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मध्यप्रदेश विधान सभा


प्रश्‍नोत्तर-सूची
फरवरी, 2024 सत्र


शुक्रवार, दिनांक 09 फरवरी, 2024


भाग-1
तारांकित प्रश्‍नोत्तर



नहरों का रख-रखाव

[नर्मदा घाटी विकास]

1. ( *क्र. 643 ) श्री सचिन सुभाषचंद्र यादव : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या विधानसभा क्षेत्र कसरावद में इंदिरा सागर परियोजना एवं औंकारेश्‍वर परियोजना की माइनर नहरों के माध्यम से किसानों को सिंचाई का पानी उपलब्ध हो रहा है? अगर हाँ तो कितने किसानों के कितने रकबे को सिंचित किया जा रहा है? (ख) क्‍या वर्ष 2021-22 से प्रश्‍न दिनांक तक इंदिरा सागर परियोजना एवं औंकारेश्‍वर परियोजना की मुख्य नहरों एवं माइनर नहरों की साफ सफाई और संधारण किया गया है? अगर हाँ तो किन-किन नहरों पर कितनी-कितनी राशि व्यय की गई है? वर्षवार विवरण दें। (ग) क्या इंदिरा सागर परियोजना एवं औंकारेश्‍वर परियोजना की ऐसी भी माइनर नहरें हैं, जिनका निर्माण तो कराया गया है, परन्तु निर्माण के दौरान तकनी‍की त्रुटि के कारण किसानों को न तो पर्याप्त सिंचाई का पानी मिल रहा, न ही अन्तिम छोर के किसानों को? अगर हाँ तो क्या कार्यवाही की गई? (घ) क्‍या विधानसभा क्षेत्र कसरावद की इंदिरा सागर परियोजना की रतनपुर माइनर नहर से किसानों को पर्याप्त सिंचाई का पानी मिल रहा है? अगर नहीं तो क्यों? क्‍या पानी नहीं मिलने की शिकायतें प्राप्त हुई हैं? अगर हाँ तो इन पर क्या कार्यवाही की गई।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) अधिकृत - राज्‍य मंत्री, नर्मदा घाटी विकास (श्री धर्मेन्‍द्र भाव सिंह लोधी) : (क) जी हाँ। कुल 17,065 किसानों को 21,211 हेक्‍टेयर क्षेत्र में सिंचाई का पानी उपलब्‍ध कराया जा रहा है। (ख) जी हाँ। जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ग) इंदिरा सागर परियोजना एवं ओंकारेश्‍वर परियोजना की सभी माइनर एवं सब माइनर नहरों के माध्‍यम से अंतिम छोर के किसानों को सिंचाई हेतु पर्याप्‍त पानी मिल रहा है। ऐसा कोई भी माइनर नहीं है, जिससे तकनीकी त्रुटि के कारण अंतिम छोर तक पर्याप्‍त सिंचाई का पानी नहीं मिल रहा हो। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) जी हाँ। जी नहीं, शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - "एक"

थाने को अपवर्जित किया जाना

[गृह]

2. ( *क्र. 767 ) श्रीमती चंदा सुरेन्द्र सिंह गौर : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या म.प्र. शासन गृह विभाग मंत्रालय वल्लभ भवन के आदेश क्र./01/1770880/2023/वी-3/दो भोपाल, दिनांक 02.01.2024 के अनुसार पुलिस थानों/चौकियों की सीमा निर्धारण किये जाने का प्रावधान है, जिसमें प्रश्‍नकर्ता के खरगापुर विधान सभा-47 के ग्राम-गुड़ा नज. पाली, मोररमन्‍ना, मगरई, पाली, फूलपुर, भटगोरा आदि ग्राम थाना खरगापुर से अपवर्जित (बदलकर) थाना जतारा में पूर्व की भाँति किये जाने हेतु ग्रामीणों के आवेदन पत्रों सहित प्रश्‍नकर्ता के पत्र क्र. 044, दिनांक 04.01.2024 को जिला कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक, टीकमगढ़ को प्रस्ताव पत्र दिया है? क्या वर्णित ग्रामों को थाना जतारा में जोड़े जाने के आदेश जारी करेंगे? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्यों? (ख) क्या थाना जतारा में इन ग्रामों को जोड़े जाने से आम जनता की सुविधा अनुसार अनुविभागीय कार्यालय के कार्य, न्यायालय के कार्य, जेल के कार्य, स्वास्थ्य विभाग के कार्यों का लाभ आम जनता को प्राप्त होगा? क्योंकि थाना खरगापुर की दूरी अधिक है, जबकि जतारा थाना की दूरी कम है और वर्णित सभी शासकीय कार्यालयों से आम जनता के कार्य रहते हैं, इसलिये आम जनता के हितों को दृष्टिगत रखते हुये थाना खरगापुर से इन ग्रामों को अपवर्जित (बदलकर) थाना जतारा में जोड़े जाने का आदेश जारी कर आम जनता के कार्यों को सुगम कब तक कर दिया जावेगा?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) अधिकृत - राज्‍य मंत्री, गृह (श्री नरेन्‍द्र शिवाजी पटेल) : (क) जी हाँ। वर्ष 2021-2022 में सीमाओं के अधिकार क्षेत्र परिवर्तन हेतु प्रस्ताव/सुझाव जनप्रतिनिधियों एवं आमजन से प्राप्त हुए। तत्पश्‍चात ग्रामवासियों के पंचनामा/सुझाव प्राप्त कर जिला स्तरीय विचारण समिति के विचारण में रखा गया। जनता/जनप्रतिनिधियों की मांग ग्रामवासियों के पंचनामा प्रशासकीय भौगोलिक सुविधा क्षेत्र में गठित अपराधों में कानून व्यवस्था की स्थिति एवं कुशल पुलिस प्रबंधन को दृष्टिगत रखते हुए उक्त ग्रामों को दिनांक 11.05.2022 को थाना खरगापुर में जोड़ा गया। इसके विरूद्ध याचिकाकर्ता श्रीमती आशा सिंह गौर द्वारा म.प्र. राज्य व अन्य के विरूद्ध याचिका क्रमांक 12224/2022 वर्तमान में लंबित होकर मान. उच्च न्यायालय में विचाराधीन है। प्रश्‍नकर्ता का प्रस्ताव प्राप्त हुआ है। वर्णित ग्रामों को थाना खरगापुर में अपवर्जित कर थाना जतारा में जोड़े जाने के संबंध में मान. उच्च न्यायालय, जबलपुर के निर्णय के उपरान्त ही आवेदन पत्र पर कार्यवाही की जा सकेगी। (ख) उत्तरांश '''' के परिप्रेक्ष्य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

उद्योगों की स्‍थापना

[औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन]

3. ( *क्र. 885 ) श्री हरिशंकर खटीक : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) टीकमगढ़ जिले के जतारा विधानसभा में औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग द्वारा उद्योग खोले जाने बाबत् प्रश्‍नकर्ता द्वारा कब-कब विधानसभा में प्रश्‍न किए गए हैं? कृपया सम्पूर्ण जानकारी दें एवं यह भी बताएं कि विभाग द्वारा उद्योग लगाने/खोले जाने हेतु शासन ने क्या-क्या मापदण्ड बनाए हैं? कृपया ऐसे समस्त आदेशों की छायाप्रतियां प्रदाय करें। (ख) प्रश्‍नांश (क) के आधार पर यह बताएं कि इस विभाग के द्वारा प्रश्‍न दिनांक तक कोई उद्योग लगा हुआ है कि नहीं? अगर नहीं लगे हैं, तो क्या-क्या कारण हैं? (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के आधार पर बताएं कि जनवरी 2020 से प्रश्‍न दिनांक तक कब-कब, कहां-कहां इन्‍वेस्टर्स मीट्स हुई हैं और किस-किस कार्य का किस उद्योगपति द्वारा कितनी-कितनी राशि का इन्वेस्ट किया गया है? कहां-कहां के उद्योग लगाने हेतु प्रश्‍न दिनांक तक क्या-क्या कार्यवाही हो चुकी है और क्या-क्या शेष है? कृपया प्रत्येक की अद्यतन जानकारी से अवगत कराएं। (घ) प्रश्‍नांश (क), (ख) एवं (घ) के आधार पर बताएं कि टीकमगढ़ जिले के जतारा विधानसभा क्षेत्र में जहां धसान नदी, सुखनई नदी, सपरार नदी एवं उर नदी बहती है, उत्तर प्रदेश की सीमा से लगे इस क्षेत्र में विभाग द्वारा शासन द्वारा प्रश्‍न दिनांक तक उद्योग लगाने हेतु क्या-क्या पहल की जा चुकी है? निश्चित समय-सीमा सहित बताएं, कब तक जतारा विधानसभा क्षेत्र में बेरोज़गार को रोज़गार प्रदाय हेतु शासन उद्योग खोलने की स्वीकृति देगा?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) अधिकृत - राज्‍य मंत्री, औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्‍साहन (श्री दिलीप अहिरवार) : (क) टीकमगढ़ जिले के जतारा विधानसभा में औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्‍साहन विभाग द्वारा उद्योग खोले जाने बाबत् प्रश्‍नकर्ता द्वारा प्रश्‍न क्रमांक 560 (सत्र फरवरी, 2019), 982 (सत्र फरवरी, 2022), 672 (सत्र दिसम्‍बर, 2022) एवं 2246 (सत्र फरवरी, 2023) विधानसभा में प्रश्‍न किए गए हैं। उद्योगों की स्‍थापना उद्यमियों/निवेशकों द्वारा की जाती है तथा राज्‍य शासन द्वारा नीति अंतर्गत भूमि एवं अन्‍य सुविधाएं उपलब्‍ध करायी जाती हैं। (ख) जी नहीं। विधानसभा क्षेत्र जतारा, जिला-टीकमगढ़ में विभाग के अधीन एम.पी. इण्‍डस्‍ट्रि‍यल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड द्वारा कोई औद्योगिक क्षेत्र स्‍थापित नहीं किया गया है। अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के आधार पर जनवरी 2020 से प्रश्‍न दिनांक तक औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्‍साहन विभाग के अंतर्गत इन्‍वेस्‍टर मीट का आयोजन नहीं किया गया है। अत: शेष प्रश्‍नांश की जानकारी निरंक है। (घ) विभाग द्वारा उद्योग स्‍थापित नहीं किया जाता है, अपितु निवेशकों को औद्योगिक इकाई स्‍थापित करने हेतु प्रोत्‍साहित किया जाता है।

आंगनवाड़ी भवनों की स्थिति व योजनाओं का क्रियान्‍वयन

[महिला एवं बाल विकास]

4. ( *क्र. 898 ) श्री देवेन्द्र पटेल : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) रायसेन जिले में वर्तमान में परियोजनावार कितने आंगनवाड़ी केन्‍द्र शासकीय भवनों में संचालित हैं? क्‍या इन आंगनवाड़ी भवनों में स्‍वच्‍छ पेयजल व्‍यवस्‍था व‍ विद्युत कनेक्‍शन हैं? किन-किन में हैं, किन-किन में नहीं? पेयजल व्‍यवस्‍था व विद्युत व्‍यवस्‍था हेतु क्‍या प्रयास किये जा रहे हैं व कब तक उक्‍त सुविधायें उपलब्ध करा दी जावेंगी? (ख) रायसेन जिले में बच्‍चों को कुपोषण मुक्‍त करने के लिए राष्‍ट्रीय पोषण मिशन व अन्‍य विभागीय योजनाओं के अंतर्गत गत दो वर्षों में क्‍या-क्‍या प्रयास किये गये? क्‍या इन प्रयासों के फलस्‍वरूप जिले में कुपोषित बच्‍चों की संख्‍या में कमी हुई है? यदि नहीं, तो क्‍यों? कुपोषण मुक्ति के लिये जिले में गत दो वर्षों में किस-किस कार्य में कितनी राशि व्‍यय की गई? (ग) क्‍या रायसेन जिला मीजल्‍स मुक्‍त है? यदि नहीं, तो डी.पी.टी./मीजल्‍स बूस्‍टर लगाये जाने हेतु क्‍या योजना है? इस हेतु क्‍या कार्यवाही प्रचलित है?

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( सुश्री निर्मला भूरिया ) : (क) रायसेन जिले में वर्तमान में परियोजनाओं में 1141 आंगनवाड़ी केन्द्र शासकीय भवनों में संचालित हैं। इन केन्द्रों में स्वच्छ पेयजल व्यवस्था व 419 आंगनवाड़ी भवनों में विद्युत कनेक्‍शन हैं। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। विद्युत व्यवस्था हेतु विद्युत वितरण कम्पनी से कनेक्‍शन हेतु निरन्तर प्रयास किये जा रहे हैं। सुविधाएं उपलब्ध कराने के संबंध में निश्चित समय-सीमा दिया जाना संभव नहीं है। (ख) पूरे प्रदेश के अनुरूप रायसेन जिले में भी कुपोषण निवारण हेतु मुख्यमंत्री बाल आरोग्य संवर्द्धन कार्यक्रम (M.M.B.A.S.K.) का क्रियान्वयन किया जा रहा है, साथ ही राष्ट्रीय पोषण मिशन अंतर्गत पोषण माह एवं पोषण पखवाड़े के आयोजन किये गये हैं। जी हाँ। कुपोषण मुक्ति हेतु मुख्यमंत्री बाल आरोग्य संवर्द्धन कार्यक्रम (M.M.B.A.S.K.) अंतर्गत राशि का आवंटन/व्यय नहीं किया गया है। राष्ट्रीय पोषण मिशन अंतर्गत उल्लेखित गतिविधियों हेतु व्यय राशि का विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ग) जी हाँ। रायसेन जिले में डी.पी.टी. मीजल्स टीकाकरण, नियमित टीकाकरण के रूप में किया जाता है एवं समय-समय पर विशेष अभियान चलाकर टीकाकरण किया जाता है।

अवैध रूप से रेत उत्खनन

[खनिज साधन]

5. ( *क्र. 132 ) श्री सुरेश राजे : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला ग्वालियर में किस-किस स्थान की रेत खदानें स्वीकृत हैं? इनमें से किस-किस स्थान की रेत खदान किस ठेकेदार/फर्म को कब से कब तक के लिए कितनी राशि में दी गई? प्रत्येक रेत खदान का सर्वे नंबर एवं रकबा बतावें एवं अनुबंध पश्चात ठेकेदार/फर्म को प्रतिमाह कितनी-कितनी राशि जमा की जानी है? दिनांक 31 जनवरी, 2024 तक प्रत्येक रेत खदान से प्रतिमाह कितनी-कितनी राशि प्राप्त हुई? (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार क्या नदी में पनडुब्बी डालकर रेत खनन करने एवं कृषि कार्य हेतु ट्रैक्टर-ट्रॉली से रेत परिवहन का प्रावधान है? यदि नहीं, तो रेत परिवहन कर रहे ट्रक, ट्रैक्टर-ट्रॉली के फिटनेस, बीमा, ड्राईवर लाइसेंस की जांच कब-कब की गयी? वर्ष 2022-23 में प्रश्‍न दिनांक तक दोषी पाए गए किस व्यक्ति के विरुद्ध क्या कार्यवाही की गई? (ग) जिला ग्वालियर में सिंध नदी से रेत परिवहन ट्रक/डंपर/ट्रैक्टर द्वारा कितना-कितना घन मीटर तथा कितनी-कितनी रॉयल्टी ली जा रही है? नियम आदेश की सत्यापित प्रति सहित बतावें।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) अधिकृत - राज्‍य मंत्री, खनिज साधन (श्री दिलीप अहिरवार) : (क) प्रश्‍नांश अनुसार ग्‍वालियर जिले में रेत खदानों के संबंध में वांछित विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। अनुबंध निष्‍पादन उपरांत ठेकेदार/फर्म द्वारा प्रतिमाह जमा की जाने वाली राशि का विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) मध्‍यप्रदेश रेत (खनन, परिवहन, भण्‍डारण तथा व्‍यापार) नियम, 2019 के तहत नदी में पनडुब्‍बी डालकर रेत खनन करने का नियमों में प्रावधान नहीं है। कृषि कार्य हेतु ट्रैक्टर-ट्रॉली से रेत परिवहन नियमान्‍तर्गत प्रतिबंधित नहीं है। रेत परिवहन कर रहे ट्रक, ट्रैक्टर-ट्रॉली की फिटनेस, बीमा, ड्रायवर लायसेंस की जांच का विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। वर्ष 2022-23 में प्रश्‍न दिनांक तक दोषी पाए गए व्‍यक्तियों के विरूद्ध की गई कार्यवाही का विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ग) प्रश्‍नांश अनुसार वाहनों के परिवहन क्षमता के अनुरूप ई-खनिज पोर्टल पर वाहनों के पंजीयन अनुसार प्रति घनमीटर रूपए 307.67/- की दर से देय राशि ली जा रही है। मध्‍यप्रदेश रेत (खनन, परिवहन, भण्‍डारण तथा व्‍यापार) नियम, 2019 के नियम 17 (9) की प्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है।

पुलिस विभाग में भर्ती के संबंध में

[गृह]

6. ( *क्र. 4 ) श्री नितेन्‍द्र बृजेन्‍द्र सिंह राठौर : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि प्रदेश में कब से एस.आई. के पदों की भर्ती नहीं हुई है? भर्ती नहीं होने के क्‍या कारण हैं? कब तक उक्‍त पदों पर भर्ती की जावेगी?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) अधिकृत - राज्‍य मंत्री, गृह (श्री नरेन्‍द्र शिवाजी पटेल) : सूबेदार/उप निरीक्षक संवर्ग भर्ती वर्ष 2018 आयोजित कराने हेतु प्रस्‍ताव पुलिस मुख्‍यालय के पत्र दिनांक 10.08.2018 के माध्‍यम से कर्मचारी चयन मण्‍डल (पी.ई.बी.) भोपाल को भेजा गया था, किंतु पी.ई.बी. भोपाल द्वारा परीक्षा का आयोजन नहीं किया गया। वर्ष 2019 में विधानसभा चुनाव थे एवं वर्ष 20202021 में को‍वि‍ड-19 के कारण भर्ती आयोजित नहीं की जा सकी। सूबेदार/उप निरीक्षक संवर्ग की भर्ती हेतु जारी म.प्र. कार्यपालिक (अराजपत्रित) सेवा भर्ती नियम 1997 में संशोधन की कार्यवाही प्रचलन में है।

पुलिस अभिरक्षा में हुई संदिग्ध मृत्यु की निष्पक्ष जाँच

[गृह]

7. ( *क्र. 290 ) श्री दिव्‍यराज सिंह : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या रीवा जिले के थाना सिविल लाइन अंतर्गत घटित चोरी की घटना में अभियुक्त के तौर पर राजकली केवट की गिरफ्तारी की गई थी? यदि हाँ, तो पुलिस अभिरक्षा में क्या उक्त आरोपित महिला की मृत्यु हो गई थी? (ख) प्रश्‍नांश (क) के अनुक्रम में पुलिस अभिरक्षा में हुई मृत्यु में चोरी की घटना से पीड़ित दम्‍पत्ति श्री यशोवर्धन सिंह एवं उनकी पत्नी श्रीमती प्रतीक्षा सिंह को आरोपी बनाने का क्या कारण है? (ग) क्या विषयांकित घटना की जाँच पृथक एजेंसी से कराई जावेगी? यदि हाँ, तो कब तक जाँच संबंधी आदेश जारी किये जा सकेंगे?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) अधिकृत - राज्‍य मंत्री, गृह (श्री नरेन्‍द्र शिवाजी पटेल) : (क) जी हाँ, गिरफ्तारी की गई थी। पुलिस अभिरक्षा में आरोपी महिला राजकली केवट का स्वास्थ खराब होने पर इलाज हेतु अस्पताल ले जाया गया था, जहाँ इलाज के दौरान डाक्टरों द्वारा आरोपी महिला को मृत घोषित कर दिया गया। (ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) विषयांकित घटना की न्यायिक जांच, न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी, रीवा द्वारा की जा रही है।

परिशिष्ट - "दो"

आंगनवाड़ी भवन का संचालन

[महिला एवं बाल विकास]

8. ( *क्र. 25 ) श्री कुँवर सिंह टेकाम : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) सीधी एवं सिंगरौली जिले के अन्तर्गत विकासखण्ड मझौली, कुसमी, जिला सीधी एवं विकासखण्ड देवसर, जिला सिंगरौली में कितने आंगनवाड़ी केन्द्र संचालित हैं? नाम सहित जानकारी उपलब्ध करायें। (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में संचालित कितने आंगनवाड़ी केन्द्र भवन विहीन एवं कितने पेयजल विहीन हैं? आंगनवाड़ीवार नाम सहित जानकारी उपलब्ध करायें। (ग) प्रश्‍नांश (ख) के संदर्भ में भवन विहीन आंगनवाड़ी केन्द्रों में भवन का निर्माण कब तक करा दिया जावेगा? (घ) प्रश्‍नांश (ख) के संदर्भ में पेयजल विहीन आंगनवाड़ी केन्द्रों में हेण्डपम्प उत्खनन कराकर पेयजल कब तक उपलब्ध करायेंगे?

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( सुश्री निर्मला भूरिया ) : (क) सीधी जिले के अंतर्गत विकासखण्ड कुसमी में 233 आंगनवाड़ी केन्द्र एवं विकासखण्‍ड मझौली में 324 आंगनवाड़ी केन्‍द्र संचालित हैं एवं सिंगरौली जिले के अन्तर्गत विकासखण्ड देवसर में 490 आंगनवाड़ी केन्द्र संचालित हैं। नाम सहित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '1' अनुसार है। (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में सीधी जिले के अन्तर्गत विकासखण्ड कुसमी में 06 आंगनवाड़ी केन्द्र एवं विकासखण्‍ड मझौली में 03 आंगनवाड़ी केन्द्र भवन विहीन हैं। सिंगरौली जिले के अन्तर्गत विकासखण्ड देवसर के 49 भवन विहीन आंगनवाड़ी केन्‍द्रों के भवन निर्माण की स्‍वीकृति प्रदान की गई है, जो वर्तमान में निर्माणाधीन हैं। विकासखण्ड मझौली, कुसमी एवं देवसर में कोई भी आंगनवाड़ी केन्‍द्र पेयजल विहीन नहीं हैं। आंगनवाड़ीवार नाम सहित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '2' अनुसार है। (ग) प्रश्‍नांश (ख) के संदर्भ में भवन विहीन आंगनवाड़ी केन्द्रों के लिए आंगनवाड़ी भवनों का निर्माण वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता पर निर्भर है। अतः समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (घ) प्रश्‍नांश (ख) के संदर्भ में शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

प्रदेश में महिलाओं पर घटित अपराधों की जानकारी

[गृह]

9. ( *क्र. 750 ) श्री पंकज उपाध्याय : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मुरैना जिला में महिलाओं के विरूद्ध घटित अपराधों की शीर्षवार सूची वर्ष 2015 से दिसम्बर 2023 तक की वर्षवार, विधान सभावार देवें तथा बतावें कि 2019 की तुलना में 2023 में किस-किस शीर्ष में कितने प्रतिशत वृद्धि तथा कितने प्रतिशत कमी हुई? (ख) जौरा विधानसभा क्षेत्र में कितने थाने हैं? प्रत्येक थाने का क्षेत्र एरिया कितना है तथा कितनी आबादी शामिल है? उक्त थानों में स्वीकृत पद किस-किस प्रकार के कितने हैं तथा नियुक्ति कितनी है तथा खाली पद कितने हैं? दिसम्बर 2023 अनुसार बतावें। (ग) प्रश्‍नांश (ख) के थानों के अनुसार महिलाओं, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के विरूद्ध घटित अपराधों की शीर्षवार वर्ष 2015 से 2023 तक की जानकारी देवें तथा बतावें कि वर्ष 2019 से 2023 तक प्रतिवर्ष किस-किस शीर्ष में कितने प्रतिशत वृद्धि तथा कमी हुई? (घ) जौरा विधानसभा क्षेत्र में वर्ष 2015 से 2023 तक में महिलाओं, अनुसूचित जाति तथा अनुसूचित जनजाति के विरूद्ध घटित अपराधों में शीर्षवार, वर्षवार, थाने अनुसार बतावें कि सजायाबी की दर कितने प्रतिशत है? (ड.) जौरा विधानसभा क्षेत्र में 2018 से दिसम्बर 2023 तक नाबालिग बालक-बालिका तथा महिलाओं के गुम होने के कितने प्रकरण हुए तथा कितने नाबालिग बालक-बालिका तथा महिलाएं दस्तयाब की गईं?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) अधिकृत - राज्‍य मंत्री, गृह (श्री नरेन्‍द्र शिवाजी पटेल) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ग) एवं (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ड.) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है।

डोलोमाइट खदानों का संचालन

[खनिज साधन]

10. ( *क्र. 628 ) श्री नारायण सिंह पट्टा : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मण्डला जिला अंतर्गत कौन-कौन सी डोलोमाइट खदानें कब से संचालित हैं? ग्राम का नाम खसरा नंबर सहित खदान मालिक के नाम व संपर्क नम्बरों की जानकारी उपलब्ध करवाएं। वर्ष 2020 के बाद स्वीकृत खदानों की जानकारी भी उपलब्ध करवाएं। (ख) डोलोमाइट उत्खनन हेतु शासन के क्या नियम हैं? नियमों की प्रति उपलब्ध करावें। तत्कालीन मण्डला कलेक्टर श्रीमती स्वाति मीना के कार्यकाल में खदान संचालकों को जुर्माना हेतु नोटिस कब-कब जारी किए गए? नोटिसों की छायाप्रति उपलब्ध करावें। क्या जुर्माना राशि जमा हुई? यदि नहीं, तो क्यों? (ग) उक्त समस्त खदानों की लीज़ एवं एनवायर्नमेंटल क्लीयरेंस की जानकारी प्रदान करें। सितंबर 2023 से प्रश्‍न दिनांक तक किन-किन खदानों की एनवायर्नमेंटल क्लीयरेंस की समय-सीमा समाप्त हुई थी? क्या समय-सीमा समाप्त होने के बाद भी खदानों में उत्खनन जारी रहा? क्या खदानों से डोलोमाइट का परिवहन करने वाले वाहन ओवरलोड परिवहन कर रहे हैं? (घ) प्रत्येक खदान में कार्यरत मजदूरों के नाम, नम्बर व किये जाने वाले मजदूरी भुगतान की जानकारी प्रदान करें। क्या सभी मजदूरों का श्रम विभाग में पंजीयन कराया गया है? क्या मजदूरों को शासन द्वारा निर्धारित समस्त सुविधाओं व योजनाओं का लाभ दिलाया जा रहा है?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) अधिकृत - राज्‍य मंत्री, खनिज साधन (श्री दिलीप अहिरवार) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र "अ" अनुसार है। जिला मंडला अंतर्गत वर्ष 2020 के बाद डोलोमाईट खदान स्वीकृत नहीं की गई है। (ख) मध्‍यप्रदेश गौण खनिज नियम 1996 अधिसूचित है। शेष भाग की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र "ब" अनुसार है। शेष नोटिसों की छायाप्रति एवं उनमें की गई कार्यवाही की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र "स" अनुसार है। (ग) समस्त खदानों के एनवायर्नमेंटल क्लीयरेंस की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र "अ" अनुसार है। सितम्‍बर 2023 से जिला स्‍तरीय पर्यावरण समाघात निर्धारण प्राधिकरण (डिया) से प्राप्‍त पर्यावरणीय अनुमति को स्‍थगित किया गया था। माननीय सर्वोच्‍च न्‍यायालय की सिविल अपील क्रमांक 49608/2023 में पारित आदेश दिनांक 13.12.2023 से ऐसी समस्‍त खदानों का पुन: संचालन प्रारंभ हो गया है। शेष भाग अनुसार डोलोमाईट खनिज का ओवरलोड परिवहन पाये जाने पर नियमानुसार कार्यवाही की जाती है। (घ) प्रश्‍नांश अनुसार खदानों में कार्यरत मजदूरों को भारत सरकार श्रम और रोजगार मंत्रालय की अधिसूचना दिनांक 28.07.2017 अनुसार मजदूरी का भुगतान किया जा रहा है। शेष प्रश्‍नांश की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र "द" एवं "इ" अनुसार है।

थाना अम्‍बाह एवं पोरसा में अपराधों में वृद्धि

[गृह]

11. ( *क्र. 877 ) श्री देवेन्द्र रामनारायन सखवार : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मुरैना जिले के थाना अम्बाह एवं पोरसा में वर्तमान में पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी कब-कब से पदस्थ हैं? सभी के नाम एवं पदस्थापना दिनांक सहित सूची दें। (ख) अम्बाह एवं पोरसा थाना क्षेत्र अन्तर्गत विगत तीन माह में कौन-कौन से अपराध पंजीबद्ध किस-किस दिनांक को किये गये हैं? इन पंजीबद्ध अपराधों में से चोरी के कितने मामले पंजीबद्ध हुए? इन पंजीबद्ध मामलों में किन-किन मामलों में चोरी की सामग्री जप्ती की गई है? कृपया सभी प्रकरणों के पंजीबद्ध अपराध क्रमांक सहित सूची दें। (ग) क्या लंबे समय से इन दोनों थानों में पदस्थ पुलिस अधिकारियों की सांठ-गांठ अपराधियों से होने के कारण अपराधों में वृद्धि हो रही है? यदि नहीं, तो ऐसे क्या कारण हैं, जिसके कारण अपराध बढ़ रहे हैं?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) अधिकृत - राज्‍य मंत्री, गृह (श्री नरेन्‍द्र शिवाजी पटेल) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ग) थाना अम्बाह एवं पोरसा में पदस्थ पुलिस अधिकारियों की अपराधियों से सांठ-गांठ नहीं हैं, अतः सांठ-गांठ के कारण अपराधों में वृद्धि होने का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। विगत विधानसभा चुनाव 2023 के आलोक में चलाये गये अभियान (अवैध शराब, जुआ, सट्टा आदि) के दौरान पुलिस द्वारा की गई कार्यवाही के कारण अपराधों की कायमी में आंशिक बढोत्तरी हुई है।

सिवनी मालवा विधान सभा क्षेत्र के आंगनवाड़ी केंद्रों की जानकारी

[महिला एवं बाल विकास]

12. ( *क्र. 635 ) श्री प्रेमशंकर कुंजीलाल वर्मा : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) विधानसभा क्षेत्र क्र. 136 सिवनी मालवा अंतर्गत कितने आंगनवाड़ी केंद्र संचालित किए जाते हैं? (ख) क्या सभी आंगनवाड़ी केंद्रों के भवन बने हैं? (ग) कितने आंगनवाड़ी केंद्रों के भवन नहीं हैं एवं कब तक बनाए जा सकेंगे? (घ) सिवनी मालवा विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 136 में कितने ग्राम हैं, जहां आंगनवाड़ी केंद्र नहीं हैं?

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( सुश्री निर्मला भूरिया ) : (क) विधानसभा क्षेत्र क्र. 136 सिवनी मालवा अंतर्गत कुल 560 आंगनवाड़ी केंद्र संचालित हैं। (ख) जी, नहीं। (ग) 227 आंगनवाड़ी केंद्रों के भवन नहीं हैं। भवन विहीन आंगनवाड़ी केन्‍द्रों के लिये भवन निर्माण शासकीय भूमि एवं वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता पर निर्भर है। समय-सीमा दिया जाना संभव नहीं है। (घ) सिवनी मालवा विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 136 अन्‍तर्गत ग्राम नगझौर (जनसंख्‍या-80), मानकपुर (जनसंख्‍या-124) एवं लोहारिया कलां (जनसंख्‍या-111) की जनसंख्‍या केन्‍द्र खोलने हेतु निर्धारित मापदण्‍ड से कम होने तथा ग्राम विदारिया एवं धपाडिया वीरान ग्राम होने से इन ग्रामों में आंगनवाड़ी केन्‍द्र खोलना संभव नहीं है। वर्तमान में भारत सरकार द्वारा नवीन आंगनवाड़ी केन्‍द्रों की स्‍वीकृति प्रदान नहीं की जा रही है। अत: जानकारी निरंक है।

सरदार सरोवर परियोजना अंतर्गत डूब प्रभावितों की समस्‍या

[नर्मदा घाटी विकास]

13. ( *क्र. 647 ) श्री राजन मण्‍डलोई : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बड़वानी वि.स. क्षेत्र में सरदार सरोवर परियोजना से डूब प्रभावित लगभग 40 ग्रामों में प्रश्‍न दिनांक तक पुनर्वास शेष है, इनका पुर्नवास, मुआवजा कब तक प्रदाय कर दिया जाएगा? इनमें कुछ परिवार सोन्दुल एवं बड़वानी पाटी नाका स्थित अस्थाई टीनशेड में वर्तमान में निवासरत हैं, इन्हें भूखंड आवंटन व 5.80 लाख रू. की राशि कब तक दी जाएगी? (ख) सरदार सरोवर परियोजना से प्रभावित ग्राम पिछोड़ी के विस्थापितों को लगभग 22 कि.मी. दूर ग्राम खेड़ी में आवासीय भूखंड आवंटित किए गए हैं, इन्हें करीब ही पुनर्वास स्‍थल विकसित कर भूखंड कब तक आवंटित किए जायेंगे? (ग) बड़वानी वि.स. क्षेत्र में सरदार सरोवर परियोजना से प्रभावित ग्राम कसरावद, कुण्डिया, पिपरी, सेगांव, सोन्दुल के मकानों का कब तक सर्वेक्षण कर पुनर्वास हेतु मुआवजा व आवासीय भूखंड प्रदान कर दिए जाएंगे? उत्तर दिनांक की स्थिति में उपरोक्तानुसार ग्रामों में इस सर्वेक्षण के फलस्वरूप कितने भूखंड व मुआवजे की राशि निर्धारित हुई, की जानकारी देवें। (घ) उपरोक्‍त परियोजना में बैक वॉटर लेवल बढ़ने से टापू में परिवर्तित हो चुके ग्राम चिपाखेड़ी के लिए विभाग ने अभी तक एप्रोच रोड क्यों नहीं बनाया? इसके संबंध में विभागीय अधिकारियों ने जो दौरा किया है, उसकी रिपोर्ट की जानकारी देवें। कब तक इस एप्रोच रोड का निर्माण कर दिया जाएगा?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) अधिकृत - राज्‍य मंत्री, नर्मदा घाटी विकास (श्री धर्मेन्‍द्र भाव सिंह लोधी) : (क) जी नहीं। टीनशेड ग्राम सौन्दुल में 12 व्यक्तियों को पात्रता होने से प्रत्येक को विशेष पैकेज 5.80 लाख का भुगतान तथा आवासीय भूखण्ड प्रदाय किये गये। शेष 236 व्यक्ति अपात्र थे। वर्तमान में अस्थायी टीनशेड ग्राम सौन्दुल में 42 व्यक्ति निवास कर रहे हैं। इन 42 व्यक्तियों को विशेष पैकेज 5.80 लाख एवं आवासीय भूखण्डों की पात्रता नहीं है। वर्तमान में अस्थायी टीनशेड बड़वानी पाटी नाका में 155 व्यक्ति निवास कर रहे हैं। इन 155 व्यक्तियों को विशेष पैकेज 5.80 लाख एवं आवासीय भूखण्डों की पात्रता नहीं है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) ग्राम पिछोडी़ के विस्‍थापितों का पुनर्वास स्‍थल लगभग 5 से 22 किलोमीटर दूरी पर है। अधिग्रहित भूमि का कब्‍जा लेने के पश्‍चात ग्राम पिछोडी़ के विस्‍थापितों की समस्‍या का समाधान हो सकेगा। (ग) ग्राम सौन्दुल में बैक वॉटर लेवल तक सभी मकानों का मुआवजा दिया जा चुका है। कसरावद/कुण्डिया में छः मकान शेष हैं, जिनकी कार्यवाही प्रचलन में है। ग्राम पिपरी के 22 मकानों का सर्वे नहीं करने दिया गया था। इन 22 मकानों के विस्तृत सर्वे की कार्यवाही प्रचलन में है। ग्राम सेगांव में एक मकान का प्रकरण शिकायत निवारण प्राधिकरण में लंबित है। भूखण्ड एवं मुआवजा राशि का निर्धारण स्वीकृति उपरांत ही किया जाना संभव हो सकेगा। (घ) कार्यवाही प्रचलन में है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

भूमि हस्तांतरण

[खनिज साधन]

14. ( *क्र. 46 ) श्री ब्रजेन्द्र प्रताप सिंह : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या पन्ना जिले में रोजगार हेतु माइनिंग के लिए जंगल विभाग से भूमि लेकर राजस्व में भूमि हस्तांतरण के संबंध में कोई कार्यवाही खनिज विभाग में प्रचलन में है? (ख) यदि हाँ, तो कार्यवाही कब तक में पूर्ण कर ली जावेगी? यदि नहीं, तो क्यों?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) अधिकृत - राज्‍य मंत्री, खनिज साधन (श्री दिलीप अहिरवार) : (क) जी हाँ। प्रस्‍ताव प्राप्‍त हुआ है। प्राप्‍त प्रस्‍ताव में हीरा/फर्शी पत्‍थर के नवीन क्षेत्रों के चिन्‍हांकन एवं खनिज क्षेत्र उपलब्‍ध कराने का प्रस्‍ताव है। खनिज हीरे हेतु खान एवं खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम, 1957 में संशोधन दिनांक 12.01.2015 के प्रावधानों के अंतर्गत हीरा खनिज का खनिपट्टा नीलामी के माध्‍यम से किये जाने के प्रावधान है। खनिज फर्शी पत्‍थर हेतु मध्‍यप्रदेश गौण खनिज नियम 1996 के प्रावधानों के तहत प्राप्‍त आवेदन पत्रों का निराकरण किया जाता है। दोनों ही खनिज क्षेत्रों में वन क्षेत्र होने पर संबंधित सफल बोलीदार अथवा आवेदक को वन संरक्षण अधिनियम 1980 के तहत कार्यवाही की जाना होगा। (ख) प्रश्‍नांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

विधायक स्‍वेच्‍छानुदान हेतु अनुशंसित नामों में संशोधन

[योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी]

15. ( *क्र. 576 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या उप मुख्‍यमंत्री, वित्‍त महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या विधायक की अनुशंसा से विधायक स्‍वेच्‍छानुदान निधि मद से हितग्राहियों को राशि स्‍वीकृत की जाती है? (ख) यदि हाँ, तो क्‍या विधायक द्वारा पूर्व में अनुशंसित नाम के स्‍थान पर अन्‍य नाम की अनुशंसा करने पर अनुशंसा मान्‍य की जावेगी? (ग) प्रश्‍नांश (क) के अंतर्गत क्‍या अनुशंसित नाम में सुधार हेतु पुन: अनुशंसा मान्‍य की जावेगी? (घ) प्रश्‍नांश (ख), (ग) का उत्‍तर यदि नहीं, है तो क्‍यों?

उप मुख्‍यमंत्री, वित्‍त ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) जी हाँ। (ख) जी नहीं। (ग) जी नहीं। (घ) नियमों में प्रावधान नहीं होने से शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

म.प्र. कर्मचारी चयन भोपाल द्वारा आयोजित परीक्षाओं की जानकारी

[सामान्य प्रशासन]

16. ( *क्र. 439 ) श्री उमाकांत शर्मा : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) म.प्र. में कर्मचारी चयन मण्डल भोपाल द्वारा दिनांक 01 अप्रैल, 2022 से प्रश्‍नांकित अवधि तक कौन-कौन सी परीक्षा आयोजित की गई? परीक्षा का नाम, सम्मिलित प्रतियोगियों की संख्या, उत्तीर्ण प्रतियोगियों की संख्या सहित वर्षवार जानकारी देवें। (ख) प्रश्‍नांश '' के संदर्भ में कौन-कौन सी परीक्षाओं का परिणाम घोषित कर दिया गया है तथा कितनी व कौन-कौन सी परीक्षाओं का परिणाम घोषित करना शेष है? परीक्षावार जानकारी देवें। (ग) प्रश्‍नांश '' एवं '' के संदर्भ में दिनांक 01 अप्रैल, 2022 से प्रश्‍नांकित अवधि तक कौन-कौन सी परीक्षाओं द्वारा किन-किन विभागों को कितने-कितने कर्मचारी चयन किये गये? पदवार, विभागवार एवं वर्षवार जानकारी चयनित कर्मचारियों के नाम सहित जानकारी देवें। (घ) प्रश्‍नांश '' एवं '' के संदर्भ में म.प्र. कर्मचारी चयन मण्डल भोपाल द्वारा आयोजित परीक्षाओं में से कितनी परीक्षाएं निरस्त की गई? परीक्षा निरस्त करने के क्या कारण थे तथा कितनी परीक्षाओं के संबंध में शिकायतें प्राप्त हुई हैं? उन पर क्या-क्या कार्यवाही की गई? क्या-क्या जांच एवं कौन-कौन सी एजेन्सियों द्वारा जांचें की गई? परीक्षाएं निरस्त होने के लिए कौन-कौन अधिकारी/कर्मचारी/जनप्रतिनिधि दोषी हैं? नाम, पदनाम सहित जानकारी देवें। उन पर अभी तक नियमानुसार क्या कार्यवाही की गई? कितनी जांचें लंबित हैं? जांच में विलंब के लिए दोषी कौन है? क्या भविष्य में जांच कराकर कार्यवाही की जावेगी? परीक्षावार जानकारी देवें। (ड.) प्रश्‍नांश '' एवं '' के संदर्भ में इन परीक्षाओं से कितनी राशि प्रतियोगी छात्रों से शुल्क के माध्यम से प्राप्त की गई है? कितनी राशि परीक्षाओं पर व्यय की गई है? कितनी राजस्व सरकार को प्राप्त हुआ?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) अधिकृत - राज्‍य मंत्री, सामान्‍य प्रशासन (श्रीमती कृष्‍णा गौर) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (घ) दिनांक 01 अप्रैल, 2022 से प्रश्‍नांकित अवधि तक मण्डल द्वारा आयोजित कोई भी परीक्षा निरस्त नहीं की गई है। ग्रुप-2 सबग्रुप-4 पटवारी भर्ती परीक्षा-2022 में आवेदकों से ई-मेल एवं भौतिक रूप से कुल 428 शिकायतें प्राप्त हुईं थीं। शिकायतों के संदर्भ में म.प्र. शासन, सामान्य प्रशासन विभाग का पत्र क्रमांक 1450/1456245/2023/जी.ए.डी./एक/1 भोपाल, दिनांक 19 जुलाई, 2023 के द्वारा जांच हेतु मान. उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीपति श्री राजेन्द्र कुमार वर्मा को नियुक्त किया गया है। जांच प्रतिवेदन दिनांक 30.01.2024 को प्राप्‍त हो चुका है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ड.) दिनांक 01 अप्रैल, 2022 से प्रश्‍नांश दिनांक तक शुल्क के रूप में राशि रु. 15728.41 लाख प्राप्त हुई है एवं राशि रु. 15320.59 लाख का व्यय हुआ है। मण्‍डल को राशि रू. 407.82 लाख का राजस्‍व प्राप्‍त हुआ है।

ग्राम रूनाहा में औद्योगिक क्षेत्र विकसित किये जाने हेतु भूमि का आरक्षण

[सूक्ष्‍म, लघु एवं मध्‍यम उद्यम]

17. ( *क्र. 543 ) श्री विष्‍णु खत्री : क्या सूक्ष्‍म, लघु एवं मध्‍यम उद्यम मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बैरसिया विधानसभा के ग्राम रूनाहा में जिला उद्योग केन्‍द्र, भोपाल द्वारा औद्योगिक क्षेत्र विकसित किये जाने हेतु कितनी भूमि आरक्षित की गई है? (ख) विभाग द्वारा औद्योगिक क्षेत्र विकसित किये जाने हेतु क्‍या कार्य योजना बनाई गई है?

सूक्ष्‍म, लघु एवं मध्‍यम उद्यम मंत्री ( श्री चेतन्‍य कुमार काश्‍यप ) : (क) जिला व्‍यापार एवं उद्योग केन्‍द्र द्वारा भूमि आरक्षित नहीं की गई है। (ख) प्रश्‍नांश '''' के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

संविदा कर्मचारि‍यों हेतु निर्मित नीति का क्रियान्‍वयन

[सामान्य प्रशासन]

18. ( *क्र. 484 ) श्री फुन्‍देलाल सिंह मार्को [श्री नारायण सिंह पट्टा] : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या संविदा कर्मचारियों को नियमित कर्मचारियों के समान वेतन, दूसरे सभी लाभ देने, नियमित भर्ती परीक्षा में 50 % आरक्षण देने के लिए बनाई गई नीति को विभागों द्वारा लागू नहीं किया गया है? (ख) क्या संविदा कर्मचारियों के लिए प्रतिवर्ष अनुबंध प्रक्रिया समाप्त होने के बावजूद 6 महीने में अनुबंध तोड़कर संविदा पर काम कर रहे अनेक कर्मचारि‍यों को नौकरी से निकाला जा चुका है? (ग) क्या संविदा कर्मचारियों को अभी तक एन.पी.एस. के दायरे में लेने, बीमा, अनुकंपा नियुक्ति और ग्रेच्युटी का लाभ देने पर भी कोई क्रियान्वयन नहीं हुआ है? (घ) क्या सरकार संविदा कर्मचारियों के लिए बनाई गई नीति को तत्काल लागू करने के लिए कार्यवाही करेगी?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) अधिकृत - राज्‍य मंत्री, सामान्‍य प्रशासन (श्रीमती कृष्‍णा गौर) : (क) जी नहीं। शासन आदेश का पालन किया जा रहा है। (ख) जानकारी एकत्रित की जा रही है। (ग) शासन द्वारा जारी नीति अनुसार विभागों द्वारा कार्यवाही किया जाना एक सतत् प्रक्रिया है। (घ) उत्‍तरांश '''' के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

सागर स्थित ढाना हवाई पट्टी का उन्नयन

[विमानन]

19. ( *क्र. 348 ) श्री शैलेन्द्र कुमार जैन : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या बुन्देलखण्ड अंचल के संभागीय मुख्यालय सागर स्थित ढाना हवाई पट्टी काफी वर्ष पुरानी है, जिसे व्यवहारिक दृष्टि से हवाई अड्डे के रूप में विकसित किये जाने की कोई योजना शासन के समक्ष विचाराधीन है? (ख) यदि हाँ, तो योजनांतर्गत कौन-कौन से घटक शामिल किये गये हैं? (ग) यदि नहीं, तो क्या शासन बुन्देलखण्ड अंचल के सर्वाधिक महत्वपूर्ण शहर संभागीय मुख्यालय सागर स्थित ढाना हवाई पट्टी के उन्नयन कराये जाने हेतु कोई योजना बनायेगा तथा कब तक?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) अधिकृत - राज्‍य मंत्री, विमानन (श्रीमती प्रतिमा बागरी) : (क) जी हाँ। वर्तमान में योजना प्रचलन में नहीं है। (ख) उत्‍तरांश '' के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) कार्यवाही प्रचलन में है। अत: शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

लाड़ली बहना योजनान्तर्गत छूटी हुई महिलाओं का पंजीकरण

[महिला एवं बाल विकास]

20. ( *क्र. 596 ) श्रीमती झूमा डॉ. ध्यानसिंह सोलंकी : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि क्या लाड़ली बहना योजनान्तर्गत दिसम्बर 2023 में पात्र महिलाओं की तुलना में जनवरी 2024 में महिलाओं की संख्या कम हुई है? हाँ तो क्या कारण है? नहीं तो कृपया दिसम्बर 2023 में पात्र महिलाओं की संख्या एवं उनके खाते में जारी राशि का विवरण देवें तथा जनवरी 2024 में पात्र महिलाओं की संख्या एवं उनके खाते में जमा की गई राशि का विवरण देवें तथा यह भी बताएं कि‍ शेष रह गई महिलाओं का पंजीयन कब प्रारंभ होगा? क्या 18 वर्ष से 21 वर्ष की महिलाओं को लाड़ली बहना योजना में सम्मिलित किया जायेगा? हाँ तो कब तक तथा नहीं तो क्या कारण हैं?

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( सुश्री निर्मला भूरिया ) : जी हाँ, लाड़ली बहना योजनान्तर्गत दिसम्बर 2023 में पात्र महिलाओं की तुलना में जनवरी 2024 में महिलाओं की संख्या कम हुई है, जिसके कारण निम्‍नानुसार हैं :- (1) 01 जनवरी, 2024 को 60 वर्ष की आयु पूर्ण होने के कारण योजना की पात्रता से बाहर. (2) स्वैच्छिक लाभ परित्याग. (3) समग्र से डिलीट होने के कारण. (4) आधार से समग्र डीलिंक होने के कारण. (5) मृत। शेष रह गई महिलाओं का पंजीयन प्रारंभ किए जाने की समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। 18 वर्ष से 21 वर्ष की महिलाओं को लाड़ली बहना योजना में सम्मिलित किए जाने का कोई प्रस्‍ताव नहीं है तथा इसका कारण योजना अंतर्गत उक्‍त आयु वर्ग की महिलाओं को लाभान्‍वित किए जाने का कोई प्रावधान नहीं है।

निर्देश के बावजूद कार्यवाही नहीं किया जाना

[वित्त]

21. ( *क्र. 658 ) श्री आतिफ आरिफ अकील : क्या उप मुख्‍यमंत्री, वित्‍त महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या मध्यप्रदेश शासन वित्त विभाग द्वारा अपने पत्र क्रमांक-एफ 8-1/2016/नियम/चार भोपाल, दिनांक 22 जुलाई, 2017 को मध्यप्रदेश वेतन पुनरीक्षण नियम 2017 के अंतर्गत वेतन निर्धारण संबंधी विकल्प विभाग में प्रस्तुत किये जाने हेतु निर्देश जारी किये गए थे? (ख) यदि हाँ, तो क्या प्रश्‍नांश "क" में उल्लेखित निर्देशानुसार स्कूल शिक्षा विभाग सहित अन्य विभागों के कर्मचारियों द्वारा विकल्प प्रस्तुत किये गए हैं? यदि हाँ, तो विकल्प का अनुमोदन कोष एवं लेखा शाखा द्वारा कब-कब से व किन-किन कारणों से नहीं किया जा रहा है? क्या शासन निर्देशों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कार्यवाही करेगा? यदि हाँ, तो क्या और कब तक और यदि नहीं, तो क्यों?

उप मुख्‍यमंत्री, वित्‍त ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) जी हाँ। (ख) मध्‍यप्रदेश शासन, वेतन पुनरीक्षण नियम-2017 एवं वित्‍त विभाग के परिपत्र दिनांक 22 जुलाई, 2017 के अनुसार शासकीय सेवकों के प्रवर्ग जिन पर उक्‍त नियम लागू है, को कार्यालय प्रमुख के समक्ष नियत समय-सीमा में विकल्‍प प्रस्‍तुत करने हेतु दिशा-निर्देश जारी किये गये हैं। स्‍कूल शिक्षा विभाग के शासकीय सेवक भी वित्‍त विभाग के उक्‍त दिशा-निर्देशों के अंतर्गत हैं। वेतन पुनरीक्षण नियम, 2017 एवं वित्‍त विभाग के परिपत्र दिनांक 22 जुलाई, 2017 के अनुसार विकल्‍प प्रस्‍तुत कर वेतन निर्धारण की स्थिति में निर्धारित प्रक्रिया अनुसार वेतन का अनुमोदन सक्षम अधिकारी स्‍तर से किया जाता है। शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

अवैध रेत उत्‍खनन पर अर्थदण्‍ड

[खनिज साधन]

22. ( *क्र. 557 ) श्री बिसाहूलाल सिंह : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2016-17 में किन-किन रेत तस्करों की पोकलेन मशीन खनिज विभाग द्वारा जब्त की गई थी तथा क्या उस समय चचाई तहसील अनूपपुर के रेत तस्कर के द्वारा अवैध रूप से बिना वैध अधिकार के अवैध उत्खनन किया जा रहा था, जिसमें कितने वाहन उसके वैध अधिकार क्षेत्र के बाहर विभाग द्वारा जप्‍ती बनाई गई थी? यदि हाँ, तो उस पर क्या-क्या कार्यवाही की गई तथा उससे कितनी राशि वसूल की गई थी? (ख) क्या उक्त तस्कर के द्वारा बिना वैध अधिकार के अवैध उत्खनन किया जिसमें म.प्र. खनिज नियम 1996 के नियम 53 (1) का उल्लंघन करने पर खनिज विभाग द्वारा रूपये 28,31,70,000.00 अर्थदण्ड से कलेक्टर अनूपपुर द्वारा दण्डित किया गया था? तो क्या उसकी वसूली की गई है? यदि हाँ, तो उसकी राशि कब और किस दिनांक को वसूल की गई? यदि नहीं, तो क्यों? (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) अनुसार उपरोक्त अवैध उत्खनन के दौरान पोकलेन मशीन की जप्‍ती की जाकर मुक्त किस आधार पर की गई तथा वसूली की राशि जमा क्यों नहीं कराई गई? यदि आज तक उक्त वसूली राशि जमा नहीं कराई गई तो विभाग द्वारा आज तक क्या-क्या कार्यवाही की गई? वसूली की राशि अभी तक जमा न होने के दोषी कौन-कौन हैं तथा इनके विरूद्ध अभी तक क्या कार्यवाही की गई? यदि नहीं, तो क्यों तथा उनके विरुद्ध कार्यवाही की जायेगी? यदि हाँ, तो कब तक?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) अधिकृत - राज्‍य मंत्री, खनिज साधन (श्री दिलीप अहिरवार) : (क) प्रश्‍नांश अनुसार अनूपपुर जिले में वर्ष 2016-17 में खनिज विभाग द्वारा पोकलेन मशीन जप्‍त नहीं की गई थी, अपितु वर्ष 2017-18 में खनिज विभाग द्वारा खनिज रेत के अवैध उत्‍खनन में 01 पोकलेन मशीन को जप्‍त कर खनिज रेत के अवैध उत्‍खनन का प्रकरण दर्ज किया गया था। वैध अधिकार क्षेत्र के बाहर विभाग द्वारा वाहन जप्‍ती नहीं बनाई गई थी, अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ख) जी हाँ। प्रकरण में अवैध उत्‍खननकर्ता कमलेश सिंह चन्‍देल निवासी चचाई के विरूद्ध खनिज रेत का अवैध उत्‍खनन का प्रकरण पंजीबद्ध किया गया है, जिस पर न्‍यायालय कलेक्‍टर अनूपपुर द्वारा रूपए 28,31,70,000/- का अर्थदण्‍ड अधिरोपित किया गया था, जिसकी वसूली नहीं हुई है। (ग) प्रकरण वर्तमान में राजस्‍व मण्‍डल मध्‍यप्रदेश ग्‍वालियर में पुनरीक्षण के तहत विचाराधीन है। प्रकरण में जप्‍त पोकलेन मशीन को माननीय उच्‍च न्‍यायालय जबलपुर के समक्ष प्रस्‍तुत याचिका क्रमांक 3132/2020 में दिनांक 11.02.2020 के आदेश से एक करोड़ रूपए का सुरक्षा बाण्‍ड भरने पर प्रकरण के निराकरण तक अनावेदक के विरूद्ध प्रपीड़न की कार्यवाही न किए जाने हेतु न्‍यायालय कलेक्‍टर जिला अनूपपुर के आदेश दिनांक 11.06.2020 के पालन में श्री कमलेश सिंह चन्‍देल, निवासी चचाई को दिनांक 12.06.2020 से अभिरक्षा में दी गई है। प्रकरण वर्तमान में राजस्‍व मण्‍डल मध्‍यप्रदेश, ग्‍वालियर के समक्ष अर्द्ध न्‍यायिक प्रक्रिया के तहत विचाराधीन है। अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

नीलाम की गई रेत खदान

[खनिज साधन]

23. ( *क्र. 118 ) श्रीमती निर्मला सप्रे : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2018 से 2023 तक सागर जिले की कितनी रेत खदानों की कितनी रेत के लिए कितनी न्यूनतम दर निर्धारित कर नीलामी की गई, किस दर पर किसे स्वीकृति किस दिनांक को दी जाकर अनुबंध किस दिनांक को किया गया? (ख) वर्ष 2023 में की गई अंतिम नीलामी प्रक्रिया में किस-किस ने भाग लिया, उसने ऑनलाइन नीलामी में कितने-कितने मूल्य की बोली लगाई। (ग) वर्ष 2023 में नीलाम की गई किस खदान को किस दिनांक को प्रारंभ कर किस दिनांक से ऑनलाइन पिटपास जारी किए जा रहे उस खदान का किसके द्वारा किस दिनांक को सीमांकन कर किस अक्षांश एवं देशांश पर खदान की सीमा चिन्ह निर्धारित किया? (घ) वर्ष 2023 में नीलाम की गई कौन सी रेत खदान किन कारणों से प्रश्‍नांकित दिनांक तक भी प्रारंभ नहीं की जा सकी हैं?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) अधिकृत - राज्‍य मंत्री, खनिज साधन (श्री दिलीप अहिरवार) : (क) प्रश्‍नांश अनुसार सागर जिले में रेत की खदान वर्ष 2018 से 2023 तक नीलाम नहीं की गई है। अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) से (घ) प्रश्‍नांश (क) के उत्‍तर अनुसार जानकारी निरंक है।

अवैध उत्खनन

[खनिज साधन]

24. ( *क्र. 631 ) श्रीमती अनुभा मुंजारे : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि बालाघाट जिले में रेत ठेकेदारों के द्वारा चिन्हित खदान के अतिरिक्त सैकड़ों एकड़ नदी से अवैध उत्खनन किया जा रहा है, जिसकी पुष्टि जबलपुर संभाग आयुक्त के द्वारा दिनांक 05.01.2024 को की गई कार्यवाही से हो चुकी है, संभाग आयुक्त के द्वारा अलग-अलग थानों में 08 एफ़.आई.आर. एवं 18 वाहनों को जप्त किया है, तो क्या अवैध उत्खनन में लिप्त ठेकेदार के विरुद्ध कोई कार्यवाही एफ.आई.आर. दर्ज की गई जायेगी और यदि की जायेगी तो कब तक? यदि नहीं, की जायेगी तो क्यों?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) अधिकृत - राज्‍य मंत्री, खनिज साधन (श्री दिलीप अहिरवार) : प्रश्‍नांश अनुसार बालाघाट जिले में रेत खनिज के अवैध उत्‍खनन के संबंध में प्राप्‍त शिकायती क्षेत्रों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान ग्राम डोंगरिया, ग्राम अंतरी, ग्राम सावरी, ग्राम खैरी में निजी भूमि पर भण्‍डारित खनिज रेत को जप्‍त कर भण्‍डारण स्‍थल से कुल 16 वाहनों को जप्‍त किया जाकर तथा ग्राम अंतरी, सावरी, खैरी में निजी भूमि पर अवैध भण्‍डारित खनिज रेत को जप्‍त कर 07 एफ़.आई.आर. दर्ज की गई है। आयुक्‍त जबलपुर संभाग जबलपुर के आदेश क्रमांक 126, दिनांक 05.01.2024 द्वारा शिकायती क्षेत्र का सीमांकन एवं सीमा क्षेत्र से बाहर किये गये अवैध उत्‍खनन की जांच हेतु अनुभाग स्‍तर पर जांच दल गठित किया गया। गठित जांच दल से प्रतिवेदन प्राप्‍त होने एवं पुलिस के तफतीश के उपरांत नियमानुसार कार्यवाही की जावेगी।

न्यू पेंशन स्कीम (N.P.S.) की जानकारी

[वित्त]

25. ( *क्र. 71 ) श्री सोहनलाल बाल्‍मीक : क्या उप मुख्‍यमंत्री, वित्‍त महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) न्यू पेंशन स्कीम (N.P.S.) शासन/विभाग द्वारा कब से प्रारम्भ की गई है? N.P.S. जब से प्रारम्भ हुई है, मध्यप्रदेश शासन के विभिन्न विभागों में पदस्थ कितने अधिकारि‍यों/कर्मचारियों की कितनी राशि N.P.S. हेतु उनके वेतन से काटकर जमा की गई है? पृथक-पृथक जानकारी उपलब्ध करायें। (ख) अधिकारि‍यों/कर्मचारियों की N.P.S. हेतु काटी गई राशि को शासन/विभाग द्वारा किन-किन कंपनियों में जमा कराया गया है? जिन कम्पनियों में N.P.S. की राशि जमा कराई गई है, उनमें से कितनी, कौन-कौन सी कम्पनी वर्तमान में चल रही है और कितनी, कौन-कौन सी कम्पनी दिवालिया या बन्द हो गई है? पृथक-पृथक जानकारी उपलब्ध करायें। (ग) न्यू पेंशन स्कीम (N.P.S.) की क्या नियमावली है? नियमावली की छायाप्रति उपलब्ध करायें।

उप मुख्‍यमंत्री, वित्‍त ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) मध्‍यप्रदेश शासन, वित्‍त विभाग के परिपत्र क्रमांक एफ-9/3/2003/नियम/चार, दिनांक 13.04.2005 द्वारा दिनांक 01 जनवरी, 2005 को या उसके पश्‍चात् नियु‍क्त कर्मचारियों हेतु न्‍यू पेंशन स्‍कीम (N.P.S.) लागू की गई है। न्‍यू पेंशन स्‍कीम प्रारंभ होने के उपरांत म.प्र. शासन के विभिन्‍न विभागों में पदस्‍थ कुल 522211 अधिकारियों/कर्मचारियों के वेतन से कर्मचारियों के अंशदान की राशि 18121.80 करोड़ काटी जाकर N.P.S. में जमा की गई है। (ख) अधिकारियों/कर्मचारियों की N.P.S. हेतु काटी गई राशि को शासन/विभाग द्वारा ट्रस्‍टी बैंक में जमा किया जाता है। इस राशि का निवेश SBI Pension Fund Private ltd., lIC Pension Fund ltd. एवं UTI Retirement Solutions ltd. में पी.एफ.आर.डी.ए. द्वारा निर्धारित प्रतिशत के आधार पर किया जाता है। वर्तमान में SBI Pension Fund Private ltd., lIC Pension Fund ltd. एवं UTI Retirement Solutions ltd. फंड मैनेजर्स हैं एवं कार्यरत हैं। कोई भी कंपनी दिवालिया या बंद नहीं हुई है। (ग) N.P.S. संबंधी राज्‍य शासन की पृथक से नियमावली नहीं है, प्रश्‍नाधीन विषय पर राज्‍य शासन द्वारा समय-समय पर जारी दिशा-निर्देशों की छायाप्रतियां पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है।

 

 

 

 







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भाग-2

नियम 46 (2) के अंतर्गत अतारांकित प्रश्‍नोत्तर के रुप में परिवर्तित तारांकित प्रश्‍नोत्तर


जिला खनिज प्रतिष्ठान न्यास

[खनिज साधन]

1. ( क्र. 37 ) श्री जगन्‍नाथ सिंह रघुवंशी : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अशोकनगर जिले के जिला खनिज प्रतिष्ठान न्यास के पंजीयन प्रमाण पत्र की प्रति उपलब्‍ध कराए एवं जिले में खनन से प्रभावित ग्रामों की सूची एवं अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित ग्रामों की सूची भी उपलब्ध करावेंl (ख) सूची अनुसार वर्ष 2020-21, 2021-22 एवं 2022-23 से किन-किन ग्रामों में कौन-कौन से कार्य वर्तमान में प्रगतिरत हैं प्रगतिरत कार्यों की जानकारी उपलब्ध करावें। (ग) जिला खनिज प्रतिष्ठान के न्यास मंडल की वर्ष 2020-21,2021-22 एवं 2022-23, में आयोजित बैठकों का कार्यवाही विवरण एवं पालन प्रतिवेदन एवं कार्यपालक समिति का वर्ष 2022 एवं 23 की बैठक का कार्यवाही विवरण एवं पालन प्रतिवेदन देवेंl (घ) वर्ष 2022 एवं 2023 में किन पट्टा धारियों को अभिवहन परिपत्र जारी किया गया है और अब तक कितने प्रतिष्ठानों के द्वारा प्रतिष्ठान को अंशदान का भुगतान कर दिया गया है भुगतान संबंधी और बकाया संबंधी संपूर्ण जानकारी उपलब्‍ध कराएंl (ड.) प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजना का क्रियान्वयन जिला खनिज प्रतिष्ठान न्यास के माध्यम से वर्ष 2022 एवं 2023 में प्रगतिरत कार्यों का संपूर्ण विवरण उपलब्ध करावें एवं विभागों के द्वारा खर्च की गई राशि का उपयोगिता प्रमाण पत्र भी देवेंl

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जिला खनिज प्रतिष्‍ठान न्‍यास, एक अलाभकारी निकाय है तथा इसका गठन अधिसूचना के माध्‍यम से शासन द्वारा किया गया है, इस कारण से पंजीयन किया जाना प्रावधानित नहीं है। म.प्र. राजपत्र दिनांक 25/08/2022 में अधिसूचित प्रावधानों के अनुसार राज्‍य का समस्‍त भू-भाग खनन प्रभावित क्षेत्र मान्‍य होगा, इस कारण से शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ख) प्रश्‍नांश अनुसार वर्ष 2020-21 एवं 2021-22 में प्रगतिरत कार्यों की जानकारी निरंक है। वर्ष 2022-23 में राज्‍य शासन स्‍तर से स्‍वीकृत, प्रगतिरत कार्यों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ पर दर्शित है। (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न की जानकारी निरंक है। (घ) वर्ष 2022 एवं 2023 में म.प्र. शासन, खनिज साधन विभाग के ई-खनिज पोर्टल से जारी अभिवहन पास का पट्टाधारी अनुसार विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब पर दर्शित है। वर्ष 2022 में 61 पट्टाधारियों द्वारा जिला खनिज प्रतिष्‍ठान मद में अंशदान भुगतान किया है एवं वर्ष 2023 में 59 पट्टाधारियों द्वारा जिला खनिज प्रतिष्‍ठान मद में अंशदान भुगतान किया है। ई-खनिज पोर्टल से जिला खनिज प्रतिष्‍ठान के अंशदान भुगतान उपरांत ही खनिज अभिवहन पास जारी होता है। अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ड.) प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजना का क्रियान्वयन जिला खनिज प्रतिष्‍ठान न्‍यास के माध्‍यम से वर्ष 2022 में प्रगतिरत कार्यों का विवरण निरंक है एवं वर्ष 2023 में प्रगतिरत कार्यों का विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ पर दर्शित है। पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार कार्य प्रारंभ किए गए हैं अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

रेत खनन कार्य का सीमांकन

[खनिज साधन]

2. ( क्र. 72 ) श्री सोहनलाल बाल्‍मीक : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र परासिया के अन्तर्गत खनिज विभाग द्वारा बिजौरीफुल्ला, खैरीचैतू, फुटारा, नवेगांव, जाटाछापर, सिंदरई गुरैयाथर में रेत खनन कार्य हेतु किन-किन ठेकेदारों को कितने-कितने रकबे की खदानों को चिन्हित कर ठेका दिया गया है? ठेकेदारों के नाम, पता व चिन्हित खदानों का रकबा, सम्पूर्ण जानकारी उपलब्ध करायें। (ख) प्रश्‍नांश (क) के अनुसार जिन संबंधित ठेकेदारों को रेत खनन कार्य का ठेका दिया गया है, वर्तमान में उन ठेकेदारों के द्वारा विभाग द्वारा चिन्हित की गई खदानों की सीमा से रेत का परिवहन न करते हुए, अन्यत्र अवैध जगहों/स्थानों से रेत का अवैध परिवहन किया जा रहा है। जिससे शासन को लाखों रूपयों की रॉयल्टी का नुकसान हो रहा है। क्या इसकी उचित जांच कराकर, सीमांकन कार्य कराया जाना उचित प्रतीत नहीं होता है? क्या विभाग के द्वारा उपरोक्त मामले की जांच कराई जायेगी? यदि हाँ, तो कब तक जांच कराई जायेगी? (ग) प्रश्‍नांश (ख) के अनुसार विभाग द्वारा उपरोक्त मामले की जब तक जांच पूरी नहीं होती है, तब तक के लिए रेत खनन कार्य पर क्या रोक लगाई जायेगी?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट पर दर्शित है। (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार रेत खदानों के ठेकेदार ग्रेवेलिया इंटरप्राईजेस प्राईवेट लिमिटेड, ब्रांच ऑफिस लक्ष्‍मी नगर बेलगांव सौसर जिला पांढुरना द्वारा विभाग द्वारा चिन्हित की गई खदानों की सीमा से रेत का परिवहन न करते हुए अन्‍यत्र अवैध जगहों/स्थानों से रेत का अवैध परिवहन किये जाने संबंधी कोई प्रकरण प्रकाश में नहीं आये है। तथापि वित्‍तीय वर्ष 2023-2024 में विभिन्‍न व्‍यक्तियों पर अन्‍यत्र स्‍थानों से अवैध रेत खनन के 28 प्रकरण एवं अवैध रेत परिवहन के 90 प्रकरण पंजीबद्ध किये जाकर राशि रूपये 71,95,230/- शासनहित में जमा कराई गई है। उपरोक्‍त अनुसार शेष भाग का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) प्रश्‍नांश (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - "तीन"

आंगनवाड़ी केन्द्रों के बच्चों को पोषण आहार का प्रदाय

[महिला एवं बाल विकास]

3. ( क्र. 80 ) श्री कैलाश कुशवाहा : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) विधानसभा क्षेत्र पोहरी में आंगनवाड़ी के कुल कितने केन्द्र हैं? उक्त केन्द्रों में से कितने आंगनवाड़ी केंद्र ऐसे हैं जिनमें बिजली का कनेक्शन नहीं है या बिजली सप्लाई बंद है? कितने आंगनवाड़ी केंद्र ऐसे है जिनमें पीने के पानी का इंतजाम नहीं है? जिन आंगनवाड़ी केन्द्रों में बिजली, पानी उपलब्ध नहीं है, उनके लिए कब तक बिजली, पानी का इंतजाम किया जाएगा, समयावधि बताते हुए आंगनवाड़ी केन्द्रवार जानकारी उपलब्ध कराई जावे? (ख) क्या विधानसभा क्षेत्र पोहरी क्षेत्रांतर्गत सभी आंगनवाड़ी केन्द्रों में पोषण आहार का नाश्ता व खाना बच्चों को मिल रहा है? क्या बच्चों के नाश्ते का समय व खाने का समय अलग-अलग है? क्या जाँच के दौरान क्षेत्र में कई जगह नाश्ता/भोजन बच्चों को मिलना नहीं पाया गया है? यदि हाँ, तो जाँच प्रतिवेदन उपलब्ध करावें। (ग) बच्चों को नाश्ता व खाना अलग-अलग देने संबंधी भौतिक सत्यापन की रिपोर्ट उपलब्ध करायी जावे? यदि बच्चों को समय पर नाश्ता व खाना नहीं मिलता है, तो उसके लिए कौन उत्तरदायी है एवं उन पर क्या कार्यवाही की जावेगी? (घ) यदि वर्ष 2022-23 में आंगनवाड़ी केन्द्रों के बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया है, यदि हाँ, तो परीक्षण रिपोर्ट उपलब्ध करावें? विधानसभा क्षेत्र पोहरी अंतर्गत वर्ष 2024 में बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण कब-कब किया जावेगा, जानकारी दें।

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( सुश्री निर्मला भूरिया ) : (क) विधानसभा क्षेत्र पोहरी में कुल 507 आंगनवाड़ी केन्द्र हैं। उक्त केन्द्रों में से 342 आंगनवाड़ी केंद्रों में बिजली का कनेक्शन नहीं है। बिजली सप्लाई बंद है। जिन केन्‍द्रों में बिजली कनेक्‍शन है उनमें बिजली की सप्‍लाई है। सभी आंगनवाड़ी केंद्रों में पीने के पानी का इंतजाम है। आंगनवाड़ी केन्‍द्रों में बिजली कनेक्‍शन एक सतत् प्रक्रिया है, जो कि वित्‍तीय संसाधनों की उपलब्‍धता पर निर्भर करता है, जिसकी समय-सीमा दिया जाना संभव नहीं है। बिजली कनेक्‍शन रहित आंगनवाड़ी केन्‍द्रों की केन्द्रवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'''' अनुसार है। (ख) हाँ। हाँ, बच्‍चों को नाश्‍ते व खाने का समय अलग-अलग है। जांच के दौरान बच्‍चों को नाश्‍ता/भोजन मिलना पाया गया। स्‍व-सहायता समूहों द्वारा आंगनवाड़ी केन्‍द्रों पर नाश्‍ता या भोजन न दिये जाने की स्थिति में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता की रिपोर्ट पर पर्यवेक्षक एवं परियोजना अधिकारी से सत्‍यापन उपरांत भुगतान में कटौत्रा कर देयक प्रस्‍तुत किये जाते हैं, तदानुसार भुगतान जिला कार्यक्रम अधिकारी द्वारा किया जाता है। (ग) आंगनवाड़ी केन्‍द्रों पर बच्‍चों को नाश्‍ता व भोजन देने संबंधी भौतिक सत्‍यापन आंगनवाड़ी कार्यकताओं द्वारा एंड्रोइड मोबाईल से पोषण ट्रैकर एप में ऑनलाईन दर्ज की जाती है। प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता। (घ) जी हां, वर्ष 2022-23 में आंगनवाड़ी केन्द्रों के बच्चों के कराये गये स्वास्थ्य परीक्षण की रिपोर्ट एवं विधानसभा क्षेत्र पोहरी अन्‍तर्गत वर्ष 2024 में बच्‍चों के स्‍वास्‍थ्‍य परीक्षण संबंधी जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-'''' अनुसार है।

लाड़ली बहना योजना

[महिला एवं बाल विकास]

4. ( क्र. 87 ) श्री लखन घनघोरिया : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) जिला जबलपुर में कितने आंगनवाड़ी केन्‍द्र संचालित हैं? परियोजना सेक्‍टरवार जानकारी दें। (ख) पूर्व विधानसभा क्षेत्र क्र 97 जबलपुर के तहत कितनी महिलाओं को लाड़ली बहिना योजना के लाभ से लाभांवित किया गया हैं एवं उनके खातों में माह मार्च 2023 से जनवरी 2024 तक माहवार कितनी-कितनी राशि जमा की गई। योजना के तहत कितनी-कितनी महिलाओं ने आवेदन पत्र दिया है। इनमें से कितनी-कितनी पात्र महिलाओं का चयन किया गया। कितने आवेदन पत्र निरस्‍त किये गये? परियोजना पर्यवेक्षक सेक्‍टर तथा आंगनवाड़ी केन्‍द्रवार जानकारी दें। (ग) प्रश्‍नांकित योजना के तहत लाभांवित महिलाओं की पात्रता का परीक्षण किस स्‍तर के किस अधिकारी ने किया है? पात्रता परीक्षण हेतु शासन या जिला प्रशासन ने संभाग व जिला स्‍तर पर कब से किस एजेंसी अथवा कमेटी का गठन किया हैं? (घ) प्रश्‍नांश (क) में कितनी पात्र महिलाएं योजना के लाभ से वंचित हैं? कितनी पात्र महिलाओं के खाते में कब से कितनी राशि जमा नहीं की गई एवं क्‍यों? (ड.) प्रश्‍नांकित योजना के तहत चिंहित कितनी पात्र महिलाएं जिन्‍हें राष्‍ट्रीय विधवा पेंशन, परित्‍यकत्‍ता पेंशन, कल्‍याणी पेंशन, सामाजिक सुरक्षा व दिव्‍यांगजन सुरक्षा पेंशन की प्राप्‍त राशि 600/- रुपये के मान से काटकर शेष राशि ही उनके खाते में जमा की गई हैं एवं क्‍यों? इस संबंध में शासन ने कब क्‍या दिशा निर्देश जारी किये हैं?

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( सुश्री निर्मला भूरिया ) : (क) जिला जबलपुर में कुल 2483 आंगनवाड़ी केन्‍द्र संचालित हैं? परियोजना सेक्‍टरवार जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-01 पर है। (ख) पूर्व विधानसभा क्षेत्र क्र 97 जबलपुर के तहत मुख्‍यमंत्री लाड़ली बहना योजना 2023 के लाभ से लाभांवित महिलाओं के खातों में माह जून 2023 से जनवरी 2024 तक निकायवार माहवार जमा की गई राशि की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट-02 पर है । योजना अंतर्गत प्रथम मासिक आर्थिक सहायता राशि का अंतरण माह जून 2023 से होने के कारण माह मार्च 2023 से माह मई 2023 तक योजना अंतर्गत मासिक आर्थिक सहायता राशि का अंतरण निरंक है । पूर्व विधानसभा क्षेत्र क्र 97 जबलपुर अंतर्गत योजना के तहत आवेदन करने वाली महिलाओं त‍था इनमें से चयनित पात्र महिलाओं एवं निरस्‍त किये गये आवेदन पत्र/अपात्र महिलाओं की निकायवार जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट-03 पर है । योजना अंतर्गत महिलाओं का पंजीयन निकायवार होने के कारण उक्‍त जानकारी परियोजना, पर्यवेक्षक सेक्‍टर तथा आंगनवाड़ी केन्‍द्रवार दी जाना संभव नहीं। (ग) प्रश्‍नांकित योजना के प्रावधानों अंतर्गत आवेदिकाओं से स्व-घोषणा के आधार पर आवेदन का ऑनलाइन पंजीयन किया जाकर इन आवेदनों पर पोर्टल के माध्यम से आम लोगों से आपत्तियां प्राप्त की गयी। पोर्टल पर दर्ज आपत्तियां एवं राज्य स्तर से चिन्हांकित प्रकरणों की पात्रता का परीक्षण योजना के प्रावधानों में उल्‍लेखित आपत्ति निराकरण समितियों के द्वारा किया गया है, योजना के प्रावधान पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट-04 पर है। जिन आवेदनों पर प्राप्त आपत्तियां उक्तानुसार आपत्ति निराकरण समिति द्वारा गलत पाई गई उन आवेदिकाओं को तथा जिन आवेदनों पर किसी भी स्तर पर से कोई भी आपत्ति नही प्राप्त हुई एवं जो स्व घोषणा के आधार पर पात्रता की सभी शर्तें पूर्ण करती थी उन सभी आवेदिकाओं को योजना अंतर्गत पात्र माना गया है। (घ) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में जिला जबलपुर में योजना अंतर्गत मासिक आर्थिक सहायता राशि प्राप्‍त करने के लाभ से वंचित पात्र महिलाओं के खातों में माहवार कारण सहित जमा नहीं की गई राशि की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट-05 पर है। (ड.) प्रश्‍नांकित योजना के तहत जिला जबलपुर में माह जनवरी 2024 में चिंहित कुल 20,639 पात्र महिलाएं जिन्‍हें राष्‍ट्रीय विधवा पेंशन, परित्‍यकत्‍ता पेंशन, कल्‍याणी पेंशन, सामाजिक सुरक्षा व दिव्‍यांगजन सुरक्षा पेंशन की प्राप्‍त राशि 600/- रुपया के मान से काटकर शेष राशि ही उनके खाते में जमा की गई है। इस संबंध में शासन के दिशा-निर्देश पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट -04 एवं 06 पर है।

महिलाओं पर अत्‍याचार

[गृह]

5. ( क्र. 88 ) श्री लखन घनघोरिया : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जबलपुर महिलाओं पर अत्याचार, घरेलू हिंसा, यौन शोषण, हत्या व हत्या का प्रयास, अपहरण, दुष्कृत्य, दुष्कृत्य व हत्या, सामूहिक दुष्कृत्य, ब्लैक मेलिंग शादी का झांसा देकर यौन शोषण करने से सम्बंधित कितने-कितने मामलें पंजीकृत किये गये हैं? वर्ष 2020-21 से 2023-24 तक की जबलपुर संभाग व जिलावार, माहवार जानकारी दें। (ख) जबलपुर संभाग में किशोर, नाबालिग युवतियों, छात्राओं व लड़कियों का अपहरण, अपहरण व दुष्कृत्य, हत्या, दुष्कृत्य व हत्या, सामूहिक दुष्कृत्य, ब्लैक मेलिंग, छेड़छाड़, आत्महत्या, यौन शोषण, गुमशुदा (लापता) व मानव तस्करी से सम्बंधित कितने-कितने मामलें पंजीकृत किये गये हैं? जिलावार, माहवार जानकारी दें। (ग) प्रश्‍नांश (क) में पाक्सो एक्ट व भा.द.वि. की धारा 302, 354 के पंजीकृत कितने प्रकरणों में कितने आरोपियों को गिरफ्तार किया गया एवं कितने आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया गया। कितने लापता हैं? किन-किन मामलों में कितने-कितने आरोपियों को किस-किस प्रकार की सजा सुनाई गई? (घ) प्रश्‍नांश (क) में पंजीकृत कितने मामलों में कितनी पीड़ित महिलाओं, युवतियों व लड़कियों को अपराधियों के चंगुल से मुक्त कराया गया। कितनी गुमशुदा लापता महिलाओं, युवतियों व लड़कियों का पता लगाकर उन्हें सकुशल घर पहुंचाया गया। कितनी लापता हैं?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट '' अनुसार। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट '' अनुसार। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट '' अनुसार। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट '' अनुसार।

ग्रामों में अवैध रेत उत्खनन एवं परिवहन

[खनिज साधन]

6. ( क्र. 135 ) श्री कैलाश कुशवाहा : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शिवपुरी जिला अंतर्गत वर्ष 2022-23 एवं 2023-24 में कहाँ-कहाँ रेत एवं अन्य खनिज उत्खनन सामग्री की खदानें स्वीकृत है। स्वीकृति आदेश सहित संपूर्ण जानकारी खदानवार उपलब्ध कराये? (ख) प्रश्‍नांश के क्रम में क्या इन खदानों से नियमानुसार शासन द्वारा निर्धारित दर अनुसार रायल्‍टी ली जा रही है, यदि हाँ, तो इसकी प्रत्येक खदानवार शासन द्वारा निर्धारित रायल्‍टी की जानकारी दी जावे? (ग) प्रश्‍नांश के क्रम में क्या नरवर व करैरा तहसील अंतर्गत ग्राम सीहोर, चिताहरी, सोन्ह एवं अमोलपठा में रेत खदान स्वीकृत है? यदि हाँ, तो आदेश की प्रति उपलब्ध करायी जावें? यदि नहीं तो इन खदानों से किसके आदेश से रेत उत्खनन व परिवहन किया जा रहा है? (घ) यदि नहीं, तो इन खदानों से रेत अवैध उत्खनन एवं परिवहन करने के संबंध में समय-समय पर समाचार पत्रों में शिकायतें प्रकाशित होती रही है, जिनमें खनिज एवं पुलिस विभाग की संलिप्तता दर्शायी जाती रही है? उक्त शिकायतों के क्रम शासन द्वारा खनिज एवं पुलिस विभाग के अधिकारी/कर्मचारियों के विरूद्ध क्या-क्या कार्यवाही की गयी उसकी जाँच प्रतिवेदन अनुसार विभागवार जानकारी उपलब्ध करायी जावे? क्या अवैध उत्खनन/परिवहन को तत्काल रोका जावेगा यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं तो कारण बतावें?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ पर दर्शित है। (ख) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब पर दर्शित है। (ग) प्रश्‍नांश के क्रम में नरवर व करैरा तहसील में ग्राम सीहोर, चिताहरी, सोन्‍ह एवं अमोलपठा में रेत की कोई खदान स्‍वीकृत नहीं है। अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। उक्‍त ग्रामों में रेत खनिज का अवैध उत्‍खनन एवं परिवहन पाए जाने पर समय-समय पर की गई कार्यवाही की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-स पर दर्शित है। (घ) अवैध उत्‍खनन व परिवहन के संबंध में की गई कार्यवाही का विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-स पर दर्शित है। अवैध उत्‍खनन एवं परिवहन पर प्रभावी कार्यवाही की गई है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

कर्ज एवं कर्ज राशि के उपयोग से संचालित योजनाएं

[वित्त]

7. ( क्र. 147 ) श्री महेश परमार : क्या उप मुख्‍यमंत्री, वित्‍त महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विगत 05 वर्षों में राज्य सरकार द्वारा कितनी राशि का कर्ज किन-किन स्त्रोतो से कब-कब लिया है? प्रति उपलब्‍ध करावें? (ख) विगत 05 वर्षों में राज्य सरकार द्वारा विभिन्न स्त्रोतो से प्राप्त की गई कर्ज की राशि का निवेश किन-किन योजनाओं एवं कार्यों में किया गया है? (ग) विगत 05 वर्षों में लिये गये कर्ज की राशि पर कितना ब्याज एवं कर्ज की राशि का मूलधन राज्य सरकार द्वारा किन-किन स्त्रोतो को कब-कब दिया गया है? रिकार्ड देवें। वर्तमान में राज्य सरकार के इस वित्तीय स्थिति से म.प्र. राज्य के प्रत्येक व्यक्ति पर कितना कर्ज है? (घ) प्रदेश सरकार के पास प्रति व्यक्ति कर्ज कम करने के लिए क्या कार्य योजना है तथा प्रदेश कर्ज मुक्त बनाने के लिए विगत 05 वर्षों में क्या प्रयास किये है? प्रयास की सफलता की मूल्यांकन रिपोर्ट विधानसभा पटल पर रखें। (ड.) क्या यह सही है कि, प्रदेश सरकार बांड गिरवी रखकर भी कर्ज ले रही है? यदि हाँ, तो बतावें कि वह कौन से लक्ष्य है, जिनके कारण सरकार को बांड गिरवी रखकर कर्ज लेना पड़ रहा है? आय से अधिक सरकार द्वारा किये जा रहे खर्च के लिए कौन जिम्मेदार है?

उप मुख्‍यमंत्री, वित्‍त ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) विगत 5 वर्षों में राज्‍य सरकार द्वारा लिये गये कर्ज की जानकारी भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक द्वारा तैयार किये गये वित्‍त लेखे वर्ष 2018-19 से वर्ष 2021-22 के खण्‍ड 2 के Statement No.17 पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट-1 पर उपलब्‍ध है। वित्‍तीय वर्ष 2022-23 के वित्‍त लेखे विधानसभा के पटल पर अभी नहीं रखे गये हैं तथा वर्ष 2023-24 के वित्‍त लेखे भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक द्वारा अंतिम नहीं किए जाने के कारण शेष अंकेक्षित जानकारी प्रदान की जाना संभव नहीं है। वित्‍तीय वर्ष 2023-24 के बजट साहित्‍य के वित्‍त सचिव के स्‍मृति पत्र के अनुसार राज्‍य सरकार पर कर्ज, वर्ष 2022-23 का पुनरीक्षित अनुमान एवं वर्ष 2023-24 का बजट अनुमान की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट 2 में उपलब्‍ध है। (ख) राज्‍य सरकार द्वारा अपने वित्‍तीय मापदण्‍डों के अंतर्गत विकासात्‍मक अधोसंरचना कार्यों हेतु कर्ज प्राप्‍त किया जाता है। किसी योजना विशेष के लिये कर्ज प्राप्‍त नहीं किया जाता है। अत: प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) विगत 5 वर्षों में लिये गये कर्ज की राशि पर ब्‍याज की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट-3 पर उपलब्‍ध है तथा कर्ज की राशि पर मूलधन भुगतान की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट-1 पर उपलब्‍ध है। राज्‍य सरकार द्वारा अधोसंरचना विकास हेतु कर्ज लिया जाता है। इसका प्रतिव्‍यक्ति पर कर्ज से कोई संबंध नहीं है। अत: शेष प्रश्‍नांश उपस्थित नहीं होता है। (घ) राज्‍य शासन द्वारा अपने निर्धारित राजकोषीय मापदण्‍डों एवं भारत सरकार से प्राप्‍त स्‍वीकृति के अंतर्गत ही कर्ज प्राप्‍त किया जाता है। अत: शेष का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता। (ड.) जी नहीं। शेष का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता।

कार्मिक, प्रशासनिक सेवा भर्ती नियमों में सुधार

[सामान्य प्रशासन]

8. ( क्र. 149 ) श्री महेश परमार : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या यह सही है कि, .प्र. शासन के कार्मिक, प्रशासनिक सुधार एवं प्रशिक्षण विभाग द्वारा भोपाल दिनांक 19 जून 1989 परिपत्र क्र.एफ 3-15/89/9/49 के द्वारा शासकीय अधिकारी एवं कर्मचारियों द्वारा सेवाभर्ती नियमों के प्रकरणो में बहुत अधिक विलंब किये जाने के तथ्य को शासन के ध्यान में लाया गया था? यदि हाँ, तो शासन द्वारा दोषी अधिकारियों के विरूद्ध म.प्र. सिविल सेवा (आचरण) 1965 के नियम 3 के प्रावधान अनुसार प्रत्येक शासकीय सेवक से कर्तव्यपरायण रहने की अपेक्षा कि गई थी तथा प्रकरण में विलंब होने पर अनुशासनात्मक कार्यवाही का प्रावधान था। यदि हाँ, तो बैठक दिनांक तक कितने अधिकारियों पर अनुशासनात्मक कार्यवाही हुई वर्षवार नाम, पद एवं अनुशासनात्मक कार्यवाही का विवरण सहित सूची देवें। (ख) विगत 02 वर्षों में कार्मिक प्रशासनिक सुधार हेतु विभाग द्वारा कितने निर्देश जारी किये गये एवं निर्देशों के उल्लंघन पर क्‍या कार्यवाहियाँ कि गई? विभाग के निर्देशों एवं परिपत्रों की पुस्तिका की प्रतियाँ वर्षवार देवें। (ग) क्या गोपनीय चरित्रावली सी.आर.चैनल के अनुसार लिखे जाने से पूर्व प्रतिवेदक स्वीकारकर्ता एवं समीक्षा अधिकारी द्वारा संबंधित व्यक्ति की कर्तव्य परायणता का मूल्यांकन कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार के अन्तर्गत किया जाता है? यदि हाँ, तो सी.आर.लिखने के नियम एवं कार्य प्रणाली की जानकारी देवें। (घ) कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार विभाग द्वारा विगत 02 वर्षों में कितने भारतीय प्रशासनिक एवं राज्य प्रशासनिक अधिकारियों के कार्यों की मानिटरिंग की है? निरीक्षण प्रतिवेदन की वर्षवार संकलित रिपोर्ट देवें।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जी हाँ। शेषांश जानकारी एकत्रित की जा रही है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-क अनुसार। शेषांश जानकारी एकत्रित की जा रही है। (ग) जी हाँ। नियम निर्देश पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-ख अनुसार। (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

विधानसभा क्षेत्र घट्टिया में संचालित जे.के. प्लांट

[औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन]

9. ( क्र. 153 ) श्री सतीश मालवीय : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र घट्टिया के अन्तर्गत जे. के. सीमेन्ट का जो प्लांट संचालित किया जा रहा है, प्लांट के संचालन में जारी सभी अनुमतियों की विभागवार सम्पूर्ण जानकारी की प्रमाणित प्रतियाँ उपलब्ध करावें। (ख) विधानसभा क्षेत्र घट्टिया में स्थित जे. के. सीमेन्ट द्वारा संचालित प्लांट में कितने स्थानीय व्यक्तियों को रोजगार प्रदान किया गया है? प्लांट के परिसर एवं परिसर के बाहर किए गए वृक्षारोपण की जानकारी मय फोटो सहित उपलब्ध करावें। (ग) प्लांट में सीमेन्ट उत्पादन से निकलने वाली गैस एवं धूल के कण से खराब हो रही किसानों की फसलें एवं दूषित पेयजल के लिये कम्पनी संचालक द्वारा क्या-क्या कदम उठायें जा रहे हैं? क्या कृषकों को खराब फसलों का मुआवजा भी प्रत्येक वर्ष दिया जावेगा? (घ) क्या कम्पनी द्वारा आवागमन हेतु जो सड़कें बनाई गई हैं, वह लोडिंग एवं ट्रॉफिक को ध्यान में रखते हुए बनाई गई हैं? क्या उक्त सड़क मार्ग को फोरलेन बनाया गया है? कम्पनी के वाहनों की आवागमन से हो रही असुविधा के संबंध में कम्पनी की क्या योजना है?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) इकाई मेसर्स जे.के. सीमेंट लिमिटेड ग्राम-माधवगढ़, तहसील-घट्टिया, जिला-उज्‍जैन से प्राप्‍त जानकारी अनुसार प्‍लांट के संचालन में इकाई द्वारा प्राप्‍त की गई सम्‍मतियों की विभागवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-1 अनुसार है। (ख) इकाई मेसर्स जे.के.सीमेंट लिमिटेड ग्राम-माधवगढ़, तहसील-घट्टिया, जिला-उज्‍जैन से प्राप्‍त जानकारी अनुसार प्‍लांट में कुल 241 व्‍यक्तियों को रोजगार प्रदत्‍त किया गया है जिसमें से कुल 196 मध्‍यप्रदेश राज्‍य के हैं इनमें से उज्‍जैन के 141 एवं घट्टिया के 70 व्‍यक्तियों को रोजगार प्रदाय किया गया है। पर्यावरण विभाग से प्राप्‍त जानकारी अनुसार उद्योग द्वारा उद्योग परिसर में लगभग 1300 वृक्षारोपण किया गया है। उद्योग परिसर के बाहर वृक्षारोपण की जानकारी एवं फोटोग्राफ पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-2 अनुसार है। इकाई द्वारा विभिन्‍न जगहों पर प्‍लांटेशन के फोटो की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-2 अनुसार है। (ग) पर्यावरण विभाग से प्राप्‍त जानकारी अनुसार उद्योग में वायु प्रदूषण नियंत्रण हेतु नियमानुसार बैग हाऊस, डस्‍ट कलेक्‍टर सिस्‍टम, वॉटर स्प्रिंकलिंग सिस्‍टम, रोड स्‍वीपिंग मशीन एवं वृक्षारोपण इत्‍यादि की व्‍यवस्‍था की गई है तथा सतत् मॉनिटरिंग हेतु ऑनलाईन निरंतर मॉनिटरिंग सिस्‍टम की व्‍यवस्‍था स्‍थापित है। उद्योग से वायु प्रदूषण की समस्‍या नहीं पाई गई है, अत: फसलों के खराब होने का प्रश्‍न नहीं है। उद्योग की उत्‍पाद प्रक्रिया से दूषित जल का निस्‍सारण नहीं होता है व जल प्रदूषण की स्थिति नहीं पाई गई है, अत: फसलों के मुआवजा का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (घ) इकाई मेसर्स जे.के. सीमेंट लिमिटेड, ग्राम-माधवगढ़, तहसील-घट्टिया, जिला-उज्‍जैन से प्राप्‍त जानकारी अनुसार कंपनी द्वारा निर्माणाधीन सड़कें मध्‍यप्रदेश रूरल रोड डेव्‍हलपमेंट अथॉरिटी द्वारा निर्धारित मापदंडों के अनुसार ही बनायी जा रही है। आवागमन और ट्रैफिक कंट्रोल के लिए कंपनी ने विभिन्‍न स्‍थानों पर सिक्‍युरिटी तैनात कर रखी है ताकि ग्रामीण जन को आवागमन के समय परेशानी न हो और विधिवत आवागमन सुचारू रह सके।

अपराधियों पर कार्यवाही न होना

[सामान्य प्रशासन]

10. ( क्र. 164 ) श्री यादवेन्द्र सिंह : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या यह सही है कि, राज्‍य गृह विभाग आर्थिक अपराध ब्‍यूरों म.प्र. ने अपने पत्र क्रमांक जबल/अप्र./प्रां.जा./क्रं./36651/5-एल/बी/09 भोपाल दिनांक 25.09.09 द्वारा प्रमुख सचिव म.प्र. शासन सहकारिता विभाग को प्रारंभिक जांच में अपराध क्रमांक 36/09 पर पंजीबद्ध होने की सूचना दी थी। (ख) यदि हाँ, तो प्रश्‍नांश (क) में वर्णित अपराध में आज दिनांक तक क्‍या कार्यवाही हुई? (ग) क्‍या प्रश्‍नांश (क) में वर्णित पत्र में म.प्र. शासन सामान्‍य प्रशासन विभाग के पत्र दिनांक 04/09/09 के साथ प्राप्‍त खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की संक्ष‍ेपिका के आधार पर अध्‍यक्ष एवं प्रबंधक क्रय-विक्रय समिति खरीदी केन्‍द्र बड़ागांव धसान टीकमगढ़ एवं उक्‍त 6 (छ:) के विरूद्ध रवि विपणन वर्ष 2009-10 में खरीदी में की गई अनियमितताओं से संबंधित थी। (घ) प्रश्‍नांश (ग) में वर्णित सभी दोषी समितियों के अध्‍यक्ष एवं प्रबंधकों के नाम सहित यह भी बतायें कि आज दिनांक तक उनके खिलाफ क्‍या कार्यवाही की गई है?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जी हाँ। (ख) अपराध विवेचनाधीन है। (ग) जी हाँ। (घ) प्रकरण वर्तमान में विवेचनाधीन है, विवेचना में तथ्‍यों के आधार पर विधिसम्‍मत कार्यवाही की जावेगी।

विधायक विकास निधि का दुरूपयोग

[योजना,आर्थिक एवं सांख्यिकी]

11. ( क्र. 165 ) श्री यादवेन्द्र सिंह : क्या उप मुख्‍यमंत्री, वित्‍त महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या टीकमगढ़ विधायक द्वारा वर्ष 2018 से वर्ष 2023 तक जितनी भी राशि विकास कार्यों हेतु दी गई वह सभी कार्य गुणवत्‍ताहीन किये गये है? (ख) यदि नहीं तो प्रश्‍नांश (क) वर्णित कार्यों के नाम मूल्‍यांकन एवं सत्‍यापनकर्ता अधिकारी के नाम सहित बताये? (ग) क्‍या यह सही है कि प्रवेश द्वार निर्माण पर अधिक राशि स्‍वीकृत की गई है और प्रवेश द्वार गुणवत्‍ताविहीन है जैसे - बल्‍देवगढ़ मार्ग पर उर नदी के पास बना प्रवेश द्वार आदि? (घ) प्रश्‍नांश (क) में वर्णित अवधि में कुल कितने प्रवेश द्वार बनवाये गये विस्‍तृत विवरण दें?

उप मुख्‍यमंत्री, वित्‍त ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) जी नहीं। (ख) प्रश्‍नांश-'''' में वर्णित कार्यों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अ अनुसार है। प्रश्‍न के शेष भाग की जानकारी एकत्रित की जा रही है। (ग) जी नहीं। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ब अनुसार है।

जनसुनवाई एवं उनका निराकरण

[सामान्य प्रशासन]

12. ( क्र. 180 ) श्री प्रहलाद लोधी : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या आमजन की समस्याओं को त्वरित निराकरण के लिये शासन जिला स्तर पर प्रति मंगलवार जनसुनवाई आयोजित करता है? क्या कलेक्टर स्वंय जनसुनवाई में नहीं बैठते तथा अपने अधिनस्‍थों अधिकारियों को भेजते है? समस्त विभागों के विभाग प्रमुख भी स्वयं उपस्थित न होकर अपने अधिनस्‍थों को जनसुनवाई हेतु भेज देते हैं? यदि हाँ, तो क्या शासन इस पर महत्वपूर्ण कार्य के लिये कलेक्टर तथा अन्य समस्त विभाग प्रमुखों को अनिर्वाय रूप से जनसुनवाई में बैठने हेतु निर्देशित करेगा? (ख) क्या जनसुनवाई में आये आवेदनों को सी.एम. हेल्प लाईन पोर्टल में जोड़ने के निर्देश है? यदि हाँ, तो फिर क्यों पन्ना जिले में अपनी रेटिंग सुधारने के लिये आवदनों को पोर्टल पर नहीं जोड़ा जाता है जिससे आमजन को समस्याओं के निराकरण के लिये तथा एक ही समस्या के लिये कई वार जनसुनवाई में जाना पड़ता है? (ग) जनसुनवाई में आये आवेदनों को सी.एम. हेल्प लाईन पोर्टल में जोड़ने हेतु शासन क्या उपाय करेगा तथा इसके लिये दोषियों पर क्या कार्यवाही करेगा?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जी हाँ। सामान्‍य प्रशासन विभाग के परिपत्र क्रमांक एफ 11-29/ 2009/1/9 दिनांक 30 जून, 2009 द्वारा जारी निर्देश की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है जिसकी कंडिका 6 अनुसार अपरिहार्य परिस्थितियों में कोई अधिकारी जन सुनवाई में अनुपस्थित रहता है तो उस अवस्‍था में किसी अन्‍य सुयोग्‍य वरिष्‍ठ अधिकारी को अपने स्‍थान पर जन सुनवाई करने हेतु नियुक्‍त करने के निर्देश के संदर्भ में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) जी नही। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) प्रश्‍नांश () के उत्‍तर के प्रकाश में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

ध्‍वनि विस्‍तारक यंत्रों का नियम विरूद्ध प्रयोग

[गृह]

13. ( क्र. 196 ) श्री आरिफ मसूद : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या विभाग द्वारा अपने आदेश क्र./एफ 44-02/2015/दो/सी-1 भोपाल दिनांक 13 दिसम्बर 2023 के माध्यम से धार्मिक स्थलों एवं अन्य स्थानों में ध्वनि विस्तारक यंत्रों (लाउडस्पीकर/डी.जे./सम्बोधन प्रणाली) के अनियंत्रित व नियम विरूद्ध प्रयोग पर नियंत्रण/कार्यवाही हेतु दिशा निर्देश जारी किये हैं। (ख) प्रश्‍नांश (क) के परिप्रेक्ष्य में क्या आदेश के बिंदु क्रमांक 1 के Schedule See rule 3 (1) and 4 (1) Ambient Air Quality Standards in respect of Noise की सारणी में Category of Area/Zone में Religious Places के लिए कोई ऐरिया कोड एवं ध्वनि सीमा (डेसिबल) वर्गीकृत नहीं किया गया है। (ग) प्रश्‍नांश (ख) के परिप्रेक्ष्य में ध्वनि प्रदूषण (विनियमन और नियंत्रण) नियम 2000 यथासंशोधित एवं उक्त विषय में माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा न्याय दृष्टांत रिट पिटीशन क्रमांक 72/98 In Re: Noise Pollution में पारित दिनांक 18/07/2005 में ध्वनि विस्तारक यंत्रों (लाउड स्पीकर/डी.जे./सम्बोधन प्रणाली) को नियंत्रण करने हेतु आदेश जारी किये गए हैं। (घ) प्रश्‍नांश (ख) के परिप्रेक्ष्य में माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का हवाला देकर स्थानीय प्रशासन द्वारा धार्मिक स्थलों से ध्वनि विस्तारक यंत्रों को उतरवाया जा रहा है। यदि नहीं तो क्या इस संबंध में विभाग धार्मिक स्थलों पर लगाए जाने वाले लाउड स्पीकरों के संबंध में पृथक से आदेश जारी कर भ्रम की स्थिति को दूर करेंगे यदि नहीं तो क्यों?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जी हाँ। (ख) जी हाँ, क्योंकि धार्मिक स्थल सभी Category of Area/Zone में स्थित होते है इसलिये धार्मिक स्थलों के लिये पृथक से एरिया कोड एवं ध्वनि सीमा (डेसिबल) वर्गीकृत नहीं किया गया है। (ग) जी हाँ। (घ) जी नहीं। धार्मिक स्थलों पर ध्वनि विस्तारक यंत्रों की ध्वनि नियंत्रित किये जाने के लिये प्रश्‍नांश '''' में उल्लेखित आदेश के पैरा (4) के क्रम में प्रशासन द्वारा समस्त संबंधित धर्म गुरूओं से संवाद व समन्वय के आधार पर लाउडस्पीकरों को हटवाये जाने के लिये प्रेरित किया गया है तथा स्वप्रेरणा से भी लाउडस्पीकरों को उतारा गया है। निर्धारित ध्वनि सीमा (डेसिबल) का उल्लंघन करने वाले समस्त ध्वनि विस्तारक यंत्रों के संबंध में नियमानुसार कार्यवाही की जा रही है। भ्रम की स्थिति नहीं है।

दोषी अधिकारियों पर कार्यवाही

[महिला एवं बाल विकास]

14. ( क्र. 211 ) श्रीमती ललिता यादव : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या विधान सभा प्रश्‍न क्रमांक 1189 दिनांक 27/03/2023 के उत्‍तर में विभाग द्वारा तत्‍कालीन जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी के द्वारा दैनिक वेतन भोगी चौकीदार की नियम विरूद्ध तथा अधिकारिता क्षेत्र से बाहर दूसरे जिले में नियुक्ति किये जाने के दोषी के खिलाफ कार्यवाही का आश्‍वासन दिया गया था? यदि हाँ, तो जवाबदार अधिकारी के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की गई? आदेश की प्रति दें। (ख) प्रश्‍नांश (क) के प्रकाश में यदि जवाबदार के खिलाफ कार्यवाही नहीं की गई है तो क्‍यों? (ग) प्रश्‍नांश (ख) के प्रकाश में जवाबदार अधिकारी के खिलाफ कब तक कार्यवाही की जायेगी?

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( सुश्री निर्मला भूरिया ) : (क) जी हाँ। श्री बृजेश त्रिपाठी, तत्कालीन जिला कार्यक्रम अधिकारी, जिला-छतरपुर को विभाग के ज्ञाप क्र.753/1215935/2023/50-1 दिनांक 31.03.2023 द्वारा कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया है, जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट पर है। (ख) प्रश्‍नांश (क) के परिप्रेक्ष्य में निरंक। (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के परिप्रेक्ष्य में निरंक।

परिशिष्ट - "चार"

अवैध उत्खनन पर जुर्माना राशि की वसूली

[खनिज साधन]

15. ( क्र. 212 ) श्रीमती ललिता यादव : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) छतरपुर जिले में खनिज उत्खनन की लीज़ के स्थान पर उत्खनन न होने की शिकायतों पर विभाग द्वारा 1 जनवरी 2018 से प्रश्‍न दिनांक तक किस-किस पर क्या-क्या कार्यवाही की गई? दिनांकवार कार्यवाही दोषी सहित बतायें। (ख) प्रश्‍नांश (क) के प्रकाश में अवैध उत्खनन के प्रकरणों में किस-किस पर कितना-कितना जुर्माना किया गया और किस-किस से वसूली की गई है? दिनांकवार जुर्माना राशि सहित पृथक-पृथक बतायें। (ग) प्रश्‍नांश (ख) के प्रकाश में अगर अवैध उत्खनन पर हुए जुर्माना राशि जमा नहीं की गई है तो लीज की निरस्ती की कार्यवाही की गई अगर नहीं तो क्यों नहीं की गई और इसके लिए कौन-कौन जवाबदार है? (घ) प्रश्‍नांश (ग) के प्रकाश में जुर्माना वसूल करने के लिए विभाग कब तक कार्यवाही करेगा?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) एवं (ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट पर दर्शित अनुसार है। (ग) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट पर दर्शित अनुसार सरल क्रमांक 9 में अंकित पट्टेदार श्री रूचिर जैन को ग्राम लखेरी में स्‍वीकृत उत्‍खनिपट्टा को कलेक्‍टर के आदेश दिनांक 05.06.2023 से निरस्‍त किया गया था, शासन द्वारा उक्‍त आदेश में दिनांक 29.09.2023 को स्‍थगन जारी किया गया है। (घ) प्रश्‍नांश अनुसार संलग्‍न परिशिष्‍ट में दो प्रकरणों में जुर्माना राशि जमा कराई गई है। शेष प्रकरणों में सक्षम न्‍यायालय से प्रकरणों का निराकरण होने के उपरांत अग्रिम कार्यवाही की जा सकेगी।
परिशिष्ट - "पांच"

शासन पर कर्ज की स्थिति

[वित्त]

16. ( क्र. 269 ) श्री रामनिवास रावत : क्या उप मुख्‍यमंत्री, वित्‍त महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) 31 मार्च 201831 मार्च 2019, 31 मार्च 2020, 31 मार्च 2021, 31 मार्च 2022, 31 मार्च 2023, की स्थिति में शासन पर कितना कर्ज था? प्रश्‍नांकित दिनांक तक शासन पर कितना कर्ज है व 31 मार्च 2024 की स्थिति में कितना कर्ज संभावित है? 31 मार्च 2023 में राज्य शासन पर कर्ज़ राज्य की कुल जी.डी.पी. का कितने प्रतिशत था? (ख) 1 अप्रैल 2020 से प्रश्‍नांकित दिनांक तक राज्य शासन ने कोई कर्ज लिया है? यदि हाँ, तो कितना, कब-कब व कहाँ-कहाँ से? वित्तीय वर्ष 2020-21 से प्रश्‍नांकित अवधि तक कितनी-कितनी राशि ऋण किश्तों एवं ऋण ब्याज के रूप में अदा की गई है? कितनी स्थापना एवं पेंशन पर व्यय की है? इस वर्ष कितनी राशि ऋण किश्त व ऋण ब्याज में अदा की जाना है? यह वर्ष 2023-24 के बजट का कितना प्रतिशत है? (ग) मार्च 2020 की स्थिति में प्रदेश के प्रत्येक व्यक्ति पर औसतन कितना कर्ज था एवं मार्च 2024 की स्थिति में कितना संभावित है? क्या राज्य पर बढ़ते हुए कर्ज के कारण/वित्त विभाग द्वारा विभिन्न सरकारी योजनाओं में राशि जारी करने पर रोक लगायी गयी है. यदि हाँ, तो किन-किन योजनाओं पर?

उप मुख्‍यमंत्री, वित्‍त ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) 31 मार्च 2018 से 31 मार्च 2022 तक शासन पर कर्ज का विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-एक पर उपलब्‍ध है। 31 मार्च 2023 के वित्‍त लेखे अभी विधानसभा पटल पर प्रस्‍तुत नहीं किए गए जाने तथा वित्‍तीय वर्ष 2023-24 के वित्‍त लेखे भारत के नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक द्वारा अंतिम नहीं किए जाने के कारण अंकेक्षित जानकारी दी जाना संभव नहीं है। वित्‍तीय वर्ष 2023-24 के बजट साहित्‍य के वित्‍त सचिव के स्‍मृति पत्र के अनुसार राज्‍य सरकार पर कर्ज, वर्ष 2022-23 का पुनरीक्षित अनुमान एवं वर्ष 2023-24 का बजट अनुमान की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-2 पर उपलब्‍ध है। वित्‍तीय वर्ष 2023-24 के बजट साहित्‍य के साथ प्रकाशित मध्‍यप्रदेश राजकोषीय उत्‍तरदायित्‍व एवं बजट प्रबंधन अधिनियम 2005 के अंतर्गत यथा-अपेक्षित प्रतिवेदन के अनुसार 31 मार्च 2023 की स्थिति में राज्‍य शासन पर कर्ज राज्‍य की कुल जी.डी.पी. का 26.3 प्रतिशत रहने का पुनरीक्षित अनुमान है। (ख) जी हाँ। 01 अप्रैल 2020 से 31 मार्च 2022 तक शासन द्वारा लिये गये कर्ज का विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट-एक पर उपलब्‍ध है। वित्‍तीय वर्ष 2022-23 के वित्‍त लेखे अभी विधानसभा पटल पर प्रस्‍तुत नहीं किए गए जाने तथा वित्‍तीय वर्ष 2023-24 के वित्‍त लेखे भारत के नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक द्वारा अंतिम नहीं किये जाने के कारण अंकेक्षित जानकारी दी जाना संभव नहीं है। वित्‍तीय वर्ष 2020-21 से वर्ष 2021-22 तक लिये गये कर्ज की राशि पर ब्‍याज भुगतान की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट-3 पर उपलब्‍ध है तथा कर्ज की राशि पर मूलधन भुगतान की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट-एक पर उपलब्‍ध है। 31 मार्च 2023 के वित्‍त लेखे अभी विधानसभा पटल पर प्रस्‍तुत नहीं किये जाने के कारण तथा वित्‍तीय वर्ष 2023-24 के वित्‍त लेखे भारत के नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक द्वारा अंतिम नहीं किए जाने के कारण अंकेक्षित जानकारी दी जाना संभव नहीं है। राज्‍य द्वारा ऋण की राशि का उपयोग अधोसंरचना विकास कार्यों में किया जाता है। अत: शेष प्रश्‍नांश उपस्थित नहीं होता है। (ग) राज्‍य शासन द्वारा अपने निर्धारित राजकोषीय मापदण्‍डों एवं भारत सरकार से प्राप्‍त स्‍वीकृति के अंतर्गत ही अधोसंरचना विकास कार्यों हेतु कर्ज लिया जाता है। इसका प्रतिव्‍यक्ति पर कर्ज से कोई संबंध नहीं है। अत: शेष प्रश्‍नांश उपस्थित नहीं होता है।

महिलाओं के साथ दुष्कर्म एवं छेड़छाड़ की घटनाएं

[गृह]

17. ( क्र. 270 ) श्री रामनिवास रावत : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दिनांक 01 जनवरी 2023 से प्रश्‍नांकित दिनांक तक की अवधि में ग्‍वालियर/चंबल संभाग में कितनी महिलाओं के साथ दुष्कर्म, सामूहिक दुष्कर्म, छेड़छाड़ की घटनाएँ घटित हुई? कृपया अ.जा., अ.ज.जा., पिछड़ा वर्ग एवं सामान्य वर्ग तथा वयस्क/अवयस्क महिलाओं सहित जिलेवार जानकारी दें? इनमें से कितनी महिलाओं की हत्या हुई एवं कितनों ने आत्महत्या की? कितने प्रकरण पोस्को एक्ट के तहत दर्ज किये गये? इन घटनाओं के कितने आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है? कितने अभी फरार हैं? कितनों को सजा हुई है? (ख) क्या शासन की उदासीनता के कारण प्रदेश में महिलाओं पर बढ़ते अपराध एवं दुष्कर्म की घटनाओं में लगातार वृद्धि हो रही है? यदि हाँ, तो उक्त अपराधों पर नियंत्रण के लिए शासन द्वारा क्या विशेष प्रयास किये जा रहे हैं? (ग) प्रश्‍नांश '' एवं '' के परिप्रेक्ष्य में दुष्कर्म पीड़िताओं को आर्थिक सहायता प्रदान करने के सम्बन्ध में शासन के क्या नियम एवं निर्देश है एवं अभी तक कितनी पीड़िताओं को कितनी सहायता राशि उपलब्ध कराई गयी है?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार। (ख) जिलों से प्राप्त एम..सी की मासिक जानकारी के अनुसार वर्ष 2022 की तुलना में वर्ष 2023 में महिला संबंधी अपराधों एवं दुष्कर्म की घटनाओं में 2.4 प्रतिशत प्रदेश में कमी आयी है। नियंत्रण हेतु प्रदेश के सभी स्कूलों/कॉलेजों में संबंधित क्षेत्र के थाना प्रभारियों एवं बीट प्रभारियों के मोबाईल नंबरों की जानकारी चस्पा की गयी है एवं स्कूल तथा कॉलेजों में समय समय पर जागरूकता कार्यक्रम चेतना, अभिमन्यु, सम्मान अभियान चलाये जाते है, जिससे छात्राओं को जागरूक किया जाता है तथा प्रदेश के सभी जिलों में महिला थाना की स्थापना की गई है तथा 950 थानों में महिला हेल्प डेस्क संचालित है। संवेदनशील क्षेत्रों को चिन्हित कर उर्जा महिला डेस्क को 350 दुपहिया वाहन उपलब्ध कराये गये है। जिससे क्षेत्र में सघन पेट्रोलिंग एवं संदिग्धों पर नजर रखी जाती है। प्रदेश में ऑपरेशन एहसास एवं स्वयं सिद्धा के तहत छात्र छात्राओं के आत्मरक्षा का प्रशिक्षण दिया जा रहा है जिलें में महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा हेतु स्कूल कॉलेजो, कोचिंग सेंटरो, धार्मिक स्थलों, पार्क एवं भीड-भाड वाले स्थानों पर निर्भया पुलिस मोबाईल के द्वारा सतत एवं सघन पेट्रोलिंग की जाती है एवं महिला/बालिकाओं की सुरक्षा हेतु स्कूल/कॉलेजों कोचिंग सेंटर तथा तंग गलियों में दुपहिया शाक्ति मोबाईल द्वारा सतत् भ्रमण किया जाता है। बालिकाओं/महिला संबंधी अपराधों के प्रकरण में प्रभावी विवेचना एवं प्रकरणों की न्यायालय में विचारण के दौरान शासन की ओर से मजबूत अभियोजन प़क्ष प्रस्तुत करने हेतु प्रशिक्षण एवं सेमीनार/बेवीनार आयोजित किये जा रहे है। (ग) जानकारी शासन से संबंधित होने से महिला सुरक्षा शाखा पुमु भोपाल के पत्र क्रमांक क्र0/पुमु/अति.म.नि./म.सुरक्षा/डब्ल्यू-11/विससे/05-ए/24 भोपाल दिनांक 20/01/2024 के माध्यम से शासन को पत्र प्रेषित किया गया है।

उद्योग स्‍थापित किये जाने हेतु स्‍वीकृति

[औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन]

18. ( क्र. 285 ) श्री प्रदीप लारिया : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास निगम लिमिटेड जिला सागर द्वारा वर्ष-2022-23, 2023-24 में कितने उद्योगों को स्थापित किये जाने हेतु स्वीकृति/अनुमति प्रदान की गई? (ख) प्रश्‍नांश (क) में स्वीकृति/अनुमति प्रदान उद्योगों द्वारा प्रश्‍न दिनांक तक कार्य प्रारंभ कर दिया है/विभाग से अनुबंध प्रक्रिया/पूर्ण हो चुके है? (ग) प्रश्‍नांश (क) में स्वीकृत दाल मील उद्योग का कार्य नरयावली वि.क्षे. स्थित सिदगुंवा औद्योगिक क्षेत्र में प्रगतिरत है। उद्योग स्थापित करने वाली कंपनी/लिमिटेड द्वारा अधिक मात्रा में पत्थर खनन कार्य में किया जा रहा है। क्या उक्त खनन कार्य हेतु संबंधित कंपनी द्वारा अनुमति प्राप्त की है? (घ) दाल मील उद्योग/लिमिटेड ने मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास निगम लिमिटेड जिला सागर द्वारा अनुमति/अनुबंध किया है तो क्या अनुबंध में क्षेत्र के निवासियों/शिक्षित बेरोजगारों को कितने प्रतिशत रोजगार उपलब्ध कराने का प्रावधान रखा गया है?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जी हाँ। विभाग के अधीन एमपी इण्‍डस्‍ट्रीयल डेव्‍हलपमेंट कार्पोरेशन लिमिटेड द्वारा सागर जिले में वर्ष 2022-23 में 12 इकाईयों को एवं वर्ष 2023-24 में 15 इकाईयों को उद्योग स्‍थापना हेतु भूमि आवंटित की गई है, जिसकी सूची संलग्‍न परिशिष्‍ट-क पर है। (ख) प्रश्‍न दिनांक तक कार्य प्रारंभ किये गये इकाईयों की सूची संलग्‍न परिशिष्‍ट-ख पर है। (ग) विभाग के अधीन एमपीआईडीसी द्वारा इकाई को दाल मिल की स्‍थापना हेतु भूमि आवंटित की गई है। उद्योग स्‍थापना में इकाई को विभिन्‍न विभागों से अनुमतियां प्राप्‍त करना होती है। खनिज साधन विभाग से प्राप्‍त जानकारी अनुसार प्रश्‍नांकित कंपनी द्वारा अपने स्‍वीकृत उद्योग क्षेत्र में पत्‍थर का खनन नहीं किया जा रहा है। उक्‍त फर्म द्वारा स्‍वीकृत क्षेत्र के समतलीकरण से प्राप्‍त मुरम का उपयोग स्‍वीकृत क्षेत्र को समतल बनाने हेतु किया जा रहा है। उक्‍त खनिज का कोई व्‍यापारिक/वाणिज्यिक उपयोग नहीं किया जा रहा है। अत: किसी भी प्रकार की अनुमति का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (घ) विभाग एवं मेसर्स विंग्‍स एग्रीकल्‍चर प्रा.लि. के मध्‍य निष्‍पादित भूमि आवंटन पट्टाभिलेख में क्षेत्र के निवासियों/शिक्षित बेरोजगारों को रोजगार उपलब्‍ध कराने का प्रावधान नहीं है। तथापि प्रचलित औद्योगिक नीति अंतर्गत प्रावधान अनुसार उद्योगों को वित्‍तीय सहायता तभी प्राप्‍त होगी, जब मध्‍यप्रदेश के स्‍थानीय निवासियों को 70 प्रतिशत रोजगार दिया जाये।
परिशिष्ट - "छ:"

सिदगुंवा क्षेत्र में पत्थर/मुरम उत्खनन

[खनिज साधन]

19. ( क्र. 286 ) श्री प्रदीप लारिया : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या वि.ख. सागर अंतर्गत सिदगुंवा क्षेत्र में खनिज साधन विभाग द्वारा पत्थर/मुरम उत्खनन के लिए वर्ष-2021-22, 2022-23, 2023-24 से प्रश्‍न दिनांक तक कितनी अनुमति/स्वीकृति विभाग द्वारा प्रदान की गई? (ख) प्रश्‍नांश (क) में स्वीकृति/अनुमति में पत्थर/मुरम उत्खनन के लिए विभाग द्वारा कितनी भूमि की अनुमति/अनुबंध प्रदान किया गया था? जानकारी उपलब्ध करावें। (ग) प्रश्‍नांश (ख) में स्वीकृत अनुमति/अनुबंध पर ही लिमिटेड कंपनियों द्वारा कार्य/उत्खनन किया गया है विभाग द्वारा कब-कब स्थल निरीक्षण किया गया है? विस्तृत जानकारी देवें। यदि नहीं किया गया है तो क्या विभाग द्वारा विशेष दल के गठन उपरांत निरीक्षण किया जाएगा? तो कब तक जानकारी देवें। (घ) प्रश्‍नांश (ख) में स्वीकृत लिमिटेड कंपनियों द्वारा कार्य/उत्खनन से विभाग को रॉयल्टी/खनिज सम्पदा वर्ष-2021-22, 2022-23, 2023-24 से प्रश्‍न दिनांक तक राशि प्राप्त हुई?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) विकासखण्‍ड सागर अंतर्गत सिदगुवां क्षेत्र में प्रश्‍नांकित अवधि में खनिज पत्‍थर/मुरम उत्‍खनन की कोई भी अनुमति/स्‍वीकृति प्रदान नहीं की गई है। (ख) प्रश्‍नांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) एवं (घ) प्रश्‍नांश (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

विधायक निधि पर GST की वसूली

[योजना,आर्थिक एवं सांख्यिकी]

20. ( क्र. 303 ) श्री विजय रेवनाथ चौरे : क्या उप मुख्‍यमंत्री, वित्‍त महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या विधायक निधि से क्षेत्र में निर्माण कार्य के लिए दी जाने वाली राशि पर 18% GST वसूल की जाती है? (ख) यदि हाँ, तो क्या जनहित के कार्य में दी जाने वाली राशि पर GST लगाया जाना न्यायसंगत है? (ग) क्या सरकार विधायक निधि की राशि को GST से मुक्त करेगी यदि हाँ, तो कब तक इसे लागू किया जाएगा?

उप मुख्‍यमंत्री, वित्‍त ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) वस्‍तु एवं सेवा कर अधिनियम के अनुरूप कार्यवाही की जाती है। (ख) उत्‍तरांश '''' के संदर्भ में शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) उक्‍त विषय भारत सरकार का विषय होने से शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

स्पेशल इकॉनोमिक ज़ोन सेज में अनियमितता

[औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन]

21. ( क्र. 304 ) श्री विजय रेवनाथ चौरे : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या छिन्दवाड़ा जिले में सौंसर तहसील के साथनुर क्षेत्र में स्पेशल इकोनोमिक जोन (सेज) बनाने के लिए किसानों से जमीन अधिग्रहित की गई थी? (ख) यदि हाँ, तो स्पेशल इकोनोमिक जोन (सेज) के किसानों से जमीन लिए हुए कितनी अवधि हो चुकी है? (ग) कितने किसानों से अलग अलग कितनी जमीन ली गई तथा ली गई जमीन के लिए कितना-कितना मुआवजा दिया गया? (घ) किसानों से ली गई जमीन के बदले में कितने परिवारों के कितने लोगों को नौकरी दी गई? (ङ) क्या इस जमीन पर प्रश्‍न दिनांक तक कोई उद्योग स्थापित हुए हैं यदि हाँ, तो विवरण दें तथा यदि नहीं तो इसका क्या कारण है? (च) क्या किसानों से जमीन लेने के पांच वर्ष के भीतर कोई उद्योग स्थापित नहीं होता है तो किसानों से ली गई जमीन उन्हें वापस किया जाना चाहिए? यदि हाँ, तो 15 वर्ष की अवधि होने पर किसानों को उनकी जमीन वापस क्यों नहीं दी गई? (छ) सरकार द्वारा किसानों के हित में निर्णय न लेकर उन्हें परेशान करने का क्या कारण है? क्या जिन व्यापारियों ने सेज के नाम पर ज़मीन ख़रीदी है उन्हें शासन द्वारा स्टैम्प ड्यूटी में छूट दी गई है।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जी हाँ। (ख) भू-अर्जन अधिकारी सौंसर के माध्‍यम से प्रेषित प्रस्‍ताव अनुसार, कलेक्‍टर छिंदवाड़ा के आदेशानुसार, वर्ष 2014 एवं वर्ष 2019 में भूमि का अधिग्रहण किया गया। (ग) तहसील सौंसर के सातनूर क्षेत्र में स्‍पेशल इकोनॉमिक जोन (सेज) बनाने के लिये वर्ष 2014 में 252 किसानों से कुल भूमि 386.669 हेक्‍टेयर अधिग्रहित की जाकर मुआवजा राशि 1,02,33,05,127.00 निर्धारित की गई इसी प्रकार वर्ष 2019 में 12 कृषकों से कुल रकबा 13.420 हेक्‍टेयर अधिग्रहित किया जाकर राशि 5,34,98,805.00 मुआवजा निर्धारित किया गया है। मुआवजा वितरण एवं शेष बकाया राशि की कृषकवार/ग्रामवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-1 एवं 2 अनुसार है। (घ) स्‍पेशल इकोनॉमिक जोन (एस.ई.जेड.) में अभी तक किसी प्रकार के उद्योग स्‍थपित नहीं हो पाये है अत: नौकरी देने का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ड.) स्‍पेशल इकोनॉमिक जोन (एस.ई.जेड.) में अभी तक किसी प्रकार के उद्योग स्‍थपित नहीं हो पाये है क्‍योंकि कंपनी को वन विभाग से स्‍टेज-2 क्‍लीयरेंस प्राप्‍त न होने से अधोसंरचना विकास कार्य नहीं किया जा सका है। (च) स्‍पेशल इकोनॉमिक जोन बनाने के लिए, मेसर्स छिंदवाड़ा प्‍लस डेव्‍लपर्स लि. नागपुर को, शासन नियमों के अंतर्गत, भू-अर्जन की कार्यवाही दिनांक 26/10/2019 को पूर्ण हुई है। जिससे 5 वर्ष पूर्ण नहीं होते है। अत: भूमि वापस करने का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (छ) राज्‍य शासन द्वारा किसानों को इस संबंध में किसी प्रकार से परेशान नहीं किया जा रहा है। सेज के लिए जमीन खरीदी में कंपनी को स्‍टांप ड्यूटी की छूट दी गई है।

भवन व‍ि‍हीन आंगनवाड़ी और मिनी आंगनवाड़ी केन्‍द्रों की जानकारी

[महिला एवं बाल विकास]

22. ( क्र. 309 ) श्री अमर सिंह यादव : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) राजगढ़ विधानसभा में कुल कितनी आंगनवाड़ी और मिनी आंगनवाड़ी केन्‍द्र है उनके नाम बतावें। (ख) ऐसी कितनी आंगनवाड़ी और मिनी आंगनवाड़ी केन्‍द्र है जिनके पास स्‍वयं का भवन नहीं है। उनके नाम बतावें। (ग) ऐसी आंगनवाड़ी और मिनी आंगनवाड़ी केन्‍द्र जिनके पास स्‍वयं का भवन नहीं है वह वर्तमान में कहाँ पर संचालित हो रही है। यदि किराये के भवन में संचालित हो रही है तो किसके भवन में और कितने किराये पर? (घ) राजगढ़ विधानसभा की उपरोक्‍त भवनव‍ि‍हीन आंगनवाड़ी और मिनी आंगनवाड़ी केन्‍द्रों को कब तक भवन उपलब्‍ध कराये जावेगें?
महिला एवं बाल विकास मंत्री ( सुश्री निर्मला भूरिया ) : (क) राजगढ़ विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत कुल 386 आंगनवाड़ी केन्द्र तथा 201 मिनी आंगनवाड़ी केन्द्र हैं। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट '''' पर है। (ख) राजगढ़ विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत कुल 173 आंगनवाड़ी केन्द्र तथा 191 मिनी आंगनवाड़ी केन्द्र ऐसे है जिनके पास स्वयं का भवन नहीं है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट '''' पर है। (ग) ऐसे आंगनवाड़ी केन्द्र एवं मिनी आंगनवाड़ी केन्द्र जिनका स्वयं का भवन नहीं है, का संचालन अन्य शासकीय भवनों एवं किराये के भवनों में किया जा रहा है। किराये के भवनों में संचालित आंगनवाड़ी केन्द्रों एवं मिनी आंगनवाड़ी केन्द्रों के भवन स्वामी का नाम एवं किराये की राशि की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट पर है। (घ) आंगनवाड़ी केन्द्रों का भवन निर्माण वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता पर निर्भर है। सीमित वित्तीय संसाधन होने के कारण समय-सीमा दिया जाना संभव नहीं है।

राजगढ़ विधानसभा में लघु एवं मध्‍यम उद्योगों की स्‍थापना

[सूक्ष्‍म, लघु एवं मध्‍यम उद्यम]

23. ( क्र. 311 ) श्री अमर सिंह यादव : क्या सूक्ष्‍म,लघु एवं मध्‍यम उद्यम मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या राजगढ़ विधानसभा में वर्तमान में कोई लघु एवं मध्‍यम उद्योग संचालित है। (ख) यदि हाँ, तो कौन-कौन से और कहाँ-कहाँ पर कब से संचालित है जानकारी दें। (ग) लघु एवं मध्‍यम उद्योग खोले जाने हेतु शासन के क्‍या मापदण्‍ड है। (घ) क्‍या राजगढ़ विधानसभा में कोई लघु एवं मध्‍यम उद्योग खोले जाना प्रस्‍तावित है यदि हाँ, तो कब और कहाँ पर?

सूक्ष्‍म,लघु एवं मध्‍यम उद्यम मंत्री ( श्री चेतन्‍य कुमार काश्‍यप ) : (क) भारत सरकार के उद्यम रजिस्ट्रेशन पोर्टल के अनुसार राजगढ़ विधानसभा में एक लघु उद्योग मेसर्स एक्वाटिक पाईप एण्ड टब्यूस प्रा.लि. संचालित है। (ख) मेसर्स एक्वाटिक पाईप एण्ड टब्यूस प्रा.लि. ग्राम मनोहरपुरा तह.राजगढ़ जिला राजगढ़ में संचालित है, जिसमें उपलब्ध दस्तावेज अनुसार दिनांक 17.05.2018 से वाणिज्यिक उत्पादन प्रारंभ हुआ है। (ग) प्रदेश में उद्योग खोले (स्थापित किये) जाने हेतु विभाग द्वारा कोई पूर्व अनुमति नहीं दी जाती है एवं राज्य शासन के मध्यप्रदेश राजपत्र क्रमांक 115 दिनांक 6 अप्रैल 2023 अनुसार औद्योगिक क्षेत्रों में उद्योगों को स्थापना हेतु 3 साल तक किसी अनुमति की आवश्यकता नहीं है। उद्योगों की स्थापना के उपरांत एमएसएमई विकास अधिनियम 2006 यथा संशोधित 01 जून 2020 अनुसार यंत्र-संयंत्र में 10 करोड़ रूपये तक का निवेश और टर्नओवर 50 करोड़ रूपये तक होने पर उन्‍हें लघु उद्योग तथा यंत्र-संयंत्र में 50 करोड़ रूपये तक का निवेश और 250 करोड़ रूपये तक का टर्नओवर होने पर उन्‍हें मध्‍यम उद्योग के रूप में वर्गीकृत किया जाता है। उद्योगों की स्थापना उपरांत पात्रता अनुसार एमएसएमई विकास नीति 2021 अंतर्गत प्रोत्साहन दिए जाने का प्रावधान है। (घ) राजगढ़ विधानसभा में ज्योति एक्सप्लोसिव्स इंडस्ट्रीज प्रा.लि. द्वारा ग्राम दिलावरी, तहसील राजगढ़, जिला राजगढ़ में एक मध्यम उद्योग खोला जाना प्रस्तावित है।

भवन-विहीन आंगनवाड़ी केन्‍द्रों के भवन की स्वीकृति

[महिला एवं बाल विकास]

24. ( क्र. 332 ) डॉ. हिरालाल अलावा : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या मनावर विधानसभा क्षेत्र में सौ से ज्यादा आंगनवाड़ी केंद्र भवन विहीन होकर खुले में या किराये के भवनों में संचालित हैं? (ख) आंगनवाड़ी का अपना भवन नहीं होने से बच्चों को खुले में बैठना और गंदगी का सामना करना पड़ता है, क्या यह सुरक्षा की दृष्टि से उचित कहा जा सकता है? (ग) क्या मध्यम गंभीर कुपोषित (मोडरेट-कुपोषित) एवं अति गंभीर कुपोषित (सीवियर कुपोषित) तथा कम वजन के बच्चों की संख्या दो हजार से भी ज्यादा है? (घ) मनावर विधानसभा क्षेत्र के अधिकतर गांव जहां 98% आबादी आदिवासी है, शादी कम उम्र में होने से कुपोषण के प्रति जागरूकता का अभाव, पोषण आहार समेत अनेक सरकारी योजनाओं से लोग अनभिज्ञ हैं, शुद्ध पेयजल और स्वास्थ्य सेवाओं का अभाव है, लोगों में गरीबी एवं अशिक्षा है, क्या ऐसे में भवन-विहीन आंगनवाड़ियों को जल्द-से-जल्द भवन स्वीकृत किया जावेगा। यदि हाँ, तो कब तक, यदि नहीं तो क्यों। (ङ) क्या प्रश्‍नकर्ता ने दिनांक 11/01/2023 को माननीय मुख्यमंत्री, मुख्यसचिव, विभाग को एवं पूर्व में भी ईमेल एवं पत्र द्वारा अवगत कराया है? यदि हाँ, तो कब-कब, उन पर क्या कार्यवाही की गई? (च) प्रश्‍नांश (क) (ख) (ग) (घ) (ङ) के आलोक में भवन-विहीन आंगनवाड़ी का भवन इस बजट में स्वीकृत किया जाएगा? यदि हाँ, तो कब, यदि नहीं तो क्यों।

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( सुश्री निर्मला भूरिया ) : (क) विधानसभा क्षेत्र मनावर में कुल 587 आंगनवाड़ी केन्द्र संचालित है। 309 आंगनवाड़ी केन्द्र विभागीय भवनों में, 163 आंगनवाड़ी केन्द्र अन्य शासकीय भवनों में तथा 115 आंगनवाड़ी केन्द्र किराये के भवनों में संचालित है। कोई भी आंगनवाड़ी केन्द्र खुले में संचालित नहीं है। (ख) उत्तरांश (क) अनुसार जानकारी होने से शेष का कोई प्रश्‍न उपस्थित नहीं। (ग) जी हाँ। (घ) भवनविहीन आंगनवाड़ी केन्द्रों के लिये भवन निर्माण शासकीय भूमि एवं वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता पर निर्भर है। समय-सीमा दिया जाना संभव नहीं है, अतः शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ड.) प्रश्‍नांश्‍ा में उल्लेखित पत्र दिनांक 11.01.2023 ई-मेल अथवा डाक द्वारा प्राप्त नहीं हुआ है अतः शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (च) प्रश्‍नांश (क), (ख), (ग), (घ), (ड.) के आलोक में भवन विहीन आंगनवाड़ी केन्द्रों के लिये भवन निर्माण शासकीय भूमि एवं वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता पर निर्भर है। समय-सीमा दिया जाना संभव नहीं है, अतः शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

अल्ट्राटेक एवं अन्य कंपनियों का ब्यौरा

[औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन]

25. ( क्र. 333 ) डॉ. हिरालाल अलावा : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मनावर विधानसभा में अल्ट्राटेक कंपनी के लिए जिनकी जमीन ली गई है, उनके परिजनों के कितने सदस्यों को कितने सैलरी पर नौकरी दी गई, वर्तमान में कितने कार्यरत हैं, किन को किन कारणों से नौकरी नहीं दी गई है। (ख) स्थानीय प्राथमिकता के आधार पर मनावर विधानसभा के कौन-कौन लोगों को अल्ट्राटेक में नौकरी दी गई है। प्रति सहित बताएं। (ग) माइनिंग, ट्रांसपोर्टेशन एवं अन्य किन-किन कार्यों के लिए किन मापदंडों पर शासन के किन-किन नियमों के तहत अल्ट्राटेक कंपनी के साथ कौन-कौन कंपनियां/संस्था/व्यक्ति कितनी अवधि तक अनुबंधित हैं। खनन, परिवहन, प्रदूषण, बिमारी से जनजीवन-पर्यावरण-सड़क नुकसान पर किन नियमों के तहत क्या जवाबदेही है, इसकी जांच शासन कब-कब कैसे करती है, विगत एक वर्ष का ब्यौरा देवें। जांच नहीं की जाती है तो क्यों। जांच में जनप्रतिनिधि, विधायक-सांसद को क्यों शामिल नहीं किया जाता। (घ) ट्रांसपोर्ट एजेंसियों को अल्ट्राटेक किस आधार पर प्राथमिकता देती है, ओवरलोड की जांच और कार्यवाही कैसे की जाती है, ब्यौरा देवें। (ङ) विधानसभा के अल्ट्राटेक एवं अन्य कंपनियों/संस्थाओं द्वारा विगत एक वर्ष में सीएसआर के तहत पूंजी/मुनाफे के किस आधार पर कितनी राशि दी गई, राशि कहां-कहां खर्च की गई, वर्षवार पृथक-पृथक ब्यौरा देवें।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) मनावर विधानसभा में अल्‍ट्राटेक कंपनी के लिए 126 परिवार की भूमि का अधिग्रहण भू-अर्जन अधिनियम 1894 के अंतर्गत अधिग्रहित की गई है। कलेक्‍टर धार से प्राप्‍त जानकारी अनुसार कुल प्रभावित 126 परिवारों के रोजगार के संबंध में जानकारी निम्‍नानुसार है:- (1) 103 प्रभावित परिवारों द्वारा स्‍वेच्‍छा से एक मुश्‍त रोजगार अनुदान 3.00 लाख रूपये के विकल्‍प का चयन किया गया है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-1 अनुसार है। (2) 05 प्रभावित परिवारों में से एक व्‍यक्ति को योग्‍यतानुसार कंपनी में रोजगार प्रदान किया गया है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-2 अनुसार है। (3) 08 प्रभावित परिवारों को तीन बार स्‍मरण पत्र जारी किये गये, किन्‍तु पारिवारिक विवाद के चलते उक्‍त परिवारों में से कोई योग्‍य व्‍यक्ति को नामांकित नहीं किया गया है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-3 अनुसार है। (4) 07 प्रभावित परिवारों का न्‍यायालय में प्रकरण विचाराधीन है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-4 अनुसार है। (5) 02 प्रभावित परिवार का नामांकित व्‍यक्ति चिकित्‍सीय परीक्षण में अयोग्‍य पाया गया है। योग्‍य व्‍यक्ति उपलब्‍ध कराने हेतु पत्र लिखा गया है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-5 अनुसार है। (6) 01 प्रभावित परिवार में कोई वारीसान नहीं है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-6 अनुसार है। (ख) स्‍थानीय प्राथमिकता के आधार पर विधानसभा के 926 लोग संयंत्र में कार्यरत है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-7 अनुसार है। (ग) माईनिंग के कार्यों हेतु शासन The Mining Act 1952, MMDR Act 2023, Mineral Conservation and Development (Amendment) Rules, 2024, The Minerals (Other than Atomic and Hydro Carbons Energy Minerals) Concession Rules, 2016, Metalliferous Mines Regulations, 1961 के नियमों के तहत कार्य किया जाता है। शासन के नियमानुसार खनन, परिवहन, प्रदूषण, बीमारी इत्‍यादि की जांच संबंधित विभागों द्वारा की जाती है। उक्‍त संदर्भ में पर्यावरण विभाग द्वारा निम्‍नानुसार अवगत कराया गया है:- ''पर्यावरण के संबंध में जल प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण अधिनियम 1974, वायु प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण अधिनियम 1974 के प्रावधानों के पालन की जवाबदेही उद्योग की है। प्रदूषण नियंत्रण हेतु उद्योग द्वारा विभिन्‍न सेक्‍शन में आवश्‍यक प्रदूषण नियंत्रण व्‍यवस्‍था यथा बैग फिल्‍टर, ई.एस.पी. डस्‍ट कलेक्‍टर, कवर्ड कन्‍वेयर बेल्‍ट पानी के छिड़काव की व्‍यवस्‍था सहित इत्‍यादि स्‍थापित किये गये है। साथ ही दूषित जल उपचार व्‍यवस्‍था हेतु 3 एसटीपी क्रमश: 10, 10 एवं 20 केएलडी क्षमता की स्‍थापना की गई है। उद्योग द्वारा वायु प्रदूषकों के मापन हेतु ऑनलाईन मानिटरिंग सिस्‍टम स्‍थापित किये गये है, जिनको केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड तथा म.प्र. प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सर्वर से लिंक किया गया है। साथ ही उद्योग द्वारा ऑनलाईन परिणामों का डिसप्‍ले बोर्ड उद्योग परिसर के मेन गेट पर जनसामान्‍य के अवलोकन हेतु स्‍थापित किया गया है। उद्योग द्वारा प्रदूषण नियंत्रण हेतु उद्योग परिसर में एवं खनन क्षेत्र में सघन वृक्षारोपण, सीमेंट उद्योग में 50000, सीतापुरी खदान में 97000, मोहनपुरा खदान में 50000 एवं देवरा-सीतापुरी खदान में 31000 किया गया है। साथ ही खदान क्षेत्रों के मार्गों पर परमानेंट वाटर स्‍प्रींक्‍लर, डस्‍ट सपरेशन हेतु स्‍थापित किए गए हैं। बोर्ड द्वारा समय-समय पर उद्योग के निरीक्षण/जांच की जाती है। जांच में जनप्रतिनिधि/विधायक-सांसद को शामिल किए जाने का प्रावधान नहीं है। क्षेत्रीय कार्यालय प्रदूषण बोर्ड म.प्र. धार द्वारा विगत एक वर्ष में दिनांक 07/07/2023 एवं 18/03/2023 को उद्योग की जांच की गई। (घ) अल्‍ट्राटेक कंपनी की आंतरिक पॉलिसी के तहत ट्रांसपोर्टर एजेंसी की नियुक्ति की जाती है। कलेक्‍टर धार से प्राप्‍त जानकारी अनुसार ओवरलोड का कोई भी प्रकरण संज्ञान में नहीं है। (ड.) भारत सरकार कंपनी अधिनियम में वर्णित सीएसआर का पालन कंपनी अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार संबंधित कंपनियों के द्वारा ही किया जाना होता है। कंपनी अधिनियम के प्रावधानों के अंतर्गत सीएसआर अंतर्गत कार्यों के क्रियान्‍वयन हेतु राज्‍य शासन की भूमिका के संबंध में कोई व्‍यवस्‍था नहीं है। अपितु भारत सरकार की सीएसआर से संबंधित National CSR Portal (https://csr.gov.in) वेबपोर्टल पर प्रदेश के विभिन्‍न जिलों में कंपनियों द्वारा सीएसआर अंतर्गत वर्षवार व्‍यय की जानकारी प्राप्‍त की जा सकती है।

आपराधिक प्रकरण दर्ज कराया जाना

[योजना,आर्थिक एवं सांख्यिकी]

26. ( क्र. 336 ) श्री अभय कुमार मिश्रा : क्या उप मुख्‍यमंत्री, वित्‍त महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या विधायक निधि के माध्यम से ग्राम पंचायत को एजेन्सी बनाकर ग्रेवल मार्ग निर्माण हेतु टुकड़ों में (15 लाख) की सीमा तक पंचायतों को राशि प्रदत्त कर ग्रेवल मार्ग की राशि प्रदत्त की जा सकती है? जब शासन द्वारा भ्रष्टाचार/फर्जी मूल्यांकन को रोके जाने की मंशा वर्षों पूर्व स्थायी तौर पर रोक लगा दी गई थी? (ख) क्या किसी भी मद से ग्रेवल रोड निर्माण हेतु लगायी गई रोक हटा दी गई अथवा जिला प्रशासन के प्रस्ताव पर कुछ विशेष मार्ग हेतु ग्रेवल मार्ग निर्माण के लिये स्वीकृति प्रदान की गई है? यदि हाँ, तो सेमरिया विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत जनपद पंचायत सिरमौर, रीवा एवं रायपुर कर्चुलियान में स्वीकृत मार्गों की सूची उपलब्ध कराएंगे। (ग) यदि हाँ, तो आपके द्वारा उपलब्ध करायी गई सूची में क्या ग्राम पंचायत सांव (60 लाख) पुरैनी (29 लाख), बहुरीबांध (39 लाख), हर्दी (23 लाख), बरहामुड़वार (18 लाख), पुरवा (08 लाख), सतनी (11.50 लाख) का नाम है या नहीं? ग्राम पंचायत को एजेन्सी बनाकर विधायक निधि से लगभग 2.50 करोड़ से अधिक राशि के ग्रेवल रोड कार्य हेतु अनुमोदन कैसे प्रदत्त कर दिया गया एवं पिछले कार्यकाल (2022) के पूर्व एवं पश्चात ग्राम पंचायत के खाते से कुछ चिन्हित वेंडरों के माध्यम से करोड़ों रूपये का आहरण कैसे करा लिया गया एवं पंचायत दर्पण में दिख रहे फर्जी बिल व्हाउचर का सत्यापन नहीं कराया गया? उपरोक्त कार्यों का मूल्यांकन करने वाले उपयंत्री पूर्व से उसी सी.एफ.टी. में पदस्थ है या नहीं? अन्यथा मूल्यांकन करने वाले अज्ञात व्यक्ति का नियुक्ति आदेश उपलब्ध कराएंगे। (घ) मूल्यांकन को सत्यापित करने वाले सहायक यंत्री का नाम बताएं एवं करोड़ों रूपये के फर्जी आहरण हेतु एवं धरातल पर कार्य शून्य होने की स्थिति में दोषी रोजगार सहायक, सचिव एवं संबंधित वेंडर पर क्या कार्यवाही की जावेगी? (ड.) क्या पंचायत पोर्टल पर दिखने वाली मु.का.अ. जनपद पंचायत/जिला पंचायत की जवाबदेही बनती है या नहीं? यदि बनती है तो इनके विरूद्ध क्या कार्यवाही की जावेगी एवं वसूली किसके ऊपर प्रस्तावित की जावेगी? अपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध कर कार्यवाही करने की समय-सीमा बताएं।

उप मुख्‍यमंत्री, वित्‍त ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) जी हाँ। विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र विकास योजना 2013 की मार्गदर्शिका की कंडिका 2.7 में प्रावधानित किया गया है कि, विधायक के परामर्श से ग्राम पंचायत को एजेन्‍सी बनाकर ग्रेवल मार्ग निर्माण (15 लाख) की सीमा तक ग्रेवल मार्ग की राशि प्रदत्‍त की जा सकती है। (ख) शासन द्वारा विधायक मद की राशि से ग्रेवल रोड निर्माण में वर्तमान में कोई रोक नहीं है। मान. विधायक से प्राप्‍त अनुशंसा के अनुक्रम में स्‍वीकृत प्रदान की गई है। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-अ अनुसार है। (ग) जी हाँ। विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र विकास योजना मार्गदर्शिका 2013 की कण्डिका 2.7 में वर्णित है कि अनुशंसित कार्य की क्रियान्‍वयन एजेंसी का निर्धारण विधायक के परामर्श से ही किया जावे, इसी आधार पर निर्माण कार्य स्‍वीकृत कर एजेंसी का निर्धारण किया गया है। मान. विधायक से प्राप्‍त अनुशंसा के आधार पर तथा शासन द्वारा निर्धारित दिशा निर्देश अनुसार राशि रूपये 250.578 लाख की स्‍वीकृति प्रदान की गई है, जिसके विरूद्ध पूर्ण निर्माण कार्यों पर वित्‍तीय वर्ष 2022-23 में 250.00 लाख ही आहरण किया गया है। मध्‍यप्रदेश पंचायत राज संचालनालय भोपाल द्वारा निर्धारित ग्राम पंचायत स्‍तर पर सभी प्रकार के भुगतान (आरटीजीएस/एनईएफटी) वेण्‍डर निर्धारण की कार्यवाही ग्राम पंचायत द्वारा की जाती है। जी नहीं। उपरोक्‍त कार्यों का मूल्‍यांकन करने वाले सहायक यंत्री/उपयंत्रियों के सीएफटी पदस्‍थापना की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट ब अनुसार है। (घ) सहायक यंत्रियों की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट ब अनुसार है। शेष प्रश्‍न ही उद्भूत नहीं होता। (ड.) शासन के द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार अनियमितता पाए जाने पर विधि सम्‍मत कार्यवाही की जाती है।

म.प्र. सशस्त्र बल की पदोन्नति में भिन्‍नता

[गृह]

27. ( क्र. 350 ) श्री शैलेन्द्र कुमार जैन : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या म.प्र. सशस्त्र बल एवं पुलिस जिला बल की भर्ती प्रक्रिया समान है? यदि हाँ, तो म.प्र. सशस्त्र बल की पदोन्नति में भिन्नता क्यों है, इसका क्या कारण है? (ख) क्या म.प्र. पुलिस जिला बल में वर्ष 2011 में भर्ती हुये आरक्षकों को पदोन्नत किया जा चुका है, किन्तु म.प्र. सशस्त्र बल में वर्ष 1990 में भर्ती हुये आरक्षकों को अभी तक पदोन्नति नहीं दी गई, इसका क्या करण है? (ग) क्या शासन प्रदेश स्तर पर सशस्त्र बल एवं पुलिस जिला बल में वरिष्ठता के आधार पर पदोन्नति किये जाने पर कोई योजना बनायेगा तथा कब तक? यदि नहीं तो इसका क्या कारण है?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जी हाँ, म.प्र. सशस्‍त्र बल एवं जिला पुलिस बल की भर्ती प्रक्रिया समान है। केवल शरीरिक मापदण्‍ड में भिन्‍नता है। म.प्र. विस बल में आरक्षक की वरिष्‍ठता इकाई स्‍तर पर होती है तथा रिक्‍त पदों के विरूद्ध पदोन्‍नति प्रदाय की जाती है। (ख) वर्तमान में पदोन्‍नति संबंधी प्रकरण माननीय सर्वोच्‍च न्‍यायालय में लंबित होने के कारण पदोन्‍नति प्रक्रिया प्रतिबंधित है। राज्‍य शासन के आदेशानुसार विभाग अंतर्गत पुलिस रेग्‍युलेशन के पैरा-272 में संशोधन उपरांत जारी जी..पी. 148/21 में उल्‍लेखित प्रावधानों के अनुसार जिला पुलिस बल में रिक्‍त पदों के विरूद्ध 2011 तक के आरक्षकों को पात्रतानुसार कार्यवाहक प्रधान आरक्षक का प्रभार दिया गया है। विशेष सशस्‍त्र बल की इकाईयों में प्रधान आरक्षकों के रिक्‍त पद के आधार पर आरक्षकों की वरिष्‍ठता/पात्रतानुसार आरक्षक से प्रधान आरक्षक का कार्यवाहक प्रभार दिया जाता है। (ग) वर्तमान में पदोन्‍नति संबंधी प्रकरण माननीय उच्‍चतम न्‍यायालय में विचाराधीन होने से पदोन्‍नति प्रक्रिया स्‍थगित है।

केन्‍ट विधान सभा के अंतर्गत अपराधों की स्थिति

[गृह]

28. ( क्र. 371 ) श्री अशोक ईश्‍वरदास रोहाणी : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) केन्‍ट विधान सभा जबलपुर में कितने थाने एवं चौकियां है? (ख) क्‍या इन थानों एवं पुलिस चौकियों में पर्याप्‍त बल है? (ग) इन थानों एवं चौकियों में अपराधों की संख्‍या व प्रकार क्‍या है? (घ) दिसम्‍बर 2023 तक कितने अपराधियों को पकड़ा गया व क्‍या कार्यवाही की गयी?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) केन्ट विधानसभा अन्तर्गत 09 थाने व 02 पुलिस चौकियाँ है। (ख) जी हाँ। (ग) अपराधों की संख्या 2867 है। अपराध भा..वि. व माईनर एक्ट के है। (घ) दिसम्बर 2023 तक 3158 अपराधियों को पकड़कर विधिवत कार्यवाही की गई।

अपराधिक प्रकरणों को कम किया जाना

[गृह]

29. ( क्र. 372 ) श्रीमती रीती पाठक : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सीधी जिले में पुलिस के अमले में स्वीकृत एवं कार्यरत तथा रिक्त पदों की जानकारी तथा रिक्त पदों की पूर्ति कब तक की जावेगी? (ख) विधानसभा क्षेत्र सीधी में पिछले 1 वर्ष में आपराधिक मामलों में अन्य वर्षों की तुलना में कमी हुई है या इजाफा हुआ है और महिलाओं के साथ हो रहे अपराधों को रोकने के लिए जिला पुलिस अधीक्षक के क्या प्रयास रहे हैं और आने वाले समय में महिलाओं एवं बच्चियों के साथ किसी प्रकार का अपराध घटित न हो सके इसके लिए पुलिस प्रशासन की क्या तैयारियां है विस्तृत जानकारी दें। (ग) विधानसभा क्षेत्र सीधी में दो चौकियां ग्राम पंचायत खाम्ह एवं पटेहरा (मुगुल चौराहा के पास) स्थापित किए जाने की मांग की गई है? यदि हाँ, तो स्वीकृत करने में कितना समय लगेगा? समय-सीमा बतावें। (घ) क्या सीधी जिले में डॉग स्क्वाड की टीम उपलब्ध है व सीधी पुलिस विभाग द्वारा मांग किए गए संसाधन, विभाग द्वारा पूरी तरह से उपलब्ध कराए जा रहे हैं? यदि हाँ, तो विवरण दें।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट '''' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट '''' अनुसार है। (ग) जी हाँ। स्वीकृति में लगने वाला समय बताया जाना अथवा समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट '''' अनुसार है।

ओपन कैंप में कार्यरत कर्मी की मृत्यु की जांच

[गृह]

30. ( क्र. 378 ) श्री धीरेन्द्र बहादुर सिंह : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या श्री कृष्णकुमार कुशवाहा द्वारा दिनांक 16.02.2023 को अपने पुत्र स्व रविकांत कुशवाहा की मृत्यु की जांच और थाना बड़वारा के मर्ग क्रमांक 36/22 के संदर्भ में पुलिस अधीक्षक कटनी को आवेदन दिया गया था? हाँ तो आवेदन और मर्ग क्रमांक 36/22 और इस बाबत् जनप्रतिनिधियों के पत्रों पर प्रश्‍न दिनांक तक की गयी कार्यवाही से अवगत कराइए और जांच पूर्ण न होने का कारण बताइये। (ख) प्रश्‍नांश '''' मृतक रविकांत ओपन कैप मझगवा में किस कंपनी में क्या कार्य हेतु कार्यरत था और क्या इस ओपन कैंप से खाद्यान्न चोरी की विगत 02 वर्षों में कई सूचना/जानकारियां थाना बड़वारा सहित संबन्धित शासकीय विभाग, कार्यालय को दी गयी? हाँ, तो सूचनाओं/जानकारियों पर की गयी जांच एवं कार्यवाहियों से अवगत कराइए। (ग) गो ग्रीन कंपनी से ओपन कैप में क्या कार्य हेतु कांट्रेक्ट था? कंपनी की कार्यावधि में खाद्यान्न की कितनी मात्रा कम होना पायी गयी? खाद्यान्न कम होने के क्या कारण रहें? क्या खाद्यान्न चोरी होना पाया गया और क्या पुलिस एवं संबन्धित विभाग द्वारा इस संबंध में जांच और कार्यवाही की गयी? यदि हाँ, तो जांच के परिणाम और कार्यवाही से अवगत कराइए। (घ) प्रश्‍नांश '''' से '''' के परिप्रेक्ष्य में ओपन कैप से खाद्यान्न के खुर्द-बुर्द होने और इसकी सुरक्षा में कार्यरत कर्मी की संदिग्ध अवस्था में मृत्यु की उच्चस्तरीय समयबद्ध जांच कराई जायेंगी? हाँ तो किस प्रकार और कब तक? नहीं तो क्यों?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट '' अनुसार। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट '' अनुसार। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट '' अनुसार। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट '' अनुसार।

खनिज उद्योग एवं डीएमएफ के कार्यों की स्वीकृति

[खनिज साधन]

31. ( क्र. 379 ) श्री धीरेन्द्र बहादुर सिंह : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) कटनी जिले के ग्रामों एवं विकासखंडों में कौन-कौन से खनिज के कितने रकबे में खनि पट्टे कब से स्वीकृत और किन-किन के द्वारा वर्तमान में संचालित हैं? इन खनिपट्टों को किन शर्तों के अध्याधीन स्वीकृत किया गया और क्या पट्टों के संचालन में लागू नियमों/शर्तों का पालन किया जा रहा हैं? हाँ, तो किस प्रकार? नहीं तो क्या कार्यवाही की गयी और की जा रही है? (ख) क्या प्रश्‍नांश '''' खनिपट्टों की स्वीकृति में उद्योगों की स्थापना समाहित हैं और क्या खनिपट्टा धारकों द्वारा नियमानुसार उद्योगों की स्थापना कर स्थानीय नागरिकों को रोजगार दिया गया? हाँ, तो विवरण दीजिये, नहीं तो खनिपट्टावार की गयी कार्यवाही बताइये। (ग) क्या बड़वारा विधानसभा अंतर्गत संचालित खनिपट्टों और उद्योगों में स्थानीय नागरिक नियमानुसार कार्यरत हैं? हाँ, तो कितने प्रतिशत और किस-किस कार्य/रोजगार में? नहीं तो क्यों और इस पर क्या कार्यवाही की जायेगी? (घ) क्या बड़वारा विधानसभा क्षेत्र के युवाओं के तकनीकी शिक्षा में पारंगत न होने से इन्हें स्थानीय उद्योगों में रोजगार प्राप्त नहीं होता? हाँ, तो क्या क्षेत्रांतर्गत शासकीय तकनीकी शिक्षा केन्द्र प्रारम्भ किए जाएँगे? हाँ,तो किस प्रकार और कब तक? यदि नहीं तो क्यों? (ङ) कटनी-जिले में डीएमएफ से वर्ष 2021-22 से कौन-कौन से कार्य किन-किन मांगों/प्रस्तावों/आवश्यकता से किन-किन सक्षम प्राधिकारियों द्वारा प्रस्तावित, अनुमोदित एवं स्वीकृत किए गए? स्वीकृत राशि की उपयोगिता से अवगत कराइए और कार्यों की स्वीकृति किस प्रकार नियमानुसार हैं?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-"अ" अनुसार है। खनिपट्टा खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 एवं उसके अधीन बनाये गये नियमों के परिप्रेक्ष्‍य में शासन द्वारा स्वीकृत किये गये है। पट्टा क्षेत्रों में समय-सीमा पर नियमों एवं शर्तों का पालन किये जाने हेतु कार्यवाही की जाती है। नियमों/शर्तों का पालन न किये जाने पर कार्यवाही हेतु प्रस्‍ताव शासन को प्रेषित किये जाते है। शासन द्वारा 42 खनिपट्टा खदानों को निरस्‍त/लेप्‍स किया गया है। (ख) प्रश्‍नांश अनुसार खनिपट्टा स्वीकृति के समय उद्योगों की स्‍थापना समाहित नहीं है। खनिज आधारित उद्योग स्‍थापित किये जाने पर स्‍थानीय नागरिकों को दिये गये रोजगार से संबधित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-"ब" पर दर्शित है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) प्रश्‍नांश अनुसार बडवारा विधानसभा अंतर्गत संचालित खनिपट्टा और उद्योगों में स्‍थानीय नागरिकों को दिये गये रोजगार से संबधित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-"ब" पर दर्शित अनुसार है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (घ) प्रश्‍नांश (ग) में दिये गये उत्‍तर के परिप्रेक्ष्‍य में स्‍थानीय उद्योगों में नागरिकों को रोजगार प्राप्‍त हो रहा है। शेष प्रश्‍नांश की विषय-वस्‍तु विभाग से संबंधित नहीं है। (ड.) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-"स" पर दर्शित अनुसार है। जिला खनिज प्रतिष्‍ठान मद से कार्यों को मध्‍यप्रदेश जिला खनिज प्रतिष्‍ठान नियम 2016 यथा संशोधित 2022 एवं 2023 के प्रावधानों अनुसार नियमानुसार स्वीकृत किये गये है।

विधायकों के पत्रों का समय पर निराकरण

[सामान्य प्रशासन]

32. ( क्र. 387 ) श्री बाबू जन्‍डेल : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या म.प्र. शासन सामान्य प्रशासन विभाग मंत्रालय वल्लभ भवन भोपाल के पत्र क्र. एफ 19-76/2007/1/4 भोपाल दिनांक 22.3.2011 एवं समय-समय पर जारी अन्य पत्रों/आदेशों में यह स्पष्ट उल्लेख एवं निर्देश है कि विधायकों के पत्रों का समय पर निराकरण करें एवं परिशिष्ट-एक पर पावती एवं परिशिष्ट-दो पर विधायकों से प्राप्त पत्रों का कार्यालयों में रजिस्टर संधारित किये जाने के निर्देश है? (ख) यदि हाँ, तो क्या प्रश्‍नकर्ता द्वारा विधानसभा क्षेत्र श्योपुर की विभिन्न समस्याओं के समाधान हेतु विधायक जनसम्पर्क कार्यालय से जारी किये गये सैकड़ों कार्यालयीन पत्रों पर श्योपुर जिले के शासकीय खण्डस्तरीय एवं जिला स्तरीय कार्यालय/विभाग प्रमुखों द्वारा नियमानुसार निराकरण कर अवगत कराया गया है? यदि हाँ, तो निराकरण प्रतिवेदन प्रमाणित प्रति उपलब्ध कराऐं? यदि नहीं तो क्यों? (ग) प्रश्‍नांश (ख) अनुसार शेष रहे निराकरण प्रतिवेदन कब तक उपलब्ध करा दिये जावेंगे? (घ) क्या श्योपुर जिले के समस्त शासकीय कार्यालयों में परिशिष्ट दो पर विधायकों से प्राप्त पत्रों का रजिस्टर संधारित किया गया है? यदि हाँ, तो कार्यालयों में संधारित रजिस्टर की प्रमाणित प्रति उपलब्ध कराऐं? यदि नहीं तो क्यों?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जी हाँ। (ख) कुल प्राप्‍त 91 पत्रों का निराकरण किया गया है। पत्रों के निराकरण प्रतिवेदन की प्रति नियमानुसार भेजकर अवगत कराया जाता है। विभिन्‍न विभागों से प्राप्‍त जानकारी एवं प्रतिवेदन प्रति की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-1 अनुसार है। (ग) प्रश्‍नांश (ख) के उत्‍तर के प्रकाश में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) संधारित रजिस्‍टर की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-2 अनुसार है।

खनिज संपदा से आय

[खनिज साधन]

33. ( क्र. 398 ) सुश्री रामश्री (बहिन रामसिया भारती) राजपूत : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) छतरपुर जिले की बड़ामलहरा विधानसभा क्षेत्र में खनिज संपदा से वर्ष 2020 से प्रश्‍न दिनांक तक कितनी आय प्राप्त हुई? (ख) क्या खनिज संपदा बड़ा मलहरा विधानसभा में अधिक है और सरकार द्वारा सर्वे कराये गये स्थानों पर कौन-कौन सी कम्पनियां कार्य कर रही है? (ग) इन कम्पनियों के कार्यों की मॉनिटरिंग किसके द्वारा की जा रही है और कब-कब की गई? सम्पूर्ण विवरण सहित बतायें।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) छतरपुर जिले की बड़ामलहरा विधानसभा क्षेत्र में खनिज संपदा से वर्ष 2020 से प्रश्‍न दिनांक तक 18,25,75,112/- राजस्‍व आय प्राप्‍त हुई है। (ख) बड़ामलहरा विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत सर्वे कराये जाने पर रॉकफास्‍फेट, आयरन ओर, डायस्‍पोर/पायरोफिलाइट एवं हीरा खनिज पाये गये है। बड़ामलहरा विधानसभा क्षेत्र में कार्य कर रही कम्पनियों की जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट पर दर्शित है। (ग) कार्य प्रारंभ होने पर कम्पनियों के द्वारा संचालित खदानों की केन्‍द्र एवं राज्‍य शासन के नियम निर्देशों के तहत शासकीय विभागों द्वारा कार्यों की मॉनिटरिंग की जाती है। शेष प्रश्‍नांश की जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट पर दर्शित है।

परिशिष्ट - "सात"

महिला बाल विकास विभाग के अंतर्गत संचालित योजनाएं

[महिला एवं बाल विकास]

34. ( क्र. 402 ) सुश्री रामश्री (बहिन रामसिया भारती) राजपूत : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) छतरपुर जिले में महिला बाल विकास विभाग के अंतर्गत कितनी योजनाएं संचालित है वर्ष 2022 से प्रश्‍न दिनांक तक जानकारी दें तथा गाईड-लाईन उपलब्ध करावें। (ख) विभागीय अधिकारि‍यों द्वारा व्यय राशि का भौतिक सत्यापन कब किया विवरण दें? (ग) क्षेत्र में आंगनवाड़ी भर्ती कार्यकर्ता/सहायिका के रिक्त पदों की पूर्ति आबादी के मापदण्डों के तहत वर्ष 2022 से प्रश्‍न दिनांक तक कब की गई उसकी गाईड-लाईन सहित सम्पूर्ण विवरण उपलब्ध करावें। (घ) क्या कोई शिकायतें भर्ती के संबंध में की गई उसकी जाँच क्या हुई जांच अभिमत सहित विवरण दें।

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( सुश्री निर्मला भूरिया ) : (क) महिला बाल विकास अंतर्गत केन्द्र सरकार द्वारा सक्षम आंगनवाड़ी एवं पोषण 2.0, मिशन वात्सल्य एवं मिशन शक्ति अंतर्गत उपघटकीय योजनायें संचालित हैं। राज्य शासन द्वारा पोषित योजनायें - लाड़ली लक्ष्मी योजना, लाड़ली बहना योजना, मुख्यमंत्री बाल आर्शीवाद योजना, मुख्यमंत्री कोविड-19 बाल सेवा योजना, मुख्यमंत्री महिला सशक्तिकरण योजना एवं जाबाली योजना संचालित है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट '''' पर है। (ख) व्यय राशि के भौतिक सत्यापन के प्रावधान न होने से शेष जानकारी का प्रश्‍न नहीं। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट '''' पर है। (घ) भर्ती के संबंध में कोई शिकायत प्राप्त न होने से शेष जानकारी का प्रश्‍न नहीं।

रेत खदानों के सीमांकन की कार्यवाही

[खनिज साधन]

35. ( क्र. 405 ) डॉ. योगेश पंडाग्रे : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) हरदा, होशंगाबाद जिले में वर्ष 2023- 24 में किस रेत खदान की पर्यावरणीय अनुमति सिया एवं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने किस दिनांक को दी है? उस खदान को खनिज विभाग ने किस दिनांक से प्रारंभ किया? खदान से पहला पिट पास किस दिनांक को ऑनलाईन जारी किया गया? (ख) किस खदान का सीमांकन किस पटवारी ने किस दिनांक को किया, किस खदान के किस अक्षांश देशांश पर मुनारे का निर्माण किस दिनांक को किया गया एवं किस खदान का सीमांकन किए बिना ही खदान को किस दिनांक से प्रारंभ किया? (ग) खदान का सीमांकन किए बिना, मुनारो का निर्माण किए बिना ही खदान से खनन प्रारम्भ करने का क्या कारण है इसके लिए शासन किस-किस को जिम्मेदार मानता है? (घ) खदान का कब तक सीमांकन करवाकर मुनारों का निर्माण करवाया जावेगा?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) नर्मदापुरम (होशंगाबाद) जिले में वर्ष 2023-24 में प्रश्‍नांश अनुसार जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अ पर दर्शित है। हरदा जिले की रेत खदान समूह में वर्ष 2023-24 में किसी भी खदान की समस्‍त वैधानिक स्‍वीकृति प्राप्‍त नहीं हुई है, इस कारण से कोई खदान संचालित नहीं है और न ही ऑनलाइन अभिवहन पास जारी हुआ है। (ख) पूर्व से सीमांकित तथा घोषित खदानों को ही ई-निविदा/नीलामी में रखा जाता है। हरदा एवं नर्मदापुरम जिले में भी पूर्व से सीमांकित तथा घोषित खदानों को ही पूर्व से अधिसूचित म.प्र. गौण खनिज नियम, 1996 के नियम 8 तथा मध्यप्रदेश रेत (खनन, परिवहन, भण्डारण एवं व्यापार) नियम 2019 के नियम 5 के तहत सीमांकित एवं घोषित किए जाने के उपरांत ही ई-निविदा सह नीलामी प्रक्रिया में रखा गया है। पूर्व से सीमांकित खदानों को प्रारंभ किए जाने के पूर्व विभागीय खनिज सर्वेयर द्वारा खदानों के माइनिंग प्‍लान में उल्‍लेखित अक्षांश एवं देशांश के आधार पर मुनारों का संधारण कराए जाने के उपरांत खदानों को प्रारंभ किया जाता है। जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-ब पर दर्शित है। (ग) एवं (घ) प्रश्‍नांश (ख) के उत्‍तर के संदर्भ में प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - "आठ"

विभाग द्वारा जारी आदेश

[खनिज साधन]

36. ( क्र. 407 ) डॉ. योगेश पंडाग्रे : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सामान्य प्रशासन विभाग के द्वारा वनो से दूरी के आधार पर खनिज खदानों की स्वीकृति एवं रोक से संबंधित किस-किस दिनांक‍ को आदेश जारी किए, किस दिनांक के आदेश में किस दिनांक को क्‍या-क्या संशोधन किए, वर्तमान में क्या प्रावधान लागू हैं? (ख) वनो से 50 मीटर एवं 250 मीटर की दूरी तक मुख्य खनिज एवं गौण खनिज की खदानों पर रोक किस कानून की किस धारा में किए गए किस उल्लेख के तहत लगाई गई? रोक लगाने का कौन-कौन सा वैज्ञानिक कारण एवं कौन सा पर्यावरणीय कारण रहा है? (ग) 250 मीटर तक की रोक को पूर्ववत 50 मीटर तक की किए जाने के संबंध में राज्य मंत्रालय ने क्या-क्या विचार किया है? इस बावत प्रस्ताव वर्तमान में किस स्तर पर किन कारणों से लम्बित है? (घ) 250 मीटर की रोक को 50 मीटर तक का किए जाने से संबधित आदेश कब तक विभाग जारी करेगा?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) सामान्‍य प्रशासन विभाग द्वारा आदेश क्रमांक एफ-19-71/2012/1/4 भोपाल, दिनांक 31 जुलाई, 2012 से वन क्षेत्र में अवैध उत्‍खनन पर नियंत्रण की दृष्टि से खनिपट्टा स्‍वीकृति की अनुशंसा किए जाने हेतु संभाग स्‍तर पर समिति गठित किए जाने का आदेश जारी किया गया है। वर्तमान में प्रभावशील आदेश की प्रति संलग्‍न परिशिष्‍ट पर दर्शित है। (ख) प्रश्‍नांश अनुसार वनों से 50 मीटर से 250 मीटर की दूरी के संबंध में स्‍वीकृति रोकने संबंधी नियमान्‍तर्गत प्रावधान नहीं हैं। अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) एवं (घ) प्रश्‍नांश (ख) के उत्‍तर अनुसार प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - "नौ"

सुवासरा विधानसभा में उद्योगों के लिए आरक्षित भूमि

[औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन]

37. ( क्र. 423 ) श्री हरदीप सिंह डंग : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) उद्योग विभाग द्वारा सुवासरा विधानसभा में कहां-कहां, कितनी-कितनी भूमि उद्योग हेतु आवंटित की गई है? (ख) आवंटित की गई भूमि को राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज किया गया है या नहीं अगर दर्ज किया गया है तो प्रतिलिपि उपलब्ध करावें? (ग) आवंटित भूमि को आरक्षित चिन्हित कर सीमांकन कर उद्योग विभाग को सुपुर्द की गई है या नहीं? (घ) उक्त भूमि पर विकास हेतु विभाग द्वारा सुविधाओं (बिजली, पानी, सड़क इत्यादि) हेतु कितनी राशि स्वीकृत की गई है या योजना बनाई गई है या नहीं?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) विभाग के अधीन एमपी इण्‍डस्ट्रियल डेव्‍हलपमेंट कार्पोरेशन लिमिटेड द्वारा सुवासरा विधानसभा में आज दिनांक तक किसी उद्योग को भूमि आवंटित नहीं की गई है। (ख) औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्‍साहन विभाग को ग्राम-सेमलीकांकड में 80.26 हेक्‍टेयर, ग्राम-बसई में लगभग 178.83 हेक्‍टेयर भूमि, ग्राम-हरिपुरा में 24.90 हेक्‍टेयर एवं ग्राम-देवपुरा नागर में लगभग 60.643 हेक्‍टेयर भूमि राजस्‍व विभाग द्वारा औद्योगिक प्रयोजन हेतु हस्‍तांतरित की गई है। उपरोक्‍त हस्‍तांतरित भूमि वर्तमान में राजस्‍व रिकार्ड में औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्‍साहन विभाग का नाम दर्ज नहीं है। दर्ज कराने की कार्यवाही प्रचलन में है। (ग) ग्राम-सेमलीकांकड की 80.26 हेक्‍टेयर भूमि का राजस्‍व विभाग द्वारा सीमांकन कर दिया गया है एवं शेष भूमियों पर सीमांकन की कार्यवाही प्रचलन में है। (घ) उक्‍त भूमि के विकास हेतु कोई राशि स्‍वीकृत नहीं की गई है।

सीतामऊ में ए.डी.जे. कोर्ट प्रारम्‍भ किया जाना

[विधि एवं विधायी कार्य]

38. ( क्र. 424 ) श्री हरदीप सिंह डंग : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सीतामऊ ए.डी.जे. कोर्ट प्रारंभ करने हेतु माननीय उच्च न्यायालय द्वारा आवश्यक मूलभूत सुविधाओं के अंतर्गत उपयुक्त एवं पूर्ण सुविधायुक्त न्यायालय भवन न्यायाधीश के निवास हेतु उपयुक्त शासकीय आवास गृह एवं न्यायालय के लिए आवश्यक अमला उपलब्‍ध कराने के निर्देश दिये थे, उक्त निर्देश के पालन में विभाग द्वारा क्या कार्यवाही की? (ख) सीतामऊ में ए.डी.जे. कोर्ट प्रारंभ करने एवं आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने हेतु बजट का प्रावधान प्रश्‍न दिनांक तक क्यो नहीं किया गया है? (ग) ए.डी.जे. कोर्ट भवन निर्माण का कार्य पूर्ण होने तथा समस्त सुविधाऐं उपलब्ध होने के पश्‍चात भी प्रश्‍न दिनांक तक जनहित में ए.डी.जे. कोर्ट प्रारम्भ किया नहीं गया है? (घ) ए.डी.जे. कोर्ट को कब से प्रारम्भ जावेंगा?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) से () जानकारी एकत्रित की जा रही है।

आंगनवाड़ी केन्द्र में विद्युत एवं पेयजल व्यवस्था

[महिला एवं बाल विकास]

39. ( क्र. 430 ) श्री संजय सत्येन्द्र पाठक : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) विधानसभा क्षेत्र विजयराघवगढ़ क्षेत्रांतर्गत किन-किन आंगनवाड़ी केन्द्रों का विद्युतीकरण कार्य के साथ-साथ पेय जल व्यवस्था हेतु खनन कार्य कराये गये? अभी तक कितने आंगनवाड़ी केन्द्र का विद्युतीकरण कार्य तथा पेय जल व्यवस्था नहीं की गयी? शासन के निर्देशों के बाद भी कार्यवाही नहीं करने के लिए कौन दोषी है? (ख) प्रश्‍नांश (क) के परिप्रेक्ष्य में क्या यह सही है कि पानी की टंकी आंगनवाड़ी केन्द्र में लगायी गयी है किन्तु उसमें पानी नहीं पहुँच पा रहा है? इसी तरह से विद्युत मीटर लगाये गये है किन्तु विद्युत प्रवाह नहीं हो रहा है? ऐसे कितने आंगनवाड़ी केन्द्र हैं? इन कमियों को कब तक पूर्ण किया जायेगा? यदि नहीं तो क्यों?

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( सुश्री निर्मला भूरिया ) : (क) विधानसभा क्षेत्र विजयराघवगढ़ क्षेत्रांतर्गत 410 आंगनवाड़ी केन्‍द्रों में से 274 विभागीय आंगनवाड़ी भवनों में विद्युतीकरण कार्य कराये जाने हेतु मध्‍यप्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी जबलपुर को राशि प्रदाय की गयी है। जिनमें से 167 केन्‍द्रों में विद्युतीकरण कार्य पूर्ण हो चुका है एवं 107 केन्‍द्रों में विद्युतीकरण कार्य प्रगतिरत है। पेयजल हेतु खनन कार्य विभाग द्वारा नहीं कराया जाता है। सभी आंगनवाड़ी केन्‍द्रों में पेयजल व्‍यवस्‍था है। अत: शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ख) जल जीवन मिशन अन्‍तर्गत लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकी विभाग द्वारा 43 आंगनवाड़ी केन्द्रों में पानी की टंकी लगाई गई है, जिनमें पानी अभी नहीं पहुंच रहा है। विद्युतीकरण कार्य किये जाने वाले 274 आंगनवाड़ी केन्‍द्रों में से 167 आंगनवाड़ी केन्द्रों में विद्युत कनेक्‍शन करवाया जाकर विद्युत प्रवाह चालू है। शेष 107 आंगनवाड़ी केन्‍द्रों में विद्युतीकरण की कार्यवाही मध्‍यप्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी जबलपुर द्वारा प्रगतिरत है। शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

खतरनाक अपराधियों पर कार्यवाही

[गृह]

40. ( क्र. 434 ) श्री दिनेश राय मुनमुन : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सिवनी विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले थाना क्षेत्रों में दिनांक 01.01.2022 से प्रश्‍न दिनांक के दौरान किस-किस नाम के जेबकट/अड़ीबाज/निगरानी बदमाश/जिला बदर को सूची में रखा गया? थानावार/अपराधवार/सूचीनाम एवं पतेवार उपलब्‍ध कराये? (ख) प्रश्‍नांश () में उल्‍लेखित समयानुसार एवं थाना क्षेत्रों में किस-किस नाम के पते वाले अपराधी के द्वारा 5 या उससे अधिक गंभीर अपराध किये गये जिससे उसे जिला बदर करना चाहिए था? जिला बदर की कार्यवाही किस-किस थाना क्षेत्रों में किस-किस नाम/पते वाले आरोपी की प्रचलित है अथवा कर दी गई है? (ग) प्रश्‍नांश () में उल्‍लेखित समयानुसार एवं थाना क्षेत्रों में धोखाधड़ी/लूट/हत्‍या/हत्‍या के प्रयास/चेन लूटने/बलात्‍कार/महिला को छोड़ने/मारपीट/अड़ीबाजी/जुयें/सट्टे/आत्‍महत्‍या/नाबालिक एवं बालिग महिला के साथ विभिन्‍न अपराधों के प्रकरण कायम हुये? (घ) प्रश्‍नतिथि तक सिवनी विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों में दिनांक 01.01.2022 से प्रश्‍न दिनांक के दौरान किन-किन अपराध क्रमांकों एवं धाराओं के प्रकरण लंबित है? प्रकरणों के लंबित होने का कारण क्‍या है? लंबित होने के कारण किस नाम/पदनाम को शासन दोषी मानता है? उन पर कब व क्‍या कार्यवाही की जायेगी?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट '' अनुसार। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट '' अनुसार। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट '' अनुसार। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट '' अनुसार।

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खनन के लिए वितरित किये गये लीज/पट्टे की जानकारी

[खनिज साधन]

41. ( क्र. 497 ) श्री दिनेश जैन बोस : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) महिदपुर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत 2019 से प्रश्‍न दिनांक तक नेशनल हाईवे, एम.पी.आर.डी.सी., पी.डब्लू.डी, पी.एम.जी.एस.वाय, रेल्वे ब्रिज ओर अन्य को खनन के लिए दिये गये लीज/पट्टे की जानकारी सर्वे नं, अवधि, क्षमता, अनुबंध, शर्तों सहित देवें। (ख) इनके द्वारा खनन की गई मुरम, मिट्टी, रेत व अन्य खनिज पदार्थ की मात्रा एवं लीज का विवरण आदि की जानकारी माहवार देवें। (ग) महिदपुर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत नदी से रेत निकालने के लिए दिये लीज/पट्टे का विवरण देवें। (घ) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) में दिए गए लीज एवं पट्टे के निरीक्षण में क्या-क्या कमियां पाई गई हैं? यदि हाँ, तो अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा उन पर क्‍या कार्यवाही की गई?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) प्रश्‍नाधीन अवधि तक नेशनल हाईवे, एम.पी.आर.डी.सी., पी.डब्लू.डी, पी.एम.जी.एस.वाय, रेल्वे ब्रिज ओर अन्य को खनन के लिए दिये गये लीज/पट्टे स्‍वीकृत नहीं किये गये हैं। अत: प्रश्‍नांश के शेष भाग का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ख) प्रश्‍नांश (क) के उत्‍तर के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍नांश उपस्थित नहीं होता है। (ग) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट पर दर्शित है। (घ) प्रश्‍नांश (क) के उत्‍तर के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍नांश उपस्थित नहीं होता है। प्रश्‍नांश (ग) के उत्‍तर के परिप्रेक्ष्‍य में रेत खनिज की खदानें अकार्यशील होने से निरीक्षण नहीं किया गया है। अत: प्रश्‍नांश के शेष भाग का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - "दस"

शुगर मिल की भूमि पर उद्योगों की स्‍थापना

[सूक्ष्‍म, लघु एवं मध्‍यम उद्यम]

42. ( क्र. 498 ) श्री दिनेश जैन बोस : क्या सूक्ष्‍म, लघु एवं मध्‍यम उद्यम मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विभाग द्वारा महिदपुर रोड स्थित शुगर मिल की भूमि पर उद्योगों की स्थापना हेतु क्या-क्या तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। (ख) औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने हेतु कौन-कौन से निर्माण कार्य हो गये हैं? किस ठेकेदार/फर्म/कंपनी द्वारा कितनी-कितनी लागत के किए जा रहे हैं? अनुबंध की प्रति शर्तों सहित देवें। (ग) औद्योगिक परिसर विकसित होने के पश्चात यहां पर कौन-कौन से उद्योग स्थापित किए जाएंगे? उद्योग स्थापित करने के इच्छुक लोगों को किस प्रक्रिया के तहत भूखंड क्रय करने का मौका दिया जाएगा? (घ) औद्योगिक परिसर पूर्ण रूप से तैयार होने और उद्योग स्थापना का कार्य कब तक पूर्ण हो जाएगा? (ड.) क्या उद्योग स्थापना हेतु स्थानीय लोगों को प्राथमिकता दी जाएगी?

सूक्ष्‍म, लघु एवं मध्‍यम उद्यम मंत्री ( श्री चेतन्‍य कुमार काश्‍यप ) : (क) महिदपुर रोड स्थित शुगर मिल्स की भूमि पर विभाग द्वारा औद्योगिक क्षेत्र का निर्माण कराया जा रहा है। (ख) वर्तमान में कोई भी निर्माण कार्य पूर्ण नहीं हुआ है। शेष जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1, 2 एवं 3 अनुसार है। (ग) यह बहुउत्पाद औद्योगिक क्षेत्र है। औद्योगिक क्षेत्र विकसित होने के पश्चात औद्योगिक क्षेत्र में पात्र औद्योगिक इकाईयां स्थापित होंगी। उद्योग स्थापित करने के इच्छुक लोगों को म.प्र. एम.एस.एम.ई. को औद्योगिक भूमि तथा भवन आवंटन एवं प्रबंधन नियम 2021 के अनुसार ऑनलाइन आवंटन पद्धति से प्रथम आओ प्रथम पाओ सिद्धांत से भूखंडों का आवंटन किया जाता है। (घ) सड़क निर्माण के ठेकेदार द्वारा माननीय उच्च न्यायालय खण्डपीठ इंदौर में दायर प्रकरण विचाराधीन है। अतः समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ड.) भूखण्डों का आंवटन म.प्र. एम.एस.एम.ई. को औद्योगिक भूमि तथा भवन आवंटन एवं प्रबंधन नियम 2021 के अनुसार ऑनलाइन आवंटन पद्धति से प्रथम आओ प्रथम पाओ सिद्धांत से किया जाता है, जिसमें स्थानीय उद्यमी भी पात्र हैं।

लघु, सूक्ष्म एवं मध्‍यम उद्योग की स्‍थापना एवं अनुदान

[सूक्ष्‍म, लघु एवं मध्‍यम उद्यम]

43. ( क्र. 503 ) श्री हेमंत कटारे : क्या सूक्ष्‍म, लघु एवं मध्‍यम उद्यम मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश के भोपाल संभाग के अन्‍तर्गत वित्‍त वर्ष 2021-22 एवं 2022-23 में कितने लघु, सूक्ष्‍म एवं मध्‍यम उद्योगों की स्‍थापना की गई? जिला एवं क्षेत्रवार सूची उपलब्‍ध करावें। (ख) उक्‍त अवधि में स्‍वीकृत एवं संचालित औद्योगिक इकाइयों को प्रोत्‍साहन स्‍वरूप दी जाने वाली अनुदान सहायता किन-किन उद्योगों हेतु कितनी राशि स्‍वीकृत एवं भुगतान की गई? (ग) क्‍या प्रश्‍नांश (क) वर्णित वित्‍त वर्षों में स्‍वीकृत एवं संचालित औद्योगिक इकाइयों को वित्‍त वर्ष 2023-24 में अनुदान सहायता जिस हेड (मद) में उपलब्‍ध कराई जाना है उसे विभाग ने समाप्‍त कर दिया है? यदि हाँ, तो अब किस मद से संचालित औद्योगिक इकाइयों को स्‍वीकृत अनुदान राशि जो पूर्व के वित्‍त वर्षों में देय हैं, कब तक भुगतान की जावेगी और विलम्‍ब होने पर क्‍या राज्‍य सरकार इनको बैंक ऋण ब्‍याज में मदद करेगी?

सूक्ष्‍म, लघु एवं मध्‍यम उद्यम मंत्री ( श्री चेतन्‍य कुमार काश्‍यप ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। (ग) जी नहीं। म.प्र. एम.एस.एम.ई. प्रोत्‍साहन योजना अंतर्गत औद्योगिक इकाइयों को जिस हेड (मद) से अनुदान सहायता उपलब्‍ध कराई जाना है, उसमें बजट हेतु अनुपूरक बजट अंतर्गत मांग की गई है। बजट आवंटन प्राप्‍त होने पर उपलब्‍ध बजट के आधार पर राशि‍ उपलब्‍ध कराई जा सकेगी। म.प्र. एम.एस.एम.ई. प्रोत्‍साहन योजना में प्रावधानित स्‍वीकृत सुविधाओं के वितरण में विलम्‍ब होने पर बैंक ऋण ब्‍याज में मदद का प्रावधान नहीं है।

थाना कोतवाली में दर्ज अपराध क्रमांक 346/16 की जानकारी

[गृह]

44. ( क्र. 511 ) श्री राजेन्‍द्र भारती : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या थाना कोतवाली दतिया में प्रकरण क्रमांक 346/16 अंतर्गत स्वास्थ्य विभाग में हुई फर्जी नियुक्तियों और यूनिक कोड से वेतन आहरण बाबत् पंजीबद्ध किया जाकर विवेचना में लिया गया? यदि हाँ, तो विवेचना में दतिया जिला सहित अन्य कितने जिलों में इस प्रकार के मामले पकड़ में आए। कृपया जिलावार कर्मचारीगणों के नाम/पता/पद सहित वेतन राशि का विवरण दें। (ख) क्या विवेचना के दौरान दतिया जिला अस्पताल सहित अन्य जिलों में पदस्थ रहे मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ही मुख्य रूप से जिम्मेदार रहे हैं? यदि हाँ, तो क्या सी.एम.एच.ओ./स्थापना लिपिक/कोषालय अधिकारी एवं डाटाबेस लिपिक की सांठगांठ होकर मुख्य रूप से संदिग्ध भूमिका रही है? यदि हाँ, तो पुलिस द्वारा उक्त संबंधितों को गिरफ्तार कर कानूनी कार्यवाही की गई? यदि नहीं तो क्यों? कृपया कारण सहित बतायें कि दोषियों को गिरफ्तार कर कब तक कानूनी कार्यवाही की जायेगी? (ग) पुलिस द्वारा की गई कानूनी कार्यवाही वर्तमान में किस स्तर पर प्रचलित है? क्या जांच/विवेचना पूर्ण हो चुकी है? यदि नहीं तो क्यों? कृपया कारण सहित कोतवाली दतिया के प्राप्त दस्तावेज एवं जांच रिपोर्ट दिनांक 24/04/2017, 18/11/2016, 3/12/2016 और 3/4/2017 की प्रतियां उपलब्ध करायें। (घ) क्या प्रकरण की गंभीरता (प्रदेश स्तरीय) को देखते हुए संपूर्ण प्रकरण की जांच सी.बी.आई./एस.आई.टी. से कराई जायेगी? यदि नहीं तो क्यों और यदि हाँ, तो कब तक?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जी हाँ, स्वास्थ्य विभाग में फर्जी नियुक्तियों के संदर्भ में अन्य जिलों में पंजीबद्ध अपराधों की सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट '' अनुसार है। (ख) मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य एवं अन्य की भूमिका के संबंध में विवेचना जारी है। आरोपी सुनील कुमार रायकवार, पद-कोषालय लिपिक की अपराध में संलिप्ता पाये जाने पर दिनांक 10/10/2016 को गिरफ्तार किया जाकर माननीय न्यायालय दतिया में पेश किया गया था, जो वर्तमान में माननीय न्यायालय के आदेश से जमानत पर है। (ग) वर्तमान में प्रकरण की विवेचना जारी है। थाना कोतवाली जिला दतिया से प्राप्त दस्तावेज एवं जांच रिपोर्ट दिनांक 24/04/2017, 18/11/2016, 03/12/2016 प्रतियां पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट '' अनुसार एवं जांच रिपोर्ट दिनांक 03.04.2017 अप्राप्त है। (घ) प्रकरण विवेचना हेतु दिसम्बर 2017 में आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) को हस्तांतरित किया गया है, अतः प्रकरण की जाच सी.बी.आई./एस.आई.टी. से कराये जाने की आवश्यकता नहीं है।

अजयगढ़ में ए.डी.जे. कोर्ट की स्‍थापना

[विधि एवं विधायी कार्य]

45. ( क्र. 539 ) श्री ब्रजेन्द्र प्रताप सिंह : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) पन्ना जिले के अजयगढ़ एवं धरमपुर क्षेत्र के जिला अपर न्यायाधीश क्षेत्राधिकार के कितने प्रकरण जिला मुख्यालय में लंबित हैं? क्या इन प्रकरणों की पैरवी हेतु संबंधितों को धरमपुर एवं अजयगढ़ से कई कि.मी. दूर पन्ना आना पड़ता है? क्या अजयगढ़ में ए.डी.जे. कोर्ट निर्मित है? (ख) यदि हाँ तो क्या पन्ना विधानसभा की तहसील अजयगढ़ के अधिवक्ताओं एवं क्षेत्रवासियों द्वारा अजयगढ़ में लम्बे समय से कलेक्टर के माध्यम से ए.डी.जे. कोर्ट खोले जाने की मांग लिखित ज्ञापन/पत्र देकर की गई है? यदि हाँ, तो उस पर क्या कार्यवाही की गई? जानकारी दें। (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के परिप्रेक्ष्य में जनहित को देखते हुये क्या तहसील अजयगढ़ में ए.डी.जे. कोर्ट खोला जावेगा? यदि हाँ तो कब तक? यदि नहीं तो क्यों?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) से (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

जिला अनूपपुर में रेत की तस्‍करी

[खनिज साधन]

46. ( क्र. 558 ) श्री बिसाहूलाल सिंह : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला अनूपपुर में कितने रेत खदान वर्तमान में संचालित हैं तथा किन-किन रेत खदानों को किन-किन ठेकेदारों को लीज पर आवंटित किया गया है? रेत उत्खनन, परिवहन एवं रेत खदान आवंटित किये जाने की नियमावली उपलब्ध करावें। (ख) क्या जिले की समस्त नदियों में रेत की खदानें संचालित नहीं हैं किन्तु रेत तस्करों के द्वारा दिन-रात अवैध रूप से रेत तस्करी की जाती है? यदि हाँ, तो जिले के किन-किन नदियों में रेत खदान संचालित हैं, जिनमें रेत परिवहन का कार्य चल रहा है तथा जिले में अवैध रूप से रेत परिवहन करने वाले रेत तस्करों के खिलाफ रेत चोरी रोकने हेतु जिला प्रशासन की क्या योजना है तथा रेत तस्करों के खिलाफ प्रशासन के द्वारा क्या कार्यवाही की जायेगी? (ग) प्रश्‍नांश (ख) अनुसार जिले की जिन नदियों में रेत की खदानें घोषित नहीं है उनमें भी रेत ठेकेदारों के द्वारा ग्रामीणों को रेत लाने से परेशान किया जाता है। शासन द्वारा शासकीय कार्यों, प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजनाओं के लिए गरीबों के द्वारा स्थानीय स्तर से रेत लाने पर ठेकेदारों के द्वारा डराया, धमकाया जाता है, उनके खिलाफ प्र&