मध्यप्रदेश विधान सभा


प्रश्‍नोत्तर-सूची
मार्च, 2022 सत्र


मंगलवार, दिनांक 08 मार्च, 2022


भाग-1
तारांकित प्रश्‍नोत्तर



भूमि सीमा निर्धारित नहीं होने से प्रदेश में खाद का कृत्रिम संकट

[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]

1. ( *क्र. 940 ) श्री जयवर्द्धन सिंह : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या वर्ष 2020-21 एवं 2021-22 तक रबी एवं खरीफ की फसलों की बुआई के पूर्व कृषि विभाग द्वारा भूमि सीमा निर्धारित करने का कार्य किया गया है? यदि हाँ, तो सीमा निर्धारित करने का कार्य कब-कब, किस-किस के माध्‍यम से कितनी समयावधि में पूर्ण किया गया है? गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, राजगढ़, विदिशा, सीहोर, रायसेन सहित संपूर्ण विवरण देवें। (ख) प्रश्‍नांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में भूमि सीमा निर्धारण का कार्य होने के उपरांत जानकारी विभाग के किस-किस अधिकारी, किस-किस कार्यालय से शासन को भेजी गई है? पत्रों की प्रति सहित संपूर्ण कार्यवाही विवरण बतावें।                                                (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के तारतम्‍य में वि‍भाग द्वारा भूमि सीमा निर्धारित करने की कार्यवाही नहीं की गई है, तो विभाग के अधिकारियों/कर्मचारियों सहित किन-किन पर जिम्‍मेदारी तय की जायेगी? जिम्‍मेदारों पर कब-कब और क्‍या कार्यवाही की जायेगी? (घ) विधानसभा के प्रश्‍न क्रमांक 1571, उत्‍तर दिनांक 24 दिसंबर, 2021 में सहकारिता विभाग ने स्‍वीकार किया है कि संचालनालय किसान कल्‍याण तथा कृषि विकास द्वारा उर्वरक वितरण हेतु भूमि सीमा निर्धारित किये जाने संबंधी प्रस्‍ताव प्राप्‍त न होने से शासन को नहीं भेजा गया है, जिसके कारण कितनी-कितनी भूमि के लिये कितनी-कितनी यूरिया, डी.ए.पी. एवं अन्‍य उर्वरक की उपलब्‍धता प्रदेश के कृषकों को सहकारिता विभाग द्वारा कराई जाये संभव नहीं हो पाया? क्‍या कृषि विभाग द्वारा जानकारी नहीं भेजने से प्रदेश में कृत्रिम खाद का संकट उत्‍पन्‍न हुआ है? स्‍पष्‍ट करें। यदि नहीं, तो सहकारिता विभाग के उत्‍तर पर विभाग का क्‍या मत है?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री कमल पटेल ) : (क) जी नहीं, अत: शेष प्रश्‍नांश उपस्थित नहीं होता। (ख) प्रश्‍नांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) उर्वरक वितरण/विक्रय भारत सरकार के (उर्वरक नियंत्रण) आदेश, 1985 के प्रावधानों एवं भारत सरकार से प्राप्‍त निर्देशों के अनुरूप किया जाता है। भूमि सीमा के निर्धारण का प्रावधान उर्वरक (नियंत्रण) आदेश, 1985 में नियत नहीं है और न ही भारत सरकार द्वारा तत्‍संबंधी निर्देश प्राप्‍त हुए हैं। अत: शेष प्रश्‍नांश उपस्थित नहीं होता। (घ) जी नहीं। उर्वरक (नियंत्रण) आदेश, 1985 में उर्वरक वितरण/विक्रय हेतु भूमि सीमा निर्धारित किये जाने का प्रावधान न होने से संचालनालय किसान कल्‍याण तथा कृषि विकास द्वारा भूमि सीमा निर्धारित किये जाने संबंधी प्रस्‍ताव उपलब्‍ध नहीं कराया गया। अत: शेष प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता।

उच्चतर माध्यमिक, माध्यमिक एवं प्राथमिक शिक्षकों को सातवें वेतनमान के एरियर्स का भुगतान

[स्कूल शिक्षा]

2. ( *क्र. 82 ) श्री प्रणय प्रभात पाण्डेय : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) उच्चतर माध्यमिक, माध्यमिक एवं प्राथमिक शिक्षकों को सातवें वेतनमान के एरियर्स की द्वितीय किस्त के भुगतान हेतु शासन के क्या आदेश एवं दिशा-निर्देश थे? आदेशों की छायाप्रति देवें। (ख) क्या प्रश्‍नांक '' में उल्लेखित आदेशों का पालन कटनी जिले में किया गया है? यदि हाँ, तो किन-किन संकुलों में कब-कब किस-किस को कितना भुगतान किया गया? संकुलवार बतावें।                                                 (ग) प्रश्‍नांक '' में उल्लेखित एरियर्स का भुगतान किन कारणों से अभी तक किन-किन संकुलों में नहीं किया गया, इसका दोषी कौन है? क्या शासन दोषियों पर कार्यवाही कर शेष एरियर्स का भुगतान शीघ्र करेगा? यदि हाँ, तो किस प्रकार से कब तक? यदि नहीं, तो क्यों?

राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) उच्चतर माध्यमिक, माध्यमिक एवं प्राथमिक शिक्षकों को सातवें वेतनमान की द्वितीय किस्त के भुगतान हेतु म.प्र. शासन, स्कूल शिक्षा विभाग के पत्र क्रमांक/वि.स.प्र./2020-21/676 भोपाल, दिनांक 05 फरवरी, 2021 के द्वारा वित्तीय वर्ष 2021-22 में भुगतान के दिशा निर्देश जारी किये गये हैं। आदेश की छायाप्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''एक'' अनुसार है। (ख) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''दो'' अनुसार है। (ग) प्रश्‍नांश '''' अनुसार 1403 शिक्षकों को एरियर्स का भुगतान छठवें वेतनमान के नियतन का अनुमोदन जिला पंचायत से न होने के कारण, म.प्र. वेतन पुनरीक्षण नियम 2017 के प्रावधान अनुसार कोष एवं लेखा वित्त विभाग से वेतन नियम का अनुमोदन प्राप्त न होने के कारण म.प्र. राज्य स्कूल शिक्षा सेवा में नियुक्ति विलंब से होने के कारण, माननीय उच्च न्यायालय में दायर रिट पिटीशन 9313/2018 का अंतिम निराकरण न होने के कारण अभी तक लंबित है। प्रश्‍नांश की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''तीन'' अनुसार है। शेषांश जी हाँ। समस्त आहरण एवं संवितरण अधिकारियों एवं संकुल प्राचार्यों को त्वरित कार्यवाही हेतु निर्देशित किया गया है। निर्देश पत्र पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''चार'' अनुसार है। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित                  नहीं होता।

शिवपुरी जिले की उप मण्‍डी नरवर में अनियमितता

[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]

3. ( *क्र. 953 ) श्री प्रागीलाल जाटव : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता द्वारा मण्‍डी से संबंधित जानकारी लेने के लिये कई पत्र मण्‍डी सचिव एवं पत्र क्र. 20/22, दिनांक 18.01.2022 एवं 36/22, दिनांक 29.01.22 को संयुक्‍त संचालक कृष‍ि विपणन बोर्ड ग्‍वालियर को भी लिखा जिसमें जनवरी 2021 से प्रश्‍न दिनांक तक की मण्‍डी पर्ची 37A की एवं कितने गेट पास काटे गये की जानकारी मांगी थी, क्‍यों नहीं दी गई? (ख) यह भी बतायें कि मण्‍डी में वर्तमान में कितने कर्मचारी पदस्‍थ हैं? पदनाम सहित बतायें और अन्‍य जगह के कर्मचारियों को मण्‍डी मगरोनी में             किन-किन कर्मचारियों को अटैच किया? किस आधार पर किया? जानकारी नाम सहित देवें। (ग) जनवरी 2020 से प्रश्‍न दिनांक तक कि‍तने निर्माण कार्य एवं विकास कार्य किये गये? कितनी लागत से किये गये? प्राक्‍कलन सहित कार्य की स्थिति बतायें। (घ) प्रश्‍नांश (क), (ख) एवं (ग) के संदर्भ में भेजे पत्रों की जानकारी न देना यह घोर लापरवाही है? मण्‍डी टैक्‍स की चोरी कर व्‍यापारियों को लाभ पहुंचाकर करोड़ों रूपये का शासन को घाटा किया है, क्‍या इसकी उच्‍च स्‍तरीय जांच कराई जायेगी?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री कमल पटेल ) : (क) प्रश्‍नकर्ता के उल्‍लेखित पत्र सचिव मण्‍डी मंगरौनी एवं संयुक्‍त संचालक आंचलिक कार्यालय ग्‍वालियर को प्राप्‍त नहीं हुए अपितु कार्यालय जनपद पंचायत नरवर के पत्र क्रमांक/पंचायत/2021/3076, दिनांक 26.10.2021 मण्‍डी समिति मंगरौनी को प्राप्‍त हुआ। जनपद पंचायत नरवर जिला शिवपुरी में दिनांक 27.10.2021 को आयोजित समीक्षा बैठक में सचिव मण्‍डी समिति मंगरौनी उपस्थित हुये और पत्र क्रमांक/मण्‍डी/21-22/255/दिनांक 27.10.2021 से प्रश्‍नकर्ता को जानकारी उपलब्‍ध करायी गयी। जनवरी 2021 से प्रश्‍न दिनांक तक 37ए की पर्ची 19094 एवं जारी अनुज्ञा पत्रों की संख्‍या 2147 है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र एक अनुसार है। (ख) मण्‍डी मंगरौनी में वर्तमान में 09 अधिकारी/कर्मचारी पदस्‍थ हैं। पदनाम अनुसार 01 सचिव. 05 सहायक उप निरीक्षक. 02 सहायक ग्रेड-3. एवं 01 भृत्‍य पदस्‍थ हैं, जिसमें दो कर्मचारी वर्तमान में निलंबित हैं। किसी भी कर्मचारी को मण्‍डी में अटैच नहीं किया गया है। एक कर्मचारी श्री बसंत कुशवाह, सहायक ग्रेड-3 मण्‍डी कौलारस को कार्य व्‍यवस्‍था की दृष्टि से प्रतिनियुक्ति पर पदस्‍थ हैं। (ग) मंगरौनी मण्‍डी में जनवरी 2020 से प्रश्‍न दिनांक तक निर्माण एवं विकास कार्य की सम्‍पूर्ण स्थिति की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र दो अनुसार है। (घ) प्रश्‍नकर्ता को चाही गई जानकारी उपलब्‍ध कराई गई है। मण्‍डी टैक्‍स चोरी कर व्‍यापारियों को लाभ पहुंचाने करोड़ों रूपये का शासन का घाटा करने संबंधी प्राप्‍त शिकायतों की जांच कराई जाकर गुणदोष के आधार पर नियमानुसार कार्यवाही की जाती है। शेष प्रश्‍न उदभूत नहीं होता है।

जय किसान फसल ऋण माफी योजना

[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]

4. ( *क्र. 616 ) श्री बाला बच्चन : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                                       (क) जय किसान फसल ऋण माफी के तीसरे चरण की कर्जमाफी से प्रदेश के कितने किसान वंचित हैं? जिलेवार संख्‍या बतावें। यह चरण कब तक प्रारंभ करके पूर्ण कर लिया जायेगा? द्वितीय चरण की शेष कर्जमाफी कब तक पूर्ण होगी? जिलेवार लंबित किसान संख्‍या, राशि सहित बतावें। (ख) इस संबंध में दिनांक 01.07.2020 से प्रश्‍न दिनांक तक कुल कितनी बैठकें हुईं? उनमें कौन-कौन सम्मिलित हुये, की जानकारी बैठकवार देवें। (ग) दिनांक 01.07.2020 से 31.12.2021 तक आहूत विधान सभा सत्रों में जय किसान फसल ऋण माफी के जिन प्रश्‍नों में ''जानकारी एकत्र की जा रही है'' उत्‍तर दिया गया है?                                                 (घ) प्रश्‍नांश (ग) अनुसार उन प्रश्‍नों की जानकारी कब तक उपलब्‍ध करा दी जायेगी?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री कमल पटेल ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

अमानक पाये गये खाद बीज के प्रकरणों पर कार्यवाही

[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]

5. ( *क्र. 92 ) डॉ. सतीश सिकरवार : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) ग्वालियर जिले में वर्ष 2020-2021 तथा फरवरी 2022 तक कितने निजी उर्वरक एवं बीज विक्रेताओं के सेम्‍पल लिये गये? उनमें से कितने नमूने अमानक पाये गये? (ख) उक्त समय अवधि में अमानक पाये गये उर्वरक, बीज के प्रकरणों में व्यापारिक संस्थानों के खिलाफ क्या कार्यवाही की गई? फर्मों के नाम सहित जानकारी दी जावे। (ग) क्या उक्त अवधि में अमानक खाद बीज के प्रकरणों में विक्रेताओं के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज कराये गये? यदि नहीं, तो क्यों? पूर्ण जानकारी विक्रेताओं, फर्म के नाम, संचालकों के नाम सहित दी जावे। (घ) क्या अमानक, खाद, बीज, वाली विक्रेता कम्पनी के खिलाफ कार्यवाही के बाद पुनः विक्रेता कम्पनी परिवारजनों के नाम से नई संस्था रजिस्टर्ड करा लेते हैं और उसी प्रकार के अमानक खाद बीज अधिकारियों की सांठ-गांठ कर बेचने का काम जारी रखते हैं, क्यों? पूर्ण जानकारी दी जावे।

किसान कल्याण मंत्री ( श्री कमल पटेल ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 1 एवं 2 अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 3 एवं 4 अनुसार है।                                              (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 5 एवं 6 अनुसार है। (घ) जी नहीं। उर्वरक (नियंत्रण) आदेश 1985 एवं बीज (नियंत्रण) 1983 में निहित प्रावधानों के अनुरूप ही विक्रय प्राधिकार पत्र जारी किये गये हैं। बीज (नियंत्रण) आदेश 1983 के खण्‍ड 5 तथा उर्वरक (नियंत्रण) आदेश 1985 के खण्‍ड 9 में प्रावधान अनुसार संस्‍था/व्‍यक्ति के बीज लायसेंस/विक्रय प्राधिकार पत्र निरस्‍त होने अथवा आवश्‍यक वस्‍तु अधिनियम 1955 के अधीन अन्‍य आदेशों के उल्लंघन सिद्ध पाये जाने पर तीन वर्ष तक पुन: नवीन लायसेंस/प्राधिकार पत्र जारी नहीं किया जा सकता। उक्‍त प्रावधानों में व्‍यक्ति/संस्‍था का उल्‍लेख है, परिवार के सदस्‍यों को लायसेंस/प्राधिकार पत्र जारी न किये जाने संबंधी प्रावधान उपलब्‍ध नहीं हैं। जिले में बीज (नियंत्रण) आदेश 1983 तथा उर्वरक (नियंत्रण) आदेश 1985 के प्रावधानों का पालन कर विक्रय लायसेंस/प्राधिकार पत्र जारी किये गये हैं तथा प्रावधानों के अनुरूप अमानक प्रकरणों पर कार्यवा‍हियां की गई हैं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

प्रधानमंत्री आवास योजना का क्रियान्‍वयन

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

6. ( *क्र. 173 ) श्री रामपाल सिंह : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                                               (क) प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) सर्वे सूची 2011 में रायसेन जिले में कितने व्‍यक्तियों के नाम थे? उनमें से कितने व्‍यक्तियों के आवास स्‍वीकृत किये गये तथा किन-किन व्‍यक्तियों के नाम किसने क्‍यों काट दिये? (ख) जिन व्‍यक्तियों के नाम काटे गये हैं, उनके नाम काटने से पूर्व सूचना पत्र क्‍यों नहीं दिया गया तथा बिना किसी सूचना के उक्‍त व्‍यक्तियों के नाम किसने काटे, उसके विरूद्ध विभाग क्‍या-क्‍या कार्यवाही करेगा? (ग) प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) आवास प्‍लस की सूची में रायसेन जिले में कितने व्‍यक्तियों के नाम जोड़े गये? विकासखण्‍डवार संख्‍या बतायें तथा उनको कब तक आवास हेतु राशि दी जायेगी? (घ) प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) आवास प्‍लस की सूची में ग्राम पंचायत द्वारा नाम जोड़ने के बाद भी अनेक हितग्राहियों के नाम ऑनलाईन नहीं दिख रहे हैं, इस संबंध में विभाग के अधिकारियों द्वारा क्‍या-क्‍या कार्यवाही की जा रही है?

पंचायत मंत्री ( श्री महेन्‍द्र सिंह सिसौदिया ) : (क) जानकारी प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के पोर्टल pmayg.nic.in पर उपलब्‍ध है। (ख) उपरोक्‍त सूची में से भारत सरकार के दिशा निर्देशों के अनुक्रम में जिले द्वारा गठित अधिकारी/कर्मचारियों के दल ने नाम काटे गये। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ग) प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण आवास प्‍लस की सूची में रायसेन जिले में 81493 व्‍यक्तियों के नाम जोड़े गये। पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है तथा भारत सरकार से लक्ष्‍य एवं निर्देश प्राप्‍त होने पर नियमानुसार आवास दिये जा सकेंगे। (घ) जी हाँ, इस संबंध में भारत सरकार को पत्र लिखे गये।

उवर्रक बीज एवं दवाइयों की कालाबाजारी

[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]

7. ( *क्र. 579 ) श्री लाखन सिंह यादव : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) ग्वालियर एवं मुरैना जिले में उर्वरक, बीज, दवाइयों के विक्रय हेतु किस-किस व्यापारी या दुकान संचालक/डीलर को दिनांक 01 फरवरी, 2022 की स्थिति में लाइसेंस स्वीकृत हैं? उनका नाम, विक्रय स्थान का पता तथा किस दिनांक से किस दिनांक तक लाइसेंस की स्वीकृति है? पूर्ण विवरण दें। इन डीलरों/दुकान संचालकों एवं व्यापारियों में ऐसे कौन-कौन हैं, जिनकी लाइसेंस की अवधि समाप्त होने के बाद भी वह लगातार बिक्री कर रहे हैं? उनका नाम, फर्म/दुकान संचालकों का पता सहित पूर्ण विवरण दें। उनके विरुद्ध दंडात्मक कार्यवाही न करने का क्या कारण है? इसके लिए कौन-कौन कर्मचारी/अधिकारी दोषी हैं? उनका नाम, पद सहित पूर्ण विवरण दें। क्या अब ऐसे दोषी कर्मचारियों/अधिकारियों एवं दुकान संचालकों के विरुद्ध कोई दंडात्मक कार्यवाही की जावेगी? यदि हाँ, तो क्या और कब तक? यदि नहीं, तो क्यों? (ख) ग्वालियर एवं मुरैना जिले में किसानों द्वारा और उर्वरक, बीज एवं पौध संरक्षण दवा व्‍यापारियों/डीलरों के विरूद्ध कालाबाजारी की कितनी शिकायतें, दिनांक 01 जुलाई, 2021 से प्रश्‍न दिनांक तक प्राप्‍त हुई? किन-किन व्यापारियों के विरूद्ध क्या-क्या कार्यवाही की गई, उसकी जानकारी एवं जिन व्यापारियों/डीलरों के विरूद्ध कोई कार्यवाही नहीं की गई, उसके क्या कारण रहे?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री कमल पटेल ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 1 अनुसार है। ग्‍वालियर एवं मुरैना जिले में उर्वरक, बीज एवं पौध संरक्षण दवा के लाइसेंसधारी कारोबारियों की लाइसेंस अवधि समाप्‍त होने के बाद उर्वरक, बीज एवं पौध संरक्षण दवा के विक्रय किये जाने संबंधी प्रकरण नहीं पाया गया है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 2 अनुसार है।

बैहर विधानसभा क्षेत्रांतर्गत सरोवर निर्माण

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

8. ( *क्र. 271 ) श्री संजय उइके : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या जिला बालाघाट की बैहर विधानसभा क्षेत्रांतर्गत जनपद पंचायत बिरसा के अंतर्गत ग्राम पंचायत बीजाटोला के ग्राम बखारीकोना में मुख्यमंत्री ग्राम सरोवर योजनांतर्गत (सिंचाई निस्तार) सरोवर निर्माण कार्य स्वीकृत किया गया था? (ख) यदि हाँ, तो प्रश्‍नकर्ता के अतारांकित प्रश्‍न क्र. 152 के उत्तर दिनांक 09 अगस्त, 2021 के अनुसार सरोवर निर्माण कार्य जून तक पूर्ण कराने का आश्‍वासन दिया गया था, तो किन कारणों से कार्य प्रारंभ नहीं किया जा सका है? (ग) दिनांक 01.10.2018 को तालाब निर्माण कार्य प्रारंभ करने के उपरांत वन विभाग की आपत्ति के बाद निर्माण कार्य बंद किया गया था, उसके उपरांत वन विभाग की आपत्ति के निराकरण के बाद पुन: दिनांक 22.05.2019 को निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया गया था, किंतु आवंटन के अभाव एवं वैश्विक महामारी (कोविड-19) के कारण निर्माण कार्य बंद कर दिया गया है? उक्त कार्य कब प्रारंभ किया जावेगा एवं बजट आवंटन कब तक किया जावेगा?

पंचायत मंत्री ( श्री महेन्‍द्र सिंह सिसौदिया ) : (क) जी हाँ। (ख) कार्य हेतु राशि का अभाव होने से कार्य यथास्थिति बंद है। (ग) जी हाँ। बजट की उपलब्‍धता अनुसार कार्य प्रारंभ किया जावेगा एवं बजट आवंटन हेतु निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

अशासकीय पॉलीटेक्निक एवं इंजीनियरिंग महाविद्यालयों में शासन द्वारा निर्धारित फीस से अधिक फीस ली जाना

[तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोज़गार]

9. ( *क्र. 283 ) श्री ग्‍यारसी लाल रावत : क्या खेल एवं युवा कल्याण मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) बड़वानी जिले में राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्‍वविद्यालय से कौन-कौन से अशासकीय पॉलीटेक्निक एवं इंजीनियरिंग म‍हाविद्यालय संबद्ध हैं? (ख) प्रश्‍नांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में किन-किन अशासकीय पॉलीटेक्निक एवं इंजीनियरिंग कॉलेज में शासन द्वारा निर्धारित शुल्‍क से अधिक राशि लिए जाने की शिकायत मिली है? यदि हाँ, तो शासन द्वारा कितनी-कितनी फीस                 किस-किस वर्ष में निर्धारित की गई और कितनी अधिक फीस लेने की शिकायत प्राप्‍त हुई?                                                     (ग) प्रश्‍नांश (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में वर्ष 2019-20 से 2021-22 तक कौन-‍कौन से अशासकीय पॉलीटेक्निक एवं इंजीनियरिंग महाविद्यालय की शिकायतें प्राप्‍त हुई और उनके खिलाफ प्रश्‍न दिनांक की स्थिति में क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई हैं? यदि नहीं, तो क्‍यों?

खेल एवं युवा कल्याण मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) बड़वानी जिले में राजीव गॉंधी प्रौद्योगिकी विश्‍वविद्यालय से दो पॉलीटेक्निक, एक फार्मेसी एवं एक इंजीनियरिंग महाविद्यालय संबंद्ध है, जो निम्‍नानुसार है :- 1. बालाजी इंस्‍टीट्यूट ऑफ टेक्‍नोलॉजी, करवान, बड़वानी (पॉलीटेक्निक)।                2. ग्‍लोबल इंस्‍टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एण्‍ड साईंस, निवाली रोड, ग्राम चाटली, सेंधवा, बड़वानी (पॉलीटेक्निक एवं इंजीनियरिंग)। 3. स्‍व. के.एल. पाण्‍डे स्‍कूल ऑफ फार्मेसी, 2449/9 निवाली रोड, ग्राम चाटली, सेंधवा, बड़वानी (फार्मेसी)। (ख) एवं (ग) जी नहीं। शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

सामुदायिक भवन निर्माण योजना पुनः प्रारंभ की जाना

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

10. ( *क्र. 624 ) श्री सूबेदार सिंह सिकरवार रजौधा : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या यह सत्य है कि विभाग द्वारा ग्राम पंचायतों में सामुदायिक भवनों के निर्माण कराये गये हैं? क्‍या वर्तमान में सामुदायिक भवन निर्माण योजना बंद या शिथिल कर दी गयी है? यदि हाँ, तो क्यों? यदि नहीं, तो वर्तमान में सामुदायिक भवन निर्माण क्यों नहीं करवाए जा रहे हैं? (ख) जिला मुरैना की विधानसभा क्षेत्र जौरा में वर्ष 2017-18 से प्रश्‍न दिनांक तक कितने सामुदायिक भवनों का निर्माण कराया गया और कितनी राशि व्‍यय की गयी है? सामुदायिक भवन निर्माण योजना जन सुविधा की दृष्टि से उपयोगी थी? क्‍या इसे पुन: प्रारंभ किया जा सकेगा?                                             (ग) विधानसभा जौरा में किस-किस ग्राम पंचायत में प्रश्‍नांश (ख) की अवधि में सामुदायिक भवनों का निर्माण कराया गया? पंचायतवार राशि व्यय का ब्‍यौरा बतावें।  

पंचायत मंत्री ( श्री महेन्‍द्र सिंह सिसौदिया ) : (क) जी हाँ। जी नहीं। शेष प्रश्‍नांश उपस्थित नहीं होता है। (ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। उत्‍तरांश 'अनुसार शेष प्रश्‍नांश उपस्थित नहीं होता है। (ग) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है।

परिशिष्ट - "एक"

अनुदान योजनाओं एवं बलराम तालाब की स्वीकृति

[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]

11. ( *क्र. 585 ) श्री सुनील उईके : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) किसान हितग्राहियों को शासन द्वारा किन-किन योजनाओं पर अनुदान की कितनी-कितनी राशि का प्रावधान है? इन योजनाओं में ट्रायबल ब्लॉक के कितने हितग्राही जो आदिवासी हैं, लाभान्वित हुए हैं, विगत दो वर्षों का लक्ष्य एवं उपलब्धियों की जानकारी प्रदाय करें। (ख) आदिवासी ब्लॉक में कितने-कितने एफ.पी.. के गठन का प्रस्ताव है एवं वर्तमान में कितने संचालित हो रहे हैं? स्थान एवं सदस्‍य संख्या की जानकारी देवें। (ग) एफ.पी.ओ. गठन हेतु क्या कृषि विभाग की गाईड लाईन है, तो उसकी जानकारी देने की कृपा करें। (घ) क्या जिले में बलराम तालाबों की स्वीकृति, जिनके पास ड्रिप स्प्रिंगलर है, साथ ही पोर्टल पर दर्ज है, उनको ही यह सुविधा दी जा रही है? बलराम तालाबों की सुविधा उन किसानों को मिलना चाहिये, जिनके पास सिंचाई की सुविधा नहीं है? क्या मंत्री जी इस पर विचार करेंगे कि‍ पूर्व की तरह ही बलराम तालाब योजना संचालित की जाये?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री कमल पटेल ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 1 एवं 2 अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 2 अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 3 अनुसार है। (घ) बलराम तालाब योजना की नवीन मार्गदर्शिका अनुसार उन्‍हीं कृषकों को योजना का लाभ दिया जा रहा है, जिनके पास विभाग द्वारा संचालित किसी भी योजना के माध्‍यम से वर्ष 2017-18 एवं उसके पश्‍चात ड्रिप या स्प्रिंकलर सेट स्‍थापना की गई हो, में विभागीय संशोधित परिपत्र क्रमांक/44/2022/FWAD, दिनांक 24.02.2022 के द्वारा बलराम तालाब योजना क्रियान्‍वयन हेतु जारी किया गया है।

खेत, तालाब मेढ़ बंधान

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

12. ( *क्र. 581 ) श्री जालम सिंह पटैल : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) ग्राम पंचायत अमथनु, ग्राम पंचायत उमरिया (चिनकी), जनपद पंचायत करेली जिला नरसिंहपुर में विगत 7 वर्षों में कितने खेत, तालाब, मेढ़ बंधान बनाये गये हैं? नामवार जानकारी प्रदान करें। (ख) कितनी ग्राम पंचायतों में कितने खेत, तालाब, मेढ़ बंधान पूर्ण हो चुके हैं, कितने तालाब अधूरे हैं? कब तक पूर्ण कर लिये जावेंगे? (ग) क्या प्रश्‍नकर्ता सदस्य द्वारा दिनांक 8 फरवरी, 2022 को ग्राम पंचायत अमथनु एवं उमरिया (चिनकी) जिला नरसिंहपुर में खेत, तालाब, मेढ़ बंधान में भ्रष्टाचार किये जाने के संबंध में पत्र लिखा था? यदि हाँ, तो उस पत्र पर क्या कार्यवाही की गई? विस्तृत जानकारी से अवगत कराएं। (घ) क्या ग्रामीणों एवं हितग्राहियों द्वारा उक्त‍ तालाब में भ्रष्टाचार की शिकायत की गई है? यदि हाँ, तो किस दिनांक को की गई है, अगर शिकायत की गई, तो क्या जांच की गई? क्या भ्रष्टाचार करने वाले अधिकारियों कर्मचारियों पर अनुशासनात्मक कार्यवाही की गई? यदि नहीं, तो कब तक कार्यवाही की जावेगी?

पंचायत मंत्री ( श्री महेन्‍द्र सिंह सिसौदिया ) : (क) ग्राम पंचायत अमथनु, ग्राम पंचायत उमरिया (चिनकी), जनपद पंचायत करेली जिला नरसिंहपुर में विगत 7 वर्षों में 91 खेत तालाब, मेढ़ बंधान निर्माण कार्य स्‍वीकृत किये गये। नामवार जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जनपद पंचायत करेली अंतर्गत 64 ग्राम पंचायतों में 196 खेत तालाब, 1381 मेंढ़ बंधान पूर्ण हो चुके हैं, 23 तालाब अधूरे हैं। योजना माँग आधारित होने से इच्छुक जॉबकार्डधारी श्रमिकों द्वारा काम की माँग किये जाने पर कार्यों की पूर्णता निर्भर होने के कारण कार्य पूर्ण होने की निश्चित समय-सीमा बतलाया जाना संभव नहीं है। (ग) जी हॉं। ग्राम पंचायत अमथनु में निर्माण कार्यों में वित्‍तीय अनियमितता पाये जाने पर रूपये 1,32,782/- की वसूली अधिरोपित की गई। क्रियान्वयन एजेन्सी, सरपंच, सचिव व जी.आर.एस. पर बराबर भाग में विभाजित कर उक्त राशि वसूल कर जिला पंचायत के नोडल खाते में जमा करायी है। ग्राम पंचायत उमरिया (चिनकी) में खेत तालाब व मेढ़ बंधान निर्माण कार्य पर की अनियमितता में ग्राम प्रधान व ग्राम रोजगार सहायक से रुपये 1,28,385/- की वसूली अधिरोपित कर राशि जमा करायी गयी। इस तरह उक्त दोनों पंचायतों में राशि रूपये 2,61,167/- की वसूली की कार्यवाही की गई है। (घ) जी हाँ, ग्राम पंचायत उमरिया (चिनकी) की माननीय प्रश्‍नकर्ता सदस्‍य के माध्‍यम से दिनांक 25.02.2021 को शिकायत प्राप्‍त। शिकायत पर कार्यवाही की जानकारी उत्‍तरांश '' अनुसार होने से शेष प्रश्‍न उत्‍पन्‍न नहीं होता है।

परिशिष्ट - "दो"

बालाघाट जिले में कराधान की राशि के संबंध में

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

13. ( *क्र. 711 ) कुमारी हिना लिखीराम कावरे : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या कार्यालय जिला पंचायत बालाघाट के पत्र क्रमांक 6325/जि.पं./प प्रको./2019-20 दिनांक 15.11.2019 द्वारा ऐसी ग्राम पंचायतों जिनमें बिना कराधान की वृद्धि किए 14वें वित्‍त आयोग परफार्मेंस ग्रान्‍ट 2017-18 के अंतर्गत जारी की गयी राशि पर रोक लगायी गयी थी? यदि हाँ, तो क्‍या यह सही है कि विकासखण्‍ड लांजी तथा किरनापुर को छोड़कर समस्‍त विकासखण्‍डों में नियम विरूद्ध तरीके से राशि का आहरण कर लिया गया? यदि हाँ, तो क्‍या शासन इसकी विस्‍तृत जांच कराकर दोषियों पर कार्यवाही करेगा? (ख) किन लोगों के द्वारा गलत जानकारी देकर बिना कराधान में वृद्धि किये परफार्मेंस ग्रान्‍ट की राशि गलत तरीके से स्‍वीकृत की गयी, उन पर शासन क्‍या कार्यवाही करेगा? (ग) क्‍या प्रश्‍नकर्ता विधायक द्वारा मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत बालाघाट तथा आयुक्‍त पंचायत राज संचालनालय, भोपाल को लांजी तथा किरनापुर विकासखण्‍ड की राशि पर लगी रोक हटाने कोई पत्र लिखा गया था? यदि हाँ, तो उस पर अभी तक क्‍या कार्यवाही हुई है? (घ) क्‍या शासन किरनापुर तथा लांजी विकासखण्‍डों पर लगी हुई रोक हटाएगा?

पंचायत मंत्री ( श्री महेन्‍द्र सिंह सिसौदिया ) : (क) जी हाँ, कार्यालय जिला पंचायत बालाघाट के पत्र क्रमांक 6325/जि.पं./प प्रको./2019-20, दिनांक 15.11.2019 द्वारा ऐसी ग्राम पंचायतों जिनमें बिना कराधान की वृद्धि किए 14वें वित्‍त आयोग परफार्मेंस ग्रान्‍ट 2017-18 के अंतर्गत 98 ग्राम पंचायतों में जारी की गई राशि में से परीक्षण उपरांत 33 ग्राम पंचायतों की राशि पर रोक लगाई गई है, जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। जी नहीं, उपरोक्‍तानुसार किसी भी ग्राम पंचायत द्वारा उक्‍त राशि नियम विरूद्ध आहरण नहीं किया गया है। शेष प्रश्‍नांश उपस्थित नहीं होता है।                       (ख) कार्यालयीन आदेश क्रमांक/1095/पंचा.प्रको./जि.पं./2022 बालाघाट दिनांक 25.02.2022 के अनुसार जिला स्‍तरीय जांच दल का गठन किया गया है। जांच में पाये जाने वाले गुणदोष के आधार पर आगामी कार्यवाही की जावेगी। (ग) जी हाँ, उक्‍त आदेशानुसार गठित जिला स्‍तरीय जांच दल से प्राप्‍त प्रतिवेदन के गुणदोष के आधार पर आगामी कार्यवाही की जावेगी। (घ) जिला स्‍तरीय जांच दल के प्रतिवेदन के आधार पर नियमानुसार उचित निर्णय लिया जावेगा।

रजिस्टर्ड बेरोजगारों की जानकारी

[तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोज़गार]

14. ( *क्र. 657 ) श्री प्रताप ग्रेवाल : क्या खेल एवं युवा कल्याण मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) वर्ष 2019 से प्रश्‍न दिनांक तक धार जिले में कितने बेरोजगार रजिस्टर्ड हैं? विधानसभावार जानकारी देवें। (ख) उपरोक्त में से कितने बेरोजगार एक वर्ष या उससे अधिक अवधि से रजिस्टर्ड हैं? (ग) वर्ष 2019 से प्रश्‍न दिनांक तक जिले में कितने बेरोजगारों को रोजगार उपलब्ध कराया गया? (घ) क्या सरकार ने जिले के बेरोजगारों की सहायता/मार्गदर्शन के लिए कोई योजना चलाई है? यदि हाँ, तो उपरोक्त अवधि में कितने बेरोजगारों को सहायता/मार्गदर्शन दिया गया?                                       (ङ) क्या विभागों में होने वाली नवीन नियुक्ति में रोजगार कार्यालय का जीवित पंजीयन आवश्यक है? यदि नहीं, तो क्यों?

खेल एवं युवा कल्याण मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) प्रश्‍न अवधि में धार जिले में 64870 आवेदक रजिस्‍टर्ड है। विधानसभावार जानकारी संधारित नहीं की जाती है। (ख) एक वर्ष या उससे अधिक अवधि से पंजीकृत आवेदकों की संख्‍या 61689 है। (ग) प्रश्‍न अवधि में धार जिले में 7428 आवेदकों को निजी क्षेत्र में नियुक्ति हेतु ऑफर लेटर प्रदान किये गये। (घ) जी हाँ। 1500 बेरोज़गार आवेदकों को केरियर कॉउन्सिलिंग योजना से सहायता/मार्गदर्शन दिया गया। (ड.) जी हाँ।

पेसा कानून 1996 के अनुसार नियम बनाए जाना

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

15. ( *क्र. 820 ) श्री ब्रह्मा भलावी : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                                                         (क) क्‍या यह सही है कि पेसा कानून 1996 के अनुसार नियम बनाए जाने के संबंध में प्रमुख सचिव श्री उमाकान्‍त उमरांव जी ने मई-जून 2021 में बैठक आयोजित की? (ख) यदि हाँ, तो बैठक कि‍स-किस दिनांक को किस स्‍थान पर आयोजित की गई? बैठक में किस-किस विभाग के किस अधिकारी ने भाग लिया, किस-किस विषय पर विभागीय स्थिति को बैठक में रखा गया? प्रति सहित बतावें। (ग) पेसा कानून 1996 राज्‍य में किस दिनांक से लागू किया गया, उसके अनुसार किस कानून की किस धारा एवं किस नियम में किस-किस दिनांक को क्‍या-क्‍या संशोधन अधिसूचित किया गया। (घ) 1996 में लागू पेसा कानून के तहत प्रश्‍नांकित दिनांक तक नियम नहीं बनाए जाने का क्‍या कारण रहा है, वर्तमान में बनाए जा रहे नियम कब तक अधिसूचित किए जावेंगे?

पंचायत मंत्री ( श्री महेन्‍द्र सिंह सिसौदिया ) : (क) जी हाँ। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) भारत सरकार द्वारा दिनांक 24.12.1996 को पेसा अधिनियम अधिसूचित किया गया था। राज्‍य शासन द्वारा कोई संशोधन अधिसूचित नहीं किया है। (घ) विभिन्‍न विभागों के अधिनियमों व नियमों का परीक्षण, समिति का गठन, विभिन्‍न राज्‍यों के नियमों का अध्‍ययन तथा विषय विशेषज्ञों से विचार-विमर्श प्रक्रियारत रहने से अंतिम रूप नहीं दिया जा सका है। समय-सीमा बताना संभव नहीं है।

श्रेष्ठ खिलाड़ियों को सरकारी नौकरियां

[खेल एवं युवा कल्याण]

16. ( *क्र. 5 ) श्री यशपाल सिंह सिसौदिया : क्या खेल एवं युवा कल्याण मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) दिनांक 01 जनवरी, 2010 के पश्चात प्रश्‍न दिनांक तक प्रदेश में कुल कितने श्रेष्ठ खिलाड़ियों को सरकारी नौकरियां दी गईं? सूची उपलब्ध कराएं। (ख) क्या प्रदेश में सरकारी नौकरियों में राष्ट्रीय तथा अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ियों को प्रदेश की सरकारी नौकरियों में लिखित परीक्षा में 10 अंक का बोनस दिए जाने की प्रक्रिया प्रचलन में है? यदि हाँ, तो वर्तमान स्थि‍ति से अवगत कराएं? (ग) क्या प्रदेश के श्रेष्ठ राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ी अपने भविष्य की चिंता को देख प्रतिभा के बावजूद खेल छोड़ रहें हैं, इसका आकलन विभाग द्वारा कब-कब किया गया तथा उसके क्या परिणाम रहे? यदि आकलन नहीं किया गया तो क्यों?

खेल एवं युवा कल्याण मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी नहीं। विभागीय अन्‍तर्राष्‍ट्रीय एवं राष्‍ट्रीय पदक विजेता खिलाड़ी पुरस्‍कार एवं प्रोत्‍साहन नियम 2019 के तहत अधिकृत राष्‍ट्रीय और अंतर्राष्‍ट्रीय स्‍तर के खिलाड़ि‍यों को पदक प्राप्ति पर नकद पुरस्‍कार एवं सम्‍मान निधि देने का प्रावधान है। इसके अतिरिक्‍त गृह विभाग में उत्कृष्ट खिलाड़ियों की नियुक्ति नियम 2021 के तहत नियमों में निर्धारित प्रावधानों के अंतर्गत आरक्षक अथवा उपनिरीक्षक के पद पर सीधे नियुक्ति का भी प्रावधान है। उपरोक्‍त परिप्रेक्ष्‍य में आकलन करने की आवश्‍यकता नहीं है।

कोरोना काल में गणवेश वितरण में अनियमितता की जांच

[स्कूल शिक्षा]

17. ( *क्र. 1026 ) श्री पाँचीलाल मेड़ा : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) माननीय राज्‍यपाल मध्‍यप्रदेश द्वारा विधानसभा में दिनांक 22 फरवरी, 2021 को दिए गए अभिभाषण के बिंदु क्र. 64 में यह उल्‍लेख किया गया था कि मेरी सरकार द्वारा कोरोना महामारी के दौरान शिक्षा में आई बाधाओं को दूर करते हुए अब पढ़ाई नहीं रूकेगी थीम पर एक अप्रैल 2020 से रेडियो स्‍कूल शुरू किया गया? हमारा विद्यालय योजना शुरू कर कक्षा 1 से 12 तक के विद्यार्थियों के लिए प्रतिदिन की पढ़ाई संबंधी समय-सारणी मुद्रित कर उपलब्‍ध करवाई गई? शासकीय स्‍कूलों में अध्‍ययनरत छात्र-छात्राओं को दो जोड़ी गणवेश इस वर्ष स्‍व-सहायता समूह के माध्‍यम से उपलब्‍ध करवाए जा रहे हैं? (ख) यदि हाँ, तो कोरोना काल के दौरान दिनांक 01 अप्रैल, 2020 से रेडियो स्‍कूल एवं हमारा घर, हमारा विद्यालय योजना शुरू की गई, जब विद्यालय खुले ही नहीं एवं छात्र/छात्राएं घर बैठ कर पढ़ाई कर रहे हैं तो ऐसी स्थिति में स्‍कूल ड्रेसों का कहां वितरण किया गया एवं कितने की राशि की स्‍कूल ड्रेस का वितरण किया गया है? (ग) क्‍या गणवेश वितरण में व्‍यापक स्‍तर पर आर्थिक अनियमितता की गयी है? यदि नहीं, तो क्‍या इसकी उच्‍च स्‍तरीय जांच कराई जायेगी? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्‍यों?

राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) जी हाँ। कक्षा 1 से 8वीं तक के लिए रेडियो स्कूल शुरू किया गया है। कक्षा 9वीं से 12वीं के लिए रेडियो स्कूल शुरू नहीं किया गया। कक्षा 9वीं से 12वीं के लिए हमारा घर हमारा विद्यालय के तहत समय सारिणी विद्यालय द्वारा अपने स्तर से फोटो कॉपी करवाकर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए थे। जी हाँ। (ख) स्व-सहायता समूह के माध्यम से गणवेश तैयार कर शाला प्रबंध समिति को उपलब्ध कराई गई। शाला प्रबंधन समिति के द्वारा कोविड-19 प्रोटोकाल का पालन करते हुये गणवेश वितरण छात्रों को किया गया। जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) जी नहीं, अपितु गणवेश वितरण के संबंध में प्राप्त शिकायतों की जाँच हेतु स्व-सहायता समूह के नियंत्रणकर्ता विभाग को जाँच कर आवश्यक कार्यवाही करने हेतु लेख किया जाता है। उक्त स्थिति में उच्च स्तरीय जाँच की आवश्यकता प्रतीत नहीं होती है। अतः शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - "तीन"

किसानों को निर्धारित दर से अधिक दर पर बीजों का वितरण

[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]

18. ( *क्र. 744 ) श्री कुणाल चौधरी : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) इन्‍दौर संभाग में सीमांत और लघु किसानों हेतु वर्ष 2017-18 से 2021-22 में बीज वितरण की कौन-कौन सी योजनाएं संचालित हैं? उक्‍त योजनाओं के भौतिक-वित्‍तीय लक्ष्‍य एवं उपलब्धि की जानकारी देवें। (ख) प्रश्‍नांश (क) में उल्‍लेखित किन योजनाओं में हितग्राहियों का चयन एवं क्रियान्‍वयन नियमानुसार नहीं किया गया तथा किस जिले में किन-किन योजनाओं का भौतिक सत्‍यापन/निरीक्षण अधिकारियों द्वारा नहीं किया गया? (ग) प्रश्‍नांश (क) में उल्‍लेखित किस-किस जिले में किन योजनाओं में बीज का वितरण खरीफ और रबी फसलों के लिये एक माह से चार माह बाद लगभग सीजन समाप्‍त होने पर किया गया तथा किन-किन योजनाओं में विभाग द्वारा निर्धारित दरों से अधिक दरों पर बीज किस-किस एजेंसी से कितनी मात्रा में प्रदाय आदेश दिये गये? इससे शासन पर कितना अतिरिक्‍त वित्‍तीय भार पड़ा? (घ) क्‍या बीज वितरण के पूर्व बीज परीक्षण के परिणाम प्राप्‍त किये जाने चाहिये? यदि हाँ, तो बतावें कि प्रश्‍नांश (क) में उल्‍लेखित योजनाओं में वर्ष 2017-18 से 2021-22 तक में बीज वितरण के काफी दिनों बाद परीक्षण के परिणाम प्राप्‍त हुए तथा इनमें कितने नमूने अमानक पाये गये? (ड.) प्रश्‍नांश (ख) से (घ) के लिए जिम्‍मेदार अधिकारियों की सूची तथा की गई कार्यवाही से अवगत करावें।

किसान कल्याण मंत्री ( श्री कमल पटेल ) : (क) से (ड.) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

अध्यापक संवर्ग की वरिष्ठता के संबंध में

[स्कूल शिक्षा]

19. ( *क्र. 550 ) श्री अजय कुमार टंडन : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जुलाई 2018 से स्कूल शिक्षा विभाग में राज्य शिक्षा सेवा का गठन किया गया है, इसमें नियुक्त किए गए अध्यापक संवर्ग के 3 लाख कर्मचारियों को सेवा अवधि की गणना में वरिष्ठता नियुक्ति दिनांक से मान्य करते हुए लाभ दिया जा रहा है? (ख) क्या शिक्षाकर्मियों और संविदा शाला शिक्षकों को 2007 में अध्यापक संवर्ग का गठन किया गया था, तो उनकी सेवाओं को निरंतरता में मान्य करते हुए क्रमोन्नति, पदोन्नति, वरिष्ठता हेतु सेवा अवधि की गणना नियुक्ति दिनांक से मान्य की गई है? (ग) क्या नवीन संवर्ग में वरिष्ठता नियुक्ति दिनांक से मान्य न करने से इन लोगों को क्रमोन्नति ग्रेच्युटी आदि नुकसान हो रहे हैं तथा भविष्य में सेवानिवृत्ति पर कई प्रकार के नुकसान होंगे? इस नुकसान का जिम्मेदार कौन होगा? (घ) क्या प्रश्‍नांश (क) में उल्लेखित अध्यापक संवर्ग के लिए नियुक्ति दिनांक से वरिष्ठता देने पर सरकार विचार कर रही है? यदि हाँ, तो आदेश किस दिनांक तक जारी होंगे?

राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) ''मध्यप्रदेश राज्य स्कूल शिक्षा सेवा (शैक्षणिक संवर्ग), सेवा शर्तें एवं भर्ती नियम, 2018'' के अनुसार नवीन संवर्ग में नियुक्त लोक सेवकों की वरिष्ठता इन नियमों के नियम-17 अनुसार प्रावधानित है। (ख) जी हाँ। (ग) मध्यप्रदेश शासन स्कूल शिक्षा विभाग के पत्र क्रमांक एफ 1-14/2019/20-1 भोपाल, दिनांक 20.07.2019 की कंडिका 3 अनुसार नवीन संवर्ग में नियुक्त लोकसेवकों की पदोन्नति/क्रमोन्नति हेतु उनके द्वारा अध्यापक संवर्ग में की गई सेवा को गणना में लिया जाना प्रावधानित है। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) उत्तरांश '''' एवं '''' के प्रकाश में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

निर्माण कार्यों की जानकारी

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

20. ( *क्र. 1041 ) श्री उमाकांत शर्मा : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                                       (क) वर्ष 2019-20 से प्रश्‍नांकित दिनांक तक पंचायत राज संचालनालय से किन योजनाओं से कितने निर्माण कार्यों हेतु कितनी राशि विदिशा जिले को उपलब्‍ध कराई गई है? योजनावार, ग्रामपंचायत, विकासखण्‍डवार, वर्षवार जानकारी उपलब्‍ध करावें। स्‍वीकृति के नियम निर्देशों की छायाप्रति उपलब्‍ध करावें। (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में उक्‍त उपलब्‍ध कराई गई राशि से विकासखण्‍ड एवं ग्राम पंचायतों द्वारा कौन-कौन से निर्माण कार्य कराये गये हैं? क्‍या निर्माण कार्य निर्धारित मापदण्‍डों के अनुसार कराये गये हैं? यदि हाँ, तो बतलावें। यदि नहीं, तो किन-किन ग्राम पंचायतों में निर्धारित मापदण्‍डों का पालन नहीं किया गया है एवं दोषियों पर क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई है? (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के संदर्भ में पंचायतराज संचालनालय द्वारा उपलब्‍ध कराई गई राशि का उपयोग किया गया है तथा कितनी राशि का उपयोग अभी कार्य एजेन्सियों द्वारा नहीं किया गया है? इन कार्यों की जांच कब-कब की गई है? जांच निर्धारित मापदण्‍डों के पालन न करने हेतु कौन-कौन से विकासखण्‍ड व ग्राम पंचायतों के कौन-कौन व्‍यक्ति दोषी पाये गये हैं? इनके विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की गई है? यदि कार्यवाही नहीं की गई है तो क्‍यों? कब तक की जावेगी। (घ) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में दिनांक 01 अप्रैल, 2019 से प्रश्‍नांकित दिनांक तक जिला पंचायत विदिशा द्वारा कौन-कौन से निर्माण कार्यों के प्रस्‍ताव पंचायतराज संचालनालय को प्राप्‍त हुये एवं उनकी स्‍वीकृति कब-कब की गई है तथा अद्यतन स्थिति भी बतलावें। (ड.) वित्‍तीय वर्ष 2021-22 पंचायतराज संचालनालय में किस-किस मद में कितनी राशि उपलब्‍ध है एवं उपलब्‍ध बजट में से कितने राशि के कार्य स्‍वीकृत कर दिये गये हैं एवं कितनी राशि शेष है? मदवार जानकारी उपलब्‍ध करावें।

पंचायत मंत्री ( श्री महेन्‍द्र सिंह सिसौदिया ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के                         प्रपत्र- '''' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। कार्य निर्धारित मापदण्‍ड अनुसार कराया गया है। शेष प्रश्‍नांश उपस्थित नहीं होता है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। शेष प्रश्‍नांश उपस्थित नहीं होता है। (घ) जिला पंचायत विदिशा द्वारा निर्माण कार्यों हेतु पंचायत राज संचालनालय को कोई भी प्रस्‍ताव प्राप्‍त नहीं हुआ है। (ड.) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है।

खेल मैदान व खेल सुविधाएं

[खेल एवं युवा कल्याण]

21. ( *क्र. 404 ) श्री लखन घनघोरिया : क्या खेल एवं युवा कल्याण मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) पूर्व विधानसभा क्षेत्र जबलपुर में खिलाड़ियों को खेलने, प्रैक्टिस करने हेतु                   कहां-कहां पर कौन-कौन से इंडोर/आउटडोर, खेल मैदान, स्टेडियम हैं? खिलाड़ियों के लिये प्रैक्टिस करने, उन्हें प्रशिक्षित करने हेतु खेल सम्बंधी क्या-क्या सुविधाएं व संसाधन हैं? (ख) क्या इस क्षेत्र के खिलाड़ियों के लिये खेलने/प्रैक्टिस करने व राष्ट्रीय व अन्तर्राष्ट्रीय स्तर की खेल स्पर्धाएं आयोजित करने हेतु सर्व-सुविधायुक्त एक भी मैदान, स्टेडियम नहीं हैं? यदि हाँ, तो क्यों? इस सम्बंध में शासन की क्या योजना है? (ग) क्या कांचघर स्थित बर्न कम्पनी के मैदान में इस क्षेत्र के बच्चे खिलाड़ी फुटबॉल, हॉकी, क्रिकेट की प्रैक्टिस करते हैं, जिन्हें राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी प्रशिक्षण देते हैं? यदि हाँ, तो शासन ने इस खेल मैदान को राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय स्तर की खेल स्पर्धाओं के आयोजन हेतु सर्व-सुविधायुक्त स्टेडियम बनाने बाबत क्या योजना बनाई है? यदि नहीं, तो क्यों? (घ) क्या बर्न कम्पनी के उक्त खेल मैदान को वर्ष 2019 में सर्व-सुविधायुक्त बनाने हेतु राशि 2.20 करोड़ की घोषणा की गई थी, इसका भूमि पूजन भी हुआ था? यदि हाँ, तो इस खेल मैदान को बंद कराने का क्या कारण है? इसका विकास कब तक कराया जावेगा? यदि नहीं, तो क्यों?

खेल एवं युवा कल्याण मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) विभागीय स्वामित्व का पूर्व विधानसभा क्षेत्र जबलपुर में कोई भी इंडोर/आउटडोर खेल मैदान, स्टेडियम नहीं है। अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ख) जबलपुर शहर में विभाग के स्वामित्व का रानी दुर्गावती खेल परिसर, रानीताल इंडोर व आउटडोर खेल परिसर, रॉझी इंडोर व आउटडोर खेल परिसर, युवा भवन सेठी नगर, एम.एल.बी. खेल मैदान उपलब्ध है। इसके अलावा रांझी में अन्‍तर्राष्‍ट्रीय स्‍तर का सिंथेटिक एथलेटिक ट्रेक का निर्माण प्रगतिरत है तथा उपरोक्‍त उपलब्‍ध अन्‍य विभागीय स्‍टेडियम/खेल मैदानों का उन्‍नयन भी स्‍थानीय आवश्‍यकता के अनुरूप किया जा रहा है। (ग) जी हाँ। जी नहीं, मैदान का स्वामित्व खेल और युवा कल्याण विभाग का नहीं होने से कार्य योजना बनाने का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (घ) जी नहीं। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

जाति प्रमाण पत्र से संबंधित जानकारी

[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]

22. ( *क्र. 858 ) श्री संजय सत्येन्द्र पाठक : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या तारांकित प्रश्‍न क्रमांक 147, दिनांक 20 दिसम्‍बर, 2021 के प्रश्‍नांश (क), (ख), (ग) के उत्‍तर में (क) से (ग) की जानकारी एकत्रित की जा रही है, दिया गया है। यदि हाँ, तो एकत्रित जानकारी की प्रति उपलब्‍ध करायें और यह भी बतायें कि वित्‍तीय अनियमितता के दोषी अधिकारी को जिले का प्रभार देने के लिए कौन अधिकारी दोषी है? (ख) यदि प्रश्‍नांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में फर्जी जाति प्रमाण पत्र के संबंध में प्रकरण न्‍यायालय में लंबित होने के बाद भी संबंधित अधिकारी को भ्रष्‍टाचार कराने के लिए जिले में पदस्‍थ किया गया, जबक‍ि शासन के आदेशानुसार गंभीर अनियमितताओं के कारण स्‍वतंत्र प्रभार नहीं दिये जाने हेतु निर्देश हैं?                                                     (ग) प्रश्‍नांश (क), (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में इन्‍हें जिले के प्रभार से कब तक अलग किया जायेगा? यदि नहीं, तो क्‍यों?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री कमल पटेल ) : (क) जी हाँ। कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। प्रथम श्रेणी अधिकारी की पदस्‍थापना प्रशासनिक दृष्टि से की जा‍ती है। (ख) जी नहीं। प्रकरण माननीय न्‍यायालय में विचाराधीन है, प्रशासनिक दृष्टि से जिलों में पदस्‍थापना की जाती है। (ग) उत्‍तरांश (क), (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उद्भूत नहीं होता है।

अधूरे निर्माण कार्यों को पूर्ण न कराने के जिम्‍मेदारों पर कार्यवाही

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

23. ( *क्र. 934 ) श्री शरद जुगलाल कोल : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शहडोल जिले के विधानसभा क्षेत्र 83-ब्‍यौहारी के अन्‍तर्गत किन-किन ग्राम पंचायत के विरूद्ध जांच उपरांत धारा 4092 की कार्यवाही प्रस्‍तावित की गई, का विवरण वर्ष 2018 से प्रश्‍नांश दिनांक तक का बतावें? (ख) प्रश्‍नांश (क) की ग्राम पंचायतों अनुसार किन-किन ग्राम पंचायतों से राशि वसूली प्रस्‍तावित कर कितनी-कितनी राशि वसूल की गई, का विवरण वर्ष 2018 से प्रश्‍नांश दिनांक तक का माहवार, वर्षवार, जनपदवार बतावें। (ग) प्रश्‍नांश (ख) अनुसार वसूली गई राशि का उपयोग कब-कब, कहां-कहां किया गया, जिन कार्यों के न होने व अनियमितता मानकर राशि वसूली गई, उनके निर्माण बाबत् राशियां क्‍या जारी की गई तो कब-कब, का विवरण देवें। अगर नहीं जारी की गई तो क्‍यों? कब तक जारी कर अधूरे निर्माण कार्य पूरे करायेंगे? (घ) प्रश्‍नांश (ख) अनुसार वसूली गई राशियों से ब्‍याज कितना प्राप्‍त हुआ का विवरण पृथक से देते हुये बतावें कि इस राशि का उपयोग किस कार्य में किया जावेगा? अगर नहीं तो क्‍यों? (ड.) प्रश्‍नांश (क) की ग्राम पंचायतों में प्रश्‍नांश (ख) अनुसार राशियां वसूली गई, लेकिन प्रश्‍नांश (ग) (घ) अनुसार पंचायतों को आव‍ंटित कर अधूरे कार्य पूर्ण नहीं कराये गये, इसके लिये किन-किन को जिम्‍मेदार मानकर क्‍या कार्यवाही प्रस्‍तावित करेंगे? अगर नहीं तो क्‍यों एवं राशि कब तक पंचायतों को जारी करायेंगे? अगर नहीं                               तो क्‍यों?

पंचायत मंत्री ( श्री महेन्‍द्र सिंह सिसौदिया ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र '''' अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ड.) उपरोक्‍त उत्‍तरांशों के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

मनरेगा योजनान्तर्गत लंबित भुगतान

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

24. ( *क्र. 568 ) श्रीमती झूमा डॉ. ध्यानसिंह सोलंकी : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि खरगोन जिले अन्तर्गत वर्तमान में मनरेगा योजनांतर्गत कुल कितना भुगतान लंबित है,  जिसके अन्तर्गत लंबित सामग्री एवं मजदूरी का विवरण तथा किस समयावधि से लंबित है? विकासखण्डवार जानकारी देवें। क्या पूर्व के भुगतान शेष होने से वर्तमान में मजदूरों को रोजगार देने हेतु कार्य कराने में कार्य एजेन्सी को कोई कठिनाई आ रही है या समय पर कार्य पूर्ण नहीं हो रहे हैं? यदि हाँ, तो इसके निराकरण हेतु जिले के सभी लंबित भुगतान कब तक कर दिये जायेंगे? नहीं तो क्यों नहीं?

पंचायत मंत्री ( श्री महेन्‍द्र सिंह सिसौदिया ) : मनरेगा योजना अंतर्गत खरगोन जिले में कुल लंबित भुगतान राशि रूपये 2247.13/- लाख है। विकासखण्डवार लंबित सामग्री एवं मजदूरी भुगतान तथा समयावधि की जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। वर्तमान में मजदूरों को रोजगार देने व कार्य कराने में कार्य एजेन्सी को कोई कठिनाई नहीं आ रही है। भारत शासन से राशि प्राप्‍त होने पर लंबित राशि का भुगतान कर दिया जावेगा। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - "चार"

लहसुन के निर्यात से प्रतिबंध हटाया जाना

[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]

25. ( *क्र. 16 ) श्री महेश परमार : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या मुख्य सचिव कार्यालय से किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग को प्रश्‍नकर्ता के पत्र क्रमांक 3064/2021, तराना दिनांक 22.12.2021 पर कार्यवाही के लिए दिनांक 03.01.2022 को भेजा गया था? यदि हाँ, तो प्रश्‍न दिनांक तक निर्यात से प्रतिबंध हटाने के लिए और किसान को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए क्या कार्यवाही की गयी? (ख) पत्र को अमल में लाने के लिए कौन-कौन सी समितियों/अधिकारीगण द्वारा संज्ञान में लिया गया? नोटशीट की प्रतियाँ उपलब्ध कराते हुए उनके द्वारा दिये गए अभिमत एवं प्रस्तुतीकरण के आधार पर क्या कार्यवाहियाँ की गयी? प्रमाणित दस्तावेजों के साथ जवाब प्रस्तुत करें। (ग) किसानों को लहसुन उत्पादन का उचित मूल्य दिलाने के लिए निर्यात से प्रतिबंध इस वर्ष कब हटाया गया? यदि हटाया गया है तो आदेश की प्रति देवें और यदि नहीं, तो विभाग इस पर विलंब क्यों कर रहा है? (घ) यदि शासन स्तर से निर्यात पर से प्रतिबंध नहीं हटता है तो किसानों को उनकी लहसुन की उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए क्या शासन स्वयं MSP पर खरीदने की व्यवस्था करेगा? यदि हाँ, तो MSP दर क्या होगी?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री कमल पटेल ) : (क) जी हाँ, संचालनालय उद्यानिकी एवं प्रक्षेत्र वानिकी भोपाल से प्राप्‍त उत्‍तर अनुसार, माननीय विधायक जी का पत्र विभाग को दिनांक 12.01.2022 को प्राप्‍त हुआ। पत्र में की गई मांग के संदर्भ में स्‍पाईसेस बोर्ड भारत सरकार एवं कृषि एवं प्रसंस्‍कृत खाद्य उत्‍पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) से प्राप्‍त जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार लहसुन के निर्यात पर प्रतिबंध नहीं है। (ख) संचालनालय के पत्र क्रमांक/उद्यान/विविध/06/2021-22/1186, दिनांक 17.02.2022 के द्वारा लहसुन उत्‍पादक कृषकों को उचित मूल्‍य दिलाने एवं लहसुन के निर्यात से प्रतिबंध हटाने के संबंध में कृषि एवं प्रसंस्‍कृत खाद्य उत्‍पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) क्षेत्रीय कार्यालय 26 किसान भवन अरेरा हिल्‍स भोपाल एवं स्‍पाइसेस बोर्ड भारत सरकार को पत्र लेख किया गया। पत्र एवं नोटशीट की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ग) एपिडा कार्यालय मुम्‍बई से प्राप्‍त जानकारी अनुसार लहसुन के उपरी भाग (हरे पत्‍तों) के निर्यात के वर्ष 2019-20 से 2021-22 तक आकड़े प्रेषित किए गये आंकड़ों के अवलोन से स्‍पष्‍ट होता है कि लहसुन के उपरी भाग हरे पत्‍तों का निर्यात वर्ष में सतत् रूप से जारी है। 2. स्‍पाईसेस बोर्ड, वाणिज्‍य एवं उद्योग मंत्रालय भारत सरकार कोच्‍ची से प्राप्‍त जानकारी अनुसार मसाला बोर्ड भारत सरकार विदेशों में उत्‍पाद की बिक्री के उद्देश्‍य से मसालों के बेहतर मूल्‍य वसूली के लिए सुविधा प्रदान करता है, लहसुन के निर्यात पर कोई प्रतिबंध नहीं है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (घ) उत्‍तरांश '' के अनुसार लहसुन निर्यात पर प्रतिबंध नहीं होने से प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

 

 

 

 



भाग-2

नियम 46 (2) के अंतर्गत अतारांकित प्रश्‍नोत्तर के रुप में परिवर्तित तारांकित प्रश्नोत्तर


औद्योगिक प्लाटों का स्थानांतरण

[औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन]

1. ( क्र. 7 ) श्री यशपाल सिंह सिसौदिया : क्या औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में उद्योग की भूमि को नामित व्यक्ति द्वारा अन्य व्यक्ति को स्थानांतरण के क्या नियम निर्धारित हैं? (ख) मंदसौर जिले में 1 जनवरी 2010 से प्रश्‍न दिनांक तक कितनी-कितनी उद्योग भूमि का कब-कब, कहाँ-कहाँ स्थानांतरण किया गया? क्या स्थानांतरण शासन के नियमानुरूप था? क्या दोनों पक्षों ने विभाग को स्थानांतरण हेतु आवेदन किया था? यदि हाँ, तो आवेदन की प्रतिलिपि देवें? (ग) उज्जैन इंदौर संभाग में 1 जनवरी 2010 से प्रश्‍न दिनांक तक कितनी उद्योग की भूमि पर उद्योग के अलावा अधिकारियों की अनियमितता से शोरूम, शॉपिंग माल तथा अन्य गैर औद्योगिक व्यवसाय कहाँ-कहाँ पर चल रहे हैं? इसकी कितनी शिकायतें विभाग को प्राप्त हुई? विभाग द्वारा उन पर क्या कार्यवाही की गई? (घ) उज्जैन इंदौर संभाग में ऐसे कितने औद्योगिक प्लाट हैं जिसमें प्लाट अलॉट किए गए मालिक द्वारा 5 वर्ष या इससे अधिक समय बीत जाने के बावजूद भी किसी भी प्रकार की कोई भी औद्योगिक इकाई स्थापित नहीं की गई? स्थानवार सूची उपलब्ध कराएं।

औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन मंत्री ( श्री राजवर्धन सिंह प्रेमसिंह दत्‍तीगांव ) :                   (क) मध्‍यप्रदेश राज्‍य भूमि एवं प्रबंधन नियम, 2019 के नियम/शर्तों के अनुसार उद्योग की भूमि को नामित व्‍यक्ति द्वारा अन्‍य इकाई को स्‍थानांतरण (हस्‍तांतरण) की कार्यवाही की जाती है।  (ख) विभाग के अधीन एम.पी.आई.डी.सी., क्षेत्रीय कार्यालय, इंदौर द्वारा संबंधित इकाइयों से स्‍थानांतरण (हस्‍तांतरण) हेतु आवेदन प्राप्‍त होने पर तत्‍समय प्रभावशील मध्‍यप्रदेश राज्‍य औद्योगिक भूमि एवं भवन प्रबंधन नियम अनुसार स्‍थानांतरण (हस्‍तांतरण) की कार्यवाही की जाती है भूमि के स्‍थानांतरण (हस्‍तांतरण) हेतु आवेदन क्रेता पक्ष द्वारा किया जाता है एवं विक्रेतापक्ष द्वारा स्‍थानांतरण (हस्‍तांतरण) हेतु सहमति पत्र प्रस्‍तुत किया जाता है, जिसके साथ विक्रय लेख संलग्‍न होता है। भूखण्‍ड पर स्थित परिसम्‍पत्तियों के विक्रय लेख में क्रेता एवं विक्रेता दोनों के हस्‍ताक्षर होते है। एम.पी.आई.डी.सी., क्षेत्रीय कार्यालय, इंदौर के क्षेत्रांतर्गत औद्योगिक क्षेत्र एफ.पी.पी. जग्‍गाखेड़ी एवं आई.आई.डी.सी. जग्‍गाखेड़ी, जिला मंदसौर में 01 जनवरी, 2010 से प्रश्‍न दिनांक तक स्‍थानांतरण (हस्‍तांतरण) प्रकरणों की  जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट-अ अनुसार है।           (ग) उज्‍जैन इंदौर संभाग में 01 जनवरी, 2010 से प्रश्‍न दिनांक तक एम.पी.आई.डी.सी., क्षेत्रीय कार्यालय, इंदौर के क्षेत्रांतर्गत इस प्रकार की मात्र एक शिकायत प्राप्‍त हुई थी, जिसमें रेडीमेड गारमेन्‍ट कॉम्‍पलेक्‍स, परदेशीपुरा, इंदौर स्थित भूखण्‍ड क्रमांक 95, मेसर्स दिशा अपेरल द्वारा लीजडीड में उल्‍लेखित रेडीमेड गारमेन्‍ट का उत्‍पादन नहीं करते हुये, भूखण्‍ड पर कोचिंग संस्‍थान को किराये पर देकर कोचिंग कार्य का संचालन किया जाने का उल्‍लेख था। इकाई को 60 दिवसीय सूचना पत्र दिया गया था परंतु इकाई मेसर्स दिशा अपेरल द्वारा भूखण्‍ड पर स्थित परिसम्‍पत्ति विक्रय कर दी गई है एवं नवीन इकाई के पक्ष में औद्योगिक गतिविधि हेतु आवंटन किया गया है। अत: शिकायत समाप्‍त हो गई है। वर्तमान में इस प्रकार की कोई शिकायत लंबित नहीं है। उज्‍जैन इंदौर संभाग में एम.पी.आई.डी.सी., क्षेत्रीय कार्यालय, इंदौर के क्षेत्रांतर्गत किसी भी उद्योग की भूमि पर उद्योग के अलावा शो-रूम, शॉपिंग मॉल तथा अन्‍य गैर औद्योगिक व्‍यवसाय का संचालन होने की जानकारी इस कार्यालय में नहीं है। (घ) उज्‍जैन-इंदौर संभाग के ऐसे औद्योगिक प्‍लांट जिसमें प्‍लाट अलॉट किए गए मालिक द्वारा 5 वर्ष या इससे अधिक समय बीत जाने के बावजूद भी किसी भी प्रकार की कोई भी औद्योगिक इकाई स्‍थापित नहीं की गई है, की स्‍थानवार  जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट-ब अनुसार है।

सी.एम. राइज स्कूल की स्वीकृति

[स्कूल शिक्षा]

2. ( क्र. 11 ) श्री कुँवरजी कोठार : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) राजगढ़ जिले में प्रथम चरण में सीएम राइज स्कूल कितने स्वीकृत किए गए हैं? उनकी लागत कितनी कितनी है? विधानसभावार, स्थानवार स्वीकृत राशि से अवगत करावें? सीएम राइज़ स्कूल खोलने हेतु स्थल चयन हेतु क्या मापदंड निर्धारित किए गए हैं? अवगत करावे तथा नियम की प्रति उपलब्ध करावें। (ख) प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्य में स्वीकृत स्कूल का निर्माण किस विभाग द्वारा करवाया जावेगा? प्रश्‍न दिनांक तक स्कूल निर्माण हेतु विभाग द्वारा क्या-क्या कार्यवाही की जा चुकी है तथा पूर्ण कराने की समय-सीमा से भी अवगत करावें।

राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) राजगढ़ जिले में प्रथम चरण में 05 सीएम राइज़ स्कूलों की स्वीकृति प्रदान की गई है। इन स्कूलों में अधोसंरचना विस्तार हेतु डी.पी.आर. तैयार करने का कार्य प्रगति पर है, अतएव उनकी लागत एवं विधान सभावार स्वीकृत राशि बताया जाना संभव नहीं है। सीएम राइज़ स्कूल चयन संबंधी मापदण्ड पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट पर है। (ख) प्रश्‍नांश () अनुसार स्वीकृत स्कूलों के निर्माण हेतु विस्तृत परियोजना प्रस्ताव (डी.पी.आर.) के निर्माण की कार्यवाही की जा रही है। अतएव डी.पी.आर. निर्माण उपरान्त निर्माण एजेंसी का निर्धारण किया जा सकेगा। निर्माण कार्य पूर्ण कराने की निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

मनरेगा योजना अंतर्गत स्वीकृत कार्यों की जानकारी

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

3. ( क्र. 14 ) श्री कुँवरजी कोठार : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि        (क) राजगढ़ जिले की सारंगपुर विधानसभा क्षेत्र में वर्ष 2019-20 से प्रश्‍न दिनांक तक मनरेगा योजना अंतर्गत कितने तालाब, स्टॉपडेम, सुदूर संपर्क सड़क, खेत सड़क पहुँच मार्ग तथा गौशालाओं की स्वीकृति हुई? ग्राम पंचायत के ग्रामवार स्वीकृत कार्य का नाम, लागत राशि तथा स्वीकृति दिनांक से अवगत कराएं। (ख) प्रश्नांश (क) के उत्तर में दर्शित कार्यों में से कौन से कार्य कितनी लागत के पूर्ण करवाए गए तथा कौन से अपूर्ण कार्यों का कितनी राशि का भुगतान किया जा चुका है तथा अपूर्ण रहने के कारण से अवगत करावे। पूर्ण करायी गई सड़कों में से ऐसी कितनी सड़कें हैं, जिनकी लंबाई व चौड़ाई स्‍वीकृति अनुसार नहीं हैं, इसका कारण क्‍या रहा है, अवगत करावें।              (ग) प्रश्नांश (ख) के परिप्रेक्ष्य में अपूर्ण कार्य को पूर्ण कराने के लिए प्रश्‍न दिनांक तक विभाग द्वारा क्या कार्यवाही की गई? की गई कार्यवाही से अवगत कराएं। यदि नहीं तो क्यों, अपूर्ण कार्य को कब तक पूर्ण करा लिया जावेगा?

पंचायत मंत्री ( श्री महेन्‍द्र सिंह सिसौदिया ) : (क) राजगढ़ जिले की सारंगपुर विधानसभा क्षेत्रनांतर्गत मनरेगा योजना में वर्ष 2019-20 से प्रश्‍न दिनांक तक 19 तालाब, 10 स्‍टापडेम, 89 सुदूर संपर्क सड़क/खेत सड़क/पहुँच मार्ग एवं 17 गौशालाएं स्‍वीकृत हुई हैं। कार्यवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट  अनुसार है। (ख) उत्‍तरांश () के पूर्ण कराये गये 04 तालाब कार्यों पर व्‍यय राशि 20.61 लाख रू., 05 स्‍टापडेम के कार्यों पर व्‍यय राशि 24.82 लाख रू., सुदूर संपर्क सड़क/खेत सड़क/पहुँच मार्ग के 19 कार्यों पर व्‍यय राशि 160.05 लाख रू. एवं गौशालाओं के 08 कार्यों पर व्‍यय राशि 236.54 लाख है। पूर्ण सड़कों की लंबाई व चौड़ाई स्‍वीकृति अनुसार होने से शेष प्रश्‍न उत्‍पन्‍न नहीं होता है। (ग) मनरेगा अंतर्गत विगत वर्षों के अपूर्ण कार्यों को पूर्ण कराने हेतु राज्‍य स्‍तर से पत्र क्र. 1832 दिनांक 20.08.20, पत्र क्र. 3075 दिनांक 12.10.2020 पत्र क्र. 6182 दिनांक 11.01.2021, पत्र क्र. 6828 दिनांक 03.02.2021 पत्र क्र. 1340 दिनांक 18.07.2021 एवं पत्र क्र. 5949 दिनांक 02.11.2021 सभी जिलों को जारी किये गये हैं। इसके अतिरिक्‍त साप्‍ताहिक वीडियो कॉफ्रेंस के माध्‍यम से प्रमुख सचिव एवं आयुक्‍त मनरेगा द्वारा अपूर्ण कार्यों को पूर्ण कराने की समीक्षा की जाती है। योजना माँग आधारित होने से अपूर्ण कार्यों का पूर्ण होना जाबकार्डधारी श्रमिकों द्वारा काम की माँग तथा मजदूरी व सामग्री मद में राशि के सतत् प्रवाह पर निर्भर होने से कार्यों को पूर्ण कराये जाने की निश्चित समयावधि बतलाया जाना संभव नहीं है।

शासकीय विद्यालयों में कम्‍प्‍यूटर ऑपरेटर्स की नियुक्ति

[स्कूल शिक्षा]

4. ( क्र. 52 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या म.प्र. शासन स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत जिला शिक्षा अधिकारी जबलपुर के अधीनस्‍थ संकुल/विद्यालयों में गत वर्ष से कार्यरत सभी कम्‍प्‍यूटर ऑपरेटर्स को पदस्थ किया जा चुका हैं? (ख) प्रश्नांश (क) के अधीन क्या शासकीय स्कूल पनागर, रैगवां, हरई, गोरैयाघाट, तिलसानी, मोहनी, धनवाही, सुहजनी, पौड़ीकला, बरमान, नया नगर, पावला एवं बेला में कम्‍प्‍यूटर ऑपरेटर्स की नियुक्ति आदेश जारी किये गये हैं? (ग) यदि हाँ, तो आदेश उपलब्ध करावें? यदि नहीं तो क्यों? कारण बतावें।

राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) जी नहीं। (ख) ऑउटसोर्स एजेंसी द्वारा शा.हाईस्कूल हरई में कम्‍प्यूटर ऑपरेटर उपलब्ध करा दिया गया है। (ग) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। शेष विद्यालयों के लिये कार्यवाही प्रचलन में होने से शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - "पांच"

शासन नीति के विरूद्ध की गई पदस्‍थापना

[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]

5. ( क्र. 57 ) श्री केदारनाथ शुक्ल : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या उप संचालक म.प्र. राज्‍य कृषि विपणन बोर्ड आंचलिक कार्यालय रीवा की पदस्‍थापना उनके गृह स्‍थान में शासन एवं मण्‍डी बोर्ड की नीति के विरूद्ध की गई है? यदि हाँ, तो क्‍यों?              (ख) प्रश्‍नांश (क) के विरूद्ध अभी तक कितनी शिकायतें मण्‍डी बोर्ड मुख्‍यालय भोपाल एवं शासन के स्‍तर पर प्राप्‍त हुई हैं? उनकी जांच एवं परिणामों की जानकारी दें। (ग) क्‍या उप संचालक के द्वारा उड़नदस्‍ता माध्‍यम से सहभागी बनकर कृषि मंडी समिति बैकंठपुर एवं सीधी में संस्‍थाओं को दुर्भावना पूर्वक निजी हित में हानि पहुँचाई गई है, इसके लिए प्रबंध संचालक राज्‍य कृषि विपणन बोर्ड द्वारा तत्‍संबंधी नो‍टिस स‍चिव एवं उप संचालक को जारी की गई हैं? उनके बारे में आरोपियों के विरूद्ध की गई कार्यवाही और हानि की वसूली क्‍या संबंधितों से की जा चुकी है? यदि नहीं तो क्‍यों? (घ) क्‍या उड़नदस्‍ता दल के माध्‍यम से रामपुर नैकिन के व्‍यापारी से 40,000/- रूपयों की रिश्‍वत ली गई है? इसके लिए शपथ पत्र के माध्‍यम से कार्यवाही हेतु स‍चिव कृषि उपज मंडी समिति सीधी के द्वारा पत्र क्रमांक 591 दिनांक 12/01/2022 के माध्‍यम से कार्यवाही हेतु लिखा गया है? यदि हाँ,तो रिश्‍वतखोरों के खिलाफ क्‍या कार्यवाही की गई?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री कमल पटेल ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

बीज के भौतिक सत्यापन एवं फसल पंजीयन की तिथि में वृद्धि के निर्देश

[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]

6. ( क्र. 90 ) श्रीमती नीना विक्रम वर्मा : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रदेश में म.प्र.राज्य बीज प्रमाणीकर एजेन्सी, बीज के भौतिक सत्यापन तथा फसल पंजीयन हेतु अधिकृत है? (ख) यदि हाँ, तो क्या उक्त एजेन्सी द्वारा प्रदेश में रबी वर्ष 2021-22 में विभिन्न फसलों यथा गेहूं, चना, मटर, आलू आदि के बीजों के भौतिक सत्यापन एवं फसल पंजीयन हेतु कुछ संभागों में तिथि में वृद्धि के आदेश जारी किये गये हैं? (ग) यदि हां, तो क्या कारण है कि इन्दौर संभाग जो कि प्रमुख गेहूं व चना उत्पादक संभाग है में रबी वर्ष 2021-22 में बीज उत्पादक संस्थाओं के पंजीयन हेतु तिथि में वृद्धि नहीं की गई है? (घ) क्या इन्दौर संभाग में कुछ बीज उत्पादक संस्थाओं का पंजीयन होना शेष रह गया है तथा उनके द्वारा आवेदन देकर अन्य संभागों की भांति तिथि में वृद्धि हेतु निवेदन किया है? (ड.) क्या इन्दौर संभाग में भी विभिन्न फसलों के बीजों के भौतिक सत्यापन एवं फसल पंजीयन हेतु तिथि में वृद्धि की जावेगी?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री कमल पटेल ) : (क) जी हाँ। (ख) म.प्र. राज्य बीज प्रमाणीकरण संस्था द्वारा प्रदेश में रबी 2021-22 में विभिन्न फसलों यथा गेहूं, चना, मटर, आलू आदि के बीजों के भौतिक सत्यापन एवं फसल पंजीयन हेतु तिथि में वृद्धि के निर्देश संस्था के पत्र क्रमांक-2345 दिनांक 01.02.2022 से जारी किये गये हैं। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ग) संस्था के प्रधान कार्यालय भोपाल को दिनांक 06-01-2022 तक प्राप्त आवेदनों पर तिथि वृद्धि संस्‍था के पत्र क्रमांक 2345 दिनांक 01-02-2022 जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र-1 अनुसार  जारी किये गये हैं। चूंकि दिनांक 06-01-2022 तक इन्दौर संभाग की बीज उत्पादक संस्थाओं के रबी 2021-22 के फसल पंजीयन तिथि वृद्धि के आवेदन संस्था के प्रधान कार्यालय को प्राप्त नहीं हुये थे इसलिए संस्‍था के निर्देश 01-02-2022 में इन्‍दौर संभाग की बीज उत्‍पादक संस्‍थाओं के पंजीयन हेतु नहीं की गई है। तिथि वृद्धि नहीं की गई है। (घ) इंदौर संभाग में बीज उत्‍पादक संस्‍था श्री शंकर हाईब्रिड सीड्स कंपनी धामनोद धार का रबी 2021-22 में फसल पंजीयन होना शेष रह गया है। इस कंपनी ने तिथि वृद्धि का आवेदन संस्‍था के प्रधान कार्यालय भोपाल को दिनांक 10.02.2022 को भेजकर तिथि में वृद्धि का निवेदन किया है  जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ड.) मध्‍यप्रदेश राज्‍य बीज प्रमाणीकरण संस्‍था द्वारा तिथि वृद्धि का आवेदन अमान्‍य किया गया है।

फसल बीमा पॉलिसी से हुये भूमि‍ के पंजीयन

[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]

7. ( क्र. 93 ) डॉ. सतीश सिकरवार : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) ग्वालियर, मुरैना, भिण्ड, श्यौपुर, जिलों में कितने किसानों द्वारा फसल बीमा पॉलिसी में कितनी भूमी का पंजीयन कराया? किसानों की संख्या सहित वर्ष 2020, 2021 तथा फरवरी 2022 तक की फसलों के नाम सहित जानकारी दी जावे। (ख) क्या फसल बीमा के प्रचार-प्रसार हेतु ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों को इस पॉलिसी से होने वाले लाभ हानि की जानकारी देने हेतु शासन द्वारा कोई विशेष अधिकारी/कर्मचारियों की नियुक्ति‍ नहीं की गई है क्यों? शासन इस संबंध में बीमा पॉलिसी की निश्चित संख्या बढ़ाने का क्या-क्या प्रयास करेगा? (ग) क्या उक्त जिलों में फसलों की बीमा कराने की संख्या कितने प्रतिशत किन-किन जिलों में रही? किसानों की संख्या, फसल बीमा कराने वाले किसानों की संख्या सहित जानकारी दी जावे। (घ) क्या गांव, पंचायत स्तर से जनपद, जिला स्तर पर पदस्थ अधिकारी इस कार्य में सक्रियता, रूचि नहीं लेते है? शासन इस नीति के अधिक उपयोगी बनाने हेतु कारगर कार्ययोजना बनायेगा?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री कमल पटेल ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट  अनुसार है।            (ख) प्रधानमंत्री फसल बीमा योजनांतर्गत फसल बीमा के प्रचार-प्रसार हेतु जिला एवं विकासखण्‍ड स्‍तर पर जिलों के लिये अधिकृत बीमा कंपनी के प्रतिनिधियों की नियुक्ति संबंधित बीमा कंपनी द्वारा की गई है। जिलों के लिये अधिकृत बीमा कंपनियों द्वारा विभाग के मैदानी कर्मचारियों के साथ समन्‍वय कर मौसम पूर्व योजना का प्रचार-प्रसार बीमा पॉलिसी बढ़ाने के लिये किया जाता है। (ग) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट  अनुसार है। (घ) उत्‍तरांश (ख) अनुसार। अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - "छ:"

वित्तीय वर्ष 2021-22 में प्राप्त आवंटन

[स्कूल शिक्षा]

8. ( क्र. 100 ) श्री रामलाल मालवीय : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) आगर जिले में वित्तीय वर्ष 2021-22 में जिला शिक्षा अधिकारी/परियोजना समन्वयक, विकासखंड शिक्षा अधिकारी को कितना आवंटन कार्यालय व्यय हेतु प्राप्त हुआ है? मदवार जानकारी देवे एवं आवंटन प्रति उपलब्ध करावें। (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार प्राप्त राशि का व्यय किया गया है? यदि हाँ, तो सामग्री किस फर्म से क्रय की गई है? क्या-क्या सामग्री क्रय की गई? क्रय की गई सामग्री के फर्म के बिल की फोटोप्रति देवें। प्रत्येक बिल से कितनी राशि टैक्स के रूप में भुगतान की गई है? क्‍या टैक्स राशि शासन के खाते में जमा की गई? यदि हाँ, तो चालान प्रति देवें।           (ग) क्या शासन संभाग स्तर से जांच दल गठित कर सामग्री गुणवत्ता एवं भण्डार क्रय नियमों के पालन की कार्यवाही संबंधी जांच करायेगा? यदि हाँ, तो कब तक जांच प्रतिवेदन शासन को प्राप्त होगा? यदि नहीं तो कारण बतावें। (घ) क्रय सामग्री के संबंध में संबंधित क्रय अधिकारी को सामग्री की तादात के अनुसार क्रय करने के वित्तीय अधिकार हैं? यदि हाँ, तो वित्तीय अधिकार की प्रति देवें।

राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) आगर जिले में वित्तीय वर्ष 2021-22 में जिला शिक्षा अधिकारी/परियोजना समन्वयक/विकास खण्ड शिक्षा अधिकारी को कार्यालय व्यय हेतु प्राप्त आवंटन/मदवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''एक'' अनुसार है। आवंटन आदेश की छायाप्रति  पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट  ''दो'' अनुसार है। (ख) जी हाँ। क्रय सामग्री/क्रय फर्म की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''तीन'' अनुसार है। देयक की प्रति  पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट  ''चार'' अनुसार है। शासन नियमानुसार जी.एस.टी. एवं टी.डी.एस. टैक्स का कटौत्रा कर शासन के प्राप्ति शीर्ष में जमा की गई है। चालन की प्रति  पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट  ''पांच'' अनुसार है। (ग) जी नहीं। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। नियमानुसार क्रय की कार्यवाही की गई है। (घ) जी हाँ। प्रतिलिपि  पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट  ''छ:'' अनुसार है।

क्षेत्रीय मंडियों के आवश्‍यक कार्य

[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]

9. ( क्र. 119 ) डॉ. राजेन्‍द्र पाण्‍डेय : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या यह सही है कि लगतार कृषि उत्‍पादन बढ़ते जाने के कारण क्षेत्रीय कृषि उपज क्रय-विक्रय केन्‍द्रों की आवश्‍यकताएं निरतंर बढ़ती जा रही हैं तथा अरनिया पीथा मुख्‍य मंडी अंतर्गत खाचरौद नाका फल-फूल सब्‍जी मंडी, पिपलौदा उपमंडी, सुखेडा उपमंडी, कालूखेडा उपमंडी, ढोढर व रिंगनोद हाट बाजार निर्मित है? (ख) यदि हाँ, तो उपरोक्‍त में से क्रियाशील संचालित मात्र बडावदा, अरनिया पीथा (जावरा) मंडी खाचरोद नाका (जावरा) मंडी व पिपलौदा, सुखेडा उपमंडी ही क्रियाशील होकर संचालित की जा रही हैं? (ग) यदि हाँ, तो पिपलौदा एवं सुखेडा उपमंडी को सुदृढ़ किये जाने हेतु प्रस्‍तावित अत्‍यंत आवश्‍यक कृषकों एवं व्‍यापारियों की विभिन्‍न व्‍यवस्‍थाओं हेतु निर्माण कार्यों को स्‍वीकृति हेतु कार्ययोजना में सम्मिलित कर स्‍वीकृति कब दी जा सकेगी? इस हेतु मान. मंत्री जी ने क्षेत्रीय प्रवास के दौरान घोषणाएं भी की हैं? (घ) विगत वर्षों से निर्मित कालूखेडा उपमंडी, ढोढर हाटबाजार एवं रिंगनोद हाट बाजार जो कि कार्यालय भवन के साथ ही बांउड्रीवॉल बड़े मैदान के समतलीकरण के साथ निर्मित है तो इनमें अतिरिक्‍त अन्‍य सुविधाएं, व्‍यवस्‍थाएं सम्मिलित कर कार्ययोजना को मूर्तरूप कब दिया जा सकेगा, जिससे क्षेत्रीय कृषकों व व्‍यापारियों को इन सुविधा केन्‍द्रों का लाभ मिल सके?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री कमल पटेल ) : (क) जी हाँ। (ख) जी हाँ। (ग) उपमंडी सुखेडा को सुदृढ़ किए जाने हेतु कृषकों एवं व्‍यापारियों के द्वारा गोदाम के सामने एवं ट्रालीशेड के आसपास लेवलिंग एवं सी.सी. कार्य जिसकी अनुमानित लागत राशि रूपये 199.00 लाख, ट्रालीशेड निमार्ण कार्य जिसकी अनुमानित लागत राशि रूपये 68.99 लाख तथा आर.आर.सी. एवं एन.पी.4 पाइप नाला, जिसकी अनुमानित लागत राशि रूपये 135.00 लाख, कराये जाने हेतु मांग की गई है। इसी प्रकार उप मंडी पिपलौदा हेतु, ट्रालीशेड निमार्ण कार्य जिसकी अनुमानित लागत राशि रूपये 58.08 लाख, ट्रालीशेड के आसपास व्‍यापारी गोदाम के सामने सी.सी.कार्य जिसकी अनुमानित लागत राशि रूपये 131.07 लाख तथा प्‍याऊ एवं वाटर सप्‍लाई कार्य जिसकी अनुमानित लागत राशि रूपये 9.05 लाख, कराये जाने हेतु मांग की गई है उपरोक्‍त दोनों उप मंडियों में मांग किए गए निमार्ण कार्यों की स्‍वीकृति का प्रस्‍ताव मंडी बोर्ड मुख्यालय स्तर पर परीक्षणाधीन है। समय-सीमा बताई जाना संभव नहीं है।            (घ) कृषि उपज मंडी समिति जावरा के अंतर्गत उपमंडी कालूखेडा में आवश्यक मूलभूत अधोसरचनाएं/सुविधाएं उपलब्ध हैं परन्तु इस उपमंडी में केवल शासकीय संस्था द्वारा समर्थन मूल्य पर खरीदी की जाती है, अन्य कोई व्यापारी कार्यरत नहीं होने के कारण उपमंडी निरंतर क्रियाशील नहीं है। हाट बाजार ढोढर एवं रिंगनोद में निर्धारित मापदंडों की पूर्ति उपरांत उपमंडी अधिसूचित होने तथा पर्याप्त राशि की उपलब्धता पर आगामी कार्यवाही की जा सकेगी, जिसके लिए           समय-सीमा बताई जाना संभव नहीं है।

ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के माध्‍यम से कराये गये कार्य

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

10. ( क्र. 156 ) श्री कमलेश्‍वर पटेल : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि            (क) सीधी जिले में गत 4 वर्षों में मनरेगा योजना के तहत ग्रामीण यांत्रिकी सेवा सीधी के माध्‍यम से कौन-कौन से कितनी-कितनी लागत के अधोसंरचना विकास के कार्य किये गये हैं, विधानसभावार बतावें? (ख) अन्‍य विधान सभा क्षेत्रों में ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के माध्‍यम बहुत से अधोसंरचना विकास के कार्य कराये जा रहे हैं जबकि सिहावल विधान सभा में मांग होने के बावजूद भी कार्यों की स्‍वीकृति नहीं दी जा रही है, इसका क्‍या कारण है? (ग) विधान सभा क्षेत्र सिहावल अंतर्गत स्‍थल निरीक्षण कराया जाकर अधोसंरचना विकास के आवश्‍यक कार्यों की स्‍वीकृति कब तक प्रदान की जावेगी?

पंचायत मंत्री ( श्री महेन्‍द्र सिंह सिसौदिया ) : (क) सीधी जिले के अंतर्गत ग्रामीण यांत्रिकी सेवा में गत 4 वर्षों में अब तक कुल 113 कार्यों की प्रशासकीय स्‍वीकृति मनरेगा मद अंतर्गत प्रदान की गई है जिसमें से 36 कार्य पूर्ण कराये जा चुके हैं, 72 कार्य प्रगतिरत हैं एवं 5 कार्य अप्रारंभ है। विधानसभावार स्‍वीकृति कार्यों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट  अनुसार है। (ख) उत्‍तरांश () में पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट  अनुसार विधानसभा क्षेत्र धौहनी में 24, सीधी में 14, चुरहट में 56 एवं सिहावल में 19 कार्यों की स्‍वीकृति ग्रामीण यांत्रिकी सेवा को दी गई है। सिहावल सहित सभी विधानसभा क्षेत्रों में कार्यों की स्‍वीकृति दी गयी है। (ग) उत्‍तरांश () के परिप्रेक्ष्‍य में विधानसभा क्षेत्र सिहावल अंतर्गत कार्य की मांग अनुसार आवश्‍यक परीक्षण कराकर योजना के प्रावधान अनुसार स्‍वीकृति सतत् प्रक्रिया के तहत की गयी है, अतएव शेष प्रश्‍न उत्‍पन्‍न नहीं होता है।

मजदूरी की राशि का भुगतान

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

11. ( क्र. 174 ) श्री रामपाल सिंह : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि            (क) प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) में मजदूरी की राशि के भुगतान के संबंध में शासन के क्‍या-क्‍या निर्देश हैं तथा उक्‍त निर्देशों का रायसेन जिले में पालन क्‍यों नहीं हो रहा है?                          (ख) प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) में मजदूरी की राशि के भुगतान के संबंध में मान. मंत्री जी, विभाग के अधिकारियों तथा मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत रायसेन को 1 जनवरी 21 से प्रश्‍न दिनांक तक की अवधि में प्रश्‍नकर्ता विधायक के पत्र कब-कब प्राप्‍त हुए तथा उन पर  क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई? (ग) प्रश्‍नकर्ता विधायक के पत्रों में उल्‍लेखित किन-किन व्‍यक्तियों को मजदूरी का भुगतान कब-कब किया गया तथा किन-किन व्‍यक्तियों को पात्रता के उपरांत भी मजदूरी की राशि का भुगतान क्‍यों नहीं किया गया तथा इसके लिए कौन दोषी हैं? (घ) प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) में मजदूरी की राशि का भुगतान शासन के दिशा निर्देशों के अनुरूप रायसेन जिले में नहीं हो रहा है तथा इस संबंध में प्रश्‍नकर्ता विधायक के पत्र लिखने के बाद भी निर्धारित समयावधि में मजदूरी का भुगतान क्‍यों नहीं हुआ? इसके लिए कौन-कौन दोषी है तथा शासन क्‍या-क्‍या कार्यवाही करेगा?

पंचायत मंत्री ( श्री महेन्‍द्र सिंह सिसौदिया ) : (क) प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) में मजदूरी की राशि के भुगतान के संबंध में निर्देश  पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट- 1 अनुसार है। रायसेन जिले में शासन के निर्देशानुसार प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) में मजदूरी की राशि का भुगतान किया जा रहा है। (ख) प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) में मजदूरी की राशि के भुगतान के संबंध में मान. मंत्री जी, विभाग के अधिकारियों तथा मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत रायसेन को 1 जनवरी 21 से प्रश्‍न दिनांक तक की अवधि में प्रश्‍नकर्ता माननीय विधायक के प्राप्‍त पत्रों एवं उन पर की गई कार्यवाही का विवरण  पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-2 अनुसार है।               (ग) प्रश्‍नकर्ता मा. विधायक के पत्रों में उल्‍लेखित व्‍यक्तियों को भुगतान की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट- 3 अनुसार है। पत्र में उल्‍लेखित हितग्राहियों को मजदूरी का भुगतान किया जा चुका है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (घ) प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) में मजदूरी की राशि का भुगतान शासन के दिशा निर्देशों के अनुरूप रायसेन जिले में हो रहा है तथा इस संबंध में प्रश्‍नकर्ता माननीय विधायक के पत्र में उल्‍लेखित हितग्राहियों को मजदूरी का भुगतान हो चुका है। जांच में कोई दोषी न पाए जाने से कार्यवाही नहीं की गई है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

मनरेगा अंतर्गत कार्य की मांग

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

12. ( क्र. 185 ) श्री लक्ष्‍मण सिंह : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) गुना जिले में वित्‍तीय वर्ष 2021-2022, 1 जनवरी तक कितने जॉबकार्डधारी परिवारों के कितने लोगों द्वारा मनरेगा में कार्य की मांग की गई? (ख) उपरोक्‍त अवधि में कितने लोगों को मनरेगा में कार्य दिया गया? (ग) उपरोक्‍त अवधि में कितने लोगों को मनरेगा में कार्य दिया गया? (घ) मनरेगा में कार्य की मांग करने के बावजूद उन्‍हें काम न दिए जाने के क्‍या कारण रहे हैं?

पंचायत मंत्री ( श्री महेन्‍द्र सिंह सिसौदिया ) : (क) गुना जिले में वित्‍तीय वर्ष 2021-2022, 1 जनवरी तक 122643 जॉबकार्डधारी परिवारों के 340280 लोगों द्वारा मनरेगा में कार्य की मांग की गई।  (ख) प्रश्‍नांश () की अवधि में 288451 लोगों को मनरेगा में कार्य दिया गया। (ग) उत्‍तरांश () अनुसार 288451 लोगों को मनरेगा में कार्य दिया गया। (घ) जिले में मनरेगा अंतर्गत कार्य की मांग करने वाले शेष लोग कार्यस्‍थल पर उपस्थिति नहीं हुये इस कारण काम नहीं देने का प्रश्‍न ही नहीं उठता।

शासकीय कन्या उ.मा.वि. की बाउण्ड्रीवॉल का निर्माण

[स्कूल शिक्षा]

13. ( क्र. 241 ) श्री मुरली मोरवाल : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शासकीय कन्या उ.मा.वि बड़नगर को नवीन भवन में स्थानांतरि‍त कर दिया गया है नवीन भवन में बाउण्ड्रीवॉल नहीं होने से छात्राओं को अनेक परेशानि‍यों का सामना करना पड़ता है विद्यालय में छात्राओं के हित में बाउण्ड्रीवॉल बनाने की क्या योजना है? (ख) कन्या उ.मा.वि. बड़नगर की बाउण्ड्रीवॉल का प्रस्ताव पूर्व में शासन को भेजा गया था, उस पर क्या कार्यवाही की गई? (ग) प्रश्नांश (ख) के सबंध में शासकीय कन्या उ.मा.वि. महाराजवाड़ा क्र. 02 की बाउण्ड्रीवॉल विद्यालय स्थानांतरि‍त होने के कारण शासकीय माडल उ.मा.वि. बड़नगर को आयुक्त लोक शिक्षण संचालनालय के पत्र क्र. भवन/2021/181 दिनांक 09.09.2021 के द्वारा निर्माण की स्वीकृति प्रदान की गई परन्तु बड़नगर में कोई माडल स्कूल संचालित नहीं है शासन द्वारा उक्त बाउण्ड्रीवॉल की स्‍वीकृति कन्या उ.मा.वि. बड़नगर के नाम से कब तक प्रदान कर दी जावेगी? (घ) शासन की उक्त योजनाओं का लाभ कन्या उ.मा.वि. बड़नगर को कब तक प्रदान किया जावेगा?

राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) एवं (ख) प्रश्‍नाधीन स्कूल में बाउण्ड्रीवॉल स्वीकृत की जा चुकी है। अतः शेषांश उद्भूत नहीं होता है। (ग) प्रश्‍न के पूर्वाश की जानकारी उत्तर '''' अनुसार है। अतः शेषांश उद्भूत नहीं होता है। (घ) उत्तरांश '''' के प्रकाश में प्रश्‍न उद्भूत नहीं होता है।

शासकीय शालाओं के उन्नयन उपरांत भवन स्वीकृति

[स्कूल शिक्षा]

14. ( क्र. 246 ) इंजीनियर प्रदीप लारिया : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2017-18, 2018-19 में मध्यप्रदेश शासन स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा सागर जिले में कितने शासकीय माध्यमिक शालाओं का हाई स्कूल में एवं हाई स्कूल का हायर सेकेण्डरी में उन्नयन किया गया? विकासखंडवार जानकारी देवें। (ख) क्या उपरोक्त स्वीकृत शासकीय हाई स्कूल एवं हायर सेकेण्डरी स्कूल स्वयं के भवनों में संचालित हो रहे हैं? यदि हाँ, तो विकासखंडवार जानकारी देवें एवं कितने हाई स्कूल/हायर सेकेण्डरी स्कूल माध्यमिक शाला के भवनों/अतिरिक्त कक्षों में संचालित हो रहे है? विकासखंडवार जानकारी देवें। (ग) शासकीय माध्यमिक शालाओं के भवनों में एवं अतिरिक्त कक्षों में संचालित हाई स्कूल/हायर सेकेण्डरी स्कूलों को शासन द्वारा भवन स्वीकृति हेतु कोई कार्यवाही की गई है? यदि हाँ, तो जानकारी देवें। (घ) नरयावली विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत शासकीय हाई स्कूल पाटन, लोटना लोटनी, मोठी, बरखेड़ाखुमान, लुहारी, भौंहारी, डुंगासरा, रिछावर तथा शासकीय हायर सेकेण्डरी स्कूल मेनपानी को शासन से कब तक भवन की स्वीकृति प्राप्त होगी?

राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) वर्ष 2017-18 एवं 2018-19 में उन्नयन की गई शालाओं की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट- '''' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''''अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''''अनुसार है।               (घ) शासकीय हाई/हायर सेकेण्डरी स्कूलों में नवीन भवन निर्माण की स्वीकृति बजट उपलब्धता तथा सक्षम समिति की स्वीकृति पर निर्भर करता है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

स्वीकृत निर्माण कार्यों की जानकारी

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

15. ( क्र. 248 ) इंजीनियर प्रदीप लारिया : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा वि.खं. सागर में विगत वित्तीय वर्ष 2020-21 एवं 21-22 में किन-किन योजनाओं के तहत निर्माण कार्य/विकास कार्यों की स्वीकृति प्रदान की गई है? ग्राम पंचायतवार/कार्यवार सहित समस्त जानकारी देवें। (ख) प्रश्‍नांश () में स्वीकृत किन-किन कार्यों का जनप्रतिनिधियों द्वारा भूमि पूजन कार्य किया गया? भूमि पूजन कार्य की दिनांक एवं निर्माण कार्य की लागत सहित जानकारी देवें। (ग) क्या विधानसभा क्षेत्र नरयावली अंतर्गत विकासखंड सागर की ग्राम पंचायतों में निर्माण कार्य एवं विकास कार्यों की भूमि पूजन उपरांत प्रश्‍न दिनांक तक निर्माण कार्यों की प्रगति/अद्यतन स्थिति से अवगत करावें। (घ) विधानसभा क्षेत्र नरयावली अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायतों में निर्माण कार्य/विकास कार्यों के भूमि पूजन उपरांत भी कार्य प्रारंभ नहीं किये गये हैं तो उसके लिए कौन उत्तरदायी है? क्या विभाग कोई कार्यवाही करेगा?

पंचायत मंत्री ( श्री महेन्‍द्र सिंह सिसौदिया ) : (क) से (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट  अनुसार है। (घ) संबंधित कार्य एजेंसी को स्‍वीकृत कार्य को प्रारंभ करने हेतु सूचना पत्र जारी किया गया है। शीघ्र ही कार्य प्रारंभ कराया जावेगा।

औद्योगिक क्षेत्र में जल प्रदाय योजना से जलापूर्ति

[औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन]

16. ( क्र. 250 ) श्री शैलेन्द्र जैन : क्या औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या सागर जिले के औद्योगिक क्षेत्र सिदगुवाँ में जल प्रदाय हेतु शासन द्वारा राशि रू. 1035.00 करोड़ की स्वीकृत कर योजना का क्रियान्वयन लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा किया गया, परन्तु योजनांतर्गत औद्योगिक इकाइयों को जल प्रदाय योजना का लाभ नहीं मिल रहा है? क्या योजना स्वीकृति पूर्व जल स्रोतों की क्षमता का विधिवत सर्वे कार्य सही नहीं किया गया? यदि हाँ, तो इसके लिये कौन जिम्मेदार है? (ख) प्रश्‍नकर्ता? प्रश्‍न क्र. 1412 दिनांक 16.07.2019 के उत्तरांश में बताया गया था कि बेवस नदी पर निर्मित एनिकेट में जल स्रोत समाप्त होने से जल प्रदाय बंद है तो क्या शासन कोई वैकल्पिक व्यवस्था कर जल प्रदाय करेगा? यदि हाँ, तो कब तक? (ग) क्या औद्योगिक क्षेत्र सिदगुवाँ में स्थापित औद्योगिक इकाइयाँ जलापूर्ति के अभाव में विधिवत रूप से संचालित नहीं हो पा रही हैं एवं नई इकाइयों की स्थापना भी नहीं हो पा रही है? क्या शासन इन्हें सुचारू रूप से जलापूर्ति कराये जाने की व्यवस्था करेगा? यदि हाँ, तो कब तक?
औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन मंत्री ( श्री राजवर्धन सिंह प्रेमसिंह दत्‍तीगांव ) : (क) जी नहीं, अपितु लागत रूपये 1035 लाख की स्‍वीकृत योजना का क्रियान्‍वयन किया गया। योजनांतर्गत निर्मित एनिकेट में माह जुलाई से नवम्‍बर/दिसम्‍बर तक पानी उपलब्‍ध रहता है, जल प्रदाय योजना का लाभ औद्योगिक इकाइयों को मिलता है। जी नहीं, लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकी विभाग द्वारा औद्योगिक इकाइयों की पानी की मांग अनुरूप विधिवत सर्वेक्षण उपरांत पर्याप्‍त क्षमता का एनीकेट स्‍त्रोत बेवस नदी पर निर्मित किया गया है। (ख) जी हाँ, वैकल्पिक व्‍यवस्‍था के अंतर्गत मध्‍यप्रदेश जल निगम द्वारा उक्‍त क्षेत्र में क्रियान्वित की जा रही बंडा डैम पर आधारित जल प्रदाय योजना, सनोधा-2 (19.61 एमएलडी परियोजना) से 5 एमएलडी जल औद्योगिक क्षेत्र सिद्धगुवां हेतु उपलब्‍ध कराया जाना प्रस्‍तावित है। इस योजना के क्रियान्‍वयन पश्‍चात उद्योगों को जल प्रदाय किया जा सकेगा। (ग) जी नहीं, औद्योगिक क्षेत्र में 82 इकाईयां संचालित है। वित्‍तीय वर्ष 2020-21 में 30 नवीन इकाइयों हेतु 30 भूखण्‍ड आवंटित किया जा चुके है। उत्‍तरांश (ख) में उल्‍लेखित योजना के क्रियान्‍वयन पर जलापूर्ति हो सकेगी।

खिलाड़ियों के उचित प्रशिक्षण हेतु प्रशिक्षक की नियुक्ति‍

[खेल एवं युवा कल्याण]

17. ( क्र. 251 ) श्री शैलेन्द्र जैन : क्या खेल एवं युवा कल्याण मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या शासन द्वारा विकासखण्ड स्तर पर खेल परिसर स्थापित किये गये हैं? इन स्थापित खेल परिसरों में खिलाड़ियों के प्रशिक्षण हेतु प्रशिक्षक नियुक्त नहीं है तो क्या शासन खिलाड़ियों के उचित प्रशिक्षण हेतु कोई व्यवस्था करेगा तथा कब तक? (ख) क्या शासन द्वारा सभी खिलाड़ियों को खेल वृत्ति दी जाती रही है, परन्तु विगत 2 वर्षों से केवल खेल एसोसिएशन के खिलाड़ियों को ही दी जा रही है? स्कूल के खिलाड़ियों को दी जाने वाली खेल वृत्ति बंद कर दी गई है? यदि हाँ, तो क्या शासन सभी खिलाड़ियों को पूर्व की भाँति दी जाने वाली खेलवृत्ति पुनः प्रारंभ करेगा?
खेल एवं युवा कल्याण मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) विभाग के सीमित वित्‍तीय संसाधन के बावजूद चरणबद्ध तरीके से विभागीय नीति अनुसार विकासखंडस्‍तर पर इंडोर/आउटडोर खेल परिसर निर्मित किये जा रहे है। निर्मित खेल परिसरों में जिलों से प्राप्‍त प्रस्‍ताव व आवश्‍यकतानुसार उपलब्‍ध वित्‍तीय संसाधनों के अन्‍तर्गत खेल प्रशिक्षक नियुक्‍त किये जाते है।     (ख) अन्तर्राष्ट्रीय एवं राष्ट्रीय पदक विजेता खिलाड़ियों को पुरस्कार एवं प्रोत्साहन नियम 2019 के बिन्दु क्र. 08 के खण्ड '' में खेल संघो द्वारा आयोजित मान्यता प्राप्त राज्य स्तरीय खेल प्रतियोगिता में पदक अर्जित करने वाले खिलाड़ियों को खेलवृत्ति प्रदान करने का प्रावधान है, जिसके अनुसार विगत 02 वर्षों से खेल संघ द्वारा आयोजित अधिकृत राज्‍य स्‍तरीय प्रतियोगिता में पदक अर्जित करने वाले खिलाड़ि‍यों को खेलवृत्ति प्रदान की जा रही है। उपरोक्‍त विभागीय प्रोत्‍साहन नियम 2019 में स्‍कूल गेम्‍स ऑफ इण्डिया द्वारा आयोजित खेल प्रतियोगिता में पदक अर्जित करने वाले खिलाड़ि‍यों को खेलवृत्ति प्रदान करने का प्रावधान नहीं होने के कारण खेलवृत्ति नहीं दी जा रही है। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

शिक्षक विहीन शालाओं में शिक्षकों की पदस्थापना

[स्कूल शिक्षा]

18. ( क्र. 257 ) श्री धर्मेन्द्र भावसिंह लोधी : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या जबेरा विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस के शासनकाल में भारी मात्रा में हुए शिक्षकों के स्थानांतरण के कारण बहुत सी शाला शिक्षक विहीन हो गई हैं? (ख) यदि हाँ, तो कितनी शालाएं शिक्षक विहीन हैं तथा कितनी एक शिक्षकीय हैं एवं कितने शालाओं में छात्र संख्या के मान से शिक्षक अधिक हैं? शालावार जानकारी प्रदान करें। (ग) जिन शालाओं में छात्र संख्या के मान से शिक्षक अधिक हैं उन्हें युक्ति-युक्तिकरण के तहत शिक्षक विहीन शालाओं एवं एक शिक्षकीय शालाओं में पदस्थ करने की क्या कोई कार्यवाही की गई है? यदि नहीं तो क्यों नहीं तथा कब तक की जावेगी, जिससे शिक्षक विहीन शालाओं के छात्र-छात्राओं को शिक्षा प्राप्त हो सके? (घ) क्या विकासखंड तेंदूखेड़ा के ग्राम महका का विस्थापन हो चुका है? यदि हां, तो प्राथमिक शाला महका में पदस्थ शिक्षकों को किन-किन शालाओं में स्थानांतरित कर पदस्थ किया गया है? यदि नहीं तो गांव के विस्थापन एवं शाला बंद होने के पश्चात भी उक्त शिक्षकों को शिक्षक विहीन शालाओं में क्यों नहीं स्थानांतरित किया गया? इसके लिए दोषी अधिकारियों पर क्या कार्यवाही की गई है? यदि नहीं तो क्यों नहीं की गई?

राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट - 01 अनुसार(ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट- 02 अनुसार(ग) जी नहीं, अपितु अतिथि शिक्षकों के माध्यम से शिक्षक विहीन/एक शिक्षकीय शालाओं में अध्ययन अध्यापन कार्य की व्यवस्था की गई। शेषांश का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता। (घ) जी हाँ। विकासखण्ड तेन्दूखेड़ा के ग्राम महका में पदस्थ शिक्षकों को शैक्षणिक व्यवस्था संकुल अंतर्गत शिक्षक विहीन शाला शासकीय प्राथमिक शाला पिडई माल में अस्थाई रुप से की गई है। शेषांश का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - "सात"

प्रधानमंत्री आवास योजना की मजदूरी का भुगतान

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

19. ( क्र. 258 ) श्री दिनेश राय मुनमुन : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला सिवनी में वर्ष 2019 से प्रश्‍न दिनांक तक किन पंचायतों में किन व्‍यक्तियों का प्रधानमंत्री आवास योजना ऑनलाईन सूची में नाम प्रदर्शित हो रहे है? जनपद पंचायतवार/ग्राम पंचायतवार सूची उपलब्‍ध करावें। (ख) प्रश्‍नांश '''' अनुसार उक्‍त सूची में प्रदर्शित व्‍यक्तियों को आवास स्‍वीकृत राशि कब, किसको भुगतान किया गया है? जनपद पंचायवार/नामवार सूची उपलब्‍ध करायें। (ग) क्‍या प्रधानमंत्री आवास योजना में निर्मित आवास का मजदूरी का भुगतान किया गया है? (घ) प्रश्‍नांश '''' यदि हाँ, तो शासन के नियमानुसार प्रधानमंत्री आवास योजना का मजदूरों को मजदूरी का भुगतान किया गया है? यदि हाँ, तो मजदूरों के भुगतान की नामवार सूची उपलब्‍ध करावें। (ड.) जिला सिवनी में प्रधानमंत्री आवास योजना में किन आवासों की मजदूरी न देने के संबंध में किसके द्वारा शासन एवं प्रशासन को कब शिकायतें की गई थी? उक्‍त शिकायतों पर सक्षम अधिकारी द्वारा क्‍या कार्यवाही की गई? कार्यवाही से संबंधित दस्‍तावेजों को भी उपलब्‍ध करायें। (च) क्‍या शासन विधिसम्‍मत कार्यवाही न करने वाले अधिकारी के विरूद्ध कार्यवाही करने के आदेश जारी करेगा? यदि हाँ, तो कब तक, यदि नहीं, तो क्‍यों नहीं?

पंचायत मंत्री ( श्री महेन्‍द्र सिंह सिसौदिया ) : (क) एवं (ख) जानकारी प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के पोर्टल pmayg.nic.in पर उपलब्‍ध है। (ग) जी हाँ। (घ) मजदूरी भुगतान की कार्यवार (आवासवार) जानकारी मनरेगा पोर्टल के पब्लिक डोमेन में nrega.nic.in की एमआईएस रिपोट R 6.8 पर उपलब्‍ध है। (ड.) जिले से प्राप्‍त जानकारी अनुसार जिला सिवनी में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण में आवासों की मजदूरी न देने के संबंध में सीएम हेल्‍पलाईन के माध्‍यम से शिकायतें प्राप्‍त हुई थी तथा इन शिकायतों पर कार्यवाही की  जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट  अनुसार है। (च) प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - "आठ"

कृषि खाद की उपलब्‍धता

[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]

20. ( क्र. 259 ) श्री दिनेश राय मुनमुन : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सिवनी जिले में कृषकों को खेती के लिये खाद की उपलब्‍धता की जानकारी विकासखण्‍डवार बतावें। (ख) सिवनी जिले में इस वर्ष रबी की फसल हेतु खाद (यूरिया डी.ए.पी.व एन.पी.के.) की कितनी मांग थी और मांग के विरूद्ध कितना आवंटन जिले को प्राप्‍त हुआ? प्राप्‍त आवंटन में से सहकारी समितियों को कितना उपलब्‍ध कराया गया? प्रश्‍न दिनांक तक सिवनी जिले में कितनी खाद्य वितरित की गई व कितनी शेष हैं? प्रश्‍न दिनांक तक के आवंटन वितरण एवं शेष स्‍टॉक की जानकारी बतावें। (ग) सिवनी जिले में कितनी सोसायटियों को कितना खाद (यूरिया, डीएपी व एनपीके) उपलब्‍ध कराया गया? किसानों को किये गये खाद वितरण की स्थिति क्‍या है? (घ) क्‍या किसानों को प्रदाय की जाने वाली खाद एवं बीज पर म.प्र. सरकार की ओर से जीएसटी अथवा अन्‍य कोई टैक्‍स वसूली है? यदि हाँ, तो किसान हित में सरकार टैक्‍स वसूली में राहत देते हुये जीएसटी समाप्‍त करने की कार्यवाही करेगी?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री कमल पटेल ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट  के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट  के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ग) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट  के प्रपत्र-3 अनुसार है। (घ) उर्वरकों पर जीएसटी का प्रावधान है परन्‍तु बीज पर जीएसटी लागू नहीं है। उर्वरकों पर जीएसटी समाप्‍त किये जाने का कोई प्रस्‍ताव नहीं है।

परिशिष्ट - "नौ"

विदिशा नगर में स्थित खेल स्टेडियम में उपलब्‍ध सुविधायें

[खेल एवं युवा कल्याण]

21. ( क्र. 263 ) श्री शशांक श्रीकृष्ण भार्गव : क्या खेल एवं युवा कल्याण मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) विदिशा नगर में स्थित खेल स्टेडियम में प्रचलित खेलों के लिए खिलाड़ियों के पर्याप्त सुविधायें उपलब्ध कराई गई हैं? यदि हाँ, तो किन-किन खेलों के लिए स्टेडियम में खिलाड़ियों को क्या-क्या सुविधा उपलब्ध है, के संबंध में जानकारी दें। (ख) क्या खेल विभाग द्वारा विदिशा स्थित स्टेडियम में बास्केटबॉल मैदान पर लाईट की व्यवस्था, स्टेडियम सिंथेटिक ट्रेक की व्यवस्था एवं स्टेडियम में खाली पड़ी जगह पर फुटबॉल के लिए खेल मैदान निर्माण कार्य एवं तैराकी के लिए स्वीमिंग पुल निर्माण कार्य हेतु सुविधाओं को उपलब्ध कराये जाने के संबंध में राशि स्वीकृत करेगा? हाँ, तो कब तक, नहीं तो क्यों?

खेल एवं युवा कल्याण मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) जी हाँ, विदिशा स्टेडियम में खिलाड़ियों के लिए एथलेटिक्स, बास्केटबाल, लॉन टेनिस, कुश्ती, व्हालीबॉल, कबड्डी एवं फुटबाल खेलों की आवश्‍यक सुविधायें उपलब्ध है। (ख) विदिशा स्टेडियम में बास्केटबॉल मैदान पर लाईट की व्यवस्था पूर्व से उपलब्ध है। जिला खेल परिसर, विदिशा में फुटबॉल मैदान एवं एथलेटिक ट्रेक पूर्व से उपलब्ध है। सीमित वित्‍तीय संसाधनों के दृष्टिगत विदिशा में सिंथेटिक एथलेटिक ट्रेक निर्माण वर्तमान में संभव नहीं है। स्वीमिंग पूल का निर्माण विभाग द्वारा नहीं किया जाता है। अतः शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

ग्रेवल सड़क एवं स्टाप डेम निर्माण

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

22. ( क्र. 265 ) श्री शशांक श्रीकृष्ण भार्गव : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विदिशा विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत विगत तीन वर्षों में मनरेगा की राशि से जनपद पंचायत ग्यारसपुर एवं विदिशा के ग्रामीण क्षेत्र अंतर्गत कितने ग्रेवल सड़क निर्माण कार्य एवं स्टाप डेम, तालाब जीर्णोद्धार निर्माण कार्य स्वीकृत किये गये? जनपद पंचायतवार कार्यवार जानकारी उपलब्‍ध करायें। (ख) प्रश्नांश (क) के क्रम में प्रश्‍नकर्ता द्वारा उक्त अवधि में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत ग्यारसपुर एवं विदिशा को कितने प्रस्ताव विभिन्न पत्र के माध्यम से दिये गये एवं उक्त पत्रों के संबंध में क्या कार्यवाही की गई? यदि कार्यवाही की गई है तो कार्यवाही से अवगत करावें? यदि कार्यवाही नहीं की गई तो कारण सहित जानकारी उपलब्ध करायें।

पंचायत मंत्री ( श्री महेन्‍द्र सिंह सिसौदिया ) : (क) विधानसभा क्षेत्र विदिशा अंतर्गत प्रश्‍नाधीन अवधि में मनरेगा योजना से जनपद पंचायत विदिशा में सुदूर ग्रेवल सड़क के 36, तालाब जीर्णोंद्धार के 17 तथा जनपद पंचायत ग्‍यारसपुर में सुदूर ग्रेवल सड़क के 7, तालाब जीर्णोंद्धार के 11 कार्य स्‍वीकृत किये गये हैं। स्‍टापडेम निर्माण कार्य स्‍वीकृत नहीं किये गये हैं। (ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट  अनुसार है।

परिशिष्ट - "दस"

जनपद/जिला पंचायत के मूल कर्मचारियों को वेतन भुगतान

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

23. ( क्र. 278 ) श्री हर्ष यादव : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या जनपद/जिला पंचायत के मूल कर्मचारियों को प्रत्येक माह वेतन दिए जाने एवं किस पद्धति से भुगतान किए जाने का प्रावधान है? यदि है तो नियम-निर्देश बताएं। (ख) क्या प्रश्‍नांश (क) में वर्णित पद्धति से प्रत्येक माह वेतन भुगतान हेतु पदस्थ कर्मचारियों के मान से आवंटन जारी किया जा रहा है? यदि हाँ, तो कब-कब जारी किया गया है? यदि नहीं तो क्यों? (ग) प्रत्येक माह पदस्थ कर्मचारियों के मान से आवंटन जारी न करने वाले दोषी अधिकारियों के विरुद्ध विभाग कोई कार्यवाही करेगा? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं तो क्यों? (घ) यदि प्रत्येक माह वेतन भुगतान हेतु आवंटन जारी नहीं किया जा रहा है तो क्या वेतन भुगतान व्यवस्था हेतु जनपद/जिला निधि से पूर्व की भांति वेतन भुगतान किए जाने हेतु कोई आदेश निर्देश प्रसारित किए जाएंगे? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं तो क्यों?

पंचायत मंत्री ( श्री महेन्‍द्र सिंह सिसौदिया ) : (क) जी हाँ। म.प्र. कोष संहिता भाग-एक के नियम-15 अनुसार विभागों द्वारा विभागो के कार्यालय को आहरण एवं संवितरण अधिकारी घोषित किये जाने पर म.प्र. वित्‍तीय संहिता भाग-एक के नियम-2 (9) अनुसार वह कोषालय से राशि आहरित करता है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अधीन मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी जिला एवं जनपद पंचायत आहरण एवं संवितरण अधिकारी है। बजट मैन्‍यूअल भाग-एक के ए-20 अनुसार कोषालय सर्वर के माध्‍यम से अनुदान की राशि बी.सी.ओ. द्वारा उनके डी.डी.ओ. को आवंटित करने के प्रावधान है। जिसके आधार पर जिला एवं जनपद पंचायतों को आवंटन जारी किया जाता है। जारी आवंटन के आधार पर आहरण एवं संवितरण अधिकारी (डी.डी.ओ.) द्वारा कोषालय सर्वर के माध्‍यम से संबंधित कर्मचारी के खातें में वेण्‍डर पद्धति‍ से वेतन भुगतान की कार्यवाही की जाती है। पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'''' अनुसार है। (ख) जी हाँ। पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-'''' अनुसार है। शेषांश का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता है। (ग) एवं (घ) प्रश्‍नांश '''' के उत्‍तर के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता है।

प्रदेश में स्‍थापित उद्योगों में प्रदेश के लोगों को रोजगार दिया जाना

[औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन]

24. ( क्र. 318 ) श्री सज्जन सिंह वर्मा : क्या औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में दिनांक 01 अप्रैल 2020 से प्रश्‍न दिनांक तक की अवधि में विभाग के अधीन सार्वजनिक क्षेत्रों के उपक्रमों पी.एस.यू. में कितने उद्योग, कितनी लागत से अब तक स्‍थापित किये गये हैं? स्‍थानवार एवं उद्योगवार बतायें एवं स्‍थापित उद्योगों से कितने लोगों को रोजगार मिला, संख्‍या बताये। (ख) उक्‍त अवधि में विभाग के अधीन सार्वजनिक क्षेत्रों के उपक्रमों की ओर से उद्योग लगाने और निवेश करने हेतु कितने अनुबंध राज्‍य शासन ने कब-कब किये? स्‍थानवार निवेश राशि एवं कब-कब अनुबंध किया गया तथा स्‍थापित पी.एस.यू. से कितने लोगों को रोजगार मिला है? (ग) विभाग के अधीन सार्वजनिक क्षेत्रों के उपक्रमों में कितनी लागत के कौन-कौन से अनुबंधों पर प्रश्‍न दिनांक तक कार्य प्रारंभ नहीं हो सका है? अनुबंधवार जानकारी दें एवं कितने अनुबंध समय-सीमा में कार्य प्रारंभ नहीं होने पर निरस्‍त किये गये हैं? (घ) उपरोक्‍त प्रश्‍नांश के परिप्रेक्ष्‍य में क्‍या पिछले 22 माह में प्रदेश में 648 नई औद्योगिक इकाईयां स्‍थापित हुई हैं? यदि हाँ, तो कितने हजार करोड़ रूपये का निवेश आया एवं प्रदेश के कितने लोगों को रोजगार मिला है?

औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन मंत्री ( श्री राजवर्धन सिंह प्रेमसिंह दत्‍तीगांव ) : (क) दिनांक 01 अप्रैल 2020 से प्रश्‍न दिनांक तक की अवधि में विभाग क्षेत्रांतर्गत सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों पी.एस.यू. में कोई उद्योग स्‍थापित नहीं हुआ है, अत: जानकारी निरंक है। शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) एवं (ग) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में जानकारी निरंक है। (घ) प्रदेश में उद्योग स्‍थापना हेतु अप्रैल 2020 से जनवरी 2022 तक विभाग द्वारा 687 इकाइयों को भूखण्‍ड आवंटित किये गये है एवं उक्‍त इकाइयों के अतिरिक्‍त 49 ऐसे वृहद इकाइयों द्वारा उद्योग स्‍थापना/विस्‍तार हेतु प्रस्‍ताव प्रस्‍तुत किये गये है जिनके पास पूर्व भूमि उपलब्‍ध है या भूमि आवंटन होना शेष है। इन कुल 736 इकाइयों में राशि रूपये 40,542/- करोड़ निवेश प्रस्‍तावित है एवं 89,656 रोजगार सृजन अनुमानित है।

अध्‍यापक संवर्ग की भर्ती में मध्‍यप्रदेश के उम्‍मीदवारों की उपेक्षा

[स्कूल शिक्षा]

25. ( क्र. 319 ) श्री सज्जन सिंह वर्मा : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रदेश में अध्‍यापक संवर्ग वर्ग 1 एवं 2 की भर्ती हेतु परीक्षायें वर्ष 2018 में आयोजित की गई थी? (ख) यदि हाँ, तो इनमें से किन-किन संवर्ग के अध्‍यापकों को नियुक्ति आदेश कब-कब जारी किये गये? (ग) उक्‍त चयनित अध्‍यापकों में से कितने अध्‍यापक मध्‍यप्रदेश के मूल निवासी हैं एवं कितने अध्‍यापक अन्‍य किन-किन राज्‍यों के हैं? उनकी सूची दें। (घ) क्‍या इन अध्‍यापकों की भर्ती में राज्‍य के स्‍थानीय बेरोजगार निवासियों की हितों की अनदेखी कर अन्‍य राज्‍यों के उम्‍मीदवारों का चयन कर मध्‍यप्रदेश के निवासियों के हितों पर कुठारा घात किया गया है? यदि नहीं तो उक्‍त चयन में मध्‍यप्रदेश के निवासियों को कितने प्रतिशत भर्ती किया जाना था और कितने प्रतिशत भर्ती की गई है?

राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) जी नहीं, अपितु उच्च माध्यमिक शिक्षक एवं माध्यमिक शिक्षक की भर्ती हेतु पात्रता परीक्षा वर्ष 2019 में आयोजित की गई थी। (ख) उच्च माध्यमिक शिक्षकों के नियुक्ति आदेश दिनांक 06.10.2021, 11.10.2021, 06.11.2021 एवं 12.11.2021 को जारी किए गये एवं माध्यमिक शिक्षकों के नियुक्ति आदेश दिनांक 06.10.2021, 11.10.2021 एवं 06.11.2021 को जारी किए गये। (ग) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट  अनुसार है।           (घ) जी नहीं। मध्य प्रदेश के निवासियों के लिए पृथक से कोई आरक्षण का प्रावधान नहीं है, आरक्षित श्रेणी में केवल मध्य प्रदेश के अभ्यर्थियो को ही आरक्षण का लाभ प्रदान किया गया है।

परिशिष्ट - "ग्यारह"

ग्राम रोजगार सहायक की भर्ती में अनियमितता

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

26. ( क्र. 325 ) डॉ. गोविन्द सिंह : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि          (क) भिण्‍ड जिले के विकासखण्‍ड लहार की ग्राम पंचायत मड़ोरी में वर्ष 2014 में ग्राम रोजगार सहायक की फर्जी नियुक्ति के संबंध में प्रमुख सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, कलेक्‍टर एवं मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी जिला भिण्‍ड को प्रश्‍नकर्ता सहित किन-किन व्‍यक्तियों द्वारा की गई शिकायतों पर क्‍या कार्यवाही की गई? (ख) क्‍या ग्राम रोजगार सहायक पद हेतु मान्‍यता प्राप्‍त विश्‍वविद्यालय अथवा म.प्र. शासन से मान्‍यता प्राप्‍त संस्‍था से कम्‍प्‍यूटर में एक वर्षीय डिप्‍लोमा (डीसीए) होना आवश्‍यक है एवं नियुक्ति के समय मेडिकल बोर्ड, मुख्‍य चिकित्‍सा एवं स्‍वास्‍थ्‍य अधिकारी का प्रमाण पत्र एवं सक्षम पुलिस अधिकारी द्वारा चरित्र सत्‍यापन का प्रमाण पत्र प्रस्‍तुत किया जाना अनिवार्य है? (ग) यदि हाँ, तो क्‍या बिना मेडिकल बोर्ड/मुख्‍य चिकित्‍सा एवं स्‍वास्‍थ्‍य अधिकारी के प्रमाण पत्र एवं मेघालय प्रांत का फर्जी कम्‍प्‍यूटर डिप्‍लोमा के प्रमाण पत्र प्रस्‍तुत किये जाने पर तथा थाना लहार में आई.पी.सी. की धारा 307 एवं 34 के तहत अपराध दर्ज होने के बाद भी नियुक्ति करने का कारण स्‍पष्‍ट करें? (घ) क्‍या ग्राम पंचायत मड़ौरी के सरपंच द्वारा अपने पुत्र को ही उसी ग्राम पंचायत में ग्राम रोजगार सहायक के पद पर नियुक्ति प्रदान की जाना नियमानुकूल है? यदि नहीं तो क्‍या आवेदक द्वारा दिनांक 17.10.2014 को प्रस्‍तुत चरित्र प्रमाण पत्र में अपने पिता से कोई रिश्‍ता/संबंध नहीं है को असत्‍य बताकर प्रमाण पत्र प्रस्‍तुत करने पर आई.पी.सी. की धारा 420 के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कराया जाएगा? यदि नहीं तो क्‍यों? (ड.) फर्जी दस्‍तावेजों के आधार पर नियुक्ति प्राप्‍त करने के दोषी ग्राम सहायक की सेवा कब तक समाप्‍त कर उनसे वेतन वसूली की कार्यवाही की जाएगी एवं ग्राम पंचायत मड़ोरी में ग्राम रोजगार सहायक के पद हेतु चयन समिति में कौन-कौन सदस्‍य थे? नाम एवं पद सहित बताएं। फर्जी दस्‍तावेजों के आधार पर चयन कर नियुक्ति प्रदान करने के लिए जिम्‍मेदार चयन समिति के सदस्‍यों के‍ विरूद्ध क्‍या, कार्यवाही की जाएगी? यदि नहीं तो क्‍यों?

पंचायत मंत्री ( श्री महेन्‍द्र सिंह सिसौदिया ) : (क) भिण्‍ड जिले के विकासखण्‍ड लहार की ग्राम पंचायत मड़ोरी के ग्राम रोजगार सहायक की फर्जी नियुक्ति के संबंध में प्रमुख सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, कलेक्‍टर एवं मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत भिण्‍ड को प्रश्‍नकर्ता माननीय विधायक द्वारा शिकायत की गयी है। जिसकी जांच प्रचलन में है। (ख) जी हाँ।             (ग) शिकायत की जांच की जा रही है। (घ) जी हाँ। निर्देश क्रमांक 5335 दिनांक 02.06.2012 में इसका उल्‍लेख नहीं है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ङ) प्रकरण में जांच प्रतिवेदन प्राप्‍त होने पर कार्यवाही की जावेगी। ग्राम पंचायत मड़ोरी में ग्राम रोजगार सहायक पद हेतु चयन समिति के अध्‍यक्ष तत्‍कालीन मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत लहार श्री एम.के. जैन थे एवं सदस्‍य (1) श्री आर.एस. परिहार, तत्‍कालीन प्रभारी सहायक यंत्री, (2) श्री आर.के. श्रीवास्‍तव, तत्‍कालीन अतिरिक्‍त कार्यक्रम अधिकारी, (3) श्री बी.एस. भदौरिया, तत्‍कालीन विकास विस्‍तार अधिकारी,           (4) एन.एस. रघुवंशी, पंचायत निरीक्षक, (5) ओ.पी. बिर‍बईया, सहायक लेखाधिकारी, (6) सुरेश शर्मा, तत्‍कालीन लेखापाल थे। जांच के निष्‍कर्ष अनुसार कार्यवाही की जा सकेगी।

प्रदेश में माध्‍यमिक एवं उच्‍च माध्‍यमिक शिक्षकों की भर्ती

[स्कूल शिक्षा]

27. ( क्र. 328 ) श्री मेवाराम जाटव : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या भारतीय गणराज्‍य के 73 वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर दिनांक 26 जनवरी 2022 को प्रदेश के माननीय मुख्‍यमंत्री जी ने गणतंत्र दिवस संदेश दिया था, जिसका वाचन सभी जिला मुख्‍यालयों में किया गया था? (ख) यदि हाँ, तो गणतंत्र दिवस संदेश में प्रदेश में 16 हजार से अधिक माध्‍यमिक एवं उच्‍च माध्‍यमिक शिक्षकों की भर्ती की गई है की जानकारी प्रदेश की आम जनता को दी गई थी? (ग) यदि हाँ, तो उक्‍त जानकारी किस आधार पर एवं किन स्‍त्रोतों से दी गई थी? (घ) यदि 16 हजार से अधिक शिक्षकों की भर्ती की गई है तो भर्ती किये गये शिक्षकों की पदवार संख्‍या बतायें। यदि 16 हजार शिक्षकों की भर्ती नहीं की गई है तो असत्‍य जानकारी देने के लिए कौन उत्‍तरदायी है एवं उनके विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की जायेगी? यदि नहीं तो क्‍यों? (ड.) उक्‍त भर्ती शिक्षकों में से कितनी-कितनी संख्‍या में स्‍कूल शिक्षा विभाग एवं अन्‍य विभागों के लिए भर्ती की गई इनमें राज्‍य से बाहर के कितने शिक्षकों की भर्ती की गई? कृपया पृथक-पृथक जानकारी देवें?

राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) एवं (ख) जी हाँ। (ग) उक्त जानकारी स्कूल शिक्षा एवं जनजाति कार्य विभाग द्वारा उच्च माध्यमिक एवं माध्यमिक शिक्षक की गई भर्ती के आधार पर की गई थी। (घ) जानकारी परिशिष्ट अनुसार। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ड.) जानकारी परिशिष्ट अनुसार

परिशिष्ट - "बारह"

पंचायत उपबंध नियम 2021

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

28. ( क्र. 342 ) डॉ. हिरालाल अलावा : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि           (क) मध्यप्रदेश में पंचायत उपबंध (अनुसूचित क्षेत्रों में विस्तार) नियम 2021 किस दिनांक से लागू किया गया? इस बाबत् राजपत्र में अधिसूचना का प्रकाशन किस दिनांक को हुआ? उक्त नियमों तथा राजपत्र की प्रति उपलब्ध करवाएं। (ख) प्रश्नांश (क) नियम को लेकर विभाग द्वारा सुझाव एवं आपत्तियां आमंत्रित किए जाने हेतु किन-किन विभागों, माननीय विधानसभा सदस्यों को पत्र प्रेषित किया गया? सुझाव एवं आपत्तियों के आमंत्रण हेतु सूचना किन समाचार पत्रों में प्रकाशित की गयी? प्रति-सहित उपलब्ध करवाएं। (ग) प्रश्नांश (क) नियम को लेकर निर्वाचित जन-प्रतिनिधियों से प्राप्त सुझाव, उस पर की गई कार्यवाही तथा जन-प्रतिनिधियों के साथ की गई बैठकों एवं उनके मिनिट्स का विवरण प्रति-सहित उपलब्ध करवाएं। (घ) प्रश्नांश (क) नियम के संबंध में माननीय मुख्यमंत्री एवं मुख्य सचिव मध्यप्रदेश को प्रश्‍नकर्ता द्वारा प्रेषित आपत्तियों पर क्या कार्यवाही की गई? की गई कार्यवाही से प्रश्‍न-दिनांक तक भी प्रश्‍नकर्ता को क्यों अवगत नहीं करवाया गया?

पंचायत मंत्री ( श्री महेन्‍द्र सिंह सिसौदिया ) : (क) प्रश्‍नानुसार उल्‍लेखित नियम राज्‍य में अधिसूचित नहीं हैं। अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) प्रश्‍नांश '''' संबंधी नियम को सुझाव एवं आपत्तियां आमंत्रित करने हेतु प्रकाशित नहीं किया गया है। अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट  अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट  अनुसार है। कार्यवाही प्रचलन में होने से प्रश्‍नकर्ता को अवगत नहीं कराया गया।

मनावर-उमरबन विकासखंड के स्कूलों की सामग्री

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

29. ( क्र. 343 ) डॉ. हिरालाल अलावा : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि   (क) क्या यह सही है कि मनावर एवं उमरबन विकासखंड के स्‍कूलों में मध्याह्न भोजन में गुणवत्‍तापूर्ण भोजन का वितरण नहीं किया जाता? भोजन में अंडा और (गाय-भैंस का नैचुरल) दूध नहीं दिया जाता? भोजन में परोसे जाने वाले सामग्री का ब्‍यौरा क्‍या है? (ख) जनवरी 2020 से प्रश्‍न दिनांक तक किन-किन स्कूलों में कब-कब मध्यान्‍ह भोजन की गुणवत्ता जांच की गई? (ग) मध्यान्ह भोजन योजना के अंतर्गत सेल्फ हेल्प ग्रुप (SHG) को परिवहन भत्ता प्रतिवर्ष दिया जाता है, लेकिन निचले स्तर पर किसी भी SHG को परिवहन भत्ता नहीं दिया जा रहा है और फर्जी बिल लगाए जा रहे हैं। कबतक जांच कर कार्यवाही की जाएगी? (घ) छात्रों को गणवेश में गुणवत्ता-विहीन, साइज के विपरीत कपड़े दिए गए हैं, फुल पैंट के बजाय हाफ पैंट दिए गए हैं। गणवेश में गुणवत्ता-विहीन, गलत साइज के कपड़े देनेवाले SHG की जांच कर कब तक कार्यवाही की जाएगी? (ङ) गणवेश के कपड़े SHG के बजाय शाला प्रबंधन समिति के द्वारा नहीं दिए जाने का कारण बताएं। (च) स्कूलों में 60% से ज्यादा पेयजल एवं हैंडवास यूनिट बंद पड़ी है। कब तक जांच की जाकर पेयजल एवं हैंडवास यूनिट 100% ठीक की जाएगी? कब तक निर्माणकर्ता एजेंसी के विरूद्ध कार्यवाही की जाएगी? समय-सीमा सहित बताएं।

पंचायत मंत्री ( श्री महेन्‍द्र सिंह सिसौदिया ) : (क) जी नहीं। प्रावधानित नहीं है। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट-1 अनुसार। (ख) 20 मार्च 2020 से नवम्‍बर 2021 तक कोरोनाकाल के तहत शालाएं बंद होने से प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है, जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-02 अनुसार। (ग) खाद्यान्‍न उठाव हेतु 5 रूपये प्रति क्विंटल के मान से परिवहन भत्‍ता शासन स्‍तर से पोर्टल के माध्‍यम से सीधे स्‍व-सहायता समूह के बैंक खाते में जारी किया जाता है। शेष प्रश्‍नांश उपस्थित नहीं होता। (घ) छात्र-छात्राओं को स्‍व-सहायता समूह के द्वारा निर्धारित गुणवत्‍ता एवं साइज की गणवेश प्रदाय की गई है। गणवेश में गुणवत्‍ता विहिन गलत साइज के कपड़े देने वाले स्‍व-सहायता समूह के संबंध कोई शिकायत प्राप्‍त नहीं हुई है। (ड.) म.प्र. शासन के निर्णय अनुसार गणवेश प्रदाय का कार्य स्‍वसहायता समूह को दिया गया है। जानकारी पुस्तकालय में रखे  परिशिष्‍ट-03 अनुसार(च) जी नहीं। डाईस डाटा 2020-21 अनुसार 98 प्रतिशत शालाओं में पेयजल व्‍यवस्‍था क्रियाशील है। हैंडवाश यूनिट का कार्य जल-जीवन मिशन (लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकी विभाग) द्वारा किया जा रहा है। शेष प्रश्‍नांश उपस्थित नहीं होता।

स्योड़ा पाण्डरी टेहनगूर -सिंदौस मार्ग के टेण्डर की जानकारी

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

30. ( क्र. 346 ) श्री संजीव सिंह : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि भिण्ड जिले में SPTS स्योड़ा पाण्डरी टेहनगूर -सिंदौस मार्ग के टेण्डर की लागत क्या थी? उसको पूर्ण करने का समय क्या था? क्या उक्त मार्ग के लागत को रिवाईज किया गया है? यदि हाँ, तो कितने प्रतिशत? विभाग के अनुसार टेण्डर को लागत के कितने प्रतिशत तक रिवाईज किया जा सकता है? क्या यह लागत को नियमानुसार रिवाईज किया गया है? यदि नहीं, तो दोषी अधिकारियों पर क्या कार्यवाही की गई?

पंचायत मंत्री ( श्री महेन्‍द्र सिंह सिसौदिया ) : भिण्ड जिले में भिण्ड स्योड़ा पाण्डरी टेहनगुर मार्ग का निर्माण कार्य प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजनांतर्गत कराया गया है, इसमें टेहनगुर से सिंदौस का भाग शामिल नहीं है, निर्मित किये गये मार्ग की अनुबंधित लागत संधारण कार्य सहित 2121.47 लाख रूपये थी। कार्य को पूर्ण कराने का समय 18 माह वर्षाकाल सहित था। हाँ, 31.23 प्रतिशत अधिक। अनुबंधित कार्य के स्कोप के अंतर्गत कार्य पूर्ण कराने हेतु कार्य की लागत में वृद्धि की कोई सीमा निर्धारित नहीं है। जी हाँ। प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

छात्र-छात्राओं को दिये जाने वाले टैबलेट की गुणवत्ता

[स्कूल शिक्षा]

31. ( क्र. 347 ) श्री संजीव सिंह : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या राज्य सरकार के द्वारा स्कूली छात्र-छात्राओं को टैबलेट देने की कोई योजना है? यदि हाँ, तो कितनी कीमत का टैबलेट दिया जा रहा है? किस कम्पनी/कितनी जी.बी. का टैबलेट छात्र-छात्राओं को दिया जाता है? क्या छात्र-छात्राओं को दिये जाने वाले टैबलेट की गुणवत्ता के संबंध में शिकायतें प्राप्त हुई हैं? यदि हाँ, तो उनके ऊपर क्या कार्यवाही की गई? (ख) भिण्ड में छात्र-छात्राओं को किस कंपनी के और कितनी कीमत के टैबलेट प्रदान किए गए हैं?

राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) एवं (ख) जी नहीं। शेषांश का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता।

राज्‍य की शालाओं में रामायण/गीता आदि पढ़ाना

[स्कूल शिक्षा]

32. ( क्र. 355 ) डॉ. सीतासरन शर्मा : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या यह सच है कि राज्‍य शासन द्वारा मान्‍यता प्राप्‍त शासकीय/अशासकीय शालाओं में माध्‍यमिक शिक्षा मण्‍डल/म.प्र. पाठ्य पुस्‍तक निगम द्वारा मान्‍यता प्राप्‍त पुस्‍तकों को पढ़ाया जाता है? (ख) क्‍या यह भी सच है कि प्रश्‍नांश (क) में उल्‍लेखित शालाओं में रामचरित मानस, महाभारत, गीता, बुद्ध चरित्र, महावीर स्‍वामी, गुरूनानक देव, गुरू गोविंद सिंह जी पर आधारित पुस्‍तकों को पठन-पाठन नहीं कराया जाता है? यदि हाँ, तो क्‍यों? (ग) क्‍या यह भी सच है कि एन.सी.ई.आर.टी. (राष्‍ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद्) द्वारा अनुमोदित पुस्‍तकों में संक्षिप्‍त रामायण, बाल महाभारत, बुद्ध चरित्र सम्मिलित है एवं इन्‍हें सी.बी.एस.ई. से मान्‍यता प्राप्‍त केन्‍द्रीय विद्यालयों में पढ़ाया जाता रहा है? (घ) क्‍या राज्य शासन राष्‍ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद् की तरह प्रदेश में संचालित शासकीय/अशासकीय शालाओं में रामचित मानस, महाभारत, गीता, बुद्ध चरित्र, महावीर स्‍वामी, गुरूनानक देव, गुरू गोविंद सिहं जी पर आधारित पुस्‍तकों को पाठ्यक्रम में समावेश करेगा?

राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) जी हाँ। (ख) जी नहीं। इनसे संबंधित पाठ पाठ्य पुस्‍तकों में सम्मिलित किए गए है। जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट  अनुसार। सम्‍पूर्ण पुस्‍तकों का पठन-पाठन नहीं करवाया जाता है। (ग) एन.सी.ई.आर.टी./सी.बी.एस.ई. तथा केन्द्रीय विद्यालय संस्थाओं का संबंध राज्य शासन से नहीं है। (घ) वर्तमान में ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।

परिशिष्ट - "तेरह"

खेल अधिकारी द्वारा की गई अनियमितता पर कार्यवाही

[खेल एवं युवा कल्याण]

33. ( क्र. 396 ) श्री मनोज चावला : क्या खेल एवं युवा कल्याण मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) प्रश्‍नकर्ता के प्रश्‍न क्र. 374 दिनांक 20/12/2021 में प्रेषित उत्तर में संलग्न समिति प्रतिवेदन जो वरिष्ठ अधिकारियों को प्रेषित किया गया के संबंध में वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा क्या कार्यवाही प्रश्‍न दिनांक तक की गई है। (ख) उक्त प्रश्‍न के उत्तर के साथ संलग्न समिति के प्रतिवेदन में कहा गया है कि रतलाम के तत्कालीन जिला खेल अधिकारी मुकुल बेंजामिन द्वारा जांच में कोई सहयोग प्रदान नहीं किया जा रहा है उनके द्वारा पुलिस अधीक्षक जिला रतलाम से कार्यवाही हेतु कहा गया है क्या पुलिस अधीक्षक जिला रतलाम को कार्रवाई हेतु निर्देशित किया गया है? (ग) क्या समिति के प्रतिवेदन से यह स्पष्ट है कि इसमें लाखों रुपए का भ्रष्टाचार किया गया है बावजूद इसके संबंधित पर कोई कार्यवाही क्‍यों नहीं की जा रही है? (घ) बताएं कि इतना लंबा समय बीत जाने के बावजूद भी संबंधित जिला खेल अधिकारी और अधीनस्थ कर्मचारी पर कार्यवाही क्यों नहीं की जा रही है? गठित समिति का प्रतिवेदन वरिष्ठ अधिकारियों को प्रेषित करने के बाद आज दिनांक तक क्या कार्यवाही की गई है? (ड.) क्या संबंधित के खिलाफ भ्रष्टाचार के संबंध में एफ.आई.आर. दर्ज करा दी गई हैं? यदि नहीं तो कब तक करा दी जाएगी?

खेल एवं युवा कल्याण मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) संचालनालय पत्र क्र. 7257 दिनांक 15.12.2021 एवं पत्र क्र. 9239 दिनांक 08.02.2022 द्वारा जांच प्रतिवेदन उपलब्ध कराने हेतु समिति को पुनः निर्देशित किया गया हैं। (ख) जी नहीं। संचालनालय स्तर पर गठित समिति द्वारा जांच की जा रही है समिति द्वारा पत्र क्र. 7863 दिनांक 30.12.2021 द्वारा तत्कालीन जिला खेल और युवा कल्याण अधिकारी जिला रतलाम को दिनांक 10.01.2022 को प्रस्तुत दस्तावेज क्रमबद्ध करते हुए उपस्थित होने के निर्देश दिए। श्री बैंजामिन उपस्थित हुए किन्तु दस्तावेज क्रमबद्ध न होने कारण पत्र क्र. 8438 दिनांक 17.01.2022 द्वारा पुनः दिनांक 24.01.2022 को उपस्थित होने हेतु निर्देशित किया गया श्री बैजामिन उक्त दिनांक को उपस्थित हुए किन्तु समिति की मुख्य सदस्य उप संचालक (वित्त) कोविड पॉजीटिव होने के कारण जांच नहीं हो सकी। (ग) जांच उपरांत गुण-दोष पर विचार कर कार्यवाही की जा सकेगी। (घ) प्रकरण में जांच प्रचलित है। कोरोना महामारी के कारण जांच में विलम्ब हुआ है। संचालनालय पत्र क्र. 7257 दिनांक 15.12.2021 एवं पत्र क्र. 9239 दिनांक 08.02.2022 द्वारा जांच प्रतिवेदन उपलब्ध कराने हेतु समिति को पुनः निर्देशित किया गया हैं। (ड.) जी नहीं। जांच उपरांत, गुण-दोष के आधार पर कार्यवाही की जा सकेगी। अतः शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

 

कक्षा 8वीं तक संचालित दक्षता उन्नयन कार्यक्रम पर व्‍यय राशि

[स्कूल शिक्षा]

34. ( क्र. 398 ) श्री संजय शुक्ला : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या मध्यप्रदेश शासन द्वारा कक्षा 8वीं तक दक्षता उन्नयन कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है? इस पर कितनी-कितनी राशि पिछले 05 वर्षों में व्यय की गई? विवरण बतावें? (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में यदि हाँ, तो इन्दौर जिला अन्तर्गत पिछले 05 वर्षों से माह फरवरी 2022 तक कक्षा 6 से 8 तक कितने बच्चे अंकुर एवं तरूण समूह में चयनित किये गए? इन्दौर जिले की जानकारी विधानसभावार बतावे? (ग) प्रश्नांश (ख) के संदर्भ में क्या चयनित किये गये बच्‍चे अंकुर एवं तरूण समूह के छात्र शब्द स्तर के होने से पुस्तक पढ़ने एवं लिखने में असमर्थ हैं? हाँ या नहीं? स्पष्‍ट करें? (घ) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में यदि हाँ, तो अंकुर एवं तरूण समूह के बच्चे कक्षा 6वीं,7वीं की लिखित परीक्षा उर्त्‍तीण कर 8वीं कक्षा तक कैसे पहुँच रहे हैं? स्पष्ट करें?

राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) जी हाँ। विवरण  पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट -क अनुसार। (ख) इन्‍दौर जिले की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट - अ एवं ब अनुसार(ग) जी नहीं। केवल अंकुर समूह के बच्‍चे शब्‍द स्‍तर पर होते है। (घ) नि:शुल्‍क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 की धारा 16 में प्रावधान है कि ''किसी विद्यायल में प्रवेश प्राप्‍त बालक किसी कक्षा में नहीं रोका जायेगा''। अधिनियम के प्रावधान अनुसार बच्‍चे कक्षोन्‍नत हुए हैं।

स्व-सहायता समूहों के संबंध में

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

35. ( क्र. 402 ) श्री राकेश गिरि : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 43 टीकमगढ़, क्षेत्रान्तर्गत नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित विद्यालयों में पीएम पोषण (मध्यान्ह भोजन) बनाने का कार्य स्व-सहायता समूहों को दिया गया है? (ख) प्रश्नांश '''' यदि हाँ, तो पंजीकृत एवं सक्रिय स्व-सहायता समूहों को सूची एवं समूह आवंटित विद्यालयों की जानकारी उपलब्‍ध करायें। (ग) प्रश्नांश '''' अनुसार सक्रिय स्व-सहायता समूहों के पदाधिकारी/सदस्यगण क्या गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले (बी.पी.एल.) सूची में दर्ज परिवारों के सदस्य हैं? यदि हाँ, तो किस ग्राम/नगर/वार्ड की बी.पी.एल. सूची में दर्ज है? (घ) प्रश्नांश '''' यदि नहीं तो क्या ऐसे समूहों अथवा समूह के पदाधिकारी/सदस्यों को पीएम पोषण कार्य से पृथक किया जायेगा? यदि हाँ, तो समय-सीमा बतायें। यदि नहीं तो कारण बतायें। ऐसे समूह व उसके पदाधिकारी/सदस्यों के संबंध में जांच क्यों नहीं की गई? इसके लिये कौन दोषी है? दोषी के विरूद्ध कब तक और क्या कार्यवाही की जावेगी?

पंचायत मंत्री ( श्री महेन्‍द्र सिंह सिसौदिया ) : (क) ग्रामीण क्षेत्रों में पीएम पोषण का संचालन           स्व-सहायता समूहों के माध्यम से एवं नगरीय क्षेत्रों में स्वयंसेवी सस्थाओं एवं शाला प्रबंधन समितियों के माध्यम से किया जा रहा है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट  अनुसार है। (ग) शासन के निर्देश दिनांक 05.08.2020 के क्रम में बी.पी.एल. रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाली महिलाओं के समूहों को प्राथमिकता दी गई है। शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट  अनुसार है। (घ) उत्तरांश () के क्रम में प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता है।

अनुदानित कृषि योजनाएं

[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]

36. ( क्र. 405 ) श्री लखन घनघोरिया : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग जिला जबलपुर को राज्य एवं केन्द्र प्रवर्तित संचालित किन-किन अनुदानित योजनाओं में कितनी-कितनी राशि आवंटित की गई तथा कितनी-कितनी राशि का उपयोग किया गया? कितनी राशि का उपयोग नहीं किया गया एवं क्यों? किन-किन योजनाओं ने हितग्राही कितने-कितने कृषकों को अनुदान (सब्सिडी) की कितनी-कितनी राशि दी गई है। कितनी राशि का भुगतान नहीं किया गया है एवं क्यों? योजनाओं की लक्ष्य पूर्ति बतलावें। वर्ष 2019-20 से 2021-22 तक की जानकारी दें। (ख) प्रश्नांकित किन-किन योजनाओं में लाभांवित कितने-कितने हितग्राही कृषकों को कितनी-कितनी राशि के कौन-कौन से कृषि यंत्र/उपकरण ट्रैक्टर, सीडड्रिल आदि दिये गये हैं? उन्हें अनुदान की कितनी-कितनी राशि दी गई है तथा कितनी राशि नहीं दी गई हैं एवं क्यों? इसका सत्यापन किसने किया है? कृषकों की संख्‍या की सूची दें। (ग) प्रश्नांकित किन-किन योजनाओं में कितनी-कितनी राशि के कितनी-कितनी मात्रा में कृषि यंत्र/उपकरण, ट्रैक्टर सीडड्रिल आदि का कब कहाँ-कहाँ से किस दर पर क्रय किया गया है तथा कितने हितग्राही कृषकों को सीधे डीलर विक्रेताओं के माध्यम से प्रदाय किये गये हैं? क्या शासन अनुदान राशि के विवरण में वित्‍तीय अनियमितता, भ्रष्टाचार की जांच कराकर दोषी अधिकारियों पर कार्यवाही करेगा?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री कमल पटेल ) : () जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। () कृषि यंत्र/उपकरण ट्रैक्टर, सीडड्रिल आदि की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र- 2 अनुसार है। ऑनलाईन डीबीटी व्‍यवस्‍था अंतर्गत सामग्री का सत्‍यापन जिला सहायक कृषि यंत्री/उप यंत्री द्वारा किया गया है। () कृषकों द्वारा कृषि यत्रों का क्रय पंजीकृत निर्माताओं के द्वारा नियुक्‍त डीलरों से ही किया गया है। यंत्र का नाम एवं उसकी दर की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र- 2 अनुसार है। अनुदान राशि के वितरण में वित्‍तीय अनियमितता नहीं हुई है। ऐसे में जांच करा कर दोषी अधिकारियों पर कार्यवाही का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

सी.एम. राइज स्कूल योजना अंतर्गत चिन्हित स्कूलों की सूची

[स्कूल शिक्षा]

37. ( क्र. 431 ) श्री विनय सक्सेना : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या सी.एम.राइज विद्यालय परियोजना अंतर्गत संचालनालय स्कूल शिक्षा विभाग, भोपाल द्वारा दिनांक 03/11/21 को जारी परिपत्र में उक्त योजना हेतु प्रस्तावित 276 विद्यालयों की संलग्‍न सूची में सरल क्रमांक 129 में जबलपुर के सबसे बड़े कन्या विद्यालय, शा.कन्या उ.मा. विद्यालय एम.एल.बी जबलपुर का नाम अंकित था? (ख) क्या आगामी प्रक्रिया के दौरान जब दिनांक 21/11/21 को शासन से उक्त चयनित विद्यालयों को साधन संपन्न बनाने व योजना अंतर्गत शामिल करने की स्वीकृति ली गयी तो उक्त सूची के सरल क्रमांक 129 में अंकित शा.कन्या उ.मा. विद्यालय एम.एल.बी जबलपुर का नाम हटाकर शेष 275 विद्यालयों की स्वीकृति ली गयी? यदि हाँ, तो ऐसा क्यों किया गया? उक्त स्कूल को सी.एम.राइज राइज विद्यालय योजना अंतर्गत शामिल करने से लेकर विलोपन तक हुई समस्त प्रक्रिया के दस्तावेज प्रदान करें। (ग) क्या सी.एम. राइज योजना अंतर्गत चिन्हित विद्यालय में अध्यापन हेतु शैक्षणिक अमले का चयन परीक्षा के माध्यम से किया गया है? यदि हाँ, तो उक्त विद्यालय के कितने वर्तमान कार्यरत शिक्षक परीक्षा में सम्मिलित हुए थे? उसमे से किन-किन का चयन हुआ? (घ) इतनी महत्वपूर्ण योजना से उक्त स्कूल का नाम हटाने में कौन-कौन अधिकारी जिम्मेदार हैं? उन पर क्या-क्या कार्यवाही की जावेगी?
राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) जी हाँ। (ख) जी नहीं। संचालनालय से जारी पत्र दिनांक 03.11.2021 में शिक्षकों के चयन प्रक्रिया के संबंध में लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा प्रथम चरण हेतु प्रस्तावित सीएम राइज़ विद्यालयों की सूची जारी की गई थी, अंतिम सूची विभागीय के आदेश क्रमांक एफ 44-02/2020/20-2 दिनांक 21.11.2021 के तहत जारी की गई है। चूंकि शासकीय कन्या उ.मा.वि. एम.एल.बी. जबलपुर का नाम विलोपित न होकर सीएम राइज़ योजना के द्वितीय चरण हेतु प्रस्तावित विद्यालयों की सूची में सम्मिलित हैं, अतएव शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी हाँ, लिखित परीक्षा आयोजित हो चुकी है, परिणाम घोषित नहीं हुए है। शा.क.उ.मा.वि. एम.एल.बी. जबलपुर से वर्तमान में कार्यरत 07 शिक्षक परीक्षा में सम्मिलित हुए थे, परिणाम घोषित न होने से शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) उत्तरांश () के परिप्रेक्ष्य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा संचालित योजनाएं

[खेल एवं युवा कल्याण]

38. ( क्र. 442 ) श्री महेश राय : क्या खेल एवं युवा कल्याण मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या खेल एवं युवा कल्याण के अन्तर्गत युवाओं के लिए वर्तमान में कौन सी योजनाये संचालित है? यदि हाँ, तो इन योजनायों के क्रियान्वयन खेल सामग्री तथा बजट सम्बंधित प्रावधान का सम्पूर्ण विवरण बतावें? (ख) विधानसभा बीना में युवाओं के प्रोत्साहन हेतु कौन सी योजनाये संचालित है? कौन सी योजनाये संचालित नहीं है? कारण सहित विवरण बतावें? (ग) विधानसभा बीना के युवाओं को विभिन्न खेलों के लिय उपकरण एवम खेल सामग्री उपलध कराने का प्रावधान है यदि हाँ, तो विगत 5 वर्षों में विभाग द्वारा विधानसभा बीना के युवाओं के लिए वितरित खेल सामग्री की सम्पूर्ण जानकारी का विवरण बतावें? (घ) विधानसभा बीना के युवाओं को विभिन्न खेलों के लिय उपकरण व खेल सामग्री कब तक उपलब्ध करा दी जायेगी?

खेल एवं युवा कल्याण मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) खेल एवं युवा कल्याण के अन्तर्गत युवाओं के लिए संचालित योजनाओं, क्रियान्वयन, खेल सामग्री तथा बजट संबंधित प्रावधान की  जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। माननीय विधानसभा सदस्‍यगणों की खेलों में प्रोत्‍साहन में सहभागिता हेतु विभाग द्वारा "विधायक कप" का आयोजन किया जाता है, साथ ही साथ खेल संघ/संस्‍था को भी खेल प्रतियोगिता हेतु वित्‍तीय सहायता प्रदान की जाती है। (ख) विभाग द्वारा विधानसभावार योजनाएं संचालित नहीं की जाती है। युवाओं के प्रोत्साहन हेतु बीना विकासखण्‍ड में संचालित योजनाओं की  जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र-ब अनुसार है। (ग) विभाग द्वारा विधानसभावार खेल सामग्री आवंटित नहीं की जाती है। खेल सामग्री हेतु जिले को आवंटित राशि से बीना विकास खण्ड हेतु जिला स्तर पर क्रय खेल सामग्री/उपकरण की  जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र-स अनुसार है। (घ) माननीय सदस्य के प्रस्ताव अनुसार बीना हेतु दिनांक 28/01/2022 को 1-कबड्डी मेट्स उपलब्ध करवाया गया है। खेल सामग्री क्रय हेतु जिला सागर द्वारा उन्हें आवंटित राशि रू. 7.00 लाख से खेल सामग्री क्रय कर ली गई है जिसे बीना सहित जिले के समस्त खेल प्रशिक्षण केन्द्रों को उपलब्ध करवाने की कार्यवाही प्रचलित है।

मण्‍डी सचिव की प्रतिनियुक्ति समाप्‍त कर कार्यवाही

[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]

39. ( क्र. 443 ) श्री राकेश मावई : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या यह सही है कि मुरैना मण्‍डी में वर्ष 2004 से 2010 तक के दौरान रेलवे रैक से अवैध रूप से कृषि उपज का क्रय विक्रय किया गया? यदि हाँ, तो किस-किस कृषि उपज का कब-कब, कितनी-कितनी राशि का अवैध क्रय-विक्रय किस-किस अधिकारी द्वारा किया गया? वर्षवार, राशि सहित जानकारी देवें। (ख) क्‍या यह सही है कि प्रश्‍नांश (क) अनुसार कृषि उपज के अवैध क्रय विक्रय से मुरैना मण्‍डी को करोड़ों रूपए के राजस्‍व की हानि हुई जिसकी जांच मण्‍डी बोर्ड भोपाल के अधिकारियों द्वारा की गई यदि हाँ, तो इसमें कौन-कौन से अधिकारी दोषी पाए गए? उनके नाम एवं पद सहित जानकारी देवें। (ग) क्‍या प्रश्‍नांश (ख) अनुसार हुई जांच में दोषी पाए गए तत्‍कालीन मण्‍डी सचिवों की प्रतिनियुक्ति समाप्‍त करके उन्‍हें निलंबित भी किया गया? यदि हाँ, तो किस-किस की प्रतिनियुक्ति समाप्‍त करके निलंबित किया गया? नाम सहित जानकारी देवें। (घ) क्‍या यह भी सही है कि मण्‍डी राजस्‍व क्षति के लिए जिम्‍मेदार अधिकारी श्री शिवप्रताप सिकरवार को दण्डित न करते हुए मण्‍डी बोर्ड द्वारा उनकी पुन: प्रतिनियुक्ति मुरैना मण्‍डी सचिव के पद पर की गई? यदि हाँ, तो उनकी प्रतिनियुक्ति समाप्‍त करके उनके विरूद्ध निलंबन की कार्यवाही कब की जायेगी? यदि नहीं तो क्‍यों? शिव प्रताप सिकरवार की प्रतिनियुक्ति समाप्‍त करके मूल विभाग में कब तक वापिस कर दिया जावेगा?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री कमल पटेल ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

प्‍याज बीज खरीदी घोटाले के दोषि‍यों के विरूद्ध कार्यवाही

[उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण]

40. ( क्र. 444 ) श्री राकेश मावई : क्या राज्य मंत्री, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या यह सही है कि प्रश्‍नकर्ता के तारांकित प्रश्‍न क्रमांक 397वें दिनांक 20-12-2021 के प्रश्‍नांश (ग) के उत्‍तर में यह बताया गया कि वर्ष 2021 में उद्यानिकी संचालनालय द्वारा खरीफ मौसम हेतु प्‍याज बीज राष्‍ट्रीय बागवानी अनुसंधान एवं विकास प्रतिष्‍ठान (एन.एच.आर.डी.एफ.) से कृषकों को 7960 कि. ग्राम प्‍याज बीज 2300 रू. प्रति किलोग्राम की दर से खरीदा गया। यदि हाँ, तो बीज उत्‍पादक संस्‍था एन.एच.आर.डी.एफ. द्वारा प्‍याज बीज के स्‍त्रोत कहाँ-कहाँ से प्राप्‍त किये? एन.एच.आर.डी.एफ. द्वारा उत्‍पादित प्‍याज बीज एवं उद्यानिकी विभाग को प्रदाय प्‍याज बीज के स्‍त्रोत एवं टैंग की सम्‍पूर्ण जानकारी बतावें। यदि एन.एच.आर.डी.एफ. के पास प्‍याज के बीज स्‍त्रोत की जानकारी नहीं है तो किसानों के साथ धोखाधड़ी करना एवं शासन को राजस्‍व की हानि पहुँचाना माना जायेगा। क्‍या इसकी उच्‍च स्‍तरीय जांच कराई जायेगी? बीज सप्‍लाई आदेशकर्ता उद्यानिकी आयुक्‍त श्री मनोज अग्रवाल को निलंबित कर उसके विरूद्ध आपराधिक प्रकरण दर्ज किया जायेगा? यदि नहीं तो क्‍यों? (ख) प्रश्‍नकर्ता तारांकित प्रश्‍न क्रमांक 397 दिनांक 20-12-21 के प्रश्‍नांश (ग) में यह भी बताया गया कि आर्थिक अन्‍वेषण ब्‍यूरो भोपाल को 25-10-2021 में प्‍याज बीज खरीदी घोटाले का शिकायती पत्र दिया गया? शिकायत पर जांच प्रचलित बताई गई? क्‍या प्‍याज बीज खरीदी घोटाले की जांच पूरी की जा चुकी है और जांच में कौन-कौन दोषी पाया गया? क्‍या दोषियों पर आपराधिक प्रकरण दर्ज किया गया? यदि हाँ, तो जांच प्रतिवेदन सहित सम्‍पूर्ण विवरण देवें। यदि प्रकरण दर्ज नहीं किया गया तो क्‍यों?

राज्य मंत्री, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण ( श्री भारत सिंह कुशवाह ) : (क) जी हाँ, बीज उत्‍पादक संस्‍था राष्‍ट्रीय बागवानी अनुसंधान एवं विकास प्रतिष्‍ठान (NHRDF) के द्वारा प्‍याज बीज प्राप्ति के स्‍त्रोत की जानकारी उपलब्‍ध कराई गईजानकारी संलग्‍न परिशिष्ट  अनुसार है। कार्यवाही प्रचलन में है। (ख) जी हाँ। जांच की कार्यवाही प्रचलन में है।

परिशिष्ट - "चौदह"

भवन विहीन संचालित हाई एवं हायर सेकेण्‍डरी स्‍कूल

[स्कूल शिक्षा]

41. ( क्र. 456 ) श्री महेश राय : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र बीना के अन्तर्गत कितने हाई स्कूल और हायर सेकेण्‍डरी भवनविहीन है? यदि हाँ, तो वर्तमान में किसके भवन में संचालित है सूची उपलब्ध करायी जाये? (ख) विधानसभा क्षेत्र बीना का शासकीय हाई स्कूल बेसराकसोई 15 वर्षों से संचालित है छात्र दर्ज संख्या लगभग 400 है इसके उपरांत भी आज दिनाक तक संस्था का भवन स्वीकृत नहीं हुआ है उक्त सम्बन्ध में विभाग को और मंत्रालय को तथा विधानसभा के माध्यम से कई बार अवगत कराया गया है? विभाग द्वारा क्या कार्यवाही की गयी है? (ग) प्रश्नांश (ख) के अनुसार शासकीय हाई स्कूल बेसराकसोई का भवन कब तक स्वीकृत किया जायेगा? (घ) प्रश्नांश (ग) के अनुसार समयवधि सहित बतावे?

राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) प्रश्नाधीन विधान सभा क्षेत्र में 04 हाई स्कूल भवन विहीन है, जो माध्यमिक शालाओं के भवन में संचालित है। जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार(ख) विभागीय हाई/हायर सेकेण्डरी स्कूल भवनों का निर्माण बजट की उपलब्धता तथा सक्षम समिति की स्वीकृति पर निर्भर करता है। सीमित संसाधनों के दृष्टिगत निर्माण स्वीकृति जारी नहीं की जा सकी। (ग) एवं (घ) भवन निर्माण की स्वीकृति बजट उपलब्धता पर निर्भर करती है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

परिशिष्ट - "पंद्रह"

खरगोन जिले में मैंट्स, एरिना की स्‍वीकृति

[स्कूल शिक्षा]

42. ( क्र. 476 ) श्री सचिन सुभाषचन्‍द्र यादव : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (‍क) शासकीय शाला परिसरों में खेलों में बढ़ावा देने के लिए खरगोन जिले में           कहाँ-कहाँ मैंट्स/एरिना की स्थापना की गई है? (ख) विधानसभा क्षेत्र कसरावद में मैंट्स/एरिना के कितने शालाओं के प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं? (ग) कब तक इन शालाओं को मैंट्स/एरिना प्रदान की जाएगी?
राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) खरगोन जिले में निम्न शालाओं में मैंट्स एरिना की स्थापना खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा की गईः- 1. शासकीय उत्कृष्ट उ.मा.वि., भगवानपुरा 2. शासकीय उ.मा.वि. बमनाला 3. शासकीय उत्कृष्ट उ.मा.वि. महेश्वर 4. शासकीय उत्कृष्ट उ.मा.वि. बडवाह  (ख) किसी भी शाला का प्रस्ताव प्राप्त नहीं हुआ। (ग) उत्तरांश '''' के प्रकाश में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

खरगोन जिले में युवाओं को रोजगार का प्रदाय

[तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोज़गार]

43. ( क्र. 478 ) श्री सचिन सुभाषचन्‍द्र यादव : क्या खेल एवं युवा कल्याण मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) खरगोन जिले में प्रश्‍न दिनांक तक कितने बेरोजगार रजिस्टर्ड हैं?                      (ख) उपरोक्त में से कितने बेरोजगार एक वर्ष या उससे अधिक अवधि से रजिस्टर्ड हैं?                         (ग) 1 जनवरी, 21 से प्रश्‍न दिनांक तक जिले में कितने बेरोजगारों को रोजगार उपलब्ध कराया गया? (घ) क्या शासन ने जिले के बेरोजगारों की सहायता/मार्गदर्शन के लिए कोई योजना चलाई है? यदि हाँ, तो उपरोक्त अवधि में कितने बेरोजगारों को सहायता/मार्गदर्शन दिया गया? (ङ) क्या शासन ने जिले के बेरोजगारों को कोई आर्थिक सहायता दी है? यदि हाँ, तो विवरण देवें?

खेल एवं युवा कल्याण मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) प्रश्‍न अवधि में खरगोन जिले में 58571 आवेदक पंजीकृत है। (ख) एक वर्ष या उससे अधिक अवधि से पंजीकृत आवेदकों की संख्‍या 50249 है। (ग) प्रश्‍न अवधि में खरगोन जिले में 3438 आवेदकों को निजी क्षेत्र में रोज़गार हेतु ऑफर लेटर प्रदान किये गये। (घ) जी हाँ। 220 युवाओं को केरियर कॉउन्सिलिंग योजना से मार्गदर्शन दिया गया। (ड.) जी नहीं।

रीठी तहसील अंतर्गत किसानों को बीज वितरण

[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]

44. ( क्र. 484 ) श्री प्रणय प्रभात पाण्डेय : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में कृषकों को बीज वितरण की कृषि विभाग की कौन-कौन सी योजनायें प्रचलन में हैं? इनके क्रियान्वयन के क्या नियम, दिशा निर्देश हैं? सभी योजनाओं की छायाप्रति देवें। (ख) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित योजनाओं से कटनी जिला अंतर्गत रीठी विकासखण्‍ड के कितने ग्रामों के कितने कृषक विगत 2 वर्षों में लाभान्वित हुये, उन्हें खरीफ एवं रबी में कौन-कौनसी फसल के बीज योजनान्‍तर्गत उपलब्‍ध कराकर कितना-कितना अनुदान दिया गया,योजनावार जानकारी देवें। (ग) प्रश्नांश (ख) में उल्लेखित बीज वितरण का कार्यक्रम किन-किन जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में आयोजित किये गये? सूची देवें। (घ) उल्लेखित बीज वितरण की सूचियां किन प्राथमिकता के आधार पर किस-किस के द्वारा बनाई गई? उनका अनुमोदन एवं वितरण का सत्यापन किस-किस अधिकारियों द्वारा किया गया? यह भी बतलावें कि क्या शासन बीज वितरण में हुई गड़बड़ियों की जांच कराकर दोषियों पर कार्यवाही करेगा?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री कमल पटेल ) : (क) प्रदेश में कृषकों को बीज वितरण की कृषि विभाग की संचालित योजनाओं की जानकारी एवं इनके क्रियान्‍वयन के दिशा-निर्देश की  जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) प्रश्‍नांश (क) में उल्‍लेखित योजनाओं से कटनी जिला अंतर्गत रीठी तहसील के ग्रामों में विगत दो वर्षों में लाभान्वित हुये कृषकों की जानकारी सीजनवार (खरीफ एवं रबी), वर्षवार, योजनावार, बीजवार, मात्रावार, ग्राम संख्‍यावार दिये गये अनुदान राशि की  जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र- 3 अनुसार है। (घ) उल्‍लेखित बीज वितरण की सूचियां प्रथम आये प्रथम पाये के आधार पर क्षेत्रीय ग्रामीण कृषि विस्‍तार अधिकारी द्वारा तैयार कर वितरण कराया गया तथा उनका अनुमोदन जनपद पंचायत की कृषि स्‍थाई समिति रीठी द्वारा किया गया एवं वितरण का सत्‍यापन योजना के दिशा निर्देशानुसार किया गया है। बीज वितरण में किसी प्रकार की गड़बड़ी न होने से कार्यवाही का प्रश्‍न ही उद्भूत नहीं होता।

नवीन आई.टी.आई. की स्वीकृति

[तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोज़गार]

45. ( क्र. 486 ) श्री संजय उइके : क्या खेल एवं युवा कल्याण मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या यह सही है कि, विभाग द्वारा आदिवासी क्षेत्रों के युवकों एवं युवतियों को विभिन्न उद्योगों में एक तकनीशियन के रूप में कार्य करने का मौका देने एवं स्वयं का व्यवसाय प्रारंभ कर सकने के लिए व्यावसायिक तकनीकी पाठ्यक्रम हेतु आई.टी.आई. संचालित करता है? (ख) यदि हाँ, तो, बैहर विधानसभा क्षेत्रांतर्गत स्थित गढी जो कि ब्लॉक मुख्यालय एवं तहसील मुख्यालय से 40 कि.मी. की दूरी पर है, गढी के आस-पास 50 ग्राम है जहाँ के युवकों एवं युवतियों के प्रशिक्षण हेतु नवीन आई.टी.आई. की आवश्यकता है, क्या विभाग गढी में नवीन आई.टी.आई. की स्वीकृति प्रदान करेगा?

खेल एवं युवा कल्याण मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) जी हाँ। (ख) बैहर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत बैहर एवं बिरसा विकासखण्‍ड सम्मिलित है। बैहर विकासखण्‍ड में 01 शासकीय आई.टी.आई. एवं 02 प्रायवेट आई.टी.आई. संचालित है एवं बिरसा विकासखण्‍ड में 02 शासकीय आई.टी.आई. संचालित है। विभाग की नीति प्रत्‍येक विकासखण्‍ड में 01 आई.टी.आई. खोलने की है। ग्राम गड़ी में नवीन आई.टी.आई. की स्‍थापना किया जाना नीति अंतर्गत नहीं है।

इन्दौर जिला अन्तर्गत स्टेडियम का निर्माण

[खेल एवं युवा कल्याण]

46. ( क्र. 489 ) श्री संजय शुक्ला : क्या खेल एवं युवा कल्याण मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) इन्दौर जिला अन्तर्गत हॉकी, फुटबाल व अन्य खेलों के लिये स्टेडियम की मांग कि जा रही है? (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में क्या मध्यप्रदेश कि औद्योगिक एवं खेलों कि राजधानी इन्दौर में खेलों को प्रोत्सा‍हन देने हेतु खेल अकादमी का निर्माण किया जायेगा? हाँ या नहीं? यदि हाँ, तो कब तक? (ग) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में क्या खेल विभाग द्वारा विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 01 अन्तर्गत कुश्ती अकादमी अथवा अन्य खेलों के लिये अकादमी खेलों का प्रावधान करेगा? हाँ या नहीं? यदि हाँ, तो कब तक। यदि नहीं तो कारण स्पष्ट‍ करें?

खेल एवं युवा कल्याण मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) जी हाँ। (ख) शासन के सीमित संसाधनों को दृष्टिगत रखते हुये इंदौर में खेल अकादमी की स्‍थापना हेतु वर्तमान में प्रस्‍ताव विचाराधीन नहीं है। (ग) प्रश्‍नोत्तर "ख" के संदर्भ में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

रीवा जिले में संचालित मिट्टी परीक्षण प्रयोगशालाएं

[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]

47. ( क्र. 495 ) श्री दिव्‍यराज सिंह : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मण्डी बोर्ड द्वारा संचालित तथा किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग को हस्तांतरित 26 मिट्टी परीक्षण प्रयोगशालाओं में कार्यरत प्रयोगशाला प्रभारी तथा लैब टेक्नीशियन की सेवाएं विभाग की किस संस्था के अधीन हैं तथा किस संस्था द्वारा उक्त कर्मचारियों का मानदेय बढ़ाया जावेगा, जो कि अन्तिम बार दिनांक 09.05.2013 को बढ़ाया गया था? (ख) क्या उक्त प्रयोगशालाओं में कार्यरत संविदा कर्मचारियों पर मध्यप्रदेश शासन की 05 जून 2018 की नीति लागू की गई है? यदि नहीं तो कब तक लागू की जावेगी तथा समकक्ष नियमित पदों का 90 प्रतिशत वेतनमान का लाभ कब तक दिया जावेगा? (ग) क्या उक्त प्रयोगशालाओं में कार्यरत संविदा कर्मचारियों को ई.पी.एफ./राष्ट्रीय पेंशन योजना का लाभ दिया जा रहा है? यदि नहीं तो क्यों? (घ) उक्त प्रयोगशालाओ को किन नियम व शर्तों के अधीन हस्तांतरित किया गया है तथा उक्त शर्तों में क्या कर्मचारी हितों का ध्यान रखा गया है अथवा नहीं?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री कमल पटेल ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

जिला शिक्षा केन्‍द्र पर नियुक्‍त कर्मचारियों की जानकारी

[स्कूल शिक्षा]

48. ( क्र. 504 ) श्री प्रियव्रत सिंह : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला शिक्षा केन्‍द्र राजगढ़ में नियुक्‍त लेखापाल, सी.एस.सी. व ए.पी.सी. पद के अनुसार निर्धारित मापदण्‍ड क्‍या हैं? क्‍या इनका पालन किया गया है? प्रत्‍येक पद के साथ नियुक्‍त कर्मचारी का मापदण्‍ड के अनुसार विवरण उपलब्‍ध कराएं। (ख) क्‍या लेखापाल सी.एस.सी. व ए.पी.सी. के पद पर नियुक्‍त कर्मचारी निर्धारित योग्‍यता रखते हैं? निर्धारित योग्‍यता सहित कर्मचारियों का विवरण उपलब्‍ध कराएं। (ग) प्रतिनियुक्‍त पर कितने कर्मचारी कार्यरत हैं? पद पर कार्य करने की अवधि, नाम व पद सहित जानकारी उपलब्‍ध कराएं। क्‍या प्रतिनियुक्ति पर नियुक्‍त कर्मचारी आयु, योग्‍यता नियुक्ति अवधि संबंधी मापदण्‍ड पूर्ण करते हैं? यदि नहीं, तो क्‍या कार्यवाही की जा रही है?                       (घ) जिला शिक्षा केन्‍द्र राजगढ़ के अतंर्गत आने वाले समस्‍त छात्रावासों में नियुक्‍त वार्डन से संबंधित निर्धारित मापदण्‍ड की पदनाम सहित जानकारी उपलब्‍ध कराएं। क्‍या इन सभी की वार्डन के लिए निर्धारित मापदण्‍ड के अनुरूप नियुक्ति हुई है? जो नियुक्‍त वार्डन मापदण्‍डों के अनुसार नहीं हैं, उनको पद से पृथक करने के लिए क्‍या कार्यवाही की जाएगी?

राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट '''' अनुसार  है। सी.एस.सी. का पद स्‍वीकृत नहीं हैं। जी हाँ, जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट - '''' अनुसार है। (ख) जी हाँजानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट - '''' अनुसार है।             (ग) प्रतिनियुक्ति पर 148 कर्मचारी कार्यरत हैं। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट - '''' अनुसार है। सामान्‍य प्रशासन विभाग के पत्र क्रमांक सी-18/94/3/1/दिनांक 12.12.1994 में प्रतिनियुक्ति अवधि सामान्‍यत: चार वर्ष है। इससे अधिक अवधि तक रखा जाना आवश्‍यक है तो दोनों विभागों की आपसी सहमति से अवधि बढ़ाई जा सकती है। लोक शिक्षण संचालनालय के पत्र क्रमांक/स्‍था.1/राज/जी/194/प्रति.नि./2017/798 दिनांक 9.6.2017 के माध्‍यम से स्‍कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत कार्यालय तथा उसके अनुशांगिक कार्यालयों में पदस्‍थ ऐसे शिक्षक सवंर्ग के कार्यरत कर्मचारियों को भारमुक्‍त न किये जाने के निर्देश है। पत्र की प्रति की  जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट - '''' अनुसार है। अत: शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (घ) समग्र शिक्षा अंतर्गत संचालित जिला राजगढ़ के समस्‍त छात्रावासों में नियुक्‍त वार्डन से संबंधित मापदण्‍ड एवं पदनाम सहित  जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट - '''' अनुसार है। सभी वार्डन की नियुक्ति मापदण्‍ड के अनुरूप की गई हैं। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

49. ( क्र. 505 ) श्री प्रियव्रत सिंह : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि               (क) राजगढ़ जिले की जारापुर तहसील के अंतर्गत ग्राम पंचायत बालाहेड़ा के ग्राम सेमला में प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के कितने हितग्राही के नाम वर्ष 2011 की सर्वे सूची में जोड़े गये थे? (ख) उनमें से कितनों को आवास प्राप्‍त हो गया है व कितने शेष बचे हैं? (ग) क्‍या इनमें से कुछ परिवार को अपात्र घोषित किया गया है? उनकी अपात्रता के क्‍या कारण हैं? क्‍या अपात्र घोषित किए गए परिवारों में सभी के पास पक्‍के मकान हैं? (घ) अपात्र घोषित किए गए परिवारों द्वारा कया मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत राजगढ़ के यहाँ अपील की गई है? यदि हाँ, तो अपील का निराकरण कब तक किया जाएगा?

पंचायत मंत्री ( श्री महेन्‍द्र सिंह सिसौदिया ) : (क) प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण में हितग्राहियों के नाम वर्ष 2011 की सर्वे सूची में जोड़ने का प्रावधान नहीं था। (ख) से (घ) शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

जिला पंचायत कार्यालय प्रारम्भ करना

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

50. ( क्र. 517 ) श्री अनिल जैन : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या दिनांक 01 अक्टूबर 2018 से निवाड़ी जिला अस्तित्व में आ गया था और 15 मई 2019 को जारी मध्यप्रदेश राजपत्र में जिला पंचायत निवाड़ी स्थापित किया गया था? यदि हाँ, तो प्रश्‍न दिनांक तक जिला कार्यालय प्रारम्भ, पद स्वीकृति एवं अधिकारियों/कर्मचारियों की पदस्थापना क्यों नहीं हो सकी? (ख) क्या वर्तमान में भी अधिकारियों/कर्मचारियों/हितग्राहियों को जिला पंचायत सबंधी कार्यों के लिए 100 कि.मी. दूर टीकमगढ़ स्थित जिला पंचायत कार्यालय जाना पड़ता है? यदि हाँ, तो जिला पंचायत कार्यालय कब और किस दिनांक तक प्रारंभ कराया जायेगा तथा जिला पंचायत में अधिकारियों/कर्मचारियों की पदस्थापना कब तक की जावेगी?

पंचायत मंत्री ( श्री महेन्‍द्र सिंह सिसौदिया ) : (क) जी हाँ। जिला पंचायत निवाडी अंतर्गत पदों के सृजन की स्‍वीकृति की कार्यवाही प्रशासकीय प्रक्रिया में है। (ख) उत्‍तरांश (क) अनुसार कार्यवाही प्रशासकीय प्रक्रिया में होने से समय-सीमा बतलाया जाना संभव नहीं है।

कृषि उप संचालक कार्यालय प्रारंभ किया जाना

[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]

51. ( क्र. 518 ) श्री अनिल जैन : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या दिनांक 01 अक्टूबर 2018 से निवाड़ी जिला अस्तित्व में आ गया था? यदि हाँ, तो आज दिनांक तक निवाड़ी जिले में कार्यालय उप संचालक, किसान कल्याण एवं कृषि विभाग की जिला इकाई क्यों स्वीकृत न हो सकी? कारण सहित बतावें। (ख) क्या विभाग द्वारा निवाड़ी जिले में कार्यालय उप संचालक, किसान कल्याण एवं कृषि विभाग की जिला इकाई स्वीकृति हेतु प्रस्ताव शासन को भेजा गया है? यदि हाँ, तो किस दिनांक को उक्त प्रस्ताव भेजा गया एवं शासन द्वारा आज दिनांक तक क्या कार्यवाही की गई? बिन्दुवार बतावें। (ग) जिला निवाड़ी में कार्याल