण से वर्तमान में विभाग स्तर पर शाला उन्नयन संबंधी कोई कार्यवाही प्रस्तावित नहीं है। (ग) जिला राजगढ अन्तर्गत निकटस्थ शालाओं में अध्ययन की सुविधा उपलब्ध है। अतः शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) उत्तरांश '''' एवं '''' अनुसार। अतः शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

किसानों को अतिवृष्टि से हुये नुकसान की जानकारी

[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]

8. ( क्र. 284 ) श्री ग्‍यारसी लाल रावत : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सेंधवा तहसील में वर्ष 2018-19, 2019-202020-21 के मध्‍य कितने किसानों के खरीफ एवं रबी की कौन-कौन सी फसल अतिवृष्टि, पाला से हुये नुकसान से कितने किसानों को मुआवजा व बीमा राशि प्रदान की गई? पृथक-पृथक विवरण दें तथा उपरोक्‍त समय के कितने किसानों को मुआवजा व बीमा राशि देना शेष है? (ख) क्षेत्र के किसानों को वर्ष 2019 एवं 2020 में सोयाबीन हेतु कितने किसानों को कितनी राशि की मुआवजा राशि स्‍वीकृत की गई थी? विवरण दें तथा कितनी राशि का भुगतान किया जाना शेष है? (ग) शासन द्वारा सेंधवा तहसील में वर्ष 2020 एवं 2021 में अतिवृष्टि से खराब सोयाबीन की बीमा राशि किसानों को देने की घोषणा की थी? यदि हाँ तो कब की थी और उस पर क्‍या कार्यवाही हुई? बीमा राशि का भुगतान कब तक कर दिया जावेगा?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री कमल पटेल ) : (क) सेंधवा तहसील के वर्ष 2019 में खरीफ मौसम के 22 कृषकों को कुल मुआवजा राशि रू.205664 का भुगतान किया गया है। वर्ष 2018-19 एवं 2020-21 में आर.बी.सी. 6-4 के प्रावधान एवं मापदण्‍ड अनुसार राशि वितरित नहीं की गई। बीमा संबंधी शेष जानकारी एकत्रित की जा रही है। (ख) वर्ष 2019 में खरीफ मौसम में 22 कृषकों को कुल मुआवजा राशि रू.205664 का भुगतान किया गया है। वर्ष 2020 में आर.बी.सी. 6-4 के प्रावधान एवं मापदण्‍ड अनुसार राशि वितरित नहीं की गई। (ग) सेंधवा तहसील में वर्ष 2020 का फसल बीमा दावों का भुगतान योजना के प्रावधान अनुसार पात्र किसानों को किया जा चुका है। वर्ष 2021 के आंकड़ों का संकलन कार्य प्रक्रियाधीन है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के प्रावधान अनुसार बीमा दावा राशि का भुगतान किया जायेगा।

बड़वानी जिले में गणवेशों का वितरण

[स्कूल शिक्षा]

9. ( क्र. 292 ) श्री ग्‍यारसी लाल रावत : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) गणवेश वितरण हेतु वर्तमान शिक्षा सत्र में राज्‍य शिक्षा केन्‍द्र/विभाग के किन-किन निर्देशों के पालन में बड़वानी जिले में किस-किस सक्षम प्राधिकारी द्वारा क्‍या-क्‍या निर्देश किन अधिनस्‍थ अधिकारियों/कर्मचारियों को कब-कब दिये गये? प्राप्‍त निर्देशों के पालन में क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई? (ख) बड़वानी जिले में समूहों के चयन हेतु चयन प्रक्रिया अपनाकर किस-किस स्‍तर पर क्‍या-क्‍या कार्यवाही कब-कब की गई और किन-किन समूहों का चयन किन प्रतिवेदनों के आधार पर किन-किन सक्षम प्राधिकारी द्वारा किया गया? संबंधित शासकीय सेवकों के नाम, पदनाम सहित बताईयें। (ग) प्रश्‍नांश (ख) समूहों के पदाधिकारियों/कर्मचारियों और उपलब्‍ध संसाधनों एवं कार्यस्‍थल का विवरण उपलब्‍ध कराते हुए बताइये कि इन समूहों की कार्यक्षमता का आंकलन किस नाम/पदनाम किस सक्षम प्राधिकारी द्वारा कब-कब किया गया और क्‍या प्रतिवेदन दिये गये? (घ) प्रश्‍नांश (ख) चयनित स्‍व-सहायता समूहों से कितनी-कितनी गणवेश क्रय करने हेतु किस नाम/पदनाम के सक्षम प्राधिकारी द्वारा कब-कब आदेश किये गये? प्रश्‍न दिनांक तक कितनी गणवेश वितरित हो गई? समूहों को कितना-कितना भुगतान किया गया?

राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट-1 अनुसार। (ख) जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट-2 अनुसार। (ग) जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट-3 अनुसार। (घ) जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट-4 अनुसार।

उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्‍करण विभाग द्वारा क्रय पौधों का भुगतान

[उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण]

10. ( क्र. 293 ) श्री ग्‍यारसी लाल रावत : क्या राज्य मंत्री, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) उपसंचालक उद्यानिकी तथा खाद्य, प्रसंस्‍करण विभाग जिला बड़वानी को राज्‍य व केन्‍द्र प्रवर्तित संचालिक किन-किन योजना मद में कितनी-कितनी राशि आवंटित की गई एवं कितनी-कितनी व्‍यय हुई? योजनाओं की लक्ष्‍य पूर्ति बतलावें। वर्ष 2018-19 से 2020-21 तक की जानकारी दें। (ख) प्रश्‍नांकित किन-किन योजनान्‍तर्गत आदान सामग्री बीज, पौधे कब-कब, कहां-कहां से, किस-किस दर पर कितनी-कितनी मात्रा में कितनी-कितनी राशि क्रय किये गये? कम्‍पनियों, प्रदायकर्ता, संस्‍था/एजेंसीवार जानकारी देवें। इन्‍हें कब-कब, कितनी-कितनी राशि का भुगतान किया गया? क्रय सामग्री बीज, पौधे का सत्‍यापन कब-कब किसने किया है? इनके परिवहन पर कितनी-कितनी राशि व्‍यय हुई हैं? (ग) प्रश्‍नांकित किन-किन योजनान्‍तर्गत पंजीकृत कितने-कितने हितग्राही किसानों को प्रश्‍नांश (क) अवधि में किस माध्‍यम से किस-किस प्रजाति के कि‍तनी-कितनी मात्रा में बीज, पौंधों व आदान सामग्री का नि:शुल्‍क वितरण किया गया? इसकी जांच सत्‍यापन कब-कब किसने किया है? विकासखण्‍डवार जानकारी देवें। क्‍या शासन फर्जी क्रय वितरण व भ्रष्‍टाचार की जांच कराकर दोषी अधिकारियों पर कार्यवाही करेगा?

राज्य मंत्री, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण ( श्री भारत सिंह कुशवाह ) : (क) बड़वानी जिले में राज्‍य व केन्‍द्र प्रवर्तित संचालित योजना मद में लक्ष्‍य पूर्ति एवं आवंटित राशि की जानकारी वर्ष 2018-19, 2019-20 एवं 2020-21 की  पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट -01 के प्रपत्र  '''' '''' '''' अनुसार  है। (ख) जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट - 02 अनुसार  है एवं परिवहन पर व्‍यय राशि की जानकारी निरंक है। (ग) जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट - 03 अनुसार  है एवं नि:शुल्‍क आदान सामग्री वितरण में कोई भ्रष्‍टाचार नहीं हुआ है। अत: जांच का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता।

अल्‍ट्राटेक सीमेंट फैक्‍ट्री लगाने की अनुमति

[औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन]

11. ( क्र. 350 ) श्री पंचूलाल प्रजापति : क्या औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रीवा संभाग अन्‍तर्गत अल्‍ट्राटेक सीमेंट फैक्‍ट्री का रजिस्‍ट्रेशन कब-कब, किस-किस सन् में किन शर्तों के तहत उद्योग लगाने की अनुमति शासन द्वारा प्रदान की गई है? जिलेवार जानकारी प्रदान करें। पत्‍थर निकालने की लीज किन-किन ग्रामों में कितने-कितने एरिया को औद्योगिक अथवा माइनिंग द्वारा लीज की अनुमति दी गई है? आराजी नं., रकवा, नक्‍शा व रायल्‍टी, कब-कब, कितनी-कितनी राशि जमा की गई है? (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में पत्‍थर उत्‍खनन के जमीन की कितने मीटर गहराई तक की खुदाई व उत्‍खनन पश्‍चात गड्ढ़ों की भराई व वृक्षा रोपण का कार्य कराया गया है? (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के संदर्भ में क्‍या अल्‍ट्राटेक द्वारा बनाई गई खुली लूज सीमेन्‍ट उत्‍तर प्रदेश को भेजा गया है तथा पैकिंग वहीं की जाती है त‍था फैक्‍ट्री में कोयले से लाईट संचालित है? इस कारण से फैक्‍ट्री का प्रदूषित कोयला से आस-पास के लोगों को खांसी, दमा व टी.वी. आदि की बीमारी हो जाती है? इसके बचाव के लिये क्‍या उपाय किया जाता है? (घ) क्‍या फैक्‍ट्री द्वारा पत्‍थर उत्‍खनन में ब्‍लास्टिंग की जाती है तो वहां के आस-पास के मकानों में उसके धमाकों से दरार व क्रेक हो जाते हैं तथा फैक्‍ट्री का प्रदूषित पानी समीपी नदी में छोड़ा जाता है जिसके कारण मवेशी प्रदूषित पानी पीने से बीमार हो जाते हैं तथा प्रदूषित पानी लगाने से फसल नष्‍ट होती है और फैक्‍ट्री द्वारा अनुबंध की शर्तों का पालन नहीं किया जाता है? क्‍या उच्‍च स्‍तरीय कमेटी बनाकर अल्‍ट्राटेक सीमेन्‍ट फैक्‍ट्री की जांच कराई जायेगी ताकि सही जानकारी हो सकें?

औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन मंत्री ( श्री राजवर्धन सिंह प्रेमसिंह दत्‍तीगांव ) : (क) से (घ) जानकारी संकलित की जा रही है।

होशंगाबाद पॉलि‍टेक्निक में पदों का सृजन

[तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोज़गार]

12. ( क्र. 353 ) डॉ. सीतासरन शर्मा : क्या खेल एवं युवा कल्याण मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या यह सच है कि प्रश्‍नकर्ता के तारांकित प्रश्‍न क्र. 369, दि. 20.12.2021 के प्रश्‍नांश (ग) में जानकारी दी गयी थी कि ''होशंगाबाद पॉलिटेक्निक में उल्‍लेखित पाठ्यक्रमों के लिए शैक्षणिक पदों का सृजन होने के बाद ही छात्रों की प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ की जावेगी? (ख) क्‍या यह सच है कि प्रश्‍नकर्ता द्वारा होशंगाबाद पॉलिटेक्निक के शैक्षणिक पदों का सृजन हेतु मा. मुख्‍यमंत्री जी एवं प्रमुख सचिव, तकनीकी शिक्षा से अनुरोध किया गया था? (ग) होशंगाबाद पॉलिटेक्निक हेतु शैक्षणिक पदों का सृजन कब तक किया जावेगा? जानकारी दें कि श्रेणीवार कितने पदों का सृजन किया गया? इन पदों के सृजन से शासन पर कितना व्‍यय आवेगा?

खेल एवं युवा कल्याण मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) एवं (ख) जी हाँ। (ग) समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। शिक्षकीय पद 33 एवं सहायक अमले हेतु 35 कुल 68 पदों के सृजन पर अनुमानित वार्षिक आवर्ती व्‍यय रूपये 401.04 लाख संभावित है।

मिट्टी में मौजूद तत्‍वों की जांच

[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]

13. ( क्र. 354 ) डॉ. सीतासरन शर्मा : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या यह सच है कि किसान कल्‍याण एवं कृषि विभाग द्वारा 2015-15 से 20-21 तक प्रदेश में अनेक स्‍थानों से मिट्टी के नमूने लेकर उसमें मौजूद रासायनिक तत्‍वों की जांच मिट्टी प्रयोगशाला में कराई गई है? (ख) इस अवधि में होशंगाबाद जिले में कब-कब, किन-किन ग्रामों से सिंचित/असिंचित भूमि के नमूने एकत्रित किए गए? इनकी किन प्रयोगशाला में कब जांच कराई गयी? (ग) किन-किन ग्रामों की मिट्टी में कौन से रासायन कितनी संख्‍या में पाये गये? इनमें से कौन से ऐसे रसायन है जो फसल की उत्‍पादकता को प्रभावित करते है? (घ) उपरोक्‍त रसायनिक तत्‍वों के कम या ज्‍यादा होने के क्‍या कारण है?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री कमल पटेल ) : (क) जी हाँ। किसान कल्‍याण तथा कृषि विकास विभाग द्वारा वित्‍तीय वर्ष 2015-16 से 2020-21 तक प्रदेश में किसानों के खेतों के मिट्टी नमूने लेकर, मिट्टी में पोषक तत्‍वों की जांच मिट्टी परीक्षण प्रयोगशालाओं में कराई गई। (ख) नर्मदापुरम (होशंगाबाद) जिले में खरीफ एवं रबी मौसम के पूर्व कृषकों के सिंचित/असिंचित खेतों से मिट्टी के नमूने एकत्रित किये गये हैं। जिले में लिये गये मिट्टी नमूनों की जांच मिट्टी परीक्षण प्रयोगशाला-पवारखेड़ा, मिट्टी परीक्षण प्रयोगशाला (मण्‍डी) -नर्मदापुरम एवं मिनी लेब के माध्‍यम से कराई गई है। वित्‍तीय वर्ष 2015-16 से 2020-21 तक की अवधि में एकत्रित किये गये नमूनों की ग्रामवार  जानकारी  पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट  के  प्रपत्र- अनुसार  है। (ग) नर्मदापुरम (होशंगाबाद) जिले के ग्रामवार लिये गये मिट्टी नमूनों की जांच के परिणाम अनुसार उपलब्‍ध पोषक तत्‍वों के स्‍तर की  जानकारी  पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट  के  प्रपत्र- अनुसार  है। मृदा नमूना परीक्षण में पी.एच. व ई.सी. (विद्युत चालकता) का स्‍तर सामान्‍य एवं आर्गेनिक कार्बन की मात्रा का स्‍तर कम पाया गया है। जिले की मिट्टी में नाइट्रोजन का स्‍तर कम, फास्‍फोरस मध्‍यम एवं पोटाश अधिक पाया गया है। सूक्ष्‍म पोषक तत्‍वों में सल्‍फर व जिंक का स्‍तर 40 से 50 प्रतिशत कम तथा अन्‍य सूक्ष्‍म पोषक तत्‍वों में आयरन, बोरोन, मैंगनीज एवं कॉपर तत्‍वों का स्‍तर पर्याप्‍त पाया गया है। पौधों के पोषक तत्‍वों के अंतर्गत मुख्‍य तत्‍वों में - नाइट्रोजन, फास्‍फोरस, पोटाश, द्वितीयक पोषक तत्‍वों में सल्‍फर तथा सूक्ष्‍म पोषक तत्‍वों में जिंक, बोरोन, आयरन, मैंगनीज, कॉपर पोषक तत्‍व फसलों के पौधों की वृद्धि एवं विकास को प्रभावित करते हैं, जिससे फसल की उत्‍पादकता प्रभावित होती है। मृदा में आर्गेनिक कार्बन का स्‍तर फसल की उत्‍पादकता को प्रभावित करता है। (घ) कृषि में समन्वित पोषक तत्‍व प्रबंधन नहीं करने, असंतुलित उर्वरकों/पोषक तत्‍वों के उपयोग करने एवं मृदा के पैतृक गुणधर्म के कारण मृदा में पोषक तत्‍वों का स्‍तर कम या अधिक हो जाता है। खेती में सघन फसल पद्धति अपनाए जाने एवं खेतों में फसल अवशेष जलाए जाने से भूमि में आर्गेनिक कार्बन की मात्रा कम हो जाती है। किसान कल्‍याण तथा कृषि विकास विभाग द्वारा कृषकों को कृषक प्रशिक्षण, कार्यशाला, कृषक मेला आदि कार्यक्रमों में कृषकों को समन्वित पोषक तत्‍व प्रबंधन की तकनीक से प्रशिक्षित किया जाता है। स्‍वाइल हेल्‍थकार्ड के माध्‍यम से फसल अनुसार अनुशंसित उर्वरकों की मात्रा के उपयोग करने एवं विभाग की विभिन्‍न योजनाओं के अंतर्गत सूक्ष्‍म पोषक तत्‍वों पर अनुदान प्रदाय कर कृषकों को समन्वित पोषक तत्‍व प्रबंधन करने हेतु प्रोत्‍साहित किया जा रहा है।

देवसर विकासखण्‍ड अन्‍तर्गत मार्गों की स्‍वीकृति

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

14. ( क्र. 379 ) श्री कमलेश्‍वर पटेल : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सिहावल विधानसभा क्षेत्र में देवसर विकासखण्‍ड अन्‍तर्गत निम्‍नानुसार मार्ग निर्माण कार्य स्‍वीकृत किये जाने की मांग लगातार की जा रही है एवं पत्राचार किया गया है? कब तक मार्गों की स्‍वीकृति प्रदान की जावेगी? हर्रा चंदेल से सहुआर पहुंच मार्ग, दुअरी तिराहा से सरौंधा पहुंच मार्ग (2 कि.मी.), सरौंधा भेलवाड़ाड से सुईघटिया पहुंच मार्ग, ढोंगा सामुदायिक भवन से जोगी पाथर पहुंच मार्ग, कुन्‍दवार मुख्‍य मार्ग से सोनीखाड़ी पहुंच मार्ग, नौढ़ि‍या रामशरण साहू के बस्‍ती से मेंढ़ पहुंच मार्ग, ढोंगा सतपहरी टोला महान नदी से जंगल चौकी मार्ग, चपरी टीकठ से नगौरा मेन रोड तक मार्ग निर्माण, ग्राम खंधौली भाठ टोला मार्ग के दोपरहिया मार्ग, प्रधानमंत्री रोड स्‍कूल पड़ाहा डाड से धौरहवा टोला से अगरियान टोला मार्ग, प्रधानमंत्री रोड दुर्गा मंदिर के पास से सलेहा टोला पहुंच मार्ग, प्रधानमंत्री रोड से आश्रम के पास डउआडाड बड़की नार तक पहुंच मार्ग, खंघौली प्रधानमंत्री मेन रोड मोलरमन यादव के घर से बेलहा टोला चहली बंधा पहुंच मार्ग, ढोंगा सतपरही टोला महान के किनारे जंगल चौकी मार्ग होते हुये चपरी से नगौरा मेन रोड तक, मुख्‍यमार्ग से बेलही टोला और भडतुम्‍मा टोला बैगा बस्‍ती तक पोखरा मुख्‍य टोला से चटनी टोला तक, मुख्‍य मार्ग देवटा टोला से परिहासी चटनी टोला मार्ग, मझिगंवा मुख्‍यमार्ग से महुआड़ाड से शिव मंदिर तक, मझिगवां मुख्‍यमार्ग से शा.पू.मा. मझिगवां से गिधोर मुख्‍यमार्ग तक, प्रधानमंत्री रोड खंघौली भाठ बोदरहिया टोला से अकड़ा शंकर जी के पास तक, प्रधानमंत्री रोड से आंगनवाड़ी भवन मदरहिया पहुंच मार्ग, ग्राम चंदनिया से डेवा मार्ग (शंकर भवन तक) (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में किन-किन मार्गों का डी.पी.आर. तैयार कर प्रेषित किया गया है? किन-किन मार्गों का डी.पी.आर. प्रेषित किया जाना शेष है? कब तक डी.पी.आर. प्रेषित किया जावेगा?

पंचायत मंत्री ( श्री महेन्‍द्र सिंह सिसौदिया ) : (क) जी नहीं। प्रश्‍न में वर्णित मांग किये जा रहे मार्गों के निर्माण के संबंध में विभाग से पत्राचार किये जाने संबंधी जानकारी संज्ञान में नहीं है, उक्‍त मार्गों के निर्माण हेतु आवंटन उपलब्‍ध होने पर प्रचलित योजनाओं के प्रावधान अनुसार प्राथमिकता के क्रम में स्‍वीकृति प्रदान की जा सकेगी अत: समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ख) प्रश्‍नांश () में उल्‍लेखित मार्गों में से 03 मार्ग प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजनान्‍तर्गत निर्मित/निर्माणाधीन तथा 01 मार्ग ग्राम पंचायत स्‍तर से निर्मित है। 05 मार्गों में निजी भूमि होने के कारण डी.पी.आर. तैयार नहीं कराये जा रहे हैं तथा 02 मार्गों में वनभूमि होने से वन विभाग से अनुमति उपरांत डी.पी.आर. तैयार कराये जावेंगे। शेष 11 मार्गों के डी.पी.आर. तैयार कराये जा रहे हैं। उक्‍त मार्गों की वर्तमान स्थिति की जानकारी संलग्‍न  परिशिष्‍ट अनुसार है।

परिशिष्ट - "चार"

लोकायुक्त रेट हैण्‍डट्रेप में आरोपी

[स्कूल शिक्षा]

15. ( क्र. 407 ) श्री लखन घनघोरिया : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जबलपुर संभाग अन्तर्गत स्कूल शिक्षा विभाग में सत्र 2021-22 में कितने अधिकारी/कर्मचारी भ्रष्टाचार के तहत लोकायुक्त संगठन द्वारा रेड हैण्ड/ट्रेप में आरोपी हैं? नाम, पदनाम तथा ट्रेप दिनांक सहित सूची दी जावे। (ख) रेड हैण्ड/ट्रेप में दोषी अधिकारियों/कर्मचारियों के विरूद्ध स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा अब तक क्या कार्यवाही की गयी है? (ग) क्या म.प्र.शासन सामान्य प्रशासन विभाग के पत्र क्रमांक/एफ-11-19/2011/1-10 भोपाल दिनांक 23/02/2012 में ट्रेप में आरोपी कर्मचारी/अधिकारी को तीन कार्य दिवसों में अन्यत्र स्थानांतरित करने का प्रावधान हैं? यदि हाँ, तो प्रश्‍नांश '''' के अनुसार कितने आरोपी अधिकारी/कर्मचारी को ट्रेप दिनांक से अब तक उनके पदों से पृथक नहीं किया गया? नाम, पदनाम तथा पदस्थ जिला दें। (घ) लोकायुक्त संगठन द्वारा प्रश्‍नांश '''' के आरोपित कर्मचारियों/अधिकारियों को पद से पृथक करने हेतु विभाग को क्या सूचना दी हैं? यदि हाँ, तो संबंधितों को पद से पृथक न करने का क्या कारण हैं? इसके लिए कौन दोषी है? आरोपित अधिकारी/कर्मचारी को कब तक पद से पृथक किया जावेगा? क्या इसके लिए उत्तरदायी अधिकारी के विरूद्ध कार्यवाही की जावेगी? यदि हाँ, तो कब तक यदि नहीं तो क्यों?

राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार(ख) श्री अशोक कुमार शिववेदी, लेखापाल, श्री संतोष भटेले, सहायक ग्रेड-3, श्री ठाकुर प्रसाद पटेल, उ.मा. शिक्षक का स्थानांतरण किया जा चुका है। श्री हरिओम पाठक, उ.मा. शिक्षक को निलंबित किया गया है। (ग) जी हाँ। श्री राममोहन तिवारी, प्रभारी संयुक्त संचालक, लोक शिक्षण जबलपुर संभाग जबलपुर को रेड हैण्ड/ट्रेप न होने से स्थानान्तरित नहीं किया गया है। शेष की जानकारी उत्तरांश '''' अनुसार है। (घ) जी नहीं। लोकायुक्त संगठन द्वारा प्रश्‍नांश '''' के आरोपित कर्मचारियों/अधिकारियों को पद से पृथक करने हेतु नहीं लिखा गया, अपितु कर्मचारियो/अधिकारियों का अन्यत्र स्थानांतरण करने हेतु लिखा गया है। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - "पांच"

पंचों सरपंच एवं सचिवों से वसूल की गई राशि

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

16. ( क्र. 512 ) श्री दिव्‍यराज सिंह : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रीवा जिले की विधान सभा क्षेत्र-68 सिरमौर की आश्रित ग्राम पंचायतों में से ऐसी कितनी ग्राम पंचायतें हैं जिनमें से विगत जनवरी 2017 से दिसम्‍बर 2021 तक की अवधि में शासकीय धनराशि का दुरुपयोग हुआ तथा धारा 92 के तहत वसूली अधिरोपित की गई? कितनी राशि की वसूली अधिरोपित की गई? क्या संबंधित ग्राम पंचायतों के सरपंच सचिवों के द्वारा वसूली राशि जमा कर दी गई? यदि हाँ, तो क्या कारण है कि जिला पंचायत के द्वारा वसूल की गई राशि को ग्राम पंचायतों/जनपद को वापस नहीं किया गया? (ख) प्रश्‍नांश (क) के अनुक्रम में क्या ऐसी ग्राम पंचायतों में कई कार्य अधूरे पड़े हैं तथा पूर्व में निर्मित परिसंपत्ति संरचना जीर्णशीर्ण हो रही हैं? यदि हाँ, तो ऐसी पंचायतों के सरपंच सचिवों से वसूल की गई अधिरोपित राशि को क्या उन ग्राम पंचायतों अथवा संबंधित जनपद पंचायतों को वापस सौंप कर अधूरे कार्यों को पूर्ण कराया जावेगा? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं तो क्यों? कृपया पंचायतवार विवरण उपलब्ध करावें।

पंचायत मंत्री ( श्री महेन्‍द्र सिंह सिसौदिया ) : (क) रीवा जिले के विधान सभा क्षेत्र 68 सिरमौर की आश्रित ग्राम पंचायतों में से 3 ग्राम पंचायतें हैं, जिनमें विगत जनवरी 2017 से दिसम्‍बर 2021 तक की अवधि में शासकीय धनराशि का दुरूपयोग होने के कारण धारा 92 के तहत वसूली अधिरोपित की गई। उक्‍त 3 ग्राम पंचायतों में रूपये 2.876 लाख की वसूली अधिरोपित की गई, जिनमें से 02 ग्राम पंचायतों के सरपंच/सचिवों द्वारा अपने-अपने हिस्‍से की वसूली राशि रूपये 0.853 + 0.853 लाख कुल राशि रूपये 1.706 लाख जमा कर दी गई है। मात्र 1 ग्राम पंचायत (जनपद पंचायत सिरमौर की ग्राम पंचायत डिहिया) की वसूली राशि रूपये 1.17 लाख जमा किया जाना शेष है। जिले में वसूली की कुल जमा राशि रूपये 211.20 लाख में से सर्व शिक्षा अभियान की राशि रूपये 83.78 लाख राज्‍य शिक्षा केन्‍द्र भोपाल तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की राशि रूपये 42.22 लाख दिनांक 16.07.2020 को पंचायत राज संचालनालय भोपाल को एवं राशि रूपये 12.10 लाख दिनांक 09.11.2021 को आयुक्‍त, मध्‍यप्रदेश राज्‍य रोजगार गारंटी परिषद् भोपाल को वापस कर दी गई है। वसूली की राशि निर्धारित मद में जमा की जाती है, संबंधित ग्राम पंचायतों/जनपद पंचायतों को स्‍वीकृत कार्य, योजना/मद संबंधी निर्देशों के तहत राशि प्रदाय की जाती है। (ख) जी हाँ। संबंधित कार्य योजना एवं मद संबंधी दिशा-निर्देशों के अनुसार अधूरे कार्यों को पूर्ण कराया जाता है।


प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के स्‍टेट काम्‍पोनेन्‍ट में भुगतान

[तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोज़गार]

17. ( क्र. 607 ) श्री कमलेश जाटव : क्या खेल एवं युवा कल्याण मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या एम.पी.एस.एस.डी.ई.जी.बी. द्वारा पत्र क्रमांक 1140 दिनांक 16.03.2018 द्वारा पी.एम.के.व्‍ही.वाय. योजना के राज्‍य कम्‍पोनेन्‍ट अंतर्गत प्रशिक्षण केन्‍द्रों को पात्र जॉब रोल अनुसार प्रशिक्षण प्रदाय किये जाने हेतु माह मार्च 2018 में ट्रेनिंग पार्टनर को विभाग द्वारा एस.डी.एम.एस. पोर्टल के माध्‍यम से ऑनलाईन टारगेट प्रदाय (लक्ष्‍य आवंटन) किये गये थे? क्‍या आपके विभाग द्वारा एस.डी.एम.एस. पोर्टल पर दिनांक 28.03.2021 से पूर्व प्रशिक्षणार्थियों का इनरोलमेंट किये जाने हेतु प्रशिक्षण केन्‍द्र क्रमांक टीसी-012363 को अपेरल सेक्‍टर में 120 का टारगेट प्रदाय किया गया था? (ख) क्‍या प्रशिक्षण केन्‍द्र हेतु एस.डी.एम.एस. विभाग द्वारा तैयार कर आई.डी. पासवर्ड बनाए जाते है? क्‍या विभाग के द्वारा प्रशिक्षण केन्‍द्र के एस.डी.एम.एस. पोर्टल पर प्रशिक्षणार्थियों को इनरोल किये जाने हेतु टारगेट ऐलोकेट (प्रदाय) किये जाते हैं? क्‍या प्रशिक्षण केन्‍द्रों द्वारा एस.डी.एम.एस. पोर्टल पर आपके विभाग द्वारा प्राप्‍त आवंटन के विरूद्ध ही बैच बनाकर प्रशिक्षणार्थियों को इनरोल किया जाता है एवं छात्रों के इनरोलमेंट के बाद प्रशिक्षण प्रारंभ कराए जाने से पूर्व बैच ऐप्रूवल के लिये विभाग को ऑनलाईन एस.डी.एम.एस. पोर्टल के माध्‍यम से भेजे जाते है एवं विभाग द्वारा बैच ऐप्रूव किये जाने के बाद ही प्रशिक्षण प्रारंभ होता है? (ग) क्‍या प्रशिक्षण प्रदाता TP-008530 एवं प्रशिक्षण केन्‍द्र TC-012363 के एस.डी.एम.एस. पोर्टल पर प्राप्‍त आवंटन के विरूद्ध अपरेल सेक्‍टर में निम्‍नलिखित (बैच क्र. S-1802MP02AA6JAMH/Q1947-00019A51, बैच क्र. S-1802MP02AA6JAMH/Q1947-00019A52, बैच क्र. S-1802MP02AA6JAMH/ Q1947-00019A53, बैच क्र. S-1802MP02AA6JAMH/Q1947-00019A54) चार बैचों को तैयार कर कुल 120 प्रशिक्षणार्थियों को प्रशिक्षण प्रदाय किया गया? क्‍या विभाग द्वारा उक्‍त बैचों को प्रशिक्षण प्रारंभ किये जाने से पूर्व नियमानुसार एस.डी.एम.एस. पोर्टल पर स्‍वीकृति (ऐप्रूवल) किया गया था? यदि हाँ, तो किस दिनांक को एवं विभाग के किस अधिकारी द्वारा? (घ) प्रश्‍नांश (ग) अनुसार उक्‍त बैचों के प्रशिक्षण पूर्व होने के पश्‍चात विभाग द्वारा किस अधिकृत सेक्‍टर स्‍केल काउन्सिल के माध्‍यम से एवं किस अधिकृत असिसमेंट एजेंसी द्वारा प्रशिक्षण केन्‍द्र पर किन-किन दिनांकों में नियमानुसार परीक्षाएं आयोजित कराई गई एवं परीक्षा में कुल कितने प्रशिक्षणार्थी उपस्थित हुए जिसमें से कितने पास हुए एवं कितनों को योजनान्‍तर्गत प्रमाण पत्र पोर्टल के माध्‍यम से जारी किये गये? क्‍या विभाग द्वारा उक्‍त बैचों की परीक्षा कराए जाने हेतु अधिकृत एस.एस.सी. को कितनी-कितनी परीक्षा फीस का भुगतान किया गया? क्‍या प्रशिक्षण प्रदाता को उक्‍त बैचों में पास प्रशिक्षणार्थियों का भुगतान आज तक किया गया? यदि हाँ, तो कब एवं कितना? यदि नहीं तो क्‍यों नहीं? प्रश्‍नांश (क) से (घ) तक की समस्‍त जानकारी अभिलेखों के साथ प्रस्‍तुत करें।

खेल एवं युवा कल्याण मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) जी नहीं। बोर्ड के आदेश क्रमांक 1381, 1427 एवं 1415 दिनांक 27.03.2018 एवं दिनांक 28.03.2018 द्वारा लक्ष्‍य आवंटन किया गया। प्रशिक्षण केन्‍द्र क्रमांक टीसी 012363 को दृष्टि चूक के कारण पोर्टल पर लक्ष्‍य अनुमोदित किया गया था, किन्‍तु उक्‍त लिखित आदेशों में यह सम्मिलित नहीं था। (ख) जी नहीं। एनएसडीसी द्वारा बनाया गया एसडीएमएस पोर्टल दिसम्‍बर, 2019 से बंद हो चुका है। शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) दृष्टि चूक से एस.डी.एम.एस. पोर्टल पर अप्रूव हुई बैंच क्र. एस-1802MPO 2AA6JAMH/Q1947-00019A51, बैंच क्र. एस-1802MP02AA6JAMH/Q1947-00019A52, बैंच क्र. एस-1802MP02AA6JAMH/Q1947-00019A53, बैंच क्र. एस-1802MP02AA6JAMH/Q1947-00019A54 को एम.पी.एस.एस.डी.ई.जी.बी. के आदेश क्रमांक-2661-26, दिनांक 29.06.2018 के द्वारा निरस्‍त किया गया। एन.एस.डी.सी. द्वारा बनाया गया एस.डी.एम.एस. पोर्टल दिसम्‍बर, 2019 से बंद हो चुका है। अत: शेष जानकारी दिया जाना संभव नहीं है। (घ) '''' के उत्‍तर के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। चूंकि लक्ष्‍य आवंटित ही नहीं किया। अत: किसी भी प्रकार का भुगतान नहीं किया गया। समस्‍त अभिलेखों की  जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट  अनुसार है।

कोरोना काल के दौरान शादियों में सहायता राशि का फर्जी भुगतान

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

18. ( क्र. 688 ) श्री तरूण भनोत : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रदेश में कोरोना काल के दौरान शादियों के नाम पर एक जिले में अधिकारियों की मिलीभगत से तीस करोड़ से ज्‍यादा का फर्जी भुगतान करा दिया गया हैं? (ख) यदि हाँ, तो तत्संबंधी विस्‍तृत ब्‍यौरा दें। (ग) कोरोना काल के दौरान जबलपुर जिले में शासन द्वारा योजनाओं के माध्‍यम से अब तक कितनी शादियां कराई गई है और उनमें कितनी राशि का प्रावधान किया गया था?

पंचायत मंत्री ( श्री महेन्‍द्र सिंह सिसौदिया ) : (क) राज्‍य स्‍तर पर प्राप्‍त जानकारी अनुसार जिला विदिशा में शादियों के संबंध में गंभीर एवं व्‍यापक अनियमितता की शिकायत प्राप्‍त हुई है। विभाग एवं ई.ओ.डब्‍ल्‍यू. में जांच प्रचलन में है। (ख) प्रश्‍नांश () के संदर्भ में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट  है।

परिशिष्ट - "छ:"

डी.ए.पी. तथा यूरिया खाद की व्‍यवस्‍था

[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]

19. ( क्र. 721 ) श्री देवेन्‍द्र सिंह पटेल : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रायसेन जिले में किसानों को डी.ए.पी. तथा यूरिया उपलब्‍ध करवाने हेतु क्‍या-क्‍या व्‍यवस्‍थायें है तथा किन-किन स्‍थानों से उनको डी.ए.पी. तथा यूरिया दिया जा रहा है? (ख) क्‍या यह सत्‍य है कि रायसेन जिले में किसानों को उनकी मांग के अनुरूप डी.ए.पी. तथा यूरिया नहीं मिल रहा है यदि हाँ, तो क्‍यों कारण बतायें? (ग) क्‍या यह सत्‍य है कि रायसेन जिले में किसानों को डी.ए.पी. तथा यूरिया लेने हेतु तहसील कार्यालय से टोकन प्राप्‍त करना पड़ रहे हैं एवं वेयरहाउस में लम्‍बी लाईन लग रही है यदि हाँ तो क्‍यों? (घ) रायसेन जिले में किसानों को डी.ए.पी. तथा यूरिया सोसायटी के माध्‍यम से क्‍यों नहीं दिया जा रहा है? इसके लिए कौन दोषी है तथा उनके विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की गई?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री कमल पटेल ) : (क) जिले में किसानों को डी.ए.पी. एवं यूरिया उर्वरक का वितरण मध्‍यप्रदेश राज्‍य सहकारी विपणन संघ के डबल लाक केन्‍द्रों, सहकारी समितियों, एम.पी. एग्रो एवं निजी विक्रेताओं से वितरण करने की व्‍यवस्‍थायें हैं तथा मध्‍यप्रदेश राज्‍य सहकारी विपणन संघ के डबल लाक केन्‍द्रों, सहकारी समितियों, एम.पी. एग्रो एवं निजी विक्रेताओं माध्‍यम से यूरिया, डी.ए.पी. उपलब्‍ध कराया जा रहा है। (ख) जी नहीं। (ग) जिले में उर्वरक वितरण व्‍यवस्‍था बनाये रखने के लिए मात्र एक तहसील कार्यालय उदयपुरा से कुछ समय के लिए टोकन जारी कर कृषकों को डबल लाक केन्‍द्र उदयपुरा से उर्वरक वितरण किया गया एवं वेयर हाउस में लंबी लाइन नहीं लग रही है। (घ) जिला सहकारी केन्‍द्रीय बैंक मर्या. रायसेन से प्राप्‍त जानकारी अनुसार प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों के द्वारा सदस्‍य कृषकों को उनकी पात्रता एवं मांग अनुरूप डी.ए.पी. तथा यूरिया उर्वरक प्रदाय किया जा रहा है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

सड़कों का निर्माण

[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]

20. ( क्र. 737 ) श्री सचिन सुभाषचन्‍द्र यादव : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा तारांकित प्रश्‍न क्रमांक 390 दिनांक 20.12.2021 के उत्‍तरांश में दर्शित 12 सड़कों के पत्र क्रमांक 188 दिनांक 05.02.2020 से प्रशासकीय स्‍वीकृति जारी की गई थी। क्‍या तत्‍संबंध में विभागीय स्‍तर पर कोई पत्र व्‍यवहार लोक निर्माण विभाग से किया गया था? यदि हाँ, तो किस निर्देश के अंतर्गत, पत्र की छायाप्रति संलग्‍न करें? (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में बतायें कि इससे पूर्व ऐसे कितने प्रकरणों में स्‍वीकृति उपरांत निविदा नहीं होने के अनुक्रम में सड़कों की स्‍वीकृति निरस्‍त की गई है? (ग) दिसम्‍बर, 2013 से दिसम्‍बर, 2018 के मध्‍य कितनी सड़कों की स्‍वीकृतियां प्रदान की गई तथा उनकी निविदा किस दिनांक को जारी की गई और कार्य कब पूर्ण किए गए? तत्‍संबंध में स्‍पष्‍ट जानकारी स्‍थानवार एवं दिनांकवार दें। (घ) क्‍या प्रश्‍नांश (क) एवं (ग) के संदर्भ में की गई कार्यवाही में अंतर है? यदि हाँ, तो किस प्रकार, नहीं तो प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में विभाग द्वारा निविदा जारी किए जाने के पूर्व पत्राचार कर उक्‍त स्‍वीकृति निरस्‍त क्‍यों की गई? क्‍या इस संबंघ में लोक निर्माण विभाग द्वारा किसी प्रकार की कार्यवाही कर पत्र व्‍यवहार किया गया है? हाँ तो कब-कब तत्‍संबंध में जानकारी दें।

किसान कल्याण मंत्री ( श्री कमल पटेल ) : (क) जी हाँ। पत्र की  जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र  'अनुसार है। (ख) प्रश्‍नांश ()  के संदर्भ में दिनांक 05/02/2020 के पूर्व दिसम्‍बर 2013 से दिसम्‍बर 2018 के मध्‍य किसी प्रकरण में प्रशासकीय स्‍वीकृति उपरांत निविदा निरस्‍त नहीं की गयी है। जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र 'अनुसार है। (ग) दिसम्‍बर 2013 से दिसम्‍बर 2018 के मध्‍य मध्‍यप्रदेश राज्‍य कृषि विपणन बोर्ड द्वारा प्रदेश में कुल 144 सड़कों की स्‍वीकृतियां प्रदान की गयीं। निविदा जारी दिनांक एवं कार्य पूर्णता की स्‍थानवार व दिनांकवार  जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र 'अनुसार है। (घ) जी हाँ। प्रश्‍नांश () के संदर्भ में निर्माण एजेंसी लोक निर्माण विभाग थी एवं प्रश्‍नांश (ग) के संदर्भ में निर्माण एजेंसी मध्‍यप्रदेश राज्‍य कृषि विपणन बोर्ड थी। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'अनुसार है।

प्रधानमंत्री आवास में शेष रह गए परिवारों के सर्वे

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

21. ( क्र. 752 ) श्री धर्मेन्द्र भावसिंह लोधी : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जबेरा विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत वर्ष 2011 के सर्वे अनुसार कितने पात्र हितग्राहियों को किन-किन ग्राम व ग्राम पंचायतों में प्रश्‍न दिनांक तक प्रधानमंत्री आवास का लाभ प्राप्त नहीं हुआ है तथा शेष रह गए हितग्राहियों को किस कारण से अभी तक लाभ नहीं दिया गया तथा कब तक आवास योजना का लाभ दिया जाएगा? (ख) क्या प्रधानमंत्री आवास योजना में आवास प्लस के सर्वे में छूटे परिवारों का दोबारा सर्वे कराया जाएगा? यदि हाँ, तो कब तक यदि नहीं तो क्यों नहीं?

पंचायत मंत्री ( श्री महेन्‍द्र सिंह सिसौदिया ) : (क) जबेरा विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत एसईसीसी डाटा 2011 सर्वे अनुसार,जनपद पंचायत जबेरा के 161 तथा जनपद पंचायत तेंदुखेड़ा के 29, कुल 190 हितग्राहियों को लाभ प्राप्‍त नहीं हुआ है। जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। शेष रहे 190 हितग्राहियों में से 153 हितग्राही ग्राम से पलायन, 25 हितग्राहियों के दस्‍तावेज उपलब्‍ध नहीं, 7 हितग्राहियों के स्‍थान चयनित नहीं, 2 हितग्राही जेल में तथा 3 हितग्राहियों के संबंध में जमीनी विवाद होने से आवास का लाभ नहीं दिया जा सका। (ख) भारत शासन स्‍तर से संबंधित।

परिशिष्ट - "सात"

पुलिस भर्ती परीक्षा के संबंध में

[तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोज़गार]

22. ( क्र. 764 ) श्री मनोज चावला : क्या खेल एवं युवा कल्याण मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) वर्तमान में हुई पुलिस कांस्टेबल की परीक्षा प्रदेश के किस किस केंद्र पर हुई? केंद्र की सूची तथा प्रत्येक दिनांक की प्रत्येक बैच में परीक्षा में शामिल अभ्यर्थियों और अनुपस्थित अभ्यर्थियों को संख्या बतावें। (ख) उक्त परीक्षा हेतु कुल कितने अलग-अलग प्रकार के प्रश्‍न पत्र पूछे गए तथा एक बैच में कितने विभिन्न प्रश्‍न पूछे गए? (ग) प्रश्‍न पत्र समाप्त होने के कितने देर बाद अभ्यर्थियों को उसके हल प्रश्‍न पत्र के प्राप्तांक बताए गए तथा उन प्राप्त अंकों में कोई हेर-फेर न हो सके इस हेतु क्या क्या कदम उठाए गए? (घ) क्या परीक्षा परिणाम घोषित होने के पूर्व उसका विभिन्न कोण से परीक्षण किसी कमेटी द्वारा किया जाएगा या नहीं? या कम्‍प्यूटर ऑपरेटर द्वारा तैयार परिणाम जैसा का तैसा घोषित कर दिया जाएगा? (ड.) रोल नंबर सेटिंग्स तथा पर-रूप धारण करने को रोकने हेतु उठाए गए कदमों की जानकारी देवें। (च) क्या इस बार की भर्ती परीक्षा में पूर्व में आयोजित परीक्षाओं की दृष्टि से अनुपस्थित छात्रों की संख्या ज्यादा थी? यदि हाँ, तो इसके क्या कारण रहे हैं?

खेल एवं युवा कल्याण मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) परीक्षा केन्‍द्र की  जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र-अ अनुसार है। परीक्षा की दिनांक एवं बैंचवार  जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र-ब अनुसार है। परीक्षा में 7,98,001 अभ्‍यर्थी शामिल हुये एवं 4,74,304 अनुपस्थित रहे। बैंचवार शामिल/अनुपस्थित अभ्‍यर्थियों की जानकारी परीक्षा परिणाम उपरांत ही बताया जाना संभव है। (ख) परीक्षा कुल 74 पालियों में आयोजित की गई, प्रत्‍येक पाली में 100 प्रश्‍न कुल 7400 विभिन्‍न प्रश्‍न पूछे गये। (ग) प्रश्‍न पत्र समाप्‍त होने के तत्‍काल बाद अभ्‍यर्थी को उसके हल प्रश्‍न पत्र के प्राप्‍तांक बताये जाते है। आवेदकों का उत्‍तर अंकित करते ही समस्‍त गोपनीय डेटा स्‍टेट डेटा सेंटर में तत्‍काल संधारित किया जाता है। (घ) प्रचलित प्रक्रिया अनुसार डाटा एनालिसिस सक्षम समिति द्वारा किये जाने के उपरांत ही परीक्षा परिणाम जारी किये जाते है। कम्‍प्‍यूटर आपरेटर द्वारा परिणाम तैयार नहीं किया जाता है। (ड.) बोर्ड के क्‍लोस्‍ड सोर्स साफ्टवेयर द्वारा पूर्णत: रेन्‍डम तरीके से रोल नम्‍बर तैयार किये जाते है। समस्‍त परीक्षाओं में त्रिस्‍तरीय आधार आधारित बायोमेट्रिक सत्‍यापन किया जाता है। (च) जी नहीं। शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

सहकारी समितियों में प्रतिवर्ष पंजीयन कराने की अनिवार्यता

[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]

23. ( क्र. 864 ) श्री के.पी. सिंह कक्‍काजू : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रदेश में किसानों को अपनी फसल के विक्रय हेतु प्रत्‍येक वर्ष में सहकारी समितियों में पंजीयन कराना आवश्‍यक है? (ख) क्‍या किसानों को अपनी फसल के पंजीयन कराने में काफी कठिनाईयों का सामना करना पड़ता है तथा इस हेतु कोई दर निर्धारित है? (ग) क्‍या शासन द्वारा किसानों की सुविधा हेतु प्रत्‍येक वर्ष में पंजीयन कराने की अनिवार्यता से मुक्ति दिलाने हेतु कोई आवश्‍यक कदम उठाये जावेंगे? यदि हाँ, तो कब तक?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री कमल पटेल ) : (क) कृषकों द्वारा समर्थन मूल्‍य पर विक्रय की जाने वाली अधिकतम उपज की मात्रा का निर्धारण भूमि के रकबे, बोई गई फसल तथा उत्‍पादकता के आधार पर पोर्टल पर प्रविष्टि की जाती है। कृषक द्वारा प्रतिवर्ष पृथक-पृथक फसल की बोवाई करने एवं रकबे में परिवर्तन करने के कारण पंजीयन में रकबे एवं बोई गई फसल की गिरदावारी से प्रतिवर्ष जानकारी लेने की आवश्‍यकता होने से ई-उपार्जन पोर्टल पर प्रतिवर्ष पंजीयन किया जाना आवश्‍यक है। (ख) कृषकों को पंजीयन में सुविधा को दृष्टिगत रखते हुए सहकारी समितियों, महिला स्‍व-सहायता समूह, एफ.पी.ओ./एफ.पी.सी. द्वारा संचालित पंजीयन केन्‍द्रों के अतिरिक्‍त एम.पी.ऑन लाईन, कॉमन सर्विश सेन्‍टर, लोक सेवा केन्‍द्र एवं पंचायत स्‍तर पर भी पंजीयन कराया जा सकता है साथ ही कृषक द्वारा स्‍वयं मोबाईल एप के माध्‍यम से पंजीयन की सुविधा दी गई है। एम.पी.ऑनलाईन, कॉमन सर्विश सेन्‍टर, लोक सेवा केन्‍द्र पर प्रति पंजीयन रूपये 50 का शुल्‍क निर्धारित किया गया है। सहकारी समिति, महिला स्‍व-सहायता समूह, एफ.पी.ओ./एफ.पी.सी. एवं पंचायत स्‍तर पर संचालित पंजीयन केन्‍द्रों पर नि:शुल्‍क पंजीयन की सुविधा प्रदान की गई है। (ग) कृषकों के भूमि के खसरों से आधार लिंक की कार्यवाही राजस्‍व विभाग द्वारा की जा रही है। सभी खसरे आधार से लिंक होने पर कृषक द्वारा मोबाईल एप के माध्‍यम से घर बैठें पंजीयन किया जा सकेगा। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

जिला शिक्षा अधिकारी सतना द्वारा कोरोना गाइडलाइन का उल्‍लंघन

[स्कूल शिक्षा]

24. ( क्र. 884 ) श्री नीलांशु चतुर्वेदी [ श्री सिद्धार्थ सुखलाल कुशवाहा ] : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या गृह/सामान्‍य प्रशासन विभाग के ज्ञापन दिनांक 20.04.2021 द्वारा राज्‍य सरकार के ऐसे कार्यालय जो अत्‍यावश्‍यक सेवा में आते है 10 प्रतिशत कर्मचारियों के साथ संचालित करने का निर्देश था तथा विकलांग कर्मचारियों को उपस्थित होने से छूट भी प्रदान की गई थी जो सा.प्र.वि. के निर्देश दिनांक 30.05.2021 में 50 प्रतिशत एवं 15.06.2021 से 100 प्रतिशत किया गया? इसमें कौन-कौन से विभागों को नामांकित किया गया था उनके नाम सहित बतायें। (ख) क्‍या कार्यालय जिला शिक्षा अधिकारी सतना में प्रश्‍नांश (क) के निर्देशों के प्रभावशीलता अवधि में माह अप्रैल, मई एवं जून 2021 में शत-प्रतिशत कर्मचारियों को कार्यालय बुलाया गया जिसमें विकलांग कर्मचारी भी शामिल हैं? उक्‍त माहो की कर्मचारी उपस्थित पंजी एवं सीसीटीवी रिकार्डिंग प्रदान करें। (ग) प्रश्‍नांश (ख) अनुसार कार्यालय खोलने, प्रश्‍नांश (क) में अंकित निर्देशों के विपरीत कोरोना गाइड-लाइन एवं महामारी एक्‍ट का उल्‍लंघन है अथवा नहीं? (घ) प्रश्‍नांश (क) के निर्देशों का (ख) अनुसार सरकारी निर्देशों एवं महामारी एक्‍ट 1897 का उल्‍लंघन करने वाले जिला शिक्षा अधिकारी सतना के विरूद्ध शासन निर्देश की अवहेलना एवं महामारी एक्‍ट का उल्‍लंघन करने के कारण शासन उनके विरूद्ध आईपीसी की धारा 188 एवं अन्‍य लागू होने वाली धाराओं के तहत आपराधिक प्रकरण पुलिस में दर्ज करायेगा एवं अनुशासनात्‍मक कार्यवाही करेगा? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं तो क्‍यों?

राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट-एक अनुसार है। (ख) जी नहीं। शत् प्रतिशत कर्मचारियों को कार्यालय नहीं बुलाया गया। शासन कोविड प्रोटोकाल के तहत कर्मचारी आवश्यकतानुसार कार्यालय में उपस्थित हुए, जिसमें एक दिव्यांग कर्मचारी भी शामिल है। जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट-दो अनुसार है। सी.सी. टी.व्ही. की रिकार्डिंग उपलब्‍ध नहीं है। (ग) उतरांश '''' के प्रकाश में। जी नहीं। (घ) उतरांश '''' एवं '''' के प्रकाश में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

मनरेगा में पंजीकृत लोगों को काम दिये जाना

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

25. ( क्र. 905 ) कुँवर विक्रम सिंह (नातीराजा) : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) छतरपुर जिले में वित्तीय वर्ष 2021-22 में प्रश्‍न दिनांक तक कितने जॉबकार्डधारी परिवारों द्वारा मनरेगा में कार्य की मांग की गई? उपरोक्‍त अवधि में कितने लोगों को मनरेगा में कार्य मिला? पंचायतवार जानकारी देवें। (ख) मनरेगा में पंजीयन कराने के बाद काम मांगने के बावजूद भी उन्हें काम न दिये जाने के क्या कारण रहे हैं? (ग) क्या शासन भविष्य में आगामी वित्तीय वर्ष में मनरेगा में पंजीकृत प्रत्येक व्यक्ति को काम दिया जाना सुनिश्चित कर पायेगा?

पंचायत मंत्री ( श्री महेन्‍द्र सिंह सिसौदिया ) : (क) छतरपुर जिले में वित्तीय वर्ष 2021-22 में प्रश्‍न दिनांक तक 145605 जॉबकार्डधारी परिवारों द्वारा मनरेगा में कार्य की मांग की गई। उक्‍त अवधि में 115127 लोगों द्वारा मनरेगा में कार्य किया गया। शेष लोग कार्य पर उपस्थित नहीं हुये। पंचायतवार जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट  अनुसार है। (ख) मनरेगा योजनांतर्गत पंजीकृत जॉबकार्डधारियों द्वारा काम की मांग करने पर सभी को कार्य उपलब्‍ध कराया गया है, 30478 जॉबकार्डधारी परिवारों को कार्य उपलब्‍ध कराने के उपरांत भी कार्य करने हेतु उपस्थित नहीं हुये। अत: शेष प्रश्‍नांश उपस्थित नहीं होता। (ग) महात्‍मा गांधी राष्‍ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम 2005 का उद्देश्‍य ऐसे प्रत्‍येक ग्रामीण परिवार जिनके वयस्‍क सदस्‍य अकुशल शारीरिक श्रम कार्य करना चाहते हैं, को एक वित्‍त वर्ष में कम से कम 100 दिनों का गारंटीयुक्‍त मजदूरी रोजगार उपलब्‍ध कराना है। मनरेगा में मजदूरी रोजगार को कानूनी गारंटी दी गई है।

शिक्षकों की पात्रता परीक्षा योग्यता प्रमाण-पत्र की वैधता

[स्कूल शिक्षा]

26. ( क्र. 1048 ) श्री निलय विनोद डागा : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने शिक्षकों की पात्रता परीक्षा योग्यता प्रमाण-पत्र की वैधता आजीवन कर दी है, तो क्‍या मध्‍यप्रदेश शासन द्वारा शिक्षक पात्रता परिणाम की वैधता को आजीवन करने की कोई योजना है? (ख) माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा का परिणाम वर्ष 2019 के अंत में जारी किया गया, कोरोना महामारी के चलते सत्‍यापन व नियुक्ति प्रक्रिया 02 वर्ष विलंब से प्रारंभ की गई, जिसमें पात्र अभ्यार्थियों की शिक्षक पात्रता परिणाम समाप्‍त होने वाली है, तो क्या शासन द्वारा इनकी वैद्यता 02 वर्ष बढ़ाई जाएंगी? (ग) शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 दिनांक 26.8.2009 के अनुसार माध्यमिक शाला के शिक्षकों की संरचना के अनुसार विज्ञान एवं गणित को प्रथम स्थान पर रखा गया है, परन्तु मध्यप्रदेश में विज्ञान को 5वें स्थान पर रखा गया है, ऐसा क्यों?

राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) मध्यप्रदेश शासन का वर्तमान में ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं है। (ख) शिक्षक पात्रता परीक्षा की वैधता में एक वर्ष वृद्धि की प्रक्रिया प्रचलित है। (ग) शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 के अनुसार माध्‍यमिक शाला में शिक्षकों की पद संरचना राज्‍य शासन द्वारा जारी की गई उसमें न्‍यूनतम तीन शिक्षकों का प्रावधान रखा गया है और इन तीन शिक्षकों में विज्ञान विषय का शामिल है। जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है।

परिशिष्ट - "आठ"

हस्तशिल्प मेले में शिल्पियों को आवंटित स्टाल

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

27. ( क्र. 1131 ) श्री महेश परमार : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) उज्जैन ज़िला पंचायत द्वारा वर्ष 2021 के हस्तशिल्प मेले में शिल्पियों के स्टॉल, खानपान के स्टाल, ओपन स्टाल कितने लगाए गए तथा लगाए स्टालों से अलग-अलग कितनी राशि वसूल की गयी? ब्योरा देवें। (ख) क्या बच्चों के मनोरंजन हेतु झूले लगाए गए थे? यदि हाँ, तो कितने झूले लगाए गए थे और झूलेस्वामियों से कितनी राशि प्राप्त की गयी? अलग-अलग ब्योरा देवें। (ग) क्या झूले मालिकों से अलग-अलग विद्युत कनेक्शन कराया गया? यदि हाँ, तो विद्युत कनेक्शन की प्रति उपलब्ध कराते हुए नाम, पता, मोबाइल नंबर सहित झूलेस्वामियों और दुकानों की सूची भी नाम, पते मोबाइल नंबर सहित उपलब्ध कराएं। (घ) वर्ष 2021 में आयोजित हस्तशिल्प मेले से कुल कितनी आय प्राप्त हुई? प्राप्त राशि का उपयोग किस मद में किस प्रयोजन को लेकर किया गया? जमा राशि में से कब-कब कितनी राशि खर्च की गयी? किन उद्देश्यों के लिए की गयी? जमा राशि तथा खर्च की गयी राशि के भुगतान राशि, चेक क्रमांक और दिनांक, भुगतान प्राप्तकर्ता का मोबाइल नंबर सहित पूर्ण ब्योरा देवें। (ङ) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में प्राप्त राशि का रसीद क्रमांक, प्राप्त राशि के ब्योरे सहित प्रतियाँ उपलब्ध कराएं।

पंचायत मंत्री ( श्री महेन्‍द्र सिंह सिसौदिया ) : (क) शिल्पियों के स्‍टाल - 207, खानपान स्‍टाल - 30 एवं ओपन स्‍टाल - 138 लगाए गये, जिनसे क्रमश: राशि रूपये 8,60,500/- राशि रूपये 1,72,000/- एवं राशि रूपये 4,68,100/- वसूल की गई। (ख) जी हाँ। कुल 06 झूले। राशि रूपये 88,100/- प्राप्‍त की गई। (ग) जी नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) वर्ष 2021 में आयोजित हस्‍तशिल्‍प मेले से कुल राशि रूपये 15,00,600/- आय प्राप्‍त हुई है। प्राप्‍त राशि का उपयोग मेला 2021 संबंधी समस्‍त कार्य व्‍यवस्‍था मद के प्रयोजनों हेतु किया जाता है। जमा राशि के विरूद्ध मेले संबंधी समस्‍त व्‍यय की राशियों का भुगतान पंचायत राज पोर्टल के माध्‍यम से ईपीओ द्वारा ऑनलाईन संबंधित फर्म/दुकानदार के बैंक खाते में जमा किया जाता है। शेष जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ड.) जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट अनुसार है।

मुख्य मार्ग जबेरा से सुरई तक मार्ग निर्माण

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

28. ( क्र. 1266 ) श्री धर्मेन्द्र भावसिंह लोधी : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे किक्या जबेरा विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना द्वारा मुख्य मार्ग जबेरा से सुरई तक 2.5 किलोमीटर मार्ग का निर्माण में भोपाल स्तर पर लंबित है जबकि इसका प्राक्कलन तैयार कर तकनीकी स्वीकृति भी हो चुकी है? यदि हाँ, तो उक्त मार्ग का निर्माण की प्रशासकीय स्वीकृति एवं निर्माण कार्य कब तक प्रारंभ किया जावेगा? यदि नहीं तो विलंब का क्या कारण है?

पंचायत मंत्री ( श्री महेन्‍द्र सिंह सिसौदिया ) : जबेरा विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में एस.एच.-37 जबलपुर दमोह मार्ग से सुरई पहुंच मार्ग का निर्माण स्वीकृत हुआ था। निजी भूमि विवाद के कारण मार्ग निर्माण नहीं किया जा सका। जिसके कारण मार्ग की स्वीकृति, योजना से विलोपित की गई। मार्ग निर्माण की पुनः स्वीकृति राज्य संपर्कता योजना की निरंतरता न होने के कारण संभव नहीं है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

चित्रकूट विधानसभा क्षेत्र में खेल मैदान की अनुपलब्‍धता

[खेल एवं युवा कल्याण]

29. ( क्र. 1270 ) श्री नीलांशु चतुर्वेदी : क्या खेल एवं युवा कल्याण मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) सतना जिले के चित्रकूट विधानसभा क्षेत्र में युवाओं के खेलने हेतु कितने खेल प्रांगण शासन द्वारा बनाये हैं किन-किन स्‍थानों पर बनाये गये हैं? विवरण दें। (ख) प्रश्‍नांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में क्‍या शासन द्वारा निजी संस्‍थाओं विद्यालयों को खेल मैदान हेतु अनुदान दिया गया है? यदि हाँ, तो कब-कब, कितनी-कितनी राशि किस किस कार्य हेतु? (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में क्‍या चित्रकूट क्षेत्र में युवाओं के खेलने एवं खेल प्रतिभा को विकसित करने की कोई भी व्‍यवस्‍था शासन स्‍तर से नहीं की गई? (घ) प्रश्‍नांश (क), (ख), (ग) के परिप्रेक्ष्‍य में खेल मैदान हेतु किन-किन जनप्रतिनिधियों संस्‍थाओं व्‍यक्तियों द्वारा कब- कब आवेदन, याचिका एवं ज्ञापन शासन को प्राप्‍त हुए? प्राप्‍त ज्ञापनों, याचिकाओं पर क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई? कब तक खेल मैदान एकेडमी स्‍टेडियम बनाये जावेंगे?

खेल एवं युवा कल्याण मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) विभाग के सीमित बजट के तह्त चरणबद्ध तरीके से विकासखण्ड स्तर पर लघु खेल परिसर बनाये जा रहे है, चित्रकूट विधानसभा में विभाग द्वारा खेल परिसर नहीं बनाया गया है, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा परफारमेंस ग्रांट योजनान्तर्गत चित्रकूट विधानसभा क्षेत्र के हिरोंदी में 9 एकड़ भूमि पर राशि रू. 80.00 लाख से आउटडोर खेल परिसर निर्मित किया गया है। (ख) जी नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) जी नहीं, विभाग द्वारा चित्रकूट (मझगवां) विकासखण्ड में खेल प्रतिभाओं को विकसित करने हेतु विधायक कप, ग्रीष्‍मकालीन प्रशिक्षण शिविर, खेल प्रशिक्षण हेतु खेल सामग्री, राज्य स्तर पर पदक प्राप्त खिलाड़ियों को खेलवृत्ति, ग्रामीण युवा केन्द्र का संचालन आदि गतिविधियां संचालित की जा रही है। (घ) जानकारी संलग्‍न  परिशिष्‍ट अनुसार है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - "नौ"

कुक्षी विधानसभा क्षेत्र में प्रधानमंत्री ग्राम सड़कों का रख-रखाव

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

30. ( क्र. 1416 ) श्री सुरेन्‍द्र सिंह हनी बघेल : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) कुक्षी विधानसभा क्षेत्रान्‍तर्गत कौन-कौन सी सड़कें प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना अंतर्गत निर्मित है? (विस्‍तृत जानकारी प्रदान करें)। (ख) प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना अंतर्गत निर्मित सड़कों के रख-रखाव संबंधी क्‍या नियम है? (ग) क्‍या यह सही है कि, कुक्षी विधानसभा क्षेत्रान्‍तर्गत प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना अंतर्गत निर्मित सड़के गुणवत्‍ताहीन है और रख-रखाव के अभाव में जर्जर अवस्‍था में है? यदि हाँ, तो घटिया निर्माण कार्य करने वाले ठेकेदार और प्रमाणीकरण देने वाले अधिकारी पर शासन क्‍या कार्यवाही करेगा (विस्‍तृत जानकारी प्रदान करें)? यदि कोई कार्यवाही नहीं करेगा तो क्‍यों (घ) प्रश्‍नांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में क्‍या यह सही है कि, इन सड़कों के निर्माणकर्ता ठेकेदारों द्वारा बिना अनुज्ञा के शासकीय पहाड़ि‍यों को खोद कर मुरूम उपयोग की गयी है? यदि हाँ, तो शासन नियम विरूद्ध उत्‍खनन करने वाले ठेकेदारों पर क्‍या कार्यवाही करेगा और कब तक (समय सीमा सहित जानकारी प्रदान करें)?

पंचायत मंत्री ( श्री महेन्‍द्र सिंह सिसौदिया ) : (क) जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र-ब अनुसार है। (ग) जी नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) योजनान्तर्गत निर्मित सड़कों के निर्माण में मुरूम इत्यादि का उपयोग निर्माणकर्ता ठेकेदारों द्वारा खनिज विभाग से विधिवत अनापत्ति प्राप्‍त कर ही किया जाता है। मार्ग में उपयोग किए गए खनिज का राजस्व शासन के नियमानुसार संविदाकार के देयक से वसूल किया जाकर खनिज मद में जमा किया गया है।

दोषी जिला शिक्षाधिकारी के विरूद्ध कार्यवाही

[स्कूल शिक्षा]

31. ( क्र. 1437 ) श्री राकेश मावई : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रश्‍नकर्ता सदस्‍य के तारांकित प्रश्‍न क्रमांक 422 दिनांक 11.8.2021 के उत्‍तर की परिशिष्‍ट (01) छ: संलग्‍न अनुसार जांच प्रतिवेदन संबंधित विवरण के कॉलम में संयुक्‍त संचालक, लोक शिक्षण संभाग, ग्‍वालियर के पत्र क्रमांक 2105 दिनांक 29.7.2021 द्वारा जांच प्रतिवेदन संचालनालय को प्राप्‍त एवं पत्र क्रमांक 766 दिनांक 6.3.2021 द्वारा जांच प्रतिवेदन संचालनालय को प्राप्‍त होना बताया गया? यदि हाँ, तो प्रश्‍न दिनांक तक दोषी जिला शिक्षा अधिकारी के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की गई? (ख) प्रश्‍नांश (क) के परिशिष्‍ट एक में जांच प्रतिवेदन का निष्‍कर्ष/कार्यवाही में संबंधित को अनियमितता के कारण दोषी पाया जाना माना गया है? यदि हाँ, तो प्रतिवेदनों अनुसार दोषी पर क्‍या कार्यवाही की गई? जांच प्रतिवेदनों की प्रति, आदेश प्रति सहित सम्‍पूर्ण जानकारी देवें। (ग) यदि प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) सही है और दोषी के विरूद्ध प्रश्‍न दिनांक तक कोई कार्यवाही नहीं की गई है तो क्‍या कारण है तथा लापरवाही में कौन-कौन दोषी है? क्‍या दोषियों पर कार्यवाही करते हुये प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के जांच प्रतिवेदनों अनुसार कार्यवाही करा देगें? यदि हाँ, तो समय-सीमा बतायें। यदि नहीं तो कारण सहित जानकारी देवें। (घ) जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय मुरैना में लगभग 15-20 वर्षों से अधिक समय से पदस्‍थ कर्मचारियों का कब तक अन्‍यत्र स्‍थानान्‍तरण किया जावेगा? यदि नहीं तो क्‍यों?

राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) जी हाँ। संयुक्त संचालक, लोक शिक्षण संभाग, ग्वालियर से पत्र क्र. 2105 दिनांक 29.07.2021 द्वारा प्राप्त जांच प्रतिवेदन के क्रम में पूर्ण विचारोपरांत नस्तीबद्ध किया गया है। संयुक्त संचालक, लोक शिक्षण संभाग, ग्वालियर के पत्र क्र. 766 दिनांक 06.03.2021 द्वारा प्राप्त जांच प्रतिवेदन अनुसार श्री सुभाष शर्मा (मूलपद उप संचालक) जिला शिक्षा अधिकारी के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। (ख) प्रश्‍नांश (क) के उत्तर अनुसार। (ग) प्रश्‍नांश (क) के उत्तर के प्रकाश में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी स्थानांतरण नीति दिनांक 24.06.2021 की कंडिका 18 एवं कंडिका 25 के अनुरूप कार्यवाही की जाती है। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

नियम विरुद्ध अनुकम्पा नियुक्ति

[स्कूल शिक्षा]

32. ( क्र. 1587 ) श्री विनय सक्सेना : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या म.प्र. शासन स्कूल शिक्षा विभाग के आदेश दिनांक 01/02/2021 के अनुसार दिवंगत शिक्षक/अध्यापक संवर्ग के वांछित योग्यताधारी आश्रितों को विज्ञान शिक्षक पद पर नियुक्ति देने का प्रावधान किया गया है? (ख) प्रश्‍नांश (क) के परिप्रेक्ष्य में यदि हाँ, तो क्या जिला शिक्षा अधिकारी जबलपुर के आदेश क्रमांक 1241 दिनांक 09/02/2021 तथा क्रमांक 1995 दिनांक 22/02/2021 के माध्यम से दिवंगत लिपिक संवर्ग के आश्रितों को नियम विरुद्ध लापरवाही पूर्वक विज्ञान शिक्षक के पद पर अनुकम्पा नियुक्ति दी गई है जिसे 6 माह गलत वेतन देने के बाद निरस्त/संशोधित किया गया? निरस्तीकरण/संशोधन आदेश में न्यायालय से स्थगन होने के बाद क्या नियम विरुद्ध नियुक्त कर्मचारी वर्तमान में अपने पदों पर कार्यरत हैं? (ग) यदि हाँ, तो जो नियुक्ति भृत्य पद पर होनी थी वह गलत तरीके से विज्ञान शिक्षक पद पर हो गई? इस प्रकार दोनों पदों के देय वेतन में कितना अंतर है? इसके लिए कौन दोषी है? (घ) गलत नियुक्ति के कारण वेतन स्वरुप अधिक भुगतान होने से शासन को प्रतिमाह कितनी क्षति हो रही है? (ङ) क्या शासन के स्पष्ट आदेश दिनांक 01/02/2021 के बाद भी नियम विरुद्ध तथा लापरवाही पूर्वक गलत अनुकम्पा नियुक्ति के प्रकरण में जिला शिक्षा अधिकारी जबलपुर के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही की जावेगी यदि हाँ, तो कब तक? यदि नही, तो क्यों?

राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) विभाग के प्रचलित भर्ती नियमों में निर्धारित शैक्षणिक योग्यता रखने वाले अध्यापक संवर्ग एवं नियमित शासकीय शिक्षक संवर्गीय दिवंगत कर्मचारियों के आश्रितों को प्रयोगशाला शिक्षक के रिक्त पदों पर, उक्त नियमों के प्रकाश में निर्धारित शैक्षणिक योग्यता धारित होने पर अनुकंपा नियुक्ति दी जा सकेगी। (ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) जी नहीं। सामान्य प्रशासन विभाग के परिपत्र दिनांक 29 सितम्बर 2014 के परिप्रेक्ष्य में निम्‍नतर पद यथा सहायक ग्रेड-3/भृत्य के पद पर निर्धारित योग्यता धारित होने पर अनुकंपा नियुक्ति का प्रावधान है। प्रयोगशाला शिक्षक का न्यूनतम वेतन सातवें वेतनमान के अनुसार लेवल-6 पर रूपये 25300/- है जिसका प्रथम वर्ष में 70 प्रतिशत रूपये 17710/- भृत्य पद का न्यूनतम वेतन लेवल-1 पर रूपये 15500/- का प्रथम वर्ष में 70 प्रतिशत रूपये 10850/- सहायक ग्रेड-3 का न्यूनतम वेतन लेवल-4 अनसार रूपये 19500/- का प्रथम वर्ष में 70 प्रतिशत 13650/- इस प्रकार प्रयोगशाला शिक्षक एवं भृत्य के वेतन का अन्तर प्रतिमाह रूपये 6860/- है। जिला शिक्षा अधिकारी जबलपुर द्वारा त्रृटिपूर्ण आदेश जारी किया गया है। (घ) वर्तमान में मान. उच्च न्यायालय का स्थगन होने से दोनो याचिकाकर्ता प्रयोगशाला शिक्षक के पद पर ही कार्यरत होने से अधि‍क भुगतान होने का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ड.) शासन निर्देश दिनांक 01.02.2021 के प्रतिकूल कार्यवाही करने से जिला शिक्षा अधिकारी जबलपुर को संचालनालय के पत्र क्रमाक स्था-4/337-338 दिनांक 02.03. 2022 द्वारा कारण बताओं सूचना पत्र जारी किया गया है। प्रतिवाद प्राप्त होने पर गुण दोष के आधार पर नियमानुसार कार्यवाही की जायेगी।

परिशिष्ट - "दस"

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क की गुणवत्‍ता

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

33. ( क्र. 1603 ) श्री विजयपाल सिंह : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता के विधान सभा क्षेत्र सोहागपुर में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना द्वारा एम.पी.आर.सी.पी. के अंतर्गत आज दिनांक तक कितने मार्ग स्‍वीकृत किये गये हैं? उनके नाम एवं लं‍बाई लागत सहित सूची उपलब्‍ध करावें। इन मार्गों के निर्माण के संबंध में क्‍या पॉलिसी निर्धारित है? क्‍या मापदण्‍ड थे? उसकी नियमावली उपलब्‍ध करावें। (ख) विधान सभा क्षेत्र सोहागपुर के ग्राम शुक्‍करवाड़ा, सांगाखेड़ाकलां, आरी हेतु हुये बाबई मार्ग जिसकी हालत बहुत ही खराब हो चुकी है, यह मार्ग 5 वर्ष के मेंटेनेन्‍स में था। इस मार्ग को पुन: कब तक ठीक कर दिया जायेगा? (ग) क्‍या मार्गों के निर्माण के साथ साईट शोल्‍डर एवं एप्रोच बनाये जाने का प्रावधान है? यदि हाँ, तो किन-किन सड़कों के शोल्‍डर एवं एप्रोच बनाये गये हैं? साथ ही सड़क निर्माण पूर्ण होने के बाद ठेकेदार/कार्य एजेन्‍सी द्वारा 5 वर्ष का रख-रखाव नियमानुसार किया जा रहा है? यदि हाँ, तो जानकारी दें। यदि रख-रखाव नहीं किया जा रहा है तो क्‍यों? (घ) क्‍या वर्ष 2018 में जो मार्ग स्‍वीकृत हुये हैं, उनकी निविदा आमंत्रित हो चुकी है परन्‍तु कार्य अभी तक प्रारंभ नहीं हो पाये हैं? किस कारण से कार्य प्रारंभ नहीं हुये हैं?

पंचायत मंत्री ( श्री महेन्‍द्र सिंह सिसौदिया ) : (क) जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र- अ एवं ब अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र-स अनुसार है। (ग) सभी मार्गों पर साईट शोल्डर बनाये जाने का प्रावधान है। तकनीकी मापदंड एवं स्थल पर जमीन की उपलब्धता अनुसार शोल्डर का निर्माण किया गया है। मार्गों पर अलग से एप्रोच बनाये जाने का कोई प्रावधान नहीं है। जी हाँ, संधारण कार्य चेक लिस्ट अनुसार किया जा रहा है जो पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र-द अनुसार है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) वित्तीय वर्ष 2017-18 में एम.पी.आर.सी.पी. के अंतर्गत कुल 30 मार्ग स्वीकृत हुये है। जिसमें से एक सड़क लोक निर्माण विभाग को हस्तांतरित कर दिया गया है। इनमें से 19 मार्ग कार्य पूर्ण किये जा चुके है एवं 10 मार्गों का कार्य प्रगतिरत है। कोई भी कार्य अप्रारंभ नहीं है। वर्ष 2017-18 में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत 04 मार्ग स्वीकृत हुये है, इन 04 मार्गों का निर्माण पूर्ण हो चुका है  जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र- अ एवं इ अनुसार है।

15वें वित्त आयोग अन्तर्गत स्वीकृत कार्य

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

34. ( क्र. 1640 ) श्री हर्ष यादव : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वित्तीय वर्ष 2020-21 से प्रश्‍न दिनांक तक 15वें वित्त आयोग अनुदान अंतर्गत जल-जीवन मिशन के कार्य जल संरक्षण एवं संवर्धन, वर्षा जल पुनर्भरण तथा नल-जल योजनाओं के रख-रखाव व संधारण कार्यों हेतु जिला/जनपद/ग्राम पंचायतों में कार्ययोजना तैयार किये जाने हेतु शासन स्तर से कौन- कौन से निर्देश प्रसारित किए गए हैं? यदि हाँ, तो जारी निर्देश की प्रति उपलब्ध करावें। (ख) 15 वें वित्त आयोग मद अंतर्गत विधान सभा क्षेत्र देवरी अन्‍तर्गत जनपद पंचायत एवं ग्राम पंचायत को कब-कब और कितनी-कितनी राशि जारी की गई हैं? जनपदवार बतावें। म.प्र. पंचायत एवं ग्रामीण विकास के पत्र क्रमांक/प.रा./सीएफसी/2021/2163 भोपाल दिनांक 15/02/2021 में दिए गए निर्देशानुसार जिला/जनपद/ग्राम पंचायत में कौन-कौन से कार्यों को प्राथमिकता क्रम में लिया गया है। (ग) प्रश्‍नांश (ख) में वर्णित कार्यों में आंतरिक मार्ग/सी.सी.रोड निर्माण एवं अन्य प्रतिबंधित कार्यों को स्वीकृत एवं राशि जारी करने वाले अधिकारियों के विरूद्ध विभाग कोई कार्यवाही करेगा? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं तो क्यों?

पंचायत मंत्री ( श्री महेन्‍द्र सिंह सिसौदिया ) : (क) जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र - '''' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र- '''' अनुसार है। जिला/जनपद एवं ग्राम पंचायतों में टाईड ग्रांट अंतर्गत स्‍वच्‍छता एवं पेयजल संबंधी गतिविधियों में जनपद एवं ग्राम पंचायतों द्वारा कार्यों को शासन निर्देशानुसार प्राथमिकता क्रम में लिया गया है। (ग) शासन से जारी निर्देशों में आंतरिक मार्ग सी.सी. रोड निर्माण कार्य को अनुमत्‍य कार्य माना गया है। विधानसभा क्षेत्र देवरी अंतर्गत प्रतिबंधित कार्यों की स्‍वीकृतियां जारी नहीं की गयी हैं। शेष प्रश्‍नांश उपस्थित नहीं होता।

शिक्षकों का नियम विरूद्ध संलग्‍नीकरण

[स्कूल शिक्षा]

35. ( क्र. 1676 ) श्री संजय शर्मा : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या वर्तमान में मध्यप्रदेश में शिक्षा विभाग में कार्यरत शिक्षकों के अपनी मूल पदस्थ शाला से अन्यत्र संलग्नीकरण किये जाने के आदेश हैं? (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार, क्या वर्तमान में तेंदूखेडा विधानसभा क्षेत्र के शिक्षकों का संलग्नीकरण अपनी मूल पदस्थ शाला से अन्यत्र शाला में किया गया है? यदि हाँ, तो किसकी अनुशंसा से संलग्नीकरण किया गया है? अनुशंसा की छायाप्रति प्रदान करें। ऐसे शिक्षकों के नाम, पदनाम, मूल पदस्थ शाला का नाम एवं संलग्न की गई शाला का नाम सहित पूरी जानकारी प्रदान करें। (ग) प्रश्‍नांश (ख) अनुसार, इन शिक्षकों का नियम विरूद्ध संलग्नीकरण किसके आदेश से किया गया है? (घ) प्रश्‍नांश (ग) अनुसार, क्‍या शिक्षकों के नियम विरूद्ध संलग्नीकरण करने वाले अधिकारी के विरूद्ध कोई कार्यवाही की जाएगी? यदि हाँ, तो कब तक? (ङ) प्रश्‍नांश (ख) अनुसार अन्यत्र शाला में संलग्न किये गये शिक्षकों को उनकी मूल शाला में कब तक वापिस किया जावेगा?

राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) जी नहीं। (ख) सचिव, मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग भोपाल, के पत्र दिनांक 24.11.21 द्वारा श्रीमती रजनी ठाकुर, उच्च माध्यमिक शिक्षक, शा.उ.मा.वि. गोरखपुर जिला नरसिंहपुर को मध्यप्रदेश पंचायत राज एवं ग्रामस्वराज अधिनियम, 1993 की धारा 42-43 एवं मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1956 की धारा 14 में प्रदत्त शक्तियों के अंतर्गत राज्य निर्वाचन कार्यालय, भोपाल में संलग्न किया गया है। जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। सचिव, मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग भोपाल के द्वारा संलग्नीकरण आदेश किया गया है। (घ) लोक शिक्षण संचालनालय, म.प्र. भोपाल के पत्र दिनांक 10/01/2022 द्वारा सचिव म.प्र. राज्‍य निर्वाचन आयोग म.प्र. भोपाल को श्रीमती ठाकुर को कार्यमुक्‍त किये जाने हेतु लेख किया गया है। (ड.) उत्‍तरांश '''' अनुसार।

परिशिष्ट - "ग्यारह"

उज्जैन जिला अन्तर्गत खाद की कालाबाजारी

[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]

36. ( क्र. 1692 ) श्री मुरली मोरवाल : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) उज्जैन जिले के अन्तर्गत खाद की काला बाजारी करने वाले कितने व्यापारियों के विरूद्ध 01 जनवरी 2021 से 31 जनवरी 2022 तक कितने प्रकरण बनाये गए? तहसीलवार, फर्मवार सम्पूर्ण जानकारी उपलब्ध करावें। (ख) प्रश्‍नांश (क) के संबंध में प्रशासन द्वारा भेदभाव तरीके से कुछ व्यापारी के विरूद्ध प्रकरण नहीं दर्ज कर केवल लाईसेंस निरस्त किया गया? क्या एक ही प्रकार के प्रकरण में प्रशासन द्वारा अलग-अलग कार्यवाही की गई है? (ग) क्या रवि कल्याणी के फर्म पर ही एफ.आई.आर. दर्ज कर उसके गोडाउन को किस नियम के अन्तर्गत तोड़ा गया और रासुका की कार्यवाही की गई जबकि इस ही प्रकार के प्रकरण में अन्य व्यापारियों पर ऐसी कार्यवाही क्यों नहीं की गई? (घ) शासन भेदभाव पूर्ण कार्यवाही करने वाले अधिकारी के विरूद्ध क्या कार्यवाही करेगा?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री कमल पटेल ) : (क) जानकारी संलग्‍न  परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) जी नहीं। (ग) विभाग द्वारा उर्वरक की कालबाजारी के दोनों प्रकरणों में आवश्‍यक वस्‍तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 के तहत एफ.आई.आर. दर्ज कराई गई है। भवन निर्माण की अनुमति न होने से अवैध गोडाउन निर्माण के विरूद्ध राजस्‍व विभाग/नगर पालिका बड़नगर द्वारा कार्यवाही की गई है। रवि पिता नरेश कल्‍याणी निवासी गजानन्‍द मार्केट कोर्ट चौराहा बड़नगर के विरूद्ध कलेक्‍टर एवं जिला दण्‍डाधिकारी जिला उज्‍जैन द्वारा चोर बजारी निवारण और आवश्‍यक वस्‍तु प्रदाय अधिनियम 1980 की धारा 3 की उपधारा (1) (2) के अंतर्गत निरूद्ध की कार्यवाही की गई है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) भेदभाव पूर्ण कार्यवाही न किये जाने से प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - "बारह"

खेत सड़क योजना के प्राप्‍त प्रस्‍ताव

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

37. ( क्र. 1693 ) श्री मुरली मोरवाल : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मनरेगा योजना अन्तर्गत खेत सड़क योजना के बड़नगर विकासखण्ड अन्तर्गत वर्ष 2020-2021 के लिए किन-किन पंचायतों द्वारा किस-किस खेत सड़क योजना अन्तर्गत प्रस्ताव किस-किस दिनांक को प्राप्त हुए है? पंचायतवार, राशिवार सम्पूर्ण जानकारी उपलब्ध करावें। (ख) प्रश्‍नांश (क) के सदंर्भ में खेत सड़क योजना के अन्तर्गत किन-किन पंचायतों के प्रस्ताव किस दिनांक को स्वीकृत किये गए? कितने स्वीकृत होना शेष है? सम्पूर्ण जानकारी, पंचायतवार राशिवार उपलब्ध करावें। (ग) बड़नगर विकासखण्ड अन्तर्गत खेत सड़क योजना का प्रस्ताव कब तक स्वीकृत किये जावेंगे?

पंचायत मंत्री ( श्री महेन्‍द्र सिंह सिसौदिया ) : (क) बड़नगर विकासखंड अंतर्गत वर्ष 2020-21 में सुदूर ग्राम संपर्क व खेत सड़क उपयोजना के जिला पंचायत को कुल 65 प्रस्‍ताव प्राप्‍त हुये है। ग्राम पंचायतवार शेष जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट 1 अनुसार है। (ख) उत्‍तरांश () के संदर्भ में सुदूर ग्राम संपर्क व खेत सड़क उपयोजना के बड़नगर विकासखंड अंतर्गत 29 प्रस्‍तावों की स्‍वीकृति जिला स्‍तर से दी गई है। ग्राम पंचायतवार स्‍वीकृत सुदूर/खेत सड़कों की जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट 2 अनुसार है। 36 प्रस्‍ताव स्‍वीकृत होना शेष है। शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 3 अनुसार है। (ग) जिला स्‍तर पर मजदूरी सामग्री अनुपात 60:40 का संधारण सुनिश्चित होने पर कार्य मनरेगा योजना से साध्‍य होने पर उत्‍तरांश () के शेष प्रस्‍तावों पर यथोचित कार्यवाही की जा सकेगी।

बीना शहर में इंडोर स्टेडियम का निर्माण

[खेल एवं युवा कल्याण]

38. ( क्र. 1711 ) श्री महेश राय : क्या खेल एवं युवा कल्याण मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या विधानसभा क्षेत्र बीना के बीना शहर में इंडोर स्टेडियम स्वीकृत हो गया है? (ख) यदि हाँ, तो वर्तमान में क्या स्थिति है? क्या टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली गयी है? (ग) यदि नहीं तो क्यों कारण सहित अवगत करायें। (घ) बीना शहर में इंडोर स्टेडियम का निर्माण कार्य कब से प्रारभ कर दिया जायेगा?

खेल एवं युवा कल्याण मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) जी नही। (ख) से (घ) प्रश्‍नांश '''' के उत्‍तर के संदर्भ में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

प्रधानमंत्री आवास योजना में चयन की प्रक्रिया

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

39. ( क्र. 1732 ) श्री अर्जुन सिंह काकोडि़या : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राही चयन प्रक्रिया का मापदंड क्या है? (ख) प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ गरीब परिवार जिनके पास कच्चा मकान हो उन्हें दिया जा रहा है या संपन्न पक्के मकान में रहने वाले परिवारों को भी इसका फायदा दिया जा रहा है? क्या आपके द्वारा इस तरीके की जानकारियां संकलित की गई हैं? (ग) क्या आपको नहीं लगता प्रधानमंत्री आवास योजना की चयन प्रक्रिया में त्रुटि है एवं जरूरतमंद व्यक्ति इस लाभ से वंचित है? इसमें सुधार किया जाए। क्या आप इस प्रक्रिया से सहमत हैं? (घ) प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्र में 1.50 लाख की राशि आवास एवं शौचालय के लिए दी जाती है, क्या वह पर्याप्त है? इस राशि को बढ़ाए जाने के संबंध में आपका कोई केंद्र के लिए प्रस्ताव है? क्योंकि यह 1.50 लाख की राशि बहुत कम है और इससे आवास एवं शौचालय बनाना एक गरीब मजदूर व्यक्ति के लिए संभव नहीं है। इसमें राशि बढ़ोतरी की जानी चाहिए। इस सम्बन्ध में स्पष्ट जवाब दें।

पंचायत मंत्री ( श्री महेन्‍द्र सिंह सिसौदिया ) : (क) जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण का लाभ भारत सरकार के दिशा निर्देश (क्रियान्‍वयन का फ्रेमवर्क) के अनुसार दिया जा रहा है। जी नहीं। (ग) प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण का लाभ भारत सरकार के दिशा निर्देश (क्रियान्‍वयन का फ्रेमवर्क) के अनुसार दिया जा रहा है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्र में आवास एवं शौचालय के लिए दी जाने वाली राशि भारत सरकार के निर्देशों के अनुक्रम में है। आवास हेतु राशि बढ़ाये जाने के लिए संचालक,प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण की ओर से पत्र क्रमांक 8512/22/वि-7/पीएमवायजी/2019 दिनांक 05.09.2019 के द्वारा भारत सरकार से अनुरोध किया गया था। उप सचिव, भारत सरकार, ग्रामीण विकास मंत्रालय के पत्र क्रमांक J-11012/01/2018-RH दिनांक 16.12.2019 अनुसार प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अंतर्गत इकाई सहायता केंद्रीय मंत्रीमण्‍डल के अनुमोदन के अनुसार तय की गई है।

मनरेगा के निर्माण कार्यों में अनियमितता की जांच

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

40. ( क्र. 1735 ) श्री दिनेश राय मुनमुन : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सिवनी जिले के विधानसभा क्षेत्र सिवनी अंतर्गत 01 अप्रैल 2020 से प्रश्‍नांकित दिनांक तक मनरेगा योजना से कौन-कौन से सामुदायिक कार्य स्‍वीकृत किये गये है? कार्य का नाम, स्‍वीकृति दिनांक, राशि, स्‍वीकृतकर्ता का नाम, तकनीकी एवं प्रशासकीय स्‍वीकृति क्रमांक एवं दिनांक, मूल्‍यांकनकर्ता अधिकारी का नाम, कार्य पूर्णता प्रमाण पत्र जारीकर्ता अधिकारी का पदनाम सहित बतावें। साथ ही कार्य पूर्णता प्रमाण-पत्र की संख्‍या जनपद पंचायतवार, वर्षवार उपलब्‍ध करावें। (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में स्‍वीकृत कार्यों की सामग्री एवं मजदूरों की राशि कितनी फर्म/वेण्‍डरों एवं कितने मजदूरों के खातों में भुगतान किया गया है? वर्षवार भुगतान की जानकारी उपलब्‍ध करावें। कितने कार्यों का भु्गतान किस कारण से शेष है तथा कब तक भुगतान कर दिया जायेगा? (ग) क्‍या प्रश्‍नांश (क) के निर्माण कार्यों की गुणवत्‍ता बहुत ही खराब है? क्‍या निर्माण कार्यों में भारी भ्रष्‍टाचार किया गया है? यदि नहीं तो 01 जनवरी 2020 से प्रश्‍न दिनांक तक किन-किन ग्राम पंचायतों में अनियमितता संबंधी शिकायतें जिला पंचायत को प्राप्‍त हुई हैं? इन शिकायतों में प्रश्‍न दिनांक तक क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई है? जांचकर्ता कर्मचारी/अधिकारियों का नाम, पद तथा जांच में की गई कार्यवाही का पूर्ण विवरण दें। जानकारी उपलब्‍ध करावें। यदि जांच नहीं की गई है तो जांच कब तक की जायेगी?

पंचायत मंत्री ( श्री महेन्‍द्र सिंह सिसौदिया ) : (क) सिवनी जिले के विधानसभा क्षेत्र सिवनी अन्‍तर्गत 1 अप्रैल 2020 से प्रश्‍नांकित दिनांक तक मनरेगा योजना से जनपद पंचायत सिवनी में 1232 एवं जनपद पंचायत छपारा में 764, कुल 1996 सामुदायिक कार्य स्‍वीकृत किये गये हैं। शेष जानकारी जनपदवार  पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट 1 एवं  2 अनुसार है। (ख) उतरांश (क) के संदर्भ में स्‍वीकृत कार्यों की सामग्री एवं मजदूरों की राशि 126 फर्म/वेण्‍डरों एवं 87536 मजदूरों के खातों में भुगतान किया गया है। वर्षवार भुगतान की जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट -3 अनुसार है। 616 कार्यों का भुगतान सामग्री मद में राशि का सतत् प्रवाह नहीं होने से शेष है। भारत सरकार से सामग्री मद में राशि प्राप्‍त होने पर भुगतान की कार्यवाही निर्भर होने से भुगतान की निश्चित समय-सीमा बतलाया जाना संभव नहीं हैं। (ग) प्रश्‍नांश () के निर्माण कार्यों की गुणवत्‍ता एवं भ्रष्‍टाचार की शिकायतों से संबंधित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट -4 अनुसार है। शेष प्रश्‍न उत्‍पन्‍न नहीं होता है।

स्‍कूलों छात्रावासों में निर्माण कार्य

[स्कूल शिक्षा]

41. ( क्र. 1736 ) श्री दिनेश राय मुनमुन : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र सिवनी में किन-किन स्‍कूलों-छात्रावासों में पेयजल, स्‍मार्ट-क्‍लासेज लाईट, टायलेट एवं बाउंड्रीवाल उपलब्‍ध नहीं है? सूची उपलब्‍ध करायें। (ख) विधानसभा क्षेत्र सिवनी में किन-किन स्‍कूलों-छात्रावासों में नलजल, टायलेट इत्‍यादि निर्माण कार्य मानक विरूद्ध होने की शिकायत मिली? समस्‍त शासकीय स्‍कूलों के निर्माण कार्य की भौतिक सत्‍यापन की छायाप्रति उपलब्‍ध करावें। स्‍कूल-छात्रावासों की समस्‍त सामग्री एवं निमाण कार्यों में गुणवत्‍ता के क्‍या नियम है? किन स्‍कूलों -छात्रावासों में निर्माणाधीन कार्यों की गुणवत्‍ता जांच किस दिनांक को किसके द्वारा की गई? स्‍कूल छात्रावास वार ब्‍यौरा देवें। (ग) वित्‍तीय वर्ष 2019-20 से प्रश्‍न दिनांक तक अतिरिक्‍त कक्ष निर्माण, खेल सामग्री, गणवेश इत्‍यादि के लिये कितना राशि आवंटन हुआ, किन-किन एजेन्सियों द्वारा राशि व्‍यय की गई? (घ) गणवेश कपड़ों की गुणवत्‍ता बेहद खराब एवं छात्र/छात्राओं के नाप का नहीं है, खेल सामग्री की गुणवत्‍ता खराब एवं एक ही एजेन्‍सी से खरीदी की गई, उक्‍त की कब तक जांच कर दोषियों पर कार्यवाही की जायेगी? जांच नहीं की जायेगी तो विधिसम्‍मत कारण बतावें। (ड.) सिवनी विधानसभा क्षेत्र में किन-किन हाई स्‍कूल, हायर सेकेंडरी स्‍कूलों में स्‍थायी प्राचार्य हैं, किनके पास किस स्‍कूल का प्रभार है? किन-किन स्‍कूलों में कितने स्‍थायी शिक्षक, कितने अतिथि शिक्षक हैं, शिक्षकों के कितने पद रिक्‍त है और कब तक इन रिक्‍त पदों की पूर्ति कर दी जायेगी?

राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट-एक पर है। (ख) विधानसभा क्षेत्र सिवनी में निर्माण कार्य मानक विरूद्ध होने की कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। शासकीय स्कूलों के निर्माण कार्यों का पृथक से भौतिक सत्यापन नहीं कराया गया है। अतः शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। स्कूल एवं छात्रावासों में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता ग्रामीण क्षेत्र के कार्यों हेतु ग्रामीण यांत्रिकी सेवा एवं शहरी क्षेत्र के निर्माण कार्यों हेतु लोक निर्माण विभाग की दर अनुसूची में निहित प्रावधान अनुसार की जाती है। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) प्राथमिक/माध्यमिक शालाओं के संबंध में जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-दो पर है। समग्र शिक्षा अभियान अंतर्गत कक्ष निर्माण हेतु प्रश्‍नाधीन अवधि में कोई राशि नहीं दी गई है। जनजातीय कार्य विभाग अंतर्गत संचालित स्कूलों में शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कोकड़ा तथा शासकीय हाईस्कूल गोरखपुर में प्रत्येक शाला को रू.10.00 लाख आवंटन दिया गया है। व्यय विभागीय एजेंसी द्वारा किया गया। खेलकूद सामग्री हेतु प्रश्‍नाधीन अवधि में प्रत्येक हाईस्कूल/हायर सेकेण्डरी स्कूल हेतु रू. 25,000/- प्रति विद्यालय के मान से प्रदाय किया गया है। प्रदायित राशि संबंधित स्कूलों की शाला विकास एवं प्रबंध समिति द्वारा व्यय की गई है। हाईस्कूल/हायर सेकेण्डरी स्कूलों में गणवेश का प्रावधान नहीं है। (घ) सत्र 2020-21 में मापदण्ड अनुरूप गणवेश प्रदाय नहीं होने से उसे अमान्य करने का अधिकार शाला प्रबंध समिति को दिया गया है। खेल सामग्री की गुणवत्ता खराब एवं एक ही एजेंसी से खरीदी संबंधी शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। अतः शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ड.) जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट-तीन पर है। शिक्षकों के रिक्त पदों की पूर्ति एक सतत् प्रक्रिया है। अतः समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

सरकारी स्‍कूलों में गणवेश खरीदी में अनियमितता

[स्कूल शिक्षा]

42. ( क्र. 1793 ) श्री के.पी. सिंह कक्‍काजू : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या शिवपुरी जिले में शैक्षणिक सत्र 2018-19 में सरकारी स्‍कूलों में कक्षा 1 से 8 तक के 2.40 लाख बच्‍चों को गणवेश खरीदी में गड़बड़ी के मामले में आर्थिक अपराध प्रकोष्‍ठ, ग्‍वालियर द्वारा प्रकरण क्रमांक 31/2019 पंजीबद्ध किया गया था? यदि हाँ, तो उक्‍त प्रकरण में जांच के निष्‍कर्ष क्‍या रहे? (ख) क्‍या स्‍कूल के बच्‍चों को गणवेश वितरण सत्र समाप्ति पर किया गया जिसकी कोई प्रासंगिकता नहीं रह गई? क्‍या उपरोक्‍त गड़बड़ी के आरोपी उपरोक्‍त प्रकरण पंजीबद्ध होने के उपरांत भी क्रय प्रक्रिया में संलग्‍न रहे हैं? (ग) क्‍या वर्ष 2020-21 एवं 2021-22 में भी सभी स्‍कूलों के बच्‍चों को गणवेश अभी भी प्रदाय नहीं किए गए हैं? यदि नहीं तो क्‍यों?

राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) जी हाँ। जांच प्रकरण प्रचलन में है निष्‍कर्ष जांच एजेन्‍सी से अप्राप्‍त है। (ख) जी नहीं। छात्र/छात्राओं के द्वारा गणवेश का उपयोग आगामी शैक्षणिक सत्र में भी किया जाता है। जांच प्रक्रिया प्रचलन में है। (ग) सत्र 2020-21 के बच्‍चों को गणवेश प्रदाय किया जा रहा है। 2021-22 हेतु गणवेश प्रदाय की प्रक्रिया प्रचलन में है।

ग्रेवल मार्गों का डामरीकरण

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

43. ( क्र. 1820 ) श्री रामपाल सिंह : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या रायसेन जिले में मुख्‍यमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत निर्मित मार्गों में से 56 मार्गों का डामरीकरण का कार्य वन क्षेत्र, निजी भूमि विवाद तथा 150 से जनसंख्‍या कम होने के कारण नहीं किया गया? यदि हाँ तो वर्ष 2001 की जनगणना अनुसार उक्‍त ग्रामों की जनसंख्‍या बतायें। (ख) किन-किन ग्रेवल मार्गों में कितना-कितना वन क्षेत्र प्रभावित है? मार्गवार जानकारी दें। (ग) रायसे‍न जिले में मुख्‍यमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत निर्मित ग्रेवल मार्गों के डामरीकरण के संबंध में 1 जनवरी 2021 से प्रश्‍न दिनांक तक की अवधि में मान. मंत्री जी तथा विभाग के अधिकारियों को प्रश्‍नकर्ता विधायक के पत्र कब-कब प्राप्‍त हुए तथा उन पर आज दिनांक तक क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई? (घ) प्रश्‍नकर्ता विधायक के पत्रों में उल्‍लेखित किन-किन समस्‍याओं का निराकरण हुआ तथा किन-किन समस्‍याओं का निराकरण क्‍यों नहीं हुआ? इस संबंध में प्रश्‍नकर्ता विधायक को कब-कब अवगत कराया?

पंचायत मंत्री ( श्री महेन्‍द्र सिंह सिसौदिया ) : (क) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र- अ अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र- ब अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र- ब अनुसार है।

शौचालय निर्माण में प्रोत्‍साहन राशि का प्रावधान

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

44. ( क्र. 1821 ) श्री रामपाल सिंह : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या भारत शासन ने वर्ष 2020-21 से 2024-25 तक स्‍वच्‍छ भारत मिशन (ग्रामीण) का द्वितीय फेज लागू किया है जिसमें प्रदेश के सभी ग्रामीण घरों में शौचालय तथा जिसके घर में शौचालय नहीं हैं उसके लिए 12 हजार प्रति शौचालय प्रोत्‍साहन राशि का प्रावधान किया है? (ख) 20 फरवरी 2022 की स्थिति में रायसेन जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में कितने घरों में शौचालय नहीं हैं विकासखण्‍डवार संख्‍या बतायें तथा शौचालय निर्माण हेतु क्‍या-क्‍या प्रयास/कार्यवाही की जा रही है? (ग) 1 जनवरी 2021 से प्रश्‍न दिनांक तक की अवधि में मुख्‍यकार्यपालन अधिकारी जिलापंचायत रायसेन को शौचालय विहीन परिवारों के घर शौचालय निर्माण के संबंध में प्रश्‍नकर्ता विधायक के पत्र कब-कब प्राप्‍त हुए तथा उन पर आज दिनांक तक क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई? (घ) प्रश्‍नकर्ता विधायकों के पत्रों में उल्‍लेखित किन-किन व्‍यक्तियों के घर शौचालय स्‍वीकृत किये गये तथा किन-किन घर शौचालय क्‍यों स्‍वीकृत नहीं किये गये तथा कब-कब शौचालय स्‍वीकृत कर दिये जायेंगे?
पंचायत मंत्री ( श्री महेन्‍द्र सिंह सिसौदिया ) : (क) जी हाँ, भारत शासन ने वर्ष 2020-21 से 2024-25 तक स्‍वच्‍छ भारत मिशन (ग्रामीण) का द्वितीय फेज लागू किया है, जिसमें प्रदेश के सभी पात्र ग्रामीण घरों में शौचालय तथा जिसके घर में शौचालय नहीं है उनके लिए पात्रता होने पर 12 हजार प्रति शौचालय प्रोत्‍साहन राशि का प्रावधान किया है। (ख) 20 फरवरी 2022 की स्थिति में रायसेन जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में जिनके शौचालय नहीं हैं विकासखण्‍डवार संख्‍या तथा शौचालय निर्माण हेतु किये गये प्रयास/कार्यवाही  की जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र- अ अनुसार है। (ग) 1 जनवरी 2021 से प्रश्‍न दिनांक तक की अवधि में मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत रायसेन को शौचालय विहीन परिवारों के घर शौचालय निर्माण के संबंध में प्रश्‍नकर्ता विधायक के प्राप्‍त पत्र तथा उन पर आज दिनांक की गई कार्यवाही की  जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र- ब अनुसार है। (घ) प्रश्‍नकर्ता विधायकों के पत्रों में उल्‍लेखित व्‍यक्तियों के घर स्‍वीकृत किये गये शौचालय तथा क्‍यों स्‍वीकृत नहीं किये गये की  जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र-स अनुसार है। पात्र हितग्राहियों द्वारा शौचालय निर्माण किये जाने के पश्‍चात ही प्रोत्‍साहन राशि जारी की जाने का प्रावधान है, अत: समय-सीमा दिया जाना संभव नहीं है।

सारंगपुर में औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था खोलना

[तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोज़गार]

45. ( क्र. 1841 ) श्री कुँवरजी कोठार : क्या खेल एवं युवा कल्याण मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या राजगढ़ जिले में सारंगपुर विधानसभा क्षेत्र को छोड़कर जिले की सभी विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था संचालित है? यदि हाँ, तो शासन के आदेशानुसार सभी विकासखंड मुख्यालय पर औद्योगिक प्रशिक्षण संचालन के आदेश होने के उपरांत भी सारंगपुर विकासखंड में संस्था न खोलने के क्या कारण हैं? (ख) क्या सारंगपुर विधानसभा अनुसूचित जाति वर्ग की होने के कारण यहां के लोगों को किसी प्रकार संस्था से अध्ययन कर अपने उद्योग धंधे स्थापित करने का अधिकार नहीं है? यदि नहीं तो फिर इस विधानसभा क्षेत्र के साथ भेदभाव क्यों किया जा रहा है? (ग) अधोहस्ताक्षरकर्ता द्वारा विभाग से एवं विधानसभा प्रश्‍न के माध्यम से सारंगपुर में औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था खोलने हेतु कब-कब आग्रह किया गया है?

खेल एवं युवा कल्याण मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) जी हाँ। विभाग की नीति प्रत्‍येक विकासखण्‍ड में एक आई.टी.आई. खोलने की है। 100 विकासखण्‍ड ऐसे है, जहां पर शासकीय आई.टी.आई. संचालित नहीं है। एक साथ सभी विकासखण्‍डों में शासकीय आई.टी.आई. खोला जाना संभव नहीं है। (ख) जी नहीं। नीति का उद्देश्‍य किसी वर्ग विशेष हेतु नहीं है। शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) जानकारी संलग्‍न  परिशिष्‍ट अनुसार है।

परिशिष्ट - "तेरह"

ई.डब्‍ल्‍यू.एस. परीक्षार्थियों को न्‍यूनतम उत्‍तीर्ण अंकों की छूट

[स्कूल शिक्षा]

46. ( क्र. 1909 ) श्री पारस चन्‍द्र जैन : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या मध्‍यप्रदेश में उच्‍च माध्‍यमिक/माध्‍यमिक शिक्षक भर्ती परीक्षा 2018-19 में ई.डब्‍ल्‍यू.एस. परीक्षार्थियों को अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति एवं पिछड़ा वर्ग के समान न्‍यूनतम उत्‍तीर्ण अंकों में छूट प्रदाय नहीं की गई क्‍यों जबकि 103वां संविधान संशोधन अधिनियम, 2019 में उल्‍लेखित है कि ई.डब्‍ल्‍यू.एस. को अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति एवं पिछड़ा वर्ग के समान रियायतें प्रदाय की जावेंगी? (ख) क्‍या उक्‍त परीक्षा में ई.डब्‍ल्‍यू.एस. परीक्षार्थियों को अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति एवं अन्‍य पिछड़ा के समान न्‍यूनतम उत्‍तीर्ण अंकों में छूट प्रदाय नहीं किए जाने से ई.डब्‍ल्‍यू.एस. को प्रदाय किए गए आरक्षण का वास्‍तविक लाभ आर्थिक रूप से पिछड़े विद्यार्थियों को नहीं मिल सका? क्‍या सरकार इस हेतु आगामी अन्‍य प्रतियोगी परीक्षाओं में अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति एवं अन्‍य पिछड़ा वर्ग के समान न्‍यूनतम उत्‍तीर्ण अंकों में छूट सहित अन्‍य रियायतें प्रदाय करने पर विचार कर रही है? यदि हाँ, तो क्‍या? यदि नहीं तो क्‍यों व कब तक ई.डब्‍ल्‍यू.एस. परीक्षार्थियों को अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति एवं पिछड़ा वर्ग के समान समस्‍त रियायतें प्रदान की जावेगी? (ग) इसमें ई.डब्‍ल्‍यू.एस. की कितनी सीट खाली हैं? (घ) ई.डब्‍ल्‍यू.एस. के‍ रिक्‍त पदों को कैसे भरा जाएगा? इसके लिए शिक्षा विभाग के पास क्‍या मसौदा या क्‍या कार्ययोजना तैयार है?

राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) जी नहीं। विभागीय नियम ''मध्य प्रदेश राज्य स्कूल शिक्षा सेवा (शैक्षणिक संवर्ग) सेवा शर्तें एवं भर्ती नियम 2018'' में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग हेतु आरक्षण का प्रावधान किए जाने के पूर्व ही उच्च माध्यमिक एवं माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा परिणाम घोषित होकर मेरिट सूची जारी हो चुकी थी। (ख) जी नहीं। शिक्षक पात्रता परीक्षा में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग हेतु न्यूनतम उत्तीर्णांक में छूट प्रदान हेतु भर्ती नियमों में संशोधन किया जाएगा। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता, समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ग) भर्ती प्रक्रिया प्रचलित है, प्रक्रिया पूर्ण होने के पश्‍चात ही ई.डब्ल्यु.एस के रिक्त पदों की संख्या बताई जा सकेगी। (घ) भर्ती की प्रक्रिया प्रचलन में होने से प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

नवीन स्‍कूलों की जानकारी

[स्कूल शिक्षा]

47. ( क्र. 1914 ) श्री अजब सिंह कुशवाह : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र सुमावली के अंतर्गत वर्ष 2018 से प्रश्‍न दिनांक तक कितने नवीन प्राथमिक, माध्‍यमिक और हायर सेकेण्‍डरी शालाएं खोली गई? सूची उपलब्‍ध करावें। (ख) प्रश्‍नांश (क) के अनुसार विधानसभा क्षेत्र सुमावली में कहाँ-कहाँ नवीन शालाएं खोलना प्रस्‍तावित है? सूची उपलब्‍ध करावें। (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) अनुसार विधानसभा क्षेत्र सुमावली में कहाँ-कहाँ नवीन शालाओं के भवन निर्माणाधीन एवं प्रस्‍तावित हैं? सूची उपलब्‍ध करावें।

राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) विधानसभा क्षेत्र सुमावली अंतर्गत वर्ष 2018 से प्राथमिक विद्यालय मानपुर पृथ्‍वी युक्तियुक्‍तकरण से खोला गया है, शासकीय माध्‍यमिक शाला विण्‍डवा चम्‍बल का हाईस्‍कूल, शासकीय हाईस्‍कूल मुंगावली का उच्‍चतर माध्‍यमिक विद्यालय एवं शासकीय हाईस्‍कूल उम्‍मेदगढ बांसी का उच्‍चतर माध्‍यमिक विद्यालय में उन्‍नयन किया गया है। (ख) स्‍कूल उन्‍नयन संबंधी कोई कार्यवाही प्रस्‍तावित नहीं है। (ग) विधानसभा क्षेत्र सुमावली में प्रश्‍नांश अवधि में कोई नवीन प्राथमिक/माध्‍यमिक शाला नहीं खोली जाने से नवीन शाला भवन निर्माणाधीन/प्रस्‍तावित नहीं है। युक्तियुक्‍तकरण द्वारा स्‍थापित प्राथमिक शाला मानपुर पृथ्‍वी वर्तमान में पंचायत के शासकीय भवन में संचालित है। हाईस्‍कूल एवं हायर सेकेण्‍डरी स्‍कूल निर्माणाधीन की जानकारी निरंक है। प्रस्‍तावित नवीन हाईस्‍कूल/हायर सेकेण्‍डरी स्‍कूल भवन निर्माण बजट की उपलब्‍धता तथा सक्षम समिति की स्‍वीकृति पर निर्भर करता है।

नवीन पॉलिटेक्निक महाविद्यालय खोलना

[तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोज़गार]

48. ( क्र. 1916 ) श्री अजब सिंह कुशवाह : क्या खेल एवं युवा कल्याण मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या सुमावली विधानसभा क्षेत्र 05 के अन्‍तर्गत एक भी शासकीय पॉलिटेक्निक महाविद्यालय नहीं होने से ग्रामीण छात्रों को तकनीकी शिक्षा हेतु 25 कि.मी. दूर चलकर मुरैना आना पड़ता है जिससे गरीब वर्ग के छात्रों को काफी असुविधा का सामना करना पड़ता है? (ख) प्रश्‍नांश (क) के अनुसार शासकीय पॉलिटेक्निक महाविद्यालय की स्‍थापना के लिए शासन के क्‍या मापदण्‍ड हैं? क्‍या शासन सुमावली विधानसभा में शासकीय पॉलिटेक्निक महाविद्यालय खोलने का विचार रखता है? यदि नहीं तो कारण बतायें। क्‍या तकनीकी शिक्षा की कमी को दूर करने के लिए सरकार ने कोई योजना बनाई है? यदि हाँ तो बतावें।

खेल एवं युवा कल्याण मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) एवं (ख) विभागीय नीति अनुसार मुरैना जिले में 01 पॉलिटेक्निक महाविद्यालय संचालित है। विभागीय नीति-2012 एवं संशोधित नीति-2014 के अनुसार प्रत्‍येक जिले में एक पॉलिटेक्निक महाविद्यालय की स्‍थापना किये जाने का प्रावधान है। शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

मनरेगा अंतर्गत पंजीयन एवं रोजगार

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

49. ( क्र. 1964 ) श्री महेश परमार : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) उज्जैन ज़िले में वित्तीय वर्ष 2021-22 में प्रश्‍न दिनांक तक कितने जॉबकार्डधारी परिवारों द्वारा मनरेगा में कार्य की मांग की गई? उक्‍त अवधि में कितने जॉबकार्डधारियों को मनरेगा में काम मिला और कितने को नहीं मिला? (ख) मनरेगा में जॉबकार्डधारी परिवारों के काम मांगने के बावजूद काम नहीं दिये जाने के कारण क्‍या है? प्रावधान अनुसार कितने दिन रोजगार दिये जाने का प्रावधान है? प्रावधान का पालन नहीं होने पर जवाबदेही किसकी है? (ग) मनरेगा के कार्यों में आंगनवाड़ी भवन के निर्माण कार्यों को कब से सम्मिलित किया गया है? सम्मिलित कार्यों में कितने कार्य पूर्ण, अपूर्ण और प्रगतिरत हैं? क्या मनरेगा की राशि के अभाव में उक्त भवन का निर्माण शेष है? यदि हाँ, तो अपूर्ण कार्यों के पेंडिंग पड़े रहने के कारण जो शासन की धनराशि का अपव्यय हुआ है, उसके लिए उत्तरदायी अधिकारी कौन है? (घ) किस प्लान के अंतर्गत आंगनवाड़ी भवनों को सम्मिलित किया गया था? प्लानिंग कमेटी में कौन-कौन कार्यकारी सदस्य थे, जिनकी दूरगामी सोच नहीं होने के कारण आज आँगनवाड़ी भवनों का निर्माण अधूरा है? क्या सरकार ने उनकी सीआर में कोई कार्यवाही की है? सभी बिन्दुओं पर दस्तावेजों के साथ जवाब प्रस्तुत करें।

पंचायत मंत्री ( श्री महेन्‍द्र सिंह सिसौदिया ) : (क) उज्जैन जिले में वित्तीय वर्ष 2021-22 में प्रश्‍न दिनांक तक मनरेगा योजनान्तर्गत 71472 जॉबकार्डधारी परिवारों द्वारा कार्य की मांग की गई। प्रश्‍नांश अवधि में मांग अनुसार समस्‍त जॉबकार्डधारी परिवारों को कार्य उपलब्ध करा दिया गया है। अत: शेष प्रश्‍न उत्‍पन्‍न नहीं होता। (ख) उत्‍तरांश '''' अनुसार कार्य की मांग करने वाले सभी परिवारों को रोजगार उपलब्‍ध कराया गया है। राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम 2005 के अध्याय 03 के पेरा 4 (I) के तहत एक वित्‍तीय वर्ष में प्रत्‍येक जॉबकार्डधारी परिवार के वयस्‍क सदस्य द्वारा कार्य की मांग किये जाने पर जॉबकार्डधारी परिवार को 100 दिवस का अकुशल श्रम मूलक रोजगार उपलब्ध कराये जाने का प्रावधान है। प्रावधान का पालन कराये जाने की जवाबदेही ग्राम पंचायत स्‍तर पर ग्राम पंचायत की, जनपद पंचायत स्‍तर पर कार्यक्रम अधिकारी की होती है। (ग) मनरेगा के कार्यों में आंगनवाड़ी भवन के निर्माण कार्यों को शामिल करने के निर्देश म.प्र. शासन, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग तथा महिला एवं बाल विकास विभाग के पत्र क्र. 662 भोपाल दिनांक 21.01.2014 पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्‍टएक द्वारा जारी किए गए हैं। उज्‍जैन जिले में मनरेगा अंतर्गत आंगनवाड़ी भवन के कुल 755 कार्यों में से 568 आंगनवाड़ी भवन कार्य पूर्ण किये जा चुके हैं तथा 187 कार्य प्रगतिरत हैं। मनरेगा की राशि के अभाव में आंगनवाड़ी भवन कार्य अपूर्ण नहीं है। अ‍त: शेष प्रश्‍न उत्‍पन्‍न नहीं होता। (घ) महात्‍मा गांधी नरेगा एवं महिला बाल विकास विभाग के अभिसरण से आंगनवाड़ी भवनों के निर्माण हेतु म.प्र. शासन, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग तथा महिला एवं बाल विकास विभाग के पत्र क्र. 662 भोपाल दिनांक 21.01.2014 द्वारा जारी किए गए हैं। म.प्र. राज्‍य रोजगार गारंटी परिषद के पत्र क्रमांक 1150/MGNREGS-MP/NR-3/2021 भोपाल दिनांक 30-06-2021 पुस्‍तकालय  में रखे  परिशिष्‍टदो द्वारा महात्‍मा गांधी नरेगा तथा महिला एवं बाल विकास विभाग की राशि के अभिसरण से आंगनवाड़ी भवन निर्माण के संबंध में प्रसारित निर्देशों में अपूर्ण आंगनवाड़ी भवनों को समयबद्ध तरीके से पूर्ण कराने हेतु जिला स्‍तर पर समिति का गठन किया गया है। जिसमें कार्यपालन यंत्री, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा, परियोजना अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग, परियोजना अधिकारी मनरेगा जिला पंचायत, सहायक यंत्री मनरेगा जनपद पंचायत शामिल हैं। प्रगतिरत कार्यों को शीघ्र पूर्ण कराये जाने हेतु सतत् मॉनीटरिंग की जा रही है। अत: शेष प्रश्‍नांश उपस्थित नहीं होता।

विभाग द्वारा आमंत्रित निविदाएं

[खेल एवं युवा कल्याण]

50. ( क्र. 1982 ) श्री अनिरुध्द (माधव) मारू : क्या खेल एवं युवा कल्याण मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) वर्ष 2016 से जनवरी 2022 तक खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा कौन-कौन सी निविदाएं आमंत्रित की गई हैं? कार्यवार, राशि एवं न्यूनतम निविदाकार की सम्पूर्ण जानकारी देवें। (ख) विभाग द्वारा विभागीय खेल परिसर, विभाग द्वारा संचालित विभिन्न अकादमियों एवं प्रशासकीय भवनों आदि में विभिन्न साईज एवं प्रकार के इनडोर एवं आउटडोर साईनेजेज स्थापित किये जाने के कार्य हेतु निविदा आमंत्रित की गई है? इसका प्राक्कलन, बजट प्रावधान, सक्षम स्वीकृति की प्रति देंवे। (ग) क्या उक्त वर्णित निविदा में म.प्र. शासन की नीति अनुसार उक्त कार्य म.प्र. राजपत्र दिनांक 31.07.2015 भाग-4 (ग) एवं म.प्र. राजपत्र 17.12.2018 के अनुसार परिशिष्‍ट (अ) में आरक्षित आयटमों के बारे में राजपत्र में स्पष्ट है कि आरक्षित वस्तुओं की खरीदी म.प्र. लघु उद्योग निगम के माध्यम से ही की जावेगी? राजपत्र पृष्ठ क्रमांक 507 एवं 511 (19) द्वारा इन आरक्षित वस्तुओं को निविदा के माध्यम से क्रय नहीं किया जावेगा? राजपत्र में प्रकाशन के बाद भी आपके विभाग द्वारा उक्त कार्य की निविदा आमंत्रित की गई है। ऐसे वो कौन से कारण हैं, जिस वजह से यह निविदा म.प्र. लघु उद्योग निगम के माध्यम से क्रय नहीं करके निविदा आमंत्रित की गई है? कारण, सक्षम स्वीकृति की जानकारी देवें।

खेल एवं युवा कल्याण मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) वर्ष 2016 से जनवरी 2022 तक आमंत्रित निविदाएं की वर्षवार जानकारी, निविदा की राशि, न्यूनतम निविदाकार की जानकारी एकत्रित की जा रही है। (ख) जी हाँ। निविदा में अनुमानित लागत का उल्लेख किया गया है। विभागीय परिसरों में आवश्यकतानुसार साइनेजेस का कार्य कराया जाता है, इस हेतु पृथक से बजट प्रावधान नहीं किया जाता है। इस पर होने वाला व्यय स्टेडियम/अकादमी अधोसरंचना मद से किया जाता है। निविदा अभी स्वीकृत नहीं हुई है। अतः शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) म.प्र.राजपत्र (असाधरण) दिनांक 31 जुलाई 2015 के पृष्ठ 511 पर उल्लेखित  परिशिष्ट '''' के बिन्दु क्र.19 में उल्लेखित वस्तु यथा ट्रेफिक सिग्नलिंग इक्यूपमेंट, रोड सेफ्टी इक्यूपमेंट, रेट्रो रिफ्लेक्टिव बोर्ड एवं इन्फोरमेशन बोर्ड आदि की विभाग द्वारा निविदा नहीं की गई है। विभाग द्वारा विभागीय खेल परिसरों हेतु खेलों से संदर्भित इंडोर/आउटडोर &