मध्यप्रदेश विधान सभा


प्रश्‍नोत्तर-सूची
फरवरी, 2024 सत्र


सोमवार, दिनांक 12 फरवरी, 2024


भाग-1
तारांकित प्रश्‍नोत्तर



मेडिकल कॉलेज का भवन निर्माण

[चिकित्सा शिक्षा]

1. ( *क्र. 1293 ) श्री हरिशंकर खटीक : क्या उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या शासन द्वारा टीकमगढ़ जिले में मेडिकल कॉलेज खोलने की स्‍वीकृति दी जा चुकी है? कृपया ऐसे आदेशों की छायाप्रतियां प्रदान करें। (ख) प्रश्‍नांश (क) के आधार पर यह भी बताएं कि मेडिकल कॉलेज भवन निर्माण हेतु कितनी-कितनी राशि स्‍वीकृत हुई है? प्रश्‍न दिनांक तक भवन निर्माण हेतु शासन द्वारा एवं जिले से भूमि आवंटन हेतु क्‍या-क्‍या कार्यवाही की जा चुकी है? कृपया अद्यतन स्थिति से अवगत कराएं एवं संपूर्ण कार्यवाही का विवरण प्रदान करें। (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के आधार पर बताएं कि प्रश्‍न दिनांक तक भूमि आवंटन न होने के क्‍या-क्‍या कारण हैं? मवई के पास की भूमि पर मेडिकल कॉलेज भवन बनेगा तो किस स्‍थान पर भवन बनने से जिले की जनता को अधिक लाभ होगा? कृपया कारण सहित संपूर्ण जानकारी दें। (घ) प्रश्‍नांश (क), (ख) एवं (ग) के आधार पर निश्चित समय-सीमा सहित बताएं कब तक मेडिकल कॉलेज का भवन निर्माण कार्य स्‍वीकृत राशि से प्रारंभ हो जायेगा?

उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जी हाँ। टीकमगढ़ जिले में चिकित्‍सा महाविद्यालय खोले जाने की सैद्धांतिक सहमति दी गई हैजानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र-अनुसार है। (ख) उत्‍तरांश '' अनुसार। मेडिकल कॉलेज हेतु आवंटित भूमि पर माननीय उच्‍च न्‍यायालय, जबलपुर में रिट याचिका क्रमांक 29472/2023 विचाराधीन है। माननीय उच्‍च न्‍यायालय के पारित आदेश दिनांक 05.12.2023 द्वारा कलेक्‍टर के आदेश दिनांक 08.09.2023 को स्‍थगित रखा है। जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र-अनुसार है। (ग) उत्‍तरांश '' एवं '' के परिप्रेक्ष्‍य में शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) निश्चित समय-सीमा बताना संभव नहीं है।

परिशिष्ट - "एक"

ओला पीड़ित किसानों को राहत राशि का वितरण

[राजस्व]

2. ( *क्र. 289 ) श्री दिव्‍यराज सिंह : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या जिला रीवा के जनपद पंचायत जवा राजस्व तहसील जवा वृत्त अतरैला के अधीन ग्रामों में वर्ष 2023 के माह मार्च-अप्रैल में प्राकृतिक आपदा ओलावृष्टि के द्वारा कृषकों की फसल चौपट होने के उपरांत सर्वे कार्य कराया गया था? यदि हाँ, तो क्या कारण है कि लगभग 10 माह व्यतीत हो जाने के पश्चात भी किसानों को राहत राशि प्रदाय नहीं की जा सकी? (ख) प्रश्‍नांक (क) के अनुक्रम में जनपद पंचायत जवा के अधीन कुल कितने ग्रामों का ओलावृष्टि राहत राशि का सर्वे कराकर क्षतिपूर्ति राहत राशि का प्रकरण तैयार किया गया था? कुल कितने कृषकों के बैंक खातों में राहत राशि ट्रांसफर कर दी गई है तथा कुल ऐसे कितने कृषक शेष हैं, जिनके खातों में अभी तक राहत राशि ट्रांसफर नहीं की जा सकी है? (ग) कब तक ऐसे वंचित किसानों के बैंक खातों में ओला पाला क्षतिपूर्ति राहत राशि ट्रांसफर की जावेगी?

राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जी हाँ। वृत्त अतरैला अंतर्गत कुल 1313 कृषक प्रभावित पाये गये थे, जिनमें से 678 कृषकों का सहखाते में भूमि दर्ज होने से एवं सहखातेदारों के मध्य सहमति न बनने एवं बैंक खाता आधार लिंक न होने के कारण राहत राशि प्रदाय नहीं की जा सकी है। (ख) उत्‍तरांश (क) के अनुक्रम में जनपद पंचायत जवा अन्तर्गत कुल 28 ग्रामों में ओलावृष्टि से हुई क्षति का हल्का पटवारियों से सर्वे कराया गया था, जिसमें से राजस्व वृत्त अतरैला अन्तर्गत कुल 24 ग्रामों में 1313 प्रभावित कृषक एवं राजस्व वृत्त जवा के 4 ग्रामों में 376 प्रभावित कृषक पाये गये थे। कुल 1689 कृषकों का क्षतिपूर्ति राशि का प्रकरण तैयार किया गया था, जिसमें से 907 कृषकों के बैंक खातों में राहत राशि ट्रान्सफर कर दी गई है। शेष 782 प्रभावित कृषकों की भूमि सहखाते में होने व सहखातेदारों के मध्य सहमति न बनने एवं बैंक खाता आधार लिंक न होने के कारण राहत राशि ट्रान्सफर नहीं की जा सकी है। (ग) कार्यवाही प्रक्रियाधीन है।

सिविल हॉस्पिटल निर्माण की जानकारी

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

3. ( *क्र. 1039 ) श्री हरदीप सिंह डंग : क्या उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सीतामऊ सिविल हॉस्पिटल की स्वीकृति दिनांक एवं हॉस्पिटल हेतु आरक्षित चिन्‍हित भूमि सर्वे क्र. की जानकारी देवें तथा आरक्षित भूमि में निर्माणाधीन भवन का सर्वे क्र. एवं रिक्त पडे़ सर्वे क्र. की जानकारी पृथक-पृथक देवें? (ख) जनप्रतिनिधि‍ एवं राजस्व तथा स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों द्वारा किए गए भूमि पूजन के सर्वे क्र. एवं स्थान की जानकारी देवें? (ग) जन भावना को दृष्टिगत रखते हुए भूमि पूजन जिस स्थान पर हुआ था, उस ही स्थान पर निर्माण कार्य किया जा रहा या अन्य स्थान पर निर्माण हो रहा है? यदि अन्य स्थान पर निर्माण हो रहा है, तो कारण की जानकारी देवें। (घ) क्या राजस्व विभाग के अधिकारियों द्वारा उक्त निर्माण कार्य जो कि भूमि पूजन स्थान को छोड़ अन्य स्थान पर हो रहा है, उसे बंद कराने के आदेश दिए थे? यदि हाँ, तो वर्तमान निर्माण की स्थिति से अवगत करावें।

उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) सीतामऊ में 30 बिस्‍तरीय सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र का 50 बिस्‍तरीय सिविल हॉस्पिटल में उन्‍नयन/निर्माण कार्य हेतु मध्‍यप्रदेश शासन लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण विभाग के आदेश क्रमांक PHFW-234/2022/सत्रह/मेडि-3, दिनांक 22.04.2023 द्वारा प्रशासकीय स्‍वीकृति जारी की गयी एवं जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट में समाहित है। (ख) जनप्रतिनिधि एवं राजस्‍व तथा स्‍वास्‍थ्‍य विभाग के अधिकारियों द्वारा सर्वे क्रमांक 338/1/1 कस्‍बा सीतामऊ तहसील सीतामऊ में भूमिपूजन किया गया। (ग) भूमिपूजन जिस स्‍थान पर हुआ था, उसी स्‍थान पर भवन निर्माण किया जा रहा है, शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) प्रश्‍नांश '''' के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - "दो"

पेयजल उपयोग हेतु पगराडैम से 2 एम.सी.एम. पानी का आवंटन

[जल संसाधन]

4. ( *क्र. 614 ) श्री वीरेन्द्र सिंह लोधी : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या बंडा नगर के पेयजल उपयोग हेतु पगराडैम से 2 एम.सी.एम. पानी नगर परिषद बंडा को आवंटित हो जायेगा? (ख) आवंटन में कितना समय लगेगा? (ग) क्या आवंटन की कार्यवाही एक माह में होना संभव है?

जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) से (ग) वस्‍तुस्थिति यह है कि बेवस नदी पर निर्मित पगरा बांध में अनुपयोगी जल क्षमता (Dead Storage including Water below LSL + Evaporation Losses + Drinking Water use + Industrial Water use) 20.93 मि.घ.मी. है, जिसमें से वाष्‍पीकरण को घटाते हुए पगरा बांध से संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार जल पूर्व से ही आवंटित किया जाना प्रतिवेदित है। अतः नगर परिषद् बण्डा को वर्तमान में पगरा डैम से 02 एम.सी.एम. जल आवंटित किया जाना संभव नहीं है, क्‍योंकि नगर परिषद बंडा की मांग अनुसार बेवस नदी से 2.00 मि.घ.मी. वार्षिक जल वृहद परियोजना नियंत्रण मंडल भोपाल के आदेश दिनांक 13.03.2023 द्वारा आवंटित किया जा चुका है। शेष प्रश्‍न उत्पन्न नहीं होते हैं।

परिशिष्ट - "तीन"

 

चिकित्सकों एवं पैरा मेडिकल स्टॉफ के रिक्त पदों की पूर्ति

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

5. ( *क्र. 686 ) श्री संजय उइके : क्या उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बालाघाट जिले की बैहर विधानसभा क्षेत्र में उप स्वास्‍थ्‍य केन्द्र, प्राथमिक स्वास्‍थ्‍य केन्द्र, सामुदायिक स्वास्‍थ्‍य केन्द्र एवं सिविल अस्पताल में चिकित्सकों एवं पैरा मेडिकल स्टाफ के कितने पद स्वीकृत हैं, स्वीकृत पद के विरूद्ध कितने कार्यरत हैं, कितने रिक्त हैं? (ख) बैहर विधानसभा क्षेत्र के स्वास्‍थ्‍य केन्द्रों में रिक्त चिकित्सकों के पद कब तक भरे जायेंगे?

उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) विभाग रिक्त पदों की पूर्ति लोक सेवा आयोग तथा संविदा आधार पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के माध्यम से निरंतर की जाती है। पदपूर्ति हेतु निश्चित समय-सीमा बताई जाना संभव नहीं है।

माननीय मुख्‍यमंत्रीजी की गई घोषणा का क्रियान्‍वयन

[जल संसाधन]

6. ( *क्र. 1136 ) डॉ. प्रभुराम चौधरी : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सांची विधानसभा क्षेत्रांतर्गत ब्‍लॉक गैरतगंज में डैम बनाने की घोषणा माननीय मुख्‍यमंत्री जी द्वारा की गयी थी? यदि हाँ, तो डैम की स्‍वीकृति‍ कब तक की जावेगी? (ख) प्रश्‍नांश (क) में उल्‍लेखित डैम का सर्वे विभाग द्वारा कराया जा चुका है? यदि हाँ, तो कितने किसानों की भूमि‍ सिंचित करने का लक्ष्‍य रखा गया है? पंचायतवार जानकारी देवें।

जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) जी हाँ। जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र "अ" अनुसार है। मदनपुर तालाब, बेलनागढ़ी तालाब एवं सईदपुर तालाब की डी.पी.आर. परीक्षणाधीन होने से स्‍वीकृति दिए जाने की स्थिति नहीं है। स्‍वीकृति हेतु निश्चित समय-सीमा बताना संभव नहीं है। (ख) जी हाँ। जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र "ब" अनुसार है।

परिशिष्ट - "चार"

स्वीकृत सिंचाई योजना

[जल संसाधन]

7. ( *क्र. 496 ) श्री प्रेमशंकर कुंजीलाल वर्मा : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र सिवनी मालवा में कौन-कौन सी सिंचाई योजनाएं स्वीकृत हैं? (ख) प्रत्येक योजना की लागत एवं सिंचित रकबा कितना है? (ग) योजना का काम कब तक प्रारंभ होगा एवं कब तक पूर्ण होगा? (घ) इन योजनाओं में (मोरण्‍ड गंजाल माइक्रो उद्वहन में) विस्थापित लोगों को बसाने की पुनर्वास की क्या योजना है?

जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) से (ग) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (घ) नर्मदा घाटी विकास विभाग से प्राप्‍त जानकारी अनुसार मोरण्‍ड गंजाल संयुक्‍त सिंचाई परियोजना का क्रियान्‍वयन नर्मदा घाटी विकास विभाग के अंतर्गत किया जा रहा है। विस्‍थापित लोगों को बसाने हेतु भूमि अर्जन, पुनर्वास एवं पुनर्व्‍यवस्‍थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम, 2013 अंतर्गत तहसील सिवनी मालवा में ग्राम लोखरतलाई एवं तहसील टिमरनी में ग्राम बधवाड़ की भूमि चिन्हित की जाना प्रतिवेदित है।

परिशिष्ट - "पांच"

डाटा एंट्री ऑपरेटरों की भर्ती

[चिकित्सा शिक्षा]

8. ( *क्र. 758 ) श्री राकेश शुक्ला : क्या उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सुपर स्‍पेशलिटी हॉस्पिटल, इंदौर में डाटा एंट्री ऑपरेटर के कितने पद स्‍वीकृत हैं? (ख) स्‍वीकृत पदों के अनुपात में कितने ऑपरेटर कर्मचारी कार्यरत हैं? (ग) डाटा एंट्री ऑपरेटर पद को आउटसोर्स से भरे जाने की क्‍या योजना है?

उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) सुपर स्‍पेशलिटी हॉस्पिटल, इंदौर में डाटा एंट्री ऑपरेटर के 40 पद स्‍वीकृत हैं। (ख) वर्तमान में पद रिक्‍त हैं। (ग) डाटा एंट्री ऑपरेटर पद को आउटसोर्स से भरे जाने की कार्यवाही प्रचलन में है।

शासकीय भूमि पर किये गये अतिक्रमण को हटाया जाना

[राजस्व]

9. ( *क्र. 967 ) श्री देवेन्द्र रामनारायन सखवार : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मुरैना जिले की अम्‍बाह विधान सभा क्षेत्र अन्‍तर्गत शासकीय/नजूल भूमियों पर कहां-कहां पर किस-किस खसरा क्रमांक पर किस-किस का अवैध कब्‍जा/अतिक्रमण है? (ख) उक्‍त अतिक्रमण को हटाने की क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई? यदि कार्यवाही नहीं की तो क्‍यों? (ग) क्‍या उक्‍त अतिक्रमण राजस्‍व अधिकारियों/कर्मचारियों की मिली-भगत से किया गया है? यदि नहीं, तो क्‍या इसकी जांच करायेंगे? (घ) उपरोक्‍तानुसार क्‍या अम्‍बाह विधान सभा क्षेत्र अन्‍तर्गत शमशान घाट की भूमियों पर अवैध रूप से अतिक्रमण किया हुआ है? यदि हाँ, तो अतिक्रमण हटाने के लिये जिला प्रशासन ने क्‍या कार्यवाही की और कब तक उक्‍त अतिक्रमण हटा लिया जायेगा?

राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) मुरैना जिले की विधानसभा अम्बाह अन्तर्गत तहसील अम्बाह एवं पोरसा की शासकीय/नजूल भूमियों पर न्यायालय तहसीलदार में दर्ज अतिक्रमण/अतिक्रमणकर्ता की जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र '' एवं '' अनुसार है। (ख) तहसील अम्बाह एवं पोरसा की शासकीय/नजूल भूमियों पर अतिक्रमणों को हटाने के लिये प्रकरण दर्ज कर संबंधित न्यायालय में विधिवत कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। (ग) तहसील अम्बाह एवं पोरसा की शासकीय/नजूल भूमियों पर अतिक्रमण में राजस्व अधिकारी/कर्मचारियों की मिली-भगत संबंधी कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। अतः जांच का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता है। (घ) अम्बाह विधानसभा क्षेत्र अन्तर्गत तहसील अम्बाह एवं पोरसा में श्मशान घाट की भूमि पर कोई अतिक्रमण नहीं किया गया है।

परिशिष्ट - "छ:"

हाई स्‍कूल भवन निर्माण

[स्कूल शिक्षा]

10. ( *क्र. 26 ) श्री कुँवर सिंह टेकाम : क्या परिवहन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सीधी जिले के अन्तर्गत शासकीय हाईस्कूल सिकरा, जमुआ नं. 1, छुही एवं घरभरा का उन्नयन किस वर्ष में किया गया था? (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में उन्नयित हाईस्कूलों में भवन के लिये राशि स्वीकृत की गई है? यदि हाँ, तो राशि सहित जानकारी उपलब्ध करायें। (ग) प्रश्‍नांश (ख) के संदर्भ में उन्नयित हाईस्कूलों में भवन के लिये राशि स्वीकृत नहीं की गयी है तो कब तक स्वीकृत कर दी जावेगी? (घ) क्‍या प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में उन्नयित हाईस्कूल भवन विहीन हैं? यदि हाँ, तो बच्चों को अध्ययन अध्यापन के लिये भवन के निर्माण के लिये विभाग की क्या कार्ययोजना प्रस्तावित है?

परिवहन मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान अंतर्गत शासकीय माध्यमिक शाला शिकरा एवं जमुआ नं-1 का हाईस्कूल में उन्नयन वर्ष 2016 में एवं राज्य बजट अंतर्गत शासकीय माध्यमिक शाला छुही एवं घरभरा का उन्नयन वर्ष 2018 में किया गया। (ख) राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान अंतर्गत उन्नयित हाईस्कूल शिकरा एवं जमुआ नं. 1 के लिए भवन निर्माण हेतु प्रति भवन राशि रू. 100.00 लाख की प्रशासकीय स्वीकृति संचालनालय के पत्र दिनांक 09.05.2017 द्वारा प्रदान की गई थी, जमीन के अभाव में उक्त कार्य प्रारंभ नहीं हो सके, अतः प्रशासकीय स्वीकृति आदेश को संचालनालय के पत्र दिनांक 12.08.2021 द्वारा निरस्त किया गया है। उन्नत हाई स्कूल छुही एवं घरभरा के भवन निर्माण की प्रशासकीय स्वीकृति बजट अभाव में जारी नहीं की गई है। (ग) राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान अंतर्गत उन्नत स्कूलों की प्रशासकीय स्वीकृति भूमि के अभाव में निरस्त की जा चुकी है। राज्य योजना अंतर्गत उन्नत स्कूलों में नवीन भवन निर्माण बजट की उपलब्धता तथा सक्षम समिति की स्वीकृति पर निर्भर है। निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (घ) जी नहीं। शेष उत्तरांश '''' अनुसार।

स्‍वास्‍थ्‍य सुविधाएं सुदृढ़ीकरण की योजनाएं

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

11. ( *क्र. 1031 ) डॉ. राजेन्‍द्र पाण्‍डेय : क्या उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या जावरा विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत जावरा नगर, पिपलोदा तहसील एवं जावरा तहसील में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने हेतु विभिन्न भवन निर्माण एवं विभिन्न प्रकार के मशीन, उपकरण, सामग्री हेतु बजट की स्वीकृति प्रदान की है? (ख) यदि हाँ, तो वर्ष 2018-19 से लेकर प्रश्‍न दिनांक तक किन-किन स्थानों पर किस-किस कार्य की कितनी-कितनी लागत की स्वीकृतियां भवन निर्माण एवं अन्य संसाधन हेतु दी गई? वर्षवार, स्थानवार, व्ययवार, कार्यवार जानकारी देंl (ग) उपरोक्त वर्षों के अंतर्गत स्वास्थ्य सेवाएं हेतु अन्य भी किस-किस प्रकार की कितनी बजट की क्या-क्या स्वीकृतियां दी गईं? स्वीकृत बजट पर कितना व्यय हुआ? (घ) उपरोक्त उल्लेखित वर्षों के अंतर्गत स्वीकृत कार्यों के कार्यादेश किस-किस दिनांक को दिए गये, कौन-कौन सी एजेंसी अधिकृत होकर इस हेतु कार्य कर रही है? कितने कार्य पूर्ण, कितने अपूर्ण रहे? स्वीकृत बजट एवं व्यय सहित वर्षवार जानकारी प्रदान करेंl

उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जी हाँ। शेष प्रश्‍नांश के उत्‍तर की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) वर्ष 2018-19 एवं 2020-21 की जानकारी निरंक है। वर्ष 2019-20 से प्रश्‍न दिनांक तक प्राप्त समस्त स्वीकृतियों की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' में समाहित है। (घ) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है।

प्राथमिक एवं माध्‍यमिक शाला भवन, शौचालय, खेल मैदान आदि की व्‍यवस्‍था

[स्कूल शिक्षा]

12. ( *क्र. 785 ) श्री ओमकार सिंह मरकाम : क्या परिवहन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) डिण्डौरी जिले में सभी प्रा.शाला एवं मा.शालाओं के भवन, शौचालय, खेल मैदान, स्वच्छ पेयजल, बाउंड्रीवाल है, अगर हाँ तो प्रा.शाला पाटनगढ़ बड़ेटोला सेनगूड़ा, बड़े टोला, बिलाईखार, खिरिया, बहेराटोला, किमारिया, करेगिटोला आदि में भवन, शौचालय खेल मैदान बाउंड्रीवाल आदि क्‍यों नहीं हैं? अगर नहीं तो आदिवासी जिले के प्रा.शाला मा.शाला में भवन आदि की व्‍यवस्‍था क्यों नहीं है? इसके लिए कौन जिम्मेदार है? कौन कौन से संस्थाओं में उपरोक्त व्‍यवस्था नहीं है, कब से नहीं है? कब तक उपरोक्‍त व्‍यवस्‍था होगी? संस्‍थावार जानकारी दें। (ख) वर्ष 2022-23 एवं 2023-24 का गणवेश वितरण क्‍यों नहीं हुआ है? कब तक वितरण होगा?

परिवहन मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) डिण्डौरी जिले की 1816 प्रा.शाला एवं मा.शालाओं में से 1679 में शाला भवन, 1766 में बालक शौचालय, 1742 में बालिका शौचालय, 1733 में खेल मैदान, 1816 में स्वच्छ पेयजल, 608 में शालाओं में बाउण्ड्रीवाल उपलब्ध है। प्रा.शाला पाटनगढ़ (करंजिया) में शाला भवन मरम्मत योग्य है, शौचालय उपलब्ध है एवं क्रियाशील है, खेल मैदान हेतु भूमि शाला से समीपस्थ 200 मीटर दूरी पर माध्यमिक शाला का उपयोग किया जा रहा है। प्रा.शाला बड़ेटोला सेनगूड़ा में नवीन भवन निर्माण हेतु जिला स्तर से राशि 9.31 लाख स्वीकृत की गई है, कार्य प्रगतिरत है, शौचालय उपलब्ध एवं क्रियाशील है, स्वच्छ पेयजल एवं खेल मैदान उपलब्ध है, बाउण्ड्रीवाल उपलब्ध नहीं है। प्राथमिक शाला बडेटोला बिलाईखार के भवन एवं शौचालय मरम्मत हेतु शाला प्रबंधन समिति को आकस्मिक निधि से आवश्यक मरम्मत कार्य हेतु निर्देशित किया गया है, स्वच्छ पेयजल एवं खेल मैदान उपलब्ध है, बाउण्ड्रीवाल उपलब्ध नहीं है। प्राथमिक शाला खिरिया बहेराटोला, किमारिया, करेनिटोला नाम की शाला जिले के किसी भी विकासखण्ड में संचालित नहीं है। समग्र शिक्षा अभियान की वार्षिक कार्ययोजना वर्ष 2024-25 में उक्तानुसार अधोसंरचनाओं की पूर्ति हेतु मांग की जा रही है, भारत सरकार से स्वीकृति एवं बजट उपलब्धता अनुसार निर्माण कार्य कराये जाना निर्भर है। वर्तमान में खेल मैदान एवं बाउण्ड्रीवाल निर्माण पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा किये जाते हैं। उक्‍त व्‍यवस्‍था विहिन शालाओं की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) सत्र 2022-23 में कक्षा-1 से 4 एवं 6 से 7 के 1,34,988 छात्रों में से 1,33,110 छात्रों को स्व-सहायता समूह के माध्यम से गणवेश वितरण किया गया है। शेष छात्रों को वितरण की कार्यवाही जारी है। सत्र 2023-24 में स्व-सहायता समूह के माध्यम से गणवेश प्रदाय की कार्यवाही जारी है। गणवेश का वितरण शीघ्र किया जायेगा।

धारा 115 के तहत लंबित प्रकरण

[राजस्व]

13. ( *क्र. 6 ) श्री नितेन्‍द्र बृजेन्‍द्र सिंह राठौर : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में धारा 115 के तहत रिकॉर्ड दुरस्‍ती एवं पोथी में नाम परिवर्तन के कितने प्रकरण लंबित हैं? (ख) कब तक उक्‍त लंबित प्रकरणों का निराकरण किया जावेगा? कृपया प्रकरण लंबित रहने के कारण बतावें।

राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) प्रदेश में धारा 115 के तहत राजस्‍व न्‍यायालयों में कुल 36435 प्रकरण लंबित हैं। जानकारी संलग्न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) न्‍यायालयीन प्रक्रिया के अध्‍यधीन है।

परिशिष्ट - "सात"

सिंचाई परियोजनाओं की जानकारी

[जल संसाधन]

14. ( *क्र. 1007 ) श्री उमाकांत शर्मा : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विदिशा जिले में विभाग द्वारा कौन-कौन सी लघु, मध्यम, वृहद सिंचाई परियोजनाएं, नदी, तालाब, बैराज आदि स्वीकृत हैं तथा प्रगतिशील हैं? विकासखण्डवार लघु, मध्यम, वृहद् सिंचाई परियोजनावार, जानकारी उपलब्ध करावें। कितनी परियोजनाओं की डी.पी.आर. बन चुकी है? कितनी परियोजनाओं की साध्यता हो चुकी है? कितनी परियोजनाओं की साध्यता होना शेष है? विस्तृत जानकारी परियोजनावार, विकासखण्डवार उपलब्ध करावें। (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में उक्त सिंचाई परियोजनाओं का कार्य कब से प्रारंभ है? कार्यादेश की छायाप्रति, तकनीकी एवं प्रशासकीय स्वीकृति, कार्यपूर्णता की दिनांक सहित अभी तक हुये कार्य का विवरण एवं ठेकेदार को विगत 05 वर्ष से प्रश्‍नांकित अवधि तक सिंचाई परियोजनाओं की अद्यतन स्थिति, भुगतान की जानकारी, शेष भुगतान की जानकारी का विवरण माहवार, परियोजनावार बतावें। यदि इन योजनाओं का कार्य प्रारंभ नहीं हुआ है, तो कार्य प्रारंभ कब-तक कर दिया जावेगा? समय-सीमा बतावें एवं विलंब के लिए दोषी कौन है? दोषी पर क्या कार्यवाही की गई? कृत कार्यवाही की छायाप्रति तथा कार्य प्रारंभ कब से कर दिया जावेगा? (ग) टेम मध्यम सिंचाई परियोजना लटेरी का क्या भूमि अधिग्रहण एवं पुनर्वास हेतु भोपाल एवं विदिशा जिले में कितनी राशि का अंतर है, यदि अंतर है तो अंतर होने के क्या कारण हैं? कारण सहित बतावें। क्या प्रश्‍नकर्ता द्वारा इस संदर्भ में शिकायती आवेदन एवं विशेष पैकेज हेतु पत्र कब-कब मान. मुख्यमंत्री महोदय, मान. जल संसाधन मंत्री महोदय, श्रीमान अपर मुख्य सचिव, श्रीमान प्रमुख अभियंता, श्रीमान अधीक्षण यंत्री आदि को पत्र प्रेषित कर निवेदन किया गया है? यदि हाँ, तो पत्रों की छायाप्रति तथा कृत कार्यवाही की छायाप्रति उपलब्ध करावें, कार्यवाही उपरांत क्या-क्या निर्णय लिये गये? कृत कार्यवाही से प्रश्‍नकर्ता को कब-कब अवगत कराया गया? क्या पुनः निरीक्षण/परीक्षण किया जाकर विशेष पैकेज की स्वीकृति की जावेगी?

जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) विदिशा जिले में निर्माणाधीन वृहद, मध्‍यम एवं लघु सिंचाई परियोजनाओं की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। डी.पी.आर. तैयार परियोजनाओं की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र "ब" एवं साध्‍यता स्‍वीकृति तथा चिन्हित परियोजनाओं की जानकारी क्रमश: पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' एवं '''' अनुसार है। वर्तमान में साध्‍यता स्‍वीकृति का कोई प्रस्‍ताव विचाराधीन नहीं है। (ख) प्रशासकीय स्‍वीकृति का विवरण एवं कार्य प्रारंभ परियोजनाओं की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र "अ" में दर्शित है। अप्रारंभ परियोजनाओं की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र "इ" एवं विगत 05 वर्षों में प्रगतिरत कार्यों पर हुए व्‍यय की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। कार्यादेशों की छायाप्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र 1 (पृष्‍ठ 1 से 15), उपलब्‍ध तकनीकी स्‍वीकृति की छायाप्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र 2 (पृष्‍ठ 1 से 4) अनुसार है। कार्य प्रारंभ करने हेतु निश्चित समय-सीमा बताना संभव नहीं है। किसी अधिकारी के दोषी होने की स्थिति नहीं है। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) वस्‍तुस्थिति यह है कि टेम सिंचाई परियोजना तहसील लटेरी जिला विदिशा के डूब क्षेत्र में ग्रामों के कृषकों की प्रभावित निजी भूमि का भू-अर्जन एवं मुआवजा राशि का निर्धारण भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम-2013 के अंतर्गत कलेक्टर विदिशा एवं कलेक्टर भोपाल द्वारा की गई है। कलेक्टर जिला विदिशा एवं कलेक्टर जिला भोपाल की औसत गाईड लाईन अनुसार भोपाल जिले की असिंचित भूमि की दर राशि रू. 2,59,241/- प्रति हेक्टे. एवं सिंचित भूमि की दर राशि रू. 3,72,075/- प्रति हेक्टे. विदिशा जिले की दर से अधिक होना प्रतिवेदित है। विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र "च" अनुसार है। पत्रों की छायाप्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र 3 (पृष्‍ठ 1 से 45) अनुसार है। कृत कार्यवाही की जानकारी परिशिष्ट के प्रपत्र "छ" अनुसार है। वर्तमान में विशेष पैकेज स्‍वीकृति का कोई प्रस्‍ताव शासन स्‍तर पर विचाराधीन नहीं है।

शिकायतों पर कार्यवाही

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

15. ( *क्र. 91 ) श्री लखन घनघोरिया : क्या उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन म.प्र. भोपाल के तहत जिला कार्यक्रम प्रबंधन (इकाई) जबलपुर में जिला कार्यक्रम प्रबंधक का पद कब से रिक्त है? संभागीय मुख्यालय के जिलों में पदधारी जिला कार्यक्रम प्रबंधक की अभी तक पदस्थी न करने का कारण क्या है? इसके प्रभार में कब से कब तक किसके आदेश से कौन-कौन पदस्थ रहा है? वर्तमान में पदस्थ प्रभारी डी.पी.एम. का मूल पद एवं शैक्षणिक योग्यता व अर्हताएं क्या है? आदेश की छायाप्रति के साथ वर्ष 2023-24 की स्थिति में जानकारी दें। (ख) प्रश्‍नांकित वर्तमान में पदस्थ प्रभारी डी.पी.एम. की अवैध पदस्थी के विरूद्ध माननीय म.प्र. उच्च न्यायालय जबलपुर में प्रस्तुत रिट याचिका क्र. 10150/2022, दिनांक 10.05.2022 के संदर्भ में प्रभारी डी.पी.एम. को प्रभारी पद से पृथक न करने का क्या कारण है? (ग) प्रश्‍नांकित प्रभारी डी.पी.एम. के विरूद्ध शासन से कब प्राप्त शिकायत की जांच संयुक्त संचालक स्वास्थ्य सेवाएं क्षेत्रीय कार्यालय जबलपुर संभाग जबलपुर ने कब किससे कराई है? जांच रिपोर्ट पर शासन ने कब क्या कार्यवाही की है? शिकायत एवं जांच रिपोर्ट की छायाप्रति दें। (घ) प्रश्‍नांकित के विरूद्ध प्रश्‍नकर्ता विधायक एवं अन्य किन-किन माननीय विधायकों एवं अन्‍य किस-किस स्तर से प्राप्त शिकायतों की जांच शासन ने कब किससे कराई है? यदि नहीं, तो क्यों? इन्हें प्रभारी डी.पी.एम. पद से पृथक न करने का क्या कारण है? वर्ष 2022-23 एवं 2023-24 की शिकायतों की छायाप्रति दें।

उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) फरवरी 2020 से। माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर तथा खण्डपीठ ग्वालियर एवं इंदौर में विभिन्न याचिकाएं विचाराधीन होने से नवीन भर्ती प्रक्रिया की कार्यवाही स्थगित होने के कारण। जिला कार्यक्रम प्रबंधक जबलपुर का प्रभार विभिन्न वरिष्ठ स्तर से प्राप्त निर्देशानुसार सौपा गया, जिसका विवरण निम्नानुसार है :-

क्र.

प्रभारी डी.पी.एम. का नाम

अवधि

1.

श्री सुभाष शुक्ला

फरवरी 2020 से मई 2020 तक

2.

डॉ.शलभ अग्रवाल

जून 2020 से अगस्त 2020 तक

3.

श्री विजय पाण्डेय

सितंबर 2020 से दिसंबर 2020 तक

4.

श्री सुभाष शुक्ला

जनवरी 2021 से दिसंबर 2021 तक

5.

श्री विजय पाण्डेय

जनवरी 2022 से निरंतर....

श्री विजय पाण्डेय, प्रभारी डी.पी.एम. का मूल पद जिला डाटा प्रबंधक है एवं इनकी शैक्षणिक अर्हता एम.एस.डब्ल्यू. है। प्रभार आदेश की छायाप्रति की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर में संस्थित याचिका के खारिज होने के कारण कार्यवाही किए जाने का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) दिनांक 28.03.2023 को प्राप्त शिकायत की जांच हेतु दिनांक 26.04.2023 को क्षेत्रीय संचालक, स्वास्थ्य सेवाएं जबलपुर संभाग, जबलपुर को निर्देशित किया गया। तत्पश्चात् स्मरण पत्र भी भेजे गये। जांच प्रतिवेदन आज दिनांक तक अपेक्षित है। (घ) प्रश्‍नकर्ता माननीय विधायक की कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई, इनके अतिरिक्त निम्न स्तर से प्राप्त शिकायतों का विवरण निम्नानुसार है, छायाप्रति जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। 1. विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी, माननीय मंत्री जी लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के माध्यम से श्री विजय राघवेन्द्र सिंह, माननीय विधायक विधानसभा क्षेत्र क्र 01 बड़वारा, जिला कटनी की शिकायत। 2. श्री संजय यादव, माननीय विधायक विधानसभा क्षेत्र बरगी, जिला जबलपुर। 3. डॉ. जयराम तिवारी, विजयनगर उखरी चौक जबलपुर। 4. श्रीमती श्रद्धा ताम्रकार, तत्कालीन जिला लेखा प्रबंधक, जिला जबलपुर से। 5. अपर सचिव, मध्यप्रदेश शासन, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग मंत्रालय, भोपाल से प्राप्त नोटशीट। उपरोक्तानुसार शिकायती प्रकरणों की जांच हेतु भी क्षेत्रीय संचालक, स्वास्थ्य सेवाएं जबलपुर संभाग, जबलपुर को निर्देशित किया गया है। जांच प्रतिवेदन आज दिनांक तक अपेक्षित है। जांच प्रतिवेदन प्राप्त होने पर नियमानुसार कार्यवाही की जावेगी।

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के नवीन भवन की स्वीकृति

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

16. ( *क्र. 978 ) श्री सतीश मालवीय : क्या उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) घट्टिया विधानसभा क्षेत्र अन्तर्गत सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र घट्टिया का भवन जो कि जीर्ण-शीर्ण हो चुका है, उक्त सामुदायिक भवन हेतु नवीन भवन कब तक स्वीकृत किया जावेगा एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र उन्हेल को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में उन्नयन कब-तक किया जावेगा? (ख) घट्टिया सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र एवं उन्हेल प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में कितने पद स्वीकृत हैं? पद के विरूद्ध डॉक्टर एवं पैरामेडिकल स्टाफ कार्यरत हैं एवं कितने पद रिक्त हैं? रिक्त पदों की पूर्ति कब तक की जावेगी। (ग) घट्टिया विधानसभा में कितने उप स्वास्थ्य केन्द्र संचालित हो रहे हैं? कितने उप स्वास्थ्य केन्द्र के भवन का निर्माण किस-किस एजेन्सी द्वारा किया जा रहा है? निर्माणाधीन सामुदायिक भवनों की वर्तमान भौतिक स्थिति बतावें। (घ) ऐसे कितने सामुदायिक भवन हैं, जिनका स्वीकृत होने के बाद भी निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं हो पाया है?

उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) घट्टिया विधानसभा क्षेत्रातंर्गत सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र घट्टिया का नवीन भवन जीर्ण-शीर्ण नहीं है, शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। उन्नयन हेतु निर्धारित जनसंख्या के मापदण्ड की पूर्ति न होने के कारण उन्नयन की पात्रता नहीं आती है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' में समाहित है। मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग एवं कर्मचारी चयन मण्डल के माध्यम से नियमित प्रक्रिया के तहत डॉक्टर एवं पैरामेडिकल संवर्ग के कर्मचारियों की भर्ती की जाती है, समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ग) घट्टिया विधानसभा में कुल 49 उप स्वास्थ्य केन्द्र संचालित हैं। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। घट्टिया विधानसभा में वर्तमान में कोई भी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र भवन निर्माणाधीन नहीं है। (घ) घट्टिया विधानसभा में वर्तमान में कोई भी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र भवन निर्माणाधीन नहीं है।

सिंचाई परियोजनाओं की प्रशासकीय/वित्‍तीय स्‍वीकृति

[जल संसाधन]

17. ( *क्र. 218 ) श्री गोपाल भार्गव : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रहली विधानसभा क्षेत्र जिला सागर में स्वीकृत सिंचाई परियोजना आपचंद, मिडवासा तथा कोपरा की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति तथा सैंच्य क्षेत्र का अद्यतन विवरण उपलब्ध कराया जाये। (ख) प्रश्‍नांश '' में वर्णित सिंचाई परियोजनाओं के अभी तक पूर्ण नहीं होने का क्या कारण है तथा अभी तक कमियों की पूर्ति के लिये क्या प्रयास किये गये हैं? (ग) प्रश्‍नांश '' में वर्णित योजना के अपूर्ण होने के लिये कौन उत्तरदायी है तथा उनके विरूद्ध क्या कार्यवाही की गई है? (घ) प्रश्‍नांश '' में वर्णित योजनायें कब तक पूर्ण होकर कृषकों को अपेक्षित सिंचाई सुविधा प्राप्त होगी?

जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) से (घ) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। भू-अर्जन एवं वन प्रकरणों की स्‍वीकृति प्रक्रियाधीन होने से किसी अधिकारी के दोषी होने की स्थिति नहीं है। परियोजनाएं पूर्ण करने हेतु निश्चित समय-सीमा बताना संभव नहीं है।

परिशिष्ट - "आठ"

बीना बहुउद्देश्‍यीय परियोजना के डूब क्षेत्र में शासकीय निर्माण कार्य

[राजस्व]

18. ( *क्र. 1241 ) श्री देवेन्द्र पटेल : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बीना बहुउद्देशीय परियोजना में रायसेन जिले का कितना क्षेत्र डूब प्रभावित व आंशिक डूब प्रभावित घोषित किया गया है? तत्‍संबंधी सूचना कब प्रकाशित की गई? डूब क्षेत्र घोषित क्षेत्र का क्षेत्रवार, ग्रामवार विवरण दें। (ख) क्‍या राज्‍य शासन के सभी निर्माण विभागों जैसे लोक निर्माण विभाग, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, पी.एच.ई., ग्रा.या. सेवा इत्‍यादि को, डूब क्षेत्र को निकट भविष्‍य में डूब जाने संबंधी जानकारी/सूचना निर्माण विभागों को दी गई थी? नहीं तो क्‍यों? (ग) प्रश्‍नांश (क) उल्‍लेखित डूब क्षेत्र में विभिन्‍न निर्माण विभागों ने नवीन निर्माण कार्य स्‍वीकृत कर विगत तीन वर्षों में इनका निर्माण क्‍यों किया गया है? किन-किन विभागों द्वारा कहां-कहां क्‍या क्‍या निर्माण कार्य गत वर्षों में किये गये? ऐसा क्‍यों किया गया? इस हेतु कौन उत्‍तरदायी है?

राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) बीना सिंचाई परियोजना अंतर्गत मडिया बांध के डूब क्षेत्र से रायसेन जिले की बेगमगंज तहसील के आंशिक एवं पूर्णतः प्रभावित 44 ग्रामों का कुल 3097.35 हेक्टेयर प्रभावित होता है, जिसमें 2687.29 हेक्टेयर निजी रकबा एवं 410.061 हेक्टेयर शासकीय रकबा सम्मिलित है, जिनकी ग्रामवार जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। उक्त प्रभावित ग्रामों के डूब में आने के संबंध में जानकारी पर्यावरण प्रभाव आकलन हेतु आयोजित जन सुनवाई दिनांक 18.05.2016 स्थान ग्राम चांदामउ, तहसील बेगमगंज जिला रायसेन के माध्यम से सर्वसंबंधितों को अवगत कराया गया था। (ख) राज्य शासन के सभी निर्माण विभागों को पर्यावरण प्रभाव आकलन के प्रतिवेदन की छायाप्रति डूब से प्रभावित ग्राम की पंचायतों, कार्यालय मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत, कार्यालय, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) एवं कार्यालय तहसीलदार के सूचना पटल पर चस्पा कर सार्वजनिक सूचना के माध्यम से डूब क्षेत्र के संबंध में अवगत कराया गया था एवं बांध के डूब क्षेत्र से पूर्णतः प्रभावित ग्राम चांदामउ एवं ककरूआ बरामद गढ़ी में प्रधानमंत्री/मुख्यमंत्री आवास स्वीकृत न किये जाने एवं पूर्व स्वीकृत आवासों के निर्माण स्थगित किये जाने के संबंध में कार्यालय परियोजना प्रशासक बेतवा परियोजना कियान्वयन इकाई क्रमांक 2 राहतगढ़, जिला सागर द्वारा पत्राचार किया गया था। सहपत्र एवं पत्र की प्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ग) परियोजना प्रशासक बेतवा परियोजना कियान्वयन इकाई कमांक 2 राहतगढ़, जिला सागर द्वारा प्रपत्र '' अनुसार विभिन्न डूब क्षेत्र से प्रभावित मार्गों/पुल/पुलियाओं का उन्नयन कार्य किया जा रहा है। डूब क्षेत्र के कारण विभिन्न ग्रामों के आपसी आवागमन को निर्वाध रखने हेतु उक्त मार्गों का उन्नयन किया जाना आवश्यक है। प्रश्‍नांश '' में उल्लेखित निर्माण विभागों द्वारा प्रतिवेदित किया गया है कि बीना सिंचाई परियोजना में पूर्ण डूब क्षेत्र में आने वाले ग्रामों में कोई भी नवीन निर्माण कार्य स्वीकृत नहीं किये गये हैं। शेष प्रश्‍नांश उद्भूत नहीं होता है।

सी.एम. राइज स्कूलों में स्मार्ट टीवी, फर्नीचर, लेपटॉप एवं अन्य सामग्रियों की खरीदी

[स्कूल शिक्षा]

19. ( *क्र. 460 ) श्री महेश परमार : क्या परिवहन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) म.प्र. में संचालित सी.एम. राइज स्कूलों में स्मार्ट टीवी, फर्नीचर, लेपटॉप एवं अन्य सामग्रियों की खरीदी कौन-कौन सी कंपनी द्वारा की गई थी? यदि हाँ, तो कंपनी को टेंडर देने एवं निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्ता युक्त सामग्री खरीदी हेतु कौन-कौन से मापदण्ड, नियम, निर्देश शासन द्वारा तैयार किये गये थे? (ख) क्या कंपनी को टेंडर जारी करते समय एवं सामग्री प्राप्त करते समय निर्धारित नियमों एवं शर्तों का सत्यापन किया गया था? यदि हाँ, तो सत्यापन रिपोर्ट, सत्यापन करने वाला दल एवं टेंडर आदेश एवं नियम शर्तों की प्रतियॉ उपलब्ध करावें। (ग) क्या वर्तमान में सी.एम. राइज स्कूलों में स्मार्ट टीवी, फर्नीचर, लेपटॉप एवं अन्य सामग्रियों का प्रदाय हो चुका है? यदि हाँ, तो सामग्रियों के गुणवत्ता पूर्ण होने के साथ कितने वर्षों की गारंटी कंपनी से ली गई है? (घ) क्या अनुबंधित सभी कंपनियों को पूर्ण भुगतान किया जा चुका है? यदि हाँ, तो अनुबंध की प्रति देते हुए बतावें कि कितने देयकों का भुगतान हो चुका है? कितने देयकों का भुगतान शेष है और कितनी राशि दे चुके हैं और कितनी राशि देना बाकी है? (ड.) सी.एम. राइज स्कूलों में सामान खरीदी एवं सत्यापन के नियम, निर्देश क्या हैं? टेंडर किस-किस एजेंसी द्वारा जारी किये गये हैं? भौतिक सत्यापन एवं गुणवत्ता परीक्षण की जांच किसके द्वारा की गई है?

परिवहन मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) से (ड.) जानकारी संकलित की जा रही है।

जिम्‍मेदारों पर कार्यवाही

[राजस्व]

20. ( *क्र. 843 ) श्री अभय कुमार मिश्रा : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रीवा जिले के नगर पंचायत सेमरिया के वार्ड क्र. 14 में स्थित आराजी क्र. 121/2 एवं 122 के वर्तमान में कितने बटे/खंड हैं, इनके भूमि स्वामी राजस्व अभिलेख अनुसार कौन है? (ख) प्रश्‍नांश (क) की भूमि जिसका मूल नं. 121 राजस्व अभिलेख में दर्ज था, म.प्र. शासन जिसका भूमि स्वामी कॉलम अंकित था, लेकिन इसका आवंटन/व्यवस्थापन किस आधार पर किन-किन को किन शर्तों पर किस अवधि हेतु किया गया? संबंधित आदेश नोटशीट की प्रति देते हुये बतावें कि आवंटन/व्यवस्थापन के आदेश किन अधिकारियों/कर्मचारियों के अनुशंसा व सहमति से दर्ज किए गये? पद, नाम सहित विवरण दें। (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) की भूमिओं का कब किन के द्वारा किनकी अनुमति से विक्रय किया गया, का विवरण विक्रय पत्र एवं नामान्तरण पंजी की प्रति देते हुये बतावें कि भूमि का हस्तान्तरण किस नियम से कब-कब, किन-किन को किन सक्षम अधिकारियों द्वारा किया गया है? (घ) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) की भूमियों की प्लाटिंग का विक्रय करने की कार्यवाही कर विक्रय किया जा रहा है तो क्यों? किसकी अनुमति से आवंटित भूमि की बिक्री किये जाने बाबत् क्या अनुमति के नियम हैं? प्रति देते हुये बतायें। अगर नहीं है तो विक्रय पर रोक लगाने के निर्देश देंगे? यदि नहीं, तो क्यों? (ड.) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) की भूमि से लगी शासकीय भूमियों को अतिक्रमण किया गया है, अतिक्रमण हटाने बाबत् फील्डबुक तैयार कर सीमांकन हेतु क्या निर्देश देंगे एवं अतिक्रमण कब तक हटवा देंगे। नियम विरूद्ध शासकीय भूमि की व्यवस्थापन/आवंटित कर विक्रय करने पर रोक के साथ नियम विरूद्ध कार्य करने से भूमि को स्वामित्व प्रदान करने वाले पर धोखाधड़ी का अपराध पंजीबद्ध करने के साथ पुनः म.प्र. राजस्व अभिलेख में दर्ज करने बाबत् निर्देश देंगे तो कब तक, अगर नहीं तो क्यों?

राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) से (ड.) जानकारी संकलित की जा रही है।

कई वर्षों से कर्मचारियों का तैनात रहना

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

21. ( *क्र. 959 ) श्रीमती ललिता यादव : क्या उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय, छतरपुर और सिविल सर्जन कार्यालय में कौन-कौन से कर्मचारी किस-किस पद पर कब से पदस्थ हैं? कर्मचारी का नाम, पद, पदस्थापना दिनांक सहित पृथक-पृथक बतायें। (ख) प्रश्‍नांश '' के प्रकाश में कार्यालयों में तैनात कर्मचारियों के खिलाफ विभाग में कौन-कौन सी शिकायतों पर जांच चल रही है? पृथक-पृथक शिकायत, कार्यवाही सहित बतायें। (ग) क्या कर्मचारियों के स्थानांतरण से संबंधित कोई गाइड लाइन विभाग द्वारा बनाई गई है? अगर हाँ, तो गाइड लाइन की कॉपी सहित बतायें कि छतरपुर जिले में इसका पालन विभाग द्वारा किया जा रहा है या नहीं? अगर नहीं तो क्यों नहीं? लंबे समय एक ही स्थान पर तैनात कर्मचारियों को कब तक हटाया जायेगा?

उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ग) जी हाँ। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। प्रशासनिक प्रक्रिया अंतर्गत मध्यप्रदेश शासन, सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी स्थानांतरण नीति अनुसार कार्यवाही की जाती है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

सीमांकन एवं कब्ज़ा हटाने के संबंध में

[राजस्व]

22. ( *क्र. 505 ) श्री दिनेश जैन बोस : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बताएं कि ग्राम दुबली निवासी आनंदीलाल राठौर, पिता रामचंद्र राठौर को ग्राम लोटिया जूनार्दा, तहसील झार्डा में कृषि कार्य हेतु सर्वे क्रमांक 1184/2, रकबा 1.810 का शासकीय पट्टा प्राप्त है, जिसकी विधिवत नपती हेतु दिये गये आवेदन पर वर्तमान समय तक क्या कार्यवाही की गई है? (ख) क्या उक्त सर्वे नं. की भूमि की नपती करने जाने पर कुछ बाहुबलियों द्वारा सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों को रोब दिखाकर शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न की जा रही है, क्यों न उक्त भूमि का सीमांकन जिले के अधिकारियों द्वारा कराया जाये। (ग) भूमि स्वामी होने के दस्तावेज और शासकीय दस्तावेजों में उसका नाम दर्ज होने के बावजूद भी अधिकारियों द्वारा उसके कार्य को प्राथमिकता क्यों नहीं दी जा रही है? (घ) यदि हाँ, तो संबंधित के विरुद्ध अभी तक क्यों कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की गई है? संबंधित व्यक्ति द्वारा कब-कब न्याय पाने के लिए आवेदन क्षेत्रीय अधिकारियों को प्रदान किया गया है? (ड.) सीमांकन कार्य के लिए अधिकारियों कर्मचारियों के सुस्त रवैये का क्या कारण है? कब तक प्रार्थी की भूमि का विधिवत सीमांकन हो जायेगा।

राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) ग्राम दुबली निवासी आनंदीलाल राठौर, पिता रामचंद्र राठौर को ग्राम लोटिया जूनार्दा तहसील झार्डा में कृषि कार्य हेतु प्राप्‍त शासकीय पट्टा सर्वे क्रमांक 1184/2 रकबा 1.810 का सीमांकन प्रकरण क्रमांक-004/अ-12/17-18, दिनांक 20.03.2018 को राजस्‍व निरीक्षक एवं मौजा पटवारी द्वारा किया जा चुका है। सीमांकन पश्‍चात राजस्‍व निरीक्षक का प्रतिवेदन, पंचनामा, फील्‍ड बुक, नक्‍शा ट्रेस व सूचना पत्र की प्रतियां पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी नहीं। (ग) से (ड.) प्रश्‍नांश '' के उत्‍तर के परिप्रेक्ष्‍य में शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

बाण सागर डूब क्षेत्र में जारी अवार्ड के बाद भुगतान

[जल संसाधन]

23. ( *क्र. 1086 ) श्री संजय सत्येन्द्र पाठक : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र विजयराघवगढ़ क्षेत्रांतर्गत वित्तीय वर्ष 2022-23 एवं 2024 में किन-किन किसानों के मुआवजा भुगतान हेतु अवार्ड जारी किये गये? हितग्राहीवार एवं ग्रामवार जानकारी देवें एवं हितग्राहियों को कितनी राशि प्रश्‍न दिनांक तक भुगतान की गयी है? जानकारी ग्रामवार, हितग्राहीवार एवं वर्षवार देवें। (ख) यदि प्रश्‍नांश (क) हाँ तो संबंधित हितग्राहियों को अभी तक राशि भुगतान नहीं होने का कारण क्या है? संबंधितों को कब तक भुगतान किया जायेगा? नहीं तो क्यों?

जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) विधान सभा क्षेत्र विजयराघवगढ़ क्षेत्रान्तर्गत के वित्तीय वर्ष 2022-23 में 04 ग्रामों के किसानों के मुआवजा अवार्ड जारी किया जाना प्रतिवेदित है। हितग्राहीवार एवं ग्रामवार जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट (पृष्‍ठ 1 से 20) अनुसार है। वर्ष 2024 में कोई भी अवार्ड जारी नहीं किया गया एवं हितग्राहियों को प्रश्‍न दिनांक तक कोई भुगतान नहीं किया जाना प्रतिवेदित है। (ख) मुख्‍य अभियंता, गंगा कछार रीवा द्वारा ग्राम उबरा एवं कुटेश्‍वर के लिये की गई मांग/आवंटन अनुसार राशि प्रमुख अभियंता द्वारा प्रदान किया जाना प्रतिवेदित है। भुगतान हेतु निश्चित समय-सीमा बताना संभव नहीं है।

सुशासन हेतु संभाग, जिला एवं तहसील का निर्माण

[राजस्व]

24. ( *क्र. 640 ) श्री सुनील उईके : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सुशासन की व्‍यवस्‍था हेतु संकल्‍प पत्र में प्रशासनिक आवश्‍यकता के अनुरूप नये जिले, उपखण्‍ड एवं तहसील बनाने का प्रावधान किया है? क्‍या जुन्‍नारदेव विधानसभा के जुन्‍नारदेव व तामिया तहसील को मिलाकर जुन्‍नारदेव जिला बनाने पर विचार करेंगे? (ख) क्‍या दमुआ एवं देलाखारी को तहसील बनाने हेतु संकल्‍प पत्र के अनुसार विचार करेंगे? (ग) छिन्‍दवाड़ा जिला, पाण्‍डुरना जिला एवं नया जुन्‍नारदेव जिला मिलाकर क्‍या छिन्‍दवाड़ा संभाग जो पूर्व से घोषित है, को बनाने पर शासन विचार करेगा? यदि हाँ, तो कब तक? (घ) जुन्‍नारदेव विधानसभा का क्षेत्र छिन्‍दवाड़ा से लगभग 140 किलोमीटर दूरी तक फैला है, अत: आदिम जनजाति बाहुल्‍य विधानसभा को सुविधा की दृष्टि से छोटा जिला बनाने पर विचार करेंगे? यदि हाँ, तो कब तक?

राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जी हाँ। जुन्‍नारदेव को जिला बनाये जाने के संबंध में एक ज्ञापन प्राप्‍त हुआ है, जो परीक्षणाधीन है। (ख) दमुआ उप तहसील को तहसील का पूर्ण दर्जा प्रदान करने के संबंध में प्रकरण परीक्षणाधीन है। (ग) प्रस्‍ताव परीक्षणाधीन है। (घ) जानकारी उत्‍तरांश '''' अनुसार है।

स्वास्थ्य केन्द्रों में उपलब्ध सुविधाएं

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

25. ( *क्र. 81 ) श्री कैलाश कुशवाहा : क्या उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शिवपुरी जिले की विधानसभा क्षेत्र पोहरी में कौन-कौन से स्वास्थ्य केन्द्र हैं तथा वहां पर क्या-क्या सुविधाएं भर्ती एवं अन्य मरीजों को दी जाती है? (ख) सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र बैराड़ में प्रश्‍नकर्ता द्वारा निरीक्षण के समय कई प्रकार की अनियमितताएं मिली, जिसमें भर्ती महिला मरीज को कम्बल की जगह तिरपाल ओढ़ने को दिया गया था तथा अन्य कई प्रकार की कमियां पाई गयी थी, जिसकी जांच कराये जाने के निर्देश दिये गये थे? यदि हाँ, तो इस संबंध में विभाग द्वारा क्या कार्यवाही की गयी? (ग) वर्ष 2022 से प्रश्‍न दिनांक तक पोहरी विधानसभा क्षेत्रांतर्गत 0 से 5 वर्ष तक की आयु के कुल कितने बच्चे कुपोषण के शिकार दर्ज किये गये हैं तथा विधानसभा क्षेत्र में दिनांक 01 जनवरी, 2023 से 31 दिसम्बर, 2023 तक कुल कितने बच्चे कुपोषित पाए गए? (घ) प्रश्‍नांश (ग) के क्रम में कुपोषण से प्रभावित बच्चों के स्वास्थ्य लाभ हेतु क्या-क्या कदम उठाये गये हैं तथा इस हेतु किस-किस योजना में कितनी-कितनी राशि व्यय की गयी है? वर्षवार, योजनावार जानकारी उपलब्ध करावें।

उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) शिवपुरी जिले के विधानसभा क्षेत्र पोहरी के विकासखण्ड पोहरी अंतर्गत सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पोहरी, बैराड, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, छर्च एवं 38 उप स्वास्थ्य केन्द्र हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर रोगियों को ओ.पी.डी. परामर्श, आई.पी.डी. उपचार, गर्भवती महिलाओं हेतु ए.एन.सी. क्लीनिक परामर्श, प्रसव सेवायें, असंचारी रोग हेतु एन.सी.डी. क्लीनिक, आकस्मिक चिकित्सा सुविधा, चिन्हित लैब जांचे, टीकाकरण एन.आर.सी. (पोषण पुनर्वास सेवा) में प्रदान की जाती हैं। उप स्वास्थ्य केन्द्रों पर प्राथमिक उपचार, गर्भवती महिलाओं व बच्चों का टीकाकरण, चिन्हित दवाइयों का वितरण, यथास्थिति उच्च स्वास्थ्य संस्था में आवश्यकतानुसार रेफरल सुविधा प्रदान की जाती है। (ख) सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र बैराड़ में भर्ती महिला रोगी, को ओढ़ने के लिए तिरपाल नहीं, कम्बल उपलब्ध कराया गया था। संबंधित रोगी के प्रकरण में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), पोहरी द्वारा की गई जांच में इस प्रकार का कोई उल्लेख नहीं है। अन्य प्रकार की कमियां/अनियमितता के संबंध में, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा प्रकरण में दोषी पाये गये कर्मचारियों की ड्यूटी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र बैराड से हटा कर अन्यत्र स्थान पर लगाई गई थी। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ग) वर्ष 2022 से प्रश्‍न दिनांक तक पोहरी विधानसभा क्षेत्रांतर्गत 0 से 5 वर्ष तक की आयु के कुल 1810 बच्चे कुपोषण के शिकार पाये गये। विधानसभा क्षेत्र में दिनांक 01 जनवरी, 2023 से 31 दिसम्बर, 2023 तक कुल 517 कुपोषित बच्चे पाये गये। (घ) कुपोषण से प्रभावित बच्चों के स्वास्थ्य लाभ हेतु प्रतिदिन चिकित्सक द्वारा उनका स्वास्थ्य परीक्षण किया जाता है, दिशा-निर्देशों के अनुरूप भर्ती कुपोषित बच्चों को उपचारात्मक आहार दिया जाता है, बच्चों के अभिभावकों को परामर्श सलाह दी जाती है तथा प्रत्येक 15 दिवस में फॉलोअप जांच की जाती है। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है।

 

 

 



भाग-2

नियम 46 (2) के अंतर्गत अतारांकित प्रश्‍नोत्तर के रुप में परिवर्तित तारांकित प्रश्‍नोत्तर


विद्यालयों में स्‍वीकृत एवं रिक्‍त पदों की जानकारी

[स्कूल शिक्षा]

1. ( क्र. 7 ) श्री नितेन्‍द्र बृजेन्‍द्र सिंह राठौर : क्या परिवहन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) निवाड़ी एवं टीकमगढ़ जिले में कितने प्राथमिक, माध्‍यमिक एवं उच्‍चतर विद्यालय है? (ख) उक्‍त शालाओं में कितने पद स्‍वीकृत हैं, वर्तमान में कितने पद रिक्‍त हैं रिक्‍त पदों को कब तक भरा जावेगा?

परिवहन मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) निवाड़ी जिले में 416 प्राथमिक, 153 माध्यमिक, 30 हाईस्कूल एवं 27 उच्चतर माध्यमिक विद्यालय एवं टीकमगढ़ जिले में 901 प्राथमिक, 351 माध्यमिक 91 हाईस्कूल एवं 59 उच्चतर माध्यमिक विद्यालय है। (ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है।

परिशिष्ट - "नौ"

लोकायुक्त कार्यवाही के पश्‍चात पदस्‍थापना

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

2. ( क्र. 15 ) श्री नारायण सिंह पट्टा : क्या उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2019 से प्रश्‍न दिनांक तक मण्डला जिले के किन-किन अधिकारियों/कर्मचारियों के विरुद्ध लोकायुक्त/ईओडब्ल्यू की कार्यवाही हुई है? निलंबन के पश्‍चात उन्हें कहाँ-कहाँ पदस्थ किया गया है? क्या निलंबन के पश्‍चात संबंधितों को उसी जिले/ब्लॉक में पदस्थ किया जा सकता है? यदि हाँ, तो किस नियम के तहत? यदि नहीं तो नियम की प्रति उपलब्ध करावें। (ख) क्या मण्डला जिले के ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर बिछिया रहे डॉ.दिनेश टाकसांडे को दिनांक 06-01-2022 को लोकायुक्त द्वारा रिश्‍वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया था एवं इन्हें निलंबित करते हुए इनका मुख्यालय जिला नरसिंहपुर निर्धारित किया गया था? यदि हाँ, तो इन्हें बाद में जिला मण्डला के ब्लॉक बिछिया में ही जहां ये रिश्‍वत लेते पकड़े गए थे, किस नियम के तहत पदस्थ किया गया? इस पदस्थापना के लिए कौन-कौन दोषी है? (ग) क्या मण्डला जिले के अन्य चिकित्सक जो इसी तरह की लोकायुक्त कार्यवाही में पकड़े गए व निलंबित किये गए को पुनः मण्डला जिले या उसी ब्लॉक में पदस्थ किया गया है? यदि नहीं तो उक्त डॉ. दिनेश टाकसांडे को बिछिया ब्लॉक में ही पदस्थ किये जाने के नियम के तहत, अन्य चिकित्सक/अधिकारियों/कर्मचारियों को भी मण्डला या उसी ब्लॉक में पदस्थ किया जाएगा? यदि नहीं तो डॉ.दिनेश टाकसांडे को बिछिया से कब तक हटाया जाएगा? क्या इस संबंध में प्रश्‍नकर्ता द्वारा विभाग को पत्र लिखा गया है? यदि हाँ, तो उस पर क्या कार्यवाही की गई?

उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) वर्ष 2019 से प्रश्‍न दिनांक तक मण्डला जिले में पदस्थ विभागीय अधिकारी/कर्मचारियों के विरूद्ध लोकायुक्त/ ई.ओ.डब्ल्यू की कार्यवाही तथा निलंबन पश्‍चात पदस्थापना संबंधी  जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र  '''' अनुसार है। सामान्य प्रशासन विभाग के परिपत्र क्रमांक एफ.11-19/2011/1-10 दिनांक 23.02.2012 अनुसार ट्रेप प्रकरणों में जिस पद पर रहते हुये ट्रेप अथवा छापे की कार्यवाही की गई है उस पद से अन्यत्र स्थानांतरित करने के निर्देश है। उक्त के परिप्रेक्ष्य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। नियम की प्रति  जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) जी हाँ, जी हाँ । डॉं. दिनेश कुमार टाकसांडे द्वारा निलंबन आदेश के विरूद्ध माननीय उच्च न्यायालय, जबलपुर में डब्ल्यू. पी. याचिका क्रमांक 11178/2022 दायर की गई जिस पर माननीय उच्च न्यायालय, जबलपुर द्वारा पारित निर्णय दिनांक 12 मई 2022 में दिये गये निर्देशों के परिपालन में डॉं. टाकसांडे द्वारा प्रस्तुत अपीलीय अभ्यावेदन का निराकरण करते हुये संचालनालय के आदेश क्रमांक 308 दिनांक 21.02.2023 द्वारा उन्हें निलंबन से बहाल कर पदस्थापना मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जिला मण्डला के अधीन की जाकर संचालनालय के ज्ञाप क्रमांक 369/दिनांक 02.03.2022 द्वारा उन्हें आरोप पत्रादि जारी किये गये। जारी आरोप पत्र का प्रतिवाद उत्तर डॉं. टाकसांड़े द्वारा प्रस्तुत नहीं किये जाने पर उनके विरूद्ध संचालनालय के आदेश क्रमांक 1544/दिनांक 25.08.2022 द्वारा विभागीय जांच संस्थित कर, क्षेत्रीय संचालक, स्वास्थ्य सेवायें, जबलपुर को जांचकर्ता अधिकारी नियुक्त कर विभागीय अनुशासनात्मक कार्यवाही प्रचलन में है। संचालनालय के आदेश दिनांक 21.02.2023 द्वारा डॉं. टाकसांड़े की पदस्थापना, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जिला मण्डला के अधीन की गई जिस पर कलेक्टर मण्डला द्वारा डॉं. टाकसांडे की पदस्थापना जिला चिकित्सालय मण्डला में किये जाने संबंधी अनुमोदन दिये जाने पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जिला मण्डला ने उनके आदेश क्रमांक 182/दिनांक 31.03.2023 द्वारा डॉं. टाकसांडे की पदस्थापना जिला चिकित्सालय मण्डला की गई। प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, रामनगर में आदि उत्सव आयोजन के दृष्टिगत डॉं. टाकसांडे को सहायक नोड़ल अधिकारी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जिला मण्डला के आदेश क्रमांक 306/दिनांक 18.05.2023 द्वारा नियुक्त किया जाकर आगामी आदेश तक रामनगर में मुख्यालय बनाकर कार्य संपादन हेतु आदेशित किया गया। डॉं. टाकसांडे द्वारा बी.एम.ओ.बिछिया का कार्य संपादन नहीं किया जा रहा है। उक्त के परिप्रेक्ष्य में शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) जानकारी उत्तरांश (क) के  पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र '''' अनुसार है। सामान्य प्रशासन विभाग के निर्देश दिनांक 23.02.2012 में ट्रेप प्रकरणों में जिस पद पर रहते हुये ट्रेप अथवा छापे की कार्यवाही की गई है से अन्यत्र स्थानांतरित करने के निर्देश है। संचालनालय के आदेश क्रमांक 114-115 एवं आदेश क्रमांक 116-117 दिनांक 02.05.2023 द्वारा डॉं.दिनेश कुमार टाकसांडे एवं डॉं.मनोज मुराली, भेषज विशेषज्ञ जिला चिकित्सालय मण्डला की पदस्थापना स्थान से अन्यत्र की गई है। जी नहीं। माननीय विधायक महोदय द्वारा डॉं.दिनेश टाकसांडे को बिछिया से हटाये जाने संबंधी पत्र विभाग को प्रेषित किया जिसके अनुक्रम में उपरोक्तानुसार कार्यवाही की गई है के परिप्रेक्ष्य में शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

एम.आर.आई., सी.टी. स्कैन एवं सोनोग्राफी सेंटरों को मान्‍यता

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

3. ( क्र. 20 ) श्री जगन्‍नाथ सिंह रघुवंशी : क्या उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अशोक नगर जिले में कुल कितने एम.आर.आई., सीटी स्कैन, सोनोग्राफी सेंटर प्रश्‍न दिनांक की स्थिति‍ में संचालित हैं उनके नाम बतावें एवं नवीन/नवीनीकरण मान्यता की जानकारी उपलब्‍ध कराएं। (ख) क्‍या उक्त सेंटरों में नियमानुसार एमडी रेडियोलॉजिस्ट जो मान्यता आवेदन में उल्लेखित है वह उस सेंटर में भौतिक रूप से उपस्थित है या नहीं? प्रत्येक की पृथक-पृथक जानकारी देवें? (ग) यदि इन सेंटरों में टेली रेडियोलॉजी की मदद से एमडी रेडियोलॉजिस्ट की अनुपस्थिति में दूरस्थ बैठे विशेषज्ञ के द्वारा रिपोर्ट तैयार की जा रही है तो नियमानुसार क्या उक्त रिपोर्ट पर संबंधित एमडी रेडियोलॉजिस्ट के बायोमेट्रिक हस्ताक्षर है या नहीं? (घ) टेली रेडियोलॉजी के संबंध में स्वास्‍थ्‍य विभाग द्वारा जारी किए गए समस्त दिशा निर्देश उपलब्ध करावें। जानकारी दें कि क्या उन समस्त नियमों का पालन उक्त सेंटरों के द्वारा किया जा रहा है या नहीं? यदि नहीं तो संरक्षण देने वाले दोषी अधिकारियों पर शासन कब कार्यवाही करेगा?

उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) अशोकनगर जिले में प्रश्‍न दिनांक की स्थिति में संचालित निजी एम.आर.आई., सीटी स्कैन सेंटर, सोनोग्राफी सेंटर के नाम एवं मान्यता की  जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) जी हाँ। सेंटरवार रेडियोलॉजिस्ट की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ग) जिला अशोकनगर में संचालित निजी एडवांस डायग्नोस्टिक सी.टी.सेन्टर पर उपलब्ध रेडियोलॉजिस्ट द्वारा ही रिपोर्ट तैयार की जा रही है, टेलीरेडियोलॉजी द्वारा रिपोर्टिंग नहीं की जा रही है। जिला चिकित्सालय, अशोकनगर में स्वास्थ्य विभाग द्वारा अनुबंधित सेवा प्रदाता के माध्यम से संचालित सी.टी.स्कैन सेन्टर अंतर्गत निविदा में उल्लेखित शर्तानुसार, टेली रेडियोलॉजी के माध्यम से रिपोर्टिंग की जा रही है। जिला अशोकनगर अंतर्गत संचालित समस्त सोनोग्राफी सेन्टर पर कार्यरत रेडियोलॉजिस्ट/सोनोलॉजिस्ट द्वारा ही रिपोर्टिंग की जा रही है। टेलीरेडियोलॉजी द्वारा रिपोर्टिंग नहीं की जा रही है। जिला अशोकनगर अंतर्गत एम.आर.आई सेंटर संचालित नहीं है। (घ) जिला चिकित्सालय, अशोकनगर में लोक निजी भागीदारी प्रणाली अंतर्गत स्थापित सी.टी. स्कैन सेन्टर का संचालन अनुबंधित एजेन्सी मेसर्स वास्को टेलीरेडियोलॉजी द्वारा निविदा की शर्तानुसार किया जा रहा है। जिसमें निहित टेलीरेडियोलॉजी से संबंधित दिशा-निर्देशों का नियमानुसार पालन किया जा रहा है जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र '''' अनुसार है। जिले में उपरोक्तानुसार संचालित समस्त सोनोग्राफी सेन्टर द्वारा स्वास्थ्य विभाग द्वारा पी.सी.पी.एन.डी.टी. अधिनियम अंतर्गत जारी समस्त नियमों का पालन किया जा रहा है जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र '''' अनुसार है। जिला अशोकनगर अंतर्गत एम.आर.आई. सेंटर संचालित नहीं है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

अल्पसंख्यक संस्था के मान्यता प्रमाण पत्र

[स्कूल शिक्षा]

4. ( क्र. 21 ) श्री जगन्‍नाथ सिंह रघुवंशी : क्या परिवहन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) राज्‍य शिक्षा केन्‍द्र के पत्र क्रमांक 7201 भोपाल दिनांक 27-12-2022 की प्रति देवेंl (ख) उक्त पत्र द्वारा 15 जनवरी 2023 तक चंदेरी विधानसभा क्षेत्र के किन-किन अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्थाओं के द्वारा अल्पसंख्यक कल्याण विभाग मध्य प्रदेश शासन से जारी अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्था होने का प्रमाण पत्र जिला शिक्षा केंद्र में उपलब्ध कराया गया है? उन शालाओं के नाम एवं प्रमाण पत्र की प्रति देवें? (ग) क्या उक्त प्रमाण पत्र प्रदेश शासन अल्पसंख्यक कल्याण विभाग द्वारा जारी किया गया है? अथवा किसी अन्य आयोग का है? उस आयोग का क्‍या नाम है? प्रमाण पत्र पर वैधता की अवधि अंकित है या नहीं? (घ) यदि यह सत्य है कि‍ उक्त प्रमाण पत्र मध्य प्रदेश शासन अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के द्वारा जारी नहीं किया गया है उस पर वैधता की अवधि भी अंकित नहीं है तो ऐसी संस्थाओं के विरुद्ध एफ.आई.आर. दर्ज कराई जाएगी या नहीं और संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध क्या कार्यवाही की जावेगी और कब की जावेगी? (ड.) क्या मध्य प्रदेश शासन स्कूल शिक्षा विभाग अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्थाओं के नाम पर होने वाले इस घोटाले को रोकने के लिए वर्ष 2024-25 में कोई सख्त कार्यवाही करेगी या नहीं?

परिवहन मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) निरंक (ग) जी नहीं। राष्‍ट्रीय अल्‍पसंख्‍यक शैक्षणिक संस्‍था आयोग भारत सरकार द्वारा जारी किया गया है। अवधि अंकित नहीं है। (घ) एवं (ड.) उत्‍तरांश (ख) के अनुक्रम में कार्यवाही का प्रश्‍न नहीं उठता।

परिशिष्ट - "दस"

सिंचाई बांध का निर्माण

[जल संसाधन]

5. ( क्र. 27 ) श्री कुँवर सिंह टेकाम : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सीधी जिले के अंतर्गत अमोरहा सिंचाई बांध मड़वास की स्‍वीकृति किस वर्ष में कितनी राशि की स्‍वीकृति प्रदान की गई थी? (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में सिंचाई बांध का निर्माण अपूर्ण है। बांध निर्माण में कितनी राशि व्‍यय की गई है? (ग) प्रश्‍नांश (ख) के संदर्भ में बांध का निर्माण कब तक पूर्ण करा लिया गया जावेगा? (घ) प्रश्‍नांश (ख) के संदर्भ में बांध का निर्माण आज तक पूर्ण नहीं किया गया है क्‍यों कारण बताएं। बांध निर्माण में आने वाली बाधाएं कब तक दूर कर ली जावेगी?

जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) सीधी जिले के अन्तर्गत अमोहरा डोल सिंचाई परियोजना की प्रशासकीय स्वीकृति शासन के आदेश दिनांक 25.01.2016 को रू.1433.33 लाख की 410 हेक्‍टेयर सैच्‍य क्षेत्र हेतु प्रदान की गई। (ख) वस्‍तुस्थि‍ति यह है कि अमोहरा डोल सिंचाई परियोजना का शीर्ष कार्य 40 प्रतिशत एवं नहर कार्य 10 प्रतिशत पूर्ण किया जाकर योजना पर रू.1.29 करोड़ व्यय किया जाना प्रतिवेदित है। (ग) परियोजना का निर्माण कार्य जून 2020 तक पूर्ण किया जाना लक्षित था, किन्तु वन भूमि व्‍यपवर्तन की स्वीकृति प्राप्त नहीं होने से निर्माण कार्य अवरुद्ध होना प्रतिवेदित है। वनभूमि की स्वीकृति मिलने के पश्‍चात कार्य किया जाना संभव होगा। निर्माण कार्य पूर्ण करने के लिए निश्‍िचत समय-सीमा बताना संभव नहीं है। (घ) अमोहरा डोल सिंचाई योजना के फारेस्ट क्लियरेंस के स्टेज-I की विभाग द्वारा कार्यवाही पूर्ण की जा चुकी है। प्रभावित वन भूमि हेतु ग्राम छाताधर की 09.963 हे. एवं ग्राम अमझर की भूमि 02.00 हे. कुल 11.963 हे. भूमि मुख्य वन संरक्षक एवं क्षेत्र संचालक संजय टाइगर रिजर्व सीधी द्वारा वैकल्पिक वृक्षारोपण हेतु राजस्व भूमि अनुपयुक्त करने के पश्‍चात पुनः प्रकरण कलेक्टर जिला-सीधी को तहसील मझौली अन्तर्गत ग्राम बोदारी टोला में रकवा 11.963 हे.जो म.प्र.शासन, सिंचाई विभाग के नाम है, उक्त भूमि को अमोहराडोल बांध में प्रभावित वनभूमि 11.963 हे. के बदले वैकल्पिक वृक्षरोपण हेतु प्रेषित किया जा चुका है, जिसका वन विभाग, राजस्व एवं सिंचाई विभाग का संयुक्त स्थल निरीक्षण किया जा चुका है। सीमांकन एवं हस्तान्तरण की कार्यवाही पूर्ण की जा चुकी है। वनभूमि की स्‍टेज- I एवं स्‍टेज- II की स्‍वीकृति उपरांत कार्य प्रांरभ कराया जाना संभव होगा। निश्‍िचत समय-सीमा बताना संभव नहीं है।

भेड़ ऊन केन्‍द्र विस्‍तार के लिये आरक्षित भूमि पर कब्‍जा

[राजस्व]

6. ( क्र. 41 ) श्री रमेश प्रसाद खटीक : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या यह सही है कि विधानसभा क्षेत्र क्र. 23 करैरा तह. नरवर के नगर परिषद मगरोनी के वार्ड क्र.10 में भेड़ ऊन केन्‍द्र विस्तार हेतु कितनी भूमि आरक्षित है? (ख) यदि भूमि आरक्षित है तो क्‍या उक्त भूमि पर कब्जा है या रिक्त है? (ग) यदि उक्त भूमि पर अतिक्रमणकारियों द्वारा कब्जा कर मकान बना लिये हैं तो कब तक सीमांकन कर आरक्षित भूमि को मुक्त करा लिया जावेगा? (घ) क्या सही है कि पशु कल्याण विभाग द्वारा उक्त आरक्षित भूमि पर कब्जा हटाने के लिये पत्र दिया था। क्‍या राजस्व विभाग द्वारा उस पर कोई कार्यवाई की गयी है? यदि हां, तो जानकारी दें।

राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) ग्राम किशनपुर में भेड़ ऊन केन्‍द्र विस्‍तार हेतु 2.81 हेक्‍टेयर भूमि आरक्षित की गई है। (ख) आरक्षित भूमि के सर्वे क्रमांक499/3 रकवा 0.82 हेक्‍टेयर में से रकवा 0.17 हेक्‍टेयर एवं सर्वे क्रमांक 499/4 रकवा 1.99 हेक्‍टेयर में से 0.83 हेक्‍टयर भूमि पर कब्‍जा है एवं 0.10 हेक्‍टयर पर प्राथमिक विद्यालय किशनपुर, आंगनवाड़ी, पंचायत भवन निर्मित है तथा शेष भूमि रिक्‍त है। (ग) प्रकरण क्रमांक 0169/अ-12/23-24 से सीमांकन किया जा चुका है। कुल रकवा 2.81 हेक्‍टयर में से 1.00 हेक्‍टयर भूमि पर से अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही प्रचलित है। (घ) जी हाँ। उक्‍त पत्र के पालन में भूमि का सीमांकन किया जा चुका है एवं पशुपालन एवं डेयरी विभाग के विकासखंड पशु चिकित्‍सा अधिकारी नरवर जिला शिवपुरी को मौके पर कुल रकवा 2.81 हेक्‍टयर में से प्राथमिक विद्यालय किशनपुर, आंगनवाड़ी, पंचायत भवन रकवा 0.10 हेक्‍टयर एवं अतिक्रमित भूमि 1.000 हेक्‍टयर को छोड़कर शेष रिक्‍त भूमि का कब्‍जा दिया जा चुका है।

करई से समोहा तक रोड का निर्माण

[जल संसाधन]

7. ( क्र. 42 ) श्री रमेश प्रसाद खटीक : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या विधान सभा क्षेत्र क्र. 23 करैरा, जिला शिवपुरी अंतर्गत ग्राम समोहा में सिंचाई विभाग द्वारा महूर नदी पर 35 वर्ष पूर्व समोहा डैम का निर्माण किया गया था? (ख) यदि हां, तो क्‍या इसी समय सिंचाई विभाग द्वारा करई से समोहा के लिये रोड बनाया गया था? यदि हां, तो उक्‍त रोड से 50 ग्रामों के वासियों का आवागमन है। उक्‍त रोड की वर्तमान में क्‍या स्थिति है? (ग) क्‍या उक्‍त रोड खराब होने के कारण क्षेत्र वासियों को तकरीबन 25 कि.मी. का चक्‍कर लगाकर समोहा पहुंचना पड़ता है? (घ) यदि हां, तो क्‍या क्षेत्र वासियों की परेशानियों को दृष्टिगत रखते हुए विभाग द्वारा उक्‍त रोड को पुन: बनाने की स्‍वीकृति दी जावेगी? यदि हां, तो कब तक? यदि नहीं तो कारण बताएं।

जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) जी हाँ, महुअर नदी पर लगभग 20 वर्ष पूर्व समोहा डेम का निर्माण कराया जाना प्रतिवेदित है। (ख) वस्‍तुस्थिति यह है कि जल संसाधन विभाग द्वारा करई से समोहा के लिये इंसपेक्‍शन रोड बनाया गया था। उक्त रोड से लगभग 50 ग्रामों के ग्रामवासियों का आवागमन बना रहता है। वर्तमान में रोड क्षतिग्रस्त होना प्रतिवेदित है। (ग) जी हाँ। लगभग 15 कि.मी.। (घ) मैदानी कार्यालयों द्वारा उक्त रोड का आवश्यक सुधार कार्य का प्रस्‍ताव तैयार किया जाना प्रतिवेदित है। प्रस्‍ताव प्राप्‍त होने पर निर्णय लिया जाना संभव होगा। निश्‍िचत समय-सीमा बताना संभव नहीं है।

मझगांय एवं रूझ बांध का निर्माण

[जल संसाधन]

8. ( क्र. 47 ) श्री ब्रजेन्द्र प्रताप सिंह : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या पन्ना जिला के अजयगढ़ क्षेत्र में मध्यम सिंचाई परियोजना अन्तर्गत निर्माण किये जा रहे मझगांय एवं रूझ बांध की स्वीकृति दिनांक एवं कार्य पूर्णता दिनांक क्या है? क्या इन बांधों को समय-सीमा में पूर्ण कर लिया जावेगा यदि नहीं तो क्यों? (ख) इन परियोजनाओं के अन्तर्गत भू-अर्जन हेतु कब-कब कितनी राशि आवंटित की गई है? आवंटित राशि सभी मुआवजा धारियों को कब-कब वितरित की गई है? यदि नहीं तो क्यों कब तक वितरित की जावेगी? (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) अनुसार इन परियोजनाओं के विलंब एवं मुआवजा वितरण न हो पाने के लिए कौन-कौन उत्तरदायी है? उनके विरूद्ध क्या कार्यवाही की जावेगी और कब तक इन परियोजनाओं को पूर्ण कर लिया जावेगा?

जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) वस्‍तुस्थिति यह है कि पन्ना जिले के विकासखण्ड अजयगढ़ में मझगांय मध्यम सिंचाई परियोजना एवं रूंज मध्यम सिंचाई परियोजना का निर्माण कार्य प्रगतिरत है। मझगांय परियोजना की प्रशासकीय स्वीकृति दिनांक 06.11.2012 एवं रूंज परियोजना की प्रशासकीय स्वीकृति दिनांक 22.07.2011 को प्रदान की गई है। वर्तमान में रूंज परियोजना की पूर्णता दिनांक दिसंबर 2024 लक्षित है। मझगांय बांध में वन प्रकरण के द्वितीय चरण की स्वीकृति भारत सरकार नई दिल्ली से दिनांक 31.01.2024 को प्रदान की गई है। मझगांय बांध का निर्माण कार्य जून 2025 तक पूर्ण किया जाना लक्षित है। योजनाओं को समय-सीमा में पूर्ण कराने हेतु विभाग प्रयासरत है। (ख) दोनों परियोजनाओं के लिए भू-अर्जन अधिकारी को प्रदाय की गई राशि की जानकारी संलग्‍न  परिशिष्‍ट  के प्रपत्र-'''' अनुसार है। मुआवजाधारियों को मुआवजा वितरण की जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट  के प्रपत्र-''ब-1''/''ब-2'' अनुसार है। शेष भू-अर्जन मुआवजा भुगतान की कार्यवाही प्रचलन में होना प्रतिवेदित है। (ग) रूंज मध्यम परियोजना में कृषकों के विरोध एवं मझगांय मध्यम परियोजना में वन प्रकरण स्टेज-II की स्वीकृति दिनांक 31.01.2024 को प्राप्त होने के कारण परियोजनाओं को पूर्ण करने की पूर्व निर्धारित तिथि में वृद्धि की गई। अत: परियोजनाओं की पूर्णता के विलंब के लिये उत्तरदायित्व निर्धारण करने की स्थिति नहीं है। परियोजनाओं को उत्‍तरांश '' अनुसार पूर्ण करना लक्षित है।

परिशिष्ट - "ग्यारह"

बंगाली विस्थापित परिवारों को पट्टा प्रदाय

[राजस्व]

9. ( क्र. 49 ) श्री ब्रजेन्द्र प्रताप सिंह : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या पन्ना विधानसभा क्षेत्र में छूटे हुये बंगाली विस्थापित परिवारों को पट्टा प्रदाय करने के संबंध में तत्कालीन मुख्यमंत्री महोदय द्वारा घोषणा की गई थी? (ख) यदि हाँ, तो प्रश्‍नांश (क) के परिप्रेक्ष्य में कितने छूटे हुये परिवारों को पट्टा देने के संबंध में विगत पाँच वर्षों में कार्यवाही की गई है? छूटे हुये बंगाली विस्थापित परिवारों को अभी तक पट्टा प्रदाय न किये जाने का क्या कारण है? इन्हें कब तक पट्टा प्रदाय किये जाएंगे? यदि नहीं तो क्यों?

राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जी हाँ। (ख) प्रश्‍नांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में छूटे हुए परिवारों को विगत पांच वर्षों में पट्टा देने की जानकारी निरंक है। छूटे हुये परिवारों के अभिलेख उपलब्‍ध नहीं होने के कारण पट्टा प्रदाय नहीं किये जा सके है। अभिलेखों की गहन तलाश एवं जांच उपरांत पट्टे प्रदाय करने की कार्यवाही नियमानुसार की जावेगी।

भूमिगत पाइप-लाइन डालने के नियमों की जानकारी

[राजस्व]

10. ( क्र. 65 ) श्री सोहनलाल बाल्‍मीक : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) किसानों को अपने खेतों में जाने के लिए नये रास्ते स्वीकृत करने, वर्तमान रास्तों को चौड़ा करने, अपने खेतों में सिंचाई के लिए अन्य खातेदारों की जमीन से भूमिगत पाइप-लाइन डालने के संबंध में मध्यप्रदेश सरकार द्वारा क्या काश्तकारी अधिनियम या अन्य कोई अधिनियम बनाया गया है अगर हां तो अधिनियमों की छायाप्रति उपलब्ध करायें। (ख) प्रश्‍नांश (क) के अनुसार यदि अधिनियम नहीं बनाया गया है उक्त संबंध में अधिनियम बना दिया जायेगा? ताकि किसानों को सुविधा प्राप्त हो सके।

राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जी नहीं। (ख) इस संबंध में कोई भी प्रस्‍ताव विभाग के अन्‍तर्गत विचाराधीन नहीं है।

आवश्‍यक उपकरण एवं फर्नीचर की जानकारी

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

11. ( क्र. 70 ) श्री सोहनलाल बाल्‍मीक : क्या उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र परासिया में 100 बिस्तरों के अस्पताल के उन्नयन की स्वीकृति शासन द्वारा म.प्र. शासन लो.स्वा.एवं परि.कल्याण विभाग मंत्रालय भोपाल के आदेश क्र. एफ.12-4/2019 सत्रह/मेडि.-3 भोपाल दिनांक 24.09.2019 के माध्यम से प्रदान की गई थी, वर्तमान में अस्पताल भवन निर्माण का कार्य पूर्ण हो चुका है बिल्डिंग विभाग को सौंपी जा चुकी है, बिल्डिंग की स्वीकृति के साथ ही शासन द्वारा अस्पताल हेतु उपकरण एवं फर्नीचर के क्रय हेतु 177.00 लाख रूपये राशि की स्वीकृति प्रदान की गई थी। परन्तु अभी तक आवश्यक उपकरण व फर्नीचर अस्पताल में उपलब्ध नहीं हो पाये है, जिसके कारण अस्पताल का संचालन व्यवस्थित रूप से नहीं पा रहा है और मरीजों को असुविधा हो रही है। अस्पताल में उपकरण एवं फर्नीचर अभी तक उपलब्ध नहीं कराने का क्या कारण है? (ख) उपरोक्त संबंध में प्रश्‍नकर्ता द्वारा मान. मुख्यमंत्री महोदय को पत्र क्र. वि.स./परासिया/127/2024/03 दि.01.01.2024 एवं विभागीय मंत्री महोदय को पत्र क्र.वि.स./परासिया/ 127/2024/06 दि. 01.01.2024 एवं विभागीय प्रमुख सचिव पत्र क्र.वि.स./परासिया/127/2023/17 दि. 11.12.2023 एवं विभागीय कमिश्‍नर महोदय पत्र क्र.वि.स./परासिया/127/2023/16 दि.11.12.2023 प्रेषित किया गया है, उन पत्रों पर अभी तक क्या कार्यवाही की गई है? (ग) कब तक आवश्यक उपकरण व फर्नीचर अस्पताल में उपलब्ध करा दिया जायेगा?

उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र परासिया का उन्नयन/निर्माण कार्य पूर्ण होने उपरांत, 100 बिस्तरीय सिविल अस्पताल भवन का हस्तांतरण प्रमाण पत्र दिनांक 12.09.2023 को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जिला छिंदवाड़ा को प्राप्त हुआ। उन्नयन उपरांत निर्मित 100 बिस्तरीय सिविल अस्पताल, परासिया में उपकरण/फर्नीचर उपलब्ध कराये जाने के संबंध में, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जिला छिंदवाड़ा द्वारा दिनांक 23.11.2023 को पत्र के माध्यम से उपकरण तथा अस्पताल फर्नीचर की मांग प्रेषित की गई। जिसके अनुक्रम में विभाग द्वारा नियमानुसार उपकरण/फर्नीचर प्रदाय किये जाने हेतु तकनीकी आधार पर युक्तियुक्तकरण हेतु ''Gap Analysis'' की प्रक्रिया उपरांत मात्रा व बजट का आंकलन कर, उपकरण/फर्नीचर की उपलब्धता हेतु कार्यवाही की जा रही है। (ख) माननीय विधायक द्वारा प्रेषित पत्रों का संज्ञान लेते हुए सिविल अस्पताल, परासिया में उपकरण/फर्नीचर की प्रदायगी हेतु विभाग द्वारा नियमानुसार उपकरण/फर्नीचर प्रदाय किये जाने हेतु तकनीकी आधार पर युक्तियुक्तकरण उपरांत वांछित उपयुक्त मात्रा व बजट का आंकलन किया गया है, जिसके अनुक्रम में आगामी कार्यवाही प्रचलन में है। (ग) नियमानुसार निविदा प्रक्रिया संपादित कर उपकरण/अस्पताल फर्नीचर की प्रदायगी संबंधी कार्यवाही की जायेगी। निश्‍िचत समय-सीमा बताना संभव नहीं है।

वाहनों पर व्‍यय राशि

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

12. ( क्र. 92 ) श्री लखन घनघोरिया : क्या उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन म.प्र. भोपाल द्वारा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जिला जबलपुर को मोबिलिटी वाहनों, कोविड-19 में वाहनों व अन्य वाहनों को हेतु कब-कब, कितनी-कितनी राशि आवंटित की गई एवं कितनी-कितनी राशि व्यय हुई? वाहनों को किराये पर लेने बाबत् कब क्या दिशा निर्देश जारी किये हैं? वर्ष 2019-20 से 2023-24 तक की जानकारी दें। (ख) प्रश्‍नांश (क) में वाहनों को किराया पर लेने किस स्तर पर इनकी निगरानी, मॉनिटरिंग आदि की क्या व्यवस्था की गई? इसके लिये किस स्तर पर कब-कब निविदाएं आमंत्रित की गई। किस-किस की निविदा कब-कब किन शर्तों पर कितनी-कितनी अवधि के लिये किस दर पर स्वीकृत की गई? कौन-कौन से वाहन कब से कब तक कितनी-कितनी अवधि के लिये किराये पर लिये गये। इनके किराया पर कितनी राशि व्यय हुई। इनके देयकों की कितनी-कितनी राशि का कब-कब भुगतान किया गया? बिलों की छायाप्रति दें। वाहन स्वामी, एजेंसी का नाम पता वाहन का मॉडल, सीट संख्या, पं.क. पंजीयन का उदेश्य सहित वर्षवार जानकारी दें। (ग) प्रश्‍नांश (क) में किन-किन निविदाकारों/एजेंसी की निविदा अवधि बिना निविदा आमंत्रित किये कब से कब तक किस आधार, दर पर किस स्तर पर कितनी-कितनी अवधि के लिये बढ़ाई गई एवं क्यों? क्या शासन वाहनों के किराया एवं निविदाओं में किये गये फर्जीवाड़ा, भ्रष्टाचार की जांच कराकर दोषी अधिकारियों पर कार्यवाही करेगा?

उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र '''' अनुसार है। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) कार्यालय प्रमुख द्वारा निगरानी, मॉनिटरिंग की व्यवस्था की जाती है। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र '''' अनुसार है। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र '''' अनुसार है। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र '''' में समाहित है। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र '''' अनुसार है। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र '''' अनुसार है। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र '''' अनुसार निविदा पूर्ण न होने के कारण पूर्व निविदाकार से समान शर्तों एवं दरों पर वाहन अनुबंधित की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र ''फ-1'' अनुसार है। जी नहीं।

तहसील बीना को जिला बनाने की मांग

[राजस्व]

13. ( क्र. 120 ) श्रीमती निर्मला सप्रे : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अनुविभागीय/तहसील बीना को जिला बनाने के नियम/आदेश/प्रावधान/मापदण्ड/की सत्यापित उलब्ध करावें। साथ ही जिला बनाने हेतु कितनी जनसंख्या, क्षेत्रफल, एक जिले से दूसरे जिले की दूरी से संबंधित नियम आदेश की प्रति उपलब्ध करावें। (ख) जिला सागर की तहसील/अनुविभागीय बीना को जिला बनाने हेतु क्षेत्रीय माननीय विधायकगण, संगठनों एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा मांग कब-कब की गई है, मांग पत्रों की प्रतियां उपलब्ध करावें? भौगोलिक क्षेत्र की दृष्टि से सर्व सुविधायुक्त क्षेत्र की दृष्टि एवं सबसे अधिक राजस्व देने वाला बीना अनुविभागीय/तहसील को जिला घोषित किया जावेगा? यदि नहीं तो क्यों?

राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट  अनुसार है। (ख) विगत 02 वर्षों में इस संबंध में मांग पत्र/ज्ञापन आना नहीं पाया गया। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

ऐतिहासिक धरोहर को पर्यटन स्थल का दर्जा

[पर्यटन]

14. ( क्र. 123 ) श्रीमती निर्मला सप्रे : क्या राज्‍य मंत्री (स्वत्रंत प्रभार), संस्‍कृति महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विभाग द्वारा ऐतिहासिक स्थल को पर्यटन स्थल घोषित किए जाने के क्या-क्या मापदण्ड है, मापदण्ड की प्रति उपलब्ध करावे। (ख) प्रश्‍नांश (क) के क्रम में प्रश्‍नकर्ता द्वारा विधानसभा क्षेत्र बीना के किस ऐतिहासिक धरोहर को पर्यटन का दर्जा दिए जाने हेतु किस दिनांक को प्रमुख सचिव पर्यटन विभाग को पत्र प्रेषित किया गया। प्रेषित पत्र की प्रति उपलब्ध करावे। (ग) प्रश्‍नांश (ख) का उत्तर हां, तो प्रेषित पत्र में उल्लेखित ऐतिहासिक धरोहर को पर्यटन स्थल घोषित किए जाने पर विभाग विचार कर रहा है? यदि हां, तो कब तक, यदि नहीं तो कारण स्पष्ट बतावे।

राज्‍य मंत्री (स्वत्रंत प्रभार), संस्‍कृति ( श्री धर्मेन्द्र भाव सिंह लोधी ) : (क) विभाग द्वारा जारी पर्यटन नीति 2016 यथा संशोधित 2019 में किसी भी स्‍थल को पर्यटन स्‍थल घोषित करने का कोई प्रावधान नहीं है। शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) जी नहीं। शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) उत्‍तरांश (ख) अनुसार।

तालाबों एवं नहरों की मरम्‍मत के लिये दी जाने वाली राशि

[जल संसाधन]

15. ( क्र. 160 ) श्री यादवेन्द्र सिंह : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) टीकमगढ़ जिला को वर्ष 2018 से वर्ष 2023 तक कितनी राशि नहरों एवं तालाबों की मरम्‍मत हेतु प्रदान की गई? (ख) प्रश्‍नांश (क) में वर्णित राशि का उपयोग किस तरह किस प्रक्रिया से किन-किन एजेंसियों द्वारा कराया गया? (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) में वर्णित राशि एवं व्‍यय की गई राशि पृथक-पृथक एजेंसी सहित बतावें। (घ) क्‍या यह सही है कि प्रश्‍नांश (क) (ख) (ग) में वर्णित तथ्‍यों में विभाग प्रमुख ने अ‍पने अधीनस्‍थ से ताल मेल कर राशि हड़प ली? यदि नहीं तो भौतिक सत्‍यापन कराया जावें।

जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) से (ग) वर्ष 2018 से वर्ष 2023 तक तालाबों एवं नहरों का मरम्‍मत कार्य निविदा के माध्‍यम से एजेंसियों द्वारा कराया जाना प्रतिवेदित है। जानकारी संलग्‍न  परिशिष्ट  के प्रपत्र-'''' एवं '''' अनुसार है। (घ) निविदाकारों द्वारा संपादित कार्यों के भौतिक सत्‍यापन के उपरांत ही भुगतान की कार्यवाही की जाती है। विभाग प्रमुख द्वारा राशि हड़पने से संबंधित कोई तथ्‍य शासन के संज्ञान में नहीं है। भौतिक सत्‍यापन कराने जैसी स्थिति नहीं है।

परिशिष्ट - "बारह"

टीकमगढ़ शहर के राजस्‍व रिकार्ड में हेराफेरी

[राजस्व]

16. ( क्र. 161 ) श्री यादवेन्द्र सिंह : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या तहसीलदार टीकमगढ़ के प्र.क्र. 0470 अ-6 (अ) 20-21 आदेश दिनांक 07.11.2021 के अनुसार पूर्व में खसरा नं.142/मिन-45 से 142/45 में परिवर्तित किया गया? यदि हां तो क्‍यों? (ख) क्‍या ना.पं.क्र.15 तहसीलदार टीकमगढ़ दिनांक 22.04.09 के अनुसार दर्ज हल्‍का पटवारी क्र.4 दिनांक 14.06.2013 न्‍यायालय तहसीलदार के राजस्‍व प्र.क्र.152 अ-6 1987-88 में आदेश पारित कर दिनांक 04.06.2013 खसरा नम्‍बरों में हेराफेरी की गई? उक्‍त प्रकरणों के आदेश बतायें। (ग) क्‍या प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) में वर्णित आदेशों के बाद राजस्‍व प्र.क्र. 47/अ-62015-16 में पारित आदेश दिनांक 18.07.2016 के अनुसार रिकार्ड दुरस्‍त किया गया? यदि हां तो क्‍यों? (घ) प्रश्‍नांश (क), (ख) एवं (ग) में क्‍या वर्णित प्रकरणों की विस्‍तृत जांच करवाकर मनमाने तरीके से राजस्‍व रिकार्ड में हेराफेरी करने वाले अधिकारियों के विरूद्ध कार्यवाही की जायेगी? यदि हां, तो क्‍या?

राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जी नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) तहसीलदार टीकमगढ़ द्वारा नामांतरण पंजी क्रमांक 15 आदेश दिनांक 22.04.2009 के अनुसार रजिस्टर्ड विक्रय पत्र के आधार पर नामांतरण स्वीकृत किया गया है। खसरा नंबंरों में कोई हेराफरी नहीं की गई है। तहसीलदार टीकमगढ़ न्यायालय की राजस्व पंजी में 152/अ-6/1987-88 में कोई प्रकरण दर्ज नहीं है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी हाँ। राजस्व प्रकरण क्रमांक 47/अ-6-अ/2015-16 में पारित आदेश दिनांक 18.07.2016 द्वारा रजिस्टर्ड विक्रय पत्र के द्वारा नामांतरण पंजी क्रमांक 70 दिनांक 20.10.2012, नामांतरण पंजी क्रमांक 71 दिनांक 20.10.2012, नामांतरण पंजी क्रमांक 15 दिनांक 05.04.2009 को रिकार्ड में दर्ज करने का आदेश दिया गया है। (घ) कार्यवाही का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

नागदा को जिला घोषित किया जाना

[राजस्व]

17. ( क्र. 194 ) डॉ. रामकिशोर दोगने : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नागदा को जिला बनाये जाने के संबंध में शासन द्वारा दिनांक 28.07.2023 को राजपत्र में 30 दिवसीय प्रारंभिक अधिसूचना जारी कर आमंत्रित दावें/आपत्तियों को राजस्‍व विभाग द्वारा पत्र क्र. एफ 01-02-2020-सात-7 भोपाल दिनांक 24.08.2023 व दिनांक 13.09.2023, 05.09.2023, 29.08.2023 के द्वारा कलेक्‍टर उज्‍जैन/रतलाम को आपत्तियों के निराकरण हेतु प्रेषित किए गए थे? (ख) कार्यालय कलेक्‍टर भू-अभिलेख जिला उज्‍जैन का पत्र क्र. 2337/भू.अ./रा.नि./2023 उज्‍जैन दिनांक 04.10.2023 व पत्र क्र. 22392237 दिनांक 15.09.2023 व अन्‍य पत्रों द्वारा कलेक्‍टर उज्‍जैन व रतलाम द्वारा आपत्तियों का निराकरण कर नागदा को जिला बनाने हेतु प्रस्‍ताव प्रमुख सचिव राजस्‍व विभाग को प्रेषित किए गए है? यदि हां तो विवरण दें। (ग) जिला बनाने की सभी औपचारिकताएं पूर्ण हो जाने के पश्‍चात नागदा को जिला बनाने के लंबित प्रस्‍ताव को मंत्री परिषद में स्‍वीकृत कर अंतिम गजट नोटिफिकेशन हेतु शासन द्वारा क्‍या कार्यवाही की जा रही है?

राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जी हाँ। (ख) जी हाँ। कलेक्‍टर उज्‍जैन के पत्र दिनांक 15-09-2023 एवं 04-10-2023 एवं कलेक्‍टर रतलाम के पत्र दिनांक 02-09-2023 एवं 13-09-2023 प्राप्‍त हुये है। (ग) प्रकरण परीक्षणाधीन है।

अधिग्रहित भूमि किसानों को वापिस लौटाया जाना

[राजस्व]

18. ( क्र. 208 ) श्री आतिफ आरिफ अकील : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या राज्य सरकार द्वारा अधिग्रहित की गई किसानों की वह भूमि जो उपयोग में नहीं ली गई उन्हें वापिस लौटाने का निर्णय लिया है? (ख) यदि हाँ, तो प्रश्‍न दिनांक की स्थिति में भोपाल जिले में कितने-कितने किसानों की कितनी-कितनी भूमि चिन्हित की जाकर कब-कब लौटाई गई? यदि नहीं तो कारण सहित अवगत करावें कि कब तक लौटा दी जावेगी तथा इस लापरवाही के लिए कौन-कौन जिम्मेदार है?

राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) मध्‍यप्रदेश भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्‍यवस्‍थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार नियम, 2015 नियम की  प्रति संलग्न  परिशिष्‍ट  अनुसार है। (ख) ग्राम-खजूरी खुर्द जिला भोपाल के 3 कृषक 0.29 एकड़ भूमि वापसी की कार्यवाही प्रकरण क्रमांक 21/बी-121/2017-18 प्रचलन में हैं।

परिशिष्ट - "तेरह"

प्रदेश के किसानों की सम्‍मान निधि की जानकारी

[राजस्व]

19. ( क्र. 232 ) श्री पंकज उपाध्याय : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जौरा विधानसभा क्षेत्र में प्रधानमंत्री सम्‍मान निधि वर्ष 2020-21 से 2023-24 में कितने-कितने कृषकों को कुल कितनी राशि की प्राप्ति हुई तथा कितने कृषकों से सम्‍मान निधि वापस लेने की कार्यवाही प्रचलन में है? तहसीलवार बतावें। (ख) जौरा विधानसभा क्षेत्र में कमलनाथ सरकार में कितने कृषकों का कुल कितनी राशि का ऋण माफ किया गया तथा कितने कृषकों का कुल कितनी राशि का ऋण माफ करना शेष है? तहसीलवार बतावें। (ग) जौरा विधानसभा क्षेत्र में वर्ष 2020-21 से 2023-24 तक कृषकों का खरीफ और रबी के मौसम अनुसार कृषि बीमा किया गया तथा उस हेतु कितनी प्रीमियम कृषक से ली गई तथा कितनी प्रीमियम केन्‍द्र और राज्‍य शासन से प्राप्‍त हुई बीमा करने वाली कम्‍पनी के नाम, सहित बतावें कि उक्‍त अवधि में वर्ष अनुसार खरीफ और रबी के मौसम में कितने कृषकों को कुल कितनी राशि का क्‍लेम का भुगतान किया गया? (घ) जौरा विधानसभा क्षेत्र में 2020 से 2023 तक कितने कृषकों को किस-किस योजना में कितनी सब्सिडी का भुगतान किया गया?

राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जौरा विधानसभा क्षेत्र में वर्ष 2020-2021 से 2023-2024 तक प्रधानमंत्री किसान सम्‍मान निधि वितरण की तहसीलवार जानकारी संलग्न  परिशिष्‍ट-'' अनुसार है। जौरा विधानसभा क्षेत्र में प्रधानमंत्री किसान सम्‍मान निधि योजनांतर्गत अपात्र/आयकर दाता किसानों द्वारा ली गई सम्‍मान निधि को वापस लेने की तहसीलवार जानकारी संलग्न  परिशिष्‍ट-'' अनुसार है। (ख) से (घ) जानकारी संकलित की जा रही है।

परिशिष्ट - "चौदह"

उप स्‍वास्‍थ्य केन्‍द्र का भवन निर्माण

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

20. ( क्र. 235 ) श्री विजयपाल सिंह : क्या उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता के विधानसभा क्षेत्र सोहागपुर के अंतर्गत विकासखंड सोहागपुर एवं माखननगर में किन-किन मदों में उपस्वास्थ्य केन्द्र की बिल्डिंग का निर्माण किया जा रहा है नाम एवं स्थान सहित बतायें? (ख) प्रश्‍नांश (क) के संबंध में इन निर्माण कार्यों का कार्य कब से चल रहा है एवं कब तक पूरा किया जायेगा? क्या इन निर्माण कार्यों का भूमिपूजन किया गया है यदि हां तो कब और नहीं किया गया है तो कब का भूमिपूजन कराया जायेगा? (ग) उपरोक्त निर्माण कार्यों के संबंध में कार्य एजेन्सी कौन है नाम पता सहित बतायें?

उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जानकारी संलग्‍न  परिशिष्‍ट  अनुसार है। (ख) जानकारी संलग्‍न  परिशिष्‍ट  में समाहित है। विकास यात्रा के दौरान भूमि पूजन किया जाना था, किन्‍तु ग्राम खरपावड एवं भरगाँव में विकास यात्रा निरस्‍त हो जाने के कारण भूमि पूजन माननीय विधायक महोदय द्वारा नहीं किया जा सका एवं कार्य प्रारंभ करने के निर्देश दिए गए तथा उप स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र गुडारिया के लिए भूमि उपलब्‍ध नहीं होने से भूमि पूजन नहीं कराया जा सका है, निश्‍िचत समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ग) जानकारी संलग्‍न  परिशिष्‍ट  अनुसार है।

परिशिष्ट - "पंद्रह"

चिकित्सकों के रिक्त पदों की पूर्ति

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

21. ( क्र. 297 ) श्री विजय रेवनाथ चौरे : क्या उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सौंसर के सौ बिस्तर वाले अस्पताल में वर्तमान में कौन कौन चिकित्सक पदस्थ हैं? (ख) उपरोक्त अस्पताल में कितने चिकित्सकों के पद ख़ाली हैं? (ग) इनमें से विभिन्न विशेषज्ञों के कितने पद रिक्त है तथा उन्हें कब तक भरा जाएगा?

उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) एवं (ख) जानकारी संलग्‍न  परिशिष्‍ट  अनुसार है। (ग) विभिन्न विशेषज्ञों के 09 पद रिक्त है। विभाग द्वारा रिक्त पदों की पूर्ति लोक सेवा आयोग तथा संविदा आधार पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के माध्यम से निरंतर की जाती है। पदपूर्ति हेतु निश्‍िचत समय-सीमा बताई जाना संभव नहीं है।

परिशिष्ट - "सोलह"

कन्हान सिंचाई परियोजना

[जल संसाधन]

22. ( क्र. 298 ) श्री विजय रेवनाथ चौरे : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) छिंदवाड़ा ज़िले में कन्हान सिंचाई योजना किस वर्ष में स्वीकृत हुई थी। (ख) इस योजना की अनुमानित लागत कितनी है और इससे कितने किसानों की कितनी भूमि सिंचित होना है? (ग) इस योजना को कब तक पूरा करने लक्ष्य निर्धारित किया गया है? (घ) अभी तक इस योजना के लिए कब-कब, कितना-कितना बजट आवंटित किया गया? (ङ) इस सिंचाई योजना के कार्य की क्या प्रगति है? यदि कार्य प्रारंभ है तो इस योजना को कब तक पूरा किया जायेगा?

जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) छिंदवाड़ा जिले में कन्हान सिंचाई योजना के नाम से कोई परियोजना स्वीकृत नहीं है, अपितु छिंदवाड़ा जिले में छिंदवाड़ा सिंचाई कॉम्प्लेक्स परियोजना वर्ष 2019 में स्वीकृत है। (ख) छिंदवाड़ा सिंचाई कॉम्प्लेक्स परियोजना की स्वीकृत लागत रू.5470.95 करोड़ है। छिंदवाड़ा सिंचाई कॉम्प्लेक्स परियोजना से छिंदवाड़ा जिले के 628 ग्रामों की लगभग 1,50,000 किसानों की 1,90,500 हे. भूमि सिंचित करना प्रस्‍तावित है। (ग) छिंदवाड़ा सिंचाई कॉम्प्लेक्स परियोजना जुलाई 2026 तक पूर्ण करना लक्षित है। (घ) वर्षवार आवंटित बजट की जानकारी संलग्न  परिशिष्‍ट  अनुसार है। (ड.) परियोजना का कार्य प्रगतिरत होना प्रतिवेदित है। अनुबंध अनुसार निर्माण कार्य जुलाई 2026 तक पूर्ण करना लक्षित है।

परिशिष्ट - "सत्रह"

नवीन व्यावसायिक शिक्षा योजना

[स्कूल शिक्षा]

23. ( क्र. 347 ) श्री शैलेन्द्र कुमार जैन : क्या परिवहन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या माननीय श्री नरेन्द्र मोदी जी द्वारा लागू केंद्र सरकार की महत्वकांक्षी योजनाओं में से एक नवीन व्यावसायिक शिक्षा (एन.एस.क्यू.एफ.) योजना मध्यप्रदेश के स्कूल शिक्षा विभाग के समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत विगत 9 वर्षों से संचालित है, जिसमें व्यावसायिक प्रशिक्षकों के माध्यम से शासकीय विद्यालयों में रोजगारोन्मुखी कौशल का विकास विद्यार्थियों में कराया जा रहा है? (ख) क्या वोकेशनल ट्रेनिंग प्रोवाइडर (आउटसोर्सिंग कम्पनी) के माध्यम से कार्यरत व्यावसायिक प्रशिक्षकों/शिक्षकों द्वारा वर्तमान महंगाई दर को देखते हुये नवीन वेतनमान का निर्धारण/प्रतिवर्ष वेतनवृद्धि/स्थायी जॉब पॉलिसी/मातृत्व अवकाश, मेडिकल अवकाश/वर्ष 1998-99 में नियुक्त अंशकालिक व्यावसायिक प्रशिक्षकों की भांति विभागीय संविलियन की कोई नीति शासन के समक्ष विचाराधीन है? (ग) यदि हाँ, तो कब तक इसे पूर्ण कर लिया जायेगा? यदि नहीं तो इसका क्या कारण है?

परिवहन मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जी हाँ। केन्द्र सरकार की नवीन व्यावसायिक शिक्षा योजना प्रदेश के विद्यालयों में सत्र 2013-14 से संचालित की जा रही है। (ख) एवं (ग) वर्तमान में कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। अत: शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

प्रदेश के अतिथि शिक्षकों का नियमितीकरण

[स्कूल शिक्षा]

24. ( क्र. 351 ) श्री शैलेन्द्र कुमार जैन : क्या परिवहन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश के शासकीय स्कूलों में कितने अतिथि शिक्षक अपनी सेवायें दे रहे हैं एवं इन्हें कितना मानदेय राशि प्रदत्त किया जा रही है और कब से है? (ख) क्या प्रदेश के शासकीय स्कूलों में अतिथि शिक्षकों की मेहनत से मध्यप्रदेश की शिक्षा व्यवस्था व शिक्षा की गुणवत्ता में बेहतर परिणाम आये है? किन्तु आज तक अतिथि शिक्षकों का भविष्य सुरक्षित नहीं हो सका है? इसका क्या कारण है? (ग) क्या प्रदेश के अतिथि शिक्षक लम्बे अर्से से नियमितीकरण हेतु 12 माह, 62 वर्ष की आयु तक का कार्यकाल एवं फिक्स मानदेय को लेकर संघर्ष कर रहे है? यदि हाँ तो अतिथि शिक्षकों को नियमित किये जाने की कोई योजना शासन के समक्ष विचाराधीन है? यदि नहीं तो क्या शासन प्रदेश के अतिथि शिक्षकों को नियमित किये जाने पर विचार करेगा और कब तक?

परिवहन मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) वर्तमान में प्रदेश के शासकीय स्कूलों में कुल 72526 अतिथि शिक्षक अपनी सेवाएं दे रहे है। विभागीय आदेश दिनांक 29.09.2023 अनुसार अतिथि शिक्षक वर्ग-1 को रू. 18000/-, अतिथि शिक्षक वर्ग-2 को रू. 14000/- एवं अतिथि शिक्षक वर्ग-3 को 10000/- मासिक मानदेय की स्वीकृति प्रदान की गई है। (ख) इस संबध में कोई विशिष्ट अध्ययन/रिसर्च उपलब्ध नहीं है। अतिथि शिक्षकों के लिये नियमित शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में 25 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया गया है। (ग) नीति बनाने की कार्यवाही प्रचलन में है, निश्‍िचत समय-सीमा बताई जाना संभव नहीं है।

निर्माण कार्यों हेतु धन राशि का आवंटन

[जल संसाधन]

25. ( क्र. 389 ) सुश्री रामश्री (बहिन रामसिया भारती) राजपूत : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) छतरपुर जिले में विभाग द्वारा वर्ष 2021 से प्रश्‍न दिनांक तक कौन-कौन से निर्माण कार्यों हेतु कितनी-कितनी धन राशि का आवंटन दिया गया और उक्‍त कार्य किन-किन संस्‍थाओं के माध्‍यम से कराये जा रहे हैं सम्‍पूर्ण विवरण उपलब्‍ध करावें तथा शासन की गाइड-लाइन दी जावें? (ख) बड़ा मलहरा विधानसभा क्षेत्र अन्‍तर्गत विकास कार्यों पर जारी हुई धन राशि, उनका उपयोग, मूल्‍यांकन आख्‍या, कार्य की प्रगति एवं कार्य के पूर्ण होने की समयावधि सहित कराये जा रहे कार्यों की सहयोगी निर्माण संस्‍थाओं की जानकारी दें? (ग) क्‍या उक्‍त निर्माण कार्यों में अनियमितताएं की जा रही है?

जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट  के ''प्रपत्र-अ'' अनुसार है। लघु सिंचाई परियोजनाओं के लिए निर्धारित तकनीकी एवं वित्‍तीय मापदण्‍ड की प्रति  पुस्‍तकालय  में रखे ''परिशिष्‍ट-1'' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट  के ''प्रपत्र-ब'' अनुसार है। (ग) जी नहीं।

सी.एम. राइज स्‍कूल में हो रहे घटिया निर्माण कार्य

[स्कूल शिक्षा]

26. ( क्र. 395 ) सुश्री रामश्री (बहिन रामसिया भारती) राजपूत : क्या परिवहन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) छतरपुर जिले की बड़ामलहरा विधान सभा क्षेत्र बड़ामलहरा में सी.एम. राइज स्‍कूल के निर्माण के संबंध में तकनीकी स्‍वीकृति/प्रशासकीय स्‍वीकृति सहित संपूर्ण विवरण उपलब्‍ध करावें। (ख) क्‍या सी.एम. राइज स्‍कूल के निर्माण कार्य जो कराया जा रहा है, उसमें घटिया निर्माण किया जा रहा है? (ग) विभागीय तकनीकी अधिकारियों द्वारा शासन के मापदण्‍डों के तहत किये जा रहे कार्यों की गुणवत्‍ता का परीक्षण किन-किन अवधियों से कराया गया? (घ) दोषी पाये गये अधिकारियों के विरूद्ध शासन द्वारा कोई ठोस कार्यवाही की जावेगी?

परिवहन मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-एक अनुसार है। (ख) जी नहीं। (ग) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-दो अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-दो के कॉलम क्रमांक-4 में उल्लेख अनुसार सीएम राइज़ स्कूल बड़ामलहरा में समय-समय पर तकनीकी अधिकारियों द्वारा किए गए निरीक्षण के दौरान निर्माण कार्य गुणवत्तायुक्त पाए जाने से प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

भू-राजस्व संहिता 1954 एवं 1959 के प्रावधान

[राजस्व]

27. ( क्र. 406 ) डॉ. योगेश पंडाग्रे : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) म.प्र.भू-राजस्व संहित 1954 एवं म.प्र.भू-राजस्व संहिता 1959 की धारा 1 (2), धारा 234, धारा 237 में क्या प्रावधान दिए है? किस धारा में किस दिनांक को संशोधन कर क्या प्रावधान निरस्त किये गये है एवं क्या प्रावधान स्‍थापित किए गए है? किस धारा के तहत राजपत्र में किस दिनांक को नियम अधिसूचित किए गये? (ख) धारा 234 के तहत बनाए गए निस्तांर पत्रक में भूमियों को किस किस जंगल मद एवं किस-किस गैर जंगल में दर्ज किया गया, निस्‍तार पत्रक में भूमियों को किस किस प्रयोजन के लिये दर्ज किया गया? मद एवं प्रायोजन में क्या-क्‍या अन्तर है? (ग) धारा 234 के तहत निस्तार पत्रक में दर्ज जमीनों में से किस-किस मद की जमीनों एवं किस- किस प्रयोजनों की जमीनों को भू-राजस्व संहिता की किस धारा में दिए किस प्रावधान या अधिकार से भा.व.अ.1927 की धारा 29, धारा 4 एवं धारा 20 में अधिसूचित किया जा सकता है? (घ) धारा 234 में दर्ज जमीनों पर ग्राम सभा एवं ग्राम पंचायत को क्या अधिकार संविधान की 11वीं अनुसूची पेसा कानून 1996 एवं वन अधिकार कानून 2006 की किस धारा में दिया है?

राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) मध्‍यप्रदेश भू-राजस्‍व संहिता की धारा 1 (2), धारा 234, धारा 237 के प्रावधान की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट '''' अनुसार है। इनमें विगत 10 वर्षों में किये गये संशोधन की जानकारी एवं नियम की धारा 233, 233, 234, 235, 236, 238, 242, 243 एवं 244 के तहत अधिसूचित किये गये है। पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्‍ट '''' अनुसार है। (ख) सं‍हिता की धारा 234 में भूमियों को जंगल मद/गैर जंगल मद में दर्ज किये जाने के प्रावधान नहीं है। निस्‍तार पत्रक में भूमियों को धारा 237 की उपधारा (1) के खण्‍ड (क) से (त्र) में विनिर्दिष्‍ट प्रयोजन तथा मध्‍यप्रदेश भू-राजस्‍व संहिता (दखलरहित भूमि, आबादी तथा वाजिब उल अर्ज) नियम 2020 के भागग नियम 3 प्रावधान अनुसार है। निस्‍तार पत्रक के प्रयोजन से संबंधित प्रावधान धारा 237 की उपधारा (1) के खण्‍ड (क) से (त्र) में विनिर्दिष्‍ट प्रयोजन त‍था मध्‍यप्रदेश भू-राजस्‍व संहिता (दखलरहित भूमि, आबादी तथा वाजिब उल अर्ज) नियम 2020 के भाग (दो) नियम 3 प्रावधान अनुसार है। मध्‍यप्रदेश भू-राजस्‍व संहिता (दखलरहित भूमि, आबादी तथा वाजिब उल अर्ज) नियम 2020 के नियम 4 ग्रामों में की दखलरहित भूमि का अभिलेख से संबंधित उपनियम में शीर्ष (मद) संबंधित प्रावधान है। (ग) भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा-29 अंतर्गत राज्‍य सरकार किसी वन भूमि या बंजर भूमि को जो आरक्षित वन में सम्मिलित नहीं है, किन्‍तु जो सरकार की सम्‍पत्ति है या जिस पर सरकार का साम्‍पत्तिक अधिकार है या जिसकी सम्‍पूर्ण वन उपज या उसके किसी भाग को जिसकी सरकार हकदार है, राजपत्र में अधिसूचना द्वारा संरक्षित वन घोषित कर सकेगी। भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा-3 में राज्‍य सरकार को किसी वनभूमि या पड़त भूमि जो सरकार की है या जिस पर सरकार के साम्‍पत्तिक अधिकार है या जिसकी वनोपज की पूरी अथवा किसी भाग की सरकार हकदार है को आरक्षित वन बनाने की शक्ति दी गई है। भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा-4 अंतगर्त राज्‍य सरकार को राजपत्र में उपरोक्‍त के आशय की अधिसूचना जारी करने के अधिकार है त‍था धारा-20 में राज्‍य शासन को प्रस्‍थापित वन को आरक्षित वन को आरक्षित वन घोषित करने की शक्ति दी गई है। (घ) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट '''' अनुसार है।

शिकायती पत्रों की जांच

[स्कूल शिक्षा]

28. ( क्र. 461 ) श्री महेश परमार : क्या परिवहन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) म.प्र. शासन स्कूल शिक्षा विभाग मंत्रालय वल्लभ भवन भोपाल दिनांक 03.08.2022 पत्र क्र.1255/531/2022/20-2 का अवलोकन कर बतावें कि, क्या प्रश्‍नकर्ता द्वारा प्रस्तुत शिकायत पत्र पर विभागीय जांच कराई गई है? यदि हाँ, तो पत्र के समस्त बिन्दुओं पर पृथक-पृथक समस्त अभिलेख, नोटशीट, संबंधित नियम, उपनियम की प्रतिलिपि उपलब्ध करावें। (ख) शिकायती पत्र का अवलोकन करे और बतावे क्या प्रश्‍नकर्ता द्वारा शिकायती बिन्दुओं की सुक्ष्म जांच के लिए पत्र लिखा गया था? यदि हाँ, तो क्या कारण है कि शिकायती जाँच के समस्त अभिलेख के साथ अभिमत सहित बिन्दूवार अभिलेख प्रश्‍नकर्ता को उपलब्ध नहीं करायें है? स्पष्ट लिखित प्रमाणित रिपोर्ट प्रस्तुत करें। (ग) प्रशासनिक अधिकारी शिकायत के सभी बिन्दुओं पर वस्तुस्थिति के स्थान पर विधानसभा उत्तरों को प्रमाणित करने वाले साक्ष्य, नियम, अधिनियम एवं नोटशीट का सम्पूर्ण विवरण दें?

परिवहन मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जी नहीं। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) जी नहीं। शिकायती पत्र दिनांक 13.02.2022 में पुनः जाँच का लेख किया गया। पत्र के अनुक्रम में कार्यवाही करते हुये तत्थात्मक जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-1 अनुसार है। (ग) विधान सभा प्रश्‍न क्रमांक 587 दिनांक 30.12.2020, विधान सभा प्रश्‍न क्रमांक 1898 दिनांक 23.12.2019, विधान सभा प्रश्‍न क्रमांक 1240 दिनांक 12.07.2019, विधान सभा प्रश्‍न क्रमांक 2026 दिनांक 08.03.2021 एवं विधान सभा प्रश्‍न क्रमांक 2025 दिनांक 08.03.2021 में दिये गये उत्तरों के अनुक्रम में दस्तावेज संलग्‍न किये गये। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-2 अनुसार।

शिवपुरी जिले में स्थित तालाबों का जीर्णोद्धार

[जल संसाधन]

29. ( क्र. 466 ) श्री कैलाश कुशवाहा : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शिवपुरी जिले की विधानसभा पोहरी क्षेत्र में जल संसाधन विभाग के कितने और कहाँ-कहाँ तालाब स्थित हैं और उनकी पानी की क्षमता तथा रकवा कितना है? पूर्ण विवरण सहित जानकारी दी जावे। (ख) प्रश्‍नांश '''' के क्रम में उक्त तालाबों का वर्ष 2015 से 2024 तक कब कब जीर्णोद्धार कराया गया और किस निर्माण एजेंसी से जीर्णोद्धार कराया गया। कितनी राशि व्यय की गई। (ग) कितने तालाब मत्स विभाग या अन्य किसी व्यक्ति को मत्स पालन हेतु दिये गये हैं? (घ) उक्‍त तालाबों से कहाँ-कहाँ पेय जल हेतु पानी सप्‍लाई किया जाता है?

जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) से (घ) जानकारी संलग्‍न  परिशिष्‍ट  अनुसार है। (ग) विभाग द्वारा मत्‍स्‍य पालन हेतु कोई भी तालाब मत्‍स्‍य विभाग या अन्‍य व्‍यक्ति को नहीं दिया जाना प्रतिवेदित है।

परिशिष्ट - "अठारह"

एम.वाय. चिकित्‍सालय इंदौर में भ्रष्‍टाचार

[चिकित्सा शिक्षा]

30. ( क्र. 486 ) श्री मधु भाऊ भगत : क्या उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या एम.वाय. चिकित्‍सालय इंदौर के अधीक्षक व कर्मचारियों की मिलीभगत से कूटरचित दस्‍तावेज तैयार कर निजी मुद्रा कावेरी इंटर प्राइजेस श्री संजय से वर्ष 2016 में सामग्री क्रय कर, अनियमितता भुगतान की कार्यवाही की गई? यदि हां, तो शासन द्वारा प्रश्‍न दिनांक तक अधिकारी/कर्मचारियों के विरूद्ध क्‍या-क्‍या कार्यवाही की हैं? (ख) क्‍या दोषियों के विरूद्ध अधिष्‍ठता/आयुक्‍त/शासन द्वारा वित्‍तीय अनियमितता में लिप्‍त अधिकारी स्‍तर से क्‍या-क्‍या कार्यवाही प्रस्‍तावित की अथवा उच्‍च स्‍तर पर सांठ-गांठ कर दोष मुक्‍त करने के प्रयासरत हैं? (ग) क्‍या यह सही है कि पूर्व में चिकित्‍सा महाविद्यालय ग्‍वालियर में कूटरचित दस्‍तावेज तैयार कर वित्‍तीय अनियमितता की गई? प्रकरण में लिप्‍त अधिकारी/कर्मचारियों को बचाने के प्रयास शासन/संचालनालय स्‍तर से पत्र जारी कर किये गये है? हां तो क्‍यों? (घ) क्‍या शासन के स्‍पष्‍ट निर्देश के बाद भी चिकित्‍सा शिक्षा संचालनालय/अधिष्‍ठाता/अधीक्षक कार्यालयों में लेखा/स्‍टोर/स्‍थापना में 03 वर्षों (25-30 वर्षों से अधिक एक ही स्‍थान पर) से कौन-कौन पदस्‍थ हैं, वर्षों से एक ही स्‍थान पर पदस्‍थ होने से वित्‍तीय/अनियमितताओं की संभावना अधिकांशत: बनी रहती है? म.प्र. शासन, सामान्‍य प्रशासन के नियमानुसार तीन वर्षों से अधिक एक ही स्‍थान पर पदस्‍थ कर्मचारियों को कब तक हटाया जावेगा? समय-सीमा बतावें।

उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जी हाँ। अधिकारी/कर्मचारियों के विरूद्ध की गई कार्यवाही की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है(ख) उत्‍तरांश '''' के परिप्रेक्ष्‍य में शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी हाँ। जी नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) संचालनालय चिकित्‍सा शिक्षा की स्‍टोर/लेखा स्‍थापना शाखा में 03 वर्षों से अधिक समय से निम्‍नलिखित कर्मचा‍री पदस्‍थ है:- 1. श्रीमती सुषमा श्रीवास्‍तव-स्‍थापना राजपत्रित शाखा, 2. श्री प्रकाश माण्‍डवे- स्‍थापना राजपत्रित शाखा 3. श्रीमती मनीषा सक्‍सेना-स्‍थापना नर्सिंग शाखा, 4. श्री विनायक रानाडे- लेखा शाखा, 5. श्री रमेश शर्मा-स्‍टोर शाखा। संचालनालय में स्‍टाफ की अत्‍यधिक कमी होने के कारण कर्मचारियों की कार्य क्षमता अनुसार कार्य लिया जा रहा है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

सिंचाई योजनाओं की स्वीकृति

[जल संसाधन]

31. ( क्र. 521 ) श्री सोहनलाल बाल्‍मीक : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) परासिया विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत कृषकों की सुविधा को देखते हुए उक्त सिंचाई योजना 1. जामुनबर्रा जलाशय 2. मंडला पंडापुल नाला पर जलाशय 3. दमुआ भीमसेन ढाना के पास घटामाली नदी पर कोहका दमुआ बैराज 4. झुर्रेमाल शंकरपुर रोड खमडोढ़ा नाला पर जलाशय सिंचाई योजना का सर्वे विभाग द्वारा कराया जा चुका है, परन्तु अभी तक सिंचाई योजनाओं की स्वीकृति प्रदान नहीं की गई है? जिसका क्या कारण है? (ख) प्रश्‍नांश (क) में उल्लेखित सिंचाई योजनाओं के निर्माण कार्य की स्वीकृति के संबंध में प्रश्‍नकर्ता द्वारा मुख्यमंत्री महोदय जी को पत्र क्र.वि.स./परासिया/127/2024/14 दि.02.01.2024 व विभागीय मंत्री महोदय को पत्र क्र.वि.स./परासिया/127/2024/15 दि.02.01.2024 पत्र प्रेषित किए गये है, जिन पत्रों पर अभी तक स्वीकृति हेतु क्या कार्यवाही की गई है? (ग) प्रश्‍नांश (क) में उल्लेखित सभी सिंचाई योजनाओं के निर्माण कार्य की स्वीकृति कब तक प्रदान कर दी जायेगी? (घ) परासिया विधानसभा क्षेत्र के अन्तर्गत कौन-कौन सी सिंचाई योजनाओं के प्रस्ताव विभाग द्वारा वर्ष 2018 प्रारम्भ से वर्ष 2023 तक शासन स्तर पर स्वीकृति हेतु भेजे गये हैं? भेजे गये प्रस्तावों में से कितनी सिंचाई योजनाओं की स्वीकृति प्रदान कर दी गई है और कितनी योजनाओं की स्वीकृति प्रदान नहीं की गई है कितनी योजनाओं की स्वीकृति शेष है? शेष योजनाओं की स्वीकृति कब तक प्रदान कर दी जायेगी?

जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) से (ग) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट  के ''प्रपत्र-अ'' अनुसार है। मंडला-पंडापुल नाला जलाशय एवं झुर्रेटोला जलाशय की डीपीआर अंतिम नहीं होने से स्‍वीकृति दिए जाने की स्थिति नहीं है। स्‍वीकृति हेतु निश्‍िचत समय-सीमा बताना संभव नहीं है। (घ) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट  के ''प्रपत्र-ब'' अनुसार है। वर्तमान में प्रशासकीय स्‍वीकृति का कोई प्रस्‍ताव विचाराधीन नहीं होने से शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

चिकित्‍सा महाविद्यालय की स्‍थापना

[चिकित्सा शिक्षा]

32. ( क्र. 560 ) श्री बिसाहूलाल सिंह : क्या उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या मुख्‍यमंत्री के पद की शपथ लेने के उपरांत मध्‍यप्रदेश के संपूर्ण जिलों में चिकित्‍सा महाविद्यालय खोले जाने की घोषणा की गयी है? यदि हाँ, तो पूरे मध्‍यप्रदेश में कितने चरणों में खोले जायेंगे? (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार क्‍या आदिवासी जिला अनूपपुर में भी चिकित्‍सा महाविद्यालय खोले जाने का प्रावधान प्राथमिकता देकर किया जा रहा है? यदि हां, तो जिला अनूपपुर को प्रथम चरण में ही महाविद्यालय की सौगात प्रदान करेंगे जानकारी उपलब्‍ध करावें। (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) अनुसार जिला अनूपपुर में प्रावधानित चिकित्‍सा महाविद्यालय खोले जाने संबंधी निर्देश संबंधित विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को स्‍थल चयन एवं स्‍थल निरीक्षण की जिम्‍मेदारी किन-किन अधिकारियों को सौंपी गई है?

उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जी नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) विभाग द्वारा आवश्‍यकता अनुसार नीतिगत निर्णय लिया जाता हैं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) उत्‍तरांश () एवं () अनुसार। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

लंबित प्रसूति सहायता की राशि का भुगतान

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

33. ( क्र. 601 ) श्रीमती झूमा डॉ. ध्यानसिंह सोलंकी : क्या उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भीकनगांव विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत वर्ष 2020-21 से प्रश्‍न दिनांक तक कुल कितनी संख्या में महिलाओं का प्रसव हुआ है? कृपया ग्रामवार जानकारी उपलब्ध करावें। (ख) प्रसव उपरान्त राशि शत् प्रतिशत महिलाओं को उपलब्ध की जाती है? हाँ तो कितनी संख्या में प्रसव पश्‍चात राशि प्रदाय की गई है? ग्रामवार नाम सहित जानकारी देवें। (ग) क्या पात्र महिलाए जिनका प्रसव हुआ है, वह उक्त लाभ से वंचित है? हाँ तो कितनी संख्या में, कृपया ग्रामवार नाम सहित जानकारी उपलब्ध करावें तथा क्या कारण है? क्या उक्त महिलाओं को लाभ नहीं मिल पाने के लिए कोई अधिकारी/कर्मचारी दोषी है? यदि हाँ तो कब तक दोषियों पर कार्यवाही की जायेगी? नहीं तो क्या कारण है तथा यह भी बताएं कि शत् प्रतिशत महिलाओं को लंबित प्रसूति सहायता राशि का भुगतान कब तक किया जायेगा?

उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) भीकनगांव विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत वर्ष 2020-21 से प्रश्‍न दिनांक तक कुल 23014 महिलाओं का प्रसव हुआ है। ग्रामवार  जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र  '''' अनुसार है(ख) शासन के दिशा निर्देशानुसार पात्र महिलाओं को जननी सुरक्षा योजना एवं मुख्यमंत्री श्रमिक सेवा प्रसूति सहायता योजना की राशि प्रदाय की जाती है। जननी सुरक्षा योजना अन्तर्गत कुल 16568 एवं मुख्यमंत्री श्रमिक सेवा प्रसूति सहायता अन्तर्गत कुल 6952 पात्र प्रसूता महिलाओं को राशि प्रदाय की गई है। ग्रामवार नाम सहित जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र '''' एवं '''' अनुसार है। (ग) जी नहीं। पात्र महिलाओं को भुगतान सतत् प्रक्रिया है। बजट उपलब्धता के आधार पर पात्र महिलाओं को भुगतान की कार्यवाही की जाती है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

जे.पी. अस्पताल के कर्मचारी द्वारा सरकारी दवाओं का विक्रय

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

34. ( क्र. 657 ) श्री आतिफ आरिफ अकील : क्या उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या जयप्रकाश अस्पताल भोपाल के कम्पाउंडर के विरूद्ध गौ हत्या का प्रकरण थाना कटारा हिल्स में अपराध क्रमांक 64/2018 दिनांक 25/04/2018 पंजीबद्ध होने पर संचालनालय के आदेश क्रमांक 362 दिनांक 28/02/2022 को सिविल सेवा आचरण एवं वर्गीकरण अधिनियम 1966 के तहत निलंबित किया गया एवं अस्पताल की दवाइयां अस्पताल के बाहर बेचे जाने के सम्बन्ध में थाना कोहेफिजा में अपराध 03/2010 धारा 41 (1-4) 379 के तहत लोडिंग ऑटो क्रमांक एमपी 04 एलसी 2331 को जप्त किया गया। (ख) यदि हाँ तो दवाइयां अस्पताल के बाहर बेचे जाने को लेकर तत्समय पदस्थ सिविल सर्जन, स्टोरकीपर आदि के विरुद्ध कार्यवाही नहीं किये जाने के क्या कारण है? जानकारी दें तथा प्रकरण की अद्यतन स्थिति से अवगत करावें।

उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जी हाँ। जी हाँ। (ख) यह कहना सही नहीं है कि दवाईयाँ अस्पताल के बाहर बेचे जाने को लेकर तत्समयावधि में पदस्थ सिविल सर्जन, स्टोरकीपर के विरूद्ध कार्यवाही नहीं की गई बल्कि थाना कोहेफिजा द्वारा लोडिंग आटो क्रमांक एम.पी.04 एल.सी.2331 को जप्त किया जाकर श्री सुनील सिंह, प्रभारी स्टोर कीपर के विरूद्ध आपराधिक प्रकरण दर्ज करते हुये अपराध 03/2010 धारा 41 (1-4) 379 के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया जाकर आरोपी को माननीय न्यायालय, भोपाल के समक्ष प्रस्तुत किये जाने पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जिला भोपाल ने उनके आदेश क्रमांक./शिका./ 2010/18253 दिनांक 23.11.2010 द्वारा श्री सुनील सिंह, प्रभारी स्टोर कीपर को निलंबित किया जाकर मुख्यालय, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, गुनगा निर्धारित किया गया। निलंबन पश्‍चात माननीय न्यायालय, भोपाल द्वारा पारित निर्णय आदेश दिनांक 18.05.2014 में आरोपी श्री सुनील सिंह को दोष मुक्त किया गया जिसकी प्रति जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। जिसमें प्रकरण की अद्यतन जानकारी समाहित है।

कारम सिंचाई परियोजना की ग्रेविटी नहर की निविदा

[जल संसाधन]

35. ( क्र. 668 ) श्री कालु सिंह ठाकुर : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या धरमपुरी विधानसभा में कारम सिंचाई परियोजना की ग्रेविटी नहर की 175.63 करोड़ राशि‍ स्वीकृत की गई हे? (ख) प्रश्‍नांश (क) यदि हाँ तो किस कारण उक्त परियोजना की निविदा जारी नहीं की गई है? कारण बतावे उक्त परियोजना की निविदा कब तक जारी कर दी जाएगी?

जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) कारम सिंचाई परियोजना की डी.पी.आर. में नहर कार्य हेतु रू. 13894.77 लाख का प्रावधान है। (ख) कारम मध्यम सिंचाई परियोजना की ग्रेविटी नहर की निविदा पूर्व में तीन बार आमंत्रित की गई थी। प्रथम बार प्रमुख अभियंता स्‍तर की निविदा मूल्‍यांकन समिति द्वारा लिए गए निर्णय अनुसार निरस्‍त की गई। द्वितीय बार यू.एस.आर. दरों में संशोधन होने एवं तृतीय बार निविदाकार नहीं आने से निविदा निरस्त की गई। इसी बीच अगस्त-2022 में बांध से रिसाव होने के कारण बांध को बहाव नियंत्रण तकनीकी का उपयोग करते हुए चैनल बनाकर सुरक्षि‍त पानी निकाला गया। शासन द्वारा गठित जाँच दल के सुझाव अनुसार बांध का पुनर्निर्माण केन्द्रीय जल आयोग नई दिल्ली के तकनीकी मार्गदर्शन में किया जाना है। इस बाबत् केन्द्रीय जल आयोग नई दिल्ली व जल संसाधन विभाग म.प्र. शासन के बीच एम.ओ.यू. हस्ताक्षर हो चुका है। बांध के पुनः निर्माण प्रारंभ होने के उपरांत ग्रेविटी नहर की निविदा आमंत्रण की कार्यवाही किया जाना संभव होगा। निविदा जारी करने हेतु निश्‍िचत समय-सीमा बताना संभव नहीं है।

डेम निर्माण में गुणवत्ताविहीन सामग्री का उपयोग

[जल संसाधन]

36. ( क्र. 669 ) श्री कालु सिंह ठाकुर : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या धरमपुरी विधानसभा में कारम सिंचाई परियोजना डेम विभाग के अधिकारी और ठेकेदार की लापरवाही के कारण फुट गया था? जिसके कारण कई किसानों की फसले नष्‍ट हो गई थी? (ख) प्रश्‍नांश (क) यदि हाँ तो उक्त डेम में गुणवत्ताविहीन सामग्री का उपयोग किया गया था? डेम के निर्माण में उपयोग में ली गई सामग्री की जाँच किस लेब में की गई थी? जाँच रिपोर्ट की प्रमाणित छायाप्रति उपलब्ध करावे? (ग) उक्त डेम के पुन: निर्माण के लिए सरकार द्वारा क्‍या कार्रवाई की जा रही है और उक्त डेम का निर्माण कार्य कब तक का प्रारंभ कर दिया जायेगा?

जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) जी नहीं, धरमपुरी विधानसभा में कारम सिंचाई परियोजना के अंतर्गत बांध में रिसाव होने से बांध कटाव नियंत्रण तकनीक का उपयोग करते हुए चैनल बनाकर सुरक्षित पानी की निकासी की गई थी। सुरक्षित जल निकासी के दौरान कुछ किसानों की फसलें नष्ट हो गई थी। (ख) वस्‍तुस्थिति यह है कि बांध में गुणवत्ताविहीन सामग्री का उपयोग नहीं किया जाना प्रतिवेदित है। बांध के निर्माण में उपयोग में ली गई सामग्री की जाँच उपसंचालक मिट्टी एवं धातु परीक्षण संभाग, जल संसाधन विभाग, हथाईखेडा लैब, भोपाल एवं अनुविभागीय अधिकारी, माही परियोजना, गुण नियंत्रण उपसंभाग क्र. 02, लाबरिया, जिला-धार में की जाना प्रतिवेदित है। जाँच रिपोर्ट की छायाप्रति  पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। (ग) प्रश्‍नाधीन बांध का पुनः निर्माण कार्य केन्द्रीय जल आयोग, नई दिल्ली के तकनीकी मार्गदर्शन से किया जाना है एवं केन्द्रीय जल आयोग नई दिल्ली व म.प्र. शासन, जल संसाधन विभाग के बीच एम.ओ.यू. हस्ताक्षर किया जा चुका है। केन्द्रीय जल आयोग नई दिल्ली द्वारा दिनांक 14.10.2023 को बांध का निरीक्षण कर केन्द्रीय मृदा एवं सामग्री अनुसंधान शाला, नई दिल्ली से स्वाईल एवं मटेरियल टेस्टिंग व परियोजना की स्वीकृत ड्राईंग, डिजाईन केन्द्रीय जल आयोग से अनुमोदन हेतु सुझाव दिये गये, विभाग द्वारा केन्द्रीय जल आयोग को परियोजना की ड्राईंग डिजाईन उपलब्ध करा दी गई है तथा स्वाईल एवं मटेरियल टेस्टिंग के लिए संचालक, केन्द्रीय मृदा एवं सामग्री अनुसंधान शाला, नई दिल्ली को पत्र प्रेषित किया गया है, केन्द्रीय जल आयोग से निर्माण संबंधित तकनीकी सुझाव प्राप्त होने पर बांध का निर्माण कार्य प्रांरभ किया जाना संभव होगा। निर्माण कार्य प्रारंभ करने हेतु निश्‍िचत समय-सीमा बताना संभव नहीं है।

बालिका छात्रावास में स्थाई छात्रावास अधीक्षिका की नियुक्ति

[स्कूल शिक्षा]

37. ( क्र. 687 ) श्री संजय उइके : क्या परिवहन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या कस्तूरबा गांधी बालिका छात्रावास बिरसा की अधीक्षिका श्रीमती शकुन्तला उईके दिनांक 31.07.2023 अपरान्ह सेवानिवृत्त होने के कारण छात्रावास अधीक्षिका का अस्थाई प्रभार आगामी आदेश उच्च कार्यालय से आने तक सुश्री चन्द्रशीला धुर्वे को प्राचार्य शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय बिरसा द्वारा सौंपा गया था? (ख) यदि हां तो, सेवानिवृत्त होने के लगभग तीन माह उपरान्त जिला शिक्षा अधिकारी बालाघाट द्वारा दिनांक 02.11.2023 को नवीन नियुक्ति की कार्यवाही प्रचलन होने तक श्रीमती शकुन्तला उईके को अधीक्षिका के पद पर कार्य करते रहने के आदेश किस नियम/आदेश/निर्देश के तहत किया गया? (ग) अधीक्षिका सुश्री चन्द्रशीला धुर्वे द्वारा लगभग तीन माह तक छात्रावास के संचालन में किये गये व्यय का भुगतान किन कारणो से नहीं किया जा रहा है? (घ) बालिका छात्रावास में स्थाई छात्रावास अधीक्षिका की नियुक्ति कब तक की जावेगी?

परिवहन मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जी हाँ, प्राचार्य शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय बिरसा, जिला बालाघाट के द्वारा सुश्री चन्द्रशीला धुर्वे को अस्थाई प्रभार सौंपा गया था। जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट-1 अनुसार (ख) स्थायी अधीक्षिका की नियुक्ति प्रक्रिया प्रचलन में रहते हुए विधानसभा चुनाव आचार संहिता लगने के कारण कलेक्टर जिला-बालाघाट के अनुमोदन उपरांत जिला शिक्षा अधिकारी के द्वारा श्रीमती शकुंतला उइके को आगामी आदेश तक कार्य करने निर्देशित किया गया। जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट-2 अनुसार (ग) तकनीकी कारणों से भुगतान नहीं हो पाया था। वर्तमान में भुगतान प्रारम्भ हो चुका है। (घ) सुश्री चन्द्रशीला धुर्वे को छात्रावास अधीक्षिका के रूप में नियुक्ति की जा चुकी है। जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट-3 अनुसार।

परिशिष्ट - "उन्नीस"

संजय सरोवर की नहरों का सीमेंटीकरण

[जल संसाधन]

38. ( क्र. 730 ) श्री रजनीश हरवंश सिंह : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या संजय सरोवर सिंचाई परियोजना के अंतर्गत मुख्य नहर, माईनर नहर एवं सब-माईनर नहरों की स्थिति अत्यंत खराब हो गई है? जिसके कारण नहरों से पानी सीवेज होता रहता है। (ख) क्या संजय सरोवर सिंचाई परियोजना के अंतर्गत मुख्य नहर, माईनर नहर एवं सब माईनर नहरों का सीमेंटीकरण किये जाने हेतु विभाग में प्रस्ताव विचाराधीन है? यदि हाँ, तो कितनी राशि का प्राक्कलन तैयार किया गया है? (ग) क्या विभाग उक्त नहरों का सीमेंटीकरण करायेगा? यदि हाँ, तो कब तब, यदि नहीं, तो क्यों?

जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) संजय सरोवर सिंचाई परियोजना अन्तर्गत मुख्य नहर, माईनर नहर एवं सब माईनर नहरें लगभग 40 वर्ष पुरानी होने के कारण नहरों की स्थिति कतिपय स्‍थानों पर क्षतिग्रस्‍त होने के कारण सिंचाई के दौरान गहरी फिलिंग रीचेस में कुछ स्थानों पर सीपेज की समस्या उत्पन्न होना प्रतिवेदित है। (ख) संजय सरोवर सिंचाई परियोजना अन्तर्गत मुख्य नहर, माईनर नहर एवं सब माईनर नहरों का सीमेंटीकरण किये जाने हेतु विस्‍तारीकरण, नवीनीकरण, आधुनिकीकरण (ईआरएम) मद अंतर्गत राशि रू.332.54 करोड़ का प्राक्कलन तैयार किया गया है। (ग) वस्‍तुस्थिति यह है कि नहरों के सीमेंटीकरण कार्य हेतु भारत सरकार जल शक्ति मंत्रालय नई दिल्‍ली के पत्र क्रमांक P.20011/2/2016-SPR Volume IV (Part-4/3201-12) Dated-06.12.2023 के द्वारा इनवेस्‍टमेंट क्लिरेंस की स्‍वीकृति प्रदान की गई है। प्रस्‍ताव की स्‍वीकृति के संबंध में कार्यवाही मुख्‍य अभियंता सिवनी के कार्यालय में प्रक्रियाधीन है। प्रशासकीय स्‍वीकृति उपरांत निर्माण कार्य कराया जाना संभव होगा। प्रशासकीय स्‍वीकृति हेतु निश्‍िचत समय-सीमा बताना संभव नहीं है।

सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र में चिकित्‍सकों की पदस्‍थापना

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

39. ( क्र. 731 ) श्री रजनीश हरवंश सिंह : क्या उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सामुदायिक स्वास्थय केन्द्र केवलारी, धनौरा एवं छपारा में चिकित्सकों के कितने-कितने पद स्वीकृत हैं एवं कितने चिकित्सक पदस्थ है एवं कितने पद रिक्त है? (ख) इसी तरह उप स्वास्थ्य केन्द्र भोमा, कान्हीवाड़ा छुई, उगली पांडिया छपारा पलारी, कुडारी एवं सुनवारा में चिकित्सक एवं अन्य स्टाफ के कितने-कितने पद स्वीकृत है एवं कितने चिकित्सक पदस्‍थ है एवं कितने पद रिक्त है? (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) में उल्लेखित स्वास्थ्य केन्द्र एवं उप स्वास्थ्य केन्द्र में स्वीकृत रिक्त पदों की पूर्ति सरकार द्वारा कब तक की जावेगी?

उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जानकारी संलग्‍न  परिशिष्‍ट  के प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) जानकारी संलग्‍न  परिशिष्‍ट  के प्रपत्र '' अनुसार है। (ग) विभाग रिक्त पदों की पूर्ति लोक सेवा आयोग, कर्मचारी चयन मण्डल तथा संविदा आधार पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के माध्यम से निरंतर की जाती है। पदपूर्ति हेतु निश्‍िचत समय-सीमा बताई जाना संभव नहीं है।

परिशिष्ट - "बीस"

अवैध रूप से नहर की दिशा परिवर्तन

[जल संसाधन]

40. ( क्र. 738 ) डॉ. सीतासरन शर्मा : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या अधीक्षण यंत्री, तवा परियोजना, नर्मदापुरम को प्रश्‍नकर्ता द्वारा बड़ी पहाड़‍िया के पास हनुमान मंदिर के सामने, नर्मदापुरम् में अवैध रूप से नहर की दिशा परिवर्तित करने के संबध में शिकायत पत्र मई 2023 में प्राप्त हुआ था? (ख) प्रश्‍नांश (क) यदि हां, तो उक्त संबध में विभाग के किस अधिकारी द्वारा कब-कब कौन सी कार्यवाही की गयी। (ग) क्या नहर की दिशा पूर्ववत की जा चुकी है? यदि हाँ, तो कब? यदि नहीं तो क्यों? इसका उत्तरदायित्व किसका है?

जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) वस्‍तुस्थिति यह है कि माननीय सदस्‍य द्वारा माह मई 2023, में नहर से संबंधित एक पत्र कार्यपालन यंत्री को लेख करते हुए प्रतिलिपि अधीक्षण यंत्री को भी पृष्ठांकित की गई थी। (ख) कार्यपालन यंत्री द्वारा उनके पत्र क्रमांक 1610/कार्य, दिनांक 26.05.2023 के माध्यम से माननीय सदस्‍य को अवगत कराते हुए प्रतिवेदित किया है कि ''पुलिया के पाइप डालकर तुरंत ही नहर का प्रवाह पूर्ववत कर, नाली बंद कर दी गई है।'' (ग) जी, हाँ। पुलिया निर्माण कार्य के दौरान नहर में सिंचाई हेतु जल प्रवाह जारी था। सुरक्षा की दृष्टि से तत्समय अनुविभागीय अधिकारी, द्वारा नहर का पानी, नाली बना कर डायवर्ट किया जाकर नहर की निरन्तरता बरकरार रखी ताकि सिंचाई कार्य बाधित '' हो। पुलिया के पाइप डालकर, तुरंत ही नहर का प्रवाह पूर्ववतकर, नाली बंद कर दी गई। नहर उसी दिन पूर्ववत भी हो गई एवं वर्तमान में भी पूर्ववत ही है। चूंकि नहर की दिशा कार्य हित में परिवर्तित कर, तुरंत ही पूर्ववत कर दी गई। अतः किसी अधिकारी को उत्तरदायी ठहराये जाने की स्थिति नहीं है।

सुपर स्‍पेशलिटी हॉस्पिटल इंदौर में भर्ती

[चिकित्सा शिक्षा]

41. ( क्र. 759 ) श्री राकेश शुक्ला : क्या उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सुपर स्‍पेशलिटी हॉस्पिटल इंदौर में विभिन्‍न कार्यों के कुल कितने पद स्‍वीकृत है? (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार कुल कितने पद रिक्‍त है, कितने भरे हुए है? (ग) रिक्‍त पदों पर पूर्ति हेतु क्‍या कार्य योजना है?

उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) सुपर स्‍पेशलिटी हॉस्पिटल, इंदौर में शैक्षणिक संवर्ग में 149 पद, परिचारिका संवर्ग में 417 पद, सह-चिकित्‍सक संवर्ग में 250 पद एवं आउटसोर्स स्‍टाफ हेतु 289 पद स्‍वीकृत है। (ख) जानकारी संलग्‍न  परिशिष्‍ट  अनुसार है(ग) शैक्षणिक संवर्ग, परिचारिका संवर्ग, सह-चिकित्‍सक संवर्ग इत्‍यादि संवर्गों में रिक्‍त पदों पर आवश्‍यकता अनुसार चरणबद्ध तरीके से भर्ती की प्रक्रिया प्रचलन में है। पद पूर्ति एक सतत् प्रक्रिया है, पदपूर्ति की निश्‍िचत समय-सीमा बताई जाना व्‍यवहारिक रूप से संभव नहीं है।

परिशिष्ट - "इक्कीस"

जांच व्‍यवस्‍था एवं डॉक्‍टरों की जानकारी

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

42. ( क्र. 786 ) श्री ओमकार सिंह मरकाम : क्या उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि डिण्‍डौरी जिला चिकित्‍सालय, सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र, प्राथमिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्रों में तथा सभी उप स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्रों में शासन के नियमानुसार बीमारियों की जांच हेतु उपयुक्‍त व्‍यवस्‍था तथा शासन के स्‍वीकृत पद अनुसार डॉक्‍टर है? अगर हां, तो जिला चिकित्‍सालय में टी.एम.टी., इको, एम.आर.आई. जांच तथा प्रा. स्‍वा.केन्‍द्रों एवं सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्रों में ई.सी.जी., डिजिटल एक्‍सरे मशीन क्‍यों नहीं है तथा जिला चिकित्‍सालय में विशेषज्ञ डॉक्‍टर के 08 पद सहा. शल्‍य चिकित्‍सक के 16 पद एवं रेडियोलॉजिस्ट के पद क्‍यों खाली हैं अगर नहीं तो आदिवासी जिला डिण्‍डोरी में उपयुक्‍त जांच की व्‍यवस्‍था एवं डॉक्‍टर क्‍यों नहीं है? कौन जिम्‍मेदार है? कब तक व्‍यवस्‍था की जायेगी?

उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : डिण्डौरी जिला चिकित्सालय, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में तथा सभी उप स्वास्थ्य केन्द्रों में शासन के नियमानुसार बीमारियों की जांच की सुविधा उपलब्ध है। शासन के स्वीकृत पदानुसार डॉक्टर की पर्याप्त संख्या में पदस्थापना नहीं है उपलब्ध चिकित्सकों एवं स्टाफ द्वारा चिकित्सालय में आने वाले मरीजों का उचित ईलाज किया जाता है। राज्य स्तर से सम्पादित निविदा प्रक्रियान्तर्गत जिला चिकित्सालय डिण्डौरी को टी.एम.टी मशीन प्रदाय किये जाने की कार्यवाही प्रचलन में है। जिला चिकित्सालय डिण्डौरी में इको मशीन उपलब्ध है। व्ही.ई.डी. लिस्ट 2014 नियमानुसार एम.आर.आई मशीन प्रदाय किये जाने का प्रावधान नहीं है। नियमानुसार सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में ई.सी.जी मशीन, एक्स-रे मशीन व सी.आर. सिस्टम उपलब्ध है। नियमानुसार सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र स्तर पर डिजिटल एक्स-रे मशीन प्रदाय किये जाने का प्रावधान नहीं है। नियमानुसार प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र स्तर पर एक्स-रे मशीन एवं ई.सी.जी. मशीन प्रदाय किये जाने का प्रावधान नहीं है। उपलब्ध संसाधनों द्वारा उपयुक्त जांच की जाती है। विभाग द्वारा रिक्त पदों की पूर्ति लोक सेवा आयोग तथा संविदा आधार पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के माध्यम से निरंतर की जाती है। पदपूर्ति हेतु निश्‍िचत समय-सीमा बताई जाना संभव नहीं है।

अधिकारियों एवं कर्मचारियों की पदस्थापना

[परिवहन]

43. ( क्र. 796 ) श्री रामनिवास रावत : क्या परिवहन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश की सीमा पर स्थापित परिवहन चौकी (बेरियर) और अन्य स्थानों पर अधिकारियों, कर्मचारियों की पदस्थापना के लिए शासन ने रोटेशन पद्धति निर्धारित की है? इसके लिए लिए गए कैबिनेट निर्णय, आदेशों की प्रतियां देवे, वर्तमान में इस नियम का पालन नहीं करके किन-किन अधिकारियों, कर्मचारियों को 06 माह से अधिक अवधि से किस बेरियर पर, पद पर पदस्थ कर रखा है? वर्तमान सहित विगत तीन साल में बेरियर पर अधिकारियों, कर्मचारियों को पदस्थ करने के आदेशों की प्रतियां देवे? क्या परिवहन आयुक्त कार्यालय में ऐसे कर्मचारी हैं, जिन्हें विगत तीन वर्ष से अधिक समय से परिवहन चोकियों पर पदस्थ नहीं किया गया है? यदि हाँ तो कौन-कौन एवं इन्हें बेरियर पर पदस्थ न करने के क्या कारण है? (ख) बेरियर से विगत तीन वर्षों में शासन को कितना राजस्व मिला है? माहवार बतावेँ? (ग) विभाग में पदस्थ अधिकारी/कर्मचारियों के विरुद्ध दर्ज अपराधिक प्रकरणों की प्रकरण क्रमांक, दिनांक सहित वर्तमान स्थिति बतावेँ, एफ.आई.आर. की प्रतियां देवें, किन अधिकारियों/कर्मचारियों पर किन कारणों से किस प्रकार की विभागीय कार्यवाही की जा रही है विवरण देवें, जिन्हे दंडित किया जा चुका है उसकी जानकारी देते हुए आदेशों की प्रतियां देवें।

परिवहन मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जी हाँ। आदेशों की प्रतियां  पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट  '''' एवं '''' अनुसार  है। प्रदेश में परिवहन विभाग में परिवहन जाँच चौकियों पर प्रवर्तन अमले को पदस्थ किया जाता है। वर्तमान में परिवहन आरक्षक से परिवहन निरीक्षक तक शासन द्वारा 756 पद स्वीकृत किये गये हैं, जिनमें 419 पदों पर शासकीय सेवक कार्यरत है, शेष 337 पद रिक्त हैं, जिसके कारण अधिकाधिक प्रवर्तन अमले में उपलब्ध शासकीय सेवकों को परिवहन चैकपोस्टों एवं स&