मध्यप्रदेश विधान सभा


प्रश्‍नोत्तर-सूची
सितम्‍बर, 2022 सत्र


मंगलवार, दिनांक 13 सितम्‍बर, 2022

[ सोमवार, दिनांक 25 जुलाई, 2022 के प्रश्‍नोत्‍तर ]


भाग-1
तारांकित प्रश्‍नोत्तर



क्षेत्रीय मंडियों के प्रमुख कार्यों के प्रस्ताव

[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]

1. ( *क्र. 410 ) डॉ. राजेन्‍द्र पाण्‍डेय : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या म.प्र. कृषि विपणन बोर्ड एवं विभाग द्वारा वर्ष 2022 जनवरी-फरवरी माह में कृषि उपज मंडी समिति जावरा क्षेत्रान्तर्गत विभिन्न विभागीय कार्यों को आगामी समय में किये जाने हेतु प्रस्ताव चाहे गये थे? (ख) यदि हाँ, तो जावरा विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत जावरा कृषि उपज मंडी खाचरोद नाका, अरनिया पीथा, उप मंडी पिपलोदा एवं उप मंडी सुखेड़ा के परिसर के अंतर्गत विभिन्न आवश्यक मूलभूत कार्यों के प्रस्ताव अग्रेषित किये गये थे? (ग) यदि हाँ, तो इसी के साथ कालूखेड़ा हाट बाजार एवं रिंगनोद हाट बाजार के विभिन्न आवश्यक कार्यों को स्वीकृत कर, उन्हें प्रारम्भ करने हेतु भी प्रस्ताव अग्रेषित कर आग्रह किया गया है? (घ) यदि हाँ, तो क्या इसी के साथ मुख्य मंडी अरनिया पीथा एवं उप मंडी सुखेड़ा, रिंगनोद व ढोढर मंडियों को संपर्कित करने वाले पांच विभिन्न सड़क मार्गों, जो अत्यंत जर्जर हैं, का प्रस्ताव प्रश्‍नकर्ता के पत्र क्र. 2778/22/जावरा, दिनांक 08.02.2022 द्वारा प्रेषित किया तो प्रश्‍नांश (क), (ख), (ग) व (घ) में उल्लेखित कार्यों में से किन-किन को स्वीकृति दी गई व शेष आगामी प्रस्तावों को कब तक स्वीकृति दी जा सकेगी?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री कमल पटेल ) : (क) से (ग) जी हाँ। (घ) मंडी बोर्ड स्‍तर से सड़क मार्गों की कार्यवाही हेतु शासन से अनुमति प्राप्‍त नहीं होने से अन्‍य विकल्‍प के अभाव में माननीय विधायक के प्रश्‍नांकित सड़क मार्गों का प्रस्‍ताव सड़क कार्यों के अन्‍य प्राप्‍त प्रस्‍तावों के साथ सम्मिलित कर पत्र क्रमांक 248, दिनांक 08.06.2022 से मध्‍य प्रदेश ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण को आगामी कार्यवाही हेतु भेजा गया है। प्रश्‍नांश (ख) के प्रस्‍ताव संदर्भ में कार्यवाही प्रचलन में है। अत: निश्चित समयावधि बताना संभव नहीं है।

मनरेगा योजना की लंबित राशि का भुगतान

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

2. ( *क्र. 516 ) श्री उमंग सिंघार : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या धार जिले की आदिवासी बाहुल्‍य गंधवानी विधानसभा में मनरेगा योजना अंतर्गत 20 करोड़ से अधिक राशि के कार्य स्‍वीकृत हुये हैं व 20 करोड़ की सामग्री की राशि का भुगतान शेष है तथा यह कार्य पूर्ण भी हो गये हैं? (ख) क्‍या धार जिले में 13 ब्‍लॉकों में से महज दो या तीन ब्‍लॉकों में ही 60-40 के अनुपात में अंतर था, जिसके कारण पूरे जिले में सामग्री की राशि के भुगतान की रोक लगा दी गई थी? (ग) प्रश्‍नांकित (ख) अनुसार यदि हाँ, तो क्‍या यह अंतर अब पूरे जिले में संतुलित स्थिति में है? यदि हाँ, तो शासन द्वारा लगाई रोक के परिप्रेक्ष्‍य में सामग्री मद का भुगतान विगत चार माह से अधिक समय बीत जाने के बाद भी क्‍यों लंबित है? इसका जिम्‍मेदार कौन है एवं क्‍या जिम्‍मेदार पर कार्यवाही की जायेगी? यदि हाँ, तो क्‍या कार्यवाही की जायेगी एवं यदि नहीं, तो क्‍यों? (घ) क्‍या प्रश्‍नकर्ता द्वारा माननीय मुख्‍यमंत्री जी, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री, प्रमुख सचिव, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग एवं प्रबंधक संचालक, मनरेगा परिषद भोपाल को शासन द्वारा मनरेगा योजना में सामग्री मद के भुगतान पर लगाई गई रोक को हटाकर सामग्री मद की राशि के भुगतान हेतु पत्र क्रमांक 1697, दिनांक 20.4.2022 को जारी किया गया था? (ड.) प्रश्‍नांकित (घ) यदि हाँ, तो उक्‍त पत्र के संबंध में शासन द्वारा कार्यवाही की गई है? यदि हाँ, तो क्‍या कार्यवाही की गई है एवं प्रश्‍नकर्ता को क्‍या जवाब दिया गया है एवं यदि नहीं, तो क्‍यों तथा मनरेगा योजना की सामग्री के लंबित राशि का भुगतान कब तक कर दिया जायेगा?

पंचायत मंत्री ( श्री महेन्‍द्र सिंह सिसौदिया ) : (क) जी हाँ, धार जिले की विधानसभा क्षेत्र गंधवानी में वित्‍तीय वर्ष 2021-22 एवं 2022-23 में 20 करोड़ से अधिक लागत राशि के कार्य स्‍वीकृत हुये हैं। कुल स्‍वीकृत कार्यों में से 363 कार्य पूर्ण हो चुके हैं। कुल स्‍वीकृत कार्यों के सामग्री मद में राशि रूपये 25.80 करोड़ भुगतान होना शेष है। (ख) जिला धार में जनवरी 2022 की स्थिति में जिले का अकुशल श्रम एवं सामग्री का अनुपात 56 : 44 था, जबकि महात्‍मा गांधी राष्‍ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम अनुसार योजनान्तर्गत अकुशल श्रम एवं सामग्री अनुपात 60 : 40 जिला स्तर पर संधारित किया जाना प्रावधानित है। अधिनियम के प्रावधान का पालन जिला स्‍तर पर सुनिश्चित करने तक सामग्री भुगतान पर रोक लगाई जाती है, जो एक सामान्‍य प्रक्रिया है। (ग) जी हाँ, वित्‍तीय वर्ष 2022-23 में अकुशल श्रम एवं सामग्री का अनुपात 78 : 22 है। राशि की उपलब्‍धता के आधार पर वित्‍त वर्ष 2022-23 में राशि रूपये 25.14 करोड़ भुगतान हेतु अनुमत्‍य किया जाकर भुगतान प्रक्रियाधीन है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) पत्र क्रमांक 1697, दिनांक 20.04.2022 प्राप्‍त नहीं है, यद्यपि पत्र क्रमांक 1679, दिनांक 21.04.2022 माननीय मुख्‍यमंत्री कार्यालय के माध्‍यम से प्राप्‍त है। (ड.) पत्र क्रमांक 1697, दिनांक 20.04.2022 प्राप्‍त नहीं है। राशि की उपलब्‍धता के आधार पर वित्‍त वर्ष 2022-23 में राशि रूपये 25.14 करोड़ भुगतान हेतु अनुमत्‍य किया जाकर भुगतान प्रक्रियाधीन है। सामग्री का भुगतान एक सतत् प्रक्रिया है, जैसे-जैसे भारत सरकार से राशि प्राप्‍त होती है, उसी अनुरूप भुगतान किया जाता है।

मनरेगा कार्य का भुगतान

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

3. ( *क्र. 459 ) श्री ओमकार सिंह मरकाम : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मनरेगा योजनान्‍तर्गत जॉबकार्डधारी श्रमिकों को एक वर्ष में 100 दिवस के कार्य हेतु वर्ष की गणना किस दिनांक से प्रारंभ होती है तथा किस दिनांक को अंतिम माना जाता है? (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार मनरेगा कार्य का भुगतान अगर उसी वित्‍तीय वर्ष में नहीं हो पाता है तो आगामी वित्‍तीय वर्ष में भुगतान होने की स्थिति में उसकी गणना किस वर्ष में मानी जाती है? (ग) डिण्‍डौरी जिले में वर्ष 2020-2021 में कितनी राशि का भुगतान मजदूरी एवं सामग्री का शेष था, जो आगामी वर्ष में भुगतान हुआ है? इसकी गणना किस वर्ष में की जायेगी? गणना क्‍या विधि संगत है?

पंचायत मंत्री ( श्री महेन्‍द्र सिंह सिसौदिया ) : (क) महात्‍मा गांधी नरेगा योजनांतर्गत जॉबकार्डधारी श्रमिकों के 100 दिवस के कार्य की गणना प्रत्‍येक वित्‍तीय वर्ष में दिनांक 01 अप्रैल से प्रारंभ होती है तथा दिनांक 31 मार्च को अंतिम माना जाता है। (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार मनरेगा कार्य का भुगतान अगर उसी वित्‍तीय वर्ष में नहीं हो पाता है, तो आगामी वित्‍तीय वर्ष में भुगतान होने की स्थिति में किये गये भुगतान का लेखांकन, स्‍थायी वित्‍तीय प्रक्रियाओं के अनुरूप किए गए भुगतान का लेखांकन जिस वित्‍तीय वर्ष में भुगतान हुआ है, उसी वित्‍तीय वर्ष में किया जाता है। (ग) डिण्‍डौरी जिले में वित्‍तीय वर्ष 2020-21 एवं 2021-22 में सामग्री एवं मजदूरी मद में भुगतान हेतु शेष राशि, जिसका भुगतान आगामी वित्‍तीय वर्षों में किया गया है, का विवरण संलग्न परिशिष्ट अनुसार है, शेष जानकारी उत्‍तरांश '' अनुसार है।

परिशिष्ट - "एक"

अन्‍नपूर्णा, सूरज धारा तथा ग्राम बीज योजना

[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]

4. ( *क्र. 194 ) सुश्री हिना लिखीराम कावरे : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विषयांकित योजनाएं कब से प्रारंभ की गयी तथा योजना प्रारंभ के समय से प्रत्‍येक वित्‍तीय वर्ष में इन योजनाओं के लिए दी गयी राशि की जानकारी वित्‍तीय वर्ष अनुसार उपलब्‍ध करायें। (ख) अनुसूचित जाति तथा जनजाति वर्ग के किसानों को अनाज वाली फसलों पर 75 प्रतिशत सब्सिडी पर बीज वाली अन्‍नपूर्णा योजना तथा दलहन तथा तिलहन फसलों पर 75 प्रतिशत सब्सिडी पर बीज उपलब्‍ध कराने वाली सूरज धारा योजना क्‍या बंद कर दी गयी है? यदि नहीं, तो वित्‍तीय वर्ष 2020-21 से इन योजनाओं को बजट न दिये जाने का कारण स्‍पष्‍ट करें। साथ ही साथ सामान्‍य वर्ग के किसानों को सब्सिडी पर बीज उपलब्‍ध कराने वाली ग्राम बीज योजना में भी बजट न देने का कारण बतायें।

किसान कल्याण मंत्री ( श्री कमल पटेल ) : (क) सूरजधारा एवं अन्नपूर्णा योजना वर्ष 2000-01 एवं बीज ग्राम योजना वर्ष 2014-15 से प्रारंभ की गयी है। सूरजधारा एवं अन्नपूर्णा योजना प्रारंभ के समय से प्रत्येक वित्तीय वर्ष में योजनाओं के लिये दी गयी राशि की जानकारी वित्तीय वर्ष अनुसार जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र 1 अनुसार है एवं बीज ग्राम योजना प्रारंभ के समय से प्रत्येक वित्तीय वर्ष में योजनाओं के लिये दी गयी राशि की जानकारी वित्तीय वर्ष अनुसार जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र 2 अनुसार है। (ख) अनुसूचित जाति तथा जनजाति वर्ग के किसानों को अनुदान देने वाली सूरजधारा एवं अन्नपूर्णा योजना वर्तमान में स्थगित है। जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र 3 अनुसार है। वित्तीय वर्ष 2020-21 में शून्य बजट होने के कारण इन योजनाओं में बजट उपलब्ध नहीं कराया गया है। बीज ग्राम योजना में सामान्य वर्ग के किसानों को सब्सिडी पर लाभान्वित करने हेतु निरंतर बजट प्रदाय किया जा रहा है। जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र 2 अनुसार है।

परिशिष्ट - "दो"

बीज वितरण की जानकारी

[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]

5. ( *क्र. 418 ) श्री संजय सत्येन्द्र पाठक : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) तारांकित प्रश्‍न क्रमांक 102, दिनांक 08 जुलाई, 2019 के संदर्भ में बताएं कि शासन के आदेशानुसार निजी बीज उत्पादन समितियों से बीज क्रय नहीं करने के निर्देश थे तो बीज निगम एवं एन.एस.सी. से बीज क्यों नहीं खरीदा गया? (ख) क्या तत्कालीन उप संचालक कृषि हरदा को निजी बीज उत्पादन समितियों से बीज क्रय करने के कारण दोषी पाये जाने पर निलंबित किया गया था? यदि हाँ, तो कटनी जिले के उप संचालक कृषि को अभी तक निलंबित क्यों नहीं किया गया? (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्‍न दिनांक तक निजी समितियों से कितना-कितना बीज क्रय किया गया? वर्षवार जानकारी दें। कब तक संबंधित पर अनुशासनात्मक कार्यवाही की जायेगी?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री कमल पटेल ) : (क) म.प्र. शासन, किसान कल्‍याण तथा कृषि विभाग मंत्रालय के पत्र क्र./बी-14-2/2019/14-2 भोपाल दिनांक 03 जून, 2019 द्वारा राष्‍ट्रीय बीज निगम अथवा अन्‍य शासकीय संस्‍थाओं से बीज क्रय करने के निर्देश हैं। म.प्र. शासन, किसान कल्‍याण तथा कृषि विभाग मंत्रालय के पत्र क्र./बी-14-2/2019-14-2/3203 भोपाल दिनांक 05 जुलाई, 2019 के द्वारा अन्‍य शासकीय संस्‍थाओं में म.प्र. राज्‍य बीज सहकारी उत्‍पादक एवं वि‍पणन संघ से संबद्ध बीज समितियों को सम्मिलित किया गया है, जिसके तहत बीज संघ से संबद्ध बीज समितियों एवं बीज निगम से ही बीज क्रय किया गया है। बीज प्रदाय की प्रक्रिया निर्धारण निर्देशों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र एवं अनुसार है। (ख) श्री जे.आर. हेडाऊ, तत्‍कालीन उप संचालक कृषि हरदा के विरूद्ध शासन निर्देश के विपरीत बीज निगम के पास उपलब्‍ध बीज प्राप्‍त न कर निजी समिति का बीज क्रय किये जाने के कारण म.प्र. शासन, किसान कल्‍याण तथा कृषि विकास विभाग, मंत्रालय के आदेश क्रमांक एफ 4A/55/2013/14-1 दिनांक 05 जुलाई, 2016 द्वारा निलंबित किया गयाजानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 3 अनुसार है। (ग) विभागीय जांच की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। विभागीय जांच उपरांत गुणदोष के आधार पर कार्यवाही की जावेगी।



निर्माण कार्यों की जानकारी

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

6. ( *क्र. 382 ) श्री उमाकांत शर्मा : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विकासखण्ड सिरोंज एवं लटेरी में 01 अप्रैल, 2020 से प्रश्‍नांकित अवधि तक मनरेगा योजनान्तर्गत सामुदायिक मूलक कौन-कौन से कार्य स्वीकृत किये-गये हैं? स्वीकृत राशि, व्यय राशि, कितने कार्य पूर्ण हुए, कितने अपूर्ण हैं? कितने अप्रारंभ हैं? स्वीकृत राशि सहित जनपद पंचायतवार संख्‍यात्‍मक जानकारी उपलब्ध करावें। (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में उक्त कार्यों का मूल्यांकन किन-किन अधिकारियों द्वारा सामग्री मद से किन-किन वेन्डरों को कितना भुगतान किया गया है? जनपद पंचायतवार जानकारी उपलब्ध करावें। क्या केवल सामुदायिक कार्यों का ही भुगतान किया जा रहा है? हितग्राही मूलक कार्यों का भुगतान क्यों नहीं किया गया? (ग) प्रश्‍नांश (क) और (ख) के संदर्भ में विकासखण्ड लटेरी की ग्राम पंचायत उनारसीकलां, सेमरामेघनाथ, झूकरजोगी तथा विकासखण्ड सिरोंज की ग्राम पंचायत चौड़ाखेड़ी, भौंरिया, पामाखेड़ी के निर्माण कार्यों की जांच कौन-कौन से अधिकारियों द्वारा की गई? अधिकारी का नाम सहित जानकारी उपलब्‍ध करावें। क्या जांच प्रतिवेदनों पर कार्यवाही लंबित है? यदि हाँ, तो इसके लिए दोषी कौन है? ग्राम भौरिया वि.ख. सिरोंज के निर्माण कार्यों का रिकॉर्ड जांच एजेन्सी को कब-तक उपलब्ध करा दिया जावेगा? उक्त पंचायतों की शिकायतें कब एवं किस को प्राप्त हुई हैं एवं क्या जांच की गई है? यदि जांच नहीं की गई, तो क्यों एवं कब-तक की जावेगी? (घ) प्रश्‍नकर्ता के तारांकित प्रश्‍न क्र. 2828, दिनांक 15 मार्च, 2022 पर सदन में माननीय संसदीय कार्यमंत्री द्वारा तीन माह में पंचायतों की जांच करने का आश्वासन दिया था, लेकिन तीन माह बीत जाने के बाद भी अधिकारियों द्वारा जांच नहीं कराई गई? इसके लिए दोषी कौन है? दोषियों पर क्या कार्यवाही की जावेगी एवं पंचायतों की जांच कब तक करवा दी जावेगी? (ड.) CEO जिला पंचायत विदिशा के पत्र क्र. 1484/जि.पं./2022, दिनांक 01.02.2022 एवं आयुक्त मध्यप्रदेश एवं आयुक्त म.प्र. राज्य रोजगार गारंटी परिषद भोपाल के पत्र क्रमांक 2926/न.क्र./377/ज.शि.नि.प्र./ एन.आर. 14/21, भोपाल दिनांक 02.11.2021 की क्या जांच की गई? यदि जांच नहीं की गई है? तो इसके लिए दोषी कौन हैं? यदि जांच की गई है, तो दोषियों पर क्या कार्यवाही की गई है? यदि कार्यवाही नहीं की गई है, तो कब-तक की जावेगी?

पंचायत मंत्री ( श्री महेन्‍द्र सिंह सिसौदिया ) : (क) विकासखण्ड सिरोंज एवं लटेरी में 01 अप्रैल, 2020 से प्रश्‍नांकित अवधि तक मनरेगा योजनान्तर्गत सामुदायिक मूलक कार्य की जानकारी जनपद पंचायतवार पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) उत्‍तरांश '' के परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अ में अंकित अधिकारियों द्वारा मूल्‍यांकन किया गया। सामग्री मद में वेंडरों को भुगतान की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। जनपद पंचायत सिरोंज एवं लटेरी द्वारा सामुदायिक कार्यों के साथ-साथ हितग्राही मूलक कार्यों का भुगतान किया गया है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट '' अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। शेष प्रश्‍न उत्‍पन्‍न नहीं होता। (ड.) आयुक्‍त, म.प्र. राज्‍य रोजगार गारंटी परिषद भोपाल के पत्र क्र. 5926/न.क्र./377/ज.शि.नि.प्र./एन.आर.14/21 भोपाल, दिनांक 02.11.2021 में संशोधन किया जाकर आदेश क्रमांक 11220, दिनांक 11.03.2022 के माध्‍यम से नवीन जांच दल गठित किया गया है। जांच दल से जांच प्रतिवेदन अप्राप्‍त है।

समर्थन मूल्य पर चना एवं मूंग खरीदी

[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]

7. ( *क्र. 264 ) श्री अजय कुमार टंडन : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दमोह जिले में वर्ष 2018 से प्रश्‍न दिनांक तक जिले में कितने केंद्रों पर चना एवं मूंग खरीदी समर्थन मूल्य पर की गई? वर्षवार सूची देवें। (ख) क्या वर्ष 2021- 22 में लक्ष्य के अनुसार समर्थन मूल्य पर चना की खरीदी की गई है? यदि हाँ, तो कितनी? सूची देवें। यदि नहीं, तो क्या कारण है कि किसानों के चना को समर्थन मूल्य पर नहीं खरीदा गया है? (ग) शासन द्वारा लक्ष्य के अनुरूप समर्थन मूल्य पर चना खरीदी के लिए नियमों में बदलाव किया जाएगा? यदि हाँ, तो कब तक?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री कमल पटेल ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी नहीं। दमोह जिले में वर्ष 2021-22 में चना फसल का समर्थन मूल्‍य की तुलना में बाजार भाव अधिक होने के कारण कृषकों द्वारा अपनी उपज समर्थन मूल्‍य पर विक्रय करने में रूचि नहीं दिखाई गई। (ग) प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - "तीन"

बेरोजगारी के आंकड़े एवं रोजगार की उपलब्‍धता

[तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोज़गार]

8. ( *क्र. 1377 ) श्री लक्ष्‍मण सिंह : क्या खेल एवं युवा कल्याण मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) विधानसभा क्षेत्र चांचौड़ा में 1 जनवरी, 2019 से प्रश्‍न दिनांक तक कितने बेरोजगारों ने रोजगार के लिए पंजीयन कराया है? (ख) प्रश्‍न दिनांक तक जिला गुना एवं विधानसभा क्षेत्र चांचौड़ा में कुल कितने रोजगार मेले आयोजित किये गये एवं इन रोजगार मेलों में कितने पंजीकृत बेरोजगारों को रोजगार मिला? (ग) उपरोक्‍त अवधि में कुल कितने पंजीकृत बेरोजगारों को रोजगार उपलब्‍ध कराया गया?

खेल एवं युवा कल्याण मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) प्रश्‍नावधि में जिला रोज़गार कार्यालय, गुना में 39846 आवेदकों ने एम.पी. रोजगार पोर्टल पर पंजीयन कराया है। विधानसभावार जानकारी संधारित नहीं की जाती है। (ख) एवं (ग) प्रश्‍नावधि में जिला मुख्‍यालय गुना में 24 रोज़गार मेले आयोजित किये गये। इनमें 8612 आवेदकों को निजी क्षेत्र में नियुक्ति हेतु ऑफर लेटर प्रदाय किये गये। विधानसभा क्षेत्र चांचौड़ा में रोजगार मेला आयोजित नहीं किया गया।

मंडी निधि से स्‍वीकृत सड़कों की स्थिति

[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]

9. ( *क्र. 605 ) श्री नारायण त्रिपाठी : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2015 से 2017 तक मैहर विधान सभा क्षेत्र में मंडी सड़क निधि योजनान्‍तर्गत कितनी सड़कें कितनी लागत की स्‍वीकृत की गई थी? इनका निर्माण किस एजेंसी द्वारा कब पूर्ण किया गया? इनके निर्माण कार्य के पर्यवेक्षण व गुणवत्‍ता नियंत्रण की जिम्‍मेदारी किन-किन की थी? (ख) प्रश्‍नांश (क) उल्‍लेखित सड़कों के घटिया निर्माण व असमय खराब हो जाने की जांच क्‍या उच्‍च स्‍तर से कराई जावेगी? यदि हाँ, तो कब तक? गुणवत्‍ताहीन सड़कों के निर्माण के दोषियों के विरूद्ध कब तक दण्‍डात्‍मक कार्यवाही की जावेगी? नहीं तो क्‍यों? (ग) मैहर विधान सभा क्षेत्र से संबंधित वर्तमान में मंडी फंड से किन-किन कार्यों के प्रस्‍ताव लंबित हैं? इन्‍हें कब तक स्‍वीकृत किया जावेगा?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री कमल पटेल ) : (क) वर्ष 2015 से 2017 में मैहर विधानसभा क्षेत्रान्‍तर्गत किसान सड़क निधि से स्‍वीकृत 13 सड़कें लागत रू. 31.50 करोड़ की स्‍वीकृत की गयी है, सड़कवार जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है तथा सड़कों की निर्माण एजेंसी एवं सड़क कार्य के पूर्ण/अपूर्ण की जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। सड़कों के निर्माण कार्य का पर्यवेक्षण एवं गुणवत्‍ता नियंत्रण की जिम्‍मेदारी मण्‍डी बोर्ड के तकनीकी संभाग रीवा में पदस्‍थ तकनीकी अमले की थी। (ख) उत्‍तरांश '' में संलग्‍न जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार सड़कों का निर्माण कार्य निर्धारित मापदण्‍डों के अनुसार गुणवत्‍तापूर्ण किया गया तथा कराया जा रहा है, जिसमें से 10 पूर्ण ग्रामीण सड़कों पर आवागमन के दौरान क्षतिग्रस्‍त होने से उसका सुधार संबंधित ठेकेदार के माध्‍यम से 5 वर्ष तक गारन्‍टी अवधि के तहत कराया जाना अनुबंधित है। उक्‍त संबंधित ठेकेदारों को सुधार कार्य हेतु नोटिस जारी किये गये हैं, जिसमें से अन्‍यथा की स्थिति में 01 ठेकेदार के विरूद्ध अनुबंध अंतर्गत दण्‍डात्‍मक कार्यवाही की गयी है। (ग) मैहर विधानसभा क्षेत्रान्‍तर्गत कृषि उपज मण्‍डी समिति मैहर तथा उपमण्‍डी धुनवारा के कार्यों के प्रस्‍तावों की जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र स अनुसार है। उपरोक्‍त प्राप्‍त प्रस्‍तावों के परीक्षण की कार्यवाही प्रचलित है। अत: निश्चित समयावधि बताना संभव नहीं है।

परिशिष्ट - "चार"

मेधावी विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना

[स्कूल शिक्षा]

10. ( *क्र. 69 ) श्री लखन घनघोरिया : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या अतारांकित प्रश्‍न क्र. 408, दिनांक 08 मार्च, 2022 के उत्तर में बतलाया है कि वर्ष 2020-21 में कक्षा 12 वीं की परीक्षा आयोजित न किये जाने से मेरिट सूची तैयार नहीं की गई, इस कारण योजना का क्रियान्वयन नहीं किया गया है? यदि हाँ, तो शासन ने इस सम्बंध में कब क्या दिशा निर्देश जारी किये हैं? बजट में कितनी-कितनी राशि का प्रावधान किया गया एवं कितनी-कितनी राशि व्यय हुई है? वर्ष 2019-20 से 2021-22 तक जानकारी दें। (ख) क्या प्रश्‍न क्र. 163, दिनांक 20.12.2021 के उत्तर में संलग्न परिशिष्ट 2 के सरल क्र. 5 में वर्ष 2020-21 में लाभान्वित छात्र-छात्राओं की संख्या 40551 तथा प्रदाय राशि 1013125000/- और 21 छात्र-छात्राएं योजना से वंचित बताये हैं? प्रश्‍नांश (ग) के उत्तर में वर्ष 2019-20 में योजना के अंतर्गत लेपटॉप हेतु राशि का वितरण नहीं किया गया, बतलाया है? यदि हाँ, तो क्या प्रश्‍नांश (क) में दी गई जानकारी असत्य है? शासन वर्ष 2019-20 एवं 2020-21 के पात्र मेधावी विद्यार्थियों को योजना का लाभ दिलवाना कब तक सुनिश्चित करेगा?

राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) जी हाँ। उत्तरांश (क) के प्रकाश में निर्देश जारी नहीं किए गए हैं। वित्तीय वर्ष 2020-21 में योजना अंतर्गत राशि रू. 5 करोड़ का बजट प्रावधान किया गया है, जिससे शैक्षणिक सत्र 2019-20 में कक्षा 12वीं की परीक्षा में उत्तीर्ण पात्र विद्यार्थियों को योजना का लाभ दिये जाने हेतु राशि का प्रदाय माध्यमिक शिक्षा मंडल को किया गया। शैक्षणिक सत्र 2019-20 में म.प्र. माध्यमिक शिक्षा मंडल की 12वीं की परीक्षा में उत्तीर्ण पात्र विद्यार्थियों को वित्तीय वर्ष 2020-21 में लैपटॉप क्रय हेतु राशि का प्रदाय किया गया। शैक्षणिक सत्र 2020-21 में परीक्षा आयोजित नहीं होने से वित्तीय वर्ष 2021-22 में विद्यार्थियों को लैपटॉप योजना का लाभ नहीं दिया गया है। (ख) जी हाँ। जी हाँ। शैक्षणिक सत्र 2019-20 में म.प्र. माध्यमिक शिक्षा मंडल की 12वीं की परीक्षा में उत्तीर्ण पात्र विद्यार्थियों को वित्तीय वर्ष 2020-21 में लैपटॉप क्रय हेतु राशि का प्रदाय किया गया। शैक्षणिक सत्र 2020-21 में परीक्षा आयोजित नहीं होने से वित्तीय वर्ष 2021-22 में लाभ नहीं दिया गया। जी नहीं। अतः शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

स्कूलों की पुताई एवं मरम्म्मत में अनियमितता

[स्कूल शिक्षा]

11. ( *क्र. 327 ) कुँवर विक्रम सिंह (नातीराजा) : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) छतरपुर जिले में सत्र 2020-21 एवं 2021-22 में कुल कितनी राशि स्कूलों के पुताई, मरम्मत, चाक, डस्टर एवं अन्य कार्यालयीन कार्य हेतु स्कूलवार कितनी-कितनी राशि प्रश्‍न दिनांक तक व्यय की गई? विवरण देवें। (ख) विधानसभा राजनगर अन्तर्गत प्राईमरी एवं मिडिल स्कूलों की मरम्मत एवं पुताई में चाक, डस्टर में स्कूलवार कितनी-कितनी राशि व्यय की गई? वर्तमान में कौन-कौन से स्कूल हैं, जिनमें पुताई एवं मरम्मत कार्य शेष हैं? (ग) क्या उक्त कार्य विधानसभा क्षेत्र में बिना किसी निविदा, टेन्डर के कराये गये हैं तथा पुताई एवं मरम्मत कार्य पूर्णतः गुणवत्ताविहीन हैं? क्या स्कूलों में न ही मरम्मत और न ही पुताई हुई हैं, लेकिन बिल स्वीकृत कर राशि आहरित कर ली गई है? उक्त कार्यों का सत्यापन किस अधिकारी द्वारा किया गया है? विवरण देवें। यदि नहीं, तो क्यों? क्या यह पुताई में उपयोग होने वाले डिस्टेम्पर, पेन्टस, आयरन पेन्टस, वुडन पेन्टस किसी ब्रान्डेड कंपनी के उपयोग नहीं किये गये हैं? यदि नहीं, तो क्यों?

राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। वर्तमान में विधानसभा क्षेत्र राजनगर की समस्त स्कूलों में पुताई कराई गई है। (ग) विधानसभा क्षेत्र के स्कूलों में कार्य शाला प्रबंधन समिति द्वारा भंडार क्रय नियमों का पालन करते हुए सामग्री क्रय एवं कार्य कराया गया है। शाला एकीकृत निधि अंतर्गत शाला भवनों में पुताई एवं मरम्मत कार्य शाला प्रबंधन समिति द्वारा गुणवत्ता अनुसार कराये जाते हैं। बिना कार्य के राशि आहरण की कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। कार्यों का सत्यापन संबंधित शाला प्रबंधन समिति द्वारा किया जाता है। पुताई में उपयोग होने वाले डिस्टेम्पर, पेन्ट्स, आयरन पेन्ट्स, वुडन पेन्ट्स किसी ब्रान्ड विशेष के उपयोग के निर्देश नहीं है।

सी.एम. हेल्पलाइन की जानकारी

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

12. ( *क्र. 336 ) श्री कमलेश जाटव : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रश्‍नकर्ता द्वारा मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत मुरैना से विषयानुसार तीन बिन्दुओं में जानकारी उपलब्ध करवाये जाने हेतु पत्र क्र. 119/नि.स./एफ-17 (क)/04/जि.पं./2022 दिनांक 16.04.2022 एवं स्मरण पत्र क्रमांक 235/नि.स./एफ-017 (क)/06/2022 अम्बाह दिनांक 10.06.2022 द्वारा कोई पत्र लेख किये गऐ थे? यदि हाँ, तो चाही गई जानकारी प्रश्‍न दिनांक तक उपलब्ध क्यों नहीं करवाई गई? (ख) क्या प्रश्‍नांश (क) में विभाग को प्रेषित प्रश्‍नकर्ता के पत्र द्वारा चाही गई जानकारी विभाग द्वारा सदन के माध्यम से मुझे उपलब्ध करवाई जावेगी? यदि हाँ, तो कब तक यदि नहीं, तो क्यों नहीं? (ग) क्या प्रश्‍नांश (क) में विभाग को प्रेषित पत्र में चाही गई जानकारी प्रश्‍न दिनांक तक उपलब्ध नहीं करवाये जाने एवं विलम्ब हेतु उत्तरदायी विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध शासन कोई कार्यवाही प्रस्तावित करेगा? यदि हाँ तो कब तक? यदि नहीं, तो क्यों नहीं?

पंचायत मंत्री ( श्री महेन्‍द्र सिंह सिसौदिया ) : (क) जी हाँ। पत्र के क्रम में चाही गई जानकारी निज सहायक मान. विधायक विधानसभा क्षेत्र अंबाह को कार्यालय जनपद पंचायत पहाड़गढ़ के पत्र क्रमांक 1147-48, पहाड़गढ़ दिनांक 28.04.2022 के द्वारा उपलब्ध कराई गई। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। जानकारी, कार्यालय जनपद पंचायत पहाड़गढ़ एवं जिला पंचायत मुरैना द्वारा दिनांक 08.07.2022 को पुन: मान. विधायक जी के ईमेल kamleshgour1981gmail.com पर भेज दी गई है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) उत्तरांश '' के क्रम में प्रश्‍नांश उपस्थित नहीं होता है।

विधानसभा क्षेत्र केवलारी अन्तर्गत मार्गों की स्वीकृति

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

13. ( *क्र. 18 ) श्री राकेश पाल सिंह : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या विधानसभा क्षेत्र-116 केवलारी अन्तर्गत ग्राम भोरगोंदी एवं पीपरदौन के मार्गों की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान किये जाने हेतु कार्यालय के द्वारा पत्र क्रमांक-166 निज सहायक/सिवनी दिनांक 14.03.2021 मुख्य कार्यपालन अधिकारी म.प्र. ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण पंचमतल पर्यावास भवन अरेरा हिल्स जेल रोड भोपाल को प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान करने के संबंध में पत्र प्रेषित किया गया था? यदि हाँ, तो पत्र पर क्या कार्यवाही की गई? यदि नहीं, तो कब तक कार्यवाही की जावेगी? (ख) प्रश्‍नांश (क) के अनुसार महाप्रबंधक मध्यप्रदेश ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण परियोजना इकाई-1 सिवनी के द्वारा केवलारी-पाण्डया छपारा रोड (टी 05) से भौरगोंदी मार्ग की लंबाई 2.71 कि.मी. कार्य की लागत रूपये 158.29 लाख एवं भादूटोला से पीपरदौन मार्ग की लंबाई 2.08 कार्य की लागत 81.88 लाख रू. का (दोनो) मार्ग का डी.पी.आर. एस.टी.ए. जबलपुर से अनुमोदन एवं तकनीकी स्वीकृति हेतु कार्यालय के पत्र क्रमांक-232, दिनांक 23.2.2018 को मुख्य कार्यपालन अधिकारी म.प्र. ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण पंचमतल पर्यावास भवन अरेरा हिल्स भोपाल प्रेषित किया गया है? यदि हाँ, तो कब तक प्रशासकीय/तकनीकी स्वीकृति प्रदान की जावेगी? कितने दिनों में कार्य होगा?

पंचायत मंत्री ( श्री महेन्‍द्र सिंह सिसौदिया ) : (क) जी नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) जी हाँ। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-1 अंतर्गत प्रदेश में समस्त पात्र बसाहटों को बारहमासी एकल संपर्कता प्रदान करने के लिये नवीन मार्गों की स्वीकृति भारत सरकार द्वारा प्रदान की जा चुकी है। अतः नवीन कार्यों की स्वीकृति इस योजना में संभव नहीं है। 'एम.पी.आर.सी.पी. योजना के घटक ए-1, 10,000 कि.मी. ग्रेवल मार्गों के उन्नयनीकरण एवं घटक ए-2, 510 कि.मी. दोहरी संपर्कता के अंतर्गत प्रावधानित निर्धारित सभी मार्गों का चयन किया जा चुका है। अब कोई लंबाई शेष नहीं है। वर्तमान में प्राधिकरण अंतर्गत संचालित, राज्य संपर्कता योजना की निरंतरता न होने से उक्त मद में अब नवीन स्वीकृतियां प्रदाय किया जाना संभव नहीं है। अतः प्राधिकरण द्वारा संचालित योजनाओं के अंतर्गत प्रश्‍नांकित मार्गों का निर्माण किया जाना संभव नहीं हो सकेगा।

अप्रारंभ/अपूर्ण निर्माण कार्यों में राशि का अनियमित आहरण

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

14. ( *क्र. 317 ) श्री बीरेन्‍द्र रघुवंशी : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश के विभिन्न विकासखण्डों की ग्राम पंचायतों में स्वीकृत निर्माण कार्यों में अप्रारंभ एवं अपूर्ण निर्माण कार्यों की राशि का आहरण कर वित्तीय अनियमितता किए जाने पर जिम्मेदार संबंधितों से उक्त राशि की वसूली किए जाने हेतु वर्तमान में क्या प्रावधान हैं? क्या अधिकांश ऐसे प्रकरणों में राशि की वसूली नहीं हो पा रही है तथा आहरणकर्ता जिम्मेदारों के विरूद्ध भी कठोर कानून के अभाव में दण्डात्मक कार्यवाही नहीं हो पाती, जिससे प्रतिवर्ष शासन के धन की निरंतर क्षति हो रही है तथा ग्रामीण विकास कार्य लगातार प्रभावित हो रहे हैं? (ख) क्या प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में अप्रारंभ एवं अपूर्ण निर्माण कार्यों की राशि के आहरण की वसूली हेतु वर्तमान नियमों को सख्त कर कठोर कानून बनाकर ऐसे प्रकरणों में दोषियों पर दण्डात्मक कार्यवाही होने से ग्राम पंचायतों में आगामी समय में अप्रारंभ एवं अपूर्ण निर्माण कार्यों में राशि आहरण करने संबंधी वित्तीय अनियमितता के प्रकरणों में कमी होगी? क्या निर्माण कार्यों में राशि गबन करने संबधी वित्तीय अनियमितता करने के लगातार होने वाले प्रकरणों की रोकथाम हेतु सख्त कानून बनाने की आवश्‍यकता नहीं है? यदि आवश्यकता है तो कब तक सख्त कानून बनाये जाएंगे? यदि नहीं, तो क्यों?

पंचायत मंत्री ( श्री महेन्‍द्र सिंह सिसौदिया ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट  अनुसार है। जी नहीं (ख) उतरांश '' के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

अनुकंपा नियुक्ति/पदस्‍थापना/पदोन्‍नति के संबंध में

[स्कूल शिक्षा]

15. ( *क्र. 28 ) श्री पी.सी. शर्मा : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भोपाल संभाग में अनुकंपा नियुक्ति के कितने प्रकरण लंबित हैं? (ख) क्‍या भोपाल संभाग में प्रयोग शाला शिक्षक के पद पर अनुकंपा नियुक्ति दी गई थी? वर्तमान में प्रयोगशाला शिक्षक के पद पर अनुकंपा नियुक्ति क्‍यों नहीं दी जा रही है? (ग) प्रश्‍न दिनांक तक कितने सी.एम. राईज विद्यालय शुरू हो चुके हैं? (घ) क्‍या सी.एम. राईज विद्यालयों में प्राप्‍तांक के आधार पर पदस्‍थापना की गई है? यदि नहीं, तो क्‍यों? (ड.) क्‍या सहायक शिक्षक/उच्‍च श्रेणी शिक्षक/प्राचार्य को पदोन्‍नति/पदनाम दिये जाने का प्रावधान है? यदि नहीं, तो क्‍यों?

राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) भोपाल संभाग में कुल 154 अनुकंपा नियुक्ति के प्रकरण लंबित हैं। (ख) जी हाँ। इस संबंध में कार्यवाही प्रचलन में है। (ग) प्रथम चरण में स्कूल शिक्षा विभाग के 274 सी.एम. राइज स्कूल प्रारंभ किये गये हैं। (घ) जी हाँ। सी.एम. राइज स्कूल हेतु चयनित विद्यालय में पदस्थ शिक्षकों ने यदि लिखित परीक्षा को क्वालीफाई किया है तो उसी विद्यालय में यथावत पदस्थ रखा गया है। गैर सी.एम. राइज स्कूल के शिक्षकों को मेरिट क्रम अनुसार उनके द्वारा दिए गए विकल्प अनुसार पदस्थ किया गया है। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ड.) सहायक शिक्षक/उच्च श्रेणी शिक्षक/प्राचार्य संवर्ग को पदोन्नति दिये जाने का प्रावधान है। भर्ती एवं पदोन्नति नियमों में पदनाम दिये जाने का कोई प्रावधान नहीं है। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों की जानकारी

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

16. ( *क्र. 434 ) श्री रवि रमेशचन्द्र जोशी : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) खरगोन जनपद और गोगावा जनपद में इस वर्ष प्रधानमंत्री आवास योजना की जो सूची जारी की गई है, उसमें हितग्राही पात्र/अपात्र के क्या क्या मापदंड थे? इस सूची को बनाने में किस-किस अधिकारी कर्मचारी की ड्यूटी लगी थी? इस सूची के सत्यापनकर्ता के नाम, पद, मोबाइल नंबर सहित सूची देवें। (ख) उक्त सूची में क्या कोई पात्र हितग्राही छूटा है? यदि छूटा है तो उसे कैसे जोड़ा जाएगा और पात्र हितग्राही को छोड़ने वाले कर्मचारी पर क्या कार्यवाही की जाएगी? यदि हाँ, तो क्या? नहीं तो क्यों? (ग) उक्त सूची से जिन हितग्राहियों को अपात्र किया गया, उनको किन मापदंडों के आधार पर अपात्र किया गया है? उनकी सूची नाम पता मोबाइल नंबर अपात्र होने का कारण एवं अपात्र करने वाले अधिकारियों के नाम पता मोबाइल नंबर सहित देवें। (घ) उक्त सूची में जो वरीयता बनाई गई है, उस वरीयता का आधार क्या है? ग्राम पंचायत वार वरीयता क्रम किस आधार पर बनाया गया? उसके संपूर्ण दस्तावेजों, वरीयता क्रम के प्रमाणित दस्तावेजों की छाया प्रति सहित सूची देवें।

पंचायत मंत्री ( श्री महेन्‍द्र सिंह सिसौदिया ) : (क) प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण में पात्र एवं अपात्रता के मापदण्‍ड की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) जी हाँ। वर्तमान में नाम जोड़ने हेतु भारत सरकार से कोई निर्देश प्राप्‍त नहीं है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुक्रम में अपात्र किया गया। शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' (हितग्राहियों के मोबाईल नम्‍बर पोर्टल पर उपलब्‍ध नहीं) तथा परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (घ) सूची में वरियता का आधार वंचितता की तीव्रता के मापदण्‍डों के अनुक्रम में भारत सरकार के पोर्टल पर तय किया गया है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

वित्तीय अनियमितता पर कार्यवाही

[खेल एवं युवा कल्याण]

17. ( *क्र. 414 ) श्री मनोज चावला : क्या खेल एवं युवा कल्याण मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) रतलाम जिले के तत्कालीन खेल अधिकारी मुकुल बेंजामिन पर वित्तीय अनियमितता के संबंध में वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा क्या कार्यवाही प्रश्‍न दिनांक तक की गई है? (ख) क्या रतलाम के तत्कालीन जिला खेल अधिकारी मुकुल बेंजामिन द्वारा जांच में कोई सहयोग प्रदान नहीं किया जा रहा है? क्या पुलिस अधीक्षक जिला रतलाम को कार्रवाई हेतु निर्देशित किया गया है? यदि हाँ, तो बताएं कि अभी तक उन पर क्या कार्यवाही प्रशासन द्वारा की गई है? (ग) क्या जांच समिति के प्रतिवेदन से यह स्पष्ट है कि उनके द्वारा लाखों रुपए का भ्रष्टाचार किया गया है, बावजूद इसके संबंधित पर कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है? (घ) बताएं कि इतना लंबा समय बीत जाने के बावजूद भी संबंधित जिला खेल अधिकारी और अधीनस्थ कर्मचारी पर कार्यवाही क्यों नहीं की जा रही है? गठित समिति का प्रतिवेदन वरिष्ठ अधिकारियों को प्रेषित करने के बाद आज दिनांक तक क्या कार्यवाही की गई है?

खेल एवं युवा कल्याण मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) संचालनालय आदेश क्र. 7257, दिनांक 15.12.2021 द्वारा प्रकरण में जांच हेतु, जांच समिति गठित की गई है। समिति द्वारा जांच की जा रही है। (ख) तत्कालीन जिला खेल और युवा कल्याण अधिकारी जिला रतलाम द्वारा दिनांक 08.06.2022 को समिति के समक्ष दस्तावेज प्रस्तुत किए हैं, जिसका समिति द्वारा परीक्षण किया जा रहा है। अतः शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) प्रश्‍नोत्तर '''' के संदर्भ में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (घ) प्रकरण की जांच की जा रही है। जांच उपरांत गुण-दोष के आधार पर नियमानुसार कार्यवाही की जावेगी। अतः शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

स्‍थानांतरण नीति का निर्धारण

[स्कूल शिक्षा]

18. ( *क्र. 331 ) श्री दिनेश राय मुनमुन : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सिवनी जिले के अंतर्गत पदस्‍थ शिक्षकों वरिष्‍ठ अध्‍यापक/सहायक अध्‍यापक एवं अन्‍य के स्‍थानांतरण हेतु पंचायत विभाग द्वारा स्‍थानांतरण के लिये वर्ष 2018 से चालू वित्‍तीय वर्ष में कोई नीति निर्धारित की गई है एवं इसमें किन-किन का स्‍थानांतरण किये जाने का प्रावधान किया गया है? यदि हाँ, तो प्रति उपलब्‍ध करावें। (ख) सिवनी जिले में प्रश्‍नांश (क) की नीति अनुसार किन-किन का स्‍थानांतरण किस-किस संस्‍था में किया गया है? विकासखण्‍डवार/संस्‍थावार/ नामवार/वर्षवार जानकारी देवें। (ग) स्‍थानांतरण नीति के विरूद्ध किये गये स्‍थानांतरण के संबंध में प्रश्‍नकर्ता के विधानसभा प्रश्‍न क्रमांक 1787, दिनांक 19.07.2019 के जवाब में जिला पंचायत कार्यालय के स्‍थानांतरण से संबंधित सम्‍पूर्ण अभिलेख प्राप्‍त कर लिये गये हैं? यदि हाँ, तो प्रकरण की जांचकर दोषी अधिकारी/कर्मचारियों के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की गई है? जांच प्रतिवेदन उपलब्‍ध कराते हुये अवगत करावें। (घ) प्रश्‍नांश (ग) के संदर्भ में क्‍या जांच प्रतिवेदन के आधार पर तत्‍कालीन सी.ई.ओ., जिला पंचायत सिवनी स्‍वरोचिष सोमवंशी के द्वारा 41 अध्‍यापक संवर्ग एवं 06 अप्रैल 2018 को शिक्षक संदीप मिश्रा स्‍थानांतरण/संविलियन नीति के विरूद्ध किये गये थे, परन्‍तु उनके आदेशों को निरस्‍त करके खानापूर्ति कर श्री सोमवंशी के विरूद्ध किसी प्रकार की कार्यवाही प्रश्‍न दिनांक तक न कर शासन बचाव कर रहा है? यदि हाँ, तो क्‍यों?

राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) जी नहीं, शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) उत्तरांश '' अनुसार प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) जांच दल के प्रतिवेदन अनुसार 26 नस्तियां प्राप्त नहीं हुई है। प्रथम दृष्ट्या दोषी पाये जाने पर शाखा लिपिक (1) श्री डी.के. यादव, सहायक ग्रेड-1 (2) श्री बी.पी. सनोडिया, सहायक ग्रेड-1 (3) श्री तुषार सुखदेव, सहायक ग्रेड-3 को निलंबित किया गया है। श्री डी.के. यादव, सहायक ग्रेड-1 की मृत्यु दिनांक 19.10.2020 को हो जाने के कारण उनके विरूद्ध संस्थित विभागीय जांच समाप्त की गई है। शाखा के अन्य लिपिक श्री बी.पी. सनोडिया, सहायक ग्रेड-1, श्री तुषार सुखदेव, सहायक ग्रेड-3 के विरूद्ध संस्थित विभागीय जांच पूर्णता पर है। जांच दल द्वारा प्रस्तुत जांच प्रतिवेदन पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट  अनुसार है। (घ) प्रश्‍नांश (ग) के संदर्भ में 41 अध्यापक संवर्ग के स्थानांतरण जिसमें श्री संदीप मिश्रा का स्थानांतरण भी नियम विरूद्ध होने से समस्त स्थानांतरण निरस्त कर दिये गये थे। तत्कालीन मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री स्वरोचिष सोमवंशी के संबंध में कार्यवाही विचाराधीन है।

ग्रामीण सम्‍पर्क मार्ग निर्माण

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

19. ( *क्र. 272 ) कुँवर रविन्‍द्र सिंह तोमर भिड़ौसा : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) ग्रामीण अंचलों में आवागमन को सुलभ करने हेतु मनरेगा योजनान्तर्गत ग्रामीण सम्पर्क मार्गों पर सड़कों का निर्माण कराया जाता है? अगर हां, तो विधानसभा क्षेत्र दिमनी में दिसम्बर 21 से मई 22 तक कौन-कौन सी सड़कों का निर्माण कराया गया? (ख) विधानसभा क्षेत्र दिमनी में आवागमन को सुलभ करने हेतु सुदूर ग्राम सम्‍पर्क व खेत सड़क के 75 प्रस्ताव दिनांक 12.01.2021 से 05.04.2022 तक जिला स्‍तर के अधिकारियों को प्रस्तावित किये थे, इनमें से कितने मार्गों पर सड़क निर्माण कराया जा चुका है व कितने शेष हैं? अगर सड़क निर्माण नहीं कराया गया है तो क्यों? क्या प्रस्तावित मार्गों पर सड़क निर्माण कराया जावेगा? अगर हाँ तो कब तक?

पंचायत मंत्री ( श्री महेन्‍द्र सिंह सिसौदिया ) : (क) जी हाँ। विधानसभा क्षेत्र दिमनी की ग्राम पंचायतों में दिसंबर 21 से मई 22 तक 04 सड़क निर्माण कार्य पूर्ण हुये हैं एवं 01 कार्य स्वीकृत होकर प्रगतिरत है। विधानसभा क्षेत्र दिमनी में दिसम्बर 21 से मई 22 तक निर्मित सड़कों का विवरण संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) विधानसभा क्षेत्र दिमनी में ग्रामीण सुदूर सड़क निर्माण के दिनांक 12.01.2021 से 05.04.2022 तक जिला स्‍तर पर कुल 94 प्रस्‍ताव प्राप्त हुए हैं। प्रस्‍तावित प्रस्‍तावों में 03 कार्य स्वीकृत होकर प्रगतिरत हैं, 03 कार्य जिला स्‍तर से स्‍वीकृत हैं, 15 कार्य ग्राम पंचायतों में पूर्व से दो सड़क निर्माण कार्य प्रगतिरत होने से नियमानुसार स्वीकृत नहीं की गयी, 06 पक्की सड़क की मांग की गयी है, जो वृहद सामग्री मूलक एवं उच्‍च तकनीकी तथा विगत वर्षों में जिले में वृहद संख्‍या में अपूर्ण/प्रगतिरत कार्य होने से मनरेगा योजना अंतर्गत साध्‍य नहीं है, प्रस्‍तावित 13 सड़क मनरेगा एवं अन्‍य योजना से पूर्व से निर्मित है, 05 सड़क परीक्षण योग्‍य नहीं पायी गयी हैं। जिले में मनरेगा अंतर्गत वर्ष 2021-22 में 170 सुदूर सड़क एवं वर्ष 2022-23 में 12 सुदूर सड़क पूर्ण एवं 437 सुदूर सड़क एवं पुल पुलिया निर्माण कार्य प्रगतिरत है, जिन्‍हें प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण कराया जाना लक्षित है। अतएव सुदूर सड़क के कार्य बहुतायत संख्‍या में अपूर्ण होने के कारण नवीन सुदूर सड़क की स्‍वीकृति में सतर्कता बरतने की दृष्टि से प्रस्‍तावित शेष 49 सड़क कार्य की स्‍वीकृति हेतु निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

परिशिष्ट - "पांच"

निर्माण कार्यों की गुणवत्‍ता की जांच

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

20. ( *क्र. 582 ) श्री अजब सिंह कुशवाह : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधान सभा क्षेत्र सुमावली के अंतर्गत जनपद पंचायत मुरैना एवं जनपद पंचायत जौरा के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायतों में वर्ष 2021-22 में 15 वें वित्‍त में क्‍या-क्‍या कार्य हुये? (ख) प्रश्‍नांश (क) के अनुसार जनपद जौरा के मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी गिर्राज शर्मा द्वारा ग्राम पंचायतों से 20 से 25 प्रतिशत कमीशन लेकर कार्य दिये गये हैं, जिससे शासकीय कार्य मापदण्‍डों के अनुसार नहीं हुये हैं एवं विभिन्‍न ग्राम पंचायतों में धरातल पर हुए कार्यों की गुणवत्‍ता की उच्‍च स्‍तरीय जांच कब तक की जायेगी? (ग) प्रश्‍नांश (ख) के अनुसार दोषियों पर कार्यवाही कब तक की जायेगी?

पंचायत मंत्री ( श्री महेन्‍द्र सिंह सिसौदिया ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ग) प्रतिवेदन प्राप्‍त होने पर गुण-दोषों के आधार पर निर्णय लिया जाएगा। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

परिशिष्ट - "छ:"

स्‍कूल शिक्षकों की भर्ती

[स्कूल शिक्षा]

21. ( *क्र. 450 ) श्री निलय विनोद डागा : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बैतूल जिले में शिक्षा विभाग के प्राथमिक शाला एवं माध्‍यमिक शाला में कुल कितने पद रिक्त हैं? माध्‍यमिक शाला के रिक्त पदों को संख्‍यात्‍मक जानकारी बतावें। (ख) बैतूल जिले में शिक्षा विभाग के प्राथमिक, माध्‍यमिक व उच्च माध्यमिक शाला में कितने पद प्रमोशन के हैं तथा कितने पद सीधी भर्ती के हैं? श्रेणीवार बतावें। (ग) प्रश्‍नांश (ख) अनुसार विभाग द्वारा कब प्रमोशन की प्रक्रिया पूर्ण कर रिक्‍त पदों पर भर्ती प्रक्रिया पूर्ण कर ली जावेगी? (घ) विधानसभा प्रश्‍न क्रमांक-1048, दिनांक 15.03.2022 के अनुसार माध्‍यमिक शाला में न्यूनतम 03 शिक्षकों का प्रावधान रखा गया है और इसमें विज्ञान विषय का शामिल है। परन्तु विभाग द्वारा 5670 की भर्ती प्रक्रिया में गणित विषय के 1312 पदों पर भर्ती की जा रही है, परन्‍तु विज्ञान विषय के कुल 50 पदों पर ही भर्ती की जा रही है, ऐसा क्यों।

राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) बैतूल जिले में प्राथमिक शाला में 28 पद एवं माध्यमिक शाला में 497 पद रिक्त हैं। जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र 'एक' अनुसार है। (ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र 'दो' अनुसार है। (ग) पदोन्नति में आरक्षण के संबंध में माननीय सर्वोच्च न्यायालय में प्रकरण विचाराधीन होने से पदोन्नति प्रक्रिया स्थगित है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (घ) स्कूल शिक्षा विभाग के आदेश दिनांक 11.05.2016 के अनुसार माध्यमिक शालाओं में न्यूनतम 03 शिक्षकों का प्रावधान है, जिनके विषय विज्ञान एवं गणित (गणित विषय सहित विज्ञान), भाषा (अंग्रेजी) एवं सामाजिक विज्ञान हैं। माध्यमिक शालाओं में शिक्षकों की विषयवार उपलब्धता एवं आवश्‍यकता के आधार पर माध्यमिक शिक्षकों के पद विज्ञापित किये गये हैं। विज्ञान विषय में रिक्तियां कम होने के कारण कम संख्या में पद विज्ञापित किये गये हैं।

परिशिष्ट - "सात"

अमानक धान बीजों का विक्रय

[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]

22. ( *क्र. 501 ) श्री प्रदीप अमृतलाल जायसवाल (गुड्डा) : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या बालाघाट जिला म.प्र. का प्रमुख धान उत्‍पादक जिला है? यदि हाँ, तो जिले में प्रतिवर्ष कितनी मात्रा में धान की फसल का उत्‍पादन किया जाता है? धान फसल उत्‍पादन के लिये जिले में धान बीज की कितनी मात्रा की प्रतिवर्ष आवश्‍यकता होती है? धान बीज की आपूर्ति किस प्रकार से की जाती है? कौन-कौन सी धान बीज उत्‍पादक कंपनियों को म.प्र. शासन द्वारा धान बीज की आपूर्ति हेतु मान्‍यता प्रदान की गयी है? (ख) म.प्र. शासन द्वारा मान्‍यता प्राप्‍त कौन-कौन सी कंपनियों द्वारा बालाघाट जिले में धान बीज की कौन-कौन सी किस्‍मों की आपूर्ति की जा रही है? धान बीज की मानकता के क्‍या मापदण्‍ड हैं? कृषि विभाग द्वारा किस प्रकार धान बीज की मानकता की जांच की जाती है? वर्ष 2018-19 से प्रश्‍न दिनांक तक विभाग के किस-किस अधिकारी द्वारा कब-कब एवं कहां-कहां धान बीज की जांच संबंधी कार्यवाही की है? कहां-कहां धान बीज की अमानकता पाई गई तथा अमानक धान बीज विक्रय करने वाली कंपनियों अथवा व्‍यापारियों पर क्‍या कार्यवाही की गयी? (ग) क्‍या बालाघाट जिले में विगत वर्षों में यशोदा सीड्स तथा केशव खनक सीड्स कंपनी के बीज विक्रय को जिला प्रशासन द्वारा प्रतिबंधित किया गया था? यदि हाँ, तो प्रतिबंधित करने के क्‍या कारण थे? जिले में उक्‍त कंपनियों के सीड्स का विक्रय पुन: प्रारम्‍भ किये जाने की अनुमति किसके द्वारा एवं किस आधार पर प्रदान की गई? विकासखण्‍ड वारासिवनी एवं खैरलांजी में धान बीज विक्रय हेतु किस-किस को लायसेंस प्रदान किया गया है? गैर लायसेंसधारी व्‍यापारियों एवं गैर अनुमति प्राप्‍त कंपनियों के उत्‍पादित धान बीज का विक्रय रोकने हेतु शासन स्‍तर पर क्‍या कार्यवाही की जा रही है?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री कमल पटेल ) : (क) जी हाँ। जिले में धान फसल के उत्‍पादन की वर्षवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'एकअनुसार है। धान फसल उत्‍पादन के लिये जिले में धान बीज की प्रतिवर्ष आवश्‍यकता की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'एक' अनुसार है। धान बीज की आपूर्ति हेतु जिले में मुख्‍यत: म.प्र. राज्‍य बीज एवं फार्म विकास निगम, राष्‍ट्रीय बीज निगम, म.प्र. राज्‍य सहकारी बीज उत्‍पादक एवं विपणन संघ एवं सहकारी संस्‍थाओं के माध्‍यम से प्रमाणित बीज का वितरण कराया जाता है। इसके अतिरिक्‍त जिले में पंजीकृत निजी बीज विक्रेताओं द्वारा धान बीज कृषकों को उपलब्‍ध कराया जाता है। राज्‍य शासन द्वारा धान बीज उत्‍पादक कंपनियों को बीज की आपूर्ति हेतु मान्‍यता प्रदान करने का कोई प्रावधान नहीं है। (ख) जिले में बीज विक्रय हेतु अनुज्ञापन अधिकारी (उप संचालक कृषि) द्वारा जारी की गई अनुज्ञप्ति के आधार पर धान बीज उत्‍पादक कंपनियों द्वारा विभिन्‍न धान किस्‍मों का बीज पंजीकृत निजी विक्रेताओं के माध्‍यम से विक्रय किया जाता हैजानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'दोअनुसार है। धान बीज के मानकता संबंधी मापदण्‍ड की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'तीनअनुसार है। विभाग द्वारा धान बीज की मानकता की जांच रेन्‍डमली बीज नमूने लिये जाकर बीज परीक्षण प्रयोगशाला में भेजकर कराई जाती है। वर्ष 2018-19 से प्रश्‍नांकित अवधि तक विभाग द्वारा लिये गए धान बीज नमूनों एवं अमानक नमूनों पर की गई कार्यवाही की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'चारअनुसार है। (ग) जी हाँ। विगत वर्षों में कृषकों द्वारा की गई शिकायत के आधार पर क्रमश: यशोदा सीड्स (वर्ष 2017) व केशव खनक सीड्स (वर्ष 2014) का बीज प्रतिबंधित किया गया था। यशोदा सीड्स द्वारा माननीय उच्‍च न्‍यायलय जबलपुर में दायर याचिका क्र./WP/8234/2014 पर पारित निर्णय के अनुपालन में प्रतिबंध शिथिल किया गया है। प्रकरण माननीय उच्‍च न्‍यायलय जबलपुर में विचाराधीन है तथा केशव खनक सीड्स द्वारा अभिलेख पूर्ण किये जाने पर प्रतिबंध शिथिल किया गया है। विकासखंड वारासिवनी एवं खैरलांजी में धान बीज विक्रय हेतु अधिकृत विक्रेताओं की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'पांचअनुसार है। गैर लायसेंसधारी व्‍यापारियों एवं गैर अनुमति प्राप्‍त कंपनियों के उत्‍पादित धान बीज विक्रय संबंधी शिकायत विभाग को प्राप्‍त होना नहीं पाया गया।

कौशल विकास केंद्र का निर्माण

[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]

23. ( *क्र. 390 ) श्री सचिन सुभाषचन्‍द्र यादव : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) तहसील मुख्यालय कसरावद में रोजगारोन्मुखी कृषि अभियांत्रिकी के कौशल विकास केंद्र की स्वीकृति वर्ष 2019-20 में संचालक कृषि अभियांत्रिकी भोपाल के आदेश क्र. 2849 के द्वारा प्रदान की गई थी, जिसकी कार्य एजेन्सी भी निर्धारित कर ली गई थी? कार्य कब तक प्रारंभ होगा? (ख) उपरोक्त निर्माण कार्य में विलंब के क्या कारण हैं? (ग) उक्त कार्य कब तक पूर्ण कर लिया जाएगा? नहीं तो कारणों का उल्लेख करें। उक्त निर्माण कार्य की कार्य एजेंसी किसे बनाया गया है?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री कमल पटेल ) : (क) जी हाँ। किन्‍तु स्‍वीकृत प्रोजेक्‍ट के अंतर्गत राशि प्राप्‍त नहीं होने से निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं हो सका। कार्य प्रारंभ किये जाने के संबंध में जानकारी प्रश्‍नांश '''' के उत्‍तर में प्रस्‍तुत है। (ख) आत्‍म निर्भर मध्‍यप्रदेश रोडमैप 2023 एवं कृषि यंत्रीकरण के विजन 2035 के अंतर्गत यह निर्णय लिया गया है कि प्रत्‍येक संभाग में एक कौशल विकास केन्‍द्र स्‍थापित किया जाना है। अभी तक पांच संभागों में इनकी स्‍थापना की जा चुकी है। इंदौर संभाग के अंतर्गत इंदौर मुख्‍यालय में कौशल विकास केन्‍द्र का निर्माण प्रगति पर है, अत: इंदौर संभाग के अधीन कसरावद जिला खरगोन में पृथक से कौशल विकास केन्‍द्र स्‍थापित करना प्रस्‍तावित नहीं है। (ग) प्रश्‍नांश '''' के उत्‍तर के परिप्रेक्ष्‍य में इस कार्य को किया जाना प्रस्‍तावित नहीं है।

म.प्र. स्कूल शिक्षा विभाग के अधीन स्कूलों में आवश्‍यक व्‍यवस्‍थाएं

[स्कूल शिक्षा]

24. ( *क्र. 439 ) श्री अनिरुध्द (माधव) मारू : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भोपाल एवं इंदौर जिले में कितने प्राइमरी, मिडिल और कितने मैट्रिक स्कूल हैं? सूची उपलब्ध करायें। (ख) भोपाल एवं इंदौर जिले में कितने प्राइमरी, मिडिल और कितने मैट्रिक स्कूल हैं, जिनमें पीने के लिए शुद्ध जल (R O water) उपलब्ध है? सूची उपलब्ध करायें। (ग) भोपाल एवं इंदौर जिले में कितने प्राइमरी, मिडिल और कितने मैट्रिक स्कूल हैं, जिनमें आकस्मिक अग्नि दुर्घटना से बचाव हेतु स्वचलित अग्नि शामक (Portable Fire Extinguisher) यन्त्र उपलब्ध हैं? सूची उपलब्ध करायें। यदि नहीं, तो क्यों? कब तक यह सुविधा सभी स्कूल में उपलब्ध होगी?

राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' पर है। (ख) हाईस्कूल/हायर सेकेण्डरी स्कूलों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' पर एवं प्राथमिक/माध्यमिक शालाओं की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' पर है। (ग) हाईस्कूल/हायर सेकेण्डरी स्कूलों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' पर एवं प्राथमिक/माध्यमिक शालाओं की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' पर है। आकस्मिक अग्नि दुर्घटना से बचाव हेतु सभी स्कूलों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये गये हैं। शालाओं में वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में अग्नि दुर्घटना से बचाव हेतु बालू से भरी बाल्टियां उपलब्ध रहती है। स्कूलों को उपलब्ध अनुदान से शाला विकास एवं प्रबंधन समिति द्वारा आवश्यकतानुसार अग्निशामक यन्त्र क्रय किये जाते हैं। अतः समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

शासकीय पॉलीटेकनिक कॉलेजों में कार्यरत शिक्षकों को सातवें वेतनमान का लाभ

[तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोज़गार]

25. ( *क्र. 362 ) इंजीनियर प्रदीप लारिया : क्या खेल एवं युवा कल्याण मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या प्रदेश के शासकीय पॉलीटेक्निक महाविद्यालय के शिक्षकों को सातवें वेतनमान के आदेश जारी कर दिए हैं? क्या शिक्षकों को पुनरीक्षित वेतनमान का लाभ प्रदान किया गया? (ख) आदेश क्र. एफ-1-09/2019/42-1, दिनांक 24.05.2021 के बिंदु क्र. 5.2 के अनुसार दिनांक 31.12.2015 को पूर्व संशोधित संरचना में प्राप्त विद्यमान वेतन को 2.57 घटक से गुणा कर दिनांक 01.01.2016 की स्थिति में पुनरीक्षित सातवें वेतनमान का लाभ प्रदान किया जा रहा है? (ग) कितने शिक्षक ऐसे हैं, जिन्हें विभाग के आदेश दिनांक 24.05.2021 के बाद भी 01.06.2022 तक वेतनमान का लाभ प्रदान नहीं किया गया? कृपया संस्थावार शिक्षकों के नाम बतावें तथा विभागीय आदेश या शासन के आदेश के तहत कितने शिक्षकों को वेतनमान के लाभ से वंचित किया गया है? यदि नहीं, तो वेतनमान से वंचित शिक्षकों को लाभ कब तक दिया जायेगा? (घ) वेतनमान के लाभ से शिक्षकों को वंचित करने के लिए कौन जिम्मेदार हैं तथा दोषी अधिकारियों के विरुद्ध कोष एवं लेखा के आदेश क्र. 45 दिनांक 23.03.2019 के निर्देशानुसार कार्यवाही की जावेगी? यदि हाँ, तो कब तक जानकारी देवें एवं शिक्षकों को एरियर का भुगतान कब किया जायेगा?

खेल एवं युवा कल्याण मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) जी हाँ। जी हाँ। (ख) जी हाँ। (ग) एवं (घ) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता हैं।

परिशिष्ट - "आठ"

 

 

 

 








भाग-2

नियम 46 (2) के अंतर्गत अतारांकित प्रश्‍नोत्तर के रुप में परिवर्तित तारांकित प्रश्‍नोत्तर


उप संचालकों का स्‍थानांतरण

[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]

1. ( क्र. 10 ) श्री पाँचीलाल मेड़ा : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश के किन-किन जिले में उप संचालक कृषि के पद पर किन-किन सहायक उप संचालक कृषि को प्रभारी कब-कब से बनाया गया है? (ख) नर्मदापुरम एवं जबलपुर संभाग अंतर्गत स्‍थानांतरण नीति 2021 के तहत कितने उप संचालक, कृषि का स्‍थानांतरण अन्‍यत्र किया गया? उनमें से किस-किस जिले के उप संचालकों को किन कारणों से प्रश्‍न दिनांक तक कार्यमुक्‍त नहीं किया गया है? (ग) प्रश्‍नांश (ख) अनुसार उप संचालकों के विरूद्ध कितनी शिकायतें प्राप्‍त हुई हैं, उन शिकायतों में क्‍या कार्यवाही की गई है? यदि नहीं, तो क्‍यों?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री कमल पटेल ) : (क) प्रदेश के 16 जिलों में उप संचालक कृषि के पद पर 16 सहायक संचालकों को प्रभारी बनाया गया हैजानकारी संलग्न परिशिष्ट  के प्रपत्र 01 अनुसार है। (ख) नर्मदापुरम एवं जबलपुर संभाग अतंर्गत स्‍थानांतरण नी‍ति 2021 के त‍हत 07 उप संचालकों का स्‍थानांतरण अन्‍यत्र किया गया हैजानकारी संलग्न परिशिष्ट  के प्रपत्र 02 अनुसार है। उनमें से 02 उप संचालकों को विभिन्‍न कारणों से भारमुक्‍त नहीं किया गया। जानकारी संलग्न परिशिष्ट  के प्रपत्र 03 अनुसार है। (ग) प्रश्‍नांश (ख) के अनुसार उप संचालक किसान कल्‍याण तथा कृषि विकास जिला नरसिं‍हपुर के विरूद्ध 03 शिकायतें प्राप्‍त हुई। उक्‍त शिकायतों पर जांच प्रक्रियाधीन है।

परिशिष्ट - "नौ"

अंग्रेजी माध्‍यम के शिक्षकों की व्‍यवस्‍था

[स्कूल शिक्षा]

2. ( क्र. 12 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या शासकीय बालक माध्‍यमिक शाला पनागर में कक्षा 6वीं से 8वीं तक अंग्रेजी माध्‍यम में अध्‍ययनरत छात्रों को हिंदी माध्‍यम के शिक्षक पढातें हैं? (ख) क्‍या उक्‍त शाला में कक्षा 1 से 5वीं तक हिन्‍दी माध्‍यम एवं कक्षा 6वीं से 8वीं तक अंग्रेजी माध्‍यम से अध्‍यापन कराया जा रहा है? (ग) प्रश्‍नांश (ख) के अंतर्गत पहले हिन्‍दी फिर अंग्रेजी पुन: हिन्‍दी माध्‍यम से पढ़ाने का क्‍या औचित्‍य है? (घ) प्रश्‍नांश (क) के अंतर्गत क्‍या अंग्रेजी माध्‍यम के शिक्षकों की व्‍यवस्‍था की जावेगी? यदि हाँ, तो कब तक? नहीं तो क्‍यों?

राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) जी हाँ। (ख) उक्त शाला में कक्षा 1 से 5 वी तक की कक्षाएं ही संचालित नहीं होती है। जी हाँ। कक्षा 6 से 8 तक अंग्रेजी माध्यम से अध्यापन कराया जा रहा है। उक्त शाला में अंग्रेजी माध्यम की सुविधा होने के कारण अन्य विद्यालय के छात्र स्वेच्छा से प्रवेश लेते है। (ग) उत्तरांश (ख) अनुसार। (घ) जी हाँ। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

घटिया सड़क निर्माण की जाँच

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

3. ( क्र. 24 ) श्री दिलीप कुमार मकवाना : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या विधानसभा रतलाम ग्रामीण अन्तर्गत सालाखेड़ी से भाटपचलना 27 कि.मी. एवं बांगरोद से बरबोदना 13 कि.मी. कुल लम्बाई 40 कि.मी. की सड़कों का निर्माण प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजनान्तर्गत किया जा रहा है? यदि हाँ, तो इन दोनों सड़कों का निर्माण किस ठेकेदार द्वारा किया जा रहा है? इन सड़कों की क्या लागत है? वर्तमान में सड़कों के निर्माण की क्या स्थिति है? (ख) प्रश्‍नकर्ता ने दिनांक 30 जुलाई 2021 को कलेक्टर रतलाम को शिकायत कर उक्त सड़कों का निर्माण घटिया होने की उच्च स्तरीय जाँच की मांग की थी, क्या प्रश्‍नकर्ता के पत्र के क्रम में कलेक्टर रतलाम द्वारा दोनों सड़कों की जाँच कराई जाकर सड़क निर्माण में उपयोग में लाई गयी गिट्टी, रेती, मिट्टी, डामर आदि सामग्री गुणवत्तायुक्‍त है अथवा नहीं? नमूने जाँच के लिए लैब गये थे? (ग) यदि हाँ, तो क्या लैब की जाँच रिपोर्ट प्राप्त हो गयी? क्या निर्माण में उपयोग में लाई सामग्री गुणवत्तापूर्ण पाई गयी? यदि नहीं, तो गुणवत्तापूर्ण सामग्री का उपयोग नहीं करने एवं घटिया निर्माण के लिए कौन अधिकारी दोषी है? क्या दोषी अधिकारी के विरूद्ध विभाग कोई कार्यवाही करेगा? यदि हाँ, तो कब? सड़क निर्माण के उपयोग में लाई गयी समस्त सामग्री की लैब रिपोर्ट एवं जाँच प्रतिवेदन की प्रति प्रश्‍नकर्ता को उपलब्ध कराई जाए।

पंचायत मंत्री ( श्री महेन्‍द्र सिंह सिसौदिया ) : (क) विधानसभा रतलाम ग्रामीण अंर्तगत, सालाखेड़ी से भाटपचलाना 26.32 कि.मी. एवं बांगरोद से बरबोदना 12.61 कि.मी. कुल लंबाई 38.93 कि.मी. की सड़कों का निर्माण प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना अंर्तगत किया गया हैं। उक्त दोनों सड़कों का निर्माण मे. पारूल कंस्ट्रक्शन कम्पनी दुर्गापुरा, जयपुर (राज.) द्वारा किया गया हैं। सालाखेड़ी से भाटपचलाना मार्ग की अनुबंधित लागत राशि रू. 1527.95 लाख एवं बांगरोद से बरबोदना मार्ग की अनुबंधित लागत राशि रू. 453.05 लाख हैं। दोनों सड़कों का निर्माण कार्य दिनांक 25.03.2022 को पूर्ण किया जा चुका है। (ख) जी हाँ, कलेक्टर द्वारा नियुक्त जांच दल द्वारा जांच में सड़क निर्माण में उपयोग में लाई गई गिट्‌टी, रेती, डामर आदि सामग्री प्रायः गुणवत्तापूर्ण पाई गई थी। जी हां, नमूनों की जांच मुख्‍य अभियंता, लोक निर्माण विभाग उज्जैन परिक्षेत्र उज्जैन की प्रयोगशाला में कराई गई थी। (ग) जी हाँ। जी हाँ। जांच दल द्वारा जांच में कुछ अन्य कमियां पाई गई थी जिस पर आवश्यक सुधार कार्य कराकर महाप्रबंधक द्वारा प्रतिवेदन प्रेषित किया गया है, इसका परीक्षण राज्य गुणवत्ता पर्यवेक्षक से कराया जावेगा, जिसके प्रतिवेदन के आधार पर आवश्यक कार्यवाही की जा सकेगी। सड़क निर्माण में उपयोग में लाई गई सामग्री की लेब रिपोर्ट एवं  जांच प्रतिवेदन की प्रति जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है।

अमृत सरोवर योजनांतर्गत तालाब निर्माण हेतु भूमि का चयन

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

4. ( क्र. 41 ) श्री प्रणय प्रभात पाण्डेय : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अमृत सरोवर योजना अंतर्गत तालाब निर्माण हेतु भूमि चयन किन-किन नियमों एवं दिशा निर्देशों के तहत किसके द्वारा किया जाना निर्देशित है तथा तालाब-निर्माण की तकनीकी-स्वीकृति एवं प्रशासकीय-स्वीकृति किस-किस के द्वारा प्रदान किए जाने का नियम है? (ख) प्रश्‍नांश (क) में उल्लेखित योजना अंतर्गत कटनी जिले में कहां-कहां पर सरोवर-निर्माण प्रस्तावित किए गये तथा वर्तमान समय में इनमें से कितने पूर्ण एवं कितने-किन कारणों से अपूर्ण या अप्रारंभ हैं? (ग) क्या प्रमुख-सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास द्वारा प्रश्‍नांश (ख) में उल्लेखित निर्माणाधीन अमृत सरोवरों में से कुछ सरोवरों के निर्माण-स्थल का निरीक्षण किया गया था? में यदि हाँ, तो किन-किन निर्माणाधीन तालाबों का निरीक्षण किया गया तथा क्या-क्या तकनीकी कमियां पाई गई? क्या दिशा-निर्देश दिये गये? निरीक्षण रिपोर्ट की छायाप्रति देवें। (घ) प्रश्‍नांश (ग) में उल्लेखित दोषपूर्ण निर्माण स्थलों की तकनीकी एवं प्रशासकीय-स्वीकृति कब-कब किसके द्वारा दी गई तथा इन निर्माण स्थलों का निरीक्षण-परीक्षण कब-कब, किस-किस अधिकारी द्वारा किया गया? दोषपूर्ण निर्माण-स्थलों के चयन का दोषी कौन-कौन है? दोषियों पर शासन द्वारा कब-कब क्या कार्यवाही की गई? यदि नहीं, की गई तो इसका दोषी कौन है? क्या शासन इसकी जांच करा कर दोषियों पर कार्यवाही करेगा? यदि हाँ, तो किस प्रकार से कब तक? यदि नहीं, तो क्यों नहीं?

पंचायत मंत्री ( श्री महेन्‍द्र सिंह सिसौदिया ) : (क) अमृत सरोवर तालाब निर्माण हेतु भूमि चयन विभाग के पत्र क्र. 3361 दिनांक 29.03.2022 जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट  1 अनुसार, विभाग के पत्र क्र. 4123 दिनांक 20.04.2022, जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट  2 अनुसार तथा प्रमुख अभियंता, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा, भोपाल का पत्र क्र. 25 दिनांक 09.05.2022 जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट  3 में दिये गये तकनीकी निर्देशों के तहत तालाब निर्माण हेतु भूमि चयन किये जाने के निर्देश है। म.प्र. राज्‍य रोजगार गारंटी परिषद भोपाल के पत्र क्र. 3600 दिनांक 04.11.2020 जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट  4 अनुसार में प्रदत्‍त निर्देशों के तहत तालाब निर्माण की तकनीकी स्‍वीकृति कार्यपालन यंत्री, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा द्वारा एवं तदनुसार अभिसरण का कार्य होने से प्रशासकीय स्‍वीकृति जिला कलेक्‍टर/जिला कार्यक्रम समन्‍वयक महात्‍मा गांधी नरेगा द्वारा प्रदान किये जाने के निर्देश है। (ख) कटनी जिले में 105 अमृत सरोवर तालाबों का निर्माण कराया जा रहा है, जिसमें 22 कार्य भौतिक रूप से पूर्ण एवं 83 कार्य अपूर्ण है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट  5 अनुसार है। (ग) जी हाँ। प्रमुख सचिव म.प्र. शासन, भोपाल द्वारा जनपद पंचायत बहोरीबंद अंतर्गत 03 अमृत सरोवर तालाबों क्रमश: 1. तालाब निर्माण पथराडी पिपरिया ग्राम पंचायत पथराडी पिपरिया 2. तालाब निर्माण जमुनिया, ग्राम पंचायत सुपेली 3. तालाब निर्माण खम्‍हरिया, ग्राम पंचायत खम्‍हरिया का निरीक्षण दिनांक 15.05.2022 को किया गया था। प्रमुख सचिव महोदय द्वारा स्‍थल निरीक्षण के दौरान मौके पर ही सरल क्र. 01 में वर्णित तालाब के निचले स्‍तर पर विद्यमान पूर्व निर्मित तालाब में कैचमेंट प्रभावित होने के कारण कार्य बंद किये जाने एवं व्‍यय राशि की वसूली करते हुये एफ.आई.आर. दर्ज कराने के निर्देश प्रदाय किये गये। सरल क्र. 02 एवं 03 में वर्णित तालाबों में जल भंडारण क्षमता उपलब्‍ध साईट अनुसार अमृत सरोवर के निर्धारित मानक से कम होने के कारण कार्य बंद किये जाने हेतु मौके पर ही निर्देश प्रदाय किये गये। निरीक्षण प्रतिवेदन की छायाप्रति  पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट  6 अनुसार है। (घ) उत्‍तरांश '' में वर्णित तालाबों की तकनीकी एवं प्रशासकीय स्वीकृति का विवरण एवं किये गये निरीक्षण का विवरण पृथक कार्यपालन यंत्री, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग कटनी से प्राप्‍त  पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट  7 अनुसार है। उक्त कार्यों का स्थल चयन संबंधित क्षेत्रीय उपयंत्री एवं सहायक यंत्री, जनपद पंचायत द्वारा अमृत सरोवरों के निर्धारित मानकों के अनुक्रम में किया गया। प्रमुख सचिव महोदय द्वारा दिनांक 15.05.2022 को किये गये निरीक्षण अनुसार मौके पर दिये गये निर्देशों के परिपालन में कार्यालय कलेक्टर जिला कटनी के पत्र क्र. 1006/स्‍था/ग्रायासे/2022 दिनांक 23/05/2022 के माध्‍यम से श्री आर.के. जैन, सहायक यंत्री पत्र क्र. 1010/स्‍था/ग्रायासे/2022 दिनांक 23/05/2022 के माध्‍यम से श्री सुरेन्द्र कुमार पाण्डेय उपयंत्री ग्रा.यां.से. एवं पत्र क्र. 1008/स्‍था/ग्रायासे/2022 दिनांक 23/05/2022 के माध्‍यम से श्री मनोज कौशल उपयंत्री ग्रा.यां.से. के विरूद्ध अनुशासनात्‍मक कार्यवाही हेतु प्रस्‍ता‍व आयुक्‍त, जबलपुर संभाग जबलपुर को प्रेषित किया गया है। आयुक्‍त, जबलपुर संभाग जबलपुर के पत्र क्र. 230, 228 एवं 426 दिनांक 02.06.2022 द्वारा सर्वसंबंधितों को कारण बताओ सूचनादर्शी पत्र जारी किये गये। संबंधितों के द्वारा कारण बताओ सूचनादर्शी पत्र का स्‍पष्‍टीकरण दिनांक 16.06.2022 को आयुक्त महोदय जबलपुर संभाग जबलपुर को प्रस्तुत किया गया है, जिस पर कार्यवाही विचाराधीन है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट  8 अनुसार है।

बहोरीबंद में खेल स्टेडियम का निर्माण

[खेल एवं युवा कल्याण]

5. ( क्र. 42 ) श्री प्रणय प्रभात पाण्डेय : क्या खेल एवं युवा कल्याण मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या पूर्व में शासन द्वारा तहसील-मुख्यालय बहोरीबंद में खेल-कूद गतिविधियों को प्रोत्साहित करने हेतु एक स्टेडियम का निर्माण प्रारंभ कराया गया था? यदि हाँ, तो उक्त स्टेडियम का निर्माण कब किस ठेकेदार से कितनी राशि के कौन-कौन से निर्माण कार्यों का अनुबंध कर प्रारंभ कराया गया था? कौन-कौन से निर्माण कार्य कितनी-कितनी राशि से पूर्ण हुए तथा कौन-कौन से निर्माण कार्य किन कारणों से आज-तक अपूर्ण हैं? (ख) प्रश्‍नांश (क) में उल्लेखित स्टेडियम वर्तमान समय में किस-स्थिति में किसके आधिपत्य में है, तथा यहां पर इसके निर्माण काल से कब-कब कौन-कौन सी खेल गतिविधियां आयोजित की गई? यदि नहीं, की गई तो क्यों नहीं की गई? (ग) स्तरहीन अपूर्ण स्टेडियम-निर्माण का दोषी कौन है? क्या शासन इसकी जांच करा कर दोषियों पर कार्यवाही करते हुए अपूर्ण स्टेडियम का निर्माण पूर्ण कर यहां खेल-कूद गतिविधियां प्रारंभ करने हेतु सार्थक प्रयास करेगा ताकि शासन की व्यय हुई राशि का सदुपयोग हो सके? यदि हाँ, तो किस प्रकार से कब तक? यदि नहीं, तो क्यों नहीं? (घ) क्या विभाग द्वारा विकासखंड स्तर पर लघु, खेल परिसर बनाये जाने का प्रावधान है? यदि हाँ, तो क्या इस योजनान्तर्गत रीठी एवं बहोरीबंद विकासखंडों में लघु खेल परिसरों का निर्माण किया जावेगा? यदि हाँ, तो किस प्रकार से कब तक?

खेल एवं युवा कल्याण मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) जी हाँ। स्टेडियम के निर्माण हेतु संचालनालय के आदेश क्र. 5483, दिनांक 23.02.2007 द्वारा राशि रू. 45.00 लाख़ की स्वीकृति के विरूद्ध राशि रू. 46.85 लाख व्यय कर निर्माण पूर्ण किया गया है। स्टेडियम में प्रशासकीय भवन, मैदान समतलीकरण, बाउण्ड्रीवॉल (पश्चिम की ओर) टॉयलेट व एप्रोच रोड हेतु पुलिया निर्माण का कार्य संपादित किया गया। स्टेडियम निर्माण हेतु अनुबंध क्र.120, दिनांक 22.01.2008 द्वारा मेसर्स उपासिनी कंस्ट्रशन एवं अनुबंध क्र. 70, दिनांक 02.03.2009 द्वारा श्री सुनील जयरत्नम को ठेकेदार नियुक्त किया गया था। निविदा अनुसार समस्त कार्य पूर्ण किये जा चुके है। (ख) स्टेडियम वर्तमान में खेल और युवा कल्याण विभाग के आधिपत्य में है। स्टेडियम में प्रशासकीय भवन के सामने की दिशा में बाउण्‍ड्रीवॉल के निर्माण हेतु प्रस्‍ताव प्राप्‍त हुआ था, जिसकी उपयोगिता व वित्‍तीय संसाधनों को दृष्टिगत रखते हुए जिले से प्राप्‍त प्राक्‍कलन अनुसार रू. 2.93 लाख से तार फेंसिंग की स्‍वीकृति संचालनालय के पत्र क्रमांक 5430 दिनांक 08/01/2021 द्वारा प्रदान की गई। उक्‍त कार्य होना शेष है तथा स्‍टेडियम में खेल मैदान के समतलीकरण करने की आवश्‍यकता है। स्‍टेडियम के निर्माण के पश्‍चात खेल और युवा कल्‍याण विभाग द्वारा वर्ष 2010-11 में पायका ग्रामीण खेल प्रतियोगिता आयोजित कराई गई है। स्‍टेडियम में समय-समय पर विभिन्‍न संस्‍था/संगठन द्वारा भी खेल प्रतियोगिताएं आयोजित की जाती है। अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) स्वीकृत प्राक्कलन अनुसार स्टेडियम का निर्माण पूर्ण हो गया है। अतः शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (घ) जी हाँ। बहोरीबंद में पूर्व से खेल परिसर निर्मित है, इस कारण यहाँ पृथक से खेल परिसर निर्माण की आवश्‍यकता नहीं है। रीठी विकासखण्ड पर विभागीय नीति अनुसार भूमि आवंटन होने पर उपलब्ध वित्तीय संसाधनों को दृष्टिगत रखते हुए निर्णय लिया जा सकेगा। अतः शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

छात्रावासों हेतु आवंटित राशि

[स्कूल शिक्षा]

6. ( क्र. 70 ) श्री लखन घनघोरिया : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला शिक्षा केन्द्र जबलपुर के तहत शासकीय एवं अशासकीय बालक, बालिका कस्तूरबा गांधी, बालिका सी.डब्ल्यू.एस.एन. बालक, बालिका छात्रावास कहां-कहां पर संचालित हैं? शासन ने किस-किस योजनामद सें कितनी-कितनी राशि आवंटित की एवं अनुदान की कितनी-कितनी राशि दी गई तथा कितनी-कितनी राशि व्यय हुई? वर्ष 2018-19 से 2022-23 तक की पृथक-पृथक राशि की जानकारी दें। (ख) प्रश्‍नांकित किन-किन छात्रावासों में कितने-कितने छात्र, छात्राएं निवासरत है? इनमें अधीक्षक के पद पर कब से कौन-कौन पदस्थ हैं? इनमें निर्माण कार्यों व सामग्री आदि पर कितनी-कितनी राशि व्यय हुई? सामग्री आदि की खरीदी हेतु क्या नीति/प्रक्रिया निर्धारित की गई एवं किस-किस को कब-कब कितनी-कितनी राशि का भुगतान किया गया? इसका सत्यापन कब किसने किया हैं? मदवार व्यय राशि खाता नं. चेक क्र. व दिनांक सहित जानकारी दें। (ग) किन-किन स्वयं सेवी संस्थाओं को किस-किस योजनामद में कितनी-कितनी राशि एवं अनुदान की कितनी राशि प्रदाय की गई तथा कितनी-कितनी राशि किन कार्यों में व्यय हुई? किन-किन छात्रावासों का कब-कब किसने निरीक्षण किया है और कहां-कहां पर क्या-क्या अनियमितताएं पाई गई तथा कब किस पर क्या कार्यवाही की गई? क्या शासन राशि का दुरूपयोग, वित्‍तीय अनियमितता व भ्रष्टाचार की जांच कराकर दोषी अधिकारियों पर कार्यवाही करेंगा?

राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) जानकारी  पुस्‍तकालय  में रखे  परिशिष्‍ट- अ पर है। (ख) जानकारी  पुस्‍तकालय  में रखे  परिशिष्‍ट- ,,, द पर है। (ग) जानकारी  पुस्‍तकालय  में रखे  परिशिष्‍ट  य एवं र पर है। राशि का दुरूपयोग वित्‍तीय अनियमितताएं व भ्रष्‍टाचार संबंधी शिकायतें प्राप्‍त नहीं हुई है। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

ऑउटसोर्स पदों की जानकारी

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

7. ( क्र. 74 ) श्रीमती कल्पना वर्मा : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या राष्‍ट्रीय ग्राम स्‍वराज अभियान के अंतर्गत पंचायत विभाग में अस्‍थाई ऑउटसोर्स पदों के लिये शेडमैप द्वारा नवम्‍बर 2021 में ऑनलाईन आवेदन मंगाये गये थे? यदि हाँ, तो कुल कितने आवेदन प्राप्‍त हुये थे? (ख) क्‍या उपरोक्‍त आवेदन में से मैरिट के आधार पर फरवरी 2022 में विभिन्‍न पदों के लिये अभ्‍यार्थियों को व्‍यक्तिगत इन्‍टरव्‍यू के लिये बुलाया गया था? यदि हाँ, तो कितने आवेदकों के इन्‍टरव्‍यू लिये गये थे तथा कितने आवेदकों का चयन किया गया? (ग) प्रश्‍न दिनांक तक उपरोक्‍त में से कितने आवेदकों को पंचायत विभाग में ऑउटसोर्स पदों पर रोजगार दिया गया? यदि नहीं, तो इसका क्‍या कारण है?

पंचायत मंत्री ( श्री महेन्‍द्र सिंह सिसौदिया ) : (क) जी हाँ। एम.पी. ऑनलाईन के माध्यम से 117524 आवेदन प्राप्त हुए थे। (ख) जी हाँ। 7131 आवेदकों को इंटरव्यू के लिये बुलाये गये थे तथा 1052 आवेदकों का चयन प्रक्रिया की गई। (ग) जी नहीं। चयन प्रक्रिया निरस्त होने से ऑउटसोर्स पदों की पूर्ति नहीं की गई।

पंजीकृत बेरोजगारों को रोजगार

[तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोज़गार]

8. ( क्र. 75 ) श्रीमती कल्पना वर्मा : क्या खेल एवं युवा कल्याण मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) जिला सतना विधान सभा क्षेत्र रैगांव में 01 जनवरी, 2018 से प्रश्‍न दिनांक तक बेरोजगारों ने रोजगार के लिये पंजीयन कराया है? (ख) प्रश्‍न दिनांक तक विधान सभा क्षेत्र रैगांव में कुल कितने रोजगार मेले आयोजित किये गये? इन रोजगार मेलों में कितने पंजीकृत बेरोजगारों को रोजगार मिला? (ग) उपरोक्‍त अवधि में कुल कितने पंजीकृत बेरोजगारों को रोजगार उपलब्‍ध कराया?

खेल एवं युवा कल्याण मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) प्रश्‍नावधि में जिला रोज़गार कार्यालय, सतना में 1,00,990 आवेदकों ने पंजीयन कराया है। विधानसभावार जानकारी संधारित नहीं की जाती है। (ख) जानकारी निरंक है। शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) प्रश्‍नावधि में जिला रोज़गार कार्यालय, सतना द्वारा 7023 आवेदकों को निजी क्षेत्र में नियुक्ति हेतु ऑफर लेटर प्रदाय किये गये।

ग्राम पंचायतों में अनियमितता पर कार्यवाही

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

9. ( क्र. 83 ) श्री ग्‍यारसी लाल रावत : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बड़वानी जिले की ग्राम पंचायतों में अनियमितताओं के तहत पंचायत राज अधिनियम की धारा 40 एवं 92 के तहत कितने सरपंच/सचिव के विरूद्ध कार्यवाही पूर्ण की गई, कितने के विरूद्ध कार्यवाही प्रचलन में हैं? ग्राम पंचायतवार पृथक-पृथक जानकारी उपलब्‍ध कराई जाये एवं किन-किन सरपंचों के विरूद्ध कार्यवाही पूर्ण हो गई हैं? (ख) बड़वानी जिले की ग्राम पंचायतों में अनियमितताओं के तहत प्रश्‍न दिनांक तक कितनी पंचायतों के सरपंच/सचिवों धारा 40 एवं 92 के तहत राशि वसूल की गई? नाम, जमा राशि, ग्राम पंचायत सहित सूची उपलब्‍ध करायें। (ग) बड़वानी जिले की ग्राम पंचायतों में कितनी पंचायतों से धारा 40 एवं 92 के तहत वसूली की जाना हैं?

पंचायत मंत्री ( श्री महेन्‍द्र सिंह सिसौदिया ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट -'''' एवं '''' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट -'''' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट -'''' अनुसार है।

सोयाबीन बीज की पूर्ति

[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]

10. ( क्र. 112 ) श्री रामचन्‍द्र दांगी : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला राजगढ़ में कुल कितने किसान ऐसे हैं जिन्हें हर वर्ष बोवनी के लिए सोयाबीन बीज की आवश्यकता पड़ती हैं? विकासखंडवार जानकारी प्रदान करें। (ख) राजगढ़ जिले में इस वर्ष सोयाबीन की बोवनी के लिए क्या लक्ष्य रखा गया है? विकासखंडवार जानकारी प्रदान करें। (ग) उपरोक्त लक्ष्य की पूर्ति के लिए कितने सोयाबीन के बीज की आवश्यकता है? क्या इतना बीज किसानों के लिए उपलब्ध है? (घ) यदि नहीं, तो क्या सरकार सभी किसानों को उनकी आवश्यकतानुसार सोयाबीन का बीज उपलब्ध कराने हेतु त्वरित कार्यवाही करेगी?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री कमल पटेल ) : (क) राजगढ़ जिले में कुल कृषक संख्‍या 274027 है। विकासखंडवार  जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) राजगढ़ जिले में इस वर्ष सोयाबीन फसल के लिए 334000 हेक्‍टर क्षेत्र में बोनी की संभावना है। विकासखंडवार  जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) सोयाबीन बीज की आदर्श बीज प्रतिस्‍थापन दर अर्जित करने के लिये म.प्र.राज्‍य बीज एवं फार्म विकास निगम, राष्‍ट्रीय बीज निगम, बीज उत्‍पादक सहकारी समितियों ब अन्‍य शासकीय/निजी पंजीकृत बीज विक्रेता के माध्‍यम से बीज उपलब्‍ध होता है। (घ) शेष प्रश्‍न उद्भूत नहीं होता।

परिशिष्ट - "दस"

मेधावी छात्रों को लेपटाप वितरण

[स्कूल शिक्षा]

11. ( क्र. 119 ) श्री संजय शुक्ला : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या मध्‍यप्रदेश सरकार द्वारा मेधावी छात्रों को लेपटाप दिया जाता है? यदि हाँ, तो पिछले 5 वर्षों में कब-कब लेपटाप प्रदेश एवं इंदौर जिले में वितरण किये गये? (ख) कितने प्रतिशत लाने वाले छात्र-छात्राओं को लेपटाप दिया गया? संपूर्ण सूची उपलब्‍ध करायें। (ग) क्‍या कई वर्षों से मेधावी छात्र-छात्राओं को लेपटाप नहीं दिये जा रहे हैं? यदि हाँ, तो क्‍यों नहीं दिये जा रहे हैं? यदि दिये गए हैं तो कितनो को किस-किस वर्ष में दिये गये? (घ) इस वर्ष 2022 के मेधावी छात्र-छात्राओं को कब तक लेपटाप वितरण किये जायेंगे?

राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) जी नहीं। लेपटाप वितरण की कोई योजना नहीं है अपितु प्रतिभाशाली छात्र प्रोत्साहन योजना अंतर्गत माध्यमिक शिक्षा मण्डल, मध्यप्रदेश, भोपाल की कक्षा 12वीं उत्तीर्ण के नियत प्रतिशत के आधार पर प्रतिभाशाली छात्रों को लेपटाप क्रय हेतु रूपये 25000/- की राशि प्रदान की जाती है। शेषांश प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) से (घ) उत्तरांश '''' के प्रकाश में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

विधानसभा प्रश्‍न क्र. 57 दिनांक 08.03.22 के संबंध में

[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]

12. ( क्र. 122 ) श्री केदारनाथ शुक्ल : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नोत्‍तरी दिनांक 08.03.2022 में मुद्रित प्रश्‍न क्रमांक 57 का उत्‍तर (क) से (घ) तक जानकारी एकत्र की जा रही है बताया गया है? (ख) प्रश्‍नांश (क) का उत्‍तर यदि हाँ, तो संकलित उत्‍तर की प्रति दें तथा बतायें कि तत्‍कालीन उप संचालक मंडी बोर्ड रीवा के विरूद्ध जो शिकायतें प्राप्‍त हुई है उनकी निष्‍पक्ष जांच कराने के लिये श्री चतुर्वेदी की प्रतिनियुक्ति समाप्‍त कर दी जायेगी? यदि हाँ, तो कब तक? (ग) दिनांक 17.12.2021 की ध्‍यानाकर्षण सूचना 184 से संबंधित कार्यवाही तत्‍कालीन उपसंचालक मंडी बोर्ड रीवा एवं तत्‍कालीन मंडी सचिव बैकुण्‍ठपुर एवं अन्‍य को कारण बताओ सूचना पत्र की कार्यवाही एवं निर्णय की प्रति दें तथा बतायें कि इन पर आपराधिक प्रकरण दर्ज करने के लिये शासन कृषि विभाग को शिकायती पत्र प्राप्‍त हुआ है? यदि हाँ, तो की गई कार्यवाही से अवगत करावें। (घ) प्रश्‍नकर्ता सदस्‍य द्वारा मान.मुख्‍यमंत्री, मान.कृषि मंत्री एवं प्रबंध संचालक मंडी बोर्ड भोपाल को लिखे गये पत्र दि. 07.02.2022, 09.02.22 एवं 21.02.22, 21.3.22, 22.4.22 पर अभी तक क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई? (ड.) क्‍या चुनाव आयोग द्वारा ली गई आपत्ति पर तत्‍कालीन उपसंचालक मंडी बोर्ड रीवा को गृह निवास से मुख्‍यालय भोपाल में अटैच किया गया है? यदि हाँ, तो इसके पहले भी इस संबंधी आपत्ति, शिकायतें प्राप्‍त हुई थी? उस समय इनको हटाने के लिये क्‍या विवशता थी?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री कमल पटेल ) : (क) जी हाँ। (ख) प्रश्‍नांश '' की जानकारी प्रशासकीय अनुमोदन हेतु प्रस्‍तुतिकरण में है। तत्‍कालीन उप संचालक मंडी बोर्ड रीवा के विरूद्ध प्राप्‍त शिकायतों की जांच की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। जांच में पाये गये गुणदोष के आधार पर नियमानुसार कार्यवाही की जावेगी। प्रबंध संचालक, म.प्र. राज्‍य कृषि विपणन बोर्ड के आदेश क्रमांक/स्‍थापना/02/क/1158/153 दिनांक 24.06.2022 के द्वारा श्री अवनीश चतुर्वेदी, उप संचालक, मंडी बोर्ड रीवा को मुख्‍यालय भोपाल में संबंद्ध किया गया है जानकारी पुस्तकालय में रखे प्रपत्र ''1-अ-एक'' अनुसार है। (ग) प्रश्‍नागत ध्‍यानाकर्षण सूचना के अनुक्रम में श्री अवनीश चतुर्वेदी उप संचालक कृषि (प्रतिनियुक्ति) म.प्र. राज्‍य कृषि विपणन बोर्ड ऑचलिक कार्यालय रीवा, श्री हीरामणि त्रिपाठी, मंडी निरीक्षक/प्रभारी सचिव, कृषि उपज मंडी समिति बैकुण्‍ठपुर तथा श्री विनय पाण्‍डेय, सहायक उप निरीक्षक, कृषि उपज मंडी समिति सीधी को कारण बताओ सूचना पत्र दिनांक 23.12.2021 को जारी किये गये थे। उक्‍त कारण बताओ सूचना पत्रों के प्राप्‍त उत्‍तरों पर लिये गये निर्णय अंतर्गत कार्यवाही प्रचलित है। विभाग को मुख्‍यमंत्री कार्यालय से सी.एम. मॉनिट प्रकरण क्रमांक 6434/सी.एम.एस./पी.यू.बी./2022 (सी) के संलग्‍न अध्‍यक्ष संयुक्‍त संघर्ष मार्चा म.प्र. मंडी अधिकारी, कर्मचारी महासंघ रीवा का संलग्‍न शिकायती आवेदन प्राप्‍त हुआ है उक्‍त आवेदन को प्रबंध संचालक म.प्र. राज्‍य कृषि विपणन बोर्ड को विभागीय पत्र क्रमांक 4/3/22/0002/2020-Sec-2-14 (AGR) 38681/399 दिनांक 29.04.2022 के द्वारा प्रकरण में विधि सम्‍मत कार्यवाही किये जाने हेतु प्रेषित किया गया है जानकारी पुस्तकालय में रखे प्रपत्र ''2-ब-दो'' अनुसार है। (घ) प्रश्‍नकर्ता माननीय सदस्‍य के प्रश्‍नांधीन पत्रों पर प्रचलित कार्यवाही का विवरण जानकारी पुस्तकालय में रखे प्रपत्र ''3-स-तीन'' अनुसार है। (ड) जी हाँ। उत्‍तरांश () अनुसार प्रश्‍न उद्भूत नहीं होता।

उड़नदस्‍ता दल की प्राप्‍त शिकायत पर कार्यवाही

[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]

13. ( क्र. 123 ) श्री केदारनाथ शुक्ल : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) तत्‍कालीन उपसंचालक मंडी बोर्ड रीवा द्वारा दिनांक 30.09.2021, 01.11.2021 एवं 31.01.2022 को अपने नेतृत्‍व में मंडी शुल्‍क अपवंचन को रोकने कृषि उपज को प्रागंण में क्रय विक्रय कराने, अवैध परिवहन रोकने के लिये उड़नदस्‍ता दल का गठन किया गया था? (ख) यदि हाँ, तो प्रश्‍नांश (क) के अंतर्गत कब-कब बोर्ड मुख्‍यालय एवं शासन को शिकायतें प्राप्‍त हुई? शिकायतवार कार्यवाही व विवरण देंवे। (ग) क्‍या संयुक्‍त संघर्ष मोर्चा मंडी बोर्ड भोपाल द्वारा अपने पत्र क्रमांक 472, दिनांक 25.04.2022 से प्रबंध संचालक म.प्र. राज्‍य कृषि विपणन बोर्ड भोपाल को लिखकर तत्‍कालीन उपसंचालक मंडी बोर्ड रीवा को प्रतिनियुक्ति से हटाने की मांग की गई थी? यदि हाँ, तो उस पत्र पर क्‍या कार्यवाही की गई? (घ) राजस्‍व संभाग रीवा एवं शहडोल के अंतर्गत उपलब्‍ध कोल्‍ड स्‍टोरेज में 2022-2023 में कितना महुआ कुल भंडारित है तथा अभी तक कुल कितना मंडी शुल्‍क प्राप्‍त हुआ है? इस संबंध में कितनी शिकायतें प्राप्‍त हुई है? उन शिकायतों पर क्‍या कार्यवाही की गई है? (ड.) मंडी बोर्ड रीवा में कार्यरत वरि. अंकेक्षक जिसका स्‍थानान्‍तरण जबलपुर मंडी में किया गया है, जिसे प्रश्‍न दिनांक तक क्‍यों भारमुक्‍त नहीं किया गया? कब तक करेंगे और अब तक न करने के लिये कौन-कौन दोषी है? उस पर क्‍या कार्यवाही करेंगे? मंडी बोर्ड रीवा में ही पदस्‍थ सहायक ग्रेड-3 जिसे किसी विधानसभा सदस्‍य द्वारा स्‍थानान्‍तरण प्रस्‍ताव दिया गया है उस पर क्‍या कार्यवाही की गई तथा उक्‍त की कितनी शिकायतें प्राप्‍त हुई है? कार्यवाही विवरण बतावें।

किसान कल्याण मंत्री ( श्री कमल पटेल ) : (क) जी हाँ। तत्‍कालीन उपसंचालक मंडी बोर्ड रीवा द्वारा दो दल गठन दिनांक 30.09.202101.11.2021 किन्‍तु तीसरा दल गठन दिनांक 31.01.2022 के स्‍थान पर दिनांक 03.01.2022 को किया गया था। (ख) जी हाँ। प्रश्‍नांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में मुख्‍यालय एवं शासन को भिन्‍न-भिन्‍न माध्‍यमों एवं शिकायतकर्ताओं से कुल 21 शिकायतें प्राप्‍त हुई हैं। जिनका शिकायतवार कार्यवाही की  जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ग) जी हाँ। प्राप्‍त पत्र की जांच पत्र क्रमांक 901 दिनांक 12.05.2022 से अपर संचालक मुख्‍यालय को सौंपी गई है। जांच कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। (घ) राजस्‍व संभाग रीवा एवं शहडोल के अंतर्गत कुल 08 कोल्‍ड स्‍टोरेज में वर्ष 2022-2023 में कुल 163904.30 क्विंटल महुआ भण्‍डारित है एवं प्राप्‍त मंडी शुल्‍क राशि रूपये 475959.00 की  जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र-2 अनुसार है। उक्‍त संबंध में कुल 03 शिकायतें प्राप्‍त हुई हैं जिस पर जांच कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। (ड.) मंडी बोर्ड रीवा में कार्यरत वरिष्‍ठ अंकेक्षक जिसका स्‍थानांतरण जबलपुर मंडी में किया गया है। उन्‍हें आदेश क्रमांक 1058-64 रीवा दिनांक 11.07.2022 से भारमुक्‍त किया गया। आदेश की  जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र-3 अनुसार है। शेष प्रश्‍न उद्भूत नहीं होगा। मंडी बोर्ड रीवा में ही पदस्‍थ सहायक ग्रेड-3 का स्‍थानांतरण प्रस्‍ताव विधानसभा सदस्‍य से पत्र क्रमांक 6518 दिनांक 26.02.2022 द्वारा प्राप्‍त हुआ है जिस पर कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। उक्‍त सहायक ग्रेड-3 के विरूद्ध दो शिकायतें प्राप्‍त हुई हैं। जिनकी जांच प्रक्रियाधीन है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र-4 अनुसार है।

आवास प्‍लस में जोड़े गये नाम

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

14. ( क्र. 139 ) श्री रामपाल सिंह : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रायसेन जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत ग्रामसभा तथा ग्राम पंचायतों ने ''आवास प्‍लस'' में कितने नाम जोड़े? विकासखण्‍डवार संख्‍या बतायें। (ख) 25 जून, 2022 की स्थिति में पोर्टल की त्रुटि तथा विभाग के अधिकारियों की लापरवाही के कारण किन-किन ग्राम पंचायतों में कितने व्‍यक्तियों के नाम सूची में हट गये/हटा दिये गये तथा क्‍यों? उनके नाम कब तक जोड़े जायेंगे? (ग) 25 जून, 2022 की स्थिति में रायसेन जिले में ऐसे कितने हितग्राही हैं जिनके प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत आवास का कार्य पूर्ण हो गया है परंतु मजदूरी की राशि का भुगतान नहीं हुआ तथा क्‍यों? (घ) क्‍या प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत शासन के निर्देशों के बाद भी रायसेन जिले में अनेक पात्र हितग्राहियों को मजदूरी की राशि का भुगतान नहीं हुआ है? यदि हाँ, तो क्‍यों?

पंचायत मंत्री ( श्री महेन्‍द्र सिंह सिसौदिया ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ अनुसार है। (ख) भारत सरकार द्वारा संचालित आवास सॉफ्ट पोर्टल के द्वारा स्‍वत: तथा जिले/जनपद में परीक्षण उपरांत अपात्रता के कारण हटाये गये हितग्राहियों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ब अनुसार है। अपात्र हितग्राहियों के नाम सूची में पुन: जोड़ने का प्रावधान नहीं है। (ग) 25 जून 2022 की स्थिति में रायसेन जिले में 4708 हितग्राहियों को प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अंतर्गत आवास निर्माण का कार्य पूर्ण हो गया हैकिन्‍तु मजदूरी की राशि का भुगतान नहीं हुआ है क्‍योंकि भारत सरकार ने आवास निर्माण के किसी भी दो चरणों से मजदूरी भुगतान के मस्‍टर रोल जारी किये जाने को जोड रखा था। (घ) जी नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

अमृत सरोवर निर्माण

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

15. ( क्र. 140 ) श्री रामपाल सिंह : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रायसेन जिले की सिलवानी विधानसभा क्षेत्र में कितने अमृत सरोवर के कार्य स्‍वीकृत किये गये है? 25 जून 2022 की स्थिति में कितने कार्य पूर्ण हुए तथा कितने कार्य अपूर्ण तथा अप्रारंभ है? (ख) रायसेन जिले में अमृत सरोवर स्‍वीकृति हेतु 1 जनवरी 2022 से 25 जून 2022 तक की अवधि में जिला प्रशासन को माननीय सदस्‍य के पत्र कब-कब प्राप्‍त हुए तथा उन पर आज दिनांक तक क्‍या कार्यवाही की गई? (ग) माननीय सदस्‍य के पत्रों के जवाब क्‍यों नहीं दिये गये? अमृत सरोवर के कार्य माननीय सदस्‍य की अनुशंसा पर स्‍वीकृत क्‍यों नहीं किये गये? (घ) 25 जून 2022 की स्थिति में रायसेन जिले की सिलवानी विधानसभा क्षेत्र अन्‍तर्गत किस-किस अमृत सरोवर में कितनी राशि का भुगतान कब हुआ? विवरण दें।

पंचायत मंत्री ( श्री महेन्‍द्र सिंह सिसौदिया ) : (क) रायसेन जिले की सिलवानी विधानसभा क्षेत्र में 15 अमृत सरोवर के कार्य स्‍वीकृत किये गये है। 25 जून 2022 की स्थिति में 01 कार्य पूर्ण हुए तथा 13 कार्य अपूर्ण तथा 01 अप्रारंभ हैं। (ख) रायसेन जिले में अमृत सरोवर स्‍वीकृति हेतु 1 जनवरी 2022 से 25 जून 2022 तक की अवधि में जिला प्रशासन को माननीय सदस्‍य का 01 पत्र, पत्र क्रमांक 1938 दिनांक 06.04.2022 जो कार्यालय को दिनांक 26.04.2022 को प्राप्‍त हुआ। पत्र में उल्‍लेखित जनपद पंचायत बेगमगंज के 21 तथा जनपद पंचायत सिलवानी के 11 कुल 31 अमृ़त सरोवर के कार्यों की अनुशंसा माननीय विधायक सिलवानी द्वारा की गई। उक्‍त 31 कार्यों का निरीक्षण/परीक्षण कार्यपालन यंत्री ग्रामीण यांत्रिकी सेवा से कराया गया। 31 कार्यों में से 08 कार्य जल भराव क्षमता कम होने से, 06 कार्य वन क्षेत्र/निजी भूमि में होने से, 08 कार्य चयनित स्‍थल के आस-पास अन्‍य जल भराव संरचना होने से, 01 कार्य स्‍थल उपयुक्‍त नहीं होने से, 01 कार्य जल संसाधन विभाग में प्रस्‍तावित होने से, 01 कार्य स्‍टापडेम का होने से स्‍वीकृत नहीं किया जा सका, इस प्रकार कुल 25 कार्य स्‍वीकृति योग्‍य नहीं पाये गये। शेष 06 कार्य स्‍वीकृति योग्‍य पाये जाने पर 06 कार्यों की प्रशासकीय स्‍वीकृति जारी की गई। (ग) माननीय सदस्‍य के पत्र का जवाब कार्यपालन यंत्री ग्रामीण यांत्रिकी सेवा रायसेन के पत्र क्रमांक 1126 दिनांक 17.05.2022 एवं जिला पंचायत रायसेन के पत्र क्रमांक 2152 दिनांक 23.05.2022 द्वारा माननीय सदस्‍य को भेजकर अमृत सरोवर के कार्य जो विभाग के गाईड लाईन अनुसार स्‍वीकृति योग्‍य थे, उन्‍हें स्‍वीकृत किया गया है। जो स्‍वीकृति योग्‍य नहीं थे, उनका कारण बताते हुये माननीय सदस्‍य को अवगत कराया गया। (घ) 25 जून 2022 की स्थिति में रायसेन जिले में सिलवानी विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत अमृत सरोवर के राशि के भुगतान का विवरण  पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट अनुसार है।

कृषि उपज मण्‍डी में निर्माण कार्य

[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]

16. ( क्र. 165 ) श्री बैजनाथ कुशवाह : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2018-19 से प्रश्‍न दिनांक तक कृषि उपज मण्‍डी सबलगढ़/कैलारस में निर्माण कार्य एवं मरम्‍मत हेतु कितना बजट स्‍वीकृत हुआ है? वर्षवार एवं मदवार जानकारी उपलब्‍ध करावें। (ख) प्रश्‍नांश (क) के प्रकाश में स्‍वीकृत बजट में से क्‍या-क्‍या कार्य कराये गये हैं? कार्यों को विवरण एवं कार्य एजेंसी/लेखा शीर्ष/मांग संख्‍या प्राक्‍कलन सहित भुगतान की गई राशि का विवरण दें। (ग) कृषि उपज मण्‍डी सबलगढ़/कैलारस में किसान विश्राम गृह के रख-रखाव हेतु उक्‍त वर्षों में कितनी-कितनी राशि बजट में प्राप्‍त हुई और उसे किस-किस मद में खर्च किया गया? कार्यों को विवरण एवं कार्य एजेंसी/लेखा शीर्ष/मांग संख्‍या प्राक्कलन सहित भुगतान की गई राशि का विवरण दें। (घ) क्‍या धरातल पर कोई कार्य नहीं हुआ है, जिसकी वरिष्‍ठ अधिकारियों की जांच समिति बनाकर जांच करवाई जावेगी? यदि हाँ, तो समय-सीमा बतावें।

किसान कल्याण मंत्री ( श्री कमल पटेल ) : (क) वर्ष 2018-19 से प्रश्‍न दिनांक तक कृषि उपज मंडी सबलगढ़/कैलारस में निर्माण कार्य एवं मरम्मत हेतु स्वीकृत बजट की वर्षवार एवं मदवार जानकारी पुस्तकालय में रखे प्रपत्र-अ अनुसार है। (ख) प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्य में कृषि उपज मंडी समिति सबलगढ़/कैलारस में स्वीकृत बजट से कराये गए कार्यों का विवरण एवं कार्य एजेंसी/लेखा शीर्ष/मांग संख्या प्राक्कलन सहित भुगतान की गयी राशि का विवरण  पुस्‍तकालय  में रखे प्रपत्र-ब अनुसार है। (ग) कृषि उपज मंडी समिति सबलगढ़/कैलारस के अंतर्गत किसान विश्राम गृह के रख-रखाव हेतु प्रश्‍नांकित वर्षों में कोई राशि बजट में स्वीकृत नहीं की गयी है। अतः शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) जी नहीं। प्रश्‍नांकित अवधि में मंडी समिति कैलारस के अंतर्गत एक लाख लीटर क्षमता का ओवरहेड टैंक एवं एक लाख लीटर क्षमता का यू.जी.आर. का निर्माण कार्य कराया गया है। कार्य पूर्ण रूप से संतोषप्रद है। शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

17. ( क्र. 178 ) श्री नीलांशु चतुर्वेदी : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) चित्रकूट विधान सभा क्षेत्रान्‍तर्गत 01 जनवरी, 2018 से आज दिनांक तक प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के फेस-2 (Phase-II), फेस-3 (Phase-III), एम.पी.आर.सी.पी (MPRCP) की निर्माण कार्य से संबंधित जारी समस्‍त निवि‍दाओं में भाग लेने वाले समस्‍त संविदाकारों द्वारा टेण्‍डर में प्रस्‍तुत की गई जानकारी के अनुसार निविदा डालते समय बैलेंस वर्क के कितनी राशि के कार्य संविदाकारों के पास थे। (ख) उपरोक्‍तानुसार क्रमांक 1 में चाही गई जानकारि‍यों के अतिरिक्‍त यह अतिरिक्‍त जानकारी सूचीबद्ध रूप में प्रदान करें कि संविदाकारों द्वारा टेण्‍डर में प्रस्‍तुत की गई जानकारी के अनुसार बैलेंस वर्क के कार्यों की अनुबंधित कार्यपूर्णता राशि एवं बकाया राशि क्‍या थी, विवरण पैकेजवार संविदाकार अनुसार सूचीबद्ध रूप से प्रदान करने की कृपा करें।

पंचायत मंत्री ( श्री महेन्‍द्र सिंह सिसौदिया ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र-ब अनुसार है।

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना अंतर्गत सड़क निर्माण

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

18. ( क्र. 180 ) श्री प्रियव्रत सिंह : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) राजगढ़ जिले के अंतर्गत जीरापुर तहसील के ग्राम रानीपुरा एवं खिलचीपुर तहसील के ग्राम सेमलीकांकड़ दोनों पंचायत मुख्‍यालय हैं और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में जनसंख्‍या के मान से दोनों ग्रामों को जोड़ा जाना था परंतु दोनों पंचायत मुख्‍यालय होने के बावजूद भी आज दिनांक तक प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में शामिल क्‍यों नहीं हो पाये है? (ख) इन दोनों पंचायतों को प्रधानमंत्री सड़क योजना के मार्ग से कब तक जोड़ दिया जाएगा?

पंचायत मंत्री ( श्री महेन्‍द्र सिंह सिसौदिया ) : (क) ग्राम रानीपुर एवं ग्राम सेमलीकाकंड की जनसंख्‍या वर्ष 2001 की जनगणनानुसार क्रमश: 434 एवं 424 है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के निर्धारित मापदण्डानुसार सामान्य विकासखण्डों में वर्ष 2001 की जनगणना के अनुसार 500 या 500 से अधिक आबादी के बिना जुड़े हुये ग्राम को एकल संपर्कता प्रदान किये जाने का प्रावधान है। योजनांतर्गत पात्र नहीं होने के कारण दोनों ग्रामों को प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में शामिल नहीं किया गया है। (ख) उत्‍तरांश (क) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

19. ( क्र. 181 ) श्री प्रियव्रत सिंह : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) राजगढ़ जिले की जीरापुर तहसील के अंतर्गत ग्राम सेमला ग्राम पंचायत बालाहेडा में प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के कितने हितग्राही वर्ष 2011 एवं आवास प्‍लस की सूची के अनुसार पात्र एवं अपात्र पाये गये हैं? (ख) जो अपात्र पाये गये हैं उनके क्‍या कारण हैं? स्‍पष्‍ट करें।

पंचायत मंत्री ( श्री महेन्‍द्र सिंह सिसौदिया ) : (क) राजगढ़ जिले की जीरापुर तहसील के ग्राम सेमलाग्राम पंचायत बालाहेडा में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के वर्ष 2011 एवं आवास प्‍लस की सूची अनुसार 134 पात्र तथा 24 अपात्र हितग्राही पाये गये। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है।

परिशिष्ट - "ग्यारह"

सी.एम. राईज स्‍कूलों में की गई भर्ती की जांच

[स्कूल शिक्षा]

20. ( क्र. 185 ) श्री पुरुषोत्तम लाल तंतुवाय : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला दमोह अंतर्गत कितने सी.एम.राईज स्‍कूलों की स्‍थापना की गई? नाम पतावार जानकारी उपलब्‍ध करायी जावें। साथ ही यह बताने की कृपा करें कि सी.एम.राईज स्‍कूलों में कितने कितने पद सृजित किये गये हैं एवं पदस्‍थापना के क्‍या मापदण्‍ड रखे गये हैं? शासन के आदेश की छायाप्रति उपलब्‍ध करायी जावें। (ख) एम.पी. कॉन द्वारा चौकीदार, माली व अन्‍य पदों पर जिला दमोह व अन्‍य जिलों में की गई नियुक्तियों में लेन-देन की शिकायतें प्राप्‍त हो रही हैं, दूसरे जिलों के लोगों की नियुक्तियां की गई है, विज्ञापन की जानकारी भी लोगों तक नहीं पहुँच पायी है। एम.पी. कॉन द्वारा की गई नियुक्तियों की जांच करायी जावें साथ ही की गई नियुक्तियों का व्‍यापक प्रचार प्रसार कर पुन: नियुक्ति करने की समुचित कार्यवाही की जावे।

राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) दमोह जिले में प्रथम चरण में 06 सी.एम. राइज़ स्‍कूल स्‍वीकृत किये गये है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट एक पर है। जिला, विकासखण्‍ड व संकुल स्‍तर के सी.एम. राइज़ स्‍कूलों हेतु पदों का सेटअप  पुस्‍तकालय  में रखे  परिशिष्‍ट  दो पर एवं पदस्‍थापना के मापदण्‍ड  पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्‍ट तीन पर है। (ख) सी. एम. राइज़ स्‍कूलों में एम.पी.कॉन के माध्‍यम से सुरक्षाकर्मी एवं सफाईकमी ऑउटसोर्स पर रखे गए है। नियुक्ति में लेन-देन की शिकायत एम.पी. कॉन लिमिटेड, जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय दमोह व संचलनालय में प्राप्‍त नहीं हुई है। एम.पी.कॉन लिमिटेड द्वारा अपनी वेबसाइट www.mpconsultancy.org पर दिनांक 20.04.2022 से 30.04.2022 तक विज्ञापन प्रकाशित कर उक्‍त कार्य हेतु विज्ञापन जारी किया गया था। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

अधूरे पेड़ सामुदायिक शौचालय की जांच व कार्यवाही

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

21. ( क्र. 186 ) श्री पुरुषोत्तम लाल तंतुवाय : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला दमोह की जनपद पंचायत हटा एवं जनपद पंचायत पटेरा अंतर्गत वर्ष 2019-20, 2020-212021-22 में कितने सामुदायिक शौचालय स्‍वीकृत हुयी स्‍थानावार, राशिवार जानकारी उपलब्‍ध करावे। (ख) स्‍वीकृत सामुदायिक शौचालय की स्थिति वर्तमान में क्‍या है? निर्माण कार्य हुआ या नहीं तथा राशि आहरण की स्थिति क्‍या है? कार्य अधूरे पड़े हैं, मूल्‍यांकन अधिकारी के नाम पद सहित एम.वी.की छायाप्रति सहित जानकारी दी जावे। क्‍या जांच दल बनाकर हटा जनपद पंचायत हटा व पटेरा अंतर्गत स्‍वीकृत सामुदायिक शौचालय की जांच करायी जायेगी व मूल्‍यांकन कार्य एजेंसी पर कार्यवाही समय-सीमा में करायी जावेगी। जिससे अधूरे सामुदायिक शौचालयों का निर्माण कार्य पूर्ण हो सके?

पंचायत मंत्री ( श्री महेन्‍द्र सिंह सिसौदिया ) : (क) जिला दमोह की जनपद पंचायत पटेरा त‍था जनपद पंचायत हटा अंतर्गत वर्ष 2019-20 में निरंक, वर्ष 2020-21 एवं वर्ष 2021-22 में सामुदायिक शौचालय स्‍वीकृत की स्‍थानावार, राशिवार  जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र-अ अनुसार है(ख) जनपद पंचायत पटेरा एवं जनपद पंचायत हटा अंतर्गत स्‍वीकृत सामुदायिक शौचालय की जानकारी तथा मूल्‍यांकन अधिकारी के नाम पद  जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र-ब अनुसार है  तथा एम.वी.की छायाप्रति की  जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र-स अनुसार है। अधूरे सामुदायिक शौचालयों को तेजी से पूर्ण कराया जा रहा है, जांच की आवश्‍यकता नहीं है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

आवास योजना में भ्रष्‍टाचार की जांच

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

22. ( क्र. 211 ) श्री तरूण भनोत : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या यह सही है कि सिवनी जिले के घंसौर जनपद के अंतर्गत ग्राम पंचायत शिकारा में प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत भ्रष्‍टाचार की शिकायतें आई हैं और उस शिकायत पर हुई जांच में दोषी पाये जाने वाले सचिव पर कार्यवाही की गई हैं? (ख) यदि हाँ, तो क्‍या इस गंभीर भ्रष्‍टाचार में संलिप्‍त अन्‍य विभागीय अधिकारियों के खिलाफ भी उचित कार्यवाही की जावेगी? (ग) क्‍या पूरे प्रदेश के अलग-अलग जिलों से प्रधानमंत्री आवास योजना में व्‍याप्‍त भ्रष्‍टाचार की शिकायत की जांच कर दोषियों के खिलाफ दंडात्‍मक कार्यवाही करने पर विचार किया जाएगा?

पंचायत मंत्री ( श्री महेन्‍द्र सिंह सिसौदिया ) : (क) जी हाँ। अंतिम कार्यवाही पर माननीय उच्‍च न्‍यायालय जबलपुर का स्‍थगन है। (ख) जिले से प्राप्‍त जानकारी अनुसार उक्‍त जांच में ग्राम पंचायत शिकारा के प्रभारी सचिव ही दोषी होने के कारण कार्यवाही की गई है। (ग) शिकायतें प्राप्‍त होने पर नियमानुसार कार्यवाही की जा सकेगी।

सी.एम. राइज विद्यालयों के संबंध में

[स्कूल शिक्षा]

23. ( क्र. 225 ) श्री पी.सी. शर्मा : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिन विद्यालयों को सी.एम.राईज विद्यालय के रूप में चयन किया गया है क्‍या वहां शिक्षक पदों का रचनाक्रम बदला गया है? (ख) यदि नहीं, तो पदोन्‍नति के पदों पर चयन प्रक्रिया से सीधी भर्ती के शिक्षकों का चयन क्‍यों किया गया? (ग) यदि शैक्षणिक व्‍यवस्‍था को देखते हुए, सीधी भर्ती के शिक्षकों से सी.एम.राईज विद्यालय के पदोन्‍नति पदों को भरा गया है, तो शिक्षकों के पदोन्‍नति पद का क्‍या होगा? (घ) क्‍या सी.एम.राईज विद्यालय में बिना परीक्षा पास किये हुए पदस्‍थ अन्‍य शिक्षकों को विभिन्‍न विद्यालयों में स्‍थानांतरि‍त किया जा रहा है? यदि हां, तो क्‍यों?

राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) जी हाँ। (ख) भर्ती पदोन्‍नति नियम अनुसार प्रत्‍येक संवर्ग में सीधी भर्ती व पदोन्‍नति के पदों का अनुपातिक वितरण किया जाता है, विद्यालयवार नहीं। (ग) उत्‍तरांश '' के अनुक्रम में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (घ) जी हां, सी.एम. राइज़ स्‍कूल योजना की अनुमोदित नीति के अनुसार।

आवास योजना में स्‍वीकृत आवास

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

24. ( क्र. 229 ) श्री राजेश कुमार प्रजापति : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या छतरपुर जिले की चंदला विधान सभा क्षेत्रान्तर्गत वर्ष 2019 से प्रश्‍न दिनांक तक आवास योजना के तहत आवास बनाने हेतु अनुदान स्वीकृत किये गये है? (ख) प्रश्‍नांश (क) यदि हाँ, तो किस-किस गांव में कितने-कितने लोगों को आवास स्वीकृत किये गये है? ग्राम व नामवार सूची उपलब्ध करायें। (ग) क्या उक्त योजनान्तर्गत आवास हेतु पात्र लोग शेष है? यदि हाँ, तो कितने? ग्राम व नामवार सूची उपलब्ध करायें। (घ) क्या शेष बचे लोगों को आवास योजनांतर्गत आवास स्वीकृत किये जायेंगे? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्यों?

पंचायत मंत्री ( श्री महेन्‍द्र सिंह सिसौदिया ) : (क) मुख्‍यमंत्री ग्रामीण आवास मिशन अंतर्गत 2019 से प्रश्‍न दिनांक तक अनुदान स्‍वीकृत नहीं हुये। (ख) से (घ) प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

खेल कोटे से शासकीय नौकरियों में प्रावधान

[खेल एवं युवा कल्याण]

25. ( क्र. 241 ) श्री यशपाल सिंह सिसौदिया : क्या खेल एवं युवा कल्याण मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) प्रदेश में 1 जनवरी 2015 के पश्चात किस-किस विभाग में स्पोर्ट्स कोटे से किन-किन खिलाड़ि‍यों को किस-किस मापदंड के तहत सरकारी नौकरियां (स्थाई/अस्थाई) दी गयी? प्रदेश के किन-किन विभागों में वर्ष 1990 के पश्चात किन-किन कारणों से खेल कोटे से उत्कृष्ट खिलाड़ि‍यों की नियुक्तियां बंद कर दी गयी? कारण सहित जानकारी देवें। (ख) प्रश्‍नकर्ता के तारांकित प्रश्‍न क्रमांक 5 दिनांक 8 मार्च 2022 के उत्तर में बताया की प्रदेश के खिलाड़ि‍यों को सरकारी नौकरियों में रोजगार देने की शासन की कोई कार्यवाही प्रचलन में नहीं है न ही इसके लिए कभी कोई प्रयास किया गया है जबकि अन्य प्रदेशों में प्रतियोगी परीक्षाओं के अंतर्गत शासकीय भर्तियों में 10 अंक खिलाड़ि‍यों को प्रदान किये जा रहे हैं ऐसे में खिलाड़ि‍यों के भविष्य के लिए प्रदेश सरकार क्यों सरकारी भर्तियों में अतिरिक्त अंक या आरक्षण प्रदान करना नहीं चाहती है? कारण सहित जानकारी देवें। (ग) प्रदेश में खेलों के प्रति खिलाड़ि‍यों को आकर्षित करने तथा उन्हें भविष्य में रोजगार प्रदान करने की कोई योजना वर्तमान में प्रचलन में है? यदि हाँ, तो उसे कब तक मूर्त रूप दे दिया जाएगा? (घ) विभिन्न राष्ट्रीय/अंतराष्‍ट्रीय प्रतियोगिताओं में प्रदेश के गिरते स्तर को रोकने के लिए क्या-क्या प्रयास किये जा रहे हैं? राष्‍ट्रीय स्तर पर प्रदेश का खेलों में कौन सा स्थान है?

खेल एवं युवा कल्याण मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) 01 जनवरी 2015 के पश्चात खेल और युवा कल्याण विभाग द्वारा विक्रम पुरस्कार पुरस्कृत खिलाड़ियों को उत्कृष्ट खिलाड़ी घोषित कर शासकीय नियुक्ति प्रदान की गई है। इसके अतिरिक्त मान. उच्च न्यायालय के आदेशानुसार जिन उत्कृष्ट खिलाड़ियों के प्रमाण पत्र को बहाल किया गया, उन्हें शासकीय नियुक्ति प्रदान की गई जिसकी  जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। किसी भी विभाग में उत्कृष्ट खिलाड़ियों की नियुक्ति बंद नहीं हुई है। अतः शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ख) उत्कृष्ट खिलाड़ियों को शासकीय नौकरियों में नियुक्ति का प्रावधान होने के कारण प्रतियोगी परीक्षा में अतिरिक्‍त 10 अंक के प्रावधान की कोई कार्यवाही प्रचलन में नहीं है। (ग) विक्रम पुरस्‍कार प्राप्‍त खिलाड़ी को सामान्‍य प्रशासन विभाग के निर्देशानुसार उत्‍कृष्‍ट खिलाड़ी घोषित किया जाता है। उत्‍कृष्‍ट खिलाड़ी घोषित होने के फलस्‍वरूप शै‍क्षणिक योग्‍यता व पात्रतानुसार तृतीय व चतुर्थ श्रेणी के पदों पर शासकीय नियुक्ति प्रदान की जाती है। इसके अतिरिक्‍त राष्ट्रीय/अन्तर्राष्ट्रीय पदक विजेता खिलाड़ियों को पुलिस विभाग में उपनिरीक्षक एवं आरक्षक बनाये जाने संबंधी नियम बनाए गए है। अतः शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (घ) विभाग द्वारा चलायी जा रही अकादमियों के माध्यम से खिलाड़ियों को अन्तर्राष्ट्रीय स्तर का प्रशिक्षण दिलाया जा रहा है, जिसका परिणाम है कि मध्‍य प्रदेश के कैनोइंग-क्याकिंग, रोईग एवं सेंलिग, शूटिंग, हॉकी, बेडमिन्टन आदि के खिलाड़ी अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर पदक प्राप्त कर रहे है। खेलों इंडिया यूथ गेम्स 2021 पंचकुला में म.प्र. का 8वां स्थान रहा।

परिशिष्ट - "बारह"

कोरोना काल के दौरान स्कूल फीस का उपयोग

[स्कूल शिक्षा]

26. ( क्र. 242 ) श्री यशपाल सिंह सिसौदिया : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) उज्जैन संभाग के स्कूल शिक्षा विभाग में 1 जनवरी 2010 के पश्चात कब-कब, कौन-कौन सी फीस कितनी-कितनी बढ़ाई गयी? कक्षा 1 से 12 तक की विद्यार्थियों से ली जाने वाली लोकल एवं परीक्षा फीस की जानकारी देवें। (ख) स्कूल शिक्षा विभाग में फीस बढ़ाये जाने के क्या मापदंड हैं? क्या फीस बढ़ाये जाने का कार्य कोई कमेटी करती है? यदि हाँ, तो इसका क्या सूत्र/मापदंड है? (ग) सत्र 2019-20 तथा 2020-21 (कोरोना काल) में उज्जैन संभाग के विभिन्न शासकीय/अशासकीय विद्यालयों में कुल कितनी फीस (क्रीडा,रेडक्रास,स्काउट) किस-किस मद में विभाग द्वारा ली गयी? संभाग के प्रत्येक जिले में क्रीडा, रेडक्रास, स्काउट मद में उक्त सत्र में कुल कितनी-कितनी राशी जिले स्तर पर मदवार प्राप्त हुई? बंद पड़े विद्यालयों में इसका उपयोग किस रूप/स्तर पर कैसे किया गया? क्या राशि अभी भी जिला शिक्षा कार्यालयों के बैंक खातों में जमा है? यदि हाँ, तो संभाग के विभिन्न जिलों के क्रीडा,रेडक्रास, स्काउट मद के बैंक खातों की प्रतिलिपि उपलब्ध करायें। (घ) प्रश्‍नांश (ग) संदर्भित जिलों के विभिन्न मद में पड़ी राशि को विद्यार्थियों पर किस रूप में खर्च करने की योजना है? यदि नहीं, तो कोरोना काल की अनुपयोगी राशी को एकत्रित क्यों किया गया? स्पष्ट करें।

राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) फीस वृद्धि के आदेश की प्रति  पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट-1 अनुसार। शासकीय विद्यालयों में कक्षा 1 से 8 तक कोई शुल्क नहीं लिया जाता है। कक्षा 9 से 12वीं तक लिया जाने वाले शुल्क की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-2 अनुसार। (ख) विभिन्न मदों में ली जाने वाली फीस वृद्धि का प्रस्ताव अनुसार निर्णय लिया जाता है। (ग) एवं (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

कृषि यंत्र की खरीदी

[उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण]

27. ( क्र. 265 ) श्री अजय कुमार टंडन : क्या राज्य मंत्री, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जनवरी 2021 से प्रश्‍न दिनांक तक प्रदेश के किसानों के लिए कितनी बार ऑनलाइन कृषि उपकरण खरीदी के लिए साइट खोली गई? (ख) दमोह जिले में वर्ष 2021 से प्रश्‍न दिनांक तक कितने कृषकों ने कृषि यंत्र या अन्य कृषि उपकरण खरीदी के लिए आवेदन किये? (ग) किसानों के लिए कृषि यंत्र खरीदी के लिए क्‍या कोई योजना है?

राज्य मंत्री, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण ( श्री भारत सिंह कुशवाह ) : (क) जनवरी 2021 से प्रश्‍न दिनांक तक कुल 03 बार ऑनलाईन कृषि उपकरण खरीदने के लिए साईट खोली गई है। (ख) दमोह जिले में वर्ष 2021 से प्रश्‍न दिनांक तक कुल 352 कृषकों ने कृषि यंत्रों के लिए एवं अन्‍य कृषि उपकरणों के लिए आवेदन किये। (ग) जी हाँ। किसानों के लिए कृषि यंत्र खरीदी के लिए (1) एकीकृत बागवानी विकास मिशन योजना एवं (2) राष्‍ट्रीय कृषि विकास योजना है।

जिला मुरैना में एयरपोर्ट का निर्माण

[औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन]

28. ( क्र. 277 ) कुँवर रविन्‍द्र सिंह तोमर भिड़ौसा : क्या औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या चम्बल संभाग के जिला मुरैना में औद्योगिक विकास हेतु कोई योजना/कार्यवाही प्रारंभ की गई है। (ख) यदि हां, तो क्या चम्बल संभाग में अनुपयोगी/बंजर भूमि पर उद्योग लगाने संबंधी कार्यवाही प्रचलित है। (ग) क्या प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के परिप्रेक्ष्य में उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए आवागमन को सुलभ बनाने की दृष्टि से मुरैना में हवाई अड्डा के निर्माण के लिए कोई प्रस्ताव तैयार हुआ है? यदि हां, तो कब तक कार्यवाही संभव है। यदि नहीं, तो क्यों?

औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन मंत्री ( श्री राजवर्धन सिंह प्रेमसिंह दत्‍तीगांव ) : (क) जिला मुरैना में विभाग के अधीन औद्योगिक विकास हेतु विकसित किये गये औद्योगिक क्षेत्रों की जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट-'' पर है। (ख) चंबल संभाग में संलग्न परिशिष्ट-'' अनुसार विकसित किये गये औद्योगिक क्षेत्रों में उद्योग लगाने की कार्यवाही प्रचलन में है। (ग) हवाई अड्डा/विमानतल का निर्माण, उड़ानें अथवा विमान सेवायें, यह मुख्‍यत: राज्‍य शासन का विषय न होकर, केन्‍द्रीय अनुसूची का विषय है। अत: इस संबंध में भारतीय विमानपत्‍तन प्राधिकरण, ग्‍वालियर एवं नई दिल्‍ली से संबंधित है।

परिशिष्ट - "तेरह"

जैविक कृषि योजना में अनियमितता

[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]

29. ( क्र. 280 ) श्री विनय सक्सेना : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या जैविक खेती में भ्रष्टाचार व आदिवासी एवं बैगा हितग्राहियों की फर्जी सूची बनाकर गबन करने के संबंध में राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग दिसम्बर 2021 में मुख्य सचिव म.प्र. शासन तथा कलेक्टर मंडला को प्राप्त हुआ है? यदि हाँ, तो नोटिस की प्रति तथा संलग्न शिकायत की प्रति उपलब्‍ध करावें। (ख) क्या इस प्रकरण में राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग को 15 दिवस में जवाब देने तथा तथ्यात्मक जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत करने हेतु कलेक्टर मंडला द्वारा 3 सदस्यीय समिति का गठन किया गया था? यदि हां, तो उक्त समिति द्वारा की गयी जांच का प्रतिवेदन सम्पूर्ण नस्ती के साथ देवें। (ग) उक्त प्रकरण में आयोग को प्रेषित उत्तर की प्रति देवें। (घ) यदि जांच पूर्ण नहीं की गयी है तो उसका क्या कारण है? विहित समयावधि में जांच न करने हेतु कौन जिम्मेदार है उस के विरुद्ध क्या कार्यवाही की जावेगी?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री कमल पटेल ) : () जी हाँ। नोटिस एवं शिकायत की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र- 1 एवं अनुसार है। () जी हाँ। जांच प्रतिवेदन प्रस्‍तुत करने हेतु कलेक्‍टर मंडला द्वारा तीन सदस्‍यीय समिति गठित की गई थी। (समिति गठन आदेश की  जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र-3 अनुसार है। ) गठित समिति द्वारा जांच पूर्ण कर ली गई है, जिसकी  जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र-4 अनुसार है। वर्तमान एवं तत्‍कालीन अधिकारियों/कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है, जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र-5 अनुसार है। () प्रकरण में आयोग को प्रतिवेदन प्रेषित किये जाने की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। () जांच कार्यवाही पूर्ण। शेष का प्रश्‍न ही नहीं उठता।

युवाओं को प्रशिक्षण एवं रोजगार

[तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोज़गार]

30. ( क्र. 281 ) श्री विनय सक्सेना : क्या खेल एवं युवा कल्याण मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) विभाग द्वारा संचालित समस्त रोजगार मूलक योजनायें, जैसे मुख्य मंत्री कौशल संवर्धन योजना, युवा स्वाभिमान योजना, प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना, 2.0, 3.0 आदि के क्या-क्या उद्देश्य, नियम, लक्ष्य हैं? (ख) विगत 5 वर्षों में जबलपुर जिले के किन-किन युवाओं को उक्त योजनाओं के अंतर्गत प्रशिक्षित किया गया? उनकी सूची तथा प्रत्येक प्रशिक्षणार्थी पर किया गया व्यय बतावें। (ग) प्रश्‍नांश (ख) के अनुक्रम में प्रशिक्षित किये गये युवाओं में से किन-किन को कहाँ-कहाँ, कितने-कितने वेतन पर रोजगार दिलाया गया? नाम, नियोजन स्थल तथा प्राप्त हो रहे वेतन आदि की सूची सदन के पटल पर रखें। (घ) जबलपुर जिले में कौन-कौन सी संस्थाएँ उक्त योजना अंतर्गत प्रशिक्षण देने का कार्य कर रही है? उन्हें विगत 5 वर्ष में कितना-कितना भुगतान किया गया है?

खेल एवं युवा कल्याण मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) मुख्‍यमंत्री कौशल संवर्धन योजना, युवा स्‍वाभिमान योजना की  जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (2.0, 3.0) की  जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ख) एवं (ग)

योजना का नाम

05 वर्षों में प्रशिक्षित

प्रति प्रशिक्षाणार्थी औसत व्‍यय

प्रशिक्षित प्रशिक्षणार्थियों की सूची

नियोजन, वेतन की जानकारी

मुख्‍यमंत्री कौशल संवर्धन योजना

1838

12,100

पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है।

पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र-5 अनुसार है।

मुख्‍यमंत्री युवा स्‍वाभिमान योजना

1940

12,100

प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना राज्‍य कम्‍पोनेंट 2.0

455

13,400

पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-4 अनुसार है।

पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-6 अनुसार है।

प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना राज्‍य कम्‍पोनेंट 3.0

123

13,400

(घ) मुख्‍यमंत्री कौशल संवर्धन योजना, मुख्‍यमंत्री युवा स्‍वाभिमान योजना एवं प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (2.0, 3.0) वर्तमान में संचालित नहीं है। प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना से संबंधित  जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र-7 अनुसार है। मुख्‍यमंत्री कौशल संवर्धन योजना एवं मुख्‍यमंत्री युवा स्‍वाभिमान योजना से संबंधित  जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र-8 अनुसार है।

जबलपुर जिले में उर्वरकों का भण्‍डारण

[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]

31. ( क्र. 293 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या यह सही है कि गत वर्ष खरीफ एवं रबी सीजन में समय पर उर्वरक का भण्‍डारण न होने के कारण पनागर के कृषकों को उर्वरक नहीं मिल पाया था? (ख) यदि नहीं, तो पनागर में गत वर्ष कितनी मात्रा में उर्वरकों का भण्‍डारण किया गया? केन्‍द्रवार बतावें? (ग) प्रश्‍न दिनांक की स्थिति में पनागर के उर्वरक केन्‍द्रों में कितना-कितना उर्वरक भण्‍डारण किया गया है?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री कमल पटेल ) : (क) जी नहीं। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट  के प्रपत्र-01 अनुसार है। (ग) जानकारी संलग्न परिशिष्ट  के प्रपत्र- 02 अनुसार है।

परिशिष्ट - "चौदह"

निर्माण कार्यों की जानकारी

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

32. ( क्र. 296 ) श्री शशांक श्रीकृष्ण भार्गव : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता द्वारा जनवरी 2021 से प्रश्‍न दिनांक तक किस-किस पत्र क्रमांक व दिनांक से किस-किस विषय पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत विदिशा को पत्र प्रेषित किए गये है? सूचीबद्ध, विषयवार, जानकारी उपलब्ध करावें। (ख) प्रश्‍नांश (क) में प्रेषित पत्रों की अभिस्वीकृति सामान्य प्रशासन विभाग के निर्देशानुसार निर्धारित प्रपत्र/परिशिष्ट-एक पर प्रेषित की गई है या नहीं? यदि हाँ, तो अभिस्वीकृति पत्रों की प्रति उपलब्ध करावे? यदि नहीं, तो जिम्मेदार अधिकारी व कर्मचारी के विरूद्ध क्या कार्यवाही की जा रही है? समय-सीमा बताएं? (ग) प्रश्‍नांश (क) में प्रेषित पत्रों में किस-किस ग्राम व पंचायत में तालाब निर्माण, स्टाम्प डेम निर्माण, ग्रेवल सड़क निर्माण, पुलिया निर्माण, सी.सी.सड़क निर्माण, सामुदायिक भवन निर्माण, ग्राम की नदी व नाले का घाट निर्माण नाली निर्माण, शमशानघाट तक सड़क निर्माण, पंचायत भवन शमशानघाट पर टीनशेड निर्माण आदि से संबंधित प्राप्त हुए? सूचीबद्ध जानकारी पृथक-पृथक देवें। प्राप्त पत्र के क्रम में विभाग द्वारा पत्राचार के अतिरिक्त वास्तवित कार्य स्वीकृत हुआ है तो बतावे। यदि नहीं, तो इसके लिए जिम्मेदार कौन है? कब तक कार्य की स्वीकृति जारी की जावेगी? यदि नहीं, तो क्यों?

पंचायत मंत्री ( श्री महेन्‍द्र सिंह सिसौदिया ) : (क) प्रश्‍नकर्ता द्वारा जनवरी 2021 से प्रश्‍न दिनांक तक मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत विदिशा को भेजे गये पत्र की सूचीबद्ध, विषयवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अ अनुसार है। (ख) जी हाँ। अभिस्‍वीकृति की प्रतिलिपि  पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट  ब अनुसार है। (ग) तालाब निर्माण, स्टाप डेम निर्माण, ग्रेवल सड़क निर्माण, पुलिया निर्माण, सी.सी.सड़क निर्माण, सामुदायिक भवन निर्माण, ग्राम की नदी व नाले का घाट निर्माण नाली निर्माण, शमशानघाट तक सड़क निर्माण, पंचायत भवन शमशानघाट पर टीनशेड निर्माण आदि से संबंधित पत्र की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट - अ अनुसार है। प्राप्‍त पत्र के क्रम में विभाग द्वारा पत्राचार के अतिरिक्‍त वास्‍तविक 01 ग्रेवल सड़क, 01 पुलिया निर्माण स्‍वीकृत हुये है। सामुदायिक भवन, मांगलिक भवन, मनरेगा योजना अंतर्गत अनुमत 264 कार्यों की सूची में शामिल नहीं होने से स्‍वीकृति योग्‍य नहीं है। जिले में मनरेगा अंतर्गत वर्ष 2021-22 में 208 सुदूर सड़क एवं वर्ष 2022-23 में 121 सुदूर सड़क पूर्ण एवं 708 सुदूर सड़क एवं पुल-पुलिया निर्माण कार्य प्रगतिर‍त हैं, जिन्‍हें प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण कराना लक्षित है। सुदूर सड़क के कार्य बहुतायत संख्‍या में अपूर्ण होने के कारण नवीन सुदूर सड़क स्‍वीकृति में सतर्कता बरतने की दृष्टि से नवीन कार्य की स्‍वीकृति हेतु निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। स्टाप डेम, सी.सी. रोड़, नाली निर्माण, शांतिधाम के कार्य वृहद सामग्रीमूलक कार्य है। जिला स्‍तर पर मजदूरी सामग्री अनुपात 60 : 40 संधारण कर ग्राम पंचायतों को कार्ययोजना में शामिल कर नियमानुसार स्‍वीकृत करने के निर्देश दिये गये है।

प्रश्‍नकर्ता के पत्रों पर कार्यवाही

[स्कूल शिक्षा]

33. ( क्र. 297 ) श्री शशांक श्रीकृष्ण भार्गव : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता द्वारा जनवरी 2021 से प्रश्‍न दिनांक तक किस-किस पत्र क्रमांक व दिनांक से किस-किस विषय पर डी.ई.ओ. विदिशा को पत्र प्रेषित किए गये हैं? सूचीबद्ध विषयवार जानकारी उपलब्ध करावें। (ख) प्रश्‍नांश (क) में प्रेषित पत्रों की अभिस्वीकृति सामान्य प्रशासन विभाग के निर्देशानुसार निर्धारित परिशिष्ट-एक पर प्रेषित की गई है या नही? यदि हाँ, तो अभिस्वीकृति पत्रों की प्रति उपलब्ध करावें। यदि नहीं, तो जिम्मेदार अधिकारी व कर्मचारी के विरूद्ध क्या कार्यवाही की जा रही है? (ग) प्रश्‍नांश (क) में प्रेषित पत्रों में किस-किस शाला के भवन मरम्‍मत, शाला उन्नयन, भवन निर्माण, स्कूल बाउण्ड्रीवॉल निर्माण आदि से संबंधित पत्र प्राप्त हुए? जानकारी देवें। प्राप्त पत्र के क्रम में विभाग द्वारा पत्राचार करने के अलावा वास्तवित कार्य स्वीकृति जारी हुई या नहीं? यदि नहीं, तो इसके लिए जिम्मेदार कौन है? कब तक कार्य की स्वीकृति जारी की जावेगी? नहीं तो क्यों? (घ) कलेक्टर (स्कूल शिक्षा) विदिशा द्वारा प्रमुख सचिव, स्कूल शिक्षा को प्रेषित पत्र क्रमांक 670 दिनांक 11.05.2022 के क्रम में मार्गदर्शन जारी कर दिया है या नहीं? यदि हाँ, तो प्रति देवें नहीं तो कब तक जारी किया जावेगा?

राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-1 पर है। (ख) जी नहीं। संबंधित अधिकारी/कर्मचारी को तत्संबंध में कारण बताओं सूचना पत्र जारी किया गया है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-2 पर है। प्राथमिक/माध्यमिक शालाओं में बाउन्ड्रीवॉल की स्वीकृति ग्राम पंचायतों के माध्यम से कराए जाने हेतु 15वें वित्त आयोग अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2022-23 में सम्मिलित करने के लिए आगामी जिला स्तरीय बैठक में शामिल कर लिया जाएगा। शालाओं के भवन निर्माण, मरम्मत एवं बाउण्ड्रीवॉल निर्माण बजट की उपलब्धता पर निर्भर करता है। वर्तमान में उन्नयन का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (घ) प्रकरण परीक्षणाधीन है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

 

किसानों को शासकीय योजनाओं का लाभ

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

34. ( क्र. 306 ) श्री विजय रेवनाथ चौरे : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या सरकार को जानकारी है कि ऐसे किसानों को शासकीय योजनाओं, जैसे कपिल धारा, मेड़ बंधान आदि का लाभ नहीं मिल रहा है? जिनका निवास और कृषि भूमि अलग अलग स्थानों पर है? (ख) क्या सरकार ऐसे किसानों की कठिनाईयों को ध्यान में रखते ऐसा प्रावधान करेगी जिससे निवास और कृषि भूमि अलग-अलग होने पर भी शासकीय योजनाओं का लाभ मिल सके?

पंचायत मंत्री ( श्री महेन्‍द्र सिंह सिसौदिया ) : (क) महात्‍मा गांधी नरेगा अंतर्गत जॉबकार्डधारी किसानों जिनकी कृषि भूमि एवं निवास अलग-अलग स्‍थानों पर हैं, को हितग्राहीमूलक उपयोजनाओं जैसे कपिलधारा, मेढ़ बंधान आदि का लाभ देने के लिए राज्‍य रोजगार गारंटी परिषद द्वारा समस्‍त जिलों को पत्र क्रमांक 1376/MGNREGS-MP/NR-3/SE-I/2012 दिनांक 08/02/2012 के माध्‍यम से मार्गदर्शन/निर्देश जारी किये गये हैं, जो  पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट  अनुसार हैं। शेष प्रश्‍नांश उत्‍पन्‍न नहीं होता। (ख) उत्‍तरांश (क) के संदर्भ में प्रश्‍न उत्‍पन्‍न नहीं होता।

जिला परियोजना समन्वयक के विरूद्ध कार्यवाही

[स्कूल शिक्षा]

35. ( क्र. 310 ) श्री मुकेश रावत (पटेल) : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रश्‍नकर्ता द्वारा पत्र क्रमांक/191-अलीराजपुर/2022/120 अलीराजपुर, दिनांक 19/06/2022 जिला परियोजना समन्वयक जिला शिक्षा केंद्र अलीराजपुर द्वारा शासन के नियमों के विरुद्ध कार्य करने के संबंध में जांच किए जाने बाबत माननीय मुख्यमंत्री जी को शिकायत की गई थी? उक्त मामले की जांच किस अधिकारी के द्वारा की जा रही है? अब तक क्या कार्यवाही की गई है? प्रति सहित बताएं। (ख) लोकायुक्त जांच प्रकरण क्रमांक 1139/2017 विरुद्ध श्री के.एम. द्विवेदी तत्कालीन जिला परियोजना समन्वयक जिला सीधी म.प्र. मामले में प्रश्‍न-दिनांक तक क्या कार्यवाही की गई? प्रति सहित बताएं। (ग) प्रश्‍नांश (ख) मामले में क्या कृष्ण मुरारी द्विवेदी जिला परियोजना समन्वयक जिला अलीराजपुर से राशि रूपए 2458173 की वसूली की गई? यदि नहीं, तो विधिसम्मत कारण बताएँ। कब तक उक्त राशि वसूली की जाएगी?

राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट  अनुसार। (ख) लोकायुक्‍त जांच प्रकरण क्रमांक- 1139/2017 विरूद्ध श्री के.एम.द्विवेदी तत्‍का. जिला परियोजना समन्‍वक जिला- सीधी मामले में की गई कार्यवाही की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-1,  2, 3,  4,  5,  6 एवं 7 (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट  अनुसार।

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजनांतर्गत पुल निर्माण

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

36. ( क्र. 318 ) श्री बीरेन्‍द्र रघुवंशी : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में दूरस्थ एवं चौड़ीकरण अंतर्गत निर्मित सड़क मार्ग कोलारस से खरैह वाया भडौता में ग्राम भडौता-टामकी के मध्य सिंघ नदी पर पुल निमार्ण कार्य की स्वीकृति हो चुकी है? यदि हाँ, तो कब तक पुल का निर्माण होगा व कितनी लागत राशि से? (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में यदि पुल निर्माण की स्वीकृति नहीं हुई तो इस हेतु अब तक क्या-क्या कार्यवाही की गई? क्या पुल का निर्माण नहीं होने से वर्षभर व विशेषकर वारिश में यात्रियों का आवागमन प्रभावित नहीं होता? किन-किन कारणों से पुल निर्माण की स्वीकृति नहीं हो सकी है? समस्त विवरण सहित जानकारी उपलब्ध करावें। पुल निर्माण की स्वीकृति होकर कब तक निर्माण कार्य प्रारंभ हो जाएगा?

पंचायत मंत्री ( श्री महेन्‍द्र सिंह सिसौदिया ) : (क) जी नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) पुल का सर्वे कार्य पूर्ण होकर, डी.पी.आर. तैयार कर ली गई है। एस.टी.ए. से जाँच उपरांत राष्ट्रीय ग्रामीण अवसंरचना विकास एजेन्सी के पोर्टल में प्रविष्टि की गई है। सिंध नदी पर पूर्व निर्मित व्ही.सी.डब्ल्यू. से आवागमन प्रचलन में है। अधिक बारिश के दिनों को छोड़कर शेष दिनों में आवागमन प्रभावित नहीं होता। राष्ट्रीय ग्रामीण अवसंरचना विकास एजेन्सी से अनुमोदन प्राप्‍त न होने के कारण पुल निर्माण की स्वीकृति नहीं हो सकी है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

शासकीय विद्यालयों में सुविधाओं हेतु स्‍थायी व्‍यवस्‍था

[स्कूल शिक्षा]

37. ( क्र. 321 ) श्री शैलेन्द्र जैन : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सागर विधान सभा क्षेत्रांतर्गत शासकीय प्राथमिक, माध्यमिक, हाई स्कूल एवं हायर सेकेण्डरी स्कूलों में से कितने विद्यालयों में स्वयं का शुद्ध पेयजल स्त्रोत नहीं है एवं कितने विद्यालयों में रनिंग वॉटर सुविधा सहित व्यवस्थित शौचालय नहीं है तथा कितने विद्यालय सुरक्षा की दृष्टि से बाऊण्ड्रीवॉल विहीन हैं? पृथक-पृथक जानकारी उपलब्ध करायें। (ख) जिन विद्यालयों में प्रश्‍नांश (क) वर्णित सुविधायें नहीं हैं, उनमें वर्तमान में क्या कोई वैकल्पिक व्यवस्था बनाई गई है? यदि हाँ, तो विद्यालयवार जानकारी देंवे। (ग) क्या शासन जिन विद्यालयों में प्रश्‍नांश (क) वर्णित स्थायी सुविधायें नहीं हैं, तो इन विद्यालयों में उक्त सुविधाओं हेतु स्थायी व्यवस्था करने पर कोई विचार करेगा? यदि हाँ, तो कब तक?

राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) एवं (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे  परिशिष्ट अनुसार है। (ग) लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ''नोडल विभाग'' द्वारा जल-जीवन मिशन अंतर्गत सभी प्राथमिक/माध्यमिक शालाओं में रनिंग वाटर के माध्यम से शुद्ध पेयजल व्यवस्था एवं शौचालयों में पानी की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा ग्रामीण क्षेत्र स्थित प्राथमिक/माध्यमिक शालाओं में मनरेगा अंतर्गत तथा नगरीय निकाय एवं आवास विभाग द्वारा शहरी क्षेत्र स्थित प्राथमिक/माध्यमिक शालाओं में निकायों द्वारा वसूल की जाने वाली शिक्षा उपकर की राशि से बाउण्ड्रीवॉल निर्माण कराये जाने के निर्देष है। शासकीय हाई स्कूल/हायर सेकेण्डरी स्कूलों में बाउण्‍ड्रीवॉल का निर्माण कार्य बजट उपलब्धता पर निर्भर करता है। अतः समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

विद्यालयों में साफ-सफाई की व्यवस्था

[स्कूल शिक्षा]

38. ( क्र. 322 ) श्री शैलेन्द्र जैन : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) म.प्र. स्कूल शिक्षा विभाग अंतर्गत संचालित हाई सेकेण्डरी एवं हाई स्कूल, माध्यमिक विद्यालय एवं प्राथमिक विद्यालयों में नियमित साफ-सफाई के लिये क्या व्यवस्था निर्धारित की गई है? क्या इसके लिये इन सभी विद्यालयों में पृथक से कर्मचारी नियुक्त हैं? (ख) यदि नहीं, तो उक्त विद्यालयों में साफ-सफाई की व्यवस्था कैसे सुनिश्चित की जाती है? (ग) विद्यालय भवन एवं परिसर की उपयुक्त साफ-सफाई न होने से शैक्षणिक वातावरण एवं छात्र-छात्राओं के स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव पड़ता पड़ने की पूर्ण संभावना रहती है, क्या शासन नगरीय क्षेत्र के विद्यालयों में साफ-सफाई के लिये नगरीय निकाय के माध्यम से एवं ग्रामीण क्षेत्र के विद्यालयों के लिये ग्राम पंचायतों के माध्यम से नियमित साफ सफाई की व्यवस्था सुनिश्चित करेगा? यदि नहीं, तो क्यों?

राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) एवं (ख) विभाग अंतर्गत संचालित शासकीय प्राथमिक/माध्यमिक विद्यालयों में समग्र शिक्षा अभियान के तहत नियमित साफ-सफाई करने के लिए पृथक से कर्मचारी नियुक्त नहीं है, अपितु शालाओं को जारी की जाने वाली एकीकृत शाला निधि में शाला परिसर एवं विद्यार्थियों की स्वच्छता हेतु 10 प्रतिशत राशि का प्रावधान किया गया है। एकीकृत शाला निधि से विद्यालयों में साफ-सफाई की व्यवस्था की जाती है। शासकीय हाईस्कूल/हायर सेकेण्डरी स्कूलों में पदस्थ भृत्य एवं जहां पर भृत्य नहीं हैं, वहां शाला प्रबंध एवं विकास समिति द्वारा स्थानीय स्तर पर योजित कर्मियों द्वारा साफ-सफाई की व्यवस्था की जाती है। (ग) नगरीय क्षेत्र के शासकीय एवं नगरीय निकायों की शालाओं में नियमित साफ-सफाई की व्यवस्था नगरीय निकायों द्वारा वसूल किये जाने वाले शिक्षा उपकर की राशि से एवं ग्रामीण क्षेत्र स्थित शालाओं में नियमित साफ-सफाई पंच परमेश्वर योजना के माध्यम से कराये जाने के निर्देश है। अतः शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

अपूर्ण गौशालाओं एवं पशु शेड का निर्माण

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

39. ( क्र. 333 ) श्री दिनेश राय मुनमुन : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍न दिनांक की स्थिति में सिवनी जिले में मनरेगा अंतर्गत स्‍वीकृत किन-किन गौशालाओं व पशु शेड का कार्य अप्रारंभ है तथा क्‍यों? उक्‍त निर्माण कार्य कब स्‍वीकृत हुये थे तथा कार्य प्रारंभ करावाने हेतु अभी तक क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई? निर्माण कार्यों की प्रशासकीय स्‍वीकृति व तकनीकी स्‍वीक़ृति जनपद पंचायतवार, कार्यवार, हितग्राहीवार वर्ष 2019 से प्रश्‍न दिनांक तक की स्थिति में देवें। (ख) गौशाला एवं पशु शेड निर्माण स्‍वीकृति हेतु क्‍या-क्‍या मापदण्‍ड हैं? निर्देशों की प्रति उपलब्‍ध कराते हुये बतावें की किन-किन गौशाला व पशु शेड का निर्माण कार्य अपूर्ण है तथा क्‍यों? उक्‍त गौशालाओं व पशु शेड का कार्य कब तक पूर्ण होगा? (ग) क्‍या जिले की अनेक ग्राम पंचायतों में पशु शेड कार्य नियम विरूद्ध स्‍वीकृत किये गये है जिनका हितग्राही द्वारा दुरूपयोग किया जा रहा है? यदि नहीं, तो शासन जिले के अंतर्गत स्‍वीकृत पशु शेडों का जनपद पंचायतवार/हितग्राहीवार स्‍थल निरीक्षण कराकर जांच करायेगा? यदि हां, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्‍यों? (घ) प्रश्‍नांश (ग) की गौशालाओं व पशु शेडों में बिजली, पानी की क्‍या व्‍यवस्‍था है? जनपद पंचायतवार, हितग्राहीवार जानकारी देवें। जिन गौशालाओं व पशु शेडों में बिजली व पानी की व्‍यवस्था नहीं है, इस हेतु क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई?

पंचायत मंत्री ( श्री महेन्‍द्र सिंह सिसौदिया ) : (क) प्रश्‍न दिनांक तक सिवनी जिले में मनरेगा योजनांतर्गत स्‍वीकृत गौशालाओं एवं पशु शेड निर्माण के कोई भी कार्य अप्रारंभ नहीं होने से शेष प्रश्‍न उत्‍पन्‍न नहीं होता है। शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट '1' अनुसार है। (ख) गौशाला परियोजना (सामुदायिक कैटल शेड) के क्रियान्‍वयन हेतु विभाग के पत्र क्रमांक 124/348/2019/पं.-1/22 भोपाल दिनांक 06/02/2019 जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-2 अनुसार, विभाग का पत्र क्रमांक/893/MGNRGS-MP/NR-3/2020 भोपाल दिनांक 25/06/2020 जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-3 अनुसार एवं पशु शेड के दिशा-निर्देश विभाग के पत्र क्रमांक/1273/MGNREGS-MP/NR-3/2019 दिनांक 31/05/2019 अनुसार निर्देश जारी किये गये हैं, जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-4 अनुसार है। (ग) जी नहीं। ग्राम पंचायत अंतर्गत हितग्राही विशेष द्वारा पशु शेड दुरूपयोग की जानकारी विभाग के संज्ञान में आने पर संबंधितों के विरूद्ध यथोचित कार्यवाही की जावेगी। (घ) गौशालाओं में बिजली-पानी की व्‍यवस्‍था की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-5 अनुसार है। गौशालाओं में बिजली-पानी की व्‍यवस्‍था अभिसरण से किये जाने के निर्देश हैं। पशु शेड में बिजली-पानी की व्‍यवस्‍था हितग्राही द्वारा स्‍वयं की जाती है।

कम्‍प्‍यूटर ऑपरेटरों के नियुक्ति की जानकारी

[स्कूल शिक्षा]

40. ( क्र. 337 ) श्री कमलेश जाटव : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या मुरैना जिले में शिक्षा विभाग द्वारा की गई कम्प्यूटर डेटा एन्ट्री ऑपरेटरों की नियुक्ति के सम्बंध में जानकारी प्राप्त किये जाने हेतु, जिला शिक्षा अधिकारी मुरैना को प्रश्‍नकर्ता के पत्र क्रमांक 120/नि.स./एफ-006/(क)/04/2022 अम्बाह दिनांक 16.04.2022 द्वारा कोई पत्र दिया गया था? यदि हाँ, तो विभाग द्वारा प्रश्‍न दिनांक तक चाही गई सम्पूर्ण जानकारी क्यों नहीं प्रदाय की गई? (ख) क्या प्रश्‍नांश (क) में विभाग को प्रेषित पत्र द्वारा चाही गई जानकारी विभाग द्वारा सदन के माध्यम से उपलब्ध करवाई जावेगी? यदि हाँ, तो कब तक, यदि नहीं, तो क्यों नहीं? (ग) क्या प्रश्‍नांश (क) में विभाग को प्रेषित पत्र में चाही गई जानकारी प्रश्‍न दिनांक तक उपलब्ध नहीं करवाए जाने एवं विलम्ब हेतु उत्तरदायी विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध शासन कोई कार्यवाही प्रस्तावित करेगा? यदि हाँ, तो कब तक यदि नहीं, तो क्यों नहीं?

राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) जी नहीं प्रश्‍नांश अनुसार पत्र दिनांक 16.04.2022 जिला शिक्षा अधिकारी को प्राप्त न होने से जानकारी प्रदाय नहीं की गई। (ख) जिला शिक्षा अधिकारी मुरैना के पत्र क्रमांक/स्था/2022/3027 दिनांक 14.07.2022 द्वारा माननीय विधायक के निज सचिव से पत्र दिनांक 16.04.2022 की प्रति चाही गई है। पत्र की प्रति प्राप्त होने पर जानकारी उपलब्ध कराई जा सकेगी। (ग) उत्तरांश (क) एवं (ख) के प्रकाश में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

शासकीय हाईस्कूल का भवन निर्माण

[स्कूल शिक्षा]

41. ( क्र. 341 ) श्री सूबेदार सिंह सिकरवार रजौधा : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जौरा विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत वर्ष 2018 से प्रश्‍न दिनांक तक कितने और कहां-कहां शा. हाईस्कूल स्वीकृत किये गये, कितनों के लिए भवन निर्माण हेतु राशि आवंटित की गयी है और कितनों के भवन निर्माण कार्य प्रारंभ हो गया है? भवन निर्माण में विलम्ब के क्या कारण हैं? प्रगति की अद्यतन जानकारी उपलब्ध करावें। (ख) विधानसभा जौरा क्षेत्रान्तर्गत शासकीय अनुदान प्राप्त शालाएं कितनी और कहां-कहां संचालित हैं? वर्षों से संचालित शासकीय अनुदान प्राप्त शालाओं के कितने शिक्षक सेवानिवृत्‍त हो गये गये हैं? वर्तमान में कितने शिक्षक पदस्थ हैं और उनकी सेवानिवृत्ति की आगामी दिनांक क्या है? सेवानिवृत्त हुए शिक्षकों एवं निकट समय में सेवानिवृत्त होने वाले शिक्षकों से उत्पन्न समस्याओं के निदान के लिए विभाग की क्या कार्य योजना है? शालाओं में ऐसी कितनी शाला हैं शिक्षक उपलब्ध नहीं है? (ग) प्रश्‍नांश (ख) में वर्णित शिक्षा समस्या के निदान हेतु अनुदान प्राप्त शालाओं में शिक्षा के लिए सेवानिवृत्ति के स्थान पर कोई शिक्षक की व्यवस्था की गयी है? छात्रों के हित को देखते हुए ऐसी शालाओं पर विभाग द्वारा शिक्षकों के वैकल्पिक व्यवस्था की योजना है? यदि नहीं, तो क्यों?

राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) शासकीय माध्यमिक शाला भर्रा जिला मुरैना का शासकीय हाईस्कूल में उन्नयन किया गया है। भवन निर्माण के लिये कोई राशि आवंटित नहीं की गई। नवीन स्कूल भवन का निर्माण बजट की उपलब्धता पर निर्भर है। शेषांश उद्भूत नहीं होता। (ख) विधानसभा जौरा क्षेत्रान्तर्गत शासकीय अनुदान प्राप्त 14 शालाएं है। जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट  01 अनुसार है। 26 शिक्षक सेवानिवृत्त हो गये है। शेष जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट-02 में समाहित है। विभागीय आदेश दिनांक 08.05.2015  संलग्‍न परिशिष्ट-03 अनुसार अनुदानित विद्यालयों के शिक्षकों की सेवानिवृत्ति से रिक्त पदों पर नवीन नियुक्ति नहीं की जावेगी। संस्था में अध्ययनरत छात्र संख्या के मान से आवश्यक पदों की पूर्ति संस्था द्वारा स्वयं के व्यय एवं संसाधनों से की जा सकती है। संस्था बंद होने की स्थिति में छात्रों को निकटस्थ शासकीय विद्यालय में दर्ज किये जाने का प्रावधान है। प्रश्नाधीन समस्त शालाएं संचालित होने से इनके शिक्षक विहीन होने का प्रश्‍न स्पष्ट नहीं होता है। (ग) प्रश्‍नांश '''' के उत्तर में समाहित है।

परिशिष्ट - "पंद्रह"

रोजगार सहायकों के पदों की पूर्ति

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

42. ( क्र. 343 ) श्री सूबेदार सिंह सिकरवार रजौधा : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या रोजगार सहायकों के पदों के विरूद्ध पदस्थ रोजगार सहायकों की संख्या बहुत कम है जिससे पंचायतों का कार्य प्रभावित हो रहा है? रोजगार सहायकों पर मूल पंचायत के अलावा एक से अधिक पंचायतों के प्रभार है? यदि हाँ, तो विधानसभा क्षेत्र जौरा क्षेत्रान्तर्गत आने वाली पंचायतों में पदस्थ रोजगार सहायकों को मूल पंचायत एवं अतिरिक्त पंचायतों के दिए गये प्रभार की जानकारी दी जावे। (ख) विधानसभा क्षेत्र जौरा अन्तर्गत पंचायतों की संख्या के अनुपात में कितने रोजगार सहायक नियुक्त हैं और कितने पद रिक्त हैं? रिक्त पदों की पूर्ति हेतु विभाग द्वारा क्या कार्य योजना है? (ग) रोजगार सहायकों की नियुक्त हेतु किस प्रक्रिया के तहत चयन किया जाता है? प्रश्‍न दिनांक से पूर्व में रोजगार सहायकों की किस प्रक्रिया के तहत चयन किया गया था और आगामी समय में किस प्रक्रिया के तहत चयन किया जावेगा? सम्पूर्ण स्पष्ट विवरण देवें। (घ) प्रश्‍नांश (क), (ख) एवं (ग) के परिप्रेक्ष्य में पंचायतों में रोजगार सहायकों की कमी की वजह से पंचायतों में निर्माण/विकास कार्यों पर विपरित असर को दूर करने के लिए उपरोक्त समस्या का निदान कब तक कर दिया जावेगा?

पंचायत मंत्री ( श्री महेन्‍द्र सिंह सिसौदिया ) : (क) जी नहीं। जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट पर है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) विधानसभा क्षेत्र जौरा में कुल 108 ग्राम पंचायतों में 91 ग्राम रोजगार सहायक नियुक्‍त हैं तथा 17 पद रिक्‍त हैं। वर्तमान में रिक्‍त पदों की पूर्ति हेतु विभाग की कोई कार्य योजना नहीं है। (ग) म.प्र. राज्‍य रोजगार गारंटी परिषद के परिपत्र क्र. 5335 दिनांक 02.06.2012 के अनुसार ग्राम रोजगार सहायक की नियुक्ति के चयन प्रक्रिया की जाती है। (घ) उत्‍तरांश () अनुसार।

परिशिष्ट - "सोलह"

खरीफ फसलों हेतु रासायनिक खाद का प्रदाय

[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]

43. ( क्र. 350 ) डॉ. सतीश सिकरवार : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) ग्वालियर जिले में वर्ष 2022 की खरीफ फसलों हेतु कितनी अनुमानित मात्रा में रासायनिक खाद (यूरिया, डी.ए.पी., काम्‍प्‍लैक्‍स, एस.एस.पी.) की आवश्‍यकता रहेगी, खादवार जानकारी दी जावे। (ख) उक्‍त जिले में रासायनिक खाद सहकारी क्षेत्र में किन-किन संस्थाओं द्वारा प्रदाय किया जावेगा। (ग) खरीफ में जून 2022 तक कितनी मात्रा में रासायनिक खाद उक्‍त जिले में उपलब्‍ध कराया जा चुका है? खादवार मात्रा सहित जानकारी दी जावे। (घ) खरीफ में जून 2022 तक किसानों द्वारा शासन द्वारा निर्धारित सहकारी संस्थाओं, सहकारी समितियों से कितना खाद क्रय किया जा चुका है? खादवार, मात्रा सहित जानकारी दी जावे।

किसान कल्याण मंत्री ( श्री कमल पटेल ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र -2 अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र- 3 अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र- 4 अनुसार है।

शैक्षणिक संवर्ग के कर्मचारियों की जानकारी

[स्कूल शिक्षा]

44. ( क्र. 354 ) श्री प्रवीण पाठक : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या ग्‍वालियर जिले में शासकीय विद्यालयों (प्राथमिक से उच्चतर माध्यमिक स्तर तक) में शैक्षणिक कार्य हेतु नियुक्त कर्मचारियों से उनके पदीय कर्तव्य/दायित्वों के अतिरिक्त अन्य कार्यालयों में गैर शैक्षणिक कार्य करने हेतु (प्रश्‍न उत्तर दिनांक तक) आसंजित किया गया है? यदि हाँ, तो संख्‍यात्‍मक जानकारी दें। (ख) क्या ग्वालियर जिले में प्रश्‍नांश (क) अनुसार ऐसे कर्मचारियों को (उत्तर दिनांक तक) आसंजित किया गया है? यदि हाँ, तो शिक्षक का नाम, मूल पद, मूल पदस्थ शाला का नाम व जिला, आसंजित कार्यालय का नाम व जिला एवं किस सक्षम आदेश से आसंजित किया गया की जानकारी देवें। (ग) छात्र/छात्राओं के गुणवत्तापूर्ण अध्यापन के तहत ग्‍वालियर जिले में स्थित कितने विद्यालयों में कितने पद स्वीकृत हैं? उनमें से कितने भरे हैं? कितने रिक्त हैं? रिक्त पदों की पूर्ति हेतु क्या कोई योजना बनाई है? यदि हाँ, तो क्या? यदि नहीं, तो कब तक कार्यवाही की जायेगी? (घ) क्या शासन द्वारा शैक्षणिक कार्य हेतु नियुक्त कर्मचारियों से केवल शैक्षणिक कार्य के अतिरिक्त अन्य कार्य न लेने हेतु कोई प्रभावी/स्थाई कार्य योजना बनाई है? यदि हाँ, तो क्या? यदि नहीं, तो कब तक कार्यवाही की जायेगी?

राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) जी नहीं। शेषांश का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता। (ख) उत्तरांश '''' अनुसार प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। रिक्त पदों की पूर्ति एक सतत् प्रक्रिया है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (घ) शैक्षणिक संवर्ग के कर्मचारियों से अन्य कार्य न लेने के संबंध में समय-समय पर निर्देश प्रसारित किये गये हैं। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

ग्वालियर स्थित लक्ष्मीगंज सब्जी मंडी का संचालन/व्यवस्था

[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]

45. ( क्र. 355 ) श्री प्रवीण पाठक : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या लश्‍कर ग्‍वालियर लक्ष्मीगंज सब्जी मंडी के पुराने परिसर में कारोबार हेतु फर्मों को भूखण्ड/दुकानें आवंटित की गई थीं? यदि हाँ, तो क्या इनकी लीज अवधि समाप्त हो गई है? यदि हाँ, तो किन-किन फर्मों की तथा क्या उनके द्वारा अभी भी कारोबार किया जा रहा है? यदि हाँ, तो कौन दोषी है तथा उसके विरूद्ध क्या कार्यवाही की गई? फर्मवार पूर्ण विवरण दें। (ख) नवीन मंडी परिसर में आवंटित भूखण्डों से नीलामी की शर्तों के अनुसार कितनी-कितनी राशि किस देय दिनांक को जमा कराई तथा समय-सीमा में वांछित देय राशि जमा नहीं कराये जाने पर उनके विरूद्ध क्या कार्यवाही की गई? लायसेंसीवार पूर्ण विवरण दें। क्या शासन को इससे कोई राजस्व की हानि हुई है? यदि हाँ, तो इसके लिये कौन दोषी है? दोषी के विरूद्ध क्या कार्यवाही हुई? (ग) नवीन मंडी परिसर में कारोबार हेतु क्या सभी लायसेंसधारियों को भूखण्ड आवंटित किये जायेंगे? क्या नवीन मंडी परिसर में भूखण्ड आवंटन प्राप्त किये बिना कोई लायसेंसधारी कारोबार कर सकता है? भूखण्ड आवंटन की कार्यवाही कब तक पूर्ण कर ली जायेगी? (घ) पुराने मंडी परिसर के लिये क्या कोई योजना बनाई है? यदि हाँ, तो क्या? यदि नहीं, तो उसका क्रियान्वयन कब तक कर लिया जायेगा?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री कमल पटेल ) : (क) उक्‍त 28 फर्मों की लीज अवधि समाप्‍त हुई है जानकारी पुस्तकालय में रखे प्रपत्र 1-अ-एक अनुसार है। उक्‍त फर्मों द्वारा मण्‍डी अनुज्ञप्ति के आधार पर कारोबार किया जा रहा है, जिस पर रोक नहीं है। अत: शेष प्रश्‍न उद्भूत नहीं होता है। (ख) नवीन मंडी परिसर में आवंटित भूखण्‍डों से नीलामी की शर्तों के अनुसार देय दिनांक को जमा कराई राशि की सूची जानकारी पुस्तकालय में रखे प्रपत्र 2-ब-दो अनुसार है तथा समय-सीमा में वांछित देय राशि जमा नहीं किये जाने वाले लायसेंसधारियों को सूचना पत्र जारी किये गये हैं। लायसेंसीवार सूची जानकारी पुस्तकालय में रखे प्रपत्र 3-स-तीन अनुसार है। म.प्र. कृषि उपज मण्‍डी (भूमि एवं संरचना का आवंटन) नियम 2009 के प्रावधान अनुसार प्रथम सफल निविदाकार द्वारा निर्धारित समयावधि में राशि जमा नहीं करने पर आगामी कार्यवाही करने का प्रावधान नियमों में विहित है। हानि तथा दोषियों के निर्धारण की कार्यवाही प्रचलित है। (ग) नवीन मंडी परिसर में कारोबार हेतु प्रांगण में रिक्‍त/उपलब्‍ध ले-आउट में स्‍वीकृत भूखण्‍डों की संख्‍या अनुसार मंडी समिति लश्‍कर के अनुज्ञप्तिधारी सब्‍जी व्‍यापारियों को मध्‍यप्रदेश कृषि उपज मण्‍डी (भूम&