मध्यप्रदेश विधान सभा


प्रश्‍नोत्तर-सूची
फरवरी, 2024 सत्र


बुधवार, दिनांक 14 फरवरी, 2024


भाग-1
तारांकित प्रश्‍नोत्तर



नल-जल योजनाओं के कार्य

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

1. ( *क्र. 1783 ) श्री विवेक विक्की पटेल : क्या लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) वारासिवनी विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत जल जीवन मिशन में वर्ष 2020 से प्रश्‍न दिनांक तक कितनी नल-जल योजनाएं कब-कब स्वीकृत की गई है? किन-किन नल-जल योजनाओं का प्रारंभ कब-कब किया गया है? पूर्ण एवं अपूर्ण की स्थिति बतायें। (ख) किन-किन योजनाओं की कार्य अवधि पूर्ण होने के बाद भी कार्य अपूर्ण हैं? यदि हाँ, तो क्या उन ठेकेदारों के विरूद्ध कोई कार्यवाही की जावेगी? यदि हाँ, तो कब तक? (ग) क्या ग्राम रजेगांव एवं आलेझरी में नल-जल योजना स्वीकृत है? यदि हाँ, तो क्या विगत 2 वर्षों से इन योजनाओं का कार्य बंद है? क्या कार्य अवधि समाप्त हो चुकी है? यदि हाँ, तो दोषी ठेकेदार एवं अधिकारियों के विरूद्ध कोई कार्यवाही की जावेगी? यह योजनाएं कब तक पूर्ण कर ली जायेंगी?

लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकी मंत्री ( श्रीमती संपतिया उइके ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) जी हाँ, ग्राम रजेगांव एवं आलेझरी में जल जीवन मिशन अंतर्गत कमशः रेट्रोफिटिंग एवं नवीन नल-जल योजना स्वीकृत है। ग्राम रजेगांव तथा आलेझरी में ठेकेदार द्वारा कार्य पूर्ण करने की नियत कार्य अवधि समाप्त हो चुकी है, ग्राम रजेगांव की नल-जल योजना लगभग पूर्ण है एवं ट्रायलरन प्रारंभ है, कार्य पूर्ण होने के उपरांत अंतिम देयक निराकरण के समय विलंब के लिये ठेकेदार के उत्तरदायी पाये जाने की स्थिति में अनुबंध की शर्तों के प्रावधान अनुसार नियमानुसार दण्डात्मक कार्यवाही की जायेगी। ग्राम आलेझरी की नल-जल योजना लगभग 80 प्रतिशत पूर्ण है। ग्राम पंचायत द्वारा विद्युत कनेक्शन हेतु सहमति दिया जाना शेष है, संबंधित ठेकेदार के विरूद्ध कार्यवाही प्रक्रियाधीन है, योजनाओं के पूर्ण करने की निश्चित तिथि बताया जाना संभव नहीं है।

जल-जीवन मिशन अंतर्गत खराब हुई सड़कों की दुरूस्‍ती

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

2. ( *क्र. 1700 ) श्री दिनेश जैन बोस : क्या लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) विधानसभा क्षेत्र महिदपुर में जल जीवन मिशन अंतर्गत किन-किन ग्रामों एवं शहरी क्षेत्र में कार्य प्रश्‍न दिनांक तक किस फर्म/कम्पनी/ठेकेदार द्वारा किये गए हैं? प्राक्कलन लागत सहित जानकारी देवें। (ख) क्या जिन ग्रामों में पानी की टंकि‍या बनाई हैं, पाइप लाइन बिछाई गई हैं, वहां सी.सी. रोड को खोदा गया है और खोदने के पश्चात उन्हें सही तरीके से रिपेयर नहीं किया गया है? (ग) क्‍या लाखों रुपए की लागत से बने ग्रामीण क्षेत्रों में सी.सी. रोड का भारी नुकसान ठेकेदारों की लापरवाही से हुआ है? संचालित कार्यों का निरीक्षण कब-कब स्थानीय और उच्च अधिकारियों द्वारा किस पैमाने के आधार पर किया गया है? यदि सी.सी. रोड नहीं सुधरे तो क्या निर्देश नोटिस दिए गए हैं? (घ) जिन ग्रामीण क्षेत्रों में कार्य पूर्ण होकर पेयजल उपलब्ध हो रहा है, वहां की पंचायत की सहमति, हैंडओवर करने संबंधी जानकारी देवें और संचालित योजनाओं के मेंटेनेंस का कार्य कब तक किसके द्वारा किया जायेगा?

लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकी मंत्री ( श्रीमती संपतिया उइके ) : (क) जल जीवन मिशन के अंतर्गत शहरी क्षेत्रों में लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकी विभाग द्वारा कार्य नहीं किया जाता हैशेष जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 01, 02 एवं 03 अनुसार है(ख) नल-जल प्रदाय योजनाओं के कार्यों में पाइप लाइन के बिछाने एवं जोड़ने में आवश्‍यकतानुसार खोदी गई सी.सी. सडकों को पाइप लाइन की टेस्टिंग के उपरांत पुनर्निर्माण कर यथास्थिति में कर दिया जाता है। (ग) जी नहींशेष जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 01 एवं 02 अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 01, 02 एवं 03 अनुसार है।

पेसा एक्ट अधिनियम के अधिकार

[जनजातीय कार्य]

3. ( *क्र. 1402 ) श्री कालु सिंह ठाकुर : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या मध्यप्रदेश सरकार द्वारा पेसा एक्ट अधिनियम के तहत विशेष अधिकार दिए गए हैं? (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार यदि हाँ, तो कौन-कौन से अधिकार दिए गए है? पेसा एक्ट अधिनियम की छायाप्रति उपलब्ध करावें? (ग) क्या मध्यप्रदेश में पेसा एक्ट के अधिकारों का लाभ हुआ है? यदि हाँ, तो क्‍या-क्‍या लाभ हुए?

जनजातीय कार्य मंत्री ( डॉ. विजय शाह ) : (क) जी हाँ। मध्‍यप्रदेश सरकार द्वारा पेसा ऐक्‍ट के तहत मध्‍यप्रदेश पंचायत उपबंध (अनुसूचित क्षेत्रों पर विस्‍तार) नियम, 2022 अधिसूचित कर विशेष अधिकार दिये गये हैं। (ख) समुदाय, परंपराओं और रूढ़‍िओं के अनुसार ग्राम सभा के गठन, पारंपरिक पद्धति से ग्राम के विवाद का कार्य तथा ग्राम में शांति बनाये रखने की दिशा में कार्य, कृषि की योजना बनाने, भू-अर्जन के पूर्व परामर्श, कपट द्वारा अंतरिम आदिम जनजाति की भूमि की वापसी, जल संसाधनों एवं लघु जल संभर की योजना और प्रबंधन, खान और खनिज संबंधी, मादक पदार्थ नियंत्रण, श्रम शक्ति की योजना बनाने, गौण वनोपज, साहुकारी, हितग्राही मूलक योजनाओं में हितग्राहियों का चिन्‍हांकन एवं चयन आदि के अधिकार दिये गये हैं। शेष जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ग) जी हाँ। 180 नवीन ग्राम सभाओं एवं 11507 शांति एवं विवाद निवारण समितियों का गठन किया गया है। 20512 सहयोगिनी मातृ समितियों का गठन किया गया है। शराब की 211 नवीन दुकानों के प्रस्‍ताव ग्राम सभा द्वारा अस्‍वीकार किये गये हैं। 04 प्रकरणों में अनुसूचित जनजाति की भूमि जो गैर अनुसूचित जनजाति के व्‍यक्ति को अंतरित की गई थी, ग्राम सभा के द्वारा वापस प्रदाय की गई है। शेष जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है।

अनियमित पेड़ों की कटाई के साथ गुणवत्‍ताविहीन कार्य कराने वालों पर कार्यवाही

[वन]

4. ( *क्र. 1954 ) श्री शरद जुगलाल कोल : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शहडोल व रीवा जिले में कितनी प्राथमिक वनोपज समितियां संचालित हैं, इनके द्वारा विगत 02 वर्षों से प्रश्‍नांश दिनांक के दौरान कितने-कितने कार्य कब-कब, मदों, कितनी-कितनी लागत से कराए गये, का विवरण देवें, यह राशियां किन-किन मदों से कब-कब प्राप्त हुईं? मदवार, समितिवार, कार्यवार बतावें। कार्य की भौतिक स्थितियां क्या हैं? (ख) प्रश्‍नांश (क) के अनुसार विगत 02 वर्षों में कराये गये कार्यों के भुगतान कब-कब, किन-किन के द्वारा कितनी राशि के किये गये का विवरण प्रश्‍नांश के समितिवार समय अनुसार देवें। इन कार्यों का सत्यापन कब-कब, किन-किन जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा किया गया, जांच के दौरान केवल शासकीय वाहन/किराये पर लिये गये वाहनों का क्रमांक व लॉगबुक की प्रति देवें? (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के तारतम्य में वन समितियों के द्वारा तेंदूपत्ता खरीदी के कार्य प्रश्‍नांश (क) के अवधि अनुसार की गई का विवरण समितिवार देवें? तेंदूपत्ता खरीदी मद से प्राप्त बोनस की राशि का उपयोग कब-कब कहां-कहां किया गया? समितिवार बतायें। (घ) प्रश्‍नांश (ग) के तारतम्य में शहडोल जिले के संजय टाईगर रिजर्व वन परिक्षेत्र बफर जोन ब्यौहारी अंतर्गत बीर कोयलारी में लगभग 250 हेक्टयर का पत्ता एवं अन्य फलदार पेड़ों को काटकर चारागाह बनाया जा रहा है, जिसमें लगभग 10,000 तेंदूपत्ता एवं अन्य पेड़ काटे गये, इसकी अनुमति कब किसके द्वारा दी गई? आदेश की प्रति देते हुये, इन अवैधानिक पेड़ों की कटाई के लिये कौन जिम्मेदार है, इसके बगल से लगे हुये अनूसूचित जाति एवं जनजाति‍ के लोग तेंदूपत्ता तोड़कर अपना व परिवार का भरण पोषण करते हैं, इस पर क्या कार्यवाही के आदेश देंगे? (ड.) प्रश्‍नांश (क), (ख), (ग) एवं (घ) में उल्लेखित तथ्यों अनुसार जिम्मेदारों की पहचान कर उन पर क्या कार्यवाही करेंगे, अगर नहीं तो क्यों?

वन मंत्री ( श्री नागर सिंह चौहान ) : (क) शहडोल जिले में 5 एवं रीवा जिले में 21 प्राथमिक लघु वनोपज सहकारी समितियां संचालित हैं। विगत 02 वर्षों से प्रश्‍न दिनांक तक कराये गये कार्यों एवं लागत की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 में है। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 में है। वाहनों की लॉगबुक की प्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 में है। (ग) तेन्दूपत्ता संग्रहण का विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-4 में है। वर्ष 2022 के बोनस की राशि का वितरण संग्राहकों को किया गया है। समितिवार बोनस वितरण की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-5 में है। वर्ष 2022 की शेष समितियों के बोनस वितरण क्रेता से समस्त राशि प्राप्त न होने के कारण नहीं की गई है। वर्ष 2023 के बोनस की राशि की गणना वित्तीय वर्ष 2023-24 समाप्त होने के पश्चात् किया जावेगा। (घ) संजय टाइगर रिजर्व वन परिक्षेत्र ब्यौहारी बफर अंतर्गत बीट कोयलारी में 90 है, बफर क्षेत्र में चारागाह विकास किया गया है, जिसमें 20 से.मी. गोलाई तक के अनुपयोगी प्रजाति के अग्र पौधों को उखाड़ा गया है तथा उच्च गुणवत्ता का तेन्दू प्राप्त करने के लिए तेन्दू के ढूठों की ड्रेसिंग तथा कट बैंक करने का कार्य भारत सरकार द्वारा अनुमोदित बाघ संरक्षण योजना (Tiger Conservation Plan) में दिए गए प्रावधानों के अंतर्गत किया गया है। कोई भी फलदार पेड़ को नहीं काटा गया है। सक्षम अधिकारी द्वारा प्रदाय कार्य की स्वीकृति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-6 में है। चारागाह कार्य से लगे हुए वन क्षेत्र में अनुसूचित जाति एवं जनजाति के लोगों को उच्च गुणवत्ता का तेन्दू पत्ता, वनोपज एवं चारा आजीविका हेतु प्राप्त होगी। किसी भी प्रकार की अवैधानिक कार्यवाही न होने से कार्यवाही का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ड.) उत्‍तरांश (क), (ख), (ग) एवं (घ) के तारतम्‍य में कार्यवाही का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

सामुदायिक वन अधिकार पत्र

[जनजातीय कार्य]

5. ( *क्र. 408 ) डॉ. योगेश पंडाग्रे : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला वनाधिकार समिति बैतूल ने अपनी बैठक दिनांक 04.7.2020 एवं दिनांक 08.3.2022 में किस-किस की उपस्थिति में भोपाली क्षेत्र ग्राम पंचायत मोवाड़ से संबंधित कितने-कितने रकबे के सामुदायिक वन अधिकार पत्र मान्य किये। (ख) भोपाली ग्रामसभा ने अपनी किस दिनांक की बैठक में कितने रकबे का सामुदायिक वन अधिकार स्वीकार किया, ग्रामसभा की सहमति या अनुमति या प्रस्ताव के बिना ही दिनाँक 8.3.2022 की बैठक में रकबे में कितनी-कितनी कमी किस-किस की आपत्त्ति के आधार पर की गई? (ग) दिनांक 04.07.2020 की बैठक में मान्य सामुदायिक अधिकार के रकबे को दिनांक 08.3.2022 की बैठक में कम किए जाने का अधिकार उपखण्ड स्तरीय समिति एवं जिला स्तरीय समिति को वन अधिकार कानून 2006, नियम 2008, नियम 2012 की किस धारा या नियम में दिया है? प्रति सहित बतावें। (घ) ग्रामसभा के प्रस्ताव के बिना सामुदायिक अधिकार के रकबे को कम किए जाने पर राज्य स्तरीय वनाधिकार समिति ने किस दिनाँक को क्या निर्णय लिया? राज्य स्तरीय वनाधिकार समिति किस दिनांक को बैठक कर विचार करेगी, निर्णय लेगी।

जनजातीय कार्य मंत्री ( डॉ. विजय शाह ) : (क) जिला वनाधिकार समिति बैतूल की बैठक दिनांक 04.07.2020 में उपखण्‍ड स्‍तर समिति बैतूल द्वारा प्रस्‍तुत दो सामुदायिक दावों के अंतिम विनिश्‍चय (अनुमोदन) हेतु ग्राम पंचायत मोबाड़ के ग्राम भोपाली के पूजा स्‍थल के प्राप्‍त (1) कालाबाबा एवं अन्‍य पूजा स्‍थल 1.352 हेक्‍टेयर (2) अम्‍बा मां भूरा भगत पूजा स्‍थल 2.050 हेक्‍टेयर प्रकरणों में कमी पूर्ति देखी जाकर, वन अधिकार पत्र जारी किये जाने हेतु सर्वसम्‍मति से प्रस्‍ताव पारित किया गया। जिला वन अधिकार समिति बैतूल की बैठक दिनांक 08.03.2022 में ग्राम पंचायत मोबाड़ के ग्राम भोपाली के कालाबाबा एवं अन्‍य पूजा स्‍थल हेतु आर.एफ. 506, 503 के रकबा 0.310 हेक्‍टेयर एवं अम्‍बा मां भूरा भगत एवं अन्‍य देव स्‍थल हेतु आर.एफ. 506 के रकबा 0.270 हेक्‍टेयर के सामुदायिक अधिकार जारी किये जाने संबंधी निर्णय लिया गया। जिला वनाधिकार समिति बैतूल की बैठक दिनांक 04.07.2020 एवं बैठक दिनांक 08.03.2022 में उपस्थित एवं बैठक के कार्यवाही विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-एक अनुसार है। (ख) भोपाली ग्रामसभा की बैठक दिनांक 04.10.2019 में कालाबाबा एवं अन्‍य पूजा स्‍थल हेतु 1.352 हेक्‍टेयर तथा अम्‍बा मां भूरा भगत पूजा स्‍थल हेतु 2.050 हेक्‍टेयर रकबे के सामुदायिक दावे को मान्‍य करने का संकल्‍प पारित किया गया। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-दो अनुसार है। ग्रामसभा से प्रस्‍ताव के आधार पर उपखण्‍ड स्‍तरीय समिति द्वारा प्रस्‍ताव पारित कर जिला स्‍तरीय वनाधिकार समिति को प्रस्‍ताव प्रेषित किया गया, जिस पर जिला स्‍तरीय वनाधिकार समिति द्वारा बैठक दिनांक 04.07.2020 में प्राप्‍त प्रस्‍ताव के प्रकरणों में कमी पूर्ति देखी जाकर प्रस्‍ताव पारित किया गया, जिस पर अंतिम निर्णय नहीं लिया गया एवं वनमंडलाधिकार उत्‍तर वनमंडल बैतूल द्वारा प्रस्‍ताव पर जी.पी.एस. रीडिंग का न होना एवं के.एम.एल. फाईल बनाने पर र‍कबे में अन्‍तर होने की त्रुटि दर्शायी जाकर सुधार हेतु प्रकरण मूलत: वापस किये गये। पुन: उपखण्‍ड स्‍तर से प्रकरण में कमी पूर्ति होकर प्राप्‍त होने पर वनमंडलाधिकारी उत्‍तर बैतूल को परीक्षण हेतु प्रकरण भेजे गये। उपरान्‍त जिला स्‍तरीय वनाधिकार समिति द्वारा सुधार किये गये रकबे के अनुसार दिनांक 08.03.2022 की बैठक में दावे मान्‍य किये गये। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-एक अनुसार है। (ग) अनुसूचित जनजाति और अन्‍य परम्‍परागत वन निवासी (वन अधिकारों की मान्‍यता) अधिनियम 2006 एवं वन अधिकारों की मान्‍यता नियम 2008 की धारा 6 (6) के तहत वन अधिकारों के अभिलेख पर जिला स्‍तर की समिति का विनिश्‍चय अंतिम और आबद्ध कर होगा का उल्‍लेख किया गया है। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-तीन अनुसार है एवं संशोधन नियम 2012 के नियम 10 (10) के अनुसार किसी रैंक का व्‍यष्टिक अधिकारी वन अधिकारों पर किसी दावे को लेने या नामंजूर करने, उपांतरित करने या विनिश्‍चय करने के लिये सशक्‍त होगा का उल्‍लेख किया गया है। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-चार अनुसार है। (घ) उत्‍तरांश '' अनुसार जिला स्‍तर की समिति का विनिश्‍चय अंतिम और आबद्धकारी है। अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

राजोद एवं रिंगनोद समूह पेयजल योजना

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

6. ( *क्र. 1681 ) श्री प्रताप ग्रेवाल : क्या लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) राजोद समूह जल पेयजल योजना की कार्यादेश की प्रति उपलब्ध करावें। क्या निर्माण एजेन्सी द्वारा समय-सीमा में कार्य पूर्ण किया गया? यदि हाँ, तो कब किया गया? यदि नहीं, तो समय-सीमा में कार्य पूर्ण नहीं करने पर क्या कार्यवाही की गई? (ख) कार्य अनुबंध अनुसार हुआ या नहीं। सामग्री गुणवत्ता अनुसार लग रही है, इसका परीक्षण किस अधिकारी द्वारा किया गया? उसका नाम, पद देवें। अभी तक किए गए परीक्षण रिपोर्ट की प्रति देवें। (ग) प्रश्‍नकर्ता के पत्र क्र 99/2023, दिनांक 26.2.2023 पर क्या कार्यवाही की गई? ग्राम पंचायत लाबरिया के गंगातलई, जुलवानिया, नन्दलई के शकरपुरा, सलवा के छीतरीपाड़ा, लालगढ़, कुण्डालपाड़ा योजना में सम्मिलित थे, किन्तु प्रश्‍न दिनांक तक उक्त बसाहट में नल कनेक्शन दिया गया है या नहीं? यदि नहीं, तो उक्त बसाहट में जल वितरण हेतु क्या किया जायेगा? (घ) सरदारपुर विधानसभा में कितने ग्राम एवं बसाहट नल-जल योजना से वंचित हैं? उसकी सूची देवें। नल-जल योजना से वंचित ग्रामों एवं बसाहटों में नल-जल योजना के लिए क्या योजना है? (ड.) रिंगनोद समूह जल पेयजल योजना का कितना कार्य पूर्ण किया गया, कितना कार्य अपूर्ण है? कार्य अपूर्ण होने का क्या कारण है? शेष कार्य कब तक पूर्ण किया जायेगा?

लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकी मंत्री ( श्रीमती संपतिया उइके ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 01 अनुसार है। जी नहीं। वर्तमान में योजना के कार्य प्रगतिरत हैं, कार्य पूर्ण होने के उपरांत अनुबंध की शर्तों के अनुसार कार्यवाही की जावेगी। (ख) कार्य अनुबंधानुसार हुआ है। शेष जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 02 अनुसार है। (ग) कार्यवाही बावत् महाप्रबंधक, परियोजना क्रियान्‍वयन इकाई इंदौर के पत्र क्रमांक 1368, दिनांक 13.04.2023 द्वारा कार्यपालन यंत्री लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी खंड-सरदारपुर (जिनको पत्र संबोधित है) को अवगत कराया गया है। जल जीवन मिशन की दिशा निर्देशानुसार सर्वेक्षण कर योजना से आच्छादन करने हेतु आवश्यकतानुसार अतिरिक्त पाइप लाइन बिछाकर घरेलू कनेक्शन प्रदान करने की कार्यवाही की जा रही है। (घ) सरदारपुर विधानसभा क्षेत्र में नल-जल प्रदाय योजना से वंचित 07 ग्रामों (कुल 28 बसाहटें) की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 03 अनुसार है। इन 07 ग्रामों के लिए नल-जल योजना की स्‍वीकृति की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। (ड.) रिंगनोद समूह जल प्रदाय योजना का 56.07 प्रतिशत कार्य पूर्ण किया गया है, 43.93 प्रतिशत कार्य अपूर्ण है, फर्म के मुख्य ठेकेदार की मृत्यु हो जाने के कारण फर्म कार्य करने में असमर्थ है। शेष कार्य हेतु निविदा की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है, निश्चित समयावधि बताया जाना संभव नहीं है।

सामूहिक नल-जल योजनाओं की स्‍वीकृति

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

7. ( *क्र. 1756 ) श्री सचिन सुभाषचंद्र यादव : क्या लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या विधानसभा क्षेत्र कसरावद इंदिरा सागर सामूहिक नल-जल योजना की स्वीकृति‍ प्रदान की गई है? हाँ तो स्वीकृति आदेश की जानकारी दें। क्या योजना की कार्य एजेंसी तय कि जा चुकी है? हाँ तो एजेंसी की जानकारी दें। (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार क्या कार्य प्रारंभ किया जा चुका है? हाँ तो विधानसभा क्षेत्र कसरावद के कितनी ग्राम पंचायतों के ग्रामों को शामिल किया गया है? विवरण दें। (ग) प्रश्‍नांश (ख) अनुसार शेष बचे ग्रामों के लिए कोई पृथक योजना बनाई गई है? अगर हाँ तो विवरण दें। नहीं तो क्या पृथक से कोई योजना बनाई जावेगी? (घ) निमरानी-2 सामूहिक नल-जल योजना का अनुबंध सीमा में कार्य पूर्ण कर लिया जावेगा? अगर नहीं तो कारण बतावें।

लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकी मंत्री ( श्रीमती संपतिया उइके ) : (क) जी हाँ, इंदिरासागर-2 समूह जल प्रदाय योजना लागत रू. 575.30 करोड़ की स्‍वीकृति मध्‍यप्रदेश शासन के पत्र क्रमांक-एफ 16-21/2020/2/34, भोपाल दिनांक 20.06.2023 से जारी की गई है। जी हाँ, कार्य एजेंसी मेसर्स नालंदा इंजिकॉन प्रा.लि. पटना एवं हिन्‍दुस्‍तान प्रोजेक्‍ट, राजकोट, (ज्‍वाइंट वेंचर) हैं। (ख) जी हाँ, विधानसभा क्षेत्र-कसरावद के आबाद ग्राम 224 में 45 ग्राम पंचायतों के 90 ग्रामों को शामिल किया गया है। विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 01 अनुसार है। (ग) जी हाँ, विधानसभा क्षेत्र-कसरावद के शेष आबाद 134 ग्रामों हेतु निमरानी-2 समूह जल प्रदाय योजना बनाई गई है, योजना में सम्मिलित ग्रामों का विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 02 अनुसार है, वर्तमान में उक्‍त समूह जल प्रदाय योजना के कार्य प्रगतिरत हैं, शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (घ) जी हाँ, शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

नल-जल योजना अंतर्गत पानी की टंकी एवं पाइप लाइन का निर्माण कार्य

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

8. ( *क्र. 1560 ) श्री मोहन शर्मा : क्या लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या शासन द्वारा वर्ष 2020 से 2023 के मध्य राजगढ़ जिले की समस्त तहसील में विभाग द्वारा नल-जल योजना से पानी की टंकी निर्माण एवं पाइप लाइन का कार्य स्वीकृत किया गया है? (ख) यदि हाँ, तो विभाग द्वारा प्रत्येक ग्राम में पानी की टंकी एवं पाइप लाइन के लिये कितनी-कितनी राशि स्वीकृत की गई है? ग्रामवार एवं तहसीलवार बतायें। (ग) क्या विभाग द्वारा पानी की टंकियों, ओवर हेड टेंक का निर्माण कार्य गुणवत्ता से किया गया है? क्या ठेकेदार द्वारा निर्माण कार्य में प्रत्येक ग्राम में पाइप लाइन डालने में सी.सी रोड क्षतिग्रस्त हुआ है, उसे वापस ठीक किया गया है या नहीं? (घ) पानी की टंकी एवं सीवेज पाइप लाइन के लिये स्वीकृत की गई राशि से कहां-कहां कार्य पूर्ण किये जा चुके हैं? ग्रामवार बतायें एवं शेष रहे कार्य कब तक पूर्ण होंगे तथा शासन द्वारा कार्य पूर्ण करने का कितना समय निर्धारण किया गया था?

लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकी मंत्री ( श्रीमती संपतिया उइके ) : (क) जी हाँ। (ख) एकल ग्राम नल-जल प्रदाय योजनाओं की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 01 अनुसार है, इसके अतिरिक्‍त राजगढ़ जिले की 08 तहसीलों ब्‍यावरा, सुठालिया, राजगढ़, खुजनेर, खिलचीपुर, जीरापुर, सारंगपुर एवं पचोर में मध्‍यप्रदेश जल निगम अंतर्गत 05 समूह जल प्रदाय योजनाओं के तहत पानी की टंकी एवं पाइप लाइन का कार्य स्‍वीकृत किया गया है, समूह जल प्रदाय योजनाओं में प्रत्‍येक ग्रामवार टंकी एवं पाइप लाइन हेतु पृथक-पृथक राशि स्‍वीकृत नहीं की जाती है। (ग) जी हाँ। शेष प्रश्‍नांश की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 01 एवं 02 अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 01 एवं 02 अनुसार है।

वन ग्रामों को राजस्‍व ग्राम का दर्जा मिलने पर सुविधा

[जनजातीय कार्य]

9. ( *क्र. 1910 ) श्री गोपाल सिंह इंजीनियर : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) आष्‍टा विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत कितने वन ग्रामों को राजस्‍व ग्राम घोषित किया है? यदि उक्‍त वन ग्रामों को राजस्‍व ग्राम घोषित किया है तो उक्‍त ग्रामों को राजस्‍व का दर्जा किस दिनांक से दिया गया? पूर्ण विवरण देवें। (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार वन ग्रामों को राजस्‍व ग्राम घोषित करने के उपरांत उक्‍त ग्रामों के निवासियों को क्‍या-क्‍या सुविधा मिलेगी? (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) अनुसार वन ग्राम से राजस्‍व ग्राम घोषित ग्रामों में कितने लोगों को भू-अधिकार, खेती हेतु पट्टा प्रदाय किया गया एवं कितने लोगों को नहीं?

जनजातीय कार्य मंत्री ( डॉ. विजय शाह ) : (क) आष्‍टा विधानसभा क्षेत्र के संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र 'एक' अनुसार 12 वनग्रामों को राजस्‍व ग्राम घोषित किया गया है। (ख) वनग्रामों के नक्‍शे, खसरा पंजी आदि अभिलेख राजस्‍व ग्रामों की भांति बन सकेंगे। इन ग्राम के निवासियों को शासन की विभिन्‍न योजनाओं एवं बैंकों से ऋण इत्‍यादि मिल सकेगा। (ग) वनग्राम से राजस्‍व ग्राम घोषित ग्रामों में कुल 327 लोगों को कृषि कार्य हेतु वन अधिकार पत्र प्रदाय किये गये हैं। वनग्राम से राजस्‍व ग्राम घोषित ग्रामों में प्रदाय किये एवं अमान्‍य किये गये वन अधिकार पत्रों की जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र 'दोअनुसार है।

परिशिष्ट - "एक"

राज्‍य के रूप में (भील प्रदेश) के गठन हेतु गठित मंत्री मंडल उपसमिति की जानकारी

[जनजातीय कार्य]

10. ( *क्र. 174 ) श्री कमलेश्वर डोडियार : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्य प्रदेश में माननीय मुख्यमंत्री/मुख्य सचिव द्वारा भील प्रदेश के रूप में नवीन राज्य के गठन के संबंध में दिनांक 01.01.2000 से प्रश्‍न दिनांक तक की अवधि में कब-कब बैठकें मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में की गई? उसकी संपूर्ण वर्षवार जानकारी देवें। (ख) मध्य प्रदेश में वर्तमान भाजपा सरकार भील प्रदेश के रूप में नये राज्य के गठन के संबंध में विचार कर रही है? यदि हाँ, तो उक्त संबंध में जानकारी उपलब्ध करावें। यदि नहीं, तो क्यों नहीं विचार कर रही है? (ग) क्या प्रश्‍नकर्ता विधायक द्वारा अपने ई-मेल आई.डी. (kamleshwar.d@mpvidhansabha.nic.in) से मुख्यमंत्री की विभागीय ई-मेल आई.डी. (cm@mp.nic.in) पर दिनांक 12.01.2024 को अपने पत्र क्र. 001/व्ही.आई.पी./2024 के माध्यम से माननीय मुख्यमंत्री, मध्य प्रदेश शासन को भील प्रदेश के रूप में नये राज्य गठन के प्रस्ताव हेतु पत्र लिखा गया था? यदि हाँ, तो प्रश्‍नकर्ता के उक्त पत्र पर भील प्रदेश के गठन के संबंध में क्या कार्यवाही की गई? (घ) क्या माननीय मुख्यमंत्री महोदय भील प्रदेश को नये राज्य के रूप में गठन के संबंध में भारत सरकार के गृह मंत्रालय को प्रस्ताव प्रेषित करेगी? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्यों?

जनजातीय कार्य मंत्री ( डॉ. विजय शाह ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

वन विभाग द्वारा किये जा रहे कार्य

[वन]

11. ( *क्र. 1661 ) श्रीमती अनुभा मुंजारे : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बालाघाट जिले में विगत 3 वर्षों में कैम्पा फंड से कितनी राशि प्राप्त हुई है? कितनी राशि किन-किन कार्यों में खर्च हुई है? (ख) बालाघाट जिले में विगत 3 वर्षों में ईको टूरिज्म पर्यटक प्रबंधन के तहत कितनी राशि प्राप्त हुई है? यह राशि किन-किन कार्यों में खर्च की गई है? (ग) प्रश्‍नकर्ता के विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 111 बालाघाट के अंतर्गत आने वाले लालबर्रा वन परिक्षेत्र दक्षिण सामान्य के सोनेवानी क्षेत्र को अभयारण्‍य बनाने हेतु शासन स्तर पर क्या पहल हुई है तथा इसकी प्रक्रिया प्रारंभ है या नहीं? क्या सोनेवानी अभयारण्‍य बनाया जा सकता है या नहीं? नहीं बनाया जा सकता तो क्यों? (घ) वन विभाग बालाघाट की संपूर्ण जानकारी दी जाये।

वन मंत्री ( श्री नागर सिंह चौहान ) : (क) बालाघाट जिले के उत्‍तर सामान्‍य वनमंडल एवं दक्षिण (सामान्‍य) वनमंडल बालाघाट के अंतर्गत विगत 03 वर्षों में कैम्‍पा फंड से कार्यवार प्राप्‍त एवं व्‍यय राशि की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) बालाघाट जिले के उत्‍तर सामान्‍य वनमंडल एवं दक्षिण (सामान्‍य) वनमंडल बालाघाट के अंतर्गत विगत 03 वर्षों में ईको पर्यटन अंतर्गत कार्यवार प्राप्‍त एवं व्‍यय की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ग) प्रश्‍नाधीन अभयारण्‍य बनाने के प्रस्‍ताव पर जनप्रतिनिधियों एवं आमजन के विरोध को ध्‍यान में रखते हुए प्रस्‍ताव निरस्‍त किया गया है, शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (घ) बालाघाट जिले के उत्‍तर सामान्‍य वनमंडल एवं दक्षिण (सामान्‍य) वनमंडल बालाघाट की प्रश्‍नांश '''' एवं '''' से संबंधित संपूर्ण जानकारी उत्‍तरांशों के पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-1 एवं 2 अनुसार है।

बिना टेण्‍डर प्रक्रिया के एक फर्म विशेष को उपकृत कर किया जाना

[वन]

12. ( *क्र. 1902 ) श्री जयवर्द्धन सिंह : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दिनांक 20 मार्च, 2020 से प्रश्‍न दिनांक तक भोपाल डिवीजन अंतर्गत कितनी रेंज आती हैं? उक्‍त सभी कार्यालयों में कितना अमला पदस्‍थ है? कार्यालय का नाम, पदनाम, कब से पदस्‍थ हैं, कार्य आंवटन, संपर्क नं. सहित संपूर्ण जानकारी का गौशवारा बनाकर बतायें। (ख) भोपाल डिवीजन में निर्माण कार्यों/मरम्‍मत के संधारण के लिये क्‍या प्रक्रिया अपनाई जाती है? विभाग में संधारण कार्यों की टेण्‍डर प्रक्रिया अंतिम बार कब, किस-किस सामग्री के लिये किस फर्म को, किस दर पर, कितनी अवधि के लिये अधिकृत किया गया था? अनुबंध की प्रति सहित आदेश/निर्देश नियम सहित बतायें। (ग) उपरोक्‍त अवधि में कुल कितने निर्माण/मरम्‍मत कार्य, कितनी लागत, किस फर्म से कोटेशन लेकर, कितनी दर, कितनी सामग्री के लिये किये गये हैं? प्राप्‍त देयक, देयकों का ऑडिट, देयकों का भुगतान (कटौत्रा सहित), उपयोगिता प्रमाण पत्र, एस.ओ.आर. की प्रति सहित बतायें। (घ) उपरोक्‍त के संबंध में नियम विरूद्ध कार्य होने पर मौके की जांच कराई जायेगी? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो एक फर्म विशेष को फायदा पहुँचाने वाले संबंधित अधिकारी के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की जायेगी?

वन मंत्री ( श्री नागर सिंह चौहान ) : (क) भोपाल डिवीजन के अंतर्गत कुल 6 रेंज आती हैं, जिसमें 3 अधिसूचित रेंज हैं एवं 3 अधिसूचित रेंज नहीं हैं। कुल रेंजों में 165 अमला पदस्थ है। नाम, पदनाम एवं कब से पदस्थ है, की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) भोपाल डिवीजन में निर्माण कार्यों, मरम्मत कार्यों के संधारण के लिये विभागीय प्रक्रिया अपनाकर वन विभाग द्वारा की जाती है। उक्त अवधि‍ में भोपाल डिवीजन में म.प्र. शासन, वित्त विभाग के पत्र क्रमांक-F2-1/2022/नियम चार, भोपाल दिनांक 03.06.2022 के अनुपालन में संधारण कार्यों की टेण्डर प्रक्रिया नहीं की गई है। शेष प्रश्‍नांश के संबंध में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) उपरोक्त अवधि में कुल 4 निर्माण कार्य तथा 1 मरम्मत कार्य किये गये हैं। उपरोक्त कार्यों में लागत राशि रू. 74.88 लाख है। कोटेशन के माध्यम से किये गये कार्यों की सामग्री की मात्रा, दर की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। देयकों का ऑडिट महालेखाकार ग्वालियर दल द्वारा जुलाई 2023 तक की अवधि तक का किया जा चुका है। देयकों के भुगतान से संबंधित प्रमाणकों की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है एवं उपयोगिता प्रमाण पत्र की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-4 अनुसार है। एस.ओ.आर. की प्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-5 अनुसार है। (घ) वनमंडल अंतर्गत दिनांक 20 मार्च, 2020 से प्रश्‍न दिनांक तक कोई भी नियम विरूद्ध कार्य होना नहीं पाया गया है।

जबलपुर में राशन दुकानों की संख्‍या

[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्‍ता संरक्षण]

13. ( *क्र. 1263 ) श्री अशोक ईश्‍वरदास रोहाणी : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जबलपुर जिले में कितनी राशन दुकानें खाद्य सामग्री वितरित करती हैं? (ख) केंट विधानसभा के कितने हितग्राही लोगों की पात्रता पर्ची बनी हुई है? संख्‍या बताएं। (ग) क्‍या पात्र लोगों को संपूर्ण सामग्री वितरित हो रही है? संख्‍या बताएं। (घ) नहीं हो रही तो कारण क्‍या है?

खाद्य मंत्री ( श्री गोविन्द सिंह राजपूत ) : (क) जबलपुर जिले में लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली अंतर्गत राशन सामग्री वितरण हेतु 984 उचित मूल्‍य दुकानें सं‍चालित हैं। (ख) जबलपुर जिले की केंट विधानसभा क्षेत्र में 22,331 परिवारों के 84,634 हितग्राहियों को पात्रता पर्ची जारी की गई है। (ग) जी हाँ। जबलपुर जिले में माह दिसम्‍बर, 2023 में राष्‍ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 अंतर्गत सम्मिलित 3,76,638 परिवारों द्वारा पात्रतानुसार राशन सामग्री प्राप्‍त की गई है। जिले में पात्र परिवारों की संख्‍यानुसार मासिक राशन सामग्री का आवंटन जारी किया गया है। राशन प्राप्‍त करने हेतु उचित मूल्‍य दुकान पर उपस्थित होने वाले सभी पात्र परिवारों को राशन का वितरण किया गया है। (घ) प्रश्‍नांश (ग) के उत्‍तर के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

पेयजल व्यवस्था हेतु कार्य

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

14. ( *क्र. 1632 ) डॉ. राजेश सोनकर : क्या लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) सोनकच्छ विधानसभा क्षेत्र, जिला-देवास अंतर्गत कुल कितनी राशि से हैंडपंप, बोरिंग, विद्युत उपकरण (मोटर इत्यादि) वित्तीय वर्ष 2023-24 में प्रश्‍न दिनांक तक स्थापित किये गये व वित्तीय वर्ष की समाप्ति तक कितने किये जाने शेष हैं? (ख) प्रश्‍नांश (क) के सन्दर्भ में कुल कितनी राशि‍ व कुल कितने स्थानों पर कार्य किये जाने का लक्ष्य था व कितने कार्यों का लक्ष्य प्रश्‍न दिनांक तक प्राप्त कर लिया गया है? (ग) प्रश्‍नांश (क) के सन्दर्भ में कुल कितने स्थानों पर या गावों में नल-जल योजना स्वीकृत है और उनकी लागत कितनी है तथा प्रश्‍न दिनांक तक कितनी पेयजल योजनाएं चालू और कितनी बंद हैं? (घ) लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की मैकेनिकल ब्रांच द्वारा कितनी संख्या में हैंडपंप, बोरिंग का निर्माण किया गया है तथा कितनी संख्या में सिविल ब्रांच द्वारा पेयजल हेतु कार्य किए गये हैं? स्थानों के नाम सहित सूची प्रदान करें।

लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकी मंत्री ( श्रीमती संपतिया उइके ) : (क) एवं (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 01 अनुसार है। (ग) प्रश्‍नांकित अवधि में कुल 15 ग्रामों में रू. 890.76 लाख की नल-जल योजनाएं स्‍वीकृत की गईं, इन सभी नल-जल योजनाओं में वर्तमान में कार्य प्रगतिरत है, जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 02 अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 03 एवं 04 अनुसार है।

नल-जल योजना प्रारंभ किया जाना

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

15. ( *क्र. 872 ) श्री सुरेन्द्र पटवा : क्या लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) विधानसभा क्षेत्र भोजपुर में कुल कितनी नल-जल योजनाएं हैं, इसमें कितनी बंद हैं? (ख) क्‍या शासन बंद पड़ी नल-जल योजनाओं को शीघ्र प्रारंभ कराने के निर्देश देगा?

लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकी मंत्री ( श्रीमती संपतिया उइके ) : (क) 128 एकल ग्राम नल-जल योजनाएं, इनमें से वर्तमान में 04 योजनाएं बंद हैं। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है।

मुख्‍यमंत्री कन्‍यादान योजनान्‍तर्गत विवाह में भ्रष्‍टाचार

[सामाजिक न्याय एवं दिव्‍यांगजन कल्‍याण]

16. ( *क्र. 1047 ) श्री राजेन्‍द्र भारती : क्या सामाजिक न्‍याय एवं दिव्‍यांगजन कल्‍याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मुख्‍यमंत्री कन्‍या विवाह संशोधित योजना 2022 के बिन्‍दु क्र. (8) कार्यक्रम के आयोजन हेतु अधिकृत संस्‍था नगरीय निकाय दतिया-भाण्‍डेर-सेंवढ़ा-इंदरगढ़-बड़ौनी, जनपद पंचायत भाण्‍डेर जनपद पंचायत सेंवढ़ा न बनाकर केवल जनपद पंचायत दतिया को ही क्‍यों अधिकृत किया गया है? बिन्‍दु क्र. 8-1 एवं 8-2 का पालन क्‍यों नहीं किया गया है? योजना के बिन्‍दु क्र. (13) वधु को उपहार सामग्री प्रदान करने की प्रक्रिया एवं बिन्‍दु क्र. (14) दरों के निर्धारण हेतु प्रक्रिया तथा बिन्‍दु क्रमांक (17) कार्यक्रम के आयोजन एवं उपहार सामग्री की गुणवत्‍ता कंडिका 7-2 एवं 7-3 का पालन किया गया है? यदि हाँ, तो विवरण दें और यदि नहीं, तो क्‍यों? (ख) क्‍या मुख्‍यमंत्री कन्‍या विवाह योजना अंतर्गत दिनांक 20 मई, 2022 को सेंवढ़ा, भाण्‍डेर जनपद पंचायत का आयोजन दतिया जनपद पंचायत में सामूहिक विवाह सम्‍मेलन का आयोजन किया गया था? यदि हाँ, तो सम्‍मेलन में कितनी कन्‍याओं का विवाह हुआ था? क्‍या आयोजन हेतु सम्‍मेलन से पूर्व कन्‍याओं को चैक के माध्‍यम से दी जाने वाली राशि के अलावा प्रशासनिक व्‍यय हेतु प्राप्‍त राशि को कोषालय से आहरण कर जनपद पंचायत के खाते में रखने के निर्देश हैं? यदि नहीं, तो जनपद पंचायत दतिया द्वारा आयोजन दिनांक 20 मई, 2022 से पूर्व राशि आहरित कर वित्‍तीय अनियमितता की गई? यदि नहीं, तो विवरण दें। (ग) क्‍या कन्‍याओं को दी जाने वाली सामग्री एवं आयोजन हेतु टेंट, खाना एवं अन्‍य व्‍यवस्‍था स्‍वरूप कार्यों के टेण्‍डर जारी किये गये थे? यदि हाँ, तो उसकी टेण्‍डर प्रक्रिया सहित कार्यादेश, बिल व्‍हाउचर, सत्‍यापन आदि की छायाप्रति उपलब्‍ध करावें। यदि नहीं, तो क्‍या वित्‍तीय अनियमितता की गई है, जिसके लिए दोषी अधिकारी पर क्‍या कार्यवाही की गई? क्‍या कन्‍याओं को दी गई सामग्री के गुणवत्‍ताहीन होने की जांच तत्‍कालीन कलेक्‍टर द्वारा कराई गई थी? क्‍या जांच में आरोप सही पाये जाकर दोषी अधिकारी को चिन्हित किया गया? यदि हाँ, तो नाम/पद सहित विवरण दें एवं दोषी अधिकारियों-कर्मचारियों पर क्‍या कार्यवाही की गई? यदि नहीं, तो इसके लिए कौन जिम्‍मेदार है? क्‍या दोषी पर कार्यवाही होगी? यदि हाँ, तो कब तक? (घ) क्‍या गुणवत्‍ताहीन सामग्री वितरित होने पर तत्‍कालीन कलेक्‍टर द्वारा दोषी अधिकारियों पर कार्यवाही हेतु प्रस्‍ताव भेजा गया था? प्रतिवेदन के आधार पर दोषी अधिकारियों पर क्‍या कार्यवाही हुई? यदि नहीं, तो क्‍यों? क्‍या इसी प्रकार जिला दतिया में वर्ष 2022-23 एवं 2023-24 में आयोजित सामूहिक विवाह सम्‍मेलन में लाभान्वित कन्‍याओं की सत्‍यापित सूची उपलब्‍ध कराई जावे। क्‍या सामूहिक विवाह सम्‍मेलन में विवाहित महिलाओं को अनुचित लाभ देने के उद्देश्‍य से पुन: विवाह कराया जाकर राशि दी गई एवं आयोजन पूर्व राशि 11 हजार के स्‍थान पर 55 हजार के मान से कोषालय से आहरित की जाकर वित्‍तीय अनियमितता की गई? यदि हाँ, तो दोषी अधिकारियों पर क्‍या कार्यवाही हुई? यदि नहीं, तो क्‍यों?

सामाजिक न्‍याय एवं दिव्‍यांगजन कल्‍याण मंत्री ( श्री नारायण सिंह कुशवाह ) : (क) मुख्यमंत्री कन्या विवाह संशोधित योजना 2022 के बिंदु क्रमांक (8) कार्यक्रम के आयोजन हेतु दिनांक 20 मई, 2022 को अन्य किसी जनपद एवं नगरीय निकाय द्वारा प्रस्ताव प्राप्त नहीं होने से सामूहिक विवाह सम्मेलन हेतु कार्यालय जनपद पंचायत दतिया के प्रस्ताव दिनांक 25.04.2022 के अनुपालन में बिन्दु क्रमांक 8-1 एवं 8-2 का पालन करते हुये जनपद पंचायत जिला दतिया को अधिकृत किया गया है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''1'' अनुसार है। जी हाँ, जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''2'' अनुसार है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) जी हाँ। जनपद पंचायत दतिया द्वारा आयोजित सामूहिक विवाह सम्मेलन में 703 कन्याओं का विवाह संपन्न हुआ था। जी हाँ, निर्देश की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट‍ के प्रपत्र ''3'' अनुसार है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी हाँ, शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''4'' अनुसार है। प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। जी हाँ, कन्याओं को दी गई सामग्री गुणवत्ताहीन होने की जांच तत्कालीन कलेक्टर से करायी गई थी। समिति का जांच प्रतिवेदन एवं की गई कार्यवाही की विस्तृत जानकारी के विवरण की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''5'' अनुसार है। जांच प्रतिवेदन के आधार पर कार्यवाही प्रचलन में है। नीतिगत विषय होने के कारण समय-सीमा बताई जाना संभव नहीं है। (घ) जी हाँ, जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''6'' अनुसार है। उत्तरांश (ग) अनुसार कार्यवाही प्रचलित है। वर्ष 2022-23 एवं 2023-24 में आयोजित सामूहिक विवाह सम्मेलन में लाभान्‍वित कन्याओं की सत्यापित सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''7'' अनुसार है। जी नहीं, शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

रोजगार से संबंधित कार्य योजना

[जनजातीय कार्य]

17. ( *क्र. 1204 ) कुँवर अभिजीत शाह : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) आदिवासी बाहुल्‍य बस्तियों के अधोसंरचना विकास एवं आदिवासियों के रोजगार से संबंधित कौन-कौन से मद की कौन-कौन सी योजना वर्तमान में लागू हैं, उस योजना के तहत कार्यों के चयन एवं राशि आवंटन की क्‍या प्रक्रिया है? (ख) प्रश्‍नकर्ता के विधानसभा क्षेत्र में आदिवासी बाहुल्‍य कौन-कौन सा ग्राम है, उस ग्राम में गत पांच वर्षों में किस-किस कार्य पर कितनी-कितनी राशि खर्च की गई, कितनी राशि का कौन-कौन सा कार्य लंबित है? (ग) किस-किस आदिवासी बाहुल्‍य ग्राम में आवागमन के लिए सड़क एवं पेयजल की समस्‍या है, किस ग्राम में नलकूप खनन में पानी नहीं निकला? (घ) मार्ग निर्माण, पेयजल की व्‍यवस्‍था एवं अन्‍य स्‍थानों पर बोर खनन कर पानी की व्‍यवस्‍था हेतु शासन क्‍या कदम उठा रहा है?

जनजातीय कार्य मंत्री ( डॉ. विजय शाह ) : (‍क) आदिवासी बाहुल्‍य बस्तियों के अधोसंरचना विकास एवं आदिवासियों के रोजगार से संबंधित मद का विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार योजना वर्तमान में लागू है। योजनान्‍तर्गत नियमानुसार कार्यों का चयन एवं राशि आवंटन किये जाने का प्रावधान है। (ख) प्रश्‍नकर्ता के विधानसभा क्षेत्र में आदिवासी बाहुल्‍य ग्रामों की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है एवं विगत पांच वर्षों में किये गये कार्य, व्‍यय तथा कार्य की लम्बित राशि का विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ग) आदिवासी बाहुल्‍य ग्राम में आवागमन एवं सड़क तथा पेयजल की समस्‍या का सर्वे कराया जा रहा है, नलकूप खनन में पानी नहीं निकला की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (घ) अनुसूचित जनजाति बाहुल्‍य ग्रामों में जनजाति बस्‍ती विकास योजनान्‍तर्गत आंतरिक सड़क, पेयजल की व्‍यवस्‍था किये जाने के प्रावधान हैं एवं जल-जीवन मिशन के तहत सफल नलकूप खनन कर हर घर में जल पहुंचाया जा रहा है। समस्‍याग्रस्‍त बसाहटों में हेण्‍डपंप स्‍थापना का कार्य कराया जा रहा है।

समूह नल-जल योजना की अद्यतन स्थिति

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

18. ( *क्र. 1641 ) श्री प्रदीप लारिया : क्या लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) नरयावली विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत निर्माणाधीन समूह नल-जल योजना की जानकारी देवें तथा कौन-कौन सी कार्य एजेन्सियों से किन-किन ग्रामों में कार्य करने का अनुबंध किया गया है? (ख) प्रश्‍नांश (क) में वर्णित किन-किन ग्रामों में कार्य एजेन्सी द्वारा कार्य प्रारंभ कर दिया है/कितना कार्य पूर्ण हो गया है/किन-किन ग्रामों में आज प्रश्‍न दिनांक तक कार्य प्रारंभ नहीं हुआ है/किन ग्रामों में पूर्ण हो गया है? (ग) प्रश्‍नांश (क) में वर्णित कार्य एजेन्सी ने अनुबंध में कितना पाइप लाइन विस्तार का कार्य/अन्य कार्य हेतु अनुबंध किया था? जानकारी देवें तथा कार्य एजेन्सी ने प्रश्‍न दिनांक तक कितना कार्य किया? जानकरी देवें। (घ) विभाग द्वारा कार्य एजेन्सी के कार्य का कब-कब निरीक्षण किया गया/कार्य एजेंसी द्वारा मापदंड के अनुसार पाइप लाइन विस्तार किया गया इसकी विभाग/परियोजना द्वारा कब-कब जांच/निरीक्षण किया गया? जानकारी देवें तथा कार्य में अनियमितताएं एवं विलंब की विभाग उच्च स्तरीय जांच कर एवं कार्य एजेंसी के विरूद्ध कार्यवाही करेगा एवं कार्य कब तक पूर्ण होगा?

लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकी मंत्री ( श्रीमती संपतिया उइके ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 01 एवं 02 अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 02 अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 03 अनुसार है। (घ) विभाग द्वारा कार्यों के जांच/निरीक्षण की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 04 अनुसार है। कार्य में अनियमितताएं नहीं पाईं गईं एवं कार्यों में विलंब नहीं हुआ है। अत: उच्‍च स्‍तरीय जांच एवं कार्य एजेंसी के विरूद्ध कार्यवाही का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। योजनाओं के कार्य पूर्ण होने की तिथि पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 01 अनुसार है।

नल-जल योजनाओं का नियम विरुद्ध निर्माण

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

19. ( *क्र. 1735 ) श्री सुरेश राजे : क्या लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) जल जीवन मिशन योजना के अंतर्गत करवाए जाने वाले विभिन्न निर्माण कार्यों के क्रियान्वयन संबंधी आदेश/नियम की सत्यापित प्रति उपलब्ध करावेंl योजना प्रारंभ से ग्वालियर जिला के विकास खंडवार कौन-कौन से कार्य स्वीकृत किये गए? वर्षवार तथा कार्यवार पूर्ण/अपूर्ण का कारण सहित स्थिति बतावेंl (ख) प्रश्‍नांश (क) के अनुसार जल जीवन मिशन के पूर्व विकास खंड डबरा अंतर्गत किस ग्राम में नल-जल योजना संचालित थी? योजना में किस ग्राम में कितनी राशि का रेट्रोफिटिंग कार्य किस दिनांक को किस ठेकेदार/फर्म द्वारा किस दिनांक से कार्य प्रारंभ किया गया? पूर्ण करने की अवधि क्या है? पूर्ण योजना से जलप्रदाय किस दिनांक से किया जा रहा है? ऐसा ग्राम जिसमें पानी की टंकी का निर्माण करवाया गया, किन्तु नलकूप सफल नहीं होने से जलप्रदाय नहीं हो रहा है? (ग) विकासखंड डबरा क्षेत्र के अंतर्गत जल जीवन मिशन से स्वीकृत नल-जल योजना में नलकूप खनन/पानी की टंकी का निर्माण/पाइप लाइन बिछाने के कार्य के दौरान खोदी गई सी.सी. सड़क का निर्माण किस-किस दिनांक से प्रारंभ कर किस दिनांक को पूर्ण हुआ? कार्यवार बतावेंl

लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकी मंत्री ( श्रीमती संपतिया उइके ) : (क) जल जीवन मिशन की गाइडलाइन भारत सरकार, जल शक्ति मंत्रालय की वेबसाइट https://jaljeewanmission.gov.in पर उपलब्‍ध है। शेष जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 01 एवं 02 अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 03 अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 04 अनुसार है।

मत्‍स्‍य पालन के पट्टे बाबत

[मछुआ कल्याण तथा मत्स्य विकास]

20. ( *क्र. 1717 ) श्री राजन मण्‍डलोई : क्या राज्‍य मंत्री (स्वत्रंत प्रभार), मछुआ कल्‍याण एवं मत्‍स्‍य विकास महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बड़वानी जिला अंतर्गत ग्राम पंचायत/जनपद स्त‍रीय कितने जलाशय मत्स्‍य पालन पट्टे पर दिए गए हैं? (ख) क्या बड़वानी जिले में पट्टे पर दिए गए जलाशयों के पट्टे मध्य‍प्रदेश मत्स्‍य पालन नीति 2008 के बिन्दु क्रमांक 13 के '''' के उपनियम (क) के तहत जल क्षेत्र की ही पंजीकृत संस्थाओं के अलावा अन्य जल क्षेत्र एवं ग्राम पंचायत/जनपद पंचायत क्षेत्र की समितियों को जारी किए गए हैं? (ग) मध्य प्रदेश मत्स्‍य पालन नीति 2008 के बिन्दु क्रमांक 13 के (ग) के (क) के तहत जल क्षेत्र की ही पंजीकृत संस्था मानी जाने हेतु संबंधित संस्था के सदस्य उसी जल क्षेत्र अथवा उसी जलाशय से प्रभावित सदस्य होना चाहिए या नहीं? यदि हाँ, तो बड़वानी जिले में अन्य‍ जल क्षेत्र/जनपद क्षेत्र की संस्थाओं को पट्टे किस नियम के तहत दिए गए हैं?

राज्‍य मंत्री (स्वत्रंत प्रभार), मछुआ कल्‍याण एवं मत्‍स्‍य विकास ( श्री नारायण सिंह पंवार ) : (क) जी हाँ। बड़वानी जिला अंतर्गत ग्राम पंचायत/जनपद पंचायत स्‍तरीय 105 जलाशयों को मत्‍स्‍य पालन हेतु पट्टे पर प्रदान किया गया, जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) जी हाँ। बड़वानी जिले में ग्राम पंचायत/जनपद पंचायत के जलाशयों को मत्‍स्‍य पालन नीति 2008 के बिन्‍दु क्रमांक 1.3 (ग) के उप नियम (क) के तहत जलक्षेत्र की ही स्‍थानीय पंजीकृत संस्‍थाओं को मत्‍स्‍य पालन हेतु पट्टे पर दिये गये हैं। शेष जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ग) जी हाँ, मध्‍य प्रदेश मत्‍स्‍य पालन नीति 2008 के बिन्‍दु क्रमांक 04 की प्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है।

जिले में स्‍थापित हेण्‍डपम्‍प

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

21. ( *क्र. 1221 ) श्री हेमंत कटारे : क्या लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) भिण्‍ड जिले में अप्रैल 19 से 31 दिसम्‍बर 2023 तक विकास खण्‍डवार कुल कितने नवीन हेण्‍ड पम्‍प स्‍वीकृत हुये एवं वास्‍तविक रूप से कितने लगाये गये? सूची उपलब्‍ध करावें। (ख) विकास खण्‍ड अटेर एवं विधानसभा क्षेत्र अटेर में उक्‍त अवधि में स्‍वीकृत नल-जल योजनाओं का विवरण, स्‍वीकृत राशि, मौके पर हुये कार्य का विवरण एवं व्‍यय राशि बताई जावे? (ग) विभाग की अन्‍य योजनायें जो केन्‍द्रीय सहायता एवं राज्‍य सहायता से संचालित हैं, उक्‍त अवधि में प्राप्‍त आवंटन, व्‍यय राशि विकास खण्‍डवार/योजनावार/कार्यों के विवरण सहित उपलब्‍ध करावें?

लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकी मंत्री ( श्रीमती संपतिया उइके ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 01 एवं 02 अनुसार है(ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 03 अनुसार है(ग) विकासखंडवार/योजनावार आवंटन नहीं दिया जाता है, अपितु जिले में विभाग की योजनाओं के अंतर्गत स्वीकृत कार्यों के भुगतान के लिये जिले को राशि जारी की जाती है, जिले को विभिन्न मदों में कार्य के लिये प्रश्‍नांकित अवधि में जारी राशि की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 04 अनुसार है।

वनमंडलाधिकारी अनूपपुर की उच्‍चस्‍तरीय जांच

[वन]

22. ( *क्र. 561 ) श्री बिसाहूलाल सिंह : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला अनूपपुर में वनमण्‍डलाधिकारी के पद पर कौन है एवं कब से पदस्‍थ है तथा इसके पूर्व इनकी पदस्‍थापना कहां पर किस पद पर थी? इनके सेवाकाल में इनके विरूद्ध क्‍या-क्‍या शिकायतें प्राप्‍त हुई थी? (ख) क्‍या वनमण्‍डलाधिकारी जिला अनूपपुर में जब से पदस्‍थ हुए हैं, तब से अपने अधीनस्‍थ कार्यरत रेंज बिजुरी, कोतमा, अनूपपुर एवं पुष्‍पराजगढ़ के वन परिक्षेत्राधिकारियों, सहायक वन परिक्षेत्राधिकारियों, अनुविभागीय अधिकारी वन विभाग के समस्‍त बीट प्रभारियों को षडयंत्र कर उन्‍हें मानसिक रूप से प्रताड़ि‍त करते रहते हैं? क्‍या इनकी जांच कराकर इनके विरूद्ध किये गये भ्रष्‍टाचार एवं अधिकारियों एवं कर्मचारियों को मानसि‍क रूप से प्रताड़ि‍त किये जाने तथा अनावश्‍यक रूप से कितने अधिकारी/कर्मचारियों को निलंबित किया गया है और कितने को तथ्‍यहीन कारण बताओ नोटिस जारी किये गये हैं? क्‍या समस्‍त तथ्‍यों की जांच कराकर दोषी पाये जाने पर वनमण्‍डलाधिकारी के ऊपर कड़ी कार्यवाही की जायेगी? (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) अनुसार वनमण्‍डलाधिकारी के द्वारा वन विभाग के कर्मचारियों को अनावश्‍यक रूप से क्षेत्र के ग्रामीणों से वसूली कराये जाने का, रेत तस्‍करी, लकड़ी तस्‍करी सहित अन्‍य खनिज पदार्थों का काला बाजारी के कार्य कराये जाने का दबाव दिये जाने की जांच इन्‍हें अनूपपुर से हटाकर कराई जायेगी? यदि हाँ, तो कब तक? (घ) प्रश्‍नांश (क), (ख) एवं (ग) अनुसार उपरोक्‍त वनमण्‍डलाधिकारी के खिलाफ उच्‍च स्‍तरीय जांच दल का गठन कर जिले के वन विभाग के अधिकारियों का स्‍वतंत्र व निष्‍पक्ष बयान लेकर जांच अनुसार कड़ी कार्यवाही की जायेगी?

वन मंत्री ( श्री नागर सिंह चौहान ) : (क) जिला अनूपपुर में वनमण्डलाधिकारी के पद पर श्री सुशील कुमार प्रजापति, भा.व.से. दिनांक 13.01.2023 से पदस्थ हैं। इसके पूर्व श्री प्रजापति वनमण्डलाधिकारी, हरदा (उत्पादन) वनमण्डल के पद पर पदस्थ थे। इनके विरूद्ध प्राप्त शिकायतों का विवरण संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) वनमण्डल अनूपपुर के अधीनस्थ 06 परिक्षेत्रों के परिक्षेत्राधिकारियों द्वारा मानसिक प्रताड़ना की शिकायतें प्राप्त होने पर अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (सतर्कता/शिकायत) मुख्यालय, भोपाल के आदेश क्रमांक/सर्त./शिका./2023/149, दिनांक 14.09.2023 से जांच हेतु 02 सदस्यीय जांच दल का गठन किया गया। प्राप्त जांच प्रतिवेदन के आधार पर विभागीय कार्यवाही प्रारंभ की गई है। पदस्थ अवधि के दौरान श्री प्रजापति द्वारा 09 वनरक्षकों को निलंबित किया गया है एवं 32 अधिकारी/कर्मचारियों के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही प्रस्तावित की गई है। तथ्यों की जांच उपरांत दोषी पाये जाने पर वनमण्डलाधिकारी के विरूद्ध कार्यवाही की जावेगी। (ग) जांच के आधार पर नियमानुसार कार्यवाही की जावेगी। (घ) उत्‍तरांश '''' अनुसार।

परिशिष्ट - "दो"

हाईस्‍कूल भवन निर्माण

[जनजातीय कार्य]

23. ( *क्र. 30 ) श्री कुँवर सिंह टेकाम : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सीधी जिले के अंतर्गत शासकीय हाईस्कूल पुरईडोल, केसलार, सोनगढ़, दुआरी, धूपखड़, गुडवाधार, गोतरा, खोखरा, रूंदाभदोरा, मेडरा, बस्तुआ, कोटा, पिपराही, बहेराडोल, डेवा एवं दुबरीकला का उन्नयन किस वर्ष में किया गया था? (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में क्‍या उन्नयित हाईस्कूलों में भवन के लिये राशि स्वीकृत की गई है? यदि हाँ, तो राशि सहित जानकारी उपलब्ध करायें। (ग) प्रश्‍नांश (ख) के संदर्भ में क्‍या उन्नयित हाईस्कूल में भवन के लिये राशि स्वीकृत नहीं की गयी है तो कब तक राशि स्वीकृत कर दी जावेगी? (घ) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में क्‍या उन्नयित हाईस्कूल भवन विहीन हैं? यदि हाँ, तो बच्चों को अध्ययन अध्यापन के लिये भवन के निर्माण के लिये विभाग की क्या कार्ययोजना प्रस्तावित है?

जनजातीय कार्य मंत्री ( डॉ. विजय शाह ) : (क) सीधी जिले के अंतर्गत विकासखण्‍ड कुसमी में संचालित हाईस्‍कूलों का उन्‍नयन निम्‍न वर्ष में किया गया है :-

 

क्र.

संस्‍था का नाम

उन्‍नयन का वर्ष

1.

हाई स्‍कूल पुरईनडोल

2008

2.

हाई स्‍कूल केशलार

2015

3.

हाई स्‍कूल सोनगढ़

2002

4.

हाई स्‍कूल दुआरी

2008

5.

हाई स्‍कूल धुपखड़

2010

6.

हाई स्‍कूल गुडुआधार

2010

7.

हाई स्‍कूल गोतरा

2008

8.

हाई स्‍कूल खोखरा

2008

9.

हाई स्‍कूल भदौरा

2008

10.

हाई स्‍कूल मेडरा

2002

11.

हाई स्‍कूल वस्‍तुआ

2008

12.

हाई स्‍कूल कोटा

2002

13.

हाई स्‍कूल पिपराही

2016

14.

हाई स्‍कूल डेवा

2008

15.

हाई स्‍कूल दुबरीकला

2010

16.

हाई स्‍कूल वेहराडोल

2010

(ख) प्रश्‍न (क) उन्‍नयित हाई स्‍कूलों में भवनों के लिये राशि स्‍वीकृत नहीं की गई है। (ग) भवन स्‍वीकृत नहीं हैं, अत: शेष प्रश्‍न उत्‍पन्‍न नहीं होता। (घ) राष्‍ट्रीय माध्‍यमिक शिक्षा अभियान के अंतर्गत प्रश्‍नांश (घ) हाई स्‍कूल भवनों की स्‍वीकृति हेतु प्रस्‍ताव शिक्षा विभाग को भेजे जा रहे हैं।

प्रधानमंत्री जल जीवन मिशन

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

24. ( *क्र. 1744 ) श्री प्रेमशंकर कुंजीलाल वर्मा : क्या लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 136 में प्रधानमंत्री जल जीवन मिशन के अंतर्गत कुल कितने ग्राम स्वीकृत हैं? (ख) स्वीकृत ग्रामों में कितने ग्रामों का कार्य पूर्ण हो चुका है? उन ग्रामों के नाम बताने की कृपा करें। (ग) स्वीकृत ग्रामों में कार्य की स्थिति बताने की कृपा करें। (घ) जिन ग्रामों में योजना स्वीकृत नहीं है, उन ग्रामों में नल-जल योजना कब तक स्वीकृत की जायेगी?

लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकी मंत्री ( श्रीमती संपतिया उइके ) : (क) 296 ग्रामों के लिए नल-जल योजनाएं स्‍वीकृत हैं। (ख) 52 ग्रामों में नल-जल योजनाओं के कार्य पूर्ण हो चुके हैं, ग्रामों के नाम पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है(ग) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (घ) जल जीवन मिशन की गाइडलाइन के अनुसार नल-जल योजना की स्‍वीकृति हेतु कोई भी ग्राम शेष नहीं हैं, शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

विभागीय योजनाओं का क्रियान्‍वयन

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

25. ( *क्र. 1689 ) डॉ. राजेन्‍द्र पाण्‍डेय : क्या लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या केंद्र/राज्य प्रवर्तित अनेक योजनाएं शासन/विभाग द्वारा जावरा विधानसभा क्षेत्र में क्रियान्वित कर संचालित की जा रही हैं? (ख) यदि हाँ, तो वर्ष 2018-19 से लेकर वर्ष 2023-24 तक किस-किस प्रकार की योजनाएं एवं उनके कार्य विधानसभा क्षेत्र में क्रियान्वित कर संचालित किये जा रहे हैं? वर्षवार जानकारी दें। (ग) उपरोक्त वर्षों के अंतर्गत किए गए कार्यों की कार्यवार बजट स्वीकृति किस-किस प्रकार की रही, उन पर व्यय कितना-कितना किया गया? वर्षवार जानकारी दें। (घ) बंद पड़ी अनेक योजनाएं एवं बंद पड़े ट्यूबवेल हैंडपंप के साथ ही बिना ढक्कन के खुले बोरवेल किन-किन स्थानों पर होकर इस हेतु क्या कार्रवाई की गई? साथ ही विगत वर्षों में हैंडपंप उपकरण, हैंडपंप की रॉड इत्यादि की हुई चोरियों के संबंध में क्या किया गया तथा अनुपयोगी सामग्री का पंजी संधारण कर, उन्हें स्टोर में किस प्रकार रखा जाकर क्या किया जाता है? वर्ष 2018-19 से वर्ष 2023 24 तक की जानकारी प्रदान करें।

लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकी मंत्री ( श्रीमती संपतिया उइके ) : (क) जी हाँ। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 01 अनुसार है। इसके अतिरिक्‍त माही समूह जल प्रदाय योजना स्‍वीकृत हैं, जिसका कार्य प्रगतिरत है। (ग) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 01 अनुसार है। इसके अतिरिक्‍त वर्ष 2022-23 में माही समूह जल प्रदाय योजना लागत रू. 2017.92 करोड़ की स्‍वीकृत हुई है, उक्‍त योजना में अब तक व्‍यय राशि निरंक है। (घ) वर्ष 2022-23 में आउटसोर्स श्रमिक द्वारा हैंडपंप की सामग्री की हेराफेरी की गई थी, जिसके विरूद्ध दिनांक 06.05.2022 को एफ.आई.आर. दर्ज करवाई गयी, वर्तमान में प्रकरण माननीय न्यायालय में विचाराधीन है। संबंधित हैण्डपंप तकनीशियन अनुपयोगी सामग्री समय-समय पर विभागीय भण्डार ग्रह में संधारित पंजी. में दर्ज करवाकर जमा करते हैं, उपरोक्त अनुसार एकत्रित अनुपयोगी सामग्री की नियमानुसार नीलामी की जाती है। शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 02 एवं 03 अनुसार है।

 

 

 






भाग-2

नियम 46 (2) के अंतर्गत अतारांकित प्रश्‍नोत्तर के रुप में परिवर्तित तारांकित प्रश्‍नोत्तर


खोदी गई सड़कों का सुधार कार्य

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

1. ( क्र. 2 ) श्री नितेन्‍द्र बृजेन्‍द्र सिंह राठौर : क्या लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि प्रदेश के गांवों में नलजल योजना के अंतर्गत पाइप डालने हेतु जो सड़कें खोदी जा रही हैं, खोदी सड़कों की मरम्‍मत/सुधारने की जिम्‍मेदारी किसकी है? क्‍या कारण है कि सड़कें सुधारी नहीं जा रही हैं? कीचड़ के कारण आम नागरिकों को आवागमन में असुविधा हो रही है? कब तक सड़कें सुधारी जावेंगी?

लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकी मंत्री ( श्रीमती संपतिया उइके ) : नलजल योजनाओं के कार्यों में पाइप लाइन बिछाने एवं जोड़ने के लिये आवश्यकता अनुसार खोदी जा रही सड़कों की मरम्मत/सुधारने की जिम्मेदारी संबंधित ठेकेदार की है। सड़कों का सुधार कार्य किया जा रहा है। सड़कें खोदकर, बिछायी जा रही पाइप-लाइन के कार्यों में ट्रेंच में पाइप-लाइन बिछाने एवं जोड़ने के पश्‍चात ट्रेंच का भराव कर सड़कों को आवागमन योग्य बना दिया जाता है एवं पाइन-लाइन की हाइड्रॉलिक टेस्टिंग के उपरांत यथाशीघ्र सड़कों की मरम्मत/पुनर्निर्माण कर सड़कों को यथास्थिति में लाया जाता है, अतः कीचड़ के कारण आवागमन की असुविधा का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। नल-जल योजनाओं के अंतर्गत पाइप-लाइन बिछाने एवं जोड़ने के कार्यों में उपरोक्तानुसार सड़कों के पुनर्निर्माण/सुधार का कार्य एक सतत् प्रक्रिया है, अतः सड़कें सुधारे जाने की कोई निश्‍िचत तिथि बताना संभव नहीं है।

उद्योग विभाग द्वारा संचालित योजना

[अनुसूचित जाति कल्याण]

2. ( क्र. 3 ) श्री नितेन्‍द्र बृजेन्‍द्र सिंह राठौर : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे किक्या यह सही है कि शिक्षित युवा बेरोजगा‌रों को अंत्यवसायी जिला उद्योग विभाग से जो योजना चल रही थी वह बंद कर दी गई है? बंद करने के क्‍या कारण है? कब तक योजना प्रारम्भ कर दी जावेगी?

वन मंत्री ( श्री नागर सिंह चौहान ) : जिला उद्योग विभाग से प्रश्‍नांश में उल्‍लेखित योजना म.प्र. राज्‍य सहकारी अनुसूचित जाति वित्‍त एवं विकास निगम के अंतर्गत संचलित नहीं होने से शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

बी.पी.एल. एवं कर्मकार मण्‍डल के कार्ड बनाए जाना

[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्‍ता संरक्षण]

3. ( क्र. 11 ) श्री यादवेन्द्र सिंह : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र टीकमगढ़ में विगत पाँच वर्ष में कुल कितने बी.पी.एल. कार्ड एवं कर्मकार मण्डल के कार्ड बनाये गये? गांववार, नामवार बतायें। (ख) क्या प्रश्‍नांश (क) में वर्णित कार्ड जारी करने में जनपद पंचायत टीकमगढ़ में CEO के अलावा अन्य अधिकारी के हस्ताक्षरों से जारी किये गये? उक्त कार्ड किस-किस अधिकारी के हस्ताक्षर से जारी किये गये? (ग) प्रश्‍नांश (ख) में वर्णित हस्ताक्षरकर्ता अधिकारी का पद एवं नाम भी बतायें। (घ) प्रश्‍नांश (क), (ख) एवं (ग) में वर्णित कृत्‍यों के लिये कौन-कौन दोषी हैं? उनके विरुद्ध कब तक क्या कार्यवाही की जायेगी?

खाद्य मंत्री ( श्री गोविन्द सिंह राजपूत ) : (क) विधानसभा क्षेत्र टीकमगढ़ में विगत पाँच वर्ष में बी.पी.एल. के 8036 कार्ड एवं कर्मकार मण्डल के 5078 कार्ड बनाये गये। ग्रामवार, नामवार सूची  पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट-'''' अनुसार  है। (ख) हाँ। प्रश्‍नांश (क) में वर्णित कर्मकार मण्‍डल के कार्ड जारी करने में जनपद पंचायत के सीईओ के अलावा बी.पी.ओ. एवं पी.सी.ओ. को कार्य की सुविधा की दृष्टि से नस्‍ती संधारित कर कार्ड पर हस्‍ताक्षर हेतु अधिकृत किया गया एवं दिनांक 15.01.2021 से पहले मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी एवं खण्‍ड पंचायत अधिकारी द्वारा बी.पी.एल. कार्ड जारी किये जाते थे एवं खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्‍ता संरक्षण संचालनालय के पत्र दिनांक 2245 दिनांक 15.01.2021 के निर्देशानुसार राशन कार्ड जारी नहीं किये जाने के कारण किसी भी कार्ड पर हस्‍ताक्षर नहीं किए गए। निर्देश का पत्र  पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट-'''' अनुसार है। (ग) प्रश्‍नांश (ख) अनुसार श्री बी.एल.रजक खण्‍ड पंचायत अधिकारी, श्री चंद्रभूषण श्रीवास्‍तव पी.सी.ओ एवं श्री प्रमो‍दादित्‍य तिवारी पी.सी.ओ. को कर्मकार मण्‍डल के कार्ड पर हस्‍ताक्षर हेतु अधिकृत किये जाने के आदेश की प्रतियां  पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट-'''' अनुसार  है (घ) मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत द्वारा कर्मकार मण्‍डल के कार्ड जारी किए जाने हेतु अधिकार प्रत्‍यायोजन के तथ्‍यों की जांच कराकर नियमानुसार कार्यवाही की जायेगी।

अनुसूचित जाति/जनजाति बस्ती विकास योजना

[जनजातीय कार्य]

4. ( क्र. 19 ) श्री नारायण सिंह पट्टा : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अनुसूचित जाति जनजाति बस्ती विकास योजना के तहत वर्ष 2022-232023-24 में मण्‍डला जिले को कुल कितनी-कितनी राशि आवंटित की गई? उस राशि से क्या-क्या कार्य स्वीकृत कर कराए गए, कार्य का नाम लागत राशि पूर्णता अपूर्णता की स्थिति सहित जानकारी देवें? (ख) उक्त योजना की राशि से कार्य स्वीकृति के क्या नियम हैं? क्या नियम में इस हेतु एक समिति का उल्लेख है? यदि हाँ, तो क्या उक्त समिति की सहमति व अनुमोदन से कार्यों की स्वीकृति दिए जाने का नियम है? यदि हाँ, तो क्या मण्डला जिले में वर्ष 2023-24 हेतु आवंटित राशि से कार्य स्वीकृति के लिए समिति की सहमति व अनुमोदन लिया गया था? यदि नहीं तो क्यों? इसके लिए कौन-कौन दोषी हैं? (ग) मण्डला जिले के लिए वर्ष 2023-24 में आवंटित राशि से कार्य स्वीकृत करने हेतु किन-किन जनप्रतिनिधियों से प्रस्ताव लिए गए थे? जनप्रतिनिधियों द्वारा दिये गए प्रस्तावों की छायाप्रति उपलब्ध करावें? क्या यह सही है कि समिति के सदस्यों की जानकारी व सहमति के बिना सहायक आयुक्त मण्डला द्वारा स्वीकृति जारी की गई? क्या यह नियम विरुद्ध है? यदि हाँ, तो क्या कार्यवाही की जाएगी? यदि नहीं, तो क्या उक्त समिति को औचित्यहीन मानते हुए समिति का प्रावधान समाप्त करने पर विचार किया जा रहा है? यदि नहीं, तो बिना समिति की सहमति व अनुमोदन के कार्य स्वीकृति करने वाले अधिकारियों पर कब तक और क्या कार्यवाही की जाएगी?

जनजातीय कार्य मंत्री ( डॉ. विजय शाह ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट '''' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट '''' अनुसार है। ''जी-हाँ''''जी- हाँ''''जी-हाँ''। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) जानकारी पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट '''' अनुसार है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

गौंड समूह नल-जल योजना

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

5. ( क्र. 31 ) श्री कुँवर सिंह टेकाम : क्या लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) सिंगरौली जिले के अंतर्गत गौंड समूह नल-जल योजना देवसर की स्‍वीकृति कब एवं कितनी राशि की की गई थी? (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में गौंड समूह नल-जल योजना देवसर के अंतर्गत कितने ग्रामों को नल-जल के माध्‍यम से शुद्ध पेयजल उपलब्‍ध कराया जायेगा? सम्मिलित ग्रामों की जानकारी उपलब्‍ध करायें। (ग) प्रश्‍नांश (ख) के सदंर्भ में नल-जल योजना का निर्माण कार्य कब तक पूर्ण कराकर शुद्ध पेयजल उपलब्‍ध कराया जायेगा? (घ) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में छूटे हुये ग्राम महुआगांव, निवास, निगरी, हरदी, पापल को गौंड समूह नल-जल योजना देवसर में सम्मिलित कर शुद्ध पेयजल उपलब्‍ध कराया जायेगा? यदि हाँ, तो कब तक छूटे हुये ग्रामों को सम्मिलित कर लिया जायेगा?

लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकी मंत्री ( श्रीमती संपतिया उइके ) : (क) गौंड-देवसर समूह जल प्रदाय योजना लागत रू. 470.49 करोड़ की स्‍वीकृति दिनांक 22/09/2020 को प्रदान की गई है। (ख) 213 ग्रामों में। ग्रामों की जानकारी पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट  अनुसार है(ग) दिनांक 30/11/2024 तक लक्षित है। (घ) प्रश्‍नांकित ग्राम गौंड-देवसर समूह जल प्रदाय योजना में सम्मिलित हैं। प्रश्‍नांकित ग्रामों में से ग्राम महुआगांव, निवास, निगरी एवं पापल में नल-जल योजनाओं के अंत: ग्राम घटकों का निर्माण कार्य स्‍वीकृत एकल ग्राम नल-जल योजनाओं के अंतर्गत कराया जा रहा है तथा गौंड-देवसर समूह जल प्रदाय योजना से इन ग्रामों को बल्‍क वॉटर उपलब्‍ध कराया जाएगा, शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

सड़क निर्माण कार्य की स्वीकृति

[वन]

6. ( क्र. 51 ) श्री ब्रजेन्द्र प्रताप सिंह : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या यह सही है कि पन्ना विधान सभा क्षेत्र अन्तर्गत निर्माण हेतु स्वीकृत गुंदलहा से मडैयन मार्ग, छतैनी से ब्रजपुर मार्ग, हरसा गेट से सलैया मार्ग एवं अजयगढ़ कस्बे से अजयपार मार्ग, गहरा से इमलौनिया पनारी मार्ग वन विभाग की स्वीकृति हेतु लंबित है? (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार मार्गों की औपचारिकतायें पूर्ण कर स्वीकृति कब तक प्रदाय की जावेगी?

वन मंत्री ( श्री नागर सिंह चौहान ) : (क) जी हाँ, विवरण संलग्‍न परिशिष्‍ट में है। (ख) प्रश्‍नांश (क) में उल्‍लेखित मार्गों की स्‍वीकृति के संबंध में समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

परिशिष्ट - "तीन"

रमपुरा गेट प्रारंभ किया जाना

[वन]

7. ( क्र. 52 ) श्री ब्रजेन्द्र प्रताप सिंह : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या पन्ना नेशनल पार्क का तीसरा गेट कोर एरिया में स्वीकृत हुआ है जो बफर गेट के सामने बफर क्षेत्र अकोला में खोला गया है? यदि हाँ, तो क्या यह सही है कि दोनों गेट बफर में आमने सामने खोल दिये गये है? (ख) क्या रमपुरा में पूर्व से गेट बना है? यदि हाँ, तो उसको चालू क्यों नहीं किया गया? क्या नेशनल पार्क में तीसरा गेट अकोला गेट की जगह रमपुरा गेट से चालू करेंगे? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्यों?

वन मंत्री ( श्री नागर सिंह चौहान ) : (क) पन्‍ना नेशनल पार्क का तीसरा गेट अकोला कोर एरिया में स्‍वीकृत हुआ जो बफर क्षेत्र के अकोला गेट के सामने है। पूर्व से संचालित पर्यटन जोन में शामिल 13 कक्षों का रकबा 2470.26 हेक्‍टेयर को बंद करते हुए उसके स्‍थान पर नवीन 10 वन कक्षों के कुल क्षेत्रफल 2484.37 हेक्‍टेयर सम्मिलित करते हुए अकोला गेट से हिनौता गेट तक‍ पर्यटन मार्ग प्रारंभ करने की अनुमति प्राप्‍त है, तदानुसार पन्‍ना टाइगर रिजर्व में नवीन पर्यटन प्रवेश द्वार के द्वारा अकोला गेट से हिनौता गेट तक पर्यटन मार्ग प्रारंभ किया गया है, जो कोर क्षेत्र में स्थित है। नवीन पर्यटन मार्ग अकोला गेट से हिनौता गेट तक पहुंच हेतु बफर क्षेत्र के वनमार्ग का उपयोग किया गया है। यह सही नहीं है कि दोनों गेट बफर में हैं। (ख) पन्‍ना टाइगर रिजर्व के अंतर्गत रमपुरा में वन्‍यप्राणी प्रबंधकीय कार्य हेतु पूर्व से गेट बना हुआ है, जो पर्यटन गतिविधि हेतु नहीं है। भारत सरकार की गाइड-लाइन अनुसार कोर क्षेत्र में 20 प्रतिशत में ही पर्यटन हो सकता है। पन्‍ना टाइगर रिजर्व की भू-आकृति को देखते हुए अकोला कोर गेट की जगह रमपुरा गेट चालू करने का कोई प्रस्‍ताव नहीं है।

वे.को.लि. खदानों के लिये वन विभाग का क्लीयरेंस

[वन]

8. ( क्र. 75 ) श्री सोहनलाल बाल्‍मीक : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता विधानसभा क्षेत्र परासिया अन्तर्गत मोहन कॉलरी (मोआरी माईन) एवं महादेवपुरी भूमिगत खदान स्थित है और तानसी माईन जुन्नारदेव विधानसभा क्षेत्र में स्थित है। तीनों ही खदानों में फॉरेस्ट विभाग से क्लीयरेंस परमि‍शन नहीं मिलने के कारण वे.को.ली. प्रबंधन द्वारा कोयले का उत्पादन बंद कर दिया गया है। जबकि तीनों ही खदानों में कई मिलियन टन कोल रिजर्व है। जिससे सरकार को बहुत अधिक आर्थिक नुकसान हो रहा है खदानों को बंद कर खदानों में कार्यरत वे.को.लि. कामगारों को अन्य खदानों में स्थानांतरित किया जा रहा है एवं ठेकेदारी कामगारों को कार्य से बंद कर दिया गया है। जिसके कारण कामगार एवं उनका आश्रित परिवार छोटे-बड़े व्यापारी एवं स्थानीय निवासी प्रभावित हो रहे हैं और सरकार को बहुत अधिक आर्थिक नुकसान हो रहा है। क्या राज्य सरकार सहयोग कर केन्द्र सरकार से फॉरेस्ट की परमिशन दिलाकर खदानों को सुचारू रूप से संचालित कराने हेतु कार्यवाही करेगी? (ख) प्रश्‍नांश (क) के अनुसार कब तक राज्य सरकार द्वारा सहयोग कर कार्यवाही कराते हुये केन्द्र सरकार से फॉरेस्ट का क्लीयरेंस कराकर तीनों ही खदानों में पुनः कोयले का उत्पादन प्रारम्भ कराकर खदानों को पूर्व की भांति संचालित करा दिया जायेगा ताकि मजदूरों को कार्य मिल सके?

वन मंत्री ( श्री नागर सिंह चौहान ) : (क) विधान सभा क्षेत्र परासिया अन्तर्गत वेस्टर्न कोल फील्ड्स लिमिटेड द्वारा वन (संरक्षण) अधिनियम 1980 के अन्तर्गत गैर वानिकी कार्य हेतु प्रस्तावित प्रस्ताव निम्नानुसार है:- 1. मोहन कॉलरी ओपन कास्ट फेस-5 रकबा 89.41 हेक्टेयर वन भूमि व्यपवर्तन के प्रकरण में आवेदक संस्था द्वारा समतुल्य गैर वन भूमि उपलब्ध नहीं कराये जाने से प्रकरण वर्तमान में आवेदक संस्था स्तर पर लंबित है। 2. मोआरी माईन रकबा 255.117 है. वनभूमि व्यपवर्तन के प्रस्ताव में भारत सरकार द्वारा पत्र दिनांक 27/11/2023 से 02 बिन्दुओं पर जानकारी चाही गई जानकारी आवेदक संस्था द्वारा उपलब्ध न कराए जाने से प्रकरण आवेदक संस्था स्तर पर लंबित है। 3. महादेवपुरी खदान रकबा 166.41 हेक्टेयर वनभूमि प्रकरण में पत्र दिनांक 18/01/2024 से माईन प्रारम्भ करने की अनुमति प्रदान कर दी गई है। 4. तानसी भूमिगत खदान रकबा 206.826 हेक्टेयर वनभूमि व्यपवर्तन का प्रस्तावः- भारत सरकार, पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, नई दिल्ली द्वारा पत्र दिनांक 27/11/2023 से निम्न 05 बिन्दुओं पर जानकारी चाही गई जानकारी आवेदक संस्था द्वारा उपलब्ध नहीं कराए जाने से प्रकरण आवेदक संस्था स्तर पर लंबित है। (ख) प्रश्‍नांश (क) के अनुसार वन (संरक्षण) अधिनियम 1980 के अन्तर्गत वन भूमि व्यपवर्तन की अनुमति प्रदान करना भारत सरकार, पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के क्षेत्राधिकार में आता है। अत: कब तक तीनों खदानों की क्लीयरेंस भारत सरकार द्वारा दिया जावेगा समय अवधि बताया जाना संभव नहीं है।

अनुसूचित जाति पर अत्‍याचार

[अनुसूचित जाति कल्याण]

9. ( क्र. 97 ) श्री लखन घनघोरिया : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला जबलपुर में अनुसूचित जाति जनजाति वर्ग पर हुये अत्याचार सम्बंधी कितने-कितने प्रकरण अत्याचार निवारण अधिनियम 1995 की किन-किन धाराओं में पंजीकृत किये गये। कितने-कितने प्रकरणों में कितनी-कितनी राशि स्वीकृत की गई? कितने प्रकरण लम्बित/विवेचना में हैं। कितने प्रकरणों में कितने पीड़ितों को कितनी राशि की आर्थिक सहायता दी गई। कितने प्रकरणों में कितनी राशि वितरित नहीं की है एवं क्यों? वर्ष 2020-21 से 2023-24 तक की जानकारी दें। (ख) प्रश्‍नांश (क) में हत्या, आगजनी, जातिगत अपमान, दुष्कर्म सामूहिक दुष्कर्म, अपहरण व हत्या से सम्बंधित पंजीकृत कितने-कितने प्रकरणों में कितने-कितने पीड़ित परिवारों, पीड़ितों, पीड़ितों के आश्रितों को किस मान से स्वीकृत कितनी-कितनी राशि वितरित की गई। कितनी राशि वितरित नहीं की गई एवं क्यों? (ग) प्रश्‍नांश (क) में दुष्कर्म, सामूहिक दुष्कर्म, दुष्कर्म व हत्या से सम्बंधित पंजीकृत कितने प्रकरणों में कितनी-कितनी महिलाओं, लड़कियों व नाबालिग कन्याओं को कितनी-कितनी राशि की सहायता दी गई। कितने प्रकरणों में एफ.आई.आर. दर्ज कराई गई। कितने प्रकरण न्यायालय में प्रस्तुत किये गये?

वन मंत्री ( श्री नागर सिंह चौहान ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय  में रखे  परिशिष्‍ट  '''' एवं '''' अनुसार(ख) जानकारी पुस्‍तकालय में  रखे  परिशिष्‍ट  '''' एवं '''' अनुसार(ग) दुष्‍कर्म, सामूहिक दुष्‍कर्म, दुष्‍कर्म व हत्‍या के तहत दर्ज प्रकरणों एवं भुगतान की गई राशि का पुस्‍तकालय में रखे  परिशिष्‍ट '''' अनुसार शेष विवरण जानकारी पुस्‍तकालय  में रखे  परिशिष्‍ट  '''' अनुसार

सामुदायिक भवन का निर्माण

[अनुसूचित जाति कल्याण]

10. ( क्र. 98 ) श्री लखन घनघोरिया : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) पूर्व विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 97 जबलपुर स्थित सिद्धबाबा वार्ड लालमाटी में सामुदायिक भवन का निर्माण हेतु कब कितनी राशि की प्रशासकीय स्वीकृति दी थी? इसके लिये कब कितनी राशि आवंटित की है? (ख) प्रश्‍नांकित सामुदायिक भवन हेतु जिला प्रशासन जबलपुर ने कब कितनी भूमि आवंटित की हैं एवं भू-स्वामित्व सम्बंधी अधिकार पत्र कब जारी किया है? (ग) संचालनालय नगर एवं ग्राम निवेश विभाग म.प्र. शासन भोपाल ने पत्र क्र.4559/न.ग्रा. नि./टी.सी./जबलपुर/107/2022 भोपाल, दिनांक 09/11/2022 को कलेक्टर जबलपुर को प्रश्‍नांकित भूमि के संबंध में क्या जानकारी दी है? तत्‍संबंध में कलेक्टर जबलपुर ने कब क्या कार्यवाही की है? (घ) प्रश्‍नांकित सामुदायिक भवन का निर्माण हेतु अभी तक भूमि का उपांतरण न करने का क्या कारण है? क्या शासन इसकी जांच कराकर दोषी अधिकारियों पर कार्यवाही कर आवंटित भूमि का उपांतरण कराना सुनिश्‍िचत करेगा?

वन मंत्री ( श्री नागर सिंह चौहान ) : (क) जी नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) प्रशासकीय स्‍वीकृति जारी न होने के कारण भूमि आवंटन का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) जानकारी संलग्न परिशिष्‍ट  अनुसार (घ) भूमि आवंटित न होने से उपांतरण का प्रश्‍न उपस्थित नहीं है।

परिशिष्ट - "चार"

छात्रावासों में मिलने वाली सुविधाएं

[जनजातीय कार्य]

11. ( क्र. 133 ) श्री कैलाश कुशवाहा : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शिवपुरी जिले के विधानसभा क्षेत्र पोहरी में कितने एवं कौन-कौन से जनजातीय कार्य विभाग द्वारा कन्या छात्रावास एवं बालक छात्रावास संचालित हैं, नामवार जानकारी दी जावें? (ख) वर्ष 2021-22 से प्रश्‍न दिनांक तक उपरोक्त छात्रावासों में शासन द्वारा दिए गये आवंटन से कितनी-कितनी राशि का किस-किस कार्य हेतु व्यय किया गया, इसकी बिल व्हाउचर एवं देयकों सहित छात्रावास वार जानकारी दी जावे? (ग) प्रश्‍नांश (ख) के क्रम में व्यय की गई राशि का परीक्षण एवं भौतिक सत्यापनकर्ता अधिकारी कौन-कौन रहे, उनके पद सहित नाम बतायें। क्या देयकों/व्हाउचरों का भंडार क्रम नियमों के तहत आहरण अधिकारी द्वारा अवलोकन कर भुगतान की कार्यवाही की गई, यदि हाँ, तो विवरण बतायें? (घ) विधानसभा क्षेत्र पोहरी में संचालित छात्रावासों में बच्चों के निवास के दौरान प्रतिदिन नाश्ता व खाना कितना-कितना दिया जाता है तथा नियमित रूप से उनका डॉक्टर द्वारा स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है या नहीं, जानकारी दी जावे?

जनजातीय कार्य मंत्री ( डॉ. विजय शाह ) : (क) शिवपुरी जिले के विधानसभा क्षेत्र पोहरी में संचालित जनजातीय कार्य विभाग के छात्रावासों की  जानकारी पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट '''' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट '''' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट '''' अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे में परिशिष्‍ट '''' अनुसार है। जी हाँ, प्रतिमाह छात्र-छात्राओं का समय-समय पर स्‍वास्‍थ्‍य परीक्षण कराया जाता है।

वन विभाग द्वारा कराए जा रहे कार्य

[वन]

12. ( क्र. 134 ) श्री कैलाश कुशवाहा : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शिवपुरी जिले एवं विधानसभा क्षेत्र पोहरी में वन मण्डल ने वर्ष 2018 से 2023 तक कितने पौधों का वृक्षारोपण वन भूमि एवं राजस्व भूमि में किया गया तथा कितने संबंधित विभाग को हैण्डओवर किए गए, इसकी सूची उपलब्ध करावें? कितने पौधे जीवित है, कितने मृत हो गये? (ख) वृक्षारोपण किए गए कार्यों की मूल्यांकन रिपोर्ट वर्ष 2018 से 2023 तक तथा वन क्षेत्र में ग्राम पंचायत एवं आरईएस विभाग द्वारा कराए गये कार्यों तथा वर्तमान में चल रहे कार्यों की कार्यवार जानकारी उपलब्ध करावें? (ग) वर्ष 2018 से 2023 तक वन क्षेत्र में कितनी भूमि पर अतिक्रमण था, कितना अतिक्रमण हटाया गया और वर्तमान में कितना अतिक्रमण हटाना शेष है, वीट रैंजवार जानकारी दी जावें? (घ) जो अवैध अतिक्रमण ग्रामीणों द्वारा किया गया है, उसकी जीपीएस रीडिंग सहित अतिक्रमण की सूची उपलब्ध कराये तथा वन क्षेत्र में वन भूमि पर आदिवासियों एवं कब्जाधारियों को कितने पट्टे दिए गए और वर्तमान में कितने पट्टे दिये जाने की कार्यवाही प्रचलित है, तो इसका विवरण दिया जावें? प्रश्‍नकर्ता द्वारा पत्र क्रमांक 25 दिनांक 31/12/2023 से बिन्दु क्रमांक 1 लगायत 7 के संबंध में जानकारी चाही गयी थी जो अप्राप्त है इसका क्या कारण है विवरण देवें?

वन मंत्री ( श्री नागर सिंह चौहान ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट-1 अनुसार है। किसी अन्‍य विभाग हेतु वृक्षारोपण नहीं किये जाने से संबंधित विभाग को वृक्षारोपण हैण्‍डओवर किये जाने का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता। (ख) वर्ष 2018 से 2023 तक कराये गये वृक्षारोपण की मूल्‍यांकन रिपोर्ट  पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट-2 अनुसार है। विधान सभा क्षेत्र पोहरी के वनक्षेत्र में ग्राम पंचायत एवं आरईएस विभाग द्वारा कराये गये कार्यों की जानकारी पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट-3 अनुसार है। वर्तमान में ग्राम पंचयत एवं आईएस विभाग द्वारा पोहरी विधान सभा क्षेत्र में कोई कार्य नहीं कराया जा रहा है। (ग) जानकारी पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट-4 अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट-5 अनुसार है। वन अपराध प्रकरण पंजीबद्ध करने के प्रारूप में जी.पी.एस. रीडिंग दर्ज किये जाने का प्रावधान नहीं है। विधान सभा क्षेत्र पोहरी के वनक्षेत्र में वन भूमि पर आदिवासियों एवं कब्‍जाधारियों को पट्टों एवं वन अधिकार पत्र हेतु वन मित्र पोर्टल पर लंबित आवेदन की जानकारी पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट-6 अनुसार है। विवरण पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट-7 अनुसार है। प्रश्‍नकर्ता द्वारा पत्र क्रमांक-25, दिनांक 31.12.2023 के बिन्‍दु क्रमांक-1 लगायत 7 के संबंध में चाही गयी जानकारी पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट-8 अनुसार है, शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

समर्थन मूल्‍य पर खरीदी

[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्‍ता संरक्षण]

13. ( क्र. 143 ) श्री महेश परमार : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बैठक दिनांक तक कैबिनेट की कितनी बैठकें आयोजित की जा चुकी है? कार्यवाही विवरण एवं एजेण्डे की प्रतियां देवें। (ख) आयोजित बैठकों में विषयांकित संकल्प को पूरा करने के लिए कैबिनेट की बैठक में मंत्रीमंडल ने क्या कार्यवाहियां की है? जानकारी उपलब्‍ध करावें? (ग) क्या म.प्र. में किसानों से 2700 रूपये प्रति क्विंटल गेहूं और 3100 रूपये प्रति क्विंटल धान खरीदने का आदेश म.प्र. शासन द्वारा जारी किया जा चुका है? यदि हाँ, तो प्रतियां देवें। यदि नहीं, तो, शासन कब तक किसानों के सर्वोत्तम हित में उक्त आदेश जारी करेंगा? (घ) क्या म.प्र. सरकार ने केन्द्र सरकार के अतिरिक्त किसान सम्मान निधि और किसान कल्याण योजना से किसानो को प्रतिवर्ष 12 हजार रूपये दिये जाने संकल्प पत्र में की गई घोषणा के आधार पर किसानों के हित में आदेश जारी किया है? यदि हाँ, तो आदेश की प्रति देवें। यदि नहीं, तो कब तक आदेश जारी किया जावेगा? (ड.) गेहूं व धान खरीदी एवं किसान सम्मान निधि की बढ़ी हुई राशि के लिए क्या म.प्र. सरकार ने बजट प्रावधान किया है? यदि हाँ, तो पृथक-पृथक बजट प्रावधान की प्रतियां देवें। यदि नहीं, तो बजट प्रावधान शासन द्वारा कब तक किया जावेगा? जिससे अन्नदाता किसानों को समयावधि में समर्थन मूल्य पर अपनी फसलों को बेच सके।

खाद्य मंत्री ( श्री गोविन्द सिंह राजपूत ) : (क) से (ड.) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

फोरलेन सड़क निर्माण में काटे गए वृक्ष

[वन]

14. ( क्र. 155 ) श्री सतीश मालवीय : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) उज्जैन जिले में उज्जैन सीमा से लेकर बड़नगर तहसील की अंतिम सीमा तक (NHAI) नेशनल हाईवे अथॉरिटी द्वारा निर्माणाधीन फोरलेन सड़क निर्माण से पूर्व उक्त मार्ग में जो वृक्ष काटे गए हैं, उस संबंध में क्या प्रक्रिया अपनाई गई है एवं मार्ग में आने वाले उन समस्त वृक्षों की प्रजातिवार सूची देवें जिन्हें वन विभाग द्वारा चिन्हित किया गया है? (ख) वृक्षों के चिन्हांकन के बाद वृक्ष कटाई के पश्‍चात उसकी नीलामी में कौन सी प्रक्रिया अपनाई गई एवं नीलामी से कितनी राशि विभाग को प्राप्त हुई एवं किस मद में राशि जमा कराई गई? (ग) वृक्षों को किस एजेन्सी द्वारा काटा गया? वृक्षों के परिवहन के लिए वन विभाग द्वारा जो टी.पी. जारी की गई उसके लिये विभाग द्वारा किस अधिकारी को अधिकृत किया गया था? संबंधित द्वारा मूल्यांकन के पश्‍चात कितनी मात्रा में लकड़ी मौके पर पाई गई? स्थलवार मूल्यांकन रिपोर्ट एवं कुल कितनी टी.पी. जारी की गई?

वन मंत्री ( श्री नागर सिंह चौहान ) : (क) वन क्षेत्र नहीं होने से वृक्ष काटे जाने हेतु समस्त प्रक्रिया सक्षम अधिकारी एवं अनुविभागीय अनुभाग उज्जैन (ग्रामीण) द्वारा की गई थी जिसमें वृक्षों को चिन्हांकित करना सम्मिलित था। वन विभाग उज्जैन के द्वारा चिन्हांकित वृक्षों का मूल्यांकन कार्य किया गया है जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट-1 अनुसार है। (ख) NHAI द्वारा उनकी निविदा दिनांक 17.10.2022 के माध्यम से नीलामी कर रूपये 56,99,000/- की राशि प्राप्‍त की है, जानकारी  संलग्‍न परिशिष्‍ट-2 पर है। नीलामी से वन विभाग को कोई राशि प्राप्‍त नहीं हुई है। अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) मेसर्स जी.आर. इन्फ्रा प्रोजेक्टस प्रा.लि. उदयपुर राजस्थान द्वारा काटा गया था। वन विभाग द्वारा वन परिक्षेत्राधिकारी वन परिक्षेत्र उज्जैन को टी.पी. हेतु अधिकृत किया गया था। वन विभाग द्वारा वृक्ष काटे जाने पर प्राप्त काष्ठ का मूल्यांकन नहीं किया गया था। संबंधित द्वारा परिवहन पास चाहे जाने पर 3060.94 घ.मी. लकड़ी हेतु परिवहन पास जारी किए गए थे। कुल 214 टी.पी. वन परिक्षेत्राधिकारी उज्जैन द्वारा ऑनलाइन जारी की गई थी।

परिशिष्ट - "पांच"

जल-जीवन मिशन के कार्य

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

15. ( क्र. 183 ) श्री प्रहलाद लोधी : क्या लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) वर्तमान में पन्‍ना जिले में जल-जीवन मिशन द्वारा कितनी योजनायें संचालित की जा रही है और कितनी योजनायें प्रस्तावित है? (ख) क्या पन्‍ना जिले की पवई विधानसभा अन्तर्गत तेंदुघाट पेयजल परियोजना जिसका उद्देश्‍य 158 ग्रामों में स्वच्छ पेयजल पहुँचाना था का कार्य वर्ष 2022 तक पूर्ण होना था? यदि हाँ, तो प्रश्‍न दिनांक तक इन ग्रामों में पेयजल उपलब्ध क्यों नहीं हो पा रहा है? (ग) क्या प्रश्‍नांश (ख) के संदर्भ में उपर्युक्त कार्य गुणवत्ता विहीन हुआ है? अधिकतर ग्रामों की टंकि‍यों में रिसाव हो रहा है? यदि हाँ, तो इसका दोषी कौन है एवं दोषियों के खिलाफ क्या कार्यवाही की जावेगी? (घ) क्या प्रश्‍नांश (ख) में संदर्भित योजना में सर्वे कार्य ठीक से न होने के कारण कई गाँवों में पानी चढ़ नहीं रहा है? यदि हाँ, तो सर्वे कार्य किन अधिकारियों के द्वारा किया गया और गलत सर्वे के लिये उन अधिकारियों के खिलाफ क्या कार्यवाही की जायेगी?

लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकी मंत्री ( श्रीमती संपतिया उइके ) : (क) 144 एकल ग्राम नल-जल योजनाएं तथा 04 समूह जल प्रदाय योजनाएं। वर्तमान में अन्‍य कोई योजना प्रस्‍तावित नहीं है। (ख) जी हाँ, पन्‍ना जिले के अंतर्गत पवई बांध/तेंदुघाट ग्रामीण समूह जल प्रदाय योजनांतर्गत 158 ग्रामों में स्‍वच्‍छ पेयजल प्रदाय किया जाना है, वर्तमान में कार्य प्रगतिरत है एवं योजना हेतु समयावृद्धि दिनांक 31.03.2024 तक दी गई है, वर्तमान में योजनांतर्गत 158 ग्रामों में से 150 ग्रामों में पेयजल प्रदाय किया जा रहा है। (ग) टंकियों की कमीशनिंग के समय रिसाव परिलक्षित हो सकता है, जिसे ट्रीटमेंट से ठीक किया जाता है। वर्तमान में टंकियों से किसी प्रकार का जल रिसाव नहीं है। कोई दोषी नहीं है। शेष प्रश्‍नांश उपस्थित नहीं होता। (घ) जी नहीं, शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

जनजातीय विभाग द्वारा कराये गये निर्माण कार्य

[जनजातीय कार्य]

16. ( क्र. 184 ) श्री प्रहलाद लोधी : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा पवई क्षेत्र में जनवरी 2019 से प्रश्‍न दिनांक तक जनजातीय विभाग द्वारा क्या-क्या निर्माण कार्य किस-किस योजना के तहत कराये गये? निर्माण कार्यों के मूल्याकंन एवं सत्यापन की सूचीवार जानकारी उपलब्ध करायें। (ख) ऐसे कितने कार्य हैं जो अपूर्ण है, जिसका पूर्णतः प्रमाण पत्र जारी नहीं किया गया है? (ग) प्रश्‍नांश (क) में दी गई समयावधि में पन्ना जिले की पवई विधानसभा क्षेत्र में विभाग द्वारा कितने प्राथमिक, माध्यमिक स्कूल, छात्रावास आश्रम संचालित हैं? कितने जर्जर अवस्था में हैं? कितने किराये के भवन में संचालित हो रहे हैं? (घ) प्रश्‍नांश (क) की अवधि में इन प्राथमिक, माध्यमिक छात्रावास आश्रमों में छात्र-छात्राओं के अध्ययन, रख-रखाव एवं अन्य सुविधा हेतु कितनी-कितनी राशि आवंटित की गई? आवंटित राशि के विरुद्ध कितनी-कितनी राशि किस-किस पर व्यय की गई?

जनजातीय कार्य मंत्री ( डॉ. विजय शाह ) : (क) प्रश्‍नांश '''' के संबंध में विधानसभा पवई क्षेत्र में जनवरी 2019 से प्रश्‍न दिनांक तक जनजातीय विभाग द्वारा किये गये निर्माण एवं योजना की  जानकारी  पुस्तकालय  में रखे  परिशिष्ट  ''''  अनुसार  है। निर्माण कार्यों के मूल्‍यांकन एवं सत्‍यापन की  जानकारी  पुस्तकालय  में रखे  परिशिष्ट  '''' अनुसार है। (ख) जानकारी  पुस्तकालय  में रखे  परिशिष्ट  '''' अनुसार है। (ग) पवई विधानसभा क्षेत्र में जनजातीय कार्य विभाग द्वारा प्राथमिक, माध्‍यमिक स्‍कूल छात्रावास एवं आश्रम संचालन की  जानकारी  पुस्तकालय  में रखे  परिशिष्ट  ''''  अनुसार है। जर्जर भवनों की  जानकारी  पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट  '''' अनुसार है। किराये के भवनों की  जानकारी  पुस्तकालय में  रखे  परिशिष्ट  '''' अनुसार है। (घ) जानकारी  पुस्तकालय  में रखे  परिशिष्ट  '''' अनुसार है

गुलब्राण्‍डसन कंपनी द्वारा फैलाया जा रहा प्रदूषण

[पर्यावरण]

17. ( क्र. 193 ) डॉ. रामकिशोर दोगने : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नागदा स्थित गुलब्राण्‍डसन केटेलिस्‍ट प्रायवेट लिमिटेड को शासन द्वारा क्‍या-क्‍या उत्‍पादन/सह उत्‍पादन की अनुमति प्रतिवर्ष/प्रतिदिन किन शर्तों के साथ प्रदान की गई है? छायाप्रति उपलब्‍ध कराते हुए क्‍या उद्योग में उत्‍पादन सीमा से अधिक उत्‍पादन व भण्‍डारण किया जा रहा है? (ख) गुलब्राण्‍डसन केटेलिस्‍ट प्रा.लि. को जल प्रदूषण नियंत्रण अधिनियम, 1974 व वायु प्रदूषण नियंत्रण अधिनियम 1981 या खतरनाक और अन्‍य अपशिष्‍ट नियम 2016 व ध्‍वनि प्रदूषण नियंत्रण अधिनियम के अंतर्गत प्रदत्‍त सम्‍मति की वैधता समाप्‍त होने के पश्‍चात भी उत्‍पादन किया जा रहा है? सम्‍मति व शर्तों की छायाप्रति उपलब्‍ध कराते हुए कंपनी द्वारा किन शर्तों का पालन नहीं किया जा रहा है? इनके विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की गई है? (ग) क्‍या कंपनी द्वारा विभिन्‍न उत्‍पादनों से होने वाले हजारडस रसायनों, गैसों, प्रदूषित रासायनिक जल, ध्‍वनि प्रदूषण आदि से पर्यावरण को होने वाले नुकसान से बचाव हेतु शर्तों अनुसार समुचित प्रबंध नहीं किए गए है? यदि नहीं, किए तो क्‍यों? क्‍या कार्यवाही की गई? (घ) केन्‍द्रीय व क्षेत्रीय प्रदूषण बोर्ड के अधिकारियों द्वारा 01 जनवरी 2021 से 10 जनवरी 2023 तक कितनी बार गुलब्राण्‍डसन केटेलिस्‍ट प्रा.लि. का निरीक्षण किया? क्‍या-कया अनियमितता पाई गई? दिनांकवार, सहित विवरण दें तथा फैलाए जा रहे प्रदूषण के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की गई? (ड.) क्‍या गुलब्राण्‍डसन केटेलिस्‍ट प्रा.लि. नागदा में उत्‍पादन हेतु किस-किस प्रकार के कच्‍चे माल का उपयोग होता है और क्‍या-क्‍या उत्‍पादन कितनी क्षमता का तथा क्‍या-क्‍या सह उत्‍पादन, अपशिष्‍ट एवं उप-उत्‍पादन कितनी क्षमता के उत्‍पादित होते है? जल खपत की मात्रा, निस्‍तारित दूषित जल की मात्रा कितनी है? सम्‍मति वैधता कब तक है और कितनी-कितनी मात्रा में विभिन्‍न गैसों का उत्‍सर्जन होता है? पृथक-पृथक नाम, क्षमता सहित विवरण दें। (च) क्‍या उद्योग से निकलने वाली जहरीली गैस को ऊंचाई पर छोड़ने हेतु चिमनियां नहीं है न ही ईटीपी प्‍लांट है? यदि हाँ, तो उनके विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की गई? (छ) गुलब्राण्‍डसन केटेलिस्‍ट नागदा में म.प्र. शासन के आदेशानुसार 70 प्रतिशत कर्मचारी स्‍थानीय रखने के आदेश का उल्‍लंघन करते हुए प्रदेश के बाहर तथा अन्‍य स्‍थानों के श्रमिकों को कार्य पर रखा गया है? उद्योग में कितने स्‍टाफ, स्‍थाई, अस्‍थाई श्रमिक कार्यरत है? नाम, पद सहित विवरण दें।

वन मंत्री ( श्री नागर सिंह चौहान ) : (क) मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा मेसर्स गुलब्राण्डसन केटेलिस्ट प्रा.लि. को उत्पाद के रूप में एल्यूमीनियम क्लोराईड - 40,000 मीट्रिक टन प्रतिवर्ष एवं सहउत्पाद के रूप में हाईड्रोक्लोरिक ऐसिड-150 मीट्रिक टन प्रतिवर्ष व सोडियम हाईपोक्लोराईड- 200 मीट्रिक टन प्रतिवर्ष उत्पादन करने हेतु जल/वायु सम्मति प्रदान की गई है। उद्योग को जारी सम्मति/प्राधिकार पत्र की प्रति  पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट  '' अनुसार  है, जिसमें सम्मति शर्तों का उल्लेख किया गया है। जी नहीं, उद्योग में सम्मति क्षमता से अधिक उत्पादन नहीं किया जा रहा है। भण्डारण की सीमा निर्धारित नहीं की गई है। (ख) जी नहीं। सम्मति पत्रों एवं निहित शर्तों की जानकारी पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट  '' अनुसार है। उद्योग द्वारा जल/वायु एवं परिसंकटमय अपशिष्ट प्रबंधन के संबंध में सामान्यतः सभी शर्तों का पालन किया गया है। प्रश्‍न का शेष भाग लागू नहीं। (ग) उद्योग द्वारा प्रदूषण नियंत्रण हेतु समुचित व्यवस्थाए की गई हैं, अतः कार्यवाही का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (घ) प्रश्‍नांकित अवधि में केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा उद्योग का निरीक्षण नहीं किये जाने से जानकारी निरंक है। मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों द्वारा प्रश्‍नांकित अवधि में 04 बार क्रमशः दिनांक 17/09/2021, 07/10/2021, 04/03/2022 एवं 22/11/2022 को निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान उद्योग द्वारा की गई जल/वायु प्रदूषण नियंत्रण व्यवस्थाए उपयुक्त पाई गई। शेष कार्यवाही का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ड.) उद्योग में कच्चे माल के रूप में प्रमुख रूप से एल्युमीनियम, क्लोरीन, टाईटेनियम टेट्राक्लोराईड व वेनेडियम ऑक्सीट्राईक्लोराईड का उपयोग किया जाता है। उद्योग की उत्पादन क्षमता क्रमशः एल्युमीनियम क्लोराईड - 40,000 मीट्रिक टन प्रतिवर्ष एवं सहउत्पाद के रूप में हाईड्रोक्लोरिक ऐसिड - 150 मीट्रिक टन प्रतिवर्ष तथा सोडियम हाईपोक्लोराईड - 200 मीट्रिक टन प्रतिवर्ष है। परिसंकटमय अपशिष्ट की मात्रा- स्पेन्ट ऑइल - 2.5 मीट्रिक टन/प्रतिवर्ष है। उद्योग में घरेलू जल का उपयोग लगभग 8 किलोलीटर/दिन तथा घरेलू दूषित जल की मात्रा लगभग 5 किलोलीटर/दिन है। उद्योग को जारी जल/वायु सम्मति की वैधता एवं उत्सर्जित प्रदूषकों की जानकारी पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट ''  में सम्मति पत्रों में दी गई है। (च) जी नहीं, उद्योग में उपयुक्त ऊँचाई की चिमनी एवं घरेलू दूषित जल के उपचार हेतु एस.टी.पी. की स्थापना की गई है। प्रश्‍न का शेष भाग लागू नहीं। (छ) जी नहीं। गुलब्राण्‍डसन नागदा में कुल 75 कर्मचारी कार्यरत हैं जिनमें से 63 कर्मचारी स्‍थानीय हैं। नाम,पद सहित विवरण  पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट '' अनुसार है।

रबी एवं खरीफ फसल का उपार्जन

[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्‍ता संरक्षण]

18. ( क्र. 251 ) श्री राजेश कुमार वर्मा : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) पन्‍ना जिले में वर्ष 2022 एवं 2023 में खरीफ एवं रबी फसलों के उपार्जन हेतु कुल कितने केन्‍द्र बनाये गये तथा किस फसल का कितनी मात्रा में कितनी कीमत का अनाज किस उपार्जन केन्‍द्र में लिया गया? उपार्जन केन्‍द्रवार, फसलवार जानकारी दें। (ख) प्रश्‍नांश (क) के अनुसार कौन-कौन से उपार्जन केन्‍द्र डिफॉल्‍टर हुये? उपार्जन केन्‍द्रवार कारण स्‍पष्‍ट करते हुये जानकारी दें एवं यह भी बताने की कृपा करें कि क्‍या इनके विरूद्ध कोई कार्यवाही की गई है? यदि हां,तो कृत कार्यवाही से अवगत कराते हुये यह भी बताने का कष्‍ट करें कि किन-किन उपार्जन केन्‍द्रों में किस स्‍तर पर कार्यवाही प्रचलन में है? (ग) प्रश्‍नांश (क) में उल्‍लेखित अवधि में किये गये फसलों के उपार्जन में प्रश्‍न दिनांक को क्‍या किसानों के भुगतान लंबित हैं? यदि हाँ, तो किस किसान का कितनी फसल विक्रय का भुगतान कब से लंबित है? इन किसानों के भुगतान के लिये क्‍या कार्यवाही की जा रही है एवं कब तक इन किसानों का भुगतान किस प्रक्रिया के तहत कर दिया जायेगा? कृपया निश्‍िचत समय-सीमा बतावें। (घ) इन उपार्जन केन्‍द्रों में से किन-किन उपार्जन केन्‍द्रों द्वारा किस प्रकार की अनियमितताएं की गईं तथा किसे दोषी पाया गया तथा उसके विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की गई?

खाद्य मंत्री ( श्री गोविन्द सिंह राजपूत ) : (क) पन्‍ना जिले में वर्ष 2022-23 एवं 2023-24 में समर्थन मूल्‍य पर गेहूं एवं धान उपार्जन हेतु बनाए गए उपार्जन केन्‍द्र, उपार्जित मात्रा एवं समर्थन मूल्‍य की जानकारी पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट-अ  अनुसार है। (ख) समर्थन मूल्‍य खाद्यान्‍न उपार्जन हेतु जारी नीति अनुसार उपार्जन करने वाली संस्‍थाओं के पात्रता के मापदण्‍ड  पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट-ब  अनुसार है। उपार्जन केन्‍द्र संचालन हेतु निर्धारित मापदण्‍ड पूरा न करने वाली संस्‍थाओं की सूची पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट-स  अनुसार है। (ग) जी हां। खरीफ विपणन वर्ष 2022-23 में समर्थन मूल्‍य पर धान विक्रय करने वाले 30 किसानों का भुगतान लंबित है, किसानवार विक्रय धान की मात्रा एवं लंबित भुगतान की जानकारी पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट-द अनुसार है। धान उपार्जन में अनियमितता करने वाली संस्‍था के कर्मचारियों के विरूद्ध प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराई गई है एवं सहायक पंजीयक, सहकारी संस्‍था, पन्‍ना द्वारा कर्मचारियों से राशि वसूली हेतु प्रकरण पंजीबद्ध किया गया है। प्रकरण न्‍यायालय में विचाराधीन होने के कारण भुगतान की समय-सीमा नहीं बताई जा सकती है। (घ) पन्‍ना जिले में खरीफ विपणन वर्ष 2022-23 में प्राथमिक कृषि सहकारी साख समिति, अजयगढ़, उपार्जन केन्‍द्र स्‍थल बहादुरगढ़ द्वारा 30 किसानों की 1625 क्विंटल धान गोदाम में जमा नहीं कराए जाने के कारण राशि रू. 33.15 लाख का भुगतान नहीं हुआ है। सहकारी समिति द्वारा उपार्जन में अनियमितता करने के कारण संस्‍था के कर्मचारी समिति प्रबंधक श्री राधिका प्रसाद पटेल, खरीदी केन्‍द्र प्रभारी श्री मुन्‍नालाल रजक एवं कम्‍प्‍यूटर आपरेटर श्री नन्‍दकिशोर के विरूद्ध पुलिस थाना, अजयगढ़ में रिपोर्ट दर्ज कराई गई। सहायक पंजीयक, सहकारी संस्‍था, पन्‍ना द्वारा समिति के कर्मचारियों से राशि वसूली की कार्यवाही हेतु प्रकरण पंजीबद्ध किया गया है।

कियोस्क द्वारा रॉयल्‍टी का भुगतान

[मछुआ कल्याण तथा मत्स्य विकास]

19. ( क्र. 273 ) श्री जगन्‍नाथ सिंह रघुवंशी : क्या राज्‍य मंत्री (स्वत्रंत प्रभार), मछुआ कल्‍याण एवं मत्‍स्‍य विकास महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला अशोकनगर में मछली पालन हेतु कितने तालाब पट्टे पर दिये गये है? सभी हितग्राहियों/समूहों के नाम बतावे। इनमें से कितने समूहों द्वारा पट्टे पर प्राप्त तालाबों को ठेके पर दे दिये गये है एवं कितने तालाबों की रॉयल्टी प्रश्‍न दिनांक तक जमा नहीं की गई है? (ख) जिन समूहों द्वारा ठेके पर तालाब दिये गये है एवं जिनके द्वारा रॉयल्टी प्रश्‍न दिनांक तक जमा नहीं की गई है उनके पट्टे निरस्त करने की कार्यवाही कब तक की जायेगी? (ग) जिला अशोकनगर में सब्सिडी प्राप्त तालाब एवं कियोस्क के हितग्राहियों की विगत पांच वर्षों की सूची देवें। (घ) ऐसे कितने हितग्राही है जिन्होंने तालाब/कियोस्क का कार्य पूर्ण कर लिया है परन्तु उन्हें सब्सिडी अभी तक जारी नहीं की गई है। (ङ) इनमें से कितने तालाब एवं कियोस्क का निर्माण, अधिकारियों की मिलीभगत से धरातल पर न होकर केवल मात्र कागजों में है एवं सब्सिडी आहरण कर ली गई है। (च) ऐसे मिलीभगत से शासन की निधि को भ्रष्टाचार की भेट चढ़ाने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही की गई है? अथवा हॉं, यदि नहीं, तो कब तक कार्यवाही की जायेगी?

राज्‍य मंत्री (स्वत्रंत प्रभार), मछुआ कल्‍याण एवं मत्‍स्‍य विकास ( श्री नारायण सिंह पंवार ) : (क) जिला अशोकनगर में मछली पालन हेतु 168 तालाब पट्टे पर दिये गये है जानकारी पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट-अ अनुसार(ख) जानकारी निरंक। (ग) जानकारी पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट-ब अनुसार(घ) जानकारी पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट-स अनुसार। (ड.) एवं (च) जानकारी निरंक।

प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना वितरण प्रणाली में अनियमितता

[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्‍ता संरक्षण]

20. ( क्र. 279 ) श्री जगन्‍नाथ सिंह रघुवंशी : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला अशोकनगर में प्र.ग.क.अ. योजना के राशन वितरण करने के क्या नियम थे? प्रतिलिपि देवें। क्या केवल कन्टेनमेंट जोन की शा..मू. की दुकान पर राशन ऑफलाइन पंजी से वितरण के आदेश थे? यदि हाँ, तो जिला आपूर्ति कार्यालय में संधारित ऑफलाइन पंजी के रिकॉर्ड की प्रतिलिपि देवे। साथ में यह भी बताये कि ऑफलाइन पंजी के बिना पीओएस मशीन में से कितना स्टॉक कम किया है और किस अधिकारी की लॉगिन से कम हुआ है? यदि हाँ, तो नियमों का उल्लघंन करने पर क्या कार्यवाही की जायेगी और कब तक? (ख) प्रश्‍नांश (क) दिनांक 31 मार्च 2021 एवं दिनांक 31 मार्च 2022 की स्थिति में किन-किन शा..मू. की दुकानों पर पीओएस मशीन में कितना स्टॉक शेष था? परन्तु भौतिक रूप से स्टॉक उपलब्ध नहीं था, ऐसी दुकानों की सूची देवें। क्या ऐसी शा..मू. की दुकान के तत्कालीन संचालक पर राशन वितरण में अनियमितता करने पर वसूली एवं एफ.आई.आर. की कार्यवाही की गई है अथवा नहीं? यदि नहीं, तो कब तक की जायेगी? (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) में वित्तीय वर्ष 2020-21 एवं 2021-22 की समाप्ति में कितना स्टॉक पीओएस मशीनों में शेष है? कितना शासकीय भंडार गृह में शेष था, उसकी मूल्य सहित जानकारी देवें। तत्कालीन शा.उ.मू. की दुकानों के संचालकों को संरक्षण देने वाले अधिकारी/कर्मचारियों पर क्या कार्यवाही की जायेगी और कब तक?

खाद्य मंत्री ( श्री गोविन्द सिंह राजपूत ) : (क) प्रधानमंत्री गरीब कल्‍याण अन्‍न योजनांतर्गत आवंटित खाद्यान्‍न का वितरण डिजिटल ट्रांजेक्‍शन (पीओएस मशीन) के माध्‍यम से करने के निर्देश की प्रति  पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट-अ  अनुसार है। कोविड काल में महामारी के फैलाव को रोकने के लिए हितग्राही के बायोमेट्रिक सत्‍यापन के स्‍थान पर उचित मूल्‍य दुकान विक्रेता के बायोमेट्रिक सत्‍यापन से खाद्यान्‍न वितरण की तात्‍कालिक व्‍यवस्‍था की गई थी। भारत/राज्‍य सरकार द्वारा ऑफलाइन पंजी से खाद्यान्‍न वितरण के कोई निर्देश जारी नहीं किए जाने से शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। ऑफलाइन वितरित खाद्यान्‍न मात्रा का डाटा संकलन हेतु जिला स्‍तर से पोर्टल पर प्रविष्टि कराई गई। प्रधानमंत्री गरीब कल्‍याण अन्‍न योजनांतर्गत पीओएस मशीन से स्‍टॉक कम करने की सुविधा पोर्टल पर जिला स्‍तर पर उपलब्‍ध नहीं कराई गई। ऑफलाइन वितरित खाद्यान्‍न मात्रा की राशि की वसूली संबंधित दुकानों द्वारा खाद्यान्‍न वितरण पर देय कमीशन से मध्‍यप्रदेश स्‍टेट सिविल सप्‍लाईज कार्पोरेशन द्वारा की जा रही है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) प्रधानमंत्री गरीब कल्‍याण अन्‍न योजनांतर्गत दिनांक 31 मार्च, 2021 एवं दिनांक 31 मार्च, 2022 की स्थिति में पीओएस मशीन में उपलब्‍ध ऑनलाइन शेष स्‍टॉक की मात्रा की जानकारी पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट-ब  अनुसार है। उचित मूल्‍य दुकानों पर भौतिक रूप से उपलब्‍ध स्‍टॉक का सत्‍यापन समस्‍त उचित मूल्‍य दुकानों पर करने की व्‍यवस्‍था न होने के कारण दुकान पर उक्‍तावधि में भौतिक रूप से उपलब्‍ध स्‍टॉक की जानकारी दी जाना संभव नहीं है। ऑफलाइन वितरित खाद्यान्‍न मात्रा की राशि की वसूली संबंधित दुकानों द्वारा खाद्यान्‍न वितरण पर देय कमीशन से मध्‍यप्रदेश स्‍टेट सिविल सप्‍लाईज कार्पोरेशन द्वारा की जा रही है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) प्रधानमंत्री गरीब कल्‍याण अन्‍न योजनांतर्गत दिनांक 31 मार्च, 2021 एवं दिनांक 31 मार्च, 2022 की स्थिति में पीओएस मशीन में उपलब्‍ध ऑनलाइन शेष स्‍टॉक की मात्रा की जानकारी पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट-ब  अनुसार है। उचित मूल्‍य दुकानों पर भौतिक रूप से उपलब्‍ध स्‍टॉक का सत्‍यापन समस्‍त उचित मूल्‍य दुकानों पर करने की व्‍यवस्‍था न होने के कारण दुकान पर उक्‍तावधि में भौतिक रूप से उपलब्‍ध स्‍टॉक की जानकारी दी जाना संभव नहीं है। प्रधानमंत्री गरीब कल्‍याण अन्‍न योजना की अवधि दिनांक 31 दिसम्‍बर, 2022 को पूर्ण हो जाने के कारण वितरण पश्‍चात् पीओएस मशीन में उपलब्‍ध शेष स्‍टॉक को अन्‍य योजनाओं में अंतरित कर वितरण कराया गया है। ऑफलाइन खाद्यान्‍न वितरण मात्रा की राशि वसूली की कार्यवाही संबंधित उचित मूल्‍य दुकान से की जा रही है। दुकान संचालकों को संरक्षण देने का प्रकरण प्रकाश में नहीं आया है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

पोषण आहार का नियम विरूद्ध कार्य

[उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण]

21. ( क्र. 316 ) श्री भैरो सिंह बापू : क्या सामाजिक न्‍याय एवं दिव्‍यांगजन कल्‍याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या वर्ष 2011 से 2018 तक पोषण आहार का कार्य उद्यानिकी विभाग की नोडल एजेंसी एमपी स्टेट एग्रो डेवलपमेंट कॉरपोरेशन के द्वारा ज्वाइंट सेक्टर के माध्यम से प्राइवेट ठेकेदार के द्वारा कराया जा रहा था? यदि हाँ, तो पोषण आहार बनाने में जो कच्ची सामग्री का इस्तेमाल किया जाता था उसको क्रय करने का क्या नियम था? (ख) क्या एमपी एग्रो के ज्वाइंट सेक्टर के संयंत्रों द्वारा रजिस्टर्ड वेंडर से न्यूनतम दर पर कच्ची सामग्री क्रय न कर नियम विरुद्ध प्राइवेट ठेकेदार ने अपनी ही बनाई गई को-कंपनियों से माल क्रय किया? यदि हाँ, तो इसके लिए कौन अधिकारी कर्मचारी दोषी है प्रश्‍न दिनांक तक दोषियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई यदि नहीं, तो क्यों? (ग) माह अप्रैल 2019 से माह जनवरी 2022 तक किस-किस फॉर्म द्वारा किस-किस संयंत्र के लिए पाम आईल और सोया आईल क्रय किया गया है? क्या इन फर्मों द्वारा जिन कंपनियों से तेल का अनुबंध किया गया था उन्हीं कंपनियों से तेल क्रय कर प्रदाय किया गया यदि नहीं, तो क्यों?

सामाजिक न्‍याय एवं दिव्‍यांगजन कल्‍याण मंत्री ( श्री नारायण सिंह कुशवाह ) : (क) जी नहीं। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) जी नहीं। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) माह अप्रैल 2019 से जनवरी 2022 तक क्रय की सूची  संलग्न  परिशिष्‍ट अनुसार है। एन.आई.टी. के माध्यम से प्रदायकों का पंजीयन किया जाता था। तदोपरान्त पंजीकृत प्रदायकों से दरें आमंत्रित की जाकर न्यूनतम दर प्रस्तावक से सामग्री क्रय की जाती थी। अर्थात पंजीकृत प्रदायकों से ही क्रय किया गया। पंजीकृत प्रदायक एवं तेल निर्माता/आयातक कंपनीज के मध्य अनुबंध की जानकारी नहीं है। परन्तु कोरोना महामारी से संबंधित अपरिहार्य स्थिति में अन्य कंपनियों से समान दरों पर तेल क्रय कर प्रदाय की स्थिति रही है।

परिशिष्ट - "छ:"

सड़कों की मरम्मत एवं नल-जल योजना का क्रियान्वयन

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

22. ( क्र. 386 ) श्री बाबू जन्‍डेल : क्या लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) विधानसभा क्षेत्र श्योपुर के किन-किन ग्रामों में जलजीवन मिशन के तहत पेयजल योजना 01 अप्रेल 2019 से प्रश्‍न दिनांक तक स्वीकृत की गई है? किन-किन ग्रामों में किस-किस निर्माण एजेन्सी को कितनी-कितनी राशि भुगतान की गई? प्रत्येक ग्राम/योजना का अलग-अलग विस्तृत विवरण तकनीकी स्वीकृति/प्रशासकीय स्वीकृति/मूल्यांकन/भौतिक सत्यापन पूर्णता की जानकारी उपलब्‍ध करायें। (ख) विधानसभा क्षेत्र श्योपुर के अंतर्गत किन-किन ग्रामों में पाइप लाइन विछाने हेतु सड़कों की खुदाई की गई? किन-किन ग्रामों की सड़कें एजेन्सी द्वारा ठीक करा दी गई नाम सहित बताएं तथा किन-किन ग्रामों की सड़कें कब तक ठीक करा दी जावेगी? समय-सीमा बताएं। सम्बंधित ग्राम पंचायतों से संतुष्टि‍ पत्रक की जानकारी उपलब्ध कराएं? (ग) किन-किन ग्रामों में पाइप लाइनें बिछाकर घरों में टोंटी लगाकर पानी सप्लाई की जा रही है? प्रत्येक ग्राम का नाम बताऐं? शेष रहे किन-किन ग्रामों में, घरो में टोंटी लगाकर पेयजल कब तक उपलब्ध करा दिया जाएगा? (घ) श्योपुर विधानसभा क्षेत्र में किस-किस पेयजल योजना हेतु कितनी-कितनी राशि स्वीकृत की गई? योजनावार विवरण दें?

लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकी मंत्री ( श्रीमती संपतिया उइके ) : (क) एकल ग्राम नल-जल योजनाओं तथा समूह जल प्रदाय योजनाओं की जानकारी  पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र-01 एवं 02 अनुसार है(ख) जानकारी पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र-03 अनुसार है। पाइप-लाइन के बिछाने एवं जोड़ने के कार्य में आवश्‍यकतानुसार खोदी गई सड़कों का पुनर्निर्माण कर यथास्थिति में किए जाने का प्रावधान है। योजना के सफल ट्रायल रन उपरांत विभाग, ठेकेदार एवं ग्राम पंचायत द्वारा सत्‍यापन कर यह सुनिश्चित किया जाता है कि सड़कों के पुनर्निर्माण के कार्य संतुष्टि पूर्ण हैं, पृथक से ग्राम पंचायत से संतुष्टि पत्रक प्राप्‍त करने का प्रावधान नहीं है। (ग) जानकारी पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र-01 अनुसार है। (घ) एकल ग्राम नल-जल योजनाओं तथा समूह जल प्रदाय योजनाओं की जानकारी  पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र-01 एवं 02 अनुसार है।

आदिवासियों के विकास हेतु प्रयास

[जनजातीय कार्य]

23. ( क्र. 390 ) सुश्री रामश्री (बहिन रामसिया भारती) राजपूत : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) छतरपुर जिले की बड़ा मलहरा विधान सभा क्षेत्र में वर्ष 2020 से प्रश्‍न दिनांक तक कितने कार्य विभाग अन्तर्गत प्राप्त आवंटन से कराये गये सम्पूर्ण विवरण राशि सहित बतायें तथा शासन की गाइड-लाइन दें? (ख) वकस्वाहा क्षेत्र में आदिवासियों की संख्या काफी है उनकी जीवन रेखा बदलने हेतु शासन द्वारा क्या प्रयास किये? (ग) विभाग द्वारा व्यय की गई राशि का/सामग्री क्रय का भौतिक सत्यापन किया गया? (घ) यदि हाँ, तो वह अधिकारी कौन-कौन है? उनकी जानकारी दें।

जनजातीय कार्य मंत्री ( डॉ. विजय शाह ) : (क) प्रश्‍नांश () के सम्‍बन्‍ध में छतरपुर जिले के बडामलहरा विधानसभा क्षेत्र में वर्ष 2020 से प्रश्‍न दिनांक तक कराये गये कार्यों की जानकारी/ अनुसूचित जनजाति बस्‍ती विकास एवं विद्युतीकरण योजना नियम 2018 गाइड लाइन  पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्‍ट  अनुसार है। (ख) छतरपुर जिले के आदिवासी बाहुल्‍य क्षेत्र बकस्‍वाहा में आदिवासियों के विकास हेतु शासन की विभिन्‍न योजनाऐं संचालित है जिससे उनके जीवन स्‍तर को उच्‍च स्‍तर पर पहुंचाये जाने के प्रयास किये जा रहे है। पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्‍ट    अनुसार है। (ग) ''जी हाँ''पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्‍ट  अनुसार है। (घ) जानकारी  पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्‍ट   अनुसार है।

दूरसंचार कंपनियों द्वारा टॉवर लगाये जाने की नियमावली

[पर्यावरण]

24. ( क्र. 392 ) सुश्री रामश्री (बहिन रामसिया भारती) राजपूत : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधान सभा क्षेत्र 53 बड़ा मलहरा जिला-छतरपुर में दूर संचार कम्पनियों द्वारा टावर लगाये गये है जिनको लगाने के पूर्व दिये गये आवेदन एवं समस्त संलग्न दस्तावेज सहित शासन की नियमावली उपलब्ध करावें? (ख) क्या टावर के लिए निर्धारित ऊंचाई सुरक्षात्‍मक संसाधनों तथा आवश्यक विभागों द्वारा अनापत्ति प्रमाण प्राप्त किये गये? यदि हाँ, तो समस्त दस्तावेज उपलध कराने यदि नहीं, तो विभाग के द्वारा की गई कार्यवाही का विवरण दें। (घ) प्रश्‍नांश (क) से संबंधित समस्त टावरों की नियमितता निर्धारण तथा नियमों के पालन हेतु विभाग के द्वारा किये जाने वाले स्थल निरीक्षण की जानकारी उपलब्‍ध करावें?

वन मंत्री ( श्री नागर सिंह चौहान ) : (क) दूरसंचार कम्‍पनियों द्वारा टावर लगाने संबंधी प्रावधान 'मध्‍यप्रदेश में दूरसंचार अवसंरचना की स्‍थापना को सुगम बनाने हेतु नीति-2023' में निहित है, जिसकी  प्रति  पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्‍ट - '' पर है। बड़ा मलहरा विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत जारी की गई अनुज्ञप्‍तियों के आवेदनों एवं संलग्न दस्‍तावेजों की प्रतियां पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्‍ट  ''  पर है। (ख) जानकारी एकत्रित की जा रही है। (ग) नीति अनुसार शासकीय भूमि पर संबंधित विभाग से अनापत्‍ति प्राप्‍त कर अनुज्ञप्‍ति जारी करने का प्रावधान है। तदानुसार आवश्‍यक परीक्षण उपरांत ही आवेदन का निराकरण किया जाता है।

ऋण निधि से संग्राहित लघु वनोपज की खरीदी-बिक्री

[वन]

25. ( क्र. 436 ) श्री सुनील उईके : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) छिंदवाड़ा वन मंडल में आचार, गुठली, महुआ, फूल, हर्रा एवं अन्य वनोपज ऋण निधि से वर्ष 2019 से आज तक कितनी राशि से लघु वनोपज समितिवार खरीदी की गई है मात्रा सहित बताने की कृपा करें? (ख) ऋण निधि एवं लघु वनोपज संघ की निधि से खरीदी गई सामग्री की बिक्री से प्राप्त राशि एवं वर्षवार बची राशि की जानकारी संघ मुख्यालय को भेजा जाना शेष है। (ग) भरतादेव प्रसंस्करण में संघ निधि से वन विभाग के द्वारा खरीदी गई लघु वनोपज एवं प्रसंस्करण के बाद सामग्री बिक्री से प्राप्त राशि, अगर बिक्री नहीं हुई तो दोषी अधिकारी के विरुद्ध की गई कार्यवाही की जानकारी दें। (घ) पश्‍िचम वनमंडल के अंतर्गत खरीदी गई अचार एवं महुआ खरीदी पर व्यय की गई राशि एवं बिक्री की गई राशि की जानकारी एवं दोषी अधिकारि‍यों तथा कर्मचारी व प्रबंधको के विरुद्ध की गई कार्यवाही व वसूल राशि की जानकारी दें।

वन मंत्री ( श्री नागर सिंह चौहान ) : (क) छिंदवाड़ा वनमंडल में आचार गुठली, महुआ फूल, हर्रा एवं अन्य वनोपज ऋण निधि से वर्ष 2019, 2020 एवं 2021 में खरीदी नहीं की गई है। वर्ष 2022 में केवल महुआ फूल की खरीदी की गई है। समितिवार जानकारी संलग्‍न  परिशिष्ट-क अनुसार है। (ख) जानकारी संलग्‍न  परिशिष्ट-ख अनुसार है। (ग) भरतादेव प्रसंस्करण केन्द्र में संघ निधि से किसी भी प्रकार की लघु वनोपज क्रय की जा कर प्रसंस्करण का कार्य नहीं किया गया है। अतः दोषी अधिकारियों के विरूद्ध कार्यवाही का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता है। (घ) जानकारी संलग्‍न  परिशिष्ट-ख अनुसार है। अतः कार्यवाही एवं राशि वसूल करने का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - "सात"

मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना

[सामाजिक न्याय एवं दिव्‍यांगजन कल्‍याण]

26. ( क्र. 493 ) श्री संजय उइके : क्या सामाजिक न्‍याय एवं दिव्‍यांगजन कल्‍याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना (संशोधित योजना 2022) के अन्तर्गत योजना क्रियान्वयन हेतु अधिकृत संस्था जनपद पंचायत बैहर एवं बिरसा जिला बालाघाट को योजनान्तर्गत वित्तीय वर्ष 2022-23 से प्रश्‍न दिनांक तक जो राशि जनपद पंचायत बैहर एवं बिरसा के खाते में प्राप्त हुई या मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद के खाते में प्राप्त हुई। कितनी-कितनी राशि प्राप्त हुई? (ख) योजनान्तर्गत राशि जनपद पंचायत के खाते में प्राप्त हुई तो क्या जनपद पंचायत के सामान्य प्रशासन समिति से अनुमोदन कराया गया था, यदि कराया गया था तो, अनु‍मोदित कार्यवृत्‍त की प्रमाणित प्रति उपलब्‍ध करावें? यदि नहीं, कराया गया तो म.प्र. पंचायत स्‍वराज अधिनियम 1961 की किस धारा एवं नियम में दिये गये प्रावधान अनुसार नहीं कराया गया? (ग) विवाह योजना की प्राप्त राशि के व्यय का अनुमोदन सामान्य प्रशासन समिति से नहीं कराया गया तो उसके लिए कौन अधिकारी दोषी है? उनके विरूद्ध क्या कार्यवाही की जावेगी?

सामाजिक न्‍याय एवं दिव्‍यांगजन कल्‍याण मंत्री ( श्री नारायण सिंह कुशवाह ) : (क) जनपद पंचायत बैहर द्वारा वर्ष 2022-23 से प्रश्‍न दिनांक तक मुख्य कार्यपालन अधिकारी के एकल खाते में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना अंतर्गत राशि रूपये 2,03,50,000/- (दो करोड़ तीन लाख पचास हजार मात्र) आहरण की गई है। इसी प्रकार मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत बिरसा द्वारा एकल खाते में वर्ष 2022-23 से प्रश्‍न दिनांक तक राशि रूपये 2,01,85,000/- (दो करोड़ एक लाख पिच्च‍यासी हजार मात्र) आहरण की गई है। (ख) जी हाँ, जनपद पंचायत बैहर द्वारा सामान्य प्रशासन समिति की बैठक दिनांक 19/07/2023 में पारित प्रस्ताव क्रमांक-5 के अनुसार अनुमोदन कराया गया एवं जनपद पंचायत बिरसा द्वारा सामान्य प्रशासन समिति की बैठक दिनांक 04/1/2023 में पारित प्रस्ताव क्रमांक-3 एवं दिनांक 10/08/2023 में पारित प्रस्ताव 02 के अनुसार अनुमोदन कराया गया। अनुमोदित कार्यवृत्त प्रमाणित प्रति  पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट  अनुसार। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) उत्तरांश '''' अनुसार शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

प्याज भावांतर की राशि का भुगतान

[उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण]

27. ( क्र. 508 ) श्री मनोज नारायण सिंह चौधरी : क्या सामाजिक न्‍याय एवं दिव्‍यांगजन कल्‍याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि प्रश्‍नकर्ता के विधानसभा क्षेत्र के किसानों को 2019 के प्याज भावांतर की राशि आज तक नहीं डाली गई है। देवास जिले के ऐसे करीब 5000 किसान है, जिनको प्याज भावांतर की राशि आज तक प्राप्त नहीं हई है। किसानों द्वारा बार-बार मांग की जा रही है? यह राशि कब तक डलेगी?

सामाजिक न्‍याय एवं दिव्‍यांगजन कल्‍याण मंत्री ( श्री नारायण सिंह कुशवाह ) : (क) वर्ष 2019-20 में मुख्‍यमंत्री प्‍याज कृषक प्रोत्‍साहन योजना (भावांतर) संचालित थी, वर्तमान में यह योजना प्रचलन में नहीं होने से आवंटन उपलब्‍ध नहीं है।

जनजातीय कार्य विभाग द्वारा जारी राशि की जानकारी

[जनजातीय कार्य]

28. ( क्र. 562 ) श्री बिसाहूलाल सिंह : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जनजातीय कार्य विभाग द्वारा अनूपपुर जिले में जनजाति वर्ग के उत्‍थान हेतु कौन-कौन सी योजनाएं चलाई जा रही है तथा जनजातीय क्षेत्रों में जनजातीय कार्य विभाग के द्वारा उक्‍त अवधि में प्रश्‍न दिनांक तक कौन-कौन से मद में किस-किस कार्य हेतु राशि जारी की गई है? मदवार जानकारी उपलब्‍ध करावें। (ख) जनजातीय कार्य विभाग द्वारा छात्रावासों, कन्‍या शिक्षा परिसरों, एकलव्‍य विद्यालयों, उत्‍कृष्‍ट विद्यालयों एवं अन्‍य विद्यालयों में किन-किन कार्यों के लिए छात्रों की सुविधा एवं अन्‍य प्रोत्‍साहन हेतु राशि आवंटित की जाती हैं? मदवार पृथक-पृथक जानकारी उलब्‍ध करावें। (ग) क्‍या शासन स्‍तर से जिले जनजातीय कार्य विभाग अंतर्गत संचालित समस्‍त विद्यालयों, छात्रावासों, कन्‍या परिसरों, एकलव्‍य विद्यालयों एवं मॉडल विद्यालयों में सामग्री, फर्नीचर, पुस्‍तक व गणवेश क्रय हेतु शासन द्वारा राशि आवंटित की जाती है? मदवार पृथक-पृथक जानकारी उपलब्‍ध करावे तथा क्‍या जिले के समस्‍त उपरोक्‍त विद्यालयों में उपरोक्‍तानुसार सामाग्रियों को सप्‍लायरों के माध्‍यम से सप्‍लाई की जाती है? यदि हाँ, तो सप्‍लायरों की जानकारी वर्ष 2021-22 से प्रश्‍न दिनांक तक उपलब्‍ध कराई जाये। (घ) प्रश्‍नांश (ख) एवं (ग) के अनुसार शासन द्वारा प्राप्‍त मदवार उपरोक्‍त राशियों के आय एवं व्‍यय की जानकारी क्‍या स्‍थानीय विधायकों एवं सांसद की दी गई है? यदि हाँ, तो कब नहीं तो क्‍यों? उपरोक्‍त राशि का व्‍यय किस आधार पर किये जाने का प्रावधान हैं?

जनजातीय कार्य मंत्री ( डॉ. विजय शाह ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट  '''' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट  '''' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट  '''' अनुसार है। (घ) समय-समय पर जिला स्‍तर पर माननीय सांसद एवं माननीय विधायक द्वारा की जाने वाली समीक्षा बैठक में सभी योजनाओं की जानकारी दी जाती है तथा उक्‍त राशि का व्‍यय नियमानुसार किया जाता है।

जल निगम द्वारा संचालित समूह योजना

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

29. ( क्र. 701 ) श्री मनोज नारायण सिंह चौधरी : क्या लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या जल निगम के द्वारा जो समूह योजना संचालित की जा रही है यह योजना जुलाई-अगस्त 2022 में पूर्ण होना थी? किन्तु अभी तक अपूर्ण है? (ख) क्‍या यह सही है कई गांवों में सड़कों की खुदाई कर पाइप डाल दिए गए हैं उन जगह पर आर.सी.सी. नहीं होने की वजह से एवं गड्ढे होने से लोग परेशान हो रहे है एवं दुर्घटनाएं होती रहती हैं? (ग) पीने के पानी की समस्या की दृष्टि से यह योजना सरकार की बहुत बड़ी योजना है। किन्तु अभी तक वह अधुरी क्यों है? कार्य कब तक पूर्ण होगा समय-सीमा बताएं?

लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकी मंत्री ( श्रीमती संपतिया उइके ) : (क) जल निगम द्वारा क्रियान्वित की जा रही विभिन्‍न समूह जल प्रदाय याजनाओं की पूर्णता की तिथि प्रत्‍येक योजना की स्‍वीकृत निविदा/अनुबंधानुसार है। जल जीवन मिशन के तहत योजनाओं को वर्ष 2024-25 तक पूर्ण किया जाना लक्षित है। (ख) जी नहीं, पाइप-लाइनों की टेस्टिंग एवं कमीशनिंग होने के उपरांत सड़कों का पुनर्निर्माण कर यथास्थिति में लाया जा रहा है। (ग) कोविड-19, नेशनल हाइवे, वन व अन्‍य विभागों से स्‍वीकृति विलंब से प्राप्‍त होने के कारण योजना के क्रियान्‍वयन में विलंब हुआ है, निश्‍िचत समयावधि बताया जाना संभव नहीं है।

टीकमगढ़ जिले में जल-जीवन मिशन योजना का संचालन

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

30. ( क्र. 709 ) श्री यादवेन्द्र सिंह : क्या लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) टीकमगढ़ जिला में जल-जीवन मिशन योजना अंतर्गत वर्तमान में किन-किन ग्रामों को सम्मिलित किया गया है? ग्रामवार योजना की जानकारी दें। (ख) क्‍या यह सही है कि प्रश्‍नांश (क) में वर्णित योजना में विभाग द्वारा कोई निगरानी नहीं की जा रही है? ठेकेदारों द्वारा मनमाना काम कराकर योजना को फर्जी अमलीजामा पहनाया जा रहा है? (ग) ग्राम पंचायत बैसा, जनपद पंचायत बल्‍देवगढ़, ग्राम पंचायत बरेठी जनपद जतारा में योजना चालू दिखा दी गई किंतु न तो कनेक्‍शन कराये गये न ही योजना पंचायत को सौंपी गई, ऐसा क्‍यों? (घ) प्रश्‍नांश (ग) में वर्णित योजना में लापरवाही के लिए कौन दोषी है उसके विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की जावेगी और कब तक?

लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकी मंत्री ( श्रीमती संपतिया उइके ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र-01  अनुसार है। (ख) जी नहीं, जल जीवन मिशन के अंतर्गत कराए जा रहे नल-जल प्रदाय योजनाओं के कार्यों की निगरानी विभागीय अधिकारियों एवं तृतीय पक्ष निरीक्षण संस्‍थाओं द्वारा की जा रही है। जी नहीं, ठेकेदारों द्वारा विभागीय अधिकारियों एवं तृ‍तीय पक्ष नि‍रीक्षण संस्‍थाओं के पर्यवेक्षण में कार्य किए जा रहे हैं। (ग) जानकारी पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र-02  अनुसार है। (घ) पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र-02  अनुसार योजनाओं के क्रियान्‍वयन में कोई दोषी नहीं है, शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

नल-जल योजना लागू कराया जाना

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

31. ( क्र. 711 ) श्री यादवेन्द्र सिंह : क्या लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) टीकमगढ़ जिले में जल-जीवन मिशन अंतर्गत वर्ष 2020 से प्रश्‍न दिवस तक कुल कितने ग्रामों में नल-जल योजना लागू की गई है? ग्रामों के नाम सहित बतावें। (ख) क्‍या यह सही है कि प्रश्‍नांश (क) में वर्णित योजना में भारी अनियमिततायें की गई यदि नहीं, तो बतायें कि किन-किन ग्रामों में यह योजना चालू है और ग्रामीण लाभान्वित हो रहे है यदि नहीं, तो? (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) में वर्णित अनियमितता के लिये कौन-कौन कर्मचारी/अधिकारी दोषी है? (घ) प्रश्‍नांश (क) और (ख) में वर्णित योजना में कब तक सुधार कर आमजन को लाभान्वित कराया जायेगा? यदि नहीं, तो क्‍यों?

लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकी मंत्री ( श्रीमती संपतिया उइके ) : (क) 596 ग्रामों मेंशेष जानकारी पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट  अनुसार है(ख) जी नहीं, योजनाओं का क्रियान्‍वयन विभागीय मापदंडों एवं निर्धारित प्रक्रिया के अंतर्गत कराया जा रहा है, शेष  जानकारी पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट  अनुसार है। (ग) उत्‍तरांश '''' अनुसार प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (घ) जानकारी पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट  अनुसार है।

तेन्दूपत्ता बोनस का वितरण

[वन]

32. ( क्र. 727 ) श्री रजनीश हरवंश सिंह : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) केवलारी विधानसभा क्षेत्र के अन्तर्गत विगत 2 वर्षों में तेन्दूपत्ता बोनस वितरण के रूप में कितनी राशि का, कितने संग्राहकों को वितरण किया गया है? परिक्षेत्रवार जानकारी दें? (ख) केवलारी विधानसभा परिक्षेत के अन्तर्गत किन-किन ग्रामों में विगत 2 वर्षों का तेन्दुपत्‍ता बोनस कीराशि का वितरण तेन्दुपत्ता संग्राहकों को नहीं किया गया है? कृपया कारण स्पष्ट करें। (ग) प्रश्‍नांश (ख) में उल्लेखित तेन्दुपत्ता संग्राहकों को कब तक तेंदुपत्ता बोनस वितरण किया जायेगा? यदि नहीं, तो क्यों? (घ) दक्षिण एवं उत्तर वन मण्डल सिवनी में विगत वर्षों में कितनी-कितनी राशि का तेन्दुपत्ता बोनस का वितरण किया गया है परिक्षेत्रवार जानकारी उपलब्ध करायें?

वन मंत्री ( श्री नागर सिंह चौहान ) : (क) जानकारी संलग्‍न  परिशिष्ट- एक अनुसार है। (ख) जिला यूनियन दक्षिण सिवनी अंतर्गत केवलारी विधानसभा क्षेत्र में वर्ष 2021 में प्राथमिक वनोपज सहकारी समिति उगली, सोनखार, सरेखा, पांडिया छपारा, कान्हीवाड़ा एवं वर्ष 2022 में प्राथमिक वनोपज सहकारी समिति सोनखार के तेन्दूपत्ता लॉट की पूर्ण विक्रय राशि प्राप्त नहीं होने के कारण बोनस गणना नहीं की गई है। (ग) उत्तरांश (ख) की समितियों के तेन्दूपत्ता लॉट की पूर्ण विक्रय राशि प्राप्त होने पर नियमानुसार तेन्दूपत्ता बोनस की गणना की जाकर अग्रिम कार्यवाही संभव होगी। (घ) जानकारी संलग्‍न  परिशिष्ट- दो अनुसार है।

परिशिष्ट - "आठ"

स्‍वीकृत नल-जल योजना की जानकारी

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

33. ( क्र. 728 ) श्री रजनीश हरवंश सिंह : क्या लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) वित्तीय वर्ष 2020-21 से प्रश्‍न दिनांक तक विधानसभा केवलारी अंतर्गत जल जीवन मिशन में कितनी नल-जल योजना स्वीकृत की गई है एवं वर्तमान में कौन-कौन सी नल-जल योजना चालू है एवं योजना कितनी राशि की स्वीकृत की गई थी वर्षवार जानकारी देवें? कितनी योजनाओं में प्रश्‍न दिनांक तक कार्य चालू नहीं हुआ है पंचायतवार जानकारी देवें? (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार किस कारण से नल-जल योजना चालू नहीं हो पाई है की जानकारी देवें? (ग) विभाग अंतर्गत केंद्र एवं राज्य शासन द्वारा संचालित समस्त योजनाओं में प्राप्त आवंटन एवं व्यय राशि का वर्षवार विवरण देवें?

लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकी मंत्री ( श्रीमती संपतिया उइके ) : (क) एवं (ख) जानकारी पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र-01 अनुसार है। (ग) विधानसभा क्षेत्रवार आवंटन नहीं दिया जाता है, तथापि सिवनी जिले को केन्‍द्र एवं राज्‍य शासन द्वारा संचालित समस्‍त योजनाओं में प्राप्‍त आवंटन एवं व्‍यय राशि की वर्षवार जानकारी पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र-02 अनुसार है।

हैण्‍डपंप सेट का भौतिक सत्‍यापन

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

34. ( क्र. 777 ) श्री फूलसिंह बरैया : क्या लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या दतिया जिलांतर्गत वर्ष 2019 से 2023 तक सूखा राहत व जल स्तर कम होने वाले स्थानों में शासन द्वारा हैण्डपंपों में 1 एच.पी. मोटर एवं अन्य सामग्री प्रदाय करने के आदेश हुये थे? यदि हाँ, तो आदेश की प्रति उपलब्ध करावें। (ख) दतिया जिले में कितने पंप सेट, हैण्डपंपों में डाले गये? इसमें भाण्डेर विधानसभा के किन-किन ग्रामों के हैण्डपंपों में पंप सेट डाले गये? ग्रामों की सूची प्रदाय करें। (ग) डाले गये हैण्डपंपों में पंपसेट का भौतिक सत्यापन कराया गया अथवा नहीं? यदि सत्यापन कराया गया है तो सत्यापन रिपोर्ट की प्रति देवें। यदि नहीं, कराया गया है तो कौन दोषी है? उसके विरुद्ध क्या कार्यवाही की गई है?

लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकी मंत्री ( श्रीमती संपतिया उइके ) : (क) जी हाँ, आदेशों की प्रतियॉं  पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र-01 अनुसार है। (ख) 330 पंपसेट। शेष जानकारी पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र-02 अनुसार है। (ग) जी हाँ, शेष जानकारी पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र-03 अनुसार है।

भर्ती पर से प्रतिबंध को हटाया जाना

[अनुसूचित जाति कल्याण]

35. ( क्र. 778 ) श्री फूलसिंह बरैया : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्यप्रदेश में अनुसूचित जाति कल्याण विभाग द्वारा संचालित अनुदान प्राप्त संस्थाओं में कार्यरत कुल शिक्षकों/कर्मचारियों की संख्या बताएं एवं विगत 05 वर्षों में इस संस्थाओं से सेवानिवृत्त/मृत कर्मचारियों की संख्या बताएं? (ख) उपरोक्त शिक्षण संस्थाओं में सेवानिवृत्त/मृत कर्मचारियों के पद रिक्त होने से विद्यार्थियों का अध्यापन कार्यप्रभावित हो रहा है? यदि हाँ, तो अभी तक सेवानिवृत्त/मृत कर्मचारियों के पदों की पूर्ति नहीं किये जाने के क्या कारण है तथा सेवानिवृत्त/मृत कर्मचारियों के रिक्त पदों की पूर्ति कब तक की जायेगी? (ग) विभाग द्वारा दिनांक 07.03.2020 के तहत भर्ती पर प्रतिबंध लगाया गया है क्या प्रतिबंध हटाया जाएगा? यदि नहीं, तो क्या यह अनुसूचित जाति की शैक्षणिक योजना बंद की जा रही है यदि बंद की जा रही है तो क्यों? क्या अनुसूचित जाति का शैक्षणिक विकास पूर्ण हो चुका है?

वन मंत्री ( श्री नागर सिंह चौहान ) : (क) अनुसूचित जाति कल्‍याण विभाग द्वारा संचालित अनुदान प्राप्‍त संस्‍थाओं में कार्यरत कुल शिक्षकों/कर्मचारियों की संख्‍या-546 एवं विगत 05 वर्षों में इन संस्‍थाओं से सेवानिवृत्‍त/मृत कर्मचारियों की संख्‍या-120 है। (ख) जी नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) जी हाँ। जी नहीं, ऐसा कोई निर्णय नहीं लिया गया है।

दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को स्‍थायी कर्मी बनाया जाना

[जनजातीय कार्य]

36. ( क्र. 779 ) श्री फूलसिंह बरैया : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जनजातीय कार्य विभाग अंतर्गत दतिया में कितने दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी कार्यरत है? (ख) उक्‍त दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को स्‍थायी कर्मी बनाने के शासन के क्‍या आदेश है? प्रति उपलब्‍ध करायें। (ग) प्रश्‍नांश (क) में उल्‍लेखित दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को कब तक स्‍थायी कर्मी के आदेश जारी कर दिये जावेंगे?

जनजातीय कार्य मंत्री ( डॉ. विजय शाह ) : (क) जनजातीय कार्य विभाग अंतर्गत दतिया जिले में 03 दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी कार्यरत है। (ख) शासन आदेशसामान्‍य प्रशासन विभाग के निर्देश क्रमांक एफ 5-1/2013/1/3, दिनांक 07/10/2016 की प्रति  पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) प्रश्‍नांश (क) में उल्‍लेखित दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को जिला स्‍तर पर स्‍थाईकर्मी के रूप में विनियमित किये जाने हेतु पात्र नहीं पाया गया।

शिवपुरी में सीवर परियोजना

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

37. ( क्र. 826 ) श्री देवेन्‍द्र कुमार जैन : क्या लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) शिवपुरी नगर में सीवर परियोजना की स्वीकृति कब हुई थी? तत्समय परियोजना की निर्माण लागत क्या थी तथा वर्तमान में क्या है? परियोजना का कार्य कब प्रारंभ हुआ? निविदा की शर्तों के अनुसार कार्य किस दिनांक तक पूर्ण होना था? वर्तमान में कितने प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है? कितने प्रतिशत क्या-क्या कार्य होना शेष है? शेष कार्य कब तक पूर्ण होगा? (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार कितने नगरवासियों को सीवर परियोजना अंतर्गत किन-किन स्थानों पर कनेक्शन दिए जा चुके हैं? जानकारी दें? अगर नहीं तो क्यों? कारण बताएं? कनेक्‍शन दिए जाने हेतु क्या कार्यवाही प्रचलन में है व कब तक कनेक्‍शन प्रदाय कर दिए जाएंगे? समयावधि बताएं? (ग) प्रश्‍नांश (क) (ख) अनुसार सीवर परियोजना से शहरवासियों को कनेक्‍शन दिए जाने के पूर्व अभी तक किए गए निर्माण कार्य की कोई जांच अथवा टेस्टिंग कर ली गई है? क्या इस बात की पुष्टि कर ली गई है, कि परियोजनांतर्गत किए गए कार्य के उपरांत सीवर की व्यवस्थित निकासी हेतु बिछाई गई पाइप लाइनें, बनाए गए सीवर चेम्बर्स एवं अन्य निर्माण कार्य की गुणवत्ता आदि उपयुक्त है अथवा नहीं? क्या परियोजना भविष्य में बेहतर ढंग से संचालित हो सकेगी अथवा नहीं? जांच/टेस्टिंग किए जाने संबंधी जानकारी उपलब्ध करावे? यदि कोई जांच/टेस्टिंग नहीं की गई है तो क्या इसकी आवश्यकता नहीं है? अगर है तो कब तक की जावेगी तथा कब तक शहरवासियों को सीवर कनेक्‍शन प्रदाय कर दिए जाएंगे? समयावधि बताएं?

लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकी मंत्री ( श्रीमती संपतिया उइके ) : (क)  जानकारी  पुस्‍तकालय  में रखे  परिशिष्‍ट  के प्रपत्र-01 अनुसार है (ख) सीवर परियोजना का कार्य पूर्ण नहीं होने के कारण सीवर कनेक्‍शन नहीं दिए गए हैं। सीवर परियोजना का कार्य पूर्ण होने के उपरांत नगर पालिका परिषद, शिवपुरी द्वारा सीवर कनेक्‍शन दिए जाना हैं, सीवर कनेक्शन दिए जाने की निश्‍िचत समयावधि बताया जाना संभव नहीं है। (ग) जी हाँ, जी हाँ, सीवर परियोजना अंतर्गत कराए गए कार्यों की विभागीय अधिकारियों एवं तकनीकी संस्‍थानों द्वारा मापदंडानुसार जांच/टेस्टिंग की गई हैजानकारी  पुस्‍तकालय  में रखे  परिशिष्‍ट  के प्रपत्र-02 अनुसार है। सीवर परियोजना का कार्य पूर्ण होने के उपरांत नगर पालिका परिषद, शिवपुरी द्वारा सीवर कनेक्‍शन दिए जाना हैं, सीवर कनेक्शन दिए जाने की निश्‍िचत समयावधि बताया जाना संभव नहीं है।

वन समितियों का निर्वाचन

[वन]

38. ( क्र. 849 ) श्री अभय कुमार मिश्रा : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या शासन से प्राप्‍त राशियों डी.एफ.ओ. द्वारा रेन्‍ज अफसरों की राशि स्‍टाक कर समिति बैंक के माध्‍यम से अधीनस्‍थ का हस्‍ताक्षर कराकर कार्यों का भुगतान कराया जाना दर्शाया जाता है? (ख) क्‍या वन अधिकारी समिति के सदस्‍यों की नियुक्ति जंगल विभाग के अधिकारियों द्वारा ही की जाती है न की ग्राम सभा के माध्‍यम से अथवा निर्वाचन से? (ग) क्‍या ग्राम सभा के सदस्‍य एवं उनके माध्‍यम से रेन्‍ज अफसर की इच्‍छानुरूप नियुक्ति अध्‍यक्ष रेन्‍ज अफसर के पूर्वत व दबाव में रहता है एवं आदिवासी/दलित होने की वजह से दबाव से चेक में दस्‍तखत कर राशि का आहरण कर राशि अधिकारियों को सौंप देता है एवं व्‍यापक भ्रष्‍टाचार पाये जाने पर अभिलेखों में समिति का अध्‍यक्ष को ठहरा दिया जाता है क्‍या मध्‍यप्रदेश शासन इन बिलों को रोकने हेतु व्‍यापक कदम उठाकर वन समितियों की मापदण्‍ड प्रक्रिया बदलेगी एवं अधिकारियों की चंगुल से छुटकारा दिलायेगी?

वन मंत्री ( श्री नागर सिंह चौहान ) : (क) जी नहीं। (ख) जी नहीं, वन अधिकारी द्वारा समिति सदस्यों की नियुक्ति नहीं की जाती है। म.प्र. शासन द्वारा जारी संकल्प दिनांक 22 अक्टूबर 2001 के कंडिका क्रमांक 5.2 संलग्न परिशिष्ट पर है के अनुसार समिति के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष एवं कार्यकारिणी का चुनाव किया जाता है। (ग) जी नहीं। ऐसा कोई प्रकरण प्रकाश में नहीं आया है, अतः शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - "नौ"

जिम्‍मेदारों पर कार्यवाही

[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्‍ता संरक्षण]

39. ( क्र. 850 ) श्री अभय कुमार मिश्रा : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रीवा जिले में संचालित शासकीय उचित मूल्‍य की दुकानें वर्ष 2021 से प्रश्‍नांश दिनांक की अवधि तक में प्रति दुकान कितना खाद्यान्‍न पहुँचाया गया का विवरण दुकान व जनपदवार, विधानसभावार देवें? (ख) प्रश्‍नांश (क) की अवधि अनुसार दुकानों हेतु प्राप्‍त आवंटन की स्थिति प्रतिवर्ष व माह क्‍या थी का विवरण दुकान व माहवार वर्षवार देवें, जिले की आवंटन की स्थिति भी बतावें क्‍या दुकानों के आवंटन प्रतिमाह प्रतिवर्ष दुकानों के बदलते रहे तो क्‍यों इसका कारण बतावें? (ग) प्रश्‍नांश (क) अनुसार संचालित दुकानों में प्रश्‍नांश (ख) अनुसार खाद्यान्‍न का आवंटन घटता बढ़ता रहा हितग्राही खाद्यान्‍न से वंचित हुये समय पर खाद्यान्‍न नहीं बांटा गया, खाद्यान्‍न की हेरा-फेरी एवं कालाबाजारी की गई इन सब अनियमितताओं की जांच हेतु क्‍या निर्देश देंगे। माहवार बदल रहे आवंटन के सुधार बाबत् क्‍या निर्देश देंगे बतावें? (घ) प्रश्‍नांश (क), (ख) एवं (ग) के तारतम्‍य में प्रदेश में संचालित आटा मीलों की संख्‍या के साथ बतावें, कि इन मीलों के द्वारा कितने आटा की बिक्री वर्ष 2021 से प्रश्‍नांश दिनांक तक की अवधि में की गई, इनके द्वारा गेहूँ की खरीदी कब-कब, किन-किन दुकानों से की गई का विवरण प्रस्‍तुत कर बतावें की अनुबंध की शर्तों अनुसार गेहूँ खरीदी शासन से की गई या नहीं तो क्‍यों? इन मीलो गेहूँ से निर्मित आटा एवं अन्‍य उत्‍पाद पर प्रदत्‍त जी.एस.टी. का विवरण जिलेवार प्रस्‍तुत करें। (ड.) प्रश्‍नांश (क) अनुसार संचालित दुकानों में खाद्यान्‍न समय पर प्रतिमाह नहीं पहुँचाया गया कालाबाजारी की शिकायतें प्राप्‍त होती रहीं, खाद्यान्‍न के आवंटन में हेरा-फेरी कर उपभोक्‍ताओं को वंचित किया गया एवं प्रश्‍नांश (घ) अनुसार संचालित आटा मीलों के द्वारा गेंहूँ की खरीदी का साधन एवं मात्रा की बिक्री अनुसार नहीं पाये जाने पर परिलक्षित अनियमितताओं के जांच एवं कार्यवाही बाबत् क्‍या निर्देश देंगे समय-सीमा निर्धारित करेंगे? अगर नहीं तो क्‍यों?

खाद्य मंत्री ( श्री गोविन्द सिंह राजपूत ) :  (क) से (ड.) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

आदर्श ग्राम योजना

[अनुसूचित जाति कल्याण]

40. ( क्र. 899 ) श्री यादवेन्द्र सिंह : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) टीकमगढ़ जिला में कुल कितनी ग्राम पंचायतों में आदर्श ग्राम योजना संचालित है? संचालित करने के क्या नियम व मापदण्ड हैं? (ख) प्रश्‍नांश (क)  में वर्णित योजना में जिला स्तर से कौन-कौनसी पंचायतों को क्या कार्य स्वीकृत किये गये हैं? स्वीकृत कार्यों की सूची सहित निर्माण कार्यों की प्रगति से अवगत करावें। (ग) प्रश्‍नांश (क) में वर्णित योजना में कितनी ग्राम पंचायतों में स्ट्रीट लाईट हेतु राशि आहरित की गई और कार्य नहीं किया गया? (घ) प्रश्‍नांश (ख) एवं (ग) में की गई अनियमितता के विरुद्ध क्या कार्यवाही की जावेगी?

वन मंत्री ( श्री नागर सिंह चौहान ) : (क) टीकमगढ़ जिले के 13 ग्राम पंचायतों के 34 ग्रामों में प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना संचालित है। ग्रामों की सूची  जानकारी पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट '''' अनुसार है। योजना संचालन के नियम व मापदण्‍ड की  जानकारी पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट '''' अनुसार है। (ख) योजनांतर्गत जिला स्‍तर पर स्‍वीकृत कार्यों का विवरण  जानकारी पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट  '''' अनुसार है। (ग) जानकारी निरंक (घ) प्रश्‍नांश (ख) के संदर्भ में मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत बल्‍देवगढ़ द्वारा पत्र क्रमांक 668 दिनांक 02.02.2024 द्वारा प्रश्‍नांश '''' अंतर्गत ग्राम पंचायत जटेरा के ग्राम बलबंतपुरा उगड़ के निर्माण कार्यों में वित्‍तीय अनियमितता का प्रकरण दर्ज किये जाने हेतु प्रस्‍ताव पत्र क्रमांक/2840 जपंचा0/2023 दिनांक 19.06.2023 द्वारा कार्यालय जिला पंचायत टीकमगढ़ को प्रेषित किया गया है। प्रश्‍नांश (ग) के संदर्भ में कोई अनियमितता होना नहीं पाया गया है।

लम्बित भुगतान की जानकारी

[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्‍ता संरक्षण]

41. ( क्र. 908 ) श्री श्रीकान्त चतुर्वेदी : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2021 से सतना जिले में समर्थन मूल्‍य पर धान एवं गेहूं के उपार्जन केन्‍द्रों से संबंधित सहकारी समितियों को प्रासंगिक व्‍यय, कमीशन एवं कम्‍प्‍यूटर आपरेटरों के वेतन आदि का भुगतान कब-कब, किन-किन समितियों को किया गया है, जानकारी समितिवार, केन्‍द्रवार, भुगतान राशि वार, लंबित राशिवार, वर्षवार, निर्धारित प्रारूप पर जानकारी दी जावें। (ख) प्रश्‍नांश (क) के प्रकाश में क्‍या यह सही है कि कुछ सहकारी समितियों के भुगतान अभी तक शेष है? यदि हाँ, तो क्‍यों और ऐसे लंबित भुगतान कब तक कर दिये जावेंगे, समितिवार समयावधि सहित जानकारी दी जाये। (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के प्रकाश में क्‍या यह भी सही है कि मध्‍य प्रदेश स्‍टेट सिविल सप्‍लाईज कार्पोरेशन सतना द्वारा उक्‍त संबंध की राशि भुगतान करने में प्राय: अकल्‍पनीय विलम्‍ब किया जाता है। यदि हाँ, तो उत्‍तरदायियों के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की जायेगी, यदि नहीं, तो भुगतान लंबित रखने के कारण क्‍या है?

खाद्य मंत्री ( श्री गोविन्द सिंह राजपूत ) : (क) उपार्जन समितियों को प्रासंगिक व्‍यय, कमीशन की तदर्थ राशि उपार्जन के दौरान ही ऑनलाइन भुगतान करने की व्‍यवस्‍था है। शेष राशि का भुगतान समितियों द्वारा उपार्जित एवं जमा मात्रा, बारदाना मिलान उपरांत अंकेक्षित देयकों के आधार पर किया जाता है। सतना जिले में खरीफ एवं रबी विपणन वर्ष 2021-22 एवं 2022-23 में समर्थन मूल्‍य पर उपार्जित धान एवं गेहूं पर सहकारी समितियों को प्रासंगिक व्‍यय, कमीशन एवं कम्‍प्‍यूटर आपरेटरों के वेतन समितिवार, केन्‍द्रवार, वर्षवार, भुगतान की जानकारी पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट  अनुसार है। समग्र रूप से मध्‍यप्रदेश स्‍टेट सिविल सप्‍लाईज कार्पोरेशन को समितियों से राशि रू. 11918045 प्राप्ति योग प्रदर्शित है। खरीफ विपणन वर्ष 2021-22 एवं रबी विपणन वर्ष 2021-22 एवं 2022-23 में कम्‍प्‍यूटर आपरेटर के मानदेय का भुगतान किया जा चुका है। (ख) रबी विपणन वर्ष 2023-24 में समर्थन मूल्‍य पर उपार्जित गेहूं के समितियों से अंकेक्षित देयक एवं बारदाना मिलान की कार्यवाही शेष हैं, जिसका एक माह में निराकरण कर दिया जाएगा। खरीफ विपणन वर्ष 2022-23 एवं रबी विपणन वर्ष 2023-24 के कम्‍प्‍यूटर आपरेटर के मानदेय का भुगतान की कार्यवाही एक सप्‍ताह में पूर्ण कर दी जाएगी। (ग) उपार्जन करने वाली समितियों द्वारा बारदाना मिलान एवं अंकेक्षित देयक समय पर प्रस्‍तुत न करने पर अंतिम भुगतान की कार्यवाही लंबित रही है। समितियों को प्रासंगिक व्‍यय, कमीशन की तदर्थ राशि का भुगतान उपार्जन अवधि में ही किया गया है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

वन भूमि एवं कराये गये निर्माण कार्यों की जानकारी

[वन]

42. ( क्र. 912 ) श्री श्रीकान्त चतुर्वेदी : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मैहर सीमेन्‍ट/(अल्‍ट्राटेक मैहर सीमेन्‍ट वर्क्‍स) औद्योगिक संस्‍थान को स्‍थापना के समय कितने हेक्‍टेयर वन भूमि भारत शासन/म.प्र. शासन द्वारा स्‍वीकृत की गई थी? भूखण्‍ड की सीमा, नम्‍बर एवं नक्‍शा सहित जानकारी दी जावें। (ख) प्रश्‍नांश (क) के संबंध में इस संस्‍थान के स्‍थापित हो जाने के पश्‍चात 31 दिसम्‍बर 2023 तक कितनी वन भूमि कब-कब और भी स्‍वीकृत की गई है, जानकारी दी जावें और क्‍या इस संस्‍थान द्वारा स्‍वीकृत सीमा के अंतर्गत ही अपनी यूनिटों की स्‍थापना की जा रही है? यदि हाँ तो ऐसे भूखण्‍डों के स्‍वीकृत आदेशों की विस्‍तृत जानकारी दी जावें। (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के प्रकाश में क्‍या यह सही है कि इस संस्‍थान द्वारा स्‍वीकृत भूखण्‍ड सीमा के विरूद्ध वन भूमि में अपनी इकाई का विस्‍तार व कार्य मन माफिक तरीके से वन भूमि में किया जा रहा है यदि हाँ, तो इस संबंध में शासन द्वारा क्‍या कार्यवाही की जावेगी? यदि नहीं, तो भौतिक स्थिति में कराये गये विस्‍तारण से संबंधित निर्माण कार्यों के नाम एवं उनसे संबंधित अधिग्रहित भूखण्‍ड की सीमा सहित पृथक-पृथक रूप से निर्माण कार्योंवार जानकारी दी जावें।

वन मंत्री ( श्री नागर सिंह चौहान ) : (क) सतना जिले के वन मंडल सतना के वन परिक्षेत्र मैहर अन्तर्गत मैहर सीमेन्ट/(अल्ट्राटेक मैहर सीमेन्ट वर्कस) आद्योगिक संस्था हेतु 193.186 हेक्टेयर वनभूमि वर्ष 1975 में 99 वर्ष की अवधि के लिए मध्यप्रदेश शासन द्वारा आवेदक संस्था को स्वीकृत की गई थी, भूखण्ड की सीमा निम्नानुसार:- पूर्वः- वनभूमि के कक्ष क्रमांक पी- 547, 555, 556 की सीमा। पश्‍िचमः- राजस्व भूमि उत्तरः- राजस्व भूमि दक्षिणः- वन कक्ष क्रमांक पी- 545 की सीमा स्थित है, औद्योगिक संस्था वनभूमि के कक्ष क्रमांक पी-545 एवं 546 में स्वीकृत है। लीज डीड एवं नक्शा की प्रति  पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट-1 अनुसार है। (ख) प्रश्‍नांश (क) के सम्बन्ध में संस्थान के स्थापित हो जाने के पश्‍चात 31 दिसम्बर 2023 तक मैहर सीमेन्ट/(अल्ट्राटेक मैहर सीमेन्ट वर्कस) को स्वीकृत वनभूमि की जानकारी एवं स्वीकृत आदेश की छायाप्रति प्रति  पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट-2 अनुसार है। (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के सम्बन्ध में यह सही है कि संस्थान द्वारा स्वीकृत भूखण्ड सीमा के बाहर वनभूमि के वन कक्ष क्रमांक पी-555 में रकबा 27.9 हेक्टेयर में बैंक कालोनी, कालेज, आवासीय कालोनी, हॉस्पिटल, बाजार आदि का निर्माण कार्य कर उल्लंघन किया गया है। जिस पर नियमानुसार कार्यवाही की जा रही है। पृथक-पृथक निर्माण कार्यवार जानकारी पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट-3 अनुसार है।

अधिकारी/कर्मचारियों के संलग्‍नीकरण के नियम

[जनजातीय कार्य]

43. ( क्र. 955 ) श्री शैलेन्द्र कुमार जैन : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्तमान में संभागीय उपायुक्त जनजातीय कार्य विभाग एवं सहायक आयुक्त कार्यालय सागर में शैक्षणिक संवर्ग के कितने प्राचार्य, व्याख्याता, शिक्षक कार्यरत है? नाम व पदस्थापना एवं संलग्नीकरण की तिथि सहित विवरण देवें। (ख) क्या संभागीय उपायुक्त जनजातीय कार्यालय/सहायक उपायुक्त कार्यालय सागर में शैक्षणिक संवर्ग के प्राचार्य, व्याख्याता, शिक्षकों को संलग्न किया गया है? यदि हाँ, तो किस नियम एवं आदेश के तहत, प्रति उपलब्ध कराये। (ग) क्या जनजातीय कार्य विभाग में शैक्षणिक वर्ग के अधिकारियों/कर्मचारियों को संलग्न करने का नियम है? यदि हाँ, तो विवरण दें, यदि नहीं, तो क्या संलग्न शैक्षणिक संवर्ग के अधिकारियों/कर्मचारियों को मूल पद/संस्था में वापिस पदस्थ करने की कार्यवाही विभाग करेगा तथा कब तक? (घ) संभागीय उपायुक्त जनजातीय कार्य विभाग एवं सहायक उपायुक्त कार्यालय सागर में विभागीय स्तर पर अधिकारी/कर्मचारी उपलब्ध होते हुये भी शैक्षणिक संवर्ग के कितने अधिकारी/कर्मचारी कार्यरत हैं?

जनजातीय कार्य मंत्री ( डॉ. विजय शाह ) : (क) संभागीय उपायुक्‍त, जनजातीय कार्य विभाग एवं सहायक आयुक्‍त कार्यालय सागर में श्रीमती मंजूलता राघव, मूल पद- प्राचार्य पदनाम-सहायक नियोजन अधिकारी को विभागीय आदेश क्रमांक/एफ-4-09/2015/25-1, दिनांक 27.03.2015 एवं डॉ. अशफाक अहमद, मूल पद-व्‍याख्‍याता, पदनाम-क्षेत्र संयोजक को सहायक आयुक्‍त, जनजातीय कार्य विभाग सागर के आदेश क्रमांक/आ.वि./स्‍था./2023/1540 दिनांक 06.10.2023 द्वारा पदस्‍थ किया गया है। (ख) संलग्‍नीकरण के नियम नहीं हैं। कार्य सुविधा की दृष्टि से कार्य प्रभावित न हो इसलिए पदस्‍थापना की गई है। शेष जानकारी उत्‍तरांश '''' अनुसार। (ग) संभागीय उपायुक्‍त कार्यालय एवं सहायक आयुक्‍त कार्यालय में प्राचार्य एवं व्‍याख्‍याता &#