मध्यप्रदेश विधान सभा


प्रश्‍नोत्तर-सूची
जुलाई, 2023 सत्र


मंगलवार, दिनांक 11 जुलाई, 2023


भाग-1
तारांकित प्रश्‍नोत्तर



प्रदेश के कर्मचारियों को आर्थिक लाभ प्रदान करने विषयक.

[वित्त]

1. ( *क्र. 487 ) श्रीमती कल्पना वर्मा : क्या वित्त मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या यह सत्‍य है कि प्रदेश के कर्मचारियों को 01.1.2016 से प्रदान किये गये 7वें वेतनमान के अनुरूप अभी तक गृह भाड़ा भत्‍ते का पुनरीक्षण नहीं किया गया है? पुनरीक्षण/संशोधन अभी तक क्‍यों नहीं किया गया है? कब तक किया जायेगा? (ख) क्‍या प्रदेश के जो शासकीय सेवक 30 जून को सेवानिवृत्‍त होते हैं, सेवानिवृत्‍त होने पर वेतनवृद्धि प्रदान नहीं की जाती है? जबकि शासकीय सेवक का 30 जून को 365 दिवस का कार्यकाल पूर्ण हो जाता है, नियम एवं आदेश की प्रति दें। (ग) प्रश्‍नांश (ख) अनुसार नियमित वार्षिक वेतनवृद्धि संबंधी क्‍या नियम है, क्‍या 365 दिवस की सेवा पूर्ण होने पर वेतनवृद्धि प्रदान करने के आदेश हैं, या नहीं? नियम एवं आदेश की प्रति देवें। 30 जून को सेवानिवृत्‍त होने वाले शासकीय सेवकों को वेतनवृद्धि देकर सेवानिवृत्‍त स्‍वत्‍वों के निराकरण हेतु कब तक आदेश जारी किये जायेंगे? यदि नहीं, तो क्‍यों?

वित्त मंत्री ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) जी हाँ। राज्‍य शासन अपने वित्‍तीय संसाधनों एवं अन्‍य प्राथमिकताओं के आधार पर निर्णय लेता है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ख) जी हाँ। वर्तमान प्रावधानों के अनुसार दिनांक 01 जुलाई को शासकीय सेवा में नहीं होने के कारण वार्षिक वेतनवृद्धि की पात्रता निर्मित नहीं होती। (ग) प्रश्‍नांश (के अनुक्रम में वार्षिक वेतनवृद्धि संबंधी नियम मध्‍यप्रदेश वेतन पुनरीक्षण नियम 2009 की कंडिका-9 एवं मध्‍यप्रदेश वेतन पुनरीक्षण नियम 2017 की कंडिका-10 में उल्‍लेख अनुसार है। नियमों की प्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

सामान्‍य प्रशासन द्वारा जारी पत्र के अनुरूप कार्यवाही न होना.

[सामान्य प्रशासन]

2. ( *क्र. 328 ) सुश्री हिना लिखीराम कावरे : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या यह सही है कि म.प्र. शासन सामान्‍य प्रशासन विभाग मंत्रालय के पत्र क्रमांक एफ 19-76/2007/1/4, दिनांक 22 मार्च, 2011 द्वारा माननीय सांसदों, माननीय विधायकों के पत्रों पर कार्यवाही करने तथा उनके पत्रों का जवाब देने हेतु पत्र जारी किया था? (ख) यदि प्रश्‍नांश (क) का उत्‍तर हाँ है तो क्‍या प्रश्‍नकर्ता विधायक द्वारा मुख्‍य सचिव, म.प्र. शासन को क्रमांक 273/वि.स./2023, दिनांक 17.4.2023 को कोई पत्र लिखा गया था? उक्‍त पत्र का जवाब अब तक प्रश्‍नकर्ता विधायक को क्‍यों नहीं दिया गया? पत्र पर की गयी कार्यवाही से भी अवगत कराते हुए बतायें कि मुख्‍य सचिव द्वारा ही विभाग के नियम का पालन नहीं किया जायेगा, तो वे पूरे प्रदेश में इसका पालन कैसे करवा सकते हैं? (ग) मध्‍यप्रदेश शासन, सामान्‍य प्रशासन विभाग मंत्रालय के आदेश क्रमांक 7-7/2007/आ.प्र./एक, भोपाल दिनांक 17.06.2016 के प्रभावी न होने का कारण बताते हुए स्‍पष्‍ट करें कि इस पत्र पर कार्यान्‍वयन कब से प्रारंभ करा दिया जायेगा?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जी हाँ। (ख) एवं (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ म.प्र भोपाल में की गई शिकायत.

[सामान्य प्रशासन]

3. ( *क्र. 688 ) श्री अनिरुध्द (माधव) मारू : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ म.प्र भोपाल को दिनांक 27.07.2022 को आवेदक बसंत भावसार द्वारा मध्यप्रदेश प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड, भोपाल के विरुद्ध कोई शिकायत की गई थी, अगर हाँ तो शिकायत की प्रति उपलब्ध करवाएं। (ख) उक्त शिकायत पर विभाग द्वारा की गई जांच, कार्यवाही से संबंधित जानकारी उपलब्ध करवाएं, इस संबंध में अन्य विभागों से किया गया पत्राचार, जाँच प्रतिवेदन उपलब्ध करवाए। (ग) इस शिकायत का प्रारम्भिक जाँच पंजीयन/प्रकरण क्रमांक भी बताएं? (घ) उक्त वर्णित प्रकरण में जाँच कब तक पूर्ण होगी एवं दोषियों पर कार्यवाही कब तक होगी? उपरोक्त वर्णित जानकारी उपलब्ध करायें।

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जी हाँ। आवेदक श्री बसंत भावसार द्वारा प्रेषित शिकायत आवेदन पत्र प्रकोष्‍ठ में आवक क्रमांक 2458/22, दिनांक 29.07.2022 को प्राप्‍त हुआ। शिकायत की छायाप्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) आर्थिक अपराध प्रकोष्‍ठ द्वारा उपरोक्‍त शिकायत को प्रकोष्‍ठ के पत्र दिनांक 15.09.2022 के माध्‍यम से प्रमुख सचिव, पर्यावरण विभाग को प्रेषित कर तथ्‍यात्‍मक प्रतिवेदन हेतु भेजा गया था, जिसके अनुक्रम में अवर सचिव, पर्यावरण विभाग के पत्र दिनांक 22.12.2022 के माध्‍यम से म.प्र. प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, भोपाल का शिकायत के संबंध में प्रतिवेदन प्राप्‍त हुआ। प्रतिवेदन की छायाप्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ग) निरंक। (घ) अवर सचिव, म.प्र. शासन, पर्यावरण विभाग के माध्‍यम से प्राप्‍त म.प्र. प्रदूषण नियत्रंण बोर्ड, भोपाल के प्रतिवेदन के परीक्षण उपरांत शिकायत को प्रकोष्‍ठ स्‍तर पर दिनांक 12.01.2023 को नस्‍तीबद्ध किया गया है।

प्रदेश के एन.एच.एम. संविदा कर्मियों की मांगों का निराकरण.

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

4. ( *क्र. 44 ) श्री मेवाराम जाटव : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या यह सही है कि प्रदेश के N.H.M. संविदा स्वास्थ्य कर्मियों ने दिनांक 15 दिसम्बर, 2022 से 03 जनवरी, 2023 तक एवं 18 अप्रैल से 08 मई, 2023 तक की अवधि में राजधानी भोपाल में नियमितीकरण एवं 90 प्रतिशत वेतन दिये जाने आदि माँगों को लेकर धरना/आंदोलन कर शासन को ज्ञापन सौंपा था एवं विभागीय मंत्री/जिम्मेदार अधिकारियों के आश्‍वासन के पश्चात् धरना/आंदोलन समाप्त किया गया था? (ख) यदि हाँ, तो उक्त आश्‍वासन के अनुरूप शासन द्वारा अभी तक क्या-क्या कार्यवाही की गई? यदि नहीं की गई तो क्यों? (ग) उपरोक्त प्रश्‍नांश के परिप्रेक्ष्य में क्या म.प्र. शासन, सामान्य प्रशासन विभाग के आदेश दिनांक 05 जून, 2018 में संविदा कर्मियों के लिए नीति-निर्देश जारी किये गये थे? यदि हाँ, तो इस आदेश के पालन में लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अंतर्गत कार्यरत संविदा कर्मियों को नियमित पदों के वेतनमान का 90 प्रतिशत वेतनमान दिया जा रहा है? यदि हाँ, तो किस दिनांक से? (घ) उपरोक्त प्रश्‍नांश के परिप्रेक्ष्य में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत कार्यरत संविदा कर्मियों को नियमित पदों के वेतनमान का 90 प्रतिशत वेतनमान देने में शासन को क्या दिक्कतें आ रही हैं? यदि नहीं, तो कब तक 90 प्रतिशत वेतनमान दिया जायेगा? (ड.) प्रश्‍नांकित कर्मियों को नियमित करने के लिए सरकार संकल्पित है या नहीं?

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. प्रभुराम चौधरी ) : (क) जी हाँ। (ख) प्रस्ताव प्रशासकीय अनुमोदन हेतु वित्त विभाग, म.प्र. शासन को प्रेषित किया गया था एवं वित्त विभाग द्वारा प्रस्ताव प्रतीक्षारत रखने की टीप अंकित कर नस्ती वापस की गई। (ग) जी हाँ। जी नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) सामान्‍य प्रशासन विभाग के द्वारा इस संबंध में जारी निर्देशों के अनुक्रम में कार्यवाही सुनिश्चित की जायेगी। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं। (ड.) सामान्‍य प्रशासन विभाग के नियमों के अनुक्रम में कार्यवाही की जायेगी।

सूचना का अधिकार अंतर्गत कार्यवाही.

[सामान्य प्रशासन]

5. ( *क्र. 199 ) डॉ. अशोक मर्सकोले : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रदेश में सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 पूर्णत: क्रियान्वित है? विधानसभा सत्र जुलाई 2019 के तारांकित प्रश्‍न क्रमांक 1603 में सामान्‍य प्रशासन विभाग द्वारा दिए उत्‍तर अनुसार सभी लोक सूचना अधिकारी एवं विभाग, आर.टी.आई. एक्‍ट 2005 का पूर्णत: पालन कर रहे हैं? जो उल्‍लंघन करते हैं, उनके विरूद्ध विभागीय स्‍तर पर कार्यवाही के क्‍या प्रावधान हैं? (ख) प्रावधान के उल्‍लंघन के मामले में कार्यालय आयुक्‍त, जनजातीय कार्य, भोपाल के आदेश क्रमांक सूअप्र/अपील/2523/2023/26206-26207, दिनांक 26.12.2022 का पालन नहीं करने के दोषी सभी अधिकारियों और कर्मचारियों के नाम और पद बतावें? इस प्रकरण के दोषियों के विरूद्ध की गई अनुशासनिक कार्यवाही से संबंधित पत्राचार उपलब्‍ध करावें? (ग) अपीलीय अधिकारी के उक्‍त आदेश में संबोधित और पृष्‍ठांकित आवेदक के आवेदन दिनांक 19.09.2022 में अंकित समस्‍त 12 बिन्‍दुओं पर पूर्ण जानकारी की प्रति उपलब्‍ध करावें। साथ ही संबंधित आवेदक के आवेदन दिनांक 20.11.2022 और दिनांक 25.02.2023 में अंकित सभी बिन्‍दुओं की पूर्ण जानकारी उपलब्‍ध करावें? (घ) उपरोक्‍त प्रकरण में एक्‍ट 2005 का उल्‍लंघन करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों पर विभागीय कार्यवाही कब तक की जायेगी? क्‍या रूपए 25000/- जुर्माने पर आयोग विचार करेगा?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जी हाँ, जी हाँ, सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 की धारा 20 (1) एवं 20 (2) के तहत कार्यवाही का प्रावधान है। जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) एवं (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है। (घ) आयोग के अनुसार प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है, क्‍योंकि आयोग के समक्ष कोई कार्यवाही प्रचलन में नहीं है।

परिशिष्ट - "एक"

लोकायुक्‍त में की गई शिकायत पर कार्यवाही.

[सामान्य प्रशासन]

6. ( *क्र. 178 ) श्री ब्रह्मा भलावी : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या माननीय लोकायुक्‍त भोपाल को बैतूल जिले की रेत खदानों के संबंध में प्रश्‍नकर्ता, अकील अहमद अक्‍कू तथा रूपेश मन्‍सूरे द्वारा माह अप्रैल, मई एवं जून 2023 में प्रश्‍न दिनांक तक की गई लिखित शिकायतों पर प्रश्‍नांकित दिनांक तक भी जांच प्रारंभ नहीं की गई? (ख) माह अप्रैल 2023 से प्रश्‍नांकित दिनांक तक लोकायुक्‍त भोपाल को किस-किस विषय पर किस-किस की लिखित शिकायत प्राप्‍त हुई, उस शिकायत की जांच लोकायुक्‍त संगठन के किस-किस अधिकारी को दी गई? (ग) लिखित शिकायत में दी गई जानकारी के आधार पर रेत खदानों का स्‍थल निरीक्षण एवं अवैध खनन से संबंधित किस-किस दिनांक को किसने प्रतिवेदन बनाया प्रतिवेदन की प्रति सहि‍त बतावें। (घ) रेत अनुबंधकर्ता ने बैतूल से भोपाल के लिए किस दिनांक को किस वाहन में कितनी रेत की ई.टी.पी. जारी की गई तथा किस दिनांक को जी.एस.टी. का बिल जारी किया?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

एक ही जिले में पदस्‍थ अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति व स्‍थानांतरण.

[सामान्य प्रशासन]

7. ( *क्र. 552 ) श्री संजय शुक्ला : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्यप्रदेश शासन अंतर्गत आने वाले विभागों में शासन की गाईड लाईन अनुसार अधिकारियों को एक ही जिले में एक ही विभाग में 3 वर्ष का कार्यकाल पूर्ण होने पर स्थानांतरण किया जाता है? (ख) यदि हाँ, तो क्या इंदौर जिले में वर्षों से एक ही विभाग में व प्रतिनियुक्ति पर आए अधिकारियों का स्थानांतरण क्यों नहीं किया जा रहा है? क्या इन पर शासन की गाईड लाईन लागू नहीं होती है? (ग) यदि हाँ, तो वर्षों से एक ही जिले में पदस्थ अधिकारियों का स्थानांतरण अन्यत्र जिले में किया जायेगा? क्या न.पा.नि. इंदौर में व जिला प्रशासन एवं मध्यप्रदेश के अन्य जिलों के विभागों में वर्षों से पदस्थ अधिकारियों को 3 वर्षों से अधिक समय हो चुका है? यदि हाँ, तो कौन से विभाग में कौन-कौन से अधिकारी कितने वर्षों से एक ही जिले में पदस्थ हैं, कौन-कौन अधिकारी प्रतिनियुक्ति पर इंदौर जिले में 3 वर्ष से अधिक अवधि से पदस्थ हैं? (घ) प्रतिनियुक्ति की क्या शर्तें हैं, कब तक प्रतिनियुक्ति पर पदस्थ रह सकते हैं? नगरपालिका निगम इंदौर, स्वास्थ्य विभाग व अन्य विभागों में प्रतिनियुक्ति पर पदस्थ अधिकारियों का मूल विभाग क्या है, प्रतिनियुक्ति समाप्त होने पर अधिकारियों को मूल विभाग में क्यों नहीं भेजा जा रहा है?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जी हाँ। (ख) से (घ) जानकारी एकत्र की जा रही है।

आशा कार्यकर्ताओं को शासकीय कर्मचारी का दर्जा/वेतन बढ़ोत्‍तरी.

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

8. ( *क्र. 498 ) श्री निलय विनोद डागा : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) म.प्र. आशा कार्यकर्ताओं द्वारा अपनी जायज मांगों को लेकर आन्‍दोलन किया जा रहा है? शासन उक्‍त आन्‍दोलन के बारे में क्‍या विचार कर रहा है? (ख) क्‍या शासन आशा कार्यकर्ताओं को शासकीय कर्मचारी का दर्जा दिए जाने हेतु विचार कर रहा है? यदि हाँ, तो कब तक इन्‍हें शासकीय कर्मचारी का दर्जा प्राप्‍त होगा? (ग) प्रदेश में आशा कार्यकर्ताओं को अल्‍प वेतन में रात-दिन कार्य करना पड़ता है? क्‍या शासन/विभाग द्वारा इनके वेतन बढ़ोत्‍तरी हेतु कोई योजना बना रहा है? (घ) क्‍या अन्‍य राज्‍यों जैसे महाराष्‍ट्र, केरल, सिक्‍कि‍म, आंध्रप्रदेश इत्‍यादि राज्‍यों में आशा कार्यकर्ताओं को अतिरिक्‍त राशि 8000-10000 प्रदान कर रही है, क्‍या मध्‍यप्रदेश में भी शासन इनके लिए कोई योजना बना रहा है?

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. प्रभुराम चौधरी ) : (क) जी नहीं। (ख) जी नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी नहीं। (घ) महाराष्‍ट्र, केरल, सिक्किम, आन्‍ध्रप्रदेश इत्‍यादि राज्‍यों में आशा कार्यकर्ताओं को प्रदाय की जाने वाली प्रोत्‍साहन राशि के संबंध में निर्देश जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। म.प्र. राज्‍य शासन द्वारा आशा कार्यकर्ताओं को मातृ एवं शिशु स्‍वास्‍थ्‍य से संबंधित 07 प्रमुख गतिविधियों में भारत सरकार द्वारा निर्धारित प्रोत्‍साहन राशि की शत-प्रतिशत अतिरिक्‍त प्रतिपूर्ति की जा रही है, इसी प्रकार आशा पर्यवेक्षकों को रू. 50/- प्रतिदिन के मान से 30 दिवसों हेतु यात्रा भत्‍ता की राशि राज्‍य शासन की ओर से प्रदान की जा रही है, इस संबंध में आदेश जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है।

मध्यप्रदेश में विभागों में द्वितीय श्रेणी अधिकारियों के पदों के वेतनमान की जानकारी.

[वित्त]

9. ( *क्र. 793 ) श्री सुनील उईके : क्या वित्त मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्यप्रदेश में पुलिस, राजस्व, वन, शिक्षा, आदिम जाति कल्याण विभाग, महिला बाल विकास, लोक स्वा‍स्‍थ्‍य यांत्रिकी आदि विभाग के द्वितीय श्रेणी अधिकारियों के पदनाम एवं वेतनमान की जानकारी प्रदान करें। (ख) क्या राज्य शासन द्वारा द्वितीय श्रेणी के पदों को दो श्रेणी में बांटा गया है? यदि हाँ, तो उन श्रेणियों में कार्यरत कर्मचारियों को दिये जाने वाले पे-ग्रेड की जानकारी प्रदान करें। (ग) क्या शिक्षा विभाग के व्‍याख्‍याता एवं वरिष्ठ अध्यापक, प्रधान अध्यापक को द्वितीय श्रेणी दर्जा प्राप्त है? यदि हाँ, तो उनको पुलिस निरीक्षक के समकक्ष पे-ग्रेड 4200 दिया जा रहा है? यदि नहीं, तो क्यों?

वित्त मंत्री ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) से (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

ककनमठ मंदिर का रख-रखाव एवं सौन्दर्यीकरण.

[संस्कृति]

10. ( *क्र. 449 ) कुँवर रविन्‍द्र सिंह तोमर भिड़ौसा : क्या पर्यटन मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या विधानसभा क्षेत्र दिमनी में सिहौनिया स्थित प्राचीन ककनमठ मंदिर है, जिसकी निम्‍न बिंदु पर जानकारी दें :- (1) जिसकी देखभाल का कार्य किसके अधीन है, कृपया अधिकारी का नाम/पद बतावें? (2) देखभाल के अभाव में आवारा पशुओं का जमघट हटाने संबंधी कोई कार्यवाही की जाती है? (3) क्या देख-रेख के अभाव में मंदिर दिन प्रतिदिन जीर्ण-शीर्ण होता जा रहा है? (4) क्या मंदिर में स्थित प्राचीन शिवलिंग के संरक्षण की कोई कार्यवाही प्रचलित है? (5) क्या क्षेत्र की सुरक्षा संबंधी कोई कार्यवाही प्रचलित है? (ख) सिहौनिया स्थित ककनमठ मंदिर के चारों ओर अव्‍यवस्‍थाएं हैं, जिसमें मंदिर पर मुख्‍य द्वार, बाडन्‍ड्री, पेयजल व्‍यवस्‍था न होने से पर्यटकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है? सिहौनिया ककनमठ मंदिर को पर्यटन हेतु बढ़ावा देने के संबंध में क्‍या पर्यटन विभाग द्वारा कार्यवाही की जा रही है, अगर हाँ, तो क्‍या नहीं तो क्‍यों?

पर्यटन मंत्री ( सुश्री उषा ठाकुर ) : (क) जी हाँ। (1) भारतीय पुरातत्‍व सर्वेक्षण, भोपाल मण्‍डल के अधीन है तथा उपमण्‍डल, ग्‍वालियर के संरक्षण सहायक श्री श्‍याम मुरारी द्वारा स्‍मारक के देख-रेख एवं संरक्षण का कार्य किया जाता है। (2) स्‍मारक पूर्णत: चार दीवारी के अन्‍दर है। अत: आवारा पशुओं आदि का प्रवेश स्‍मारक परिसर में नहीं हो पाता है। (3) जी नहीं। आवश्‍यकता अनुसार स्‍मारक तथा प्राचीन शिवलिंग के संरक्षण हेतु समय-समय पर मरम्‍मत एवं संरक्षण कार्य भी किया जाता है। (4) जी हाँ। (5) स्‍मारक की देख-भाल हेतु कर्मचारी व दैनिक वेतन भोगी मजदूर पदस्‍थ हैं तथा इनके द्वारा स्‍मारक की साफ-सफाई का कार्य भी किया जाता है। (ख) स्‍मारक पर पर्यटकों के लिये आवश्‍यक मूलभूत सुविधायें जैसे शौचालय, पेयजल, बैंच आदि उपलब्‍ध है। स्‍मारक की सुरक्षा हेतु स्‍टाफ व दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी पदस्‍थ हैं तथा आवश्‍यकता होने पर स्‍थानीय पुलिस की सहायता ली जाती है। ककनमठ मंदिर सहित ग्‍वालियर एवं आसपास के क्षेत्रों में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिये निरन्‍तर प्रयास किया जाता है।

आबकारी विभाग अंतर्गत बैंक चालान/एफ.डी.आर. लंबित रखने के प्रकरण.

[वाणिज्यिक कर]

11. ( *क्र. 800 ) श्री प्रदीप पटेल : क्या वित्त मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सहायक आबकारी आयुक्‍त कार्या. इंदौर में वर्ष 2015 से अप्रैल 23 तक की अवधि में हुये बैंक चालान कूटरचना/एफ.डी.आर. कूटरचना प्रकरणों में कितनी राशि की वसूली किन-किन लाइसेंसियों/व्‍यक्तियों पर बकाया है? क्‍या इनको ब्‍लैकलिस्‍ट किया गया? नहीं तो क्‍यों? शिकायतें किस-किसने की? की गई कार्यवाही शिकायतवार बतावें। (ख) प्रश्‍नांश (क) अंतर्गत लापरवाही में किन-किन अधिकारियों की संलिप्‍तता पाई? नाम, पद बतायें। उन पर क्‍या कार्यवाही की गई? संबंधित आदेश/प्रतिवेदन की छायाप्रति दें। राजपत्र की किस कंडिका में, किन कारणों से विलंब से जमा करवाई गई राशि नगद में समायोजित करने का प्रावधान है? इस संबंध में शासन/विभाग ने क्‍या-क्‍या आदेश जारी किये हैं? किस नाम के व्‍यक्ति/व्‍यक्तियों ने ऐसे प्रकरणों पर कार्यवाही की मांग पत्र/प्रतिवेदन दिये हैं, किसके समक्ष दिये, क्‍या उनकी मांग सही है? उनमें क्‍या कार्यवाही की गई? (ग) प्रश्‍नांश (क) अंतर्गत एकल नस्‍ती किन-किन अधिकारियों ने किस नियम के तहत प्रारंभ की? क्‍या उन्‍हें निरस्‍त किया? उक्‍त अंतर्गत प्रकरणों में कितनी राशि वसूली की? आदेश/कार्यवाही की प्रतियां दें। (घ) आबकारी कार्या. जबलपुर में 25 करोड़ 50 लाख की एफ.डी.आर. विभाग के किन कारणों के रहते जमा नहीं हो पा रही? कब से जमा नहीं हुई? कार्यवाही का ब्‍यौरा दें। किन-किन जिलों में ओवर रेट पर मदिरा विक्रय की शिकायत मिली है? किन-किन पर प्रकरण दर्ज किया गया? संबंधित दस्‍तावेजों की छायाप्रति दें।

वित्त मंत्री ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) सहायक आबकारी आयुक्‍त कार्यालय, इंदौर में वर्ष 2015 से अप्रैल 2023 तक की अवधि में हुये बैंक चालान कूटरचना/एफ.डी.आर. कूटरचना प्रकरणों में राशि की वसूली 07 लाइसेंसियों/व्‍यक्तियों पर बकाया रहने से 07 लायसेंसियों को ब्‍लैक लिस्‍टेड किया गया है, जिससे संबंधित जानकारी का विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र 'एक' अनुसार है। उक्‍त प्रकरण कार्यालय द्वारा स्‍वत: संज्ञान में लेकर पंजीबद्ध कराये गये हैं। तदुपरांत उक्‍त प्रकरणों के संबंध में श्री कृष्‍ण कुमार ताम्रकार, श्री मुकेश ठाकुर एवं श्री गोपाल कृष्‍ण उपाध्‍याय की ओर से आवेदन पत्र/प्रतिवेदन प्राप्‍त हुये हैं, जिसके संबंध में शिकायतवार की गई कार्यवाही संबंधी जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र 'दो' अनुसार है। (ख) प्रश्‍नांश (क) अंतर्गत प्रथम दृष्‍ट्या अपने कर्तव्‍यों में लापरवाही बरतने हेतु जिला इन्‍दौर में तत्‍समय पदस्‍थ 11 अधिकारियों/कर्मचारियों के विरूद्ध की गई कार्यवाही संबंधी जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र 'तीन' एवं 'चार' अनुसार है। संबंधित अधिकारियों/कर्मचारियों के विरूद्ध विभागीय जांच संस्थित होकर जांचकर्ता अधिकारी स्‍तर पर प्रक्रियाधीन है। वर्ष 2015-16 से 2023-24 तक विलंब से जमा करवायी गई राशि नगद में समायोजित करने के प्रावधानों का विवरण निम्‍नानुसार है :-

वर्ष

म.प्र. राजपत्र (असाधारण) का क्रमांक व दिनांक

कंडिका क्रमांक

2015-16

निरंक

निरंक

2016-17

निरंक

निरंक

2017-18

27/18.01.2017

36.4

2018-19

80/01.02.2018

36.4

2019-20

125/16.03.2019

31.4

2020-21

77/25.02.2020

31.4

2021-22

आबकारी आयुक्‍त, म.प्र. का पत्र क्रमांक 7-ठेका/2021-22/36/150 दिनांक 15.05.2021

27.4

2022-23

41/21.01.2022

21

2023-24

62/22.02.2023

11.12

 

उपरोक्‍त राजपत्र व पत्र के संबंधित पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र 'पांच' से 'तेरह' अनुसार है। इस संबंध में शासन/विभागीय स्‍तर से निम्‍नांकित आदेश जारी किये :- (1) शासन पत्र क्रमांक/899/1241/2018/2/पांच दिनांक 22.03.2018 (2) शासन आदेश क्रमांक/2435/1241/2018/2/पांच दिनांक 14/09/2022 एवं (3) आबकारी आयुक्‍त के आदेश क्रमांक 7-ठेका/2023/678 दिनांक 27.04.2023 तदुपरांत उक्‍त प्रकरणों के संबंध में श्री कृष्‍ण कुमार ताम्रकार, श्री मुकेश ठाकुर एवं श्री गोपाल कृष्‍ण उपाध्‍याय की ओर से आवेदन पत्र/प्रतिवेदन प्राप्‍त हुये हैं, जिसके संबंध में शिकायतवार की गई कार्यवाही संबंधी जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र 'दो' अनुसार है। (ग) जिन अनुज्ञप्तिधारियों द्वारा अधिक मदिरा प्रदाय के अन्‍तर की राशि हेरफेर के प्रकटीकरण के पश्‍चात् जमा कर दी गई है, के मदिरा प्रदाय को नियमित किये जाने का प्रतिवेदन राजपत्र वर्ष 2017-18 की कंडिका क्रमांक-37.6 के तहत कलेक्‍टर, जिला इन्‍दौर से प्राप्‍त हुआ। उक्‍त प्रतिवेदन के परिप्रेक्ष्‍य में उपायुक्त आबकारी (आर) मुख्‍यालय द्वारा आबकारी आयुक्‍त, मध्‍यप्रदेश के माध्‍यम से एकल नस्‍ती प्रशासकीय विभाग को प्रेषित की गई। जो पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र 'चौदह' से 'सोलह' अनुसार है। वाणिज्यिक कर विभाग के पत्र क्रमांक/899/1241/2018/2/पांच दिनांक 22.03.2018 द्वारा उक्‍त प्रस्‍ताव का अनुमोदन किया गया। जो पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र 'सत्रह' अनुसार है। उक्‍त नियमितीकरण प्रस्‍ताव पर शासन द्वारा पुन: विचार करते हुए उनके द्वारा जारी आदेश दिनांक 22.03.2018 को आदेश क्रमांक/2435/1241/2018/2/पांच दिनांक 14.09.2022 द्वारा निरस्‍त किया गया है। जो पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र 'अठारह' अनुसार है। तदुपरांत शासन आदेश दिनांक 14.09.2022 के परिप्रेक्ष्‍य में आबकारी आयुक्‍त के आदेश क्रमांक 7-ठेका/2023/678, दिनांक 27.04.2023 से आदेशित किया गया कि मदिरा उठाव की राशि तथा लायसेंस फीस व न्‍यूनतम प्रत्‍याभूत ड्यूटी राशि के योग में से नकद में जमा राशि घटाकर शेष राशि का खिसारा निकाला जाए। उपरोक्‍त के आधार पर पुन: गणना की जाकर वसूली की कार्यवाही किये जाने हेतु सहायक आबकारी आयुक्‍त जिला इन्‍दौर को निर्देशित किया गया है। जो पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र 'उन्‍नीस' अनुसार है। उक्‍त प्रकरण में दोषी पाये गये 14 ठेकेदारों से पूर्व में गणना के आधार पर कुल रूपये 41,65,21,890/- की वसूली की जाना थी। संशोधित आदेश के पालन में जिला इन्‍दौर में गठित 06 सदस्‍यीय समिति द्वारा पूर्व में आकलित राशि के अतिरिक्‍त रूपये 29,32,51,632/- की राशि निकाली गई है, इस प्रकार कुल राशि 70,97,73,522/- आकलित हुई है। जिसमें से रूपये 22,16,06,432/- की राशि वसूल की जा चुकी है। वसूली की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है, जो पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र 'बीस' अनुसार है। (घ) जिला आबकारी कार्यालय जबलपुर के अभिलेखों में 25 करोड़ 50 लाख की कोई भी सावधि जमा रसीद (एफ.डी.आर.) उपलब्‍ध नहीं है। अतएव शेष प्रश्‍नांश उपस्थित नहीं होता है। वर्तमान वर्ष में प्रदेश में ओवर रेट पर मदिरा विक्रय संबंधी कुल 212 शिकायतें प्राप्‍त हुई है एवं 167 प्रकरण दर्ज किये गये हैं, का विस्‍तृत विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र 'इक्‍कीस' अनुसार है।

विभाग के आधिपत्य की भूमि का आवंटन.

[सूक्ष्‍म, लघु एवं मध्‍यम उद्यम]

12. ( *क्र. 455 ) श्री शशांक श्रीकृष्ण भार्गव : क्या सूक्ष्‍म, लघु एवं मध्‍यम उद्यम मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) औद्योगिक क्षेत्र पीतलमि‍ल विदिशा में स्थित उद्योग विभाग के आधिपत्य की खुली भूमि को आवंटित किए जाने के संबंध में विभाग द्वारा कोई कार्यवाही की गई? (ख) क्या प्रश्‍नकर्ता द्वारा पत्र क्रमांक 937, दिनांक 17.03.2023 को माननीय मंत्री महोदय सूक्ष्म एवं लघु उद्योग विभाग, म.प्र. शासन भोपाल एवं पत्र क्रमांक 26, दिनांक 11.04.2023 के माध्यम से एवं विदिशा लघु उद्योग संघ द्वारा पीतलमिल औद्योगिक क्षेत्र विदिशा आधिपत्य की खाली भूमि के आवंटन के संबंध में पत्र क्रमांक निरंक दिनांक 11.03.2023 एवं पत्र क्र. va2 दिनांक 04.06.2023 को महाप्रबंधक जिला उद्योग केन्द्र विदिशा को पत्र लिखकर यह मांग की थी कि उक्त भूमि प्लाटिंग करके पूर्व से स्थापित उद्यमी को प्राथमिकता देते हुए व नये उद्यमियों को नियमानुसार प्रीमियम लेकर भूमि आवंटित करने की मांग की है? उक्त भूमि के आवंटन की मांग के संबंध कोई कार्यवाही की गई? यदि हाँ, तो क्या? नहीं तो क्यों? (ग) यदि प्रश्‍नांश (ख) के क्रम में हाँ तो उपरोक्त क्रम में उक्त क्षेत्र में स्थापित पुराने उद्यमियों को आवश्‍यकतानुसार खुली भूमि में प्लाट काटकर आवंटित किए जाने की कार्यवाही की गई? यदि नहीं, तो कारण सहित जानकारी दें एवं कब तक उक्त खुली भूमि को आवंटित किया जायेगा?

सूक्ष्‍म, लघु एवं मध्‍यम उद्यम मंत्री ( श्री ओमप्रकाश सखलेचा ) : (क) जी नहीं। (ख) जी हाँ। शेष जानकारी प्रश्‍नांश (ग) अनुसार है। (ग) प्रश्‍नागत भूमि पर भारत सरकार की एम.एस.ई.-सी.डी.पी. योजनातंर्गत कृषि उपकरण के लिये सामान्‍य सुविधा केन्‍द्र की स्‍थापना का प्रस्‍ताव है। अत: शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

कार्यों की जांच.

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

13. ( *क्र. 849 ) श्री प्रागीलाल जाटव : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शिवपुरी जिला में जल जीवन मिशन योजना की शुरूआत किस वर्ष व दिनांक को की गई? पूरे जिले में आने वाली किस-किस ग्राम पंचायतों में कितनी-कितनी लागत के कार्य किये गये? कार्य के प्रकार एवं प्राक्‍कलन की लागत सहित जानकारी दी जाये। (ख) जल जीवन मिशन योजना के तहत जिन ग्रामों में पानी की टंकी बनाई गई है एवं पाईप लाईन बिछाई गई है, जिस ग्रामों में रोड बने थे, उन्‍हें तोड़ कर बिछाई गई है, क्या टूटे रोड बनाये जायेंगे? टूटे रोड बनाने का कार्य प्राक्‍कलन सहित जोड़ा गया है? यदि हाँ, तो रोड क्यों नहीं बनाये गये? (ग) क्या जिन ग्रामों में मुख्यमंत्री पेयजल योजना का कार्य किया गया, उसी कार्य को राष्ट्रीय पेयजल योजना का कार्य बताकर, अधिकारियों की मिलीभगत से फर्जी भुगतान किया गया है, जहाँ पहले से ही लाईन पड़ी थी और राष्ट्रीय पेयजल योजना की लाईन डाली ही नहीं है? (घ) प्रश्‍नांश (क), (ख) एवं (ग) के संदर्भ में हवेड़ा, फूलपुर, दोनी, गोकन्‍दन आदि ग्रामों में पाईप लाईन रोड तोड़कर बिछाई गई थी? रोड जैसी की तैसी पड़ी है, नई योजना का कार्य पूर्ण हुआ है तो क्‍या इसकी जांच लोकायुक्त से करायी जायेगी? यदि हाँ, तो कब तक, नहीं तो क्‍यों नहीं?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जल जीवन मिशन की घोषणा दिनांक 15 अगस्त, 2019 को हुई, इस मिशन के अंतर्गत शिवपुरी जिले के कार्यों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। इसके अतिरिक्‍त 03 समूह जल प्रदाय योजनाएं क्रमश: महुअर समूह जल प्रदाय योजना, बसई-2 समूह जल प्रदाय योजना एवं मंडीखेड़ा समूह जल प्रदाय योजना का कार्य प्रगतिरत है एवं बसई समूह जल प्रदाय योजना का कार्य पूर्ण कर इस योजना का संचालन एवं संधारण का कार्य किया जा रहा है, समूह योजनाओं की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-02 अनुसार है। (ख) नल-जल योजनाओं के क्रियान्‍वयन में पाईप लाईन बिछाने हेतु आवश्‍यकतानुसार रोड तोड़ी गई है, जिनको यथास्थिति में लाए जाने का प्रावधान स्‍वीकृत योजनाओं में है। 1,84,420 मीटर लंबाई में तोड़ी गई रोड में से 1,66,232 मीटर लंबाई में रोड के पुनर्निर्माण का कार्य करा दिया गया है तथा शेष कार्य प्रगति पर है। (ग) जी नहीं। किए गए कार्यों के माप-पुस्तिका में मापांकन एवं उनके सत्यापन के पश्चात ही भुगतान की कार्यवाही की जाती है, जिन स्थानों पर पहले से पाईप-लाईन डली थी, उन स्थानों पर पुनः पाईप लाईन नहीं डाली गई है। (घ) जी हाँ। योजनाओं में पाईप लाईन के बिछाने हेतु तोड़ी गई रोड एवं उनके पुनर्निर्माण के कार्य की प्रगति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-01 अनुसार है। कार्यों की गुणवत्ता का पर्यवेक्षण परीक्षण विभागीय अमले के साथ-साथ तृ‍तीय पक्ष निरीक्षण एजेंसी द्वारा किया जा रहा है। योजनाओं के क्रियान्‍वयन में उपयोग की जा रही सामग्री की गुणवत्ता का परीक्षण भी तृतीय पक्ष निरीक्षण एजेंसी से कराया जा रहा है, शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

स्थानांतरण नीति.

[सामान्य प्रशासन]

14. ( *क्र. 148 ) श्री बापूसिंह तंवर : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या पिछले वर्ष सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा दिनांक 16.09.2022 को जारी स्थानांतरण नीति में अधिकारियों/कर्मचारियों के स्थानांतरण पर दिनांक 16.09.2022 से 05.10.2022 तक प्रतिबंध शिथिल किये गये थे? क्या इसके पश्चात् स्थानांतरण समन्वय में माननीय मुख्यमंत्री जी को किये जाने के निर्देश हैं? (ख) यदि हाँ, तो दिनांक 05.10.2023 के पश्चात् राज्य स्तर से किन-किन विभागों द्वारा माननीय मुख्यमंत्री जी से समन्वय में आदेश प्राप्त किये बिना संविदा सहित, अधिकारियों/कर्मचारियों के स्थानांतरण किये गये? विभागवार, नामवार जानकारी दें। (ग) यदि समन्वय में बिना आदेश प्राप्त किये स्थानांतरण किये गये हैं, तो स्थानांतरण करने वाले अधिकारी पर क्या कार्यवाही की गई? यदि नहीं, तो क्यों? कब तक किस-किस पर कार्यवाही की जायेगी? विभागवार, नामवार सूची उपलब्ध करायें।

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा दिनांक 16.09.2022 को जारी स्थानांतरण नीति में दिनांक 17.09.2022 से 05.10.2022 तक प्रतिबंध शिथिल किये गये थे। जी हाँ। (ख) एवं (ग) जानकारी एकत्र की जा रही है।

स्‍मार्ट फोन तथा तौल मशीन खरीदी.

[महिला एवं बाल विकास]

15. ( *क्र. 306 ) श्री कुणाल चौधरी : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) हाल ही में 7-8 आंगनवाड़ी केन्‍द्र द्वारा कितने-कितने स्‍मार्टफोन किस कंपनी के किस प्रकार के, किस दर से, कितनी मात्रा में, कुल कितनी कितनी राशि के खरीदे गये? (ख) क्‍या आंगनवाड़ी केंद्रों द्वारा अलग-अलग दिनांक में एक ही सप्‍लायर से जेम पोर्टल के माध्‍यम से सैमसंग कंपनी के जी.एस.टी. सहित लगभग 9500 रूपये में खरीदे, जिसकी बाजार कीमत लगभग 6300 रूपये है, क्‍या इस खरीदी में हुये 20 करोड़ के घोटाले की जांच की जायेगी। (ग) विभाग द्वारा भोपाल स्‍तर पर वजन तौलने की मशीन जेम पोर्टल में लघु उद्योग निगम के माध्‍यम से कितनी मात्रा में जी.एस.टी. सहित किस दर से कुल कितनी राशि की खरीदी गई? जी.एस.टी. सहित जो मशीन लगभग 2500 रूपये में खरीदी गई, उसकी बाजार कीमत जी.एस.टी. सहित मात्र 1200 रूपये है, खरीदी में हुये रूपये 10 करोड़ के घोटाले की जांच की जायेगी? (घ) वर्ष 2020-21 से 2022-23 तक भोपाल या स्‍थानीय स्‍तर पर रूपये 2000 तथा इससे ज्‍यादा कीमत की कौन-कौन सी सामग्री या सेवा किस-किस सप्‍लायर से किस दर से कितनी मात्रा में कितनी राशि की प्राप्‍त की गई? (ड.) प्रश्‍नांश (घ) में खरीदी गई सामग्री के उस सप्‍लायर का नाम तथा जी.एस.टी. नंबर देवें, जिसके द्वारा एक ही प्रकार की सामग्री तथा सेवा 10 से अधिक आंगनवाड़ी केन्‍द्रों में प्रदान की है?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) आंगनवाड़ी केंद्र द्वारा कोई भी स्मार्टफोन की खरीदी नहीं की गई है, शेष का प्रश्‍न नहीं। (ख) प्रश्‍नांश (क) के सन्दर्भ में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) लघु उद्योग निगम के माध्यम से कोई खरीदी नहीं की गई, शेष का प्रश्‍न नहीं। (घ) प्रश्‍नांश में तीन वर्षों की राशि रूपये 2000/- तथा इससे अधिक कीमत की सामग्री एवं सेवा, सप्लायर, मात्रा एवं राशि की जानकारी चाही गई है, इस प्रकार की जानकारी पृथक से संधारित नहीं की जाती है। सामग्री एवं सेवा विशेष की चाही गई जानकारी उपलब्ध कराई जा सकती है। (ड.) उत्तर (घ) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

मुख्‍य चिकित्‍सा एवं स्‍वास्‍थ्‍य अधिकारी ग्‍वालियर कार्यालय में भ्रष्‍टाचार.

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

16. ( *क्र. 230 ) श्री अजब सिंह कुशवाह : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2020-21 की ऑडिट रिपोर्ट के संबंध में राष्‍ट्रीय स्‍वास्‍थ्‍य मिशन द्वारा जारी ए.टी.आर. रिपोर्ट ग्‍वालियर में वर्णित, मनगढ़ंत शासकीय वाहन क्रमांक पर जारी भुगतान के विषय में जानकारी दें? (ख) प्रश्‍नांश (क) के अनुसार वर्ष 2020-21 में टी.डी.एस. एवं ई.पी.एफ. जमा न करने पर जिला स्‍वास्‍थ्‍य समिति पर लगी पेनल्‍टी की जानकारी दें? (ग) पूर्व मुख्‍य चिकित्‍सा एवं स्‍वास्‍थ्‍य अधिकारी ग्‍वालियर डॉ. मनीष शर्मा के विरूद्ध आर्थिक अपराध प्रकोष्‍ठ में चल रही जांच की जानकारी दें? (घ) मुख्‍य चिकित्‍सा एवं स्‍वास्‍थ्‍य अधिकारी जिला ग्‍वालियर की इकाई डी.पी.एम.यू. ग्‍वालियर में वर्ष 2018-19, 2019-20 एवं 2020-21 में राष्‍ट्रीय स्‍वास्‍थ्‍य मिशन भोपाल से जारी की गई राशि के व्‍यय की जानकारी दें। सभी प्रकार के वाहनों एवं पेट्रोल/डीजल का भुगतान जिन फर्मों को किया गया, उन फर्मों ने अपने देयकों में जी.एस.टी. नंबर लगाया था या नहीं? विभाग द्वारा भुगतान के समय जी.एस.टी. कटौत्रा की जानकारी सारणी सहित उपलब्‍ध करावें।

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. प्रभुराम चौधरी ) : (क) वर्ष 2020-21 ए.टी.आर. में मनगढ़ंत शासकीय वाहनों के क्रमांक पर जारी भुगतानों के संबंध में कोई आक्षेप उल्लेखित नहीं है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ग) कार्यालय में जाँच संस्थित होने के संबंध में कोई अभिलेख नहीं हैं। (घ) मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जिला ग्वालियर की इकाई डी.पी.एम.यू. ग्वालियर में व्यय की जानकारी निम्नानुसार है :-

क्र.

वर्ष

व्यय राशि

 

2018-19

8,49,95,331

 

2019-20

15,22,61,672

 

2020-21

21,94,56,400

 

जी हाँ। पेट्रोल के देयक जी.एस.टी. के दायरे में नहीं आने से जी.एस.टी. कटौत्रा नहीं किया गया।

लाड़ली बहना योजना.

[महिला एवं बाल विकास]

17. ( *क्र. 751 ) श्री प्रवीण पाठक : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश सरकार द्वारा प्रदेश में निवासरत महिलाओं को आर्थिक मदद दिये जाने हेतु लाड़ली बहना योजना के तहत क्या मापदण्ड एवं प्रक्रिया निर्धारित की है? उक्त संबंध में उत्तर दिनांक तक कितने हितग्राहियों का पंजीयन किया गया? कितने आवेदन स्वीकृत हुये? कितने निरस्त कितने लंबित हैं? क्या पंजीयन/आवेदन की सतत् प्रक्रिया जारी रहेगी? जिलेवार जानकारी देवें। (ख) चयनित लाड़ली बहना को प्रतिमाह कितनी राशि दी जाना निर्धारित किया है? क्या आगे भी सहायता राशि प्रतिमाह बढ़ायी जाने हेतु कोई प्रावधान किया है? यदि हाँ, तो क्या? यदि नहीं तो क्या इस हेतु कोई कार्य योजना/नीति बनाई है? यदि हाँ, तो क्या एवं उसका क्रियान्वयन किस प्रकार से किया जायेगा? (ग) प्रदेश में उक्त योजना के तहत सहायता राशि को नियमित रूप से प्रदाय किये जाने हेतु बजट की प्राप्ति/राशि की उपलब्धता किस प्रकार से किया जाना निर्धारित किया है? क्या इस हेतु किसी बैंक/संस्था अथवा अन्य प्रकार से कोई ऋण राशि लिया जाना निर्धारित किया है? यदि हाँ, तो किससे? अनुबंध की शर्तें क्या हैं? उक्त ऋण की अदायगी किस प्रकार से की जायेगी?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) प्रदेश सरकार द्वारा प्रदेश में निवासरत महिलाओं को आर्थिक मदद दिये जाने हेतु मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना 2023 के तहत निर्धारित मापदण्ड एवं प्रक्रिया की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र  "अ" अनुसार है। उक्त संबंध में उत्तर दिनांक तक हुए महिलाओं के पंजीयन, पात्र हितग्राहियों/स्वीकृत आवेदनों, अपात्र महिलाओं/निरस्त आवेदनों तथा लम्बित आवेदनों की जिलेवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र "ब" अनुसार  है। पंजीयन/आवेदन की प्रक्रिया सतत जारी नहीं रहेगी। (ख) चयनित पात्र लाड़ली बहनों को प्रतिमाह राशि रूपये 1000/- की मासिक आर्थिक सहायता राशि का भुगतान किया जाना निर्धारित किया गया है, परन्तु पात्र बहनों में ऐसी महिलाएं जिन्हें सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना अथवा अन्य किसी योजना में प्रतिमाह राशि रूपये 1000/- से कम राशि प्राप्त हो रही है तो उन्हें उतनी अतिरिक्त राशि इस योजना में मासिक आर्थिक सहायता राशि के रूप में दी जाना निर्धारित है, जिससे उन्हें कुल 1000/- रूपये की राशि प्रतिमाह प्राप्त हो सके। आगे भी सहायता राशि प्रतिमाह बढ़ाये जाने के संबंध में नीति निर्धारण की प्रक्रिया प्रचलन में है। शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

राज्य सूचना आयोग में लंबित मामले एवं रिक्त पद.

[सामान्य प्रशासन]

18. ( *क्र. 707 ) श्री विनय सक्सेना : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्यप्रदेश राज्य सूचना आयोग में प्रश्‍न दिनांक तक ऐसी कितनी द्वितीय अपीलें हैं, जो 180 दिनों से अधिक अवधि से सुनवाई/निराकरण हेतु लंबित हैं? सूची देवें। (ख) क्या यह सही है कि मध्यप्रदेश सूचना का अधिकार फीस तथा अपील नियम 2005 में द्वितीय अपीलों का निपटारा 180 दिवस की अवधि में करने के प्रावधान है? यदि हाँ, तो उक्त अपीलों के विहित समयावधि में निराकरण न होने के क्या कारण हैं? (ग) क्या यह सही है कि नवंबर 2021 में राज्य सूचना आयोग में सूचना आयुक्तों की नियुक्ति हेतु सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा आवेदन बुलाये गए थे? यदि हाँ, तो उक्त मामले में आज दिनांक तक नियुक्तियां लंबित रहने का क्या कारण है? (घ) मध्यप्रदेश राज्य सूचना आयोग में शासन द्वारा कौन-कौन से कितने-कितने पद स्वीकृत किए हैं? उनके विरुद्ध कितने-कितने पद रिक्त हैं? उक्त पदों को भरने हेतु आयोग और शासन के मध्य हुए समस्त पत्राचार की प्रतियां देवें। सूचना आयोग में खाली पदों को अब तक नहीं भरे जाने का क्‍या कारण है?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार(ख) जी हाँ। सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 की धारा 15 (2) (क) में राज्य सूचना आयोग में राज्य मुख्य सूचना आयुक्त और (ख) में 10 से अनधिक उतनी संख्या में राज्य सूचना आयुक्त, जितने आवश्यक समझे जाएँ, की नियुक्ति का प्रावधान है। वर्तमान में 01 राज्य मुख्य सूचना आयुक्त सहित 03 राज्य सूचना आयुक्त पदस्थ हैं एवं आयोग में अधिकारी, शीघ्रलेखक एवं लिपिक संवर्ग के स्वीकृत 57 पदों के विरुद्ध 33 कर्मचारी कार्यरत हैं, 24 पद रिक्त हैं। आयोग के मूल कर्मचारियों की संख्या केवल 06 ही है। अधिकांश कर्मचारी आउटसोर्स एवं प्रतिनियुक्ति से पदस्थ हैं। आउटसोर्स के कर्मचारी बीच-बीच में कार्य छोड़कर चले जाते हैं एवं पुनः नियुक्तियां करना पड़ती हैं, जिस कारण कार्य प्रभावित होता है। इसके अतिरिक्त वाहन चालक एवं चतुर्थ श्रेणी के कुल 39 पद स्वीकृत हैं एवं इनके विरुद्ध 35 पद भरे हैं। इस प्रकार आयोग में कुल स्वीकृत 96 पद के विरुद्ध 28 पद रिक्त हैं। अपीलार्थी/आवेदकों एवं लोक सूचना अधिकारियों द्वारा समय दिये जाने की प्रार्थना की जाती है, जिस कारण से तिथि बढ़ाई जाने के कारण एवं कतिपय प्रकरणों में अपीलार्थियों द्वारा अपील में अपूर्ण पता उल्लेख करने के कारण लोक सूचना अधिकारी तथा अपीलार्थी को सूचना पत्र तामीली में भी असुविधा होती है, जिस कारण निराकरण में विलम्ब होता है। (ग) जी हाँ। कार्यवाही प्रकियाधीन है। (घ) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार एवं रिक्‍त पदों को भरने हेतु आयोग एवं शासन के मध्‍य हुए पत्राचार की प्रतियॉं पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

अस्पताल प्रबंधन द्वारा शासन के नियमों का उल्लंघन.

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

19. ( *क्र. 775 ) श्री राजेश कुमार प्रजापति : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रश्‍न क्रमांक 2750, दिनांक 03.03.2021 को माननीय मंत्री जी द्वारा उत्तर दिया था कि तत्‍समय पर राशि 73645 अस्पताल प्रबंधक द्वारा ली गई लेख किया था? हाँ या नहीं? (ख) यदि हाँ, तो क्या उक्त मरीज से उक्त राशि अस्पताल प्रबंधन द्वारा ज्यादा राशि ली गई थी? (ग) यदि नहीं, तो उक्त राशि किस-किस काउंटर में कितनी राशि ली गई संपूर्ण दस्तावेजों की प्रति उपलब्ध कराई जाये? (घ) यदि अस्पताल प्रबंधन द्वारा उक्त राशि से ज्यादा राशि लिया जाना प्रमाणित होता है तो इसका जवाब देय कौन होगा? (ड.) क्या उक्त अस्पताल में पुनः फिर से आयुष्मान कार्ड धारक से पात्रता श्रेणी में होने के उपरांत भी राशि ली जा रही है? हाँ या नहीं? (च) यदि नहीं, तो क्या दिनांक 03.09.2022 को भर्ती मरीज मीरा रैकवार पति स्वर्गीय जगदीश रैकवार, निवास जिला नगर पालिका क्षेत्रांतर्गत छतरपुर से राशि ली गई थी? (छ) यदि हाँ, तो क्या उक्त मरीज आयुष्मान की पात्रता रखती थी? (ज) यदि हाँ, तो उक्त मरीज से राशि क्यों ली गई थी? कारण स्पष्ट करें। (झ) क्या शासन, अस्पताल एवं अस्पताल प्रबंधन द्वारा शासन के नियम व निर्देशों का उल्लंघन करने वाले अस्पताल एवं अस्पताल प्रबंधन के विरुद्ध कार्रवाई करने के आदेश जारी करेगा? (ण) यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्यों?

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. प्रभुराम चौधरी ) : (क) जी हाँ। (ख) जी नहीं। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (घ) प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ड.) जी हाँ। (च) जी हाँ। (छ) जी हाँ। (ज) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (झ) जी हाँ। (ण) कार्यवाही प्रचलन में है।

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन अंतर्गत प्राप्त राशि.

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

20. ( *क्र. 578 ) श्री राकेश पाल सिंह : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश के सिवनी जिला के कार्यालय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन अंतर्गत वर्ष 2021 से आज दिनांक तक प्राप्त राशि व इसके विरूद्ध व्यय राशि की जानकारी कार्यवार, दिनांकवार व व्यय के औचित्‍य सहित देवें। (ख) क्या प्रश्‍नांश (क) में वर्णित मद N.H.M. में प्राप्त राशि का व्यय शासन/विभाग के भंडार क्रय नियम के तहत किया गया हैं? यदि नहीं, तो क्यों? क्या तत्सम्बन्ध में कोई शिकायत विभाग/शासन को प्राप्त हुई? यदि हाँ, तो शिकायत की जानकारी व उसमें की गई कार्यवाही से अवगत करावें। (ग) क्या कार्यालय मुख्य चिकित्सा व स्वास्थ्य अधिकारी सिवनी द्वारा जिला मुख्यालय स्थित 06 शास. भूखण्‍डों पर पुनर्घनत्वीकरण योजना के संबंध में शासन, विभाग व जिला प्रशासन को कोई पत्र लिखे गए हैं? यदि हाँ, तो उनकी अद्यतन जानकारी दें। क्या उक्त 06 शास. भूखण्‍डों में, कर्मचारियों द्वारा आवास गृह की मांग के विरुद्ध पर्याप्त आवास गृह न होने के कारण नवीन आवास गृह निर्मित किये जाने की मांग की गई थी? यदि हाँ, तो उस पर क्या कार्यवाही की गई? यदि नहीं, तो क्यों? क्या उक्त 06 शासकीय भूखण्‍ड स्वास्थ्य विभाग की विधिवत अनुमति के बिना अन्य विभाग को विक्रय/अन्य कार्य हेतु दे दिए गए हैं? यदि हाँ, तो उन्हें पुनः स्वास्थ्य विभाग के आधिपत्य में वापस लेने के लिये विभाग द्वारा क्या कार्यवाही की गई? यदि नहीं, की गई तो क्यों और कब तक की जावेगी?

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. प्रभुराम चौधरी ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) जी हाँ। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। जी नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी हाँ। कार्यवाही प्रचलन में है। जी नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

भूमि पर किया जा रहा अतिक्रमण.

[नर्मदा घाटी विकास]

21. ( *क्र. 840 ) श्री संजय यादव : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला जबलपुर में नर्मदा घाटी विकास विभाग की भूमि पर किये जा रहे अतिक्रमण को हटाये जाने के संबंध में गत 1 वर्ष में कितनी शिकायतें प्राप्त हुईं? उनमें से कितनी शिकायतों पर कार्यवाही की गई एवं कितनी शिकायतों को अनदेखा कर बिना कार्यवाही के ही बंद कर दिया गया है? शिकायतों एवं उन पर की गई कार्यवाही का विवरण देवें। (ख) जिला जबलपुर के तेवर एवं जोधपुर में नर्मदा घाटी की कितनी भूमि पर अतिक्रमण है? उक्त अतिक्रमण को क्यों नहीं हटाया जा रहा है? जिला जबलपुर के बरगी हिल्‍स की कीमती भूमि पर हुये अतिक्रमणों को संबंधित जिम्‍मेदार अधिकारी द्वारा क्‍यों नहीं हटवाया जा रहा है? (ग) बरगी डैम की भूमि पर किस-किस जगह, किन-किन के द्वारा अतिक्रमण किया गया है? सूची देवें। (घ) जिला जबलपुर में नर्मदा घाटी की भूमि पर बड़ी तेजी से पनप रहे भू-माफिया पर जिम्मेदार अधिकारी कोई कार्यवाही क्यों नहीं कर रहे हैं? जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा अपने कार्यों में की जा रही लापरवाही पर विभाग द्वारा उन पर कोई कार्यवाही की जावेगी?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) 14 शिकायतें प्राप्‍त हुई हैं। किसी भी शिकायत को अनदेखा कर बिना कार्यवाही के बंद नहीं किया गया है। सभी शिकायतों के संबंध में स्‍थल निरीक्षण कर समझाईश देकर अतिक्रमण हटाने हेतु प्रेरित करने तथा अतिक्रमण रिक्‍त न करने पर नोटिस देने की कार्यवाही प्रचलन में है। (ख) जबलपुर के तेवर ग्राम में 4390 वर्ग मीटर तथा जोधपुर में 1000 वर्ग मीटर पर अतिक्रमण है। अतिक्रमणकर्ताओं को नोटिस दिये गये हैं एवं राजस्‍व अधिकारियों के सहयोग से अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही की जा रही है। (ग) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (घ) उत्‍तरांश (क) एवं (ख) अनुसार कार्यवाही प्रचलन में है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - "दो"

जल प्रदाय योजना का क्रियान्वयन.

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

22. ( *क्र. 694 ) श्री आलोक चतुर्वेदी : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) छतरपुर विकासखण्‍ड हेतु स्वीकृत तरपेड समूह जलप्रदाय योजनांतर्गत स्वीकृत नल-जल योजना की भौतिक स्थिति क्या है? पूर्व में कब-कब निविदा आमंत्रित की गई? किन कारणों से निविदा स्वीकृत नहीं हुई। (ख) क्या वर्तमान में निविदा आमंत्रित की जा चुकी है? यदि हाँ, तो निविदा प्रक्रिया कब तक पूर्ण कर कार्य प्रारंभ करवा दिया जावेगा? यदि नहीं, तो किन कारणों से निविदा स्वीकृत/आमंत्रित नहीं हो रही है, इन कारणों का कब तक निराकरण कर कार्य प्रारंभ किया जावेगा?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) योजना के क्रियान्‍वयन हेतु निविदा आमंत्रण सूचना दिनांक 09.06.2023 को जारी की गई है। प्रथम आमंत्रण दिनांक 10.05.2022 एवं द्वितीय दिनांक 14.11.2022 को। प्रथम आमंत्रण में अधिक दरें प्राप्‍त होने से निविदा स्‍वीकृत नहीं हुई तथा द्वितीय आमंत्रण में किसी भी निविदाकार द्वारा भाग नहीं लिया गया। (ख) जी हाँ। निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। शेष प्रश्‍नांश उपस्थित नहीं होता है।

विधायक निधि से नॉन-एसी एम्बुलेंस वाहन क्रय.

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

23. ( *क्र. 565 ) श्री सुरेश राजे : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र, विधायक डबरा द्वारा वर्ष 2021-22 की विधायक निधि से कोरोना से संक्रमित मरीजों के इलाज की सुविधा हेतु सिविल अस्पताल डबरा को ऑक्सीजन एवं अन्य उपकरण सहित एसी एम्बुलेंस क्रय करने हेतु कार्यालयीन पत्र क्रमांक 06/18-06-21 द्वारा दस लाख रूपए C.M.H.O. ग्वालियर को जारी किये गए थे, किन्तु 20 माह बाद 22 दिसम्बर 2022 को नॉन एसी एम्बुलेंस उपकरण रहित क्रय कर अस्पताल डबरा को भेजकर सुपुर्दगी में देने हेतु लिखा गयाl इस प्रकार का वाहन मरीजों हेतु अनुपयोगी होने से सुपुर्दगी प्रदान नहीं की गयी, जिसकी जांच कराई जाये। (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार प्रश्‍नकर्ता सदस्‍य के कार्यालय से पत्र 23/120, दिनांक 20.05.2023 द्वारा क्रय की गयी नॉन-एसी वाहन कितनी राशि में क्रय की गयी? उसके उपकरणों सहित छायाप्रति मांगने पर C.M.H.O. द्वारा आज दिनांक तक नहीं दी गयी, एम्बुलेंस क्रय करने एवं उपकरणों हेतु दी गयी राशि के सत्यापित देयक तथा बची हुई राशि की जानकारी उपलब्‍ध करायें। (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) अनुसार विधायक निधि से एसी एम्बुलेंस क्रय करने हेतु दी गयी राशि से C.M.H.O. द्वारा नॉन-एसी उपकरण रहित मरीजों को असुविधायुक्त वाहन क्रय करने पर C.M.H.O. के विरुद्ध कब तक कार्यवाही की जायेगी? यदि नहीं, तो क्यों नहीं?

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. प्रभुराम चौधरी ) : (क) कार्यालय कलेक्टर (योजना एवं सांख्यिकी) जिला ग्वालियर के पत्र क्र./23-2/1290/2021, ग्वालियर दिनांक 10.06.2021 के माध्यम से प्राप्त राशि से उपलब्धता के आधार पर भण्डार क्रय नियम अनुसार मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, ग्वालियर द्वारा नॉन ए.सी एम्बुलेंस का क्रय किया गया, जो आवश्यक ऐसेसिरिज यथा सिलेण्डर, स्टेण्ड, मूवेबल स्ट्रेचर, फस्ट एड किट, सायरन, माइक सिस्टम एवं अग्निशमन यंत्र से सुसज्जित है एवं रोगियों के आवागमन हेतु पूर्णतः उपयोगी है। उक्त वाहन की सुपुर्दगी दिनांक 17.11.2022 को सिविल अस्पताल, डबरा जिला ग्वालियर को कर दी गई है। (ख) उक्त नॉन ए.सी एम्बुलेंस राशि रू. 7,69,693/- में क्रय की गई है। एम्बुलेंस के बीमा हेतु राशि रू. 19,753/- का व्यय हुआ है, इस प्रकार एम्बुलेंस क्रय पर कुल राशि रू. (7,69,693 + 19,753) 7,89,446/- का व्यय होने उपरांत शेष राशि रू. 2,10,554/- कार्यालय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, ग्वालियर के स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के खाता क्र. 33711396364 में जमा है। सत्यापित देयकों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। (ग) उत्तरांश '''' के परिप्रेक्ष्य में शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

डॉक्‍टरों की मूल पदस्‍थापना में वापसी.

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

24. ( *क्र. 4 ) श्री पुरुषोत्तम लाल तंतुवाय : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) हटा विधान सभा क्षेत्र में सिविल अस्‍पताल हटा/प्राथ.स्‍वा. केन्द्रों/उप स्‍वा. केन्‍द्रों में कौन डॉक्‍टर्स कहां-कहां पदस्‍थ हैं? (ख) क्‍या यह सही है कि पदस्‍थापना स्‍थल से अन्‍य जगहों पर कई डॉक्‍टर्स संलग्‍न हैं? यदि हाँ, तो कब तक इनको मूल पदस्‍थापना में वापिस किया जायेगा?

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. प्रभुराम चौधरी ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) जी नहीं, कई डॉक्टर्स को नहीं केवल 02 चिकित्सकों को प्रशासनिक/चिकित्सकीय कार्य सुविधा की दृष्टि से अन्य संस्थाओं में कार्य करने हेतु आदेशित किया गया था। उक्त दोनों ही चिकित्सकों को पुनः अपने मूल पदस्थापना स्थल पर कार्य संपादित किए जाने हेतु मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जिला दमोह के आदेश दिनांक 01.07.2023 के द्वारा आदेशित किया जा चुका है, आदेश प्रति जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

नल-जल योजना.

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

25. ( *क्र. 744 ) श्री मनोज चावला : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र आलोट अंतर्गत वर्ष 2019 से कितने ग्रामीण क्षेत्रों में जल जीवन मिशन में नल-जल योजना अंतर्गत कार्य स्वीकृत होकर शुरू हो चुके हैं, इन कार्यों की लागत का विवरण उपलब्ध कराएं? (ख) स्वीकृत कार्यों में से सभी जगह कार्य पूर्ण होकर पेयजल उपलब्ध हो रहा है या नहीं? योजना अंतर्गत जिन ग्रामीण क्षेत्रों में पाईप लाईन बिछाने हेतु जिन सड़कों को खोदा गया, क्या उन्हें पुनः सही कर दिया गया है? (ग) योजना अंतर्गत कितने कार्य स्वीकृत हो चुके हैं, परंतु कितने कार्य अभी तक शुरू नहीं हुये हैं? (घ) विधानसभा क्षेत्र में नल-जल योजना अंतर्गत कार्यों के संबंध में कितनी सी.एम. हेल्पलाईन विगत 2 वर्षों में विभाग को प्राप्त हुई है, उनका विवरण देवें और क्या उन शिकायतों का निराकरण कर दिया गया है और कितनी लंबित है?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) एकल ग्राम नल-जल योजनाओं के अंतर्गत 106 ग्रामों के लिए योजनाएं स्‍वीकृत हुईं हैं, कार्यों के शुरू होने तथा कार्यों की लागत का विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। समूह जल प्रदाय योजना के अंतर्गत स्‍वीकृत गॉंधी सागर-1 समूह जल प्रदाय योजना, लागत रू. 1462.49 करोड़, में विधानसभा क्षेत्र आलोट के 191 ग्राम सम्मिलित हैं, जिनमें से 95 ग्रामों में कार्य प्रगतिरत हैं। (ख) स्‍वीकृत एकल ग्राम नल-जल योजनाओं से संबंधित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। स्‍वीकृत समूह जल प्रदाय योजना का कार्य प्रगतिरत है, इस योजना से किसी भी ग्राम में पेयजल की आपूर्ति प्रारंभ नहीं हुई है। (ग) एकल ग्राम नल-जल योजनाओं के अंतर्गत 106 ग्रामों के लिए स्‍वीकृत योजनाओं में से 02 ग्रामों की योजनाओं के कार्य तथा समूह जल प्रदाय योजना में सम्मिलित 191 ग्रामों में से 96 ग्रामों में कार्य अभी तक शुरू नहीं हुए हैं। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है।

 

 

 



भाग-2

नियम 46 (2) के अंतर्गत अतारांकित प्रश्‍नोत्तर के रुप में परिवर्तित तारांकित प्रश्‍नोत्तर


108
योजनांतर्गत गाड़ियों का लेखा-जोखा

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

1. ( क्र. 5 ) श्री पुरुषोत्तम लाल तंतुवाय : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शासन द्वारा संचालित 108 योजना अंतर्गत जिला दमोह की हटा विधानसभा में कितनी गाड़ियाँ कहाँ-कहाँ के लिए सुरक्षित की गई है? गाड़ी क्र. व ड्राईवर के नाम सहित जानकारी उपलब्ध करायी जावे। (ख) क्या यह सही है कि 108 योजना के तहत संचालित गाड़ियों का कोई जिला स्तर/अस्पताल स्तर पर रिकार्ड नहीं है कि कौन गाड़ी कब किस मरीज को लेकर कहाँ जा रही है? यदि हाँ, तो विगत 02 वर्ष का रिकार्ड उपलब्ध करायें। यदि नहीं, तो शासन क्या कार्यवाही करेगा कि 108 नंबर की गाड़ियों का दुरूपयोग नहीं हो।

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. प्रभुराम चौधरी ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

नियम विरूद्ध सामग्री खरीदी की जांच

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

2. ( क्र. 16 ) श्री पाँचीलाल मेड़ा : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2018-19 से 2022 से 2023 तक की अवधि में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन म.प्र. भोपाल के तहत संचालित योजनाओं, कार्यक्रमों में जिला धार, जबलपुर एवं भोपाल को सामग्री, स्टेशनरी, मुद्रणकार्य सफाई व्यवस्था आदि के लिये कितनी-कितनी राशि आवंटित की गई एवं मद के विरूद्ध कितनी-कितनी राशि व्यय हुई? (ख) उक्त सामग्री आदि का क्रय स्टेशनरी एवं मुद्रणकार्य हेतु विभागीय एवं शासन के क्या दिशा-निर्देश है। इन निर्देशों के अनुसार कब-कब कहां-कहां से कितनी-कितनी राशि की सामग्री, स्टेशनरी किस-किस से क्रय की गई एवं मुद्रण कार्य एवं सफाई व्यवस्था पर कितनी-कितनी राशि व्यय हुई और कितनी-कितनी राशि के बिलों का भुगतान कब-कब किया गया है। बिलों आदि का सत्यापन क्या अधिकृत अधिकारियों से कराया है? यदि हाँ तो उनके नाम एवं पद सहित जानकारी दें? (ग) उपरोक्त प्रश्‍नांश के परिप्रेक्ष्य में शासन की निर्धारित नीति व वित्तीय स्वीकृति व बिना बजट के सामग्री आदि की खरीदी पर कितनी राशि व्यय हुई एवं किस-किस टेंडर में कब-कब कितनी-कितनी अवधि की वृद्धि की गई तथा किस-किस के टेंडर कब-कब किसके आदेश से रिन्यूअल किये गये है?

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. प्रभुराम चौधरी ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) सामग्री आदि का क्रय स्टेशनरी एवं मुद्रणकार्य हेतु भंडार क्रय नियमों के दिशा निर्देशानुसार किया गया है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है एवं प्रश्‍न भाग की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ग) शासन की निर्धारित नीति व वित्तीय स्वीकृति व बिना बजट के सामग्री आदि क्रय नहीं की गई है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है।

स्‍कूलों में शुद्ध पेयजल व्‍यवस्‍था

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

3. ( क्र. 43 ) श्री पाँचीलाल मेड़ा : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) धार एवं बड़वानी जिले में कुल कितने-कितने स्कूल हैं, जल-जीवन मिशन योजना अंतर्गत कितने स्कूलों में पेयजल की उपलब्धता है और स्टैंड से पीने का शुद्ध पानी मिल रहा है? (ख) जल-जीवन मिशन अंतर्गत प्रश्‍न दिनांक तक की स्थिति में कुल कितनी स्कूलों में पीने के पानी की उपलब्‍धता नहीं है और कितनों में स्टैंड बन जाने के बाद भी अभी तक उनमें पानी सप्लाई प्रारंभ नहीं हुआ है? उनका जिलेवार विस्तृत जानकारी दें? (ग) बड़वानी एवं धार जिले में बच्चों को पीने का पानी उपलब्ध नहीं कराने वाले अधिकारियों और ठेकेदारों के विरुद्ध क्या शिक्षकों के द्वारा पुलिस थाने में मामला दर्ज कराया गया है? यदि नहीं, तो क्यों? (घ) क्या उक्त योजनाओं का स्थल पर भौतिक सत्यापन कराया गया है? यदि हाँ, तो किस जिले में किस अधिकारी द्वारा कब-कब भौतिक सत्यापन किया है और उनमें क्या-क्या कमियां पाई गई है उनकी विस्तृत जानकारी दें?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) एवं (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट  अनुसार है(ग) जी नहीं। विभाग से संबंधित नहीं है। (घ) जी हाँजानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट  अनुसार है।

रिक्त पदों पर भर्ती

[सामान्य प्रशासन]

4. ( क्र. 45 ) श्री मेवाराम जाटव : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) म.प्र. शासन के समस्त विभागों, निगम मण्डलों आदि में वर्ष 2022 की स्थिति में बैकलॉग के कुल कितने पद रिक्त थे? (ख) उक्त रिक्त पदों में कुल कितने पदों पर प्रश्‍न दिनांक की अवधि में भर्ती की गई एवं कितने पद किस-किस श्रेणी के किन कारणों से रिक्त हैं और उन्हें कब तक भर दिया जायेगा? (ग) मा. मुख्यमंत्री जी द्वारा एक लाख पदों पर भर्ती किये जाने की घोषणानुसार शासन के किन-किन विभागों, निगम मण्डल आदि में 15 जून 2023 तक अवधि में कितनी संख्या में भर्ती की जा चुकी है एवं कितनी संख्या में रिक्त पदों पर भर्ती की प्रक्रिया चल रही है और ये कब तक पूर्ण की जायेगी?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) से (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

नियमों/प्रोटोकाल के उल्‍लंघन के दोषियों पर कार्यवाही

[महिला एवं बाल विकास]

5. ( क्र. 48 ) कुँवर विक्रम सिंह (नातीराजा) : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शासन की लाड़ली बहना योजना में विभागीय अधिकारियों द्वारा जिला छतरपुर में किन-किन माननीय विधायकों को बैठकों, प्रचार-प्रसार या संबंधित अन्‍य आयोजनों में कब-कब आमंत्रित किया गया है? विवरण देवें। यदि नहीं, तो क्‍यों? (ख) क्‍या यह सही है कि जिले में केवल एक ही दल के लोगों/पदाधिकारियों को आमंत्रित किया है? यदि हाँ, तो दोषी अधिकारियों के विरूद्ध शासन/विभाग कार्यवाही करेगा? यदि हाँ तो कब तक? (ग) क्‍या यह भी सही है कि जिला छतरपुर के जनपद सी.ई.ओ. एवं महिला बाल विकास अधिकारियों द्वारा सामान्‍य प्रशासन विभाग के नियमों-प्रोटोकाल का उल्‍लंघन किया गया है? यदि हाँ तो  दोषियों पर कार्यवाही कब तक की जावेगी?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) समय अवधि नहीं बताये जाने के कारण जानकारी दिया जाना संभव नहीं है। (ख) एवं (ग) जी नहीं। कार्यवाही का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता।

म.प्र. में पिछड़ा वर्ग को आरक्षण का लाभ

[सामान्य प्रशासन]

6. ( क्र. 57 ) श्री राकेश मावई : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्तमान में म.प्र. पिछड़ा वर्ग आरक्षण अधिनियम क्या है तथा वर्तमान में पिछड़ा वर्ग के लिये कितने प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान है? अधिनियम सहित सम्पूर्ण जानकारी उपलब्ध करायें? (ख) प्रदेश के विभिन्न विभागों में की जा रही भर्तियों में पिछड़ा वर्ग के अभ्यार्थियों को 27 प्रतिशत आरक्षण लागू क्यों नहीं किया जा रहा है? (ग) म.प्र. लोक सेवा आयोग की परीक्षा 2019, 2020 एवं 2021 के परीक्षा परिणामों में 27 प्रतिशत आरक्षण लागू क्यों नहीं किया गया? (घ) म.प्र. लोक सेवा आयोग द्वारा प्रकाशित परीक्षा परिणाम 2 भागों में 87 प्रतिशत एवं 13 प्रतिशत किस नियम के आधार पर तैयार किया गया? नियम सहित जानकारी देवें। (ड.) क्या म.प्र. पिछड़ा वर्ग आरक्षण अधिनियम के प्रावधानों के विपरीत लोक सेवा आयोग द्वारा परीक्षा परिणाम प्रकाशित करने वाले अधिकारी के विरूद्ध सरकार कोई कार्यवाही करेंगी? यदि नहीं, तो क्यों?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) मध्‍यप्रदेश लोक सेवा (अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों और अन्‍य पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षण) अधिनियम, 1994 प्रभावशील है। संशोधन अधिनियम, 2019 द्वारा अन्‍य पिछड़े वर्गों को आरक्षण 14 प्रतिशत से बढ़ाकर 27 प्रतिशत किया गया है। (ख) संशोधन अधिनियम, 2019 द्वारा अन्‍य पिछड़े वर्गों को 27 प्रतिशत वर्तमान में प्रभावशील है। (ग) से (ड.) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

अभियोजन की स्‍वीकृति

[सामान्य प्रशासन]

7. ( क्र. 74 ) डॉ. गोविन्द सिंह : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रश्‍नकर्ता के विधानसभा प्रश्‍न क्र. 414 उत्‍तर दिनांक 01 मार्च 2023 की जानकारी एकत्र कर ली गई है? यदि हाँ तो कंडिकावार जानकारी दें? यदि नहीं, तो क्‍यों? (ख) उपरोक्‍त प्रश्‍नांश के परिप्रेक्ष्‍य में लोकायुक्‍त कार्यालय भोपाल में 01 जनवरी 2021 से 15 जून 2023 तक की अवधि में किस-किस संबंध में किस-किस के द्वारा मय प्रमाण (दस्‍तावेजों/शपथ पत्र) सहित विधिवत शिकायतें प्राप्‍त हुई? इन प्राप्‍त शिकायतों पर किन-किन शिकायतों के संबंध में प्रकरण दर्ज पंजीबद्ध कर जांच/विवेचना पूर्ण कर ली गई एवं कितने प्रकरणों में जांच/विवेचना प्रचलित है तथा कितने प्रकरण नस्‍तीबद्ध कर दिये गये है? पूर्ण विवरण दें? (ग) क्‍या प्रदेश में आर्थिक अपराध अन्‍वेषण ब्‍यूरों, लोकायुक्‍त संगठन और पुलिस द्वारा दर्ज भ्रष्‍टाचार के प्रकरणों में प्राथमिकी दर्ज कर जांच पूर्ण कर ली गई है तथा मान. न्‍यायालय में चालान प्रस्‍तुत किये जाने बाबत् अभियोजन की स्‍वीकृति के प्रकरणों को सामान्‍य प्रशासन विभाग के नियंत्रण वाले एक पोर्टल पर अपलोड किया गया? (घ) यदि हाँ, तो प्रश्‍न दिनांक तक उक्‍त पोर्टल पर कितने प्रकरणों की जानकारी अपलोड की जाकर अभियोजन की स्‍वीकृति प्रदान की गई है? क्‍या यह सही है कि अनेक प्रकरणों में चालान की अनुमति के आवेदन एक दशक से भी अधिक समय से लंबित रहने से अनेक अधिकारी/कर्मचारी सेवानिवृत्‍त हो चुके है, कई सेवानिवृत्‍त होने वाले हैं एवं कई दिवंगत हो चुके हैं? यदि हाँ तो लम्‍बे समय तक अभियोजन की स्‍वीकृति प्रदान नहीं किये जाने के क्‍या कारण है? (ड.) लोकायुक्‍त संगठन के प्रतिवेदन किस-किस वर्ष के शासन स्‍तर पर किन-किन कारणों से लंबित हैं?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) से (ड.) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

प्रदेश में कुपोषण दूर करने के उपाय

[महिला एवं बाल विकास]

8. ( क्र. 75 ) डॉ. गोविन्द सिंह : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या अटल बिहारी वाजपेयी बाल आरोग्‍य एवं पोषण मिशन की तिमाही रिपोर्ट (जनवरी, फरवरी एवं मार्च 2023) में प्रदेश में लगभग 78 हजार बच्‍चों में कुपोषण पाया गया है, जिसमें 21,631 बच्‍चे गंभीर कुपोषित एवं 57,602 बच्‍चे मध्‍यम कुपोषित पाये गये? (ख) यदि हाँ तो क्‍या यह भी सही है कि भोपाल, इन्‍दौर, ग्‍वालियर, चम्‍बल, रीवा, सागर और उज्‍जैन संभाग में पिछले वर्ष से अधिक कुपोषित बच्‍चे पाये गये है? (ग) यदि हाँ तो सरकार द्वारा कुपोषण दूर करने के नाम पर प्रतिवर्ष करोड़ों रूपये व्‍यय किये जाने के बाद भी कुपोषण का ग्राफ लगातार बढ़ने के क्‍या कारण है एवं सरकार द्वारा कुपोषण दूर करने के लिए क्‍या-क्‍या उपाय किये जा रहे है? (घ) क्‍या माननीय सर्वोच्‍च न्‍यायालय के निर्देश है कि आंगनवाड़ी केन्‍द्रों में मध्‍यान्‍ह भोजन और टेक होम राशन साल में तीन सौ दिन तक वितरण किया जाये? यदि हाँ तो क्‍या माननीय सवोच्‍च न्‍यायालय के निर्देश के अनुसार वितरण किया जा रहा है? यदि नहीं, तो क्‍यों? (ड.) क्‍या यह सही है कि प्रदेश के कई जिलों में आंगनवाड़ी केन्‍द्रों में बिना जांच के ही पोषण आहार का वितरण किया जा रहा है? यदि हाँ तो विगत तीन माह में किन-किन जिलों में पोषण आहार के गुणवत्‍ता की जांच नहीं कराई गई एवं इसके लिए कौन जिम्‍मेदार है? क्‍या गुणवत्‍ता की जांच कराये बिना ही पोषण आहार का वितरण करने वाले संबंधित अधिकारियों के विरूद्ध कार्यवाही की जायेगी? यदि नहीं, तो क्‍यों?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जी हाँ। (ख) जी नहीं। इंदौर संभाग को छोड़कर प्रश्‍नांश में उल्लेखित अन्य संभागों में कुपोषित बच्चों की संख्या कम हुई है। जानकारी संलग्‍न  परिशिष्ट  अनुसार है। (ग) प्रश्‍नांश () के आलोक में प्रश्‍नांश उपस्थित नहीं होता है। (घ) जी हाँ। जी हाँ। वर्तमान में पोषण आहार व्‍यवस्‍था अंतर्गत गर्म पका नाश्‍ता एवं भोजन तथा टेकहोम राशन (टीएचआर) नियमित प्रदाय किया जा रहा है। (ड.) जी नहीं। टेकहोम राशन की गुणवत्‍ता की जांच हेतु दोहरी व्‍यवस्‍था निर्धारित की गई है। प्रत्‍येक लॉट की सामग्री का संयंत्र एवं जिला स्‍तर पर गुणवत्‍ता जांच कराने का प्रावधान है। संयंत्र स्‍तर पर प्रत्‍येक लॉट की गुणवत्‍ता जांच नियमित की जा रही है। विगत 03 माह में जिलों द्वारा लिये गये नमूनों की जांच की पूर्ण रिर्पोट प्राप्‍त नहीं हुई है। अत: यह नहीं कहा जा सकता है कि जिलों द्वारा टेकहोम राशन की गुणवत्‍ता जांच नहीं कराई जा रही है। अत: शेष का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - "तीन"

नलकूप खनन एवं नल-जल योजना की जानकारी

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

9. ( क्र. 81 ) श्री लक्ष्‍मण सिंह : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) पिछले एक वर्ष में गुना जिले में कितने नलकूप खनन किये गये विधानसभावार जानकारी प्रदान करें। (ख) विधानसभा चाचौड़ा में नल-जल योजना अंतर्गत कितने ग्रामों में नल-जल योजना का कार्य पूर्ण होकर ग्राम पंचायत को हस्‍तांतरित कर दिया गया है? (ग) नल-जल योजना अंतर्गत किये गये कार्यों में निर्माण एजेंसी द्वारा सड़कों की खुदाई की गयी है क्‍या इन सड़कों का पुन: निर्माण एजेंसी द्वारा किया जाना प्रस्‍तावित है? (घ) यदि हाँ, तो निर्माण एजेंसी द्वारा किन ग्रामों में कार्य समाप्‍त के पश्‍चात सड़क का पुन: निर्माण या रिपेयरिंग कार्य किया जा चुका है? सम्‍पूर्ण सूची प्रदान करें।

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) 277 नलकूप खनन किए गए, विधानसभावार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) 65 नल-जल योजनाओं का कार्य पूर्ण हो कर इनमें से 39 योजनाओं को संबंधित ग्राम पंचायत को हस्‍तांतरित कर दिया गया है। (ग) नल जल योजनाओं के क्रियान्‍वयन में पाइप-लाइन के बिछाने के कार्य में तकनीकी आवश्‍यकतानुसार निर्माण एजेंसियों द्वारा सड़कों की खुदाई की गई है, खोदी गई सड़कों को यथास्थिति में किया जाना प्रस्‍तावित है। (घ) पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 एवं 3 अनुसार है।

प्रसूता महिलाओं को दी जाने वाली प्रोत्‍साहन राशि

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

10. ( क्र. 87 ) श्री ग्‍यारसी लाल रावत : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रदेश में प्रसूता महिलाओं को प्रसव के बाद शासन से कोई आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है? यदि हाँ, तो योजना में क्‍या-क्‍या मार्गदर्शन/निर्देशिका/अर्हता है? (ख) सेंधवा विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत योजना प्रांरभ से प्रश्‍न दिनांक तक कितने प्रसूता महिलाओं को उक्‍त आर्थिक सहायता प्रदान की गई? वर्षवार सूची उपलब्‍ध करावें? (ग) प्रश्‍नांश (ख) के संदर्भ में क्‍या उक्‍त लाभ के लिये वर्षों तक हितग्राहियों को इंतजार करना पड़ता है? यदि हाँ, तो इसके लिये कौन-कौन अधिकारी कर्मचारी दोषी है? नाम व पद सहित बतावें?

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. प्रभुराम चौधरी ) : (क) जी हाँ। जननी सुरक्षा योजना एवं मुख्यमंत्री श्रमिक सेवा प्रसूति सहायता योजना अन्तर्गत आर्थिक सहायता का प्रावधान है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) सेंधवा विधानसभा क्षेत्र अन्तर्गत जननी सुरक्षा योजना एवं मुख्यमंत्री श्रमिक सेवा प्रसूति सहायता योजना अन्तर्गत कुल 57147 हितलाभ प्रसूता महिलाओं को योजना प्रारंभ से प्रदान की गई। वर्षवार  जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ग) जी नहींशेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

प्रोत्‍साहन राशि के भुगतान में अनियमितता

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

11. ( क्र. 88 ) श्री ग्‍यारसी लाल रावत : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) राष्‍ट्रीय स्‍वास्‍थ्‍य मिशन मध्‍यप्रदेश भोपाल द्वारा संचालित योजनाओं, कार्यक्रमों के तहत जिला बड़वानी में शहरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में कितनी-कितनी आशा कार्यकर्तायें पदस्‍थ है। इन्‍हें किन-किन कार्य से संबंधित प्रोत्‍साहन राशि का भुगतान किया गया है? वर्ष 2019-20 से 2022-23 तक की विकासखण्‍डवार जानकारी दें? (ख) शहरी क्षेत्र में पदस्‍थ किन-किन आशा कार्यकर्ताओं को माहवार कितनी-कितनी प्रोत्‍साहन राशि का भुगतान किया गया एवं किन-किन आशा कार्यकर्ताओं को कब से कितनी-कितनी राशि का भुगतान नहीं किया गया है एवं क्‍यों? (ग) आशा कार्यकर्ताओं को प्रोत्‍साहन राशि का भुगतान करने के संबंध में क्‍या प्रक्रिया निर्धारित है। इसके तहत इनके द्वारा प्रस्‍तुत किये जाने वाले पत्रक का प्रमाणीकरण किसने किया हैं। पोर्टल में प्रविष्‍ट (एन्‍ट्री) किसने की है? (घ) प्रश्‍नांकित मामले की जांच कब, किसने किससे कराई है। जांच में प्रभारी डी.पी.एम. की क्‍या भूमिका निर्धारित की गई। जांच में कितनी राशि की गड़बड़ी पाई गई है, इसके लिये दोषी प्रभारी डी.पी.एम. के साथ-साथ अन्‍य किन-किन कर्मचारियों/ अधिकारियों पर कब क्‍या कार्यवाही की गई? जांच रिपोर्ट की छायाप्रति देवें

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. प्रभुराम चौधरी ) : (क) जिला बड़वानी में 1194 ग्रामीण आशा एवं 58 शहरी आशायें कार्यरत है। इन्हें संलग्न सूची अनुसार कार्यों हेतु कार्य आधारित प्रोत्साहन राशि का भुगतान किया जाता है  जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ग) प्रतिमाह किये गये कार्यों की ग्रामीण क्षेत्र की आशा के भुगतान वाउचर आशा पर्यवेक्षक एवं शहरी क्षेत्र की आशा के भुगतान वाउचर एलडीसी एमआईएस द्वारा जमा कर के एएनएम, आशा डायरी, आरसीएच पोर्टल, एनसीडी पोर्टल के माध्यम से सत्यापित एवं प्रमाणित कर प्रतिवेदन संबंधित विकासखण्ड/शहर के विकासखण्ड कम्युनिटी मोबिलाईजर/एपीएम/डीसीएम को दिया जाता है। बीसीएम एवं एपीएम/डीसीएम द्वारा आशा सॉफ्टवेयर में दर्ज करा जाता है तथा बीएमओ द्वारा अनुमोदित किया जाता है। इसके बाद ई-वित्त प्रवाह के माध्यम से आशा के खाते में डाले जाते है। (घ) जिले के अंतर्गत शिकायत एवं वित्तीय अनियमितता की शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

प्रसूति सहायता राशि भुगतान के लंबित प्रकरण

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

12. ( क्र. 123 ) श्री रामपाल सिंह : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या यह सत्य है कि रायसेन जिले में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत जननी सुरक्षा योजना/प्रसूति सहायता योजना के लगभग 4 हजार प्रकरण अनमोल पोर्टल की गड़बड़ी के कारण राशि भुगतान हेतु लंबित है? यदि हाँ तो क्यों कारण बतायें तथा इसके लिए कौन-कौन दोषी है? (ख) 20 जून, 2023 की स्थिति में रायसेन जिले में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत जननी सुरक्षा योजना/प्रसूति सहायता योजना के अंतर्गत राशि भुगतान के किन-किन के प्रकरण कब से एवं क्यों लंबित हैं, कारण बतायें तथा इसके लिए कौन दोषी है? (ग) राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत जननी सुरक्षा योजना/प्रसूति सहायता योजना के अंतर्गत राशि भुगतान के संबंध में मान. मंत्री जी तथा मिशन संचालक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन भोपाल को प्रश्‍नकर्ता विधायक के पत्र 1 जनवरी 2023 से प्रश्‍न दिनांक तक कब-कब प्राप्त हुए तथा उन पर आज दिनांक तक क्या-क्या कार्यवाही हुई? (घ) प्रश्‍नकर्ता विधायक के पत्रों पर मिशन संचालक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन भोपाल द्वारा क्या-क्या कार्यवाही की गई तथा की गई कार्यवाही से प्रश्‍नकर्ता विधायक को अवगत क्‍यों नहीं कराया?

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. प्रभुराम चौधरी ) : (क) जी नहीं। वर्तमान में कुल 2051  प्रकरण लंबित है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट  अनुसार है। (ग) निम्नलिखित पत्र प्राप्त हुएः माननीय विधायक महोदय के  1  जनवरी  2023 से निम्नानुसार दिनांक में पत्र प्राप्त हुए हैं:- दिनांक 05.04.2023, 19.04.2023, 23.05.2023, 02.06.2023 पत्र में उल्लेखित प्रकरणों की समीक्षा की गई एवं जिन प्रकरणों का भुगतान पोर्टल में तकनीकी कारणों से नहीं हो पा रहा था, उन तकनीकी समस्याओं को दूर किये जाने हेतु माननीय स्वास्थ्य मंत्रीजी, अपर मुख्य सचिव, स्वास्थ्य आयुक्त एवं मिशन संचालक द्वारा पृथक-पृथक बैठक सॉफ्टवेयर निर्माणकर्ता एजेंसी मध्य प्रदेश एजेंसी फॉर प्रमोशन ऑफ इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी के अधिकारियों के साथ की गई एवं तकनीकी समस्याओं को दूर किये जाने हेतु यूटिलिटी का निर्माण कराकर संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया। (घ) उत्तरांश (ग) अनुसार।

समूह जल प्रदाय योजनाओं की स्थिति

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

13. ( क्र. 124 ) श्री रामपाल सिंह : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रायसेन जिले में बारना बांध, नर्मदा नदी एवं अन्य कौन-कौन सी समूह जल प्रदाय योजना प्रस्तावित है उक्त योजनाओं से किन-किन तहसीलों के कौन-कौन से ग्राम लाभान्वित होंगे? (ख) प्रश्‍नांश (क) की प्रस्तावित समूह जल प्रदाय योजना की निविदा आमंत्रण की क्या स्थिति है तथा उक्त योजनाओं का कार्य कब तक प्रारंभ होगा? (ग) रायसेन जिले की बेगमगंज-गैरतगंज समूह जल प्रदाय योजना का कार्य कब तक पूर्ण होगा तथा ग्रामवासियों को पीने का पानी कब से मिलेगा? (घ) रायसेन जिले की उदयपुरा समूह जल प्रदाय योजना के 109 ग्रामों/बसाहटों में से किन-किन ग्रामों/बसाहटों के परिवारों को पीने का पानी नहीं मिल पा रहा है तथा क्यों कारण बताये तथा इस संबंध में 1 जनवरी 2022 से प्रश्‍न दिनांक तक किन-किन सांसद/विधायकों के पत्र विभाग के अधिकारियों को कब-कब मिले तथा उन पर आज दिनांक तक क्या-क्या कार्यवाही की गई?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) रायसेन जिले में मध्यप्रदेश जल निगम द्वारा बारना बांध आधारित बारना समूह जलप्रदाय योजना, नर्मदा नदी आधारित नर्मदा समूह जलप्रदाय योजना, सेमरी जलाशय आधारित बेगमगंज एक्सटेंशन-2 समूह जल प्रदाय योजना एवं बारना बांध आधारित गैरतगंज-सिलवानी समूह जलप्रदाय योजना स्वीकृत की गई है। उक्‍त योजनाओं से लाभान्वित होने वाले ग्रामों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) योजनाओं के क्रियान्‍वयन हेतु निविदा आमंत्रण सूचना दिनांक 09.06.2023 को जारी की गई है, योजनाओं के कार्य पूर्ण होने की निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ग) बैगमगंज - गैरतगंज समूह जल प्रदाय योजना के कार्य दिनांक 31.07.2023 तक पूर्ण किये जाकर जल प्रदाय किया जाना संभावित है। (घ) रायसेन जिले के अंतर्गत संचालित उदयपुरा समूह जलप्रदाय योजना के अंतर्गत सम्मिलित 109 ग्रामों में से 12 ग्रामों एवं 13 बसाहटों में जलप्रदाय बाधित है, जिसके मुख्‍य कारण सड़क निर्माण में पाइप-लाइन क्षतिग्रस्‍त होना, वॉल्‍ब ऑपरेटर्स द्वारा अकुशल संचालन एवं मोटरपंपस के अनाधिकृत उपयोग आदि हैं, जिनके निराकरण का कार्य प्रगतिरत है। विवरण  पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 एवं 3 अनुसार है।

प्रतिनि‍युक्ति पर पदस्‍थ करने के नियम

[वित्त]

14. ( क्र. 149 ) श्री बापूसिंह तंवर : क्या वित्त मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वित्त विभाग के अधिकारी/कर्मचारी को अन्य शासकीय विभाग में प्रतिनियुक्ति पर पदस्थ करने के क्या नियम है? नियम की प्रति उपलब्ध करायें। (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार उपलब्ध जानकारी में वित्त विभाग के अधिकारी को अन्य विभाग में पदस्थ करने में क्या समय-सीमा भी एक बिन्दु है कि कितने समय के लिये वित्त विभाग का अधिकारी अन्य विभाग में प्रतिनियुक्ति पर पदस्थ रहना चाहियें? (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के अनुसार वित्त विभाग के कितने अधिकारी प्रश्‍न दिनांक तक प्रतिनियुक्ति पर म.प्र. राज्य शिक्षा केन्द्र में पदस्थ है? पदस्थ अधिकारी/कर्मचारियों के नाम व पदनाम राज्य शिक्षा केन्द्र में पदस्थ होने का दिनांक सहित सूची उपलब्ध कराये?

वित्त मंत्री ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) वित्‍त विभाग के अधिकारी/कर्मचारी को अन्‍य शासकीय विभाग में प्रतिनियुक्ति पर पदस्‍थ करने के संबंध में वित्‍त विभाग द्वारा कोई नियम निर्देश जारी नहीं किये गये है। सामान्‍य प्रशासन विभाग द्वारा परिपत्र दिनांक 29 फरवरी, 2008 के माध्‍यम से प्रतिनियुक्ति के संबंध में मार्गदर्शी सिद्धांत जारी किये गये है। जिसकी प्रति  संलग्‍न परिशिष्‍ट पर है। (ख) सामान्‍य प्रशासन विभाग के परिपत्र क्रमांक सी/3-14/06/3/1, दिनांक 29.02.2008 द्वारा जारी प्रतिनियुक्ति मार्गदर्शी सिद्धांत अनुसार प्रतिनियुक्ति सामान्‍यत: 04 वर्ष की होगी, 04 वर्ष से अधिक के लिए जिस विभाग में अधिकारी/कर्मचारी प्रतिनियुक्ति पर है तथा जिस विभाग से सेवाएं दी गई है, उन दोनों विभाग की सहमति होने पर विभाग स्‍तर पर ही निर्णय लिये जाने के निर्देश है। (ग) श्रीमती विजयश्री मिश्रा, कनिष्‍ठ लेखाधिकारी, पदस्‍थापना दिनांक 16.07.2017 एवं श्री जय प्रकाश सोनकर, कनिष्‍ठ लेखाधिकारी, पदस्‍थापना दिनांक 06.09.2021

परिशिष्ट - "चार"

लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकी विभाग द्वारा किए गए कार्य

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

15. ( क्र. 169 ) श्री सुरेन्‍द्र सिंह हनी बघेल : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या निर्वाचित विधायक के पत्र का उत्तर देने संबंधी GAD का स्थाई आदेश क्या लोक स्वा. यांत्रिकी विभाग पर भी लागू होता है? (ख) यदि हाँ, तो प्रश्‍नकर्ता द्वारा फरवरी 2023 को कार्यपालन यंत्री लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग जिला धार से समय-सीमा में जानकारी चाही गई थी? क्या विभाग द्वारा जानकारी प्रदान कर दी गई, यदि हाँ तो प्रतिलिपि उपलब्ध करवाएं यदि नहीं, तो क्‍यों? जानकारी उपलब्ध न कराने पर संबंधित अधिकारी पर क्या कार्यवाही की जाएगी? (ग) विधानसभा कुक्षी में वर्ष 2019 से 2023 तक क्या-क्या कार्य विभाग द्वारा किए गए पंचायतवार कार्य का नाम, योजना का नाम, मद, स्वीकृत राशि, व्यय राशि, कार्य पूर्ण होने का दिनांक व किसके माध्यम से कार्य करवाया गया? सारणीबद्ध जानकारी उपलब्ध कराएं। (घ) प्रश्‍नांश (ग) के अनुसार जिन कार्यों को स्वीकृति नहीं मिली या लंबित रहे उनका क्या कारण रहा? वह कब तक पूरे किए जाएंगे?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जी हाँ। (ख) जी हाँ, जी हाँ, छायाप्रतियाँ पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है, शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 एवं 3 अनुसार है(घ) उत्‍तरांश '''' में उल्‍लेखित सभी कार्यों की स्‍वीकृति प्राप्‍त है, अत: स्‍वीकृति न मिलने या लंबित रहने का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है, स्‍वीकृत कार्यों के पूर्ण होने संबंधी  जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 एवं 3 अनुसार है

जल-जीवन मिशन योजना की जानकारी

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

16. ( क्र. 250 ) श्री उमंग सिंघार : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या जल-जीवन मिशन योजना अंतर्गत धार जिले के समस्त विकासखण्डों में संचालित नल-जल योजना का कार्य क्रियान्वित है? वर्तमान में जिले में कितने ग्रामों में कार्य प्रगतिरत है? कितने ग्राम में कार्य पूर्ण किया जा चुका है एवं कितनी जगह कार्य प्रारम्भ नहीं हुआ है? ब्लॉकवार कार्यों की जानकारी उपलब्ध करावे एवं उक्त कार्यों पर अभी तक कितनी-कितनी राशि खर्च की जा चुकी है? (ख) प्रश्‍नांकित (क) के कार्यों अनुसार योजना के प्राकलन में ग्रामीणों को नल का कनेक्शन घर के अंदर दिया जाना प्रस्तावित है अथवा नहीं? (ग) पाईपों को ठेकेदार के द्वारा ही क्रय किया जा रहा है अथवा विभाग के द्वारा ठेकेदारों को सप्लाई किया जा रहा है? पाईप क्रय करने हेतु विभाग द्वारा आनलाइन पद्धति‍ से कोटेशन या टेण्डर बुलाये गये थे अथवा नहीं? यदि नहीं, बुलाये गये थे तो किस आदेश से किस कंपनी को पाईप सप्लाई का आदेश दिया गया है? आदेश की छायाप्रति उपलब्ध करावे? (घ) प्रश्‍नांकित (क) के कार्यों की गुणवत्ता एवं अनियमितता की प्रश्‍नकर्ता द्वारा माननीय मुख्यमंत्री महोदय को पत्र क्रमांक 1753/2022/दिनांक 20.05.2022, 1971/2022/दिनांक 16.9.2022. 2091/2023/दिनांक 28.04.2023 को विभाग के प्रमुख सचिव एवं प्रमुख अभियंता को पत्र क्रमांक 1960/2023/दिनांक 22.2.2023 के साथ कलेक्टर को लिखित शिकायत कर उक्त कार्यों की जांच की जाकर दोषियों पर सख्त कार्यवाही हेतु पत्र लिखा गया था? लेकिन प्रश्‍न दिनांक तक जांच क्यों नहीं की गई है? कब तक जांच करवाकर दोषि‍यों पर कार्यवाही की जायेगी? समय-सीमा बतायें।

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जी हाँ। जल जीवन मिशन अंतर्गत एकल ग्राम नल-जल योजनाओं तथा समूह जल प्रदाय योजनाओ के क्रियान्‍वयन से संबंधित जानकारी संलग्‍न  परिशिष्ट के प्रपत्र-1 एवं 2 अनुसार है। (ख) नल कनेक्‍शन उपभोक्‍ता के घर के बाहर परिसर में किया जाता है। (ग) ठेकेदारों के द्वारा विभाग में सूचीबद्ध मेक ब्रांड के अनुसार संबंधित एजेंसियों से पाइप का क्रय किया जा रहा है। शेष प्रश्‍नांश उपस्थित नहीं होता है। (घ) जी हाँ। प्रश्‍नांश में उल्‍लेखित शिकायतों की जांच हेतु प्रमुख अभियंता, लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकी विभाग, भोपाल के आदेश क्रमांक-2117/प्र.अ./राज. (स्‍था)/लो.स्‍वा.या.वि./2023 दिनांक 13/06/2023 द्वारा विकासखण्‍डवार 03 जांच दलों का गठन किया गया है। जांच की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। जांच के निष्‍कर्ष के आधार पर कार्यवाही की जा सकेगी, निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

परिशिष्ट - "पाँच"

अवैध नियुक्ति निरस्‍त किया जाना

[महिला एवं बाल विकास]

17. ( क्र. 264 ) श्री करण सिंह वर्मा : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या आयुक्‍त महिला एवं बाल विकास के पत्र क्रमांक स्‍था-4/म.बावि/2019/44 दिनांक 02.01.2020 द्वारा श्री गौतम आर्य एवं श्री गणेश निकुम, दै.वे.भोगी की नियम विरूद्ध नियुक्ति निरस्‍त करने के निर्देश दिए गए थे? यदि हाँ तो तीन वर्ष से अधिक समय व्‍यतीत होने के बावजूद अभी तक उक्‍त अवैध नियुक्ति निरस्‍त क्‍यों नहीं की गई? (ख) उक्‍त अवैध नियुक्तियाँ कब तक निरस्‍त कर दी जावेगी। (ग) उक्‍त अवैध नियुक्तियाँ निरस्‍त करने में हुए विलंब के लिए कौन-कौन अधिकारी/कर्मचारी दोषी है और उनके विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की जा रही है?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जी हाँ। कार्यवाही प्रकियाधीन थी। (ख) म.प्र. राज्य महिला आयोग के आदेश क्रमांक 8830-31/2010/स्था./भोपाल दिनांक 13.08.2010 एवं आदेश क्रमांक 12935-36 दिनांक 05.09.2012 द्वारा श्री गौतम आर्य एवं श्री गणेश निकुम, दैनिक वेतन भोगी की नियुक्ति की गई थी। उक्त आदेश को म.प्र. राज्य महिला आयोग के आदेश क्रमांक 4765-66 एवं 4767- 68/स्था./रा.म.आ./2023 दिनांक 27.06.2023 द्वारा निरस्त करते हुये पद से पृथक कर दिया गया है। (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्‍न उत्पन्न नहीं होता।

आयुष्मान योजना में हुए फर्जीवाड़े की जांच

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

18. ( क्र. 269 ) श्री हर्ष विजय गेहलोत (गुड्डू) : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता के प्रश्‍न क्रमांक 2336 दिनांक 15 मार्च 2023 के प्रश्‍नांश (क) से (घ) के अनुसार बतावें कि एस.ओ.पी. फॉर इम्पेनलमेंट ऑफ प्रोवाईडर्स की किस धारा के तहत आर्थिक फर्जीवाड़े को घोटाला न मानते हुए अनियमितता माना है? (ख) आयुष्मान योजना के प्रारंभ से मई 2023 तक संबंधित कितने अस्पतालों का निरीक्षण/ऑडिट किया गया, उन अस्पतालों का नाम, पता, निरीक्षण ऑडिट की दिनांक, अनियमितता पाई गई या नहीं? यदि पाई गई तो वह एस.ओ.पी. के एनेकशर '''' में उल्लेखित 12 केटेगरी में से किस-किस कैटेगरी की है। सूची सहित बतावें। (ग) प्रश्‍नांश (ख) में उल्लेखित अस्पतालों के निरीक्षण/ऑडिट में जिन अस्पतालों में एस.ओ.पी. के एनेकशर '''' के क्रम 2 अनुसार हॉस्पिटल फ्राड पाया गया है? उनकी सूची, फ्राड का प्रकार, की गई कार्यवाही सहित जानकारी प्रदान करें। (घ) प्रश्‍न 2336 के प्रश्‍नांश (घ) में राशि के क्रम से 25 अस्पतालों के नाम, पता, कितने मरीजों के लिए कितनी राशि का भुगतान किया गया? मांगी गई सूची, जो पूर्व में नहीं दी गई,उसे अब योजना के प्रारंभ से मई 2023 के अनुसार प्रदान करें। (ड.) चिरायु मेडिकल कॉलेज एण्‍ड हॉस्पिटल तथा चिरायु हेल्थ एण्‍ड मेडिकेयर प्राइवेट लिमिटेड ने योजना के प्रारंभ से मई 2023 तक कितने-कितने मरीजों का इलाज किया, उन्हें कितना भुगतान किया गया तथा निरीक्षण ऑडिट में अगर कोई अनियमितता पाई गई तो उन्हें दिए गए नोटिस की प्रति देवें।

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. प्रभुराम चौधरी ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। एस.ओ.पी फॉर इम्पेनलमेंट ऑफ प्रोवाइडर्स अंतर्गत अनियमितता शब्द माना गया है। (ख) एवं (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ड़) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र  '''' अनुसार है  तथा शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

माध्यम द्वारा क्रय की गई सामग्री की जानकारी

[जनसंपर्क]

19. ( क्र. 270 ) श्री हर्ष विजय गेहलोत (गुड्डू) : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) माध्यम की 2021-22 से 2022- 23 की बैलेंस शीट, आय व्यय पत्रक देवें। बतावे कि माध्यम सामग्री और सेवाएं क्या मध्यप्रदेश भंडार क्रय नियम या जेएम पोर्टल से करता है या स्वीकृत दर से करता है। स्वीकृत दर से कार्य किस नियम से किया जाता है, उस नियम की प्रति देवें? (ख) 2021-22 से 2022-23 तक माध्यम द्वारा एक वर्ष में 10 लाख से अधिक की सामग्री सेवा के लिए जिस संस्था को कार्य दिया गया हो, उसका नाम, जीएसटी क्रमांक, कार्यादेश की दिनांक, कार्य का प्रकार, देय राशि भुगतान की दिनांक, सहित सूची देवें तथा प्राप्त बिल की प्रति देवें संस्था ने जीएसटी का भुगतान किया है या नहीं, इसका परीक्षण माध्यम द्वारा किया जाता है या नहीं? (ग) माध्यम द्वारा अप्रैल 21 से मई 23 तक किस-किस आयोजन के लिये कुल कितनी लागत से कार्य किए गए तथा उसके लिए कितना-कितना भुगतान किस संस्था एजेंसी को किया गया। (घ) जनवरी 2023 से मई 2023 तक माध्यम द्वारा मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना के आयोजन का कार्य किस-किस शहर में, किस दिनांक को कितनी राशि का किया गया। (ड.) माध्यम द्वारा 2020-21 से मई 2023 तक किस-किस प्रेस में किस दर से कितनी राशि में क्या-क्या सामग्री छपवाई गई? बिल की प्रति देवें तथा प्रेस का चयन टेंडर द्वारा किया गया या स्वीकृत दर से किया गया?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) 2021-22 की बैलेंस शीट, आय-व्‍यय की  जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है2022-23 की बैलेंस शीट तैयार करने की कार्यवाही प्रचलन में है। सामग्री का क्रय निविदा आमंत्रित कर प्राप्‍त न्‍यूनतम दरों के आधार पर किया जाता है। (ख) से (ड.) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

परिशिष्ट - "छ:"

मरीजों हेतु एम्‍बुलेंस की सेवा

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

20. ( क्र. 278 ) श्री कमलेश्‍वर पटेल : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या जिला चिकित्‍सालय सीधी के साथ-साथ सिंहावल विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र सिहावल, देवसर एवं उपस्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र बहरी में मरीजों को लाने-लेजाने हेतु एम्‍बुलेंस की सुविधा उपलब्‍ध हैं? यदि हाँ, तो किस केन्‍द्र में कितनी है एवं कब और किसके द्वारा प्रदाय की गई है? विवरण देवें। (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में उक्‍त प्रदाय एम्‍बुलेंस सुविधा में संचालन हेतु शासन/प्रशासन द्वारा क्‍या व्‍यवस्‍था की गई है? कितने ड्राइवर एवं चिकित्‍सक की भर्तियों इस हेतु की गई है? यदि नहीं, की गई तो संचालन कैसे किया जा रहा है? विवरण दें। (ग) क्‍या यह सत्‍य है कि उक्‍त केन्‍द्रों में एम्‍बुलेंस खड़ी होने के बावजूद ड्राइवर नहीं होने से मरीजों को चिकित्‍सालय तक नहीं लाया जाता है, जिससे मरीज को सेवाओं का लाभ प्राप्‍त नहीं हो पाता है? यदि हाँ, तो शासन/प्रशासन द्वारा उक्‍त गंभीर समस्‍या का क्‍या समाधान किया जा रहा है, कृपया अवगत करावें। (घ) जिला चिकित्‍सालय एवं सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्रों में वर्ष 2022-23 में कितनी-कितनी राशि किस-किस प्रयोजन हेतु प्राप्‍त हुई एवं कहां-कहां व्‍यय किया गया है? जानकारी प्रदाय की जाए। एम्‍बुलेंस सेवा में किया गया व्‍यय की विस्‍तृत जानकारी दी जाए।

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. प्रभुराम चौधरी ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

हैण्‍डपंप सुधार

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

21. ( क्र. 279 ) श्री कमलेश्‍वर पटेल : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सिहावल विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत खराब हैण्‍डपंप की पंचायतवार संख्‍या क्‍या है? वर्ष 2023-24 से प्रश्‍न दिनांक तक कितने हैण्‍डपंप सुधार किये गये है? कितने सुधार करने योग्‍य है? (ख) क्‍या यह सत्‍य है कि सुधार कार्य ठेकेदारी प्रथा पर हो रहा है यदि हाँ, तो ठेकेदारी प्रथा समाप्‍त कर हैण्‍डपंप सुधार हेतु विभाग को अधिकृत किया जाए यदि नहीं, तो क्‍यों? (ग) क्‍या हैण्‍डपंप और नलजल योजना के संधारण के लिए ठेकेदारी प्रथा को हटाकर विभाग को सौपने की कोई योजना है यदि हाँ तो क्‍या और कब तक पूर्ण होगी? यदि नहीं, तो क्‍यों? (घ) सीधी जिले में हैण्‍डपंप खनन का लक्ष्‍य कितना है? आज भी जिले के कई ग्रामों में पीने के पानी की भारी कमी है उनकी पूर्ति का क्‍या प्रावधान है? विगत 2 वर्षों से लक्ष्‍य की स्थिति बताएं?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) जी हाँ, ठेकेदारों द्वारा हैण्‍डपंपों का सुधार कार्य विभाग की मॉनीटरिंग में कराया जाता है, शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) वर्तमान में विभाग में हैण्‍डपंपों के संधारण कार्य हेतु उपलब्‍ध अमला के अनुसार हैण्‍डपंपों के संधारण का कार्य विभागीय अमले/आउटसोर्सिंग द्वारा कराया जा रहा है तथा नल-जल योजनाओं के संधारण का कार्य संबंधित ग्राम पंचायत/ग्राम जल एवं स्‍वच्‍छता समिति द्वारा कराया जाता है, शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (घ) सीधी जिले में वर्ष 2023-24 में नवीन हैंडपंप हेतु 70 नलकूपों का लक्ष्‍य है, सीधी जिले के समस्‍त ग्रामों में हैंडपंप/नल-जल योजना के माध्‍यम से पेयजल व्‍यवस्‍था की गई है। जल-जीवन मिशन अंतर्गत जिले के समस्‍त ग्रामीण परिवारों को नल से जल प्रदाय करने हेतु एकल/समूह जल प्रदाय योजनाएं स्‍वीकृत की गईं हैं। विगत 02 वर्षों, वर्ष 2021-22 एवं 2022-23 में नवीन हैंडपंप स्‍थापना हेतु क्रमश: 65 एवं 125 नलकूपों के खनन का लक्ष्‍य था, जिसके विरूद्ध क्रमश: 65 एवं 125 नलकूपों का खनन किया गया।

परिशिष्ट - "सात"

राज्‍य की वित्‍तीय स्थिति पर श्‍वेत पत्र

[वित्त]

22. ( क्र. 301 ) श्री सज्जन सिंह वर्मा : क्या वित्त मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) 31 मार्च, 2023 की स्थिति में राज्‍य पर कुल कितना कर्जा हैं एवं 01 अप्रैल, 2023 से 15 जून 2023 तक की अवधि की स्थिति में कुल कितना कर्जा और लिया गया है तथा और कितना कर्जा लेना प्रस्‍तावित है? (ख) 31 मार्च, 2023 की स्थिति में राज्‍य सरकार के कर्ज के अलावा निगम मण्‍डल, विद्युत कंपनियां आदि पर कुल कितना कर्जा हैं? राज्‍य सरकार एवं निगम मण्‍डल, विद्युत कंपनी आदि को मिलाकर कुल कितना कर्जा राज्‍य सरकार पर है? (ग) उपरोक्‍त प्रश्‍नांश के परिप्रेक्ष्‍य में इन उक्‍त कर्जों पर राज्‍य सरकार को कितना ब्‍याज प्रतिवर्ष देना पड़ रहा है एवं वर्तमान में राज्‍य का प्रति व्‍यक्ति कितनी राशि का कर्जदार हैं? (घ) क्‍या राज्‍य के विकास कार्यों के लिए उक्‍त कर्जा लिया गया हैं? यदि हाँ, तो उक्‍त कर्ज की राशि में से कितनी राशि गैर विकास कार्यों में व्‍यय की गई हैं? (ड.) क्‍या राज्‍य की वित्‍तीय स्थिति बहुत ज्‍यादा खराब हो रही है? यदि नहीं, तो क्‍या राज्‍य सरकार राज्‍य की वित्‍तीय स्थिति पर श्‍वेत पत्र जारी कर प्रदेश की जनता को वस्‍तुस्थिति से अवगत करायेंगे? यदि हाँ तो कब तक? यदि नहीं, तो क्‍यों?

वित्त मंत्री ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) से (ड.) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

सरकारी पदों पर युवाओं को रोजगार

[सामान्य प्रशासन]

23. ( क्र. 302 ) श्री सज्जन सिंह वर्मा : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रदेश के माननीय मुख्‍यमंत्री जी ने माह अक्‍टूबर,2021 में जोबट जनदर्शन के दौरान 01 वर्ष में 01 लाख सरकारी नौकरियों में युवाओं की भर्ती किये जाने एवं माह अगस्‍त 2022 में 01 साल के अंदर 01 लाख सरकारी पदों पर भर्ती किये जाने की घोषणा की थी? (ख) यदि हाँ, तो वर्तमान स्थिति में सरकारी पदों पर कितने युवाओं को किन-किन विभागों के अंतर्गत नौकरी दी जा चुकी हैं? (ग) मुख्‍यमंत्री जी की घोषणा के अनुसार लगभग 03 वर्षों में 01 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी में भर्ती नहीं किये जाने के क्‍या कारण हैं?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) माननीय मुख्‍यमंत्रीजी द्वारा माह मार्च, 2022 एवं माह अगस्‍त, 2022 को घोषणा की गई है कि एक वर्ष में एक लाख सरकार भर्तियां की जावेगी, जिसका प्रारंभ 15 अगस्‍त, 2022 से होगा। (ख) जानकारी एकत्रित की जा रही है। (ग) प्रश्‍नांश '''' के उत्‍तर के संदर्भ में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

लोकायुक्‍त एवं EOW के प्रकरणों की जानकारी

[सामान्य प्रशासन]

24. ( क्र. 314 ) श्री जितु पटवारी : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) लोकायुक्‍त एवं ई.ओ.डब्‍लू में अभियोजना की स्‍वीकृति देने वाली कमेटी के अध्‍यक्ष तथा सदस्‍य कौन-कौन है? 15 जून 2023 की स्थिति में दोनों संगठनों में अभियोजन की स्‍वीकृति के लंबित प्रकरण कितने-कितने है? (ख) प्रश्‍नांश (क) में उल्‍लेखित लंबित प्रकरणों में शिकायत की दिनांक प्रकरण दर्ज करने की दिनांक आरोपी का नाम, तात्‍कालिक पद, जांच का विषय जांच पूर्ण करने का दिनांक, अभियोजन की स्‍वीकृति के लिए शासन को भेजने का दिनांक, भेजे गए रिमाईंडर की दिनांक, सहित सूची देवें? (ग) क्‍या लोकायुक्‍त तथा ई.ओ.डब्‍लू द्वारा अभियोजन की स्‍वीकृति हेतु भेजे गए प्रकरणों में विभागीय स्‍तर पर पुन: जांच कर लोकायुक्‍त एवं ई.ओ.डब्‍लू के आरोप को झुठलाया जा सकता है? यदि हाँ, तो इस संबंध में जारी परिपत्र, दस्‍तावेज की प्रति उपलब्‍ध कराएं? (घ) पिछले 5 साल में प्रश्‍नांश (ग) अनुसार कितने प्रकरण हुए है उनमें अधिकारी के नाम, तात्‍कालिक पद, आरोप का विषय, लोकायुक्‍त द्वारा अभियोजन की स्‍वीकृति के लिए भेजे गए पत्र की दिनांक, समिति द्वारा लोकायुक्‍त एवं ई.ओ.डब्‍लू अनुशंसा को नकारने की दिनांक, नकारने का कारण, प्रकरण की अद्यतन स्थिति सहित सूची देवें? (ड.) लोकायुक्‍त एवं ई.ओ.डब्‍लू वर्ष 2019-20 से 2022-23 के वार्षिक प्रतिवेदन की प्रतियां देवें तथा इन्‍हें विधान सभा के पटल में किस-किस सत्र में रखा गया तथा सामान्‍य प्रशासन के वार्षिक प्रतिवेदन में लोकायुक्‍त तथा ई.ओ.डब्‍लू. के अभियोजन की स्‍वीकृति हेतु लंबित प्रकरणों की संख्‍या की जानकारी क्‍यों नहीं है?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) से (ड.) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

मुख्‍यमंत्री स्‍वेच्‍छानुदान का विवरण

[सामान्य प्रशासन]

25. ( क्र. 315 ) श्री जितु पटवारी : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मुख्‍यमंत्री स्‍वेच्‍छानुदान मद में वर्ष 2020-21 से 2022-23 तक बजट प्रावधान कितना था, आवंटित राशि तथा व्‍यय राशि तथा प्रति प्रकरण में स्‍वीकृत औसत राशि वर्षवार बतावें? (ख) प्रश्‍नांश (क) में उल्‍लेखित मद, उल्‍लेखित अवधि में वर्षवार किस-किस विधानसभा क्षेत्र से कितने आवेदन प्राप्‍त हुए, कितने आवेदन स्‍वीकृत कर, कुल कितनी राशि दी गई? (ग) क्‍या मुख्‍यमंत्री स्‍वेच्‍छानुदान मद में एक प्रकरण में अधिकतम रूपए 2 लाख दिए जा सकते हैं। यदि इस नियम में कोई संशोधन हुआ है तो उसकी प्रति देवें? मुख्‍यमंत्री स्‍वेच्‍छानुदान में प्रश्‍नांश (क) में उल्‍लेखित अवधि में किस-किस विधानसभा क्षेत्र में मुख्‍यमंत्री जी द्वारा 2 लाख तथा उससे अधिक की राशि कितने प्रकरणों में स्‍वीकृत की गई, वर्षवार जानकारी दें। (घ) मुख्‍यमंत्री स्‍वेच्‍छानुदान मद में वर्ष 2020-21 से 2022-23 तक 2 लाख से अधिक राशि जिन संस्‍थाओं व्‍यक्ति को स्‍वीकृत की गई है, उनका नाम, स्‍वीकृत की गई राशि, भुगतान की दिनांक, विधानसभावार वर्षवार बताएं। (ड.) क्‍या वर्ष 2022-23 के वार्षिक प्रविदेन के पृष्‍ठ 14 खंड 3.6 के अनुसार मुख्‍यमंत्री स्‍वेच्‍छानुदान में अधिकतम स्‍वीकृत राशि की लिमिट 2 लाख है। क्‍या यह भी सही है कि इसी पृष्‍ठ में उल्‍लेखित 31/12/2022 की स्थिति में इस मद में 164 करोड़ रूपये व्‍यय किया गया तथा कुल स्‍वीकृत प्रकरण 2812 है क्‍या यह भी सही है कि इस अनुसार प्रति स्‍वीकृत प्रकरण औसत राशि रूपये 5.8 लाख होती है यदि तीनों का उत्‍तर हाँ है, तो क्‍या मुख्‍यमंत्री स्‍वेच्‍छानुदान में हुए करोड़ों के घोटालों की जांच की जाएगी?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क)

वर्ष

बजट प्रावधान (₹)

आवंटित राशि (₹)

व्‍यय राशि (₹)

2020-21

110 करोड़

110 करोड़

96,28,56,154

2021-22

130 करोड़

130 करोड़

1,26,79,98,534

2022-23

200 करोड़

200 करोड़

1,90,36,84,730

उपरोक्‍तानुसार राशि विभिन्‍न वित्‍तीय वर्ष में चिकित्‍सा, दुर्घटनाओं व शहीद से संबंधित प्रकरणों में सहायता राशि स्‍वीकृत की गई है। प्रत्‍येक हितग्राही को माननीय मुख्‍यमंत्री जी द्वारा राशि स्‍वीकृत की जाती है। औसत राशि बताया जाना संभव नहीं है। (ख) जानकारी एकत्रित की जा रही है। (ग) जी हाँ, जी नहीं। शेषांश की जानकारी एकत्रित की जा रही है। (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है। (ड.) जी हाँ, जी नहीं, शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

मध्‍यप्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा चयनित पदों में आरक्षण

[सामान्य प्रशासन]

26. ( क्र. 329 ) सुश्री हिना लिखीराम कावरे : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्‍यप्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा चयनित पदों में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्‍य पिछड़ा वर्ग तथा आर्थिक कमजोर वर्गों को कितने-कितने प्रतिशत आरक्षण के प्रावधान है? (ख) आरक्षित वर्ग के अभ्‍यर्थी यदि अनारक्षित वर्ग में चयनित हो जाये तो आरक्षित वर्गों के लिए निर्धारित स्‍थानों में उनकी गिनती की जाती है या नहीं? (ग) यदि प्रश्‍नांश (ख) का उत्‍तर हाँ है तो क्‍या आयोग इसे उचित मानता है?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) मध्‍यप्रदेश लोक सेवा (अनु‍सचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों और अन्‍य पिछड़े वर्गों के आरक्षण) अधिनियम, 1994 एवं संशोधन अधिनियम, 2019 के अनुसार अनुसूचित जाति को 16 प्रतिशत, अनुसूचित जनजाति को 20 प्रतिशत एवं अन्‍य पिछड़े वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान है। साथ ही आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को 10 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान परिपत्र दिनांक 02 जुलाई, 2019 के द्वारा किया गया है। (ख) जी नहीं। (ग) प्रश्‍नांश '''' के उत्‍तर के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

जामवंत गुफा को पर्यटन स्‍थल घोषित किया जाना

[पर्यटन]

27. ( क्र. 355 ) श्री आशीष गोविंद शर्मा : क्या पर्यटन मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) मध्‍यप्रदेश के ऐसे कौन-कौन से स्‍थान हैं जिनके प्रस्‍ताव विभाग के पास पर्यटन स्‍थल घोषित किये जाने हेतु आये है, उन स्‍थानों के नाम बतावें। (ख) विभाग के पास जिन स्‍थानों के प्रस्‍ताव पर्यटन स्‍थल घोषित किये जाने हेतु आये है उन्‍हे पर्यटन स्‍थल का दर्जा कब तक दे दिया जावेगा? समयावधि बतावें। (ग) खातेगांव विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत ऊंची पहाड़ियों के बीच एक बहुत ही अच्‍छा रमणीक स्‍थल है जो कि लोगों की आस्‍था का केन्‍द्र है एवं जामवंत गुफा के नाम से जाना जाता है। क्‍या विभाग के पास प्रस्‍ताव में उक्‍त स्‍थल प्रस्‍तावित है? (घ) खातेगांव विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत जामवंत गुफा को पर्यटन स्‍थल घोषित किये जाने सम्‍बंधी प्रस्‍ताव विचाराधीन है तो उक्‍त स्‍थान का जीर्णोद्धार संबंधी कार्य कब से शुरू किये जावेगा अथवा पर्यटन स्‍थल कब घोषित किया जावेगा?

पर्यटन मंत्री ( सुश्री उषा ठाकुर ) : (क) म.प्र. पर्यटन नीति (2016) यथा संशोधित 2019 के अनुसार पर्यटन स्थल घोषित किये जाने का कोई प्रावधान नहीं है। अत: इस प्रकार की कोई जानकारी संधारित नहीं की जाती। (ख) उत्‍तरांश अनुसार। (ग) जी नहीं। (घ) उत्‍तरांश अनुसार।

विधानसभा क्षेत्र पनागर के अंतर्गत नल-जल योजना

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

28. ( क्र. 396 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या जल-जीवन मिशन के अंतर्गत मार्च 2024 तक प्रत्‍येक घर में नल से पेयजल प्रदान करने का लक्ष्‍य निर्धारित है? (ख) क्‍या विधानसभा क्षेत्र के 238 ग्रामों में से 119 ग्रामों में सिंगल विलेज नल-जल योजना स्‍वीकृत है जिनमे योजना प्रारंभ से अभी तक पिपरियाकलां, बल्‍हवारा, सालीवाडा गौर, महगवां परतला, रैपुरा, सहित 18 ग्रामों में 50 प्रतिशत से अधिक घरों में पानी नहीं पहुंचा है एवं अधिकांश ग्रामों में गढ्ड़े खोदकर पाईप डालने का कार्य बंद कर दिया है? (ग) प्रश्‍न क्र. 77 दि. 20 दिसम्‍बर 2022 के उत्‍तर में बताया गया है कि पडवार पडरिया समूह एवं जबलपुर समूह जल प्रदाय योजनाओं की प्रशासकीय स्‍वीकृति प्रदान की जा चुकी है एवं प्रश्‍न क्र. 1014, दिनांक 15 मार्च 2023 में बताया गया है कि इन योजनाओं के पूर्ण होने की अवधि 2 वर्ष है? (घ) प्रश्‍नांश (ग) के अंतर्गत अभी तक कार्य शुरू नहीं हुआ है तो क्‍या इन ग्रामों में तत्‍कालिक पेयजल समस्‍या के निवारण हेतु हैण्‍डपंप खनन कर पेयजल की आपूर्ति की जावेगी?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जी हाँ। (ख) 119 एकल ग्राम नल-जल योजनाएं स्‍वीकृत हैं। ग्राम पिपरियाकला, महगवां परतला का कार्य 80 प्रतिशत पूर्ण एवं जल प्रदाय चालू, बल्हवारा का कार्य 80 प्रतिशत पूर्ण है, सालीवाडा एवं रैपुरा का कार्य पूर्ण एवं जलप्रदाय चालू हैजानकारी पुस्तकालय में रखे  परिशिष्ट  अनुसार है। पाइप-लाइन बिछाने के कार्य हेतु 41,380 मीटर सड़क खोदी गई थी, जिसमें से 35,575 मीटर का पुनर्निर्माण कर यथास्थिति में कर दिया गया है एवं शेष कार्य प्रगति पर है। (ग) जी हाँ। जी हाँ। (घ) योजनाओं का सर्वेक्षण एवं रूपांकन का कार्य प्रगति पर है, तात्‍कालिक पेयजल समस्‍या के निवारण हेतु पूर्व से स्‍थापित हैंडपंपों एवं आवश्यकतानुसार नलकूप खनन कर हैंडपंप स्‍थापना के माध्‍यम से पेयजल की आपूर्ति की जा रही है।

नहर रोड पर काली मिट्टी का प्रयोग

[नर्मदा घाटी विकास]

29. ( क्र. 397 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या बहदन बायपास से आरछा गांव की डब्‍ल्‍यू.बी.एम. पुरानी नहर रोड के ऊपर 3-4 फीट काली मिट्टी डाली गई है? (ख) यदि हाँ, तो क्‍या उक्‍त सड़क का आवागमन बंद करने के लिये जानबूझकर काली मिट्टी का उपयोग किया जा रहा है? (ग) क्‍या निर्माण निर्देशिका में पुरानी डब्‍ल्‍यू.बी.एम. सडकों के ऊपर काली मिट्टी डालकर बैंक रेजिंग करने का नियम है? (घ) यदि नहीं, तो क्‍या इस प्रकार के निर्माण कार्य की जांच कराई जायेगी एवं दोषी अधिकारी पर कार्यवाही होगी?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जी नहीं। ग्राम बहदन से ग्राम आरछा के बीच नहर के सर्विस रोड पर डब्‍ल्‍यू.बी.एम. का निर्माण नहीं किया गया है। अनुबंध क्रमांक 09/डी.एल./2022-23 दिनांक 10.08.2022 के अंतर्गत नहर के बैंक में रूपांकित स्‍तर पर बैंक रेजिंग एवं जंगल सफाई का कार्य प्रगति पर है। बैंक रेजिंग हेतु काली मिट्टी का प्रयोग किया गया है। (ख) एवं (ग) जी नहीं। (घ) उत्‍तरांश (क), (ख) एवं (ग) के परिप्रेक्ष्‍य में निर्माण कार्य की जांच की आवश्‍यकता नहीं है। कोई अधिकारी दोषी नहीं है।

विधानसभा क्षेत्र पनागर के अंतर्गत नहरों का रख-रखाव

[नर्मदा घाटी विकास]

30. ( क्र. 401 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या नहरों के निर्माण में शासकीय राशि व्‍यय हुई परन्‍तु तकनीकी खामियों एवं रख-रखाव न होने के कारण किसानों के खेतों तक सिंचाई का पानी नहीं पहुंचा? (ख) प्रश्‍नांश (क) के अंतर्गत क्‍या यह सही है कि बघौडी, नगना एवं अन्‍य कई नहरों का निर्माण 10-15 वर्ष पूर्व हुआ था? जिनमें आज तक पानी नहीं पहुंचा है? (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के लिये कौन जवाबदार है? (घ) पिछले 3 वर्षों में कितनी नहरों का संधारण किया गया एवं कितनी राशि व्‍यय हुई? नहरवार जानकारी देवें?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जी हाँ। नहरों का निर्माण कार्य सभी तकनीकी बिन्‍दुओं को ध्‍यान में रखते हुए किया गया है तथा किसानों के खेतों तक आवश्‍यकतानुसार सिंचाई का पानी पहुँच रहा है। (ख) जी नहीं। सभी नहरों में वर्तमान में पानी पहुँच रहा है। विस्‍तृत विवरण संलग्‍न  परिशिष्‍ट '''' अनुसार है। (ग) उत्‍तरांश (क) एवं (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) पनागर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत विगत 3 वर्षों से संधारण की गई नहरों एवं व्‍यय की गई राशि का नहरवार विवरण  संलग्‍न  परिशिष्‍ट '''' अनुसार है।

परिशिष्ट - "आठ"

एन.एच.एम. की संविदा नियुक्ति

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

31. ( क्र. 416 ) डॉ. सतीश सिकरवार : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या नेशनल हेल्थ मिशन द्वारा प्रदेश व अन्य संभागों में मार्च 2023 तक के लिये एन.एच.एम की संविदा नियुक्ति करनी थी परीक्षा लेने के बाद नौ माह तक परिणाम घोषित नहीं हो सके नियुक्ति अवधि भी निकल गई इसके लिये कौन अधिकारी, संस्था जिम्मेदार रही उनके खिलाफ क्या कार्यवाही की जावेगी? (ख) मार्च 2022 से मार्च 2023 तक स्टाफ नर्स, फार्मासिस्ट के 671-611 पदों के लिये विज्ञापन 22 अप्रैल, 2022 को किया गया किस कम्पनी को पूर्ण कार्य की जिम्मेदारी दी गई थी उस कम्पनी का नाम, पता, कार्य जो सौंपे गये उसका विवरण सहित पूर्ण जानकारी दी जावे। (ग) उक्त पदों की परीक्षा कब ली गई परीक्षा के केन्द्र कहां-कहां बनाये गये परिणाम घोषित होने में विलम्ब के क्या कारण रहे विभाग की ओर से कौन-कौन अधिकारी कर्मचारियों को देख-रेख की जिम्मेदारी दी गई ऐसे अधिकारी, कर्मचारियों के खिलाफ विभाग द्वारा कार्यवाही क्यों नहीं की तथ्यों सहित पूर्ण जानकारी दी जावे। (घ) क्या निजी अस्पताल संचालकों को इसका लाभ जानबूझकर दिया जा रहा है क्या शासन इसकी जाँच कर कार्यवाही करेगा?

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. प्रभुराम चौधरी ) : (क) जी हाँ। Strategic Alliance Management Services (SAMS) Pvt.Ltd. द्वारा परीक्षा आयोजन में बरती गई लापरवाही के कारण संस्था को 3 वर्ष के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन द्वारा डिबार किया गया है। (ख) राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन द्वारा Strategic Alliance Management Services (SAMS) Pvt.Ltd संस्था को जिम्मेदारी दी गई थीजिसका पता-1/1-B Ground Floor, Chaudhury Hetram House, Bharat Nagar, New Friends Colony, Near Mata Ka Mandir, New Delhi 110025, (ग) संविदा स्टॉफ नर्स की परीक्षा दिनांक 03/08/2022 एवं संविदा फार्मासिस्ट की परीक्षा 04/8/2022 को आयोजित की गई थी, संविदा स्टॉफ नर्स परीक्षा के केन्द्र भोपाल,ग्वालियरइन्दौरजबलपुर,सागर सतना एवं उज्जैन। संविदा फार्मासिस्ट परीक्षा केन्द्र भोपाल एवं इन्दौर बनाये गये, भर्ती परीक्षा की समस्त जिम्मेदारी Strategic Alliance Management Services (SAMS) Pvt.Ltd. संस्था के अधिकारी/कर्मचारियों की थी,जिसे तीन वर्ष हेतु डिबार किया गया। (घ) जी नहीं। प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

अस्पतालों में खाली पदों की जानकारी

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

32. ( क्र. 417 ) डॉ. सतीश सिकरवार : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या मुरैना जिले पिछले चार वर्षों से जिला अस्पताल से लेकर अंचल के अस्पतालों में पचास से अधिक विशेषज्ञ चिकित्सक 20 से अधिक मेडिकल आफिसरों के पद खाली पडे़ हैं क्यों जून 2023 की स्थिति की जानकारी दी जावे। (ख) क्या विशेषज्ञ चिकित्सकों के अभाव में पोरसा, अम्बाह, दिमनी, खड़ियाहार, जौरा, कैलारस, सबलगढ़, पहाड़गढ से रेफर मरीज मुरैना के बजाय बेहतर इलाज हेतु ग्वालियर पहुंचाये जाते हैं वर्ष 2020 से जून 2023 तक अंचल से रेफर मरीजों को कितनी संख्या में ग्वालियर पहुंचाया है क्या जिला अस्पताल मुरैना से कोई रिकार्ड हे तो उनकी संख्या, मर्ज सहित जानकारी दी जावे। (ग) क्या मुरैना चम्बल संभाग का मुख्यालय है यदि मुख्यालय के अस्पताल में विशेषज्ञों के पद रिक्त लम्बे समय तक रहेंगे तो गरीब परिवारों के मरीजों को स्वास्थ्य लाभ कैसे प्राप्त होगा शासन उक्त समस्या का समाधान कब तक करेगा। (घ) क्या मुरैना जिला अस्पताल में ट्रोमा सेंटर वर्ष 2011 से स्वीकृत है लेकिन चिकित्सकों के पद रिक्त होने के कारण ट्रामा सेंटर का संचालन नहीं हो पा रहा है शासन कब तक रिक्त पदों को भर ट्रामा सेन्टर संचालित करायेगा।

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. प्रभुराम चौधरी ) : (क) जी हाँ। संस्थावार  जानकारी संलग्‍न  परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार  है। प्रदेश में विशेषज्ञों की अत्यधिक कमी के कारण स्वास्थ्य संस्थाओं में विशेषज्ञों की पदपूर्ति नहीं हो सकी है। (ख) विशेषज्ञ चिकित्सकों के अभाव में मरीजों को जिला चिकित्सालय ग्वालियर नहीं अपितू जिला चिकित्सालय मुरैना रैफर किया जाता है। जिला चिकित्सालय से ग्वालियर रैफर किए गए मरीजों की  जानकारी संलग्‍न  परिशिष्ट के प्रपत्र  '''' अनुसार  है। (ग) जी हाँ, जिला चिकित्सालय में विशेषज्ञों के स्वीकृत 50 पदों के विरूद्ध 28 विशेषज्ञ कार्यरत हैं। प्रदेश में विशेषज्ञों की कमी के कारण शत्-प्रतिशत पदपूर्ति नहीं की जा सकी है। विभाग रिक्त पदों की पूर्ति हेतु निरंतर प्रयास कर रहा है, सीधी भर्ती के माध्यम से विशेषज्ञों की भर्ती प्रक्रिया उपरांत जिला मुरैना में 03 स्त्रीरोग विशेषज्ञों की पदस्थापना शासन आदेश दिनांक 25.01.2023 के द्वारा की गई है। उपलब्धता अनुसार पदपूर्ति की कार्यवाही प्रचलन में है। समय-सीमा बताई जाना संभव नहीं है। (घ) जी हाँ, वर्ष 2011 से ट्रामा सेन्टर संचालित है। ट्रामा सेन्टर में चिकित्सा अधिकारियों की पदस्थापना है। जिला चिकित्सालय में उपलब्ध चिकित्सक/स्टॉफ की सहायता से ट्रामा सेंटर में चिकित्सकीय कार्य संपादित किया जा रहा है। रिक्त पदों की पूर्ति हेतु उपलब्धता अनुसार विशेषज्ञ/चिकित्सकों की पदस्थापना निरंतर प्रक्रिया है। मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग के माध्यम से 1456 चिकित्सा अधिकारियों की चयन प्रक्रिया प्रचलित है। निश्चित समयावधि बताई जाना संभव नहीं है।

परिशिष्ट - "नौ"

महाकाल मंदिर प्रबंध समिति के विरुद्ध गंभीर अनियमितता

[सामान्य प्रशासन]

33. ( क्र. 428 ) श्री महेश परमार : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या तत्कालीन जिला कलेक्टर आशीष सिंह के (उज्जैन में) कार्यकाल में लापरवाही के चलते घटित घटनाओं को लेकर क्या संभाग आयुक्त को शिकायत प्राप्त हुआ है? यदि हाँ, तो उनके विरुद्ध अभी तक क्या कार्यवाहियाँ हुई है? (ख) क्या महाकाल लोक के निर्माण के समय आशीष सिंह उज्जैन में ही पदस्थ थे? यदि हाँ, तो इतने बड़े प्रोजेक्ट में क्वालिटी कंट्रोल के लिए लेब स्थापना नहीं होने के कारण जो घोर लापरवाही सामने आई है उसके लिए श्री आशीष सिंह को दोषी मानते हुए उनके खिलाफ कार्यवाही क्‍यों नहीं हुई?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जी नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) महाकाल लोक निर्माण कार्य विभिन्‍न अनुबंधों के अंतर्गत वर्ष 2018 से लोकार्पण अक्‍टूबर, 2022 के मध्‍य किया गया। श्री आशीष सिंह दिनांक 05/05/2020 से दिनांक 30/01/2023 तक कलेक्‍टर, जिला उज्‍जैन के पद पर पदस्‍थ रहे। निर्माण कार्य के दौरान अनुबंध के अनुसार सिविल वर्कस के लिए निर्माण स्‍थल पर कार्य की गुणवत्‍ता हेतु लेब की स्‍थापना की गई थी। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

खाद्य सामग्रियों में मिलावट करने वाले माफियाओं के विरुद्ध कार्यवाही

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

34. ( क्र. 432 ) श्री महेश परमार : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या उज्जैन जिले के खाद्य सुरक्षा विभाग ने नकली घी पकड़ाने पर जांच में दोषी पाए गए श्री केलकर पर पूर्व की सरकार में लगाई गई रासुका हटा दी गई है? यदि हाँ, तो मिलावटखोर माफिया को किस कारण से रासुका से मुक्त किया है? (ख) प्रश्‍नांश (क) के अनुसार मिलावट माफियाओं को संरक्षण मिलने से राज्य के बाहर नकली घी और मावा सप्लाई करने वाले गिरोह सक्रिय हो गए है, क्या उज्जैन के उन्हेल में नकली घी और मावा बनाने वाली फैक्ट्री खाद्य सुरक्षा विभाग ने पकड़ी है? क्या एक करोड से अधिक का घी, मावा की सैंपलिंग में मिलावट माफिया दोषी पाए गए है? यदि हाँ, तो उन पर क्या कार्यवाही की गई है? (ग) क्या आम जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वाले नई पीड़ी की नस्ल को खोखला करने वाले इन मिलावट माफियाओं के विरुद्ध राज्य सरकार सख्त कार्यवाही करेगी? यदि हाँ तो कब तक? (घ) पूर्व की सरकार ने शुद्ध के लिए युद्ध अभियान चलाकर मिलावट माफियाओं पर रासुका लगाकर दंडात्मक कार्यवाहियाँ की थी, क्या इस महाभियान को आगे बढ़ाते हुए सरकार ने मिलावटखोरों के विरुद्ध किसी भी प्रकार का अभियान चलाकर कार्यवाही की है? यदि हाँ प्रमाण दें।

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. प्रभुराम चौधरी ) : जी हां, जिला प्रशासन के निर्देश पर दिनांक 30.07.2019 को संयुक्त जांच दल के साथ खाद्य सुरक्षा अधिकारियों द्वारा फर्म - श्री कृष्ण गृह उद्योग, केलकर परिसर 5 द्रविड़ मार्ग, कुशलपुरा, उज्जैन से जांच कर फर्म के प्रोप्रायटर श्री कीर्तिवर्धन केलकर के हस्ते विभिन्न खाद्य सामग्रियों के नमूने लिये गये। कीर्तिवर्धन केलकर द्वारा बेकरी शार्टनिंग के नाम पर विभिन्न पैकेजिंग में मिलावटी घी का निर्माण एवं विक्रय करना पाया। न्यायालय कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी जिला उज्जैन के आदेश क्रमांक/कले.रीडर-1/एनएसए/2019/329 उज्जैन दिनांक 31.07.2019 के द्वारा कीर्तिवर्धन केलकर पिता गणेश केलकर के विरूद्ध रासुका के अंतर्गत तीन माह के लिये केन्द्रीय जेल इंदौर में निरूद्ध करने संबंधी आदेश पारित किया गया। केन्द्रीय गृह मंत्रालय के वायरलेस मैसेज दिनांक 10.10.2019 एवं म.प्र.शासन गृह विभाग के आदेश दिनांक अक्टूबर 2019 के द्वारा उक्त रासुका निरस्त की गई। केन्द्रीय गृह मंत्रालय का वायरलेस मैसेज  जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''1'' अनुसार है। म.प्र. शासन गृह विभाग का आदेश की  जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''2'' अनुसार है  एवं WP -17265-2019 दिनांक 14.10.2019  जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''3'' अनुसार है। (ख) 1. जिला प्रशासन के निर्देश पर संयुक्त जांच दल में खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा दिनांक 09.05.2023 को फर्म- माँ भवानी (मावा निर्माण स्थल), खजुरियाखाल ग्राम पगारा पोस्ट उन्हेल तहसील नागदा जिला उज्जैन पर जांच कर फर्म के प्रभारी रामबाबू पिता गिरजाशंकर के हस्ते मावा, दूध, घी एवं वनस्पति आदि के कुल 12 नमूने लिये गये, जिनमें 11 नमूने अवमानक एवं अपद्रव्य पाये गये एवं दिनांक 13.05.2023 को ओमप्रकाश जैन के हस्ते उसकी फर्म जैन ट्रेडिंग बड़ा बाजार उन्हेल से मावा एवं पनीर के नमूने लिये गये। दिनांक 14.05.2023 को माँ कृपा कोल्ड स्टोरेज उन्हेल पर जांच कर ओमप्रकाश जैन के हस्ते मावा के 09 नमूने लिये गये, जिनमें 01 नमूना अवमानक स्तर का पाया गया। दिनांक 16.05.2023 को ओमप्रकाश जैन के गोडाउन से कुल 07 नमूने घी के लिये गये। खाद्य सुरक्षा प्रशासन, जिला उज्‍जैन द्वारा इस प्रकरण में रामबाबू पिता गिरजाशंकर, ओमप्रकाश जैन पिता मदनलाल जैन एवं अश्विन पिता ओमप्रकाश जैन के विरूद्ध थाना उन्हेल में भारतीय दण्ड संहिता की धारा 420, 272, 34 के अंतर्गत प्राथमिकी दर्ज की गई एवं खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के अंतर्गत कार्यवाही की गई। 2. दिनांक 14.05.2023 को माँ कृपा कोल्ड स्टोरेज, उन्हेल पर जांच की गई, जिसमें ओमप्रकाश जैन के अतिरिक्त अन्य 05 व्यापारियों- (1) नमिष भण्डारी पिता श्री मनीष कुमार भण्डारी प्रभारी फर्म-मे. नाकोड़ा मावा भण्डार, निवासी-चौमहला, नाथ मोहल्ला, तहसील- गंगधार, जिला-झालावाड़ राजस्थान, (2) श्री सौरभ (कटारिया) जैन पिता सुरेश चन्द्र जैन (एस.के.मावा भण्डार) छोटा बाजार, उन्हेल तहसील नागदा जिला उज्जैन, (3) अंकुर छाजेड़ पिता विजय छाजेड़, प्रोप्रायटर- शंखेश्वर ट्रेडिंग, पिपलिया डाबी रोड उन्हेल तहसील नागदा जिला उज्जैन (4) विकास मोहता पिता वल्लभ मोहता फर्म- गीतांजली मावा भण्डार, मोहता मार्केट, एमजी रोड नागदा तहसील नागदा जिला उज्जैन, (5) राहुल जैन पिता विनोद कुमार जैन, फर्म - विनोद कुमार किशनलाल जैन, जैन कालोनी, जवाहर मार्ग, नागदा, तहसील नागदा, जिला-उज्जैन (म.प्र.) का मावा संग्रहित होना पाया। उपरोक्त 05 व्यापारियों से मावा के कुल 12 नमूने लिये गये, जिनमें से कुल 05 नमूने अवमानक स्तर के पाये गये। मावा व्यापारी नमिष भण्डारी, सौरभ जैन (कटारिया), अंकुर छाजेड़ के नमूने अवमानक स्तर के पाये जाने से एवं माँ कृपा कोल्ड स्टोरेज के संचालक मंयक जैन पिता महावीर जैन आदि के विरूद्ध थाना उन्हेल में भारतीय दण्ड संहिता की धारा 420, 272, 34 के अंतर्गत प्राथमिकी दर्ज करवाई गई एवं खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के अंतर्गत कार्यवाही की गई। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''4'' अनुसार है। (ग) राज्य सरकार द्वारा मिलावट से मुक्ति अभियान'' अंतर्गत लगातार कार्यवाहियाँ की जा रही है। शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (घ) वर्तमान में दिनांक 09.11.2020 से मिलावट से मुक्ति अभियान के अंतर्गत अभियान चलाकर मिलावट खोरों के विरूद्ध निरन्‍तर कार्यवाही की जा रही है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''5'' अनुसार है।

प्राचीन मंदिरों का विकास

[संस्कृति]

35. ( क्र. 450 ) कुँवर रविन्‍द्र सिंह तोमर भिड़ौसा : क्या पर्यटन मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि क्या मान.मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्यप्रदेश के दिमनी एवं अम्बाह विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत पुरातत्व महत्व एवं प्राचीन धार्मिक महत्व के कुल कितने मंदिर एवं देव-स्था‍न, राजस्व विभाग, धार्मिक एवं धर्मस्व विभाग एवं जिला कलेक्टर मुरैना की जानकारी में चिन्हित किए गए है। (ख) जिला मुरैना की विधानसभा दिमनी एवं अम्बाह में पुरातत्व महत्व के सैकड़ों वर्ष पुराने मंदिर जिनमें तोमर वंश की कुलदेवी चिल्लासन माता मंदिर ऐसाह, किसरोली धाम मंदिर, महासुख का पुरा धाम मंदिर, ककनमठ मंदिर, कोलूआ धाम मंदिर, जूझकी आश्रम थरा मंदिर, महुआदेव मंदिर, नागाजी धाम मंदिर पोरसा, माता बसैया मंदिर‍ स्थिति है। उक्त मंदिर एवं धार्मिक स्थल के रख-रखाव संरक्षण, सवर्धन, जीर्णोद्वार एवं पर्यटन क्षेत्र के रूप में विकसित करने की विभाग की क्या योजना है। यदि नहीं, तो क्यों? (ग) मान. मंत्री महोदय द्वारा प्रश्‍नकर्ता विधायक की अनुशंसा पर पूर्व में वर्ष 2020-21 में आश्‍वासन दिया गया था कि वित्तीय वर्ष 2021-22 में इन मंदिरों के रख-रखाव संरक्षण व संवर्धन हेतु बजट प्रावधान किया जावेगा? क्या उक्त मंदिरों के विकास हेतु बजट में प्रावधान किया गया है? अगर हाँ, तो कितना, नहीं तो क्यों?

पर्यटन मंत्री ( सुश्री उषा ठाकुर ) : (क) मध्‍यप्रदेश के दिमनी एवं अम्‍बाह विधानसभा क्षेत्रान्‍तर्गत पुरातत्‍व महत्‍व का एक मंदिर है तथा धार्मिक महत्‍व के कुल 162 मंदिर है। (ख) जिला मुरैना की विधानसभा दिमनी एवं अम्‍बाह में पुरातत्‍व महत्‍व का ककनमठ मंदिर है,जो भारतीय पुरातत्‍व सर्वेक्षण के अंतर्गत संरक्षित स्‍मारक होने एवं शेष मंदिर शासन संधारित मंदिर नहीं होने से प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है. (ग) जी नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

पेयजल सुविधा हेतु नर्मदा नदी का जल बेतवा नदी में छोड़ा जाना

[नर्मदा घाटी विकास]

36. ( क्र. 457 ) श्री शशांक श्रीकृष्ण भार्गव : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या राष्ट्रीय जल विकास अभिकरण के म.प्र. सरकार के अनुबंध अंतर्गत सन् 2024 तक म.प्र. राज्य में नर्मदा नदी के जल का उपयोग किया जावेगा, बांकी बचा हुआ जल गुजरात राज्य को आवंटित होगा? (ख) प्रश्‍नांश (क) के क्रम में हाँ तो क्या शासन नर्मदा नदी का 5 एम.सी.एम जल तीन माह तक बेतवा नदी में छोड़े जाने के संबंध में यथाशीघ्र कार्यवाही करेगा? क्या प्रश्‍नकर्ता द्वारा दिनांक 24.01.2022 को पत्र क्रमांक 801 के माध्यम से माननीय मुख्यमंत्री महोदय से भी अनुरोध किया था? क्या प्रश्‍नकर्ता द्वारा विधानसभा बजट सत्र 2023 के अंतर्गत मांग संख्या 48 दिनांक 16.03.23 को अपने उद्बोधन करते हुये उपरोक्त मांग को सदन में रखी जिसके संबंध में सदन द्वारा कार्यवाही की गई? यदि हाँ तो क्या? नहीं तो क्यों? (ग) नर्मदा नदी से 5 एम.सी.एम. जल छोड़े जाने से तीन माह तक 15700 हेक्टेयर भूमि सिंचित हो सकेगी? साथ ही बेतवा नदी में उक्त पानी छोड़ने से जिला रायसेन एवं विदिशा के ग्रामों रंगई, पलोह, गुलाबंगंज तहसील के मानपुर, बर्रीघाट, ईकोदिया आदि सिंचाई सुविधाविहीन ग्रामों को पाईप-लाईन द्वारा लिफ्ट सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराई जा सकेगी? क्या शासन जनहित से जुड़े हुये कार्य के संबंध में यथाशीघ्र निर्देश प्रदान करेगा? यदि हाँ तो कब तक? नहीं तो क्यों?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) तथ्‍यात्‍मक स्थिति यह है कि नर्मदा जल के उपयोग हेतु नर्मदा जल विवाद न्‍यायाधिकरण अवार्ड दिनांक 12 दिसम्‍बर 1979 के अनुसार नर्मदा के जल का बटवारा मध्‍यप्रदेश- 18.25 मिलियन एकड़ फीट, गुजरात- 9.0 मिलियन एकड़ फीट, महाराष्‍ट्र- 0.25 मिलियन एकड़ फीट एवं राजस्‍थान- 0.5 मिलियन एकड़ फीट निर्धारित है। अवार्ड/अधिनिर्णय का पुनरीक्षण 45 वर्ष उपरांत किसी भी समय किया जाना प्रावधानित है। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ख) एवं (ग) शासन स्‍तर पर वर्तमान में नर्मदा जल तीन माह तक बेतवा नदी में छोड़े जाने के संबंध में कोई प्रस्‍ताव विचाराधीन नहीं है। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

नल-जल योजनाओं का क्रियान्‍वयन

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

37. ( क्र. 458 ) श्री शशांक श्रीकृष्ण भार्गव : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विदिशा विधान सभा क्षेत्र अंतर्गत जल-जीवन मिशन में कितने ग्रामों में नल-जल योजना को स्वीकृति प्रदान की गई है? विकासखण्डवार, ग्रामवार स्वीकृत नल-जल योजनाओं की जानकारी दें? (ख) कितने ग्रामों में नल-जल योजना का कार्य पूर्ण होकर प्रश्‍नांश (क) के क्रम में स्वीकृत नल-जल योजनाओं से किन-किन ग्रामों में नलों में टोटीयां लगा दी गई है व जल प्रदाय प्रारम्भ हो गया है? विकासखण्डवार, ग्रामवार जानकारी दे? (ग) किन ग्रामों में अभी नलों में टोटी नहीं लगी है या टोटी लगने के बाद भी जल प्रदाय प्रारम्भ नहीं हुआ है? विकासखण्डवार, ग्रामवार कारण सहित जानकारी उपलब्ध करायें? (घ) प्रश्‍नकर्ता द्वारा ग्राम पंचायत गूलरखेडी (गुलाबगंज) में पेयजल की सुविधा हेतु बर्रीघाट बेतवा नदी से पाईप-लाईन हेतु विधायक निधि 16.50 लाख रूपये स्वीकृत की गई है, उक्त कार्य कब तक पूर्ण होगा एवं ग्रामवासियों को पेयजल की सुविधा कब तक प्राप्त होगी?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) एकल ग्राम नल-जल योजनाओं के अंतर्गत 82 ग्राम एवं समूह जल प्रदाय योजनाओं के अंतर्गत 180 ग्राम (जिनमें एकल ग्राम नल-जल योजनाओं वाले 82 ग्राम, जिनको समूह जल प्रदाय योजनाओं से बल्‍क वॉटर दिया जाएगा, भी सम्मिलित हैं।) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 एवं 2 अनुसार है। (ख) एकल ग्राम नल-जल योजनाओं के अंतर्गत 30 ग्रामों में कार्य पूर्ण होकर जल प्रदाय प्रारंभ है, ग्रामों का विवरण  पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। समूह जल प्रदाय योजनाओं के कार्य प्रगतिरत हैं, इन योजनाओं से किसी भी ग्राम में वर्तमान में जल प्रदाय प्रारंभ नहीं हुआ है (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (घ) कार्य पूर्ण हो चुका है तथा ग्रामवासियों को किए गए कार्यों से पेयजल की सुविधा प्राप्‍त हो रही है।

तहसील टीकमगढ़ में लंबित प्रकरण

[सामान्य प्रशासन]

38. ( क्र. 468 ) श्री राहुल सिंह लोधी : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या सामान्य प्रशासन विभाग के पत्र क्रमांक एफ 19-76/2007/1/4 दिनांक 17.08.2009 द्वारा माननीय संसद सदस्यों/विधायकगणों से प्राप्त पत्रों पर सावधानीपूर्वक विचार कर उचित स्तर से उत्तर अधिकतम एक माह की अवधि में अनिवार्यतः भेजे जाने के निर्देश हैं? (ख) यदि हाँ, तो प्रश्‍नकर्ता द्वारा हल्का तखा/अनंतपुरा तहसील टीकमगढ़ में मुकेश कुशवाहा पटवारी द्वारा लंबित रखे गये 23 आवेदकगणों के नामांतरण करने हेतु कलेक्टर टीकमगढ़ को पत्र दिनांक 09.05.2023 लिखा गया था, जिसकी कार्यवाही से प्रश्‍न दिनांक तक अवगत क्‍यों नहीं कराया गया है? (ग) प्रश्‍नांश (क) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्‍नांश (ख) की स्थिति के लिए कौन दोषी है? दोषी के विरूद्ध दण्डारोपण की क्या कार्रवाई की जावेगी? (घ) प्रश्‍नांश (ख) नामांतरण की कार्यवाही कब तक पूर्ण हो जावेगी?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जी हाँ। (ख) हाँ। माननीय विधायक के पत्र के संबंध में अनुविभागीय अधिकारी राजस्‍व टीकमगढ़ को वस्‍तुस्थिति की जांच कर प्रतिवेदन भेजने हेतु निर्देशित किया गया है। नामांतरण प्रकरणों का निराकरण राजस्‍व न्‍यायालय में न्‍यायालयीन प्रक्रिया के तहत किया जाता है। माननीय विधायक द्वारा पत्र में उल्लिखित व्‍यक्तियों के नामांतरण तहसीलदार टीकमगढ़ द्वारा किये जा चुके है। (ग) तहसीलदार, टीकमगढ़ द्वारा नामांतरण सुनवाई के दौरान, आवेदकों से पैसे लेने जैसी कोई शिकायत प्रकाश में नहीं आई है। उक्‍ताशय के संबंध में तहसीलदार टीकमगढ़ द्वारा माननीय विधायक विधानसभा क्षेत्र खरगापुर को पत्र पृ.क्र. 922/प्रवा.तह./टी/2023 दिनांक 26/6/2023 के माध्‍यम से अवगत कराया गया है। (घ) आवेदकगण द्वारा प्रस्‍तुत नामांतरण आवेदन पत्रों पर न्‍यायालयीन प्रक्रिया अनुसार कार्यवाही कर आदेश पारित किये गये हैं।

जिला टीकमगढ़ में प्रभारी अधिकारी

[सामान्य प्रशासन]

39. ( क्र. 471 ) श्री राहुल सिंह लोधी : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला टीकमगढ़ के जिला मुख्यालय पर कितने प्रथम, द्वितीय एवं कार्यपालिक तृतीय श्रेणी अधिकारी अपने मूल पद सहित अन्य अधिकारी के प्रभार में हैं? अधिकारी के मूल पद एवं श्रेणी सहित प्रभारित पद व उसकी श्रेणी की सूची देवें। (ख) प्रश्‍नांश (क) में वर्णित अधिकारी क्या प्रभारित पद के लिए अर्हताधारी हैं? यदि नहीं, तो इन्हें अनर्ह प्रभार से कब तक मुक्त कर दिया जायेगा? (ग) प्रश्‍नांश (क) में शिक्षा विभाग के कौन-कौन अधिकारी अन्यत्र विभागीय अधिकारी के पद पर प्रभार में हैं, पृथक से बतावें। उक्त प्रभारित पद हेतु अर्हताधारी न होने की स्थिति में कौन दोषी है व उन पर क्या प्रश्‍नांश (ख) की कार्यवाही अमल में लाई जावेगी?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) से (ग) कलेक्‍टर जिला टीकमगढ़ की जानकारी पुस्तकालय में रखे  परिशिष्ट  अनुसार

जल-जीवन मिशन के कार्य में अनियमितता

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

40. ( क्र. 477 ) श्री लाखन सिंह यादव : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) ग्वालियर जिले में 1 जनवरी 2020 से प्रश्‍न दिनांक तक जल-जीवन मिशन में नल-जल योजनाओं के कितने-कितने कार्य किस-किस स्थान पर स्वीकृत हुए हैं? विधानसभावार जानकारी एवं विधानसभावार प्रत्येक कार्यवार प्राप्त आवंटन की जानकारी एवं प्रश्‍न दिनांक तक भौतिक एवं वित्तीय स्थिति क्या है? इनमें से कितने कार्य किस कारण से अपूर्ण एवं प्रगतिरत हैं? कब पूर्ण होने थे? कार्य का नाम, स्थान एवं व्यय होने वाली राशि की जानकारी सहित सम्पूर्ण जानकारी उपलब्ध करायें। (ख) क्या भितरवार विधानसभा क्षेत्र में जल-जीवन मिशन कार्य वाले ग्रामों में कार्य एजेंसी द्वारा मनमाने ढंग से कार्य किया गया है? गांव की सी.सी. सड़कों, नालियों को खोद दिया गया हैं इस बाबत कार्य प्रारम्भ से प्रश्‍न दिनांक तक किस-किस ठेकेदार या कर्मचारियों/अधिकारियों की शिकायतें की किस-किस गांव में किन-किन व्यक्तियों द्वारा गई है पूर्ण विवरण दें? उन शिकायतों पर क्या-क्या कार्यवाही की गई है। (ग) ग्वालियर जिला मुख्यालय एवं फील्ड में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग में कौन-कौन कर्मचारी/अधिकारी प्रश्‍न दिनांक की स्थिति में पदस्थ है उनका नाम, पद, पदस्थापना दिनांक, जिले में पदस्थ दिनांक तथा वर्तमान स्थान पर पदस्थ दिनांक सहित पूर्ण विवरण दें। ऐसे कौन-कौन कर्मचारी/अधिकारी हैं जिनको प्रश्‍न दिनांक की स्थिति में ग्वालियर जिले में 3 वर्ष या उससे भी अधिक समय हो गया है उनका नाम, पद, वर्तमान पदस्थापना स्थान सहित जानकारी दें।

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1, 2 एवं 3 अनुसार है। (ख) जी नहीं, जल-जीवन मिशन के कार्य विभागीय अधिकारियों के पर्यवेक्षण में किया गया है तथा कार्यों की गुणवत्‍ता का परीक्षण तृतीय पक्ष एजेंसियों द्वारा भी किया गया है, ग्रामों में पाइप-लाइन के बिछाने हेतु तकनीकी आवश्‍यकतानुसार गॉंव की सी.सी. सडकों, नालियों को खोदा गया है। उक्‍त संबंध में कोई शिकायत प्राप्‍त नहीं हुई है, शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-4 अनुसार है।

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा संचालित योजनाएं

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

41. ( क्र. 478 ) श्री लाखन सिंह यादव : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) ग्वालियर जिले में लोक स्वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा आम नागरिकों के कल्याण हेतु कौन-कौन सी योजनायें प्रश्‍न दिनांक की स्थिति में चलाई जा रही हैं? भितरवार विधानसभा में इन योजनाओं द्वारा 1 जनवारी 2022 से प्रश्‍न दिनांक तक किस-किस हितग्राही को क्या-क्या कितना-कितना लाभ किस-किस योजना में दिया है हितग्राही का नाम, पिता/पति का नाम/पता/क्या-क्या लाभ दिया है सम्पूर्ण विवरण दें। (ख) ग्वालियर जिला मुख्यालय एवं भितरवार विधानसभा में लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग में कौन-कौन कर्मचारी/अधिकारी प्रश्‍न दिनांक की स्थिति में पदस्‍थ हैं उनका नाम, पद, पद स्थापना दिनांक, मुख्यालय फील्ड में पदस्‍थ कर्मचारी/अधिकारी का कार्य क्षेत्र पंचायतों का विवरण दें। क्या फील्ड में पदस्‍थ कर्मचारी/अधिकारी अपने मुख्यालय पर ही निवास करते हैं या कभी-कभी ही क्षेत्र में आते हैं? प्रश्‍न दिनांक की स्थिति में ऐसे कौन-कौन कर्मचारी/अधिकारी हैं जिनको ग्वालियर जिले में 3 वर्ष या उससे भी ज्यादा समय हो गया है उनका नाम, पद, वर्तमान पद स्थापना दिनांक तथा जिले एवं पद स्थापना स्थान पर कितना समय हो गया है?

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. प्रभुराम चौधरी ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है।

स्‍थानांतरण नीति के विरूद्ध तबादले

[सामान्य प्रशासन]

42. ( क्र. 493 ) श्री दिनेश राय मुनमुन : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दिनांक 01 मार्च 2021 से प्रश्‍न दिनांक तक प्रदेश में कौन सी स्‍थानान्‍तरण नीति लागू हैं? (ख) प्रश्‍नांश (क) के तहत 01 मार्च 2021 से प्रश्‍न दिनांक तक सिवनी जिले के अंतर्गत सभी विभागों के विभिन्‍न वर्गों में कितने स्‍थानान्‍तरण हुए है? विभागवार, संवर्गवार, स्‍थानान्‍तरणवार जानकारी दें? (ग) प्रश्‍नांश (क) (ख) के तहत किये गये स्‍थानान्‍तरणों में कितने स्‍थानान्‍तरण प्रशासनिक हुए व कितने स्‍थानान्‍तरण स्‍वेच्‍छा से हुए है तथा कितने स्‍थानान्‍तरण अन्‍य कारणों से हुए है? अलग-अलग जानकारी दें? कितने प्रतिशत स्‍थानान्‍तरण किये जाने का प्रावधान हैं और उक्‍त किये गये स्‍थानान्‍तरण कितने-कितने प्रतिशत हैं?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) माह मई, 2021 तक स्थानांतरण नीति 2019-20 लागू थी। प्रश्‍न दिनांक को स्थानांतरण नीति-2021 लागू है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे  परिशिष्ट-अ अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे  परिशिष्ट-ब अनुसार है

घर-घर नल-जल योजना

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

43. ( क्र. 496 ) श्री दिनेश राय मुनमुन : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भारत सरकार द्वारा लागू जल मिशन के तहत सिवनी विधानसभा क्षेत्र के किस ग्राम में कितनी लागत की नल-जल योजना का कार्य प्रश्‍नांकित दिनांक तक पूरा किया है? किस ग्राम में कितनी योजना का कार्य वर्तमान में चल रहा है? (ख) किस ग्राम के लिए योजना के तहत नया नलकूप खनन कर पानी सप्‍लाई की जा रही है, किस ग्राम में पुराने हैण्‍डपंप, नलकूप से पानी की सप्‍लाई की जा रही है, स्‍वीकृत योजना में पुराने हैण्‍डपंप, नलकूप के पानी की सप्‍लाई का क्‍या-क्‍या प्रावधान अनुबंधित है? (ग) अनुबंध के अनुसार किस योजना की कितनी अवधि के लिए टेस्टिंग की जिम्‍मेदारी अनुबंधकर्ता की है, उस टेस्टिंग में उपयोग होने वाली बिजली के बिल का भुगतान करने की जिम्‍मेदारी किसकी है? (घ) ग्राम पंचायत को योजना सौंपे जाने के पूर्व तकनीकी मापदण्‍डों की जांच विभाग एवं जनपद पंचायत के इंजीनियर से करवाए जाने का क्‍या-क्‍या प्रावधान है?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) एकल ग्राम नल-जल योजनाओं से संबंधित  जानकारी पुस्तकालय में रखे  परिशिष्ट के प्रपत्र-01 अनुसार है। इसके अतिरिक्‍त बण्‍डोल समूह जल प्रदाय योजनांतर्गत 194 ग्रामों में कार्य प्रगतिरत है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे  परिशिष्ट के प्रपत्र-01 अनुसार है। पुराने हैंडपंपों के नलकूपों में उपयुक्‍त जल आवक क्षमता होने पर इन नलकूपों को स्‍वीकृत योजनाओं के जल स्‍त्रोत के रूप में उपयोग करने का प्रावधान है। (ग) एकल ग्राम नल-जल योजनाओं के क्रियान्‍वयन में योजना का कार्य पूर्ण होने के उपरांत 90 दिवस की टेस्टिंग (ट्रायल रन) की जिम्‍मेदारी योजना का कार्य करने वाली एजेंसी (अनुबंधकर्ता) की है। टेस्टिंग (ट्रायल रन) में उपयोग होने वाली बिजली के बिल का भुगतान करने का दायित्‍व ग्राम पंचायत का है। (घ) नल-जल योजनाओं को ग्राम पंचायत/ग्राम जल एवं स्‍वच्‍छता समिति को सौंपे जाने के पूर्व तकनीकी मापदंड एवं विभाग तथा जनपद पंचायत के इंजीनियर द्वारा किए जाने वाले कार्यों से संबंधित प्रावधान/दिशा-निर्देश की प्रति  पुस्तकालय  में रखे  परिशिष्ट के प्रपत्र-02 अनुसार है।

आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं को शासकीय कर्मचारी का दर्जा

[महिला एवं बाल विकास]

44. ( क्र. 499 ) श्री निलय विनोद डागा : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्रों में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता/सहायिका शासन के विभिन्‍न अंग के रूप में महत्‍वपूर्ण भूमिका निभाती आ रही है? क्‍या शासन द्वारा इन्‍हें शासकीय कर्मचारी घोषित कर शासकीय सेवक को मिलने वाली सुविधाएं प्रदान करेगा? (ख) क्‍या आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका विगत कई वर्षों से शासन से अपने मानदेय एवं कर्मचारी घोषित किये जाने के संबंध में आंदोलनरत रही है? यदि हां, तो क्‍या उनके संबंध में शासन की कोई नीति निर्धारण किया जाना प्रस्‍तावित कर रही है? यदि हाँ तो कब तक? (ग) अन्‍य विभागों का कार्य कराये जाने पर इन्‍हें अतिरिक्‍त पारिश्रमिक दिया जाता है? यदि हाँ तो किस-किस कार्य का कितना-कितना? यदि नहीं, तो क्‍यों? (घ) क्‍या शासन द्वारा इनका मानदेय बढ़ाने की घोषणा की गई थी? यदि हां, तो इसका वास्‍तविक लाभ इन्‍हें कब तक दिया जाएगा? यदि नहीं, तो क्‍या शासन इनका मानदेय बढ़ाने पर विचार करेगा? यदि नहीं, तो क्‍यों?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जी हाँ। जी नहीं। आंगनवाड़ी सेवा योजना भारत सरकार द्वारा निर्धारित निर्देशों एवं मापदण्ड अनुसार प्रदेश में संचालित की जाती है। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका को भारत सरकार द्वारा मानसेवी श्रेणी में रखा गया है, इन्हें शासकीय सेवक नहीं माना गया है। अतः शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) जी हाँ। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका को भारत सरकार द्वारा मानसेवी श्रेणी में रखा गया है तथा इन्हें शासकीय सेवक नहीं माना गया है। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता/सहायिका के अतिरिक्त मानदेय (राज्यमद से) में वृद्धि किये जाने का प्रस्ताव विचाराधीन है। समय-सीमा दिया जाना संभव नहीं है। (ग) अन्य विभागों के कार्य के संबंध में मानदेय दर निर्धारित नहीं है। जिन कार्यों हेतु मानदेय दरों का प्रावधान होता है। उन्हीं कार्यों का शासन द्वारा निर्धारित मानदेय का भुगतान संबंधित विभाग के द्वारा किया जाता है। (घ) जी हाँ। कार्यवाही प्रचलन में है। समय-सीमा दिया जाना संभव नहीं है।

मोरंड गंजाल परियोजना

[नर्मदा घाटी विकास]

45. ( क्र. 509 ) श्री प्रेमशंकर कुंजीलाल वर्मा : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नर्मदा घाटी परियोजना के अंतर्गत मोरन गंजाल माइक्रो उद्वहन सिंचाई योजना में कितनी राशि स्वीकृत की गई है? निर्माण लागत क्या है? (ख) इस सिंचाई योजना से किन-किन जिलों की किन-किन तहसीलों के कितने हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की जावेगी? (ग) यह सिंचाई योजना कब तक बनकर पूर्ण हो जावेगी तथा सिंचाई शुरू कब तक हो जाएगी? (घ) इस सिंचाई योजना डेम निर्माण में किस जिले एवं तहसील की कितनी एकड़ भूमि डूब में जायेगी? डूब क्षेत्र के ग्रामों को कब तक कहां विस्थापित किया जावेगा?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) योजना हेतु रू. 3517.80 करोड़ की प्रशासकीय स्‍वीकृति प्राप्‍त है। निर्माण लागत रू. 2166.63 करोड़ प्राक्‍कलित है। (ख) जानकारी संलग्‍न  परिशिष्‍ट-'''' अनुसार है। (ग) अनुबंध अनुसार दिनांक 5 फरवरी 2024 तक। निर्माण उपरांत। (घ) जानकारी संलग्‍न  परिशिष्‍ट-'''' अनुसार है। स्‍थल चयन के उपरांत विस्‍थापन होगा।

परिशिष्ट - "दस"

आंगनवाड़ी केंद्रों की जानकारी

[महिला एवं बाल विकास]

46. ( क्र. 510 ) श्री प्रेमशंकर कुंजीलाल वर्मा : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सिवनी मालवा विधानसभा क्षेत्र 136 में कितने आंगनवाड़ी केंद्र संचालित हैं? (ख) क्या सभी आंगनवाड़ी केंद्रों के अपने स्वयं के भवन बने हैं? (ग) यदि नहीं, तो कब तक आंगनवाड़ी भवन बनकर तैयार होंगे? (घ) इन आंगनवाड़ी केंद्रों में क्या-क्या गतिविधियां संचालित की जाती है?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) सिवनी मालवा विधानसभा क्षेत्र 136 में कुल 581 आंगनवाड़ी केंद्र संचालित हैं। (ख) जी, नहीं। प्रश्‍नांश (क) में उल्‍लेखित 581 आंगनवाड़ी केन्‍द्रों में से 328 आंगनवाड़ी केन्‍द्रों के स्‍वयं के भवन बने हैं। (ग) आंगनवाड़ी भवनों का निर्माण वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता पर निर्भर है। अतः समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (घ) आंगनवाड़ी केन्‍द्रों में निम्‍नांकित गतिविधियां संचालित की जाती है :- 1. शाला पूर्व अनौपचारिक शिक्षा। 2.पूरक पोषण आहार वितरण। 3.टीकाकरण कार्यक्रम। 4. स्‍वच्‍छता गतिविधि का आयोजन। 5. वजन अभियान के तहत बच्‍चों एवं गर्भवती-धात्री माताओं का वजन, लंबाई, उंचाई लेना। 6. मंगल दिवस कार्यक्रम का आयोजन के तहत गोद भराई, अन्‍नप्राशन दिवस, लालिमा दिवस, सुपोषण दिवस का आयोजन। 7. पोषण अभियान के तहत गतिविधियां। 8. प्रधानमंत्री मातृवंदना योजना, लाड़ली लक्ष्‍मी योजना, लाड़ली बहना योजना एवं अन्‍य विभागीय योजनाओं का क्रियान्‍वयन।

जनभागीदारी योजना

[योजना,आर्थिक एवं सांख्यिकी]

47. ( क्र. 516 ) श्री संजीव सिंह : क्या वित्त मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जनभागीदारी योजना में मांग संख्या 60 एवं 64 में विगत 5 वर्षों में मध्यप्रदेश के किन-किन जिलों में कितना-कितना आवंटन दिया गया? क्या भिण्ड जिले में आवंटन दिया गया है यदि हाँ तो कितना यदि नहीं, तो क्यों नहीं कारण स्पष्ट करें? (ख) जनभागीदारी योजना में मांग संख्या 60 एवं 64 में विगत 5 वर्षों में मध्यप्रदेश के किन-किन जिलों में आवंटन दिया गया? कितनी-कितनी राशि दी गई? इनके विरूद्ध क्या-क्या कार्य स्वीकृत हुए? कार्य की वर्तमान स्थिति से अवगत कराएं।

वित्त मंत्री ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट  अनुसार है। जी हाँ। भिण्‍ड जिले को राशि आवंटित किये जाने की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के कालम-4  अनुसार है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट  अनुसार है। प्रश्‍न के शेष भाग की जानकारी एकत्रित की जा रही है।

नल-जल योजना में चयनित ग्राम

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

48. ( क्र. 519 ) श्री संजीव सिंह : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भिण्ड जिले के भिण्ड विधान सभा के अंतर्गत विगत 3 वर्षों में नल-जल योजना में कितने ग्रामों का चयन किया गया है? सूची उपलब्ध करवायें। (ख) प्रश्‍नांश (क) के चयनित ग्रामों में से कितने ग्रामों में नल-जल योजना के तहत निर्धारित समयावधि में कार्य पूर्ण हो चुका है? क्या कार्य पूर्ण होने के पश्चात इन ग्रामों में कार्य का निरीक्षण किया गया यदि हाँ तो कब-कब और किन-किन स्थानों का? यदि नहीं, तो क्यों नहीं? जांच के लिए कौन-कौन सी एजेंसी नियुक्त है? क्या समस्त घरों में जल वितरण की व्यवस्था सुचारू रूप से रही है? यदि नहीं, तो कब तक व्यवस्था हो जाएगी। (ग) प्रश्‍नांश (क) के चयनित ग्रामों में से कितने ग्रामों में नल-जल योजना के अंतर्गत कार्य प्रारंभ नहीं हुआ है या अपूर्ण है? कब तक निराकरण हो जाएगा?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) भिण्‍ड जिले की भिण्‍ड विधानसभा क्षेत्र के समस्‍त 66 ग्रामों को विगत 03 वर्षों में नल-जल योजना के क्रियान्‍वयन हेतु चयन कर इन ग्रामों के लिए योजनाएं स्‍वीकृत की गईं हैं। सूची  पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्‍ट  अनुसार है। (ख) कुल 16 नल-जल योजनाएं पूर्ण हुईं है, जिनमें से 07 योजनाएं निर्धारित समयावधि में तथा 09 योजनाएं निर्धारित समयावधि के पश्‍चात पूर्ण हुईं हैं, शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट  अनुसार है। (ग) 30 ग्रामों की योजनाओं के कार्य अप्रारंभ हैं तथा 20 योजनाओं के कार्य अपूर्ण होकर प्रगतिरत हैं। अप्रारंभ एवं प्रगतिरत योजनाओं के कार्य पूर्ण होने की निश्चित समया‍वधि ब