मध्यप्रदेश विधान सभा
प्रश्नोत्तर-सूची
फरवरी-मार्च, 2026 सत्र
शुक्रवार, दिनांक 06 मार्च, 2026
भाग-1
तारांकित
प्रश्नोत्तर
पंचायत
को हेन्डओवर
कॉलोनियां
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
1. ( *क्र. 1999 ) श्री विपीन जैन : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्तमान ग्राम पंचायत व सरपंच के कार्यकाल में दलौदा चौपाटी, तहसील दलौदा, जिला मंदसौर में वर्ष 2023-24, 2024-25 एवं 2025-26 में कौन-कौन सी कॉलोनियों को एन.ओ.सी. दी है और कितनी कॉलोनियां हैंड ओवर हुई हैं? उसकी सूची देवें। (ख) उक्त ग्राम पंचायत में हैंडओवर हुई उक्त कॉलोनियों में विकास कार्यों की जांच किन अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा की गई है, उसके रिपोर्ट की प्रति देवें? (ग) प्रश्नांश (क) अंतर्गत जो कॉलोनियां हैंडओवर हुई हैं और जिनकी एनओसीयां दी गई हैं, उनके द्वारा कितना विकास शुल्क जमा कराया गया है, प्रश्न अवधि में जमा कराये गये विकास शुल्क का विवरण देवें? (घ) किस नियम के अनुसार उक्त कॉलोनियां ग्राम पंचायत में हैंडओवर हुई हैं, उसके आदेश की प्रति देवें। क्या उक्त कॉलोनियों में मूलभूत विकास कार्य जैसे सड़क, नाली, बगीचा, पेयजल, विद्युत करा दिये गये हैं, इसका प्रमाणीकरण देवें। (ड.) यदि नहीं, तो फिर किस आधार पर उक्त कॉलोनियों को ग्राम पंचायत में हैंडओवर किया गया है?
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) वर्ष 2023-24, 2024-25 एवं 2025-26 के अंतर्गत कुल 02 कॉलोनियों को विकास अनुमति प्रदान की गई है एवं 05 कॉलोनियों को ग्राम पंचायत में हैंडओवर किया गया। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''ब'' अनुसार है। (ग) हैंडओवर की गई कॉलोनियों से विकास शुल्क की राशि रूपये 5,59,633/- जमा कराया गया। (घ) मध्यप्रदेश ग्राम पंचायत (कॉलोनियों का विकास) नियम 2014 (राजपत्र प्रकाशन दिनांक 24 दिसम्बर, 2014) नियम 20 के अंतर्गत ग्राम पंचायत को 05 कॉलोनियां अंतरण की गई। कॉलोनाईजर द्वारा आंतरिक एवं बाह्य विकास कार्य पूर्ण किये जाने के संबंध में निम्नानुसार विभागों से प्रमाणीकरण चाहा गया। 1. मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत मंदसौर, ग्राम पंचायत दलौदा चौपाटी 2. लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग मंदसौर 3. मध्यप्रदेश विद्युत वितरण कंपनी। उपरोक्त विभागों से प्रमाणीकरण के आधार पर 05 कॉलोनियों ग्राम पंचायत को अंतरण की गई। 05 कॉलोनियों की प्रमाणीकरण की संबंधित विभाग की रिपोर्ट पृथक-पृथक पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''ब'' अनुसार है। (ड.) शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
नियम विरूद्ध पदोन्नति
[खेल एवं युवा कल्याण]
2. ( *क्र. 3135 ) श्री हेमंत सत्यदेव कटारे : क्या खेल एवं युवा कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) खेल विभाग की अभियान संस्था में श्री संजीव गुप्ता की वर्ष 1992 में नियुक्ति किस पद पर की गयी थी? क्या यह नियुक्ति नियमित न होकर अस्थायी थी? आदेश की छायाप्रति सहित पूर्ण जानकारी दी जाये। (ख) क्या श्री गुप्ता को विभाग द्वारा प्रशिक्षक भी नियुक्ति किया गया था? यदि हाँ, तो क्या उनके मूल पद के चैनल में पदोन्नति कर प्रशिक्षक बनाने का प्रावधान था? यदि नहीं, तो वह पहले प्रशिक्षक और उसके पश्चात् सहायक संचालक किन नियमों के तहत बनाये गये? क्या श्री गुप्ता अस्थायी नियुक्ति के पश्चात् भी सहायक संचालक पद की योग्यता रखते हैं? (ग) अभियान संस्था में सहायक संचालक का पद स्वीकृत न होने के पश्चात् भी किसी अस्थायी कर्मचारी को सहायक संचालक के पद पर पदस्थ रहना क्या नियमानुसार उचित है? यदि हाँ, तो क्या उनके मूल पद के चैनल में पदोन्नति कर प्रशिक्षक बनाने का प्रावधान था? यदि नहीं, तो क्या विभाग नियम विरूद्ध रूप से की गयी पदोन्नति के संबंध में कार्यवाही करेगा? यदि हाँ, तो कब तक? समय-सीमा बतायी जाये।
खेल एवं युवा कल्याण मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) खेल और युवा कल्याण विभाग अंतर्गत अभियान संस्था के आदेश क्र. 14/अभियान/स्टेट, दिनांक 17 मार्च, 1992 द्वारा श्री संजीव गुप्ता को हिन्दी अग्रेंजी टायपिस्ट के पद पर 89 दिवस पर नियुक्ति प्रदान की गई एवं अभियान संस्था के आदेश क्र. 0059/अभियान/92, दिनांक 11.06.1992 द्वारा निम्न श्रेणी लिपिक के पद पर 89 दिवस पर नियुक्ति प्रदान की गई। यह नियुक्ति अस्थायी थी। आदेश की छायाप्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 1 अनुसार है। (ख) कार्यालय अभियान के पत्र क्र. अभियान/368/95, दिनांक 10.07.1995 द्वारा प्रेषित प्रस्ताव पर म.प्र. शासन, खेल और युवक कल्याण विभाग ने पत्र क्र. 1354/1492/9/95, दिनांक 05.08.1995 द्वारा श्री संजीव गुप्ता को स्वीकृत रिक्त प्रशिक्षक जलक्रीड़ा के पद पर वेतनमान 1400-40-1440-50-2340 में तदर्थ रूप से नियुक्त किये जाने पर सहमति प्रदान की, जिसके पालन में अभियान संस्था के आदेश क्र. स्था./384/अभियान/95, दिनांक 21.08.1995 द्वारा श्री संजीव गुप्ता को प्रशिक्षक, जलक्रीड़ा के पद पर तदर्थ नियुक्ति आदेश जारी किया गया। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 2 अनुसार है। जी नहीं। म.प्र. शासन, खेल और युवक कल्याण विभाग के पत्र क्र. 1354/1492/9/95, दिनांक 05.08.1995 के उपरोक्त पत्र के पालन में श्री संजीव गुप्ता को प्रशिक्षक, जलक्रीड़ा के पद पर तदर्थ नियुक्ति दिनांक 21.08.1995 को प्रदान की गई है तथा अभियान संस्थान की कार्यकारिणी समिति बैठक दिनांक 04.10.2018 में लिये निर्णय अनुसार कार्यालय अभियान के आदेश क्र. 10397/अभियान/2020/स्था., दिनांक 27.01.2020 द्वारा श्री संजीव गुप्ता, जलक्रीड़ा प्रशिक्षक, अभियान संस्थान को वर्तमान में प्राप्त वेतनमान (9300-34800+4200) ग्रेड पे में अस्थायी रूप से समान वेतनमान में ही सहायक संचालक (साहसिक गतिविधियों) के पद का मात्र पदनाम दिया गया है, जिसकी छायाप्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 3 अनुसार है, सहायक संचालक के पद पर नियुक्ति नहीं दी गई है। (ग) प्रश्नोत्तर ''क'' एवं ''ख'' के संदर्भ में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
कॉलेज में शिक्षकों की कमी
[उच्च शिक्षा]
3. ( *क्र. 3443 ) चौधरी सुजीत मेर सिंह : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) चौरई विधानसभा के चाँद कॉलेज में क्या कई विषयों के शिक्षकों के पद लंबे समय से रिक्त हैं? (ख) चाँद कॉलेज में स्वीकृत पदों की संख्या और वर्तमान में कार्यरत शिक्षकों को संख्या कितनी है? (ग) रिक्त पदों को भरने हेतु विभाग द्वारा क्या कदम उठाए गये हैं?
उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री इन्दर सिंह परमार ) : (क) चौरई विधानसभा के चाँद कॉलेज में विभिन्न विषयों के 06 पद स्वीकृत हैं, जिनके विरूद्ध 03 नियमित शिक्षक कार्यरत हैं एवं रिक्त पदों पर 03 अतिथि विद्वान आमंत्रित होकर अध्यापन व्यवस्था सुचारू रूप से जारी है। (ख) उत्तरांश "क" अनुसार। (ग) रिक्त पदों की पूर्ति एक सतत् प्रक्रिया है। सहायक प्राध्यापक परीक्षा-2022 के आधार पर विभिन्न विषयों में जारी चयन सूचियों के अनुक्रम में नियुक्ति की कार्यवाही निरंतर की जा रही है तथा शेष रिक्त पदों की पूर्ति हेतु वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 में विज्ञापन जारी किया गया है।
रिक्त भूमि का उपयोग
[सहकारिता]
4. ( *क्र. 1290 ) श्रीमती अर्चना चिटनीस : क्या सहकारिता मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या विपणन सहकारी समिति मर्यादित (मार्केटिंग) के पास कितनी भूमि रिक्त उपलब्ध है? यदि हाँ, तो वर्तमान स्थिति में भूमि किस प्रकार उपयोग किया जा रहा है? (ख) क्या समिति की भूमि शहर के मध्य में स्थित है? यदि हाँ, तो विभाग द्वारा भूमि के व्यवसायिक उपयोग के लिये क्या कार्ययोजना तैयार की गई है? यदि हाँ, तो विस्तृत ब्यौरा उपलब्ध करावें? यदि नहीं, तो योजना के लिये समय-सीमा निश्चित की जायेगी? यदि नहीं, तो कारण स्पष्ट करें। क्या समिति को पूर्वानुसार संचालित करने हेतु योजना प्रस्तुत करेगा? (ग) क्या समिति के गोदामों व भूमि पर अवैध रूप से अतिक्रमण कर अनधिकृत कब्जाधारियों द्वारा दुकानों का निर्माण कर वसूली की जा रही है? यदि हाँ, तो विभाग व राजस्व विभाग द्वारा भूमि अतिक्रमण/कब्जाधारियों को किस समय-सीमा में मुक्त करायेगा? यदि नहीं, तो कारण स्पष्ट करें। (घ) क्या विभाग समिति को भ्रष्टाचार के आरोप पर समर्थन मूल्य पर क्रय करने से वंचित किया गया है? यदि हाँ, तो समिति द्वारा किये गये कार्यों की वर्ष 2018 से प्रश्न दिनांक तक वरिष्ठ कार्यालयों एवं सक्षम अधिकारियों द्वारा ऑडिट कर भ्रष्टाचार, अतिक्रमण गबन की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरूद्ध कार्यवाही सुनिश्चित करेगा?
सहकारिता मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) सहकारी प्रक्रिया एवं विपणन सहकारी समिति मर्यादित बुरहानपुर के पास कुल 5.17 एकड़ भूमि है, जिसमें से 28,509 वर्गफीट पर समिति का कार्यालय एवं गोदाम निर्मित है, शेष 4.52 एकड़ भूमि रिक्त है। संस्था विगत 08 वर्षों से अकार्यशील है, संस्था में कोई भी कर्मचारी नहीं होने से रिक्त भूमि का उपयोग नहीं किया जा रहा है। (ख) जी नहीं। वर्तमान में संस्था अकार्यशील होने, संस्था की वित्तीय स्थिति ठीक नहीं होने, संस्था में कोई कर्मचारी नहीं होने तथा संचालक मंडल न होने से कार्य योजना तैयार नहीं हुई है। समिति को पूर्वानुसार संचालित करने हेतु कार्ययोजना बनाने के संबंध में समय-सीमा निश्चित किया जाना संभव नहीं है। (ग) समिति के गोदाम एवं कार्यालय की भूमि पर कोई अनधिकृत कब्जा नहीं है, किन्तु संस्था की रिक्त भूमि पर अनधिकृत कब्जाधारियों द्वारा अतिक्रमण कर टेंट लगाकर अस्थाई दुकानों का निर्माण किया जाकर व्यवसाय किया जा रहा है, अवैध वसूली किये जाने के संबंध में कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। संस्था की रिक्त भूमि से अतिक्रमण हटाने हेतु संस्था के प्रशासक द्वारा कलेक्टर जिला बुरहानपुर एवं आयुक्त नगर पालिक निगम बुरहानपुर को लेख किया गया है। अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है, समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (घ) जी नहीं। जांच प्रक्रियाधीन है, कार्यवाही जांच के निष्कर्षाधीन।
बी.पी.एल. परिवारों का निर्धारण
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
5. ( *क्र. 3180 ) श्री महेश परमार : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या वर्ष 2020 से प्रश्न दिनांक तक उज्जैन जिले में बड़ी संख्या में बी.पी.एल. परिवारों को या तो अपात्र घोषित किया गया अथवा गरीबी रेखा से बाहर दर्शाया गया? यदि हाँ, तो दोनों श्रेणियों के परिवारों का वर्षवार, नगरीय/ग्रामीण क्षेत्रवार पृथक विवरण उपलब्ध करायें। (ख) क्या वर्ष 2020-21 से 21.03.2022 के मध्य उज्जैन नगर निगम क्षेत्र में 21,218 बी.पी.एल. कार्डधारी अपात्र पाये गये? यदि हाँ, तो वर्ष 2020 से प्रश्न दिनांक तक जिले में कुल कितने अपात्र परिवार चिन्हित किये गये, उनके निरस्तीकरण आदेश, कारण एवं सक्षम प्राधिकारी का विवरण उपलब्ध करायें। (ग) क्या शासन यह स्पष्ट करेगा कि अपात्र पाये गये परिवारों एवं गरीबी रेखा से बाहर दर्शाये गये परिवारों के आंकड़ों में अंतर क्यों है, जबकि दोनों की प्रकृति भिन्न है तथा दोनों श्रेणियों को एकीकृत कर प्रस्तुत किये जाने का कारण स्पष्ट करें? (घ) क्या दिनांक 07.06.2017 की अधिसूचना एवं 15.01.2021 के निर्देशों के कारण नये बी.पी.एल. कार्ड न बनने से पात्र गरीब परिवारों को राशन एवं सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से वंचित होना पड़ा? यदि नहीं, तो प्राप्त शिकायतों का विवरण दिया जाये। (ड.) क्या शासन उपरोक्त समस्त आंकड़ों की स्वतंत्र प्रशासनिक जांच, C.A.G. ऑडिट तथा उत्तरदायी अधिकारियों के विरुद्ध समयबद्ध दंडात्मक कार्यवाही करेगा?
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) जी हाँ। ग्रामीण क्षेत्र की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''1'' अनुसार है। नगरीय क्षेत्र की जानकारी संकलित की जा रही है। (ख) जी हाँ। ग्रामीण क्षेत्र की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''2'' अनुसार है। नगरीय क्षेत्र की जानकारी संकलित की जा रही है। (ग) ग्रामीण क्षेत्र में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के पत्र क्रमांक 3830, भोपाल दिनाँक 14.03.2006 एवं पत्र क्रमांक 14385, दिनाँक 24.09.2011 तथा शहरी क्षेत्र में नगरीय प्रशासन एवं आवास विभाग के पत्र क्रमांक 11084, दिनाँक 04.10.2013 अनुसार कार्यवाही की जाती है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''3'' अनुसार है। (घ) जी नहीं। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग तथा सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''4'' अनुसार है। (ड.) जी नहीं। ग्रामीण क्षेत्र में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के पत्र क्रमांक 3830, भोपाल दिनाँक 14.03.2006 एवं पत्र क्रमांक 14385, दिनाँक 24.09.2011 तथा शहरी क्षेत्र में नगरीय प्रशासन एवं आवास विभाग के पत्र क्रमांक 11084, दिनाँक 04.10.2013 अनुसार कार्यवाही की जाती है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''3'' अनुसार है।
महाविद्यालयों में संकाय प्रारंभ किया जाना
[उच्च शिक्षा]
6. ( *क्र. 3411 ) श्री हरदीप सिंह डंग : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शासकीय महाविद्यालय में संकाय प्रारंभ करने हेतु क्या नियम हैं? (ख) शासकीय महाविद्यालय में क्षेत्र के गरीब व्यक्तियों के बच्चों को अलग-अलग विषयों (संकायों) की शिक्षा प्राप्त करने हेतु जनभागीदारी से राशि जमा कराने पर ही अलग-अलग संकायों की शिक्षा प्राप्त होगी या शासन द्वारा गरीब छात्र-छात्राओं हेतु संकाय की व्यवस्था की जायेगी? जानकारी देवें। (ग) सुवासरा विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत कितने शासकीय महाविद्यालय संचालित हैं, उन महाविद्यालय में कौन-कौन से संकाय संचालित हैं? संकायों के नाम एवं छात्र-छात्राओं की संख्या सहित बतावें? (घ) क्या बजट के अभाव में महत्वपूर्ण विषयों (संकायों) का अध्ययन कर पायेंगे या नहीं? यदि हाँ, तो कब तक संकाय प्रारंभ कर दिये जावेंगे?
उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री इन्दर सिंह परमार ) : (क) पूर्व से संचालित शासकीय महाविद्यालय में नवीन संकाय प्रारंभ करने हेतु कैचमेंट क्षेत्र में संचालित 12वीं कक्षा वाले विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों की संख्या प्रत्येक संकाय में 200 होना चाहिये। (ख) विभागीय मापदण्डों की पूर्ति एवं वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता के आधार पर विद्यार्थियों के लिये समान रूप से नवीन संकाय प्रारंभ करने पर विचार किया जाता है। आर्थिक रूप से गरीब विद्यार्थियों के लिये विभाग द्वारा विविध छात्रवृत्ति एवं प्रोत्साहन योजना संचालित है। (ग) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (घ) बजट की उपलब्धता अनुसार ही विचार किया जाता है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
जिम्मेदारों पर कार्यवाही
[श्रम]
7. ( *क्र. 2901 ) श्री शरद जुगलाल कोल : क्या श्रम मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शहडोल एवं रीवा जिला में संबल योजना, कर्मकार मण्डल योजना के अंतर्गत कितने प्रकरण वर्ष 2021 से अब तक स्वीकृत होकर भुगतान हेतु लंबित है, लंबित राशि के भुगतान हेतु क्या कार्यवाही की जा रही है, उसकी क्या समय-सीमा है? (ख) शहडोल अंतर्गत विकासखण्ड जयसिंह नगर, ब्यौहारी में 2021 से अब तक कितने संबल प्रकरणों का निपटारा किया गया है या राशि उनके खाते में उपलब्ध करा दी गयी है? यदि नहीं, तो क्या कारण है? (ग) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में संबल योजना के तहत हितग्राही की मृत्यु हो जाने पर उसकी के.वाय.सी. संबंधित जानकारी अपडेट नहीं होने से उस हितग्राही को लाभ से वंचित कर दिया जाता है, ऐसे कितने प्रकरण 2021 से अब तक जयसिंह नगर और ब्यौहारी विकासखण्ड में दर्ज किये गये, उनका क्या निराकरण किया गया है? यदि नहीं, तो कब तक किया जायेगा? शासन द्वारा उसका क्या नियम है? (घ) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के संदर्भ में उपरोक्त योजनाओं में ऑनलाइन के माध्यम से राशि का भुगतान किया जाता है। कई बार हितग्राही के खाते में राशि नहीं पहुंच पाती है, ट्रांजेक्शन फैल हो जाता है, ऐसे कितने प्रकरण हैं तथा उक्त प्रकरणों का निराकरण कब तक किया जायेगा? विवरण प्रस्तुत करें।
श्रम मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) शहडोल एवं रीवा जिले में संबल योजना, कर्मकार योजना अंतर्गत वर्ष 2021 से लंबित प्रकरणों की जानकारी निम्नानुसार है :- (1) मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल 2.0) योजनांतर्गत प्रश्नांश से संबंधित जिला शहडोल में कुल 536 प्रकरण एवं जिला रीवा में कुल 615 प्रकरण हैं। (2) म.प्र. भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल अंतर्गत वर्ष 2021 से प्रश्न दिनांक तक कोई प्रकरण भुगतान हेतु लंबित नहीं है। मुख्यमंत्री जनकल्याण संबल योजनांतर्गत अनुग्रह सहायता भुगतान एक सतत् प्रक्रिया है, योजनांतर्गत प्रत्येक सिंगल क्लिक कार्यक्रम में स्वीकृत तथा डिजिटल हस्ताक्षरित प्रकरणों में भुगतान मृत्यु दिनांक के क्रमानुक्रम में बजट उपलब्धता अनुसार किया जाता है। अत: शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल 2.0) योजनांतर्गत जिला शहडोल के विकासखण्ड जयसिंह नगर जनपद पंचायत जयसिंहनगर में कुल 426 प्रकरण स्वीकृत हुये हैं तथा 251 प्रकरण में भुगतान संपन्न हैं, जनपद पंचायत ब्यौहारी में कुल 330 प्रकरण स्वीकृत हुये हैं तथा 251 प्रकरणों में भुगतान संपन्न है। संबल योजना अंतर्गत स्वीकृत डिजिटली हस्ताक्षरित प्रकरणों में भुगतान प्रत्येक सिंगल क्लिक कार्यक्रम में मृत्यु दिनांक के क्रमानुक्रम में बजट उपलब्धता अनुसार किया जाता है। अतः शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल 2.0) योजनांतर्गत वर्तमान में मृत्यु उपरांत अनुग्रह सहायता हेतु मृतक पंजीकृत श्रमिक के के.वाय.सी. की अनिवार्यता नहीं है। श्रमिक के उत्तराधिकारी का के.वाय.सी. अनिवार्य है, जिससे अनुग्रह सहायता राशि का भुगतान उत्तराधिकारी के आधार लिंक खाते में ही हो। अतः शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) जी हाँ, प्रश्नांश से संबंधी जिला शहडोल में कुल 31 प्रकरण एवं जिला रीवा में कुल 26 प्रकरण हैं। सिंगल क्लिक कार्यक्रम में भुगतान उपरांत हितग्राही के बैंक खाते की लिमिट कम होना, बैंक खाता बंद होना, खाते में आधार इनएक्टिव एवं खाता ब्लॉक या फ्रीज होना आदि कारणों से भुगतान असफल हो जाते हैं। असफल प्रकरणों में हितग्राही स्तर से उक्त विसंगतियां स्थानीय स्तर पर जैसे-जैसे निराकृत की जाती है, उस क्रम में रिप्रोसेस की कार्यवाही निकाय स्तर से की जाकर निराकरण किया जाता है। अलग-अलग प्रकरणों के प्रकृति के हिसाब से निरकरण में लगने वाला समय अलग-अलग होता है। निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। लंबित प्रकरणों की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है।
गौशालाओं का प्रबंधन/संचालन एवं खेत सड़क योजना
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
8. ( *क्र. 2131 ) श्री बाबू जन्डेल : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मनरेगा योजना अंतर्गत श्योपुर जिले में कितनी गौशाला स्वीकृत है? उनमें से किन-किन गौशालाओं का कार्य पूर्ण हो चुका है तथा उनका संचालक कौन-कौन कर रहा है? कौन-कौन सी गौशालाओं में कितनी-कितनी संख्या में गौवंश हैं? उक्त सभी गौशालाओं में बिजली, पानी, चारे की पर्याप्त व्यवस्था है? यदि नहीं, तो क्यों? कब तक व्यवस्थाएं करा दी जावेगी? (ख) श्योपुर जिले में निराश्रित गौवंश की कितनी गौशालाओं वर्तमान में संचालित की जा रही हैं? कितनी गौशालाएं शासकीय हैं और कितनी अशासकीय हैं? सभी गौशालाओं के नाम, पता, क्षमता उनमें कितना गौवंश रखा गया था? इसका संपूर्ण विवरण देवें। (ग) वित्तीय वर्ष 2020-21 से प्रश्न दिनांक तक प्रत्येक गौवंश के मान से कितना तथा कुल कितनी राशि का आवंटन/सहायता/अनुदान दिया गया है? पृथक-पृथक अवगत करावें। (घ) आवारा पशु जो विचरण कर रहे हैं, उनकी रोकथाम के लिये मनरेगा योजनान्तर्गत शासन की कोई योजना है? यदि हाँ, तो अवगत करावें? (ड.) क्या मनरेगा योजनान्तर्गत खेत सड़क योजना शासन स्तर से बंद कर दी गई है? यदि नहीं, तो कब से पुनः प्रारंभ की जावेगी? समय-सीमा बतावें?
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) श्योपुर जिले में मनरेगा योजनांतर्गत 43 गौशालाएँ स्वीकृत हैं, जिसमें से 40 गौशालाएं पूर्ण हैं। असंचालित गौशालाओं में बिजली, पानी एवं चारे की व्यवस्थायें प्रक्रिया में हैं। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'अ' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'अ' अनुसार है। (ग) वित्तीय वर्ष 2020-21 से अप्रैल 2025 तक 20 रूपये प्रति पशु प्रतिदिन के मान से एवं अप्रैल 2025 से 40 रुपये प्रति पशु प्रतिदिन के मान से अनुदान दिया जाता है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'ब' अनुसार है। (घ) जी नहीं, शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ड.) जी नहीं, पूर्व में स्वीकृत कार्यों का क्रियान्वयन नियमानुसार किया जा रहा है। वर्तमान में सुदूर संपर्क/खेत सड़क के संबंध में ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार का अर्द्ध शासकीय पत्र क्रमांक 11017, दिनांक 20 मई, 2025 नई दिल्ली द्वारा महात्मा गांधी नरेगा अंतर्गत ग्रामीण संयोजकता के कार्यों हेतु मार्गदर्शी दिशा-निर्देश जारी किये हैं, जिसके अनुक्रम में परिषद का पत्र क्रमांक 844, दिनांक 27.05.2025 से भारत सरकार द्वारा जारी किये गये मार्गदर्शी दिशा-निर्देशों के प्रकाश में नवीन दिशा-निर्देश जारी होने तक सुदूर संपर्क/खेत सड़क के नवीन कार्य नहीं लिये जाये, का लेख किया गया है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। समय-सीमा बताना संभव नहीं है। पत्र की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'स' अनुसार है।
सामुदायिक स्वच्छता परिसरों में उपलब्ध सुविधाएं
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
9. ( *क्र. 3099 ) श्री देवेन्द्र पटेल : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) योजनांतर्गत योजना आरंभ दिनांक से प्रदेश में विकासखण्डवार कितनी ग्राम पंचायतों/ग्रामों में सामुदायिक स्वच्छता परिसर निर्मित किये गये हैं? प्रश्न दिनांक तक की जानकारी दें। इनके निर्माण पर कुल कितना व्यय हुआ है? (ख) प्रश्नांश (क) उल्लेखित सामुदायिक स्वच्छता परिसरों में कितनों में पानी और बिजली के कनेक्शन हैं, कितनों में सफाई कर्मचारी नियत है? विकासखण्डवार जानकारी दें। कितनों में उक्त व्यवस्था नहीं हैं? (ग) क्या स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) एवं 15वें वित्त आयोग से इतनी बड़ी राशि व्यय कर बनाये गये, इन परिसरों में अधिकांश में बिजली-पानी की व्यवस्था न होने से इनका उपयोग नहीं हो पा रहा है और बनाये गये भवन जीर्ण-शीर्ण हो रहे हैं? ऐसा क्यों? इस गंभीर अनियमितता और अव्यवस्था हेतु कौन उत्तरदायी है? (घ) प्रश्नांश (ख) अनुसार कब तक सभी सामुदायिक स्वच्छता परिसरों में बिजली, पानी और साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करा ली जायेगी? स्पष्ट समय-सीमा बतावें। यदि नहीं, तो क्यों?
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) योजनांतर्गत योजना आरंभ दिनांक से प्रदेश में विकासखण्डवार 15,329 ग्राम पंचायतों में 18,336 सामुदायिक स्वच्छता परिसर निर्मित किये गये हैं। इनके निर्माण पर कुल राशि रूपये 62,224.98 लाख का व्यय हुआ है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'अ' अनुसार है। (ख) उत्तरांश (क) में उल्लेखित 18,336 सामुदायिक स्वच्छता परिसरों में से 17,239 में बिजली एवं 17,776 में पानी की व्यवस्था है तथा 15,542 में सफाई कर्मचारी नियत हैं। 1572 में बिजली एवं 915 में पानी की व्यवस्था नहीं है तथा 2816 सामुदायिक स्वच्छता परिसरों में सफाई कर्मचारी नियत नहीं है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'अ' अनुसार है। (ग) उत्तरांश (ख) अनुसार स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) एवं 15वें वित्त आयोग से निर्मित सामुदायिक स्वच्छता परिसर में बिजली पानी का उपयोग हो रहा है और बनाये गये भवन उपयोगी हैं। अत: भवन जीर्ण-शीर्ण नहीं हैं। शेष का प्रश्न उत्पन्न नहीं होता है। सामुदायिक स्वच्छता परिसरों के निर्माण उपरांत संचालन-संधारण की जिम्मेदारी ग्राम पंचायत की है। ग्राम पंचायत स्वयं अथवा किसी एजेंसी द्वारा संचालन-संधारण का कार्य करवा सकती हैं। विभागीय पत्र क्र. 1164, दिनांक 26.08.2020 से निर्देश जारी किये गये हैं। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'ब' अनुसार है। (घ) समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। सामुदायिक स्वच्छता परिसरों के निर्माण उपरांत संचालन-संधारण की जिम्मेदारी ग्राम पंचायत की है। इसके अतिरिक्त राज्य स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के पत्र क्र. 241 (ए), दिनांक 03.02.2025 के माध्यम से ऐसे ग्राम जहां जल जीवन मिशन से शत-प्रतिशत पाइप-लाइन के माध्यम से पानी की सुविधा उपलब्ध करा दी गई है, उन ग्रामों के सामुदायिक स्वच्छता परिसरों में पाइप-लाइन के माध्यम से पानी की सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश जिलों को दिये गये हैं। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'स' अनुसार है। सामुदायिक स्वच्छता परिसरों का नियमित साफ-सफाई के साथ संचालन एवं संधारण सुनिश्चित करने हेतु प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में वाश ऑन व्हील्स सेवा का भी प्रारंभ किया गया है एवं इसे समस्त प्रदेश में लागू कर सेवाएँ सुनिश्चित किये जाने का प्रयास निरंतर किया जा रहा है।
वित्तीय अनियमितता की जानकारी
[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]
10. ( *क्र. 3151 ) डॉ. राजेन्द्र कुमार सिंह : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या सीधी जिले के समदा प्रक्षेत्र में तत्कालीन प्रभारी श्री मथुरा कुम्हार के द्वारा श्रमिकों का भुगतान अपने खातों में लेकर वित्तीय अनियमितता की गयी थी? प्रकरण की जाँच रिपोर्ट एवं निष्कर्षों की एक प्रति उपलब्ध करायें। उक्त प्रकरण में प्रश्न तिथि तक वित्तीय अनियमितता की कितनी अंश वसूली हो गई है? कुल कितनी राशि की वसूली अभी प्रश्न तिथि तक बाकी है? कब तक प्रकरण पुलिस विभाग में सौंपा जायेगा व आपराधिक प्रकरण दर्ज करवाकर पूरी राशि की वसूली की जायेगी? (ख) क्या तत्कालीन, उप संचालक कृषि, जिला सीधी के द्वारा नियमों के विपरीत स्वेच्छाचारिता कर श्री बंटीलाल, तकनीकी सहायक को आत्मा परियोजना का प्रभार देकर भ्रष्टाचार किया? क्या उक्त अनियमितता जांच में प्रमाणित पाई गई? जाँच की एक प्रति उपलब्ध करायें। प्रश्न तिथि तक दोषी के विरूद्ध की गई कार्यवाही का विवरण दें? (ग) तत्कालीन उप संचालक कृषि सीधी, संजय कुमार श्रीवास्तव के विरूद्ध ई.ओ.डब्लू./लोकायुक्त में कौन-कौन सी क्या-क्या शिकायतें प्रचलन में प्रश्न तिथि तक है? क्या उक्त अधिकारी के विरुद्ध शिकायतों की जाँच संयुक्त संचालक, कृषि रीवा के द्वारा कर जाँच प्रतिवेदन संचालक कृषि को प्रेषित किया था? जाँच प्रतिवेदन की एक प्रति दें। उक्त जांच प्रति कार्यालय संचालक कृषि से सहायक एवं उप संचालक द्वारा शासन स्तर पर कुल कितने दिनों में भेजा गया? क्या जानबूझकर विलंब किया गया? किस नाम/पदनाम पर राज्य शासन चिन्हित कर कब व क्या कार्यवाही करेगा? प्रकरण का बिन्दुवार विवरण दें। (घ) संचालक कृषि कार्यालय में किस-किस नाम के सहायक/उप/संयुक्त अपर/संचालक 03 (तीन) वर्षों से ज्यादा एक ही शाखा (कार्य) में संलग्न हैं? सूची दें। कब तक उन्हें दूसरा दायित्व दिया जायेगा?
किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) जी नहीं। प्रश्नांश ''क'' की समस्त जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। शेष प्रश्न उद्भूत नहीं होता है। (ख) संयुक्त संचालक, कृषि रीवा के पत्र दिनांक 29.07.2025 द्वारा जांच दल गठित किया गया। जांच की कार्यवाही प्रचलन में है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ग) शिकायतों की जांच की कार्यवाही संयुक्त संचालक, कृषि रीवा पर प्रचलन में है, प्रश्नांश ''ग'' की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है। प्रकरण में जांच कार्यवाही प्रचलन में होने से शेष प्रश्न उद्भूत नहीं होता है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-4 अनुसार है। प्रशासकीय आधार पर कार्य सुविधा की दृष्टि से कार्य/दायित्व सौंपे जाते हैं, प्रशासकीय निर्णय होने से समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
ग्राम पंचायतों के विकास हेतु योजना
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
11. ( *क्र. 3473 ) श्री बृज बिहारी पटैरिया : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) म.प्र. की ग्राम पंचायतों के विकास हेतु विगत 3 वर्षों की मूलभूत सुविधाओं एवं रोजगार मूलक योजनाओं की वर्षवार पंजी/डायरी या रोड मैप तैयार कराया गया है, क्या? नहीं तो क्यों? (ख) प्रश्न दिनांक तक पंचायत स्तर पर कृषि एवं कृषि उद्यानिकी या अन्य प्रसंस्करण के संबंध में किसी तरह की गतिविधि हेतु पंचायत स्तर पर ग्रामीण, पलायन रोकने, रोजगार उपलब्ध कराने के लिये विभाग की क्या योजनाएं संचालित हैं? विवरण देवें। नहीं तो क्यों? क्या आगे शासन योजना तैयार करा रही है? (ग) वर्ष 2026 से वित्तीय वर्ष 2028 तक के लिये मूलभूत सुविधाओं एवं ग्रामीणों के पलायन रोकने एवं रोजगार की उपलब्धता हेतु क्या नीति है? विवरण देवें।
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) जी हाँ, प्रतिवर्ष ग्राम पंचायतों में ग्राम विकास योजना (जी.पी.डी.पी.) तैयार कर gpdp.nic.in पोर्टल पर ग्राम सभा के अनुमोदन पश्चात अपलोड की जाती है एवं egramswaraj.gov.in पोर्टल पर गतिविधि/कार्यवार प्रविष्टि की जाती है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) कृषि एवं कृषि उद्यानिकी या अन्य प्रसंस्करण के संबंध में कृषि विभाग की योजनाएं पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' अनुसार संचालित है। ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण अजीविका मिशन में पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''ब'' में वर्णित प्रोड्यूसर इकाइयां तथा पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''स'' में वर्णित खाद्य प्रसंस्करण इकाइयां संचालित हैं। पंचायत स्तर पर ग्रामीण पलायन रोकने, रोजगार उपलब्ध कराने के लिये मनरेगा योजना संचालित है। आगामी वर्षों में VB-G RAM G योजना संचालित होगी। (ग) वार्षिक कार्ययोजना अनुसार कार्य किया जाता है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
रिसर्च हेतु योग्यता में परिवर्तन
[उच्च शिक्षा]
12. ( *क्र. 2711 ) श्री वीरेन्द्र सिंह लोधी : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रदेश में विभिन्न स्नातक पाठ्यक्रमों में चार वर्षीय ऑनर्स पाठ्यक्रम प्रारंभ किये गये हैं? (ख) क्या ऑनर्स पाठ्यक्रमों के अंतर्गत चौथे वर्ष में रिसर्च के लिये प्रवेश हेतु कोई मेरिट या न्यूनतम प्राप्त अंक जैसे मापदण्ड निर्धारित हैं, अगर हाँ तो वह क्या-क्या है? जानकारी प्रदान की जाये? (ग) क्या ऑनर्स विथ रिसर्च हेतु चौथे वर्ष में प्रवेश के लिये विद्यार्थी को न्यूनतम 7.5 सी.जी.पी.ए. अंक प्राप्त होना आवश्यक है? (घ) क्या ऑनर्स कोर्स के चौथे वर्ष में प्रवेश के लिये 7.5 सी.जी.पी.ए. प्राप्तांक होने की बाध्यता, सुदूर गामीण क्षेत्रों में साधन/संसाधन एवं अन्य अभावों में पूर्ण नहीं कर पाने के कारण अनेक छात्र ऑनर्स कोर्स का लाभ नहीं ले पा रहे हैं? (ड.) क्या पिछड़े क्षेत्रों एवं संसाधनों के अभाव से जूझ रहे महाविद्यालयों के छात्रों के हितों को ध्यान में रखकर ऑनर्स कोर्स विथ रिसर्च के चौथे वर्ष में प्रवेश हेतु 7.5 सी.जी.पी.ए. होने की बाध्यता को 6.0 सी.जी.पी.ए. अंक प्राप्त किया जा सकता है। (च) क्या आगामी सत्र में अधिकतम विद्यार्थियों को इस व्यवस्था का लाभ मिले ऐसे कदम उठाये जायेंगे?
उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री इन्दर सिंह परमार ) : (क) जी हाँ। (ख) जी हाँ। (चतुर्थ वर्ष ऑनर्स विथ रिसर्च हेतु 7.5 सी.जी.पी.ए. एवं चतुर्थ वर्ष ऑनर्स में सभी तृतीय वर्ष उत्तीर्ण विद्यार्थी) (ग) जी हाँ। (घ) चतुर्थ वर्ष ऑनर्स कोर्स में प्रवेश के लिये 7.5 सी.जी.पी.ए. प्राप्तांक आवश्यक न होने से शेष प्रश्नांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ड.) एवं (च) 7.5 सी.जी.पी.ए. का मापदंड यू.जी.सी. द्वारा निर्धारित है।
प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना
[तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार (केवल कौशल विकास एवं रोजगार)]
13. ( *क्र. 2487 ) श्री अशोक ईश्वरदास रोहाणी : क्या राज्य मंत्री, कौशल विकास एवं रोजगार महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जबलपुर जिले में प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के कुल कितने प्रशिक्षण केन्द्र संचालित हो रहे हैं? (ख) जबलपुर जिले में कितने प्रशिक्षणार्थियों को प्रधानमंत्री कौशल योजना अंतर्गत प्रशिक्षण दिया गया है? (ग) प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना अंतर्गत जबलपुर जिले में कुल कितने प्रशिक्षणार्थियों को रोजगार मिला है?
राज्य मंत्री, कौशल विकास एवं रोजगार ( श्री गौतम टेटवाल ) : (क) जबलपुर जिले में प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना अंतर्गत संचालित हो रहे प्रशिक्षण केन्द्रों की जानकारी निरंक है। (ख) जबलपुर जिले में प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना 2.0 के अंतर्गत 455 एवं 3.0 के अंतर्गत 123 प्रशिक्षणार्थियों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। (ग) जबलपुर जिले में प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना अंतर्गत कौशल विकास एवं उद्यमशीलता मंत्रालय, भारत सरकार के पोर्टल S.D.M.S./S.I.P. की रिपोर्ट अनुसार 60 प्रशिक्षणार्थियों को रोजगार प्राप्त हुआ है।
आदेशों की अवहेलना
[सहकारिता]
14. ( *क्र. 2437 ) श्री राजन मण्डलोई : क्या सहकारिता मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या मध्यप्रदेश राज्य सहकारी संघ मर्यादित को सहकारिता विभाग में ही मानव संसाधन सेवा प्रदाता एजेंसी के रूप में कार्य करने की अनुमति वर्ष 2021 में दी गई थी? (ख) यदि हाँ, तो इस संबंध में आयुक्त सहकारिता एवं पंजीयक सहकारी संस्थायें द्वारा क्या आदेश जारी किये गये थे? आदेश की प्रति संलग्न करें। (ग) उपरोक्त प्रश्नांश के परिप्रेक्ष्य में क्या राज्य सहकारी संघ के द्वारा उक्त आदेशों की अवहेलना करते हुये बिना टेंडर प्रक्रिया अपनाये, निविदा प्रकाशन किये बिना तकनीकी मूल्याकंन और वित्तीय तुलना, ठेके की अवधि भुगतान शर्तों और चयन के मानकों को लेकर पारदर्शिता जैसी अनिवार्य प्रक्रिया को दरकिनार कर नियमानुसार अनुमोदन और समिति की मंजूरी के बिना ही कई पुराने अनुबंधों की अवधि बढ़ाई गई या सीधे आदेश जारी कर दिये गये? (घ) क्या संघ द्वारा भण्डार क्रय नियमों के विरूद्ध जाकर माह अक्टूबर 2024 में विज्ञान एवं प्रोद्योगिकी परिषद मेपकास्ट के साथ अनुबंध किया गया? इसके अलावा संघ में निर्वाचन कार्यालय, कलेक्टर कार्यालय सहित अन्य शासकीय कार्यालय में भी नियम विरूद्ध सिक्योरिटी सेवाओं का अनुबंध कर अपनी चहेती फर्मों को काम सौंपा गया है? (ड.) यदि हाँ, तो उक्त नियम विरूद्ध संघ द्वारा नियमों की अनदेखी कर आर्थिक अनियमितताएं किये जाने की जांच कराई जायेगी? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्यों?
सहकारिता मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) से (ड.) जानकारी एकत्रित की जा रही है।
क्षेत्र प्रबंधकों की पदस्थी एवं शैक्षणिक योग्यता
[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]
15. ( *क्र. 202 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या बीज निगम के क्षेत्रों पर प्रबंधक के पद पर कृषि विषय से शैक्षणिक योग्यता रखने वाले प्रबंधक पदस्थ किये गये हैं? (ख) यदि हाँ, तो प्रक्षेत्रवार प्रबंधकों की शैक्षणिक योग्यता की जानकारी देवें? (ग) यदि नहीं, तो क्यों? (घ) क्या कृषि प्रक्षेत्र छपारा, लखनादौन, जनकपुर, कुण्डेश्वर, गाडरवारा में अकुशल/अर्द्धकुशल स्थाईकर्मियों को प्रबंधक के पद पर पदस्थ किया गया है?
किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) जी नहीं। (ख) प्रश्नांश 'क' के परिप्रेक्ष्य में प्रश्नांश 'ख' की जानकारी निरंक है। (ग) नियमित तकनीकी कर्मचारियों के सेवानिवृत्त हो जाने से अमले की कमी के कारण। (घ) जी नहीं। कार्य सुविधा की दृष्टि से प्रभार सौंपा गया है।
सहकारिता विभाग द्वारा संचालित सहकारी समितियां
[सहकारिता]
16. ( *क्र. 3405 ) श्री कमलेश्वर डोडियार : क्या सहकारिता मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला रतलाम के रतलाम शहर में सहकारिता विभाग अंतर्गत वर्ष 2020 से प्रश्न दिनांक तक कितनी सहकारी समितियाँ संचालित हैं? जानकारी वर्षवार पृथक-पृथक बतावें। (ख) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित रतलाम शहर में वर्षवार कितनी-कितनी सहकारी समितियाँ संचालित हो रही हैं, उनके नाम, पंजीयन क्रमांक एवं कार्यक्षेत्र सहित जानकारी उपलब्ध करावें। उक्त सहकारी समितियों द्वारा प्लॉट/आवास/भू-खंड आवंटन किन-किन आधारों पर किये गये हैं? आवंटन की नीति, नियम एवं मापदंड क्या हैं? (ग) क्या समितियों द्वारा प्रश्नांश (क) की अवधि में प्लॉट आवंटित किये गये? समितिवार एवं वर्षवार जानकारी बतावें। सहकारिता विभाग अंतर्गत संचालित समितियों में आरक्षण किन-किन आधारों पर किया गया है? अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग एवं अन्य वर्गों के लिये निर्धारित आरक्षण की जानकारी बतावें। रतलाम शहर में संचालित सहकारी समितियों में कमजोर वर्गों के कितने व्यक्तियों को वर्ष 2020 से प्रश्न दिनांक तक प्लॉट/आवास का आवंटन किया गया है? वर्गवार, समितिवार एवं वर्षवार पृथक-पृथक जानकारी बतावें। सहकारिता विभाग अंतर्गत रतलाम शहर की सहकारी समितियों के विरुद्ध वर्ष 2020 से प्रश्न दिनांक तक कितनी शिकायतें प्राप्त हुई हैं? शिकायतों की वर्षवार जानकारी क्या है? उक्त शिकायतों पर अब तक क्या-क्या कार्यवाही की गई है?
सहकारिता मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 1 अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 2 अनुसार है। गृह निर्माण समितियों द्वारा भू-खण्ड/भवन आवंटन मध्यप्रदेश सहकारी सोसाइटी अधिनियम, 1960, नियम 1962 एवं संस्था की पंजीकृत उपविधियों में वर्णित प्रावधानों के आधार पर किये जाते हैं। (ग) जिला रतलाम में वर्ष 2020 से प्रश्न दिनांक तक अवधि में गृह निर्माण सहकारी संस्थाओं में प्लॉट आवंटन नहीं किये गये हैं, सहकारिता विभाग अंतर्गत संचालित गृह निर्माण सहकारी समितियों में भूखण्ड/भवन आवंटन हेतु आर्थिक रूप से कमजोर आय वर्ग हेतु आरक्षण का प्रावधान है। गृह निर्माण सहकारी समितियों में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक एवं अन्य वर्गों के आरक्षण का कोई प्रावधान नहीं है। रतलाम शहर में संचालित गृह निर्माण सहकारी समितियों में कमजोर वर्गों के व्यक्तियों को वर्ष 2020 से प्रश्न दिनांक तक भूखण्ड/भवन का आवंटन नहीं किया गया है। अतः शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। शिकायतों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 3 अनुसार है।
प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क एवं मुख्यमंत्री मजरा-टोला योजनांतर्गत स्वीकृत सड़कें
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
17. ( *क्र. 3185 ) श्री जगन्नाथ सिंह रघुवंशी : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) चन्देरी विधानसभा में प्रश्न दिनांक तक वर्ष अप्रैल 2023 से प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना एवं मुख्यमंत्री मजरा-टोला योजनांतर्गत कितनी सड़कें स्वीकृत की गई हैं? वर्षवार सूची देवें। (ख) अप्रैल 2023 से प्रश्न दिनांक तक प्रधानमंत्री सड़क योजना प्राधिकरण जिला अशोकनगर में पदस्थ महाप्रबंधकों के नाम एवं पदस्थापना की समयावधि अनुसार सूची देवें। (ग) प्रश्नांश (क) की सूची में कितने सड़कों के टेंडर जारी होकर कार्य पूर्ण हो चुका है और कितनी सड़कों के निर्माण कार्य प्रगतिरत हैं? एजेंसी का नाम, टेंडर दिनांक और टेंडर में निर्माण अवधि, कार्य पूर्ण होने की दिनांक संपूर्ण जानकारी सारणीवार देवें। (घ) प्रश्नांश (क) में ऐसी कितनी स्वीकृत सड़कें हैं, जिनकी आज दिनांक तक टेंडर प्रक्रिया नहीं की गई है? क्या कारण है कि विधानसभा क्षेत्र चन्देरी आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र होने के बावजूद उक्त योजनांतर्गत सड़कों के टेंडर प्रक्रिया पूर्ण नहीं की गई है? क्या इसके दोषी प्रधानमंत्री सड़क योजना प्राधिकरण जिला अशोकनगर में समय-समय पर पदस्थ महाप्रबंधक हैं? यदि हाँ, तो दोषी महाप्रबंधकों पर क्या कार्यवाही की जायेगी और कब तक?
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) चन्देरी विधानसभा में वर्ष 2023 से प्रश्न दिनांक तक प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना एवं मुख्यमंत्री मजरा टोला सड़क योजना अंतर्गत किसी भी निर्माण कार्य की स्वीकृति प्राप्त नहीं हुई है। अपितु प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-IV अंतर्गत जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार चंदेरी विधानसभा क्षेत्र में 12 बसाहटों को चिन्हांकित किया गया है, जिनकी पात्रता एवं प्राथमिकता के आधार पर स्वीकृति की कार्यवाही की जा सकेगी। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''1'' अनुसार है। मुख्यमंत्री मजरा टोला सड़क योजना अंतर्गत MPSeDC द्वारा चंदेरी विधानसभा क्षेत्र में चिन्हांकित 132 बसाहटों में से योजना के मापदण्डों के अनुरूप 100 से अधिक आबादी की 71 संपर्कविहीन बसाहटों को चिन्हांकित किया गया है, जिनकी पात्रता एवं प्राथमिकता के आधार पर स्वीकृति की कार्यवाही की जा सकेगी। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''2'' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''3'' अनुसार है। (ग) एवं (घ) उत्तरांश ''क'' अनुसार वर्तमान में कोई कार्य स्वीकृत नहीं है। अतः उक्त के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
निजी विश्वविद्यालयों में अनियमितता
[उच्च शिक्षा]
18. ( *क्र. 3314 ) श्री गोपाल सिंह इंजीनियर : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) म.प्र. समस्त निजी विश्वविद्यालयों में संचालित फैकल्टी या विभागवाइज पाठ्यक्रम कौन-कौन से हैं तथा प्रत्येक निजी विश्वविद्यालयों में पाठ्यक्रमवाइज उपलब्ध सीट या इंटेक कितनी-कितनी है, प्रत्येक निजी विश्वविद्यालयों में पाठ्यक्रमवाइज उपलब्ध कुल शिक्षक कितने-कितने हैं, प्रत्येक निजी विश्वविद्यालयों में पाठ्यक्रमवाइज उपलब्ध क्लास रूम एवं लेब कितने-कितने हैं? उक्तानुसार प्रत्येक निजी विश्वविद्यालयों में पाठ्यक्रमवाइज निर्धारित फीस कितनी-कितनी है? (ख) प्रश्नांश (क) के प्रकाश में क्या म.प्र. की समस्त निजी विश्वविद्यालयों में विगत दो वर्षों का ऑडिट कराया गया है? यदि हाँ, तो विगत दो वर्षों की ऑडिट रिपोर्ट सहित आय व्यय की विभिन्न मदों सहित की जानकारी दें। (ग) म.प्र. के समस्त निजी विश्वविद्यालयों के समस्त पाठ्यक्रमों के किस प्रकार से क्या शुल्क समीक्षा प्रस्ताव आयोग को प्राप्त हुये हैं, उनकी जांच के लिये आयोग की शुल्क समीक्षा समिति का गठन क्या आयोग सभा की बैठक में हुआ है? यदि हाँ, तो किस बैठक के किस प्रस्ताव क्रमांक के अनुसार शुल्क समीक्षा समिति का गठन किया गया है? यदि नहीं, तो गठन किसने किस प्रावधान में प्राप्त शक्तियों का उपयोग करके किया है? शुल्क समीक्षा समिति की पूर्ण जानकारी दें? निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग की शुल्क समीक्षा समिति ने समस्त विश्वविद्यालयवार क्या शुल्क/फीस किस पद्धति या प्रकार से शिक्षा की लागत (कास्ट ऑफ एजुकेशन) निकाल कर, किस केलकुलेशन शीट्स से निर्धारित की है?
उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री इन्दर सिंह परमार ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ग) जी हाँ। म.प्र. निजी विश्वविद्यालय (स्थापना एवं संचालन) अधिनियम 2007 यथासंशोधित 2013 एवं 2016 की धारा-42 (1) द्वारा प्रदत्त शक्तियों के अंतर्गत म.प्र. निजी विश्वविद्यालय (स्थापना एवं संचालन) नियम 2008 की कंडिका 17 के प्रावधानांतर्गत सभापति के अनुमोदन से विशेषज्ञ सदस्यों को सहयोजित करते हुये शुल्क समीक्षा समिति का गठन किया गया है। शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-3 अनुसार है।
पी.जी. कक्षाओं का संचालन
[उच्च शिक्षा]
19. ( *क्र. 474 ) श्रीमती चंदा सुरेन्द्र सिंह गौर : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या खरगापुर विधान सभा-47 के पलेरा महाविद्यालय में उच्च शिक्षा हेतु पी.जी. कक्षायें संचालित क्यों नहीं की जा रही है? (ख) क्या क्षेत्र की छात्र/छात्राओं द्वारा वर्ष-2013 से लगातार माँग की जा रही है और विधान सभा प्रश्नों के माध्यम से प्रश्नकर्ता द्वारा लगातार मांग की जा रही है, परन्तु आज तक पी.जी. कक्षायें संचालित नहीं हो रही है, इसलिये जनहित में पी.जी. कक्षायें संचालित किये जाने के आदेश जारी कब तक कर दिये जावेंगे? (ग) क्या पी.जी. कक्षायें संचालित किये जाने हेतु शासन पर कोई अतिरिक्त व्यय या अधिक भार आने की संभावना तो नहीं होती है, फिर भी छात्र/छात्राओं की परेशानियों के संबंध में नगर पलेरा एवं क्षेत्र के छात्र/छात्रायें तत्कालीन उच्च शिक्षा मंत्री एवं तत्कालीन विधान सभा अध्यक्ष से 2013 में छात्र/छात्राओं ने मेरे साथ विधानसभा में मुलाकात कर मांग की थी और आश्वासन भी मान उच्च शिक्षा मंत्री जी ने दिया था, परन्तु किस कारण से उक्त कक्षायें संचालित नहीं हो रही है? कारण स्पष्ट करें।
उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री इन्दर सिंह परमार ) : (क) स्नातकोत्तर कक्षाएं प्रारंभ करने संबंधी विभागीय मापदण्डों की पूर्ति एवं वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता के आधार पर विचार किया जायेगा। (ख) शासकीय महाविद्यालय पलेरा में स्नातकोत्तर की कक्षायें प्रारंभ करने के संबंध में विधानसभा प्रश्नों के माध्यम से प्रश्नकर्ता द्वारा मांग की जा रही है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ग) स्नातकोत्तर कक्षाओं के संचालन हेतु अतिरिक्त वित्तीय संसाधनों की आवश्यकता होती है। शेष उत्तरांश ''क'' अनुसार।
बसों के लंबित किराये का भुगतान
[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]
20. ( *क्र. 2838 ) श्रीमती अनुभा मुंजारे : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या मध्यप्रदेश शासन द्वारा दिनाँक 04 दिसम्बर, 2016 को जम्बूरी मैदान भोपाल में जन जागरण एवं प्रशिक्षण सम्मेलन आयोजित किया गया था? यदि हाँ, तो संपूर्ण जानकारी देवें? (ख) क्या मध्यप्रदेश शासन द्वारा दिनाँक 12 अप्रैल, 2015 को मलाजखंड बिरसा जिला बालाघाट में सम्मेलन आयोजित किया गया था? यदि हाँ, तो संपूर्ण जानकारी देवें? (ग) प्रश्नांश (क) व (ख) अनुसार कार्यक्रम में शामिल होने हेतु बालाघाट जिले में यात्री परिवहन हेतु कितनी बसें लगाई गई थी? उन बसों का किराया कितना हुआ था? सूची उपलब्ध करायें। किन-किन बसों का भुगतान किया जा चुका है? कितनों का भुगतान शेष है? कब तक भुगतान कर दिया जावेगा? समय-सीमा बतायें। (घ) उक्त कार्यक्रम में लगे बसों के किराया भुगतान के लिये शासन द्वारा कितना आवंटन प्रदाय किया गया है एवं बसों का किराया भुगतान नहीं होने के लिये कौन-कौन अधिकारी-कर्मचारी दोषी हैं? संपूर्ण जानकारी अभिलेख सहित उपलब्ध करावें।
किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) जी हाँ। कलेक्टर जिला बालाघाट से प्राप्त जानकारी अनुसार आयुक्त, भोपाल संभाग भोपाल का पत्र क्र./8273/विकास/2026, दिनांक 01.12.2016 के अनुसार हिन्दुस्तान ताम्र परियोजना मलांजखण्ड, जिला-बालाघाट अन्तर्गत भूमिगत खदान का शुभारंभ कार्यक्रम आयोजित किया गया था। (ग) कलेक्टर जिला बालाघाट से प्राप्त जानकारी अनुसार आयुक्त, भोपाल संभाग भोपाल का पत्र क्र./8273/विकास/2026, दिनांक 01.12.2016 के अनुसार सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग जिला बालाघाट से प्राप्त जानकारी अनुसार दिनांक 04 दिसम्बर, 2016 को भोपाल जम्बूरी मैदान में जन जागरण एवं प्रशिक्षण सम्मेलन में 15 बसें लगाई गई थी। 15 बसों की किराया राशि देयक विवरण की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। कार्यालय जिला पंचायत बालाघाट के द्वारा ई.पी.ओ. क्रमांक 396636, दिनांक 15.04.2024 के माध्यम से 15 बसों के देयक राशि रू. 434964/- के विरूद्ध जिला बस ऑपरेटर एसोसिएशन बालाघाट के पंजाब नेशनल बैंक शाखा बालाघाट के खाता क्र. 0038002100028543 में राशि रू. 80,000/- (अस्सी हजार रूपये) का भुगतान किया जा चुका है। कार्यालय परियोजना अधिकारी, जिला शहरी विकास अभिकरण, बालाघाट एवं उप संचालक, किसान कल्याण तथा कृषि विकास, बालाघाट में आवंटन प्राप्त होने की स्थिति में शेष राशि का भुगतान किया जावेगा। (घ) कलेक्टर जिला बालाघाट से प्राप्त जानकारी अनुसार आयुक्त, भोपाल संभाग भोपाल का पत्र क्र./8273/विकास/2026, दिनांक 01.12.2016 के अनुसार सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग जिला बालाघाट से प्राप्त जानकारी अनुसार, उपरोक्त कार्यक्रम इस विभाग से संबंधित नहीं होने के कारण इस विभाग को शासन से आवंटन उपलब्ध नहीं हुआ है। शासन द्वारा प्रति हितग्राही 800 रूपये के मान से नगरीय विकास विभाग से 100 हितग्राही, किसान कल्याण तथा कृषि विकास से 400 हितग्राही एवं ग्रामीण विकास विभाग से 100 हितग्राही कुल 600 हितग्राही के लिये संबंधित विभाग को राशि रू. 4,80,000/- का आवंटन उपलबध कराये जाने का लेख है। किसान कल्याण तथा कृषि विकास को प्राप्त लक्ष्य अनुसार से कुल राशि रू. 3,20,000/- में से परियोजना संचालक आत्मा जिला बालाघाट द्वारा राशि रू. 96,000/- की राशि सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग जिला पंचायत बालाघाट को भुगतान की गई है, शेष राशि रू. 2,24,000/- बजट आवंटन की मांग की गई है, बजट आवंटन राशि की उपलब्धता अनुसार भुगतान की जा सकेगी। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
लवकुशनगर में नवीन I.T.I. कॉलेज स्वीकृत किया जाना
[तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार (केवल कौशल विकास एवं रोजगार)]
21. ( *क्र. 2500 ) श्री अरविन्द पटैरिया : क्या राज्य मंत्री, कौशल विकास एवं रोजगार महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्नकर्ता द्वारा प्रेषित पत्र क्रमांक 507, दिनांक 18.12.2024 जिसके द्वारा लवकुशनगर जिला छतरपुर में नवीन आई.टी.आई. कॉलेज स्वीकृत करने का अनुरोध किया गया है, उक्त संबंध में क्या कार्यवाही हुई? (ख) लवकुशनगर में पूर्व में शासकीय भवन में कौशल विकास केन्द्र संचालित था, जो कतिपय कारणों से बंद कर दिया गया, किन्तु उक्त शासकीय भवन अन्य प्रयुक्त एवं जीर्ण-शीर्ण अवस्था में पड़ा है? कब तक उक्त भवन का जीर्णोद्धार कर इसमें नवीन I.T.I. कॉलेज संचालित किया जायेगा? (ग) लवकुशनगर में कब तक नवीन शासकीय I.T.I. कॉलेज प्रारंभ कर दिया जायेगा? निश्चित समयावधि बतावें और यदि नहीं, तो क्यों?
राज्य मंत्री, कौशल विकास एवं रोजगार ( श्री गौतम टेटवाल ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) विभाग की नीति प्रत्येक विकासखण्ड में एक शासकीय आई.टी.आई. खोलने की है। विकासखण्ड लौंडी के अंतर्गत लवकुशनगर आता है। विकासखण्ड लौंडी में शासकीय आई.टी.आई., चन्दला 06 व्यवसाय तथा 60 सीटर बालक एवं बालिका छात्रावास के साथ संचालित है। लवकुशनगर से लगभग 35 कि.मी. की दूरी पर शासकीय आई.टी.आई., चन्दला संचालित है तथा लवकुशनगर में 03 निजी आई.टी.आई. भी संचालित है। अत: वर्तमान में विभाग अंतर्गत लवकुशनगर में नवीन शासकीय आई.टी.आई. प्रारंभ किया जाना प्रस्तावित नहीं है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ग) उत्तरांश ''ख'' के अनुक्रम में समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
जिम्मेदारों पर कार्यवाही
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
22. ( *क्र. 879 ) श्री अभय मिश्रा : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या पंचायत ग्रामीण विकास विभाग द्वारा विभागीय आदेश क्रमांक/पं.राज./निर्माण-स.भ.2.0/836/2025/2026, भोपाल दिनांक 12.11.2025 के द्वारा नवीन सामुदायिक भवनों के निर्माण की स्वीकृति प्रदान कर प्रथम किश्त भी जारी की गई? (ख) यदि प्रश्नांश (क) 'हाँ' तो वित्तीय वर्ष 2022-23, 2023-24 एवं 2024-25 में रीवा संभाग में इस तरह के कितने आदेश सामुदायिक भवनों के निर्माण बावत राशि जारी की गई, की प्रति देते हुये बतावें, इनके स्वीकृति बावत क्या मापदण्ड/नियम/विभाग द्वारा निर्धारित किये गये? प्रति देते हुये बतावें। (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) अनुसार स्वीकृति सामुदायिक भवनों में रीवा संभाग के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों के जनपदों में कितने किन-किन विधानसभा क्षेत्र में स्वीकृत किये गये, सबसे अधिक किन विधानसभा क्षेत्रों के जनपदों में इनकी स्वीकृति प्रदान कर राशि जारी की गई एवं किन विधानसभा क्षेत्रों के जनपदों की ग्राम पंचायतों में सबसे कम स्वीकृति प्रदान की गई तो क्यों कारण सहित जानकारी देवें। (घ) प्रश्नांश (क) एवं (ख) अनुसार सामुदायिक भवनों की स्वीकृति मनमानी तरीके से व्यक्तिगत हितलाभ प्राप्त कर जारी किये गये विधानसभा क्षेत्र सेमरिया व अन्य विधानसभा क्षेत्रों में इनकी स्वीकृत्ति कम प्रदान की गई, इसकी जांच कर कार्यवाही के साथ जिन विधानसभा क्षेत्र के ग्राम पंचायतों में इनकी स्वीकृति प्रदान नहीं की गई, उनके विधानसभा क्षेत्र में स्वीकृति बावत क्या निर्देश देंगे बतावें, नहीं तो क्यों?
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) जी हाँ। (ख) वित्तीय वर्ष 2022-23 में स्वीकृत कार्यों की जानकारी निरंक है। वित्तीय वर्ष 2023-24 एवं 2024-25 में रीवा संभाग में 16 आदेशों के द्वारा 182 स्वीकृत सामुदायिक भवनों के निर्माण बाबत् राशि जारी की गई। आदेश की प्रति की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'अ' अनुसार है। मुख्यमंत्री ग्राम सड़क एवं अवसंरचना योजना (6084) के कार्य प्रमुख अभियंता, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा भोपाल से स्थायी वित्तीय समिति में अनुमोदित प्रस्तावों के आधार पर एवं अतिरिक्त स्टाम्प शुल्क वसूली के विरूद्ध अनुदान मद (4610) के कार्य विभिन्न स्तरों से प्रस्तुत मांग एवं बजट उपलब्धता के आधार पर प्रशासकीय अनुमोदन उपरांत स्वीकृत किये जाते हैं। (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) अनुसार रीवा संभाग के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में स्वीकृत सामुदायिक भवनों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'ब' अनुसार है। बजट उपलब्धता के आधार पर कार्य स्वीकृत किये जाते हैं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
प्रदेश के महाविद्यालयों के भण्डार क्रय नियमों के विरूद्ध खरीदी
[उच्च शिक्षा]
23. ( *क्र. 3474 ) श्री आतिफ आरिफ अकील : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विश्व बैंक की रूसा परियोजना के तहत प्रदेश किन-किन शासकीय महाविद्यालयों में फर्नीचर, कम्प्यूटर लेब एवं मूट कोर्ट बनाये जाने के लिये विभाग द्वारा कितनी-कितनी राशि की निविदायें किन-किन शर्तों के साथ कब-कब आमंत्रित की गई थी? (ख) क्या उक्त टेंडर क्रमांक 2025 में म.प्र. भंडार क्रय नियमों को परियोजना के अतिरिक्त संचालक एवं ओ.एस.डी. द्वारा दर किनार कर अन्य सप्लायर/एजेंसियों को प्रतियोगिता से बाहर कर अपनी चहेती एजेन्सियों की योग्यता अनुसार मनमानी शर्तें जोड़ी गई हैं? (ग) यदि हाँ, तो किन-किन एजेन्सियों को किस आधार पर टेण्डर स्वीकृत किया जाकर कार्यादेश दिये गये हैं एवं किन-किन एजेन्सियों की निविदाएं किन कारणों से अमान्य की गईं? (घ) उपरोक्त प्रश्नांश के परिप्रेक्ष्य में क्या नियम विरूद्ध टेण्डर स्वीकृत किये जाने के संबंध में प्रतियोगी/सप्लायर एस.के. शर्मा के द्वारा लिखित में माननीय मुख्यमंत्री जी एवं विभागीय मंत्री जी को माह जनवरी 2026 में शिकायत की थी? यदि हाँ, तो की गई शिकायत की जांच की जाकर जांच में टेण्डर प्रक्रिया में अनियमिततायें किये जाने पर उक्त टेण्डर अस्वीकृत कर संबंधितों के विरूद्ध क्या कार्यवाही की गई? यदि नहीं, तो क्यों?
उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री इन्दर सिंह परमार ) : (क) विश्व बैंक परियोजना अंतर्गत फर्नीचर, कम्प्यूटर लैब एवं मूट कोर्ट बनाये जाने हेतु महाविद्यालयों की सूची, निविदाओं की शर्तें, राशि एवं तिथि की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी नहीं। (ग) प्रश्नांश 'ख' के संबंध में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) कार्यालयीन अभिलेखानुसार शिकायतकर्ता के द्वारा प्रश्नांश माह में टेण्डर के संबंध में की गई शिकायत पंजीकृत नहीं है। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता है।
शासकीय महाविद्यालय घुवारा के भवन का निर्माण
[उच्च शिक्षा]
24. ( *क्र. 1690 ) सुश्री रामश्री (बहिन रामसिया भारती) राजपूत : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या छतरपुर जिले के तहत घुवारा नगर परिषद में उच्च शिक्षा विभाग का भवन का निर्माण किया जा रहा है? जिसकी प्रशासकीय स्वीकृति/तकनीकी स्वीकृति की प्रतिया दें? (ख) उक्त भवन किस कंपनी के द्वारा संचालित किया जा रहा है? प्राक्कलन सहित विवरण दें। (ग) उक्त भवन के निर्माण में तकनीकी अधिकारियों द्वारा कब-कब परीक्षण किया और प्रश्न दिनांक तक कुल कितनी राशि खर्च की गई? विवरण दें। (घ) क्या उक्त भवन के संबंध में ग्रामीणों द्वारा शिकायतें कलेक्टर छतरपुर की और की गई, जिनकी जाँच की गई है? यदि हाँ, तो जाँच अभिमत सहित विवरण दें?
उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री इन्दर सिंह परमार ) : (क) जी हाँ। छतरपुर जिले की घुवारा नगर परिषद अंतर्गत शासकीय महाविद्यालय घुवारा के भवन निर्माण की प्रशासकीय एवं तकनीकी स्वीकृतियों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 1 एवं 2 अनुसार है। (ख) उक्त महाविद्यालय भवन का निर्माण मध्यप्रदेश भवन विकास निगम द्वारा किया जा रहा है, जिसके प्राक्कलन अनुसार प्रशासकीय स्वीकृति की राशि रूपये 1500.00 लाख है। प्राक्कलन की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 3 अनुसार है। (ग) निर्माण एजेन्सी द्वारा किये गये निरीक्षण की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-4 अनुसार है। इस कार्य पर अद्यतन व्यय रूपये 312.00 लाख है। (घ) जी नहीं, शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता है।
शासकीय आयुर्वेदिक औषधालय डुंगासरा में नवीन भवन की स्वीकृति
[आयुष]
25. ( *क्र. 3234 ) इंजीनियर प्रदीप लारिया : क्या आयुष मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या शासकीय आयुर्वेदिक औषधालय, डुंगासरा में आयुष औषधालय नवीन भवन की स्वीकृति विभाग द्वारा प्रदान की गई थी? यदि हाँ, तो विस्तृत जानकारी देवें। (ख) प्रश्नांश (क) में वर्णित शासकीय औषधालय डुंगासरा को नवीन भवन की यदि प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई थी, तो प्रश्न दिनांक तक औषधालय प्राक्कलन राशि 47.50 लाख रूपये क्या विभाग द्वारा राशि समायोजित की गई है/जमा की गई है? यदि हाँ, तो राशि कहां समायोजित की गई है? (ग) क्या शासकीय आयुर्वेदिक औषधालय डुंगासरा के लिये जिला आयुष अधिकारी, सागर के आवेदन पर शासकीय आयुर्वेद औषधालय डुंगासरा भवन के लिये भूमि आरक्षित की गई है? यदि हाँ, तो जानकारी देवें तथा भवन निर्माण कार्य के लिये विभाग द्वारा क्या कार्यवाही की जा रही है? (घ) यदि शासकीय आयुर्वेदिक औषधालय डुंगासरा भवन के लिये कलेक्टर सागर द्वारा भूमि आवंटित एवं उप संचालक, संचालनालय, आयुष मध्यप्रदेश भोपाल द्वारा भवन की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है तो औषधालय भवन डुंगासरा का निर्माण कार्य कब से प्रारंभ होगा?
आयुष मंत्री ( श्री इन्दर सिंह परमार ) : (क) जी हाँ। म.प्र. शासन आदेश क्र. एफ 5-40/2022/1/59, दिनांक 05.10.2023 द्वारा नवीन भवन निर्माण हेतु राशि रूपये 47.59 लाख की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गयी हैं। (ख) व्यय निरंक। (ग) जी हाँ। न्यायालय कलेक्टर सागर जिला सागर के आदेश क्र./7293/री.कले./2025, सागर दिनांक 22.08.2025 द्वारा ग्राम डुंगासरा प.ह.नं. 98 ख.नं. 56 में कुल रकबा 9.87 में से 0.046 हेक्टेयर शासकीय भूमि आयुष विभाग के नाम आरक्षित की गई है, पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। (घ) पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। अतः निश्चित समय-सीमा बतायी जाना संभव नहीं है।
भाग-2
नियम
46 (2) के
अंतर्गत
अतारांकित प्रश्नोत्तर
के रुप में
परिवर्तित
तारांकित प्रश्नोत्तर
फूड
एण्ड
एग्रीकल्चर
ऑर्गनाइजेशन का
संचालन
[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]
1. ( क्र. 23 ) श्री मुकेश मल्होत्रा : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विभाग द्वारा जिला श्योपुर के कौन-कौन से ग्रामों में ग्रीन एग प्रोजेक्ट संचालित है? (ख) क्या जिला श्योपुर में फूड एंड एग्रीकल्चर ऑर्गनाइजेशन (एफ.ए.ओ.) द्वारा 100% आर्थिक सहायता पर संचालित ग्रीन एग प्रोजेक्ट के अंतर्गत कितने विकासखंडों में संचालित है? (ग) धरातल पर कौन-कौन से कार्य किए जा रहे हैं तथा किसानों को इस प्रोजेक्ट से क्या-क्या लाभ हुआ है यदि हाँ, तो वर्ष 2024-25 में कितना आवंटन प्रदाय किया गया आवंटन के विरुद्ध कितना व्यय हुआ। कितने किसानों को लाभान्वित किया गया है? (घ) यदि प्रश्नांश (क), (ख) एवं (ग) में उल्लेखित जानकारी सही है, तो ग्रामवार एवं मदवार जानकारी उपलब्ध करावें? यदि नहीं, तो क्यों नहीं?
किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) जिला श्योपुर में संचालित ग्रीन-ऐजी प्रोजेक्ट के ग्रामों की सूची की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) जिला श्योपुर में विकासखंड विजयपुर में ग्रीन-एजी प्रोजेक्ट संचालित है। (ग) ग्रीन-एजी प्रोजेक्ट अंतर्गत किये गये कार्यों एवं प्रोजेक्ट से किसानों को हुये लाभ की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में प्रदाय आवंटन, व्यय एवं लाभान्वित किसानों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है। (घ) जी हाँ। ग्रामवार आवंटन प्रदाय नहीं किया जाता हैं। योजना के प्रावधान अनुसार प्रदाय मदवार आवंटन की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है। ग्रामवार लाभांवित किसानों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-4 अनुसार है। शेष प्रश्नांश उद्भूत नहीं होता है।
नगर परिषद मगरोनी में नवीन महाविद्यालय की स्वीकृति
[उच्च शिक्षा]
2. ( क्र. 104 ) श्री रमेश प्रसाद खटीक : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) करैरा विधान सभा क्षेत्र के अंतर्गत कस्बा मगरोनी में नगर परिषद में कोई भी शासकीय महाविद्यालय नहीं है इस संबंध में माननीय मुख्यमंत्री महोदय के नरवर आगमन पर प्रश्नकर्ता के पत्र क्रमांक 3032, दिनांक 25/09/2025 को विधान सभा क्षेत्र करैरा आगमन पर नवीन महाविद्यालय खोलने की स्वीकृति का अनुरोध किया था इस संबंध में क्या कार्यवाही हुई? (ख) मगरोनी नगर के आस-पास के छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षा अध्ययन हेतु अन्य शहरों में जाना आना पड़ता है? (ग) छात्र-छात्राओं की स्थानीय स्तर पर अध्ययन की सुविधा प्रदान करने हेतु शासन की नीति क्या है? (घ) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के संदर्भ में नगर परिषद मगरोनी में कब तक नवीन शासकीय महाविद्यालय स्वीकृत किया जावेगा?
उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री इन्दर सिंह परमार ) : (क) करैरा विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत कस्बा मगरोनी में नगर परिषद में नवीन महाविद्यालय प्रारंभ किये जाने हेतु विभागीय मापदण्डों की पूर्ति नहीं हो रही है। (ख) मगरोनी से 08 कि.मी. की दूरी पर शासकीय महाविद्यालय नरवर, 25 कि.मी. की दूरी पर शासकीय महाविद्यालय मोहना एवं भितरवार संचालित हैं, जहां छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। (ग) जियोटेगिंग विधि अनुसार 20 से 30 कि.मी. की परिधि में कोई शासकीय महाविद्यालय संचालित नहीं होना चाहिये। चिन्हित स्थान के समीप के स्कूलों से 12वीं कक्षा में अध्ययनरत उत्तीर्ण होने वाले विद्यार्थियों की संख्या 500 होना चाहिए। (घ) उत्तरांश ''क'' के संदर्भ में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय जबलपुर द्वारा युवाओं को पुरस्कार वितरण
[उच्च शिक्षा]
3. ( क्र. 369 ) श्री लखन घनघोरिया : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय, जबलपुर द्वारा सत्र 2025-26 के युवा उत्सव के अंतर्गत विभिन्न विधाओं में विजयी छात्रों को पुरस्कार राशि, पदक और प्रमाण-पत्र देने में विलम्ब किया गया और इन्हें मंच से वितरित नहीं किया गया? (ख) क्या पूर्व में आयोजित युवा उत्सवों में भी विजेता छात्रों को पुरस्कार राशि एवं प्रमाण-पत्र अत्यधिक विलंब से प्रदान किए गए, जिससे विद्यार्थियों में असंतोष एवं अनिश्िचतता की स्थिति उत्पन्न हुई? (ग) विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा पुरस्कार वितरण जैसे अनिवार्य एवं पूर्व निर्धारित शैक्षणिक-सांस्कृतिक आयोजन में बार-बार देरी होने के क्या कारण है? (घ) क्या इससे प्रशासनिक निष्क्रियता, निर्णय क्षमता के अभाव तथा उत्तरदायित्वहीनता को परिलक्षित नहीं होती है? इस संबंध में जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध क्या कार्यवाही प्रस्तावित अथवा की गई है तथा भविष्य में ऐसी स्थिति की पुनरावृत्ति रोकने हेतु क्या ठोस निर्देश जारी किए गए है?
उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री इन्दर सिंह परमार ) : (क) विश्वविद्यालय स्तर के युवा उत्सव के आयोजन में विजेता छात्र-छात्राओं को पुरस्कार राशि एवं पदक प्रदान नहीं किए जाते है। इसकी प्रत्येक विधाओं में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान अर्जित करने वाले प्रतिभागियों/दल के सदस्यों को प्रमाण पत्र दिए जाते है। जी हाँ। प्रमाण पत्रों की प्रविष्टियां पूर्ण न होने के कारण मंच से सिर्फ परिणामों की घोषणा की गई। (ख) जी नहीं। पूर्व में आयोजित युवा उत्सव के प्रमाण पत्र मंच से ही वितरित किए गए। अत: शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता। (ग) प्रतियोगिताओं का आयोजन मध्यप्रदेश शासन, उच्च शिक्षा विभाग द्वारा जारी कैलेण्डर के अनुसार ही किया जाता है। (घ) जी नहीं। संबंधितों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। जी हाँ।
नियमित पाठ्यक्रम का संचालन
[उच्च शिक्षा]
4. ( क्र. 370 ) श्री लखन घनघोरिया : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय जबलपुर के तहत किन-किन विभागों में किन-किन विषयों से सम्बंधित कौन-कौन से नियमित पाठ्यक्रम संचालित हैं। किन-किन विभागों में विषयवार संचालित पाठ्यक्रमों में स्वीकृत पद संरचना के तहत विभाग अध्यक्ष (एच.ओ.डी.) प्रोफेसर, सहायक प्रोफेसर एवं अन्य कौन-कौन से कितने-कितने पद भरे/रिक्त है? रिक्त पदों की कब से भर्तियां नहीं की गई हैं. एवं क्यों? इस सम्बंध में यू.सी.जी. एवं प्रदेश शासन के क्या निर्देश है? (ख) प्रश्नांश (क) में किन-किन विभागों में संचालित किन-किन विषयों से सम्बंधित पाठ्यक्रमों में कितने-कितने प्रभारी प्रोफेसर अतिथि प्रोफेसर पदस्थ हैं। इन विभागों में विषयवार छात्रों की दर्ज संख्या कितनी-कितनी हैं। दर्ज संख्या के अनुसार कितने-कितने नियमित प्रोफेसर पदस्थ हैं एवं कितने-कितने पद रिक्त हैं? शैक्षणिक वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 की जानकारी दें। (ग) प्रश्नांश (क) में किन-किन विभागों में विभागाध्यक्ष (एच.ओ.डी.) का पद रिक्त है एवं क्यों? किन-किन विभागों में विभागाध्यक्ष पद रिक्त पद के प्रभार में कब से कौन-कौन पदस्थ है? (घ) प्रश्नांकित किन-किन विभागों में कितने-कितने अतिथि विद्वान पदस्थ हैं। रिक्त पदों की कब तक भर्तियां की जावेगी?
उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री इन्दर सिंह परमार ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-1 अनुसार है। रिक्त पदों पर भर्ती वर्ष 2018 के उपरांत नहीं हुई है। समय-समय पर यू.जी.सी. तथा राज्य शासन द्वारा पदपूर्ति हेतु पत्र जारी किए जाते हैं। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-1 एवं 2 अनुसार है। (ग) विश्वविद्यालयों में विभागाध्यक्ष का पद नहीं होता है, प्रशासकीय सुविधा की दृष्टि से नियमित शिक्षकों को विभागाध्यक्ष मनोनीत किया जाता है। प्रभारी विभागाध्यक्षों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-3 अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-2 अनुसार है। रिक्त पदों पर भर्ती के संबंध में समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
पन्ना जिले में इंजीनियरिंग कॉलेज की स्थापना
[तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार (केवल तकनीकी शिक्षा)]
5. ( क्र. 434 ) श्री ब्रजेन्द्र प्रताप सिंह : क्या तकनीकी शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या विधानसभा सत्र जुलाई 2025 में प्रश्नकर्ता द्वारा पन्ना जिले में तत्कालीन मुख्यमंत्री जी की घोषणा अनुसार इंजीनियरिंग कॉलेज प्रारंभ किये जाने के प्रस्ताव एआईसीटीई एवं मंत्रिपरिषद को भेजे जाने के संबंध में पूछे गये प्रश्न के उत्तर में माननीय मंत्री जी द्वारा प्रस्ताव प्रेषित नहीं किये जाने से अवगत कराया गया था? (ख) क्या उक्त प्रस्ताव प्रेषित किये जा चुका है? यदि हाँ, तो कब? यदि नहीं, तो प्रस्ताव न भेजे जाने का क्या कारण है? कब तक पन्ना जिला में इंजीनियरिंग कॉलेज प्रारंभ किया जावेगा? समय-सीमा बतावें?
तकनीकी शिक्षा मंत्री ( श्री इन्दर सिंह परमार ) : (क) जी हाँ। (ख) जी नहीं। वित्त विभाग के परिपत्र दिनांक 09 अप्रैल, 2025 के द्वारा नवीन कार्यक्रम (योजना) को राज्य में लागू किये जाने के लिए मंत्रि-परिषद की सैद्धांतिक सहमति आवश्यक की गई है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
पन्ना जिले के बृजपुर में शासकीय महाविद्यालय प्रारंभ किया जाना
[उच्च शिक्षा]
6. ( क्र. 435 ) श्री ब्रजेन्द्र प्रताप सिंह : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या दिनांक 29.05.2025 को माननीय मुख्यमंत्री जी के पन्ना भ्रमण के दौरान की गई घोषणा अंतर्गत बृजपुर में शासकीय महाविद्यालय प्रारंभ कराये जाने की घोषणा के संबंध में माननीय मुख्यमंत्री कार्यालय के पत्र क्रमांक/1398/सीएमएस/सीडब्ल्यूएस/2025 दिनांक 08.05.2025 द्वारा प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा विभाग को पत्र प्रेषित किया गया था? (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार यदि हाँ, तो उक्त संबंध में क्या कार्यवाही की गई? कब तक बृजपुर में शासकीय महाविद्यालय प्रारंभ कराया जावेगा? समय-सीमा बतावें।
उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री इन्दर सिंह परमार ) : (क) जी हाँ। (ख) प्रकरण परीक्षणाधीन है। समय-सीमा बताई जाना संभव नहीं है।
आई.टी.आई. भवन डी.पी.आर. अनुसार नहीं बनाया जाना
[तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार (केवल कौशल विकास एवं रोजगार)]
7. ( क्र. 476 ) श्रीमती चंदा सुरेन्द्र सिंह गौर : क्या राज्य मंत्री, कौशल विकास एवं रोजगार महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या संयुक्त संचालक कौशल विकास क्षेत्रीय कार्यालय सागर द्वारा दिनांक 27/02/2025 की आई.टी.आई. पलेरा के भवन एवं नवीन परिसर की जाँच में लगभग 18-19 बिन्दुओं की कमी पाई गई और डी.पी.आर. के अनुसार ठेकेदार द्वारा उक्त निर्माण नहीं किये गये सम्पूर्ण जांच प्रतिवेदन के दस्तावेजों को उपलब्ध करायें। (ख) क्या ठेकेदार द्वारा 18-19 कार्यों को छोड़कर भवन बनाया गया और शासन की राशि का दुरुपयोग किया गया है इसलिये ठेकेदार की फर्म को ब्लैक लिस्टेड करते हुये शेष कार्यों को पूर्ण कराये जाने हेतु आदेश जारी करेंगे यदि हाँ, तो कब तक यदि नहीं, तो क्यो? (ग) क्या उक्त भवन के शेष कार्यों को पूर्ण कराते हुये ठेकेदार के विरुद्ध जाँच कराकर विधिसंगत कार्यवाही प्रस्तावित करते हुये भवन हस्तांतरण कब तक करा लिया जावेगा, सम्पूर्ण जानकारी से अवगत करायें, जिससे छात्र/छात्राओं को सुविधा प्राप्त हो सकें?
राज्य मंत्री, कौशल विकास एवं रोजगार ( श्री गौतम टेटवाल ) : (क) जी हाँ, जांच समिति के निरीक्षण प्रतिवेदन की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी हाँ। शासन की राशि का दुरूपयोग नहीं हुआ है। संस्था भवन एवं संस्था परिसर के निर्माण में छात्रहित में छात्र/छात्राओं की सुरक्षा तथा आवंटित सीमांकित भूमि का अतिक्रमण से मुक्त रखने के लिए डी.पी.आर. में प्रस्तावित लम्बाई से अधिक बाउंड्रीवाल (385 मीटर के स्थान पर 791 मीटर) निर्माण कराना पड़ा, जिससे लागत में वृद्धि हुई। इस कारण से प्राचार्य द्वारा उल्लेखित 19 बिन्दुओं में से संबंधित छोटे-छोटे एवं कम महत्व के कार्य, जिनसे संस्था संचालन में कोई असुविधा नहीं थी, 19 कार्यों में से 12 कार्य पूर्ण कर दिए गए है, शेष कार्यों का डी.पी.आर. में प्रावधान न होने के कारण नहीं किए गए है। कार्यों में लागत वृद्धि मुख्य रूप से SOR परिवर्तन, GST 12% के स्थान पर 18% होने के कारण हुई है। कार्य स्थल की आवश्यकता के अनुरूप कार्य सम्पादन किया गया है। शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) भवन के शेष संबंधित कार्य न होने के कारण संस्था संचालन में कोई भी असुविधा नहीं है। भवन का आधिपत्य प्राचार्य, आई.टी.आई., पलेरा द्वारा दिनांक 29/07/2025 को प्राप्त कर लिया है। शेष बचे कार्यों को पुनरीक्षित प्राक्कलन तैयार कर पूर्ण किया जा सकेगा। वर्तमान में संस्था के नवीन भवन में प्रशिक्षण कार्य सुचारू रूप से संचालित है। शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना का क्रियान्वयन
[तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार (केवल कौशल विकास एवं रोजगार)]
8. ( क्र. 522 ) कुँवर अभिजीत शाह : क्या राज्य मंत्री, कौशल विकास एवं रोजगार महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना अंतर्गत मध्यप्रदेश में वर्ष 2019 से 2025 तक कुल कितने प्रशिक्षण केंद्र/प्रशिक्षण भागीदारों के माध्यम से प्रशिक्षण कार्य संचालित किया गया, उनमें से कितने केंद्रों की शिकायतें/अनियमितताएँ प्राप्त हुई तथा उन पर क्या-क्या कार्रवाई की गई, जिलावार, शिकायतवार प्रशिक्षण केन्द्र के संचालकवार जानकारी उपलब्ध कराई जाए? (ख) प्रश्नांश (क) की अवधि में योजना के अंतर्गत कितने प्रशिक्षार्थियों का पंजीयन हुआ, कितनों को प्रशिक्षण पूर्ण होने का प्रमाण-पत्र दिया गया तथा कितनों को वास्तविक रोजगार/स्वरोजगार प्राप्त हुआ, साथ ही कितने मामलों में फर्जी पंजीयन, फर्जी बैंक खाते अथवा अपात्र लाभार्थी पाए गए? (ग) क्या योजना में फर्जी लाभार्थियों, बंद प्रशिक्षण केंद्रों एवं भुगतान संबंधी अनियमितताओं के प्रकरण सामने आए हैं? यदि हाँ, तो दोषी प्रशिक्षण भागीदारों/अधिकारियों के विरुद्ध दर्ज प्रकरणों, वसूली गई राशि एवं ब्लैक लिस्ट किए गए संस्थानों का जिलावार विवरण क्या है? (घ) योजना में भविष्य में भ्रष्टाचार रोकने हेतु राज्य सरकार द्वारा कौन-कौन से ठोस निगरानी, सत्यापन एवं पारदर्शिता संबंधी उपाय लागू किए गए हैं अथवा किए जाने प्रस्तावित हैं?
राज्य मंत्री, कौशल विकास एवं रोजगार ( श्री गौतम टेटवाल ) : (क) प्रश्नावधि में प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना से संबंधित 86 प्रशिक्षण प्रदाता की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है एवं संचालित 174 प्रशिक्षण केन्द्रों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। किसी भी केन्द्र शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ख) प्रश्नावधि में प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना अंतर्गत 14208 प्रशिक्षार्थियों का पंजीयन हुआ एवं 10417 को प्रशिक्षण पूर्ण होने का प्रमाण-पत्र दिया गया। भारत सरकार के कौशल विकास एवं उद्यमशीलता मंत्रालय के SDMS/SIP पोर्टल की रिपोर्ट अनुसार 1158 प्रशिक्षर्थियों को रिपोर्टेड प्लेसमेंट प्राप्त हुआ है। फर्जी पंजीयन, फर्जी बैंक खाते एवं अपात्र लाभार्थियों की जानकारी निरंक है। (ग) जी नहीं। शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) योजना में पारदर्शिता सुनिश्िचत करने एवं भ्रष्टाचार की रोकथाम के लिए आधार आधारित फेस रिकॉग्निशन बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली का प्रावधान किया गया है तथा PMKVY 4.0 अंतर्गत विभिन्न शासकीय संस्थाओं (केन्द्रीय एवं राज्यीय) के माध्यम से प्रशिक्षण प्रदाता के रूप में कार्य किया जा रहा है।
जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित द्वारा किसानों को ऋण का प्रदाय
[सहकारिता]
9. ( क्र. 523 ) कुँवर अभिजीत शाह : क्या सहकारिता मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित नर्मदापुरम्, शाखा हरदा द्वारा विगत 5 वर्षों में खाद-बीज कल्चर आदि के लिए कितने सदस्य किसानों ने ऋण के लिए आवेदन किया, उक्त में से किसानों को किस ब्याज दर पर बैंक अधीन कार्यरत (पैक्स/लेम्प्स) आदिम जाति सेवा सहकारी संस्थाओं के माध्यम से ऋण दिया? वर्षवार विवरण देवें? (ख) उक्त बैंक ब्रांचवार, अधीनस्थ पैक्स/लेम्प्स संस्थावार कृषक सदस्यों को ऋण देने के क्या-क्या मापदंड/नियम हैं? इन ऋणों की वसूली करने एवं कितना ब्जाय दर वसूलने का मापदंड क्या है? क्या वसूलीकर्ता संस्था के अधिकारी द्वारा मनमाने ढंग से अधिक ब्याज दर वसूल किया जा रहा है, इसकी जांच सहकारिता विभाग, बैंक प्रबंधन ने कब-कब किया? (ग) हरदा जिले की कौन-कौन सी सहकारी पैक्स समितियां किस-किस कारण से कितने-कितने घाटे में चल रही है? घाटे में चल रही समितियों के पदाधिकारियों, प्रबंधकों अथवा संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध अब तक कितनी जांचें कराई गई है, कितनों पर दंडात्मक कार्यवाही हुई है तथा कितनी राशि की वसूली की गई है? घाटे में चल रही सहकारी समितियों को लाभ में लाने, वित्तीय अनुशासन स्थापित करने एवं सदस्यों के हितों की रक्षा हेतु राज्य शासन द्वारा क्या ठोस सुधारात्मक कदम उठाए गए हैं अथवा भविष्य में उठाए जाने प्रस्तावित है?
सहकारिता मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र – 1 अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र – 2 अनुसार है। समितियों के माध्यम से किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर वितरित ऋण की अदायगी अवधि खरीफ ऋण हेतु 28 मार्च तथा रबी ऋण हेतु 15 जून है। निर्धारित समय पर ऋण अदायगी नहीं करने पर ऋण वितरण दिनांक से ड्यूडेट तक 7 प्रतिशत की दर से ब्याज देय होता है। इसके पश्चात ड्यू दिनांक से वसूली दिनांक तक दण्ड ब्याज सहित 12 प्रतिशत की दर से ब्याज देय होता है। जी नहीं, शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र– 3 अनुसार है। घाटे में चल रही सहकारी समितियों को लाभ में लाने, वित्तीय अनुशासन स्थापित करने एवं सदस्यों के हितों की रक्षा हेतु सभी पैक्स समितियों का कम्प्यूटरीकरण, सदस्यों के लेनदेन की जानकारी रियल टाइम उपलब्ध कराया जाना, ई-पोर्टल के माध्यम तथा माइक्रो एटीएम से खाद वितरण का कार्य, संस्थाओं के उद्देश्य अनुसार कार्यक्षेत्र में कार्यों का विविधीकरण तथा जिला बैंकों द्वारा बैंक से संबंधित पैक्स के लिए रिस्ट्रक्चरिंग योजना लागू की गई है।
कार्यों की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की जाना
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
10. ( क्र. 880 ) श्री अभय मिश्रा : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या विधानसभा तारांकित प्रश्न क्रमांक 1333 उत्तर दिनांक 04 अगस्त 2025 के प्रश्नांश (ख) 'जी हाँ' एवं (ग) जिला पंचायत रीवा की प्रशासकीय समिति की बैठक दिनांक 13.05.2022 आयोजित थी, वित्तीय वर्ष 2022-23 में पन्द्रहवें वित्त अन्तर्गत निर्माण कार्यों के संबंध में जिला पंचायत रीवा द्वारा 140 कार्यों हेतु राशि रूपये 280.87 लाख का प्रस्ताव पारित किया गया है। (ख) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित अनुसार दिये गये उत्तर में दिनांक 13.05.2022 को बैठक आयोजित किये जाने एवं प्रस्ताव पारित की जानकारी दी गई, अचार संहिता जुलाई 2022 में लागू हुई इसके पूर्व प्रशासकीय स्वीकृति जारी कर कार्य प्रारंभ हेतु कार्यादेश जारी नहीं किये गये क्यों इसके लिये कौन-कौन उत्तरदायी है उनके पदनाम सहित विवरण देते हुये उन पर कार्यवाही के क्या निर्देश देंगे यह भी बतायें कि पंचायत राज अधिनियम अनुसार पारित प्रस्ताव को निरस्त करने एवं उसको कार्यवाही पर नहीं लिये जाने बाबत् क्या निर्देश है? प्रति के साथ जानकारी देवें? (ग) प्रश्नांश (क) अनुसार दिनांक 13.05.2022 को पारित प्रस्ताव अनुसार स्वीकृत कार्यों के कराये जाने बाबत् क्या निर्देश देंगे एवं कार्य प्रारंभ न करने अधिनियम अनुसार प्रस्ताव पर समय से कार्यवाही कर राशि जारी करने के जिम्मेदारों पर अनुशासनात्मक कार्यवाही के निर्देश के साथ कार्य कराने हेतु आदेश देंगे तो बतावें अगर नहीं तो क्यों?
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) जी हाँ। जिला पंचायत रीवा की सामान्य सभा की बैठक दिनांक 13.05.2022 आयोजित थी, वित्तीय वर्ष 2022-23 में पन्द्रहवें वित्त अन्तर्गत निर्माण कार्यों के संबंध में जिला पंचायत रीवा द्वारा 140 कार्यों हेतु राशि रूपये 280.87 लाख का प्रस्ताव पारित किया गया था। (ख) त्रिस्तरीय पंचायत निर्वाचन के पश्चात गठित नवीन सामान्य सभा द्वारा दिनांक 13.05.2022 को नवीन कार्यों की स्वीकृत प्रदान की गई। डी.पी.डी.पी समिति से अनुमोदन न होने के कारण राशि जारी नहीं की गई नवीन गठित सामान्य सभा की कार्यवाही पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। अधिसूचना समाप्त होने के उपरान्त जिला पंचायत रीवा के पत्र क्रमांक 5487 दिनांक 18.09.2023 से जारी एजेण्डा क्रमांक 04 के तहत बैठक दिनांक 21.09.2023 को वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिए तैयार नवीन कार्य योजना अनुसार राशि जारी करने का अनुमोदन किया गया। उक्त कारणों से सामान्य सभा की बैठक दिनांक 13.05.2022 के स्वीकृत कार्यों की राशि नहीं दी गई है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। म.प्र. पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम, 1993 की धारा 85 अनुसार कार्यवाही किये जाने के प्रावधान हैं। प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) उत्तरांश (ख) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों का पालन
[सहकारिता]
11. ( क्र. 1012 ) श्री राजेश कुमार वर्मा : क्या सहकारिता मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या माननीय सर्वोच्च न्यायालय के प्रकरण एसएलपी (सी) 2918/2014 निर्णय दिनांक 17/03/2015 के पालन में आयुक्त सहकारिता एवं पंजीयक के पत्र क्रमांक/साख/2015-16 दिनांक 02/06/2015 द्वारा महालेखाकार ग्वालियर से कराए गए अंकेक्षण में त्रुटिकर्ता कर्मचारी पर अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे? जिसके क्रम में क्या जिला सहकारी बैंक पन्ना द्वारा पत्र क्रमांक/प्रशासन/2015/927 दिनांक 24/06/15 के माध्यम से आयुक्त सहकारिता एवं पंजीयक को अवगत कराया गया था कि त्रुटिकर्ता 09 शाखा प्रबंधकों को कारण बताओ सूचना पत्र जारी कर जवाब चाहा गया है? क्या यह कार्यवाही पूर्ण कर ली गई है? (ख) प्रश्नांश ''क'' अनुसार माननीय सर्वोच्च न्यायालय, आयुक्त सहकारिता एवं पंजीयक भोपाल के उक्त आदेशों के क्रम में किस-किस शाखा प्रबंधक पर कब-कब अनुशासनात्मक कार्यवाही की गई? आरोप एवं आदेश की प्रति उपलब्ध कराई जाएं। यदि विभाग से जांच कराई गई है तो जांच प्रतिवेदन उपलब्ध कराया जाए। यदि अभी तक कोई अनुशासनात्मक कार्यवाही नहीं की गई तो उसके लिए कौन दोषी है? दोषियों पर कब तक और क्या कार्यवाही की जावेगी? (ग) क्या माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित पन्ना की समस्त समितियों का अंकेक्षण कराये जाने का आदेश था? यदि हाँ, तो अभी तक संपूर्ण समितियों का अंकेक्षण न होने के लिए कौन उत्तरदायी है? उत्तरदायियों पर क्या करवाई की गई है? आयुक्त सहकारिता द्वारा इस संबंध में क्या पहल की गई है?
सहकारिता मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) जी हाँ। जी हाँ। जी हाँ। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र – 1 अनुसार है। आरोप एवं आदेश की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। विभाग स्तर से पृथक से कोई जांच नहीं करायी गयी है अपितु प्रश्नांश ''क'' में विभाग के उल्लेखित पत्र दिनांक 02-06-2015 के निर्देशानुसार जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक पन्ना द्वारा दोषियों के विरूद्ध विभागीय जांच पूर्ण करायी जाकर बैंक स्टाफ उप समिति की बैठक दिनांक 29.03.2022 के निर्णय अनुसार अनुशासनात्मक कार्यवाही पूर्ण कर ली गयी है। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता। (ग) जी हाँ। वर्तमान में कार्यरत 88 बहुउद्देशीय प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों में से 85 समितियों का अंकेक्षण पूर्ण हो गया है। 02 समितियां अजयगढ़ एवं पडरहा में नामांकित सी.ए फर्म द्वारा अंकेक्षण करने से मना करने से जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित पन्ना द्वारा पत्र दिनांक 11.11.2025 से महालेखाकार ग्वालियर को अन्य किसी फर्म की नियुक्ति हेतु लिखा गया है। 01 समिति पटनातमोली का अंकेक्षण सी.ए. फर्म सुमित के. जैन एण्ड कंपनी के स्तर पर प्रक्रियाधीन है। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता।
गंभीर अनियमितताओं के संबंध में कार्यवाही
[सहकारिता]
12. ( क्र. 1692 ) सुश्री रामश्री (बहिन रामसिया भारती) राजपूत : क्या सहकारिता मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बड़ामलहरा विधान सभा क्षेत्र अंतर्गत सेवा सहकारी समिति सेंधपा, घुवारा, सेवार, रामटोरिया में मुख्यमंत्री ब्याज माफ़ी योजना में भारी अनियमितताएं की गई थी जिसमें गमन प्रमाणित पाया गया? (ख) प्रश्नांश "क" के तहत लोक आयुक्त के आदेश के बाद भी दोषी के विरुद्ध कार्यवाही प्रश्न दिनांक तक क्यों नहीं की गई? (ग) सहकारी बैंक शाखा घुवारा से संबंधित पैक्स में दिनांक 31/03/2023 पर कृषकों ऊपर कितना फसल ऋण कालातीत ऋण बकाया हैं, कुल कृषकों की संख्या एवं राशि की जानकारी मूल एवं ब्याज सहित समितिवार उपलब्ध कराये? (घ) प्रश्नांश "क" के तहत जाँच करता अधिकारियों के अभिमत की प्रतिया उपलब्ध करावें तथा दोषियों के विरुद्ध समय-सीमा में कब तक कार्यवाही की जावेगी?
सहकारिता मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) प्रश्नांश में उल्लेखित 04 प्राथमिक कृषि साख सहकारी संस्थाओं में से 03 प्राथमिक कृषि साख सहकारी संस्था घुवारा, सेवार तथा रामटोरिया के संबंध में लोकायुक्त कार्यालय से शिकायत प्राप्त हुई है, जिसकी जांच जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित छतरपुर स्तर पर प्रक्रियाधीन है। (ख) उत्तरांश ''क'' में लोकायुक्त कार्यालय से दोषसिद्धी का आदेश प्राप्त न होकर शिकायती पत्र जांच कर प्रतिवेदन भेजने हेतु प्राप्त हुआ है, अत: शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (घ) उत्तरांश ''क'' अनुसार जांच प्रक्रियाधीन है, अत: शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
कृषकों को फसल बीमा राशि का भुगतान
[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]
13. ( क्र. 1771 ) डॉ. रामकिशोर दोगने : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) म.प्र. के किसानों को प्रश्न दिनांक तक खरीफ फसल वर्ष 2025 की बीमा राशि प्रश्न दिनांक तक नहीं दिये जाने का क्या कारण है? (ख) खरीफ फसल वर्ष 2025 के अंतर्गत हरदा जिले के कितने कृषकों को फसल बीमा योजना में शामिल किया गया है तथा उनमें से कितने कृषकों को अब तक फसल बीमा की राशि का भुगतान किया जा चुका है? नाम सहित सूची उपलब्ध करावें। (ग) कृषकों को खरीफ फसल वर्ष 2025 की फसल बीमा राशि कब तक प्रदान कर दी जावेगी? समय-सीमा बतावें। (घ) कृषकों को खरीफ फसल वर्ष 2025 की फसल बीमा राशि के भुगतान में अनावश्यक विलंब हुआ है, तो इसके लिए कौन अधिकारी/एजेंसी जिम्मेदार है एवं उनके विरुद्ध क्या कार्यवाही की जावेगी? स्पष्ट करें। (ड.) भविष्य में खरीफ फसल बीमा राशि के भुगतान में विलंब न हो, इसके लिए शासन द्वारा क्या ठोस कार्य योजना बनाई गई है?
किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के स्थानीय आपदा प्रावधान अंतर्गत कृषकों को दावा राशि का भुगतान किया गया है, जिसकी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। खरीफ 2025 हेतु बीमित इकाई स्तर पर अंतिम दावा भुगतान हेतु प्रक्रियाधीन है। (ख) हरदा जिले में खरीफ 2025 अंतर्गत बीमित कृषकों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। कृषकों को भुगतान किये जाने की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है। (ग) उत्तरांश ''क'' अनुसार समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (घ) उत्तरांश ''क'' अनुसार प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ड.) योजना के प्रावधानुसार कृषक को भुगतान जाता है। अत: कार्य योजना बनाने संबंधी प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
सेटेलाइट के माध्यम से फसल नुकसानी का सर्वे
[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]
14. ( क्र. 1772 ) डॉ. रामकिशोर दोगने : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या वर्ष 2021 से प्रदेश में फसल नुकसानी का सर्वे राजस्व विभाग के मैदानी अमले के स्थान पर सेटेलाइट तकनीक के माध्यम से कराया जा रहा है? यदि हाँ, तो इसके पीछे शासन का उद्देश्य क्या है? (ख) क्या सेटेलाइट सर्वे के आधार पर फसल नुकसानी आकलन होने के कारण किसानों को फसल बीमा की राशि देरी से प्राप्त हो रही है तथा कई किसानों को काटे गए बीमा प्रीमियम की तुलना में कम बीमा राशि प्रदाय की जा रही है? (ग) क्या पूर्व में जब फसल नुकसानी का सर्वे राजस्व विभाग के पटवारी एवं मैदानी कर्मचारियों द्वारा किया जाता था, तब किसानों को वास्तविक नुकसानी के अनुरूप पर्याप्त एवं संतोषजनक फसल बीमा राशि प्राप्त होती थी? (घ) क्या सेटेलाइट सर्वे प्रणाली के कारण वास्तविक फसल क्षति का सही आकलन नहीं हो पा रहा है? यदि हाँ, तो इसकी समीक्षा हेतु शासन द्वारा अब तक क्या कदम उठाए गए हैं? (ड.) क्या शासन द्वारा फसल बीमा प्रीमियम की कटौती एवं प्रदाय बीमा राशि में असमानता की जिलावार जाँच कराई जाएगी? यदि हाँ, तो कब तक समय-सीमा बतावें। (च) भविष्य में किसानों को वास्तविक फसल क्षति के अनुरूप एवं समय पर फसल बीमा राशि उपलब्ध कराने हेतु शासन द्वारा क्या ठोस कार्ययोजना प्रस्तावित है?
किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) जी नहीं। केवल प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना अंतर्गत बीमित मुख्य फसलों हेतु, सेटेलाइट आधारित रिमोट सेंसिंग तकनीक से उपज का आकलन किया जा रहा है। योजना अंतर्गत त्वरित एवं पारदर्शी रूप से एवं न्यूनतम मानव दखल के साथ उपज आकलन करने के उद्देश्य से उन्नत तकनीकी का उपयोग किया जा रहा है। (ख) जी नहीं। (ग) पूर्व में फसल कटाई प्रयोगों से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर उपज में कमी के पाई जाने पर योजना के प्रावधान अनुसार पात्र कृषकों को क्षतिपूर्ति दावा राशि का भुगतान किया जाता था। अत: शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) जी नहीं। शेष प्रश्न उद्भूत नहीं होता है। (ड.) उत्तरांश (ख) अनुसार प्रीमियम एवं दावा राशि में असमानता की जांच कराने का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (च) प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को निरन्तर अधिकाधिक प्रभावशाली एवं कृषक हितेषी बनाने हेतु शासन द्वारा निरन्तर प्रयास किये जा रहे है तथा इस हेतु योजना की मार्गदर्शी निर्देशिका का समय-समय पर उन्नयन किया जा रहा है तथा योजना क्रियान्वयन में अधिकाधिक तकनीकी का उपयोग एवं मानव दखल को न्यूनतम किया जा रहा है।
ग्लोबल स्किल पार्क की स्थापना
[तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार (केवल कौशल विकास एवं रोजगार)]
15. ( क्र. 1788 ) श्री शैलेन्द्र कुमार जैन : क्या राज्य मंत्री, कौशल विकास एवं रोजगार महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्नकर्ता के अतारांकित प्रश्न क्रमांक 213, दिनांक 01.07.2024 के उत्तरांश में बताया गया था कि वर्ष 2023 में तत्कालीन माननीय मुख्यमंत्री महोदय द्वारा ग्लोबल स्किल पार्क (जी.एस.पी.) की स्थापना की घोषणा की गई थी तथा इस संबंध में कार्यवाही प्रक्रियाधीन है एवं भूमि आवंटन की कार्यवाही प्रचलन में है? क्या शासन द्वारा भूमि का आवंटन कर दिया गया है? यदि हाँ, तो किस स्थान पर और कितनी भूमि आवंटित की गई है? (ख) क्या ग्लोबल स्किल पार्क (जी.एस.पी.) की स्थापना हेतु प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है? यदि हाँ, तो इस परियोजना में कुल कितनी राशि स्वीकृत की गई है एवं इसमें कौन-कौन से घटक सम्मिलित किये गये हैं तथा इसमें कौशल विकास से संबंधित कौन-कौन सी सुविधायें उपलब्ध कराई जायेगी? प्रश्न दिनांक तक इस संबंध में क्या कार्यवाही प्रचलन में है? विस्तृत विवरण सहित जानकारी उपलब्ध कराये।
राज्य मंत्री, कौशल विकास एवं रोजगार ( श्री गौतम टेटवाल ) : (क) जी हाँ। जी नहीं, विभागीय आदेश दिनांक 05.10.2023 के द्वारा ग्वालियर, जबलपुर, रीवा एवं सागर में ग्लोबल स्किल्स पार्क की स्थापना की सैद्धांतिक स्वीकृति जारी की गई, विभागीय समीक्षा बैठक दिनांक 09 अगस्त 2024 में दिये गये निर्देशों के अनुसार ग्वालियर, जबलपुर, रीवा एवं सागर में प्रस्तावित नए केन्द्रों (ग्लोबल स्किल पार्क) को तत्काल स्थापित किये जाने के स्थान पर वर्तमान में संभागीय मुख्यालयों में मौजूदा Civil and training infrastructure का उपयोग कर नवीन आवश्यक कोर्सेज का संचालन किया जाना है, विभागीय समीक्षा बैठक के कार्यवाही विवरण की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है, क्रियान्वयन हेतु जारी आदेश की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ख) उत्तरांश ''क'' के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
पुनासा में डिग्री कॉलेज स्थापना की स्वीकृति
[उच्च शिक्षा]
16. ( क्र. 1934 ) श्री नारायण पटेल : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्नकर्ता के विधानसभा क्षेत्रांतर्गत नगरीय क्षेत्र पुनासा में नवीन डिग्री कॉलेज स्वीकृत करने की क्या कार्ययोजना है? (ख) यदि हाँ, तो डिग्री कॉलेज स्थापना की स्वीकृति कब होगी? (ग) नवीन डिग्री कॉलेज कितनी क्षमता तथा कितने संकायों से प्रारम्भ होगा?
उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री इन्दर सिंह परमार ) : (क) पुनासा में नवीन डिग्री कॉलेज प्रारंभ करने हेतु विभागीय मापदण्डों की पूर्ति नहीं हो रही है। (ख) एवं (ग) उत्तरांश ''क'' के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
ग्राम रोजगार सहायक को पंचायत सचिव का प्रभार देने के नियम
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
17. ( क्र. 1973 ) इंजीनियर हरिबाबू राय : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या एक ग्राम पंचायत में दो रोजगार सहायक कार्य कर सकते है एक रोजगार सहायक स्वयं के ग्राम में कार्यरत तथा दूसरा जो अन्य पंचायत से आकर दूसरे ग्राम के सचिव के दायित्व का अतिरिक्त प्रभार ग्रहण कर सकता है ऐसा कोई नियम हो तो नियम बतावें। (ख) सुरेश कुमार जाटव रोजगार सहायक मूल पंचायत रिन्हाय को ग्राम पंचायत सिंघारई के सचिवीय कार्य का प्रभार दिया गया है जो कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी स्कीम म.प्र. ग्राम रोजगार सहायक मार्गदर्शिका 2025 के अनुसार स्थान परिवर्तन व अतिरिक्त प्रभार से संबंधित बिन्दु क्रमांक 8.7 में बताया गया है कि रोजगार सहायक रोजगार सहायक का ही पद बिना किसी अतिरिक्त प्रभार निर्वहन कर सकेगा परंतु सुरेश कुमार जाटव को सचिव ग्राम पंचायत सिंघारई का अतिरिक्त प्रभार किस नियम के अंर्तगत दिया गया है। (ग) उक्त सचिव के खिलाफ पूर्व में फर्जी विवाह प्रमाण पत्र बनाये जाने जैसे गतिविधियों में संलिप्ता पायी गई जिनमें दीक्षा यादव निवासी सिंघारई की शादी गोलू यादव हरथोन से कराई गयी, जबकि गोलू यादव की शादी पूर्व में शिक्षा यादव से हो चुकी थी। परंतु सचिव के द्वारा फर्जी तरीके से विवाह पंजीयन किया गया जिसकी जांच मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत बदरवास द्वारा की गई, जिसमें अब तक क्या कार्यवाही की?
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) जी हाँ, शासन निर्देशों की छायाप्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) म.प्र. शासन पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग का परिपत्र क्र. 932 दिनांक 06.07.2013 के अनुसार ग्राम रोजगार सहायक को सचिव का अतिरिक्त प्रभार दिया जा सकता है। (ग) जी नहीं। सचिव ग्राम पंचायत द्वारा विवाह पंजीयन नहीं किया गया है, बल्कि विवाह पंजीयन हेतु प्राप्त आवेदन को अनुशंसा सहित अग्रेषित किया था, किन्तु जनपद पंचायत अंतर्गत पूर्व परीक्षण अंतर्गत जांच में अपात्र पाये जाने के कारण आवेदन निरस्त कर पंजीयन नहीं किया गया। जनपद पंचायत द्वारा उक्त कृत्य के लिए सचिव ग्राम पंचायत को दिनांक 12.02.2026 से स्पष्टीकरण चाहा गया है।
आउटसोर्स कर्मचारियों के वेतन भुगतान की जानकारी
[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]
18. ( क्र. 2000 ) श्री विपीन जैन : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) कृषि उपज मंडी मंदसौर में आउटसोर्स कर्मचारियों का ठेका किस कंपनी द्वारा, कितने वर्ष से संचालित किया जा रहा है? उसके अनुबंध की प्रति शर्तों सहित देवें? (ख) उक्त कंपनी द्वारा कितने कर्मचारियों को, किस-किस पद पर, कब से नियुक्त किया गया है इन्हें कितना वेतन दिया जा रहा है उनका नाम, पता और मोबाइल नंबर सहित विवरण उपलब्ध करायें? (ग) प्रश्नांश (ख) में कार्यरत कर्मचारियों के पीएफ कटौत्रा एवं उनके किये गए बीमे की जानकारी भी आवश्यक रूप से उपलब्ध कराये? (घ) क्या प्रश्नांश (ख) में कुछ काल्पनिक कर्मचारी भी उल्लेखित हैं जो भौतिक रूप से कार्यरत नहीं है पर उन्हें वेतन दिया जा रहा है? (ड.) मंडी द्वारा उक्त कंपनी को 1 अप्रैल 2025 से वर्तमान माह तक किए जा रहे भुगतान का विवरण भी आवश्यक रूप से देवें? कंपनी द्वारा कार्य प्रारंभ से प्रश्न दिनांक तक कितना-कितना बोनस प्रश्नांश (ख) में कार्यरत कर्मचारियों को दिया गया है इसका विवरण आवश्यक रूप से देवें?
किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) :(क) मेसर्स आर.बी.एसोसिएट्स भोपाल (वर्तमान में परिवर्तित नाम आर.बी. ऐसोसिएट ग्लोबल कनेक्ट प्रा.लि. भोपाल) द्वारा दिनांक 11/05/2024 से। अनुबंध की प्रति जानकारी पुस्तकालय में परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है। (घ) जी नहीं। शेष प्रश्न उद्भूत नहीं होता। (ड.) जानकारी पुस्तकालय में परिशिष्ट के प्रपत्र-4 अनुसार है। बोनस भुगतान का प्रावधान नहीं होने से शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
विधानसभा क्षेत्र लहार में खाद वितरण में अनियमितता
[सहकारिता]
19. ( क्र. 2225 ) श्री अम्बरीष शर्मा : क्या सहकारिता मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या 01.04.2024 से प्रश्न दिनांक तक अधिकारियों द्वारा विपणन संघ के भंडारण केन्द्र लहार, से किसानों को खाद वितरण हेतु कर्मचारियों विपणन संघ, कृषि विभाग, राजस्व विभाग, सहकारिता एवं अन्य विभाग (आउटसोर्स, संविदा, नियमित) वाह्य व्यक्तियों से खाद वितरण हेतु आदेश जारी किये गए? यदि हाँ, तो आदेशों की प्रतियां उपलब्ध करायें? (ख) क्या प्रश्नांश (क) में वर्णित अवधि में खाद वितरण में अनियमितताएं पायी गई थी? यदि हाँ, तो दोषियों के विरूद्ध क्या कार्यवाहियां की गयी? (ग) क्या प्रश्नांश (क) में वर्णित अवधि में भण्डारण केन्द्र लहार की पीओएस मशीन एवं चाबियां किस अधिकारी के आदेशानुसार जप्त की गई थी? यदि हाँ, तो सम्पूर्ण विवरण देवें? (घ) क्या प्रश्नांश (क) में वर्णित अवधि में भंडारण केन्द्र लहार की पीओएस मशीन एवं चाबियां जप्त होने के उपरांत उनका उपयोग किया गया? यदि हाँ, तो किन-किन व्यक्तियों द्वारा कब-कब संचालन किया गया एवं किसके आदेश से संपूर्ण विवरण देवें? (ड.) भिण्ड जिले में 01.04.2024 से प्रश्न दिनांक तक मार्केटिंग सोसायटी भिण्ड एवं लहार द्वारा किस-किस दिनांक को कौन-कौन सा खाद कितनी-कितनी मात्रा में प्राप्त किया गया उसका पैसा किस-किस दिनांक को जमा कराया गया? मार्केटिंग समिति को खाद प्राप्ति दिनांक एवं राशि जमा किये जाने की दिनांक सहित प्राप्ति एवं वितरण के प्रमाणक भी संलग्न किये जावें?
सहकारिता मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) जी हाँ। आदेशों की प्रतियां पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-01 अनुसार है। (ख) जी हाँ। विपणन संघ के भंडारण केन्द्र लहार में पदस्थ भंडारण केन्द्र प्रभारी श्री दीपक कुमार शर्मा को म.प्र. राज्य सहकारी विपणन संघ मुख्यालय भोपाल द्वारा दिनांक 19.10.2025 से निलंबित किया जाकर उनके विरूद्ध दिनांक 27.11.2025 को एफ.आई.आर. दर्ज कराई गई एवं तत्कालीन जिला विपणन अधिकारी भिण्ड श्री अमित गुप्ता को दिनांक 15.12.2025 से निलंबित किया गया है। (ग) दिनांक 08.10.2025 को अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) लहार, तहसीलदार लहार एवं वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी लहार के द्वारा किये गये निरीक्षण तथा पुन: दिनांक 18.10.2025 को किये गये निरीक्षण उपरांत अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) लहार के मौखिक निर्देशानुसार भंडारण केन्द्र लहार की पीओएस मशीन एवं चाबियां जप्त की गई। (घ) जी नहीं। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता। (ड.) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 02 एवं 03 अनुसार है। प्रश्नांश में वर्णित समितियों द्वारा खाद का वितरण पीओएस मशीन के माध्यम से किया गया है, जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 04 एवं 05 अनुसार है।
खेल सामग्री का वितरण
[खेल एवं युवा कल्याण]
20. ( क्र. 2276 ) श्री राजेश कुमार वर्मा : क्या खेल एवं युवा कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या जिला पन्ना अंतर्गत ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों के युवाओं को खेलों के प्रति आकर्षित करने के लिए खेल एवं युवक कल्याण विभाग द्वारा वर्ष 2022 से प्रश्न दिनांक तक खेल सामग्री उपलब्ध कराने हेतु कितनी राशि/सामग्री प्राप्त हुई? उक्त राशि/सामग्री का वितरण किन-किन विधानसभाओं में कब-कब किया गया, सम्पूर्ण जानकारी उपलब्ध करावें। (ख) गुनौर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत खेल विभाग द्वारा पूर्व के वर्षों में किन-किन ग्राम पंचायतों/स्कूलों/व्यायाम शालाओं में कितनी राशि का जिम स्थापित किया गया? (ग) क्या पन्ना जिले में जिम आदि के उपकरण प्रदाय किये गये है? यदि हाँ, तो कहां-कहां पर स्थापित कराये गये है?
खेल एवं युवा कल्याण मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) विभाग द्वारा विधानसभावार खेल सामग्री का वितरण नहीं किया जाता है। खेल सामग्री क्रय हेतु प्रतिवर्ष संचालनालय द्वारा जिलों को बजट उपलब्ध कराया जाता है, जिससे संचालनालय के पत्र क्रमांक-1936 दिनांक 04.06.2018 में दिये गये निर्देशानुसार जिला स्तर पर पुलिस अधीक्षक की अध्यक्षता में गठित समिति द्वारा आवश्यकता का आकलन कर उपलब्ध बजट अनुसार म.प्र. भंडार क्रय नियम 2015 (यथा संशोधित 2022) में उल्लेखित प्रावधानों को दृष्टिगत रखते हुए खेल सामग्री का क्रय एवं वितरण का निर्णय लिया जाता है। वर्ष 2022 से प्रश्न दिनांक तक खेल सामग्री क्रय हेतु जिला-पन्ना को उपलब्ध कराई गई राशि तथा उपलब्ध करवाई राशि से क्रय की गई सामग्री एवं उसके वितरण की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) मान. सदस्य के अनुरोध पर गुनौर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत शा.मा.शाला कन्या, देवेन्द्रनगर में खेल विभाग द्वारा वर्ष 2023 में राशि रूपये 10.79 लाख के जिम उपकरण प्रदाय एवं स्थापित किए गए हैं। (ग) जी हाँ। पन्ना जिले में वर्ष 2023 में पुलिस लाइन, पन्ना एवं ग्राम पंचायत रैपुरा थाना परिषद के पास शाहनगर में तथा वर्ष 2025 में श्री जुगल किशोर जी स्टेडियम, पन्ना में 01-01 सेट ओपन जिम उपकरण एवं महाराजा छत्रसाल स्टेडियम, पन्ना में 01 नग कमर्शियल ट्रेडमिल प्रदाय/स्थापित की गई है।
ऋण वितरण में अनियमितता की जांच
[सहकारिता]
21. ( क्र. 2292 ) श्री यादवेन्द्र सिंह : क्या सहकारिता मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला सहकारी बैंक खरगोन द्वारा अवंति सूत मिल को कितना ऋण कब-कब किस मद से दिया गया, उस ऋण में हुई अनियमितता की जांच कब-कब कराई गयी, जांच प्रतिवेदन सहित जांच में दोषी कौन-कौन पाया गया? नाम पदवार बतायें? (ख) प्रश्नांश "क" में वर्णित उत्तरदायी पदाधिकारी अधिकारियों पर क्या-क्या कार्यवाही की गई? नामवार जानकारी देवें? (ग) नाबार्ड रिजर्व बैंक के निर्देश अनुसार इस ऋण के अभी तक गबन धोखाधड़ी ऋण दुरूपयोग में वर्गीकृत किया गया, यदि नहीं, तो क्यों इसके लिए कौन उत्तरदायी है? (घ) क्या प्रश्नांश "क" में वर्णित ऋण प्रकरणों में एक मुश्त समझौता करने की कार्यवाही की जा रही है क्यों?
सहकारिता मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।
जिला टीकमगढ़ में ग्राम रोजगार सहायकों का स्थानांतरण
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
22. ( क्र. 2293 ) श्री यादवेन्द्र सिंह : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या जिला टीकमगढ़ में ग्राम रोजगार सहायकों के स्थानांतरण बिना अधिकार के जनपद सी.ई.ओ. द्वारा कर दिये जाते है। यदि हाँ, तो विगत दो वर्ष में जनपद सी.ई.ओ. द्वारा कितने स्थानांतरण किये गये नाम सहित बताये? (ख) क्या म.प्र. राज्य रोजगार गारंटी परिषद के पत्र क्र.-1122/ एम.जी. एन.आई.जी. एस. म.प्र. जी.आर.एस./2025 भोपाल दिनांक 24.06.2025 द्वारा मार्गदर्शिका 2025 भोपाल जारी की थी? (ग) यदि हाँ, तो प्रश्नांश "ख" में वर्णित योजना में जिला टीकमगढ़ को मार्ग दर्शिका में वर्णित नियमों में छूट प्रदान की थी। (घ) जनपद पंचायत टीकमगढ़ के कार्यालय जनपद टीकमगढ़, जिला टीकमगढ़ आदेश क्र./मनरेगा/ज.प./2025/4578/टीकमगढ़ दिनांक 19.12.2025 एवं पत्र क्र.-2750 दिनांक 03.09.2025 के आदेश सी.ई.ओ. जनपद द्वारा किस नियम के तहत किये गये अधिकार विहीन आदेश जारी करने वाले अधिकारी के विरूद्ध क्या कार्यवाही की जावेगी?
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) हाँ, टीकमगढ़ जिले अंतर्गत जनपद पंचायत जतारा एवं टीकमगढ़ में प्रशासकीय कार्य सुविधा की दृष्टि से ग्राम रोजगार सहायकों का कार्य स्थान परिवर्तन किया है। विगत दो वर्ष में जनपद सी.ई.ओ. द्वारा किये गये कार्य स्थान परिवर्तन की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'अ' एवं 'ब' अनुसार है। (ख) जी हाँ। (ग) जी नहीं। (घ) जनपद पंचायत कार्यालय टीकमगढ़ की जावक पंजी में आदेश दिनांक 19.12.2025 दर्ज नहीं है तथा ग्राम रोजगार सहायक को जनपद पंचायत टीकमगढ़ में संलग्न कर कार्य करने के लिए जारी किये गये आदेश दिनांक 26.03.2025 को जनपद पंचायत टीकमगढ़ के पत्र क्रमांक 2750 दिनांक 03.09.2025 से मूल पंचायत भैरा में कार्य करने हेतु आदेश जारी किया गया। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'ब' अनुसार है। ग्राम रोजगार सहायकों का कार्य स्थान परिवर्तन किये जाने के आदेश जारी करने वाले तत्कालीन मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत जतारा एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत टीकमगढ़ को कारण बताओ सूचना पत्र दिनांक 18.02.2026 जारी कर जवाब चाहा गया है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'स' अनुसार है।
कृषकों को उर्वरक का प्रदाय
[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]
23. ( क्र. 2376 ) श्री फूलसिंह बरैया : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दतिया जिले म.प्र.राज्य सहकारी विपणन संघ को कौन-कौन सा उर्वरक कितनी-कितनी मात्रा में 1 अप्रैल 25 से प्रश्न दिनांक तक प्राप्त हुआ है। (ख) विपणन संघ दतिया द्वारा किन-किन प्राथमिक सहकारी समितियों को कितना-कितना उर्वरक कब-कब प्रदाय किया गया है। दिनांकवार बतायें। (ग) सहकारी समितियों द्वारा किन-किन किसानों को कितना-कितना उर्वरक प्रदाय किया गया। सूची उपलब्ध कराये। (घ) जिले में ई-टोकन प्रणाली कब से प्रारंभ हुई है उस दिनांक से सोसायटियों ने कितना-कितना उर्वरक से प्राप्त किया सोसायटियों द्वारा इस प्रणाली के तहत किन-किन कृषकों को कितना-कितना उर्वरक प्रदाय किया गया है। कृषकवार सूची उपलब्ध कराये। (ड.) क्या अशासकीय वितरण केन्द्रों (प्राइवेट डीलर) को ई-टोकन प्रणाली दिनांक से कितना उर्वरक प्रदाय किया गया है तथा ई-टोकन द्वारा किन-किन किसानों को वितरण किया गया है। सूची उपलब्ध कराई जाये।
किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) :(क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-4 एवं 5 अनुसार है। (ड.) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-6 एवं 7 अनुसार है।
जनपद पंचायत के नवीन भवन का निर्माण
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
24. ( क्र. 2427 ) श्री हरिशंकर खटीक : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या टीकमगढ़ जिले की जनपद पंचायत पलेरा एवं जतारा का भवन जीर्ण-शीर्ण हो गया है और अतिरिक्त कक्षों में संचालित है? जहां ग्राम पंचायतों के सरपंचों के साथ बैठक करना असंभव है? (ख) प्रश्नांश (क) के आधार पर बताएं कि यह पुराने भवन कब और कितनी लागत से बनवाये गये थे? (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के आधार पर बताएं कि क्या जनपद पंचायत भवन एवं मीटिंग हॉल जहां सरपंचों, सचिवों एवं रोज़गार सहायकों की जब संयुक्त बैठक होती है, तब सभी के द्वारा अप्रसन्नता व्यक्त की जाती है, क्यों? (घ) प्रश्नांश (क), (ख) एवं (ग) के संदर्भ में बताएं कि प्रश्नकर्ता द्वारा कब-कब माननीय विभागीय मंत्री जी को पत्र देकर अनुरोध किया गया है कि मानक प्राक्कलन के अनुरूप नवीन जनपद कार्यालय भवन का निर्माण कराया जावे। उपरोक्त पत्र के आधार पर विभाग भवन की राशि स्वीकृत करेगा तो कब तक? निश्िचत समय-सीमा सहित बताएं।
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) जी हाँ। मीटिंग हॉल में संयुक्त तथा बड़ी बैठकों में परेशानी होती है। (ख) जनपद पंचायत पलेरा में वर्ष 2005 में लागत राशि रूपये 7.50 लाख एवं जनपद पंचायत जतारा में वर्ष 1998 में लागत राशि रूपये 15.00 लाख से जनपद भवन का निर्माण कराया गया है। (ग) सरपंच, सचिव एवं रोजगार सहायकों की संयुक्त बैठक के आयोजन की स्थिति में परेशानी होती है, परन्तु अप्रसन्नता व्यक्त करने जैसी कोई स्थिति संज्ञान में नहीं है। (घ) प्रश्नकर्ता द्वारा पत्र क्रमांक क्यू दिनांक 04.08.2025 के माध्यम से माननीय विभागीय मंत्री महोदय को पत्र देकर अनुरोध किया गया है कि जनपद पंचायत पलेरा में मानक प्राक्कलन के अनुरूप नवीन जनपद कार्यालय भवन का निर्माण कराया जावे। बजट उपलब्धता के आधार पर नवीन कार्य स्वीकृत किये जाते है। सीमित बजट उपलब्धता के दृष्टिगत नवीन जनपद भवन की स्वीकृति का कोई कार्य प्रस्तावित नहीं है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
डबरा में कन्या महाविद्यालय की स्थापना
[उच्च शिक्षा]
25. ( क्र. 2477 ) श्री सुरेश राजे : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला ग्वालियर अंतर्गत विधानसभा क्षेत्र क्र.19 डबरा में माननीय मुख्यमंत्री द्वारा कन्या महाविद्यालय खोलकर कक्षाएं प्रारंभ करने की घोषणा की गई थी जो की प्रश्न दिनांक तक किस कारण पूर्ण नहीं हो सकी? कारण सहित पूर्ण जानकारी देवें (ख) जिला ग्वालियर अंतर्गत तहसील डबरा, उप-तहसील चीनोर, बिलौआ, पिछोर एवं भितरवार में कन्या महाविद्यालय नहीं होने से दूर ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र की बालिकाएं उच्च शिक्षा हेतु ग्वालियर में किराये के मकानों में रहकर शिक्षा ग्रहण करने पर मजबूर हैं इनमें से कुछ आर्थिक रूप से कमज़ोर होने के कारण अपनी पढ़ाई छोड़ने पर मजबूर हैं, डबरा शहर उक्त सभी स्थानों का एक केंद्र है एवं शहर में महाविद्यालय हेतु पर्याप्त शासकीय भूमि उपलब्ध है, छात्राओं के हित में डबरा शहर में कन्या महाविद्यालय खोला जायेगा? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्यों? कारण सहित सत्यापित प्रति उपलब्ध करवाएं।
उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री इन्दर सिंह परमार ) : (क) जी नहीं। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता है। (ख) डबरा से 30 कि.मी. के अन्तर्गत शासकीय वृन्दा सहाय महाविद्यालय डबरा, शासकीय महाविद्यालय, पिछोर एवं शासकीय महाविद्यालय, भितरवार संचालित हैं। इन सहशिक्षा महाविद्यालयों में बालिकाएं अध्ययन कर सकती हैं। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता है।
निर्माण कार्यों की ऑफलाइन निविदा प्रक्रिया
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
26. ( क्र. 2482 ) श्री अनिल जैन : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2020 से प्रश्न दिनांक तक विधानसभा क्षेत्र निवाड़ी अंतर्गत कितने निर्माण कार्य स्वीकृत किए गए एवं कितने निर्माण कार्यों में निर्माण एजेंसी निर्धारित किया गया है। सूची उपलब्ध करावें। (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में स्वीकृत कार्यों में से कितने कार्यों की एम.पी. ई-टेण्डर के माध्यम से निविदा जारी की गई एवं कितने कार्यों की ऑफलाइन निविदा जारी की गई? (ग) क्या शासन द्वारा ऑफलाइन टेंडर प्रक्रिया पर रोक लगाई गई है, यदि हाँ, तो विधानसभा निवाड़ी में विभाग के कार्यों में ऑफलाइन निविदा क्यों जारी की गई है? (घ) प्रश्नांश (ग) के संदर्भ में जिन कार्यों की ऑफलाइन निविदा जारी की गई उन कार्यों में प्रत्येक कार्य अनुसार किन-किन फर्मों के आवेदन प्राप्त हुए है क्या ऑफलाइन निविदा के माध्यम से कई कार्यों में एक ही परिवार की फर्म के कोटेशन प्राप्त कर एक ही फर्म को कार्य सौंपे गए है, यदि हाँ, तो इस संबंध में जिम्मेदार अधिकारी/कर्मचारी के विरूद्ध क्या कार्यवाही की गई है?
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) प्रश्नांकित अवधि में विधानसभा क्षेत्र निवाड़ी अंतर्गत स्वीकृत किये गये निर्माण कार्यों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र- 'अ' अनुसार है। (ख) उत्तरांश (क) के संदर्भ में एम.पी. ई-टेण्डर के माध्यम से जारी की गई निविदा की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'ब' एवं ऑफलाइन जारी की गई निविदा की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र- 'स' अनुसार है। (ग) जी नहीं। अत: शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र- 'द' अनुसार है। जी हाँ। ऑनलाइन/ऑफलाइन निविदा में किसी भी कार्य में किसी भी निविदाकार को भाग लेने की स्वतंत्रता होती है। अत: शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय में निर्माण कार्य
[उच्च शिक्षा]
27. ( क्र. 2488 ) श्री अशोक ईश्वरदास रोहाणी : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय, जबलपुर अंतर्गत 2024-25 सत्र में कौन-कौन से निर्माण कार्य हुए है एवं उनकी लागत राशि क्या है? (ख) इन निर्माण कार्यों से छात्र-छात्राओं को शिक्षा में क्या लाभ प्राप्त हुआ? (ग) भविष्य में विश्वविद्यालय अंतर्गत कौन-कौन से निर्माण कार्य होना है, कृपया विस्तृत जानकारी दें?
उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री इन्दर सिंह परमार ) : (क) सत्र 2024-25 में कोई भी निर्माण कार्य नहीं हुआ है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ख) उत्तरांश (क) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है।
सामान्य प्रशासन विभाग के पत्र के संदर्भ में कार्यवाही
[उच्च शिक्षा]
28. ( क्र. 2510 ) श्री मधु भगत : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्यप्रदेश शासन सामान्य प्रशासन विभाग मंत्रालय वल्लभ भवन, भोपाल द्वारा जारी पत्र क्रमांक एफ 5-4/2011/1/8 भोपाल, दिनांक 16/08/2011 क्या विभाग में प्राप्त है? (ख) वित्त मंत्री माननीय उच्च न्यायालय, ग्वालियर पीठ डिवीजन बैंच द्वारा WA 29/2025, आदेश दिनांक 15/07/2025 में महर्षि महेश योगी वैदिक विश्वविद्यालय को 24/08/1998 से 07/11/2014 की अवधि हेतु स्टेट यूनिवर्सिटी (राज्य विश्वविद्यालय) दर्शाते हुए आदेश पारित किया है? यदि हाँ, तो उक्त समयावधि में वित्त विभाग द्वारा प्रतिवर्ष कितनी राशि किस मद में स्वीकृत की गई एवं विभाग द्वारा कराये गये वार्षिक ऑडिट रिपोर्ट उक्त समयावधि की जानकारी उपलब्ध करायें? यदि ऑडिट नहीं कराया गया है तो क्यों? दोषी कौन है? (ग) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित पत्र के संदर्भ में उक्त उच्च न्यायालय आदेश के संबंध में वित्त विभाग द्वारा क्या कार्यवाही की गई है? सम्पूर्ण दस्तावेजों सहित जानकारी उपलब्ध करायें? यदि कार्यवाही नहीं की गई है तो क्यों? क्या दोषी अधिकारियों एवं विश्वविद्यालय प्रबंधन पर नियमानुसार कार्यवाही करते हुए वित्तीय अनियमितता की उच्च स्तरीय जाँच सहित रिकवरी राशि वसूली करवायेंगे कृपया स्पष्ट करें?
उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री इन्दर सिंह परमार ) : (क) जी हाँ। (ख) जी हाँ, परन्तु मुख्य रूप से यह याचिका अंकसूचियों को मान्य किए जाने से संबंधित है। महर्षि महेश योगी वैदिक विश्वविद्यालय अधिनियम, 1995 यथा संशोधित वर्ष 2000 की धारा 31 (ग) के अनुसार विश्वविद्यालय राज्य सरकार से सहायता अनुदान, या अन्य वित्तीय सहायता प्राप्त करने का हकदार नहीं है। अतः शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) प्रश्नांकित न्यायालयीन प्रकरण में रेस्पोंडेंट वित्त विभाग के नहीं होने से प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
नियम विरूद्ध राशि की स्वीकृति
[श्रम]
29. ( क्र. 2555 ) श्री अम्बरीष शर्मा : क्या श्रम मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या ग्रा.प. वैशपुरा, विधानसभा क्षेत्र लहार जिला भिण्ड में उत्कर्ष सिंह चौहान पुत्र श्री सुनील सिंह चौहान की मृत्यु 22.01.2021 को हुई जिसका पंजीयन संबल योजना में अपात्र था एवं मृत्यु उपरांत संबल आईडी का सत्यापन सचिव ग्रा.प. वैशपुरा द्वारा दिनाक 28.02.2021 को किया गया तथा पांच हजार की अनुग्रह सहायता राशि नियम विरूद्ध स्वीकृत कर प्रदान की गई। (ख) क्या मृतक उत्कर्ष चौहान के पिता श्री सुनील सिंह चौहान ज.प. लहार में लेखापाल के पद पर पदस्थ है। मृतक उत्कर्ष चौहान की माँ आरती चौहान पत्नी श्री सुनील चौहान द्वारा अनुग्रह राशि का आवेदन दिया गया जिसे तत्समय नियम विरूद्ध मानकर अपात्र माना गया? बाद में पुनः प्रस्तुत कर जांच करवाकर नियम विरूद्ध अनुग्रह राशि (4,00,000/-) चार लाख रूपये आवेदिका श्रीमती आरती चौहान पत्नी सुनील चौहान को 04.12.2021 को प्रदाय की गई है? तत्कालीन मु.क.अ. जनपद पंचायत लहार द्वारा 4,00,000/- (चार लाख) रूपये की राशि नियम विरूद्ध कैसे स्वीकृत की गई? (ग) क्या उपरोक्त प्रकरण की शिकायत होने पर जांच समिति गठित की गई? यदि हाँ तो जांच समिति में किन-किन अधिकारियों/कर्मचारियों को दोषी ठहराया गया तथा दोषी अधिकारियों के विरूद्ध क्या कार्यवाही की जावेगी?
श्रम मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) जी हाँ। (ख) जी हाँ, मृतक उत्कर्ष चौहान के पिता श्री सुनील सिंह चौहान जनपद पंचायत लहार में पूर्व में लेखापाल के पद पर पदस्थ थे, जो वर्तमान में निलंबित है। मृतक उत्कर्ष चौहान की माँ आरती चौहान पत्नी सुनील सिंह द्वारा अनुग्रह सहायता राशि का आवेदन दिया गया, जिसे तत्समय जांच में अपात्र किया गया था। पश्चात में पुन: जांच में पात्र पाये जाने पर 4,00,000/- रूपये आवेदिका को प्रदान किये गये। श्री प्रदीप खरे तत्कालीन पीसीओ ज.पं. लहार के जांच प्रतिवेदन में पात्र होने पर तत्कालीन मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत लहार द्वारा अनुग्रह सहायता राशि स्वीकृत की गई। (ग) जी हाँ, उक्त प्रकरण की जांच जनपद स्तर पर गठित समिति द्वारा की गई थी। जिसमें श्री अमर सिंह जाटव, सचिव, ग्राम पंचायत वैशपुरा, श्रीमती नेहा कुशवाहा, सरपंच ग्राम पंचायत वैशपुरा, श्री देवेश सिंह राजावत, तत्कालीन शाखा प्रभारी, श्री प्रदीप खरे, तत्कालीन खण्ड पंचायत अधिकारी एवं श्री अरूण कुमार त्रिपाठी तत्कालीन मुख्य कार्यपालन अधिकारी ज.पं. लहार, श्रीमती आरती चौहान एवं श्री सुनील सिंह चौहान सहायक लेखाधिकारी जनपद पंचायत लहार को दोषी पाया गया है। दोषी अधिकारियों के विरूद्ध नियमानुसार कार्यवाही हेतु कार्यवाही प्रचलित है।
अतिथि विद्वानों के वेतन एवं मानदेय देने का प्रावधान
[उच्च शिक्षा]
30. ( क्र. 2713 ) श्री नितेन्द्र बृजेन्द्र सिंह राठौर : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्तमान में म.प्र. के शासकीय महाविद्यालयों में सहायक प्राध्यापकों के कुल कितने पद स्वीकृत हैं? कितने पद भरे व रिक्त हैं? कार्यरत अतिथि विद्वानों की कुल संख्या कितनी है? (ख) क्या अतिथि विद्वानों से नियमित सहायक प्राध्यापकों के समान शैक्षणिक एवं कार्यालयीन कार्य कराया जाता है? यदि हाँ, तो दोनों के कार्यों में क्या अंतर है? (ग) अतिथि विद्वानों को वेतन/मानदेय भुगतान हेतु क्या प्रावधान है? क्या समय पर भुगतान किया जाता है? (घ) क्या यूजीसी अधिनियम 2018 के अनुच्छेद 13 के अनुसार सहायक प्राध्यापक के रिक्त पद पर कार्यरत एडहाँक/अतिथि विद्वान का वेतन नियमित रूप से नियुक्त सहायक प्राध्यापक के निर्धारित मासिक वेतनमान से कम नहीं होनी चाहिए। यदि हाँ, तो क्या नियम का पालन किया जा रहा है? यदि नहीं, तो क्यों?
उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री इन्दर सिंह परमार ) : (क) म.प्र. के शासकीय महाविद्यालयों में सहायक प्राध्यापक के कुल 12895 पद स्वीकृत हैं जिसके विरूद्ध 5817 सहायक प्राध्यापक कार्यरत हैं तथा 7078 पद रिक्त हैं एवं रिक्त पदों के विरूद्ध कार्यरत अतिथि विद्वानों की संख्या 3973 है। (ख) अतिथि विद्वान से नियमित सहायक प्राध्यापकों के समान केवल शैक्षणिक एवं संबंधित कार्य कराया जाता है। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता। (ग) अतिथि विद्वान नीति/निर्देश/नियम क्रमांक एफ 1/1/201/2023/38-1, दिनांक 05.10.2023 की कंडिका 6.1 अनुसार मानदेय के भुगतान की कार्यवाही समयानुसार की जाती है। (घ) जी नहीं, प्रश्नांश में उल्लेखित प्रावधान Contract basis पर नियुक्त शिक्षकों के लिए प्रावधानित है। प्रदेश में अतिथि विद्वानों की व्यवस्था विभाग की अपनी अतिथि विद्वान आमंत्रण नीति दिनांक 05/10/2023 के आधार पर संचालित है। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता।
महुआ फूल का अवैध परिवहन
[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]
31. ( क्र. 2718 ) श्री राजन मण्डलोई : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या वर्ष 2024-2025 की तुलना में वर्ष 2025-2026 में उमरिया मण्डी में महुआ फूल की आवक लगभग 25000 क्विंटल की कमी हुई है? यदि हाँ, तो इसके क्या कारण है? (ख) क्या उमरिया मण्डी क्षेत्र के व्यापारियों/संग्राहकों द्वारा शहडोल जिले के कोल्ड स्टोरेजों में बिना अनुज्ञा पत्र के महुआ फूल का भण्डारण किया गया है? यदि हाँ, तो यह अवैध है तो इसके लिए संबंधितों के विरूद्ध शहडोल सम्भाग के सोलह कर्मचारियों को दूसरे मण्डी क्षेत्र में महुआ फूल के अवैध भण्डारण कराने के मामले में विभागीय जांच क्यों संस्थित है? इसी प्रकार उमरिया मण्डी के आरोपियों के विरूद्ध विभागीय कार्यवाही की जायेगी? यदि नहीं, तो क्यों है? वर्ष 2025-26 की शहडोल जिले के सभी कोल्ड स्टोरेजों में भण्डारित महुआ फूल के भण्डारणकर्ताओं की सूची प्रदाय करें। (ग) क्या, उमरिया मण्डी क्षेत्र से महुआ फूल के अवैध परिवहन/भण्डारण के समय अप्रैल 2025 से जून 2025 तक स.उ.नि.उमरिया मण्डी के उड़नदस्ता दल और मण्डी बोर्ड आंचलिक कार्यालय रीवा के उड़नदस्ता दल दोनों दलों में तैनात थे? यदि हाँ, तो उमरिया जिले के महुआ फूल को शहडोल जिले के कोल्ड स्टोरेजों में भण्डारण होने से क्यों नहीं रोका गया? (घ) क्या उपसंचालक मण्डी बोर्ड रीवा के संरक्षण में स.उ.नि. द्वारा उमरिया मण्डी क्षेत्र से अवैध परिवहन कराया गया है? यदि नहीं, तो उप संचालक द्वारा सम्बंधित कोल्ड स्टोरेजों में अवैध रूप से भण्डारित महुआ फूल के विरूद्ध क्या-क्या कार्यवाही की गई? कार्यवाही की प्रति प्रदाय करें। यदि कार्यवाही नहीं की गई है तो क्यों?
किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) जी नहीं। कृषि उपज मंडी समिति उमरिया में वित्तीय वर्ष 2024-25 में अधिसूचित वनोपज महुआफूल की आवक 11537 क्विंटल थी, जबकि वित्तीय वर्ष 2025-26 में महुआफूल की कुल 3532 क्विंटल रही। परिणामस्वरूप वित्त वर्ष 2025-26 में वनोपज महुआफूल की आवक में 8005 क्विंटल की कमी हुई है। (ख) जी नहीं। उमरिया मंडी क्षेत्र के अनुज्ञप्तिधारी व्यापारियों द्वारा नहीं, अपितु कृषकों/संग्राहकों द्वारा शहडोल जिले के कोल्ड स्टोरेजों में बिना अनुज्ञा-पत्र के महुआ फूल का भण्डारण किया गया हैं। उमरिया मंडी क्षेत्र के संग्राहकों द्वारा शहडोल जिले के कोल्ड स्टोरेजों में बिना अनुज्ञा पत्र के महुआ फूल का अवैध भण्डारण में शहडोल संभाग के उत्तरदायी पाये गये 16 कर्मचारियों में से 14 कर्मचारियों के विरुद्ध विभागीय जांच संस्थित की गई। उपरोक्त 16 कर्मचारियों में उमरिया मंडी के 3 कर्मचारी भी सम्मिलित है। प्रश्नाधीन भण्डारणकर्ताओं की सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ग) जी नहीं। परंतु सहायक उपनिरीक्षक आंचलिक कार्यालय मध्यप्रदेश राज्य कृषि विपणन बोर्ड रीवा के उड़नदस्ता दल में संलग्न थे। प्रश्नांश ''ख'' में वर्णित उत्तर के संदर्भ में प्रश्न उद्भूत नहीं होता है। (घ) जी नहीं। मंडी समिति उमरिया क्षेत्रांतर्गत स्थापित हाट बाजार व उपमंडी समितियों के सहायक उपनिरीक्षकों को गत वर्ष की तुलना में वर्ष 2025-26 में वनोपज की कमी के संबध में मंडी समिति स्तर पर सूचना पत्र जारी किया गया संबंधितों द्वारा प्रस्तुत उत्तर का परीक्षण कर गुण-दोष के आधार पर दायित्व निर्धारण की कार्यवाही की जाएगी, जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। शेष प्रश्न उद्भूत नहीं होता है।
ग्रामीण यांत्रिकी विभाग द्वारा कराये गये निर्माण कार्य
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
32. ( क्र. 2742 ) श्री दिनेश गुर्जर : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दिनांक 01 अप्रैल, 2023 से प्रश्न दिनांक तक ग्वालियर जिले के भितरवार विधानसभा क्षेत्र में ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग द्वारा कितनी-कितनी लागत (प्रशासकीय स्वीकृति) से कहाँ से कहाँ तक, किस-किस स्थान पर किस-किस यंत्री/अधिकारी के सुपरवीजन में क्या-क्या निर्माण कार्य किस-किस एजेन्सी/ठेकेदार से कराये गये हैं तथा कराये जा रहे हैं निर्माण कार्य शुरू दिनांक से प्रश्न दिनांक तक उनकी भौतिकी तथा वित्तीय स्थिति क्या है। (ख) ग्वालियर जिले में पंचायत विभाग तथा ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग में कौन-कौन कर्मचारी/अधिकारी पदस्थ हैं उनका नाम, पद, पदस्थापना दिनांक, मुख्यालय तथा कार्यक्षेत्र में आने वाला क्षेत्र या पंचायतों का पूर्ण विवरण देवें?
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र- 'अ' अनुसार है। (ख) ग्वालियर जिले में पंचायत विभाग तथा ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग में पदस्थ कर्मचारी/अधिकारी की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र- 'ब' एवं 'स' अनुसार है।
अपेक्स एवं जिला बैंकों के कोर बैंकिंग कार्य
[सहकारिता]
33. ( क्र. 2842 ) श्री अजय अर्जुन सिंह : क्या सहकारिता मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अपेक्स बैंक एवं जिला बैंकों के लिए कोर बैंकिंग का कार्य किस कंपनी को कब आवंटित किया गया था, उसके सर्विस लेवल एग्रीमेंट की प्रति दें? (ख) क्या मूल कंपनी द्वारा कोर बैंकिंग का कार्य अन्य कंपनी को सबलेट किया गया यदि हाँ, तो किस आधार पर, क्या अपेक्स बैंक/जिला बैंकों ने इस हेतु अपनी सहमति दी थी, यदि नहीं, तो क्या SLA की शर्तों का उल्लंघन हुआ? (ग) कोर बैंकिंग कंपनी का टेंडर कितने वर्ष का था, क्या पुनः कितनी बढ़ी हुई दरों पर किस आधार पर कार्य दिया गया। SLA की किन-किन शर्तों का पालन नहीं हुआ इस संबंध में क्या कार्यवाही हुई? (घ) अभी तक कोर बैकिंग के लिए बैंकवार वर्ष कितनी-कितनी राशि का भुगतान किया गया है तथा बिना टेंडर के इस कंपनी को कौन-कौन सा कार्य कितनी राशि का दिया गया?
सहकारिता मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) अपेक्स बैंक एवं जिला बैंकों के लिए कोर बैंकिंग का कार्य टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेस (टीसीएस) को वर्ष 2012-13 में आवंटित किया गया। सर्विस लेवल एग्रीमेंट (SLA) की गोपनीयता एवं साम्पत्तिक अधिकार कण्डिका की शर्तानुसार अनुबंध की प्रति प्रदाय किया जाना संभव नहीं है। (ख) जी हाँ। अनुबंध शर्तानुसार सबलेट किया गया एवं इस संबंध में नाबार्ड द्वारा टीसीएस को अनुमति प्रदान किये जाने से जिला बैंकों की सहमति की आवश्यकता नहीं थी। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता है। (ग) कोर बैंकिंग कंपनी का अनुबंध 05 वर्ष का था। नाबार्ड द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर गठित स्टीयरिंग कमेटी द्वारा निर्धारित दर अनुसार प्रति शाखा प्रतिमाह राशि रू. 3249/- की बढ़ी दर पर अनुबंध नवीनीकृत किया गया। एसएलए की गोपनीयता एवं साम्पत्तिक अधिकार कंडिका की शर्तानुसार प्रदाय किया जाना संभव नहीं है। (घ) कोर बैकिंग के लिए वर्तमान वित्तीय वर्ष में अभी तक बैंकों द्वारा किये गये भुगतान की बैंकवार जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। नाबार्ड द्वारा ग्रामीण सहकारी बैंकों में कोर बैंकिंग एवं एड ऑनलाइन सेवाएं लागू करने हेतु टेण्डर के माध्यम से चयनित टीसीएस कंपनी का चयन किया गया था। बिना टेण्डर के कंपनी से कोई सेवाएं नहीं ली गई है।
गुणवत्तापूर्ण दवाइयों की खरीदी
[आयुष]
34. ( क्र. 2843 ) श्री अजय अर्जुन सिंह : क्या आयुष मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या म.प्र. शासन द्वारा मध्यप्रदेश की जनता को गुणवत्तापूर्ण दवाइयों के खरीदी के लिये नियम नीति निर्देश बनाये गये है जिसमें दवाइयों के खरीदी एवं गुणवत्ता हेतु पब्लिक हेल्थ कार्पोरेशन कार्य करता है? (ख) क्या आयुष विभाग म.प्र. शासन आयुर्वेदिक दवाइयों को ओपन टेन्डर से क्रय करता है तथा म.प्र. राज्य लघु वनोपज संघ से बिना टेंडर प्रक्रिया के सीधे क्रय करता है। वित्तीय वर्ष 2022-23, 2023-24, 2024-25, 2025-26 में आयुर्वेद दवाइयों के क्रय हेतु जारी टेंडरों से खरीदी तथा सीधे खरीदी के क्रय आदेशों की प्रति उपलब्ध करायें? (ग) क्या राज्य लघु वनोपज संघ दवाई सप्लाई के लिये प्रदेश भण्डार एवं सेवा उपार्जन नियम में अनुमोदित संस्था है, यदि नहीं, तो क्या ये मध्यप्रदेश भण्डार क्रय एवं सेवा उपार्जन नियमों का उल्लंघन है? यदि हाँ, तो क्या कार्यवाही की जा रही है? (घ) क्या म.प्र. राज्य लघु वनोपज संघ द्वारा वित्तीय वर्ष 2022-23, 2023-24, 2024-25, 2025-26 में जारी क्रय आदेश की शर्तों के अनुसार सभी दवाई सप्लाई नहीं गई है? यदि हाँ, तो दवाई सप्लाई करने वाली संस्था को बैंक लिस्ट करने की कार्यवाही क्यों नहीं की जा रही है?
आयुष मंत्री ( श्री इन्दर सिंह परमार ) : (क) जी हाँ। म.प्र. शासन सामान्य प्रशासन विभाग मंत्रालय वल्लभ भवन भोपाल का परिपत्र क्रमांक एफ-19-111/2009/1/4, दिनांक 30 सितम्बर 2009 एवं म.प्र. शासन लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग मंत्रालय के परिपत्र क्रमांक-एफ 12-47/2013/सत्रह/मेडि-3, दिनांक 26 सितम्बर 2013 तथा म.प्र. भण्डार क्रय नियम एवं सेवा उपार्जन नियम 2015 (यथा संशोधित 2022) के नियम ''6'' के अनुसार म.प्र. पब्लिक हेल्थ सर्विसेस कार्पोरेशन लिमिटेड भोपाल से आयुष औषधि क्रय की कार्यवाही की जा रही है। (ख) जी नहीं, जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार। (ग) मंत्रिपरिषद् के निर्णयानुसार म.प्र. शासन सामान्य प्रशासन विभाग मंत्रालय वल्लभ भवन भोपाल के परिपत्र क्रमांक एफ-19-111/2009/1/4, दिनांक 30 सितम्बर 2009 के परिपालन में प्रथमतः आयुर्वेद औषधि क्रय की कार्यवाही की जाती हैं। नियमानुसार होने से कार्यवाही का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) जी हाँ। समय-समय पर विभाग द्वारा दिये गये आदेश एवं निर्देश अनुसार औषधि प्रदाय की गई है वर्तमान में औषधियां का प्रदाय प्रक्रियाधीन होने से कार्यवाही का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
सामुदायिक/मांगलिक भवनों का निर्माण
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
35. ( क्र. 2850 ) श्री मुकेश टंडन : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या संचालक सह-आयुक्त पंचायत राज संचालनालय म.प्र.के आदेश क्र./पं.रा./निर्माण-760/2024/ 2613 एवं 2641 भोपाल, दिनांक 23.02.2024 के द्वारा मुख्यमंत्री ग्राम सड़क एवं अवसंरचना योजना अंतर्गत जिला विदिशा के विधानसभा क्षेत्र विदिशा अंतर्गत जनपद पंचायत विदिशा एवं ग्यारसपुर के विभिन्न ग्राम पंचायतों में 20 लाख रूपये की लागत के कुल कितने सामुदायिक भवन/मांगलिक भवनों की स्वीकृती प्रदान की गई थी? (ख) यदि प्रश्नांश (क) के उत्तर में वर्णित सामुदायिक/मांगलिक भवन में से कितनों का कार्य प्रारंभ हो चुका है एवं कितनों का कार्य प्रारंभ नहीं हुआ है? जिन भवनों का कार्य प्रारंभ नहीं हुआ है उसका क्या कारण है? (ग) क्या प्रश्नकर्ता में जिन भवनों का कार्य प्रारंभ नहीं हुआ है उन भवनों के निर्माण में शासकीय भूमि के अभाव के कारण स्थान परिवर्तन के संबंध में पत्र क्र.32 दिनांक 12.01.2026 के माध्यम से मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत विदिशा को पंचायत अंतर्गत अन्य ग्राम में जहां शासकीय भूमि उपलब्ध है वहां निर्माण कार्य कराये जाने का अनुरोध किया है? यदि हाँ, तो उक्त सबंध में अभी तक क्या कार्यवाही की गई? इन अप्रारंभ भवनों का निर्माण कार्य कब तक प्रारंभ किया जावेगा निश्िचत अवधि बतावें।
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) प्रश्नांश में संदर्भित आदेशों के द्वारा मुख्यमंत्री ग्राम सड़क एवं अवसंरचना योजना अंतर्गत जिला विदिशा के विधानसभा क्षेत्र विदिशा अंतर्गत जनपद पंचायत विदिशा में 39 एवं जनपद पंचायत ग्यारसपुर में 27 कुल 66 सामुदायिक/मांगलिक भवन राशि रूपये 20.00 लाख के स्वीकृत किये गये है। (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में कुल स्वीकृत 66 सामुदायिक/मांगलिक भवन में से 58 का कार्य प्रारंभ हो चुका है एवं 8 भवनों का कार्य प्रारंभ नहीं हुआ है। जिन भवनों के कार्य प्रारंभ नहीं हुये है, उनके कारणों का विवरण संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) जी हाँ। पंचायत राज संचालनालय के पत्र क्रमांक 16635 दिनांक 15.09.2025 एवं पत्र क्रमांक 3523 दिनांक 16.01.2026 द्वारा कार्यों के संशोधन के संबंध में प्रमुख अभियंता, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा भोपाल को भेजा गया। प्रमुख अभियंता ग्रामीण यांत्रिकी सेवा भोपाल से संशोधन के संबंध में अभिमत प्राप्ति उपरांत आगामी कार्यवाही की जायेगी। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
महर्षि महेश योगी वैदिक विश्वविद्यालय की जानकारी
[उच्च शिक्षा]
36. ( क्र. 2929 ) श्री विवेक विक्की पटेल : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) महर्षि महेश योगी वैदिक विश्वविद्यालय के प्रबंध मंडल की ऑनलाइन बैठक शनिवार दिनांक 03/12/2022 समय अपरान्ह 03:00 बजे महर्षि महेश योगी वैदिक विश्वविद्यालय के मुख्यालय ब्रह्मस्थान करोंदी, पोस्ट महनेर, उमरियापान, जिला-कटनी (मध्यप्रदेश) में सम्पन्न हुई? उक्त बैठक में डॉ. लीला भलावी मध्यप्रदेश उच्च शिक्षा विभाग के प्रतिनिधि सदस्य होकर शासन के किस आदेश से उपस्थित रहीं? उस आदेश की प्रमाणित छायाप्रति सहित जानकारी उपलब्ध करायें। (ख) उक्त आहूत बैठक करने संबंधित संपूर्ण एजेंडा, मिनट्स सहित संपूर्ण कार्यवृत्त एवं प्रबंध बोर्ड के समस्त सदस्यों को कुलसचिव महर्षि महेश योगी वैदिक विश्वविद्यालय द्वारा किये गये पत्राचारों, ईमेल की प्रमाणित छायाप्रतियों सहित बैठक रजिस्टर की छायाप्रति सहित संपूर्ण दस्तावेजों सहित जानकारी उपलब्ध करायें। (ग) प्रश्नांश (क) में उल्लिखित आहूत बैठक संबंधी जानकारी माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर में किन प्रकरणों में प्रस्तुत की गई है?
उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री इन्दर सिंह परमार ) : (क) जी हाँ, दूरभाष पर प्राप्त निर्देशानुसार बैठक में उपस्थित रहीं। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। बैठक Online होने के कारण रजिस्टर का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।
महर्षि महेश योगी वैदिक विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों की जानकारी
[उच्च शिक्षा]
37. ( क्र. 2930 ) श्री विवेक विक्की पटेल : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रश्नकर्ता के तारांकित प्रश्न क्रमांक 1780 दिनांक 15.02.2024 के उत्तर में महर्षि महेश योगी वैदिक विश्वविद्यालय में शैक्षणिक सत्र 2023–24 के दौरान नियमित पाठ्यक्रमों में अध्ययनरत विद्यार्थियों की संख्या 12,325 तथा दूरस्थ शिक्षा अंतर्गत अध्ययनरत विद्यार्थियों की संख्या 60,399 बताई गई थी? जबकि उसी विश्वविद्यालय के वार्षिक प्रतिवेदन (2023–24) में इसी अवधि के लिए विद्यार्थियों की संख्या क्रमशः नियमित 10,818 एवं स्वाध्यायी 79,326 दर्शाई गई है? इसी प्रकार, प्रश्नकर्ता के प्रश्न क्रमांक 505 एवं 506 दिनांक 28 जुलाई 2025 के उत्तर में विद्यार्थियों की संख्या क्रमशः 1,417 एवं 1,924 बताई गई है? इन परस्पर भिन्न आंकड़ों में से कौन-सा आंकड़ा सही एवं प्रमाणिक है? (ख) समान विश्वविद्यालय एवं समान शैक्षणिक सत्र के संबंध में विधानसभा में दी गई जानकारी और विश्वविद्यालय के वार्षिक प्रतिवेदन में प्रस्तुत आंकड़ों में गंभीर विरोधाभास क्यों है तथा मात्र एक वर्ष के अंतराल में कुल 87,110 विद्यार्थियों की कथित कमी/अंतर आने का वास्तविक कारण क्या है? स्पष्ट करें? (ग) क्या प्रश्नांश (क) वर्णित विसंगति पूर्ण, भ्रामक जानकारी की भौतिक सत्यापन सहित जाँच की जायेगी?
उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री इन्दर सिंह परमार ) : (क) जी हाँ। जी हाँ। जी हाँ। सभी आंकड़े सही एवं प्रमाणिक हैं। आंकड़ों में भिन्नता का कारण संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) उत्तरांश (क) के परिप्रेक्ष्य में विरोधाभास का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। विद्यार्थियों की संख्या में कमी का मुख्य कारण दूरस्थ शिक्षा में विद्यार्थियों की कमी है। (ग) उत्तरांश (क) एवं (ख) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
विधि महाविद्यालय आगर का भवन का निर्माण
[उच्च शिक्षा]
38. ( क्र. 2936 ) श्री माधव सिंह (मधु गेहलोत) : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधि महाविद्यालय जिला आगर मालवा में स्वीकृत है परंतु शैक्षणिक कार्य प्रारंभ नहीं हुआ है? न ही भवन निर्माण हेतु राशि स्वीकृत की गई है? (ख) आगर मालवा में विधि महाविद्यालय की शैक्षणिक कार्य एवं भवन निर्माण की कार्यवाही कब तक की जाएगी?
उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री इन्दर सिंह परमार ) : (क) जी हाँ। बीसीआई से मान्यता उपरांत शैक्षणिक कार्य प्रारंभ किया जाएगा। शासकीय विधि महाविद्यालय आगर मालवा के भवन निर्माण हेतु राज्य शासन द्वारा जारी आदेश दिनांक 28.07.2023 द्वारा राशि रू. 936.00 लाख की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है एवं आदेश दिनांक 10.02.2026 द्वारा राशि रू. 1009.29 लाख की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है। (ख) समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
आई.टी.आई. महाविद्यालय आगर मालवा में प्रारंभ किया जाना
[तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार (केवल कौशल विकास एवं रोजगार)]
39. ( क्र. 2937 ) श्री माधव सिंह (मधु गेहलोत) : क्या राज्य मंत्री, कौशल विकास एवं रोजगार महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) आई.टी.आई. महाविद्यालय जिला आगर मालवा के तहसील बड़ौद में स्वीकृत हुआ है परंतु न तो भवन का कार्य प्रारंभ हुआ है न ही अन्य शैक्षणिक गतिविधियां प्रारंभ हुई है? (ख) बड़ौद में आई.टी.आई. महाविद्यालय का शैक्षणिक कार्य एवं भवन निर्माण की कार्यवाही कब तक की जाएगी?
राज्य मंत्री, कौशल विकास एवं रोजगार ( श्री गौतम टेटवाल ) : (क) एवं (ख) आई.टी.आई., बड़ौद के भवन निर्माण की स्वीकृति की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-एक अनुसार हैं। भवन निर्माण कार्य की अद्यतन स्थिति की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-दो अनुसार हैं। वर्तमान में आई.टी.आई. बड़ौद, मवेशी मेला, पिपल्या विजय, जनपद पंचायत, बड़ौद में स्थित विश्राम गृह में सत्र 2024 से दो व्यवसायों के साथ संचालित है।
कर्मचारी राज्य बीमा निगम के नागदा स्थित अस्पताल की जानकारी
[श्रम]
40. ( क्र. 2962 ) डॉ. तेजबहादुर सिंह चौहान : क्या श्रम मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या उज्जैन संभाग के मध्य में नागदा नगर एक प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र है यहाँ श्रमिकों के लिये कर्मचारी राज्य बीमा निगम के द्वारा वर्ष 2000 के दशक में एक उच्च स्तरीय हॉस्पिटल का निर्माण किया गया था? क्या यह सही है कि लेकिन कर्मचारी राज्य बीमा निगम द्वारा मॉडल हॉस्पिटल के रूप में विकसित करके उक्त चिकित्सालय का संचालन वर्ष 2007 में इंदौर से किया जाने लगा है। (ख) क्या वर्तमान में यहाँ से केवल डिस्पेंसरी संचालन होने के कारण चिकित्सक और पैरामेडिकल स्टाफ के आवासीय भवन एवं परिसर जीर्ण-शीर्ण होने की कगार पर है? यदि हां, तो आवासीय भवन,परिसर सुरक्षित करने की दिशा में शासन क्या दृष्टिकोण है? (ग) क्या वर्तमान में कर्मचारी राज्य बीमा निगम के द्वारा प्रदेश में 1 (एक) और अतिरिक्त मॉडल हॉस्पिटल उन्नयन किये जाने की योजना है की जानकारी प्राप्त हुई है तो नागदा में स्थित इसी अस्पताल को मॉडल हॉस्पिटल के रूप संचालित किया जा सकता है? जिससे की नागदा सहित उज्जैन संभाग के बीमित श्रमिकों एवं उनके परिवार को हित लाभ मिल सकें। (घ) दिनांक 15.12.23 द्वारा बीमित हितग्राहियों के हित में नागदा चिकित्सालय को कर्मचारी राज्य बीमा निगम (केंद्र सरकार) को सौंपे जाने की सहमति प्रदान की गईं है? इस दिशा में कार्यवाही की क्या प्रगति है?
श्रम मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) जी हाँ। जी हाँ। (ख) जी हाँ। नागदा स्थित क.रा.बी. चिकित्सक और, पैरामेडिकल स्टाफ के आवासीय भवन और परिसर की संरचनात्मक ऑडिट किया जाना प्रक्रियाधीन है तथा तदुपरान्त आवश्यक रख-रखाव व विशेष मरम्मत का कार्य किया जाना प्रस्तावित है। (ग) वर्तमान में कर्मचारी राज्य बीमा निगम के द्वारा 420 बिस्तरों वाले कर्मचारी राज्य बीमा आदर्श अस्पताल व चिकित्सा महाविद्यालय नंदानगर इंदौर तथा 100 बिस्तरों वाले कर्मचारी राज्य बीमा अस्पताल सोनागिरी भोपाल का संचालन किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त मध्य प्रदेश शासन के द्वारा नागदा व ग्वालियर स्थित क.रा.बी. निगम सेवाएँ अस्पताल को कर्मचारी राज्य बीमा निगम को हस्तांतरित किये जाने हेतु सहमति प्रदान कर दी गई है। (घ) मध्यप्रदेश शासन के द्वारा दिनांक 15/12/2023 के पत्र द्वारा 50 बिस्तरीय कर्मचारी राज्य बीमा सेवाएँ अस्पताल नागदा की कर्मचारी राज्य बीमा निगम को हस्तांतरित किए जाने हेतु सहमति प्रदान की गई। वर्तमान में क.रा.बी. सेवाएं अस्पताल, नागदा के भवन में सिविल अस्पताल नागदा संचालित होने के कारण हस्तांतरण की प्रक्रिया पूर्ण नहीं हो पाई है।
नागदा नगर में आई.टी.आई. कॉलेज की स्थापना
[तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार (केवल कौशल विकास एवं रोजगार)]
41. ( क्र. 2963 ) डॉ. तेजबहादुर सिंह चौहान : क्या राज्य मंत्री, कौशल विकास एवं रोजगार महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नागदा नगर उज्जैन जिले का बड़ा औद्योगिक क्षेत्र है यहां कक्षा आठवीं, दसवीं और कक्षा 12वीं उत्तीर्ण करने वाले विद्यार्थियों की संख्या अन्य जिले की तुलना में सबसे अधिक है कई विद्यार्थी आई.टी.आई. में प्रवेश लेना चाहते हैं जिन्हें नागदा से अन्य शहरों में जाना होता है नागदा तहसील मुख्यालय भी है और नागदा से लगी उन्हेल तहसील में भी आई.टी.आई. कॉलेज नहीं है नागदा से लगे महिदपुर तहसील का एक बड़ा भाग भी नागदा के नजदीक स्थित है इस कारण नागदा में आई.टी.आई. कॉलेज खोलना अत्यंत आवश्यक है। (ख) नागदा में आई.टी.आई. कॉलेज की स्थापना अब तक क्यों नहीं की जा सकी है? भविष्य में कब तक यहां आई.टी.आई. कॉलेज खोले जाने की कार्रवाई की जा सकेगी?
राज्य मंत्री, कौशल विकास एवं रोजगार ( श्री गौतम टेटवाल ) : (क) विभाग की नीति प्रत्येक विकासखण्ड में एक शासकीय आई.टी.आई. खोलने की है। विकासखण्ड खाचरौद के अंतर्गत नागदा नगर एवं उन्हेल आता है। विकासखण्ड खाचरौद में शासकीय आई.टी.आई., खाचरौद वर्ष 2005 से 05 व्यवसायों के साथ संचालित है। नागदा नगर से शासकीय आई.टी.आई., खाचरौद की दूरी लगभग 20 कि.मी. है तथा नागदा नगर में 01 निजी आई.टी.आई. भी संचालित है। अत: विभाग अंतर्गत वर्तमान में नागदा नगर में नवीन शासकीय आई.टी.आई. प्रारंभ किया जाना प्रस्तावित नहीं है। (ख) उत्तरांश ''क'' के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
महर्षि महेश योगी वैदिक विश्वविद्यालय की जांच
[उच्च शिक्षा]
42. ( क्र. 2978 ) श्री मधु भगत : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या कार्यालय प्राचार्य स्वामी विवेकानन्द, शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय नरसिंहपुर (म.प्र.) (अग्रणी महाविद्यालय) नरसिंहपुर द्वारा आदेश क्रमांक 2486/स्था/2022 नरसिंहपुर दिनाँक 13/07/2022 जारी किया जाकर महर्षि महेश योगी वैदिक विश्वविद्यालय नरसिंहपुर केन्द्र 1197 की जाँच हेतु जाँच समिति गठित की गई (1) - डॉ. कीर्तिमाला सदाफल प्राध्यापक हिन्दी (संयोजक) (2) डॉ. रामता प्रसाद (सदस्य) आम्रवंशी, सहा.प्रा. इतिहास (3) - श्री दिनेश कुमार दुबे (सदस्य) सहा.प्रा. वाणिज्य यदि हाँ, तो उक्त समिति द्वारा क्या जाँच की गई? उस जाँच में प्राप्त समस्त साक्ष्यों सहित सुसंगत दस्तावेजों एवं सभी संबंधितों के कथनों सहित जाँच संपूर्ण प्रतिवेदन की स्वच्छ प्रतिलिपि उपलब्ध करावे? (ख) कार्यालय कलेक्टर जिला नरसिंहपुर का पत्र क्र. 5897/ व.लि.2/ज्ञापन नस्ती/2022 दिनांक 12.07.2022 द्वारा महर्षि महेश योगी वैदिक विश्वविद्यालय के केन्द्र क्रमांक 1197 बायपास रोड की जाँच उपरांत कलेक्टर नरसिंहपुर द्वारा दोषियों पर नियमानुसार क्या कार्यवाही की गई? यदि कार्यवाही नहीं की गई है तो क्यों स्पष्टीकरण सहित संपूर्ण जानकारी उपलब्ध करावे? (ग) उक्त केन्द्र 1197 को संचालित करने हेतु समस्त नियमानुसार अनुमति सहित उक्त केन्द्र संचालन हेतु विश्वविद्यालय के प्रबंध बोर्ड में पारित निर्णय की प्रतिलिपि उपलब्ध करावे?
उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री इन्दर सिंह परमार ) : (क) महर्षि महेश योगी वैदिक विश्वविद्यालय अधिनियम, 1995 के संशोधन वर्ष 2000 की धारा 37 (क) से राज्य शासन को विश्वविद्यालय के विरूद्ध जांच करने के अधिकार प्राप्त थे। उक्त धारा को माननीय उच्च न्यायालय द्वारा रिट याचिका क्रमांक 1065/2001 में अपास्त कर दिया गया एवं माननीय उच्च न्यायालय के इस निर्णय को सिविल अपील क्रमांक 6736/2004 में माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा पुष्ट किया गया। उक्त के परिप्रेक्ष्य में वर्तमान में माननीय उच्च न्यायालय में प्रचलित रिट याचिका क्रमांक 14783/2013 में विश्वविद्यालय के विरूद्ध जांच कराएं जाने पर स्थगन दिया है। अत: न्यायालयीन प्रकरणों के परिप्रेक्ष्य में चाही गई जानकारी उपलब्ध कराए जाने का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ख) एवं (ग) उत्तरांश (क) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
कुलसचिव के विरुद्ध शिकायतों की जांच एवं कार्यवाही
[उच्च शिक्षा]
43. ( क्र. 2979 ) श्री मधु भगत : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय, जबलपुर एवं विश्वविद्यालय के तत्कालीन कुलसचिव के विरुद्ध उच्च शिक्षा विभाग को प्राप्त शिकायत के संबंध में क्या क्षेत्रीय अतिरिक्त संचालक, उच्च शिक्षा, रीवा संभाग से जाँच कराई गई थी? यदि हाँ, तो कृपया उक्त शिकायत की सत्यापित प्रति, शासन द्वारा जारी जाँच आदेश, जाँच से संबंधित समस्त नस्तियाँ/अभिलेख, क्षेत्रीय अतिरिक्त संचालक द्वारा प्रस्तुत तथ्यात्मक जाँच प्रतिवेदन तथा इस प्रकरण में विश्वविद्यालय प्रशासन एवं तत्कालीन कुल सचिव द्वारा क्षेत्रीय अतिरिक्त संचालक, रीवा संभाग के समक्ष प्रस्तुत किए गए उत्तर/स्पष्टीकरण सहित सभी दस्तावेजों की सत्यापित प्रतियाँ उपलब्ध करावें? (ख) क्या शासन द्वारा मई 2025 में क्षेत्रीय अतिरिक्त संचालक, उच्च शिक्षा रीवा संभाग द्वारा प्रस्तुत उक्त तथ्यात्मक जांच प्रतिवेदन को आयुक्त, जबलपुर संभाग को प्रेषित करते हुए रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय, जबलपुर में पाई गई अन्य प्रशासनिक एवं वित्तीय अनियमितताओं की एकीकृत जांच कराने के निर्देश जारी किए गए थे? यदि हाँ, तो उक्त निर्देशों से संबंधित समस्त कार्यवाही का विवरण एवं विश्वविद्यालय प्रशासन एवं अन्य द्वारा आयुक्त को सौंपे गए संपूर्ण दस्तावेजों/अभिलेख उपलब्ध करावें?
उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री इन्दर सिंह परमार ) : (क) जी हाँ। चूंकि जांच आयुक्त, जबलपुर संभाग, जबलपुर स्तर पर अनुसंधान में है ऐसी स्थिति में अभिलेखों/दस्तावेजों की प्रतियां उपलब्ध नहीं कराई जा सकती। (ख) जी हाँ। शेष उत्तरांश (क) अनुसार है।
अशोकनगर में मजदूरों के लिए मण्डी निर्माण
[श्रम]
44. ( क्र. 3031 ) इंजीनियर हरिबाबू राय : क्या श्रम मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा अशोकनगर के अंतर्गत दैनिक जीवन की आवश्यकताओं की पूर्ति हेतु हजारों की संख्या में दिहाड़ी मजदूर काम की तलाश के लिए अशोकनगर आते है जिनके लिए कोई भी स्थाई स्थान आरक्षित नहीं है जिससे दिहाड़ी मजदूरों के लिए बहुत ही समस्या का सामना करना होता है। (ख) विधानसभा के समस्त दिहाड़ी मजदूर गर्मी, बारिश तथा सर्दियों में भटकते रहते है जिनके लिए कोई आसरा नहीं है, अगर मजदूर मण्डी का निर्माण हो जायेगा तो मजदूरों के लिए एक निश्िचत स्थान मिल सकेगा तथा दैनिक जीवन में सुधार होगा एवं जन सुविधाएं भी मिल सकेगी। (ग) प्रदेश सरकार द्वारा मजदूरों के हित को ध्यान में रखते हुए कब तक अशोकनगर में क्या सुव्यवस्थित मजदूरों के लिए मण्डी का निर्माण कार्य किया जायेगा?
श्रम मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) विधानसभा अशोकनगर में म.प्र. भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल द्वारा श्रमिकों के हित में संचालित 'निर्माण पीठा श्रमिक आश्रय (शेड) योजना' के अंतर्गत 02 शेड निर्मित है। (ख) उत्तरांश (क) अनुसार विधानसभा अशोकनगर में म.प्र. भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल की 'निर्माण पीठा श्रमिक आश्रय (शेड) योजना' के अंतर्गत 02 शेड निर्मित है। (ग) मजदूरों के लिए मण्डी का निर्माण कार्य श्रम विभाग अंतर्गत प्रस्तावित नहीं है।
ग्राम पंचायत मेहगांव डेब के अधूरे कार्य
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
45. ( क्र. 3110 ) श्री बाला बच्चन : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) गाम पंचायत मेहगांव डेब जनपद पंचायत ठीकरी जिला बड़वानी में 15वां वित्त/5वां वित्त आयोग मद से वित्तीय वर्ष 2022-23 से प्रश्न दिनांक तक किए गए विकास कार्य की सूची कार्य नाम, स्थान नाम, लागत, आहरित राशि, आहरण दिनांक कार्य पूर्ण/अपूर्ण सहित कार्यवार, वर्षवार देवें। (ख) क्या कारण है कि 15वां वित्त/5वां वित्त आयोग योजना से टीकम नानूराम खले से जीरात खेत तक निर्मित सी.सी.रोड का कार्य पूर्ण होने के बाद भी उसका मूल्यांकन व भुगतान प्रश्न दिनांक तक नहीं हुआ? कारण स्पष्ट करें। (ग) प्रश्न दिनांक की स्थिति में 15वां वित्त/5वां वित्त आयोग मद से ग्राम पंचायत मेहगांव डेब में वित्तीय वर्ष 2022-23 से प्रश्न दिनांक तक कितने कार्य लंबित हैं कार्य नाम, स्थान नाम, स्वीकृत राशि, आहरित राशि, सहित देवें। (घ) प्रश्नांश "क" "ख" एवं "ग" अनुसार लंबित कार्य कब तक पूर्ण होंगे? कार्यवार समय-सीमा देवें। लंबित रहने के उत्तरदायी अधिकारियों के नाम, पदनाम देकर बतावें कि इसके लिए उन पर कब तक कार्यवाही की जाएगी? यदि नहीं, तो इन्हें संरक्षण देने का कारण बतावें।
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) ग्राम पंचायत मेहगांव डेब द्वारा वर्ष 2024-25 में टीकम नानुराम खले से जीरात खेत तक सीसी रोड निर्माण कार्य तकनीकी स्वीकृति क्र. 164 दिनांक 20.09.2024 स्वीकृत राशि रू. 3.10/- लाख होकर दिनांक 15.08.2025 से प्रारंभ किया गया, ग्राम पंचायत द्वारा उक्त कार्य पर राशि रू. 2.39/- लाख आहरित की गई है। उपयंत्री के प्रतिवेदन अनुसार सीसी रोड कि लंबाई तकनीकी स्वीकृति अनुसार 70 मीटर है किंतु ग्राम पंचायत द्वारा 67 मीटर ही सीसी रोड का निर्माण किया गया है जिसका मूल्यांकन राशि रू 2,00,336/- होकर कार्य प्रगतिरत है एजेंसी द्वारा उक्त कार्य पूर्ण कर लिया जाता है तो राशि का भुगतान किया जायेगा। (ग) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (घ) उक्त कार्य अत्यल्प शेष होकर इसी वित्तीय वर्ष में पूर्ण कर लिये जायेंगे। ऐसी स्थिति में कार्यवाही का प्रश्न ही उत्पन्न नहीं होता है।
नागदा क्षेत्र के उद्योगों की जानकारी
[श्रम]
46. ( क्र. 3111 ) श्री बाला बच्चन : क्या श्रम मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नागदा स्थित उद्योगों में कितने स्थायी/बदली/ठेकेदार श्रमिक ईएसआई (कर्मचारी राज्य बीमा ) के अंतर्गत आते हैं? उद्योगवार/संस्थावार संख्या सहित विवरण दें। (ख) लैंक्सेस उद्योग में कितने प्लांट है? उन प्लांटों को चलाने के लिए कितने पद स्वीकृत है? सभी पदों एवं कर्मचारियों का नाम, पद एवं कार्य की विभागवार सूची उपलब्ध कराये? (ग) लैंक्सेस उद्योग एक रासायनिक उद्योग है उसके बावजूद भी सुरक्षा के मापदण्ड व सुविधा उपलब्ध नहीं की जा रही है? यदि की जा रही है तो क्या-क्या? विवरण दें। (घ) लैंक्सेस उद्योग अपने विद्युत उत्पादन हेतु बायोमास और कोयला मिश्रित बायोप्लांट का संचालन बगैर पर्यावरणीय सुरक्षा अनुमति के किया जा रहा है? यदि नहीं, तो संचालन करने हेतु समस्त विभागों की अनुमति की छायाप्रति उपलब्ध करायें। (ड.) बिजली भाप उत्पादन संयंत्र रहवासी क्षेत्र से कितनी दूरी पर होना चाहिए? इन संयंत्रों को स्थापित करने की नियम/शर्त/मापदण्ड की जानकारी उपलब्ध करायें। (च) लैंक्सेस उद्योग के शुभम प्लांट, बेंजलडायहड प्लांट, बेंजल अल्कोहल प्लांट, थाइनल क्लोराइड प्लांट, ग्वालियर प्लांट व अन्य प्लांट की ऊंचाई कितनी है? उद्योग को कितनी ऊंचाई की परमिशन है? नियम विरूद्ध कितनी ऊंचाई बढ़ाई है? विवरण दें। (छ) लैंक्सेस उद्योग ने खर्च कम करने हेतु पुराने व जर्जर प्लांटों का मेंटेनेंस बंद कर कागजों में मेंटेनेंस दिखाया जा रहा है? जिसके कारण कभी भी भोपाल गैस से भी भयानक दुर्घटना घटित हो सकती है? क्या शासन इसकी जांच करायेगा? विवरण दें। (ज) पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, 1986 के तहत नागदा शहर वार्ड 35 व 36 के मध्य में क्षेत्रफल, जनसंख्या घनत्व और पर्यावरणीय संवेदनशीलता के आधार पर शहरी क्षेत्र के जो नियम लागू होना चाहिए परंतु लैंक्सेस उद्योग ने ग्रामीण क्षेत्र के आधार पर सम्मति प्राप्त की हुई है? उद्योग के समस्त सम्मति पत्रों की छायाप्रति उपलब्ध कराये। (झ) लैंक्सेस उद्योग का कितनी एमपीईबी और शासकीय भूमि पर कब्जा है? भूमि सर्वे क्रमांक सहित विवरण दें। (ञ) क्या लैंक्सेस उद्योग द्वारा विभाग को दिया गया जवाब बिना किसी भौतिक सत्यापन/जांच के विभाग द्वारा विधानसभा सत्र में यथावत प्रस्तुत कर दिया जाता है? यदि नहीं, तो विधानसभा प्रश्न क्रमांक 1907 दिनांक 01.08.2025 के प्रश्नांश (घ) के उत्तर में यह उल्लेख किया गया है कि भण्डारण क्षेत्र के चारों ओर लगभग 02 मीटर ऊँची बाउण्ड्रीवाल निर्मित की गई जबकि दिनांक 03.02.2026 तक नागदा - खाचरोद मेन रोड की ओर लगभग 2000 फीट क्षेत्र में कोई बाउण्ड्रीवाल निर्मित नहीं की गई है। यदि हाँ, तो विधानसभा में गलत/भ्रामक जानकारी देने वाले संबंधित अधिकारी एवं उद्योग के विरूद्ध क्या कार्यवाही की जाएगी? विवरण दें।
श्रम मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) कर्मचारी राज्य बीमा निगम (श्रम एवं रोजगार मंत्रालय भारत सरकार) द्वारा जानकारी प्रदान की गई कि कर्मचारी राज्य बीमा योजना के अंतर्गत नागदा क्षेत्र में कुल 436 फैक्ट्री/संस्थान पंजीकृत है। जिसमें से 76 श्रमिक ठेकेदार/मैनपावर आपूर्तिकर्ता श्रेणी के अंतर्गत पंजीकृत है। नागदा क्षेत्र में उद्योग/संस्थावार फैक्ट्री/संस्थान की संख्या की सूची तथा कुल 436 पंजीकृत फैक्ट्री/संस्थानों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) लैंक्सेस इंडिया प्रा.लि. नाम से दो ही कारखाना पंजीकृत है जिसका पंजीयन क्र. 175/16834/UJN/2m (i) एवं 09/8600/UJN/2m (i)/MAH है शेष प्रश्नांश की जानकारी श्रम विभाग द्वारा संधारित नहीं की जाती है। (ग) लैंक्सेस उद्योग द्वारा श्रमिकों की सुरक्षा को सुनिश्िचत करने हेतु कारखाने में कार्यरत प्रत्येक श्रमिक को कार्य की आवश्यकतानुसार व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण जैसे कि सेफ्टी हेलमेट, सेफ्टी शू, सेफ्टी गॉगल, एपरन, मास्क प्रदान किये जाते है जिनका उपयोग करते हुए ही श्रमिक कार्य करते है। कारखाने में ऊंचाई पर किये जा रहे कार्यों के लिये सेफ्टी बेल्ट व हार्नेस, सेफ्टी नेट, कॉलिंग बोर्ड आदि की व्यवस्था है। कारखाने में Confined space में किये जाने वाले कार्यों के लिए श्रमिकों को ब्रिथिंग एपरेटस आदि की व्यवस्था है। (घ) प्रश्नांश की जानकारी श्रम विभाग द्वारा संधारित नहीं की जाती है। (ड.) प्रश्नांश की जानकारी श्रम विभाग द्वारा संधारित नहीं की जाती है। (च) प्रश्नांश की जानकारी श्रम विभाग द्वारा संधारित नहीं की जाती है। (छ) जी नहीं, लैंक्सेस उद्योग द्वारा समय-समय पर प्लांट मेन्टेनेस कराया जाता है। कारखाना अधिनियम 1948 के अन्तर्गत घोषित सक्षम व्यक्ति द्वारा दिनांक 13.03.2022, 14.03.2022 एवं 15.03.2022 को जांच की गई एवं भवन स्थायित्व प्रमाण पत्र प्रदान किया गया है। (ज) एवं (झ) प्रश्नांश की जानकारी श्रम विभाग द्वारा संधारित नहीं की जाती है। (ञ) प्रश्नांश में उल्लेखित प्रश्न क्रमांक 1907 से संबंधित उत्तर तद समय सदन में पर्यावरण विभाग द्वारा प्रस्तुत किया गया था। प्रश्न के उत्तर में उल्लेखित तथ्यों के संबंध में पर्यावरण विभाग से पुष्टि चाही गयी है।
बैंक में जमा राशि की जांच
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
47. ( क्र. 3133 ) श्री फूलसिंह बरैया : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला सागर, जनपद पंचायत बंडा का पत्र 6051 जनपद पंचायत/जांच शाखा/2025-26, दिनांक 08.10.2025 की शिकायतें क्या है? शिकायत की जांच में कौन-कौन दोषी पाया गया? जाँच नस्ती व CLF बैंक स्टेटमेंट उपलब्ध करावें। कौन-कौन दोषी है? दोषियों पर कार्रवाई कब तक होगी? सी.ई.ओ. आजीविका मिशन भोपाल को इस संबंध के क्या सूचना है? CRP, CLF, VO, SHG, CCL, MPRAF, NRLM मार्गदर्शिका एवं इनकी वित्तीय मार्गदर्शिका उपलब्ध करावें। (ख) जिला सागर के ब्लॉक छीरारी के गणनायक CLF ब्लॉक केसली अंतर्गत आशा CLF के बैंक खाते में मिशन द्वारा किन-किन कार्यों के लिए कब-कब राशि दी गई? राशि CLF ने कहाँ-कहाँ ट्रांसफर/खर्च की? CLF से राशि आजीविका मिशन के कर्मचारियों द्वारा अपने खातों में ट्रांसफर कराने के संबंध में कहाँ-कहाँ शिकायतें हुई? क्या जांच हुई? दोषियों पर क्या कार्यवाही हुई? संपूर्ण दस्तावेजों की छायाप्रति व CLF के गठन से अभी तक का बैंक स्टेटमेंट उपलब्ध करावें। आशा CLF और देवश्री दुग्ध कंपनी के बीच वित्तीय लेनदेन संबंधी बैंक स्टेटमेंट, पत्राचार की छायाप्रति उपलब्ध करावें। (ग) जिला देवास के गंगा CLF के संबंध में क्या शिकायतें हुई? जाँच में कौन-कौन दोषी है? दोषियों पर कब तक कार्यवाही होगी? सम्पूर्ण दस्तावेज उपलब्ध करावें।
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) जिला-सागर, जनपद पंचायत बंडा का पत्र क्र. 6051, दिनांक 08/10/2025 अनुसार मिशन अंतर्गत पदस्थ मिशन कर्मी श्री रजनीश दुबे, विकासखण्ड प्रबंधक एवं नोडल अधिकारी के विरूद्ध संकुल स्तरीय संगठन के पदाधिकारियों द्वारा की गई शिकायत की जांच प्रतिवेदन से संबंधित है। उक्त जांच प्रतिवेदन में दोषियों के संबंध में अभिमत अनुसार ''शिकायत प्रतिवेदन में अभिमत दिया गया है कि जांच प्रतिवेदन में अंकित किए गए बिन्दुओं में श्री रजनीश दुबे द्वारा समूह की क्रय की गई कार्यवाही पंजी का अभिलेख, सखी सहेली, संकुल स्तरीय संगठन के गठन में विधिवत कार्यवाही नहीं करना, ग्राम-पिथौली में 02 ग्राम संगठन का खाता खोलना, सीएलएफ से सीआरपी को अग्रिम राशि प्रदाय करना, उजाला संकुल स्तरीय संगठन-बरा का एक ही बैंक शाखा में दो खाता खुलवाकर ग्राम संगठन से नवीन खाता में राशि वापिस लिये जाने में अनियमितता पाई गई है। ''जांच प्रतिवेदन की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-1 अनुसार है। संकुल स्तरीय संगठनों के बैंक स्टेटमेंट पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-2 अनुसार है। मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत, बंडा द्वारा जांच प्रतिवेदन मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला-सागर को आवश्यक कार्रवाई हेतु प्रेषित किया गया है। उक्त जांच के संबंध में मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत, जिला-सागर के स्तर पर कार्रवाई प्रचलन में है। म.प्र. राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन राज्य कार्यालय, भोपाल में पृथक से श्री प्रदीप कुमार आठिया, मकरोनिया, सागर का पत्र दिनांक 06.02.2026 को प्राप्त हुआ है, जिसमें शिकायत की छायाप्रति संलग्न कर विकासखण्ड-बंडा में पदस्थ विकासखण्ड प्रबंधक श्री रजनीश दुबे द्वारा की गई आर्थिक अनियमितता की जांच सत्य पाए जाने के उपरांत कार्यवाही बाबत् लेख किया गया है। मिशन राज्य कार्यालय के द्वारा उक्त पत्र में लिखित बिन्दुओं की जांच एवं आवश्यक कार्रवाई किया जाकर जांच प्रतिवेदन उपलब्ध कराने हेतु मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत, जिला-सागर को पत्र क्र. 1877, दिनांक 24.02.2026 से लेख किया गया है। CRP, CLF, VO, SHG, CCL, MPRAF, NRLM मार्गदर्शिका एवं इनकी वित्तीय मार्गदर्शिका पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-3 अनुसार है। (ख) गणनायक संकुल स्तरीय संगठन, रहली एवं आशा संकुल स्तरीय संगठन, केसली को मिशन अंतर्गत जिला-सागर द्वारा उपलब्ध कराई गई राशि का मदवार विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-4 अनुसार है। उक्त संकुल स्तरीय संगठनों द्वारा राशि ट्रांसफर/खर्च का विवरण जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-5 अनुसार है। उक्त संकुल स्तरीय संगठनों से राशि मिशन कर्मचारियों के खाते में ट्रांसफर किये जाने के संबंध में राज्य कार्यालय को ग्राम-छिरारी, विकासखण्ड-रहली, जिला-सागर के गणनायक संकुल स्तरीय संगठन के खाते से मिशन कर्मियों द्वारा राशि आहरण कर व्यक्तिगत खाते में हस्तांतरित करने की शिकायत दिनांक 06.02.2026 को प्राप्त हुई है। शिकायत की जांच हेतु मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत, जिला-सागर को पत्र क्र. 1877, दिनांक 24.02.2026 को प्रेषित किया गया है। राज्य कार्यालय को एक अन्य शिकायत ग्राम-टड़ा, विकासखण्ड-केसली, जिला-सागर के आशा महिला संकुल स्तरीय संगठन के खाते से फर्जी हस्ताक्षर कर डमी खातों में राशि हस्तांतरण करने के संबंध में प्राप्त हुई है। शिकायत की जांच हेतु कलेक्टर, जिला-सागर को पत्र क्र. 2032, दिनांक 25.03.2025 से प्रेषित किया गया है। जिला प्रबंधक-कृषि, जिला-सागर व प्रभारी विकासखण्ड प्रबंधक–रहली के संबंध में दिनांक 02.09.2024 को राज्य कार्यालय को शिकायत प्राप्त हुई है। शिकायत की जांच हेतु कलेक्टर सह मिशन संचालक, जिला-सागर को पत्र क्र. 7899, दिनांक 25.10.2024 व स्मरण-पत्र क्र. 6558, दिनांक 03.11.2025 के माध्यम से प्रेषित किया गया है। जांच कार्रवाई प्रचलन में है। गणनायक संकुल स्तरीय संगठन, छिरारी एवं आशा संकुल स्तरीय संगठन, केसली, जिला-सागर के दस्तावेजों एवं बैंक स्टेटमेंट की छायाप्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-6 अनुसार है। आशा संकुल स्तरीय संगठन एवं देवश्री दुग्ध कंपनी का बैंक स्टेटमेंट की छायाप्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-7 अनुसार है। (ग) मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत, जिला-देवास के पत्र क्र. 216, दिनांक 23.02.2026 से अवगत कराया गया है कि गंगा CLF के वर्तमान अध्यक्ष एवं कोषाध्यक्ष के द्वारा पूर्व अध्यक्ष एवं सचिव के विरूद्ध शिकायत की गई है, जिला पंचायत स्तर से जांच संबंधी कार्यवाही प्रचलन में है। इस संबंध में दिनांक 12.01.2026 को राज्य कार्यालय को भी शिकायत प्राप्त हुई है। शिकायत की जांच हेतु राज्य कार्यालय के आदेश क्र. 972, दिनांक 29.01.2026 के माध्यम से जांच समिति का गठन किया गया है। शिकायत की जांच प्रचलन में है। शिकायत संबंधी दस्तावेज की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-8 अनुसार है।
सिंचाई तालाबों के प्रकरणों में पाई गई वित्तीय अनियमितताएं
[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]
48. ( क्र. 3152 ) डॉ. राजेन्द्र कुमार सिंह : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या कृषि विभाग सतना/रीवा में पदस्थ कर्मचारी यू.पी. बागरी के विरूद्ध टीकर सिंचाई तालाब में/अन्य प्रकरणों में पाई गई वित्तीय अनियमितताओं पर 27.08 लाख (अन्य राशि) की वसूली हेतु 04. 03.2016 (या अन्य तिथि/दिनांक) से वसूली आदेश जारी हुआ? उक्त वसूली आदेशों की एक प्रति उपलब्ध करायें? उक्त पूरे प्रकरण की जांच रिपोर्ट एवं निष्कर्षों की एक प्रति दें? (ख) प्रश्नांश (क) में वर्णित कर्मचारी/अधिकारी की क्या-क्या शिकायतें प्रश्न तिथि तक जिला (सतना/रीवा/सीधी/अन्य) संभाग रीवा/शहडोल/अन्य/संचालनालय/आयुक्त कृषि एवं म.प्र. शासन किसान कल्याण विभाग सहित ई.ओ.डब्ल्यू/लोकायुक्त/अन्य में कब से क्या-क्या लंबित है? सभी शिकायतों की एक-एक प्रति उपलब्ध करायें? (ग) क्या यू.पी. बागरी ने कृषि विभाग रीवा में अपनी पदस्थापना के दौरान स्टॉफ के साथ मिलकर स्प्रिंकलर/पाइप-लाइन/अन्य प्रकरणों में अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के कृषकों को प्रदाय किये जाने वाली अनुदान राशि/सामग्री सामान्य श्रेणी के कृषकों को भुगतान की गई? क्या उक्त प्रकरणों में आरोप पत्र जारी किये गये? (घ) राज्य शासन प्रश्नांश (क), (ख) एवं (ग) में वर्णित दोषी आरोपी को प्रश्नतिथि तक अवैध संरक्षण देकर मूल पद से उच्च पद का प्रभार देकर (प्रश्न तिथि तक में) नियम विरूद्ध कार्य करने पर प्रोत्साहित कर रहा है? अगर नहीं तो कब तक राशि की वसूली होकर उक्त कर्मचारी को जाँच करने वाले जाँचकर्ताओं के द्वारा प्रतिवेदन प्रस्तुत करने में विलंब करने पर उन्हें कब तक निलंबित कर विभागीय जांच संस्थित की जायेगी?
किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ग) जी हाँ। जी हाँ। (घ) जी नहीं। प्रश्नांश के शेष भाग के संबंध में प्रकरण माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर में विचाराधीन है।
किसानों को खाद का वितरण
[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]
49. ( क्र. 3172 ) श्री बाबू जन्डेल : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) श्योपुर जिले में दिनांक 01.04.2023 से प्रश्न दिनांक तक कितनी एवं कौन-कौन सी खाद का आवंटन शासन से प्राप्त हुआ? जानकारी उपलब्ध कराई जावे? (ख) जिले में प्राप्त आवंटन से किसानों को कितना-कितना खाद किस माध्यम से अर्थात दुकानदार द्वारा समिति द्वारा अथवा सीधा गोदाम से दिया गया? विकासखण्डवार, फसलवार वितरित खाद का नाम एवं मात्रा की जानकारी दी जावे? (ग) राज्य सहकारी विपणन संघ-श्योपुर के गोदाम पर दिनांक 01.04.2023 के बाद मासिक स्टॉक की जानकारी के साथ वितरण की जानकारी भी देवें कि किसको कितना खाद बांटा गया? (घ) क्या गोदाम में डी.ए.पी. खाद की उपलब्धता होने के बावजूद किसानों व सोसायटियों को बहुत कम मात्रा में ही खाद दी गई? यदि नहीं, तो बताएं कि किसको कितनी डी.ए.पी. खाद दी गई? किसके आदेश से खाद वितरण रोका गया? जानकारी एवं आदेश की छायाप्रति उपलब्ध करावें।
किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) फसलवार उर्वरक विक्रय न होने से जानकारी संधारित नहीं है। शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है। (घ) विपणन संघ के गोदामों में डी.ए.पी. उर्वरक की पर्याप्त उपलब्धता होने पर किसानों एवं समितियों को पर्याप्त मात्रा में डी.ए.पी. उर्वरक उपलब्ध कराया गया है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है। उर्वरक वितरण नहीं रोका गया। अत: शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता है।
रानी अवंती बाई लोधी विश्वविद्यालय, सागर का संचालन
[उच्च शिक्षा]
50. ( क्र. 3184 ) श्री शैलेन्द्र कुमार जैन : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या सागर में राजकीय विश्वविद्यालय की बहुप्रतीक्षित मांग को दृष्टिगत रखते हुये शासन द्वारा रानी अवंती बाई लोधी विश्वविद्यालय, सागर को प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान कर प्रारंभ कर दिया गया है, जो वर्तमान में सामाजिक न्याय एवं निःशक्तजन कल्याण विभाग सागर के भवन में संचालित हो रहा है? क्या अवंती बाई लोधी विश्वविद्यालय सागर के स्वयं के भवन निर्माण हेतु शासन द्वारा बजट स्वीकृत किया गया है? यदि हाँ, तो कितनी राशि स्वीकृत की गई? (ख) क्या अवंती बाई लोधी विश्वविद्यालय के भवन निर्माण हेतु निविदा प्रक्रिया पूर्ण कर ली गई है अथवा निविदा जारी की जा चुकी है? यदि हाँ, तो भवन निर्माण से संबंधित किन-किन कार्यों पर कितनी-कितनी राशि व्यय की जाना प्रावधानित है तथा उक्त कार्यों को पूर्ण किये जाने की समय-सीमा क्या निर्धारित की गई है? प्रश्न दिनांक तक इस संबंध में क्या कार्यवाही प्रचलन में है? कृपया विस्तृत विवरण सहित जानकारी उपलब्ध करायें।
उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री इन्दर सिंह परमार ) : (क) जी हाँ। वर्ष 2025-26 में पूंजीगत मद में मात्र 1000 रूपये का प्रावधान है। (ख) जी नहीं। प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। प्रश्न दिनांक तक निर्माण एजेंसी द्वारा विश्वविद्यालय के भवन निर्माण हेतु राशि रूपये 199.99 करोड़ का डी.पी.आर. तैयार किया गया है एवं प्रस्ताव वित्तीय व्यय समिति के समक्ष प्रस्तुत करने हेतु वित्त विभाग को प्रेषित किया जा चुका है।
नियमित कर्मचारियों के समान संविदा कर्मचारियों की समकक्षता
[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]
51. ( क्र. 3189 ) श्री सोहनलाल बाल्मीक [श्री बाला बच्चन] : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग की आत्मा योजनांतर्गत कार्यरत किसी संविदा कर्मचारी की किसी दुर्घटना, गंभीर बीमारी अथवा आत्महत्या से मृत्यु हुई है? यदि हाँ, तो नाम पद एवं मृत्यु का कारण सहित जानकारी देवें। (ख) प्रश्नांश (क) के संबंध में संविदा कर्मचारी की मृत्यु उपरांत नियमित कर्मचारी की तुलना में उसे लाभ दिये जाने हेतु क्या प्रावधान हैं? तुलनात्मक जानकारी देवें। (ग) प्रश्नांश (क) के संबंध में आत्मा योजनांतर्गत कार्यरत संविदा कर्मचारियों को मृत्यु उपरांत क्या-क्या लाभ दिये गये हैं? समान रूप से कार्य करने वाले संविदा कर्मचारियों हेतु प्रश्नांश (ख) में आपके द्वारा उल्लेखित लाभ नियमित कर्मचारियों को मिलने वाले लाभ की तुलना में उचित हैं? यदि नहीं, तो क्या यह उनका शोषण नहीं है एवं इसके लिये कौन उत्तरदायी है? (घ) क्या पूर्व मुख्यमंत्री माननीय श्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा संविदा कर्मचारियों की समकक्षता के संबंध में की गई घोषणा के उपरांत भी समान रूप से कार्य करने वाले संविदा कर्मचारियों को समकक्षता के लाभ से वंचित रखना उनका शोषण करना नहीं है? यदि भविष्य की चिंता में मानसिक रूप से परेशान होकर कोई संविदा कर्मचारी गलत कदम उठाता है तो उसके लिये कौन उत्तरदायी होगा?
किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) जी हाँ। किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग की आत्मा योजनांतर्गत कार्यरत संविदा कर्मचारी की दुर्घटना, गंभीर बीमारी एवं आत्महत्या से हुई मृत्यु की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ग) मध्यप्रदेश शासन सामान्य प्रशासन विभाग मंत्रालय का परिपत्र क्र.सी.3-12/2013/1/3, दिनांक 28.05.2021 मुख्यमंत्री कोविड-19 अनुकम्पा नियुक्ति योजना अंतर्गत दो आश्रितों को अनुकम्पा नियुक्ति प्रदान की गई। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है। आत्मा योजनांतर्गत कार्यरत संविदा कर्मचारियों को मृत्यु उपरांत उनके आश्रित एक सदस्य को संविदा आधार पर अनुकंपा नियुक्ति दिये जाने हेतु सामान्य प्रशासन विभाग के परिपत्र क्र. सी-5-2/2018/1/3, दिनांक 22.07.2023 के कंडिका क्र. 2.1 अनुसार, प्रस्ताव समग्र रूप से विचारणाधीन है। शेष प्रश्न उद्भूत नहीं होता है। (घ) सामान्य प्रशासन विभाग के परिपत्र क्र. सी-5-2/2018/1/3, दिनांक 22.07.2023 द्वारा संविदा नीति के क्रम में समकक्षता संबंधी प्रस्ताव समग्र रूप से विचारणाधीन है। शेष प्रश्न उद्भूत नहीं होता है।
खेल मैदान / स्टेडियम की स्वीकृति
[खेल एवं युवा कल्याण]
52. ( क्र. 3236 ) इंजीनियर प्रदीप लारिया : क्या खेल एवं युवा कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या वर्ष 2024-25, 2025-26 से प्रश्न दिनांक विभाग द्वारा खेल मैदान/स्टेडियम की स्वीकृति प्रदान गई है? जिलेवार जानकारी देवें। (ख) क्या खेल मैदान/स्टेडियम की स्वीकृति के संबंध में निर्वाचित जनप्रतिनिधियों/अन्य संस्थाओं द्वारा खेल मैदान/स्टेडियम के लिए विभाग ने कोई पत्राचार/आवेदन विभाग को प्रस्तुत किये हैं? यदि हाँ, तो जानकारी देवें। (ग) क्या नरयावली विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत नगर पंचायत कर्रापुर, वि.ख. सागर में खेल मैदान/स्टेडियम स्वीकृति के लिए पत्राचार किया गया है एवं विभाग द्वारा खेल मैदान स्वीकृति के संबंध में कोई कार्यवाही विभाग द्वारा की गई है? यदि हाँ, तो जानकारी देवें। (घ) क्या नगर पंचायत कर्रापुर, वि.ख. सागर में खेल मैदान की मांग एवं नगर पंचायत में खेल मैदान न होने के कारण खिलाड़ियों को हो रही परेशानियों को दृष्टिगत रखते हुए क्या विभाग खेल मैदान की स्वीकृति प्रदान करेगा? यदि हाँ, तो कब तक? जानकारी देवें।
खेल एवं युवा कल्याण मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) विभाग द्वारा वर्ष 2024-25, 2025-26 से प्रश्न दिनांक तक स्वीकृत किये गये खेल मैदान/स्टेडियम की जिलेवार जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) मान. सांसद, संसदीय क्षेत्र सागर-विदिशा का पत्र क्रमांक एस.ए.जी.-05-2024 दिनांक 20.11.2025 जिला कार्यालय सागर में प्राप्त हुआ है, जिसमें मान. सांसद द्वारा ग्राम पामाखेडी जिला सागर में वृहद स्टेडियम निर्माण हेतु लेख किया गया है, जिसके संदर्भ में जिला कार्यालय सागर द्वारा कलेक्टर कार्यालय सागर को पत्र क्रमांक 1114 दिनांक 10.12.2025 द्वारा 20.00 हेक्टेयर भूमि विभाग के नाम आवंटन हेतु ऑनलाइन आवेदन किया गया है। (ग) जी हाँ, विभागीय नीति अनुसार विकासखंड या उच्च स्तर पर ही खेल मैदान/स्टेडियम स्वीकृत किये जाते हैं। कर्रापुर विकासखंड मुख्यालय नहीं होने के कारण खेल मैदान/स्टेडियम स्वीकृत नहीं किया जा सकता है। (घ) उत्तरांश ''ग'' के संदर्भ में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
जनभागीदारी मद अन्तर्गत सामग्रियों का क्रय
[उच्च शिक्षा]
53. ( क्र. 3298 ) श्री सोहनलाल बाल्मीक : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) पेंचवेली स्नाकोत्तर महाविद्यालय परासिया में जनभागीदारी मद के अन्तर्गत वर्ष 2023, 2024, 2025 में कौन-कौन से कितनी-कितनी राशि के निर्माण कार्यों को कराये जाने एवं कौन-कौन सी कितनी-कितनी राशि की सामग्रियों को क्रय किये जाने के प्रस्ताव लिये गये थे? प्रत्येक वर्षवार जानकारी उपलब्ध करायें। (ख) वर्ष 2023, 2024, 2025 में जनभागीदारी मद के अन्तर्गत जिन निर्माण कार्यों के प्रस्ताव लिये गये थे, क्या उन निर्माण कार्यों को कराने हेतु निविदा टेंडर विज्ञापन निकाला गया और टेंडर उपरांत निर्माण कार्यों को किन-किन क्रियान्वयन एजेंसी/ठेकेदारों को प्रदान किया गया? अगर कार्यों हेतु टेंडर नहीं निकाला गया तो उसका क्या कारण है? टेंडर नहीं निकाले जाने की स्थिति में उपरोक्त कार्यों को किन-किन व्यक्तियों के माध्यम से कराया गया? नाम सहित जानकारी देवें। क्या बिना निविदा निकाले निर्माण कार्यों को व्यक्ति विशेष/ठेकेदारों से कराया जाना शासन के नियमों विरूद्ध नहीं है? (ग) वर्ष 2023, 2024, 2025 में जनभागीदारी मद के अन्तर्गत जिन सामग्रियों को क्रय किये जाने के प्रस्ताव लिये गये थे, क्या उन सामग्रियों को क्रय किये जाने हेतु टेंडर विज्ञापन निकाले गये और निविदा उपरांत किन-किन एजेंसियों से सामग्री क्रय की गई? अगर सामग्रियों के क्रय हेतु विज्ञापन नहीं निकाला गया तो उसका क्या कारण है? क्या सामग्रियों को क्रय किये जाने में भण्डार क्रय नियमों का पालन किया गया? वित्तीय वर्ष 2022-23, 2023-24, 2024-25 की ऑडिट रिपोर्ट उपलब्ध करायें। (घ) उपरोक्त जानकारी प्रदान किए जाने हेतु प्रश्नकर्ता द्वारा प्राचार्य को पत्र 03 दिनांक 03.01.2026 प्रेषित किया गया है, पत्र प्राप्ति की अभिस्वीकृति एवं जानकारी प्रदान नहीं की गई, क्या कारण है?
उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री इन्दर सिंह परमार ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-1 एवं 2 अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-1 के कॉलम नम्बर 4 एवं 5 अनुसार है, जिसके अनुसार महाविद्यालय द्वारा वर्ष 2023 से 2025 तक जनभागीदारी निधि से कराए गए सभी निर्माण कार्य भंडार क्रय नियमों के अंतर्गत निर्धारित प्रक्रिया से कराए गए हैं। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-2 के कॉलम नम्बर 4 एवं 5 अनुसार है, जिसके अनुसार महाविद्यालय द्वारा वर्ष 2023 से 2025 तक जनभागीदारी निधि से सामग्री क्रय, भण्डार क्रय नियमों के अंतर्गत निर्धारित प्रक्रिया से किया गया है। वित्तीय वर्ष 2022-23 एवं 2023-24 की ऑडिट रिपोर्ट पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-3 अनुसार है एवं वर्ष 2024-25 के ऑडिट का कार्य प्रारंभ है। (घ) जी हाँ। प्रश्नकर्ता द्वारा प्रेषित पत्र महाविद्यालय में प्राप्त हुआ है। यद्यपि महाविद्यालय द्वारा प्रश्नकर्ता को दिनांक 14/02/2026 को जानकारी दी जा चुकी है, तथापि अभिस्वीकृति नहीं दिए जाने के विषय में संबंधित को स्पष्टीकरण जारी किया गया है।
महाविद्यालयों की स्थापना एवं संचालन
[उच्च शिक्षा]
54. ( क्र. 3304 ) श्री प्रहलाद लोधी : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) पवई विधानसभा अंतर्गत वर्तमान में कितने शासकीय महाविद्यालय का संचालित हो रहे है? छात्र संख्या, स्टाफ की संख्या एवं संचालित कोर्स सहित संपूर्ण जानकारी उपलब्ध करायें। (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में भविष्य में कौन-कौन से स्थान पर नवीन महाविद्यालय की स्थापना हेतु शासन स्तर पर प्रयास किया जा रहे हैं एवं इन महाविद्यालय की स्थापना कब तक हो जाएगी? (ग) क्या विधानसभा पवई अंतर्गत दिनांक 19 नवंबर 2025 को माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा शाहनगर में एक कार्यक्रम के दौरान रैपुरा में नवीन महाविद्यालय की घोषणा की गई थी? यदि हाँ, तो इस महाविद्यालय की स्थापना कब तक हो जाएगी? (घ) क्या शासकीय महाविद्यालय शाहनगर में विज्ञान संकाय का संचालन नहीं हो रहा है, जिससे विज्ञान विषय के छात्र उच्च शिक्षा प्राप्त नहीं कर पा रहे हैं? यदि हाँ, तो शासकीय महाविद्यालय शाहनगर में विज्ञान संकाय का संचालन कब से शुरू किया जाएगा?
उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री इन्दर सिंह परमार ) : (क) पवई विधानसभा अंतर्गत कुल 02 शासकीय महाविद्यालय संचालित हो रहे हैं। शासकीय महाविद्यालय, पवई में छात्र संख्या 1392 एवं शासकीय महाविद्यालय, शाहनगर में छात्र संख्या 385 है। उक्त दोनों महाविद्यालयों में स्टाफ संख्या एवं संचालित कोर्स संबंधी जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) पवई विधानसभा अंतर्गत रैपुरा में नवीन शासकीय महाविद्यालय प्रारंभ करने के संबंध में कार्यवाही प्रचलन में है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ग) जी हाँ। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (घ) शासकीय महाविद्यालय, शाहनगर में विज्ञान संकाय प्रारंभ करने के संबंध में कार्यवाही की जा रही है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
धारा 89/92 अंतर्गत कार्यवाही
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
55. ( क्र. 3349 ) श्री कैलाश कुशवाहा : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला शिवपुरी एवं ग्वालियर के अन्तर्गत म.प्र. पंचायतराज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 की धारा 89/92 के अन्तर्गत पंचायत सचिवों एवं सरपंचों के विरूद्ध कहाँ-कहाँ पर किन-किन के विरूद्ध कितनी-कितनी राशि के प्रकरण पंजीबद्ध हैं? जिला एवं विकासखण्डवार जानकारी दें। (ख) धारा 89/92 के तहत पंजीबद्ध प्रकरणों में कितने सचिवों को जिला या जनपद में संलग्न किया गया और कितने सचिवों को क्यों संलग्न नहीं किया गया दें? धारा 89/92 में पंजीबद्ध प्रकरणों में सचिवों को संलग्न करने के शासन के नियम/निर्देशों की छायाप्रति संलग्न कर जानकारी दें। (ग) क्या मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत शिवपुरी के सूचना पत्र क्रमांक 24-25 धारा 89/4311 दिनांक 26/09/2025 के द्वारा ग्राम पंचायत मांगरोल सरपंच, सचिव, पूर्व सचिव, रोजगार सहायक को धारा 89/92 में कोई सूचना पत्र जारी किया था? यदि हाँ, तो इस सूचना पत्र पर क्या–क्या कार्यवाही की गई? की गई कार्यवाही की नस्ती की छायाप्रति संलग्न कर जानकारी दें।
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''अ'' अनुसार है। (ख) किसी सचिव को संलग्न नहीं किया गया है। म.प्र. पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम, 1993 की धारा 89/92 में संलग्नीकरण के संबंध में प्रावधान नहीं है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी हाँ। धारा 89/92 के अंतर्गत ग्राम पंचायत मांगरोल जनपद पंचायत बदरवास में वर्तमान सरपंच श्रीमती नव्वो आदिवासी एवं तत्कालीन सरपंच अजंती परिहार, सचिव श्री राधाचरण शर्मा एवं तत्कालीन सचिव श्री लाखनसिंह यादव एवं पदत्युत तत्कालीन सहायक सचिव श्री दिनेश यादव को सूचना पत्र जारी कर राशि जमा हेतु सुनवाई दिनांक 06.11.2025 नियत की गई थी, पुन: सुनवाई हेतु सूचना पत्र 393 दिनांक 10.02.2026 जारी कर दिनांक 23.02.2026 नियत की गई है। नस्ती की छायाप्रति एवं सूचना पत्र पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''ब'' अनुसार है।
सी.ई.ओ. के विरूद्ध दंडात्मक कार्यवाही
[सहकारिता]
56. ( क्र. 3350 ) श्री कैलाश कुशवाहा : क्या सहकारिता मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला सहकारी बैंक शिवपुरी में 80.56 करोड़ के घोटाले में जिम्मेदार सी.ई.ओ. के विरूद्ध राशि वसूली हेतु क्या दंडात्मक कार्यवाही की गई? जानकारी दें। यदि कार्यवाही नहीं की गई तो क्यों? कब तक की जायेगी? (ख) जिला सहकारी बैंक शिवपुरी द्वारा मार्च 2023 में मुख्यमंत्री ब्याज माफी योजना में लाभान्वित कितने सदस्यों का ऋण रिन्युवल किया गया है? ऐसे सदस्यों से ब्याज माफी दिनांक से रिन्युवल दिनांक तक कितना ब्याज वसूल किया गया है? ब्याज माफी हेतु कितने सदस्य बाकी हैं? पैक्सवार संख्या राशि की जानकारी दी जावे। (ग) कृश योजना अंतर्गत शिवपुरी जिले की पैक्स के सदस्यों से शास्ति राशि (दण्ड राशि) वसूल कर राजस्व अधिकारियों को भुगतान की गई है? पैक्सवार वसूल की गई राशि एवं राजस्व अधिकारियों को नाम, पद सहित भुगतान की गई राशि की जानकारी दी जावे। (घ) क्या म.प्र. में पैक्स एवं अन्य सहकारी संस्थाओं के प्रशासक को नए कर्मचारी/विक्रेता की नियुक्ति के अधिकार हैं? उक्त नियुक्तियों पर आयुक्त सहकारिता और म.प्र. शासन द्वारा रोक लगाई गई थी? इसके बावजूद कई जगह अवैध तरीके से नियुक्तियां की गई हैं तथा संस्थान के उर्वरक वितरण शासकीय खरीदी एवं अन्य कार्यों में कई पैक्स के कर्मचारियों पर गबन एवं राशि वसूल किया जाना है? उनके विरूद्ध क्या कार्यवाही की गई और अगर नहीं की गई तो कब तक की जावेगी? ऐसे कितने प्रकरण लंबित हैं? बताएं।
सहकारिता मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक शिवपुरी के सी.ई.ओ. के विरूद्ध प्रकरण क्रमांक 386/21 दिनांक 28.08.2021 एवं क्रमांक 15/22 दिनांक 11.01.2022 से एफ.आई.आर. दर्ज कराई गई है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 एवं ''2'' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है। (घ) जी नहीं, जी हाँ, पैक्स एवं अन्य सहकारी संस्थाओं में अवैध नियुक्तियों की जांच के निर्देश दिये गये है। संस्थान में उर्वरक वितरण एवं खरीदी अन्य कार्य में पैक्स कर्मचारी पर गबन राशि की संस्थावार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-4 अनुसार है।
पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा संचालित योजनाएं
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
57. ( क्र. 3357 ) श्री मोहन सिंह राठौर : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा कौन-कौन सी योजनाएं संचालित की जा रही हैं? योजनाओं के नाम, नियम, निर्देशों की प्रति उपलब्ध करावें। क्या योजनाओं का प्रचार-प्रसार भी किया जाता है? (ख) क्या प्रश्नांश (क) में उल्लेखित योजनाओं के अतिरिक्त अन्य विभागों की योजनाओं का क्रियान्वयन जिला पंचायत एवं जनपद पंचायतों के माध्यम से किया जाता है? यदि हाँ, तो कौन-कौन सी नामवार, विभागवार जानकारी दें। (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) में उल्लेखित योजनाओं के प्रचार-प्रसार हेतु कितनी राशि वर्ष 2023-24 से मार्च 2026 तक प्रावधानित थी? वर्षवार, योजनावार जानकारी दें। (घ) हितग्राहियों को प्रश्नांश (क) एवं (ख) में उल्लेखित योजनाओं का लाभ देने के लिए योजनाओं का प्रचार-प्रसार अति आवश्यक है? यदि हाँ, तो ग्वालियर जिले की भितरवार विधानसभा क्षेत्र में प्रश्नांश (ग) में उल्लेखित वर्षों में किस प्रकार प्रचार-प्रसार किया गया? इस पर कितनी राशि व्यय हुई? वर्षवार जानकारी दें।
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट–''अ'' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट–''ब'' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट–''स'' अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट–''स'' अनुसार है।
दैनिक मजदूरी का निर्धारण
[श्रम]
58. ( क्र. 3360 ) श्री मोहन सिंह राठौर : क्या श्रम मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रदेश में श्रमिकों कामगारों एवं अन्य हेतु दैनिक मजदूरी की दरें श्रम विभाग द्वारा निर्धारित की जाती हैं? यदि हाँ, तो वर्तमान में लागू दरें कब स्वीकृत की गई थीं? आदेश की प्रति उपलब्ध करायें। (ख) प्रश्नांश (क) में निर्धारित दरें क्या प्रदेश के विभिन्न विभागों में आउटसोर्स एजेन्सियों के माध्यम से सेवा दे रहे मानव संसाधनों पर भी लागू की जाती है? यदि नहीं, तो क्यों? (ग) क्या प्रदेश के विभिन्न विभाग, विभिन्न पदों पर आउटसोर्स से लिए जाने हेतु अलग-अलग दरें, मानदेय निर्धारित करता है? यदि हाँ, तो क्यों? स्पष्ट करें। क्या इसमें एकरूपता लाने हेतु कोई ठोस नीति बनाई जायेगी? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्यों? (घ) क्या ग्वालियर जिले के विभिन्न विभागों में सेवाएं दे रहे आउटसोर्स कर्मियों को मानदेय का भुगतान श्रम विभाग द्वारा निर्धारित नियमों/दरों से हो रहा है? यदि नहीं, तो क्यों?
श्रम मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) जी हाँ। वर्तमान में लागू दैनिक मजदूरी की दरों संबंधी अधिसूचना की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) प्रश्नांश (क) में निर्धारित न्यूनतम मजदूरी की दरें उन समस्त संस्थानों/नियोजकों पर लागू होती हैं, जो अधिसूचित नियोजनों की श्रेणी में आते हैं। (ग) श्रम विभाग द्वारा विभिन्न अधिसूचित नियोजनों में कार्यरत अकुशल, अर्द्धकुशल, कुशल एवं उच्च कुशल श्रमिकों/कर्मचारियों के लिये न्यूनतम वेतन का निर्धारण किया जाता है एवं निर्धारित राशि का भुगतान सुनिश्चित कराया जाता है। मानदेय का निर्धारण श्रम विभाग द्वारा नहीं किया जाता है। (घ) ग्वालियर जिले में न्यूनतम वेतन अधिनियम, 1948 के अंतर्गत अनुसूचित नियोजनों में न्यूनतम वेतन का भुगतान किया जा रहा है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
निजी विश्वविद्यालय की जानकारी
[उच्च शिक्षा]
59. ( क्र. 3361 ) श्री पंकज उपाध्याय : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) स्नातक तथा स्नातकोत्तर कक्षाओं में प्रथम वर्ष में प्रवेशित तथा प्रत्येक कक्षा में अध्ययनरत विद्यार्थियों की संख्या कैटेगरी (संवर्ग) एवं छात्र-छात्राओं के अनुसार शासकीय, अशासकीय (अनुदान प्राप्त) तथा अशासकीय महाविद्यालय अनुसार वर्ष 2020-21 से 2025-26 की वर्षवार बतावें। वर्ष 2022-23 की तुलना में 2025-26 में तीनों कैटेगरी के महाविद्यालयों में कितने प्रतिशत की वृद्धि या कमी किस कारण से हुई? (ख) शासकीय महाविद्यालय में राजपत्रित तथा अराजपत्रित स्वीकृत कार्यरत तथा रिक्त पद की संख्या अनुसूचित जाति/जनजाति, पिछड़ा, सामान्य वर्ग के अनुसार वर्ष 2020-21 से 2025-26 की बतावें। प्रत्येक पद में वर्ष 2022-23 की तुलना में 2025-26 में स्वीकृत, कार्यरत, रिक्त पदों में होने वाली वृद्धि या कमी का कारण बतावें। (ग) वर्ष 2025-26 में किस-किस निजी विश्वविद्यालय में कौन-कौन से पाठ्यक्रम संचालित है तथा प्रत्येक पाठ्यक्रम में कितने-कितने अनुसूचित जाति, जनजाति, पिछड़ा एवं सामान्य वर्ग के छात्र अध्ययनरत हैं? प्रत्येक पाठ्यक्रम का शुल्क 2021-22 से 2025-26 तक कितना-कितना है? (घ) जनवरी 2026 अनुसार किस निजी विश्वविद्यालय को 2एफ तथा 12बी प्रमाण-पत्र मिला या नहीं मिला है? कौन-कौन निजी विश्वविद्यालय ने इन प्रमाण-पत्र के बिना किस-किस प्रकार की कितनी-कितनी डिग्री किस-किस वर्ष में जारी की? (ङ) क्या निजी विश्वविद्यालय नियामक आयोग, निजी विश्वविद्यालय द्वारा अपने कोर्स में पिछले 5 वर्ष में अनावश्यक फीस वृद्धि तथा बिना सक्षम प्रमाण-पत्र के डिग्री बांटने की उच्च स्तरीय जांच करेगा?
उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री इन्दर सिंह परमार ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'अ' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'ब' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'स' अनुसार है। (घ) समस्त निजी विश्वविद्यालयों को यू.जी.सी. अधिनियम की धारा-2 (एफ) में मान्यता प्राप्त हैं। केवल श्री सत्य सांई प्रौद्योगिकी एवं चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय, सीहोर को धारा 12 (बी) में मान्यता प्राप्त है। उपाधि प्रदान करने के लिए यू.जी.सी. अधिनियम की धारा 12 (बी) अंतर्गत मान्यता प्राप्त होना आवश्यक नहीं है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ङ) म.प्र. निजी विश्वविद्यालय (स्थापना एवं संचालन) अधिनियम 2007 यथा संशोधित 2013 एवं 2016 के प्रावधान अनुसार शुल्क समीक्षा करके आयोग द्वारा निर्धारित की गई फीस निजी विश्वविद्यालय द्वारा ली जाती है एवं निजी विश्वविद्यालय सक्षम अनुमति प्राप्त करके उपाधि प्रदान करते हैं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
आजीविका मिशन अंतर्गत संविदा अधिकारियों / कर्मचारियों की जानकारी
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
60. ( क्र. 3362 ) श्री पंकज उपाध्याय : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) 2015 से 2025 तक आजीविका मिशन अंतर्गत राज्य स्तर से लेकर जनपद स्तर तक किन-किन संविदा अधिकारियों/कर्मचारियों की सेवा समाप्त की गई? वर्ष 2015 से 2025 तक सेवा समाप्त संविदा अधिकारी-कर्मचारियों की अपील की सुनवाई किन-किन अधिकारियों द्वारा की गई? कौन-कौन अधिकारी आर्बिट्रेट रहे? उनके नाम, पद बतावें। उपरोक्त अवधि में संविदा अनुबंध का प्रारूप किस प्रकार था? क्या नियम एवं शर्त थी? (ख) वर्ष 2015 से 2025 तक मिशन के कितने संविदा कर्मियों की सेवा बहाली हुई? उनके नाम व पद तथा किस कारण से सेवा समाप्त की गई थी, की जानकारी दें। किस-किस संविदा कर्मचारियों को सेवा समाप्ति उपरांत जीवन निर्वाह भत्ता/मानदेय दिया जा रहा है या पूर्व में दिया गया? किस नियम के तहत जीवन निर्वाह भत्ता/मानदेय दिया गया? संबंधित दस्तावेज की छायाप्रति उपलब्ध करावें। सेवा समाप्ति उपरांत जीवन निर्वाह भत्ता/मानदेय देने के क्या नियम/निर्देश हैं? दस्तावेज उपलब्ध करावें l (ग) MPRAF में व MPRAF बायलॉज में 2025 अनुसार पंचायत विभाग के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव व विकास आयुक्त के कार्य एवं दायित्व से संबंधित दस्तावेज उपलब्ध करावें।
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-1, 2 एवं 3 अनुसार है। वर्ष 2015 से 2025 तक अपील करने वाले संविदा कर्मियों के अनुबंध पत्र पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-4 अनुसार है। (ख) वर्ष 2015 से 2025 तक 46 संविदा कर्मियों की सेवा बहाली हुई। विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-5 अनुसार है। सुश्री सुषमा रानी मिश्रा, तत्का. राज्य परियोजना प्रबंधक को मान. उच्च न्यायालय जबलपुर के आदेश दिनांक 24-04-2025 तथा संविदा पर नियुक्त अधिकारियों/कर्मचारियों के संबंध में जारी दिशा-निर्देश की कण्डिका-9.4 के पालन में जीवन निर्वाह भत्ता दिया जा रहा है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-6 एवं 7 अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-8 अनुसार है।
वॉटर शेड परियोजनाओं के अंतर्गत कराए गए कार्य
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
61. ( क्र. 3369 ) श्री नारायण सिंह पट्टा : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला मंडला में वॉटर शेड परियोजना अंतर्गत वर्ष 2023–24 से प्रश्न दिनांक तक कुल कितने हेक्टर भूमि में वॉटर शेड प्रोजेक्ट संचालित हैं? विकासखंड अनुसार जानकारी उपलब्ध कराएं। जिले के प्रत्येक विकासखंड में कितने ग्रामों को प्रोजेक्ट में शामिल किया गया है? कितनी लागत से कार्य कराए गए हैं? मद अनुसार जानकारी उपलब्ध कराएं। साथ ही प्रत्येक वर्ष का पृथक-पृथक विवरण देते हुए यह भी बताएं कि कुल उपचारित क्षेत्रफल कितना है? इस हेतु कुल कितनी राशि स्वीकृत की गई है? (ख) क्या उपरोक्त समस्त कार्यों हेतु प्रयुक्त मिट्टी एवं निर्माण सामग्री का परीक्षण कराया गया है? यदि हाँ, तो परीक्षण रिपोर्ट की प्रतियां उपलब्ध कराएं। यदि नहीं, तो कारण स्पष्ट किया जाए। (ग) क्या सभी कार्यों के ड्राइंग-डिजाइन एवं हाइड्रोलॉजिकल प्लान सक्षम तकनीकी संस्था से स्वीकृत कराए गए हैं? यदि हाँ, तो स्वीकृति संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराएं। (घ) क्या बजट के अनुसार वॉटर शेड कार्ययोजना तैयार की गई है? यदि हाँ, तो संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराए जाएं। क्या सामग्री खरीदी भंडार-क्रय नियमों के अंतर्गत की गई है? यदि हाँ, तो निविदाओं की छायाप्रति उपलब्ध कराएं। यदि नहीं, तो क्या इसकी जांच कराई जाएगी? (ङ) क्या श्रम एवं खुदाई कार्य शासन की गाइड-लाइन्स के अनुसार तथा मशीनों के उपयोग की अनुमति अनुसार कराए गए हैं? (च) क्या ADM/तकनीकी अधिकारियों द्वारा स्थलों का निरीक्षण किया गया है? यदि हाँ, तो निरीक्षण प्रतिवेदन/टीप की प्रतियां उपलब्ध कराएं। क्या उक्त कार्यों में हुई गड़बड़ियों की जाँच की जाएगी?
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) मण्डला जिले में प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना – वॉटर शेड विकास घटक 2.0 अंतर्गत 33199 हेक्टेयर भूमि में कुल 5 परियोजनायें संचालित हैं। विकासखण्ड निवास की 2 परियोजनाओं में 38 ग्राम, विकासखण्ड घुघरी की 1 परियोजना में 09 ग्राम, विकसखण्ड बीजाडंडी की 1 परियोजना में 20 ग्राम तथा विकासखण्ड मोहगांव की 1 परियोजना में 16 ग्राम शामिल हैं। वर्ष 2021 – 22 में 4 परियोजनाओं में कुल 26399 हेक्टेयर क्षेत्रफल उपचार हेतु स्वीकृत किया गया था तथा वर्ष 2025-26 में 1 परियोजना में 6800 हेक्टेयर क्षेत्रफल उपचार हेतु स्वीकृत किया गया था। शेष वर्षों में भारत सरकार द्वारा कोई परियोजना स्वीकृत नहीं की गई है। प्रश्नाधीन परियोजनाओं हेतु कुल रूपये 73.037 करोड़ की राशि स्वीकृत की गई है। मदवार लागत/व्यय राशि का विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट–अ अनुसार है। (ख) जी हाँ। जिन कार्यों हेतु प्रश्नाधीन परीक्षण कराया गया है उनकी रिपोर्ट पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ब अनुसार है। (ग) जी हाँ। कार्यों की तकनीकी स्वीकृति ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के सक्षम प्राधिकारी से कराई गई है। तकनीकी स्वीकृति संबंधित दस्तावेजों की कुल पृष्ठ संख्या 1321 है, जिनका अवलोकन कार्यालयीन समय में जिला पंचायत मण्डला में किया जा सकता है। (घ) जी हाँ। वर्ष 2021–22 में स्वीकृत परियोजनाओं की स्वीकृत लागत अथवा बजट अनुसार वॉटर शेड कार्यों की आयोजना अर्थात डी.पी.आर. तैयार की गई है। वर्ष 2025–26 में स्वीकृत परियोजना की डी.पी.आर. तैयार करने का कार्य प्रचलन में है। सामग्री खरीदी वॉटर शेड समितियों द्वारा कोटेशन प्रक्रिया के आधार पर की गई है। डी.पी.आर. और कोटेशन प्रक्रिया संबंधित दस्तावेजों की कुल पृष्ठ संख्या क्रमश: 4070 तथा 356 है, जिनका अवलोकन कार्यालयीन समय में जिला पंचायत मण्डला में किया जा सकता है। (ड.) जी हाँ। (च) जी हाँ। निरीक्षण प्रतिवेदन की टीप पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-स अनुसार है। कार्यों में गड़बड़ियां नहीं हुई हैं, अत: शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन अंतर्गत दलहन, दवाइयों एवं बीजों का क्रय
[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]
62. ( क्र. 3370 ) श्री नारायण सिंह पट्टा : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन अंतर्गत मंडला जिले में वर्ष 2024-25 से प्रश्न दिनांक तक दलहन, दवाइयों एवं बीजों की कितनी-कितनी खरीदी कब-कब की गई? जिला मुख्यालय सहित ब्लॉकों में कितना-कितना भण्डारण कहाँ-कहाँ करवाया गया? उक्त खरीदी का भुगतान किन-किन फर्म/कंपनियों को कब-कब कितना-कितना किया गया? क्या खरीदी में नियमों का पालन किया गया? यदि हाँ, तो उक्त का वितरण किन-किन को किया गया? जानकारी उपलब्ध कराएं। (ख) क्या उक्त अवधि में ही कोदो कुटकी की खरीदी की भी जानकारी उपलब्ध कराएं। इससे संबंधित भुगतान एवं वितरण की जानकारी उपलब्ध कराएं। (ग) वर्ष 2024-25 से प्रश्न दिनांक तक मंडला जिले में जैविक खेती के लिए खर्च राशि की जानकारी उपलब्ध कराएं। यह राशि कहाँ-कहाँ किन-किन प्रयोजनों में खर्च की गई? उक्त अवधि में ही किसानों को उपकरण उपलब्ध कराने हेतु खर्च राशि की जानकारी उपलब्ध कराएं। किन-किन किसानों को कौन-कौन से उपकरण उपलब्ध कराये गए? विस्तृत जानकारी देवें। उक्त अवधि में इससे सम्बंधित गड़बड़ियां किन-किन जिलों में सामने आई हैं, उनमें क्या कार्यवाही की गई है? (घ) क्या उप संचालक मंडला के विरुद्ध EOW में विभागीय भ्रष्टाचार से संबंधित मामले की एफ.आई.आर. दर्ज है? इस मामले में विभाग द्वारा अब तक क्या-क्या कार्यवाही की गई है? अवगत करावें। भ्रष्टाचार के मामले में नामजद होने के बाद भी इन्हें मंडला जिले में उप संचालक जैसे महत्वपूर्ण पद पर पदस्थ करने के क्या कारण हैं?
किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन अंतर्गत मंडला जिले में वर्ष 2024-25 से प्रश्न दिनांक तक दलहन, दवाइयों एवं बीजों की खरीदी की गई जिला मुख्यालय सहित ब्लॉकों में भण्डारण करवाया गया, जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। योजनान्तर्गत जारी गाइड-लाइन अनुसार वर्ष 2024-25 में कृषकों को डी.बी.टी के माध्यम से फसल औषधि दवाइयों का भुगतान उनके बैंक खातों में किया गया है। योजनान्तर्गत वर्ष 2025-26 विभाग द्वारा एम.पी. एग्रो एवं नाफेड के माध्यम से प्रदर्शन सामग्री क्रय आदेश जारी किया गया। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है। (ग) जिले में जैविक खेती (परम्परागत कृषि विकास योजना) का कार्य ए.एफ.सी. संस्थान को कार्य सम्पादन हेतु संचालनालय द्वारा अधिकृत किया गया है। जिले में वर्ष 2024-25 में जैविक खेती (परम्परागत कृषि विकास योजना) अंतर्गत 4.548 लाख तथा वर्ष 2025-26 में 45.865 लाख व्यय किया गया है। व्यय की गई राशि प्रयोजनवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-4 अनुसार है। उक्त अवधि में कृषकों को उपकरण उपलब्ध कराने हेतु राशि व्यय नहीं की गई है तथा इस संबंध में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की शिकायत संज्ञान में नहीं है। (घ) जी नहीं, वर्तमान उप संचालक, कृषि मंडला के विरूद्ध थाना ई.ओ.डब्ल्यू. जिला-डिण्डौरी में एफ.आई.आर क्र.0094/2025 पंजीबद्ध है। प्रकरण विवेचना में लिया गया। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-5 अनुसार है। प्रकरण EOW में विवेचनाधीन है। प्रशासनिक आधार पर शासन आदेश दिनांक 09-06-2025 के द्वारा मंडला जिले में प्रभारी उप संचालक, कृषि के पद पर पदस्थ है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-6 अनुसार है।
डाकलेखा गृह निर्माण सहकारी संस्था में अनियमितता
[सहकारिता]
63. ( क्र. 3373 ) श्रीमती अनुभा मुंजारे : क्या सहकारिता मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या अता.प्र.क्र. 2070, दि. 20.03.2025 के उत्तरांश में मूल अभिलेख अप्राप्त रहने पर दोहरे पंजीयन निरस्त एवं मूल सदस्यों को प्रकोष्ठ प्रदान न किये जा सकने का कारण बताया था? यदि हाँ, तो क्या उक्त आधारों के कारण संस्था के मूल सदस्यों को उनके प्रकोष्ठ पाने के अधिकार से वंचित किया जावेगा? यदि नहीं, तो विभाग उक्त स्थिति में अन्य किसी कानूनी विकल्प पर विचार कर मूल सदस्यों को प्रकोष्ठ आवंटन करायेगा? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्यों नहीं? दस्तावेज सहित कारण बतावें। (ख) क्या उपायुक्त सहकारिता के पास दिनांक 31.03.2008 की स्थिति में सदस्यों की अंतिम मूल सूची है? यदि हाँ, तो क्या विभाग उक्त अंतिम सूची को ही आधार मानकर डाकलेखा गृह निर्माण सहकारी संस्था, बावड़िया कला, भोपाल की अंतिम प्राप्त सूची में दर्शित सदस्यों को प्रकोष्ठ आवंटन करायेगा? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्यों नहीं? दस्तावेज कारण सहित बतावें। (ग) क्या प्रश्नांश (क) में संदर्भित प्रश्न के उत्तर में दोषियों पर कार्यवाही एवं मूल रिकॉर्ड प्राप्त किये जाने संबंधी कार्यवाही किये जाने का लेख किया है? यदि हाँ, तो वर्तमान में दोषियों पर कार्यवाही एवं मूल दस्तावेज प्राप्त किये जाने के अद्यतन प्रयासों की दस्तावेज सहित जानकारी देवें।
सहकारिता मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) जी हाँ। संस्था के मूल अभिलेख प्राप्त नहीं हुये है। मूल अभिलेख प्राप्त होने पर ही आगामी कार्यवाही की जा सकेगी। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता। (ख) जी नहीं। कार्यालय सहायक पंजीयक (अंके.) सहकारिता जिला भोपाल में उपलब्ध अंकेक्षण टीप वर्ष 2008-09 (दिनांक 31.03.2008 की स्थिति में) की सदस्यता सूची की छायाप्रति कार्यालय उपायुक्त, सहकारिता जिला भोपाल में उपलब्ध है। उत्तरांश ''क'' अनुसार संस्था के मूल अभिलेख प्राप्त होने पर ही आगामी कार्यवाही की जा सकेगी। (ग) जी हाँ। संस्था के मूल दस्तावेज प्राप्त करने हेतु पूर्व में ही म.प्र. सहकारी सोसाइटी अधिनियम, 1960 की धारा 57 (1) एवं धारा 57-ए/क के अंतर्गत कार्यवाही की गयी है, किन्तु संस्था के मूल अभिलेख आज दिनांक तक प्राप्त नहीं हुये है। दोषियों के विरूद्ध शाहपुरा थाने में एफ.आई.आर. दर्ज किये जाने बाबत् पूर्व में दिये गये आवेदन के संबंध में थाना प्रभारी द्वारा संस्था के मूल अभिलेख चाहे गये है, किन्तु मूल अभिलेख प्राप्त नहीं होने के कारण थाना प्रभारी को जानकारी प्रदाय नहीं की जा सकी है।
अनुभवी प्रवक्ताओं का रिक्त पदों पर समायोजन
[तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार (केवल कौशल विकास एवं रोजगार)]
64. ( क्र. 3374 ) श्रीमती अनुभा मुंजारे : क्या राज्य मंत्री, कौशल विकास एवं रोजगार महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्तमान में प्रदेश की शासकीय आई.टी.आई. संस्थाओं में कुल कितने मेहमान प्रवक्ता (Guest Faculty) कार्यरत हैं? कृपया इनकी ट्रेडवार, संस्थावार एवं उनके सेवाकाल (कितने वर्षों से कार्यरत हैं) की विस्तृत सूची उपलब्ध कराएं। (ख) क्या उच्च शिक्षा एवं स्कूल शिक्षा विभाग में कार्यरत अतिथि विद्वानों/शिक्षकों को विभागीय भर्ती में अनुभव आधारित बोनस अंक या आरक्षण का लाभ दिया जाता है? यदि हाँ, तो आई.टी.आई. मेहमान प्रवक्ताओं को इस लाभ से वंचित रखने का वैधानिक कारण क्या है? क्या सरकार इन्हें भी समान लाभ देने पर विचार कर रही है? (ग) क्या DGT (भारत सरकार) के नियमानुसार ट्रेनिंग ऑफिसर (T.O.) के पद हेतु CITS/RPL अनिवार्य है? यदि हाँ, तो वर्तमान में विभाग द्वारा की जा रही भर्ती में इस नियम को पूर्णतः लागू न करने का क्या कारण है? क्या इससे तकनीकी शिक्षा की गुणवत्ता प्रभावित नहीं होगी? (घ) क्या नई भर्ती होने के पश्चात वर्षों से कार्यरत अनुभवी मेहमान प्रवक्ता कार्यमुक्त (Relieve) कर दिए जाएंगे? यदि हाँ, तो क्या सरकार इन अनुभवी प्रवक्ताओं को रिक्त पदों पर समायोजित (Adjust) करने या भविष्य की भर्तियों में 'विभागीय प्राथमिकता' देने हेतु किसी नीति पर विचार कर रही है? यदि नहीं, तो क्यों?
राज्य मंत्री, कौशल विकास एवं रोजगार ( श्री गौतम टेटवाल ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) उच्च शिक्षा एवं स्कूल शिक्षा विभाग अंतर्गत अनुभव आधारित बोनस अंक नहीं दिया जाता है, आरक्षण का लाभ दिया जाता है। आई.टी.आई. में कार्यरत मेहमान प्रवक्ताओं के भर्ती नियमों में अनुभव आधारित बोनस अंक या आरक्षण का लाभ दिये जाने का प्रावधान नहीं है। जी नहीं। (ग) ट्रेनिंग ऑफिसर (T.O.) के पद हेतु कौशल विकास संचालनालय के भर्ती नियमों में CITS/RPL परीक्षा उत्तीर्ण करना अनिवार्य नहीं है, किन्तु नियुक्ति पश्चात सभी प्रशिक्षण अधिकारियों को CITS/RPL परीक्षा उत्तीर्ण करना अनिवार्य है। शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। जी नहीं, भर्ती नियम के अनुसार प्रदेश में नियुक्त सभी प्रशिक्षण अधिकारी अनिवार्य रूप से CITS/RPL परीक्षा उत्तीर्ण कर रहे हैं। (घ) मेहमान प्रवक्ताओं के विभागीय निर्देंशों के अनुसार नियमित नियुक्ति उपरांत प्रशिक्षण अधिकारी की पदस्थापना होने पर मेहमान प्रवक्ताओं का आमंत्रण समाप्त किया जाना प्रावधानित है। जी नहीं, इस संबंध में विभाग अंतर्गत कोई प्रस्ताव नहीं है।
विपणन संघ के गोदामों में अनाज भंडारण में अनियमितता
[सहकारिता]
65. ( क्र. 3378 ) श्री रजनीश हरवंश सिंह : क्या सहकारिता मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सिवनी जिले की केवलारी विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत विपणन संघ के कुल कितने भंडारण केन्द्र/गोदाम स्वीकृत हैं? इनमें से कितने गोदामों में वर्तमान में अनाज का भंडारण किया जा रहा है? कृपया वित्तीय वर्ष 2021-22 से प्रश्न दिनांक तक की गोदामवार एवं स्थानवार सूची सदन के पटल पर रखें। (ख) वित्तीय वर्ष 2021-22 से प्रश्न दिनांक तक अनाज भंडारण के दौरान गोदामवार एवं वर्षवार कितनी-कितनी कमी (शार्टेज) पाई गई है? कृपया इसकी मात्रा (क्विंटल में) तथा अनुमानित मूल्य (रुपयों में) की जानकारी प्रदान करें। (ग) क्या प्रश्नांश (क) एवं (ख) में वर्णित अवधि (वित्तीय वर्ष 2021-22 से प्रश्न दिनांक तक) में पाई गई अनाज भंडारण की कमी के मामलों में किसी प्रकार की अनियमितता, लापरवाही अथवा वित्तीय गड़बड़ी पाई गई है? यदि हाँ, तो इसके लिए कौन-कौन अधिकारी/कर्मचारी उत्तरदायी पाए गए हैं तथा उनके विरुद्ध अब तक क्या-क्या विभागीय/दंडात्मक कार्यवाही की गई है अथवा किस समय-सीमा में की जाएगी? यदि नहीं, तो इसके कारण स्पष्ट करें।
सहकारिता मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) सिवनी जिले के केवलारी विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत विपणन संघ के 02 गोदाम स्वीकृत है। वर्तमान में दोनों ही गोदामों में अनाज का भंडारण नहीं किया जा रहा है। गोदामवार एवं स्थानवार सूची संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) वर्ष 2021-22 से प्रश्न दिनांक तक उत्तरांश 'क' में उल्लेखित गोदामों में अनाज भंडारण नहीं होने से स्कंध की कमी होने का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता। (ग) उत्तरांश 'ख' के परिप्रेक्ष्य में प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता।
महाविद्यालयों में स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम का संचालन
[उच्च शिक्षा]
66. ( क्र. 3379 ) श्री रजनीश हरवंश सिंह : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सिवनी जिले की केवलारी विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत शासकीय/अशासकीय महाविद्यालय कब-कब से संचालित हैं तथा प्रत्येक महाविद्यालय में वर्तमान में कौन-कौन से स्नातक विषय संचालित हैं? क्या इन महाविद्यालयों में स्नातकोत्तर स्तर पर M.A., M.Sc एवं M.Com पाठ्यक्रम प्रारंभ किए जाने का कोई प्रस्ताव शासन के समक्ष विचाराधीन है? यदि हाँ, तो किस महाविद्यालय में कौन-कौन से विषयों में ये पाठ्यक्रम कब तक प्रारंभ किए जाएंगे? (ख) क्या उक्त महाविद्यालयों में पूर्व से संचालित विषयों के लिए विषय-विशेष के योग्य प्राध्यापक उपलब्ध हैं? यदि नहीं, तो कितने पद रिक्त हैं तथा अस्थायी/अतिथि व्यवस्था के आधार पर शिक्षण कार्य कैसे संचालित किया जा रहा है? (ग) उपरोक्त वास्तविक स्थिति को दृष्टिगत रखते हुए, क्या इन महाविद्यालयों में स्नातकोत्तर स्तर पर M.A., M.Sc एवं M.Com पाठ्यक्रम प्रारंभ करना व्यवहारिक है? यदि हाँ, तो अधोसंरचना एवं स्टाफ की पूर्ति कब तक सुनिश्चित की जाएगी? समय-सीमा सहित जानकारी प्रदान करें।
उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री इन्दर सिंह परमार ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। शासकीय महाविद्यालय, केवलारी का प्रस्ताव प्राप्त हुआ है। विभागीय मापदण्डों की पूर्ति एवं वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता के आधार पर विचार किया जाएगा। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ख) जी हाँ। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता है। (ग) जी हाँ। शासकीय महाविद्यालय, केवलारी में स्ववित्तीय योजनान्तर्गत 03 विषयों - अर्थशास्त्र, राजनीति शास्त्र एवं इतिहास में स्नातकोत्तर कक्षाएं संचालित हैं। शेष के संबंध में विभागीय मापदण्डों की पूर्ति एवं वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता के आधार पर विचार किया जाएगा। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
दोषियों पर कार्यवाही
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
67. ( क्र. 3381 ) श्री उमाकांत शर्मा : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रश्नकर्ता का पत्र क्रमांक 140/बीपीएल/2021 दिनांक 07.04.2021 को प्राप्त हुआ है एवं उक्त विषय का पत्र मुख्यमंत्री जी के A प्लस मॉनिट का प्रमुख सचिव, पंचायत ग्रामीण विकास विभाग को प्राप्त हुआ है? यदि हाँ, तो उक्त पत्र पर क्या-क्या कार्यवाही की गई एवं जांच प्रतिवेदन एवं पत्रों पर कृत कार्यवाही की छायाप्रति एवं कौन-कौन अधिकारी/कर्मचारी दोषी पाए गए? दोषियों पर क्या-क्या कार्यवाही की गई? यदि कार्यवाही नहीं की गई है तो इसके लिए कौन-कौन अधिकारी दोषी हैं और दोषियों पर कब तक कार्यवाही की जावेगी? समय-सीमा बतावें। (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में क्या आयुक्त मध्यप्रदेश राज्य रोजगार गारंटी परिषद् द्वारा पत्र क्रमांक 5926/बीपीएल/ 2021 दिनांक 02.11.2021 द्वारा जांच दल गठित किया गया था, तो जांच दल द्वारा क्या-क्या जांच की गई? जांच प्रतिवेदन की छायाप्रति उपलब्ध करावें। यदि जांच नहीं की गई है तो जांच दल के खिलाफ क्या-क्या कार्यवाही की गई है? जानकारी उपलब्ध करावें। (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के संदर्भ में क्या आयुक्त मध्यप्रदेश राज्य गारंटी परिषद् भोपाल द्वारा पत्र क्रमांक 4055 दिनांक 08.09.2021 एवं पत्र क्रमांक 6837, दिनांक 31.10.2021 एवं पत्र क्रमांक 8162 दिनांक 08.12.2022 के आदेश से श्री के.एस. बानिया, अधीक्षण यंत्री, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा मण्डल, भोपाल जनपद पंचायत लटेरी की ग्राम पंचायतों का जांच अधिकारी नियुक्त किया गया था? यदि हाँ, तो अधीक्षण यंत्री ग्रामीण यांत्रिकी सेवा भोपाल मण्डल भोपाल द्वारा क्या-क्या जांच की गई? जांच प्रतिवेदन की छायाप्रति उपलब्ध करावें।
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) जी हाँ, जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''अ'' अनुसार है। (ख) जी हाँ, जांच प्रतिवेदन की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''ब'' अनुसार है। शेष प्रश्न उत्पन्न नहीं होता। (ग) जी हाँ, जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''ब'' अनुसार है।
जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक एवं पंजीकृत पैक्स समितियों की जानकारी
[सहकारिता]
68. ( क्र. 3382 ) श्री उमाकांत शर्मा : क्या सहकारिता मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विभाग की कहाँ-कहाँ जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित एवं पैक्स समितियां पंजीकृत हैं? जिलेवार जानकारी उपलब्ध करावें एवं भारत सरकार एवं सहकारिता विभाग मध्यप्रदेश द्वारा 1 अप्रैल 2021 से प्रश्नांकित दिनांक तक किन-किन मदों में अनुदान, आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई गई है? जिलेवार, वर्षवार, शाखावार जानकारी उपलब्ध करावें। (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में क्या उक्त बैंकों एवं पैक्स समितियों द्वारा आर्थिक अनियमितताएं की गई हैं, तो किन-किन अधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही की गई? जांच प्रतिवेदन उपलब्ध करावें एवं जिला सहकारी केन्द्रीय बैंकों द्वारा किन-किन हितग्राहियों को ऋण उपलब्ध करवाया गया है? हितग्राही के नाम सहित जानकारी जिलेवार उपलब्ध करावें। (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के संदर्भ में जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित विदिशा को किन-किन मदों में आय एवं किन-किन मदों में व्यय किया गया है? मदवार एवं वर्षवार जानकारी उपलब्ध करावें। आय-व्यय करने के निर्देश-आदेशों की छायाप्रति उपलब्ध करावें। (घ) पैक्स समितियों के पुनर्गठन, परिसीमन के क्या नियम, निर्देश, आदेश हैं? छायाप्रति उपलब्ध करावें एवं विदिशा जिले में किन-किन पैक्स समितियों का पुनर्गठन किया गया है एवं किसके आदेश से किया गया है? (ड.) विदिशा जिले में पैक्स समितियों में कौन-कौन से ग्राम सम्मिलित हैं एवं पैक्स मुख्यालय से ग्रामों की कितनी-कितनी दूरी है? क्या पंचायत स्तर पर पैक्स समितियों के गठन की योजना है? यदि हाँ, तो कब तक गठित की जावेगी? आय-व्यय की जानकारी देवें।
सहकारिता मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक एवं पंजीकृत पैक्स समितियों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। प्रश्नावधि में पैक्स समितियों को उपलब्ध कराये गये प्रबंधकीय अनुदान की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। पैक्स कम्प्यूटराईजेशन मद में केन्द्रांश एवं राज्यांश जिलेवार उपलब्ध नहीं कराया गया है, राज्य स्तर पर उपलब्ध कराई गई राशि का विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है। (ख) उत्तरांश ''क'' के संदर्भ में जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक एवं पैक्स समितियों द्वारा आर्थिक अनियमितताओं के प्रकरण प्रकाश में नहीं आने से प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। भारतीय रिजर्व बैंक के परिपत्र दिनांक 01.07.2015 से ग्राहकों की जानकारी गोपनीय रखे जाने के निर्देश होने से जिला सहकारी केन्द्रीय बैंकों द्वारा हितग्राहीवार ऋण उपलब्धता की जानकारी दिया जाना संभव नहीं है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-4 अनुसार है। (घ) सहकारी संस्थाओं के पुनर्गठन संबंधी प्रावधान मध्यप्रदेश सहकारी सोसाइटी अधिनियम, 1960 की धारा 16, मध्यप्रदेश सहकारी सोसाइटी नियम, 1962 के नियम 11 में दिये हैं तथा आयुक्त सहकारिता द्वारा पैक्स पुनर्गठन हेतु निर्देश जारी किये गये है, जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-5 अनुसार है, विदिशा जिले में पैक्स संस्थाओं के किये गये पुनर्गठन की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-6 अनुसार है। (ड.) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-7 अनुसार है। भारत सरकार की योजना अनुसार प्रत्येक ग्राम पंचायत में पैक्स/डेयरी/मत्स्य सहकारी संस्थाओं के कार्यक्षेत्र को सुनिश्चित किये जाने के निर्देशों के अंतर्गत कार्यवाही प्रचलित है, समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। नवीन गठित पैक्स समितियों द्वारा कार्य व्यवसाय प्रारंभ नहीं किये जाने से आय-व्यय की जानकारी उपलब्ध नहीं है।
ग्रामों में स्व-सहायता समूह का संचालन
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
69. ( क्र. 3385 ) श्री अमर सिंह यादव : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश के राजगढ़ जिले में आजीविका मिशन कब से प्रारंभ किया गया है? इसके क्या कार्य है? (ख) आजीविका मिशन अंतर्गत स्व-सहायता समूह बनाए जाने के क्या नियम हैं? विभाग द्वारा उनकी क्या मदद की जाती है? (ग) आजीविका मिशन प्रारंभ होने से प्रश्न दिनांक तक राजगढ़ विधानसभा अंतर्गत किन-किन ग्रामों में किस-किस नाम से कौन-कौन से स्व-सहायता समूह संचालित है? उनके अध्यक्ष एवं सदस्यों के नाम व पता सहित बतावें। (घ) क्या उन समूहों को स्वयं का रोजगार हेतु लोन दिलवाया गया था? यदि हाँ, तो किन-किन समूहों को किन-किन धंधों के लिए कितना-कितना लोन दिलवाया गया था? (ड.) क्या सभी समूहों द्वारा जिस रोजगार के लिए लोन लिया था, वो आज भी चला रहे हैं? यदि हाँ, तो उनमें से किसके द्वारा कितना लोन चुकाया जा चुका है और क्या सभी समूहों को पूरा अनुदान दिया जा चुका है? यदि हाँ, तो समूहवार बतावें। यदि नहीं, तो क्यों नहीं? उन्हें कब तक अनुदान दिया जावेगा?
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) राजगढ़ जिले में आजीविका मिशन वर्ष 2015 से प्रारंभ किया गया है। म.प्र. राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्र के गरीब पात्र परिवार की महिलाओं को स्व-सहायता समूहों में संगठित कर उनकी स्थाई आजीविका गतिविधियों को बढ़ाने एवं सुदृढ़ीकरण का कार्य किया जाता है। (ख) मिशन अंतर्गत गठित स्व-सहायता समूह बनाये जाने के नियम एवं समूह संगठनों को दी जाने वाली सहायता की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट–1 अनुसार है। (ग) मिशन प्रारंभ से प्रश्न दिनांक तक भारत सरकार द्वारा संचालित लोकोस पोर्टल पर उपलब्ध D-01 रिपोर्ट अनुसार ग्रामवार संचालित समूहों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट–2 अनुसार है। (घ) जी हाँ, समूहों को स्वयं के रोजगार हेतु सामुदायिक निवेश निधि एवं बैंक ऋण दिलाया जाता है। जिले से प्राप्त जानकारी अनुसार समूहवार आजीविका गतिविधियों के लिए उपलब्ध कराए गए ऋण की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट–3 अनुसार है। (ड.) जिले से प्राप्त जानकारी अनुसार स्व-सहायता समूहों द्वारा ऋण प्राप्त कर अपनी गतिविधियों का संचालन किया जा रहा है। ऋण चुकाने वाले एवं ऋण नहीं चुकाने वाले स्व-सहायता समूहों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट–4 अनुसार है। भारत सरकार द्वारा संचालित लोकोस पोर्टल पर उपलब्ध जानकारी अनुसार नियमानुसार पात्र समूहों को अनुदान राशि उपलब्ध कराई गई है। जो समूह पात्र नहीं हैं (पंच सूत्र का पालन नहीं करने वाले समूह, अक्रियाशील समूह, बचत खाते नहीं खोले गये समूह इत्यादि), उन्हें पात्रता की श्रेणी में आने के उपरांत ही अनुदान राशि उपलब्ध कराई जाएगी। जिले से प्राप्त जानकारी अनुसार अनुदान प्राप्त एवं अनुदान अप्राप्त स्व–सहायता समूहों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट–5 अनुसार है।
प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस में वाहन व्यवस्था
[उच्च शिक्षा]
70. ( क्र. 3386 ) श्री अमर सिंह यादव : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या शासन द्वारा शासकीय कॉलेज में अध्ययन करने वाले छात्र-छात्राओं को घर से कॉलेज लाने एवं छोड़ने के लिए बसों की व्यवस्था की गई है? यदि हाँ, तो कब से प्रारंभ की गई है? (ख) क्या राजगढ़ विधानसभा अंतर्गत एक्सीलेंस कॉलेज में अध्ययन करने वाले छात्र-छात्राओं को भी घर से कॉलेज लाने एवं घर छोड़ने हेतु वाहन की व्यवस्था शुरू की गई है? यदि हाँ, तो जानकारी दें। (ग) इस हेतु वाहन को किराए पर लिए जाने के क्या नियम-निर्देश हैं? कॉलेज द्वारा क्या उक्त निर्देश का पालन किया गया है? (घ) कौन-कौन से वाहन किस-किस दर पर कब तक के लिए लगाए गए हैं? मालिक के नाम सहित जानकारी दें। (ड.) क्या उक्त वाहन मालिकों को प्रतिमाह किराए का भुगतान किया जा रहा है? यदि हाँ, तो बतावें और यदि नहीं, तो कब तक भुगतान किया जावेगा? जानकारी उपलब्ध करावें।
उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री इन्दर सिंह परमार ) : (क) जी हाँ, परन्तु केवल प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस में अध्ययन करने वाले छात्र-छात्राओं के लिए राज्य शासन द्वारा जारी आदेश दिनांक 20.06.2024 द्वारा दिनांक 01.07.2024 से बस सेवा प्रारंभ करने के निर्देश जारी किए गए। (ख) जी हाँ। राजगढ विधानसभा अंतर्गत प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस राजगढ़ में दिनांक 14.07.2024 से बस सेवा प्रारंभ की गई है। (ग) बस सेवा हेतु राज्य शासन द्वारा जारी निर्देश दिनांक 20.06.2024 में नियम स्पष्ट किया गया है, नियम की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-1 अनुसार है। तद्नुसार ही शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, राजगढ़ द्वारा कार्यवाही की गई है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-2 अनुसार है। (ड.) भुगतान की वास्तविक जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-3 अनुसार है, जिसके अनुसार फरवरी 2026 तक भुगतान हो चुका है। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता है।
ग्रामों, मजरे-टोलों एवं धार्मिक स्थलों तक सड़क का निर्माण
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
71. ( क्र. 3393 ) श्री प्रताप ग्रेवाल : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सरदारपुर विधानसभा क्षेत्र के कितने ग्राम एवं मजरे-टोले प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना एवं अन्य सड़क से वंचित हैं? क्या विभाग द्वारा ऐसे ग्रामों की सूची तैयार की गई है? यदि हाँ, तो ग्रामवार विवरण उपलब्ध कराएं। (ख) क्या विभाग द्वारा इन ग्रामों हेतु कोई वैकल्पिक योजना - जैसे मजरा-टोला जोड़ो योजना, मुख्यमंत्री ग्राम संपर्क मार्ग योजना, प्रधानमंत्री सड़क अथवा अन्य विभागीय योजना लागू करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है? यदि हाँ, तो इन योजनाओं के अंतर्गत सरदारपुर विधानसभा क्षेत्र के कितने ग्राम सम्मिलित किए गए हैं? इसका विवरण सूची सहित दिया जाए। कितने सड़क स्वीकृत हैं एवं कितने शेष है? (ग) क्या इन ग्रामों के पहुँच मार्ग निर्माण हेतु पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने किसी अन्य विभाग (जैसे लोक निर्माण विभाग, पर्यटन विभाग या कृषि विभाग) से वित्तीय सहायता अथवा बजट आवंटन हेतु प्रस्ताव प्रस्तुत किया है? यदि हाँ, तो उक्त प्रस्तावों की वर्तमान स्थिति (स्वीकृत या लंबित) बताएं। (घ) क्या शासन द्वारा भविष्य में ऐसे छोटे ग्रामों, मजरे-टोलों एवं धार्मिक स्थलों तक सड़क निर्माण हेतु कोई नई नीति या विशेष योजना प्रारंभ करने पर विचार किया जा रहा है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में सामाजिक एवं आर्थिक संपर्क को सुदृढ़ किया जा सके? यदि हाँ, तो उसका प्रारूप एवं संभावित कार्यान्वयन अवधि की जानकारी दें।
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) PMGSY-IV अंतर्गत विधानसभा क्षेत्र सरदारपुर में 101 बसाहटें चिन्हित की गई हैं, जिनमें जनगणना 2011 के अनुसार 250+ जनसंख्या वाली संपर्क विहीन बसाहटों को पात्रता प्राप्त है। उक्त सभी मार्गों का एप के माध्यम से सर्वे कार्य पूर्ण किया गया है। इसी प्रकार विधानसभा सरदारपुर क्षेत्र में मुख्यमंत्री मजरा-टोला सड़क योजना में वर्तमान में MPSeDC द्वारा सेटेलाइट मेप से चिन्हित की गई बसाहटों में से योजना के दिशा-निर्देश अनुसार 100 से अधिक जनसंख्या को पात्रता प्राप्त है, जिनकी कुल संख्या 62 है। जी हाँ। म.प्र. ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण द्वारा उक्त योजना अंतर्गत चिन्हित बसाहटों की सूची तैयार की गई है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''1'' अनुसार है एवं जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''2'' अनुसार है। (ख) केन्द्र सरकार द्वारा प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-IV लागू की गई है, जिसके अंतर्गत जनगणना 2011 के आधार पर आदिवासी विकासखण्ड में 250+ आबादी की संपर्कता विहीन बसाहटों को संपर्कता प्रदान किये जाने के क्रम में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-IV में पात्र बसाहटों को चिन्हांकित किया गया है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''1'' अनुसार है। अद्यतन स्थिति में PMGSY-IV में सड़क स्वीकृत नहीं है। मुख्यमंत्री मजरा-टोला सड़क योजना में चिन्हित बसाहटों में से पात्र संपर्कता विहीन बसाहटों को जोड़ने हेतु दिशा निर्देशानुसार पात्रता अनुसार प्रस्ताव तैयार किये जावेंगे तथा स्वीकृत किये जावेंगे। वर्तमान में कोई प्रस्ताव स्वीकृत नहीं है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''2'' अनुसार है। (ग) शासन से संबंधित। (घ) शासन द्वारा ऐसे छोटे ग्रामों एवं मजरा-टोला तक सड़क निर्माण हेतु मुख्यमंत्री मजरा-टोला सड़क योजना लागू की गई है जिसमें MPSeDC द्वारा चिन्हित बसाहटों में से सत्यापन उपरांत 100 से अधिक आबादी की बसाहटें पात्र हैं। केन्द्र सरकार द्वारा जनगणना 2011 के आधार पर सामान्य विकासखण्ड में 500+ एवं आदिवासी विकासखण्ड में 250+ की संपर्क विहीन बसाहटों को एकल संपर्कता प्रदान करने हेतु, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-IV लागू की गई है, योजना अंतर्गत पात्र बसाहटों के चिन्हांकन पश्चात प्राथमिकता सूची तैयार किया जाना प्रकियाधीन है। योजना में मार्गों की स्वीकृति केन्द्र सरकार से जारी की जाती है। अतः समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
सरदारपुर विधानसभा अंतर्गत स्वीकृत विकास कार्य
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
72. ( क्र. 3396 ) श्री प्रताप ग्रेवाल : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सरदारपुर विधानसभा में वर्ष 2022 से प्रश्न दिनांक तक सभी मद से कितने कार्य स्वीकृत हुए, कितने पूर्ण हुए, कितने शेष हैं एवं कितने कार्यों में शिकायत सी.एम. हेल्पलाइन सहित प्राप्त हुई और उन पर क्या कार्यवाही की गई तथा पंचायत को कितने नोटिस दिए गए? उनकी प्रति देवें।। (ख) प्रश्नकर्ता द्वारा वर्ष 2025 से प्रश्न दिनांक तक मुख्यमंत्री जी, विभागीय मंत्री एवं विभाग को कितने पत्र दिए गए? पत्रों की प्रति एवं उन पर किए कार्यवाही की जानकारी, नोटशीट, पत्र सहित देवें एवं सरदारपुर विधानसभा के विकास कार्य से सम्बंधित कितने पत्र जिले पर मंत्रालय से प्राप्त हुए और उन पर क्या कार्यवाही की गई? क्या पत्रों की समय-सीमा में कार्य किया गया? (ग) सरदारपुर विधानसभा क्षेत्र की कौन-कौन सी ग्राम पंचायत के कौन-कौन से ग्रामों में शांतिधाम/ मुक्तिधाम बने हुए हैं एवं कौन-कौन से ग्रामों में अभी तक नहीं बने हैं? सूची सहित जानकारी उपलब्ध कराई जाए। (घ) जिन ग्रामों, मजरे-टोलों में शांतिधाम अभी तक नहीं बने हैं, उन ग्रामों मजरे-टोलों में शांतिधाम बनाए जाने के लिए सरकार की क्या योजना है? कब तक बनाए जाएंगे? (ड.) क्या अनेकों ग्रामों में शांतिधाम तो बन गये है किंतु शांतिधाम तक पहुंचाने के लिए रास्ता नहीं है? यहां ग्रामीणजनों को आवागमन करने में असुविधा होती है। यदि नहीं, तो शांतिधामवार रास्ता उपलब्धता की जानकारी सूची सहित उपलब्ध करायें।
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) सरदारपुर विधानसभा में वर्ष 2022 से प्रश्न दिनांक तक विभिन्न मदों में 1476 कार्य स्वीकृत हुए, जिसमें से 1300 कार्य पूर्ण हुए एवं शेष 176 कार्य वर्तमान में प्रगतिरत हैं, मदवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''1'' अनुसार है। सी.एम. हेल्पलाइन में प्राप्त शिकायतों एवं उन पर की गयी कार्यवाही का विवरण सी.एम. हेल्पलाइन पोर्टल www.cmhelpline.mp.gov. पर उपलब्ध है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''2'' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''3'' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''4'' अनुसार है (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''5'' अनुसार है। (ड.) जी नहीं। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''6'' अनुसार है।
प्रेषित पत्रों की जानकारी
[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]
73. ( क्र. 3399 ) डॉ. हिरालाल अलावा : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) निर्वाचित जनप्रतिनिधि सांसद/विधायकों द्वारा मुख्य सचिव, सभी विभागों के ए.सी.एस., प्रमुख सचिव, अन्य सभी अधिकारियों तथा प्रदेश के सभी जिला कलेक्टरों को ई-मेल/डाक एवं अन्य सभी प्रकारों से लिखे पत्रों की पंजी संधारण करने, अभिस्वीकृति दिए जाने, पत्रों पर वस्तुस्थिति की जानकारी देने एवं पत्रों पर की गई कार्यवाही की जानकारी देने के संबंध में, सामान्य प्रशासन विभाग एवं अन्य विभाग द्वारा क्या नियम/प्रक्रिया/व्यवस्था वर्तमान में प्रचलित है? यह नियम/प्रक्रिया/व्यवस्था राज्य मंत्रालय के किस-किस विभाग पर लागू है? इस नियम/प्रक्रिया/व्यवस्था के उल्लंघन और जनप्रतिनिधियों के प्रोटोकॉल के उल्लंघन पर किस-किस श्रेणी के अधिकारियों के विरूद्ध किन-किन नियमों के तहत किसके द्वारा क्या-क्या कार्रवाई करने और दंड का प्रावधान है? (ख) ई-मेल नीति के तहत जनप्रतिनिधियों के पत्रों पर त्वरित कार्यवाही करने बाबत् क्या निर्देश दिए गए हैं? (ग) प्रश्नकर्ता ने दिनांक 01/01/2025 से प्रश्न दिनांक तक प्रश्नांश (क) के किन-किन सचिव/अधिकारियों/कलेक्टर को किस दिनांक को किन-किन विषयों से कितने पत्र ई-मेल/डाक से प्रेषित किए? प्रश्न दिनांक तक उन पत्रों का जवाब नहीं देने/उचित कार्यवाही नहीं करने का जी.एडी. के माध्यम से विधिसम्मत कारण बतावें। (घ) प्रश्नकर्ता के पत्रों पर कार्यवाही नहीं करने/सूचना नहीं देने का कारण बतावें। (ङ) विगत छ: माह में मुख्य सचिव, वन विभाग, खनिज साधन, स्वास्थ्य, नगरीय प्रशासन विभाग, एम.पी.एच.आई.डी.बी. एवं कलेक्टर धार, बड़वानी, भोपाल बैतूल को ई-मेल/डाक से प्रश्नकर्ता द्वारा प्रेषित पत्रों पर प्रश्न दिनांक तक क्या कार्यवाही की गई?
किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा समय-समय पर जारी नियम/निर्देश राज्य मंत्रालय के सभी विभागों पर लागू होते हैं। नियम प्रक्रिया का उल्लघंन करने पर मध्यप्रदेश सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के तहत कार्य के प्रति उदासीनता बरतने पर कार्यवाही किये जाने का प्रावधान है। (ख) ई-मेल नीति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। किन्तु प्रश्नांश अनुसार पृथक से कोई निर्देश नहीं है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 एवं ''2'' अनुसार है। प्रश्नांश के शेष भाग की जानकारी एकत्रित की जा रही है। (घ) प्रश्नकर्ता के पत्रों पर यथासंभव जानकारी समय-समय पर उपलब्ध कराई जाती है। (ङ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।
किसानों को बीमा क्लेम राशि का भुगतान
[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]
74. ( क्र. 3404 ) श्री महेश परमार : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या तराना विधानसभा एवं उज्जैन जिले के समस्त विधानसभाओं के ग्रामीण क्षेत्रों में दिनांक 27 जनवरी 2026 से 3 फरवरी 2026 के मध्य ओलावृष्टि एवं तेज हवा/आंधी व वर्षा के कारण फसलों को नुकसान पहुँचा तथा राजस्व एवं कृषि विभाग व बीमा कंपनी द्वारा सर्वे कराया गया? यदि हाँ, तो ग्राम पंचायत/पटवारी हल्कावार फसलों के हुए नुकसान का सम्पूर्ण ब्यौरा देवें। (ख) क्या उज्जैन जिले में किसानों से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना/ विभिन्न फसल बीमा योजनाओं के अंतर्गत बीमा प्रीमियम की कटौती की गई है? यदि हाँ, तो किसानों से काटी गई कुल प्रीमियम राशि कितनी है? शासन का अंशदान कितनी राशि का है तथा यह राशि किन-किन बीमा कंपनियों को जमा की गई है? (कंपनीवार विवरण दें)। (ग) वर्ष 2025 में खरीफ फसलों में गुणवत्ताहीन बीज, सोयाबीन में पीला मोजेक वायरस एवं अतिवृष्टि से किसानों को हुए नुकसान की भरपाई बीमा कंपनी द्वारा क्लेम की राशि/प्रीमीयम जमा करने के उपरांत भी प्रश्न दिनांक तक बीमा क्लेम राशि का भुगतान किसानों को नहीं किया गया है? यदि हाँ तो बीमा कंपनी कब तक क्लेम राशि का भुगतान करेगी और यदि नहीं, तो सरकार बीमा कंपनी के विरुद्ध कब तक कार्यवाही करेगी? (घ) क्या उज्जैन जिले की समस्त विधानसभाओं में फसल नुकसान के संबंध में वर्ष 2020 से प्रश्न दिनांक तक बीमा कंपनियों द्वारा सर्वे कर किसानों को बीमा क्लेम राशि का भुगतान किया गया है? यदि हाँ, तो वर्षवार, जिलावार भुगतान की गई राशि का विवरण देवें। यदि नहीं, तो कारण बतावें।
किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) राजस्व आर.बी.सी. 6-(4) के तहत तराना विधानसभा क्षेत्र सहित जिला उज्जैन में विभिन्न स्थानों में दिनांक 27 जनवरी 2026 से 3 फरवरी 2026 के मध्य हुई असामयिक वर्षा व हल्की ओलावृष्टि से फसलों पर हुये प्रभाव का राजस्व व कृषि विभाग के स्थानीय अधिकारी व कर्मचारियों के संयुक्त दल द्वारा सर्वे उपरांत नैत्रांकन के आधार पर 5 से 25 प्रतिशत तक की क्षति/नुकसान होना परिलक्षित है, फसल क्षति का विस्तृत सर्वेक्षण प्रचलित है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के स्थानीयकृत आपदा प्रावधान अंतर्गत कृषकों द्वारा प्रश्नांकित अवधि में व्यक्तिगत फसल क्षति की सूचनायें प्राप्त हुई है, जिनका नुकसानी आकलन कार्य सतत रूप से जारी है, जिसकी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) जी हाँ। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजनांतर्गत उज्जैन जिले में रबी 2025-26 में इफ्को टोकियो जनरल इंश्योरेंस कम्पनी लिमिटेड क्रियान्वयन एजेन्सी है। रबी 2025-26 में उज्जैन जिले की प्रीमियम राशि की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ग) प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में गुणवत्ताहीन बीज से उपज हानि सम्मिलित नहीं है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के स्थानीयकृत आपदा प्रावधान अंतर्गत फसल क्षति सूचित करने वाले कृषकों के खेतों का सर्वे कर दावा राशि का भुगतान किया गया है, जिसकी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की मार्गदर्शी निर्देशिका के अनुसार लागू प्रीमियम राशि बीमा कम्पनी को भुगतान होने एवं वास्तविक उपज के आंकड़े बीमा कम्पनी को उपलब्ध कराने के 21 दिवस में दावा राशि का भुगतान करने का प्रावधान है। उक्त नियम के उल्लंघन की स्थिति में बीमा कम्पनी पर 12 प्रतिशत वार्षिक दर से ब्याज अधिरोपित करने का नियम है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना अंतर्गत खरीफ 2025 में बीमित इकाई स्तर पर अंतिम दावा भुगतान हेतु उपज आंकड़ो के संकलन, संधारण एवं दावा गणना उपरांत दावों का भुगतान किये जाने का प्रावधान है। अत: शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-4 अनुसार है।
दोषी अधिकारी पर अनुशासनात्मक कार्यवाही
[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]
75. ( क्र. 3408 ) श्री कमलेश्वर डोडियार : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) किसान कल्याण तथा कृषि विभाग अंतर्गत उज्जैन संभाग के उप संचालक कार्यालयों में कौन-कौन अधिकारी-कर्मचारी कब से पदस्थ हैं? किस-किस अधिकारी-कर्मचारी के पास किन-किन शाखाओं का प्रभार है? क्या संलग्नीकरण/कार्य व्यवस्था के संबंध में कोई जांच कराई गई है? (ख) यदि प्रश्नांश (क) में कोई कर्मचारी/अधिकारी कार्य व्यवस्था/संलग्नीकरण में जिला मुख्यालय में नहीं है तो उर्वरक/बीज/पौध संरक्षण, लायसेंस शाखा, बीज शाखा एवं सूरज धारा अन्नपूर्णा बीज ग्राम, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा, जैविक प्रोत्साहन योजना का कार्य किसके द्वारा किया जा रहा है? नाम, पदनाम सहित जानकारी देवें। (ग) यदि किसी कर्मचारी को नियम विरूद्ध कार्य सौंप कर कराया जा रहा है, तो उसके लिये कौन अधिकारी दोषी है? (घ) क्या प्रश्नांश (ग) नियमों का उल्लंघन कर कार्यालयीन कार्य कराने हेतु कार्यालय प्रमुख दोषी है? यदि हाँ, तो दोषी अधिकारी के ऊपर क्या अनुशासनात्मक कार्यवाही की जायेगी? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्यों नहीं?
किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। उज्जैन संभाग अन्तर्गत संलग्नीकरण/कार्य व्यवस्था में कोई अधिकारी/कर्मचारी संलग्न नहीं है। शेष प्रश्न उद्भूत नहीं होता है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ग) प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्य में शेष प्रश्न उद्भूत नहीं होता है। (घ) प्रश्नांश (ग) के परिप्रेक्ष्य में शेष प्रश्न उद्भूत नहीं होता है।
आर्थिक अनियमितता के प्रकरणों पर कार्यवाही
[सहकारिता]
76. ( क्र. 3409 ) डॉ. राजेन्द्र पाण्डेय : क्या सहकारिता मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शासन/विभाग द्वारा रतलाम जिला अंतर्गत वर्ष 2023 24 से लेकर प्रश्न दिनांक तक सहकारी समितियां को प्रबंधकीय अनुदान वर्ष में प्रति समिति कितना अनुदान वर्ष भर दिया गया? साथ ही अनुदान एन.ई.एफ.टी. में राशि नहीं आने से आगामी वर्ष में वापस ले लिया गया, तो किस-किस समिति की कितनी-कितनी राशि है? वर्षवार बताएं। (ख) क्या उक्त प्रबंधकीय अनुदान समितियों को वापस किया जाएगा? यदि नहीं, तो समितियों को हुई हानि के लिए जिम्मेदारों से वसूली कर पूर्ति की जाएगी? (ग) अवगत चरण की समितियों की ई.आर.पी. कम्प्यूटराइजेशन के मिलान करने पर उल्लेखित वर्षों में किन-किन समितियों में गबन, आर्थिक अनियमितता अथवा फर्जी आहरण इत्यादि प्रकार की अनियमिताएं जांच एवं शिकायतों के माध्यम से जानकारी में आई तो उन पर क्या-क्या कार्यवाहियां की गई? बताएं। (घ) ऐसी कितनी समितियां हैं जिसमें बैंक स्तर एवं समिति स्तर पर ऋणात्मक अंतर है? उक्ताशय की सूची उपलब्ध कराएं एवं यदि यह राशि किसी एक समिति में करोड़ से अधिक है तो इसके लिए जिम्मेदार कौन है तथा जिले की कुछ समितियों में मिलान के पूर्व अंतर की राशि को गत वर्ष में बैलेंस-शीट में हानि दर्शाकर अंतर की राशि को विलोपित करने की कार्यवाही की गई तो इस हेतु कौन जिम्मेदार है? उसके विरुद्ध क्या कार्यवाही की गई?
सहकारिता मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 एवं 2 अनुसार है। (ख) प्रबंधकीय अनुदान समितियों को वापिस कर दिया गया है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-4 अनुसार है। (घ) बैंक एवं समिति स्तर पर ऋणात्मक अंतर वाली समितियों की संख्या 37 है, जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-5 अनुसार है। जिला सहकारी केन्द्रीय बैंकों एवं बहुउद्देशीय प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों की व्यवसायिक प्रकृति भिन्न-भिन्न होने, व्यवसायगत व विभिन्न योजनांतर्गत प्राप्ति योग्य राशि में विलंब होना आदि ऋण असंतुलन के मुख्य कारण हैं, जिसके लिए किसी को जिम्मेदार ठहराया नहीं जा सकता। जिले की कुछ समितियों में मिलान के पूर्व अंतर की राशि को गत वर्ष के बैलेंस-शीट में हानि दर्शाकर इस राशि को विलोपित करने की कार्यवाही संज्ञान में नहीं आई है, अत: प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता है।
कृषि कल्याण एवं किसानों का विकास
[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]
77. ( क्र. 3410 ) डॉ. राजेन्द्र पाण्डेय : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या शासन/विभाग द्वारा जावरा जिला रतलाम में चौपाटी स्थित क्षेत्रीय उद्यानिकी अनुसंधान केंद्र जावरा द्वारा आसपास के संपूर्ण क्षेत्र हेतु किसान कल्याण एवं कृषि विकास के अनेक उपयोगी उल्लेखनीय कार्य किये जा रहे हैं? (ख) यदि हाँ, तो क्षेत्र के अत्यंत महत्वपूर्ण कृषक केंद्र पर वर्तमान में कुल कितनी भूमि होकर उस पर किस-किस प्रकार के क्या-क्या कार्य किये जा रहे हैं? (ग) कृषि कल्याण एवं किसानों के विकास हेतु विगत वर्षों से उक्त स्थल के सैकड़ों बीघा रिक्त स्थान पर कृषि महाविद्यालय/उद्यानिकी महाविद्यालय के रूप में उक्त क्षेत्रीय उद्यानिकी अनुसंधान केंद्र जावरा को उन्नत करने में क्या-क्या कठिनाइयां हैं? (घ) उक्त क्षेत्रीय उद्यानिकी अनुसंधान केंद्र जावरा पर युवाओं को तकनीकी एवं रोजगारोन्मुखी शिक्षा दिए जाने हेतु कृषि/उद्यानिकी से संबंधित डिप्लोमा पाठ्यक्रम, किसानों हेतु स्टार्ट-अप एवं नवाचार को प्रोत्साहन, कृषि/उद्यानिकी आधारित इनक्यूबेशन सेंटर जावरा में स्थापित किया जाता है तो निश्चित रूप से कृषि क्षेत्र में रुचि रखने वाले युवाओं एवं किसानों के कल्याण का मार्ग प्रशस्त करने में यह महत्वपूर्ण कार्य होगा तो उक्ताशय के विभिन्न कार्यों की कार्ययोजना पर शासन/विभाग कब तक निर्णय लेकर विचार करेगा?
किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) जी हाँ। (ख) क्षेत्रीय उद्यानिकी अनुसंधान केन्द्र, जावरा में वर्तमान में कुल 13.506 हेक्टेयर भूमि पर प्रजनक बीज उत्पादन कार्यक्रम की जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है एवं अनुसंधान कार्य की जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ग) क्षेत्रीय उद्यानिकी अनुसंधान केन्द्र, जावरा में नियमित रूप से बीज उत्पादन कार्यक्रम लिया जा रहा है। किसी प्रकार की कठिनाई नहीं हो रही है। (घ) उत्तरांश ''घ'' के संबंध में इस प्रकार की कोई योजना प्रस्तावित नहीं है।
कृषि उपज मण्डी का संचालन
[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]
78. ( क्र. 3412 ) श्री हरदीप सिंह डंग : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मंदसौर जिले में कितनी कृषि उपज मण्डी संचालित हैं? विधानसभावार जानकारी देवें। (ख) विगत 3 वर्षों में उपरोक्त मण्डियों से शासन को कितना शुल्क प्राप्त हुआ है? मण्डीवार जानकारी देवें। (ग) उपरोक्त मण्डी में विगत 3 वर्षों में किस-किस मद से कितनी-कितनी राशि का व्यय विकास कार्यों हेतु किया गया है? (घ) क्षेत्र में वंचित ग्रामों से कृषि मण्डी तक पहुँचने हेतु क्या नवीन मार्गों की स्वीकृति प्रदान की जा रही है?
किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) 08 मंडियां। जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ग) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है। (घ) मंडी समितियों के कार्य क्षेत्र की परिधि में नहीं है।
उर्वरकों का भौतिक सत्यापन
[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]
79. ( क्र. 3422 ) श्री दिलीप सिंह परिहार : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) 1 जनवरी 2025 के बाद एन.एफ.एल., आई.पी.एल. और अन्य उर्वरकों के कितने रैक नीमच रेलवे पॉइंट पर आए? इस अवधि में इन्हें कहाँ-कहाँ, किस-किस जिले में, किस-किस सोसायटी में कितना-कितना भेजा गया? (ख) प्रश्नांश (क) में संदर्भित क्या सोसायटी और अन्य स्थल पर भेजे गए उर्वरक की पावती हैंडलिंग परिवहनकर्ता द्वारा प्राप्त की गई थी? यदि हाँ, तो पावती की प्रतिलिपि दें। (ग) प्रश्नांश (क) और (ख) में संदर्भित, क्या नीमच में पी.ओ.एस. सिस्टम और वास्तविक स्टॉक वर्तमान में मेल खाते हैं? इसकी जाँच किस-किस सक्षम अधिकारी ने कब-कब की? सक्षम अधिकारी का नाम, जाँच का प्रतिवेदन और की गई कार्यवाही से अवगत कराएं। (घ) क्या प्रश्नांश (ग) में उल्लेखित जाँचकर्ता अधिकारी द्वारा पी.ओ.एस. मशीनों की जानकारी प्राप्त की गई तो पता चला कि 5000 मीट्रिक टन का स्टॉक है, परंतु भौतिक सत्यापन में उर्वरक का स्टॉक शून्य मिला? क्या इस संबंध में किस-किस व्यक्ति ने कब-कब शिकायत की? व्यक्ति के नाम सहित जानकारी दें।
किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) 01 जनवरी, 2025 से दिनांक 18.02.2026 तक एन.एफ.एल., आई.पी.एल., ईफको, चंबल फर्टिलाईजर्स एण्ड केमिकल्स लिमिटेड, हिंदुस्तान उर्वरक एवं रसायन लिमिटेड की 43 रैक नीमच रैक प्वाइंट पर लगे, जिससे जिला नीमच एवं मंदसौर में विपणन संघ द्वारा विपणन संघ के भण्डारण केंद्रों एवं सीधा प्रदाय के माध्यम से प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों एवं कंपनियों द्वारा निजी विक्रेताओं को प्रदाय जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ग) दिनांक 01 जनवरी, 2025 से दिनांक 18.02.2026 तक उर्वरक निरीक्षकों द्वारा 44 उर्वरक विक्रेताओं के आकस्मिक/रेंडम निरीक्षण किये गये, जिनमें से 39 निरीक्षणों में पी.ओ.एस. सिस्टम और वास्तविक स्टॉक में अंतर नहीं पाया गया तथा 05 निरीक्षणों में अंतर पाया गया। जांच प्रतिवेदन एवं की गई कार्यवाही की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है। (घ) 01 जनवरी, 2025 से दिनांक 18.02.2026 तक अधिकारियों द्वारा भौतिक सत्यापन के दौरान पी.ओ.एस. मशीन एवं भौतिक उर्वरक स्टॉक में 5000 मीट्रिक टन स्टॉक शून्य संबंधित कोई अंतर नहीं पाया गया और न ही किसी अन्य माध्यम से इस संबंध में कोई शिकायत प्राप्त हुई है।
ग्रामों में मुक्तिधाम का निर्माण
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
80. ( क्र. 3423 ) श्री बाबू जन्डेल : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) श्योपुर विधानसभा क्षेत्रांतर्गत किन-किन ग्रामों में मुक्तिधाम निर्माण का कार्य किन-किन कारणो से अभी तक नहीं किया गया? अवगत करावें। (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार इन ग्रामों में शासकीय भूमि उपलब्ध कराने तथा भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने हेतु सक्षम अधिकारियों द्वारा अभी तक क्या-क्या कार्यवाही की गई? यदि नहीं, तो क्या कारण है? (ग) क्या सभी मुक्तिधामों तक आसान पहुंच मार्ग सड़क सी.सी. निर्माण है? यदि नहीं, तो कौन-कौन से मुक्तिधामों में निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है? उनकी सूची उपलब्ध करावें। शेष में कब तक स्वीकृत कर निर्माण कार्य करा दिया जावेगा? समय-सीमा बतावें। (घ) मुक्तिधाम विहीन ग्रामों में कब तक मुक्तिधाम निर्माण कार्य करा दिया जावेगा? (ड.) कितने मुक्तिधामों में बाउण्ड्रीवॉल बनी हुई है तथा कितनों में शेष है? अवगत करावें तथा शेष में बाउण्ड्रीवॉल नहीं होने के क्या कारण है? शेष में कब तक निर्माण कार्य करा दिया जावेगा?
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) विधानसभा क्षेत्र श्योपुर क्रमांक 1 अंतर्गत जनपद पंचायत श्योपुर में 22 ग्राम घड़ियाल रिजर्व वन क्षेत्र अंतर्गत होने से मुक्तिधाम निर्माण कार्य नहीं हो सके हैं। 3 ग्रामों में जगह उपलब्ध न होने से मुक्तिधाम नहीं बने है, जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट – ''अ'' अनुसार है। विधानसभा क्षेत्र श्योपुर अंतर्गत जनपद पंचायत कराहल की 6 ग्राम पंचायतों के समस्त 12 ग्रामों में मुक्तिधाम उपलब्ध हैं। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''ब'' अनुसार है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) विधानसभा क्षेत्र श्योपुर अंतर्गत जनपद पंचायत श्योपुर एवं कराहल के ग्राम पंचायतों में निर्मित मुक्तिधाम तक पहुंच मार्ग के रूप में एप्रोच रोड/कच्ची सड़क/सी.सी. रोड का मार्ग उपलब्ध है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट - ''स'' अनुसार है। (घ) राष्ट्रीय घड़ियाल रिजर्व वन क्षेत्र वाले ग्रामों में मुक्तिधाम निर्माण कार्य की अनुमति चाही गई थी, जो कि अप्राप्त है। वन विभाग से अनुमति प्राप्त होने पर निर्माण कार्य कराये जा सकेंगे। शेष 3 ग्रामों में मुक्तिधाम का निर्माण ग्राम पंचायतों में भूमि आवंटन होने एवं राशि उपलब्धता के आधार पर कराया जा सकेगा। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ङ) जनपद पंचायत श्योपुर में 182 मुक्तिधाम में बाउण्ड्रीवॉल (पक्की/सी.पी.डब्ल्यू.) बनी हुई है, 35 मुक्तिधामों में बाउण्ड्रीवॉल नहीं है एवं जनपद पंचायत कराहल में 5 मुक्तिधाम में बाउण्ड्रीवॉल (पक्की/सी.पी.डब्ल्यू.) बनी हुई है, 7 मुक्तिधामों में बाउण्ड्रीवॉल नहीं है, जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट – ''स'' अनुसार है। बजट उपलब्धता एवं ग्राम पंचायतों की प्राथमिकता के आधार पर कार्य कराये जाते हैं। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
महुआ फूल का अवैध परिवहन
[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]
81. ( क्र. 3427 ) श्री दिनेश गुर्जर : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या वर्ष 2024-2025 की तुलना में वर्ष 2025-2026 में उमरिया मण्डी में महुआ फूल की आवक में लगभग 25000 क्विंटल की कमी हुई है? क्या उमरिया मण्डी क्षेत्र के व्यापारियों/संग्राहकों द्वारा शहडोल जिले के कोल्ड-स्टोरेजों में बिना अनुज्ञा-पत्र के महुआ फूल का भण्डारण किया गया है? यदि हाँ, तो, क्या उक्त भण्डारण को मण्डी बोर्ड वैध मानता है या अवैध भण्डारण मानता है? यदि वैध मानता है तो फिर शहडोल संभाग के सोलह कर्मचारियों के विरुद्ध दूसरे मण्डी क्षेत्र में महुआ फूल के अवैध भण्डारण कराने के मामले में विभागीय जांच क्यों संस्थित है और यदि उक्त भण्डारण को अवैध मानता है तो शहडोल जिले के कोल्ड-स्टोरेजों में दूसरे मण्डी क्षेत्र के महुआ फूल के विरुद्ध दण्डात्मक कार्यवाही क्यों नहीं की जा रही है? वर्ष 2025-26 की शहडोल जिले के सभी कोल्ड-स्टोरेजों में भण्डारित महुआ फूल के भण्डारणकर्ताओं की सूची प्रदाय करें। (ख) क्या उमरिया मण्डी क्षेत्र से महुआ फूल के अवैध परिवहन/भण्डारण के समय अप्रैल 2025 से जून 2025 तक श्री मृत्युंजय पनिका स.उ.नि. उमरिया मण्डी के उड़नदस्ता दल और मण्डी बोर्ड आंचलिक कार्यालय रीवा के उड़नदस्ता दल दोनों दलों में तैनात थे? श्री पनिका द्वारा उमरिया जिले के महुआ फूल को शहडोल जिले के कोल्ड-स्टोरेजों में भण्डारण होने से क्यों नहीं रोका गया? क्या किसी अधिकारी के संरक्षण में श्री पनिका द्वारा उमरिया मण्डी क्षेत्र से अवैध परिवहन कराया गया है?
किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) जी नहीं। कृषि उपज मंडी समिति उमरिया में वित्तीय वर्ष 2024-25 में अधिसूचित वनोपज महुआ फूल की आवक 11537 क्विंटल थी, जबकि वित्तीय वर्ष 2025-26 में महुआ फूल की कुल 3532 क्विंटल रही। परिणाम स्वरूप वित्त वर्ष 2025-26 में वनोपज महुआ फूल की आवक में 8005 क्विंटल की कमी हुई है। जी नहीं। उमरिया मंडी क्षेत्र के अनुज्ञप्तिधारी व्यापारियों द्वारा नहीं, अपितु कृषकों/संग्राहकों द्वारा शहडोल जिले के कोल्ड-स्टोरेजों में बिना अनुज्ञा-पत्र के महुआ फूल का भण्डारण किया गया है। भंडारण का वैध अथवा अवैध होना, भंडारण एवं संव्यवहार की प्रकृति पर निर्भर करता है। मध्यप्रदेश कृषि उपज मंडी अधिनियम, 1972 की धारा 6 में उल्लेखित अपवादात्मक स्थितियों तथा अधिसूचित कृषि उपज (जिसमें वनोपज सम्मिलित है) के कृषक/संग्राहक को प्रदेश की किसी भी मंडी समिति में अपनी उपज विक्रय करने हेतु प्रदत्त स्वतंत्रता को दृष्टिगत रखते हुए, इस आधार पर भंडारण को अवैध नहीं माना जा सकता। तथापि, जिन व्यक्तियों का कृषक/संग्राहक के रूप में सत्यापन नहीं है अथवा जिन (व्यापारियों) के द्वारा अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन पाया जाता है, ऐसे मामलों में भंडारण अवैध की श्रेणी में आ सकता है, जिसकी वास्तविक स्थिति जांच उपरांत ही स्पष्ट हो पाती है। उमरिया मंडी क्षेत्र के व्यापारियों/संग्राहकों द्वारा शहडोल जिले के कोल्ड-स्टोरेजों में बिना अनुज्ञा पत्र के महुआ फूल का अवैध भण्डारण में शहडोल संभाग के उत्तरदायी पाये गये 16 कर्मचारियों में से 14 कर्मचारियों के विरुद्ध विभागीय जांच संस्थित की गई। 01 कर्मचारी के विरुद्ध जारी आरोप पत्र का प्रस्तुत उत्तर समाधानकारक पाये जाने से प्रकरण समाप्त किया गया तथा 01 कर्मचारी के विरुद्ध जारी आरोप पत्र का प्रस्तुत उत्तर पर दिनांक 11.03.2026 को व्यक्तिगत सुनवाई नियत है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। प्रश्नाधीन भण्डारणकर्ताओं की सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। (ख) जी नहीं। ''मध्यप्रदेश कृषि उपज मंडी अधिनियम, 1972 की धारा 6 में उल्लेखित अपवादात्मक स्थितियों तथा अधिसूचित कृषि उपज (जिसमें वनोपज सम्मिलित है) के कृषक/संग्राहक को प्रदेश की किसी भी मंडी समिति में अपनी उपज विक्रय करने हेतु प्रदत्त स्वतंत्रता, '' अनुसार शेष प्रश्न उद्भूत नहीं होता है।
भूमि क्रय प्रक्रिया में अनियमितता
[सहकारिता]
82. ( क्र. 3429 ) श्री सिद्धार्थ तिवारी : क्या सहकारिता मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या अल्प आय वर्ग गृह निर्माण सहकारी संस्था समिति रीवा का कार्य क्षेत्र नगर निगम रीवा है? यदि हाँ तो क्या संस्था के तत्कालीन संचालक सदस्य के द्वारा कार्य क्षेत्र के बाहर ग्राम भुण्डहा तहसील रायपुर कर्चुलियान में भूमि क्रय की गई? यदि हाँ तो क्या क्रय शुदा भूमि संस्था उपविधि के विपरीत है? यदि हाँ तो क्या क्रय करने वाले तात्कालिक संचालक मंडल के विरूद्ध कार्यवाही की गई है? यदि नहीं, तो क्या दोषियों के विरूद्ध कार्यवाही की जावेगी? (ख) प्रश्नांश (क) के प्रकाश में क्या उक्त संस्था के द्वारा भ्रष्टाचार के उद्देश्य से बाजारू मूल्य से कई गुना ज्यादा लगभग 1.25 करोड़ों दर से भूमि क्रय की गई एवं उसी दिनांक को संस्था के तत्कालीन संचालक सदस्य विकास तिवारी ने अपनी पत्नी के नाम से उसी आराजी से जुड़ी हुई भूमि लगभग 25 लाख की दर से क्रय की है? यदि हाँ तो क्या भूमि क्रय की प्रक्रिया में वास्तविक भुगतान कम करते हुये रजिस्ट्री दस्तावेजों में मिथ्या प्रस्तुतीकरण एवं लेखा हेराफेरी की गई, जो प्रथम दृष्ट्या धोखाधड़ी एवं कूटरचना का अपराध है? यदि हाँ तो क्या इसकी किसी सूक्ष्म एजेंसी से जांच कराकर दोषियों के विरूद्ध कार्यवाही की जायेगी?
सहकारिता मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) जी हाँ। जी हाँ। ग्राम भुण्डहा की क्रय शुदा भूमि संस्था की उपविधि के विपरीत है। जी नहीं। संयुक्त आयुक्त सहकारिता रीवा संभाग रीवा को परीक्षण कर कार्यवाही करने के निर्देश दिये गये है। (ख) कलेक्टर जिला रीवा को जांच करने हेतु निर्देश दिये गये है। शेष जांच निष्कर्षाधीन।
निर्माण कार्यों में की गई अनियमितता
[सहकारिता]
83. ( क्र. 3431 ) श्री सिद्धार्थ तिवारी : क्या सहकारिता मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अल्प आय गृह निर्माण सहकारी संस्था समिति रीवा के ग्राम समान, बराकोठार, रतहरी में क्रय की गई भूमियों का नक्शा नगर निगम ग्राम नगर निवेश से पास कराया गया है। यदि हाँ तो क्या संस्था की उक्त भूमियों में सड़क, पार्क, नाली, सामुदायिक भवन, दुकान व स्कूल का प्रावधान है? यदि हाँ तो इसके लिये आरक्षित व निर्माण किये गये भू-खण्डों के साथ पास किये गये नक्शे की प्रति उपलब्ध करावें। (ख) प्रश्नांश 'क' के प्रकाश में वर्ष 2021-22 से वर्तमान समय तक संस्था द्वारा ग्राम समान, बराकोठार, रतहरी में सड़क, पार्क, नाली, सामुदायिक भवन, दुकान व स्कूल निर्माण में कराये गये कार्यों की सूची, टी.एस., ए.एस., मूल्यांकन प्रमाण-पत्र के साथ कार्य की भौतिक स्थिति की जानकारी दस्तावेजों के साथ उपलब्ध करावें। (ग) प्रश्नांश (क), (ख) के प्रकाश में क्या वर्ष 2021-22 को निर्वाचित संचालक मंडल द्वारा अपने कार्यकाल के पूर्व कराये गये कार्यों के नाम पर पुन: बिना कार्य किये संस्था से करोड़ों की राशि आहरण कर संस्था की निधि का गबन किया गया है। यदि हाँ तो उच्च स्तरीय जांच कराकर दोषियों के विरूद्ध कार्यवाही की जावेगी?
सहकारिता मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) अल्प आय गृह निर्माण सहकारी संस्था के ग्राम समान में क्रय की गयी भूमि का नक्शा नगर एवं ग्राम निवेश से पास कराया गया है। इसमें सड़क, पार्क, नाली एवं दुकान के प्रावधान हैं। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। संस्था के ग्राम बराकोठार एवं रतहरी में क्रय की गयी भूमि का नक्शा नगर एवं ग्राम निवेश से पास नहीं कराया गया। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) जानकारी एकत्रित की जा रही है। (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के प्रकाश में कार्यालय उपायुक्त सहकारिता जिला रीवा द्वारा जांच दल गठित किया गया। जांच प्रतिवेदन के आधार पर नियमानुसार कार्यवाही की जावेगी।
श्रमिकों के आश्रितों को अनुग्रह सहायता राशि का भुगतान
[श्रम]
84. ( क्र. 3433 ) श्री सिद्धार्थ सुखलाल कुशवाहा : क्या श्रम मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सतना विधानसभा अंतर्गत नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों को मिलाकर संबल योजना में कितने श्रमिक पंजीकृत हैं? नगर निगम के वार्डवार एवं ग्राम पंचायत के ग्रामवार हितग्राहियों के नाम मोबाइल नंबर सहित अलग-अलग सूची उपलब्ध करायें। (ख) प्रश्नांश (क) में वर्णित पंजीकृत श्रमिकों में से 01/04/2022 से प्रश्न दिनांक तक कितने श्रमिकों की मृत्यु हो चुकी है? कितने पंजीकृत श्रमिकों की सामान्य और कितनों की दुर्घटना से मृत्यु हुई है? अलग-अलग सूची दें। (ग) क्या प्रश्नांश (ख) में वर्णित सभी श्रमिकों के आश्रितों को अनुग्रह सहायता राशि दे दी गई है? यदि हाँ, तो कितने हितग्राहियों को कितनी-कितनी राशि कब-कब दी गई? यदि सभी को नहीं दी गई तो क्यों? किन-किन हितग्राहियों के आश्रितों को नहीं दी गई तो क्यों नहीं दी गई? कारण सहित नगर निगम के वार्डवार ग्राम पंचायत के ग्रामवार नाम, पता, मोबाइल नंबर सहित 01/04/2022 से प्रश्न तिथि तक की अलग-अलग सूची उपलब्ध कराएं।
श्रम मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) सतना विधानसभा में मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल 2.0) योजनांतर्गत प्रश्नांश से संबंधी कुल 45, 292 श्रमिक पंजीकृत है। प्रश्नांश से संबंधी संबल पोर्टल पर उपलब्ध जानकारी अनुसार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ख) श्रमिकों की मृत्यु से संबंधी जानकारी मंडल में संधारित नहीं की जाती है, तदापि प्रश्नांश (क) में वर्णित पंजीकृत श्रमिकों से संबंधी दिनांक 01/04/2022 से प्रश्न दिनांक तक कुल 272 आवेदन मृत्यु उपरांत अनुग्रह सहायता हेतु प्राप्त हुये है, जिसमें 245 श्रमिकों की समान्य मृत्यु एवं 27 श्रमिकों की दुर्घटना से मृत्यु हुई है। प्रश्नांश से संबंधी संबल पोर्टल पर उपलब्ध जानकारी अनुसार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। (ग) प्रश्नांश (ख) से संबंधी संबल योजनांतर्गत कुल 177 प्रकरणों को अनुग्रह सहायता का भुगतान किया जा चुका है तथा अनुग्रह सहायता के कुल 95 प्रकरण स्वीकृत तथा डिजिटल हस्ताक्षरित होकर भुगतान हेतु स्वीकृत है। भुगतान पूर्ण प्रकरणों की संबल पोर्टल पर उपलब्ध जानकारी अनुसार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-स अनुसार है एवं भुगतान हेतु स्वीकृत प्रकरणों की संबल पोर्टल पर उपलब्ध जानकारी अनुसार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-द अनुसार है।
मनरेगा अंतर्गत संचालित कार्य
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
85. ( क्र. 3434 ) श्री सिद्धार्थ सुखलाल कुशवाहा : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मनरेगा अंतर्गत कौन-कौन से निर्माण कार्य/विकास कार्य संचालित किए जाते हैं? कार्यवार/मदवार/राशिवार सभी योजनाओं की अलग-अलग सूची उपलब्ध कराएं? (ख) सतना जिला अंतर्गत किस-किस जनपद पंचायत के कौन-कौन से ग्राम पंचायत में मनरेगा अंतर्गत संचालित कौन सी योजना/मद से कितनी राशि का क्या-क्या निर्माण कार्य/विकास कार्य कराया गया? जनपद पंचायतवार/ग्राम पंचायतवार/योजनावार/मदवार, राशि सहित 01/04/2021 से प्रश्न दिनांक तक की अलग-अलग विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराएं। (ग) क्या प्रश्नांश (ख) में वर्णित सभी स्वीकृत कार्य पूर्ण किए जा चुके हैं? यदि हाँ, तो सभी कार्यों के सी.सी. की प्रति उपलब्ध कराएं? यदि पूर्ण नहीं कराए गए तो क्यों? कारण स्पष्ट करें। (घ) प्रश्नांश (ख) में वर्णित सभी कार्यों की प्रशासकीय स्वीकृत/वित्तीय स्वीकृति की एक प्रति उपलब्ध कराएं।
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) मनरेगा अंतर्गत 266 प्रकार के निर्माण कार्य किये जा सकते हैं। वार्षिक मास्टर परिपत्र अनुसार अनुमत्य कार्यों की सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट "अ" अनुसार है। शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट "ब" अनुसार है। (ख) सतना जिला अंतर्गत जनपद पंचायवार, ग्राम पंचायतवार मनरेगा योजनांतर्गत संचालित योजनाओं से स्वीकृत कार्यों की वित्तीय वर्ष 2021-22 से वर्तमान तक राशिवार, मदवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट "स" अनुसार है। (ग) जी नहीं। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट "द" अनुसार है। मनरेगा योजनांतर्गत अकुशल श्रमिकों द्वारा कार्य की मांग करने पर कार्यों पर श्रमिकों को नियोजित करते हुए कार्य पूर्ण किये जाते हैं। जिस कारण मनरेगा एवं मनरेगा अभिसरण के कार्यों में समय–सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट "द" अनुसार है।
न्यायालयों में विचाराधीन प्रकरण की पैरवी
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
86. ( क्र. 3435 ) श्री दिनेश राय मुनमुन : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सिवनी जिले की सभी आठों जनपद पंचायतों में ऐसे कितने प्रकरण विचाराधीन है, जिनमें प्रदेश सरकार, कलेक्टर सिवनी एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत पक्षकार है? प्रकरण क्रमांक, प्रकरण दिनांक, वादी/प्रतिवादी नाम सहित जनपद पंचायतवार देवें। इनमें कब-कब तारीखें लगी? प्रकरणवार, प्रकरण क्रमांक सहित जनपद पंचायतवार उपलब्ध करायें। (ख) प्रश्नांश (क) वर्णित प्रकरणों में शासन, जिला कलेक्टर सिवनी एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी की ओर से कितने अधिवक्ताओं ने पैरवी की? ये कब-कब उपस्थित/अनुपस्थित रहे, प्रकरणवार, प्रकरण क्रमांक सहित बतावें। इन्हें किये गये भुगतान की जानकारी अधिवक्ता नाम, राशि दिनांक एवं अधिवक्ता द्वारा प्रदाय बिल/पावती सहित देवें। (ग) इन सभी प्रकरणों की अद्यतन स्थिति जनपद पंचायतवार देवें। (घ) प्रश्नांश (ख) के संबंध में अधिवक्ताओं को किये गये भुगतान की छायाप्रति संलग्न करते हुये यह स्पष्ट करें कि क्या प्राप्त बिल जी.एस.टी. नम्बर सहित है एवं क्या शासकीय अधिवक्ताओं को भुगतान किये जाने का प्रावधान है? यदि हाँ, तो नियम निर्देश की छायाप्रति उपलब्ध करावें। (ड.) क्या उक्त भुगतान नगद के रूप में किया जा रहा है? यदि हाँ, तो जनपद पंचायतें किस कर्मचारी/अधिकारी द्वारा नगद राशि किस नियम के तहत आहरित कर भुगतान करती है?
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''अ'' अनुसार। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''अ'' एवं ''ब'' अनुसार। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''अ'' अनुसार। (घ) जनपद पंचायत की ओर से प्रतिवाद प्रस्तुत करने हेतु संबंधित जनपद पंचायत द्वारा अधिवक्ताओं को किये गये भुगतान की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''ब'' अनुसार है। अधिवक्ताओं द्वारा प्रदत्त बिल जी.एस.टी. नंबर सहित नहीं हैं। प्रकरणों में शासन की ओर से पैरवी किये जाने हेतु शासकीय अधिवक्ताओं को भुगतान किये जाने का प्रावधान नहीं हैं, जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''स'' अनुसार है। मध्यप्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 की धारा-11 अनुसार जनपद पंचायतें निगमित स्थानीय निकाय हैं एवं अधिनियम की धारा-109 में प्रावधान के तहत न्यायालयीन प्रकरण में प्रतिवादी मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत की ओर से प्रस्तुत प्रतिवाद पर उपगत व्यय का संदाय संबंधित जनपद पंचायत की निधि से अधिवक्ता को किया जाता है, जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''द'' अनुसार है। (ड.) जी हाँ। महाधिवक्ता कार्यालय से नियुक्त शासकीय अधिवक्ता को संबंधित जनपद पंचायत द्वारा तात्कालिक स्थिति में वेंडर बनाया जाकर ई.पी.ओ. के माध्यम से भुगतान किया जाना प्राय: संभव नहीं होने से प्रकरण के प्रभारी अधिकारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत द्वारा अधिवक्ता को नगद भुगतान किया जाता हैं, बाद में मुख्य कार्यपालन अधिकारी/अन्य कर्मचारी को जनपद पंचायत निधि से ई.पी.ओ. के माध्यम से भुगतान कर उनके द्वारा किये गये व्यय की प्रतिपूर्ति की जाती है।
जिला/जनपद के मूल कर्मचारियों को पेंशन का लाभ
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
87. ( क्र. 3436 ) श्री दिनेश राय मुनमुन : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या जिला एवं जनपद के मूल कर्मचारी शासन के कर्मचारी न होकर स्थानीय निकाय अथवा स्वायत्त संस्थाओं के कर्मचारी हैं? क्या इन कर्मचारियों को शासन के कर्मचारी न होने तथा स्थानीय निकाय अथवा स्वायत्त संस्थाओं के कर्मचारी होने का हवाला देकर शासकीय कर्मचारियों के अनुरूप पेंशन का लाभ नहीं दिया जा रहा है? (ख) क्या नगरीय निकाय, मण्डी बोर्ड एवं विधिक सहायता प्राधिकरण के कर्मचारी भी शासन के कर्मचारी न होकर स्थानीय निकाय अथवा स्वायत्त संस्थाओं के कर्मचारी है? क्या इन कर्मचारियों को शासकीय कर्मचारियों के समान पेंशन का लाभ दिये जाने हेतु पृथक से नियम/विनिमय/नीति तैयार कर पेंशन का लाभ दिया जा रहा है। (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) में वर्णित कर्मचारियों की सेवाएं लगभग एक समान होने के बावजूद भी प्रश्नांश (क) में उल्लेखित कर्मचारियों को प्रश्नांश (ख) में वर्णित कर्मचारियों के समान पेंशन का लाभ दिये जाने के क्या कारण हैं? क्या कारण है कि शासन के द्वारा इन कर्मचारियों के साथ पक्षपात पूर्ण तथा भेदभाव पूर्ण रवैया अपनाया जा रहा है। (घ) म.प्र. में कार्यरत जिला एवं जनपद पंचायत के कर्मचारियों की जिलेवार/जनपद पंचायतवार सूची उपलब्ध कराते हुये बतावें कि क्या शासन जिला/जनपद पंचायतों की आय में वृद्धि के लिये इन संस्थाओं की भूमिओं और सम्पत्तियों व्यवसायिक उपयोग को बढ़ावा देने के लिये विशेष अभियान चलायेगा?
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) जी हाँ। जिला एवं जनपद पंचायत के कर्मचारी स्थानीय निकाय के कर्मचारी हैं। मध्यप्रदेश पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग मंत्रालय भोपाल के पत्र क्र.एफ2/24/2009/पं-1, भोपाल दिनांक 11 मई 2012 से जिला एवं जनपद पंचायत कर्मचारियों के लिये अशंदायी पेंशन योजना लागू है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''अ'' अनुसार। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट–''ब'' अनुसार। (ग) प्रश्नांश ''क'' के अनुक्रम में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''स'' अनुसार। जिला/जनपद पंचायत अपने स्तर पर सम्पत्तियों के बेहतर उपयोग का निर्णय लेने हेतु सक्षम एवं अधिकृत हैं। शासन स्तर से कोई विशेष अभियान प्रस्तावित नहीं है।
कृषि उपज मंडी कटनी का संचालन
[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]
88. ( क्र. 3441 ) श्री धीरेन्द्र बहादुर सिंह : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) कृषि उपज मंडी कटनी में सब्जी/फल के थोक विक्रय का व्यापार वर्तमान में कब से किया जा रहा है? पूर्व में यह व्यापार कहाँ-कहाँ पर कब से कब तक क्यों संचालित रहा? क्या कटनी नगर के पुरैनी एवं गोल बाजार में संगठित तौर पर संचालित रहे सब्जी/फल के थोक विक्रय/व्यापार को सभी अनुज्ञा/अनुमति प्राप्त थी? हाँ, तो विवरण दीजिये, नहीं तो बिना अनुज्ञा/अनुमति व्यापार/कारोबार के खुलेआम संचालित होने पर कार्यवाही न करने का कारण बताइये। (ख) माननीय उच्च न्यायालय द्वारा एलपी क्रमांक–257/2000 में दिनांक 24/11/2004 को क्या आदेश पारित कर किन्हें क्या कार्यवाही हेतु निर्देशित किया गया और माननीय न्यायालय के आदेश का पालन न होने और म.प्र. नगर पालिक निगम अधिनियम-1956 की धारा–253 के तहत अनुज्ञा प्राप्त किए बिना पुरैनी/गोलबाजार में सब्जी/फल का संगठित तौर पर बाजार संचालित रहने का कारण बताइये। (ग) क्या पुरैनी/गोलबाजार में संचालित रहे संगठित थोक सब्जी/फल विक्रय के व्यापार की अवधि में मंडी शुल्क प्राप्त किया गया? यदि हाँ, तो वर्षवार कितना शुल्क प्राप्त हुआ? नहीं, तो क्यों? इस अवधि का मंडी शुल्क किन-किन से किस प्रकार और कब तक वसूला जाएगा? वर्ष 2023-24 से मंडी शुल्क से माहवार/वर्षवार कितनी राशि प्राप्त हो रही हैं? (घ) प्रश्नांश (क), (ख) एवं (ग) अंतर्गत क्या सब्जी/फल के थोक विक्रय का नियम विपरीत संगठित व्यापार/बाजार संचालित होने की वर्ष-2023 से आयुक्त नगर पालिक निगम-कटनी, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) कटनी, कलेक्टर कटनी और शासन/विभाग सहित मंडी बोर्ड को शिकायतें प्राप्त हैं? हाँ, तो शिकायतवार की गयी कार्यवाही से अवगत कराइये।
किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) कृषि उपज मंडी कटनी में सब्जी/फल के थोक विक्रय का व्यापार वर्तमान में दिनांक 20.03.2023 से किया जा रहा है। पूर्व में गोलबाजार, बिलैया की तलैया एवं पुरैनी में संचालित था। जी नहीं। मध्यप्रदेश कृषि उपज मंडी अधिनियम, 1972 में दिनांक 27.01.2012 से किए गए संशोधन अनुसार अधिसूचित मंडी प्रांगणों और मंडी द्वारा अनुमत्य क्रय केंद्रों के बाहर भी फल ("केला" छोड़कर) एवं सब्जी का व्यापार करने की छूट है। अशासकीय प्रांगण/अधोसरंचनाओं/स्थानों पर उक्त अनुसार फल-सब्जी के मुक्त व्यापार (फ्री ट्रेड) में जांच और कार्यवाही मंडी समिति के क्षेत्राधिकार में नहीं है। (ख) प्रश्नाधीन आदेश की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। आदेश में नगर पालिक निगम कटनी को कार्यवाही हेतु निर्देशित किया गया। शेष जानकारी उत्तरांश ''क'' में वर्णित है। (ग) जी नहीं, इसमें मंडी शुल्क देय नहीं है। अतः शेष प्रश्न उद्भूत नहीं होता है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। (घ) जी हाँ, जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-स अनुसार है।
बड़वारा विधानसभा क्षेत्रांतर्गत संचालित शासकीय महाविद्यालय
[उच्च शिक्षा]
89. ( क्र. 3442 ) श्री धीरेन्द्र बहादुर सिंह : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बड़वारा विधानसभा अंतर्गत कितने और कौन-कौन से महाविद्यालय वर्तमान में कब से संचालित हैं? महाविद्यालयवार में किन-किन पाठ्यक्रमों के अध्ययन की सुविधा उपलब्ध है और महाविद्यालयों में कौन-कौन शासकीय सेवक वर्तमान में कब से कार्यरत हैं? इनके क्या कार्य दायित्व हैं? (ख) प्रश्नांश ''क'' महाविद्यालयों की जनभागीदारी समितियों के कौन-कौन अध्यक्ष/सदस्य कब से हैं और जनभागीदारी से कौन-कौन पाठ्यक्रम संचालित हैं तथा समितियों की कब-कब बैठक आयोजित की गयी? बैठकवार क्या निर्णय लिए गए? समितियों द्वारा किन-किन पदों पर शिक्षकों/कर्मियों को कब-कब नियुक्त किया गया? (ग) प्रश्नांश ''क'' महाविद्यालय में स्वीकृत पदों पर कौन-कौन कार्यरत हैं? कौन से पद किन कारणों से वर्तमान में रिक्त हैं? पदों की पूर्ति हेतु महाविद्यालय/विभाग/शासन स्तर से प्रश्न दिनांक तक क्या-क्या कार्यवाही की गयी? रिक्त पदों की पूर्ति कब तक किए जाने की संभावना हैं? (घ) प्रश्नांश ''क'' महाविद्यालयों में विद्यार्थियों के अध्ययन एवं खेलकूद और विकास हेतु क्या-क्या संसाधन एवं सुविधा उपलब्ध हैं और क्या-क्या संसाधन एवं सुविधाएं उपलब्ध कराये की योजना है और क्या इन महाविद्यालयों में व्यावसायिक/ रोजगारमूलक पाठ्यक्रम प्रारम्भ किए जा सकते हैं? यदि हाँ, तो किस प्रकार एवं कब से? (ङ) प्रश्नांश ''क'' से ''ग'' के परिप्रेक्ष्य में क्षेत्र में संसाधनों की उपलब्धता और आवश्यकता को दृष्टिगत कर बड़वारा विधानसभा में संचालित महाविद्यालयों में खनन एवं कृषि और सूचना प्रौद्योगिकी के विषय के पाठ्यक्रम संचालित किए जायेंगे? हाँ, तो किस प्रकार एवं कब तक? नहीं तो क्यों?
उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री इन्दर सिंह परमार ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट–''अ'' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट–''ब'' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट–''स'' अनुसार है। स्थानांतरण होने से पद रिक्त हैं। म.प्र. लोक सेवा आयोग से वर्ष 2022 की सहायक प्राध्यापक/क्रीड़ा अधिकारी की प्राप्त चयन सूची के आधार पर नियुक्ति की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। वर्ष 2024 में 2197 पदों का विज्ञापन जारी किया जा चुका है, जिसकी चयन प्रक्रिया प्रचलन में है। जैसे ही चयन सूची प्राप्त होगी, शेष बचे रिक्त पदों पर नियुक्ति की कार्यवाही की जावेगी। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (घ) प्रश्नांश ''क'' के संबंध में शासकीय महाविद्यालय, बड़वारा को वर्ष 2024-25 में योजना क्रमांक 5551 आधुनिक तकनीकी से शिक्षण व्यवस्था राशि रूपए 1, 50, 000/- एवं वर्ष 2025-26 में योजना क्रमांक 3446 खेलकूद प्रोत्साहन राशि रूपए 2, 50, 000/- का आवंटन जारी किया गया है। बड़वारा विधानसभा अंतर्गत सभी शासकीय महाविद्यालयों में खेलकूद गतिविधियों हेतु मैदान उपलब्ध हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अंतर्गत विभाग के उच्च शिक्षण संस्थानों में परम्परागत पाठ्यक्रमों में व्यावसायिक विषय के अध्ययन को शामिल किया गया है। पृथक से इन महाविद्यालयों में व्यावसायिक पाठ्यक्रम प्रारंभ करने की कोई योजना नहीं है। शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट–''द'' अनुसार है। (ड.) वर्तमान में ऐसी कोई योजना नहीं है। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता है।
कृषि की लागत बढ़ने पर विचार
[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]
90. ( क्र. 3444 ) चौधरी सुजीत मेर सिंह : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) चौरई विधानसभा क्षेत्र में खेती की लागत बढ़ने के कारणों पर कोई अध्ययन/सर्वे विभाग ने कराया हैं? (ख) यदि हाँ, तो उसके निष्कर्ष क्या हैं? (ग) क्या विभाग खेती की लागत कम करने के उपाय ढूढ़कर किसानों को जागरूक कर रहा है?
किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) जी नहीं। (ख) उत्तरांश ''क'' के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) जी हाँ।
मनरेगा अंतर्गत स्वीकृत कार्यों की जानकारी
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
91. ( क्र. 3445 ) श्री प्रेमशंकर कुंजीलाल वर्मा : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या नर्मदापुरम जिले में मनरेगा अंतर्गत स्वीकृत कार्यों का भुगतान समय पर नहीं हो पा रहा है? यदि हाँ, तो इसके कारण एवं लंबित राशि का विवरण क्या है? (ख) प्रश्नकर्ता के विधानसभा क्षेत्र में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत स्वीकृत, निर्माणाधीन एवं पूर्ण आवासों की संख्या क्या है? (ग) क्या ग्राम पंचायतों को वित्त आयोग/राज्य वित्त आयोग की राशि समय पर प्राप्त हो रही है? यदि नहीं, तो देरी के कारण क्या हैं? (घ) जिले में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत निर्मित शौचालयों की स्थिति क्या है?
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) नर्मदापुरम जिले में मनरेगा योजना अंतर्गत नवीन भुगतान प्रणाली एस.एन.ए. स्पर्श लागू होने से सामग्री राशि के भुगतान में विलंब हुआ है। वर्तमान में जिले में कुल राशि रूपये 61.27 लाख का सामग्री भुगतान लंबित है। देयकों का परीक्षण कर सतत् भुगतान किया जा रहा है। (ख) प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण अंतर्गत जानकारी योजना के पोर्टल pmayg.nic.in पर उपलब्ध है। (ग) 15वें केन्द्रीय वित्त आयोग की राशि भारत सरकार से प्राप्त होते ही 10 दिवस की समय-सीमा में त्रिस्तरीय पंचायतों में वितरित की जा रही है एवं राज्य वित्त आयोग की राशि रूपये 2251.75 करोड़ का वितरण किया जा चुका है एवं तृतीय त्रैमास की राशि रूपये 1472.59 करोड़ के वितरण की कार्यवाही वित्त विभाग स्तर पर प्रचलन में है। (घ) नर्मदापुरम जिले में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) अंतर्गत 131198 व्यक्तिगत शौचालय निर्मित हैं। व्यक्तिगत शौचालयों का उपयोग हितग्राहियों के द्वारा किया जा रहा है।
ग्राम पंचायतों के स्वीकृत कार्यों की जानकारी
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
92. ( क्र. 3447 ) श्री कालु सिंह ठाकुर : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) धरमपुरी विधानसभा में 1 जनवरी, 2023 से प्रश्न दिनांक तक ग्राम पंचायत, बगडी, सराय, भडकिया, गुजरी, उमरिया, ककाद्दा, ढापला, चंदावड़, तारापुर में ग्रामीण नल जल योजना, ग्रामीण जल प्रदाय योजना, पेयजल हेतु कूप एवं पुराने पेयजल बावड़ियों निर्माण स्वीकृत किये गए है? (ख) प्रश्नांश (क) यदि हां, तो कौन-कौन से कार्य कब-कब, किस-किस मद से कितनी-कितनी लागत राशि के स्वीकृत किये गए है? प्रमाणित सूची उपलब्ध करावें? (ग) इन कार्यों का ग्राम सभा में अनुमोदन किया गया था? यदि हाँ, तो ग्राम सभा की कार्यवाही विवरण और ठहराव प्रस्ताव की प्रमाणित प्रति उपलब्ध करावें? (घ) ग्राम पंचायत तारापुर और चंदावड में पशु होदी खेर निर्माण और अन्य निर्माण कार्य में अनिमितताएं कर गलत तरीके से राशि का आहरण किया गया है और उक्त होदी खेत में पानी का रिसाव हो रहा है? यदि हाँ, तो इसका जिम्मेदार कौन है और इन कार्यों की प्रश्नकर्ता के सामने जांच की जावेगी?
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) धरमपुरी विधानसभा अंतर्गत दिनांक 01 जनवरी 2023 से प्रश्न दिनांक तक ग्राम पंचायत बगडी, भड़किया, सराय, ढापला एवं चंदावड़ में कोई कार्य स्वीकृत नहीं हुआ है, ग्राम पंचायत गुजरी, उमरिया, शाहपुरा काकडदा एवं तारापुर में कार्य स्वीकृत किए गए है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट - ''अ'' अनुसार है। (ग) ग्राम सभा प्रस्तावों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट -''ब'' अनुसार है। (घ) ग्राम पंचायत तारापुर में 5 पशु होदी खेर का निर्माण हुए है जिसमें से 1 पशु होदी में रिसाव हो रहा था जिसे दुरूस्त कर दिया है एवं अब किसी भी पशु होदी में रिसाव नहीं हो रहा है। ग्राम पंचायत चंदावड़ में अनियमितता के संबंध में कोई भी शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
ग्राम पंचायतों की जाँच
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
93. ( क्र. 3448 ) श्री कालु सिंह ठाकुर : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या धार जिले की धरमपुरी विधानसभा 1 जनवरी, 2023 से प्रश्न दिनांक तक ग्राम पंचायत, बगडी, सराय, भडकिया, गुजरी, बागवानिया, उमरिया, ककाद्दा, बगवानिया, ढापला, चंदावड़, तारापुर में विकास कार्य स्वीकृत किये गए है? (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार यदि हाँ, तो किस-किस मद से कौन-कौन से कार्य कब-कब, कितनी-कितनी लागत राशि की स्वीकृत किये गए है? प्रमाणित सूची उपलब्ध करावें (ग) क्या इन कार्यों का ग्राम सभा में अनुमोदन किया गया था? यदि हाँ, तो ग्राम सभा की कार्यवाही विवरण और ठहराव प्रस्ताव की प्रमाणित प्रति उपलब्ध करावें और कार्य स्थल की खाते खसरे की प्रमाणित प्रति उपलब्ध करावें? (घ) क्या ग्राम चंदावड़ में सरपंच और सचिव के द्वारा हितग्राही के कच्चे मकान को पक्का बताकर पीएम आवास योजना में सम्मिलित नहीं किये जाने की शिकायत की गई थी? यदि हाँ, तो सरपंच और सचिव पर क्या कार्यवाही की गई थी और यदि नहीं, तो किस कारण?
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) जी हाँ। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट - ''अ'' अनुसार है। (ग) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट -''ब'' अनुसार है। (घ) जी हाँ। सचिव ग्राम पंचायत चंदावड को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया है, जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट–''स'' अनुसार है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
फसल बीमा राशि का प्रदाय
[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]
94. ( क्र. 3449 ) श्री दिनेश जैन बोस : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दिनांक 27 जनवरी, 2026 को उज्जैन जिले में ओलावृष्टि एवं बेमौसम बारिश की वजह से उज्जैन जिले अंतर्गत खराब हुई फसलों हेतु जिला प्रशासन द्वारा तत्काल निरीक्षण के आदेश प्रदान किए गए हैं? यदि हाँ, तो अपर कलेक्टर, एस.डी.एम., तहसीलदार नायब तहसीलदार,पटवारी संबंधित कृषि विकास अधिकारी संबंधित कृषि विभाग की टीम ने भ्रमण कर फसल निरीक्षण किया गया है? किसानों की कितनी प्रतिशत फसलें नष्ट हुई है? (ख) क्या उपसंचालक कृषि के द्वारा क्षेत्र भ्रमण किया गया है? यदि हाँ, तो भ्रमण के दौरान राजस्व अमले के साथ-साथ बीमा कंपनी के अधिकारी भी उपस्थित थे? यदि हाँ, तो क्या बीमा कंपनी द्वारा नुकसान हुई फसलों की बीमा राशि प्रदान हेतु कोई कार्यवाही की गई? क्या विभाग द्वारा बीमा राशि प्रदान करने के संबंध में बीमा कंपनी को कार्यवाही हेतु आदेश प्रदान किए गए? यदि नहीं, तो क्यों। क्या बीमा कंपनी द्वारा फसल बीमा राशि प्रदान की जाएगी? यदि हाँ, तो कब तक?
किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) जी हाँ, दिनांक 27 जनवरी 2026 को उज्जैन जिले में कुछ स्थानों पर असामयिक वर्षा व हल्की ओलावृष्टि से फसलों पर हुए प्रभाव का निरीक्षण करने हेतु जिले के समस्त तहसीलदार, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), उप संचालक किसान कल्याण तथा कृषि विकास को जिला कार्यालय से पत्र के माध्यम से निर्देशित किया गया। जिले के समस्त संबंधित राजस्व व कृषि विभाग के स्थानीय अधिकारी व कर्मचारियों द्वारा भ्रमण कर फसल निरीक्षण किया गया है। तत्समय नैत्रांकन के आधार पर अनुमानित 5 से 25 प्रतिशत तक की क्षति प्रथम दृष्टया परिलक्षित हुई है। फसल क्षति का विस्तृत सर्वेक्षण प्रचलित है। (ख) जी हाँ। उप संचालक कृषि द्वारा राजस्व एवं बीमा कम्पनी के साथ भ्रमण किया गया। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के स्थानीयकृत आपदा प्रावधान अंतर्गत कृषकों द्वारा प्रश्नांकित अवधि में व्यक्तिगत फसल क्षति की सूचनायें प्राप्त हुई है। जिनका नुकसानी आंकलन कार्य सतत रूप से जारी है, जिसकी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। बीमा कम्पनी की सेवा शर्तों में बीमा राशि प्रदान करने के संबंध में स्पष्ट उल्लेख सम्मिलित है। योजना के प्रावधान अनुसार पात्र कृषकों को क्षतिपूर्ति दावा राशि प्रदान की जायेगी। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
मुख्यमंत्री के भूमिपूजन के स्थान पर बिल्डिंग का निर्माण
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
95. ( क्र. 3450 ) श्री दिनेश जैन बोस : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या राज्य शासन की एक परिसर एक प्रशासन नीति के अनुरूप जनपद पंचायत एवं तहसील खाचरौद की भूमि को समेकित कर पटवारी हल्का कस्बा खाचरौद की शासकीय भूमि सर्वे नं. 984, रकबा 1.4210 हेक्टेयर (वर्तमान भवनों के स्थान पर) नवीन भवनों के निर्माण हेतु मुख्यमंत्री के खाचरौद आगमन दि. 02/01/2026 को भूमिपूजन प्रशासन द्वारा कराया गया था? यदि हाँ, तो विवरण दें। (ख) जनपद पंचायत व तहसील खाचरौद का नवीन भवन वर्तमान में किस स्थान पर बनाया जा रहा है? शासकीय भूमि सर्वे नं., रकबा सहित विवरण दें। जनपद पंचायत खाचरौद का नवीन भवन नगर क्षेत्र से लगभग 5-6 किलोमीटर दूर बनाए जाने का निर्णय क्यों लिया गया? इसके लिए उत्तरदायी अधिकारियों/विभागों का नाम एवं कारण सहित विवरण दें। (ग) शासकीय भूमि सर्वे नं. 984 के मध्य में तहसील कार्यालय परिसर स्थित है तथा उसके दाएँ-बाएँ जनपद पंचायत की भूमि/भवन है? यदि हाँ, तो सिविल न्यायालय के सामने रोड के उस पार तहसील कार्यालय हेतु अभिभाषक संघ द्वारा व पूर्व विधायक, जनपद अध्यक्ष द्वारा उक्त भूमि पर दोनों भवनों को समेकित कर निर्माण हेतु दिए गए ज्ञापनों पर कलेक्टर/कमिश्नर स्तर पर क्या कार्यवाही की गई तथा शासन स्तर पर कौन-कौन से प्रस्ताव प्रचलन में हैं?
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) माननीय मुख्यमंत्री महोदय द्वारा दिनांक 02.01.2026 को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का भूमि पूजन/उद्घाटन 78.61 करोड़ का किया गया है। शेष जानकारी संकंलित की जा रही है। (ख) एवं (ग) जानकारी संकंलित की जा रही है।
ग्वालियर जिले में उर्वरक उपलब्धता
[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]
96. ( क्र. 3455 ) श्री साहब सिंह गुर्जर : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) ग्वालियर जिले में 2024-2025 एवं 2025-2026 के लिये कितने किसानों को सोसायटी व निजी क्षेत्र से कितना उर्वरक उपलब्ध कराया गया? उर्वरक नाम, फसल नाम, सोसायटी नाम, निजी क्षेत्र के संबंध में पृथक-पृथक किसान संख्या उर्वरक नाम व मात्रा सहित बतावें? (ख) क्या सोसायटी में अधिक उर्वरक प्राप्त करने के बजाय निजी क्षेत्र के माध्यम से उर्वरक अधिक मात्रा में उपलब्ध कराया गया? (ग) समय पर व पर्याप्त मात्रा में सोसायटी के माध्यम से उवर्रक उपलब्ध कराने के लिए विभाग ने जो पत्राचार किया एवं आदेश दिये की छायाप्रति ग्वालियर जिले के संदर्भ में देवें। (घ) समय पर व पर्याप्त मात्रा में सोसायटी के माध्यम से उवर्रक न उपलब्ध कराने वाले अधिकारियों पर विभाग कब तक कार्यवाही करेगा?
किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी नहीं। (ग) कोई पत्राचार नहीं किया गया। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) पात्रता एवं मांग अनुसार उर्वरक उपलब्ध कराया गया है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
ग्राम पंचायत पुरस्कार योजना
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
97. ( क्र. 3457 ) श्री नीरज सिंह ठाकुर : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्रालय भोपाल के पत्र क्रमांक 7333, दिनांक 26.5.2022 के द्वारा ऐसी ग्राम पंचायत जिसके सरपंच तथा सभी पंच महिला निर्वाचित हुए हैं उन्हें पुरस्कार राशि 12 लाख रूपये दिये जाने के निर्देश जारी किये गये हैं? यदि हाँ, तो जिला जबलपुर अंतर्गत कौन-कौन सी पंचायतों को चिन्हित करते हुये उक्त योजना का लाभ दिया गया है? (ख) क्या जनपद पंचायत जबलपुर के पत्र क्रमांक 685, दिनांक 1.08.2024 एवं जिला पंचायत जबलपुर के पत्र क्रमांक 129, दिनांक 19.01.2025 द्वारा संचालक सह-आयुक्त पंचायत राज्य संचालनालय मध्यप्रदेश भोपाल को पंचायत पुरस्कार योजना 2022 अंतर्गत ग्राम पंचायत आमाहिनौता (पिंक पंचायत) जनपद पंचायत जबलपुर को सम्मिलित कर योजना का लाभ प्रदाय किये जाने हेतु लिखा गया है? यदि हाँ, तो उक्त पत्र पर विभाग द्वारा आज दिनांक तक क्या कार्यवाही की गई? यदि नहीं, तो क्यों? विलंब के लिये कौन जिम्मेदार है? (ग) ग्राम पंचायत आमाहिनौता जनपद पंचायत जबलपुर को पंचायत पुरस्कार योजना 2022 में सम्मिलित कर कब तक योजना का लाभ प्रदान कर दिया जायेगा? समय-सीमा बतायें।
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) जी हाँ। जबलपुर जिला अंतर्गत किसी भी ग्राम पंचायत को योजना का लाभ नहीं मिला है। (ख) पंचायत राज संचालनालय के पत्र क्रमांक 984, दिनांक 15.01.2026 के द्वारा निर्विरोध निर्वाचन पुरस्कार हेतु निर्धारित प्रपत्र में तैयार कर गठित समिति के हस्ताक्षर सहित जानकारी बुलाने हेतु लेख किया है। इस संबंध में जिला पंचायत से पंचायत राज संचालनालय को प्रावधानित प्रपत्र में जानकारी प्राप्त न होने से योजना का लाभ नहीं दिया गया है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) जिला पंचायत जबलपुर से निर्धारित प्रपत्र में जानकारी प्राप्त होने के उपरांत प्रावधानुसार राशि प्रदाय की जावेगी। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
मृतक कर्मचारियों के वैधानिक स्वत्वों का भुगतान
[उच्च शिक्षा]
98. ( क्र. 3460 ) श्री आरिफ मसूद : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बरकतउल्ला विश्वविद्यालय भोपाल में प्रश्न दिनांक तक किन-किन सेवानिवृत्त एवं सेवाकाल के दौरान मृतक कर्मचारियों के भुगतान संबंधी प्रकरण लंबित हैं? कर्मचारियों के नाम, पद एवं सेवानिवृत्ति तथा मृत्यु की जानकारी उपलब्ध करावें। (ख) प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्य में सेवाकाल के दौरान किन-किन मृतक कर्मचारियों के परिजनों की अनुकंपा नियुक्ति के प्रकरण लंबित हैं तथा उक्त संबंध में आवेदनकर्ताओं के नाम आवेदन की तिथि सहित जानकारी उपलब्ध करावें (ग) क्या बरकतउल्ला विश्वविद्यालय प्रशासन मृतक कर्मचारियों के परिजनों को भुगतान नहीं कर रहा है यदि नहीं, तो भुगतान कब तक किया जावेगा तिथि सहित जानकारी देवें। (घ) क्या अनुकंपा नियुक्ति के प्रकरणों में भी विश्वविद्यालय प्रशासन अनुकंपा नियुक्ति देने में समय लगा रहा है यदि नहीं, तो कब तक अनुकंपा नियुक्ति के प्रकरणों का निराकरण किया जावेगा जानकारी देवें।
उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री इन्दर सिंह परमार ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट-01 अनुसार है। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट-02 अनुसार है। (ग) एवं (घ) प्रकरण परीक्षणाधीन है।
बाग में स्टेडियम का निर्माण
[खेल एवं युवा कल्याण]
99. ( क्र. 3461 ) श्री उमंग सिंघार : क्या खेल एवं युवा कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला धार के अंतर्गत ग्राम बाग में स्टेडियम निर्माण किया जाना प्रस्तावित है? (ख) प्रश्नांश (क) के प्रकाश में क्या-क्या कार्यवाही की गई है? कब तक? (ग) क्या समस्त औपचारिकताएं पूर्ण की जाकर निर्माण कार्य कब तक प्रारंभ कर दिया जायेगा?
खेल एवं युवा कल्याण मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) जिला धार के विकासखंड बाग के ग्राम बाण्दा में न्यायालय कलेक्टर धार ने आदेश क्रमांक 29/2014-15/अ-19 (3) दिनांक 28.08.2015 द्वारा शासकीय खसरा क्रमांक 400/1/2 रकबा 3.00 हेक्टेयर भूमि स्टेडियम निर्माण किये जाने हेतु विभाग को हस्तांतरित की गई है, उक्त भूमि में स्टेडियम निर्माण किया जाना प्रस्तावित है। (ख) संचालनालयीन पत्र क्र. 7057, दिनांक 09.10.2025 एवं पत्र क्र. 10943, दिनांक 29.01.2026 द्वारा निर्माण एजेन्सी म.प्र. भवन विकास निगम भोपाल से विकासखंड बाग के ग्राम बाण्दा में स्टेडियम निर्माण किये जाने हेतु स्थल निरीक्षण कर प्राक्कलन चाहे गये है, निर्माण एजेन्सी से प्राक्कलन प्राप्त होने के उपरांत प्रस्ताव का परीक्षण कर बजट उपलब्धतानुसार प्रस्ताव तैयार कर सक्षम समिति के समक्ष स्वीकृति की कार्यवाही हेतु प्रस्तुत किया जा सकेगा। (ग) उत्तरांश ''ख'' के संदर्भ में निश्चित समय-सीमा बतायी जाना संभव नहीं है।
राजीव गांधी प्रो.वि.वि. के प्रोफेसरों के विरूद्ध शिकायत
[तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार (केवल तकनीकी शिक्षा)]
100. ( क्र. 3462 ) श्री उमंग सिंघार : क्या तकनीकी शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय भोपाल में वर्ष 2007 से 2025 तक कुल कितने अधिष्ठाता डीन रहे है? (ख) प्रो. संजय सिलाकारी एवं सुधीर सिंह भदौरिया (डीन) अधिष्ठाता किस अवधि में रहे? (ग) प्रश्नांश (क) के प्रकाश में अधिष्ठाताओं के विरूद्ध कुल कितनी शिकायतें प्रकाश में आयी है? क्या आपराधिक प्रकरण भी दर्ज किये तो किस अवधि में जानकारी दें? (घ) क्या डीन बनने की प्रक्रिया में उक्त तथ्यों को प्रकाश में लाया गया था? यदि हां, तो नियुक्ति नियमानुकूल थी? इनके विरूद्ध वर्तमान शिकायत संबंधी क्या कार्यवाही की जा रही है?
तकनीकी शिक्षा मंत्री ( श्री इन्दर सिंह परमार ) : (क) प्रश्नावधि में राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, भोपाल में कुल 56 अधिष्ठाता डीन रहे है। (ख) जानकारी निम्नानुसार है:-
|
स.क्र. |
डॉ. संजय सिलाकारी |
स.क्र. |
डॉ. सुधीर सिंह भदौरिया |
|
1. |
17-09-2008 से 16-09-2010 तक |
1. |
02-06-2006 से 01-06-2008 तक |
|
2. |
20-10-2010 से 19-10-2012 तक |
2. |
30-12-2020 से 29-12-2022 तक |
|
3. |
25-10-2013 से 24-10-2015 तक |
3. |
06-11-2025 से 10-11-2027 तक रहेंगे। |
|
4. |
12-11-2025 से 11-11-2027 तक रहेंगे। |
(ग) कुल 07 शिकायतें प्रकाश में आयी है। राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, भोपाल द्वारा इन शिकायतों के आधार पर अपराधिक प्रकरण दर्ज नहीं करवाया गया है। शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) जी नहीं, प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। शिकायतों पर नियमानुसार कार्यवाही की जा रही है।
प्रदेश में आयोजित खेलो इंडिया गेम्स के आयोजन की जानकारी
[खेल एवं युवा कल्याण]
101. ( क्र. 3466 ) श्री जयवर्द्धन सिंह : क्या खेल एवं युवा कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रदेश में खेलो इंडिया गेम्स का आयोजन किया गया? इसके लिये राज्य सरकार से एवं अन्य संस्थाओं सहित भारत सरकार से कितना बजट प्राप्त हुआ? प्राप्त बजट का उपयोग कब और कहां पर किस प्रयोजन से कितना-कितना किया गया? किस फर्म/संस्था, विभाग को इसके लिये क्या-क्या जिम्मेदारियां सौंपी गई? भुगतान की प्रति, आदेश/नियम एवं एकल नस्ती की प्रति सहित बतायें। (ख) इसका आगाज कब और कहां पर किस प्रकार से किया गया? कितने खेल इसमें सम्मिलित है? इसमें कुल कितने खिलाड़ियों ने सहभागिता निभाई? खिलाड़ियों एवं सहयोगी स्टॉफ के रहने हेतु कहां पर कितनी क्षमता के साथ व्यवस्था की गई? उस पर कुल कितना व्यय किस प्रयोजन पर हुआ? प्राप्त देयकों, भुगतान की संपूर्ण जानकारी दें। (ग) खेलो इंडिया गेम्स पर प्रचार प्रसार पर कितनी राशि व्यय की गई? संपूर्ण राशि का मदवार, देयकवार, भुगतान पर पृथक-पृथक गोशवारा बनाकर बतायें? (घ) खेलो इंडिया गेम्स में खिलाड़ियों को प्रदत्त कौन-सी सुविधाएं प्रमुख रूप से रही? उसका संपूर्ण विवरण दें? संपूर्ण राशि का उपयोगिता प्रमाण पत्र की प्रति सहित एकल नस्ती की प्रति दें। (ड.) गेम्स के आयोजन हेतु कितनी राशि इवेन्ट मैनेजमेन्ट को दी गई? प्राप्त देयक एवं भुगतान के साथ संपूर्ण जानकारी दें।
खेल एवं युवा कल्याण मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) प्रदेश में खेलो इंडिया गेम्स का आयोजन नहीं किया गया है, बल्कि खेलो इंडिया यूथ गेम्स 2022 का आयोजन प्रदेश के 08 शहरों तथा दिल्ली (साईक्लिंग) में दिनांक 30 जनवरी 2023 से दिनांक तक 11 फरवरी 2023 तक किया गया है। आयोजन हेतु आवर्ती व्यय अंतर्गत राज्य सरकार से वर्ष 2022-23 में राशि रू 93.94 करोड़ तथा वर्ष 2023-24 में राशि रू 11.96 करोड़ का बजट प्राप्त हुआ। भारत सरकार से आवर्ती व्यय अंतर्गत राशि रू 24.12 करोड़ इस प्रकार कुल राशि रू 130.02 करोड़ का बजट प्राप्त हुआ। प्राप्त बजट का उपयोग कहा तथा किस-किस फर्म/संस्था व विभाग के माध्यम से किस-किस कार्य पर किस-किस फर्म को किया गया, उसके भुगतान विवरण एवं नोटशीट की छायाप्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 1 अनुसार है। (ख) खेलो इंडिया यूथ गेम्स 2022 का शुभारंभ दिनांक 30 जनवरी, 2023 को टी.टी. नगर स्टेडियम भोपाल में भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ किया गया। खेलो इण्डिया यूथ गेम्स, 2022 का 28 खेलो में आयोजन किया गया, जिसमें 5800 खिलाड़ी, 1740 स्पोर्ट स्टॉफ/ऑफिशियल्स तथा 1200 वॉलेंटियर द्वारा सहभागिता की गई। खिलाड़ियों एवं सहयोगी स्टॉफ के रहने की व्यवस्था अधिकृत एजेन्सी मेसर्स थॉमस कूक लिमिटेड, मुम्बई द्वारा विभिन्न शहरों में की गई, जिस पर होने वाले व्यय, देयकों आदि की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ‘’1’’ अनुसार है। (ग) खेलो इंडिया यूथ गेम्स 2022 के प्रचार प्रसार पर व्यय की गई संपूर्ण राशि का मदवार, देयकवार, भुगतान पर पृथक-पृथक गोशवारा पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ‘’2’’ अनुसार है। (घ) खेलो इंडिया यूथ गेम्स 2022 में खिलाड़ियों को अंतर्राष्ट्रीय स्तर की आवास, भोजन एवं चिकित्सा सुविधाएं प्रदत्त कराई गई, जिसका संपूर्ण विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ‘’1’’ अनुसार है, भारत सरकार से प्राप्त राशि का उपयोगिता प्रमाण पत्र सहित एकल नस्ती की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ‘’3’’ अनुसार है। (ड.) खेलो इंडिया यूथ गेम्स 2022 के आयोजन हेतु Games Operation & Sports Presentation, Venue Overlays, Branding, Spectator Engagement & Event Management आदि कार्य M/s Deepali Designs & Exhibits Pvt Ltd New Delhi (EMA) एवं Opening, Closing & Launch Ceremony कार्य हेतु M/s Twenty First Century Media Pvt Ltd, Delhi (Opening & Ceremony) इवेन्ट मैनेजमेंट को दी गई राशि के संबंध में प्राप्त देयक एवं भुगतान का संपूर्ण विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ‘’1’’ अनुसार है।
नियम विरूद्ध अमानक दवाइयों का क्रय कर वितरण
[आयुष]
102. ( क्र. 3467 ) श्री जयवर्द्धन सिंह : क्या आयुष मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या विभाग द्वारा गुणवत्तापूर्ण दवाइयों के खरीदी के लिये नियम-नीति-निर्देश बनाये गये है, जिसमें दवाइयों के खरीदी-गुणवत्ता हेतु पब्लिक हेल्थ कॉर्पोरेशन कार्य करता है? (ख) क्या विभाग आयुर्वेदिक दवाइयों को ओपन टेन्डर से तथा म.प्र. राज्य लघु वनोपज संघ से बिना टेंडर प्रक्रिया के सीधे क्रय करता है? वित्तीय वर्ष 2022-23, 2023-24, 2024-25 एवं 2025-26 में आयुर्वेदिक दवाइयों के हेतु जारी टेंडरों तथा सीधे खरीदी के क्रय आदेशों की प्रति उपलब्ध करायें? (ग) क्या राज्य लघु वनोपज संघ दवाई सप्लाई के लिये प्रदेश भण्डार एवं सेवा उपार्जन नियम में अनुमोदित संस्था है? यदि नहीं, तो क्या ये नियमों का उल्लंघन है? यदि हाँ, तो उनके विरूद्ध कब और क्या कार्यवाही की जायेगी? (घ) क्या संघ द्वारा वित्तीय वर्ष 2022-23, 2023-24, 2024-25 एवं 2025-26 में जारी क्रय आदेश की शर्तों के अनुसार सभी दवाई सप्लाई नहीं की गई है? यदि हाँ, तो दवाई सप्लाई करने वाली संस्था को ब्लैक लिस्ट करने की कार्यवाही क्यों नहीं की गई? (ड.) संघ द्वारा वित्तीय वर्ष 2022-23, 2023-24, 2024-25 एवं 2025-26 में प्रदाय की गई दवाइयों में कौन-कौन सी तथा कितनी दवाईयां गुणवत्ता परीक्षण में फेल पाई गई है तथा खरीदी हेतु जारी क्रय आदेश की शर्तों के अनुसार दवाई सप्लाई करने वाली संस्था पर क्या कार्यवाही की गई है।
आयुष मंत्री ( श्री इन्दर सिंह परमार ) : (क) जी हाँ। म.प्र. शासन सामान्य प्रशासन विभाग मंत्रालय वल्लभ भवन भोपाल का परिपत्र क्रमांक एफ-19-111/2009/1/4, दिनांक 30 सितम्बर 2009 एवं म.प्र. शासन लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग मंत्रालय के परिपत्र कमांक-एफ 12-47/2013/सत्रह/मेडि-3, दिनांक 26 सितम्बर 2013 तथा म.प्र. भण्डार क्रय नियम एवं सेवा उपार्जन नियम 2015 (यथा संशोधित 2022) के नियम ''6'' के अनुसार म.प्र. पब्लिक हेल्थ सर्विसेस कॉर्पोरेशन लिमिटेड भोपाल से आयुष औषधि क्रय की कार्यवाही की जा रही है। (ख) जी नहीं, जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार। (ग) मंत्रिपरिषद् के निर्णयानुसार म.प्र. शासन सामान्य प्रशासन विभाग मंत्रालय वल्लभ भवन भोपाल के परिपत्र क्रमांक एफ-19-111/2009/1/4, दिनांक 30 सितम्बर, 2009 के परिपालन में प्रथमतः आयुर्वेद औषधि क्रय की कार्यवाही की जाती हैं। नियमानुसार होने से कार्यवाही का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) समय-समय पर विभाग द्वारा दिये गये आदेश एवं निर्देश अनुसार औषधि प्रदाय की गई है वर्तमान में औषधियां का प्रदाय प्रक्रियाधीन होने से कार्यवाही का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ड.) गुणवत्ता परीक्षण में मानक पाई गई औषधियों की ही आपूर्ति अधीनस्थ संस्थाओं में कराई जाती है, अतः कार्यवाही का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
रिक्त पदों की पूर्ति
[आयुष]
103. ( क्र. 3470 ) श्री
हरिशंकर खटीक
: क्या
आयुष मंत्री
महोदय यह
बताने की कृपा
करेंगे कि (क) क्या वर्तमान
में सागर
संभाग में
जिला आयुष
अधिकारी का पद
एवं विभाग में
अनेकों पद
रिक्त है? कृपया
जिले के सभी
रिक्त पदों की
जानकारी, स्थान
सहित, कब
से पद रिक्त
हैं, सम्पूर्ण
जानकारी
प्रदाय करें। (ख) प्रश्नांश
(क) के आधार पर
बताएं कि जिला
आयुष अधिकारी
का पद रिक्त
होने से
प्रभारी जिला
आयुष अधिकारी
के पद पर
वर्तमान में
कौन अधिकारी
कब से पदस्थ
है? इन्होंने
प्रभारी के
रूप में पदस्थ
दिनांक से
कब-कब, कहां-कहां
जिले में
यात्रा की है? कृपया
सम्पूर्ण
जानकारी देते
हुए यह भी
बताएं कि क्या
प्रभारी जिला
आयुष अधिकारी
का अन्य जिले
में
स्थानांतरण
हो गया था तो
कब? ऐसे
आदेशों की
छायाप्रतियां
प्रदाय करें। यह
भारमुक्त प्रश्न
दिनांक तक
क्यों नहीं
हुए हैं,
क्या-क्या
कारण हैं? (ग) प्रश्नांश
(क) एवं (ख) के
आधार पर बताएं
कि जब जिले के
प्रभारी इन अधिकारी
की जिला आयुष
विभाग की
गतिविधियां
पूर्ण शिथिल
हो गई हो तो
कब तक दूसरों
को प्रभारी
अधिकारी
बनाया जावेगा? निश्चित
समय-सीमा सहित
बताएँ। (घ)
प्रश्नांश
(क), (ख)
एवं (ग) के
आधार पर बताएं
कि जब से यह
वर्तमान
प्रभारी जिला
आयुष अधिकारी
बनाये गए हैं
तब से
इन्होंने
विभाग की
कितनी-कितनी
राशि,
किस
प्रयोजनार्थ
में प्रतिमाह
वर्ष में
कब-कब व्यय की
है? कृपया
सम्पूर्ण एवं
स्पष्ट
जानकारी बिल
वाउचर सहित
प्रदाय करें। क्या
इनकी जांच
इन्हें जिले
से हटाकर शासन
द्वारा करवाई की
जायेगी तो कब
तक? निश्चित
समय-सीमा सहित
बताएं।
आयुष
मंत्री ( श्री
इन्दर सिंह
परमार ) : (क)
जानकारी
पुस्तकालय में
रखे परिशिष्ट ''अ''
अनुसार। (ख)
जानकारी
पुस्तकालय में
रखे परिशिष्ट ''ब''
अनुसार। जी
नहीं। शेष प्रश्न
उपस्थित नहीं
होता। (ग) जी
नहीं। स्थानांतरित
अधिकारी कोई
भी प्रभार में
नहीं हैं। (घ) जानकारी
पुस्तकालय में
रखे परिशिष्ट ''स''अनुसार। शेष
प्रश्न
उपस्थित नहीं
होता।
अनुमोदित अभिन्यास के विरूद्ध निर्माण कराया जाना
[सहकारिता]
104. ( क्र. 3475 ) श्री आतिफ आरिफ अकील : क्या सहकारिता मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रश्नकर्ता के अतारांकित प्रश्न क्र. 209, उत्तर दिनांक 01/12/2025 जो कि बिट्ठल गृह निर्माण सहकारी समिति में की गई अनियमितताएं एवं अनुमोदित अभिन्यास के विरूद्ध 16 भूखण्डों में विभक्त किया जाकर अन्य खसरा क्रमांक 13 की अतिरिक्त भूमि बिना अनुमति के समायोजन किये जाने से संबंधित था। इस मामले में विभागीय अंकेक्षक द्वारा की गई जांच प्रतिवेदन के आधार पर संस्था के पदाधिकारी दोषी पाये जाने पर नोटिस जारी किया गया एवं जांच प्रतिवेदन में स्पष्ट तथ्य न आने के कारण पुनः जांच कराये जाने की जानकारी दी गई थी? (ख) यदि हाँ, तो क्या विभागीय अंकेक्षण की जांच प्रतिवेदन में क्या स्पष्ट तथ्य नहीं आये है? स्पष्ट करें एवं क्या पुनः जांच करा ली गई है? यदि हाँ, तो जांच निष्कर्ष के आधार पर संबंधित दोषियों के विरूद्ध कार्यवाही की गई है? यदि नहीं, तो क्यों एवं जिन्हें नोटिस जारी किये गये है उनका जवाब प्राप्त हो गया है? यदि हाँ, तो प्राप्त जवाब के आधार पर विभाग द्वारा क्या कार्यवाही की गई?
सहकारिता मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) जी हाँ। (ख) पूर्व में विभागीय अंकेक्षक द्वारा कराई गई जांच प्रतिवेदन के आधार पर उपायुक्त सहकारिता जिला भोपाल द्वारा दिनांक 30/12/2024 को मध्यप्रदेश सहकारी सोसायटी अधिनियम, 1960 की धारा 76 (2) के तहत संस्था के पदाधिकारियों को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया था। उत्तरांश (क) अनुसार पूर्व में विधानसभा प्रश्न क्रमांक 209 के उत्तर में ''पूर्व में जांच में स्पष्टता ना होने से पुनः जांच करवाये जाने का उल्लेख किया गया था।'' वर्तमान में संस्था में प्रशासक नियुक्त होने तथा प्रशासक को संस्था का रिकार्ड प्राप्त नहीं होने के कारण जांच अधिकारी को भी संस्था का रिकार्ड/दस्तावेज प्राप्त नहीं होने से पुनः जांच नहीं हो सकी। संस्था के तत्कालीन पदाधिकारियों द्वारा उक्त कारण बताओ सूचना पत्र का उत्तर समाधानकारक नहीं पाये जाने तथा पदाधिकारियों द्वारा संस्था का मूल अभिलेख भी प्रस्तुत नहीं किये जाने के कारण प्रकरण की गंभीरता को दृष्टिगत रखते हुये प्रकरण में उप आयुक्त सहकारिता जिला भोपाल द्वारा दिनांक 22/01/2026 को धारा 76 (2) के अंतर्गत अंतिम आदेश पारित किया जाकर प्रथम श्रेणी दण्डाधिकारी के समक्ष आपराधिक प्रकरण प्रस्तुत कराने हेतु प्रस्तुतकर्ता अधिकारी को अधिकृत किया गया है।
भाग-3
अतारांकित
प्रश्नोत्तर
रिन्यूएबल
एनर्जी लैब की
स्थापना
[तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार (केवल तकनीकी शिक्षा)]
1. ( क्र. 78 ) श्री अरूण भीमावद : क्या तकनीकी शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा दिनांक 16/11/2025 को मक्सी (जिला शाजापुर) के प्रवास के दौरान शासकीय पॉलिटेक्निक महाविद्यालय, शाजापुर में "रिन्यूएबल एनर्जी लैब" (Renewable Energy Lab) के निर्माण की घोषणा की गई थी? (ख) यदि हाँ तो उक्त घोषणा के क्रियान्वयन हेतु विभाग एवं मंत्रालय द्वारा अब तक क्या निर्णय लिया गया है? क्या इसके लिए आवश्यक वित्तीय स्वीकृति एवं प्रशासनिक अनुमति प्रदान कर दी गई है? (ग) उक्त प्रयोगशाला (Lab) के निर्माण कार्य की वर्तमान अद्यतन स्थिति क्या है? क्या निर्माण कार्य प्रारंभ हो चुका है? यदि नहीं, तो विलंब के क्या कारण हैं? (घ) उक्त लैब का निर्माण कार्य कब तक पूर्ण कर लिया जाएगा और इसे छात्रों के उपयोग हेतु कब तक समर्पित कर दिया जाएगा?
तकनीकी शिक्षा मंत्री ( श्री इन्दर सिंह परमार ) : (क) जी हाँ। (ख) संचालनालय तकनीकी शिक्षा द्वारा जारी की गई वित्तीय स्वीकृति की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) शासकीय पॉलिटेक्निक महाविद्यालय, शाजापुर में उपलब्ध स्थान में से ''रिन्यूएबल एनर्जी लैब'' के लिये स्थान चिन्हित कर आवश्यक उपकरण क्रय किये जा रहे है। नवीन निर्माण कार्य की आवश्यकता नहीं हैं। शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) उत्तरांश 'ग' के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
जैविक उत्पादन को बढ़ावा देना
[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]
2. ( क्र. 203 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या विभाग द्वारा जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिये कार्य किये गये हैं? (ख) यदि हाँ, तो जबलपुर जिले में गत 5 वर्ष में क्या कार्य किये गये? (ग) क्या कृषि उपज मंडियों में जैविक उत्पादन विक्रय के लिये लाया गया? (घ) यदि हाँ, तो गत 2 वर्षों में कौन-कौन सा कितना उत्पादन किस मंडी में विक्रय हेतु आया एवं किस दर पर विक्रय किया गया?
किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) जी हाँ। (ख) जबलपुर जिले में गत 5 वर्षों में जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिये जागरूकता संवर्धन कार्यक्रमों एवं प्रशिक्षणों में जैविक खेती की जानकारी दी गई। वर्ष 2024-25 से परम्परागत कृषि विकास योजना अंतर्गत जिले के कुंडम विकासखण्ड में 495 किसानों के 500 हेक्टयर क्षेत्र में जैविक प्रमाणीकरण कार्यक्रम क्रियान्वित किया जा रहा है। जिनमें जैविक क्लस्टर के हितग्राही किसानों को जैविक मानकों अनुसार खेती हेतु प्रशिक्षण दस्तावेजीकरण कर जैविक प्रमाणीकरण हेतु पंजीयन किया गया है। (ग) जी हाँ। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है।
मनरेगा योजना का क्रियान्वयन
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
3. ( क्र. 211 ) श्री पंकज उपाध्याय : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मनरेगा योजना म.प्र. में क्रियान्वयन के क्या प्रावधान हैं? नियमों की प्रति देवे व योजना में मजदूरों से कराए जाने वाले कामों की सूची भी उपलब्ध कराएं? (ख) वर्ष 2015 से 2025 तक जिलेवार व वर्षवार बतावे की कितने मजदूरों का पंजीयन हुआ? कितने हाउसहोल्ड के जॉब कार्ड बनाए गए? कितने नाम जॉब कार्ड से काटे गए? कितने जॉब कार्ड की डिमांड प्रत्येक वर्ष आई? कितने एक्टिव वर्कर है और एक्टिव वर्करों में से कितनों को पूरे 100 दिवस और 150 दिवस का रोजगार मिला? कुल पंजीकृत मजदूरों में 100 दिवस और 150 दिवस मजदूरी पाने वाले मजदूरों का प्रतिशत कितना रहा? (ग) प्रशासकीय प्रतिवेदन के बजट अनुमान अनुसार वर्ष 2020 से 2025 के बीच ऐसी कितनी योजनाएं हैं जिनमें शून्य राशि का व्यय हुआ है वर्षवार नाम बतायें? (घ) 2021 से 2025 तक वनाधिकार पत्रधारकों को 150 दिन का रोजगार वर्षवार कितने मजदूरों को दिया गया? (ड.) SAGY की क्रियान्वयन मार्गदर्शिका/दिशानिर्देश किस प्रकार है? प्रदेश में सांसद आदर्श ग्राम के नाम किस प्रकार है व किन सांसदों द्वारा गोद लिए गए थे? इन ग्रामों में वर्ष 2021 से 2025 तक कितने मजदूरों को पूरे 100 दिवस एवं 150 दिवस का रोजगार मिला?
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) म.प्र. में मनरेगा योजना के क्रियान्वयन के प्रावधान, नियम एवं मनरेगा योजना अंतर्गत मजदूरों से कराये जाने वाले कार्यों की सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट – 'अ' अनुसार है। (ख) पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट – 'ब' अनुसार है। (ग) जानकारी निरंक है। (घ) पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट – 'ब' अनुसार है। (ड.) पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट – 'स' अनुसार है।
आवासों एवं छात्रावासों का रख-रखाव
[तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार (केवल तकनीकी शिक्षा)]
4. ( क्र. 391 ) श्री लखन घनघोरिया : क्या तकनीकी शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शासकीय इंजीनियरिंग महाविद्यालय जबलपुर में अधिकारियों एवं छात्रों के आवास संबंधी क्या व्यवस्था, सविधाएं एवं संसाधन है। इसमें किस-किस टाइप के कितने-कितने आवास निर्मित हैं। छात्रों के लिये कौन-कौन से कितने हॉस्टल (छात्रावास) हैं। किन-किन छात्रावासों में कितने-कितने छात्र निवासरत है? (ख) प्रश्नांश (क) में शासकीय आवासों, हॉस्टल का रख-रखाव, सुधार, मरम्मत, पुनर्निर्माण (रिनोवेशन) हेतु कितनी-कितनी राशि आवंटित की गई एवं कितनी-कितनी राशि व्यय हुई? वर्ष 2021-22 से 2025-26 तक की जानकारी दें। (ग) प्रश्नांश (क) में निर्मित किस-किस टाइप के कितने-कितने आवासों एवं किन-किन हॉस्टल (छात्रावासों) का सुधार, मरम्मत, पूर्ण निर्माण (रिनोवेशन) कब से नहीं कराया गया है एवं क्यों? (घ) किस-किस टाइप के कितने-कितने आवास एवं कौन-कौन से छात्रावास (हॉस्टल) जर्जर, खस्ताहाल, खण्डहर व सुविधा विहीन हैं? हॉस्टल नं.6 की क्या स्थिति हैं। छात्रावास की छत कब से गायब है। सीलिंग से पानी टपकने, खिड़की, दरवाजे गायब होने, विद्युत की व्यवस्था न होने का क्या कारण है। इसका सुधार मरम्मत व पुनर्निर्माण न कराने का क्या कारण है? (ड.) प्रश्नांकित किन-किन आवासों एवं हास्टलों में कब से कौन-कौन अवैध रूप से निवासरत हैं। अवैध कब्जा, अतिक्रमण व अवैध निर्माण है? बतलावें। इसे न हटाने का क्या कारण हैं तथा कब तक अवैध कब्जा, अतिक्रमण व निर्माण को हटाया जायेगा? इस संबंध में महाविद्यालय प्रशासन ने क्या प्रयास किये हैं?
तकनीकी शिक्षा मंत्री ( श्री इन्दर सिंह परमार ) : (क) शासकीय इंजीनियरिंग महाविद्यालय, जबलपुर में अधिकारियों के लिये एपी टाइप–16, एफ टाइप–13, ई-टाइप–08, एसएपी बंगला–01 कुल 38 आवास निर्मित हैं, इसके अतिरिक्त प्राचार्य आवास-01, पी टाईप-12, प्रोफेसर बंगला-01, नवीन आई टाईप-20 जर्जर एवं खस्ताहाल है। छात्रों के लिये बालक छात्रावास नं.1 में 80 छात्र, बालक छात्रावास नं.2 में 80 छात्र, बालक छात्रावास नं.3 में 80 छात्र, बालक छात्रावास नं.4 में 104 छात्र, बालक छात्रावास नं.5 में 104 छात्र, बालक छात्रावास नं.6 में 104 छात्र, बालक छात्रावास नं.7 में 104 छात्र, बालक छात्रावास नं.8 में 104, बालिका छात्रावास नं. 01 और 02 में 150 छात्राएं एवं बालिका छात्रावास नं.03 में 76 छात्राएं निवासरत है, बालक छात्रावास (पुराना 5) जर्जर घोषित है। जर्जर एवं खस्ताहाल आवासों/छात्रावासों को छोड़कर सभी में मूलभूत सुविधाएं विद्यमान है। (ख) प्रश्नावधि की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) आवश्यकतानुसार आवासों/छात्रावासों का सुधार, मरम्मत, पुनर्निर्माण (रिनोवेशन) का कार्य लोक निर्माण विभाग द्वारा कराया जाता है, शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) जानकारी उत्तरांश 'क' अनुसार है। हॉस्टल क्रमांक-6 के कक्ष क्रमांक-48, 49, 50, 51 एवं 52 की छत तथा सीढ़ियों के उपर की छत बारिश की वजह से माह अगस्त, 2025 से क्षतिग्रस्त है एवं पी.डब्ल्यू.डी. कार्यालय को प्राक्कलन हेतु पत्र जारी किया गया है। छत से संबंधित सुधार कार्य समय-समय पर करवाया जाता रहा है। शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ड.) आवासों/छात्रावासों में वर्तमान में कोई अवैध रूप से निवासरत नहीं है। अवैध कब्जा, अतिक्रमण व अवैध निर्माण नहीं है। शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
भू-संरक्षण योजना के अंतर्गत राशि का आवंटन
[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]
5. ( क्र. 392 ) श्री लखन घनघोरिया : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश शासन ने जिला जबलपुर के किसानों के कल्याण एवं कृषि विकास से संबंधित भू-सरंक्षण संबंधी संचालित किन-किन योजना मद में कितनी-कितनी राशि आवंटित की गई एवं कितनी-कितनी राशि व्यय हुई। कितनी-कितनी राशि का उपयोग नहीं किया गया एवं क्यों? वर्ष 2021-22 से 2025-26 तक की जानकारी दें। (ख) प्रश्नांकित किन-किन योजनान्तर्गत कितनी-कितनी राशि के कौन-कौन से कार्य किस स्तर पर स्वीकृत किये गये एवं कौन-कौन से कार्य कब कहां-कहां पर कितनी-कितनी राशि के कराये गये। इनका सत्यापन एवं मूल्यांकन किसने किया है? (ग) प्रश्नांश (क) में संचालित किन-किन हितग्राही मूलक योजनाओं में लाभांवित कितने-कितने हितग्राहियों को अनुदान की किस मान से कितनी-कितनी राशि का भुगतान किया गया। कितनी राशि का भुगतान नहीं किया गया एवं क्यों? कितने-कितने हितग्राही योजनाओं के लाभ से वंचित है एवं क्यों? शासन राशि का अपव्यय अनुदान राशि का वितरण में अनियमितता की जांच कराकर दोषी अधिकारियों पर कार्यवाही करेगा?
किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) एवं (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
पुस्तकालयों में क्रय पुस्तकों का भुगतान
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
6. ( क्र. 420 ) श्री राजेन्द्र भारती : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग म.प्र. शासन द्वारा ग्राम पंचायतों में 15वें वित्त योजना अंतर्गत ग्राम पंचायतों के पुस्तकालय हेतु पुस्तकों की खरीदी हेतु आदेश जारी किया गया था? यदि हाँ, तो उक्त आदेश के परिपालन में प्रदेश के दतिया जिले में आवंटन जारी किया गया था? यदि हाँ तो उक्त जिलेवार प्रदत्त आवंटन की सूची उपलब्ध कराने का कष्ट करें। (ख) क्या पंचायत राज संचालनालय म.प्र. भोपाल द्वारा आदेश क्रमांक/पं. राज/पंचपरमेश्वर/2021 भोपाल दिनांक 12.01.2021 जारी किया गया था? यदि हाँ, तो क्या उक्त आदेश के क्रम में दतिया जिले के समस्त ग्राम पंचायतों में राजकमल प्रकाशन नई दिल्ली से पुस्तकें क्रय की गई थी? यदि हाँ, तो राजकमल प्रकाशन द्वारा क्रय की गई पुस्तकों का भुगतान अभी तक क्यों नहीं किया गया हैं? कृपया कारण सहित बताते हुये अवगत करायें कि लंबित भुगतान कब तक कर दिया जायेगा? यदि नहीं, तों क्यों? कारण सहित बतायें।
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) जी हाँ, परंतु इसके लिये पृथक से कोई आवंटन जारी नहीं किया गया है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ख) जी हाँ। दतिया जिले की जनपद पंचायत भाण्डेर अंतर्गत आने वाली 35 ग्राम पंचायतों द्वारा पुस्तकें राजकमल प्रकाशन से क्रय की गई थी, जिसका भुगतान किया जा चुका है। जनपद पंचायत दतिया अंतर्गत किसी भी ग्राम पंचायत द्वारा राजकमल प्रकाशन से पुस्तकें क्रय नहीं की गई है न ही कोई भुगतान किया गया है। जनपद पंचायत सेवढ़ा अंतर्गत 91 ग्राम पंचायतों द्वारा राजकमल प्रकाशन से पुस्तकों का क्रय किया गया, जिसमें से 59 ग्राम पंचायतों द्वारा भुगतान की कार्यवाही पूर्ण की जा चुकी है। शेष 32 ग्राम पंचायतों द्वारा बजट उलब्धता के आधार पर भुगतान किया जावेगा। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
खेल स्टेडियम स्वीकृत करने की कार्यवाही
[खेल एवं युवा कल्याण]
7. ( क्र. 479 ) श्रीमती चंदा सुरेन्द्र सिंह गौर : क्या खेल एवं युवा कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या खरगापुर विधान सभा की ग्राम पंचायत हटा, देरी, लारौन में मिनी खेल स्टेडियम् स्वीकृत किये जावेंगे। (ख) क्या पलेरा नगर में भी पूर्व से खेल मैदान उसे इनडोर स्टेडियम बनाया जाये और पलेरा के आस-पास पूरी तहसील के ग्रामीण खिलाड़ी शामिल होकर इस मैदान में प्रदर्शन और अभ्यास करेंगे इसलिये जनहित में एवं खेलों को प्रोत्साहन प्रदान करने के लिये नगर पलेरा में इनडोर स्टेडियम एवं लारौन, देरी, हटा में मिनी स्टेडियम कब तक स्वीकृत करा दिये जावेंगे? कृपया समयावधि बताये यदि नहीं, तो क्यों?
खेल एवं युवा कल्याण मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) विभागीय स्टेडियम नीति अनुसार विकासखण्ड या उच्च स्तर पर ही खेल स्टेडियम स्वीकृत किये जाते है। हटा, देरी, लारौन विकासखण्ड मुख्यालय नहीं होने से खेल स्टेडियम स्वीकृत नहीं किया जा सकता है। (ख) पलेरा में विभागीय स्वामित्व का कोई खेल मैदान नहीं है। पलेरा में जिला प्रशासन द्वारा समतल व उपयुक्त नगर निकाय सीमा से 2.00 कि.मी. की परिधि में 10.00 एकड़ भूमि विभाग के नाम आवंटित होने के उपरांत जिला खेल और युवा कल्याण अधिकारी टीकमगढ़ से समुचित प्रस्ताव तैयार कर प्रस्तुत करने के उपरांत प्रस्ताव का परीक्षण कर बजट उपलब्धतानुसार सक्षम समिति के समक्ष स्वीकृति हेतु प्रस्तुत किया जा सकेगा, जिसकी निश्चित समय-सीमा बतायी जाना संभव नहीं है। उत्तरांश ''क'' के संदर्भ में शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
कस्टम हायरिंग सेन्टर का संचालन
[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]
8. ( क्र. 525 ) कुँवर अभिजीत शाह : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या किसानों को उच्च तकनीक के कृषि उपकरण उपलब्ध कराने हेतु कस्टम हायरिंग केंद्रों की स्थापना की घोषणा की गई थी? यदि हाँ, तो 1 जनवरी, 2020 से किस-किस जिले में कहाँ-कहाँ पर, कितने-कितने कस्टम हायरिंग केंद्रों की स्थापना कर उनको क्या-क्या उपकरण/यंत्र उपलब्ध कराए गए तथा उन पर कितनी राशि व्यय हुई? जिलेवार संख्यात्मक विवरण दें। (ख) क्या हरदा जिले में भी कस्टम हायरिंग केंद्रों की स्थापना की गई है? यदि हां, तो कहाँ-कहाँ पर कितने-कितने केंद्रों की स्थापना की जाकर उनको क्या-क्या यंत्र/उपकरण उपलब्ध कराए गए? संख्यात्मक विवरण दें। (ग) प्रश्नांश (क) संदर्भित प्रदेश में कृषकों को उन्नत खेती के लिए उन्नत उपकरण उपलब्ध कराने के लिए क्या-क्या योजना वर्तमान में प्रचलन में है तथा विगत 05 वर्षों में हरदा जिले में कितने कृषकों को कौन-कौन से यंत्र/उपकरण उपलब्ध कराए गए?
किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र -1 एवं 2 अनुसार है। (ख) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है। (ग) योजनाओं की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-4 एवं यंत्र/उपकरण की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-5 अनुसार है।
छात्रवृत्ति योजना की जानकारी
[उच्च शिक्षा]
9. ( क्र. 768 ) श्री राकेश शुक्ला : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) म.प्र. शासन द्वारा उच्च विभाग के माध्यम से प्रदान की जा रही विभिन्न छात्रवृत्ति योजनाओं की जानकारी पिछले 2 वित्त वर्षों की प्रदान करें। (ख) उपरोक्त छात्रवृत्ति योजनाओं से प्रश्नकर्ता के विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 206 इंदौर के विभिन्न महाविद्यालयों में लाभान्वित छात्रों की सूची पिछले 2 वित्तीय वर्षों की प्रदान करें। (ग) क्या लाभान्वित छात्रों को उल्लेखित छात्रवृत्ति समयावधि में प्रदान कर दी गई है या उसमें कोई विलम्ब हुआ है, यदि विलंब हुआ है तो क्यों?
उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री इन्दर सिंह परमार ) : (क) उच्च शिक्षा विभाग के माध्यम से एकीकृत छात्रवृत्ति, पीएचडी शोधार्थी योजना एवं प्रतिभाशाली विद्यार्थियों हेतु विदेश अध्ययन छात्रवृत्ति योजना संचालित है। जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। इसके अतिरिक्त अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों के लिए पोस्ट मेट्रिक छात्रवृत्ति संबंधित विभागों के माध्यम से संचालित है। पोस्ट मेट्रिक छात्रवृत्ति हेतु प्राप्त आवेदनों का सत्यापन संबंधित महाविद्यालयों द्वारा किया जाता है। (ख) उच्च शिक्षा विभाग द्वारा संचालित उक्त छात्रवृत्ति योजनायें राज्य स्तर से प्रदान की जाती है। विधानसभा क्षेत्रवार जानकारी संकलित नहीं की जाती। (ग) सत्यापन एवं नियमों के पालन उपरांत छात्रवृत्ति योजना अंतर्गत भुगतान की कार्यवाही की जानी है, जो सतत प्रकिया है। पिछले 02 वित्तीय वर्ष में सत्यापति एवं पात्र सभी विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति का भुगतान किया जा चुका है। उत्तरांश के परिप्रेक्ष्य में शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
नियमित एवं आउटसोर्स कर्मचारियों की जानकारी
[उच्च शिक्षा]
10. ( क्र. 769 ) श्री राकेश शुक्ला : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्नकर्ता के विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 206 इंदौर के शासकीय होलकर महाविद्यालय एवं अटल बिहारी शासकीय महाविद्यालय (आर्ट्स एंड कॉमर्स) में अध्यापन किए जा रहे विभिन्न विषयों एवं उनके अनुपात में विषयवार उपलब्ध प्राध्यापकों/शिक्षण कार्य करने वाले कर्मचारियों की जानकारी प्रदान करें। (ख) उपरोक्त दोनों महाविद्यालय में आउटसोर्स अथवा संविदा आधार पर कार्यरत कर्मचारियों की संख्या, उनकी सम्पूर्ण जानकारी एवं उनके वर्तमान वेतनमान के विषय में जानकारी प्रदान करें। (ग) उपरोक्त दोनों महाविद्यालय में पढ़ाए जा रहे विभिन्न विषयों एवं उनमें अध्ययनरत विद्यार्थियों की संख्या की जानकारी प्रदान करें।
उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री इन्दर सिंह परमार ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट ''अ'' अनुसार है। (ख) उपरोक्त दोनों महाविद्यालयों में संविदा एवं आउटसोर्स के पद स्वीकृत नहीं हैं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) जानकारी संलग्न परिशिष्ट ''ब'' अनुसार है।
महाविद्यालयों में विकास शुल्क
[उच्च शिक्षा]
11. ( क्र. 770 ) श्री राकेश शुक्ला : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) उच्च शिक्षा विभाग द्वारा महाविद्यालय में अध्ययनरत छात्रों से जो विकास शुल्क लिया जाता है उसके क्या मापदंड है एवं वर्तमान सत्र में विकास शुल्क की राशि कितनी है। (ख) प्रश्नकर्ता के विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 206 के विभिन्न महाविद्यालयों में अध्ययनरत छात्रों से क्या शुल्क लिया गया है एवं कुल कितना शुल्क लिया गया है?
उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री इन्दर सिंह परमार ) : (क) विकास शुल्क की दर महाविद्यालय में संचालित जनभागीदारी प्रबंध समितियों द्वारा स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप निर्धारित की जाती है। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है।
शासकीय भवन की तोड़-फोड़ के संबंध में
[तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार (केवल तकनीकी शिक्षा)]
12. ( क्र. 821 ) श्रीमती चंदा सुरेन्द्र सिंह गौर : क्या तकनीकी शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या शासकीय पॉलिटेक्निक भवन जतारा की सम्पत्ति जन-धन की क्षति करते हुये जे.सी.बी. मशीन से दीवारें तोड़कर अभियुक्त अमर सिंह यादव नि.जतारा हाल निवासी भोपाल द्वारा शासकीय सम्पत्ति को क्षति पहुंचाई गई है जिसके संबंध में जतारा थाना प्रभारी द्वारा एफ.आई.आर. दर्ज की गई है परन्तु शासकीय सम्पत्ति के नुकसान की भरपाई हेतु और क्या कार्यवाही की गई है या की जा रही है? यदि हाँ तो कब तक यदि नहीं, तो क्यों? सम्पूर्ण जानकारी से अवगत करायें। (ख) क्या अभियुक्त अमर सिंह द्वारा जब जे.सी.बी. से दीवारें तोड़ी जा रही थी तब किसी प्रकार की जनहानि हुई है क्या? यदि हाँ, तो जानकारी स्पष्ट करें। (ग) क्या उक्त भवन को तोड़ने के पश्चात शासन स्तर पर किसी तकनीकी वरिष्ठ अधिकारी द्वारा शासन की हानि का प्रतिवेदन तैयार कराकर अभियुक्त से राशि वसूली की कार्यवाही कब तक करा ली जावेगी तथा राशि जमा नहीं करने पर दोषी अभियुक्त के विरूद्ध विधि संगत कार्यवाही किये जाने की कार्यवाही करेंगे? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्यों?
तकनीकी शिक्षा मंत्री ( श्री इन्दर सिंह परमार ) : (क) जी हाँ, शासकीय सम्पत्ति को क्षति पहुंचाई गई है। थाना-जतारा, जिला-टीकमगढ़ में पंजीबद्ध एफ.आई.आर. की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। प्रकरण क्रमांक-SA-3314/2024 माननीय उच्च न्यायालय, जबलपुर में विचाराधीन है, शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ख) जी नहीं। शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) लोक निर्माण विभाग द्वारा तैयार शासन की हानि के प्रतिवेदन की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। प्रकरण क्रमांक-SA-3314/2024 माननीय उच्च न्यायालय, जबलपुर में विचाराधीन है एवं एफ.आई.आर. दर्ज की जा चुकी है, जिसके अनुक्रम में कार्यवाही की जायेगी। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की जानकारी
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
13. ( क्र. 860 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या भरदा से खरौंद, बेलखाडू से गरेहा, झगरा से गंगाजली, छतरपुर से चरखी, गुलैदा से दोजिया, बेलखाडू से बिजौरा ग्रामों की जनसंख्या वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार 500 से कम होने के कारण म.प्र. ग्राम सड़क योजना में शामिल नहीं किये गये हैं? (ख) क्या प्रश्न दिनांक की स्थिति में इन ग्रामों की जनसंख्या 500 या अधिक हो चुकी है? (ग) प्रश्नांश (ख) के परिप्रेक्ष्य में यदि हाँ, तो क्या वर्तमान वास्तविक जनसंख्या के आधार पर प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में ऐसे ग्राम शामिल किये जा सकते हैं? (घ) यदि नहीं, तो क्या ये ग्राम अगली जनगणना होने तक सड़क योजना से वंचित रहेंगे?
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) प्राधिकरण अंतर्गत म.प्र. ग्राम सड़क योजना के नाम से कोई योजना नहीं है। अपितु म.प्र. ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण अंतर्गत संचालित योजनाओं में जनसंख्या वर्ष 2011 के अनुसार ग्रामों की सम्पर्कता के संबंध में विवरण की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जानकारी उपलब्ध नहीं है। (ग) वर्तमान में प्राधिकरण अंतर्गत PMGSY-IV योजना वर्ष 2011 की जनसंख्या पर आधारित है। अतः वर्तमान आबादी पर ग्राम शामिल नहीं हो सकता है। (घ) प्रश्नांश राज्य शासन से संबंधित।
जिम्मेदारों पर कार्यवाही के साथ राशि वसूली
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
14. ( क्र. 893 ) श्री अभय मिश्रा : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रश्नकर्ता सदस्य द्वारा पत्र क्रमांक-154 दिनांक 02.02.2024 एवं पत्र क्रमांक-155 दिनांक 05.02.2024 के अलावा अन्य पत्रों के माध्यम से मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत रीवा को श्री संदीप कुमार द्विवेदी तत्कालीन सचिव ग्राम पंचायत तिघरा जनपद पंचायत सिरमौर के नियुक्ति के संबंध में जाँच एवं कार्यवाही का लेख किया गया था पत्रों पर की गई कार्यवाही जाँच प्रतिवेदन की प्रति देते हुये बतावें? (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में जिला पंचायत द्वारा गठित जाँच समिति द्वारा प्रस्तुत जाँच प्रतिवेदन अनुसार की गई नियुक्ति के संबंध में क्या अभिमत दी गई है प्रतिवेदन देते हुये अभिमत अनुसार की गई कार्यवाही की जानकारी देवें अगर अभिमत अनुसार नियुक्ति नियम विरूद्ध पंचायतराज अधिनियम का पालन न किये जाने का उल्लेख किया गया फिर भी श्री द्विवेदी को पद से पृथक नहीं किया गया तो कब तक पद से पृथक किये जाने बावत् आदेश जारी कराए जाने के निर्देश देंगे? (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) अनुसार श्री द्विवेदी के जाँच एवं कार्यवाही बावत् तैयार की गई नोटशीट एवं पत्र/सहपत्र की प्रति देते हुये बतावें कि जाँच समिति के गठन पश्चात प्रतिवेदन कब प्राप्त हुआ प्रतिवेदन प्राप्त होने के बाद कार्यवाही लंबित रखी गई क्यों इसके लिये कौन-कौन उत्तरदायी है उन पर कार्यवाही के साथ श्री द्विवेदी की नियुक्ति निरस्त कर पद से पृथक करने बावत् निर्देश देंगे तो बतावें अगर नहीं तो क्यों? (घ) प्रश्नांश (क), (ख) एवं (ग) अनुसार उल्लेखित तथ्यों पर कार्यवाही के निर्देश देंगे तो बतावें अगर नहीं तो क्यों?
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) जी हाँ। श्री संदीप कुमार द्विवेदी तत्कालीन सचिव ग्राम पंचायत तिघरा जनपद पंचायत सिरमौर के विरूद्ध जांच समिति गठित कर जांच कराई गई, समिति द्वारा प्रस्तुत जांच प्रतिवेदन संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जांच समिति ने प्रारंभिक जांच में श्री संदीप द्विवेदी की पंचायतकर्मी के रूप में अधिसूचित किये जाने की प्रक्रिया संदिग्ध प्रतिवेदित की गई है। जिला पंचायत रीवा के पत्र दिनांक 18.02.2026 के द्वारा पुन: स्पष्ट प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश जांच समिति को जारी किए हैं। श्री संदीप कुमार द्विवेदी को कार्यालयीन आदेश दिनांक 18.12.2024 से निलंबित किया गया था। श्री द्विवेदी द्वारा निलंबन आदेश के विरूद्ध माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर में याचिका क्रमांक W.P. 41224/2024 दायर कर स्थगन प्राप्त किया गया है। प्रकरण में जांच अभी लंबित है, स्पष्ट प्रतिवेदन प्राप्त होने पर कार्यवाही की जा सकेगी। (ग) जांच समिति द्वारा दिनांक 07.11.2025 से जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया किन्तु जांच प्रतिवेदन स्पष्ट न होने के कारण पुन: जांच समिति से स्पष्ट प्रतिवेदन चाहा गया, अत: शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) जांच समिति से स्पष्ट प्रतिवेदन प्राप्त होने तथा माननीय उच्च न्यायालय का स्थगन समाप्त होने के उपरांत नियमानुसार कार्यवाही की जावेगी।
अनियमित व्यय पर कार्यवाही के साथ खेल सामग्री देना
[खेल एवं युवा कल्याण]
15. ( क्र. 908 ) श्री अभय मिश्रा : क्या खेल एवं युवा कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा रीवा संभाग में खेलों के प्रोत्साहन बावत् योजनाओं/खेलों/प्रतियोगिताओं का संचालन किया जा रहा है इनके संचालन बावत् जिलों को वर्ष 2020 से प्रश्नांश दिनांक तक के दौरान कितनी-कितनी राशियां किन-किन खेलों/योजनाओं/ प्रतियोगिताओं के संचालन बावत् दी गई राशियों का विवरण जिलेवार व हेडवार देवें। (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार संचालित योजनाओं के पालन में कौन-कौन से खेल/प्रतियोगिताएं जिलों में प्रश्नांश (क) की अवधि अनुसार संचालित की गई इनमें प्रति खेल/प्रतियोगिता में कितनी राशि व्यय हुई व्यय बावत् शासन के क्या निर्देश है प्रति देते हुये बतावें। (ग) प्रश्नांश (क) अनुसार विधायक कप के आयोजन बावत् प्रश्नांश (क) की अवधि अनुसार कितनी-कितनी राशि कब-कब किन-किन जिलों को प्रदान की गई ये आयोजन कब-कब किन-किन माननीय विधायकों के क्षेत्र में उनके सहमति से कराये गये का विवरण प्रश्नांश (क) की अवधि अनुसार देवें। (घ) प्रश्नांश (क) अनुसार संचालित योजनाओं/खेलों/प्रतियोगिताओं हेतु प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में खेल मैदानों का निर्माण पंचायत एवं ग्रामीण विभाग द्वारा कराया गया था उनके देखरेख एवं विभाग को हस्तानांतरित किये जाने के साथ उनको खेल सामग्री दिये जाने बावत् क्या निर्देश है अथवा देंगे बतावें एवं विधानसभा क्षेत्रों में नवीन खेल मैदान के निर्माण कराये जाने की स्वीकृति हेतु क्या निर्देश देंगे बतावें अगर नहीं तो क्यों। (ड.) प्रश्नांश (क), (ख), (ग) एवं (घ) में उल्लेखित तथ्यों अनुसार जाँच एवं कार्यवाही बावत् क्या निर्देश देंगे बतावें अगर नहीं तो क्यों?
खेल एवं युवा कल्याण मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा रीवा संभाग में खेलों के प्रोत्साहन बावत् योजनाओं/खेलों/प्रतियोगिताओं हेतु दी गई राशि की जिलेवार हेडवार (योजना मदवार) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 1 अनुसार है। (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार संचालित योजनाओं के पालन में आयोजित खेल प्रतियोगिताओं, अवधि एवं व्यय राशि की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 1 में समाहित है। राशि का व्यय म.प्र. भण्डार क्रय नियम एवं शासन द्वारा समय-समय पर जारी दिशा-निर्देशानुसार किया जाता है। (ग) प्रश्नांश (क) अनुसार विधायक कप के आयोजन बावत् प्रश्नांश (क) की अवधि अनुसार जिलों को दी गई राशि एवं आयोजन का विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 2 अनुसार है। (घ) जी हाँ, विभाग का सीमित बजट व सीमित अमले के कारण पंचायत एवं ग्रामीण विभाग द्वारा खेल मैदान का देखरेख का दायित्व खेल और युवा कल्याण विभाग द्वारा निर्वहन किया जाना व्यवहारिक रूप से संभव नहीं है। माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा दिये गये निर्देशानुसार सी.एम. युवा शक्ति योजना अंतर्गत प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में खेल परिसर/स्टेडियम निर्माण किया जाना प्रस्तावित है जिसके अनुसार जिन विधानसभा क्षेत्रों में खेल परिसर/स्टेडियम निर्मित नहीं है उन विधानसभा क्षेत्रों में खेल परिसर/स्टेडियम का निर्माण किया जावेगा। अतः शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ड.) उत्तरांश (क), (ख), (ग) एवं (घ) के संदर्भ में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
मंडी निधि से सड़कों का निर्माण एवं स्वीकृति
[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]
16. ( क्र. 927 ) कुँवर अभिजीत शाह : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) कृषि विभाग एवं मध्यप्रदेश शासन द्वारा वर्तमान में कौन-कौन सी योजनायें चलाई जा रही है एवं कब ये योजनायें प्रारंभ की गई, पिछले 5 वर्षों में टिमरनी विधानसभा के किसानों को किन-किन योजनाओं का लाभ दिया गया ग्रामवार, दिनांकवार, योजनावार एवं राशिवार विवरण प्रदान करें। (ख) क्या मंडी निधि द्वारा स्वीकृत सड़कों का निर्माण कृषि विभाग के माध्यम से कराया जाता है? यदि हाँ, तो ऐसे निर्माण कार्यों में क्षेत्र के चुने हुए जनप्रतिनिधियों से अनुशंसा लेने के क्या नियम एवं प्रावधान है? यदि नहीं है, तो इस प्रावधान को जोड़ने की शासन एवं कृषि विभाग की क्या योजना है। (ग) टिमरनी विधानसभा क्षेत्र में विगत तीन वर्षों में मंडी निधि द्वारा कितनी सड़कों का निर्माण कराया गया है? उनका विवरण, स्वीकृत लागत, व्यय की गई राशि एवं निर्माण की वर्तमान स्थिति से अवगत करावें। (घ) प्रश्नकर्ता द्वारा मंडी निधि से चार सड़कों की मांग की गई थी, उन प्रस्तावों पर अब तक क्या कार्यवाही की गई है तथा आगामी समय में मंडी बोर्ड द्वारा किन-किन सड़कों को स्वीकृति देने पर विचार किया जा रहा है, इसका विवरण देवें।
किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 एवं 2 अनुसार है। (ख) जी नहीं। अत: शेष प्रश्न उद्भूत नहीं होता है। इस संबंध में कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है। (घ) मंडी निधि से सड़क निर्माण हेतु पर्याप्त राशि उपलब्ध नहीं होने के कारण सड़क निर्माण का प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।
ग्राम पंचायत धुम्मा के सचिव की जानकारी
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
17. ( क्र. 1235 ) श्री बिसाहूलाल सिंह : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या ग्राम पंचायत धुम्मा में पदस्थ सचिव श्रीमती सुषमा रानी पाण्डेय जहां-जहां पदस्थ थी। वहां-वहां के पंचायतों में अपने पति के माध्यम से पंचायत के कार्य ठेके में कराये जाने का आरोप लगता रहा है जिनके पूर्व पदस्थापना वाले पंचायतों में इनके कार्यकाल में हुये कार्यों का उच्च स्तरीय जांच दल गठित कराकर जांच कराई जायेगी? यदि हाँ तो कब तक? (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार उक्त सचिव के विरूद्ध पूर्व के पदस्थापना वाले पंचायतों से इनके विरूद्ध इनके कार्यकाल का कितने-कितने शिकायतें प्राप्त हुई थी तथा प्राप्त शिकायतों में इनके विरूद्ध कौन-कौन से कार्यवाहियां कब-कब की गई है। (ग) प्रश्नांश (ख) अनुसार उक्त सचिव के द्वारा जनजातीय संवर्ग के सरपंचों के साथ दबावपूर्वक कार्य किये जाने से स्थानीय जनप्रतिनिधियों में आक्रोश व्याप्त होने के बावजूद भी प्रशासनिक अधिकारियों के मिली भगत के कारण व्यापक भ्रष्टाचार किया गया? यदि हाँ, तो सरपंच ग्राम पंचायत धुम्मा के द्वारा किये गये शिकायतों में अब तक क्या कार्यवाही की गई है? (घ) प्रश्नांश (क), (ख) एवं (ग) अनुसार उक्त सचिव के द्वारा किये गये भ्रष्टाचार का विभिन्न पदस्थापना वाले पंचायतों की जाँच करायी जायेगी? यदि हाँ तो कब तक? पंचायतवार जानकारी उपलब्ध करावें?
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) ग्राम पंचायत धुम्मा जनपद पंचायत अनुपपुर जिला अनुपपुर में पदस्थ सचिव श्रीमती सुषमा रानी पाण्डेय की पूर्व पदस्थापना वाले ग्राम पंचायतों के कार्यकाल में हुये कार्यों से संबंधित शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार सचिव के पूर्व के पदस्थापना वाले पंचायतों से इनके विरूद्ध कोई शिकायत संज्ञान में नहीं आई है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) उक्त सचिव के विरूद्ध सरपंच ग्राम पंचायत धुम्मा द्वारा प्रस्तुत एक शिकायत की जांच किये जाने हेतु कार्यालय जनपद पंचायत अनूपपुर का पत्र क्रमांक/209/ज.पं./स्था./2026 दिनांक 06/02/2026 के द्वारा 03 सदस्यीय जांचदल गठित कर जांच करायी जा रही है। (घ) प्रश्नांश (क) एवं (ख) में वर्णितानुसार उक्त सचिव के विरूद्ध भ्रष्टाचार से संबंधित कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। वर्तमान पदस्थापना वाले ग्राम पंचायत धुम्मा की प्राप्त शिकायत की जांच प्रक्रियाधीन है जांच प्रतिवेदन प्राप्त होने के उपरांत आवश्यक होने पर कार्यवाही की जाएगी। समय–सीमा बताया जाना सम्भव नहीं है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
कृषि महाविद्यालय पन्ना हेतु बस उपलब्ध कराना
[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]
18. ( क्र. 1713 ) श्री ब्रजेन्द्र प्रताप सिंह : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या विधानसभा सत्र दिसम्बर 2025 के प्रश्न क्रमांक 105 में पूछे गये प्रश्न के उत्तर में माननीय मंत्री जी द्वारा 40 सीटर बस हेतु जेम पोर्टल से बस के तकनीकी स्पेशिफिकेशन प्राप्त कर लिये गये है, से अवगत कराया गया था? (ख) क्या जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय जबलपुर ने अपने पत्र क्रमांक पी.एस.आर/2025/169 दिनांक 27.11.2025 द्वारा सचिव किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग भोपाल को छात्र एवं छात्राओं के आवागमन हेतु बस क्रय हेतु आवंटन प्रदान करने के संबंध में पत्र प्रेषित किया है? (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) अनुसार यदि हाँ तो प्रश्न दिनांक तक क्या कार्यवाही की गई? कब तक कृषि महाविद्यालय हेतु बस सुविधा उपलब्ध कराई जावेगी? समय-सीमा बतावें।
किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ग) उत्तरांश (क) एवं (ख) अनुसार राशि रूपये 29.00 लाख के मांग अनुसार कार्यवाही प्रक्रियाधीन है।
आई.टी.आई. (इण्डस्ट्रीयल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट) संस्थान के बारे में जानकारी
[तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार (केवल कौशल विकास एवं रोजगार)]
19. ( क्र. 1740 ) श्री नरेन्द्र प्रजापति [इंजीनियर] : क्या राज्य मंत्री, कौशल विकास एवं रोजगार महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा मनगवां अंतर्गत कितने आई.टी.आई. (इण्डस्ट्रीयल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट) संस्थान कितने है? आई.टी.आई. मनगवां के जर्जर भवन को कब तक में नया निर्माण कर नयी मशीनों की उपलब्धता करा ली जायेगी? (ख) प्रश्नांश (क) के अनुसार आई.टी.आई. मनगवां में सीमेन्ट टेक्नोलॉजी ट्रेड कब तक में शुरू कर दिया जायेगा? (ग) मनगवां में पॉलिटेक्निक कॉलेज की स्थापना कब तक में होगी?
राज्य मंत्री, कौशल विकास एवं रोजगार ( श्री गौतम टेटवाल ) : (क) विधानसभा मनगवां अंतर्गत एक शासकीय आई.टी.आई., मनगवां एवं एक निजी आई.टी.आई. संचालित है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ख) समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ग) विभागीय नीति प्रत्येक जिले में एक शासकीय पॉलिटेक्निक महाविद्यालय प्रारंभ करने की है। मनगवां, जिला-रीवा के अंतर्गत आता है। जिला-रीवा में शासकीय पॉलिटेक्निक महाविद्यालय, रीवा संचालित है। अत: विभागांतर्गत मनगवां में वर्तमान में नवीन शासकीय पॉलिटेक्निक महाविद्यालय प्रारंभ किया जाना प्रस्तावित नहीं है। शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
सड़क मार्ग के निर्माण कार्य
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
20. ( क्र. 1770 ) डॉ. रामकिशोर दोगने : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या वर्ष 2024 से जिला-नर्मदापुरम अंतर्गत ग्राम सिवनी-मालवा, बारासेल से खल सड़क मार्ग (लंबाई लगभग 1.82 कि.मी.) के मरम्मत/निर्माण कार्य हेतु स्वीकृति प्रदान की गई थी? यदि हाँ, तो उसकी स्वीकृत राशि, कार्यादेश क्रमांक एवं कार्य प्रारंभ समाप्ति की निर्धारित तिथि क्या है? विवरण देवें। (ख) क्या उक्त मार्ग के अंतर्गत केवल सीमित हिस्से में ही आंशिक मरम्मत की गई तथा शेष मार्ग पर आज दिनांक तक कोई कार्य नहीं किया गया, जबकि भुगतान पूरा किया जा चुका है? यदि हाँ, तो इसका कारण क्या है? (ग) क्या उक्त क्षेत्र के लिए पैकेज क्रमांक एम.पी.16 पी.टी.एन.043 के अंतर्गत लगभग 7.74 कि.मी. लंबाई की सड़कों का पैकेज बनाया गया, जिसमें वास्तविक आवश्यकता की तुलना में कम राशि स्वीकृत की गई, जिसके कारण कोई भी एजेन्सी टेण्डर नहीं भर पा रही है? यदि हाँ, तो कारण स्पष्ट करें। (घ) उक्त सड़क मार्ग का निर्माण कार्य कब तक पूर्ण कर दिया जावेगा? समय-सीमा बतावें। (ड.) क्या विभाग द्वारा उक्त सड़क की गुणवत्ता, लागत एवं कार्य की वास्तविक स्थिति का भौतिक सत्यापन कराया गया है? यदि नहीं, तो कब तक कराया जाएगा? उक्त प्रकरण में दोषी ठेकेदारों एवं अधिकारियों के विरूद्ध क्या दंडात्मक कार्यवाही प्रस्तावित है?
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) जी नहीं, जिला नर्मदापुरम अंतर्गत ग्राम सिवनी मालवा बारासेल से खल सड़क मार्ग (लंबाई लगभग 1.82 कि.मी.) के मरम्मत/निर्माण कार्य हेतु स्वीकृति वर्ष 2020 में प्राप्त हुई थी। मार्ग से संबंधित जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी नहीं, मार्ग के सम्पूर्ण हिस्से में मरम्मत की गई है। मार्ग में स्वीकृत राशि रू. 14.78 लाख के विरूद्ध संविदाकार को किये गये संधारण कार्यों के अनुसार राशि रू. 4.11 लाख का भुगतान किया गया है। (ग) जी नहीं, पैकेज अंतर्गत मार्गों के भौगोलिक स्थिति अनुसार कुल 7.74 कि.मी. लम्बाई की 03 सड़कों के स्थल की आवश्यकतानुसार प्राक्कलन तैयार कर पैकेज बनाया गया है, तदानुसार ही राशि स्वीकृत की गई है। वर्तमान SSR - 01.01.2024 अनुसार पैकेज की स्वीकृत राशि रू.85.00 लाख एवं मार्ग की स्वीकृत राशि रू.18.09 लाख है। पैकेज अंतर्गत निविदा आमंत्रण की कार्यवाही की जा चुकी है। अतः शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) पैकेज अंतर्गत निविदा आमंत्रण की कार्यवाही की जा चुकी है। नवीन एजेन्सी निर्धारण पश्चात कार्य कराया जा सकेगा। अतः समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ड.) जी हाँ। उक्त प्रकरण में संविदाकार को कार्यालय के पत्र क्रमांक 364 दिनांक 07.05.2024 के द्वारा अनुबंध निरस्त किया गया है। अतः शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
हरदा जिला अंतर्गत सड़क मार्ग निर्माण कार्य
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
21. ( क्र. 1773 ) डॉ. रामकिशोर दोगने : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या हरदा जिला अंतर्गत मोरगड़ी (खिरकिया रोड) से जटपुरा होते हुए अंजरूद्धमाल, नादरा से गोयत, झाड़पा से रैसलपुर सड़क मार्ग निर्माण कार्य स्वीकृत किया गया है? यदि हाँ, तो प्रत्येक मार्ग की योजना, स्वीकृति वर्ष, स्वीकृत राशि, लंबाई एवं कार्यादेश क्रमांक से संबंधित दस्तावेजों की प्रति उपलब्ध करावे। (ख) क्या उपरोक्त सड़क मार्गों के निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण नहीं किए गए है? यदि हाँ, तो प्रत्येक कार्य में हुए विलंब का कारण स्पष्ट करें एवं निर्माण कार्य कब तक पूर्ण कर लिया जावेगा? समय-सीमा बतावें। (ग) क्या उक्त मार्गों के निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को लेकर लगातार शिकायतें की जा रही हैं? यदि हाँ, तो अब तक कितनी शिकायतें प्राप्त हुईं एवं उनके निराकरण हेतु क्या कार्यवाही की गई? (घ) क्या इन सड़क मार्गों के निर्माण कार्यों का स्वतंत्र तकनीकी परीक्षण एवं भौतिक सत्यापन कराया गया है? यदि नहीं, तो क्यों नहीं? यदि हाँ, तो परीक्षण में पाई गई कमियों का विवरण देवें। (ड.) क्या ठेकेदारों को आंशिक/पूर्ण भुगतान कर दिया गया है, जबकि कार्य स्थल पर सड़कें आज दिनांक तक अधूरी अथवा क्षतिग्रस्त अवस्था में हैं? यदि हाँ, तो यह भुगतान किस अधिकारी की अनुशंसा पर किया गया और क्यों? (च) उपरोक्त प्रकरणों में दोषी ठेकेदारों एवं संबंधित अधिकारियों के विरूद्ध क्या दण्डात्मक कार्यवाही प्रस्तावित की गई है?
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) जी हाँ। झाड़पासे रैसलपुर मार्ग पैकेज क्रमांक MP15MTN041 में शामिल है एवं 5 वर्षीय पश्चात संधारण अवधि (MTN) अंतर्गत है। खिरकिया मोरगढी मार्ग से अजरूद्धमाल एवं नांदरा से गोयत (अबगांव खुर्द से गोयत) मार्ग निर्माण हेतु स्वीकृत हुए है, वर्तमान में कार्य प्रगतिरत है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''1'' अनुसार है। (ख) झाड़पासे रैसलपुर मार्ग की 5 वर्षीय संधारण अवधि (एम.टी.एन.) दिनांक 23.06.2030 तक हैं एवं खिरकिया मोरगढी मार्ग से अजरूद्धमाल एवं नांदरा से गोयत (अबगांव खुर्द से गोयत) का कार्य समयावधि में पूर्ण नहीं किया गया हैं। विलंब का कारण एवं संभावित पूर्णता दिनांक की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''2'' अनुसार है। (ग) शिकायत लगातार प्राप्त नहीं हो रही है प्राप्त शिकायतों के विवरण की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''3'' अनुसार है। (घ) स्टेट क्वालिटी मॉनिटर द्वारा जांच करवाई गई हैं। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''4'' अनुसार है। (ड.) गुणवत्तायुक्त किये गये कार्य का ही भुगतान किया गया हैं, किये गये भुगतान के विवरण की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''5'' अनुसार है। (च) जी नहीं। जांच प्रतिवेदन के निष्कर्ष के अनुसार अधिकारियों के विरूद्ध दण्डात्मक कार्यवाही का प्रश्न उपस्थित नहीं होता, संविदाकार के विरूद्ध धीमी प्रगति के कारण खिरकिया मोरगढी से अजरूद्धमाल हेतु राशि रू. 7.59 लाख एवं नांदरा से गोयत (अबगांव खुर्द से गोयत) मार्ग हेतु राशि रू. 4.07 लाख शास्ति के विरूद्ध रोकी गई हैं।
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना अंतर्गत नवीन सड़क निर्माण
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
22. ( क्र. 2023 ) श्री राजेन्द्र भारती : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में नवीन सड़क बनाये जाने तथा मरम्मत हेतु क्या-क्या मापदंड निर्धारित किए गए है? कृपया मापदंडों की प्रतियां उपलब्ध कराते हुये बताये कि क्या उक्त योजना अंतर्गत भारी यातायात के मद्देनजर रखते हुये स्टेट हाईवे दतिया-दिनारा रोड से अगोरा दुर्गापुर, भागौर सिगरा वाया चिरूला झांसी ग्वालियर हाईवे तक एवं भितरवार डबरा रोड से डंगरा हिनौतिया बड़गौर, पाचौर, मडैयन, पपरेडूकलां, औरीना होते हुये लमकना, बिल्हारी होकर बडौनी से ग्वालियर झांसी राजमार्ग के अतिरिक्त अन्य सड़कें भी उक्त योजना में प्रस्तावित की गई है? यदि हाँ तो दतिया जिले में वर्ष 2024-25 2025-26 एवं 2026-27 में कौन-कौन सी सड़कें सम्मिलित/स्वीकृत की गई है तथा 2026-27 में कौन-कौन सी प्रस्तावित है? कृपया वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 की वित्तीय एवं प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान करते हुये डीपीआर उपलब्ध कराते हुए बताये कि कौन-कौन से उक्त कार्य एजेंसियों द्वारा सड़कें एवं निर्माण कार्य किया गया है/किया जा रहा है? (ख) प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना अंतर्गत दतिया जिले में वर्ष 2024-25 2025-26 हेतु मजरा टोला सहित कौन-कौन सी सड़कें सम्मिलित की गई है तथा निर्धारित मापदण्ड अनुसार कितनी-कितनी सड़कों की स्वीकृति दी गई है? वर्ष 2026-27 में कौन-कौन सी सड़कें विचाराधीन/प्रस्तावित है? कृपया पृथक-पृथक जानकारी प्रदान करें। (ग) क्या दतिया जिले में नल-जल योजना का कार्य प्रचलित है/किया गया है. यदि हाँ तो योजना के क्या मापदंड/नियम/निर्देश है? कृपया नियम/निर्देशों की प्रतियां प्रदान करते हुये बताये कि क्या दतिया जिले में नल-जल योजना अंतर्गत पाइप लाइन डालने के कार्य हेतु संबंधित फर्म/एजेंसी ठेकेदार द्वारा मजबूत एवं नवीन निर्मित सड़कों को खोदा/तोड़ा गया था? यदि हाँ तो क्या संबंधित योजना में पाइप लाइन डालने के कार्य में क्षतिग्रस्त एवं खोदी गई सड़कों की मरम्मत/निर्माण का कार्य भी सम्मिलित था? यदि हाँ तो उक्त सड़कें किसके द्वारा मरम्मत/निर्माण कराई जायेगी? कृपया नल-जल योजना के प्रचलित एवं किये गये कार्यों के समस्त कार्यादेश एवं अनुबंध पत्रों एवं भौतिक सत्यापन रिपोर्ट की प्रतियां प्रदान करते हुये बताये कि उक्त सड़कों की मरम्मत न करने वाली फर्म/एजेंसियों के विरूद्ध क्या विभाग कार्यवाही करेगा?
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-IV की दिशा निर्देश की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''1'' अनुसार है। योजना अंतर्गत निर्मित मार्गों के लिए ''समग्र संधारण नीति 2014'' शासन द्वारा लागू है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''2'' अनुसार है। योजनांतर्गत स्टेट हाईवे दतिया दिनारा रोड से अगोरा-दुर्गापुर-भागौर एवं भागौर से पिसनारी तक सड़क निर्मित है। झांसी ग्वालियर हाईवे से चिरूला तक अन्य विभाग एवं चिरूला से करईखुर्द तक विभाग अंतर्गत पृथक-पृथक सड़कें निर्मित हैं। वर्तमान में प्रश्न में वर्णित स्टेट हाईवे दतिया दिनारा रोड से अगोरा- दुर्गापुर- भागौर- सिमरा व्हाया चिरूला झांसी ग्वालियर हाईवे तक थ्रू रूट निर्मित नहीं है। इस थ्रू रूट पर ग्राम पसनारी से करारीखुर्द तक कच्चा रास्ता एवं मध्य में नदी हैं। वर्तमान में उपरोक्त मार्गों पर भारी यातायात प्रचलन में नहीं होने से उन्नयन में प्रस्तावित नहीं किया गया है। भितरवार डबरा रोड से डंगरा- हिनौतिया- बडगौर- पाचोर- मडयन- पपरेडूकलां- ओरीना होते हुये लमकना-बिलारी होते हुये ग्वालियर झांसी राजमार्ग उपरोक्त थ्रू रूट वर्तमान में विद्यमान नहीं है। डबरा भितरवार रोड से सिद्धपुरा, अजीतपुरा तक कच्चा रास्ता है, तत्पश्चात सिंध नदी है। सिंध नदी के दूसरे किनारे पर ग्राम डगरा स्थित है जिसकी कनेक्टिविटी योजनांतर्गत पक्की सड़क से दी गई है। इसी प्रकार ग्राम हिनौतिया को भी सोनगिर होते हुये ग्वालियर झांसी रोड से जोड़ा गया है। इसी प्रकार ग्राम बडगौर-पाचोर- मडयन- पपरेडूकलां- ओरीना लमकना बडौनी होकर ग्वालियर झांसी रोड से जुड़े हुये हैं। उपरोक्त मार्गों में से परियोजना क्रियान्वयन इकाई शिवपुरी अंतर्गत बिल्हारी से गोपालपुरा चौराहा उन्नयन में स्वीकृत हुआ है। वर्षवार विस्तृत जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''3'' अनुसार है तथा जिला दतिया अंतर्गत ग्राम डगरा एवं हिनौतिया को जोड़ने वाली सड़कों का एटीसीसी सर्वे कार्य कराया जा रहा है। सर्वे के आकलन उपरांत आगामी कार्यवाही की जावेगी। वर्तमान में वर्ष 2026-2027 की कार्य योजना प्रस्ताव अनुसार तैयार की जावेगी। (ख) जिला दतिया अंतर्गत प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-IV में चिन्हांकित बसाहटों की प्राथमिकता सूची की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''4'' अनुसार है एवं मुख्यमंत्री मजरा, टोला सड़क योजनान्तर्गत दिशा निर्देशों के अनुरूप 100 से अधिक आबादी की पात्र चिन्हित बसाहटों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''5'' अनुसार है। (ग) लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार जी हाँ, जल जीवन मिशन की मार्गदर्शिका अनुसार कार्य संपादित कराये जा रहे है। प्रत्येक ग्रामीण क्षेत्र में 70 एल.पी.सी.डी. के मान से पेयजल उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। जी हाँ, पाइप लाइन डालने हेतु खोदी गई सड़क एवं सी.सी. को यथा स्थिति में निर्माण करने की कार्यवाही संबंधित फर्म द्वारा अनुबंध अनुसार संपादित की जा रही है। नल-जल योजना के प्रचलित कार्यों के कार्यादेश, अनुबंध भौतिक सत्यापन की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''6'' अनुसार है। शेष प्रश्नांश अनुसार प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। म.प्र. जल निगम मर्यादित से प्राप्त जानकारी के अनुसार - जी हाँ। जल जीवन मिशन की मार्गदर्शिका अनुसार कार्य संपादित कराये गए है। जी हाँ। म.प्र. जल निगम द्वारा दतिया जिले के 141 ग्रामों में उदगवा, बडौदाकलां एवं बसई समूह जल प्रदाय योजना अंतर्गत पाइप लाइन बिछाने के उपरांत क्षतिग्रस्त एवं खोदी गई सड़कों का रेस्टोरेशन का कार्य सम्मिलित था। रेस्टोरेशन का कार्य संबंधित ठेकेदार द्वारा कार्य के उपरांत अनुबंधानुसार यथावत कर दिया गया है। उदगवा समूह जल प्रदाय योजना अंतर्गत छूटे हुए टोलो, मजरो को अच्छादित करने हेतु उदगवा रेट्रोफिटिंग समूह जल प्रदाय योजनांतर्गत शेष 1.54 कि.मी. खोदी गई सी.सी. रोड को टेस्टिंग उपरांत दिनांक 15.03.2026 तक पूर्ण किया जाना संभावित है। वर्तमान में दतिया जिले में म.प्र. जल निगम द्वारा किसी भी नवीन समूह जल प्रदाय योजना का क्रियान्वयन नहीं किया जा रहा है। समूह जल प्रदाय योजनाओं के कार्यादेश, अनुबंध पत्र एवं भौतिक सत्यापन की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''7'' अनुसार है। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता है।
ग्राम पंचायतों में की गई अनियमितताएं
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
23. ( क्र. 2028 ) श्री राजेन्द्र भारती : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या दतिया जिले में ग्राम पंचायतों में शासन की योजनायें संचालित है? यदि हाँ तो 15वां वित्त/5वां वित्त योजनायें वित्तीय वर्ष 2021-22 से प्रश्न दिनांक तक संचालित रही/प्रचलित है? कृपया वर्षवार एवं योजनावार जानकारी उपलब्ध कराये तथा बतायें कि क्या ग्राम पंचायत नौनेर, बहादुरपुर, डोगरपुर, दुर्गापुर, बसई ठकुरपुरा, सतलौन, बरधुंआ, सांकुली, जैतपुर, उर्दना मकडारी में वित्तीय वर्ष 2023-24 से प्रश्न दिनांक तक निर्माण कार्य कराये गये हैं। यदि हाँ, तो वित्तीय वर्ष 2023-2024 से प्रश्न दिनांक तक उक्त ग्राम पंचायतों में 15वां वित्त/5वां वित्त मद से कुल प्रदान किया गया आवंटन मदवार, वर्षवार प्रदान करें। (ख) क्या उक्त ग्राम पंचायतों को वित्तीय वर्ष 2023-24 से प्रश्न दिनांक तक 15वां वित्त/5वां वित्त आयोग मद की आवंटन राशि प्राप्त हुई उसको व्यय करते हुये शासन के निर्देशों के अनुरूप उपयोग कर लिया गया है? यदि हाँ तो वित्तीय वर्ष 2023-24 से प्रश्न दिनांक तक व्यय की गई राशि का मदवार वर्षवार विवरण एवं कार्य पूर्णता प्रमाण पत्र, उपयोगिता प्रमाण पत्र, वर्षवार जानकारी उपलब्ध कराये। (ग) क्या उक्त ग्राम पंचायतों में वित्तीय वर्ष 2023-24 से प्रश्न दिनांक तक 15वां वित्त/5वां वित्त आयोग मद से जो भी निर्माण कार्य कराये गये उनकी भौतिक सत्यापन रिपोर्ट प्राप्त की गई? यदि हाँ तो वित्तीय वर्ष 2023-24 से प्रश्न दिनांक तक किये गये समस्त निर्माण कार्यों की, प्रत्येक कार्य की, वर्षवार, मदवार, भौतिक सत्यापन रिपोर्ट, रिपोर्ट प्रदान करने वाले अधिकारी/कर्मचारी के नाम, पदनाम सहित जानकारी प्रदान करें। (घ) क्या जिला पंचायत/जनपद सदस्यों को विकास कार्य हेतु राशि आवंटित की जाती है? यदि हाँ तो कितनी राशि किस योजना मद में किस कार्य के लिये दी जाती हैं? वित्तीय वर्ष 2023-24 से प्रश्न दिनांक तक जिला/जनपद पंचायत द्वारा किस-किस ग्राम पंचायत को कहां-कहां कार्य दिये गये हैं? कृपया वर्षवार, मदवार एवं योजनावार प्रदत्त राशि सहित सूची प्रदान करें।
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट – ''अ'' अनुसार है। (ख) वित्तीय वर्ष 2023-24 से प्रश्न दिनांक तक 15वां/5वां वित्त की राशि प्राप्त हुई है परंतु सम्पूर्ण राशि व्यय नहीं हुई है। इस अवधि में उक्त 12 ग्राम पंचायतों में स्वीकृत कार्यों का विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट - ''ब'' तथा पूर्णता प्रमाण पत्र पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट – ''स'' अनुसार है। (ग) कार्यों का मूल्यांकन स्थल पर माप कर ही किया जाता है। वित्तीय वर्ष 2023-24 से प्रश्न दिनांक तक निर्माण कार्यों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट - ''ब'' अनुसार है। (घ) जिला/जनपद पंचायत को विकास कार्यों हेतु 15वां वित्त/5वां वित्त की राशि प्रदाय की जाती है न कि जिला पंचायत/जनपद पंचायत सदस्यों को। जिला/जनपद पंचायतों द्वारा स्वीकृत कार्यों की जानकारी ई-ग्राम स्वराज पोर्टल के लिंक https://egramswaraj.gov.in/approve ActionPlanData.do पर देखी जा सकती है।
15वें वित्त आयोग के अप्रारंभ कार्य
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
24. ( क्र. 2082 ) श्री दिनेश राय मुनमुन : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रश्नकर्ता के विधानसभा तारांकित प्रश्न क्रमांक 162 दिनांक 1 दिसम्बर 2025 में स्वीकार किया गया है कि सिवनी जिले में 15वें वित्त आयोग की प्रशासकीय स्वीकृति के पूर्व सभी जनपद पंचायतों को जिला पंचायत से अनुशंसा/अनुमोदन प्राप्त करना नहीं होता है, तो फिर कार्यालय कलेक्टर (पंचायत) जिला सिवनी का कार्यवाही विवरण क्रमांक 2962 दिनांक 06-08-2024 कार्यवाही विवरण क्रमांक 827 दिनांक 17-06-2025 में उक्त योजना के सिवनी जिले की सभी 08 जनपद पंचायतों से प्रस्तावित कार्यों की अनुमोदन क्यों और किस आधार पर किये गये? कारण स्पष्ट करें। (ख) प्रश्नांश (क) के तारतम्य में यदि जिला पंचायत कार्यालय से 15वें वित्त आयोग के कार्यों के अनुमोदन जनपद पंचायतों को प्राप्त नहीं करना है तो किन कारणों से विभिन्न वर्षों के कार्य प्रश्न दिनांक तक अप्रारंभ है? अप्रारंभ कार्यों की सूची योजना प्रारंभ से प्रश्न दिनांक तक की स्थिति में वर्षवार जनपद पंचायतवार अप्रारंभ होने का कारण सहित स्पष्ट करें?
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) जी हाँ, जिला पंचायत से अनुमोदन प्राप्त करना आवश्यक नहीं है, परंतु जनपद पंचायत की सामान्य सभा द्वारा अनुमोदित प्रस्ताव पर जिला कार्य योजना समिति (DPC) की बैठक में अनुमोदन आवश्यक है। निर्देशों की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट - ''अ'' अनुसार है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) जिला योजना समिति से अनुमोदन वांछित होता है। अप्रारंभ कार्यों की कारण सहित सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट - ''ब'' अनुसार है।
स्वीकृत विकास कार्यों की जानकारी
[उच्च शिक्षा]
25. ( क्र. 2128 ) श्री नीरज सिंह ठाकुर : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बरगी विधानसभा क्षेत्रांतर्गत जनवरी 2024 से प्रश्नांश दिनांक तक उच्च शिक्षा विभाग द्वारा कौन-कौन से कार्य स्वीकृत किये गये है? कार्यों की स्थिति क्या है? वर्तमान में कौन-कौन से कार्य प्रगति पर हैं? सम्पूर्ण जानकारी उपलब्ध करावें। (ख) बरगी विधानसभा क्षेत्र हेतु आगामी वर्षों में कराये जाने हेतु कौन-कौन से कार्य प्रस्तावित हैं? सूची उपलब्ध करावें।
उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री इन्दर सिंह परमार ) : (क) बरगी विधानसभा क्षेत्रांतर्गत वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 में स्वीकृत निर्माण कार्यों की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) बरगी विधानसभा अंतर्गत नवीन शासकीय महाविद्यालय, शहपुरा का भवन निर्माण प्रस्ताव विचाराधीन है।
स्वीकृत विकास कार्यों की जानकारी
[खेल एवं युवा कल्याण]
26. ( क्र. 2129 ) श्री नीरज सिंह ठाकुर : क्या खेल एवं युवा कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बरगी विधानसभा क्षेत्रांतर्गत जनवरी 2024 से प्रश्नांश दिनांक तक खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा कौन-कौन से कार्य स्वीकृत किये गये है? कार्यों की स्थिति क्या है? वर्तमान में कौन-कौन से कार्य प्रगति पर हैं? (ख) बरगी विधानसभा क्षेत्र हेतु आगामी वर्षों में कराये जाने हेतु कौन-कौन से कार्य प्रस्तावित हैं? सूची उपलब्ध करावें।
खेल एवं युवा कल्याण मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) विभाग द्वारा बरगी विधानसभा क्षेत्र अन्तर्गत प्रश्नाधीन अवधि वर्तमान में कोई भी कार्य स्वीकृत नहीं किया गया है। अतः शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ख) बरगी विकासखण्ड हेतु वर्तमान में कोई कार्य स्वीकृत/प्रस्तावित नहीं है। मान. सदस्य के प्रस्ताव अनुसार बरगी विधानसभा क्षेत्र के शहपुरा में खेल मैदान निर्माण हेतु संचालनालयीन पत्र क्रमांक 1926 दिनांक 06.06.2025 एवं पत्र क्रमांक 11406 दिनांक 18.02.2026 द्वारा कलेक्टर जिला जबलपुर से समतल व उपयुक्त नगर निकाय सीमा से 2.00 कि.मी. की परिधि में 10.00 एकड़ भूमि विभाग के नाम आवंटित किये जाने हेतु लेख किया गया है। शहपुरा में जिला प्रशासन द्वारा 10.00 एकड़ भूमि विभाग के नाम आवंटित होने के उपरांत जिला खेल और युवा कल्याण अधिकारी जबलपुर से समुचित प्रस्ताव तैयार कर प्रस्तुत करने के उपरांत प्रस्ताव का परीक्षण कर बजट उपलब्धतानुसार सक्षम समिति के समक्ष स्वीकृति हेतु प्रस्तुत किया जा सकेगा। उत्तरांश ''क'' के संदर्भ में शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
जिला टीकमगढ़ में पी.सी.ओ. एवं ए.पी.ओ. से संबंधित जानकारी
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
27. ( क्र. 2296 ) श्री यादवेन्द्र सिंह : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या टीकमगढ़ जिले में पी.सी.ओ. से कोई कार्य नहीं करवाया जाता है केवल कागजों में जांच व शिकायतें देकर कर्तव्य की इति श्री कर ली जाती है? (ख) जिले में कितने पी.सी.ओ. ने, विगत 5 वर्षों में, किस-किस पी.सी.ओ. ने, किस-किस पंचायत की जांच की पंचायत का नाम, पी.सी.ओ. का नाम बतायें? (ग) क्या यह भी सही है कि कुछ पी.सी.ओ. को ए.पी.ओ. मनरेगा बनाया गया है वह केवल इसलिए बनाया गया है कि अवैध पदस्थापना होने से उनसे लाल पीला कराया जा सकता है। यदि नहीं, तो पदस्थापना का कारण बतायें? (घ) क्या पी.एस.ओ. प्रमोद खरे ने अपनी जांच प्रतिवदेन में उल्लेखित किया है कि सरपंच एवं जनपद सदस्य की पत्नी को आवास का लाभ शासन नियमानुसार दिया गया है जबकि उनके पास पूर्व से कई पक्के मकान कई एकड़ जमीन थी कब तक सम्पूर्ण आवासों की जांच कराई जायेगी?
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) जी नहीं। जिला टीकमगढ़ में पदस्थ पंचायत समन्वय अधिकारियों से शासन के नियमानुसार कार्य कराये जाते हैं। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) जी नहीं। केवल जनपद पंचायत जतारा में तत्कालीन ए.पी.ओ. मनरेगा के विरूद्ध लोकायुक्त प्रकरण पंजीबद्ध होने से श्री प्रमोदादित्य तिवारी, पंचायत समन्वय अधिकारी को अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी मनरेगा जनपद पंचायत जतारा का कार्य प्रभार आवश्यकतावश अस्थाई रूप से सौंपा गया है। (घ) श्री प्रमोद खरे, पंचायत समन्वय अधिकारी द्वारा ग्राम पंचायत बरेठी खास जनपद पंचायत जतारा में प्राप्त शिकायत की जांच की गई थी, जांच में हितग्राही को पात्र होने से नियमानुसार आवास का लाभ दिया जाना पाया गया है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''ब'' अनुसार है। ग्राम पंचायत बरेठी के आवास की जांच के लिए मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत जतारा, जिला टीकमगढ़ के आदेश दिनांक 03-02-2026 से जांच दल का गठन किया गया है। समय-सीमा बताना संभव नहीं।
पंजीयन एवं अंत्येष्टी अनुग्रह राशि
[श्रम]
28. ( क्र. 2297 ) श्री यादवेन्द्र सिंह : क्या श्रम मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) टीकमगढ़ जिला में मुख्यमंत्री जन कल्याण संबल योजनान्तर्गत विगत 5 वर्ष में कुल कितने आवेदन जमा किये गये जनपदवार ग्रामवार बतायें? (ख) क्या जमा आवेदनों में पात्रता की श्रेणी में पंजीयन हेतु पटवारी, पी.सी.ओ. आदि की रिपोर्ट पर आवेदक के ऑनलाईन आवेदन पत्र पर सचिव ने कितने दिन बाद जनपद पंचायत को सत्यापन हेतु प्रस्तुत किये क्या विलम्ब से जमा करने के कारण आवेदकों को लाभ विलम्ब से मिला? (ग) क्या कुछ पंचायतों के सचिवों द्वारा सही कार्य न कर पात्र को अपात्र एवं अपात्र को पात्र किया गया, यदि नहीं, तो स्वीकृत आवेदन पत्रों की समग्र आई.डी. जमीन के खसरा नं. पटवारी, पी.सी.ओ. आदि की रिपोर्ट सभी में विलम्ब किया जाता है? (घ) जनपद पंचायत जतारा ग्राम पंचायत बरेठी, में विगत 5 वर्षों में कितने आवेदन पंजीयन अनुग्रह अंत्येष्टी ऑनलाईन किये गये और कितनों का भुगतान हुआ एवं कितने शेष है हितग्राहियों को समय पर लाभ न मिलने के लिये कौन-कौन दोषी है?
श्रम मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) टीकमगढ़ जिला में मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल 2.0) योजनांतर्गत प्रश्नांश से संबंधी जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) आवेदकों द्वारा संबल योजनांतर्गत नवीन पंजीयन हेतु आवेदन पत्र ऑनलाईन किये जाने उपरांत जांच अधिकारियों (ग्राम रोजगार सहायक/ग्राम सचिव/वार्ड प्रभारी आदि) द्वारा 07 दिवस के अंदर सत्यापन कर प्रस्तुत करने के निर्देश है। आवेदकों द्वारा ऑनलाईन आवेदक स्वयं पोर्टल पर किया जाता है। मूल दस्तावेज सत्यापन हेतु आवेदक द्वारा जांच अधिकारी के पास विलंब से जमा करने के कारण कुछ प्रकरणों में सत्यापन में विलंब निर्मित होता है, अत: शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) प्रकरणों में निराकरण के संबंध में शिकायत प्राप्त होने पर प्रकरण विशेष में पृथक से नियमानुसार कार्यवाही की जाती है। (घ) जनपद पंचायत जतारा की ग्राम पंचायत बरेठी में विगत 05 वर्षों में संबल पंजीयन के कुल 216 आवेदन प्राप्त हुये। अंत्येष्टि सहायता के कुल 13 आवेदन प्राप्त हुए जिनका भुगतान हो गया है। अनुग्रह सहायता के कुल 13 प्रकरणों में से 12 प्रकरणों का भुगतान हो चुका है। शेष 01 प्रकरण स्वीकृत तथा डिजिटल हस्ताक्षरित कर भुगतान हेतु स्वीकृत है। मुख्यमंत्री जनकल्याण संबल योजनांतर्गत अनुग्रह सहायता भुगतान एक सतत प्रक्रिया है, योजनांतर्गत प्रत्येक सिंगल क्लिक कार्यक्रम में स्वीकृत तथा डिजिटल हस्ताक्षरित प्रकरणों में भुगतान मृत्यु दिनांक के क्रमानुक्रम में बजट उपलब्धता अनुसार किया जाता है। अत: शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
अवैध नियुक्तियों के संबंध में आवश्यक कार्यवाही
[सहकारिता]
29. ( क्र. 2367 ) श्री भंवर सिंह शेखावत : क्या सहकारिता मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित, जिला देवास अंतर्गत ग्राम खातेगांव की सहकारी संस्थाओं (सोसायटियों) में नियमों के विरूद्ध अवैध नियुक्तियाँ की गई हैं? यदि हाँ, तो उक्त संस्थाओं में अब तक कुल कितनी अवैध नियुक्तियाँ की गई हैं? कृपया संस्थावार एवं पदवार विवरण उपलब्ध कराएं। (ख) इन अवैध नियुक्तियों के संबंध में जांच कब प्रारंभ की गई एवं अब तक क्या कार्रवाई की गई है? (ग) अवैध नियुक्ति हेतु कौन-कौन अधिकारी/कर्मचारी दोषी है, अधिकारियों/कर्मचारियों के नाम एवं पद क्या हैं? दोषी अधिकारियों पर क्या अनुशासनात्मक अथवा दंडात्मक कार्रवाई प्रस्तावित/की गई है? यदि हाँ, तो उसका विवरण क्या है, यदि नहीं, तो कारण स्पष्ट करें। (घ) भविष्य में ऐसी अनियमितताओं की पुनरावृत्ति रोकने हेतु सरकार द्वारा क्या ठोस कदम उठाए जा रहे हैं? यदि हाँ, तो अवगत करावे, नहीं तो क्यों?
सहकारिता मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) जी हाँ। जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र 1 अनुसार है। (ख) शिकायत प्राप्त होने पर उपायुक्त सहकारिता जिला देवास के आदेश दिनांक 06.12.2022 से जांच दल गठित किया गया। जांच दल द्वारा प्रस्तुत जांच प्रतिवेदन अनुसार संबंधित संस्थाओं के प्रशासकों द्वारा अवैधानिक रूप से नियुक्त कर्मचारियों को सेवा से पृथक करने की कार्यवाही की गई। (ग) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र 2 अनुसार है। (घ) कार्यालय आयुक्त सहकारिता एवं पंजीयक सहकारी संस्थाएं, म.प्र. द्वारा समस्त जिला कार्यालयों को पत्र दिनांक 13.03.2018 से प्रशासकों के किये जाने वाले तथा नहीं किये जाने वाले कार्यों के संबंध में स्पष्ट निर्देश जारी किये गये हैं। इसी प्रकार पैक्स कर्मचारी सेवानियम की कंडिका क्रमांक 14 में पैक्स के कर्मचारी की नियुक्ति से संबंधित प्रावधान हैं।
श्रमिकों के पंजीयन करने की जानकारी
[श्रम]
30. ( क्र. 2404 ) श्री आशीष गोविंद शर्मा : क्या श्रम मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्य प्रदेश में श्रम विभाग में कितने श्रमिक वर्ष 2026 तक पंजीकृत किये गये बतायें। क्या श्रम विभाग द्वारा झाड़ू पोछा चाय की दुकान, होटल, ढाबों, खेतों पर काम करने वाले मजदूरों का भी पंजीयन किया जाता है यदि हाँ तो इसकी क्या प्रक्रिया है? (ख) देवास जिले के कितने श्रमिकों का पंजीयन किया गया है। विभाग बतायें कि प्रश्नांश दिनांक से वर्ष 2025-26 कितने श्रमिकों को शिक्षा छात्रवृत्ति, विवाह सहायता, प्रसूती सहायता गंभीर घायल कर सहायता, मृत्यु सहायता प्रदान की गई संख्या एवं राशि बतायें। (ग) प्रश्नांश दिनांक तक आर्थिक सहायता के कितने प्रकरण लम्बित है संख्या बतायें। (घ) क्या विभाग अभियान चलाकर मजदूरी करने वाले संचालक, परिचालक, सफाई कामगार, बांस के उत्पादन बनाने वाले लोगों का प्रदेश भर में पंजीयन करेगा। यदि हाँ तो कब तक बतायें। (ड.) क्या, प्रश्नकर्ता के विधानसभा क्षेत्र में स्थापित उद्योगों में नियोजित कामगारों को श्रम विभाग की योजनाओं का लाभ मिल रहा है? नियोजित कामगारों को श्रम विभाग की योजनाओं का लाभ मिल रहा है?
श्रम मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) मध्यप्रदेश में श्रम विभाग में वर्ष 2026 तक पंजीकृत श्रमिकों की संख्या निम्नानुसार है:-
(ख) देवास जिले के श्रमिकों की पंजीयन की जानकारी निम्नानुसार है:- मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल 2.0) योजनांतर्गत कुल 57,910 पंजीकृत श्रमिक है, म.प्र. भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल अंतर्गत 22214 निर्माण श्रमिक पंजीकृत है तथा म.प्र. श्रम कल्याण मंडल में श्रमिकों के व्यक्तिगत पंजीयन का प्रावधान नहीं है। असंगठित कर्मकार कल्याण मण्डल तथा म.प्र. भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल द्वारा शिक्षा छात्रवृत्ति योजना संचालित नहीं है। प्रसूति सहायता योजनांतर्गत म.प्र. भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार एवं संबल योजनांतर्गत देवास जिले में वर्ष 2025-26 में कुल 15291 हितग्राहियों को कुल 117718600/- राशि का भुगतान किया गया है। मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल 2.0) योजनांतर्गत प्रश्नांश से संबंधी आंशिक स्थाई अपंगता के 1 प्रकरण में राशि रूपये 1.00 लाख एवं मृत्यु अनुग्रह सहायता के कुल 989 प्रकरणों में राशि रूपये 21.59 करोड़ का भुगतान किया गया है। प्रश्नांकित अवधि में म.प्र. भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल द्वारा संचालित दुर्घटना में आंशिक अथवा स्थाई अपंगता की स्थिति में अनुग्रह सहायता योजना एवं मृत्यु की दशा में अनुग्रह सहायता योजना, विवाह सहायता अंतर्गत लाभांवित हितग्राहियों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। म.प्र. श्रम कल्याण मंडल द्वारा विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत प्रश्नांश दिनांक से 20-02-2026 तक प्रदेश के श्रमिकों एवं उनके परिवारजनों को दी गई हितलाभ राशि एवं हितग्राहियों की संख्या की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-स अनुसार है। (ग) जानकारी संबंधी प्रकरण संख्या निम्नानुसार है:-
म.प्र. श्रम कल्याण मंडल अंतर्गत आर्थिक सहायता का निरंक प्रकरण। (घ) म.प्र. भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल तथा मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल 2.0) योजनांतर्गत अंतर्गत नियमित रूप से प्राप्त आवेदन अनुसार अधिसूचित प्रवर्गों में कार्यरत श्रमिकों का पंजीयन ऑनलाईन पोर्टल के माध्यम से किया जाता है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ड.) म.प्र. श्रम कल्याण निधि अधिनियम, 1982 के प्रावधानों के अंतर्गत मंडल द्वारा प्रदेश की समस्त औद्योगिक ईकाइयों में कार्यरत श्रमिकों एवं ऐसी स्थापनाओं जहाँ कैलेन्डर वर्ष में किसी भी कार्य दिवस पर 9 से अधिक श्रमिक कार्यरत है, के श्रमिकों के लिये निम्नलिखित योजनाओं का लाभ मिल रहा है:- 1 शैक्षणिक छात्रवृत्ति योजना, 2 शिक्षा प्रोत्साहन पुरस्कार योजना, 3. विवाह सहायता योजना, 4 अंतिम संस्कार सहायता योजना, 5 कल्याणी सहायता योजना, 6 उत्तम श्रमिक पुरस्कार योजना 7 श्रमिक साहित्य पुरस्कार योजना 8 अनुग्रह सहायता योजना। म.प्र. भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल एवं मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल 2.0) योजना अंतर्गत समस्त पंजीकृत असंगठित श्रमिकों को आवेदन करने पर पात्रता अनुसार लाभ होता है।
शा. महाविद्यालय में गृह विज्ञान संकाय खोलने के नियम
[उच्च शिक्षा]
31. ( क्र. 2405 ) श्री आशीष गोविंद शर्मा : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शा. महाविद्यालयों में नवीन संकाय खोले जाने की क्या नियम और शर्तें होती है? (ख) देवास जिले के कितने शासकीय महाविद्यालयों में गृह विज्ञान संकाय खोले गये हैं? (ग) क्या प्रश्नकर्ता के विधान सभा क्षेत्र के शा. महाविद्यालय कन्नौद में स्नातक स्तर पर गृह विज्ञान खोले जाने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन है? यदि हाँ, तो अगले सत्र के पूर्व में शा. महाविद्यालय कन्नौद में गृह विज्ञान संकाय खोला जावेगा?
उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री इन्दर सिंह परमार ) : (क) विभाग द्वारा निर्धारित मापदण्ड अनुसार पूर्व से संचालित शासकीय महाविद्यालय में नवीन संकाय प्रारंभ करने हेतु प्रस्तावित महाविद्यालय के कैचमेंट एरिया में संचालित 12वीं कक्षा वाले विद्यालयों में प्रत्येक संकाय में विद्यार्थियों की संख्या 200 होना चाहिए। (ख) देवास जिले के 01 शासकीय महाविद्यालय (शासकीय कन्या महाविद्यालय, देवास) में गृहविज्ञान संकाय संचालित है। (ग) जी हाँ। विभागीय मापदण्डों की पूर्ति एवं वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता के आधार पर विचार किया जाएगा। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
महाविद्यालय के अतिथि विद्वानों को समान वेतन का भुगतान
[उच्च शिक्षा]
32. ( क्र.
2478 ) श्री
सुरेश राजे : क्या
उच्च शिक्षा
मंत्री महोदय
यह बताने की कृपा
करेंगे कि
मध्यप्रदेश
शासन द्वारा
शासकीय
महाविद्यालय
में
जनभागीदारी
समिति का गठन
एवं समिति के
अधिकार
सम्बन्धी
नियम/आदेश की सत्यापित
प्रति देवें, क्या
यह सत्य है की
शासकीय
महाविद्यालयों
में गठित जनभागीदारी
समिति द्वारा
नियुक्त
अतिथि विद्वानों
को प्रदेश के
शासकीय
महाविद्यालयों
में एक समान
प्रतिमाह
वेतन नहीं
दिया जाता? इन्हें
कभी 15
हज़ार कभी 30 हज़ार
प्रतिमाह
वेतन दिया जा
रहा है जबकि 20-25
वर्षों से
निरंतर कार्यरत
हैं, उच्च
शिक्षा विभाग
द्वारा
स्वीकृत पदों
के विरूद्ध
प्रदेश शासन
स्तर से
शासकीय
महाविद्यालयों
में नियुक्त
अतिथि
विद्वानों को
एक समान 50 हजार से
अधिक
प्रतिमाह
वेतन भुगतान
किया जा रहा
है? यदि
हाँ,
तो पूर्व से
वर्तमान में
कार्यरत सभी
अतिथि विद्वानों
को हरियाणा
मॉडल समिति के
अनुसार एक
समान वेतन भुगतान
के आदेश कब तक
जारी किये
जायेंगे? यदि
नहीं,
तो क्यों? कारण
सहित बतावें।
उच्च
शिक्षा
मंत्री ( श्री
इन्दर सिंह
परमार ) : नियम/आदेश
की प्रति पुस्तकालय
में रखे
परिशिष्ट
अनुसार है। जनभागीदारी
मद में वित्तीय
संसाधनों की
उपलब्धता के
आधार पर समिति
द्वारा
निर्धारित
मानदेय
प्रदान किया
जाता है। जी
नहीं। शेष
प्रश्नांश
उपस्थित नहीं
होता।
प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना की जानकारी
[आयुष]
33. ( क्र. 2496 ) श्री अशोक ईश्वरदास रोहाणी : क्या आयुष मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जबलपुर जिले में प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (आयुष्मान कार्ड) के तहत कुल कितने हितग्राहियों को इसका लाभ प्राप्त हुआ है? (ख) जबलपुर जिले में प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (आयुष्मान कार्ड) के तहत कौन-कौन से सरकारी और निजी अस्पताल अधिकृत है? (ग) 70 वर्ष से कम आयु के हितग्राही जो कि आयुष्मान कार्ड की पात्रता श्रेणी में नहीं है, उनके आयुष्मान कार्ड कब तक बनेंगे? (घ) अचानक स्वास्थ्य खराब होने पर मरीज का तुरंत आयुष्मान कार्ड बनाकर उपचार कराये जाने का कोई प्रावधान है, यदि हाँ, तो कृपया इसकी प्रक्रिया विस्तार से बताएं।
आयुष मंत्री ( श्री इन्दर सिंह परमार ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।
राजीव गाँधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (RGPV) की परीक्षाओं की जानकारी
[तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार (केवल तकनीकी शिक्षा)]
34. ( क्र. 2535 ) डॉ. विक्रांत भूरिया : क्या तकनीकी शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (RGPV), भोपाल द्वारा डिग्री एवं डिप्लोमा परीक्षाओं हेतु परीक्षा केंद्र निर्धारित करने के लिए कोई निश्चित नियम, मापदंड एवं दिशा-निर्देश (Criteria & Guidelines) निर्धारित हैं? यदि हाँ, तो उन नियमों एवं मापदंडों का संक्षिप्त विवरण बतावें? (ख) क्या जनवरी 2025 से वर्तमान दिनांक तक आयोजित समस्त परीक्षाओं हेतु बनाए गए सभी केंद्र उक्त नियमों के अनुरूप थे? क्या इन केंद्रों का परीक्षा से पूर्व या दौरान भौतिक निरीक्षण (Physical Inspection) कराया गया था। (ग) प्रश्नांश (ख) के संदर्भ में, क्या सभी केंद्रों पर निर्धारित मूलभूत सुविधाएं (जैसे- सीसीटीवी, पेयजल, बैठक व्यवस्था) एवं सुरक्षा संबंधी मापदंड पूर्ण पाए गए? जनवरी 2025 से आज दिनांक तक किन-किन अधिकारियों द्वारा, किस-किस तिथि को केंद्रों का निरीक्षण किया गया? उन निरीक्षण प्रतिवेदनों (Inspection Reports) की सत्यापित प्रतियाँ उपलब्ध कराएं। (घ) यदि किसी परीक्षा केंद्र पर नियमों का उल्लंघन या सुविधाओं का अभाव पाया गया, तो इसके लिए उत्तरदायी अधिकारियों/कर्मचारियों के नाम क्या हैं? क्या उनके विरूद्ध कोई दंडात्मक या विभागीय कार्यवाही की गई है? यदि कार्यवाही लंबित है, तो इसे कब तक पूर्ण कर लिया जाएगा।
तकनीकी शिक्षा मंत्री ( श्री इन्दर सिंह परमार ) : (क) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) जी हाँ। जनवरी-2025 के पश्चात् बनाये गये केवल नवीन परीक्षा केन्द्रों का भौतिक सत्यापन करवाया गया हैं, जिसके अनुक्रम में 07 नवीन परीक्षा केन्द्रों का भौतिक निरीक्षण करवाया गया है। (ग) जी हाँ। 07 नवीन परीक्षा केन्द्रों के भौतिक निरीक्षणों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (घ) उत्तरांश 'ग' के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
सेवानिवृत्त कर्मचारियों की आयु में असमानता
[आयुष]
35. ( क्र. 2541 ) डॉ. तेजबहादुर सिंह चौहान : क्या आयुष मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) उच्च शिक्षा विभाग में चिकित्सा शिक्षा में एवं स्वास्थ्य विभाग में चिकित्सक और अन्य सभी कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति की आयु 65 वर्ष है लेकिन आयुष ( होम्योपैथिक, आयुर्वेदिक और यूनानी) चिकित्सा महाविद्यालय में प्राध्यापक,प्रोफेसर, व्याख्यता आदि सभी की सेवानिवृत्ति की आयु 62 वर्ष है यह असमानता क्यों है बतायें। (ख) भविष्य में क्या शासन इस असमानता को दूर कर एकरूपता लाने की दिशा में कोई ठोस कार्यवाही करने वाला है बतायें?
आयुष मंत्री ( श्री इन्दर सिंह परमार ) : (क) वित्त विभाग के राजपत्र अधिसूचना दिनांक 31 मार्च 2018, जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार अधिकारियों/कर्मचारियों सभी की सेवानिवृत्ति आयु 62 वर्ष निर्धारित है। (ख) उत्तरांश (क) के संबंध में आयुष विभाग के अधीन कार्यरत चिकित्सक संवर्ग एवं शैक्षणिक संवर्ग की अधिवार्षिकी सेवानिवृत्ति आयु 62 से 65 वर्ष किये जाने हेतु आयुष चिकित्सकों एवं शैक्षणिक पदधारियों द्वारा माननीय उच्च न्यायालय एवं खण्डपीठों में 84 याचिकाएं दायर की गई है। इनमें से 52 याचिकाओं में माननीय न्यायालय द्वारा स्थगन प्रदान किया गया है। माननीय उच्च न्यायालयों द्वारा याचिकाओं में पारित अंतरिम आदेश द्वारा "Hence the interim order directing the respondents to permit the petitioner to work untill he attains the age of 65 years."के निर्देश दिये गये। जिसके क्रम में कार्यवाही प्रकियाधीन है।
पात्र उम्मीदवारों को मेरिट के आधार पर सीट आवंटन
[तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार (केवल कौशल विकास एवं रोजगार)]
36. ( क्र. 2578 ) श्री भैरो सिंह बापू : क्या राज्य मंत्री, कौशल विकास एवं रोजगार महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) कौशल विकास संचालनालय में प्रशिक्षण अधिकारी परीक्षा 2024 (व्यापम द्वारा आयोजित) में ट्रेडवार सीधी एवं बैकलॉग के कितने पद विज्ञापित किये गये है। (ख) कौशल विकास संचालनालय में प्रशिक्षण अधिकारी के सीधी भर्ती के ट्रेडवार कुल स्वीकृत पद, सीधी भर्ती के ट्रेडवार कुल रिक्त पद, सीधी भर्ती के ट्रेडवार दिव्यांगजनों के कुल स्वीकृत पद, सीधी भर्ती के ट्रेडवार दिव्यांगजनों के कुल रिक्त पद का ब्यौरा 2024 के स्थिति में दें। (ग) प्रशिक्षण अधिकारी परीक्षा 2024 में दिव्यांगजनों को सीधी भर्ती में लगभग 20 प्रतिशत आरक्षण दिया गया जबकि विभाग में दिव्यांगजनों के लिये कोई बैंकलॉग नहीं थी, इस त्रुटि को पीडि़त विद्यार्थियों द्वारा विभाग के संज्ञान में ले आने के बाद, विभाग पीडि़त विद्यार्थियों के मौलिक अधिकारों (धारा 14,16) की रक्षा करने के लिए क्या ठोस कदम उठाये। (घ) कौशल विकास संचालनालय द्वारा सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण, मध्य प्रदेश के पत्र क्रमांक 593/1857412/2024/269 दिनांक 23/04/2024 का हवाला देते हुए पूर्व से प्रेषित मांग पत्र जिसमें दिव्यांगजनों को 6% प्रतिशत आरक्षण था उसे संशोधित करके 20% कर दिया गया जिससे सामान्य विद्यार्थिओं के मौलिक अधिकारी (धारा 14, 16) का उल्लंघन हुआ क्या इस विषय में विज्ञापन संशोधित करने से पहले Social Justice & Disabled Emp, MP. को अवगत कराया गया? (ड.) सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण, मध्य प्रदेश के पत्र क्रमांक/2025/869279 भोपाल, दिनांक 16-12-2025 के आधार पर कौशल विकास विभाग द्वारा क्या सुधारात्मक कदम उठाये गये प्रशिक्षण अधिकारी परीक्षा 2024 के लिए। (च) क्या कौशल विकास विभाग, सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण, मध्य प्रदेश के पत्र क्रमांक/2025/869279 भोपाल, दिनांक 16-12-2025 के तहत प्रशिक्षण अधिकारी 2024 की सीट आवंटन मैट्रिक्स में तत्काल सुधार की मांग को पूरा करते हुए उन योग्य एवं पात्र उम्मीदवारों को मेरिट के आधार पर सीट आवंटन की कार्यवाही करेगा? जिससे इस त्रुटिपूर्ण आरक्षण के कारण योग्य एवं पात्र उम्मीदवारों को उनका लाभ प्राप्त हो सकें।
राज्य मंत्री, कौशल विकास एवं रोजगार ( श्री गौतम टेटवाल ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-एक अनुसार है। (ख) विभागीय भर्ती नियम दिनांक 26 सितम्बर 2018 के अनुसार प्रशिक्षण अधिकारी (ट्रेड, इंजीनियरिंग ड्राईंग, गणित तथा अलाईड) के एकजाई पद स्वीकृत हैं, ट्रेडवार स्वीकृत नहीं हैं। प्रशिक्षण अधिकारी दिव्यांगजनों हेतु ट्रेडवार पद चिन्हांकित नहीं हैं। प्रश्नावधि में प्रशिक्षण अधिकारियों के सीधी भर्ती के ट्रेडवार स्वीकृत, संचालित पद, कार्यरत पद, रिक्त पद की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-दो अनुसार है, दिव्यांगजनों के चिन्हांकित एवं रिक्त पदों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-तीन अनुसार है। (ग) जी नहीं, प्रशिक्षण अधिकारी भर्ती परीक्षा 2024 में दिव्यांगजनों का आरक्षण सामाजिक न्याय विभाग के पत्र क्रमांक 593/1857412/2024/26-1 भोपाल दिनांक 23/04/2024 में दिये गये निर्देशानुसार किया गया है। सामाजिक न्याय विभाग के पत्र के अनुक्रम में कुल संचालित पदों के अनुसार दिव्यांगजनों के 207 पद चिन्हांकित किये गये, जिनमें 122 पद पूर्व से भरे हुए थे, 85 पद रिक्त थे, जिन पर विज्ञापन की कार्यवाही वर्ष 2024 में की गई, जिसमें से 30 पद भरे गये, शेष 55 पदों पर उम्मीदवार उपलब्ध नहीं होने के कारण रिक्त रह गये। मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मण्डल, भोपाल को प्रेषित मांग पत्र दिनांक 27/12/2024 में 232 एवं 31/10/2025 में 888 कुल 1120 प्रशिक्षण अधिकारियों के पदों हेतु विज्ञापन जारी हो चुका है, जिसमें शेष रहे दिव्यांगजनों के 55 पद भी शामिल है। मौलिक अधिकारों के उल्लंघन का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) जी नहीं, उत्तरांश ''ग'' अनुसार दिव्यांगजनों के आरक्षण में सामाजिक न्याय विभाग के निर्देशानुसार कार्यवाही किये जाने के कारण सामाजिक न्याय विभाग को अवगत कराये जाने का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ड.) प्रशिक्षण अधिकारी परीक्षा 2024 के आयोजन उपरांत जारी नियुक्ति आदेश दिनांक 01 सितम्बर 2025 की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-चार अनुसार है। शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (च) जी नहीं, कार्यवाही नियमानुसार होने के कारण प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
बैकलॉग की भर्ती की जानकारी
[उच्च शिक्षा]
37. ( क्र. 2587 ) श्री फूलसिंह बरैया : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सत्र 2004-05 में बैकलॉग से नियुक्त अनुसूचित जाति/जनजाति वर्ग के अधिकांश सहायक प्राध्यापकों की परिवीक्षा अवधि प्रश्न दिनांक तक भी समाप्त नहीं की गई है, यदि नहीं, तो क्यों? उक्त सत्र में नियुक्त किस-किस के परिवीक्षा अवधि पूर्ण करने के आदेश जारी नहीं किए गए है? उनके नाम, पद व जिला सहित प्रमाणित जानकारी देवें। आदेश कब तक जारी किए जाएंगे? (ख) उक्त सत्र में नियुक्त सहायक प्राध्यापकों को परिवीक्षा समाप्ति के अधिकांश आदेशों में 2 वर्ष की नियत तिथि में परिवीक्षा समाप्त की गई है। लेकिन आदेश क्रमांक एफ 1-181/2011/38-1 भोपाल दिनांक 28-01-2019 एवं आदेश क्रमांक एफ 1-43/2019/38-1 भोपाल दिनांक 30-01-2021 में 27+12 सहायक प्राध्यापकों की परिवीक्षा अवधि नेट/स्लेट/पी.एच.डी. अर्जित करने की तिथि से एक दिन बाद की स्थिति में समाप्त की गई है। जबकि विभाग के आदेश क्रमांक एफ 1-181/2011/38-1 भोपाल दिनांक 27-01-2017 के अनुसार नेट/स्लेट/पी.एच.डी. की योग्यता अर्जित करने की तिथि 2009 से 2017 की गई थी क्या आदेशों में इस तरह की विसंगति हुई है यदि हाँ, तो क्यों? (ग) क्या प्रदेश में पूर्व में आपाती/तदर्थ से नियुक्त समस्त सहायक प्राध्यापकों को बिना नेट/स्लेट/पी.एच.डी. अर्जित किये सहानुभूति पूर्वक परिवीक्षा समाप्ति से लेकर समस्त लाभ दिये गये है और उनमें से अधिकांश ने सेवानिवृत्ति तक निर्धारित योग्यता पूर्ण नहीं की लेकिन लोक सेवा आयोग से नियुक्त होने और निर्धारित योग्यता पूर्ण करने के बाद भी अनु.जाति/जनजाति वर्ग के लगभग 70 सहायक प्राध्यापकों की परिवीक्षा नियुक्ति से 19 वर्ष बीत जाने के बाद भी समाप्त नहीं की गई है। यदि हाँ, तो क्यों? क्या सरकार इस अवधि में इनको होने वाले आर्थिक नुकसान की भरपाई करेगी यदि हाँ, तो कब तक ? (घ) उक्त सत्र में नियुक्त सहायक प्राध्यापकों के भेदभावपूर्ण आदेशों में सुधार के साथ लंबित परिवीक्षा समाप्ति/वेतनमान के आदेश सरकार कब तक जारी करेगी? यदि हाँ, तो कृपया समय-सीमा बताने का कष्ट करें।
उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री इन्दर सिंह परमार ) : (क) सत्र 2004-05 में बैकलॉग से नियुक्त अनुसूचित जाति/जनजाति वर्ग के 102 सहायक प्राध्यापकों की परिवीक्षा अवधि समाप्त नहीं हुई है। म.प्र. लोक सेवा आयोग के विज्ञापन अनुसार निर्धारित समय 02 वर्ष में सहायक प्राध्यापक पद हेतु निर्धारित योग्यता अर्जित नहीं करने के कारण परिवीक्षा अवधि समाप्त नहीं की गई है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ख) जी हाँ, जी हाँ, जी हाँ, म.प्र. लोक सेवा आयोग के विज्ञापन में निर्धारित अवधि 02 वर्ष में सहायक प्राध्यापक पद हेतु निर्धारित योग्यता अर्जित नहीं करने के कारण परिवीक्षा अवधि समाप्त नहीं की गई। (ग) जी हाँ, म.प्र. लोक सेवा आयोग के विज्ञापन में निर्धारित अवधि 02 वर्ष में सहायक प्राध्यापक पद हेतु निर्धारित योग्यता अर्जित नहीं करने के कारण परिवीक्षा अवधि समाप्त नहीं हुई है। (घ) परिवीक्षा अवधि समाप्ति हेतु कार्यवाही प्रक्रियाधीन है, समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
कृषि उपज मंडी में जारी अनियमिततायें
[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]
38. ( क्र. 2621 ) श्री देवेन्द्र पटेल : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) कृषि उपज मंडी समिति सतना में हुए रु. 53.34 लाख के गबन/प्रभक्षण के मामले में मंडी बोर्ड द्वारा क्या-क्या कार्यवाही अब तक की गई है? क्या श्री कमलेश पांडेय, मंडी निरीक्षक/प्रभारी सचिव कृ.उ.मं.स. मैहर को दोषी रहते हुए भी सचिव का प्रभार दिया गया है? क्यों और किसके आदेश से? (ख) क्या कृषि उपज मंडी समिति मैहर में वर्तमान प्रभारी सचिव द्वारा मध्य प्रदेश मंडी कर्मचारी संघ मैहर के नाम से फर्जी रसीद बुक छपवाकर अवैध वसूली कराई गई है और कराई जा रही है? फल सब्जी व्यापारी संघ मैहर द्वारा इस संबंध में सचिव से शिकायत करने पर सचिव द्वारा क्या कार्यवाही की गई है? विवरण उपलब्ध कराएं। यदि शिकायत सही है तो मंडी बोर्ड द्वारा इस मामले में अब तक क्या कार्यवाही की गई है? (ग) वर्ष 2021 से कृषि उपज मंडी समिति मैहर की आय में निरंतर कमी आने के क्या कारण है? तुलनात्मक जानकारी दें और बताये कि प्रश्नांश (क) एवं (ख) के संबंध में दोषी अधिकारी-कर्मचारियों के विरूद्ध कब तक क्या कार्यवाही की जाएगी? नहीं तो क्यों? (घ) कृषि उपज मंडी समिति मैहर में प्रचलित विभिन्न अनियमितताओं को लेकर विगत चार वर्षों में मंडी बोर्ड और आपको किन-किन के द्वारा क्या-क्या शिकायतें की गई है और उन पर अब तक क्या कार्यवाही की गई है? नहीं तो क्यों? शिकायतवार अब तक की गई कार्यवाही का विवरण दें?
किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) कृषि उपज मंडी समिति सतना में हुए रू. 53.34 लाख के गबन/प्रभक्षण के मामले में श्री रामाधार अहिरवार, सहायक ग्रेड-3/ केशियर के विरूद्ध मंडी समिति द्वारा थाना कोलगवां जिला सतना में प्राथमिकी दर्ज करते हुए मंडी उपविधि की कंडिका 58 (ग) के अन्तर्गत सेवा से पदच्युत किया गया एवं गबन राशि मय ब्याज मंडी अधिनियम की धारा 58 (1), (2) के अन्तर्गत उनके देय स्वत्वों/चल-अचल सम्पत्ति से वसूल करने की कार्यवाही की गयी। जी हाँ। श्री कमलेश पाण्डे को निलंबन से बहाल कर विभागीय जांच संस्थित रखते हुये, आदेश क्रमांक 290 दिनांक 15.03.22 से प्रशासनिक आधार पर कृषि उपज मंडी समिति, मैहर का प्रभार पर दिया गया। (ख) जी नहीं। वर्तमान में शिकायत संज्ञान में न आने से शेष प्रश्न उद्भुत नहीं होता। (ग) कृषि उपज मंडी समिति, मैहर की वर्ष 2021 से जनवरी 2026 तक की अवधि में वर्ष 2021-22, 2022-23 एवं 2023-24 में आय में वृद्धि हुई और वित्तीय वर्ष 2023-24 की तुलना में 2024-25 में समर्थन मूल्य पर धान एवं गेहूँ उपार्जन से प्राप्त होने वाला मंडी शुल्क रू. 4,49,29,812/- भुगतान हेतु शेष है। जिस कारण आय में 74 प्रतिशत की कमी प्रदर्शित है। शेष प्रश्न उद्भुत नहीं होता। (घ) कृषि उपज मंडी समिति, मैहर में विगत चार वर्षों में प्राप्त शिकायतें एवं की गयी कार्यवाही का विवरण जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है।
सहकारी समितियों में अनियमितताओं पर कार्यवाही
[सहकारिता]
39. ( क्र. 2622 ) श्री देवेन्द्र पटेल : क्या सहकारिता मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रीवा जिले की सेवा सहकारी समिति मर्यादित रिमारी एवं हर प्रसाद सिंह विपणन सहकारी समिति जवा के प्रभारी प्रबंधक द्वारा वित्तीय एवं प्रशासनिक भ्रष्टाचार एवं फर्जीवाड़ा किया गया है? उक्त समितियों की खरीफ फसल की धान एवं रबी फसल की गेहूं खरीदी, धान खरीदी में फर्जी किसानों के पंजीयन तथा प्रासंगिक व्यय के अधिक भुगतान की शिकायत वर्ष 2021-22 से प्रश्न दिनांक तक प्रमुख सचिव खाद्य/सहकारिता/आयुक्त सहकारिता/कलेक्टर रीवा उपायुक्त सहकारिता रीवा को प्राप्त हुई है? शिकायतों पर क्या कार्यवाही की गयी है? जांच प्रतिवेदन की प्रति एवं की गयी कार्यवाही के आदेश की प्रति दें? (ख) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित समितियों में वर्ष 2024-25 के धान खरीदी के किसानों के पंजीयन में 172 कृषकों के फर्जी पंजीयन किये गये थे? शिकायत होने के बाद तथा बंद पोर्टल से 172 किसानों के एक ही मोबाइल नं एवं आईडी पासवर्ड से विलोपित किये गये हैं? इसके बाद भी हर प्रसाद सिंह विपणन सहकारी समिति जवा को खरीफ वर्ष 2025-26 में पुनः पंजीयन केन्द्र बना दिया गया है? यदि हाँ, तो दोषियों पर क्या कार्यवाही की गयी? यदि नहीं, तो क्यों और कब तक कार्यवाही की जाएगी? (ग) प्रश्नांश (क) में अंकित प्रभारी समिति प्रबंधक को प्रभार से मुक्त करने के लिए उपायुक्त सहकारिता के पत्र कमांक 1286 दिनांक 25/09/24 से मूल पद पर वापिस किये जाने हेतु आदेशित किया गया है? क्या उक्त आदेश का पालन हुआ है, तो पालन प्रतिवेदन देवें यदि नहीं, तो क्यों? (घ) प्रश्नांश (क) में अंकित समिति प्रभारी समिति प्रबंधक द्वारा वर्ष 2020 से प्रश्न दिनांक तक किन-किन कृषकों को खरीफ एवं रबी में नगद एवं खाद का ऋण दिया गया है की जानकारी साख सीमा नीति एवं तैयार की गयी साख सीमा की प्रति देवें यदि साख सीमा नीति से अधिक ऋण दिया गया है तो क्या कार्यवाही करेंगे?
सहकारिता मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) जांच कराई जा रही है। जी हाँ। प्राप्त शिकायतों एवं शिकायतों पर की गई कार्यवाही का विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 01, 02 एवं 03 अनुसार है। (ख) प्रश्नांश 'क' में उल्लेखित समितियों में वर्ष 2024-25 में धान खरीदी में किसानों के फर्जी पंजीयन की जांच के संबंध में उत्तरांश 'क' अनुसार कलेक्टर जिला रीवा द्वारा जांच दल गठित किया गया है, जांच प्रक्रियाधीन है। जिला उपार्जन समिति के निर्णय अनुसार किसानों की सुविधा को देखते हुए हरप्रसाद विपणन सहकारी समिति जवा को खरीफ वर्ष 2025-26 में नियमानुसार पंजीयन केन्द्र बनाया गया है। कार्यवाही जांच के निष्कर्षनाधीन है। (ग) जी हाँ। जी नहीं। जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित रीवा में केडर के समिति प्रबंधक उपलब्ध न होने के कारण उप आयुक्त सहकारिता जिला रीवा के पत्र क्र. 1286 दिनांक 25.09.2024 का पालन नहीं हो सका है। (घ) बहुउद्देशीय प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति रिमारी एवं हरप्रसाद विपणन सहकारी समिति मर्यादित जवा में से केवल बहुउद्देशीय प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति रिमारी द्वारा नगद एवं खाद ऋण वितरण किया जाता है। किसानवार ऋण वितरण की जानकारी एकत्रित की जा रही है। उक्त समिति द्वारा वर्ष 2020 से प्रश्न दिनांक तक खरीफ एवं रबी में वितरित किये गये नगद एवं खाद ऋण की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 04 अनुसार है। साख सीमा नीति के संबंध में जिला स्तरीय तकनीकी समिति का कार्यवाही विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 05 एवं साख-सीमा पत्रक की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 06 अनुसार है। किसी भी कृषक को साख-सीमा से अधिक ऋण प्रदाय नहीं किया गया है। इसलिये शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता है।
वित्तीय अनियमितताओं की जांच, वसूली एवं एफ.आई.आर.की कार्यवाही
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
40. ( क्र.
2636 ) श्री
मोंटू सोलंकी
: क्या
पंचायत
मंत्री महोदय
यह बताने की
कृपा करेंगे
कि (क) क्या
सेंधवा
एसडीएम
द्वारा ग्राम
पंचायत
मोहाला, जिला
बड़वानी में
वित्तीय
अनियमितताओं/
भ्रष्टाचार
की जांच की गई
थी? यदि
हाँ, तो
जांच का
संक्षिप्त
विवरण, जांच के
दौरान संकलित
फोटो,
वीडियो एवं
अन्य
साक्ष्यों
सहित
प्रमाणित प्रतियां
पटल पर रखी
जाएं। (ख) क्या
प्रथम जांच
प्रतिवेदन
दिनांक 13.10.2023 को जिला
पंचायत
बड़वानी को
भेजकर लगभग ₹15,88,857
की वसूली
निर्धारित की
गई थी?
दोषी
व्यक्तियों
के नाम/पदनाम
सहित प्रमाणित
प्रति पटल पर
रखी जाए। (ग) क्या
द्वितीय जांच
दिनांक 07.02.2024 में
अतिरिक्त ₹71,37,297
की अनियमितता
पाई जाकर
वसूली
प्रतिवेदन
भेजा गया? संबंधित
जांच
प्रतिवेदन
एवं कुल वसूली
राशि का विवरण
प्रमाणित
प्रति सहित
पटल पर रखा
जाए। (घ) आज
दिनांक तक
कितनी राशि
वसूल हुई? यदि
लंबित है, तो
कारण,
उत्तरदायी
अधिकारी/कर्मचारी
एवं उनके विरूद्ध
कार्यवाही का
विवरण
प्रमाणित
दस्तावेजों
सहित दिया
जाए। (ड.) क्या
दोषियों पर
एफ.आई.आर. दर्ज
हुई? यदि
हाँ, तो
विवरण दें।
यदि नहीं, तो
कारण,
उत्तरदायी
अधिकारी एवं
प्रस्तावित
समय-सीमा बताई
जाए, प्रमाणित
अभिलेख
सहित। (च)
क्या विलंब की
उच्च स्तरीय
जांच कराई
जाएगी? यदि हाँ, तो कब
तक, प्रमाणित
आदेश प्रति
सहित।
पंचायत
मंत्री ( श्री
प्रहलाद सिंह
पटैल ) : (क) जी
हाँ, जांच
प्रतिवेदन पुस्तकालय में
रखे परिशिष्ट 'अ' अनुसार
है। जांच
प्रतिवेदन के
वीडियो फोटो
उपलब्ध नहीं
है। (ख) जी
हाँ। मध्यप्रदेश
पंचायतराज
एवं ग्राम स्वराज
अधिनियम 1993 की
धारा 89
के अंतर्गत
प्रकरण 96/2023 में
पारित आदेश
दिनांक 25/11/2024 के
द्वारा
श्रीमती
गाटीबाई तत्कालीन
सरपंच, श्री अजय
दुवे सचिव एवं
ग्राम रोजगार
सहायक श्री
गंदास मोरे पर
कुल राशि रू.1300858/- अधिरोपित
की गई है।
प्रकरण धारा 92 में
दर्ज होकर
वसूली की
कार्यवाही
प्रचलित है। जानकारी
पुस्तकालय में
रखे परिशिष्ट 'ब' अनुसार
है। (ग) जी
हाँ। जानकारी
पुस्तकालय में
रखे परिशिष्ट 'स' अनुसार
है। मध्यप्रदेश
पंचायतराज
एवं ग्राम स्वराज
अधिनियम 1993 की
धारा 89
के प्रकरण
क्रमांक 36/2024
के अन्तर्गत
दर्ज किया
जाकर
कार्यवाही
प्रचलन में है।
(घ) मध्यप्रदेश
पंचायतराज
एवं ग्राम स्वराज
अधिनियम 1993 की
धारा 89
अन्तर्गत
प्रकरण
क्रमांक 96/2023
में आदेश
दिनांक 25/11/2024 पारित
कर कुल राशि
रूपये 1300858/- की
वसूली
अधिरोपित की
गई। प्रकरण
वर्तमान में
मध्यप्रदेश
पंचायतराज
एवं ग्राम स्वराज
अधिनियम 1993 की
धारा 92
में प्रचलित
है एवं
द्वितीय
प्रकरण
क्रमांक 36/2024
पंचायतराज
एवं ग्राम स्वराज
अधिनियम 1993 की
धारा 89
अन्तर्गत
प्रचलित
है। (ड.)
एफ.आई.आर. दर्ज
नहीं हुई।
प्रकरण मध्यप्रदेश
पंचायतराज
एवं ग्राम स्वराज
अधिनियम 1993 की
धारा 89
एवं 92
में दर्ज किया
जाकर विहित
प्राधिकारी
के न्यायालय
में
विचाराधीन
है। शेष प्रश्न
उपस्थित नहीं
होता। (च)
प्रकरण विहित
प्राधिकारी
के न्यायालय
में प्रचलन
में है। शेष
प्रश्न
उपस्थित नहीं
होता।
आयुष पाठ्यक्रमों की प्रवेश प्रक्रिया संबंधी जानकारी
[आयुष]
41. ( क्र. 2637 ) श्री मोंटू सोलंकी : क्या आयुष मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या शासन के संज्ञान में है कि आयुष विभाग अंतर्गत संचालित BAMS, BHMS एवं BUMS पाठ्यक्रमों में प्रवेश की प्रक्रिया विगत 10 वर्षों में संचालित की जाती रही है? यदि हाँ, तो वर्षवार प्रवेश प्रक्रिया का विस्तृत विवरण (प्रवेश परीक्षा का नाम, काउंसलिंग प्रक्रिया, आरक्षण प्रावधान, चयन मापदंड आदि) दिया जाए। (ख) उपरोक्त आयुष पाठ्यक्रमों में प्रवेश दिलाए जाने हेतु अधिकृत/सक्षम अधिकारी कौन है? पदनाम सहित विवरण दिया जाए। (ग) आयुष पाठ्यक्रमों में प्रवेश से संबंधित आपत्तियों, त्रुटियों अथवा अभ्यर्थियों की समस्याओं पर अंतिम निर्णय लेने का अधिकार किस अधिकारी/संस्था के पास है? प्रक्रिया सहित प्रमाणित विवरण दिया जाए। (घ) प्रश्नांश (क), (ख) एवं (ग) से संबंधित समस्त शासनादेश, नियमावली, दिशा-निर्देश एवं अधिकृत पत्राचार की प्रतियां प्रदान की जाएं।
आयुष मंत्री ( श्री इन्दर सिंह परमार ) : (क) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार। (ख) एवं (ग) आयुक्त आयुष संचालनालय म.प्र.। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार।
पेंशनर बजट से लाभान्वित व्यक्तियों की जानकारी
[आयुष]
42. ( क्र. 2638 ) श्री मोंटू सोलंकी : क्या आयुष मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या आयुष विभाग द्वारा पेंशनर बजट मद से इंदौर संभाग अंतर्गत विभिन्न योजनाओं/चिकित्सा सहायता के माध्यम से हितग्राहियों को लाभ प्रदान किया जाता है? यदि हाँ, तो विगत दो वर्षों में कुल कितने पेंशनरों को लाभान्वित किया गया है? वर्षवार एवं जिलेवार जानकारी सदन के पटल पर रखी जाए। (ख) प्रश्नांश (क) के अनुसार लाभान्वित पेंशनरों को किस-किस प्रकार की चिकित्सा/ आर्थिक सहायता प्रदान की गई? मदवार एवं राशि सहित विवरण उपलब्ध कराया जाए। (ग) क्या शासन के संज्ञान में है कि उक्त बजट का पूर्ण उपयोग नहीं हो पा रहा है? यदि हाँ, तो इसके कारण क्या हैं तथा बजट के प्रभावी उपयोग हेतु क्या कार्य योजना बनाई गई है?
आयुष मंत्री ( श्री इन्दर सिंह परमार ) : (क) जी हाँ। जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) पेंशनर हेतु स्वीकृत बजट का नियमानुसार उपयोग किया जा रहा है। वर्ष 2024-25 में पेंशनर योजना मद 6105 में स्वीकृत बजट राशि रूपये 91.50 लाख से राशि रू. 58.00 लाख का व्यय एवं वर्ष 2025-26 में प्राप्त बजट राशि रूपये 118.00 लाख में से अब तक राशि रू. 61.34 लाख का व्यय/उपयोग किया जा चुका है। उपलब्ध बजट की सीमा में जिलों की मांग अनुसार आवंटन जारी किया जा रहा है।
सरकारी कॉलेजों में बीएससी एग्रीकल्चर कोर्स प्रारंभ करना
[उच्च शिक्षा]
43. ( क्र. 2697 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रदेश के सरकारी कॉलेजों में बीएससी एग्रीकल्चर कोर्स प्रारंभ किये गये हैं? (ख) यदि हां, तो कहां-कहां प्रारंभ किये गये हैं एवं वर्तमान सत्र में कॉलेजवार दर्ज छात्र संख्या बताये? (ग) क्या प्रारंभ किये गये कॉलेज सभी मापदण्ड पूरा करते हैं? (घ) यदि हां, तो कॉलेजवार कौन-कौन से मापदण्ड पूरा करते हैं?
उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री इन्दर सिंह परमार ) : (क) जी हाँ। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) प्रश्न में यह स्पष्ट नहीं है कि किन मापदण्डों की पूर्ति करने की जानकारी अपेक्षित है तथापि उक्त महाविद्यालयों में सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हैं। (घ) उक्त महाविद्यालयों में सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हैं।
आई.टी.आई. बिजावर के भवन निर्माण की जानकारी
[तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार (केवल कौशल विकास एवं रोजगार)]
44. ( क्र. 2788 ) श्री राजेश कुमार शुक्ला : क्या राज्य मंत्री, कौशल विकास एवं रोजगार महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि शासकीय आई.टी.आई. बिजावर के भवन निर्माण हेतु प्रश्न दिनांक तक किए गए प्रयासों का ब्योंरा प्रदाय करें।
राज्य मंत्री, कौशल विकास एवं रोजगार ( श्री गौतम टेटवाल ) : प्रश्नावधि में शासकीय आई.टी.आई., बिजावर के भवन निर्माण हेतु किये गये प्रयासों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है।
जिला बैंकों में माइक्रो ए.टी.एम. क्रय करने की कार्यवाही
[सहकारिता]
45. ( क्र. 2844 ) श्री अजय अर्जुन सिंह : क्या सहकारिता मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अपेक्स बैंक द्वारा जिला बैंकों में कुल कितने माइक्रो ए.टी.एम. किस दर से क्रय किये गये कंपनी के साथ हुए सर्विस लेबल एग्रीमेंट की प्रति दें? (ख) क्या सर्विस लेबल एग्रीमेंट की सभी शर्तों का पालन कंपनी द्वारा किया गया और क्या प्रतिवर्ष इसकी समीक्षा की गई यदि हाँ, तो समीक्षा प्रतिवेदन की प्रति दें यदि नहीं, तो इसके लिए कौन उत्तरदायी है? (ग) माइक्रो ए.टी.एम. के संबंध में बैंकवार कुल कितनी शिकायतें प्राप्त हुई, शिकायतों के निराकरण की औसत अवधि कितनी रही। कितनी शिकायतें समयावधि में निराकृत नहीं हुई। समयावधि में शिकायतें निराकरण न करने के लिए क्या कार्यवाही की गई? (घ) माइक्रो ए.टी.एम. कंपनी ने कितने निर्धारित सर्विस सेंटर कहां-कहां प्रारंभ हुए? इनका निरीक्षण किया गया या नहीं अभी तक माइक्रो ए.टी.एम. से औसत कितने ट्रांजेक्शन हुए। कितने माइक्रो ए.टी.एम. में कोई ट्रांजेक्शन नहीं हुए?
सहकारिता मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) अपेक्स बैंक द्वारा जिला बैंकों में माइक्रो एटीएम क्रय नहीं किये गये है अपितु जिला बैंकों द्वारा कुल 5216 माइक्रो एटीएम राशि रू. 30,000/- प्रति माइक्रो एटीएम (कर सहित) की दर से क्रय किये गये हैं। सर्विस लेवल एग्रीमेंट (एसएलए) की प्रति गोपनीयता एवं साम्पतिक अधिकार कंडिका की शर्तानुसार प्रदान किया जाना संभव नहीं है। (ख) जी हाँ, सेवा अनुबंध की समीक्षा की जानकारी अनुबंध की गोपनीयता एवं साम्पतिक अधिकार कंडिका की शर्तानुसार प्रदान किया जाना संभव नहीं है। (ग) माइक्रो एटीएम संबंधी कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है, अत: शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता है। (घ) माइक्रो ए.टी.एम. कंपनी के भोपाल, इंदौर, जबलपुर, उज्जैन, सागर, रीवा, ग्वालियर एवं खरगौन में कुल 08 सर्विस सेंटर प्रारंभ हुए हैं। जी हाँ। औसत 110 ट्रांजेक्शन हुए, अत: शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता है।
आउटसोर्स नियुक्तियों पर लगा प्रतिबंध हटाना
[उच्च शिक्षा]
46. ( क्र. 2853 ) श्री मुकेश टंडन : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रदेश के पीएम कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस में तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के आउटसोर्स के पदों पर आउटसोर्स एजेंसी के माध्यम से कर्मचारियों को नियुक्त किया जाता है यदि हाँ, तो क्या यह सत्य है कि वर्तमान में नियुक्तियों पर प्रतिबंध है यदि हाँ, तो क्यों कारण बतावें? (ख) क्या इन नियुक्तियों पर प्रतिबंध लगने से इन महाविद्यालयों में प्रयोगशाला का कार्य एक ऑपरेटर चौकीदार आदि का कार्य प्रभावित नहीं हो रहा है यदि हाँ, तो क्या ऐसी परिस्थिति में महाविद्यालयों में कोई अप्रिय घटना घटती है तो इसका जिम्मेदार कौन होगा? (ग) क्या शासन आउटसोर्स कर्मचारियों की नियुक्तियों में लगे प्रतिबंध को हटायेगा यदि हाँ, तो कब तक अवधि बतावें? यदि नहीं, तो क्यों कारण बतावें?
उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री इन्दर सिंह परमार ) : (क) जी हाँ। (ख) जी नहीं। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता। (ग) उत्तरांश (क) अनुसार।
कृषि उपज मंडी विदिशा में कम जगह एवं कम दर
[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]
47. ( क्र. 2854 ) श्री मुकेश टंडन : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या जिला मुख्यालय विदिशा में संचालित मिर्जापुर कृषि उपज मंडी विदिशा में जगह कम होने के कारण लगभग 50 एकड़ की भूमि का प्रस्ताव लंबित है? यदि हाँ, तो इस 50 एकड़ भूमि के प्रस्ताव को स्वीकृति कब तक प्रदान की जावेगी? (ख) क्या इसे कृषि उपज मंडी विदिशा में व्यापारियों को आवंटित प्लाटों की दर अन्य कृषि उपज मंडियों में आवंटित प्लाटों की दर से अधिक है? यदि हाँ, तो क्या दर कम कर अन्य मंडियों की तरह समान दर की जायेगी? यदि नहीं, तो क्यों? यदि नहीं, यदि हाँ तो कब तक निश्चित अवधि बतावें? (ग) क्या उक्त संबंध में प्रश्नकर्ता ने पत्र लिखकर मांग की है यदि हाँ, तो अब तक क्या कार्यवाही की गई?
किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) जी नहीं। मध्यप्रदेश कृषि उपज मंडी (भूमि एवं संरचना का आवंटन) नियम 2009 में विहित प्रावधानों के तहत प्रदेश की मंडियों में भूखण्डों की दर संबंधित जिले की कलेक्टर गाईड लाईन के आधार पर प्राक्कलित की जाती है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) जी नहीं। अपितु प्रश्नांश ''ख'' के विषय पर आयुक्त (राजस्व) भोपाल, संभाग भोपाल की नोटशीट दिनांक 18/12/2024 प्राप्त हुई है, कार्यवाही की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है।
ग्राम पंचायतों में पेसा अधिनियम का क्रियान्वयन
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
48. ( क्र. 2912 ) श्री शरद जुगलाल कोल : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शहडोल जिले में वर्ष 2023 से अब तक पेसा अधिनियम के अंतर्गत कितनी ग्राम पंचायतों में इसका क्रियान्वयन किया जा रहा है? ग्राम पंचायतवार, विकासखण्डवार सूची प्रस्तुत करें। (ख) उक्त ग्राम पंचायतों में कुल कितनी ग्राम समितियां, ग्राम सभा में पेसा समितियों का गठन किया गया है? समिति का नाम, गठन तिथि एवं दायित्व सहित विवरण दें। पेसा अधिनियम के अंतर्गत गठित ग्राम समितियों को कुल कितना बजट उपलब्ध कराया गया है? किन-किन कार्यों हेतु राशि स्वीकृत/ व्यय की गई है? ग्रामवार, पंचायतवार एवं कार्यवार विवरण दें। (ग) यदि पेसा अधिनियम के अंतर्गत निर्धारित बजट/कार्य/अधिकार ग्राम समितियों को उपलब्ध नहीं कराये गये हैं, तो इसके क्या कारण है तथा शासन के दिशा-निर्देर्शों के अनुसार इसका क्या प्रावधान है? नियम/प्रावधान का संक्षिप्त विवरण दें। (घ) उक्त ग्राम पंचायतों में रोजमर्रा की आवश्यक समस्त बुनियादी सुविधाएं जैसे पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क, बिजली, राशन, आवास, रोजगार आदि क्या पर्याप्त रूप में उपलब्ध है? ग्रामवार, पंचायतवार जानकारी उपलब्ध करावें।
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) शहडोल जिले की जनपद पंचायत जयसिंह नगर, गोहपारू, सोहागपुर, बुढार की समस्त 323 ग्राम पंचायतों में पेसा अधिनियम का क्रियान्वयन किया जा रहा है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ अनुसार। (ख) इन ग्राम पंचायतों में कुल ग्राम समितियां-3720 गठित की गई है। समितियों के नाम एवं दायित्व संबंधी निर्देशों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ब एवं 'स' अनुसार है। समितियों को शासन द्वारा कोई बजट उपलब्ध नहीं कराया गया है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) पेसा अधिनियम 1996 एवं मध्यप्रदेश पंचायत उपबंध (अनुसूचित क्षेत्रों पर विस्तार) नियम, 2022, में समितियों के अधिकारों का विस्तृत विवरण है। अधिनियम एवं नियमों की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-स अनुसार है। समितियों को पृथक से बजट उपलब्ध कराने के प्रावधान नहीं है। (घ) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट–द अनुसार।
किसानों तक योजनाओं का लाभ एवं क्रियान्वयन
[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]
49. ( क्र. 2914 ) श्री शरद जुगलाल कोल : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शहडोल एवं रीवा जिले में कृषि यंत्र अनुदान योजना के अंतर्गत वर्ष 2022-23 से अब तक कितने किसानों को कृषि उपकरण (ट्रैक्टर, कल्टीवेटर, रोटावेटर, क्रेशर आदि) पर सब्सिडी दी गई है लाभार्थियों की संख्या वर्षवार राशि एवं जिलावार विवरण उपलब्ध कराया जाये। (ख) प्रश्नांश (क) के अनुसार छोटे एवं सीमांत किसानों द्वारा प्राप्त सब्सिडी का लाभ कितना प्रभावी रहा? क्या सब्सिडी मुख्य रूप से सीमांत किसानों तक पहुंच रही है या बड़े किसानों ने अधिक लाभ उठाया है? (ग) क्या कृषि यंत्रों पर दी जा रही सब्सिडी के आवेदन की प्रतियां ऑनलाईन के माध्यम से हो रही है या आवेदन, चयन, लॉटरी और भुगतान प्रक्रिया का विवरण सहित जानकारी उपलब्ध करावे। (घ) क्या सरकार द्वारा सुनिश्चित दी जा रही सब्सिडी राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में समय-समय पर ट्रांसफर हो रही है यदि विलम्ब हो रहा है या अवरोध है तो उनके क्या कारण है समाधान क्या है? (ड.) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में किन-किन क्षेत्रों में वर्ष 2023 से अब तक किन-किन बैंकों में कितने कृषकों को कितनी प्रीमियम राशि जमा कराई गई है तथा बीमा प्रीमियम राशि में कितनी राशि बीमा कम्पनी को भेजी गई, पटवारी, हल्कावार, तहसीलवार जानकारी देवें।
किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) विभिन्न हितग्राही मूलक योजनाओं के दिशा-निर्देशानुसार लघु एवं सीमांत कृषकों को 50 प्रतिशत अनुदान की पात्रता होती है, जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार बड़े कृषक (2 हेक्टेयर से अधिक भूमि) के कृषकों की कुल संख्या केवल 129 है। छोटे/लघु एवं सीमांत लाभान्वित कृषकों की संख्या 912 है। अनुदान का लाभ छोटे/ लघु, सीमांत एवं अन्य श्रेणी (बड़े किसान) के कृषकों को प्रभावी ढंग से दिया जा रहा है। (ग) जी हाँ। शासन निर्देश जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। आनॅलाईन प्राप्त आवेदनों का चयन कम्प्यूटर आधारित लॉटरी के माध्यम से किया जाता है। शासन निर्देश जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है। जिला-अधिकारियों द्वारा आवेदनों का परीक्षण एवं भौतिक सत्यापन कर डी.बी.टी. के माध्यम से अनुदान का भुगतान किया जाता है। (घ) जी हाँ। हितग्राही मूलक योजना में प्रदत्त निर्देशानुसार हितग्राही के बैंक खातें में नियमानुसार अनुदान राशि हस्तांतरित की जाती है। शासन निर्देश जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ड.) उत्तरांश (क) के परिप्रेक्ष्य में प्रीमियम राशि काटने का प्रावधान नहीं हैं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
आर.जी.पी.वी. विश्वविद्यालय परीक्षा केन्द्र संबंधी नियम
[तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार (केवल तकनीकी शिक्षा)]
50. ( क्र. 2931 ) श्री विवेक विक्की पटेल : क्या तकनीकी शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) आर.जी.पी.वी. विश्वविद्यालय में परीक्षा केंद्र बनाए जाने के क्या नियम हैं? (ख) जनवरी 2025 से प्रश्न दिनांक तक जो डिग्री और डिप्लोमा परीक्षा अयोजित की गई थी? क्या उनमें बनाये गए परीक्षा केंद्र उक्त नियमों के अंतर्गत बनाये गए थे? (ग) सभी परीक्षा केंद्र एवं उनमें उपलब्ध सभी सुविधाएं नियमानुसार पायी गई, तो जांच टीम के प्रतिवेदन की सत्यापित प्रति उपलब्ध करवाये? (घ) बनाये गए सभी परीक्षा केंद्र का निरीक्षण किन अधिकारियों के द्वारा कब-कब किया गया? सभी दस्तवेजों की सत्यापित प्रतियाँ उपलब्ध करवाये। यदि नहीं, तो जिम्मेदार अधिकारियों के विरूद्ध, नियम विरूद्ध परीक्षा केंद्र बनाये जाने पर क्या कार्यवाही की गयी या कब तक कार्यवाही की जावेगी?
तकनीकी शिक्षा मंत्री ( श्री इन्दर सिंह परमार ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) जी हाँ। (ग) जी हाँ। जनवरी-2025 के पश्चात् बनाये गये केवल नवीन परीक्षा केन्द्रों का भौतिक सत्यापन करवाया गया हैं, जिसके अनुक्रम में 07 नवीन परीक्षा केन्द्रों के भौतिक निरीक्षणों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों का नियमितीकरण
[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]
51. ( क्र. 2964 ) डॉ. तेजबहादुर सिंह चौहान : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) कृ.उ.म. खाचरोद में दिव्यांग कर्मचारी निर्मल सोनवा वर्ष 2004 से दै.वे.भो. स्थाई कर्मी सहायक ग्रेड-3 के रिक्त पद पर कार्यरत हैं? 22 वर्ष बीत जाने के पश्चात भी आज दिनांक तक उक्त दिव्यांग कर्मचारी का नियमितीकरण क्यों नहीं किया गया? कब तक नियमितीकरण कर दिया जावेगा? (ख) 2006 से 2016 एवं 2016 से अब तक कितने दैनिक वेतन भोगी स्थाई कर्मी म.प्र. की कृ.उ.म. समितियों में कार्यरत है, जिनका नियमितीकरण किया जाना शेष है, संख्या बताने की कृपा करें? इनका कब तक नियमितीकरण कर दिया जावेगा?
किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) म.प्र. शासन सामान्य प्रशासन विभाग के परिपत्र क्रमांक एफ 5-3/2006/1/3 दिनांक 16 मई, 2007 की कंडिका 5.1 में निर्धारित मापदण्ड के बिन्दु क्रमांक 01 के अनुसार श्री निर्मल कुमार सोनावा की दैनिक वेतन पर नियुक्ति दिनांक 01.11.1999 से दिनांक 10.04.2006 की स्थिति 10 वर्ष की सेवा पूर्ण नहीं होने से नियमितीकरण के लिये अपात्र पाये जाने से नियमित नहीं किया गया है। प्रश्नांश का शेष भाग नीतिगत होने से समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ख) म.प्र. की कृषि उपज मंडी समितियों में कुल 20 दैनिक वेतन भोगी है। जो उत्तरांश (क) में वर्णित परिपत्र अनुसार पात्रता की श्रेणी में नहीं आते है। प्रश्नांश का शेष भाग नीतिगत निर्णय होने से समय-सीमा बनाई जाना संभव नहीं है।
जिला चिकित्सा अधिकारी आयुष पद के लिए अनुभव
[आयुष]
52. ( क्र. 2974 ) श्री मधु भगत : क्या आयुष मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या पशु चिकित्सालय या पशु चिकित्सा पद्धति से संबंधित एनजीओ में किए गए कार्य को जिला चिकित्सा अधिकारी आयुष पद के लिए अनुभव के तौर पर मान्य किया जा सकता है? (ख) यदि नहीं, तो म.प्र. लोक सेवा आयोग के विज्ञापन दिनांक 31 मार्च, 2015 के अंतर्गत म.प्र. लोक सेवा आयोग से चयनित जिला चिकित्सा अधिकारी डॉ. गिरिराज बाथम ने अपने कार्य अनुभव के तौर पर किन-किन संस्थानों के प्रमाण-पत्र विभाग को उपलब्ध कराए? इन प्रमाण-पत्रों के सत्यापन के लिए गठित विभागीय सत्यापन समिति ने सितंबर 2019 में पेश अपनी रिपोर्ट में डॉ. गिरिराज बाथम के अनुभव प्रमाण-पत्रों को लेकर क्या टीप अंकित की? सत्यापन समिति की रिपोर्ट एवं डॉ. गिरिराज बाथम के अनुभव प्रमाण-पत्रों की प्रतियां उपलब्ध कराएं।
आयुष मंत्री ( श्री इन्दर सिंह परमार ) : (क) जी नहीं। (ख) अनुभव प्रमाण-पत्र व समिति की रिपोर्ट की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है।
समितियों में भण्डारित खाद की गुणवत्ता की जांच
[सहकारिता]
53. ( क्र. 3022 ) श्री राजन मण्डलोई : क्या सहकारिता मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश की प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों में खरीफ एवं रबी में वर्ष 2023-24 से प्रश्न दिनांक तक की अवधि में बोरोन, जिंक एवं प्रोम खाद किस-किस कंपनी की कितनी-कितनी मात्रा में भण्डारित की गई थी? जिलवार जानकारी दें। (ख) विपणन संघ द्वारा इन जिलों के लिये कितनी-कितनी डीआई किस-किस कंपनी की कब-कब जारी की गयी? जिलेवार तिथिवार विवरण दें। (ग) खाद के भण्डारण के संबंध में पंजीयक, सहकारी संस्थाएं, म.प्र. द्वारा जून 2021 में उक्त संबंध में क्या निर्देश जारी किये गये थे? क्या इन निर्देशों का पालन हुआ है? निर्देशों की प्रति संलग्न करें। (घ) उपरोक्त सहकारी समितियों में से किस-किस कंपनी के बोरोन, जिंक एवं प्रोम खाद की अधिक मात्रा में सप्लाई नियम विरूद्ध तो हुई है? तो इसके लिये कौन-कौन उत्तरदायी है और क्या उक्त कम्पनियों को भुगतान करने के पूर्व विपणन संघ ने खाद की गुणवत्ता की जांच करायी थी? यदि हाँ, तो किन-किन कम्पनियों के गुणवत्ता विहीन पाये गये और इनके विरूद्ध क्या कार्यवाही की गई? उक्त खाद के गुणवत्ता की जांच नहीं कराई गई तो क्यों?
सहकारिता मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र- 01, 02 एवं 03 अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-04 अनुसार है। (ग) जी हाँ। जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित राजगढ़ से संबद्ध 10 बहुउद्देशीय प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों को छोड़कर शेष समस्त जिलों में निर्देशों का पालन हुआ है। निर्देश की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-05 अनुसार है। (घ) विपणन संघ के संज्ञान में न होने से जांच नहीं कराई गई है, अत: उत्तरादायित्व का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। उर्वरकों की गुणवत्ता की जांच का अधिकार विपणन संघ को प्राप्त नहीं है, अत: शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता।
सप्लायरों/वेण्डरों को राशि का भुगतान
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
54. ( क्र. 3023 ) श्रीमती प्रियंका पैंची : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) गुना जिले के जनपद पंचायत चाचौड़ा के अंतर्गत ग्राम पंचायत महेशपुरा में वर्ष 2019-20 से 2022-23 तक कौन-कौन से विकास कार्य स्वीकृत किये गये थे? पूर्ण/अपूर्ण एवं निर्माणाधीन एवं प्रगतिरत वस्तु स्थिति स्पष्ट करें। (ख) प्रश्नांश (क) में दी गई पंचायत में वित्तीय वर्ष 2019-20 से 2022-23 तक किन-किन पंजीकृत/अधिकृत सप्लायरों/वेण्डरों को किन-किन सामग्री आदि हेतु कितनी-कितनी शासकीय राशि भुगतान की गई? वर्षवार जानकारी देवें। (ग) प्रश्नांश (ख) के संदर्भ में पंजीकृत सप्लायरों/वेण्डरों द्वारा कितनी राशि का भुगतान प्राप्त किया? क्या उपरोक्त सप्लायरों/ वेण्डरों द्वारा सामग्री देने के स्थान पर मात्र बिल लगाकर अनियमित रूप से भुगतान प्राप्त किया गया है? प्राप्त राशि में से कितनी राशि सेल टैक्स/जी.एस.टी. के रूप में जमा की गई? क्या प्राप्त राशि से कम राशि सेल टैक्स/जी.एस.टी. के रूप में जमा कर गंभीर अनियमितताएं की गई हैं? इसके लिये जवाबदेह कौन है? क्या संबंधित सप्लायरों/वेण्डरों द्वारा निर्धारित मापदण्डों के अधीन योग्यता रखते हैं? उनकी जांच की गई है? यदि नहीं, तो क्यों? (घ) क्या शासन विभाग प्रश्नांश (ख) से (ग) की गंभीरता को देखते हुए उपरोक्त वर्षों में सप्लायरों/वेण्डरों द्वारा दी गई सामग्री एवं प्राप्त किये गये भुगतान की उच्च स्तरीय समिति से जांच कराकर अनियमितताएं करने वाले दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्यवाही करने के साथ-साथ उनके विरुद्ध आपराधिक प्रकरण भी पंजीबद्ध कराया जाना सुनिश्चित किया जायेगा? यदि नहीं, तो क्यों?
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'अ' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'ब' अनुसार है। (ग) सप्लायरों/वेंडरों को भुगतान की गई राशि की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'ब' अनुसार है। सप्लायरों/वेंडरों द्वारा सामग्री देने के स्थान पर मात्र बिल लगाकर अनियमित रूप से भुगतान करने संबंधी तथ्य संज्ञान में नहीं आया है। मध्यप्रदेश शासन पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग मंत्रालय भोपाल के पत्र क्रमांक/20/ पं.ग्रा.वि.वि./2019 दिनांक 15.01.2019 के द्वारा निम्नानुसार निर्देश जारी किये गये है:- ''यदि ग्राम पंचायत/जनपद/जिला पंचायत के द्वारा किसी भी एक अनुबंध के अंतर्गत रूपये 2.50 लाख से अधिक के कर योग्य माल अथवा सेवाओं (या दोनों) की आपूर्ति जीएसटी में पंजीकृत एक सप्लायर्स से ली जा रही है तो उस निकाय को जीएसटी में डिटक्टर पंजीयन प्राप्त करना होगा। पूरी तरह गैर पंजीकृत सप्लायर्स से माल या सेवा लेने पर डिटक्टर पंजीयन की आवश्यकता नहीं है और स्त्रोत पर कटौती की आवश्यकता भी नहीं है। ''उक्त निर्देश के अनुक्रम में किसी भी एक अनुबंध के अंतर्गत रूपये 2.50 लाख से अधिक के कर योग्य माल की आपूर्ति नहीं होने के कारण कटौती नहीं की गई। प्राप्त राशि में से कोई भी राशि सेल टैक्स/जीएसटी के रूप में जमा नहीं की गई है, चूकि जब राशि जमा नहीं की गई है तो कम राशि सेल टैक्स/जीएसटी के रूप में जमा करने का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। सेल टैक्स/जीएसटी जमा करने का दायित्व संबंधित सप्लायरों/वेंडरों का है। सप्लायरों एवं वेंडरों का पंजीयन योजना के प्रावधान के अनुसार किया गया है, शेष प्रश्न उपस्थित उपस्थित नहीं होता। (घ) प्रश्नांकित संदर्भानुसार कोई भी शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
स्टेडियम एवं खेल प्रतियोगिताएं
[खेल एवं युवा कल्याण]
55. ( क्र. 3046 ) श्री नरेन्द्र प्रजापति [इंजीनियर] : क्या खेल एवं युवा कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) माननीय मुख्यमंत्री महोदय जी के विधानसभा स्तरीय कार्यक्रम गंगेव में तिवनी एवं मनगवां आई.टी.आई. खेल मैदान की भूमि उपलब्ध है? स्थान परिवर्तित ग्राम पंचायत तिवनी में उपलब्ध शासकीय भूमि पर स्टेडियम निर्माण की घोषणा की गई थी जिसमें आज तक कार्य शुरू नहीं किया गया है कब तक कार्य शुरू किया जायेगा? (ख) युवा खेल कल्याण मंत्रालय द्वारा विधानसभा मनगवां 73 में वर्ष 2024-25 से आज दिनांक तक कब और कितनी खेल प्रतियोगिताएं आयोजित की गई एवं कौन-कौन से पुरस्कार किन खिलाड़ियों को प्रदत्त किये गये नामवार जानकारी देने का कष्ट करें? आगामी आयोजन की क्या योजना है?
खेल एवं युवा कल्याण मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) तिवनी में आई.टी.आई. उपलब्ध नहीं है व मनगंवा में आई.टी.आई. खेल मैदान की भूमि उपलब्ध है। जी नहीं, कलेक्टर जिला रीवा द्वारा पत्र क्रमांक -125 दिनांक 26.08.2025 द्वारा मुख्यमंत्री कार्यालय भोपाल को मान. मुख्यमंत्री जी द्वारा दिनांक 04.06.2025 को मनगवां आई.टी.आई. मैदान में स्टेडियम निर्माण की घोषणा की गई है, किन्तु घोषणा विभागीय पोर्टल पर प्रदर्शित नहीं हो रही है एवं विभाग में भी प्राप्त नहीं हुई है। अतः शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ख) खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन संबंधित खेल के खेल संघो द्वारा किया जाता है। विभाग द्वारा खेलों एम.पी. यूथ गेम्स एवं विधायक कप मात्र का आयोजन किया जाता है। विधानसभा मनगवां 73 में वर्ष 2024-25 में कोई भी खेल प्रतियोगिता का आयोजन नहीं किया गया है, वर्ष 2025-26 में खेलों एम.पी. यूथ गेम्स का ब्लॉक स्तरीय चयन ट्रायल कराया गया है, चयन ट्रायल होने से पुरस्कार प्रदान नहीं किया गया है। आगामी आयोजन को अंतिम रूप दिया जा रहा है, अतः शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
खिलाड़ियों के लिये खेल-कूद मैदान की व्यवस्था
[उच्च शिक्षा]
56. ( क्र. 3047 ) श्री नरेन्द्र प्रजापति [इंजीनियर] : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शासकीय महाविद्यालय मनगवां जिला रीवा वर्ष 2013 से संचालित है, यहां पर बी.ए. का संकाय शासन स्तर पर संचालित है, परंतु बी.एस.सी एवं बी.कॉम. का संकाय आज भी जनभागीदारी से चल रहा है, बी.एस.सी एवं बी.कॉम. का संकाय कब तक में शासन स्तर पर संचालित किया जायेगा जिससे व्याख्याताओं एवं प्राध्यापकों की नियुक्ति शासन स्तर पर हो सके ताकि इस अंचल के छात्र-छात्राओं को सुविधा हो सके? समय-सीमा बतलाने का कष्ट करें। (ख) शासकीय महाविद्यालय मनगवां जिला रीवा की बिल्डिंग के कुछ भवन जर्जर हालत में हैं, उनका कब तक में मरम्मतीकरण एवं नव-निर्माण किया जायेगा? (ग) शासकीय महाविद्यालय मनगवां में खेल-कूद के लिये मैदान नहीं है जिससे इसकी खेल प्रतियोगितायें संचालित नहीं हो पा रही है, इस बावत् महाविद्यालय के विद्यार्थी खिलाड़ियों के लिये खेल-कूद के मैदान की व्यवस्था कब तक की जायेगी? (घ) शासकीय महाविद्यालय मनगवां में निर्मित भवन के चारों ओर घास-फूस का घना जंगल जैसा आवरण है, सांप एवं बिच्छुओं का डेरा है, अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को खतरा है, इसकी साफ-सफाई कराने के उपरांत वृक्षारोपण कब तक करा लिया जायेगा एवं यह किस मद से होगा?
उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री इन्दर सिंह परमार ) : (क) शासन स्तर से नवीन संकाय प्रारंभ करने हेतु विभागीय मापदण्डों की पूर्ति एवं वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता के आधार पर विचार किया जाता है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ख) शासकीय महाविद्यालय, मनगवां के भवन का निर्माण विश्व बैंक परियोजना अंतर्गत वर्ष 2021 में पूर्ण किया गया एवं दिनांक 04/02/2021 को भवन का आधिपत्य प्राप्त किया गया। अत: इस भवन का कोई हिस्सा जर्जर हालत में नहीं है न ही मरम्मत की आवश्यकता है। (ग) महाविद्यालय में खेल कूद गतिविधियों हेतु पर्याप्त खेल मैदान उपलब्ध है। (घ) महाविद्यालय के संसाधन से परिसर की नियमित साफ-सफाई कराई जाती है तथा महाविद्यालय द्वारा आवश्यकता अनुसार वृक्षारोपण किया जाएगा।
सहकारी बैंकों में मुख्य कार्यपालन अधिकारी की पदस्थापना
[सहकारिता]
57. ( क्र. 3055 ) श्री भंवर सिंह शेखावत : क्या सहकारिता मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) म.प्र. राज्य सहकारी बैंक एवं प्रदेश के 38 जिला सहकारी बैंकों में मुख्य कार्यपालन अधिकारी के पदों का कार्य करने वाले अधिकारियों के लिए रिजर्व बैंक/नाबार्ड द्वारा क्या-क्या मानदण्ड एवं योग्यताएं निर्धारित की गईं है? (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में म.प्र. राज्य सहकारी बैंक मर्यादित एवं प्रदेश के 38 जिला सहकारी बैंकों में से किन-किन बैंकों में निर्धारित मानदण्डों और योग्यता वाले मुख्य कार्यपालन अधिकारी पदस्थ हैं? (ग) प्रश्नांश (ख) के संदर्भ में क्या अपेक्स बैंक एवं कई जिला बैंकों में अपात्र/निर्धारित मानदण्ड एवं योग्यता धारित नहीं करने वाले व्यक्ति मुख्य कार्यपालन अधिकारी पद का कार्य कर रहें हैं? यदि हाँ, तो बैंकवार विवरण दें। (घ) प्रश्नांश (ग) के संदर्भ में इन अपात्र व्यक्तियों को कब तक हटाया जावेगा तथा अपात्र व्यक्तियों को पदस्थ करने वाले दोषियों के विरूद्ध क्या कार्यवाही कब तक की जावेगी?
सहकारिता मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र- 1 एवं 2 अनुसार है। (ख) उत्तरांश (क) के परिप्रेक्ष्य में 14 जिला सहकारी केन्द्रीय बैंकों में पदस्थ मुख्य कार्यपालन अधिकारियों का जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है। (ग) अपेक्स बैंक में वर्तमान में प्रबंध संचालक का पद रिक्त होने से विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी को अतिरिक्त रूप से प्रबंध संचालक का प्रभार विभाग के आदेश द्वारा सौंपा गया है। जिला सहकारी केन्द्रीय बैंकों में मुख्य कार्यपालन अधिकारी के पद पर पदस्थ किये जाने हेतु वरिष्ठ अधिकारियों की कमी होने के कारण मध्यप्रदेश सहकारी सोसाइटी अधिनियम, 1960 की धारा 54 के तहत जारी अधिसूचना अनुसार अपेक्स बैंक द्वारा बनाये गए संवर्ग में से 24 जिला सहकारी केन्द्रीय बैंकों में संवर्ग अधिकारियों को मुख्य कार्यपालन अधिकारी का प्रभार सौंपा गया है, बैंकवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-4 अनुसार है। (घ) उत्तरांश (ग) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
वित्तीय अनियमितता एवं प्रशासक की नियुक्ति
[सहकारिता]
58. ( क्र. 3056 ) श्री भंवर सिंह शेखावत : क्या सहकारिता मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नाबार्ड के अनुसार मध्यप्रदेश की 38 जिला केन्द्रीय सहकारी बैंकों में से कौन-कौन से बैंक कमजोर श्रेणी में हैं तथा धारा 11 का पालन नहीं कर रहे हैं? ऐसे बैंकों का बैंकवार विवरण दिया जाये। साथ ही इन बैंकों एवं उनसे सम्बद्ध पैक्स समितियों की कुल हानि एवं ऋण असंतुलन राशि का समितिवार विवरण प्रस्तुत किया जाये। (ख) वर्ष 2017-18 से 2024-25 तक खरगोन जिले की पैक्स समितियों की वित्तीय स्थिति एवं लाभ-हानि का पैक्सवार विवरण दिया जाये तथा लेम्पस मण्डलेश्वर की इसी अवधि की स्थिति स्पष्ट की जाये। क्या प्रशासक के लगभग 07 वर्ष के कार्यकाल में समिति को ₹1.25 करोड़ से अधिक की हानि हुई है? यदि हाँ, तो दोषी प्रशासक के विरुद्ध निलंबन व वसूली की कार्यवाही कब तक की जायेगी? (ग) क्या मार्च 2025 में म.प्र. सहकारी सोसायटी अधिनियम, 1960 में किये गये संशोधन के अनुसार पैक्स समितियों में जिला सहकारी बैंक अधिकारियों को प्रशासक नियुक्त किया जा सकता है? यदि हाँ, तो किन जिलों में यह नियुक्तियाँ हुई हैं तथा खरगोन जिले में ऐसा न होने के लिए कौन उत्तरदायी है और प्रशासक कब तक बदले जायेंगे?
सहकारिता मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र- 1 एवं 2 अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 एवं 4 अनुसार है। प्रशासक के कार्यकाल में बहुउद्देशीय प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति मंडलेश्वर को राशि रू. 1.08 करोड़ की व्यवसायगत संचित हानि परिलक्षित हुई है, शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता है। (ग) जी हाँ, जिलेवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-5 अनुसार है। जिला सहकारी बैंक के अधिकारियों को प्रशासक नियुक्त किया जाना वैधानिक अनिवार्यता नहीं है। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता है।
अपेक्स बैंक में वित्तीय अनियमितता
[सहकारिता]
59. ( क्र. 3057 ) श्री भंवर सिंह शेखावत : क्या सहकारिता मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अपेक्स बैंक में दिनांक 01.07.2013 से 29.02.2020 तक की अवधि में कौन-कौन सेवायुक्त अधिकारी/कर्मचारी सेवानिवृत्त हुए हैं? उनके नाम, पद एवं सेवानिवृत्ति दिनांक सहित कर्मचारीवार विवरण दें। इनमें से किस-किस कर्मचारी के विरूद्ध बैंक की रिपोर्ट पर थाने में अपराध दर्ज किये गये हैं, उनका विवरण एवं चालान प्रस्तुति का विवरण देवें और किस-किस कर्मचारी को सजा हुई? (ख) उपरोक्त वर्णित कर्मचारियों को उपादान एवं अन्य स्वत्वों की राशियों का भुगतान कब-कब, कितना-कितना किया गया और कितना-कितना ब्याज दिया गया? इन मामलों में विधिक व्यय कितना हुआ है तथा जीवन बीमा निगम से उपादान की कितनी-कितनी राशि प्राप्त हुई? (ग) अपेक्स बैंक ट्रेनिंग कॉलेज भोपाल के संचालन में नाबार्ड का कोई योगदान है? यदि हाँ, किस तरह का? उक्त ट्रेनिंग कॉलेज के प्राचार्य पद के लिए क्या-क्या योग्यताएं निर्धारित हैं और वर्तमान में प्राचार्य पद पर पदस्थ व्यक्ति उक्त योग्यताएं धारित करते हैं यदि नहीं, तो अपात्र व्यक्ति को अब तक हटाया जावेगा और दोषियों के विरूद्ध कब तक क्या कार्यवाही की जावेगी?
सहकारिता मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र- 1 एवं 2 अनुसार है। (ख) उत्तरांश (क) में दर्शित अधिकांश अधिकारियों/कर्मचारियों के उपादान से संबंधित अनेक रिट याचिकाएँ/अपीलें माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर एवं खण्डपीठ इंदौर के समक्ष विचाराधीन हैं। इसी प्रकार उपादान के कई प्रकरण विभिन्न श्रम न्यायालयों में भी विचाराधीन हैं, प्रश्नांश में पूछी गई जानकारी विभिन्न न्यायालयीन प्रकरणों से संबंधित होने और गैर शासकीय कर्मचारियों की निजी सेवा संबंधी जानकारी होने से कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति उपरांत भुगतान की गई अथवा भुगतान की जाने वाले स्वत्वों की कर्मचारीवार जानकारी दिया जाना संभव नहीं है। (ग) अपेक्स बैंक ट्रेनिंग कॉलेज को नाबार्ड से सॉफ्टकॉब (Scheme for Financial Assistance for Training of Cooperative Banks Personnel) योजना अंतर्गत अनुदान/पुनर्भुगतान प्राप्त होता है। अपेक्स बैंक के सेवानियम अनुसार उप महाप्रबंधक श्रेणी के अधिकारी को प्राचार्य का पद सौंपा जा सकता है जो पदोन्नति का पद है। इस पद पर मध्यप्रदेश शासन के न्यूनतम 12 वर्ष के अनुभवी प्रथम श्रेणी के अधिकारी को संविदा आधार पर भी नियुक्त किया जा सकता है। वर्तमान में पूर्णकालिक प्राचार्य का पद रिक्त है। संविदा आधार पर बैंक में कार्यरत सेवानिवृत्त अपर आयुक्त सहकारिता को बैंक प्रबंधन द्वारा अपेक्स बैंक ट्रेनिंग कालेज के प्राचार्य पद का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। अत: शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता है।
ग्राम पंचायतों में निर्माण कार्यों की जानकारी
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
60. ( क्र. 3065 ) श्री अम्बरीष शर्मा : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र लहार अंतर्गत नि.लि. 08 ग्राम पंचायतों (हीरापुरा, राहुली उवारी, लहारौल, अचलपुरा, मेंहरा, पृथ्वीपुरा, लिलवारी एवं ररी सिकारपुरा) में वर्तमान में कितने एक्टिव लेवर (क्रियाशील मजदूर) है? ग्राम पंचायतवार पृथक-पृथक सूची प्रदान की जाये। (ख) उपरोक्त सभी ग्राम पंचायतों में मनरेगा योजना व 15वें वित योजना अन्तर्गत माह जुलाई, 2022 से 31 मार्च, 2025 तक की अवधि में कौन-कौन से कार्य कराये गये? प्रत्येक कार्य की जानकारी में स्वीकृत वर्ष, स्वीकृत राशि, कार्यपूर्ण प्रमाण-पत्र एवं मस्टर की छायाप्रति पूर्ण जानकारी उपलब्ध कराई जाये। (ग) क्या उपरोक्त ग्राम पंचायतों द्वारा कराये गये कार्यों में से कौन-कौन से कार्य एक्टिव लेवर (क्रियाशील मजदूर) के माध्यम से कराये गये? इन कार्यों में लगाये मजदूरों से संबंधित मांग पत्र की छायाप्रति व एनएमएस फोटो सहित मजदूरों को किये भुगतान की पूर्ण जानकारी जिसमें मजदूर का नाम, पता, बैंक खता क्रमांक व शाखा आदि की जानकारी प्रत्येक ग्राम पंचायत में प्रत्येक कार्य की पृथक-पृथक रूप से उपलब्ध करायी जायें?
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'अ' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट–'ब' अनुसार है। शेष प्रश्नांश अंतर्गत कार्यों में प्रयुक्त मस्टर रोल की जानकारी हेतु फ्लो चार्ट जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'स' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट–'द' अनुसार है। शेष प्रश्नांश अंतर्गत एनएमएमएस फोटो देखने के लिए फ्लो चार्ट जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट–'स' अनुसार है।
गैर शैक्षणिक पद की स्वीकृति
[उच्च शिक्षा]
61. ( क्र. 3115 ) श्री बाला बच्चन : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या मध्यप्रदेश भोज (मुक्त) विश्वविद्यालय, मध्यप्रदेश विश्वविद्यालय अधिनियम 1973 से संचालित होता है? यदि हाँ, अधिनियम की प्रति उपलब्ध करायें। यदि नहीं, तो मध्यप्रदेश भोज (मुक्त) विश्वविद्यालय किस अधिनियम से संचालित होता है। (ख) क्या मध्यप्रदेश भोज (मुक्त) विश्वविद्यालय अधिनियम में गैर शैक्षणिक पद के सृजन/स्वीकृति करने तथा उन पर नियुक्ति/नियमितीकरण करने के अधिकार प्रदत्त है, यदि हाँ, तो अभिलेखों की प्रति उपलब्ध करायें। यदि नहीं, तो मध्यप्रदेश भोज (मुक्त) विश्वविद्यालय में पद के सृजन/स्वीकृति करने तथा उन पर नियुक्ति/नियमितीकरण करने के अधिकार किसे है? (ग) क्या मध्यप्रदेश भोज (मुक्त) विश्वविद्यालय के प्रारंभिक वर्षों 1996, 1997 में शासन स्तर से पद प्रदान किये गये थे? यदि हाँ, तो क्या इन पदों पर शासन से कोई शर्त उल्लेखित थी? तत्समय उन पदों पर विश्वविद्यालय द्वारा नियुक्ति की क्या प्रकिया अपनायी गयी? विज्ञापन, चयन प्रक्रिया एवं अन्य संबंधित जानकारी उपलब्ध करायें। क्या पद के साथ प्रदत्त शर्तों का पालन किया गया? (घ) शासन द्वारा वित्तीय वर्ष 2010-11 से प्रश्न दिनांक तक मध्यप्रदेश भोज मुक्त विश्वविद्यालय को स्थापना व्यय, खण्ड संधारण व्यय हेतु कितना अनुदान अनुदान प्रदान किया गया, वर्षवार एवं मदवार जानकारी उपलब्ध करायें। यदि नहीं, तो मध्यप्रदेश भोज मुक्त विश्वविद्यालय संचालन में स्थापना व्यय, खण्ड संधारण व्यय विश्वविद्यालय द्वारा किन स्त्रोतों द्वारा वहन किया जाता है।
उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री इन्दर सिंह परमार ) : (क) जी नहीं। प्रश्नांकित विश्वविद्यालय, मध्यप्रदेश भोज (मुक्त) विश्वविद्यालय अधिनियम, 1991 (क्र. 20 सन् 1991) से संचालित होता है। (ख) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-1 अनुसार है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) जी हाँ। जी हाँ। विश्वविद्यालय में प्रश्नांश से संबंधित वर्तमान में उपलब्ध दस्तावेज की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-2 अनुसार है, जिससे ज्ञात होता है कि तत्समय पदों पर सीधी भर्ती की गई है। शेष जानकारी एवं शर्तों के संबंध में प्रबंध बोर्ड की बैठक दिनांक 11.03.1998 के बिन्दु क्रमांक 5 (17) में लिये गये निर्णय का पालन किया गया, जिसकी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-3 अनुसार है। (घ) वित्तीय वर्ष 2010-11 से प्रश्न दिनांक तक मध्यप्रदेश भोज (मुक्त) विश्वविद्यालय को शासन से स्थापना व्यय, खण्ड संधारण व्यय शासन से प्राप्त नहीं हुआ है। मध्यप्रदेश भोज (मुक्त) विश्वविद्यालय संचालन में स्थापना व्यय, खण्ड संधारण व्यय विश्वविद्यालय द्वारा स्वयं के स्रोतों द्वारा वहन किया जाता है।
पंचायत भवन का निर्माण
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
62. ( क्र. 3141 ) श्री हेमंत सत्यदेव कटारे : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र अटेर, जिला भिण्ड की जनपद पंचायत अटेर अंतर्गत ग्राम पंचायत कोषढ, नायब, स्यावली, बगुलरी, गोअरखुर्द, शुक्लपुरा, बडापुरा, चौम्हों एवं पिथनपुरा एवं जनपद पंचायत भिण्ड अंतर्गत ग्राम पंचायत सपाड एवं रमपुरा में पंचायत भवन नहीं होने से ग्राम पंचायतों के कार्य सुचारू रूप से सम्पन्न नहीं हो पा रहे हैं। प्रश्नकर्ता द्वारा क्षेत्र की पंचायत भवन विहीन ग्राम पंचायतों हेतु भवन स्वीकृत कर निर्माण कराने का समक्ष में अनुरोध करने पर मान, पंचायत मंत्री जी ने शीघ्र पंचायत भवन स्वीकृति का आश्वासन देते हुये कहा कि पूरे प्रदेश की सभी पंचायत भवन विहीन ग्राम पंचायतों में पंचायत भवन निर्माण हेतु प्रश्नकर्ता द्वारा विभाग में निर्देश दे दिये हैं? (ख) क्या प्रश्नकर्ता के विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र की उपरोक्त पंचायत भवन विहीन ग्राम पंचायतों हेतु पंचायत भवन के निर्माण स्वीकृति विभाग द्वारा प्रदान की जा चुकी है? यदि हाँ, तो स्वीकृति आदेश की छायाप्रति उपलब्ध करायी जाय। (ग) उक्त पंचायत भवन विहीन ग्राम पंचायतों में कब तक पंचायत भवन का निर्माण पूर्ण करा लिया जावेगा? समय-सीमा बतायी जावे।
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) प्रश्नांश में उल्लिखित समस्त 11 पंचायतों में नवीन पंचायत भवन स्वीकृत कर दिये गये है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) जी हाँ। स्वीकृति आदेश की छायाप्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) कार्य प्रगतिरत है। निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
सहकारी संस्थाओं में अयोग्य अधिकारी की पदस्थापना
[सहकारिता]
63. ( क्र. 3142 ) श्री हेमंत सत्यदेव कटारे : क्या सहकारिता मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) म.प्र. राज्य सहकारी बैंक एवं प्रदेश की जिला सहकारी बैंकों में मुख्य कार्यपालन अधिकारी के पदों का कार्य करने वालों के लिये रिजर्व बैंक/नाबार्ड द्वारा क्या-क्या मानदण्ड एवं योग्यताएं निर्धारित हैं? (ख) अपेक्स बैंक एवं 38 जिला सहकारी बैंकों में से किन-किन बैंकों में निर्धारित मानदण्डों और योग्यता वाले मुख्य कार्यपालन अधिकारी पदस्थ हैं? अधिकारी का नाम, पदनाम बैंक सहित पूर्ण जानकारी उपलब्ध करायी जाये। (ग) क्या अपेक्स बैंक एवं कई जिला सहकारी बैंकों में अपात्र/निर्धारित मानदण्ड/योग्यता धारित नहीं करने वाले अधिकारी पदस्थ हैं? यदि हाँ, तो बैंकवार विवरण और इन अपात्र व्यक्तियों को कब तक हटाया जावेगा तथा अपात्रों को पदस्थ करने वाले जिम्मेदार अधिकारियों के विरूद्ध क्या-क्या कार्यवाही कब तक की जावेगी? (घ) अपेक्स बैंक ट्रेनिंग कॉलेज भोपाल के संचालन में नाबार्ड का कोई योगदान है? यदि हाँ, तो किस तरह का, पूर्ण जानकारी दी जाये। (ड.) उक्त ट्रेनिंग कॉलेज के प्राचार्य पद के लिये क्या-क्या योग्यता निर्धारित हैं और क्या वर्तमान उक्त पद पर अपात्र अधिकारी पदस्थ है? यदि हाँ, तो अपात्र को कब तक हटाया जायेगा और दोषियों के विरूद्ध कब तक क्या कार्यवाही की जायेगी? पूर्ण जानकारी दी जाये।
सहकारिता मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र- 01 एवं 02 अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-03 अनुसार है। (ग) अपेक्स बैंक में प्रबंध संचालक का पद रिक्त होने से विभाग द्वारा बैंक में प्रतिनियुक्ति पर पदस्थ विशेष कर्त्तव्यस्थ अधिकारी (संयुक्त पंजीयक स्तर) में से वरिष्ठ अधिकारी को प्रबंध संचालक का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। मध्यप्रदेश सहकारी सोसाइटी अधिनियम, 1960 की धारा 54 के तहत जारी अधिसूचना अनुसार 24 जिला सहकारी केन्द्रीय बैंकों में संवर्ग अधिकारियों को मुख्य कार्यपालन अधिकारी का प्रभार सौंपा गया है, अत: शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता है। जिला बैंकों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-04 अनुसार है। (घ) जी हाँ। अपेक्स बैंक ट्रेनिंग कॉलेज को नाबार्ड से सॉफ्टकॉब (Scheme for Financial Assistance for Training of Cooperative Banks Personnel) योजना अंतर्गत अनुदान/पुर्नभुगतान प्राप्त होता है। (ड.) अपेक्स बैंक के सेवानियम अनुसार उप महाप्रबंधक श्रेणी के अधिकारी को प्राचार्य का पद सौंपा जा सकता है जो पदोन्नति का पद है। इस पद पर मध्यप्रदेश शासन के न्यूनतम 12 वर्ष के अनुभवी प्रथम श्रेणी के अधिकारी को संविदा आधार पर भी नियुक्त किया जा सकता है। वर्तमान में पूर्णकालिक प्राचार्य का पद रिक्त है। संविदा आधार पर बैंक में कार्यरत सेवानिवृत्त अपर आयुक्त सहकारिता को बैंक प्रबंधन द्वारा अपेक्स बैंक ट्रेनिंग कालेज के प्राचार्य पद का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। अत: शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता है।
दोषियों के विरुद्ध कार्यवाही
[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]
64. ( क्र. 3153 ) डॉ. राजेन्द्र कुमार सिंह : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या उप संचालक कृषि रीवा द्वारा कार्यालयीन पत्र क्र. 3049 दिनांक 03.01.2025 द्वारा सहायक संचालक कृषि को प्रेषित कर अनुविभागीय कृषि अधिकारी श्री रवि सिंह बघेल के द्वारा अधिकारिता क्षेत्र के विरुद्ध कार्यवाही किये जाने के कारण अनुशासनात्मक कार्यवाही करने का प्रस्ताव किया था? उक्त अधिकारी ने कहां पर किस अधिकारिता क्षेत्र के बाहर जाकर क्या व किसके विरुद्ध कब कार्यवाही की? पूरे प्रकरण की बिन्दुवार जानकारी उपलब्ध करायें व प्रस्तावों की एक-एक प्रति दें। (ख) रीवा जिला अंतर्गत गंगेव विकासखण्ड में प्रभारी वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी श्री शिव शरण सरल के द्वारा अनाधिकृत रूप से उर्वरक गुण नियंत्रण नियम 1985 के नियमों/उपनियमों का क्या उल्लंघन किया? क्या उक्त कृत्य पर अनुविभागीय कृषि अधिकारी त्योंथर के द्वारा अनुशासनात्मक कार्यवाही हेतु उप संचालक/संयुक्त संचालक रीवा को पत्र लिखा? पत्रों की एक प्रति दें। क्या कार्यवाही दोषियों के विरूद्ध प्रश्नतिथि तक उप/संयुक्त संचालक कार्यालयों ने की? जारी सभी आदेशों की एक प्रति दें। (ग) रीवा संयुक्त संचालक कृषि पद पर एवं उप संचालक कृषि पद पर प्रश्नतिथि तक किस नाम के अधिकारी पदस्थ हैं? इनके विरूद्ध क्या क्या जांचे/वसूली कब से किन-किन प्रकरणों की लंबित है? सभी आदेशों/पत्रों की व जांचों की प्रकरणों सहित एक एक प्रति दें। (घ) शासन (क), (ख), (ग) में दोषियों को कब तक निलंबित कर ई.ओ.डब्लू. में अपराध पंजीबद्ध करवायेगा?
किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ख) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। (ग) श्री यू.पी. बागरी, उप संचालक किसान कल्याण तथा कृषि विकास जिला रीवा दिनांक 20.12.2025 से संयुक्त संचालक, किसान कल्याण तथा कृषि विकास रीवा संभाग रीवा के पदीय प्रभार में है। प्रश्नांश के शेष भाग की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-स अनुसार है। (घ) प्रश्नांश (ग) से संबंधित प्रकरण टीकर सिंचाई तालाब निर्माण कार्य की जांच के संबंध में दिये गये दण्डादेश/वसूली आदेश के विरूद्ध प्रकरण माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर में विचाराधीन है, शेष प्रश्नांश के संबंध में कार्यवाही प्रचलन में है।
कर्मचारियों का प्रमोशन
[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]
65. ( क्र. 3190 ) श्री महेन्द्र हार्डिया : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मंडियों में सेवारत अनुकम्पा नियुक्ति के कर्मचारियों को 70, 80, 90 प्रतिशत वेतन प्रथम वर्ष से तृतीय वर्ष तक दिया जा रहा है, जबकि न्यायालय द्वारा 100 प्रतिशत वेतन भुगतान किये जाने हेतु आदेशित किया हुआ है मंडी बोर्ड इस नियम में कब बदलाव करेगा और कर्मचारियों को बीते समय का एरियर एवं पूर्ण वेतन कब देगा बताने की कृपा करें? (ख) क्या मंडी बोर्ड की आय का मुख्य स्रोत मंडी समितियां है, यदि हां, तो मंडी समिति सेवा के कर्मचारियों का मंडी बोर्ड सेवा में आमेलन कब तक कर दिया जाएगा बताने की कृपा करें? (ग) मंडी समिति सेवा के चतुर्थ श्रेणी एवं तृतीय श्रेणी कर्मचारियों के लिए प्रमोशन के नियम क्या है? कितने वर्ष की सेवा पर प्रमोशन किया जाता है? कितने कर्मचारियों का प्रमोशन किया जाना है? (घ) जिन मंडियों में सहायक ग्रेड-2 एवं सहायक ग्रेड-1 के पद नहीं है उन मंडियों के सहायक ग्रेड-3 का प्रमोशन कर जहां पद रिक्त हैं वहां पर पदस्थ क्यों नहीं किया जाता है?
किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) माननीय न्यायालय के निर्णय के परिप्रेक्ष्य में नीतिगत विषय होने से समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ख) जी हाँ। म.प्र. कृषि उपज मंडी अधिनियम, 1972 की धारा 26 के अंतर्गत राज्य मंडी बोर्ड सेवा के अधिकारी/कर्मचारियों का नियोक्ता प्राधिकारी मंडी बोर्ड है तथा म.प्र. कृषि उपज मंडी अधिनियम 1972 की धारा 30 के अंतर्गत मंडी समिति सेवा के कर्मचारियों का नियोक्ता प्राधिकारी मंडी समिति है। मंडी अधिनियम के उक्त प्रावधान अंतर्गत मंडी समिति सेवा के कर्मचारियों का राज्य मंडी बोर्ड सेवा में आमेलन संभव नहीं है। शेष प्रश्न उद्भूत नहीं होता। (ग) नियम की प्रति की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। पदोन्नति हेतु निम्न पद पर न्यूनतम आवश्यक सेवाकाल 5 वर्ष निर्धारित है। 963 कर्मचारियों का पदोन्नति किया जाना है। (घ) मंडी समिति के सेवकों का नियुक्ति प्राधिकारी मंडी समिति है। अतएव जिन मंडियों में सहायक ग्रेड-1 एवं सहायक ग्रेड-2 के पद स्वीकृत नहीं है, उन मंडियों के सहायक ग्रेड-3 का पदोन्नति कर दूसरे नियोक्ता मंडी समिति में रिक्त पद पर पदस्थ करना विधि अंतर्गत संभव नहीं है।
जिम सामग्री, भवन सहित स्वीकृति
[खेल एवं युवा कल्याण]
66. ( क्र. 3235 ) इंजीनियर प्रदीप लारिया : क्या खेल एवं युवा कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या विभाग द्वारा जिम सामग्री एवं भवन सहित जिम खोलने/स्थापित करने की विभाग द्वारा कोई योजना/नीति बनाई गई है? यदि हाँ, तो नियम-निर्देश सहित जानकारी देवें। (ख) यदि हाँ, तो सागर जिले के कितने जिम सामग्री भवन सहित स्वीकृति के प्रस्ताव/आवेदन विभाग को प्रेषित किये गये है? (ग) क्या नरयावली विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत नगर पालिका परिषद मकरोनिया में जिम सामग्री भवन सहित स्थापित करने/स्वीकृत करने के संबंध में कोई प्रस्ताव/आवेदन लंबित हैं? (घ) यदि हाँ, तो नगर पालिका परिषद मकरोनिया में जिम सामग्री भवन सहित स्वीकृति के संबंध में विभाग द्वारा प्रश्न दिनांक तक क्या कार्यवाही की गई है? यदि हाँ, तो स्वीकृति कब तक प्रदान की जाएगी?
खेल एवं युवा कल्याण मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) विभागीय नीति 2017 अनुसार स्टेडियम/खेल परिसर/खेल मैदान निर्माण की स्वीकृत किये जाने की योजना है। उपरोक्त नीति के तहत निर्मित विभागीय खेल परिसर में जिम उपकरण की स्थापना की जाती है उपरोक्त के अलावा शासकीय परिसरों में जिले से प्रस्ताव प्राप्त होने पर के उपयुक्त का परीक्षण कर बजट की उपलब्धता अनुसार जिलों को जिम उपकरण स्वीकृति/स्थापित किये जाते है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ख) एवं (ग) संचालनालय में माननीय प्रश्नकर्ता सदस्य ने पत्र क्रमांक क्यू दिनांक 16.07.2025 एवं पत्र क्रमांक 8012 दिनांक 18.08.2025 द्वारा स्टेडियम मकरोनिया में कबड्डी मेट्स-2 सेट, खो-खो मेट्स-2 सेट, ओपन जिम-1 सेट, फुटबाल पोल नेटस सहित-2 सेट की मांग की गई है। (घ) संचालनालयीन पत्र क्रमांक 10111 दिनांक 13.01.2026 द्वारा जिला खेल और युवा कल्याण अधिकारी, जिला सागर से औचित्य सहित अभिमत चाहा गया है, जो अपेक्षित है। जानकारी प्राप्त होते ही त्वरित कार्यवाही की जाएगी।
विज्ञान एवं वाणिज्य संकाय प्रारंभ किया जाना
[उच्च शिक्षा]
67. ( क्र. 3237 ) इंजीनियर प्रदीप लारिया : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शासकीय महाविद्यालय नरयावली में केवल कला संकाय के साथ संचालित की जा रही है? यदि हाँ, तो जानकारी देवें तथा कितनी छात्र-छात्राओं की संख्या प्रश्न दिनांक तक दर्ज है? कक्षावार/ विषयवार विस्तृत जानकारी देवें। (ख) क्या महाविद्यालय में विज्ञान एवं वाणिज्य विषय से कक्षा 12वीं उत्तीर्ण छात्र-छात्राएं कला संकाय में प्रवेश लेकर शासकीय महाविद्यालय नरयावली में अध्यनरत है? यदि हाँ, तो कला संकाय प्रथम/द्वितीय/तृतीय वर्ष में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं की जानकारी देवें। (ग) प्रश्नांश (ख) में वर्णित विज्ञान, गणित एवं वाणिज्य विषय से उत्तीर्ण छात्र-छात्राएं जो वर्तमान में कला संकाय में प्रवेश लेकर महाविद्यालय में अध्ययन कर रहे है? क्या छात्र-छात्राओं के विषय परिवर्तन को दृष्टिगत रखते हुये शासकीय महाविद्यालय नरयावली में विज्ञान/वाणिज्य संकाय प्रारंभ करने के लिए कोई योजना/नीति बनायेगा? यदि हां, तो कब तक? समय-सीमा बतायें।
उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री इन्दर सिंह परमार ) : (क) जी हाँ। जानकारी संलग्न परिशिष्ट-अ अनुसार है। (ख) जी हाँ। जानकारी संलग्न परिशिष्ट-ब अनुसार है। (ग) विभागीय मापदण्डों की पूर्ति एवं वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता के आधार पर नवीन संकाय प्रारंभ करने के संबंध में विचार किया जाता है। समय-सीमा बताई जाना संभव नहीं है।
तालाबों का निर्माण
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
68. ( क्र. 3305 ) श्री प्रहलाद लोधी : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) खेतों में सिंचाई के लिए पानी की उपलब्धता हेतु पन्ना जिले में कौन-कौन सी योजना वर्तमान में कब से प्रचलित हैं और हितग्राहियों/किसानों को योजना का लाभ किस प्रक्रिया से किस प्रकार दिया जा रहा है? संपूर्ण जानकारी उपलब्ध करायें। (ख) पन्ना जिले में वर्ष 2022 से प्रश्न दिनांक तक प्रश्नांश (क) योजनाओं और वाटरशेड मिशन के तहत कितनी-कितनी लागत के तालाब एवं खेत तालाबों का निर्माण किस मांग आवश्यकता के चलते एवं किन प्रस्तावों पर किन सक्षम अधिकारियों द्वारा कब-कब स्वीकृत किया गया? (ग) प्रश्नांश (ख) कार्यों के प्राक्कलन एवं तकनीकी स्वीकृति किन शासकीय सेवकों द्वारा बनाए एवं प्रदान की गई? कार्यों को किस-किस एजेंसी द्वारा कब-कब किया गया और कार्यों का पर्यवेक्षण माप और माप का सत्यापन किन तकनीकी अधिकारियों द्वारा कब-कब किया गया एवं कार्यों का कितना-कितना भुगतान किस-किसको, कब किया गया, कार्यवार बतायें एवं दस्तावेज उपलब्ध करायें। (घ) प्रश्नांश (ख) निर्मित तालाबों के निर्माण को किन-किन तकनीकी अधिकारियों द्वारा उपयोगी माना गया तथा उनकी निर्माण में कितनी-कितनी भूमि सिंचित होना आंकलन किया गया था? वर्तमान में कितनी भूमि सिंचित हो रही है और किए गए कार्यों की उपयोगिता के आंकलन से होकर करायें? (ङ) क्या प्रश्नांश (क) से (घ) के परिप्रेक्ष्य में तालाबों का निर्माण में अनियमितता की कितनी और कौन-कौन सी शिकायतें जनपद और जिला पंचायत को विगत दो वर्षों में प्राप्त हुई है? शिकायतों की प्रकरणवार जांच किन-किन अधिकारियों द्वारा कब-कब की गई? जांच प्रतिवेदन किन सक्षम अधिकारियों को कब-कब प्रस्तुत किए गए? जांच प्रतिवेदनों पर प्रश्न दिनांक तक क्या कार्यवाही की?
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) जल संसाधन संभाग पन्ना अंतर्गत खेतों में सिंचाई के लिए पानी की उपलब्धता कराने हेतु वर्तमान में कुल 135 योजनाएं निर्मित हैं। इन योजनाओं में से 130 योजना से कमाण्ड क्षेत्र के कृषकों को नहर द्वारा बहाव पद्धति एवं 5 बैराजों से कृषकों द्वारा स्वयं के साधनों से सिंचाई का लाभ लिया जा रहा है योजना की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट "अ"अनुसार है एवं मनरेगा योजनांतर्गत तालाब, स्टाप डेम, चेक डेम एवं अमृत सरोवर इत्यादित निर्माण कार्य कराये जाते हैं। हितग्राहियों/किसानों को मनरेगा योजना का लाभ दिये जाने हेतु मनरेगा के मुख्य मार्गदर्शी सिद्धांत अनुसार शासन द्वारा निर्धारित मापदण्ड के आधार पर ग्राम पंचायत द्वारा प्रदाय किया जाता है। (ख) पन्ना जिले में वर्ष 2022 से वाटर शेड योजना संचालित नहीं है। वित्तीय वर्ष 2022-23 से प्रश्न दिनांक तक मनरेगा योजना के तहत लागत राशि रू. 10407.02 लाख के तालाब एवं खेत तालाब के निर्माण ग्रामवासियों की आवश्यकता एवं मांग, ग्राम पंचायत द्वारा पारित प्रस्ताव के माध्यम से सक्षम अधिकारियों द्वारा स्वीकृत किया गये, जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट "ब"अनुसार है। (ग) प्रश्नांश (ख) कार्यों के प्राक्कलन एवं तकनीकी स्वीकृति, पर्यवेक्षण, माप, माप का सत्यापन एवं कार्यों के भुगतान की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट "ब"अनुसार है। कार्यों का कितना-कितना भुगतान किस-किस को कब किया गया की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट "स" फ्लोचार्ट के अनुसार देखी जा सकती है। (घ) प्रश्नांश (ख) निर्मित तालाबों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट "ब"अनुसार है। (ड.) क्या प्रश्नांश (क) से (घ) के परिप्रेक्ष्य में तालाबों का निर्माण में अनियमितता विगत दो वर्षों (वित्तीय वर्ष 2022-23 एवं 2024-25) में जनपद एवं जिला पंचायत में 12 शिकायतों की प्रकरणवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट "द"अनुसार है।
मृदा परीक्षण प्रयोगशाला की स्वीकृति
[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]
69. ( क्र. 3308 ) श्री रमाकांत भार्गव : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग में मध्यप्रदेश के जिलों में कितनी मृदा परीक्षण प्रयोगशाला वर्तमान में स्वीकृत हैं, जिसमें से कितनी प्रयोगशाला वर्तमान में कार्यशील हैं एवं कितनी प्रयोगशाला बंद हैं? जिलेवार, विकासखण्डवार जानकारी उपलब्ध करावें। (ख) प्रश्नांश (क) के संबंध में उक्त समस्त मृदा परीक्षण प्रयोगशाला में वर्ष 2025-26 में कितने मृदा नमूनों के परीक्षण का लक्ष्य रखा गया है? कितने मृदा नमूनों का परीक्षण किया गया है एवं कितने मृदा स्वास्थ्य कार्ड वितरित किए गए? जिलेवार, विकासखण्डवार जानकारी उपलब्ध करावें। (ग) प्रश्नांश (क) के संबंध में समस्त बंद मृदा परीक्षण प्रयोगशाला नियमित संचालित हो सके, इसके लिए विभाग द्वारा क्या प्रयास किए जा रहे हैं? विभाग में नियमित कर्मचारियों की संख्या पर्याप्त नहीं होने पर क्या संविदा कर्मचारियों से यह कार्य नहीं कराया जा सकता है?
किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ग) विभाग में स्वीकृत समस्त 315 मिट्टी परीक्षण प्रयोगशालाओं में मृदा नमूना परीक्षण किया जा रहा है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
कृषकों को अनुदान राशि
[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]
70. ( क्र. 3309 ) श्री रमाकांत भार्गव : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग के भोपाल संभाग के जिलो में फसलों के बीज वितरण अनुदान राशि अन्तर्गत कितने कृषकों को लाभान्वित करने का लक्ष्य है, योजनावार तथा फसलवार लक्ष्य की जानकारी उपलब्ध करावें। (ख) बीज वितरण अनुदान राशि लक्ष्य के विरुद्ध कितने कृषकों को अनुदान राशि के भुगतान की कार्यवाही की जा चुकी हैं एवं कितने कृषकों को भुगतान किया जाना शेष है, शेष कृषकों के खाते में अनुदान की राशि कब तक उपलब्ध करा दी जावेगी? (ग) प्रश्नांश (ख) के संबंध में कृषकों को अनुदान राशि भुगतान विलंब होने का क्या कारण है, यदि इसमें विभागीय अधिकारी दोषी है, तो उन पर क्या कार्यवाही की गई?
किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) अनुदान राशि से संबंधित संचालित योजनाओं में कृषकवार लक्ष्य जारी नहीं किये जाते अपितु बीज वितरण के लक्ष्य (क्विंटल में) जारी किये जाते है। जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) 17401 कृषकों को राशि का भुगतान किया जा चुका है एवं 17723 कृषकों को लक्ष्य अनुसार भुगतान किया जाना शेष है। जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ग) योजनाओं में प्राप्त आवंटन अनुसार तथा कृषकों द्वारा क्रय किये बीज के देयकों को प्रस्तुत करने के उपरांत बीज वितरण अनुदान राशि के भुगतान की कार्यवाही की जाती है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
गिग वर्कर्स कल्याण बोर्ड का गठन
[श्रम]
71. ( क्र. 3316 ) श्री अजय अर्जुन सिंह : क्या श्रम मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्य प्रदेश कार्यरत गिग वकर्स के लिए कोई दुर्घटना बीमा अथवा स्वास्थ्य बीमा योजना लागू है या नहीं? (ख) यदि नहीं, तो क्या सरकार गिग वकर्स के लिए सामाजिक सुरक्षा योजना लागू करने विचार कर रही है? (ग) क्या मध्य प्रदेश में गिग वर्कर्स कल्याण बोर्ड के गठन पर सरकार विचार कर रही है? (घ) यदि नहीं, तो इसके क्या कारण है?
श्रम मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) जी नहीं, मध्यप्रदेश कार्यरत गिग वर्कर्स के लिए पृथक से दुर्घटना बीमा अथवा स्वास्थ्य बीमा योजना लागू नहीं है, अपितु श्रम विभाग द्वारा म.प्र. असंगठित शहरी एवं ग्रामीण कर्मकार कल्याण मंडल के माध्यम से गिग वर्कर्स हेतु मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबंल 2.0) योजना संचालित है। संबंल योजना में गिग वर्कर्स का पंजीयन किया जाता है, वैद्य पंजीयन धारी गिग वर्कर्स की मृत्यु/दिव्यांगता पर योजनांतर्गत अंत्येष्टि तथा अनुग्रह सहायता (सामान्य मृत्यु, दुर्घटना मृत्यु, आंशिक दिव्यांगता तथा स्थाई दिव्यांगता) का लाभ दिया जाता है। (ख) उत्तरांश (क) के अनुक्रम में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) चूंकि म.प्र. असंगठित शहरी एवं ग्रामीण कर्मकार कल्याण मंडल के अंतर्गत गिग वर्कर्स सम्मिलित है, अत: पृथक से गिग वर्कर्स कल्याण बोर्ड का गठन विचाराधीन नहीं है (घ) उत्तरांश (ग) के अनुक्रम में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
शासकीय आई.टी.आई. भवनों का निर्माण
[तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार (केवल कौशल विकास एवं रोजगार)]
72. ( क्र. 3352 ) श्री कैलाश कुशवाहा : क्या राज्य मंत्री, कौशल विकास एवं रोजगार महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रदेश में वर्ष 2020 से 2025 तक शासकीय उद्यौगिक प्रशिक्षण संस्थाओं के भवनों का निर्माण किया गया है? यदि हां, तो कृपया भवन निर्माण के संबंध में विभाग में क्या नियम/निर्देश हैं? कृपया नियम/निर्देशों की छायाप्रतियां उपलब्ध करायें। (ख) वर्ष 2020 से प्रश्न दिनांक तक शासकीय औद्योगिक संस्थाओं के भवन एवं वर्कशाप का निर्माण प्रदेश के किस-किस जिले में किया गया है, कितनी-कितनी राशि के किये गये जिलेवार सूची सहित निर्माण करने वाली फर्म/एजेंसियों/ठेकेदारों के नाम, पता, पंजीयन सहित, डी.पी.आर. भौतिक सत्यापन रिपोर्ट की छायाप्रति संलग्न कर जानकारी दें। (ग) वर्ष 2020 से प्रश्न दिनांक तक उक्त भवन निर्माण के समय विभाग में संचालनालय में कौन-कौन अधिकारी पदस्थ थे? उनके नाम, पदनाम वर्षवार, माहवार जानकारी दें। क्या इनके विरूद्ध कोई शिकायतें प्राप्त हुई? यदि हां, तो शिकायतों की छायाप्रति संलग्न कर बताएं कि किनके विरूद्ध क्या कार्यवाही की गई? (घ) क्या प्रश्नांश (क) में वर्णित भवनों के निर्माण के संबंध में प्रदेश में वर्ष 2020 से 2025 तक कोई शिकायतें प्राप्त हुई? यदि हां, तो प्राप्त शिकायतों की छायाप्रति संलग्न कर जानकारी दें कि शिकायतों पर क्या कार्यवाही की गई है? यदि नहीं, की गई तो क्यों?
राज्य मंत्री, कौशल विकास एवं रोजगार ( श्री गौतम टेटवाल ) : (क) जी हाँ। औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थाओं में भवन निर्माण महानिदेशालय प्रशिक्षण, नई दिल्ली द्वारा निर्धारित मापदण्ड अनुसार कराया जाता है। नियम/निर्देशों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-एक अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-दो अनुसार है। (ग) प्रश्नावधि में पदस्थ अधिकारियों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-तीन अनुसार है। जी नहीं। शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) जी नहीं। शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
छात्रवृत्ति का भुगतान
[उच्च शिक्षा]
73. ( क्र. 3354 ) डॉ. सतीश सिकरवार : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में प्रतिभा किरण योजना किस वर्ष से प्रारम्भ की गई? योजना के संबंध में जारी परिपत्र सहित उद्देश्य बताया जाये। (ख) योजना का लाभ किस वर्ग की छात्राओं को दिया जाता है? योजना में कितनी राशि किस मान (प्रति माह/प्रति वर्ष) से दिये जाने का प्रावधान है? (ग) ग्वालियर एवं चंबल संभाग में वर्ष 2023-24 एवं 2024-25 में कितनी छात्राओं द्वारा आवेदन प्रस्तुत किये गये एवं प्रस्तुत आवेदनों में से कितने आवेदन पात्र किये? जिलावार, संख्या सहित वर्षवार जानकारी दी जावें। (घ) प्रश्नांश (ग) की अवधि में प्राप्त आवेदनों में से वर्तमान में लंबित आवेदनों में छात्राओं को छात्रवृत्ति का भुगतान कब तक कर दिया जावेगा? समय-सीमा बताई जावे।
उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री इन्दर सिंह परमार ) : (क) प्रदेश में प्रतिभा किरण योजना वर्ष 2008 से प्रारंभ की गई है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य नगरीय क्षेत्र के गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले परिवारों की छात्राओं को उच्च शिक्षा हेतु प्रेरित करना है। शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट "अ" अनुसार है। (ख) नगरीय क्षेत्र में गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले परिवारों से आने वाली सभी वर्गों की छात्राओं को जिन्होंने बारहवीं की परीक्षा शहर में रहकर, शहर की पाठशाला से प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण की है, उन्हें इस योजना का लाभ दिया जाता है। इस योजना में नियमित प्रवेश प्राप्त पात्र छात्राओं को राशि रूपये 500/- प्रतिमाह (सामान्य पाठ्यक्रम हेतु) अधिकतम 10 माह (एक अकादमिक सत्र में) के लिए एवं राशि रूपये 750/- प्रतिमाह अधिकतम 10 माह (एक अकादमिक सत्र में) के लिए (तकनीकी एवं चिकित्सा पाठ्यक्रम हेतु) दिये जाने का प्रावधान है। (ग) ग्वालियर एवं चंबल संभाग में वर्ष 2023-24 में कुल 748 एवं वर्ष 2024-25 में कुल 661 आवेदन प्राप्त हुए जिसमें से वर्ष 2023-24 में 708 एवं वर्ष 2024-25 में 643 आवेदन पात्र पाए गए। शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट "ब" अनुसार है। (घ) उत्तरांश (ग) की अवधि में प्राप्त आवेदनों में से सभी पात्र आवेदकों को लाभान्वित किया जा चुका है। पात्र आवेदनों में से कोई भी आवेदन लाभान्वित किये जाने हेतु लंबित नहीं है। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता है।
शासकीय महाविद्यालयों की मरम्मत
[उच्च शिक्षा]
74. ( क्र. 3355 ) डॉ. सतीश सिकरवार : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) ग्वालियर-चंबल संभाग के शासकीय स्नातक, स्नात्कोत्तर महाविद्यालयों में मरम्मत, संधारण कार्य की क्या प्रक्रिया निर्धारित है? क्या इस हेतु कोई समय-सीमा नियत है? (ख) ग्वालियर-चम्बल संभाग के शासकीय स्नातक, स्नात्कोत्तर महाविद्यालयों में मरम्मत, संधारण कार्य हेतु कितनी-कितनी राशि का आवंटन किन-किन कार्यों हेतु वर्ष 2024-25 एवं वर्ष 2025-26 में स्वीकृत किया गया? जिलावार संस्थानों के नाम सहित जानकारी दी जावें। (ग) प्रश्नांश (ख) में उल्लेखित अवधि में स्वीकृत कार्यों में से कितने कार्य वर्तमान में लंबित है? कारण सहित जानकारी दी जावें। (घ) शासन द्वारा शासकीय महाविद्यालयों के मरम्मत, संधारण की राशि को किसी अन्य कार्य में उपयोग किया गया है? यदि हां, तो कार्य का नाम एवं आवंटित राशि के विरूद्ध उपयोग की गई राशि सहित जानकारी दी जावें।
उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री इन्दर सिंह परमार ) : (क) शासकीय महाविद्यालयों के भवनों का संधारण योजना क्रमांक-9545 (परिसंपत्तियों का संधारण) अंतर्गत किया जाता है। इसके लिए मध्य प्रदेश शासन वित्त विभाग के परिपत्र दिनांक 03.06.2022 द्वारा प्रक्रिया निर्धारित की गई है, जिसकी प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-1 अनुसार है। राशि का उपयोग संबंधित वित्तीय वर्ष में किया जाना चाहिए। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-2 अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-2 के सरल क्रमांक 2 एवं 6 पर दर्शाई गई है। (घ) जी नहीं। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता है।
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से सड़क निर्माण कार्य किया जाना
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
75. ( क्र. 3356 ) डॉ. सतीश सिकरवार : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला मुरैना की तहसील कैलारस के ग्राम पंचायत बस्तौली में शास.प्रा.वि. बल्देव का पुरा के लिये जाने वाले मार्ग (करीब 2 कि.मी. से अधिक) पर प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से सड़क निर्माण कार्य कराया गया है? (ख) उक्त मार्ग पर सड़क निर्माण कराये जाने हेतु ग्रामवासियों द्वारा आयुक्त चंबल संभाग को जनसुनवाई में दिनांक 20.08.2019, दिनांक 12.08.2025 एवं दिनांक 29.01.2026 में आवेदन दिये गये है? उक्त आवेदनों पर आयुक्त चंबल संभाग कार्यालय द्वारा की गई कार्यवाही की जानकारी दी जावे। (ग) उक्त मार्ग पर सड़क निर्माण कार्य हेतु जिला कलेक्टर मुरैना कार्यालय में दिनांक 12.08.2025 को आवेदन पत्र प्राप्त हुआ है? यदि हां, तो आवेदन पर क्या कार्यवाही की गई? (घ) उक्त मार्ग पर सड़क निर्माण हेतु मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत कैलारस द्वारा दिनांक 29.08.2025 को प्रबंधक प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना जिला मुरैना को सड़क निर्माण कराने हेतु निवेदन किया गया है। यदि हां, तो प्रबंधक द्वारा की गई कार्यवाही की जानकारी दी जावे।
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) जी नहीं। जिला मुरैना की तहसील कैलारस के ग्राम पंचायत बस्तौली में शासकीय प्राथमिक विद्यालय बल्देव का पुरा के लिये जाने वाले मार्ग का निर्माण प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजनांतर्गत नहीं किया गया है। (ख) जी नहीं। आयुक्त चंबल सभाग मुरैना के पत्र क्रमांक/जनसुनवाई/2026/1027, मुरैना दिनांक 19/02/2026 के द्वारा प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रश्न में अंकित दिनांकों में इस विषय से संबंधित कोई जनसुनवाई आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है। (ग) जी नहीं। कलेक्टर जिला मुरैना के पत्र क्रमांक/वि.स.अ.ता.प्र.क्र./3356/2026/2382 मुरैना दिनांक 20/02/2026 के द्वारा प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रश्न में अंकित दिनांक में इस विषय से संबंधित कोई आवेदन जनसुनवाई में प्राप्त नहीं हुआ। (घ) जी हाँ। मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत कैलारस के पत्र क्रमांक/निर्माण कार्य/2025/042 कैलारस दिनांक 29/08/2025 में शासकीय प्राथमिक विद्यालय बल्देव का पुरा हेतु मार्ग एवं पुराना हनुमान मंदिर से जाटव मोहल्ला तक रोड बनवाने हेतु लेख किया था। ग्राम बल्देव का पुरा को अन्य विभाग द्वारा डामरीकृत मार्ग से जोड़े जाने के कारण दोहरी संपर्कता होने से योजना में सम्मिलित नहीं किया गया था। ग्राम जाटव मोहल्ला मुख्यमंत्री मजरा टोला सड़क योजना की पात्रता सूची में न होने के कारण सम्मिलित नहीं किया जा सका। जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार हैं।
मृदा परीक्षण प्रयोगशालाओं का संचालन
[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]
76. ( क्र. 3358 ) श्री मोहन सिंह राठौर : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या ग्वालियर जिले में कृषि विज्ञान केन्द्र एवं मृदा परीक्षण प्रयोगशाला का संचालन किया जा रहा है? (ख) क्या कृषि विज्ञान केन्द्र, जिला ग्वालियर में कृषकों को फसल पैदावार बढ़ाने हेतु प्रशिक्षण दिया जाता है? यदि हां, तो वर्ष 2023-24 से प्रश्न दिनांक तक वर्षवार आयोजित प्रशिक्षणों की संख्या, प्रशिक्षणार्थियों की संख्या एवं व्यय राशि की जानकारी दें। (ग) क्या कृषि विज्ञान केन्द्र में मृदा परीक्षण, विभिन्न फसलों, उन्नत बीज तथा उन्नत कृषि संबंधी जानकारी दी जाती है? (घ) ग्वालियर जिले में संचालित मृदा परीक्षण प्रयोगशाला में वर्ष 2023-24 से प्रश्न दिनांक तक कितने नमूना परीक्षण किए गए एवं कितने किसानों को परीक्षण रिपोर्ट दी? वर्षवार जानकारी दें।
किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) जी हाँ। (ख) जी हाँ। जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ग) जी हाँ। (घ) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है।
खेल नीति एवं स्टेडियम का निर्माण
[खेल एवं युवा कल्याण]
77. ( क्र. 3359 ) श्री मोहन सिंह राठौर : क्या खेल एवं युवा कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश सरकार द्वारा खेल नीति तैयार की गई है? यदि हां, तो प्रति उपलब्ध कराएं। क्या नीति अनुसार खेलों को बढ़ावा देने के लिए वर्ष 2023-24 से मार्च 2026 तक कितना-कितना बजट प्रावधानित था? वर्षवार जानकारी दें। (ख) क्या खेलों को बढ़ावा देने के लिए स्टेडियम का निर्माण कराने का लक्ष्य रखा गया है? यदि हां, तो प्रश्नांश (क) में उल्लेखित वर्षों में कितने स्टेडियम के निर्माण कार्य स्वीकृत किये गये? जिलावार, स्थानवार जानकारी दें। (ग) क्या ग्वालियर जिले की भितरवार विधानसभा क्षेत्र में तहसील स्तर पर स्टेडियम की स्वीकृति/निर्माण कराया जायेगा? यदि हां, तो कहां-कहां एवं कब तक? समय-सीमा बताएं। (घ) प्रश्नांश (ख) में उल्लेखित वर्षों में ग्वालियर जिले को कितनी-कितनी राशि खेल सामग्री क्रय करने एवं खेलों के आयोजन करने हेतु उपलब्ध कराई गई? कितनी व्यय की गई? सामग्रीवार, खेलोवार, वर्षवार जानकारी दें।
खेल एवं युवा कल्याण मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) जी हां, विभागीय खेल नीति 2005 की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। खेल और युवा कल्याण विभाग द्वारा खेलों को बढ़ावा देने के लिए वर्ष 2023-24 में राशि रू. 758.25 करोड़, वर्ष 2024-25 में राशि रू. 676.33 करोड़ एवं वर्ष 2025-26 में राशि रू. 687.82 करोड़ का बजट प्रावधान किया गया है। (ख) खेल व खिलाड़ियों के प्रोत्साहन के साथ-साथ युवाओं व नागरिकों को स्वास्थ्य व फिटनेस के लिये स्टेडियम/खेल परिसर निर्माण हेतु विभागीय परिपत्र क्रमांक 693/30/2017/नौ दिनांक 24.03.2017 द्वारा स्टेडियम नीति जारी की गई है, इसके अलावा मुख्यमंत्री युवा शक्ति योजनान्तर्गत प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में खेल परिसर का निर्माण की योजना भी प्रस्तावित है। प्रश्नांश (क) में उल्लेखित अवधि में स्वीकृत किये गये खेल परिसर/स्टेडियम की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ग) विभागीय नीति अनुसार जिला प्रशासन द्वारा समतल व उपयुक्त नगर निकाय सीमा में 2.00 किलोमीटर की परिधि में 10 एकड़ भूमि विभाग के नाम आवंटित होने के उपरांत जिला खेल और युवा कल्याण अधिकारी ग्वालियर द्वारा समुचित प्रस्ताव प्राप्त तैयार कर प्रस्तुत करने के पश्चात प्रस्ताव का परीक्षण कर बजट उपलब्धता अनुसार सक्षम समिति के समक्ष स्वीकृति हेतु प्रस्तुत किया जा सकेगा। जिसकी निश्चित समय-सीमा बताई जाना संभव नहीं है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) वर्ष 2023-24 से मार्च 2026 तक ग्वालियर जिले को खेल सामग्री क्रय करने एवं खेलों के आयोजन करने हेतु उपलब्ध कराई गई राशि का सामग्रीवार, खेलोवार, वर्षवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है।
नेशनल आयुष मिशन की जानकारी
[आयुष]
78. ( क्र. 3364 ) श्री पंकज उपाध्याय : क्या आयुष मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नेशनल आयुष मिशन का उद्देश्य क्या है? यह मध्य प्रदेश में कब लागू किया गया एवं इसकी अवधि क्या है? (ख) नेशनल आयुष मिशन के तहत कौन-कौन सी योजनाएं एवं अभियान मध्यप्रदेश में संचालित हैं एवं उनके लक्ष्य एवं निर्धारित समयावधि क्या किए हैं? जिलेवार प्रगति रिपोर्ट से अवगत कराएं। (ग) जिला मुरैना अंतर्गत कितने आयुर्वेदिक अथवा आयुष केंद्र/औषधालय कहां-कहां हैं एवं उनमें किस-किस पद के कितने कर्मचारी पदस्थ हैं एवं कितने पद रिक्त हैं? (घ) औषधालय/ आयुष केंद्र में क्या-क्या सुविधाएँ उपलब्ध कराये जाने का प्रावधान किया गया एवं क्या औषधालयों/आयुष केन्द्र में प्रावधानानुसार सुविधाएं उपलब्ध हैं? जिला मुरैना अन्तर्गत औषधालय/आयुष केन्द्रों की एक वर्ष की मासिक प्रगति रिपोर्ट से जानकारी उपलब्ध कराये।
आयुष मंत्री ( श्री इन्दर सिंह परमार ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''अ'' अनुसार। वर्ष 2014-15 में लागू किया गया। आयुष मंत्रालय भारत सरकार द्वारा वर्ष 2026-27 तक संचालित किये जाने की स्वीकृति प्रदान की गई। (ख) आयुष मंत्रालय भारत सरकार की केन्द्र प्रवर्तित राष्ट्रीय आयुष मिशन योजना संचालित है। वयोमित्र, सुप्रजा, आर्युविद्या, ओस्टिओ-अर्थ्राइटिस एवं मस्केलोस्केलेटल व्याधिया, आयुष ग्राम, सिकल सेल एनिमिया उन्मुलन कार्यक्रम, योग दिवस, आयुर्वेद दिवस, चिकित्सा शिविर। आयुष सेवाओं को आमजन तक पहुंचाना। सतत् प्रक्रिया होने के कारण निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं। प्रगति रिपोर्ट जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''ब'' अनुसार। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''स'' अनुसार। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''द'' अनुसार।
अधिकारियों/कर्मचारियों की जानकारी
[आयुष]
79. ( क्र. 3365 ) श्री नागेन्द्र सिंह : क्या आयुष मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शासकीय स्वशासी आयुर्वेद महाविद्यालय रीवा में नियमित/संविदा/आउटसोर्स/दैनिक वेतनभोगी/ स्वशासी मद से प्रथम/द्वितीय/तृतीय/चतुर्थ श्रेणी के स्वीकृत/भरे/रिक्त पदों के पदवार संवर्गवार श्रेणीवार पूर्ण जानकारी तथा कार्यरत अधिकारियों व कर्मचारियों के नाम, पदस्थापना, दिनांक, पता सहित पूर्ण विवरण उपलब्ध करायें, साथ ही कितने अधिकारी/कर्मचारी पद विरूद्ध एवं अतिशेष के रूप में पदस्थ हैं? नाम, पदनाम सहित पदस्थापना आदेशों की प्रतियां उपलब्ध करायें। (ख) शासकीय स्वशासी आयुर्वेद महाविद्यालय रीवा अन्तर्गत आवश्यक श्रम शक्ति की पूर्ति हेतु आउटसोर्स के माध्यम से लिये जाने हेतु किन योजनाओं/मिशन द्वारा किन-किन संस्थाओं व कार्यों हेतु वित्तीय वर्ष 2023-24 से प्रश्न दिनांक तक किन-किन आउटसोर्स एजेंसियों का चयन किया गया है? चयनित एजेंसी के माध्यम से नियुक्त श्रमिकों के पदवार/संस्थावार व संबंधित योजनावार नाम, पता, शैक्षणिक योग्यता, पदस्थापना स्थल, पारिश्रमिक दर की दस्तावेजी जानकारी उपलब्ध करायें, क्या आउटसोर्स एजेंसियों के चयन में म.प्र. भण्डार क्रय नियम तथा सेवा उपार्जन नियम 2015 (यथा संशोधित 2022) का पालन किया गया है? यदि हाँ, तो उपरोक्त नियम के अनुसार समस्त दस्तावेजों की प्रतियाँ उपलब्ध करायें, यदि नहीं, तो क्यों? कारण बतायें, नियमों के उल्लंघन हेतु कौन जिम्मेदार है?
आयुष मंत्री ( श्री इन्दर सिंह परमार ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''अ''अनुसार। (ख) शासकीय स्वशासी आयुर्वेद महाविद्यालय रीवा द्वारा महाविद्यालय स्तर पर ई टेंडर की कार्यवाही उपरांत रामसागर सिक्युरिटी फोर्स प्रायवेट लिमिटेड सेमरा कला रोड भोपाल म.प्र. का चयन महाविद्यालय की सुरक्षा व्यवस्था कार्य हेतु किया गया है। साथ ही वर्ष 2023 में संचालनालय आयुष के स्तर से चयनित संस्था ईशा प्रोटेक्शन प्रायवेट लिमिटेड भोपाल तथा मध्य प्रदेश भंडार क्रय नियम तथा सेवा उपार्जन नियम 2015 (यथा संशोधित-2022) कंडिका 06 (2) के अनुसार प्रशिक्षण संबंधी सेवाएं एवं आउटसोर्सिग सेवाएं उद्यमिता विकास केन्द्र (सेडमैप) म.प्र. से वर्ष 2024 से आज दिनांक संचालनालय के ही माध्यम से उद्यमिता विकास केन्द्र सेडमैप म.प्र. से आउटसोर्स सेवाएं प्राप्त की जा रही है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''ब''अनुसार। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
कंपाउण्डरों का समयमान-वेतनमान
[आयुष]
80. ( क्र. 3366 ) श्री नागेन्द्र सिंह : क्या आयुष मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या म.प्र. शासन वित्त विभाग द्वारा आयुष विभाग में कार्यरत कंपाउण्डरों के वेतन उन्नयन आदेश प्रसारित किये गये थे? यदि हां, तो 01/01/2006 के पूर्व नियुक्त कंपाउण्डरों को किस आधार पर वेतन उन्नयन किये जाने के प्रावधान हैं? संबधित आदेशों व स्पष्ट दिशा-निर्देशों की प्रतियां उपलब्ध करायें। (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार क्या दिनांक 01/01/2006 के पूर्व नियुक्त आयुष कंपाउण्डरों को 01/01/2016 के पूर्व समयमान वेतनमान देय पश्चात वेतन उन्नयन 01/01/2016 का लाभ नहीं दिया गया है? यदि हां, तो कारण बतायें। यदि दिया जायेगा तो कब तक और किस आधार पर दिया जायेगा? स्पष्ट दिशा-निर्देशों की प्रतियां उपलब्ध करायें। (ग) क्या 01/01/2006 के पूर्व नियुक्त हुये कंपाउण्डरों एवं चतुर्थ श्रेणी से कंपाउण्डर संवर्ग में पदोन्नत हुये कंपाउण्डरों को समयमान वेतनमान का लाभ दिये जाने हेतु विभाग द्वारा आदेश/निर्देश जारी किये गये हैं? यदि हां, तो कुल कितने समयमान वेतनमान दिये जाने की पात्रता है? संबंधित आदेशों व दिशा-निर्देशों की प्रतियॉ उपलब्ध करायें।
आयुष मंत्री ( श्री इन्दर सिंह परमार ) : (क) जी हाँ। वित्त विभाग, मध्यप्रदेश शासन, भोपाल के आदेश दिनांक 07/06/2018 जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार। (ख) वित्त विभाग द्वारा जारी परिपत्रों के क्रम में नियमानुसार सभी कम्पाउण्डरों को लाभ दिया जा रहा है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) वित्त विभाग द्वारा जारी परिपत्र के क्रम में नियमानुसार सभी कम्पाउण्डरों को लाभ दिया जा रहा है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
योजनाओं हेतु आवंटित लक्ष्य
[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]
81. ( क्र. 3367 ) श्री नागेन्द्र सिंह : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि उप संचालक, किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग रीवा द्वारा जनवरी 2023 से प्रश्न दिनांक तक रीवा जिले में विभिन्न योजनाओं हेतु आवंटित लक्ष्य के विरुद्ध क्रय की गई सामग्री यथा बीज, उर्वरक, उपकरण आदि की खरीदी किन-किन फर्मों, संस्थाओं, समितियों से की गई? वर्षवार आमंत्रित निविदा/कोटेशन, तैयार किये गये तुलनात्मक पत्रक, जारी कार्यादेश एवं किये गये भुगतान से संबंधित समस्त दस्तावेजों की प्रतियाँ उपलब्ध करायें।
किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 एवं 2 अनुसार है।
ग्राम पंचायत मेथौरी में हुये भ्रष्टाचार की जांच
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
82. ( क्र. 3368 ) श्री नागेन्द्र सिंह : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि क्या मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत रायपुर कर्चुलियान द्वारा ग्राम पंचायत मेथौरी में हुये भ्रष्टाचार की जाँच किये जाने हेतु कार्यालयीन पत्र क्रमांक/1643/शिकायत/ज.पं./2025, रायपुर कर्चु., दिनांक 31/12/2025 के माध्यम से तीन सदस्यीय जाँच दल गठित कर निर्माण कार्यों की जाँच कर तीन दिवस के अन्दर जाँच प्रतिवेदन प्रस्तुत किये जाने हेतु लेख किया गया था? यदि हाँ, तो उपरोक्तानुसार की गई जाँच से संबंधित जाँच प्रतिवेदन एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा की गई कार्यवाही से संबंधित दस्तावेजों की प्रतियाँ उपलब्ध करायें, यदि जाँच नहीं की गई तो क्यों? कारण बतायें, होगी तो कब तक? समय-सीमा बतायें।
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : जी हाँ। जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत रायपुर कर्चुलियान जिला रीवा के पत्र क्रमांक 2074 दिनांक 16/02/2026 से मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत रीवा को जानकारी प्रेषित की गई है जिसमें बिन्दुबार अंतरिम जांच प्रतिवेदन में अवगत कराया गया है कि जांच समिति द्वारा जांच हेतु अभिलेख चाहे गये है एवं विस्तृत जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत किये जाने हेतु 15 दिवस के समय की मांग की गई है। जांच समिति द्वारा अंतिम जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत किये जाने के पश्चात आवश्यक होने पर नियमानुसार कार्यवाही की जायेगी। समय-सीमा बताए जाना सम्भव नहीं है।
भोज मुक्त विश्वविद्यालय में अनियमितता
[उच्च शिक्षा]
83. ( क्र. 3371 ) श्री नारायण सिंह पट्टा : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ इकाई भोपाल द्वारा पत्र क्रमांक - ईओडब्ल्यू/भोपाल/शिका/ 105/25//5856 दिनांक 29/09/2025 को कुल सचिव मध्यप्रदेश भोज (मुक्त) विश्वविद्यालय को जारी कर 1- कुलपति 2- सहायक कुलसचिव 3- वित्त नियंत्रक की संपत्ति एवं अन्य जानकारी जांच हेतु मांगी है? यदि हाँ, तो किस शिकायत पर क्या कार्यवाही की गई है आज तक की जानकारी उपलब्ध करायें? (ख) क्या वर्तमान में भोज विश्वविद्यालय में प्राध्यापक वित्त नियंत्रक/फाइनेंस ऑफिसर हैं? यदि हाँ, तो विगत पाँच वर्ष में इन्हें अब तक कितनी बार कब-कब वित्त नियंत्रण/फाइनेंस ऑफिसर बनाया जाकर इनके द्वारा कब-कब कितना भुगतान स्वीकृत किया गया,संपूर्ण जानकारी दस्तावेजों सहित उपलब्ध करायें? (ग) क्या वित्त नियंत्रक/प्राध्यापक वित्त नियंत्रक फाइनेंस द्वारा स्वीकृत मासिक वेतन भुगतान सहित अन्य स्वीकृत भुगतान/राशि पर स्थानीय निधि संपरीक्षा आडिट विभाग द्वारा अनियमित भुगतान संबंधी आपत्तियाँ दर्ज की गई हैं यदि हाँ, तो उक्त दोषियों पर विभाग द्वारा क्या कार्यवाही की गई है? सम्पूर्ण दस्तावेजों सहित जानकारी उपलब्ध करायें।
उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री इन्दर सिंह परमार ) : (क) जी हाँ। विश्वविद्यालय द्वारा आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ इकाई भोपाल को वांछित जानकारी आगामी कार्यवाही हेतु प्रदान की जा चुकी है। (ख) जी हाँ। संबंधित आदेशों की छायाप्रतियां पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। विश्वविद्यालय के परिनियम क्रमांक 04 अनुसार वित्त नियंत्रक स्वीकृतकर्ता अधिकारी नहीं है, अत: शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) उत्तरांश (ख) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
रोजगार/स्वरोजगार हेतु शासन की योजनाएं
[तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार (केवल कौशल विकास एवं रोजगार)]
84. ( क्र. 3372 ) श्री नारायण सिंह पट्टा : क्या राज्य मंत्री, कौशल विकास एवं रोजगार महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विगत चार वित्तीय वर्षों में राज्य सरकार द्वारा मंडला जिले में वर्षवार कितने-कितने रोजगार मेले कहाँ-कहाँ लगाये गये? (ख) इन रोजगार मेलों में कितने-कितने आकांक्षी युवाओं ने भाग लिया तथा कितने-कितने आकांक्षी युवाओं को ऑफर लेटर दिए गये? जिन युवाओं को ऑफर लेटर दिए गए उनके नाम, पता व मोबाइल नंबर सहित जानकारी उपलब्ध कराएं? (ग) मंडला जिले में कितने-कितने आकांक्षी युवा ऐसे हैं, जिन्हें ऑफर लेटर देने के बाद संबंधित कम्पनी ने ज्वाइन नहीं कराया? उनके नाम, पता सहित मोबाइल नंबर सहित जानकारी उपलब्ध कराएं। (घ) उपरोक्त चार वर्षों में मंडला जिले में आकांक्षी युवाओं की संख्या में कितनी कमी या वृद्धि हुई हैं? युवाओं को रोजगार/स्वरोजगार हेतु शासन द्वारा कौन-कौन सी योजनाएं किस-किस विभाग द्वारा चलाई जा रही हैं, उनसे संबंधित प्रावधानों की जानकारी उपलब्ध कराएं?
राज्य मंत्री, कौशल विकास एवं रोजगार ( श्री गौतम टेटवाल ) : (क) प्रश्नावधि में मंडला जिले में आयोजित रोजगार मेलों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) रोजगार मेलों में भाग लेने वाले एवं ऑफर लेटर प्राप्त आकांक्षी युवाओं की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। ऑफर लेटर प्राप्त आकांक्षी युवाओं के नाम एवं पता की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है, मोबाईल नम्बर की जानकारी संधारित नहीं की जाती है। (ग) ऑफर लेटर प्राप्त होने के उपरांत कम्पनी में ज्वानिंग संबंधी जानकारी संधारित नहीं की जाती है। शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) प्रश्नावधि में मंडला जिले में आकांक्षी युवाओं की संख्या में 23 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। विभागांतर्गत जॉब फेयर एवं कॅरियर कॉउन्सिलिग योजना, सूक्ष्य, लघु और मध्यम उद्यम विभाग अंतर्गत मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना, अनुसूचित जाति कल्याण विभाग अंतर्गत संत रविदास स्वरोजगार योजना, डॉ.भीमराव अम्बेड़कर आर्थिक कल्याण योजना, मुख्यमंत्री अनुसूचित जाति विशेष परियोजना वित्त पोषण योजना एवं जनजातीय कार्य विभाग अंतर्गत भगवान बिरसा मुण्डा स्वरोजगार योजना, टंट्या मामा आर्थिक कल्याण योजना, मुख्यमंत्री अनुसूचित जनजाति विशेष परियोजना वित्त पोषण योजना संचालित है। योजनाओं की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है।
नियुक्त जनभगीदारी/स्ववित्तीय शिक्षकों के संबंध में
[उच्च शिक्षा]
85. ( क्र. 3375 ) श्रीमती अनुभा मुंजारे : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2000-2001 में म.प्र. उच्च शिक्षा विभाग में जनभागीदारी व्यवस्था के अंतर्गत जो स्ववित्तीय पाठ्यक्रम संचालित किये जा रहे हैं प्रदेश स्तर पर इन पाठ्यक्रमों की संख्या कितनी है? (ख) म.प्र. में कितने शिक्षक इन स्ववित्तीय पाठ्यक्रमों में शिक्षण कार्य कर रहे हैं? उक्त शिक्षकों को कितना मानदेय दिया जा रहा है? स्ववित्तीय पाठ्यक्रम में कार्यरत शिक्षकों को यूजीसी के मापदंड के अनुसार वेतन क्यों नहीं दिया जा रहा है? सम्पूर्ण जानकारी देवें। (ग) क्या सहायक प्राध्यापक पद के विरुद्ध कार्यरत अतिथि विद्वानों की तरह स्ववित्तीय पाठ्यक्रम में कार्यरत शिक्षकों को सहायक प्राध्यापक भर्ती परीक्षाओं में अनुभव का लाभ दिया जाता है? यदि नहीं, तो क्यों? (घ) म.प्र. सरकार द्वारा उच्च शिक्षा विभाग में जनभागीदारी/स्ववित्तीय पाठ्यक्रम में कार्यरत शिक्षकों के हितो के संरक्षण के लिए क्या प्रयास किये जा रहे हैं? यदि नहीं, तो क्यों?
उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री इन्दर सिंह परमार ) : (क) जनभागीदारी व्यवस्था अन्तर्गत म.प्र. उच्च शिक्षा विभाग में 42 स्ववित्तीय पाठ्यक्रम संचालित हैं। (ख) स्ववित्तीय पाठ्यक्रमों में 1565 अतिथि शिक्षक आमंत्रित हैं, शिक्षकों को जनभागीदारी मद में उपलब्ध निधि अनुसार जनभागीदारी समिति द्वारा निर्धारित मानदेय दिया जाता है। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता। (ग) जी नहीं, नियमों में प्रावधान नहीं है। (घ) जनभागीदारी/स्ववित्तीय पाठ्यक्रम में कार्यरत शिक्षकों के हितों के संबंध में महाविद्यालय की जनभागीदारी समिति द्वारा संसाधनों की उपलब्धता के आधार पर समय-समय पर आवश्यकता अनुसार निर्णय लिया जाता है।
तिलहन संघ सेवायुक्तों को पुनरीक्षित वेतनमान
[सहकारिता]
86. ( क्र. 3377 ) श्री रजनीश हरवंश सिंह : क्या सहकारिता मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या म.प्र. राज्य तिलहन संघ से शासन के विभिन्न विभागों में 10 वर्ष तक पदस्थ रहे सेवायुक्तों को पांचवां वेतनमान लाभ एरियर की पात्रता है अथवा नहीं? (ख) प्रश्नांश (क) अंतर्गत सहकारिता विभाग में किन-किन सेवायुक्तों को पांचवां वेतनमान लाभ एरियर प्रदान किया गया है, किस आदेश/नियम के आधार पर किया गया, प्रकरणवार विवरण दें। (ग) क्या तिलहन संघ से संवलियत कर्मियों को पांचवां वेतनमान लाभ एरियर की पात्रता है? क्या इस आशय के पत्र तिलहन संघ मुख्यालय से कब-कब भेजा है? छायाप्रति देवें। (घ) तिलहन संघ सेवायुक्तों ने वेतनमान संबंधी अब तक कितने याचिकाएं अवमानना प्रकरण माननीय उच्च न्यायालय में सहकारिता विभाग एवं अन्य विभागों के विरुद्ध दायर क्या है? (जो विभाग के संज्ञान में है) पूर्ण विवरण दें।
सहकारिता मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) तिलहन संघ से शासन के विभिन्न विभागों में पदस्थ सेवायुक्तों द्वारा पांचवां वेतनमान की पात्रता एवं एरियर के संबंध में माननीय उच्च न्यायालय में याचिकाएं/अपील याचिकाएं दायर की गई है, जो विचाराधीन है। प्रकरण न्यायालयीन प्रक्रिया में होने के कारण तिलहन संघ के सेवायुक्तों को पांचवां वेतनमान का लाभ/एरियर की पात्रता का निर्धारण न्यायालयीन निर्णय के निष्कर्षाधीन। (ख) उत्तरांश (क) अनुसार। (ग) उत्तरांश (क) अनुसार। प्रश्नांश में उल्लेखित आशय का पत्र तिलहन संघ के संज्ञान में नहीं है। (घ) तिलहन संघ सेवायुक्तों के वेतनमान संबंधी याचिकाएं/रिट अपील/अवमानना प्रकरण जो माननीय उच्च न्यायालय में दायर है एवं विभाग के संज्ञान में है, की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-01 एवं 02 अनुसार है।
योजनाओं का क्रियान्वयन
[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]
87. ( क्र. 3380 ) श्री रजनीश हरवंश सिंह : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2021 से प्रश्न दिनांक तक जिला सिवनी अंतर्गत किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग द्वारा संचालित योजनाएँ कौन-कौन सी हैं? प्रत्येक योजना के अंतर्गत लाभान्वित किसानों की संख्या कितनी है? (ख) उक्त अवधि में जिले के किसानों को बीज, उर्वरक, कृषि यंत्र, फसल बीमा, समर्थन मूल्य एवं अन्य मदों में कुल कितनी राशि स्वीकृत एवं वितरित की गई है? कृपया योजनावार विवरण प्रदान करें। (ग) क्या वर्ष 2021 के बाद कुछ किसानों को योजनाओं का लाभ समय पर प्राप्त नहीं हुआ? यदि हाँ, तो इसके क्या कारण हैं तथा संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध क्या कार्यवाही की गई? (घ) वर्ष 2021 के पश्चात जिला सिवनी में किसानों की आय वृद्धि हेतु विभाग द्वारा कौन-कौन से विशेष कार्यक्रम लागू किए गए हैं एवं उनके क्या परिणाम प्राप्त हुए हैं?
किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) किसानों को बीज, कृषि यंत्र, फसल बीमा एवं समर्थन मूल्य में स्वीकृत/वितरित की गई राशि तथा उर्वरक वितरण की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है एवं किसानों को अन्य मदों में स्वीकृत/वितरित की गई राशि की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ग) जी नहीं। योजनाओं के अंतर्गत शासन से प्राप्त लक्ष्य अनुसार हितग्राहियों को लाभ पहुँचाया गया है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) जी नहीं। शेष प्रश्न उद्भूत नहीं होता।
लाभान्वित हितग्राहियों की जानकारी
[श्रम]
88. ( क्र. 3383 ) श्री उमाकांत शर्मा : क्या श्रम मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) श्रम विभाग की कौन-कौन सी योजनाएं संचालित हो रही हैं? योजनावार जानकारी उपलब्ध करावें एवं योजनाओं के नियम, निर्देश, आदेशों की छायाप्रति उपलब्ध करावें। 1 अप्रैल, 2022 से प्रश्नांकित दिनांक तक किन-किन हितग्राहियों को किस-किस योजना से लाभान्वित किया गया है? विकासखण्डवार एवं जिलेवार जानकारी उपलब्ध करावें। (ख) मध्यप्रदेश भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल एवं संबल योजना में कितने-कितने श्रमिक पंजीकृत हैं? विकासखण्ड एवं जिलेवार जानकारी उपलब्ध करावें। कितने श्रमिकों का पंजीयन निरस्त व अमान्य किया गया है बतावें एवं कितने श्रमिकों के पंजीयन का नवीनीकरण किया गया है? विकासखण्डवार जानकारी उपलब्ध करावें। (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के संदर्भ में 1 अप्रैल, 2018 से प्रश्नांकित दिनांक तक विदिशा जिले में किन-किन हितग्राहियों को अनुग्रह सहायता, प्रसूति सहायता, शिक्षक छात्रवृत्ति, स्वास्थ्य एवं दुर्घटना सहायता के आवेदन प्राप्त हुए एवं कितने प्रकरणों की स्वीकृति हुई? हितग्राही का नाम सहित जानकारी उपलब्ध करावें। संबल एवं कर्मकार मण्डल अंतर्गत अनुग्रह सहायता राशि के हितग्राहियों का भुगतान कब तक कर दिया जावेगा? समय-सीमा बतावें। (घ) प्रश्नकर्ता के पत्र क्रमांक 2399 आयुक्त भोपाल संभाग भोपाल 2400 कलेक्टर जिला विदिशा, 2401 मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत विदिशा, 2402 मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत सिरोंज, दिनांक 27.10.2025 यदि प्राप्त हुए हैं तो क्या-क्या कार्यवाही की गई है? यदि कार्यवाही नहीं की गई है तो कब तक की जावेगी? समय-सीमा बतावें एवं पत्रों की कार्यवाही की छायाप्रति उपलब्ध करावें।
श्रम मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) मध्यप्रदेश भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल अंतर्गत संचालित योजनाओं की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। योजनाओं के नियम, निर्देश, आदेशों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। अप्रैल 2022 से प्रश्नांकित दिनांक तक मण्डल की योजनाओं अंतर्गत लाभान्वित हितग्राहियों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है। श्रम विभाग अंतर्गत म.प्र. असंगठित शहरी एवं ग्रामीण कर्मकार कल्याण मण्डल द्वारा मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल 2.0) योजना संचालित है, योजना संबंधी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-4 अनुसार है। 01 अप्रैल, 2022 से प्रश्न दिनांक तक संबल योजनांतर्गत लाभान्वित हितग्राहियों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-5 अनुसार है। म.प्र. श्रम कल्याण निधि अधिनियम, 1982 के प्रावधानों के अंतर्गत मंडल द्वारा प्रदेश की समस्त औद्योगिक इकाइयों में कार्यरत श्रमिकों एवं ऐसी स्थापनाओं जहाँ कैलेन्डर वर्ष में किसी भी कार्य दिवस पर 9 से अधिक श्रमिक कार्यरत है, के श्रमिकों को लिये निम्नलिखित योजनाओं का लाभ मिल रहा है:- 1 शैक्षणिक छात्रवृत्ति योजना, 2 शिक्षा प्रोत्साहन पुरस्कार योजना, 3. विवाह सहायता योजना, 4 अंतिम संस्कार सहायता योजना, 5 कल्याणी सहायता योजना, 6 उत्तम श्रमिक पुरस्कार योजना 7 श्रमिक साहित्य पुरस्कार योजना 8 अनुग्रह सहायता योजना। प्रश्न में वांछित जानकारी श्रम कल्याण मंडल द्वारा संकलित की जा रही है। (ख) मध्यप्रदेश भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल अंतर्गत पंजीकृत श्रमिकों, पंजीयन निरस्त व अमान्य एवं पंजीयन नवीनीकरण की चाही गई जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-6 अनुसार है। मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल 2.0) योजना की प्रश्नांश से संबंधी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-7 अनुसार है। संबल योजनांतर्गत पंजीकृत श्रमिकों के नवीनीकरण का प्रावधान नहीं है। अत:शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) प्रश्नांश में चाही गई जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-8 अनुसार है। प्रसूति सहायता योजना की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-9 अनुसार है। मध्यप्रदेश भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल अंतर्गत पंजीकृत श्रमिकों द्वारा योजना अंतर्गत आवेदन प्रस्तुत किए जाने पर पदाभिहित अधिकारी द्वारा स्वीकृति उपरांत उनके उत्तराधिकारियों को नियमित रूप से किया जाता हैं। प्रश्नांश (क) एवं (ख) के संदर्भ में 01 अप्रैल, 2018 से प्रश्नांकित दिनांक तक विदिशा जिले की संबल योजना की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-10 अनुसार है। प्रसूति सहायता संबंधी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-11 अनुसार है। शिक्षक छात्रवृत्ति नाम की योजना संचालित नहीं की जाती है। मुख्यमंत्री जनकल्याण संबल योजनांतर्गत अनुग्रह सहायता भुगतान एक सतत् प्रक्रिया है, योजनांतर्गत प्रत्येक सिंगल क्लिक कार्यक्रम में स्वीकृत तथा डिजिटल हस्ताक्षरित प्रकरणों में भुगतान मृत्यु दिनांक के क्रमानुक्रम में बजट उपलब्धता अनुसार किया जाता है। अत: शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) प्रश्नांश में उल्लेखित पत्रों पर कार्यवाही के संबध में संबंधितों से जानकारी चाही गई है। प्राप्त होने पर जानकारी प्रस्तुत की जावेगी।
कौशल विकास केन्द्रों के माध्यम से रोजगार
[तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार (केवल कौशल विकास एवं रोजगार)]
89. ( क्र. 3384 ) श्री उमाकांत शर्मा : क्या राज्य मंत्री, कौशल विकास एवं रोजगार महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भोपाल संभाग में रोजगार तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार विभाग की कौन-कौन सी योजनाएं संचालित हैं? जानकारी देवें एवं प्रदेश में कौशल विकास हेतु कहां-कहां प्रशिक्षण केन्द्र व संस्थाए संचालित हो रहे हैं? जिले एवं विकासखण्डवार जानकारी उपलब्ध करावें। (ख) 1 अप्रैल, 2022 से प्रश्नांकित दिनांक तक प्रश्नांश (क) वर्णित योजनाओं में कितना-कितना बजट आवंटित किया गया है एवं किस-किस मद में कितनी-कितनी राशि व्यय की गई है? जानकारी उपलब्ध करावें। (ग) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में कौशल विकास योजनाओं के अंतर्गत कितने-कितने केन्द्र शासकीय, निजी एवं पीपीपी मॉडल पर संचालित हो रहे हैं एवं इनको कितना-कितना अनुदान कब-कब दिया गया है? जिलेवार जानकारी उपलब्ध करावें। (घ) प्रश्नांश (ग) के संदर्भ में प्रशिक्षण पूर्ण करने के पश्चात कितने युवाओं को रोजगार, स्वरोजगार प्राप्त हुआ है? विकासखंडवार, जिलेवार एवं वर्षवार जानकारी उपलब्ध करावें। (ड.) क्या वर्ष 2018 से प्रश्नांकित दिनांक तक शासकीय, अशासकीय पीपीपी मॉडल संस्थाओं की आर्थिक अनियमितताओं की शिकायते प्राप्त हुई है यदि हाँ, तो क्या-क्या कार्यवाही की गई है? वर्षवार विकासखंडवार जिलेवार जानकारी उपलब्ध करावें। कौन-कौन दोषी पाए गए है? जानकारी दें।
राज्य मंत्री, कौशल विकास एवं रोजगार ( श्री गौतम टेटवाल ) : (क) प्रदेश में विभाग की मुख्यमंत्री मेधावी विद्यार्थी योजना, मुख्यमंत्री जनकल्याण (शिक्षा प्रोत्साहन) योजना, मुख्यमंत्री सीखो कमाओं योजना, जॉब फेयर एवं कॅरियर कॉउन्सिलिंग योजना संचालित है, यह योजनाएं भोपाल संभाग में भी संचालित है। कौशल विकास हेतु संचालित शासकीय आई.टी.आई. की जिलेवार एवं विकासखण्डवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-एक अनुसार है, निजी आई.टी.आई. की जिलेवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-दो अनुसार है। निजी आई.टी.आई. की विकासखण्डवार जानकारी संधारित नहीं की जाती है। वर्तमान में संचालित कौशल प्रशिक्षण केन्द्रों की जानकारी निरंक है। (ख) प्रश्नावधि से संबंधित उत्तरांश (क) में उल्लेखित योजनाओं की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-तीन अनुसार है। प्रश्नावधि में संचालित प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-चार अनुसार है। (ग) कौशल विकास से संबंधित मुख्यमंत्री सीखो कमाओ योजना शासकीय, निजी एवं पीपीपी मॉडल पर संचालित नहीं होती हैं। अत: अनुदान का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) मुख्यमंत्री सीखो कमाओ योजना ऑन दा जॉब प्रशिक्षण योजना है, जिसमें युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार प्रदान नहीं किया जाता है। शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं है। (ड.) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-पांच अनुसार है।
जनभागीदारी समिति के अध्यक्ष की नियुक्ति
[तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार (केवल तकनीकी शिक्षा)]
90. ( क्र. 3387 ) श्री अमर सिंह यादव : क्या तकनीकी शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या पॉलिटेक्निक कॉलेज में जनभागीदारी समिति बनाए जाने के निर्देश है? यदि हाँ, तो निर्देश की प्रति उपलब्ध करावें। (ख) क्या पूर्व में कॉलेज की जनभागीदारी समिति के अध्यक्ष स्थानीय विधायक को बनाया जाता था? यदि हाँ, तो अब क्यों नहीं बनाया जाता है? कारण सहित बतावें। (ग) क्या पूर्व की भांति पुनः स्थानीय विधायक को कालेज की जनभागीदारी समिति का अध्यक्ष बनाया जावेगा? यदि हाँ, तो कब तक और यदि नहीं, तो क्यों नहीं कारण सहित बतावें?
तकनीकी शिक्षा मंत्री ( श्री इन्दर सिंह परमार ) : (क) जी हां, जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) राजपत्र दिनांक 12 जुलाई, 2001 में जिला पंचायत, जनपद पंचायत या नगर निगम के सदस्य, विधायक या सांसद में से राज्य शासन द्वारा नियुक्त व्यक्ति को अध्यक्ष बनाए जाने का प्रावधान है। राजपत्र दिनांक 04 मई, 2021 में प्रावधानित है कि सामान्य परिषद के अध्यक्ष का मनोनयन राज्य शासन द्वारा किए जाने तक सामान्य परिषद के उपाध्यक्ष अर्थात जिला कलेक्टर अध्यक्ष के दायित्वों का निर्वहन करेंगे। शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) उत्तरांश (ख) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
एक्सीलेंस कालेज में जनभागीदारी समिति के अध्यक्ष की नियुक्ति
[उच्च शिक्षा]
91. ( क्र. 3388 ) श्री अमर सिंह यादव : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या राजगढ़ विधानसभा अंतर्गत एक्सीलेंस कालेज राजगढ़ में जनभागीदारी समिति बनाए जाने के निर्देश है? यदि हाँ, तो निर्देश की प्रति उपलब्ध करावें। उक्त जनभागीदारी समिति के अध्यक्ष किसको बनाया जाता है? बतावें। (ख) क्या पूर्व में कालेज की जनभागीदारी समिति के अध्यक्ष स्थानीय विधायक को बनाया जाता था? यदि हाँ, तो अब क्यों नहीं बनाया जाता है? कारण सहित बतावें। (ग) क्या पूर्व की भांति पुनः स्थानीय विधायक को कालेज की जनभागीदारी समिति का अध्यक्ष बनाया जावेगा, यदि हाँ, तो कब तक और यदि नहीं, तो क्यों नहीं कारण सहित बतावें।
उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री इन्दर सिंह परमार ) : (क) जी हाँ। जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जनभागीदारी समिति के अध्यक्ष की नियुक्ति म.प्र. राजपत्र दिनांक 30.09.1996 की कंडिका (ग) में किए गए उल्लेख अनुसार की जाती है। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता है। (ग) उत्तरांश (ख) अनुसार।
विद्यार्थियों का नामांकन
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
92. ( क्र. 3394 ) श्री प्रताप ग्रेवाल : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) 2019-20 से 2025-26 तक (1) स्कूल शिक्षा विभाग (2) आदिम जाति कार्य विभाग द्वारा संचालित कितने-कितने विद्यालयों में कितने-कितने बच्चों को मध्यान्ह भोजन दिया गया? वर्षवार, जिलेवार बताएं। (ख) किस विद्यालय में कितने विद्यार्थियों का नामांकन है, कितनी उपस्थित है एवं कितनों को प्रतिदिन मध्यान्ह भोजन दिया जाना हैं, यह किस आधार पर किया जाता है? इसका परीक्षण करने का कैलेंडर क्या है और किसे करना है? इस संदर्भ के वर्ष 2025-26 के इंदौर और उज्जैन संभाग के दस्तावेज उपलब्ध करावें। (ग) कैग के 2024 के प्रतिवेदन संख्या आठ में मध्यान्ह भोजन को लेकर किस कंडिका में क्या टिप्पणी की गई है? लोकायुक्त में इसको लेकर चल रहे जांच प्रकरण के संदर्भ में प्राप्त पत्र तथा उनके दिए गए उत्तर की प्रतिया देवें। (घ) 2019-2020 से 2025-2026 तक मध्यान्ह भोजन में किए गए खर्च की मद अनुसार, दर अनुसार जानकारी दें। इस अवधि में बजट में क्या प्रावधान था, भौतिक लक्ष्य क्या था, कितना आवंटन प्राप्त हुआ, कितना व्यय हुआ तथा कितने हितग्राही रहे? (ड.) प्रश्नाधीन अवधि में मध्यान्ह भोजन को लेकर किस-किस जिले में जांच प्रकरण दर्ज किए गए? जांच में क्या पाया गया, जांच रिपोर्ट की प्रति सहित संपूर्ण प्रकरणों की विस्तृत जानकारी दें।
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ब अनुसार है। शेष उत्तर विद्यालय में उपस्थित विद्यार्थियों के मान से प्रति शैक्षणिक दिवस मध्यान्ह भोजन दिया जाता है। वर्ष 2023 से मोबाईल एप के माध्यम से ऑनलाईन निरीक्षण किया जाता है। (ग) कैग के 2024 के प्रतिवेदन संख्या 8 में मध्यान्ह भोजन को लेकर कोई टिप्पणी नहीं की गई है। शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट- स अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-द अनुसार है एवं लाभान्वित विद्यार्थियों की संख्या पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ अनुसार है। (ड.) जिला रतलाम की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ई अनुसार है। शेष जिलों की जानकारी निरंक।
विद्यार्थी की संख्या
[उच्च शिक्षा]
93. ( क्र. 3395 ) श्री प्रताप ग्रेवाल : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) स्नातक तथा स्नातकोत्तर कक्षाओं में प्रथम वर्ष में प्रवेशित विद्यार्थी की संख्या कटेगरी (सवंर्ग) अनुसार शासकीय अशासकीय (अनुदम प्राप्त) तथा अशासकीय महाविद्यालय अनुसार वर्ष 2022-23 से 2025-26 की वर्षवार बतावे तथा वर्ष 2022-23 की तुलना में 2025-26 में तीनो केटेगरी के महाविद्यालयों में कितने प्रतिशत की वृद्धि या कमी किस कारण से हुई? (ख) स्नातक तथा स्नातकोत्तर कक्षाओं के प्रत्येक वर्ष में संवर्ग अनुसार छात्र, छात्राओं की संख्या वर्ष 2022-23 से 2025-26 की शासकीय अनुदान प्राप्त शासकीय तथा अशासकीय महाविद्यालय बतावे। उपरोक्त वर्षों में किस-किस वर्ष में कितने प्रतिशत वृद्धि या कमी किस कारण से हुई? (ग) शासकीय महाविद्यालयों में राजपत्रित तथा अराजपत्रित स्वीकृत, कार्यरत तथा रिक्त पद की संख्या अनुसूचित जाति, जनजाति, पिछडा वर्ग तथा सामान्य अनुसार वर्ष 2022-23 से 2025-26 की बतावें तथा प्रत्येक पद में वर्ष 2022-23 की तुलना में 2025-26 में स्वीकृत, कार्यरत तथा रिक्त में होने वाली वृद्धि कमी का कारण बतावें। (घ) कितने निजी विश्वविद्यालय है तथा वर्ष 2025-26 में किस-किस निजी विश्वविद्यालय में कौन-कौन से पाठ्यक्रम संचालित है? कितने-कितने अनुसूचित जाति, जनजाति, पिछड़ा एवं सामान्य वर्ग के छात्र तथा छात्राएं अध्ययनरत है तथा प्रत्येक पाठ्यक्रम का शुल्क 2021-22 तथा 2025-26 कितना-कितना हैं?
उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री इन्दर सिंह परमार ) : (क) एवं (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'अ' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'ब' अनुसार है। (घ) प्रदेश में 53 निजी विश्वविद्यालय है। शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'स' अनुसार है।
अभिलेखों के संधारण एवं प्रशासनिक लापरवाही
[श्रम]
94. ( क्र. 3401 ) श्री महेश परमार : क्या श्रम मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या उज्जैन जिले के एक शासकीय आवासीय छात्रावास में पदस्थ सहायक वार्डन द्वारा समान पारिश्रमिक अधिनियम, 1976 एवं कर्मचारी भविष्य निधि अधिनियम, 1952 के उल्लंघन के संबंध में दिनांक 09.10.2025, 19.10.2025, 22.10.2025, 23.10.2025, 17.12.2025 एवं 19.12.2025 को ई-मेल के माध्यम से श्रम विभाग, श्रमायुक्त, EPFO एवं अन्य सक्षम प्राधिकारियों को शिकायतें प्रेषित की गईं? (ख) यदि हाँ, तो उक्त प्रत्येक शिकायत पर प्राप्ति दिनांक, शिकायत क्रमांक, संबंधित कार्यालय/ अधिकारिक विवरण प्रस्तुत किया जाए। (ग) क्या उक्त शिकायतों पर आज दिनांक तक समान पारिश्रमिक अधिनियम, 1976 की धारा 10 एवं EPF Act, 1952 की धारा 7A/14B के अंतर्गत कोई निरीक्षण, जांच अथवा आदेश पारित नहीं किया गया? (घ) क्या शासन यह स्वीकार करता है कि श्रम कानूनों एवं विभागीय दिशा-निर्देशों के अनुसार शिकायतों पर 30-45 दिवस की निर्धारित समय-सीमा में कार्यवाही किया जाना अनिवार्य है और यदि हाँ, तो इस प्रकरण में उक्त समय-सीमा का पालन क्यों नहीं किया गया? (ङ) क्या उक्त शिकायतों से संबंधित-नोटशीट, फाइल मूवमेंट, आंतरिक पत्राचार, निर्णय/टिप्पणी का रिकॉर्ड विभाग में उपलब्ध है? यदि हाँ, तो उसकी प्रमाणित प्रतियां देवे। (च) क्या शासन यह बताने की स्थिति में है कि शिकायतों पर कार्रवाई न होने के लिए किस अधिकारी/कार्यालय की जिम्मेदारी निर्धारित की गई है और उनके विरुद्ध क्या विभागीय दंडात्मक कार्यवाही प्रस्तावित/की गई है? (छ) क्या शासन यह सुनिश्चित करेगा कि याचिकाकर्ता की शिकायतों पर समयबद्ध जांच, बकाया वेतन एवं PF निर्धारण तथा भविष्य में ऐसी शिकायतों पर समय-सीमा के भीतर कार्रवाई की जाए? यदि हाँ, तो उसकी समय-सीमा बताई जाए।
श्रम मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) जी हाँ। दिनांक 14/10/2025 को आयुक्त कार्यालय, को ईमेल के माध्यम से शिकायत प्राप्त हुई थी। जो सहायक श्रमायुक्त, उज्जैन को ईमेल द्वारा प्रेषित की गयी थी। शिकायत पर कार्यवाही जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) दिनांक 14/10/2025 को प्राप्त शिकायत की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) शिकायतकर्ता द्वारा अन्य सहायक वार्डनों के समान कार्य होने पर भी समान वेतन प्राप्त न होने की शिकायत की गई है। चूंकि शिकायत की विषयवस्तु पुरूष एवं महिला के मध्य असमान वेतन से संबंधित नहीं है। अत: प्रकरण में समान पारिश्रमिक अधिनियम, 1976 के प्रावधान आकर्षित नहीं होतें है। उक्त के प्रकाश में शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। EPF Act. 1952 से संबंधित कार्यवाही केन्द्र शासन का विषय है। (घ) लोकसेवा गारंटी अधिनियिम, 2010 के समान पारिश्रमिक अधिनियम 1976 के अंतर्गत प्राप्त प्रकरणों पर कार्यवाही हेतु 04 माह की समय-सीमा निर्धारित है। समय-सीमा में कार्यवाही सम्पादित की गयी है। (ड.) उक्त शिकायत की कार्यवाही की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (च) उत्तरांश (ख) एवं (घ) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (छ) प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
फैक्ट्री से केमिकल संपर्क के कारण गंभीर शारीरिक क्षति
[श्रम]
95. ( क्र. 3402 ) श्री महेश परमार : क्या श्रम मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या उज्जैन जिले के नागझिरी औद्योगिक क्षेत्र में स्थित ओमकार केमिकल फैक्ट्री में कार्यरत कुछ श्रमिकों द्वारा केमिकल के निरंतर संपर्क से सुनने एवं बोलने की क्षमता प्रभावित (गूंगे-बहरेपन जैसी शिकायत) होने की शिकायतें की गई हैं? यदि हाँ, तो प्राप्त शिकायतों की संख्या एवं तिथिवार विवरण प्रस्तुत किया जाए। (ख) क्या उक्त शिकायतों के आधार पर श्रम विभाग द्वारा Factories Act,1948 की धारा 41-C के अंतर्गत अनिवार्य स्वास्थ्य परीक्षण (Audiometry, Neurological एवं Toxicological Tests) कराए गए हैं? यदि हाँ, तो जांच रिपोर्ट बतावें। यदि नहीं, तो कारण स्पष्ट किए जाएँ? (ग) क्या प्रभावित श्रमिकों को ESI Act,1948 एवं Employees' Compensation Act,1923 के अंतर्गत—चिकित्सीय उपचार, स्थायी/अस्थायी अक्षमता लाभ एवं आर्थिक सहायता राशि प्रदान की गई है? यदि हाँ, तो श्रमिकवार, सहायतावार विवरण दिया जाए। (घ) क्या फैक्ट्री प्रबंधन द्वारा Hazardous Chemicals के संपर्क से उत्पन्न संभावित Occupational Diseases की जानकारी श्रमिकों को नहीं दी गई,जो Factories Act की धारा 41-B का उल्लंघन है? यदि हाँ, तो फैक्ट्री संचालक के विरुद्ध धारा 92 के अंतर्गत क्या दंडात्मक कार्यवाही की गई? (ङ) क्या शासन यह स्वीकार करता है कि केमिकल फैक्ट्री में सुरक्षा मानकों की अनदेखी के कारण श्रमिकों को स्थायी शारीरिक क्षति (Disability) हुई है और क्या ऐसे श्रमिकों के लिए दीर्घकालीन चिकित्सा, पुनर्वास एवं मुआवजा पैकेज स्वीकृत किया जाएगा? यदि हाँ, तो उसकी समय-सीमा बताई जाए।
श्रम मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) इस कार्यालय को पूर्व में दिनांक 14.06.2017 एवं दिनांक 08.01.2026 को कार्यालय सहायक श्रमायुक्त, उज्जैन संभाग, उज्जैन से कारखाना ओमकार केमिकल, नागझिरी, औद्योगिक क्षेत्र, देवास रोड़, उज्जैन के कारखाने की (सुनने व बोलने की क्षमता प्रभावित होने संबंधी) शिकायत प्राप्त हुई थी। शिकायतों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) उक्त शिकायतों प्राप्त होने पर श्रमिकों के स्वास्थ्य परिक्षण कराये गये है। किसी भी श्रमिक को कोई व्यवसायजन्य बीमारी स्वास्थ्य परिक्षण में परीलक्षित नहीं हुई है। स्वास्थ्य परीक्षण कराये गये श्रमिकों की सूची एवं मेडिकल परीक्षण रिकार्ड की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ग) कर्मचारी राज्य बीमा निगम (श्रम एवं रोजगार मंत्रालय भारत सरकार) द्वारा जानकारी प्रदान की गई कि ओमकार केमिकल पता- 19,20,21 औद्योगिक क्षेत्र, देवास रोड, उज्जैन दिनांक 01/01/2017 से कर्मचारी राज्य बीमा निगम में कूट/पंजीकरण संख्या 18000267310000305 के अंतर्गत पंजीकृत है तथा वर्तमान में 7 कर्मचारियों का अशदान जमा करवाया जा रहा है जिनका विवरण कर्मचारी राज्य बीमा योजना के अंतर्गत पंजीकृत कर्मचारी योजना के प्रावधानों के अनुसार नगद हितलाभ व चिकित्सीय उपचार हेतु पात्र होते है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है। (घ) कारखाने में कार्यरत समस्त श्रमिकों को समय-समय पर सेफटी ट्रेनिंग प्रदाय की जाती है। जिसमें सभी संभावित खतरों की भी जानकारी दी जाती है। कोई उल्लंघन न पाये जाने के कारण धारा 92 के तहत कोई कार्यवाही प्रस्तावित नहीं की गई। सेफ्टी ट्रेनिंग की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र- 4 अनुसार है। (ड.) समय-समय पर किये गये स्वास्थ्य परीक्षणों की रिपोर्ट से यह स्पष्ट है कि कारखाने में कार्यरत किसी भी श्रमिक को कोई व्यवसायजन्य बीमारी नहीं हुई एवं न ही कोई स्थाई शारीरिक क्षति हुई है। अत: शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
जैविक उन्नत खेती की जानकारी
[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]
96. ( क्र. 3406 ) श्री कमलेश्वर डोडियार : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग द्वारा वर्ष 2023-24 से प्रश्न दिनांक तक जिला रतलाम के सैलाना विधानसभा क्षेत्र के आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों में किसानों को जैविक एवं उन्नत खेती के लिए विभिन्न शासकीय योजनाएँ संचालित की जा रही हैं? (ख) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित संचालित सभी योजनाओं के नाम, उद्देश्य एवं प्रावधानों की जानकारी बतावें। यह भी बतावें कि उक्त योजनाओं के अंतर्गत सैलाना विधानसभा क्षेत्र में वर्षवार कितने किसानों को जैविक खेती अपनाने हेतु प्रशिक्षण, अनुदान अथवा अन्य सहायता प्रदान की गई है? उक्त लाभान्वित किसानों में से कितने किसान अनुसूचित जनजाति (आदिवासी) वर्ग के हैं, इसकी वर्षवार एवं योजनावार पृथक-पृथक वर्षवार अनुसार जानकारी बतावें। यह भी स्पष्ट करें जैविक एवं उन्नत खेती योजनाओं के अंतर्गत किसानों को किस प्रकार की सहायता (बीज, जैविक खाद, जैविक कीटनाशक, प्रशिक्षण, प्रमाणीकरण, विपणन सहायता आदि) प्रदान की गई है? प्रत्येक मद पर वर्षवार कितना व्यय किया गया है? क्या उक्त योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की शिकायतें प्राप्त हुई हैं? यदि हाँ, तो प्राप्त शिकायतों की संख्या, विषय एवं उन पर की गई कार्यवाही की वर्षवार अनुसार पृथक-पृथक जानकारी बतावें।
किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) वर्ष 2023-24 से जिला रतलाम के सैलाना विधानसभा क्षेत्र में किसानों को उन्नत खेती के लिए विभिन्न शासकीय योजनाएँ संचालित की जा रही हैं। जैविक खेती की योजना संचालित नहीं है। (ख) प्रश्नांश
(क) में उल्लेखित रतलाम जिले के विधानसभा क्षेत्र सैलाना में संचालित योजनाओं के नाम, उददेश्य एवं प्रावधानों की जानकारी पुस्तकालय में परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। विधानसभा क्षेत्र सैलाना में उन्नत खेती हेतु प्रशिक्षण आयोजित किया गया। जिसमें किसानों को जैविक खेती के संबंध में जानकारी दी गई जिसकी लाभान्वित कृषकों की वर्षवार जानकारी पुस्तकालय में परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। विधानसभा क्षेत्र सैलाना में जैविक खेती हेतु योजना संचालित नहीं होने से जैविक खेती हेतु अनुदान एवं अन्य सहायता की जानकारी निरंक हैं। सैलाना विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत उन्नत खेती योजनाओं अंतर्गत मदवार व्यय की गई जानकारी पुस्तकालय में परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है। विधानसभा क्षेत्र सैलाना में जैविक खेती हेतु योजना संचालित नहीं होने से जैविक खेती योजना अंतर्गत बीज, जैविक खाद, जैविक कीटनाशक, प्रशिक्षण, प्रमाणीकरण, विपणन - सहायता की जानकारी निरंक हैं। विधानसभा क्षेत्र सैलाना में उक्त योजनाओं के क्रियान्वयन के संबंध में किसी प्रकार की शिकायतें प्राप्त नहीं हुई हैं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों के युवाओं को खेलों में प्रोत्साहन दिया जाना
[खेल एवं युवा कल्याण]
97. ( क्र. 3407 ) श्री कमलेश्वर डोडियार : क्या खेल एवं युवा कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा वर्ष 2018 से प्रश्न दिनांक तक जिला रतलाम के आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र सैलाना विधानसभा क्षेत्र के आदिवासी युवाओं को राज्य/राष्ट्रीय/ अंतर्राज्यीय स्तर की खेल प्रतियोगिताओं एवं प्रशिक्षण शिविरों में भाग लेने हेतु बाहर भेजा गया है? जानकारी वर्षवार अनुसार पृथक-पृथक बतावे। (ख) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित सैलाना विधानसभा क्षेत्र से कितने आदिवासी युवाओं को, किस-किस खेल विधा में, किन-किन प्रतियोगिताओं/प्रशिक्षण शिविरों हेतु, किस स्थान पर भेजा गया, इसकी संपूर्ण जानकारी पृथक-पृथक बतावें। यदि वर्ष 2018 से प्रश्न दिनांक तक सैलाना विधानसभा क्षेत्र के आदिवासी युवाओं को खेलने हेतु बाहर नहीं भेजा गया है, तो इसके क्या कारण हैं? क्या विभाग द्वारा प्रतिभाशाली आदिवासी युवाओं की पहचान एवं चयन हेतु कोई विशेष कार्ययोजना बनाई गई है? यदि नहीं, तो कारण स्पष्ट बतावें। (ग) आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों के युवाओं को खेलों में प्रोत्साहन देने हेतु विभाग द्वारा कौन-कौन सी योजनाएँ संचालित हैं? सैलाना विधानसभा क्षेत्र में इन योजनाओं का कितना लाभ दिया गया है? वर्षवार अनुसार पृथक-पृथक बतावें।
खेल एवं युवा कल्याण मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) जिला रतलाम के आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र सैलाना विधानसभा क्षेत्र के आदिवासी युवाओं को राज्य/राष्ट्रीय/अन्तर्राज्यीय स्तर की खेल प्रतियोगिताओं एवं प्रशिक्षण शिविरों में भाग लेने की वर्षवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) सैलाना विधानसभा क्षेत्र के आदिवासी युवाओं को राज्य/ राष्ट्रीय/अन्तर्राज्यीय स्तर की खेल प्रतियोगिताओं एवं प्रशिक्षण शिविरों में भेजे जाने की जानकारी प्रश्नांश (क) के पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार हैं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) युवाओं को खेलों में प्रोत्साहन देने हेतु विभाग की योजनाओं की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार हैं। सैलाना विधानसभा क्षेत्र में इन योजनाओं से लाभान्वित युवाओं की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार हैं।
सामुदायिक भवन की स्वीकृति
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
98. ( क्र. 3413 ) श्री हरदीप सिंह डंग : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जनवरी 2024 से प्रश्न दिनांक तक मंदसौर जिले में कितने सामुदायिक भवन स्वीकृत हुए है? ग्राम, ग्राम पंचायत, विकासखण्ड का नाम, स्वीकृति वर्ष एवं राशि सहित विधानसभावार जानकारी देवें। (ख) प्रश्नकर्ता द्वारा कई बार अनुशंसा पत्रों में 26 पंचायतों के नाम उल्लेखित कर सामुदायिक भवनों की मांग की गई थी उनमें से कितने सामुदायिक भवन स्वीकृत किए गए है? जानकारी देवें। (ग) प्रश्नकर्ता के अनुशंसा पत्र जो कि सरपंचो के माध्यम से विभाग को प्राप्त हुए है, उनमें से कितने सामुदायिक भवन स्वीकृत किए गए है? ग्राम, ग्राम पंचायत, विकाखण्ड का नाम, स्वीकृति वर्ष एवं राशि सहित जानकारी देवें। (घ) सुवासरा विधानसभा क्षेत्र में कितने सामुदायिक भवन स्वीकृति हेतु प्रस्तावित है, उनकी जानकारी उपलब्ध करावें?
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) जनवरी 2024 से प्रश्न दिनांक तक मंदसौर जिले में 128 सामुदायिक भवन स्वीकृत हुये है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'अ' अनुसार है। (ख) प्रश्नकर्ता के अनुशंसा पत्रों में 12 ग्राम पंचायतों के 14 कार्यों की मांग के पत्र प्राप्त हुये। उनमें से 8 ग्राम पंचायतों में सामुदायिक भवन स्वीकृत किये गये। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'ब' अनुसार है। (ग) प्रश्नकर्ता के 05 ग्राम पंचायतों के 06 कार्यों के अनुशंसा पत्र सरपंचों के माध्यम से विभाग को प्राप्त हुये है। उनमें से 02 सामुदायिक भवन स्वीकृत किये गये है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'स' अनुसार है। (घ) वर्तमान वित्तीय वर्ष में सीमित बजट उपलब्धता को दृष्टिगत कोई नवीन सामुदायिक भवन कार्य प्रस्तावित नहीं है।
खेल मैदान तैयार किया जाना
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
99. ( क्र. 3414 ) श्री हरदीप सिंह डंग : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सुवासरा विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत कितनी ग्राम पंचायत एवं उनमें सम्मिलित कितने है? पंचायत एवं सम्मिलित ग्राम के नाम सहित जानकारी देवें। (ख) उपरोक्त ग्राम पंचायतों में प्रश्न दिनांक तक मनरेगा/पंचायत निधि से सुवासरा विधानसभा क्षेत्र में कितने खेल मैदान तैयार किए गए है, खेल मैदान तैयार करने हेतु व्यय की गई? राशि का विवरण देवें तथा ग्राम का नाम एवं राशि सहित जानकारी देवें। (ग) उपरोक्त खेल मैदानों में से कितने खेल मैदान खेलने लायक स्थिति में है या नहीं दोनों की पृथक-पृथक जानकारी देवें। (घ) उपरोक्त खेल मैदान से वंचित ग्रामों में खेल मैदान हेतु शासन द्वारा कोई कार्ययोजना तैयार की गई है या नहीं, यदि हाँ, तो योजना की जानकारी देवें।
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) सुवासरा विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत ग्राम पंचायत एवं उनमें सम्मिलित ग्रामों की संख्यात्मक जानकारी निम्नानुसार है :-
|
जनपद पंचायत |
ग्राम पंचायतों की संख्या |
ग्रामों की संख्या |
|
सीतामऊ |
115 |
240 |
|
गरोठ |
27 |
56 |
|
कुल योग |
142 |
296 |
शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट–''अ'' अनुसार है। (ख) सुवासरा विधानसभा क्षेत्र की उपरोक्त ग्राम पंचायतों में प्रश्न दिनांक तक मनरेगा/पंचायत निधि से में निर्मित खेल मैदान एवं व्यय की गई राशि की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट–''ब'' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट–''ब'' के कॉलम 9 अनुसार है। (घ) मनरेगा योजना के तहत पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के परिपत्र क्रमांक 2258/एम.जी.एन.आर.ई.जी.एस/-एम.पी/एन.आर-3 दिनांक 01.07.2024 में दिये गये दिशा-निर्देश अनुसार ग्राम पंचायतों में खेल मैदान के कार्य को लिये जाने का प्रावधान है, इसके आधार पर ग्राम पंचायतों में रोजगार की मांग एवं स्थल की उपलब्धता सुनिश्चित होने पर खेल मैदान का निर्माण किया जाता है।
सहायक यंत्री से उपयंत्रियों की प्रतिनियुक्ति हेतु अनापत्ति जारी की जाना
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
100. ( क्र. 3415 ) श्री चन्दरसिंह सिसौदिया : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत मध्य प्रदेश ग्रामीण यांत्रिकी सेवा में कार्यरत सहायक यंत्री एवं उपयंत्रियों को मध्य प्रदेश ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण में प्रतिनियुक्ति पर कार्य करने हेतु किन-किन सहायक यंत्रियों एवं उपयंत्रियों को अनापत्ति प्रमाण-पत्र प्रदान किया गया है? उनके नाम, पदनाम, जारी करने की तिथि एवं अवधि (कब से कब तक) की सूची उपलब्ध कराई जाए। (ख) RES द्वारा उक्त NOC सामान्यतः कितने समय के लिए प्रदान की जाती है? NOC की अवधि समाप्त होने के उपरांत किन-किन सहायक यंत्रियों एवं उपयंत्रियों को पुनः NOC जारी की गई है? यदि किसी को पुनः NOC जारी नहीं की गई है, तो वे वर्तमान में किस नियम अथवा प्रावधान के अंतर्गत MPRRDA में प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत हैं? (ग) क्या RES से MPRRDA में सहायक यंत्री एवं उपयंत्रियों को NOC प्रदान किए जाने का कारण RES में इन पदों की अतिरिक्त संख्या होना है? यदि हाँ, तो पदवार विवरण उपलब्ध कराया जाए। (घ) यदि RES में सहायक यंत्री एवं उपयंत्री अतिरिक्त नहीं हैं, तो उन्हें अन्य विभाग में प्रतिनियुक्ति हेतु NOC क्यों प्रदान की गई? प्रतिनियुक्ति पर पदस्थ सहायक यंत्री एवं उपयंत्रियों को RES में वापस बुलाने हेतु क्या समय-सीमा निर्धारित की गई है?
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) NOC जारी नहीं की जाती है बल्कि पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत ग्रामीण यांत्रिकी सेवा से म.प्र. ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण में कार्य करने हेतु भेजे जाने वाले सहायक यंत्री/उपयंत्री के विगत 05 वर्षों के गोपनीय प्रतिवेदन की ग्रेडिंग एवं उनके विरूद्ध चल रहे अनुशासनात्मक कार्यावाही प्रचलन में है अथवा नहीं की जानकारी दी जाती है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) NOC जारी नहीं की जाती है। मंत्रि परिषद की संक्षेपिका के आयटम क्रमांक 34 दिनांक 01.10.2018 द्वारा स्वीकृत ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के स्वीकृत पदों के पुनर्निर्धारण में म.प्र. ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण में कार्य करने हेतु प्रतिनियुक्ति रक्षित पद हैं। जिसके अनुसार संरचना में सृजित पदों के अनुरूप प्राधिकरण की मांग के आधार पर ग्रामीण यांत्रिकी सेवा द्वारा अधिकारियों की प्राधिकरण में कार्य करने हेतु सेवाएं सौंपी जाती है। दोनों अनुषांगिक निकायों के एक ही विभाग के अधीन होने के फलस्वरूप प्राधिकरण द्वारा इन सेवाओं हेतु एनओसी नहीं अपितु अनुशासनात्मक कार्यवाही एवं गोपनीय प्रतिवेदन की जानकारी मांगी जाती है। सौंपी गई सेवाओं की नवीनीकरण के प्रस्ताव भी प्राधिकरण द्वारा प्रेषित नहीं किये जाते हैं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) उत्तरांश (ख) के अनुक्रम में प्रशासकीय संरचना में प्रतिनियुक्ति हेतु रक्षित पदों के प्रावधान अंतर्गत सेवाएं सौंपे जाने के फलस्वरूप प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
असंगठित श्रमिकों को शासकीय योजनाओं का लाभ
[श्रम]
101. ( क्र. 3416 ) श्री चन्दरसिंह सिसौदिया : क्या श्रम मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) गरोठ विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को कौन-कौन सी योजनाओं का लाभ मिल रहा है? उसका विवरण देवें। (ख) असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए संचालित शासन की योजनाओं से गरोठ विधानसभा के कितने श्रमिक लाभान्वित हो रहे हैं? उसका विवरण देवें।
श्रम मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों हेतु श्रम विभाग द्वारा म.प्र. असंगठित शहरी एवं ग्रामीण कर्मकार कल्याण मण्डल अंतर्गत मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल 2.0) योजना संचालित है, योजनाओं की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। मध्यप्रदेश भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल द्वारा पंजीकृत निर्माण श्रमिकों हेतु वर्तमान में 25 योजनाएं संचालित हैं। उक्त योजनाओं का लाभ गरोठ विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत पंजीकृत निर्माण श्रमिकों को प्रदाय किया जा रहा है। योजनाओं की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। (ख) गरोठ विधानसभा में मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल 2.0) योजनांतर्गत कुल 1,32,685 श्रमिक पंजीकृत हो लाभान्वित हो रहे है। निकायवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-स अनुसार है। गरोठ विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत मध्यप्रदेश भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल द्वारा संचालित योजनाओं में लाभान्वित हो रहे श्रमिकों की चाही गई जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-द अनुसार है।
कृषि उपज मंडी में कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारी
[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]
102. ( क्र. 3417 ) श्री चन्दरसिंह सिसौदिया : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) कृषि उपज मंडी गरोठ एवं भानपुरा में आउटसोर्स कर्मचारियों का ठेका किस कंपनी द्वारा, कितने वर्ष से संचालित किया जा रहा है? उसके अनुबंध की प्रति शर्तों सहित देवें। (ख) क्या उक्त कंपनी द्वारा कितने कर्मचारियों को, किस-किस पद पर, कब से नियुक्त किया गया है? इन्हें कितना वेतन दिया जा रहा है? उनका नाम, पता और मोबाइल नंबर सहित विवरण उपलब्ध करायें। (ग) प्रश्नांश (ख) में कार्यरत कर्मचारियों के पी.एफ. कटोत्रा एवं उनके किये गए बीमे की जानकारी भी आवश्यक रूप से उपलब्ध करायें। (घ) क्या प्रश्नांश (ख) में कुछ काल्पनिक कर्मचारी भी उल्लेखित हैं जो भौतिक रूप से कार्यरत नहीं है पर उन्हें वेतन दिया जा रहा है? (ड.) मंडी द्वारा उक्त कंपनी को 1 अप्रैल, 2025 से वर्तमान माह तक किए जा रहे भुगतान का विवरण भी आवश्यक रूप से देवें।
किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) मेसर्स आर.बी. एसोसिएट्स भोपाल (वर्तमान में परिवर्तित नाम आर.बी. ऐसोसिएट ग्लोबल कनेक्ट प्रा.लि. भोपाल) द्वारा दिनांक 11/05/2024 से। अनुबंध की प्रति की जानकारी पुस्तकालय में परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है। (घ) जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ड.) जानकारी पुस्तकालय में परिशिष्ट के प्रपत्र-4 अनुसार है।
महाविद्यालय भूमि पर अतिक्रमण
[उच्च शिक्षा]
103. ( क्र. 3420 ) श्री दिलीप सिंह परिहार : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) उज्जैन संभाग के किन-किन महाविद्यालयों की भूमि पर किन-किन संस्थाओं या व्यक्तियों का कब से अतिक्रमण है? (ख) प्रश्नांश (क) में संदर्भित अतिक्रमण को हटाने हेतु महाविद्यालय द्वारा कब-कब और क्या-क्या कार्यवाही की गई? (ग) दिनांक 01 जनवरी, 2017 के पश्चात उक्त संभाग में कौन-कौन सी भूमि को कहाँ-कहाँ से अतिक्रमण से मुक्त कराया गया? महाविद्यालय भूमि पर जिला कलेक्टर की अनुमति से किन-किन अन्य विभागों को, किन-किन कार्यों हेतु कितनी-कितनी भूमि का आवंटन किया गया?
उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री इन्दर सिंह परमार ) : (क) उज्जैन संभाग अंतर्गत केवल राजीव गांधी शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, मन्दसौर के छात्रावास की भूमि पर अतिक्रमण किया गया है। यह अतिक्रमण क्रमशः कांताबाई पति सम्पतलाल जैन व स्व. महेश कुमार पिता स्व. डॉ. टोपनदास शर्मा, मन्दसौर द्वारा किया गया, जो वर्ष 2006-07 से महाविद्यालय के संज्ञान में आया है एवं फजल हुसैन पिता मुल्ला फखरूद्दीन बोहरा व चन्द्रकुंवर बेवा हरिशचन्द्र राठौर निवासी सीतामऊ, जिला मन्दसौर द्वारा किये गये अतिक्रमण का मामला वर्ष 1989-90 से महाविद्यालय के संज्ञान में आया है। इसके अतिरिक्त उज्जैन संभाग के अन्य महाविद्यालयों की भूमि पर अतिक्रमण नहीं है। (ख) राजीव गांधी शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, मन्दसौर के छात्रावास परिसर से अतिक्रमण हटाने हेतु की गई कार्यवाही के अभिलेखों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) प्रश्नांश (क) के उत्तर अनुसार राजीव गांधी शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, मन्दसौर के छात्रावास परिसर से अतिक्रमण नहीं हटाया जा सका है एवं दोनों अतिक्रमणकर्ताओं को क्रमशः जिला न्यायालय एवं सर्वोच्च न्यायालय से राहत प्राप्त है। रतलाम जिले में न्यायालय कलेक्टर, जिला रतलाम के पत्र क्रमांक 141/28.02.2025 द्वारा रतलाम जिले के शासकीय वाणिज्य महाविद्यालय, रतलाम की 0.84 हेक्टेयर भूमि ऑडिटोरियम निर्माण हेतु नगर निगम रतलाम एवं 750 मीटर भूमि सड़क बनाने हेतु लोक निर्माण विभाग (B&R) को दी गई है।
महाविद्यालयों में विभिन्न मदों में राशि
[उच्च शिक्षा]
104. ( क्र. 3421 ) श्री दिलीप सिंह परिहार : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) उज्जैन संभाग के किन-किन महाविद्यालयों में वर्तमान में किस-किस मद में कितनी-कितनी राशि किन-किन कार्यों के लिए संरक्षित है? राशि सहित विवरण दें? (ख) प्रश्नांश (क) संदर्भित महाविद्यालयों में दिनांक 1 जनवरी, 2020 के पश्चात किन-किन निर्माण कार्यों हेतु विभाग द्वारा राशि उपलब्ध कराई गई? क्या सभी कार्य पूर्ण हो गए हैं? जानकारी दें। (ग) नीमच शासकीय कन्या महाविद्यालय में स्टेडियम निर्माण कार्य विलंब के क्या कारण रहे हैं, कार्य कब तक पूर्ण कर लिया जाएगा?
उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री इन्दर सिंह परमार ) : (क) महाविद्यालयवार राशि संरक्षित करने का प्रावधान नहीं है। वस्तुस्थिति यह है कि विभिन्न विकास कार्यों हेतु शासकीय महाविद्यालयों को राशि आवंटित की जाती है। वर्तमान सत्र 2025-26 में उज्जैन संभाग के शासकीय महाविद्यालयों को विभिन्न विकास कार्यों हेतु जो राशि आवंटित की गई है। उसकी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-1 अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-2 अनुसार है। (ग) शासकीय कन्या महाविद्यालय, नीमच में खेल स्टेडियम निर्माण हेतु नगर पालिका नीमच द्वारा भूमि प्रदान की गई है, परन्तु भूमि का हस्तांतरण नहीं किए जाने के कारण कार्य प्रारंभ नहीं हो सका है। निर्माण कार्य प्रारंभ करने हेतु सतत् समीक्षा की जा रही है।
किसानों को कृषि कल्याण योजनाओं का लाभ
[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]
105. ( क्र. 3424 ) श्री बाबू जन्डेल : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) श्योपुर जिले में विगत 02 वर्षों में किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग के अंतर्गत केन्द्र सरकार एवं राज्य सरकार से प्रति वर्ष कितनी-कितनी राशि किस-किस योजना में प्राप्त हुई एवं किस-किस योजना में कितनी-कितनी राशि किस वर्ष में व्यय की गई? वर्षवार जानकारी उपलब्ध करावें? (ख) विभाग द्वारा जिले के किन-किन संस्थाओं से कौन-कौन सा बीज क्रय किया गया एवं इनमें से कौन-कौन सी संस्थाएं अमानक स्तर की पाई गई? जानकारी उपलब्ध करावें? (ग) विगत 02 वर्षों में विभाग द्वारा श्योपुर विधानसभा क्षेत्र के कितने किसानों को किन-किन योजनाओं का लाभ एवं कृषि उपकरण स्प्रिंकलर, पाइप लाइन पर कितना अनुदान प्राप्त हुआ? योजनावार किसानों की संख्या सहित जानकारी उपलब्ध करावें?
किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 एवं 4 अनुसार है।
अनुकम्पा नियुक्ति के लंबित प्रकरण
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
106. ( क्र. 3425 ) श्री बाबू जन्डेल : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रदेश में पंचायत सचिवों का रोस्टर 2018 में लागू हुआ है? यदि हाँ, तो चंबल संभाग में रोस्टर अनुसार कितने-कितने पद रिक्त है? रोस्टर में वर्गवार पद रिक्त न होने से अनुकम्पा नियुक्तियों के कितने आवेदन लंबित है? लंबित आवेदनों पर क्या शासन अनुकम्पा नियुक्ति देने की व्यवस्था करेगा? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्यों? (ख) चम्बल संभाग के जिलों में जनवरी 2026 की स्थिति में अनुकम्पा नियुक्ति के कितने आवेदन कब से लंबित है? किस विभाग में किस कर्मचारी की मृत्यु होने पर उसके किस वारिस ने अनुकम्पा नियुक्ति हेतु आवेदन प्रस्तुत किया था? आवेदक का नाम/पिता का नाम शैक्षणिक योग्यता पता एवं आवेदन प्रस्तुत करने की दिनांक सहित जिलेवार विभागवार जानकारी देवें? (ग) अनुकम्पा नियुक्ति हेतु लंबित आवेदनों में समय-सीमा में किन-किन को किन-किन कारणों से अनुकम्पा नियुक्ति प्रदान नहीं की गई? (घ) चम्बल संभाग के जिलों में ऐसे कितने पद किस-किस विभाग में रिक्त है? जिन पर अनुकम्पा नियुक्ति दी जा सकती है? जिलेवार, विभागवार जानकारी देवें?
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''अ'' अनुसार है। प्रवर्ग में स्थान रिक्त होने पर पात्रता अनुसार अनुकंपा नियुक्ति प्रदान की जाती है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) एवं (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''ब'' एवं ''स'' अनुसार है। (घ) पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग अन्तर्गत अनुकंपा नियुक्ति के रिक्त पदों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''द'' के कॉलम नंबर 04 अनुसार है।
नर्मदा परिक्रमा पथ पर आश्रय स्थल का निर्माण
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
107. ( क्र. 3426 ) श्री दिनेश गुर्जर : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में माँ नर्मदा के किनारे किन-किन जिलों में कहाँ-कहाँ आश्रय स्थल कब-कब स्वीकृत किये गये उनमें से किन-किन का कार्य पूर्ण हो गया तथा किन-किन का कार्य अपूर्ण है तथा क्यों? अपूर्ण कार्य कब तक पूर्ण होगा। (ख) प्रश्नांश (क) वर्णित किन-किन स्थानों पर कार्य प्रारंभ नहीं हुआ तथा क्यों? कारण बतायें। उक्त स्थानों पर कार्य कब तक प्रारंभ होगा। (ग) नर्मदा परिक्रमा पथ पर आश्रय स्थल का चयन किस आधार पर किसने किया इसमें संबंधित जिले के सांसद तथा विधायक से सुझाव क्यों नहीं लिये गये कारण बतायें।
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) एवं (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) बजट की उपलब्धता एवं स्थल की उपयुक्तता के आधार पर कार्य स्वीकृत किये गये है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
आदिवासी मण्डी निरीक्षक के विरुद्ध साजिश
[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]
108. ( क्र. 3428 ) श्री दिनेश गुर्जर : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या मण्डी बोर्ड श्री चन्द्रशेखर अग्निहोत्री (आर्थिक भ्रष्टाचार में बर्खास्त मुख्य लिपिक मण्डी कटनी) रचना नगर कटनी द्वारा किये गये फर्जी शिकायतों के विरुद्ध श्री राकेश पनिका मण्डी निरीक्षक द्वारा पुलिस में शिकायत करने पर मीडिया द्वारा श्री अग्निहोत्री के विरुद्ध समाचार प्रकाशन किये जाने को मण्डी बोर्ड द्वारा विभाग की छवि धूमिल करना क्यों माना गया है? श्री राकेश पनिका के निलंबन आदेश दिनांक 29.01.2025 में किस आरोप का उल्लेख है? (ख) क्या फर्जी शिकायतों को आदिवासी कर्मचारी के आरोप पत्र में शामिल किया जा सकता है? यदि हाँ, तो नियम उपलब्ध करावें। यदि नहीं, तो शिकायतों की बिना प्राथमिक जांच कराये श्री राकेश पनिका मण्डी निरीक्षक के आरोप पत्र क्र./विभा. जांच/2025-1599/273 दिनांक 21.02.2025 में निलंबन के मुख्य आरोप के अतिरिक्त 01 से 10 बिंदुओं को आरोप में किस नियम के आधार पर शामिल कर दिये गये? पूर्वाग्रह से ग्रसित होकर आरोप पत्र का प्रारूप बनाकर आदिवासी कर्मचारी के साथ अत्याचार करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कब तक और क्या कार्यवाही की जायेगी?
किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) जी नहीं। श्री राकेश पनिका, मण्डी निरीक्षक (तत्कालीन प्रभारी सचिव) कृषि उपज मंडी समिति, उमरिया द्वारा मीडिया/समाचार पत्रों के माध्यम से अपने पक्ष में माहौल बनाने, मिथ्या शिकायत करने एवं विभाग की छवि धूमिल किये जाने तथा गंभीर शिकायतें प्रकाश में आने से श्री पनिका को आदेश दिनांक 29.01.2025 से उक्तानुसार उल्लेख कर निलंबित किया गया। (ख) जी नहीं। श्री पनिका के मामले में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) व भारसाधक अधिकारी, कृषि उपज मंडी समिति, कटनी द्वारा प्रेषित प्रतिवेदन के आधार पर श्री पनिका के आचरण को गंभीर कदाचरण की श्रेणी में मानते हुए श्री पनिका को आदेश दिनांक 29.01.2025 से निलंबित किया गया। शेष का प्रश्न उदभूत नहीं होता है।
सूचना के अधिकार के अंतर्गत जानकारी का प्रदाय
[सहकारिता]
109. ( क्र. 3430 ) श्री सिद्धार्थ तिवारी : क्या सहकारिता मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 की धारा 03 में यह स्पष्ट उल्लेख है कि देश के सभी नागरिकों को सूचना के अधिकार के तहत जानकारी लेने का अधिकार है? यदि हाँ, तो क्या अधिवक्ताओं को भी सूचना के अधिकार के तहत जानकारी प्राप्त करने का अधिकार है? (ख) प्रश्नांश (क) के प्रकाश में क्या श्री संजय पाण्डेय एडवोकेट रीवा के द्वारा दिनांक 15-01-2026 को सूचना के अधिकार के तहत अल्प आय गृह निर्माण सहकारी संस्था समिति रीवा के संबंध में चाही गई जानकारी के जवाब में लोक सूचना अधिकारी उपायुक्त सहकारिता रीवा, दीप्ति बनवासी द्वारा अपने पत्र क्रमांक/RTI/2026/104, दिनांक 20/01/2026 ने यह लेख करा कि अधिवक्ताओं को सूचना अधिकार अधिनियम 2005 के अंतर्गत नियमानुसार जानकारी प्रदाय किये जाने का प्रावधान नहीं है, जानकारी देने से मना कर दिया गया है, यदि हाँ, तो क्या नियम है? यदि नहीं, तो नियम विरूद्ध कार्य करने वाले लोक सूचना अधिकारी के विरूद्ध क्या कार्यवाही की जावेगी, बतावें?
सहकारिता मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) जी हाँ। जी हाँ। (ख) जी हाँ, लोक सूचना अधिकारी द्वारा सूचना के अधिकार अधिनियम के अंतर्गत नियमानुसार जानकारी प्रदाय किया जाना पदीय दायित्व में आता है यदि लोक सूचना अधिकारी द्वारा आवेदक को जानकारी नहीं उपलब्ध करायी जाती है तो आवेदक के पास प्रथम एवं द्वितीय अपील के माध्यम से अनुतोष प्राप्त करने का अधिकार सूचना के अधिकार अधिनियम की धारा 19 में उपलब्ध है, शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
अतिथि/विद्वानों शिक्षकों को प्रतियोगी परीक्षाओं में अधिभार/छूट दिया जाना
[तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार (केवल तकनीकी शिक्षा)]
110. ( क्र. 3432 ) श्री सिद्धार्थ सुखलाल कुशवाहा : क्या तकनीकी शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या मध्यप्रदेश में उच्च शिक्षा विभाग एवं स्कूल शिक्षा विभाग में कार्यरत अतिथि विद्वानों शिक्षकों को प्रतियोगी परीक्षाओं में 20 अंक एवं आयु में 10 वर्ष का अधिभार/छूट दिया जाता है? यदि हाँ, तो फिर तकनीकी शिक्षा/इंजीनियरिंग शिक्षा/पॉलिटेक्निक शिक्षा और आई.टी.आई. में कार्यरत अतिथि शिक्षक/विद्वानों को क्यों नहीं दिया जा रहा? (ख) तकनीकी शिक्षा/इंजीनियरिंग शिक्षा/पॉलिटेक्निक शिक्षा और आई.टी.आई. में वर्षों से कार्यरत सभी वर्ग के अतिथि शिक्षकों को प्रतियोगी परीक्षा में अंकों पर, आयु पर, अधिभार/छूट न मिलने से कई भर्ती परीक्षाओं में शामिल होने से अतिथि शिक्षक वंचित रह जाते हैं इस पर सरकार की क्या कार्य योजना है? क्या सरकार उक्त अतिथि शिक्षकों के आरक्षण का प्रावधान शीघ्र करेगी? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्यों?
तकनीकी शिक्षा मंत्री ( श्री इन्दर सिंह परमार ) : (क) उच्च शिक्षा विभागान्तर्गत अतिथि विद्वानों को प्रतियोगी परीक्षाओं में 20 अंक देने का प्रावधान नहीं है, लोक सेवा आयोग में अधिकतम आयु में 10 वर्ष की छूट का प्रावधानित है। स्कूल शिक्षा विभागान्तर्गत अतिथि शिक्षकों को प्रतियोगी परीक्षाओं में 20 अंक देने का प्रावधान नहीं है, आयु में 09 वर्ष की छूट का प्रावधान है। विभाग अंतर्गत कार्यरत अतिथि व्याख्याताओं एवं मेहमान प्रवक्ताओं के लिये जारी निर्देशों में अधिभार/छूट प्रदान किया जाना प्रावधानित नहीं है। (ख) उत्तरांश '’क’' के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
संबल कार्ड की मूल नस्ती गुम हो जाना
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
111. ( क्र. 3437 ) श्री दिनेश राय मुनमुन : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सिवनी जिले में कितने हितग्राहियों को संबल कार्ड प्रदान किये गये है जनपद पंचायतवार जानकारी देवें? (ख) सिवनी जिले में हजारो मजदूरों को पी.वी.सी. संबल कार्ड मिले है या नहीं,और इस योजना के तहत लाखों रूपयें का भुगतान किस आधार पर किया गया? (ग) क्या संबल योजना के अंतर्गत पात्र मजदूरों को पी.वी.सी. कार्ड उपलब्ध कराये जाने थे, जिला पंचायत सिवनी ने यह कार्य एक निजी फर्म को सौंपा, लेकिन फर्म ने नियमों को ताक पर रखकर पी.वी.सी. के जगह कागज के कार्ड बनाकर लेमिनेशन कर दी? यदि हाँ,, तो अधिकारी/कर्मचारियों की मिली भगत से हुये इस कार्य पर प्रशासन द्वारा प्रश्न दिनांक तक क्या कार्यवाही की गई? यदि नहीं, तो क्यों? (घ) क्या पूर्व में प्रश्नकर्ता द्वारा उक्त प्रकरण के संबंध में विधान सभा प्रश्न पूछे जाने पर तत्कालीन आई.ए.एस. मुख्य कार्यपालन अधिकारी स्वरोचिश सोमवंशी का नाम सामने आने के बाद ही नोटशीट एवं मूल नस्ती गायब कर दी गई है? (ड) प्रश्नांश (घ) प्रकरण में नस्ती गायब होने की एफ.आई.आर. भी दर्ज हो चुकी है,यानी सरकार ने रिकार्ड में यह मान लिया गया है कि फाईल आधिकारिक रूप से लुप्त है? यदि हाँ, तो प्रश्न दिनांक तक प्रकरण में क्या-क्या कार्यवाही हुई है?
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''अ'' अनुसार है। (ख) जी हाँ, जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''ब'' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''ब'' अनुसार है शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) जी नहीं। (ड.) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''स'' अनुसार है।
फर्जी गेट (GATE) स्कोर कार्ड के आधार पर नियुक्ति
[तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार (केवल तकनीकी शिक्षा)]
112. ( क्र. 3438 ) श्री भैरो सिंह बापू : क्या तकनीकी शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या शासकीय पॉलिटेक्निक महाविद्यालय, हरदा में कांट्रेक्ट फैकल्टी रिक्रूटमेंट के अंतर्गत नियुक्त श्री मुकेश कुमार अहिवार, संविदा व्याख्याता (सिविल) को पद से हटाया गया है? यदि हाँ, तो उन्हें किस कारण से पद से हटाया गया? (ख) क्या यह तथ्य सही है कि श्री मुकेश कुमार अहिवार, पूर्व संविदा व्याख्याता (सिविल) का गेट (GATE) स्कोर कार्ड फर्जी पाया गया? यदि हाँ, तो इस संबंध में महाविद्यालय के प्राचार्य द्वारा अब तक क्या कार्रवाई की गई? (ग) क्या शासकीय पॉलिटेक्निक महाविद्यालय, हरदा के प्राचार्य को गेट स्कोर कार्ड से संबंधित जानकारी ई-मेल के माध्यम से प्राप्त हुई थी? यदि हाँ, तो उस जानकारी के प्राप्त होने के उपरांत उनके द्वारा की गई कार्रवाई का विवरण दिया जाए। यदि नहीं, तो उक्त ई-मेल को उच्च अधिकारियों से छुपाने के आरोप में संबंधित प्राचार्य के विरुद्ध क्या कार्रवाई प्रस्तावित है तथा वह कार्रवाई कब तक की जाएगी? (घ) क्या उक्त फर्जी गेट स्कोर कार्ड के कारण शासन/जनभागीदारी समिति को कोई वित्तीय हानि हुई है? यदि हाँ, तो क्या उस वित्तीय हानि की प्रतिपूर्ति प्राचार्य अथवा जनभागीदारी समिति के अध्यक्ष से किए जाने का कोई प्रस्ताव शासन के विचाराधीन है? उसका विवरण दिया जाए।
तकनीकी शिक्षा मंत्री ( श्री इन्दर सिंह परमार ) : (क) श्री मुकेश कुमार अहिरवार, मानदेय आधारित अतिथि व्याख्याता के रूप में शासकीय पॉलिटेक्निक महाविद्यालय, हरदा में कार्यरत थे, इनका आमंत्रण महाविद्यालय में अनाधिकृत अनुपस्थिति के कारण समाप्त किया गया है। (ख) जी हाँ। श्री मुकेश कुमार अहिरवार को गेट स्कोर कार्ड की मूल प्रति प्रस्तुत करने हेतु निर्देशित किया गया है। (ग) जी हाँ। गेट परीक्षा आयोजित करने वाली संस्था से ई-मेल पर प्राप्त जानकारी के आधार पर श्री मुकेश कुमार अहिरवार से गेट परीक्षा कार्ड की मूल प्रति प्रस्तुत करने हेतु निर्देशित किया गया, इसके पश्चात् महाविद्यालय में अनाधिकृत अनुपस्थिति के कारण इनका आमंत्रण समाप्त किया गया है। शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) जी नहीं, प्रतिदिवस किये गये कार्य अनुसार मानदेय प्रदान किया गया है। शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
मध्यप्रदेश में पी.एच.डी. पाठ्यक्रम की जानकारी
[उच्च शिक्षा]
113. ( क्र. 3439 ) श्री भैरो सिंह बापू : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) उच्च शिक्षा विभाग अंतर्गत मध्यप्रदेश में किन-किन विषयों में कौन-कौन से निजी/शासकीय महाविद्यालय/संस्थान पी.एच.डी. करवाते है तथा उक्त संस्थान/महाविद्यालय कौन-कौन से विषय में पी.एच.डी. करवाते है? (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार पी.एच.डी. हेतु विषयवार क्या योग्यता होना चाहिए? (ग) क्या मध्यप्रदेश के मुक्त विश्वविद्यालयों में भी पी.एच.डी. पाठ्यक्रम संचालित है? यदि हाँ, तो कौन-कौन से मुक्त विश्वविद्यालयों में जानकारी देवें? (घ) पी.एच.डी. के लिए यू.जी.सी. नेट की परीक्षा उत्तीर्ण करना आवश्यक है। मध्यप्रदेश शासन द्वारा पी.एच.डी. करने वाले छात्रों को शुल्क में छूट अथवा अनुदान दिया जाता है?
उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री इन्दर सिंह परमार ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'अ' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'ब' अनुसार है। (ग) जी नहीं। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता। (घ) जी नहीं। अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति विद्यार्थियों को पी.एच.डी. शोध के लिए पात्रतानुसार छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है।
जनभागीदारी/आउटसोर्स कर्मचारियों की जानकारी
[उच्च शिक्षा]
114. ( क्र. 3440 ) श्री भैरो सिंह बापू : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) उच्च शिक्षा विभाग अंतर्गत भोपाल में कितने शासकीय महाविद्यालय/स्वशासी महाविद्यालय संचालित है तथा उक्त महाविद्यालय में कितने तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी जनभागीदारी से नियुक्त है, कर्मचारी का नाम नियुक्ति दिनांक तथा उक्त कर्मचारियों को कितना वेतन प्रतिमाह दिया जाता है सहित भोपाल के समस्त शासकीय महाविद्यालय/स्वशासी महाविदयालय की जानकारी देवें। (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार भोपाल के शासकीय महाविद्यालय/स्वशासी महाविद्यालयों में कितने कर्मचारी आउटसोर्स से कार्यरत है? कर्मचारियों के नाम सहित जानकारी देवें तथा उक्त महाविद्यालय/स्वशासी महाविद्यालयों में आउटसोर्स कर्मचारियों सेवा कौन-सी कपंनी/फर्म से ली जा रही है? कंपनी/फर्म का नाम बताएं। (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) क्या जनभागीदारी से नियुक्त कर्मचारी अथवा आउटसोर्स से नियुक्त कर्मचारियों का पी.एफ. काटा जाता है? यदि नहीं, तो क्यों?
उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री इन्दर सिंह परमार ) : (क) उच्च शिक्षा विभाग अंतर्गत भोपाल में कुल 10 शासकीय महाविद्यालय एवं 04 स्वशासी (शासकीय) महाविद्यालय संचालित हैं। शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट "अ" अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट "ब" अनुसार है। (ग) जनभागीदारी से आमंत्रित कर्मचारियों के पी.एफ. काटे जाने के संबंध में जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-"अ" अनुसार है। आउटसोर्स से कार्यरत कर्मचारियों का पी.एफ. संबंधित एजेंसी द्वारा काटा जाता है।
शासकीय महाविद्यालयों की जानकारी एवं रिक्त पदों की स्थिति
[उच्च शिक्षा]
115. ( क्र. 3446 ) श्री प्रेमशंकर कुंजीलाल वर्मा : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या नर्मदापुरम जिले के शासकीय महाविद्यालयों में प्राध्यापकों के पद बड़ी संख्या में रिक्त हैं? यदि हाँ, तो विषयवार रिक्त पदों की संख्या एवं भर्ती की प्रस्तावित समय-सीमा क्या है? (ख) जिले में संचालित शासकीय एवं अशासकीय महाविद्यालयों की कुल संख्या कितनी है तथा उनमें अध्ययनरत विद्यार्थियों का वर्गवार (स्नातक/स्नातकोत्तर) विवरण क्या है? (ग) क्या महाविद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं (भवन, प्रयोगशाला, पुस्तकालय, स्मार्ट कक्षा) की कमी है? यदि हाँ, तो सुधार हेतु क्या कार्यवाही की गई है? (घ) छात्रवृत्ति योजनाओं के अंतर्गत जिले में कितने विद्यार्थियों को लाभ प्राप्त हुआ तथा कितने आवेदन लंबित हैं?
उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री इन्दर सिंह परमार ) : (क) जी नहीं। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता। (ख) नर्मदापुरम जिले में 14 शासकीय महाविद्यालयों एवं 07 अशासकीय महाविद्यालय संचालित है। जिनमें स्नातक स्तर पर कुल 19,282 तथा स्नातकोत्तर स्तर पर 4,338 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। (ग) जी नहीं। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता। (घ) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है।
मंडी कार्यों की स्वीकृति
[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]
116. ( क्र. 3451 ) डॉ. राजेन्द्र पाण्डेय : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या शासन/विभाग द्वारा केंद्र/राज्य परिवर्तित विभिन्न योजनाओं के माध्यम से कृषि कल्याण एवं उत्थान हेतु अनेक उल्लेखनीय कार्य किये जा रहे हैं? (ख) यदि हाँ, तो जावरा विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत वर्ष 2020-21 से लेकर प्रश्न दिनांक तक क्षेत्रीय मंडियों, उप मंडियों एवं हाट बाजार के साथ ही फल, फूल, सब्जी मंडी जावरा हेतु किन-किन कार्यों को किए जाने हेतु प्रस्ताव स्वीकृत होकर पूर्ण हुए, अपूर्ण रहे और अप्रारंभ रहे तो किन कारणों से? वर्षवार जानकारी दें। (ग) पिपलौदा विकासखंड अंतर्गत उप मंडी सुखेड़ा पहुंच बायपास मार्ग विगत वर्षों में स्वीकृत होकर बजट की अनुपलब्धता होने से लंबित बायपास मार्ग को स्वीकृति कब तक दी जा सकेगी? (घ) विगत वर्षों से निर्मित क्षेत्रीय हाट बाजार जावरा विकासखंड अंतर्गत ढोढर एवं रिंगनोद हाट बाजार तथा पिपलोदा विकासखंड अंतर्गत कालूखेड़ा हाटबाजार का जीर्णोद्धार एवं मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति कर विधिवत रूप से कब तक प्रारंभ किये जा सकेगें? प्रस्तावित कार्य योजना एवं कार्यों से अवगत कराएं।
किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) जी हाँ। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ग) म.प्र. लोक निर्माण विभाग से राशि रुपये 271.17 लाख की जारी की गई तकनीकी स्वीकृति के संदर्भ में मार्ग निर्माण अंर्तगत विद्युत पोल शिफ्टिंग, जी.एस.टी. एवं कंटीन्जेंसी की राशि को सम्मिलित कर कार्यालयीन पत्र क्रमांक 1375, दिनांक 31.05.2023 से राशि रुपये 362.39 लाख की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई थी। म.प्र. लोक निर्माण विभाग से प्राप्त जानकारी अनुसार मार्ग अंतर्गत पुल निर्माण एवं भूमि अर्जन हेतु अतिरिक्त राशि की आवश्यकता है। मार्ग अंतर्गत भूमि के संबंध में मुआवज़ा इत्यादि की राशि स्वीकृति का कोई विभागीय प्रावधान नहीं है तथा वर्तमान में 06 अक्टूबर 2023 से मंडी फीस 1 रूपए हो जाने से सड़क इत्यादि निर्माण हेतु राशि का प्रावधान नहीं है, जिससे सड़क अथवा पुल निर्माण कार्य स्वीकृत किया जाना संभव नहीं है। (घ) हाट बाजार एवं उपमंडी में मूलभूत आवश्यक संरचनाओं की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। वित्तीय वर्ष 2026-27 हेतु प्रस्तावित वार्षिक कार्य योजना की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र- 3 अनुसार है।
ग्रामीण विकास कार्यों की जानकारी
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
117. ( क्र. 3452 ) डॉ. राजेन्द्र पाण्डेय : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या शासन/विभाग द्वारा रतलाम जिला अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में नवीन पंचायत भवन, सामुदायिक एवं मांगलिक भवन तथा नवीन मुक्तिधाम, मुक्तिधामों का जीर्णोद्धार, उनकी बाउंड्रीवॉल, मुक्तिधाम पर पेयजल, विद्युत व्यवस्था के साथ ही मुक्तिधाम पहुंच मार्ग इत्यादि प्रकार के अनेक कार्य किये जा रहे हैं? (ख) पूर्व के विगत वर्षों में अमृत सरोवरों एवं जल संरक्षण के लिए खेत तालाब, निर्मल नीर एवं जल गंगा अभियान, वॉटरशेड योजना के माध्यम से वर्ष 2023- 24 से लेकर प्रश्न दिनांक तक वर्ष भर किन-किन कार्यों हेतु कितना-कितना बजट स्वीकृत किया जाकर किए गए कार्यों पर कितना व्यय हुआ एवं कार्यों का भौतिक सत्यापन किस-किस सक्षम अधिकारी द्वारा किया जाकर भुगतान हुआ? वर्षवार, विकासखंडवार जानकारी दें। (ग) प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत उपरोक्त उल्लेखित वर्षों के अंतर्गत वर्षवार कितना-कितना लक्ष्य प्राप्त होकर कितने आवास स्वीकृत हुए, कितने पूर्ण हुए,कितने अपूर्ण रहे, कितने अप्रारंभ रहे तो किन कारणों से और अप्रारंभ एवं अपूर्ण कार्यों पर क्या-क्या कार्यवाहियां की गई? (घ) उपरोक्त उल्लेखित प्रश्नांश (क) अंतर्गत आने वाले समस्त कार्यों एवं अन्य कोई और कार्य हो तो इस हेतु भी उल्लेखित वर्षों के अंतर्गत किन-किन कार्यों को किए जाने हेतु स्वीकृतियां दी गई? कितने कार्य प्रस्तावित होकर लंबित रहे तो लंबित कार्यों को कब तक स्वीकृतियां दी जा सकेगी?
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) जी हाँ। (ख) वॉटरशेड योजना की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'अ' अनुसार है। मनरेगा अंतर्गत प्रश्नांश से संबंधित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'ब' अनुसार है। ग्राम पंचायत/जनपद पंचायतवार कार्यों की जानकारी मनरेगा की वेबसाईट www.nrega.nic.in पर उपलब्ध है। मनरेगा कार्यों का विस्तृत विवरण प्राप्त करने हेतु फ्लोचार्ट की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'स' अनुसार है। (ग) प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण अंतर्गत जानकारी योजना के पोर्टल pmayg.nic.in पर उपलब्ध है। योजना अंतर्गत लाभार्थी स्वयं आवास का निर्माण कराता है, किन्तु कुछ प्रकरणों में आवास के कार्य लाभार्थी की मृत्यु, पलायन, कानूनी मुद्दे तथा पुर्नवास के कारण अप्रारंभ रहते है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) प्रश्नांश (क) अंतर्गत आने वाले समस्त कार्यों के अतिरिक्त सामुदायिक टीन शेड, बाउण्ड्रीवॉल, नाली निर्माण, सीमेंट क्रांकीट कार्य, कक्ष निर्माण, सांस्कृतिक भवन, पुलियां निर्माण, सभा मण्डप निर्माण, स्वागत द्वार, कपिलधारा कूप, मेढबंधान, खेत तालाब, नंदल फलोधान, निर्मल वाटिका, प्रधानमंत्री आवास योजना, वृक्षारोपण, तालाब/परकोलेशन तालाब, सुदूर सड़क, सी.सी.रोड, निर्मल नीर, कंटुर ट्रेंच, बोल्डर बण्ड, चेकडेम, स्टापडेम, सोख्ता गडडा, सामुदायिक स्वच्छता परिसर, सेग्रीगेशन शेड, अमृत सरोवर, जीर्णोद्धार कार्य, शांतिधाम, सीपीटी, पंचायत भवन, एक बगिया मां के नाम, खेल मैदान, पशुशेड, स्टापडेम जीर्णोद्वार कार्य आदि कार्यों की स्वीकृतियां दी गई। कोई प्रस्तावित कार्य स्वीकृति हेतु लंबित नहीं है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
प्रतिनियुक्तियों पर कार्यरत सहायक यंत्रियों एवं उपयंत्रियों की जानकारी
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
118. ( क्र. 3453 ) श्री विपीन जैन : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत मध्यप्रदेश ग्रामीण यांत्रिकी सेवा (RES) में कार्यरत सहायक यंत्री एवं उपयंत्रियों को मध्यप्रदेश ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण (MPRRDA) में प्रतिनियुक्ति पर कार्य करने हेतु किन-किन सहायक यंत्रियों एवं उपयंत्रियों को अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) प्रदान किया गया है? उनके नाम, पदनाम, NOC जारी करने की तिथि एवं अवधि (कब से कब तक) की सूची देवें? (ख) RES द्वारा उक्त NOC सामान्यतः कितने समय के लिए प्रदान की जाती है? NOC की अवधि समाप्त होने के उपरांत किन-किन सहायक यंत्रियों एवं उपयंत्रियों को पुनः NOC जारी की गई है? यदि किसी को पुनः NOC जारी नहीं की गई है, तो वे वर्तमान में किस नियम अथवा प्रावधान के अंतर्गत MPRRDA में प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत हैं? (ग) क्या RES से MPRRDA में सहायक यंत्री एवं उपयंत्रियों को NOC प्रदान किए जाने का कारण RES में इन पदों की अतिरिक्त (Surplus) संख्या होना है? प्रतिनियुक्ति पर पदस्थ सहायक यंत्री एवं उपयंत्रियों को RES में वापस बुलाने हेतु क्या समय-सीमा निर्धारित की गई है? (घ) जिन सहायक यंत्री एवं उपयंत्रियों की प्रतिनियुक्ति अवधि समाप्त हो चुकी है, उन्हें अब तक RES में वापस क्यों नहीं बुलाया गया? इसके क्या कारण हैं?
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) NOC जारी नहीं की जाती है बल्कि पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत ग्रामीण यांत्रिकी सेवा से म.प्र. ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण में कार्य करने हेतु भेजे जाने वाले सहायक यंत्री/उपयंत्री के विगत 05 वर्षों के गोपनीय प्रतिवेदन की ग्रेडिंग एवं उनके विरूद्ध चल रहे अनुशासनात्मक कार्यावाही प्रचलन में है अथवा नहीं, की जानकारी दी जाती है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ‘’अ’’ अनुसार है। (ख) NOC जारी नहीं की जाती है। मंत्रिपरिषद की संक्षेपिका के आयटम क्रमांक 34, दिनांक 01.10.2018 द्वारा स्वीकृत ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के स्वीकृत पदों के पुनर्निर्धारण में म.प्र. ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण में कार्य करने हेतु प्रतिनियुक्ति रक्षित पद हैं। जिसके अनुसार संरचना में सृजित पदों के अनुरूप प्राधिकरण की मांग के आधार पर ग्रामीण यांत्रिकी सेवा द्वारा अधिकारियों की प्राधिकरण में कार्य करने हेतु सेवाएं सौपी जाती है। दोनों अनुषांगिक निकायों के एक ही विभाग के अधीन होने के फलस्वरूप प्राधिकरण द्वारा इन सेवाओं हेतु एन.ओ.सी. नहीं अपितु अनुशासनात्मक कार्यवाही एवं गोपनीय प्रतिवेदन की जानकारी मांगी जाती है। सौंपी गई सेवाओं की नवीनीकरण के प्रस्ताव भी प्राधिकरण द्वारा प्रेषित नहीं किये जाते हैं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) जी नहीं। प्रश्नांश ''ख'' के उत्तर के अनुक्रम में शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) प्रश्नांश ''ख'' के उत्तर के अनुक्रम में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
पंजीकृत श्रमिकों को योजनाओं का लाभ देना
[श्रम]
119. ( क्र. 3454 ) श्री विपीन जैन : क्या श्रम मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्यप्रदेश भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल अंतर्गत पूरे मध्यप्रदेश में कितने निर्माण श्रमिक पंजीकृत है जिलेवार संख्या बताएं? (ख) पंजीकृत निर्माण श्रमिकों की संतानों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदाय करने के लिए श्रमोदय आवासीय विद्यालय स्थापित किए गए हैं जिनमे पंजीकृत हितग्राहियों को प्रवेश परीक्षा के माध्यम से प्रवेश दिया जाता है? (ग) प्रवेश वर्ष 2026-27 अंतर्गत आयोजित की जाने वाली परीक्षा में किन-किन कक्षाओं से कितने-कितने आवेदन आए हैं जिलेवार आवेदनों की संख्या कक्षा सहित देवें (घ) मध्यप्रदेश के संपूर्ण जिलों में हजारों की संख्या में पंजीकृत श्रमिक है बावजूद उसके इतनी कम संख्या में आवेदन क्यों हो रहे हैं अधिक से अधिक आवेदन करने और योजना से हितग्राहियों को लाभान्वित करने के लिए विभाग द्वारा क्या प्रयास किये जा रहे हैं? क्या प्रदेश के विभिन्न जिलों को आवेदन करवाने का टारगेट नहीं दिया जा सकता है? जिससे ज्यादा से ज्यादा पंजीकृत श्रमिकों के बच्चे लाभान्वित हो सके?
श्रम मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) मध्यप्रदेश भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल अंतर्गत संपूर्ण मध्यप्रदेश में 17,58,998 निर्माण श्रमिक पंजीकृत हैं। पंजीकृत श्रमिकों की जिलेवार संख्यात्मक जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र ‘’अ’’ अनुसार है। (ख) जी हाँ। मध्यप्रदेश भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल अंतर्गत पंजीकृत निर्माण श्रमिकों की संतानों की गुणत्तापूर्ण शिक्षा एवं उनके सर्वांगीण विकास हेतु प्रदेश के चार बड़े नगरों भोपाल, इंदौर, ग्वालियर एवं जबलपुर में श्रमोदय आवासीय विद्यालय स्थापित किये गये हैं। विद्यालयों में प्रतिवर्ष प्रवेश परीक्षा के माध्यम से पंजीकृत निर्माण श्रमिकों की संतानों को प्रवेश दिया जाता है। (ग) श्रमोदय आवासीय विद्यालयों में प्रवेश हेतु आयोजित प्रवेश परीक्षा वर्ष 2026-27 अंतर्गत कुल 2875 आवेदन प्राप्त हुए। प्राप्त आवेदनों की कक्षावार एवं जिलेवार संख्यात्मक जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र ‘’ब’’ अनुसार है। (घ) मण्डल द्वारा स्थापित श्रमोदय आवासीय विद्यालयों का संचालन वर्तमान में स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा किया जा रहा है। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा ही प्रवेश परीक्षा आयोजित कराये जाने की कार्यवाही की गई है। प्रवेश परीक्षा में अधिक से अधिक संख्या में आवेदन प्राप्त हो, इसके दृष्टिगत स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा श्रमोदय आवासीय विद्यालयों के प्राचार्यो एवं प्रदेश के जिला शिक्षा अधिकारियों को आवेदन संख्या में वृद्धि करने के लिये निर्देशित किया गया। विद्यालय स्तर पर हेल्पडेस्क तथा स्कूल स्तर से प्रचार-प्रसार हेतु समिति गठित कर पंजीकृत श्रमिकों से संपर्क उन्हें प्रवेश परीक्षा की जानकारी दी गई। जनसंपर्क विभाग को सूचित कर समाचार पत्रों एवं ऑनलाईन प्लेटफॉर्म पर प्रवेश परीक्षा का विज्ञापन प्रसारित किया गया। इसके अतिरिक्त म.प्र. भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल द्वारा जिला श्रम कार्यालयों एवं श्रमोदय आवासीय विद्यालयों को पर्याप्त प्रचार-प्रसार किये जाने के संबंध में निर्देश जारी किये गये। इस प्रकार जिलों एवं विद्यालय स्तर पर पंजीकृत श्रमिकों की संतानों के अधिक से अधिक आवेदन प्राप्त हो, इस हेतु प्रचार-प्रसार किया गया। इन प्रयासों के परिणाम स्वरूप आवेदनों की संख्या में पिछले वर्ष की तुलना में वृद्धि हुई है। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता।
कृषि विभाग के स्थानांतरण की जानकारी
[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]
120. ( क्र. 3456 ) श्री मधु भगत : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्यप्रदेश के कृषि विभाग में वित्तीय वर्ष 2024-25 में कितने स्थानांतरण किये गये हैं, क्या सभी स्थानांतरणों में स्थानांतरण नीति 2025 का पालन हुआ है? यदि हुआ है तो कितने कर्मचारी/अधिकारी माननीय उच्च न्यायालय की शरण में गए? माननीय हाईकोर्ट द्वारा कितने अधिकारियों/कर्मचारियों के पक्ष में फैसला दिया गया है? कर्मचारियों एवं अधिकारियों का अभिमत सहित जवाब प्रस्तुत करें। (ख) कितने अधिकारियों/कर्मचारियों के उच्च प्रभार हटाकर उनसे जूनियर अधिकारी/कर्मचारियों को दिए गए हैं और क्यों दिये गये हैं? कारण सहित सूची उपलब्ध करावें। (ग) विभाग में कितने अधिकारी/कर्मचारी 8 वर्ष या उससे अधिक समय से एक ही स्थान पर जमे हुए हैं और क्यों? क्या शासन ने इनको कोई विशेष अधिकार पत्र दिया है? यदि दिया है, तो पत्र की प्रति उपलब्ध करावें। यदि नहीं, दिया है तो 8 वर्ष से अधिक एक ही स्थान पर जमे व्यक्तियों के स्थानांतरण के संबंध में मुख्य सचिव द्वारा क्या कभी समीक्षा की गई है? समीक्षा कर कब तक स्थानांतरण कर दिया जावेंगे? (घ) विभाग में कितने क्लास 'सी' श्रेणी के अधिकारियों/कर्मचारियों को कार्यालय प्रमुख का प्रभार दिया गया है? क्या वित्त विभाग द्वारा सामान्य प्रशासन विभाग से स्वीकृति ली गई है? यदि हाँ, तो स्वीकृति प्रस्तुत करें, नहीं तो प्रभार कब तक हटा दिये जायेंगे?
किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) किसान कल्याण तथा कृषि विभाग अन्तर्गत वित्तीय वर्ष 2024-25 में 10 स्थानांतरण किये गये है। जी नहीं। तत्समय प्रचलित स्थानांतरण नीति वर्ष 2023 का पालन किया गया। स्थानांतरण आदेश के विरूध्द कोई भी अधिकारी एवं कर्मचारी माननीय उच्च न्यायालय की शरण में नहीं गए। शेष प्रश्न उद्भूत नहीं होता है। (ख) किसी भी अधिकारी/कर्मचारियों केउच्च प्रभार हटाकर उनसे जूनियर अधिकारी/ कर्मचारियों को प्रभार नहीं दिया गया है। शेष प्रश्न उद्भूत नहीं होता है। (ग) किसान कल्याण तथा कृषि विभाग अन्तर्गत कुल 2111 अधिकारी/कर्मचारी 8 वर्ष या उससे अधिक समय से एक ही स्थान पर पदस्थ है। जी नहीं। जी नहीं। स्थानांतरण प्रशासकीय निर्णय होने से समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (घ) जी नहीं। किसी भी क्लास 'सी' श्रेणी के अधिकारियों/कर्मचारियों को कार्यालय प्रमुख का प्रभार नहीं दिया गया है। शेष प्रश्न उद्भूत नहीं होता है।
विभाग से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराना
[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]
121. ( क्र. 3458 ) श्री राजन मण्डलोई : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बड़वानी जिले में विभाग की कितनी योजनाएं चल रही है व जिले में चल रही योजनाओं के नाम, योजनाओं का मापदण्ड, योजनावार प्राप्त आवंटन, योजनावार व्यय, योजनाओं के हितग्राहियों के नाम, पते तथा प्राप्त लाभ–अनुदान राशि की विस्तृत जानकारी वर्ष 2024-25 से प्रश्न दिनांक तक देवें? (ख) बड़वानी जिले के विभागीय लोक सेवकों द्वारा अपनी दौरा-डायरी कब-कब प्रमाणीकरण अधिकारी को प्रेषित की गई? वर्ष 2024-25 से प्रश्न दिनांक तक की जानकारी देवें? (ग) जिले के बजट्टा कृषि प्रक्षेत्र हेतु वर्ष 2021-22 से प्रश्न दिनांक तक मजदूरों को भुगतान हेतु प्राप्त आवंटन तथा मजदूरों के नाम, पते तथा बैंक खाते की छायाप्रति सहित विस्तृत जानकारी देवें? (घ) विभाग में कितने स्थाई, संविदा तथा आउटसोर्स कर्मचारी है सभी के नाम, पते, नियुक्ति दिनांक पदनाम सहित जानकारी देवें?
किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) बड़वानी जिले में विभाग द्वारा वर्ष 2024-25 से प्रश्न दिनांक तक संचालित योजनाओं की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। योजनाओं के मापदण्ड की जानकारी वर्ष 2024-25 से प्रश्न दिनांक तक जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। योजनावार प्राप्त आवंटन व्यय की जानकारी वर्ष 2024-25 से प्रश्न दिनांक तक जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है। योजनाओं के हितग्राहियों के नाम, पते तथा प्राप्त लाभ-अनुदान राशि की जानकारी वर्ष 2024-25 से प्रश्न दिनांक तक जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-4 अनुसार है। (ख) बड़वानी जिले में विभागीय लोक सेवकों द्वारा अपनी दौरा डायरी प्रमाणीकरण अधिकारी को प्रेषित की गई की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-5 अनुसार है। (ग) जिले में बजट्टा कृषि प्रक्षेत्र हेतु वर्ष 2021-22 से प्रश्न दिनांक तक मजदूरों के भुगतान संबंधित बजट्टा कृषि प्रक्षेत्र से प्राप्त जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-6 अनुसार है। कृषि प्रक्षेत्र पर कार्य करने वाले मजदूरों को भुगतान बैंक चेक के माध्यम से किया जाता है। अत: उनके बैंक खाते की जानकारी प्रक्षेत्र कार्यालय में संधारित नहीं की जाती है। (घ) विभाग में स्थाई, संविदा तथा आउटसोर्स कर्मचारियों के नाम, पते, नियुक्ति दिनांक पदनाम सहित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-7 अनुसार है।
जिला कलेक्टर एवं जिला पंचायत की शक्तियों की तुलना
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
122. ( क्र. 3459 ) श्री मोंटू सोलंकी : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्यप्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम, 1993 के अंतर्गत जिला पंचायत (Zila Panchayat) को प्रदान की गई प्रमुख शक्तियां एवं कृत्य क्या हैं? इनमें विकास योजनाओं का नियोजन, कार्यान्वयन, बजट स्वीकृति, स्टैंडिंग कमेटीज़ गठन, कर्मचारियों की देख-रेख आदि शामिल हैं या नहीं? (ख) जिला कलेक्टर को मध्यप्रदेश में प्रदान की गई प्रमुख शक्तियां क्या हैं? क्या यह शक्तियां जिला पंचायत की स्वायत्त शक्तियों से अधिक/प्राथमिक हैं अथवा अधिनियम के अनुसार जिला पंचायत विकास मामलों में स्वतंत्र है? (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) में वर्णित शक्तियों की तुलना करते हुए बताएं कि क्या जिला कलेक्टर को जिला पंचायत या जनपद पंचायत स्तर के रिक्त पदों (जैसे मुख्य कार्यपालन अधिकारी, अन्य प्रशासनिक/तकनीकी पद) पर अतिरिक्त प्रभार/प्रभार सौंपने का अधिकार अधिनियम के अंतर्गत है? यदि हाँ, तो किस धारा/नियम के तहत? यदि नहीं, तो यह प्रथा किन नियमों का उल्लंघन करती है? (घ) विगत तीन वर्षों में बड़वानी जिले में जिला कलेक्टर द्वारा जनपद पंचायत स्तर के कितने रिक्त पदों पर अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है? क्या ऐसे प्रभार सौंपने से पंचायती राज संस्थाओं के विकेंद्रीकरण एवं स्वशासन की भावना प्रभावित होती है? क्या अधिनियम के प्रावधान अनुसार जिला कलेक्टर के हस्तक्षेप को बंद करने के आदेश जारी किए जाएंगे या नहीं?
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) मध्यप्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम, 1993 की धारा 52 एवं धारा 129-च संबंधी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''अ'' अनुसार है। (ख) जिला कलेक्टर को विभिन्न केन्द्रीय/राज्य अधिनियमों एवं नियमों में अधिकारिताएं दी हुई है जबकि जिला पंचायत की अधिकारिता मध्यप्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम, 1993 तक ही सीमित हैं। अधिकारिताएं अलग-अलग अधिनियमों में होने से अधिनियमों एवं नियमों की अधिकारितों के आधार पर ही शक्तियों का उपयोग किया जाता है किसकी शक्ति अधिक है और किसकी कम यह तुलना किया जाना संभव नहीं है। (ग) जी हां, मध्यप्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम, 1993 की धारा 69 के तहत, जिला कलेक्टर को प्रशासनिक व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए जिला पंचायत या जनपद पंचायत स्तर के रिक्त पदों इसके अतिरिक्त भी अतिरिक्त प्रभार सौंपने का अधिकार है। आकस्मिक रिक्तियों की स्थिति में जिले की प्रशासनिक व्यवस्था बनाये रखने हेतु जिम्मेदार होने के नाते, प्रभार इत्यादि की कार्यवाही कलेक्टर करते हैं, इस प्रकार के आदेश विभागीय प्रशासनिक आदेश होने पर स्वत: ही समाप्त माने जाते है, किसी नियम का उल्लंघन नहीं है। (घ) विगत तीन वर्षों में कलेक्टर बड़वानी द्वारा जनपद पंचायत पाटी, सेंधवा एवं निवाली में रिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारियों के पद का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''ब'' अनुसार है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र में श्रमिकों की जानकारी
[श्रम]
123. ( क्र. 3463 ) श्री उमंग सिंघार : क्या श्रम मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला धार के अंतर्गत पीथमपुर में स्थित उद्योग में कितने श्रमिक पंजीकृत है, उनका वेतन, पारिश्रमिक मानदेय कितना दिया जा रहा है? वर्तमान स्थिति की जानकारी दें? (ख) उक्त उद्योगों में आउटसोर्स पर कितने श्रमिक कार्यरत है? (ग) क्या न्यूनतम दर कुशल/अर्द्धकुशल श्रमिकों को प्राप्त हो रही है? यदि हाँ, तो जानकारी दें? यदि नहीं, तो इस दिशा में क्या कार्यवाही की गई? विगत एक वर्ष की जानकारी दें?
श्रम मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) जिला धार के अंतर्गत पीथमपुर स्थित उद्योगों में कारखाना अधिनियम, 1948 अंतर्गत नियोजकों को प्राप्त अनुज्ञप्ति अनुसार 145859 श्रमिक पंजीकृत है। उद्योग संस्थानों द्वारा म.प्र. शासन श्रम विभाग द्वारा समय-समय पर (प्रति छ: माह अप्रैल से सितंबर एवं अक्टूबर से मार्च अवधि) हेतु न्यूनतम वेतन अधिनियम, 1948 के तहत शासन द्वारा घोषित न्यूनतम वेतन दरों अनुसार पारिश्रमिक/मानदेय श्रमिकों को भुगतान किया जा रहा है। (ख) जिला धार अंतर्गत पीथमपुर स्थित उद्योगों में संविदा श्रम अधिनियम, 1970 के अंतर्गत ठेकेदार फर्मों को प्राप्त अनुज्ञप्ति अनुसार कुल 73479 आउटसोर्स पर ठेका श्रमिक कार्यरत हैं। (ग) जी हाँ, म.प्र. शासन श्रम विभाग द्वारा कुशल/अर्द्धकुशल श्रमिकों हेतु समय-समय पर न्यूनतम वेतन अधिनियम, 1948 के तहत शासन द्वारा घोषित वेतन दरों का भुगतान नियोजकों द्वारा किया जा रहा है। विगत 01 वर्ष में नियोजकों/उद्योगों द्वारा न्यूनतम वेतन दरों अनुसार कुशल/अर्द्धकुशल श्रमिकों को भुगतान नहीं किये जाने संबंधी कोई भी शिकायत कार्यालय को प्राप्त नहीं है।
वी.आई.टी. कॉलेज भोपाल/सिहोर छात्र-छात्राओं की जानकारी
[उच्च शिक्षा]
124. ( क्र. 3465 ) श्री बृज बिहारी पटैरिया : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वी.आई.टी. कॉलेज भोपाल में वर्तमान में कितने छात्र/छात्राएं अध्ययनरत है कॉलेज में छात्रों हेतु हॉस्टल की क्या सुविधा उपलब्ध है? भोजन का क्या शेड्यूल है? मेस में स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था है? यदि हाँ, तो दूषित जल से कितने छात्र ज्वाइंडिस बीमारी से पीड़ित हुए? कितने छात्रों की मृत्यु हो गई? कॉलेज द्वारा क्या कार्यवाही की गई? क्या कालेज प्रबंधन द्वारा पालकों को मुआवजा दिया गया? (ख) शासन के नियमानुसार फीस के क्या मापदंड हैं? क्या तिमाही ली जाती है? वार्षिक ली जाती है? या फीस में किश्तों की रियायत दी जाती है? क्या वार्षिक का प्रावधान है? शासन के नियम बतावें। यदि नहीं, तो क्यों? वाहन के क्या प्रावधान हैं? कौन-सी गाड़ी चलाई जाती है? वाहन क्रमांक, वाहन का परमिट, कहाँ से कहाँ तक संचालन किया जाता है, वाहन से जाने वाले छात्रों की फीस एक साथ लेने के नियम सहित जानकारी देवें। बस में तिमाही, वार्षिक, अर्द्धवार्षिक की रियायती दर बतावें? वर्तमान स्थिति में फीस लेने के नियम बतावें। (ग) वी.आई.टी. कॉलेज भोपाल में कई आगजनी की घटनायें घटी क्या शासन द्वारा इस पर कोई कार्यवाही की गई? दोषी कौन है? क्या दोषियों पर कार्यवाही की जावेगी? यदि हाँ, तो कब तक? नहीं तो क्यों? सीहोर अश्लील घटना, भोपाल फूड पाईजन घटना, छात्रों की मृत्यु होने पर प्रबंधन द्वारा कार्यवाही क्यों नहीं की गई? (घ) अग्नि घटना होने के उपरांत जो बच्चे कॉलेज से छुट्टी पर घर गये? घर पहुँचकर ज्वाइंडिस बीमारी से ग्रसित हुये, उनके पालकों द्वारा कॉलेज प्रबंधन को किस-किस माध्यम से सूचना प्रेषित की गई? यदि हाँ, तो किन-किन पालकों द्वारा? छात्र एवं पालक के नाम सहित सूची में जानकारी देवें। उन पालकों द्वारा आर्थिक रूप से परेशान होकर भी छात्रों की बीमारी पर लाखों रूपयों का व्यय किया गया? क्या कॉलेज प्रबंधन द्वारा उसका मुआवजा दिया जाएगा? यदि हाँ, तो कितना? यदि नहीं, तो क्यों? कारण सहित बतावें। मुआवजा प्रदान करने की समय-सीमा बतावें। (ड़) क्या वी.आई.टी. विश्वविद्यालय भोपाल/सीहोर में शासन द्वारा कोई प्रशासक या शासकीय गवर्निंग बॉडी गठित की जाने की शासन की मंशा है? यदि हाँ, तो कार्यवाही कब तक की जावेगी?
उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री इन्दर सिंह परमार ) : (क) विश्वविद्यालय में कुल 17121 छात्र/छात्राएं अध्ययनरत हैं एवं 10 हॉस्टल की सुविधा उपलब्ध है। मेस में स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था है। 35 छात्रों में ज्वाइंडिस बीमारी के लक्षण पाए गए थे परंतु ज्वाइंडिस के कारण किसी भी छात्र की मृत्यु नहीं हुई है। जल की गुणवत्ता पर निगरानी रखने एवं विद्यार्थियों की अन्य सुविधाओं के सुचारू संचालन हेतु ''हॉस्टल प्रशासन परिषद'' का गठन विश्वविद्यालय द्वारा किया गया है। किसी भी पालक को मुआवजा नहीं दिया गया है। शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-1 अनुसार है। (ख) मध्यप्रदेश निजी विश्वविद्यालय (स्थापना एवं संचालन) अधिनियम, 2007 यथासंशोधित वर्ष 2013 के प्रावधानों के अंतर्गत मध्यप्रदेश निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग द्वारा शुल्क का निर्धारण किया जाता है। शुल्क वार्षिक रूप से लिया जाता है तथा किश्तों में भुगतान करने का अनुरोध विद्यार्थी से प्राप्त होने पर विश्वविद्यालय द्वारा यथोचित कार्यवाही की जाती है। विश्वविद्यालय द्वारा बस की सुविधा प्रदान की जाती है। परिवहन शुल्क के संबंध में कोई अनिवार्य नियम निर्धारित नहीं है। विश्वविद्यालय द्वारा निर्धारित शुल्क पूरे वर्ष के लिए लागू रहता है। विश्वविद्यालय द्वारा वार्षिक शुल्क एकत्र किया जाता है तथा मासिक शुल्क भुगतान का अनुरोध प्राप्त होने पर विचार करने के उपरांत विश्वविद्यालय द्वारा यथोचित कार्यवाही की जाती है। शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-2 अनुसार है। (ग) आगजनी की एक घटना घटी थी। आयोग द्वारा जांच समिति गठित कर जांच की कार्यवाही की गई है। प्रकरण प्रक्रियाधीन है। प्रश्नांकित अन्य घटनाएं विश्वविद्यालय से संबंधित नहीं होने के कारण शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) अग्नि घटना होने के उपरांत विश्वविद्यालय से घर पहुंचने के पश्चात ज्वाइंडिस बीमारी से ग्रसित विद्यार्थियों के पालकों द्वारा ई-मेल के माध्यम से विश्वविद्यालय को सूचना दी गई थी। ई-मेल संबंधी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-3 अनुसार है। पालकों द्वारा व्यय करने के संबंध में कोई सूचना विश्वविद्यालय को प्राप्त नहीं हुई है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ड.) उत्तरांश 'ग' अनुसार।
कौशल विकास में रिक्त पदों को नहीं भरना
[तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार (केवल कौशल विकास एवं रोजगार)]
125. ( क्र. 3468 ) श्री जयवर्द्धन सिंह : क्या राज्य मंत्री, कौशल विकास एवं रोजगार महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जनवरी 2023 से प्रश्न दिनांक तक विभाग में शासकीय शैक्षणिक, तकनीकी-गैर तकनीकी कितने पद है? कितने पद भरे एवं कितने पद कब से रिक्त हैं? कितने पदों पर आउटसोर्स एवं गेस्ट शिक्षक कार्यरत हैं? कार्यालयवार, पदनाम, पदीय दायित्व, कब से एक ही संस्था में कार्यरत हैं? पृथक-पृथक गोशवारा दें। (ख) प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्य में इन पदों को भरने हेतु विभाग ने कब और क्या कार्यवाही की? क्या संपूर्ण रिक्त पदों को भर दिया गया है? यदि नहीं, तो इसके लिये विभाग के कौन-कौन अधिकारी जिम्मेदार है? उनकी जिम्मेदारी तय कर कब तक कार्यवाही की जायेगी? (ग) उपरोक्त के संबंध में शैक्षणिक कार्य के कितने शिक्षक गैर शैक्षणिक कार्यों में लगाये गये हैं? उनके नाम, पदनाम, कार्यालय का नाम, कब से पदस्थ हैं? क्या गैर शैक्षणिक कार्यों को संपादित करने के लिये उनके विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही करने के साथ निलंबन की कार्यवाही की जायेंगी? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्यों कारण सहित बतायें? (घ) उपरोक्त अवधि में कितने रोजगार मेले और कितने छात्रों को रोजगार प्राप्त हुआ? अध्ययनरत छात्रों की तुलना में रोजगार प्राप्त करने वाले छात्रों का कितना प्रतिशत है? जिलेवार, संस्थावार गोशवारा बनाकर दें।
राज्य मंत्री, कौशल विकास एवं रोजगार ( श्री गौतम टेटवाल ) : (क) तकनीकी शिक्षा संचालनालय से संबंधित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है, कौशल विकास संचालनालय से प्राप्त जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 एवं 3 अनुसार है, राजीव गॉधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-4, 5 एवं 6 अनुसार है। (ख) प्रश्नावधि से संबंधित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-7 अनुसार है। जी नहीं। रिक्त पदों पर भर्ती एक सतत् प्रक्रिया है, शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) प्रश्नावधि से संबंधित तकनीकी शिक्षा संचालनालय की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-8 अनुसार है, कौशल विकास संचालनालय की जानकारी निरंक है। राजीव गॉधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय एवं विश्वविद्यालय की घटक संस्थाओं में आवश्यकतानुसार शैक्षणिक दात्यिव के साथ प्रशासनिक कार्यों का निर्वाहन किया जाता है। प्रशासनिक आवश्यकताओं के दृष्टिगत सक्षम अनुमोदन उपरांत गैर शैक्षणिक कार्य आवंटित होने के कारण शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) प्रश्नावधि में 2145 रोजगार मेले आयोजित किय गये, जिसमें 2,56,288 आवेदकों को ऑफर लेटर प्रदाय किये गये। जिलेवार ऑफर लेटर प्राप्त आवेदकों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-9 अनुसार है, विभाग द्वारा आयोजित रोजगार मेलों/युवा संगम कार्यक्रमों में युवाओं से अध्ययनरत होने संबंधी जानकारी प्राप्त नहीं की जाती है। शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
एनएबीएच के नाम पर निजी चिकित्सालयों को नियम विरूद्ध संबद्धता दी जाना
[आयुष]
126. ( क्र. 3469 ) श्री जयवर्द्धन सिंह : क्या आयुष मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) एनएबीएच क्या होता है? इसे लागू करने के क्या नियम है? नियम प्रक्रिया को पूर्ण करने के लिये कौन-कौन से मापदण्डों का अनिवार्यतः पालन सुनिश्चित किया जाता है? क्या एनएबीएच मेडिकल कॉलेजों पर भी लागू होते है? यदि हाँ, तो कहां पर लागू है? यदि नहीं, तो क्यों? इसकी संपूर्ण प्रक्रिया सउदाहरण विस्तृत रूप से बतायें। (ख) प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्य में अद्योहस्ताक्षरकर्ता का पत्र क्र. 969, दिनांक 01/02/2026 जो माननीय मुख्यमंत्री जी, मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा, सीईओ आयुष्मान भारत निरामयम्, एडीजी सायबर क्राईम को "एनएबीएच फाईनल लेबल क्वालिटी सर्टिफिकेट के नाम पर प्रदेश के निजी क्षेत्र के चिकित्सालयों को मनमाने तरीके से संबद्धता दिये जाने एवं 01/04/26 से संबद्धता समाप्त होने का डर दिखाकर प्रदेश में स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर संकट उत्पन्न होने के संबंध में" विषयान्तर्गत प्रेषित किया गया है, क्या प्राप्त हुआ है? (ग) प्रश्नांश (ख) के परिप्रेक्ष्य में क्या साप्रवि के आदेश दिनांक 22/3/11 एवं मुख्यमंत्री जी घोषणा क्रमांक बी-1207 के अनुक्रम में कृत कार्यवाही से अवगत करा दिया है? यदि नहीं, तो साप्रवि के आदेश दिनांक 22/3/2011 के अनुक्रम में बिन्दु 5 में उल्लेखानुसार संबंधितों का कब तक निलंबन कर कृत कार्यवाही से अवगत करायेंगे?
आयुष मंत्री ( श्री इन्दर सिंह परमार ) : (क) राष्ट्रीय अस्पताल व स्वास्थ्य सेवा प्रदाता प्रत्यायन बोर्ड या National Accreditation Board for Hospitals and Healthcare Providers (NABH) है, यह भारतीय गुणवत्ता परिषद/Quality Council of India द्वारा संचालित बोर्ड है। जो अस्पताल व स्वास्थ्य सेवा की गुणवत्ता सुधार पर केन्द्रित है, जिसमें आवेदन पश्चात परीक्षण व निरीक्षण किया जाता है। आयुष विभाग से संबंधित नियम पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार। अनिवार्य मापदण्ड दो प्रकार के होते है- रोगी केन्द्रित व संस्था केन्द्रित कुल 21 प्रकार के संस्थानों में यह मापदण्ड भिन्नता से संचालित है। जिसकी विस्तृत nabh.co/explore-nabh-standards/जानकारी पर उपलब्ध है। जी हां, मेडिकल कॉलेज से संबद्ध अस्पताल व स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने वाले समस्त केन्द्रों का NABH प्रत्यायन व प्रमाणन कराया जाता है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। प्रक्रिया में ऑनलाईन माध्यम से आवेदन, समस्त मापदण्डों पर ऑनलाईन आंकलन, आवश्यक सुधारों को चिंहित करना, समस्त मापदण्डों पर भौतिक निरीक्षण, पुनः सुधारों को आवश्यकतानुसार चिंहित करना व उनका निराकरण करना सम्मिलित है। इसके पश्चात प्रत्यायन का प्रमाणीकरण होता है। सम्पूर्ण प्रक्रिया NABH भारतीय गुणवत्ता परिषद नई दिल्ली के कार्यक्षेत्र के अंतर्गत आती है। लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग से जानकारी एकत्रित की जा रही है। लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग से जानकारी एकत्रित की जा रही है। (ख) एवं (ग) लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग से जानकारी एकत्रित की जा रही है।
किसानों का कर्जा माफ या ब्याज माफ करना
[सहकारिता]
127. ( क्र.
3471 ) श्री
हरिशंकर खटीक
: क्या
सहकारिता
मंत्री महोदय
यह बताने की
कृपा करेंगे
कि (क) टीकमगढ़
जिले के जतारा
विधानसभा
क्षेत्र के ऐसे
कौन-कौन से
किसान हैं, जिन्होंने
कृषि कार्य
हेतु सहकारी
बैंकों से कर्ज
लिया है? कृपया उनका
नाम, पिता/पति, जाति, पता
सहित बताएँ कि
जनवरी 2024 से प्रश्न
दिनांक तक
कितनी-कितनी
राशि का कर्ज
कौन-कौन सी
सहकारी
बैंकों से
कर्जा दिया
गया है? (ख) प्रश्नांश
(क) के आधार पर
बताएं कि
प्रश्न दिनांक
तक ऐसे
कौन-कौन से
कृषक है
जिन्होंने कर्ज
की राशि चुका
दी है और ऐसे
कौन-कौन से है, जिन्होंने
प्रश्न
दिनांक तक
नहीं चुका पाए है? सम्पूर्ण
जानकारी
प्रदाय करें। (ग) प्रश्नांश
(क) एवं (ख) के आधार
पर बताएं कि
इसके पूर्व के
यह कौन-कौन से
किसान है, जिन्होंने
कर्जा लिया था
और प्रश्न
दिनांक तक
नहीं चुका पाए
है? कृपया
सम्पूर्ण
जानकारी देते
हुए बताएं कि
प्रश्न
दिनांक तक
उनके ऊपर
कितनी बकाया
राशि से वह कर्जदार
है? (घ)
प्रश्नांश
(क), (ख)
एवं (ग)
के आधार पर
बताएं कि
प्रश्न
दिनांक तक
कितने
किसानों पर
कितनी राशि का
कर्जा है? इन
सभी का कर्जा
माफ किया
जावेगा तो कब
तक? लगातार
कर्जा
प्रतिवर्ष
चुका रहे हैं।
उन्हें ब्याज
राशि से मुक्त
किया जावेगा
तो कब तक? निश्चित
समय-सीमा सहित
बताएं कि इसी
समयावधि का
सहकारी बैंक
पर
कितनी-कितनी
बोनस राशि बनी
है?
सहकारिता
मंत्री ( श्री
विश्वास
कैलाश सारंग ) : (क) जिला
सहकारी केन्द्रीय
बैंक
मर्यादित, टीकमगढ़
द्वारा
किसानों को
कृषि कार्य
हेतु बैंक से
सीधे कोई ऋण
नहीं दिया गया
है। शेष प्रश्नांश
उपस्थित नहीं
होता है। (ख) उत्तरांश
'’क’' के
परिप्रेक्ष्य
में प्रश्न
उपस्थित नहीं
होता है। (ग) उत्तरांश
'क' एवं 'ख' के
परिप्रेक्ष्य
में प्रश्न
उपस्थित नहीं
होता है। (घ) उत्तरांश
'क', 'ख' एवं 'ग' के
परिप्रेक्ष्य
में प्रश्न
उपस्थित नहीं
होता है।
सहकारिता विभाग के लिए आवंटित भूमि से अतिक्रमण हटाया जाना
[सहकारिता]
128. ( क्र. 3472 ) श्री हरिशंकर खटीक : क्या सहकारिता मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) टीकमगढ़ जिले में सहकारिता विभाग के लिए जिले की कहां-कहां की तहसीलों के कौन-कौन पटवारी हल्का में कितने-कितने रकबा में वर्तमान में भूमि आवंटित है? उपरोक्त भूमि कब-कब जिला प्रशासन द्वारा किस-किस प्रयोजनार्थ हेतु आवंटित की गई थी? जिस प्रयोजनार्थ सरकारी भूमि आवंटित की गई थी, उस कार्य का निर्माण किया जा चुका है तो कितने-कितने रकबा में और कितनी-कितनी भूमि शेष बची है? संपूर्ण जानकारी दें। (ख) प्रश्नांश (क) के आधार पर जिस प्रयोजनार्थ हेतु भूमि आवंटित की गई थी उस प्रयोजनार्थ कार्य नहीं कराया गया और अन्य कार्य करवा दिया गया है? तो कौन-कौन से कार्य और कहां-कहां? (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के आधार पर बताएं कि उपरोक्त भूमि पर कहां-कहां, किस-किसने अतिक्रमण कर लिया है? उपरोक्त भूमि पर से अतिक्रमण हटाया जावेगा तो कब तक? निश्चित समय-सीमा सहित बतायें।
सहकारिता मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) से (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।
तकनीकी संचालनालय में पदस्थ अधिकारियों के विरूद्ध जांच
[तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार (केवल तकनीकी शिक्षा)]
129. ( क्र. 3476 ) श्री आतिफ आरिफ अकील : क्या तकनीकी शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2018 से प्रश्न दिनांक तक म.प्र. तकनीकी शिक्षा संचालनालय में स्वीकृत किन-किन पदों पर किस-किस श्रेणी के अधिकारी पदस्थ रहे है? वर्तमान में पदस्थ है? (ख) क्या उक्त पदस्थ अधिकारी पद के अनुरूप सभी आवश्यक अर्हतायें रखते है एवं संचालक और अन्य अधिकारियों की पदस्थापना/नियुक्ति में किस प्रक्रिया का पालन किया गया है? (ग) उपरोक्त संचालक एवं अन्य अधिकारियों के विरूद्ध प्राप्त शिकायतें व अन्य विभागीय मामलों में जांच की गई है अथवा प्रचलन में है? जांच निष्कर्ष के आधार पर किन-किन दोषी अधिकारियों के विरूद्ध क्या-क्या कार्यवाही की गई? नाम/पद सहित सूची दें। (घ) उपरोक्त प्रश्नांश के परिप्रेक्ष्य में वर्तमान संचालक कब से पदस्थ है और उनके विरुद्ध संचालनालय या इंजीनियरिंग कॉलेज में कोई दण्डनीय प्रकरण दर्ज हुआ है? यदि हाँ, तो इस प्रकरण की जांच पूर्ण हो चुकी है? यदि हाँ, तो जांच के क्या परिणाम रहे और जांच निष्कर्ष के आधार पर क्या कार्यवाही की गई? यदि नहीं, तो क्यों?
तकनीकी शिक्षा मंत्री ( श्री इन्दर सिंह परमार ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) जी हाँ। संचालक एवं अन्य अधिकारियों की पदस्थापना/नियुक्ति से संबंधित मध्यप्रदेश शैक्षणिक सेवा (तकनीकी शाखा) भर्ती नियम-1967 की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ग) जी हाँ। वर्तमान में किसी भी अधिकारी के विरूद्ध दोष सिद्ध नहीं हुआ है। शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) वर्तमान संचालक दिनांक 07/10/2022 से पदस्थ हैं। जी नहीं। शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
नकली एवं घटिया बीज का प्रदाय
[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]
130. ( क्र. 3477 ) श्री आतिफ आरिफ अकील : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या विदिशा, रायसेन, भोपाल जिले सहित प्रदेश में घटिया/अमानक धान एवं बीज किसानों को प्रदाय किये जाने की शिकायतें मिलने के बाद प्रदेश में बीजों के सेम्पल लिये गये थे जिसमें से 10 प्रतिशत से अधिक सेम्पल अमानक पाये गये एवं बीज प्रदाय करने वाली कम्पनियों के विरूद्ध एफ.आई.आर. दर्ज हुई है? (ख) यदि हाँ, तो किन-किन बीज प्रदाय कम्पनियों के विरूद्ध एफ.आई.आर. दर्ज की गई एवं नियमानुसार उनको कितना जुर्माना लगाया और प्रभावित किसानों को किस हिसाब से कितना मुआवजा दिया गया? (ग) क्या उन कम्पनियों को ब्लैक लिस्ट किया गया है? यदि नहीं, तो क्यों?
किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) जिला विदिशा में सोयाबीन एवं जिला अशोकनगर में मक्का बीज का अंकुरण कम होने के संबंध में शिकायत प्राप्त हुई है। जिला विदिशा में प्राप्त शिकायत की जांच में कृषकों द्वारा स्वयं का सोयाबीन बीज बोना पाया गया एवं जिला अशोकनगर में प्राप्त शिकायत की जांच में बीज निरीक्षक द्वारा विकासखण्ड मुंगावली में अवैध रूप से मक्का बीज विक्रयकर्ता एवं संबंधित बीज उत्पादक कंपनी पर एफ.आई.आर. दर्ज कराई गई है। प्रदेश में खरीफ 2025 में 12041 बीजों के कुल सेम्पल लिये गये, जिसमें से बीज परीक्षण परिणाम अनुसार 952 सेम्पल अर्थात 7.9 प्रतिशत अमानक पाये गये। शेष जिलों में घटिया/अमानक धान एवं बीज किसानों को प्रदाय किये जाने की शिकायतें प्राप्त होना प्रतिवेदित नहीं है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) जिला अशोकनगर में दिनांक 01.07.2025 को बीज निरीक्षक विकासखण्ड मुंगावली द्वारा थाना पिपरई विकासखण्ड मुंगावली में मक्का बीज का अवैध रूप से बीज विक्रय किये जाने पर रहीश खान तथा बीज उत्पादक कंपनी बायर क्रॉप्स साइंस लिमि. ठाणे महाराष्ट्र के विरूद्ध एफ.आई.आर. दर्ज कराई गई है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। एफ.आई.आर. उपरांत कंपनी द्वारा आवेदन के माध्यम से अवगत कराया गया कि उक्त बीज उनकी कंपनी का नहीं है एवं उनके ब्राण्ड का दुरूपयोग किया गया है। वर्तमान में प्रकरण पुलिस की जांच में है, जिससे शेष प्रश्न उद्भूत नहीं होता है। (ग) जी नहीं, प्रकरण में आगामी कार्यवाही वैधानिक निर्णय के अधीन है।
ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के सहायक यंत्रियों की जानकारी
[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]
131. ( क्र. 3478 ) श्री सुरेन्द्र सिंह हनी बघेल : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के सहायक यांत्रियों को प्रभारी कार्यपालन यंत्री बनाया गया है? (ख) यदि हाँ, तो ऐसे कितने सहायक यंत्री हैं जिनकी विभागीय जांच प्रचलन में रहते हुए प्रभारी कार्यपालन यंत्री बनाया गया है? नाम सहित बतावें। (ग) क्या विभागीय जांच प्रचलन में रहते हुए सहायक यंत्री को प्रभारी कार्यपालन यंत्री बनाया जा सकता है? यदि हाँ, तो नियम बतावें। यदि नहीं, तो ऐसे प्रभारी कार्यपालन यंत्रियों को कब तक हटाया जावेगा? समय-सीमा बतावें।
पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) जी हाँ। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) विभागीय जांच प्रचलन में रहते हुए प्रभार न सौंपने संबंधी बंधनकारी नियम न होने के कारण सहायक यंत्री को प्रभारी कार्यपालन यंत्री बनाया जा सकता है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।