मध्यप्रदेश विधान सभा
प्रश्नोत्तर-सूची
फरवरी-मार्च, 2018
सत्र
गुरुवार, दिनांक 15 मार्च, 2018
भाग-1
तारांकित
प्रश्नोत्तर
बरझा
बाईपास का
निर्माण
[नगरीय विकास एवं आवास]
1. ( *क्र. 94 ) श्रीमती नंदनी मरावी : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या सिहोरा नगर पालिका के अंतर्गत बरझा बाईपास के निर्माण की मांग नगरवासियों द्वारा दीर्घ समय से की जा रही है एवं प्रश्नकर्ता द्वारा भी समय-समय पर इस मार्ग का निर्माण किये जाने के संबंध में ज्ञापन दिये गये हैं? (ख) यदि हाँ, तो मार्ग निर्माण का कार्य कब आरंभ किया जावेगा तथा कब तक यह मार्ग पूर्ण करा लिया जावेगा?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) विधान सभा तारांकित प्रश्न क्रमांक 1142, सत्र नवंबर 2017 में दिए गए उत्तर अनुसार संचालनालय, नगरीय प्रशासन एवं विकास म.प्र. भोपाल द्वारा नगर पालिका परिषद, सिहोरा के बरझा रोड निर्माण कार्य के प्रस्ताव को परीक्षण उपरांत युक्तिसंगत नहीं पाए जाने से अमान्य कर दिया गया है। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
बैकलॉग श्रेणी के पदों की पूर्ति
[नगरीय विकास एवं आवास]
2. ( *क्र. 1756 ) डॉ. मोहन यादव : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) म.प्र. में विकास प्राधिकरणों में बैकलॉग श्रेणी के तृतीय एवं चतृर्थ श्रेणी कर्मचारियों के पदों पर नियुक्ति के संबंध में क्या नियम हैं? (ख) दिनांक 01 जनवरी, 2014 से प्रश्न दिनांक तक नियमों की प्रति उपलब्ध कराते हुये वर्तमान में उज्जैन विकास प्राधिकरण में बैकलॉग के रिक्त पदों की जानकारी प्रदान करें? उ.वि.प्रा. में उक्त अवधि में कब कब किन किन बैकलॉग पदों पर भर्ती के लिये विज्ञप्ति जारी की गई है? भर्ती के लिये कौन से नियमों एवं उपनियमों के अनुसार कार्यवाही की गई? नियुक्ति वैध है अथवा अवैध? यदि अवैध हैं तो क्यों? (ग) प्रश्नांश (क) की जानकारी अनुसार उज्जैन विकास प्राधिकरण में बैकलॉग श्रेणी के तृतीय एवं चतृर्थ श्रेणी कर्मचारियों के पदों हेतु रिक्त आरक्षित पदों की भर्ती के लिये किन नियमों का पालन किया जावेगा? नियमों की प्रति उपलब्ध करावें? (घ) प्रश्न (ख) की जानकारी अनुसार यदि म.प्र. विकास प्राधिकरण सेवा (अधिकारी तथा सेवक) भर्ती नियम 1988 के विपरीत प्रक्रिया का पालन कर की जा रही भर्ती किस नियम के तहत वैध है? कारण बतायें। यदि सेवा भर्ती नियम 1988 में कोई परिवर्तन या निरस्त की गई हो, तो प्रति उपलब्ध करावें?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) नियमों की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। उज्जैन विकास प्राधिकरण में दिनांक 01.01.2014 की स्थिति में बैकलॉग के कुल 04 पद रिक्त थे। सहायक ग्रेड-3 के 2 पद एवं भृत्य सह चौकीदार के 2 पद वर्ष 2014-15 में बैकलॉग के अनुसूचित जाति के चतुर्थ श्रेणी के भृत्य सह चौकीदार के 01 रिक्त पद तथा अनुसूचित जाति श्रवण बाधित के चतुर्थ श्रेणी के भृत्य सह चौकीदार के रिक्त 01 पद, कुल 2 पदों पर भर्ती हेतु दिनांक 05.08.2014 को विज्ञप्ति जारी की गई। अन्य पिछड़े वर्ग के अस्थि बाधित निःशक्त जन, सहायक ग्रेड-3 के तृतीय श्रेणी के 1 पद पर भर्ती हेतु वर्ष 2014-15 में दिनांक 07.08.2014 को विज्ञप्ति जारी कर भर्ती की गई है। नियुक्तियां नियमानुसार की गई हैं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) नियमों की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (घ) जी नहीं। नियमों के विपरीत कोई भर्ती नहीं की गई है, अतः शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
प्रधानमंत्री आवास योजना का क्रियान्वयन
[पंचायत और ग्रामीण विकास]
3. ( *क्र. 3588 ) डॉ. योगेन्द्र निर्मल : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या ग्राम उदय से भारत उदय अभियान के दौरान एस.ई.सी.सी. 2011 में जो परिवार सूचीबद्ध नहीं हैं, लेकिन मौके पर आवासहीन हैं अथवा कच्चा मकान है, उनका परीक्षण कर सूची बनाने के निर्देश हैं? यदि हाँ, तो बालाघाट जिले की विधानसभा क्षेत्र 112 में विकासखण्ड वारासिवनी-खैरलांजी की ग्राम पंचायतों में कितने नाम जोड़े गये? नामवार सूची देवें। (ख) विधानसभा क्षेत्र 112 में विकासखण्ड वारासिवनी-खैरलांजी में ऐसे कितने ग्राम एवं कितनी पंचायतें हैं, जिन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना का एक भी आवास नहीं मिला है? संख्या एवं नाम सहित जानकारी देवें। (ग) उक्त योजना में किस कारण से जो पंचायतें एवं ग्राम छूटे हैं तथा कब तक इन छूटे हुये गांवों को इस योजना का लाभ दिलाया जावेगा एवं कैसे? जो पंचायतें एवं गांव इस योजना से पिछड़ गये हैं, उनकी भरपाई विभाग किस प्रकार करेगा? यदि विभाग द्वारा भारत सरकार के पोर्टल पर छूटे हुये हितग्राहियों को जोड़ने का अनुरोध किया गया है, तो प्रश्न दिनांक तक भारत सरकार द्वारा विभाग को क्या जवाब दिया गया? छायाप्रति देवें। (घ) क्या विभाग ग्रामों का पुन: परीक्षण कर आवासहीन अथवा कच्चे मकान के हितग्राहियों को इस योजना के तहत आवास प्रदान करेगा? यदि हाँ, तो कब तक?
पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ। नाम जोड़ने का प्रावधान वर्तमान में नहीं है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'अ' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'अ' अनुसार है। समय-सीमा निर्धारित किया जाना संभव नहीं है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'ब' अनुसार है। (घ) जी नहीं।
खरगापुर में शासकीय महाविद्यालय खोला जाना
[उच्च शिक्षा]
4. ( *क्र. 1358 ) श्रीमती चन्दा सुरेन्द्र सिंह गौर : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या खरगापुर विधान सभा क्षेत्र के नगर खरगापुर में शासकीय महाविद्यालय नहीं होने के कारण छात्र-छात्राओं को जिला मुख्यालय तथा अन्य स्थानों पर उच्च शिक्षा ग्रहण करने हेतु भटकना पड़ता है तथा मुख्यालय खरगापुर के आस-पास का क्षेत्र काफी बड़ा है, जिसमें 5-6 शास. हा.से. स्कूल भी आते हैं तथा खरगापुर में महाविद्यालय खोले जाने की मांग को लेकर क्षेत्र के छात्रों का प्रतिनिधि मण्डल तथा प्रश्नकर्ता द्वारा उच्च शिक्षा मंत्री को पत्र भी दिया गया था, जिस पर क्या कार्यवाही की गई? (ख) क्या खरगापुर नगर के छात्र-छात्राओं द्वारा एवं आम नागरिकों द्वारा तहसीलदार खरगापुर को ज्ञापन देकर माननीय मुख्य मंत्री महोदय म.प्र. शासन से भी मांग की है? क्या छात्र-छात्राओं की सुविधा एवं मांग तथा शिक्षा के लोक व्यापीकरण को ध्यान में रखते हुये खरगापुर नगर में शासकीय महाविद्यालय खोले जाने की घोषणा करेगें? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्यों?
उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री जयभान सिंह पवैया ) : (क) जी नहीं। खरगापुर में 02 विद्यालय संचालित हैं तथा 01 अशासकीय महाविद्यालय संचालित है। खरगापुर से 28 कि.मी. की दूरी पर शासकीय महाविद्यालय पलेरा, 33 कि.मी. की दूरी पर शासकीय महाविद्यालय जतारा एवं 40 कि.मी. की दूरी पर टीकमगढ़ में 02 शासकीय महाविद्यालय संचालित हैं। इन महाविद्यालयों में खरगापुर के विद्यार्थी अध्ययन कर सकते हैं। माननीय मुख्यमंत्री जी की घोषणा क्रमांक बी. 3502 के निर्देशानुसार खरगापुर से 10 कि.मी. की दूरी पर बल्देवगढ़ में शासकीय महाविद्यालय प्रारम्भ किया जाना प्रस्तावित है, जिससे खरगापुर की आवश्यकताओं की भी पूर्ति होगी। अतः वर्तमान में खरगापुर में महाविद्यालय प्रारम्भ किया जाना प्रस्तावित नहीं है। (ख) जी हाँ। शेष उत्तरांश (क) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
14 वें वित्त आयोग अन्तर्गत संपादित कार्य
[पंचायत और ग्रामीण विकास]
5. ( *क्र. 3877 ) श्री मधु भगत : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) परसवाड़ा विधान सभा क्षेत्र के अंतर्गत विभाग द्वारा विगत तीन वर्ष में 14 वें वित्त आयोग अन्तर्गत ग्राम पंचायतों में क्या-क्या कार्य, कितनी-कितनी राशि से कराये गये हैं? (ख) क्या उपरोक्त कार्यों का भुगतान मूल्यांकन के उपरांत किया गया है? यदि हाँ, तो पूर्ण कार्यों के प्रमाण-पत्र जारी करने की तिथि बतायें? (ग) एन.आर.एल.एम. योजना के अन्तर्गत विगत एक वर्ष में बालाघाट जिलें में क्या-क्या गतिविधि ली गई एवं इनमें से कितनी परसवाड़ा विधानसभा क्षेत्र में सम्मिलित हैं? व्यय राशि एवं हितग्राही लाभान्वित की संख्या बतावें? (घ) एन.आर.एल.एम. योजना अन्तर्गत व्यय का भुगतान किस आधार पर किया गया?
पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' अनुसार है। (ख) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''ब'' अनुसार है। (ग) बालाघाट जिले में विगत 1 वर्ष में एन.आर.एल.एम. योजना अंतर्गत स्व-सहायता समूह गठन, ग्राम संगठन गठन एवं उसका क्षमतावर्धन गतिविधियां की गई हैं। उक्त समस्त गतिविधियां परसवाड़ा विधानसभा क्षेत्र में भी की गई हैं। परसवाड़ा विधानसभा क्षेत्र में व्यय राशि 73.86 लाख है। लाभान्वित हितग्राहियों की संख्या 256 है। (घ) एन.आर.एल.एम. योजना के अंतर्गत व्यय का भुगतान आर.बी.आई. परिपत्र दिनांक 01 जुलाई, 2017 एवं राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन कार्यालय द्वारा जारी पत्र क्रमांक 6539/वित्तीय समावेषन/एन.आर.एल.एम./2017 भोपाल दिनांक 28.09.2017 के प्रावधानों के अनुसार किया गया है।
तहसील जीरन में नवीन महाविद्यालय की स्वीकृति
[उच्च शिक्षा]
6. ( *क्र. 2688 ) श्री दिलीप सिंह परिहार : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या विगत 4 वर्षों में नीमच जिले में नवीन महाविद्यालय खोले जाने के प्रस्ताव शासन को प्राप्त हुए हैं? यदि हाँ, तो विधानसभा क्षेत्रवार बतायें। (ख) प्रश्नांश (क) में प्राप्त प्रस्ताव में से किन-किन विधानसभा क्षेत्र में कहाँ-कहाँ पर नवीन महाविद्यालय खोले जाने की शासन स्वीकृति प्रदान की गयी और कितने स्वीकृति हेतु लंबित हैं? (ग) क्या प्रश्नांश (ख) में नीमच विधानसभा क्षेत्र की जीरन तहसील में नवीन महाविद्यालय खोले जाने के प्रस्ताव शासन स्वीकृति हेतु लंबित हैं? यदि हाँ, तो शासन स्वीकृति कब तक प्रदान की जावेगी?
उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री जयभान सिंह पवैया ) : (क) जी हाँ। नीमच जिले के विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत तहसील जीरन में महाविद्यालय खोले जाने का प्रस्ताव प्राप्त हुआ है। माननीय मुख्यमंत्री जी की घोषणा क्रमांक बी. 4286 के अनुसार जीरन में महाविद्यालय खोलने के निर्देश हैं, जिस पर यथोचित कार्यवाही प्रचलन में है। (ख) एवं (ग) उत्तरांश (क) अनुसार।
शामगढ़ जल आवर्धन योजना हेतु राशि की स्वीकृति
[नगरीय विकास एवं आवास]
7. ( *क्र. 3731 ) श्री हरदीप सिंह डंग : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) शामगढ़ जल आवर्धन योजना हेतु कितनी राशि स्वीकृत की गई है एवं डी.पी.आर. की प्रतिलिपि उपलब्ध करावें? (ख) उपरोक्त स्वीकृत जल आवर्धन योजना का कार्य डी.पी.आर. के अनुरूप पूर्ण किया गया है या नहीं? (ग) सम्पवेल पम्प, पुल की लम्बाई एवं विद्युत कनेक्शन कितनी दूरी से सम्पवेल पर लगाया गया है तथा कितने कि.मी. की पाईप लाईन डाली गई है? डी.पी.आर. में जितनी लम्बाई पुल की विद्युत कनेक्शन केबल की और पाईप लाईन की डी.पी.आर. में जो दर्शाई गई, उसमें और वर्तमान में जो लगाई गई है, दोनों में क्या अन्तर है? (घ) शामगढ़ नगर परिषद द्वारा जल आवर्धन योजना हेतु ठेकेदार को पूरा भुगतान कर दिया गया है या भुगतान बाकी है? यदि बाकी है, तो इसका कारण बतावें।
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) नगर परिषद शामगढ़ की जल आवर्धन योजना यू.आई.डी.एस.एस.एम.टी. योजना अंतर्गत भारत सरकार द्वारा राशि रू. 2374.00 लाख की स्वीकृत हुई है। डी.पी.आर. की छायाप्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'अ' अनुसार है। (ख) योजना के कार्य को लमसम निविदा के आधार पर करवाया गया है, जिसमें ठेकेदार को सर्वेक्षण एवं इन्वेस्टिगेशन कर स्वयं की डिजाईन बनाकर कार्य करने का प्रावधान था। तद्नुसार ठेकेदार द्वारा किये गये सर्वेक्षण के आधार पर वास्तविक कार्य करवाया गया है, जिसमें डी.पी.आर. से आंशिक परिवर्तन हुआ है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'ब' अनुसार है। (घ) जल आवर्धन योजना में स्थल पर हुये वास्तविक कार्य के मान से समानुपातिक कटौत्रा कर ठेकेदार को भुगतान किया जा चुका है। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
प्रधानमंत्री आवास हेतु राशि का आवंटन
[नगरीय विकास एवं आवास]
8. ( *क्र. 3838 ) श्री शिवनारायण सिंह लल्लू भैया : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) उमरिया जिला अंतर्गत नगर परिषद चंदिया एवं नौरोजाबाद में प्रधानमंत्री आवास वर्ष 2017-18 व प्रश्न दिनांक तक कितने आवास स्वीकृत किए हैं? पृथ्ाक-पृथक स्पष्ट व पूर्ण जानकारी देवें। (ख) प्रश्नांश (क) निकाय से स्वीकृत प्रधानमंत्री आवास की सूची तथा हितग्राहियों को जारी राशि व दिनांक की जानकारी देवें? (ग) क्या राज्य शासन ने प्रश्नांश (क) के निकाय में राशि स्वीकृत कर आदेश जारी किया है? यदि नहीं, तो कब तक इस महत्वाकांक्षी योजना में राशि आवंटित की जाएगी।
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) भारत सरकार द्वारा नगर परिषद, चंदिया में दिनांक 30.10.2017 को 424 आवास एवं दिनांक 27.12.2017 को 1388 आवास, इस प्रकार चंदिया में कुल 1812 आवास लागत राशि रू. 72.23 करोड़ स्वीकृत किये गये हैं। भारत सरकार द्वारा नगर परिषद, नौरोजाबाद में दिनांक 29.05.2017 को 893 आवास, लागत राशि रू. 38.49 करोड़ स्वीकृत कराये गये हैं। (ख) भारत सरकार द्वारा नगर परिषद, चंदिया हेतु आज दिनांक तक राशि आवंटित नहीं की गई है, जिससे निकाय को राशि अंतरित नहीं की गई है। हितग्राहियों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'अ' अनुसार है। नगर परिषद, नौरोजाबाद की स्वीकृत परियोजना हेतु निकाय को राज्यांश की प्रथम किश्त की राशि रू. 40 हजार प्रति हितग्राही के मान से दिनांक 07.10.2017 को कुल राशि रू. 357.20 लाख आवंटित की गई है। हितग्रहियों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'ब' अनुसार है। (ग) नगर परिषद, चंदिया को भारत सरकार से राशि प्राप्त नहीं होने के कारण राज्य शासन द्वारा अभी तक निकाय को राशि जारी नहीं की गई है। भारत सरकार से राशि प्राप्त होने पर निकाय को राशि अंतरित की जाएगी। नगर परिषद, नौरोजाबाद को राज्य शासन द्वारा अब तक निकाय को प्रथम किश्त की राज्यांश राशि आवंटित की गई है, निकाय द्वारा राशि उपयोग किये जाने के उपरांत शेष राशि आवंटित की जाएगी।
बीना नगर की विकास कार्य योजना की स्वीकृति
[नगरीय विकास एवं आवास]
9. ( *क्र. 3526 ) श्री महेश राय : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) बीना नगर की विकास कार्य योजना 2011-12 का प्रकाशन प्रश्न दिनांक तक क्यों नहीं किया गया? (ख) यदि योजना लंबित है तो किस स्तर पर कब तक निराकृत कर ली जावेगी? (ग) क्या योजना लंबित होने से बीना शहर के विकास कार्य बाधित हो रहे हैं, दोषी अधिकारियों के विरूद्ध क्या कार्यवाही प्रस्तावित की गयी है? (घ) प्रश्नांश (क) के अनुसार विकास कार्य योजना का प्रकाशन कब तक होगा?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) बीना विकास योजना 2011 राज्य शासन की अधिसूचना दिनांक 01.02.2000 द्वारा अनुमोदित होकर प्रभावशील की जा चुकी है। (ख) से (घ) प्रश्नांश (क) के उत्तर के अनुसार।
मुख्यमंत्री सड़क योजना में छूटे हुए ग्रामों को मुख्य मार्ग से जोड़ा जाना
[पंचायत और ग्रामीण विकास]
10. ( *क्र. 2600 ) श्री बाला बच्चन : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या वर्ष 2017-18 में प्रदेश में मुख्यमंत्री सड़क योजना में छूटे हुए ग्रामों को जोड़ने के लिए शासन द्वारा निर्णय किया गया? यदि हाँ, तो बड़वानी जिले में स्वीकृत कुल कि.मी. दूरी तथा अनुमानित व्यय की जानकारी देवें। (ख) क्या प्रश्नांश (क) के वर्णित मार्गों की निविदा आमंत्रित होने के बाद कार्यादेश तत्काल जारी नहीं हुये हैं? (ग) ऐसे कौन-कौन से मार्ग इंदौर संभाग के हैं, जहाँ निविदा स्वीकृत होने तथा कार्यादेश जारी होने में एक माह से अधिक का समय लगा है? नाम सहित देवें। (घ) निविदा स्वीकृत होने तथा कार्यादेश जारी होने में विलंब को विभाग क्या अनियमितता मानता है? यदि हाँ, तो इस अनावश्यक विलंब के लिए उत्तरदायित्व निर्धारित कर क्या जाँच कराई जावेगी?
पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ। बड़वानी जिले में वर्ष 2017-18 में कोई सड़क स्वीकृत नहीं की गई। (ख) उत्तरांश (क) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) इंदौर संभाग में ऐसे कोई मार्ग नहीं हैं, जहां निविदा स्वीकृत होने तथा कार्यादेश जारी होने में एक माह से अधिक का समय लगा है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) उत्तरांश (ग) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों का विनियमितीकरण
[नगरीय विकास एवं आवास]
11. ( *क्र. 2364 ) श्री संजय उइके : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) प्रदेश के नगरीय निकायों में कार्यरत दैनिक वेतनभोगी श्रमिकों को स्थायी कर्मी में विनियमित करने की योजनान्तर्गत जिला बालाघाट, सिवनी एवं मण्डला के किन-किन निकायों में किस वर्ष तक के दैनिक वेतन भोगी श्रमिकों को कब-कब विनियमित करने के आदेश पारित किये गये हैं? क्या विभाग/शासन द्वारा योजना अनुसार विनियमितीकरण आदेश पारित करने से निकायों को अतिरिक्त वित्तीय भार बढ़ेगा, जिसकी पूर्ति हेतु क्या चुंगी क्षतिपूर्ति/अनुदान की राशि बढ़ाई जायेगी? (ख) प्रश्नांश (क) वर्णित जिलों की सभी नगरीय निकायों का स्वयं के स्त्रोत एवं शासन के अनुदान से कुल वास्तविक आय एवं व्यय कितना-कितना है? स्थापना व्यय कितना-कितना है? निकायवार कौन-कौन से कितने-कितने पद कब स्वीकृत हुये? स्वीकृत पदों के विरूद्ध कितने-कितने कर्मचारी वर्तमान में पदस्थ हैं? 40 बिन्दु एवं 100 बिन्दु रोस्टर की प्रति सहित उपलब्ध करावें। (ग) दैनिक वेतन भोगी से स्थायी कर्मचारी विनियमितीकरण योजना अनुसार शासन/विभाग द्वारा बनायी गई चयन समिति के अनुमोदन की प्रति एवं नगरीय निकायों द्वारा पारित संकल्प की प्रति, दैनिक वेतन भोगी कर्मियों की भर्ती के समय आरक्षण रोस्टर की प्रति उपलब्ध करावें। (घ) प्रश्नांश (क) वर्णित जिलों के सभी नगरीय निकायों में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजातीय, पिछड़ा वर्ग एवं सामान्य वर्ग के कुल कितने-कितने दैनिक वेतन भोगी हैं एवं दिनांक 01 सितम्बर, 2016 से प्रश्न दिनांक तक कुल कितने-कितने दैनिक वेतन भोगी रखे गये हैं? निकायवार बतावें।
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) जबलपुर संभाग के जिले बालाघाट/सिवनी एवं मण्डला की निम्न निकायों में ऐसे दैनिक वेतन भोगी/श्रमिक जो 16 मई, 2007 को कार्यरत थे व दिनांक 01.09.2016 को भी कार्यरत हैं, को स्थाई कर्मी विनियमित किए जाने की अनुशंसा की गई है, जो निम्नानुसार है :-
क्र.
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जिला
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निकाय
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अनुशंसा आदेश दिनांक
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1 |
सिवनी |
लखनादौन |
16.01.2018 |
2 |
बालाघाट |
मलाजखण्ड |
19.01.2018 |
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वारासिवनी |
10.11.2017 |
3 |
मण्डला |
नैनपुर |
06.12.2017 |
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बम्हनीबंजर |
15.11.2017 |
नगर पालिका सिवनी, बालाघाट, कटंगी, लांजी, बैहर, मण्डला निकायों के स्थाई कर्मी की योजना की कार्यवाही प्रचलन में है। नगर परिषद बरघाट के प्रस्ताव संयुक्त संचालक जबलपुर संभागीय कार्यालय को अप्राप्त है एवं शेष नगर परिषद निवास एवं भुआ बिछिया में 16 मई, 2007 की स्थिति में दैनिक वेतन भोगी श्रमिक कार्यरत नहीं थे। इस कारण इन निकायों में स्थाई कर्मी योजना का लाभ नहीं दिया गया है। जी नहीं। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'अ,' 'ब' एवं 'द' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'स' एवं 'द' अनुसार है। (घ) बालाघाट/सिवनी एवं मण्डला जिले की नगरीय निकायों में दैनिक वेतन भोगी/श्रमिक अनुसूचित जाति के 848, अनुसूचित जन जाति के 196, अन्य पिछड़ा वर्ग के 1030, सामान्य वर्ग के 184 पदस्थ हैं। दिनांक 01 सितम्बर, 2016 से प्रश्न दिनांक तक बालाघाट/सिवनी एवं मण्डला जिले की नगरीय निकायों में रखे गये दैनिक वेतन भोगी/श्रमिकों की संख्या कुल 191 है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'ब' अनुसार है।
बुंदेलखण्ड पैकेज से दमोह जिले में कराये गये कार्य
[योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी]
12. ( *क्र. 86 ) श्री लखन पटेल : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या दमोह जिले को आज प्रश्न दिनांक तक बुंदेलखंड पैकेज से कोई राशि दी गई है? यदि हाँ, तो विकास खण्ड वार कितनी-कितनी राशि प्रदान की गई? (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में प्राप्त राशि से दमोह जिले में कौन-कौन से कार्य किस-किस विभाग द्वारा कराये गये? अलग-अलग विभागवार, विकासखण्डवार कार्य विवरण स्वीकृत राशि सहित सूची उपलब्ध करावें। (ग) क्या अधिकारियों की मिलीभगत से दमोह जिले में आई बुंदेलखण्ड पैकेज की राशि का दुरूपयोग हुआ है? यदि नहीं, तो बुंदेलखण्ड पैकेज से कराये गये कार्यों की आज क्या स्थिति है? विभागवार अलग-अलग जाँच प्रतिवेदन प्रस्तुत कर संबंधित कार्य का स्थल निरीक्षण रिपोर्ट बनाकर जानकारी प्रदान करें? (घ) बुंदेलखण्ड पैकेज से दमोह जिले में कराये गये प्रत्येक विभागवार अलग-अलग कराये गये कार्यों की क्या उपयोगिता है एवं आम लोगों को इसका क्या लाभ मिला वस्तुस्थिति से अवगत करावें? क्या कराये गये निर्माण कार्यों का आज की स्थिति में कोई नामोनिशान ही नहीं बचा? यदि ऐसा है तो इसके लिए जबावदार अधिकारियों पर कोई कार्यवाही की जावेगी? यदि हाँ, तो क्या कार्यवाही की जावेगी?
वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) से (घ) जानकारी संकलित की जा रही है।
प्रश्नकर्ता के पत्रों पर कार्यवाही
[वन]
13. ( *क्र. 3397 ) श्री निशंक कुमार जैन : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या दक्षिण वनमण्डल बैतूल के वन अपराध प्रकरण क्रमांक 453/65, दिनांक 02 जून, 2014 के संबंध में प्रश्नकर्ता ने पत्र क्रमांक 8101, दिनांक 10 अक्टूबर, 2017 प्रेषित कर प्रधान मुख्य वन संरक्षक सतपुड़ा भवन भोपाल से चाहे गए दस प्रश्नों में से किसी भी प्रश्न का कोई उत्तर प्रश्नांकित दिनांक तक भी प्रश्नकर्ता को नहीं दिया गया? (ख) यदि हाँ, तो प्रश्नकर्ता ने अपने पत्र में कौन-कौन से प्रश्न का उत्तर दिए जाने का अनुरोध किया? दस प्रश्नों में से किस प्रश्न का उत्तर प्रश्नांकित दिनांक तक भी प्रधान मुख्य वन संरक्षक ने प्रश्नकर्ता को किन-किन कारणों से दिया जाना उचित नहीं समझा? (ग) प्रकरण क्रमांक 453/65 में 02 जून, 2014 को म.प्र. वनोपज व्यापार विनियमन 1969 की धारा 2घ एवं 5 लगाकर क्या कार्यवाही की गई? इस धारा को निरस्त किए जाने के संबंध में 02 मार्च, 2016 को किसे पत्र लिखा गया? यह धारा 2घ एवं 5 लगाने और उसे निरस्त किए जाने का पत्र लिखने का क्या कारण रहा है? (घ) प्रश्नकर्ता के दस प्रश्नों में से किस प्रश्न का उत्तर प्रधान मुख्य वन संरक्षक कब तक प्रश्नकर्ता को उपलब्ध करवा देगें?
वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) जी हाँ। कार्यालयीन पत्र क्रमांक 3941, दिनांक 23.10.2017 के माध्यम से प्रश्नकर्ता माननीय विधायक श्री निशंक कुमार जैन को अवगत कराया गया है कि ''वर्तमान में उक्त प्रकरण में अपील माननीय उच्च न्यायालय, जबलपुर में विचाराधीन है।'' अतः प्रश्नवार विस्तृत उत्तर नहीं दिया गया। (ख) प्रश्नकर्ता द्वारा प्रेषित पत्र क्रमांक 8101, दिनांक 10 अक्टूबर, 2017 की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। पत्र में उल्लेखित वन अपराध प्रकरण क्रमांक 453/65, दिनांक 02 जून, 2014 पर माननीय प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश मुलताई, जिला बैतूल द्वारा पारित आदेश दिनांक 20.09.2016 के विरूद्ध माननीय उच्च न्यायालय, जबलपुर में अपील विचाराधीन है। अतः विषय Subjudice होने के कारण प्रश्नकर्ता को प्रश्नवार उत्तर नहीं दिया गया। (ग) प्राथमिक वन अपराध प्रकरण क्रमांक 453/65, दिनांक 02 जून, 2014 में भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 26 (च), 33-1 (ए), 66 (क), 69 के साथ-साथ मध्यप्रदेश वनोपज (व्यापार विनियमन) अधिनियम 1969 की धारा 2 (घ) एवं 5 जैव विविधता अधिनियम 2002 की धारा 3, 7 सहपठित धारा 55 भी अधिरोपित की जाकर अवैध संग्रहित 892.05 कि.ग्रा. धावड़ा गोंद को जप्त किया गया। शासन द्वारा धावड़ा गोंद को विनिर्दिष्ट वनोपज की सूची से हटा दिये जाने के कारण वन अपराध प्रकरण में अधिरोपित धारा 2 (घ) एवं 5 त्रुटिपूर्ण होने के कारण वन परिक्षेत्राधिकारी, मुलताई ने अपने पत्र क्रमांक 375, दिनांक 02.03.2016 द्वारा माननीय न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी मुलताई को प्रकरण में अधिरोपित मध्यप्रदेश वनोपज (व्यापार विनियमन) अधिनियम 1969 की धारा 2 (घ) एवं 5 को हटाने का अनुरोध किया गया। (घ) उत्तरांश (क) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
काजवे-कम-स्टापडेम का निर्माण
[पंचायत और ग्रामीण विकास]
14. ( *क्र. 2389 ) श्री मोती कश्यप : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्नकर्त्ता ने अपने पत्र दिनांक 03.8.2016 द्वारा मा. विभागीय मंत्री जी एवं दिनांक 23.11.2015 द्वारा कलेक्टर कटनी को विधान सभा क्षेत्र बड़वारा की किन नदियों में काजवे-कम-स्टापडेम बनवाने हेतु लेख किया है? (ख) क्या प्रश्नांश (क) से सुदूरवर्ती आदिवासी अंचल के ग्रामीणों को तहसील, विकासखण्ड, थाना मुख्यालय, विद्यालय व बाजार आदि आने-जाने में दूरी बचेगी? (ग) कार्यपालन यंत्री, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा कटनी द्वारा प्रश्नांश (क) के लिए कितनी राशि के प्राक्कलन बनाये गये हैं तथा कब तक प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान कर दी जावेगी?
पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी हाँ। (ग) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। उपलब्ध आवंटन पूर्व से स्वीकृत कार्यों हेतु आबद्ध होने से प्रशासकीय स्वीकृति की निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को वेतन का नियमित भुगतान
[नगरीय विकास एवं आवास]
15. ( *क्र. 2282 ) श्री बलवीर सिंह डण्डौतिया : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या विगत 4-5 माह से राजधानी परियोजना प्रशासन, भोपाल में पदस्थ दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों का वेतन भुगतान प्रतिमाह नहीं हो पा रहा है? यदि हाँ, तो कुल कितने माह का वेतन रूका है? (ख) क्या राजधानी परियोजना प्रशासन, भोपाल में विगत 4-5 माह पूर्व जिन दैनिक वेतन भोगियों का नियमितीकरण किया गया है, उन्हें बजट न होने का हवाला देकर नियमितीकरण की दिनांक से इनका वेतन रोका गया है? (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के प्रकाश में इन अल्प वेतन वाले दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों तथा नियमित कर्मचारियों के वेतन भुगतान न किये जाने के लिए संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी तय कर क्या कार्यवाही की जायेगी तथा कब तक वेतन भुगतान कर दिया जायेगा? क्या भविष्य में वेतन प्रतिमाह मिले इस हेतु सार्थक प्रयास किया जाकर प्रतिमाह वेतन दिया जाना सुनिश्चित किया जायेगा? यदि नहीं, तो क्यों?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) जी नहीं वर्तमान में राजधानी परियोजना प्रशासन में कोई भी दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी कार्यरत नहीं है, अतः शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता। सामान्य प्रशासन विभाग के परिपत्र दिनांक 07 अक्टूबर, 2016 द्वारा समस्त दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को ''स्थायी कर्मी'' घोषित किया गया है। (ख) उत्तरांश (क) के परिप्रेक्ष्य में शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) उत्तरांश (क) अनुसार दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी पदस्थ नहीं है तथा नियमित कर्मचारियों का वेतन भुगतान लम्बित न होने से शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता।
''एकात्म यात्रा'' के आयोजन पर व्यय
[योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी]
16. ( *क्र. 15 ) डॉ. गोविन्द सिंह : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में माह दिसम्बर 2017 एवं जनवरी 2018 में ''एकात्म यात्रा'' के प्रारंभ दिनांक से समापन दिनांक तक राज्य के खजाने से कुल कितनी राशि किन-किन कार्यों पर व्यय की गई? इस एकात्म यात्रा से प्रदेश की आम जनता को क्या लाभ हुआ है? (ख) ''एकात्म यात्रा'' के समापन समारोह में शामिल होने के लिए ओंकारेश्वर में आमजनों को लाने-ले जाने के लिए किस-किस जिले से कितनी-कितनी निजी बसों का अधिग्रहण किया गया था तथा इन बसों का किराया, भुगतान किये जाने के क्या मापदण्ड निर्धारित किये गये थे? क्या मापदण्डों के अनुसार बस ऑपरेटरों को बसों के किराये का भुगतान किया गया है? यदि हाँ, तो बस संचालकों के नाम एवं बस क्रमांक सहित भुगतान की गई राशि का ब्यौरा दें? (ग) क्या इस यात्रा की नोड्ल एजेंसी ''जन अभियान परिषद'' को बनाया गया था? यदि हाँ, तो जन अभियान परिषद को किस-किस मद से कितनी-कितनी राशि कब-कब दी गई? उक्त राशि में से कितनी राशि किस-किस कार्य पर परिषद द्वारा व्यय की गई तथा कितनी-कितनी राशि शेष है? (घ) क्या भारतीय संविधान में ''एकात्म यात्रा'' जैसे धार्मिक कार्यक्रमों को शासकीय व्यय पर आयोजित किए जाने के प्रावधान हैं? (ड.) यदि हाँ, तो क्या प्रावधान हैं? यदि नहीं, तो विधि विरूद्ध किए गए उक्त आयोजन हेतु शासकीय धन के दुरूपयोग की क्या उच्च स्तरीय जाँच कराई जाएगी? यदि नहीं, तो क्यों?
वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद द्वारा ''एकात्म यात्रा'' में व्यय की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। शेष जानकारी संकलित की जा रही है (ख) जानकारी संकलित की जा रही है। (ग) जी नहीं। अत: शेष प्रश्नांश के उत्तर का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) से (ड.) जानकारी संकलित की जा रही है।
प्रश्नकर्ता के पत्रों पर कार्यवाही
[नगरीय विकास एवं आवास]
17. ( *क्र. 3323 ) श्रीमती ऊषा चौधरी : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या प्रश्नकर्ता सदस्य द्वारा प्रमुख सचिव नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग को अपने पत्र क्रमांक 03, 05, 06, 09, 14, दिनांक 07.01.2018, पत्र क्रमांक 20, 21, 23, 36, दिनांक 10.01.2018, पत्र क्रमांक 43, 44, 46 दिनांक 11.01.2018 एवं पत्र क्रमांक 60, दिनांक 25.01.2018 द्वारा विभाग से जानकारी चाही गई है? (ख) प्रश्नांश (क) यदि हाँ, तो उक्त पत्रों पर अभी तक क्या-क्या कार्यवाही की गई? विवरण सहित बिन्दुवार जानकारी देवें। (ग) क्या पत्र क्रमांक 14 द्वारा जबलपुर के भू-माफिया बिल्डर मुस्कान ग्रुप, समदरिया ग्रुप द्वारा किये गए अवैध निर्माण कार्यों की उच्चस्तरीय जाँच के आदेश जारी किये गए हैं? अवैध निर्माण कार्यों को तोड़ने एवं दोषी अधिकारियों को दण्डित करने हेतु लिखा गया था? इसी प्रकार पत्र क्रमांक 05 द्वारा नगर निगम भोपाल अंतर्गत कोहेफिजा भोपाल-इन्दौर मेन रोड पर भोपाल विकास प्राधिकरण एवं हाऊसिंग बोर्ड द्वारा आवंटित भू-खण्डों में किये गए अवैध निर्माण कार्यों को जनहित में तोड़ने के आदेश जारी करने हेतु लेख किया गया था? (घ) प्रश्नांश (ग) यदि हाँ, तो इन पत्रों पर विभाग द्वारा की गई कार्यवाही का विवरण देते हुए प्रश्नांश (क) में वर्णित अन्य पत्रों पर अभी तक क्या कार्यवाही की गई?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।
मादा बाघिन की हत्या के आरोपियों पर कार्यवाही
[वन]
18. ( *क्र. 3289 ) श्री रजनीश सिंह : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या विधानसभा क्षेत्र केवलारी अंतर्गत दामीझोला बीट पर बंदर झिरिया नामक स्थान पर 13 जनवरी को शिकार की गई मादा बाघिन का शव मिला था? (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार क्या पी.एम. रिपोर्ट अनुसार बाघिन का शिकार सात दिन पूर्व होने की पुष्टि की गई थी? यदि हाँ, तो विभाग द्वारा विलंब से कार्यवाही क्यों की गई? (ग) बाघिन के शिकार में कितने लोगों के ऊपर आरोप सिद्ध कर, क्या कार्यवाही की गई? क्या दोषियों के पास से बाघिन के अंग बरामद किये गये हैं? यदि हाँ, तो कौन-कौन से अंग बरामद हुए? (घ) क्या विभागीय कर्मचारियों द्वारा उक्त सम्पूर्ण घटना क्रम में लापरवाही (पंचनामा आदि कार्यों) बरती गई है? यदि हाँ, तो कौन कौन से अधिकारी/कर्मचारी इसके दोषी हैं एवं उन पर क्या क्या कार्यवाही की गई?
वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) जी हाँ। (ख) जी हाँ। पशु चिकित्सक द्वारा प्रस्तुत पी.एम. रिपोर्ट अनुसार बाघिन की मृत्यु लगभग सात दिन पूर्व होना अनुमानित किया गया था। दिनांक 13.01.2018 को दोपहर 12:05 बजे घटना की जानकारी मिलते ही तत्काल परियोजना परिक्षेत्र अधिकारी केवलारी द्वारा वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित करते हुये समस्त वैधानिक कार्यवाही कर शिकार की पुष्टि होने पर वन अपराध प्रकरण क्रमांक 230/41 पंजीबद्ध कर आवश्यक कार्यवाही प्रारंभ की गई। अत: विभाग द्वारा विलम्ब से कार्यवाही किये जाने का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) बाघिन के शिकार में कुल 05 लोगों को गिरफ्तार कर एवं हिरासत में लेकर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजा गया है। आरोप सिद्ध करने एवं वाद-पत्र पेश करने की कार्यवाही प्रचलित है। अभियुक्तों के पास से जप्त बाघिन के अंगो को डी.एन.ए. टेस्ट के लिये कोशिकीय एवं आणविक जीवविज्ञान केन्द्र (सी.सी.एम.बी.), हैदराबाद तथा विष परीक्षण के लिय राज्य न्यायिक विज्ञान प्रयोगशाला, सागर भेजा गया है। अभियुक्तों के पास से बाघिन के 02 पंजे नाखून रहित, 02 पंजे नाखून सहित, 10 नाखून तथा 19 मूंछ के बाल बरामद कर जप्त किये गये हैं। (घ) सम्पूर्ण घटनाक्रम में उत्तरदायी कर्मचारी श्री सैयद जुनैद हुसैन, परिक्षेत्र सहायक, सरेखा/उगली को आदेश क्रमांक 226, दिनांक 15.01.2018 एवं श्रीमती चंद्रवती परते वनरक्षक, बीट गार्ड, दामीझोला को आदेश क्रमांक 227, दिनांक 15.01.2018 द्वारा तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है तथा श्री अरूण गोस्वामी, परियोजना परिक्षेत्र अधिकारी, केवलारी से स्पष्टीकरण मांगा गया है।
निर्माण कार्यों में अनियमितता की जाँच/कार्यवाही
[नगरीय विकास एवं आवास]
19. ( *क्र. 3579 ) श्री गिरीश भंडारी : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या प्रश्नकर्ता विधायक द्वारा नगरीय विकास आयुक्त को पत्र क्रमांक 5059/MLA/2018, दिनांक 05.01.2018 को लिखकर बोडा नगर पंचायत द्वारा निर्माण कार्यों में की जा रही अनियमितता संबंधी शिकायत की गई थी? (ख) प्रश्नांश (क) की उपलब्ध जानकारी अनुसार प्रश्न दिनांक तक उक्त शिकायत पर क्या-क्या कार्यवाही की गई? शिकायत में दोषी व्यक्तियों पर कब तक क्या कार्यवाही की जावेगी?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) शिकायत की जाँच हेतु निकाय से संबंधित अभिलेख प्राप्त किये जा रहे हैं। अभिलेख प्राप्त होने पर जाँच की जाकर दोषियों के विरूद्ध नियमानुसार कार्यवाही की जायेगी।
प्रभारी प्राचार्य द्वारा वित्तीय अनियमितताएँ
[उच्च शिक्षा]
20. ( *क्र. 3870 ) सुश्री हिना लिखीराम कावरे : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या श्री आ.आर. सोनवाने, सहायक प्राध्यापक, भूगोल, शासकीय महाविद्यालय लांजी, जिला बालाघाट द्वारा अतिथि विद्वानों से राशि वसूलने तथा वित्तीय अनियमितताओं के कारण विभागीय आदेश दिनांक 28.12.2007 द्वारा निलंबित किया गया था? श्री सोनवाने के लांजी के स्थायी निवासी होने के बावजूद म.प्र. शासन, उच्च शिक्षा विभाग, मंत्रालय के आदेश क्रमांक एफ-17-28/2008/2/38, दिनांक 31.07.2008 को उन्हें बिना स्थानांतरित किये बहाल कर दिया गया? (ख) क्या मंत्रालय के उक्त आदेश में श्री सोनवाने की विभागीय जाँच यथावत रहने तथा समस्त भुगतान विभागीय जाँच के निर्णय उपरांत किए जाने का लेख किया गया था? क्या भुगतान निकाल लिया गया है? (ग) क्या विभागीय जाँच पूर्ण कर ली गयी है? यदि नहीं, तो इसके लिये दोषियों पर क्या कार्यवाही की जाएगी? विभागीय जाँच के समस्त दस्तावेज उपलब्ध कराएं। (घ) श्री सोनवाने द्वारा अपने पिता के अंतिम संस्कार के दिन दिनांक 19.12.2014 को परीक्षा ड्यूटी का पैसा निकालने, अपनी तीसरी संतान का जिक्र सेवा पुस्तिका में न करने, सन् 2008 में टी.डी.एस. के कार्य में अनियमित भुगतान करने तथा विज्ञान संकाय के लैब की सामग्री की चार लाख रूपये की खरीदी बिना निविदा के नियम विरूद्ध खरीदने तथा कम्प्यूटर, प्रिंटर, स्मार्ट बोर्ड आदि की खरीदी बिना निविदा के करने संबंधी शिकायतों की जाँच करवाते हुए क्या उन्हें अन्यत्र स्थानांतरित किया जाएगा?
उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री जयभान सिंह पवैया ) : (क) एवं (ख) जी हाँ। (ग) उच्च शिक्षा विभाग के आदेश दिनांक 09.3.2010 के द्वारा विभागीय जाँच पूर्ण होने के उपरांत श्री आर.आर. सोनवाने सहायक प्राध्यापक, भूगोल, शासकीय महाविद्यालय लांजी को मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम 10 (3) के अनुसार ली गई अधिक राशि रूपये 8725 केवल वसूली की जाकर मूलभूत नियम 54 (बी) के अन्तर्गत निलंबन अवधि को कर्तव्य अवधि मानते हुये प्रकरण समाप्त किया गया। आदेशों की प्रतियां पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (घ) श्री सोनवाने के पिताजी का देहान्त 15.05.2010 को हुआ तथा दिनांक 19.12.2014 को शासकीय महाविद्यालय लांजी में कोई परीक्षा सम्पन्न नहीं हुई। पैसा निकालने का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। शेष प्रश्नांश पर जाँच कराई जा रही है, जाँच प्रतिवेदन प्राप्त होने के उपरांत गुण दोषों के आधार पर कार्यवाही जावेगी।
छिन्दवाड़ा जिले में तेन्दुआ व बाघ के हमले की घटित घटनाएं
[वन]
21. ( *क्र. 2740 ) श्री सोहनलाल बाल्मीक : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) छिन्दवाड़ा जिले में पिछले 3 वर्षों में तेन्दुआ व बाघ (शेर) के हमले से कितने व्यक्तियों व जानवारों की मृत्यु हो चुकी है और कितने व्यक्तियों व जानवरों को घायल किया जा चुका है? छिन्दवाड़ा जिले के प्रत्येक विधानसभा क्षेत्रवार जानकारी उपलब्ध करायें? (ख) छिन्दवाड़ा जिले में तेन्दुआ व बाघ (शेर) के द्वारा निरंतर व्यक्तियों व जानवरों के ऊपर हमला किया जा रहा है? जिससे जिले के अनेकों व्यक्तियों व जानवरों की जाने जा चुकी हैं, परन्तु फिर भी वन विभाग के संबंधित वन परिक्षेत्र के अधिकारियों के द्वारा कोई सकारात्मक कार्यवाही नहीं की जा रही है? जिसके कारण तेन्दुआ व बाघ (शेर) के द्वारा निरंतर व्यक्तियों व जानवरों के ऊपर हमले की घटनायें बढ़ती जा रही हैं? यदि संबंधित वन परिक्षेत्र के अधिकारी इसे रोक नहीं पा रहे हैं तो क्या विभाग के द्वारा उच्च स्तरीय विशेषज्ञों की टीम को बुलाकर तेन्दुआ व बाघ (शेर) को पकड़कर घटनाओं को रोकने का हर संभव प्रयास किया जायेगा? (ग) छिन्दवाड़ा जिले में तेन्दुआ व बाघ (शेर) के द्वारा जिन व्यक्तियों व जानवरों की जानें गई हैं? क्या विभाग द्वारा पीड़ित परिवार के आश्रित सदस्यों को शासन द्वारा अधिक से अधिक आर्थिक सहायता राशि प्रदान की जायेगी? यदि हाँ, तो कब तक?
वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 एवं 2 अनुसार है। (ख) जी हाँ। छिंदवाड़ा जिले में तेन्दुआ व बाघ द्वारा कुछ व्यक्तियों एवं पालतू पशुओं के ऊपर हमला किया गया है, जिससे उनकी मृत्यु हुयी है। यह सही नहीं है कि वन विभाग के संबंधित परिक्षेत्र अधिकारियों के द्वारा कोई सकारात्मक कार्यवाही नहीं की गयी है। इसके लिये वन विभाग के अधिकारियों/कर्मचारियों द्वारा तेंदुए की लोकेशन (स्थिति) पता करने के लिये लगातार सर्चिंग की जा रही है। घटना की गंभीरता को देखते हुये उप वन मंडलाधिकारी/परिक्षेत्राधिकारी/उप वनक्षेत्रपाल/वनपाल/वनरक्षक, सुरक्षा श्रमिकों एवं ग्रामीणों के गश्ती दल बनाकर प्रत्येक दल को 4-5 ग्रामों की जवाबदारी सौंपते हुये क्षेत्र में वन्यप्राणियों की लगातार सर्चिंग की जा रही है। इसके अतिरिक्त 25 कि.मी. के दायरे में आने वाले ग्रामों एवं साप्ताहिक बाजारों में ग्रामीणों को सचेत रहने के लिये लगातार मुनादी की जा रही है वन सीमा से लगे स्कूलों को भी अलर्ट किया गया है। शासकीय उचित मूल्य की दुकान एवं भीड़-भाड़ वाले कस्बों में तथा घर-घर जाकर ग्रामीणों को समझाईश एवं लाउड स्पीकर के द्वारा ग्रामीणों को सतर्कता बरतने बाबत् अपील की गई है। इसके अतिरिक्त घटना स्थल एवं संभावित वनक्षेत्रों में कैमरा ट्रैप एवं ट्रैप पिंजरे लगाये गये हैं, ताकि संबंधित वन्यप्राणी को पकड़ा जा सके। पेंच एवं सतपुड़ा टाईगर रिजर्व के उच्च स्तरीय रेस्क्यू एक्सपर्ट टीम को भी बुलाकर संबंधित तेन्दुआ व बाघ को पकड़कर घटनाओं को रोकने का हर संभव प्रयास किया जा रहा है। (ग) छिंदवाड़ा जिले के अंतर्गत तेंदुए व बाघ के हमले से जिन व्यक्तियों व पालतू जानवरों की मृत्यु हुयी है, पीड़ित परिवार के आश्रितों को विभाग द्वारा शासन के प्रावधानों एवं निर्धारित समय-सीमा में आर्थिक सहायता दी जा रही है। इस संबंध में शासन के आदेश पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है।
दिव्यांगों के श्रेणीवार रिक्त पदों की पूर्ति
[सामाजिक न्याय एवं निःशक्तजन कल्याण]
22. ( *क्र. 1094 ) श्री रामनिवास रावत : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रदेश की शासकीय सेवाओं के लिए दिव्यांगों की भर्ती हेतु आरक्षण निर्धारित है? यदि हाँ, तो कितने-कितने प्रतिशत? दिव्यांगों की श्रेणीवार बतावें। (ख) क्या शासन के समस्त विभागों में दिव्यांगों के विभिन्न श्रेणियों में लम्बे समय से पद रिक्त हैं? उन रिक्त पदों को अभी तक भरे न जाने के क्या कारण हैं? (ग) क्या वर्ष 2017 में मंत्रालय वल्लभ भवन में दिव्यांगों के लिए आरक्षित चतुर्थ श्रेणी के रिक्त पदों की भर्ती हेतु साक्षात्कार लिये गये थे? यदि हाँ, तो कुल कितने पदों के लिए साक्षात्कार लिये गये, उनमें से कितने पदों के लिए नियुक्ति आदेश कब-कब जारी किये गये? यदि आदेश जारी नहीं किये गये तो क्यों? (घ) उपरोक्त प्रश्नांश के परिप्रेक्ष्य में क्या माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिव्यांगों शासकीय सेवकों को पदोन्नति में आरक्षण देने के आदेश दिये गये थे? यदि हाँ, तो कब एवं माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के पालन में शासन द्वारा कब और क्या आदेश जारी किये गये? यदि नहीं, तो क्यों? (ड.) माह दिसम्बर 2017-जनवरी 2018 में प्रदेश के दिव्यांगों (दृष्टिहीनों) द्वारा राजधानी भोपाल के नीलम पार्क में किन-किन मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन किया गया था? इन मांगों में से कौन-कौन सी मांगे शासन द्वारा मान्य करते हुए शासनादेश कब जारी किये? यदि नहीं, तो क्यों?
पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ। अस्थिबाधित, दृष्टिबाधित एवं श्रवणबाधित दिव्यांगों को 2-2 प्रतिशत आरक्षण निर्धारित है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' अनुसार है। (ग) जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) निःशक्तजनों की पदोन्नति में आरक्षण का मामला सर्वोच्च न्यायालय की लार्जर बैंच में विचाराधीन है। (ड.) 23 मांगों के लिए दिव्यांगों द्वारा नीलम पार्क में धरना प्रदर्शन किया गया। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''ब'' अनुसार है।
गुरूनानक हॉस्पिटल एण्ड रिसर्च सेन्टर (उज्जैन) का संचालन
[नगरीय विकास एवं आवास]
23. ( *क्र. 3569 ) श्री सतीश मालवीय : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) उज्जैन शहर में संचालित गुरूनानक हॉस्पिटल एण्ड रिसर्च सेन्टर कितने वर्ग फीट के भूखण्ड पर निर्मित है एवं जो नक्शा स्वीकृत किया गया है, कितने मंजिल एवं कितने वर्गफीट का किया गया है व कब स्वीकृत किया गया है? (ख) क्या उक्त संचालित गुरूनानक हॉस्पिटल एण्ड रिसर्च सेन्टर नगर निगम से स्वीकृत नक्शे के मापदण्ड अनुसार निर्मित हुआ है? यदि नहीं, तो अनुमति के विपरीत कितना निर्माण किया गया है एवं नगर निगम द्वारा इस संबंध में क्या-क्या कार्यवाही कब-कब की गई है? (ग) गुरूनानक हॉस्पिटल एण्ड रिसर्च सेन्टर की पार्किंग व्यवस्था क्या है? क्या हॉस्पिटल द्वारा रोड पर रास्ता रोककर पार्किंग की जा रही है? क्या इस संबंध में नगर निगम द्वारा गुरूनानक हॉस्पिटल एण्ड रिसर्च सेन्टर के ऊपर कोई कार्यवाही की गई? यदि हाँ, तो कौन-सी कार्यवाही कब की गई है? यदि नहीं, तो इसके लिए कौन दोषी है? शासन इन पर क्या कार्यवाही करेगा?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' अनुसार है। (ख) जी नहीं। अनुमति के विपरीत निर्माण की जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र ''ब'' एवं ''स'' अनुसार है। नगर निगम द्वारा इस संबंध में भवन स्वामियों को नगर पालिका अधिनियम 1956 की धारा 307 के अंतर्गत सूचना पत्र क्रमांक 124 दिनांक 27.02.2018 एवं 126 दिनांक 27.02.2018 जारी किये गये हैं। (ग) गुरूनानक हॉस्पिटल एण्ड रिसर्च सेन्टर की पार्किंग व्यवस्था भवन क्रमांक 18, क्षपणक मार्ग पर स्वीकृत बेसमेंट में डाक्टर चेंबर निर्मित है एवं भवन क्रमांक 10, कालिदास मार्ग गली क्रमांक 15 में निर्मित बेसमेंट में पार्किंग है। जी नहीं। रास्ता रोककर हॉस्पिटल की पार्किंग नहीं की जा रही है, इसलिए कार्यवाही का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। इसके लिए कोई दोषी नहीं है। उत्तरांश (ग) के परिप्रेक्ष्य में शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
अनुपयोगी राशि की वसूली
[पंचायत और ग्रामीण विकास]
24. ( *क्र. 3806 ) श्री चन्द्रशेखर देशमुख : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या राज्य शासन द्वारा पंचायत राज अधिनियम की धारा 92 के अधिकार अनुविभागीय अधिकारी राजस्व से बदलकर मुख्य कार्यपालन अधिकारी को प्रत्यायोजित कर दिये गये हैं? यदि हाँ, तो आदेश की प्रति उपलब्ध करायें। (ख) क्या बैतूल जिले के वि.ख. प्रभात पट्टन में स्वीकृत चिचण्डा, सिरसावाड़ी एवं खम्बारा परकोलेशन तालाब को अनुपयोगी राशि रुपये 13,76,778/- की वसूली के निर्देश मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत बैतूल द्वारा एस.डी.एम. मुलताई को जारी किये गये थे? (ग) क्या प्रश्नांश (ख) के अनुसार कार्यपालन यंत्री ग्रा.या. सेवा संभाग मुलताई द्वारा चिचण्डा, सिरसावाड़ी एवं खम्बारा परकोलेशन तालाब निर्माण में माप पुस्तिका अनुसार किया गया व्यय अनुपयोगी पाया गया? यदि हाँ, तो क्या एस.डी.ओ., सब इंजीनियर द्वारा शासकीय राशि का गबन किया गया है? (घ) क्या बिन्दु (ख) एवं (ग) के अनुसार ग्रा.या. सेवा प्रभात पट्टन के उक्त निर्माण में लिप्त एस.डी.ओ. एवं उपयंत्रियों से जिला पंचायत बैतूल द्वारा वसूली कर ली गई है? यदि हाँ, तो वसूल की गयी राशि का विस्तृत ब्यौरा दें। यदि नहीं, तो ऐसा नहीं करने वाले अधिकारियों एवं उच्चाधिकारियों पर शासन कब तक और क्या कार्यवाही करेगा?
पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी हाँ। (ग) जी हाँ। जी नहीं। (घ) जी नहीं। कार्यपालन यंत्री ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग मुलताई के जाँच प्रतिवेदन अनुसार निर्माण कार्यों में व्यय अनुपयोगी राशि की वसूली हेतु वर्तमान में मध्यप्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 की धारा 92 के तहत विहित प्राधिकारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत बैतूल के यहां प्रकरण प्रचलित है। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता है।
कॉलोनियों का ''रेरा'' में पंजीकरण
[नगरीय विकास एवं आवास]
25. ( *क्र. 3988 ) श्री बहादुर सिंह चौहान : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) महिदपुर विधानसभा क्षेत्र तथा नागदा जं. में कितनी कॉलोनियां ''रेरा'' में पंजीकृत हुई हैं? स्थान, रकबा, कॉलोनाईजर नाम सहित जानकारी देवें। (ख) गरीब वर्ग के लिय आरक्षित प्लाटों की उपरोक्तानुसार कितनी कॉलोनियों में विगत 3 वर्ष में कितने प्लाट किन-किन को विक्रय किये गये? (ग) प्रश्नांश (ख) वर्णित प्लाटों का विक्रय यदि नहीं, किया गया है तो कारण बतावें। नागदा जंक्शन स्थित कॉलोनियों में कितना स्थान किन-किन कॉलोनियों में गरीब वर्ग के लिए आरक्षित है? कॉलोनी का नाम, स्थान, सहित जानकारी देवें। (घ) क्या कारण है कि गरीब वर्ग के हितों के साथ खिलवाड़ करते हुए इनका विक्रय नहीं किया जा रहा है, इसके जिम्मेदार अधिकारियों पर शासन कब तक कार्यवाही करेगा?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) महिदपुर विधान सभा क्षेत्र में कोई भी परियोजना ''रेरा'' में वर्तमान तक पंजीकृत नहीं हुई है, नागदा जंक्शन की 02 परियोजना ''रेरा'' में पंजीकृत हुई है। जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र 'अ' अनुसार है। (ख) विगत 3 वर्षों में महिदपुर विधानसभा क्षेत्र तथा नागदा जं. में गरीब वर्ग के लिये आरक्षित प्लाटों का विक्रय नहीं किया गया है। (ग) म.प्र. नगर पालिका (कॉलोनाईजर का रजिस्ट्रीकरण, निर्बंधन तथा शर्तें) नियम 1998 के नियम 10 के विहित प्रावधानों के अनुसरण में संबंधित कॉलोनाईजर्स से पात्र व्यक्तियों की सूचियां सक्षम प्राधिकारी कलेक्टर जिला-उज्जैन को प्रस्तुत न होने के कारण प्लाटों का विक्रय नहीं किया गया। नागदा जं. स्थित कॉलोनियों की जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र 'ब' अनुसार है। (घ) प्रश्नांश (ग) के संदर्भ में कोई प्रकरण लंबित नहीं होने के कारण प्रश्नांश के संदर्भ में कार्यवाही का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
भाग-2
नियम
46 (2) के
अंतर्गत
अतारांकित
प्रश्नोत्तर
के रुप में
परिवर्तित
तारांकित
प्रश्नोत्तर
महाविद्यालय
जनभागीदारी
समिति
[उच्च शिक्षा]
1. ( क्र. 16 ) डॉ. गोविन्द सिंह : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश के शासकीय महाविद्यालय के संचालन हेतु महाविद्यालयवार जनभागीदारी समिति का पंजीयन कराये जाने हेतु कब-कब शासनादेश जारी किये गये थे? (ख) शासन के नियमों के अनुसार जनभागीदारी समितियों का अध्यक्ष नियुक्त किये जाने हेतु नियम/प्रावधान पूर्व में एवं वर्तमान में क्या-क्या हैं? (ग) क्या जनभागीदारी समिति का जो अध्यक्ष नियुक्त होगा उन्हें नियमानुसार कॉलेज को सदस्यता शुल्क की निर्धारित राशि जमा कराया जाना अनिवार्य है? यदि हाँ, तो भोपाल जिले के किन-किन शासकीय महाविद्यालय की जनभागीदारी समिति के अध्यक्षों द्वारा किन करणों से उक्त निर्धारित राशि जमा नहीं करायी गई है? निर्धारित राशि समय-सीमा में नियुक्त अध्यक्ष के द्वारा जमा न कराने पर क्या उनकों अध्यक्ष पद से पृथक किया जायेगा? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्यों? (घ) उपरोक्त प्रश्नांश के परिप्रेक्ष्य में जनभागीदारी समिति के अध्यक्षों को वेतन भत्ते के अलावा अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराये जाने के क्या प्रावधान हैं?
उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री जयभान सिंह पवैया ) : (क) शासकीय महाविद्यालयों में जनभागीदारी का प्रारंभ एवं विकास शीर्षक से मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण) क्रमांक-471 दिनांक 30 सितम्बर, 1996 के द्वारा जनभागीदारी समितियों के निर्देश जारी किये गये है। इसी संबंध में शासन द्वारा अन्य आदेश क्रमांक एफ 24-2/38-2/2000 दिनांक 21.01.2000 के द्वारा योजना की समीक्षा करते हुये पुनः पंजीयन हेतु शासनादेश जारी किये गये। (ख) जनभागीदारी समितियों का अध्यक्ष नियुक्त किये जाने संबंधी प्रावधान पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' की कंडिका ''ग'' एवं तदोपरान्त पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''ब'' एवं ''स'' अनुसार है। (ग) जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) जी नहीं। जनभागीदारी समितियों के अध्यक्षों को वेतन भत्ते या अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराये जाने का कोई प्रावधान नहीं है।
हथनी जंगल के संरक्षित क्षेत्र घोषित करना
[वन]
2. ( क्र. 89 ) श्री लखन पटेल : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या यह सही है कि दमोह जिले से लगा हुआ हथनी का जंगल है जो कि जैव विविधता एवं पर्यटन की दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण है तथा यह जंगल शहर से लगा होने के कारण अवैध कटाई की दृष्टि से अति संवेदनशील है? (ख) यदि हाँ, तो क्या म.प्र. शासन वन विभाग द्वारा इस महत्वपूर्ण क्षेत्र को संरक्षित करने हेतु कोई योजना बनाई गई है? यदि हाँ, तो क्या योजना बनाई गई है विवरण देवें। (ग) क्या उक्त क्षेत्र को सुरक्षा की दृष्टि से वन विभाग द्वारा ईको पर्यटन क्षेत्र घोषित करने की कोई कार्यवाही की गई? यदि हाँ, तो क्या कार्यवाही की गई? यदि नहीं, तो कोई कार्यवाही क्यों नहीं की गई है एवं वन विभाग की इस क्षेत्र को संरक्षित करने की क्या योजना है? कब तक योजना लागू होगी?
वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) जी हाँ। (ख) जी हाँ। दमोह वनमंडल के अंतर्गत दमोह परिक्षेत्र में हथनी बीट के वनक्षेत्र क्रमांक आर.एफ. 109 में चारों ओर एंगिल आयरन पोस्ट को फिक्स करते हुये बारवेड वायर चैनलिंक फेंसिंग से घेराव कर सुरक्षित करने की योजना बनाई गई है, जिसका विवरण निम्नानुसार है:-
स्थल का नाम |
कक्ष क्रमांक |
कार्य का रकबा |
राशि (लाख रू. में) |
कार्य का विवरण |
बीट हथनी |
आर.एफ. 109 |
290 हे. |
100.86 |
बीट हथनी के वन कक्ष क्रमांक आर.एफ. 109 में रकबा 290 हेक्टेयर वनक्षेत्र में 8800 मीटर चैनलिंक फेंसिंग से घेराव कर सुरक्षित किया जाना। |
(ग) जी नहीं। अत: शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। इस क्षेत्र को सुरक्षित करने बाबत् योजना का उल्लेख प्रश्नांश ''ख'' के उत्तर में किया गया है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
मनरेगा से बनाए गये स्टॉप डेमों
[पंचायत और ग्रामीण विकास]
3. ( क्र. 90 ) श्री लखन पटेल : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2016-17 में विधानसभा क्षेत्र पथरिया में मनरेगा से कितने स्टॉप डेम स्वीकृत कराये गये? ग्राम पंचायतवार बतावें। (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में स्वीकृत स्टॉप डेम की टी.एस. एवं प्रशासकीय स्वीकृति देने का अधिकार किसे है एवं किसके द्वारा दी गई? क्या यह नियमानुसार सही है? यदि नहीं, तो संबंधित अधिकारियों पर क्या कोई कार्यवाही की जावेगी? यदि हाँ, तो क्या कार्यवाही की जावेगी? (ग) क्या 15-15 लाख रूपये के स्टॉप डेम की प्रशासकीय स्वीकृति सरपंच द्वारा की गई व राशि सीधे मनरेगा से प्रभारी अधिकारी द्वारा दी गई क्या यह नियमानुसार सही है? यदि नहीं, तो क्या नियम विरूद्ध किये गये कार्य के लिए जवाबदार अधिकारियों पर कोई कार्यवाही की जायेगी? यदि हाँ, तो क्या कार्यवाही की जावेगी? (घ) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में बनाये गये स्टॉप डेमों की आज अद्यतन स्थिति क्या है? स्थल निरीक्षण रिपोर्ट के आधार पर जानकारी उपलब्ध करावें।
पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) 07 स्टॉप डेम स्वीकृत। जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) विभाग द्वारा 9 दिसम्बर 2016 के प्रदत्त तकनीकी एवं प्रशासकीय स्वीकृति के अधिकारों की प्रति संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। उत्तरांश ‘क‘ कार्यों की स्वीकृतियां सक्षम स्तर से जारी की गयी है, अतः शेष प्रश्न उत्पन्न नहीं होता है। (ग) जी हाँ। 15-15 लाख की (प्रशासकीय) स्वीकृति सरपंच द्वारा दी गई है। जी नहीं, महात्मा गांधी नरेगा योजनांतर्गत प्रभारी अधिकारी/जिला पंचायत/जनपद पंचायत से किसी भी प्रकार की राशि जारी करने के प्रावधान नहीं है। (घ) वांछित जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है।
स्वरोजगार हेतु भूमि आवंटन
[सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम]
4. ( क्र. 132 ) श्री हितेन्द्र सिंह ध्यान सिंह सोलंकी : क्या राज्यमंत्री, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) खरगोन जिले की बड़वाहा तहसील में उद्योग विभाग की कितनी भूमि है? भूमि के नक्शे की प्रति दी जावे। (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार इस भूमि पर कितने लोगों को भूमि किस साइज़ की कब, किस प्रयोजन के लिए किन शर्तों पर दी गई हैं? इस आवंटित भूमि में कितने उद्योग कब से संचालित है? कितनी भूमि पर अतिक्रमण कब से किस स्वरूप में है? कितनी इकाइयां आवंटित दिनांक से चालू रही एवं कब से बंद हैं? बंद रहने के क्या कारण हैं? बंद इकाइयों द्वारा एवं शर्तों का पालन न करने पर आवंटित भूमि निरस्त की गई है? भूमि आवंटन निरस्त करने के विरुद्ध कितने इकाइयों द्वारा अपील की गई? समस्त की सूची देवें। (ग) प्रश्नकर्ता द्वारा उक्त संबंध में विभाग को लिखे पत्र पर क्या कार्यवाही की गई है? क्या नवीन आवेदन ऑनलाइन ही करना होता है? तो यह प्रक्रिया कब से प्रारंभ की है? जब से ऑनलाइन प्रक्रिया चालू हुई है इसके मध्य ऑफलाइन कितने आवेदन दिये गए? आवेदनकर्ता के नाम एवं किस प्रयोजन के लिए आवंटित की गई हैं, क्या वर्तमान में ये इकाइयां प्रारम्भ हैं? पूर्व में जिसे आवंटित थी और जिसे नवीन आवंटित की गई उनके नाम सहित विस्तृत जानकारी देवें।
राज्यमंत्री, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम ( श्री संजय पाठक ) : (क) सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विभाग के प्रशासकीय नियंत्रण की भूमि का विवरण एवं औद्योगिक क्षेत्रों के नक्शे पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) खरगोन जिले की बड़वाह तहसील के औद्योगिक क्षेत्रों में तत्समय प्रचलित नियमों के आधार पर आवंटित की गई भूमि का विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र -2 अनुसार है। प्रश्नाधीन भूमि के लगभग 6200 वर्गफीट भूमि पर विभिन्न प्रकार के अतिक्रमण है। कार्यरत इकाइयों की सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र -3 अनुसार है। बंद इकाइयों की सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र -4 अनुसार है। निरस्त इकाइयों की सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र -5 अनुसार है वर्तमान में कोई भी अपील प्रकरण लंबित नहीं है। (ग) ऑनलाईन आवेदन प्रक्रिया दिनांक 01.04.2015 से प्रारंभ की गई है, जिसके पश्चात् ऑफलाईन आवेदन प्राप्त करने का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। विभाग को प्राप्त पत्र में उल्लेखित इकाई को आवंटित भूमि का आवंटन दिनांक 24.08.2017 को निरस्त किया गया है।
कोर्ट के निर्देशानुसार कार्यवाही
[पंचायत और ग्रामीण विकास]
5. ( क्र. 145 ) श्रीमती उमादेवी लालचंद खटीक : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या जिला दमोह के अंतर्गत राजीवगांधी वाटरशेड डी.पी.ए.पी. में मिनी वाटरशेड रसीलपुर, सिंग्रामपर व कुआखेडा में नाला बंधान व मेड़ बंधान में भारी अनियमितता व गबन करने पर जाँच उपरांत न्यायालय द्वारा दोषी अधिकारियों पर वर्ष 2015 में प्राथमिकी दर्ज कराई थी? यदि हाँ, तो क्या दोषी अधिकारियों व कर्मचारियों पर कार्यवाही हुई? यदि हाँ, तो क्या? नहीं तो क्यों? (ख) क्या दोष सिद्ध होने के उपरांत दिनांक 23.04.2015 को विशेष न्यायाधीश श्री आर.पी.सिंह भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम दमोह द्वारा कार्यवाही के निर्देश उपरांत आज दिनांक तक कोई कार्यवाही नहीं हुई? यदि नहीं, तो क्यों? कब तक उक्त प्रकरण में क्या कार्यवाही की जावेगी?
पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी नहीं। पुलिस जाँच में दोष सिद्ध नहीं पाया गया तथापि शिकायतकर्ता द्वारा पुन: आपत्ति लिये जाने पर माननीय न्यायालय ने दिनांक 23-04-2015 पुलिस को प्रकरण की पुन: जाँच एवं विवेचना के आदेश दिये है। अत: शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता। (ख) प्रश्नांश क के उत्तर के परिप्रेक्ष्य में पुलिस विवेचना उपरांत गुण दोष के आधार पर कार्यवाही की जाना संभव हो सकेगी।
ऑडिट आपत्तियों पर कार्यावाही
[नगरीय विकास एवं आवास]
6. ( क्र. 146 ) श्रीमती उमादेवी लालचंद खटीक : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या वर्ष 2013 से 2017 तक नगर पालिका हटा के समस्त दस्तावेजों एवं अभिलेखों का ऑडिट कराया गया एवं किन-किन वर्षों में किन किन अधिकारियों ने वर्षवार ऑडिट किया? ? (ख) उक्त वर्षों में ऑडिट अधिकारी द्वारा लगायी गयी ऑडिट आपत्ति क्या थीं? क्या दोषियों पर कार्यवाही के भी निर्देश जारी हुए थे, आज दिनांक तक क्या कार्यवाही हुई?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' अनुसार है। (ख) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''ब'' अनुसार है।
मस्टर पर रखे गये कर्मचारियों की संख्या
[नगरीय विकास एवं आवास]
7. ( क्र. 147 ) श्रीमती उमादेवी लालचंद खटीक : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) नगर पालिका परिषद् हटा (दमोह) में वर्ष 2014-15, 2015-16 एवं 2016-17 में कितने कर्मचारी मस्टर पर रखे गये? नामवार, पतावार वर्षवार जानकारी उपलब्ध करायें एवं मस्टर पर कर्मचारी रखे जाने के क्या शासन के निर्देश हैं? आदेश की छायाप्रति उपलब्ध करावें? (ख) क्या नगर पालिका परिषद् द्वारा बार बार लगातार कई वर्षों से कार्य बदल बदल कर उन्हीं कर्मचारियों को रखा गया है? यदि हाँ, तो क्यों? क्या शासन के आदेश की अवहेलना के दोषी पूर्वरत अधिकारियों पर कार्यवाही होना चाहिए? क्या समय-सीमा में जाँच कराकर कार्यवाही करना सुनिश्चित करायेंगे?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। अध्यक्ष/पी.आई.सी. के प्रस्ताव स्वीकृति अनुसार मूलभूत सेवाओं/योजनाओं के संचालन तथा आवश्यक सेवाओं (सफाई आदि) हेतु आवश्यकतानुसार श्रमिक रखे गये हैं। (ख) निकाय की महत्वपूर्ण योजनाओं तथा अत्यावश्यक सेवाओं के सुचारू रूप से संचालन के दृष्टिगत आवश्यकता अनुसार उक्त श्रमिकों को अध्यक्ष/पी.आई.सी. की स्वीकृति अनुसार रखा गया है। रखे गये श्रमिकों से आवश्यकता अनुसार कार्य लिया जाता है। शासन आदेश की अवहेलना न होने से शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
जांचें प्रमाणित पाये जाने पर कार्यवाही
[पंचायत और ग्रामीण विकास]
8. ( क्र. 158 ) कुँवर विक्रम सिंह : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दिनांक 01.01.2016 से प्रश्न दिनांक तक राजनगर विधानसभा क्षेत्र अन्तर्गत ग्राम पंचायतों में पदस्थ सचिवों के विरूद्ध किन-किन अधिकारियों द्वारा जाँच की गई? (ख) क्या जाँच में दोषी पाये जाने, गंभीर अनियमितताएं प्रमाणित होने तथा शासन की राशि का दुरूपयोग/गबन भी पाये जाने के बावजूद भी दोषियों को सेवा में बहाल कर दिये गये? (ग) क्या सरपंचों के विरूद्ध जांचें प्रमाणित पाई गई और शासन प्रावधानों के अनुसार कार्यवाही नहीं की गई? (घ) जांचें प्रमाणित पाये जाने पर दोषियों के विरूद्ध कार्यवाही कर दी गई या लंबित है? कारण सहित बतायें।
पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार। (ख) जी नहीं। (ग) 03 सरपंचों के विरूद्ध प्रथम दृष्ट्या अनियमितता के प्रमाण होने से मध्यप्रदेश पंचायतराज अधिनियम 1993 की धारा 92/40 के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर कार्यवाही की गई है। प्रकरण न्यायालय में विचाराधीन है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) 03 सरपंचों के विरूद्ध प्रथम दृष्ट्या अनियमितता के प्रमाण होने से मध्यप्रदेश पंचायतराज अधिनियम 1993 की धारा 92/40 के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर कार्यवाही की गई है। प्रकरण न्यायालय में विचाराधीन है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
लवकुशनगर को पवित्र नगर घोषित किया जाना
[धार्मिक न्यास और धर्मस्व]
9. ( क्र. 159 ) कुँवर विक्रम सिंह : क्या खेल और युवा कल्याण मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या मध्यप्रदेश शासन धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग के पृ.क्र. 107/745/2017 छ: भोपाल, दिनांक 16/01/18 के अनुसार कलेक्टर छतरपुर को लवकुशनगर को माता बम्बर वैनी में प्राचीन मंदिर होने के कारण पवित्र नगरी घोषित किये जाने हेतु जानकारी अपेक्षित है? (ख) मुख्य नगर पालिका अधिकारी लवकुशनगर द्वारा प्रस्ताव कब दिया गया? प्रति दें। (ग) क्या कलेक्टर छतरपुर द्वारा पत्र क्र. 237 दिनांक 31/05/2016 को सचिव मध्यप्रदेश शासन धार्मिक न्यास विभाग भोपाल को पवित्र क्षेत्र घोषित किये जाने का प्रतिवेदन दिया गया था तथा माननीय मंत्री महोदया ने दिनांक 10/03/16 को सदन में बजट सत्र में इस हेतु सहमति दी थी? (घ) यदि हाँ, तो कब तक आदेश किये जावेंगे?
खेल और युवा कल्याण मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) जी हाँ। (ख) मुख्य नगर पालिका अधिकारी लवकुशनगर द्वारा प्रस्ताव नहीं दिया गया। अत: शेष प्रश्न उत्पन्न नहीं होता। (ग) जी हाँ, प्रश्नांकित पत्र लवकुशनगर को पवित्र नगर घोषित किये जाने के संबंध में जाँच प्रतिवेदन प्रेषित किया गया था। (घ) विभाग द्वारा कलेक्टर छतरपुर से विस्तृत प्रस्ताव प्राप्त किया जा रहा है।
ए.डी.बी. योजना के अंतर्गत ग्वालियर शहर को राशि का आवंटन
[नगरीय विकास एवं आवास]
10. ( क्र. 208 ) श्री भारत सिंह कुशवाह : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) ए.डी.बी. योजना के अंतर्गत ग्वालियर शहर को कितनी राशि कितने चरणों में मिली? ए.डी.बी. योजना में कौन-कौन से काम एवं कार्यों पर खर्च होने वाली राशि का नामवार संपूर्ण खर्च हुई राशि का ब्यौरा दें? (ख) ए.डी.बी. योजना के तहत कौन-कौन से वार्डों में क्या-क्या कार्य कराये गये? ए.डी.बी. योजना राशि में कब तक की इन कार्यों की समयावधि तय की गई? (ग) अमृत योजना के तहत ग्वालियर शहर को प्रथम चरण में कितनी राशि स्वीकृत हुई? अमृत योजना में कौन-कौन से वार्ड सम्मिलित किये गये तथा वार्डों में क्या-क्या कार्य करायें जाना प्रस्तावित किये गये? (घ) क्या ए.डी.बी. योजना अंतर्गत डाली गई वाटर लाईनों का अमृत योजना के तहत उन लाईनों को हटाकर या लाईनों का संधारण कर राशि का दुरूपयोग जानबूझकर किया जा रहा है? क्या जिन वार्डों में ए.डी.बी. योजना या किसी भी योजना के तहत वाटर लाईन, सीवर लाईन का कार्य नहीं हुआ है? उन क्षेत्रों को प्रथम चरण में अमृत योजना में क्यों सम्मिलित नहीं किया गया? कारण सहित बतायें।
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) ए.डी.बी. योजना के अन्तर्गत 8 चरणों में प्राप्त राशि की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ‘अ‘ अनुसार है। ए.डी.बी. योजना के अन्तर्गत शहर में कराए गए कार्य एवं उन पर खर्च होने वाली राशि की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ‘ब‘ अनुसार है। (ख) ए.डी.बी योजना के तहत वार्डों में कराए गए कार्यों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ‘स‘ अनुसार है। ए.ड़ी.बी. योजना राशि में कार्यों की तय की गई समयावधि की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ‘द‘ अनुसार है। (ग) राशि रु. 730 करोड़ स्वीकृत हुई। अमृत योजना के अंतर्गत प्रथम चरण में वार्ड क्र. 01 से 60 तक में जल प्रदाय तथा सीवरेज सिस्टम का कार्य कराना प्रस्तावित है। (घ) जी नहीं, नगर निगम ग्वालियर के वार्ड क्रमांक 01 से 60 के कार्य की आवश्यकता के अनुसार एवं तकनीकी रूप से उपयुक्त पाये गये क्षेत्रों को वाटर लाइन एवं सीवर लाइन हेतु प्रथम चरण में सम्मिलित किया गया है। केवल वार्ड क्रमांक 61 लगायत 66 में से शहर की सीमा से लगे हुए वार्ड क्र. 64, 65 को सम्मिलित किया गया है एवं वार्ड क्र. 61, 62, 63, एवं 66 के शहर की सीमा से अधिक दूरी होने के कारण प्रथम चरण में तकनीकी एवं वित्तीय दृष्टि से उपयुक्त न होने के कारण उक्त वार्डों की बसाहटों को सम्मिलित नहीं किया गया है, साथ ही उक्त बसाहटों में स्वच्छ भारत मिश्न के अंतर्गत आवश्यकतानुसार व्यक्तिगत, सामुदायिक एवं संस्थागत सीवरेज के डिस्पोजल हेतु शौचालय का निर्माण किया जा चुका है एवं पेयजल की व्यवस्था, नलकूप, हैण्डपम्प के माध्यम से की गई।
शासकीय शालाओं में निर्मित क्षतिग्रस्त रसोईघरों के सुधार कार्य
[पंचायत और ग्रामीण विकास]
11. ( क्र. 235 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र पनागर के अंतर्गत क्या शासकीय शालाओं में 10x10 में निर्मित रसोईघरों में बड़ी-बड़ी भट्टियों में लगातार लकड़ी जलाने के कारण भवन की छत एवं दीवारें गर्म होकर चटक गई है? (ख) क्या यही कारण है कि अधिकांश शालाओं के रसोईघर क्षतिग्रस्त हो चुके है? (ग) यदि हाँ, तो क्या इन रसोईघरों के सुधार हेतु बजट व्यवस्था है? (घ) प्रश्नांश (ग) के अंतर्गत क्या शासकीय शाला झगरा, मोहास, निपनिया, झुरझुरू, तिंदनी, कसही, छत्तरपुर, सकरी, मझगवां, तिलगवां, गाजर आदि के जीर्णशीर्ण रसोईघर सुधारे जायेंगे? यदि हाँ, तो कब तक? नहीं तो क्यों?
पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) एवं (ख) जी नहीं। (ग) प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) जी हाँ। समय-सीमा निर्धारित किया जाना संभव नहीं है।
विधानसभा क्षेत्र पनागर के अंतर्गत अवैध कॉलोनियों में अवैध निर्माण
[नगरीय विकास एवं आवास]
12. ( क्र. 246 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या अवैध कॉलोनी निर्माण पर शासन द्वारा रोक लगाई गई है? (ख) यदि हाँ, तो विधान सभाक्षेत्र पनागर अंतर्गत करमेता, अमखेरा, कठौंदा की लगभग 35 कॉलोनियों में अवैध निर्माण एवं क्रय-विक्रय क्यों हो रहा है? (ग) क्या आमजनों को पानी, बिजली, सड़क, नाली विहीन अवैध कॉलोनियों में बसाया जा रहा है? (घ) क्या खसरा नं. 342/87, 410/3, 42/1, 411/342, 243/1, 243/2, 248/1 सहित अन्य 30 खसरों की भूमि में दिन रात चल रहे अवैध निर्माण कार्यों को बंद कराया जायेगा?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) जी हाँ। अवैध कालोनी का निर्माण म.प्र. नगर पालिक निगम अधिनियम 1956 की धारा 292- ग एवं उपधाराओं के अनुसार प्रतिबंधित है। (ख) विधानसभा क्षेत्र पनागर के अंतर्गत करमेता, अमखेरा नगर पालिक निगम, जबलपुर की निगम सीमा वृद्धि उपरांत शामिल ग्राम हैं ग्राम कठौदा नगर निगम सीमा में पूर्व से शामिल है। निगम के संज्ञान में आई इन ग्रामों की अवैध कॉलोनियों की सूची दैनिक भास्कर, दैनिक दबंग दुनिया समाचार पत्र में दिनांक 30.8.17 को प्रकाशित कर क्रय विक्रय न किये जाने की सार्वजनिक सूचना प्रकाशित की गई है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र -1 अनुसार है। नगर निगम जबलपुर के पत्र क्रमांक 275 दिनांक 20.12.2017 द्वारा उक्त सूचीबद्ध क्षेत्र में अवैध कालोनी 4 अंतर्गत क्षेत्र में क्रय-विक्रय नियंत्रित करने का पत्र वरिष्ठ जिला पंजीयक जबलपुर को प्रेषित किया गया है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र -2 अनुसार है। अवैध कालोनी क्षेत्र में क्रय-विक्रय की कार्यवाही पर प्रतिबंध नगर निगम के क्षेत्राधिकार में नहीं है। (ग) जी हाँ। जहां अवैध कालोनियां है वहां आमजनों की पानी, बिजली, सड़क, नाली विहिन अवैध कॉलोनियों में बसाहट है। (घ) प्रश्न में वर्णित खसरा क्रमांक किन ग्रामों के है स्पष्ट न होने के कारण प्रश्न में जानकारी दी जाना संभव नहीं है तथापि ग्राम कठौदा के खसरा क्रमांक 342/1, 410/342, 411/342 की सार्वजनिक सूचना जारी कर, विकास कार्य तथा क्रय-विक्रय न किये जाने की चेतावनी अवैध कालोनी निर्माता एवं सर्वसाधारण के सूचनार्थ प्रकाशित की गई है।
जबलपुर जिले में मुख्य खनिज, गौड़ खनिज एवं नीलाम खदानों के अवैध कार्यों के प्रकरण
[खनिज साधन]
13. ( क्र. 253 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या खनिज साधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जबलपुर जिले में मुख्य खनिज, गौड़ खनिज एवं नीलाम खदानों के गत 3 वर्षों से प्रश्न दिनांक तक कितने अवैध उत्खन्न के प्रकरण बने एवं कितनी वसूली हुई? (ख) प्रश्नांश (क) के अनुसार अवैध उत्खनन एवं स्वीकृत क्षमता से अधिक उत्खनन के बनाये गये प्रकरणों की जानकारी, नाम, पता, देय जुर्माना राशि वसूल की गई राशि सहित देवें. (ग) क्या प्रश्नांश (ख) के अंतर्गत समस्त जुर्माना राशि वसूल कर ली गई है? (घ) यदि नहीं, तो किन-किन व्यक्तियों द्वारा जुर्माना राशि जमा नहीं की गई? कब तक इन पर वसूली की कार्यवाही की जावेगी?
खनिज साधन मंत्री ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) प्रश्नाधीन जिले में मुख्य खनिज के 01 स्वीकृत खनिपट्टे में मुरम खनिज का अवैध उत्खनन करने के कारण अवैध उत्खनन का एक प्रकरण प्रश्नाधीन अवधि में दर्ज किया गया है। जिसमें अधिरोपित जुर्माना राशि रूपये 1,30,680/- की वसूली की गई है। गौण खनिज एवं नीलाम खदानों से संबंधित जानकारी निरंक है। (ख) प्रश्नानुसार जानकारी संलग्न परिशिष्ट पर है। (ग) प्रश्नानुसार जानकारी संलग्न परिशिष्ट पर है। (घ) संलग्न परिशिष्ट के सरल क्रमांक - 1 से 6 के प्रकरण संबंधित न्यायालय में विचाराधीन है। अत: शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
जबलपुर एवं प्रदेश की जनपद पंचायतों में समस्या निवारण शिविर का आयोजन
[पंचायत और ग्रामीण विकास]
14. ( क्र. 260 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या जबलपुर जिले की जनपद पंचायतों में ग्रामीणों की समस्याओं के निराकरण हेतु शिविर के आयोजन किये गये हैं? (ख) यदि हाँ, तो विधानसभा क्षेत्र पनागर के अन्तर्गत गत 03 वर्षों में कितने शिविर आयोजित किये गये? (ग) प्रश्नांश (ख) के अन्तर्गत कितनी शिकायतें प्राप्त हुई? कितने का निराकरण किया गया? (घ) प्रश्नांश (ख) के अंतर्गत यदि शिविर आयोजित नहीं किये गये, तो क्यों?
पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ। (ख) विधानसभा क्षेत्र पनागर अंतर्गत 03 वर्षों में कुल 233 शिविर आयोजित किये गये। जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार। (ग) आयोजित शिविरों में 03 वर्षों में 3567 आवेदन/शिकायतें प्राप्त हुई एवं समस्त 3567 आवेदन/शिकायतों का निराकरण किया गया। (घ) शिविर आयोजित किये गये है। अतः प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
पत्थर फर्शी की खदानों को अवैध रूप से बंद किया जाना
[खनिज साधन]
15. ( क्र. 268 ) श्री भारत सिंह कुशवाह : क्या खनिज साधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) ग्वालियर जिले में पत्थर फर्शी की कितनी खदानें स्वीकृत हैं वर्तमान में कौन-कौन सी खदान संचालित है? नामवार, रकबा सहित बताएं? (ख) क्या ग्वालियर जिले में पत्थर फर्शी की खदान वन विभाग की आपत्ति से बंद हुई हैं? नाम सहित सम्पूर्ण विवरण दें? क्या वन विभाग द्वारा आपत्ति लगाकर जान बूझकर क्षेत्र के लोगों को बेरोजगार कर स्वयं अवैध खदानों से पत्थर निकासी करायी जा रही है? (ग) क्या पत्थर फर्शी खदाने पूर्णत: बंद है तो पत्थर कटिंग घिसाई मशीनों पर फर्शी पत्थर की आवक कहाँ से है एवं किस खदान से है एवं कितनी मात्रा में है? (घ) क्या शासन का राजस्व वन विभाग द्वारा जानबूझकर बंद किया गया है? क्या राजस्व के रूप में आने वाली रायल्टी फीस को वन विभाग द्वारा वन अधिकारियों की मिली भगत से स्वयं के फायदे के लिये बंद दिखा कर चालू रखी गई है? क्या कटिंग पॉलिश मशीन पर पत्थर की क्वालिटी को चेक करने के लिये एक कमेटी बनाई जायेगी, जिससे पत्थर की अवैध उत्खनन की सच्चाई सामने आ सके? क्या शासन द्वारा बंद खदानों की जाँच वरिष्ठ अधिकारियों से कराई जावेगी? जो खदाने वन विभाग की आपत्ति के कारण बंद हुई पुन: कमेटी बनाकर उनकी जाँच कराई जावेगी?
खनिज साधन मंत्री ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) प्रश्नानुसार जानकारी संलग्न परिशिष्ट पर है। (ख) जी नहीं। अत: शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी नहीं वर्तमान में प्रश्नाधीन जिले में स्वीकृत खदानों में से 04 खदानें संचालित हैं। अत: शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) जी नहीं। अत: शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
शांतिनगर परसवारा मुख्यमार्ग का निर्माण अतिशीघ्र करवाना
[नगरीय विकास एवं आवास]
16. ( क्र. 290 ) श्री तरूण भनोत : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) महाराणा प्रताप वार्ड जबलपुर स्थित, शांतिनगर परसवारा मुख्य मार्ग की निर्माण स्वीकृति एवं निविदा किस दिनांक को की गई थी एवं इसकी लागत क्या थी? (ख) क्या कारण है कि प्रश्नांश (क) में वर्णित की सड़क की निविदा (टेण्डर) होने के बाद भी सड़क निर्माण कार्य में विलंब हो रहा है? विलंब के क्या कारण हैं? (ग) कब तक उक्त सड़क का निर्माण कार्य पूर्ण कर लिया जावेगा?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) महाराणा प्रताप वार्ड जबलपुर स्थित परसवाड़ा मुख्य मार्ग के निर्माण की स्वीकृति दिनांक 22.02.2017 को हुयी थी। इसकी प्रथम निविदा दिनांक 25.02.2017 को आमंत्रित की गयी। द्वितीय बार यह निविदा 21.06.2017 को जारी की गयी। दरें उपयुक्त नहीं होने से तृतीय बार निविदा दिनांक 06.09.2017 को आमंत्रित की जाकर दिनांक 06.09.2017 को खोली गयी। कार्य की लागत राशि रू. 198.90 लाख थी। (ख) दो निविदाओ में उचित दरे प्राप्त न होने के कारण एवं तीसरे आमंत्रण वाद निविदा स्वीकृति किए ठेकेदार द्वारा अनुबंध नहीं करने से विलंब हुआ है। (ग) ठेकेदार द्वारा अनुबंध निष्पादन पश्चात यह कार्य निर्धारित अवधि से छ: माह (वर्षाऋतु छोड़कर) में पूर्ण कराए जाने का प्राबधान है।
अनियमितताओं की जाँच
[नगरीय विकास एवं आवास]
17. ( क्र. 291 ) श्री तरूण भनोत : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) स्वच्छ भारत मिशन 2018 के तहत जबलपुर जिले को कितनी राशि प्रदाय की गई एवं स्वच्छता सर्वेक्षण वर्ष 2018 के तहत जबलपुर शहर में चल रहे प्रचार-प्रसार अभियान में कितनी राशि अभी तक नगर निगम जबलपुर द्वारा व्यय की गई है? क्या उक्त प्रदाय राशि बिना निविदा के स्वीकृत की गई है? (ख) वर्णित (क) के अनुसार नगर निगम जबलपुर द्वारा स्वच्छता के नाम पर 280 रूपये की कीमत की बाल्टी बांटी जा रही है, यदि हाँ, तो क्या यह सही है कि शहर में जो निम्न स्तर की बाल्टी वितरित की जा रही है उसकी कीमत 40 रूपये से अधिक नहीं है? (ग) क्या उक्त स्वच्छ भारत मिशन वर्ष 2018 के अंतर्गत वर्णित (क) (ख) की जाँच स्वतंत्र एजेंसी से करवाते हुये दोषियों के विरूद्ध कार्यवाही की जावेगी?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) जी नहीं, स्वच्छ सर्वेक्षण-2018 हेतु निकायों को पृथक से आवंटन प्रदान नहीं किया गया है। स्वच्छ भारत मिशन अंतर्गत सूचना शिक्षा संप्रेषण मद में प्रदान की गई राशि की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। नगर निगम जबलपुर द्वारा प्रचार-प्रसार हेतु राशि रू. 46,84,602/- व्यय किये गये है। जी नहीं, अपितु निविदा एवं कोटेशन के आधार पर कार्य कराया गया है। (ख) जी नहीं, अपितु भारत सरकार के DGS & D के अंग Gem (Governmente-Marketplace) से हैंगिंग विन्स, डस्टबिन (कचरे का डिब्बा) आदि सफाई व्यवस्था, कचरे के सही निष्पादन व सफाई के प्रति जागरूक करने के लिए डस्टबिन्स क्रय कर बांटे गये है। (ग) उत्तरांश (क) एवं (ख) के अनुक्रम में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
स्वीकृत आंगनवाड़ी भवनों के प्रथम किश्त की राशि जारी की जाना
[पंचायत और ग्रामीण विकास]
18. ( क्र. 333 ) श्री हरवंश राठौर : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या पंचायत राज संचालनालय म.प्र. शासन भोपाल के आदेश क्र.. 13676 भोपाल दिनांक 13/10/2017 द्वारा 1325 आंगनवाड़ी भवनों के निर्माण की जिसमें विधानसभा क्षेत्र के सम्मिलित भवनों की स्वीकृति प्रदान कर 60 प्रतिशत राशि संचालनालय एवं शेष राशि मनरेगा के अभिसरण में उनके संलग्न सूची अंतरित हेतु आदेश जारी किया गया था। (ख) क्या उक्त भवनों की राशि ग्राम पंचायतों के खातों में प्रश्न दिनांक तक अंतरित की गई है? यदि हाँ, तो सूची उपलब्ध कराई जाए यदि नहीं, तो कब तक जारी की जावेगी?
पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ। 1325 आंगनवाड़ी भवनों के निर्माण की स्वीकृति प्रश्नानुसार संचालनालय के आदेश दिनांक 13.10.2017 न होकर अपितु दिनांक 13.11.2017 द्वारा जारी किया गया है। (ख) जी हाँ। सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
नव निर्मित थोक मत्स्य विपणन केन्द्र का निर्माण
[नगरीय विकास एवं आवास]
19. ( क्र. 373 ) श्री शैलेन्द्र जैन : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) प्रश्नकर्ता अतारांकित प्रश्न क्रमांक 3300 दिनांक 07.03.2017 के प्रश्नांश (क) के उत्तर में बताया गया था कि मछुआरों के उन्नयन हेतु तथा मत्स्य उद्योग को प्रोत्साहन करने के उद्देश्य से केन्द्र शासन द्वारा स्वीकृत थोक मत्स्य विपणन केन्द्र का निर्माण राशि रू. 1.26 करोड़ की लागत से बघराज वार्ड में कराने एवं प्रश्नांश (ख) के उत्तर में नगर पालिक निगम सागर द्वारा थोक मत्स्य विपणन केन्द्र का जीर्णोद्धार किये जाने की जानकारी दी थी तो क्या उक्त कार्य पूर्ण कर सागर नगर के सभी मीट/मछली विक्रेताओं को स्थानांतरित कर दिया गया है? यदि नहीं, तो कारण सहित बतायें। (ख) क्या इस समय समूचे शहर में स्थानीय प्रशासन की कार्यवाही करने के पश्चात यत्र-तत्र खुले में मांस विक्रय किया जा रहा है? यदि हाँ, तो क्या शासन स्थानीय आवश्यकताओं को दृष्टिगत रखते हुए एक संयोजित मीट मार्केट बनाये जाने हेतु विचार करेगा? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्यों।
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) जी नहीं। नगर पालिक निगम सागर में केन्द्र शासन द्वारा स्वीकृत थोक मत्स्य विपणन केन्द्र के निर्माण की राशि रूपये 1.26 करोड़ की लागत से बाघराज वार्ड में किया गया है जिसमें मीटर कनेक्शन का कार्य शेष है इसमें मछली विक्रेताओं द्वारा विस्थापित होने में रूचि नहीं लेने के कारण स्थानांतरित नहीं किया जा सका है। (ख) जी नहीं। स्थानीय प्रशासन द्वारा समूचे शहर में कार्यवाही करने के पश्चात् यत्र-तत्र खुले में मांस विक्रय नहीं हो रहा है, शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
खेल परिसर में जॉगिंग ट्रेक निर्माण
[खेल और युवा कल्याण]
20. ( क्र. 374 ) श्री शैलेन्द्र जैन : क्या खेल और युवा कल्याण मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि वर्ष 2016-17 से प्रश्न दिनांक तक खेल परिसर सागर हेतु कौन-कौन सी सामग्री/यंत्र क्रय किये गये हैं? या अन्य एजेंसी द्वारा क्रय करके प्रदाय किये गये हैं सामग्रीवार,संख्यावार विवरण दें?
खेल और युवा कल्याण मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) खेल समाग्री से संबंधित जानकारी सलंग्न परिशिष्ट अनुसार है।
बड़ोदा स्टेडियम का निमार्ण
[खेल और युवा कल्याण]
21. ( क्र. 447 ) श्री दुर्गालाल विजय : क्या खेल और युवा कल्याण मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) प्रश्नकर्ता के प्रश्न क्रमांक 606 दिनांक 30.11.2017 के प्रश्नांश (घ) के उत्तर में जानकारी दी थी कि बड़ोदा जिला श्योपुर में मिनी स्टेडियम के निर्माण कार्य हेतु निर्माण एजेंसी एलयूएनकेजीएम एवं वास्तुविद द्वारा आवंटित भूमि का ग्राउण्ड लेवल चार पाँच फिट नीचे हैं तालाब के डाउन स्ट्रीम में है वर्षात में तालाब का पानी भर जाता है? जिससे इस भूमि पर स्टेडियम का निर्माण किया जाना उचित नहीं है? (ख) क्या बड़ोदा क्षेत्र में उक्त भूमि के अतिरिक्त 7 एकड़ समतल भूमि 3 कि.मी. के अंदर कहीं भी उपलब्ध नहीं है इस कारण कलेक्टर श्योपुर ने मा.मुख्यमंत्री जी की घोषणा के क्रियान्वयन हेतु उक्त भूमि को स्टेडियम निर्माण हेतु आवंटित कर आवंटित भूमि पर ही स्टेडियम निर्माण कराना उचित होगा ये जानकारी विभागीय संचालक को दी थी? (ग) यदि हाँ, तो उक्त घोषणा के क्रियान्वयन हेतु उक्त भूमि में आवश्यकतानुसार पर्याप्त मिट्टी का भराव कराने हेतु पृथक से प्रस्ताव तैयार कराकर इसे स्वीकृत कर स्वीकृत राशि से अथवा जिले की मनरेगा मद से राशि स्वीकृत कर उक्त भूमि को स्टेडियम निर्माण हेतु उपयुक्त बनाने उपरांत इस पर स्टेडियम का निर्माण कराने के निर्देश क्या शासन विभाग/कलेक्टर श्योपुर को जारी करेगा? यदि नहीं, तो क्यों?
खेल और युवा कल्याण मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) जी हाँ। (ख) जी हाँ। कलेक्टर द्वारा सचांलक को तद्नुसार जानकारी दी है। (ग) जी नहीं। उक्त घोषणा के क्रियान्वयन हेतु पर्याप्त मिट्टी भराव में व्यय अधिक आने के कारण उसी भूमि पर स्टेडियम निर्माण संभव नहीं है। अत: संचालक खेल एवं युवा कल्याण द्वारा पुन: कलेक्टर, श्योपुर को स्टेडियम निर्माण हेतु बड़ोदा शहर अथवा शहर से 2 किलो मीटर की परीधि में 5-7 एकड़ भूमि चिन्हित कर खेल विभाग को उपलब्ध कराने हेतु निर्देशित किया है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
स्वीकृत खदानों में सीमांकन व जाँच
[खनिज साधन]
22. ( क्र. 520 ) श्री आर.डी. प्रजापति : क्या खनिज साधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या छतरपुर जिले की चंदला विधानसभा क्षेत्र की स्वीकृत खदानों के सीमांकन हेतु व बालू/रेत से संबंधित अन्य समस्याओं हेतु, स्वीकृत दिनांक से प्रश्न दिनांक तक जनप्रतिनिधियों एवं जनता द्वारा कितने शिकायती आवेदन दिये गये है दिनांकवार, नामवार, सूची उपलब्ध करावें? (ख) क्या स्वीकृति खदानों को शुरू करने से पहले सीमांकन कराकर वहां, मुनारे एवं तार बाड़ लगाने का प्रावधान है, यदि हाँ, तो किन-किन खदानों का कब-कब सीमांकन करवाया गया? दिनांकवार, स्थानवार, फर्म मालिकवार सूची उपलब्ध करावें? (ग) प्रश्नांश (ख) के अनुसार अभी /वर्तमान तक क्या कार्यवाही की गयी यदि नहीं, तो कब तक की जावेगी एवं किन-किन अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा उक्त कार्यवाही की गयी? नामवार सूची सहित उपलब्ध करावें? (घ) यदि कार्यवाही नहीं की गयी तो संबंधित अधिकारियों के विरूद्ध कार्यवाही कब तक की जावेगी?
खनिज साधन मंत्री ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) प्रश्नानुसार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'अ' पर दर्शित है। (ख) जी हाँ। मध्यप्रदेश गौण खनिज नियम, 1996 में स्वीकृत क्षेत्र पर सीमास्तंभ लगाये जाने का प्रावधान है। प्रश्न की शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब पर दर्शित है। (ग) प्रश्नांश (ख) में दिये उत्तर अनुसार सीमांकन की कार्यवाही हो चुकी है। शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब पर दर्शाई गई है। (घ) प्रश्नांश (ग) में दिये उत्तर के प्रकाश में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
बंजारी नदी घाट के पंचनामा में कार्यवाही
[खनिज साधन]
23. ( क्र. 521 ) श्री आर.डी. प्रजापति : क्या खनिज साधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या छतरपुर जिले की चंदला विधानसभा क्षेत्र की चंदला तहसील अंतर्गत दिनांक 20/04/17 को केन नदी के बंजारी घाट में थाना प्रभारी श्री कमलेश साहू, तहसीलदार श्री राकेश शुक्ला, आर.आई. चंदला तथा जनप्रतिनिधियों व ग्रामवासियों की उपस्थिति में तीन लिफ्टर पकड़े गये थे? (ख) यदि हाँ, तो उक्त जप्त लिफ्टरों को पन्ना जिले के अधिकारियों व खदान संचालकों को क्या सौंपा गया है? यदि हाँ, तो क्यों? क्या छतरपुर जिले की सीमा के अंतर्गत होने के बाद भी पन्ना जिले के कार्यवाही हेतु क्यों सौंपा गया? (ग) क्या छतरपुर जिले की चंदला तहसील अंतर्गत बालू/रेत का अवैध उत्खनन करते जप्त किये गये थे वर्तमान में उक्त लिफ्टर कहाँ रखे गये हैं तथा उन पर क्या कार्यवाही की गयी है कार्यवाही की सत्यप्रतिलिपि उपलब्ध करावें? (घ) यदि नहीं, तो संबंधित अधिकारियों के विरूद्ध क्या कार्यवाही की गयी? यदि नहीं, तो कब तक की जावेगी?
खनिज साधन मंत्री ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जी नहीं। दिनांक 20.04.2017 को जाँच के दौरान बंजारी घाट से लगे हुए पन्ना जिले के उदयपुरा एवं बरकोला खदान में 03 लिफ्टर लावारिस पकड़े जाकर जप्त किये गये थे। (ख) ग्राम उदयपुरा जिला पन्ना में जप्त 02 लिफ्टर श्री शुभम सिंह एवं ग्राम बरकोला जिला पन्ना में जप्त 01 लिफ्टर मशीन श्री गौरव मिश्रा को सुपुर्दगी में दिया गया है। उक्त तीनों लिफ्टर पन्ना जिले में जप्त होने के कारण कार्यवाही हेतु कलेक्टर, पन्ना को प्रेषित किया गया है। अत: शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी नहीं। प्रश्नांश की जानकारी प्रश्नांश (ख) के उत्तर में दी गई है। (घ) प्रश्नांश (क) एवं (ख) में दिये गये उत्तर अनुसार कार्यवाही की गई है। अत: शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व नेशनल पार्क में पदस्थ क्षेत्र संचालक की विभागीय जाँच
[वन]
24. ( क्र. 569 ) श्री दिव्यराज सिंह : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व नेशनल पार्क में वर्तमान में पदस्थ क्षेत्र संचालक मृदुल पाठक की प्रथम नियुक्ति किस पद पर और कहाँ प्रदान की गई थी वर्तमान क्षेत्र संचालक मृदुल पाठक की नियुक्ति से वर्तमान तक की सेवा अवधि में कितनी विभागीय जांचें संस्थित की गई हैं? (ख) क्या पिछले कुछ महीनों में बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व नेशनल पार्क के कूप्रबंधन के विरोध में हड़ताल एवं धरना प्रदर्शन किये गए हैं? यदि हाँ, तो क्या कारण हैं अभी तक की गई शिकायतों पर कोई ठोस कार्यवाही क्यों नहीं की गई? क्या राज्य शासन के द्वारा कूप्रबंधन को सुधारने की दिशा में संबंधित अधिकारियों/कर्मचारियों को अन्यत्र स्थानांतरित किये जाने की कार्यवाही प्रचलन में है अथवा नहीं? यदि नहीं, तो उक्त संबंध में कब तक कार्यवाही सुनिश्चित की जावेगी?
वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) श्री मृदुल पाठक की प्रथम नियुक्ति सीधी भर्ती से सहायक वन संरक्षक के पद पर मध्यप्रदेश में की जाकर उन्हें प्रशिक्षण हेतु देहरादून भेजा गया। श्री मृदुल पाठक की नियुक्ति से वर्तमान तक सेवा अवधि में कोई विभागीय जाँच संस्थित नहीं की गई। (ख) माह जनवरी, २०१८ में बांधवगढ़ टाईगर रिजर्व में कार्यरत गाइड यूनियन के द्वारा हड़ताल, आमरण अनशन एवं धरना प्रदर्शन किया गया था। उक्त के संबंध में प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) के पत्र क्रमांक ६१२ दिनांक २३-०१-१८ एवं पृष्ठांकन पत्र क्रमांक १४८० दिनांक २६-०२-१८ से क्षेत्र संचालक, बांधवगढ़ टाईगर रिजर्व से प्रकरण में अभिमत/प्रतिवेदन चाहा गया था। क्षेत्र संचालक से अभिमत प्राप्त होने पर गाइड यूनियन की मांगों पर शासन के प्रचलित नियम/निर्देश के तहत आवश्यक कार्यवाही की जावेगी। बांधवगढ़ टाईगर रिजर्व के अधिकारियों/ कर्मचारियों के विरूद्ध कुप्रबंधन संबंधी गंभीर शिकायत लंबित नहीं होने के कारण उन्हें अन्यत्र स्थानांतरित किये जाने की कार्यवाही प्रचलन में नहीं है।
नगर सनावद के राज मंदिर के स्वामित्व की भूमि में सामुदायिक भवन की स्वीकृति
[धार्मिक न्यास और धर्मस्व]
25. ( क्र. 705 ) श्री हितेन्द्र सिंह ध्यान सिंह सोलंकी : क्या खेल और युवा कल्याण मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या नगर सनावद के राज मंदिर काफी प्राचीन मंदिर होने से तथा यह मंदिर धर्मस्व विभाग की सूची में शामिल हैं, यदि हाँ, तो इस मंदिर की भूमि (कलेक्टर, खरगोन व्यवस्थापक है) पर धार्मिक कार्यक्रम होने से सामुदायिक भवन की मांग की गई है? (ख) क्या सामुदायिक भवन की 10,00,000 लाख के प्राक्कलन वरिष्ठ को प्रेषित करना बताया है, यदि हाँ, तो प्रस्तुत प्राक्कलन अनुसार राशि कब तक स्वीकृत हो जावेगी? (ग) क्या प्रश्नकर्ता द्वारा प्रश्नांश (क) के अनुसार प्रस्ताव की स्वीकृति हेतु कब कब पत्र जारी किए गए हैं? विभाग द्वारा प्राप्त पत्रों पर क्या कार्यवाही की गई है? (घ) प्रश्नांश (क) के प्रस्ताव अनुसार सामुदायिक भवन की स्वीकृति कब तक हो जावेगी?
खेल और युवा कल्याण मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) जी हाँ। कलेक्टर जिला खरगोन से प्राप्त जानकारी अनुसार सामुदायिक भवन की मांग की गई है। (ख) कार्यालय कलेक्टर के कार्यालयीन पत्र क्रमांक 210/धर्मस्व/2017 दिनांक 22/2/2017 द्वारा रूपये 10.00 लाख के प्रस्ताव वरिष्ठ कार्यालय को स्वीकृति हेतु प्रेषित किये गये है। विभाग में प्रस्ताव प्राप्त होने पर आवश्यक कार्यवाही की जायेगी। (ग) पत्र क्रमांक 625 दिनांक 6/11/2016, पत्र क्रमांक 897 दिनांक 20/4/2017 एवं पत्र क्रमांक निल दिनांक 16/10/2017 प्रश्नकर्ता द्वारा जारी किये गये थे, जिसके पालन में राज मंदिर के स्वामित्व वाली भूमि में सामुदायिक भवन निर्माण हेतु रूपये 10.00 लाख के प्रस्ताव कार्यालय कलेक्टर द्वारा उनके वरिष्ठ कार्यालय को स्वीकृति हेतु भेजे गये है। विभाग में प्रस्ताव प्राप्त होने पर आवश्यक कार्यवाही की जायेगी। (घ) शासन संधारित मंदिर पर सामुदायिक भवन निर्माण कराने हेतु प्रस्ताव कलेक्टर/संभागायुक्त के माध्यम से विभाग में प्राप्त होने पर आवश्यकतानुसार उपलब्ध बजट के आधार पर राशि स्वीकृत की जायेगी। निश्चित समय-सीमा दी जाना संभव नहीं है।
प्रदेश में मेट्रो रेल परियोजना की प्रगति
[नगरीय विकास एवं आवास]
26. ( क्र. 766 ) श्री अजय सिंह : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) मध्यप्रदेश में किस किस जिलों में मेट्रो रेल के लिये कब-कब, क्या-क्या योजनायें बनी? इन योजनाओं के क्रियान्वयन के लिये राज्य शासन के किस-किस विभाग द्वारा कब-कब केन्द्र सरकार/भारतीय रेल/अन्य संबंधित विभाग से पत्र व्यवहार किया गया? म.प्र. सरकार के विभागों द्वारा किये गये पत्र व्यवहारों की एक एक प्रति उपलब्ध करायें? (ख) क्या मेट्रो रेल प्रोजक्ट के लिये डीटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डी.पी.आर.)/या अन्य कोई सर्वे म.प्र. सरकार के द्वारा प्रदेश के लिये कराया गया है? अगर हाँ तो कहाँ-कहाँ के लिये? कितनी राशि प्रश्नतिथि तक शासन के किस-किस विभाग ने मध्यप्रदेश में मेट्रो रेल लाने व्यय किये हैं? (ग) म.प्र. के भोपाल/इंदौर/ग्वालियर/जबलपुर में बढ़ती जनसंख्या और अव्यवस्थित रोड यातायात को देखते हुये इन शहरों के लिये मेट्रो रेल प्रोजेक्ट के लिये क्या कोई योजना बनी? अगर हाँ तो जिलेवार बनी योजना की एक प्रति उपलब्ध कराते हुये बताये कि प्रश्नतिथि तक उक्त योजनाओं की जिलवार क्या स्थिति है? (घ) प्रदेश में किस जिले में कितनी लागत से कितनी किलोमीटर लंबी, किस स्थान से किस स्थान तक जाने वाली मेट्रो रेल के लिय 01.04.2014 से प्रश्नतिथि तक राज्य शासन ने कितनी राशि आरक्षित (आवंटित) कर दी है? परियोजना को कब शुरू कर कब तक कितनी राशि व्यय कर समाप्त करने की योजना है? बिन्दुवार पूर्ण विवरण दें?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) भोपाल एवं इंदौर शहरों के मेट्रोपालिटन क्षेत्र में मेट्रो रेल परियोजनाओं के क्रियान्वयन की योजनाएं बनाई गई हैं। मध्यप्रदेश शासन के नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा वर्ष 2009 से आज दिनांक तक केन्द्र सरकार/भारतीय रेल एवं अन्य विभागों से किए गए पत्र व्यवहारों की एक-एक प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ‘'अ'' अनुसार है। (ख) जी हाँ, भोपाल एवं इंदौर शहरों के लिए प्री- फिजीविलिटी स्टडी कराई गई है एवं डीटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डी.पी.आर.) बनायी गई है। जबलपुर एवं ग्वालियर शहरों के लिए प्री-फिजीविलिटी स्टडी कराई जा रही है। इस संबंध में इस विभाग द्वारा शहरवार प्री-फिजीविलिटी स्टडी तथा डी.पी.आर. पर व्यय राशि की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ‘'ब'' अनुसार है। (ग) मध्यप्रदेश के भोपाल एवं इंदौर शहरों में मेट्रो रेल परियोजना के क्रियान्वयन हेतु डी.पी.आर. का अनुमोदन राज्य शासन द्वारा प्रदाय किया गया तथा उभय शहरों की डी.पी.आर. भारत सरकार के अनुमोदन हेतु प्रेषित की गई है। राज्य शासन के आदेश की एक प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ‘'स'' अनुसार है। अद्यतन भोपाल एवं इंदौर शहरों में मेट्रो रेल परियोजना हेतु प्री-फिजीविलिटीस्टडी कराई गई, डी.पी.आर. बनायी गयी एवं जनरल कंसलटेंट की नियुक्ति की जा चुकी है। जबलपुर एवं ग्वालियर शहरों के लिए प्री-फिजीविलिटी स्टडी कराई जा रही है। (घ) भोपाल एवं इंदौर शहरों में मेट्रो परियोजना क्रियान्वयन के प्रस्तावित प्रथम चरण हेतु योजना प्रारंभ एवं समाप्ति तथा व्यय के संबंध में जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ‘'द'' अनुसार है।
शासकीय मंदिरों का जीर्णोद्धार एवं मरम्मत
[धार्मिक न्यास और धर्मस्व]
27. ( क्र. 983 ) श्री अरूण भीमावद : क्या खेल और युवा कल्याण मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) शासन संधारित मंदिरों के जीर्णोद्धार एवं मरम्मत कार्य करने के संबंध में शासन के क्या निर्देश है? (ख) क्या कलेक्टर शाजापुर को 1. गोप चौहान मंदिर-छापीहेड़ा 2. श्रीराम मंदिर एवं देवनारायण मंदिर-बाहीहेड़ा 3. बैद्यनाथ महादेव मंदिर एवं श्रीराम मंदिर-दुवाड़ा 4. श्री राम मंदिर पिपलिया नौलाय 5. देवधर्मराज मंदिर निपानिया डाबी के मंदिरों का जीर्णोद्धार एवं मरम्मत के प्रस्ताव प्रस्तुत किये गये हैं? (ग) यदि हाँ, तो उक्त मंदिरों के प्रस्ताव क्या तहसील, अनुविभागीय अधिकारी, कलेक्टर या संभागायुक्त उज्जैन में लंबित है? (घ) यदि हाँ, तो उक्त मंदिरों के जीर्णोद्धार एवं मरम्मत हेतु शासन द्वारा कार्यवाही पूर्ण होकर राशि स्वीकृत होगी?
खेल और युवा कल्याण मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) शासन संधारित मंदिर के जीर्णोद्धार के लिये प्रस्ताव कलेक्टर/ आयुक्त से प्राप्त होने पर निर्णय लिया जाता है। (ख) प्रश्नांश (ख) में उल्लेखित मंदिरों में से श्रीराम मंदिर पिपल्या नोलाय का प्रस्ताव कलेक्टर कार्यालय को अप्राप्त है। शेष संबंधित जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) १. श्रीराम मंदिर (देवनारायण मंदिर के पास) बाईहेड़ा के जीर्णोद्धार हेतु राशि रूपये 12.67 लाख। २. श्री देवधर्मराज मंदिर निपानिया डाबी के जीर्णोद्धार हेतु राशि रूपये 05.00 लाख के प्रस्ताव आयुक्त द्वारा शासन को प्राप्त हुये। ३. गोपचौहान मंदिर छापीहेड़ा का प्रस्ताव अपूर्ण होने के कारण कलेक्टर कार्यालयीन पत्र क्रमांक 527 दिनांक 03.01.18 से अनुविभागीय अधिकारी शाजापुर को भेजा गया है। ४. श्रीराम मंदिर दुपाढ़ा के जीर्णोद्धार हेतु 05.00 लाख रूपये विभाग द्वारा 16.09.2013 को स्वीकृत किये गये थे, जिसे क्रियान्वयन एजेन्सी ग्रामीण यांत्रिकी सेवा द्वारा पूर्ण कर लिया गया है। कलेक्टर कार्यालय अभिलेख अनुसार श्रीराम मंदिर पीपल्या नोलाय का प्रस्ताव कलेक्टर कार्यालय को अप्राप्त है। (घ) बजट उपलब्ध होने पर स्वीकृति की जावेगी, समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
खेल प्रशिक्षक बास्केटवॉल (संविदा) की नियुक्ति
[खेल और युवा कल्याण]
28. ( क्र. 1114 ) श्रीमती ममता मीना : क्या खेल और युवा कल्याण मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या खेल एवं युवा कल्याण संचालनालय भोपाल द्वारा रोजगार और निर्माण दिनांक 27.02.2006 से 05.03.2006 में संविदा खेल प्रशिक्षकों की नियुक्ति हेतु विज्ञप्ति अनुसार गुना जिले में कितने आवेदन प्राप्त हुऐ? (ख) क्या प्रश्नांश (क) में वर्णित विज्ञप्ति के बिन्दु क्रमांक 5 (1) अनुसार चयन समिति का गठन किया गया? क्या चयन समिति द्वारा मेरिट सूची का प्रकाशन किन-किन समाचार पत्रों में कराया गया? क्या विज्ञप्ति में बिन्दु क्रमांक 12 में जारी स्पष्टीकरण के बिन्दु (घ) प्रथम बार योग्यता सूची के अंक बराबर होने की दशा में अंतिम चयन में प्राथमिकता अधिक आयु वाले अभ्यर्थी को दी जावेगी, का पालन किया गया? (ग) क्या मेरिट सूची में अभ्यर्थी श्री दुर्गेश सक्सेना, विकासनगर गुना की आयु 29 वर्ष 08 माह एवं श्री प्रेमनेति राय, जबलपुर की आयु 33 वर्ष 06 माह होने के बावजूद दोनों अभ्यर्थियों के समान अंक 200 होने के उपरांत भी श्री दुर्गेश सक्सेना को मेरिट सूची में प्रथम तथा श्री प्रेमनेति राय को द्वितीय स्थान दिया गया है? क्या चयन समिति द्वारा स्पष्टीकरण बिन्दु क्रमांक (घ) का उल्लंघन किये जाने के कारण त्रुटिपूर्ण मेरिट लिस्ट तैयार कर श्री सक्सैना को अनुचित लाभ पहुंचाया गया? (घ) प्रश्नांश (ख) एवं (ग) में वर्णित तथ्यों का स्पष्ट रूप से उल्लंघन होने से क्या जिला खेल एवं युवक कल्याण अधिकारी गुना के आदेश दिनांक 01.04.2006 द्वारा नियुक्त श्री सक्सेना की कब तक सेवा समाप्त की जावेगी?
खेल और युवा कल्याण मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) नियुक्ति की कार्यवाही कलेक्टर की अध्यक्षता में गठित समिति द्वारा की गयी थी। तथ्यात्मक प्रतिवेदन/जानकारी चाही गई है, प्राप्त होते ही जानकारी दी जाएगी। (ख), (ग) उत्तरांश (क) अनुसार। (घ) उत्तरांश (क) में उल्लेखित तथ्यात्मक प्रतिवेदन प्राप्त होने पर उसके गुण-दोष के आधार पर निर्णय लिया जाएगा। निश्चित समयावधि दी जाना संभव नहीं है।
वृक्षों की अंधाधुंध कटाई रोकने हेतु नियमों में संशोधन
[वन]
29. ( क्र. 1134 ) श्री दिलीप सिंह शेखावत : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या वर्तमान में मध्यप्रदेश सरकार के द्वारा किसानों को लगभग 56 प्रकार की प्रजातियों के वृक्षों को काटने की अनुमति दे रखी है? जिसमें पीपल एवं बरगद जैसे महत्वपूर्ण धार्मिक आस्था के वृक्ष भी हैं जिन पर पक्षी अपना घोंसला बनाकर रहते हैं? क्या इस नियम का किसानों को लालच देकर गलत फायदा उठाकर लकड़ी माफियाओं के द्वारा अंधाधुंध वृक्षों की कटाई की जा रही है जिससे आने वाले समय में म.प्र. वृक्षों के मामले में डेन्जर जोन बन जावेगा? (ख) यदि हाँ, तो इन वृक्षों की कटाई रोकने के लिये शासन के द्वारा क्या नियमों में संशोधन करने पर विचार किया जा रहा है? अगर क्यों तो क्यो? कोई नई नीति बनाई जा रही है? अथवा बनाई जावेगी।
वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) एवं (ख) जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
मण्डला जिले की नारायणगंज विकासखण्ड में संचालित स्वच्छ भारत अभियान
[पंचायत और ग्रामीण विकास]
30. ( क्र. 1143 ) श्री रामप्यारे कुलस्ते : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मंडला जिले के नारायणगंज विकासखण्ड में संचालित स्वच्छ भारत अभियान कार्यक्रम में, प्रारंभ से लेकर अभी तक, कितनी प्रगति आई है तथा इस विकासखण्ड में कितने ग्राम पंचायतें हैं जिसमें स्वच्छता अभियान के तहत उन पंचायतों का ओ.डी.एफ. कर लिया गया हैं? (ख) इस अभियान के तहत शौचालय निर्माण का कार्य हितग्राही मूलक मानकर खातों में शासन की सहयोग राशि देने का काम किया गया है? यदि हाँ, तो कौन कौन सी पंचायतें हैं तथा कितनी ऐसी पंचायतों हैं जिनमें ठेकेदारों के द्वारा शौचालय निर्माण कार्य किया गया है? ठेकेदारों के द्वारा राशि आहरण कर कार्य नहीं करने के क्या कारण हैं? उन ठेकेदारों से कार्य पूर्ण कराने की कोई योजना है, क्या? यदि ठेकेदारों द्वारा कार्य नहीं किया गया है तो उनसे राशि वापस लेने की काई योजना है या फिर इनके खिलाफ कोई कार्यवाही करने की योजना है? (ग) क्या ओ.डी.एफ. प्रमाण लेने की होड़ में ठेकेदारों द्वारा गुणवत्ता हीन कार्य किया गया है? यदि हाँ, तो इनके खिलाफ कब तक कार्यवाही होगी?
पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) मण्डला जिले के विकासखण्ड नारायंणगंज में प्रश्नांकित अवधि में स्वच्छ भारत अभियान अंतर्गत 15550 व्यक्तिगत पारिवारिक शौचालयों की प्रगति आई है तथा विकासखण्ड नारायंणगंज में 04 ग्राम पंचायतें ओ.डी.एफ. कर लिया गया है। (ख) जी हाँ। ग्राम पंचायतों में एफ.टी.ओ. प्रणाली द्वारा नोडल बैंक खाते से सीधे हितग्राहियों के खातों में शौचालय निर्माण की प्रोत्साहन राशि प्रदाय की गई है। ग्राम पंचायतों द्वारा किये गये शौचालय निर्माण की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। ग्राम पंचायतों में शौचालय निर्माण का कार्य ठेकेदारों द्वारा नहीं कराया गया है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) उत्तरांश (ख) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
कर्मचारियों का संलग्नीकरण समाप्त करने संबंधी निर्देशों का पालन
[पंचायत और ग्रामीण विकास]
31. ( क्र. 1170 ) श्री कालुसिंह ठाकुर : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला पंचायत धार में वर्ष 2016 एवं वर्ष 2017 में कितने कर्मचारी अन्य विभागों के संलग्न थे? उनमे से कितने कर्मचारियों का संलग्नीकरण समाप्त किया जाकर शासन के किन आदेशों के तहत किस दिनांक को उनके मूल विभाग हेतु कार्यमुक्त किया गया है तथा कार्यालय की स्थापना शाखा एवं पंचायत सेल शाखा आदि के कर्मचारियों व मैदानी कर्मचारी को किसके आदेश से कार्यमुक्त नहीं किया गया हैं? (ख) क्या शासन से उक्त कर्मचारियों को जिला पंचायत में संलग्न रखने की अनुमति ली गई है? यदि नहीं, तो उक्त संलग्न कर्मचारियों को कब तक उनके मूल विभाग व पद पर कार्य करने हेतु कार्यमुक्त कर दिया जावेगा?
पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जिला पंचायत धार में वर्ष 2016/2017 में लिपिक वर्ग के 11 एवं चतुर्थ श्रेणी के 09 कर्मचारी संबंधित विभाग की सहमति से रिडिप्लायमेंट है। अपर मुख्य सचिव, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग दिनांक 20.07.2017 को आयोजित विडियो कान्फ्रेंस में दिये निर्देषों के अनुक्रम में जिला पंचायत धार के कार्यालयीन आदेश क्रमांक 2117 से 2123 दिनांक 20.07.2017 एवं क्रमांक 2351 दिनांक 25.07.2017 द्वारा 07 लिपिक वर्ग कर्मचारी एवं 03 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की सेवायें मूल विभाग को वापस सौंपी गयी। जिला पंचायत धार में लिपिकों के लगभग 2 तिहाई पद रिक्त होने एवं नियमित अधिकारियो के 14 पद रिक्त होने से प्रशासकीय कार्य सुविधा की दृष्टि से शेष कर्मचारियों को कार्यमुक्त नहीं किया गया। (ख) कर्मचारियों की सेवाऐं रिडिप्लायमेंट करने हेतु जिला कलेक्टर अधिकृत है, शासन की अनुमति की आवश्यक नहीं है। अतः शेष प्रश्न उद्भूत नहीं होता है।
शिकायत की जाँच करना
[नगरीय विकास एवं आवास]
32. ( क्र. 1171 ) श्री कालुसिंह ठाकुर : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) प्रश्नकर्ता द्वारा अतारांकित प्रश्न क्रमांक 128 दिनांक 30.11.2017 के प्रति उत्तर में जाँच उपरांत दोषियों के विरूद्ध नियमानुसार कार्यवाही की जावेगी बताया गया था तो क्या अब तीन-चार माह पश्चात भी जाँच कार्य पूर्ण हो गयी है, अथवा नहीं? (ख) यदि हाँ, तो जाँच में क्या वस्तुस्थिति पाई गई तथा संबंधित दोषियों के विरूद्ध क्या कार्यवाही की गई एवं मजदूरों की लंबित मजदूरी का भुगतान कर दिया गया अथवा नहीं? (ग) यदि नहीं, तो कब तक कर दिया जावेगा?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) उल्लेखित प्रश्न क्रमांक 128 अतारांकित में दिये गये उत्तर के अनुक्रम में वर्तमान तक जाँच की कार्यवाही पूर्ण नहीं हुई है। (ख) उत्तरांश 'क' के परिप्रेक्ष्य में कलेक्टर, जिला-धार द्वारा गठित जाँच समिति द्वारा जाँच की कार्यवाही प्रचलित है। जाचं उपरान्त यथास्थिति कार्यवाही संभव हो सकेगी। (ग) उत्तरांश 'क' एवं 'ख' के परिप्रेक्ष्य में समय-सीमा बताना संभव नहीं है।
मध्यप्रदेश डे राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के कार्यों की जानकारी
[पंचायत और ग्रामीण विकास]
33. ( क्र. 1212 ) श्री संजय शर्मा : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्यप्रदेश शासन द्वारा नरसिंहपुर जिले में म.प्र. डे-राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन को वर्ष 2014-15 से प्रश्न दिनांक तक कराये गये कार्यों पर वर्षवार कितनी राशि प्रदान की गई? जानकारी देवें? (ख) मध्यप्रदेश डे-राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन जिला नरसिंहपुर द्वारा नरसिंहपुर जिले में वर्ष 2014-15 से प्रश्न दिनांक तक कौन-कौन से स्थानों पर कौन-कौन से कार्यों हेतु कितनी-कितनी राशि वर्षवार खर्च की गई? (ग) तेंदूखेड़ा विधानसभा क्षेत्र के अन्तर्गत मध्यप्रदेश डे-राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन द्वारा वर्ष 2014-15 से प्रश्न दिनांक तक कितने हितग्राही लाभान्वित हुये वर्षवार जानकारी देवें?
पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जिले में आजीविका मिशन वर्ष 2015-16 में प्रारंभ हुआ। जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-अ पर है। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-ब पर है। (ग) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-स पर है।
युवाओं को स्वरोजगार उपलब्ध कराने संचालित योजनाएं
[सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम]
34. ( क्र. 1213 ) श्री संजय शर्मा : क्या राज्यमंत्री, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सूक्ष्म,लघु ओर मध्यम उद्यम विभाग अन्तर्गत केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित (१) प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (२) मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना (३) मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना (4) मुख्यमंत्री आर्थिक कल्याण योजना में तेंदूखेड़ा विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत वर्ष २०१४-१५ से प्रश्न दिनांक तक कितने आवेदन प्राप्त हुये? (ख) प्रश्नांश (क) के अनुसार, कितने हितग्राहियों को किन-किन योजनाओं के अंतर्गत कितना ऋण वितरित किया गया? हितग्राहियों की संख्यात्मक जानकारी उपलब्ध करायें। (ग) प्रश्नांश (क) के अनुसार वर्तमान में कौन-कौन सी योजनाओं के कितने-कितने प्रकरण किन-किन बैंकों में लम्बित हैं? इनका निराकरण कब तक कर दिया जावेगा? लम्बित प्रकरणों की बैंकवार जानकारी उपलब्ध करायें।
राज्यमंत्री, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम ( श्री संजय पाठक ) : (क) सूक्ष्म,लघु और मध्यम उद्यम विभाग अन्तर्गत जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र द्वारा केन्द्र सरकार की प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम योजना एवं राज्य शासन की मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना एवं मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना संचालित की जाती है। इन योजनाओं में तेंदुखेड़ा विधानसभा क्षेत्र के अन्तर्गत 2014-15 से प्रश्न दिनांक तक कुल 312 आवेदन प्राप्त हुए हैं। (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में कुल 117 हितग्राहियों को ऋण वितरण किया गया है। (ग) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में योजनावार बैंकों में लंबित प्रकरणों की जानकारी संलग्न परिशिष्ट-अनुसार है तथा लक्ष्य अनुसार प्रकरणों का निराकरण किया जाता है।
प्रयोगशाला परिचारकों की जानकारी
[उच्च शिक्षा]
35. ( क्र. 1302 ) श्री कुंवर सिंह टेकाम : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्यप्रदेश के शासकीय महाविद्यालयों में प्रयोगशाला परिचारकों की नियुक्ति/पदोन्नति हेतु क्या नियम/निर्देश हैं? प्रति उपलब्ध करायें? (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में सीधी जिले के विभिन्न शासकीय महाविद्यालयों में कितने प्रयोगशाला परिचारक कार्यरत हैं? (ग) प्रश्नांश (ख) के संदर्भ में शासकीय महाविद्यालयों में कार्यरत प्रयोगशाला परिचारकों की पदोन्नति कब से नहीं की गयी है? कारण सहित जानकारी देवें। कार्यरत प्रयोगशाला परिचारकों की पदोन्नति की कार्यवाही कब तक पूर्ण कर ली जावेगी? (घ) मध्यप्रदेश शासन उच्च शिक्षा विभाग का अधिसूचना क्रमांक/2304/0262/38-2/91 भोपाल दिनांक 19.08.1991 विलोपित/संशोधित कर दिया गया है? यदि हाँ, तो संशोधन उपरांत जारी अधिसूचना की प्रति उपलब्ध कराये।
उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री जयभान सिंह पवैया ) : (क) शासकीय महाविद्यालयों में प्रयोगशाला परिचारकों की नियुक्ति/पदोन्नति नियम/निर्देश की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'अ' अनुसार है। (ख) सीधी जिले के विभिन्न शासकीय महाविद्यालयों में 19 प्रयोगशाला परिचारक कार्यरत है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'ब' अनुसार है। (ग) माननीय सर्वोच्च न्यायालय में पदोन्नति में आरक्षण से संबंधित प्रकरण विचाराधीन होने से उक्त न्यायालय के निर्णय तक पदोन्नति वर्तमान में किये जाने में कठिनाई है, समय-सीमा बताई जाना संभव नहीं है। (घ) अधिसूचना की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र "स" अनुसार है।
राशि का समय पर जारी न करने वालों पर कार्यवाही
[पंचायत और ग्रामीण विकास]
36. ( क्र. 1315 ) श्री सुन्दरलाल तिवारी : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या मध्यप्रदेश उपकर अधिनियम 1981 के कण्डिका 9 अनुसार खाली भूमियों एवं कृषि के उद्देश्य बाबत् उपयोग की गयी भूमियों के विक्रय, दान, भोगबंधक या 30 वर्ष या अधिक कालावधि के लिए पट्टाधारकों पर स्टॉम शुल्क का 5 प्रतिशत दर से उपकर प्रभारित उद्ग्रहित एवं संदत्त किये जाने का प्रावधान है? (ख) यदि हाँ, तो प्राप्त राशि का उपयोग ग्रामीण विकास एवं ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार उपलब्ध कराने हेतु उपयोग किया जावेगा का प्रावधान निहित है? (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के संदर्भ में क्या वर्ष 2011-12 से वर्ष 2015-16 के दौरान रूपये 367.09 करोड़ एकत्रित करे गये जिसमें रूपये 241.56 करोड़ ही उपयोग हेतु जारी किये गये, जिसमें से रूपये 125.53 करोड़ अप्रयुक्त पड़े रहे, उपयोग हेतु जारी किये गये रूपये 241.56 करोड़ में से रूपये 3.83 करोड़ अप्रयुक्त पड़े हुये थे? यदि हाँ, तो क्यों? (घ) प्रश्नांश (क) एवं (ख) अनुसार प्रश्नांश (ग) के प्राप्त राशि का रीवा संभाग में कब-कब कितना-कितना आवंटन राशि का प्रदान किया गया एवं उसका उपयोग कब-कब, किन-किन कार्यों हेतु किया गया का विवरण प्रश्नांश (ग) की अवधि से प्रश्नांश दिनांक तक का देवें? (ड.) प्रश्नांश (क) एवं (ख) अनुसार प्रश्नांश (ग) एवं (घ) की प्राप्त उपकर की राशि का उपयोग बेरोजगारों को रोजगार देने एवं ग्रामीण विकास के कार्यों में खर्च नहीं किये गये इस के लिए जिम्मेवारों की पहचान कर उन पर क्या कार्यवाही करेंगे बतावें अगर नहीं तो क्यों?
पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ। दिनांक 23.08.2014 के पूर्व उपकर 5 प्रतिशत की दर से प्रभार्य होता था। दिनांक 23.08.2014 से यह दर घटाकर 2.5 प्रतिशत की गई। दिनांक 01.04.2016 से यह 10 प्रतिशत की जा चुकी हैं। (ख) जी हाँ। (ग) जी हाँ वर्ष 2011-12 से वर्ष 2015-16 के दौरान 367.09 करोड़ उपकर के रूप में उद्ग्रहित हुए है। जी नहीं। प्राप्त राशि का उपयोग विभाग की पंच परमेश्वर योजना, पंचायत भवन निर्माण, ई-कक्ष निर्माण, हाट बाजार निर्माण तथा आंगनवाड़ी भवनों के निर्माण हेतु त्रिस्तरीय पंचायतों को राशि जारी की गयी हैं। (घ) पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' अनुसार आवंटन जारी किया गया हैं। विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''ब'' अनुसार हैं। (ड.) उपकर के अंतर्गत प्राप्त राशि ग्रामीण विकास के कार्यों में खर्च की गयी हैं। विकास कार्यों के अंतर्गत निर्माण कार्य संपादित होने के फलस्वरूप बेरोजगारों को अपरोक्ष रूप से रोजगार के अवसर उपलब्ध हुये हैं। शेषांश का प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता हैं।
निर्माण कार्यों की जाँच कराए जाना
[पंचायत और ग्रामीण विकास]
37. ( क्र. 1373 ) श्री यादवेन्द्र सिंह : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या सतना जिले के उचेहरा विकासखण्ड की ग्राम पंचायत पिपरोखर के ग्राम तुर्री में ग्राम कोष की राशि से पुलिया विस्तारीकरण का कार्य किया गया थी क्या कार्य हेतु राशि रूपये 2.73 लाख की प्रशासनिक स्वीकृति जारी की गई है। कार्य में मजदूरी रूपये 0.45 लाख एवं सामग्री रूपये 2.28 लाख व्यय किया जाना प्रावधानित है? अभी तक रूपये 39980/- मजदूरी में तथा रूपये 60860/- सामग्री में कुल रूपये 100840/- कार्य का भुगतान किया जा चुका है? यदि हाँ, तो आगे का कार्य अकारण क्यों रोक दिया गया है? किए गए कार्य में क्या पुरानी पुलिया में स्लैब डाला गया है? (ख) क्या ग्राम पिपरोखर में नाली निर्माण का कार्य मेघराज के घर से शिव मंदिर तक कार्य में गोपाल कोल जो लकवाग्रस्त हैं तथा चलने-फिरने में बिल्कुल असक्षम है? उस व्यक्ति को श्रमिक बताकर 14वां वित्त से पारिश्रमिक भुगतान किया गया है? (ग) क्या प्रश्नांश (ख) के परिप्रेक्ष्य में सचिव नत्थू सिंह द्वारा ग्राम पंचायत पिपरोखर में घटिया (निम्न स्तर) निर्माण कार्य बगैर कार्य प्रारंभ हुए सामग्री का भुगतान और शारीरिक दृष्टि से अक्षम व्यक्ति को मजदूरी का भुगतान करते हुए शासकीय धनराशि का खुलकर दुरूपयोग कर रहे हैं? (घ) प्रश्नांश (क), (ख), (ग) के परिप्रेक्ष्य में जाँच कराकर दोषियों के विरूद्ध कार्यवाही की जावेगी? यदि हाँ, तो कब तक?
पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ। जी नहीं, अभी तक रूपये 40080/- मजदूरी में तथा रूपये 60870/- सामग्री में कुल रूपये 100950/- का भुगतान किया जा चुका हैं। कार्य के दौरान विवाद उत्पन्न होने से कार्य रोक दिया गया था। जी हाँ, पुरानी पुलिया में कोई स्लैब नहीं था और ऊंचाई कम थी जो कि जीर्णशीर्ण हो चुकी थी। अतः विद्यमान दिवालों की ऊंचाई बढ़ाकर सी.सी. मार्ग के लेविल पर नया स्लैब डाला गया। (ख) जी नहीं। श्री गोपाल कोल के अक्षम न होने से शेष प्रश्न उत्पन्न नहीं होता। (ग) जी नहीं। कार्य पूर्णता पर हैं एवं संतोषप्रद हैं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। शेष उत्तरांश (ख) अनुसार। (घ) उत्तरांश (ख) एवं (ग) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
पंचायत और ग्रामीण विकास
[पंचायत और ग्रामीण विकास]
38. ( क्र. 1476 ) श्री नथनशाह कवरेती : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2012 में जी.आर.एस. की भर्ती मनरेगा के लिए की गई थी? यदि हाँ, तो नाम परिवर्तित कर सहायक सचिव कब कर दिया गया? आदेश की प्रति दें। क्या कलेक्टर रेट के अनुसार प्रतिवर्ष मानदेय बढ़ाया जाता है? यदि नहीं, तो क्यों? (ख) क्या मंत्रिमण्डल में दिये गये निर्णय में सहायक सचिव को नियमित करने का प्रावधान किया गया था? यदि हाँ, तो प्रश्न दिनांक तक कितने लोगों को नियमित किया गया है? यदि नहीं, तो कब तक किया जायेगा? (ग) क्या सहायक सचिव के साथ कोई अप्रिय घटना घटित हो जाती है तो इनके पारिवारिक सदस्य को अनुकम्पा नियुक्ति देने का प्रावधान है? यदि नहीं, तो क्यों?
पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ। विभाग के आदेश क्रमांक 932 दिनांक 06-07-2013 से सहायक सचिव नियुक्ति का प्रावधान किया गया है। आदेश की प्रति संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। जी नहीं, ग्राम रोजगार सहायक अंशकालिक संविदा पर निश्चित संविदा पारिश्रमिक पर नियुक्त है। अत: शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी नहीं वर्तमान नीति में इस प्रकार का प्रावधान नहीं है।
खुले में मांस का विक्रय
[नगरीय विकास एवं आवास]
39. ( क्र. 1521 ) श्री शंकर लाल तिवारी : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) सतना नगर पालिका निगम सीमा में किन-किन स्थानों पर खुले में मीट का विक्रय किया जा रहा है? क्या घनी आबादी में खुलेआम मीट बेचने से शाकाहारी जनता को परेशानी नहीं हो रही है? (ख) सतना शहर के बाहर मीट मार्केट का निर्माण होने के बाद भी शहर के भीतर जगह-जगह पर मीट बेचे जाने के लिए कौन-कौन अधिकारी/कर्मचारी दोषी है? (ग) शहर में खुले मीट विक्रय को रोकते हुए कब तक इसे नवनिर्मित मीट मार्केट में शिफ्ट कर दिया जायेगा? समय-सीमा भी दें। दोषियों पर भी कार्यवाही कर बतायें।
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) सतना शहर में भिन्न-भिन्न स्थानों पर जिनके द्वारा मीट बेचने का कार्य किया जा रहा है, की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है, जी नहीं। (ख) नगर पालिक निगम सतना द्वारा शहर के बाहर मीट मार्केट का निर्माण नहीं किया गया है, शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) नगर पालिक निगम सतना द्वारा शहर के मध्य भैंसाखाना में स्लाटर हाउस स्थित है वहीं पर मीट विक्रय का अनुमति बाजार है, शहर के बाहर मीट मार्केट निर्माण की योजना तैयार की जा रही है, योजना की स्वीकृति पश्चात निर्माण कार्य कराया जायेगा तदोपरांत मीट व्यवसायियों को मीट मार्केट में विस्थापित कर दिया जायेगा, समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है, शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
वॉटर शेड परियोजना का मूल्यांकन
[पंचायत और ग्रामीण विकास]
40. ( क्र. 1522 ) श्री शंकर लाल तिवारी : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या जिला पंचायत सतना द्वारा वॉटर शेड परियोजना मैहर वि.ख. अंतर्गत ग्राम पंचायत भरौली, कुसेडी, गोरईयां कला में चलाई गई थी? यदि हाँ, तो किन-किन गाम पंचायतों में कितने-कितने कार्य पूर्ण/अपूर्ण किये गये? प्रशासकीय एवं तकनीकी स्वीकृति क्रमांक, दिनांक तथा राशि का विवरण उपलब्ध करावें। (ख) क्या उक्त परियोजना के वॉटर शेड उपयंत्री द्वारा मूल्यांकन किया गया था? यदि हाँ, तो किस कार्य का कितना मूल्यांकन किया गया? (ग) क्या उक्त परियोजना की कोई शिकायत प्राप्त हुई थी? यदि हाँ, तो उस पर क्या कार्यवाही हुई? प्रतिवेदन सहित पूर्ण जानकारी उपलब्ध करावें। (घ) क्या उक्त परियोजना में कार्यरत संविदा कर्मचारियों को किसी अन्य विभाग में भेजा गया है? यदि हाँ, तो क्यों? क्या उक्त सभी ग्रामों में कितने परियोजना पर कितना-कितना पैसा किस-किस कार्य में खर्च हुआ है?
पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) एवं (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र- 1 अनुसार है। (ग) जी हाँ। प्राप्त शिकायतों की जाँच कराई गई। प्रतिवेदन पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 व 3 अनुसार है। (घ) जी हाँ। क्योंकि परियोजना समाप्त हो गई। प्रश्नांश की शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-4 अनुसार है।
रतलाम जिले में परियोजना अधिकारी की नियुक्ति
[नगरीय विकास एवं आवास]
41. ( क्र. 1531 ) श्री उमंग सिंघार : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या रतलाम जिले में परियोजना अधिकारी शहरी विकास अभिकरण रतलाम का पद रिक्त है? (ख) क्या नगरीय प्रशासन आयुक्त ने पत्र क्र. शाखा-9/स्था/159/2017/22070/ दिनांक 29.09.2017 द्वारा रिक्त परियोजना अधिकारी के पदों पर आयुक्त नगर निगम/सी.एम.ओ. नगर पालिका को अतिरिक्त चार्ज देने के आदेश जारी किए हैं? यदि हाँ, तो आदेश की छायाप्रति उपलब्ध करावें? (ग) क्या वर्तमान में प्रभारी परियोजना अधिकारी की नियुक्ति व पदोन्नति के संबंध में पूछे गये प्रश्न क्र. 5817 (अतारांकित) में शासन ने बताया कि इनको नियुक्ति साड़ा (खजुराहो) में जनसंपर्क सहायक तृतीय श्रेणी के पद पर तदर्थ रूप से की गई थी? (घ) क्या एस कुमार को पत्र क्र.-एफ4-03/2017/18-1 दिनांक 23.09.2017 द्वारा नगरीय विकास एवं आवास विभाग, भोपाल द्वारा अपने मूल पद पर नगर परिषद् खजुराहो में पदस्थ करने का आदेश जारी किया है? क्या उपरोक्त आदेश का पालन किया गया है? यदि नहीं, तो क्यों? (ड.) क्या एस कुमार प्रभारी परियोजना अधिकारी शहरी विकास अभिकरण रतलाम की नियुक्ति व पदोन्नति संबंधी शिकायत पर जाँच संयुक्त संचालक इन्दौर को सौंपी गई है तथा जाँच पर अब तक क्या कार्यवाही हुई है? क्या यह सही है कि एस कुमार की नियुक्ति के संबंध में मूल रिकार्ड जाँच अधिकारी को अब तक उपलब्ध नहीं हो पाया? (च) क्या नगरीय प्रशासन मंत्री यह बताएंगे कि एस कुमार की नियुक्ति व पदोन्नति के गड़बड़ की शिकायत की जाँच कितने समय में पूर्ण हो जावेगी?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) जी नहीं। राज्य शासन के आदेश क्रमांक एफ 4-03/2017/18-1 दिनांक 23.09.2017 से श्री एस. कुमार, परियोजना अधिकारी, जिला शहरी विकास अभिकरण रतलाम को उनकी मूल निकाय नगर परिषद् खजुराहो में पदस्थ किया गया है। कलेक्टर रतलाम द्वारा उन्हें भारमुक्त नहीं किए जाने से परियोजना अधिकारी का पद रिक्त नहीं है। (ख) जी हाँ। जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) जी हाँ। (घ) जी हाँ। जी नहीं। कलेक्टर रतलाम द्वारा उन्हें भारमुक्त नहीं किया गया है। (ड.) जी हाँ। संचालनालय के पत्र क्रमांक 19132 दिनांक 31.07.2017 से संयुक्त संचालक, नगरीय प्रशासन एवं विकास इंदौर एवं श्री प्रदीप निगम कार्यपालन यंत्री, नगरीय प्रशासन एवं विकास उज्जैन को संयुक्त रूप से जाँचकर्ता अधिकारी नियुक्त किया गया है। जी हाँ। श्री एस. कुमार की नियुक्ति के संबंध में नगर पंचायत खजुराहो जिला छतरपुर ने पत्र दिनांक 27.05.1999 से मूल अभिलेख तत्कालीन संयुक्त संचालक को दिनांक 31.05.1999 को विधान सभा तारांकित प्रश्न क्रमांक 5260 दिनांक 19.02.1999 के संबंध में उपलब्ध कराये गये थे। (च) जाँच कार्यवाही प्रचलित है। समय-सीमा बताई जाना संभव नहीं है।
वर्ष 2017-18 हेतु निर्धारित शुल्क की समीक्षा
[उच्च शिक्षा]
42. ( क्र. 1541 ) श्री राम लल्लू वैश्य : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या म.प्र. निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग भोपाल द्वारा वर्ष 2017-18 हेतु पाठ्यक्रम बी.कॉम., बी.कॉम. टैक्सेशन, बी.एस.सी., बी.सी.ए. में निर्धारित शुल्क की समीक्षा उपरांत अत्याधिक फीस शुल्क पाई गई जिनसे आर्थिक कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों को आर्थिक समास्याओं का सामना करना पड़ रहा है? इस संबंध में शासन द्वारा फीस शुल्क कम किये जाने की क्या कार्यवाही की जायेगी? (ख) जिला सिंगरौली के अंतर्गत निजी महाविद्यालयों के छात्रों को छात्रावृत्ति अनु.जाति, जन जाति व अन्य पिछड़ा वर्ग के विषयवार निर्धारित क्या जिलावार है या प्रदेश स्तर पर शुल्क अलग-अलग है।
उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री जयभान सिंह पवैया ) : (क) जी नहीं। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता। (ख) जिला सिंगरौली के अन्तर्गत छात्रवृत्ति हेतु अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति व पिछड़ा वर्ग के छात्रों की फीस केपिंग जिलेवार है। प्रदेश स्तर पर शुल्क अलग-अलग है। विस्तृत जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'अ', 'ब' एवं 'स' अनुसार है।
अग्निशामक यंत्र की मांग
[नगरीय विकास एवं आवास]
43. ( क्र. 1557 ) श्री कमलेश्वर पटेल : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या विकासखण्ड सिंहावल में जन प्रतिनिधियों द्वारा एक अग्निशामक यंत्र की मांग की गई थी? यदि हाँ, तो कब? प्रश्न दिनांक तक अग्निशामक वाहन क्यों नहीं उपलब्ध कराया गया? (ख) संचालनालय नगरीय प्रशासन एवं विकास मध्यप्रदेश भोपाल का पत्र क्रमांक 07/सांप्र/2017/8721 भोपाल दिनांक 04/07/2017 द्वारा लेख किया गया है कि 50 हजार की जनसंख्या पर एक नग फायर वाहन उपलब्ध कराये जाने का प्रावधान है विकास खण्ड सिंहावल की जनसंख्या लगभग 1 लाख 50 हजार है फिर क्यों फायर वाहन उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है? कब तक उपलब्ध कराया जायेगा। (ग) क्या प्रति वर्ष आगजनी से ग्रामीणों व किसानों को अत्याधिक जन-धन की हानि होती है? जिसमें शासन को अनुदान के रुप में आर्थिक सहायता करनी पड़ती है।
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) जी हाँ। दिनांक 12.06.2017 को भारत सरकार, स्टेण्डिंग फायर एडवायजरी कमेटी द्वारा निर्धारित मापदण्ड अनुसार 50,000 की जनसंख्या पर 01 नग फायर वाहन उपलब्ध कराने का प्रावधान है और यह प्रावधान केवल शहर एवं नगर की जनसंख्या पर लागू किये गये हैं, जिसके अनुसार नगरीय निकायों को फायर ब्रिगेड वाहन उपलब्ध कराया जाता है। उक्त के दृष्टिगत विकासखंड सिहावल को फायर वाहन उपलब्ध नहीं कराया गया है। (ख) उल्लेखित पत्र में भारत सरकार, स्टेण्डिंग फायर एडवायजरी कमेटी द्वारा निर्धारित मापदण्ड नगरीय निकाय के लिये लागू हैं न कि विकासखंड के लिये। अतएव शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी हाँ, प्रतिवर्ष यदाकदा आगजनी की घटनायें होती हैं, जिसके कारण जन-धन की हानि होती है तथा शासन द्वारा नियमानुसार आर्थिक सहायता दी जाती है।
आंगनवाड़ी भवन निर्माण
[पंचायत और ग्रामीण विकास]
44. ( क्र. 1580 ) श्री कैलाश चावला : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा आंगनवाड़ी भवन बनाए जाने हेतु महिला एवं बाल विकास विभाग के साथ मिलकर भवन निर्माण में कुछ राशि दिए जाने का निर्णय किया गया था, यदि हाँ, तो उक्त निर्णय अनुसार कितनी राशि का भवन बनाया जाना था व इसमें महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा कितनी राशि दी थी व पंचायत विभाग द्वारा कितनी राशि दी जानी थी? (ख) क्या पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा उक्त राशि आवंटित न किए जाने के निर्णय से आंगनवाड़ी भवन की राशि प्राप्त नहीं हो पा रही व निर्माण अधूरे पड़े हुए हैं? (ग) क्या पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा आंगनवाड़ियों का आवंटन हो चुका है व कार्य शुरु हो चुके हैं? उनके निर्माण के लिए वांछित धनराशि पूर्व निर्णय अनुसार उपलब्ध कराने पर पूर्नविचार करेगें? ताकि आंगनवाड़ियों का कार्य पूर्ण हो सके।
पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ। आंगनवाड़ी भवनों का निर्माण मनरेगा अभिसरण से प्रति इकाई लागत राशि 7.80 लाख से किया जाना है। जिसमें महिला एवं बाल विकास विभाग का अंश 2.00 लाख, पंचायत विभाग का अंश 4.00 लाख तथा मनरेगा अभिसरण अंश राशि रूपये 1.80 लाख है। (ख) जी नहीं। (ग) जी हाँ। जिन आंगनवाड़ियों की राशि जारी की जा चुकी है उनमें कार्य यथाशीघ्र प्रारंभ कराया जा रहा है। शेष नवीन आंगनवाड़ियों में पूर्व निर्णय अनुसार धनराशि उपलब्ध कराने की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
राज्य मंत्रि परिषद् के निर्णय का पालन न किया जाना
[नगरीय विकास एवं आवास]
45. ( क्र. 1759 ) श्री रामनिवास रावत : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या माह सितम्बर 2013 को राज्य मंत्रिपरिषद् की बैठक में म.प्र. राज्य वस्त्र स्वच्छता मंडल के गठन का निर्णय लिया था एवं दिनांक 09 जनवरी 2014 को महामहिम राज्यपाल के अभिभाषण के बिन्दु क्रमांक-29 में म.प्र. के शिल्पी मंडल, म.प्र. राज्य वस्त्र स्वच्छता मंडल एवं म.प्र. सिलाई कला मंडल का गठन किया गया है, का उल्लेख किया गया था? (ख) यदि हाँ, तो क्या म.प्र. शासन नगरीय प्रशासन विकास विभाग के आदेश क्रमांक एफ 1-35/2013/18-3 दिनांक 26 सितम्बर 2013 को म.प्र. राज्य वस्त्र स्वच्छता मंडल का गठन किये जाने के आदेश प्रसारित किये गये थे एवं कार्यालय हेतु स्टाप भी स्वीकृत किया गया था? (ग) यदि हाँ, तो राज्य मंत्रिमंडल के उक्त निर्णय के पालन में म.प्र. राज्य वस्त्र स्वच्छता मंडल का अध्यक्ष, उपाध्यक्ष एवं सदस्य राज्य सरकार द्वारा किन-किन को कब-कब मनोनीत किया गया है? (घ) स्वच्छता मण्डल के संचालन के लिए किस वित्तीय वर्ष में कितनी-कितनी राशि का बजट का प्रावधान किया जाकर कितनी-कितनी राशि कब-कब आवंटित की गई? (ड.) स्वच्छता मंडल के गठन दिनांक से प्रश्न दिनांक तक कितनी-कितनी राशि किस-किस कार्य पर व्यय की गई? (च) उपरोक्त प्रश्नांश के परिप्रेक्ष्य में राज्य मंत्रिपरिषद् के निर्णय को चार वर्ष से भी अधिक का समय बीत जाने के बावजूद स्वच्छता मंडल को अस्तित्व में नहीं लाये जाने के क्या कारण है तथा इस के लिए कौन-कौन दोषी हैं?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'अ' अनुसार है। (ग) वर्तमान में मनोनीत नहीं किया गया है। (घ) एवं (ड.) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'ब' अनुसार है। (च) प्रकरण विचाराधीन होने से दोषी होने का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
मोहखेड विकासखण्ड के टेमनीखुर्द से सलैयाकला मार्ग का निर्माण
[पंचायत और ग्रामीण विकास]
46. ( क्र. 1856 ) श्री जतन उईके : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) म.प्र. छिन्दवाड़ा जिले के मोहखेड विकासखण्ड के ग्राम टेमनीखुर्द से सलैयाकला मार्ग का निर्माण कब शुरू हुआ? कितने लागत से निर्माण किया गया है तथा किस एजेंसी द्वारा किया गया है? (ख) उक्त मार्ग में कुल कितने पुल-पुलियों का निर्माण का प्रावधान था तथा कितने पुल-पुलियों का निर्माण किया गया है? (ग) क्या उक्त मार्ग का कार्य पूर्ण कर पूर्णत: प्रमाण पत्र जारी कर दिया है? यदि हाँ, तो कब किया गया है और नहीं तो क्यों नहीं? (घ) उक्त मार्ग के निर्माण की सम्पूर्ण कार्ययोजना तथा प्राक्कलन की सम्पूर्ण जानकारी देवें?
पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) ग्राम टेमनीखुर्द एवं ग्राम सलैयाकला प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के पैकेज एम.पी-0752 के अंतर्गत निर्मित ग्रेवल मार्ग ''एस.एच.-26 से मेहलारी बाकुल'' के मध्य स्थित है वर्तमान में इस मार्ग के डामरीकरण का कार्य प्रगतिरत है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ख) 37 पुल-पुलियों का प्रावधान था। समस्त पुल-पुलियाओं का निर्माण पूर्ण कर लिया गया है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (घ) ग्राम मेहलारी बाकुल को मुख्य मार्ग से संपर्कता देने हेतु ''एस.एच.-26 से मेहलारी बाकुल'' तक ग्रेवल मार्ग का निर्माण माह जनवरी 2008 में पूर्ण किया गया। इसी मार्ग के डामरीकरण हेतु कार्य दिनांक 09.12.2017 से प्रारंभ कराया गया है। प्राक्कलन की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है।
अवैध कॉलोनियों का नियमितीकरण
[नगरीय विकास एवं आवास]
47. ( क्र. 1861 ) श्री जतन उईके : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) विगत 5 वर्षों में छिंदवाड़ा जिले की पांढुर्णा नगर पालिका की कितनी अवैध कॉलोनियों में कितने शिविर लगाकर वैध करने की क्या-क्या कार्यवाही किस-किस दिनांक को की गई? यदि नहीं, तो इसके क्या कारण है? (ख) नगर पालिका की कुल जनसंख्या के 30-35 प्रतिशत नागरिकों के अवैध कॉलोनियों में निवास एवं मूलभूत सुविधाओं के न होने से हो रही असुविधा को देखते हुए क्या निश्चित समयावधि में कॉलोनियों का नियमितकरण कड़ाई से कराये जाने के आदेश समक्ष प्राधिकारी नगर पालिका को प्रदान करेंगे? (ग) शासन के समक्ष अवैध कॉलोनियों के विकास हेतु कुल लागत का 50 प्रतिशत कॉलोनी निवासियों से लिये जाने के वर्तमान प्रावधान को कम करने की माननीय मुख्यमंत्री की दिनांक 15.12.2015 की सदन की घोषणानुसार कोई प्रस्ताव लम्बित है? यदि हाँ, तो शासन द्वारा कब तक निर्णय लिया जावेगा? यदि नहीं, तो, क्यों?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) कलेक्टर आदेश क्रमांक 876 दिनांक 16/9/2013 द्वारा अवैध कॉलोनियों को नियमित किये जाने के लिए, मध्य प्रदेश नगर पालिका (कॉलोनाईजर का रजिस्ट्रीकरण, निर्बधन तथा शर्तें) नियम 1986 के नियम 15-क के अनुसार, दिनांक 31 दिसम्बर 2012 तक अस्तित्व में आई कुल 39 कॉलोनियों के नियमितीकरण हेतु, अनुविभागीय अधिकारी (रा.) पांढुर्ना की अध्यक्षता में गठित दल द्वारा, कॉलोनाईजर/रहवासियों से निर्देशों के अनुरूप 50 प्रतिशत राशि जमा कराने हेतु कालोनी क्षेत्र में दिनांक 13/11/2017 एवं दिनांक 6/12/2017 को शिविर लगाये गये है। (ख) निर्देश जारी किए जा रहे हैं। (ग) म.प्र. नगर पालिका एवं म.प्र. नगर पालिका निगम अधिनियम के कॉलोनाईजर का रजिस्ट्रीकरण, निर्बधन एवं शर्तें नियम 1998 में अवैध कॉलोनियों के विनियमितीकरण प्रक्रिया के सरलीकरण हेतु, नियमों में संशोधन दिनांक 19/05/2017 लागू किये गये हैं। संशोधन पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
संविदा अधिकारियों/कर्मचारियों के नियमितीकरण
[लोक सेवा प्रबन्धन]
48. ( क्र. 1924 ) श्री रामलाल रौतेल : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) म.प्र.लोक सेवाओं के प्रदान की गारंटी अधिनियम, 2010, के तहत मध्यप्रदेश में जिलावार पदस्थ संविदा अधिकारी/कर्मचारियों का नाम, पदनाम, नियुक्ति दिनांक बतायें? (ख) प्रश्नांकित संविदा अधि./कर्मचारियों को नियमितीकरण हेतु शासन स्तर पर कार्यवाही की जावेगी? यदि हाँ, तो पूर्ण विवरण देवें। यदि नहीं, तो संविदा कर्मचारियों को नियमितीकरण न करने का औचित्य बतलायें? (ग) क्या संविदा अधि./कर्मचारियों पर समान कार्य समान वेतन का प्रावधान है? यदि हाँ, तो पूर्ण विवरण देवें यदि नहीं, तो कारण बताये? (घ) क्या संविदा अधि./कर्मचारियों का संविलियन का प्रावधान है? यदि हाँ, तो कब तक में पूर्ण विवरण दें?
उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री जयभान सिंह पवैया ) : (क) म.प्र. लोक सेवाओं के प्रदान की गारंटी अधिनियम, 2010 के तहत मध्यप्रदेश में जिलावार पदस्थ संविदा अधिकारी/कर्मचारियों के नाम, पदनाम, नियुक्ति दिनांक की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी नहीं। संविदा नियुक्ति 03 वर्ष के लिए की जाती है। प्रत्येक वर्ष कार्य का मूल्यांकन किया जाता है। मानक स्तर पर कार्य नहीं होने पर संविदा नियुक्ति समाप्त की जाती है। तीन वर्ष पश्चात उपयुक्त होने पर संविदा अवधि में वृद्धि पर विचार किया जाता है। (ग) एवं (घ) प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
घोषित खदान की जानकारी
[खनिज साधन]
49. ( क्र. 1925 ) श्री रामलाल रौतेल : क्या खनिज साधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अनूपपुर जिलान्तर्गत विकासखण्ड जैतहरी एवं अनूपपुर में वित्तीय वर्ष 2016-17 एवं 2017-18 में कुल कितनी रेत खदान घोषित हैं? घोषित खदान किस फर्म/व्यक्ति के नाम से आवंटित है? (ख) नये नियम के तहत किस-किस स्थान को चिन्हित किया गया है? चिन्हांकित खदान को कौन सी ग्राम पंचायत को आवंटित किया गया है? पृथक-पृथक जानकारी प्रदान करें। क्या अभी तक खदान की अनुमति देने में विलम्ब हो रहा है। यदि हाँ, तो कारण क्या है।
खनिज साधन मंत्री ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) प्रश्नानुसार प्रश्नाधीन क्षेत्र में कुल 21 खदानें घोषित हैं। प्रश्नांश की शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र- अ पर दर्शित है। (ख) रेत के संबंध में नये नियम अभी अधिसूचित नहीं हुए हैं। अत: इस नियम के तहत खदान चिन्हित किये जाने का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। प्रश्नाधीन क्षेत्र में रेत खनन नीति, 2017 के अनुसार 14 खदानें चिन्हित की गई हैं। जिसकी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब पर दर्शित है। इनमें से ग्राम पंचायतों को आवंटित खदान की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-स पर दर्शित है। ग्राम पंचायतों को आवंटित किये जाने की कार्यवाही प्रचलन में है। अत: शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
विधायक निधि से कराये गये कार्य
[योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी]
50. ( क्र. 2020 ) श्री सुरेन्द्र सिंह बघेल : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधायक निधि से विधान सभा क्षेत्र नरेला जिला भोपाल में दिनांक 01.01.2009 से 31.12.2011 के दौरान कितनी-कितनी राशि, क्या-क्या कार्य हेतु, किस-किस स्थान पर स्वीकृत की गई प्रत्येक कार्यवार/वर्षवार/जानकारी दें? (ख) प्रश्नांश (क) में वर्णित समयानुसार उक्त राशि से भोपाल नगर पालिक निगम क्षेत्रान्तर्गत क्या-क्या कार्य, किस निर्माण/अन्य एजेन्सी के द्वारा कितनी-कितनी लागत के किये गये? वार्ड क्रमांकवार/ एजेन्सी के नामवार/कार्यवार/लागत मूल्यवार/वर्षवार दें? (ग) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित समयानुसार उक्त कराये गये कार्यों को किस-किस के द्वारा पूर्ण कराया गया एवं कितना भुगतान किया? कार्य की गुणवत्ता एवं उपयोगिता प्रमाण पत्रों एक प्रति उपलब्ध करायें? (घ) क्या उक्त सभी कार्यों का शिलान्यास एवं उद्घाटन हुआ? विधायक निधि से कराये गये सभी उद्घाटन एवं शिलान्यास समारोह किस-किस दिनांक को कहाँ-कहाँ हुये? कार्यवार जानकारी दें?
वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) एवं (ग) जानकारी संकलित की जा रही है। (घ) विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र विकास योजनान्तर्गत जारी मार्गदर्शी निर्देशों में विधायक निधि से कराये गये कार्यों का उद्घाटन एवं शिलान्सास समारोह कराये जाने का प्रावधान नहीं होने के कारण शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
स्वेच्छानुदान निधि से हुये व्यय की जानकारी
[योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी]
51. ( क्र. 2023 ) श्री रामपाल सिंह : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधायक निधि से विधानसभा क्षेत्र नरेला जिला भोपाल में दिनांक 01.01.2009 से 31.12.2011 के दौरान विधायक की स्वेच्छानुदान निधि से किस-किस नाम/पते वाले/ नगर पालिक निगम भोपाल के वार्ड क्रमांक वाले लोगों को कितनी राशि दी गई? नामवार/पतावार/वार्डवार/राशिवार/ माहवार/वर्षवार जानकारी दें। (ख) विधायक निधि से दी गई राशि के हितग्राहियों को किस चेक क्रमांकों एवं दिनाकों से राशि दी गई? राशि प्राप्त हितग्राही क्या अति गरीबी रेखा/ गरीब रेखा के कार्ड धारक थे? प्रकरणवार/माहवार/वर्षवार/ राशिवार जानकारी दें?
वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। विधायक की स्वेच्छानुदान निधि के अनुशंसा पत्र में वार्ड क्रमांक का उल्लेख नहीं होने से वार्डवार जानकारी अभिलिखित नहीं की गई है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। स्वेच्छानुदान योजना में अति गरीबी/गरीबी रेखा का बंधन नहीं होन से अनुशंसा एवं स्वीकृति में जानकारी अभिलिखित नहीं होती है।
जनभागीदारी से स्वीकृत निर्माण कार्य
[योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी]
52. ( क्र. 2034 ) श्री मानवेन्द्र सिंह : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्नकर्ता सदस्य द्वारा प्रस्तुत याचिका दिनांक 20.03.2017 के संबंध में निर्माण कार्य स्वीकृति से संबंधित की गई कार्यवाही की जानकारी देवें। (ख) क्या राज्य शासन ने प्रश्नकर्ता द्वारा प्रस्तुत याचिका दिनांक 20/03/2017में उल्लेखित निर्माण कार्यों के प्राक्कलन जिला कलेक्टर छतरपुर से प्राप्त किये हैं? यदि हाँ, तो क्या प्राक्कलनों अनुसार स्वीकृत की कार्यवाही की जावेगी? यदि हाँ, तो कब तक? (ग) क्या जिला कलेक्टर छतरपुर द्वारा याचिका में अनुमोदित कार्यों की प्रशासकीय स्वीकृति जारी न कर शासन के निर्देशों की अवहेलना की जा रही है? यदि हाँ, तो क्या संबंधित अधिकारी के विरूद्ध नियमानुसार कार्यवाही कर निर्माण कार्य स्वीकृत करेंगे? यदि हाँ, तो कब तक?
वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) याचिका में उल्लेखित कार्यों के संबंध में संबंधित एजेन्सियों से निर्माण कार्यों के प्राक्कलन एवं जनभागीदारी योजना के अन्तर्गत आवश्यक अभिलेखों की पूर्ति करने के संबंध में पत्र भेजे गये है। जिनका विस्तृत विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) याचिका में उल्लेखित निर्माण कार्यों के प्राक्कलन सक्षम अधिकारी से चाहे गये हैं। प्राक्कलन प्राप्त होने के उपरान्त स्वीकृति की कार्यवाही संबंधित योजना की लागत एवं आवंटन उपलब्धता के आधार पर विभाग द्वारा नियमानुसार की जाती है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ग) याचिका में उल्लेखित निर्माण कार्यों के प्राक्कलन एवं जनभागीदारी योजना के अन्तर्गत निर्माण कार्य स्वीकृत करने के संबंध में शासन द्वारा जारी दिशा निर्देशों के अनुसार अभिलेखा की पूर्ति न होने की स्थिति में निर्माण कार्यों को स्वीकृति प्रदान नहीं की गई। शासन द्वारा जारी दिशा निर्देशों की अवहेलना नहीं की गई है। ऐसी स्थिति में संबंधित अधिकारी के विरूद्ध कार्यवाही किया जाना प्रासंगक नहीं है। निर्माण कार्य स्वीकृत करने के संबंध में आवश्यक अभिलेखों की पूर्ति तथा बजट की उपलब्धता के पश्चात ही स्वीकृति प्रदाय किया जाना संभव हो सकेगा। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
राज्य शासन के पत्रों पर जिला कलेक्टर छतरपुर द्वारा कार्यवाही
[खनिज साधन]
53. ( क्र. 2035 ) श्री मानवेन्द्र सिंह : क्या खनिज साधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्नकर्ता सदस्य के तारांकित प्रश्न क्र. 932 दिनांक 19.07.2016 में क्या जिला छतरपुर में अवैध खनन, परिवहन, स्वीकृत स्थानों से अन्यत्र खनन की शिकायतें प्राप्त हुई? उनका विवरण एवं जाँच का विवरण उपलब्ध करावें। (ख) क्या प्रश्नांश (क) के संबंध में पत्र क्र. 12417 दिनांक 22.08.2012 पत्र क्र. 17057 दिनांक 03.10.2015 एवं पत्र क्र. 1834 दिनांक 01.02.2016 को कलेक्टर छतरपुर को जाँच हेतु लेख किया गया? जिसका जाँच प्रतिवेदन प्रश्न दिनांक तक क्या राज्य शासन को अप्राप्त है? पत्रों की प्रतियों सहित जानकारी देवें। (ग) प्रश्नांश (ख) में राज्य शासन के पत्रों पर जिला कलेक्टर छतरपुर द्वारा किसको जाँच अधिकारी नियुक्त किया नाम पद सहित जानकारी देवें? (घ) प्रश्नांश (ग) में नियुक्त जाँच अधिकारी शिकायतों को गंभीरता से न लेकर जाँच प्रतिवेदन न देना क्या शासन की अवहेलना है? यदि हाँ, तो क्या ऐसे अधिकारी/कर्मचारी को सेवा से पृथक करते हुए शिकायतों की बिन्दुवार जाँच कराकर कार्यवाही हेतु जाँच प्रतिवेदन राज्य शासन को भेजेंगे? यदि हाँ, तो कब तक।
खनिज साधन मंत्री ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) प्रश्नानुसार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'अ' पर दर्शित है। (ख) जी हाँ। तीनों शिकायतों में जाँच प्रतिवेदन प्राप्त हो गये हैं। शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र- ब-1, ब-2 एवं ब-3 पर दर्शित है। (ग) प्रश्नांश (ख) में उल्लेख अनुसार जाँच प्रतिवेदन प्राप्त हो गये हैं। जिसकी प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र- ब-1, ब-2 एवं ब-3 में दर्शाई गई है। जिसमें जाँच अधिकारी के नाम एवं पद का उल्लेख है। (घ) प्रश्नांश (ख) एवं (ग) में दिये उत्तर अनुसार तीनों शिकायतों पर जाँच प्रतिवेदन प्राप्त हो गये हैं। अत: शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
नगर परिषद् मण्डलेश्वर जिला खरगोन की जल आवर्धन योजना की पूर्णता
[नगरीय विकास एवं आवास]
54. ( क्र. 2054 ) श्री राजकुमार मेव : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) यू.आई.डी.एस.एस.एम.टी. योजनांतर्गत जल आवर्धन योजना नगर परिषद् मण्डलेश्वर की स्वीकृति क्रमांक दिनांक, स्वीकृत राशि, एवं कार्यपूर्णता की तिथि बताई जावें? कितना व्यय किया गया? कितना मूल्यांकन किया गया? पूर्णता प्रमाण पत्र कब जारी किया गया? विवरण देवें। (ख) क्या प्रश्नांश (क) के संबंध में क्या निविदा शर्तों के अनुसार कार्य पूर्ण किया गय? कार्य में पाईप लाईन डालने के पश्चात सड़कों की मरम्मत की गई है, क्या निविदा शर्तों के अनुसार संचालन एवं संधारण में कर्मचारी, अधिकारी नियुक्त किये गये है? यदि हाँ, तो उन कर्मचारियों का पूर्ण विवरण सहित जानकारी उपलब्ध कराई जावें? (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के संबंध में क्या डी.पी.आर. अनुसार निर्माण एजेन्सी द्वारा नई पाईप लाईन, फिल्टर प्लान्ट एवं टंकी का निर्माण कार्य किया गया? क्या योजना के अनुबंध अनुसार प्रति व्यक्ति जितना शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना चाहिए क्या उतना कराया जा रहा है? यदि नहीं, तो क्या कारण हैं? (घ) क्या डी.पी.आर. अनुसार एवं योजना के अनुबंध अनुसार शुद्ध पेयजल नई पाईप लाईन के माध्यम से उपलब्ध नहीं करया जा रहा है? यदि हाँ, तो क्या तकनीकी कारण है? इसके लिए कौन दोषी है? उनके विरूद्ध क्या कार्यवाही की गई?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ख) जी हाँ। निविदा शर्तों के अनुरूप कार्य किया गया है। पाईप लाईन डालने के पश्चात सड़कों की मरम्मत का कार्य लगभग 3.00 कि.मी. शेष है, जो कि प्रगति पर है। जी हाँ, निविदा शर्तों के अनुसार संचालन-संधारण में कर्मचारी-अधिकारी नियुक्त किये गये हैं। जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। (ग) जी हाँ, निविदाकार द्वारा डी.पी.आर. अनुसार नई पाईप लाईन, फिल्टर प्लांट एवं पानी की टंकी का निर्माण किया गया है। जी हाँ, योजना अनुसार शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) डी.पी.आर. एवं योजना के अनुबंध अनुसार नवीन पाईप लाईन से शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
विधायक निधि
[योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी]
55. ( क्र. 2120 ) श्रीमती पारूल साहू केशरी : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या मध्यप्रदेश में विधान सभा सदस्यों को दी जाने वाली विधायक निधि का पूरा पूरा हिसाब-किताब सरकार द्वारा रखा जाता है? (ख) यदि हाँ, तो विधायक निधि से निर्माण कार्य हेतु जो राशि जारी की जाती है और यदि निर्माण कार्य हेतु जारी राशि से हुये निर्माण कार्य की सी.सी. जारी की जाती है और मूल्यांकन में निर्माण कार्य की राशि, स्वीकृत राशि से कम आती है, तो स्वीकृत राशि से बची हुई राशि का क्या किया जाता है? (ग) क्या उक्त बची हुई राशि वापिस विधायक निधि में जमा हो जाती है और क्या इस संबंध में निर्माण कार्य के लिये राशि स्वीकृतकर्ता मान. विधान सभा सदस्य को अवगत करा दिया जाता है? यदि नहीं, तो क्या कार्यवाही की जाती है?
वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) जी हाँ। (ख) स्वीकृत राशि से शेष बची राशि शासकीय कोषालय में जमा करने के निर्देश है। (ग) जी नहीं। जी नहीं। अतः शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
प्रधानमंत्री आवास
[पंचायत और ग्रामीण विकास]
56. ( क्र. 2122 ) श्रीमती पारूल साहू केशरी : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या गरीबों को पक्की छत के वादे के अनुसार सरकार द्वारा उन्हें प्रधानमंत्री आवास गृह स्वीकृत कर निर्माण करवाया जा रहा है? (ख) यदि हाँ, तो सागर जिले में ऐसे कितने और कौन-कौन से ग्राम हैं जहां आज दिनांक तक एक भी प्रधानमंत्री आवास हेतु किसी भी व्यक्ति का चयन नहीं हुआ है? सूची देते हुये कारण बतावें। (ग) क्या प्रश्नांश (ख) अनुसार प्रश्नकर्ता द्वारा सैकड़ों वंचित लोगों के आवेदन पत्र कलेक्टर सागर को भिजवाये गये हैं? (घ) प्रश्नांश (ख) अनुसार जिन ग्रामों में किसी भी व्यक्ति को प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत नहीं हुआ है? उन ग्रामों में कब तक प्रधानमंत्री आवास हेतु चयनित सूची का प्रकाशन कर गरीबों को आवास दे दिया जावेगा? यदि नहीं, तो क्यों?
पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ। (ख) सागर जिले में 108 ग्रामों में किसी भी परिवार को प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण से लाभान्वित नहीं किया गया है। 106 ग्रामों में सामाजिक आर्थिक एवं जाति जनगणना 2011 की सर्वे सूची अनुसार प्राथमिकता क्रम में पात्र हितग्राही न होने के कारण लाभ नहीं दिया जा सका है। शेष दो गांवों के हितग्राही आवास पोर्टल पर संबंधित जनपद में प्रदर्शित न होने के कारण लाभान्वित नहीं किये जा सके। जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) जी हाँ (घ) समय-सीमा निर्धारित किया जाना संभव नहीं है।
परिशिष्ट- ''इक्कीस''
वाटर शेड में भ्रष्टाचार
[पंचायत और ग्रामीण विकास]
57. ( क्र. 2158 ) श्री मुकेश नायक : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) पन्ना जिले में वाटरशेड योजना के अंतर्गत विगत 3 वर्षों में जनपद शाहनगर एवं जनपद पंचायत पवई के सर्रा,भ्रमका, मंहगुआवारहो, टीकुलपौड़ी, महुआडोल, श्यामगिरी, बडीखमरिया, भोपार, बैजाई, कल्दा, रामपुर नयागांव एवं श्यामगिरी ग्रामों में क्या-क्या कार्य करायें गये? (ख) उक्त ग्रामों में स्वीकृत कार्य का नाम, मात्रा, कार्य का प्रकार, स्वीकृत तथा व्यय की गई राशि बताते हुए यह भी बतायें कि क्या स्टीमेट के अनुसार निर्माण किया गया मापदण्ड के अनुसार क्वालिटी गुणवत्ता और मात्रा रखी गई? (ग) यदि हाँ, तो इसका सत्यापन किस-किस तिथि को किया था और प्रश्न दिनांक को भौतिक स्थिति क्या है यथावत है? (घ) क्या फर्जी निर्माण कार्य दर्शाया जा कर सांठ-गांठ कर राशि व्यय कर दी गई है तथा संबंधित प्राधिकारी ने बिना दौरा किये गये कार्य का भुगतान कर दिया? यदि नहीं, तो क्या उपरोक्त प्राधिकारी की यात्रा देयक, टूर डायरी और वाहन लॉग बुक संधरित की गई है?
पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) से (ग) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। प्राक्कलन अनुसार निर्माण किया गया है तथा गुणवत्ता और मात्रा रखी गई है। (घ) जी नहीं। जी हाँ।
दक्षिण वनमण्डल का प्रकरण क्रमांक 453/65 दिनांक 2 जून 2014
[वन]
58. ( क्र. 2182 ) डॉ. रामकिशोर दोगने : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या दक्षिण वनमण्डल बैतूल के वन अपराध प्रकरण 453/65 दिनांक 2 जून 2014 में लगाई गई म.प्र. वनोपज (व्यापार) विनियमन 1969 की धारा 2 घ एवं 5 को निरस्त किए जाने का मुलताई रेंजर द्वारा 2 मार्च 2016 को पत्र लिखने के बाद भी धारा 2 घ एवं 5 लगाई जाकर की गई कार्यवाही समाप्त किए जाने एवं धारा 2घ एवं 5 लगाकर कार्यवाही करने वालों के विरूद्ध वन मुख्यालय भोपाल वनवृत बैतूल एवं वनमण्डल बैतूल ने प्रश्नांकित दिनांक तक भी कोई कार्यवाही नहीं की है? (ख) धारा 2 घ एवं 5 में क्या प्रावधान है, दिनांक 2 जून 2014 को धारा 2 घ एवं 5 के आधार पर क्या-क्या कार्यवाही की जाकर किस आधार पर धारा 2घ एवं 5 का अपराध पंजीबद्ध किया गया एवं इस धारा को निरस्त किए जाने का पत्र किस-किस आधार पर दिनांक 2 मार्च 2016 को किसे लिखा गया? (ग) धावड़ा गोंद की तलाशी के लिए सर्च वारंट जारी करने, गोदाम की तलाशी लेकर गोदाम से धावड़ा गोंद जप्त किए जाने धारा 2 घ एवं 5 का वन अपराध पंजीबद्ध किए जाने पर वन मुख्यालय भोपाल वनवृत एवं वनमण्डल बैतूल ने किस-किस के विरूद्ध क्या-क्या कार्यवाही की है? यदि नहीं, की हो तो, उसका कारण बतावें। (घ) प्रकरण क्रमांक 453/65 दिनांक 2 जून 2014 से संबंधित किस-किस का किस विषय पर किस दिनांक को किसे लिखा पत्र वनवृत एवं वनमण्डल कार्यालय में किस दिनांक को प्राप्त हुआ, उनकी जाँच कर कब तक दोषी वन अधिकारियों पर कार्यवाही की जावेगी?
वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) जी हाँ। (ख) मध्यप्रदेश वनोपज (व्यापार विनियमन) अधिनियम 1969 की धारा 2 (घ) एवं धारा 5 की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'अ' अनुसार है। प्रथम दृष्टया अप्राकृतिक रूप से घावड़ा गोंद संग्रहण एवं भण्डारण करने पर जप्त किया जाकर वन अपराध प्रकरण क्रमांक 453/65 दिनांक 2 जून 2014 दर्ज किया गया। संदर्भित वन अपराध प्रकरण में मध्यप्रदेश वनोपज (व्यापार विनियमन) अधिनियम 1969 की धारा 2 (घ) एवं धारा 5 के उल्लंघन का भी उल्लेख है। शासन द्वारा धावड़ा गोंद को विनिर्दिष्ट वनोपज की सूची से हटा दिये जाने के कारण कार्यालयीन पत्र क्रमांक 2723 दिनांक 14.01.2015 (पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'ब' अनुसार) से दिये गये निर्देशों के आधार पर परिक्षेत्राधिकारी, मुलताई द्वारा उनके पत्र क्रमांक 375 दिनांक 02.03.2016 से माननीय न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी मुलताई को प्रकरण में अधिरोपित मध्यप्रदेश वनोपज (व्यापार विनियमन) अधिनियम 1969 की धारा 2 (घ) एवं धारा 5 को निरस्त करने हेतु अनुरोध किया गया। (ग) प्रथम दृष्टया अप्राकृतिक रूप से संग्रहण एवं अवैध भण्डारण की सूचना प्राप्त होने पर सर्च वारंट जारी उपरांत गोंद जप्त कर वन अपराध पंजीबद्ध किया गया। प्रकरण में अपील वर्तमान में माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर में विचाराधीन है। अतः प्रकरण न्यायिक विचारण के प्रक्रियाधीन होने से किसी कर्मचारी के विरूद्ध कार्यवाही नहीं की गई है। (घ) बैतूल वृत्त कार्यालय को प्राप्त पत्रों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'स' तथा दक्षिण बैतूल वनमंडल को प्राप्त पत्रों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'द' अनुसार है। प्रकरण में जांच के दौरान वन कर्मचारी/अधिकारी दोषी नहीं पाये जाने से उनके विरूद्ध कार्यवाही किये जाने का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
म.प्र. गौण खनिज नियम 1996 के नियम 53 में संशोधन
[खनिज साधन]
59. ( क्र. 2183 ) डॉ. रामकिशोर दोगने : क्या खनिज साधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) म.प्र. गौण खनिज नियम 1996 के नियम 53 में मई 2017 में अवैध खनन एवं अवैध परिवहन, ओवर लोडिंग से संबंधित पकड़े गए वाहनों के संबंध में राजसात किए जाने के क्या प्रावधान किए गए हैं? इन प्रावधानों में वाहन राजसात करने की बजाय छोड़े जाने का स्वविवेक से किस-किस को क्या-क्या अधिकार दिया है? (ख) जून 2017 से दिसम्बर 2017 तक हरदा जिले में अवैध परिवहन करते कितने वाहन पकड़े गए, ओवरलोडिंग परिवहन करते समय कितने वाहन पकड़े गए? कितने वाहन कितने-कितने बार पकड़े जा चुके थे? उनमें से कितने वाहन अर्थदण्ड कर छोड़े गए, कितने वाहन अर्थदण्ड किए जाने के बाद भी राजसात किए गए? कितने वाहनों को बिना अर्थदण्ड किए राजसात किया गया? जिलेवार बतावें। (ग) वाहनों को पहली बार पकड़े जाने पर राजसात किए जाने, अर्थदण्ड जमा करवाया जाकर भी राजसात किए जाने, वाहनों को अर्थदण्ड किया जाकर मुक्त किए जाने की भेदभाव पूर्ण एवं की गई अलग-अलग कार्यवाहियों के संबंध में राज्य शासन एवं संचालक खनिकर्म एवं भौमिकी ने प्रश्नांकित दिनांक तक क्या-क्या कार्यवाही की हैं, यदि भेदभावपूर्ण की गई कार्यवाहियों पर शासन एवं संचालक ने कार्यवाही नहीं की हो तो कारण बतावें। (घ) पहली बार पकड़े गए राजसात वाहनों एवं अर्थदण्ड जमा करवाया जाकर राजसात किए गए वाहनों को छोड़े जाने के संबंध में शासन क्या कार्यवाही कर रहा है? कब तक करेगा?
खनिज साधन मंत्री ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जी हां। अवैध खनन एवं अवैध परिवहन, ओवर लोडिंग करने वाले वाहनों के राजसात किये जाने के संबंध में प्रावधान किये गये हैं। यह नियम अधिसूचित नियम है। जिसमें प्रश्नानुसार लेख है। (ख) प्रश्नाधीन जिले में प्रश्नाधीन अवधि में अवैध परिवहन करते हुए 58 वाहन एवं अभिवहन पास में निर्धारित मात्रा से अधिक मात्रा में परिवहन करते हुए 18 वाहन पकड़े गये। इस प्रकार कुल 76 वाहनों में से 72 वाहन प्रथम बार एवं 04 वाहन द्वितीय बार पकड़े गये। 76 वाहनों में से 73 वाहनों पर अर्थदण्ड जमा कर वाहन मुक्त किये गये। 03 वाहनों को जिला न्यायालय (सिविल कोर्ट) द्वारा अर्थदण्ड कर वाहन मुक्त किया गया है। किसी भी वाहन को राजसात नहीं किया गया है। (ग) मध्यप्रदेश गौण खनिज नियम, 1996 के प्रावधानों के तहत कार्यवाही की गई है। अत: शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) मध्यप्रदेश गौण खनिज नियम 1996 के नियम 53 में दिनांक 18.05.2017 को किये गये संशोधन अनुसार प्रावधानित कार्यवाही की गई है। अत: शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
ग्राम उपरी में रेल्वे स्टेशन से कुंभराज रोड तक सी.सी. रोड का निर्माण
[योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी]
60. ( क्र. 2314 ) श्रीमती ममता मीना : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या कलेक्टर जिला गुना द्वारा विधायक निधि से माह नवम्बर 2016 में ग्राम उपरी में रेल्वे स्टेशन से कुंभराज रोड तक सी.सी. रोड फेस-1, फेस-2 एवं फेस-3 स्वीकृत कर क्रियान्वयन एजेंसी कार्यपालन यंत्री ग्रामीण यांत्रिकीय सेवा को नियत किया गया था? उक्त कार्य की निविदाएं कब आमंत्रित की गई? (ख) निविदा स्वीकृति पश्चात् अनुबंध न किये जाने वाले ठेकेदार के विरूद्ध क्या कार्यवाही की गई? क्या संबंधित ठेकेदार को ब्लैक लिस्टेड किया गया? अगर नहीं किया गया तो क्यों? इसके लिए कौन अधिकारी एवं कर्मचारी दोषी हैं? (ग) माह नवम्बर 2016 में स्वीकृत निर्माण कार्य की अकारण बार-बार निविदा आमंत्रित कर विकास कार्यों में बाधा खड़ी करने वाले अधिकारी के विरूद्ध कब तक कार्यवाही की जावेगी?
वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) जी हाँ। उक्त कार्य हेतु निविदाएं दिनांक 18.1.2017, 29.6.2017 एवं 8.2.2018 को आमंत्रित की गई। (ख) निविदा स्वीकृति पश्चात अनुबंध न करने वाले ठेकेदार की अमानता राशि रूपये 48280/- राजसात की गई। जी नहीं। निविदा दस्तावेज की शर्त क्रमांक 23.3 के क्रम में ब्लैक लिस्टेड करने का स्पष्ट प्रावधान न होने से शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) निविदा आमंत्रित करने वाले अधिकारी द्वारा निविदा दस्तावेज 2.10 के क्रम में निम्नानुसार कार्यवाही की गई है। प्रथम निविदा आमंत्रण में ठेकेदार द्वारा अनुबंध नहीं करने के कारण निविदा निरस्त की गई, द्वितीय निविदा आमंत्रण में स्वीकृतकर्ता अधिकारी मुख्य अभियंता ग्रामीण यांत्रिकी सेवा परिक्षेत्र भोपाल द्वारा दरे अधिक होने के कारण निरस्त की गई। तदोपरान्त जी.एस.टी. लागू होने एवं शासन के नियमों के क्रम में निविदा में विलम्ब हुआ है। तृतीय निविदा जी.एस.टी. लागू होने के क्रम में एकल निविदा होने से निविदा निरस्त की गई वर्तमान में कार्य की निविदा कार्यवाही प्रचलन में है एवं दिनांक 15.03.2018 में निविदा खोली जाना है। विभाग द्वारा नियमानुसार निविदा कार्यवाही किये जाने से शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत पात्र हितग्राही
[पंचायत और ग्रामीण विकास]
61. ( क्र. 2343 ) श्री मुरलीधर पाटीदार : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रधानमंत्री आवास योजना के क्रियान्वन हेतु एस.ई.सी.सी. डाटा 2011 में पात्र हितग्राहियों के नाम छूटने पर ग्राम उदय से भारत उदय अभियान में प्राप्त आवेदनों में से पात्र हितग्राही पाये जाने पर प्रतीक्षा सूची में रखा गया है? यदि हाँ, तो प्रतीक्षा सूची अद्यतन स्थिति में ग्राम पंचायत की दिवार या सार्वजनिक स्थल पर अंकित कराये जाने हेतु निर्देश है? यदि हाँ, तो क्या इसका पालन हो रहा है? यदि नहीं, तो क्या इस ओर कार्यवाही की जावेगी? (ख) क्या ग्राम पंचायतों से एस.ई.सी.सी. डाटा 2011 में पात्र हितग्राहियों के नाम टंकन त्रुटि से अधूरे होने के कारण हितग्राहियों को पात्र नहीं मानने के संबंध में पात्र हितग्राहियों को समग्र पी.एम.वाई. आ.ई.डी. को आधार मानकर पात्र मानने संबंधी निवेदन प्राप्त हो रहे हैं? यदि हाँ, तो इस संबंध में क्या कार्यवाही की गई? (ग) प्रश्नांश (ख) के संदर्भ में विधानसभा क्षेत्र सुसनेर अंतर्गत ग्रामपंचायतवार सम्पूर्ण जानकारी देवें? (घ) प्रश्नकर्ता के प्रश्न क्रमांक 1027 उत्तर दिनांक 20 जुलाई 2017 के उत्तरांश (ख) में ग्राम उदय से भारत उदय अभियान में 16887 में से 11564 आवेदन पात्र पाये गये थे, जिनकों प्रतीक्षा सूची में रखा गया है? उनमें लक्ष्य आवंटन की पंचायतवार स्थिति की जानकारी देवें?
पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) जी नहीं। (ग) प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) जी हाँ। भारत सरकार के निर्देश दिनांक 24/01/2018 के परिप्रेक्ष्य में दिनांक 19/02/2018 को समस्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायतों को प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण की स्थाई प्रतीक्षा सूची में पात्र हितग्राहियों के नाम जोड़े जाने हेतु निर्देशित किया गया है।
मंदिर जीर्णोद्धार के लंबित प्रकरणों के कार्य
[धार्मिक न्यास और धर्मस्व]
62. ( क्र. 2344 ) श्री मुरलीधर पाटीदार : क्या खेल और युवा कल्याण मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) प्रश्नकर्ता के विधानसभा क्षेत्र सुसनेर में विगत 03 वर्षों में किन-किन शासन संधारित मंदिरों में जीर्णोद्धार कार्य हेतु राशि स्वीकृत की गई हैं? पूर्ण विवरण देवें? स्वीकृत कार्यों की अद्यतन स्थिति क्या हैं? (ख) सुसनेर विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत विगत 04 वर्षों में किन-किन शासन संधारित मंदिरों के जीर्णोद्धार के प्राक्कलन आर.ई.एस. के माध्यम से तैयार किए गए हैं? (ग) प्रश्नांश (ख) में उल्लेखित प्राक्कलन के साथ विधिवत प्रस्ताव तहसीलदार सुसनेर, नलखेड़ा या मो.बड़ोदिया द्वारा अनुविभागीय अधिकारी को एवं अनुविभागीय अधिकारी द्वारा कलेक्टर (धर्मस्व शाखा) को एवं इनके द्वारा आयुक्त/शासन को कब-कब भेजे गए? यदि दस्तावेजों की कमी के चलते प्रकरण पुनः बुलवाये गये हों तो कमी पूर्ति हेतु क्या समय-सीमा तय थी? यदि हाँ, तो निर्धारित समय-सीमा में प्रकरण पुनः प्रेषित करने हेतु क्या जवाबदेही तय थी? यदि हाँ, तो विलंब से प्रकरण प्रस्तुत करने या प्रकरण प्रस्तुत नहीं करने पर जवाबदेही पर क्या कार्यवाही की गई या की जावेगी? (घ) प्रश्नांश (ग) में उल्लेखित लंबित प्रकरणों में स्वीकृति कब तक होगी?
खेल और युवा कल्याण मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-स अनुसार है। (घ) बजट उपलब्ध होने पर स्वीकृति की जावेगी, समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
तालाबों के रख-रखाव के संबंध में
[वन]
63. ( क्र. 2373 ) श्री प्रताप सिंह : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दमोह जिले के जबेरा विधानसभा क्षेत्र के जबेरा एवं तेंदूखेड़ा विकासखंड के वनपरिक्षेत्र में कौन-कौन से ग्राम आते हैं? उक्त ग्रामों की सूची उपलब्ध करायें? (ख) प्रश्नांश (क) में वर्णित ग्रामों में रहने वाले ग्राम वासियों को पेयजल, दैनिक क्रियाकलापों एवं मवेशियों के लिये पानी की क्या व्यवस्था हैं? (ग) क्या वन क्षेत्र के ग्राम जिनमें तेंदूखेड़ा विकासखंड के गोरखा, डुकरसता, ओरियामाल, खारीदेवरी, हाथीडोल एवं जबेरा विकासखंड के खमरिया, बोदामानगढ़ एवं कलुमर पंचायत का कलुमर ग्राम वन क्षेत्र में आता है? यदि हाँ, तो क्या उक्त ग्रामवासियों के द्वारा अपने दैनिक जीवन एवं मवेशियों के लिये तालाब का उपयोग किया जाता है? यदि हाँ, तो क्या उक्त तालाब के जलभराव की क्षमता क्या है? (घ) क्या प्रश्नांश (ग) में वर्णित ग्रामों के तालाब जर्जर अवस्था में हैं? यदि हाँ, तो उनके मरम्मत का कार्य कब तक कराया जायेगा यदि नहीं, तो क्यों?
वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) दमोह जिले के दमोह वन मंडल के अन्तर्गत जबेरा विधानसभा क्षेत्र के जबेरा एवं तेन्दूखेडा विकासखंड के वन परिक्षेत्रों के अन्तर्गत आने वाले वन क्षेत्रों की वन सीमा के अन्दर कोई भी ग्राम स्थित नहीं है वन क्षेत्रों की सीमा से लगे राजस्व ग्रामों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) उत्तरांश (क) के पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 में दर्शित ग्रामों के ग्रामवासियों के पेय जल एवं अन्य व्यवस्था की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ग) जी नहीं। प्रश्नांश में उल्लेखित ग्राम वन सीमा से लगे हुए राजस्व ग्राम हैं। अतः शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) उत्तरांश (ग) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
दैनिक वेतन भोगियों को नियमित करना
[नगरीय विकास एवं आवास]
64. ( क्र. 2375 ) श्री प्रताप सिंह : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या प्रदेश में विभिन्न विभागों में कार्यरत दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी को नियमित किये जाने के संबध में शासन की कोई योजना एवं प्रक्रिया बनाई गई है? यदि हाँ, तो उक्त योजना की नियमावली की प्रति उपलब्ध करायें? (ख) प्रश्नांश (क) के अनुसार क्या दमोह जिले की सभी नगर पालिका, नगर परिषद् एवं नगर पंचायत में कार्यरत दैनिक वेतन भोगी कर्मचारीयों को नियमित कर दिया गया है? यदि हाँ, तो उन कर्मचारियों की सूची उपलब्ध करायें? नहीं तो क्यों? (ग) दमोह जिले की तेंदूखेड़ा नगर पंचायत में कार्यरत दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को नियमित किया गया है? यदि हाँ, तो कब? यदि नहीं, तो, संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ क्या एवं कब तक कार्यवाही की जावेगी? उक्त नगर पंचायत के दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को कब तक नियमित किया जावेगा?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' अनुसार है। (ख) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''ब'' अनुसार है। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी नहीं। नगर परिषद्, तेन्दूखेड़ा में दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी को नियमित किए जाने की जिला चयन समिति द्वारा अनुशंसा की गई है। प्रकरण प्रेसिडेन्ट-इन-काउंसिल के समक्ष विचाराधीन है। अत: शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
शासन संधारित मन्दिरों के जीर्णोद्धार
[धार्मिक न्यास और धर्मस्व]
65. ( क्र. 2455 ) श्री इन्दर सिंह परमार : क्या खेल और युवा कल्याण मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या म.प्र. में शासन संधारित मंदिर के जीर्णोद्धार हेतु विधानसभा क्षेत्रवार राशि आंवटित करने की कोई प्राथमिकता तय की गई है? यदि हाँ, तो कालापीपल विधानसभा क्षेत्र के मंदिर के जीर्णोद्धार के लिए राशि का आवंटन क्यों नहीं किया गया? (ख) वर्ष 2015-16 से वर्ष 2017-18 तक शाजापुर जिले की कालापीपल विधानसभा क्षेत्र अंर्तगत किन-किन धार्मिक स्थलों के जीर्णोद्धार हेतु कितनी-कितनी राशि आवंटित की गई? (ग) क्या कालापीपल विधानसभा क्षेत्र के ग्राम रानी बड़ौद के इलाई माता, पोलायकलॉ के गोपाल कृष्ण मंदिर, अवन्तिपुर बड़ोदिया के गरीबनाथ धाम मंदिर, एवं पोचानेर के ओंकारनाथ महादेव मंदिर के जिर्णोद्धार हेतु राशि का आवंटन किया गया है? यदि हाँ, तो कार्य एजेंसी किसको बनाया गया है? जीर्णोद्धार के कार्यों को कब तक पूर्ण करा लिया जायेगा?
खेल और युवा कल्याण मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) जी नहीं। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) कालापीपल विधानसभा क्षेत्र के ग्राम पोलायकलॉ के गोपाल कृष्ण मंदिर हेतु विभाग द्वारा राशि रूपये 6.00 लाख दिनांक 1/8/2017 को स्वीकृत किये गये है। जिसमें निर्माण एजेंसी म.प्र. गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मण्डल को नियुक्त किया गया है। शेष 3 मंदिरों के लिये विभाग द्वारा उपलब्ध बजट के आधार पर राशि स्वीकृत की जा सकेगी। यह एक सतत् प्रक्रिया है। निश्चित समय-सीमा दी जाना संभव नहीं है।
स्व-रोजगार योजनाओं की जानकारी
[सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम]
66. ( क्र. 2465 ) श्री शान्तिलाल बिलवाल : क्या राज्यमंत्री, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) झाबुआ जिले में वर्ष 2016-17 एवं 2017-18 तक समस्त स्व-रोजगार योजनाओं के कितने आवेदन प्राप्त हुए? कितने स्वीकृत, अस्वीकृत हुए की जानकारी वर्षवार देवे? (ख) विभाग द्वारा स्वीकृत प्रकरणों में से कितने प्रकरणों में बैंकों द्वारा ऋण नहीं दिया गया? (ग) बैंकों द्वारा स्वीकृत प्रकरणों में कितने प्रकरणों में अनुदान राशि बैंकों को प्रदान कर दी गई है? सूची देवें। ऐसे कितने प्रकरण हैं जिन्हें अनुदान राशि प्राप्त न होने के कारण बैंकों ने लंबित कर रखा है? (घ) बैंक द्वारा क्यों लंबित रखा गया?
राज्यमंत्री, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम ( श्री संजय पाठक ) : (क) झाबुआ जिलें में वर्ष 2016-17 एवं 2017-18 (प्रश्न दिनांक तक) में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग के जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र द्वारा संचालित समस्त स्वरोजगार योजनाओं में प्राप्त, स्वीकृत एवं अस्वीकृत आवेदनों की वर्षवार जानकारी निम्नानुसार है :-
क्र. |
वर्ष |
योजना का नाम |
प्राप्त |
स्वीकृत |
वितरित |
अस्वीकृत |
1 |
2016-17 |
मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना |
918 |
358 |
358 |
निरंक |
मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना |
38 |
15 |
15 |
निरंक |
||
प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम |
92 |
16 |
16 |
निरंक |
||
2 |
2017-18 |
मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना |
825 |
349 |
349 |
निरंक |
मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना |
32 |
14 |
09 |
निरंक |
||
प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम |
164 |
25 |
25 |
निरंक |
(ख) विभाग द्वारा प्रेषित प्रकरणों में से वर्ष 2016-17 में 659 प्रकरणों में बैंकों द्वारा लक्ष्य पूर्ण होने के कारण ऋण नहीं दिया गया वर्ष 2017-18 की कार्यवाही जारी है। (ग) बैंकों द्वारा स्वीकृत 770 प्रकरणों में 664 प्रकरणों में अनुदान प्राप्त हो चुका है। जो पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। शेष 106 प्रकरणों में अनुदान प्रदान किया जा रहा है। (घ) बैंक द्वारा स्वीकृत प्रकरणों में अनुदान राशि का वितरण जारी है।
मंदिरों का पुनरुद्धार
[धार्मिक न्यास और धर्मस्व]
67. ( क्र. 2475 ) श्री गोवर्धन उपाध्याय : क्या खेल और युवा कल्याण मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) विदिशा जिले के सिरोंज विधानसभा क्षेत्र के तहत धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग द्वारा पिछले 05 वर्षों में किन-किन मंदिरों का पुनरुद्धार कार्य एवं अन्य निर्माण कार्य हेतु राशि की स्वीकृति प्रदान की गई है? पुनरुद्धार कार्य एवं अन्य कार्य हेतु किस-किस वर्ष में कितनी-कितनी राशि की स्वीकृति प्रदान की गई? जिसमें से कितनी-कितनी राशि किस-किस कार्य में व्यय की गयी है वर्षवार जानकारी देवें। (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार क्या उक्तावधि में उक्त पुनरुद्धार कार्यों एवं अन्य निर्माण कार्यों में अनियमितता संबंधी शिकायत प्राप्त हुई? यदि हाँ, तो उस पर क्या कार्यवाही की गई है? क्या पुनरुद्धार कार्यों एवं अन्य स्वीकृत सभी कार्य पूर्ण किये जा चुके हैं? यदि नहीं, तो कब तक पूर्ण किये जावेंगे?
खेल और युवा कल्याण मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी नहीं।
बिल्डरों द्वारा भू-जल उत्खनन के संबंध में
[नगरीय विकास एवं आवास]
68. ( क्र. 2497 ) श्री शैलेन्द्र पटेल : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या शासन द्वारा एनजीटी के प्रकरण क्रमांक 143 2014 सीजेड के आदेश दिनांक 15 जुलाई 2017 के अनुसार कुओं एवं नलकूपों की खुदाई पर प्रतिबंध लगाने संबंधी आदेश प्रदेश की स्थानीय निकायों एवं नगर निगमों को जारी किए हैं? यदि हाँ, तो कब-कब? (ख) क्या नगर निगम भोपाल, इंदौर, जबलपुर आदि संभाग की नगर निगम ने अवैध रूप से भवन निर्माण हेतु भू-जल उत्खनन के प्रकरण दर्ज किए हैं? यदि हाँ, तो निगमवार ब्यौरा दें। (ग) क्या भोपाल नगर निगम अंतर्गत बिल्डरों द्वारा भू-जल उत्खनन कर उसका व्यवसायिक उपयोग किया जा रहा है? यदि हाँ, तो इस संबंध में अभी तक क्या कार्रवाई की गई है? ब्यौरा दें। यदि नहीं, तो क्यों तथा क्या कार्रवाई की जाएगी? (घ) क्या म.प्र. प्रदूषण नियंत्रण मंडल ने अपने निरीक्षण के उपरांत ऐसे बिल्डरों को चिन्हित किया है, जो बिना सी.जी.डब्ल्यू.ए. की अनुमति से भू-जल उत्खनन कर रहे हैं? यदि हाँ, तो इन बिल्डरों के खिलाफ क्या वैधानिक कार्रवाई की गई है? प्रकरणवार ब्यौरा दें। यदि नहीं, तो क्यों?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) जी नहीं। एन.जी.टी. ने प्रकरण क्रमांक 143/2014 सी जेड में दिनांक 15.07.2017 कोई आदेश जारी नहीं किया है। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ख) जी नहीं। नगर निगम भोपाल, इंदौर, जबलपुर आदि संभाग की नगर निगम द्वारा अवैध रूप से भवन निर्माण हेतु भू-जल उत्खनन का कोई प्रकरण दर्ज नहीं किया गया है। (ग) बिल्डर द्वारा भू-जल उत्खनन कर व्यवसायिक उपयोग किये जाने पर पाबंदी नहीं है। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) जी नहीं। मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का गठन जल (प्रदूषण निवारण तथा नियंत्रण) अधिनियम 1974 की धारा-4 के अन्तर्गत हुआ है तथा बोर्ड द्वारा उक्त अधिनियम वायु (प्रदूषण निवारण तथा नियंत्रण) अधिनियम 1981 पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम 1986 तथा इसके अन्तर्गत बनाये गये नियमों के प्रावधानों का पालन किया जाता है। केन्द्रीय भूजल बोर्ड की अनुमति प्राप्त नहीं करने के कारण मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा संस्थाओं के विरूद्ध कार्यवाही नहीं की जाती है। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
अवैध खनिज परिवहन
[खनिज साधन]
69. ( क्र. 2498 ) श्री शैलेन्द्र पटेल : क्या खनिज साधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मई 2017 से प्रश्नांकित दिनांक तक सीहोर जिले में अवैध खनिज परिवहन करते हुए कितने वाहन पकड़े गए तथा कितने वाहन ओवर लोडिंग करते हुए पकड़े गए हैं? माहवार, तहसीलवार ब्यौरा दें। (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार अवैध परिवहन करते पकड़े गए कितने वाहनो को कितना अर्थदंड कर छोड़ा गया तथा कितने वाहन को अर्थदंड भरने के बाद भी किस कारण नहीं छोड़ा गया तथा कितने वाहन राजसात किए गए? माहवार व तहसीलवार ब्यौरा दें। (ग) राजसात किए गए वाहनों में से कौन-कौन नंबर के वाहन एक से अधिक वार अवैध खनिज परिवहन अथवा ओवर लोडिंग करते हुए पकड़े गए हैं? माहवार, ब्यौरा दें।
खनिज साधन मंत्री ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) प्रश्नानुसार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ एवं ब पर दर्शित है। (ख) प्रश्नानुसार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र- अ एवं ब पर दर्शित है। वाहनों पर अधिरोपित अर्थदण्ड जमा करने के उपरांत छोड़ा गया है। अत: शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) प्रश्नानुसार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब पर दर्शित है।
आवासीय/व्यवसायिक प्रोजेक्ट को पर्यावरणीय स्वीकृति
[नगरीय विकास एवं आवास]
70. ( क्र. 2500 ) श्री शैलेन्द्र पटेल : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या रेरा द्वारा प्रदेश के समस्त आवासीय एवं व्यवसायिक प्रोजेक्ट का पंजीयन Seiaa द्वारा दी गई पर्यावरणीय स्वीकृति एवं म.प्र. प्रदूषण नियंत्रण मंडल द्वारा दी जाने वाली जल एवं वायु अधिनियमों की अनुमतियों के दस्तावेजों के जमा होने के बाद ही दी गई है तथा सभी पंजीकरण भारत सरकार के ई.आई.ए. नोटिफिकेशन के अनुसार ही किए गए हैं? (ख) म.प्र. नियंत्रण मण्डल भोपाल द्वारा रेरा को प्रेषित पत्र दिनांक 7 नवंबर 2017 के अनुसार कितने ऐसे प्रोजेक्ट हैं जिन्हें रेरा की स्थापना से अभी तक पंजीकृत किया गया है और ऐसे कितने प्रोजेक्ट है जिन्हें पर्यावरणीय स्वीकृति की प्रत्याशा में पंजीकृत किया गया है? (ग) रेरा को प्रेषित पत्र दिनांक 9 सितंबर, 2017 के अनुसार जिन कॉलोनियों अथवा भवन निर्माण परियोजनाओं के विरूद्ध भोपाल न्यायालय में पर्यावरणीय अधिनियमों के तहत प्रकरण दर्ज कराए गए हैं या उनको नोटिस जारी किए गए हैं उस बिन्दु पर रेरा ने पंजीकरण पर क्या कार्यवाही की है? प्रकरणवार ब्यौरा दें। (घ) म.प्र. प्रदूषण नियंत्रण मंडल भोपाल, इंदौर, जबलपुर, सागर, रीवा एवं अन्य मंडलों द्वारा समय-समय पर जिन बिल्डरों को पर्यावरणीय नियमों के उल्लंघन हेतु नोटिस जारी किए गए हैं? उनमें से कितने बिल्डरों ने स्वीकृति प्राप्त करने हेतु आवेदन किया है और जिन्होंने अभी तक आवेदन नहीं किया है उनके विरूद्ध बोर्ड ने अब तक क्या कार्यवाही की है? प्रकरणवार ब्यौरा दें।
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) भू-संपदा (विनियमन एवं विकास) अधिनियम 2016 की धारा 4 (2) में पंजीयन के समय प्रस्तुत किये जाने वाले अभिलेखों का उल्लेख है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। प्रस्तुत अभिलेखों का परीक्षण कर परियोजना का प्राधिकरण द्वारा अधिनियम की धारा-3 में पंजीयन किया जाता है। (ख) मध्यप्रदेश भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण की स्थापना से अभी तक कुल 1658 प्रोजेक्ट का पंजीयन किया गया है। ऐसा कोई प्रकरण प्राधिकरण के संज्ञान में नहीं है जिसका पर्यावरण स्वीकृति की प्रत्याशा में पंजीयन किया गया हो। (ग) मध्यप्रदेश प्रदूषण निवारण मण्डल द्वारा दिनांक 09 सितम्बर 2017 को रेरा को कोई पत्र नहीं लिखा गया है। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ‘अ' अनुसार है।
जिला योजना समितियों की बैठक
[योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी]
71. ( क्र. 2501 ) श्री शैलेन्द्र पटेल : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सीहोर जिले में जिला योजना समिति की बैठक नियमित अनुसार आयोजित की जा रही है? यदि हाँ, तो प्रश्नांकित दिनांक तक विगत 3 वर्ष के दौरान कब-कब एवं कहाँ-कहाँ तथा किन-किन की मौजूदगी में बैठक हुई वर्षवार माहवार ब्यौरा दें। (ख) जिला योजना समिति सीहोर की बैठक में जिला प्रभारी मंत्री तथा सांसद सदस्यों की नियमित उपस्थिति रही है? यदि हाँ, तो विगत 3 वर्ष के दौरान आयोजित बैठकवार उपस्थित जिला प्रभारी मंत्री तथा सांसद सदस्यों का ब्यौरा दें। (ग) जिला योजना समिति सीहोर की बैठक में विगत 3 वर्ष के दौरान कौन-कौन से प्रस्ताव पारित किए गए? बैठकवार प्रस्तावों तथा प्रश्नांकित दिनांक तक उन पर की गई कार्रवाई का बैठकवार ब्यौरा दें। (घ) जिला योजना समिति सीहोर की बैठक में विगत 3 वर्ष के दौरान इछावर विधान सभा क्षेत्र से संबंधित कौन-कौन से प्रस्ताव पारित किए गए? बैठकवार प्रस्तावों तथा प्रश्नांकित दिनांक तक उन पर की गई कार्रवाई का बैठकवार ब्यौरा दें।
वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) जी हाँ। जिला योजना की समस्त बैठकें कलेक्ट्रेट सभाकक्ष सीहोर में सम्पन्न हुई। गत तीन वर्ष के दौरान बैठक की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''1'' अनुसार है। (ख) विगत तीन वर्ष के दौरान आयोजित समस्त बैठकें मान. प्रभारी मंत्री जी की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। दिनांक 23.2.2017 की बैठक में मान. श्री अलोक संजर, सांसद, लोकसभा उपस्थित रहें। (ग) पारित किये गये प्रस्ताव तथा उन पर की गई कार्यवाही का बैठकवार ब्यौरा पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''2'' अनुसार है। (घ) इछावर विधानसभा क्षेत्र सें संबंधित पारित किये गये प्रस्ताव तथा उन पर की गई कार्यवाही का ब्यौरा पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''3'' अनुसार है।
स्टॉफ की पदपूर्ति एवं बजट आवंटन
[उच्च शिक्षा]
72. ( क्र. 2526 ) श्री राम लल्लू वैश्य : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सिंगरौली जिले में प्राचार्य एवं प्रोफेसरों की कमी को कब तक दूर किया जावेगा? (ख) सिंगरौली कन्या महाविद्यालय के लिए बजट कब तक में आवंटित किया जायेगा?
उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री जयभान सिंह पवैया ) : (क) शैक्षणिक पदों की पूर्ति हेतु लोक सेवा आयोग द्वारा विज्ञापन जारी किया जा चुका है। समय-सीमा बताई जाना संभव नहीं है। (ख) सिंगरोली कन्या महाविद्यालय को वर्ष-2017-18 के लिये बजट आवंटन किया जा चुका है। जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है।
दण्डात्मक कार्यवाही बाबत
[खनिज साधन]
73. ( क्र. 2527 ) श्रीमती शीला त्यागी : क्या खनिज साधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सतना जिले के कलेक्टर के पास अमरपाटन तहसील के ग्राम ललितपुर नं. 1 में आ.क्र. 442/1, 442/2 में अवैध उत्खनन की शिकायत कितनी बार प्राप्त हुई है? (ख) क्या कलेक्टर सतना के यहा प्रकरण क्रमांक 368 अ. 12/13 से अवैध उत्खनन का प्रकरण दर्ज था? यदि हाँ, तो सतना कलेक्टर द्वारा जो निर्णय दिया गया, क्या वह विधि संगत है? यदि हाँ, तो किस प्रकार से। (ग) आ. क्र. में नम्बर गलत अंकित कर कलेक्टर सतना एस.डी.एस. अमरपाटन द्वारा अवैध उत्खनन में दण्डांकित राशि से वसूल न होने के लिए उत्तरदायी हैं? यदि नहीं, तो आधार बतावें। यदि हाँ, तो कलेक्टर के विरूद्ध क्या कार्यवाही की जावेगी।
खनिज साधन मंत्री ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) प्रश्नाधीन क्षेत्र पर कलेक्टर कार्यालय, सतना को चार बार शिकायत प्राप्त हुई है। (ख) जी नहीं। अत: शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी नहीं। अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) के आदेश पत्रिका अनुसार लिये गये निर्णय दिनांक 30.12.2015 के संदर्भ में ही माननीय उच्च न्यायालय, जबलपुर द्वारा जाँच के निर्देश हैं। तद्नुसार कलेक्टर, सतना द्वारा पारित आदेश दिनांक 17.01.2017 से अधीनस्थ न्यायालय को विधिवत जाँच कराकर सुनवाई का अवसर दिये जाने हेतु निर्देश दिये गये हैं। अत: शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
भोपाल एवं इंदौर में मेट्रो रेल का संचालन
[नगरीय विकास एवं आवास]
74. ( क्र. 2538 ) श्री बाबूलाल गौर : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) भोपाल एवं इंदौर में मेट्रो रेल परियोजना के क्रियान्वयन में शासन द्वारा प्रश्न दिनांक तक क्या कार्यवाही की गई है? (ख) भोपाल एवं इंदौर में मेट्रो रेल परियोजना के क्रियान्वयन हेतु क्या शासन द्वारा धनराशि की व्यवस्था कर ली गई है? यदि हाँ, तो किस संस्था/केन्द्र सरकार द्वारा कितनी-कितनी धनराशि ऋण/अनुदान के रूप में देने हेतु सहमति प्रदान की गई है? (ग) विभाग द्वारा मेट्रो रेल परियोजना के क्रियान्वयन का कार्य कब तक प्रारंभ कर दिया जायेगा? (घ) क्या प्रश्नकर्ता के प्रश्न क्र. 54 दिनांक 30.11.2017 के प्रश्नांश (घ) के उत्तर में शासन द्वारा जानकारी दी गई थी कि श्री ई श्रीधरन की सेवाएं लेने हेतु अनुरोध किया जायेगा? यदि हाँ, तो क्या शासन द्वारा अनुरोध पत्र भेजा गया है?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) भोपाल एवं इंदौर में मेट्रो रेल परियोजना के क्रियान्वयन के संबंध में कृत कार्यवाही विषयक जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ख) भोपाल एवं इंदौर मेट्रो रेल परियोजना के क्रियान्वयन हेतु शासन द्वारा धनराशि की व्यवस्था की जा रही है। उभय परियोजनाओं के लिये प्रस्तावित वित्तीय व्यवस्था पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। (ग) विभाग द्वारा मेट्रो रेल परियोजना के क्रियान्वयन हेतु जनरल कंसल्टेंट का चयन किया जा चुका है। आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा जारी Appraisal Guideline for Metro Rail Project Proposal in connection with Metro Rail Policy 2017 की आवश्यकतानुसार Supplementary Document to DPR, आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय, भारत सरकार को प्रेषित की जा चुकी है। Public Investment Board (PIB) तथा केन्द्रीय मंत्रि-परिषद् के अनुमोदन उपरांत कार्य प्रारंभ किया जाना प्रस्तावित है। (घ) ‘ग' के परिप्रेक्ष्य में कार्य प्रारंभ होने उपरांत आवश्कतानुसार श्री ई श्रीधरन की सेवाएं लिये जाने हेतु अनुरोध किया जायेगा।
निर्माण कार्यों एवं प्रशिक्षण के संबंध में प्राप्त शिकायतों पर कार्यवाही
[नगरीय विकास एवं आवास]
75. ( क्र. 2621 ) पं. रमेश दुबे : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या नगरपालिका परिषद् होशंगाबाद में निर्माण कार्यों में अनियमितता, राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के अन्तर्गत विभिन्न घटकों के प्रशिक्षण, गोल्डन सिलीकान सिटी मालीखेड़ी के सामने कॉम्पलेक्स के अवैध निर्माण, वाहन को नियम विरूद्ध किराये पर लिये जाने की शिकायतें क्या प्रकाश में आई हैं? यदि हाँ, तो कब-कब? (ख) प्रश्नांश (क) के प्रकाश में उक्त शिकायतों पर क्या-क्या कार्यवाही कब-कब की गयी? (ग) प्राप्त शिकायतों में किन्हें दोषी पाया गया है? उनके विरूद्ध क्या कार्यवाही की गयी?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) जी हाँ। प्राप्त शिकायतें पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ‘अ' अनुसार है। (ख) शिकायतों पर गठित जाँच दल की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ‘ब' अनुसार है। (ग) गठित जाँच दल द्वारा दिये गये जाँच प्रतिवेदन की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ‘स' अनुसार है। जाँच प्रतिवेदन के आधार पर विधिक कार्यवाही प्रचलित है।
नगर निगम ग्वालियर के लेडीज पार्क में कराये जा रहे निर्माण
[नगरीय विकास एवं आवास]
76. ( क्र. 2677 ) श्री लाखन सिंह यादव : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) वार्ड क्र 041 के छत्री पार्क, लेडीज पार्क के विकास के लिये क्या-क्या निर्माण कार्य किस एजेन्सी को कितनी-कितनी दर पर कितनी राशि के स्वीकृत किये है? कराये जा रहे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता के लिये किस-किस अधिकारी द्वारा कब-कब निरीक्षण किया है? क्या उनके निरीक्षण में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता ठीक है क्या-क्या निर्माण कार्यों का कराया जाना प्रस्तावित/स्वीकृत है वह निर्माण कार्य कब से प्रारंम्भ कर दिये गये हैं तथा कब तक पूर्ण करा लिये जावेंगे? किस-किस यंत्री के सुपरवीजन में कार्यों का निर्माण कराया जा रहा है? उनका नाम, पद बतावें एवं प्रत्येक स्वीकृत कार्यवारअलग -अलग जानकारी दें? (ख) नगर निगम ग्वालियर के अंतर्गत पार्कों या अन्य शहर विकास के लिये कितनी-कितनी वित्तीय राशि मिली है? प्रत्येक पार्कवार अलग-अलग बतावें तथा स्मार्ट सिटी विकास के लिये कौन-कौन कर्मचारी/अधिकारी रखे गये हैं? उनका नाम, पद, योग्यता, वेतनमान, पदस्थापना दिनांक तथा मुख्यालय बतावें। क्या इनमें से कोई कर्मचारी/अधिकारी प्रति नियुक्ति पर लिये गये हैं? यदि हाँ, तो कौन-कौन उनका मूल विभाग का नाम एवं पद बतावें?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) वार्ड क्रमांक 41 के छत्री पार्क, लेडीज पार्क हेतु स्वीकृत किए गए निर्माण कार्य के संबंध में जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '1' अनुसार है। निर्माण कार्य की गुणवत्ता के लिए निरीक्षणकर्ता अधिकारी का नाम एवं निरीक्षण दिनांक की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '2' अनुसार है। निरीक्षण के दौरान निर्माण कार्य की गुणवत्ता प्रश्न दिनांक तक ठीक पायी गई है। प्रस्तावित/स्वीकृत निर्माण कार्य की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '3' अनुसार है। उक्त कार्य अनुबंध पत्र के सम्पादित होने की दिनांक 06.12.2017 से शुरू किया जाकर 7 माह में पूर्ण करा दिए जावेंगे। जिन यंत्रियों के सुपरविजन में निर्माण कार्य कराया जा रहा है की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '4' अनुसार है। (ख) पार्कोंवार वित्तीय राशि की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '5' अनुसार है। ग्वालियर स्मार्ट सिटी विकास हेतु नियुक्त कर्मचारी/अधिकारियों से संबंधित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '6' अनुसार है।
मध्यान्ह भोजन की खराब गुणवत्ता
[पंचायत और ग्रामीण विकास]
77. ( क्र. 2678 ) श्री लाखन सिंह यादव : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) ग्वालियर नगर निगम क्षेत्र में आंगनवाड़ी केन्द्र तथा विद्यालयों में किस कम्पनी, ठेकेदार,एजेन्सी या स्व-सहायता समूहों द्वारा मध्यान्ह भोजन प्रदाय कराया जा रहा है, उनका नाम,पता बतावें? (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार ग्वालियर नगर निगम क्षेत्र में कितने विद्यालयों एवं कितने आंगनवाड़ी केन्द्रों, उपकेन्द्रों को कितने-कितने बच्चों को मध्यान्ह भोजन दिनांक 1 दिसम्बर 2017 से दिनांक 1 जनवरी 2018 तक उपलब्ध कराया गया है, उक्त दो माह में प्रदाय कराये गये मध्यान्ह भोजन एवं अध्यापन छात्रों की प्रत्येक स्कूल वाईज एवं आंगनवाड़ी केन्द्र-उपकेन्द्र वाईज कुल संख्या बतावें तथा उनकी उपस्थित संख्या बतावें? माह दिसम्बर 2017 में मध्यान्ह भोजन पर कुल कितनी राशि व्यय की गई हैं? (ग) प्रश्नांश (ख) अनुसार मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता बहुत खराब है, क्या यह सत्य है? यदि नहीं, तो दिसम्बर 2017 में कौन-कौन कर्मचारी/अधिकारी द्वारा मध्यान्ह भोजन सम्बन्धी किस-किस विद्यालय एवं आंगनवाड़ी केन्द्रों पर किस-किस दिनांक को निरीक्षण किया? निरीक्षणकर्ता का नाम, पद एवं निरीक्षण टीम बतावें? (घ) नगर निगम ग्वालियर में महिला एवं वाल विकास में कौन-कौन कर्मचारी/अधिकारी पदस्थ हैं? उनका नाम, पद, पदस्थापना दिनांक बतावें?
पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'क' अनुसार। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'ख' अनुसार। माह दिसम्बर 2017 में लक्षित आंगनवाड़ी केन्द्रों/उपकेन्द्रों में पोषण आहार पर 46.60 लाख रूपये एवं लक्षित शालाओं में मध्यान्ह भोजन पर कुल 27.48 लाख रूपये व्यय किया गया है। (ग) जी नहीं। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'ग' अनुसार। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'घ' अनुसार।
मुख्यमंत्री अधोसरचना मद से कराये गये कार्य
[नगरीय विकास एवं आवास]
78. ( क्र. 2685 ) श्री दिलीप सिंह परिहार : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) नीमच जिले में वित्तीय वर्ष 2016-17 से प्रश्न दिनांक तक कितनी-कितनी राशि के सीमेंट कांक्रीट व डामरीकृत सड़कों के कार्य करवाए गये हैं? क्रियान्वयन एजेंसी को किये गये भुगतान का कार्यवार ब्यौरा दें। (ख) क्या प्रश्नांश (क) में कराये गये कार्यों के गुणवत्ता के संबंध में अब तक कोई शिकायत शासन को प्राप्त हुई है? यदि हाँ, तो घटिया निर्माण किये जाने के कारण संबंधितों के विरुद्ध अब तक शासन द्वारा क्या कार्यवाही की गयी है? (ग) क्या घटिया निर्माण होने से शासन को हुई सारवान हानि की वसूली संबंधित क्रियान्वयन एजेंसी से करेगा? यदि हाँ, तो कितनी वसूल की जाने वाली राशि का पूर्ण ब्यौरा दें।
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) शासन को प्रश्नांश 'क' में उल्लेखित कार्यों के विषय पर गुणवत्ता के संबंध में कोई शिकायत प्राप्त नहीं होना प्रतिवेदित है, शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) उत्तरांश 'ख' के अनुक्रम में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
राज्य स्तर की स्वीकृति के बिना जनपद/जिला पंचायतों में नियोजित कर्मचारी
[सामाजिक न्याय एवं निःशक्तजन कल्याण]
79. ( क्र. 2710 ) श्री कमलेश्वर पटेल : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या शासन द्वारा पेंशन स्वीकृति हेतु बी.पी.एल. धारी परिवार से होने की बाध्यता समाप्त करने की घोषणा की गई थी? यदि हाँ, तो इसे केबिनेट में पास किया जाने के बाद आदेश संबंधित कार्यालयों को क्यों नहीं जारी किये जा रहे हैं? (ख) ऐसे व्यक्ति जो कि 100 प्रतिशत तक विकलांग होने के बावजूद भी बी.पी.एल. धारी परिवार से न होने के कारण पेंशन का लाभ नहीं मिल रहा है, तो क्या सरकार द्वारा इनके लिए भी बी.पी.एल. की बाध्यता समाप्त की जा रही है? यदि नहीं, तो क्यों? (ग) क्या पेंशन धारियों को प्राप्त हो रही पेंशन राशि को बढ़ाकर 1000 रूपये करने की सरकार की मंशा है? यदि हाँ, तो कब तक इसके आदेश जारी किये जायेगें? (घ) ऐसे निःशक्त व्यक्ति जिनकी पेंशन काटी गई थी? उन्हें कब तक पेंशन का लाभ दिया जावेगा?
पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी नहीं, शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) जी हाँ। दिव्यांग पेंशन प्राप्त करने के लिये बी.पी.एल. होना अनिवार्य है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी नहीं। पेंशन वृद्धि का कोई प्रस्ताव शासन स्तर पर विचाराधीन नहीं है। (घ) जी नहीं। सभी पात्र व्यक्तियों को प्रतिमाह पेंशन प्रदाय की जा रही है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
महाविद्यालय भवन एवं नवीन महाविद्यालय खोले जाना
[उच्च शिक्षा]
80. ( क्र. 2711 ) श्री कमलेश्वर पटेल : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या सिंहावल महाविद्यालय हेतु 79 लाख रूपये की स्वीकृति हुई थी, जिसमें 15 लाख रूपये लोक निर्माण विभाग को जनभागीदारी से दिया गया था आज दिनांक तक भवन निर्माण क्यों नहीं कराया गया है? शेष राशि क्या विभाग द्वारा लोक निर्माण विभाग को उपलब्ध कराई गई है? यदि नहीं, तो क्यों? (ख) बहरी आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र है जहाँ छात्रों के पास प्राईवेट महाविद्यालय की फीस भरने की क्षमता नहीं है? शासन द्वारा इसे दृष्टिगत रख कब तक बहरी में महाविद्यालय खोला जावेगा?
उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री जयभान सिंह पवैया ) : (क) जी हाँ। शासकीय महाविद्यालय, सिंहावल के भवन निर्माण हेतु शासन से राशि रूपये 78.80 लाख की प्रशासकीय स्वीकृति दिनांक 07.02.2002 को जारी की गई थी। शासन द्वारा राशि रूपये 15.00 लाख की धनराशि उक्त स्वीकृति के विरूद्ध जारी की गई थी। जिसे तत्समय के प्रचलित नियमों अनुसार जनभागीदारी खाते में जमा कराया गया था। निर्माण कार्य एजेंसी लोक निर्माण विभाग द्वारा कराया जा रहा है वर्तमान में भवन अपूर्ण है। लोक निर्माण विभाग को पर्याप्त राशि उनके बी.सी.ओ. कोड में हस्तांतरण उपरांत राशि उपलब्ध है। जिससे उन्हें कार्य पूर्ण कराना है। (ख) बहरी से शासकीय महाविद्यालय, देवसर की दूरी 27 कि.मी. एवं शासकीय महाविद्यालय, सिंहावल की दूरी 30 कि.मी. पर संचालित है। इन महाविद्यालयों में विद्यार्थी अध्ययन कर सकते है। अतः वर्तमान में सीमित संसाधनों को दृष्टिगत रखते हुए बहरी में नवीन शासकीय महाविद्यालय खोले जाने में कठिनाई है।
विधवा पेन्शन पात्रता हेतु बी.पी.एल. कार्ड की अनिवार्यता को समाप्त किया जाना
[सामाजिक न्याय एवं निःशक्तजन कल्याण]
81. ( क्र. 2741 ) श्री सोहनलाल बाल्मीक : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या मान. मुख्यमंत्री जी के द्वारा विधवा पेंशन पात्रता हेतु बी.पी.एल. कार्ड की अनिवार्यता को समाप्त किये जाने की घोषणा विधानसभा सत्र के दौरान विधान सभा भवन में की गई थी? अगर हाँ तो उपरोक्त संबंध में अभी तक विभाग द्वारा क्या कार्यवाही की गई? (ख) क्या मान. मुख्यमंत्री जी की घोषणा के अनुसार मध्यप्रदेश शासन ने विधवा पेंशन हेतु बी.पी.एल. कार्ड की अनिवार्यता समाप्त करके पात्र विधवाओं को पेंशन का भुगतान प्रारंभ कर दिया गया है? अगर हाँ तो कब से प्रारंभ कर दिया गया है? अगर नहीं किया गया है तो कब से प्रारंभ कर दिया जायेगा? (ग) क्या सम्पूर्ण मध्यप्रदेश में निवासरत अधिकांश दिव्यांगों व विकलांगों को पेंशन सुविधा का लाभ प्राप्त नहीं हो पा रहा है? क्योंकि शासन द्वारा विकलांगों को पेंशन की पात्रता हेतु बी.पी.एल. कार्ड अनिवार्य किया गया है? क्या विकलांग पेंशन पात्रता हेतु बी.पी.एल. कार्ड की अनिवार्यता को शासन द्वारा सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए समाप्त किया जा सकता है? अगर हाँ तो कब तक बी.पी.एल. कार्ड की अनिवार्यता को समाप्त कर दिया जायेगा?
पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ। नीतिगत निर्णय होने के कारण प्रक्रियाधीन है। (ख) उत्तरांश (क) अनुसार। (ग) जी नहीं। जी हाँ। बी.पी.एल. कार्ड की अनिवार्यता समाप्त करने का कोई प्रस्ताव शासन स्तर पर विचाराधीन नहीं है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
नर्मदा नदी को शुद्ध बनाये रखने के प्रयास
[नगरीय विकास एवं आवास]
82. ( क्र. 2751 ) श्री सुखेन्द्र सिंह : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या नर्मदा नदी को शुद्ध बनाये रखने हेतु नदी में मल जल एवं गंदे नालों की आवक रोकने में स्वच्छ भारत अभियान की महत्वपूर्ण भूमिका है? (ख) क्या पंचायत राज प्रतिनिधियों का उन्मुखीकरण कराने और स्वच्छता के लिये प्रेरणा का संचार करने के लिये। दिनांक 15 मई 2017 को अमरकंटक में प्रदेश के पंचायतीराज प्रतिनिधियों की भागीदारी हेतु प्रदेश में 284.70 लाख रू. स्वीकृत किये गये थे? (ग) क्या प्रश्नांश (क) (ख) के प्रकाश में प्रेरकों के प्रशिक्षण के नाम पर प्रेरकों का नाम देकर यात्रा भत्ता के नाम पर 235.25 लाख रूपये शासन के खाते से राशि आवंटित की गई? (घ) प्रश्नांश (क) (ख) (ग) के प्रकाश में नर्मदा को स्वच्छ बनाने एवं प्रशिक्षण के नाम पर, प्रेरकों के नाम पर राशि का उपयोग किए जाने तथा इतनी राशि खर्च करने के उपरांत क्या-क्या हासिल हुआ?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) एवं (ख) जी हाँ। (ग) प्रश्नांश (क), (ख) के प्रकाश में प्रेरकों के प्रशिक्षण हेतु देय यात्रा भत्ते की राशि रूपये 235.25 लाख का आवंटन राज्य स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) सतपुड़ा भवन भोपाल द्वारा दिनांक 12.05.2017 को संबंधित जिलों को किया गया। (घ) नर्मदा किनारे स्थित 16 जिलों में 06 जिले पूर्ण रूप से खुले में शौच से मुक्त घोषित हो चुके है। अन्य जिले अगले 03 माह में खुले से शौच मुक्त होने की कगार पर है। उक्त 16 जिलों में कुल 7364 ग्राम पंचायतें एवं 8159 गांव खुले में शौच से मुक्त हो चुके हैं।
आदिवासी वार्ड क्र. 11 में विद्युतीकरण
[नगरीय विकास एवं आवास]
83. ( क्र. 2754 ) श्री सुखेन्द्र सिंह : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) प्रश्नकर्ता द्वारा विधानसभा, ध्यानाकर्षण एवं पत्र के माध्यम से नगर पंचायत मऊगंज जिला रीवा के वार्ड क्र. 11 में विद्युतीकरण कराये जाने की मांग पर संचालनालय नगरीय प्रशासन एवं विकास म.प्र. भोपाल द्वारा विद्युतीकरण के संबंध में पत्र क्र. 2375/या.प्रा./07/ 02/2017 दिनांक 24.10.2017 मुख्य नगर पालिका अधिकारी नगर परिषद् मऊगंज के लिये पत्र लिखा गया हैं? (ख) यदि हाँ, तो उपरोक्त पत्र में लिखा है कि आपके द्वारा रुपये 18.80 लाख का प्राक्कलन विद्युतीकरण हेतु प्रस्तुत किया था? जिसे निर्धारित बिंदुओं के अन्तर्गत प्रस्तुत करने हेतु सूचित किया गया था? (ग) प्रश्नांश (ख) के प्रकाश में यदि हाँ, तो लेख किया गया है कि प्रस्तुत प्राक्कलन से अधिक 46.00 लाख रूपये की राशि मांगी गई हैं, क्यों? समक्ष में उपस्थित होकर स्पष्ट करें? जिससे राशि उपलब्ध कराई जा सके? (घ) प्रश्नांश (क) (ख) (ग) के प्रकाश में यदि समक्ष में उपस्थित होकर स्पष्ट किया गया? यदि हाँ, तो उपस्थित का दिनांक एवं निराकरण से अवगत करावें? यदि नहीं, तो क्यों कारण स्पष्ट करें? क्या उपस्थित होकर स्पष्टीकरण नहीं किये जाने के कारण राशि विद्युतीकरण हेतु जारी नहीं की जा सकी? जिससे विद्युतीकरण नहीं हो सका? इसके लिये कौन-कौन जिम्मेदार हैं? जिम्मेदारों के खिलाफ कार्यवाही की जावेगी? यदि हाँ, तो क्या? कब तक? यदि नहीं, की जावेगी तो क्यों? राशि जारी कर कब तक विद्युतीकरण करा लिया जावेगा।
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) जी हाँ। जी हाँ। (ग) उत्तरांश 'ख' के प्रकाश में नगर परिषद् मऊगंज द्वारा पूर्व प्रस्तुत प्राक्कलन राशि रू. 18.80 लाख के स्थान पर राशि रू. 46.00 लाख की मांग की गई थी। जी नहीं, उक्त पत्र में समक्ष में उपस्थित होकर स्पष्ट करने के कोई निर्देश नहीं दिये गये। जी नहीं, ''राशि उपलब्ध करायी जा सके'' का उल्लेख नहीं है, सामान्यत: इस तरह के कार्य निकाय को स्वयं की निधि से करना होता है। संभागीय कार्यालय, नगरीय प्रशासन एवं विकास एवं संचालनालय, नगरीय प्रशासन एवं विकास द्वारा निर्माण कार्यों की तकनीकी एवं प्रशासकीय स्वीकृति प्रदाय की जाती है। (घ) उत्तरांश (क) (ख) (ग) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
स्वीकृत मुख्यालय पर कार्यालय संचालित कराना
[पंचायत और ग्रामीण विकास]
84. ( क्र.
2755 ) श्री
सुखेन्द्र
सिंह : क्या
पंचायत
मंत्री महोदय
यह बताने की
कृपा करेंगे
कि (क) प्रश्नकर्ता
के विधान सभा
क्षेत्र
मऊगंज अन्तर्गत
मध्यप्रदेश
ग्रामीण सड़क
विकास
प्राधिकरण
परियोजना
क्रियान्वयन
इकाई रीवा-2 मऊगंज
मुख्यालय
मऊगंज में
किराये के भवन
में संचालित
थी? (ख) यदि
हाँ, तो
क्या सी.ई.ओ.
म.प्र.
ग्रा.स.वि.प्रा.
भोपाल के आदेश
पत्र क्रमांक 20756-20757/22/बी-12/ई-1/1/2017 भोपाल
दिनांक 12.09.2017 द्वारा प्रश्नांश
(क) का मुख्यालय
रीवा किया गया
है? (ग) प्रश्नांश
(ख) की
कार्यवाही के
विरोध में क्या
प्रश्नकर्ता
द्वारा सी.ई.ओ.
मुख्य
महाप्रबंधक, महाप्रबंधक
म.प्र.
ग्रा.स.वि.प्रा.
भोपाल एवं रीवा
को पत्राचार
किया?
क्या
स्थल (कार्यालय)
के लिये
सुविधायुक्त
निजी एवं
शासकीय खाली
स्थान को भी
चिन्हित कर
पत्र से अवगत
कराया गया? क्या
मुख्य
महाप्रबंधक
म.प्र.ग्रा.स.वि.प्रा.रीवा
द्वारा पत्र
क्र. 1515
दिनांक 10.10.2017 को प्रश्नांश
(क) अनुसार
कार्यालय का
मुख्यालय
किये जाने का
पत्र सी.ई.ओ. भोपाल
को लिखा था? (घ) प्रश्नांश
(ग) के प्रकाश
में कार्यालय
स्थानान्तरण
दिनांक से
प्रश्न
दिनांक तक क्या-क्या
कार्यवाही की
गई? की
गई कार्यवाही
की प्रतिलिपि
उपलब्ध
करावें? कार्यालय
को पूर्ववत कब
तक किया
जावेगा? नहीं किया
जावेगा तो क्यों? क्या
मऊगंज में एक
ओर जिला स्तर
के
अधिकारियों
की पदस्थापना
की जा रही है वहीं
दूसरी ओर
कार्यालय
अधिकारी अपनी
सुविधा अनुसार
बड़े शहर में
कार्यालय लगा
रहे हैं क्यों? क्या
कार्यालय का
स्थानान्तरण
शासन-प्रशासन
की सहमति से
किया गया है? यदि
हाँ, तो
क्यों? यदि नहीं, तो उसे
मुख्यालय पर
क्यों नहीं
लगाया जा रहा
है? इसके
लिये कौन दोषी
हैं? दोषी
को चिन्हित कर
कार्यवाही की
जावेगी? यदि हाँ, तो कब
तक? यदि
नहीं, तो
क्यों?
पंचायत
मंत्री ( श्री
गोपाल भार्गव )
: (क) एवं
(ख) जी
हाँ। (ग) जी हाँ। जी
हाँ, माननीय
विधायक के
पत्र पर मुख्य
महाप्रबंधक
संभाग रीवा
द्वारा इकाई-2 रीवा
का मुख्यालय
मऊगंज करने के
संबंध में
पत्र दिनांक 10/10/2017
द्वारा लेख
किया गया, परंतु
विस्तृत
प्रस्ताव
चाहे जाने पर
मुख्य
महाप्रबंधक, रीवा
द्वारा पत्र
दिनांक 28/11/2017 के माध्यम
से आवश्यक
सुविधायें
उपलब्ध न होने
से इकाई-2 रीवा का
मुख्यालय
रीवा ही रखे
जाने का
अनुरोध किया
गया था। (घ) कार्यालय
स्थानांतरण
के पश्चात्
आज दिनांक तक
की गई
कार्यवाही की
छायाप्रति पुस्तकालय
में रखे
परिशिष्ट अनुसार
है।
मऊगंज में
परियोजना
क्रियान्वयन
इकाई के कार्य
को संचालित
करने के लिए
कार्यालय
हेतु आवश्यक
मूलभूत
सुविधायें निर्बाध
रूप से उपलब्ध
न होने के
कारण प्राप्त
प्रस्ताव
अनुसार इकाई 2 रीवा
का मुख्यालय
मऊगंज से रीवा
किया गया। चूंकि
स्थितियां
पूर्वानुसार
ही है अतः कार्यालय
को पूर्ववत
स्थापित करना
अभी उपयुक्त नहीं
है। प्रधानमंत्री
ग्राम सड़क
योजना के
अन्तर्गत
सामान्यतः, परियोजना
क्रियान्वयन इकाइयां
प्रत्येक
जिले में जिला
स्तर पर
स्थापित है
इसके
अतिरिक्त
कार्यभार के मान
से कुछ जिलों
में एक से
अधिक इकाइयां
गठित की गई है।
परियोजना
क्रियान्वयन
इकाई का मुख्यालय
मऊगंज से जिला
मुख्यालय पर
स्थानीय
इकाई की कार्य
करने में आ
रही कठिनाई संबंधी
प्रतिवेदन के
आधार पर किया
गया है। शासन
द्वारा कुल स्वीकृत
परियोजना
क्रियान्वयन
इकाइयों में
से कार्यभार
एवं स्थानीय
आवश्यकतानुसार
इकाइयों को क्रियाशील
एवं समाप्त
करने की
कार्यवाही
मुख्य
कार्यपालन
अधिकारी
द्वारा की
जाती है
वर्तमान में
परियोजना
क्रियान्वयन
इकाई-२ रीवा
कार्य सुचारू
रूप से
संचालित होने
से शेष
प्रश्नांश
उपस्थित नहीं
होता है।
नगर निगम में स्वच्छता अभियान का प्रचार-प्रसार
[नगरीय विकास एवं आवास]
85. ( क्र. 2766 ) श्री मनोज निर्भय सिंह पटेल : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) विधान सभा क्षेत्र देपालपुर के अंतर्गत आने वाले इंदौर नगर निगम के वार्ड क्रमांक 14, 15 एवं 16 में कितनी कॉलोनियां स्थापित हैं? (ख) क्या उक्त वार्डों की कॉलोनियों में सड़क पानी एवं बिजली तथा ड्रेनेज की सुचारू व्यवस्था उपलब्ध है? यदि नहीं, तो जिन कॉलोनियों में उक्त व्यवस्था नहीं हो, तो ऐसी कॉलोनियों की सूची उपलब्ध करायें एवं उन कॉलोनियों में कब तक व्यवस्था उपलब्ध करा दी जावेगी? (ग) उक्त वार्डों में विगत तीन वर्षों में कितना व्यय किया गया है? मदवार जानकारी उपलब्ध करायें। (घ) उक्त वार्डों की समस्त कॉलोनियों में समस्त सुविधाएं उपलब्ध कराने हेतु क्या योजना तैयार की गयी है?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) विधानसभा क्षेत्र देपालपुर के अंतर्गत आने वाले इन्दौर नगर पालिका निगम के वार्ड क्रमांक-14, 15 एवं 16 में कुल 44 कॉलोनियां विद्यमान हैं। (ख) जी नहीं, उक्त वार्डों में सड़क, पानी, बिजली तथा ड्रेनेज की सुचारू व्यवस्था उपलब्ध न होकर इनकी आंशिक व्यवस्था उपलब्ध है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' अनुसार है। नगर निगम की वित्तीय व्यवस्था एवं नियमानुसार इन कॉलोनियों में सम्पूर्ण मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकेगी, समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''ब'' अनुसार है। (घ) उक्त वार्डों की समस्त कॉलोनियों में समस्त सुविधायें उपलब्ध कराये जाने हेतु वर्तमान में कोई कार्य योजना तैयार नहीं है, परन्तु क्षेत्र की आवश्यकतानुसार उपलब्ध बजट प्रावधानों के अंतर्गत विभिन्न अधोसंरचना विकास के कार्य समय-समय पर नगर निगम द्वारा किये जाते हैं।
स्वच्छता अभियान अंतर्गत प्रचार-प्रसार पर व्यय की जानकारी
[नगरीय विकास एवं आवास]
86. ( क्र. 2767 ) श्री मनोज निर्भय सिंह पटेल : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) विगत 03 वर्षों में स्वच्छता अभियान के तहत नगर पालिका निगम इन्दौर द्वारा प्रचार-प्रसार हेतु होर्डिंग्स, बेनर में कितना व्यय किया गया? (ख) नगर निगम द्वारा ऐसे कितने स्थानों पर होर्डिंग्स बेनर लगाये गये जो पूर्व में किसी अन्य संस्था या व्यवसायी को किराये पर उपलब्ध कराये गये? इन स्थानों पर उन संस्थाओं या व्यवसासियों के होर्डिंग्स व बेनर न लगने के कारण कितनी आय में नुकसान हुआ? (ग) स्वच्छता अभियान के तहत और अन्य किन साधनों के उपयोग से प्रचार-प्रसार पर कितना कितना व्यय किया गया हैं? (घ) नगर पालिका इन्दौर को स्वच्छता अभियान के तहत कुल कितना बजट आवंटित किया गया?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) होर्डिंग्स बेनर पर किया गया व्यय राशि रू. 93,71,845/- (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र 'अ' अनुसार है। (ग) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र 'ब' अनुसार है। (घ) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र 'स' अनुसार है।
महाविद्यालय की स्थापना एवं रिक्त पदों की जानकारी
[उच्च शिक्षा]
87. ( क्र. 2802 ) श्री नरेन्द्र सिंह कुशवाह : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भिण्ड विधानसभा क्षेत्र के अन्तर्गत नवीन शासकीय महाविद्यालय प्रारम्भ किये जाने हेतु क्या प्रयास किए जा रहे हैं? नवीन महाविद्यालय खोलने हेतु क्या मापदण्ड निर्धारित किए गए हैं? छायाप्रति सहित जानकारी दें? (ख) कार्यालय आयुक्त उच्च शिक्षा मध्यप्रदेश भोपाल 1141/265/ सीएमएस/आउशि योजना/17 भोपाल, दिनांक 14/12/2017 के अनुसार शासकीय महाविद्यालय लहरोली में खोलने की प्रश्नांश दिनांक तक क्या कार्यवाही प्रचलित है? अभी तक क्या कार्यवाही की गई है? (ग) भिण्ड विधानसभा क्षेत्र के अन्तर्गत ग्रामीण अंचल में शासकीय महाविद्यालय न होने के कारण प्रश्नांश दिनांक शासन स्तर पर क्या कार्यवाही की जा रही है? ऐसी समस्या के लिए शासन में क्या प्रावधान है? (घ) भिण्ड विधानसभा में कहाँ-कहाँ पर महाविद्यालय स्थापित हैं? कितने पद स्वीकृत हैं? कितने पद कार्यरत हैं? कितने पद रिक्त हैं? पद रिक्त होने का क्या कारण है? फर्नीचर की समुचित व्यवस्था हैं? यदि नहीं, तो क्यों? क्रय करने के लिए क्या प्रावधान हैं? छायाप्रति सहित जानकारी दें।
उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री जयभान सिंह पवैया ) : (क) भिण्ड विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत नवीन शासकीय महाविद्यालय प्रारंभ किये जाने की कोई योजना वर्तमान में विचाराधीन नहीं है। प्राथमिक परीक्षण के मापदण्ड पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' अनुसार है। (ख) माननीय प्रश्नकर्ता विधायक को पत्र क्रमांक 151/265/सीएमएस/आउशि/यो./2017 दिनांक 28.02.2018 के द्वारा अवगत कराया गया है कि वर्तमान में सीमित संसाधनों को दृष्टिगत रखते हुये नवीन शासकीय महाविद्यालय खोले जाने में कठिनाई है। (ग) वर्तमान में कोई कार्यवाही विचाराधीन नहीं है। अन्य संचालित निकटस्थ महाविद्यालयों में ग्रामीण अंचल के विद्यार्थी अध्ययन कर सकते हैं। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''ब'' एवं ''स'' अनुसार है। शासकीय महाविद्यालयों में फर्नीचर क्रय हेतु सत्र 2017-18 के बजट में संबंधित मद 0798 में रूपये 55.00 लाख का प्रावधान है। किसी महाविद्यालय के नाम से बजट प्रावधान नहीं किया जाता है। छायाप्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''द'' अनुसार है।
निर्माण कार्यों की जानकारी
[पंचायत और ग्रामीण विकास]
88. ( क्र. 2804 ) श्री नरेन्द्र सिंह कुशवाह : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला भिण्ड के अंतर्गत ग्राम पंचायत टोला विकासखण्ड लहार में दिनांक 01/01/2015 से प्रश्नांश दिनांक तक कौन से निर्माण कार्य किस मद से कितनी लागत के करवाये गये हैं? किस स्तर के अधिकारी द्वारा मेजरमेन्ट बुक पर अंकित किए गए? (ख) प्रश्नांश (क) में वर्णित अवधि में गुणवत्ता की जाँच और मूल्यांकन किस स्तर के अधिकारी ने किस दिनांक को सत्यापित किया है? क्या मापदण्डों का पालन नहीं किया गया है? यदि हाँ, तो क्यों? (ग) प्रश्नांश (क) और (ख) में गड़बड़ी पाये जाने पर क्या संबंधित के विरूद्ध वैधानिक कठोर कार्यवाही की जावेगी? (घ) प्रश्नांश (क) के अंतर्गत कार्य गुणवत्ताहीन और मापदण्ड के विरूद्ध किए गए हैं? अन्य विभाग के अधिकारियों से जाँच करवाई जायेगी?
पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' अनुसार है। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र ''ब'' अनुसार है। जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) समस्त कार्यों में मापदण्डों का पालन होने से प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) जी नहीं। शेष प्रश्न उद्भूत नहीं होता।
स्टेडियम निर्माण की घोषणा
[खेल और युवा कल्याण]
89. ( क्र. 2850 ) श्री जितेन्द्र गेहलोत : क्या खेल और युवा कल्याण मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) दिनांक 10 जनवरी, 2016 को माननीय मुख्यमंत्री जी ने आलोट कार्यक्रम में ताल जिला रतलाम में स्टेडियम निर्माण की स्वीकृती प्रदान करने की घोषणा की थी। अब तक माननीय मुख्यमंत्री की घोषणा पर अमल क्यों नहीं किया गया? (ख) क्या स्टेडियम निर्माण हेतु भूमि का चयन किया गया था? यदि हाँ, तो कब एवं उक्त संबंध में क्या कार्यवाही की गई? (ग) माननीय मुख्यमंत्री जी की घोषणा उपरांत ताल में स्टेडियम निर्माण नहीं होने में क्या कारण है, कब प्रारंभ होगा?
खेल और युवा कल्याण मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) जी हाँ। मान. मुख्यमंत्री जी की घोषणा के क्रियान्वयन हेतु कलेक्टर, रतलाम द्वारा विभाग को स्टेडियम निर्माण हेतु 2.200 हेक्टेयर भूमि उपलब्ध करायी गई थी। इसी भूमि का लोक निर्माण विभाग, पी.आई.यू. द्वारा नियुक्त आर्किटेक्ट द्वारा निरीक्षण किया गया तथा आवंटित भूमि पर कुआँ, नाला, 33 के.वी.ए. विद्युत लाईन एवं जंगल होने के कारण स्टेडियम निर्माण हेतु अनुपयुक्त बतायी गई है। (ख) जी हाँ। भूमि का चयन कलेक्टर, रतलाम द्वारा दिनांक 29.12.2016 को किया गया था। शेष उत्तरांश (क) अनुसार (ग) भूमि उपलब्ध न होने के कारण निश्चित समय अवधि दी जाना संभव नहीं है।
उद्योगों को दी जाने वाली रियायतें व सुविधाओं की जानकारी
[उद्योग नीति एवं निवेश प्रोत्साहन]
90. ( क्र. 2858 ) श्री कैलाश चावला : क्या खनिज साधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्य प्रदेश शासन द्वारा जी.एस.टी. लागू होने से पूर्व मध्य प्रदेश में उद्योग को क्या-क्या रियायतें व सुविधाएं दी जा रही थीं? बड़े उद्योग, लघु उद्योग के बारे में जानकारी देवें। (ख) जी.एस.टी. लागू होने के पश्चात् उक्त उद्योग को पूर्व से स्वीकृत एवं मिलने वाली रियायतें एवं सुविधाएं प्राप्त हो सकें इस हेतु शासन द्वारा क्या नीति बनाई गई है?
खनिज साधन मंत्री ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) मध्यप्रदेश शासन द्वारा जी.एस.टी. लागू होने से पूर्व मध्यप्रदेश में उद्योग संवर्धन नीति 2014 अंतर्गत उद्योगों को दी जाने वाली रियायतें व सुविधा की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी.एस.टी. लागू होने के पश्चात प्रवेश कर से छूट एवं मूल्य संवर्धित कर और केन्द्रीय विक्रय कर सहायता (टेक्सटाईल उद्योगों के लिये वित्तीय सहायता सहित) को छोड़कर शेष सहायता पूर्ववत् रही। प्रवेश कर से छूट एवं मूल्य संवर्धित कर और केन्द्रीय विक्रय कर सहायता (टेक्सटाईल उद्योगों के लिये वित्तीय सहायता सहित) को पूर्व से स्वीकृत सहायता/सुविधायें निरंतर दिये जाने के संबंध में, परीक्षण कर सुझाव देने हेतु अपर मुख्य सचिव, वित्त की अध्यक्षता में एक त्रिस्तरीय समिति गठित की गई। समिति द्वारा राज्य शासन को अपनी अनुशंसा प्रस्तुत की गई हैं। जिस पर राज्य शासन द्वारा विचारोपरांत निर्णय लिया जावेगा।
मिनी स्टेडियम निर्माण की योजना
[नगरीय विकास एवं आवास]
91. ( क्र. 2920 ) श्री यशपालसिंह सिसौदिया : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या मंदसौर शहर के बालागंज क्षेत्र के मिनी स्टेडियम निर्माण की योजना अन्तर्गत जिला शिक्षा विभाग की भूमि एवं प्रस्तावित कार्ययोजना का वर्ष 2008 से 2013 के मध्य राज्य शासन ने पुनर्घनत्वीकरण योजना अंतर्गत नगर पालिका परिषद् मंदसौर को हस्तांतरित की गयी थी? (ख) क्या राज्य शासन के मंत्रि-परिषद् ने शिक्षा विभाग की योजना एवं भूमि का दायित्व नगरपालिका मंदसौर को दिए जाने का निर्णय किया गया था? यदि हाँ, तो उसकी अद्यतन स्थति से अवगत करायें? (ग) क्या बालागंज मिनी स्टेडियम की भूमि एवं कार्ययोजना को लेकर मुख्य सचिव द्वारा 3 सदस्यीय साधिकार समिति का प्रमुख सचिव स्तरीय समिति का गठन किया गया है? यदि हाँ, तो गठित समिति के निर्णय से अवगत करायें?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) जी हाँ। अद्यतन स्थिति की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) जी नहीं। परन्तु इस तरह की सभी परियोजनाओं की स्वीकृति हेतु प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन, आवास एवं पर्यावरण विभाग, मंत्रालय के आदेश क्रमांक एफ-23-13/2005/32-1 दिनांक 28.11.2005 के बिन्दु क्रमांक 6 द्वारा सात सदस्यीय साधिकार समिति गठित की गई है, शेष जानकारी संकलित की जा रही है।
औद्योगिक क्षेत्र में उद्योगों की स्थापना
[उद्योग नीति एवं निवेश प्रोत्साहन]
92. ( क्र. 2982 ) श्री देवेन्द्र वर्मा : क्या खनिज साधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या खंडवा विधानसभा क्षेत्र के ग्राम रूधी में औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया गया है? हाँ तो कब एवं कितने एकड़ भूमि पर? क्या यहां पर उद्योगों के लिए पर्याप्त संसाधन, बिजली, पानी, सड़क उपलब्ध हैं? (ख) उद्योग विभाग द्वारा रूधी में उद्योगों की स्थापना करने एवं निवेशकों को प्रोत्साहित करने के लिए कब-कब, क्या-क्या प्रयास किये गये हैं? इन प्रयासों से क्या सफलता मिली? अब तक कितने उद्योगों की स्थापना हो चुकी हैं? यदि नहीं, तो क्यों? (ग) यदि नहीं, तो क्या प्रदेश सरकार खंडवा जिले की भौगोलिक संरचना, भौतिक संसाधनों की उपलब्धता एवं रेल्वे जंक्शन को देखते हुए यहां पर बड़े उद्योगपतियों से निवेश के लिए बिजनेस समिट का आयोजन करेगी? यदि हाँ, तो कब तक। (घ) क्या उद्योग विभाग यहां स्थापित होने वाले उद्योगों के लिए विशेष छूट का प्रावधान करेगा ताकि अधिक से अधिक निवेशक प्रोत्साहित हो सके? जिसके कारण क्षेत्र को उद्योग एवं बेरोजगारों को रोजगार प्राप्त हो सके?
खनिज साधन मंत्री ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जी हाँ। मध्यप्रदेश औदयोगिक केन्द्र विकास निगम इंदौर क्षेत्रांतर्गत खण्डवा विधानसभा क्षेत्र के ग्राम रुधी-भावसिंगपुरा में नवीन औदयोगिक क्षेत्र वर्ष 2013-14 में 148.74 हेक्टेयर (371.85 एकड़) भूमि पर विकसित किया गया है। यहां पर उदयोगों के पर्याप्त संसाधन, बिजली, पानी, सड़क उपलब्ध हैं। (ख) मध्यप्रदेश औदयोगिक केन्द्र विकास निगम इंदौर दवारा उक्त नवीन औदयोगिक क्षेत्र रुधि-भावसिंगपुरा में औदयोगिक भू-खण्डों के आवंटन संबंधी शिविर दिनांक 31.08.2016 को आयोजन किया गया था, जिसमें लगभग 120 उदयोगपति/निवेशकर्ता शमिल हुए थे, इसके पश्चात दिनांक 19.01.2018 में औदयोगिक शिविर का आयोजन किया गया था। इस आयोजन के संबंध में व्यापक प्रचार-प्रसार किया गया। शहर में जगह-जगह पर शिविर के संबंध में फ्लेक्स लगाये गये व चैम्बर ऑफ कॉमर्स के अधिकारियों तथा जिला व्यापार एवं उदयोग केन्द्र के स्थानीय अधिकारियों एवं अन्य समाज के अध्यक्षों को भी निगम दवारा स्थापित किये गये नवीन औदयोगिक क्षेत्र रुधि-भावसिंगपुरा में भू-आवंटन की जानकारी दी गई। दिनांक 19.01.2018 के औदयोगिक शिविर के आयोजन में खण्डवा जिले के लगभग 25 उदयोगपति/निवेशकर्ता शिविर में उपस्थित हुये जिन्हें ए.के.व्ही.एन. इंदौर के अधिकारियों दवारा लेपटॉप के माध्यम से ऑन-लाईन फार्म जमा करना बताया गया तथा उदयोग लगाये जाने संबंधी सम्पूर्ण जानकारी दी गई। वर्तमान में दो उदयोग की स्थापना हो चुकी है। (ग) औदयोगिक क्षेत्र रुधि-भावसिंगपुरा क्षेत्र की विकासकर्ता एजेंसी (औदयोगिक केन्द्र विकास निगम इंदौर) दवारा निवेशकों को आकर्षित करने हेतु स्थानीय स्तर पर शिविर आयोजित कर प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। राज्य शासन दवारा प्रदेश में निवेश आकर्षित करने हेतु प्रदेश/देश में निवेशक सम्मेलन, रोड-शो आदि का आयोजन किया जाता है, जिसमें विकसित/विकासाधीन समस्त औदयोगिक क्षेत्रों की प्रोफाइल निवेशकों के समक्ष प्रदर्शित की जाती हैं। इस प्रकार रुधि-भावसिंगपुरा की मार्केटिंग आयोजित किये जा रहे सम्मेलनों/रोड-शो में की जा रही है। (घ) प्रदेश में स्थापित होने वाले उदयोगों को सुविधा/सहायता प्रदान करने हेतु राज्य शासन दवारा सुविचारित उदयोग नीति लागू की गई है। वर्तमान में उद्योग संवर्धन नीति-2014 (यथा संशोधित-2017) के प्रावधानानुसार उदयोगों को सुविधा/सहायता प्रदान की जा रही है।
वन कटाई की जानकारी
[वन]
93. ( क्र. 2984 ) श्री देवेन्द्र वर्मा : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) खंडवा जिले में विगत तीन वर्षों में वनों की कटाई का क्या लक्ष्य रखा गया था तथा उसके विरूद्ध कितने क्षेत्र में कितने घनमीटर वनों की कटाई का कार्य किया गया तथा उससे शासन को कितने राजस्व की प्राप्ति हुई? (ख) क्या लक्ष्य से अधिक वनों की कटाई हो जाने के कारण जंगल कटाई पर शासन द्वारा रोक लगाई गई है? यदि हाँ, तो लक्ष्य से अधिक वन कटाई करने के लिए कौन-कौन अधिकारी जिम्मेदार है? (ग) वनों की कटाई के विरूद्ध वन विभाग द्वारा विगत 3 वर्षों में कितनी भूमि पर कहाँ-कहाँ क्षतिपूर्ति वनीकरण किया गया? इस क्षतिपूर्ति वनीकरण पर कितनी राशि का व्यय हुआ है? (घ) इन वनीकरण की भूमि पर रोपित अधिकांश पौधे देख-रेख के अभाव में नष्ट हो गए हैं? विभाग द्वारा पौधारोपण के पश्चात् उनकी देख-रेख में लापरवाही बरती गई है, इसके लिए कौन अधिकारी जिम्मेदार है तथा उन पर क्या कार्यवाही की जा रही है? क्या उनसे इस पौधरोपण में व्यय हुई शासकीय धन की वसूली की जाएगी? यदि हाँ, तो कब तक? (ड.) क्या विभाग द्वारा जिस तत्परता से वनों की कटाई की जाती है उतनी तत्परता से क्षतिपूर्ति वनीकरण नहीं होने से प्रदेश के तापमान में निरंतर वृद्धि हो रही है?
वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) खण्डवा जिले में प्रश्नाधीन अवधि में काष्ठ विदोहन हेतु स्वीकृत वन क्षेत्र एवं इसके विरूद्ध विदोहित क्षेत्र तथा प्राप्त काष्ठ/प्राप्त राजस्व की जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-एक अनुसार है। (ख) जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-दो अनुसार है। (घ) जी नहीं। असफल क्षतिपूर्ति वृक्षारोपण का कोई प्रकरण प्रकाश में नहीं आने से शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ड.) जी नहीं।
विधवा महिलाओं को सामाजिक सुरक्षा पेंशन का वितरण
[सामाजिक न्याय एवं निःशक्तजन कल्याण]
94. ( क्र. 3021 ) श्री आरिफ अकील : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या दिनांक 01 मार्च 2017 को वित्त मंत्री द्वारा मध्यप्रदेश विधान सभा के पटल पर प्रस्तुत बजट भाषण के बिन्दु क्रमांक 76 के अनुसार सेवारत और पेंशन पाने वाली विधवाओं को छोड़कर सामाजिक सुरक्षा पेंशन समस्त विधवाओं को प्रदान किए जाने का उल्लेख किया है? (ख) यदि हाँ, तो क्या भोपाल नगर निगम द्वारा गरीबी रेखा के राशन कार्डधारी विधवा महिलाओं को ही सामाजिक सुरक्षा पेंशन का वितरण किया जाता है और बगैर गरीबी रेखा के राशन कार्डधारी विधवा महिलाओं को सामाजिक सुरक्षा पेंशन का वितरण नहीं किया जाता है? (ग) यदि हाँ, तो क्या यह वित्त मंत्री के बजट भाषण का उल्लंघन नहीं है? यदि नहीं, तो यह अवगत करावें कि वर्तमान समय में भोपाल नगर निगम में किस-किस वार्ड में कितनी विधवा महिलाओं को गरीबी रेखा के राशन कार्ड के बगैर सामाजिक सुरक्षा पेंशन का वितरण किया जा रहा है? यदि नहीं, तो क्या शासन द्वारा निगम प्रशासन के संबंधित अधिकारियों के विरूद्ध कार्यवाही करेगा? यदि हाँ, तो क्या तथा कब तक और यदि नहीं, तो कारण सहित बतावें?
पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ (ख) जी नहीं। (ग) जी नहीं। माननीय वित्त मंत्री के बजट भाषण के संबंध में कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। भोपाल नगर निगम सीमा की वार्डवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
जिम्मेदारों पर कार्यवाही के साथ बीमा राशि दिलाई जाना
[सामाजिक न्याय एवं निःशक्तजन कल्याण]
95. ( क्र. 3035 ) श्री सुन्दरलाल तिवारी : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या म.प्र. सरकार द्वारा जन श्री बीमा योजना के माध्यम से बी.पी.एल. परिवार के सदस्यों को जिनकी उम्र 18 वर्ष से 59 वर्ष हो, भारतीय जीवन बीमा निगम द्वारा बीमित किया जावेगा, का निर्देश दिया गया था? (ख) यदि हाँ, तो प्रश्नांश दिनांक तक रीवा संभाग के जनपद पंचायतों द्वारा कितने बी.पी.एल. परिवार के सदस्यों का बीमा किया गया? विवरण वर्षवार, जनपद पंचायतवार, एवं जिलेवार देवें। सामान्य मृत्यु, दुर्घटना पर मृत्यृ, दुर्घटना से स्थाई पूर्ण अपंगता, दुर्घटना में एक हाथ एक आंख या एक पांव अक्षम होने पर कितनी राशि देनें के प्रवधान है, इस अनुसार कार्यवाही कर कितने लोगों को कितनी-कितनी राशि प्रदान की गयी का विवरण रीवा संभाग का जनपदवार, जिलेवार का वर्ष 2013 से प्रश्नांश दिनांक तक वर्षवार देवें? (ग) प्रश्नांश (ख) के संदर्भ में जिन व्यक्तियों को राष्ट्रीय परिवार सहायता का लाभ प्रदान किया गया उन में से कितने लोगों को बीमा की राशि प्रदान की गयी। विवरण वर्ष 2013 से प्रश्नांश दिनांक तक का जनपदवार, जिलों का देवें। अगर बीमा की राशि नहीं दी गयी तो क्यों? (घ) प्रश्नांश (ख) अनुसार बीमित परिवार के बच्चों को छात्रवृत्ति के लाभ दिए जाने के भी प्रावधान है, इस अनुसार वर्ष 2013 से बीमित परिवार के कितने बच्चों को प्रश्नांश दिनांक तक में लाभान्वित किया गया। विवरण जनपदवार देवें। अगर छात्रवृत्ति नहीं दी गयी तो कारण सहित बतावें। (ड.) प्रश्नांश (क) अनुसार (ख), (ग), (घ) पर कार्यवाही कर बीमा नहीं किया गया एवं बी.पी.एल. परिवार लाभ से वंचित हुए तो इसके लिए जिम्मेदारों की पहचान कर उन पर क्या कार्यवाही प्रस्तावित करेंगे एवं संबंधितों को बीमा राशि दिलाने बाबत् निर्देश जारी करेंगे? यदि हाँ, तो कब तक? अगर नहीं तो क्यों?
पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ (ख) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार। बीमित परिवार के मुखिया की सामान्य मृत्यु होने पर 30000/-, दुर्घटना में मृत्यु होने पर अथवा स्थाई रूप से पूर्ण अपंगता होने पर रू. 75000/-, दुर्घटना में एक आंख या एक हाथ या एक पांव अक्षम होने पर रू. 37500/- राशि प्रदान किये जाने का प्रावधान है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार। (ड.) रीवा संभाग अंर्तगत जनपद पंचायत द्वारा जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार बी.पी.एल परिवार के मुखिया का बीमा हेतु पंजीयन कराया गया है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार। मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायतों को बी.पी.एल परिवार के सदस्यों का जनश्री बीमा योजनान्तर्गत ऑन-लाईन पंजीयन एवं सत्यापन किये जाने हेतु निर्देशित किया गया है।
जिम्मेदारों के विरूद्ध आपराधिक प्रकरण दर्ज कराना व राशि वसूली
[वन]
96. ( क्र. 3036 ) श्री सुन्दरलाल तिवारी : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या मुकुन्दपुर जू एवं रेस्क्यू सेंटर के निर्माण में की गयी भारी अनियमितता पर तात्कालीन मुख्य वन सरंक्षक श्री पी.के. सिंह को आरोप पत्र अखिल भारतीय सेवाएं अनुशासन एवं अपील नियम 1969 (8) के अन्तर्गत जारी किया गया था? (ख) यदि हाँ, तो क्या आरोप पत्र में निर्माण कार्यों शासन के नियमों एवं प्रक्रियाओं का पालन सुनिश्चित करने में बरती गयी अनियमितता के लिए दोषी माना गया? कर्तव्यों का निर्वहन न करने एवं संविदाकारों को लाभ पहुंचाने के लिए नियमों एवं प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया गया, जिसके बचाव में 15 दिवस का समय संबंधित को दिया गया, जबाव की प्रति देते हुए बतावें कि अग्रिम कार्यवाही की स्थिति क्या है? (ग) प्रश्नांश (ख) के संदर्भ में क्या क्रय संबंधी प्रक्रिया का अनुपालन विधिसंगत नहीं कराया गया सामग्री का क्रय वित्तीय शक्तियों से परे कराया गया? भारी मात्रा में क्रय कोटेशन के माध्यम से किया गया? निविदा से किए गये क्रय पर भी व्यक्ति विशेष को लाभ पहुंचाया गया, क्यों? (घ) प्रश्नांश (क) के जारी आरोप पत्र अनुसार क्या प्रश्नांश (ख) एवं (ग) की गयी अनियमितता के लिए संबंधित ठेकेदारों एवं जिम्मेवार अधिकारियों पर राशि के गबन एवं अनियमित राशि के भुगतान व व्यय का दोषी मानकर अपराधिक प्रकरण दर्ज कराये गये? यदि आज तक जाँच पूर्ण नहीं हुई व संबंधितों पर कार्यवाही नहीं प्रस्तुत की गयी तो क्यों? (ड.) प्रश्नांश (ख), (ग) एवं (घ) अनुसार मुख्य वन संरक्षक के द्वारा की गयी अनियमितता पर जारी आरोप पत्र अनुसार जबाव प्राप्त होने के बाद दोषी अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर क्या कार्यवाही प्रस्तावित की गयी एवं शेष कार्यों हेतु क्या पूर्व के दोषी ठेकेदारों को कार्यादेश पुन: जारी कर कार्य कराये गये एवं राशि का भुगतान किया गया, तो क्यों इसके लिए संबंधित जिम्मेदारों की पहचान कर उन पर क्या कार्यवाही करेंगे? अगर नहीं तो क्यों?
वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) जी हाँ। (ख) जी हाँ। श्री पी. के. सिंह, भा.व.से. तत्कालीन मुख्य वन संरक्षक रीवा को निर्माण कार्यों में शासन के नियमों एवं प्रक्रिया को सुनिश्चित करने में बरती गई अनियमितता का दोषी पाये जाने पर शासन के पत्र क्रमांक एफ ९-१२/२०१५/१०-१, दिनांक २६.०२.२०१६ से श्री पी.के. सिंह, तत्कालीन मुख्य वन संरक्षक रीवा को आरोप पत्र जारी कर उनका बचाव उत्तर १५ दिवस के अंदर चाहा गया था। श्री सिंह के जवाब की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। प्रकरण में विभागीय जाँच संस्थित कर जाँच पूर्ण होने के उपरांत जाँच अधिकारी की जाँच उपपत्ति पर श्री पी.के.सिंह, भा.व.से. को जाँच उपपत्ति की प्रति प्रेषित कर उनका अंतिम बचाव उत्तर चाहा गया। श्री पी. के. सिंह के द्वारा प्रस्तुत अंतिम बचाव उत्तर प्रधान मुख्य वन संरक्षक को प्रेषित कर उस पर विभागाध्यक्ष का अभिमत चाहा गया, जो अप्राप्त है। (ग) क्रय संबंधी प्रक्रिया का अनुपालन विधि संगत नहीं कराये जाने, सामग्री का क्रय वित्तीय शक्तियों से परे कराने, भारी मात्रा में क्रय कोटेशन के माध्यम से किये जाने, निविदा से क्रय कर व्यक्ति विशेष को लाभ पहुंचाने के कारण श्री सिंह को आरोपित किया गया एवं विभागीय जाँच संस्थित की गई। जाँच पूर्ण हो चुकी है। श्री पी.के. सिंह के द्वारा जाँच अधिकारी की जाँच उपपत्ति पर शासन द्वारा विभागाध्यक्ष का अभिमत चाहा गया है। (घ) प्रश्नांश (क) के जारी आरोप पत्र अनुसार प्रश्नांश (ख) एवं (ग) में की गई अनियमितता के लिये संबंधित ठेकेदारों एवं अधिकारी पर कोई अपराधिक प्रकरण दर्ज नहीं कराया गया है। प्रकरण में विभागीय जाँच संस्थित की जाकर जाँच की कार्यवाही पूर्ण की जा चुकी है। श्री पी. के. सिंह के द्वारा जाँच अधिकारी की जाँच उपपत्ति पर प्रस्तुत अंतिम बचाव उत्तर पर शासन द्वारा विभागाध्यक्ष का अभिमत चाहा गया है। (ड.) प्रश्नांश (ख), (ग) एवं (घ) अनुसार संबंधितों के विरूद्ध कार्यवाही प्रचलित है। शेष कार्यों के निर्माण में किसी भी दोषी ठेकेदार को कार्य आदेश जारी नहीं किये गये हैं और न ही भुगतान किया गया है, जो भी सामग्री क्रय की जा रही है वह सफल निविदाकारों से क्रय उपरांत भुगतान किया जा रहा है। दोषी ठेकेदारों को भुगतान करने का प्रकरण प्रकाश में नहीं आया है। अत: संबंधितों को पहचान कर उन पर कार्यवाही करने का प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता।
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की अद्यतन स्थिति
[पंचायत और ग्रामीण विकास]
97. ( क्र. 3049 ) श्री सचिन यादव : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) कसरावद विधानसभा क्षेत्रांतर्गत कितने ग्राम प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से वंचित है और क्यों? कितनी सड़कों के निर्माण कार्यों के प्रस्ताव प्रस्तावित है, इनकी अद्यतन स्थिति क्या है? कितने स्वीकृत हैं? (ख) वर्तमान में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजनांतर्गत निर्मित गारंटी अवधि की कितनी एवं कौन-कौन सी सड़कें क्षतिग्रस्त हैं? तहसीलवार, सड़कवार ब्यौरा क्या है? (ग) क्या ग्यारंटी अवधि में सड़कें क्षतिग्रस्त होने पर निर्माण एजेंसियों/ठेकेदारों पर कार्यवाही की गई है? यदि हाँ, तो उक्त क्षतिग्रस्त सड़कों के निर्माण/रिपेयरिंग कार्य प्रश्नांकित दिनांक तक क्यों पूर्ण नहीं किए गये? सड़कवार जानकारी दें। (घ) उक्त में से कितनी क्षतिग्रस्त सड़कों का निर्माण कार्य किया गया? कितनी अपूर्ण है? कितनी प्रगतिरत् हैं? प्रश्नांकित दिनांक तक की स्थिति में सड़कवार जानकारी दें।
पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जानकारी निरंक। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) से (घ) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है।
जाँच के सम्बंध में
[नगरीय विकास एवं आवास]
98. ( क्र. 3050 ) श्री सचिन यादव : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) उप संचालक, नगर प्रशासन, इन्दौर, संभाग इन्दौर का पत्र क्रमांक/2ए/लेखा/98/28/1375 दिनांक 31.01.1998 के संदर्भ में प्रश्नांकित दिनांक तक की गई कार्यवाही की अद्यतन स्थिति क्या है? उक्त पत्र में उल्लेखित प्रकरण में वस्तुस्थिति की जानकारी ज्ञात अनुसार तत्संबंध में आदेश जारी किए गए है? हाँ तो आदेश की प्रति दें, नहीं तो क्यों? (ख) उक्त प्रकरण में क्या दिनांक 07.02.1996 को तत्कालीन मुख्य नगर पालिक, अधिकारी, द्वारा अवैध अनुकंपा नियुक्ति प्रदान किए जाने के खिलाफ प्रश्नांकित दिनांक तक क्या कार्यवाही की गई? उक्त अवैध अनुकंपा नियुक्ति कब निरस्त की गई? अनुकंपा प्राप्त संबंधित कर्मचारी को कब बर्खास्त किया गया? आदेश की प्रति दें। नहीं तो संबंधित कर्मचारी वर्तमान में किस पद पर कहाँ पदस्थ है और क्यों? (ग) उक्त प्रश्नांशों के संदर्भ में जाचं एवं की गई कार्यवाही में हुए विलंब के क्या कारण है?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) इंदौर संभागार्न्तगत नगर पालिका परिषद् सनावद जिला खरगोन में वर्ष 1996 में सफाई कामगार के पद पर श्री दीपक आदिवाल की नियुक्ति उनके पिता के स्थान पर की गई नियुक्ति को अनुकंपा नियुक्ति की श्रेणी में मानकार उप संचालक कार्यालय द्वारा आयुक्त नगरीय प्रशासन एवं विकास संचालनालय को प्रतिवेदन दिनांक 31.01.1998 प्रेषित किया गया था। उक्त प्रतिवेदन पर संचालनालय द्वारा अपने पत्र क्रमांक 3662 दिनांक 20.03.1998 संबंधित की नियुक्ति को निरस्त करने के संबंध में निर्देश दिये गये। प्राप्त पत्र के क्रम में मुख्य नगर पालिका अधिकारी नगर पालिका परिषद् सनावद को उप संचालक कार्यालय द्वारा अपने पत्र क्रमांक 2 ए/लेखा/98/4114 दिनांक 06.04.1998 से निर्देश दिये जा चुके थे। संबंधित की नियुक्ति को नगर पालिका सनावद द्वारा अनुकंपा नियुक्ति की श्रेणी में नहीं मानकर सफाई कामगार के पद पर मानवीय आधार पर की गई नियुक्ति दर्शाकर आयुक्त नगरीय प्रशासन एवं विकास भोपाल को नगर पालिका परिषद् सनावद द्वारा पत्र क्रमांक 30 दिनांक 13.04.1998 प्रेषित किया गया। संबंधित की नियुक्ति को नगर पालिका सनावद द्वारा निरस्त नहीं किया गया। अत: शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) प्रश्न में उल्लेखित पत्र दिनांक 07.02.1996 का संबंध निकाय में पदस्थ कर्मचारी श्री दीपक आदिवाल की सफाई कामगार के पद पर पी.आई.सी. संकल्प क्रमांक 49 दिनांक 10.01.1996 के द्वारा दी गई नियुक्ति से संबंधित है। श्री दीपक आदिवाल को मध्यप्रदेश शासन स्थानीय शासन भोपाल के पत्र दिनांक 17.03.1981 के अनुसार मानवीयता के आधार पर तत्कालीन पी.आई.सी. द्वारा पारित निर्णय के पालन में मुख्य नगर पालिका अधिकारी नगर पालिका परिषद् सनावद द्वारा नियुक्ति दी गई थी। श्री दीपक आदिवाल को नगर पालिका सनावद द्वारा अनुकंपा नियुक्ति नहीं दी है। अनुकंपा नियुक्ति नहीं होने से नियुक्ति निरस्त नहीं की गई। तद्नुसार संबंधित को बर्खास्त नहीं किया गया। संबंधित कर्मचारी वर्तमान में सहायक राजस्व निरीक्षक के पद पर नगर पालिका परिषद् सनावद जिला खरगोन में पदस्थ है। (ग) उत्तरांश (क) के परिप्रेक्ष्य में प्रकरण में जाँच की स्थिति निर्मित नहीं होने से कार्यवाही नहीं की गई। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
जनपद पंचायत मझौली के संदर्भ में
[पंचायत और ग्रामीण विकास]
99. ( क्र. 3068 ) श्री नीलेश अवस्थी : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जबलपुर जिला अंतर्गत मझौली जनपद पंचायत के ग्राम पंचायत इन्द्राना एवं कापा में विगत 05 वर्षों से कौन-कौन, कब-कब पंचायत सचिव के पद पर पदस्थ रहे, नामवार, कार्यकालवार सूची देवें एवं यह भी बतलावें कि वर्तमान समय में यहां पर कौन-कौन कब से पदस्थ हैं? (ख) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित ग्राम पंचायत सचिवों के कार्यकाल के समय उन पर किन-किन निर्माण कार्यों में कितनी-कितनी राशि के गबन के आरोप लगे एवं आरोपित आरोपों की शिकायत किस-किस द्वारा कब-कब की गई? शिकायतकर्ता के नामवार, शिकायतवार सूची देवें। (ग) क्या प्रश्नकर्ता द्वारा अपने पत्र दिनांक 02.01.2018 को मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत जबलपुर को प्रेषित शिकायत में श्री संतोष जैन पूर्व सचिव इन्द्राना द्वारा 09.11.2017 को स्थानांतरण पश्चात् भारमुक्त किये जाने के उपरांत भी अलग-अलग तिथियों में शासकीय राशि रू. 6,28,967.00 का आहरण कर अपभक्षण किये जाने की शिकायत दर्ज कराई गई थी? (घ) प्रश्नांश (ग) के उत्तर में यदि हाँ, तो उस पर की गई कार्यवाही से अवगत करावें। क्या शासन की गई शिकायत पर नियमानुसार उचित जाँच कराकर दोषियों पर कार्यवाही कर उन्हें निलंबित करेगा? उत्तर में यदि हाँ, तो किस प्रकार से कब तक? यदि नहीं, तो क्यों नहीं?
पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-''अ'' अनुसार। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-''ब'' अनुसार। (ग) जी हाँ। (घ) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र- ''स'' अनुसार है। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता।
स्वच्छता अभियान के अंतर्गत किये गये कार्य एवं व्यय राशि की जानकारी
[नगरीय विकास एवं आवास]
100. ( क्र. 3069 ) श्री नीलेश अवस्थी : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) नगर निगम जबलपुर के द्वारा शहर को साफ सुथरा बनाये रखने एवं स्वच्छता अभियान के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2016-17 एवं वर्ष 2017-18 में निर्माण, सफाई, कचरा कलेक्शन, कचरा परिवहन, डोर-टू-डोर कलेक्शन, शौचालयों, मूत्रालयों के निर्माण, कचरा मुक्त स्थलों में पेबर ब्लॉक लगाने, नागरिकों-व्यापारियों की डस्टबिन प्रदाय हेतु डस्टबिन खरीदी आदि मदों में मदवार, कार्यवार, वर्षवार कितनी-कितनी राशि का भुगतान किस दर से किस फर्म को किया गया? (ख) स्वच्छता अभियान के अंतर्गत प्रचार-प्रसार, होर्डिंग, पोस्टर, फ्लेक्स लगाने, रैलियों के आयोजन, एन.जी.ओ. से कार्य लेने बाबत् कार्यों के लिए विगत दो वर्षों में कार्यवार, सामग्री की दरवार कितना-कितना भुगतान किन-किन फर्मों को किया गया? उपरोक्त अवधि में स्वच्छता अभियान के प्रचार हेतु कितनी राशि जबलपुर वासियों से ली गयी है?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) नगर निगम जबलपुर के द्वारा शहर को साफ सुथरा बनाये रखने एवं स्वच्छता एवं स्वच्छता अभियान के अंतर्गत सफाई, कचरा परिवहन, डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन से संबंधित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '1', '2', '3' एवं '4' अनुसार है। प्लास्टिक डस्टबिन, हैंगिंग डस्टबिन, कचरा हाथ ठेला, सायकल रिक्शा डोर-टू-डोर छोटा वित्तीय वर्ष 2016-17 में रूपये 72.17 लाख एवं वर्ष 2017-18 में प्लास्टिक डस्टबिन कचरा हाथ ठेला, छोटा वाहन आदि कार्य हेतु कुल रू. 530.08 लाख का भुगतान हुआ है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '5' एवं '6' अनुसार है। शौचालय मूत्रालयों के निर्माण संबंधी वर्ष 2016-17 में रूपये 1622.62 लाख एवं वर्ष 2017-18 में राशि रू. 1435.50 लाख व्यय किया गया है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '7' एवं 'अ', 'ब', 'स' अनुसार है। एन.जी.ओ. से कार्य लेने के लिए वर्ष 2016-17 में रूपये 42.44 लाख एवं वर्ष 2017-18 में राशि रू. 17.33 लाख व्यय किया गया है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '8' अनुसार है। (ख) स्वच्छता अभियान के अंतर्गत प्रचार-प्रसार, होर्डिंग्स, पोस्टर, फलेक्स लगाने आदि कार्य वर्ष 2016-17 में राशि रू. 49, 18, 661/- एवं दिनांक 24.02.2018 तक राशि रू. 46, 84, 602/- मात्र व्यय किया गया है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '9' अनुसार है।
योजना एवं विकास कार्य कराये जाने
[नगरीय विकास एवं आवास]
101. ( क्र. 3111 ) श्रीमती प्रतिभा सिंह : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) जबलपुर विकास प्राधिकरण की योजना क्रमांक 14 एवं 5 विजय नगर में एवं स्व. श्री विशाल पचौरी कमर्शियल कॉम्पलेक्स में विगत 3 वर्षों में क्या-क्या विकास कार्य कितनी कितनी राशि के करवाये गये? कौन-कौन से कार्य गुणवत्ताहीन होने से प्रभावित है? (ख) योजना क्रमांक 5 एवं 14 विजय नगर में कचनार सिटी मार्ग एवं एस.बी.आई. चौक से घड़ी चौक मार्ग कों जोड़ने वाले 80 फीट चौड़े मार्ग पर सी.सी. रोड का निर्माण कब कितनी राशि से कराया गया? उक्त सी.सी. रोड बनने के 3 माह के अंदर ही जर्जर होने के क्या कारण है? गुणवत्ताहीन सड़क निर्माण के दोषी अधिकारी पर शासन क्या कार्यवाही कब तक करेगा?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार। (ख) योजना क्रमांक 5 एवं 14 विजय नगर में कंचनार सिटी मार्ग एवं एस.बी.आई. चौक से घंडी चौक मार्ग को जोड़ने वाला मार्ग 80 फीट चौड़ा न होकर 60 फीट चौड़े 2 मार्ग है। जानकारी संलग्न परिशिष्ट के सरल क्रमांक '1' एवं '2' अनुसार है। उक्त सी.सी. रोड कुछ हिस्से में ऊपरी सतह की सीमेंट स्लरी निकलने से क्षतिग्रस्त है। विभागीय आदेश दिनांक 08/03/2018 द्वारा निर्मित सड़क की जाँच हेतु समिति गठित की गई है। जाँच प्रतिवेदन में दोष सिद्ध होने पर संबंधितों के विरूद्ध नियमानुसार कार्यवाही की जावेगी।
क्रेशर संचालन
[खनिज साधन]
102. ( क्र. 3167 ) श्री रामपाल सिंह : क्या खनिज साधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या शहडोल जिले के ब्यौहारी तहसील अंतर्गत ग्राम भन्नी की आराजी खसरा क्रमांक ४० में क्रेशर युक्त गिट्टी निर्माण हेतु पत्थर उत्खनन की स्वीकृति मृगेन्द्र सिंह नामक व्यक्ति को दी गई है? (ख) यदि प्रश्नांश (क) हाँ तो उक्त लीज प्राप्तकर्ता द्वारा क्रेशर की स्थापना ग्राम भन्नी की आराजी खसरा क्रमांक ३४७ में की जा रही है और क्रेशर स्थापित हो चुका है? जिसके 200 मीटर दूरी के अंदर प्राथमिक शाला, पंचायत भवन, उप स्वास्थ्य केन्द्र के साथ-साथ रामलाल यादव, श्यामलाल यादव, बच्चू रैदास इत्यादि का रिहायसी मकान भी बना हुआ है तथा 300 मीटर के अंदर हरिजन बस्ती जिसमें 50-60 घर बने हुये हैं और इसी भूमि का जुज भाग 5.50 एकड़ चरनोई भूमि आरक्षित है एवं कृषकों की कृषि योग्य भूमि भी लगी हुई है। (ग) यदि प्रश्नांश (ख) हाँ तो उक्त क्रेशर पर्यावरण नियम के तहत स्थापित है? यदि नहीं, तो क्रेशर संचालक के खिलाफ कार्यवाही की जावेगी? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्यों?
खनिज साधन मंत्री ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जी नहीं। प्रश्नाधीन क्षेत्र के खसरा क्रमांक 40 पर उत्खनिपट्टा स्वीकृत न होकर प्रश्नाधीन क्षेत्र के खसरा क्रमांक 40/4 पर उत्खनिपट्टा स्वीकृत किया गया है। (ख) जी नहीं। अत: शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) प्रश्नांश (ख) के उत्तर के प्रकाश में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
पक्की सड़क का निर्माण
[पंचायत और ग्रामीण विकास]
103. ( क्र. 3178 ) श्रीमती झूमा सोलंकी : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बड़वानी जिले की तहसील वरला, विकासखण्ड सेंधवा के अन्तर्गत ग्राम मेदल्यापानी के नवाड़ फाल्या से ग्राम कुंडिया तक पक्की सड़क मार्ग का निर्माण आजादी के 70 वर्षों के बाद भी क्यों नहीं किया गया है? (ख) क्या उक्त रोड के निर्माण के लिये विभाग द्वारा डी.पी.आर. तैयार करा ली गयी है? (अ) यदि हाँ, तो इस रोड के निर्माण के लिये कितना बजट अनुमानित है, ? (ब) यदि नहीं, तो इसके लिये कौन सी एजेंसी उत्तरदायी है? उसके खिलाफ क्या कार्यवाही की जाएगी? (ग) वर्ष 2013-14 से वर्ष 2016-17 तक प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना अन्तर्गत ग्रामीण सड़कों के विकास के लिये म.प्र. शासन द्वारा कितना बजट आवंटित हुआ था तथा आवंटित बजट किन-किन मदों में खर्च हुआ एवं उक्त वर्षों से ग्रामीण क्षेत्रों में कितने कि.मी. सड़कों का निर्माण किया गया? (घ) विषयांकित ग्रामों को तहसील मुख्यालय से पक्की सड़कों से कब तक जोड़ा जा सकेगा?
पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के अंतर्गत ग्राम मेदल्यापानी को बखराली से मेदल्यापानी मार्ग द्वारा एवं ग्राम कुण्डिया को मालवन से कुण्डिया मार्ग द्वारा जोड़ा जा चुका है। प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के मार्गदर्शी सिद्धान्तों में किसी भी ग्राम को दोहरी संपर्कता देने का प्रावधान न होने के कारण मेदल्यापानी के नवाड़ फाल्या से ग्राम कुंडिया तक मार्ग निर्माण किया जाना संभव नहीं है। (ख) जी नहीं। उत्तरांश (क) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (घ) प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के अंतर्गत ऐसा कोई प्रावधान नहीं है।
सड़क का डामरीकरण/पेंचवर्क कार्य
[नगरीय विकास एवं आवास]
104. ( क्र. 3242 ) श्री बलवीर सिंह डण्डौतिया : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या भोपाल में होशंगाबाद रोड पर बागसेवनिया थाने से बागमुगालिया एक्सटेंशन लहारपुर की सड़क जगह-जगह से क्षतिग्रस्त हो गई है व बड़े-बड़े, गड्ढे हो जाने से आये दिन दुर्घटनाएं हो रही है तथा अधिक ट्रेफिक दवाब के कारण आवगमन दूभर हो रहा है? (ख) क्या उक्त सड़क का पेंचवर्क अथवा कोई मरम्मत आदि का कार्य आज दिनांक तक नहीं कराया गया है, तो क्यों? इसके लिए कौन जिम्मेदार है? (ग) क्या शासन बागमुगालिया एक्सटेंशन से बागसेवनिया थाने तक सड़क का डामरीकरण/पेंचवर्क का कार्य शीघ्र कराये जाने का आदेश देगा? यदि हाँ, तो कब तक? नहीं तो क्यों?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) भोपाल में होशंगाबाद रोड पर बागसेवनिया थाने से बागमुगालिया एक्सटेंशन लहारपुर की सड़क जगह-जगह क्षतिग्रस्त हो गई है किन्तु यह कहना ठीक नहीं है कि इससे आये दिन दुर्घटनायें हो रही है या आवागमन दूभर हो रहा है। (ख) जी नहीं। अतः शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता है। (ग) सड़क के अंश भाग पर डामरीकरण पेंचवर्क कार्य पूर्ण किया गया। शेष भाग पर कार्यवाही प्रचलन में है। समय-सीमा बतया जाना संभव नहीं है।
पी.एम.जी.एस.वाय. योजनांतर्गत नियम एवं कार्यों की जानकारी
[पंचायत और ग्रामीण विकास]
105. ( क्र. 3247 ) श्री बलवीर सिंह डण्डौतिया : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत भारत सरकार की गाइड-लाइन अनुसार कार्य करने के क्या नियम हैं? नियम की प्रति उपलब्ध करावें। (ख) विधान सभा क्षेत्र दिमनी मुरैना में जनवरी 2014 से फरवरी 2018 तक कितने निर्माण कार्य कहाँ-कहाँ कराये गये, की जानकारी, मार्गों का नाम, दूरी, एजेंसी का नाम वर्ष, लागत राशि देवें। (ग) कितने कार्य स्वीकृत, प्रस्तावित एवं प्रक्रियाधीन हैं? क्या स्वीकृत कार्य पूर्ण हो चुके हैं अथवा शेष हैं? शेष कार्य कब तक पूर्ण कर दिये जायेंगे? (घ) प्रस्तावित व प्रक्रियाधीन कौन-कौन से कार्य हैं? उनकी जानकारी भी दिमनी क्षेत्र मुरैना की दी जावे? (ड.) प्रश्नकर्ता द्वारा दिमनी विधान सभा क्षेत्र जिला मुरैना पी.एम.जी.एस.वाय. योजना में व जि.यो. समिति में प्रस्तुत आवेदनों पर क्या कार्यवाही हुई?
पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। (ग) स्वीकृत मार्गों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-स अनुसार है। अन्य कोई मार्ग प्रस्तावित नहीं है। (घ) कोई कार्य प्रस्तावित एवं प्रक्रियाधीन नहीं है। (ड.) माननीय विधायक महोदय द्वारा प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के जिला कार्यालय में प्रश्न दिनांक तक कोई भी पत्र प्राप्त नहीं किया गया है। जिला योजना समिति मुरैना की बैठक दिनांक 30.12.2017 के कार्य विवरण में उल्लेख अनुसार माननीय विधायक महोदय द्वारा ग्राम गोपी में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क निर्माण की मांग की गई थी। ग्राम गोपी को प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के मार्ग गोपी से खड़ियाहार द्वारा संपर्कता प्रदान की जा चुकी है। ग्राम गोपी में माननीय विधायक महोदय द्वारा प्रस्तावित सड़क निर्माण, ग्राम का आंतरिक मार्ग है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के दिशा-निर्देशों के अनुसार दोहरी संपर्कता एवं आंतरिक मार्ग के निर्माण का प्रावधान न होने के कारण ग्राम गोपी में सड़क का निर्माण किया जाना संभव नहीं है।
सोनचिरैया अभ्यारण की जानकारी
[वन]
106. ( क्र. 3260 ) श्रीमती शकुन्तला खटीक : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या जिला शिवपुरी में सोनचिरैया अभ्यारण जो कि प्रश्नकर्ता विधायक विधान सभा क्षेत्र करैरा के अंतर्गत आता है, क्या (क) में वर्णित अभ्यारण में वर्षों से प्रश्नांकित दिनांक तक सोनचिरैया आज तक नहीं देखी गई है? (ख) क्या शासन के नियमानुसार अभ्यारण में जो भूमि शामिल है, उस पर कृषक वर्ग कोई भी ऋण क्रय-विक्रय आदि कार्य प्रतिबंधित है, जिससे कृषक समुदाय प्रभावित हो रहा है? (ग) प्रश्नांश (ख) में वर्णित प्रकरण की जाँच कराई जाकर कृषकों की जमीन पर से प्रतिबंध हटाकर उन्हें क्रय-विक्रय ऋण प्राप्त हेतु अधिकार दिये जावेंगे व कब तक?
वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) जी हाँ। करैरा अभयारण्य, जिला शिवपुरी के विधान सभा क्षेत्र 23-करैरा के अंतर्गत आता है। इस अभयारण्य में वर्ष 1994 से अभी तक सोनचिड़िया नहीं देखी गई। (ख) वन्यप्राणी (संरक्षण) अधिनियम, 1972 की धारा 20 लागू होने के कारण अभयारण्य के अंतर्गत सम्मिलित निजी भूमि के क्रय-विक्रय पर प्रतिबंध है, ऋण संबंधी प्रतिबंध नहीं है। अभयारण्य क्षेत्र में सम्मिलित भूमि के क्रय-विक्रय पर प्रतिबंध होने से स्थानीय कृषक समुदाय निजी भूमि के क्रय-विक्रय न करने से प्रभावित हो़ रहा है। कृषकों द्वारा ऋण लिये जाने पर राज्य शासन द्वारा कोई प्रतिबंध नहीं लगाया गया है। (ग) मध्यप्रदेश शासन द्वारा करैरा अभयारण्य को डिनोटिफाई करने के संबंध में सहमत होते हुए अभयारण्य को डिनोटिफाई करने के संबंध में माननीय सर्वोच्च न्यायालय में दायर याचिका में केन्द्रीय साधिकार समिति द्वारा प्रकरण में यह शर्त लगाई गई है कि जब तक करैरा अभयारण्य का डिनोटिफाई किये जाने वाले संरक्षित क्षेत्र के समतुल्य क्षेत्र को संरक्षित क्षेत्र के रूप में नोटिफाई नहीं कर देता है, तब तक संरक्षित क्षेत्र को डिनोटिफाई नहीं किया जा सकता। करैरा अभयारण्य को डिनोटिफाई किये जाने के लिए भारत सरकार की उक्त शर्त का पालन करने के लिए अन्य संरक्षित क्षेत्र में वृद्धि करने की कार्यवाही जारी है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। अभयारण्य का डिनोटिफिकेशन होने के उपरांत वन्यप्राणी (संरक्षण) अधिनियम, 1972 की धारा 20 के प्रावधान उक्त क्षेत्र हेतु स्वतः ही समाप्त हो जाने से कृषक अपनी निजी भूमि का क्रय-विक्रय कर सकेंगे। ऋण लेने का अधिकार कृषकों को पूर्व से ही है वन विभाग द्वारा कृषकों के ऋण लेने के अधिकार को कभी प्रतिबंधित नहीं किया गया है।
विभिन्न सड़क योजनांतर्गत स्वीकृत राशि की जानकारी
[पंचायत और ग्रामीण विकास]
107. ( क्र. 3293 ) श्री रजनीश सिंह : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र केवलारी अंतर्गत वर्ष 2013-14 से प्रश्न दिनांक तक प्रधानमंत्री सड़क योजना, मुख्यमंत्री सड़क योजना, मुख्यमंत्री खेत सड़क योजना, एवं सुदूर ग्राम संपर्क सड़क योजना इत्यादि के माध्यम से कुल कितनी, किन-किन स्थानों पर कितने कि.मी., कितनी राशि की सड़कें स्वीकृत की गई? (ख) उपरोक्त योजना अंतर्गत सड़कों को बनाए जाने की स्वीकृति किस दिनांक को दी जाकर कितनी समयावधि में इन्हें बनाया जाना था? इनमें से कितनी पूर्ण रही, कितनी अपूर्ण रही, साथ ही कितनी राशि व्यय होकर कितनी शेष रही हैं? (ग) क्या प्रधानमंत्री सड़क योजना एवं मुख्यमंत्री सड़क योजना के द्वितीय चरण में क्रमश: प्र.ग्रा.स.यो. में कितनी सड़कें चिन्हित होकर डी.पी.आर. बनाई गयी तथा मु.ग्रा.स.यो. अंतर्गत कितनी सड़कों का डामरीकरण किये जाने की कार्ययोजना बनाई गई? (घ) क्या उपरोक्त योजना के मार्गदर्शी सिद्धांतों के अनुसार सड़कें बनाए जाने के बावजूद ग्रामीण क्षेत्रों के अनेक गांवों के मार्ग अभी भी सड़क विहिन होकर योजनान्तर्गत नहीं आते? इस हेतु क्या शासन लिंक सड़क योजना प्रारंभ कर इन्हें पूर्ण करेगा? हाँ तो कब तक?
पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) एवं (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) विधानसभा क्षेत्र केवलारी में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (द्वितीय) के तहत चिन्हित 5 मार्गों की डी.पी.आर. तैयार की जाकर भारत सरकार से स्वीकृति प्राप्त की गई एवं निविदा आमंत्रण की कार्यवाही भी की जा चुकी है। मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना अंतर्गत निर्मित ग्रेवल स्तर के 13 मार्गों को डामरीकरण हेतु स्वीकृत किया गया है। (घ) जी वर्तमान में लिंक सड़क योजना नामक योजना शासन स्तर पर विचाराधीन नहीं है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
जिला/जनपद पंचायत के कर्मचारियों की विभागीय जाँच
[पंचायत और ग्रामीण विकास]
108. ( क्र. 3328 ) इन्जी. प्रदीप लारिया : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला पंचायत सागर अंतर्गत वर्ष 2015 से प्रश्न दिनांक तक कितने अधिकारी/कर्मचारी की विभागीय जाँच संस्थित है तथा क्या विभागीय जाँच के निराकरण हेतु शासन/विभाग द्वारा कोई समय-सीमा निर्धारित है? (ख) यदि हाँ, तो किन-किन के विरूद्ध विभागीय जाँच कब से संस्थित हैं? (ग) यदि शासन/विभाग द्वारा विभागीय जाँच हेतु समय-सीमा निर्धारित है तो प्रश्नांश (ख) में वर्णित अधिकारी/कर्मचारियों की विभागीय जाँच समय-सीमा में पूर्ण क्यों नहीं हुई? (घ) क्या प्रश्नांश (ख) में वर्णित अधिकारी/कर्मचारियों की विभागीय जाँच में विभाग द्वारा अब तक क्या-क्या कार्यवाही की गई है तथा उपरोक्त जाँच कब तक पूर्ण होगी तथा जाँच समय-सीमा में पूर्ण न होने के लिए कौन-कौन उत्तरदायी हैं?
पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) वर्ष 2015 से प्रश्न दिनांक तक जिला एवं जनपद पंचायतों के 06 अधिकारी/कर्मचारियों की विभागीय जाँच संस्थित है। विभागीय जाँच एक वर्ष में पूर्ण किये जाने के शासन के निर्देश हैं। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार। (ग) प्रश्न (ख) के उत्तर में उल्लेखित अधिकारी/कर्मचारियों के विरुद्ध विभागीय जाँच सरल क्रमांक 1 से 4 तक की विभागीय जाँच शासन द्वारा निर्धारित समय-सीमा 01 वर्ष के पूर्व पूर्ण कर ली जावेगी। सरल क्रमांक 5 श्री राजाराम कबीरपंथी की विभागीय जाँच अधिकारी अपर कलेक्टर सागर को आदेश किया गया है। उक्त अवधि में पदस्थ अपर कलेक्टरों के स्थानान्तरण होने एवं वर्तमान में अपर कलेक्टर का पद रिक्त हाने के कारण डिप्टी कलेक्टर को अपर कलेक्टर का प्रभार प्राप्त है। इस कारण विभागीय जाँच में विलंब हुआ है। इसी प्रकार क्र. 6 श्री चरण सिंह संत सहायक ग्रेड-2 के विभागीय जाँच अधिकारी तत्कालीन सहायक संचालक पंचायत श्री व्ही.एस. बरूआ जिनके पास तत्समय संयुक्त संचालक, सामाजिक न्याय का प्रभार था, को विभागीय जाँच अधिकारी नियुक्त किया गया था, जिनके सेवानिवृत्त होने एवं अभिलेख उपलब्ध न होने के कारण विभागीय जाँच प्रक्रिया में विलंब हुआ है। क्रमांक 5 एवं 6 में उल्लेखित जाँच 08 माह में पूर्ण कर ली जावेगी। (घ) प्रचलित विभागीय जाँच पूर्ण उपरांत जाँच प्रतिवेदन के आधार पर अनुशंसनात्मक प्राधिकृत अधिकारी द्वारा निर्णय लिया जावेगा। शेष उत्तर उत्तरांश (ग) अनुसार। जाँच समय-सीमा में पूर्ण न होने के लिए कोई अधिकारी उत्तरदायी नहीं है।
जंगली पशुओं द्वारा फसलों का नुकसान
[वन]
109. ( क्र.
3334 ) इन्जी.
प्रदीप
लारिया : क्या वन
मंत्री महोदय
यह बताने की
कृपा करेंगे
कि (क) क्या
नरयावली
विधानसभा
क्षेत्र
अंतर्गत
जंगली पशुओं
जैसे सुअर, नीलगाय, बंदर
आदि द्वारा
ग्रामों में
फसल एवं अन्य
प्रकार के
नुकसान की
शिकायतें
विभाग को प्राप्त
हुई है? (ख) यदि
हाँ, तो
विभाग को किन-किन
ग्रामों से इस
संबंध में
वर्ष 2016-17
में शिकायतें
प्राप्त हुई
है एवं उन
शिकायतों पर
क्या
कार्यवाही की
गई है?
(ग) क्या
विभाग जंगली
पशु जंगली (सुअर, नीलगाय, बंदर
आदि) जो
किसानों की
फसलों को
नुकसान
पहुंचा रहे हैं, उन
पशुओं को
पकड़कर जंगल
में छोड़ने की
कोई कार्यवाही
प्रश्न
दिनांक तक की
गई है?
(घ) क्या
जंगली पशुओं
द्वारा किये
गये फसलों के
नुकसान के
मुआवजा के
लिये विभाग
में कोई योजना
है? यदि
हाँ, तो
जानकारी
देवें।
वन
मंत्री ( डॉ.
गौरीशंकर
शेजवार ) : (क) जी
हाँ। (ख) राजस्व
विभाग से
संबंधित होने
के कारण प्राप्त
समस्त
शिकायतों को
संबंधित
राजस्व अधिकारी
को मूलतः
अग्रिम
कार्यवाही
हेतु प्रेषित
की गई है। जानकारी संलग्न
परिशिष्ट अनुसार है।
(ग) जी
नहीं। (घ) जंगली
पशुओं द्वारा
फसलों के
नुकसान की
क्षतिपूर्ति
के लिये
मुआवजा के लिए
वन विभाग में
अलग से कोई
योजना नहीं है।
मध्यप्रदेश
शासन लोक सेवा
प्रबंधन
विभाग की अधिसूचना
क्रमांक एफ 308-05-01-2010
दिनांक 24.09.2011 द्वारा
मध्यप्रदेश
लोक सेवाओं के
प्रदान की गारंटी
अधिनियम, 2010 के तहत्
सेवा क्रमांक 4.6 में
वन्यप्राणियों
से फसल हानि
के भुगतान
हेतु यह सेवा
राजस्व विभाग
को सौंपी गई
है। राजस्व
पुस्तक
परिपत्र 6 (4) की
कंडिका 11 (क) में दिये
गये निर्देशानुसार
प्रभावित
कृषक द्वारा
राजस्व विभाग
में आवेदन
प्रस्तुत
किये जाने पर
स्थल
निरीक्षण
उपरांत क्षति
के आंकलन के
आधार पर
सहायता
अनुदान राशि
की स्वीकृति
संबंधित सक्षम
राजस्व
अधिकारी
द्वारा दी
जाती है।
राजस्व निरीक्षक के पद पर अनुकंपा नियुक्ति
[नगरीय विकास एवं आवास]
110. ( क्र. 3379 ) श्री विजय सिंह सोलंकी : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) नगर पालिका शिवपुरी के तत्कालीन लेखा अधिकारी द्वारा दिनांक 26 मई 2000 को प्रदत्त अभिमत संबंधी पत्र की प्रति देवें, जिसमें दिवंगत कर्मचारी की धर्मपत्नी शासकीय सेवारत होने का उल्लेख किया गया। (ख) उपरोक्त अभिमत होने के बावजूद श्री सौरभ गौड़ को नियुक्ति किस आधार पर दी गई? नियुक्ति संबंधी आवेदन, प्रमाण-पत्र, अनुशंसा-पत्र, विभागीय अभिमत आदि सहित पूर्ण दस्तोवजों की प्रति देवें। क्या कारण है कि श्री सौरभ गौड़ को नाकेदार पद पर दी गई अनुकंपा नियुक्ति में परिवर्तन कर राजस्व निरीक्षक पद पर अनुकंपा नियुक्ति की गई। इस संबंधी विभागीय निति/निर्देश की प्रति देवें। (ग) ऐसा जिन अधिकारी के आदेश पर किया गया, उन पर अभी तक कार्यवाही क्यों नहीं की गई? ऐसे अधिकारी वर्तमान में कहाँ पदस्थ हैं? पूर्ण नाम, पद सहित जानकारी देवें। (घ) शासन कब तक (ख) अनुसार अवैध नियुक्ति को निरस्त कर इसका आदेश करने वाले अधिकारी को दंडित करेगा?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) नगर पालिका परिषद्, शिवपुरी की नस्ती पर दिये गये अभिमत की प्रति की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ‘'अ'' अनुसार है। (ख) श्री सौरभ गौड़ की नियुक्ति संबंधी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ‘'ब'' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ‘'स'' अनुसार है। (घ) विभाग के पत्र क्रमांक एफ 4-38/2012/18-1 के अनुसार शासन अनुमति से किये जाने के कारण कोई अनियमितता नहीं पायी गई है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ‘'द'' अनुसार है। तद्संबंध में आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो तथा लोकायुक्त कार्यालय को शिकायतें प्राप्त हुई है जो विभाग को तद्संबंध में आवश्यक कार्यवाही हेतु भेजी गई है। अभिलेख तथा संबंधितों को सुनने के पश्चात प्रतिवेदन प्रस्तुत किया जावेगा।
खनि निरीक्षकों को प्रभारी खनिज अधिकारी के अधिकार
[खनिज साधन]
111. ( क्र. 3399 ) श्री निशंक कुमार जैन : क्या खनिज साधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) राज्य में वर्तमान में किस जिले में किस खनि निरीक्षक को प्रभारी खनिज अधिकारी के पद पर किस आदेश दिनांक से पदस्थ किया गया है? (ख) गैर राजपत्रित खनि निरीक्षक को प्रभारी खनिज अधिकारी बनाए जाने का प्रावधान म.प्र. गौण खनिज नियम 1996 के किस नियम में दिया है? इस नियम में प्रभारी खनिज अधिकारी किसे बनाये जाने का प्रावधान है? (ग) खनि निरीक्षकों को प्रभारी खनिज अधिकारी का कार्य भार सौपें जाने की बजाय उन्हें पदोन्नत किए जाने का क्या कारण रहा है?
खनिज साधन मंत्री ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) राज्य में किसी जिले में खनि निरीक्षक, प्रभारी खनिज अधिकारी के पद पर पदस्थ नहीं है। अत: प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) मध्यप्रदेश गौण खनिज नियम, 1996 में प्रश्नानुसार प्रावधान नहीं हैं। अत: प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) प्रश्नानुसार विभाग द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की गई है। अत: शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
अवैध उत्खनन की जाँच
[खनिज साधन]
112. ( क्र. 3426 ) श्री मोती कश्यप : क्या खनिज साधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला कटनी के वि.खं. बड़वारा की छोटी महानदी एवं उमडार नदी में किन-किन ग्रामों की रेत खदानें किन-किन दिनांकों को किस अवधि हेतु किनसे अनुबंधित की गई हैं और उनका सीमांकन कब कराया जाकर सीमा संकेत लगाकर अवैध खनन रोकने की दृष्टि से सौंपी गई हैं? (ख) क्या कलेक्टर एवं विभागीय अधिकारी द्वारा प्रश्नांश (क) में अनेकों पोकलेन मशीनों से निर्धारित घनमीटर के विरूद्ध 20 से 50 गुना तथा कई कि.मी. तक अवैध खनन की किन्हीं दिनांकों को जाँचकर पोकलेन पकड़कर जप्त की गई हैं और क्या कोई अर्थदण्ड अधिरोपित किया है? नहीं तो क्यों? (ग) क्या प्रश्नांश (क), (ख) की घोर अनियमितता से विभाग को सैकड़ों करोड़ के राजस्व की क्षति पर विभागीय अधिकारियों द्वारा कार्यवाही न करने के कारण क्या हैं और क्या उनके द्वारा खनन माफियाओं से सांठ-गांठ कर शासन के राजस्व को हानि पहुंचाना सिद्ध नहीं करता है? (घ) क्या विभाग किसी दिनांक तक राज्य स्तरीय विशेषज्ञों का दल गठित कर प्रश्नांश (क), (ख) का सीमांकन व आंकलन, वैध व अवैध खननकर्त्ताओं की पहचान कर और जिला व विभागीय अधिकारियों/कर्मचारियों के कृत्यों व सांठ-गांठ, राजस्व की हानि की जाँच व दायित्व निर्धारित कर वसूली, स्थानांतरण, निष्कासन की कार्यवाही सुनिश्चित करेगा?
खनिज साधन मंत्री ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) प्रश्नानुसार जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी हाँ। प्रश्नांश (क) में उल्लेखित नदियों में से ग्राम गुढाखुर्द तहसील बड़वारा के खसरा नंबर 215 के रकबा 2.50 हेक्टेयर क्षेत्र में दिनांक 19.11.2017 को अवैध उत्खनन की जाँच की गई है। जिसमें मशीन एक्सकेवेटर बकेट तथा दिनांक 11.01.2018 को अवैध उत्खनन की जाँच में एक पोकलेन मशीन जप्त की गई है। इस अवैध उत्खनन में खनि निरीक्षक द्वारा दिनांक 19.11.2017 को प्रस्तुत प्रतिवेदन में रूपये 7, 65, 000/- तथा दिनांक 11.01.2018 को प्रस्तुत प्रतिवेदन में राशि रूपये 15 करोड़ का जुर्माना किया जाना प्रस्तावित किया गया है। (ग) प्रश्नांश (ख) में दी गई जानकारी अनुसार प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) प्रश्नांश (ख) में दिये उत्तर के अनुसार कार्यवाही की गई है। अत: प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
प्रदेश में लघु उद्योगों की स्थापना
[सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम]
113. ( क्र. 3444 ) श्री जितेन्द्र गेहलोत : क्या राज्यमंत्री, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या शासन अनुसूचित जाति आरक्षित एवं अनुसूचित जन जाति आरक्षित विधानसभा क्षेत्रों में विशेष प्रावधान कर औद्योगिक क्षेत्र घोषित व स्थापित करता है? यदि हाँ, तो पूर्ण विवरण दें। (ख) आलोट जिला रतलाम अनुसूचित जाति आरक्षित विधानसभा क्षेत्र में अब तक युवा बेरोजगारों को लघु उद्योग स्थापित करने हेतु औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना अब तक पूर्ण क्यों नहीं हुई है? पूर्व में भूमि चयन हेतु स्वीकृत उपरांत भी दो वर्षों में औद्योगिक क्षेत्र की घोषणा क्यों नहीं हुई?
राज्यमंत्री, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम ( श्री संजय पाठक ) : (क) स्थानीय औद्योगिक परिवेश, उपयुक्त भूमि की उपलब्धता, उद्योगों हेतु कच्चे माल आदि संसाधनों की उपलब्धता, औद्योगिक भूमि की मांग, कुशल जन शक्ति की उपलब्धता इत्यादि के दृष्टिगत औद्योगिक क्षेत्र स्थापित किये जाते हैं। (ख) प्रश्नांश (क) में वर्णित कारकों के कारण औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना अब तक नहीं हो सकी है।
अतिथि विद्वानों के नियमितीकरण
[उच्च शिक्षा]
114. ( क्र. 3505 ) श्रीमती ऊषा चौधरी : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या म.प्र. के समस्त शासकीय महाविद्यालयों में विगत 20-25 वर्षों से कार्यरत अतिथि विद्वान यू.जी.सी. द्वारा निर्धारित सभी योग्यताएं पूर्ण करते हैं तथा पी.एच.डी./नेट/सेट की भी उच्चतम योग्यता रखते हैं, जिनकी नियुक्ति प्रतिवर्ष मैरिट व अनुभव के आधार पर करती हैं तो हर वर्ष इन्हें इस व्यवस्था से बाहर भी क्यों कर दिया जाता है? (ख) प्रश्नांश (क) यदि हाँ, तो क्या इन्हें सात महीने के स्थान पर 12 माह के लिए नियुक्ति करने के आदेश जारी किये जायेंगे तथा शासकीय प्राध्यापकों की तरह मातृत्व अवकाश, चिकित्सा अवकाश एवं आकस्मिक अवकाश के साथ अन्य सभी सुविधाएं इन अतिथि विद्वानों को भी दिए जाने के निर्देश जारी किये जावेंगे? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्यों? (ग) क्या इन अतिथि विद्वानों को वेतनमान न देकर 275 रूपये प्रति कालखण्ड एवं अधिकतम 03 कालखण्ड निर्धारित किये गए हैं एवं अवकाश के दिनों का कोई भुगतान नहीं किया जा रहा है, क्यों? (घ) क्या इन अतिथि विद्वानों को यू.जी.सी. द्वारा मान्य सहायक प्राध्यापक पद हेतु निर्धारित न्यूनतम वेतनमान देने के आदेश जारी किये जायेंगे तथा सहायक प्राध्यापक परीक्षा 2017 का विज्ञापन निरस्त करते हुए विगत 20-25 वर्षों से निरंतर सेवा देने वाले इन अतिथि विद्वानों को शासन स्तर से निराकरण करते हुए कब तक नियमितीकरण करने के आदेश जारी किये जावेंगे?
उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री जयभान सिंह पवैया ) : (क) जी नहीं। समस्त आवेदक अर्हता नहीं रखते है, प्रतिवर्ष मेरिट एवं अनुभव के आधार पर आवंटन सूची जारी करते हुए इस प्रक्रिया को अपनाया जाता है, जिससे यू.जी.सी. अर्हता वाले नवीन आवेदकों को प्रक्रिया में सम्मिलित होने का अवसर प्राप्त हो। (ख) अतिथि विद्वान लोक सेवक की परिभाषा में नहीं आते है। अतः प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी हाँ, शासनादेश अनुसार मानदेय का भुगतान किया जाता है। (घ) जी नहीं। उत्तरांश (ख) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
ग्राम सभा के माध्यम से हितग्राही का चयन
[पंचायत और ग्रामीण विकास]
115. ( क्र. 3508 ) श्री महेन्द्र सिंह : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रधानमंत्री आवास योजना में जिन लोगों के नाम आवास सूची में नहीं हैं, उनके नाम ग्राम उदय से भारत उदय अभियान के तहत आयोजित ग्राम सभा के माध्यम से हितग्राही चयन का प्रावधान है? (ख) प्रश्नांश (क) के अनुसार यदि हाँ, तो विगत 3 वर्षों में विधानसभा गुनौर की जनपद पंचायत गुनौर अन्तर्गत ग्राम पंचायत विक्रमपुर में उक्त अभियान के तहत किस-किस दिनांक को ग्राम सभा का आयोजन किस प्रभार में आयोजित की गई तथा उक्त ग्राम सभाओं में (ग्राम उदय से भारत उदय अभियान) प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत कितने आवेदन पत्र प्राप्त हुए व उन आवेदन पत्रों पर क्या कार्यवाही की गई? कितने हितग्राही लाभान्वित हुए? कितने आवेदन प्रक्रियाधीन है? कितने निरस्त हुए? स्पष्ट करें? (ग) प्रश्नांश (ख) के अनुसार यदि ग्राम सभा में प्राप्त आवेदन या कार्यवाही पंजी में उल्लेखनीय नामों में विचार न करने जैसी लापरवाही संबंधित उत्तरदायी कर्मचारी के द्वारा की गई है, तो उसके विरूद्ध कार्यवाही कर हितग्राहियों का चयन किया जावेगा? यदि हाँ, तो क्या कार्यवाही की जावेगी और कब तक की जावेगी? हितग्राहियों का चयन कब तक किया जावेगा?
पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी नहीं। (ख) प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
अतिक्रमण की जानकारी
[नगरीय विकास एवं आवास]
116. ( क्र. 3511 ) श्री गोविन्द सिंह पटेल : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) नगर निगम भोपाल द्वारा मई, 2017 को नेहरू नगर, वार्ड 29, के म.नं. एस-318 से 324 के सामने सड़क पर बनी झुग्गियां तथा पार्क पर अतिक्रमण को हटाने के बाद पुन: सड़क पर अतिक्रमण कैसे हो गया है? पुन: अतिक्रमण न हो सके, इसके लिए क्या किसी अधिकारी को निरीक्षण की जिम्मेदारी नहीं दी गई थी क्या? (ख) इन अतिक्रमणकर्ताओं द्वारा रहवासी क्षेत्रों में अत्याधिक संख्या में पाले जा रहे बकरे बकरियों को बार-बार शिकायतों के बाद भी क्यों नहीं हटाया जा रहा है? कब तक जानवरों को हटाया जाएगा? (ग) नगर निगम द्वारा सड़क पर बार-बार झुग्गियों को बनाकर अतिक्रमण करने वाले अतिक्रमणकर्ताओं के विरूद्ध मान. म्युनिसिपल मजिस्ट्रेट न्यायालय में चालान प्रस्तुत कर कानूनी कार्यवाही कर अतिक्रमण स्थायी रूप से क्यों नहीं हटाया जा रहा है? (घ) क्या किसी जिम्मेदार अधिकारी को दायित्व देकर पुन: किये गये अतिक्रमण/पशुओं को हटाया जाएगा? समयावधि स्पष्ट करें।
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) प्रश्नाधीन स्थल पर स्थित पुनः किये गये अतिक्रमण को दिनांक 05/03/2018 को जिला प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर अतिक्रमण हटा दिया गया है। स्थल पर पुनः अतिक्रमण न हो इस हेतु क्षेत्रीय स्वच्छता प्रभार जोन क्रमांक 18 को जिम्मेदारी दी गई है। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ख) जी नहीं। निगम द्वारा समय-समय पर शिकायत प्राप्त होने पर उक्त क्षेत्र के आवारा पशुओं को पकड़कर कांजी हाउस में बंद किया जाता है। बकरा-बकरियां पालतू मवेशी घरों में बंधे होने के कारण उन्हें पकड़ा नहीं जा सकता है। किंतु आवारा विचरण करते हुए पशुओं को पकड़कर कांजी हाउस में बंद किया जाता है। (ग) प्रश्नाधीन स्थल पर स्थित अतिक्रमण हटा दिया गया है। यदि अतिक्रमणकारियों द्वारा पुनः अतिक्रमण किया जाता है तो उनके विरूद्ध नियमानुसार चालानी कार्यवाही होगी। (घ) जानकारी उत्तरांश (क) एवं (ख) में दी गई है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
नगर पालिका में आस-पास के ग्रामों को सम्मिलित किया जाना
[नगरीय विकास एवं आवास]
117. ( क्र. 3515 ) श्री अमर सिंह यादव : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) राजगढ़ जिले की जिला मुख्यालय की नगरपालिका राजगढ़ को नगर पंचायत से नगरपालिका का दर्जा कब तथा किस आदेश से प्राप्त हुआ है? आदेश की प्रति उपलब्ध करावें। (ख) वर्तमान में नगरपालिका राजगढ़ की सीमा के अंतर्गत आस-पास के कौन-कौन से ग्राम सम्मिलित हैं? उनके नाम व जनसंख्या सहित बतावें। (ग) क्या नगरपालिका राजगढ़ की सीमा से लगे हुये आस-पास के ग्राम जिनमें कॉलोनी आदि काटी गई है को शासन नगरपालिका में सम्मिलित करेगा? यदि हाँ, तो इसके लिये अब तक क्या कार्यवाही की गई है? (घ) यदि सम्मिलित नहीं करेगा तो क्यों नहीं?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) नगर पालिका राजगढ़ को नगर पालिका का दर्जा वर्ष 2011 में प्राप्त हुआ था, मध्यप्रदेश शासन नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग मंत्रालय भोपाल का पत्र क्रमांक एफ-1-40/2010/18-3 भोपाल दिनांक 26/12/2011 के द्वारा नगर पालिका राजगढ़ का दर्जा दिये जाने का आदेश प्राप्त हुआ है। आदेश की प्रति जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) वर्तमान में नगर पालिका राजगढ़ की सीमा के अन्तर्गत आस-पास के कोई ग्राम सम्मिलित नहीं है। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) नगर पालिका निर्वाचन से पूर्व परिसीमन हेतु नगर पालिका राजगढ़ से प्रस्ताव प्राप्त न होने के कारण आस-पास के क्षेत्र को नगर पालिका में सम्मिलित नहीं किया गया है। (घ) उत्तरांश (ग) के परिप्रेक्ष्य में शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
नगर पंचायत कुरावर में कराये गये निर्माण कार्यों की जानकारी
[नगरीय विकास एवं आवास]
118. ( क्र. 3580 ) श्री गिरीश भंडारी : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) राजगढ़ जिले की नगर पंचायत कुरावर द्वारा दिनांक 01अप्रैल 2015 से प्रश्न दिनांक तक कौन-कौन से निर्माण कार्य किस-किस मद राशि से कब-कब कराये गये? (ख) प्रश्नांश (क) की उपलब्ध जानकारी अनुसार जो निर्माण कार्य कराये गये, उनकी टेण्डर प्रक्रिया कब-कब किस प्रचार माध्यम से अपनाई गई? किस-किस फर्म ने उक्त प्रक्रिया में भाग लिया? फर्म के नाम सहित जानकारी दें। (ग) प्रश्नांश (क), (ख) में जो निर्माण कार्य कराये गये, उनका सत्यापन किस-किस अधिकारी ने किया? अधिकारी का नाम, पदनाम सहित जानकारी दें?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) से (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है।
क्रेशर संचालन के नियम
[खनिज साधन]
119. ( क्र. 3584 ) श्री पुष्पेन्द्र नाथ पाठक : क्या खनिज साधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अस्थायी क्रेशर/क्रेशर लगाने हेतु शासन के क्या दिशा निर्देश एवं नियम हैं? प्रति उपलब्ध करावें। (ख) विधानसभा क्षेत्र बिजावर अंतर्गत विकासखंड राजनगर के ग्राम पंचायत पारवा में वर्तमान में कितने अस्थायी क्रेशर/क्रेशर लगे हुए है? खसरा नंबर, व्यक्ति, फर्म, साझेदारों के नाम क्या हैं? कब से संचालित हैं? कब तक लाइसेंस वैध है? (ग) प्रश्नांश (ख) के अनुक्रम में उक्त अस्थायी क्रेशर/क्रेशर मशीन हेतु पत्थर कहाँ से आते हैं? (घ) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के अनुक्रम में क्या उक्त संचालित अस्थायी क्रेशर/क्रेशर शासन द्वारा तय मापदंडानुसार संचालित है? क्या आबादी से दूरी के तय मानक की पूर्ति होती है? यह मानक कितना है?
खनिज साधन मंत्री ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) मध्यप्रदेश गौण खनिज नियम, 1996 में क्रेशर द्वारा गिट्टी निर्माण हेतु पत्थर खनिज का उत्खनिपट्टा स्वीकृत किये जाने के प्रावधान हैं। अस्थाई क्रेशर/क्रेशर लगाने की अनुमति देने के कोई प्रावधान नहीं है न ही विभाग के ऐसे कोई दिशा निर्देश हैं। अत: शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) प्रश्नानुसार जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) प्रश्नानुसार जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (घ) प्रश्नांश (क) में दिये गये उत्तर के प्रकाश में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
विश्वविद्यालय-महाविद्यालय की भूमि का सीमांकन
[उच्च शिक्षा]
120. ( क्र. 3596 ) श्री यशपालसिंह सिसौदिया : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या उच्च शिक्षा विभाग द्वारा प्रदेश के महाविद्यालय एवं विश्वविद्यालय की भूमि को बेचने अथवा भूमि लीज पर देने का निर्णय लिया है? यदि हाँ, तो उज्जैन संभाग में कहाँ-कहाँ? महाविद्यालय/विश्वविद्यालयवार सूची देवें। प्रत्येक प्रकरण में भूमि बेचने अथवा लीज पर देने की आवश्यकता क्यों पड़ी? (ख) दिनांक 1 जनवरी, 2000 के पश्चात क्या उज्जैन संभाग के किसी विश्वविद्यालय द्वारा भूमि बेचने, लीज पर देने, लैंड यूज परिवर्तन करने का प्रस्ताव सरकार को प्राप्त हुआ है? यदि हाँ, तो कहाँ-कहाँ का? क्या उच्च शिक्षा विभाग की समस्त भूमि का सीमांकन किया जा चुका है? (ग) मन्दसौर जिले के किन-किन महाविद्यालयों, में किस-किस जमीन पर किस-किस अन्य विभाग, निजी व्यक्ति फर्म का कहाँ-कहाँ अतिक्रमण है? क्या महाविद्यालय के बाहर नगरपालिका, नगर निगम, नगर पंचायतों ने दुकानें उच्च शिक्षा विभाग की बैगर अनुमति के बना दी हैं? यदि हाँ, तो किस नियम के तहत? क्या इन दुकानों का किराया महाविद्यालयों विकास पर खर्च किया जा रहा है? (घ) क्या मंदसौर जिलें में उच्च शिक्षा विभाग की बिना अनुमति के शासकीय महाविद्यालयों की भूमि पर कलेक्टर द्वारा अन्य विभाग के अधिकारी के निवास हेतु भवन जीवन बीमा निगम के कार्यालय एवं अन्य विभागों के उपयोग हेतु भूमि आवंटित कर दी गयी है? यदि हाँ, तो कहाँ-कहाँ, कब-कब, किस नियम के तहत? गत दिनांक 1 जनवरी, 2000 से जानकारी देवें।
उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री जयभान सिंह पवैया ) : (क) जी नहीं। शेष प्रश्नांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ख) जी नहीं। जी हाँ। (ग) जिले के किसी शासकीय महाविद्यालयों को आवंटित भूमि पर किसी भी विभाग-फर्म का कोई अतिक्रमण नहीं है, न ही किसी संस्थान द्वारा किसी प्रकार की कोई दुकानें ही निर्मित की गई हैं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
शासकीय कर्मचारियों को पेंशन का प्रावधान
[पंचायत और ग्रामीण विकास]
121. ( *क्र. 3626 ) डॉ. मोहन यादव : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शासकीय कर्मचारियों के सेवानिवृत्त होने पर क्या उन्हें पेंशन का प्रावधान है? नियम सहित बतायें। (ख) क्या विभागांतर्गत शासकीय कर्मचारियों पर विभागीय जाँच अथवा वसूली निकलने पर विभागीय तौर पर उसके समस्त स्वत्व, जी.पी.एफ. ग्रेच्युटी, अर्जित अवकाश नकदीकरण वसूल कर परिवार पेंशन का भी भुगतान नहीं किया जाता है? यदि हाँ, तो नियम सहित स्पष्ट करें? (ग) प्रश्नांश (ख) यदि सही नहीं है तो फिर श्री मोहनलाल पाराशर, सेवानिवृत्त सहायक यंत्री को सेवानिवृत्ति के लगभग तीन वर्ष बाद भी परिवार पेंशन एवं उनके स्वत्वों का भुगतान नहीं किए जाने के क्या कारण हैं? (घ) प्रश्नांश (ग) प्रकरण की जाँच कर कब तक प्रकरण का निराकरण करा दिया जावेगा?
पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ। नियमों की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) श्री मोहनलाल पाराशर, सेवानिवृत्त सहायक यंत्री के विरूद्ध सेवानिवृत्ति पश्चात् भी विभागीय जाँच एवं शासकीय धन राशि रू. 30,63,082/- की वसूली प्रचलित होने से पेंशन का भुगतान नहीं हुआ। श्री पाराशर को म.प्र. शासकीय कर्मचारी समूह बीमा योजना अंतर्गत देय राशि, म.प्र. शासकीय कर्मचारी परिवार कल्याण निधि योजना अंतर्गत देय राशि, अर्जित अवकाश नकदीकरण की राशि का भुगतान किया जा चुका है एवं प्रत्याशित पेंशन आदेश भी जारी किया जा चुका है। (घ) प्रकरण में जाँच प्रचलित होने से पेंशन देने की निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
जिले में चलित दफ्तर का आयोजन
[पंचायत और ग्रामीण विकास]
122. ( क्र. 3676 ) श्री दिनेश राय (मुनमुन) : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या सिवनी जिले में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सिवनी के निर्देश पर सभी जनपद पंचायतों में प्रति सप्ताह चलित दफ्तर का आयोजन किया जा रहा है? (ख) प्रश्नांश (क) के तारतम्य में सिवनी जिले में आयोजित चलित दफ्तर कहाँ-कहाँ किस-किस दिनांक को आयोजित किये गये? कौन-कौन अधिकारी/कर्मचारी उपस्थित रहे? जनपद पंचायतवार सूची उपलब्ध करावें? (ग) प्रश्नांश (ख) अवधि के दौरान कितने-कितने आवेदन, किस-किस विभाग के प्राप्त हुये और उन आवेदनों पर क्या-क्या कार्यवाही की गई? (घ) क्या चलित दफ्तर अवधि के दौरान कार्यालय के सभी अधिकारी/कर्मचारी आयोजन स्थल पर उपस्थित हो रहे हैं? यदि हाँ, तो उक्त दिवस पर संबंधित कार्यालय पर अपनी समस्याओं के निराकरण हेतु आने वाले हितग्राहियों का समाधान किस स्तर पर किसके द्वारा किया जा रहा है? (ड.) क्या चलित दफ्तर में अनेकों विभागो के अधिकारी/ कर्मचारी उपस्थित नहीं हो रहे हैं? यदि हाँ, तो ऐसे आयोजनों का क्या औचित्य हैं? अनुपस्थित अधिकारी/कर्मचारियों के विरूद्ध कोई कार्यवाही प्रस्तावित की गई है? यदि हाँ, तो क्या? यदि नहीं, तो क्यों?
पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-''अ'' एवं ''ब'' अनुसार। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-''स'' अनुसार। (घ) जी नहीं। (ड.) चलित दफ्तरों अंतर्गत अनेक विभागों के कर्मचारी उपस्थित होते हैं। ग्रामीण क्षेत्र जनों की सुविधा की दृष्टिगत उनकी समस्याओं के निराकरण हेतु कार्यक्रम का आयोजन किया गया। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
सी.ई.ओ. द्वारा शासकीय योजनाओं में अनियमितता
[पंचायत और ग्रामीण विकास]
123. ( क्र. 3677 ) श्री दिनेश राय (मुनमुन) : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला पंचायत सिवनी के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री स्वरोचिष सोमवंशी द्वारा पदस्थापना दिनांक से प्रश्न दिनांक तक उनके शासकीय निवास पर किस-किस विभाग द्वारा किस मद से कितनी-कितनी राशि से कार्य कराये गये? तकनीकी स्वीकृति, प्रशासकीय स्वीकृति सहित कार्यवार सूची उपलब्ध करावें। (ख) क्या प्रश्नांश (क) में वर्णित अधिकारी द्वारा पदस्थापना दिनांक से प्रश्न दिनांक तक किस-किस ग्राम पंचायत रोजगार सहायक एवं ग्राम पंचायत सचिव को निलंबन से बहाल करने की कार्यवाही की है? जनपद पंचायतवार आदेशों की सूची सहित जानकारी उपलब्ध करावें। (ग) क्या श्री सोमवंशी मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सिवनी पिछले 02 वर्षों से जिला पंचायत में पदस्थ हैं एवं उनके द्वारा समस्त प्रकार की शासकीय योजनाओं में अनियमितता बरती जा रही है? (घ) क्या इस हेतु प्रश्नकर्ता द्वारा पूर्व में भी माननीय मुख्यमंत्री जी को अवगत कराया जा चुका है? इसके बावजूद सी.ई.ओ. सिवनी जिला पंचायत के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है? यदि हाँ, तो उक्त अधिकारी एवं उनके द्वारा की जा रही अनियमितता के खिलाफ शासन स्तर पर कार्यवाही की जा रही है? यदि नहीं, तो क्यों?
पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सिवनी के शासकीय निवास पर ग्रामीण यांत्रिकी सेवा द्वारा कंटेन्जेंसी मद से राशि रु. 1.75 लाख के कार्य की कार्यवाही सूची संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-एक पर है। (ख) वांछित जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-दो पर है। (ग) जी नहीं। श्री सोमवंशी दिनांक 4/2017 से सिवनी में पदस्थ है। उनके द्वारा शासकीय योजना में अनियमितता बरतने की जानकारी प्रकरण में प्रमाणित नहीं है। (घ) विभाग को अनियमितताओं की शिकायत प्राप्त होने पर नियमानुसार कार्यवाही की जा सकेगी।
माईनिंग विभाग द्वारा घाटों की नीलामी
[खनिज साधन]
124. ( क्र. 3684 ) डॉ. कैलाश जाटव : क्या खनिज साधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या विधानसभा क्षेत्र गोटेगांव अंतर्गत क्या मां नर्मदा घाटों पर वर्ष 2015-16, 2016-17 एवं 2017-18 में माईनिंग विभाग द्वारा घाटों की नीलामी की गई है? यदि हाँ, तो कौन-कौन से घाट, किस पैकेज के तहत, किस-किस को कब-कब दिये गये? वर्षवार, दिनांकवार, जमा की गई सिक्योरिटी राशि, ठेकेदार के नाम सहित सूची प्रदान करें। (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार यदि हाँ, तो क्या विभाग द्वारा रॉयल्टी वसूलने हेतु रेत नाके बनाये हैं? यदि हाँ, तो कहाँ-कहाँ, कब से, स्थान सहित जानकारी प्रदान करें। (ग) प्रश्नांश (क) अनुसार खदानों से रेत का स्टॉक करने हेतु स्थान निर्धारित किये गये हैं? यदि हाँ, तो स्थान, ग्राम का नाम, रकबा नं., भू-स्वामी, एग्रीमेंट किसके नाम है? जानकारी प्रदान करें।
खनिज साधन मंत्री ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) विभाग द्वारा प्रश्नाधीन विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत नर्मदा नदी के घाटों को नीलाम नहीं किया गया है। इस क्षेत्र में रेत खनिज की 08 खदानों के उत्खनिपट्टे मध्यप्रदेश राज्य खनिज निगम के पक्ष में स्वीकृत हैं। मध्यप्रदेश राज्य खनिज निगम द्वारा इन उत्खनिपट्टा खदान समूह गोटेगांव, कोड क्रमांक-एस.एम.सी. 0108 के रेत विक्रय के ठेके की नीलामी दिनांक 08.05.2015 को की गई थी वर्ष 2016-17 एवं वर्ष 2017-18 में इनकी नीलामी नहीं की गई है। प्रश्नांश की शेष जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-अ में दर्शित है। (ख) जी नहीं। अत: शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी हाँ। इस क्षेत्र पर रेत खनिज हेतु व्यापारिक अनुज्ञप्ति स्वीकृत की गई है। जिसका प्रश्नानुसार विवरण संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-ब में दर्शित है।
स्टॉक का वेरिफिकेशन
[खनिज साधन]
125. ( क्र. 3686 ) डॉ. कैलाश जाटव : क्या खनिज साधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र गोटेगांव अंतर्गत वर्ष 2018 में शासन द्वारा जो रेत नीति लागू की गई क्या उस नीति के अनुसार पूर्व में जिन रेत खदानों को ठेका दिया गया उनके स्टॉक का वेरिफिकेशन किया गया है? यदि हाँ, तो कब एवं किस अधिकारी द्वारा किया गया है? (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार क्या उस स्टॉक को उठाने की समय-सीमा तय की गई है? यदि हाँ, तो क्या समय-सीमा में स्टॉक को उठाया गया? (ग) प्रश्नांश (ख) अनुसार यदि तो इसके लिए कौन दोषी है? क्या दोषी व्यक्तियों के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही की जावेगी? यदि हाँ, तो कब तक? जो स्टॉक नहीं उठाया गया उसे कब तक उठा लिया जावेगा?
खनिज साधन मंत्री ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) वर्ष 2018 में शासन द्वारा कोई नीति लागू नहीं की गई है। रेत खनन नीति, 2017 प्रदेश में लागू है। इसमें प्रश्नानुसार प्रावधान नहीं है। (ख) एवं (ग) प्रश्नांश (क) के उत्तर के प्रकाश में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
ट्रांसपोर्ट नगर निर्माण योजना
[नगरीय विकास एवं आवास]
126. ( क्र. 3713 ) श्री संदीप श्री प्रसाद जायसवाल : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या प्रश्नकर्ता के विधानसभा प्रश्न क्रमांक-684 दिनांक 26/07/2016 के प्रश्नांश (ग) का उत्तर कार्यवाही विचाराधीन है दिया गया था? यदि हाँ, तो कार्यवाही किस स्तर पर कब से विचाराधीन है? किस सक्षम प्राधिकारी द्वारा इस पर कब तक निर्णय लिया जायेगा? (ख) प्रश्नांश (क) के तहत विधानसभा प्रश्न क्रमांक-684 के प्रश्नांश (घ) का उत्तर जी हाँ दिया गया था? यदि हाँ, तो कलेक्टर-सभाकक्ष कटनी में ट्रांसपोर्ट नगर योजना के संबंध में दिनांक 11/06/2016 को आयोजित बैठक में क्षेत्रीय विधायक को आमंत्रित न करने का कारण बतायें और विगत तीन-वर्षों में ट्रांसपोर्ट-नगर के संबंध में कब-कब बैठकों का आयोजन किया गया? क्या इन बैठकों में क्षेत्रीय-विधायक को आमंत्रित किया गया? यदि हाँ, तो किस प्रकार? यदि नहीं, तो क्यों तथा बैठकों में लिये गये निर्णय एवं कृत कार्यवाही से अवगत करायें। (ग) प्रश्नांश (ख) के तहत दिनांक 11/06/2016 को आयोजित बैठक में लिये गये निर्णयानुसार गठित समिति द्वारा प्रश्न दिनांक तक क्या कार्यवाही की गई और क्या समिति द्वारा सर्वे कार्य पूर्ण किया जा चुका है? यदि हाँ, तो सर्वे रिपोर्ट पर अब तक की गई कार्यवाही बतायें। यदि नहीं, तो कारण बतायें। (घ) प्रश्नांश (क) के तहत प्रश्न क्रमांक-684 के उत्तरांश के परिशिष्ट (ब) अनुसार ट्रांसपोर्टरों द्वारा जमा राशि किस बैंक-खाते में कब से जमा है, इस राशि से कितना ब्याज प्राप्त हुआ और इसका अब तक क्या–क्या उपयोग किया गया? बतायें। (ड.) प्रश्नांश (क) से (घ) के परिप्रेक्ष्य में ट्रांसपोर्ट नगर की स्थापना की कार्यवाहियों को कब तक पूर्ण किया जायेगा एवं ट्रांपोर्टरों को शिफ्ट किया जायेगा और क्या इसके लिये अवधि निर्धारित की जायेगी? यदि हाँ, तो किस प्रक्रिया से एवं कब तक? यदि नहीं, तो क्यों?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) जी हाँ। कार्यवाही निगम परिषद् स्तर पर 23/03/2017 से विचाराधीन है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'अ' अनुसार है। निगम परिषद् द्वारा निर्णय लिया जाना है, निगम परिषद् की आगामी बैठक में निर्णय हेतु प्रकरण प्रस्तुत होगा। (ख) जी हाँ। कलेक्टर कटनी की अध्यक्षता में आयोजित विभागीय बैठक में, ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के पदाधिकारी एवं नगर निगम के पदाधिकारियों के अतिरिक्त अन्य जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित नहीं किया गया था। विगत तीन वर्षों में ट्रांसपोर्ट नगर के संबंध में आयोजित बैठकों का विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'ब' अनुसार है। उक्त बैठकों में माननीय विधायक महोदय को आमंत्रित नहीं किया गया था। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। उक्त बैठकें विभागीय थी अतः अन्य जनप्रतिनिधियों एवं माननीय विधायक महोदय को आमंत्रित नहीं किया गया था। बैठकों में लिये गये निर्णयों व कृत कार्यवाही का विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'स' अनुसार है। (ग) जी हाँ। दिनांक 11/06/2016 की बैठक में गठित समिति द्वारा, चिन्हित 220 ट्रांसपोर्टरों की सूची पर, महापौर परिषद् बैठक दिनांक 07/12/2017 में लिए गये निर्णय अनुसार, ट्रांसपोर्टरों को दिनांक 15/01/2018 तक विकास शुल्क जमा करने हेतु सूचित किया गया है। राशि जमा नहीं करने से निगम आयुक्त द्वारा, शहर के अन्दर ट्रांसपोर्ट व्यवसाय रोकने हेतु प्रकरण, जिला सड़क सुरक्षा समिति में प्रस्तुत करने हेतु कलेक्टर कटनी से अनुरोध किया गया है। (घ) ट्रांसपोर्टरों द्वारा जमा कुल राशि रूपये 218.00 लाख में से, राशि रूपये 150.00 लाख का फिक्स डिपॉजिट इलाहाबाद बैंक कटनी में कराया गया, जिसका अद्यतन ब्याज 67.60 लाख प्राप्त हुआ। शेष राशि रूपये 68.00 लाख को बचत खाता क्रमांक 38916 इलाहाबाद बैंक कटनी में जमा है, जिसका ब्याज रूपये 7.37 लाख प्राप्त हुआ है। उक्त राशि में से रूपये 53.66 लाख का उपयोग योजना के विकास कार्यों में किया गया है। व्यय उपरांत रूपये 21.71 लाख ब्याज सहित खाते में शेष है। (ड.) निगम परिषद् द्वारा निर्णय लेने उपरांत ट्रांसपोर्टरों द्वारा निर्धारित राशियाँ जमा करने पर, शिफ्टिंग का कार्य होगा। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
निगम कर्मियों के देयकों एवं पेंशन का भुगतान
[नगरीय विकास एवं आवास]
127. ( क्र. 3714 ) श्री संदीप श्री प्रसाद जायसवाल : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) नगरीय निकायों में कार्यरत रहे शासकीय सेवकों के देयकों के भुगतान एवं पेंशन निर्धारण के संबंध में क्या शासनादेश एवं विभागीय निर्देश लागू हैं और क्या शासकीय सेवकों के देयकों एवं पेंशन भुगतान के निर्धारण की कार्यवाही उसके सेवानिवृत्ति के पूर्व ही की जाती है? यदि हाँ, तो किस प्रकार? यदि नहीं, तो क्यों? (ख) प्रश्नांश (क) के तहत, नगरपालिक निगम कटनी के वर्ष 2013-14 से कितने शासकीय सेवक सेवानिवृत्त हुये और क्या इनके देयकों का भुगतान तथा पेंशन का निर्धारण किया जा चुका है? यदि नहीं, तो क्यों तथा किन शासकीय सेवकों के देयकों को भुगतान नहीं हो पाया सेवकवार बतायें। (ग) प्रश्नांश (क), (ख) के परिप्रेक्ष्य में शासकीय सेवकों के देयकों एवं पेशन प्रकरणों के नियमानुसार निर्धारण न होने पर क्या कार्यवाही कब तक की जायेगी और इस बाबत् लंबित प्रकरणों का निराकरण कब तक किस प्रकार किया जायेगा? प्रकरणवार बतायें।
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) जी हाँ। नगरीय निकायों में प्रतिनियुक्ति पर पदस्थ शासकीय सेवकों के पेंशन भुगतान की कार्रवाई मध्यप्रदेश सिविल सेवा (पेंशन) नियम, 1976 में वर्णिंत प्रावधानों के अंतर्गत जिला/संभागीय पेंशन कार्यालयों द्वारा की जाती है। (ख) वर्ष 2013-14 से नगर पालिक निगम, कटनी से कोई भी शासकीय सेवक सेवानिवृत्त नहीं हुआ। शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) उत्तरांश (क) एवं (ख) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
विधवा पेंशन का लाभ
[सामाजिक न्याय एवं निःशक्तजन कल्याण]
128. ( क्र. 3719 ) श्रीमती झूमा सोलंकी : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या माननीय मुख्यमंत्री महोदय द्वारा घोषणा की गई थी कि गरीबी रेखा का प्रावधान समाप्त कर समस्त विधवा महिलाओं को विधवा पेंशन का लाभ दिया जावेगा? यदि हाँ, तो क्या वर्तमान तक लाभ नहीं दिया जा रहा हैं? (ख) यदि हाँ, तो क्यों तथा भविष्य में इस प्रकार का लाभ प्रदाय करना प्रस्तावित है? यदि हाँ, तो कब तक योजना का क्रियान्वयन होगा?
पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ। नीतिगत निर्णय होने के कारण प्रक्रियाधीन है। (ख) उत्तरांश (क) के परिप्रेक्ष्य में समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
झिरन्या में नवीन महाविद्यालय की स्थापना
[उच्च शिक्षा]
129. ( क्र. 3721 ) श्रीमती झूमा सोलंकी : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या भीकनगांव विधानसभा क्षेत्रांतर्गत जनपद क्षेत्र झिरन्या आदिवासी बाहुल्य होने के साथ-साथ लगभग 50 कि.मी. से अधिक दूरी पर महावि़द्यालय स्थित है, जिससे कई छात्र-छात्राएं हायर सेकेण्डरी स्कूल के बाद अध्ययन कार्य छोड़ देते हैं? (ख) यदि हाँ, तो क्या शासन दवारा झिरन्या क्षेत्र के नवीन महाविद्यालय खोलने हेतु कोई कार्यवाही की जोवगी? यदि हाँ, तो कब तक तथा नहीं तो क्या कारण है?
उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री जयभान सिंह पवैया ) : (क) जी नहीं, झिरन्या से 40 कि.मी. की दूरी पर शासकीय महाविद्यालय पंधाना एवं शासकीय महाविद्यालय भीकनगांव स्थित है, जहाँ झिरन्या के विद्यार्थी अध्ययन कर सकते हैं। (ख) वर्तमान में प्राथमिक मापदण्डों की पूर्ति नहीं होने के कारण झिरन्या में नवीन शासकीय महाविद्यालय खोले जाने में कठिनाई है।
पंचायत में भ्रष्टाचार की जाँच
[पंचायत और ग्रामीण विकास]
130. ( क्र. 3732 ) श्री हरदीप सिंह डंग : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सुवासरा विधानसभा क्षैत्र के मकडावन पंचायत में हुए भ्रष्टाचार की शिकायत प्रथम बार किसके द्वारा की गई थी? नाम, स्थान सहित जानकारी देवें। (ख) मकडावन पंचायत में भ्रष्टाचार की जाँच किन-किन अधिकारियों एवं कर्मचारियों के द्वारा की गई थी? नाम, पद एवं की गई जाँच की रिपोर्ट का विवरण उपलब्ध करावें। (ग) जिला पंचायत सी.ई.ओ. द्वारा दिये गये सरपंच पद से पृथक के आदेश का मूल आधार शिकायत पर या शिकायत की जाँच में दोषी पाए जाने पर दिया गया है? (घ) मकडावन सरपंच द्वारा कितनी राशि का गबन किया गया? जिसके कारण उसे सरपंच पद से पृथक किया गया है वर्तमान में मकडावन पंचायत में विकास कार्य किस सरपंच द्वारा संचालित किया जा रहा है?
पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) सुवासरा विधानसभा क्षेत्र के ग्राम पंचायत मकडावन में हुए भ्रष्टाचार की शिकायत प्रथम बार श्रीमती प्रेमबाई सरपंच ग्राम पंचायत मकडावन द्वारा दिनांक 23.05.2017 को मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत गरोठ को की गई। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार। (ग) मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत द्वारा सरपंच पद से पृथक करने का आदेश मूल आधार शिकायत की जाँच में दोषी पाए जाने पर दिया गया है। (घ) मकडावन ग्राम पंचायत में सरपंच, सचिव एवं रोजगार सहायक द्वारा राशि रू. 648259 की राशि का अनियमित व्यय किया जाकर प्रभक्षण किया गया था, जिसके कारण पद से पृथक किया गया, तदोपरांत श्रीमती प्रेमबाई सरपंच ग्राम पंचायत मकडावन को मान. न्यायालय आयुक्त उज्जैन संभाग उज्जैन द्वारा जिला पंचायत के आदेश दिनांक 13.11.2017 के विरूद्ध प्रकरण में स्थगन प्रदान किये जाने से वर्तमान में श्रीमती प्रेम बाई सरपंच द्वारा उक्त ग्राम पंचायत के विकास का कार्य संचालित किया जा रहा है।
प्रयोगशाला कक्ष निर्माण
[उच्च शिक्षा]
131. ( क्र. 3743 ) श्री इन्दर सिंह परमार : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शाजापुर जिले के शासकीय महाविद्यालय कालापीपल का भवन कौन से वित्तीय वर्ष के आवंटित बजट से बना था? क्या वर्तमान में भवन कक्षाओं के लिए पर्याप्त है? (ख) क्या प्रश्नांश (क) में उल्लेखित भवन में प्रयोगशालाओं हेतु अलग से कक्ष बने हैं? यदि नहीं, तो प्रयोगशालायें कहाँ चल रही हैं? (ग) क्या प्रश्नांश (क) में उल्लेखित महाविद्यालय में रसायन शास्त्र, भौतिक शास्त्र वनस्पति शास्त्र, जीव विज्ञान की प्रयोग शालाओं हेतु भवन की आवश्यकता है? क्या प्रयोगशाला भवन की राशि आवंटित की गई है? यदि नहीं, तो क्या राशि आवंटित की जावेगी?
उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री जयभान सिंह पवैया ) : (क) शासकीय महाविद्यालय, कालापीपल के भवन का निर्माण निम्नानुसार किया गया हैः- 1. वर्ष 2000 में 06 कमरे जनभागीदारी मद से। 2. वर्ष 2007 में 04 कमरे एवं 01 लाइब्रेरी शासकीय मद से। 3. वर्ष 2011 में 01 हॉल, 01 कमरा एवं 01 कामन रूम यू.जी.सी. मद से। जी हाँ वर्तमान में भवन कक्षाओं के लिए पर्याप्त है। (ख) जी हाँ वर्तमान में प्रयोगशालायें लाइब्रेरी हॉल में चल रही हैं। (ग) जी हाँ। म.प्र. शासन, उच्च शिक्षा विभाग, मंत्रालय, भोपाल के पत्र क्रमांक एफ-21/4/2015/38-2, दिनांक 09.2.2018 द्वारा महाविद्यालय में रसायनशास्त्र, भौतिकशास्त्र वनस्पतिशास्त्र, जीवविज्ञान प्रयोगशालाओं के निर्माण हेतु राशि रू. 45.24 लाख की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की जा चुकी है।
ग्रामीण क्षेत्रों की सड़कों की जानकारी
[पंचायत और ग्रामीण विकास]
132. ( क्र. 3750 ) डॉ. राजेन्द्र पाण्डेय : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या शासन/विभाग द्वारा केंद्र/राज्य प्रवर्तित विभिन्न योजनाओं के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों की यातायात सुगमता हेतु सड़कें बनाई जा रही हैं? (ख) यदि हाँ, तो वर्ष 2012-13 से लेकर प्रश्न दिनांक तक जावरा विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत तहसील पिपलोदा एवं तहसील जावरा में मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजनान्तर्गत किन-किन ग्रामों में कितनी-कितनी लागत की सड़कें बनाई गयी हैं? (ग) क्या उपरोक्त विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन के बावजूद तहसील पिपलोदा अंतर्गत 1. माताजी बडायला-पिपलोदा मार्ग 2. आकतवासा-कुशलगढ़ मार्ग 3. नान्दलेटा-पिपलोदा मार्ग 4. सोहनगढ़-उपरवाड़ा–सुजापुर मार्ग 5. हतनारा–कुशलगढ़ मार्ग 6. आक्यादेह-मामटखेडा मार्ग 7. सुजापुर-भाटखेड़ी–मामटखेड़ा मार्ग 8. मावता–बेपुर मार्ग इत्यादि अत्यंत जर्जर होकर किसी भी योजना में सम्मिलित नहीं होकर अभी तक नहीं बनाए जा सके हैं? (घ) यदि हाँ, तो क्या जावरा तहसील के 1. मोयाखेड़ा–पिपलोदी मार्ग 2.रसूलपुर (मुंडली)-मामटखेड़ा मार्ग 3. मीनाखेड़ा–आलमपुरठीकरिया मार्ग 4. ताराखेड़ी-नगरी मार्ग 5. पिपल्याजोधा-नगरी मार्ग इत्यादि क्षेत्रीय ग्रामीण मार्ग भी अत्यंत जर्जर होकर अभी तक उपरोक्त किसी भी योजना में सम्मिलित नहीं किये जा सके हैं? उक्त उल्लेखित समस्त मार्ग स्टेट कनेक्टिविटी के लिए अत्यंत आवश्यक मार्ग हैं, यदि इन्हें स्टेट कनेक्टिविटी योजना में सम्मिलित किया गया है, तो इन्हें स्वीकृति कब तक दी जायेगी?
पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ। (ख) मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजनांतर्गत प्रश्नांकित अवधि में तहसील पिपलौदा में जाम्बुडाबरा ग्राम में सड़क बनाए जाने हेतु राशि रू. 32.34 लाख की स्वीकृति दी गई है। (ग) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (घ) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। उक्त मार्गों को स्टेट कनेक्टिविटी योजना में शामिल किया जाने की कार्यवाही विचाराधीन नहीं होने से स्वीकृति की निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
विकसित अवैध कॉलोनियों की जानकारी
[नगरीय विकास एवं आवास]
133. ( क्र. 3751 ) डॉ. राजेन्द्र पाण्डेय : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या जावरा विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत जावरा नगर पालिका परिषद् जावरा एवं नगर परिषद् पिपलोदा एवं दोनों निकायों से लगे ग्राम पंचायतों के ग्रामीण क्षेत्र भी आते हैं? (ख) यदि हाँ, तो विगत वर्षों एवं वर्तमान में दोनों निकायों की आगामी वर्षों में समुचित विकास हेतु मास्टर प्लान सर्वे कर विभिन्न सुझाव, आपत्तियों के आवेदन, विज्ञप्ति जारी कर प्राप्त किये एवं मास्टर प्लान सुनिश्चित किये गये हैं? (ग) यदि हाँ, तो उपरोक्त दोनों निकायों के सीमा अंतर्गत एवं इनकी सीमा से लगे विभिन्न ग्राम पंचायतों के ग्रामीण क्षेत्रों में विगत वर्षों में बढ़ती जनसंख्या आबादी के कारण बिना अनुमति की अनेक कॉलोनियां विकसित हुई हैं? (घ) यदि हाँ, तो वर्ष 2013-14 से लेकर प्रश्न दिनांक तक दोनों निकायों के अंतर्गत कितनी वैध एवं अवैध कॉलोनियां आकर उनके कॉलोनाईजर कौन-कौन रहे एवं कौन-कौन हैं एवं कॉलोनाईजरों द्वारा वैध एवं अवैध की स्थिति में कॉलोनियों को विकसित किये जाने हेतु अब तक क्या-क्या किया? यदि नहीं, किया तो शासन/विभाग द्वारा किन-किन कॉलोनाईजरों के खिलाफ कब-कब, किस-किस प्रकार की कार्यवाही कर क्या-क्या किया? कृपया बतायें l
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) जावरा में वर्तमान में विकास की पुनर्विलोकन योजना तैयार की जाकर नगर तथा ग्राम निवेश रतलाम द्वारा पत्र क्रमांक 1911 दिनांक 26/11/2017 से संचालनालय नगर तथा ग्राम निवेश भोपाल को प्रेषित की गई है। पिपलौदा नगर का वर्तमान में निवेश क्षेत्र गठित नहीं है। (ग) जी हाँ। जावरा में बिना अनुमति की कॉलोनियां विकसित हुई हैं। पिपलौदा में कोई बिना अनुमति की कॉलोनी विकसित नहीं हुई है। (घ) जावरा क्षेत्रान्तर्गत प्रश्नाधीन अवधि वर्ष 2013-14 से प्रश्न दिनांक तक वैध कॉलोनियों की जानकारी तथा कॉलोनाईजर द्वारा वैध कॉलोनियों को विकसित किये जाने की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। प्रश्नावधि काल में जावरा एवं पिपलौदा में अवैध कॉलोनियां विकसित नहीं होने से शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
सड़कों का निर्माण एवं मरम्मत
[पंचायत और ग्रामीण विकास]
134. ( क्र. 3756 ) सुश्री मीना सिंह : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) उमरिया जिले की मानपुर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत विगत तीन वर्षों में किन-किन सड़कों का कब-कब निर्माण एवं मरम्मत पूर्ण किया गया लागत सहित जानकारी उपलब्ध करावें। (ख) उक्त योजना के अंन्तर्गत निर्मित सड़कों के अनुबंध अनुसार तक सड़कों के रख-रखाव की समयावधि किस-किस दिनांक थी? समयावधि में किन-किन सड़कों की मरम्मत/मेंटेनेंस कार्य किया गया। (ग) मानपुर विधानसभा क्षेत्र में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत बने बिरसिंहपुर पाली में मंगठार-सुंदरदादर से तिमनी मार्ग की दशा वर्तमान में क्या अत्यंत खराब है, बड़े-बड़े गड्ढे हो रहे हैं, जिसके कारण इस मार्ग पर आवागमन में नागरिकों को बहुत कठिनाई आ रही है? यदि हाँ, तो उक्त मार्ग को कब तक सुधार दिया जायेगा तथा इस मार्ग में निर्धारित क्षमता से अधिक वजन लेकर जाने वाले वाहनों का आवागमन कब तक प्रतिबंधित कर दिया जायेगा?
पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) एवं (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) जी हाँ। मार्ग के उन्नयनीकरण का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। भारी वाहनों के आवागमन के प्रतिबंधित किये जाने हेतु अनुविभागीय दण्डाधिकारी पाली जिला उमरिया द्वारा आदेश क्रमांक 1360 दिनांक 22.07.2017 जारी किया गया है।
बैंकवार लक्ष्य एवं पूर्ति की जानकरी
[सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम]
135. ( क्र. 3784 ) श्री सूबेदार सिंह रजौधा : क्या राज्यमंत्री, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या उद्योग विभाग द्वारा बैंकों को लक्ष्यों के अनुसार स्वरोजगार योजना के अंतर्गत ऋण प्रकरण भेजे जाते हैं? (ख) यदि हाँ, तो जौरा विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत विकासखण्ड जौरा एवं कैलारस में गत 4 वर्षों में बैंकवार लक्ष्य एवं पूर्ति की जानकरी देवें।
राज्यमंत्री, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम ( श्री संजय पाठक ) : (क) जी हाँ। (ख) जौरा विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत विकासखण्ड जौरा एवं कैलारस में कार्यरत बैंकों के वर्षवार लक्ष्य एवं पूर्ति की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है।
ग्राम वन समितियों की भूमिका एवं कार्य
[वन]
136. ( क्र. 3785 ) श्री सूबेदार सिंह रजौधा : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जौरा विधानसभा के अंतर्गत वन विभाग द्वारा विगत 4 वर्षों में कहाँ-कहाँ वन समिति बनाई गई हैं व इसमें कौन-कौन से व्यक्तियों को शामिल किया गया है? उनकी सूची देवें। (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में ग्राम वन समिति द्वारा विगत 4 वर्षों में जौरा विधानसभा क्षेत्र में क्या-क्या कार्य कराये गये? उस पर कितना-कितना खर्च हुआ? समितिवार बतावें। (ग) जौरा विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत वन विभाग में किन-किन मदों में कितनी कितनी राशि से क्षेत्रों में विभिन्न मदों में जनता एवं वन सुरक्षा हेतु कार्य किये गये वनों की सुरक्षा हेतु क्रय की गई सामग्री विगत 4 वर्षों में कहाँ-कहाँ से क्रय की गई? सामग्री क्रय की निविदा की प्रति देवें।
वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) जौरा विधान सभा क्षेत्र के अंतर्गत वन विभाग द्वारा विगत 4 वर्षों में कहीं पर भी वन समिति नहीं बनाई गई है इस कारण उनमें व्यक्तियों को शामिल करने का प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता है। (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता है। (ग) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-एक अनुसार है। सामग्री क्रय की निविदा विज्ञप्ति की प्रति संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-दो अनुसार है।
ग्रामीण मार्गों/नदी/नालों पर पुलिया निर्माण
[पंचायत और ग्रामीण विकास]
137. ( क्र. 3786 ) श्री नारायण सिंह पँवार : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या अधीक्षण यंत्री (तक.) कार्यालय प्रमुख अभियंता ग्रामीण यांत्रिकी सेवा, मध्यप्रदेश भोपाल द्वारा अपने पत्र क्रमांक/6101/22/वि-10/ग्रायांसे/2017 भोपाल दिनांक 22.12.2017 से कलेक्टर जिला राजगढ़ को प्रश्नकर्ता के पत्र क्रमांक 161 दिनांक 03.10.17 में उल्लेखित विधानसभा क्षेत्र ब्यावरा के अंतर्गत ग्रामीण मार्गों/नदी/नालों पर पुलिया निर्माण कार्यों का परीक्षण कर आवश्यक कार्यवाही करने हेतु लेख किया गया था? यदि हाँ, तो उक्त संबंध में प्रश्न दिनांक तक पत्र में वर्णित किन-किन पुलियों के निर्माण हेतु क्या-क्या आवश्यक कार्यवाही की गई? यदि नहीं, तो क्यों? (ख) प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्य में क्या शासन जनपद पंचायत ब्यावरा जिला राजगढ़ में विभिन्न मदों में उपलब्ध लगभग राशि रूपये 250.00 लाख से उपरोक्तानुसार पुलियों के निर्माण की स्वीकृति प्रदान करेगा? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो उक्त राशि से स्वीकृति प्रदान करने में विभाग को क्या कठिनाई है? (ग) उपरोक्तानुसार क्या शासन प्रश्नांश (क) वर्णित पुलियों के निर्माण की अन्य मद से स्वीकृति प्रदान करेगा? यदि हाँ, तो कब तक?
पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ। शेष जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। उपलब्ध आवंटन पूर्व से स्वीकृत कार्यों हेतु आबद्ध होने से शेष 07 कार्यों की स्वीकृति नहीं हुई। (ख) उपलब्ध आवंटन पूर्व से स्वीकृत कार्यों हेतु आबद्ध होने से कार्य की स्वीकृति दी जाना संभव नहीं होने से शेष प्रश्नांश उत्पन्न नहीं होते। (ग) जानकारी उत्तरांश (ख) अनुसार है।
ऑडिटोरियम निर्माण की जानकारी
[नगरीय विकास एवं आवास]
138. ( क्र. 3787 ) श्री नारायण सिंह पँवार : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या संचालनालय, नगरीय प्रशासन एवं विकास म.प्र., भोपाल के पत्र क्रमांक/13026/मु.श.अधो.वि.यो.-।।/यां.प्र./07-4/2016 भोपाल दिनांक 15.11.2017 से माननीय मुख्यमंत्री जी की घोषणा क्रमांक बी-3273 के परिपालन में नगर पालिका ब्यावरा को ऑडिटोरियम निर्माण कार्य हेतु राशि रूपये 150.00 लाख की सैद्धांतिक स्वीकृति प्रदान की गई थी? यदि हाँ, तो प्रश्न दिनांक तक उक्त राशि नगर पालिका ब्यावरा को प्रदान कर दी गई है अथवा नहीं? (ख) प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्य में क्या शासन माननीय मुख्यमंत्री जी की घोषणापूर्ति हेतु सैद्धांतिक स्वीकृत राशि रूपये 150.00 लाख सहित शेष राशि का आवंटन नगर पालिका ब्यावरा को प्रदान करेगा, ताकि निर्माण कार्य बाधित न हो एवं समय-सीमा में कार्य पूर्ण कराया जा सके? यदि हाँ, तो कब तक?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) जी हाँ। इस कार्य के लिए विशेष निधि मद से रू. 75.00 लाख एवं मुख्यमंत्री शहरी अधोसंरचना विकास योजना द्वितीय चरण से रू. 30.00 लाख कुल रू. 105.00 लाख नगर पालिका ब्यावरा को जारी किये गये है। (ख) जी हाँ। घोषणा की प्रतिपूर्ति हेतु स्वीकृत की गई योजना लागत रू. 391.00 लाख में से, राशि रू. 150.00 लाख मुख्यमंत्री शहरी अधोसंरचना विकास योजना द्वितीय चरण से एवं रू. 150.00 लाख विशेष निधि मद से स्वीकृति प्रदान की गई है। रू. 91.00 लाख नगर पालिका परिषद् ब्यावरा को अपना अंशदान मिलाना प्रावधानित है। विशेष निधि की प्रथम किस्त रू. 75.00 लाख तथा मुख्यमंत्री शहरी अधोसंरचना विकास योजना द्वितीय चरण का अंशदान रू. 30.00 लाख जारी किये जा चुके हैं। शेष राशि कार्य की प्रगति अनुसार जारी की जा सकेगी। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
खनिज विभाग में हो रही अनियमितताओं की जानकारी
[खनिज साधन]
139. ( क्र. 3790 ) श्री घनश्याम पिरोनियाँ : क्या खनिज साधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या दतिया जिले के खनिज विभाग ने पटवारियों/आर.आई./सरपंच आदि की बिना अनुशंसा/अनापत्ति के बावजूद वर्ष 2014 से प्रश्न दिनांक तक आम रास्ता, तालाब एवं प्राचीन एतिहासिक स्थलों कृषि भूमि, देवस्थान आदि से सटे नंबरों पर यहां तक कि गोचर भूमि पर भी लीजे नियम विरूद्ध दी हैं? यदि हाँ, तो क्यों? यदि नहीं, तो उपरोक्त अवधि में दी गई लीजों की जानकारी उपलब्ध करायें। (ख) क्या इन लीजों एवं क्रेशरों, ब्लास्टिंग से हो रहे नुकसान को लेकर जनप्रतिनिधियों एवं समाचार पत्रों, टी.व्ही. चैनलों द्वारा शासन का ध्यान आकर्षित कराने पर कोई जाँच समिति गठित की? यदि हाँ, तो उसके द्वारा क्या जाँच रिपोर्ट सौंपी, उपलब्ध कराई जाऐ। यदि नहीं, तो क्यों? (ग) क्या खनिज निरीक्षक श्री दीपक सक्सेना का स्थानांतरण जून 2017 में होने एवं दूसरे खनिज निरीक्षक के द्वारा दतिया में कार्यग्रहण करने के बावजूद सक्सेना को आज दिनांक तक कार्यमुक्त क्यों नहीं किया गया? (घ) क्या मौजा चकबंदू सर्वे क्रमांक 166 एवं मौजा ततारपुर, अट्ठखम्बा पहाड़ पर अंधाधुध ब्लास्टिंग एवं पत्थर उत्खनन की उच्च स्तरीय जाँच समिति गठित कर जाँच कराई जावेगी? यदि नहीं, तो क्यों?
खनिज साधन मंत्री ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जी नहीं। प्रश्नांश की शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ पर दर्शित है। (ख) जी हाँ। लीज एवं क्रेशर पर ब्लास्टिंग के संबंध में क्षेत्रीय प्रमुख, संचालनालय, भौमिकी तथा खनिकर्म, क्षेत्रीय कार्यालय, ग्वालियर एवं दल द्वारा दिनांक 07.06.2017 को जाँच की गई है। जाँच प्रतिवेदन की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब पर दर्शित है। (ग) प्रश्न में उल्लेखित खनि निरीक्षक को दिनांक 21.02.2018 से कार्य मुक्त किया जा चुका है। अत: प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) जी नहीं। क्षेत्र में नियमानुसार ब्लास्टिंग का कार्य होने के कारण शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र विकास योजना
[योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी]
140. ( क्र. 3797 ) डॉ. योगेन्द्र निर्मल : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र विकास योजना के क्रियान्वयन को प्रभावी बनाने हेतु संशोधन/सरलीकरण उपरांत मार्गदर्शिका वर्ष 2013 प्रदर्शित की गयी थी? क्या मार्गदर्शिका अनुसार क्रियान्वयन में आ रही कठिनाईयों/समस्याओं के समाधान हेतु कोई सुझाव प्राप्त हुए हैं? यदि हाँ, तो उनके सुझाव क्या थे? (ख) क्या मार्गदर्शिका बिन्दु 2.4 में योजनांतर्गत कार्यान्वित किये जाने वाले कार्यों की सूची संपूर्ण नहीं है? यदि हाँ, तो संपूर्ण सूची उपलब्ध करायें। (ग) अनुमत कार्यों के क्रम संख्या 3 में क्या विभाग अशासकीय शिक्षण संस्था को भी फर्नीचर/टाट पट्टी क्रय कर सकता है? यदि हाँ, तो वर्ष 2013 से प्रश्न दिनांक तक विभाग द्वारा किन-किन अशासकीय शिक्षण संस्थाओं को सामाग्री प्रदान की गई है? (घ) अनुमत कार्यों के क्रम संख्या 25 में क्या विभाग द्वारा खेल सामाग्री हेतु वॉलीबॉल/फुटबॉल/बैडमिन्टन/क्रिकेट व अन्य खेल सामाग्री की स्वीकृति दी गई है? यदि हाँ, तो वर्ष 2013 से प्रश्न दिनांक तक विभाग द्वारा किन-किन संस्थाओं को खेल सामाग्री हेतु स्वीकृति प्रदान की गई? (ड.) अनुमत कार्यों के क्रम संख्या 36 में क्या विभाग जनपद पंचायत व नगर पालिकाओं को शव वाहन की स्वीकृति प्रदान कर सकता है? यदि हाँ, तो वर्ष 2013 से प्रश्न दिनांक तक विभाग द्वारा किन-किन संस्थाओं को शव वाहन हेतु स्वीकृति दी गई है?
वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) से (ड.) जानकारी संकलित की जा रही है।
नवीन लोक सेवा केंद्र की स्थापना
[लोक सेवा प्रबन्धन]
141. ( क्र. 3800 ) श्री लोकेन्द्र सिंह तोमर : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या मांधाता विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत लोक सेवा केंद्र पुनासा में संचालित है जबकि उप तहसील मांधाता से 60 किलोमीटर दूरी पर तथा उप तहसील मूंदी की लोक सेवा केंद्र पुनासा से 30 किलोमीटर दूरी हैं, इन दोनों उप तहसीलों के ग्रामीणों को लंबी दूरी तय कर लोक सेवा केंद्र पुनासा में अपने आवेदन जमा कराने आना पड़ता है? (ख) क्या प्रश्नांश (क) अनुसार उप तहसील मांधाता एवं उप तहसील मूंदी के ग्रामीणों की परेशानी को देखते हुए मांधाता एवं मूंदी में नवीन लोक सेवा केंद्र खोले जाएंगे? इन दोनों स्थानों पर नवीन लोक सेवा केंद्र खोलने हेतु प्रश्नकर्ता द्वारा लगातार पत्र दिए जा रहे हैं, जिनका जवाब अभी तक मुझे प्राप्त नहीं हुआ है? (ग) क्या प्रश्नांश (ख) अनुसार उप तहसील मांधाता एवं उप तहसील मूंदी में नवीन लोक सेवा केंद्र कब तक खोले जाएंगे?
उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री जयभान सिंह पवैया ) : (क) जी हाँ। राज्य शासन द्वारा लिये गये निर्णय के अनुसार प्रदेश की प्रत्येक तहसील/विकासखण्ड में लोक सेवा केन्द्रों की स्थापना की गई हैं। (ख) जी नहीं। चूंकि लोक सेवा केन्द्रों पर दी जाने वाली कई सेवाएं अब एम.पी. ऑन-लाईन तथा कॉमन सर्विस केन्द्रों के माध्यम से भी दी जा रही हैं, अत: प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) उत्तरांश (ख) अनुसार प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
शासकीय राशि के भ्रष्टाचार पर आपराधिक प्रकरण
[पंचायत और ग्रामीण विकास]
142. ( क्र. 3839 ) श्री शिवनारायण सिंह लल्लू भैया : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अनूपपुर जिला अंतर्गत ग्राम पंचायत महुदा जनपद पंचायत जैतहरी के विरूद्ध वर्ष 2017 में जिला पंचायत सी.ई.ओ. ने राशि वसूली हेतु सूचना पत्र जारी किया है? यदि हाँ, तो सूचना-पत्र की प्रति उपलब्ध कराते हुए बताएं कि उक्त पंचायत के विरूद्ध 15 फरवरी 2018 तक कितनी शिकायतें प्राप्त हुयी हैं? शिकायतों पर जाँच व कार्यवाही की पूर्ण जानकारी स्पष्ट रूप से देवें? (ख) क्या दोषी जनों से राशि जमा करा लेने से वे दोष मुक्त हो जाएंगे? यदि नहीं, तो प्रश्नांश (क) में दोषी सरपंच पर धारा 40 की कार्यवाही करते हुए क्या अपराधिक प्रकरण कायम कराया जाएगा? यदि नहीं, तो क्यों? (ग) क्या शासन जैतहरी जनपद पंचायत के ही क्योंटार ग्राम पंचायत में उप सरपंच की शिकायत पर आयुक्त शहडोल संभाग की तकनीकी जाँच, जाँच अधिकारी का नाम, पद, जाँच प्रतिवेदन से अवगत कराते हुए बताएं कि दोषियों पर शासनहित में आपराधिक प्रकरण समय-सीमा में दर्ज कराकर अनुशासनात्मक कार्यवाही सुनिश्चित करेगा? यदि नहीं, तो क्यों? (घ) क्या प्रश्नांश (क), (ग) में दोषी सचिव पर अवैध भर्ती प्रकरण कलेक्टर न्यायालय में विचाराधीन है?
पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ। सूचना पत्र की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-''अ'' अनुसार। ग्राम पंचायत महुदा के विरूद्ध 15 फरवरी 2018 तक 02 शिकायतें जनपद पंचायत को प्राप्त हुई। प्राप्त शिकायतों की जाँच एवं कार्यवाही की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-''ब'' अनुसार। (ख) जी नहीं। जाँच प्रतिवेदन की सुनवाई उपरांत गुण-दोष के आधार पर कार्यवाही की जायेगी। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) आयुक्त शहडोल संभाग शहडोल के पत्र क्रमांक 3252 दिनांक 14.08.2012 के द्वारा मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत अनूपपुर को शिकायती पत्र संलग्न कर भेजा गया। पत्र के परिपालन में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत द्वारा गठित दल एवं जाँच प्रतिवेदन पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-''स'' अनुसार। दोषियों को नोटिस जारी कर धारा 92 एवं 40 की कार्यवाही किये जाने से शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) प्रश्नांश (क) में अवैध भर्ती का प्रकरण न्यायालय कलेक्टर, जिला अनूपपुर में प्रचलन में नहीं है एवं प्रश्नांश (ग) में ग्राम पंचायत क्योंटार के तत्कालीन सचिव श्री मनोज कुमार राठौर के विरूद्ध अवैध भर्ती संबंधी प्रकरण न्यायालय कलेक्टर अनूपपुर में प्रचलन में है।
तालाबों का निर्माण
[पंचायत और ग्रामीण विकास]
143. ( क्र. 3843 ) श्री गोविन्द सिंह पटेल : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) गाडरवारा विधानसभा क्षेत्र में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा वर्ष 2017-18 में एवं वर्तमान 2018 में किन-किन पंचायतों में कितने तालाब निर्माण के कार्य स्वीकृत हुये? प्रत्येक तालाब की स्वीकृत राशि क्या है एवं उनके निर्माण की एजेंसी कौन सी है? (ख) प्रश्न दिनांक तक कितने तालाबों में कितनी राशि व्यय हो गई एवं कितनी राशि आवंटन कर ली गई है एवं क्या इनका मूल्यांकन एवं सत्यापन विभाग द्वारा करा लिया गया है? (ग) जिस उद्देश्य से इन तालाबों का निर्माण करने की सरकार की योजना है क्या विभाग द्वारा इसकी पूर्ति की जा रही है? (घ) क्या कुछ पंचायतों में ऐसे तालाब है जिनके नाम से राशि निकाली जा चुकी है एवं मूल्यांकन भी हो गया है तथा ऐसी शिकायतें क्षेत्र वासियों द्वारा जनपद व जिला पंचायत को की गई हैं? क्या विभाग जाँच हेतु कोई दल नियुक्त करेगा? यदि हाँ, तो कब तक जाँच पूर्ण की जाएगी यदि नहीं, तो क्यों?
पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) प्रश्न दिनांक तक कुल 110 तालाबों में 94.91 लाख रूपये राशि व्यय की जा चुकी है। योजनांतर्गत कार्यवार विशेष का आवंटन का प्रावधान नहीं है। जी हाँ। (ग) जी हाँ। उद्देश्य की पूर्ति की जा रही है। (घ) विभाग के संज्ञान में वित्तीय अनियमित्ताओं के प्रकरण संज्ञान में आने पर त्वरित कार्यवाही की जावेगी।
स्वनिर्मित शौचालयों की प्रोत्साहन राशि का भुगतान
[पंचायत और ग्रामीण विकास]
144. ( क्र. 3849 ) पं. रमेश दुबे : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विकासखण्ड चौरई एवं बिछुआ जिला-छिन्दवाड़ा में स्वच्छ भारत मिशन अन्तर्गत कितने हितग्राहियों को उनके द्वारा स्वनिर्मित शौचालयों की प्रोत्साहन राशि भुगतान होना शेष है? ग्राम पंचायतवार हितग्राहियों के नाम पता सहित भुगतान योग्य राशि की जानकारी दें। (ख) प्रश्नांश (क) के प्रकाश में क्या हितग्राहियों द्वारा स्वनिर्मित शौचालयों की प्रोत्साहन राशि की पात्रता रखने के पश्चात भी पोर्टल पर अपात्र दर्शाने के कारण उन्हें भुगतान नहीं हो पा रहा है या नवीन प्रक्रिया के तहत उन्हें प्रोत्साहन राशि भुगतान में कठिनाई हो रही है? (ग) क्या भ्रमण के दौरान प्रश्नकर्ता को शौचालयों की प्रोत्साहन राशि पात्र हितग्राहियों को भुगतान नहीं होने की शिकायत प्राप्त होने पर विकासखण्ड चौरई के 981 एवं विकासखण्ड बिछुआ के 886 पात्र हितग्राहियों को स्वनिर्मित शौचालयों की प्रोत्साहन राशि भुगतान करने के संबंध में पत्र क्रमांक 03 भोपाल दिनांक 08.01.2018 राज्य कार्यक्रम अधिकारी स्वच्छ भारत मिशन भोपाल को प्रश्नकर्ता ने उनके कार्यालय में सम्पर्क कर प्रस्तुत किया है? (घ) यदि हाँ, तो दोनों विकासखण्डों के उपरोक्तानुसार पात्र हितग्राहियों को राशि भुगतान के संबंध में क्या सार्थक पहल की गयी है? कब तक राशि भुगतान कर दिया जावेगा?
पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी नहीं। स्वच्छ भारत मिशन अंतर्गत जिला छिंदवाड़ा में किसी भी पात्र हितग्राहियों के शौचालय निर्माण की प्रोत्साहन राशि का भुगतान शेष नहीं है। (ख) उत्तरांश (क) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी हाँ। पत्र में उल्लेखित पात्र हितग्राहियों के शौचालय निर्माण की प्रोत्साहन राशि का भुगतान शेष नहीं है। (घ) उत्तरांश (ग) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
म.प्र. ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण को दिये गये कार्यों की जानकारी
[पंचायत और ग्रामीण विकास]
145. ( क्र. 3871 ) सुश्री हिना लिखीराम कावरे : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) कलेक्टर बालाघाट द्वारा आई.ए.पी. योजना के तहत मध्यप्रदेश ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण (पी.एम.जी.एस.वाय.) को आई.ए.पी. 03 पैकेज के तहत कुण्डे से कोठियाटोला 12.63 कि.मी. तथा आई.ए.पी. 04 पैकेज के तहत कसंगी से गोदरी 17.85 कि.मी. सड़क निर्माण कार्य दिया गया था? (ख) उक्त कार्यों की कितनी-कितनी लागत की प्रशासकीय स्वीकृति हुई थी? इन कार्यों हेतु ठेका किसे किस रेट पर दिया गया था? (ग) क्या आई.ए.पी. 03 पैकेज में 4.33 कि.मी. रोड निर्माण तथा आई.ए.पी. 04 पैकेज में 3.03 कि.मी. रोड का कार्य अभी नहीं हुआ है? कार्य नहीं होने का कारण स्पष्ट करें। (घ) क्या अधूरे कार्य के बावजूद विभाग द्वारा समस्त राशि खर्च कर दी गयी? बचत राशि कलेक्टर बालाघाट को वापस की गयी है या विभाग के पास है?
पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) जी हाँ, आई.ए.पी. 03 पैकेज में 4.15 कि.मी. तथा आई.ए.पी. 04 में 3.46 कि.मी. रोड़ का कार्य नहीं हुआ है। उक्त दोनो मार्गों के शेष भाग में सघन वन क्षेत्र पड़ता है जिसमें घाट का भाग होने के कारण अतिरिक्त चौड़ाई (पाँच हेक्टेयर से अधिक वन भूमि) की आवश्यकता थी। अतः वन संरक्षण अधिनियम 1980 के अन्तर्गत भारत सरकार पर्यावरण एवं वन मंत्रालय की वेबसाइट पर वन भूमि व्यपवर्तन का प्रस्ताव ऑन-लाइन आवेदन दिया गया है। अभी तक अनुमति प्राप्त नहीं हुई हैं। (घ) जी नहीं। विभाग के पास है।
जलकर की वसूली में गबन
[नगरीय विकास एवं आवास]
146. ( क्र. 3878 ) श्री मधु भगत : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या विगत समय भोपाल नगर निगम में लकड़ी घोटाला, डीजल घोटाला, पार्टस खरीदी, वाहन रिपेयरिंग में घोटाला और भवन निर्माण के कम्पलीशन सर्टिफिकेट में घोटाला हुआ? यदि हाँ, तो किसे-किसे, निलंबित ओरापित किया गया? जाँच प्रतिवेदन की कॉपी बतायें। (ख) क्या नल, जल प्रदाय में वसूली की राशि में निगम द्वारा गबन करने का मामला प्रकाश में आया है? यदि हाँ, तो कौन सा? यदि नहीं, तो क्या वार्ड नं. ८४ के अंतर्गत अनुजा विलेज कॉलोनी के रहवासियों से प्रत्येक माह नल/पानी प्रदाय के नाम से राशि वसूल की जा रही है? किस-किस आवास क्रमांक के निवासी ने कितनी रकम अब तक जमा नहीं की है? क्या वह उसके खाते में जमा दर्शायी नहीं जा रही है? यदि हाँ, तो क्यों? यदि गबन नहीं है तो उक्त कॉलोनी में कितने मकान है तथा उनसे कितनी-कितनी राशि समेकित-कर में और नल प्रदाय मद में ली गई? (ग) क्या जो रसीद निगम द्वारा दी जा रही है, उस पर किस मद के लिये पैसा लिया गया है? इसका उल्लेख नहीं है? यदि हाँ, तो क्या यह अनियमितता नहीं हैं? (घ) कर वसूली की दर क्या हैं? यह कब से ली जाना थी तथा कब से ली जा रही है?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'अ' अनुसार है। (ख) से (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'ब' अनुसार है।
प्रदेश में बाघों की मृत्यु
[वन]
147. ( क्र. 3883 ) श्री सत्यपाल सिंह सिकरवार : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) म.प्र. के विभिन्न अभयारण्यों, जिलों के जंगलों में वर्ष 2017 फरवरी 2018 तक कितने बाघों की मृत्यु हुई है? स्थान, समय, मृत्यु संख्या सहित पूर्ण जानकारी दी जावे। (ख) बाघों की मृत्यु के क्या कारण रहे तथा बीमारी, शिकार, विद्युत करन्ट से कितने बाघों की मृत्यु हुई? बीमारियों का इलाज किन पशु चिकित्सकों ने कब-कब किया एवं उनमें स्वास्थ्य लाभ नहीं मिलने के क्या-क्या कारण रहे? (ग) क्या वन विभाग के वरिष्ठ एवं जिम्मेदार अधिकारियों की उदासीनता के कारण लगातार बाघों की मृत्यु होती रही?
वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) प्रश्नाधीन अवधि में कुल 32 बाघों की मृत्यु विभिन्न कारणों से हुई है जिसकी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) प्रश्नांश की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) जी नहीं वरिष्ठ स्तर से कोई गंभीर लापरवाही नहीं पायी गयी है। बाघों के मृत्यु के अधिकांश प्रकरण प्राकृतिक, दो बाघों के बीच लड़ाई, बीमारी आदि से संबंधित है। वन्यप्राणियों की हो रही मृत्यु की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए वन अधिकारियों/कर्मचारियों/स्थाई कर्मी/ई.डी.सी. सुरक्षा श्रमिकों द्वारा रात्रि एवं दिन में गश्ती कर वनक्षेत्र से गुजरने वाली विद्युत लाइनों की चैकिंग, वॉटरहोल चेकिंग, बैरियर से निकलने वाहनों की चैकिंग आदि नियमित रूप से की जा रही है। इसके अतिरिक्त क्षेत्र में मानसूनी गश्ती कार्य एवं जगह-जगह पेट्रोलिंग कैम्प बनाकर गश्ती की जा रही है, जिससे वन्यप्राणी अपराधों पर अंकुश लगा है। इसके अतिरिक्त वन्यप्राणी अपराधों पर अंकुश लगाने के लिये स्वान स्क्वॉड, राज्य स्तरीय टाइगर स्ट्राइक फोर्स, पुलिस एवं अन्य सुरक्षा एजेन्सियों का भी सहयोग लिया जा रहा है।
सीवर लाईन बिछाने में अनियमितता
[नगरीय विकास एवं आवास]
148. ( क्र. 3884 ) श्री सत्यपाल सिंह सिकरवार : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) मुरैना नगर निगम में वर्तमान में किस कंपनी द्वारा सीवर लाइन बिछाई जा रही है, उसकी समय अवधि क्या है तथा कितनी राशि उस पर खर्च की जा रही है? कंपनी का नाम, पता, राशि सहित पूर्ण जानकारी दी जावे। (ख) कंपनी द्वारा कितने कि.मी लाइन अभी तक बिछाई जा चुकी है तथा किस-किस बस्ती में कितने व्यास/चौड़ाई के पाइप डाले जा रहे है? क्या कंपनी एग्रीमेंट के अनुसार काम कर रही है या पेटी ठेकेदारों से काम कराया जा रहा है? पूर्ण जानकारी दी जावे। (ग) क्या बस्तियों में सीवर लाइन डालने के बाद सड़कों की मरम्मत का कार्य कंपनी द्वारा ही किया जाना है? कंपनी द्वारा अभी तक कितनी बस्तियों, मोहल्लों की सड़कों की मरम्मत की गई है? यदि नहीं, की गई है तो निगम द्वारा क्या कार्यवाही की गई है? (घ) कंपनी द्वारा समय-सीमा में काम नहीं करने पर विभाग द्वारा क्या पेनल्टी लगाई जावेगी। क्या ई.एन.सी. द्वारा पूर्व में निरीक्षण के दौरान पेनल्टी आरोपित की गई? क्या उक्त पेनल्टी जमा कराई गई? उक्त प्रकरण में क्या कार्यवाही की गई?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) मेसर्स स्टेण्डर्ड इन्फ्राटैक इण्डिया प्रायवेट लिमिटेड हैदराबाद, स्टेण्डर्ड हाऊस प्लाट नं. 10 एवं 46 एम.आई.जी.-2, फेस-9, के.पी.एच.बी. कॉलोनी कूकट पल्ली हैदराबाद, 500072, समयावधि कार्यादेश दिनांक 29.07.2016 से 24 माह। कुल परियोजना लागत राशि रू. 128.07 करोड़। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। जी हाँ। जी नहीं। ठेकेदार द्वारा कार्य अनुबंध के अनुरूप किया जा रहा, ठेकेदार द्वारा अनुबंध के सब-कॉन्ट्रेक्टिंग क्लास के अनुसार कार्यवाही नहीं की है। (ग) जी हाँ। कम्पनी द्वारा अभी तक 15 वार्डों/मोहल्लों में सड़क मरम्मत का कार्य कराया गया है। सड़क मरम्मत का शेष कार्य प्राथमिकता से पूर्ण करने हेतु निगम द्वारा दिनांक 02.01.2017 को नोटिस दिया गया। तदोपरांत नवीन खुदाई का कार्य रोककर, सर्वप्रथम सड़क मरम्मत का कार्य पूर्ण करने बाबत् पत्र दिनांक 12.02.2018 को दिया गया। (घ) कम्पनी द्वारा समय-सीमा में कार्य पूर्ण नहीं करने पर अनुबंध के प्रावधानों के तहत कार्यवाही की जायेगी। जी नहीं। प्रमुख अभियंता द्वारा पूर्व में निरीक्षण के दौरान पेनल्टी आरोपित नहीं की गई थी। अपितु कम्पनसेशन राशि का निर्धारण करने के निर्देश दिये थे। नगर निगम, मुरैना द्वारा 15 लाख रूपये की कम्पनसेशन/पेनल्टी राशि ठेकेदार के देयक से कटौती गई है।
ग्रामों के विकास कार्य
[नगरीय विकास एवं आवास]
149. ( क्र. 3890 ) श्री जितू पटवारी : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या इंदौर नगर पालिक निगम इंदौर के द्वारा नगरीय निकाय चुनाव के दौरान परिसीमांकन किये जाने से इन्दौर शहर के नजदीक लगे हुये 29 गांवों को नगरीय वार्डों में शामिल किया गया है? (ख) क्या नगरीय सीमा में शामिल किये जाने के बाद निगम द्वारा इन 29 गांवों के संपत्तिधारकों से सम्पत्तिकर, जलकर एवं अन्य लगने वाले निगम करों की वसूली की गई हैं? यदि हाँ, तो विगत दो वर्षों में निगम द्वारा कितनी कर राशि वसूल की गई है? वार्ड अनुसार शामिल किये गये गांवों से प्राप्त करो की राशि का विवरण वर्षवार एवं कर अनुसार अलग-अलग प्रदान करें। (ग) नगरीय निकाय में शामिल किये जाने के पश्चात 29 गांवों में निगम द्वारा विगत 02 वर्षों में सीमेंट रोड, ड्रैनेज, स्टीट लाईट, नर्मदा पानी लाईन, साफ-सफाई से संबंधित कौन-कौन से विकास कार्य किये गये हैं एवं कौन-कौन से विकास कार्य किये जाना है? वार्डवार किये गये एवं किये जाने वाले विकास कार्य की जानकारी प्रदान करें।
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) जी हाँ, सम्पत्तिकर में वर्ष 2015-16 में वसूल की गई राशि रूपये 42, 94, 09, 503/- एवं वर्ष 2016-17 में 69, 55, 30, 463/- वसूल की गई है। इसी प्रकार जलकर में वर्ष 2015-16 में राशि रूपये 1, 14, 31, 658/- तथा वर्ष 2016-17 में 1, 33, 70, 025/- वसूल की गई है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' अनुसार है। (ग) नगरीय निकाय में शामिल किये जाने के पश्चात् 29 गांवों में निगम द्वारा विगत् 02 वर्षों में सीमेंट रोड, डैनेज, स्ट्रीट लाईट, नर्मदा पानी लाईन, साफ-सफाई से संबंधित किये गये वार्डवार विकास कार्यों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''ब'' अनुसार है एवं किये जाने वाले विकास कार्यों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''स'' अनुसार है।
भवन निर्माण अनुज्ञा
[नगरीय विकास एवं आवास]
150. ( क्र. 3891 ) श्री जितू पटवारी : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) नगर पालिका निगम जबलपुर द्वारा नर्मदा के पाट से कितनी दूरी पर भवन निर्माण किये जाने की स्वीकृति प्रदान की जाती है? नर्मदा के पाट से निश्चित दूरी पर निर्मित होने वाले भवनों की ड्रॉईंग, डिजाईन, गुणवत्ता, मटेरियल के संबंध में क्या नियम हैं? इस संबंध में नियमों की प्रति उपलब्ध करावें। (ख) क्या नगर पालिका निगम जबलपुर के अधिकारियों द्वारा नर्मदा पाट से निश्चित दूरी पर निर्मित होने वाले भवनों की गुणवत्ता की जाँच समय समय पर की जाती है? (ग) क्य नगर पालिका जबलपुर द्वार ग्वारी घाट पर 16 फ्लेट वाले 19 भवनों का निर्माण किये जाने हेतु नक्शा स्वीकृत कर भवनों का निर्माण किये जाने हेतु नक्शा स्वीकृत कर भवनों के निर्माण किये जाने की अनुमति प्रदान की गई है, जिन्हें खन्ना प्रापर्टी एवं इन्फ्रास्टक्चर प्रा.लि. द्वारा निर्मित किया जा रहा है? (घ) प्रश्नांश (ग) अनुसार निर्मित भवनों को निश्चित दूरी छोड़कर निर्मित किया जा रहा है? यदि हाँ, तो क्या नगर पालिका निगम जबलपुर के अधिकारियों द्वारा इसकी जाँच की गई है? यदि हाँ, तो कब? रिपोर्ट की प्रति उपलब्ध करवायें। (ड.) क्या प्रश्नांश (ग) एवं (घ) अनुसार निर्मित होने वाले भवन नर्मदा के पाट से निश्चित दूरी छोड़कर निर्मित नहीं किये जा रहे हैं, साथ ही निर्मित भवनों की गुणवत्ता तथा लगने वाला मटेरियल घटिया होने के कारण निर्माण के दौरान ही एक भवन धराशायी हो चुका है? (च) यदि प्रश्नांश (ड.) का उत्तर हाँ है तो निगत द्वारा क्या कार्यवाही की गई है? रिपोर्ट की प्रति देवें तथा कार्यवाही नहीं की गई है तो कारण बतावें तथा आगामी कार्यवाही क्या की जावेगी? लिखित में जानकारी देवें।
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) नगर पालिका निगम जबलपुर द्वारा नर्मदा तट से पूर्व में 100 मीटर दूरी पर एवं दिनांक 16.10.2015 के उपरांत 300 मीटर दूरी पर भवन निर्माण किये जाने की स्वीकृति प्रदान की जाती है। म.प्र. भूमि विकास नियम में वर्णित प्रावधान अनुसार, भवन स्वीकृति हेतु वांछित अभिलेखों के साथ प्रस्तावित भवन की ड्राइंग, डिजाईन तथा संरचनात्मक गुणवत्ता पर्यवेक्षण हेतु, आवेदक तथा संबंधित वास्तुविद सह संरचना इंजीनियर के संयुक्त शपथ पत्र संलग्न होने के पश्चात, भवन अनुज्ञा जारी की जाती है। विवरण संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र 'अ' अनुसार है। (ख) जी नहीं। (ग) जी हाँ। श्री अमरदीप सिंह खन्ना, डायरेक्टर खन्ना प्रापर्टीज एण्ड इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रा. लिमिटेड को, तत्समय जबलपुर विकास योजना 2021 में वर्णित प्रावधान अनुसार, भवन अनुज्ञा जारी की गई थी। (घ) जी हाँ। यह निर्माण अनुज्ञा, तत्समय जबलपुर विकास योजना में निर्धारित 100 मी. से अधिक 106 मी. की दूरी पर जारी की गई है। जी नहीं, अपितु नर्मदा तट से निर्धारित दूरी की जाँच अनुविभागीय अधिकारी, अनुभाग गोरखपुर द्वारा की गई है। दिनांक 30.07.2011 को अनुविभागीय अधिकारी, गोरखपुर द्वारा तद्निमित्त आयुक्त, नगर पालिक निगम जबलपुर को प्रेषित प्रतिवेदन संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र 'ब' अनुसार है। (ड.) प्रश्नांश (ग) एवं (घ) अनुसार निर्मित भवन नर्मदा तट से 106 मी. की दूरी पर निर्मित है। निर्मित भवनों में लगने वाले मटेरियल की जाँच निगम स्तर से किये जाने का प्रावधान नहीं होने से जाँच नहीं की गयी। निर्माण के दौरान एक भवन के गिरने के संबंध में, नगर निगम जबलपुर को जानकारी प्राप्त नहीं है। (च) प्रश्नांश (घ) एवं (ड.) पर निगम द्वारा कोई जाँच नहीं की गई है। अत: प्रश्नांश के संबंध में कोई भी कार्यवाही नहीं की गई तथा भविष्य में भी कोई कार्यवाही किया जाना अपेक्षित नहीं है।
कचरा ट्रांसफर स्टेशन स्थापना की जानकारी
[नगरीय विकास एवं आवास]
151. ( क्र. 3899 ) श्री आरिफ अकील : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या नगर पालिक निगम भोपाल द्वारा भोपाल शहर में कचरा ट्रांसफर स्टेशन स्थाई एवं अस्थाई रूप से संचालित किए जा रहे हैं? यदि हाँ, तो कहाँ-कहाँ कितनी-कितनी भूमि पर और राजस्व विभाग, जिला प्रशासन एवं जिला योजना समिति द्वारा कब-कब किस-किस कचरा ट्रांसफर स्थल का किस-किस कार्य हेतु आवंटन किया गया? (ख) क्या नगर निगम भोपाल द्वारा खसरा नम्बर 129, 130, 131 रकबा 1.694 हेक्टर भूमि में से 2 एकड़ कचरा प्रबंधन हेतु नि:शुल्क हस्तांतरित करने की मांग की गई? यदि हाँ, तो इस भूमि पर माननीय उच्चतम न्यायालय के अनुसार ट्यूबवेल खनन व वहां का पानी अनुपयोगी बताया है तथा यादगार शाहजहानी पार्क स्थित कचरा ट्रांसफर स्थल के पास राम रोटी योजना के तहत भोजन बनाया जाता है और वितरित किया जाता है? यदि हाँ, तो क्या उक्त दोनों स्थल सार्वजनिक स्थल होने के कारण क्या जनहित के विपरीत नहीं है? (ग) प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्य में यह भी अवगत करावें कि क्या जनहित को दृष्टिगत रखते हुए घनी बस्तियों के पास कचरा ट्रांसफर स्टेशन स्थापित करने से पूर्व प्रदूषण निवारण मण्डल तथा एन.जी.टी. से अनुमति प्राप्त करना आवश्यक होता है? यदि हाँ, तो किन-किन कचरा ट्रांसफर स्टेशनों की अनुमति कब-कब प्राप्त की गई तथा किन-किन की अनुमति लेना लंबित है? अलग-अलग बतावें। (घ) क्या यह भी सही है कि भोपाल के कुछ कचरा ट्रांसफर स्टेशनों के आस-पास शासकीय एवं अशासकीय अस्पताल, स्कूल धार्मिक स्थल, सामाजिक संस्थाएं और घनी रहवासी बस्तियां स्थित होने और बीमारियां उत्पन्न होने के दृष्टिगत रखते हुए नागरिकों द्वारा आपत्तियां ली गई तथा एन.जी.टी. के समक्ष वाद दायर किए जाने के बावजूद जबरिया कचरा ट्रांसफर स्टेशन स्थापित किए गए हैं? यदि हाँ, तो इसके क्या कारण हैं?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) जी हाँ। जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी हाँ। मान. उच्च न्यायालय द्वारा जन-सामान्य के उपयोग हेतु वर्जित किया गया है। अत: ट्यूबवेल के जल का उपयोग मिथेन गैस उत्पादन के लिये किया जा रहा है। जी हाँ। जैविक कचरे से उत्पन्न मिथेन गैस का उपयोग राम रोटी योजना में भोजन बनाने में किया जाता है अत्याधुनिक तकनीक के उपयोग एवं पर्यावरणीय प्रावधानों अंतर्गत कार्यवाही करने के कारण प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी नहीं। ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2000/2016 के विहित प्रावधानों अंतर्गत कार्यवाही की जा रही है। अत: प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) जी हाँ। परंतु उक्त कार्य के क्रियान्वयन में समस्त पर्यावरणीय नियमों का पालन किया जा रहा है एवं उक्त कार्य से कोई भी प्रदूषण एवं गंदगी की संभावना नहीं है अपितु अत्याधुनिक ट्रांसफर स्टेशन एवं नवीनतम तकनीक से युक्त गारबेज काम्पेक्टर यूनिट के संस्थापन से आस-पास के समस्त क्षेत्रों में प्रदूषण एवं गंदगी का निवारण संभव हो सकेगा। शहरी ठोस अपशिष्ट एकत्रित किया जाकर कॉम्पेक्टर यूनिट के माध्यम से संकुचित करने के उपरान्त आदमपुर छावनी स्थित एकीकृत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन फैसिलिटी में निष्पादन हेतु भेजे जाने की व्यवस्था की गयी है। अत: शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता।
नियम विरूद्ध कार्यपूर्णता प्रमाण-पत्र दिया जाना
[नगरीय विकास एवं आवास]
152. ( क्र. 3906 ) श्री आरिफ अकील : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) भोपाल नगर पालिक निगम में भवन अनुज्ञा का कार्य संचालन हेतु वर्ष 2014 से प्रश्न दिनांक की स्थिति में कौन-कौन कब से कब तक अपर आयुक्त एवं नगर निवेशक के पद पर पदस्थ रहे तथा क्या नगर निवेशक का पद तकनीकी है अथवा प्रशासकीय? (ख) प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्य में किन-किन बिल्डर्स/कालोनाईजर्स को कार्य पूर्णता प्रमाण पत्र जारी किये गये? सूची सहित यह भी अवगत करावें कि क्या भ्रष्टाचार के चलते कार्य पूर्णता प्रमाण पत्र जारी किये जाने के मामले उजागर हुए? यदि हाँ, तो कब-कब और किन-किन को दोषी माना गया या संलिप्तता पाई गई? नाम व पद सहित बतावें। (ग) वर्ष 2014 से प्रश्न दिनांक की स्थिति में नगर निगम भोपाल के अधिकारियों एवं प्राधिकारियों/जनप्रतिनिधियों की मिलीभगत के आधार पर कार्य पूर्णता प्रमाण पत्र के नाम पर हुए भ्रष्टाचार की जाँच शासन द्वारा कराई जाकर दोषियों के विरूद्ध कार्यवाही सुनिश्चित करेंगे? यदि हाँ, तो कब तक और यदि नहीं, तो क्यों? (घ) क्या कार्य पूर्ण प्रमाण पत्र जारी करने से पूर्व स्थल निरीक्षण का प्रावधान है? यदि हाँ, तो मेसर्स प्रधान होम्स द्वारा श्री शैलेन्द्र प्रधान भोपाल को ग्राम अहमदपुर कलां भोपाल के संबंध में कार्य पूर्णता प्रमाण पत्र दिनांक 31/07/2017 को जारी किया गया? क्या उक्त प्रमाण पत्र जारी करते समय नगर निवेषक द्वारा स्थल निरीक्षण किया गया है? यदि नहीं, तो आवेदक को भवन अनुज्ञा किस आधार पर जारी की गई? क्या शासन द्वारा उक्त कृत्यों की जाँच कराई जाकर दोषियों के विरूद्ध कार्यवाही करेगा? यदि हाँ, तो कब तक और यदि नहीं, तो क्यों?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ‘अ' एवं ‘ब' अनुसार है। नगर निवेशक का पद तकनीकी है। (ख) वर्ष 2014 से प्रश्न दिनांक तक बिल्डर्स/कॉलोनाईजर को जारी कार्य पूर्णता प्रमाण पत्रों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ‘स' अनुसार है। निगम द्वारा भवन अनुज्ञा शाखा द्वारा जारी किये गये कार्य पूर्णता प्रमाण-पत्रों के संबंध में की गई जाँच प्रतिवेदन की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ‘द' अनुसार है। नगर निगम द्वारा प्रस्तुत जानकारी अनुसार अपूर्ण भवनों पर नियमों का पालन सुनिश्चित किये बगैर कार्य पूर्णता प्रमाण-पत्र जारी करने के संबंध में श्री बी.एस. त्रिपाठी, उपयंत्री तथा श्री संजय तिवारी, उपयंत्री (प्रतिनियुक्ति) तथा श्री ए.के. साहनी, सहायक यंत्री, नगर निगम भोपाल को निलंबित किया गया है। श्रीमति मलिका निगम नागर, अपर आयुक्त, श्री विनोद कुमार चतुर्वेदी, अपर आयुक्त एवं जी.एस. सलूजा, कार्यपालन यंत्री, की सेवाएं नगर निगम द्वारा एकतरफा शासन को वापस की गई थी। मध्यप्रदेश नगर पालिक निगम अधिनियम 1956 की धारा-3 के प्रावधान के अनुक्रम में मध्यप्रदेश शासन नगरीय विकास एवं आवास विभाग मंत्रालय, भोपाल के आदेश क्रमांक एफ. 1-9/2018/18-1 भोपाल दिनांक 13.02.2018 द्वारा श्रीमती मलिका निगम नागर अपर आयुक्त, श्री विनोद कुमार चतुर्वेदी अपर आयुक्त, एवं श्री जी.एस. सलूजा कार्यपालन यंत्री, की सेवाएं वापस करने के आदेश को स्थिगित किया गया है। (ग) जानकारी उत्तरांश (ख) अनुसार है। जाँच कराई जाकर कार्यवाही की गई है। अत: दोबारा का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) जी हाँ। जी हाँ, मेसर्स प्रधान होम्स द्वारा श्री शैलेन्द्र प्रधान भोपाल को ग्राम अहमदपुर कलां में दिनांक 31/07/2017 को कार्यपूर्णता प्रमाण-पत्र जारी किया गया है। नगर निवेशक द्वारा स्थल निरीक्षण नहीं किया जाता है, स्थल निरीक्षण का दायित्व उपयंत्री का है। आवेदक को भवन अनुज्ञा, नगर तथा ग्राम निवेश कार्यालय द्वारा जारी विकास अनुज्ञा, मध्यप्रदेश भूमि विकास नियम 1984 मध्यप्रदेश नगर पालिक निगम अधिनियम 1956 के प्रावधानों के तहत जारी की गई है। किसी प्रकार की अनियमितता संज्ञान में नहीं होने के कारण जाँच किये जाने का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
प्रधानमंत्री आवास योजनांतर्गत केन्द्र सरकार द्वारा जारी राशि की जानकारी
[नगरीय विकास एवं आवास]
153. ( क्र. 3909 ) श्री संजय उइके : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या प्रदेश में केन्द्र सरकार की प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिया जा रहा है? (ख) प्रधानमंत्री आवास योजना में केन्द्र सरकार द्वारा कब-कब, कितनी-कितनी राशि जारी की गई एवं राज्य सरकार द्वारा अपने हिस्से की राशि कब-कब, कितनी-कितनी विभाग को दी गई? (ग) क्या प्रदेश में निकायों द्वारा प्रथम किश्त की राशि जारी करने के उपरांत हितग्राही/परिवार द्वारा योजनानुसार कार्य करने के बावजूद द्वितीय किश्त की राशि जारी करने में विभाग विलंब कर रहा है? राशि कब तक निकायों को जारी की जावेगी? (घ) योजना प्रारंभ दिनांक से प्रश्न दिनांक तक बालाघाट जिलान्तर्गत कितने-कितने आवास विहीन/कच्चे आवासीय हितग्राही परिवार चिन्हित हैं? कितने परिवार/हितग्राही को आवास स्वीकृत किया गया, कितने पूर्ण/अपूर्ण हैं? कब-कब, निकायों को कितनी-कितनी राशि जारी की गई? कितनी राशि जारी करना शेष है? प्रत्येक निकायवार बतावें।
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) केंद्र सरकार से प्राप्त राशि की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ‘अ' अनुसार है। केंद्र सरकार से प्राप्त राशि व राज्य सरकार की राशि के साथ पूर्ण राशि की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ‘ब' अनुसार है। (ग) जी नहीं। निकाय की मांग पर द्वितीय किश्त की राशि भारत सरकार से प्राप्त होने पर तत्काल जारी की जा सकेगी। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ‘स' अनुसार है।
प्राप्त एवं व्यय राशि की जानकारी
[नगरीय विकास एवं आवास]
154. ( क्र. 3910 ) श्री संजय उइके : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या नगर पालिका परिषद् मलाजखण्ड जिला बालाघाट को केन्द्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं में एवं विभिन्न शुल्क, करों एवं अन्य मदों में स्वयं के आय के रूप में राशि प्राप्त होती है? (ख) यदि हाँ, तो वित्तीय वर्ष 2014-15 से प्रश्न दिनांक तक किस-किस योजना/मद/करों में कितनी-कितनी राशि वर्षवार प्राप्त हुई एवं कितनी-कितनी राशि कहाँ-कहाँ, व्यय की गई? (ग) नगर पालिका परिषद् द्वारा व्यय की गई राशि के सामग्री खरीदी के समस्त निविदा आमंत्रण की प्रति, स्वीकृत दर एवं एजेंसी का नाम की जानकारी प्रश्नांश (ख) में उल्लेखित अवधि की देवें। (घ) नगर पालिका परिषद् में वेतन व्यय किस-किस शाखा/विभाग से कुशल/अकुशल/ अर्द्धकुशल दैनिक वेतन भोगी कितने कर्मचारियों को कितना-कितना वेतन भुगतान किया जा रहा है? प्रेसीडेंट इन काउन्सिल एवं परिषद् के संकल्पों/कार्यवाही विवरण की प्रति प्रश्नांश (ख) में उल्लेखित अवधि की उपलब्ध करावें।
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) एवं (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र “ब” एवं “स” अनुसार है।
नदियों से रेत खनन की जानकारी
[खनिज साधन]
155. ( क्र. 3969 ) श्री जयवर्द्धन सिंह : क्या खनिज साधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश की कौन-कौन सी नदियों से रेत खनन की अनुमति विभाग द्वारा दी जाती है? (ख) किस नदी पर कौन-कौन से स्थानों से रेत खनन की अनुमति दी जा रही है? (ग) नर्मदा नदी में किस-किस जिले में कौन-कौन से स्थानों से वर्ष 2016-17 और 2017-18 में रेत खनन की अनुमति किन संस्थाओं/व्यक्तियों को दी गई थी? (घ) प्रदेश में वर्ष 2016-17 और 2017-18 में नदियों से अवैध रेत खनन और परिवहन के कितने प्रकरण दर्ज किये गये हैं? जिलावार बतायें।
खनिज साधन मंत्री ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) एवं (ख) प्रश्नानुसार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ग) प्रश्नानुसार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। (घ) प्रश्नानुसार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-स अनुसार है।
स्वीकृत आवास एवं प्रचार-प्रसार की जानकारी
[पंचायत और ग्रामीण विकास]
156. ( क्र. 3970 ) श्री जयवर्द्धन सिंह : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रधानमंत्री आवास योजना में वर्ष 2016-17 और 2017-18 में कितने आवास स्वीकृत किये गये? जिलावार बतायें। स्वीकृत आवासों में से कितने पूर्ण, कितने अपूर्ण और कितने अप्रारंभ हैं? (ख) प्रधानमंत्री आवास योजना में प्रश्नांश (क) अनुसार वर्षों में कितने अपात्र परिवारों को आवास स्वीकृत किये गये और कितनी राशि जारी की गई हैं? कितनी राशि वसूल कर ली गई हैं? जिलावार बतायें। (ग) निर्धारित 13 बिंदुओं पर अपात्र परिवारों की स्वीकृति पाये जाने पर कितने लोगों को जानकारी देने पर 5 हजार रूपये का ईनाम दिया गया हैं? जिलावर बतायें। योजना अन्तर्गत निर्मित आवासों पर प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम लिखने का निर्णय कब और किस नियम से लिया गया? (घ) प्रधानमंत्री आवास योजना के राज्य स्तरीय प्रशिक्षणों और प्रचार-प्रसार पर प्रश्न दिनांक तक कितनी राशि व्यय की गई हैं?
पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र 'अ' अनुसार है। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र 'ब' अनुसार है। (ग) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र 'स' अनुसार है। निर्मित आवासों पर माननीय प्रधानमंत्री जी तथा माननीय मुख्यमंत्री जी के नाम लिखने का प्रशासकीय निर्णय है जिसे विकास आयुक्त कार्यालय के पत्र क्रमांक 264ए/22/वि-7/पीएमएवाय-जी/2017 भोपाल दिनांक 09.08.2017 से जिलों को निर्देश दिये गए है। (घ) प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अन्तर्गत प्रचार-प्रसार पर प्रश्न दिनांक तक रू 12.47 लाख तथा राज्य स्तर पर राज मिस्त्री प्रशिक्षण पर रू. 6.39 लाख की राशि व्यय की गई है।
वन भूमि से बेदखली
[वन]
157. ( क्र. 3977 ) कुँवर सौरभ सिंह : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या ग्राम करौंदी, तहसील ढीमरखेड़ा जिला कटनी अंतर्गत प.ह.नं. 62, ख.नं. 3, रकबा 87.48 हेक्टेयर भूमि के अंश भाग पर पूर्वजों से निवास कर रहे लोगों को सिलौडी एवं कुण्डम वन परिक्षेत्र के अधिकारियों द्वारा भूमि से बेदखल कर, आवास निर्माण में रोक लगाई गई है? (ख) यदि हाँ, तो विगत 60-70 वर्षों से निवास कर रहे लोगों को आवास के लिये क्या व्यवस्था की गई? क्या भूमिहीन आदिवासी गरीब मजदूरों को वेघर किया जाना न्यायसंगत है? यदि नहीं, तो इनके आवास की व्यवस्था विभाग द्वारा कब तक की जावेगी? (ग) क्या प्रश्नांश (क) एवं (ख) अनुसार ग्राम पंचायत कचनारी के ग्राम करौंदी में निवासरत् लोगों के नाम आवासहीन की सर्वे सूची में दर्ज हैं? यदि हाँ, तो वर्षों से काबिज जमीन में आवास निर्माण हेतु वन विभाग द्वारा रोक लगाये जाने का क्या औचित्य है? (घ) प्रश्नकर्ता सदस्य द्वारा प्रेषित ज्ञापन पत्र क्रमांक 1202 दिनांक 21.11.17 एवं कलेक्टर कटनी को प्रेषित पत्र क्र. 1288 दिनांक 05.12.2017 पर विभाग द्वारा क्या कार्यवाही की गई? तिथिवार, कार्यवाहीवार विवरण दें।
वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) जी नहीं। दिनांक 05.12.2017 को कक्ष क्रमांक पी. 338 में, ग्राम करौंदी के कुछ ग्रामीणों द्वारा अतिक्रमण का प्रयास किया गया था, जिसे वन कर्मचारियों द्वारा विफल किया गया है। (ख) एवं (ग) उत्तरांश (क) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) प्रश्नांकित ज्ञापन पत्र क्रमांक 1202 दिनांक 21.11.2017 कटनी वनमण्डल को अप्राप्त है। कलेक्टर, कटनी को प्रेषित पत्र क्रमांक 1288 दिनांक 05.12.2017 वनमण्डल कटनी को मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत कटनी के पत्र क्रमांक 732/जिपं/शिकायत/2018 दिनांक 16.01.2018 से प्राप्त हुआ, जिस पर कार्यवाही कर वस्तुस्थिति से अवगत कराने हेतु वन मण्डलाधिकारी, कटनी ने पत्र क्रमांक 1121 दिनांक 20.02.2018 द्वारा संभागीय प्रबंधक वन विकास निगम कुण्डम परियोजना मंडल, जबलपुर को लेख किया गया। दिनांक 01.03.2018 को वन विकास निगम के कर्मचारी व कटनी वनमण्डल के परिक्षेत्र ढ़ीमरखेड़ा एवं पटवारी हल्का की उपस्थिति में मौका स्थल की जाँच कर मौंका पंचनामा तैयार किया गया, जो संलग्न परिशिष्ट अनुसार है।
खनिज नीति का निर्धारण
[खनिज साधन]
158. ( क्र. 3978 ) कुँवर सौरभ सिंह : क्या खनिज साधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या भारत सरकार द्वारा MMDR 2015 के संशोधन के पश्चात् राज्य खनिज नीति बनाये जाने का प्रावधान हैं? यदि हाँ, तो प्रदेश में विगत वर्षों में क्या-क्या नीतियां कब-कब बनाई गई? वर्षवार पृथक-पृथक बताएं। (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार क्या खनिज साधन विभाग द्वारा बनाये गये नये संशोधन पत्रक में 31 खनिजों को गौण खनिज के रूप में प्रस्तावित किया गया? यदि हाँ, तो कब-कब? यदि नहीं, तो विभाग इस विषय पर क्या नीति तय करेगा? (ग) क्या प्रश्नांश (क) एवं (ख) अनुसार चिन्हित 31 खनिजों के विषय में सरकार क्या नीति लाना चाहती हैं और प्रदेश सरकार में कब तक लागू होगी? (घ) MMDR 2015 बनने के पूर्व वर्ष 2010-11 से 2014-15 तक कुल कितनी मात्रा में 31 खनिज निकाले गये? खनिज के प्रकार सहित वर्षवार पृथक-पृथक विवरण दें। (ड.) प्रश्नकर्ता सदस्य द्वारा प्रेषित पत्र क्रमांक 1618 दिनांक 29.01.2018 पर विभाग द्वारा क्या कार्यवाही की गई? तिथिवार, कार्यवाहीवार, पृथक-पृथक विवरण दें।
खनिज साधन मंत्री ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जी नहीं। (ख) प्रश्न में उल्लेखित गौण खनिज के संबंध में मध्यप्रदेश गौण खनिज नियम, 1996 में दिनांक 13.02.2018 को संशोधन अधिसूचित किये गये हैं। (ग) प्रश्नांश (ख) में दिये उत्तर अनुसार प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) प्रश्नानुसार जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ड.) प्रश्न में उल्लेखित पत्र के संबंध में विभाग द्वारा माननीय विधायक को पत्र दिनांक 05.03.2018 से उत्तर प्रेषित किया गया है।
खेल स्टेडियम निर्माण की जानकारी
[नगरीय विकास एवं आवास]
159. ( क्र. 3987 ) श्री चन्द्रशेखर देशमुख : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) प्रश्न क्र. 4341 दि. 07/03/17 के अनुसार मुलताई नगर के खेल स्टेडियम का कार्य किस विभाग द्वारा करना था? क्या इस कार्य को ग्रा.या. सेवा विभाग को हस्तांतरित किया गया? यदि हाँ, तो आदेश की छायाप्रति देवें। (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार मुलताई नगर खेल स्टेडियम का कार्य यदि ग्रा.या. सेवा विभाग को हस्तांतरित नहीं किया गया तो उपरोक्तानुसार जानकारी देने पर तत्कालीन मुख्य नगर पालिका अधिकारी के विरूद्ध शासन कब तक कार्यवाही करेगा? (ग) खेल स्टेडियम कार्य कब तक पूर्ण होगा?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) - कार्यालय कलेक्टर (खेल एवं युवा कल्याण) बैतूल मध्यप्रदेश के पत्र क्र./खे.यु.क./अधो.सं./104/2009 के द्वारा नगर पालिका परिषद् मुलताई को निर्माणकर्ता एजेंसी नियुक्त किया गया था। जिसकी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-‘अ' अनुसार है। न्यायालय कलेक्टर जिला-बैतूल म.प्र. के आदेश क्र.-3/अ-20 (3)/ 2014-15 बैतूल दिनांक 01.08.2015 की कंडिका क्र. 04 में उल्लेख अनुसार मुलताई स्थित नजूल शीट नं. 09 भू-खण्ड क्र. 5/2 एवं 13 की भूमि पर नगर पालिका मुलताई द्वारा निर्माणाधीन स्टेडियम के अपूर्ण निर्माण कार्य को ‘राजीव गांधी खेल अभियान योजनांतर्गत' प्राप्त राशि से आउटडोर इनडोर स्टेडियम का निर्माण कार्य ग्रामीण यांत्रिकी विभाग से पूर्ण कराये जाने की अनुशंसा की गई है। आदेश की प्रति जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ‘ब' अनुसार है। (ख) जी हाँ। प्रश्नांश (क) अनुसार प्रकरण में खेल स्टेडियम का कार्य ग्रा.यां. सेवा, विभाग को हस्तांतरित नहीं किया गया है। किन्तु नगर पालिका अधिकरी द्वारा कलेक्टर के आदेश के परिपालन में ग्रा.यां. सेवा विभाग एवं जिला खेल एवं युवा कल्याण अधिकारी संलग्न पत्र ‘स' से निर्माण कार्य की राशि तथा अभिलेखों के हस्तांतरण के संबंध में कार्यवाही करने हेतु लेख किया गया है। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) उत्तरांश (ख) अनुसार कार्य ग्रा.यां. सेवा, विभाग को हस्तांतरण के उपरांत संबंधित विभाग द्वारा कार्य पूर्ण करने के संबंध में कार्यवाही की जायेगी। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
पौधारोपण कार्यक्रम में अनियमितता पर कार्यवाही
[वन]
160. ( क्र. 3996 ) श्री कमलेश शाह : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जबलपुर, नरसिंहपुर, खण्डवा, हरदा जिलों में दिनांक 02.07.17 के पौधारोपण कार्यक्रम हेतु किन-किन विभागों में कितने-कितने पौधे लगाये गये? विभाग का नाम, पौधे संख्या, पौधे लगाने पर व्यय राशि की जिलावार जानकारी देवें। (ख) उपरोक्तानुसार पौधे लगाने पर व्यय राशि की जानकारी तथा लंबित भुगतान राशि की जानकारी भी देवें। (ग) क्या कारण है कि वन विभाग द्वारा प्रश्न क्र. 1725 दिनांक 30.11.17 में 333.72 लाख पौधे लगाना बताया गया जबकि प्रश्न क्र. 3203 दिनांक 27.07.17 में 329.59 लाख पौधे लगाना बताया गया? सही जानकारी क्या है?
वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) एवं (ख) नरसिंहपुर जिले एवं हरदा जिले की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। जबलपुर जिले एवं खण्डवा जिले की जानकारी एकत्रित की जा रही है। (ग) यह सही है कि प्रश्न क्रमांक-1725, दिनांक 30.11.2017 में वन विभाग द्वारा 333.72 लाख पौधे लगाया जाना बताया गया था, किन्तु यह सही नहीं है कि प्रश्न क्रमांक-3203, दिनांक 27.07.2017 में वन विभाग द्वारा 329.59 लाख पौधे लगाना दर्शाया गया है, अपितु प्रश्न क्रमांक-3203 के उत्तर में 2, 43, 61, 886 पौधे लगाया जाना दर्शाया गया है। दिनांक 2.07.2017 को वृक्षारोपण होने के फलस्वरूप प्रश्न क्रमांक-3203, दिनांक 27.07.2017 के उत्तर देने तक लगाये गये पौधों की जानकारी संकलित की जाकर उनके योग की कार्यवाही प्रचलित थी। उक्त प्रश्न के पश्चात् प्रश्न क्रमांक-1725, दिनांक 30.11.2017 के उत्तर देने तक प्रदेश में वन विभाग द्वारा लगाये गये पौधों की जानकारी संकलित हो चुकी थी तथा उस आधार पर उक्त प्रश्न का उत्तर दिया गया। इस कारण दोनों प्रश्नों के उत्तर में वन विभाग द्वारा लगाये गये पौधों के ऑकड़ों में भिन्नता आई।
पौधारोपण कार्यक्रम की जानकारी
[वन]
161. ( क्र. 3999 ) श्री रमेश पटेल : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) होशंगाबाद, मण्डला एवं देवास जिलों में दि. 02/07/17 के पौधारोपण कार्यक्रम हेतु किन-किन विभागों में कितने-कितने पौधे लगाये? विभाग का नाम, पौधों की संख्या, इस पर व्यय राशि की जानकारी जिलावार देवें। (ख) उपरोक्तानुसार पौधे लगाने पर कुल व्यय राशि की जानकारी जिलावार देवें। लंबित भुगतान राशि की जानकारी भी देवें। (ग) क्या कारण है कि इनके अधिकांश पौधे सूख गये हैं? ग्रीष्मकाल में इनके संरक्षण के लिए कितनी राशि आवंटित की जावेगी? जिलावार जानकारी देवें।
वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) एवं (ख) उपलब्ध जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। शेष जानकारी संकलित की जा रही है। (ग) जी नहीं। होशंगाबाद, मंडला एवं देवास जिलों में वन विभाग द्वारा लगाये गये पौधों का मूल्यांकन कराये जाने पर माह अक्टूबर, 2017 की स्थिति में 91 प्रतिशत पौधे जीवित पाये गये। ग्रीष्मकाल में उनके संरक्षण के लिये वन विभाग द्वारा वर्ष 2018-19 के निष्पादित बजट प्रावधान अनुसार राशि आवंटित की जावेगी। अन्य विभागों की जानकारी एकत्रित की जा रही है।
नर्मदा सेवा यात्रा हेतु अनुबंधित बसों का भुगतान
[योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी]
162. ( क्र. 4001 ) श्री रमेश पटेल : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्न क्र. 1093 दि. 29/11/17 के (क) व (ख) उत्तर में वर्णित अनूपपुर, भोपाल में जो बसें अनुबंधित की गई, उनके नम्बर, भुगतान प्राप्तकर्ता नाम, बैंक खाता नंबर, T.D.S. कटौत्रे सहित वाहनवार, जिलावार देवें। (ख) कितनी बसों का कितना भुतान शेष है? वाहनवार देवें। (ग) क्या कारण है कि अमरकंटक से काफी समीप होने के बाद भी अनूपपुर जिले की बसों को लगभग उतना ही भुगतान तय किया गया जितना भोपाल की बसों को? क्या अलग-अलग बसों को अलग-अलग दर पर अनुबंधित किया गया? (घ) यदि हाँ, तो ऐसा क्यों? मनमाने तरीके से भुगतान निर्धारण करने वाले अधिकारियों पर शासन कब तक कार्यवाही करेगा? प्रश्नांश (क) अनुसार कितना भुगतान लंबित है? जिलावार जानकारी देवें। भोजन व अन्य व्यय की जानकारी भी वाहनवार, जिलावार देवें।
वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) से (घ) जानकारी संकलित की जा रही है।
नगर निगम द्वारा अपने सीमा क्षेत्र से बाहर कार्य करने
[नगरीय विकास एवं आवास]
163. ( क्र. 4004 ) श्री बाला बच्चन : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) नगर निगम एवं अन्य नगरीय निकायों द्वारा अपनी सीमा क्षेत्र से बाहर कार्य करने के टेंडर निकालने एवं कार्य करने के नियम की छायाप्रति देवें। (ख) इंदौर नगर निगम ने जो निविदा विज्ञप्ति क्र. 14/सी.ई./बिल्स/17-18/ई-टेंडरिंग दि. 22/5/17 को निसरपुर जिला धार में अपनी सीमा क्षेत्र से बाहर जाकर निकाली वह किसके आदेश/किस नियम के तहत निकाली? आदेश/नियम की प्रमाणित प्रति देवें। अधिकारी का नाम, पदनाम भी देवें। इसके T.D.S. कटौत्रे की जानकारी भी देवें। (ग) विगत 3 वर्षों में इंदौर नगर निगम ने अपनी सीमा क्षेत्र से बाहरी क्षेत्रों में कार्य करने के कितने टेंडर किन-किन क्षेत्रों के निकाले? कार्य नाम, स्थान, विज्ञप्ति दिनांक, अनुबंध दिनांक, भुगतान राशि, T.D.S. कटौत्रे सहित वर्षवार देवें। (घ) यदि प्रश्नांश (क) अनुसार नियम नहीं हैं तो प्रश्नांश (ख) व (ग) अनुसार इंदौर नगर निगम सीमा क्षेत्र से बाहर कार्य करवाने वाले अधिकारियों पर शासन कब तक कार्यवाही करेगा?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) म.प्र. नगर निगम अधिनियम 1956 की धारा 68 एवं म.प्र. नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 106 की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'अ' अनुसार है। (ख) म.प्र. अर्बन डेवलपमेंट कम्पनी लिमिटेड के पत्र दिनांक 22/05/2017 के पालन में नगर निगम, इन्दौर द्वारा निविदा विज्ञप्ति जारी की गई। पत्र की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'ब' अनुसार है, अधिकारी का नाम श्री आर.के. व्यास एवं पदनाम प्रमुख अभियंता, म.प्र. अर्बन डेवलपमेंट कम्पनी लिमिटेड है तथा नियम की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'अ' अनुसार है। टी.डी.एस. कटोत्रा की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'स' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'स' अनुसार है। (घ) उत्तरांश (क) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
भाग-3
अतारांकित
प्रश्नोत्तर
खनिज नियम 1996 के
नियम 3 में दी
गई छूट
[खनिज साधन]
1. ( क्र. 19 ) डॉ. गोविन्द सिंह : क्या खनिज साधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्यप्रदेश गौण खनिज नियम 1996 के नियम-3 में किस-किस को क्या-क्या छूट दी गई थी? इस छूट में किस दिनांक को प्रकाशित अधिसूचना के अनुसार क्या-क्या संशोधन किया जाकर किस-किस की छूट समाप्त की गई? छूट के स्वरूप में क्या-क्या परिवर्तन किया गया? (ख) ग्रामीण विकास कार्यों, ग्रामीण सड़कों के लिए गौण खनिज से संबंधित खनिज साधन विभाग राज्य मंत्रालय वल्लभ भवन भोपाल ने वर्ष 1998 वर्ष 2006 एवं वर्ष 2013 में किस-किस दिनांक को किस-किस विषय से संबंधित पत्र जारी किए? प्रति सहित बतावें। (ग) वर्ष 2010-2011 से वर्ष 2016-2017 तक ग्रामीण विकास कार्यों, ग्रामीण सड़कों, ग्राम के गरीबों ग्राम में कृषि निर्माण एवं मिट्टी से ईंट, बर्तन बनाने वालों के लिए रॉयल्टी मुक्त ट्रॉजिट पास या पिटपास की कितनी-कितनी बुकें संचनालय खनिज भवन अरेरा हिल्स भोपाल ने आवंटित की है? जिलेवार बतावें। (घ) प्रधानमंत्री सड़क योजना के अंतर्गत निर्मित की जाने वाली ग्रामीण सड़कों के लिए रॉयल्टी मुक्त ट्रांजिट पास या पिटपास उपलब्ध नहीं करवाए जाने का क्या-क्या कारण रहा है?
खनिज साधन मंत्री ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) मध्यप्रदेश गौण खनिज नियम, 1996 अधिसूचित नियम है। इसके नियम 3 में अनुवांशिक कुम्हार, अनुसूचित जन-जाति के सदस्य, ग्रामीण कृषक, ग्रामीण कारीगर, श्रमिक, ग्राम पंचायतों, जनपद पंचायतों, जिला पंचायतों तथा जल उपभोक्ता संथाओं आदि को मध्यप्रदेश गौण खनिज नियम, 1996 के प्रावधानों से छूट प्राप्त है। नियम 3 में छूट समाप्त करने संबंधी संशोधन नहीं किये गये हैं। (ख) प्रश्न में उल्लेखित पत्रों की प्रतियां पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ पर है। (ग) प्रश्नानुसार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब पर है। (घ) मध्यप्रदेश गौण खनिज नियम, 1996 के नियम 3 में प्रधानमंत्री सड़क योजना के संबंध में पृथक से कोई प्रावधान नहीं है। अत: प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
नाले का निर्माण
[नगरीय विकास एवं आवास]
2. ( क्र. 109 ) श्रीमती नंदनी मरावी : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) नगर पालिका सिहोरा अंतर्गत पानी निकासी के लिये बड़ा नाला न होने से वर्षा ऋतु में जल प्लावन की स्थिति निर्मित होने से आम जनता की परेशानी को देखते हुये प्रश्नकर्ता द्वारा नगर पालिका अंतर्गत वार्ड नं. 8 में सिहोरा बाईपास से कनाडी नदी तक लगभग 1 कि.मी. का बड़ा नाला निर्माण हेतु पत्र क्रमांक 864 दिनांक 11/07/2017 को लिखा गया था? (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार विभाग द्वारा बनाई गई योजना की प्रति उपलब्ध करायें तथा यह भी बतायें कि कब तक इस नाले का निर्माण करा लिया जावेगा?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) निकाय द्वारा बड़े नाले के निर्माण हेतु कंसलटेन्ट नियुक्त किया जाकर, डी.पी.आर. तैयार कराने की कार्यवाही प्रचलित है। योजना तैयार नहीं होने से प्रति उपलब्ध कराने का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। योजना तैयार होने पर उसका परीक्षण किया जाकर उपयुक्तता एवं राशि की उपलब्धता के अनुसार स्वीकृति पर विचार किया जा सकेगा। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
मदन महल किला के संबंध में
[नगरीय विकास एवं आवास]
3. ( क्र. 110 ) श्रीमती नंदनी मरावी : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) नगर निगम जबलपुर के अंतर्गत मदन महल किलों की किन-किन खसरा नंबरों के अंतर्गत कितनी-कितनी भूमि संरक्षित है? (ख) प्रश्नांश (क) के तहत ऐतिहासिक महत्व वाले गौंडवाना साम्राज्य के किले एवं भूमि के संरक्षण की क्या कार्य योजना है? योजना का स्वरूप बतायें? किले के जीर्णोद्धार एवं पर्यटन के मानचित्र पर शामिल किये जाने हेतु जिला प्रशासन द्वारा बनाई गई योजना एवं उसके क्रियान्वयन का संपूर्ण विवरण उपलब्ध करायें। (ग) प्रश्नांश (क) भूमि को कब्जाधरियों से मुक्त कराकर संपूर्ण किले का जीर्णोद्धार कब तक कर दिया जावेगा?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) से (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।
उपादान राशि का भुगतान
[नगरीय विकास एवं आवास]
4. ( क्र. 111 ) श्रीमती नंदनी मरावी : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) जनवरी 2014 से प्रश्नांश दिनांक तक नगर निगम कटनी के अधीन कितने कर्मचारी किन किन पदों से सेवानिवृत्त हुये हैं, पदवार वर्षवार सूची उपलब्ध करायें। (ख) प्रश्नांश (क) कर्मचारियों को सेवानिवृत्त उपरांत शासन निर्देशानुसार उपादान की राशि कितनी-कितनी कब-कब प्रदान की गई? किन किन कर्मचारियों की शेष है? शेष रहने के कारण बतायें। यह भी बतायें कि उक्त राशि उन्हें कब तक प्रदान कर दी जावेगी? (ग) प्रश्नांश (क) कर्मचारी के उपादान राशि प्रदाय करने के संबंध में प्रश्नकर्ता द्वारा पत्र क्रमांक 961 दिनांक 27/11/2017 को आपको लिखा गया था। इस पर क्या कार्यवाही हुई।
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) एवं (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। प्रश्न दिनांक तक नगर निगम, कटनी के नियमित कर्मचारियों के प्राप्त सभी पेंशन प्रकरणों का निराकरण किया जा चुका है। शेष के लिए प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।
अटल आवास योजना का क्रियान्वयन
[नगरीय विकास एवं आवास]
5. ( क्र. 149 ) श्रीमती उमादेवी लालचंद खटीक : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) अटल आश्रम आवास योजनांतर्गत दमोह जिले के हटा अंतर्गत कितने भवन स्वीकृत हुए थे? (ख) क्या भूमि आवंटित होने की समस्त कार्यवाही हो जाने के उपरांत विभाग द्वारा आज दिनांक तक उक्त भूमि पर अटल आश्रय योजना के कार्य प्रारंभ नहीं किये गये यदि हाँ, तो क्यों? कब तक कार्य प्रारंभ होगा?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) म.प्र. शासन द्वारा अटल आश्रय योजनांतर्गत तहसील हटा में काशी नगर की 56 एल.आई.जी. भवन, 105 ई.डब्ल्यू.एस. भवन एवं 6 दुकानों के निर्माण की योजना स्वीकृत की गई है। (ख) जी हाँ। कुल 161 भवनों के विरूद्ध 36 भवनों के पंजीयन प्राप्त हुए हैं। पर्याप्त पंजीयन न होने के कारण कार्य प्रारम्भ नहीं किया जा सका। शीघ्र ही रेरा में पंजीयन के उपरान्त विज्ञापन जारी कर पंजीयन कराने के पश्चात तद्नुसार कार्य प्रारम्भ किया जावेगा।
वन विभाग द्वारा कराये गये कार्य
[वन]
6. ( क्र. 150 ) श्रीमती उमादेवी लालचंद खटीक : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला दमोह अंतर्गत वर्ष 2014-15, 2015-16 एवं 2016-17 में वन समितियों को कितनी-कितनी राशि से कौन-कौन से कार्य सौंपे गये? नामवार, स्थलवार, राशिवार समिति के नाम सहित जानकारी उपलब्ध करावें। (ख) जिला दमोह अंतर्गत वन भूमि के कितने पट्टे उक्त वर्षों में वितरित किये व वनभूमि पर कितने लोगों पर अतिक्रमण के प्रकरण दर्ज हुए? उन पर क्या कार्यवाही हुई? नाम, पतावार जानकारी देवें। साथ ही उक्त वर्षों में भवन मरम्मत, अधिकारी/कर्मचारी निवास पर कितनी राशि व्यय हुई? समस्त जानकारियां राशिवार, पतावार, कार्यवार व एजेन्सीवार उपलब्ध करावें।
वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'अ' अनुसार है। (ख) जिला दमोह अंतर्गत उक्त वर्षों में वितरित किये गये वनाधिकार पत्रों एवं वन भूमि पर दर्ज वन अपराध प्रकरणों की संख्या निम्नानुसार हैं -
क्रमांक |
वर्ष |
वितरित किये गये वनाधिकार पत्रों की संख्या |
वन भूमि पर दर्ज किये गये अतिक्रमण प्रकरणों की संख्या |
1 |
2 |
3 |
4 |
1 |
2014-15 |
371 |
40 |
2 |
2015-16 |
464 |
31 |
3 |
2016-17 |
87 |
214 |
दर्ज
किये गये वन
अपराध
प्रकरणों के
संबंध में संबंधितों
के विरूद्ध
बेदखली की
कार्यवाही प्रचलन
में है।
नामवार, पतावार जानकारी
पुस्तकालय में
रखे परिशिष्ट के
प्रपत्र-'ब' अनुसार
है। उक्त
वर्षों में
भवनों की मरम्मत, अधिकारी/कर्मचारी
निवास पर व्यय
की गई राशि, पतावार, कार्यवार
जानकारी
पुस्तकालय में
रखे परिशिष्ट
के प्रपत्र-'स' अनुसार
है। उक्त सभी
कार्य विभाग
द्वारा कराये
गये हैं।
शिकायतों के निराकरण तथा जन-प्रतिनिधियों के पत्रों पर वैधानिक कार्यवाही
[वन]
7. ( क्र. 182 ) कुँवर विक्रम सिंह : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दिनांक 01.01.17 से प्रश्न दिनांक तक छतरपुर जिले में ऐसी कितनी शिकायतें अधिकारियों के विरूद्ध जन-प्रतिनिधियों द्वारा की गई? जिनकी जाँचे नहीं की गई? (ख) क्या विभाग ने जाँचकर्ता अधिकारी नियुक्त किये थे? यदि हाँ, तो जाँच अभिमत की प्रमाणित प्रतियाँ दें? (ग) शासन प्रावधानों के अनुसार जनप्रतिनिधियों द्वारा पत्र जारी किये गये, लेकिन उन पत्रों पर विधिवत कार्यवाहियाँ न किये जाने के क्या कारण रहे?
वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) दिनांक 01.01.2017 से प्रश्न दिनांक तक छतरपुर जिले में 01 अधिकारी के विरूद्ध जन प्रतिनिधि द्वारा शिकायत की गई है। शिकायत की जाँच प्रचलित है। जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी हाँ वर्तमान में जाँच प्रचलित है। अतः जाँच अभिमत की प्रमाणित प्रति दिये जाने का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) जन प्रतिनिधियों द्वारा प्रेषित शिकायतों पर विधिवत कार्यवाही की गई है। अतः कार्यवाही न किये जाने का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
पुजारी की नियुक्ति
[धार्मिक न्यास और धर्मस्व]
8. ( क्र. 183 ) कुँवर विक्रम सिंह : क्या खेल और युवा कल्याण मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या प्रश्नकर्ता द्वारा श्री राम जानकी मंदिर लखरावन तहसील राजनगर में पुजारी के पद पर नियुक्ति का प्रस्ताव कलेक्टर छतरपुर को दिनांक 22/08/2017 को दिया गया जिसमें ग्राम पंचायत का प्रस्ताव संलग्न है? (ख) यदि हाँ, तो प्रश्न दिनांक तक पुजारी की नियुक्ति क्यों नहीं की गई? (ग) कब तक नियुक्ति आदेश जारी कर दिया जावेगा?
खेल और युवा कल्याण मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) जी हाँ। (ख) पुजारी नियुक्ति का अधिकार वर्तमान में नवीन नियमों के तहत संबंधित ग्रामसभा को है। ग्रामसभा के प्रस्ताव पर पुजारी नियुक्ति ग्राम पंचायत द्वारा ही नियुक्ति आदेश जारी किया जाना है। नियम की प्रति संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) प्रश्नांश (ख) के उत्तर के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता।
जबलपुर एवं प्रदेश के शासकीय महाविद्यालयों में उत्कृष्टता लाने की योजना
[उच्च शिक्षा]
9. ( क्र. 261 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या विश्व बैंक परियोजना के अंतर्गत प्रदेश के शासकीय महाविद्यालयों में उत्कृष्टता लाने की योजना है? (ख) यदि हाँ, तो योजना का क्रियान्वयन कब से प्रारंभ होगा? (ग) क्या महाविद्यालयों को इस योजना के अंतर्गत राशि का आवंटन किया जावेगा? (घ) यदि हाँ, तो कब?
उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री जयभान सिंह पवैया ) : (क) विश्व बैंक सहायतित कार्यक्रम में प्रदेश के विश्वविद्यालयों एवं शासकीय महाविद्यालयों के विभागों को पात्रता एवं मापदण्ड पूर्ण करने पर उन्हें उत्कृष्टता केन्द्र के रूप में उन्नयन किये जाने हेतु आर्थिक सहायता उपलब्ध कराये जाने का प्रावधान है। (ख) विश्व बैंक सहायतित परियोजना “मध्य प्रदेश उच्च शिक्षा गुणवत्ता उन्नयन परियोजना (MPHEQIP)” मई 2016 से लागू है। (ग) जी हाँ। परियोजना के उत्कृष्टता केन्द्र वाले घटक अंतर्गत आर्थिक सहायता प्रदान करने के लिए प्रत्येक शासकीय महाविद्यालय द्वारा संस्थागत विकास योजना (Institutional Development Plan) बनाये जाने का कार्य जारी है। जिसके मूल्यांकन में सफलता उपरान्त महाविद्यालय को अपने किन्हीं दो विभागों हेतु उत्कृष्टता केन्द्र के रूप में उन्नयन हेतु प्रस्ताव भेजने की पात्रता होगी। (घ) चयनित उत्कृष्टता केन्द्रों को वर्ष 2018-19 में पात्रता अनुसार आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाना प्रस्तावित है।
शासकीय महाविद्यालयों में ड्रेस कोड
[उच्च शिक्षा]
10. ( क्र. 262 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रदेश के शासकीय महाविद्यालयों में ड्रेस कोड लागू किया गया है? (ख) क्या विधानसभा क्षेत्र पनागर के अंतर्गत प्रश्नांश (क) का पालन नहीं हो रहा है? (ग) यदि ड्रेस कोड लागू नहीं है तो क्यों? (घ) क्या प्रदेश के समस्त शासकीय महाविद्यालयों में ड्रेस कोड लागू करने की कार्यवाही की जावेगी?
उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री जयभान सिंह पवैया ) : (क) जी नहीं। राज्य शासन द्वारा प्रदेश के शासकीय महाविद्यालयों के लिये कोई ड्रेस कोड निर्धारित नहीं किया गया है, कतिपय महाविद्यालयों ने अपने स्तर से ड्रेस कोड निर्धारित किये है जिसके लिये वे सक्षम है। (ख) शासकीय महाविद्यालय पनागर में ड्रेस कोड माह जुलाई, 2016 से महाविद्यालय स्तर से लागू किया गया है। (ग) प्रदेश स्तर पर ड्रेस कोड लागू करने की कोई नीति नहीं है। (घ) जी नहीं।
धार्मिक स्थलों पर धर्मस्व विभाग द्वारा मेला आयोजन
[धार्मिक न्यास और धर्मस्व]
11. ( क्र. 272 ) श्री भारत सिंह कुशवाह : क्या खेल और युवा कल्याण मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) ग्वालियर जिले के भदावना बधौली, कुलैय, काशीबाबा एवं बिलारा के धार्मिक स्थलों पर मेला के आयोजन श्रृद्धालुओं की व्यवस्था हेतु शासन या विभाग में कोई प्रस्ताव कलेक्टर ग्वालियर के द्वारा भेजा गया? समय, दिनांक सहित बतायें। (ख) क्या धार्मिक स्थलों पर मेला आयोजन हेतु वर्ष 2017 में धर्मस्व विभाग द्वारा ग्वालियर जिले के ऐसे कितने धार्मिक स्थलों को राशि आवंटित की गई? स्थानवार बतायें? (ग) ग्वालियर डी.एम. द्वारा भेजे गये प्रस्ताव पर धार्मिक आयोजन मेला हेतु विभिन्न स्थानों को राशि आवंटित की जायेगी?
खेल और युवा कल्याण मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) ग्वालियर जिले के ग्राम बंधोली विकासखण्ड मुरार स्थित श्री महादेव मंदिर एवं महादेव मंदिर भदावना का प्रस्ताव दिनांक 15/2/2017 को मुख्य कार्यपालन अधिकारी म.प्र. तीर्थ स्थान एवं मेला प्राधिकरण भोपाल को प्राप्त हुआ है। (ख) जी नहीं। (ग) विकास खण्ड मुरार जिला ग्वालियर अंतर्गत भदावना महादेव मंदिर एवं महादेव मंदिर बंधौली में आयोजित महाशिवरात्रि मेला 2017 के आयोजन पर प्रशासन द्वारा की गई व्यवस्थाओं के प्रस्ताव प्राधिकरण के पत्र दिनांक 16/3/2017 से मंगाया गया है। प्रस्ताव प्राप्त होने पर आवश्यक कार्यवाही की जायेगी। निश्चित समय-सीमा दी जाना संभव नहीं है।
पेयजल व्यवस्था पर कितने प्रतिशत राशि खर्च करना
[पंचायत और ग्रामीण विकास]
12. ( क्र. 277 ) श्री भारत सिंह कुशवाह : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या ग्राम पंचायतों को मिलने वाली राशि पंच परमेश्वर योजना की राशि से पेयजल व्यवस्था पर कितने प्रतिशत राशि व्यय करने का अधिकार पंचायत को हैं? (ख) पेयजल पर व्यय की जाने वाली राशि की क्या प्रक्रिया है? पेयजल से संबंधित क्या काम किया जा सकता है? पेयजल संकट को देखते हुये शासन ने ग्राम पंचायतों को कोई दिशा-निर्देश जारी किये हैं? नहीं तो क्यों? कब तक निर्देश दिये जायेंगे? (ग) ग्वालियर जिले के विकासखंड मुरार एवं बरई में ऐसी कौन-कौन सी ग्राम पंचायतें हैं? जिन्होंने वर्ष 2017-18 में पेयजल से संबंधित राशि किस किस काम पर व्यय की हैं? इस राशि का समायोजन हुआ है या नहीं?
पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ, एक वर्ष में प्राप्त राशि का अधिकतम 10 प्रतिशत। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ‘अ' अनुसार। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ‘ब' अनुसार।
प्रधानमंत्री सड़क योजना की जानकारी
[पंचायत और ग्रामीण विकास]
13. ( क्र. 338 ) श्री हरवंश राठौर : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बण्डा विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत विगत 3 वर्षों में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत कितनी सड़कें स्वीकृत की गई है? सूची उपलब्ध कराई जाए? (ख) स्वीकृत सड़कों में से कितनी सड़कों का निर्माण कार्य प्रारंभ एवं पूर्ण किए जा चुके हैं कितने अपूर्ण हैं? (ग) परफार्मेंस/गारंटी अवधि के दौरान किन सड़कों में मरम्मत कार्य किया गया? वित्तीय वर्ष 2016-17 में संबंधित विभाग द्वारा शासन को कौन-कौन सी सड़कों के निर्माण के प्रस्ताव भेजे गए एवं स्वीकृति प्रदान की गई?
पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) 26 सड़क। जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ग) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-ब एवं 'स' अनुसार है।
ग्रामीण खेल मैदान (स्टेडियम) का निर्माण समय-सीमा में किया जाना
[पंचायत और ग्रामीण विकास]
14. ( क्र. 387 ) डॉ. गोविन्द सिंह : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या ग्रामीण खेल मैदान (स्टेडियम) निर्माण की योजना के तहत भिण्ड जिले की लहार विधान सभा क्षेत्र के अन्तर्गत ग्राम पचोखरा तहसील रौन एवं ग्राम भवथरा (शंसीगढ़, गांगेपुरा) तहसील लहार में स्टेडियम निर्माण की स्वीकृत कर किस-किस निर्माण एजेंसियों को कार्यादेश कब और कितनी अवधि में कार्यपूर्ण करने हेतु दिया था? (ख) प्रश्न दिनांक तक उपरोक्त ग्रामों में स्टेडियम निर्माण की स्थिति एवं एजेंसी को कितनी राशि भुगतान की गई? (ग) स्टेडियम निर्माण की गुणवत्ता परीक्षण एवं मूल्यांकन करने वाले अधिकारियों का नाम व पद बताते हुये मूल्यांकन बुक की जानकारी दें? (घ) स्टेडियम का निर्माण पूर्ण करने की समयावधि बतायें?
पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) भिण्ड जिले के लहार विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पचोखरा तहसील रोन में स्टेडियम का निर्माण स्वीकृत है। कार्य का कार्यादेश श्री राकेश सिंह राजावत ठेकेदार को दिनांक 31.03.2017 को दिया गया था। निर्माण कार्य पूर्ण करने हेतु 9 माह का समय दिया गया। (ख) प्रश्नांकित कार्य अपूर्ण होकर पवेलियन, टॉयलेट का कार्य प्रगतिरत है। कार्य में ठेकेदार को रू. 23.924 लाख का भुगतान किया गया है। (ग) कार्य की गुणवत्ता एवं मूल्यांकन का कार्य श्री आलोक तिवारी, कार्यपालन यंत्री, श्री के.के.उपाध्याय, सहायक यंत्री, श्री डी.के.श्रीवास्तव एवं श्री दीपक गर्ग, उपयंत्री द्वारा किया जा रहा है। मूल्यांकन संबंधी जानकारी मूल्यांकन बुक (माप पुस्तिका) क्रमांक 414 एवं 415 में दर्ज है। (घ) उक्त स्टेडियम का कार्य दि. 31.03.2018 तक पूर्ण करने का लक्ष्य है।
बड़ोदा में नवीन महाविद्यालय के संबंध में
[उच्च शिक्षा]
15. ( क्र. 469 ) श्री दुर्गालाल विजय : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या श्यापुर विधान सभा क्षेत्रांतर्गत बड़ोदा तहसील मुख्यालय पर वर्तमान में एक भी शासकीय स्नातक कॉलेज संचालित नहीं है? एक अशासकीय राजीव गांधी महाविद्यालय संचालित है, जिसमें शिक्षा बहुत मंहगी है तथा गरीब माता-पिता अपने बच्चों को इसमें नहीं पढ़ा पाते हैं। (ख) क्या बड़ोदा नगर व इससे संबद्ध दर्जनों ग्रामों के प्रतिवर्ष इंटर पास-आउट सैकड़ों विद्यार्थी 25 से 40 कि.मी. की दूरी तय कर स्नातक शिक्षा हेतु या तो श्योपुर महाविद्यालय में अथवा अन्यत्र एडमिशन लेने को विवश होते हैं, जो अन्यत्र नहीं जा पाते वे पढ़ाई छोड़ देते हैं? (ग) क्या उक्त कारणों से बड़ोदा क्षेत्र में स्नातक शिक्षा का ग्राफ निरंतर गिरता जा रहा है तथा इस समस्या का हल तभी संभव है जब बड़ोदा में नवीन महाविद्यालय स्वीकृत कर प्रारंभ करवा दिया जावे? (घ) यदि हाँ, तो क्या शासन क्षेत्रीय विद्यार्थियों की स्नातक स्तर की शैक्षणिक समस्याओं के समाधान हेतु बड़ोदा में नवीन महाविद्यालय की स्वीकृति हेतु प्रस्ताव तैयार करवाएगा? तत्पश्चात इसे वर्ष 2018-19 के बजट में शामिल करेगा व इसे स्वीकृति प्रदान करेगा? यदि नहीं, तो क्यों?
उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री जयभान सिंह पवैया ) : (क) तहसील मुख्यालय बड़ोदा में शासकीय महाविद्यालय संचालित नहीं है एवं अशासकीय राजीव गाँधी महाविद्यालय संचालित है। बड़ोदा से 25 कि.मी. की दूरी पर श्योपुर में एक शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय संचालित है एवं आदर्श कन्या महाविद्यालय की भी स्थापना की गई है। श्योपुर में 03 अशासकीय महाविद्यालय भी उपलब्ध है। इन महाविद्यालयों में यहाँ के विद्यार्थी अध्ययन कर सकते है। (ख) जी नहीं, उत्तरांश ''क'' अनुसार अध्ययन की सुविधा उपलब्ध है। (ग) उत्तराश ''क'' के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) बड़ोदा में नवीन महाविद्यालय खोले जाने हेतु प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
श्योपुर महाविद्यालय के कन्या छात्रावास का निर्माण
[उच्च शिक्षा]
16. ( क्र. 470 ) श्री दुर्गालाल विजय : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या श्योपुर महाविद्यालय कैम्पस में कन्या छात्रावास का निर्माण व अन्य समस्त कार्य वर्ष 2014 में पूर्ण होने उपरांत हॉस्टल मेनेजर का पद भी शासन ने भर दिया हैं केवल भृत्य व स्वीपर का एक-एक पद तथा चौकीदार के दो पद आउटसोर्स से न भरे जाने के कारण ये प्रारंभ नहीं हो पा रहा है। (ख) क्या उक्त पदों को भरने हेतु दिनांक 05/02/2017 को विज्ञापन जारी किया गया था, इसके बावजूद ये क्यों नहीं भरे जा सकें, इनके न भरे जाने की स्थिति में पुन: कब-कब विज्ञापन जारी किये गये? यदि नहीं, तो क्यों? यदि हाँ, तो इन पदों को भरने में क्या कठिनाई आ रही है? (ग) क्या यह सही है कि उक्त पदों के न भरने के कारण उक्त छात्रावास बंद पड़ा हैं, कॉलेज में अध्यनरत छात्राएं छात्रावास सुविधा से वंचित बनी हुई हैं निर्मित भवन का भी उपयोग संभव नहीं हो पा रहा हैं? यदि हाँ, तो क्या शासन विज्ञापन के जरिये उक्त पदों को नहीं भर पा रहा हैं ऐसी स्थिति में इन पदों के भरने तक अथवा इन्हें स्थायी रूप से भरने का अधिकार कॉलेज प्रबंधन को देने पर गंभीरता से विचार करेगा व देगा? यदि नहीं, तो क्यों?
उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री जयभान सिंह पवैया ) : (क) जी हाँ। भृत्य एवं स्वीपर के पद की पूर्ति स्थानांतरण पर प्रतिबन्ध हटने पर कर्मचारियों की उपलब्धता के आधार पर की जावेगी। आउटसोर्स के पदों की पूर्ति संशोधित नीति जारी होने के पश्चात की जा सकेगी। (ख) जी हाँ। निर्धारित मापदण्डों के अनुरूप निविदा प्राप्त न होने के कारण पद पूर्ति नहीं की जा सकी। पुनः 6.5.2017 को निविदा विज्ञापन जारी किया गया, किन्तु पुनः निर्धारित मापदण्डों के अनुरूप निविदा प्राप्त न होने के कारण पद पूर्ति नहीं की जा सकी। (ग) जी हाँ, किन्तु महाविद्यालय में अध्ययनरत छात्राएं आदिम जाति कल्याण विभाग द्वारा संचालित कन्या छात्रावासों में निवासरत हैं। आउटसोर्स के पदों की पूर्ति हेतु नीति नियमों में संशोधन की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। संशोधित नीति जारी होने के पश्चात निविदा विज्ञापन जारी कर पद पूर्ति की जा सकेगी। कालेज प्रबन्धन को स्थायी रूप से पद भरने का अधिकार देने की कोई कार्यवाही प्रक्रियाधीन नहीं है, क्योंकि आउटसोर्स के द्वारा पदों की पूर्ति की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है।
रोडों/सड़कों के निर्माण न कराने एवं स्वीकृत प्रदान न करने पर कार्यवाही
[पंचायत और ग्रामीण विकास]
17. ( क्र. 499 ) श्री सुन्दरलाल तिवारी : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रधान मंत्री सड़क योजना एवं मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत रोडों/सड़कों के निर्माण कार्य के आदश जारी किए गये है उन में से रीवा जिले में वर्ष 2014 से प्रश्नांश दिनांक तक में किन-किन रोडों/सड़कों के निर्माण कितनी-कितनी लागत से एवं अनुबंध की किन शर्तों के अनुसार कराये गये की विवरण जनपदवार देवें? (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में गुढ़ विधान सभा क्षेत्र में प्रधान मंत्री सड़क/मुख्यमंत्री सड़क योजना के तहत रोडों के निर्माण बाबत् प्रश्नकर्ता सदस्य द्वारा संबंधित अधिकारियों एवं माननीय मंत्री पंचायत ग्रामीण विकास विभाग को पत्र लिखे गये। उनमें से किन-किन सड़कों/रोडों के निर्माण बाबत् स्वीकृत प्रदान की गयी की प्रति देते हुए बतावे? अगर नहीं की गयी तो क्यों? (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के तारतम्य में अगर रोडे/सड़कें खराब है, छोटे-छोटे गांव एवं बस्ती आवागमन से वंचित है, जिम्मेवार अधिकारियों द्वारा स्वीकृत बाबत कार्यवाही नहीं की गयी, आवागमन प्रभावित हो रहा है, इस पर क्या परीक्षण कराकर निर्माण की स्वीकृति प्रदान करेंगे? (घ) प्रश्नांश (क), (ख) एवं (ग) अनुसार रोडों की निर्माण की आवश्यकता है, लेकिन निर्माण कार्य नहीं करये गये तो इस पर जिम्मेवारों की पहचान कर क्या कार्यवाही करेंगे? अगर नहीं तो क्यों? साथ ही रोडों के लिए स्वीकृत बाबत कब तक आदेश जारी करेंगे?
पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) पत्र में उल्लेखित कार्य प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना/मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के मार्गदर्शी सिद्धांतों के अनुरूप न होने के कारण स्वीकृत नहीं किये गये है। (ग) निर्मित सड़के संधारित है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना/मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के मार्गदर्शी सिद्धान्तों के अनुसार पात्र ग्रामों को सम्पर्कता प्रदान की गई है। योजनान्तर्गत अपात्र छोटे-छोटे गांव एवं बस्ती को सम्पर्कता प्रदान करने का प्रावधान नहीं है। (घ) उत्तरांश 'ग' अनुसार कोई जिम्मेदार नहीं है अतः कोई कार्यवाही आवश्यक नहीं है।
अधूरे कार्यों को पूर्ण कराने
[पंचायत और ग्रामीण विकास]
18. ( क्र. 547 ) श्री यादवेन्द्र सिंह : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सतना जिले के विधानसभा क्षेत्र नागौद/चित्रकूट अन्तर्गत सुदूर ग्राम सम्पर्क व खेत सड़क उपयोजना के तहत खेत सड़क के कितने कार्य अधूरे हैं? ग्राम पंचायतवार संख्या बतावें? (ख) प्रश्नांश (क) के अधूरे कार्य अचानक पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा निर्देश दिए गए की उक्त योजना के कार्य रोक दिए जाय इस निर्देश के कारण उक्त के कार्य जो जैसे थे अधूरे पड़े है। इन अधूरे कार्यों के पूर्ण करने हेतु सुदूर योजना में मर्ज कर कार्य पूर्ण कराने की कार्यवाही शासन करेगा ताकि शासन के द्वारा व्यय की राशि का पूर्ण उपयोग हो सके? (ग) क्या शासन द्वारा पंचपरमेश्वर एवं मनरेगा योजना के अभिसरण से सीमेंट कांक्रीट रोड का निर्माण किया जाता है उनमें प्रति मीटर 1200 के लगभग का मापदण्ड था, जो आज की स्थिति में वाल सीमेंट की दरें पूर्व की तुलना में दोगुनी हो चुकी है? ऐसी स्थिति में 800/- पर मीटर की दर से भुगतान किए जाने के निर्देश किए गयें हैं? (घ) क्या प्रश्नांश (ग) के कार्यों की दरों में अत्याधिक वृद्धि होने के कारण कार्यों की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है तथा संरपंचों द्वारा इस कारण से कार्य नहीं कराए जा रहे हैं। जिससे विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं? यदि हाँ, तो क्या नियमों में परिवर्तन कर कार्य कराए जायेंगे? यदि हाँ, तो कब तक?
पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) खेत सड़क के 03 कार्य अधूरे हैं, जिनका विवरण संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी नहीं। शेष प्रश्न उत्पन्न नहीं होता। (ग) जी हाँ। सी.सी. रोड के कार्य अभिसरण से किये जाते हैं। जी नहीं, पूर्व में राज्य स्तर से मानक लागत निर्धारित नहीं की गई थी। प्रमुख अभियंता, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में निर्माण लागत में अत्यधिक अंतर के दृष्टिगत तैयार की गई मानक डिजाईन एवं लागत के अनुसार आंतरिक सी.सी. सड़क के निर्माण हेतु प्रति वर्गमीटर रू. 850/- एवं सी.सी. नाली निर्माण हेतु प्रति रनिंग मीटर रू. 550/- मानक लागत विकास आयुक्त कार्यालय के पत्र दिनांक 03.10.2017 से निर्धारित की गई है। इससे पूर्व में सी.सी. सड़क की मानक लागत विकास आयुक्त कार्यालय के पत्र दिनांक 24.12.2016 रू. 800/- प्रति वर्गमीटर निर्धारित की गयी थी। प्रमुख अभियंता, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा से परीक्षण कराया जाकर सी.सी. रोड की प्रति वर्गमीटर लागत रू. 800/- से रू. 850/- की गयी है। (घ) जी नहीं। उत्तरांश 'ग' के परिप्रेक्ष्य में शेष प्रश्न उत्पन्न नहीं होता।
वृक्षारोपण एवं पौधारोपण की जानकारी
[वन]
19. ( क्र. 782 ) श्री अजय सिंह : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्यप्रदेश में वित्तीय वर्ष 2013 से प्रश्नतिथि के दौरान किस-किस जिले में वृक्षारोपण/पौधारोपण हेतु कितनी राशि किस-किस मद में व्यय की गयी? वित्तीय वर्षवार/जिलेवार/राशिवार/मदवार व्यय दें? (ख) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित वित्तीय वर्षों के दौरान प्रदेश के किन-किन जिलों में किस-किस प्रजाति के कितनी संख्या में किस-किस स्थान पर वृक्षारोपण/पौधारोपण किया गया? कितने गड्ढे किस मद से खुदवाये गये? जिलेवार/ वित्तीय वर्षवार/ पौधेवार/ वृक्षवार/ संख्यावार/ व्यय की गयी राशिवार/स्थानवार जानकारी दें? (ग) वित्तीय वर्ष 2013 से प्रश्नतिथि तक प्रदेश में किये गये वृक्षारोपण/ पौधारोपण कार्यक्रमों में कुल लगाये गये वृक्षों/पौधों में से कुल कितने वृक्ष/ पौधे अभी स्थल पर मौजूद है? जिलेवार/ स्थलवार/संख्यावार/वर्षवार विवरण दें? (घ) वित्तीय वर्ष 2012-13 में मध्यप्रदेश में जंगलों का प्रतिशत कितना था? वित्तीय वर्ष 2017-18 में मध्यप्रदेश में जंगलों का प्रतिशत कितना है? जंगलों का प्रतिशत जिलेवार दें? वृक्षारोपण/ पौधारोपण कर प्रदेश में जंगलों का प्रतिशत कितना बढ़ाने की योजना थी? प्रश्नतिथि तक योजना में कितने प्रतिशत सफलता प्राप्त हई?
वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।
जल ग्रहण मिशन के अंतर्गत वाटर शेड निर्माण
[पंचायत और ग्रामीण विकास]
20. ( क्र. 1000 ) श्री अरूण भीमावद : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र शाजापुर में जल संरक्षण व संवर्द्धन के लिए राजीव गांधी जनग्रहण मिशन योजना (वाटर शेड) के में वर्ष 2014 से प्रश्न दिनांक तक कितने कार्य हुए? कार्य का नाम एवं राशि सहित जानकारी देवें? (ख) वर्ष 2017-18 में कितने कार्य स्वीकृत हुए है ग्राम पंचायतवार राशि सहित नाम उपलब्ध करावें?
पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) एवं (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-1 एवं 2 अनुसार है।
चीलर नदी पर गरासिया घाट से श्रीघाट तक पैदल पुल निर्माण
[नगरीय विकास एवं आवास]
21. ( क्र. 1001 ) श्री अरूण भीमावद : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या माननीय मुख्यमंत्री महोदय के शाजापुर प्रवास के दौरान चीलर नदी पर गरासिया घाट से श्रीघाट तक पैदल पुल निर्माण की घोषणा हुई थी? (ख) यदि हाँ, तो घोषणानुसार पैदल पुल निर्माण हेतु राशि स्वीकृत होकर निविदा की प्रक्रिया पूर्ण होकर कार्य प्रारंभ किया गया था? (ग) यदि हाँ, तो कार्य अभी बंद क्यों है? (घ) यदि बंद है तो शासन स्तर पर इसे प्रांरभ करने हेतु क्या प्रयास किये जो रहे हैं?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) एवं (ख) जी हाँ। (ग) स्थल पर हार्ड स्ट्रेटा नहीं मिलने के कारण नवीन डिजाईन कराई जाकर संशोधित डी.पी.आर. अनुसार सक्षम स्वीकृति होना है। इस कारण कार्य बंद है। (घ) नगर पालिका परिषद शाजापुर की परिषद द्वारा पुनरीक्षित डी.पी.आर. की अनुशंसा कर शासन को प्रेषित नहीं किया गया है। प्रस्ताव प्राप्त होने पर सक्षम स्वीकृति दी जा सकेगी। नगर पालिका परिषद को इस विषय पर तुरंत कार्यवाही करने के निर्देश दिए जा रहें हैं।
छात्रवृत्ति प्रदाय में अनियमितता
[उच्च शिक्षा]
22. ( क्र. 1064 ) श्री आर.डी. प्रजापति : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला छतरपुर में विभागान्तर्गत संचालित उच्च शिक्षा विभाग की निजी क्षेत्र की कितनी बी.एड., डी.एड., नर्सिंग, स्नातक व स्नातकोत्तर कितनी संस्थायें चल रही है? इनके नामवार, पंजीयन व दिनांकवार सूची उपलब्ध करावें? (ख) वित्तीय वर्ष 2012-13 से प्रश्न दिनांक तक प्रवेशित कितने विद्यार्थियों को वर्षवार कितनी-कितनी छात्रवृत्ति किस माध्यम से उपलबध करायी गयी? (ग) छात्रवृत्ति प्रदाय हेतु शासन के क्या मापदण्ड हैं? क्या मापदण्ड अनुसार छात्रवृत्ति दी गयी है? यदि नहीं, तो क्यों? शासन के आदेश की प्रति उपलब्ध करावें। (घ) यदि निजी शिक्षण संस्थाओं में अध्ययनरत् छात्रों द्वारा निर्धारित मापदण्ड पूर्ण करने के बाद भी छात्रवृत्ति आज दिनांक तक प्रदाय नहीं की गयी है? यदि हाँ, तो कारण बतावें।
उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री जयभान सिंह पवैया ) : (क) जिला छतरपुर में विभागान्तर्गत संचालित निजी क्षेत्र की बी.एड., डी.एड., नर्सिंग, स्नातक व स्नातकोत्तर की संस्थाओं की नामवार पंजीयन व दिनांकवार सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'अ' अनुसार है। (ख) वित्तीय वर्ष 2012-13 से प्रश्न दिनांक तक, प्रवेशित विद्यार्थियों की संख्या एवं उनको वर्षवार दी गई छात्रवृत्ति की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र "ब" अनुसार है। (ग) छात्रवृत्ति के मापदण्ड पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। छात्रवृत्ति मापदण्डों के अनुसार दिये जाने के निर्देश है। (घ) छात्रवृत्ति वितरण हेतु समयबद्ध कार्यक्रम व निर्देश जारी किये गये हैं जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'द' अनुसार है। विलम्ब की स्थिति में दोषी अधिकारी के विरूद्ध कार्यवाही की जाती है।
प्रसिद्ध मठ एवं मंदिरों की दान पेटियों को हटाया जाना
[धार्मिक न्यास और धर्मस्व]
23. ( क्र. 1203 ) श्री गोपालसिंह चौहान (डग्गी राजा) : क्या खेल और युवा कल्याण मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) ईसागढ़ ब्लॉक के प्रसिद्ध मठ एवं मंदिरों पर जिनमें प्रशासन की दान पेटियां लगी रहती हैं, क्या उनको हटाने की व्यवस्था की गयी है? (ख) क्या माह जून-जुलाई, 2017 मंदसौर किसान आंदोलन के तुरंत बाद की केबिनेट मीटिंग में इस तरह के प्रस्ताव पर केबिनेट ने प्रस्ताव पारित कर मिडिया में जानकारी दी गयी थी? (ग) यदि केबिनेट ने यह फैसला लिया था तो वह अभी तक क्यों लागू नहीं किया गया? मठ मंदिर में लगी दान पेटियां जो की प्रशासन की देख-रेख में हैं? उनको क्यों नहीं हटाया गया और यदि हटाएंगे तो कब तक हटाने का विचार किया जा रहा है?
खेल और युवा कल्याण मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) जी नहीं। (ख) केबिनेट का ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं है। (ग) प्रश्नांश 'ख' के संदर्भ में प्रश्न उद्भूत नहीं होता।
ग्राम पंचायतों में पक्की सी.सी. सड़क नहीं बनाई जाने
[पंचायत और ग्रामीण विकास]
24. ( क्र. 1208 ) श्री गोपालसिंह चौहान (डग्गी राजा) : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या चन्देरी एवं ईसागढ़ जनपद की समस्त ग्रामपंचायतों में जहाँ पक्की सी.सी. सड़क नहीं है वहाँ इंजीनियर, एस.डी.ओ. द्वारा ग्रामो में जाकर नयी डी.पी.आर. क्यों नहीं बनायी जा रही है? यदि बनायेंगे तो कब तक बनायेंगे? (ख) ईसागढ़ जनपद की कितनी ग्रामपंचायतें ऐसी हैं, जहाँ पर्याप्त राशि होने के बाद भी सी.सी. खरंजा नहीं बना है? उन ग्राम पंचायतों की सूची उपलब्ध कराये? (ग) राज्य सरकार द्वारा पर्याप्त राशि भेजने के बाद भी पंचायतों में काम नहीं हो पा रहा है, उसके लिए दोषी इंजीनियर एवं एस.डी.ओ. के खिलाफ क्या कार्यवाही की जावेगी?
पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) चन्देरी की समस्त 56 ग्राम पंचायतों में एवं ईसागढ़ की समस्त 83 ग्राम पंचायतों में सी.सी. सड़कों के डी.पी.आर. बनाये जा चुके हैं। अत: शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) ईसागढ़ जनपद पंचायत की 40 ग्राम पंचायतों में सी.सी. खरंजा बनाने हेतु उपलब्ध राशि का पूर्ण उपयोग किया जा चुका है। शेष पंचायतों में कार्य प्रगतिरत है। निर्माण कार्यों में विधान सभा उपचुनाव की आचार संहिता, अशोकनगर सूखाग्रस्त होने से पानी की कमी के कारण प्रगति बाधित हुई है। पंचायतों की सूची संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) उत्तरांश (ख) के परिप्रेक्ष्य में शेष प्रश्न उत्पन्न नहीं होता।
सम्पत्तियों की देखरेख के अभाव में अतिक्रमण/कब्जा
[धार्मिक न्यास और धर्मस्व]
25. ( क्र. 1246 ) श्री रामनिवास रावत : क्या खेल और युवा कल्याण मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) म.प्र. सरकार की राज्य के बाहर देश/विदेश में कहाँ-कहाँ पर कितनी-कितनी चल/अचल मठ-मंदिर एवं अन्य सम्पत्तियां है, उनकी अनुमानित कीमत कितनी-कितनी है? इन सम्पत्तियों से राज्य सरकार को प्रतिवर्ष कितनी-कितनी आय होती है? सम्पत्तिवार ब्यौरा दें? (ख) उपरोक्त राज्य के बाहर की सम्पत्तियों के देखरेख/रखरखाव/संचालन के लिए वर्तमान में राज्य के किन-किन अधिकारियों/कर्मचारियों एवं राज्य के बाहर के किन-किन अधिकारियों/कर्मचारियों को तैनात किया गया है? इनकी तैनाती पर प्रतिवर्ष राज्य सरकार द्वारा कितनी-कितनी राशि व्यय की जाती है? (ग) प्रश्नांश (क) अनुसार राज्य के बाहर की किन-किन सम्पत्तियों पर किन-किन के द्वारा अवैधानिक रूप से अतिक्रमण/कब्जा कब-कब से किया हुआ है? कब्जा मुक्त कराने हेतु क्या प्रयास किये गये है? (घ) उपरोक्त राज्य के बाहर किन-किन सम्पत्तियों के मामलों में किन-किन राज्यों के किन-किन न्यायालयों में प्रकरण कब-कब से प्रचलित/विचाराधीन हैं? माननीय न्यायालयों में प्रचलित प्रकरणों की पैरवी हेतु वकीलों को कितनी राशि का भुगतान अब तक किया जा चुका है?
खेल
और युवा
कल्याण
मंत्री (
श्रीमती
यशोधरा राजे
सिंधिया ) : (क) खासगी
(देवी अहिल्या
बाई होल्कर
चेरिटेबल)
ट्रस्ट
इंदौर की
ट्रस्ट डीड
अनुसार राज्य
से बाहर स्थित
सम्पत्तियों
का विवरण-
क्षेत्र-पुष्कर
(राजस्थान)
1. सरकारी बाड़ा।
2. सरकारी गणपति मंदिर
3. सरकारी नोहरा
क्षेत्र- वृन्दावन (उत्तर प्रदेश)
1. चैन बिहारी मंदिर व धर्मशाला क्षेत्र पढ़रपुर (महाराष्ट्र)
2. पढ़रपुर स्थित होल्कर बाड़ा
3. बाखल
4. श्री राम मंदिर
5. तुलसीबाग
क्षेत्र-
त्रयंबकेश्वर, चौण्डी, चांदबड-
बाफगांव
(महाराष्ट्र)
1. सरकारी
बगीचा,
2. अहिल्या राम मंदिर
3. धर्मशाला
4. विश्वेश्वर मंदिर व घाट
5. विष्णुमंदिर बाफगांव
6. रेणुका मंदिर
7. अहिलेश्वर
8. चीन्ढीश्वरी
9. सिनेश्वर मंदिर
10. सीन
नदी व घाट
क्षेत्र-
इलाहाबाद (उत्तरप्रदेश)
1. कच्चा
बाड़ा म.नं. 44 मय
बगीचा तथा पडत
जमीन
2. पक्का बाड़ा म.नं. 49 व गली
3. बसन्त बाड़ा म.नं. 51
4. नारायण
शास्त्री
बाड़ा म.नं. 67
क्षेत्र-
बनारस
(वाराणसी) (उत्तर
प्रदेश)
1. गुल्लरवाड़ा
2. सीतलामाता मंदिर के पीछे चबूतरा
3. अहिल्येश्वर मंदिर एवं चाल
4. तारकेश्वर मंदिर, मणीकर्णेश्वर मंदिर
5. श्री महादेव के मंदिर-4
6. दशाश्वमेघ उर्फ अहिल्या घाट
7. मणिकर्णिका घाटा
8. जनाना घाट
9. नगवा बगीचा मय कुवे के
10. रामेश्वर पंचकोशी धर्मशाला
11. कपिलधारा धर्मशाला
12. अगस्ति कुंड
13. मकानात-10
क्षेत्र-
अयोध्या (उत्तर
प्रदेश)
1. श्रीराम
मंदिर स्वर्गद्धार
मय तारतखाना
2. सूर्यघाट
3. श्री नागेश्वर उर्फ सिद्धनाथ मंदिर मय धर्मशाला
4. कुवा
स्वर्गदारी
क्षेत्र-
नेमिषारण्य
(उत्तर
प्रदेश)
1. नीमसार
धर्मशाला
2. महादेव
की मढ़ी
क्षेत्र-
रामनाथ पुरम
(तमिलनाडू)
1. अन्न
क्षेत्रावाली
जगह का बाड़ा
2. पर्वत काठ बाग
3. हनुमान
बाग मय हनुमान
मंदिर
क्षेत्र-
हरिद्वार (उत्तराखंड)
1. होलकर
बाड़ा
2. कुशावर्त
3. ऋषिकेश
धर्मशाला
क्षेत्र-
गोकर्ण
(कर्नाटक)
रेवालेश्वर
महादेव मंदिर
मय सरकारी
बाड़ा व बगीचा
व खुली जमीन
क्षेत्र-
संबलग्राम
(उत्तर
प्रदेश)
श्री
कलंकी नाराण
उर्फ
संबलग्राम
लक्ष्मीनारायण
मंदिर मय
अहाता
परिक्रमा
सहित
नोट-
ट्रस्ट के
गठन पश्चात
होल्कर
बाड़ा रंगमहल
व श्रीकृष्ण
मंदिर तथा
जेजूरी, खिरकी व
साकुरडे
(महाराष्ट्र)
आदि स्थानों
पर ट्रस्ट को
दान में सम्पत्ति
प्राप्त
होने की
जानकारी मिली
है, जिसकी
जानकारी
संकलित कि जा
रही है। उनकी
अनुमानित
कीमत ज्ञात
नहीं है। इन
सम्पत्तियों
से राज्य
शासन को कोई
आय प्राप्त
नहीं होती है।
इन सम्पत्तियों
का प्रबंधन
खासगी ट्रस्ट
द्वारा किया
जाता है अत: इन
सम्पत्ति से
प्राप्त आय, चढौत्री, दान
एवं किराया
खासगी ट्रस्ट
के आय पत्रक
में शामिल की
जाती है वर्ष 2015-16 के
ट्रस्ट बजट
अनुसार सम्पत्तियों
से आय निम्नानुसार
है-
क्रमांक |
संपत्ति |
आय |
1 |
इलाहाबाद |
30,920 |
2 |
पढ़रपुर |
4,70,277 |
3 |
चांदबड एवं रेणूका देवी मंदिर |
22,70,000 |
4 |
संभलग्राम |
711 |
5 |
वाराणसी |
24,830 |
6 |
त्रषिकेश |
12,375 |
(ख) जानकारी पुस्कालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'क', 'ख', 'ग', अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अ, ब, स, द, च, छ, ज एवं झ अनुसार है। (घ) जानकारी संकलित की जा रही है।
शौचालय निर्माण धीमी गति
[पंचायत और ग्रामीण विकास]
26. ( क्र. 1294 ) श्री देवेन्द्र वर्मा : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) खण्डवा जिले में स्वच्छता अभियान अंतर्गत जनपदवार कितने शौचालयों के निर्माण का लक्ष्य रखा गया था इसकी वर्तमान भौतिक उपलब्धि क्या है? (ख) शौचालयों के निर्माण के लिए खण्डवा जनपद पंचायत में अभियान के आरंभ होने से अब तक कितनी राशि जारी की जा चुकी है? कितने शौचालय अपूर्ण स्थिति में है और क्यों? (ग) क्या स्वच्छता अभियान अंतर्गत स्वीकृत शौचालयों की राशि भुगतान में प्रशासनिक लापरवाही के कारण हितग्राहियों को राशि प्राप्त नहीं हो पा रही है, जिससे निर्माण अपूर्ण हैं? (घ) खण्डवा जिले में लक्ष्य अनुरूप शत्-प्रतिशत शौचालय निर्माण हेतु क्या प्रयास किये जा रहे? खंडवा जिले को कब तक ओडीएफ घोषित किया जाएगा?
पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जनपद पंचायत खण्डवा में प्रश्नांकित अवधि में 12430 शौचालयों की राशि रूपये 1491.60 लाख का भुगतान एफ.टी.ओ. के माध्यम से किया गया है। 05 शौचालय अपूर्ण होकर प्रगतिरत है। (ग) जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) जिला खण्डवा अंतर्गत शौचालय निर्माण की प्रशासकीय स्तर से सामाजिक संगठनों, गैर सरकारी संगठनों को जोड़ा जाकर लक्ष्य प्राप्ति हेतु प्रयास किया जा रहा है। जिले को 2 अक्टूबर 2019 के पूर्व ओ.डी.एफ. घोषित कराने का लक्ष्य है।
मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना से लाभान्वित
[धार्मिक न्यास और धर्मस्व]
27. ( क्र. 1327 ) श्री विजय सिंह सोलंकी : क्या खेल और युवा कल्याण मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) खरगोन जिले में योजना प्रारंभ से मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना से लाभान्वितों की सूची उनके पूर्ण नाम, पिता/पति का नाम, उपनाम, पता, सहायक का पूर्ण नाम व आवेदनकर्ता से संबंध/रिश्ता सहित सूची तीर्थस्थलवार देवें। (ख) उक्त यात्राओं में सम्मिलित पर्यवेक्षक/ अनुरक्षक/डाक्टर/चिकित्सा स्टॉफ/डॉक्टर के जीवनसाथी के पूर्ण नाम, पता, पद सहित यात्रावार सूची देवें। (ग) उक्त तीर्थ यात्रा में समूह के रूप में जाने वाले यात्रियों के नाम समूहवार देवें। (घ) उक्त यात्राओं से संबंधित कब-कब कितनी शिकायतें किस माध्यम से जिला स्तरीय कार्यालय में प्राप्त हुई? इन शिकायतों पर शिकायतवार की गई कार्यवाही बतायें।
खेल और युवा कल्याण मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। (ग) तीर्थ यात्रा में समूह के रूप में यात्रा नहीं कराई जाती है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-स अनुसार है।
एन.ओ.सी. जारी करने बाबत्
[वन]
28. ( क्र. 1357 ) श्रीमती चन्दा सुरेन्द्र सिंह गौर : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या कलेक्टर जिला - छतरपुर के द्वारा भागीरथ पिता गनपत कुशवाहा नि. ग्राम चंद्रनगर की भूमि खसरा क्र. 455/1/5 पर इंडियन आयल पेट्रोल पम्प स्वर्गेश्वर किसान सेवा केन्द्र के नाम से एन.ओ.सी. जारी करके अनुज्ञा विक्रय पत्र जारी किया गया था, जो पेट्रोल पंप 20/12/16 से संचालित किया जा रहा था? (ख) क्या उक्त पेट्रोल पंप के स्थापित होने पर शिकायतकर्ता द्वारा प्रकरण दर्ज कराया गया तथा उक्त प्रकरण माननीय न्यायालय एन.जी.टी. भोपाल तक पहुँच गया, जिसमें मान. न्यायालय द्वारा पारित आदेश दिनांक 5/10/17 के अनुसार आवेदक को प्रश्न दिनांक तक एन.ओ.सी. क्यों नहीं दी गई? कारण स्पष्ट करें तथा एन.ओ.सी. नहीं दिये जाने में कौन से अधिकारी द्वारा लापरवाही की गई क्या उसके विरूद्ध वैधानिक कार्यवाही करेगे? यदि हाँ, तो कब तक यदि नहीं, तो क्यों? (ग) मान. न्यायालय के आदेश का पालन करते हुये कब तक संबंधित को एन.ओ.सी. प्रदाय की जावेगी?
वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) जी हाँ। (ख) जी हाँ। माननीय ग्रीन ट्रिब्यूनल द्वारा आदेश दिनांक 05.10.2017 से आवेदक को नवीन आवेदन प्रस्तुत करने तथा आवेदन प्राप्त होने पर वन विभाग को नियमों के अनुरूप कार्यवाही करने के निर्देश दिये गये थे। आवेदक द्वारा दिनांक 19.02.2018 को वनमण्डलाधिकारी, छतरपुर को अनापत्ति प्रमाण पत्र हेतु आवेदन प्रस्तुत किया गया। उक्त आवेदन वनमण्डलाधिकारी, छतरपुर के कार्यालय में विचाराधीन है। आवेदन पर छानबीन करने के उपरान्त नियमानुसार निर्णय लिया जावेगा। प्रकरण में किसी भी अधिकारी द्वारा लापरवाही नहीं बरती गई है, अतः उनके विरूद्ध कार्यवाही करने का प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता। (ग) आवेदक से प्राप्त आवेदन पर कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। स्थल जाँच प्रतिवेदन प्राप्त होने पर आवेदन पर नियमानुसार निर्णय लिया जावेगा। समय-सीमा बताना संभव नहीं है।
मास्टर ट्रेनर्स को एम.पी.डे.एस.आर.एल.एम. में संविलियन करने
[पंचायत और ग्रामीण विकास]
29. ( क्र. 1367 ) श्रीमती चन्दा सुरेन्द्र सिंह गौर : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या म.प्र. के कई जिलों में डी.पी.आई.पी. परियोजना संचालित है तथा कितने सी.आर.पी. कार्य कर रहे हैं तथा टीकमगढ़ जिले में किन-किन ब्लॉकों में कितने सी.आर.पी. कार्य कर रहे हैं? संपूर्ण सूची एवं जानकारी से अवगत करायें। (ख) क्या आजीविका मिशन एस.आर.एल.एम. को डी.पी.आई.पी. परियोजना में संविलियन कर लिया गया परन्तु इसकी महत्वपूर्ण कड़ी मास्टर ट्रेनरों को छोड़ दिया गया है? क्या उन बेरोजगार परिवारों की स्थिति को ध्यान में रखते हुये मास्टर ट्रेनरों की (सी.आर.पी.) को उक्त परियोजना में सम्मिलित कर संविलियन किये जाने के आदेश जारी करेंगे? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्यों? (ग) खरगापुर विधान सभा क्षेत्र एवं टीकमगढ़ जिले के कौन-कौन से विकासखण्डों में सी.आर.पी. द्वारा कार्य किया जा रहा है? साथ ही क्या सी.आर.पी. में कार्य करने वालों द्वारा शासन प्रशासन को कई बार ज्ञापनों के माध्यम से सरकार को अवगत कराया। उस पर कार्यवाही करते हुये सरकार द्वारा इनको संविलियन करने की किस प्रकार की कार्यवाही की जा रही है?
पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन अंतर्गत खरगापुर विकासखण्ड के बल्देवगढ़ व पलेरा तथा शेष टीकमगढ़ जिला के विकासखण्ड निमाड़ी, पृथ्वीपुर, जतारा एवं टीकमगढ़ में सी.आर.पी. द्वारा आवश्यकतानुसार समय-समय पर कार्य किये जा रहे है। जी हाँ टीकमगढ़ जिले के सी.आर.पी. द्वारा संविलियन के संबंध में शासन को ज्ञापन के माध्यम से अवगत कराया गया था। राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के प्रावधान व शासन के नियमों के अनुसार सी.आर.पी. के रूप में कार्य करने वाले व्यक्ति का संविलियन नहीं किया जा सकता।
बुंदेलखंड पैकेज के बजट की जानकारी
[योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी]
30. ( क्र. 1418 ) श्री प्रताप सिंह : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश सरकार द्वारा बुन्देलखंड पैकेज के अन्तर्गत सागर संभाग के पांचों जिले में विकास कार्य हेतु वर्ष 2008 से प्रश्न दिनांक तक कितना-कितना बजट उपलब्ध कराया गया हैं? प्राप्त बजट में से कितनी राशि अभी तक व्यय की जा चुकी हैं? कितनी राशि अवशेष रही, जिसका व्यय नहीं किया जा सका है,? जिलेवार एवं विभागवार बतलावें। इसके लिए कौन जिम्मेदार है? क्या सरकार जिम्मेदार अधिकारी/कर्मचारियों के विरूद्ध जाँच कराकर नियमानुसार दण्डित करेगी, यदि हाँ, तो कब तक एवं नहीं तो क्यों? (ख) बजट के अनुरूप विभागवार कौन-कौन से कार्य कितनी-कितनी राशि के कहाँ-कहाँ स्वीकृत किये गये? सूची उपलब्ध करावें। कितने कार्य पूर्ण हैं तथा कितने कार्य अपूर्ण हैं? कार्य अपूर्ण रहने का क्या कारण है?
वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) एवं (ख) जानकारी संकलित की जा रही है।
नगरपालिका में नियुक्ति
[नगरीय विकास एवं आवास]
31. ( क्र. 1420 ) श्री प्रताप सिंह : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या श्री राममिलन तिवारी, नगर पंचायत अमानगंज, जिला-पन्ना की प्रथम नियुक्ति नगर पालिका परिषद जयसिंहनगर, जिला शहडोल के द्वारा वर्ष 1987 में सफाई दरोगा के पद पर हुई थी, यदि हाँ, तो बतायें कि इनकी सफाई दरोगा से वर्तमान पद पर पदोन्नतियां कौन-कौन सी डी.पी.सी. के आधार पर हुई और डी.पी.सी. ने शासन के कौन-कौन से नियमों का पालन किया? नियमों की प्रति तथा डी.पी.सी. के कार्यवाही विवरण की जानकारी बतावें? (ख) क्या पद परिवर्तन का अधिकार मंत्रिपरिषद को है? यदि नहीं, तो सामान्य प्रशासन विभाग ने पद परिवर्तन का अधिकार विभाग को या नगरपालिका परिषद को किस आधार पर दिया? उस आदेश की प्रति उपलब्ध करावें। (ग) क्या एक नगर पालिका से दूसरी नगरपालिका में स्थानांतरण होने पर उसका धारणाधिकार मूल नगरपालिका में बना रहता है? यदि हाँ, तो बतावें कि श्री राममिलन तिवारी जब नगरपालिका जयसिंहनगर पालिका के कर्मचारी थे, तो इनकी पदोन्नति अमानगंज में किस नियम आधार पर की गई? (घ) श्री तिवारी की निम्न श्रेणी लिपिक से अथवा जो प्रथम नियुक्ति का पद हो, उस पद से वर्तमान तक जो भी पदोन्नतियां की गई, क्या वे आरक्षण 1994 लागू होने के पश्चात रोस्टर अनुसार की गई? यदि हाँ, तो रोस्टर पंजी की जानकारी सहित बतावें?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) जी हाँ। श्री राम मिलन तिवारी सफाई दरोगा की प्रथम नियुक्ति की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'अ' अनुसार है। श्री तिवारी को संचालनालय के आदेश से नगर परिषद अमानगंज में स्थानांतरित कर भार मुक्त किया गया। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'ब' अनुसार है। मध्यप्रदेश नगर पालिका भर्ती तथा सेवा शर्ते नियम 1968 के नियम 12 (1) म.प्र.सेवा (वेतनमान एवं भत्ता) नियम 1967 की अनुसूची 3 में उल्लेखित प्रावधान अनुसार पी.आई.सी. के प्रस्ताव क्रमांक 32 दिनांक 10.08.2005 द्वारा निम्न श्रेणी लिपिक पद की आर्हता होने से स्वच्छता संवर्ग से लिपिकीय संवर्ग में पद परिवर्तन किया गया। सफाई दरोगा पद से वर्तमान तक की गई पदोन्नतियों से संबंधित पी.आई.सी. प्रस्ताव तथा डी.पी.सी. के कार्यवाही विवरण की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'स' अनुसार है। (ख) जी नहीं। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा उल्लेखित कार्यवाही नहीं की गयी है, ऐसे में शेष का प्रश्न नहीं है। म.प्र. नगर पालिका सेवा (वेतनमान एवं भत्ता) नियम 1967 की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'द' अनुसार है। (ग) जी हाँ। श्री तिवारी के सफाई दरोगा (स्वच्छता सवंर्ग) से लिपिकीय संवर्ग में पद परिवर्तन की कार्यवाही प्रथम दृष्टया नियमानुसार नहीं है। संचालनालय के पत्र क्रमांक 5296 दिनांक 20.03.2017 द्वारा संयुक्त संचालक, नगरीय प्रशासन एवं विकास रीवा एवं सागर से प्रकरण को सूक्ष्मता से परीक्षण करके जाँच प्रतिवेदन चाहा गया है। (घ) उत्तरांश 'ग' के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
शासकीय कार्यालयों के प्रमुख अधिकारियों को वाहन उपलब्ध कराना
[उच्च शिक्षा]
32. ( क्र. 1429 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शासकीय विभागों के किन-किन अधिकारियों को कार्यालयीन कार्यों हेतु शासकीय वाहन उपलब्ध कराये जाने का प्रावधान है? (ख) प्रश्नांश (क) के अनुसार उच्च शिक्षा संभागीय कार्यालय एवं अन्य कौन से अधिकारी है, जहां वाहन उपलब्ध नहीं कराये गये हैं? (ग) क्या शिक्षा के कार्य को दूरदराज के क्षेत्रों में सुचारू रूप से संपन्न करने हेतु इन्हें शासकीय वाहन उपलब्ध कराये जायेंगे? यदि हाँ, तो कब? यदि नहीं, तो क्यों?
उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री जयभान सिंह पवैया ) : (क) स्टेट गैरेज के माध्यम से शासकीय वाहन उपलब्ध कराये जाने के संबंध में मध्यप्रदेश शासन गृह विभाग मंत्रालय वल्लभ भवन भोपाल का परिपत्र क्रमांक एफ-21-50/2006/दो-ए (03) दिनांक 27.02.2012 संलग्न परिशिष्ट पर है। विभागाध्यक्ष कार्यालय एवं अन्य मैदानी कार्यालयों में वाहन आवश्यकता एवं वरिष्ठता को ध्यान में रख कर उपलब्ध कराए जाते हैं। (ख) उच्च शिक्षा संभागीय कार्यालय में प्रत्येक क्षेत्रीय अतिरिक्त संचालक के लिए एक किराये की अनुबंधित वाहन लिये जाने का प्रावधान वित्त विभाग की स्वीकृति से किया गया है। (ग) वर्तमान व्यवथा के अतिरिक्त मैदानी कार्यालयों को शासकीय वाहन उपलब्ध कराए जाने का कोई प्रस्ताव नहीं है।
जे.एन.एन.यू.आर.एम. योजना
[नगरीय विकास एवं आवास]
33. ( क्र. 1468 ) श्री नीलांशु चतुर्वेदी : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या जे.एन.एन.यू.आर.एम. योजनांतर्गत भोपाल जिले के राहुल नगर, एम.ए.सी.टी. चौराहा स्थित मकानों का निर्माण कार्य नगर निगम द्वारा किया है? क्या नियमानुसार उक्त मकानों को बेचना/खरीदना गैर कानूनी है? क्या समस्त मकान पात्रतानुसार हितग्राही के चयन के लिये बस्ती सर्वेक्षण एवं चतुर्सीमा का पालन करते हुए आवंटित किये हैं वर्तमान में कितने मकान बेचे तथा किराये पर चल रहे हैं? (ख) क्या श्रीमती पूजा पत्नि सतानंद पांडे सर्वे क्र. ए-479 को चतुर्सीमा की पात्रता आती है? यदि हाँ, तो सर्वे करते समय का पट्टा, मतदाता परिचय पत्र, राशन कार्ड, बैंक पासबुक, ड्राइविंग लायसेंस, आधार कार्ड, निर्वाचन नामावली, विद्युत देयक प्रमाण सहित देवें। यदि पात्रता नहीं आती, तो आवंटन क्यों किया? क्या निरस्त करेंगे और कब तक, यदि नहीं, तो क्यों? (ग) क्या श्रीमती इमरती बाई सर्वे क्र. सी/170 ने अपना मकान बेच दिया है? या दबंगों ने कब्जा कर लिया है? क्या दबंगों से कब्जा हटाया जावेगा, यदि हाँ, तो कब तक, यदि नहीं, तो क्यों?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) जी हाँ। जे.एन.एन.यू.आर.एम. अंतर्गत निर्माण कार्य नगर निगम, भोपाल द्वारा किया गया है। मकानों को बेचना/खरीदना गैर कानूनी है। समस्त मकानों के लिए पात्रतानुसार हितग्राही चयन शासन द्वारा जारी दिशा निर्देशों (गाईड लाईन) का पालन करते हुए हितग्राही को आवंटित किए गए है। आवास आवंटन की शर्तानुसार आवंटित आवास को न ही विक्रय किया जा सकता है और न ही किराये से दिया जा सकता है वर्तमान में मकान बेचने तथा किराये पर चल रहे हैं के संबंध में कोई जानकारी प्राप्त नहीं हुई है। (ख) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। झुग्गी बस्ती रहवासी का चयन झुग्गी में निवासरत होने एवं संलग्न दस्तावेजों के आधार पर नियमानुसार किया गया है। आवंटन निरस्त करने का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) श्रीमति इमरती बाई सर्वे क्रमांक सी- 170 के द्वारा अपना आवंटित आवास नहीं बेचा है। श्रीमति इमरती बाई आवंटित आवास में स्वयं निवासरत है। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों का नियमितीकरण
[नगरीय विकास एवं आवास]
34. ( क्र. 1471 ) श्री नीलांशु चतुर्वेदी : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या प्रदेश के नगर पालिका निगमों में कार्यरत दैनिक वेतन भोगी श्रमिकों/ कर्मचारियों को विनियमित कर स्थाई कर्मी बनाये जाने के निर्देश आयुक्त नगरीय प्रशासन द्वारा आदेश क्र. एफ-4/134/2017/18-1 दिनांक 01.08.2017 को जारी किये गये थे? जिसके पालन में नगर पालिक निगम कटनी द्वारा 127 फिक्स वेतन कर्मचारियों को विनियमित कर स्थाईकर्मी के आदेश जारी कर दिये गये हैं? (ख) प्रश्नांश (क) की नगर पालिक निगम में कुल कितने दैनिक वेतन भोगी श्रमिक कार्यरत हैं? विभागवार, नियुक्ति दिनांकवार, श्रेणीवार, नामवार बतायें तथा वर्ष 2017 में दैनिक वेतन भोगी श्रमिकों की प्रथम वरिष्ठता सूची कब जारी की गई? प्रति दें। प्रथम वरिष्ठता सूची जारी होने के 3 माह गुजर जाने के बाद भी अंतिम वरिष्ठता सूची क्यों जारी नहीं की गई? विलंब के लिये कौन अधिकारी कर्मचारी दोषी हैं? (ग) नगर पालिक निगम कटनी में कार्यरत दैनिक वेतन भोगी श्रमिकों को विनियमितीकरण कर स्थाईकर्मी श्रेणी देने के आदेश नगरीय प्रशासन विभाग से जारी होने के 5 माह बाद भी ना किये जाने के लिये निगम के कौन-कौन से अधिकारी/कर्मचारी दोषी हैं तथा दोषी कर्मचारी/अधिकारी के विरूद्ध क्या कार्यवाही की जावेगी। यदि नहीं, तो क्यों एवं कार्यरत दैनिक वेतन भोगी श्रमिकों को कब तक स्थाई कर दिये जायेंगे? यदि नहीं, तो क्यों? (घ) नगर पालिक निगम कटनी में किये गये विनियमितीकरण एवं विनियमितीकरण ना किये जाने के संबंध में निकाय प्रशासन, शासन स्तर पर प्राप्त शिकायतों की प्रति दें एवं प्राप्त शिकायतों पर की गई कार्यवाही की प्रति दें। यदि नहीं, की गई तो क्यों एवं कार्यवाही ना करने के लिये कौन कौन दोषी है?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) जी हाँ। जी हाँ। (ख) नगर पालिक निगम कटनी में जल प्रदाय विभाग, विधुत विभाग, अग्निशमन विभाग, वाहन विभाग, लोक निर्माण विभाग में 132 एवं स्वास्थ्य विभाग में 347 कुल 479 दैनिक वेतन भोगी श्रमिक कार्यरत है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'अ', 'ब' एवं 'स' अनुसार है। वर्ष 2017 में दैनिक वेतन भोगी श्रमिकों की प्रथम वरिष्ठता सूची दिनांक 10.10.2017 जारी करते हुए निकाय में कार्यरत श्रमिकों से दावें/आपत्ति बुलाई थी। प्राप्त दावें/आपत्ति में नियुक्ति दिनांक से संबंधित आपत्ति प्राप्त हुई थी, जिसके निराकरण हेतु निकाय में उपलब्ध देयक, व्हाउचर्स एवं अन्य उपलब्ध दस्तावेजों से मिलान किया जा रहा है। चूंकि जानकारी वृहद होने के कारण समय लग रहा है। शीघ्र ही कार्यवाही पूर्ण कर अंतिम वरिष्ठता सूची का प्रकाशन किया जायेगा। चूंकि कार्यवाही गतिशील है। अत: शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) नगर पालिक निगम कटनी में कार्यरत दैनिक वेतन भोगी श्रमिकों को विनियमितीकरण के संबंध में पत्र क्रमांक 572 ए दिनांक 31.07.2017 एवं पत्र क्रमांक 808 ए दिनांक 04.09.2017 द्वारा मध्यप्रदेश शासन, नगरीय विकास एवं आवास विभाग से मार्गदर्शन चाहा गया है, जिसके परिप्रेक्ष्य में मध्यप्रदेश शासन, नगरीय विकास एवं आवास विभाग के पत्र क्रमांक एफ 4-134/2017/18-1 दिनांक 01.03.2018 से नगर पालिक निगम कटनी को निर्देश जारी किए गए हैं। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) नगर पालिक निगम कटनी में किए गए विनियमितीकरण एवं विनियमितीकरण न किए जाने के संबंध में निकाय प्रशासन को शासन स्तर पर आज दिनांक तक कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। अत: शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
शासकीय स्वामी विवेकानन्द महाविद्यालय सारंगपुर में रिक्त पदों की पूर्ति
[उच्च शिक्षा]
35. ( क्र. 1509 ) श्री कुँवरजी कोठार : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शासकीय स्वामी विवेकानन्द महाविद्यालय सारंगपुर में प्राचार्य/प्राध्यापक एवं सहायक प्राध्यापक के कितने पद स्वीकृत है? विषयवार, पदवार जानकारी देवें? (ख) रिक्त पदों के विरुद्ध कार्यरत प्राध्यापक/सहायक प्राध्यापक के नाम विषयवार देवें? विषयवार रिक्त पदों की पूर्ति शासन द्वारा कब तक की जावेगी?
उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री जयभान सिंह पवैया ) : (क) शासकीय स्वामी विवेकानंद महाविद्यालय, सांरगपुर में प्राचार्य/प्राध्यापक/सहायक प्राध्यापक के कुल 16 पद स्वीकृत है। शेष जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' अनुसार है। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र ''ब" अनुसार है। पदों की पूर्ति के संबंध में समय-सीमा बताई जाना संभव नहीं है।
प्राचीन जीर्ण-शीर्ण मंदिरो का जीर्णोद्धार
[धार्मिक न्यास और धर्मस्व]
36. ( क्र. 1576 ) श्री कैलाश चावला : क्या खेल और युवा कल्याण मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) विगत 05 वर्षों में मनासा विधानसभा क्षेत्र के कितने शासकीय प्राचीन जीर्ण-शीर्ण मंदिरों के जीर्णोद्धार किए जाने हेतु आवेदन विभाग को प्राप्त हुए हैं? मंदिरों के नाम, गॉव के नाम एवं प्राक्कलन की राशि बतावें। (ख) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित प्रस्तावों में कौन-कौन से प्रस्ताव स्वीकृत कर दिए गए हैं व कौन-कौन से प्रस्ताव लंबित हैं? (ग) लंबित प्रस्तावों की स्वीकृति कब तक कर दी जावेगी?
खेल और युवा कल्याण मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) शासन संधारित मंदिरों के जीर्णशीर्ण होने की अवस्था में जीर्णोद्धार हेतु प्राक्कलन प्रस्ताव कलेक्टर/संभागायुक्त के माध्यम से प्राप्त होने पर आवश्यकतानुसार उपलब्ध बजट के आधार पर राशि स्वीकृत की जाती है। यह एक सतत् प्रक्रिया है। निश्चित समय-सीमा दी जाना संभव नहीं है।
बाउण्ड्रीवाल, खेल मैदान एवं सर्विस भवन के निर्माण कार्य
[खेल और युवा कल्याण]
37. ( क्र. 1579 ) श्री कैलाश चावला : क्या खेल और युवा कल्याण मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या कुकडेश्वर जिला नीमच में बाउण्ड्रीवाल, खेल मैदान एवं सर्विस भवन के निर्माण कार्य हेतु सिविल कार्य की तकनीकी स्वीकृति रुपए 1,45,59,909 /- (रुपये एक करोड़ पैंतालीस लाख उन्साठ हजार नौ सौ नौ ) की प्राक्कलन एवं ड्राइंग प्रश्नकर्ता द्वारा पत्र क्रमांक 179 दिनांक 18 मार्च 2017 को संलग्नक सहित माननीय मंत्री जी को प्रेषित की गई है? (ख) चरण 1 में उल्लेखित पत्र के तारतम्य में विभाग द्वारा क्या कार्यवाही की गई तथा किस स्तर पर लंबित है? उक्त कार्य कब तक स्वीकृत किया जावेगा?
खेल और युवा कल्याण मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) जी हाँ। (ख) परीक्षण उपरान्त प्रस्ताव संचालक द्वारा अमान्य किया गया, शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
पंचायत सचिवों के नियमितीकरण
[पंचायत और ग्रामीण विकास]
38. ( क्र. 1601 ) श्री गोपालसिंह चौहान (डग्गी राजा) : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) माननीय मुख्यमंत्री जी की घोषणानुसार क्या पंचायत सचिवों को नियमित वेतनमान दिया जावेगा एवं दस साल की सेवा पूरी कर चुके पंचायत सचिवों एवं नवीन पंचायत सचिवों को क्या-क्या वेतनमान दिया जावेगा? इसके आदेश कब तक जारी किये जावेंगे? (ख) माननीय मुख्यमंत्री जी की घोषणानुसार क्या पंचायत सचिवों को अनुकंपा नियुक्ति का प्रावधान होगा? यदि हाँ, तो कब से होगा और इस संवध में आदेश जारी कब तक कर दिया जावेगा? (ग) क्या पंचायत सचिवों के परिवार को परिवार पेंशन का कोई नियम बनाया गया हैं? यदि हाँ, तो इसके संवध में भी आदेश कब तक जारी कर दिया जावेगा?
पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ। ग्राम पंचायत सचिवों को पृथक से नवीन वेतनमान स्वीकृत करने की कार्यवाही विचाराधीन है। समय-सीमा बताना संभव नहीं है। (ख) जी हाँ। अनुकंपा योजना का लाभ 1 अप्रैल 2008 से प्रदाय करने हेतु म.प्र. शासन,पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के आदेश क्र. एफ/22/पं-1/71 दिनांक 16.02.2018 जारी किया गया है। (ग) जी नहीं। ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।
स्वच्छता अभियान में स्थानीय निकायों को सहायता राशि
[नगरीय विकास एवं आवास]
39. ( क्र. 1639 ) श्री जितेन्द्र गेहलोत : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) उज्जैन संभाग के नगर निगमों, नगरपालिकाओ, एवं नगर परिषदों को स्वच्छता अभियान मद में शासन ने क्या- क्या सहायता दी? ब्यौरा जिलेवार, निकायवार दें . (ख) प्रश्नांश (क) अंतर्गत उक्त निकायों में स्वच्छता अभियान तहत कितनी-कितनी राशि किस-किस कार्य में अब तक व्यय की है वर्ष २०१६ से अब तक का निकायवार ब्यौरा क्या है? (ग) किन-किन निकायों में स्वच्छता के नाम पर अपव्यय, गलत खर्च, अनियमितता, घटिया सामग्री क्रय की शिकायतें प्राप्त हुई? प्राप्त शिकायतों पर की गई कार्यवाहियों से अवगत करायें.
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) उज्जैन संभाग की नगरीय निकायों से प्राप्त जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है।
अवैध उत्खनन करने वालों के विरुद्ध कार्यवाही
[खनिज साधन]
40. ( क्र. 1754 ) श्रीमती ऊषा चौधरी : क्या खनिज साधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सतना जिले के तहसील रघुराजनगर अंतर्गत ग्राम रामस्थान में श्रवणकुमार पाठक की 80 एकड़ लीज के बाहरी हिस्से में अवैध उत्खनन एवं ओवरलोडिंग तथा अ.जा./अ.ज.जा. की आवंटित जमीन (निष्कांत संपत्ति) क्रय कर उत्खनन संबंधित प्रश्न क्रमांक 1338, दिनांक 30.11.2017 में जवाब दिया गया था कि संपूर्ण बिन्दुओं पर कलेक्टर सतना द्वारा आदेश दिनांक 08/11/2017 से जाँचदल का गठन किया गया है? किन्तु क्या उक्त कमेटी के गठन दिनांक से 28/01/2018 तक संयुक्त रूप से जाँचदल के 06 सदस्य जाँच हेतु नहीं पहुंचे? (ख) क्या अतिरिक्त क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी द्वारा अपने पत्र क्रमांक 900 दिनांक 17/11/17 के जरिये खनिज अधिकारी को पत्र जारी करते हुए पुलिस अधीक्षक सतना एवं अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, प्रबंधक मेसर्स प्रिज्म सीमेंट लिमिटेड, श्रवणकुमार पाठक तथा प्रबंधक ए.आर.टी. कम्पनी रामस्थान को भी पृष्ठांकित किया गया है, किन्तु अवैध उत्खनन तथा ओव्हरलोडिंग में प्रतिबन्ध क्यों नहीं लगाया गया? (ग) क्या विभाग द्वारा शासन के नियमों का खुलेआम दुरूपयोग कर अ.जा./अ.ज.जा. को आवंटित जमीनों की क्रय-विक्रय करने वाले खनिज माफिया/भू-माफियाओं के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज कराया जायेगा, यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो कारण स्पष्ट करें।
खनिज साधन मंत्री ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जी हाँ। (ख) जी नहीं। अवैध उत्खनन तथा ओवर लोडिंग के प्रकरण प्रकाश में आने पर उनके विरूद्ध नियमानुसार कार्यवाही की जाती है। (ग) प्रश्नांश में किसी प्रकरण विशेष का उल्लेख न होने के कारण प्रश्नानुसार कार्यवाही का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
खदानों के निरीक्षण
[खनिज साधन]
41. ( क्र. 1820 ) श्री मुकेश नायक : क्या खनिज साधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) ग्राम पंचायत घुटेही तह. पवई जिला पन्ना के खसरा क्रमांक 332, 354, 355, 372 रकवा हेक्टेयर एवं खसरा क्रमांक 363, 364, 365 रकवा 1 हेक्टेयर, खसरा क्रमांक 370, 371 रकवा 1.8 हेक्टेयर उक्त खदानों में कितनी मात्रा में अभिवहन प्रमाण पत्र विगत दो वर्षों में जारी किये गये हैं? (ख) इन खदानों का निरीक्षण कब एवं किसके द्वारा किया गया? निरीक्षण प्रतिवेदन की प्रति उपलब्ध करावे? (ग) स्वीकृत खदानों में कितनी मात्रा में उत्खनन किया गया है? क्या यह मात्रा वैधानिक रूप से स्वीकृत मात्रा के अनुरूप है? (घ) विगत दो वर्षों में इन खदानों का कर निर्धारण कराया गया है वर्तमान में इन पर कितनी राशि बकाया है? (ड.) क्या उक्त खदानों में कोई अनियमितता पाई गई है? यदि हाँ, तो उस पर क्या-क्या कार्यवाही की गई? (ऋ) उक्त स्वीकृत खदान की स्वीकृति से संबंधित समस्त अनापत्ति प्रमाण पत्र एवं स्वीकृत दिनांक सहित जानकारी बतावें?
खनिज साधन मंत्री ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) प्रश्नानुसार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ पर है। (ख) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ के सरल क्रमांक 1 पर उल्लेखित खदान का निरीक्षण दिनांक 03.06.2015 एवं सरल क्रमांक-2 पर उल्लेखित खदान का निरीक्षण दिनांक 03.06.2015 को खनि निरीक्षक द्वारा किया गया है। निरीक्षण प्रतिवेदन की प्रतियां पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र- ब पर है। (ग) प्रश्नानुसार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। दर्शाये अनुसार उत्खनन वैधानिक है। (घ) जी हाँ। विगत दो वर्षों में कर की राशि जमा करने के लिये कोई बकाया नहीं है। (ड.) जी नहीं। (ऋ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। प्रश्नांश की शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ पर है।
तीर्थ दर्शन योजना की जानकारी
[धार्मिक न्यास और धर्मस्व]
42. ( क्र. 1864 ) श्री जतन उईके : क्या खेल और युवा कल्याण मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) प्रदेश सरकार द्वारा मुख्यमंत्री तीर्थदर्शन योजना किस दिनांक से शुरू की गई? (ख) प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्य में योजना शुरू दिनांक से प्रश्न दिनांक की स्थिति में छिंदवाड़ा जिले से कुल कितने-कितने दर्शनार्थियों पर कितनी-कितनी राशि यात्रा व्यय की गई और कहाँ-कहाँ की यात्राएँ कराई गई वर्षवार बतायें।
खेल और युवा कल्याण मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना दिनांक 26 जून 2012 से प्रारंभ की गई है। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-क एवं 'ख' अनुसार है।
सूक्ष्य, लघु और मध्य उपक्रय हेतु ऋण उपलब्ध कराने
[सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम]
43. ( क्र. 1917 ) श्री राजेश सोनकर : क्या राज्यमंत्री, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्न क्र. ६२८ दिनांक ५ दिसम्बर २०१६ में शासन द्वारा सूक्ष्म, लघु और मध्यम उपक्रय हेतु विभाग द्वारा बताया गया कि प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना मुख्यमंत्री युवा उपक्रमी योजना, मुख्यमंत्री रोजगार योजना में क्या १५७९ आवेदन प्राप्त हुए? प्राप्त हुए आवेदन में से क्या २३२ ही स्वीकृत हुये हैं? शेष आवेदन किन कारणो से अस्वीकृत हुये हैं? (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में पूर्व प्रश्नं के जवाब में २३२ में से १०० हितग्राहियों को बैंकों द्वारा लोन उपरांत इकाई कहाँ-कहाँ पर स्थापित कराई गई? स्पष्ट करें? शेष १३२ आवेदकों के प्रकरण किन-कारणों से बैंक में स्वीकृति हेतु शेष हैं? (ग) प्रश्नांश (ख) के संदर्भ में किन-किन अधिकारियों द्वारा ऋण आवेदन स्वीकृति हेतु लिखा गया व उस पर बैंकों द्वारा क्या कार्यवाही की गई? स्पष्ट करे? प्रश्न दिनांक तक ओर कितने आवेदन प्राप्त हुये व उनकी क्या स्थिति है?
राज्यमंत्री, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम ( श्री संजय पाठक ) : (क) विधानसभा सत्र दिसम्बर 2016 के तारांकित प्रश्न क्रमांक 628 के सन्दर्भ में विभाग द्वारा संचालित योजनाओं प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना, मुख्यमंत्री युवा उदद्यमी योजना, मुख्यमंत्री रोजगार योजना अंतर्गत प्राप्त कुल 1579 आवेदनों में से 232 आवेदनों में स्वीकृति उत्तर दिनांक तक प्राप्त हुई थी। शेष प्रकरण बैंको में स्वीकृति हेतु प्रक्रियाधीन थे। वित्तीय वर्ष 2016-17 के अंत 31 मार्च 2017 तक इन्दौर जिले में 1432 प्रकरणों में स्वीकृति प्रदान की गई, शेष प्रकरण आगामी वित्तीय वर्ष में अग्रेषित किये गये। (ख) प्रश्नांश ''क'' से संदर्भ में पूर्व प्रश्न के जवाब में उल्लेखित 232 स्वीकृत प्रकरणों में से ऋण वितरण उपरांत स्थापित 100 इकाइयों की सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है, शेष 132 प्रकरणों में बैंकों की स्वीकृति प्राप्त है, अतः बैंकों में स्वीकृति हेतु शेष का प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता। (ग) प्रश्नांश ''ख'' के सन्दर्भ में जिला व्यापार एवं उघोग केन्द्र इन्दौर के पत्राचार से वित्तीय वर्ष 2016-17 के लक्ष्य की शतप्रतिशत उपलब्धि की गई। वित्तीय वर्ष 2017-18 में निर्धारित कुल लक्ष्य 1747 के विरूद्ध प्रश्न दिनांक तक कुल 4541 आवेदन प्राप्त हुये जिनमे से 1735 प्रकरणों में स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है।
कॉलोनियों के हस्तांरण के नियम
[नगरीय विकास एवं आवास]
44. ( क्र. 1940 ) डॉ. मोहन यादव : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) वैध एवं अवैध कॉलोनियों को नगर निगम में हस्तांरण के लिए विभाग के क्या नियम हैं? नियमों की प्रति उपलब्ध करावें? दिनांक १ जनवरी २०१२ से प्रश्न दिनांक तक इस संबंध में विभाग द्वारा कौन-कौन से पत्र परिपत्र एवं दिशा निर्देश जारी किये गये? प्रति उपलब्ध करावें? (ख) प्रश्नांश (क) की जानकारी अनुसार जारी नियमों के प्रकाश में दिनांक १ जनवरी २०१२ से प्रश्न दिनांक तक उज्जैन नगर निगम अंतर्गत कितनी वैध एवं अवैध कॉलोनियों को नगर निगम में हस्तांरण कराया गया? कॉलोनी वार जानकारी उपलब्ध करावे? (ग) यदि प्रश्नांश (ख) की जानकारी नहीं है, तो शासन के नियमों पर अमल नहीं करने के लिए कौन अधिकारी दोषी हैं? दोषी के विरूद्ध कब तक कार्यवाही की जावेगी?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) विभाग में वैध एवं अवैध कॉलोनियों को नगर निगम, में हस्तांतरण के लिये म.प्र. नगरपालिका (कॉलोनाईजर का रजिस्ट्रीकरण, निर्बन्धन तथा शर्तें) नियम 1998 लागू है। नियम की प्रति जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' अनुसार है। 01 जनवरी 2012 से इस संबंध में विभाग द्वारा जारी किये गये पत्र परिपत्र एवं दिशा-निर्देश जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अ-1 से अ-3 अनुसार है। (ख) नगर निगम, उज्जैन में वैध कॉलोनियों के हस्तांतरण की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''ब'' अनुसार है, नगर निगम, उज्जैन द्वारा वर्तमान तक किसी भी अवैध कॉलोनी को नगर निगम, में हस्तांतरण नहीं किया गया है। नगर निगम, उज्जैन में प्रचलित कार्यवाही की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''स'' अनुसार है। (ग) शासन के नियमों के पालन में नगर निगम, उज्जैन में अवैध कॉलोनियों को नियमितिकरण उपरान्त नगर निगम में हस्तान्तरण करने की कार्यवाही प्रचलित है। कार्यवाही प्रचलित होने के कारण शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
तालाब गहरीकरण की राशि का अनियमित भुगतान
[नगरीय विकास एवं आवास]
45. ( क्र. 1946 ) श्री कालुसिंह ठाकुर : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या प्रश्नकर्ता द्वारा प्रश्न क्र.126 (तारांकित) दिनांक 30.11.17 के माध्यम से मुद्दा उठाया गया था कि नगर परिषद् माण्डव द्वारा छप्पन महल नाला तालाब एवं टिपकिया तालाब गहरीकरण कार्य माण्डव में कार्यरत मजदुरों की राशि का भुगतान फर्जी रूप से लेबर ठेकेदारों को कर दिया गया है? जिसके प्रतिउत्तर में माननीय मंत्री महोदया द्वारा कार्य विभागीय रूप से कराया जाना बताया गया है, एवं परिषद् द्वारा अन्य किसी एजेंसी को कोई भुगतान नहीं किया जाना बताया गया है? (ख) यदि हाँ, तो नगर परिषद् माण्डव द्वारा मेसर्स अविनाश, कन्स्ट्रक्शंस एवं मटेरियल सप्लायर, खलघाट के खाते में दिनांक 17.04.2017 को राशि रूपये 208242/- किस कार्य पेटे भुगतान किये गये है, मय बिल व्हाउचर की प्रति उपलब्ध कराते हुए बतावें, एवं उनके द्वारा परिषद् से उक्त बाबत् कोई अनुबंध आदि किया गया हो तो अनुबंध की प्रति भी उपलब्ध करावे?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) जी नहीं, विधान सभा प्रश्न क्रमांक 126 तारांकित के माध्यम से उठाया गया मुद्दा नगर परिषद् माण्डव द्वारा छप्पन महल नाला तालाब एवं टिपकिया तालाब के गहरीकरण कार्य में कार्यरत मजदूरों की राशि का भुगतान फर्जी रूप से लेवर ठेकेदार को कर दिये जाने से संबंधित नहीं था। इस प्रश्न के प्रश्नांश ''क'' के उत्तर में ''नगर परिषद्, माण्डव द्वारा उक्त कार्य विभागीय रूप से कराया जाना'' बताया गया था एवं प्रश्नांश ''ग'' के उत्तर में गहरीकरण कार्य हेतु किये गये भुगतान की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट में दी गयी थी, इसके अलावा किसी अन्य एजेन्सी को कोई भुगतान नहीं होने के कारण ''नगर परिषद्, माण्डव द्वारा अन्य किसी एजेन्सी को कोई भुगतान नहीं किया गया है'' यह उत्तर में बताया गया था। (ख) नगर परिषद्, माण्डव द्वारा मेसर्स अविनाश कन्स्ट्रक्शन एवं मटेरियल सप्लायर्स के खाते में राशि रू. 2,08,242/- का भुगतान मिट्टी परिवहन कार्य के लिये किया गया है, बिल व्हाउचर पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है, नगर परिषद्, माण्डव से इस संबंध में कोई अनुबंध नहीं किया गया है, शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
राशि का अनियमित भुगतान
[नगरीय विकास एवं आवास]
46. ( क्र. 1947 ) श्री कालुसिंह ठाकुर : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या प्रश्नकर्ता द्वारा प्रश्न क्र.. 126 (तारांकित) दिनांक 30.11.17 के माध्यम से मुद्दा उठाया गया था कि नगर परिषद् माण्डव द्वारा छप्पन महल नाला तालाब एवं टिपकिया तालाब गहरीकरण कार्य माण्डव में कार्यरत मजदुरों की राशि का भुगतान फर्जी रूप से लेबर ठेकेदारों को कर दिया गया है? जिसके प्रतिउत्तर में माननीय मंत्री महोदया द्वारा कार्य विभागीय रूप से कराया जाना बताया गया है, एवं परिषद् द्वारा अन्य किसी एजेंसी को कोई भुगतान नहीं किया जाना बताया गया है? (ख) यदि हाँ, तो नगर परिषद् माण्डव द्वारा मेसर्स गजेन्द्र पटेल, गवर्मेन्ट कांट्रेक्टर, जेतापुर के खाते में दिनांक 17.04.2017 को राशि रूपये 189424/- एवं राशि रू. 223093/-किस कार्य पेटे भुगतान किये गये हैं एवं उनके द्वारा परिषद् से उक्त बावद् कोई अनुबंध आदि किया गया हो तो अनुबंध की प्रति भी उपलब्ध करावें?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) जी नहीं, विधान सभा प्रश्न क्रमांक 126 तारांकित के माध्यम से उठाया गया मुद्दा नगर परिषद् माण्डव द्वारा छप्पन महल नाला तालाब एवं टिपकिया तालाब के गहरीकरण कार्य में कार्यरत मजदूरों की राशि का भुगतान फर्जी रूप से लेवर ठेकेदार को कर दिये जाने से संबंधित नहीं था। इस प्रश्न के प्रश्नांश ''क'' के उत्तर में नगर परिषद्, माण्डव द्वारा उक्त कार्य विभागीय रूप से कराया जाना बताया गया था, एवं प्रश्नांश ''ग'' के उत्तर में गहरीकरण कार्य हेतु किये गये भुगतान की जानकारी परिशिष्ट ''अ'' में दी गयी थी, इसके अलावा किसी अन्य एजेन्सी को कोई भुगतान नहीं होने के कारण ''नगर परिषद्, माण्डव द्वारा अन्य किसी एजेन्सी को कोई भुगतान नहीं किया गया है'' यह उत्तर में बताया गया था। (ख) नगर परिषद्, माण्डव द्वारा श्री गजेन्द्र पटेल, गवर्नमेंट कांट्रेक्टर के खाते में राशि रू.2,23,093/- का भुगतान मिट्टी परिवहन कार्य के लिये किया गया है, राशि रू.1,89,424/- का भुगतान श्री गजेन्द्र पटेल गवर्नमेंट कांट्रेक्टर के खाते में नहीं किया गया है। उनके द्वारा नगर परिषद्, माण्डव से इस संबंध में कोई अनुबंध नहीं किया गया है, शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
सरंपचों की मांगों के अश्वासन की पूर्ति
[पंचायत और ग्रामीण विकास]
47. ( क्र. 1965 ) श्री गोपालसिंह चौहान (डग्गी राजा) : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या 29 जनवरी 2017 को भोपाल में हुई सरपंचों की हड़ताल को माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा मांगों को पूर्ण करने के आश्वासन पर खत्म कर दिया गया था? (ख) यदि हाँ, तो आज दिनांक तक इनके संवंध में क्या कार्यवाही की गई? (ग) क्या सरपंचों की मांगों में सरपंचों को 5000 रूपये प्रतिमाह मानदेय, उपसरपंचो को 3000 रूपये प्रतिमाह मानदेय व महंगाई भत्ता आदि की मांग भी की गयी थी? इस पर सरकार का क्या रवैया है?
पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) से (ग) जानकारी संकलित की जा रही है।
अवैध परिवहनों के प्रकरणों के निराकरण
[खनिज साधन]
48. ( क्र. 2036 ) श्री मानवेन्द्र सिंह : क्या खनिज साधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला छतरपुर के समस्त राजस्व अनुभागों के अंतर्गत दिनांक 01 जनवरी 2016 से प्रश्न दिनांक तक रेत के अवैध परिवहन के कितने प्रकरण दर्ज किये गये? प्रकरणों की संख्या व अवैध परिवहन कर्ताओं की सूची उपलब्ध करायें? (ख) क्या यदि अवैध रेत परिवहन के प्रकरण तैयार हुए हैं तो प्रश्न दिनांक तक कितना-कितना अर्थदण्ड शासन के पक्ष में कितनी-कितनी राशि का किस मद में नगद/चालान के माध्यम से जमा किया गया है? (ग) यदि अवैध रेत के परिवहन के प्रकरण तैयार किये गये है तो किस प्रशासनिक अधिकारी के द्वारा प्रकरण तैयार किये गये है? नामवार वाहन क्रमांक सहित जानकारी देवें? क्या अवैध परिवहन में वाहन जप्त किये गये हैं? जप्तकर्ता अधिकारी का नाम, पदनाम एवं अवैध परिवहन प्रकरण में अर्थदण्ड सहित जानकारी देवें? (घ) प्रश्नांश के संबंध में अवैध रेत परिवहन के प्रकरण में अर्थदण्ड आरोपित करने का अधिकार जिले के किस अधिकारी को है? शासन के निर्देशों की प्रति देवें। यदि अधिकारिता रहित आदेश पारित कर अर्थदण्ड आरोपित किया गया है तो अधीनस्थ अधिकारी के विरूद्ध निलंबन की कार्यवाही कर विभागीय जाँच कराकर सेवा से पृथक करने की कार्यवाही सुनिश्चित करेंगे? यदि हाँ, तो कब तक?
खनिज साधन मंत्री ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) प्रश्नानुसार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट पर है। (ख) प्रश्नानुसार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट पर है। (ग) प्रश्नानुसार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट पर है। (घ) प्रश्नानुसार मध्यप्रदेश गौण खनिज नियम, 1996 के नियम 53 में अधिकारिता प्रावधानित है। यह नियम अधिसूचित है। जिले में अधिकारिता रहित आदेश पारित नहीं किया गया है। अत: शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
शौचालय निर्माण में की गई अनियमितताओं
[पंचायत और ग्रामीण विकास]
49. ( क्र. 2037 ) श्री मानवेन्द्र सिंह : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) महाराजपुर, चंदला विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत जनपद पंचायत नौगांव, गौरिहार, लवकुशनगर की समस्त ग्राम पंचायतों को शासन द्वारा शौचालय निर्माण हेतु कितना लक्ष्य विभाग द्वारा किस-किस समय-सीमा में पूर्ण किए जाने हेतु निर्धारित किया गया था? (ख) उक्त जनपदों के समस्त ग्रामों में शौचालय निर्माण हेतु जिन हितग्राहियों से राशि जमा कराई गई है, उन हितग्राहियों की सूची एवं प्रश्न दिनांक तक पूर्ण किये गये शौचालय निर्माण कार्यों की सूची तथा शौचालय निर्माण हेतु क्रियान्वयन एजेंसी को शौचालयों के भौतिक सत्यापन के बाद कितनी राशि का भुगतान किया जा चुका है? जानकारी पृथक-पृथक उपलब्ध करायें। (ग) क्या समस्त ग्राम पंचायतों द्वारा जिन हितग्राहियों के घरों में क्रियान्वयन एजेंसी के द्वारा शौचालय का निर्माण कार्य किया गया है? उन शौचालयों के निर्माण कार्य में क्रियान्वयन एजेंसी द्वारा काफी अनियमितता बरती गई है और शौचालयों के निर्माण में गुणवत्ताहीन सामग्री का उपयोग किया गया है तथा कई शौचालयों का निर्माण कार्य भी अपूर्ण है? क्या विभाग द्वारा शौचालय निर्माण कार्य में बरती गई अनियमितताओं की उच्च स्तरीय जाँच कराई जायेगी? (घ) क्या शासन द्वारा निर्धारित लक्ष्य एवं समय-सीमा के अनुसार ग्राम पंचायतों द्वारा शौचालय निर्माण के कार्य को पूर्ण किया जा रहा है, अगर नहीं तो इसका क्या कारण है? इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारी/कर्मचारी के ऊपर विभाग द्वारा क्या कार्यवाही की जायेगी? (ड.) क्या कार्यालय कलेक्टर जन सुनवाई में दिनांक 23.01.2018 को ग्राम पंचायत कसार विकासखण्ड गौरिहार में शौचालय निर्माण में गंभीर अनियमितताओं की शिकायत प्राप्त हुई है, यदि हाँ, तो शिकायत में उल्लेखित तथ्यों के आधार पर क्या कार्यवाही हुई? क्या गंभीर वित्तीय अनियमितता करने वाले सरपंच को धारा 40 एवं रोजगार सहायक, सचिव को सेवा से पृथक करते हुये राशि रिकवरी की कार्यवाही सुनिश्चित करेंगे? यदि हाँ, तो समय-सीमा बतायें यदि नहीं, तो क्यों?
पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जिला पंचायत सतना में श्री मंगलेश्वर सिंह, परियोजना अधिकारी, वॉटरशेड के विरूद्ध लोकायुक्त जाँच प्रकरण क्र. 503/16 पंजीबद्ध होकर विवेचनाधीन है। श्री समीर श्रीवास्तव, सहायक यंत्री, जनपद पंचायत अमरपाटन/नागौद/उचेहरा में तथा श्री आर.ए सिंह पूर्व में जनपद पंचायत रामपुर बघेलान/अमरपाटन/रामनगर एवं नागौद में पदस्थ थे, के विरूद्ध आयुक्त रीवा संभाग रीवा द्वारा अनुशासनात्मक कार्यवाही प्रारंभ की गयी हैं वर्तमान में प्रकरण प्रचलित है। जनपद पंचायत रामपुर बघेलान में मुख्य कार्यपालन अधिकारी के पद पर पदस्थ श्री वेदमणि मिश्रा के विरूद्ध वर्तमान में कोई प्रकरण लंबित नहीं है। श्री विन्धेश्वरी प्रसाद श्रीवास्तव, तत्का. अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत के विरूद्ध वर्तमान में मध्यान्ह भोजन कार्यक्रम में अनियमित छपाई के संदर्भ में अनुशासनात्मक कार्यवाही प्रारंभ की गयी है। (ख) प्रश्नांश ''क'' में उल्लेखित किसी भी अधिकारी के विरूद्ध एफ.आई.आर./गिरफ्तारी/ बरखास्तगी की कार्रवाई नहीं की गयी है। उत्तरांश (क) अनुसार जाँच की कार्यवाही प्रचलित है। जाँच निष्कर्ष एवं गुणदोष के आधार पर प्रकरणों में निर्णय लिये जाएंगे। (ग) जी हाँ। विभाग के आदेश क्र.4940/एसीएस/पं.ग्रा.वि.वि/2017 भोपाल दिनांक28.07.17 के पालन में कार्या. आदेश क्र.4584 एवं 4586 दिनांक 28.07.17 द्वारा उक्त अधिकारियों को मूल विभाग जल संसाधन विभाग को वापस किया गया। शासन आदेश के विरूद्ध मान. उच्च न्यायालय से प्रकरण में यथास्थिति पारित की गई है। (घ) श्री वेदमणि मिश्रा, सी.ई.ओ., जं.पं रामपुर बघेलान एवं जिला पंचायत सतना में एसी.ई.ओ. के पद पर पदस्थ रहे विन्धेश्वरी प्रसाद श्रीवास्तव के उपर वर्तमान में नियम विरूद्ध खरीदी किये जाने का प्रकरण दर्ज नहीं है।
सचिव एवं रोजगार सहायक के रिक्त पदों की पूर्ति
[पंचायत और ग्रामीण विकास]
50. ( क्र. 2128 ) श्रीमती पारूल साहू केशरी : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सागर जिला अंतर्गत किन-किन विधानसभा क्षेत्रों में कितनी-कितनी ग्राम पंचायतें हैं? (ख) क्या ग्राम पंचायत स्तर पर पंचायत सचिव के पद स्वीकृत हैं? यदि हाँ, तो सुर्खी विधानसभा क्षेत्र अन्तर्गत कितनी ग्राम पंचायतों में पंचायत सचिव और रोजगार सहायक के पद भरे हुए हैं और कितनी ग्राम पंचायतों में सचिव और रोजगार सहायक के पद रिक्त हैं? (ग) प्रश्नांश (ख) अनुसार ग्राम पंचायत में रिक्त पंचायत सचिव और रोजगार सहायक के पद भरे जाने हेतु शासन स्तर पर कया कोई कार्यवाही हो रही है? यदि हाँ, तो क्या और नहीं तो क्यों? (घ) प्रश्नांश (ग) अनुसार ग्राम पंचायतों में रिक्त पदों को कब तक भरा जावेगा?
पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र ''1'' अनुसार है। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र ''2'' अनुसार है। (ग) जी नहीं। राज्य शासन द्वारा लिये गये निर्णय अनुसार ग्राम पंचायत सचिव के रिक्त पदों पर नियुक्ति वर्तमान में प्रतिबंधित है वर्तमान में ग्राम रोजगार सहायक के संबंध में सीमित प्रशासकीय व्यय के कारण ग्राम रोजगार सहायक की नई नियुक्तियां प्रतिबंधित की गई है। (घ) प्रश्नाशं ''ग'' के परिपेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
नदियों से बालू का अवैध उत्खनन् एवं परिवहन
[खनिज साधन]
51. ( क्र. 2130 ) श्री दिनेश कुमार अहिरवार : क्या खनिज साधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या विधानसभा क्षेत्र जतारा से गुजरने वाली समस्त नदियों से धड़ल्ले से बालू का अवैध उत्खनन लगातार जारी है जिसके कारण पर्यावरण दूषित हो रहा है साथ ही नदियों का अस्तित्व खतरे में है। (ख) क्या विधनसभा क्षेत्र जतारा से उ.प्र. की सीमा लगी हुई है जहाँ से हाइवा, बड़े ट्रकों, छोटे ट्रकों से बालू को अवैध तरीके से उ.प्र.ले जा रहे हैं। (ग) क्या विधान सभा क्षेत्र के सारे सम्पर्क रोड बालू के अवैध उत्खनन से खराब होकर उखड़ गये हैं। ट्रकों के कारण वातावरण दूषित हो रहा है एवं लोगों का रहना मुश्किल हो रहा हैं। (घ) प्रश्नांश (क) से (ग) हाँ तो शासन इस क्षेत्र के लोगों के स्वास्थ्य एवं पर्यावरण को दृष्टिगत रखते हुए बालू के अवैध उत्खनन परिवहन पर रोक लगायेंगे?
खनिज साधन मंत्री ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जी नहीं। (ख) जी हाँ। प्रश्नाधीन विधानसभा क्षेत्र से उत्तर प्रदेश की सीमा लगी हुई है। जी नहीं। (ग) जी नहीं। (घ) अवैध उत्खनन एवं परिवहन के प्रकरण प्रकाश में आने पर नियमानुसार कार्यवाही की जाती है। टीकमगढ़ जिले के अंतर्गत वर्ष 2017-18 में रेत के अवैध परिवहन के 159 प्रकरण पंजीबद्ध किये जाकर राशि रूपये 26,85,450/- अर्थदण्ड के रूप में वसूल किये गये। इसी प्रकार रेत खनिज के अवैध उत्खनन के 03 प्रकरण पंजीबद्ध किये गये।
उच्च स्तरीय पानी की टंकी निर्माण
[नगरीय विकास एवं आवास]
52. ( क्र. 2151 ) श्री तरूण भनोत : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या कि देवताल एवं नयागांव में उच्चस्तरीय पानी की टंकी निर्माण हेतु भूमि चिन्हित की जाकर निर्माण स्वीकृति प्रदान कर दी गई है? (ख) यदि हाँ, तो क्या कारण है कि उक्त निर्माण की स्वीकृति होने के बाद भी अनावश्यक रूप से निर्माण कार्य में विलम्ब किया जा रहा है? (ग) अब कब तक वर्णित (क) के निर्माण कार्य को प्रारंभ कर पूर्ण कर दिया जावेगा?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) नयागांव में पानी की टंकी का निर्माण प्रारंभ कर दिया गया है। देवतालाब में शीघ्र निर्माण प्रारंभ कर दिया जाएगा। अटल मिशन फॉर रिज्यूविनेशन एण्ड अर्बन ट्रांसफारर्मेंशन (अमृत) योजनांतर्गत कुल 16 स्थानों पर उच्च स्तरीय पानी की टंकियों का निर्माण किया जाना है। ठेकेदार द्वारा क्रमश: एक-एक करके टंकियों का निर्माण प्रारंभ किया जा रहा है। अब तक 10 टंकियों का निर्माण प्रारंभ कर दिया गया है। शेष टंकियों का निर्माण भी शीघ्र कर दिया जाएगा। (ग) देवतालाब में शीघ्र ही निर्माण कार्य प्रारंभ हो जाएगा। ठेकेदार द्वारा दिनांक 24.10.2019 तक समस्त कार्य पूर्ण करने का प्रावधान है।
नवीन उद्योग प्रारंभ करने के संबंध में
[सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम]
53. ( क्र.
2153 ) श्री
तरूण भनोत : क्या
राज्यमंत्री, सूक्ष्म, लघु और
मध्यम उद्यम
महोदय यह
बताने की कृपा
करेंगे कि (क) क्या उद्योग
लगाने हेतु
ऑन-लाईन आवेदन
पर शासन 24 घण्टे के
अंदर
हितग्राही को
घर बैठे
लायसेंस प्रदाय
करने के नियम
लागू करने जा
रही है? यदि हाँ, तो
विवरण दी
जावे। (ख) क्या शासन
उद्योगों को
बढ़ावा देने
महत्वपूर्ण
पहल करने जा
रहा है? जिसमें एक्ट
में पंजीकृत
संस्था में
अधिकारी
विशेष
परिस्थितियों
में ही संस्था
के निरीक्षण
हेतु जा
सकेंगे? यदि हाँ, तो
पूर्ण
जानकारी
देवें। (ग) श्रम
कानून के तहत
जिस प्रकार
उद्योगपति को
सजा देने का
प्रावधान है, उसी
प्रकार निश्चित
समयावधि में
कार्य न करने
वाले
अधिकारियों को
भी दंडित करने
का प्रावधान
है? (घ) क्या
प्रदेश के
महानगरों में
प्रत्येक
तीन माह के
अन्दर
उद्योगों को
बढ़ावा देने
हेतु
कार्यशाला/सेमीनार
आमंत्रित
करने का
प्रावधान है? यदि
नहीं, तो
क्या शासन
इसे क्रियान्वयन
में लावेगा?
राज्यमंत्री, सूक्ष्म, लघु
और मध्यम
उद्यम ( श्री
संजय पाठक ) : (क) वर्तमान
में
मध्यप्रदेश
में उद्योगों
का पंजीयन
भारत सरकार की
वेबसाईट पर
उद्योग आधार मेमोरेण्डम
(UAM) के
जरिये किया
जाता है।
उद्यमी
द्वारा कहीं से
भी अपने उद्यम
का पंजीयन
ऑनलाईन किया
जा सकता है।
पंजीयन के
तत्काल बाद ही
अभिस्वीकृति
प्राप्त होती
है जिसमें
उद्योग आधार
मेमोरेण्डम (UAM) नंबर
दर्ज होता है।
(ख) शासन
के द्वारा
सूक्ष्म, लघु एवं
मध्यम उद्यम
उद्योगों को
बढ़ावा देने
के लिए
एम.एस.एम.ई.
नीति,
2017
लागू की गई
है। (ग) असंबंधित।
(घ) सूक्ष्म, लघु
एवं मध्यम
उद्यम विभाग
द्वारा
उद्योगों को
बढ़ावा देने हेतु
कार्यशाला/सेमीनार
प्रत्येक
वर्ष समय-समय
पर आयोजित किए
जाते है इसकी
कोई समय-सीमा
निर्धारित
नहीं है।
अनाधिकृत व्यक्ति द्वारा सामग्री का क्रय
[पंचायत और ग्रामीण विकास]
54. ( क्र. 2161 ) श्री मुकेश नायक : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत पन्ना को प्रश्नकर्ता के पत्र क्रमांक एम.एल.ए. 971/15 दिनांक 25/08/2015 को जो कि परमार कंस्ट्रेक्शन पवई जिला पन्ना द्वारा विभाग के अंतर्गत संस्थाओं/कार्यों को सामग्री सप्लाई, साग्रमी विक्रय का विवरण दिये जाने के संबंध में प्राप्त हुआ था? यदि हाँ, तो जो सामग्री प्राप्त की गई है, क्या उसे स्टाक रजिस्टर पर दर्ज किया गया हैं? (ख) क्या विभाग के सक्षम अधिकारी द्वारा परमार कंस्ट्रेक्शन को भुगतान करने से पहले यह परीक्षण किया गया था कि, उक्त फर्म द्वारा जो सामग्री प्रदाय की जा रही है वह टेक्स पेड, रायॅल्टी पेड और सेल टेक्स इत्यादि पेड है कि नहीं, यदि हाँ, तो इसका क्या प्रमाण है, उक्त फर्म द्वारा उपरोक्त अवधि में कितना सेल्स टेक्स, रॉयल्टी कब-कब जमा की गई? (ग) जनपद पंचायत पवई के अंतर्गत ग्राम पंचायतों इत्यादि द्वारा जो सामग्री क्रय की गई है वह परमार कंस्ट्रेक्शन पवई से ही क्यों खरीदी गई? क्या इस संबंध में भण्डार क्रय नियमों का पालन किया गया? यदि हाँ, तो क्रय समिति के कार्यवाही विवरण की प्रति तीन वित्तीय वर्षों के अवधि बतायें। (घ) क्या परमार कंस्ट्रेक्शन को वर्क आर्डर जारी करते समय अन्य प्रदायकर्ताओं से कोटेशन लिये गये थे यदि हाँ, तो उन कोटेशनों को प्राप्त करने हेतु कोई सूचना पत्र अथवा इक्वायरी लेटर जारी किये गये थे? यदि हाँ, तो क्या वे रजिस्टर्ड डाक से भेजे गये थे,यदि नहीं, तो सामान्य डाक से अथवा व्यक्तिगत रूप से देने का आशय क्या था।
पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी नहीं। विषयान्तर्गत कोई पत्र प्राप्त नहीं हुआ। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) सेल्स टेक्स अथवा रायॅल्टी जमा किये जाने की जवाबदारी संबंधित फर्म की है। जिसकी जानकारी विभाग द्वारा संधारित नहीं की जाती हैं। (ग) ग्राम पंचायतों द्वारा केवल परमार कंस्ट्रेक्शन पवई से ही खरीदी नहीं की गई हैं। जी हाँ। ग्राम पंचायत स्तर पर क्रय समिति गठन के निर्देश नहीं है। अतः शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) जी हाँ, ग्राम पंचायतों द्वारा कोटेशन आमंत्रण हेतु सूचना ग्राम पंचायतों के सूचना पटल पर चस्पा की गई थी। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
नियुक्ति में अनियमितता तथा भ्रष्टाचार
[धार्मिक न्यास और धर्मस्व]
55. ( क्र. 2162 ) श्री मुकेश नायक : क्या खेल और युवा कल्याण मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) प्रश्न क्रमांक 6469 जुलाई 2017 के उत्तर में उल्लेखित मंदिर क्लर्क के पद पर मुन्नालाल तिवारी की नियुक्ति दिनांक 24/02/2009 के आदेश से की गई थी, इस आदेश की प्रति बताते हुए चयन समिति के प्रतिवेदन की प्रति बताते हुये यह भी बतायें कि, इस नियुक्ति हेतु नियुक्तिकर्ता अधिकारी क्या सक्षम अधिकारी थे और उन्हें नियुक्ति हेतु विहित प्रक्रिया समाचार पत्रों में विज्ञापन, रोजगार दफ्तर से नाम इत्यादि बुलाये गये थे, यदि हाँ, तो उत्तर की सत्यता, पुष्टि करने वाले दस्तावेजों की प्रति बताये? (ख) उपरोक्त लिपिक का चयन किस आधार पर किया गया उनकी शैक्षणिक योग्यता, तकनीकी योग्यता क्या-क्या है? प्रमाण पत्र बतायें और यदि दैनिक वेतन भोगी से चयन कर नियुक्ति की गई है तो वह प्रमाण बतायें जिसके आधार पर उनकी दैनिक वेतन पर नियुक्ति होना प्रमाणित होती हो? (ग) यदि प्रश्नांश (क) और (ख) के अनुसार नियुक्ति विहित प्रक्रिया अपनाये और बिना विज्ञापन दिये की जाना पाई जाती है, तो क्या नियुक्ति निरस्त की जायेगी? यदि हाँ, तो कब तक यदि नहीं, तो क्यों? (घ) प्रश्न क्रमांक 6469 के प्रश्नांश (ग) का उत्तर दिया गया है कि लिपिक के विरूद्ध शिकायत प्राप्त हुई थी और जाँच उपरांत निराधार पाई गयी यदि हाँ, तो शिकायत की प्रति और जाँच प्रतिवेदन की प्रति बताते हुये यह भी बतायें कि शिकायत निराधार पाये जाने के पूर्व जाँचकर्ता अधिकारी ने कौन-कौन से व्यक्तियों के बयान लिये थे और कौन-कौन से दस्तावेजों का परीक्षण किस तिथि को किया था?
खेल और युवा कल्याण मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ‘अ' अनुसार है। कलेक्टर टीकमगढ़ श्री रामराजा मंदिर ओरछा के प्रबंधक/प्रशासक हैं, मंदिर को शासन से अनुदान प्राप्त न होने के कारण मंदिर के कार्यों को संपादित करने के लिये समय-समय पर कर्मचारियों को दैनिक भत्ता/ मासिक वेतन पर अस्थायी रूप से रखा जाता है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ‘ब' एवं ‘स' अनुसार है। (ग) श्री रामराजा मंदिर के अभिलेख में नियुक्ति के लिये विज्ञापन आदि जारी नहीं किया गया था। कलेक्टर टीकमगढ़ श्री राजराजा मंदिर ओरछा के प्रबंधक है मंदिर को शासन से अनुदान प्राप्त न होने के कारण मंदिर के कार्यों को संपादित करने के लिए समय-समय पर कर्मचारियों को दैनिक भत्ता/मासिक वेतन पर अस्थायी रूप से नियुक्त किया जाता है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ‘द' एवं ‘इ' अनुसार है।
संचालित ट्रस्टों की जानकारी
[धार्मिक न्यास और धर्मस्व]
56. ( क्र. 2172 ) श्री गोविन्द सिंह पटेल : क्या खेल और युवा कल्याण मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) गाडरवारा विधानसभा क्षेत्र में कितने धार्मिक, निजी एवं सार्वजनिक ट्रस्ट संचालित हैं? नाम सहित जानकारी प्रदान करने का कष्ट करें। (ख) प्रत्येक ट्रस्ट के पास कितनी संपत्ति एवं जमीन है एवं प्रत्येक ट्रस्ट का संचालन किस तरीके से हो रहा है तथा क्या इनका वार्षिक आडिट एवं मूल्यांकन होता है? (ग) गाडरवारा में डमरूधाटी एवं सांईखेड़ा के दादा दरबार स्थानों के ट्रस्ट बनने हेतु क्या कोई आवेदन प्राप्त हुआ है तथा क्या इन स्थानों पर ट्रस्ट बनाये जायेंगे? यदि हाँ, तो कब तक बनाये जावेंगे? यदि नहीं, तो क्यों?
खेल और युवा कल्याण मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) गाडरवारा में डमरूधाटी से संबंधित ट्रस्ट बनाने का प्रकरण क्रमांक 4/ब/113 (1) वर्ष 2016-17 न्यायालय अ.वि.अ. (रा) /पंजीयक लोक न्यास गाडरवारा में प्रचलनशील है जिसका निराकरण विधिवत किया जावेगा। सांईखेड़ा के दादा दरबार से संबंधित ट्रस्ट का पंजीयन न्यायालय अ.वि.अ. (रा) /पंजीयक लोक न्यास गाडरवारा के रा.प्र.क्र.-1 ब/113 (1) वर्ष 2016-17 में पारित आदेश दिनांक 06.07.2017 के तहत ट्रस्ट का पंजीयन किया गया है। ट्रस्ट का नाम श्री श्री 1008 श्री दादा दरबार परमार्थ न्यास है।
दखल रहित भूमि को वर्किंग प्लान में शामिल करना
[वन]
57. ( क्र. 2190 ) डॉ. रामकिशोर दोगने : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या म.प्र. भू-राजस्व संहिता 1959 की धारा 237 (1) के तहत सार्वजनिक प्रयोजनों के लिए दर्ज गैरखाते की दखल रहित जमीनों को वर्किंग प्लान में शामिल कर संरक्षित वन एवं नारंगी वन प्रतिवेदन किए जाने से संबंधित श्री अनिल गर्ग कोठी बाजार बैतूल द्वारा कलेक्टर बैतूल के समक्ष गत एक वर्ष में प्रस्तुत आवेदनों की प्रति सामान्य वनमण्डल उत्तर, दक्षिण एवं पश्चिम बैतूल को प्राप्त हुई हैं? (ख) यदि हाँ, तो वनमण्डलों को किस-किस दिनांक को श्री अनिल गर्ग के आवेदनों की प्रति प्राप्त हुई है, उनमें से किस आवेदन में किस ग्राम की धारा 237 (1) में आरक्षित राजस्व विभाग द्वारा राजस्व अभिलेखों में दर्ज एवं गैरखाते की दखल रहित प्रतिवेदित राजस्व भूमि को संरक्षित वनखण्ड, नारंगी वनखण्ड एवं वर्किंग प्लान में शामिल किए जाने का उल्लेख किया गया है। (ग) राजस्व अभिलेख मिसल बन्दोबस्त, निस्तार पत्रक, अधिकार अभिलेख एवं खसरा पंजी में किस-किस सार्वजनिक एवं निस्तारी प्रयोजनों के लिए किस-किस जंगल मद एवं किस-किस गैर जंगल मद में दर्ज जमीनों को संरक्षित वनखण्ड, नारंगी वनखण्ड एवं वर्किंग लान में भू-राजस्व संहिता 1959 एवं भारतीय वन अधिनियम 1927 की किस धारा के अनुसार किसकी अनुमति से शामिल किया है। (घ) राजस्व विभाग के वर्तमान राजस्व अभिलेखों में दर्ज राजस्व भूमि एवं प्रतिवेदित राजस्व भूमि को वर्किंग प्लान एवं संरक्षित वन, नारंगी वन के आंकड़ों से पृथक किए जाने के संबंध में शासन क्या कार्यवाही कब तक करेगा?
वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) जी हाँ। (ख) जी हाँ। प्रश्नांकित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-एक एवं दो अनुसार है। (ग) भारतीय वन अधिनियम, 1927 की धारा-29 के प्रावधानों के तहत संरक्षित वन अधिसूचित किये जाने से प्रश्नाधीन भूमियों को संरक्षित वनखण्डों एवं कार्य-आयोजना में शामिल किया गया। उक्त अधिसूचना में राजस्व मदों का उल्लेख नहीं है। विभागीय परिपत्र क्रमांक एफ/5/43/90/10-3/96 दिनांक 14 मई 1996 की कंडिका-3 के निर्देशानुसार नारंगी क्षेत्र सर्वेक्षण एवं सीमांकन इकाई बैतूल के द्वारा प्रश्नाधीन भूमियों को सर्वे में शामिल कर उपयुक्त भूमियों को वनखण्ड एवं कार्य-आयोजना में शामिल किया गया। उक्त निर्देशों में राजस्व मदों का उल्लेख नहीं है। (घ) भारतीय वन अधिनियम, 1927 के प्रावधानों के तहत अधिसूचित संरक्षित वनभूमियों को पृथक किये जाने का कोई प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
प्राथमिक वनोपज समितियों को लाभ की राशि का प्रदाय
[वन]
58. ( क्र. 2192 ) डॉ. रामकिशोर दोगने : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या बैतूल, हरदा एवं होशंगाबाद जिले की प्राथमिक वनोपज सहकारी समितियों को लघु वनोपज के शुद्ध लाभ की राशि में से ग्रामीण विकास मद एवं वन विकास मद की पूरी राशि म.प्र. शासन राज्य मंत्रालय वन विभाग के आदेश दिनांक 15 मई 1998 एवं वर्ष 2006 वर्ष 2012 में दिए आदेशों के बाद भी प्रश्नांकित दिनांक तक उपलब्ध नहीं करवाई जा सकी है? (ख) ग्रामीण विकास एवं वन विकास मद की कितनी-कितनी राशि प्राथमिक वनोपज सहकारी समितियों को दिए जाने का प्रावधान शासन के वर्ष 1998 वर्ष 2006 एवं वर्ष 2012 के आदेश में किया गया? इसका पालन करना म.प्र. लघु वनोपज सहकारी संघ भोपाल के लिए आवश्यक एवं बंधनकारी रहा है या नहीं? (ग) बैतूल, हरदा एवं होशंगाबाद जिले की किस प्राथमिक वनोपज सहकारी समिति द्वारा वर्ष 2011-12 से 2016-17 तक संग्रहित वनोपज पर संघ ने कितना-कितना शुद्ध लाभ होना घोषित किया, उसमें से ग्रामीण विकास एवं वन विकास मद की कितनी राशि समिति को उपलब्ध करवाई, कितनी राशि किन-किन कारणों से प्रश्नांकित दिनांक तक भी उपलब्ध नहीं करवाई गई? (घ) शुद्ध लाभ की राशि में से ग्रामीण विकास एवं वन विकास मद की पूरी राशि कब तक प्राथमिक वनोपज सहकारी समितियों को उपलब्ध करवा दी जावेगी?
वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) मध्यप्रदेश शासन वन विभाग के पत्र दिनांक 15 मई 1998, दिनांक 31.01.2006 एवं दिनांक 10.02.2012 अनुसार प्राथमिक वनोपज सहकारी समितियों को राष्ट्रीयकृत लघु वनोपजों के व्यापार से अर्जित लाभ की राशि में से ग्रामीण विकास एवं वन विकास मद में सहकारी समितियों को देने के निर्देश है वनोपज सहकारी समितियों के द्वारा इन मदों में कार्य कराने का प्रस्ताव जिला यूनियन के माध्यम से लघु वनोपज संघ को प्राप्त होने पर आवश्यक राशि समितियों को उपलब्ध कराई जाती है। (ख) मध्यप्रदेश शासन वन विभाग के विभिन्न आदेशों में लाभ की राशि के वितरण का प्रावधान पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-एक अनुसार है। जी हाँ। (ग) समितिवार शुद्ध लाभ ग्राम विकास एवं वन विकास की देय राशि का विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-दो अनुसार है। समितिवार ग्राम विकास एवं वन विकास हेतु उपलब्ध कराई गई राशि की जानकारी एकत्रित की जा रही है। (घ) प्राथमिक वनोपज सहकारी समितियों से जिला यूनियन के माध्यम से प्रस्ताव प्राप्त होने पर उपलब्ध करायी जायेगी।
अधिनियम 1991 के अंतर्गत समितियों के गठन
[योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी]
59. ( क्र. 2204 ) कुँवर सौरभ सिंह : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या विकासखंड स्तर पर दीनदयाल अन्त्योदय कार्यक्रम अधिनियम 1991 की धारा के अंतर्गत समिति गठन किये जाने का प्रावधान है? अधिनियम की प्रतियों सहित विवरण दें? (ख) यदि हाँ, तो क्या विकासखंड स्तर पर प्रश्नांकित समितियों के गठन हेतु प्रश्नकर्ता सदस्य से पत्र क्रमांक 763 दिनांक 24.03.17 एवं अन्य पत्रों के माध्यम से समितियों के गठन हेतु व्यक्तियों के नाम चाहे गये? (ग) प्रश्नकर्ता सदस्य द्वारा पत्र क्रमांक 2448, 2449 दिनांक 31.03.17 के माध्यम से खंड स्तर पर समितियों के गठन हेतु व्यक्तियों के नाम विकासखंड बहोरीबंद एवं रीठी हेतु प्रस्तावित किये गये? बताएं? यदि हाँ, तो किन कारणों से प्रस्तावित व्यक्तियों को समिति में शामिल नहीं किया गया? की गई अनुशंसा का क्या औचित्य है? अन्य व्यक्तियों के नाम किसकी अनुशंसा पर शामिल हुये? क्या कटनी जिले में किसी दवाबवश खंड स्तरीय समितियों का गठन हुआ है? (घ) प्रश्नांश (ग) के लिये दोषी कौन है, दोषियों के विरूद्ध कब क्या कार्यवाही की जावेगी?
वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) जी हाँ। अधिनियम की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी हाँ। (ग) जी हाँ। मध्यप्रदेश (लोक अभिकरणों के माध्यम से) दीनदयाल अन्त्योदय कार्याक्रम का कार्यान्वयन अधिनियम, 1991 में विभिन्न स्तरीय अन्त्योदय समितियों का गठन अनुसार विकासखण्ड स्मरीय समिति के गठन हेतु '' जिला स्तरीय समिति के अध्यक्ष द्वारा नामांकित, समित का, अशासकीय व्यक्ति (सदस्य) इस समिति का अध्यक्ष होगा तथा अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) समिति का सचिव होगा। समिति में कम से कम 5 और अधिक से अधिक 21 सदस्य होंगें।'' (घ) कोई दोषी नहीं है, अतः कार्यावाही का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
बी.एस.सी., बी.कॉम, एवं स्नातकोत्तर विषयों के संबंध में
[उच्च शिक्षा]
60. ( क्र. 2207 ) कुँवर सौरभ सिंह : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या कटनी जिले में संचालित शासकीय महाविद्यालय स्लीमनाबाद में स्नातकोत्तर, भोज महाविद्यालय बहोरीबंद में बी.एस.सी. एवं शासकीय महाविद्यालय बड़वारा में कॉमर्स के व्याख्याता सहित अन्य कॉलेजों में विविध सुविधाओं का अभाव हैं? यदि हाँ, तो महाविद्यालयवार विवरण दें? (ख) प्रश्नांश (क) के महाविद्यालयों में क्षेत्र के युवा छात्र-छात्राओं को स्नाकोत्तर की डिग्री एवं बी.एस.सी., कॉमर्स की शिक्षा को देखते हुये, कब तक संपूर्ण विषयों की शिक्षा व्यवस्था की जावेगी? क्या प्रश्नांश (क) के भाव में शैक्षणिक कार्य बाधित हो रहा है? यदि हाँ, तो इन कमियों की पूर्ति शासन/विभाग द्वारा कब तक की जावेगी? क्षेत्र के युवा छात्र-छात्राओं को संपूर्ण विषयों की शिक्षा का लाभ न मिलने के लिये दोषी कौन है? पृथक-पृथक महाविद्यालयवार विवरण दें? (ग) प्रश्नकर्ता सदस्य द्वारा प्रेषित पत्र क्रमांक 1087 दिनांक 11.10.17 एवं 1162 दिनांक 08.11.17 पर विभाग द्वारा क्या कार्यवाही की गई? तिथिवार, कार्यवाहीवार, विवरण दें?
उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री जयभान सिंह पवैया ) : (क) जी नहीं। (शैक्षणिक संवर्ग अंतर्गत रिक्त पदों में अतिथि विद्वान पदस्थ होने के फलस्वरूप शिक्षण कार्य बाधित नहीं है) विविध सुविधाओं से संबंधित कार्यवाही दर्शाई गई है जो संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) वर्तमान में सीमित संसाधनों के कारण संपूर्ण स्नातकोत्तर एवं स्नातक पाठ्यक्रमों/विषयों की शिक्षा व्यवस्था महाविद्यालयों में किये जाने में कठिनाई हैं। शैक्षणिक व्यवस्था हेतु अतिथि विद्वान पदस्थ होने से शैक्षणिक कार्य बाधित नहीं है। जी नहीं। 'क' के परिप्रेक्ष्य में शेष बिंदुओं का प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता। (ग) प्रश्नकर्ता द्वारा दिनांक 11/10/17 के पत्र में बहोरीबंद एवं रीठी में संचालित भोज महाविद्यालय में अतिरिक्त संकाय खोले जाने का प्रस्ताव दिया गया है। उक्त स्थानों पर भोज महाविद्यालय नामक शासकीय संस्था नहीं होने से प्रस्ताव पर कोई कार्यवाही विचाराधीन नहीं है।
रसोईयों के वेतन बढ़ाया जाना
[पंचायत और ग्रामीण विकास]
61. ( क्र. 2257 ) श्री आर.डी. प्रजापति : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या मध्यान्ह भोजन (मिड-डे-मील) में समूह में काम करने वाले रसोईयों का वेतन मात्र रुपये 1000 होने से इनको जीवन निर्वाह करने में कठिनाई होती है एवं अन्य किसी प्रकार की सुविधा इन रसोईयों को नहीं दी जाती है, जबकि रसोईया कुशल श्रमिक की श्रेणी में आते है? (ख) क्या कुशल श्रमिकों का पारिश्रमिक लगभग 7000 से लेकर 9000 के बीच है? (ग) यदि हाँ, तो रसोईया का पारिश्रमिक भोजन बनाने वाले दिनांक से प्रश्न दिनांक तक क्या इनको अतिरिक्त एरियर्स दिया जावेगा? समय-सीमा बतावें नहीं तो क्यों? (घ) क्या स्वसहायता समूहों द्वारा रसोईयों से लकड़ी के माध्यम से व अन्य खर्च उनके ही वेतन की राशि से वसूल की जाती है एवं ईधन की राशि समूहों के खाते में पहुँचाई जाती है?
पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) मध्यान्ह भोजन वितरण कार्य में कार्यरत रसोईयों को रू. 1000/— प्रतिमाह मानदेय का भुगतान किया जाता है। जी नहीं। (ख) जी नहीं। (ग) जी नहीं। प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) जी नहीं। जी हाँ।
वन विभाग में वृक्षों के काटने की अनुमति व जाँच
[वन]
62. ( क्र. 2258 ) श्री आर.डी. प्रजापति : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला छतरपुर के ग्राम रामपुर तहसील छतरपुर के खसरा नं. 168 पर भूमि स्वामी की कृषि भूमि पर खड़े वृक्षों को काटने की मंजूरी के लिये प्रस्तुत आवेदन के निराकरण के लिये नायब तहसीलदार द्वारा वन विभाग के अधिकारियों से चाहे गये प्रतिवेदन प्रस्तुत करने की क्या समय-सीमा है? (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार ग्राम रामपुर निवासी चिन्तामन लोधी के खसरा नं. 168 में 112 पेड़ सागौन के लगे है, वृक्षों के काटने की अनुमति हेतु नायब तहसीलदार ईशानगर द्वारा वनविभाग के अधिकारियों से माह नवम्बर 16 से प्रतिवेदन चाहने के बाद भी प्रश्न दिनांक तक प्रतिवेदन ना दिये जाने के क्या कारण हैं? (ग) प्रश्नांश (ख) में वर्णित चिन्तामन लोधी द्वारा सी.एम.हेल्पलाईन दिनांक 6/8/16 की शिकायत क्र.2462920 व दिनांक 5/2/18 को पुन: वनविभाग के रेन्ज आफिसर श्री विनोद अवस्थी के विरूद्ध लेनेदेन की शिकायत करने के बाद भी कार्यवाही क्यों नहीं हुई?
वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) मध्यप्रदेश राजपत्र दिनांक 07 दिसम्बर 2007 में मध्यप्रदेश भू-राजस्व संहिता 1959 की धारा 240 व 241 के अन्तर्गत उल्लेखित शर्तों के अधीन तहसीलदार द्वारा वन विभाग के अधिकारियों से चाहे गये प्रतिवेदन प्रस्तुत उपरान्त निराकरण किया जाता है। इस हेतु पृथक से कोई समय-सीमा निर्धारित नहीं है। (ख) वनमण्डलाधिकारी, छतरपुर द्वारा नायब तहसीलदार ईशानगर को दिनांक 27.02.2018 को 131 वृक्षों में से 35 वृक्ष काटे जाने की अनुमति दिये जाने बाबत् प्रतिवेदन दिया जा चुका है। (ग) प्रश्नांश (ख) में वर्णित चिन्तामन लोधी द्वारा की गयी सी.एम. हेल्पलाईन शिकयत क्रमांक-2462920 दिनांक 06.08.2016 वन विभाग को प्राप्त न होकर राजस्व विभाग को प्राप्त हुई थी। उक्त शिकायत का निराकरण राजस्व विभाग द्वारा किया जाकर दिनांक 16.10.2017 को बंद की गयी। दिनांक 05.02.2018 को पुन: वन विभाग के रेंज ऑफीसर श्री विनोद अवस्थी के विरूद्ध लेन-देन की शिकायत सामान्य वनमण्डल छतरपुर के कार्यालय को प्राप्त नहीं हुई है। अत: कार्यवाही करने का प्रश्न ही नहीं उठता।
गुना जिले में लघु वनोपज समितियों द्वारा सामग्री संग्रहण
[वन]
63. ( क्र. 2318 ) श्रीमती ममता मीना : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) गुना जिले की लघु वनोपज समितियों द्वारा किन-किन सामग्रियों का संग्रहण किया जाता है? किस-किस समिति द्वारा क्या-क्या सामग्री क्रय की जाती है? (ख) गुना जिले में कार्यरत लघु वनोपज समितियों द्वारा किन-किन संग्राहकों से महुआ फूल/महुआ बीज (गुली) किन-किन संग्राहकों से एवं किस दर पर क्रय की गई? वास्तविक संग्राहकों को किस प्रकार भुगतान किया गया? (ग) विभाग में समस्त प्रकार के भुगतान ई-पेमेन्ट के माध्यम से भुगतान किये जाने के प्रावधान के उपरांत भी गुना जिले में वास्तविक संग्राहकों को ई-पेमेन्ट से भुगतान न करने वालों के विरूद्ध विभाग क्या कार्यवाही करेगा?
वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) एवं (ख) गुना जिले की लघु वनोपज सहकारी समितियों द्वारा मुख्य रूप से तेन्दूपत्ता एवं कुछ समितियों द्वारा महुआ फूल का संग्रहण किया गया है। इसके अतिरिक्त समितियों द्वारा अन्य कोई सामग्री क्रय नहीं की जाती वर्ष 2017 में केवल महुआ फूल क्रय किया गया। महुआ फूल के संग्राहक, उनके द्वारा संग्रहित मात्रा क्रय दर प्रति क्विंटल एवं कुल भुगतान की गई राशि की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-एक अनुसार है। (ग) विभागीय आदेश क्रमांक एफ 26-5/2010/10-3, दिनांक 22.04.2017 जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-दो के निर्देशों के पालन में महुआ फूल संग्राहकों को उनके द्वारा संग्रहित मात्रा का क्रय दर से नगद भुगतान किया गया है। अतः शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
रिफायनरी प्रबंधन एवं स्थानीय लोगों के बीच अनुबंध
[उद्योग नीति एवं निवेश प्रोत्साहन]
64. ( क्र. 2329 ) श्रीमती ममता मीना : क्या खनिज साधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या भारत ओमान रिफायनरी आगासौद (बीना) की स्थापना के समय जमीन देने वाले किसान परिवारों को रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य निःशुल्क रिफायनरी प्रबंधन के द्वारा दिये जाने का अनुबंध हुआ था? यदि हाँ, तो अनुबंध की प्रति उपलब्ध करायें? (ख) अब तक कितने स्थानीय व्यक्तियों, किसानों एवं मजदूरों को रिफायनरी प्रबन्धन द्वारा रोजगार उपलब्ध कराया गया? रिफायनरी की स्थापना दिनांक से प्रश्न दिनांक तक की जानकारी प्रत्येक वर्षवार उपलब्ध करावें। प्रश्नांश (क) अनुसार यदि हाँ, तो उक्त सुविधायें उपलब्ध नहीं करने पर रिफायनरी प्रबंधन पर अब तक शासन द्वारा क्या कार्यवाही की गई? यदि कार्यवाही नहीं की गई हो तो कब तक और क्या कार्यवाही की जावेगी? (ग) क्या उक्त रिफायनरी में सेवाएं ठेकेदारों के द्वारा दिये जाने का प्रावधान है? यदि हाँ, तो किन नियमों के तहत किन-किन ठेकेदारों से क्या-क्या सेवाएं ली जा रही हैं? नियमों की प्रति हिन्दी में एवं ठेकेदारों और सेवाओं की सूची उपलब्ध करावें? (घ) प्रश्नांश (ग) में यदि हाँ, है तो स्थानीय लोगों को रोजगार सृजन की दृष्टि से कब तक ठेकेदारी प्रथा समाप्त की जावेगी?
खनिज साधन मंत्री ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) भारत ओमान रिफायनरीज आगासौद (बीना) की स्थापना के समय जमीन देने वाले किसान परिवारों को रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य नि:शुल्क उपलब्ध कराने हेतु उद्योग नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग द्वारा भारत ओमान रिफायनरीज लि. से कोई अनुबंध नहीं किया गया हैं। यद्यपि मध्यप्रदेश शासन एवं भारत ओमान रिफायनरीज लि. के मध्य दिनांक 06 मई 2005 को एम.ओ.यू. निष्पादित हुआ हैं जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार हैं। उक्त निष्पादित एम.ओ.यू. की कंडिका क्रमांक 8.1 में मध्यप्रदेश के मूल निवासियों को रोजगार देने के संबंध में, कंडिका क्रमांक 8.4 में गरीबी रेखा से नीचे श्रेणी के स्थानीय व्यक्तियों को चिकित्सा सुविधा एवं कंडिका क्रमांक 8.5 में स्थानीय छात्रों के शिक्षा सुविधा के संबंध में लेख किया गया हैं। (ख) किसी भी औद्योगिक इकाई में कार्यरत व्यक्तियों में से किसानों एवं मजदूरों की जानकारी विभाग स्तर पर संधारित नहीं की जाती हैं तथापि प्रदाय की जा रही सुविधा/सहायता के परिप्रेक्ष्य में एवं इकाई भारत ओमान रिफायनरी लि., द्वारा मध्यप्रदेश शासन के साथ निष्पादित एम.ओ.यू. के परिपालन में इकाई द्वारा कार्यालय में प्रस्तुत वर्षवार पालन प्रतिवेदन अनुसार भारत ओमान रिफायनरी लि., के नियमित कर्मचारियों में केटेगारी IIIrd एवं IVth पोजीशन नहीं हैं इस श्रेणी के श्रमिक/कर्मचारी सर्विस प्रोवाइडर्स (कॉन्ट्रेक्टर्स) द्वारा प्रदाय किये जाते हैं। निष्पादित एम.ओ.यू. के पालन प्रतिवेदन अनुसार उक्त से संबंधित वर्षवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब पर हैं। (ग) श्रम विभाग अनुसार भारत ओमान रिफायनरी आगासौद बीना पर केन्द्रीय शासन के प्रावधान प्रभावशील होते हैं। (घ) प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
प्रशिक्षक एवं युवा समन्वयकों के पदों की स्वीकृति
[खेल और युवा कल्याण]
65. ( क्र. 2345 ) श्री मुरलीधर पाटीदार : क्या खेल और युवा कल्याण मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) प्रदेश में मलखम्ब प्रशिक्षक एवं युवा समन्वयकों के कितने पद स्वीकृत हैं? इनमें सें कितने भरे एवं कितने रिक्त हैं? जिलेवार विवरण देवें? (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में आगर एवं शाजापुर जिले की सूची उपलब्ध करावें? (ग) प्रशिक्षक एवं युवा समन्वयकों को कितना मानदेय एवं भत्ते दिये जा रहे हैं? क्या इनके मानदेय एवं भत्ते बढ़ाने संबंधी कोई प्रस्ताव प्रक्रियाधीन है? यदि हाँ, तो किस स्तर पर? यदि नहीं, तो क्या स्वप्रेरणा से इस ओर विचार कर निर्णय लिया जावेगा?
खेल और युवा कल्याण मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) एवं (ख) मलखम्ब प्रशिक्षक के 12 एवं युवा समन्वयको के 313 के पद स्वीकृत है। इनमें से मलखम्ब प्रशिक्षक 12 एवं युवा समन्वयकों के 254 पद भरे है। जिलेवार विवरण संलग्न परिशिष्ट अनुसार है, जिसमें आगर एवं शाजापुर की जानकारी भी है। (ग) जिला खेल प्रशिक्षक ग्रेड-1 को राशि रू. 17847/-, जिला खेल प्रशिक्षक ग्रेड-2 को रू.13220/-, मलखम्ब प्रशिक्षक को रू. 10575/- एवं युवा समन्वयक को रू. 2644/- मासिक मानदेय भुगतान किया जा रहा है। मानदेय में वृद्धि मूल्य सूचकांक के आधार पर प्रतिवर्ष 01 अप्रैल को की जाती है।
पेंशन योजनाओं का क्रियान्वन
[सामाजिक न्याय एवं निःशक्तजन कल्याण]
66. ( क्र. 2346 ) श्री मुरलीधर पाटीदार : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला आगर एवं शाजापुर अंतर्गत विभाग की विभिन्न पेंशन यथा-वृद्धावस्था, विधवा, विकलांग आदि पेंशन वितरण की क्या स्थिति है? जनपद पंचायतवार विवरण देवें? (ख) जिला आगर एवं शाजापुर अंतर्गत स्पर्श पोर्टल की क्या स्थिति है? क्या स्पर्श पोर्टल पर अद्यतन स्थिति में पब्लिक डोमेन पर दिव्यांगों की पूर्ण जानकारी उपलब्ध कराई जा चुकी है? यदि हाँ, तो कब से यदि नहीं, तो कार्य कब तक पूर्ण होगा? (ग) प्रश्नकर्ता के प्रश्न क्रमांक 4994 उत्तर दिनांक 21 मार्च 2017 के उत्तरांश (घ) में विधवा महिलाओं को पेंशन दिये जाने की पात्रता का विस्तार करने की कार्यवाही प्रक्रियाधीन बताई गई थी? उक्तानुसार कार्यवाही किस स्तर पर प्रचलित हैं? (घ) प्रश्नांश (ग) के संदर्भ में ए.पी.एल. विधवा महिलाओं को भी पेंशन स्वीकृति हेतु प्रस्ताव यदि प्रक्रियाधीन हैं, तो स्वीकृति कब तक होगी?
पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जिला आगर एवं शाजापुर अन्तर्गत पेंशन पात्र वृद्धा, विधवा, विकलांग आदि की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' अनुसार। (ख) यह एक सतत् प्रक्रिया है। जिला आगर एवं शाजापुर अन्तर्गत स्पर्श पोर्टल पर चिन्हांकित दिव्यांगजनों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''ब'' अनुसार। (ग) जी हाँ। नीतिगत निर्णय होने के कारण प्रक्रियाधीन है। (घ) उत्तरांश (ग) के परिप्रेक्ष्य में समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
कार्य स्वीकृति की जानकारी
[पंचायत और ग्रामीण विकास]
67. ( क्र. 2412 ) श्री हरवंश राठौर : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्नकर्ता के पत्र क्र.. 6075 दिं. 24/12/2017 द्वारा विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत ग्राम पंचायत छापरी में सामुदायिक भवन, बरेठी में सामुदायिक भवन एवं ग्राम पंचायत बराज में पुलिया निर्माण स्वीकृति हेतु जिला पंचायत सागर की एकल बैंक खाते से स्वीकृति हेतु प्रेषित मांग पर क्या मान. मंत्री जी द्वारा आयुक्त पंचायत संचालनालय भोपाल को दिनांक 24/12/2017 को स्वीकृति हेतु लेख किया गया था? (ख) उक्त पत्र पर आयुक्त, पंचायत राज संचालनालय द्वारा क्या कार्यवाही की गई है? यदि नहीं, तो उक्त प्रकरणों में कब तक स्वीकृति प्रदान की जावेगी?
पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ। (ख) कार्यवाही प्रकियाधीन है। समय बताया जाना संभव नहीं है।
अशोक नगर जिले में महाविद्यालयों की जानकारी
[उच्च शिक्षा]
68. ( क्र. 2460 ) श्री गोपालसिंह चौहान (डग्गी राजा) : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्नकर्ता द्वारा कई बार सदन में प्रश्न उठाने के बाद भी ईसागढ़ एवं चंदेरी महाविद्यालयों में शैक्षणिक एवं अशैक्षणिक पदों पर स्थापना क्यों नहीं की गई है? (ख) क्या इन महाविद्यालयों में से चंदेरी में स्थापना वर्ष से ही चतुर्थ श्रेणी के पद जैसे स्वीपर, चौकीदार आदि स्वीकृत ही नहीं किये गये है? इसका क्या कारण है? यदि किये जावेंगे तो कब तक स्वीकृत कर भरे जावेंगे? (ग) प्रश्नकर्ता के पूर्व के प्रश्नों में शासन द्वारा दिये गये उत्तरों में बताया गया कि रिक्त पद पी.एस.सी से भरे जायेंगे, विज्ञापन जारी कर दिया गया है तथा प्रक्रिया पूरी होते ही पदस्थापना कर दी जायेगी, कब तक पूरी मर अशैक्षणिक पदों पर ठोस व्यवस्था की कार्यवाही कब तक की जावेगी? (घ) अशोक नगर जिले के सभी महाविद्यालय मूलभूत सुविधाओं (जैसे स्टॉफ, प्रयोगशालाएं, फर्नीचर, बाउंड्रीवाल, भवन, खेल-प्रांगण इत्यादि) से अभाव ग्रस्त हैं, इस पर भी सेहराई, पिपरई, एवं शाढ़ौरा में नवीन महाविद्यालय शासन ने खोल दिये हैं, इनकी व्यवस्था कैसे की जावेगी? जबकि जिले में उच्च शिक्षा की स्थिति दयनीय है? (ङ) अशोकनगर जिले में छात्राओं की संख्या को देखते हुये इनके लिए गर्ल्स कॉलेज की स्थापना हेतु क्या सरकार कोई विचार कर रही है? यदि हाँ, तो स्थापना कब तक की जावेगी?
उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री जयभान सिंह पवैया ) : (क) शैक्षणिक संवर्ग अंतर्गत लोक सेवा आयोग के माध्यम से प्रक्रिया विचाराधीन होने के फलस्वरूप पदस्थापना नहीं की गई है। जहाँ तक शैक्षणिक व्यवस्था बाधित न हो इसके लिये अतिथि विद्वानों से व्यवस्था सुचारू रूप से सम्पन्न कराई जाती है। अशैक्षणिक संवर्ग में स्टाफ की कमी के कारण पदस्थापना नहीं की गई है। (ख) शासकीय महाविद्यालय चंदेरी में चतुर्थ श्रेणी में भृत्य के दो नियमित पद एवं प्रयोगशाला परिचारक के 04 आउटसोर्स के पद स्वीकृत हैं। (ग) प्रक्रिया पूर्ण होने के उपरांत व्यवस्था कर दी जायेगी। समय-सीमा बताई जाना संभव नहीं है। (घ) विस्तृत जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ड.) वर्तमान में सीमित संसाधनों के कारण अशोक नगर में नवीन कन्या महाविद्यालय खोले जाने में कठिनाई है। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता है।
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना
[पंचायत और ग्रामीण विकास]
69. ( क्र. 2482 ) श्री गोवर्धन उपाध्याय : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विदिशा जिले के सिरोंज विधान सभा क्षेत्रान्तर्गत विगत 5 वर्षों में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अन्तर्गत कितने कार्य कहाँ से कहाँ तक कितनी-कितनी लागत में स्वीकृत किये गये वर्तमान में कौन-कौन सी सड़कों का निर्माण चल रहा हैं? कितने कार्य पूर्ण हैं एवं कितने कार्य अभी तक अपूर्ण हैं? कब तक पूर्ण किये जावेंगे? (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत स्वीकृत होने के बाद भी अभी तक कौन-कौन से ग्राम प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत नहीं जोड़े गये हैं? कब तक जोड़े जाने की संभावना है? न जोड़ने का क्या कारण है? विलंब के लिए जिम्मेदार कौन है?
पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) एवं (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है।
अधिकार एवं प्रयोजन के संबंध में
[वन]
70. ( क्र. 2507 ) श्री शैलेन्द्र पटेल : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या भोपाल, सीहोर एवं रायसेन जिले के वर्किंग प्लान में शामिल आरक्षित एवं संरक्षित वन भूमियों पर राजस्व अभिलेखों में दर्ज सार्वजनिक एवं निस्तारी प्रयोजन के ब्यौरे प्रश्नांकित दिनांक तक भी वन विभाग ने एरिया रजिस्टर एवं कम्पार्टमेंट हिस्ट्री में दर्ज नहीं किए हैं। यदि हाँ, तो क्यों? (ख) एरिया रजिस्टर एवं कम्पार्टमेंट हिस्ट्री में सार्वजनिक एवं निस्तारी प्रयोजनों के ब्यौरे किस प्रारूप एवं किस कंडिका में दर्ज किए जाने का प्रावधान विभाग ने किया है? उस प्रारूप एवं कंडिका में किन कारणों से प्रश्नांकित दिनांक तक भी ब्यौरे दर्ज नहीं किए गए हैं? (ग) भोपाल, सीहोर एवं रायसेन जिले की कितनी आरक्षित वन एवं संरक्षित वन भूमि वर्तमान वर्किंग प्लान एवं एरिया रजिस्टर में दर्ज है तथा कितनी कम्पार्टमेंट हिस्ट्री में दर्ज है? (घ) वन विभाग के प्रमुख सचिव ने अधिकार एवं प्रयोजनों के संबंध में दिनांक 10 अप्रैल, 2015 को जारी पत्र में क्या आदेश, निर्देश दिए हैं? उनका भी प्रश्नांकित दिनांक तक पालन नहीं किए जाने का क्या कारण रहा है तथा कब तक पालन किया जाएगा?
वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) जी हाँ। भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 29 के अन्तर्गत अधिसूचित संरक्षित वन एवं धारा 4 (1) के अन्तर्गत अधिसूचित प्रस्तावित आरक्षित वन भूमियों पर तत्समय राजस्व अभिलेखों में दर्ज व्यक्ति एवं समुदाय के अधिकारों को सक्षम राजस्व अधिकारियों द्वारा जाँच कर अभिलिखित किया जाना शेष है। विभागीय परिपत्र क्रमांक/एफ 25-36/ 2005/10-3 दिनांक 10.04.2015 संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-एक पर है। (ख) प्रश्नांकित एरिया रजिस्टर में दर्ज किये जाने बाबत् प्रारूप संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-दो पर है। (ग) भोपाल, सीहोर एवं रायसेन जिले के वर्किग प्लान एवं एरिया रजिस्टर तथा कम्पार्टमेन्ट हिस्ट्री में आरक्षित वनभूमि क्रमश: 32052.310 हेक्टेयर, 112847.985 हेक्टेयर एवं 209486.896 हेक्टेयर तथा संरक्षित वनभूमि क्रमश: 11730.150 हेक्टेयर, 40130.600 हेक्टेयर एवं 126907.344 हेक्टेयर भूमि दर्ज है। (घ) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-एक पर है। शेष उत्तरांश 'क' में दर्शाये कारण अनुसार।
संरक्षित वन अधिसूचना
[वन]
71. ( क्र. 2508 ) श्री शैलेन्द्र पटेल : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या भोपाल, सीहोर एवं रायसेन जिले में ग्रामवार, रकबा वार बड़े झाड़ छोटे झाड़ के जंगल मद में दर्ज जमीनों को संरक्षित वन अधिसूचित किया गया लेकिन पहाड़, चट्टान, घास, चरनोई, कदीम मद में दर्ज जमीनों को प्रश्न दिनांक तक भी संरक्षित वन अधिसूचित नहीं किया गया है? (ख) राजपत्र में किस दिनांक को प्रकाशित अधिसूचना के तहत किस ग्राम की कितनी बड़े झाड़ के जंगल मद में दर्ज जमीनों को संरक्षित वन अधिसूचित किया है, लेकिन पहाड़ चट्टान, घास, चरनोई कदीम मद में दर्ज जमीनों को किन कारणों से प्रश्न दिनांक तक भी संरक्षित वन अधिसूचित नहीं किया गया हैं? (ग) वन विभाग पहाड़, चट्टान, घास, चरनोई, कदीम मद में दर्ज जमीनों को किस आदेश या अधिसूचना के अनुसार संरक्षित वन भूमि प्रतिवेदित कर रहा है? (घ) पहाड, चट्टान, घास, चरनोई, कदीम मद में दर्ज जमीनों को संरक्षित वन अधिसूचित किए जाने के संबंध में शासन द्वारा क्या कार्यवाही की जा रही है तथा कब तक कार्रवाई पूरी कर ली जाएगी?
वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) जी हाँ। (ख) बड़े झाड़, छोटे झाड़ के जंगल मद की अधिसूचित संरक्षित वन भूमि की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। पहाड़-चट्टान, घास, चरनोई, कदीम मद में दर्ज भूमियॉ राजस्व विभाग द्वारा नहीं सौंपे जाने के कारण, भारतीय वन अधिनियम, 1927 की धारा-29 के प्रावधानों के तहत संरक्षित वन अधिसूचित नहीं की जा सकी। (ग) एवं (घ) उत्त्रांश (ख) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
रीवा नगर में कब्रिस्तान के विकास हेतु आवंटित राशि
[नगरीय विकास एवं आवास]
72. ( क्र. 2551 ) श्री बाबूलाल गौर : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या प्रश्नकर्ता के अतारांकित प्रश्न क्र. 446 दिनांक, 7.3.2017 में जानकारी दी गई थी नगरीय प्रशासन विकास विभाग द्वारा वित्त वर्ष 2013-14 में नगर पालिका निगम रीवा को कब्रिस्तान के विकास (बाउण्ड्रीवाल निर्माण) हेतु 50.00 लाख रूपये आवंटित किये गये थे एवं यह राशि नगर पालिका निगम रीवा के खाते में जमा हैं? (ख) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित राशि में से नगर पालिका निगम रीवा द्वारा बड़ी पुल स्थित कब्रिस्तान में क्या विकास कार्य/बाउण्ड्रीवाल का निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया गया हैं? (ग) उक्त निर्माण कार्य कब तक पूर्ण कर लिया जायेगा?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) जी हाँ। जी हाँ। (ख) जी नहीं, निर्माण स्थल पर जमीन संबंधी विवाद न्यायालय में विचाराधीन होने के कारण निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं किया जा सका है। (ग) न्यायालयीन निर्णय अनुसार कार्य कराया जा सकेगा। समय-सीमा बतलाया जाना संभव नहीं है।
प्रदेश के नगर निगमों व स्मार्ट सिटी संबंधित
[नगरीय विकास एवं आवास]
73. ( क्र. 2580 ) श्री जितू पटवारी : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) इन्दौर नगर निगम में सीवरेज लाईन डालने का कार्य किस-किस ठेकेदार को कितनी राशि में दिया गया? ठेकेदार फर्म के मालिक/भागीदार का नाम तथा निवास का पता बतावें। कन्सेशनर तथा नगर निगम के बीच हुये अनुबंध तथा कन्सलटेंट को डी.पी.आर. बनाने हेतु कितना भुगतान किया गया है? (ख) नगर निगम इन्दौर में कितनी लागत से कितने मिलोमीटर सिटी फोरलेन का निर्माण वर्ष 2016 से प्रश्न दिनांक तक किया गया तथा कितनी लागत से कितने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत भवन बन रहे हैं तथा उन भवन को बनाने वाले ठेकेदार फर्म का नाम, पता भागीदार/मालिक का नाम तथा पता देवें। (ग) प्रदेश में स्मार्ट सिटी के तहत इन्दौर शहर में कितनी राशि का क्या कार्य पूर्ण कर लिया गया है? कुल लागत प्रत्येक शहर में कितनी आएगी तथा संपूर्ण कार्य कब तक पूरा कर लिया जायेगा? स्मार्ट सिटी क्षेत्र में भवन तथा भूमि का विक्रय किस अनुसार किया जावेगा? स्मार्ट सिटी डी.पी.आर. बनाने हेतु किस कंसलटेंट को कितना भुगतान किया गया? (घ) क्या इन्दौर, नगर निगम में सीवरेज लाईन का कार्य क्या अनुबंध के अनुसार हो रहा है? उच्च अधिकारियों द्वारा भोपाल से आई टीम द्वारा कार्य के निरीक्षण किस-किस दिनांक को किया गया?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' अनुसार है। (ख) फोरलेन सीमेंट कांक्रीट का निर्माण 13.3 कि.मी. लागत राशि रू. 7565.67 लाख है। प्रधानमंत्री आवास योजनांतर्गत निर्माणाधीन भवनों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''ब'' अनुसार है। (ग) इन्दौर शहर की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र स-1 अनुसार है। प्रत्येक स्मार्ट सिटी शहर की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र स-2 अनुसार है। स्मार्ट सिटी क्षेत्र में भवन तथा भूमि के विक्रय के संबंध में समय-समय पर संबंधित स्मार्ट सिटी के संचालक मण्डल द्वारा निर्णय लिया जावेगा। DPR बनाने हेतु कंसल्टेंट की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र स-3 अनुसार है। (घ) जी हाँ। भोपाल से उच्च अधिकारियों की टीम द्वारा निरीक्षण नहीं किया गया है। जिससे शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
मंदिरों का जीर्णोद्धार
[धार्मिक न्यास और धर्मस्व]
74. ( क्र. 2585 ) श्री बहादुर सिंह चौहान : क्या खेल और युवा कल्याण मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) महिदपुर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम पाताखेड़ी में बाबा रामदेव मंदिर एवं ग्राम झरावदा में झरावदेश्वर महादेव मंदिर के जीर्णोद्धार के लिए कमिश्नर उज्जैन द्वारा कितनी-कितनी राशि के प्राक्कलन भेजे गए हैं? (ख) क्या यह राशि विभाग द्वारा स्वीकृत कर दी गई? (ग) यदि नहीं, तो इसे कब तक स्वीकृति दें दी जाएगी?
खेल और युवा कल्याण मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) महिदपुर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम पाताखेड़ी के श्री बाबा रामदेव मंदिर की राशि रूपये 35.15 लाख एवं ग्राम झरावद में श्री झरावदेवश्वर महोदव मंदिर की राशि रूपये 33.59 लाख के जीर्णोद्धार के प्राक्कलन प्रस्ताव आयुक्त उज्जैन संभाग उज्जैन के माध्यम से विभाग को प्राप्त हुये है। (ख) जी नहीं। प्रस्ताव विचाराधीन है। (ग) शासन संधारित मंदिरों के जीर्णशीर्ण होने की अवस्था में जीर्णोद्धार हेतु प्राक्कलन प्रस्ताव कलेक्टर/ संभागायुक्त के माध्यम से प्राप्त होने पर आवश्यकतानुसार उपलब्ध बजट के आधार पर राशि स्वीकृत की जाती है। यह एक सतत् प्रक्रिया है। निश्चित समय-सीमा दी जाना संभव नहीं है।
अध्यक्ष एवं सचिव द्वारा कब चेक कर हस्ताक्षर किया
[योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी]
75. ( क्र. 2661 ) श्री विजय सिंह सोलंकी : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2017 में खरगोन जिले के झिरनिया विकासखंड में जिला योजना समिति बैठक में डीजल/पेट्रोल पंप पर कार्यवाही की बात सदस्य नानूराम भूरिया के द्वारा उठाये जाने पर अध्यक्ष/सचिव द्वारा दिये गये, जवाब की प्रति देवें। यह जवाब बैठक में ही दिया गया था या बाद में कार्यवाही विवरण में दर्ज कराया गया। (ख) उक्त जवाब को किस अधिकारी/कर्मचारी द्वारा दर्ज किया गया? इस जवाब को समिति अध्यक्ष एवं सचिव द्वारा कब चेक कर हस्ताक्षर किया गया? दिनांक सहित पदवार बतायें। (ग) उक्त जवाब में उल्लेखित समिति ने पंप संचालक के विरूद्ध अपराध करना/नियमों का उल्लंघन करना एवं कई अनियमितताएं करना बताया था, फिर इस बैठक संबंधी कार्यवाही विवरण में उसे दोषमुक्त क्यों बताया गया या अनियमितता नहीं पाया जाना क्यों एवं किसके आदेश पर लिखा गया? (घ) विगत 5 वर्षों में उक्त घटना के अलावा इस जैसी कितनी जानकारी असत्य होकर समिति सदस्यों को प्रदान की गई है? जानकारीवार बतायें। इस असत्य जानकारी प्रदानकर्ता के विरूद्ध क्या कार्यवाही कब तक की जावेगी?
वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) से (घ) जानकारी संकलित की जा रही है।
अध्यक्ष द्वारा दिये गये आश्वासनों एवं की गई घोषणाओं की सूची
[योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी]
76. ( क्र. 2662 ) श्री विजय सिंह सोलंकी : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2014 से 2018 तक खरगोन एवं बड़वानी जिले में जिला योजना समिति की बैठकों में अध्यक्ष द्वारा दिये गये आश्वासनों एवं की गई घोषणाओं की सूची विभागवार आश्वासन/घोषणा सहित देवें। यदि आश्वासन एवं घोषणाओं का संधारण नहीं किया गया है तो कारण बतायें वर्तमान में इन आश्वासनों एवं घोषणाओं की स्थिति क्या है? कार्यवार सूची देवें। (ख) उक्त अवधि में जिला योजना समिति द्वारा 50 लाख से अधिक राशि वाले कार्यों की समीक्षा कब-कब किस बैठक में की गई? इसकी कार्यवाही विवरण की प्रति देवें। किस-किस बैठक में यह समीक्षा नहीं की गई? दिनांकवार कारण सहित बतायें। (ग) उक्त अवधि में किन-किन विभागों कार्यों की समीक्षा की गई? बैठकवार विभाग के नाम सहित सूची देवें। खरगोन उद्वहन परियोजना की समीक्षा बैठक की कार्यवाही विवरण, पालन प्रतिवेदन की प्रति देवें। (घ) किन बैठकों में अध्यक्ष महोदय द्वारा डाक्टर/ नर्स स्टाफ/सीएमओ को घड़ी/कपड़ा/ईनाम देने की बात की गई थी। इन कार्यों को कब पूर्ण कराया गया? यदि लंबित है तो कारण बतायें।
वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) से (घ) जानकारी संकलित की जा रही है।
शासकीय महाविद्यालय ग्राम पंचायत चीनौर का भवन निर्माण
[उच्च शिक्षा]
77. ( क्र. 2679 ) श्री लाखन सिंह यादव : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या शासन द्वारा ग्वालियर जिले के ग्राम पंचायत चीनौर में शासकीय महाविद्यालय की स्वीकृति प्रदान की गई है? यदि हाँ, तो आदेश की प्रति दें? क्या उक्त कॉलेज के भवन निर्माण के लिये आवश्यक भूमि आवंटन हेतु विभाग द्वारा कलेक्टर ग्वालियर को प्रस्ताव प्रेषित कर दिया गया है? यदि हाँ, तो क्या प्रश्न दिनांक तक भवन निर्माण हेतु भूमि आवंटित कर दी गई है? यदि हाँ, तो सर्वे क्रमांक व रकबा सहित बतावें? यदि नहीं, तो कब तक भूमि आंवटित कर दी जावेगी? (ख) नगर पंचायत भितरवार एवं ग्राम पंचायत मोहना में जो शासकीय महाविद्यालय चल रहे हैं, उसमें किस-किस विषय का अध्यापन कौन-कौन प्रोफेसर करा रहे हैं? महाविद्यालयों में कौन-कौन स्टॉफ पदस्थ हैं? उनका नाम, पद महाविद्यालय में पदस्थापना दिनांक बतावें? उक्त दोनों महाविद्यालयों में अध्ययनरत छात्रों की विषय तथा वर्षवार संख्या बतावें? (ग) दिनांक 1 अप्रैल 2015 से प्रश्न दिनांक तक भितरवार एवं मोहना महाविद्यालयों को प्रति वित्तीय वर्षवार कितना-कितना वित्तीय आवंटन प्राप्त हुआ हैं? प्राप्त वित्तीय बजट का किस-किस रूप में उपयोग किया गया है? अलग-अलग वित्तीय वर्षवार एवं किस-किस रूप में उपयोग किया है बतावें?
उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री जयभान सिंह पवैया ) : (क) जी हाँ, जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'अ' अनुसार है। महाविद्यालय भवन निर्माण हेतु जिला-कलेक्टर ग्वालियर के पारित आदेश दिनांक 08.05.17 द्वारा सर्वे क्रमांक 09, हेक्टेयर रकबा 6.365 हेक्टेयर में से 4.00 हेक्टेयर भूमि का आवंटन कर दिया गया है, महाविद्यालय के भवन निर्माण हेतु मध्यप्रदेश शासन उच्च शिक्षा विभाग मंत्रालय भोपाल के आदेश क्रमांक एफ-21/4/2015/38-2 दिनांक 09.02.18 द्वारा राशि रूपये 704.01 लाख की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की जा चुकी है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'ब' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'स-1' एवं 'स-2' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'द' अनुसार है।
प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) हेतु प्रावधान
[नगरीय विकास एवं आवास]
78. ( क्र. 2680 ) श्री लाखन सिंह यादव : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) प्रधानमंत्री आवास योजना सबके लिये आवास शहरी में नगरीय क्षेत्र में निवासरत झुग्गी, कच्चा मकान, आवासहीन किराये के मकान में रहने वाले किस-किस श्रेणी के परिवारों के लिये आवास हेतु क्या-क्या प्रावधान हैं? (ख) प्रश्नांश (क) के परिवारों में से आवास निर्माण हेतु प्राथमिकता सूची बनाने के संबंध में शासन के क्या-क्या निर्देंश हैं? उनकी प्रति दें? (ग) दिनांक 1 जनवरी 2018 की स्थिति में ग्वालियर जिले की नगर पालिक निगम ग्वालियर एवं भितरवार तथा ऑतरी नगर परिषदों में कितने परिवार पात्रता सूची में हैं? वार्डवार उनकी सूची उपलब्ध करावें? पहली सूची में नगर परिषद भितरवार एवं ऑतरी में तथा नगर निगम ग्वालियर के वार्ड नम्बर ३५,३७,३८,३९,४०,४१, ४७,५४,५५,६३ एवं ६५ के परिवारों का चयन किस दिनांक से किस दिनांक तक, किस आधार पर,किन किन कर्मचारियों/ अधिकारियों द्वारा किया गया था? उनके नाम व पद बतावें? (घ) प्रश्नांश (ग) पात्रता परिवारों की सूची में जिन परिवारों के नाम छूट गये हैं, उनको जोड़ने के संम्बन्ध में क्या-क्या निर्देंश हैं? उनकी प्रति दें। दिनांक 1 जनवरी 2018 की स्थिति में पात्रता की शर्तें पूरी होने के बाद क्या छूटे हुए परिवारों के नाम जोड़े जावेंगे? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्यों?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) प्रधानमंत्री आवास योजना (सबके लिए आवास-2022 शहरी) के अंतर्गत शहरी गरीबों को आवास उपलब्ध कराये जाने के लिए भारत सरकार द्वारा जारी मार्गदर्शी सिद्धांत जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ‘अ' अनुसार है। (ख) हितग्राही का चयन भारत सरकार द्वारा जारी मार्गदर्शी सिद्धांत एवं मध्यप्रदेश शासन के द्वारा जारी ज्ञाप क्रमांक एफ-10-31/18-2/2007 भोपाल दिनांक 01.11.2014 की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ‘ब' अनुसार है। (ग) नगर पालिक निगम, ग्वालियर नगर परिषद भितरवार तथा आंतरी में पात्र हितग्राहियों की सूची जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ‘स-1', ‘स-2', ‘स-3', अनुसार है। नगर परिषद भितरवार में चयन प्रथमवार दिनांक 03.07.2017 से 07.07.2017 तक नगर परिषद आंतरी में चयन दिनांक 23.05.2017 से 19.07.2017 तक एवं नगर निगम ग्वालियर में प्रश्नांकित वार्डो में दिनांक 16.01.2017 से 07.02.2017 से किया गया है। चयनकर्ता अधिकारियों/कर्मचारियों की सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ‘द' अनुसार है। (घ) प्रधानमंत्री आवास योजना (सबके लिए आवास- 2022 शहरी) के मार्गदर्शी सिद्धांत जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ‘अ' अनुसार वर्ष 2022 तक सभी को आवास उपलब्ध कराया जाना है। कोई भी गरीब वर्ष 2022 तक संबंधित नगरीय निकाय में संपर्क कर आवेदन कर सकता है। नगरीय निकाय द्वारा पात्रता परीक्षण कर विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन तैयार करने एवं सक्षम स्वीकृति प्राप्त कर हितग्राही को अनुदान उपलब्ध करवाए जाने का प्रावधान है।
स्वीकृति के बिना जनपद/जिला पंचायतों में नियोजित कर्मचारियों के संबंध में
[पंचायत और ग्रामीण विकास]
79. ( क्र. 2709 ) श्री कमलेश्वर पटेल : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला सीधी अन्तर्गत राज्य स्तर की स्वीकृति के बिना जनपद/जिला पंचायत में नियोजित कर्मचारियों के मानदेय/वेतन भुगतान की क्या व्यवस्था की गई है ऐसे कर्मचारियों की संख्या कितनी है? इनकी जानकारी राज्य स्तर को भेजी जा चुकी है? (ख) कर्मचारियों के नियमितीकरण हेतु शासन द्वारा क्या प्रावधान किये जा रहे हैं? कब तक इनका नियमितीकरण किया जावेगा? यदि नहीं, तो इनका भविष्य सुरक्षित करने हेतु शासन द्वारा क्या योजना बनाई जा रही है? (ग) जिन जनपद पंचायतों/जिला पंचायतों में कर्मचारियों के पद रिक्त हैं वहाँ पर क्या इन रिक्त पदों के विरूद्ध इन्हें नियमितीकरण के आदेश जारी किये जायगें? यदि हाँ, तो कब तक?
पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जनपद/जिला पंचायत की सामान्य प्रशासन समिति के निर्णय अनुसार नियोजित कर्मचारियों को मानदेय/वेतन का भुगतान कलेक्टर दर पर जिला/जनपद पंचायत की निधि से किया जा रहा है। कर्मचारियों की संख्या जिला पंचायत में 02 एवं जनपद पंचायत में 12 हैं। जी हाँ। (ख) जी नहीं। जिला/जनपद पंचायत एक स्वशासी संस्था है। शासन के द्वारा इनके नियमितीकरण की कोई योजना नहीं है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) उत्तरांश- (ख) अनुसार।
जन सुनवाई एवं सी.एम. हेल्पलाईन 181 के दिशा निर्देश
[लोक सेवा प्रबन्धन]
80. ( क्र. 2729 ) श्री शैलेन्द्र जैन : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में जन सुनवाई एवं सी.एम.हेल्पलाईन 181 के संबंध में शासन के क्या दिशा-निर्देश हैं? क्या प्राप्त आवेदन/शिकायत के निराकरण हेतु कोई समय-सीमा निर्धारित हैं? (ख) प्रश्नांश (क) के तहत वर्ष २०१६-१७ से प्रश्न दिनांक तक सागर विधान सभा क्षेत्र के नागरिकों द्वारा कितने आवेदन/शिकायतें प्राप्त हुई हैं? इनमें से कितने आवेदन/शिकायतों का निराकरण कर दिया गया है तथा कितने लंबित हैं? विभागवार बतावें। (ग) आवेदनों/शिकायतों के लंबित होने के क्या कारण हैं तथा इसके लिए कौन जिम्मेदार है? इनका निराकरण कब तक कर दिया जावेगा?
उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री जयभान सिंह पवैया ) : (क) प्रदेश में जनसुनवाई एवं सी.एम. हेल्पलाईन 181 के संबंध में शासन से जारी दिशा निर्देशों की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ‘'अ'' अनुसार है। जी हाँ। प्राप्त शिकायतों के निराकरण हेतु समय-सीमा शिकायतों के प्रारूपवार एल-1 स्तर पर न्यूनतम 7 दिवस एवं अधिकतम 30 दिवस तथा एल-2,एल-3 एवं एल-4 अधिकारियों के लिए 07 दिवस निर्धारित है। (ख) प्रश्नांश (क) के तहत वर्ष 2016-2017 से प्रश्न दिनांक तक जिला सागर विधान सभा क्षेत्र के नागरिकों से प्राप्त शिकायतों, निराकृत शिकायतों एवं लंबित शिकायतों का विभागवार विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ‘'ब'' अनुसार है। (ग) शिकायतकर्ताओं द्वारा प्रस्तुत शिकायतों का नियमानुसार समय-सीमा में निराकरण किया गया है, किंतु शिकायतकर्ता की संतुष्टि उपरांत ही शिकायतें निराकृत मानी जाती है। कतिपय शिकायतकर्ताओं के निराकरण से असंतुष्ट होने के कारण शिकायतें लंबित स्थिति में रहती है। शिकायतों के निराकरण का निरंतर प्रयास किया जाता है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
राजघाट बांध जल परियोजना
[नगरीय विकास एवं आवास]
81. ( क्र.
2730 ) श्री
शैलेन्द्र
जैन : क्या
नगरीय विकास
एवं आवास
मंत्री
महोदया यह
बताने की कृपा
करेंगी कि (क) क्या
सागर नगर की
जल प्रदाय
परियोजना
राजघाट बांध
में केमिस्ट
का पद स्वीकृत
है? यदि
हाँ, तो
वर्तमान में
उक्त पद भरा
है या रिक्त
है? यदि
रिक्त है तो
रिक्त रहने
का क्या कारण
है? (ख) क्या
वर्तमान में
प्रश्नाधीन
परियोजना में
कोई भी केमिस्ट
पदस्थ न होने
से
नगरवासियों
को उपयुक्त
गुणवत्ता का
जल प्राप्त
नहीं हो रहा
है? जिससे
आमजन के स्वास्थ्य
पर प्रतिकूल
प्रभाव पड़
रहा है? (ग) प्रश्नांश
(ख) के
परिप्रेक्ष्य
में यदि हाँ, तो
इसके लिए कौन
दोषी है तथा
केमिस्ट को
कब तक पदस्थ
कर दिया
जायेगा? (घ) क्या
प्रश्नाधीन
परियोजना की
पाईप लाईनों
में लीकेज होने
के कारण काफी
मात्रा में
पानी की
बर्बादी हो
रही है? यदि हाँ, तो
इसके लिये कौन
दोषी है तथा
पानी की
बर्बादी को
रोकने के लिए
शासन द्वारा
कोई ठोस
रणनीति बनाई
जायेगी?
नगरीय
विकास एवं
आवास मंत्री (
श्रीमती माया
सिंह ) : (क) जी हाँ
वर्तमान में
पद रिक्त है।
संचालनालय के
अर्द्ध
शासकीय पत्र
क्रमांक 17123
दिनांक 07.10.2016 द्वारा
आयुक्त नगर
निगम सागर से
नगर निगमों की
आदर्श कार्मिक
संरचना
अनुसार सीधी भर्ती
से रिक्त
पदों की
पूर्ति
प्रोफेशनल
एग्जामिनेशन
बोर्ड से
कराये जाने
हेतु प्रस्ताव
चाहे गये है।
नगर पालिक
निगम सागर से
विधिवत्
प्रस्ताव
प्राप्त न
होने के कारण
पद पूर्ति की
कार्यवाही
नहीं की गई। (ख) जी
नहीं। नगर
पालिक निगम के
अनुभवी एवं
प्रशिक्षित
कर्मचारी
द्वारा पेयजल
परीक्षण किया
जाता है, जिसमें
पेयजल गुणवत्ता
पूर्ण पाया
जाता है। आमजन
के स्वास्थ्य
पर कोई
प्रतिकूल
प्रभाव नहीं
पड़ रहा है। (ग) उत्तरांश
'ख' के
परिप्रेक्ष्य
में प्रश्न
उपस्थित नहीं
होता। नगर
पालिक निगम
सागर से विधिवत्
प्रस्ताव
प्राप्त
होने के
उपरान्त
रिक्त पद की
पूर्ति
प्रोफेशनल
एग्जामिनेशन
बोर्ड से
कराये जाने की
कार्यवाही की
जायेगी। (घ) पाईप
लाइन पी.एस.सी.
की होने एवं
पुरानी हो जाने
तथा लाइन में
प्रेशर अधिक
होने से पाईप
लाइन में
लिकेज हो जाते
है, जिसका समय-समय
पर सुधार
कार्य किया
जाता है, जिससें कि
पानी की
बर्बादी न हो।
पानी की बर्बादी
रोकने के लिए
शासन द्वारा
राजघाट
द्वितीय चरण
के अर्न्तगत
ए.डी.बी.
द्वारा वित्तीय
पोषित योजना
स्वीकृत की
गई है। योजना
का क्रियान्वयन
मध्यप्रदेश
अर्बन डेव्लपमेंट
कंपनी
लिमिटेड
भोपाल द्वारा
किया जाना है।
कंपनी द्वारा
निविदा जारी
की जा चुकी
है।
इनडोर स्टेडियम के निर्माण कार्य की स्वीकृति
[खेल और युवा कल्याण]
82. ( क्र. 2749 ) श्री सोहनलाल बाल्मीक : क्या खेल और युवा कल्याण मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) परासिया विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत अनेक खेलों की गतिविधियां होने के बाबजूद इनडोर स्टेडियम नहीं होने के दृष्टिगत रखते हुए क्या खेल एवं युवा कल्याण विभाग के द्वारा यहां इनडोर स्टेडियम बनाये जाने हेतु कोई प्रावधान किया गया है? (ख) यदि हाँ, तो परासिया विधानसभा क्षेत्र में इनडोर स्टेडियम के निर्माण हेतु निर्माण कार्य की स्वीकृति विभाग द्वारा कब तक प्रदान कर दी जायेगी?
खेल और युवा कल्याण मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) प्रावधान नहीं किया गया है। (ख) उत्तरांश (क) के प्रकाश में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
स्वरोजगार के प्रकरण स्वीकृत
[सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम]
83. ( क्र. 2759 ) श्री सुखेन्द्र सिंह : क्या राज्यमंत्री, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2016-17 एवं वर्ष 2017-18 में रीवा संभाग के विभिन्न जिलों में सूक्ष्म लघु ओर मध्यम उद्यम विभाग के अन्तर्गत मुख्यमंत्री आर्थिक कल्याण एवं स्वरोजगार के कितने-कितने प्रकरण स्वीकृत किये गये? पृथक-पृथक जिलेवार वर्गवार संख्या बतावें? (ख) प्रश्नांश (क) के प्रकाश में स्वीकृत प्रकरण में से कितने-कितने प्रकरणों को सब्सिडी दी गई? जिलेवार, पृथक-पृथक बतावें? (ग) प्रश्नांश (क), (ख) के प्रकाश में कितने लोगों को लोन प्राप्त हुआ? जिलेवार वर्गवार, पृथक-पृथक बतावें? (घ) प्रश्नांश (क) से (ग) के प्रकाश में रीवा जिले में स्वीकृत किये गये प्रकरण दी गई? सब्सिडी एवं लोन प्राप्त प्रकरणों के नाम, सम्पूर्ण पता, कार्य स्थल, बैंक का नाम एवं शाखा का नाम स्वरोजगार के प्रकार का पृथक पृथक विवरण उपलब्ध करावें?
राज्यमंत्री, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम ( श्री संजय पाठक ) : (क) सूक्ष्म लघु और मध्यम विभाग द्वारा मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना संचालित की जाती है वर्ष 2016-17 एवं 2017-18 में रीवा संभाग के जिलों में मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजनान्तर्गत वर्गवार स्वीकृत प्रकरणों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ख) प्रश्नांश के प्रकाश में (क) मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजनान्तर्गत स्वीकृत प्रकरणों में दी गई सब्सिडी की जिलेवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ग) प्रश्नांश के प्रकाश में (ख), (क) मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजनान्तर्गत जिलेवार एवं वर्गवार लोन प्राप्त हितग्राहियों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (घ) प्रश्नांश (क) से के प्रकाश में रीवा जिले में (ग) मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना अंतर्गत स्वीकृत सब्सिडी एवं लोन प्राप्त हितग्राहियों के नाम पता कार्य स्थल, बैंक का नाम एवं स्वरोजगार के प्रकार की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है।
प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क की खराब स्थिति एवं निर्माण
[पंचायत और ग्रामीण विकास]
84. ( क्र. 2760 ) श्री सुखेन्द्र सिंह : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्नकर्ता के विधानसभा क्षेत्र मऊगंज के ब्लॉक मऊगंज स्थित पैकेज नं. एम.पी.-3217 एन.एच.-7 से मुदरिया चौवान का कार्य की पूर्णता 2013 की गारण्टी अवधि समाप्त हो गई, किन्तु मरम्मत का कार्य नहीं कराया गया तथा पैकेज नं. 32504 मझिगवां से अल्हवा पैकेज नं. एम.पी.-32157 एन.एच.-7 से खैरा नं.-3 विझौली कैनाल से बिरहा प्रयागदत्त पैकेज नं. एम.पी.-32169 खटखरी गौरी रोड से बधैइया, तेन्दुआ से धौसड़ मार्गों की प्रश्न दिनांक तक की स्थिति से स्वीकृत निविदा कार्य, कार्य का नाम, अनुबंध दिनांक, कार्य की पूर्णता अवधि, सड़क की अनुबंधित लम्बाई से पृथक-पृथक अवगत करावें? (ख) प्रश्नांश (क) के ही प्रकाश में मेन्टीनेन्स पैकेज नं. एम.टी.एन. 008 खटखरी से गौरी, बढैंया से दुवगवां, एम.टी.एन. 027 घोघम से ब्रम्हागढ़, एम.टी.एन. 072, नैया नाला से पांती गोपला, मिशिरगवां से बरौही मार्ग की प्रश्न दिनांक तक की स्थिति से पृथक-पृथक अवगत करावें? (ग) प्रश्नांश (क) के प्रकाश में पैकेज क्र.एम.पी.-32107 एन.एच.-7 से नैया नाला एवं बरांव पहाड़ी से मऊगंज पैकेज नं. एम.पी.-32504 खटखरी (घोघम) उकसा कोठार मार्ग की प्रश्न दिनांक तक की स्थित से पृथक-पृथक अवगत करावें? (घ) प्रश्नांश (क), (ख), (ग) के प्रकाश में प्रश्न दिनांक तक उपरोक्त मार्गों के संधारण पूर्ण न करने आदि के विरूद्ध कब-कब क्या-क्या कार्यवाही की गई? प्रत्येक की प्रमाणित प्रति उपलब्ध करावें। जारी किये गये पत्रों पर संविदाकार द्वारा क्या-क्या जबाव दिया गया? प्रत्येक की प्रतिलिपि उपलब्ध करावें। अगर पत्र जारी नहीं किये गये तथा संविदाकार द्वारा संतोषजनक जबाव नहीं दिया गया, तो उनके खिलाफ क्या-क्या कार्यवाही की गई? कार्यवाही की प्रति उपलब्ध करावें। कार्यवाही नहीं की गई तो कौन दोषी है? दोषी के खिलाफ क्या-क्या कार्यवाही की जावेगी? नहीं की जायेगी तो क्यों? स्पष्ट करें।
पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ख) पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। (ग) पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (घ) पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ एवं 'ब' अनुसार है। संविदाकार को जारी नोटिस की प्रतिलिपि पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-स अनुसार है। संविदाकार द्वारा कोई भी उत्तर प्रस्तुत नहीं किया गया।
इंदौर नगर निगम में नवीन पेवर ब्लॉक लगाने
[नगरीय विकास एवं आवास]
85. ( क्र. 2777 ) श्री मनोज निर्भय सिंह पटेल : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) वर्तमान में इंदौर नगर पालिक निगम क्षेत्र में नवीन पेवर ब्लॉक किन-किन स्थानों में लगाए जा रहे हैं? सूची प्रस्तुत करें। (ख) कितने स्थानों में पूर्व से पेवर ब्लॉक लगे हुए थे, सूची प्रस्तुत करें? जिन स्थानों में पुराने पेवर ब्लॉक के स्थान पर नवीन पेवर ब्लॉक लगाने का क्या औचित्य है? पूर्व से लगे हुए पेवर ब्लॉक के स्थान पर नवीन पेवर ब्लॉक लगाने में कुल कितना व्यय किया गया है? मदवार जानकारी उपलब्ध करायें। (ग) पुराने निकले हुए पेवर ब्लॉक की उपयोगिता से अवगत करायें तथा क्या उन पेवर ब्लॉक का भौतिक सत्यापन करा लिया गया है? यदि हाँ, तो उनकी वर्तमान स्थिति की जानकारी उपलब्ध करावें? (घ) क्या पुराने निकले हुए पेवर ब्लॉकों को पुन: उपयोग किया गया है? ऐसे स्थानों की विस्तृत सूची सहित विवरण प्रस्तुत करें।
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' अनुसार है। (ख) नगर निगम सीमा अंतर्गत गत 02 वर्षों में लगे हुए पेवर ब्लाक की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''ब'' अनुसार है। पुराने लगे हुए पेवर ब्लाक क्षतिग्रस्त, टूट-फूट एवं भारी वाहनों से सेटलमेंट हो जाने के कारण इनके स्थान पर नए पेवर ब्लाक लगाए गये है। व्यय की मदवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''स'' अनुसार है। (ग) पुराने निकले हुए पेवर ब्लाक में से उपयोग में आने वाले पेवर ब्लाक का आवश्यकतानुसार अन्य स्थानों पर पुन: उपयोग किया गया है। जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''द'' अनुसार है। (घ) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''इ'' अनुसार है।
इंदौर नगर निगम में अतिक्रमण हटाने
[नगरीय विकास एवं आवास]
86. ( क्र. 2778 ) श्री मनोज निर्भय सिंह पटेल : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) नगर पालिक निगम इंदौर के द्वारा नगर निगम क्षेत्र सीमा में अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही विगत दो वर्षों में कितनी बार किन-किन स्थानों में की गयी है? (ख) क्या अतिक्रमण हटाने में निगम के अमले के अलावा अन्य विभागों का उपयोग किया गया? क्या नगर निगम द्वारा अतिक्रमण हटाने के दौरान पुलिस प्रशासन के साथ ही प्रायवेट बाउंसरों का उपयोग किया गया था? यदि हाँ, तो क्या पुलिस प्रशासन की क्षमताओं पर निगम को संशय है? (ग) किन नियमों के तहत प्रायवेट बाउंसरों का उपयोग किया गया? प्रायवेट बाउंसरों पर किये गये व्यय का बजट प्रावधान किया गया था? यदि नहीं, तो भुगतान किस मद से किया गया? (घ) यदि प्रश्नांश (ग) हाँ है तो किस एजेन्सी के माध्यम से प्रायवेट बाउंसरों का उपयोग किया गया था? क्या पुलिस प्रशासन द्वारा संबंधित एजेन्सी एवं बाउंसरों का पुलिस वेरिफिकेशन किया गया था?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी हाँ, अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही में नगर निगम के अमले के अलावा जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन का सहयोग लिया जाता है एवं आवश्यकता पड़ने पर म.प्र. विद्वुत मण्डल का भी सहयोग जिला जाता है। जी नहीं, नगर निगम द्वारा अतिक्रमण हटाने के दौरान पुलिस प्रशासन के साथ प्राईवेट बाउंसरों का उपयोग नहीं किया जाता है। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) एवं (घ) उत्तरांश (ख) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
रिक्त पदों की जानकारी
[उच्च शिक्षा]
87. ( क्र. 2808 ) श्री नरेन्द्र सिंह कुशवाह : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जीवाजी विश्वविद्यालय ग्वालियर में कौन किस पद पर कब से कार्यरत हैं? कितने पद स्वीकृत हैं? पद पूर्ति के लिए क्या प्रावधान हैं? (ख) प्रश्नांश (क) में अस्थायी/संविदा पर पदस्थ करने के लिए क्या विज्ञप्ति जारी की जाती है, उनको नियमित करने के लिए क्या कार्यवाही की जा रही है? किस विभाग में कौन सा अस्थायी/संविदा पर कर्मचारी कार्य कर रहा है? किससे अनुमति ली गई? (ग) परीक्षा विभाग में जीवाजी विश्वविद्यालय ग्वालियर में कौन सा पद कब से रिक्त है? क्या पद रिक्त होने के कारण परीक्षा विभाग का कार्य प्रभावित हो रहा है? छात्रों द्वारा समय पर शिकायत की जाती है? यदि हाँ, तो विगत तीन वर्षों में कितनी शिकायतें की गई? क्या निराकरण हुआ? (घ) क्या जीवाजी विश्वविद्यालय ग्वालियर में अस्थायी/संविदा कर्मचारी की नियुक्ति अनियमितता प्रावधान के विपरीत की गई है जिससे छात्रों को समय पर कार्य न होने के कारण शिक्षण की गुणवत्ता में गिरावट हो रही है? शासन स्तर पर क्या प्रयास हो रहे है?
उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री जयभान सिंह पवैया ) : (क) तिथि एवं पदवार सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार। कुल 556 पद स्वीकृत हैं। जिसमें भरे पदों की संख्या 392 है तथा रिक्त पद 164 है। पदोन्नति एवं सीधी भर्ती के द्वारा पदों की पूर्ति का प्रावधान है। (ख) अस्थाई कर्मचारी हेतु कोई विज्ञापन जारी नहीं किया जाता, किन्तु संविदा कर्मचारी हेतु विज्ञापन जारी किया जाता है वर्तमान में कोई अस्थाई/संविदा कर्मचारी कार्यरत नहीं हैं। (ग) कोई पद रिक्त नहीं है। जी नहीं। कुछ छात्रों द्वारा अंकसूची नामांकन संबंधी शिकायतें प्राप्त हुई थी, जिनका यथासमय निराकरण किया गया है। (घ) उत्तरांश 'ख' के प्रकाश में प्रश्न उपस्थित नहीं होता। जी नहीं।
स्वास्थ्य विभाग एवं कृषि विभाग की भूमि पर दुकान
[योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी]
88. ( क्र. 2829 ) श्री मुकेश नायक : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला पन्ना के अन्तर्गत पवई में जन भागीदारी से स्वास्थ्य विभाग एवं कृषि विभाग की भूमि पर दुकानें कब-कब बनी थी? क्या इनका नक्शा सक्षम अधिकारी से स्वीकृत कराया गया था? प्रति बतायें और समिति के समक्ष निर्माण के पूर्व क्या नक्शा रखा गया था? जो नक्शा संज्ञान में लाया गया था, उसकी प्रति बताये तथा दुकानों के बनने के बाद वर्तमान में कितनी दुकाने हैं और किस क्रमांक से जानी जाती है, यह दर्शाने वाला नक्शा बतायें क्या निर्माण के पूर्व प्लानिंग करते समय अथवा स्वीकृत नक्शे तथा वर्तमान स्थिति में दुकानों की संख्या में अंतर है? यदि हाँ, तो ऐसा क्यों? (ख) उपरोक्त कितनी दुकानों को किसे-किसे नीलामी के माध्यम से बेचा गया था, उनकी संख्या और नाम बतायें तथा वर्तमान में कुल कितनी दुकाने हैं, उनकी संख्या बतायें और उनमें जो-जो काबिज हैं, क्या उनके पास वैधानिक दस्तावेज हैं, यदि हाँ, तो सभी के दस्तावेजों की प्रति बतायें। (ग) दुकानों का निर्माण करने की तिथि और कार्य पूरा होने की तिथि तथा आवंटन की तिथि और कब्जा देने की तिथि दुकान के क्रमांक को संदर्भित करते हुये बतायें? (घ) यदि कोई दुकान अनाधिकृत पायी जाती है, तो उसको खाली कराकर उसकी नीलामी कर विक्रय कराया जायगा? यदि हाँ, कब तक तो क्यों यदि नहीं, तो क्यों?
वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) पवई में जनभागीदारी से स्वास्थ्य विभाग की दुकानों का निर्माण कार्य वर्ष 2013 में पूर्ण हुआ एवं कृषि विभाग की दुकानों का निर्माण कार्य वर्ष 2014 में पूर्ण हुआ। स्वास्थ्य विभाग की दुकान क्रमांक 01 से 07 तक पूर्व प्लानिंग के अनुसार 07 दुकानों का नक्शा पेश किया गया था उसी के अनुसार 07 दुकाने निर्मित है। उक्त दुकानें क्रमांक 01 से 07 तक से जानी जाती है। कृषि विभाग की दुकानें निर्माण के पूर्व सक्षम अधिकारी से नक्शा स्वीकृत कराया गया था तथा समिति के समक्ष निर्माण के पूर्व नक्शा रखा जाकर संज्ञान में लाया गया था। जानकारी पुस्तकलय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 पर है। उक्त सभी दुकानों का पूर्व से प्लानिंग एवं नक्शा की स्थिति अनुसार निर्माण कराया गया है वर्तमान स्थिति में दुकानों की संख्या में कोई अंतर नहीं है। (ख) स्वास्थ्य विभाग की निर्मित 07 दुकानों की नीलामी के माध्यम से क्रमशः 1. श्रीमती मीना पति गुलाब सोनी, 2. श्री अरविन्द पिता नारायण प्रसाद सक्सेना, 3. सचिव पिता श्री राजेन्द्र सोनी, 4. श्री सुशील पिता राजेन्द्र सोनी, 5. गुलाब पिता स्वामीदयाल सोनी, 6. लख्खू पिता लक्षमनिया प्रजापति, 7. अमित पिता मैथलीशरण खरे तथा कृषि विभाग की निर्मित 7 दुकाने की नीलामी के माध्यम से 1. अजय कुमार श्रीवास्तव पिता गिरधारी लाल श्रीवास्तव 2. सचिव सोनी पिता राजेन्दे सोनी 3. महेन्द्र सोनी 4. दिलीप पाठक 5. सचिव सोनी पिता राजेन्द्र सोनी 6 एवं 7 विजय कुमार श्रीवास्तव पिता गिरधारीलाल श्रीवास्तव वर्तमान में पूर्व की स्थिति अनुसार कुल 7-7 दुकाने निर्मित है। कृषि विभाग विभाग की दुकानों के कब्जा धारियों की स्थिति निम्नानुसार है :-
अजय कुमार श्रीवास्तव पिता गिरधारी लाल श्रीवास्तव किरायेदार श्याम जी पिता राजेन्द्र चौरसिया, चाय दुकान 2. पन्ना लाल पिता सुन्दरलाल गुप्ता कब्जेदार स्वयं कोलड्रिंक्स की दुकान 3. महेन्द्र पिता स्वामीदयाल सोनी किरायेदार अंशुल राजा पिता देवेन्द्र सिंह, इलेक्ट्रानिक दुकान 4. दिलीप पिता राजेन्द्र पाठक स्वयं आफिस 5. सचिन पिता स्वामी दयाल सोनी, स्वय कब्जेदार रिक्त 6 एवं 7 विजय कुमार श्रीवास्तव पिता गिरधारीलाल श्रीवास्तव कब्जेदार स्वयं नौकर बिहारी गुप्ता चाय दुकान व वंश गोपाल साहू कपड़ा दुकान। स्वास्थ्य विभाग की दुकानों के कब्जेधारियों की स्थिति निम्नानुसार है :-
1. श्रीमती मीना सोनी पति गुलाब सोनी, कब्जेदार सचिव पिता श्री राजेन्द्र सोनी मेडिकल स्टोर 2. सुशील पिता राजेन्द्र सोनी किरायेदार संजू रायकवार एक्सरे मशीन 3. गुलाब सोनी पिता शिवदयाल सोनी किरायेदार 4. श्री रविन्द्र अहिरवार कोलड्रिक्स 5. अमित खरे पिता मैथलीशरण खरे रिक्त 6. सचिन सोनी पिता राजेन्द्र सोनी, काबिजदार नरेन्द्र चौरसिया किरायेदार, सौरभ पिता राकेश खरे रेस्टोरेन्ट 7. अरविन्द पिता नारायण प्रसाद सक्सेना किरायेदार नवीन राय 8. लख्खू पिता लक्षमनिया प्रजापति, नवीन राय आटो एजेन्सी। उक्त सभी दुकानदारों के पास जनभागीदारी से जारी अधिपत्य प्रमाण-पत्र दस्तावेज के रूप में है। आधिक्य प्रमाण पत्र की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ग) कृषि विभाग की दुकानों का निर्माण वर्ष 2014 व स्वास्थ्य विभाग की दुकानों का निर्माण वर्ष 2013 में कार्य पूर्ण हो चुका है। दिनांक 27.12.2014 एवं दिनांक 16.03.2015 तथा 05.03.2016 को आधिपत्य दिया गया। (घ) अनाधिकृत न होने से शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
जन अभियान परिषद के कार्यों का आय, व्यय
[योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी]
89. ( क्र. 2925 ) श्री महेन्द्र सिंह सिसौदिया : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला गुना एवं अशोकनगर में जनअभियान परिषद कार्यालय अन्तर्गत जिला कार्यालय पर एवं विकासखण्ड कार्यालय पर कुल कितने पद स्वीकृत हैं? कितने पद भरे हुये हैं? पदस्थल अधिकारी कर्मचारियों के पद नाम पता निवास एवं उन्हें प्रदान वेतनमान की जानकारी देवे? (ख) जिला अशोकनगर कार्यालय संचालन पर शासन (म.प्र.जनअभियान परिषद भोपाल) की ओर से वर्ष 2015 से 2017 में कितना-कितना बजट किस-किस मद के अन्तर्गत प्राप्त हुआ है? कितना व्यय हुआ? मदवार वर्षवार,जिला एवं विकासखण्डवार सूची उपलब्ध करायें? (ग) जिला गुना एवं अशोकनगर में वर्ष 2016 एवं 2017 अंतर्गत शासन की कौन सी योजना,कार्य, निर्देश गतिविधि जिला विकासखण्ड से कहाँ-कहाँ क्रियान्वित हुई? कितने हितग्रहियों को लाभ हुआ? दोनों जिलों में स्वी्कृत पंजीकृत कितनी नवाकुर प्रस्फु्टन समितियां संचालित हैं? इन्हें कितनी राशि किस कार्य की भुगतान की है? संस्थाओं, समितियों प्रत्येक के नाम पता सहित योजना तथा आय व्यय सहित राशि सहित जानकारी देवें? (घ) क्या प्रश्नांश (ग) जन अभियान परिषद कार्यालयों में ब्लॉक समन्वयक संविदा आधार पर नियुक्त किये हैं? इनको अपने मूल निवास स्थान पर पदस्थ किया जा सकता है? यदि हाँ, तो इस संबंध में विभाग द्वारा जारी नियम, निर्देश संशोधंन आदेश की जानकारी देवें?
वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) म. प्र. जन अभियान परिषद जिला गुना एवं अशोकनगर के जिला कार्यालयों में पदस्थ अधिकारी व कर्मचारियों के पद नाम व वेतनमान की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। जन अभियान परिषद में विकासखण्ड स्तर पर कोई कार्यालय नहीं है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ग) जन अभियान परिषद का विकासखण्ड स्तर पर कार्यालय नहीं होने से विकासखण्ड स्तर से शासन की योजना, कार्य निर्देश गतिविधि का क्रियान्वयन नहीं किया जा सकता है। वित्तीय वर्ष 2016 एवं 2017 में नवांकुर संस्थाओं को परिषद द्वारा समाप्त कर दिया गया है। प्रस्फुटन समितियों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है। (घ) म.प्र. जन अभियान परिषद में विकासखण्ड समन्वयक संविदा आधार पर नियुक्त है। मूल निवास स्थान पर पदस्थ किये जाने का किसी प्रकार का कोई नियम, निर्देश या आदेश नहीं है।
सुदॄढ़ रोड योजना
[पंचायत और ग्रामीण विकास]
90. ( क्र. 2945 ) श्री संजय शाह मकड़ाई : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वनांचल ग्रामों में एक जिले सें दूसरे जिले को जोड़ने वाले प्रचलित मर्गों कें निर्माण हेतु क्या योजना हैं? (ख) क्या ऐसे वनांचल मार्गों को जो एक जिले से दुसरे जिले को जोड़ती है को प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री रोड योजना में शमिल करेंगे? (ग) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्यो नहीं? (घ) ऐसे प्रधानमंत्री मार्ग जिन पर यातायात अधिक है उन मार्गों की चौड़ाई बढ़ाने हेतु शासन की क्या योजना है? यदि है तो वो क्या है? यदि नहीं, है तो क्या भविष्य में चौड़ाई बढ़ाने हेतु शासन द्वारा कोई योजना बनाई जायेगी?
पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) ऐसी कोई योजना नहीं है। (ख) प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना/मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है। (ग) जी नहीं। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अधीन प्रधानमंत्री/मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत केवल पात्र ग्रामों को ही एकल संपर्कता दी जाती है न कि दो जिलों को। (घ) जी हाँ, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-II। योजना पूर्व से होने से नवीन योजना की कोई आवश्यकता नहीं है।
सहायक प्राध्यापकों को आपाती सहायक प्राध्यापकों की भांति नियमित करना
[उच्च शिक्षा]
91. ( क्र. 2947 ) श्रीमती इमरती देवी : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष २००४-०५ में लोक सेवा आयोग द्वारा उच्च शिक्षा विभाग हेतु अनुसूचित जाति/जनजाति बैकलॉग पद हेतु कितने सहायक प्राध्यापकों का चयन किया गया? प्रश्न दिनांक तक कुल कितने सहायक प्राध्यापकों की परिवीक्षा अवधि समाप्त कर उन्हें नियमित किया गया है (ख) क्या प्रश्नांश (क) भर्तियां नियम १९९० उच्च शैक्षणिक सेवा भर्ती नियमों के तहत की गई थीं? नियुक्ति के समय शर्तों दो वर्ष के भीतर/नेट /स्लेट /पी.एच.डी. की योग्यता अर्जित करने हेतु विभाग द्वारा कितने सहायक प्राध्यापकों को अध्ययन अवकाश स्वीकृत किया गया है? (ग) आपाती सहायक प्राध्यापकों को २४ दिसम्बर १९९८ से शैक्षणिक सेवा भर्ती नियमों में शिथिलता कर नियमित किया था तो अनुसूचित जनजाति के शेष सहायक प्राध्यापकों, आपाती सहायक प्राध्यापकों की भांति नियम शिथिल कर कब नियमित किया जायेगा?
उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री जयभान सिंह पवैया ) : (क) संभागवार विस्तृत जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार। (ग) समय-सीमा बताई जाना संभव नहीं है।
रेत खदानों के संबंध में
[खनिज साधन]
92. ( क्र. 2951 ) श्री हेमन्त विजय खण्डेलवाल : क्या खनिज साधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बैतूल जिले में कितनी रेत खदाने कहाँ-कहाँ स्वीकृत हैं? (ख) स्वीकृत खदानों से वर्ष २०१७-१८ में माह जनवरी १८ तक कितनी रायल्टी प्राप्त हुई है? (ग) क्या और भी खदानें स्वीकृत किए जाने हेतु स्थल चयन किए गए हैं? यदि हाँ, तो किस किस विकासखंड के किन किन स्थानों पर?
खनिज साधन मंत्री ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) प्रश्नानुसार जानकारी संलग्न परिशिष्ट पर है। (ख) प्रश्नाधीन जिले में प्रश्नाधीन अवधि में राशि रूपये 6,76,18,065/- रॉयल्टी के रूप में प्राप्त हुए हैं। (ग) प्रश्नाधीन जिले में प्रश्नानुसार निम्न स्थानों का चयन किया गया है:-
क्रमांक |
विकासखण्ड का नाम |
स्थान का नाम |
1 |
घोड़ाडोंगरी |
झोली नंबर - 1 |
2 |
घोड़ाडोंगरी |
सातलदेही |
3 |
चिचोली |
बल्लौर एवं छिन्दीखापा |
4 |
चिचोली |
खपरिया |
शासकीय महाविद्यालयों में प्रयोगशाला परिचारकों की पदोन्नति
[उच्च शिक्षा]
93. ( क्र. 2954 ) श्री हेमन्त विजय खण्डेलवाल : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या शासकीय महाविद्यालयों में प्रयोगशाला परिचारकों को पदोन्नति दिए जाने के नियम हैं? यदि हाँ, तो क्या? नियम की प्रति उपलब्ध करावें? (ख) क्या बैतूल जिले के शासकीय महाविद्यालयों में प्रयोगशाला परिचारक के पद हैं तथा इन पर कर्मचारी पदस्थ हैं? यदि हाँ, तो किस किस महाविघालय में प्रयोगशाला परिचारक कब से पदस्थ हैं? (ग) क्या इन प्रयोगशाला परिचारकों को पदोन्न्ति दी जा चुकी है? यदि हाँ, तो कब? यदि नहीं, तो नियमानुसार कब तक पदोन्नति दे दी जावेगी?
उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री जयभान सिंह पवैया ) : (क) जी हाँ, नियम की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ पर है। (ख) जी हाँ, बैतूल जिले के शासकीय महाविद्यालयों में प्रयोगशाला परिचारक के पद पर पदस्थ कर्मचारियों की सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब पर है। (ग) जी नहीं। शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। माननीय सर्वोच्च न्यायालय में पदोन्नति में आरक्षण से संबंधित प्रकरण विचाराधीन होने से न्यायालय के निर्णय उपरांत कार्यवाही की जावेगी। समय-सीमा बताई जाना संभव नहीं है।
पंचायत सचिव के स्थानांतरण
[पंचायत और ग्रामीण विकास]
94. ( क्र. 2957 ) श्री हेमन्त विजय खण्डेलवाल : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या पंचायत सचिव का पद प्रथम श्रेणी अथवा द्वितीय श्रेणी का है? (ख) यदि नहीं, तो पंचायत सचिवों के स्थानांतर सिर्फ प्रदेश स्तर से ही क्यों किए जाते हैं? जिला स्तर से क्यों नहीं? (ग) क्या पंचायत सचिवों के स्थानांतर जिला स्तर पर प्रभारी मंत्री के अनुमोदन से जिला कलेक्टर द्वारा किए जाने हेतु अधिकार दिए जाएंगे? यदि हाँ, तो कब तक यदि नहीं, तो क्यों?
पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी नहीं। (ख) प्रत्येक वर्ष के लिये जारी स्थानांतरण नीति के प्रावधान अनुसार निश्चित समयावधि के अंदर ग्राम पंचायत सचिवों के स्थानांतरण आदेश जिले के प्रभारी मंत्री जी/कलेक्टर के अनुमोदन पश्चात मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत द्वारा जारी किए जाते हैं। स्थानांतरण पर प्रतिबंध अवधि में आवश्यकता होने पर विभागीय मंत्री जी के अनुमोदन उपरांत संचालक पंचायत राज संचालनालय द्वारा स्थानांतरण आदेश जारी किये जाते हैं। (ग) उत्तरांश (ख) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
सुदूर संपर्क योजना में बनी सड़कों की मरम्मत
[पंचायत और ग्रामीण विकास]
95. ( क्र. 2958 ) श्री हेमन्त विजय खण्डेलवाल : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या मनरेगा योजना से ग्रामीण क्षेत्रों में सुदूर संपर्क योजना के अंतर्गत मार्गों का निर्माण किया गया है? (ख) यदि हाँ, तो वर्ष 2012 के पूर्व निर्मित सड़कों की मरम्मत के लिए पंचायत विभाग द्वारा क्या कोई आदेश जारी किए गए हैं? यदि हाँ, तो आदेश की प्रति उपलब्ध करावें? (ग) यदि नहीं, तो इन सड़कों की मरम्मत कैसे होगी? क्या सरकार इस संबंध में कोई कार्यवाही कर रही है? यदि हाँ, तो क्यों?
पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ। (ख) जी नहीं। शेष प्रश्न उत्पन्न नहीं होता। (ग) भारत सरकार की गाईड लाईन एवं राज्य शासन की कार्यों की प्राथमिकता, भारत सरकार द्वारा स्वीकृत लेबर बजट एवं ग्राम पंचायत के सेल्फ ऑफ प्रोजेक्ट अनुसार की जा रही है, जिसमें वर्ष 2012 के पूर्व निर्मित सड़कों की मरम्मत सम्मिलित नहीं है। अतः शेष प्रश्न उत्पन्न नहीं होता।
कर्मचारियों का समूह बीमा योजना
[पंचायत और ग्रामीण विकास]
96. ( क्र. 2965 ) सुश्री मंजू राजेंद्र दादु : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रदेश के जनपद/जिला पंचायत के कर्मचारियों को समूह बीमा योजना का लाभ दिया जा रहा है? (ख) क्या प्रदेश के सभी जनपद/जिला पंचायत के कर्मचारियों को समूह बीमा योजना अन्तर्गत एल.आई.सी. के माध्यम से योजना का लाभ दिया जा रहा है? (ग) यदि जनपद/जिला पंचायत के कर्मचारियो को समूह बीमा का लाभ नहीं दिया जा रहा, तो कब तक दिया जायेगा?
पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) म.प्र. शासन, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के पत्र क्रमांक एफ-2-3/2014/22/पं-1 दिनांक 13/06/2014 द्वारा insurance providers के माध्यम से जिला/ जनपद पंचायतों के मूल कर्मचारियों को समूह बीमा योजना का लाभ देने का निर्णय लिया गया है तथा संचालनालयीन पत्र क्रमांक/स्था-4/जिला0जन0/252/ पंचा0 राज/2015/17610 दिनांक 10/12/2015 द्वारा समस्त जिला पंचायत एवं जनपद पंचायतों के मूल कर्मचारियों को समूह बीमा योजना लागू करने संबंध में निर्देश जारी किये गये है। जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार। (ख) म.प्र. शासन, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के पत्र क्रमांक एफ-2-3/2014/22/पं-1 दिनांक 13/06/2014 द्वारा insurance providers के माध्यम से जिला/जनपद पंचायतों के मूल कर्मचारियों को समूह बीमा योजना का लाभ देने का निर्णय लिया गया है तथा संचालनालयीन पत्र क्रमांक/स्था-4/जिला0जन0/252/ पंचा0 राज/2015/ 17610 दिनांक 10/12/2015 द्वारा समस्त जिला पंचायत एवं जनपद पंचायतों के मूल कर्मचारियों को समूह बीमा योजना लागू करने संबंध में निर्देश जारी किये गये है। जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार। (ग) उत्तरांश (क) एवं (ख) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
जनपद/जिला पंचायत के कर्मचारियों को पेंशन भुगतान
[पंचायत और ग्रामीण विकास]
97. ( क्र. 2967 ) सुश्री मंजू राजेंद्र दादु : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रदेश के जनपद/जिला पंचायत के कर्मचारियों को शासकीय कर्मचारियों के समान पेंशन देने के आदेश शासन द्वारा जारी किये गये हैं? (ख) यदि नहीं, हुये, तो कब तक शासन द्वारा इस संबंध में निर्णय लिया जायेगा? (ग) जनपद/जिला पंचायत के सेवानिवृत एवं मृत कर्मचारियों के परिवारों को शासन द्वारा जीवन यापन करने हेतु क्या लाभ दिया जा रहा है?
पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) म.प्र. शासन, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के ज्ञापन क्रमांक एफ-2/24/2009/22/पं-1 दिनांक 11/06/2012 द्वारा जिला एवं जनपद पंचायत के कर्मचारियों के लिए दिनांक 01 जुलाई 2012 से अशंदायी पेंशन योजना लागू की गई है। (ख) उत्तरांश- (क) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार।
जनपद/जिला पंचायत के कर्मचारियों को सातवां वेतनमान
[पंचायत और ग्रामीण विकास]
98. ( क्र. 2968 ) सुश्री मंजू राजेंद्र दादु : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रदेश के जनपद/जिला पंचायत के कर्मचारियों को शासकीय कर्मचारियों के समान सातवॉ वेतनमान का लाभ दिया जा रहा है? (ख) यदि नहीं, दिया जा रहा है, तो क्यों? (ग) जनपद/जिला पंचायत के कर्मचारियों को शासकीय कर्मचारियों के समान सातवॉ वेतन मान देने के संबंध में शासन द्वारा कब तक निर्णय लिया जायेगा?
पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी नहीं। (ख) अन्य स्थानीय निकायों के कर्मचारियों को सातवां वेतनमान देने के संबंध में समग्र रूप से निर्णय होने पर विचार किया जा सकेगा। (ग) समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं।
आगर जिले में वन विभाग की शासकीय जमीन की जानकारी
[वन]
99. ( क्र. 2992 ) श्री गोपाल परमार : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) आगर जिले में वन विभाग की शासकीय भूमि कितनी है एवं वन भूमि पर कब से किसने कहाँ-कहाँ अतिक्रमण कर रखा है? अभी तक शासन द्वारा अतिक्रमणधारियों पर क्या-क्या कार्यवाही की गई? (ख) प्रश्नांश (क) के अनुसार वन विभाग द्वारा कितनी बार शासन को इस बारे में अवगत कराया जा चुका है? की गई शिकायतों की प्रतिलिपि संलग्न कर जानकारी देवें तथा शासन द्वारा उन शिकायतों पर आज दिनांक तक क्या-क्या कार्यवाही की गई है? यदि नहीं, तो कारण बतावें? (ग) प्रश्नांश (ख) के अनुसार वन विभाग की शासकीय जमीन पर किये गये अतिक्रमण को कब तक हटा दिया जायेगा और प्राप्त शिकायतों में कार्यवाही न करने वाले दोषी अधिकारियों एवं कर्मचारी पर क्या कार्यवाही करेगा?
वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) प्रश्नाधीन जिले में वन विभाग की 7681.88 हेक्टेयर शासकीय भूमि है। 5 वन परिसरों (बीट) की 155.46 हेक्टेयर वन भूमि पर वर्ष 2005 से पूर्व की अवधि से 124 अतिक्रामकों ने अतिक्रमण किया है। अतिक्रमण की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। अधिकांश अतिक्रमण वनभूमि पर राजस्व विभाग द्वारा दिये गये पट्टों के कारण वन राजस्व सीमा विवाद के रूप में है। निराकरण की कार्यवाही प्रचलित है। (ख) उत्तरांश (क) अनुसार वन भूमि में पाये गये अतिक्रमण पर कार्यवाही जिला स्तर पर की जानी है। अत: शासन स्तर पर स्थिति से अवगत कराना अपेक्षित नहीं है। अतिक्रमण के संबंध में मात्र एक शिकायत प्राप्त हुई है, जिसका विधि अनुसार निराकरण किया गया है। शिकायत की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। (ग) उत्तरांश (ख) अनुसार वन विभाग की शासकीय भूमि पर हुये अतिक्रमण को हटाने से पूर्व वन राजस्व सीमा विवाद का निराकरण किया जाना आवश्यक है, तदुपरांत वन भूमि से, अतिक्रमण हटाने की नियमानुसार कार्यवाही की जावेगी। चूंकि अतिक्रमण से संबंधित प्राप्त एक शिकायत पर वांछित कार्यवाही की जा चुकी है। अत: शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
अनुसूचित जाति-जनजाति के मठ/मंदिरों का संधारण
[धार्मिक न्यास और धर्मस्व]
100. ( क्र. 2997 ) श्री गोपाल परमार : क्या खेल और युवा कल्याण मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) आगर जिले में शासन द्वारा कितने अनुसूचित जाति-जनजाति के मठ एवं मंदिर कहाँ-कहाँ संधारित हैं? (ख) प्रश्नांश (क) के अनुसार शासन द्वारा इन मठ एवं मंदिरों को कलेक्टर के अधीन किया हुआ है या नहीं अगर नहीं? तो कब तक कर दिया जावेगा? (ग) प्रश्नांश (क) के अनुसार इन मठ एवं मंदिरों में कार्यरत पुजारी/मंहत को कितना मानदेय शासन द्वारा दिया जा रहा है? यदि नहीं, तो शासन इन मठ एवं मंदिरों के लिये नीति या नियम बनाये जायेगें? यदि हाँ, तो कब तक? (घ) आगर विधानसभा क्षेत्र अन्तर्गत विगत 04 वर्षों में मठ एवं मंदिरों को जीर्णोद्धार की स्थिति में कितना आवंटन प्राप्त हुआ है एवं कितने मठ/मंदिर लाभान्वित हुये हैं?
खेल और युवा कल्याण मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) शासन संधारित मठ एवं मंदिरों में जातिगत वर्ग भेद नहीं होता है। (ख) से (घ) प्रश्नांश (क) के उत्तर में संदर्भ में प्रश्न उद्भूत नहीं होता।
सी.एल.एस.एस. स्कीम से लाभांवित
[नगरीय विकास एवं आवास]
101. ( क्र. 2998 ) श्री गोपाल परमार : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) आगर जिले के अन्तर्गत प्रधानमंत्री आवास योजना में सी.एल.एस.एस. स्कीम की पूर्ण जानकारी नियम अनुरूप दें और जो आवेदक इस श्रेणी में आते हैं उनको इसका लाभ कितने समय अन्तराल में प्राप्त होता है? पृथक-पृथक जानकारी स्पष्ट देवें? क्या विगत 03 वर्षों में जिले के विधानसभा क्षेत्र आगर में सभी बैंक एवं फाइनेंस कम्पनियों द्वारा दिये गए ऋण के अन्तर्गत कितने हितग्राहियों को योजना का लाभ दिया गया हैं? (ख) प्रश्नांश (क) के अनुसार क्या जो हितग्राही सी.एल.एस.एस. स्कीम की श्रेणी में आते है? उन्हे लाभ देने से वंचित किया गया है और क्यों? इन्हें कब तक लाभ दिया जायेगा? साथ ही इस योजना में किस आधार पर वरीयता सूची तैयार की जाती है एवं इस योजना में कौन आवेदक पात्र-अपात्र किस नियम के अन्तर्गत आता है? नियम की प्रति संलग्न कर बतावें? (ग) प्रश्नांश (क) के अनुसार आवेदक स्वयं इस योजना का लाभ कैसे प्राप्त कर सकता है व स्वयं आवेदन कैसे कर सकता है? आवेदन की प्रक्रिया के साथ जानकारी देवें? (घ) प्रश्नांश (क) अवधि में सी.एल.एस.एस. स्कीम के तहत कितनी शिकायतें प्राप्त हुई? प्राप्त शिकायतों की जाँच किसके द्वारा की गई है? शिकायतों में कौन दोषी पाया गया है? शासन स्तर से क्या कार्यवाही की गई है? यदि दोषियों के खिलाफ कार्यवाही नहीं की गई तो कारण बतावें?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) आगर जिला अंतर्गत 4 हितग्राहियों को योजना लागू होने के दिनांक से आज तक प्रधानमंत्री आवास योजना (सबके लिए आवास- 2022 शहरी) के सी.एल.एस.एस. घटक के अंतर्गत लाभ दिया गया है, शेष की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ‘अ' अनुसार है। (ख) जी नहीं। हितग्राही द्वारा वित्तीय संस्थाओं में आवेदन करने पर लाभ दिया जाता है, जिससे समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है वरियता सूची तैयार किये जाने के प्रावधान नहीं है। भारत सरकार के मार्गदर्शी सिद्धांत जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ‘ब' अनुसार है। (ग) प्रधानमंत्री आवास योजना (सबके लिए आवास- 2022 शहरी) के सी.एल.एस.एस. घटक के अंतर्गत हितग्राही को वित्तीय संस्थाओं (बैंक/ फायनेंस कंपनी) में स्वयं बैंक/वित्तीय संस्थाओं के निर्धारित प्रपत्र पर ऋण हेतु आवेदन करने पर बैंक/ वित्तीय संस्थाओं द्वारा ऋण उपलब्ध कराया जाता है इस ऋण पर वित्तीय संस्थाओं द्वारा जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ‘स' अनुसार ब्याज अनुदान उपलब्ध कराया जाता है। (घ) प्रधानमंत्री आवास योजना (सबके लिए आवास-2022 शहरी) के सी.एल.एस.एस. स्कीम का क्रियान्वयन वित्तीय संस्थाओं से किया जाता है। शासन स्तर पर शिकायते प्राप्त नहीं हुई हैं जिससे जाँच, दोषी एवं कार्यवाही का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
जिम्मेदारों पर कार्यवाही के साथ खदान दिलाये जाने
[खनिज साधन]
102. ( क्र. 3039 ) श्री सुन्दरलाल तिवारी : क्या खनिज साधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रीवा जिले के खनिज अधिकारी (कलेक्टर खनिज) द्वारा दिनांक 04.03.2014 को नीलामी की कार्यवाही कलेक्टर सभागार में की जा कर आराजी खसरा क्रमांक 6158 रकवा 02 एकड़ तहसील गुढ़ के ग्राम बदवार के खदान की नीलामी की गई? संविदाकार श्री रोहित द्विवेदी पिता रामनारायण द्विवेदी को पत्थर खदान बाबत् स्वीकृत प्रदान की गयी? (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में संविदाकार श्री द्विवेदी को पत्र क्रमांक 457/खनिज/2014 द्वारा स्वीकृत पत्र भी जारी किया गया, जिसके पालन में 28750 रूपये चालान के माध्यम से शासन के खजाने में जमा कर दिया, परन्तु संविदाकार को कार्य नहीं करने दिया गया, बल्कि वगैर किसी सूचना एवं नोटिस दिये वगैर ऊर्जा विभाग द्वारा अधिग्रहित कर लिया गया, क्यों? (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के तारतम्य में संविदाकार/ठेकेदार कलेक्टर रीवा के यहॉ अपील भी दायर की गयी थी, लेकिन कार्यवाही लम्बित है। संविदाकार को न तो दूसरी खदान कार्य करने हेतु आवंटित की गई और न ही क्षति पूर्ति दिलाई गई, क्यों? (घ) प्रश्नांश (क), (ख) एवं (ग) अनुसार खदान के नीलामी के समय राजस्व एवं खनिज विभाग के अधिकारियों/कर्मचारियों द्वारा खदान सौर्य ऊर्जा प्लांट के अंदर है, का परीक्षण कर नीलमी की कार्यवाही क्यों नहीं करायी गयी? (ड.) प्रश्नांश (क), (ख), (ग) एवं (घ) अनुसार पत्थर खदान की नीलामी के बाद ठेकेदार की हुई क्षतिपूर्ति की भरपाई प्रश्नांश दिनांक तक न किये जाने के जिम्मेवारों पर क्या कार्यवाही करेंगे? क्षतिपूर्ति बाबत् क्या निर्देश जारी करेंगे? अगर नहीं तो क्यों?
खनिज
साधन मंत्री (
श्री
राजेन्द्र
शुक्ल ) : (क) जी
हाँ। (ख) जी हाँ।
नियमानुसार
ठेकेदार
द्वारा
प्रतिभूति
एवं अग्रिम
राशि रूपये 34,500/- जमा
की गई। प्रश्न
में उल्लेखित
ठेकेदार
द्वारा नीलाम
विज्ञप्ति की
शर्त अनुसार
पर्यावरण
अनुमति, अनुमोदित
खनन योजना तथा
जल एवं वायु
सम्मति
प्रस्तुत
नहीं किये
जाने के कारण
ठेकेदार
द्वारा कार्य
प्रारंभ नहीं
कर सका। कलेक्टर, रीवा
द्वारा आदेश
दिनांक 17.07.2015 से अल्ट्रा
मेगा सोलर
पॉवर
परियोजना स्थापित
करने हेतु
भूमि का
अधिग्रहण
किया गया है। (ग) जी
नहीं। प्रश्नाधीन
खदान को कलेक्टर, रीवा
द्वारा आदेश
दिनांक 29.11.2017 से निरस्त
कर जमा
प्रतिभूति, अग्रिम
राशि तथा
प्रथम किस्त
को वापिस कर
दिया गया है।
प्रश्नानुसार
नियमों में
प्रावधान न
होने के कारण प्रश्न
उपस्थित नहीं
होता।
(घ)
नीलामी
की सूचना
दिनांक 22.02.2014 की स्थिति
में अल्ट्रा
मेगा सोलर
पॉवर
परियोजना
हेतु भूमि का
अधिग्रहण
नहीं हुआ था।
अत: प्रश्न
उपस्थित नहीं
होता। (ड.)
प्रश्नांश
(ग) में दिये
उत्तर के
प्रकाश में
प्रश्न
उपस्थित नहीं
होता।
भारतीय वन अधिनियम 1927 के अधिसूचना
[वन]
103. ( क्र. 3057 ) श्री सचिन यादव : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या खरगोन जिले के बड़वाहा वनमण्डल के अन्तर्गत आने वाले वन ग्राम मोयदा की कृषि भूमि, आबादी भूमि एवं निस्तार की भूमि को प्रश्नांकित दिनांक तक भी भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 20 धारा 29 एवं धारा 4 में अधिसूचित नहीं किया गया है? (ख) ग्राम मोयदा की वन विभाग के अभिलेख में कितनी कृषि उपयोग की भूमि, कितनी आबादी उपयोग की भूमि एवं कितनी निस्तारमद की भूमि वर्तमान में दर्ज है? इनमें से कितनी-कितनी भूमियों को किस दिनांक की अधिसूचना के तहत आरक्षित वन या संरक्षित वन बनाए जाने के लिए प्रस्तावित कर अधिसूचित किया गया? अधिसूचना की प्रति सहित बतावें? (ग) वन ग्राम मोयदा की कृषि उपयोग में आने वाली भूमि, आबादी मद में दर्ज भूमि को यदि प्रश्नांकित दिनांक तक भी राजपत्र में वन भूमि अधिसूचित नहीं किया गया हो, तो उसका कारण बतावें? कब तक अधिसूचित किया जावेगा?
वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) जी नहीं। प्रश्नाधीन भूमि Forest & Tribal Welfare Department Gwalior की अधिसूचना क्रमांक-1623/X-F/114 (54) दिनांक 09 अक्टूबर 1954 राजपत्र में प्रकाशन दिनांक 21 अक्टूबर 1954 द्वारा आरक्षित वन वनखण्ड मेन विंध्या के अन्तर्गत अधिसूचित हैं। (ख) वनग्राम मोयदा की आरक्षित वन कक्ष क्रमांक-263 में सेटलमेंट रेकार्ड के अनुसार कृषि उपयोग की भूमि 137.091 हेक्टेयर, आबादी उपयोग की भूमि 0.053 हेक्टेयर तथा निस्तार मद की 6.394 हेक्टेयर भूमि दर्ज है। शेष उत्तरांश (क) अनुसार। (ग) उत्तरांश (क) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
वड़वाहा वन मण्डल को राजस्व वन ग्राम मोयदा के संबंध में
[वन]
104. ( क्र. 3058 ) श्री सचिन यादव : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) खरगौन जिले के बड़वाहा वन मण्डल के वन ग्राम मोयदा में कितनी कृषि उपयोग भूमि, कितनी आबादी मद की भूमि एवं कितनी निस्तार प्रयोजन की भूमि वन विभाग के किस अभिलेख में दर्ज है? इनमें से कितनी कृषि उपयोग की भूमि, कितनी आबादी मद की भूमि एवं कितनी निस्तारी प्रयोजन की भूमि किस दिनांक को राजपत्र में आरक्षित वन या संरक्षित वन अधिसूचित की गई? अधिसूचना की प्रति सहित बतावें? (ख) ग्राम मोयदा की 1928 की मिसल बन्दोबस्त वर्ष 1948 की मिसल बन्दोबस्त एवं 1980 तक के शासकीय अभिलेखों में कितनी कृषि भूमि कितने किसानों के भू-स्वामी हक्क पर दर्ज रही है, इस भूमि को वन भूमि किस अधिसूचना या आदेश से माना गया है? (ग) ग्राम मोयदा की कितनी-कितनी भूमि के कितने-कितने पट्टे वन विभाग ने वन ग्राम नियम 1928 के अनुसार वितरित किये? कितनी भूमि के कितने पट्टे वन ग्राम नियम 1977 के अनुसार वितरीत किये? पृथक-पृथक बतावें? (घ) ग्राम मोयदा की कितनी भूमि किस आदेश क्रमांक, दिनांक से वन विभाग को मात्र प्रबंधन के लिये सौपी गयी थी? इस भूमि का प्रबंधन राजस्व विभाग को प्रश्नांकित दिनांक तक भी अंतरित नहीं किये जाने का क्या कारण रहा हैं? कब तक प्रबंधन राजस्व विभाग को सौप दिया जावेगा?
वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) प्रश्नाधीन वनग्राम में वर्ष 1980-81 के बन्दोबस्त अभिलेख के अनुसार 137.091 हेक्टेयर वनभूमि कृषि उपयोग हेतु, 0.053 हेक्टेयर वनभूमि आबादी उपयोग एवं 6.394 हेक्टेयर वनभूमि निस्तार प्रयोजन की दर्ज हैं। उपरोक्त वनग्राम वनखण्ड मेन विंध्या के अन्तर्गत अधिसूचित है। जिसे Forest & Tribal Welfare Department Gwalior की अधिसूचना क्रमांक - 1623/X-F/114 (54) दिनांक 09 अक्टूबर 1954 राजपत्र में प्रकाशन दिनांक 21 अक्टूबर 1954 द्वारा आरक्षित वन वनखण्ड घोषित किया गया है, जिसमें वनग्राम मोयदा सम्मिलित है। अधिसूचना की छायाप्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-एक अनुसार है। (ख) वनखण्ड बड़वाह में वन ग्राम मोयदा की वर्ष 1928 की मिसल बन्दोबस्त अभिलेखों में होना नहीं पाया गया। उपलब्ध अभिलेख वर्ष 1948-49 के मिसल बन्दोबस्त वनग्राम मोयदा में पक्का कृषक संख्या-17 रकबा 304.12 एकड़, खोती पटेल कृषक संख्या 01 रकबा 9.37 एकड़, बलाई चाकरी कृषक संख्या 01 रकबा 1.300 एकड़ भूमि दर्ज है वर्ष 1980-81 की मिसल बन्दोबस्त किस्तबंदी खतौनी आसामीवार में भू-स्वामी अलाभप्रद खाते में कृषि हेतु कृषक संख्या 21 रकबा 137.091 हेक्टेयर भूमि दर्ज है। अधिसूचना आरक्षित वन खण्ड मेन विंध्या में सम्मिलित होने के कारण वन भूमि माना गया है। (ग) वनमण्डल बड़वाह में वन ग्राम मोयदा की भूमि के पट्टे वन विभाग ने वनग्राम नियम 1928 के अनुसार वितरित किये जाने का अभिलेख उपलब्ध नहीं है वनमण्डल बड़वाह में उपलब्ध अभिलेख अनुसार वन ग्राम मोयदा में वन ग्राम नियम 1977 के तहत 05 पट्टों की भूमि 18.429 हेक्टेयर वन भूमि एवं अतिशेष भूमि 6.398 हेक्टेयर कुल भूमि 24.827 हेक्टेयर के पट्टे वितरित किये गये। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-दो अनुसार है। (घ) उत्तरांश (क) के परिप्रेक्ष्य में शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
शासकीय भूमि पर अतिक्रमण
[पंचायत और ग्रामीण विकास]
105. ( क्र. 3074 ) श्री नीलेश अवस्थी : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या शासन की मंशा अनुरूप प्रत्येक ग्राम पंचायत में एक शासकीय खेल मैदान एवं शांतिधाम बनाया जाना अनिवार्य है? (ख) प्रश्नांश (क) यदि हाँ, तो मझौली विकासखण्ड अंतर्गत खेल मैदान एवं शांतिधाम के निर्माण हेतु शासकीय भूमि उपलब्ध है एवं किन-किन स्थानों पर शासकीय भूमि उपलब्ध न होने की वजह से उनका निर्माण नहीं हो पा रहा है? सूची देवें। (ग) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित निर्माण कार्यों हेतु शासकीय भूमि में अतिक्रमण की वजह से क्या निर्माण कार्य रूके हुये हैं। किस प्रकार से कब तक शासकीय भूमि से इन अतिक्रमणों को हटाया जावेगा ताकि खेल मैदान एवं शांतिधाम का निर्माण किया जा सके?
पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी नहीं। प्रत्येक ग्राम में एक खेल मैदान (भूमि की उपलब्धता के आधार पर) तथा प्रत्येक ग्राम के लिए एक शांतिधाम (मांग के आधार पर) बनाया जाना लक्षित है। (ख) वांछित जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) जी नहीं। किंचिंत स्थानों पर जहां अतिक्रमण के कारण निर्माण कार्य नहीं हो पा रहा है, उन जिलों में जिला प्रशासन द्वारा अतिक्रमण हटाने का लगातार प्रयास किया जा रहा है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
विधायक विकास निधि
[योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी]
106. ( क्र. 3076 ) श्री नीलेश अवस्थी : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) पाटन विधानसभा के अंतर्गत वर्ष 2017-18 में विधायक विकास निधि से कितने निर्माण कार्यों की अनुशंसा की गई? निर्माण कार्य एजेंसी द्वारा अनुशंसित निर्माण कार्यों की तकनीकी स्वीकृति प्राक्कलन कब-कब जिला योजना एवं आर्थिक सांख्यिकी विभाग जबलपुर को अग्रेषित किये गये तथा प्रश्न दिनांक तक कितने निर्माण कार्यों की तकनीकी स्वीकृति प्राक्कलन जिला योजना एवं आर्थिक सांख्यिकीय विभाग जबलपुर को भेजे जाना लंबित है? सूची देवें? तकनीकी स्वीकृति जिला आर्थिक सांख्यिकी विभाग जबलपुर को समय पर न भेजे जाने के क्या कारण हैं? (ख) क्या विधायक विकास निधि से स्वीकृत निर्माण कार्यों की राशि जनपद पंचायत द्वारा क्रियान्वयन एजेंसी को समय पर भुगतान न करने के संबंध में कलेक्टर जबलपुर को शिकायत प्राप्त होने पर कलेक्टर (संभागीय योजना एवं सांख्यिकी) जबलपुर के पत्र क्रमांक /2940/स.यो.सा./17-18/दिनांक 30.12.2017 के द्वारा संभागीय योजना एवं सांख्यिकी कार्यालय जबलपुर द्वारा निर्गमित की गई राशि अधीनस्थ कार्यरत निर्माण एजेंसी को यथाशीघ्र उपलब्ध कराये जाने के निर्देश दिये गये थे? (ग) यदि हाँ, तो जनपद पंचायत पाटन/मझौली द्वारा वर्ष 2017-18 में विधायक विकास निधि से अनुशंसित निर्माण कार्यों की राशि जिला योजना एवं आर्थिक सांख्यिकीय जबलपुर द्वारा कब-कब, कितनी-कितनी राशि कब कितनी उपलब्ध कराई गई तथा जनपद पंचायत द्वारा कार्यरत निर्माण एजेंसी को राशि कब कितनी राशि प्रदान की गई। निर्माण कार्यवार जानकारी उपलब्ध करावें? (घ) निर्माण कार्य एजेंसी को जनपद पंचायत द्वारा समय पर राशि उपलब्ध न कराने एवं किश्तों में भुगतान किये जाने के लिये कौन-कौन अधिकारी/कर्मचारी दोषी हैं तथा शासन द्वारा उन पर कब क्या कार्यवाही की जावेगी?
वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी हाँ। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (घ) जनपद पंचायतों द्वारा निर्माण कार्यों की राशि मूल्यांकन एवं प्रगति प्रतिवेदन के आधार पर संबंधित क्रियान्वयन अभिकरणां को जारी की जा रही है।
नगर निगम के SOR में वृद्धि
[नगरीय विकास एवं आवास]
107. ( क्र. 3077 ) श्री नीलेश अवस्थी : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) निर्माण कार्यों की दरों के निर्धारण हेतु प्रदेश में लागू SOR को नियमानुसार वस्तुओं के मूल्यों में वृद्धि के अनुसार कितनी अवधि में रिवाइज (पुनर्निर्धारण) किया जाता है? प्रदेश के नगर निगमों में लागू SOR में वर्ष 2012 से वृद्धि नहीं की गयी है? तो क्यों? (ख) क्या शासन विगत 5 वर्षों में निर्माण सामग्री में हुई मूल्य वृद्धि के अनुसार न.नि. लागू SOR में वृद्धि करेगा? ताकि निर्माण कार्य गुणवत्तापूर्ण हो सकें? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्यों?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) एस.ओ.आर. (मानक दर सूची) के पुनर्निधारण हेतु कोई स्थापित नियम नहीं है तथापि यह निर्धारण वस्तुओं की मूल्य वृद्धि अनुसार वार्षिक आधार पर किया जाता है। जी हाँ, गत वर्षों में वर्ष 2012 के एस.ओ.आर. के आधार पर आमंत्रित निविदाओं में प्राप्त हो रही दरों के दृष्टिगत एस.ओ.आर. की दरों में वृद्धि/पुनरीक्षण किए जाने की कार्यवाही नहीं की गई। (ख) एस.ओ.आर. पुनरीक्षण किए जाने की कार्यवाही प्रारंभ की गई है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
जनप्रतिनिधियों द्वारा अनुशंसित कार्यों में प्रदाय एजेंसी संबंधी
[योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी]
108. ( क्र. 3083 ) प्रो. संजीव छोटेलाल उइके : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या जनप्रतिनिधियों द्वारा क्षेत्रीय निर्वाचन निधि से मंडला जिले में पानी टेंकर एवं यात्री प्रतीक्षालय की अनुशंसा की गई है? यदि हाँ, तो, जिला कलेक्टर द्वारा सभी वैधानिक प्रक्रिया उपरांत स्वीकृति प्रदान की गई तो वर्ष 2013 से प्रश्नांश दिनांक तक विधानसभावार जानकारी उपलब्ध करावे? (ख) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित अवधि में दिये गये पानी टेंकर म.प्र. शासन के द्वारा अनुमोदित एजेंसी के द्वारा सभी वैधानिक मापदण्डों को पूरा करते हुए जनहित में प्रदान किये गये है? यदि हाँ, तो विधानसभावार जानकारी बतावें? यदि नहीं, तो शासन के मापदण्डों की अव्हेलना करने वाले के विरूद्ध क्या कार्यवाही होगी? (ग) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित यात्री प्रतीक्षालय दिये जाने के क्या वैधानिक प्रावधान/मापदण्ड हैं? क्या निर्वाचित विधायकों के द्वारा वैधानिक मापदण्डानुसार यात्री प्रतिक्षालय प्रदाय करने की अनुशंसा की गई है और जिला कलेक्टर द्वारा वैधानिक परिक्षणोपरान्त स्वीकृत कर राशि जारी की गई है? जानकारी उपलब्ध करावें?
वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' अनुसार है। (ख) जी हाँ। विधानसभावार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' अनुसार है। मापदण्डों की अव्हेलना न करने के कारण किसी के विरूद्ध कार्यवाही का प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता है (ग) माननीय विधायकों द्वारा अनुशंसा उपरान्त ही जिला कलेक्टर द्वारा स्वीकृति जारी की गई। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''ब'' अनुसार है।
अनुविभागीय अधिकारियों के समक्ष लंबित जाँच
[वन]
109. ( क्र. 3087 ) प्रो. संजीव छोटेलाल उइके : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या मण्डला, डिण्डोरी, कटनी, जबलपुर एवं बैतूल जिले में वन विभाग के द्वारा म.प्र. भू-राजस्व संहिता 1959 की धारा 237 (1) के तहत पटवारी मानचित्र, निस्तार पत्रक, अधिकार अभिलेख्ा एवं ख्ासरा पंजी में बड़े झाड़, छोटे झाड़ का जंगल, पहाड़, चट्टान, घास, चरनोई भूमि मद में दर्ज भूमि को राजस्व विभाग की अनुमति के बिना वर्किंग प्लान में शामिल कर संरक्षित एवं नारगी वन भूमि प्रतिवेदित किया जा रहा है? (ख) यदि हाँ, तो, राजस्व अभिलेखों में दर्ज कितनी भूमि वर्किंग प्लान में शामिल कर संरक्षित वन एवं नारगी वन भूमि प्रतिवेदित की जा रही है? इसकी राजस्व विभाग एवं कलेक्टर से किस दिनांक को वन विभाग को अनुमति दी गई है? (ग) राजस्व अभिलेखों में दर्ज गैरखाते की दखल भूमि को वर्किंग प्लान में शामिल कर संरक्षित कर नारगी एवं वन भूमि प्रतिवेदित किये जाने का अधिकार वन विभाग को म.प्र. भू-राजस्व संहिता 1959 एवं भारतीय वन अधिनियम 1927 की किस-किस धारा से प्राप्त हुआ है? (घ) वर्किंग प्लान में शामिल कर संरक्षित वन एवं नारगी वन प्रतिवेदित की जा रही भूमि को राजस्व अभिलेखों से पृथक कराये जाने के संबंध में विभाग ने कब और क्या कार्यवाही की है? प्रश्नांकित दिनांक तक भी पृथक नहीं किये जाने का क्या कारण है?
वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) जी नहीं। भारतीय वन अधिनियम, 1927 की धारा-29 के प्रावधानों के तहत अधिसूचित होने के पश्चात ही कार्य-आयोजना में शामिल की गई भूमियों को संरक्षित वन प्रतिवेदित किया जाता है। (ख) उत्तरांश (क) के परिप्रेक्ष्य में शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) भारतीय वन अधिनियम, 1927 की धारा-3 एवं धारा-29 के प्रावधानों के तहत अधिसूचित भूमियों को कार्य-आयोजना में शामिल किया जाता है। (घ) उत्तरांश (क) एवं (ग) के परिप्रेक्ष्य में शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
भूमि को संरक्षित वन एवं नारगी वन सर्वे में शामिल करना
[वन]
110. ( क्र. 3088 ) प्रो. संजीव छोटेलाल उइके : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या मण्डला, डिण्डोरी, जबलपुर, कटनी एवं बैतूल जिले के राजस्व अभिलेखों में दर्ज गैर खाते की दखल रहित भूमि को वन विभाग ने संरक्षित वन सर्वे एवं नारगी वन भूमि में शामिल किया है? (ख) यदि हाँ, तो किस जिले में कितने राजस्व ग्रामों में से कितने ग्रामों की कितनी-कितनी भूमि संरक्षित कर वन सर्वे एवं नारगी वन भूमि सर्वे में शामिल की गई? इनमें से कितने ग्रामों की कितनी भूमि भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 4 एवं 34 अ में अधिसूचित की गई है? कितनी भूमि बिना निर्वनीकरण के आंतरित एवं आवंटित की गई? (ग) सरंक्षित वन सर्वे एवं नारगी वन भूमि में शामिल भूमि राजस्व अभिलेख, पटवारी मानचित्र, निस्तार पत्रक, अधिकार अभिलेख एवं खसरा पंजी में किन-किन मदों में किन-किन सार्वजनिक प्रयोजनों के लिए दर्ज भूमि है? इन्हें किस शासनादेश के तहत संरक्षित वन सर्वे एवं नारगी वन सर्वे में शामिल किया गया? (घ) राजस्व अभिलेखों में दर्ज भूमि को किस-किस कानून, नियम एवं मान. न्यायालयीन आदेशों के तहत नारगी भूमि में सर्वे में शामिल किया गया? विभागीय आदेश क्रमांक दिनांक सहित बतावें।
वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) जी हाँ। (ख) जानकारी एकत्रित की जा रही है। (ग) भारतीय वन अधिनियम, 1927 की धारा-29 के प्रावधानों के तहत संरक्षित वन अधिसूचित किये जाने से प्रश्नाधीन भूमियों को संरक्षित वनखण्डों में शामिल किया गया। उक्त अधिसूचना में राजस्व मदों का उल्लेख नहीं है। विभागीय परिपत्र क्रमांक एफ-5/43/90/10-3/96 दिनांक 14 मई 1996 की कंडिका-3 के निर्देशानुसार नारंगी क्षेत्र सर्वेक्षण एवं सीमांकन इकाई बैतूल एवं जबलपुर के द्वारा प्रश्नाधीन भूमियों को सर्वे में शामिल कर उपयुक्त भूमियों को वनखण्डों में शामिल किया गया। उक्त निर्देशों में राजस्व मदों का उल्लेख नहीं है। (घ) उत्तरांश (ग) के परिप्रेक्ष्य में शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
नगर निकाय में विकसित आवासीय सोसायटी
[नगरीय विकास एवं आवास]
111. ( क्र. 3089 ) प्रो. संजीव छोटेलाल उइके : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) मण्डला नगर पालिका अंतर्गत महाराजपुर में प्रस्तावित गोकुलधाम, सोसायटी के द्वारा कितने रकबा में किस प्रक्रिया के तहत आवासीय प्लाट बेचे जा रहे हैं और किस दर पर बेचे जा रहे हैं? शासन स्तर से क्या कोई गाईड लाईन जारी की गई है? कालोनी में ग्रामीण क्षेत्र की भूमि को भी शामिल किया गया है, कितनी तथा कौन-कौन सी ग्राम पंचायत थी? (ख) क्या खसरा नं. -78 में निर्माणाधीन गोकुलधाम कालोनी में शासकीय तालाब भी था और इस तालाब को अवैध रूप से कालोनाईजर द्वारा कब्जा कर कालोनी का ही हिस्सा बताया गया है? यदि हाँ, तो दोषियों पर क्या कार्यवाही की गई है और इस कदाचरण में सम्मिलित अधिकारी/कर्मचारी पर क्या कार्यवाही की जावेगी और यदि नहीं, तो शासकीय तालाब के लिए कितनी राशि कालोनाईजर द्वारा शासन के कोष में जमा की गई है और कब किस रूप में दिनांक सहित जानकारी देवे। (ग) क्या उक्त कालोनी अवैधानिक है? यदि हाँ, तो, विक्रय एवं रजिस्ट्री में रोक क्यों नहीं है? यदि नहीं, तो वैधानिक प्रक्रिया की संपूर्ण जानकारी उपलब्ध करावें?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) मण्डला नगर पालिका क्षेत्रान्तर्गत महाराजपुर में प्रस्तावित गोकुलधाम का कुल रकवा 4.460 हेक्टेयर है। कॉलोनाईजर द्वारा विकास अनुज्ञा कि शर्तों पर विक्रय किया जाता है तथापि वर्तमान में उक्त कॉलोनी की विकास अनुज्ञा कलेक्टर आदेश दिनांक 04.09.2017 द्वारा निरस्त की गई है। आवासीय कॉलोनी की प्लाटों का विक्रय मूल्य कॉलोनाईजर द्वारा तय किया जाकर क्रेता विक्रेता की आपसी सहमति से प्लाटों का क्रय-विक्रय किया जाता है। किस दर पर बिक्री की गई, यह विवरण उपलब्ध नहीं है। कलेक्टर एवं जिला मूल्यांकन समिति मण्डला (म.प्र.) द्वारा वर्ष 2017-18 अचल संपत्ति के बाजार मूल्य मूल्यांकन हेतु जारी गाईड लाईन की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'अ' अनुसार है। जी नहीं। शेषांश का प्रश्न उपस्थ्ति नहीं होता है। (ख) जी नहीं। खसरा नं. 78 में निर्माणाधीन गोकुलधाम कॉलोनी में शासकीय तालाब नहीं था। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) जी हाँ। पूर्व में जारी की गई विकास अनुज्ञा को निरस्त किये जाने से वर्तमान में कॉलोनी अवैध की श्रेणी में है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'ब' अनुसार है। विक्रय पंजीयन पर रोक का अधिकार सक्षम प्राधिकारी को नहीं है। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
रा. राजमार्ग निर्माण हेतु मुरूम, पत्थर एवं रेत खनन की अनुमति
[खनिज साधन]
112. ( क्र. 3122 ) श्रीमती प्रतिभा सिंह : क्या खनिज साधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जबलपुर जि. में राष्ट्रीय राजमार्ग क्र. 7 एवं अन्य सड़कों, गोंदिया रेल लाइन के निर्माण हेतु विगत 3 वर्षों में जिले में खदानवार, रकवावार कहाँ-कहाँ, किन-किन ठेकेदारों को मुरूम, पत्थर, रेत खनन की अनुमति दी? (ख) उक्त खनन के लिए ठेकेदारों द्वारा कितनी राशि जमा की गयी? स्वीकृति खदानों के अतिरिक्त ठेकेदारों द्वारा अवैध रूप से किन-किन खदानों से अवैध उत्खनन किया गया? (ग) अवैध उत्खनन के विरूद्ध क्या-क्या कार्यवाही की गयी? विगत 3 वर्षों का विवरण दें।
खनिज साधन मंत्री ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) प्रश्नाधीन जिले के अंतर्गत राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक-7 एवं अन्य सड़क निर्माण तथा गोंदिया रेल लाईन निर्माण हेतु प्रश्नाधीन अवधि में मुरम तथा पत्थर की दी गई अनुमति की जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-अ पर है। रेत खनन हेतु प्रश्नानुसार अनुमति नहीं दी गई है। (ख) प्रश्नानुसार जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-अ एवं ब पर दर्शित है। (ग) प्रश्नानुसार जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-ब पर दर्शाई गई है।
कठौतिया एवं टींगन ग्रामों को प्रधानमंत्री सड़क से जोड़ने
[पंचायत और ग्रामीण विकास]
113. ( क्र. 3123 ) श्रीमती प्रतिभा सिंह : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जबलपुर जिले के जबलपुर वि.ख. के ग्राम कठौतिया एवं ग्राम टींगन को प्रधानमंत्री ग्राम सड़क से जोड़ने की वर्तमान स्थिति क्या है? (ख) उक्त सड़कों की स्वीकृति कब प्राप्त हुई वर्तमान में निर्माण कार्य किस स्तर में है? ग्राम चारघाट से ग्राम टींगन को जोड़ने वाली प्रधानमंत्री सड़क की दूरी कितनी है? सड़कों की लागत मूल्य सहित प्रगति की जानकारी दें।
पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) इन ग्रामों को जोड़ने हेतु स्वीकृत मार्गों के निविदा की कार्यवाही प्रचलन में है। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है।
परिशिष्ट - ''उन्यासी''
(भैरो मंदिर) के प्रबंधन हेतु शासकीय समिति गठित करने
[धार्मिक न्यास और धर्मस्व]
114. ( क्र. 3124 ) श्रीमती प्रतिभा सिंह : क्या खेल और युवा कल्याण मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) जबलपुर नगर में स्थित प्राचीन धार्मिक स्थल बाजना मठ (भैरो मदिर) एवं शास्त्री नगर एन.एच.-7 पर स्थित प्राचीन बावड़ी जो कि लगभग 500 वर्ष प्राचीन है का प्रबंधन कोई शासकीय समिति कर रही है? क्या उक्त बाजना मठ, बावड़ी एवं भैंरो मंदिर को मध्यप्रदेश प्राचीन स्मारक एवं पुरातत्व स्थल एवं अवशेष अधि. के अंतर्गत शासन द्वारा संरक्षित करेगा? यदि हाँ, तो कब तक? (ख) क्या शासन उपरोक्त प्राचीन धार्मिक स्थल बाजना मठ मंदिर के प्रबंधन हेतु त्रिपुर संदुरी मंदिर प्रबंधन समिति के समान शासकीय प्रबंधन समिति का गठन करेगा? तो कब तक? यदि नहीं, तो क्यों?
खेल और युवा कल्याण मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) जबलपुर नगर में स्थित प्राचीन धार्मिक स्थल बाजनामठ (भैरो मंदिर) में शासकीय प्रबंधन की प्रक्रिया प्रचलन में है जिसके संबंध में बजट नोटिफिकेशन हेतु भेजा गया है उक्त मंदिर के आय व्यय का लेखा जोखा शासन द्वारा किया जा रहा है एवं शास्त्री नगर एन.एच.-07 पर स्थित प्राचीन बावड़ी में कोई शासकीय समिति या शासकीय प्रबंधन नहीं है। न ही यह पुरातत्व विभाग द्वारा संरक्षित है। (ख) जबलपुर नगर में स्थित प्राचीन धार्मिक स्थल बाजनामठ (भैरो मंदिर) में शासकीय ट्रस्ट प्रबंधन की प्रक्रिया प्रचलन में है जिसके संबंध में गजट नोटिफिकेशन कराया गया है उक्त मंदिर के आय व्यय का लेखा जोखा विभाग द्वारा किया जा रहा है।
संविदा कर्मचारियों को रखे जाने की जानकारी
[नगरीय विकास एवं आवास]
115. ( क्र. 3133 ) श्री गोपीलाल जाटव : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) नगर पालिका अशोकनगर में वर्ष 2014-15 से वर्तमान दिनांक तक कितने संविदा कर्मचारी रखे गये? संख्या सहित बतावें। (ख) माह अक्टूबर, नवम्बर, दिसम्बर 2017 में कितने कर्मचारी किस नियम के तहत संविदा पर रखे गये? (ग) संविदा पर रखे गये कर्मचारियों की सूची नामवार, पते सहित एवं बैंक अकाउंट सहित जानकारी देवें। (घ) क्या संविदा कर्मचारी के नियुक्ति के अधिकार मुख्य नगर पालिका अधिकारी को प्राप्त हैं? यदि हाँ, तो क्या इन पदों पर भर्ती हेतु कोई नीति होती है या कोई विज्ञप्ति जारी की जाती है? यदि नहीं, तो क्यों?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) नगर पालिका परिषद अशोकनगर में वर्ष 2014-15 से वर्तमान दिनांक तक परिषद संकल्प क्रमांक 59 दिनांक 10.12.2010 के पालन में 524 श्रमिक संविदा पर रखे गये है। (ख) वर्ष 2017-18 में स्वच्छ भारत मिशन के कार्य हेतु संविदा पर माह अक्टूबर, नवम्बर एवं दिसंबर 2017 में 31 श्रमिक रखे गये है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'अ' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'ब' अनुसार है। (घ) परिषद प्रस्ताव के पालन में संविदा पर श्रमिक रखे गये है।
नवीन 33/11 के.व्ही. विद्युत उपकेन्द्र स्थापना
[वन]
116. ( क्र. 3164 ) श्री प्रहलाद भारती : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या पोहरी विधानसभा क्षेत्र के ग्राम छर्च में आरजीजीव्हीवाय योजनांतर्गत नवीन 33/11 विद्युत उपकेन्द्र की स्थापना हेतु वन विभाग द्वारा भूमि प्रदाय कर स्वीकृति जारी की जा चुकी है? यदि हाँ, तो किस दिनांक को स्वीकृति की गई है? यदि नहीं, तो किन-किन कारणों से विद्युत उपकेन्द्र हेतु भूमि प्रदाय नहीं की जा सकी है? किस दिनांक को भूमि आवंटन हेतु वन विभाग को आवेदन प्राप्त हुआ था? (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार यदि भूमि आवंटन नहीं हुआ है तो विभाग को भूमि आवंटन हेतु आवेदन प्राप्त होने के दिनांक से किस स्तर पर क्या परेशानी आ रही है तथा वन विभाग द्वारा उन्हें दूर किए जाने हेतु क्या-क्या कार्यवाही की गई है? किस दिनांक तक विद्युत उपकेन्द्र की स्थापना हेतु विभाग द्वारा भूमि आवंटन की स्वीकृति जारी कर दी जावेगी?
वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) जी, नहीं। आवेदक संस्था द्वारा तहसील पोहरी के ग्राम छर्च में विद्युत सबस्टेशन की स्थापना हेतु 3.6432 हेक्टेयर वन भूमि प्रत्यावर्तन का ऑन लाईन प्रस्ताव प्रस्तुत किया था। ऑन लाईन प्रस्ताव में समस्त पूर्तियाँ होने पर आवेदक संस्था ने प्रस्ताव की हार्ड प्रति दिनांक 30.08.2017 को वन मंडल कार्यालय में जमा की थी। प्रस्ताव में क्षतिपूर्ति वनीकरण के लिये आवेदक संस्था द्वारा उपलब्ध करवाई गई गैर वनभूमि वृक्षारोपण हेतु योग्य नहीं पाई गई। तत्पश्चात् आवेदक संस्था द्वारा पुनः क्षतिपूर्ति वनीकरण के लिये अन्य स्थान पर गैर वन भूमि उपलब्ध कराते हुये इसकी जानकारी वन मंडल अधिकारी, शिवपुरी कार्यालय में दिनांक 20.02.2018 को प्रस्तुत की गई है। (ख) प्रकरण में अब आवेदक संस्था द्वारा क्षतिपूर्ति नीकरण हेतु उपयुक्त गैर वन भूमि उपलब्ध करा दी गई है। प्रस्ताव विभाग में प्राप्त होने पर, प्रशासकीय स्वीकृति उपरान्त, भारत सरकार, पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की अनुमति प्राप्त करने हेतु, प्रेषित किया जावेगा। समय-सीमा बताया जाना सम्भव नहीं है।
करैरा अभ्यारण्य के गठन की अधिसूचना के डिनोटीफाइड किए जाने
[वन]
117. ( क्र. 3165 ) श्री प्रहलाद भारती : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या वन विभाग मंत्रालय के पत्र क्रमांक/एफ-15-52/2002/10-2 दिनांक 24.8.2017 के अनुसार शासन, करैरा अभ्यारण्य के गठन की अधिसूचना को रद्द (डिनोटीफाईड) करना चाहता है? यदि हाँ, तो इस संबंध में अब तक क्या-क्या कार्यवाही पूर्ण हो चुकी है तथा क्या कार्यवाही होना शेष हैं? (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में करैरा अभ्यारण्य को डिनोटीफाईड करने में क्या कोई बाधा है? यदि हाँ, तो क्या यदि नहीं, तो कब तक डिनोटीफाईड कर दिया जावेगा? (ग) क्या अभ्यारण्य के डिनोटीफाईड होते ही कृषकों की अचल संपत्तियों के क्रय-विक्रय पर लगा प्रतिबंध समाप्त हो जावेगा? यदि हाँ, तो कब तक?
वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) जी हाँ। करैरा अभ्यारण्य के क्षेत्र को डिनोटिफाई किये जाने के प्रकरण में माननीय सर्वोच्च न्यायालय की केन्द्रीय साधिकार समिति द्वारा प्रकरण में यह शर्त लगाई गई है कि जब तक करैरा अभ्यारण्य को डिनोटिफिकेशन किये जाने वाले संरक्षित क्षेत्र के समतुल्य क्षेत्र को संरक्षित क्षेत्र के रूप में नोटिफाई नहीं कर देता है तब तक संरक्षित क्षेत्र को डिनोटिफाई नहीं किया जा सकता है। अन्य संरक्षित क्षेत्र में अतिरिक्त क्षेत्र जोड़ने की कार्यवाही प्रचलित है। (ख) उत्तरांश (क) के अनुसार। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ग) जी हाँ। अभयारण्य का डिनोटिफिकेशन होने के उपरांत वन्यप्राणी (संरक्षण) अधिनियम, 1972 की धारा 20 के प्रावधान स्वतः ही समाप्त हो जाने से कृषक अपनी निजी भूमि का क्रय-विक्रय कर सकेंगे। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
मजदूरी भुगतान में अनियमितता
[पंचायत और ग्रामीण विकास]
118. ( क्र. 3168 ) श्री रामपाल सिंह : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजनांतर्गत करकी से बतौंडी तक सड़क का निर्माण कार्य कराया गया हैं? (ख) यदि हाँ, तो प्रश्नांकित सड़क निर्माण में कार्यरत मजदूरों के मजदूरी का भुगतान आज दिनांक तक क्यों नहीं किया गया है? (ग) क्या मजदूरी भुगतान के संबंध में उच्च स्तरीय समिति गठित कर मजदूरी भुगतान जाँच उपरांत कराया जावेगा और मजदूरी भुगतान पर लापरवाही करनें वाले जिम्मेदार अधिकारी/कर्मचारी पर कार्यवाही की जावेगी? यदि हाँ, तो कब तक?
पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ। (ख) ठेकेदार को सड़क निर्माण का भुगतान करने के पूर्व सड़क निर्माण में कार्यरत मजदूरों को भुगतान किये जाने संबंधित प्रमाण-पत्र प्राप्त किया गया है। ठेकेदार द्वारा मजदूरी का भुगतान न किये जाने संबंधी कोई शिकायत कार्यालय अभिलेख में नहीं है। (ग) उत्तरांश (ख) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
शहडोल जिले में निर्माण कार्य
[पंचायत और ग्रामीण विकास]
119. ( क्र. 3169 ) श्री रामपाल सिंह : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या शहडोल जिले के जनपद पंचायत जयसिंहनगर तथा ब्यौहारी अन्तर्गत महात्मा गांधी नरेगा योजना से सामुदायिक निर्माण कार्य कराये जा रहे हैं? (ख) यदि हाँ, तो विगत ०२ वर्षों से प्रश्न दिनांक तक कितने कार्य कराये गये हैं? ग्राम पंचायतवार स्वीकृत, पूर्ण एवं निर्माणाधीन कार्यों की संख्या स्वीकृत राशि, मजदूरी और सामग्री मद में व्यय राशि की जानकारी देवें। निर्माणाधीन कार्यों की पूर्णता की तिथि भी बतावें?
पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ। (ख) 2697 कार्य स्वीकृत किये गये। ग्राम पंचायतवार वांछित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। महात्मा गांधी नरेगा मांग आधारित होने के कारण निर्माणाधीन कार्यों की पूर्णता की तिथि राज्य स्तर से नियत नहीं की जा सकती है।
निर्वाचित सरपंच को पदभार नहीं ग्रहण करने देने
[पंचायत और ग्रामीण विकास]
120. ( क्र. 3204 ) श्री यशपालसिंह सिसौदिया : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मंदसौर विधानसभा क्षेत्र में दिनांक 1 जनवरी, 2015 के पश्चात कितने पंचायत सचिव एवं सरपंचों को कहाँ-कहाँ, किन-किन कारणों से हटाया गया? (ख) प्रश्नांश (क) संदर्भित हटाये गये कितने सरपंचो के स्थान पर नवीन सरपंचो का कब-कब चुनाव करा दिए गये हैं? कितने चुनाव में नवीन सरपंच निर्वाचित होने के बाद पुराने सरपंचों को स्टे देने से उन्हें चार्ज नहीं दिया गया हैं? इन्हें कब तक चार्ज दिलाने की कार्यवाही पूर्ण की जायेगी? (ग) क्या मंदसौर विधानसभा क्षेत्र में अधिकारी की अनियमितता के चलते निर्वाचित सरपंच को चार्ज नहीं दिया जा रहा है तथा स्टे का बहाना बनाकर निर्वाचित सरपंच के चार्ज की सुनवाई नहीं की जा रही है? (घ) क्या आयुक्त उज्जैन संभाग द्वारा दिनांक 06.02.2018 को अपील क्रमांक 154/17-18 के प्रकरण में प्रकरण की तारीख दिनांक 05.03.2018 की गई है क्या आयुक्त द्वारा निर्वाचन प्रक्रिया के पश्चात चार्ज नहीं देने का स्टे दिया जा सकता है? यदि हाँ, तो किस नियम के तहत? पूर्व सरपंच के हटाने के पूर्व सरपंच के द्वारा की गई अनियमितता की जाँच किस-किस सक्षम अधिकारी ने की? क्या निष्कर्ष दिया क्या अधिकारियों द्वारा पूर्व सरपंच से अनियमितता कर नवीन सरपंच को चार्ज लेने से रोका जा रहा है?
पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-''अ'' अनुसार है। (ख) पृथक किए गए सरपंचों के स्थान पर नवीन सरपंचों के निर्वाचन नहीं कराये गये हैं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) जी नहीं। (घ) जी हाँ। जी नहीं। प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-''ब'‘ अनुसार है। जी नहीं।
कॉलोनीनाईजरों को विकास अनुमति
[नगरीय विकास एवं आवास]
121. ( क्र. 3208 ) श्री राजेश सोनकर : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) म.प्र. शासन अंतर्गत कॉलोनी/टाउनशिप निर्माण हेतु कॉलोनाईजरों को विकास अनुमति देने के क्या प्रावधान हैं? नियम सहित संपूर्ण जानकारी देवें। (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में इन्दौर जिला अंतर्गत पिछले १० सालों में किन-किन कॉलोनियों को कब-कब विकास अनुमति प्रदाय की गई थी वर्षवार किस-किस को विकास अनुमति दी गई? (ग) प्रश्नांश (ख) के संदर्भ में क्या कलेक्टर इन्दौर व संभाग आयुक्त इन्दौर को कॉलोनियों में वगैर विकास किये विकास अनुमति देने की शिकायतें आई हैं? क्या कॉलोनाईजर द्वारा सांठ-गांठ कर कार्य पूर्णता प्रमाण-पत्र लिये जाने की शिकायतें भी आई थी? क्या अधिकारियों द्वारा वगैर मौका निरीक्षण किये कार्य पूर्णता प्रमाण-पत्र जारी किया गया है? (घ) प्रश्नांश (ग) के संदर्भ में क्या पूर्व कलेक्टर द्वारा भी विकास अनुमति (कार्य पूर्णता) में अनियमितता पर अधिकारियों को जाँच आदि करने के निर्देश दिये थे? यदि हाँ, तो स्पष्ट करें। अधिकारियों द्वारा निर्देशों पर क्या–क्या कार्यवाही की गई? कब-कब अधिकारियों द्वारा कॉलोनी का मौका निरीक्षण किया गया? क्या कई कॉलोनियों में पूर्व में विकास अनुमति जारी की जा चुकी है? क्या अभी भी कॉलोनियों में विकास कार्य अधूरे पड़े हैं या अपूर्ण हैं? स्पष्ट जानकारी देवें।
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) म.प्र. शासन अंतर्गत कॉलोनी/ टाउनशिप निर्माण हेतु, नगरीय क्षेत्रों में कॉलोनाईजर को विकास अनुमति देने के प्रावधान म.प्र. नगरपालिका (कॉलोनाईजर का रजिस्ट्रीकरण, निर्बधंन तथा शर्तें) नियम 1998 में है, नियम की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'अ' अनुसार है। (ख) इन्दौर जिला अंतर्गत जिले के अनुविभागीय अधिकारियों, कलेक्टर जिला-इन्दौर एवं नगर पालिक निगम, इन्दौर की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'ब' अनुसार है। (ग) कलेक्टर जिला-इन्दौर एवं संभाग आयुक्त, इन्दौर संभाग को कॉलोनियों में बगैर विकास किये विकास अनुमति देने की शिकायतें प्राप्त नहीं हुई है। जी नहीं। जी नहीं, मौका निरीक्षण उपरान्त कार्य पूर्णता: प्रमाण-पत्र जारी किये जाते है। (घ) कलेक्टर जिला-इन्दौर के समक्ष जनसुनवाई के दौरान ईशान टाउनशिप एवं ग्रीनलेण्ड शेल्टर्स प्रा.लि. में डायरेक्टर के विरूद्ध विकास कार्य नहीं किये जाने संबंधी प्राप्त शिकायतों पर तत्कालीन कलेक्टर द्वारा उक्त कॉलोनियों की विकास अनुमति निरस्त की गयी है, नगर निगम, इन्दौर क्षेत्रान्तर्गत कॉलोनियों में विकास अनुमति में अनियमितताओं के संबंध में नगर निगम, इन्दौर को पूर्व कलेक्टर से कोई भी निर्देश जाँच हेतु प्राप्त नहीं हुये है। कार्यालय कलेक्टर के आदेश क्रमांक 28/अ.क.री./2015 दिनांक 16/01/2015 से गठित समिति द्वारा समय-समय पर कॉलोनियों का निरीक्षण किया जाता है, जिन प्रकरणों में जिला कलेक्टर द्वारा विकास अनुमति जारी की गयी है, उन प्रकरणों में विकास कार्य प्रगति पर है, नगर निगम, इन्दौर की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'ब' अनुसार है।
लोक सेवा केंद्र द्वारा किये गये कार्य
[लोक सेवा प्रबन्धन]
122. ( क्र. 3254 ) श्री बलवीर सिंह डण्डौतिया : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) लोक सेवा केन्द्र के अंतर्गत कौन-कौन से कार्य शामिल है? (ख) क्या लोक सेवा केन्द्र सेवा के व्यक्तियों से आवेदन देते समय कोई शुल्क लिये जाने का प्रावधान हैं? यदि हाँ, तो सेवावार जानकारी दी जावे? (ग) लोक सेवा केन्द्र द्वारा आवेदनकर्ताओं के निराकरण की क्या कोई समय-सीमा निर्धारित है? यदि हाँ, तो सेवावार बतायी जावे? (घ) क्या तहसील मुरैना व अम्बाह जिला मुरैना के सभी प्राप्त आवेदन का समय-सीमा में निराकरण कर दिये गए हैं? यदि नहीं, तो क्यों ?
उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री जयभान सिंह पवैया ) : (क) लोक सेवा केन्द्र के अर्न्तगत विभिन्न विभागों की सेवाओं के आवेदन आवेदकों से प्राप्त कर ऑन लाईन किये जाकर निराकरण हेतु संबंधित अधिकारी की ओर प्रेषित किये जाते है एवं निराकरण पश्चात आवेदकों को सेवायें प्रदान की जाती है। लोक सेवा गांरटी अधिनियम के अर्न्तगत 45 विभागों की 428 सेवायें अधिसूचित है वर्तमान में लोक सेवा केन्द्रों के माध्यम से कुछ 225 सेवायें ऑन लाईन प्रदाय की जा रही है। (ख) जी हाँ। प्रत्येक सेवा के लिये शासन से निर्धारित प्रोसेसिंग शुल्क 30 रूपये लिये जाते है। इसके अतिरिक्त सेवाओं के लिये विभागों द्वारा निर्धारित यदि कोई प्रशासकीय य वैधानिक शुल्क देय है तो वह देय होता हे। सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ‘'अ'' अनुसार है। (ग) जी हाँ। समय-सीमा निर्धारित है। विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ‘'ब'' अनुसार है। (घ) जी हाँ वर्तमान में काई भी आवेदन समय-सीमा बाहय होकर लंबित नहीं है, एवं आवेदनों का निराकरण निर्धारित समय-सीमा में कर दिया जाता हे।
लोक सेवा केन्द्र की जानकारी
[लोक सेवा प्रबन्धन]
123. ( क्र. 3266 ) श्रीमती शकुन्तला खटीक : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) लोक सेवा केन्द्र के माध्यम से कौन-कौन से कार्य किये जाने के प्रावधान हैं, जिसमें कार्यों का कितना-कितना शुल्क (अलग-अलग सेवाओं का) व समय-सीमा भी शामिल है के नियम-निर्देश की फोटो प्रति दी जावे। (ख) विधानसभा क्षेत्र करैरा जिला शिवपुरी में लोक सेवा केन्द्र करैरा जनवरी 2016 से जनवरी 2018 तक कितने आवेदन संबंधितों द्वारा प्रस्तुत किये गये? क्या सभी प्रकरणों का समय-सीमा में निराकरण कर दिया गया है? (ग) प्रश्नांश (ख) में उल्लेखित कितने आवेदन शेष हैं? जिनका निराकरण समय-सीमा में नहीं किया गया, की जानकारी आवेदक का नाम, पता, विषय विवरण आदि सहित दी जावे व प्रकरण समय पर निराकरण न होने में कौन-कौन अधिकारी-कर्मचारी शामिल हैं? क्या शासन उनके खिलाफ कार्यवाही करेगा व कब तक?
उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री जयभान सिंह पवैया ) : (क) लोक सेवा केन्द्र के अंतर्गत विभिन्न विभागों की सेवाओं के आवेदन आवेदको से प्राप्त कर ऑन लाईन किये जाकर निराकरण हेतु संबंधित अधिकारी की ओर प्रेषित किये जाते हैं एवं निराकरण पश्चात आवेदकों को सेवाऐं प्रदान की जाती हैं। विभिन्न सेवाओं के लिए निर्धारित समय-सीमा पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-‘'अ'' अनुसार है एवं शुल्क का विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ‘'ब'' अनुसार है। (ख) विधानसभा क्षेत्र करैरा जिला शिवपुरी में लोक सेवा केन्द्र करैरा में 01 जनवरी 2016 से 31 जनवरी 2018 तक कुल प्राप्त आवेदनों का विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ‘'स'' अनुसार है। अधिकांश प्रकरणों का निराकरण समय-सीमा में कर दिया गया है। (ग) प्रश्नांश (ख) में उल्लेखित उत्तर के अनुसार समय-सीमा बाहय का एक भी आवेदन लंबित नहीं है। अत: प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना
[पंचायत और ग्रामीण विकास]
124. ( क्र. 3267 ) श्रीमती शकुन्तला खटीक : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना (PMGSY) योजना के तहत विधानसभा क्षेत्र करैरा में जनवरी 2014 से फरवरी 2018 तक कितनी रोड स्वीकृत/प्रस्तावित हैं की जानकारी मार्ग विवरण, स्वीकृत राशि निविदा दिनांक प्रारंभ व कार्य समाप्ति दिनांक एजेंसी का नाम, आदि सहित दी जावे? (ख) क्या स्वीकृत कार्य पूर्ण हो चुके हैं व कितने अपूर्ण हैं व अपूर्ण होने के क्या कारण व इन्हें कब तक पूर्ण कर दिया जायेगा? (ग) उपरोक्त प्रस्तावित कार्य कौन-कौन से हैं व इन कार्यों की प्रश्नांकित दिनांक तक क्या स्थिति है?
पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ग) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है।
शासकीय भूमि पर मकान निर्माण किये जाने
[नगरीय विकास एवं आवास]
125. ( क्र. 3286 ) चौधरी मुकेश सिंह चतुर्वेदी : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या जिन लोगों के द्वारा उक्त शासकीय भूमि पर मकान बना लिए हैं उनको मालिकाना हक देने की नीति सरकार द्वारा तैयार की गई है? यदि हाँ, तो नियम निर्देश की प्रति उपलब्ध करावे? (ख) क्या जिला भिण्ड की नगर पालिका एवं नगर पंचायतों के अंदर लोगों के द्वारा शासकीय भूमि पर मकान बना लिए जाने की जानकारी शासन के संज्ञान में है? यदि हाँ, तो कितने लोगो के द्वारा मकान बनाए गए है? (ग) जिला भिण्ड अंतर्गत आने वाली नगर पंचायत मालनपुर में शासकीय भूमि पर मकान बना कर रह रहे लोगों को उनके मकानों का मालिकाना हक कब तक दे दिया जावेगा?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) मध्यप्रदेश राज्य में नगरीय क्षेत्रों के आवास गृह स्थलों के संबंध में पट्टाधृति अधिकारी भूमिहीन व्यक्तियों को प्रदान करने के लिये मध्यप्रदेश नगरीय क्षेत्रों के भूमिहीन व्यक्ति (पट्टाधृति अधिकारों का प्रदान किया जाना) अधिनियम 1984 है। इस अधिनियम के अंतर्गत नियम 2008 तथा निर्देश की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी हाँ। 591 व्यक्तियों द्वारा शासकीय भूमि पर मकान बना लिये है। (ग) जिला भिण्ड अंतर्गत मालनपुर ग्रामीण क्षेत्र है। अतः उत्तरांश (क) के संदर्भ में शेषांश प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
वर्ष 2013-14 से 2017-18 तक ई कक्ष निर्माण
[पंचायत और ग्रामीण विकास]
126. ( क्र. 3300 ) श्री रजनीश सिंह : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या विधानसभा क्षेत्र केवलारी अंतर्गत विभाग द्वारा वर्ष 2013-14 से 2017-18 में ई कक्ष निर्माण हेतु राशि जारी की गई? (ख) यदि हाँ, तो वर्षवार पंचायतवार सूची उपलब्ध करावे? (ग) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में जिन पंचायतों में राशि जारी की गयी है, उन पंचायतों में ई कक्ष निर्माण प्रारम्भ हुए एवं कितनी पंचायतों में ई कक्ष निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है? कितनी पंचायतों में निर्माण कार्य शेष हैं? सूची उपलब्ध करावें। (घ) क्या तैयार हो चुके ई कक्षों में संबंधित कार्य का सुचारू रूप से संचालन किया जा रहा है? यदि हाँ, तो कौन-कौन सी पंचायतों में सूची देवें और नहीं तो क्यों?
पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार। 104 ग्राम पंचायतों में ई कक्ष निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है। 07 ग्राम पंचायतों में निर्माण कार्य प्रगतिरत् है। जी हाँ। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ‘अ' अनुसार। 104 ग्राम पंचायतों में ई कक्ष निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है। 07 ग्राम पंचायतों में निर्माण कार्य प्रगतिरत् है। जी हाँ। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ‘अ' अनुसार। 104 ग्राम पंचायतों में ई कक्ष निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है। 07 ग्राम पंचायतों में निर्माण कार्य प्रगतिरत् है। जी हाँ।
परफार्मेन्स गारंटी योजना
[पंचायत और ग्रामीण विकास]
127. ( क्र. 3301 ) श्री रजनीश सिंह : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) केन्द्र सरकार द्वारा विगत वर्ष 2016-17 एवं वर्ष 2017-18 हेतु 14वां वित्त परफार्मेन्स ग्राण्ट योजना के तहत प्रदेश सरकार को कितनी राशि प्रदान की गई? (ख) प्रदेश सरकार द्वारा इन वर्षों में सिवनी जिले की जिला पंचायत, जनपद पंचायत एवं ग्राम पंचायतों को कितनी-कितनी राशि का वितरण किया गया? (ग) उक्त वर्षों में सिवनी जिला पंचायत को कितनी राशि किन-किन कार्यों हेतु वितरित की जाकर जिला पंचायत द्वारा कितनी राशि सिवनी जिले की कौन सी विधानसभा क्षेत्र में किस कार्य हेतु व्यय की गई?
पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) वित्तीय वर्ष 2016-17 में राशि 265.84 करोड़ प्राप्त हुई वर्ष 2017-18 में अभी तक कोई राशि प्राप्त नहीं हुई हैं। (ख) जिला एवं जनपद पंचायतों को राशि वितरित करने का प्रावधान नहीं हैं। ग्राम पंचायतों को वर्ष 2016-17 में जारी राशि का विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार हैं। (ग) उत्तरांश (ख) अनुसार।
खेल मैदान निर्माण
[खेल और युवा कल्याण]
128. ( क्र. 3356 ) श्री चन्दरसिंह सिसौदिया : क्या खेल और युवा कल्याण मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) गरोठ विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत कितने इन्डोर, ऑउटडोर स्टेडियम कहाँ-कहाँ स्वीकृत हुए हैं वर्तमान में इनकी क्या स्थित है? इनका निर्माण किस एजेंसी द्वारा किया जा रहा है? यह कार्य कब तक पूर्ण होगा? (ख) विधानसभा क्षेत्र गरोठ अंतर्गत विकासखण्ड गरोठ एवं भानपुरा है, इन दोनों मुख्यालयों पर खेल मैदान निर्माण हेतु कोई योजना है? यदि हाँ, तो क्या विभाग यहां खेल मैदान का निर्माण करेगा? यदि हाँ, तो कब तक? (ग) विभाग दवारा कौन-कौन सी योजना का संचालन किया जा रहा है तथा पिछले तीन वर्षों में क्षेत्र अंतर्गत कितने युवाओं को लाभांविन्त किया गया है?
खेल और युवा कल्याण मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) प्रश्नाधीन विधानसभा क्षेत्र में ग्राम फुलखेड़ा में वर्ष 2016-17 में मात्र एक आउटडोर खेल परिसर स्वीकृत किया गया। जिसकी लागत राशि रू. 80.00 लाख रूपये है निर्माण एजेंसी ग्रामीण यांत्रिकी सेवा, संभाग मंदसौर द्वारा कार्य दिसम्बर 2017 में पूर्ण किया गया है। प्रश्नाधीन विधानसभा क्षेत्र में इनडोर स्टेडियम स्वीकृत नहीं है। (ख) जी नहीं। विकासखण्ड गरोठ एवं भानपुरा में वर्तमान में खेल मैदान निर्माण हेतु कोई योजना विचाराधीन नहीं है। अतः शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। कुल 3288 युवाओं को लाभान्वित किया गया है।
परिशिष्ट - ''इक्यासी''
शासकीय महाविद्यालय भानपुरा के भवन निर्माण
[उच्च शिक्षा]
129. ( क्र. 3357 ) श्री चन्दरसिंह सिसौदिया : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शासकीय महाविद्यालय भानपुरा हेतु भवन निर्माण स्वीकृत होकर वर्तमान में क्या स्थिति है? क्या निर्माण कार्य प्रारंभ हो गया है? यदि नहीं, तो कब तक प्रारंभ होगा? (ख) विभाग द्वारा वर्तमान में कौन-कौन से संकाय संचालित किये जा रहे है? पर्याप्त प्राध्यापक को पदस्थ किया जा चुका है? कौन-कौन से पद रिक्त हैं? इन रिक्त पदों की पूर्ति कब तक की जावेगी? (ग) विज्ञान एवं कार्मस संकाय प्रारंभ करने हेतु छात्र परिषद द़वारा लम्बे समय से मांग की जा रही है, क्या विभाग उक्त संकाय प्रारंभ करेगा, यदि हाँ, तो कब तक?
उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री जयभान सिंह पवैया ) : (क) भवन निर्माण हेतु दिनांक 23.03.2018 को प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गयी है। भूमि आवंटन न होने के कारण निर्माण कार्य प्रारम्भ नहीं हुआ है, जिसके लिए कलेक्टर, मंदसौर को अनुरोध किया गया है। भूमि आवंटन के उपरांत कार्य प्रारंभ किया जावेगा। (ख) वर्तमान में शासकीय महाविद्यालय, भानपुरा में कला संकाय संचालित की जा रही है। शैक्षणिक रिक्त पदों की सूची संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र ‘अ' अनुसार है। महाविद्यालय की अराजपत्रित संवर्ग के कर्मचारियों कि जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र ‘ब' अनुसार है। रिक्त पदों पर अतिथि विद्वानों से कार्य कराया जा रहा है। रिक्त पदों की पूर्ति प्रक्रियाधीन है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ग) वर्तमान में सीमित संसाधनों के कारण शासकीय महाविद्यालय, भानपुरा में विज्ञान एवं वाणिज्य संकाय प्रारंभ करने में कठिनाई है। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता।
प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास के संबध में
[पंचायत और ग्रामीण विकास]
130. ( क्र. 3358 ) श्री चन्दरसिंह सिसौदिया : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) गरोठ विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग कुल कितने प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास की स्वीकृति वर्ष २०१७-२०१८ दी गई है, पंचायतवार सूची उपलब्ध करावे वर्तमान में इन आवास की क्या स्थित है? कितने कार्य पूर्ण हो गये हैं? कितने अपूर्ण हैं? कितने कार्य प्रांरभ नहीं हुए हैं? (ख) कुल कितने परिवारों को आवास दिये जाने प्रस्तावित है? आवास से वंचित एवं चयनित परिवारों को आवास कब तक स्वीकृत किये जायेगे वर्ष २०१८-२०१९ में कितने आवास बनाये जाना का लक्ष्य है?
पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) वर्ष 2016-17 से वर्ष 2018-19 तक आवंटित लक्ष्य के अतिरिक्त 22550 हितग्राही शेष है। समय-सीमा निर्धारित किया जाना संभव नहीं है वर्ष 2018-19 हेतु 4768 आवास का लक्ष्य है।
परफामेन्स ग्रांट से स्वीकृत कार्य
[पंचायत और ग्रामीण विकास]
131. ( क्र. 3359 ) श्री चन्दरसिंह सिसौदिया : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या जनपद पंचायत भानपुरा अंतर्गत परफारमेन्स ग्रांट योजना से वर्ष २०१३-२०१४ में ग्राम पंचायत कैसोदा एवं ग्राम पंचायत सांजलपुर में राजीव गांधी ग्राम केन्द्र भवन का निर्माण स्वीकृत किया गया था, यदि हाँ, तो क्या उक्त भवन निर्माण पूर्ण हो गया है? यदि हाँ, तो क्या इस कार्य का भुगतान होना शेष है? हाँ तो इनका भुगतान कब तक किया जावेगा? (ख) क्या उक्त भवन का निर्माण पूर्व सरंपच द्वारा किया गया था तथा इसका भुगतान संबंधित को होना शेष्ा है?
पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी नहीं। अपितु जनपद पंचायत भानपुरा में वर्ष 2013-14 में मनरेगा एवं स्टाम्प शुल्क मद के अभिसरण से ग्राम पंचायत कैसोदा एवं सांदलपुर में राजीव गांधी सेवा केन्द्र (पंचायत भवन) की स्वीकृति प्रदान की गई है। ग्राम पंचायत कैसोदा में भवन निर्माण कार्य अपूर्ण एवं ग्राम पंचायत सांदलपुर में भवन निर्माण कार्य प्रगति पर है। जी हाँ। पूर्णता प्रमाण-पत्र प्राप्त होने पर अंतिम किश्त का भुगतान किया जायेगा। (ख) जी हाँ।
विधानसभा क्षेत्र विजयपुर में स्वीकृत प्रधानमंत्री आवास
[पंचायत और ग्रामीण विकास]
132. ( क्र. 3388 ) श्री रामनिवास रावत : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विजयपुर विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत किस-किस ग्राम में कितने-कितने प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत हुए हैं? ऐसे कौन-कौन से ग्राम हैं जिनमें आज दिनांक तक एक भी प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत नहीं हुआ है? कारण स्पष्ट करते हुए जानकारी ग्रामवार, पंचायतवार, विकासखण्डवार पृथक-पृथक उपलब्ध करावें। (ख) प्रधानमंत्री आवास योजना में पात्रता की क्या शर्तें हैं? नियम एवं शर्तों की प्रति उपलब्ध करावें। प्रश्नांश (क) के संदर्भ में जिन ग्रामों में प्रश्नांश दिनांक तक एक भी प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत नहीं किया गया है, उनके पात्र हितग्राहियों को इस योजना का लाभ कब तक प्रदाय कर दिया जावेगा? (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के संदर्भ में आवास स्वीकृत होने के उपरान्त कितने हितग्राही को किन-किन कारणों से अपात्र घोषित किया गया है? कितने हितग्राहियों द्वारा पात्र होते हुए भी अपात्र घोषित करने के उपरान्त आवास स्वीकृत किये जाने हेतु कितने कितने आवेदन जनपद, जिला पंचायत स्तर पर एवं जिला कलेक्टर, सी.एम. हेल्पलाइन न. 181 को प्रस्तुत किये गए? इन आवेदनों पर अभी तक क्या कार्यवाही की गयी? नामवार, ग्रामवार, विकासखण्डवार जानकारी उपलब्ध करावें?
पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'अ' एवं 'ब' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'स' अनुसार है। समय-सीमा निर्धारित किया जाना संभव नहीं है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'द' अनुसार है। प्रश्नाधीन क्षेत्र में अपात्र किये गए सात हितग्राहियो द्वारा आवास स्वीकृत किये जाने हेतु आवेदन नहीं किये गए। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
महिलाओं को प्रदाय की जाने वाली पेंशन
[सामाजिक न्याय एवं निःशक्तजन कल्याण]
133. ( क्र. 3389 ) श्री रामनिवास रावत : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में नि:शक्तजन, वृद्धजन, निराश्रितों, विधवाओं तथा परित्यक्ता महिलाओं को किन-किन योजनाओं के तहत कितनी-कितनी राशि प्रतिमाह पेंशन के रूप में दिए जाने का प्रावधान है? उक्त पेंशन स्वीकृति हेतु पात्रता की क्या-क्या शर्तें है? (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार श्योपुर जिले में कितने- कितने हितग्राहियों को किन-किन योजनाओं के तहत कितनी-कितनी राशि पेंशन के रूप में प्रदाय की जा रही है? कितने पात्र हितग्राही उपरोक्त पेंशन पाने से वंचित हैं? तहसीलवार हितग्राहियों की संख्या बतावें? (ग) श्योपुर जिले में ऐसे कितने निशक्तजन, वृद्धजन, निराश्रित, विधवा तथा परित्यक्ता महिलाएं हैं, जिनके बी.पी.एल. सूची में नाम न होने/ बी.पी.एल. सूची से नाम कट जाने के कारण पेंशन प्राप्त करने से वंचित हो गए हैं? तहसीलवार संख्या बतावें? (घ) क्या मान. वित्तमंत्री जी ने दिनांक 01 मार्च, 2017 के बजट भाषण में यह उल्लेख किया है कि सेवारत और पेंशन वालों को छोड़कर सभी विधवाओं को पेंशन दिया जायेगा? यदि हाँ, तो इस सम्बन्ध में जारी आदेशों की प्रति उपलब्ध करावें? (ड.) क्या शासन निशक्तजन, वृद्ध जन, निराश्रित, विधवा तथा परित्यक्ता महिलाओं को स्वीकृति हेतु गरीबी रेखा एवं उम्र का बंधन समाप्त कर शिविर लगाकर पेंशन स्वीकृति के निर्देश प्रदान करेगा? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्यों?
पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) श्योपुर जिला अन्तर्गत जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' अनुसार। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र ''ब'' अनुसार है। श्योपुर जिले में कोई पात्र हितग्राही पेंशन पाने से वंचित नहीं है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) शासन के निर्देशानुसार पेंशन स्वीकृत किये जाने हेतु बी.पी.एल. होना अनिवार्य है। श्योपुर जिले में गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन करने वाले किसी भी निःशक्तजन, वृद्धजन, निराश्रित, विधवा तथा परित्यक्ता महिलाओं के नाम बी.पी.एल. सूची से नाम नहीं काटे गये है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) जी हाँ। नीतिगत निर्णय होने के कारण प्रक्रियाधीन है। (ड.) जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
तृतीय समयमान-वेतनमान
[पंचायत और ग्रामीण विकास]
134. ( क्र. 3391 ) श्री ठाकुरदास नागवंशी : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सिविल सेवा के कर्मचारियों को तृतीय समयमान वेतनमान दिये जाने के मध्यप्रदेश शासन वित्त विभाग भोपाल के आदेश क्रमांक /एफ 11/1/2008/नियम/ चार भोपाल दिनांक 05 अगस्त 2010 एवं आदेश क्रमांक एफ 11-17/2014/नियम/चार भोपाल दिनांक 30 सितम्बर 2014 के निर्देश हैं? (ख) क्या पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग अन्तर्गत कार्यरत पंचायत समन्वय अधिकारियों को तृतीय समयमान वेतनमान दिये जाने के संबंध में कोई प्रथक से शर्ते लागू की गयी हैं? यदि हाँ, तो आदेश की प्रति देवें। (ग) क्या पंचायत समन्वय अधिकारी जो हायर सेकेण्ड्री तथा स्नातक हैं उन्हे यह लाभ दिये जाने हेतु यह शर्त है कि स्नातक दिनांक से समयमान वेतनमान दिये जाने का प्रावधान हैं? यदि हाँ, तो आदेश की प्रति देवें। (घ) यदि कंडिका (ग) का उत्तर न में है तो नियुक्ति दिनांक से सभी पंचायत समन्वय अधिकारियों को 30 वर्ष की सेवा अवधि पूर्ण करने पर तृतीय समयमान वेतनमान का लाभ दिये जाने के आदेश जारी किये जावेंगे?
पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ। (ख) जी नहीं। स्नातक तथा गैर स्नातक दोनों संवर्ग के पंचायत समन्वय अधिकारियों को समयमान वेतनमान की पात्रता है। (ग) जी नहीं। (घ) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित परिपत्र के अनुरूप कार्यवाही की जा रही है।
प्रधानमंत्री आवास निर्माण (ग्रामीण) के संबंध में
[पंचायत और ग्रामीण विकास]
135. ( क्र. 3392 ) श्री ठाकुरदास नागवंशी : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना वर्ष 2011 की एस.ई.सी.सी. सूची में ऐसे हितग्राही जो पात्रता रखने के उपरांत छूट गये थे, जिन्हें सूची में सम्मिलित किये जाने हेतु ग्राम उदय से भारत उदय अभियान में एवं ग्राम सभा में आवेदन आमंत्रित किये गये थे? (ख) क्या विधानसभा क्षेत्र पिपरिया अन्तर्गत ग्राम उदय से भारत उदय अभियान में एवं ग्राम सभाओं में प्राप्त आवेदनों को आज दिनांक तक प्रधानमंत्री आवास की एस.ई.सी.सी. सूची में नहीं जोड़ा गया हैं। (ग) क्या विधानसभा क्षेत्र पिपरिया की जनपद पंचायत पिपरिया एवं जनपद पंचायत बनखेड़ी के अन्तर्गत आने वाली ग्राम पंचायतों में से कुछ पंचायतों में 1 रूम (कच्चा वाले) हितग्राही सूची में शेष नहीं हैं? सूची में दर्ज सभी लाभांवित हो चुके हैं? (घ) कंडिका (क), (ख) एवं (ग) का उत्तर यदि हाँ, है तो 1 रूम (कच्चा वाले) एवं 2 रूम (कच्चा वाले) हितग्राहियों को जिन्हें वर्ष 2011 की एस.ई.सी.सी. सूची में दर्ज नहीं किया गया हैं को कब तक आवास सूची में सम्मिलित करते हुये लाभ प्रदान किया जावेगा?
पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) एवं (ख) जी हाँ। (ग) जी हाँ। जी हाँ। (घ) भारत सरकार के निर्देश दिनांक 24.01.2018 के परिप्रेक्ष्य में दिनांक 19.02.2018 को समस्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायतों को प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण की स्थाई प्रतीक्षा सूची में पात्र हितग्राहियों के नाम जोड़े जाने हेतु निर्देशित किया गया है। समय-सीमा निर्धारित किया जाना संभव नहीं है।
वन मुख्यालय सतपुड़ा भवन भोपाल की अभिस्वीकृति
[वन]
136. ( क्र. 3400 ) श्री निशंक कुमार जैन : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या वन मुख्यालय भू-अभिलेख कक्ष सतपुड़ा भवन भोपाल ने प्रश्नकर्ता के प्रेषित पत्रों पर दिनांक 23.10.2017 को पत्र क्रमांक 1091 से 1104 दिनांक 3.11.2017 को पत्र क्रमांक 1140 एवं दिनांक 8.11.2017 को पत्र क्रमांक 1149 से अभिस्वीकृति प्रेषित कर जानकारी का परीक्षण कर यथाशीघ्र वस्तुस्थिति से अवगत कराने का आश्वासन दिया है? (ख) यदि हाँ, तो प्रश्नकर्ता के प्रेषित 15 पत्रों की अभिस्वीकृति नवम्बर 2017 में प्रेषित किए जाने के दिनांक से प्रश्नांकित दिनांक तक वन मुख्यालय ने किस-किस पत्र में चाही गई कौन सी जानकारी, किस पत्र में पूछे गए कितने प्रश्नों के उत्तर किस दिनांक को प्रश्नकर्ता को प्रेषित किए हैं? यदि नहीं, किए हों तो उसका कारण बतावें? (ग) प्रश्नकर्ता के प्रेषित 15 पत्रों में से किस पत्र में उल्लेखित तथ्यों, जानकारियों एवं प्रश्नों के उत्तर हेतु वन मुख्यालय भोपाल ने किस-किस दिनांक को किस-किस को क्या-क्या आदेश, निर्देश दिए हैं? (घ) कब तक वन मुख्यालय प्रश्नकर्ता को चाही गई जानकारी, प्रेषित प्रश्नों के उत्तर उपलब्ध करवाएगा?
वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) जी हाँ। (ख) जी नहीं। पत्रों में अधिसूचित आरक्षित/ संरक्षित वनभूमि से संबंधित पूरे प्रदेश स्तर की वृहद् स्वरूप एवं अत्याधिक पुराने अभिलेखों पर आधारित तथ्यात्मक मुद्दों का उल्लेख है, जिसके संकलन में अत्याधिक समय लगना मुख्य कारण रहा है। (ग) प्रश्नांश (क) के सभी पत्रों में उल्लेखित मुद्दों पर अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन भू-अभिलेख के पत्र क्रमांक/ वन अधि/203 दिनांक 28.02.2018 द्वारा समस्त मुख्य वन संरक्षक (क्षेत्रीय) से पत्रों में उल्लेखित तथ्यों पर वांछित जानकारी का प्रतिवेदन भेजने का लेख किया गया है। (घ) प्रश्नांश (क) के सभी पत्रों में अधिसूचित आरक्षित/संरक्षित वनभूमि से संबंधित पूरे प्रदेश स्तर की वृहद् स्वरूप एवं अत्यन्त पुराने अभिलेखों पर आधारित तथ्यात्मक मुद्दों पर जानकारी चाही गई है, जिनका परीक्षण करने में अत्याधिक समय लगेगा। अतः निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
अमरपाटन तहसील में अवैध उत्खनन में कार्यवाही
[खनिज साधन]
137. ( क्र. 3403 ) श्री शंकर लाल तिवारी : क्या खनिज साधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या कलेक्टर (खनिज शाखा) सतना के यहाँ अमरपाटन तहसील के ग्राम ललितपुर नं. 1 में आराजी नं. 442/1ख, 442/2क, 442/1ग में किये गये अवैध उत्खनन का प्रकरण क्रमांक 366अ/ 74/2012-13 दर्ज था। यदि हाँ, तो दंडाकित राशि लगभग 61 लाख की वसूली कब तक की जावेगी एवं दोषियों के विरूद्ध क्या कार्यवाही की जावेगी? (ख) क्या उपरोक्त आराजी नम्बरों में किये गये उत्खनन माफिया को लाभ पहुंचाने एवं शासन को करोड़ो की क्षति पहुंचाने के उद्देश्य से राशि वसूल नहीं की गई? इसके लिये उत्तरदायी कौन है? उनके विरूद्ध क्या कार्यवाही की जावेगी? (ग) क्या कलेक्टर (खनिज शाखा) सतना तह. अमरपाटन ग्राम ललितपुर नं. 1 आराजी नं. 442/1/खनिज/2014 दिनांक 05.07.2014 को अवैध उत्खनन का प्रकरण दर्ज किया गया था? क्या इस प्रकरण में चौकीदारी पडरी तह. अमरपाटन भी शामिल है? यदि हाँ, तो अब तक क्या कार्यवाही की गई? (घ) क्या तह. अमरपाटन ग्राम ललितपुर नं. 1 की आराजी नं. 442/1 की जगह 422/1 अंकित किया गया है, यदि हाँ, तो कारण बतायें तथा दोषी अधिकारियों के विरूद्ध क्या कार्यवाही की जावेगी।
खनिज साधन मंत्री ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जी नहीं। प्रश्न में उल्लेखित आराजी नंबर पर प्रकरण क्रमांक 368-अ74/2012-13 दर्ज किया गया है। इन प्रकरण में निर्णय नहीं हुआ है। अत: शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) प्रश्नांश (क) में दिये उत्तर अनुसार दण्ड की राशि निर्धारित नहीं हुई है। अत: शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी नहीं। प्रश्न में उल्लेखित क्षेत्र पर प्रकरण क्रमांक-14/18.07.2014 से दर्ज किया गया है। जी हाँ। उक्त आराजी में अवैध उत्खनन की वसूली राशि रूपये 34,35,668/- पर माननीय उच्च न्यायालय का स्थगन होने के कारण वसूली की कार्यवाही नहीं की गई है। अत: शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) जी नहीं। अत: शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
उत्खनन के संबंध में शासन की योजना
[खनिज साधन]
138. ( क्र. 3413 ) श्री संजय शाह मकड़ाई : क्या खनिज साधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नर्मदा नदी या अन्य नदियों के उत्खनन हेतु शासन की क्या योजना वर्तमान में प्रचलन में है? शासन द्वारा इस संबंध में क्या दिशा-निर्देश बनाए गये हैं? (ख) क्या नर्मदा नदी या अन्य नदियों के किनारे बसे ग्रामों/ग्राम पंचायतों को शासकीय निर्माण और विकास से संबंधित विकास कार्य हेतु नदी की रेत का उपयोग करने का अधिकार है या नहीं? तो, शासन इस हेतु भविष्य में कोई योजना बनाएगा? (ग) क्या शासकीय निर्माण कार्यों के लिए मुरम, रेत, गिट्टी, बजरी की व्यवस्था के लिए क्या प्रावधान हैं? क्या शासकीय निर्माण कार्यों के लिए विशेष छूट दी गई है? यदि नहीं, तो क्या छुट देने का प्रावधान करेंगे? यदि हाँ, तो कब तक?
खनिज साधन मंत्री ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) राज्य शासन द्वारा मध्यप्रदेश रेत खनन नीति, 2017 लागू की गई है। इसकी प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट पर दर्शित है। (ख) जी हाँ। अत: शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) प्रश्नानुसार मध्यप्रदेश गौण खनिज नियम, 1996 के नियम 68 (1) में शासकीय निर्माण कार्य के लिये गौण खनिज हेतु उत्खनन अनुज्ञा दिये जाने का प्रावधान है। जिसमें राज्य शासन के विभाग/उपक्रम द्वारा किये जा रहे निर्माण कार्यों में मुरम एवं मिट्टी पर रॉयल्टी से छूट का प्रावधान है। रेत हेतु पृथक से कोई प्रावधान नहीं है। अत: शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
स्टॉप डेम, चेक डेम के निर्माण हेतु बजट आवंटन
[पंचायत और ग्रामीण विकास]
139. ( क्र. 3415 ) श्री संजय शाह मकड़ाई : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) हरदा जिले में विगत चार वर्षों में ग्रामीण यांत्रिकी सेवा अन्तर्गत स्टॉप डेम/चेक डेम निर्माण हेतु कितना बजट जिले को प्रदाय किया गया? कितनी राशि का उपयोग किया गया? (ख) कितनी राशि शेष रही है और क्यों? (ग) स्वीकृत चेक डेम/स्टॉप डेम किस-किस निर्माण एजेन्सियों द्वारा निर्माण किया? (घ) उक्त चेक डेम/स्टॉप डेमों की वर्तमान स्थिति क्या है?
पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) से (घ) जानकारी निरंक है।
ग्राम पंचायत सचिवों के स्थानांतरण
[पंचायत और ग्रामीण विकास]
140. ( क्र. 3418 ) श्री संजय शाह मकड़ाई : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2016-17 एवं वर्ष 2017-18 में हरदा जिले के ग्राम पंचायत सचिवों की स्थानांतरण की शासन द्वारा क्या नीति निर्धारित की गई थी? सचिवो के स्थानांतरण की समय-सीमा कब से कब तक निर्धारित की गई थी? (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में किन-किन सचिवों के स्थानांतरण कहाँ से कहाँ किये गये? आदेश क्रमांक दिनांक सहित विस्तृत जानकारी देने का कष्ट करें? (ग) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में सचिवों के स्थानांतरण शासन के समय-सीमा निर्धारित पश्चात किन-किन सचिवों के कहाँ स्थानांतरण किये गये हैं? आदेश क्रमांक एवं दिनांक सहित जानकारी देवे?
पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-''अ'' अनुसार है। शासन स्थानांतरण नीति वर्ष 2016-17 में ग्राम पंचायत सचिवों के जिला स्तर से स्थानांतरण की अवधि दिनांक 4 अगस्त से 20 अगस्त 2016 तक तथा वर्ष 2017-18 में जिला स्तर से स्थानांतरण की अवधि दिनांक 1 जून, 2017 से 16.07.2017 तक निर्धारित थी। प्रतिबंध अवधि में विभागीय मंत्री के अनुमोदन उपरांत स्थानांतरण किये जाने के प्रावधान किये गये हैं। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-''ब'' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-''स'' अनुसार है।
कौडिया से छहरी सुदूर सड़क मार्ग निर्माण कराया जाना
[पंचायत और ग्रामीण विकास]
141. ( क्र. 3424 ) श्री मोती कश्यप : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वि.खं. कटनी के ग्राम हीरापुर कौडिया एवं छहरी के मार्ग किन स्थानों से प्रारंभ होकर किन ग्रामों से होकर पहाड़ी (निवार) होकर रा.मा. 12 के पिपरौंध एवं स्लीमनाबाद संगम पर मिलते हैं और उक्त दोनों मार्गों की दूरी कितने कि.मी. है? (ख) पुल-पुलियों के बाधायुक्त मुख्य मार्ग पर अवस्थित ग्राम हीरापुर कौडिया के अनिर्मित मार्ग से मुख्यमार्ग के ग्राम छहरी की दूरी कितने कि.मी. है? (ग) हीरापुर कौडिया और छहरी ग्राम पंचायतें हैं और प्रश्नांश (ख) मार्ग का रकबा कितना कि.मी. किसके अंतर्गत आता है? (घ) ग्राम हीरापुर कौडिया से छहरी जाने में कटनी नगर एवं पहाडी (निवार) की दिशा से कहाँ से जाना पड़ेगा और उन मार्गों से दूरी कितने कि.मी. होगी? (ड.) प्रश्नकर्त्ता के पत्र दिनांक 12-2-2018 द्वारा कलेक्टर, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत तथा कार्यपालन यंत्री ग्रा.यां.से. संभाग, कटनी को लेख कर प्रश्नांश (क) से (घ) पंचायतों के माध्यम से सुदूर सड़क मार्ग निर्माण कराये जाने की अपेक्षा पर कब तक प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान कर निर्माण कर दिया जावेगा?
पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) विकासखण्ड कटनी के ग्राम हीरापुर कौडिया से मार्ग शुरू होकर छहरी में मिलते है। जिसकी बीच की दूरी लगभग 5.50 कि.मी है। छहरी से बरखेरा होकर पहाड़ी (निवार) तक की लंबाई 7.50 कि.मी है। पहाड़ी से पिपरौंद की लंबाई 5.00 कि.मी होकर मार्ग एन.एच. 07 में मिलता है जो स्लीमनाबाद होकर जबलपुर जाता है। (ख) प्रश्नांकित मार्ग की लंबाई 5.50 कि.मी है। (ग) हीरापुर कौडिया एवं छहरी ग्राम पंचायत के बीच की दूरी 5.50 कि.मी है। इस मार्ग में हीरापुर कौडिया क्षेत्र का 3.50 कि.मी हिस्सा तथा छहरी क्षेत्र का 2. कि.मी हिस्सा आता है। (घ) कटनी नगर से हीरापुर कौडिया-छहरी तक मार्ग व्हाया हिरवार होकर जाना होता है। जिसकी दूरी 12.50 कि.मी है। कटनी के माधव नगर से भी छहरी हीरापुर कौडि़या जा सकते है, जिसकी लंबाई 10.30 कि.मी है। पहाडी (निवार) से छहरी हीरापुर कौडिया व्हाया बरखेडी की दूरी 12.50 कि.मी है। (ड.) माननीय प्रश्नकर्ता विधायक का पत्र दिनांक 12-02-2018 अप्राप्त है. जिसके माध्यम से हीरापुर कौडिया से छहरी सुदूर सड़क मार्ग की प्रशासकीय स्वीकृति की मांग है। प्रश्नागत मार्ग लोक निर्माण विभाग के स्वामित्व में होने के कारण सुदूर ग्राम सड़क संपर्क योजना से प्रशासकीय स्वीकृति प्रदाय किया जाना संभव नहीं है।
गलत कथन एवं कूटरचनाकर्त्ता के विरूद्ध आपराधिक कार्यवाही
[खनिज साधन]
142. ( क्र. 3427 ) श्री मोती कश्यप : क्या खनिज साधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या कलेक्टर (खनिज) कटनी के पत्र दिनांक 6-1-2018 द्वारा किसी ग्राम खदान के किसी खसरे में खनि निरीक्षक के प्रतिवेदन 19-11-2017 में किन्हीं भिन्न ग्राम खदानों में जबलपुर निवासी किसी की मशीन द्वारा किसी मात्रा में अवैध रेत खनन के आरोप पर किसी मात्रा में अवैध रेत के किसी गुना समझौता शुल्क पर किन्हीं से स्पष्टीकरण मांगा है? (ख) प्रश्नांश (क) में आरोपित की मशीन होने के आरोप पर क्या परिवहन कार्यालय से उसके स्वामित्व की पुष्टि ली गई है? यदि नहीं, तो क्या प्रकरण राजनीति प्रेरित व कूटरचित सिद्ध नहीं होता है? (ग) प्रश्नांश (क) सूचना पत्र में दिनांक 20-12-2017 को किसी व्यक्ति के द्वारा कहीं सुपुर्दगी एवं दिनांक 18-12-2017 केसडायरी के प्रस्तुतीकरण के उल्लेख से क्या यह स्पष्ट नहीं है कि वाहन खनिज अधिकारियों के स्थान पर किन्हीं अन्य द्वारा पकडे गये है? हां, तो वे कौन हैं? (घ) क्या प्रश्नांश (ख) के राजनीति प्रेरित गलत कथनकर्ता व प्रकरण के कूटरचनाकर्ता खनि कर्मियों के विरूद्ध आपराधिक कार्यवाही कायम करने एवं प्रकरण समाप्त करने की कार्यवाही की जावेगी?
खनिज साधन मंत्री ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जी हाँ। (ख) जी नहीं। मशीन के स्वामित्व के संबंध में खनि निरीक्षक द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन एवं पंचनामा में वाहन चालक द्वारा दिये गये बयान के आधार पर स्वामित्व की पुष्टि की गई है। अत: राजनीति प्रेरित एवं कूटरचित होने का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी नहीं। अत: शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) प्रश्नांश (ख) में दिये उत्तर अनुसार प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
श्रवण बाधित एवं दृष्टिबाधित शिक्षकों फर्जी जाति प्रमाण-पत्र पर कार्यरत
[सामाजिक न्याय एवं निःशक्तजन कल्याण]
143. ( क्र. 3430 ) श्री केदारनाथ शुक्ल : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) म.प्र. सामाजिक न्याय एवं नि:शक्तजन कल्याण विभाग द्वारा संचालित श्रवण एवं दृष्टि बाधित विद्यालयों में कितने शिक्षक फर्जी जाति प्रमाण-पत्र के आधार पर कार्यरत है? नाम, जाति प्रमाण-पत्र की कापी दी जाय। अब तक उन्हें सेवा से पृथक क्यों नहीं किया गया? (ख) प्रश्नांश (क) के अनुसार यदि कोई मामला न्यायालय में विचाराधीन है, तो विभाग द्वारा मामले के निराकरण हेतु अब तक क्या कार्यवाही की गई? यदि नहीं, की गई तो कब तक की जायेगी और कब-कब, कौन सी कार्यवाही की गई?
पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) एक। श्री बालादीन अहिरवार पिता श्री गोरेलाल अहिरवार,शिक्षक दृष्टि एवं श्रवण बाधितार्थ उ.मा.विद्यालय सागर मध्यप्रदेश का जाति प्रमाण-पत्र म.प्र. शासन आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति कल्याण विभाग मंत्रालय राज्य स्तरीय अनुसूचित जाति, जाति प्रमाण-पत्र छानबीन समिति द्वारा निरस्त किया गया है। छायाप्रति संलग्न परिशिष्ट पर है जाति प्रमाण-पत्र निरस्त किये जाने के विरूद्ध श्री अहिरवार, द्वारा माननीय उच्च न्यायालय, जबलपुर में याचिका दायर कर स्थगन प्राप्त किया गया है। (ख) प्रकरण में शासन पक्ष की ओर से माननीय उच्च न्यायालय, जबलपुर में वादोत्तर प्रस्तुत किया गया है। माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर में प्रकरण निर्णय के लिए विचाराधीन है।
दिव्यांगों को सहायता/सशक्तीकरण
[सामाजिक न्याय एवं निःशक्तजन कल्याण]
144. ( क्र. 3443 ) श्री जितेन्द्र गेहलोत : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में वर्ष २०१३ से अब तक दिव्यांगजनों के हित में एवं उनके कल्याण हेतु राज्य शासन एवं केन्द्र शासन की कौन-कौन सी योजनाएँ क्रियान्वित की गई हैं? (ख) वर्ष २०१३ से अब तक कितने दिव्यांगों को शासकीय सेवाओं में कार्य के अवसर प्रदान किये हैं? उज्जैन संभाग में कितने दिव्यांगों के नौकरी हेतु आवेदन उक्त अवधि में प्राप्त हुए हैं? कितनों को रोजगार उपलब्ध कराये गये हैं? जिलेवार तहसीलवार ब्यौरा दें। (ग) प्रदेश में दिव्यांगों को सहायता/सशक्तीकरण/उपकरण वितरण आदि में २०१३ से अब तक कितनी-कितनी राशि आवंटित एवं व्यय की गई है? जिलेवार ब्यौरा दें।
पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' अनुसार। (ख) वर्ष 2013 से अब कुल 1016 दिव्यांगों को शासकीय सेवाओं में कार्य अवसर प्रदान किये गये है। उज्जैन संभाग की जिलेवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''ब'' अनुसार। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''स'' अनुसार।
उच्च शिक्षा में जनभागीदारी कर्मचारियों का नियमितीकरण
[उच्च शिक्षा]
145. ( क्र. 3452 ) श्री गोपालसिंह चौहान (डग्गी राजा) : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश के समस्त महाविद्यालयों में जनभागीदारी निधि से रखे गये कर्मचारी जो विगत कई वर्षों से उच्च शिक्षा के विकास में महत्तवपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं फिर भी क्या शासन द्वारा इन कर्मचरियों को नियमित न किया जाकर आउटसोर्स को बढ़ावा दिया जा रहा है? (ख) म.प्र. शासन द्वारा इन कर्मचारियों को दैनिक वेतन भोगियों की तरह नियमितीकरण क्यों नहीं किया जा रहा है क्या ये कर्मचारी नाममात्र के वेतन (न्यूनतम मजदूरी से भी कम) पर कार्य कर रहे हैं? यदि हाँ, तो इनको उचित वेतन कब तक दिया जावेगा।
उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री जयभान सिंह पवैया ) : (क) जनभागीदारी निधि अशासकीय निधि है, जिससे केवल स्ववित्तीय पाठ्यक्रमों के शिक्षण की व्यवस्था हेतु संविदा के आधार शिक्षकों एवं अन्य स्टॉफ की संविदा नियुक्ति/कार्यकाल एवं मानदेय जनभागीदारी समिति द्वारा निर्धारित करते हुये रखे जाने का प्रावधान है। यह व्यवस्था पूर्णतः महाविद्यालयीन स्तर पर अशासकीय निधि से संचालित है। अतः नियमितीकरण का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) न्यूनतम मजदूरी अधिनियम के प्रावधान जनभागीदारी निधि से रखे गए कर्मचारियों पर भी लागू है। उत्तरांश (क) के परिप्रेक्ष्य में शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
सागर नगर में बिछायी जा रही सीवेज लाइन
[नगरीय विकास एवं आवास]
146. ( क्र. 3487 ) श्री शैलेन्द्र जैन : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) सागर नगर में गंदे पानी के निकास हेतु सीवेज लाइन बिछाये जाने के लिए कितनी राशि स्वीकृत की गयी है? कार्य किस एजेंसी द्वारा किया जा रहा है? अब तक कितना कार्य किया जा चुका है? एजेंसी को प्रश्न दिनांक कितना भुगतान किया गया है? (ख) क्या सीवेज लाइन बिछाने का कार्य उन वार्डों से प्रारम्भ किया जाना था, जिन वार्डों के नालों का गंदा पानी लाखा बंजारा झील में जाता है? यदि हाँ, तो क्या उन वार्डों से कार्य प्रारम्भ किया गया है? यदि नहीं, तो उक्त वार्डों में कब तक कार्य प्रारम्भ कर दिया जायेगा? (ग) क्या कार्य निर्धारित मापदण्डों के अनुसार किया जा रहा है? यदि हाँ, तो प्रश्न दिनांक तक किये गये कार्य की गुणवत्ता की जाँच किस अधिकारी/ऐजेंसी द्वारा कब-कब की गई है? अधिकारी/ऐजेंसी के नाम सहित बतायें। (घ) क्या प्रश्नाधीन योजनांतर्गत खोदी गयी सड़क का रीस्टोरेशन कार्य गुणवत्ता पूर्ण नहीं किया जा रहा है? क्या बनाये गये चेम्बरों की ऊंचाई पूर्व से निर्मित मार्ग की ऊंचाई से अधिक/कम होने के कारण यातायात बाधित एवं दुर्घटनाएं होने की संभावना है? यदि हाँ, तो किये गये कार्यों में सुधार किया जायेगा? यदि हाँ, तो कब तक?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) राशि रू. 302.74 करोड़। लक्ष्मी सिविल एण्ड खिलारी इंफ्रास्ट्रक्चर (जे.व्ही) कोल्हापुर, महाराष्ट्र। 18 प्रतिशत कार्य। राशि रू. 27.70 करोड़। (ख) सागर निगम क्षेत्र में सभी स्थान पर कार्य किया जाना है। ठेकेदार द्वारा कार्य योजना अनुसार कार्य क्रमशः एक-एक कर सभी वार्डों में किया जा रहा है। (ग) जी हाँ। पर्यवेक्षण एजेंसी मे. ऐजिस इण्डिया कंसल्टिंग इंजी.प्रा.लि. दिल्ली के इंजीनियर्स द्वारा की गई। (घ) जी नहीं। बनाये गये चेंबरों की ऊंचाई पूर्व से निर्मित मार्ग की ऊंचाई से अधिक/कम न होकर सड़क लेविल के बराबर रखी गई है जिससे यातायात बाधित या दुर्घटना होने की संभावना नहीं है। नगर निगम, सागर द्वारा जिन मार्गों का नवीन निर्माण स्वीकृत किया गया है, मात्र उन मार्गों में मेनहोल की ऊंचाई प्रस्तावित सड़क की ऊचाई को दृष्टिगत रखते हुए रखी गई है जो प्रस्तावित सड़क निर्माण होने पर सड़क की लेविल में हो जायेगी। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय रामपुरा का नामकरण
[उच्च शिक्षा]
147. ( क्र. 3502 ) श्री कैलाश चावला : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय रामपुरा का नाम पंण्डित अटल विहारी बाजपेयी महाविद्यालय किए जाने का प्रस्ताव जिला योजना समिति नीमच द्वारा किस दिनांक को पारित कर सामान्य प्रशासन विभाग म.प्र. शासन भोपाल को भेजा गया था? (ख) उक्त प्रस्ताव पर विभाग द्वारा प्रश्न दिनांक तक क्या कार्यवाही की गई? (ग) उक्त नामकरण करने की स्वीकृति कब तक प्रदान कर दी जावेगी?
उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री जयभान सिंह पवैया ) : (क) शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, रामपुरा का नाम पंडित अटल बिहारी वाजपेयी महाविद्यालय किये जाने का प्रस्ताव जिला योजना समिति नीमच द्वारा दिनांक 7.5.17 को पारित किया गया है। (ख) उक्त पारित प्रस्ताव के अनुक्रम में सामान्य प्रशासन विभाग के निर्देशों के अनुसार नामकरण की अधिसूचना जारी करने हेतु 26.12.17 द्वारा कलेक्टर, नीमच को लिखा गया है। (ग) नामकरण की अधिसूचना जारी करने की कार्यवाही कलेक्टर, नीमच स्तर पर प्रक्रियाधीन है। समय-सीमा बताना संभव नहीं है।
जनपद पंचायतों में पदस्थ अधिकारियों के विरुद्ध कार्यवाही
[पंचायत और ग्रामीण विकास]
148. ( क्र. 3507 ) श्रीमती ऊषा चौधरी : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या जिला पंचायत सतना में पदस्थ परियोजना अधिकारी (वाटर सेड प्रभारी) मंगलेश्वरसिंह, जनपद पंचायत अमरपाटन, नागोद, उचेहरा में पदस्थ सहायकयंत्री समीरश्रीवास्तव, जनपद पंचायत नागौद में पदस्थ सहायक यंत्री आर.ए.सिंह (पूर्व में ज.पं.रामपुरबघेलान/अमरपाटन/रामनगर में पदस्थ थे) एवं जनपद पंचायत रामपुरबघेलान में मुख्यकार्यपालन अधिकारी के पद पर पदस्थ वेदमणि मिश्रा तथा ए.सी.ई.ओ. के पद पर पूर्व में पदस्थ विन्धेस्वरी श्रीवास्तव के विरुद्ध भ्रष्टाचार एवं गवन के प्रकरण लंबित हैं? (ख) प्रश्नांश (क) यदि हाँ, तो इनमे से कितने अधिकारियों के विरुद्ध एफ.आई.आर दर्ज कराकर गिरफ्तारी/बर्खास्तगी की कार्यवाही विभाग द्वारा की गई है तथा किन-किन अधिकारियों के ऊपर एफ.आई.आर. होना शेष है? क्या इनके द्वारा किये गए भ्रष्टाचार की जाँच सही पाई गई है? यदि हाँ, तो इनसे गवन की गई राशि की वसूली की गई? यदि नहीं, तो क्यों? कब तक राशि की वसूली कर ली जावेगी? (ग) क्या श्री आर.ए. सिंह, सहायक यंत्री एवं समीर श्रीवास्तव सहायक यंत्री का मूल विभाग जल संसाधन विभाग है, यदि हाँ, तो इनके द्वारा प्रतिनियुक्ति में पदस्थ रहते शासन को आर्थिक क्षति पहुँचाने के बावजूद भी इन्हें इनके मूल विभाग में वापस क्यों नहीं भेजा गया? कब तक भेजा जायेगा? (घ) क्या इसी प्रकार वेदमणि मिश्रा सी.ई.ओ. जनपद पंचायत रामपुरबघेलान एवं जिला पंचायत सतना में ए.सी.ई.ओ.के पद पर पदस्थ रहे विन्धेस्वारी श्रीवास्तव के ऊपर नियम विरुद्ध खरीदी किये जाने का प्रकरण दर्ज है? यदि हाँ, तो इनके विरुद्ध क्या कार्यवाही की जावेगी?
पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जिला ग्रामीण विकास अभिकरण का संविलियन जिला पंचायत में हो चुका है। अत: शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) जी हाँ। विकास आयुक्त कार्यालय का आदेश क्र. 13211 दिनांक 27.10.16 एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत राजगढ़ का आदेश क्र. 9867 दिनांक 03.11.16। आदेश की प्रतियां पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट पर है। (ग) जी नहीं। कर्मचारियों का वेतन समय पर प्राप्त हो रहा है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) जिला ग्रामीण विकास अभिकरण के अधिकारी/कर्मचारियों की जनपद में की गयी प्रतिनियुक्ति समाप्त कर वापस जिला पंचायत में पदस्थ किये जाने के संबंध में कोई प्रस्ताव लंबित नहीं है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
गुनौर में गठित ग्राम वन समिति के पंजीयन
[वन]
149. ( क्र. 3509 ) श्री महेन्द्र सिंह : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या वन परीक्षेत्र अधिकारी द्वारा आयोजित ग्राम सभा के द्वारा गठित वन ग्राम समिति के पंजीयन का प्रावधान है? जिसके लिये समय-सीमा निर्धारित की गई है? (ख) प्रश्नांश (क) के अनुसार यदि हाँ, तो विधानसभा क्षेत्र गुनौर अन्तर्गत जनपद पंचायत गुनौर के ग्राम विपतपुरा ग्राम पंचायत बरौहा वन परिक्षेत्र दक्षिण वन मण्डल पवई में दिनांक २८/११/२०१७ को आयोजित ग्राम सभा में ग्राम वन समिति का गठन किया गया, जिसका सत्यापन दिनांक २९/११/२०१७ की पंचायत राज अधि. के तहत आयोजित ग्राम सभा में किया गया जिसका पंजीयन प्रश्न दिवस तक नहीं किया गया, क्या पंजीयन की समय-सीमा अभी है? अथवा नहीं? (ग) यदि पंजीयन की समय-सीमा है तो निकट भविष्य में पंजीयन किया जावेगा? यदि समय-सीमा नहीं है तो संबंधित लापरवाह वन अधिकारी के विरूद्ध कार्यवाही की जावेगी? यदि हाँ, तो क्या और कब तक? यदि नहीं, तो क्यों?
वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) जी हाँ। (ख) प्रश्नांश (क) के अनुसार विधानसभा क्षेत्र गुनौर के जनपद के ग्राम विपतपुरा ग्राम पंचायत बरौहा वनपरिक्षेत्र पवई में दिनांक 28.11.2017 को आयोजित ग्राम सभा में ग्राम वन समिति का गठन किया जाकर अनुमोदन ग्राम सभा से कराया जाकर समिति के पंजीयन का प्रस्ताव दक्षिण वनमंडल पन्ना में प्रस्तुत किया गया था। ग्राम वन समिति के गठन हेतु प्रस्तावित क्षेत्र वैकल्पिक वृक्षारोपण क्षेत्र है जो दक्षिण पन्ना वनमंडल के वनक्षेत्रों से 30 कि.मी. की दूरी पर है। शासन संकल्प 22 अक्टूबर, 2001 के अनुसार समितियों का गठन वनखण्ड सीमा के 5 कि.मी. दूरी तक स्थित ग्रामों में ही किया जा सकता है। उक्त प्रस्ताव शासन के संकल्प की कण्डिका 4.3 के प्रावधान अनुसार नहीं होने के कारण वनमण्डलाधिकारी दक्षिण वनमण्डल पन्ना के पत्र क्रमांक/व्यय/2017-18/7842, दिनांक 30.12.2017 द्वारा समिति गठन का प्रस्ताव निरस्त किया जा चुका है जिसकी छायाप्रति संलग्न परिशिष्ट पर है। (ग) समिति का गठन निरस्त हो जाने के कारण शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
नगर खुजनेर में स्टेडियम निर्माण
[खेल और युवा कल्याण]
150. ( क्र. 3521 ) श्री अमर सिंह यादव : क्या खेल और युवा कल्याण मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या विभाग द्वारा राजगढ़ जिले के नगर खुजनेर में स्टेडियम का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है? (ख) यदि हाँ, तो इसके लिये शासन द्वारा कहाँ पर भूमि उपलब्ध कराई गई है? (ग) स्टेडियम का निर्माण कब तक प्रारंभ किया जावेगा? (घ) स्टेडियम का निर्माण प्रारंभ करने के लिये विभाग द्वारा अब तक क्या कार्यवाही पूर्ण की गई है?
खेल और युवा कल्याण मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) प्रस्ताव संचालक स्तर पर विचाराधीन है। (ख) कलेक्टर राजगढ़ द्वारा ग्राम खुजनेर में 3.000 हेक्टर भूमि आवंटित की गई है। (ग) प्रस्ताव स्वीकृत नहीं है। अत: स्टेडियम निर्माण की निश्चित तिथि बताया जाना संभव नहीं है। (घ) ''ग'' के परिप्रेक्ष्य में कार्यवाही पूर्ण करने की तिथि बताना संभव नहीं है।
राजगढ़ महाविद्यालय में पदों की पूर्ति
[उच्च शिक्षा]
151. ( क्र. 3522 ) श्री अमर सिंह यादव : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) राजगढ़ जिले के अंतर्गत कितने महाविद्यालय कहाँ-कहाँ पर संचालित हैं? विधानसभा क्षेत्रवार नाम व स्थान सहित बतावें। (ख) राजगढ़ जिले के जिला मुख्यालय के विधानसभा क्षेत्र राजगढ़ में संचालित महाविद्यालय में कौन-कौन सी कक्षायें संचालित हैं? संकायवार बतावें। (ग) उक्त राजगढ़ महाविद्यालयों में वर्तमान में कितने पद किस-किस श्रेणी के स्वीकृत हैं? श्रेणीवार बतावें। (घ) उक्त स्वीकृत पदों में से आज दिनांक तक कितने पद रिक्त हैं तथा उक्त रिक्त पदों की पूर्ति शासन द्वारा कब तक की जावेगी?
उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री जयभान सिंह पवैया ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''ब'' अनुसार है। (ग) एवं (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''स'' एवं ''द'' अनुसार है। शैक्षणिक रिक्त पदों की पूर्ति हेतु लोक सेवा आयोग द्वारा विज्ञापन जारी किया जा चुका है तथा तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के पदों को भरने की समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
राजगढ़ जिला ग्रामीण विकास अभिकरण में प्रतिनियुक्ति
[पंचायत और ग्रामीण विकास]
152. ( क्र. 3523 ) श्री अमर सिंह यादव : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या राजगढ़ जिले में जिला ग्रामीण विकास अभिकरण का कार्यालय संचालित है? यदि हाँ, तो कब से और इसमें कितने अधिकारी एवं कर्मचारी हैं? (ख) क्या राजगढ़ जिले में जिला ग्रामीण विकास अभिकरण के कई कर्मचारियों को कई जनपद पंचायतों में रिक्त समकक्ष एवं वर्तमान पद से निम्न पदों पर प्रतिनियुक्ति पर भेजा गया है? यदि हाँ, तो किस आदेश से? आदेश की प्रति उपलब्ध करावें? (ग) क्या राजगढ़ जिले के उक्त कर्मचारियों को जनपद पंचायत कार्यालय में पदस्थ करने से शासन से जनपद पंचायतों के कर्मचारियों के वेतन हेतु प्राप्त होने वाला आवंटन कम प्राप्त हो रहा है? जिसके कारण वहाँ के कई कर्मचारियों को कई माह से समय पर वेतन प्राप्त नहीं हो रहा है? जनपदवार बतायें? (घ) क्या जिला ग्रामीण एवं विकास अभिकरण के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की जनपद पंचायत में की गई प्रतिनियुक्ति समाप्त कर उन्हें वापस जिला पंचायतों में पदस्थ किया जावेगा? यदि हाँ, तो कब तक?
पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जिला ग्रामीण विकास अभिकरण का संविलियन जिला पंचायत में हो चुका है। अत: शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) जी हाँ। विकास आयुक्त कार्यालय का आदेश क्र. 13211 दिनांक 27.10.16 एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत राजगढ़ का आदेश क्र. 9867 दिनांक 03.11.16। आदेश की प्रतियां संलग्न परिशिष्ट पर है। (ग) जी नहीं। कर्मचारियों का वेतन समय पर प्राप्त हो रहा है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) जिला ग्रामीण विकास अभिकरण के अधिकारी/कर्मचारियों की जनपद में की गयी प्रतिनियुक्ति समाप्त कर वापस जिला पंचायत में पदस्थ किये जाने के संबंध में कोई प्रस्ताव लंबित नहीं है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
आर्थिक एवं सामाजिक, जातिगत सर्व की रिपोर्ट अपलोड न होना
[पंचायत और ग्रामीण विकास]
153. ( क्र. 3532 ) श्री महेश राय : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या विधानसभा क्षेत्र बीना का वर्ष 2011 में केन्द्र सरकार द्वारा आर्थिक, सामाजिक और जातिगत सर्वे कराया गया था? (ख) यदि हाँ, तो किस एजेंसी के माध्यम से एवं राज्य शासन के किस अधिकारी के मार्गदर्शन में सर्वे कर उसे केन्द्र सरकार के पोर्टल पर अपलोड करने हेतु अधिकृत किया गया था? तो आज दिनांक तक सर्वे रिपोर्ट पोर्टल पर अपलोड क्यों नहीं की गयी? (ग) क्या केन्द्र सरकार के पोर्टल पर उक्त सर्वे रिपोर्ट अपलोड न होने के कारण 57 ग्रामों के गरीब परिवारों को प्रधानमंत्री आवास एवं अन्य योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा हैं, इसके लिए कौन दोषी हैं? (घ) केन्द्र सरकार के पोर्टल पर 57 ग्रामों की सर्वे रिपोर्ट कब तक अपलोड हो जायेगी? जिससे विधानसभा क्षेत्र के गरीब परिवारों को केन्द्र सरकार की योजनाओं का लाभ मिल सके?
पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ। (ख) भारत सरकार द्वारा नियुक्त आई.टी.आई. लिमिटेड पालक्काड एजेन्सी को राज्य शासन में विकास आयुक्त के मार्गदर्शन में सर्वे हेतु अधिकृत किया गया था। भारत सरकार द्वारा सर्वे रिर्पोट का सपूर्ण डाटा पोर्टल पर अपलोड कराया गया है। (ग) एवं (घ) प्रश्नांश “ख“ के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
नवीन महाविद्यालय खोलने की घोषणा के संबंध में
[उच्च शिक्षा]
154. ( क्र. 3533 ) श्री महेश राय : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) माननीय मुख्यमंत्री महोदय द्वारा विधानसभा क्षेत्र बीना के ग्राम खिमलासा में महाविद्यालय खोलने की घोषणा की है तो की गई कार्यवाही से अवगत करावें तथा विभाग द्वारा उक्त संबंध में क्या कार्यवाही की है? (ख) ग्राम-खिमलासा में महाविद्यालय कब से प्रारंभ हो जायेगा?
उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री जयभान सिंह पवैया ) : (क) जी हाँ, घोषणा क्रमांक बी. 3859 के द्वारा खिमलासा में महाविद्यालय स्थापित किये जाने के निर्देश है। डी.पी.आर. तैयार किये जाने संबंधी कार्यवाही प्रचलन में है। (ख) समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
जनसुनवाई एवं सी.एम. हेल्पलाईन के नियम
[लोक सेवा प्रबन्धन]
155. ( क्र. 3542 ) श्री फुन्देलाल सिंह मार्को : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में जनसुनवाई एवं सी.एम. हेल्पलाईन 181 के संबंध में शासन के क्या दिशा-निर्देश हैं? निर्देशों की प्रति उपलब्ध करायें क्या प्राप्त शिकायतों के निराकरण हेतु कोई समय-सीमा निर्धारित है? क्या उक्त संबंध में मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत, अनूपपुर द्वारा पृथक से निर्देश जारी किये गये हैं? यदि हाँ, तो योजना प्रारंभ से प्रश्न दिनांक तक आदेशों/निर्देशों की प्रतियां उपलब्ध करायें? (ख) प्रश्नांश (क) के तहत 1 जनवरी, 2016 से प्रश्न दिनांक तक अनूपपुर जिले के अंतर्गत नागरिकों से कितनी शिकायतें/जनसुनवाई/सी.एम. हेल्पलाईन 181 में प्राप्त हुई एवं उनमें से कितनी शिकायतों का निराकरण किया गया? (ग) प्रश्नांश (ख) के संदर्भ में लंबित शिकायतों का निराकरण कब तक कर दिया जायेगा?
उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री जयभान सिंह पवैया ) : (क) प्रदेश में जनसुनवाई एवं सी.एम. हेल्पलाईन 181 के संबंध में शासन से जारी दिशा-निर्देशों कर प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ‘'अ'' अनुसार है। शिकायतों के निराकरण हेतु समय-सीमा शिकायतों के प्रारूपवार एल-1 स्तर पर न्यूनतम 7 दिवस एवं अधिकतम 30 दिवस तथा एल-2, एल-3 एवं एल-4 अधिकारियों के लिए 7 दिवस निर्धारित है। उक्त संबंध में जिला पंचायत अनूपपुर द्वारा शासन के निर्देशों के पालन हेतु समय-सीमा पर जारी निर्देशों की प्रतियां पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ‘'ब'' अनुसार है। (ख) प्रश्नांश (क) के तहत 01 जनवरी, 2016 से 20 फरवरी, 2018 तक अनूपपुर जिले के अर्न्तगत नागरिकों से जनसुनवाई में प्राप्त कुल शिकायतें 1022, निराकृत कुल शिकायतें 628 एवं कुल लंबित शिकायतें 394 है। सी.एम. हेल्पलाईन में प्राप्त कुल शिकायतें 38942, निराकृत कुल शिकायतें 36345 एवं कुल लंबित शिकायतें 2597 है। (ग) प्रश्नांश (ख) के संदर्भ में लंबित शिकायतों के निराकरण का निरंतर प्रयास किया जाता है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
पदों की पूर्ति
[सामाजिक न्याय एवं निःशक्तजन कल्याण]
156. ( क्र. 3547 ) श्री सुरेन्द्रनाथ सिंह : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या सामाजिक न्याय एवं नि:शक्तजन कल्याण विभाग में पूर्णकालिक/अंशकालीन चौकीदार के पद स्वीकृत हैं? यदि हाँ, तो कहाँ-कहाँ, कितने पद स्वीकृत हैं? यदि नहीं, तो इस पद के विरूद्ध अस्थाई चौकीदार कितने कार्यरत हैं? (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार उक्त पदों पर कहाँ-कहाँ अंशकालिक/ पूर्णकालीन चौकीदार (दै.वे.भो.) कार्यरत हैं? कृपया जिलेवार, नामवार, नियुक्ति दिनांकवार सूची दें? कितने रिक्त हैं? कारण सहित बतावें? (ग) क्या विभाग की उक्त पदों पर कार्यरत चौकीदारों (दै.वे.भो.) को भविष्य में नियमित करने की कोई योजना है? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्यों? (घ) क्या यह सही है कि विभाग में कार्यरत पूर्णकालिक/अंशकालिक चौकीदारों का वेतन/ मानदेय/परिश्रम अलग-अलग हैं? यदि हाँ, तो पृथक-पृथक होने का कारण बताएं?
पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। भर्ती पर प्रतिबंध होने से पद रिक्त है। (ग) जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) जी हाँ। कलेक्टर द्वारा दर निर्धारित होने से।
मुख्यमंत्री स्वरोजगार एवं युवा उद्यमी योजना
[सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम]
157. ( क्र. 3556 ) श्री दिलीप सिंह परिहार : क्या राज्यमंत्री, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विगत चार वर्षों में नीमच जिले के कितने बेरोजगार युवाओं द्वारा मुख्यमंत्री स्वरोजगार एवं युवा उद्यमी योजना अंतर्गत आवेदन किये गये हैं और उनमें से कितने लोगों के आवेदन अनुमोदित कर पात्र हितग्राही युवाओं को प्रशिक्षण दिया गया है तथा प्रशिक्षण पर कितनी राशि का व्यय किया गया है? योजनावार बतायें? (ख) प्रश्नांश (क) में प्रशिक्षण प्राप्त कितने हितग्राहियों को कितनी-कितनी राशि का ऋण वितरित किया गया एवं कितना अनुदान दिया गया? योजनावार बतायें? ऐसे कितने हितग्राही हैं जिन्हें प्रशिक्षण उपरान्त भी योजना का लाभ प्राप्त नहीं हुआ है? (ग) प्रश्नांश (ख) में प्रशिक्षण प्राप्त हितग्राहियों को बैंकों द्वारा ऋण वितरित नहीं किये जाने के क्या कारण हैं? इन्हे कब तक ऋण वितरित किया जा सकेगा?
राज्यमंत्री, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम ( श्री संजय पाठक ) : (क) प्रश्नावधि में नीमच जिले में मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजनान्तर्गत 3292 एवं मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजनान्तर्गत 132 आवेदन प्राप्त हुए जिनको टास्क फोर्स समिति के अनुमोदन उपरांत बैंकों को प्रेषित किये गये। उक्त दोनों योजनाओं में प्रशिक्षण की बाध्यता नहीं है तथापि मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजनान्तर्गत 14 हितग्राहियों को प्रशिक्षण दिया गया जिसमें 32508 रूपये का व्यय किया गया। (ख) मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजनान्तर्गत प्रशिक्षण प्राप्त 14 हितग्राहियों को राशि रूपये 592.80 लाख का वितरण तथा राशि रूपये 77.72 लाख का अनुदान प्रदान किया गया। निरंक। (ग) निरंक।
संचालित शासकीय महाविद्यालय के संबंध में
[उच्च शिक्षा]
158. ( क्र. 3570 ) श्री सतीश मालवीय : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या उज्जैन जिले की तहसील घट्टिया में शासकीय महाविद्यालय संचालित है, जिसमें मात्र कला संकाय की कक्षा संचालित है? जिससे घट्टिया विकासखण्ड के छात्र-छात्राओं को स्नातक स्तर पर विज्ञान एवं वाणिज्य संकायों के अध्ययन हेतु जिला मुख्यालय जाना पड़ता है व कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है? (ख) क्या शासकीय महाविद्यालय घट्टिया में संकाय बढ़ाये जाने की कोई योजना शासन के पास है? यदि हाँ, तो उक्त महाविद्यालय में अन्य महाविद्यालयों की भांति विज्ञान एवं वाणिज्य संकाय की कक्षायें मय पद के कब तक प्रारम्भ कर दी जावेगी? (ग) क्या प्रदेश के शैक्षणिक दृष्टि से पिछड़े स्थानों पर शासकीय महाविद्यालय खोलने की योजना अन्तर्गत एवं माननीय मुख्यमंत्री महोदय की घोषणा अनुसार घट्टिया विधानसभा क्षेत्र की नगर पंचायत उन्हेल में नवीन शासकीय महाविद्यालय खोलने का प्रस्ताव है? यदि हाँ, तो नवीन शासकीय महाविद्यालय कब तक प्रारम्भ किया जावेगा?
उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री जयभान सिंह पवैया ) : (क) जी हाँ, शासकीय महाविद्यालय घट्टिया में केवल कला संकाय संचालित है। विज्ञान एवं वाणिज्य संकायों के अध्ययन की सुविधा जिला मुख्यालय उज्जैन में उपलब्ध है। (ख) शासकीय महाविद्यालय घट्टिया के निकट संचालित स्कूलों में 12 वीं कक्षा के विज्ञान एवं वाणिज्य संकाय में अध्ययनरत विद्यार्थियों की संख्या कम होने से प्राथमिक मापदण्डों की पूर्ति नहीं होने के कारण शासकीय महाविद्यालय घट्टिया में विज्ञान एवं वाणिज्य संकाय प्रारम्भ किये जाने में वर्तमान में कठिनाई है। (ग) जी हाँ। माननीय मुख्यमंत्री जी की घोषणा क्रमांक बी. 3630 के अनुसार नगर पंचायत उन्हेल में शासकीय महाविद्यालय खोले जाने के निर्देश है। कार्यवाही प्रक्रियाधीन है, समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा के प्रावधान
[वन]
159. ( क्र. 3581 ) श्री गिरीश भंडारी : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 29, धारा 20 एवं धारा 3 में क्या-क्या प्रावधान दिया गया है? इसके अनुसार वन विभाग राजस्व अभिलेखों में दर्ज किन-किन भूमियों को संरक्षित वन एवं आरक्षित वन अधिसूचित कर सकता है? (ख) मध्यप्रदेश भू-राजस्व संहिता 1959 की धारा 237 (1) में किन-किन प्रयोजनों के लिए भूमि आरक्षित करने का प्रावधान है? इनमें से किन-किन प्रयोजनों के लिए आरक्षित भूमियों को वन विभाग की धारा 29, धारा 20 एवं धारा 3 के अनुसार राजपत्र में अधिसूचित कर सकता है? (ग) धारा 237 (1) में सार्वजनिक एवं निस्तारी प्रयोजनों के लिए आरक्षित कितनी-कितनी भूमि वन विभाग के वर्तमान वर्किंग प्लान में शामिल की जाकर आरक्षित वन, संरक्षित वन, असीमाकिंत वन एवं नारगी वन भूमि प्रतिवेदित की जा रही है? (घ) धारा 237 (1) में आरक्षित वर्किंग प्लान में शामिल भूमियों पर वन अधिकार कानून 2006 की धारा 3 (1) ख के अनुसार सामुदायिक वन अधिकारों को मान्यता दिए जाने के संबंध में वन विभाग ने किस दिनांक को पत्र, परिपत्र जारी किया? प्रति सहित बतावें?
वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) भारतीय वन अधिनियम, 1927 की धारा-29, धारा-20 एवं धारा-3 के प्रावधान पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-एक अनुसार है। भारतीय वन अधिनियम, 1927 की धारा-29 के तहत किसी वनभूमि या पड़त भूमि को संरक्षित वन एवं धारा-3 के तहत किसी वनभूमि या पड़त भूमि को आरक्षित वन अधिसूचित किया जा सकेगा, उक्त प्रावधानों में राजस्व मद एवं प्रयोजनों का उल्लेख नहीं है। (ख) मध्यप्रदेश भू-राजस्व संहिता-1959 की धारा-237 (1) के प्रावधान पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-दो अनुसार। शेष उत्तरांश (क) अनुसार। (ग) जानकारी संकलित की जा रही है। (घ) अनुसूचित जनजाति और अन्य परम्परागत वन निवासी (वन अधिकारों की मान्यता) अधिनियम, 2006 की धारा-2 (घ) में दी गई परिभाषा अनुसार धारा-3 (1) (ख) के प्रावधान के तहत सामुदायिक वन अधिकार पत्र दिये जा रहे हैं। सामुदायिक वन अधिकार पत्र दिये जाने बाबत् आदिम जाति विकास योजनाऐं, मध्यप्रदेश द्वारा जारी पत्र क्रमांक/ 621/वन अधि./15/136, दिनांक 16.04.2015 पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-तीन अनुसार।
पंचायती राज व्यवस्था को लघु वनोपज पर अधिकार के संबंध में
[वन]
160. ( क्र. 3582 ) श्री गिरीश भंडारी : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) पंचायती राज व्यवस्था को किस-किस लघु वनोपज पर संविधान की II वी अनुसूची, पैसा कानून 1996 एवं वन अधिकार कानून 2006 में क्या-क्या अधिकार दिए गए है? राज्य शासन ने 25 जनवरी 2001 को कौन-कौन सा अधिकार ग्रामसभा को प्रत्यायोजित किया है? (ख) किस-किस लघु वनोपज के संग्रहण, भण्डारण, विपणन एवं परिवहन पर प्रतिबंध लगाए जाने का वर्तमान में किसे अधिकार है? किस-किस लघु वनोपज के किस-किस धारा में अपराध पंजीबद्ध करने का किसे वर्तमान में क्या-क्या अधिकार है? इन दोनों ही अधिकारों में पंचायती राज व्यवस्था की अनुमति या सहमति लेने का क्या प्रावधान है? (ग) लघु वनोपज से संबंधित II वी अनुसूची, एवं 1996 ओर 2006 के कानून के अनुसार किस-किस कानून में पंचायती राज व्यवस्थाओं को कौन-कौन सा अधिकार किस अधिसूचना क्रमांक दिनांक से सौंपा गया? अधिसूचना की प्रति सहित बतावें? (घ) लघु वनोपज पर पंचायती राज व्यवस्था को अधिकार सौंपे जाने की राजपत्र में कब तक अधिसूचना का प्रकाशन किया जावेगा?
वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-एक एवं दो अनुसार है। (ख) मध्यप्रदेश वन उपज (जैव विविधता का संरक्षण्ा और पोषणीय कटाई) नियम 2005 के नियम 4 एवं 5 के अनुसार राज्य सरकार या प्राधिकृत अधिकारी कतिपय क्षेत्रों को विनिर्दिष्ट कालावधि हेतु वन उपज के संग्रहण या निष्कर्षण के लिये निषिद्ध क्षेत्र घोषित कर सकेगी। कतिपय लघु वन उपज भण्डारण के लिये जैव विविधता अधिनियम 2002 के अन्तर्गत राजिस्ट्रेशन का प्रावधान किया गया है। इसी प्रकार तेन्दूपत्ता एवं अन्य विनिर्दिष्ट वन उपज के भण्डारण्ा एवं परिवहन के विनियमन हेतु मध्यप्रदेश तेन्दूपत्ता नियम 1964 एवं मध्यप्रदेश वन उपज (व्यापार विनियमन) अधिनियम, 1969 तथा अन्य लघु वन उपज हेतु भारतीय वन अधिनियम, 1927 में प्रावधान दिये गये हैं। जैव विविधता अधिनियम, 2002 के प्रावधानों के उल्लंघन हेतु वन अपराध पंजीबद्ध करने के लिये परिक्ष्ोत्राधिकारी तथा मध्यप्रदेश तेन्दूपत्ता (व्यापार विनियमन) अधिनियम 1964, मध्यप्रदेश वन उपज (व्यापार विनियमन) अधिनियम 1969 एवं भारतीय वन अधिनियम, 1927 में समस्त वन अधिकारी अधिकृत है। उपरोक्त अधिनियमों में वन अपराध पंजीकृत करने हेतु पंचायती राज व्यवस्था की अनुमति या सहमति लेने का कोई प्रावधान नहीं है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-एक एवं तीन (अ,ब,स) अनुसार है। (घ) उत्तरांश (ग) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
मंदसौर के दलौदा में शा. महाविद्यालय की स्थापना
[उच्च शिक्षा]
161. ( क्र. 3597 ) श्री यशपालसिंह सिसौदिया : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रदेश के शासकीय महाविद्यालयों में नि:शुल्क वाई-फाई सुविधा विद्यार्थियों को देने की कोई योजना विभाग के द्वारा प्रचलन में है? यदि हाँ, तो कब तक विद्यार्थियों को यह सुविधा प्रदान कर दी जाएगी? (ख) उज्जैन संभाग में सत्र 2018-19 से कहाँ-कहाँ नवीन शासकीय महाविद्यालय किस-किस संकाय के खोले जाना प्रस्तावित हैं? कार्य योजना की अद्यतन स्थिति क्या है? (ग) क्या मंदसौर के ग्राम दलौदा में माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा महाविद्यालय खोले जाने की घोषणा की गयी है? यदि हाँ, तो महाविद्यालय खोले जाने हेतु तैयारी की प्रगति क्या है? कब तक दलौदा में महाविद्यालय प्रारम्भ कर दिया जाएगा? इस महाविद्यालय में कौन-कौन से संकाय खोले जाने प्रस्तावित हैं? (घ) क्या उक्त दलौदा महाविद्यालय हेतु विभाग ने भूमि आरक्षित कर ली हैं? नहीं तो कब तक कर ली जायेगी?
उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री जयभान सिंह पवैया ) : (क) सीमित क्षमता वाला नि:शुल्क वाई-फाई प्रदेश के चयनित महाविद्यालयों में उपलब्ध कराने हेतु शासन ने निर्देश जारी किए हैं वर्तमान में लगभग 100 शासकीय महाविद्यालयों में यह सुविधा उपलब्ध है। (ख) उज्जैन संभाग में नीमच जिले में जीरन, रतलाम जिले में पिपलोदा, देवास जिले में पीपलरांवा, उज्जैन जिले में उन्हेल एवं कायथा तथा मंदसौर जिले में दलौदा में नवीन महाविद्यालय खोला जाना प्रस्तावित है, महाविद्यालयवार संकाय का निर्धारण स्वीकृति की आगामी प्रक्रिया में हो सकेंगा। डी.पी.आर. तैयार कर कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। (ग) उत्तरांश (ख) अनुसार। (घ) जी हाँ। जिला कलेक्टर द्वारा महाविद्यालय हेतु भूमि आरक्षित की गई है। शेष प्रश्नांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
जिला/जनपद कर्मचारियों को वेतन, भत्ते, पेंशन बाबत
[पंचायत और ग्रामीण विकास]
162. ( क्र. 3647 ) श्री गोवर्धन उपाध्याय : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) पंचायत राज अधिनियम 1993 अनुसार क्या जिला/जनपद पंचायतों के मूल कर्मचारियों को शासकीय कर्मचारियों के अनुरूप वेतन, भत्ते, पेंशन, ग्रेज्युटी, अवकाश नगदीकरण आदि देने के निर्देश/ प्रावधान हैं? (ख) प्रश्नांश (क) के अनुसार यदि हाँ, तो इन कर्मचारियों को उक्तानुसार पेंशन एवं सातवा वेतनमान का लाभ क्यों नहीं दिया गया? (ग) उक्त जिला/जनपद पंचायत के मूल कर्मचारियों को प्रश्नांश (क) अनुसार शासकीय कर्मचारियों के अनुरूप पेंशन एवं सातवां वेतनमान का लाभ कब तक दिया जावेगा?
पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी नहीं। (ख) म.प्र. शासन, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग का ज्ञापन क्रमांक एफ-2/24/2009/22/पं-1 दिनांक 11 जून, 2012 द्वारा 01 जुलाई, 2012 से अशंदायी पेंशन योजना लागू की गई है। सातवें वेतनमान के संबंध में निर्णय नहीं लिया गया है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ग) म.प्र. शासन, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग का ज्ञापन क्रमांक एफ- 2/ 24 /2009/22/पं-1 दिनांक 11 जून, 2012 द्वारा 01 जुलाई, 2012 से अशंदायी पेंशन योजना लागू की गई है। सातवें वेतनमान के संबंध में निर्णय नहीं लिया गया है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
प्रधानमंत्री आवास योजना की जानकारी एवं समस्या का समाधान
[पंचायत और ग्रामीण विकास]
163. ( क्र. 3678 ) श्री दिनेश राय (मुनमुन) : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सिवनी जिले में विषयांकित योजना प्रारंभ से प्रश्न दिनांक तक में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में कुल कितने व्यक्तियों को लाभ दिया गया? जनपद पंचायतवार, ग्रामवार, हितग्राही संख्यावार वर्षवार जानकारी देवें। कितने हितग्राहियों को प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय किश्तों का भुगतान किया गया है तथा कितने हितग्राही के कार्यपूर्ण होने के पश्चात अंतिम किश्तों का भुगतान कर दिया गया है? (ख) उक्त जनपद पंचायतों में ऐसे कितने हितग्राही थे, जिनका नाम शासन द्वारा सूचीबद्ध किया गया था तथा कितने हितग्राहियों के नाम काटे गये, किस नियम और आधार के उनके नाम बताये? सभी जनपद पंचायतों में कितनी शिकायतें प्राप्त हुई और उनकी जाँच में कौन दोषी पाया सप्रमाण जानकारी देवें? (ग) क्या एक व्यक्ति के भूमि स्वामी में निवासरत दो या दो से अधिक परिवार के निवासरत होने के बावजूद भी सभी लोगों को शौचालय का लाभ नहीं दिया जा रहा है? शासन से एक ही शौचालय बनाने की अनुमति प्रदान की जा रहा है? क्या अन्य परिवार को शौचालय का लाभ दिये जाने हेतु कार्यवाही की जायेगी? यदि हाँ, तो कब तक?
पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। 22272 हितग्राहियों को प्रथम किश्त, 21260 को द्वितीय किश्त, 19525 को तृतीय किश्त का भुगतान किया गया। 15803 हितग्राहियों को कार्य पूर्ण होने के पश्चात अंतिम किश्तों का भुगतान कर दिया गया। (ख) 152758 नाम शासन द्वारा सूचीबद्ध किये गए। 33394 हितग्राहियों के नाम काटे गए। ''क्रियान्वयन के फ्रमवर्क'' में उल्लेखित नियमों के आधार पर नाम काटे गए। शेष जानकारी निरंक। (ग) जी हाँ। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) अंतर्गत एक घर एक शौचालय के मान से प्रोत्साहन राशि प्रदाय किये जाने का प्रावधान है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
खण्ड पंचायत अधिकारी के पदीय दायित्व
[पंचायत और ग्रामीण विकास]
164. ( क्र. 3679 ) श्री दिनेश राय (मुनमुन) : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शासन स्तर से नियुक्त खण्ड पंचायत अधिकारी (पंचायत इंस्पेक्टर) के क्या पदीय दायित्व हैं? शासनादेश की छायाप्रति उपलब्ध करावें। (ख) जिला सिवनी की आठों जनपद पंचायतों में कौन-कौन खण्ड पंचायत अधिकारी अथवा प्रभारी पंचायत इंस्पेक्टर नियुक्त हैं? इनके द्वारा पदस्थापना दिनांक से प्रश्न दिनांक तक किन-किन ग्राम पंचायतों का आडिट/निरीक्षण किया गया वर्षवार, ग्राम पंचायतवार दौरा डायरी, ग्राम पंचायतों की सत्यापित निरीक्षण पंजी सहित जानकारी उपलब्ध करावें? (ग) प्रश्नांश (ख) अवधि के दौरान उपरोक्त अधिकारी द्वारा जिला प्रशासन को ग्राम पंचायतों के आडिट/निरीक्षण्ा का प्रतिवेदन कब-कब प्रेषित किया गया तथा उन प्रतिवेदनों पर प्रश्न दिनांक तक क्या-क्या कार्यवाही की गई वर्षवार, जनपद पंचायतवार जानकारी देवें? (घ) क्या प्रश्नांश (क) में वर्णित अधिकारी द्वारा जनपद पंचायत सी.ई.ओ. को अग्रिम दौरा डायरी प्रस्तुत नहीं की जा रही है? यदि हाँ, तो कारण स्पष्ट करें? (ड.) क्या खण्ड पंचायत अधिकारी/प्रभारी पंचायत इंस्पेक्टर द्वारा ग्राम पंचायतों का समय-समय पर आडिट/निरीक्षण नहीं किया जा रहा है? यदि हाँ, तो क्यों? यदि नहीं, तो अनेकों ग्राम पंचायतों में वित्तीय अनियमितता की शिकायतें लगातार क्यों प्राप्त हो रही हैं?
पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-‘अ'' अनुसार। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-‘ब'' अनुसार वर्षवार, ग्राम पंचायतवार दौरा डायरी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-''स'' अनुसार। (ग) खण्ड पंचायत अधिकारियों द्वारा सीधे जिला प्रशासन को कोई भी प्रतिवेदन प्रेषित नहीं किये जाते हैं। अतः शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) जी नहीं। अतः शेष प्रश्न उत्पन्न नहीं होता। (ड.) जी नहीं। वित्तीय अनियमितता की शिकायत प्राप्त होने पर नियमानुसार त्वरित कार्यवाही की जाती है।
नवीन रेत खनन नीति
[खनिज साधन]
165. ( क्र. 3685 ) डॉ. कैलाश जाटव : क्या खनिज साधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या मध्यप्रदेश शासन ने वर्ष 2017-18 में नवीन रेत नीति बनाई है? यदि हाँ, तो रेत नीति क्या है? रेत नीति के विस्तृत विवरण की सत्यप्रतिलिपि उपलब्ध करावें। (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार विधानसभा क्षेत्र गोटेगांव अंतर्गत, रेत नीति लागू होने के बाद ऐसी कितनी ग्राम पंचायतें हैं जिन्होंने नर्मदा तट से रेत खनन हेतु विभाग से अनुमति मांगी? दिनांकवार, पंचायतवार सूची प्रदान करें। इनमें से कितनी पंचायतों को खनन की अनुमति प्रदान की गई? (ग) प्रश्नांश (ख) अनुसार रेत नीति लागू होने के बाद कितनी पंचायतों ने कितनी-कितनी रायल्टी वसूली है? राशिवार, पंचायतवार सूची प्रदान करें।
खनिज साधन मंत्री ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जी हाँ। मध्यप्रदेश रेत खनन नीति, 2017 की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट पर दर्शित है। (ख) प्रश्नाधीन क्षेत्र में ग्राम पंचायतों द्वारा कोई अनुमति नहीं मांगी गई है। अत: शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) प्रश्नांश (ख) में दिये उत्तर के प्रकाश में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
गिट्टी खदानों की नीलामी
[खनिज साधन]
166. ( क्र. 3687 ) डॉ. कैलाश जाटव : क्या खनिज साधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या विधानसभा क्षेत्र गोटेगांव में गिट्टी खदानें हैं? (ख) यदि हाँ, तो कहाँ-कहाँ पर, किसके नाम पर हैं, कब से हैं? सूची प्रदान करें। (ग) प्रश्नांश (क) अनुसार यदि हाँ, तो जो खदानें आवंटित की गई उनकी नीलामी कब एवं किसे कितनी राशि में की गई? सिक्योरिटी कितनी जमा की गई? लीज कितने समय के लिए दी गयी जानकारी प्रदान करें। (घ) प्रश्नांश (क) अनुसार उक्त खदानों से विभाग को वर्तमान तक, कितना राजस्व प्राप्त हुआ?
खनिज साधन मंत्री ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जी हाँ। (ख) प्रश्नानुसार जानकारी संलग्न परिशिष्ट में दर्शित है। (ग) प्रश्नांश (ख) में उल्लेखित खदानों का नियमानुसार उत्खनिपट्टा प्रदान किया गया है। इनकी नीलामी नहीं की गई है। इन खदानों में नियमानुसार प्रत्येक खदान से रूपये 1000/- सिक्यूरिटी राशि जमा कराई गई है। शेष जानकारी संलग्न परिशिष्ट में दर्शित है। (घ) प्रश्नाधीन खदानों से स्वीकृति दिनांक से दिनांक 01.02.2018 तक राशि रूपये 1,72,53,762/- राजस्व के रूप में प्राप्त हुए हैं।
महाविद्यालयों में रिक्त पदों की पूर्ति
[उच्च शिक्षा]
167. ( क्र. 3696 ) पं. रमाकान्त तिवारी : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रीवा संभाग में कुल कितने स्नातक एवं स्नातकोत्तर शासकीय महाविद्यालय संचालित हैं? उक्त महाविद्यालयों में प्राचार्य, प्राध्यापक, सहायक प्राध्यापक, लाइब्रेरियन, प्रयोगशाला सहायक, प्रयोगशाला परिचारक, कम्प्यूटर ऑपरेटर, क्रीड़ा अधिकारी एवं अन्य तृतीय तथा चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के कितने पद म.प्र. शासन द्वारा स्वीकृत हैं। महाविद्यालयों के नाम एवं पद सहित सम्पूर्ण विवरण दें। (ख) उक्त स्वीकृत पदों में से कुल कितने पद वर्तमान समय में भरे हैं एवं कितने पद रिक्त हैं? उक्त रिक्त पदों को कब तक भर लिया जायेगा?
उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री जयभान सिंह पवैया ) : (क) रीवा संभाग में 55 स्नातक एवं 14 स्नातकोत्तर महाविद्यालय संचालित है। शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' एवं ''ब'' अनुसार है। रिक्त पदों की पूर्ति की समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
प्राध्यापकों के स्थानान्तरण
[उच्च शिक्षा]
168. ( क्र. 3697 ) पं. रमाकान्त तिवारी : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) 1 जुलाई, 2017 से 12 फरवरी, 2018 तक कुल कितने प्राचार्यों/प्राध्यापकों/सहायक प्राध्यापकों/ ग्रन्थपालों/क्रीड़ाधिकारियों के स्थानान्तरण किये गये? (ख) उक्त में से कितने स्थानान्तरण प्रतिबन्ध के बाद किये गये?
उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री जयभान सिंह पवैया ) : (क) विस्तृत जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) माह जुलाई 2017 से 12 फरवरी, 2018 तक 135 स्थानांतरण आदेश जारी किए गए।
अटैच किये जाने के संबंध में
[उच्च शिक्षा]
169. ( क्र. 3700 ) पं. रमाकान्त तिवारी : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या शासकीय नेहरू महाविद्यालय अशोक नगर में सहायक प्राध्यापक डॉ. श्रीमती अर्चना को अतिरिक्त संचालक उच्च शिक्षा कार्यालय ग्वालियर में दिनांक 29.11.2017 को अटैच कर दिया गया? (ख) यदि हाँ, तो क्यों? कारण सहित स्पष्ट करें। सहायक प्राध्यापक डॉ. श्रीमती अर्चना को अतिरिक्त संचालक उच्च शिक्षा कार्यालय ग्वालियर में अटैच किये जाने का औचित्य क्या है? स्पष्ट करें।
उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री जयभान सिंह पवैया ) : (क) जी हाँ। (कार्यालय आयुक्त उच्च शिक्षा के पत्र क्रमांक 898/161/शा.5/2017 दिनांक 29 अक्टूबर, 2017 के द्वारा श्रीमती अर्चना को कार्यालय क्षेत्रीय अतिरिक्त संचालक, उच्च शिक्षा ग्वालियर चम्बल संभाग में आगामी आदेश तक संलग्न किया गया है। आदेश की प्रति संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) प्रशासकीय दृष्टि से तथा उनके अनुभवों को दृष्टिगत रखते हुये आवश्यक कार्य तथा समय-सीमा के प्रकरणों का निराकरण किये जाने के उद्देश्य से डॉ. श्रीमती अर्चना को शासकीय नेहरू महाविद्यालय, अशोक नगर से कार्यालय क्षेत्रीय अतिरिक्त संचालक, उच्च शिक्षा ग्वालियर में अस्थाई रूप से संलग्न किया गया था।
शुल्क एवं अनुदान राशि का उपयोग
[लोक सेवा प्रबन्धन]
170. ( क्र. 3711 ) श्री संदीप श्री प्रसाद जायसवाल : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा के प्रश्न क्रमांक-1915 दिनांक 02/03/2016 का उत्तर ‘'लोकसेवा विभाग के शुल्क एवं अनुदान की राशि के बैंक खातों के संचालन, आहरण एवं लेखा संधारण अन्य कार्यालय द्वारा नहीं किया जाता है'' दिया गया था? यदि हाँ, तो अप्रैल-2016 से किस पदनाम के शासकीय सेवक एवं किस कार्यालय द्वारा इन खातों का संचालन किन शासनादेशों के तहत किया जा रहा है? जिलेवार बतायें। (ख) क्या विभाग के प्रमुख सचिव के पत्र क्रमांक-एफ-1-8-/लोसेप्र/61/ लोसेप्र/61 दिनांक 04/07/2013 से विभाग के खातों के संचालन एवं लेखा संधारण के जारी आदेश निरस्त नहीं किये गए हैं और क्या लोकसेवा प्रबंधन विभाग के रिचार्ज शुल्क, अनुदान राशि, ब्याज एवं ई-डिस्ट्रिक खातों से क्या जिला प्रबंधक लोक सेवा के माध्यम से व्यय किया जा रहा है? यदि हाँ, तो कैसे? स्पष्ट करें। (ग) दिनांक 01/04/2016 से प्रश्न दिनांक तक जिलावार ई-गवर्नेंस सोसायटी के दोनों खातों में किस-किस मद से प्राप्त,कितनी-कितनी राशि किस-किस मद में किन शासनादेशों/विभागीय निर्देशों से व्यय की गयी और क्या रिचार्ज शुल्क, अनुदान राशि, ब्याज एवं ई-डिस्ट्रिक की राशि का व्यय नियमानुसार किया जा रहा है? यदि हाँ, तो कैसे? जिलेवार बतायें। (घ) प्रश्नांश (ग) के तहत विभाग के अमले, सेवाओं के पदाय एवं प्रचार-प्रसार तथा लोकसेवा केन्द्रों की सुविधाओं के लिए कितना-कितना व्यय, किस-किस कार्य हेतु किया गया एवं यह प्रश्नाधीन अवधि में किये गये कुल व्यय का कितने प्रतिशत था?
उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री जयभान सिंह पवैया ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।
प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजनांतर्गत सड़क निर्माण
[पंचायत और ग्रामीण विकास]
171. ( क्र. 3712 ) श्री संदीप श्री प्रसाद जायसवाल : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) कटनी जिले में प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत विगत 05 वर्षों में कहाँ से कहाँ तक सड़कों का निर्माण, कितनी लागत से, किन प्रस्ताव एवं मांग के आधार पर कब-कब किया गया और किन-किन सड़कों के निर्माण हेतु प्रस्ताव तैयार किये गये? परंतु सड़क निर्माण नहीं हो सका? इसके क्या कारण रहे, सड़कवार बतायें। (ख) प्रश्नांश (क) परफारमेंस गारंटी अवधि में किन-किन सड़कों का निर्माण/मरम्मत का कार्य, कितनी-कितनी लागत से कब-कब, किस एजेंसी/ ठेकेदार कंपनी द्वारा किया गया और क्या योजना के तहत निर्मित सभी सड़कें पूर्णतया मोटरेबल हैं? यदि हाँ, तो सड़कवार विवरण देवें। यदि नहीं, तो क्यों? सड़कवार कारण बतायें। (ग) प्रश्नांश (ख) कटनी जिले में योजना के तहत निर्मित कौन-कौन सी सड़कें, किन कारणों से क्षतिग्रस्त हुई एवं इनकी मरम्मत के लिये क्या कार्य किय गये तथा किये जाने हैं? सड़कवार बतायें। (घ) प्रश्नांश (क) से (ग) के परिप्रेक्ष्य में क्या योजना के तहत निर्मित सड़कों के निर्माण मरम्मत एवं संधारण में अनियमितता परिलक्षित हुई? यदि हाँ, तो ब्यौरा देवें। यदि नहीं, तो क्या सक्षम प्राधिकारी ऐसा न होना प्रतिवेदित करेंगे एवं सत्यापित करेंगे?
पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अ एवं ब अनुसार है। (ख) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अ अनुसार है। (ग) जानकारी निरंक। (घ) जी नहीं। जी हाँ।
भीकनगांव में इंडोर स्टेडियम की स्वीकृति
[खेल और युवा कल्याण]
172. ( क्र. 3720 ) श्रीमती झूमा सोलंकी : क्या खेल और युवा कल्याण मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या भीकनगांव विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत भीकनगांव में खेलों को प्रोत्साहित करने हेतु इंडोर स्टेडियम की स्वीकृति प्रदाय की जावेगी? (ख) क्या विभाग दवारा स्थल निरीक्षण कर कार्ययोजना बनाकर स्वीकृति हेतु शासन स्तर पर भेज दी गई है? (ग) यदि हाँ, तो कब तक स्वीकृति प्राप्त हो जाएगी? यदि नहीं, तो क्या विभाग को भीकनगांव में इंडोर स्टेडियम स्वीकृति हेतु स्थल निरीक्षण एवं प्राक्कलन तैयार कर भिजवाने हेतु शासन से निर्देश जारी किये जावेंगे? यदि नहीं, तो क्या कारण है?
खेल और युवा कल्याण मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) वर्तमान में भीकनगांव में इंडोर स्टेडियम की कोई योजना विचारधीन नहीं है। (ख) कार्ययोजना भेजी नहीं गई। (ग) विभाग की वित्तीय स्थिति, खेल की लोकप्रियता एवं उपयुक्त स्थल पर भूमि की उपलब्धता को विचार में लेते हुए खेल अधोसंरचना की स्वीकृति दी जाती है।
वन विभाग दवारा निर्माण कार्यों की अनुमति
[वन]
173. ( क्र. 3722 ) श्रीमती झूमा सोलंकी : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विगत 4 वर्षों के दौरान भीकनगांव विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत कितने स्वीकृत निर्माण कार्यों के प्रस्ताव अनुमति हेतु वन विभाग के पास लंबित हैं? सूची उपलब्ध करावें। क्या महत्वपूर्ण मार्गों का डामरीकरण कार्य, तालाब निर्माण एवं वन क्षेत्र में विद्युतीकरण करने हेतु वन विभाग दवारा आपत्तियां ली गई हैं? (ख) यदि हाँ, तो क्षेत्रवासियों की सुविधा एवं माँग को देखते हुए लंबित सभी प्रकरणों का निराकरण कर विभाग द्वारा अनुमति प्रदाय की जावेगी?
वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) प्रश्नाधीन अवधि में भीकनगांव विधानसभा क्षेत्रांतर्गत कुल 17 निर्माण कार्यों के प्रस्ताव वन विभाग के पास लंबित है। सूची संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। जी नहीं। (ख) प्रश्नांश ‘क' में उल्लेखित 17 प्रकरण आवेदक विभाग द्वारा संयुक्त स्थल निरीक्षण न होने के कारण लंबित है। इन लंबित प्रकरणों में संयुक्त स्थल निरीक्षण होने उपरांत नियमानुसार कार्यवाही की जावेगी।
परिशिष्ट - ''नब्बे''
जिले के दिव्यांग बच्चों की जानकारी
[सामाजिक न्याय एवं निःशक्तजन कल्याण]
174. ( क्र. 3724 ) श्री मुकेश पण्ड्या : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) उज्जैन जिले में कितने दिव्यांग जन का पंजीयन है? उनमें से कितने 5 वर्ष से 15 वर्ष के मध्य के कितने बच्चे हैं? (ख) ऐसे बच्चों को पढ़ाने की क्या सुविधा है? क्या दिव्यांग बच्चों के लिये पृथक से विद्यालय है? यदि हाँ, तो उनमें क्या सुविधा है? (ग) क्या तहसील स्तर पर ऐसे विद्यालय खोलने की शासन की कोई योजना है? यदि हाँ, तो क्या बड़नगर विधानसभा के लिये कोई विद्यालय प्रस्तावित है? यदि हाँ, तो कब तक प्रारंभ किया जावेगा?
पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) उज्जैन जिले में 20940 दिव्यांगजन पंजीकृत है। जिनमें 5 वर्ष से 15 वर्ष के मध्य के 3661 दिव्यांग बच्चे है। (ख) जिले में ऐसे बच्चों को पढ़ाने की सुविधा अंतर्गत 02 शासकीय विद्यालय एवं 04 अशासकीय विभागीय मान्यता प्राप्त विशेष विद्यालय संचालित है। इसके अतिरिक्त सर्व शिक्षा अभियान अंतर्गत इन बच्चों के शिक्षण/प्रशिक्षण आदि की सुविधा उपलब्ध है। संस्थाओं के नाम की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ग)। जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
लघु उद्योगों की जानकारी
[सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम]
175. ( क्र. 3725 ) श्री मुकेश पण्ड्या : क्या राज्यमंत्री, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) उज्जैन जिले में वर्ष 2015 से प्रश्न दिनांक तक कुल कितने लघु एवं बड़े उद्योगों की स्थापना की गई है? (ख) इन उद्योगों के लिये किस-किस बैकों ने कितना-कितना ऋण दिया है? (ग) जिले में औद्योगिक क्षेत्र में कार्यरत लघु उद्योगों का राज्य शासन द्वारा अनुदान ब्याज लागत पूँजी में किन उद्योगों को कितनी छूट दी गई है? पूरा विवरण मय नाम उद्योग मालिक के नाम सहित जानकारी प्रदान करें।
राज्यमंत्री, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम ( श्री संजय पाठक ) : (क) उज्जैन जिले में वर्ष 2015 से प्रश्न दिनांक तक 646 लघु उद्योग ई.एम./उद्योग आधार मेमोरेण्डम (UAM) के तहत पंजीकृत हुए हैं। उद्योग नीति और निवेश प्रोत्साहन विभाग अनुसार कोई बड़े उद्योग की स्थापना नहीं हुई है। (ख) उद्योगों के द्वारा बैंको से लिए जाने वाली ऋण की जानकारी विभाग द्वारा संधारित नहीं की जाती हैं। (ग) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है।
उद्योग विभाग की जानकारी
[उद्योग नीति एवं निवेश प्रोत्साहन]
176. ( क्र. 3726 ) श्री मुकेश पण्ड्या : क्या खनिज साधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश की उद्योग नीति क्या है? (ख) इंदौर और उज्जैन संभाग में उद्योग विभाग के द्वारा कहाँ-कहाँ औद्योगिक क्षेत्र स्थापित किये गये हैं? (ग) धाटा बिल्लोद, पीथमपुर या अन्य औद्योगिक क्षेत्र में किसी औद्योगिक इकाई को जमीन आवंटन किये जाने का क्या नियम है? जानकारी प्रदान करें।
खनिज साधन मंत्री ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) राज्य शासन द्वारा उद्योगों के संवर्धन हेतु एक सुविचारित उद्योग संवर्धन नीति तैयार की गई हैं वर्तमान में उद्योग संवर्धन नीति 2014 (यथा संशोधित 2017) प्रचलन में हैं। (ख) इंदौर और उज्जैन संभाग में उद्योग विभाग (उद्योग नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग) द्वारा स्थापित औद्योगिक क्षेत्रों की सूची संलग्न परिशिष्ट अनुसार हैं। (ग) एमपीट्रायफेक क्षेत्रांतर्गत पीथमपुर व अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में औद्योगिक इकाई को जमीन आवंटन मध्यप्रदेश राज्य औद्योगिक भूमि एवं भवन प्रबंधन नियम 2015 के प्रावधानों अंतर्गत किया जाता हैं।
महाविद्यालयो में पदों की जानकारी
[उच्च शिक्षा]
177. ( क्र. 3729 ) श्री मुकेश पण्ड्या : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) उज्जैन संभाग में कितने शासकीय महाविद्यालय हैं, इनमें तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के कितने पद स्वीकृत हैं? इनमें से कितने पद भरे हुए हैं तथा कितने पद रिक्त हैं? (ख) प्रश्नांश (क) में वर्णित ऐसे कितने महाविद्यालय हैं जहां पद तो ज्यादा स्वीकृत हैं किन्तु एक या दो लिपिक ही कार्य कर रहे हैं? महाविद्यालयों में कम्प्युटर आपरेटर या प्रयोगशाला तकनीशियन के कितने लोग कार्यरत हैं? (ग) क्या वर्तमान में महाविद्यालयों का अधिकतर कार्य जन भागीदारी द्वारा अनुबंध के आधार पर कार्य कर रहे प्रयोगशाला तकनीशियनों के सहयोग से पूर्ण हो रहा है? कई महाविद्यालयों में लम्बे समय से कर्मचारी अनुबंध के आधार पर कार्य कर रहे हैं? क्या इन लोगों को नियमित करने के संदर्भ में शासन की कोई योजना है? यदि हाँ, तो जानकारी प्रदान करें।
उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री जयभान सिंह पवैया ) : (क) उज्जैन संभाग में 62 शासकीय महाविद्यालय हैं, जिनमें तृतीय श्रेणी के 428 पदों के विरुद्ध 241 कर्मचारी कार्यरत हैं एवं 187 पद रिक्त हैं, चतुर्थ श्रेणी के 485 पद स्वीकृत हैं जिनके विरुद्ध 272 कर्मचारी काम कर रहे हैं एवं 213 पद रिक्त हैं। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' एवं ''ब'' अनुसार है। (ग) जी नहीं। महाविद्यालयों में जनभागीदारी से अनुबंध के आधार पर कार्य नहीं लिया जा रहा है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
सुवासरा में निर्मित सम्वेल डेम की जानकारी
[नगरीय विकास एवं आवास]
178. ( क्र. 3733 ) श्री हरदीप सिंह डंग : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) सुवासरा निर्मित सम्वेल डेम का सर्वे किस इंचार्ज (अधिकारी) के द्वारा किया गया? (ख) क्या सर्वे के स्थान पर ही डेम एवं सम्वेल बनाया गया है? (ग) वर्तमान में पेयजल सप्लाई हेतु निर्मित डेम की पानी स्टॉक की क्या स्थिति है? (घ) सुवासरा नगर में विगत तीन माह में कितने वार्डो (मोहल्लों) में पेयजल हेतु दिये पानी की स्थिति की जानकारी देवे तथा वार्ड, योजना का नाम पेयजल सप्लाई का समय एवं दिन की जानकारी देवें।
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) नगर परिषद सुवासरा में जल आवर्धन योजना अंतर्गत डेम (बैराज) निर्माण का सर्वे कार्य प्राथमिक रूप से डी.पी.आर. कंसल्टेंट पंकज एसोसिऐट एण्ड कंसल्टेंट भोपाल द्वारा किया गया है। निविदा उपरांत प्रावधान अनुसार विस्तृत सर्वे ठेकेदार फर्म के.जी. डेवलपर्स भोपाल द्वारा किया गया है। (ख) जी हाँ, डेम एवं इंटेकवेल सर्वे किए गए स्थान पर ही बनाया गया है। (ग) योजना अंतर्गत डेम (बैराज) का निर्माण कार्य पूर्ण नहीं होने से वर्तमान में डेम में पानी उपलब्ध नहीं है। (घ) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है।
सुवासरा नगर पंचायत में जल आवर्धन योजना
[नगरीय विकास एवं आवास]
179. ( क्र. 3734 ) श्री हरदीप सिंह डंग : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) सुवासरा नगर पंचायत में जल आवर्धन के अन्तर्गत बनाए गए डेम का सर्वे किस इंजिनियर द्वारा किया गया? (ख) वर्तमान में जहां डेम बनाया गया है वहां कितना पानी उपलब्ध है? (ग) सुवासरा नगर में विगत 3 माह में किस-किस वार्ड में कितने-कितने दिनों में कितने-कितने समय के लिए पेयजल हेतु पानी सप्लाई किया गया? वार्डवार (मोहल्लेवार) जानकारी देवें। (घ) पेयजल सप्लाई में इतने दिनों के अन्तराल का क्या कारण है?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) नगर परिषद सुवासरा में जल आवर्धन योजना अंतर्गत डेम (बैराज) निर्माण का सर्वे कार्य प्राथमिक रूप से डी.पी.आर. कंसल्टेंट पंकज एसोसिऐट एण्ड कंसल्टेंट, भोपाल द्वारा किया गया है। निविदा उपरांत विस्तृत सर्वे ठेकेदार फर्म के. जी. डेवलपर्स, भोपाल द्वारा किया गया है। (ख) वर्षाकाल के पूर्व डेम (बैराज) का निर्माण कार्य पूर्ण नहीं होने से वर्तमान में डेम में पानी उपलब्ध नहीं है। (ग) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (घ) योजनान्तर्गत डेम निर्माण कार्य अभी पूरा नहीं होने से जलप्रदाय कालीसिंध नदी से किया जा रहा है। इस वर्ष अल्पवर्षा होने के कारण नदी में पानी का जल स्तर कम हो जाने से जलप्रदाय इतने अंतराल से किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री कन्यादान योजना
[सामाजिक न्याय एवं निःशक्तजन कल्याण]
180. ( क्र. 3744 ) श्री इन्दर सिंह परमार : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या शाजापुर जिले में वर्ष 2015 में मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत जटाशंकर मंदिर शुजालपुर में सामूहिक विवाह सम्मेलन संपन्न हुआ था? क्या उसमें रीना पति सुरेश मालवीय ग्राम माना व मनीषा पति दलीप मालवीय ग्राम झुण्डी का विवाह भी हुआ था? (ख) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित वधुओं के खाते में कितनी-कितनी राशि किस खाता नम्बर में किस दिनांक को हस्तांतरित की गई? (ग) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित वधुओं के खाते में यदि राशि हस्तांतरित नहीं की है तो उसके लिए दोषी कौन है? क्या दोषियों के खिलाफ कार्यवाही की जावेगी?
पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ। जी हाँ। (ख) उल्लेखित वधुओं के खाते में दिनांक 28.7.2015 को रीना पिता लखन सिंह मालवीय 14610110003113 रूपये नगद खाते में राशि 7000/- जमा की एवं राशि रूपये 10,000/-एफ.डी.आर. दी गई। मनीषा पिता कमल सिंह मालवीय 146110003114 खाते में राशि 7000/- जमा की गई तथा राशि रूपये 10,000/-एफ.डी.आर. दी गई। (ग) प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
पुलिया निर्माण
[पंचायत और ग्रामीण विकास]
181. ( क्र. 3745 ) श्री इन्दर सिंह परमार : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या ग्राम पंचायतों में सीमेन्ट कांक्रीट कार्यों हेतु आवंटित राशि से पंच परमेश्वर द्वारा निर्मित सड़कों में पड़ने वाले छोटे नालों पर पुलिया निर्माण कार्य करने की छूट पंचायतों को प्रदान कर दी गयी हैं? (ख) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित सड़कों में पक्के पुलिया निर्माण करने की छूट यदि नहीं, है तथा सम्बंधित सड़कों का वर्षाकाल में कोई उपयोग नहीं हो पायेगा तो क्या इस दृष्टिगत रखते हुए पुलिया निर्माण करने की छूट प्रदान की जावेगी?
पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ। (ख) प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
मंदिरों के जीर्णोद्धार हेतु स्वीकृत राशि
[धार्मिक न्यास और धर्मस्व]
182. ( क्र. 3752 ) डॉ. राजेन्द्र पाण्डेय : क्या खेल और युवा कल्याण मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या शासन/विभाग द्वारा केंद्र /राज्य प्रवर्तित बजट एवं शासनाधीन मंदिरों की स्वयं की आय से प्राप्त राशि द्वारा मंदिरों का जीर्णोद्धार तथा धर्मालुओं हेतु अन्य सुविधाए दिए जाने हेतु अनेक मूलभूत कार्य किये जा रहे हैं? (ख) यदि हाँ, तो वर्ष 2013-14 से लेकर प्रश्न दिनांक तक जावरा विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत शासन को विभिन्न विभागीय व्यवस्थाए, विभिन्न जनप्रतिनिधियों एवं ग्राम पंचायतों, जनपदों, नगरीय निकायों इत्यादि के माध्यम से भी समय-समय पर अनेक आवेदन मन्दिरों के जीर्णोद्धार हेतु प्राप्त हुए हैं? (ग) यदि हाँ, तो उपरोक्त वर्षों में जावरा विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत वर्षवार किन-किन स्थानों पर, किस-किस प्रकार के कार्य किये जाने हेतु कितनी-कितनी राशि कब-कब स्वीकृत की गयी, जिसके माध्यम से क्या-क्या कार्य हुए? कितने पूर्ण हुए, कितने अपूर्ण रहे? जानकारी दें l (घ) अवगत कराएँ कि विगत वर्षों से लगातार विभिन्न व्यवस्थाओं एवं प्रश्नकर्ता द्वारा भी पत्रों के माध्यम से, विधानसभा में प्रश्न के माध्यम से जावरा नगर, पिपलोदा तहसील एवं जावरा तहसील अंतर्गत लगातार मांग की तो शासन/विभाग द्वारा उपरोक्त उल्लेखित वर्षों में उन पर कब-कब, क्या-क्या कार्यवाही की तथा शेष बचे मंदिरों के जीर्णोद्धार हेतु राशि कब तक स्वीकृत की जायेगी?
खेल
और युवा
कल्याण
मंत्री (
श्रीमती
यशोधरा राजे
सिंधिया ) : (क) एवं
(ख) जी हाँ। (ग) जावरा
विधानसभा
क्षेत्र
अंतर्गत शासन
संधारित
मंदिरों को स्वीकृत
राशि का विवरण
निम्नानुसार
है:-
(1) श्री
लक्ष्मण
मंदिर ग्राम
हरियाखेडा
राशि रूपये 2.83 लाख
कार्यपूर्ण। (2) श्री
कृष्ण मंदिर
रिंगनोद राशि
रूपये 1.00 लाख कार्य
प्रचलित। (3) श्री
राम जानकी
मंदिर
खजुरिया राशि
रूपये 5.00 लाख कार्य
प्रचलित। (4) श्री
गुप्तेश्वर
महादेव मंदिर
रिंगनोद राशि
रूपये 1.00 लाख कार्य
प्रचलित। (5) श्री
कृष्ण मंदिर
सरसौद राशि
रूपये 1.00 लाख कार्य
प्रचलित। (6) श्री
ठाकुर जी
मंदिर
बटवाडिया
राशि रूपये 1.00 लाख
कार्य
प्रचलित। (7) श्री
महादेव मंदिर
भैसाना राशि
रूपये 1.00 लाख कार्य
प्रचलित।
संभागीय/मंदिर
निधि से स्वीकृत
राशि का
विवरण। (1) श्री लक्ष्मण
मंदिर सुखेडा
पिपलौदा 1.00 लाख
पूर्ण। (2) श्री
रामजानकी
मंदिर नयानगर
जावरा 99.6 लाख पूर्ण।
(3) श्री
रामोला मंदिर
बर्डिया गोयल
जावरा 99.00 लाख
प्रचलित। (4) श्री
योगहटी
हनुमान मंदिर
सुखेडा
पिपलौदा 1.28 लाख
प्रचलित। (5) श्री
राम मंदिर
बोरदा जावरा 1.00 लाख
प्रचलित। (6) श्री
राम जानकी
मंदिर लुहारी
तहसील जावरा 1.00 लाख
प्रचलित। (7) श्री
रूद्यनाथ
मंदिर
मोयाखेडा जावरा 1.00 लाख
प्रचलित। (8) श्री
हनुमान मंदिर
भीमोखडी
जावरा 1.00 लाख
प्रचलित। (घ) जावरा
नगर, पिपलौदा
तहसील एवं
जावरा तहसील
में कुल 15 शासन
संधारित मंदिरों
को राशि स्वीकृत
की गई जिसमें
से 3
मंदिरों के
कार्य पूर्ण
हो चुके है।
शेष मंदिरों
के कार्य
प्रचलित है।
शासन संधारित
मंदिरों के
जीर्णशीर्ण
होने की अवस्था
में आवश्यकतानुसार
उपलब्ध बजट
के आधार पर
राशि स्वीकृत
की जाती है यह
एक सतत
प्रक्रिया
है। निश्तिच
समय-सीमा दी जाना
संभव नहीं है।
इंडोर, आउटडोर स्टेडियम एवं स्वीमिंग पूल निर्माण
[खेल और युवा कल्याण]
183. ( क्र. 3753 ) डॉ. राजेन्द्र पाण्डेय : क्या खेल और युवा कल्याण मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या दिनांक 29 नवम्बर, 2017 को जावरा नगर में आयोजित जिला स्तरीय अन्त्योदय मेले के अंतर्गत मान. मुख्यमंत्री जी द्वारा जावरा नगर में इंडोर स्टेडियम एवं स्वीमिंग पुल तथा पिपलोदा नगर में आउटडोर स्टेडियम बनाए जाने की घोषणा की है? (ख) यदि हाँ, तो जावरा विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत जावरा नगर एक लाख से अधिक आबादी वाला क्षेत्र होकर एवं पिपलोदा नगर भी 30 हजार से अधिक जनसंख्या वाला नगर होकर युवाओं की दोनों स्थानों पर बहुत बड़ी संख्या है? (ग) यदि हाँ, तो क्या विगत कई वर्षों से उपरोक्त उल्लेखित दोनों नगरों में प्रश्नगत उल्लेखित आवश्यकताओं की लगातार आवश्यकता महसूस होकर मांग की जा रही है? (घ) यदि हाँ, तो मान. मुख्यमंत्री जी द्वारा अतिशीघ्र उक्त मूलभूत आवश्यकताएँ बनाये जाने की घोषणा के पश्चात् शासन/विभाग द्वारा क्या सर्वे कर, डी.पी.आर. बना बजट में सम्मिलित किये जाने हेतु समस्त औपचारिकताएँ पूर्ण कर ली है? यदि हाँ, तो इन्हें कब तक स्वीकृति दी जाकर उक्त कार्य किये जायेंगे?
खेल और युवा कल्याण मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) जी हाँ, मात्र पिपलौदा में आउटडोर स्टेडियम बनाने की घोषणा की गई है। जावरा नगर में इण्डोर स्टेडियम एवं स्वीमिंग पूल बनाये जाने की घोषणा नहीं की गई है। (ख) वर्ष-2011 की जनगणना अनुसार जावरा नगर की आबादी 74,907 एवं पिपलौदा नगर की आबादी 8,294 मात्र है। अत: दोनों स्थलों की आबादी 1.00 लाख से कम हे। (ग) प्रश्नोत्तर (ख) अनुसार जनसंख्या नहीं है किन्तु विगत कई वर्षों से स्थानीय जनप्रतिनिधियों द्वारा प्रश्नांश (क) अनुसार स्टेडियम/स्वीमिंग पूल की मांग की जा रही है। (घ) माननीय मुख्यमंत्रीजी की पिपलौदा में आउटडोर स्टेडियम निर्माण की एक मात्र घोषणा है। यह घोषणा संचालनालय खेल को 10 दिवस पूर्व ही प्राप्त हुई है, जिसका परीक्षण किया जा रहा है।
विकलांग पुनर्वास केन्द्र
[सामाजिक न्याय एवं निःशक्तजन कल्याण]
184. ( क्र. 3754 ) श्री बलवीर सिंह डण्डौतिया : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या सामाजिक न्याय विभाग द्वारा विकलांगों हेतु जिला विकलांग पुनर्वास केन्द्र प्रत्येक जिले में खोले जाने के निर्देश दिये गये थे? यदि हाँ, तो कब? आदेश क्रमांक एवं दिनांक बतायें। (ख) इतने वर्षों के पश्चात भी कौन-कौन से जिले में यह केन्द्र सुचारू रूप से संचालित हो रहे हैं तथा किन-किन जिलों में नहीं तथा क्यों? (ग) किन-किन जिलों में इन केन्द्रों हेतु भवन का चयन किया जा चुका है? (घ) कौन-कौन से जिले से फिजियोथैरेपिस्ट की नियुक्ति की जा चुकी है? (ड.) विकलांगों को शासन निर्देश के पश्चात भी सुविधा न मिलने के लिए कौन जिम्मेदार है तथा उस पर क्या कार्यवाही की जावेगी?
पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) पत्र क्रमांक/ 2003/1737/2003/26-2,दिनांक 24.09.2003 जिला विकलांग पुनर्वास केन्द्र खोले जाने के निर्देश दिये गये थे। पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-''अ'' अनुसार। (ख) पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-''ब'' अनुसार। (ग) पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-''स'' अनुसार। (घ) पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-''द'' अनुसार। (ड.) शासन निर्देशानुसार विकलांगों को शासकीय सुविधाओं का लाभ दिया जा रहा है शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
गरीबी रेखा की सूची हेतु प्राप्त आवेदन
[लोक सेवा प्रबन्धन]
185. ( क्र. 3758 ) सुश्री मीना सिंह : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) उमरिया जिले की मानपुर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत वर्ष 2013-14 से प्रश्न दिनांक तक लोक सेवा केन्द्रों व तहसील कार्यालयों के माध्यम से गरीबी रेखा की सूची में नाम शामिल करवाने के लिये कुल कितने आवेदन प्राप्त हुये हैं? (ख) प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्य में क्या गरीबी रेखा सूची में नाम शामिल करवाने के लिये लोक सेवा के माध्यम से आवेदन करना अनिवार्य है? यदि हाँ, तो क्यों? (ग) प्रश्नांश (ख) के परिप्रेक्ष्य में लोक सेवा केन्द्र के माध्यम से प्राप्त आवेदनों पर कुल कितना शुल्क लिया गया व कितने पात्र आवेदकर्ता के नाम गरीबी रेखा की सूची में शामिल किये गये?
उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री जयभान सिंह पवैया ) : (क) उमरिया जिले की मानपुर विधानसभा क्षेत्र के लोक सेवा केन्द्रों के माध्यम से पोर्टल में नगरीय प्रशासन विभाग की सेवा क्रमांक (5.2) गरीबी रेखा के नीचे के परिवारों की सूची में नाम जोड़ना (नगरीय क्षेत्र) में वर्ष 2013-14 से जनवरी 2018 की स्थिति में 1217 आवेदन एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की सेवा क्रमांक (16.1) गरीबी रेखा के नीचे के परिवारों की सूची में नाम जोड़ना (ग्रामीण क्षेत्र) में वर्ष 2013-14 से वर्ष 2015 तक 11849 आवेदन प्राप्त हुये हैं। उक्त सेवा को शासन द्वारा 2015 में डीनोटिफाईड कर दिया गया है। तहसील कार्यालय में वर्ष 2013-14 से प्रश्न दिनांक तक 14670 आवेदन प्राप्त हुये हैं। (ख) जी नहीं। (ग) लोक सेवा केन्द्रों से प्राप्त आवेदनों पर प्रति आवेदन 30/- रूपये शुल्क लिया जाता है। इस प्रकार कुल लोक सेवा केन्द्रों में 13066 आवेदन प्राप्त हुये जिसमें 30/- रूपये प्रति आवेदन की दर से 13066*30= 391980/- रूपये शुल्क लिया गया व गरीबी रेखा में नाम शामिल करवाने हेतु सेवा क्रमांक (5.2) में 178 एवं सेवा क्रमांक (16.1) में 924 आवेदन पात्र पाये गये जिनका नाम गरीबी रेखा में शामिल किया गया।
मनरेगा अंतर्गत आवंटित राशि
[पंचायत और ग्रामीण विकास]
186. ( क्र. 3759 ) सुश्री मीना सिंह : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) केन्द्र शासन से राज्य शासन को मनरेगा अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2014-15 से प्रश्न दिनांक तक कितनी-कितनी राशि किस-किस मद में आंवटित की गई? (ख) मनरेगा अंतर्गत प्रश्नांश (क) में उल्लेखित बजट के अनुक्रम में जिला उमरिया को कितनी राशि प्रदाय की गई एवं इसके विरूद्ध कितनी राशि के कार्य किये गये? (ग) विधानसभा क्षेत्र मानपुर में मनरेगा अंतर्गत विगत तीन वर्षों के समूह मूलक एवं हितग्राही मूलक कौन-कौन से कार्य पूर्ण हुये है जिनका भुगतान कार्य पूर्ण होने के पश्चात आज भी लंबित है? (घ) प्रश्नांश (ग) के संदर्भ में लंबित प्रकरणों का भुगतान कब तक होगा? क्या इसके लिये प्रभावी कार्यवाही की जावेगी? यदि हाँ, तो कब तक सर्वसंबधितों को भुगतान होगा?
पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) केन्द्र शासन से राज्य शासन को मनरेगा अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2014-15 से प्रश्न दिनांक तक आवंटित राशि की जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' अनुसार है। (ख) वित्तीय वर्ष 2014-15 में उमरिया जिले को राशि रूपये 5290.00 लाख आवंटित की गई। वित्तीय वर्ष 2015-16 तथा उसके पश्चात ई.एफ.एम.एस. एवं एन.ई.एफ.एम.एस. प्रक्रिया लागू होने के कारण मुख्यालय द्वारा वर्ष 2015-16 में राशि रूपये 1133.98 लाख, वित्तीय वर्ष 2016-17 में राशि रूपये 82.00 लाख एवं वित्तीय वर्ष 2017-18 में राशि रू. 78.77 लाख प्रशासनिक मद में आवंटित की गई व्यय राशि का विवरण संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र ''ब'' में उल्लेखित है। (ग) जी नहीं। ऐसा कोई कार्य विधानसभा क्षैत्र मानपुर में नहीं है, जो पूर्ण हुआ है, परन्तु भुगतान लंबित है। (घ) उत्तरांश (ग) के परिप्रेक्ष्य में शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
पोहरी तथा मगरोनी को नगरपरिषद बनाऐ जाने
[नगरीय विकास एवं आवास]
187. ( क्र. 3760 ) श्री प्रहलाद भारती : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या विभाग द्वारा पोहरी विधानसभा क्षेत्र एवं तहसील मुख्यालय पोहरी एवं नरवर विकासखण्ड की ग्राम पंचायत मगरोनी को नगर परिषद बनाएं जाने हेतु कोई कार्यवाही प्रचलन में है? यदि हाँ, तो क्या कार्यवाही प्रचलन में हैं? कब तक पोहरी तथा मगरोनी को नगर परिषद बना दिया जावेगा? (ख) यदि नहीं, तो क्यों? कारण बताएं। कब तक पोहरी तथा मगरोनी को नगर परिषद बनाए जाने हेतु आदेश जारी कर दिया जाएगा?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) जी हाँ। पोहरी विधानसभा क्षेत्र एवं तहसील मुख्यालय पोहरी एवं नरवर विकासखण्ड की ग्राम पंचायत मगरौनी को नगर परिषद् बनाये जाने हेतु कलेक्टर जिला शिवपुरी से प्राप्त प्रस्ताव परीक्षणाधीन होकर कार्यवाही प्रचलन में है, समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ख) उत्तरांश (क) के परिप्रेक्ष्य में शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
ग्राम कठेंगरा एवं नरौआ में पुल/रपटा निर्माण
[पंचायत और ग्रामीण विकास]
188. ( क्र. 3763 ) श्री प्रहलाद भारती : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रश्नकर्ता द्वारा पोहरी विधानसभा क्षेत्र के नरवर विकासखण्ड अंतर्गत ग्राम कठेंगरा से गनिहार के रास्ते में बरूआ नाले पर तथा ग्राम नरौआ से मुख्य सड़क की ओर जाने वाले रास्ते में डूडइ नाले पर दोनों स्थानों पर पुल अथवा रपटा निर्माण की मांग की गई थी? यदि हाँ, तो विभाग द्वारा प्रश्नकर्ता की मांग पर अब तक क्या-क्या कार्यवाही की गई? यदि नहीं, तो क्यों? (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार क्या प्रश्नकर्ता की मांग अनुसार उक्त स्थानों पर पुल अथवा रपटा बनाए जाने की आवश्यकता नहीं हैं? यदि नहीं, है तो क्यों? यदि आवश्यकता है तो कब तक उक्त स्थानों पर पुल अथवा रपटा निर्माण किए जाने हेतु स्वीकृति आदेश जारी कर दिए जाऐंगे?
पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ। कार्य की आवश्यकता है किंतु उपलब्ध आवंटन पूर्व से स्वीकृत कार्यों हेतु आबद्ध होने से कार्य की स्वीकृति नहीं हुई। (ख) जानकारी उत्तरांश (क) अनुसार। कार्य स्वीकृति की निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
पेंशन के संबंध में जानकारी का प्रदाय
[नगरीय विकास एवं आवास]
189. ( क्र. 3773 ) डॉ. मोहन यादव : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) नगर निगम उज्जैन में पेंशन प्राप्त कर रहे हितग्राहियों की दिनांक 01 अप्रैल, 2015 से प्रश्न दिनांक तक की सूची वर्षवार उपलब्ध करावे? (ख) प्रश्नांश (क) की जानकारी के अनुसार हितग्राहियों को समय पर पेंशन मिल रही है अथवा नहीं? समय पर पेंशन नहीं मिलने के लिये कौन अधिकारी दोषी हैं?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी हाँ। शेष प्रश्न उत्पन्न नहीं होता।
रि-पैकेजिंग कर निविदा आमंत्रित करना
[पंचायत और ग्रामीण विकास]
190. ( क्र. 3788 ) श्री नारायण सिंह पँवार : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना में पी.आई.यू.-2 राजगढ़ (ब्यावरा) के अंतर्गत लगभग 20 ग्रामीण मार्गों का पैकेज क्रमांक एमपी-30WB-26 के माध्यम से गत माह निविदाऐं आमंत्रित की गई थी? यदि हाँ, तो क्या उक्त पैकेज की अनुमानित लागत (पीएसी) अत्याधिक होने से किसी भी निविदाकार द्वारा उक्त निविदा में भाग नहीं लिया गया है? (ख) प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्य में क्या विभाग द्वारा वर्तमान में उक्त पैकेज की अनुमानित लागत (पीएसी) कम किये बिना (रि-पैकेजिंग) निविदा आमंत्रण की कार्यवाही की जा रही है? यदि हाँ, तो क्या प्रश्नकर्ता द्वारा अपने पत्र दिनांक 10 फरवरी, 2018 से माननीय विभागीय मंत्री जी एवं पत्र दिनांक 12 फरवरी, 2018 से उक्त पैकेज की पुन: निविदा आमंत्रित करने के पूर्व रि-पैकेजिंग करने की मांग की थी? यदि हाँ, तो प्रश्न दिनांक तक उक्त संबंध में क्या कार्यवाही की गई? (ग) उपरोक्तानुसार क्या शासन ग्रामीण मार्गों के निर्माण में हो रहे अनावश्यक विलंब एवं वर्षाकाल के पूर्व ही निर्माण कार्य प्रारंभ हो सकें, इस हेतु उक्त पैकेज की रि-पैकेजिंग करने उपरांत ही निविदा आमंत्रण की कार्यवाही करेगा?
पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ। यह कहना सही नहीं है कि किसी भी निविदाकार ने पैकेज क्रमांक एम.पी. 30 डब्ल्यू.बी. 26 की अनुमानित लागत अधिक होने के कारण निविदा में भाग नहीं लिया है। (ख) इस संबंध में महाप्रबंधकों को पत्र क्रमांक 2517/22/वि-12/WB/2018, दिनांक 05.02.2018 द्वारा निर्देशित किया गया है कि जिन पैकेजों में निविदा प्राप्त नहीं हुई एवं री-पैकेजिंग करने से निविदा प्राप्त होने की संभावना हो तो री-पैकेजिंग की जा सकती है। री-पैकेजिंग के लिये अनुमानित लागत आधार नहीं है। प्रश्नकर्ता द्वारा प्रेषित पत्र दिनांक 10.02.2018 एवं दिनांक 12.02.2018 प्राप्त नहीं हुये है। शेष प्रश्न उत्पन्न नहीं होता है। (ग) इस हेतु विभागीय प्रयास किये जा रहे है।
महाविद्यालयीन रिक्त पदों की पूर्ति
[उच्च शिक्षा]
191. ( क्र. 3789 ) श्री नारायण सिंह पँवार : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) राजगढ़ जिले की नेताजी सुभाषचंद्र बोस शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय ब्यावरा में स्वीकृत पदों के विरूद्ध कौन-कौन से पद किन कारणों से कब से रिक्त हैं? प्रश्न दिनांक तक रिक्त पदों की प्राथमिकता पर पूर्ति किये जाने हेतु विभाग द्वारा क्या कार्यवाही की गई? पदवार बतावें। (ख) प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्य में क्या महाविद्यालय में प्राचार्य (रजिस्ट्रार) सहित सहायक प्राध्यापकों, सहायक ग्रेड़-3, लेखापाल तथा छात्र-छात्राओं की खेल गतिविधियों हेतु खेल प्रशिक्षक का पद भी लम्बे समय से रिक्त है, जिससें अध्ययन कार्य, खेल गतिविधियां तथा कार्यालयीन कामकाज निरंतर प्रभावित हो रहा है? यदि हाँ, तो क्या शासन प्रश्नांश (क) वर्णित रिक्त पदों की पूर्ति करेगा? यदि हाँ, तो कब तक?
उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री जयभान सिंह पवैया ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। शैक्षणिक रिक्त पदों की पूर्ति हेतु लोक सेवा आयोग द्वारा विज्ञापन जारी किया जा चुका हैं। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ख) महाविद्यालय में प्राचार्य का पद 01.08.2011 से रिक्त है। रजिस्ट्रार का पद स्वीकृत नहीं है। शैक्षणिक रिक्त पदों की पूर्ति हेतु लोक सेवा आयोग द्वारा विज्ञापन जारी किया जा चुका है। अशैक्षणिक पदों की पूर्ति हेतु व्यापम को मांग पत्र भेजा गया है जिस पर कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
आवारा पशुओं के व्यवस्थापन हेतु अभ्यारण
[वन]
192. ( क्र. 3792 ) श्री घनश्याम पिरोनियॉं : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या दतिया जिले के आवारा पशुओं की समस्या निवारण हेतु प्रश्नकर्ता विधायक द्वारा पत्र, ध्यानाकर्षण एवं याचिका आदि लगाकर मॉ रतनगढ़ के जंगल को गौ अभ्यारण बनाने की मांग की थी? यदि हाँ, तो इस पर क्या कार्यवाही हुई? क्या उक्त कार्यवाही से जनप्रतिनिधि को अवगत कराया? यदि कार्यवाही नहीं हुई और जनप्रतिनिधि को अवगत नहीं कराया तो क्यों? इसके लिये कौन जिम्मेदार है? (ख) क्या किसी भी जंगल को गौ अभ्यारण बनाने के लिये कोई आदर्श मापदण्ड मानक तय किये गये हैं? यदि हाँ, तो उनकी समस्त प्रतियॉ उपलब्ध कराई जावे। क्या इन मानक मापदण्डों के तहत मॉ रतनगढ जंगल गौ अभ्यारण के लिये उपयुक्त है अथवा नहीं? यदि नहीं, तो क्यों? (ग) क्या मॉ रतनगढ़ का जंगल एक हजार एकड़ भूमि पर फैला हुआ है और उसके किनारे किनारे सिंध नदी बहती है जो कि अभ्यारण के लिये नैसर्गिक वातावरण उपलब्ध कराती है? इस जंगल को गौ अभ्यारण बना दिया जाता है, तो अन्य की अपेक्षा यहां शासन पर कम वित्तीय भार पड़ेगा और दतिया जिले के किसानों को आवारा पशुओं की समस्या से मुक्ति मिल जावेगी? (घ) यदि हाँ, तो क्या मॉ रतनगढ़ जंगल को गौ अभ्यारण बनाया जा रहा है? यदि हाँ, तो कब तक और यदि नहीं, तो क्यों?
वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) जी हाँ। गौ अभयारण्य बनाने का कार्य वन विभाग द्वारा नहीं किया जाता है। अत: शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ख) जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) जी हाँ वनक्षेत्र के अन्दर गौ अभयारण्य बनाने का प्रावधान नहीं होने से शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) वनक्षेत्र के अन्दर गौ अभयारण्य निर्मित करने का भारतीय वन अधिनियम, 1927 एवं वन्यप्राणी (संरक्षण) अधिनियम, 1972 में प्रावधान नहीं है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
निर्विरोध चुनाव की राशि के संबंध में
[पंचायत और ग्रामीण विकास]
193. ( क्र. 3798 ) डॉ. योगेन्द्र निर्मल : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या जिला बालाघाट अंतर्गत विकासखण्ड वारासिवनी के ग्राम पंचायत अंसेरा पंचायत चुनाव 2015 में सरपंच का चुनाव निर्विरोध हुआ था? यदि हाँ, तो उक्त ग्राम पंचायत की राशि प्रश्न दिनांक तक पंचायत के खाते में जमा की गई है? यदि नहीं, तो क्यों? (ख) क्या वर्ष 2015 से उक्त पंचायत को राशि के आवंटन में अधिकारियों/कर्मचारियों द्वारा लापरवाही बरती गई है? यदि हाँ, तो इसके लिए कौन-कौन अधिकारी/कर्मचारी जिम्मेदार हैं? विभाग उक्त अधिकारी/कर्मचारियों के खिलाफ क्या कार्यवाही कब तक करेगा? (ग) जिला बालाघाट अंतर्गत विकासखण्ड वारासिवनी की ग्राम पंचायत अंसेरा में विभाग निर्विरोध चुनाव की राशि कब तक पंचायत के खाते में जमा करेगा?
पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ। जी नहीं। राशि समय पर ग्राम पंचायत के खाते में जमा करने में श्री निशांक कौल, परियोजना अधिकारी एवं श्री शोएब कादरी, सहायक ग्रेड-3 द्वारा लापरवाही बरती गई है। (ख) श्री निशांक कौल, परियोजना अधिकारी एवं श्री शोएब कादरी, सहायक ग्रेड-3 जिम्मेदार हैं। उक्त अधिकारी/कर्मचारी को कारण बताओं सूचना पत्र जारी किया गया है। (ग) निर्विरोध निर्वाचन की राशि दिनांक 06.03.2018 को ग्राम पंचायत अंसेरा के खाते में जमा कर दी गई है।
खण्ड पंचायत अधिकारियों के रिक्त पदों की पूर्ति
[पंचायत और ग्रामीण विकास]
194. ( क्र. 3804 ) श्री दिलीप सिंह शेखावत : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) म.प्र. में वर्तमान में खण्ड पंचायत अधिकारियों के कुल कितने पद स्वीकृत हैं एवं विगत 3 वर्षों से कितने पद रिक्त पड़े हैं? (ख) क्या जनपद पंचायत की समस्त हितग्राही मूलक योजनाओं का संचालन खण्ड पंचायत अधिकारियों के द्वारा किया जाता है, किन्तु इन पदों पर वर्षों से प्रभारियों के द्वारा कार्य किया जा रहा है, जिससे की शासकीय कार्य प्रभावित हो रहा हैं। (ग) यदि हाँ, तो इन पदों पर कब तक नियुक्ति कर दी जावेगी? नियुक्ति में इस वर्ग के कितने पद विभागीय पदोन्नति से भरे जावेंगे?
पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) वर्तमान में खण्ड पंचायत अधिकारी के 313 एवं संकाय सदस्य के 21 पद स्वीकृत है, इस प्रकार कुल 334 पद हैं। विगत तीन वर्षों से 173 पद रिक्त हैं। (ख) जी नहीं। जी नहीं। (ग) विभागीय पदोन्नति से कुल 95 पदों की पूर्ति होगी। समय-सीमा बताना संभव नहीं।
ट्रस्ट का निर्माण
[धार्मिक न्यास और धर्मस्व]
195. ( क्र. 3847 ) श्री गोविन्द सिंह पटेल : क्या खेल और युवा कल्याण मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) गाडरवारा विधानसभा क्षेत्र में कितने ऐसे धार्मिक स्थल हैं जिनके लिये विभाग के पास ट्रस्ट बनाने हेतु आवेदन प्राप्त हुये हैं? क्या इन स्थलों के रख-रखाव हेतु एवं सुचारू गतिविधियों संचालन हेतु ट्रस्ट बनाने की आवश्यकता है? (ख) प्रश्नकर्ता को प्राप्त जानकारी के अनुसार विधानसभा क्षेत्र में तीन स्थल ऐसे हैं कि जहां ट्रस्ट बनाना आवश्यक है, जैसे डमरूधारीख, शिवधाम, गाडरवाडा 2. दादा धूनीवाले, लीला स्थल साईखेड़ा 3. शिवमंदिर दोड़ार तिराहा सालीचौका क्या इन धार्मिक स्थलों में शीघ्र अतिशीघ्र ट्रस्ट बनाये जावेंगे जिससे इनकी गतिविधियां सुचारू रूप से चल सकें?
खेल और युवा कल्याण मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) गाडरवारा विधानसभा क्षेत्र में 02 आवेदन प्राप्त हुये है। इन स्थलों के रख-रखाव हेतु एवं सुचारू गतिविधियों के संचालन हेतु ट्रस्ट बनाने की आवश्यकता है। (ख) 1. डमरूघाटी का प्रकरण अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) एवं पंजीयक लोक न्यास गाडरवारा के न्यायालय में विचाराधीन है। 2. छादा धूनीवाले लीला स्थल सांईखेड़ा ट्रस्ट का पंजीयन अनुविभागीय अधिकारी के न्यायालय के प्र.क्र. 01 ब 113 (1) वर्ष 2016-17 आदेश दिनांक 06.07.2017 के तहत किया जा चुका है। जो लोक न्यास पंजी के क्रमांक 02 पर अंकित है। 3. शिव मंदिर पोडार तिराहा का आवेदन प्राप्त होने पर नियमानुसार कार्यवाही की जावेगी।
पदोन्नत कर्मचारियों को पदोन्नत वेतन का लाभ दिया जाना
[नगरीय विकास एवं आवास]
196. ( क्र. 3865 ) पं. रमेश दुबे : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) छिन्दवाड़ा जिले में वर्ष 2016 से प्रश्न दिनांक तक नगरीय विकास एवं आवास विभाग के अंतर्गत नगरीय निकायों में अनारक्षित वर्ग के किन पदों पर कार्यरत किन-किन कर्मचारियों को किस अधिकारी के द्वारा अनारक्षित वर्ग के किन-किन पदों पर किस वेतनमान में विधिवत पदोन्नति प्रदान की गयी है? निकायवार जानकारी देते हुए पदोन्नति आदेश की प्रति संलग्न करें। (ख) क्या प्रश्नांश (क) के प्रकाश में पदोन्नत कर्मचारियों का संयुक्त संचालक स्थानीय निधि संपरीक्षा जबलपुर द्वारा पदोन्नति वेतनमान में वेतन निर्धारण कर दिया गया है? यदि हाँ, तो निकायवार पदोन्नत कर्मचारीवार पदोन्नति वेतनमान में वेतन निर्धारण की जानकारी दें। यदि निर्धारण नहीं किया गया है, तो क्यों? कारण स्पष्ट करें। (ग) क्या प्रश्नांश (क) अनुसार पदोन्नत कर्मचारियों का संयुक्त संचालक स्थानीय निधि संपरीक्षा जबलपुर द्वारा पदोन्नति वेतनमान में वेतन निर्धारण नहीं किये जाने के कारण पदोन्नति कर्मचारियों को पदोन्नति वेतनमान का लाभ प्राप्त नहीं हो पा रहा है? कब तक वेतन निर्धारण कर दिया जावेगा? (घ) क्या शासन प्रश्नांश (क) में उल्लेखित अवधि में पदोन्नत कर्मचारियों का पदोन्नति वेतनमान में शीघ्र वेतन निर्धारण कर पदोन्नति वेतन का लाभ देने और वेतन निर्धारण में विलंब करने वाले अधिकारियों/कर्मचारियों की जिम्मेदारी नियत कर उनके विरूद्ध कार्यवाही करने का आदेश देगा? हाँ तो कब तक? नहीं तो क्यों?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) जी हाँ। जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी हाँ। नगर पालिका परिषद डोंगर पलासिया, नगर पालिका परिषद सौंसर, नगर परिषद चांदामेटा, नगर परिषद, न्यूटन चिखली के कर्मचारियों का वेतन निर्धारण किया जा चुका है। नगर पालिका परिषद पांढुरना, नगर परिषद लौधीखेड़ा, नगर परिषद मौहगांव, नगर परिषद पीपल्या नारायणवार, नगर परिषद बड़कुही, के कर्मचारियों का वेतन निर्धारण वर्तमान तक नहीं हुआ है। कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। कार्यवाही प्रक्रियाधीन होने से शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी नहीं। निकाय द्वारा पदोन्नति वेतनमान प्रदाय किया जा रहा है। कार्यवाही प्रक्रियाधीन होने से समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (घ) कार्यवाही प्रक्रियाधीन होने से कोई व्यक्ति विशेष अधिकारी/कर्मचारी दोषी नहीं होने से शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
त्रिलंगा हाउसिंग सोसाइटी को दी गई भवन अनुज्ञा
[नगरीय विकास एवं आवास]
197. ( क्र. 3866 ) श्री के.पी. सिंह : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या नगर निगम भोपाल द्वारा भूखण्ड क्रमांक 250 त्रिलंगा हाउसिंग सोसाइटी बावडिया कला (त्रिलोचन नगर तहसील हुजूर) भोपाल में भवन निर्माण अनुज्ञा क्रमांक 1141 दिनांक 17/08/1995 प्रदान की गई है? यदि नहीं, तो कब दी गई? (ख) क्या उक्त भूखण्ड क्रमांक 250 से लगे भूखण्ड क्रमांक 249 की भी भवन अनुज्ञा प्रदान की गई है? यदि हाँ, तो भूखण्ड क्रमांक 249 की भवन अनुज्ञा कब प्रदान की गई? भवन अनुज्ञा प्रमाण-पत्र एवं स्वीकृत मानचित्र की प्रति उपलब्ध करावें।
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) जी हाँ। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ख) जी हाँ। भू-खण्ड क्रमांक 249 की भवन अनुज्ञा क्रमांक 1139 दिनांक 07.08.1995 को दी गई। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है।
उप वनमंडल लांजी जिला बालाघाट में पेंगोलिन की तस्करी
[वन]
198. ( क्र. 3874 ) सुश्री हिना लिखीराम कावरे : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विगत 5 वर्षों में विषयांकित के संबंध में विभाग में अब तक कितने प्रकरण दर्ज किए गये हैं? सम्पूर्ण जानकारी आरोपी के नाम तथा पेंगोलिन की संख्या सहित बतायें? (ख) पेंगोलिन के चमड़े का क्या व्यवसायिक उपयोग है तथा इसकी तस्करी कहाँ की जाती है? (ग) प्रदेश में कहाँ-कहाँ पेंगोलिन बहुतायत संख्या में पाये जाते हैं तथा क्या प्रश्नांश (क) अवधि में प्रदेश के अन्य स्थानों पर पेंगोलिन की तस्करी के मामले दजे हुए हैं? (घ) विभाग पेंगोलिन के संरक्षण के लिये क्या उपाए कर रहा है?
वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) उप वन मंडल लांजी जिला बालाघाट में 04 प्रकरण प्रश्नांश दिनांक तक दर्ज किये गये है, जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-एक अनुसार है। (ख) गिफ्तार किये आरोपियों से पूछताछ में यह तथ्य सामने आये है कि पेंगोलिन के चमडे का उपयोग विभिन्न प्रकार की शक्तिवर्धक दवाईयों में किया जाता है। इसकी तस्करी मुख्यतः हांगकांग, इंडोनेशिया व चीन में की जाती है। (ग) पेंगोलिन संपूर्ण मध्यप्रदेश में पाये जाते है। प्रदेश के अन्य स्थानों पर पेंगोलिन तस्करी के 12 मामले दर्ज है। जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-दो अनुसार है। (घ) 1. मुख्य वन्यप्राणी अभिरक्षक म.प्र. भोपाल के अधीन कार्यरत एस.टी.एस.एफ. भोपाल के द्वारा मध्यप्रदेश में कुल 16 प्रकरण पंजीबद्ध कर 162 आरोपियों को गिरफ्तार कर विभिन्न न्यायालयों में प्रस्तुत कर जेल भेजा गया है। 2. पेंगोलिन के संरक्षण व वनों में उसकी उपयोगिता के संबंध में वन क्षेत्र से लगे ग्रामों में संयुक्त वन प्रबंधन समितियों एवं क्षेत्र में कार्यरत स्वयं सेवी संस्थाओ के माध्यम से जागरूकता अभियान चलाया जाता है। 3. पेंगोलिन तस्करी से जुडे अतंर्राज्जीय एवं अंर्तराष्ट्रीय गिरोह के नेटवर्क को ध्वस्त करने में एस.टी.एस.एफ. भोपाल को विशेष सफलता प्राप्त हुई है।
ग्राम पंचायतों, जनपद पंचायतों तथा जिला पंचायतों के परिसीमन
[पंचायत और ग्रामीण विकास]
199. ( क्र. 3875 ) सुश्री हिना लिखीराम कावरे : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या विषयांकित के संबंध में पंचायती राज अधिनियम द्वारा राज्य शासन को अधिकार प्रदत्त किए गए हैं? यदि हाँ, तो किस धारा के अंतर्गत? अधिनियम के इस भाग की छायाप्रति उपलब्ध कराएं? (ख) विगत वर्षों में सड़कों तथा पुल-पुलियों के निर्माण के बाद आवागमन की सुविधा सुलभ होने से ऐसे कई टोले हैं जिनको अन्य पंचायतों में जोड़ना क्या वहाँ की जनता के लिए ज्यादा सुलभ हो जाएगा? उसी तरह विधानसभाओं के परिसीमन के बाद ऐसी बहुत सी पंचायतें हैं जिन्हें अन्य जनपद पंचायतों में जोड़ना ज्यादा सुविधाजनक होगा फील्ड पर होने वाली व्यवहारिक परेशानियों को ध्यान में रखते हुए क्या शासन तीनों स्तरों की पंचायतों का परिसीमन करवाने पर विचार करेगा? (ग) क्या शासन द्वारा पंचायतों के परिसीमन संबंधी प्रस्ताव मंगवाए गए हैं? इस संबंध में शासन द्वारा की जा रही कार्यवाही से अवगत कराएं। (घ) क्या शासन यह महसूस नहीं करता की परिसीमन के प्रस्ताव मंगवाने में शासकीय तंत्र के साथ-साथ जनप्रतिनिधियों के सुझावों को भी शामिल किया जाए तो परिसीमन ज्यादा व्यवहारिक तथा जनता के लिए सुविधाजनक होगा?
पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ। मध्यप्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 की धारा 125 एवं धारा 127 अंतर्गत प्रावधान है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) मध्यप्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम, 1993 की धारा 125 एवं 127 के प्रावधान अनुसार विहित प्राधिकारी द्वारा पंचायत आम निर्वाचन से पूर्व स्थानीय आवश्यकता के अनुसार परिसीमन की कार्यवाही की जाती है। (ग) जी हाँ। जल संसाधन परियोजनाओं के क्रियान्वयन तथा आरक्षित वन को राष्ट्रीय उद्यान/टाइगर पार्क घोषित किये जाने के कारण ग्रामों/ग्राम पंचायतों की उनके जनपद पंचायत मुख्यालय से दूरी हो जाने के कारण जनपद पंचायत के परिसीमन के प्रस्ताव समस्त जिलों से मांगे गये हैं। (घ) मध्यप्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 की धारा 125 एवं धारा 127 के प्रावधान अनुसार प्रभावित संभाव्य व्यक्तियों से आक्षेप आमंत्रित किये जाते हैं।
जन अभियान परिषद का व्यय
[योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी]
200. ( क्र. 3879 ) श्री मधु भगत : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बालाघाट तथा सीमावर्ती जिलों में जन अभियान परिषद ने, उसके गठन/प्रारम्भ होने के दिनांक से कौन-कौन से कार्य, किये और उसमें कितनी-कितनी राशि व्यय की गई? वित्तीय वर्षवार ब्यौरा बतायें। (ख) बालाघाट जिले में परिषद में कौन-कौन, कब से किस पद पर पदस्थ तथा कार्यरत है और इसके उत्तरदायित्व, कार्यक्षेत्र एवं अधिकार शक्तियां क्या-क्या हैं? (ग) जन अभियान परिषद ने, पिछले 3 वर्षों में बालाघाट जिले में जिन-जिन कार्यों के लिये राशि खर्च की है? क्या उसके बिल व्हाउचर सुरक्षित हैं? यदि हाँ, तो उनकी प्रति बताते हुये किसे-किसे, कितना-कितना भुगतान किया गया, क्रय, परिवहन, किराया तथा अन्य हेतु, निविदा कब-कब खुली और सीमित निविदा जारी की गई? उनकी प्रति बतायें।
वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) जिला बालाघाट के सीमावर्ती जिले सिवनी एवं मण्डला में परिषद के गठन/प्रारम्भ दिनांक से किये गये कार्य एवं व्यय राशि वर्षवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ, ब एवं स अनुसार है। (ख) प्रश्नांश ''ख'' से संबंधित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ग) जी हाँ। बालाघाट जिले में कार्यों पर हुये व्यय, भुगतान, की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 पर एवं निविदाओं बाबत जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-4 अनुसार है।
नवीन महाविद्यालय की स्थापना
[उच्च शिक्षा]
201. ( क्र. 3880 ) श्री मधु भगत : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) परसवाड़ा विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत लामता, चांगीटोला, खाटा में नवीन महाविद्यालय न खोले जाने का क्या कारण है? (ख) वर्तमान सरकार ने जो नवीन महाविद्यालय खोले थे वे कहाँ-कहाँ खोले गये? कया वे सभी मापदण्ड़ों को पूर्ण करते थे? (ग) कौन-कौन से मापदण्ड नवीन कालेज के लिये अनिवार्य हैं? किन व्यवस्थाओं की पूर्ति वैकल्पिक रूप में की जा सकती है?
उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री जयभान सिंह पवैया ) : (क) नवीन महाविद्यालय खोला जाना एक नीतिगत निर्णय होता है। आवश्यकतानुसार परीक्षण करते हुये नवीन महाविद्यालय प्रारम्भ किये जाते हैं वर्तमान में सीमित संसाधनों के कारण लामता में महाविद्यालय खोले जाने में कठिनाई है, लामता के विद्यार्थी 22 कि.मी. पर संचालित शासकीय महाविद्यालय परसवाडा में अध्ययन कर सकते हैं। चांगीटोला के निकट संचालित स्कूलों में 12वीं कक्षा में अध्ययनरत विद्यार्थियों की संख्या अत्यंत कम होने से प्राथमिक मापदण्डों की पूर्ति नहीं हो रही है, जिससे चांगीटोला में महाविद्यालय प्रारंभ किये जाने में कठिनाई है। खाटा नामक स्थान चिन्ह्ति नहीं होने से उत्तर दिया जाना संभव नहीं है। (ख) वर्तमान सरकार के द्वारा खोले गये नवीन महाविद्यालयों की सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' अनुसार है। महाविद्यालयों की स्वीकृति यथासमय आवश्यकताओं के अनुरूप की गई है। (ग) प्राथमिक परीक्षण के मापदण्ड पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''ब' अनुसार है। शासकीय महाविद्यालय प्रारंभ किये जाने हेतु प्रथमतः नियमित पदों के सृजन की आवयश्यकता होती है, अतः वैकल्पिक पूर्ति का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
शासकीय पी.जी. कालेज जौरा खुर्द मुरैना में जल भराव
[उच्च शिक्षा]
202. ( क्र. 3888 ) श्री सत्यपाल सिंह सिकरवार : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या सुमावली विधानसभा क्षेत्र के एकमात्र शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय परिषद में बारह महीने भवनों के आस-पास जल भराव रहने से गंदगी फैलती रहती है तथा उक्त जल भराव के कारण महाविद्यालय के भवनों के आस-पास हमेशा पानी रहने से भवन की स्थिति कमजोर होती जा रही हैं? यदि हाँ, तो शासन द्वारा अभी तक क्या कार्यवाही की गई? (ख) क्या कि खेल मैदान में पानी भरा रहने से छात्र-छात्रायें मैदान परिसर में नहीं घूम पा रहे हैं तथा कई भवनों के दरवाजों तक पानी भरा रहने से भवन बन्द बना रहता है। इस संबंध में प्रशासन क्या कार्यवाही कर रहा है? (ग) क्या उक्त समस्या से कई बार शासन व उच्च अधिकारियों को अवगत कराने के बावजूद इस समस्या के समाधान की पहल क्या नहीं की जा रही है?
उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री जयभान सिंह पवैया ) : (क) यह सही है कि शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, मुरैना की बाउण्ड्रीवॉल पूर्ण न होने के कारण परिसर में आस-पास की बस्तियों का गंदा पानी आने से महाविद्यालय में जल भराव की स्थिति है। बाउण्ड्रीवाल निर्माण हेतु वित्तीय वर्ष 2012-13 में राशि रू. 4.21 लाख की प्रशासकीय/वित्तीय स्वीकृति जारी की गई थी, किन्तु श्री रामेश्वर आदि बनाम, म.प्र.शासन द्वारा माननीय उच्च न्यायालय, खंडपीठ, ग्वालियर में प्रकरण क्र. एस.ए.-60/2012 में दायर किया गया, जिस पर आज दिनांक तक स्थगन है। आयुक्त, नगर पालिका, मुरैना द्वारा महाविद्यालय की बाउण्ड्री के पास अस्थायी नाला खोदा गया था, जिसे स्थानीय निवासियों द्वारा मिट्टी डालकर आंशिक रूप से भर दिया गया है। जिसके कारण पानी का भराव होने से भवन की स्थिति कमजोर हो रही है। जल भराव की समस्या के निदान हेतु स्थानीय प्रशासन, मुरैना को प्राचार्य द्वारा समय-समय पर कार्यवाही हेतु लिखा गया है। जिस पर कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। (ख) एवं (ग) प्रश्नांश "क" के उत्तर अनुसार।
राशि की वसूली
[वन]
203. ( क्र. 3892 ) श्री जितू पटवारी : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या बड़वानी वन मंडल के बरला परिक्षेत्र स्थित धवली केन्द्र पर कुल्लू गोन्द की सूखत से शासन को होने वाली हानि (राशि रू; 52530/-) की वसूली तत्कालीन वन क्षेत्रपाल से की गई है? क्या उपरोक्तानुसार की गई वसूली नियमों के विरूद्ध की गई है? (ख) यदि हाँ, तो क्या तत्कालीन वन क्षेत्रपाल द्वारा नियम विरूद्ध की गई वसूली के एवज में दिनांक 29/06/2005 को अपील कर वसूली गई राशि प्रदान किये जाने की मांग विभाग से की गई है? (ग) यदि हाँ, तो प्रश्नांश (ख) के तारतम्य में, कार्या. वन वृत्त खण्डवा के द्वारा कार्या प्रधान मुख्य वन संरक्षक भोपाल के संदर्भित पत्र क्रमांक 378/3963 dt 24-08-2005, 6396 dt. 2.09.2005, 3656 dt. 26-05-2006, 9523 dt 22.12.2006, 1588 dt 2.03.2009, 6518 dt. 29.8.11, 9973 dt. 2.12.2011, 235 dt. 07.01.2012, 1151 dt. 3.2.2012, 2152 dt. 1.3.2012, 7681 dt. 3.8.2012, 6024 dt.25.07.2015, 6675 dt. 26.6.2013 एवं 344 dt. 16.01.2017 का हवाला देते हुये वन मंडल अधि. बड़वानी से अभिलेख, अपील प्रति सहित टीप चाही गई है? (घ) यदि हाँ, तो वन मण्डल अधिकारी बड़वानी एवं कार्या वन वृत्त खण्डवा द्वारा अभिलेख, अपील प्रति एवं टीप वरिष्ठ कार्यालय को प्रेषित की गई है? यदि हाँ, तो छायाप्रति देवें एवं नहीं तो प्रदान नहीं करने का कारण स्पष्ट करें।
वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) प्रश्नांश में उल्लेखित हानि की राशि की वसूली तत्कालीन वनपाल से की गई है न कि वनक्षेत्रपाल से। उक्त वसूली नियमानुसार ही की गई है। (ख) जी हाँ। श्री व्ही.पी. भार्गव, तत्कालीन वनपाल द्वारा उक्त वसूली के विरूद्ध दिनांक 29.06.2005 को अपील प्रधान मुख्य वन संरक्षक, मध्य प्रदेश, भोपाल को की गई है। (ग) जी हाँ। (घ) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है।
बस प्रचालन की जानकारी
[नगरीय विकास एवं आवास]
204. ( क्र. 3893 ) श्री जितू पटवारी : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) इंदौर बी.आर.टी.एस. की जनवरी 2018 के अनुसार प्रतिमाह की यात्री संख्या कुल प्राप्त किराया राशि, विज्ञापन से प्राप्त आय, कुल खर्च, सभी प्रकार के खर्च का अलग-अलग ब्यौरा दें तथा बतावे की यात्री संख्या प्रारंभिक डी.पी.आर. के अनुसार कितने फीसदी कम अथवा ज्यादा है तथा अभी तक बी.आर.टी.एस. पर लगी कुल लागत राशि की जानकारी दें। (ख) AICTSL कंपनी के गठन संबंधी विवरण उपलब्ध करावें तथा बतावे कि इस कंपनी को अन्य शहरों के लिये बस चलाने कि स्वीकृति किस अधिकारी द्वारा किस अधिकार से दी गई है? क्या यह परिवहन विभाग के कार्य में अतिक्रमण नहीं है? जहां ग्रामीण अंचल में तीव्र गति की शासकीय परिवहन सेवा की व्यवस्था नहीं है वहां पर कार्य कैसे किया जा रहा है? चार्टर्ड बस, स्काय बस आदि के अनुबंध तथा राजस्व में हिस्से की जानकारी दें।
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) इन्दौर बी.आर.टी.एस. पर जनवरी 2018 में यात्रियों की संख्या कुल 14,24,867 (माह) जिनसे प्राप्त कुल किराया राशि रूपये 1,55,62,270/- (एक करोड़ पचपन लाख बासठ हजार दो सौ सत्तर रूपये मात्र) है। बी.आर.टी.एस. पर विज्ञापन से प्रतिमाह कुल आय एवं कुल खर्चों के अलग-अलग विवरण जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'अ' अनुसार है। इन्दौर बी.आर.टी.एस. पर वर्तमान में यात्रियों की संख्या डी.पी.आर. में उल्लेखित संख्या से अधिक है चूंकि डी.पी.आर. में बी.आर.टी.एस. एबी रोड पर निर्माण लम्बाई 23 कि.मी. प्रस्तावित की गई थी परन्तु केन्द्र शासन द्वारा 11.45 कि.मी. (निरंजनपुर से राजीव गांधी) तक की स्वीकृति प्रदान की गई। बी.आर.टी.एस. पर खर्च की गई राशि की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'ब' अनुसार है। (ख) AICTSL कंपनी का गठन कंपनी अधिनियम 1956 के तहत किया गया है। Memorandum of Association की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'स' अनुसार है। AICTSL कंपनी SPV (Special Purpose Vehicle) है। AICTSL के अंतर्गत संचालित बसों का संचालन Memorandum of Association के अनुरूप किया जाता है, जिससे यात्रियों को दीर्घकालीन (Sustainable) सुगम लोक परिवहन सेवा उपलब्ध कराना है। परिवहन विभाग पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण नहीं है। AICTSL कंपनी द्वारा ग्रामीण एवं इंटरसिटी मार्गों पर बसों का संचालन किया जा रहा है। AICTSL कंपनी द्वारा संचालित स्काई बस का संचालन पी.पी.पी. (पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप) मॉडल पर निविदा आमंत्रण कर सफल निविदाकार के साथ अनुबंध संपादित कर संचालन किया जाता है। बसों से शासन को प्रीमियम के रूप में राजस्व की प्राप्ति होती है।
भोपाल नगर निगम में ठेकेदारों के भुगतान में विलंब
[नगरीय विकास एवं आवास]
205. ( क्र. 3900 ) श्री आरिफ अकील : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या बजट प्रावधान अनुसार पार्षदों को निगम मुख्यालय द्वारा वार्ड नियोजन निधि प्रदाय किये जाने का प्रावधान है? यदि हाँ, तो वित्तीय वर्ष 2017-18 में किस-किस पार्षद को कितनी-कितनी पार्षदा निधि (वार्ड नियोजन निधि) और मुख्यालय की अन्य निधियों से आवंटित की गई और प्रश्न दिनांक की स्थिति में किस-किस पार्षद द्वारा कितनी-कितनी राशि का उपयोग कर लिया गया तथा कितनी-कितनी शेष है? (ख) प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्य में वित्तीय वर्ष 2014-15 से 2017-18 की स्थिति में यह अवगत करावें कि किस-किस वार्ड पार्षद एवं मुख्यालय निधि से कौन-कौन से कार्य कितनी-कितनी राशि के स्वीकृत हैं और प्रश्न दिनांक की स्थिति में प्रारंभ नहीं हुए हैं? कार्यकारी एजेंसियों के नाम सहित जानकारी उपलब्ध करावें। (ग) प्रश्नांश (क), (ख) के परिप्रेक्ष्य में क्या ठेकेदारों का भुगतान नहीं होने के कारण निविदा प्रक्रिया में ठेकेदार भाग नहीं ले रहें हैं? इस प्रकार की गंभीर वित्तीय संकट के निराकरण हेतु शासन स्तर पर प्रश्न दिनांक की स्थिति में क्या कार्यवाही की गई? यदि नहीं, तो क्यों?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) नगर निगम भोपाल में बजट प्रावधान अनुसार वित्तीय वर्ष 2017-18 में 85 वार्ड पार्षदों को वार्ड नियोजन निधि (पार्षद निधि) और मुख्यालय की अन्य निधियां से आवंटित निधि एवं पार्षद द्वारा कितनी-कितनी राशि का उपयोग किस-किस कार्य में किया गया, की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ‘अ' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ‘ब' अनुसार है। (ग) निविदा प्रक्रिया आनॅलाईन है। ठेकेदार निविदा में भाग ले रहें है। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
शासकीय धनराशि से निजी भूमियों पर विकास/निर्माण कार्य किया जाना
[नगरीय विकास एवं आवास]
206. ( क्र. 3905 ) श्री आरिफ अकील : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या नियमानुसार सुलभ कॉम्पलेक्स का निर्माण शासकीय भूमियों पर करने का प्रावधान है? यदि हाँ, तो भोपाल शहर में कहाँ-कहाँ शासकीय व निजी भूमियों पर दिनांक 31 अप्रैल 2015 से प्रश्न दिनांक की स्थिति में सुलभ कॉम्पलेक्स निर्मित किए गए? (ख) क्या नगर पालिक निगम भोपाल द्वारा विकास योजना के नाम पर निजी भूमियों का जबरिया अधिग्रहण किया जाकर ईदगाह फिल्टर प्लांट की सीमा दीवार का निर्माण कार्य तथा पोलिटेक्निक चौराहे के पास स्थित अरेबियन गार्डन की भूमि पर शासकीय धनराशि योजना के तहत विकास कार्य किए गए हैं? यदि हाँ, तो ऐसी और कहाँ-कहाँ निजी भूमियों पर कितनी-कितनी लागत राशि से किन-किन के द्वारा नियम विपरीत कार्य किए जाने हेतु कौन-कौन दोषी हैं? उनके विरूद्ध शासन द्वारा क्या तथा कब तक कार्यवाही की जावेगी? यदि नहीं, तो क्यों? (ग) क्या लालघाटी स्थित दीनदयाल चौराहे का निर्माण किए जाने के नाम पर गरीब लोगों के पट्टे व रजिस्ट्रीशुदा मकानों के पक्ष में माननीय न्यायालय के आदेश के बावजूद तोड़ दिये गये? यदि हाँ, तो किन-किन लोगों के मकान तोड़े गए तथा उन्हें कब तक अन्यत्र स्थान पर भूखण्ड आवंटित करेंगे और मुआवजा देंगे? यदि नहीं, तो क्यों?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) भोपाल शहर में आवश्यकतानुसार मूलभूत सुविधा उपलब्ध कराये जाने हेतु सुलभ काम्पलेक्सों का निर्माण कराया जाता है। निर्माण कार्य किसी भी निजी भूमि पर नहीं किया गया है। दिनांक 31 अप्रैल, 2015 से निर्मित किये गये सुलभ काम्प्लेक्सों की सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'अ' अनुसार है। (ख) जी नहीं। ईदगाह हिल्स फिल्टर प्लांट के चारों ओर की बाउन्ड्रीवाल का निर्माण कार्य राशि रूपये 28,55,946/- की लागत से किया जा रहा है एवं जिन झुग्गियों को हटाया गया है उन्हें वाजपेयी नगर बहुमंजिला भवन में विस्थापित किया गया है। पॉलिटेक्निक चौराहे से भारत माता चौराहे तक मौजूदा सड़क का चौड़ीकरण का कार्य किया जा रहा है। किसी की भी निजी भूमि पर भोपाल स्मार्ट सिटी डेव्लपमेंट कार्पोरेशन लिमिटेड द्वारा किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य नहीं किया गया है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) लालघाटी चौराहे के विकास कार्य के समय चौराहे के पास शासकीय भूमि पर कुल 58 झुग्गिया एवं 10 दुकाने स्थित थी जिन्हें टी.बी. हॉस्पिटल के पीछे शेड बनाकर विस्थापित किया गया है। सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'ब' अनुसार है। शिफिटंग के दौरान इन झुग्गीवासियों द्वारा कोई भी अभिलेख प्रस्तुत नहीं किये गये है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के संबंध में
[पंचायत और ग्रामीण विकास]
207. ( क्र. 3913 ) श्री संजय उइके : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना अंतर्गत बालाघाट जिले में निर्माण कार्य किये जा रहे हैं? (ख) यदि हाँ, तो बैहर विधानसभा क्षेत्र में कहाँ-कहाँ, कौन-कौन, कितनी-कितनी लागत के कार्य योजना प्रारंभ से प्रश्न दिनांक तक कराये गये हैं? (ग) योजना में वित्तीय वर्ष 2013-14 से प्रश्न दिनांक तक स्टॉप डेम निर्माण कार्य जहाँ-जहाँ किये गये हैं, उनकी लागत, मजदूरी एवं सामग्री भुगतान का पूर्ण विवरण, कौन-कौन सी सामग्री किस-किस दर पर किस-किस एजेंसी से खरीदी गई एवं कितना-कितना, कब-कब, किस-किस एजेंसी के खाते में किस-किस सामग्री का भुगतान किया गया?
पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2, 3 एवं 4 अनुसार है।
भोपाल में बिल्डर्स को कार्यपूर्णता प्रमाण-पत्र देने के संबंध में
[नगरीय विकास एवं आवास]
208. ( क्र. 3971 ) श्री जयवर्द्धन सिंह : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) नगर पालिका निगम भोपाल ने वर्ष 2015-2016 और 2017-2018 में प्रश्न दिनांक तक कौन-कौन से बिर्ल्डस को कार्यपूर्णता प्रमाण-पत्र जारी किये? ये प्रमाण-पत्र किन अधिकारियों के द्वारा कब जारी किये गये? नाम सहित बतायें। (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार कार्यपूर्णता प्रमाण-पत्र जारी किये जाने से पहले किन-किन अधिकारियों ने कार्यस्थल का भौतिक सत्यापन कर रिपोर्ट दी थी? प्रस्तुत की गई जाँच रिपोर्ट तथा जाँचकर्ता अधिकारी का नाम बताये। (ग) कार्यपूर्णता प्रमाण-पत्र जारी करने से पहले कौन-कौन से प्रावधान और शर्ते पूर्ण कराने के नियम हैं? क्या भूमि विकास निगम 2012 की धारा 102 और नगर पालिका निगम अधिनियम की धारा 301 का पालन किया गया है? (घ) क्या निगम आयुक्त ने कार्यपूर्णता प्रमाण-पत्र जारी करने में अनियमितताएं पाये जाने पर जाँच कराई थी? यदि हाँ, तो जाँच रिपोर्ट प्रस्तुत करें। किस-किस दोषी अधिकारी पर क्या कार्यवाही की गई?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) एवं (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ‘अ' एवं ‘ब' अनुसार है। स्थल निरीक्षण की कोई पृथक जाँच रिपोर्ट तैयार नहीं की जाती है। भौतिक सत्यापन करने वाले अधिकारी का नाम परिशिष्ट में अंकित है। (ग) कार्यपूर्णता प्रमाण-पत्र म.प्र. भूमि विकास नियम 2012 तथा म.प्र. नगर पालिक निगम अधिनियम 1956 के प्रावधानों के तहत जारी किये जाते है। आयुक्त, नगर निगम भोपाल द्वारा की गई जाँच के प्रतिवेदन दिनांक 03.02.18 में कुछ प्रकरणों में कतिपय प्रावधानों का पालन नहीं किये जाने संबंधी जानकारी प्राप्त हुई है। (घ) निगम द्वारा भवन अनुज्ञा शाखा द्वारा जारी किये गये कार्य पूर्णता प्रमाण-पत्रों की जाँच कराई गई। जाँच प्रतिवेदन की प्रति जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ‘स' अनुसार है। नगर निगम द्वारा प्रस्तुत जानकारी अनुसार अपूर्ण भवनों पर नियमों का पालन सुनिश्चित किये बगैर कार्य पूर्णता प्रमाण-पत्र जारी करने के संबंध में श्री बी.एस. त्रिपाठी उपयंत्री, श्री संजय तिवारी, उपयंत्री (प्रतिनियुक्ति) तथा श्री ए.के. साहनी सहायक यंत्री, नगर निगम भोपाल को निलंबित किया गया है। श्रीमती मलिका निगम नागर अपर आयुक्त, श्री विनोद कुमार चतुर्वेदी अपर आयुक्त व श्री जी.एस. सलूजा कार्यपालन यंत्री, की सेवाएं शासन को निगम द्वारा एकतरफा वापस की गई थी तथापि मध्यप्रदेश नगर पालिक निगम अधिनियम 1956 की धारा-3 के प्रावधानों के अनुसार मध्यप्रदेश शासन नगरीय विकास एवं आवास विभाग मंत्रालय, भोपाल के आदेश क्रमांक एफ. 1-9/2018/18-1 भोपाल दिनांक 13.02.2018 द्वारा श्रीमती मलिका निगम नागर अपर आयुक्त, श्री विनोद कुमार चतुर्वेदी अपर आयुक्त एवं श्री जी.एस. सलूजा कार्यपालन यंत्री को एकतरफा कार्यमुक्त करने के आदेश को स्थगित किया गया है।
शिकायतों का निवारण
[लोक सेवा प्रबन्धन]
209. ( क्र. 3972 ) श्री जयवर्द्धन सिंह : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) लोक सेवा प्रबंधन विभाग को ''जन हेतु जन सेतु अभियान'' में प्रारंभ से लेकर प्रश्न दिनांक तक कुल कितनी शिकायतें और समस्याएं प्राप्त हुई है? उनमें से कितनों का निराकरण कर दिया गया है, कितनी लंबित हैं? जिलावार बतायें। (ख) उपरोक्त (क) अवधि में किस-किस विभाग की कितनी शिकायतें और समस्याएं प्राप्त हुई थी? विभागवार प्राप्त शिकायतें निराकृत शिकायते और लंबित शिकायतों की संख्यात्मक जानकारी देवें? (ग) कितने प्रकरणों में समय-सीमा में निराकरण न होने पर दोषी अधिकारियों, कर्मचारियों पर क्या अनुशासनात्मक कार्यवाही की गई है? विभागवार बतायें। (घ) लोक सेवा प्रबंधन में विभागाध्यक्ष और शासन स्तर से संबंधित शिकायतों समस्याओं के लिये एल. 1 से एल. 4 स्तर तक कौन-कौन अधिकारी पदविहित हैं?
उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री जयभान सिंह पवैया ) : (क) लोक सेवा प्रबंधन विभाग को ‘' जन हेतु जन सेतु अभियान'' में प्रारंभ से लेकर प्रश्न दिनांक तक जिलावार कुल प्राप्त शिकयतें, निराकृत शिकायतें एवं लंबित शिकायतों का विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ‘'अ'' अनुसार है। (ख) प्रश्न (क) अवधि में विभागवार प्राप्त शिकायतें, निराकृत शिकायतें एवं लंबित शिकायतों का विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ‘'ब'' अनुसार है। (ग) सी.एम. हेल्पलाईन में प्राप्त शिकायतों का निराकरण यथाशीघ्र करने का प्रयास किया जाता है। समय-सीमा निर्धारित नहीं है। अत: शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) विभागाध्यक्ष और शासन स्तर से संबंधित शिकायतों समस्याओं के लिये एल-1 से एल-4 स्तर तक पदाविहित अधिकारियों का विवरण विभागवार पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ‘' स'' अनुसार है।
मृतक जंगली जानवरों के संबंध में
[वन]
210. ( क्र. 3983 ) कुँवर सौरभ सिंह : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) कटनी जिले में विगत 10 वर्षों में कितने-कितने शेर, तेंदुआ, गुलबाघ मारे गये वर्षवार, विकासखण्डवार पृथक-पृथक विवरण दें? (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार वन अधिनियम की किन-किन धाराओं के तहत किन-किन के विरूद्ध कब, क्या कार्यवाही की गई? व्यक्तिवार, तिथिवार, कार्यवाहीवार पृथक-पृथक विवरण दें? (ग) प्रश्नांश (क) अनुसार दोषियों के विरूद्ध कब, क्या कार्यवाही की गई? प्रकरणवार, तिथिवार वर्षवार पृथक-पृथक विवरण दें?
वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) से (ग) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है।
परिशिष्ट - ''सौ''
मुख्यमंत्री की घोषणा का क्रियावयन
[नगरीय विकास एवं आवास]
211. ( क्र. 3989 ) श्री बहादुर सिंह चौहान : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) मा. मुख्यमंत्री जी द्वारा दिनांक 29-11-17 को महिदपुर में सर्वसुविधायुक्त गार्डन व स्टेडियम बनाने की घोषणा की अद्यतन स्थिति बतावें। (ख) क्या इसकी D.P.R. के लिये राशि स्वीकृत हो गई हैं? इसकी D.P.R. की छायाप्रति देवें। यदि D.P.R. नहीं बनी हो कारण बतावें। (ग) कब इसके कार्य के टेंडर जारी कर दिये जायेगें?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) माननीय मुख्यमंत्री जी की घोषणा अनुसार नगर पालिका परिषद महिदपुर को सर्वसुविधायुक्त गार्डन व स्टेडियम निर्माण कराने के लिए मुख्यमंत्री शहरी अधोसंरचना विकास योजना द्वितीय चरण से राशि रू. 250.00 लाख की सैद्धान्तिक स्वीकृति, संचालनालय, नगरीय प्रशासन एवं विकास, मध्यप्रदेश भोपाल के पत्र क्रमांक 724 दिनांक 18/01/2018 से दी गई है। (ख) जी नहीं, निकाय द्वारा कंसलटेन्ट नियुक्त कर दिये गये हैं एवं डी.पी.आर. तैयार करवाई जा रही हैं। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) नगर पालिका परिषद द्वारा कंसलटेन्ट को दो माह की अवधि में डी.पी.आर. तैयार कर प्रस्तुत करने का कार्यादेश दिनांक 12.02.2018 को दिया गया है। तकनीकी एवं प्रशासकीय स्वीकृति उपरांत निविदा जारी की जा सकेगी, समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
सीमा क्षेत्र से बाहर किये गये कार्यों की जानकारी
[नगरीय विकास एवं आवास]
212. ( क्र. 3993 ) श्री सुरेन्द्र सिंह बघेल : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) इंदौर नगर निगम द्वारा दि. 22/05/17 को टेंडर क्रमांक 14/सी.ई./बिल्स/ 17-18/ई-टेंडरिंग में जब 1500 अस्थाई आवास निर्माण किए जाने थे, तो ठेकेदार फर्म मेसर्स सी.एम.एम. इन्फ्रा प्रोजेक्ट्स लि. इंदौर द्वारा 1200 अस्थाई आवास ही क्यों निर्मित किए गए? (ख) इस टेंडर में किस-किस फर्म ने भाग लिया? प्रस्तुत टेंडर समस्त फार्म की छायाप्रति देवें। (ग) इंदौर नगर निगम सीमा क्षेत्र से बाहर कार्य करने के आदेश जिस अधिकारी ने दिए उनका नाम, पदनाम सहित देवें। आदेश की प्रमाणित प्रति देवें। क्या मौखिक आदेश दिए गए थे? यदि हाँ, तो इसका नियम देवें। (घ) विगत 2 वर्ष में इंदौर नगर निगम ने अपने सीमा क्षेत्र से बाहर ऐसे कितने कार्य किए? सूची देवें। प्रश्नांश (क) अनुसार कार्य का समय-समय पर मूल्यांकन जिन अधिकारियों द्वारा किया गया, उनकी निरीक्षण टीप की विवरण भी देवें।
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) प्रमुख अभियंता, म.प्र. अर्बन डेवलपमेंट कम्पनी लिमिटेड के पत्र दिनांक 04/07/2017 के अनुक्रम में 1200 अस्थायी आवासों का निर्माण किया गया। पत्र की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'अ' अनुसार है। (ख) टेण्डर में 02 फर्म मेसर्स सी.एम.एम. इन्फ्रा प्रोजेक्टस लि. इन्दौर एवं मेसर्स सीता होम्स प्रा.लि. इन्दौर द्वारा भाग लिया गया। प्रस्तुत टेण्डर फार्म की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'ब' अनुसार है। (ग) अधिकारी का नाम श्री आर.के. व्यास एवं पदनाम प्रमुख अभियंता, म.प्र. अर्बन डेवलपमेंट कम्पनी लिमिटेड है। म.प्र. अर्बन डेवलपमेंट कम्पनी लिमिटेड के पत्र दिनांक 22/05/2017 की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'स' अनुसार है। जी नहीं। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'द' अनुसार है। उत्तरांश 'क' में उल्लेखित कार्य अनुसार समय-समय पर जिन अधिकारियों द्वारा मूल्यांकन किया गया है उनके द्वारा निरीक्षण टीप जारी नहीं की गयी है। कार्य के सुपरविजन कांट्रेक्ट मेनेजमेंट एवं मूल्यांकन हेतु कंसलटेंट मेसर्स मेहता एण्ड एसोसिएट की नियुक्ति की गयी थी, उनके द्वारा कार्य का निरन्तर सुपरविजन एवं मूल्यांकन किया गया है।
विकास कार्यों की जानकारी
[नगरीय विकास एवं आवास]
213. ( क्र. 3995 ) श्री सुरेन्द्र सिंह बघेल : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) इंदौर विकास प्राधिकरण की योजना क्रमांक 139, 169A एवं 166 में अभी तक जो विकास कार्य विगत 3 वर्षों में हुए हैं, उसका वित्तीय विवरण देवें। (ख) क्या वर्तमान में इन योजनाओं के विकास कार्य जारी हैं? यह कब तक पूर्ण होंगे? (ग) उपरोक्तानुसार जिन भूमि स्वामियों से भूमि ली गई, उनका मुआवजा या इसके बदले विकसित प्लाट कब तक उन्हें दे दिये जाएंगे? (घ) क्या विकास प्राधिकरण द्वारा पूर्ण विकास किए बिना प्लाटों का आवंटन करना नियमानुसार है? यदि नहीं, तो क्या प्राधिकरण सुनिश्चित करेगा कि प्लाटों का आवंटन पूर्ण विकास के उपरांत ही करें।
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) इंदौर विकास प्राधिकरण की योजना क्रमांक 139 एवं 166 में विगत 5 वर्षों में क्रमश: राशि रूपयें 31.26 करोड़ एवं रूपये 81.56 करोड़ व्यय किए गए है। योजना क्रमांक 169-ए में समयावधि में विकास कार्य पर कोई राशि व्यय नहीं की गई है। (ख) योजना क्रमांक 139 में विकास कार्य प्रगति पर है जो की वर्ष 2022 तक पूर्ण होने की संभावना है। योजना क्रमांक 166 में प्राप्त भूमि पर आंशिक विकास कार्य किये गये है, शेष भूमि प्राप्त होने के लगभग 2 वर्ष पश्चात विकास कार्य किया जाना प्रस्तावित है। योजना क्रमांक 169-ए में भूमि प्राप्त न होने से विकास कार्य प्रारंभ नहीं किया गया है। (ग) योजना क्रमांक 139 में भू-अर्जन के माध्यम से प्राप्त भूमि का मुआवजा भुगतान भूस्वामी को किया जा चुका है। योजना क्रमांक 169-ए एवं 166 में म.प्र. नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम, 1973 की धारा 56 के तहत भूमि प्राप्त करने की कार्यवाही प्रचलन में है। अत: समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (घ) म.प्र. नगर तथा ग्राम निवेश नियम 2012 के नियम 20 (3) प्रारूप-20 की कंडिका 14 में निहित प्रावधान अनुसार प्राधिकारी स्वविवेक से कार्यवाही कर सकता है। अत: शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
नर्मदा सेवा यात्रा हेतु बसों के अनुबंध में अनियमितता
[योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी]
214. ( क्र. 4002 ) श्री रमेश पटेल : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नर्मदा सेवा यात्रा के समापन में प्रश्न क्रमांक 1093 दिनांक 29.11.17 के अनुसार जो बसे अनुबंधित की गई वो किस दर पर अनुबंधित की गई? क्या इसमें भोजन व अन्य व्यय भी सम्मिलित थे? यदि हाँ, तो इनकी दर भी दवें। (ख) क्या अलग-अलग जिलों के लिये प्रति किलोमीटर दर अलग-अलग थी? यदि हाँ, तो क्यों? (ग) उपरोक्तानुसार प्र.क्रमांक 1093 दिनांक 29.11.17 के (क) व (ख) उत्तर में वर्णित इंदौर जबलपुर एवं शहडोल जिलों में जो बसे अनुबंधित की गई उनके नंबर, भुगतान प्राप्तकर्ता नाम, बैंक खाता नंबर टी.डी.एस. कटौत्रे सहित वाहनवार जिलावार देवें। जिनका भुगतान नहीं हुआ है उनके वाहन नंबर, लंबित राशि सहित। (घ) इस यात्रा में मनमानी दरों से भुगतान करने वाले इन्दौर, जबलपुर, शहडोल के जिम्मेदार अधिकारियों पर शासन कब तक कार्यवाही करेगा? यदि टी.डी.एस. नहीं काटा गया है तो टी.डी.एस. कटोत्रा न करने के कारण भी बतावें।
वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) से (घ) जानकारी संकलित की जा रही है।
जिला योजना समिति की बैठकें नियमित कराने
[योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी]
215. ( क्र. 4007 ) श्री बाला बच्चन : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बड़वानी में जिला योजना समिति की बैठक कब-कब हुई? दिनांक 01-04-14 से 31-01-18 तक माहवार जानकारी देवें? (ख) क्या कारण है कि बैठकों में 2-3 माह का अंतराल रहता है, जबकि बैठके नियमित होना चाहिए? विगत 2 वर्ष में हुई बैठकों के कार्यवाही विवरण की प्रमाणित प्रति माहवार वर्षवार देवें। (ग) नियमित बैठक आहूत न करने वाले अधिकारियों के नाम, पदनाम सहित देवें। इन पर शासन कब तक कार्यवाही करेगा? (घ) नियमित बैठक आयोजित करना शासन कब तक सुनिश्चित करेगा?
वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) से (घ) जानकारी संकलित की जा रही है।
उज्जैन सिंहस्थ पर व्यय राशि
[नगरीय विकास एवं आवास]
216. ( क्र. 4010 ) श्री बाला बच्चन : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) उज्जैन सिंहस्थ, 2016 में कुल कितनी राशि व्यय की गई? राशि व्यय की जानकारी वर्षवार देवें? (ख) प्रश्न दिनांक तक कितनी फर्मों/व्यक्तियों एवं अन्य को कितनी राशि का भुगतान शेष है? फर्म/व्यक्ति/अन्य नाम भुगतान राशि, लंबित राशि, कार्य नाम, भुगतान राशि का T.D.S. कटौत्रा सहित सूची देवें। (ग) क्या कारण है कि सिंहस्थ सम्पन्न हुए लगभग 2 वर्ष होने के उपरांत भी ये भुगतान लंबित है? यह भी बतावें कि सिंहस्थ से जुड़े मामलों की कितनी जाँच चल रही है? जाँचकर्ता नाम, विषय सहित देवें।
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) से (ग) जानकारी संकलित की जा रही है।