मध्यप्रदेश विधान सभा
प्रश्नोत्तर-सूची
फरवरी-मार्च, 2026 सत्र
गुरुवार, दिनांक 05 मार्च, 2026
भाग-1
तारांकित
प्रश्नोत्तर
आंगनवाड़ी
कार्यकर्ताओं
की भर्ती में
अनियमितताएं
[महिला एवं बाल विकास]
1. ( *क्र. 2237 ) श्रीमती सेना महेश पटेल : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या अलीराजपुर जिले में वर्ष 2024-25 से प्रश्न दिनांक तक आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका के पद पर भर्तियां हुई हैं? यदि हुई है तो जिले में किस-किस ब्लॉक, किस गांव, फलिया में अब तक कितने पदों पर भर्तियां हुईं हैं? कहाँ-कहाँ अनियमितताओं की शिकायतें सामने आई हैं तथा इनकी जाँच कब-कब कराई गई? (ख) क्या जिस फलिया या मोहल्ले की निवासी आवेदिका थी, उसका चयन उसी फलिया में न कराकर दूसरे फलिया में कर दिया गया, जिससे मेरिट सूची में क्रम संख्या 3 या 4 पर आने वाली आवेदिका का चयन सुनिश्चित किया गया है? (ग) क्या नियमों के विरुद्ध विवाह उपरांत अन्य गाँव में निवास कर रही महिलाओं का चयन किया गया, जबकि वास्तविक रूप से पात्र स्थानीय महिलाओं को चयन से वंचित रखा गया? (घ) जिले में वर्तमान में कितने आंगनवाड़ी भवन जर्जर अवस्था में हैं, उन्हें कब तक तोड़ा जायेगा, जर्जर भवनों के स्थान पर नए भवन निर्माण हेतु प्राप्त प्रस्तावों को स्वीकृति अब तक क्यों नहीं दी गई है तथा उन्हें कब तक स्वीकृति प्रदान की जायेगी?
महिला एवं बाल विकास मंत्री ( सुश्री निर्मला भूरिया ) : (क) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। नियुक्ति में अनियमितता संबंधी शिकायत निरंक होने से शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) जी नहीं। शासन के भर्ती नियमानुसार नियुक्ति की कार्यवाही की गई। शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी नहीं, नियुक्ति संबंधी चयन पोर्टल पर प्रावधान अनुसार शिकायतकर्ताओं द्वारा जिन आवेदिकाओं के विरूद्ध विवाह संबंधी दावा/आपत्ति दर्ज कराई गई थी, उनकी जांच कर जिला स्तरीय दावा/आपत्ति निराकरण समिति द्वारा निराकरण किया गया। (घ) वर्तमान में जिले में 160 आंगनवाड़ी भवन जर्जर अवस्था में थे, जिनकी डिस्मेंटल की कार्यवाही की गई। डिस्मेंटल भवनों के नवीन भवन निर्माण की स्वीकृति, वित्तीय संसाधनों एवं भूमि की उपलब्धता पर निर्भर है। समय-सीमा दिया जाना संभव नहीं है।
अशोकनगर में संचालित छात्रावासों में अनियमितताएं
[जनजातीय कार्य]
2. ( *क्र. 3186 ) श्री जगन्नाथ सिंह रघुवंशी : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला अशोकनगर में आदिम जाति कल्याण विभाग द्वारा कितने छात्रावास संचालित किये जा रहे हैं और इनके अधीक्षक किस दिनांक से पदस्थ हैं? सारणीवार जानकारी देवें। (ख) प्रश्नांश (क) के छात्रावासों में कितने छात्र दर्ज हैं? वर्ष अप्रैल 2023 से सभी के नाम व अध्ययनरत विद्यालय व महाविद्यालय का नाम वर्षवार व सारणीवार देवें। साथ ही अध्ययनरत विद्यालय व महाविद्यालय की उपस्थिति पंजी की छायाप्रति भी देवें। (ग) वर्ष अप्रैल 2023 से प्रश्न दिनांक तक छात्रावासों में दर्ज छात्रों को किसी भी योजना में कितनी राशि भुगतान की गई है? नामवार भुगतान राशि की जानकारी देवें एवं कितनी राशि अधीक्षक को छात्रावास संचालन हेतु दी गई है? माहवार सूची देवें तथा अधीक्षक द्वारा व्यय की गई समस्त राशि के व्यय-व्हाउचरों की छायाप्रति देवें।
जनजातीय कार्य मंत्री ( डॉ. कुंवर विजय शाह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'अ' अनुसार है। (ख) दर्ज छात्र संख्या की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'अ' अनुसार है। विद्यार्थियों की नामवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'ब' अनुसार है, उपस्थिति पंजी की छायाप्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'स' अनुसार है। (ग) छात्रावासों में दर्ज विद्यार्थियों को शिष्यवृत्ति राशि का 10 प्रतिशत भुगतान किया गया है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'ड.' अनुसार है। अधीक्षकों को छात्रावास संचालन हेतु प्रदाय राशि की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'द' अनुसार है। अधीक्षकों द्वारा व्यय राशि के व्हाउचरों की छायाप्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'इ' अनुसार है।
बड़वानी जिले में विभागीय निर्माण कार्य
[जनजातीय कार्य]
3. ( *क्र. 1663 ) श्री राजन मण्डलोई : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विभाग में जिला स्तर पर अनुसूचित जनजाति बस्ती विकास एवं विद्युतीकरण योजना, अनुच्छेद 275 (1) के अंतर्गत परियोजनाएं तथा आदिवासी उपयोजना विशेष केन्द्रीय सहायता के अंतर्गत परियोजनाओं को प्राप्त आवंटन की राशि में से बड़वानी जिले में अनुसूचित जनजाति वार्ड/ग्राम में व्यय करने के संबंध में क्या दिशा-निर्देश हैं? नियमों की छायाप्रतियां देवें। (ख) प्रश्नांश (क) अंतर्गत उक्त आवंटन को कार्यवार स्वीकृत करने हेतु क्या कोई समिति गठित है? यदि हाँ, तो समिति सदस्यों के नाम, पद एवं वर्ष 2022-23 से प्रश्न दिनांक तक कब-कब बैठकें हुईं? उन समस्त बैठकों का कार्यवाही का विवरण देवें। (ग) उक्त परियोजनाओं के प्राप्त आवंटन पत्रों तथा प्रत्येक कार्य की अनुमोदन, निर्माण एजेंसी तथा उपयोगिता प्रमाण पत्र की छायाप्रतियां देवें। (घ) वर्ष 2022-23 से प्रश्न दिनांक तक बड़वानी जिले में अनुसूचित जनजाति बस्ती विकास योजना में कितनी राशि प्राप्त हुई? उक्त प्राप्त राशि से कार्य स्वीकृति हेतु किन-किन जनप्रतिनिधियों द्वारा प्रस्ताव पत्र प्रस्तुत किये गये थे? पत्रों की छायाप्रतियां देवें। प्राप्त प्रस्ताव में अनुमोदित/स्वीकृत कार्य के नाम तथा जनप्रतिनिधि के नाम सहित जानकारी उपलब्ध करावें। (ड.) उपरोक्तानुसार क्या कार्यों की स्वीकृति में भेदभावपूर्ण नीति अपनाकर भारतीय संविधान अनुच्छेद 14 का उल्लंघन किया गया है? यदि हाँ, तो इसके लिये उत्तरदायी कौन-कौन है और उनके विरूद्ध क्या-क्या कार्यवाही की जायेगी?
जनजातीय कार्य मंत्री ( डॉ. कुंवर विजय शाह ) : (क) मध्यप्रदेश अनुसूचित जनजाति बस्ती विकास एवं विद्युतीकरण योजना नियम-2018 एवं अनुच्छेद 275 (1) के दिशा-निर्देश पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'अ' अनुसार है। विशेष केन्द्रीय सहायता योजना बन्द हो गई है। (ख) अनुसूचित जनजाति बस्ती विकास एवं विद्युतीकरण योजना एवं संविधान के अनुच्छेद 275 (1) योजना अंतर्गत गठित समिति की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'ब' अनुसार है। वर्ष 2022-23 से प्रश्न दिनांक तक अनुसूचित जनजाति बस्ती विकास एवं विद्युतीकरण योजना अंतर्गत समिति की बैठक एवं बैठक/अनुमोदन का कार्यवाही विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'स' अनुसार है। वर्ष 2022-23 से प्रश्न दिनांक तक संविधान के अनुच्छेद 275 (1) योजना अंतर्गत परियोजना सलाहकार मण्डल बड़वानी की बैठक दिनांक 19.04.2023 को एवं परियोजना सलाहकार मण्डल सेंधवा की बैठक दिनांक 30.04.2023 को सम्पन्न हुई है। (कार्यवाही विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'ब' अनुसार है।) (ग) अनुसूचित जनजाति बस्ती विकास एवं विद्युतीकरण योजना, संविधान के अनुच्छेद 275 (1) योजना अंतर्गत प्राप्त आवंटन पत्रों, कार्य के अनुमोदन एवं उपयोगिता प्रमाण-पत्र की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'स' अनुसार है। (घ) वर्ष 2022-23 से प्रश्न दिनांक तक बड़वानी जिलें में अनुसूचित जनजाति बस्ती विकास योजना प्राप्त आवंटन एवं प्राप्त राशि से कार्य स्वीकृति हेतु जनप्रतिनिधियों द्वारा प्रस्तुत प्रस्तावों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'द' अनुसार है। योजना अंतर्गत प्राप्त प्रस्तावों में अनुमोदित/स्वीकृत कार्य के नाम एवं जनप्रतिनिधियों के नाम सहित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'ई' अनुसार है। (ड.) जी नहीं। कार्यों की स्वीकृति एवं क्रियान्वयन संबंधित योजना संबंधी दिशा-निर्देशों अनुसार किया जाता है। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता है।
नवीन हैंड पंप की स्वीकृति
[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]
4. ( *क्र. 3254 ) श्री अमर सिंह यादव : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) राजगढ़ विधानसभा अंतर्गत ऐसे कितने ग्राम या मजरे टोले हैं, जिनमें मोहनपुरा परियोजना या गोरखपुरा परियोजना से ग्रामों में पानी नहीं पहुंच पाया है? पानी न पहुंचने के कारण सहित ग्रामों के नाम बतावें। (ख) क्या जिन ग्रामों में पानी नहीं पहुंच पाया है, उसमें ग्रामीणों को पीने के पानी के लिये हैंड पम्प लगाए गये हैं? यदि हाँ, तो ऐसे कितने ग्राम या मजरे टोले हैं, जहां पीने के पानी के लिये हैंड पम्प की आवश्यकता है, ग्राम या मजरा टोला के नाम सहित बतावें। (ग) जिन ग्रामों में नवीन हैंड पम्प की आवश्यकता है, उन ग्रामों में क्या नवीन हैंड पम्प स्वीकृत किये जायेंगे? यदि हाँ, तो कब तक और यदि नहीं, तो क्यों नहीं? कारण सहित बतावें। (घ) क्या कुछ ग्राम की आबादी ऐसी भी है, जिनमें मोहनपुरा परियोजना का पानी जाने के बाद भी पानी नहीं पहुंच पा रहा है? यदि हाँ, तो ऐसे कौन-कौन से ग्राम हैं, उनमें कब तक पानी दिया जायेगा?
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( श्रीमती संपतिया उइके ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी हाँ, वर्तमान में मापदंडानुसार हैंडपंप स्थापित हैं, शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) ग्राम की जनसंख्या एवं प्रति व्यक्ति जल प्रदाय के मापदंड से आवश्यकतानुसार कार्यवाही की जा सकेगी। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है।
जर्जर, खण्डहर खस्ताहाल छात्रावास
[जनजातीय कार्य]
5. ( *क्र. 386 ) श्री लखन घनघोरिया : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग, जिला जबलपुर में कहां-कहां पर कौन-कौन से संचालित बालक-बालिका छात्रावासों में अधीक्षक के पद पर कब से कौन-कौन पदस्थ हैं? इनका मूल पद व पद स्थापना कब से कहां-कहां पर हैं? किन-किन छात्रावासों में पद व नियम विरुद्ध कब से कौन-कौन किस पद पर पदस्थ हैं? किन-किन छात्रावास अधीक्षकों के पास एक से अधिक किन-किन छात्रावासों के अधीक्षक पद से अतिरिक्त प्रभार में कब से पदस्थ हैं एवं क्यों? सूची दें। (ख) प्रश्नांकित किन-किन संचालित छात्रावासों में एस.सी. एवं एस.टी. वर्ग के कितने-कितने छात्र-छात्राएं संयुक्त रूप से निवासरत हैं एवं क्यों? किन-किन छात्रावासों में निर्धारित क्षमता से कितने-कितने अधिक छात्र/छात्राएं निवासरत हैं एवं क्यों? किन-किन छात्रावासों से कब से कौन-कौन अनधिकृत रूप से निवासरत हैं एवं क्यों? (ग) प्रश्नांश (क) में संचालित कौन-कौन से छात्रावास जर्जर खण्डहर बदहाल सुविधा एवं आवासहीन हो गये हैं? इनका कब से सुधार मरम्मत, पुनर्निर्माण नहीं कराया गया है एवं क्यों? किन-किन छात्रावासों में कितने-कितने छात्र/छात्राएं निवासरत हैं? वर्ष 2025-26 की स्थिति में पृथक-पृथक जानकारी दें। (घ) पोस्ट मैट्रिक बालक आदिवासी छात्रावास अधारताल की वर्तमान में क्या स्थिति है? इसके नवीन भवन का प्रस्ताव शासन स्तर पर कब से लंबित है एवं क्यों? इसके लिये कब राशि का आवंटन कर निर्माण कराया जावेगा? शासकीय सीनियर प्री. मैट्रिक एस.सी./एस.टी. बालिका छात्रावास गंगानगर गढ़ा के कितने कमरों में केन्द्रीय विद्यालय गढ़ा कब से किसके आदेश से संचालित है एवं क्यों? इस संबंध में छात्रावास में निवासरत छात्राओं को हो रही असुविधाएं/निजता की समस्या की शिकायत के संबंध में जिला प्रशासन ने कब क्या कार्यवाही की है?
जनजातीय कार्य मंत्री ( डॉ. कुंवर विजय शाह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' अनुसार है। पद रिक्त होने से अधीक्षकों को एक से अधिक छात्रावास में अधीक्षक का प्रभार सौंपा गया है। (ख) छात्रावास में एस.सी. एवं एस.टी. वर्ग के छात्र-छात्राएं संयुक्त रूप से निवासरत नहीं है। छात्रावासों में निर्धारित क्षमता से अधिक छात्र/छात्रा निवासरत नहीं है और किसी छात्रावास में कोई छात्र अनधिकृत रूप से निवासरत नहीं है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''ब'' अनुसार है। छात्रावासों में सुधार एवं मरम्मत कार्य आवश्यकता एवं बजट उपलब्ध अनुसार कराये जाते हैं। (घ) 50 सीटर महाविद्यालयीन जनजातीय बालक छात्रावास अधारताल जबलपुर में संचालित हैं, जिसमें 50 छात्र 12 कमरों में निवासरत हैं। मध्यप्रदेश शासन जनजातीय कार्य विभाग के पत्र क्रमांक 396/2023/25-2, दिनांक 03.07.2024 द्वारा छात्रावास हेतु राशि रूपये 1191.22 लाख की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदाय की जा कर दिनांक 08-10-2025 को मध्यप्रदेश भवन विकास निगम को क्रियान्वयन एजेंसी बनाया गया है। अत: शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। मध्य प्रदेश लोक निर्माण विभाग (MP PWD) मैन्युअल 1983 (यथा संशोधित) अनुसार कार्यादेश जारी होने के उपरांत निर्माण कार्य 24 माह में पूर्ण कराये जाने का प्रावधान निहित है। शासकीय सीनियर प्री. मैट्रिक एस.सी./एस.टी. बालिका छात्रावास गंगानगर गढ़ा के एस.टी. छात्रावास के 05 एवं एस.सी. छात्रावास के 05 कमरों में अपर कलेक्टर जबलपुर के पत्र क्र./4107/व.लि/07, जबलपुर दिनांक 11 मई, 2007 के आदेश से नवीन स्वीकृत केन्द्रीय विद्यालय का भवन निर्माणाधीन होने से संचालन किया जा रहा है। उक्त संस्था को रिक्त किये जाने हेतु पत्र क्र./10984/स्था./आ.वि./2014, जबलपुर दिनांक 17.01.2014, पत्र क्र./1137/छात्रा.2024, जबलपुर दिनांक 10.09.2024, पत्र क्र./1267/छात्रा.2024, जबलपुर दिनांक 24.09.2024, पत्र क्र./2081/छात्रा.2024, जबलपुर दिनांक 26.12.2024 एवं पत्र क्र./2167/छात्रा.2025, जबलपुर दिनांक 10.12.2025 द्वारा सहायक आयुक्त, जनजातीय कार्य जबलपुर द्वारा प्राचार्य केन्द्रीय विद्यालय गंगानगर गढ़ा को लेख किया गया है, साथ ही छात्राओं की निजता की समस्या के समाधान हेतु अस्थाई पार्टीशन किया गया है।
भवन विहिन आंगनवाड़ी केन्द्र
[महिला एवं बाल विकास]
6. ( *क्र. 1801 ) श्री संजय उइके : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या बैहर विधानसभा क्षेत्र में संचालित आंगनवाड़ी केन्द्र भवन विहिन एवं मरम्मत योग्य हैं? (ख) यदि हाँ, तो किन-किन ग्रामों/टोले की कब से भवन विहिन हैं? किन-किन ग्रामों/टोले की मरम्मत योग्य कब से हैं? जानकारी दें। (ग) आंगनवाड़ी केन्द्र बच्चों के लिये स्वास्थ्य, पोषण और शिक्षा का केन्द्र है? भवन न होने एवं खस्ताहाल होने से बच्चों और महिलाओं पर गंभीर प्रभाव पड़ता है? अत: नवीन भवन एवं मरम्मत योग्य आंगनवाड़ी की स्वीकृति कब तक की जावेगी? समय-सीमा बतावें।
महिला एवं बाल विकास मंत्री ( सुश्री निर्मला भूरिया ) : (क) जी नहीं। बैहर विधानसभा क्षेत्र में संचालित 708 आंगनवाड़ी केन्द्रों में 569, विभागीय शासकीय भवन में 68, अन्य शासकीय 71 किराये के भवन में संचालित हैं। जी हाँ। विभागीय शासकीय भवनों में 264 भवन मरम्मत योग्य हैं। (ख) जानकारी पुस्तकालय में परिशिष्ट अनुसार है। (ग) जी हाँ। जी नहीं, विभागीय भवन न होने एवं खस्ताहाल होने से आंगनवाड़ी केन्द्रों का संचालन अन्य शासकीय अथवा किराये के भवनों में सुरक्षित स्थलों पर किया जाता है। नवीन आंगनवाड़ी भवनों की स्वीकृति स्थान की उपलब्धता एवं वित्तीय संसाधनों पर निर्भर करता है। मरम्मत हेतु राशि बजट अनुसार दिया जाता है। समय-सीमा दिया जाना संभव नहीं है।
प्रोटोकॉल का उल्लंघन
[जनजातीय कार्य]
7. ( *क्र. 2440 ) चौधरी सुजीत मेर सिंह : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विकासखंड बिछुआ के ग्राम खमारपानी स्थित C.M. Rise School में वर्ष 2023-24 एवं 2024-25 में कौन-कौन से शासकीय आयोजन जैसे साइकिल वितरण, सूर्य नमस्कार आदि किन-किन दिनांकों में आयोजित किये गये? (ख) क्या उपरोक्त शासकीय आयोजनों में स्थानीय विधायक को आमंत्रित किया गया? (ग) यदि नहीं, तो किस अधिकारी द्वारा एवं किन कारणों से प्रोटोकॉल का उल्लंघन किया गया? (घ) क्या शासन द्वारा जनप्रतिनिधियों को शासकीय आयोजनों में आमंत्रित किये जाने संबंधी दिशा-निर्देश जारी हैं? यदि हाँ, तो प्रति उपलब्ध कराई जावे। (ड.) प्रश्नांश (घ) वर्णित निर्देशों का पालन न करने वाले अधिकारियों पर क्या कार्यवाही की जावेगी?
जनजातीय कार्य मंत्री ( डॉ. कुंवर विजय शाह ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र 'अ' अनुसार है। (ख) विषय के संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा समय-समय पर जारी निर्देशों का पालन किया जाता है। (ग) प्रश्नांश (ख) के संदर्भ में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) जी हाँ। प्रति संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र 'ब' अनुसार है। (ड.) प्रश्नांश (ख) के संदर्भ में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
जल जीवन मिशन के तहत स्वीकृत योजनाएं
[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]
8. ( *क्र. 2597 ) श्री प्रदीप पटेल : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) वर्ष 2018 से दिसम्बर 2025 मध्य मऊगंज एवं रीवा जिलों के अंतर्गत जल जीवन मिशन के तहत ग्रामवार कितनी योजनाएं मैकेनिकल, सिविल मद से स्वीकृत की गईं? योजनावार जानकारी, स्वीकृति तिथि, स्वीकृत लागत कार्य का प्रकार, संविदाकार का नाम, अनुबंध की प्रमुख शर्तें क्या हैं? (ख) खंड (क) के संदर्भ में क्या संबंधित संविदाकारों ने अनुबंध की शर्तों का पालन किया? यदि नहीं, तो किन-किन मामलों में कार्यवाही की गई? वसूली की गई राशि का योजनावार विवरण क्या है? (ग) स्वीकृत योजनाओं में से कितनी योजनाएं पूर्ण एवं कितनी अपूर्ण हैं? जो योजनाएं पूर्ण बताई गई हैं, उनके पूर्णता प्रमाण-पत्र का विवरण दें? योजनाएं अपूर्ण हैं, तो उनके संबंध में क्या कार्यवाही की गई? किसी योजना के संबंध में शिकायतें लंबित हैं, तो जांच में देरी का कारण क्या है और जिम्मेदार कौन है? जिम्मेदार के विरुद्ध क्या कार्यवाही की गई? जल जीवन मिशन की योजनाओं की प्रगति/पूर्णता/भुगतान संबंधी जानकारी निर्धारित पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य था? जानकारी पोर्टल पर अपलोड नहीं की गई, तो इसके लिये जिम्मेदार अधिकारी/कर्मचारी कौन हैं? उनके विरुद्ध कार्यवाही की जायेगी? क्या असत्य अथवा भ्रामक जानकारी देने वाले अधिकारियों/कर्मचारियों के विरुद्ध दंडात्मक कार्यवाही की जायेगी?
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( श्रीमती संपतिया उइके ) : (क) एकल ग्राम नल-जल योजनाओं एवं समूह जल प्रदाय योजनाओं की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 01 एवं 02 अनुसार है। अनुबंध की प्रमुख शर्तों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 03 एवं 04 अनुसार है। (ख) जी हाँ। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) एकल ग्राम नल-जल योजनाओं के अंतर्गत पूर्ण एवं अपूर्ण योजनाओं, पूर्णता प्रमाण-पत्र तथा अपूर्ण योजनाओं के संबंध में की गई कार्यवाही की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 01 अनुसार है। समूह जल प्रदाय योजनाओं के अंतर्गत कोई भी योजना पूर्ण नहीं है, योजनाओं के कार्य प्रगतिरत हैं। वर्तमान में कोई शिकायत लंबित नहीं है, शिकायतों के संबंध में शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। जी हाँ, जल जीवन मिशन की योजनाओं की प्रगति/पूर्णता/भुगतान इत्यादि संबंधी जानकारी नियमित रूप से भारत सरकार के निर्धारित पोर्टल पर अपलोड कराई जा रही है, यह कार्य एक सतत् प्रक्रिया के अंतर्गत प्रचलित है, अत: शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
ग्राम एवं ग्राम पंचायत में बोर खनन
[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]
9. ( *क्र. 3174 ) इंजीनियर प्रदीप लारिया : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) नरयावली विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, सागर अंतर्गत उप संभाग क्रमांक-01, सागर एवं उप संभाग खुरई द्वारा वर्ष 2023-24, 2024-25 एवं 2025-26 से प्रश्न दिनांक तक कितने बोर खनन विभाग द्वारा स्वीकृत किये गये? स्वीकृत बोर खनन की जानकारी ग्रामवार/विकासखण्डवार देवें। (ख) प्रश्नांश (क) में स्वीकृत बोर खनन विभाग द्वारा किन-किन ग्रामों में किये गये? जानकारी देवें। बोर खनन पश्चात कितने बोर खनन में जल स्त्रोत पाया गया? जानकारी देवें तथा कितने बोर खनन असफल रहे? जानकारी देवें तथा प्रश्न दिनांक तक कितने बोर खनन हेतु शेष है? जानकारी देवें। (ग) क्या प्रश्नांश (ख) में वर्णित समस्त जल स्त्रोत/सफल बोर खनन में हैंडपम्प, थ्री फेस मोटर, सिंगल फेस मोटर स्थापित किये गये? ग्रामवार जानकारी देवें एवं शेष सफल बोर खनन में कब तक मोटर/हैंडपम्प स्थापित किये जायेंगे? जानकारी देवें। (घ) क्या विभाग द्वारा नवीन वर्ष में किन-किन ग्रामों में बोर खनन किये जाना है, इस हेतु प्रस्ताव/प्राक्कलन स्वीकृति हेतु तैयार किये गये हैं? जानकारी देवें तथा निर्वाचित जनप्रतिनिधि एवं ग्राम के प्रस्ताव द्वारा बोर खनन हेतु विभाग को प्राप्त हुए हैं? यदि हाँ, तो विभाग उन प्रस्तावों पर कार्यवाही करेगा? यदि हाँ, तो कब तक? जानकारी देवें।
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( श्रीमती संपतिया उइके ) : (क) से (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। नवीन हैंडपंपों के प्रस्तावों का विभाग में प्रचलित नीति के अनुसार परीक्षण कर आवश्यकता एवं पात्रता के आधार पर सक्षम स्तर से स्वीकृति प्राप्त की जाकर वित्तीय वर्ष के लिये जिले को आवंटित हैण्डपम्प कार्यों के लक्ष्य के अंतर्गत कार्य कराया जाना प्रावधानित है, कोई निश्चित तिथि बताया जाना संभव नहीं है।
नवीन हैंडपंप का खनन
[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]
10. ( *क्र. 3232 ) श्री मोहन सिंह राठौर : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) प्रदेश में नवीन हैंडपंप खनन के क्या दिशा/निर्देश हैं? नियम की प्रति उपलब्ध करावें। (ख) क्या ग्वालियर जिले की भितरवार विधानसभा क्षेत्र के विकास खण्ड का घाटीगांव पथरीला क्षेत्र होने एवं पेयजल के स्त्रोत नहीं होने से ग्रसित है? यदि हाँ, तो प्रशासन पेयजल की क्या व्यवस्था करता है? विवरण दें। (ग) क्या प्रश्नांश (ख) में उल्लेखित क्षेत्र में पेयजल की समस्या के निराकरण हेतु नवीन हैंडपंप खनन की विशेष कार्ययोजना बनाई जायेगी? यदि हाँ, तो कब तक? (घ) क्या भितरवार विधानसभा क्षेत्र में स्वीकृत ग्रामीण नल-जल योजनाएं अभी तक पूर्ण नहीं होने के कारण प्रश्नांश (ख) में उल्लेखित स्थिति निर्मित हुई है? यदि हाँ, तो क्या ऐसे स्थानों पर पेयजल हेतु प्रशासन तत्काल हैंडपंप खनन की स्वीकृति देगा? यदि हाँ, तो कब तक?
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( श्रीमती संपतिया उइके ) : (क) नवीन हैंडपंप खनन के संबंध में दिशा/निर्देश नियम की छायाप्रति संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी नहीं। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता। (ग) ग्रामों में निर्धारित मात्रा में पेयजल उपलब्ध कराने हेतु आवश्यकता होने पर नवीन हैण्डपम्प खनन हेतु कार्ययोजना बनाई जाती है। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता। (घ) जी नहीं। ग्रामों में निर्धारित मात्रा में पेयजल उपलब्ध कराने हेतु आवश्यकता होने पर नवीन हैण्डपम्प खनन कार्य स्वीकृत किये जाते हैं।
शासकीय उचित मूल्य दुकान द्वारा राशन घोटाला
[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण]
11. ( *क्र. 3285 ) श्री दिनेश गुर्जर : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या जिला अशोकनगर के डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी संस्था शासकीय उचित मूल्य की दुकान राशन घोटाला कर फर्जी दस्तावेज बनाकर फर्जी तरीके से चलाई जा रही थी तथा कलेक्टर द्वारा न्यायालयीन जांच कर दिनांक 18.01.2022, 22.02.2024 को एफ.आई.आर. दर्ज कराने के आदेश पारित किये हैं? कलेक्टर महोदय की जांच के बाद एफ.आई.आर. के आदेश होने के बाद एफ.आई.आर. दर्ज कराने वाले अधिकारी थाने पर क्यों नहीं जा रहे हैं? क्या थाना प्रभारी को कलेक्टर महोदय की जांच के बाद पुनः जांच करने का अधिकार है? यदि थाना प्रभारी एफ.आई.आर. दर्ज करने में विलंब कर रहे हैं तब खाद्य अधिकारी ने थाना प्रभारी के विरुद्ध कार्यवाही क्यों नहीं की है? एफ.आई.आर. कब तक होगी बतायें। दिनांक 13.5.2025 को A.D.J. महोदय ने भी दिनांक 18.1.2022 के आदेश पत्र की पुष्टि की है तथा I.G. महोदय ने भी F.I.R. के लिये लिखा है? (ख) अंबेडकर थोक भण्डार अशोकनगर गांधी महिला उप भण्डार पर स्वयं कलेक्टर महोदय ने जांच कर दिनांक 12.02.2024 को एफ.आई.आर. दर्ज के आदेश प्रबंधक नागरिक आपूर्ति निगम अशोकनगर को दिये है? डेढ़ साल से एफ.आई.आर. दर्ज कराने सत्यापित दस्तावेज लेकर कोतवाली पर क्यों नहीं जा रहे हैं? क्या थाना कोतवाली पर दिनांक 02.9.2025 को 145 सत्यापित दस्तावेज प्राप्त होने पर F.I.R. दर्ज हुई है? जानकारी दें।
खाद्य मंत्री ( श्री गोविन्द सिंह राजपूत ) : (क) डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी भंडार शा.उ.मू. दुकान राशन घोटाला कर संचालन नहीं कर रही थी। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी प्राथमिक उपभोक्ता भंडार मर्या. अशोकनगर के फर्जी एवं अवैध तरीके से निर्वाचन कराने के संबंध में शिकायत आयुक्त, ग्वालियर संभाग को प्राप्त हुई थी। संस्था के फर्जी एवं अपात्र संचालक मंडल के प्रकरण में एफ.आई.आर. दर्ज कराने के लिये कलेक्टर खाद्य शाखा, जिला अशोकनगर के कार्यालयीन पत्र क्रमांक/15/खाद्य/2022, अशोकनगर दिनांक 18.01.2022, स्मरण पत्र क्रमांक/2023/1528, अशोकनगर दिनांक 30.10.2023, स्मरण पत्र क्रमांक/खाद्य/2024/69, अशोकनगर दिनांक 22.02.2024 एवं पत्र क्रमांक/विधानसभा/2025/596, अशोकनगर दिनांक 16.07.2025 द्वारा थाना प्रभारी थाना अशोकनगर को लेख कर थाने में पत्र प्रेषित किये गये हैं। थाना प्रभारी थाना कोतवाली, जिला अशोकनगर द्वारा उक्त के संबंध में पत्र क्रमांक 1793/2025, दिनांक 18.07.2025, पत्र क्रमांक 5190, दिनांक 16.09.2024, पत्र क्रमांक 290 A/22, दिनांक 17.02.2022 द्वारा जिला कलेक्टर (खाद्य शाखा) जिला अशोकनगर कार्यालय को पत्र प्रेषित किये गये हैं। थाना प्रभारी थाना कोतवाली द्वारा जिला कलेक्टर अशोकनगर को प्रेषित पत्र क्रमांक 5190, दिनांक 16.09.2024 अनुसार ''प्रकरण में कोई संज्ञेय अपराध नहीं बनता है एवं प्रकरण में यदि कोई नवीन साक्ष्य अथवा दस्तावेज प्राप्त हुये हों, जिससे की संज्ञेय अपराध बनता हो तो उक्त दस्तावेज एवं साक्ष्य उपलब्ध करवाने का लेख किया गया है।'' शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता है। कलेक्टर खाद्य शाखा अशोकनगर कार्यालय में इस प्रकरण के संबंध में माननीय न्यायालय A.D.J. एवं I.G. (पुलिस) के कोई निर्देश प्राप्त नहीं हुये हैं। (ख) कलेक्टर जिला अशोकनगर के पत्र क्रमांक 54, दिनांक 12.02.2024 के द्वारा अंबेडकर थोक भण्डार अशोकनगर, गांधी महिला उप भण्डार पर कार्यवाही करने के संबंध में जिला प्रबंधक, नागरिक आपूर्ति निगम, जिला अशोकनगर को निर्देश दिये गये थे। तत्संबंध में जिला प्रबंधक, नागरिक आपूर्ति निगम, जिला अशोकनगर द्वारा थाना प्रभारी कोतवाली अशोकनगर को दिनांक 16.02.2024, 04.03.2024, 29.07.2025, 02.09.2025 एवं एस.डी.ओ.पी. अशोकनगर को दिनांक 30.07.2025 आपराधिक प्रकरण दर्ज करने/कार्यवाही हेतु पत्र जारी किये गये हैं। दिनांक 20.05.2024 को थाना प्रभारी कोतवाली जिला अशोकनगर द्वारा पत्र क्र. 1758/2024 के माध्यम से लेख किया गया है कि ''पूर्व में वरिष्ठ सहकारी निरीक्षक अशोकनगर द्वारा जुटाए गये साक्ष्यों के अतिरिक्त नवीन कोई साक्ष्य प्रकट/प्राप्त नहीं हुए हैं, उपरोक्त भुगतान विधिवत व विभागीय प्रक्रिया अनुसार ही होना पाया गया है। इस प्रकार पूर्ण जाँच में डॉ. अम्बेडकर जिला थोक उप भंडार मर्यादित अशोकनगर एवं गाँधी महिला प्राथमिक उप सह भंडार अशोकनगर द्वारा कोई संज्ञेय अपराध कारित किया जाना नहीं पाया गया है, इस प्रकार उपरोक्त संस्थाओं के विरूद्ध बिना सुसंगत साक्ष्य एवं दस्तावेज नहीं पाये जाने से आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध किया जाना संभव नहीं है। दिनांक 19.02.2026 को थाना प्रभारी कोतवाली जिला अशोकनगर द्वारा पुन: लेख किया गया है कि डॉ. अम्बेडकर जिला थोक उप भंडार मर्यादित अशोकनगर एवं गाँधी महिला प्राथमिक उप सह भंडार अशोकनगर उपरोक्त संस्थाओं के विरुद्ध बिना सुसंगत साक्ष्य एवं दस्तावेज नहीं पाये जाने से आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध किया जाना संभव नहीं होना पाया गया है।
पेयजल योजनाएं
[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]
12. ( *क्र. 3159 ) डॉ. राजेन्द्र पाण्डेय : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या शासन/विभाग द्वारा आमजन को स्वच्छ पेयजल वितरण हेतु केंद्र/राज्य प्रवर्तित विभिन्न योजनाओं के माध्यम से रतलाम जिला अंतर्गत 2020-21 से लेकर प्रश्न दिनांक तक नल-जल योजना कार्य किये गये? (ख) यदि हाँ, तो जिला अंतर्गत किन-किन कार्यों को किस-किस स्थान पर कितना-कितना बजट स्वीकृत किया जाकर, उस पर कितना-कितना व्यय किन-किन कार्यों पर किया? विकासखंडवार जानकारी दें। (ग) जिला अंतर्गत उल्लेखित वर्षों में शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में किन-किन योजनाओं पर कितना कार्य पूर्ण होकर कितना कार्य अपूर्ण रहा, कितने कार्य अप्रारंभ रहे तो किन कारणों से? इस हेतु क्या कार्यवाही की गई? की गई कार्यवाही से अवगत कराएं। (घ) शासन/विभाग द्वारा नल-जल योजना के स्वीकृत किये गये कार्यों का पूर्णता के पश्चात भौतिक सत्यापन कर संबंधित एजेंसियों को हस्तांतरित कर दिया गया तथा कार्यों को किये जाने के दौरान लंबित कार्यों, गुणवत्ताविहीन कार्यों एवं निम्न सामग्रियों का उपयोग किये जाने की स्थिति में जांच कर क्या-क्या कार्यवाही की गई? की गई कार्यवाही की जानकारी दें।
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( श्रीमती संपतिया उइके ) : (क) जी हाँ। (ख) एकल ग्राम नल-जल योजनाओं की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-01 अनुसार है। समूह जल प्रदाय योजनान्तर्गत जिलावार/विकासखंडवार/स्थानवार बजट स्वीकृत नहीं होता है। समूह जल प्रदाय योजनान्तर्गत व्यय राशि की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-02 अनुसार है। (ग) शहरी क्षेत्रों में विभाग द्वारा कार्य नहीं किया जाता है, प्रश्नांश अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों की एकल ग्राम नल-जल योजना की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-01 अनुसार है। समूह जल प्रदाय योजना की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-02 अनुसार है। (घ) जी हाँ। कार्यों एवं सामग्री की गुणवत्ता विभागीय मापदण्ड अनुरूप होने पर ही मापांकन/भुगतान हेतु मान्य की जाती है, नल-जल योजनाओं के लंबित कार्यों की स्थिति में विभाग द्वारा जांच कर अनुबंध की शर्तों अनुसार संबंधित फर्म को ब्लैक लिस्ट किये जाने की कार्यवाही की गई है, जिसकी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-03 अनुसार है।
उचित मूल्य की दुकानों में राशन वितरण
[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण]
13. ( *क्र. 1174 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या जिला जबलपुर के अंतर्गत शासकीय उचित मूल्य की दुकानों में गत 2-3 माह से अधिकांश उपभोक्ताओं को राशन वितरण नहीं हुआ है? (ख) प्रश्नांश (क) के अंतर्गत क्या विभाग द्वारा शिकायतों की जांच की गई है? (ग) यदि हाँ, तो गत 1 वर्ष में कहां-कहां जांच की गई है? सूची सहित दुकानों की जानकारी देवें। (घ) क्या शिकायतों की पुष्टि के पश्चात कार्यवाही की गई है? यदि हाँ, तो क्या कार्यवाही की गई?
खाद्य मंत्री ( श्री गोविन्द सिंह राजपूत ) : (क) जी नहीं, जबलपुर जिले में शासकीय उचित मूल्य दुकानों पर राशन लेने आने वाले सभी उपभोक्ताओं को राशन वितरण किया गया है। विगत 3 माह में जबलपुर जिले में माह नवम्बर, 2025 में 95.43%, दिसम्बर, 2025 में 95.7% एवं माह जनवरी, 2026 में 95.74% परिवारों को राशन वितरण किया गया है। (ख) विभागांतर्गत प्राप्त शिकायतों की जांच जबलपुर जिले के अमले द्वारा की गई है। (ग) गत वर्ष में की गई शासकीय उचित मूल्य दुकानों की जाँच की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (घ) शिकायत की पुष्टि पश्चात की गई कार्यवाही की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है।
आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का प्रशिक्षण
[महिला एवं बाल विकास]
14. ( *क्र. 1675 ) श्री राजेश कुमार वर्मा : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या जिला कार्यक्रम अधिकारी पन्ना, जिला पन्ना द्वारा ''पोषण भी पढ़ाई भी'' कार्यक्रम के तहत वित्तीय वर्ष 2025-2026 में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किये गये हैं? यदि हाँ, तो विधानसभा गुनौर में प्रशिक्षण हेतु कितना बजट प्रदान किया गया है? (ख) प्रश्न ''क'' से संबंधित कार्यक्रम अंतर्गत आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के प्रशिक्षण कार्यक्रम में खाना/नास्ता/चाय हेतु कितनी-कितनी राशि प्रति व्यक्ति के लिये प्रदाय की गई? खाना/नास्ता/चाय प्रदाय करने हेतु किस व्यक्ति या संस्था का चयन किया गया? व्यक्ति/संस्था के चयन करने का आधार क्या था? खाना/नास्ता/चाय के बिलों का भुगतान किन-किन खातों में किया गया? भुगतान संबंधी समस्त दस्तावेज उपलब्ध करावें। (ग) क्या प्रश्न ''क'' से संबंधित कार्यक्रम का भुगतान परियोजना अधिकारियों के बैंक खाते में किया गया है? यदि हाँ, तो क्यों? क्या यह वित्तीय अनियमिता की श्रेणी में नहीं आता है? इस अनियमितता के लिये विभाग क्या और कब तक कार्यवाही करेगा? (घ) क्या जिला कार्यक्रम अधिकारी, जिला पन्ना पर पॉक्सो एक्ट के अंतर्गत एफ.आई.आर. दर्ज की गई है? यदि हाँ, तो ऐसे अधिकारी को इतने महत्वपूर्ण पद से क्यों नहीं हटाया गया? क्या विभाग इस संबंध में कोई कार्रवाई करेंगे? यदि नहीं, तो क्यों? यदि हाँ, तो कब तक?
महिला एवं बाल विकास मंत्री ( सुश्री निर्मला भूरिया ) : (क) से (ग) जी नहीं, शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) पुलिस अधीक्षक जिला छतरपुर के पत्र क्रमांक पु.अ./छतर./वि.स.से./38/2026, दिनांक 20.2.2026 द्वारा कलेक्टर, जिला पन्ना को संबोधित पत्र में जिला कार्यक्रम अधिकारी जिला पन्ना को आरोपी बनाये जाने का उल्लेख किया गया है। इस संबंध में विभाग स्तर पर परीक्षण उपरांत नियमानुसार कार्यवाही की जावेगी। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
ग्रीष्मकाल में पेयजल की उपलब्धता
[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]
15. ( *क्र. 1438 ) श्री अरूण भीमावद : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या जिला शाजापुर में वर्षाकाल में वर्षा आकलन से कम हुई है? यदि हाँ, तो ग्रीष्मकाल में आमजनों के लिये पेयजल हेतु क्या कार्य योजना है? (ख) अत्यंत अल्प वर्षा होने के कारण शाजापुर एवं मोमन बडोदिया तहसील सूखा ग्रस्त घोषित की गई है? यदि हाँ, तो उक्त दोनों तहसीलों हेतु ग्रीष्मकाल में नलकूपों की खनन करने में वृद्धि की गई है? (ग) पेयजल संकट विधानसभा क्षेत्र 167 में अभी से होने लगा है, इसके लिये विभाग द्वारा क्या कार्य योजना है और कब से है?
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( श्रीमती संपतिया उइके ) : (क) जी हाँ। जिला शाजापुर में सामान्य वर्षा 990-10 मि.मी. के स्थान पर 587-20 मि.मी. वर्षा हुई है। ग्रीष्मकाल में ग्रामों में स्थापित नल-जल योजना एवं हैण्डपम्प के माध्यम से ग्रामीणजनों के लिये पेयजल व्यवस्था की जाती है। ग्रीष्मकाल हेतु कार्य-योजना बनाई गई है, उपलब्ध वित्तीय संसाधनों के अनुसार कार्य-योजना का क्रियान्वयन किया जाना प्रावधानित है। (ख) जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) विधानसभा क्षेत्र 167 के 208 ग्रामों में से लगभग 82 ग्राम पेयजल समस्या ग्रस्त होने की संभावना है, जिसकी कार्य-योजना तैयार की गई है, उपलब्ध वित्तीय संसाधनों के अनुसार कार्य-योजना का क्रियान्वयन किया जाना प्रावधानित है।
जल जीवन मिशन योजना
[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]
16. ( *क्र. 3344 ) श्री सुदेश राय : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) जिला सीहोर के विधानसभा क्षेत्र सीहोर को विभाग से वर्ष 2019 से वर्तमान तक जल जीवन मिशन योजनान्तर्गत कितने ग्राम में कार्य पूर्ण हो चुका है? सूची उपलब्ध करावें। (ख) यदि कार्य पूर्ण हो चुका है तो जिन ग्रामों में सी.सी. मार्ग को खोदकर पाइप-लाइन डाली थी, तो ऐसे कितने ग्राम हैं, जहां सी.सी. मार्ग मरम्मत का कार्य पूर्ण हो चुका है तथा ऐसे कितने ग्राम हैं, जहां मरम्मत कार्य नहीं किया गया है? यदि नहीं, तो क्यों नहीं तथा कब तक मरम्मत का कार्य पूर्ण करा दिया जायेगा? ग्रामों की सूची उपलब्ध करावें।
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( श्रीमती संपतिया उइके ) : (क) 47, एकल ग्राम नल-जल योजनाओं का कार्य पूर्ण है, आष्टा-रानीपुरा समूह जल प्रदाय योजना अंतर्गत 160 ग्रामों का कार्य प्रगतिरत है, पूर्ण ग्रामों की सूची संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) उत्तरांश 'क' अनुसार सभी पूर्ण ग्रामों में सी.सी. मार्ग की मरम्मत का कार्य पूर्ण किया जा चुका है, शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
बाल विवाह के प्रकरणों पर कार्यवाही
[महिला एवं बाल विकास]
17. ( *क्र. 3335 ) श्री आतिफ आरिफ अकील : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) प्रदेश में बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के प्रावधानों के अन्तर्गत माह मार्च 2020 से माह नवम्बर 2025 तक की अवधि में बाल विवाह करने के कितने प्रकरणों में कार्यवाही की गई? (ख) उक्त अवधि में बाल विवाह को रोकने के लिये किस-किस कार्यों पर कुल कितनी राशि व्यय की गई? (ग) क्या प्रश्नांश (क) एवं (ख) के परिप्रेक्ष्य में उक्त अवधि में 2916 बाल विवाह हुए एवं 1200 से ज्यादा नाबालिग मां बनी हैं, जैसा कि विधान सभा प्रश्न क्र. 1474, उत्तर दिनांक 02.12.2025 के लिखित उत्तर में विभाग द्वारा जानकारी दी गई थी? (घ) उक्त 2916 बाल विवाह किये जाने के मामले में कितने-कितने मामले सामूहिक विवाह सम्मेलन के जिन्हें कन्यादान योजना के तहत विवाह हेतु आर्थिक सहायता एवं उम्र का सत्यापन किये जाने के बाद बाल विवाह किये जाने पर किन-किन के विरूद्ध क्या-क्या कार्यवाही की गई? जानकारी दें।
महिला एवं बाल विकास मंत्री ( सुश्री निर्मला भूरिया ) : (क) प्रदेश में बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के प्रावधानों के अंतर्गत माह मार्च 2020 से माह नवंबर 2025 तक की अवधि में 2916 बाल विवाह प्रकरणों को रोके जाने की कार्यवाही की गई। (ख) उक्त अवधि में बाल विवाह को रोकने के लिये दीवार लेखन, पंपलेट, सार्वजनिक स्थानों पर स्टीकर चस्पा, जागरूकता कार्यक्रम एवं रैली, रंगोली एवं चित्रकला प्रतियोगिता, स्कूलों एवं महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं के साथ संवाद कार्यक्रम, निबंध प्रतियोगिता, शपथ, प्रोत्साहन राशि का वितरण, सामूहिक शपथ, छात्रावासों एवं पंचायत स्तर पर कार्यशाला, किशोरी समूह की बैठक, धर्मगुरू, संगोष्ठी, कार्यशाला, कठपुतली शो, जागरूकता शिविर, सोशल मीडिया, लाडोरथ एवं झांकी, नुक्कड़ नाटक, जागरूकता रथ, लघु फिल्म का निर्माण कर प्रचार प्रसार, हाट बाजारों में जागरूकता कार्यक्रम पर राशि रू. 2,74,60,039/- व्यय की गई। (ग) जी नहीं। जी नहीं। (घ) उत्तरांश ''ग'' के परिप्रेक्ष्य में। शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
लाड़ली बहना योजना की जानकारी
[महिला एवं बाल विकास]
18. ( *क्र. 3327 ) श्री राजेन्द्र भारती : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या लाड़ली बहना योजना अंतर्गत छूटी हुई पात्र बहनों के लिये विभाग द्वारा आवेदन प्राप्त पोर्टल खोलने के लिये कार्यवाही की जा रही है? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्यों? (ख) म.प्र. में लाड़ली बहना योजना कब से प्रारंभ हुई? योजना के प्रारंभ होने की तिथि सहित इसके प्रावधान एवं नियम/निर्देशों की प्रतियां उपलब्ध कराते हुये, योजना अंतर्गत कितनी महिलाओं के प्रथम बार पंजीयन किये गये थे तथा कितनी राशि उनके बैंक खातों में प्रथम बार प्रदान की गई थी? कृपया समस्त जिलों की माहवार, वर्षवार, संख्या की जानकारी उपलब्ध करायें। (ग) क्या दतिया जिले में योजना प्रारंभ होने की तिथि से प्रश्न दिनांक तक बतायें कि क्या योजनांतर्गत प्रदान की जा रही प्रतिमाह राशि महिलाओं को कुछ माह देने के पश्चात रोक दी गई है? यदि हाँ, तो क्यों कारण सहित बताते हुये समस्त रोकी गई महिलाओं की राशि उक्त महिलाओं को प्रदान की जायेगी? यदि हाँ, तो कब तक? नहीं तो क्यों? (घ) क्या शासन योजना के नवीन पंजीयन प्रारंभ करेगा? यदि हाँ, तो कब तक और यदि नहीं, तो क्यों? कृपया कारण सहित बतायें।
महिला एवं बाल विकास मंत्री ( सुश्री निर्मला भूरिया ) : (क) वर्तमान में प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। अत: शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) प्रदेश में मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना मार्च 2023 से प्रारंभ हुई। योजना के नियम/निर्देशों की प्रतियों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 01 अनुसार है। 12443880 पंजीकृत पात्र महिलाओं को प्रथम बार राशि रुपये 1,20,37,45,600/- का भुगतान उनके बैंक खाते में किया गया। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 02 अनुसार है। (ग) जी नहीं, अत: शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) वर्तमान में प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। अत: शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
जल-जीवन मिशन को केन्द्र आवंटन व लंबित कार्य
[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]
19. ( *क्र. 2566 ) श्री बाला बच्चन : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) विभाग को जल-जीवन मिशन के अंतर्गत प्रश्न दिनांक की स्थिति में वर्ष 2023-24, 2024-25 एवं 2025-26 दिसंबर तक की कितनी राशि केंद्र सरकार से प्राप्त हुई व कितनी लंबित है? (ख) दिनांक 01.04.2024 से 20.01.2026 तक जल-जीवन मिशन से संबंधित केंद्र सरकार द्वारा हुए समस्त पत्राचार की प्रमाणित प्रति देवें। प्रश्न दिनांक की स्थिति में कितनी राशि के कार्य इसके अंतर्गत लंबित हैं? जिलावार, राशि सहित देवें। (ग) जल-जीवन मिशन के अंतर्गत प्रदेश में कितनी फर्म ब्लैक लिस्टेड की गई, की जानकारी जिलावार, फर्म नाम सहित देवें। इनसे राशि वसूलने वर्ष के लिये की गई कार्यवाही भी जिलावार देवें। (घ) लंबित कार्य के लिये उत्तरदायी अधिकारियों पर विभाग कब तक कार्यवाही करेगा? जिलावार बतावें। यह भी बतावें कि लंबित कार्य कब तक पूर्ण कर दिए जायेंगे?
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( श्रीमती संपतिया उइके ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। केन्द्रांश की लंबित राशि प्राप्त नहीं होने के कारण कोई कार्य लंबित नहीं रखे गये हैं, शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) कार्य में विलंब करने पर अनुबंध की शर्तों अनुसार ठेकेदारों पर कार्यवाही की जाती है, अंतिम देयक का निराकरण करते समय अनुबंधों के अंतर्गत ठेकेदारों से वसूली योग्य राशि की कटौती अंतिम देयक में समायोजन करके किया जाना प्रावधानित है। एकल ग्राम नल-जल योजनाओं के संदर्भ में जिलावार ब्लैक लिस्टेड ठेकेदारों से संबंधित शेष जानकारी विभागीय वेबसाइट के लिंक https://www.phed.mp.gov.in/en/Downloads पर उपलब्ध है तथा समूह जल प्रदाय योजनाओं के संबंध में जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-03 अनुसार है। (घ) योजना के कार्यों के लिये निविदा के माध्यम से चयनित एजेंसी से अनुबंध निष्पादित किया जाता है, अनुबंध में कार्य पूर्ण करने के लिये निर्धारित की गयी समयावधि में कार्य पूरा करने का उत्तरदायित्व संबंधित ठेकेदार का होता है, अतः अधिकारियों पर कार्यवाही का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। विभागीय अधिकारियों द्वारा ठेकेदार के माध्यम से लंबित कार्यों को यथाशीघ्र पूरा कराये जाने हेतु सतत् प्रयास किये जा रहे हैं, लंबित कार्य पूर्ण करने की कोई निश्चित तिथि बताया जाना संभव नहीं है।
फैक्ट्री संचालन से पेयजल का दूषित होना
[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]
20. ( *क्र. 2452 ) श्री विपीन जैन : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) नई फतेहगढ़ जिला मंदसौर स्थित पान स्टील फैक्ट्री संचालन से नई फतेहगढ़ और आसपास की बस्तियों के पेयजल पर पड़ रहे हानिकरक प्रभाव से निजात हेतु कलेक्टर महोदय, जिला मंदसौर को प्रश्नकर्ता द्वारा पत्र क्रमांक 501/मंदसौर, दिनांक 28.11.2024 के माध्यम से योग्य कार्यवाही हेतु आग्रह किया गया था? उक्त संबंध में अभी तक क्या कार्यवाही की गई है, की संपूर्ण कार्यवाही से अवगत करायें? (ख) उक्त फैक्ट्री संचालन से नई फतेहगढ़ और आसपास की बस्तियों का भूजल स्तर काफी खराब हो गया है, इस संबंध में उनके द्वारा कई बार प्रशासन को अवगत कराया गया है, बावजूद उसके आज दिनांक तक कोई कार्यवाही क्यों नहीं की गई है? कब तक रहवासियों की समस्या का समाधान कर दिया जायेगा?
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( श्रीमती संपतिया उइके ) : (क) प्रश्नांकित पत्र को संलग्न करते हुये जिला कलेक्टर कार्यालय, जिला मंदसौर द्वारा पत्र क्रमांक 615/दिनांक 05.12.2024 द्वारा जिला प्रबंधक, उद्योग विभाग जिला मंदसौर को लेख किया गया, पत्र की प्रतिलिपि पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। प्रश्नांश "क" एवं "ख" के संबंध में महाप्रबंधक जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र मंदसौर द्वारा जिला कलेक्टर मंदसौर को प्रेषित उत्तर की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ख) लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की प्रयोग शाला में नई फतेहगढ़ ग्राम के नल-जल योजना के कुएँ तथा ग्राम में स्थापित हैंडपंप के जल का परीक्षण किया गया था, रिपोर्ट की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है, उक्त रिपार्ट से भूजल स्तर का खराब होना परिलक्षित नहीं होता है। वर्तमान में ग्राम में ग्राम पंचायत द्वारा नल-जल योजना से जल प्रदाय किया जा रहा है, ग्राम में एक सार्वजनिक हैंडपंप भी पेयजल हेतु उपलब्ध है।
नल-जल योजना का क्रियान्वयन
[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]
21. ( *क्र. 3287 ) श्री सिद्धार्थ सुखलाल कुशवाहा : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) सतना विधानसभा अंतर्गत ग्राम पंचायत डगडीहा, फुटाँधी, रगौली के ग्राम पवैया में और ग्रामपंचायत पतौड़ा के लिलौरी अंतर्गत जल-जीवन मिशन के तहत हर घर नल-जल योजना से पानी सप्लाई क्यों बंद है? कारण स्पष्ट करें। क्या स्थानीय स्तर पर कई बार शिकायत फंड को पेयजल में लगाने के बाद भी उक्त ग्राम पंचायत के लोगों को पानी न मिलने की प्रदेश स्तरीय जांच कमेटी बनाकर जांच कराई जायेगी? यदि हाँ, तो कब तक में? यदि नहीं, तो क्यों? विभाग द्वारा नल-जल योजना में इतनी सरकारी राशि खर्च किये जाने के बाद भी पेयजल संकट के क्या कारण हैं? (ख) सतना विधानसभा अंतर्गत कितनी ग्राम पंचायतों में जल-जीवन मिशन के तहत हर घर नल-जल योजना संचालित है? क्या सभी का ग्राम पंचायतों में शत-प्रतिशत घरों में नल से जल सप्लाई/कनेक्शन है? यदि नहीं, तो क्यों? यदि हाँ, तो कितने घरों/लोगों के नाम नल-जल कनेक्शन हैं? (ग) P.H.E. विभाग सतना को पिछले 02 वित्तीय वर्षों में किस-किस मद से कितनी राशि आवंटित की गई है? मदवार जानकारी उपलब्ध करायें।
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( श्रीमती संपतिया उइके ) : (क) सतना विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत डगडीहा, फुटाँधी, रगौली के ग्राम पवैया तथा ग्राम पंचायत पतौंडा के लिलौरी अंतर्गत जल जीवन मिशन के तहत क्रियान्वित की गई एकल ग्राम नल-जल योजनाएं वर्तमान में आंशिक रूप से चालू हैं। इन योजनाओं को क्रियान्वयन एवं सफल टेस्टिंग उपरांत संबंधित ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित कर दिया गया था। इन योजनाओं के संचालन/संधारण का दायित्व संबंधित ग्राम पंचायतों का है। योजनाओं को चालू करने हेतु संबंधित ग्राम पंचायतों को तकनीकी स्वीकृति सहित प्राक्कलन उपलब्ध कराया गया है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ग) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है।
दिव्यांगजनों के लिये पेंशन में वृद्धि
[सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण]
22. ( *क्र. 2108 ) श्री विजय रेवनाथ चौरे : क्या सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या विभाग में दिव्यांगजनों को पेंशन की राशि में वृद्धि कर 1500 रुपये मासिक किये जाने संबंधी कोई कार्ययोजना प्रचलन में या विचाराधीन है? (ख) यदि प्रश्नांश (क) हाँ तो कब तक योजना लागू होगी? यदि विलंब है, तो कारण व समय-सीमा बताएं।
सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण मंत्री ( श्री नारायण सिंह कुशवाह ) : (क) जी हाँ। (ख) उत्तरांश (क) अनुसार। राज्य शासन द्वारा इस प्रकार की वृद्धि का निर्णय अपने सीमित वित्तीय संसाधनों के अंतर्गत लिया जाता है। अत: समय-सीमा बताई जाना संभव नहीं है।
ग्रामों में पेयजल की उपलब्धता
[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]
23. ( *क्र. 3171 ) श्री बाबू जन्डेल : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या विधानसभा क्षेत्र क्र. 01 श्योपुर के प्रत्येक गांव में पर्याप्त पेयजल उपलब्ध हो रहा है? अगर नहीं तो क्यों? कारण बतावें। (ख) प्रश्नकर्ता के विधानसभा क्षेत्र में हैंडपंपों/सिंगल फेस मोटर के खराब या विभाग के पास उपलब्ध नहीं होने के कारण ग्रामीणों को पेयजल नहीं मिल रहा है? अगर हाँ तो हैंडपंपों और मोटर पम्पों की उपलब्धता कब तक सुनिश्चित की जावेगी? (ग) विभाग के उपखण्ड श्योपुर में हैंडपंपों, मोटर पम्पों की पर्याप्त उपलब्धता है? अगर हाँ तो विगत एक वर्ष में कहां-कहां कितनी-कितनी मांग प्राप्त हुई है? कितनी अपूर्ण है? कितने हैण्डपम्प उत्खनन कहां-कहां किये गये एवं मोटर पम्प किसकी अनुशंसा पर कहां-कहां पर प्रदाय किये गये? सूची उपलब्ध करावें।
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( श्रीमती संपतिया उइके ) : (क) जी हाँ। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता। (ख) जी नहीं। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता। (ग) जी हाँ। शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है।
नल-जल योजना का संचालन
[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]
24. ( *क्र. 1563 ) श्री महेन्द्र केशरसिंह चौहान : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) बैतूल जिले की विधानसभा क्षेत्र भैंसदेही में नल-जल योजना के अंतर्गत किस-किस ग्रामों को लाभ मिलेगा? सूची उपलब्ध करावें। (ख) ऐसे कितने ग्राम हैं, जिन्हें योजना का लाभ नहीं मिलेगा? इन ग्रामों को लाभ नहीं मिलने का कारण बतावें? (ग) विधानसभा भैंसदेही में नल-जल योजना किस-किस ग्राम में पूर्ण हो चुकी है तथा किस-किस ग्राम में अपूर्ण है? सूची उपलब्ध करावें। (घ) योजनांतर्गत पूर्ण ग्रामों में ग्रामीणों को पेयजल मिल पा रहा है या नहीं? यदि नहीं, तो कारण बतावें? (ड.) योजनांतर्गत अपूर्ण ग्रामों में कार्य पूर्ण कब तक किया जायेगा? समय-सीमा बतावें तथा अपूर्णता का कारण बतावें? (च) कार्य समय-सीमा में पूर्ण नहीं किये जाने पर कौन जिम्मेदार है? जिम्मेदार व्यक्ति के विरुद्ध कोई कार्यवाही की गई है? यदि हाँ, तो क्या? यदि नहीं, तो क्यों?
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( श्रीमती संपतिया उइके ) : (क) बैतूल जिले की विधानसभा क्षेत्र भैंसदेही में एकल ग्राम नल-जल योजना अंतर्गत 308 ग्रामों को लाभ मिलेगा, सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 01 अनुसार है। समूह जल प्रदाय योजनाओं की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 02 अनुसार है। (ख) उत्तरांश (क) अनुसार सभी ग्रामों में योजना का लाभ मिलेगा, शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 01 एवं 02 अनुसार है। (घ) उत्तरांश (क) अनुसार योजनांतर्गत सभी पूर्ण आच्छादित ग्रामों में ग्रामीणों को पेयजल मिल रहा है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ड.) वर्तमान में अपूर्ण (प्रगतिरत) योजना वाले ग्रामों में यथाशीघ्र कार्य पूरे कराये जाने का प्रयास किया जा रहा है, शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 01 अनुसार है। इसके अतिरिक्त मेढ़ा समूह जल प्रदाय योजना का पूर्व अनुबंध निरस्त कर नवीन निविदा आमंत्रण की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। (च) कार्य हेतु ठेकेदार/एजेंसियों से किये गये अनुबंध के अंतर्गत संबंधित ठेकेदार/एजेंसी अनुबंध में कार्य पूर्ण करने के लिये दी गई समय-सीमा में कार्य पूरा कराने के लिये जिम्मेदार है, समय-सीमा में कार्य पूरा नहीं करने वाली ठेकेदार/एजेंसियों के विरूद्ध अनुबंध की शर्तों के प्रावधानों के अनुसार कार्यवाही की गई है तथा अंतिम देयकों के निराकरण के समय पुनर्परीक्षण उपरांत अनुबंध की शर्तों एवं प्रावधानों के अनुसार कार्यवाही की जाना प्रावधानित है। समूह जल प्रदाय योजनातंर्गत समय-सीमा में कार्य न करने के कारण अनुबंध निरस्त कर दिया गया है।
पिछड़ा वर्ग की अधिसूचित सूची से अन्य जातियों का विलोपन
[जनजातीय कार्य]
25. ( *क्र. 2041 ) श्री फूलसिंह बरैया : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या मार्च 2023 के बजट कालीन सत्र के अतरांकित प्रश्न क्रमांक 1121 के जबाव में तत्कालीन माननीय जनजातीय मंत्री महोदय द्वारा यह स्वीकार किया गया था कि तत्कालीन विंध्य प्रदेश की मूल/समाहित मांझी जनजाति धीमर, केवट, मल्ला, भोई है? (ख) क्या यदि कोई मूल/समाहित अनुसूचित जाति, जनजाति अधिसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग की सूची में अधिसूचित हो तो पिछड़ा वर्ग की सूची से विलोपित किये जाने का प्रावधान है या नहीं? (ग) प्रश्नांश (ख) यदि हाँ, तो तत्कालीन विंध्य प्रदेश की मूल/समाहित मांझी जनजाति धीमर, केवट, मल्लाह, भोई को अन्य पिछड़ा वर्ग की सूची क्रमांक 12 से विलोपित किये जाने की कार्यवाही कब तक की जायेगी? यदि नहीं, तो कारण बतायें।
जनजातीय कार्य मंत्री ( डॉ. कुंवर विजय शाह ) : (क) जी नहीं। (ख) भारत सरकार को अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं पिछड़ा वर्ग की सूची में संशोधन एवं परिवर्धन की अनन्य अधिकारिता है। (ग) भारत सरकार द्वारा मध्यप्रदेश राज्य के लिये जारी अनुसूचित जनजाति की अधिसूचित सूची में क्रमांक 29 पर ''माझी'' जाति अंकित है। मध्यप्रदेश शासन जनजातीय कार्य विभाग के पत्र क्रमांक एफ 7-4/2004/23-2/1091, दिनांक 29.08.2018 द्वारा धीमर/ढीमर/भोई/कहार/केवट/निषाद/मल्लाह जातियों को अनुसूचित जनजाति की अनुसूची की ''माझी'' जनजाति के समक्ष सम्मिलित करने एवं अधिसूचना जारी करने हेतु प्रस्ताव भारत सरकार, जनजातीय कार्य मंत्रालय को प्रेषित किया गया था। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'अ' अनुसार है। भारत सरकार जनजातीय कार्य मंत्रालय के पत्र क्रमांक F.NO. 12016/14/2001-C&LM, दिनांक 13 मार्च, 2020 द्वारा धीमर, कहार, भोई, केवट, मल्लाह, निषाद आदि को मध्यप्रदेश राज्य के लिये अधिसूचित अनुसूचित जनजातियों में मांझी जाति के पर्याय (सिनोनेम) के रूप में सम्मिलित करने का प्रस्ताव अमान्य किया गया है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'ब' अनुसार है। अत: धीमर, केवट, मल्लाह, भोई को अन्य पिछड़ा वर्ग की सूची क्रमांक 12 से विलोपित किये जाने का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
भाग-2
नियम
46 (2) के
अंतर्गत
अतारांकित प्रश्नोत्तर
के रुप में
परिवर्तित
तारांकित प्रश्नोत्तर
सहरिया, बैगा
एवं भारिया
समाज की बहनों
को लाड़ली
बहना योजना का
लाभ
[जनजातीय कार्य]
1. ( क्र. 7 ) श्री मुकेश मल्होत्रा : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या मध्यप्रदेश शासन द्वारा प्रदेश की सहरिया, बैगा एवं भारिया बहनों को छोड़कर अन्य सभी समाज की बहनों को लाड़ली बहना योजना की राशि प्रदाय की जा रही है? (ख) सहरिया, बैगा एवं भारिया बहनों को सिर्फ पोषण आहार अनुदान योजना जो विशेष पिछड़ी आदिम जाति पीवीटीजी जनजाति कार्य विभाग द्वारा संचालित योजना का लाभ दिया जा रहा है। महिला एवं बाल विकास विभाग की महत्वपूर्ण लाड़ली बहना योजना से सहरिया बैगा भारिया बहनों को वंचित रखा जा रहा है क्यों? कारण स्पष्ट करें? (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) सही है तो यह स्पष्ट करें कि सहरिया, बैगा एवं भारिया बहनों को लाड़ली बहना योजना का लाभ प्रशासन विभाग द्वारा कब तक दिया जाएगा, अवधि बताएं।
जनजातीय कार्य मंत्री ( डॉ. कुंवर विजय शाह ) : (क) मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना अन्तर्गत पंजीकृत पात्र समस्त लाभार्थी महिलाओं को योजना का लाभ दिया जा रहा है। (ख) मध्यप्रदेश शासन के आदेश क्रमांक 581/1134838/2023/50-2 दिनांक 01/03/2023 एवं आदेश क्रमांक 2177/WCD/8/24/0001/2025/50-2, दिनांक 11/11/2025 द्वारा जारी मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना अन्तर्गत अपात्रता की कण्डिका 4.4 अनुसार योजना अन्तर्गत ऐसी महिलाएं अपात्र होंगी, जो स्वयं भारत सरकार/राज्य सरकार की किसी भी योजना के अन्तर्गत प्रतिमाह राशि रूपये 1500/- या उससे अधिक की राशि प्राप्त कर रही है। इसके अनुक्रम में पोषण आहार अनुदान योजना की लाभार्थी महिलायें मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना से लाभ नहीं प्राप्त कर सकती हैं। (ग) वर्तमान में कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।
आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका की भर्ती में शैक्षणिक योग्यता
[महिला एवं बाल विकास]
2. ( क्र. 16 ) श्री मुकेश मल्होत्रा : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या जिला श्योपुर में विजयपुर विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 02 विजयपुर में पूर्व में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका की भर्ती में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के उम्मीदवारों की शैक्षणिक योग्यता केवल 8वीं एवं 10वीं पास ही रखी जाती थी, जिससे बहुत ऐसी महिलाएं जो योग्यता रखती थी उन्हें उसका लाभ मिल जाया करता था? (ख) क्या प्रश्नांश (क) वर्णित भर्ती में शैक्षणिक योग्यता पूर्व की भांति रखी जावेगी। जिससे अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति की गरीब महिलाओं को आंगनवाड़ी कार्यकर्ता व सहायिका में भर्ती होने का लाभ मिल सके? (ग) क्या प्रश्नांश (क) एवं (ख) अनुसार शासन कार्यवाही करेगा?
महिला एवं बाल विकास मंत्री ( सुश्री निर्मला भूरिया ) : (क) जी हाँ। (ख) भारत सरकार द्वारा निर्धारित योग्यता अनुसार कार्यवाही की गई है। अत: शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) उत्तरांश (ख) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
उचित मूल्य की दुकानों पर नियमित खाद्यान्न वितरण
[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण]
3. ( क्र. 27 ) श्री मुकेश मल्होत्रा : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) श्योपुर जिले में संचालित उचित मूल्यों की दुकानों पर नियमित खाद्यान्न सामाग्री का वितरण नहीं किया जा रहा है और विक्रेताओं द्वारा हर माह केवल खाद्यान्न कूपन एक या दो कूपन पर्ची हितग्राहियों को दे दी जाती है, इस प्रकार लगातार तीन-तीन माह में केवल एक या दो माह की सामग्री वितरण की जाती है शेष सामग्री का विक्रेता काला बाजारी करते है क्या वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा उचित मूल्यों की दुकानों का नियमित निरीक्षण नहीं किया जाता है? (ख) यदि प्रश्नांश (क) यदि हाँ तो अभी तक क्या कार्यवाही की गई और दोषी विक्रेताओं के विरुद्ध विभाग द्वारा क्या कार्यवाही की जाएगी? यदि नहीं, तो क्यों नहीं कारण बतावें?
खाद्य मंत्री ( श्री गोविन्द सिंह राजपूत ) : (क) श्योपुर जिले में संचालित उचित मूल्य दुकानों पर नियमित रूप से प्रतिमाह खाद्यान्न सामग्री का वितरण किया जा रहा है। जिला श्योपुर में विगत 3 माह में (नवम्बर 2025 90.71 प्रतिशत, दिसम्बर 2025 91.25 प्रतिशत एवं जनवरी 2026 91.67 प्रतिशत) इस प्रकार जिले में लगभग 91 प्रतिशत हितग्राहियों को पीओएस मशीन से बायोमेट्रिक सत्यापन उपरांत खाद्यान्न का वितरण किया जा रहा है। शासकीय उचित मूल्य दुकानों से हितग्राहियों को खाद्यान्न वितरण उपरान्त शेष मात्रा समायोजित कर AePDS पोर्टल पर दुकानों को आगामी माह का खाद्यान्न आवंटन प्राप्त होता है। जिले के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा उचित मूल्य दुकानों का समय-समय पर निरीक्षण किया जाता है। (ख) उत्तरांश (क) अनुसार शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता।
धान खरीदी प्रक्रिया में व्यापक स्तर पर भ्रष्टाचार
[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण]
4. ( क्र. 385 ) श्री लखन घनघोरिया : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या इस वर्ष जबलपुर जिले में धान खरीदी प्रक्रिया में व्यापक स्तर पर भ्रष्टाचार होने की शिकायतें प्राप्त हुई हैं? यदि हाँ, तो कौन-कौन सी शिकायत मिली है और उन पर क्या-क्या कार्यवाही की गई है? (ख) क्या उपायुक्त सहकारिता, जबलपुर द्वारा पत्र क्रमांक 1989, दिनांक 31-12-2025 को धान खरीदी प्रक्रिया में भ्रष्टाचार संबंधित प्रकरण में FIR दर्ज कराए जाने हेतु निर्देशित किया गया था? (ग) यदि हां, तो क्या कारण है कि उक्त पत्र जारी होने के बावजूद आज दिनांक तक FIR दर्ज नहीं की गई है? (घ) क्या जबलपुर जिले में धान खरीदी प्रक्रिया में व्यापक स्तर पर भ्रष्टाचार के मामले में तत्काल FIR दर्ज करके दोषी लोगों पर कार्यवाही की जायेगी?
खाद्य मंत्री ( श्री गोविन्द सिंह राजपूत ) : (क) इस वर्ष जबलपुर जिले में धान खरीदी प्रक्रिया में 01 शिकायत खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण, संचालनालय में दिनांक 10.02.2026 को प्राप्त हुई है, जिसकी जांच हेतु कलेक्टर जिला जबलपुर को पत्र प्रेषित किया गया है। (ख) उपायुक्त सहकारिता जिला जबलपुर के कार्यालयीन पत्र क्रमांक 1989 दिनांक 31/12/2025 के माध्यम से प्रशासक प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति मर्यादित सरौंद, शाखा प्रबंधक, जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित पाटन जिला जबलपुर को प्राथमिक कृषि सहकारी समिति सरौंद के धान उपार्जन केन्द्र उड़ना मेढ़ी में वर्ष 2014-15 में समिति द्वारा समर्थन मूल्य पर धान खरीदी में किसानों को अधिक भुगतान से संबंधित प्रकरण में FIR दर्ज कराये जाने हेतु निर्देशित किया गया था एवं दिनांक 20.02.2026 को पुन: स्मरण पत्र जारी कर इस समिति के कर्मचारियों के विरूद्ध प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराने हेतु लिखा गया है। (ग) पुलिस अधीक्षक जिला जबलपुर के पत्र के क्रमांक/पुअ/जबल/ओ.एम./विस/41/2026 दिनांक 23.02.2026 के द्वारा उपायुक्त सहकारिता जिला जबलपुर को प्रेषित पत्र में शिकायत में जांच जारी तथा शिकायत से संबंधित दस्तावेज संबंधित विभाग से प्राप्त होने पर अग्रिम कार्यवाही का उल्लेख किया गया है। इस कारण एफ.आई.आर. दर्ज नहीं की गई है। (घ) जानकारी उत्तरांश (ग) अनुसार।
पोषण आहार का प्रदाय
[महिला एवं बाल विकास]
5. ( क्र. 521 ) कुँवर अभिजीत शाह : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) राज्य के सभी जिलों में एकीकृत बाल विकास परियोजना के तहत आंगनवाड़ियों के माध्यम से गर्भवती धात्री महिलाओं एवं 6 माह से 6 साल तक के बच्चों के लिये पोषण आहार योजना में खिचड़ी एवं दलिया/हलवा के पैकेट नियमित रूप से प्रदान नहीं किये जा रहे है? यदि हाँ, तो किन-किन जिलों में किस-किस तहसील में कब-कब से किस कारण से पैकेट्स उपलब्ध नहीं कराये जा रहे है? इस हेतु कौन जिम्मेदार है? क्या शासन द्वारा योजना बंद की जा रही है? (ख) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित योजनांतर्गत कब तक पोषण आहार के पैकेट पुनः वितरण किये जावेंगे? यह किस कारण से बंद किये गये है? पोषण आहार की इस योजनांतर्गत कुल कितनी महिलायें, कितने बच्चे पंजीकृत है? इसकी जिलावार जानकारी उपलब्ध करावें। (ग) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित योजनांतर्गत हरदा जिले में किस एजेंसी, फर्म द्वारा पोषण आहार पैकेट उपलब्ध कराये जाते है? इन पोषण आहार पैकेट का प्रदाय आंगनवाड़ियों में कब से बंद है एवं किस कारण से उपलब्ध नहीं कराये जा रहा है? इस हेतु पैकेट निर्माण एजेंसी/फर्म के ऊपर किसी प्रकार का प्रकरण दर्ज किया गया है अथवा नहीं? यदि हाँ, तो प्रकरण की वर्तमान स्थिति क्या है? यदि नहीं, तो क्यों?
महिला एवं बाल विकास मंत्री ( सुश्री निर्मला भूरिया ) : (क) 06 माह से 03 वर्ष तक के बच्चों, गर्भवती महिलाओं एवं धात्री माताओं हेतु परियोजना स्तर पर प्राप्त टेक होम राशन को आंगनवाड़ी केंद्र के माध्यम से प्रदाय किया जा रहा है। प्रदाय की जानकारी एकत्रित की जा रही है। (ख) पोषण आहार वितरण बंद नहीं किया गया है। वितरण जारी है। शेष जानकारी एकत्रित की जा रही है। (ग) हरदा जिले में मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत संचालित माँ नर्मदा महिला आजीविका औद्योगिक सहकारी संघ मर्यादित, नर्मदापुरम द्वारा टेकहोम राशन का प्रदाय किया जा रहा है। आंगनवाड़ी केंद्रों में टेक होम राशन पैकेट का प्रदाय बंद नहीं है। परियोजना स्तर पर प्राप्त टेक होम राशन को आंगनवाड़ी केंद्र के माध्यम से प्रदाय किया जा रहा है। प्रदाय की जानकारी एकत्रित की जा रही है।
वसूली के साथ आपराधिक प्रकरण दर्ज कराना
[अनुसूचित जाति कल्याण]
6. ( क्र. 887 ) श्री अभय मिश्रा : क्या अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या विधानसभा प्रश्न क्रमांक-441 दिनांक 26.11.2025 के उत्तर में संलग्न परिशिष्ट 'ब' एवं 'स' अनुसार वर्ष 2019-20 से 2024-25 के स्वीकृत कार्यों की नोटशीट की प्रति उपलब्ध करावें एवं बतावें? कि स्वीकृत कार्य किन-किन हेडों से संबंधित है इन पर कितनी राशि व्यय की गई विवरण देवें? (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार संलग्न परिशिष्ट में आदेश क्रमांक- जि.स./निर्माण/2021-22/210 दिनांक-24.03. 2022 के द्वारा 65 लाख के निर्माण कार्यों की स्वीकृति जारी कर निर्माण एजेन्सी विभाग को बनाये जाने की जानकारी दी गई एवं आदेश क्रमांक-जि.स./निर्माण/2022-23/8016 दिनांक 07.03.2023 द्वारा 65 लाख के कार्यों की स्वीकृति आदेश जारी कर निर्माण एजेन्सी नगर निगम/ग्राम पंचायत है दोनों आदेशों में एक ही कार्य है निर्माण एजेन्सी बदलकर राशि का गबन किया गया आदेशों अनुसार राशि वसूली के साथ आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध कराने के निर्देश देंगे बतावें नहीं तो क्यों? (ग) प्रश्नांश (क) अनुसार संलग्न परिशिष्ट में अनुसूचित जनजाति बस्ती में कराये गये कार्य वर्ष 2018-19, 2019-20, 2022-23, 2023-24, 2024-25 के स्वीकृत कार्यों को इन्हीं वर्षों में कई बार प्रशासकीय स्वीकृति जारी कर कूटरचित तरीके से दस्तावेज तैयार कर राशि आहरित कर गबन की जाँच कराकर राशि वसूली के साथ आपराधिक प्रकरण दर्ज कराने के निर्देश देंगे नहीं तो क्यों? (घ) प्रश्नांश (क), (ख) एवं (ग) अनुसार उल्लेखित तथ्यों पर कार्यवाही के साथ अन्य निर्माण कार्यों की पिछले 10 वर्षों के कार्यों की स्वीकृति एवं जांच बावत् निर्देश देंगे बतायें अगर नहीं तो क्यों?
अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री ( श्री नागर सिंह चौहान ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी नहीं। दिनांक 07.03.2023 का आलोच्य आदेश दिनांक 24.03.2022 का संशोधन है। आदेश में स्पष्ट उल्लेख है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) नियमानुसार स्वीकृतियां जारी की गई शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) प्रश्नांश (क), (ख) एवं (ग) अनुसार उल्लेखित तथ्यों के आधार पर कोई भी कार्यवाही किये जाने का प्रश्न ही नहीं उठता है।
आपराधिक प्रकरण दर्ज कराना
[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण]
7. ( क्र. 888 ) श्री अभय मिश्रा : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या रीवा जिले के वेयर हाउसिंग एण्ड लॉजिस्टिक्स कर्पोरेशन शाखा भेड़रहा द्वारा लास गैन का विवरण पत्रक-2020-21 से 2024-25 तक का शुक्ला वेयर हाउस उमरी का प्रत्त्तुत किया गया जिसमें धान की लॉस (कमी) की मात्रा 2020-21 में वसूली योग्य मात्रा 1490.82 वर्ष 2021-22 वसूली योग्य मात्रा 1274.64 वर्ष-2023-24 वसूली योग्य मात्रा 2981.26, वर्ष 2024-25 कमी 2522.73 एवं गेहूँ को मात्रा-2024-25 में वसूली योग्य मात्रा-359.33 क्विन्टल का योग्य पत्रक तैयार किया गया जिसके अनुसार कुल धान की मात्रा-8628.78 क्विन्टल की कमी पायी गई जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 2,24,34,828/- रूपये धान की कमी की वसूली एवं गेहूँ की कमी अनुसार वसूली के साथ गबन का दोषी मानकर संबंधित वेयर हाउस एवं अन्य जिम्मेदारों पर कार्यवाही हेतु क्या निर्देश देंगे? (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार उल्लेखित शुक्ला वेयर हाउस को भुगतान हेतु कुल कितने देयक शेष है एवं कुल राशि क्या है? उन देयकों से कटौती कर राशि वसूलने एवं ब्लैक लिस्टेड कर कार्य से पृथक किये जाने बावत् क्या निर्देश देंगे बतायें यह भी बतायें कि मान्य सीमा अनुसार मात्र 2 प्रतिशत एवं कम पर खरीदी के बाद भी खरीदी के कार्य से पृथक नहीं किया गया क्यों? (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) अनुसार उल्लेखित तथ्यों पर जिम्मेदारों पर कार्यवाही के साथ राशि वसूली व आपराधिक प्रकरण दर्ज कराने के साथ ब्लैक लिस्टेड किये जाने बावत् निर्देश देंगे बतावें नहीं तो क्यों?
खाद्य मंत्री ( श्री गोविन्द सिंह राजपूत ) : (क) जी हाँ, रीवा जिला अंतर्गत शाखा भेडरहा पर जेव्हीएस योजना में संचालित शुक्ला वेयरहाउस उमरी का वर्ष 2020-21 से 2024-25 तक का लॉस/गेन पत्रक प्रस्तुत किया गया है। वर्ष 2020-21 से वर्ष 2024-25 तक धान एवं गेहूँ की कुल कमी की मात्रा से संबधित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'अ' अनुसार है। उक्त गोदाम में असामान्य कमी के विरुद्ध वसूली योग्य राशि रूपये 20284103/- है। गोदाम संचालक को भुगतान किये गये किराया देयकों से राशि रूपये 5378951/- रोकी गई है जिसकी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'ब' अनुसार है। शेष राशि की वसूली गोदाम संचालकों के आगामी किराया देयकों से समायोजित कर की जावेगी। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'ब' अनुसार है। जेव्हीएस अनुबंध शर्तों का उल्लंघन करने पर गोदाम को ब्लैक लिस्ट किया जाता है। वर्तमान उपार्जन नीति में खरीदी का कार्य गोदाम संचालक द्वारा नहीं किया जाता है। (ग) गोदाम संचालक को भुगतान किये गये किराया देयकों से राशि रूपये 53,78,951/- रोकी गई है, जिसकी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'ब' अनुसार है। शेष राशि की वसूली गोदाम संचालकों के आगामी किराया देयकों से समायोजित कर की जावेगी। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
ओवरहेड टैंक बनाने हेतु प्रावधान
[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]
8. ( क्र. 923 ) कुँवर अभिजीत शाह : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा ओवरहेड टैंक (OHT) बनाने हेतु जनसंख्या के आधार पर क्या प्रावधान है। उक्त प्रावधानों में जनसंख्या के अनुसार टिमरनी विधानसभा के कितने ग्रामों में जल-जीवन मिशन अंतर्गत ओवरहेड टैंक बन चुके है, उनमें से कितने ओवरहेड टैंक वर्तमान में क्रियाशील है, ग्रामवार सूची उपलब्ध करायें। जनसंख्या के मापदण्ड पूर्ण हो जाने के बाद भी किन-किन ग्रामों में किस कारण से ओवरहेड टैंक नहीं बनाये गये है। ग्रामवार, सत्यापित सूची उपलब्ध करावें। उन ग्रामों में नवीन ओवरहेड टैंक बनाये जाने की विभाग की क्या योजना है? (ख) क्या ओवरहेड टैंक की स्वीकृति किसी निर्धारित, योजना, जल स्रोत, मांग, भविष्य की आवश्यकता आदि के आधार पर भी दी जाती है? कृपया प्रावधान स्पष्ट करें। (ग) हरदा जिले में जल-जीवन मिशन अंतर्गत अब तक सबसे कम जनसंख्या वाले ग्राम में ओवरहेड टैंक का निर्माण किस योजना/नियम के अंतर्गत किया गया है तथा उसकी स्वीकृति किस स्तर से प्रदान की गई?
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( श्रीमती संपतिया उइके ) : (क) सामान्यतः 1000 से अधिक वर्तमान जनसंख्या वाले ग्रामों के नल-जल योजना प्रस्ताव में आर.सी.सी ओवरहेड टैंक का प्रावधान किया जाता है, प्रश्नांकित विधानसभा क्षेत्र में विभाग द्वारा बनाये गये ओवरहेड टंकियों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र -1 अनुसार है, योजना का कार्य विभाग द्वारा पूर्ण किये जाने के उपरांत योजना संबंधित ग्राम पंचायत को हस्तांतरित की जाती है, तदुपरांत योजना से पेयजल प्रदाय की व्यवस्था, टंकी का संचालन, योजना के रख-रखाव एवं संधारण तथा मरम्मत/सुधार कार्य इत्यादि का उत्तरदायित्व ग्राम पंचायत का है, उक्त हस्तांतरित योजनाओं में टंकियों की मॉनिटरिंग लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा नहीं की जाती है। एकल ग्राम नल-जल योजनाओं में विभागीय मापदण्ड एवं तकनीकी साध्यता के आधार पर ओवरहेड टंकिया स्वीकृत/निर्मित है, शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ख) जी हाँ, प्रावधान की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है, स्वीकृति जल-जीवन मिशन अंतर्गत शासन से प्राप्त की गई है।
दिव्यांगजनों के लिए की गई घोषणाएं को पूरा किया जाना
[सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण]
9. ( क्र. 1072 ) इंजीनियर हरिबाबू राय : क्या सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) घोषणा पत्र में दिव्यांगजनों को ₹1500 की घोषणा की गई थी, वह कब तक पूरी होगी। मध्यप्रदेश दिव्यांगजन अधिकार नियम 2017 में नियम क्रमांक 9 (3) ग) में दिव्यांगजनों के स्थानांतरण हेतु अधिमानता का प्रावधान है। (ख) जून 2025 में उच्च शिक्षा विभाग द्वारा जारी होने वाली स्थानांतरण सूची में अशोकनगर जिले से कितने दिव्यांग सहायक प्राध्यापकों ने स्थानांतरण हेतु आवेदन किए थे। उनमें से कितने दिव्यांगजनों का ट्रांसफर किया गया। शेष बचे दिव्यांगजनों का मध्यप्रदेश दिव्यांग नियम 2017 का बिन्दु क्रमांक 9 (3) (ग) का पालन कर कब तक स्थानांतरण किया जाएगा? (ग) इस वर्ष मध्यप्रदेश में कितने दिव्यांगजनों ने थाने में एफ.आई.आर. हेतु आवेदन दिए हैं तथा उनमें से दिव्यांग अधिकार अधिनियम 2016 के तहत कितनी एफ.आई.आर. हुई हैं एवं अपराधी के खिलाफ क्या कार्रवाई हुई?
सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण मंत्री ( श्री नारायण सिंह कुशवाह ) : (क) जी हां, राज्य शासन द्वारा अपने सीमित वित्तीय संसाधनों के अंतर्गत इस प्रकार की वृद्धि का निर्णय लिया जाता है, अत: समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं। जी हाँ। (ख) जून 2025 से उच्च शिक्षा विभाग में 02 दिव्यांगजनों के द्वारा ऑनलाईन स्थानांतरण हेतु आवेदन प्रस्तुत किये गये। वर्तमान में स्थानांतरण पर प्रतिबंध होने के कारण स्थानांतरण किया जाना संभव नहीं है। उच्च शिक्षा विभाग से प्राप्त उत्तर पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'अ' अनुसार है। (ग) पुलिस को दिव्यांग अधिकार अधिनियम, 2016 की धारा 7 (4) (d) के अनुसार कार्यवाही करने के अधिकार हैं। तथापि इस वर्ष दिनांक 01.01.2026 से प्रश्न दिनांक 19.02.2026 तक मध्यप्रदेश में 06 दिव्यांगजनों ने थानों में एफ.आई.आर. हेतु आवेदन दिये है उनमें से 03 आवेदन पत्रों पर बीएनएस की संज्ञेय धाराओं के साथ दिव्यांग अधिकार अधिनियम, 2016 की धाराओं का भी समावेश कर एफ.आई.आर. पंजीकृत हुई है, 01 आवेदन पत्र में धारा 296 (a), 115 (2), 351 (3), 3 (5) बीएनएस एवं 3 (1) (द), 3 (1) (ध), 3 (2) (वीए) एससी/एसटी ऐक्ट में एफ.आई.आर. पंजीकृत की गई है प्रकरण वर्तमान में विवेचनाधीन है, 01 आवेदन पत्र में अनावेदक के विरूद्ध धारा 107, 116 (3) सीआरपीसी के अंतर्गत प्रतिबंधात्मक कार्यवाही की गई है तथा 01 आवेदन पति पत्नी का परिवारिक विवाद संबंधी होने से आवेदक को कुटुम्ब न्यायालय में कार्यवाही करने की समझाइश दी गई है तथा 11 प्रकरणों में अन्य बीएनएस की संज्ञेय धाराओं का समावेश कर दिव्यांग अधिकार अधिनियम, 2016 की धाराओं को सम्मिलित कर, सीधे (बिना आवेदन) एफ.आई.आर. पंजीकृत की गई हैं। गृह विभाग से प्राप्त विस्तृत जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'ब' अनुसार है।
अतिरिक्त कक्षों के निर्माण कार्य का भुगतान
[जनजातीय कार्य]
10. ( क्र. 1229 ) श्री बिसाहूलाल सिंह : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या आयुक्त जनजातीय कार्य विकास विभाग मध्यप्रदेश के क्रमांक/बजट/0581/64 वृहद निर्माण/2018-19/21756 भोपाल दिनांक 20.09.2018 पत्र क्र./बजट/0581/4202/2019-20/22957, क्र./बजट/0581/4202/2019-20/7413 भोपाल दिनांक 18.03.2020 को शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में 6 अतिरिक्त कक्ष का निर्माण कार्य की स्वीकृत राशि 59.5 लाख रूपये स्वीकृत की गई थी? यदि हाँ, तो उक्त निर्माण कार्य का निर्माण एजेंसी किसे बनाया गया था? स्वीकृत आदेश की प्रति, स्वीकृत राशि, निर्माण एजेंसी की जानकारी उपलब्ध करावे? (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार जनजातीय कार्य विभाग द्वारा स्वीकृत शा.उ.मा.वि.धुरवासिन में स्वीकृत 6-कक्षों का निर्माण कार्य राशि 59.5 लाख रुपये का निविदा के आधार पर कांट्रेक्टर अमित पाटनी निवासी बिजुरी को निर्माण कार्य करने को आदेशित हुआ था, जिसे श्री बुद्धसेन केवट, निवासी पडौर जिला अनूपपुर पेटी कान्ट्रेक्ट के आधार पर डोरलेवल तक कार्य कराया जा चुका है किन्तु अभी एक भी किश्त राशि का भुगतान विभाग द्वारा नहीं किया गया है। जिसका उपयंत्री एवं सहायक यंत्री के द्वारा 1103909.00 रुपये का मूल्यांकन किये जाने के बाद भी भुगतान नहीं होने के क्या कारण है? (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) अनुसार भवन निर्माण की राशि का भुगतान की जायेगी? यदि हाँ, तो कब तक और नहीं तो क्यों?
जनजातीय कार्य मंत्री ( डॉ. कुंवर विजय शाह ) : (क) जी हाँ। कार्य की निर्माण एजेंसी जिले द्वारा लोक निर्माण विभाग (भवन) को निर्धारित किया गया है। स्वीकृति आदेश, स्वीकृत राशि, निर्माण एजेंसी की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी हाँ। निर्माण कार्य की स्वीकृत राशि जिले को प्रदाय की गई। जिले द्वारा राशि को समर्पित किया गया। तत्समय निर्माण एजेंसी लोक निर्माण विभाग के बी.सी.ओ. में राशि जमा नहीं होने से कार्य के ठेकेदार को भुगतान नहीं हो सका। निर्माण एजेंसी के बी.सी.ओ. में दिनांक 18.02.2026 को राशि प्रदाय की जा चुकी है। (ग) जी हाँ। निर्माण एजेंसी के बी.सी.ओ. में दिनांक 18.02.2026 को राशि प्रदाय की जा चुकी है।
उद्यानिकी विभाग के जिला स्तरीय अधिकारियों/कर्मचारियों की पद स्थापना
[उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण]
11. ( क्र. 1242 ) श्री श्रीकान्त चतुर्वेदी : क्या उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नवगठित जिला मैहर में उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग के जिला स्तीय अधिकारी मय स्टाफ सहित पद स्थापना कराये जाने संबंधी प्रक्रिया क्या शासन स्तर में प्रचलित है। यदि हाँ, तो मैहर जिला मुख्यालय में कब तक पदस्थापना कराकर कार्यालय प्रारम्भ कराया जावेगा। समयावधि स्पष्ट की जावें। यदि नहीं, तो क्यों? (ख) प्रश्नांश ''क'' के संबंध में क्या मैहर जिले के लोगों को सुगमता की दृष्टि से मैहर जिला मुख्यालय में इस कार्यालय का व्यवस्थित संचालन प्रारंभ कराया जाना आवश्यक है। यदि हां, तो कब तक क्रियान्वय सुनिश्िचत किया जावेगा।
उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण मंत्री ( श्री नारायण सिंह कुशवाह ) : (क) जी हाँ। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ख) उत्तरांश ''क'' अनुसार है।
जनजातीय कार्य विभाग के जिला स्तरीय अधिकारी/कर्मचारियों की पदस्थापना
[जनजातीय कार्य]
12. ( क्र. 1243 ) श्री श्रीकान्त चतुर्वेदी : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या नवगठित जिला मैहर में जनजातीय कार्य विभाग के जिला स्तरीय अधिकारी मय स्टाफ पदस्थ कराये जाने संबंधी प्रक्रिया क्या पूर्ण की जा चुकी है। यदि हाँ, तो जिला मुख्यालय मैहर में कब तक कार्यालय प्रारम्भ कराये जाने की कार्यवाही पूर्ण करायी जावेगी? समयावधि सहित जानकारी बतायी जावें। यदि नहीं, क्यों कारण बताएं? (ख) प्रश्नांश (क) के प्रकाश में क्या मैहर विधान सभा क्षेत्र के गावों में रहने वाले जनजातीय वर्ग के विकास के लिए शासन की प्रचलित योजनाओं का क्रियान्वयन अभी जिला इकाई की दृष्टि से समुचित तौर उक्त वर्ग की आवासित जनसंख्या के आधार पर नहीं हो पा रहा है। यदि हां, तो कब तक व्यवस्थित रूप से क्रिन्यावयन प्रारम्भ कराया जावेगा। यदि नहीं, तो किन-किन स्थितियों में समुचित क्रियान्वयन हो रहा है ?
जनजातीय कार्य मंत्री ( डॉ. कुंवर विजय शाह ) : (क) जी हाँ। मध्यप्रदेश शासन जनजातीय कार्य विभाग मंत्रालय भोपाल के आदेश क्रमांक 1/0157/2025-ESTB-5-CTD/E-796956 भोपाल दिनांक 13.02.2026 द्वारा नवगठित जिला मैहर में जिला कार्यालय हेतु अधिकारी/कर्मचारियों की पदस्थापना की गई है, जारी आदेश की प्रति संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। अत: शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) उत्तरांश (क) के अनुक्रम में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
अनुसूचित जाति एवं जनजाति क्षेत्रों की बस्तियों का विकास कार्य
[अनुसूचित जाति कल्याण]
13. ( क्र. 1439 ) श्री अरूण भीमावद : क्या अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शाजापुर विधानसभा क्षेत्र 167 शाजापुर के अंतर्गत अनुसूचित जाति एवं जनजाति की कितनी बस्ती 40 प्रतिशत से अधिक निवासरत है? (ख) प्रश्नांश (क) के अनुसार इन बस्तियों में कौन-कौन से विकास कार्य किये जाते है? अभी तक कितनी बस्तियों में विकास कार्य हुए है? कृपया सूची उपलब्ध करावें। (ग) क्या वित्तिय वर्ष 2025-26 में विधानसभा क्षेत्र क्र. 167 शाजापुर में कितने कार्य प्रस्तावित है? वह कब स्वीकृत हो जावेंगे?
अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री ( श्री नागर सिंह चौहान ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ अनुसार है। (ख) अनुसूचित जाति/जनजातीय कार्य विभाग की योजना नियम की प्रति एवं किये जाने वाले विकास कार्यों का जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट - ब अनुसार है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में जनजातीय कार्य बस्ती विकास योजनान्तर्गत 01 कार्य तथा अनुसूचित जाति बस्ती विकास योजनांतर्गत स्वीकृति की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ग) 41 कार्य प्रस्तावित है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
दिव्यांगजनों के समग्र सशक्तिकरण एवं शास. योजनाओं का क्रियान्वयन
[सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण]
14. ( क्र. 1549 ) श्री महेन्द्र नागेश : क्या सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्नकर्ता के विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत दिव्यांगजनों के समग्र सशक्तिकरण हेतु शासन द्वारा संचालित योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की वर्तमान स्थिति क्या है तथा अब तक कितने दिव्यांगजन वास्तविक रूप से लाभान्वित हुए हैं? (ख) क्या सरकार द्वारा दिव्यांगजनों को पेंशन, सहायक उपकरण, शिक्षा एवं स्वरोजगार जैसे लाभ एकीकृत, सरल एवं समयबद्ध प्रणाली के माध्यम से उपलब्ध कराने हेतु कोई नया मॉडल अथवा विशेष योजना लागू करने पर विचार किया जा रहा है, यदि हाँ, तो उसका विवरण क्या है? (ग) दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भविष्य में कौन-कौन से नवीन एवं दूरगामी निर्णय लिए जाना प्रस्तावित हैं, जिससे वे समाज की मुख्यधारा में सम्मानपूर्वक सम्मिलित हो सकें?
सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण मंत्री ( श्री नारायण सिंह कुशवाह ) : (क) विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत दिव्यांगजनों के समग्र सशक्तिकरण हेतु संचालित योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु वास्तविक रूप से लाभांवित दिव्यांगजनों की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार। (ख) जी नहीं, वर्तमान में योजनाओं की क्रियान्वयन हेतु कोई नया मॉडल विचारार्थ नहीं है। वर्तमान में दिव्यांगजनों को पेंशन राज्य स्तर से हितग्राही के सीधे खाते में डी.बी.टी. के माध्यम से अंतरण की जाती है एवं भारत सरकार की एडिप योजना के अंतर्गत भारत सरकार का उपक्रम एलिम्को के मध्ययम से दिव्यांगजनों का परीक्षण तथा कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण वितरण शिविरों का आयोजन एवं डाटा का संधारण अर्जुन पोर्टल के माध्यम से किया जाता है। इनके लिये शिक्षा प्रोत्साहन, विवाह प्रोत्साहन, सिविल सेवा प्रोत्साहन, खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहन इत्यादि अनेक योजनायें संचालित है। (ग) दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने एवं मुख्यधारा से जोड़ने हेतु राज्य स्तर से दिव्यांगजनों के लिए सम्पूर्ण प्रदेश के लिए सुगम्य वातावरण का निर्माण, कृत्रिम अंग निर्माण हेतु संबंधित इकाइयों से अनुबंध, दिव्यांगजनों हेतु शिक्षा और रोजगार से जोड़ना इस हेतु पहल की जा रही है।
शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति
[जनजातीय कार्य]
15. ( क्र. 1609 ) श्रीमती चंदा सुरेन्द्र सिंह गौर : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या आयुक्त जनजातीय कार्य मध्य प्रदेश द्वारा समय-समय पर प्राथमिक शिक्षक/माध्यमिक शिक्षक/उच्च श्रेणी शिक्षकों को लोक सेवक मानकर सेवायें देने हेतु प्रतिनियुक्ति पर भेजा जाता है यदि हाँ, तो उक्त लोक सेवकों की प्रतिनियुक्ति पर कार्य करने की अवधि किस विभाग द्वारा तय की जाती है वर्ष 2020 से प्रश्न दिनांक तक टीकमगढ़ जिले में जिन्हें लोक सेवक मानकर प्रतिनियुक्ति दी गई उनकी सम्पूर्ण सूची एवं आदेश उपलब्ध करायें। (ख) क्या अनुसूचित जाति कन्या उत्कृष्ट छात्रावास जतारा एवं अनुसूचित जाति कन्या सीनियर छात्रावास जतारा एवं अनुसूचित बालक सीनियर छात्रावास डूंडा में एक ही परिवार के लोक सेवकों की नियुक्ति किस नियम के तहत की गई तथा जिला अधिकारी टीकमग़ढ द्वारा अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी नहीं किये गये हैं यह उत्तर प्रश्नकर्ता के अतारांकित प्रश्न क्र.- 1632 दिनांक 01 अगस्त 2025 में विभाग द्वारा दिया गया है। क्या अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी हुये बिना इन तीनों लोक सेवकों की नियुक्ति नियम विरुद्ध है यदि हाँ, तो पूर्व के जारी आदेशों को निरस्त करेंगे यदि नहीं, तो क्यों? कारण स्पष्ट करें। (ग) क्या तीनों लोक सेवकों के आदेश निरस्त करते हुये शासन की ओर से उन्हें अतिरिक्त लाभ के वसूली की भी कार्यवाही करेंगे। यदि हाँ, तो कब तक यदि नहीं, तो क्यों? कारण स्पष्ट करें। (घ) क्या तीनों लोक सेवकों की प्रतिनियुक्ति 02 वर्ष के लिये की गई थी यदि हाँ, तो इनकी समयावधि किस सक्षम अधिकारी द्वारा बढ़ाई गई समस्त आदेशों की प्रतियां उपलब्ध करायें।
जनजातीय कार्य मंत्री ( डॉ. कुंवर विजय शाह ) : (क) जी हाँ। प्रतिनियुक्ति की अवधि मध्यप्रदेश शासन सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा निर्धारित की जाती है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट “अ” अनुसार है। (ख) जी नहीं। अनुसूचित जाति कन्या उत्कृष्ट छात्रावास जतारा में पदस्थ श्रीमती भारती वर्मा की नियुक्ति मध्यप्रदेश व्यवसायिक परीक्षा मंडल से चयन उपरांत विभाग द्वारा की गई है। श्रीमती अंजू अग्रवाल प्राथमिक शिक्षक (शिक्षा विभाग) को अनुसूचित जाति कन्या सीनियर छात्रावास जतारा में कलेक्टर, टीकमगढ़ के आदेश क्रमांक 145 दिनांक 31/01/2022 के द्वारा अस्थायी रूप से शिक्षकीय कार्य के साथ-साथ अधीक्षिका पद पर कार्य करने हेतु आदेशित किया गया है। श्री नारायण दास वर्मा, माध्यमिक शिक्षक को स्कूल शिक्षा विभाग से अनापत्ति पत्र (सहमति) प्राप्त द्वारा एम.पी.टॉस पर किये गये ऑनलाइन आवेदन के आधार पर आयुक्त, आदिवासी विकास मध्यप्रदेश के आदेश क्रमांक 23260 दिनांक 24/08/2019 के द्वारा जिला टीकमगढ़ अंतर्गत विभागीय जिला अधिकारी के विकल्प पर प्रतिनियुक्ति की गयी थी, वर्तमान में श्री नारायण दास वर्मा अनुसूचित जाति बालक सीनियर छात्रावास डूंडा में अधीक्षक पद पर कार्यरत है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) उत्तरांश ''ख'' के संदर्भ में प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) जी नहीं। आदेश की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट “ब” अनुसार है।
शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जाना
[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]
16. ( क्र. 1610 ) श्रीमती चंदा सुरेन्द्र सिंह गौर : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या खरगापुर विधान सभा क्षेत्र में नगरीय निकाय पलेरा, खरगापुर, बल्देवगढ़ में एवं विधान सभा क्षेत्र के ग्रामीण अंचलों में आम जनता को पेयजल की आपूर्ति किन-किन माध्यमों से की जा रही है सम्पूर्ण जानकारी से अवगत कराये तथा पेयजल की गुणवत्ता की जाँच कैसे की जाती है। पानी के सैंपल लेकर कहाँ जाँच की गई सम्पूर्ण विधान सभा क्षेत्र के नगरीय निकायों एवं ग्रामवार जानकारी दें। (ख) क्या जल जीवन मिशन द्वारा टंकियों के निर्माण एवं पानी सप्लाई हेतु विधान सभा क्षेत्र के लगभग 30-35 ग्राम अभी जल जीवन मिशन की योजना में किस कारण से शामिल नहीं हो पा रहे है क्या विभाग द्वारा उन ग्रामों को जल जीवन मिशन योजना में शामिल किये जाने का कोई प्रयास किया जा रहा है यदि हाँ, तो जानकारी स्पष्ट करें यदि नहीं, तो क्यों? कारण स्पष्ट करें। (ग) क्या क्षेत्रीय विधायक या ग्रामीण क्षेत्र के सरपंचों एवं जिला पंचायत एवं जनपद पंचायत के पदाधिकारियों द्वारा हैण्डपम्प खनन कराये जाने के प्रस्तावों अनुसार वर्ष 2024 से 2025 तक कितने प्रस्ताव विभाग को प्राप्त हुये ग्रामवार जानकारी दे एवं कितने स्थानों पर हैडपम्प खनन कराये गये कितने शेष है आगे कितने हैडपम्प खनन कराये जाने की योजना है जानकारी स्पष्ट करें।
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( श्रीमती संपतिया उइके ) : (क) लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा प्रश्नांकित नगरीय निकायों में पेयजल व्यवस्था का कार्य नहीं किया जाता है, संबंधित नगरीय निकायों से जानकारी प्राप्त की गयी है जो पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। खरगापुर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्र में क्रियान्वित कर पूर्ण की गयी नल-जल योजनाओं तथा विभाग द्वारा स्थापित किये गये हैण्डपम्पों के माध्यम से पेयजल आपूर्ति की जा रही है। ग्रामीण क्षेत्र के सार्वजनिक शासकीय पेयजल स्त्रोतों की जल-गुणवत्ता की जांच विभाग द्वारा संचालित उपखण्डीय प्रयोगशाला जतारा एवं जिला जल परीक्षण प्रयोगशाला टीकमगढ़ में की जाती है, विस्तृत जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ख) प्रश्नांकित क्षेत्र के सभी ग्रामों को म.प्र जल निगम की समूह जल प्रदाय योजनाओं अथवा एकल ग्राम नल-जल योजनाओं से लाभान्वित करने के लिए प्रस्तावित किया गया है, वर्तमान में केवल चार ग्रामों-एरौरा, भिलौनी, जलगुंवा एवं बनियानी (विकासखण्ड बल्देवगढ़) की एकल ग्राम नल-जल योजना की तैयार की गई डी.पी.आर की स्वीकृति उक्त ग्रामों में पर्याप्त जल आवक क्षमता के स्त्रोत विकसित नहीं हो पाने के कारण प्राप्त नहीं की जा सकी है। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है।
अधिकारियों व कर्मचारियों को एरियर्स राशि का भुगतान
[महिला एवं बाल विकास]
17. ( क्र. 1634 ) श्री सोहनलाल बाल्मीक : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) जिला छिन्दवाड़ा के अन्तर्गत विभाग में कितने अधिकारी व कर्मचारी पदस्थ है प्रत्येक परियोजनावार उनके नाम व पदनाम सहित जानकारी उपलब्ध करायें, इन सभी अधिकारियों व कर्मचारियों का पहला समयमान वेतनमान कब लगना था? कितने अधिकारियों व कर्मचारियों का पहला समयमान वेतनमान समय पर लगा है और कितने अधिकारियों व कर्मचारियों का पहला समयमान वेतन लगना शेष है, शेष रहने का क्या कारण है? शेष अधिकारियों व कर्मचारियों को विभाग द्वारा कब तक कार्यवाही को पूर्ण करते हुए उन्हें पहला समयमान वेतन प्रदान कर दिया जायेगा? इस प्रकार की लापरवाही करने वाले अधिकारी/कर्मचारी के विरूद्ध विभाग द्वारा क्या कार्यवाही की जायेगी? अवगत करायें। (ख) जिन अधिकारियों व कर्मचारियों का पहला समयमान वेतनमान लगा है उन अधिकारियों व कर्मचारियों को अभी तक एरियर्स की राशि का भुगतान नहीं किया जा रहा है? जिसका क्या कारण है, ऐसे कितने अधिकारी व कर्मचारी है जिनको एरियर्स की राशि का भुगतान नहीं किया गया है उन्हें कब तक एरियर्स की राशि का भुगतान कर दिया जायेगा? प्रतिवर्ष लगने वाला अधिकारियों व कर्मचारियों के इंक्रीमेंट के एरियर्स की राशि कितने अधिकारियों व कर्मचारियों को भुगतान की गई है और कितनों नहीं की गई, भुगतान नहीं करने क्या कारण है? कब तक भुगतान कर दिया जायेगा? इस प्रकार की लापरवाही करने वाले अधिकारी/कर्मचारी के विरूद्ध विभाग द्वारा क्या कार्यवाही की जायेगी? अवगत करायें।
महिला एवं बाल विकास मंत्री ( सुश्री निर्मला भूरिया ) : (क) एवं (ख) जानकारी एकत्रित की जा रही है।
उद्यानिकी फसलों के उत्पादन में वृद्धि
[उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण]
18. ( क्र. 1642 ) श्री शैलेन्द्र कुमार जैन : क्या उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) राज्य सरकार द्वारा किसानों की आय बढ़ाने हेतु उद्यानिकी फसलों (फल, सब्जी, मसाला, फूल आदि) को बढ़ावा देने के लिए क्या प्रावधान किये गये है? (ख) सागर विधानसभा क्षेत्र में विगत 3 वर्षों में उद्यानिकी फसलों के विस्तार हेतु कितने कृषकों को लाभान्वित किया गया तथा अनुदान मद में कितनी राशि स्वीकृत एवं व्यय की गई? (ग) क्या उद्यानिकी फसलों के उत्पादन, भंडारण, कोल्ड स्टोरेज, प्रसंस्करण एवं विपणन की समुचित व्यवस्था के अभाव में कृषकों को अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा है? यदि हाँ, तो इस दिशा में शासन द्वारा क्या ठोस कदम उठाए जा रहे हैं? (घ) सागर विधानसभा क्षेत्रतांर्गत पान की खेती की जाती थी, विगत वर्षों में यह खेती धीरे-धीरे कम होती जा रही है। अनुकूल वातावरण के कारण यहाँ पान की पैदावार के लिये अच्छी संभावना है। क्या शासन स्तर पर इस खेती की संरक्षण को लेकर कोई कार्य योजना बनाई जा रही है? (ड.) क्या आगामी वर्षों में उद्यानिकी क्षेत्र को बढ़ावा देने हेतु सागर विधानसभा क्षेत्र में नवीन प्रोजेक्ट/योजनाएँ प्रस्तावित हैं? यदि हाँ, तो विस्तृत जानकारी दें?
उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण मंत्री ( श्री नारायण सिंह कुशवाह ) : (क) उद्यानिकी फसलों को बढ़ावा दिये जाने हेतु विभाग में राज्य पोषित एवं केन्द्र प्रवर्तित योजनाएं संचालित हैं, योजनान्तर्गत प्रावधान पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-1 अनुसार है। (ख) सागर विधानसभा क्षेत्र में विगत 03 वर्षों में उद्यानिकी फसलों के विस्तार हेतु 28 कृषकों को लाभांवित कर अनुदान मद में राशि रू. दो लाख अट्ठानवे हजार छः सौ सतहत्तर स्वीकृत कर व्यय की गई है। (ग) जी नहीं। उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग द्वारा किसानों को उद्यानिकी फसलों के उत्पादन भण्डारण, कोल्ड स्टोरेज, प्रसंस्करण इत्यादि के लिए विभिन्न योजनाओं में अनुदान सहायता एवं विभिन्न उद्यानिकी उत्पादों के विपणन के लिए प्रचार-प्रसार की व्यवस्था की जाती हैं। (घ) राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (परियोजना आधारित) अंतर्गत पान की खेती के प्रोत्साहन के लिये कृषकों हेतु अनुदान सहायता की कार्य योजना वर्ष 2026-27 हेतु तैयार की गई है। (ड.) वर्तमान में सागर विधानसभा क्षेत्र हेतु कोई विशिष्ट नवीन योजना विचाराधीन नहीं हैं।
लाड़ली लक्ष्मी योजना के उद्देश्य की पूर्ति न होना
[महिला एवं बाल विकास]
19. ( क्र. 1664 ) श्री राजन मण्डलोई : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) लाड़ली लक्ष्मी योजना के प्रारंभ दिनांक वर्ष 2007 से प्रश्न दिनांक तक की अवधि में कुल कितना बजट आवंटन किया गया एवं कुल कितने हितग्राहियों का पंजीयन किया गया तथा लाड़ली लक्ष्मी योजना कोष में कितनी राशि जमा है और लाड़ली लक्ष्मी योजना के विरूद्ध कितनी राशि के आश्वासन पत्र बाटे गये है। (ख) क्या लाड़ली लक्ष्मी निधि में जमा राशि में से राशि का उपयोग अन्य मदो में किया गया है? यदि हाँ, तो किस-किस कार्य हेतु कितनी-कितनी राशि का उपयोग किया गया है और क्या वह राशि वापस लाड़ली लक्ष्मी कोष में जमा कराई जायेगी? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्यों? ब्यौरा देवें। (ग) उपरोक्त प्रश्नांश के परिप्रेक्ष्य में कितनी पंजीकृत लाड़ली लक्ष्मियों में से कितनी लाड़ली लक्ष्मियों ने कक्षा 12वीं के पश्चात स्नातक अथवा व्यावसायिक पाठ्यक्रम में प्रवेश लिया है? (घ) क्या उक्त पंजीकृत लाड़ली लक्ष्मियों में से बहुत कम संख्या में कॉलेजों में प्रवेश लिया है? यदि हाँ, तो इसके क्या कारण है क्या योजना का मूल उद्देश्य समाप्त हो रहा है? स्पष्ट करें।
महिला एवं बाल विकास मंत्री ( सुश्री निर्मला भूरिया ) :(क) लाड़ली लक्ष्मी योजना के प्रारंभ दिनांक वर्ष 2007 से प्रश्न दिनांक तक की अवधि में कुल राशि रू. 15740.29 करोड़ बजट आवंटन किया गया एवं पोर्टल अनुसार कुल पंजीयन 52.48 लाख हितग्राहियों का पंजीयन किया गया तथा लाड़ली लक्ष्मी निधि में राशि रू. 15979.12 करोड़ जमा है और लाड़ली लक्ष्मी योजना के विरूद्ध राशि रू. 1.43 लाख प्रति लाड़ली के आश्वासन पत्र बांटे गये हैं। (ख) विभाग द्वारा निधि में जमा राशि का उपयोग अन्य मदों में नहीं किया गया है। शेष का प्रश्न नहीं। (ग) उपरोक्त प्रश्नांश के परिप्रेक्ष्य में पोर्टल अनुसार पंजीकृत 52.48 लाख लाड़ली लक्ष्मियों में से पात्र 24412 लाड़ली लक्ष्मियों ने कक्षा 12वीं के पश्चात स्नातक अथवा व्यावसायिक पाठ्यक्रम में प्रवेश लिया है। (घ) जी नहीं। पंजीकृत 52.48 लाख लाड़ली लक्ष्मियों में से पोर्टल अनुसार पात्र 24412 लाड़ली लक्ष्मियों ने कक्षा 12वीं के पश्चात स्नातक अथवा व्यावसायिक पाठ्यक्रम में प्रवेश लिया है। शेष का प्रश्न नहीं।
गुनौर विधानसभा क्षेत्र में संचालित छात्रावासों की जानकारी
[जनजातीय कार्य]
20. ( क्र. 1682 ) श्री
राजेश कुमार
वर्मा : क्या
जनजातीय
कार्य मंत्री
महोदय यह
बताने की कृपा
करेंगे कि (क) पन्ना
जिले की गुनौर
विधानसभा में
जनजातीय कार्य
विभाग के
कौन-कौन से
छात्रावास
कहां-कहां पर
संचालित है? किस-किस
छात्रावास के
लिये किस-किस
सामग्री का
क्रय, किस
व्यक्ति/फर्म/एजेंसी
से किया गया? कृपया
वित्तीय
वर्ष 2023-2024 से प्रश्न
दिनांक तक
भुगतान
किन-किन व्यक्ति/फर्म/एजेंसी
को
कितना-कितना
किया गया? भुगतान
किए गए बिलों, कोटेशन, टेंडर
आदि की
कार्यवाही से
संबंधित
समस्त दस्तावेजों
की प्रति
उपलब्ध करावें।
(ख) क्या
प्रश्नांश (क) से
संबंधित
कार्यों का
भुगतान बिना
कार्य के किया
गया है? यदि
नहीं, तो
कार्यों का
विवरण, सक्षम
स्वीकृति, गठित
क्रय समिति
समिति के
सत्यापन की
प्रतियों के
साथ-साथ
भुगतान
स्वीकृति से
संबंधित दस्तावेजों
की सत्यापित
प्रति उपलब्ध
करावें। यदि
हाँ, तो
क्या बिना
कार्य के
भुगतान किया
जाना कदाचरण
की श्रेणी में
आता है? यदि
हाँ, तो
संबंधितों के
विरूद्ध क्या
और कब तक
कार्यवाही की
जावेगी?
(ग)
पन्ना
जिले की गुनौर
विधानसभा में
विभाग के
संचालित
छात्रावासों
के संबंध में
कृपया यह
बतावे कि
किस-किस छात्रावास
में
कितने-कितने
छात्र है तथा किस-किस
छात्रावास
हेतु
कितनी-कितनी
राशि का शासन
द्वारा आवंटन
किया गया एवं
किस-किस
छात्रावास
में किस-किस बावत्, राशि का
उपयोग किया
गया? विभाग
द्वारा
किस-किस
छात्रावास का
कब-कब निरीक्षण
किया गया? क्या
छात्रावासों
की शिकायतें
प्राप्त हुई
है? यदि
हाँ, तो किस
शिकायत पर क्या
कार्यवाही की
गई? छात्रावासों
के निरीक्षण
में पाई गई
कमियों एवं
प्रमाणित पाई
गई शिकायतों
पर क्या
कार्यवाही की
गई? यदि
कार्यवाही
नहीं की गई तो
विभाग क्या
संबंधितों पर
क्या
कार्यवाही
करेगा?
जनजातीय
कार्य मंत्री
( डॉ. कुंवर
विजय शाह ) : (क) पन्ना
जिले की गुनौर
विधानसभा में
जनजातीय कार्य
विभाग का कोई
भी छात्रावास
संचालित नहीं
है। शेष प्रश्न
उपस्थित नहीं
होता। (ख) एवं
(ग) उत्तरांश (क) के
अनुक्रम में प्रश्न
उपस्थित नहीं
होता।
नियम विरूद्ध एफ.डी.आर. की राशि का आहरण
[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]
21. ( क्र. 1765 ) श्री संजय सत्येन्द्र पाठक : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या अतारांकित प्रश्न 189 दिनांक 01/08/2025 के उत्तरांश (ग) प्रपत्र 2 के सरल क्रमांक 2 के अनुसार आज की स्थिति में चार एफ.डी.आर. बैंक में जमा नहीं हैं लेख किया गया है। यदि हाँ, तो क्या संबंधित ठेकेदार द्वारा बैंक में एफ.डी.आर. जमा कर तत्काल एफ.डी.आर. की राशि आहरित कर ली गई जबकि नियमानुसार यह राशि/एफ.डी.आर. ठेके का कार्य पूर्ण होने तक बैंक एवं विभाग के पास जमा रखी जानी थी? (ख) प्रश्नाधीन एफ.डी.आर. कब जमा किए गए एवं इनकी राशि कितने दिवस पश्चात निकाल ली गई? क्या एफ.डी.आर. निकालते समय ठेकेदार द्वारा कार्य पूर्ण कर लिया गया था? दोनों के समय अंतराल दिवसों का उल्लेख करें? (ग) जब राशि नियम विरूद्ध तरीके से निकाली गई क्या विभाग द्वारा पुलिस थाने में एफ.आई.आर. कराई गई है? यदि हाँ, तो कब? यदि नहीं, तो इस भ्रष्टाचार में सक्षम अधिकारी की संलिप्तता मानी जाकर दोषी अधिकारी के विरूद्ध कार्यवाही की जायेगी? यदि हाँ, तो कब तक? नहीं तो क्यों?
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( श्रीमती संपतिया उइके ) : (क) जी हाँ। संबधित ठेकेदार द्वारा जमा की गयी एफ.डी.आर. संलग्न परिशिष्ट अनुसार उल्लेखित दिवसों में आहरित कर ली गयी हैं, अपितु एफ.डी.आर. की मूल प्रति कार्यालय में जमा हैं। जी हाँ, यह राशि एफ.डी.आर. अनुबंधित कार्य पूर्ण होने तक विभाग के पास जमा होती हैं। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) राशि आहरण की जानकारी होने पर खण्ड कार्यालय के पत्र दिनांक 18.07.2025 से संबंधित मेसर्स विनायक बिल्डर्स प्रो. रमेश उपाध्याय विजयराघवगढ़ जिला कटनी से एफ.डी.आर. के संबंध में जानकारी मांगी गयी थी, जिसके परिप्रेक्ष्य में संबंधित द्वारा दिनांक 22.07.2025 को शपथ पत्र प्रस्तुत किया गया कि बैंकिंग प्रणाली की विफलता एवं सुरक्षा उपायों की कमी के कारण एफ.डी.आर. टूटने जैसी स्थिति निर्मित हुई। उक्त फर्म द्वारा आहरित की गयी अमानत राशि का नवीन एफ.डी.आर. दिनांक 05.08.2025 को कार्यालय में जमा कर दिया गया है। खण्ड कार्यालय के पत्र दिनांक 29.07.2025 से मेसर्स विनायक बिल्डर्स प्रो. रमेश उपाध्याय विजयराघवगढ़ जिला कटनी के विरुद्ध कार्यवाही करते हुऐ पूर्ण विवरण के साथ उनका नाम काली सूची में दर्ज करने हेतु प्रकरण अनुशंसा की गयी, मुख्य अभियंता द्वारा आदेश क्रमांक 188 दिनांक 04.09.2025 से उक्त फर्म को 06 माह के लिये काली सूची में दर्ज किया है, फर्म द्वारा उक्त आदेश के विरुद्ध माननीय न्यायालय के समक्ष वाद क्रमांक डब्ल्यू.पी. 37702/2025 दायर किया गया हैं, माननीय न्यायालय ने स्टे आदेश जारी किया है, विभाग द्वारा जबाब प्रस्तुत कर स्टे आदेश हटाने हेतु आवेदन प्रस्तुत किया है, प्रकरण वर्तमान में माननीय उच्च न्यायालय के समक्ष विचाराधीन हैं। अतः किसी अधिकारी के दोषी होने अथवा उनके विरूद्ध कार्यवाही का प्रश्न नहीं उठता।
जल-जीवन मिशन योजनांर्तगत स्वीकृत कार्यों की संशोधित स्वीकृति
[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]
22. ( क्र. 1776 ) श्री सोहनलाल बाल्मीक : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) परासिया विधानसभा क्षेत्र में जल-जीवन मिशन योजनान्तर्गत विभिन्न स्वीकृत कार्यों की स्वीकृत राशि कम होने के कारण रिवाईस स्टीमेट प्रस्ताव बनाकर विभाग द्वारा संशोधित स्वीकृति प्रदान किए जाने हेतु प्रस्ताव भेजे जा चुके हैं, जिनकी संशोधित स्वीकृति अभी तक प्राप्त नहीं होने का क्या कारण है? कब तक कार्यवाही को पूर्ण करते हुए संशोधित स्वीकृति प्रदान कर दी जायेगी? अवगत कराये। (ख) परासिया विधानसभा में जल-जीवन मिशन योजना के अंतर्गत कौन-कौन से कितनी-कितनी लागत के कार्यों की स्वीकृति प्रदान की गई थी? स्वीकृत कार्यों में से कितने कार्य प्रारंभ हो चुके है कितने कार्य अप्रारंभ है कितने कार्य अधूरे है और कितने कार्य पूर्ण हो चुके है? कार्यों की वर्तमान में भौतिक स्थिति क्या है? क्या सम्बंधित ठेकेदारों द्वारा कार्यों को समय-सीमा पर प्रारंभ कर पूर्ण किया जा रहा है अगर नहीं किया जा रहा है तो क्या कारण है? क्या कुछ ठेकेदारों द्वारा कार्यों को अपूर्ण छोड़ दिया गया है, तो क्या ऐसे ठेकेदारों के विरूद्ध विभाग द्वारा कार्यवाही की गई है? अगर नहीं की गई है तो कब तक कार्यवाही कर दी जायेगी?
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( श्रीमती संपतिया उइके ) : (क) परासिया विधानसभा क्षेत्र में जल-जीवन मिशन योजनांतर्गत 88 ग्रामों की पुनरीक्षित डी.पी.आर. शासन स्तर पर स्वीकृति हेतु प्राप्त हुई थी, जिनकी स्वीकृति शासन के पत्र दिनांक 26.06.2025 से जारी की गई है। शासन स्तर पर वर्तमान में कोई भी पुनरीक्षित योजना की डी.पी.आर. स्वीकृति हेतु शेष नहीं है। अतः शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता है। (ख) एकल ग्राम नल-जल योजनाओं एवं समूह जल प्रदाय योजनाओं की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 एवं 02 अनुसार है। समय-सीमा में कार्य पूर्ण नहीं करने वाले ठेकेदारों पर अनुबंध की शर्तों के अनुसार अर्थदण्ड की राशि रोकी गई है। ठेकेदार अरविंद पाल, शंकर नगर, परतला छिंदवाड़ा द्वारा कार्य अपूर्ण छोड़ने के कारण अनुबंध निरस्त की कार्यवाही की गई है।
अचल संपत्ति क्रय संबंधी अनुमति
[जनजातीय कार्य]
23. ( क्र. 1785 ) श्री महेश परमार : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विगत 2 वर्षों में उज्जैन जिले के अनुसूचित जाति कल्याण विभाग में कितने अधिकारियों, कर्मचारियों, शिक्षकों द्वारा अचल संपत्ति (भूखंड/मकान/फ्लैट) क्रय हेतु विभागीय अनुमति के आवेदन प्रस्तुत किए गए? वर्षवार एवं विकासखंडवार कितने आवेदन प्राप्त हुए, कितनों को अनुमति प्रदान की गई, कितने लंबित अथवा अस्वीकृत हैं तथा उनके क्या कारण हैं? (ख) जिन अधिकारियों, कर्मचारियों, शिक्षकों को अनुमति प्रदान की गई, उनकी विकासखंडवार नामावली, पदनाम, अनुमति की तिथि, संपत्ति का विवरण (स्थान, क्षेत्रफल, मूल्य) तथा अनुमति जारी करने वाले सक्षम अधिकारी का नाम सहित पूर्ण सूची क्या है? (ग) क्या ऐसे अधिकारी, कर्मचारी, शिक्षक संज्ञान में आए हैं जिन्होंने बिना विभागीय अनुमति के अचल संपत्ति क्रय की है? यदि हाँ, तो उनकी विकासखंडवार सूची एवं उन पर अब तक की गई विभागीय/अनुशासनात्मक कार्रवाई का विवरण क्या है? (घ) विगत 2 वर्षों में कितने अधिकारियों, कर्मचारियों, शिक्षकों ने अपने आयकर रिटर्न में हाउसिंग लोन के आधार पर धारा 80C/24 (b) के अंतर्गत कर छूट प्राप्त की है? उनकी विकासखंडवार नाम, पदनाम, लोन राशि एवं कर छूट राशि का विवरण क्या है तथा क्या इनमें से किसी ने विभागीय अनुमति प्राप्त नहीं की थी? (ड.) प्रश्नांश (क) से (घ) के संदर्भ में अधिकारियों, कर्मचारियों, शिक्षकों के विगत 2 वर्षों में शासन के निर्धारित प्रारूप में प्रतिवर्ष विभाग को दी गई संपत्तियों की जानकारी की प्रतियां उपलब्ध कराएं?
जनजातीय कार्य मंत्री ( डॉ. कुंवर विजय शाह ) : (क) विगत दो वर्षों में विभागांतर्गत जिला कार्यालय उज्जैन में अधिकारी/कर्मचारी द्वारा अचल संपत्ति क्रय करने हेतु 01 आवेदन प्राप्त हुआ जिसमें राशि का सम्पूर्ण ब्योरा नहीं होने से निरस्त किया गया। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) एवं (ग) उत्तरांश (क) अनुसार शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) विभाग द्वारा अधिकारी/कर्मचारियों के आयकर रिर्टन की जानकारी संधारित नहीं की जाती है। अत: प्रश्न उत्पन्न नहीं होता हैं। (ड.) उत्तरांश (क) अनुसार शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
अस्थाई दिव्यांग प्रमाण पत्र धारियों को सुविधा
[सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण]
24. ( क्र. 1790 ) श्री शैलेन्द्र कुमार जैन : क्या सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या मध्यप्रदेश शासन के सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण विभाग द्वारा अस्थाई दिव्यांग प्रमाण पत्र धारी व्यक्तियों को पेंशन एवं कुछ अन्य सुविधायें दी जा रही थी, परन्तु वर्तमान में इस पर रोक लगा दी गई है? यदि हाँ, तो इसका क्या कारण है? (ख) क्या ऐसे व्यक्ति जो पक्षाघात, एक्सीडेंट या अन्य किसी बीमारी से दिव्यांग हो जाते है, तथा उन्हें स्थाई, अस्थाई दिव्यांगता प्रमाण पत्र जारी किये जाते है। क्या अस्थाई दिव्यांगता प्रमाण पत्र की वैधता तक उन हितग्राहियों को पेंशन एवं अन्य सुविधाओं का लाभ दिये जाने हेतु शासन कोई व्यवस्था करेगा तथा कब तक? यदि नहीं, तो क्यों?
सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण मंत्री ( श्री नारायण सिंह कुशवाह ) : (क) जी नहीं। भारत सरकार सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय (दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग) नई दिल्ली की अधिसूचना क्रमांक/1272 दिनांक 12 मार्च, 2024 के परिप्रेक्ष्य में सेरेब्रल पाल्सी, बौद्धिक दिव्यांगजनों, ऑटिज्म एवं बहुदिव्यांग श्रेणी के दिव्यांगजनों को अस्थाई दिव्यांगता प्रमाण पत्र के आधार पर 18 वर्ष की आयु तक पेंशन का लाभ प्राप्त कर सकेंगे के संबंध में संचालनालय द्वारा आदेश जारी किया गया है संलग्न परिशिष्ट अनुसार। (ख) दिव्यांगता प्रमाण-पत्र स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी किये जाते हैं। जी नहीं। शेष उत्तरांश (क) अनुसार।
पोषण आहार खरीदी की जानकारी
[महिला एवं बाल विकास]
25. ( क्र. 1824 ) श्री उमाकांत शर्मा : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) मध्यप्रदेश में आगंनवाड़ी केन्द्रों हेतु पोषण आहार की खरीदी किन एजेन्सियों/स्व-सहायता समूहों/संस्थाओं से की जा रही हैं? वर्ष 2018-19 से प्रश्नांकित दिनांक तक पोषण आहार खरीदी पर कुल कितनी राशि व्यय की गई? जिलेवार, विकासखण्डवार, सेक्टरवार जानकारी देवें तथा किस-किस एजेन्सी/स्व-सहायता समूहों/संस्थाओं को कितना-कितना भुगतान, कब-कब किया गया? देयकों की छायाप्रति उपलब्ध करावें। (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में क्या आगंनवाड़ी केन्द्रों हेतु पोषण आहार की खरीदी के भुगतान में आर्थिक अनियमितताओं की शिकायतें प्राप्त हुई हैं? यदि हां, तो उनकी छायाप्रति उपलब्ध करावें तथा उक्त शिकायतों पर क्या-क्या और कब-कब कार्यवाही की गई? कृत कार्यवाही तथा जांच प्रतिवेदन की छायाप्रति उपलब्ध करावें। जांच में कौन-कौन अधिकारी सम्मिलित थे? नाम, पदनाम सहित जानकारी देवें। जांच उपरांत कौन-कौन दोषी पाए गए? दोषियों पर क्या-क्या कार्यवाही की गई? यदि नहीं, तो क्यों तथा कब-तक कार्यवाही की जावेगी? (ग) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में आंगनवाड़ी केन्द्रों में विभिन्न सामग्रियों का क्रय बिना टेण्डर प्रक्रिया अपनाएं, बिना दर निर्धारण किए तथा मध्यप्रदेश भंडार क्रय नियमों का पालन किए बिना क्रय किया गया हैं? यदि हां, तो कौन-कौन सी सामग्री खरीदी गई? किस-किस कार्यालय/संस्था द्वारा, कब-कब, कितनी मात्रा एवं राशि में खरीदी गई? संस्था का नाम, देयकों की छायाप्रति, सामग्रीवार, जिलावार, विकासखण्डवार जानकारी उपलब्ध करावें। यदि शिकायतें प्राप्त हुई हैं, तो उन पर क्या कार्यवाही की गई? छायाप्रति उपलब्ध करावें। (घ) विदिशा जिले में कितने आंगनवाड़ी केन्द्र संचालित हो रहे हैं? केन्द्रों के निरीक्षण के क्या नियम आदेश हैं? छायाप्रति उपलब्ध करावें। दिनांक 01 अप्रैल 2023 से प्रश्नांकित दिनांक तक उक्त केन्द्रों का निरीक्षण संयुक्त संचालक जिला कार्यक्रम अधिकारी, परियोजना अधिकारी, पर्यवेक्षकों ने कब-कब किया गया तथा निरीक्षण प्रतिवेदन की छायाप्रति उपलब्ध करावें। निरीक्षण में क्या-क्या कमियां पाई गईं? सेक्टरवार जानकारी उपलब्ध करावें।
महिला एवं बाल विकास मंत्री ( सुश्री निर्मला भूरिया ) : (क) एवं (ख) जानकारी एकत्रित की जा रही है। (ग) जी नहीं। शेष जानकारी का प्रश्न ही नहीं। (घ) विदिशा जिलें में 2385 आंगनवाड़ी केंद्र संचालित हो रहे है, जानकारी पुस्तकालय में रखे पेनड्राइव अनुसार है।
आंगनवाड़ी केन्द्र का संचालन
[महिला एवं बाल विकास]
26. ( क्र. 2145 ) श्री विवेक विक्की पटेल : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) प्रदेश में महिला बाल विकास विभाग द्वारा महिला एवं बाल विकास के लिए कौन-कौन सी योजनाएं संचालित की जा रही है? (ख) बालाघाट जिला की वारासिवनी विधानसभा अंतर्गत वर्ष 2023 से प्रश्न दिनांक तक कितने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं की नियुक्तियां हुई है और कितनी भर्ती प्रक्रियाधीन है? सूची उपलब्ध कराएं। (ग) विभाग द्वारा कितनी जनसंख्या पर एक आंगनवाड़ी केंद्र खोले जाने का प्रावधान है? (घ) वारासिवनी-खैरलांजी विधानसभा अंतर्गत संचालित आंगनवाड़ी केंद्रों में कितने केंद्रों के पास स्वयं का भवन है और कितने आंगनवाड़ी केंद्र किराए के भवन में संचालित हो रहे हैं? किराए के भवनों में संचालित होने वाले आंगनवाड़ी केंद्रों हेतु भवन का निर्माण कब तक कर लिया जाएगा? जानकारी देवें।
महिला एवं बाल विकास मंत्री ( सुश्री निर्मला भूरिया ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-1 अनुसार है। (ख) प्रश्नांश अवधि में 07 आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं 39 आंगनवाड़ी सहायिकाओं की नियुक्ति हुई। वर्तमान में 01 आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं 19 आंगनवाड़ी सहायिका के पदों की भर्ती प्रक्रियाधीन है, सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-2 अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-3 अनुसार है। (घ) वारासिवनी- खैरलांजी विधानसभा अंतर्गत कुल 320 आंगनवाड़ी में से 259 विभागीय भवनों में, 23 अन्य शासकीय भवनों तथा 38 किराये के भवनों में संचालित है। नवीन भवन निर्माण की स्वीकृति, वित्तीय संसाधनों एवं भूमि उपलब्धता पर निर्भर है। शेष का प्रश्न नहीं।
खराब गेहूँ की नीलामी में भ्रष्टाचार
[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण]
27. ( क्र. 2155 ) श्री अजय विश्नोई : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रश्नकर्ता द्वारा दिनांक 03/03/2025 को माननीय मुख्यमंत्री जी को पत्र लिखकर विभाग द्वारा भंडारित खराब गेहूँ की नीलामी में हो रहे भ्रष्टाचार की ओर ध्यान आकर्षित किया गया? (ख) यदि हाँ, तो उक्त पत्र पर क्या कार्यवाही की गई बिन्दुवार जानकारी दें? (ग) क्या पशु आहार बनाने के लिए अधिकृत कंपनी द्वारा नीलामी में प्राप्त खराब गेहूँ कम भाव पर खरीद कर, पशु आहार बनाने अपनी फैक्ट्री में ले जाने की बजाय स्थानीय व्यापारियों को बेचा जाता है? यदि हाँ, तो इस संबंध में विभाग द्वारा क्या कार्यवाही की गई है। (घ) क्या विभाग उन व्यापारियों की जांच कराके कार्यवाही करेगा, जिन्होंने पशु आहार हेतु क्रय खराब गेहूँ को अपनी फैक्ट्री तक नहीं ले गए? (ड.) क्या विभाग पशु आहार के लिए खरीदे गए खराब गेहूँ के परिवहन की जांच करायेगा यदि हाँ, तो कब तक यदि नहीं, तो क्यों?
खाद्य मंत्री ( श्री गोविन्द सिंह राजपूत ) : (क) माननीय सदस्य द्वारा लिखे पत्र की प्रति संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) विभाग के पत्र क्रमांक 2362/2823905/2025/29-2 भोपाल, दिनांक 18.08.2025 के साथ माननीय विधायक श्री अजय विश्नोई, पाटन का पत्र दिनांक 03.03.2025 कॉर्पोरेशन को प्राप्त हुआ था। इस पत्र में खराब गेहूँ की नीलामी के संबंध में सुझाव दिया गया था कि ''शासन द्वारा एमएसपी पर खरीदे गये गेहूँ को गोदामों में रखा जाता है। कई गोदामों में रख-रखाव के अभाव में गेहूँ खराब हो जाता है। शासन इस खराब गेहूँ की नीलामी करता है और नीलामी में प्राप्त कम राशि की वसूली गोदाम मालिकों से की जाती है। नीलामी के पूर्व गोदाम मालिकों को यह ऑफर दिया जाना उपयुक्त होगा कि वह खराब गेहूँ स्वयं रख ले एवं शासन का गेहूँ की कीमत की भरपाई कर दें। इससे शासन नीलामी की प्रक्रिया और प्रक्रिया में लगने वाले समय की बचत कर सकेगा जिस गोदाम का मालिक इस खराब गेहूँ की खरीद में असफल हो तो उसके गेहूँ की नीलामी की जा सकती है।'' खाद्य विभाग द्वारा क्षतिग्रस्त हुये स्कंधों के निराकरण के निर्देश एवं श्रेणीकरण हेतु भारत सरकार की नीति No.-08-10/20042PY&IV दिनांक 08.07.2014 के संदर्भ में आदेश क्रमांक एफ 5-1/2015/29-1 भोपाल, दिनांक 12.01.2021 जारी किया गया है। इस आदेश के अनुसार संयुक्त तकनीकी स्थायी समिति का गठन किया जाकर क्षतिग्रस्त स्कंध की जांच कराकर श्रेणीकरण उपरांत निविदा के माध्यम से विक्रय की प्रक्रिया निर्धारित है। जिसके अनुसार कॉर्पोरेशन द्वारा क्षतिग्रस्त स्कंध का विक्रय किया जाता है उक्त आदेश में नीलामी से पूर्व गेहूँ विक्रय किये जाने हेतु गोदाम मालिकों को ऑफर दिये जाने का प्रावधान नहीं है। निर्धारित अर्हताधारी गोदाम मालिक चाहें तो नीलामी से गेहूँ विक्रय प्रक्रिया में भाग ले सकते है। (ग) नीलामी में गेहूँ विक्रय की रिजर्व प्राईस भारत सरकार द्वारा जारी आदेश दिनांक 08 जुलाई, 2014 के अनुसार निर्धारित की जाती है। रिजर्व प्राईज से अधिक दरदाता “HI” को विक्रय की कार्यवाही की जाती है। अत: खराब गेहूँ का विक्रय कम भाव पर नहीं किया जाकर निर्धारित प्रक्रियानुसार अधिकतम प्राप्त दर दाता को किया जाता है। कॉर्पोरेशन द्वारा विक्रय क्षतिग्रस्त खाद्यान्न स्थानीय व्यापारियों के बेचे जाने के संबंध में कोई जानकारी/शिकायत प्राप्त नहीं होने से कार्यवाही अपेक्षित नहीं है। (घ) कॉर्पोरेशन को विक्रय क्षतिग्रस्त खाद्यान्न क्रय कर अपनी फैक्ट्री तक नहीं ले जाने की कोई जानकारी/शिकायत प्राप्त नहीं होने से प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ड.) कॉर्पोरेशन को खराब गेहूँ के परिवहन के संबंध में कोई शिकायत प्राप्त नहीं होने के कारण जांच कराया जाना अपेक्षित नहीं है।
किसानों को धान खरीदी का भुगतान
[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण]
28. ( क्र. 2156 ) श्री अजय विश्नोई : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या माननीय मंत्री जी द्वारा सदन में दिनांक 11.3.2025 को प्रश्नकर्ता के ध्यानाकर्षण के जवाब में यह आश्वासन दिया गया था कि जबलपुर में जिन 271 किसानों की धान का भुगतान नहीं हुआ है, वह जल्द करा दिया जायेगा? यदि हाँ, तो उन किसानों का भुगतान कब किया गया या कब तक कर दिया जायेगा? निश्िचत समयावधि बतायें? (ख) क्या उपरोक्त ध्यानाकर्षण के जवाब में माननीय मंत्री जी द्वारा फर्जी बिलिंग रोकने, केन्द्र को कम्प्यूटराइजेशन कराने तथा उपार्जन, परिवहन, भण्डारण का सॉफ्टवेअर बनाने संबंधी आश्वासन भी दिया था? यदि हाँ, तो उस संबंध में आज तक हुई प्रगति की जानकारी दें?
खाद्य मंत्री ( श्री गोविन्द सिंह राजपूत ) : (क) जबलपुर जिले में खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में 271 किसानों के 2268.84 मे.टन धान की फर्जी खरीदी की प्रविष्टि ई-उपार्जन पोर्टल पर करने के फलस्वरूप समितियों के 5 उपार्जन केन्द्रों के 22 व्यक्तियों के विरूद्ध आपराधिक प्रकरण दर्ज करने के कारण किसानों का भुगतान लंबित रहा है, इन संस्थाओं/अपचारी कर्मचारियों की चल/अचल संपत्ति से भू-राजस्व के बकाया (RRC) के माध्यम से वसूल करने हेतु कलेक्टर जबलपुर द्वारा उपायुक्त सहकारिता जबलपुर एवं संबंधित तहसीलदारों को आदेशित किया गया है। राशि वसूली की कार्यवाही पूर्ण होने पर किसानों को भुगतान किया जा सकेगा। (ख) माननीय प्रश्नकर्ता सदस्य के ध्यानाकर्षण के जवाब में माननीय मंत्री जी द्वारा दिए गए वक्तव्य के संबंध में की गई कार्यवाही संलग्न परिशिष्ट अनुसार है।
एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय की स्थापना
[जनजातीय कार्य]
29. ( क्र. 2219 ) श्री निलेश पुसाराम उईके : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शासन द्वारा उप-तहसील नांदनवाड़ी क्षेत्र की सघन जनजातीय आबादी के मध्य व्याप्त शैक्षणिक अभावों एवं स्थानीय जनप्रतिनिधि द्वारा निरंतर की जा रही एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय स्थापना की प्रबल मांग को कब तक पूर्ण किया जावेगा? यदि नहीं, तो क्यों? (ख) शासन नांदनवाड़ी के जनजातीय छात्र-छात्राओं के बौद्धिक उन्नयन एवं संवैधानिक अधिकारों की सुरक्षा हेतु वहां एक सुसज्जित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय की प्रशासकीय स्वीकृति कब तक प्रदान की जावेगी? यदि नहीं, तो क्यों? (ग) क्या शासन उक्त विद्यालय हेतु भूमि का आवंटन एवं आगामी बजट सत्र में विद्यालय निर्माण की स्वीकृति प्रदान करेगा? यदि हाँ, तो कब तक?
जनजातीय कार्य मंत्री ( डॉ. कुंवर विजय शाह ) : (क) भारत सरकार, जनजातीय कार्य मंत्रालय, नई दिल्ली द्वारा एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों के संचालन हेतु जारी गाइड-लाइन दिनांक 13.11.2020 के प्रावधान अनुसार पूर्ति न होने से उप-तहसील नांदनवाड़ी में एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय की स्थापना किया जाना संभव नहीं है। (ख) एवं (ग) उत्तरांश (क) के परिप्रेक्ष्य में शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
छात्रावासों में शासन द्वारा प्रदाय अनुदान
[जनजातीय कार्य]
30. ( क्र. 2280 ) श्रीमती झूमा डॉ. ध्यानसिंह सोलंकी : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि भीकनगॉव विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत जनजातीय कार्य विभाग द्वारा संचलित छात्रावास में वर्ष 2023-2024 एवं 2024-2025 में कितनी राशि का शासकीय अनुदान प्रदाय किया गया है? छात्रावासवार प्रदाय राशि की जानकारी उपलब्ध करायें। (ख) प्रश्नांश (क) वर्णित प्रदाय राशि का उपयोग किन-किन कार्यों के लिए किया जाना था? नियमावली की प्रतिलिपि प्रदाय करें। उक्त वर्षों में प्रदाय राशि से कौन-कौन सी सामग्री क्रय एवं कार्य किये गये है? किये गये कार्यों की छात्रावासवार जानकारी उपलब्ध करावे। क्या उक्त वर्ष में प्रदाय राशि से किये गये कार्यों का अंकेक्षण किया गया है? हाँ, तो किसके द्वारा? सभी छात्रावास की अंकेक्षण रिपोर्ट उपलब्ध कराये तथा यह भी बताएं कि क्या अंकेक्षण के दौरान अनियमितताएं पाई गई है? हाँ तो क्या और किस छात्रावास की कृपया जानकारी उपलब्ध करावे तथा संबंधित अनियमितताओं के लिए कौन जिम्मेदार है और विभाग द्वारा क्या कार्यवाही प्रस्तावित की गई है? जानकारी दें।
जनजातीय कार्य मंत्री ( डॉ. कुंवर विजय शाह ) : (क) शासकीय संस्थाओं को अनुदान प्रदाय नहीं किया जाता है। आर्थिक सहायता मद अंतर्गत प्रदाय राशि की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'अ' अनुसार है। (ख) प्रदाय राशि का उपयोग जिन कार्यों में किया जाना था उसकी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'ब' अनुसार है। प्रदाय राशि से सामग्री क्रय एवं किये गये कार्य की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'अ' अनुसार है। नियमावली पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट- 'स' अनुसार है। छात्रावासों के अंकेक्षण महालेखाकार मध्यप्रदेश ग्वालियर द्वारा माह दिसम्बर 2025 में किया गया है। अंकेक्षण रिपोर्ट प्राप्त होने पर दिये जाना संभव है। अत: शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
जल-जीवन मिशन अन्तर्गत अपूर्ण योजनाओं को पूर्ण किया जाना
[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]
31. ( क्र. 2281 ) श्रीमती झूमा डॉ. ध्यानसिंह सोलंकी : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) भीकनगॉव विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत जल-जीवन मिशन अन्तर्गत ऐसी कुल कितनी परियोजनाएं है, जो रिकार्ड में पूर्ण हो गई है, परन्तु वर्तमान तक उन योजनाओं से जल प्रदाय नहीं हो रहा है? ग्राम के नाम सहित जानकारी उपलब्ध कराये तथा वर्तमान तक पानी प्रदाय न करने का क्या कारण है तथा कब तक उक्त योजनाओं से जल प्रदाय करना प्रारंभ कर दिया जायेगा? (ख) यह भी बताएं कि ऐसे कितने मंजरे टोले हैं जिनमें जल-जीवन मिशन अन्तर्गत कार्य न होने से जल उपलब्धता नहीं हो रही है? उक्त ग्रामों में पेयजल हेतु कब तक योजना की स्वीकृति प्रदाय कर पेयजल उपलब्ध कराया जायेगा? (ग) क्या पेयजल स्रोत न होने से भी योजनाएं बंद है? यदि हाँ, तो कौन सी? ग्रामवार जानकारी उपलब्ध कराये तथा उक्त स्थान पर कब तक पेयजल स्रोत की व्यवस्था की जायेगी?
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( श्रीमती संपतिया उइके ) : (क) जल-जीवन मिशन अन्तर्गत कुल 181 एकल ग्राम नल-जल योजनाओं में से 163 योजनाओं के कार्य पूर्ण कर लिये गये हैं तथा 18 योजनाओं का कार्य प्रगतिरत है। पूर्ण योजनाओं से वर्तमान में जल प्रदाय प्रारम्भ है। प्रगतिरत नलजल प्रदाय योजनाओं से पाइप-लाइन की टेस्टिंग उपरांत जल प्रदाय प्रारंभ किया जा सकेगा। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। पूर्ण जल प्रदाय योजनाओं से जल प्रदाय प्रारंभ है अतः शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ख) जीवन मिशन की गाइड-लाइन के प्रावधानों अनुसार विधानसभा क्षेत्र के 175 मजरे टोले (91) ग्राम) में ग्राम से अधिक दूरी होने एवं संयुक्त बसाहट नहीं होने के कारण तकनीकी रूप से साध्य नहीं होने के कारण कार्य नहीं किया गया है। वर्तमान में इन बसाहटों में शासन द्वारा स्थापित हैण्डपपों एवं निजी स्त्रोतों के माध्यम से पेयजल उपलब्ध हो रहा है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) जी नहीं, पूर्ण योजनाओं से वर्तमान में जल प्रदाय प्रारम्भ है अतः शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
टीकमगढ़ जिले को बजट का आवंटन
[अनुसूचित जाति कल्याण]
32. ( क्र. 2290 ) श्री यादवेन्द्र सिंह : क्या अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) म.प्र. के टीकमगढ़ जिले को विगत 2 वर्ष में किस-किस ग्राम टोला को किस कार्य हेतु राशि स्वीकृत की गई और कितनी की गई, पृथक-पृथक बतायें? (ख) प्रश्नांश ''क'' में वर्णित राशि स्वीकृति का क्या मापदंड है क्या स्थानीय विधायक के प्रस्तावों को मान्य किया जाता है यदि हाँ, तो टीकमगढ़ विधानसभा में किसकी अनुशंसा से कौन-सा कार्य स्वीकृत पृथक-पृथक बतायें? (ग) क्या प्रश्नांश "क" में वर्णित बजट स्वीकृति के आवेदन करते समय स्थानीय विधायक को आवंटन समिति में नहीं रखा जाता है यदि हाँ, तो प्रश्नकर्ता को कब-कब बैठकों की सूचना दी और वह कब-कब उपस्थित रहे है? (घ) प्रश्नांश ''क'' ''ख'' एवं ''ग" में अनियमितताओं के लिये कौन-कौन दोषी है क्या उसके विरुद्ध कार्यवाही की जावेगी? यदि नहीं, तो क्यों?
अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री ( श्री नागर सिंह चौहान ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ अनुसार है। (ख) नियम की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ब अनुसार है। जी नहीं, शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) कोई दोषी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
समूह नल-जल योजनाओं का कार्य पूर्ण होना
[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]
33. ( क्र. 2320 ) श्री विष्णु खत्री : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) बैरसिया में जल-जीवन मिशन अंतर्गत संजय सागर डैम की नहरयाई परियोजना की 42 समूह नल-जल योजनाओं में से कितनी समूह नल-जल योजनाओं का कार्य पूर्ण हो चुका हैं एवं कितना भुगतान किया जा चुका हैं? जानकारी उपलब्ध करायें। (ख) बैरसिया में जल-जीवन मिशन अंतर्गत कितनी समूह नल-जल योजनाओं का कार्य आज दिनांक तक अपूर्ण है? सूची सहित जानकारी उपलब्ध करायें। (ग) अपूर्ण समूह नल जल योजनाओं का कार्य पूर्ण करने के संबंध में विभाग की क्या कार्ययोजना हैं? अपूर्ण योजनाओं का कार्य कब तक पूर्ण कर लिया जायेगा? जानकारी दें।
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( श्रीमती संपतिया उइके ) : (क) कोई नहीं, मध्यप्रदेश जल निगम द्वारा जल-जीवन मिशन अंतर्गत क्रियान्वित संजय सागर बांध आधारित संजय सागर (नेहरयाई) में बैरसिया विधानसभा क्षेत्र के 42 ग्राम सम्मिलित हैं, जिनमें से 19 ग्राम समूह ग्राम एवं 23 ग्राम बल्क ग्राम के रूप में सम्मिलित हैं। योजना के कार्य वर्तमान में प्रगतिरत हैं। राशि रु. 142.91 करोड़ का भुगतान किया जा चुका है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) बैरसिया विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत संजय सागर (नेहरयाई) समूह जलप्रदाय योजना में 19 समूह ग्रामों में एवं हलाली समूह जलप्रदाय योजना में 05 समूह ग्रामों में क्रियान्वयन का कार्य प्रगतिरत है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ग) संजय सागर (नेहरयाई) समूह जलप्रदाय योजना के कार्य दिनांक 30.6.2026 एवं हलाली समूह जल प्रदाय योजना के कार्य दिनांक 31.05.2026 तक पूर्ण किया जाना संभावित है।
अनुसूचित बस्ती विकास योजना में स्वीकृत/लंबित कार्य
[अनुसूचित जाति कल्याण]
34. ( क्र. 2357 ) श्री साहब सिंह गुर्जर : क्या अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दिनांक 01.01.2024 से 20.01.2026 तक अनुसूचित बस्ती विकास योजना के अन्तर्गत विधानसभा 14 ग्वालियर ग्रामीण क्षेत्र में कौन-कौन से कार्य, कहाँ-कहाँ स्वीकृत किये गये? कार्य का नाम, स्थान, लागत, पूर्ण/अपूर्ण, निर्माण एजेंसी सहित जानकारी देवें। (ख) उपरोक्त कार्यों के लिए जो अनुशंसाएं प्राप्त हुई एवं आदेश जारी किये गये इनकी प्रमाणित छायाप्रतियां उपलब्ध करावें। प्रश्नकर्ता के दिये गये अनुशंसा पत्रों पर कितने कार्य स्वीकृत किये? विवरण देवें। (ग) अनुशंसा करने वाले जनप्रतिनिधियों की अनुशंसा स्वीकृत करने के नियम निर्देशों की प्रति उपलब्ध करावें। प्रश्नांश (क) अनुसार कार्यों की निर्माण एजेंसी के नाम जीएसटी नम्बर एवं पूरी टेण्डर प्रक्रिया की जानकारी देवें। (घ) उचित प्रक्रिया न अपनाकर कार्य आवंटित करने वाले अधिकारियों पर विभाग कब तक कार्यवाही करेगा? प्रश्नकर्ता की अनुशंसाओं को कब तक स्वीकृति प्रदान कर दी जावेगी? समय-सीमा देवें यदि नहीं, तो अस्वीकार करने के कारण की जानकारी दें?
अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री ( श्री नागर सिंह चौहान ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ब एवं स अनुसार है। (ग) कोई नियम नहीं कार्य एजेंसी ग्राम पंचायत होने से शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) नियमानुसार कार्य स्वीकृत होने से शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
कुपोषित बच्चों को पोषण आहार
[महिला एवं बाल विकास]
35. ( क्र. 2495 ) श्री
अशोक ईश्वरदास
रोहाणी : क्या
महिला एवं बाल
विकास मंत्री
महोदया यह बताने
की कृपा
करेंगी कि (क) जबलपुर
जिले अंतर्गत
आंगनवाड़ी
केन्द्रों
में कुपोषित
बच्चों के
लिए पोषण आहार
में क्या-क्या
दिया जाता है? जानकारी
दें। (ख) प्रश्नांश (क) में
वर्णित
पोषण
आहार कितने
समय अंतराल पर
एवं किस उम्र
में दिया जाता
है? जानकारी
दें। (ग) वर्तमान
में जबलपुर
में कुल ऐसे
कुपोषित
कितने बच्चे
हैं एवं उनको
क्या पोषण
आहार दिया जा
रहा है? विस्तृत
जानकारी दें।
महिला
एवं बाल विकास
मंत्री (
सुश्री
निर्मला
भूरिया ) : (क) एवं (ख) जानकारी
संलग्न
परिशिष्ट अनुसार है।
(ग) जबलपुर
जिले में कुल 9161
कुपोषित
बच्चे हैं। इन
बच्चों में से
1290 अति
गंभीर
कुपोषित (SAM) श्रेणी
में हैं। इन
बच्चों को
प्रदायित
पूरक पोषण
आहार की जानकारी
संलग्न
परिशिष्ट अनुसार है।
दिव्यांगजन कल्याण योजनाओं का क्रियान्वयन
[सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण]
36. ( क्र. 2651 ) डॉ. रामकिशोर दोगने : क्या सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण विभाग द्वारा वर्तमान में कौन-कौन सी योजनाएँ संचालित की जा रही है? योजनाओं के नामों की सूची एवं उनकी पात्रता के नियम उपलब्ध करावें। उक्त योजनाओं में से हरदा जिले में कौन-कौन सी योजनाएँ संचालित की जा रही हैं? विवरण देवें। (ख) प्रश्नांश (क) के अनुसार हरदा विधानसभा क्षेत्र में प्रत्येक योजना के अंतर्गत वर्ष 2023-24, 2024-25, 2025-26 में कितने-कितने हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया है? ग्राम पंचायतवार/नगरीय निकायवार नाम सहित जानकारी उपलब्ध कराएँ। (ग) क्या हरदा विधानसभा क्षेत्र में विभिन्न श्रेणियों के दिव्यांगजनों की पहचान/चिन्हांकन किया जा चुका है? यदि हाँ, तो दिव्यांगता के प्रकार अनुसार ग्राम/वार्डवार जानकारी उपलब्ध करावें। यदि नहीं, तो चिन्हांकन कार्य कब तक पूर्ण किया जावेगा? समय-सीमा बताये। (घ) क्या चिन्हांकित दिव्यांगजनों को उनकी आवश्यकता अनुसार सहायक यंत्र (ट्राइसाइकिल, व्हीलचेयर, बैसाखी, श्रवण यंत्र, चश्मे) आदि उपलब्ध कराए गए हैं? यदि नहीं, तो कारण स्पष्ट करें। हरदा विधानसभा क्षेत्र में ऐसे कितने दिव्यांगजन हैं, जिन्हें अभी तक सहायक यंत्र उपलब्ध नहीं कराए गए है एवं उन्हें कब तक यह सुविधा प्रदान की जाएगी? समय-सीमा बतायें।
सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण मंत्री ( श्री नारायण सिंह कुशवाह ) : (क) विभाग द्वारा प्रदेश स्तर पर दिव्यांगजनों के लिये संचालित योजनाओं की सूची एवं उनकी पात्रता के नियम पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''अ'' अनुसार। (ख) हरदा विधासनभा क्षेत्र में प्रत्येक योजना के अंतर्गत वर्ष 2023-24, 2024-25, 2025-26 में लाभांवित हितग्राहियों की जानकारी ग्राम पंचायतवार/नगरीय निकायवार नाम सहित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''ब'' अनुसार। (ग) जी हाँ। हरदा विधानसभा क्षेत्र में विभिन्न श्रेणियों के दिव्यांगजनों की पहचान की जा चुकी है, दिव्यांगता के प्रकार अनुसार ग्राम/वार्डवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''स'' अनुसार। (घ) चिन्हित दिव्यांगजनों को उनकी आवश्यकता अनुसार सहायक यंत्र (ट्राइसाइकिल, व्हीलचेयर, बैसाखी, श्रवण यंत्र) आदि उपलब्ध कराये गये हैं। हरदा विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत समय-समय पर एडिप योजनाओं तथा विभागीय योजनाओं के अंतर्गत शिविरों का आयोजन कर चिकित्सक की अनुशंसा अनुसार दिव्यांगजनों को सहायक यंत्र वितरण किये गये हैं प्राप्त आवेदन एवं पात्रता के क्रम में हितग्राही शेष नहीं है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
छात्रावासों में वार्डन/अधीक्षक के पद पर नियुक्ति के नियम
[जनजातीय कार्य]
37. ( क्र. 2904 ) श्री शरद जुगलाल कोल : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला रीवा, शहडोल, सीधी में अनुसूचित जाति कल्याण विभाग द्वारा वर्ष 2018 से अब तक संचालित छात्रावासों में वार्डन/अधीक्षक के पद पर नियुक्ति के क्या नियम है? क्या वार्डन/अधीक्षक की नियुक्ति शासन के नियमानुसार विज्ञप्ति के आधार पर हुई है। यदि हाँ, तो उक्त अवधि में किन-किन छात्रावासों में किस-किस की नियुक्ति हुई है? (ख) संदर्भित नियमों के अनुसार वार्डन/अधीक्षक एक संस्था में अधिकतम कितनों वर्षों तक पदस्थ रह सकते है तथा बिना विज्ञप्ति सीधे नियुक्त वार्डनों को हटाने हेतु विभाग द्वारा कोई नोटिस जारी किये गये है उनकी प्रतिलिपि उपलब्ध करावें। (ग) प्रतिनियुक्ति द्वारा दूसरे विभागों से नियुक्त अधीक्षक/वार्डन की संख्या कितनी है व कब से नियुक्त है? (घ) प्रश्नांश (क) के संबंध में उक्त जिलों में किन-किन छात्रावासों में किस-किस वार्डन/अधीक्षक के खिलाफ कब-कब किस प्रकार की शिकायत हुई है उस पर क्या कार्यवाही हुई है?
जनजातीय कार्य मंत्री ( डॉ. कुंवर विजय शाह ) : (क) अनुसूचित जाति कल्याण विभाग अंतर्गत छात्रावास वार्डन/अधीक्षक के पद पर नियुक्ति के पृथक नियम नहीं है। शिक्षक संवर्ग से ही अधीक्षकों की पदस्थापना की जाती है। जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) विभागीय निर्देशों के अनुसार वार्डन/अधीक्षक एक संस्था में अधिकतम 05 वर्ष तक पदस्थ रह सकता है। शेष उत्तरांश (क) अनुसार। (ग) रीवा जिले में वर्ष 2021-22 से स्कूल शिक्षा विभाग की 01 महिला शिक्षक अधीक्षिका पद पर प्रतिनियुक्ति पर पदस्थ है। सीधी एवं शहडोल जिले की जानकारी निरंक है। (घ) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में छात्रावास वार्डन/अधीक्षक के खिलाफ प्राप्त शिकायत की जानकारी निरंक है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
कार्यवाही कर दोषियों को दण्ड दिया जाना
[महिला एवं बाल विकास]
38. ( क्र. 2905 ) श्री शरद जुगलाल कोल : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) शहडोल जिले के विकासखण्ड जयसिंह नगर एवं ब्यौहारी में वर्ष 2021 से अब तक आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका की नियुक्ति की गई है विकास खण्डवार, केन्द्रवार एवं पदवार (कार्यकर्ता सहायिका) जानकारी वर्षवार देवें। (ख) आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका की भर्ती हेतु वर्तमान में कौन सी नियमावली, दिशा निर्देश लागू है, नियमावली जारी करने की तिथि सहित विवरण देवें। (ग) उक्त नियुक्तियों में नियुक्त प्रत्येक कार्यकर्ता/सहायिका का नाम आंगनवाड़ी केन्द्र का नाम, शैक्षणिक योग्यता क्या है, क्या सभी नियुक्तियां निर्धारित योग्यता के अनुसार की गई है यदि नहीं, तो कारण स्पष्ट करें। (घ) उक्त नियुक्तियों के समय दावा, आपत्ति के कितने प्रकरण दर्ज किये गये, विकासखण्डवार बतायें कि कितने प्रकरण निराकृत हुये एवं कितने लंबित है? (ङ) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में यदि किसी नियुक्ति में नियमावली के उल्लंघन/अनियमितता पायी गई है तो कौन-कौन से मामले है? ग्रामवार जानकारी उपलब्ध करावे एवं जिम्मेदार अधिकारियों/कर्मचारियों/ समिति सदस्यों के विरूद्ध क्या कार्यवाही की गई है अथवा प्रस्तावित है?
महिला एवं बाल विकास मंत्री ( सुश्री निर्मला भूरिया ) : (क) जी हाँ, जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-1 अनुसार है। (ख) वर्तमान में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं की नियुक्ति के संबंध में मध्यप्रदेश शासन, महिला एवं बाल विकास विभाग के पत्र दिनांक 23.05.2025 एवं दिनांक 03.06.2025 द्वारा जारी निर्देश लागू है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-2 अनुसार है। जी हाँ, शेष का प्रश्न नहीं होता। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-3 अनुसार है। (ङ) परियोजना जयसिंह नगर एवं ब्यौहारी में नियुक्ति संबंधी कोई उल्लंघन/अनियमितता की शिकायत प्राप्त नहीं होने से शेष का प्रश्न नहीं होता।
स्वीकृत पानी की टंकियों को अवैध रूप से दूसरे ग्राम में निर्माण होना
[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]
39. ( क्र. 2920 ) डॉ. राजेन्द्र कुमार सिंह : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) मैहर जिले की अमरपाटन विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत ग्राम टेगना एवं ग्राम धनवाही में नल-जल योजना अंतर्गत पानी की टंकी का निर्माण कार्य प्रस्तावित होकर ग्राम पंचायतों के द्वारा अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी कर पानी की टंकी निर्माण हेतु स्थान भी सुरक्षित कर लिया गया था? (ख) क्या ग्राम टेगना की पानी की टंकी बड़वार के मोहल्ला शंकरगढ़ में एवं ग्राम धनवाही की पानी की टंकी ग्राम बड़बार में बिना किसी सक्षम कार्यालय की लिखित आदेशों से मनमाने तरीके से स्थानांतरित कर निर्माण करवा भी दी गई? अगर नहीं तो ग्राम पंचायत टेगना के ग्राम टेगना में ही स्वीकृत पानी की टंकी बनी है तो उसका प्रमाणीकरण उपलब्ध करायें? (ग) इसी तरह ग्राम धनवाही में पानी की टंकी बनी है तो उसका प्रमाणीकरण उपलब्ध करायें? (घ) विभाग के अधिकारियों ने दस्तावेजों में ऐसी कूट रचना (फर्जीवाड़ा) किया है कि ऑनलाइन देखने से पानी की टंकियों का निर्माण ग्राम टेगना एवं धनवाही में दिखता है? कार्यपालन यंत्री/एसडीओ लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी प्रमाणीकरण दें कि उक्त टंकियों का निर्माण ग्राम टेगना व धनवाही में हुआ है? प्रमाणीकरण की एक प्रति दें।
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( श्रीमती संपतिया उइके ) : (क) जी हाँ। (ख) जी नहीं, ग्राम टेगना एवं धनवाही में टंकी निर्माण हेतु प्रारंभिक सर्वेक्षण किया गया था परंतु तकनीकी कारणों के कारण टंकी का स्थान परिवर्तित कर अन्य स्थान पर बनाई गई है। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता है। (ग) उत्तरांश (ख) अनुसार प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) विभाग द्वारा वर्णित टंकियों की ऑनलाइन मैपिंग जल रेखा पोर्टल पर की गई है जिसमें वर्णित टंकियों का स्थान (अक्षांश, देशांश) ग्राम बड़वार में दर्शित होता है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
खाद्यान्न पात्रता पर्ची जारी करना
[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण]
40. ( क्र. 2960 ) डॉ. तेजबहादुर सिंह चौहान : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नागदा-खाचरौद विधानसभा क्षेत्र में खाद्यान्न पात्रता पर्ची जारी करने के सम्बन्ध में प्रश्नकर्ता द्वारा पूर्व में जानकारी चाही गयी थी, जिसमें बताया गया कि 2717 आवेदन पात्रता पर्ची जारी करने हेतु ऑनलाइन आवेदन स्वीकृत किए गए थे, इसमें से 140 पात्रता पर्ची जारी हो चुकी है और 2577 में पात्र आवेदनों में E- KYC नहीं होने के कारण पात्रता पर्ची जारी नहीं होना बताया गया था। (ख) विगत 8 माह पश्चात शेष 2577 में से कितनी खाद्यान्न पात्रता पर्ची जारी हो चुकी है कृपया संख्या बतावें? (ग) यदि E- KYC के अभाव में पर्ची जारी नहीं हो रही है तो क्या विभाग स्वयं E- KYC करने की दिशा में कोई पहल कर गरीब परेशान लोग को पात्रता पर्ची जारी करेंगे।
खाद्य मंत्री ( श्री गोविन्द सिंह राजपूत ) : (क) जी हाँ। (ख) जिला उज्जैन के शेष रहे सभी 2577 आवेदनों की पात्रता पर्ची जारी कर दी गई है। (ग) उत्तरांश (ख) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
हालोन समूह जल प्रदाय योजना
[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]
41. ( क्र. 2969 ) श्री नारायण सिंह पट्टा : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) परियोजना में सुपरविजन, क्वालिटी कंट्रोल एवं थर्ड-पार्टी इंस्पेक्शन हेतु किन कंपनियों को ठेका दिया गया है? उनके कार्यादेश, नियुक्त कर्मचारियों तथा वेतनमान क्या है? (ख) उक्त परियोजना के संबंध में दिनांक 03/01/2026 को सी.एम.हेल्पलाइन में दर्ज शिकायत क्रमांक 36180340 पर क्या कार्यवाही की गई तथा किन अधिकारियों द्वारा जांच की गई? निष्कर्ष क्या रहा? क्या शिकायतकर्ता कार्यवाही से संतुष्ट हुआ या नहीं? यदि नहीं, तो आगे क्या कार्यवाही की जा रही है? (ग) उक्त परियोजना से संबंधित सी.एम.हेल्पलाइन शिकायतों का विवरण एवं शिकायतों पर की गई कार्यवाही का विवरण प्रदान किया जाए? क्या शिकायतें वापस लेने या संतुष्टि हेतु शिकायतकर्ताओं पर दबाव बनाया गया है? (घ) कम्पनी द्वारा प्रश्न दिनांक तक परियोजना अंतर्गत किन-किन गाँवों में प्रत्येक घर तक नल कनेक्शन प्रदाय कर दिए गए हैं, ग्रामवार हितग्राहीवार जानकारी उपलब्ध कराएं? परियोजना अंतर्गत किन-किन ग्रामों में कार्य शत प्रतिशत पूर्ण कर लिया गया है? (ङ) क्या हालोन समूह जलप्रदाय योजना अंतर्गत कार्यरत ठेका कंपनी द्वारा Companies Act, 2013 की धारा 135 एवं Companies (CSR Policy) Rules, 2014 के अनुसार परियोजना क्षेत्र में स्थानीय क्षेत्र प्राथमिकता अंतर्गत अनिवार्य CSR दायित्व का पालन किया गया है? यदि हाँ, तो वर्षवार स्वीकृत एवं व्यय की गई राशि, कार्य का स्थान, प्रकृति, संबंधित स्वीकृति आदेश एवं उपयोगिता प्रमाण पत्र का विवरण प्रस्तुत किया जाए, क्या यह कार्य अनिवार्य रूप से किये जाने का प्रावधान है, यदि कार्य नहीं किया गया, तो धारा 135 (7) के अंतर्गत क्या कार्यवाही की गई है?
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( श्रीमती संपतिया उइके ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-01 अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-02 अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-03 अनुसार है। जी नहीं। (घ) नल कनेक्शन प्रदाय नहीं किया गया है। प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता है। कोई नहीं। (ङ) प्रश्नांश में चाही गई जानकारी जल निगम एवं संविदाकार के बीच अनुबंध से संबंधित नहीं है।
राइस मिलों को गुणवत्ता सुधार हेतु अपग्रेडेशन राशि का प्रदाय
[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण]
42. ( क्र. 2972 ) श्री नारायण सिंह पट्टा : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) कस्टम-राइस-मिलिंग अंतर्गत चावल की गुणवत्ता सुधार हेतु राइस मिलरों को कितनी अपग्रेडेशन राशि किस दर/निर्धारण से दी जाती थी? जबलपुर संभाग अंतर्गत वर्ष 2022-23 से प्रश्न दिनांक तक की स्थिति में जिलेवार प्रदाय राशि की जानकारी उपलब्ध कराएं? वर्तमान में राइस-मिलरों को कितनी राशि कब से दी जानी शेष है? यह राशि नहीं दिए जाने के क्या कारण हैं? कब तक प्रदाय कर दी जाएगी? (ख) उक्त राशि प्रदाय न होने को लेकर राइस-मिलरों द्वारा धान खरीदी प्रारम्भ होने के कितने दिनों बाद धान उठाव प्रारम्भ किया गया? इस अवधि में धान के स्टोरेज, परिवहन, हैंडलिंग एवं अन्य-व्यवस्थागत खर्चों के कारण शासन को कितना नुकसान उठाना पड़ा? (ग) वर्ष 2022-23 से प्रश्न दिनांक तक राइस-मिलरों को दिए जाने वाले मिलिंग-रेट की जानकारी उपलब्ध कराएं? क्या इस वर्ष रेट में कटौती की है या की जाएगी? यदि हाँ, तो क्यों? क्या पल्लेदारी (मिल मजदूरी) घटाने की कोई कार्यवाही की जा रही है, यदि हाँ, तो क्यों? (घ) ट्रांसपोर्टरों को कितना भुगतान किस दर से किया जाता है? क्या अत्यधिक जोखिम उठाने के बाद भी राइस मिलरों को ट्रांसपोर्टरों की अपेक्षा कम भुगतान किया जाता है? ऐसे भेद-भाव का क्या कारण है? (ङ) क्या प्रदेश में उत्पादन की गई धान की गुणवत्ता की टेस्ट मिलिंग करा कर प्राप्त टोटल यील्ड का परीक्षण किया गया है? यदि हाँ, तो परीक्षण रिपोर्ट से अवगत कराए? यदि नहीं, तो क्यों? (च) प्रदेश में लगातार बढ़ रहे धान उत्पादन को लेकर क्या कोई ठोस नीति बनाई जा रही है?
खाद्य मंत्री ( श्री गोविन्द सिंह राजपूत ) : (क) राज्य शासन द्वारा अपग्रेडेशन राशि वर्ष 2020-21 में उस वर्ष की विषम परिस्थिति को दृष्टिगत रखते हुए उपार्जित धान की मिलिंग में हो रही अत्यधिक टूटन की अपग्रेडेशन, प्रदेश में सार्टेक्स राईस मिलों को बढ़ावा देने तथा भारतीय खाद्य निगम में परिदान करने हेतु मिलर्स को प्रोत्साहित करने के लिए अपग्रेडेशन राशि दिए जाने का निर्णय लिया गया था। जबलपुर संभाग में खरीफ विपणन वर्ष 2022-23 एवं 2023-24 में समर्थन मूल्य पर उपार्जित धान की मिलिंग हेतु देय अपग्रेडेशन राशि के विरूद्ध भुगतान एवं शेष राशि का विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ अनुसार है। मध्यप्रदेश राज्य सहकारी विपणन संघ द्वारा जबलपुर एवं बालाघाट जिले में मिलर्स को अपग्रेडेशन मद में भुगतान की जाने वाली राशि के क्लेम प्रस्तुत किए गए है राशि प्राप्त होते ही मिलर्स को भुगतान किया जाएगा। (ख) विभाग द्वारा जारी मिलिंग नीति/SOP अनुसार मिलर्स द्वारा अनुबंध उपरांत सुरक्षा राशि जमा कर, धान का उठाव किया जाता हैं। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में मिलर्स द्वारा दिनांक 26.12.2025 से धान का उठाव प्रारंभ किया गया है। किसानों से धान उपार्जन सुचारू रूप से किये जाने की दृष्टिगत उपार्जित धान को मिलर्स को प्रदाय किये जाने के साथ-साथ गोदामों में भी भंडारण कराया जाता है। इस अवधि में धान भण्डारण, परिवहन, हैंडलिंग एवं अन्य व्यवस्थागत कारणों से विभाग को कोई नुकसान होने का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) वर्ष 2022-23 से वर्ष 2025-26 तक भारत सरकार द्वारा राशि रू. 10 प्रति क्विंटल मिलिंग व्यय तथा राशि रू. 50 प्रति क्विंटल राज्य सरकार द्वारा प्रोत्साहन राशि का निर्धारण किया गया है, जिसमें किसी प्रकार की कटौती नहीं की गई है। मिलर्स को राज्य स्तरीय समिति (एसएलसी) द्वारा निर्धारित दर पर हम्माली दर (मिल मजदूरी) का भुगतान किया जाता है। हम्माली दर घटाने की कोई कार्यवाही नहीं की जा रहीं है। (घ) परिवहनकर्ताओं को राज्य स्तरीय समिति (एसएलसी) द्वारा निर्धारित SOR दर पर भुगतान किया जाता है। वर्ष 2022-23 से वर्ष 2024-25 तक SOR एवं जिलेवार स्वीकृत परिवहन दरों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ब अनुसार है। मिलिंग नीति/SOP अनुसार राज्य स्तरीय समिति द्वारा निर्धारित SOR/एलआरटी दर (जो कम हो) के अनुसार मिलर्स को परिवहन व्यय का भुगतान किया जाता है। (ड.) जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (च) प्रदेश के किसानों द्वारा उत्पादित धान को भारत सरकार द्वारा निर्धारित समर्थन मूल्य पर उपार्जन करने की कार्यवाही विभाग द्वारा की जाती है।
आदिवासी ग्रामों में विद्युतीकरण
[जनजातीय कार्य]
43. ( क्र. 3016 ) श्री ब्रजेन्द्र प्रताप सिंह : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) पन्ना विधानसभा अंतर्गत धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत कितने आदिवासी ग्रामों को चिन्हित किया गया है? इस अभियान के तहत किन-किन क्षेत्रों में क्या कार्य शासन द्वारा आदिवासियों के लिये स्वीकृत किये गये है? (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार उक्त अभियान के तहत पन्ना विधानसभा के जो आदिवासी ग्राम छूट गये है उनको अभियान में जोड़े जाने के लिये शासन द्वारा क्या कार्यवाही की जा रही है? कब तक उक्त आदिवासी ग्रामों को अभियान में जोड़कर शासन की योजना का लाभ दिया जावेगा? (ग) क्या विधानसभा सत्र मार्च 2025 के प्रश्न क्रमांक 2003 में विस्थापित आदिवासी बाहुल्य ग्राम नवीन बस्ती आरामगंज एवं नई बस्ती विश्रामगंज में विद्युतीकरण के संबंध में पूछे गये प्रश्न के उत्तर में माननीय मंत्री जी द्वारा जिले को पत्र प्रेषित किया गया है योजनाअंतर्गत प्राप्त आवंटन की सीमा में कार्य स्वीकृति की कार्यवाही की जाती है अवगत कराया गया था? यदि हाँ, तो उक्त संबंध में क्या कार्यवाही की गई? कब तक आदिवासी बस्ती विश्रामगंज में विद्युतीकरण कार्य कार्य पूर्ण किया जावेगा? समय-सीमा बतावें।
जनजातीय कार्य मंत्री ( डॉ. कुंवर विजय शाह ) : (क) पन्ना विधानसभा अंतर्गत धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत 57 ग्रामों को चिन्हित किया गया है। अभियान के तहत शासन द्वारा विभिन्न विभागों के स्वीकृत कार्यों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-"अ" अनुसार है। (ख) भारत सरकार जनजातीय कार्य मंत्रालय द्वारा ग्रामों का चयन किया गया है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) जी हाँ। नवीन बस्ती आरामगंज एवं विश्रामगंज में विद्युतीकरण कार्य स्वीकृत कर दिए गए हैं। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट- ब अनुसार है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
जल-जीवन मिशन का कार्य का विवरण
[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]
44. ( क्र. 3019 ) श्री विवेक विक्की पटेल : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) जिला बालाघाट के अंतर्गत विकासखंड किरनापुर में आने वाले ग्राम गुनई में क्या जल-जीवन मिशन के तहत घर-घर पेयजल उपलब्ध कराने हेतु आवश्यक कार्य पूर्ण कर लिया गया है? यदि हाँ, तो ग्राम पंचायत गुनई के प्रत्येक घर में कब तक पेयजल की आपूर्ति कर दी जावेगी? यदि नहीं, तो क्यों? (ख) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित ग्राम में जल-जीवन मिशन का कार्य कब दिनांक से प्रारंभ है और कब तक इसे पूर्ण कर लिया जाना नियत है? उक्त परियोजना हेतु क्या समय-सीमा निर्धारित की गई है? (ग) क्या प्रश्नांश (क) में वर्णित कार्य नियत अवधि में, कार्य की डीपीआर एवं स्वीकृत प्राक्कलन के अनुरूप किए जा रहे हैं? यदि हाँ, तो कार्यवार विवरण दीजिए नहीं तो सक्षम प्राधिकारियों द्वारा प्रश्न दिनांक तक की गई कार्यवाही की जानकारी प्रदान करें।
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( श्रीमती संपतिया उइके ) : (क) विकासखंड किरनापुर के ग्राम गुनई में जल-जीवन मिशन के तहत स्वीकृत नल-जल योजना के कार्य अंतर्गत बिजली कनेक्शन का कार्य छोड़कर शेष सभी कार्य पूर्ण किये जा चुके हैं, बिजली कनेक्शन का कार्य प्रगतिरत है, जिसे शीघ्र पूरा करने के लिए प्रयास किया जा रहा है, जल प्रदाय प्रारंभ करने की निश्िचत तिथि बताया जाना संभव नहीं है। (ख) ग्राम गुनई में जल-जीवन मिशन अंतर्गत नल-जल योजना का कार्य दिनांक 05/02/2024 से प्रारंभ किया गया है, जिसे अनुबंध अनुसार 09 माह में कार्य पूर्ण कर 03 माह योजना का ट्रायल रन कर ग्राम पंचायत को हस्तांतरण करने हेतु समय निर्धारित किया गया था, योजना को यथाशीघ्र पूरा कराने का प्रयास किया जा रहा है। (ग) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। कार्य में विलंब हेतु अनुबंध की शर्तों अनुसार ठेकेदार को ब्लैक लिस्ट करने की अनुशंसा के साथ प्रस्ताव कार्यपालन यंत्री बालाघाट द्वारा मुख्य अभियंता परिक्षेत्र, जबलपुर को प्रेषित किया है।
पी.डी.एस. के हितग्राहियों की जानकारी
[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण]
45. ( क्र. 3030 ) इंजीनियर हरिबाबू राय : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा अशोकनगर के अंतर्गत पी.डी.एस के कितने हितग्राही है तथा उन्हें प्रत्येक माह कितना राशन वितरण किया जा रहा है एवं ऐसे कितने हितग्राही है जिन्हें 3 महिने से राशन प्राप्त नहीं हुआ है। ज्यादातर दुकानें महिने में एक या दो दिन खुलती है, समय से भी नहीं खुलती है। एक-एक व्यक्ति के पास दस दस दुकानें तक है। स्पष्ट करने की ऐसा क्यों किया जा रहा है? (ख) विधानसभा अशोकनगर में वर्ष 2023 से दिसंबर 2025 तक कितने राशन कार्ड सत्यापन के उपरांत निष्क्रिय कर दिये गये है तथा कितने नये हितग्राही जोडे़ गये हैं। सूचीबद्ध कर जानकारी प्रदाय करें। (ग) विधानसभा अशोकनगर के अंतर्गत पी.डी.एस. की कितनी दुकानें संचालित है तथा किन लोगों के द्वारा संचालित की जा रही है एवं जो दुकानें है वह कितनी शासकीय बिल्डिंग में है तथा कितनी किराये पर हैं। किरायेदार का नाम/मकान मालिक का नाम मय किराया सहित सूचीबद्ध, जानकारी प्रदाय करें।
खाद्य मंत्री ( श्री गोविन्द सिंह राजपूत ) : (क) विधानसभा अशोकनगर के अंतर्गत सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पी.डी.एस) के 2,05,723 हितग्राही है, जिनमें अन्त्योदय परिवारों को 35 कि.ग्रा. (30 कि.ग्रा. गेहूँ, 05 कि.ग्रा. चावल), 01 कि.ग्रा. नमक एवं 01 कि. ग्रा. शक्कर प्रति परिवार एवं प्राथमिक परिवारों को 05 कि.ग्रा. प्रति सदस्य (04 कि.ग्रा. गेहूँ, 01 कि.ग्रा. चावल), 01 कि.ग्रा. नमक खाद्यान्न वितरण किया जा रहा है। जो पात्र व्यक्ति राशन लेने आता है, उसको राशन का वितरण किया जाता है। अशोकनगर विधानसभा क्षेत्रांतर्गत उचित मूल्य दुकानें सामान्यत: नियमित रूप से खुलती है। विधानसभा अशोकनगर में संचालित 119 उचित मूल्य दुकानों में प्रत्येक दुकान पर पृथक-पृथक विक्रेता कार्यरत है। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता। (ख) विधानसभा अशोकनगर में वर्ष 2023 से दिसंबर 2025 तक कुल 2412 पात्रता पर्ची (ई-राशन कार्ड) सत्यापन उपरांत निरस्त किये गये एवं 2961 नये परिवार जोडे़ गये। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'अ' अनुसार है। (ग) विधानसभा अशोकनगर के अंतर्गत सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पी.डी.एस) की 119 दुकानें संचालित है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'ब' अनुसार है।
जल-जीवन मिशन अंतर्गत स्वीकृत कार्य
[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]
46. ( क्र. 3038 ) श्री भैरो सिंह बापू : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) सुसनेर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत जल-जीवन मिशन एवं लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा संचालित योजना अंतर्गत कितनी ग्राम पंचायतों में हर घर नल के माध्यम से जल वितरण हेतु योजना स्वीकृत की गई है? कितनी ग्राम पंचायतों में कार्य पूर्ण कर नल के माध्यम से जल वितरण प्रारंभ किया गया है एवं कितनी ग्राम पंचायतों में नहीं ग्राम पंचायतवार जानकारी देवें? (ख) प्रश्नांश (क) के सन्दर्भ में सुसनेर विधानसभा क्षेत्र के कितने शासकीय स्कूलों एवं आंगनवाड़ी केन्द्रों में पेयजल व्यवस्था हेतु जल-जीवन मिशन में पेयजल योजना स्वीकृत की गई उनमें से कहाँ-कहाँ कार्य पूर्ण कर दिया गया है? (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) अनुसार उपरोक्त ग्राम पंचायतों/स्कूल/आंगनवाड़ी केन्द्रों में योजना अनुसार कार्य पूर्ण करने की अवधि कब तक की थी क्या संबधित एजेन्सी/ठेकेदार द्वारा समय-सीमा में कार्य पूर्ण कर दिया गया? यदि नहीं, तो कारण बताये एवं विभाग के अधिकारियों द्वारा क्या कार्यवाही की गई?
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( श्रीमती संपतिया उइके ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-01 एवं 02 अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र -03 अनुसार है। (ग) एकल ग्राम नल-जल योजनाओं के कार्य पूर्ण करने की अवधि अनुबंध की तिथि से 6 माह एवं स्कूल/आंगनवाड़ी केन्द्रों हेतु स्वीकृत पेयजल व्यवस्था के कार्यों को पूर्ण करने की अवधि अनुबंध की तिथि से 3 माह निर्धारित थी। चिल्लर ग्रामीण समूह जल प्रदाय योजना के कार्य दिनांक 15 अक्टूबर 2026 एवं आगर-मालवा समूह जल प्रदाय योजना के समस्त कार्य दिनांक 31 दिसम्बर 2026 तक पूर्ण किया जाना संभावित है। उक्त दोनों योजनाओं के कार्य प्रगतिरत हैं। कतिपय कारणों से कुछ एजेन्सी/ठेकेदारों द्वारा एकल ग्राम नल-जल योजनाओं एवं स्कूल/आंगनवाड़ी केन्द्रों में पेयजल व्यवस्था के कार्य समय-सीमा में पूर्ण नहीं किए गए, जिनके विरूद्ध विभाग द्वारा अनुबंध के प्रावधान अनुसार शास्ति अधिरोपित करने की कार्यवाही की गई।
संतरा उत्पादक किसानों को सहायता राशि का प्रदाय
[उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण]
47. ( क्र. 3039 ) श्री भैरो सिंह बापू : क्या उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या जिला आगर-मालवा को एक जिला एक उत्पाद अंतर्गत संतरे को सम्मिलित किया गया है, यदि हाँ, तो संतरा उत्पादन करने वाले किसानों की आय बढ़ाना, वैश्िवक विपणन क्षमता को विकसित करने हेतु क्या कदम उठाये जा रहे है? (ख) प्रश्नकर्ता के विधानसभा क्षेत्र सुसनेर सहित सम्पूर्ण जिले के अधिकतर किसान संतरों की फसल लगाते है विभाग द्वारा संतरा उत्पादन करने वाले किसानों को वर्ष 2024 से प्रश्न दिनांक तक कब-कब अनुदान/सहायता दी गई? (ग) क्या प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना अंतर्गत कितनी उद्यानिकी फसलों हेतु बीमा का प्रावधान किया गया है? यदि नहीं, तो क्यों? वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 में कौन सी कंपनी द्वारा किसानों का बीमा किया गया एवं कितने किसानों को फसल बीमा योजना का लाभ प्रदान किया गया?
उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण मंत्री ( श्री नारायण सिंह कुशवाह ) : (क) जी हाँ। संतरा उत्पादन करने वाले किसानों के लिये समय-समय पर योजनान्तर्गत प्रशिक्षण सह-भ्रमण के कार्यक्रम में संतरा फसल की उच्च गुणवत्तायुक्त उत्पादन के साथ-साथ उत्पादकता बढ़ाकर उनकी आय बढ़ाने के प्रयास किये गये है। (ख) विभाग द्वारा विधानसभा क्षेत्र सुसनेर सहित संपूर्ण जिले में संतरा उत्पादन करने वाले कृषकों को वर्ष 2024 से प्रश्न दिनांक तक प्रदाय की गई अनुदान/सहायता की कृषक सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) उद्यानिकी फसलों के लिये भारत सरकार द्वारा मौसम आधारित फसल बीमा योजना का प्रावधान किया गया है, जो Weather Information Network and Data System (WINDs) पर आधारित है, प्रदेश में इसे लागू करने की प्रक्रिया प्रचलित है। अतः शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
नवीन हैंडपम्प एवं संधारण कार्य में सामग्री का अभाव
[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]
48. ( क्र. 3045 ) श्री सुरेश राजे : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) वर्ष 2022-23 से 2025-26 में प्रश्न दिनांक तक लोक स्वास्थ्य एवं यांत्रिकी विभाग द्वारा जिला ग्वालियर की जनपद पंचायत डबरा/भितरवार/मुरार/बरई क्षेत्र में कितने-कितने नवीन नलकूप खनन किये गए? कितने प्लेटफार्म बनाकर हैण्डपम्प लगाये गए? कितनों में विद्युत मोटर डाली गयी? कितने खनन बिना हैण्डपम्प व मोटर के हैं? वर्षवार एवं जनपदवार पूर्ण जानकारी देवें। (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार विभाग को वर्ष 2022-23 से 2025-26 में प्रश्न दिनांक तक खनित नवीन नलकूपों में हैण्डपम्प/विद्युत मोटर तथा हैण्डपम्प में संधारण कार्य हेतु कौन-कौन सी सामग्री कितनी-कितनी मात्रा में किस-किस दिनांक को प्रदाय की गई? वर्षवार एवं सामग्रीवार पूर्ण सूची देवें। (ग) क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ग्वालियर द्वारा नवीन नलकूपों में सामग्री सहित हैण्डपम्प लगाने तथा उनकी मरम्मत कार्य हेतु उक्त वर्षों में निरंतर मांग की गई किन्तु सामग्री के अभाव में नवीन हैंडपम्प एवं संधारण कार्य नहीं होने से सैकड़ों हैण्डपम्प बंद होने के कारण पेय-जल संकट उत्पन्न हुआ है? इनको सामग्री कब तक प्रदाय की जाएगी? समयावधि बताएं। यदि नहीं, तो क्यों?
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( श्रीमती संपतिया उइके ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-01 अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-02 अनुसार है। (ग) जी नहीं। आवश्यक सामग्री समय पर प्राप्त हुई। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता
ट्राइसिकल का वितरण
[सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण]
49. ( क्र. 3059 ) श्री कालु सिंह ठाकुर : क्या सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) धार जिले में 1 जनवरी 2023 से प्रश्न दिनांक तक विभाग द्वारा ट्राइसिकल वितरित की गई है? (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार यदि हाँ, तो किस-किस दिनांक को किन-किन हितग्राहियों को वितरित की गई है? सूची उपलब्ध करावें और यदि नहीं, तो किस कारण स्पष्ट करें। (ग) धार जिले में किन-किन हितग्राहियों द्वारा ट्राइसिकल नहीं मिलने पर विभागीय अधिकारी या सी.एम. हेल्प लाइन पर शिकायत की गई है? सूची उपलब्ध करावें और यह भी बतावें कि किन-किन की शिकायत का कब-कब निराकरण किया गया है?
सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण मंत्री ( श्री नारायण सिंह कुशवाह ) : (क) कार्यालय, सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण जिला धार द्वारा जिले में 01 जनवरी 2023 से प्रश्न दिनांक तक कुल 514 ट्राइसिकल वितरण की गई है। (ख) उत्तरांश (क) के अनुक्रम में जानकारी पुस्कालय में रखे परिशिष्ट अनुसार। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) धार जिले में हितग्राहियों द्वारा ट्राइसिकल नहीं मिलने संबंध में विभागीय अधिकारी या सी.एम. हेल्प लाइन पर कार्यालय, उप संचालक सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण जिला धार अंतर्गत कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
आंगनवाड़ी केंद्रों की जानकारी
[महिला एवं बाल विकास]
50. ( क्र. 3074 ) श्री प्रताप ग्रेवाल : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) प्रदेश में महिला बाल विकास विभाग द्वारा महिलाओं के लिए कौन-कौन सी योजनाएं संचालित की जा रही हैं एवं धार जिले में विगत 5 वर्ष में कितनी राशि प्राप्त हुई, कितनी खर्च की एवं कितनी शेष है? समस्त जानकारी वर्षवार देवें। (ख) सरदारपुर विधानसभा अंतर्गत वर्ष 2020 से प्रश्न दिनांक तक कितने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं की नियुक्तियां हुई हैं? क्या इन नियुक्तियों के दौरान चयन प्रक्रिया में संपूर्ण पारदर्शिता का पालन किया गया है? नियुक्ति की संपूर्ण जानकारी मेरिट लिस्ट सहित उपलब्ध करावें। (ग) क्या प्रश्नांश (ख) वर्णित अधिकतर नियुक्तियों में उत्तरप्रदेश, राजस्थान एवं अन्य राज्य की अंक सूचियों का उपयोग किया गया है? यदि हाँ, तो इनका सत्यापन कब और किन अधिकारियों के द्वारा किया गया? उनकी प्रति देवें। (घ) विभाग द्वारा कितनी जनसंख्या पर एक आंगनवाड़ी केंद्र खोले जाने का प्रावधान है? सरदारपुर विधानसभा अंतर्गत कितने आंगनवाड़ी केंद्र संचालित हैं और भविष्य में कितने और आंगनवाड़ी केंद्र प्रस्तावित हैं? (ङ) सरदारपुर विधानसभा अंतर्गत संचालित आंगनवाड़ी केंद्रों में कितने केंद्रों के पास स्वयं का भवन है और कितने आंगनवाड़ी केंद्र किराए के भवन में संचालित हो रहे हैं? किराए के भवनों में संचालित होने वाले आंगनवाड़ी केन्द्रों हेतु भवन का निर्माण कब तक कर लिया जाएगा?
महिला एवं बाल विकास मंत्री ( सुश्री निर्मला भूरिया ) : (क) जिला धार में महिलाओं हेतु संचालित योजनाओं एवं व्यय संबंधी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-1 अनुसार है। (ख) सरदारपुर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत प्रश्नांश अवधि में 60 आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं एवं 103 आंगनवाड़ी सहायिकाओं की नियुक्ति हुई। जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-2 अनुसार है। (ग) जी नहीं, सरदारपुर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत अन्य राज्यों की 39 अंक सूचियों का नियुक्ति हेतु उपयोग किया गया है। छायाप्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-3 अनुसार है। अंक सूचियों का सत्यापन नियुक्ति प्रक्रिया अनुसार विकासखण्ड स्तरीय समिति (अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) की अध्यक्षता वाली समिति) तथा जिला स्तर पर (मुख्य कार्यपालन अधिकारी की अध्यक्षता वाली समिति) द्वारा नियुक्ति प्रक्रिया में विकासखण्ड स्तरीय एवं जिला स्तरीय प्रक्रिया के समय किया गया है। (घ) मापदण्ड पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-4 अनुसार है। सरदारपुर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत 431 आंगनवाड़ी केन्द्र संचालित हैं। वर्तमान में कोई प्रस्तावित नहीं। (ङ) सरदारपुर विधानसभा अंतर्गत 180 विभागीय भवन, 101 अन्य शासकीय भवन तथा 150 किराये के भवन में संचालित है। नवीन भवन निर्माण की स्वीकृति, वित्तीय संसाधनों एवं भूमि उपलब्धता पर निर्भर है। अत: समय-सीमा दिया जाना संभव नहीं।
विद्यालयों के निर्माण कार्य की जानकारी
[जनजातीय कार्य]
51. ( क्र. 3075 ) श्री प्रताप ग्रेवाल : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सरदारपुर विधानसभा में विभाग द्वारा सी.एम. राइज (सांदीपनि) विद्यालय, एकलव्य विद्यालय एवं अन्य विद्यालयों के निर्माण कार्य की लागत, निर्माण कार्य हेतु समय सीमा, कार्य आदेश (ठेकेदार को कब दिया गया), निविदा प्रक्रिया व ठेकेदार से अनुबंध की प्रति उपलब्ध करावें। (ख) क्या प्रश्नांश (क) अनुसार निर्माण कार्य समय-सीमा में पूर्ण कर लिया गया? यदि नहीं, तो कारण स्पष्ट करें। समय-सीमा में कार्य पूर्ण नहीं होने पर ठेकेदार पर कोई दण्ड अधिरोपित किया गया? यदि हाँ, तो विवरण देवें। यदि नहीं, तो कारण स्पष्ट करें। कार्यवाही न करना क्या सिवील सेवा आचरण के नियमों के अनुकुल है? (ग) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित विद्यालयों का निरीक्षण एवं परीक्षण कब-कब किस अधिकारी द्वारा किया गया? अधिकारी का नाम, पद नाम तथा निरीक्षण के दौरान क्या-क्या कमियां पाई गई? कितने सैम्पल कलेक्ट किये गये? सैम्पलों की जांच किस लैब में कराई गई? जांच में कौन दोषी पाया गया एवं दोषियों पर क्या कार्यवाही की गई? बिल भुगतान की माप पुस्तिका व भुगतान की समस्त जानकारी उपलब्ध करायें। (घ) प्रश्नांश (क) अनुसार निर्माण कार्य में स्वीकृत अनुबंध की शर्तों के अनुसार निर्माण एजेन्सी द्वारा कौन-कौन से कार्य किये गये और कौन-कौन से कार्य नहीं किये गये?
जनजातीय कार्य मंत्री ( डॉ. कुंवर विजय शाह ) : (क) सरदारपुर विधानसभा अंतर्गत सांदीपनि विद्यालय, एकलव्य विद्यालय एवं अन्य विद्यालयों के निर्माण कार्य की लागत, समय-सीमा, कार्य आदेश एवं कार्य आदेश दिनांक की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'अ' अनुसार है। निविदा प्रक्रिया व कार्य के अनुबंध की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'ब' अनुसार है। (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार निर्माण कार्य समयावधि में कार्य पूर्ण नहीं होने के कारण, ठेकेदार पर दण्ड अधिरोपित की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'स' अनुसार है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित विद्यालयों का निरीक्षण एवं परीक्षण का दिनांक एवं अधिकारी का नाम- पदनाम एवं निरीक्षण में पाई गई कमियां एवं सैम्पल कलेक्ट तथा लैब की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'द' अनुसार है। निरीक्षण रिपोर्ट के अनुसार भवन निर्माण में कोई भी त्रुटि या कमी नहीं पाई गई है जिससे दोषी नहीं होने से कार्यवाही का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। बिल भुगतान की माप पुस्तिका व भुगतान की समस्त जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'ई' अनुसार है। (घ) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित निर्माण कार्य के अनुबंध अनुसार निर्माण एजेन्सी द्वारा कार्य किया गया हैं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
पी.ओ.एस. मशीनों की टेंडर प्रक्रिया
[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण]
52. ( क्र. 3114 ) श्री बाला बच्चन : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मेसर्स लिंकवेल टेली सिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड को दिनांक 01-04-2022 से 30-01-2026 तक कितनी पी.ओ.एस. मशीनों का कितनी राशि का भुगतान किया गया? वर्षवार पृथक-पृथक देवें। इस अवधि में कितनी रिजर्व मशीनों का कितना भुगतान किया गया? वर्षवार पी.ओ.एस. रिजर्व मशीन की संख्या सहित जानकारी देवें। (ख) प्रदेश में कुल कितनी राशन दुकानें संचालित हैं? इनमें कुल कितनी मशीनें लगी हुई है? प्रश्नांश (क) अवधि में इनमें कितनी नई पी.ओ.एस. मशीनें लगाई गई? जिलेवार संख्या बतावें। (ग) क्या कोविड काल समाप्त होने के बाद वर्ष 2022 से पी.ओ.एस. मशीनों के लिए नवीन टेंडर प्रक्रिया न करके लिंकवेल टेली सिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड को ही कार्य हेतु बार-बार अवधि बढ़ाई जाती रही है? इसकी समस्त नस्तियों की प्रमाणित प्रति देवें। ऐसा किस नियम के तहत किया गया? नियम की छायाप्रति देवें। टेंडर प्रक्रिया न करने वाले अधिकारियों के नाम, पदनाम देकर बतावें कि इसके लिए उन पर कब तक कार्यवाही होगी? (घ) कब तक नवीन टेंडर प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी? समय-सीमा देवें। यदि नहीं, तो क्यों?
खाद्य मंत्री ( श्री गोविन्द सिंह राजपूत ) : (क) मेसर्स लिंकवेल टेली सिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड को दिनांक 01-04-2022 से 30-01-2026 तक पी.ओ.एस. मशीनों का वर्षवार भुगतान की गई राशि का विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ अनुसार है। पी.ओ.एस. मशीन के सेवा प्रदाता से किए गए अनुबंध अनुसार रिजर्व पी.ओ.एस. मशीन का किराया भुगतान करने का प्रावधान न होने से रिजर्व मशीनों का भुगतान नहीं किया गया। (ख) प्रदेश में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत वर्तमान में संचालित उचित मूल्य दुकानों एवं उन पर लगाई गई पी.ओ.एस. मशीन की जिलेवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ब अनुसार है। दिनांक 01-04-2022 से 30-01-2026 तक की अवधि में उचित मूल्य दुकानों पर लगाई गई नवीन पी.ओ.एस. मशीन की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-स अनुसार है। (ग) पी.ओ.एस. मशीन के सेवा प्रदाता मेसर्स लिंकवेल टेली सिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड के अनुबंध अवधि समाप्त होने के उपरांत अनुबंध अवधि बढ़ाने के कारण की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-द अनुसार है। सेवा प्रदाता की अनुबंध अवधि बढ़ाने संबंधी जारी आदेश की प्रमाणित प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-इ अनुसार है। पी.ओ.एस. मशीन के सेवा प्रदाता के चयन हेतु जारी निविदा की कंडिका क्रमांक 7.7 Suspention & Termination of System Integrator (g) Upon expiry, this Agreement may be extended and/or renewed and/or taken over by MPSEDC on behalf of GoMP subject to the terms of this Agreement में सेवा विस्तार का उल्लेख किया गया है, जिसकी प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-फ एवं ''द'' अनुसार उल्लेखित कारणों से सेवा प्रदाता के चयन हेतु निविदा जारी नहीं की जा सकी है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) नवीन सेवा प्रदाता के चयन हेतु निविदा दिनांक 05.12.2025 को जारी की गई थी। निविदा के संबंध में भारत सरकार द्वारा जारी किए गए पी.ओ.एस. मशीन के नवीन टेक्निकल स्पेसिफिकेशन को निविदा में सम्मिलित करने से जारी निविदा को निरस्त करते हुए दिनांक 17.02.2026 को पुन: निविदा जारी की गई है।
शिक्षकों/अधीक्षकों को अर्जित अवकाश के नगदीकरण का लाभ
[जनजातीय कार्य]
53. ( क्र. 3134 ) श्री फूलसिंह बरैया : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विभागीय छात्रावासों में पदस्थ शिक्षकों से छात्रावास का अधीक्षकीय कार्य कराया जाता है। उनको ग्रीष्म अवकाश का लाभ नहीं दिया जाता है। क्या उन्हें अर्जित अवकाश की पात्रता है? (ख) यदि हाँ, तो क्या उनकी सेवा पुस्तिका में दर्ज अर्जित अवकाश का नगदीगरण किया जाता है? यदि हाँ, तो ग्वालियर-चंबल संभाग में वर्ष 2000 से 2005 तक किन-किन शिक्षकों/अधीक्षकों को नगदीकरण का लाभ दिया है? सूची उपलब्ध कराई जावे। (ग) दतिया जिले के शिक्षकों/अधीक्षकों की सेवा पुस्तिका में दर्ज अर्जित अवकाश को नगदीकरण का लाभ दिया गया है। यदि नहीं, तो क्या इनको लाभ दिया जायेगा? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्यों?
जनजातीय कार्य मंत्री ( डॉ. कुंवर विजय शाह ) : (क) जी हाँ। शिक्षक संवर्ग के छात्रावास अधीक्षकों को शिक्षकों के समान ग्रीष्म अवकाश का लाभ दिया जाता है। ग्रीष्मकालीन (विश्रामावकाश) अवकाश में ड्युटी आहूत किये जाने पर अर्जित अवकाश की पात्रता है। (ख) मध्यप्रदेश शासन वित्त विभाग के परिपत्र क्रमांक:एफ6-2/2006/नियम/चार दिनांक 13/8/2008 के निर्देशानुसार विश्रामावकाश में ड्यूटी पर आहूत किये जाने पर पात्रता होने की स्थिति में सेवा-पुस्तिका में दर्ज अर्जित अवकाश का नगदीकरण किया जाता है। वित्त विभाग का परिपत्र एवं सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) जी नहीं। उत्तरांश ''ख'' के अनुसार लाभ दिया जाता है। अत: शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
चम्बल संभाग में लंबे समय से पदस्थ अधिकारी
[महिला एवं बाल विकास]
54. ( क्र. 3139 ) श्री हेमंत सत्यदेव कटारे : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) चम्बल संभाग के अंतर्गत महिला एवं बाल विकास विभाग में विगत 05 वर्ष अथवा उससे अधिक अवधि से एक ही स्थान पर शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र में पदस्थ परियोजना अधिकारियों के नाम एवं पदस्थापना स्थल सहित किस दिनांक से पदस्थ हैं की जानकारी दी जाये। (ख) क्या परियोजना अधिकारी का पद कार्यपालक संवर्ग में होते हुये भी शासन निर्देशों अनुसार तीन वर्ष से अधिक एक ही स्थान पर पदस्थ नहीं रखा जा सकता किन्तु पोषण आहार पदायकर्ताओं से संलिप्तता के कारण नियमों के विपरीत पदस्थापना बनाये रखने हेतु संबंधितों के विरूद्ध कार्यवाही की जावेगी, जिससे सही मात्रा व अनुपात में पोषण आहार का वितरण सुनिश्चित हो सके। (ग) चम्बल संभाग की परियोजनाओं में ऐसे पोषण आहार प्रदायकर्ता फर्म/सप्लायरों की जानकारी उपलब्ध करायी जाये जिनके द्वारा विगत पाँच वर्ष या उससे अधिक अवधि से एक ही स्थान पर पोषण आहार की सप्लाई की जा रही है? क्या इसकी जाँच कर कार्यवाही की जायेगी? यदि हाँ, तो कब तक? भिण्ड जिले की 73 आंगनवाड़ी केन्द्रों में 7 माह से पोषण आहार वितरण नहीं होने के क्या कारण हैं? (घ) संभाग में विभाग के कौन-कौन संयुक्त/उप संचालक विगत 05 वर्ष की अवधि से एक ही स्थान पर पदस्थ है? नाम, पदनाम व पदस्थापना दिनांक सहित जानकारी उपलब्ध करायी जाये।
महिला एवं बाल विकास मंत्री ( सुश्री निर्मला भूरिया ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट -''अ'' अनुसार है। (ख) परियोजना अधिकारी का पद कनिष्ठ द्वितीय श्रेणी राजपत्रित संवर्ग का है, स्थानांतरण नीति वर्ष 2025 की कंडिका 17 एवं 18 के अनुसार स्थानांतरण का प्रावधान है। अतः शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) चम्बल संभाग की परियोजनाओं में किसी भी फर्म/सप्लायर द्वारा पोषण आहार प्रदाय नहीं किया जा रहा है। अतएव 5 वर्ष या उससे अधिक अवधि से एक ही स्थान पर पोषण आहार की सप्लाई होने का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। भिंड जिले की 73 आंगनवाड़ी केन्द्रों में 7 माह से पोषण आहार वितरण नहीं होने की स्थिति नहीं है। (घ) जानकारी संलग्न परिशिष्ट-''ब'' अनुसार है।
नल-जल योजना में अनियमितताएं
[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]
55. ( क्र. 3140 ) श्री हेमंत सत्यदेव कटारे : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) प्रदेश में नल-जल योजना में लगातार प्राप्त शिकायतों के आधार पर शासन द्वारा अब तक कितने अधिकारियों/कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए? इन नोटिसों के उपरांत वास्तव में कितने अधिकारियों पर कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है? जिन अधिकारियों को नोटिस जारी हुये उनके नाम, पद, पदस्थापना स्थान सहित पूर्ण जानकारी दी जाये। (ख) क्या अधिकांश मामलों में केवल नोटिस जारी कर औपचारिकता पूरी कर ली गई तथा संबंधित अधिकारियों का समायोजन/स्थानांतरण कर दिया गया? यदि नहीं, तो नोटिस प्राप्त अधिकारियों में से कितनों को निलंबित किया गया? कितनों पर विभागीय जांच बैठाई गई तथा कितनों के विरूद्ध एफ.आई.आर. दर्ज कराई गई? इसका विवरण प्रस्तुत किया जाए? प्रत्येक नोटिस के प्रकरण में अधिकारी का जवाब प्राप्त होने के बाद विभाग द्वारा क्या कार्यवाही की गयी? यदि नहीं, की गई तो क्यों? (ग) नल-जल योजना में जिन अधिकारियों के विरूद्ध गंभीर शिकायतें प्रमाणित पाई गई, उनके विरूद्ध वेतन रोकने, पदावनति करने, सेवा समाप्ति जैसी सख्त कार्रवाई क्यों नहीं की गई? भ्रष्टाचार व अनियमितताओं की जांच हेतु क्या संबंधित दोषी अधिकारी के विरूद्ध शासन सख्त कार्यवाही करेगा? यदि हाँ, तो कब तक?
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( श्रीमती संपतिया उइके ) : (क) से (ग) जानकारी संकलित की जा रही है।
अनाज का परिवहन एवं भण्डारण
[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण]
56. ( क्र. 3155 ) श्री सचिन सुभाषचंद्र यादव : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) म.प्र. राज्य नागरिक आपूर्ति निगम ने 1 जनवरी 2020 से 31 दिसंबर 2025 तक विभिन्न संस्थाओं, एजेंसियों, उपक्रमों को वर्षवार, मदवार कितना भुगतान किया? निगम ने उक्त अवधि में वर्षवार, मदवार कितना लाभांश अर्जित किया? निगम ने उक्त अवधि में वर्षवार कितना कर्ज लिया? (ख) निगम को उक्त अवधि में लिए गए कर्ज पर कितना ब्याज देना पड़ रहा है? निगम पर उक्त अवधि में वर्षवार कितना कर्ज चढ़ा? निगम ने उक्त अवधि में वर्षवार, अनाजवार कितनी खरीदी की? निगम ने उक्त अवधि में वर्षवार कितना अनाज (अनाज का नाम) कंडम घोषित किया? (ग) उक्त अनाज को क्या किया? यदि नीलामी की तो वर्षवार व अनाज का नामवार नीलामी से कितनी आय हुई? उक्त अवधि में कंडम घोषित करने के बाद जो अनाज (अनाज का नाम) वर्षवार नीलाम किया गया, उसे खरीदने के लिए कितनी राशि चुकाई गई थी? (घ) उसके परिवहन और भंडारण पर कितनी राशि वर्षवार अनाजवार (अनाज का नाम) खर्च की गई थी? उक्त अवधि में कंडम अनाज से निगम को वर्षवार कितना नुकसान उठाना पड़ा?
खाद्य मंत्री ( श्री गोविन्द सिंह राजपूत ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।
कुपोषित बच्चों एवं गर्भवती महिलाओं हेतु स्वीकृत बजट
[महिला एवं बाल विकास]
57. ( क्र. 3160 ) डॉ. राजेन्द्र पाण्डेय : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या शासन/विभाग द्वारा केंद्र/राज्य प्रवर्तित योजनाओं के माध्यम से कुपोषित नौनिहालों के पोषण आहार, मध्यान्ह भोजन योजनाओं के द्वारा अनेक स्थानों पर कार्य किये जा रहे हैं? (ख) यदि हाँ, तो शासन/विभाग के साथ ही विभिन्न सामाजिक संगठनों/व्यक्तियों/फर्मों द्वारा भी इस हेतु सहयोग किया जाता है? रतलाम जिले का विवरण देवें। (ग) रतलाम जिला अंतर्गत वर्ष 2020-21 से लेकर प्रश्न दिनांक तक वर्षवार कुपोषित बच्चों की विकासखंडवार संख्या कितनी-कितनी रही एवं उसमें कितना सुधार पाया गया तथा क्या मध्यान्ह भोजन योजना अंतर्गत ताज़ी खाद्य सामग्री दी जाती है अथवा पैकेटों के माध्यम से? किस प्रकार किस माध्यम से दी जा रही है? विकासखंडवार, वर्षवार जानकारी देंl (घ) शासन की उपरोक्तानुसार कुपोषित बच्चों के साथ ही गर्भवती एवं धात्री माता बहिनों हेतु उक्ताशय की योजनाओं हेतु वर्षवार कितना-कितना बजट स्वीकृत होकर कितना व्यय हुआ?
महिला एवं बाल विकास मंत्री ( सुश्री निर्मला भूरिया ) : (क) जी हाँ, विभाग द्वारा केन्द्र प्रवर्तित सक्षम आंगनवाड़ी एवं पोषण 2.0 अंतर्गत पूरक पोषण आहार कार्यक्रम अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को पूरक पोषण आहार का प्रदाय किया जा रहा है। (ख) जी हाँ। वर्तमान में रतलाम जिले में शासन/विभाग द्वारा किसी भी सामाजिक संगठन, व्यक्ति, फर्म के साथ सहयोग हेतु कोई औपचारिक अनुबंध नहीं किया गया है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे “परिशिष्ट 01” अनुसार है। मध्यान्ह भोजन योजना विभाग से संबंधित नहीं। अपितु विभाग द्वारा पोषण आहार कार्यक्रम अंतर्गत शहरी क्षेत्र में राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन एवं ग्रामीण क्षेत्र में मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन अंतर्गत गठित महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा आंगनवाड़ी केन्द्रों में 03 वर्ष से 06 वर्ष के बच्चों को नाश्ता एवं गर्म पका भोजन प्रदाय किया जा रहा है। मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के द्वारा संचालित महिला आजीविका औ़द्योगिक सहकारी संस्था मर्यादित संस्था देवास संयंत्र द्वारा आंगनवाड़ी केन्द्रों में टेकहोम राशन 06 माह से 03 वर्ष के बच्चों, गर्भवती महिलाओं तथा धात्री माताओं को पैकेट के रुप प्रदाय किया जा रहा है। जानकारी पुस्तकालय में रखे “परिशिष्ट 02” अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे “परिशिष्ट 03” अनुसार है।
दिव्यांगजनों की भर्ती अभियान की प्रगति
[सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण]
58. ( क्र. 3163 ) श्री विपीन जैन : क्या सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्यप्रदेश में सामान्य प्रशासन विभाग के निर्देश अनुसार दिव्यांगजनों को नगरीय प्रशासन विभाग अंतर्गत उज्जैन संभाग की नगर पालिकाओं, नगर निगमों, नगर परिषदों में विभिन्न पदों पर उनकी योग्यता अनुसार भर्ती करने हेतु विगत 3 वर्ष में भर्ती विज्ञापन निकाले गए थे। (ख) सामान्य प्रशासन विभाग के निर्देश अनुसार भर्ती विज्ञापन अनुसार क्या भर्तियां कर ली गई हैं? यदि नहीं, तो क्यों? (ग) सामान्य प्रशासन विभाग के निर्देश अनुसार नगरीय प्रशासन विभाग अंतर्गत उज्जैन संभाग की नगर पालिकाओं, नगर निगमों, नगर परिषदों की भर्ती विज्ञापन अनुसार दिव्यांगजनों की भर्ती अभियान अंतर्गत कई हितग्राहियों से आवेदन मंगवाए गए थे। उक्त आवेदनों के संबंध में भर्ती हेतु प्रश्न दिनांक तक क्या प्रक्रियाएं अपनाई गई हैं?
सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण मंत्री ( श्री नारायण सिंह कुशवाह ) : (क) जी हाँ। (ख) जी हाँ। उज्जैन संभाग की नगर पालिका नगर/परिषदों में द्वारा की गई कार्यवाही का विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। नगर निगम उज्जैन में माननीय उच्च न्यायालय में खण्डपीठ इंदौर के आदेश दिनांक 24/02/2025 में पारित आदेश के अनुक्रम में कार्यवाही यथा रखी गई थी। आदेश की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। संचालनालय नगरीय प्रशासन एवं विकास के पत्र क्रमांक/स्था./शा-1/2026/2450 दिनांक 30.01.2026 के अनुक्रम में आगामी कार्यवाही की जा रही है। पत्र की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) शासन निर्देशानुसार उज्जैन संभाग की नगर पालिका/नगर परिषद् में दिव्यांगजनों के लिये आरक्षित पदों पर भर्ती के लिये विधिवत आवेदन आमंत्रित किये गये। प्राप्त आवेदन की जांच उपरांत अर्हतादायी परीक्षा के अंक के आधार पर मेरिट सूची तैयार कर उसका प्रकाशन किया गया। प्रकाशन कर के दावे आपत्तियां आमंत्रित की गयी। प्राप्त आपत्तियों के नियमों के परिप्रेक्ष्य में निराकरण किया जाकर अंतिम मेरिट सूची का प्रकाशन किया गया। तदोपरांत प्रत्येक पद के लिये स्वीकृत पद संख्या के अनुसार अभ्यर्थियों को वॉक-इन-इंटरव्यू हेतु आमंत्रित किया गया। तदोपरांत मेरिट सूची के अनुसार उनका चयन किया गया तथा नियुक्ति दी गयी। नगर पालिका निगम उज्जैन में संचालनालय नगरीय प्रशासन एवं विकास भोपाल की ओर से जारी पत्र क्रमांक/स्था./शा-1/2026-2450 दिनांक 30/01/2026 के अनुक्रम में आगामी कार्यवाही की जा रही है। पत्र की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है।
फर्जी प्रमाण-पत्र बनवाकर भर्ती हुए अभ्यर्थियों पर कार्यवाही
[सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण]
59. ( क्र. 3164 ) श्री विपीन जैन : क्या सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या विगत वर्षों में मध्यप्रदेश में सरकारी भर्तियों में फर्जी विकलांगता प्रमाण-पत्र बनवाकर नौकरियां प्राप्त करने की शिकायतें प्राप्त हुई हैं? (ख) विभाग फर्जी विकलांगता प्रमाण-पत्र बनवाकर नौकरियां प्राप्त कर चुके अभ्यर्थियों पर कार्रवाई हेतु विभाग क्या कर रहा है? क्या इस हेतु विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में विकलांगता कोटे अंतर्गत भर्ती हुए अभ्यर्थियों की जांच विभाग द्वारा की गई है? (ग) यदि हाँ, तो कितनी भर्ती परीक्षाओं में फर्जी विकलांगता प्रमाण-पत्र बनवाकर भर्ती हुए अभ्यर्थियों के प्रमाण पत्रों की जांच विगत 1 जनवरी 2022 से प्रश्न दिनांक तक के समय में की गई है? सूची देवें और बताएं कि कितनों पर किस प्रकार की कार्यवाही हुई है?
सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण मंत्री ( श्री नारायण सिंह कुशवाह ) : (क) से (ग) जानकारी संकलित की जा रही है।
समर्थन मूल्य पर धान एवं गेहूँ की खरीदी में अनियमितताएं
[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण]
60. ( क्र. 3167 ) श्री दिनेश राय मुनमुन : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या राज्य में समर्थन मूल्य पर धान की गेहूँ की खरीदी के दौरान पंजीयन एवं भुगतान प्रक्रिया में वित्तीय अनियमितताओं की शिकायतें प्राप्त हुई है? विगत 02 वर्षों की जानकारी देवें। (ख) यदि हाँ, तो किन-किन जिलों में जांच चल रही है तथा अब तक किन अधिकारियों या एजेन्सियों पर कार्यवाही की गई? (ग) क्या सिवनी विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत चालू वित्तीय वर्ष में खरीदी पोर्टल पर बंद होने के बाद कई उपार्जन केन्द्रों पर तकनीकी परेशानियों, स्लॉट बुकिंग में देरी और फसल कटाई में देरी से होने के कारण लगभग 8453 पंजीकृत किसान अपनी फसल नहीं बेच पाये हैं? यदि हाँ, तो शासन दोबारा खरीदी की तिथि बढ़ायेगा? यदि हाँ, तो कब तक? (घ) क्या चालू वित्तीय वर्ष में सिवनी जिले में प्रश्न दिनांक तक कुल 815.19 करोड़ की खरीदी के विरूद्ध किसानों को केवल 565.70 करोड़ रूपये का ही भुगतान हुआ है। लगभग 250 करोड़ का भुगतान लंबित होने के कारण किसानों को रबी की फसल के लिये बीज, खाद और डीजल खरीदने में भारी आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ रहा है? यदि हाँ, तो भुगतान लंबित होने का क्या कारण है? कब तक किसानों को भुगतान कर दिया जायेगा?
खाद्य मंत्री ( श्री गोविन्द सिंह राजपूत ) : (क) विगत 02 वर्ष में समर्थन मूल्य पर गेहूँ उपार्जन हेतु किसान पंजीयन एवं भुगतान प्रक्रिया में वित्तीय अनियमितताओं के संबंध में प्राप्त शिकायतों एवं की गई कार्यवाही की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) समर्थन मूल्य पर गेहूँ उपार्जन हेतु किसान पंजीयन एवं भुगतान की प्रक्रिया में वित्तीय अनियमितता के संबंध में जांच एवं कार्यवाही की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन हेतु 01.12.2025 से 20.01.2026 तक की समय-सीमा निर्धारित की गई थी। सिवनी जिले में निर्धारित तिथि तक किसानों द्वारा स्लॉट बुक कर धान का विक्रय किया गया है। सिवनी विधानसभा में खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में 2091 किसानों द्वारा 14422.73 मे.टन धान का विक्रय समर्थन मूल्य पर किया गया था, जिसकी तुलना में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में 4109 किसानों द्वारा 31461.35 मे.टन धान का विक्रय किया गया जो कि विगत वर्ष की तुलना में अधिक है। (घ) सिवनी जिले में समर्थन मूल्य पर उपार्जित धान की राशि रू. 815.76 करोड़ के विरूद्ध राशि रू 806.05 करोड़ का भुगतान किसानों के खाते में किया जा चुका है। शेष राशि के भुगतान की कार्यवाही प्रचलित है।
अनाज का उपार्जन एवं परिवहन
[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण]
61. ( क्र. 3168 ) श्री दिनेश राय मुनमुन : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सिवनी विधानसभा अंतर्गत विभाग द्वारा वर्ष 2023-24 से प्रश्न दिनांक में किन-किन समितियों को उपार्जन का कार्य दिया गया था? (ख) प्रश्नांश (क) वर्णित समितियों द्वारा कितने पंजीयन किये गये एवं किस-किस अनाज की खरीदी कितनी मात्रा में की गई? समितिवार विवरण देवें। (ग) प्रश्नांश (क) वर्णित समितियों के माध्यम से की गई अनाज खरीदी के लिये किये गये भुगतान का विवरण दें। (घ) इन समितियों द्वारा खरीदे गये अनाज का कितना परिवहन किया गया, कितना उपार्जन जमा किया गया? किन-किन समितियों द्वारा खरीदे गये उपार्जन की तुलना में जमा किया गया उपार्जन कम प्राप्त हुआ एवं क्या ऐसी समितियों पर कार्यवाही की गई? यदि हाँ, तो समितिवार विवरण दें।
खाद्य मंत्री ( श्री गोविन्द सिंह राजपूत ) : (क) सिवनी विधान सभा क्षेत्र अंतर्गत विपणन वर्ष 2023-24 से प्रश्न दिनांक तक समर्थन मूल्य पर धान एवं गेहूँ उपार्जन करने वाली समितियों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ अनुसार है। (ख) सिवनी विधान सभा क्षेत्र में विपणन वर्ष 2023-24 से प्रश्न दिनांक तक समितिवार किए गए पंजीयन एवं उपार्जन मात्रा की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ब अनुसार है। (ग) विपणन वर्ष 2023-24 से प्रश्न दिनांक तक समर्थन मूल्य पर गेहूँ एवं धान विक्रय करने वाले किसानों को भुगतान की गई राशि का विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-स अनुसार है। (घ) समर्थन मूल्य पर गेहूँ एवं धान की उपार्जित मात्रा, परिवहन मात्रा, जमा मात्रा एवं कम जमा मात्रा की समितिवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-द अनुसार है। समितियों द्वारा खरीदे गए उपार्जन की तुलना में कम मात्रा जमा करने पर समिति स्तर की कमी मात्रा की राशि संबंधित समिति एवं परिवहन के दौरान हुई कमी मात्रा की राशि परिवहनकर्ताओं से वसूल की जाती है।
ट्राई मोटर साइकिल का प्रदाय
[सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण]
62. ( क्र. 3175 ) इंजीनियर प्रदीप लारिया : क्या सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) ट्राई मोटर साइकिल प्रदाय के लिए शासन के क्या नियम-निर्देश हैं? जानकारी देवें तथा सागर जिले में ट्राई मोटर साइकिल हेतु कितने आवेदन वर्ष 2025-26 एवं 2026 से प्रश्न दिनांक तक विभाग को प्राप्त हुए है? तहसीलवार/जिलेवार जानकारी देवें। (ख) प्रश्नांश (क) में वर्णित कितने आवेदनों पर विभाग द्वारा कार्यवाही की गई? जानकारी देवें तथा कितने आवेदन विभाग द्वारा मान्य/पात्र किये गये? जानकारी देवें तथा कितने आवेदन अमान्य/निरस्त किये गये? जानकारी देवें। (ग) क्या प्रश्नांश (ख) में वर्णित आवेदन पर विभाग द्वारा विकलांग हितग्राही को मान्य/पात्र एवं अमान्य/अपात्र को कोई सूचना भेजने का प्रावधान है? यदि है तो क्या विभाग द्वारा उन्हें सूचना प्रदान की गई है? यदि हाँ, तो जानकारी देवें। यदि सूचना नहीं की गई है तो क्यों? स्पष्ट करें। (घ) क्या प्रश्नांश (क) एवं (ख) में वर्णित कितने पात्र हितग्राहियों के विभाग में आवेदन लंबित है? जानकारी देवें तथा विकलांग को कब तक ट्राई मोटर साइकिल प्रदान की जाएगी?
सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण मंत्री ( श्री नारायण सिंह कुशवाह ) : (क) भारत सरकार द्वारा संचालित एडिप योजना अंतर्गत तथा राज्य सरकार की मुख्य मंत्री शिक्षा प्रोत्साहन योजना अंतर्गत दिव्यांगजनों को मोटराइज्ड ट्राई-साइकिल प्रदाय किये जाने का प्रावधान है, नियम/निर्देश/ गाइड-लाइन की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'अ' अनुसार। सागर जिले में वर्ष 2025-26 एवं वर्ष 2026 से प्रश्न दिनांक तक मोटराइज्ड ट्राई-साइकिल हेतु प्राप्त आवेदनों के तहसीलवार/जिलेवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'ब' अनुसार। (ख) निर्धारित अवधि में जिला सागर में कुल 183 में आवेदन प्राप्त हुए, उक्त आवेदनों में से 158 आवेदन मान्य/पात्र किये गये एवं 25 आवेदन निर्धारित मापदण्ड अनुसार न होने से अमान्य/निरस्त किये गये। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'ब' अनुसार। (ग) जी हाँ, हितग्राहियों द्वारा सहायक उपकरण प्रदान करने के लिए उनके आवेदन जिला पंचायत, जनपद पंचायत, नगर निगम/नगर पालिका के जोनल कार्यालय साथ ही सामाजिक न्याय विभाग के जिला कार्यालयों में पूर्ण जानकारी के साथ आवेदन प्राप्त किए जाते हैं। भारत सरकार की एडिप योजना के तहत सर्वप्रथम सहायक उपकरण के लिए चिन्हांकन शिविर आयोजित किए जाते हैं। इसके पश्चात सहायक उपकरण वितरण शिविर की तिथि निर्धारित कर पात्र हितग्राहियों को विभिन्न सार्वजनिक माध्यमों से सूचित कर शिविर के माध्यम से सहायक उपकरण वितरण किए जाते हैं। इस प्रक्रिया में यदि कोई पात्र हितग्राही सहायक उपकरण से वंचित रह जाता है, तब उन्हें दूरभाष अथवा अन्य माध्यम से सूचित किया जाता है। (घ) उत्तरांश (क) और (ख) में वर्णित आवेदनों के अनुक्रम में 37 हितग्राहियों के आवेदन प्राप्त हुये हैं। दिव्यांग हितग्राहियों के आवेदन प्राप्त करना तथा उन्हें भारतीय कृत्रिम अंग निर्माण निगम (एल्मिको) के माध्यम से समय-समय पर शिविरों का आयोजन कर पात्र हितग्राहियों को लाभान्वित करना, यह एक निरंतर प्रक्रिया है। एलिम्को द्वारा आयोजित होने वाली आगामी शिविर की तिथि बताया जाना संभव नहीं है।
उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण योजनाओं में सब्सिडी एवं पात्रता
[उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण]
63. ( क्र. 3179 ) डॉ. रामकिशोर दोगने : क्या उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) हरदा विधानसभा क्षेत्र में वर्तमान में उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण विभाग के अंतर्गत कौन-कौन सी योजनाएं संचालित की जा रही हैं? उनके नाम एवं उद्देश्य बतावें। (ख) उपर्युक्त योजनाओं में से कौन-कौन सी योजनाएं अनुदान/सब्सिडी आधारित हैं तथा प्रत्येक योजना में दी जाने वाली सब्सिडी की दर एवं अधिकतम राशि कितनी है? इन योजनाओं के अंतर्गत लाभ प्राप्त करने हेतु पात्रता की शर्तें क्या हैं? विशेषकर लघु एवं सीमांत कृषकों के लिए? विवरण देवें। (ग) संचालित योजनांतर्गत वर्ष 2023-24, 2024-25 एवं 2025-26 में हरदा विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत कुल प्राप्त आवेदनों की संख्या, स्वीकृत लाभार्थियों की संख्या, वितरित अनुदान राशि का विवरण, लाभार्थी के नाम सहित जानकारी उपलब्ध करावें। (घ) क्या इन योजनाओं में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं महिला कृषकों को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है? यदि हाँ, तो उसका विवरण दें।
उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण मंत्री ( श्री नारायण सिंह कुशवाह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''01'' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''02'' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''03'' अनुसार है। (घ) संचालित योजनाओं में प्रश्नांकित वर्ग के हितग्राहियों को शासन द्वारा योजना में निर्धारित प्रावधान अनुसार अनुदान से लाभान्वित किया जाता है।
राइस मिलों द्वारा प्रसंस्करण में अनियमितता
[उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण]
64. ( क्र. 3188 ) श्री धीरेन्द्र बहादुर सिंह : क्या उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) कटनी जिले में विभाग की कौन-कौन सी योजनाएं वर्तमान में कब से प्रचलित हैं और ग्राम/विकासखंडवार विगत 03 वर्षों में किन-किन लाभार्थियों को किस-किस योजना से लाभान्वित किया गया और इसके क्या परिणाम रहे? (ख) कटनी में किन-किन खाद्यों के प्रसंस्करण की किन-किन व्यक्तियों/फर्मों के द्वारा कौन-कौन सी औद्योगिक इकाइयां वर्तमान में कहाँ-कहाँ कब से संचालित हैं? क्या इन इकाइयों द्वारा शासन/विभाग के नियमों/निर्देशों का पालन किया जा रहा है? यदि हाँ, तो विवरण बताएं। नहीं तो क्या कोई कार्यवाही की गयी? (ग) क्या जिले में संचालित राइस मिलों द्वारा धान प्रसंस्करण में अनियमितता के प्रकरण विगत 03 वर्षों में ज्ञात हुये? हाँ, तो किन-किन संचालकों की किन-किन राइस मिलों द्वारा क्या-क्या अनियमितता की गयी? प्रश्न दिनांक तक प्रकरणवार क्या-क्या कार्यवाही की गयी और क्या धान प्रसंस्करण से इंकार करने पर अधिक दूरी पर स्थित राइस मिलों से धान प्रसंस्करण कराया गया? हाँ, तो धान/चावल परिवहन में अधिक व्यय राशि किससे वसूल की गयी? (घ) क्या जिले में संचालित खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों द्वारा मंडी शुल्क भुगतान में अनियमितता की गयी और इन इकाइयों से मंडी शुल्क की राशि वसूली की जाना है? यदि हाँ, तो किन-किन इकाइयों से कितनी-कितनी राशि वसूली की जानी है? राशि की वसूली के लिए प्रश्न दिनांक तक इकाइवार क्या-क्या कार्यवाही की गयी? क्या कार्यवाही की जाना शेष है? राशि की वसूली किस प्रकार और कब तक किया जाना लक्षित है?
उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण मंत्री ( श्री नारायण सिंह कुशवाह ) : (क) कटनी जिले में विभाग की राज्य योजना 2005-06 से, राज्य कृषि विकास योजना (RKVY) 2007-08 से, पर ड्रॉप मोर क्रॉप योजना (PDMC) 2005-06 से एवं प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना (PMFME) 2020-21 से प्रचलित हैं। योजनाओं से विगत 03 वर्षों में लाभान्वित लाभार्थियों की ग्राम/विकासखण्डवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''अ'' अनुसार है। योजनाओं के क्रियान्वयन से कृषकों के उत्पादन एवं आय में वृद्धि हुई है। (ख) कटनी जिले में विभाग में संचालित प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना (PMFME) अंतर्गत स्थापित सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों की चाही गई जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''ब'' अनुसार है। जी हाँ। नियमों/निर्देशों की छायाप्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''स'' अनुसार है। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) कटनी जिले में विभागीय योजनाओं के परिप्रेक्ष्य में जानकारी निरंक है। अतः शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) कटनी जिले में विभागीय योजनाओं के परिप्रेक्ष्य में कृषि उपज मंडी समिति कटनी के अनुज्ञप्तिधारी खाद्य प्रसंस्करणकर्ता फर्मों द्वारा मंडी शुल्क भुगतान में अनियमितता के लंबित प्रकरण "निरंक" है। अतः शेषांश का प्रश्न ही उत्पन्न नहीं होता।
देवालय/पेन ठानाओं के जीर्णोद्धार एवं विकास कार्य
[जनजातीय कार्य]
65. ( क्र. 3199 ) श्री चैन सिंह वरकड़े : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या जनजातियों के देवालय/पेनठानाओं के जीर्णोद्धार व विकास कार्य करने के संबंध में जनजाति कार्य विभाग द्वारा कोई आदेश जारी किया गया है? (ख) यदि प्रश्नांश (क) हाँ, तो किन-किन जिलों में किन देवालय/पेनठानाओं को चिन्हित किया गया और उन स्थानों पर क्या-क्या कार्य किया जाना है, जानकारी उपलब्ध कराएं। (ग) क्या प्रश्नांश (ख) जिलेवार चिन्हित देवालय/ पेनठानाओं के जीर्णोद्धार व विकास कार्य के लिए राशि आवंटित की गई है? यदि हाँ, तो किन-किन जिलों में कितनी राशि आवंटित की गई है? कब तक कार्य पूर्ण किया जाएगा? यदि नहीं, तो क्यों नहीं?
जनजातीय कार्य मंत्री ( डॉ. कुंवर विजय शाह ) : (क) जी हाँ। विभागीय योजना क्रमांक 9853 अनुसूचित जनजाति संस्कृति का परिरक्षण विकास एवं देवठान योजना संचालित है। (ख) कार्यालयीन पत्र क्रमांक 19979 दिनांक 18.09.2025 द्वारा जिले में चिन्हित देव स्थानों की सूची एवं उनमें आवश्यक कार्यों की कार्ययोजना उपलब्ध कराए जाने के संबंध में जिलों को निर्देश जारी किये गये हैं। जिलों से प्राप्त औचित्यपूर्ण प्रस्तावों पर बजट की उपलब्धता अनुसार कार्य स्वीकृत किया जाना संभव हैं। (ग) जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
अनुसूचित जाति एवं जनजाति नियम 1995 के तहत राहत मुआवजा राशि का वितरण
[अनुसूचित जाति कल्याण]
66. ( क्र. 3226 ) श्री पंकज उपाध्याय : क्या अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (आकस्मिकता योजना) नियम 1995 के तहत राहत मुआवजा के वितरण के लिए, अनुसूचित जाति, जनजाति के व्यक्तियों पर विभिन्न अत्याचार होने पर प्रकरण एवं उसमें पीड़ितों की जानकारी कैसे प्राप्त होती है? वर्ष 2025 में इस संदर्भ में प्राप्त समस्त जानकारी की प्रति देवें। (ख) वर्ष 2020 से 2025 तक अनुसूचित जाति एवं जनजाति की महिलाओं पर विभिन्न प्रकार के अत्याचार में कितनी महिलाओं को किस प्रकार के अत्याचार में कितना कितना मुआवजा दिया गया? जिलेवार, वर्षवार, महिला बलात्कार के प्रकरण की संख्या, पीड़ितों की संख्या तथा दिए गए कुल मुआवजे की जानकारी अनुसूचित जाति जनजाति अनुसार अलग-अलग दें। (ग) वर्ष 2020-21 से 2024-25 तक योजना के लिए बजट प्रावधान कितना कितना था, कितना आवंटन प्राप्त हुआ तथा कितना व्यय किया गया? (घ) क्या इस योजना में मुआवजे के लिए आवेदन पुलिस विभाग की ओर से प्राप्त होते हैं? यदि हाँ, तो बताएं कि आलोच्य वर्ष में महिलाओं पर किस-किस धारा में अत्याचार के लिए मुआवजे के आवेदन कितनी कितनी संख्या में प्राप्त हुए?
अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री ( श्री नागर सिंह चौहान ) : (क) नवीन व्यवस्था में अपराध दर्ज होते ही पुलिस विभाग के CCTNS पोर्टल से जानकारी विभागीय MPTAASC पोर्टल पर प्रदर्शित की जा रही है। वर्ष 2025 में इस संदर्भ में प्राप्त जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-एक (पेनड्राइव) अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट -अ अनुसार है। (ग) वर्षवार आवंटन/व्यय का विवरण निम्नानुसार है:-
|
वर्ष |
प्राप्त आवंटन राशि (रूपये लाखो में) |
वास्तविक व्यय |
|
2020-21 |
8349.19 |
9467.42 (गत वर्ष की शेष राशि के साथ) |
|
2021-22 |
10341.53 |
9063.275 |
|
2022-23 |
3182.23 |
5646.003 (गत वर्ष की शेष राशि के साथ) |
|
2023-24 |
6348.53 |
5879.26 |
|
2024-25 |
8811.78 |
10512.29 (गत वर्ष की शेष राशि के साथ) |
|
2025-26 |
5603.72 |
57.75 (गत वर्ष की शेष राशि के साथ) |
(घ) जी नहीं, शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
स्व-सहायता समूहों/महिला मंडलों के चयन में अनियमितता
[महिला एवं बाल विकास]
67. ( क्र. 3229 ) श्री पंकज उपाध्याय : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) पोषण आहार वितरण हेतु समूहों के चयन हेतु क्या प्रक्रिया एवं प्रावधान हैं? निर्धारित प्रक्रिया उपरांत समूहों का चयन कितने वर्ष के लिए किया जाता है? वर्ष 2020 से प्रश्न दिनांक तक जारी विज्ञप्तियों के संदर्भ में जौरा विधानसभा क्षेत्र (मुरैना जिला) में पोषण आहार वितरण हेतु स्व-सहायता समूहों/महिला मंडलों के चयन हेतु कब-कब विज्ञप्तियाँ जारी की गई? संपूर्ण जानकारी नियमों सहित उपलब्ध कराये। (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार विज्ञप्तियों के विरुद्ध जौरा विधानसभा क्षेत्र में कितने आवेदन प्राप्त हुए थे? इनमें से किन-किन समूहों का चयन किया गया? चयनित समूहों एवं जिन समूहों द्वारा आवेदन प्रस्तुत किए गए, उनके द्वारा प्रस्तुत किए गए समस्त दस्तावेज एवं एफ.एस.एस.ए.आई. द्वारा जारी लाइसेंस की प्रतियों सहित उपलब्ध करायें। (ग) प्रश्नांश (ख) अनुसार चयनित समूहों के विरुद्ध पोषण आहार एवं भोजन वितरण में अनियमितताओं, कालाबाजारी या गुणवत्ता संबंधी कितनी शिकायतें प्राप्त हुईं? इन शिकायतों की जांच किस-किस अधिकारी/समिति द्वारा कराई गई? जांच के निष्कर्ष क्या पाए गए एवं दोषी पाए जाने पर क्या अनुशासनात्मक/आपराधिक कार्यवाही की गई?
महिला एवं बाल विकास मंत्री ( सुश्री निर्मला भूरिया ) : (क) समूहों के चयन संबंधी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-1 अनुसार है। वर्ष 2020 से प्रश्न दिनांक तक जारी विज्ञप्तियों के संदर्भ में जानकारी में पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-2 अनुसार है। (ख) कुल 07 आवेदन प्राप्त हुये। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-2 अनुसार है। (ग) जानकारी निरंक है। अत:शेष जानकारी का प्रश्न ही नहीं।
अभियोजन स्वीकृति उपरान्त कार्यवाही
[जनजातीय कार्य]
68. ( क्र. 3233 ) श्री मोहन सिंह राठौर : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2021-22 से प्रश्न दिनांक तक ग्वालियर-चम्बल संभाग में पदस्थ रहे कितने अधिकारी/कर्मचारियों के प्रकरणों में शासन द्वारा अभियोजन की स्वीकृति जारी की है? वर्षवार, नामवार जानकारी दें। इनका माननीय न्यायालय में चालान कब-कब प्रस्तुत किया गया? (ख) क्या प्रश्नांश (क) में उल्लेखित वर्षों में जिन अधिकारियों/कर्मचारियों के प्रकरणों में अभियोजन स्वीकृति जारी की है, क्या वे वर्तमान में जिलों में पदस्थ है? यदि हाँ तो क्यों? किस नियम से। (ग) क्या जिन अधिकारी/कर्मचारियों की अभियोजन स्वीकृति जारी हो जाती है, उन्हें निलंबित कर दिया जाता है अथवा अन्यत्र जिले से बाहर पदस्थ कर दिया जाता है? यदि हाँ तो ग्वालियर जिले में पदस्थ अधिकारी जिनकी दिनांक 03.08.2022 को अभियोजन स्वीकृति जारी हुई है उनके विरूद्ध कार्यवाही क्यों नहीं की गई? इसके लिए कौन दोषी है? कब तक कार्यवाही की जायेगी? समय-सीमा बतायें।
जनजातीय कार्य मंत्री ( डॉ. कुंवर विजय शाह ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी हाँ। श्री पुरूषोत्तम शर्मा (मूलपद व्याख्याता) वर्तमान में सहायक नियोजन अधिकारी के पद के विरूद्ध कार्यालय संभागीय उपायुक्त, जनजातीय कार्य ग्वालियर संभाग ग्वालियर में पदस्थ हैं एवं श्री के.डी. त्रिपाठी, संभागीय उपायुक्त, श्री कामता प्रसाद यादव, स्टोर कीपर एवं श्री खेमराज आहूजा, लेखापाल अधिवार्षिकीय आयु पूर्ण कर सेवानिवृत्त हो चुके हैं। अभियोजन स्वीकृति जारी होने के पश्चात शासकीय सेवक को अन्यत्र जिले में पदस्थ किए जाने संबंधी नियम नहीं है। (ग) जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
प्रदेश में (POS) मशीनों के संधारण की निविदा में अनियमितता
[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण]
69. ( क्र. 3238 ) श्री कैलाश कुशवाहा : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या मध्यप्रदेश में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) को पारदर्शी बनाने हेतु टेन्डर जारी किया गया था? वर्ष 2015 में 'बिल्ड-ऑन-ऑपरेट' मॉडल पर राशन दुकानों में पॉइंट ऑफ सेल (POS) मशीनें लगाने का टेंडर जारी किया गया था जिसके तहत चुनी गई कम्पनियों को खुद ही मशीन खरीद कर लगानी थी और 05 साल के एग्रीमेन्ट के दौरान उनके संचालन एवं रख-रखाव की जिम्मेदारी भी उन्हीं की थी? टेन्डर एवं एग्रीमेंट की प्रति संलग्न कर जानकारी दें। (ख) क्या वर्ष 2019 में बॉयोमेट्रिक फर्जीवाड़ा उजागर होने पर डी.एस.के. कंपनी को ब्लैक-लिस्ट कर उसका कार्य बिना नई निविदा आमंत्रित किए सीधे लिंकवेल कंपनी को सौंप दिया गया। मध्यप्रदेश स्टेट इलेक्ट्रॉनिक्स डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (MPSEDC) ने खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की ओर से प्रदेश भर की राशन दुकानों पर POS मशीनें लगाने और उनके रख-रखाव के लिए एक टेंडर जारी किया। यदि हाँ, तो ऐसा क्यों किया गया? (ग) क्या लिंकवेल कंपनी का मूल 5 वर्षीय अनुबंध वर्ष 2020 में समाप्त हो गया था, इसके बावजूद वर्ष 2020 से 2025 तक 6 बार सेवा विस्तार देते हुए बिना नई टेंडर प्रक्रिया अपनाए उसे कार्य सौंपा गया? इस अवधि में कंपनी को मशीनों के रख-रखाव के नाम पर 191 करोड़ रुपए से अधिक का भुगतान किया जा चुका है। यह भुगतान गलत तरीके से ज्यादा दरों पर क्यों एवं किसके आदेश पर किया गया?
खाद्य मंत्री ( श्री गोविन्द सिंह राजपूत ) : (क) मध्यप्रदेश स्टेट इलेक्ट्रॉनिक डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (MPSEDC) द्वारा उचित मूल्य दुकानों पर पी.ओ.एस. मशीन लगाने हेतु सेवा प्रदाता का चयन के लिए निविदा जारी की गई थी। उचित मूल्य दुकानों पर पी.ओ.एस. मशीन Built Own Operate (BOO) अंतर्गत लगाई गई है, उचित मूल्य दुकानों पर पी.ओ.एस. मशीन लगाने, संचालन एवं रख-रखाव की जिम्मेदारी सेवा प्रदाता की थी। पी.ओ.एस. मशीन उचित मूल्य दुकान पर लगाने हेतु सेवा प्रदाता चयन के लिए जारी निविदा दस्तावेज एवं अनुबंध की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ अनुसार है। (ख) सेवा प्रदाता मेसर्स डी.एस.के. डिजिटल प्रा.लि. द्वारा वर्ष 2019 में उचित मूल्य दुकानों पर लगाई गई पी.ओ.एस. मशीन में अधिकांश पी.ओ.एस. मशीन खराब होने, खराब मशीन का रख-रखाव न करने एवं पात्र परिवारों को डिजिटल ट्रांजेक्शन के माध्यम से राशन वितरण प्रभावित होने के कारण मेसर्स डी.एस.के. डिजिटल प्रा.लि. से किए गए अनुबंध को माह अक्टूबर, 2019 में निरस्त किया गया। भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 के अंतर्गत आवंटित खाद्यान्न के डिजिटल ट्रांजेक्शन के माध्यम से खाद्यान्न वितरण की अनिवार्यता होने एवं तत्समय डिजिटल ट्रांजेक्शन से खाद्यान्न वितरण की कोई अन्य वैकल्पिक व्यवस्था न होने के कारण मेसर्स डी.एस.के. डिजिटल प्रा.लि. के समूहों की उचित मूल्य दुकानों पर पी.ओ.एस. मशीन लगाने एवं संधारण का कार्य अन्य समूहों में पी.ओ.एस. मशीन संचालन का कार्य कर रहे सेवा प्रदाता मेसर्स लिंकवेल टेलीसिस्टम्स प्रा.लि. को मेसर्स डी.एस.के. डिजिटल प्रा.लि. की दर पर ही सौंपा गया। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग में कार्य की विशेषज्ञता एवं अनुभव न होने के कारण मध्यप्रदेश स्टेट इलेक्ट्रॉनिक डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन के माध्यम से सेवा प्रदाता के चयन के लिए समूहवार निविदा जारी कराई गई। (ग) पी.ओ.एस. मशीन के सेवा प्रदाता की अनुबंध अवधि समाप्त हो जाने के उपरांत भी नवीन निविदा जारी न करने के कारण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ब अनुसार है। नवीन निविदा जारी न होने के कारण पात्र परिवारों को डिजिटल ट्रांजेक्शन से राशन वितरण कराने हेतु कार्यरत सेवा प्रदाता की अनुबंध अवधि में विस्तार करना पड़ा। सेवा प्रदाता से किए गए अनुबंध अनुसार किराया राशि का भुगतान किया गया है।
लाड़ली बहना, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं के मानदेय में वृद्धि
[महिला एवं बाल विकास]
70. ( क्र. 3239 ) श्री कैलाश कुशवाहा : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) म.प्र. में वर्ष 2023-24 से प्रश्न दिनांक तक प्रदेश में लाड़ली बहना योजना के अन्तर्गत लाड़ली बहनों को माहवार कुल कितनी राशि भुगतान की गई? माहवार जानकारी दें। उक्त राशि की व्यवस्था किस मद की राशि से कहाँ से की गई? लाड़ली बहना योजनान्तर्गत शेष छूटी हुई लाड़ली बहनों को जोड़ने की शासन की क्या योजना है? शेष लाड़ली बहनों को योजना में शामिल कब तक किया जायेगा? (ख) प्रदेश में कार्यरत आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं के क्या-क्या कार्य हैं? आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं को कितना मासिक मानदेय स्वीकृत है? उक्त मानदेय किस वर्ष से स्वीकृत है? इसमें केन्द्र सरकार का अंश एवं राज्य सरकार का अंश कितना-कितना है? आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं के मासिक मानदेय में वृद्धि की कोई योजना है? यदि हाँ, तो उक्त वृद्धि कब से की जायेगी? यदि मानदेय वृद्धि नहीं की जायेगी तो क्यों? (ग) क्या आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं को शासकीय/राजनैतिक कार्यक्रमों में भीड़ बढानें के लिए अपने क्षेत्र एवं विकासखण्ड के बाहर बिना ड्रेस के शामिल होने के लिए निर्देशित किया जाता है? यदि हाँ, तो शासन इसे रोकने के लिए क्या कार्यवाही कब तक करेगा? (घ) आंगनवाड़ियों में आने वाले/दर्ज बच्चों को कितना एवं क्या-क्या भोजन प्रतिदिन सप्ताह में दिए जाने का प्रावधान है? कितना टी.एच.आर. बच्चों को दिये जाने का प्रावधान है और कितना दिया जा रहा है?
महिला एवं बाल विकास मंत्री ( सुश्री निर्मला भूरिया ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट -01 अनुसार है। योजनांतर्गत लाभार्थी महिलाओं को राशि का भुगतान योजना क्रमांक-1130 ''मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना 2023'' की 42-सहायक अनुदान, 006-आर्थिक सहायता मद से किया गया है। वर्तमान में प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-02 अनुसार है। आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं को देय मानदेय संबंधित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-03 अनुसार है। मानदेय स्वीकृति वर्ष की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट -03 अनुसार है। मानदेय में केन्द्रांश एवं राज्यांश संबंधित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-04 अनुसार है। जी नहीं। वर्तमान में कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। (ग) जी नहीं। शेष का प्रश्न नहीं। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट -05 अनुसार है।
छात्रावासों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को शिष्यवृत्ती का प्रदाय
[जनजातीय कार्य]
71. ( क्र. 3242 ) श्री मधु भगत : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जबलपुर संभाग में विभाग में संचालित समस्त छात्रावासों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को विगत 3 वर्षों में 10 % की शिष्यवृत्ती प्रदाय की गई? अध्ययनरत छात्र-छात्राओं का विकासखण्डवार, जिलेवार प्रदाय की गई राशि तथा शिष्यवृत्ती से वंचित छात्र-छात्राओं की जानकारी उपलब्ध करावें। (ख) क्या प्रश्नांश (क) में उल्लेखित समस्त छात्र-छात्राओं में से बहुत से छात्र-छात्राएं शिष्यवृत्ती से वंचित रह गए? यदि हाँ, तो जिम्मेदार अधिकारी/कर्मचारी पर क्या कार्यवाही की जावेगी? (ग) संभाग जबलपुर में समस्त छात्रावासों में पढ़ने वाले कितने छात्र-छात्राओं का विगत 3 वर्षों में NEET या CLAT या MBBS या JEE में सिलेक्शन हुआ? विगत 3 वर्षों का ब्यौरा समस्त खर्चे सहित बतायें। (घ) बस्ती विकास योजनान्तर्गत विगत 3 वर्षों में बालाघाट जिले में शौचालय निर्माण/अन्य निर्माण कार्य किये गए। ग्रामवार, तिथिवार व्यय सहित भुगतान की जानकारी देवें।
जनजातीय कार्य मंत्री ( डॉ. कुंवर विजय शाह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट -''अ'' अनुसार है। (ख) शिष्यवृत्ती से वंचित छात्र-छात्राओं की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट- ''अ'' अनुसार है। शिष्यवृत्ती DBT भुगतान प्रणाली से आधार लिंक बैंक खाते में पोर्टल के माध्यम से की जाती है। जिन छात्र-छात्राओं के बैंक खाते आधार लिंक नहीं है अथवा NPCI एक्टिव नहीं है उनके खातो में राशि प्राप्त नहीं हुयी है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट- ''ब'' अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट -''स'' अनुसार है।
सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण की योजनाओं का संचालन
[सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण]
72. ( क्र. 3246 ) श्री रजनीश हरवंश सिंह : क्या सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण विभाग में कौन-कौन सी योजनायें संचालित की जा रही हैं? योजनाओं के नाम की सूची एवं पात्रता नियम उपलब्ध करायें। उक्त योजनाओं में से केवलारी विधानसभा में कौन-कौन सी योजनायें संचालित हैं? सूची सहित ब्यौरा देवें। (ख) केवलारी विधानसभा में किस-किस योजना में कौन-कौन से हितग्राही मूलक योजनाओं में कितने हितग्राहियों को लाभान्वित किया जा रहा है? ग्रामवार/ग्राम पंचायतवार/नगर परिषद्वार जानकारी उपलब्ध करावें। (ग) केवलारी विधानसभा क्षेत्र में विभिन्न श्रेणी के दिव्यांगजनों की पहचान/चिन्हित कर लिया गया है, यदि हाँ, तो दिव्यांगता की श्रेणीवार, ग्रामवार जानकारी दें। यदि पहचान/चिन्हित नहीं की गई है तो कब तक की जावेगी? (घ) क्या पहचान/चिन्हित किये गये श्रेणीवार दिव्यांगजनों को उनकी आवश्यकता अनुसार सहायक यंत्र तथा ट्राई साइकिल, बैसाखी, चश्में, श्रवण यंत्र इत्यादि उपलब्ध कराये गये हैं? यदि नहीं, कराये गये तो क्यों? विधानसभा क्षेत्र में ऐसे कितने दिव्यांग हैं, इन्हें कब तक सहायक यंत्र/सामग्री उपलब्ध करा दी जायेगी?
सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण मंत्री ( श्री नारायण सिंह कुशवाह ) : (क) विभाग अंतर्गत संचालित योजनाओं की सूची एवं पात्रता नियम पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट–'अ' अनुसार। उक्त योजनाएं केवलारी विधानसभा क्षेत्र में भी संचालित हैं। (ख) कुल लाभान्वित हितग्राहियों की संख्यात्मक जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'ब' अनुसार। ग्रामवार, ग्राम पंचायतवार एवं नगर परिषद्वार 29, 405 हितग्राहियों की सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'स' एवं 'इ' अनुसार। (ग) जी हाँ। केवलारी विधानसभा क्षेत्र में विभिन्न श्रेणी के 4480 हितग्राहियों की सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'द' अनुसार। (घ) जी हाँ। केवलारी विधानसभा क्षेत्र में वित्तीय वर्ष 2025-26 में कुल 224 हितग्राहियों को पात्रतानुसार सहायक उपकरण उपलब्ध कराये गये हैं, जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट- 'इ' अनुसार है।
आंगनवाड़ी केन्द्रों का भवन निर्माण एवं रिक्त पदों की पूर्ति
[महिला एवं बाल विकास]
73. ( क्र. 3248 ) श्री रजनीश हरवंश सिंह : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) वर्ष 2018 से प्रश्न दिनांक तक जिला सिवनी अंतर्गत कितने आंगनवाड़ी केन्द्र स्वीकृत हैं, उनमें से कितने संचालित हैं तथा कितने भवन विहीन हैं? (ख) वर्ष 2018 से प्रश्न दिनांक तक जिला सिवनी में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं के कितने पद स्वीकृत हैं तथा वर्तमान में कितने पद रिक्त हैं? (ग) जिला सिवनी में भवन विहीन आंगनवाड़ी केन्द्रों के भवन निर्माण एवं रिक्त पदों की पूर्ति हेतु शासन द्वारा क्या योजना है तथा इस कार्य को पूर्ण करने की निर्धारित समय-सीमा क्या है?
महिला एवं बाल विकास मंत्री ( सुश्री निर्मला भूरिया ) : (क) सिवनी जिले में कुल 2137 आंगनवाड़ी केन्द्र स्वीकृत एवं संचालित हैं, इनमें से 294 आंगनवाड़ी केन्द्र किराये के भवन में संचालित है। (ख) प्रश्नांश अवधि में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के 2137 पद तथा सहायिका के 2137 पद स्वीकृत हैं। वर्तमान में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के 24 पद एवं सहायिका के 43 पद रिक्त है। (ग) वर्तमान में 75 आंगनवाड़ी भवन निर्माणाधीन है। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका के रिक्त पदों की पूर्ति की कार्यवाही प्रचलन में है। आंगनवाड़ी भवनों का निर्माण वित्तीय संसाधन एवं भवन हेतु जमीन की उपलब्धता पर निर्भर करता है। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका के रिक्त पदों की पूर्ति एक निरंतर प्रक्रिया है। अत: समय-सीमा दिया जाना संभव नहीं है।
संकट ग्रस्त ग्रामों में व्यवस्था
[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]
74. ( क्र. 3250 ) चौधरी सुजीत मेर सिंह : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) चौरई विधानसभा क्षेत्र में जल जीवन मिशन की नल-जल योजनाओं में कितने ठेकेदारों का कार्य असंतोषजनक पाया गया? फर्म का नाम एवं ठेकेदार का नाम देवें। (ख) क्या उन ठेकेदारों को ब्लैक-लिस्ट किया गया है? (ग) कितने ठेकेदारों के अनुबंध निरस्त किए गए। (घ) नए ठेकेदार के चयन की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए क्या प्रक्रिया अपनाई गई?
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( श्रीमती संपतिया उइके ) : (क) जल जीवन मिशन अंतर्गत विभागीय अमले के सुपरविजन में ठेकेदार/एजेन्सी के माध्यम से विभागीय मापदण्डों के अनुसार कार्य कराए जा रहे हैं, कार्य असंतोषजनक नहीं है। (ख) उत्तरांश (क) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) चौरई विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत जल जीवन मिशन की नल-जल योजना का कोई भी अनुबंध निरस्त नहीं किया है। (घ) उत्तरांश (ग) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
उपलब्ध बजट की जानकारी
[महिला एवं बाल विकास]
75. ( क्र. 3252 ) चौधरी सुजीत मेर सिंह : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) चौरई विधानसभा क्षेत्र में वर्ष 2023-24 एवं 2024-25 में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा कितना बजट खर्च हुआ? (ख) कौन-कौन सी योजनाओं में लक्ष्य प्राप्ति अधूरी है और क्यों? (ग) विभागीय योजनाओं की निगरानी के लिए कौन सी प्रणाली अपनाई गई?
महिला एवं बाल विकास मंत्री ( सुश्री निर्मला भूरिया ) : (क) चौरई विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत संचालित दो परियोजना क्रमश: चौरई एवं बिछुआ में वर्ष 2023-24 में कुल राशि रूपये 13, 23, 44, 635/- एवं वर्ष 2024-25 में कुल राशि रूपये 15, 38, 68, 903/- का व्यय हुआ है। (ख) प्रश्नांश 'क' के संदर्भ में विधानसभा क्षेत्रवार लक्ष्य निर्धारित नहीं किया जाता है। अत: शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है।
आंगनवाड़ी केंद्रों हेतु भवन की स्वीकृति
[महिला एवं बाल विकास]
76. ( क्र. 3255 ) श्री अमर सिंह यादव : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या राजगढ़ विधानसभा अंतर्गत ऐसी कोई आंगनवाड़ी केंद्र है जिसमें भवन नहीं हैं? यदि हाँ, तो ऐसे कौन-कौन से आंगनवाड़ी केंद्र हैं जिनके पास स्वयं का भवन नहीं हैं? उनके नाम परियोजनावार बतावें। (ख) क्या राजगढ़ विधानसभा अंतर्गत ऐसे आंगनवाड़ी केंद्र भी हैं जो कि काफी पुराने होने से जीर्ण-शीर्ण स्थिति में हैं, जिनसे कभी भी जनहानि हो सकती है? यदि हाँ, तो ऐसे कौन-कौन से आंगनवाड़ी केंद्र हैं, उनके नाम परियोजनावार बतावें। (ग) क्या भवन विहीन आंगनवाड़ी केंद्रों अथवा जीर्ण-शीर्ण आंगनवाड़ी केंद्र पर नवीन भवन स्वीकृत किए जाएंगे? यदि हाँ, तो कब तक? समय-सीमा बतावें और यदि नहीं, तो क्यों नहीं? कारण सहित बतावें। (घ) क्या वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 में राजगढ़ विधानसभा अंतर्गत आंगनवाड़ी केंद्रों पर नवीन भवन स्वीकृत किए गए है? यदि हाँ, तो कब तथा कहाँ-कहाँ पर? परियोजनावार बतावें। क्या उक्त स्वीकृत भवनों का निर्माण पूर्ण हो चुका है? यदि हाँ, तो कब और यदि नहीं, तो कब तक पूर्ण किया जावेगा? परियोजनावार बतावें।
महिला एवं बाल विकास मंत्री ( सुश्री निर्मला भूरिया ) : (क) जी नहीं, राजगढ़ विधानसभा अंतर्गत कोई आंगनवाड़ी केन्द्र भवन विहीन नहीं है, 233 - आंगनवाड़ी केन्द्र विभागीय शासकीय भवन में, 176 - आंगनवाड़ी अन्य शासकीय भवन में एवं 179 - आंगनवाड़ी केंद्र किराये के भवनों में संचालित है। 355, विभागीय शासकीय भवन विहीन आंगनवाड़ी केन्द्रों की सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-1 अनुसार है। (ख) जी हाँ, राजगढ़ विधानसभा में जीर्ण-शीर्ण भवन है, इन भवनों में आंगनवाड़ी केन्द्र संचालित नहीं किये जा रहे हैं, अत: जनहानि का प्रश्न नहीं है। सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-2 अनुसार है। (ग) वित्तीय संसाधनों एवं भूमि की उपलब्धता के आधार पर आंगनवाड़ी भवन निर्माण की स्वीकृति दी जाती है। समय-सीमा दिया जाना संभव नहीं। (घ) जी हाँ, वर्ष 2024-25 में राजगढ़ विधानसभा अंतर्गत 11 आंगनवाड़ी केंद्रों के नवीन भवन स्वीकृत किये गए हैं, शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-3 अनुसार है, वर्ष 2025-26 में नवीन स्वीकृत आंगनवाड़ी भवनों की जानकारी निरंक है। समय-सीमा दिया जाना संभव नहीं।
पंजीकृत संस्थाओं को सौंपे गए कार्य
[महिला एवं बाल विकास]
77. ( क्र. 3258 ) श्री उमाकांत शर्मा : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) भोपाल संभाग में विभाग द्वारा विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन हेतु कितने गैर-सरकारी संगठन (एन.जी.ओ.), स्व-सहायता समूह, स्वैच्छिक संस्थाएं, शिशु गृह समितियां पंजीकृत हैं एवं इनको कौन-कौन से कार्य सौंपे गए हैं? पंजीकृत संस्थाओं को कार्य सौंपे जाने के क्या नियम/निर्देश/आदेश हैं? नियम/निर्देश/आदेशों की छायाप्रति उपलब्ध करावें। (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में वर्ष 2023 से प्रश्नांकित अवधि तक विभाग के अंतर्गत कितने गैर-सरकारी संगठन (एन.जी.ओ.), स्व-सहायता समूह स्वैच्छिक संस्थाएं, समितियों को कौन-कौन सी योजनांतर्गत कार्य आवंटित किया गया? उनके नाम, पंजीकरण क्रमांक, पता, कार्य क्षेत्र, आवंटित अनुदान की भोपाल संभागवार जानकारी उपलब्ध करावें। (ग) गैर-सरकारी संगठन (एन.जी.ओ.), स्वैच्छिक संस्थाएं एवं समितियों द्वारा किए गए कार्यों की निगरानी, मूल्यांकन एवं वित्तीय ऑडिट कब-कब, कौन-कौन से अधिकारी द्वारा किया गया? कब-कब निरीक्षण किया गया? निरीक्षणकर्ता अधिकारी का नाम, पदनाम सहित जानकारी देवें तथा कितने गैर-सरकारी संगठन (एन.जी.ओ.), स्वैच्छिक संस्थाएं एवं समितियों में अनियमितता पाई गई? उनके विरूद्ध क्या-क्या कार्यवाहियां की गईं? जांच प्रतिवेदन एवं कृत कार्यवाहियों की छायाप्रति उपलब्ध करावें। यदि कार्यवाही नहीं की गई तो इसके लिए दोषी कौन है? दोषियों पर क्या कार्यवाही की जावेगी?
महिला एवं बाल विकास मंत्री ( सुश्री निर्मला भूरिया ) : (क) जी नहीं। अपितु भोपाल संभाग अंतर्गत मिशन वात्सल्य योजना के तहत अशासकीय संस्थाओं के माध्यम से संचालित ऐसी संस्थाएं जो देख-रेख एवं संरक्षण तथा विधि का उल्लंघन करने वाले बच्चों को संरक्षण प्रदान कर रही हैं, को किशोर न्याय (बालकों की देख-रेख एवं संरक्षण) अधिनियम, 2015 की धारा 41 के तहत मान्यता प्रदान की गई है एवं इन्हें बाल देख-रेख संस्थाओं के संचालन के कार्य सौंपे गए हैं। इन मान्यता प्राप्त संस्थाओं को किशोर न्याय (बालकों की देख-रेख एवं संरक्षण) अधिनियम, 2015 की धारा 41 एवं मिशन वात्सल्य योजना के नियमों के तहत कार्य सौंपे जाते हैं। भोपाल संभाग में 21 बाल देख-रेख संस्थाएं संचालित हैं। इसी प्रकार भोपाल संभाग में स्वाधार गृह के संचालन के लिए पूर्व से मान्यता प्राप्त 03 अशासकीय संस्थाओं को मिशन शक्ति योजना अंतर्गत 03 शक्ति सदन का संचालन कार्य सौंपा गया है। नियम निर्देशों की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) एवं (ग) उत्तरांश (क) के अनुक्रम में बाल देख-रेख संस्थाओं एवं शक्ति सदन की जानकारी एकत्रित की जा रही है।
ठेकेदार द्वारा किये गए गुणवत्ताहीन कार्य का भुगतान
[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]
78. ( क्र. 3259 ) श्री उमाकांत शर्मा : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) विदिशा जिले में विभाग अंतर्गत संचालित जल जीवन मिशन अंतर्गत समूह नल-जल योजना एवं एकल नल-जल योजना के अंतर्गत कितने कार्य किए गए हैं अथवा प्रगतिरत हैं? योजनावार, विकासखण्डवार जानकारी उपलब्ध करावें। (ख) क्या उक्त योजनांतर्गत अनेक ग्रामों में गुणवत्ताविहीन एवं अधूरे कार्य हुए हैं? क्या विभिन्न ग्रामों में पाइप-लाइन बिछाने हेतु सड़कों/गलियों को खोद दिया गया? कार्य पश्चात सी.सी.करण/मरम्मत नहीं की गई है, जिसके कारण ग्रामवासियों को आवागमन में भारी परेशानी, जल भराव एवं दुर्घटना की स्थिति निर्मित हो रही है? यदि हाँ, तो इसके लिए दोषी कौन है? कब-कब अधिकारियों द्वारा निरीक्षण किया गया? ठेकेदार/कार्य एजेन्सी के विरूद्ध क्या-क्या कार्यवाहियां की गई? (ग) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में जहां-जहां गुणवत्ताविहीन कार्य किया गया है? उनकी ग्रामवार एवं विकासखण्डवार सूची, संबंधित योजना का नाम, कार्य की स्वीकृत लागत, निविदा, कार्यादेश, कार्य एजेन्सी/ठेकेदार का नाम, कार्य प्रारंभ की तिथि एवं निर्धारित कार्य पूर्णता तिथि की विस्तृत जानकारी की छायाप्रतियां उपलब्ध करावें। (घ) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में बिना कार्य पूर्ण किए अथवा गुणवत्ताविहीन कार्य करने के बावजूद भी कितने ठेकेदार/कार्य एजेन्सियों को कितना-कितना, कब-कब भुगतान किया दिया गया? प्रत्येक योजनावार भुगतान की दिनांक, भुगतान राशि सहित विकासखण्डवार, ग्रामवार जानकारी उपलब्ध करावें। (ड.) उक्त योजनांतर्गत अधूरे कार्य, खोदी गई सड़कों/गलियों का मरम्मतीकरण/सी.सी.करण/रोड रेस्टोरेशन कब तक पूर्ण कर लिया जावेगा? समय-सीमा स्पष्ट बतावें। (च) क्या दोषपूर्ण कार्यों की मरम्मत की लागत संबंधित ठेकेदारों/कार्य एजेन्सियों से वसूल की जावेगी अथवा उन्हें ब्लैक-लिस्ट किए जाने का प्रस्ताव है?
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( श्रीमती संपतिया उइके ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 एवं 2 अनुसार है। (ख) जी नहीं। जी हाँ। जी नहीं, योजनांतर्गत पाइप-लाइन बिछाने एवं परीक्षण के कार्य पूर्ण होने के बाद खोदी गई सड़कों/गलियों को पूर्व स्थिति में किया जाता है। प्रगतिरत योजनाओं में सड़क मरम्मत के कार्य प्रगतिरत हैं। जी नहीं, प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता है। शेष प्रश्नांश की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-03 अनुसार है। (ग) उत्तरांश ''क'' अनुसार प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) बिना कार्य पूर्ण किये अथवा गुणवत्ताविहीन कार्य करवाये जाने के संबंध में किसी भी प्रकार का भुगतान नहीं किया गया है, अतः शेष प्रश्न उपस्थित ही नहीं होता है। (ड.) प्रगतिरत योजनाओं के कार्य यथाशीघ्र पूर्ण करने के लिये सतत प्रयास किये जा रहे हैं। पाइप-लाइन टेस्टिंग के उपरांत रोड रेस्टोरेशन का कार्य पूर्ण किया जाएगा। निश्चित तिथि बताया जाना संभव नहीं है। (च) विभागीय मापदण्ड अनुसार किये गये कार्यों को ही मापांकन एवं भुगतान के लिये मान्य किया जाता है, शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
जनजातीय विभाग अंतर्गत छात्रावासों और विद्यालयों की जानकारी
[जनजातीय कार्य]
79. ( क्र. 3262 ) श्री कमलेश्वर डोडियार : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या जिला रतलाम अंतर्गत जनजातीय कार्य विभाग द्वारा संचालित अनेक छात्रावास भवनों के निर्माण कार्य अधूरे पड़े हुए हैं? यदि हाँ, तो ऐसे कितने छात्रावासों के कार्य अधूरे हैं? उनका नाम, स्थान एवं कार्य प्रारंभ होने की तिथि सहित जानकारी बतावें। उक्त अधूरे कार्य कब से लंबित हैं तथा प्रत्येक प्रकरण में कौन-कौन से अधिकारी एवं संबंधित ठेकेदार दोषी हैं? उनके विरुद्ध प्रश्न दिनांक तक क्या-क्या कार्यवाही की गई है? कार्यवाही आदेशों की प्रति सहित जानकारी बतावें। (ख) क्या रतलाम में संचालित जनजातीय छात्रावासों में छात्र एवं छात्राओं की संख्या के अनुपात में सीटें अपर्याप्त हैं? यदि हाँ, तो क्या शासन द्वारा सीटें बढ़ाने एवं नवीन छात्रावास भवन स्वीकृत करने का निर्णय लिया गया है? यदि हाँ, तो स्थानवार, छात्रावासवार एवं समय-सीमा सहित जानकारी बतावें। नवीन प्रस्तावित छात्रावासों को कब तक प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान की जाएगी तथा निर्माण कार्य पूर्ण करने की निश्चित समय-सीमा क्या निर्धारित की गई है? (ग) क्या आदिवासी बाहुल्य एवं आर्थिक रूप से कमजोर क्षेत्रों में अध्ययन की गुणवत्ता बढ़ाने हेतु विशेष प्रकार के आवासीय विद्यालय/एकलव्य/मॉडल स्कूल अथवा अन्य विशेष शैक्षणिक संस्थान खोलने का कोई प्रस्ताव शासन के विचाराधीन है? यदि हाँ, तो जिला रतलाम में प्रस्तावित विद्यालयों की संख्या, स्थान एवं स्वीकृति की स्थिति बतावें। यदि नहीं, तो कारण स्पष्ट करें।
जनजातीय कार्य मंत्री ( डॉ. कुंवर विजय शाह ) : (क) रतलाम जिले में 02 छात्रावास एवं 01 आश्रम कुल 03 भवन निर्माणाधीन हैं। छात्रावास भवनों के नाम, स्थान एवं कार्य प्रारंभ होने की तिथि की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''अ'' अनुसार है। कार्य लंबित होने तथा प्रत्येक प्रकरण में संबंधित अधिकारी एवं दोषी ठेकेदार की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''अ'' अनुसार है। अधिकारी एवं संबंधित ठेकेदार पर की गई कार्यवाही की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''अ'' अनुसार है। कार्यवाही आदेशों की प्रतियां पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''ब'' अनुसार है। (ख) एवं (ग) जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रांतर्गत परियोजनाओं का क्रियान्वयन
[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]
80. ( क्र. 3263 ) श्री कमलेश्वर डोडियार : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) जिला रतलाम के आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की ओर से जल जीवन मिशन अंतर्गत वर्ष 2018 से प्रश्न दिनांक तक कौन-कौन सी नल-जल परियोजनाएं लागू की गई हैं? इन परियोजनाओं का लक्ष्य, बजट और कार्यान्वयन की प्रगति क्या रही है? आदिवासी क्षेत्रों में भू-जल की गुणवत्ता की नियमित जांच की स्थिति क्या है और पिछले पाँच वर्षों में प्रदूषण/उच्च TDS/लौह/आयरन से सम्बंधित कितनी शिकायतें प्राप्त हुई हैं? (ख) प्रश्नांश 'क' में उल्लेखित रतलाम जिले के किन-किन विकासखंडों को पेय-जल अभाव-ग्रस्त क्षेत्र घोषित किया गया है और उसके नियंत्रण/समाधान के लिये विभाग ने किन कदमों को लागू किया है? इन परियोजनाओं के क्रियान्वयन में विभाग को किन प्रमुख चुनौतियों का सामना करना पड़ा है और उनका समाधान क्या प्रस्तावित है?
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( श्रीमती संपतिया उइके ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-01 एवं 02 अनुसार है। जिले के समस्त ग्रामीण क्षेत्रों में भू-जल की गुणवत्ता की नियमित जांच की जाती है। पिछले पांच वर्षों में उल्लेखित तत्वों (प्रदूषण/उच्च TDS/लौह) से सम्बंधित कोई भी शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। (ख) विभाग द्वारा पेय-जल नियंत्रण/समाधान एवं ग्रीष्म ऋतु में पेय-जल उपलब्धता हेतु कलेक्टर जिला रतलाम को प्रेषित प्रस्ताव उपरांत रतलाम जिले के विकासखंड सैलाना एवं बाजना को कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी जिला रतलाम द्वारा पेय-जल परिरक्षण अधिनियम आदेश क्रमांक 90/रीडर/एडीएम/2025 रतलाम दिनांक 24.03.2025 अंतर्गत पेय-जल अभावग्रस्त क्षेत्र घोषित किया गया था एवं आदेश क्रमांक 2348/रीडर/एडीएम/2025 रतलाम दिनांक 17.06.2025 द्वारा वर्षा ऋतु प्रारम्भ होने से आदेश को शिथिल किया गया। दोनों आदेशों की छायाप्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-03 एवं 04 अनुसार है। प्रश्नांकित क्षेत्र में भू-जल आधारित स्त्रोतों से नल-जल प्रदाय योजनाओं का क्रियान्वयन चुनौतीपूर्ण होता है, भूजल स्त्रोतों पर निर्भरता को कम करने के लिये जल निगम द्वारा सतही स्त्रोत आधारित समूह जल प्रदाय योजनाओं का क्रियान्वयन किया जा रहा है।
दिव्यांगों हेतु शिविर का आयोजन एवं सामग्री का वितरण
[सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण]
81. ( क्र. 3274 ) श्रीमती अनुभा मुंजारे : क्या सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बालाघाट जिले में विगत 5 वर्षों से प्रश्न दिनांक तक कहाँ-कहाँ नि:शक्तजन विकलांग शिविर आयोजित किए गए? बालाघाट के समस्त जनपदवार जानकारी उपलब्ध कराएं। उस शिविर में कितने राशि का व्यय किया गया? (ख) बालाघाट जिले में नि:शक्तजनों के लिए केंद्र और राज्य शासन द्वारा वर्ष 2023 से प्रश्न दिनांक तक कितनी राशि स्वीकृत की गई? उस राशि का संपूर्ण आय-व्यय का ब्यौरा देवें। (ग) बालाघाट जिले में नि:शक्तजनों को प्राप्त सामग्रियों में शासन द्वारा क्या-क्या प्रदाय किया जाता है? संपूर्ण जानकारी देवें। नि:शक्तजनों को प्रदाय सामग्री का संपूर्ण विवरण सूची के साथ देवें। (घ) बालाघाट जिले में वर्ष 2023 से प्रश्न दिनांक तक कितने दिव्यांगजन हैं? क्या दिव्यांगजन को उपकरण प्रदाय किये गए? यदि हाँ, तो वर्षवार, विकासखंडवार, संख्या एवं किस-किस प्रकार के उपकरण दिए गए हैं? सूची उपलब्ध करावें। (ङ) समस्त बालाघाट जिले में विगत 2 वर्षों में दिव्यांगजन को उपकरण नहीं मिलने की कुल कितनी शिकायत विभाग को प्राप्त हुई तथा समस्त शिकायतों का निराकरण किसके द्वारा किया गया? शिकायतों की प्रति सहित निराकरण की प्रतियां उपलब्ध करावें।
सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण मंत्री ( श्री नारायण सिंह कुशवाह ) : (क) बालाघाट जिले में विगत 5 वर्षों में भारत सरकार की एडिप योजना एवं राज्य सरकार की कृत्रित अंग एवं सहायक उपकरण वितरण योजनांतर्गत प्रश्न दिनांक तक दिव्यांगजन को सहायक उपकरण वितरण, चिन्हांकन, दिव्यांग प्रमाण-पत्र नवीनीकरण, नवीन दिव्यांगता प्रमाण-पत्र बनाने हेतु सभी निकाय एवं जिला स्तर पर कुल 105 शिविरों का आयोजन किया गया है। उल्लेखनीय है कि भारत सरकार द्वारा राज्य को बजट न देकर, एडिप योजनांतर्गत चिन्हित हितग्राहियों को सीधे सहायक उपकरण वितरित किये जाते हैं जबकि राज्य सरकार द्वारा आयोजित शिविरों की जनपदवार जानकारी एवं उक्त शिविर में हुए व्यय राशि की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ अनुसार है। (ख) बालाघाट जिले में दिव्यांगजनों के लिये वर्ष 2023 से प्रश्न दिनांक तक केन्द्र से राशि प्रदान नहीं की गई है। क्योंकि भारत सरकार की योजना सहायक उपकरण वितरण (एडिप) का क्रियान्वयन भारत सरकार की इकाई एलिम्को द्वारा किया जाता है। राज्य शासन द्वारा राशि रूपये 587550/- की आवंटन राशि उपलब्ध कराई गई है। उक्त राशि का आय-व्यय का संपूर्ण ब्यौरा पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ब अनुसार है। (ग) शासन द्वारा पात्रता अनुसार दिव्यांगजनों को कृत्रित अंग/सहायक उपकरण प्रदाय किया जाता है। प्रदाय की जाने वाली मुख्य सामग्री का संपूर्ण विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-स अनुसार है। (घ) बालाघाट जिले में वर्ष 2023 से प्रश्न दिनांक तक स्पर्श पोर्टल पर सत्यापित दिव्यांगजन संख्या 24860 है। जी हाँ, दिव्यांगजनों को पात्रता अनुसार सहायक उपकरण का प्रदाय किया जाता है, वर्षवार, विकासखण्डवार संख्या एवं प्रदाय उपकरणों की सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-द अनुसार है। (ड.) बालाघाट जिले में विगत 02 वर्षों में दिव्यांगजन को उपकरण नहीं मिलने की कुल 10 शिकायत प्राप्त हुई है, जिनका निराकरण विभाग द्वारा किया गया है। शिकायतों एवं उक्त संबंध में किये गये निराकरण का विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ई अनुसार है।
एकलव्य विद्यालय का संचालन
[जनजातीय कार्य]
82. ( क्र. 3277 ) श्री प्रेमशंकर कुंजीलाल वर्मा : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला नर्मदापुरम में एकलव्य विद्यालय कहाँ-कहाँ है? इसमें कितने छात्र एवं छात्राएं अध्ययनरत हैं? (ख) विगत तीन वर्षों 2022-23, 2023-24 एवं 2024-25 में दसवीं एवं बारहवीं बोर्ड परीक्षा का रिजल्ट कितने प्रतिशत रहा? इन वर्षों में प्रथम श्रेणी में कितने प्रतिशत विद्यार्थी पास हुए हैं?
जनजातीय कार्य मंत्री ( डॉ. कुंवर विजय शाह ) : (क) नर्मदापुरम जिले में 01 एकलव्य विद्यालय ग्राम भरगदा में संचालित है। वर्तमान सत्र 2025-26 में विद्यालय में 223 छात्र एवं 235 छात्राएं इस प्रकार कुल 458 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है।
संचालित पेय-जल योजनाओं की अद्यतन स्थिति
[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]
83. ( क्र. 3278 ) श्री प्रेमशंकर कुंजीलाल वर्मा : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) प्रश्नकर्ता के विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा संचालित पेय-जल योजनाओं की वर्तमान स्थिति क्या है? (ख) कितनी योजनाएं विगत तीन वर्षों से बंद/आंशिक रूप से संचालित हैं तथा इसके क्या कारण हैं? (ग) बंद पड़ी योजनाओं को पुनः चालू करने हेतु विभाग द्वारा क्या कार्यवाही प्रस्तावित है एवं कब तक पूर्ण की जाएगी?
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( श्रीमती संपतिया उइके ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) विभाग द्वारा संचालित एक भी योजना विगत तीन वर्षों से बन्द/आंशिक रूप से संचालित नहीं है, जो योजनाएं बंद हैं वे ग्राम पंचायत को हस्तांतरित हैं। हस्तांतरित योजनाओं का संचालन-संधारण संबंधित ग्राम पंचायत का दायित्व है, शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) उत्तरांश "ख" अनुसार शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
लाड़ली बहना योजना से हितग्राहियों को पृथक किया जाना
[महिला एवं बाल विकास]
84. ( क्र. 3280 ) डॉ. सतीश सिकरवार : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) प्रदेश में लाड़ली बहना योजना कब शुरू की गई एवं कितनी महिलाओं को पंजीकृत किया गया और उनमें से कितनी महिलाओं को पात्रता का लाभ दिया गया? संख्यावार जानकारी दी जावे। (ख) जनवरी वर्ष 2026 की स्थिति में कितनी महिलाओं को उक्त योजना का लाभ दिया जा रहा है? जानकारी दी जावे। (ग) प्रश्नांश (क) में पंजीकृत महिलाओं में से कितनी महिलाओं के नाम 31 दिसंबर 2025 तक योजना से हटाये गये? कारण सहित माहवार जानकारी दी जावे। (घ) प्रश्नांश (ग) के संबंध में हटाये गये महिलाओं के संबंध में क्या शासन द्वारा कोई नवीन निर्देश जारी किये गये? यदि हाँ तो आदेश की प्रति उपलब्ध कराई जावे। (ड.) क्या योजना से हटाई गई महिलाओं का नाम फिर से योजना में जोड़ा जायेगा? यदि हाँ, तो समय-सीमा बताई जावे और यदि नहीं, तो क्यों?
महिला एवं बाल विकास मंत्री ( सुश्री निर्मला भूरिया ) : (क) प्रदेश में मार्च 2023 से लाड़ली बहना योजना शुरू की गई एवं 1, 31, 06, 525 पात्र पंजीकृत महिलाओं को सिंगल क्लिक के माध्यम से भुगतान की कार्यवाही की गई। (ख) जनवरी 2026 की स्थिति में 1, 25, 31, 286 महिलाओं को योजना का लाभ दिया जा रहा है। (ग) किसी भी पंजीकृत पात्र महिला का नाम नहीं हटाया गया है। अत: शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है अपितु 60 वर्ष से अधिक आयु होने के कारण 3, 19, 683 महिलाएं, 33, 601 महिलाओं द्वारा स्वयं लाभ परित्याग करने से एवं 41 महिलाएं दावा आपत्ति समिति द्वारा अपात्र किये जाने से योजना से तथा कुल 29, 758 महिलाएं मृत चिन्हित होने के कारण योजना से बाहर हुई हैं। (घ) एवं (ड.) उत्तरांश ''ग'' के परिप्रेक्ष्य में शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
राशन वितरण हेतु पी.ओ.एस. मशीन लगाने के उद्देश्य
[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण]
85. ( क्र. 3281 ) डॉ. सतीश सिकरवार : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पी.डी.एस.) की दुकान में पी.ओ.एस. मशीन लगाने का निर्णय किस वर्ष में लिया गया एवं मशीन लगाने का कार्य किस वर्ष से प्रारम्भ हुआ, इसका उद्देश्य क्या था? शासन के आदेश/परिपत्र की प्रति उपलब्ध कराई जावे। (ख) प्रदेश में राशन दुकानों पर पी.ओ.एस. मशीन लगाने हेतु क्या प्रणाली अपनाई गई थी एवं किस कम्पनी को यह कार्य सौंपा गया था? कम्पनी का नाम, राशि सहित जानकारी एवं कम्पनी से किये गये अनुबंध (करार) की प्रति उपलब्ध कराई जावे। (ग) क्या वर्ष 2023-24, 2024-25 एवं 2025-26 में पी.ओ.एस. मशीन के रख-रखाव हेतु किसी कम्पनी को दायित्व सौंपा गया है? यदि हाँ तो कम्पनी का नाम एवं राशि सहित वर्षवार एवं शासन के आदेश की प्रति सहित जानकारी दी जावे।
खाद्य मंत्री ( श्री गोविन्द सिंह राजपूत ) : (क) लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली के एण्ड-टू-एण्ड कम्प्यूटराईज़ेशन परियोजना अंतर्गत उचित मूल्य दुकानों पर वर्ष 2014 में पी.ओ.एस. मशीन लगाने का निर्णय लिया गया एवं उचित मूल्य दुकानों पर वर्ष 2016 में पी.ओ.एस. मशीन लगाई गई। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 के सम्मिलित पात्र हितग्राहियों की पहचान सुनिश्चित कर डिजिटल ट्रांजेक्शन के माध्यम से राशन सामग्री का वितरण सुनिश्चित करने तथा वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखने के उद्देश्य से उचित मूल्य दुकानों पर पी.ओ.एस. मशीन लगाई गई है। इस संबंध में जारी निर्देश की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ अनुसार है। (ख) मध्यप्रदेश स्टेट इलेक्ट्रॉनिक डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (MPSEDC) द्वारा निविदा के माध्यम से उचित मूल्य दुकानों पर पी.ओ.एस. मशीन लगाने हेतु सेवा प्रदाता का चयन किया गया है। उचित मूल्य दुकानों पर पी.ओ.एस. मशीन Built Own Operate (BOO) अंतर्गत लगाई गई है, पी.ओ.एस. मशीन लगाने वाली सेवा प्रदाता कंपनी का नाम, प्रतिमाह किराया राशि एवं अनुबंध की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ब अनुसार है। (ग) उचित मूल्य दुकानों पर पी.ओ.एस. मशीन Built Own Operate (BOO) मॉडल के अंतर्गत लगाई गई है, जिसके तहत चयनित सेवा प्रदाता द्वारा पी.ओ.एस. मशीन लगाने के साथ साथ पी.ओ.एस. मशीन के रख-रखाव का कार्य भी किया जाना है। पी.ओ.एस. मशीन के रख-रखाव हेतु पृथक से कोई कंपनी को दायित्व नहीं सौंपा गया है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
कटनी जिलांतर्गत विभागीय योजनाओं का संचालन
[उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण]
86. ( क्र. 3283 ) श्री धीरेन्द्र बहादुर सिंह : क्या उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) कटनी जिले में विभाग की कौन-कौन योजनाएं वर्तमान में कब से प्रचलित हैं और ग्राम/विकासखंडवार विगत 03 वर्षों में किन-किन लाभार्थियों को किस-किस योजना से लाभान्वित किया गया और इसके क्या परिणाम रहे? (ख) कटनी में किन-किन खाद्यों के प्रसंस्करण की किन-किन व्यक्तियों/फर्मों के द्वारा कौन-कौन सी औद्योगिक इकाइयाँ वर्तमान में कहाँ-कहाँ पर कब से संचालित हैं? क्या इन इकाइयों द्वारा शासन/विभाग के नियमों/निर्देशों का पालन किया जा रहा हैं? यदि हाँ, तो विवरण बताइये। नहीं तो क्या कोई कार्यवाही की गयी? (ग) क्या जिले में संचालित राइस मिलों द्वारा धान प्रसंस्करण में अनियमितता के प्रकरण विगत 03 वर्षों में ज्ञात हुये? हाँ, तो किन-किन संचालकों की किन-किन राइस मिलों द्वारा क्या-क्या अनियमितता की गयी? प्रश्न दिनांक तक प्रकरणवार क्या-क्या कार्यवाही की गयी और क्या धान प्रसंस्करण से इंकार करने पर अधिक दूरी पर स्थित राइस मिलों से धान प्रसंस्करण कराया गया? हाँ, तो धान/चावल परिवहन में अधिक व्यय राशि किससे वसूल की गयी? (घ) क्या जिले में संचालित खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों द्वारा मंडी शुल्क भुगतान में अनियमितता की गयी और इन इकाइयों से मंडी शुल्क की राशि वसूली किया जाना हैं? हाँ, तो किन-किन इकाइयों से कितनी-कितनी राशि वसूली की जानी हैं? राशि की वसूली के लिए प्रश्न दिनांक तक इकाइवार क्या-क्या कार्यवाही की गयी? क्या कार्यवाही किया जाना शेष हैं? राशि की वसूली किस प्रकार और कब तक किया जाना लक्षित हैं?
उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण मंत्री ( श्री नारायण सिंह कुशवाह ) : (क) कटनी जिले में विभाग की राज्य योजना 2005-06 से, राज्य कृषि विकास योजना (RKVY) 2007-08 से, पर ड्रॉप मोर क्रॉप योजना (PDMC) 2005-06 से एवं प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना (PMFME) 2020-21 से प्रचलित हैं। योजनाओं से विगत 03 वर्षों में लाभान्वित लाभार्थियों की ग्राम/विकासखण्डवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''अ'' अनुसार है। योजनाओं के क्रियान्वयन से कृषकों के उत्पादन एवं आय में वृद्धि हुई है। (ख) कटनी जिले में विभाग में संचालित प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना (PMFME) अंतर्गत स्थापित सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों की चाही गई जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''ब'' अनुसार है। जी हाँ। नियमों/निर्देशों की छायाप्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''स'' अनुसार है। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) कटनी जिले में विभागीय योजनाओं के परिप्रेक्ष्य में जानकारी निरंक है। अतः शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) कटनी जिले में विभागीय योजनाओं के परिप्रेक्ष्य में कृषि उपज मंडी समिति कटनी के अनुज्ञप्तिधारी खाद्य प्रसंस्करणकर्ता फर्मों द्वारा मंडी शुल्क भुगतान में अनियमितता के लंबित प्रकरण "निरंक" है। अतः शेषांश का प्रश्न ही उत्पन्न नहीं होता।
खाद्य अधिकारी के विरूद्ध अनियमितता का प्रकरण
[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण]
87. ( क्र. 3286 ) श्री दिनेश गुर्जर : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) उक्त विषय के संबंध में विधानसभा में गलत जानकारी देने के बाद 18/05/2023 के जांच प्रतिवेदन प्रमाणित होने के बाद अभी तक उक्त अधिकारी खाद्य के विरुद्ध एफ.आई.आर. दर्ज करा कर निलंबित क्यों नहीं किया है? दिनांक 19-7-2025 को कलेक्टर का पत्र क्र. 615/25 पर की गई कार्यवाही एवं FIR की प्रति देवें। जानकारी देवें। (ख) वर्ष 2023 फरवरी मार्च के तारांकित क्र. 921 दिनांक 02/03/2023 में दिये गये उत्तर में आश्वासन के बावजूद वर्ष 2021 चार वर्ष से अधिक समय से उक्त संस्थाओं से गांधी महिला उप भण्डार डॉ. अम्बेडकर थोक भण्डार अशोकनगर से खाद्य विभागों द्वारा 886479 रू. की वसूली क्यों नहीं की है। माननीय उच्च न्यायालय ग्वालियर के प्रकरण क्र. WP/7796/2023 में दिनांक 11-11-2025 को दिये गये आदेश से उक्त संस्थाओं से सम्पूर्ण राशि वसूली के आदेश दिये है एवं कोई भी पिटीशन चल रही है तो स्वतः अन्य पिटीशन दिनांक 11-11-25 के आदेश मो. न. 8839467038 से निरस्त मानी जाये एवं उक्त संस्थाओं से रकम की राशि वसूल की जाये। उक्त सम्बन्ध में दिनांक 4-12-25 को आयुक्त खाद्य ने भी कलेक्टर महोदय को आदेश दिये है। कितनी राशि वसूल की है? (ग) क्या उक्त भारी भ्रष्टाचार में विभागीय अधिकारियों की लापरवाही को देखते हुए उक्त भ्रष्टाचार के लिए एस.आई.टी. का गठन कर जांच कराई जाएगी?
खाद्य मंत्री ( श्री गोविन्द सिंह राजपूत ) : (क) कलेक्टर जिला अशोकनगर के पत्र क्रमांक खाद्य/2025/615 अशोकनगर दिनांक 19/07/2025 के माध्यम से तत्कालीन प्रभारी जिला आपूर्ति अधिकारी (प्रभारी उपायुक्त सहकारिता) के विरूद्ध विधानसभा में गलत जानकारी देने के कारण उचित कार्यवाही हेतु आयुक्त सहकारिता एवं पंजीयक सहकारी संस्थाएं भोपाल को पत्र प्रेषित किया गया है। इसके पश्चात संयुक्त आयुक्त सहकारिता एवं पंजीयक सहकारी संस्थाएं भोपाल द्वारा पत्र क्रमांक/उप/2/2026/07 दिनांक 07.01.2026 के माध्यम से श्री रवि शंकर द्विवेदी प्रभारी उपायुक्त सहकारिता को सुनवाई का अवसर देते हुये पुन: जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत करने एवं उसके आधार पर कार्यवाही प्रस्तावित करने हेतु कलेक्टर जिला अशोकनगर को पत्र प्रेषित किया गया है। प्रकरण में आगामी कार्यवाही प्रचलित है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'अ' अनुसार है। (ख) डॉ. अम्बेडकर जिला थोक उप. भंडार अशोकनगर एवं गांधी महिला प्राथमिक उपभोक्ता भंडार अशोकनगर की समितियों से 813429.89/- रूपये राशि वसूली करने के संबंध में माननीय उच्च न्यायालय में याचिका क्रमांक WP/35043/2025 में आदेश दिनांक 03.09.2025 तथा WP/35059/2025 में आदेश दिनांक 09.09.2025 द्वारा माननीय उच्च न्यायालय द्वारा प्रकरण के अंतिम आदेश तक वसूली के संबंध में स्थगन आदेश पारित किया गया है। पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'ब' अनुसार है। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता है। (ग) माननीय उच्च न्यायालय एवं कलेक्टर जिला अशोकनगर के स्तर पर प्रकरण प्रचलित है अत: शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता।
ग्वालियर ग्रामीण विधानसभा में जल जीवन मिशन के कार्य
[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]
88. ( क्र. 3289 ) श्री साहब सिंह गुर्जर : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) 14 ग्वालियर ग्रामीण विधानसभा में दिनांक 20.01.2026 की स्थिति में जल जीवन मिशन के कितने कार्य स्वीकृत हैं, की जानकारी कार्यवार नाम, स्थान, लागत, पूर्ण/अपूर्ण एवं निर्माणकर्ता फर्म का नाम, फर्म को कुल किये गये भुगतान सहित देवें। (ख) क्या ग्वालियर ग्रामीण विधानसभा में कई कार्य लम्बे समय से बंद है एवं उनके निर्माणकर्ता फर्म द्वारा कार्य नहीं किया जा रहा है, 6 माह से अधिक समय से बंद पड़े कार्यों की सूची प्रश्नांश (क) अनुसार देवें। 80 प्रतिशत से अधिक भुगतान लेकर कार्य बंद कर चुके फर्मों पर विभाग ने कब-कब क्या कार्यवाही की? इस संबंध में दिये गये नोटिस की छायाप्रति देवें। (ग) जल जीवन मिशन के तहत ग्वालियर ग्रामीण विधानसभा में कितने ग्रामों में कितने घरों में जल प्रदाय किया जा रहा है एवं इन ग्राम में जल प्रदाय से वंचित घरों की संख्या कितनी है? पूरी सूची उपलब्ध कराएं। (घ) कार्य बंद कर चुकी फर्मों एवं इसके लिए जवाबदार निगरानीकर्ताओं पर विभाग द्वारा कब तक कार्यवाही की जावेगी एवं योजना के तहत शामिल ग्रामों में प्रत्येक घर तक कब तक जल प्रदाय सुनिश्चित किया जावेगा?
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( श्रीमती संपतिया उइके ) : (क) जल जीवन मिशन के तहत नल-जल योजनाओं एवं स्कूल तथा आंगनवाड़ियों में पेय-जल व्यवस्था के कार्य स्वीकृत हैं। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1, 02 एवं 03 अनुसार है। (ख) जी नहीं। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता। (ग) एकल ग्राम नल-जल योजनाओं से संबंधित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। मध्यप्रदेश जल निगम अंतर्गत साडा एवं घाटीगाँव-भितरगाँव समूह जल प्रदाय योजनाओं के कार्य प्रगतिरत हैं। इन समूह योजनाओं से जल प्रदाय प्रारंभ नहीं हुआ है। (घ) किसी योजना का कार्य बंद नहीं है, अतः निगरानीकर्ताओं पर कार्यवाही करने का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। प्रगतिरत एकल ग्राम नल-जल योजनाओं के कार्य मार्च 2026 तक पूर्ण कराकर जल प्रदाय किया जाना लक्षित है। प्रगतिरत समूह नल-जल योजनाओं के कार्य दिनांक 28.09.2026 तक पूर्ण किया जाना लक्षित है।
वि.स. क्षेत्र महिदपुर अंतर्गत संचालित नल-जल योजनाएं
[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]
89. ( क्र. 3291 ) श्री दिनेश जैन बोस : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) विधानसभा क्षेत्र महिदपुर अंतर्गत जल जीवन मिशन में कौन-कौन सी नल-जल योजना प्रचलित है? कितनी योजनाओं के निर्माण कार्य पूर्ण है या अपूर्ण है? अपूर्ण रहने का क्या कारण है? विवरण देवें। (ख) कौन-कौन सी योजनाओं के कार्य पूर्ण होने के उपरांत ग्राम पंचायतों को हस्तांतरण किया गया है और कौन-कौन सी ग्राम पंचायतों को नहीं किया गया है? यदि नहीं, किया गया तो क्या कारण है? क्या अपूर्ण कार्यों की ग्राम पंचायतों से एन.ओ.सी. प्राप्त कर ग्राम पंचायतों को हस्तांतरण किया गया? यदि हाँ, तो अपूर्ण कार्यों को किसके द्वारा पूर्ण किया जाएगा? (ग) प्रश्नांश (क) व (ख) अनुसार ग्राम पंचायतों को हस्तांतरण नहीं होने वाली नल-जल योजनाओं के निर्माण की स्वीकृति कब हुई थी तथा उनके निर्माण की लागत राशि कितनी कितनी थी? उक्त योजना के निर्माण कार्य की अद्यतन स्थिति क्या है? (घ) प्रश्नांश (क) (ख) एवं (ग) अनुसार कौन-कौन से कार्य कितना-कितना, किस-किस कारण से अपूर्ण है? उक्त में से कौन-कौन सी नल-जल योजना वर्तमान में चालू होकर किसके द्वारा संचालित की जा रही है तथा कौन-कौन सी योजनाएं प्रश्न दिनांक तक संचालित नहीं है?
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( श्रीमती संपतिया उइके ) : (क) एकल ग्राम नल-जल योजनाओं एवं समूह जल प्रदाय योजनाओं की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-01 एवं 02 अनुसार है। (ख) पूर्ण की गई 90 एकल ग्राम नल-जल योजनाओं में से 76 योजनाएं संबंधित ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित की जा चुकी हैं, शेष 14 योजनाओं के हस्तांतरण की प्रक्रिया ट्रायल रन पूर्ण होने के उपरांत की जाएगी, जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-01 अनुसार है। समूह जल प्रदाय योजनाओं को ग्राम पंचायत को हस्तांतरित नहीं किया जाता है। पूर्ण एकल ग्राम नल-जल योजनाओं को ही संबंधित ग्राम पंचायत को हस्तांतरित किया गया है। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-01 एवं 02 अनुसार है। (घ) 90 एकल ग्राम नल-जल योजनाएं पूर्ण हैं तथा 76 योजनाओं का संचालन/संधारण ग्राम पंचायत के माध्यम से एवं 14 योजनाओं का संचालन/संधारण (ट्रायल रन के तहत) संबंधित ठेकेदारों द्वारा किया जा रहा है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र- 01 अनुसार है। इंदौख समूह जल प्रदाय योजना प्रगतिरत है।
स्व-सहायता समूहों द्वारा की जा रही खरीदी एवं खाद्यान्न वितरण
[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण]
90. ( क्र. 3292 ) श्री दिनेश जैन बोस : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2021 से अब तक उज्जैन जिले में समर्थन मूल्य पर गेहूँ खरीदी हेतु कितने स्व-सहायता समूहों को शामिल किया गया है? वर्षवार एवं विकासखंडवार जानकारी दें। (ख) उपरोक्त अवधि में स्व-सहायता समूहों के माध्यम से खरीदी गई फसलों की मात्रा कितनी रही है? साथ ही समूहवार व पंचायतवार विवरण प्रदान करें। (ग) वर्तमान में उज्जैन जिले में कितने स्व-सहायता समूह सक्रिय रूप से गेहूँ खरीदी के कार्य में संलग्न हैं? उनका नाम, स्थान एवं कार्यक्षेत्र सहित विवरण दें। (घ) स्व-सहायता समूहों द्वारा किए जा रहे क्रियाकलापों की निगरानी, मूल्यांकन व पारदर्शिता हेतु क्या व्यवस्था की गई है? संबंधित दिशा-निर्देशों की प्रति भी उपलब्ध कराई जाए। (ङ) उज्जैन जिले में खाद्यान्न वितरण हेतु परिवहन कार्य किस एजेंसी या संस्था के माध्यम से कराया जा रहा है एवं उक्त एजेंसी को वर्ष 2021 से अब तक किया गया भुगतान कब-कब, कितनी-कितनी राशि में हुआ है? वर्षवार जानकारी दी जाए।
खाद्य मंत्री ( श्री गोविन्द सिंह राजपूत ) : (क) उज्जैन जिले में रबी विपणन वर्ष 2021-22 से अभी तक समर्थन मूल्य पर गेहूँ उपार्जन का कार्य करने वाले महिला स्व-सहायता समूहों की वर्षवार एवं विकासखण्डवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ अनुसार है। (ख) रबी विपणन वर्ष 2021-22 से अभी तक महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा समर्थन मूल्य पर उपार्जित गेहूँ के मात्रा की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ अनुसार है। ई-उपार्जन पोर्टल पर पंजीकृत किसानों द्वारा अपनी सुविधा अनुसार स्लॉट बुक कर किसी भी उपार्जन केन्द्र पर समर्थन मूल्य पर उपज विक्रय करने की सुविधा होने के कारण पंचायतवार उपार्जन मात्रा की जानकारी उपलब्ध नहीं है। (ग) रबी विपणन वर्ष 2025-26 में समर्थन मूल्य पर गेहूँ उपार्जन करने वाले महिला स्व-सहायता समूह का नाम, स्थान एवं कार्य क्षेत्र की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ब अनुसार है। (घ) महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा समर्थन मूल्य पर गेहूँ उपार्जन हेतु किए जाने वाले क्रियाकलापों की निगरानी, मूल्यांकन व पारदर्शिता के संबंध में जारी निर्देश की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-स अनुसार है। (ड.) उज्जैन जिले में वर्ष 2021 से 2023 तक मध्यप्रदेश स्टेट सिविल सप्लाईज कॉर्पोरेशन द्वारा ''द्वार प्रदाय योजना'' अंतर्गत अनुबंधित परिवहनकर्ताओं एवं माह जनवरी, 2024 से ''मुख्यमंत्री युवा अन्नदूत योजना'' के अंतर्गत अनुबंधित परिवहनकर्ताओं द्वारा प्रदाय केन्द्र से उचित मूल्य दुकान तक खाद्यान्न का परिवहन किया गया है। परिवहनकर्ताओं को भुगतान की गई राशि की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-द अनुसार है।
अनुसूचित जाति कल्याण विभाग द्वारा संचालित छात्रावासों में सुविधाएं
[अनुसूचित जाति कल्याण]
91. ( क्र. 3293 ) श्री सतीश मालवीय : क्या अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) उज्जैन जिले (दक्षिण विधानसभा को छोड़कर) विभाग द्वारा कुल कितने छात्रावासों का किन-किन स्थानों पर संचालन किया जा रहा है? संचालित छात्रावासों में रहने वाले छात्र-छात्राओं की संख्या बतावें। छात्र-छात्राओं की सुरक्षा, भोजन व्यवस्था एवं स्वच्छ पेय-जल के लिए क्या व्यवस्था की गई है? जानकारी उपलब्ध करावें। (ख) घट्टिया विधानसभा में संचालित छात्रावासों में शासन द्वारा अधिकारियों एवं कर्मचारियों के स्वीकृत एवं भरे पदों की जानकारी उपलब्ध करावें। स्वीकृत पदों के विरूद्ध रिक्त पदों पर कब तक भर्ती की जावेगी? क्या छात्रों की संख्या के अनुरूप छात्रावासों की संख्या उपलब्ध हैं? यदि नहीं, तो शासन छात्राओं की संख्या के अनुरूप नवीन छात्रावासों की स्थापना शासन द्वारा कब तक की जावेगी? (ग) जनवरी 2024 से विभाग द्वारा संचालित छात्रावासों के जिले का किन-किन अधिकारियों के द्वारा निरीक्षण किया गया? निरीक्षण के दौरान छात्रावासों में कौन-कौन सी कमियां पाई गई, कमियों के निराकरण हेतु क्या निर्देश दिए गए? निरीक्षण रिपोर्ट एवं निराकरण के निर्देशों की प्रति उपलब्ध करावें। (घ) क्या जिले के कलेक्टर एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत के द्वारा औचक निरीक्षण किया जाता है? विगत एक वर्ष में कलेक्टर एवं जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी कौन-कौन से छात्रावासों का निरीक्षण कब-कब किया गया? निरीक्षण किए गए छात्रावासों के नाम एवं निरीक्षण के दौरान पाई गई कमियों के निराकरण हेतु दिए गए निर्देशों की प्रति उपलब्ध करावें।
अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री ( श्री नागर सिंह चौहान ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ब अनुसार है। पद पूर्ति के संबंध में समय-सीमा बताई जाना संभव नहीं है। जी नहीं, छात्रावास भवनों के निर्माण की समय-सीमा बताई जाना संभव नहीं है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट -अ अनुसार है। (घ) जी हाँ, जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-स अनुसार है।
लोक परिसंपत्तियों की नीलामी
[लोक परिसम्पत्ति प्रबंधन]
92. ( क्र. 3294 ) श्री सतीश मालवीय : क्या लोक परिसम्पत्ति प्रबंधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) लोक परिसंपत्ति विभाग द्वारा उज्जैन जिले की प्रश्न दिनांक तक कितनी परिसंपत्तियों को ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज किया गया है? जानकारी उपलब्ध कराएं। (ख) प्रश्नांश (क) वर्णित उक्त सूची में से प्रश्न दिनांक तक कितनी भूमियों की नीलामी होकर भूमि स्वामियों के नाम भूमि अंतरित हो चुकी है? नाम के साथ विक्रय पत्र की प्रति नामांतरण का खसरा एवं नीलामी की संपूर्ण जानकारी तहसीलवार देवें। (ग) प्रश्नांश (ख) वर्णित नीलामी में जाने हेतु कौन अधिकृत है और नीलामी की पूरी प्रक्रिया कहां की गई है? उक्त नीलामी में उसमें जिला कलेक्टर की क्या भूमिका रही है? स्पष्ट करें। (घ) लोक परिसंपत्ति विभाग द्वारा उज्जैन के लोक परिसम्पत्तियों की नीलामी से जो राशि प्राप्त हुई है उस राशि का उपयोग प्रश्न दिनांक तक उज्जैन के लिए कहाँ-कहाँ किया गया? जानकारी देवें। (ङ) क्या लोग परिसंपत्ति विभाग के निर्देशों पर जिस जिले के द्वारा जितनी भी लोक संपत्ति की नीलामी की गयी है उसकी एक निश्चित राशि कलेक्टर को प्राप्त होगी एवं कलेक्टर प्रभारी मंत्री के अनुमोदन से विभागीय विकास कार्यों में खर्च कर सकेंगे। यदि हाँ, तो मध्यप्रदेश के किस-किस जिले को कितनी-कितनी राशि प्राप्त हुई है एवं यह राशि कहाँ-कहाँ खर्च की गयी है? जिलावार जानकारी देवें।
लोक परिसम्पत्ति प्रबंधन मंत्री ( डॉ. कुंवर विजय शाह ) : (क) कुल 16 परिसम्पत्तियों को विभागीय पोर्टल पर प्रबंधन/निर्वर्तन हेतु दर्ज किया गया है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ अनुसार है। (ख) उक्त 16 परिसम्पत्तियों में से 3 परिसम्पत्तियों (के कुछ भागों) में भूमियों की नीलामी की गई है तथा सभी भूमि स्वामियों के नाम अंतरित हो गई हैं। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ अनुसार है। विक्रय पत्र तथा नामांतरण के खसरे की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-‘ब’ एवं ‘स’ अनुसार है। (ग) नीलामी में जाने हेतु अधिकृत व्यक्ति/फर्म की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-द अनुसार है। ऑनलाइन नीलामी की सम्पूर्ण प्रक्रिया ई-टेंडर पोर्टल “www.mptenders.gov.in“ पर संपादित की जाती है I उक्त नीलामी में जिला कलेक्टर की कोई भूमिका नहीं रहती है। (घ) उज्जैन जिले की निर्वर्तित परिसम्पत्तियों से प्राप्त राशि को राज्य के राजकोष में जमा किया गया है। किसी विशेष जिले के लिए राशि का उपयोग नहीं किया जाता है। (ड.) जी हाँ, लोक परिसम्पत्ति प्रबंधन विभाग अंतर्गत लोक परिसम्पत्ति जिला प्रोत्साहन योजना में निर्वर्तित परिसम्पत्ति से प्राप्त राशि का 25% अंश उसी जिले को आधारभूत संरचना के निर्माण कार्यों हेतु प्रदान किया जाता है। योजनान्तर्गत पात्र जिले जिन्हें राशि प्रदान की गई है, की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट - ई अनुसार है।
आंगनवाड़ी कार्यकर्ता की नियुक्ति
[महिला एवं बाल विकास]
93. ( क्र. 3301 ) श्री गिरीश गौतम : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या आंगनवाड़ी केन्द्र मनिकवार क्रमांक 1 में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता भर्ती हेतु विज्ञापन क्र./म.बा.वि./आईसीडीएस/855 दिनांक 7.7.2023 प्रकाशित किया गया जिस हेतु आवेदन पत्र आमंत्रित किये गये जिसमें 26 अभ्यर्थियों ने आवेदन पत्र दिया जिसमें 3 अपात्र घोषित किये गये शेष 23 अभ्यर्थियों हेतु कार्यालय जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग जिला रीवा (म.प्र.) द्वारा प्रस्तुत आवेदन पत्रों के आधार पर आगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की अंतिम सूची दिनांक 27.02.2024 को जारी की गई, जिसमें निर्णय हेतु जिला स्तर पर गठित समिति के समक्ष अंतिम निर्णय हेतु प्रेषित किया गया। (ख) उक्त अंतिम सूची के आधार पर अंतिम सूची कब जारी की गई और किस आगनवाड़ी कार्यकर्ता की नियुक्ति की गई? यदि नहीं, तो अंतिम सूची इतने दिन तक क्यों जारी नहीं की गई? कारण बतायें तथा कब तक अंतिम सूची जारी की जायेगी समय-सीमा बतायें तथा लापरवाही करने वाले अधिकारियों के विरूद्ध क्या कार्यवाही की जावेगी?
महिला एवं बाल विकास मंत्री ( सुश्री निर्मला भूरिया ) : (क) जी हाँ। (ख) दिनांक 30.01.2026 को अंतिम सूची जारी की गई, जिसमें आवेदिका कुमारी मीनू गुप्ता, पिता श्री रामप्रताप गुप्ता की आंगनवाड़ी कार्यकर्ता पद पर नियुक्ति की गई, शेष का प्रश्न नहीं।
छात्रावासों का संचालन
[जनजातीय कार्य]
94. ( क्र. 3303 ) श्री प्रहलाद लोधी : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) पन्ना जिले में विभाग द्वारा कितनी-कितनी क्षमता के किस कक्षा की विद्यार्थियों हेतु छात्रावास/आश्रम/शिक्षा केंद्र कब से और कहां-कहां संचालित हैं और संस्थावार किन-किन मदों पर कौन-कौन शासकीय सेवक कब से कार्यरत हैं? क्या-क्या सुविधा उपलब्ध है और किन-किन सुविधाओं एवं साधनों की आवश्यकता है? (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में छात्रावास/आश्रम/शिक्षा केंद्र हेतु विगत 3 वर्षों में किस-किस मद से कितनी-कितनी राशि किस हेतु कब-कब प्राप्त हुई है एवं किस मांग एवं आवश्यकता के चलते किन-किन प्रस्तावों एवं आदेशों से कितनी लागत से क्या-क्या सामग्री किस-किस से कब-कब क्रय की गई एवं क्या-क्या कार्य कराए गए? (ग) प्रश्नांश (ख) क्या नवीन भवनों का निर्माण और मरम्मत के कार्य कराए गए? यदि हाँ, तो कितनी-कितनी राशि एवं किन आदेशों से? कार्यवार कार्यों के प्रस्ताव किन तकनीकी अधिकारियों द्वारा तैयार किए गए? कार्यों की तकनीकी एवं प्रशासकीय स्वीकृति किन शासकीय सेवकों द्वारा प्रदान की गई और कार्यों को किन तकनीकी अधिकारियों द्वारा कब-कब किया गया? (घ) प्रश्नांश (क) के तहत विभागीय संस्थाओं के निरीक्षण और पर्यवेक्षण के क्या निर्देश एवं नियम है? क्या निर्देश अनुसार कार्यवाही की गई? यदि हाँ, तो विगत 02 वर्षों में किस नाम एवं पदनाम के शासकीय सेवकों द्वारा इन संस्थाओं का कब-कब निरीक्षण किया गया और क्या प्रतिवेदन किसी सक्षम अधिकारी को प्रस्तुत किए गए और क्या कार्यवाही की गई? (ङ) प्रश्नांश (क) से (घ) के परिप्रेक्ष्य में क्या विभागीय संस्थाओं के उन्नयन और सुविधाओं में वृद्धि की आवश्यकता है? यदि हाँ, तो क्या इनका परीक्षण करवाते हुये कोई कार्यवाही की जाएगी, यदि हाँ, तो किस प्रकार और कब तक? यदि नहीं, तो क्यों नहीं?
जनजातीय कार्य मंत्री ( डॉ. कुंवर विजय शाह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''अ'' अनुसार है। विभाग द्वारा शिक्षा केन्द्र संचालित नहीं है। छात्रावासों हेतु सुविधाओं की व्यवस्था बजट अनुरूप व नियमित रूप से की जाती है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''ब'' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''स'' अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''द'' अनुसार है। (ङ) विभागीय संस्थाओं के उन्नयन और सुविधाओं में वृद्धि की आवश्यकता एवं औचित्य के आधार पर कार्यवाही की जाती है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
फर्जी जाति प्रमाण पत्र निरस्त किया जाना
[जनजातीय कार्य]
95. ( क्र. 3311 ) श्री फुन्देलाल सिंह मार्को : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या परिवर्तित अतारांकित प्रश्न संख्या 3011, दिनांक 06.08.25 के संदर्भ में जल संसाधन विभाग द्वारा जीवनलाल नंदा के फर्जी प्रमाण पत्र के संबंध में स्वीकार किया है कि मुख्य अभियंता, गंगा कछार, जल संसाधन विभाग, रीवा से प्राप्त प्रतिवेदन अनुसार म.प्र.शासन, सामान्य प्रशासन विभाग, मंत्रालय के परिपत्र क्रमांक एफ-7-14/2003/अज/एक, दिनांक 08.12.2010 में निहित निर्देशानुसार आयुक्त, जनजातीय कार्य विभाग को राज्य स्तरीय अनुसूचित जाति छानबीन समिति, भोपाल को आगामी कार्यवाही हेतु दिनांक 07.04.2025 के माध्यम से त्वरित कार्यवाही हेतु भेजा गया है। निर्णय उपरांत नियमानुसार कार्यवाही की जायेगी, यह उल्लेखित था। (ख) यदि प्रश्नांश (क) का उत्तर हाँ है, तो आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग द्वारा जीवनलाल नंदा के फर्जी जाति के परीक्षण हेतु की गई कार्यवाही का विवरण उपलब्ध करायें। (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के परिप्रेक्ष्य में शिकायत प्रमाणित पाये जाने पर, उससे संबंधित जारी आरोप पत्र, कारणदर्शी सूचना पत्र की प्रति उपलब्ध करावें। अनियमितता प्रमाणित होने पर जाति प्रमाण पत्र कब निरस्त किया जायेगा?
जनजातीय कार्य मंत्री ( डॉ. कुंवर विजय शाह ) : (क) जल संसाधन विभाग द्वारा जीवनलाल नंदा के फर्जी जाति प्रमाण पत्र के संबंध में जांच हेतु प्रकरण दिनांक 04.07.2025 द्वारा जांच हेतु जनजातीय कार्य विभाग को प्रेषित गया था (ख) राज्य उच्च स्तरीय छानबीन समिति द्वारा श्री जीवनलाल नंदा के फर्जी जाति प्रमाण पत्र की जांच हेतु छानबीन समिति हेतु निर्धारित प्रक्रिया अनुसार पुलिस अधीक्षक डिंडौरी से प्रतिवेदन पर आगामी कार्यवाही संभव है। (ग) उत्तरांश (ख) के संदर्भ में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
मध्यप्रदेश लोकसेवा प्रोत्साहन योजना 2008 का क्रियान्वयन
[सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण]
96. ( क्र. 3320 ) श्री उमंग सिंघार : क्या सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या विगत 03 वर्षों में मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग (एमपीपीएससी) की परीक्षाओं में सम्मिलित दिव्यांग अभ्यर्थियों से प्रोत्साहन राशि हेतु विभाग को कुल कितने आवेदन प्राप्त हुए तथा इनमें से कितने अभ्यर्थियों को कितनी प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई? संख्या बताएं? (ख) उपर्युक्त अवधि में विभाग द्वारा कुल कितने दिव्यांग अभ्यर्थियों के आवेदन अस्वीकृत किए गए तथा अस्वीकृति के मुख्य कारण क्या रहे? कारणवार संख्या की जानकारी दें? (ग) जिन दिव्यांग अभ्यर्थियों के आवेदन अस्वीकृत किए गए, उनका वर्ग सामान्य/अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति/अन्य पिछड़ा वर्ग का वर्गवार विवरण उपलब्ध कराएं? (घ) मध्यप्रदेश लोक सेवा प्रोत्साहन योजना 2008 के अंतर्गत विगत तीन वित्तीय वर्षों में कुल कितनी बजट राशि आवंटित की गई? इसके विरूद्ध कितनी राशि व्यय की गई तथा कितनी राशि अव्ययित रही? जानकारी दें? (ड.) वर्तमान में रिक्त पदों एवं पदपूर्ति की जानकारी दें?
सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण मंत्री ( श्री नारायण सिंह कुशवाह ) : (क) विगत तीन वर्षों में मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग (एमपीपीएससी) की परीक्षाओं में सम्मिलित दिव्यांग अभ्यर्थियों से सिविल सेवा प्रोत्साहन योजना राशि हेतु विभाग को कुल 114 आवेदन प्राप्त हुए तथा अभ्यर्थियों को कुल प्रोत्साहन राशि रूपये 25,50,000/- प्रदान की गई है। (ख) प्रदेश के जिला रायसेन में 1 एवं जबलपुर में 1 अभ्ययर्थी के आवेदन जिला कार्यालयों में विलंब से प्राप्त होने से मुख्य रूप से अस्वीकृत किये गये। (ग) उत्तरांश (ख) के अनुक्रम में जिला रायसेन का अभ्यर्थी अन्य पिछड़ा वर्ग एवं जिला जबलपुर का अभ्यर्थी सामान्य वर्ग का है। (घ) मध्यप्रदेश लोक सेवा प्रोत्साहन योजना 2008 के अंतर्गत विगत 03 वित्तीय वर्षों में कुल बजट राशि रूपये 25,50,000/- व्यय की गई है। कोई भी रशि अव्ययित नहीं रही है। (ड.) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार।
जेम से की गई खरीद में मूल्य निर्धारण एवं अनुपालन
[महिला एवं बाल विकास]
97. ( क्र. 3321 ) श्री उमंग सिंघार : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या वर्तमान वित्तीय वर्ष में विभाग द्वारा जेम प्लेटफार्म के माध्यम से टीवी, आरओ, मेडिसिन किट, बर्तन, प्लॉस्टिक खिलौने, मोबाइल फोन, दरी आदि की आपूर्ति हेतु लगभग रूपये 210 करोड़ के टेंडर/कार्यादेश जारी किए है? यदि हाँ, तो जानकारी दें? (ख) प्रश्नांश (क) के प्रकाश में क्या विभाग इन टेंडरों में निर्धारित तकनीकी/अतिरिक्त स्पेसिफिकेशन जैसे विशिष्ट ओएस, अत्यधिक उन्नत जल शोधन पैरामीटर, मेमोरी/स्टोरेज, वारंटी शर्तें आदि जेम की जनरल एवं ब्रांड न्यूट्रल कैटेगरी से अलग/अधिक रखे गये हैं? यदि हाँ, तो ऐसे स्पेसिफिकेशन तय करने का तकनीकी औचित्य क्या था और इसे किस सक्षम प्राधिकारी ने अनुमोदित किया? (ग) क्या विभाग द्वारा इन टेंडरों में अनुमानित लागत एवं स्वीकृत दरों की वास्तवित बाजार दरों से तुलनात्मक समीक्षा की गई थी? यदि हाँ, तो निष्कर्ष अभिमत क्या थे? (घ) क्या उपर्युक्त टेण्डरों में सीमित वेंडर/ओईएम की भागीदारी या एकल/कम प्रतिस्पर्धी बोली की स्थिति बनी है? यदि हाँ, तो प्रत्येक टेंडर में भाग लेने वाले वेंडरों की संख्या तथा चयन प्रक्रिया की जानकारी दें? (ड.) क्या उपर्युक्त टेण्डरों के संबंध में अनियमितताओं को लेकर विभाग को कोई शिकायतें प्राप्त हुई है? यदि हाँ, तो कुल कितनी शिकायतें प्राप्त हुई उन पर अब तक क्या-क्या कार्यवाही की गई?
महिला एवं बाल विकास मंत्री ( सुश्री निर्मला भूरिया ) : (क) विभाग द्वारा वर्तमान वित्तीय वर्ष में क्रय की गई सामग्री का विवरण संलग्न परिशिष्ट-1 अनुसार है। (ख) जी नहीं। विभाग की आवश्यकतानुसार गुणवत्तापूर्ण सामग्री प्राप्त हो इस हेतु विशिष्ट ओएस, उन्नत जल शोधन पैरामीटर, मेमोरी/स्टोरेज, वारंटी शर्तें आदि रखे गए है, यह शर्त GeM पोर्टल पर उपलब्ध प्रावधान अनुसार की गई है। सक्षम प्राधिकारी आयुक्त, महिला एवं बाल विकास है। (ग) वर्तमान वित्तीय वर्ष में GeM पोर्टल के माध्यम से सामग्री का क्रय किया गया है। Government e-Marketplace (GeM) भारत सरकार का एक केंद्रीकृत, ऑनलाइन सार्वजनिक खरीद पोर्टल है यह मंत्रालयों, विभागों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (PSUs) और स्वायत्त निकायों के लिए सामान्य वस्तुओं और सेवाओं की पारदर्शी, कुशल और नियम-आधारित खरीद को सक्षम बनाता है। इसका उद्देश्य ई-निविदा और प्रत्यक्ष खरीद के माध्यम से तेज और समावेशी खरीद प्रक्रिया प्रदान करना है। विभाग अंतर्गत क्रय की जाने वाली सामग्री विभाग की आवश्यकताओं के अनुकूल कस्टमाइज कराकर विभिन्न गुणवत्ता के प्रमाण पत्रों को सम्मिलित करते हुए एफ.ओ.आर. दर पर क्रय की गई। बाजार दर से तुलना नहीं हुई। अत: शेष का प्रश्न नहीं। (घ) जी नहीं। अत: शेष का प्रश्न नहीं। (ड.) जी हाँ। जानकारी संलग्न परिशिष्ट-2 अनुसार है।
सतना एवं मैहर जिले अंतर्गत किसानों को फसलों का भुगतान
[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण]
98. ( क्र. 3324 ) डॉ. राजेन्द्र कुमार सिंह : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सतना एवं मैहर जिलों में दिनांक 01.04.2022 से प्रश्नतिथि तक किस-किस अनुविभागों के किस-किस नाम एवं पते वाले उपार्जन केन्द्रों/स्व-सहायता समूहों ने किस-किस नाम/पते वाले किसानों की फसलों (रबी व खरीफ) का भुगतान प्रश्न तिथि तक नहीं किया है? जिन-जिन किसानों का भुगतान, कितनी-कितनी राशि का किस माह/वर्ष/फसल का रूका है? उनका विवरण नामवार/उपार्जन केन्द्रवार/स्व सहायता समूहवार जानकारी दें? (ख) प्रश्नांश (क) में वर्णित समयानुसार किसानों को उनकी फसलों का भुगतान न होने के कारण खाद्य विभाग/नागरिक आपूर्ति निगम/अन्य कौन-कौन किस नाम/पदनाम के कर्मचारी/अधिकारी जिम्मेवार हैं? प्रश्नतिथि तक राज्य शासन ने उन पर कब व क्या कार्यवाही की है या की जा रही है का प्रकरणवार विवरण दें? (ग) किसानों को उनकी उपज का मूल्य/भुगतान जो समय पर प्राप्त नहीं हुआ तथा स्व सहायता समूहों ने जो परिवहन घोटाले किये (प्रश्नांश (क) में वर्णित समयानुसार) उन पर राज्य शासन ने किस-किस स्व-सहायता समूहों के किस-किस नाम, पते वाले परिवहनकर्ताओं पर (जयतमाल बाबा का भी बतायें) किस-किस थाना क्षेत्रों में किस-किस आपराधिक क्रमांकों से प्रकरण पंजीबद्ध करायें का प्रकरणवार जानकारी दें? अगर प्रकरण पंजीबद्ध नहीं करायें तो क्यों? कारण दें? नियम बतायें।
खाद्य मंत्री ( श्री गोविन्द सिंह राजपूत ) : (क) सतना एवं मैहर जिले में दिनांक 01.04.2022 से प्रश्न दिनांक तक रबी एवं खरीफ मौसम में समर्थन मूल्य पर उपार्जित गेहूं एवं धान की अनुभागवार, उपार्जन केन्द्र नाम, पता एवं किसानवार भुगतान से शेष राशि की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ अनुसार है। (ख) सतना एवं मैहर जिले में दिनांक 01.04.2022 से प्रश्न दिनांक तक समर्थन मूल्य पर उपार्जित खाद्यान्न के किसानों को भुगतान न होने के कारण जिम्मेदार संस्था/कर्मचारी एवं की गई कार्यवाही की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ब अनुसार है। (ग) समर्थन मूल्य पर खाद्यान्न उपार्जन में अनियमितता करने वाले महिला स्व-सहायता समूह के नाम, पता एवं की गई कार्यवाही की प्रकरणवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-स अनुसार है। सतना जिले के जयतमाल बाबा स्व सहायता समूह कारीगोडी उपार्जन केन्द्र में पाई गई अनियमितता की जांच हेतु गठित जिला स्तरीय दल द्वारा दोषी पाए जाने पर 9 व्यक्तियों जिसमें परिवहनकर्ता का ऑपरेटर भी शामिल है के विरूद्ध प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराई गई, जिसका विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-स अनुसार है।
पॉलीहाउस तैयार करने की योजना
[उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण]
99. ( क्र. 3328 ) श्री राजेन्द्र भारती : क्या उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) म.प्र. में उद्यानिकी विभाग द्वारा किसानों के लिये पॉलीहाउस/ग्रीनहाउस तैयार करने की योजनाएं प्रचालित हैं? यदि हाँ, तो योजना के सम्बंद्ध में जारी नियम/निर्देशों की प्रतियां प्रदान करते हुये बतायें कि वर्ष 2022 से प्रश्न दिनांक तक उक्त योजना अंतर्गत दतिया जिले में कितनी-कितनी राशि विभाग को प्राप्त हुई तथा किन-किन किसानों को उक्त योजना का लाभ प्रदान किया गया। वर्षवार जानकारी प्रदान करें। (ख) क्या दतिया जिला में उद्यानिकी विभाग अंतर्गत नर्सरी/पौध शालाएं संचालित हैं? यदि हाँ, तो जिले में संचालित समस्त नर्सरी/पौधशालाओं की जानकारी प्रदान करते हुये बतायें कि उक्त नर्सरी/पौधशालाएं कहाँ-कहाँ संचालित है तथा उक्त नर्सरी में वर्ष 2020 से 2025 तक कुल कितनी राशि नर्सरी हेतु प्राप्त हुई हैं तथा कितनी-कितनी राशि व्यय की गई हैं? कृपया योजनावार, मदवार तथा वर्षवार समस्त जानकारी प्रदान करें। (ग) दतिया जिले में उद्यानिकी विभाग अंतर्गत वर्ष 2020 से प्रश्न दिनांक तक कुल कितने फलों के पौधे तथा अन्य पौधे तैयार किये गये हैं तथा कितने-कितने विभागों में प्रदान किये गये हैं? कुल तैयार किये गये पौधों की संख्या, विभागों को प्रदाय किये गये पौधों की संख्या वर्षवार जानकारी दें। (घ) दतिया जिले में उद्यानिकी विभाग में वर्तमान में किस-किस पद पर नियमित, आउटसोर्स, संविदा कर्मचारी पदस्थ हैं? कृपया जिले में कार्यरत समस्त श्रेणी के कर्मचारियों की जानकारी प्रदान करें।
उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण मंत्री ( श्री नारायण सिंह कुशवाह ) : (क) जी हाँ। योजना के नियम-निर्देश पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''अ'' अनुसार है। वर्ष 2022 से प्रश्न दिनांक तक राशि एवं लाभान्वित किसानों की वर्षवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''ब'' अनुसार है। (ख) जी हाँ। दतिया जिले में 03 नर्सरी/पौधशालायें संचालित हैं। नर्सरियों की जानकारी प्राप्त राशि एवं व्यय का वर्षवार विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट "स" अनुसार है। (ग) दतिया जिले में वर्ष 2020 से प्रश्न दिनांक तक पौधों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट “द” अनुसार है। (घ) जिले में पदस्थ समस्त श्रेणियों के कर्मचारियों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-"य” अनुसार है।
वसूली की शिकायत पर की गई कार्यवाही
[जनजातीय कार्य]
100. ( क्र. 3331 ) श्री जयवर्द्धन सिंह : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) कार्यालय आयुक्त, जनजातीय कार्य मध्यप्रदेश के पत्र क्रमांक स्था.6/सी-1/256/2025/25740, दिनांक 09/12/2025 और इसी मामले के पूर्ववर्ती-अनुवर्ती पत्रों पर की गई कार्यवाही एवं प्राप्त प्रतिवेदन की जानकारी दें। (ख) इसी मामले में कार्यालय संभागीय उपायुक्त, जनजातीय कार्य अनुसूचित जाति विकास भोपाल संभाग के कार्यालयीन पत्र क्रमांक-743, दिनांक 15/12/2025 सहित अन्य कौन-कौन से पत्रों द्वारा किन-किन कर्मचारियों के कथन लिए गए? सभी पत्रों और कथनों की प्रति उपलब्ध करावें। आयुक्त कार्यालय को भेजी गई जानकारी/रिपोर्ट की प्रति उपलब्ध करावें? (ग) अपर आयुक्त, जनजातीय कार्य के पत्र क्रमांक/स्था.6/सी-1/256/2025/22967, दिनांक 06/11/2025 (मंत्री के खर्चों के नाम पर अधिकारी कर रहे वसूली) के संबंध में संभागीय आयुक्त द्वारा जारी पत्रों, उन पर प्राप्त उत्तरों और आयुक्त कार्यालय को भेजी गई जानकारी/रिपोर्ट की प्रति दें? (घ) अगर उपरोक्त प्रकरणों में शिकायत सत्य पाई गई तो किस-किस के खिलाफ क्या आरोप प्रमाणित हुए तो आयुक्त कार्यालय द्वारा किसके खिलाफ क्या कार्यवाही की गई? यदि शिकायत असत्य पाई गई तो आयुक्त कार्यालय द्वारा किसके विरूद्ध क्या कार्यवाही की गई? नहीं तो क्यों? क्या कार्यवाही कब तक की जावेगी? (ड.) दिनांक 27 जनवरी, 2026 को दोपहर 03.17 बजे पीएस/आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग को ई-मेल पर प्राप्त शिकायत की प्रति एवं उसमें चाही गई जानकारी उपलब्ध करायें।
जनजातीय कार्य मंत्री ( डॉ. कुंवर विजय शाह ) : (क) कार्यालय आयुक्त, जनजातीय कार्य मध्यप्रदेश के पत्र क्रमांक/स्था.6/सी-1/256/2025/25740 दिनांक 09.12.2025 एवं पूर्ववर्ती-अनुवर्ती पत्र के द्वारा पिपुल्स समाचार पत्र (कटिंग) में प्रकाशित, समाचार के संबंध में संभागीय उपायुक्त, जनजातीय कार्य एवं अनुसूचित जाति विकास, भोपाल संभाग भोपाल द्वारा क्षेत्र संयोजक, कार्यालय संभागीय उपायुक्त, जनजातीय कार्य तथा अनुसूचित जाति विकास, भोपाल संभाग भोपाल से जांच कराई गई। शिकायत असत्य एवं निराधार पाई गयी है। जांच प्रतिवेदन की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''अ'' अनुसार है। (ख) अधिकारियों एवं कर्मचारियों से लिये गये कथनों एवं पत्रों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''ब'' अनुसार है। पत्रों एवं कथनों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''स'' अनुसार है। आयुक्त, कार्यालय को प्रेषित जॉच प्रतिवेदन की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट- ''अ'' अनुसार है। (ग) अपर आयुक्त, जनजातीय कार्य, द्वारा प्रेषित उल्लेखित पत्र संभागीय उपायुक्त को लिखा गया था, न कि संभागीय आयुक्त को। पत्रों के संदर्भ में प्राप्त उत्तरों एवं आयुक्त,जनजातीय कार्य को भेजी गयी जांच रिपोर्ट की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''ख'' अनुसार है। (घ) शिकायत असत्य एवं निराधार पायी गयी। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ड.) 27 जनवरी 2026 को दोपहर 3.17 बजे प्रमुख सचिव जनजातीय कार्य की कार्यालयीन ई-मेल आई.डी. pstwsmp.gov.in एवं आयुक्त, जनजातीय कार्य की कार्यालयीन ई-मेल आई.डी. ctd.tribalmp.gov.in पर शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
लाड़ली बहना योजना में नवीन पंजीयन प्रारंभ किया जाना
[महिला एवं बाल विकास]
101. ( क्र. 3332 ) श्री जयवर्द्धन सिंह : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या लाड़ली बहना, लाड़ली लक्ष्मी, महिला सशक्तिकरण, उषा किरण, उदिता, जाबाली, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, प्रधानमंत्री मातृवंदना, पोषण आहार तथा सामाजिक न्याय विभाग द्वारा संचालित बीस से अधिक योजना सतत् प्रवृत्ति की है? क्या लाड़ली बहना को छोड़कर शेष सारी योजनाओं में नया पंजीयन निरंतर चालू है? (ख) सतत् प्रवृत्ति की लाड़ली बहना योजना में नया पंजीयन, योजना प्रारंभ होने के 2 महीने बाद 20 अगस्त 2023 से क्यों बंद कर दी? (ग) क्या लाड़ली बहना योजना पोषण में सुधार तथा परिवार में उनकी सशक्त भूमिका के लिए प्रारंभ की गई थी? यदि हाँ, तो 20 अगस्त, 2023 के बाद 21 वर्ष की उम्र प्राप्त करने वाली लाड़ली बहना के पोषण में सुधार तथा परिवार में उनकी सशक्त भूमिका नहीं होना चाहिए? क्या शासन का यह कृत्य संविधान के अनुच्छेद 14 तथा 21 के विरुद्ध नहीं है? (घ) क्या नया पंजीयन प्रारंभ किया जाएगा? न्यूनतम उम्र की सीमा 18 वर्ष तथा अधिकतम जीवन पर्यंत की जाएगी? जनवरी 2026 से राशि 3000 प्रतिमाह दी जायेगी? यदि नहीं, तो क्यों कारण बतायें? (ड.) जनवरी-फरवरी 2026 में सामान्य लाड़ली बहना तथा सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्राप्त करने वाली लाड़ली बहना की संख्या तथा राशि अलग-अलग बताएं? दोनों कैटिगरी में 21 से 23, 23 से 25, 25 से 35, 35 से 50 तथा 50 से 60 वर्ष की लाड़ली बहनों की संख्या कितनी-कितनी है?
महिला एवं बाल विकास मंत्री ( सुश्री निर्मला भूरिया ) : (क) जी हाँ। उषा किरण योजना वर्तमान में संचलित नहीं है। (ख) वर्तमान में नवीन पंजीयन संबंधी कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं होने से पंजीयन नहीं किया जा रहा है। (ग) जी हाँ। वर्तमान में नवीन पंजीयन का प्रस्ताव नहीं है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) वर्तमान में कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। अत: शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ड.) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है।
पूरक पोषण आहार पर व्यय राशि
[महिला एवं बाल विकास]
102. ( क्र. 3336 ) श्री आतिफ आरिफ अकील : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या प्रदेश की आंगनवाड़ी केन्द्रों में 15 से 20 वर्ष के किशोरियों को ''पूरक पोषण आहार'' दिया जाता है? (ख) यदि हाँ, तो वर्ष 2020 से प्रश्न दिनांक की स्थिति में ''पूरक पोषण आहार'' पर कितनी राशि व्यय की गई एवं किस-किस संस्था/ठेकेदारों को कितनी-कितनी राशि का भुगतान किया गया और क्या आंगनवाड़ियों में ''पूरक पोषण आहार'' दिया जा रहा है? यदि नहीं, तो क्यों? कब से तथा किन कारणों से पोषण आहार बन्द किया गया है? (ग) उपरोक्त प्रश्नांश के परिप्रेक्ष्य में प्रदेश में उदिता परियोजना किस उद्देश्य को लेकर कब से शुरू की गई? प्रश्नांकित अवधि में इस परियोजना पर कितनी राशि किस कार्य पर व्यय की गई? (घ) उपरोक्त प्रश्नांश के परिप्रेक्ष्य में प्रदेश में क्या आंगनवाड़ी केन्द्रों में सेनेटरी नैपकिन किशोरियों को दिए जाते हैं? यदि हाँ, तो इसके लिये कितनी राशि में नैपकिन का पैकेट दिया जाता है और प्रश्नांकित अवधि में कितनी राशि के सेनेटरी नैपकिन कितनी संस्थाओं ने क्रय किये गये एवं किन-किन ठेकेदार को कितनी राशि का भुगतान किया गया?
महिला एवं बाल विकास मंत्री ( सुश्री निर्मला भूरिया ) : (क) जी नहीं। अपितु सक्षम आंगनवाड़ी एवं पोषण 2.0 के अंतर्गत अक्टूबर 2023 से 14 से 18 वर्ष आयु वर्ग की किशोरी बालिकाओं के लिये SAG-योजना (Scheme For Adolescent Girls) प्रदेश के 08 आकांक्षी जिलों (1. गुना, 2. राजगढ़, 3. सिंगरौली, 4. विदिशा, 5. छतरपुर, 6. दमोह, 7. खंडवा एवं 8. बड़वानी) में संचालित है जिसके अंतर्गत उक्त बालिकाओं को टेक होम राशन के रूप में पूरक पोषण आहार प्रदाय किया जा रहा है। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। परियोजना स्तर पर प्राप्त टेक होम राशन को आंगनवाड़ी केन्द्र के माध्यम से प्रदाय किया जा रहा है। पूरक पोषण आहार का प्रदाय बंद नहीं किया गया है। (ग) उदिता योजना का उदेदश्य किशोरी बालिकाओं एवं महिलाओं को उनके किशोर अवस्था के प्रारंभिक काल से ही माहवारी स्वास्थ्य एवं स्वच्छता संबंधित व्यवहारों में बदलाव पर केन्द्रित करना है। योजना वर्ष 2016 -17 में प्रारंभ की गई। प्रश्नांकित अवधि में इस परियोजना पर व्यय राशि रूपये 426.05 लाख का व्यय प्रचार-प्रसार,मेला प्रदर्शनी,अन्य प्रभार एवं प्रशिक्षण कार्य पर किया गया। (घ) जी नहीं। शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
समूह जल प्रदाय योजना का क्रियान्वयन
[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]
103. ( क्र. 3345 ) श्री हरिशंकर खटीक : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या टीकमगढ़ जिले की जतारा एवं पलेरा जनपद पंचायतों को जल स्तर नीचे चले जाने से या ना होने से समूह जल प्रदाय योजनांतर्गत विभाग कार्य योजना बनाने पर विचार कर रहा है? (ख) क्या जनपद पंचायत जतारा के ग्रामों को जामनी नदी से जनपद पंचायत पलेरा के ग्रामों को विभाग धसान नदी से पानी लाने हेतु विभाग तैयार कर रहा है? (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के आधार पर बताएं कि दोनों जनपद पंचायतों के ग्रामीणों को कितने एम.सी.एम. पानी की आवश्यकता पड़ेगी? क्या विभाग इसका परीक्षण करवा रहा है? अगर करवा रहा है तो विभाग कब डी.पी.आर. इसका तैयार करेगा? निश्चित समय-सीमा सहित बताएं। (घ) प्रश्नांश (क), (ख) एवं (ग) के आधार पर बताएं कि कब तक विभाग समूह जल प्रदाय योजनांतर्गत बजट राशि स्वीकृत करेगा तो कब तक? निश्चित समय-सीमा सहित बताएं।
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( श्रीमती संपतिया उइके ) : (क) एवं (ख) जी हाँ। (ग) जनपद पंचायत जतारा एवं पलेरा के ग्रामों में पेयजल प्रदाय हेतु लगभग 33.25 एम.सी.एम. वार्षिक जल की आवश्यकता है। जी हाँ। जल आवंटन एवं वित्तीय संयोजन प्राप्त होने पर अग्रिम कार्यवाही की जा सकेगी, निश्चित समय-सीमा बताई जाना संभव नहीं है। (घ) जल आवंटन एवं वित्तीय संयोजन प्राप्त होने पर अग्रिम कार्यवाही की जा सकेगी, निश्चित समय-सीमा बताई जाना संभव नहीं है।
प्रतिमाह पेंशनधारियों को पेंशन प्रदाय कराना
[सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण]
104. ( क्र. 3346 ) श्री हरिशंकर खटीक : क्या सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) टीकमगढ़ जिले के ग्रामीण एवं नगरीय निकायों के ऐसे कौन-कौन से पात्र मासिक पेंशनधारी हैं जिनकी नियम अनुसार सामाजिक सुरक्षा, वृद्धा व्यवस्था, विकलांग (दिव्यांग), विधवा पेंशन एवं अन्य पेंशन प्रतिमाह प्रदाय हेतु स्वीकृत है? कृपया संपूर्ण जानकारी प्रदाय करें एवं कितनी-कितनी राशि प्रतिमाह प्रदाय की जा रही है? (ख) प्रश्नांश (क) के आधार पर बताएं कि इन मासिक पेंशनधारियों को प्रतिमाह कौन-कौन सी नजदीकी बैंकों से पेंशन प्रतिमाह प्रदाय की जा रही है? कृपया संपूर्ण जानकारी दें। क्या यह सही है कि उपरोक्त पेंशनधारी प्रतिमाह इसी पेंशन के आधार पर आश्रित है? (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के आधार पर बताएं कि क्या टीकमगढ़ जिले के ऐसे मासिक पेंशनधारी जिनका नजदीकी मध्यांचल ग्रामीण बैंकों में खाता है और इनका नाम बदलकर मध्यप्रदेश ग्रामीण बैंक कर देने से आई.एफ.एस.सी. कोड बार-बार बदल देने से प्रतिमाह आश्रित नि:सहायों, गरीबों, विधवा, दिव्यांगों की पेंशन प्रतिमाह के स्थान पर पेंशन 3-3, 4-4 माह एवं 6-6 माहों में मिल रही है? क्यों? इसका जिम्मेवार कौन-कौन है? जब आई.एफ.एस.सी. कोड बदलना था तब पूर्व से यह व्यवस्था क्यों नहीं की कि प्रतिमाह पेंशनधारियों को प्रतिमाह पेंशन मिले? (घ) प्रश्नांश (क), (ख) एवं (ग) के आधार पर बताएं कि कब से प्रतिमाह पेंशन प्रतिमाह उपरोक्त म.प्र. ग्रामीण बैंक से मिलने लगेगी? कृपया स्पष्ट एवं संपूर्ण जानकारी प्रदाय करें। क्या विभाग व्यवस्थाओं में सुधार न होने पर प्रतिमाह पेंशनधारियों (निराश्रित, विधवा, दिव्यांगों, सामाजिक सुरक्षाधारियों) के खाते अन्य बैंकों में राशि जमा करवाकर प्रतिमाह पेंशन बटवाने के निर्देश भोपाल वरिष्ठ कार्यालय से भिजवायेंगे तो कब तक?
सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण मंत्री ( श्री नारायण सिंह कुशवाह ) : (क) टीकमगढ़ जिले के ग्रामीण एवं नगरीय निकायों के वृद्धावस्था, दिव्यांग (विकलांग), कल्याणी (विधवा) पेंशन एवं अन्य पेंशन 96006 पात्र हितग्राहियों को प्रति हितग्राही प्रतिमाह रूपये 600/- पेंशन प्रदाय की जा रही है। निकायवार हितग्राहियों की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार। (ख) उत्तरांश (क) में संलग्न परिशिष्ट अनुसार। जी नहीं। (ग) मध्यांचल ग्रामीण बैंक के समस्त खाते मध्यप्रदेश ग्रामीण बैंक में विलय के परिणामस्वरूप उनके खाता क्रमांक एवं आई.एफ.एस.सी. कोड परिवर्तित हो गये हैं, इस कारण माह अक्टूबर से जनवरी 2026 तक हितग्राहियों को पेंशन प्राप्त नहीं हो सकी। उक्त के संबंध में म.प्र. ग्रामीण बैंक प्रधान कार्यालय, इंदौर से संपर्क कर असफल भुगतान की जानकारी प्राप्त कर खाता नं.एवं आई.एफ.एस.सी.कोड अद्यतन किये गये, जिसका डाटा पेंशन पोर्टल पर दर्ज कर लिया गया है। पूर्व माहों का एरियर एवं पेंशन भुगतान की कार्यवाही किये जाने हेतु NIC को लेख किया गया है। (घ) उत्तरांश (ग) अनुसार। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
भाग-3
अतारांकित
प्रश्नोत्तर
ई-अटेंडेंस
की जानकारी
[जनजातीय कार्य]
1. ( क्र. 340 ) श्री मुकेश मल्होत्रा : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) आदिम जाति कल्याण विभाग के कर्मचारियों की उपस्थिति EHRMS ऐप के माध्यम से तथा स्कूल शिक्षा विभाग के कर्मचारियों की उपस्थिति हमारे शिक्षक ऐप के माध्यम से की जा रही है दोनों ही ऐप में कई समस्याएं आती हैं जैसे फेस पहचान, लोकेशन लॉगिन व लॉगआउट के समय हैंग होना आदि। (ख) Face पहचान नहीं होने पर अटेंडेंस नहीं लगती, कभी-कभी विद्यालय की लोकेशन नहीं लेता तब भी उपस्थिति नहीं लगती कभी 10:30 व 4:00 बजे पूरे प्रदेश के कर्मचारी उपस्थिति लगाते उस समय ऐप सही ढंग से कार्य नहीं करता। अधिकतर शिक्षक जिला मुख्यालय पर ही रहते है। प्रतिदिन उन्हें 10 km से 40-50 किलोमीटर तक सफर कर अपने विद्यालय पर पहुंचते है। कभी मौसम (सर्दी, बरसात आदि) खराब होने पर या रास्ते में मोटर सायकिल खराब होने पर कर्मचारी विद्यालय पहुंचने में लेट न हो इस हड़बड़ाहट में दुर्घटना का शिकार हो जाते है। कभी-कभी मृत्यु भी हो जाती है मृत्यु होने पर शासन द्वारा मुआवजा या राशि का चेक देकर सहानुभूति दिखाई जाती है। (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) का उत्तर देते हुए e-Attandance प्रणाली को कठोरता से लागू न करते बंद किया जाए। यह कार्रवाई कब तक की जाएगी समय-सीमा निर्धारित करें यदि नहीं, तो क्यों नहीं?
जनजातीय कार्य मंत्री ( डॉ. कुंवर विजय शाह ) : (क) जी हाँ। जनजातीय कार्य विभाग के कर्मचारियों की उपस्थिति EHRMS ऐप के माध्यम से की जा रही है। ऐप में आने वाली तकनीकी समस्या का निराकरण तत्समय कर दिया जाता है। (ख) जी नहीं। ऐप में आने वाली तकनीकी समस्या का निराकरण तत्समय कर दिया जाता है। (ग) ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।
फर्जी अनुसूचित जनजाति प्रकरण में कार्यवाही
[जनजातीय कार्य]
2. ( क्र. 341 ) श्री मुकेश मल्होत्रा : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या वर्ष 1988-89 में तहसील (उपखण्ड) सिरोंज, जिला विदिशा में जन्मे मीना जाति को अनुसूचित जनजाति प्रमाण पत्र जारी करने के लिए मध्य प्रदेश शासन के क्या निर्देश/नियम थे? विस्तृत ब्यौरा दें तथा निर्देश/नियम की प्रति संलग्न करें। अनुसूचित जनजाति प्रमाण पत्र जारी करने के लिए क्या डिप्टी कलेक्टर जिला विदिशा प्राधिकृत अधिकारी थे? (ख) जनजातीय कार्य विभाग अनुसूचित जनजाति संदेहास्पद जाति प्रमाण पत्र उच्च स्तरीय छानबीन समिति के निर्णय दिनांक 18.03.2019 में वर्ष 1950 के पूर्व जन्मे मीना व्यक्ति के आधार के विरूद्ध श्री आलोक कुमार मीना पिता श्री गोवर्धन लाल मीना को वर्ष 1983 से 1990 तक कैलाश बाबू यादव के मकान में रहना बताकर तहसीलदार सिरोंज के प्रस्ताव अनुसार डिप्टी कलेक्टर जिला विदिशा द्वारा दिनांक 11.01.1989 जारी अनुसूचित जनजाति प्रमाण पत्र को सही बता कर फर्जी व्यक्ति का साथ दिया है? (ग) क्या सिरोंज में अनुसूचित जनजाति के बच्चों का प्रमाण पत्र जारी करने के नियम/निर्देश के विपरीत निर्णय दिनांक 18.03.2019 की पुनः समीक्षा कर श्री आलोक मीना के विरूद्ध केवल निवास के आधार पर फर्जी तरीके से अनुसूचित जनजाति प्रमाण पत्र प्राप्त कर नौकरी एवं पदोन्नति पाने के प्रकरण में एफ.आई.आर. दर्ज कर वेतन भत्तों की वसूली कब तक की जावेगी, समय-सीमा बतायें?
जनजातीय कार्य मंत्री ( डॉ. कुंवर विजय शाह ) : (क) जी हाँ। वर्ष 1988-89 में तहसील सिरोंज जिला विदिशा में निवासरत मीना जाति को अनुसूचित जनजाति प्रमाण पत्र जारी करने के लिए मध्यप्रदेश शासन के नियम निर्देश पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। जी हाँ। (ख) माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा कुमारी माधुरी पाटिल एवं अन्य विरूद्ध एडीशनल कमिश्नर आदिवासी विकास, सिविल अपील नम्बर 5854, 1994 दिनांक 02 09.1994 ए.आई.आर. 1995 उच्चतम न्यायालय 1994 में पारित आदेश में प्रदत्त निर्देश के पालन में अनुसूचित जनजाति के जाति प्रमाण पत्रों की जांच किये जाने हेतु मध्यप्रदेश शासन, सामान्य प्रशासन विभाग मंत्रालय द्वारा दिनांक 08 सितम्बर 1997 को राज्य उच्च स्तरीय छानबीन समिति का गठन किया गया। श्री आलोक कुमार मीना पिता श्री गोवर्धन मीना के जाति प्रमाण पत्र की जांच हेतु छानबीन समिति द्वारा अपनाई जाने वाली प्रक्रिया का पालन किया जाकर सतर्कता अधिकारी (पुलिस अधिकारी) से जांच कराई गई। प्राप्त जांच प्रतिवेदन एवं सम्पूर्ण साक्ष्य एवं अभिलेखों का सूक्ष्मता से परीक्षण किये जाने के उपरांत समिति द्वारा प्रकरण में निर्णय लिया गया है। अत: शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) उत्तरांश 'ख' के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
अनुसूचित जाति जनजाति वर्ग पर अत्याचार
[अनुसूचित जाति कल्याण]
3. ( क्र. 407 ) श्री लखन घनघोरिया : क्या अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जबलपुर जिला में अनुसूचित जाति जनजाति वर्ग के कल्याण, शिक्षा, रोजगार संबंधी राज्य एवं केन्द्रीय शासन की किन-किन संचालित योजनान्तर्गत कितनी-कितनी राशि आवंटित की गई एवं कितनी-कितनी राशि व्यय हुई? किन-किन योजनाओं की कितनी-कितनी राशि का उपयोग नहीं किया गया एवं क्यों? वर्ष 2021-22 से 2025-26 तक की जानकारी दें। (ख) वर्ष 2021-22 से 2025-26 तक जिला जबलपुर में अनुसूचित जाति जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम 1995 एवं भा.द.वि. (आई.पी.सी.एक्ट) की किन-किन धाराओं के तहत पंजीकृत कितने-कितने मामलों में एफ.आई.आर. दर्ज कर कितने-कितने आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया? कितने आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया गया। कितने फरार लापता हैं। कितने-कितने मामले विवेचना में हैं। कितने-कितने मामलों में चालान प्रस्तुत किया गया। कितने मामलों में कितने आरोपियों को सजा सुनाई गई। कितने मामले लम्बित है? जानकारी दें। (ग) प्रश्नांश (ख) में किन-किन धाराओं के तहत पंजीकृत कितने-कितने प्रकरणों में कितने-कितने पीड़ितों, पीड़ितों के आश्रित परिजनों को कितनी-कितनी राशि स्वीकृत की गई एवं कितनी-कितनी राशि वितरित की गई। कितनी-कितनी राशि वितरित नहीं की गई एवं क्यों? जिलेवार जानकारी दें।
अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री ( श्री नागर सिंह चौहान ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''ब'' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''स'' अनुसार है
पोस्ट मैट्रिक बालक आदिवासी छात्रावास का संचालन
[जनजातीय कार्य]
4. ( क्र. 408 ) श्री लखन घनघोरिया : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) आदिम जाति कल्याण विभाग जिला जबलपुर के तहत कौन-कौन से कितने-कितने बालक/ बालिका छात्रावास संचालित हैं। किन-किन छात्रावासों में कितने-कितने बालक/बालिकाएं निवासरत हैं किन-किन छात्रावासों में आवासीय क्षमता से कितने-कितने अधिक बालक/बालिकाएं निवासरत हैं। किन-किन छात्रावासों में कौन-कौन सी आवासीय सुविधाएं, संसाधन एवं समुचित मैस व्यवस्थाएं नहीं है एवं क्यों? कौन-कौन से छात्रावास जर्जर, खस्ताहाल व आवासहीन हो गये हैं? सूची दें। (ख) पोस्ट मैट्रिक बालक आदिवासी छात्रावास अधारताल की वर्तमान में क्या स्थिति है तथा इसमें कितने छात्र कितने कमरों में निवासरत है? जर्जर व खण्डहर सुविधाविहीन छात्रावास के नवीन भवन का निर्माण हेतु प्रस्ताव कब कितनी राशि का भेजा गया है। इस पर शासन ने कब क्या कार्यवाही की है। इसके निर्माण हेतु अभी तक राशि आवंटित न करने का क्या कारण है? इसका कब तक निर्माण कराया जावेगा? (ग) प्रश्नांकित किन-किन छात्रावासों का सुधार, मरम्मत, रखरखाव, पुनर्निर्माण सामग्री आदि की खरीदी पर कितनी-कितनी राशि व्यय हुई है। किन-किन छात्रावासों का कब से कौन-कौन सा सुधार एवं मरम्मत कार्य नहीं कराया गया है एवं क्यों? शासन ने छात्रावासों का रखरखाव, सुधार, मरम्मत, पुनर्निर्माण सामग्री आदि का क्रय हेतु कितनी-कितनी राशि आवंटित की हैं एवं कितनी-कितनी राशि व्यय हुई? वर्ष 2021-22 से 2025-26 तक की जानकारी दें। (घ) क्या शासन राशि का अपव्यय, दुरूपयोग व भ्रष्टाचार करने की जांच कराकर दोषी अधिकारियों पर कार्यवाही करेगा?
जनजातीय कार्य मंत्री ( डॉ. कुंवर विजय शाह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट -''अ'' अनुसार है। (ख) 50 सीटर महाविद्यालयीन जनजातीय बालक छात्रावास अधारताल जबलपुर में संचालित हैं। जिसमें 50 छात्र 12 कमरों में निवासरत हैं। मध्यप्रदेश शासन जनजातीय कार्य विभाग के पत्र क्रमांक 396/2023/25-2 दिनांक 03.07.2024 द्वारा छात्रावास हेतु राशि रूपये 1191.22 लाख की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदाय की जा कर दिनांक 08-10-2025 को मध्यप्रदेश भवन विकास निगम को क्रियान्वयन एजेंसी बनाया गया है। अत: शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। मध्यप्रदेश लोक निर्माण विभाग (MP PWD) मैनुअल 1983 (यथा संशोधित) अनुसार कार्यादेश जारी होने के उपरांत निर्माण कार्य 24 माह में पूर्ण कराये जाने का प्रावधान निहित है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट- ''ब'' अनुसार है। छात्रावासों में सुधार एवं मरम्मत कार्य आवश्यकतानुसार एवं उपलब्ध बजट अनुसार कराये जाते हैं। (घ) राशि का अपव्यय, दुरूपयोग व भ्रष्टाचार संबंधी कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
लोक परिसम्पत्ति की जानकारी
[लोक परिसम्पत्ति प्रबंधन]
5. ( क्र. 524 ) कुँवर अभिजीत शाह : क्या लोक परिसम्पत्ति प्रबंधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) राज्य में शासन ने किस-किस सम्पत्ति को लोक परिसम्पत्ति माना है इनसे संबंधित क्या-क्या नीति राज्य में लागू की गई है? नीति और उसमें किए गए संशोधनों की प्रति सहित बतावें। (ख) शहरी सीमा या नगरीय सीमा में शामिल लोक परिसम्पत्ति दी जाकर उसके बदले में ग्राम पंचायत की सीमा में दखल रहित गैर खाता मद की भूमि पर निर्माण की अनुमति दिए जाने का नीति में किस स्तर की समिति या अधिकारी को क्या-क्या अधिकार किस कंडिका में दिया है? (ग) शहरी सीमा या नगरीय सीमा में शामिल नजूल भूमि रीडेन्सीफिकेन नीति के अनुसार किन-किन शर्तों पर आवंटित करने का प्रावधान है? (घ) नीति के प्रावधानों का उल्लंघन कर कार्यवाही करने वाले अधिकारियों के विरूद्ध किस-किस कार्यवाही के लिये क्या-क्या अधिकार दिए है?
लोक परिसम्पत्ति प्रबंधन मंत्री ( डॉ. कुंवर विजय शाह ) : (क) मध्य प्रदेश शासन अंतर्गत विभिन्न विभागों एवं उनके अधीन सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रमों के आधिपत्य में परिसम्पत्तियों को लोक परिसम्पत्ति माना गया है। मध्य प्रदेश राज्य देश का एकमात्र राज्य है जिसने लोक परिसम्पत्तियों के युक्तियुक्त प्रबंधन हेतु मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण) दिनांक 26 सितम्बर 2020 द्वारा लोक परिसम्पत्ति प्रबंधन विभाग का गठन किया, तदुपरांत विभागीय आदेश दिनांक 21 जनवरी 2022 द्वारा कार्यकारी निकाय के रूप में मध्य प्रदेश राज्य परिसम्पत्ति प्रबंधन कंपनी लि. का सृजन हुआ। नीति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ अनुसार है। (ख) नगरीय विकास एवं आवास विभाग व राजस्व विभाग के पत्र दिनांक 19.02.2026 से प्राप्त जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट -ब अनुसार है। (ग) रीडेन्सीफिकेन नीति का क्रियान्वयन नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा किया जाता है। नगरीय विकास एवं आवास विभाग के पत्र दिनांक 19.02.2026 द्वारा नीति की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट -ब अनुसार है। (घ) रीडेन्सीफिकेन नीति का क्रियान्वयन नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा किया जाता है। नगरीय विकास एवं आवास विभाग के पत्र दिनांक 19.02.2026 से प्राप्त जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट -ब अनुसार है।
वसूली के साथ आपराधिक प्रकरण दर्ज करना
[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण]
6. ( क्र. 902 ) श्री अभय मिश्रा : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या विधानसभा प्रश्न क्रमांक-1341 दिनांक 08.08.2025 अनुसार लंबित जांच प्रतिवेदन एवं विभागीय जांच आदेशों पर की गई कार्यवाही का विवरण देवें। (ख) प्रश्नांश (क) के तारतम्य में मुख्यालय भोपाल के आदेश क्रमांक/मिलिंग/684257/2025/267 दिनांक 25.07.2025, म.प्र. स्टेट सिविल सप्लाई कॉर्पोरेशन लिमिटेड पर्यावास भोपाल के पत्र क्रमांक/स्थापना/ 62650/2022/1156 दिनांक 03.10.2022 एवं कार्यालय पुलिस अधीक्षक आर्थिक प्रकोष्ठ रीवा के पत्र दिनांक 02.06.2025 पर 10 करोड़ 25 लाख 60 हजार 632 रूपये का परिवहन के नाम पर अधिक भुगतान पर जांच एवं कार्यवाही की जानकारी देवें? (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) में उल्लेखित अनुसार की गई अनियमितताओं पर प्रश्नकर्ता सदस्य द्वारा पत्र क्रमांक 1169/ 2025-26 दिनांक 15.10.2025 एवं पत्र क्रमांक 1141 दिनांक 29.09.2025 द्वारा मुख्य सचिव को पत्र लिखकर कार्यवाही का आग्रह किया गया था जिस पर मुख्य सचिव कार्यालय द्वारा जावक क्रमांक 15372 दिनांक 22.09.2025 एवं पत्र क्रमांक 14454 दिनांक 30.09.2025 द्वारा मुख्य सचिव खाद्य नागरिक आपूर्ति उपभोक्ता संरक्षण विभाग को आवश्यक कार्यवाही कर अवगत कराने का लेख किया गया है, की गई कार्यवाही की जानकारी सहपत्रों सहित देवें? अगर कार्यवाही नहीं की गई तो क्यों? इसके लिये कौन-कौन उत्तरदायी है उन पर कार्यवाही के क्या निर्देश देंगे बतावें? (घ) प्रश्नांश (क), (ख) एवं (ग) अनुसार उल्लेखित आधारों पर कार्यवाही बावत् क्या निर्देश देंगे बतावें अगर नहीं तो क्यों?
खाद्य मंत्री ( श्री गोविन्द सिंह राजपूत ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।
नियम विरूद्ध स्वीकृत कार्यों की जांच पर कार्यवाही
[अनुसूचित जाति कल्याण]
7. ( क्र. 903 ) श्री अभय मिश्रा : क्या अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रीवा संभाग के विभिन्न जिलों में अनुसूचित जाति एवं जनजाति विभाग द्वारा वर्ष 2020 से प्रश्नांश दिनांक के दौरान कितनी-कितनी राशि किन हेडों से किन-किन मदों हेतु भेजी गई का विवरण जिले का वर्षवार क्षेत्रवार देवें। (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार प्राप्त राशि से कितने कार्य किन जनपद पंचायतों के ग्राम पंचायतों में स्वीकृत कर कराये गये एवं कितने कार्य विभाग द्वारा किनके माध्यम से कराये गये विभागीय कार्यों के भुगतान किस माध्यम से किन वेंडरों के खातों में भेजकर किये गये का विवरण वर्षवार कार्यवार देवें। (ग) प्रश्नांश (क) अनुसार स्वीकृत कार्यों की भौतिक स्थिति पूर्णतः प्रमाण पत्र की प्रति के साथ बतायें इनमें से कितने कार्य अधूरे है जिनकी पूर्णतः प्रमाण पत्र जारी नहीं किये गये, राशि आहरित कर गबन किया गया इस पर जांच कराकर कार्यवाही बावत् क्या निर्देश देंगे? (घ) प्रश्नांश (क), (ख) एवं (ग) में उल्लेखित अनुसार रीवा जिले की जानकारी वर्षवार कार्यवार विवरण पृथक से देते हुये इनकी स्वीकृति हेतु तैयार नोटशीट का प्रशासकीय स्वीकृति की प्रति के साथ जानकारी देवें। (ड.) प्रश्नांश (क), (ख), (ग) एवं (घ) अनुसार की गई अनियमितताओं की जांच, कार्यवाही कर वसूली बावत् किन-किन को जिम्मेदार मानकर निर्देश देंगे बतायें अगर नहीं तो क्यों।
अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री ( श्री नागर सिंह चौहान ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ब अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ब अनुसार है। रीवा जिले के 01 प्रकरण में जांच की जा रही है शेष गबन की स्थिति प्रकाश में न आने से शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) नोटशीट की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-स एवं प्रशासकीय स्वीकृति की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'द' अनुसार है। (ड.) रीवा जिले में संयुक्त कलेक्टर की अध्यक्षता में जांच समिति गठित की गई है, जांच प्रतिवेदन प्राप्त होने पर तदानुसार कार्यवाही की जावेगी। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ई अनुसार है।
मध्यप्रदेश वेयर हाउसिंग कार्पो. द्वारा निर्मित गोदामों की जानकारी
[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण]
8. ( क्र. 1248 ) श्री श्रीकान्त चतुर्वेदी : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्य प्रदेश वेयर हाउसिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड भोपाल के कार्य आदेश क्र.-mpwLc/const/ 2022/ 4292 दिनांक 01/11/2022 के अनुपालन में 60 हजार मैट्रिक टन के पक्के गोदाम का निर्माण कराया गया है? (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार यदि हां, तो ऐसे गोदामों के निर्माण स्थल क्षमता मैट्रिक टन में, विभाग द्वारा निर्मित गोदाम को उपयोग में लेने की तारीख, म.प्र. वेयर हाउसिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड भोपाल द्वारा माहवार इन निर्मित गोदामों में कितनी-कितनी आय हुयी, सभी के किराये के देयकों की छायाप्रतियों सहित जानकारी निर्धारित प्रारूप में उपलब्ध करायी जाय।
खाद्य मंत्री ( श्री गोविन्द सिंह राजपूत ) : (क) जी हाँ। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है।
अनुसूचित जाति विकास योजनांतर्गत जानकारी
[अनुसूचित जाति कल्याण]
9. ( क्र. 1396 ) श्रीमती उमादेवी लालचंद खटीक : क्या अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दमोह जिले में अनुसूचित जाति बस्ती विकास योजनांतर्गत वित्तीय वर्ष 2018-19 से प्रश्न दिनांक तक कुल कितनी राशि का आवंटन किया गया? (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में कितने स्थानों पर सामुदायिक भवन, सड़कें एवं पेयजल हेतु बोरिंग हैण्डपम्प का स्थापन हुआ है की सूची उपलब्ध करवायें। (ग) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में राज्य सरकार के अलावा क्या केंद्र सरकार से भी कोई आवंटन प्राप्त हुआ है? यदि हाँ, तो उसकी भी जानकारी प्रदान करें। आवंटन की वर्षवार, ग्रामवार सूची उपलब्ध करायें।
अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री ( श्री नागर सिंह चौहान ) : (क) एवं (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) जी नहीं। प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
गोटेगांव विधानसभा क्षेत्र में पेयजल व्यवस्था
[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]
10. ( क्र. 1579 ) श्री महेन्द्र नागेश : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या गोटेगांव विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत लगभग 55 ग्रामों में पेयजल आपूर्ति हेतु मध्यप्रदेश जल निगम द्वारा पायली समूह नल-जल प्रदाय परियोजना स्वीकृत एवं क्रियान्वित की जा रही है? (ख) उक्त परियोजना के अंतर्गत वर्तमान में कितने ग्रामों में कार्य पूर्ण हो चुका है, कितने ग्रामों में कार्य प्रगतिरत है तथा कितने ग्रामों में कार्य प्रारंभ होना शेष है? ग्रामवार विवरण उपलब्ध कराया जाए। (ग) क्या परियोजना के पूर्ण न हो पाने के कारण संबंधित ग्रामों में पेयजल आपूर्ति में कठिनाइयां उत्पन्न हो रही हैं? (घ) परियोजना के पूर्ण होने तक संबंधित ग्रामों में पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने हेतु लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा वर्तमान में क्या वैकल्पिक/ अंतरिम व्यवस्थाएं की जा रही हैं? विवरण दिया जाए।
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( श्रीमती संपतिया उइके ) : (क) जी हां, 59 ग्रामों में। (ख) किसी भी ग्राम में कार्य पूर्ण नहीं हुआ है, 57 ग्रामों में कार्य प्रगतिरत है एवं 2 ग्राम में कार्य प्रारंभ होना शेष है। ग्रामवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ग) जी नहीं, ग्रामों में पूर्व से स्थापित पेयजल साधनों के माध्यम से पेयजल उपलब्ध है, ग्रामवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (घ) उत्तरांश (ग) अनुसार।
राशन दुकानों के विक्रेताओं द्वारा की जा रही अनियमिततायें
[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण]
11. ( क्र. 1614 ) श्रीमती चंदा सुरेन्द्र सिंह गौर : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या खरगापुर विधान सभा में जिन-जिन राशन विक्रय की दुकानों के विक्रेताओं द्वारा गड़बड़ी करके जहाँ-जहाँ खाद्यान्न कम पाया गया उन विक्रेताओं से वसूली राशि जमाकर उनके विरूद्ध क्या कार्यवाही की गई सम्पूर्ण जानकारी से अवगत कराते हुये वर्ष 01 जनवरी 2025 की सत्यापित प्रतियां उपलब्ध करायें। (ख) क्या रामलला नागरिक सहकारी समिति का रजिस्ट्रेशन अवैध है और अवैध तरीके से भेलसी में दुकान संचालित की जा रही है तथा उक्त दुकान के विक्रेता के भौतिक सत्यापन में गेहूं 8.40 क्विंटल शक्कर 1.01 क्विंटल कम पाया गया उक्त विक्रेता से राशि वसूली की कार्यवाही की गई या नहीं तथा प्रकरण पंजीबद्ध कर एफ.आई.आर. दर्ज कराई गई तथा चंदेरी की राशन दुकान के विक्रेता से राशि वसूल कर एफ.आई.आर. दर्ज कराई गई या नहीं सम्पूर्ण जानकारी से अवगत करायें? (ग) क्या रामलला नागरिक सहकारी समिति भेलसी की राशन दुकान से जिस विक्रेता को पूर्व में हटाया गया था वह पुनः कार्यरत है क्या? जानकारी को स्पष्ट करें तथा शासकीय उचित मूल्य की दुकान श्यामपुरा के विरूद्ध 8,70,970/- रुपये की वसूली की जानी थी उक्त वसूली की गई या नहीं तथा विधि अनुसार क्या कार्यवाही की गई तथा उक्त समिति के विकेता को पुनः राशन दुकान संचालित किये जाने का आदेश किस नियम के तहत दिया गया है आदेश की छायाप्रति उपलब्ध कराते हुये उक्त आदेश निरस्त करते हुये वसूली की राशि जमा करा कर एफ.आई.आर. दर्ज करायेंगे यदि हाँ, तो कब तक यदि नहीं, तो क्यों कारण स्पष्ट करें।
खाद्य मंत्री ( श्री गोविन्द सिंह राजपूत ) : (क) 01 जनवरी 2025 से प्रश्न दिनांक तक खरगापुर विधान सभा में शासकीय उचित मूल्य दुकानों के विक्रेताओं द्वारा गड़बड़ी करके खाद्यान्न कम पाये जाने की 04 शिकायतें प्राप्त हुई है। शासकीय उचित मूल्य दुकानों के विक्रेताओं से वसूली एवं उनके विरूद्ध की गई कार्यवाही संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) रामलला नागरिक सहकारी समिति का रजिस्ट्रेशन अवैध नहीं है और न ही अवैध तरीके से भेलसी में दुकान संचालित की जा रही है। शासकीय उचित मूल्य दुकान भेलसी के भौतिक सत्यापन में कम पाये गये खाद्य सामग्री के संबंध में प्रकरण पंजीबद्ध कर अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) बल्देवगढ़ के पत्र क्रमांक 11/SDO/खाद्य/ 2026 दिनांक 20.01.2026 के माध्यम से रामलला नागरिक सहकारी समिति मर्या. द्वारा संचालित शासकीय उचित मूल्य दुकान भेलसी का संलग्नीकरण समाप्त कर धूमगढ़ ईंधन आपूर्ति सहकारी समिति मर्या. बल्देवगढ़ के द्वारा संचालित शा.उ.मू. दुकान खरीला में अस्थाई रूप से संलग्नीकरण कर दिया गया है एवं तत्कालीन विक्रेता द्वारा दिनांक 10.02.2026 को वसूली राशि रूपयें 29745/- शासकीय मद में जमा कराया गया। अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) बल्देवगढ़ द्वारा शासकीय उचित मूल्य दुकान भेलसी के संचालकों के विरूद्ध प्रकरण में एफ.आई.आर. के आदेश जारी नहीं किये गये। अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) बल्देवगढ़ के पत्र क्रमांक 198/खाद्य/रीडर-2/2024 दिनांक 03.10.2024 के द्वारा शासकीय उचित मूल्य दुकान चंदेरी के प्रकरण में कम पाये गये खाद्य सामग्री की वसूली योग्य राशि रूपये 4393755/- अधिरोपित कर तहसीलदार खरगापुर को विक्रेता से वसूली किये जाने हेतु निर्देशित किया गया है एवं विक्रेता श्री भगवानदास लोधी विरूद्ध दिनांक 10.10.2024 को थाना कुडिला में प्राथमिकी दर्ज कराई गई। (ग) रामलला नागरिक सहकारी समिति भेलसी की राशन दुकान से जिस विक्रेता को पूर्व में हटाया गया था, वह पुन: कार्यरत नहीं है। अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) बल्देवगढ़ के पत्र क्रमांक/186/SDO/खाद्य/2024 दिनांक 01.10.2024 के माध्यम से शासकीय उचित मूल्य की दुकान श्यामपुरा के प्रकरण में कम पाये गये खाद्य सामग्री की राशि 8,70,970/- रुपये की वसूली विक्रेता से किये जाने हेतु तहसीलदार खरगापुर को निर्देशित किया गया है। अनुविभागीय अधिकारी बल्देवगढ़ के पत्र क्रमांक/184/रीडर-2/खाद्य/ 2024 दिनांक 19.09.2024 के माध्यम से शा.उ.मू. दुकान श्यामपुरा को संस्था से पृथक कर दीपा महिला बहुउद्देशीय सहकारी समिति मर्या. भिलौनी के द्वारा संचालित शा.उ.मू. दुकान सिजौरा में संलग्न कर दिया है। उक्त शासकीय उचित मूल्य श्यामपुरा के विक्रेता को पुन: दुकान संचालन करने हेतु कोई भी आदेश जारी नहीं किये गये एवं अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) बल्देवगढ़ द्वारा प्रकरण में एफ.आई.आर. के आदेश जारी नहीं किये गये। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
छात्रावासों की ओर से प्रदाय सामग्री
[अनुसूचित जाति कल्याण]
12. ( क्र.
1615 ) श्रीमती
चंदा
सुरेन्द्र
सिंह गौर : क्या
अनुसूचित
जाति कल्याण
मंत्री महोदय
यह बताने की
कृपा करेंगे
कि (क) क्या
खरगापुर
विधानसभा एवं
जतारा
विधानसभा क्षेत्र
में संचालित
छात्रावासों
में छात्र/छात्राओं
को क्या-क्या
मूलभूत
सुविधायें उपलब्ध
कराई जाती है
जिसमें भोजन, गणवेश, छात्रवृत्ति, सोने
हेतु बिस्तर, पीने
हेतु पानी, किताबें, आदि
सामग्री की
व्यवस्था
अधीक्षक के
द्वारा की
जाती है जिसकी
सम्पूर्ण
जानकारी 2024 से 2025 तक
(एक वर्ष) मय
छात्र संख्या
नाम निवासी
सहित उपलब्ध
करायें। (ख) क्या छात्रावासों
की लाईट खराब
होना,
शौचालय
खराब होना
इनकी
रिपेयरिंग
छात्रावास
अधीक्षकों
द्वारा कराई
जाती है और
बिल संलग्न कर
भुगतान लिया
जाता है इस
प्रकार की
कौन-कौन सी
मदें है जिनके
बिल संलग्न
किये जाते है
समस्त बिल
वाउचर एवं
कार्य के नाम
सहित 2024
से 2025 (एक
वर्ष) के
उपलब्ध
करायें। (ग) क्या वर्ष
2024
से 2025
के मध्य शासन
द्वारा बिस्तर, बर्तन
आदि क्रय किये
जाने हेतु
टीकमगढ़ जिले
को कितनी राशि
प्राप्त हुई
और इसका टेंडर
डाला गया या
किसी एजेंसी को
जान-पहचान के
नाम पर दे
दिया गया तथा
किन-किन
छात्रावासों
में
कितनी-कितनी
सामग्री प्रदाय
की गई समस्त
जानकारी
निविदा
अनुसार एवं
छात्रावास
अनुसार प्रदाय
करेंगे यदि
हाँ,
तो कब तक यदि
नहीं,
तो क्यों? कारण
स्पष्ट करें।
अनुसूचित
जाति कल्याण
मंत्री ( श्री
नागर सिंह
चौहान ) : (क)
जानकारी पुस्तकालय
में रखे परिशिष्ट 'अ' अनुसार
है। (ख)
जी हाँ, जानकारी
पुस्तकालय
में रखे परिशिष्ट 'ब' अनुसार
है। (ग) वित्तीय
वर्ष 2024-25
अंतर्गत
टीकमगढ़ जिले
को सामग्री
पूर्ति मद में
कुल राशि रू.141.00
लाख का आवंटन
प्राप्त हुआ, उक्त
आवंटन के
विरूद्ध
म.प्र. भण्डार
क्रय नियम के
नियमानुसार
जेम पोर्टल व
म.प्र. राज्य
पावरलूम
बुनकर सहकारी
संघ मर्यादित
के माध्यम से
क्रय किया गया
है। शेष जानकारी
संकलित की जा
रही है। प्रदाय
सामग्री की जानकारी
पुस्तकालय
में रखे परिशिष्ट-
'स' अनुसार
है। शेष जानकारी
संकलित की जा
रही है।
हितग्राही मूलक योजनाओं में अनियमितताएं
[उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण]
13. ( क्र. 1636 ) डॉ. राजेन्द्र कुमार सिंह : क्या उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) उद्यानिकी विभाग में 01.04.2021 से प्रश्नतिथि के दौरान हितग्राही मूलक लाभान्वित करने वाली योजनाओं में किन-किन स्थानों से आर्थिक अनियमिततायें करने की लिखित शिकायतें दस्तावेज संचालक/आयुक्त उद्यानिकी, प्रमुख सचिव उद्यानिकी एवं संबंधित स्थानों के कलेक्टर, कार्यालयों को प्राप्त हुई? (ख) प्रश्नांश (क) में वर्णित समयानुसार किन-किन शिकायतों पर किस-किस आदेश क्रमांकों एवं दिनांकों से किस-किस नाम/पते के सक्षम कार्यालयों के द्वारा कब व क्या कार्यवाही किन आदेश क्रमांकों एवं दिनांकों से की गई है? जारी सभी आदेशों की एक-एक प्रति दें? (ग) प्रश्नांश (क) में वर्णित अवधि अनुसार उद्यानिकी विभाग मस्टर रोल एवं कलेक्टर रेट पर भोपाल पर गार्डनरों (माली) पर प्रतिमाह कितनी राशि व्यय कर रही है? गार्डनर किस-किस स्थान पते पर कितनी संख्या में तैनात हैं स्थायी हैं या अस्थायी की जानकारी उन्हें प्राप्त वेतनमान के अनुसार दें?
उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण मंत्री ( श्री नारायण सिंह कुशवाह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्टि-''01'' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''02'' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''03'' अनुसार है।
विभागीय सेवा (आउटसोर्स भर्ती) एवं सामग्री खरीद नियम
[जनजातीय कार्य]
14. ( क्र. 1665 ) श्री राजन मण्डलोई : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जनजातीय कार्य विभाग में सेवा (आउटसोर्स भर्ती) तथा सामग्री खरीद के क्या नियम है? विस्तृत जानकारी देवें। विभाग द्वारा संचालित छात्रावासों में सामग्री खरीद नियम, मांग पत्र तथा अनुमोदन की प्रक्रिया क्या है? विस्तृत जानकारी नियमों की छायाप्रति सहित देवें। (ख) बड़वानी जिले में विभाग द्वारा कितने विद्यालय एवं छात्रावास कहां-कहां पर किस-किस नाम से कितनी-कितनी सीटों पर संचालित है? (ग) वर्ष 2024-25 से प्रश्न दिनांक तक प्रति छात्रावास प्रति छात्र आवंटन तथा हर छात्रावास में किस-किस मद में कितना-कितना आवंटन प्राप्त हुआ है, विस्तृत जानकारी देवें। (घ) उपरोक्त प्रश्नांश के परिप्रेक्ष्य में उक्त विद्यालयों एवं छात्रावासों में किस आउटसोर्स कम्पनी के किस-किस पद के लिए कितने-कितने कर्मचारी रखे गये है? (ड.) प्रश्नांश के परिप्रेक्ष्य में क्या सामग्री में अनियमितताएं किये जाने की शिकायतें प्राप्त हुई है यदि हाँ, तो उन शिकायतों में क्या कार्यवाही की गई? यदि नहीं, तो क्यों?
जनजातीय कार्य मंत्री ( डॉ. कुंवर विजय शाह ) : (क) विभाग द्वारा मध्यप्रदेश भण्डार क्रय एवं सेवा उपार्जन नियम 2015 (यथा संशोधित 2022) के प्रावधान अनुसार सेवा उपार्जन व सामग्री खरीदी की जाती है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट- 'अ' अनुसार है। छात्रावासों में सामग्री क्रय हेतु म.प्र. शासन, जनजातीय कार्य विभाग मंत्रालय के पत्र क्रमांक एफ-12-08/2027/25-2/902 दिनांक 24-07-2018 तथा म.प्र. शासन, आदिम जाति कल्याण विभाग मंत्रालय के परिपत्र क्रमांक एफ-12-16/2018/25-2/537 दिनांक 29.07.2019 के अनुसार कार्यवाही की जाती है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट- 'ब' अनुसार है। (ख) प्राथमिक, माध्यमिक, हाई स्कूलों, हायर सेकेण्डरी स्कूलों एवं सांदीपनि विद्यालयों में सभी पात्र विद्यार्थियों को प्रवेश दिया जाता है। जिला स्तरीय उत्कृष्ट विद्यालयों में कक्षा 9 में निर्धारित 240 सीट तथा माता शबरी आवासीय कन्या शिक्षा परिसर प्रति संस्था 490 सीट हेतु परीक्षा के माध्यम से प्रवेश दिया जाता है। बड़वानी जिले अंतर्गत 3136 विद्यालय संचालित है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट- 'स' अनुसार। बड़वानी जिले में 65 छात्रावास विभाग द्वारा संचालित है छात्रावासों की स्वीकृत सीट सहित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'द' अनुसार है। (ग) छात्रावासों में शिष्यवृत्ति का आवंटन विद्यार्थियों की उपस्थिति के आधार पर एवं शेष मदों में निर्धारित वार्षिक पात्रता के आधार पर MPTAASC के माध्यम से संस्थाओं के खाते में ऑनलाईन प्रदाय किया जाता है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट- 'इ' अनुसार है। (घ) छात्रावासों में आउटसोर्स से कर्मचारी नहीं रखे गये हैं। एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों में रखे गये आउटसोर्स कर्मचारियों, पदों एवं आउटसोर्स कम्पनी की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'फ' अनुसार है। (ड.) जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं की भर्ती
[महिला एवं बाल विकास]
15. ( क्र. 1677 ) श्री राजेश कुमार वर्मा : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा 2025 में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता व सहायिकाओं की पद पूर्ति हेतु विज्ञापन जारी किया गया था? यदि हाँ, तो विधानसभा गुनौर में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं के विज्ञापित पदों के विरूद्ध कितने पदों पर भर्ती की गई,वर्गवार बतावे? परियोजना गुनौर में विकासखंड स्तरीय चयन समिति में कौन-कौन सदस्य रहे? चयन समिति की कितनी बैठक कब-कब की गई? बैठक में प्रत्येक पद हेतु क्या-क्या निर्णय लिए गए? प्रत्येक पद का अलग-अलग, निर्णय, संबंधी कार्यवाही विवरण प्रदाय किया जावे। (ख) क्या प्रश्नांश (क) से संबंधित भर्ती के लिए समिति की बैठक हेतु कोरम का प्रावधान है? यदि हाँ, तो समिति के सदस्यों के हस्ताक्षर सहित लिए गए निर्णयों के कार्यवाही विवरण की सत्यप्रतिलिपि प्रदाय करें। क्या कोरम के संबंध में परियोजना अधिकारी गुनौर द्वारा जिला कार्यक्रम अधिकारी पन्ना से मार्गदर्शन मांगा गया? यदि हाँ, तो जिला कार्यक्रम अधिकारी पन्ना ने क्या मार्गदर्शन दिया? क्या बिना अशासकीय सदस्यों के हस्ताक्षर के अनंतिम सूची जारी की गई? यदि हाँ, तो नियम विरूद्ध सूची जारी क्यों की गई? क्या विभाग इस तथ्य का संज्ञान लेकर कोई कार्यवाही करेगा? क्या इस संबंध में अशासकीय सदस्यों द्वारा कलेक्टर महोदय पन्ना को शिकायत की गई? यदि हाँ, तो किसके द्वारा और क्या जांच की गई, जांच में किसको दोषी पाया गया? दोषियों पर क्या कार्यवाही की गई? यदि जांच नहीं की गई तो इसके लिये कौन दोषी है? दोषियों पर क्या कर्यवाही की जावेगी।
महिला एवं बाल विकास मंत्री ( सुश्री निर्मला भूरिया ) : (क) जी हाँ। गुनौर विधानसभा में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के विज्ञापित 04 पदों में से 04 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया पूर्ण एवं सहायिका के विज्ञापित 74 पदों में से 64 पदों पर भर्ती प्रक्रिया पूर्ण हो गई है। शेष पदों पर भर्ती की प्रक्रिया प्रचलन में है। विकासखण्ड स्तरीय समिति के सदस्य एवं आयोजित बैठकों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-01 अनुसार है। बैठकों में लिये गये निर्णय एवं कार्यवाही विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-2 अनुसार है। (ख) जी हां। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-2 अनुसार है। जी हां। जिला कार्यक्रम अधिकारी पन्ना द्वारा जारी मार्गदर्शन की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-3 अनुसार है। जी नहीं, नगर परिषद गुनौर की नियुक्ति में अशासकीय सदस्यों द्वारा मेरिट सूची के पत्रक में हस्ताक्षर होने के उपरांत ही अनंतिम मेरिट सूची जारी की गई, जबकि ग्रामीण क्षेत्र की नियुक्ति में अशासकीय सदस्यों द्वारा कार्यवाही विवरण संबंधी उपस्थिति पंजी में हस्ताक्षर किये गये है, किन्तु केन्द्रवार पृथक-पृथक तैयार मेरिट सूची में हस्ताक्षर नहीं किये गये है। खण्ड स्तरीय समिति की बैठक में सदस्यों का कोरम पूर्ण हो जाने पर ही नियमानुसार अनंतिम सूची जारी की गई है। जी नहीं। शेष का प्रश्न नहीं।
खाद्यान्न वितरण में वित्तीय अनियमितता
[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण]
16. ( क्र. 1716 ) श्री सुरेश राजे : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र 19 डबरा के अंतर्गत BPL एवं अन्य हितग्राहियों को खाद्यान्न वितरण हेतु संचालित सहकारी समिति/दुकानों का पता तथा खुलने, बंद होने का दिन व समय तथा पदस्थ कर्मचारी का नाम/पद/सम्पर्क सहित सूची देवें? (ख) प्रश्नांश (क) के अनुसार उक्त खाद्यान्न वितरण की दुकान/सहकारी समिति में BPL तथा अन्य हितग्राहियों की कितनी-कितनी संख्या है? उक्त दुकानों पर पदस्थ कर्मचारियों में से किस-किस कर्मचारी पर खाद्यान्न वितरण/रासायनिक खाद वितरण/ ऋण वितरण में की गई अनियमितताओं तथा अन्य किस प्रकार की वित्तीय अनियमितताओं की कितनी-कितनी राशि किस दिनांक से वसूली हेतु शेष है? पूर्ण जानकारी देवें।
खाद्य मंत्री ( श्री गोविन्द सिंह राजपूत ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्टि 'अ' अनुसार है। (ख) उचित मूल्य की दुकान में BPL तथा अन्य हितग्राहियों की संख्या की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्टि-'ब' अनुसार है। खाद्यान्न वितरण में अनियमितता करने वाले कर्मचारियों के नाम एवं उनसे वसूली की जाने वाली राशि एवं दिनांक की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्टि-'स' अनुसार है। रासायनिक खाद वितरण/ऋण वितरण अनियमितता करने वाले कर्मचारियों के नाम एवं उनसे वसूली की जाने वाली राशि एवं दिनांक की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्टि-'द' अनुसार है।
छात्रावास/आश्रमों में शिक्षकों की पदस्थापना
[जनजातीय कार्य]
17. ( क्र. 1805 ) श्री संजय उइके : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या बालाघाट जिले में विभागीय छात्रावास/आश्रमों में शिक्षकों की पदस्थापना/संलग्नीकरण/ प्रभार अधीक्षकों के पद पर की गई है? (ख) यदि प्रश्नांश (क) यदि हाँ, तो किन-किन छात्रावास/ आश्रमों में किन-किन शालाओं में पदस्थ शिक्षकों की कब-कब पदस्थापना/प्रभार/संलग्नीकरण कहां-कहां किया गया है? जानकारी उपलब्ध करावें?
जनजातीय कार्य मंत्री ( डॉ. कुंवर विजय शाह ) : (क) जी हाँ। (ख) बालाघाट जिले में विभागीय छात्रावास/आश्रमों में अधीक्षकों के पद पर पदस्थापना संबंधी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट “अ” अनुसार है। जिले में छात्रावास/आश्रम अधीक्षक के साथ-साथ अतिरिक्त प्रभार संबंधी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट “ब” अनुसार है। अधीक्षक रिक्त पद पर शिक्षकों को छात्रावास में संलग्न किये जाने संबंधी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट “स” अनुसार है।
वन अधिकार पट्टों के लंबित प्रकरण
[जनजातीय कार्य]
18. ( क्र. 1959 ) श्री मोंटू सोलंकी : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या शासन को जिला बड़वानी, तहसील सेंधवा अंतर्गत ग्राम पंचायत सोनखेड़ी के ग्राम अम्बापानी के ग्रामीणों द्वारा वर्ष 2016 से वन अधिकार अधिनियम, 2006 के तहत व्यक्तिगत एवं सामुदायिक वन अधिकार पट्टों हेतु आवेदन प्रस्तुत किए जाने की जानकारी है? यदि हाँ, तो कुल कितने हितग्राहियों ने आवेदन किया, उनके नाम क्या हैं तथा कितने प्रकरण लंबित हैं? (ख) क्या सिंचाई विभाग द्वारा स्वीकृत डेम/तालाब परियोजना के कारण ग्रामीणों की वर्षों से काबिज कृषि भूमि डूब क्षेत्र में आ रही है? यदि हाँ, तो कुल कितनी हेक्टेयर भूमि डूब में आ रही है? इसके बावजूद पात्र हितग्राहियों को वन अधिकार पट्टे क्यों नहीं दिए गए तथा इसके लिए कौन अधिकारी उत्तरदायी हैं? (ग) क्या पट्टे लंबित होने से प्रभावित परिवारों को मुआवजा एवं पुनर्वास लाभ नहीं मिल पा रहा है? यदि हाँ, तो अब तक कितने परिवार प्रभावित हुए, उनकी सूची दें तथा उन्हें क्या राहत दी गई? जानकारी उपलब्ध करावें। (घ) क्या डूब प्रभावित कृषकों को परियोजना संबंधी बैठक या लिखित नोटिस दिया गया? यदि नहीं, तो क्यों? (ङ) प्रभावित परिवारों के पुनर्वास, आजीविका संरक्षण एवं शीघ्र पट्टा वितरण हेतु शासन की समयबद्ध कार्ययोजना क्या है? विवरण दें।
जनजातीय कार्य मंत्री ( डॉ. कुंवर विजय शाह ) : (क) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-एक अनुसार है। (ख) जल संसाधन विभाग से प्राप्त उत्तर अनुसार स्वीकृत सोनखेड़ी तालाब योजना से कुल 49.320 हेक्टेयर वन भूमि (बांध स्थल, डूब क्षेत्र एवं वेस्टवियर) प्रभावित है। वन अधिकार अधिनियम, 2006 के तहत पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट -एक अनुसार पात्र हितग्राहियों को वन अधिकार पट्टा प्रदाय किया गया है। शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) डूब क्षेत्र का मौका मुआयना के दौरान, प्रभावितों से सम्पर्क किये जाने पर, वर्तमान में 07 वन अधिकार पत्रधारकों की 10.535 हेक्टेयर भूमि एवं परिसम्पत्ति के दस्तावेज प्राप्त हुए, जिनका प्रकरण आपसी सहमति से भूमि क्रय नीति अधिनियम 2014 के तहत, भूमि-अर्जन की कार्यवाही, कार्यालय भू-अर्जन (रा.) सेंधवा में है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट - दो अनुसार है। मौके पर अन्य प्रभावितों से सतत् सम्पर्क स्थापित है। आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध करवाये जाने पर मुआवजा प्रकरण की अग्रिम कार्यवाही संभव है। योजना निर्माण हेतु वर्तमान में मौके पर प्रभावितों की भूमि का कब्जा नहीं लिया गया है। मुआवजा स्वीकृति एवं वितरण के पश्चात् ही निर्माण कार्य संभव है। (घ) डूब प्रभावितों कृषकों को परियोजना संबंधी बैठक/लिखित नोटिस वन समिति की बैठक एवं ग्रामसभा के ठहराव प्रस्ताव के माध्यम से अवगत कराया गया है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट - तीन अनुसार है। (ड.) सिंचाई योजना लघु सिंचाई योजना होने से पुनर्वास, आजीविका संरक्षण का प्रावधान नहीं है। वन अधिकार के दावों का निराकरण त्रिस्तरीय वन अधिकार समितियों – ग्राम वन अधिकार, उपखण्ड स्तर एवं जिला स्तर समितियों द्वारा किया जाता है। वन अधिकार के प्राप्त दावों का निराकरण किये जाने हेतु समय-समय पर चरणबद्ध एवं समयबद्ध कार्यक्रम जारी किया गया है।
माननीय न्यायालय के पारित निर्णयों का पालन
[भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास]
19. ( क्र. 1987 ) श्री आरिफ मसूद : क्या भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर वर्ष 2024 व 2025 में विभाग में कार्यरत कर्मचारियों के पक्ष में निर्णय पारित किये गये हैं? पारित निर्णयों की प्रकरणवार जानकारी देवें? (ख) प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्य में माननीय न्यायालय पारित निर्णय अन्तर्गत विभाग द्वारा कब-कब व क्या-क्या कार्यवाही की गई? प्रकरणवार जानकारी देवें? क्या पारित निर्णयों का पालन कर दिया गया है? प्रकरणवार किन-किन निर्णयों का पालन किया गया है? किन-किन प्रकरणों का पालन प्रश्न दिनांक तक क्यों नहीं किया गया है? क्या कारण है? (ग) क्या पारित निर्णय का समय रहते पालन नहीं किये जाने पर अवमानना के प्रकरण माननीय उच्च न्यायालय में विचाराधीन है? विचाराधीन प्रकरणों की जानकारी देते हुये प्रश्न दिनांक तक उन पर क्या-क्या कार्यवाही की गई? (घ) क्या शासन/विभाग माननीय न्यायालय के पारित निर्णय व अवमानना प्रकरणों की गंभीरता को ध्यान में रखते हुये उनका पालन तत्काल कराते हुये समय रहते पालन नहीं कर शासन/विभाग को अवमानना का सामना कराये जाने वाले दोषियों पर अनुशासनात्मक कार्यवाही किया जाना सुनिश्चित करेगा? यदि नहीं, तो क्यों?
भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास मंत्री ( डॉ. कुंवर विजय शाह ) : (क) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''अ'' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''ब''अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''स'' अनुसार है। (घ) लंबित प्रकरणों में नीतिगत विषय शामिल होने से अभी पालन नहीं किया गया। कोई दोषी नहीं होने से शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
आउटसोर्स के माध्यम से फर्जी नियुक्ति
[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण]
20. ( क्र. 2064 ) श्री जयवर्द्धन सिंह : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में नागरिक आपूर्ति निगम के कितने कार्यालय है? कार्यालय का नाम, पता, सम्पर्क नं., कार्यालय में पदस्थ संपूर्ण स्टॉफ (नाम, पदनाम, उम्र, मोबाईल नं.,पदीय दायित्व, कब से एक ही स्थान पर पदस्थ, नियमित/संविदा/आउटसोर्स/अन्य) कार्यालयवार, जिलेवार संपूर्ण जानकारी का गौशवारा बनाकर आदेश/निर्देश/नियमों की प्रति सहित पृथक-पृथक बताये? (ख) प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्य में निगम में आउटसोर्स कर्मचारियों को किस प्रयोजन से, किस दर पर, किस पदीय दायित्वों के विरूद्ध किस कंपनी/फर्म/संस्था से किस कार्यालय के लिये कितनी संख्या में, किस शैक्षणिक योग्यता अनुभव के साथ रखा गया है संपूर्ण जानकारी का गौशवारा बनाकर दें। (ग) प्रश्नांश (ख) के परिप्रेक्ष्य में आउटसोर्स कंपनी का नाम, मालिक का नाम, पता, बैंक खातें की जानकारी, लायसेन्स, पेन-जीएसटी-सीएसटी नं., आधार नं., कंपनी का विगत पांच वर्ष का टर्नओव्हर, आपूर्ति निगम में नियुक्ति आदेश की प्रति, मानदेय, उम्र, मेडिकल प्रमाण पत्र की प्रति सहित बतायें। (घ) आपूर्ति निगम में कितनी कमेटी क्रियाशील है, उनके सदस्यों के नाम, पदनाम, पदीय दायित्व एवं कमेटी के विगत पांच वर्षों में आहूत बैठक के एजेण्डा एवं बैठक उपरांत जारी मिनिट्स एवं उसके आदेशों की प्रति सहित बताये। (ड.) निगम की चल-अचल सम्पत्ति एवं खातों (चालू-बचत अन्य), एफडी की जानकारी दें। विगत निगम को प्राप्त आय-व्यय-लाभ/हानि, कितने सेटअप के विरूद्ध कितने पद भरे/कितने रिक्त सहित बतायें।
खाद्य मंत्री ( श्री गोविन्द सिंह राजपूत ) : (क) 1. प्रदेश के 52 जिलो में कॉर्पोरेशन के 52 जिला कार्यालय संचालित है एवं 07 संभागीय कार्यालय संचालित है। 2. प्रदेश के 52 जिला कार्यालय एवं 07 संभागीय कार्यालय के पता/सम्पर्क नम्बर की सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट–01 अनुसार है 3. ऑउटसोर्स से नियोजित कर्मियों की जिलेवार/पदवार सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट–02 अनुसार है 4. कॉर्पोरेशन कर्मियों (नियमित/संविदा/स्थाई) की जिलेवार/पदवार सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट–03 अनुसार है (ख) 1. राज्य शासन द्वारा कॉर्पोरेशन को सौंपे गए विभिन्न दायित्वों के निर्वहन हेतु कॉर्पोरेशन मुख्यालय, क्षेत्रीय कार्यालय, जिला कार्यालयों एवं प्रदाय केंद्रों पर पर्याप्त संख्या में स्टॉफ के उपलब्ध नहीं होने के कारण आउटसोर्स से कर्मियों का नियोजन किया जाता है। इसके अतिरिक्त गत 08 वर्षों से पदोन्नति नहीं होने से कॉर्पोरेशन के विभिन्न संवर्गों में पदोन्नति के रिक्त पदों की पूर्ति नहीं हो पा रही है। 2. कार्य सम्पादन हेतु आउटसोर्स से विभिन्न पदों पर नियोजन हेतु निर्धारित शैक्षणिक योग्यता एवं निर्धारित मानदेय की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट–04 अनुसार है। (ग) 1. वर्तमान में खुली निविदा के माध्यम से M/s Primeone Workforce Private Limited, Bhopal का नियोजन किया जा रहा है। GST-23AADCP6408k1zf, PAN- AADCP6408K, बैंक खाता क्रमांक – 920030061743674, बैंक का नाम – Axis Bank, शाखा – Hoshangabad Road एवं मालिक का नाम श्री संजीव जैन। 2. आउटसोर्स संस्था M/s Primeone Workforce Private Limited, Bhopal का गत 05 वर्षों का टर्नओवर निम्नानुसार है :-
|
वर्ष |
टर्नओवर |
|
2020-21 |
4,80,40,39,957 |
|
2021-22 |
3,01,44,52,422 |
|
2022-23 |
3,41,69,48,980 |
|
2023-24 |
3,73,03,17,376 |
|
2024-25 |
4,16,80,31,416 |
जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट–05 अनुसार है। 3. ऑउटसोर्स संस्था का नियोजन आदेश एवं अनुबंध की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट–06 अनुसार है। (घ) 1. कॉर्पोरेशन में एक स्थाई समिति पदनाम से वर्ष 2018 में संचालित की गई है। आदेश, कार्यवाही विवरण तथा जारी आदेशों की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट–07 अनुसार है। 2. कॉर्पोरेशन में क्रय समिति पदनाम से वर्ष 2020 में संचालित की गई है। आदेश, कार्यवाही विवरण तथा जारी आदेशों की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट–07 अनुसार है। (ड.) 1. वित्तीय वर्ष 2019-20 के अंकेक्षित लेखों अनुसार कॉर्पोरेशन को 129.61 लाख का लाभ है। 2. वित्तीय वर्ष 2019-20 की वित्तीय स्थिति में चल-अचल सम्पत्ति का पत्रक पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-08 अनुसार है। 3. कॉर्पोरेशन के चालू एवं बचत खातों की जानकारी निम्नानुसार है :-
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क्र. |
बैंक का नाम |
खाते का प्रकार |
अद्यतन स्थिति (रूपये में) |
|
1 |
इंडियन बैंक |
चालू खाता |
97404.00 |
|
2 |
इंडियन ओव्हरसीज बैंक |
बचत खाता |
20762.00 |
|
3 |
इंडसइंड बैंक |
बचत खाता |
412853.74 |
|
क्र. |
स्वीकृत पद |
भरे पद |
रिक्त पद |
|
1 |
1192 |
476 |
716 |
स्वीकृत
विकास
कार्यों की
जानकारी
[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]
21. ( क्र. 2126 ) श्री नीरज सिंह ठाकुर : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) बरगी विधानसभा क्षेत्रांतर्गत जनवरी 2024 से प्रश्नांश दिनांक तक विभाग द्वारा कौन-कौन से कार्य स्वीकृत किये गये है? कार्यों की स्थिति क्या है? वर्तमान में कौन-कौन से कार्य प्रगति पर हैं? संपूर्ण जानकारी उपलब्ध करावें। (ख) बरगी विधानसभा क्षेत्र हेतु आगामी वर्षों में कराये जाने हेतु कौन-कौन से कार्य प्रस्तावित हैं? सूची उपलब्ध करावें।
लोक स्वास्थ्य
यांत्रिकी
मंत्री (
श्रीमती
संपतिया उइके
) : (क)
जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार
है। (ख)
आगामी
वर्षों में
प्रदान किये
जाने वाले विभागीय
लक्ष्यों के
अनुरूप कार्य
प्रस्तावित किये
जावेंगे।
परिशिष्ट
- "छब्बीस"
बरगी विधान सभा क्षेत्रांतर्गत विभागीय विकास कार्य
[महिला एवं बाल विकास]
22. ( क्र. 2127 ) श्री नीरज सिंह ठाकुर : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) बरगी विधानसभा क्षेत्रांतर्गत जनवरी 2024 से प्रश्नांश दिनांक तक महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा कौन-कौन से कार्य स्वीकृत किये गये है? कार्यों की स्थिति क्या है? वर्तमान में कौन-कौन से कार्य प्रगति पर हैं? संपूर्ण जानकारी उपलब्ध करावें। (ख) बरगी विधानसभा क्षेत्र हेतु आगामी वर्षों में कराये जाने हेतु कौन-कौन से कार्य प्रस्तावित हैं? सूची उपलब्ध करावें।
महिला एवं बाल विकास मंत्री ( सुश्री निर्मला भूरिया ) : (क) बरगी विधानसभा क्षेत्रांतर्गत जनवरी 2024 से प्रश्नांश दिनांक तक 13 आंगनवाड़ी भवन, 37 पोषण वाटिका एवं 37 रेनवाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम एवं 23 शौचालय निर्माण हेतु स्वीकृति प्राप्त हुई है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 1, 2 एवं 3 अनुसार है। (ख) बरगी विधानसभा क्षेत्र हेतु आगामी वर्षों में 90 पोषण वाटिका एवं रेनवाटर सिस्टम के निर्माण कार्य प्रस्तावित हैं। इनकी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 4 अनुसार है।
अनाज गोदामों के किराए का भुगतान
[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण]
23. ( क्र.
2157 ) श्री
अजय विश्नोई
: क्या
खाद्य मंत्री
महोदय यह
बताने की कृपा
करेंगे कि (क)
विभाग
उपार्जित गेहूं-धान, मूंग
इत्यादि
अनाजों को
सुरक्षित
रखने के लिये
जिन गोदामों
के किराये का
भुगतान करता
है, क्या
उसके भुगतान
की डिजीटल
व्यवस्था
करके भुगतान
में हो रहे
भ्रष्टाचार
को रोकने के
प्रति गंभीर
है? यदि
हाँ,
तो इस संबंध
में क्या
कार्यवाही की
जा रही है? (ख) प्रश्न
दिनांक तक
भुगतान की
डिजिटल
व्यवस्था
क्यों नहीं हो
पाई है और कब
तक हो जायेगी?
खाद्य
मंत्री ( श्री
गोविन्द सिंह
राजपूत ) : (क) MPWLC में
पूर्व से ही
गोदामों के
किराये
भुगतान की डिजिटल
व्यवस्था
प्रचलन में
है। (ख)
MPWLC में
पूर्व से ही
गोदामों के
किराये
भुगतान की डिजिटल
व्यवस्था
प्रचलन में
है। शेष प्रश्न
उपस्थित नहीं
होता।
दिव्यांग पुनर्वास केन्द्र स्थापित करने की कार्यवाही
[सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण]
24. ( क्र. 2166 ) श्री अनिल जैन : क्या सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या नवगठित जिला निवाड़ी में दिव्यांगजनों की संख्या पर्याप्त होने के बावजूद दिव्यांग पुनर्वास केन्द्र स्थापित नहीं किया गया है? (ख) क्या शासन द्वारा जिला निवाड़ी में दिव्यांग पुनर्वास केन्द्र स्थापित किए जाने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन है? यदि हाँ, तो उक्त केन्द्र की स्थापना हेतु प्रश्न दिनांक तक क्या-क्या कार्यवाही की गई है, संपूर्ण जानकारी देवें?
सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण मंत्री ( श्री नारायण सिंह कुशवाह ) : (क) जी हां, विभाग द्वारा की गई कार्यवाही की जानकारी उत्तरांश 'ख' अनुसार है। (ख) म.प्र. शासन सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग द्वारा जिला निवाड़ी में डी.डी.आर.सी. स्थापना हेतु प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई है। जिला दिव्यांग पुनर्वास केन्द्र स्थापना हेतु कलेक्टर न्यायालय द्वारा भूमि आवंटित की गई है। संचालनालय, सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण भोपाल द्वारा प्रमुख अभियंता (भवन) लोक निर्माण विभाग, निर्माण भवन, अरेरा हिल्स भोपाल को तथा कार्यालय उप संचालक सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग जिला निवाड़ी (म.प्र.) द्वारा भी कार्यपालन यंत्री (भवन) लोक निर्माण विभाग टीकमगढ़ (पी.आई.यू.) को प्राक्कलन हेतु लिखा गया है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार।
अनुसूचित जनजाती बस्ति विकास मद अन्तर्गत कार्यों की स्वीकृति
[जनजातीय कार्य]
25. ( क्र. 2282 ) श्रीमती झूमा डॉ. ध्यानसिंह सोलंकी : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि वर्ष 2024-2025 अंतर्गत जिला खरगौन में अ.ज.जा. बस्ति विकास मद अन्तर्गत कितनी राशि और कब प्रदाय की गई है? क्या उक्त प्राप्त राशि से विकास कार्यों की स्वीकृति जारी कर दी गई है? हाँ तो कृपया प्रशासकीय स्वीकृति की प्रतिलिपि उपलब्ध कराये तथा नहीं तो विलम्ब का क्या कारण है? विलम्ब हेतु कौन दोषी है? क्या विशेष केन्द्रीय सहायता मद अन्तर्गत वित्तीय वर्ष में राशि प्राप्त हुई है? यदि हाँ, तो कितनी तथा कौन-कौन से कार्यों की स्वीकृति जारी की गई है? नहीं तो कितने वर्षों से राशि प्राप्त होना लंबित है? लंबित रहने का क्या कारण है तथा लंबित राशि कब तक प्रदाय की जायेगी।
जनजातीय कार्य मंत्री ( डॉ. कुंवर विजय शाह ) : खरगौन जिले को वर्ष 2024-25 में अनुसूचित जनजाति बस्ती विकास मद अंतर्गत दिनांक 30.07.2024 को राशि रूपए 137.29 लाख एवं दिनांक 12.08.2024 को राशि रूपए 91.53 लाख इस प्रकार कुल राशि रूपये 228.82 लाख प्रदाय की गई। जी नहीं। योजनांतर्गत गठित समिति का अनुमोदन प्राप्त नहीं होने से प्रशासकीय स्वीकृति जारी नहीं की गई है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। जी नहीं। विशेष केंद्रीय सहायता योजना भारत सरकार जनजातीय कार्य मंत्रालय से बंद हो जाने से इस मद में राशि प्राप्त नहीं हुई। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
नवीन आंगनवाड़ी भवन का निर्माण
[महिला एवं बाल विकास]
26. ( क्र. 2283 ) श्रीमती झूमा डॉ. ध्यानसिंह सोलंकी : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) भीकनगांव विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत कितने भवन विहीन आंगनवाड़ी केन्द्र संचालित किये जा रहे है? सूची उपलब्ध करायें। उक्त भवन विहीन स्थानों पर कब तक नवीन भवन की स्वीकृति प्रदाय की जायेगी? (ख) क्या समस्त आंगनवाडि़यों में शौचालय की व्यवस्था है? हाँ तो सूची उपलब्ध कराये तथा नहीं तो क्या कारण है तथा कब तक शौचालय की व्यवस्था कर दी जायेगी? (ग) लाड़ली बहना योजनान्तर्गत नवीन आवेदन पंजीयन हेतु पोर्टल कब खोला जायेगा? समयावधि बताएं? यदि नहीं, तो कारण स्पष्ट करें? क्या शासन द्वारा वर्तमान में लाड़ली बहना योजना के लाभार्थियों की राशि में वृद्धि की जायेगी? हाँ तो कब तक नहीं तो क्या कारण है?
महिला एवं बाल विकास मंत्री ( सुश्री निर्मला भूरिया ) : (क) जी नहीं, भीकनगांव विधानसभा अंतर्गत भवन विहीन कोई आंगनवाड़ी केंद्र नहीं है,विधानसभा अंतर्गत कुल 528 आंगनवाड़ी केंद्र संचालित है। जिसमें से 235 केंद्र विभागीय शासकीय (स्वयं के) भवन में संचालित है, 114 केंद्र अन्य शासकीय भवनों में संचालित है 179 केंद्र किराए के भवनों में संचालित है। विभागीय शासकीय स्वयं के भवन विहीन 293 आंगनवाड़ी केंद्र है जिनकी सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट -1 अनुसार है। (ख) भीकनगांव विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत कुल 391 आंगनवाड़ी केन्द्रों में शौचालय है। सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट –2 अनुसार है। शौचालय की व्यवस्था वित्तीय संसाधनों पर निर्भर करती है, समय-सीमा देना संभव नहीं है। (ग) कोई प्रस्ताव वर्तमान में विचाराधीन नहीं है। अत: शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
टीकमगढ़ जिले में रिक्त पदों की पूर्ति
[महिला एवं बाल विकास]
27. ( क्र. 2298 ) श्री यादवेन्द्र सिंह : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) टीकमगढ़ जिले में महिला एवं बाल विकास में अधिकारियों एवं कर्मचारियों के कुल कितने पद स्वीकृत है। कितने पद भरे हुये है एवं कितने पद रिक्त है। अलग-अलग श्रेणीवार बतायें? (ख) प्रश्नांश (क) के अनुसार जिले में रिक्त पदों की पूर्ति लम्बे समय से न होने का क्या कारण है। क्या अधिकारियों एवं कर्मचारियों की कमी से विभागीय योजनाओं में लक्ष्यपूर्ति में अंतर आता है क्या जिले में लक्ष्यपूर्ति की जा रही है। (ग) क्या प्रश्नांश (क) में वर्णित रिक्त पदों की पूर्ति हेतु संविदा कर्मचारियों को पदस्थ करने की कोई योजना है। यदि हाँ, तो बतावें? (घ) प्रश्नांश (क) में वर्णित रिक्त पदों की पूर्ति कब तक किस प्रकार की जावेगी ताकि टीकमगढ़ में कुपोषित बच्चों की संख्या कम हो सके। वर्तमान में जिले में कितने कुपोषित बच्चे है।
महिला एवं बाल विकास मंत्री ( सुश्री निर्मला भूरिया ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट ''अ'' अनुसार है। (ख) स्थानांतरण एवं सेवानिवृत्ति से पद रिक्त हुए हैं। सीधी भर्ती के रिक्त पदों पर भर्ती की कार्यवाही निरन्तर की जा रही है। जिले द्वारा निर्धारित लक्ष्यों की पूर्ति की जा रही है। अत: शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) वर्तमान में इस हेतु कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। (घ) विभाग में अधिकारियों की उपलब्धतानुसार पदों की पूर्ति की जाती है। अत: समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। जानकारी संलग्न परिशिष्ट ''ब''अनुसार है।
नल-जल योजना में पानी की उपलब्धता
[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]
28. ( क्र. 2299 ) श्री यादवेन्द्र सिंह : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या टीकमगढ़ जिले में हर घर नल-जल योजनान्तर्गत जल जीवन मिशन द्वारा प्रत्येक गांव में नल-जल योजना चालू की गई है? (ख) टीकमगढ़ जिले में प्रत्येक ग्राम में नल योजना में किस गांव में कितनी लागत से काम कराया गया है प्रत्येक ग्राम की अलग-अलग लागत बतावें? (ग) प्रश्नांश "क" एवं ''ख'' में वर्णित योजनाओं में से कितनी योजनाएं सफल है एवं कितनी असफल, असफलता का कारण बतायें? (घ) क्या ठेकेदारों ने आधी/अधूरी योजनाएं हैंडओवर कर दी कब तक ऐसी अधूरी योजनाओं की जांच कर दोषियों के विरूद्ध क्या कार्यवाही की जावेगी?
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( श्रीमती संपतिया उइके ) : (क) 4 ग्रामों को छोड़कर शेष समस्त ग्रामों में नल-जल योजना क्रियान्वित की गई है। (ख) एकल ग्रामों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। बानसुजारा समूह जल प्रदाय योजना की अनुबंधित लागत रु. 255.55 करोड़ है, समूह जल प्रदाय योजना में ग्रामवार लागत बताई जाना संभव नहीं है। (ग) बानसुजारा समूह जल प्रदाय योजना का कार्य प्रगतिरत है। एकल ग्राम नल-जल योजनाओं की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (घ) जल जीवन मिशन अंतर्गत 255 पूर्ण एकल ग्राम नल-जल योजनाओं में से 169 योजनाएं शासन के दिशा निर्देशानुसार संबंधित ग्राम पंचायत को संधारण/संचालन हेतु हस्तांतरित की गई है, आधी-अधूरी योजनाएं हैण्डओवर नहीं की गई है, बानसुजारा समूह जल प्रदाय योजना का कार्य प्रगतिरत है। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता।
आंगनवाड़ी भवन निर्माण कार्यों की स्वीकृति
[महिला एवं बाल विकास]
29. ( क्र. 2361 ) श्री सोहनलाल बाल्मीक : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत परासिया परियोजना 01 एवं परियोजना 02 में स्थित विभिन्न ग्राम/ग्राम पंचायतों में छोटे-छोटे बच्चों व सुविधा हेतु भवन विहीन आंगनवाड़ी केन्द्रों हेतु नवीन आंगनवाड़ी भवन निर्माण कार्य की स्वीकृति प्रदान किये जाने के संबंध में प्रश्नकर्ता द्वारा विभागीय मंत्री महोदया जी को पत्र क्र.वि.स./परासिया/127/2024/687 दि. 01.12.2025 प्रेषित किया गया है, जिस पत्र पर अभी तक क्या कार्यवाही की गई है? अगर नहीं की गई है तो उसका क्या कारण है? कब तक कार्यवाही की जायेगी? अवगत करायें। (ख) प्रश्नांश ''क'' में उल्लेखित पत्र में परासिया विधानसभा के अन्तर्गत विभिन्न ग्राम/ग्राम पंचायतों में भवन विहीन आंगनवाड़ी केन्द्र हेतु नवीन आंगनवाड़ी भवन निर्माण कार्य स्वीकृत किए जाने के संबंध में विभिन्न औपचारिकताओं एवं कार्यवाही को पूर्ण करते हुए कब तक नवीन आंगनवाड़ी भवन निर्माण कार्यों की स्वीकृति प्रदान कर दी जायेगी? जानकारी दें।
महिला एवं बाल विकास मंत्री ( सुश्री निर्मला भूरिया ) : (क) विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत, विभागीय भवन विहीन आंगनवाड़ी केंद्रों हेतु प्रश्नांश में उल्लेखित पत्र के संदर्भ में नवीन आंगनवाड़ी भवनों के निर्माण की कोई स्वीकृति प्रदान नहीं की गई है, विभागीय शासकीय भवन विहीन आंगनवाड़ी केन्द्रों के लिए नवीन आंगनवाड़ी भवनों की स्वीकृति वित्तीय संसाधनों एवं भूमि उपलब्धता के आधार पर दी जाती है, समय सीमा दिया जाना संभव नहीं। (ख) विभागीय शासकीय भवन विहीन आंगनवाड़ी केन्द्रों के लिए नवीन आंगनवाड़ी भवनों की स्वीकृति वित्तीय संसाधनों एवं भूमि उपलब्धता के आधार पर दी जाती है, समय सीमा दिया जाना संभव नहीं।
नवीन आंगनवाड़ी केन्द्रों की स्वीकृति
[महिला एवं बाल विकास]
30. ( क्र. 2362 ) श्री सोहनलाल बाल्मीक : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) परासिया विधान सभा क्षेत्र के अंतर्गत एकीकृत बाल विकास परियोजना परासिया-01 एवं 02 के अन्तर्गत शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में परासिया परियोजना 01 अन्तर्गत-दरबई, चरईकलां, उरधन, सिरगोरीखुर्द, देवरी, लोहारीबांदरी (खैरीओझा) एवं परियोजना 02 अन्तर्गत-खमराजेठू (महादेवपुरी), सिंदरई गुरैयाथर (खेड़ापति ढाना), सिंदरई गुरैयाथर (सिंदरई बड़ढाना), माण्डईमाल (मालदेव), सतनूर (गायगोहान सेमरढाना), सतनूर (पानी टंकी मोहल्ला), जमुनियाजेठू, (माता मंदिर मोहल्ला) उमरेठ (आमाढाना), उमरेठ (शक्ति वार्ड नं. 7), कन्हरगांव (नई कालोनी), मुनगा (हरचनढाना बारंगाखुर्द), हर्रई (ढाना), पटपड़ा (पटपड़ा 2 बंजारी मोहल्ला), हरनभटा (हरनभटा टोला), मूसादेही (पुरा ढाना) कुण्डालीकला (शांति कालोनी), शीलादेही (मितीढाना), खिरसाडोह (बागदेव कालोनी), खिरसाडोह (40 क्वार्टर खिरसाडोह न्यू परासिया नगर) में नवीन आंगनवाड़ी केन्द्र खोला जाना अत्यंत ही आवश्यक है क्या उपरोक्त संबंध में कार्यवाही की जायेगी? अवगत कराये। (ख) प्रश्नांश ''क'' के अनुसार उपरोक्त उल्लेखित ग्राम/ग्राम पंचायतों में नवीन आंगनवाड़ी केन्द्रों की स्वीकृति हेतु कब तक विभिन्न औपचारिकताओं एवं कार्यवाही को पूर्ण करते हुए नवीन आंगनवाड़ी केन्द्रों की स्वीकृति प्रदान कर दी जायेगी? उपरोक्त स्वीकृति के संबंध में प्रश्नकर्ता द्वारा माननीय विभागीय मंत्री महोदया को पत्र क्र.वि.स./परासिया/127/2024/688-A दि. 01.12.2025 को प्रेषित किया गया है, जिस पत्र पर स्वीकृति हेतु अभी तक क्या कार्यवाही की गई है? अवगत कराये।
महिला एवं बाल विकास मंत्री ( सुश्री निर्मला भूरिया ) : (क) जी नहीं। वर्तमान में भारत सरकार द्वारा नवीन आंगनवाड़ी केन्द्र की स्वीकृति प्रदान नहीं की जा रही है। (ख) नवीन आंगनवाड़ी केन्द्रों की स्वीकृति भारत सरकार द्वारा प्रदान की जाती है, उत्तरांश 'क' के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता। प्रश्नकर्ता द्वारा माननीय विभागीय मंत्री को प्रेषित पत्र दिनांक 01.12.2025 के संदर्भ में माननीय विधायक को संचालनालय का पत्र क्रमांक 730, दिनांक 17.02.2026 प्रेषित किया गया है।
फर्जी जाति प्रमाण-पत्र के आधार पर शासकीय नौकरी प्राप्त करना
[जनजातीय कार्य]
31. ( क्र. 2419 ) श्री सुरेन्द्र सिंह हनी बघेल : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या ग्वालियर एसटीएफ की शुरुआती जांच में 8 लोगों ने पढ़ाई के दौरान ओबीसी कोटे से स्कॉलरशिप लेकर फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर आदिवासी बनकर शासकीय नौकरी प्राप्त की? क्या शासन स्वीकार करता है कि यह केवल 8 मामले नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश में हजारों फर्जी मामलों की संभावना है? (ख) क्या प्रश्नांश (क) वर्णित के परिप्रेक्ष्य में क्या बिजली विभाग, उद्यान विभाग, न्यायालय, शिक्षक, डॉक्टर, आरक्षक आदि जैसे अधिकारी और कर्मचारी भी शामिल हैं और फर्जी प्रमाण पत्र संबंधित कार्यालयों से कभी जारी ही नहीं किए गए थे? शासन द्वारा इस गिरोह में शामिल अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कब तक ठोस कार्यवाही की जाएगी? (ग) क्या शासन फर्जी प्रमाण पत्र से नौकरी मिलने के कारण वास्तविक आदिवासी और अनुसूचित वर्ग के योग्य उम्मीदवार अपने हक से वंचित रह जाते हैं, जबकि गड़बड़ी में शामिल लोग आरक्षित पदों पर बैठे रहते हैं? (घ) क्या शासन द्वारा भविष्य में जाति प्रमाण पत्र सत्यापन, चयन समिति की पारदर्शिता और आरक्षित पदों पर वास्तविक पात्रों को प्राथमिकता देने हेतु क्या ठोस और समयबद्ध कदम उठाए जाएंगे, ताकि प्रशासनिक पदों पर घोटाले और अनुचित चयन की पुनरावृत्ति न हो?
जनजातीय कार्य मंत्री ( डॉ. कुंवर विजय शाह ) : (क) अपराध अनुसंधान विभाग जोन ग्वालियर के पत्र क्रमांक/उपुअ/अअवि/जोन/ग्वा./85/2023 दिनांक 10.01.2023 द्वारा राज्य उच्च स्तरीय अनुसूचित जनजाति छानबीन समिति को पुलिस विभाग एवं सीमा सुरक्षा बल इत्यादि में कार्यरत 10 अनुसूचित जनजाति, जाति प्रमाण पत्र धारकों के प्रकरण जांच हेतु प्राप्त हुए है। पुलिस अधीक्षक ग्वालियर से जांच प्रतिवेदन प्राप्त नहीं होने के कारण कोई अंतिम निर्णय लिया संभव नहीं है। जी नहीं। (ख) उच्च स्तरीय छानबीन समिति को जाति प्रमाण पत्र संदेहास्पद होने के संबंध में शिकायत प्राप्त होने पर जाति प्रमाण पत्र की वैधता/अवैधता के संबंध में जांच की जाती है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) उत्तरांश (ख) अनुसार। (घ) उत्तरांश (ख) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
आंगनवाड़ी सहायिका की भर्ती प्रक्रिया पूर्ण की जाना
[महिला एवं बाल विकास]
32. ( क्र. 2598 ) श्री प्रदीप पटेल : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) जिला मऊगंज के अंतर्गत सभी जनपद पंचायतों में आंगनवाड़ी सहायिका भर्ती प्रक्रिया पूर्ण कर ली गई है या नहीं? यदि नहीं, तो भर्ती प्रक्रिया पूर्ण न होने के क्या कारण है? भर्ती प्रक्रिया में विलंब के लिए उत्तरदायी अधिकारी/कर्मचारी कौन है? (ख) क्या आंगनवाड़ी सहायिका भर्ती से संबंधित कोई प्रकरण माननीय उच्च न्यायालय में लंबित है? यदि हाँ, तो यह प्रकरण किस जनपद पंचायत से संबंधित है? प्रकरण किस कारण से लंबित है? क्या विभाग द्वारा माननीय उच्च न्यायालय में समय-सीमा में जवाब प्रस्तुत किया गया है? यदि नहीं, तो जवाब प्रस्तुत करने में विलंब के क्या कारण हैं और इसके लिए कौन जिम्मेदार है? (ग) उपरोक्त तथ्यों के आलोक में यह भी बताने की कृपा करें कि क्या भर्ती प्रक्रिया में अनियमितता, नियमों के उल्लंघन अथवा लापरवाही के लिए किसी अधिकारी/कर्मचारी के विरूद्ध कोई दंडात्मक कार्यवाही की गई है? यदि नहीं, तो क्यों नहीं? क्या भर्ती प्रक्रिया में नियमों के पालन को लेकर कोई शिकायत विभाग को प्राप्त हुई है? यदि हाँ, तो उन शिकायतों पर अब तक क्या कार्यवाही की गई है?
महिला एवं बाल विकास मंत्री ( सुश्री निर्मला भूरिया ) : (क) जी नहीं। जनपद पंचायत नईगढ़ी में नियुक्ति के संबंध में माननीय उच्च न्यायालय में दायर प्रकरण के निर्णय दिनांक 01.09.2025 में, न्यायालय में अगली सुनवाई की तिथि तक न्यायालय की पूर्व अनुमति के बिना नियुक्ति आदेश जारी नहीं किये जाने के निर्देश है। शेष 03 परियोजनाओं के 07 पदों हेतु जिला स्तरीय दावा/आपत्ति निराकरण समिति द्वारा जांच उपरांत पुन: समिति के समक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश दिये गये है। अत: शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) जी हां, जनपद पंचायत नईगढ़ी से संबंधित प्रकरण माननीय उच्च न्यायालय में लंबित है। प्रकरण जवाबदावा प्रस्तुत करने के स्तर पर है, कार्यवाही प्रचलन में है। अत: शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी नहीं, दण्डात्मक कार्यवाही का कोई कारण उत्पन्न नहीं हुआ है। जिला कार्यालय को जनपद पंचायत नईगढ़ी/बाल विकास परियोजना नईगढ़ी भर्ती से संबंधित शिकायत प्राप्त हुई, जिस पर माननीय न्यायालय में प्रकरण प्रचलन में है एवं निर्णय अनुसार कार्यवाही की जावेगी। अत:शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
शिक्षकों के स्थानांतरण, निरस्तीकरण की जानकारी
[जनजातीय कार्य]
33. ( क्र. 2635 ) श्री मोंटू सोलंकी : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बड़वानी जिले में जनजाति कार्य विभाग के अंतर्गत कुल कितने शिक्षकों के स्थानांतरण आदेश निरस्त किए गए हैं? निरस्त शिक्षकों की सूची (नाम, पदनाम, मूल संस्था, स्थानांतरित संस्था, स्थानांतरण आदेश क्रमांक व तिथि सहित) जानकारी प्रदान की जाए। निरस्तीकरण का कारण, संबंधित शासन नीति/नियम तथा निरस्तीकरण करने वाले अधिकारी का नाम व पदनाम बताएं। (ख) उक्त विभाग के कितने शिक्षकों ने माननीय उच्च न्यायालय से स्थानांतरण पर स्थगन (स्टे) आदेश प्राप्त किया है? स्टे के आधार पर निरस्त स्थानांतरणों की संख्या व सूची (नाम, पदनाम, स्टे आदेश क्रमांक/तिथि, निरस्त आदेश क्रमांक/तिथि सहित) दें। स्टे के बाद भी कितने शिक्षकों को कार्यमुक्त किया गया? उनकी सूची (नाम, पदनाम, कार्यमुक्ति आदेश क्रमांक/तिथि, वर्तमान संस्था सहित) दें। (ग) स्टे प्राप्त प्रत्येक शिक्षक का नाम, पदनाम, वेतन आहरित करने वाले DDO का विवरण तथा अंतिम तीन माह का वेतन विवरण (मूल वेतन, भत्ते, कटौतियाँ, शुद्ध राशि सहित) दिया जाए। (घ) क्या 30 अक्टूबर 2025 तक कार्यमुक्त न किए गए शिक्षकों के मामलों में अनियमितता पाई गई? यदि हाँ, तो जांच स्थिति बताएं। यदि नहीं, तो कार्यमुक्ति की निर्धारित समय-सीमा व संबंधित शासन निर्देश दें।
जनजातीय कार्य मंत्री ( डॉ. कुंवर विजय शाह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट''अ'' अनुसार है (ख) एवं (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''ब'' अनुसार है। (घ) जी नहीं। उत्तरांश ''क'' एवं ''ख'' में उल्लेखित शिक्षकों को छोड़कर शेष सभी स्थानांतरित शिक्षकों को स्थानांतरित स्थान पर कार्यमुक्त किया जा चुका है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
हाई स्कूल के भवनों का निर्माण
[जनजातीय कार्य]
34. ( क्र. 2639 ) श्रीमती गंगा सज्जन सिंह उईके : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जनजातीय कार्य विभाग द्वारा वर्ष 2023 के पूर्व जिला बैतूल में स्वीकृत हाई स्कूलों में कितने हाई स्कूलों के भवन निर्माण की स्वीकृति प्रदान नहीं की गई है। सूची उपलब्ध करावें। (ख) विधानसभा घोड़ाडोंगरी अंतर्गत विकासखण्ड घोड़ाडोंगरी के राजेगांव खापा एवं विकासखण्ड शाहपुर के कुण्डी के लिये वर्ष 2020 में हाई स्कूल स्वीकृत हुए हैं, परन्तु भवन प्रश्न दिनांक पर्यन्त स्वीकृत नहीं किए गए हैं। भवन स्वीकृति नहीं किए जाने के कारण से अवगत कराएं? (ग) प्रश्नांश (ख) वर्णित हाई स्कूल भवन छात्रहित को दृष्टिगत रखते हुए कब तक स्वीकृत किए जा सकेंगे, निश्चित समय-सीमा बताएं?
जनजातीय कार्य मंत्री ( डॉ. कुंवर विजय शाह ) : (क) जनजातीय कार्य विभाग द्वारा वर्ष 2023 के पूर्व स्वीकृत हाई स्कूल भवनों में 19 स्कूलों के भवन निर्माण की स्वीकृति प्रदान नहीं की गई। सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) विधानसभा घोड़ाडोंगरी अंतर्गत विकासखण्ड घोड़ाडोंगरी के राजेगांव खापा एवं विकासखण्ड शाहपुर के कुण्डी के स्वीकृत हाईस्कूलों में भवन निर्माण कार्य राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान संभव नहीं हो सका। (ग) उत्तरांश (क) एवं (ख) के संदर्भ में विभागीय बजट से स्वीकृति दिया जाना संभव है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
जनजातीय समाज के देवखला (पारंपरिक पूजा स्थल) में विकास कार्य
[जनजातीय कार्य]
35. ( क्र. 2642 ) श्रीमती गंगा सज्जन सिंह उईके : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रश्नकर्ता के विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत जनजातीय समाज के पारंपरिक पूजा स्थलों (देवखला) की आधिकारिक जानकारी विभाग में है? यदि हाँ, तो देवखलाओं की संख्या एवं नाम ग्रामवार उपलब्ध कराएं। (ख) क्या इन देवखलाओं पर पानी, बिजली, पहुंच मार्ग एवं ठहरने जैसी मूलभूत बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हैं? यदि नहीं, तो देवखलावार वर्तमान स्थिति स्पष्ट करें। (ग) देवखलाओं पर बुनियादी सुविधाओं के विकास हेतु विभाग द्वारा क्या कार्ययोजना/रणनीति प्रस्तावित है? विवरण दें।
जनजातीय कार्य मंत्री ( डॉ. कुंवर विजय शाह ) : (क) जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) उत्तरांश (क) अनुसार शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) विभाग अंतर्गत देव स्थानों के जीर्णोद्धार एवं विकास हेतु अनुसूचित जनजाति संस्कृति का परिरक्षण विकास एवं देवठान योजना संचालित है। देव स्थानों में आवश्यक जीर्णोद्धार एवं विकास कार्य योग्य प्रस्ताव के आधार एवं उपलब्ध बजट अनुसार किए जाते हैं।
अपूर्ण नल-जल योजना का भुगतान
[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]
36. ( क्र.
2643 ) श्रीमती
गंगा सज्जन
सिंह उईके : क्या
लोक स्वास्थ्य
यांत्रिकी
मंत्री
महोदया यह
बताने की कृपा
करेंगी कि (क) प्रश्नकर्ता
के विधानसभा क्षेत्र
घोड़ाडोंगरी
अंतर्गत जल
जीवन मिशन अंतर्गत
कितनी नल-जल
योजनाएं
स्वीकृत की गई
हैं? विकासखण्डवार
ग्रामवार
जानकारी
उपलब्ध करायें।
(ख)
प्रश्नांश (क) अनुसार
स्वीकृत नल-जल
योजनाओं में
से कितनी शतप्रतिशत
पूर्ण हो चुकी
हैं
जिनका लाभ
ग्रामीणजनों
को वास्तविक रूप
से प्राप्त हो
रहा है? (ग) प्रश्नांश (क) अनुसार
स्वीकृत नल-जल
योजनाओं में
से कितनी अपूर्ण
अथवा
अप्रारंभ हैं? ग्रामवार
कारण सहित
जानकारी
प्रदान करें। (घ) प्रश्नांश (क)
अनुसार
स्वीकृत नल-जल
योजनाओं के
विरूद्ध कितनी
राशि का
आहरण/भुगतान
निर्माण
एजेंसी/ठेकेदार
को किया जा
चुका है। यदि
अपूर्ण/अप्रारंभ
योजनाओं के
विरूद्ध
शासकीय राशि
का भुगतान हुआ
हैं, तो
क्या संबंधित
लोकसेवकों/ठेकेदार
के विरूद्ध
कार्यवाही की
गई है।
ग्रामवार
जानकारी प्रदान
करें। यदि, अप्रारंभ/अपूर्ण
योजनाओं के
विरूद्ध राशि
का आहरण किया
गया है, तो क्या
शासनहित में
राशि वसूली की
कार्यवाही संबंधित
निर्माण
एजेंसी/ लोकसेवकों
से की जायेगी, ताकि
शासन को हुई
आर्थिक हानि
की भरपाई
सुनिश्चित हो
सके।
लोक स्वास्थ्य
यांत्रिकी
मंत्री (
श्रीमती
संपतिया उइके
) : (क)
317
एकल ग्राम
नल-जल योजनाएं
एवं 01
समूह जल
प्रदाय योजना
(गढ़ा समूह जल
प्रदाय योजना)
जिसमें
विधानसभा
क्षेत्र
घोड़ाडोंगरी
का 01
ग्राम घाना
सम्मिलित है।
स्वीकृत एकल
ग्राम नल-जल
योजनाओं की
ग्रामवार जानकारी
पुस्तकालय
में रखे
परिशिष्ट अनुसार
है। (ख)
238
एकल ग्राम
नल-जल
योजनाएं। (ग) 79 एकल
ग्राम नल-जल
योजनाएं
अपूर्ण
(प्रगतिरत)
हैं, ग्रामवार
कारण संबंधी
जानकारी पुस्तकालय
में रखे परिशिष्ट अनुसार
है। गढ़ा
समूह जल
प्रदाय योजना
का कार्य
प्रगतिरत है। (घ) प्रश्न
दिनांक तक एकल
ग्राम नल-जल
योजनाओं में
कुल रु. 14664.65 लाख का
भुगतान किया
गया, योजनावार
भुगतान की जानकारी पुस्तकालय में
रखे परिशिष्ट अनुसार
है। गढ़ा
समूह जल
प्रदाय योजना
का कार्य
मैसर्स एल.एन.
मालवीय
इंफ्रा
प्रो.प्रा.लि.
द्वारा किया
जा रहा है, जिसकी
अनुबंधित
लागत रू.54.34 करोड़
है, जिसके
विरूद्ध
अनुबंधानुसार
किए गए
कार्यों पर
रू. 31.33
करोड़ का
भुगतान किया
गया है। सभी
योजनाओं में
निर्माण
एजेंसी/ठेकेदार
को उनके
द्वारा किये
कार्यों के
अनुसार एवं
अनुबंध में
निहीत
प्रावधानों
के अनुरूप ही
चलित देयकों
के माध्यम से
भुगतान किया
गया है, जिससे शासन
को किसी
प्रकार की
आर्थिक हानि
नहीं हुई, अतः
शेष प्रश्न उपस्थित
नहीं होता है।
स्वरोजगार हेतु संचालित योजनाओं का क्रियान्वयन
[उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण]
37. ( क्र. 2645 ) श्रीमती गंगा सज्जन सिंह उईके : क्या उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण मंत्रालय द्वारा ग्रामीण अंचलों में ग्रामीणजनों/कृषकों के आर्थिक सुदृढ़ीकरण एवं स्वरोजगार को बढ़ावा देने हेतु कोई योजना संचालित की जा रही है? यदि हाँ, तो योजना का नाम, उद्देश्य एवं प्रमुख प्रावधान स्पष्ट करें। (ख) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित योजना के अंतर्गत विधानसभा क्षेत्र 132—घोड़ाडोंगरी में अब तक कितनी स्वरोजगार इकाइयों की स्थापना की गई है? विकासखण्डवार, ग्रामवार एवं हितग्राहीवार विवरण उपलब्ध कराएं। (ग) यदि प्रश्नांश (क) में उल्लेखित योजना का क्रियान्वयन अप्रभावी पाया गया है, तो इसके लिए उत्तरदायी अधिकारियों/कर्मचारियों के नाम, पदनाम एवं उनके विरूद्ध की गई कार्यवाही का विवरण प्रस्तुत करें। (घ) उक्त योजना के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु शासन द्वारा क्या रणनीति अपनाई जा रही है, जिससे विधानसभा क्षेत्र के प्रत्येक ग्राम को योजना का लाभ सुनिश्चित किया जा सके? विवरण दें।
उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण मंत्री ( श्री नारायण सिंह कुशवाह ) : (क) जी हाँ। उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण मंत्रालय द्वारा ग्रामीण अंचलों में ग्रामीणजनों/कृषकों के आर्थिक सुदृढ़ीकरण एवं स्वरोजगार को बढ़ावा देने हेतु केन्द्र एवं राज्य प्रवर्तित योजनाएं संचालित हैं जिनका नाम, उद्देश्य एवं प्रमुख प्रावधान सहित विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ अनुसार है। (ख) विधानसभा क्षेत्र 132-घोड़ाडोंगरी में विभाग में संचालित पीएमएफएमई योजना अंतर्गत अब तक 41 स्वरोजगार इकाइयों की स्थापना की गई है। विकासखण्डवार, ग्रामवार एवं हितग्राहीवार विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ब अनुसार है। (ग) जी नहीं। अतः शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) योजना के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु ग्राम स्तर तक उद्यानिकी फसलों के माध्यम से कृषकों की आय में वृद्धि किए जाने हेतु योजनाओं का प्रचार-प्रसार एवं प्रशिक्षण के माध्यम से जानकारी प्रदाय की जा रही है।
नियमित वेतन, वेतन वृद्धि, एरियस भुगतान में विलंब होना
[महिला एवं बाल विकास]
38. ( क्र. 2667 ) श्रीमती अनुभा मुंजारे : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) महिला एवं बाल विकास बालाघाट में नियमित अधिकारी-कर्मचारी के कितने पद स्वीकृत हैं? स्वीकृत पद के विरूद्ध कितने कर्मचारी पदस्थ हैं? नामवार, पदवार एवं पदस्थापनावार जानकारी देवें? (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार ऐसे कितने कर्मचारी है जिन्हें माह जनवरी 2024 से प्रश्न दिनांक तक कितने माह का वेतन भुगतान नहीं किया गया है और क्यों? ऐसे कितने प्रकरण लंबित है? विवरण दें। (ग) प्रश्नांश (क) व (ख) अनुसार विशेष वेतन वृद्धि, यात्रा भत्ता, माह जुलाई 2025 के नियमित वेतन वृद्धि, एरियस भुगतान एवं माह अक्टूबर 2025 की नियमित वेतन का भुगतान कितनों को नहीं किया गया है? यदि नहीं, किया है तो क्यों? भुगतान कब तक कर दिया जायेगा समय-सीमा बताये? सम्पूर्ण विवरण दें। उक्त भुगतान में विलंब के लिये कौन-कौन अधिकारी- कर्मचारी दोषी हैं? शासन नियम अनुसार कब तक कार्यवाही की जावेगी? नहीं की जावेगी तो क्यों? (घ) प्रश्नांश (ख) व (ग) अनुसार ऐसे कितने प्रकरण/आवेदन लंबित है उन पर आज दिनांक तक क्या कार्यवाही की गई एवं विलंब का कारण बताएं। वेतन रोकने या काटने के पूर्व क्या उच्च अधिकारी की स्वीकृति ली गई है यदि हाँ, तो किससे? क्या वेतन रोकने के आदेश जारी किये गये हैं? क्या कर्मचारी को इससे अवगत कराया गया है? नहीं कराया गया हैं तो क्यों? नस्ती, आदेश एवं अभिलेख सहित सम्पूर्ण जानकारी देवें?
महिला एवं बाल विकास मंत्री ( सुश्री निर्मला भूरिया ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''अ'' अनुसार है। (ख) श्री अनुजय पटोले सहायक ग्रेड-3 अपने कार्य में लगातार अनुपस्थित रहने के कारण माह फरवरी 2024 से माह अगस्त 2024, माह नवम्बर 2024 से माह मार्च 2025, माह जुलाई 2025 से अगस्त 2025 एवं माह नवम्बर 2025 का वेतन भुगतान नहीं किया गया है। लगातार अनुपस्थिति के संबंध में विभागीय जांच संस्थित की गई एवं जिले में स्थानांतरण उपरांत चार पर्यवेक्षक अतिशेष होने के कारण से माह जुलाई 2025 से वेतन भुगतान नहीं किया गया है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''ब'' अनुसार है। (ग) श्री अनुजय पटोले, सहायक ग्रेड-3 को अपने कार्य में लगातार अनुपस्थित रहने के कारण का वेतन भुगतान नहीं किया गया है। श्री देवेन्द्र बड़गैया सहायक ग्रेड-3 की दो वेतन वृद्धि संचयी प्रभाव से रोके जाने की दीर्घ शास्ति से दण्डित होने से माह जुलाई 2024 एवं माह जुलाई 2025 की नियमित वेतन वृद्धि प्रदान नहीं की गई है। अत: शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) प्रश्नांश (ख) एवं (ग) में दिये गए उत्तर अनुसार कार्यवाही की गई। अत: शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। जिलों में अधिक पदस्थ 04 पर्यवेक्षकों को अन्यत्र पदस्थ करने का प्रस्ताव प्रचलन में है। शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
अनु.जाति बस्ती विकास मद से निर्माण कार्यों की जानकारी
[अनुसूचित जाति कल्याण]
39. ( क्र. 2885 ) श्री विष्णु खत्री : क्या अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मान.मंत्री जी ने दिनांक 09.07.2025 को पत्र क्र. 1042/ए/मंत्री/अ.जा. क.वि./2025 के माध्यम से बैरसिया विधानसभा की निदानपुर, रोझिया एवं मुंगालिया हाट ग्राम पंचायतों में अनुसूचित जाति बस्ती विकास योजना से निर्माण कार्यों की स्वीकृति हेतु शीघ्र कार्यवाही करने के संबंध में प्रमुख सचिव, म.प्र.शासन अनुसूचित जाति कल्याण विभाग, भोपाल को निर्देशित किया गया था। इस संबंध में विभाग द्वारा क्या कार्यवाही की गई? (ख) पत्र में उल्लेखित पंचायतों में निर्माण कार्यों की स्वीकृति कब तक प्रदान की जायेगी?
अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री ( श्री नागर सिंह चौहान ) : (क) जी हाँ। मध्यप्रदेश शासन अनुसूचित जाति कल्याण विभाग मंत्रालय भोपाल का पत्र क्रमांक/938/3037809/2025-26/63-4 दिनांक 14 अक्टूबर 2025 द्वारा राशि रूपये 10.00 लाख की स्वीकृति प्रस्तावित कार्यों में से प्रदान की गई है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
जिम्मेदारों पर कार्यवाही कर राशि वसूली
[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]
40. ( क्र. 2906 ) श्री शरद जुगलाल कोल : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) शहडोल जिले में 2021 से अब तक लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा कितने नवीन हैण्डपम्पों का खनन/स्थापना की गई है? विकासखण्डवार एवं ग्रामवार विवरण प्रस्तुत करे। उक्त अवधि में कुल कितने हैण्डपम्प वर्तमान में खराब, अकार्यशील अवस्था में है, खराबी के प्रकार सहित विकासखण्डवार जानकारी उपलब्ध करावें। (ख) प्रश्नांश (क) के आधार पर बताये कि खराब हैण्डपम्पों की मरम्मत हेतु कितनी राशि किस मद से स्वीकृत की गई है तथा उस मद से वास्तव में कितने हैण्डपम्पों की मरम्मत कराई गई है एवं कितना व्यय किया गया है, बिल वाउचर के आधार पर वर्षवार विकासखण्डवार जानकारी प्रस्तुत करें। (ग) प्रश्नांश (क), (ख) के संबंध में विभाग द्वारा हैण्डपम्पों की सहायक सामग्रियां (रॉड, पाईप, सिलेण्डर, वॉल्व, चैन आदि) कुल कितनी मात्रा में उपलब्ध/खरीदी गई है सामग्रीवार एवं वर्षवार विवरण दें। (घ) प्रश्नांश (ग) के संदर्भ में उक्त सहायक सामग्रियों में से जो सामग्री खराब अनुपयोगी हो चुकी है उसे कहां (गोदाम/स्टोर) रखा गया है या नीलाम किया गया है तो किस तिथि को, कितनी मात्रा में, कितनी राशि प्राप्त हुई है? उसकी प्रमाणित प्रतियां उपलब्ध करायें।
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( श्रीमती संपतिया उइके ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) हैण्डपम्प संधारण कार्य हेतु हैण्डपम्प संधारण मद में प्राप्त राशि की वर्षवार जानकारी एवं हैण्डपम्प संधारण कार्य में जिले के समस्त विकासखण्डों में व्यय राशि की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 3 अनुसार है। (घ) हैण्डपम्प संधारण प्रक्रिया में हैण्डपम्प सुधार कार्य के दौरान जो पुराने अनुपयोगी पुर्जे/सामग्री स्थल से वापस विभागीय स्टोर लाई जाती है उसे अनुपयोगी सामग्री के लेखा में उल्लेख करके विभागीय भण्डार में रखा जाता है, उक्त अनुपयोगी सामग्री की प्रश्नांकित अवधि में नीलामी नहीं की गई है। अत: शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
जल जीवन मिशन एवं हैण्डपम्पों की जानकारी
[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]
41. ( क्र. 2921 ) श्री नरेन्द्र प्रजापति [इंजीनियर] : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) विधानसभा मनगवां 73 अंतर्गत माननीय प्रधानमंत्री महोदय जी की महत्वाकांक्षी योजना जल जीवन मिशन योजना के तहत पूर्ण निर्मित हो चुकी परियोजनाओं की जानकारी देने का कष्ट करें। (ख) विधानसभा मनगवां 73 अंतर्गत जल जीवन मिशन एवं नल-जल योजना के तहत कितनी ग्राम पंचायतों में कितने कनेक्शनधारी हैं जिनके घर में टोटी द्वारा पेयजल उपलब्ध हो रहा है? (ग) विधानसभा मनगवां 73 में शासकीय हैण्डपम्पों की स्थान सहित सूची उपलब्ध करायें।
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( श्रीमती संपतिया उइके ) : (क) एकल ग्राम नल-जल योजनाओं की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। समूह जल प्रदाय योजनाओं के कार्य प्रगतिरत हैं। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। विधानसभा क्षेत्र मनगंवा अंतर्गत कंदैला समूह जल प्रदाय योजना के तहत 17 ग्राम पंचायतों के 29 ग्रामों में 3402 कनेक्शनधारी हैं। (ग) जानकारी विभागीय वेबसाइट की लिंक https://www.phed.mp.gov.in downloads पर उपलब्ध है।
खाद्य सहकारी उचित मूल्य की दुकानों की जानकारी
[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण]
42. ( क्र. 2922 ) श्री नरेन्द्र प्रजापति [इंजीनियर] : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा मनगवां 73 में कितनी खाद्य सहकारी उचित मूल्य की दुकानें हैं? जो उचित मूल्य की दुकानें हैं उनमें पात्र हितग्राहियों को खाद्यान्न आवंटित न होने का क्या कारण है? उचित मूल्य दुकानों के खाद्यान्न वितरण की अप्रैल 2025-26 से लेकर आज तक ऑडिट रिपोर्ट अर्थात कब और कितना खद्यान्न आया और कितना वितरण किया गया? (ख) जिला सेवा सहकारी बैंक मनगवां के अंतर्गत संचालित समितियों के कितने सेल्समैन कालातीत (डिफाल्टर) हैं सेल्समैन से वसूली या उन पर की गई कार्यवाही कारण सहित बिन्दुवार जानकारी उपलब्ध करावें। खाद्य सहकारी उचित मूल्य की दुकान ग्राम पंचायत टिकुरी-37, टिकुरा, गोदरी 10, मनगवां की जांच करवाने के लिये प्रश्नकर्ता द्वारा कई बार अधिकारियों को पत्र लिखा था परंतु आज तक कोई जांच नहीं हुई। (ग) जिला सेवा सहकारी बैंक मनगवां के अंतर्गत संचालित खाद्य सहकारी उचित मूल्य की दुकान में कौन-कौन सी सामग्री प्रदाय की जाती है सूची एवं वारदाना की राशि जमा/शेष के संबंध में 2020 से 2025 तक बिन्दुवार जानकारी उपलब्ध करावें।
खाद्य मंत्री ( श्री गोविन्द सिंह राजपूत ) : (क) प्रश्नांकित विधानसभा क्षेत्र में 129 सहकारी समिति की उचित मूल्य दुकानें संचालित हैं। उक्त संस्थाओं को उनमें संलग्न पात्र परिवारों एवं पात्र परिवारों के सदस्यों के मान से प्रतिमाह गेहूं, चावल, नमक एवं शक्कर का आवंटन दुकान में शेष बची मात्रा का समायोजन करते हुए जारी किया जाता है। शेष भाग की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'अ' अनुसार है। (ख) प्रश्नांकित क्षेत्रांतर्गत संचालित समितियों का कोई भी विक्रेता डिफॉल्टर नहीं है। शासकीय उचित मूल्य दुकान टिकुरी-37 के विरूद्ध प्राप्त शिकायत की जांच पश्चात् विक्रेता को नोटिस जारी किया गया है। टिकुरा नाम की कोई उचित मूल्य दुकान संचालित नहीं है। गोदरी 10 दुकान की कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। शासकीय उचित मूल्य दुकान मनगवां दुकान कोड 2504001 (वार्ड 1-8) के पूर्व विक्रेता द्वारा अनियमितता किये जाने के कारण उस पर अभियोजन की कार्यवाही की गई है। शासकीय उचित मूल्य दुकान मनगवां (वार्ड 9-15) के पूर्व विक्रेता द्वारा वसूली राशि जमा कर दुकान से त्याग पत्र दे दिया गया है। (ग) प्रश्नांकित बैंक के अंतर्गत संचालित सहकारी उचित मूल्य की दुकानों में गेहूं, चावल, शक्कर एवं नमक का प्रदाय किया जाता है। शक्कर का प्रदाय केवल अंत्योदय परिवारों हेतु किया जाता है। प्रश्नांकित अवधि अंतर्गत बारदाना की जमा/शेष राशि की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'ब' अनुसार है।
सेडमैप से वेतन की निरंतरता का आदेश
[महिला एवं बाल विकास]
43. ( क्र. 2924 ) श्री नरेन्द्र प्रजापति [इंजीनियर] : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) टीएनएम संस्था द्वारा पोषण अभियान 2.0 अंतर्गत नियुक्त सभी कर्मचारियों को मध्यप्रदेश महिला एवं वित्त विकास निगम अथवा सेडमैप के माध्यम से वेतन की निरंतरता आदेश कब जारी किया जायेगा? (ख) जो कर्मचारी टीएनएम संस्था द्वारा चयनित किये गये थे उन सभी कर्मचारियों को कार्य अनुभव एवं दक्षता के आधार पर पुनर्नियुक्त उपरांत कार्य अवधि 05 वर्षों के लिये बढ़ाकर मध्यप्रदेश महिला वित्त एवं विकास निगम अथवा सेडमैप के माध्यम से वैतनिक कब तक में कर दिया जायेगा? (ग) विधानसभा मनगवां में कुल कितने आंगनवाड़ी केन्द्र हैं एवं कितने भवन विहीन हैं? केन्द्रवार जानकारी दी जाये। (घ) प्रत्येक आंगनवाड़ी केन्द्र में सूचीवार आंगनवाड़ी केन्द्र नाम सहित कितनी सहायिका एवं कार्यकर्ता कार्यरत हैं? केन्द्रवार नाम सहित जानकारी देने की कृपा करें।
महिला एवं बाल विकास मंत्री ( सुश्री निर्मला भूरिया ) : (क) वर्तमान में ऐसा कोई प्रस्ताव प्रचलन में नहीं है। (ख) उत्तरांश "क" के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं। (ग) विधानसभा मनगवां क्षेत्र अंतर्गत जिला रीवा एवं जिला मऊगंज में कुल 515 आंगनवाड़ी केन्द्र संचालित है। जिसमें से 162 आंगनवाड़ी केन्द्र विभागीय भवन में, 179 अन्य शासकीय भवनों में तथा 174 आंगनवाड़ी केन्द्र किराये के भवनों में संचालित है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 01 अनुसार है। (घ) विधानसभा मनगवां क्षेत्र अंतर्गत जिला रीवा एवं जिला मऊगंज में कुल 515 आंगनवाड़ी केन्द्र में कुल 507 कार्यकर्ता एवं 504 सहायिका कार्यरत है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 02 अनुसार है।
अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के लिये विकास कार्य
[अनुसूचित जाति कल्याण]
44. ( क्र. 2959 ) डॉ. तेजबहादुर सिंह चौहान : क्या अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) आदिम जाति कल्याण विभाग द्वारा अधोसंरचना (सीमेंट सड़क, नाली) बिजली संबंधित आदि विकास कार्यों के लिए राशि उन्हीं ग्रामों में दी जाती है जहां अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति वर्ग की आबादी ग्राम आबादी से 40% से अधिक की संख्या में आमजन निवास करते हैं अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति वाले कुछ ग्रामों में जहां बड़ी संख्या में इस वर्ग के लोग निवास करते हैं किंतु नाम मात्र की जनसंख्या कम होने के कारण यह गांव विकास कार्यों से वंचित रह जाते हैं क्या विभाग द्वारा नियमों में शिथिलता करके अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति वर्ग के नाम मात्र से कम जनसंख्या वाले क्षेत्रों में भी विकास कार्य किया जा सकता है? (ख) क्या कार्य अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति वाले क्षेत्र में ही ऐसी अनिवार्यता कर नाम मात्र से कम जनसंख्या के कारण से वंचित रहने वाले गाँव में भी विकास कार्य किया जा सकता है?
अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री ( श्री नागर सिंह चौहान ) : (क) अनुसूचित जाति बस्ती विकास योजना नियम 15 मई 2018 की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट- ''अ'' अनुसार है एवं अनुसूचित जनजाति योजना नियम की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट- ''ब'' अनुसार है। केवल योजना से प्रावधानों के अनुसार कार्य अनुमत्य है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) जी नहीं।
रिक्त पदों की पूर्ति की जानकारी
[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]
45. ( क्र. 2961 ) डॉ. तेजबहादुर सिंह चौहान : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) खाचरोद विकासखंड में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के एस.डी.ओ. का पद तत्कालीन एस.डी.ओ. के स्थानांतरित होने के बाद कब से खाली है, स्थानांतरण के पश्चात यहां अन्य अधिकारी अब तक क्यों पदस्थ नहीं किया गया? (ख) विकासखण्ड में एस.डी.ओ. पद के साथ-साथ अन्य और कितने पद रिक्त हैं विभाग में एस.डी.ओ. और अन्य रिक्त पड़े पदों पर कब तक कर्मचारी पदस्थ कर दिए जाएंगे?
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( श्रीमती संपतिया उइके ) : (क) लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी उपखण्ड/ विकासखण्ड खाचरोद में सहायक यंत्री का पद दिनांक 03/06/2025 से रिक्त है। वर्तमान में अधिकारियों की कमी होने से स्थानीय व्यवस्था हेतु उपखण्ड खाचरोद में पदस्थ उपयंत्री श्री मनोहर परमार को सहायक यंत्री, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी उपखण्ड खाचरोद का प्रभार दिया गया है। (ख) लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी उपखण्ड/विकासखण्ड खाचरोद में एस.डी.ओ. के साथ-साथ/अन्य 08 और पद रिक्त हैं। रिक्त पदों को भरने हेतु विभाग में सीधी भर्ती/पदोन्नति की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। रिक्त पदों को भरने/पदस्थ करने हेतु निश्चित समय-सीमा बतायी जाना संभव नहीं है।
शिक्षकों की ई-अटेंडेंस एवं अनुसूचित क्षेत्र के भत्ते का भुगतान
[जनजातीय कार्य]
46. ( क्र. 2970 ) श्री नारायण सिंह पट्टा : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा प्रश्न क्रमांक 1120 सदन दिनांक 04/12/25 में विभाग द्वारा शिक्षकों के ई-अटेंडेंस के संबंध में उत्तर दिया गया था कि "किन्ही कारण से ई-अटेंडेंस नहीं लग पाती है और शिक्षक उपस्थित रहकर ऑफ लाइन रजिस्टर में अपनी उपस्थिति दर्ज करता है तो उसे उपस्थित मान्य किया जाएगा और वेतन नहीं काटा जाएगा।" क्या इस संबंध में विभाग द्वारा निर्देश जारी किए गए हैं? यदि हाँ, तो प्रति उपलब्ध कराएं, यदि नहीं, तो कब तक जारी किए जाएंगे? क्या प्रश्नकर्ता द्वारा इस सम्बन्ध में पृथक से आयुक्त जनजातीय कार्य को पत्र लिखा गया है, यदि हाँ, तो प्रति उपलब्ध कराएं, उसमें क्या कार्यवाही की गई? (ख) क्या अनुसूचित क्षेत्र में कार्यरत कर्मचारियों को अनुसूचित क्षेत्र भत्ता बंद करने का कोई आदेश हुआ है यदि नहीं, तो यह भत्ता मिलना बंद क्यों हो गया? क्या यह भत्ता एरियर सहित दिया जाएगा, कब तक देना शुरू किया जाएगा? जानकारी दें। (ग) क्या अनुसूचित क्षेत्र में कार्यरत कर्मचारियों को 6वें वेतनमान में अतिरिक्त गृह भाड़ा भत्ता देने का प्रावधान था, यदि हाँ, तो क्या 7वें वेतनमान में दिया जा रहा है या नहीं, यदि नहीं, तो क्यों नहीं? क्या इसे देने पर विचार किया जाएगा, यदि हाँ, तो कब तक यदि नहीं, तो क्यों नहीं?
जनजातीय कार्य मंत्री ( डॉ. कुंवर विजय शाह ) : (क) जी हाँ। आयुक्त जनजातीय कार्यालय का पत्र क्रमांक/आई.टी./eHRMS/81/2025/20487 भोपाल दिनांक 24.09.2025 के माध्यम से eHRMS पोर्टल पर e-attendence module का उपयोग कर शिक्षकीय अमले की ऑनलाईन उपस्थिति (e-attendence) दर्ज करने के संबंध में निर्देश जारी किए गये थे जो कि स्वत: स्पष्ट हैं। प्रश्नकर्ता द्वारा इस सम्बन्ध में आयुक्त जनजातीय कार्य को प्रेषित पत्र की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट- “अ” अनुसार है। प्रश्नकर्ता द्वारा प्रस्तुत पत्र के संबंध में कार्यालय आयुक्त जनजातीय कार्य के पत्र क्रमांक/शिक्षाशाला/2026/3424 दिनांक 13.02.2026 के द्वारा प्रश्नकर्ता को सूचित किया जा चुका है। पत्र की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट- “ब”अनुसार है। (ख) जी नहीं। वित्तीय वर्ष 2025-26 में विभाग के उद्देश्य शीर्ष 11- वेतन, विस्तृत शीर्ष 005 आदिवासी क्षेत्र भत्ता मद में प्रावधानित एवं व्यय की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-“स” अनुसार है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) जी हाँ। मध्यप्रदेश शासन वित्त विभाग के परिपत्र क्रमांक: एफ 11-12/ 2010/नियम/चार भोपाल दिनांक 06 नवम्बर 2012 के माध्यम से अनुसूचित क्षेत्रों में पदस्थ कर्मचारियों को एक प्रतिशत अधिक गृह भाड़ा भत्ता देय था। मध्यप्रदेश शासन वित्त विभाग के परिपत्र क्रमांक: एफ 4-1/2025/नियम/चार भोपाल दिनांक 03 अप्रैल 2025 द्वारा राज्य शासन के शासकीय सेवकों देय मूल वेतन के आधार पर गृह भाड़ा भत्ता की पात्रता का निर्धारण किया गया है। इसमें अतिरिक्त गृह भाड़ा भत्ता देने का कोई प्रावधान नहीं है। अत: शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
वन अधिकार अधिनियम की जानकारी
[जनजातीय कार्य]
47. ( क्र. 2971 ) श्री नारायण सिंह पट्टा : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अनुसूचित जनजाति एवं अन्य परंपरागत वन निवासी (वन अधिकारों की मान्यता) अधिनियम, 2006 के अंतर्गत कितने सामुदायिक अधिकार एवं कितने सामुदायिक वन संसाधन अधिकार के कितने दावे कौन-कौन से जिले में वर्ष 2022-23 से प्रश्न दिनांक तक उपखंड स्तरीय समिति (SDLC) और जिला स्तरीय समिति (DLC) में निर्णय के लिए लंबित है? इनके इतने दिनों से लंबित होने का क्या कारण है और इनका निराकरण कब तक कर लिया जाएगा? (ख) वर्ष 2024 से अब तक कुल कितने सामुदायिक वन संसाधन अधिकार के दावे जिला बालाघाट, मण्डला एवं डिंडौरी में SDLC और DLC स्तर पर लंबित हैं? इन दावों पर नियमानुसार कार्यवाही करने में विलंब होने का क्या कारण है? कृपया प्रत्येक दावे हेतु कारण बताएं? इन दावों का निराकरण कब तक कर लिया जाएगा? (ग) राज्य के टाइगर रिजर्व क्षेत्र के कोर एवं बफर क्षेत्र की कितनी ग्राम सभाओं द्वारा वन अधिकारों की मान्यता अधिनियम के अंतर्गत कितने सामुदायिक अधिकार और सामुदायिक वन संसाधन अधिकार हेतु दावे किए गए है और इनमें से कितने दावे मान्य कर दिए गए है, कितने दावे लंबित है और कितने दावे निरस्त कर दिए गए है? दावे लंबित और निरस्त होने का क्या कारण है कृपया प्रकरणवार जानकारी दें?
जनजातीय कार्य मंत्री ( डॉ. कुंवर विजय शाह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट - 'एक' अनुसार है। वन अधिकार के दावों के निराकरण की प्रक्रिया अर्द्धन्यायिक स्वरूप की होने से लंबित दावों के निराकरण की समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट -'दो' अनुसार है। वन अधिकार के दावों के निराकरण की प्रक्रिया अर्द्धन्यायिक स्वरूप की होने से लंबित दावों के निराकरण की समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट -'तीन' अनुसार है। वन अधिकार के दावों के निराकरण की प्रक्रिया अर्द्धन्यायिक स्वरूप की होने से लंबित दावों के निराकरण की समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
बहोरीबंद विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत नल-जल योजनाएं
[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]
48. ( क्र. 3017 ) श्री प्रणय प्रभात पांडे : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) बहोरीबंद विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत कहां-कहां पर प्रधानमंत्री जल जीवन मिशन अंतर्गत कहां-कहां पर कितनी लागत से कब हर घर नल, हर घर जल योजना की स्वीकृति प्रदान की गई, विकासखण्डवार संपूर्ण सूची देवें? (ख) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित योजनाओं में कहां-कहां की योजनाएं कब पूर्ण हुई कौन-कौन सी, किन कारणों से अपूर्ण या अप्रारंभ है विकासखंडवार संपूर्ण सूची देवे? (ग) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित अपूर्ण या अप्रारंभ योजनाएं कब तक पूर्ण होगी? ग्रामवार, विकासखंडवार संपूर्ण जानकारी देवे? (घ) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के संदर्भ में उल्लेखित योजनाओं के निर्माण में गुणवत्तापूर्ण निर्माण न करने एवं ग्राम की खोदी गई सीसी मार्ग का निर्माण न करने या गुणवत्तापूर्ण सीसी मार्ग का निर्माण न करने की किस-किस के द्वारा किस प्रकार की शिकायत शासन स्तर तथा सीएम हेल्पलाइन पर कब की गई एवं उनके निर्माण हेतु कब किसके द्वारा क्या कार्यवाही की गई? की गई कार्यवाही की छायाप्रति देवें।
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( श्रीमती संपतिया उइके ) : (क) एकल ग्राम नल-जल योजनाओं की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र - 01 अनुसार है एवं समूह जल प्रदाय योजनाओं की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र - 02 एवं 03 अनुसार है। (ख) एकल ग्राम नल-जल योजनाओं की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र - 04 अनुसार है। इसके अतिरिक्त पवई-02 समूह जल प्रदाय योजनाओं के कार्य प्रगतिरत हैं। (ग) अपूर्ण एवं अप्रारंभ एकल ग्राम नल-जल योजनाओं को यथाशीघ्र पूर्ण कराने हेतु प्रयास किए जा रहे हैं, निश्चित तिथि बताया जाना संभव नहीं है। पवई - 02 समूह जल प्रदाय योजना का कार्य मार्च 2026 में पूर्ण किया जाना संभावित है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र - 05, 06 एवं 07 अनुसार है।
वरिष्ठ उद्यान अधिकारियों का समयमान-वेतनमान
[उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण]
49. ( क्र. 3018 ) श्री संजय उइके : क्या उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्य प्रदेश शासन, वित्त विभाग के पत्र क्रमांक/एफ8-1/2023/नियम/चार भोपाल दिनांक 14/8/2023 के अनुसार जुलाई 2023 में कितने वरिष्ठ उद्यान विकास अधिकारी थे जो चतुर्थ समयमान वेतनमान की पात्रता रखते थे, कार्यरत थे? उनकी संख्या बताये। (ख) जिन वरिष्ठ उद्यान विकास अधिकारी कि सेवा 1989 से आरंभ हुई हैं नवम्बर 2024 में 35 वर्ष होते ही उनका चतुर्थ समयमान वेतनमान स्वीकृत किया गया, शेष का SHDO का चतुर्थ समयमान वेतनमान स्वीकृत नहीं करने का ठोस कारण बताये? (ग) 1985 से निरन्तर सेवा 2024 तक करने में भी 39-40 वर्ष कि सेवा करने वाले ग्रामीण उद्यान विस्तार अधिकारी/उद्यान विकास अधिकारी/वरिष्ठ उद्यान विकास अधिकारी को लाभ से जानबूझकर वंचित अभी तक रखा गया है, उनमें कौन-कौन अधिकारी दोषी है? नाम, पद सहित विभाग ऐसे अधिकारियों पर अनुशासनात्मक कार्यवाही प्रस्तावित किया गया है,? हाँ या ना?
उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण मंत्री ( श्री नारायण सिंह कुशवाह ) : (क) जुलाई 2023 में 35 वर्ष की सेवा पूर्ण करने वाले 82 वरिष्ठ उद्यान विकास अधिकारी कार्यरत थे। (ख) यह सतत् प्रक्रिया है। शेष कर्मचारियों को चतुर्थ समयमान वेतनमान देने की प्रक्रिया प्रचलित है। (ग) उत्तरांश (ख) अनुसार है।
80% विकलांगों (व्यक्ति) को बैट्री युक्त साइकिल प्रदाय करना
[सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण]
50. ( क्र. 3044 ) श्री सुरेश राजे : क्या सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्यप्रदेश शासन द्वारा विकलांग व्यक्तियों के कल्याण हेतु कौन-कौन सी कल्याणकारी योजनाएं वर्तमान में संचालित हैं? उनके क्रियान्वयन हेतु नियम/आदेश की सत्यापित प्रति उपलब्ध करवाएं। (ख) वर्ष 2023-24 से 2025-26 में प्रश्न दिनांक तक जिला ग्वालियर में 80% विकलांग व्यक्तियों को बैट्री युक्त साइकिल प्रदाय हेतु किन-किन व्यक्तियों के आवेदन प्राप्त हुए? आवेदन की पूर्ण जानकारी देवें, कितने आवेदन स्वीकृत हुए? कितने अस्वीकृत हुए? अस्वीकृत हुए आवेदनों का कारण बताएं एवं लंबित आवेदनों को कब तक पूर्ण किया जायेगा?
सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण मंत्री ( श्री नारायण सिंह कुशवाह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'अ' अनुसार है। (ख) वर्ष 2023-24 से 2025-26 में प्रश्न दिनांक तक जिला ग्वालियर में 80% विकलांग व्यक्तियों को बैट्रीयुक्त साइकिल प्रदाय हेतु 217 व्यक्तियों के आवेदन प्राप्त हुए। आवेदन की पूर्ण जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'ब' अनुसार। सभी आवेदन स्वीकृत हुये हैं। कोई भी आवेदन लंबित नहीं है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
नल कूप खनन और सिंगल फेस मोटर पंप
[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]
51. ( क्र. 3058 ) श्री कालु सिंह ठाकुर : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या धार जिले की धरमपुरी में वर्ष 2023 से प्रश्न दिनांक तक नल कूप खनन और सिंगल फेस मोटर पंप स्वीकृत किये गए है? (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार यदि हाँ, तो किन-किन ग्राम पंचायतों में उक्त कार्य स्वीकृत किये गए है? सूची उपलब्ध करावें और किन-किन की अनुशंसा के आधार पर उक्त कार्य स्वीकृत किये गए है? अनुशंसा पत्र की प्रति उपलब्ध करावें। (ग) सिंगल फेस मोटर पंप और अन्य सामग्री क्रय करने के क्या नियम है? उक्त सामग्री किस दर से किस कंपनी से क्रय की गई है?
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( श्रीमती संपतिया उइके ) : (क) जी हां। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 एवं 2 अनुसार है। (ग) ग्रीष्म में संभावित पेयजल संकट के निवारण तथा जो हैंडपंपों में जल स्तर नीचे चले जाने के कारण रूक-रूक कर चलते हैं ऐसे हैंडपंपों के स्थान पर तथा ऐसे खनित नलकूप जिनमें जलस्तर नीचे प्राप्त होता है उन पर सिंगल फेज़ सबमर्सिबल पंपों की स्थापना कर पेयजल व्यवस्था की जाती है। सामग्री का क्रय वर्तमान में नियमानुसार निविदा आमंत्रित कर किया जा रहा है, जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है।
आंगनवाड़ी भवन स्वीकृत किया जाना
[महिला एवं बाल विकास]
52. ( क्र. 3060 ) श्री कालु सिंह ठाकुर : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या धार जिले की धरमपुरी विधानसभा में 1 जनवरी, 2023 से प्रश्न दिनांक तक आंगनवाड़ी भवन स्वीकृत हुए है? (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार यदि हाँ, तो किन-किन ग्रामों में कितनी-कितनी लागत राशि के उक्त भवन स्वीकृत हुये है? (ग) इन भवनों के कार्य प्रारंभ कर दिए गए है? यदि हाँ, किन-किन भवनों के कार्य प्रारंभ कर दिए गए है और किन-किन भवनों के कार्य प्रारंभ नहीं किये है? कब कार्य प्रारंभ कर दिए जायेंगे? समय-सीमा बतावें।
महिला एवं बाल विकास मंत्री ( सुश्री निर्मला भूरिया ) : (क) जी हाँ, 18 भवन स्वीकृत किये गए है। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) जी हाँ। सभी 18 भवनों, की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। शेष का प्रश्न नहीं उठता।
ज्ञानोदय आवासीय विद्यालय का संचालन
[अनुसूचित जाति कल्याण]
53. ( क्र. 3061 ) श्री भैरो सिंह बापू : क्या अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्यप्रदेश में कितने ज्ञानोदय आवासीय विद्यालयों कहां-कहां संचालित किये जा रहे हैं? उक्त आवासीय विद्यालयों कितने नियमित शिक्षक/प्राचार्य (मूल पद) व हॉस्टल संचालक/ अधीक्षक सहित अन्य स्टॉफ पदस्थ है? विद्यालयवार जानकारी देवें। (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार कितने आवासीय विद्यालयों में प्राचार्य के पद पर प्रभारी प्राचार्य कार्यरत है व किस दिनांक से कार्यरत है? उक्त सभी आवासीय विद्यालय जहां पर प्रभारी प्राचार्य पदस्थ है, उनकी जानकारी तथा विद्यालय की वरिष्ठता सूची की सत्यापित प्रतिलिपि देवें। (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) अनुसार मूल प्राचार्य के पद नियुक्ति कब तक कर दी जायेगी? (घ) क्या प्रभारी प्राचार्य को डी.डी.ओ. पावर (वित्तीय खर्च की अनुमति) दी जा सकती है यदि हाँ, तो उपरोक्त ज्ञानोदय विद्यालयों की कितने प्रभारी प्राचार्य को डी.डी.ओ. पावर दिये गए व किस नियम के तहत दिये गए? जानकारी देवें। (ङ) वर्ष 2025-26 में ज्ञानोदय आवासीय विद्यालय का शैक्षणिक समय विभाग द्वारा कब से कब तक का तय किया गया है क्या किसी ज्ञानोदय विद्यालय द्वारा समय बदला गया है? यदि हाँ, तो सक्षम अधिकारी से अनुमति ली गई अथवा नही?
अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री ( श्री नागर सिंह चौहान ) : (क) प्रदेश में 10 संभागीय मुख्यालयों पर ज्ञानोदय आवासीय विद्यालय संचालित किये जा रहे है। शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट- अ अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ब अनुसार है। (ग) समय-सीमा बताई जाना संभव नहीं है। (घ) जी हां। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-स अनुसार है। म.प्र. वित्त अधिकार पुस्तिका-2025 भाग-1 की कंडिका 1.7 के अनुसार है। (ड.) संस्था आवासीय है तथा संस्था प्रमुख को स्थानीय आवश्यकता अनुसार पारी संचालन का दायित्व है शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
नल-जल योजनाओं की स्थिति
[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]
54. ( क्र. 3073 ) श्री मोंटू सोलंकी : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) सेंधवा विधानसभा क्षेत्र में नल-जल योजनाओं की वर्तमान स्थिति क्या है? कितने ग्रामों में कार्य पूर्ण हो चुका है और कितने ग्रामों में कार्य प्रगति पर है? सभी ग्रामों की ग्रामवार सूची पटल पर उपलब्ध कराई जाए। (ख) पूर्ण की गई योजनाओं में से कितनी ग्राम पंचायतों को हैंडओवर की जा चुकी हैं? हैंडओवर किए गए ग्रामों की ग्रामवार सूची एवं हैंडओवर तिथि पटल पर उपलब्ध कराई जाए। (ग) विभागीय मापदंडों के अनुसार पाइप लाइन को निर्धारित गहराई पर जमीन के अंदर डालना अनिवार्य है। क्या कुछ स्थानों पर पाइप लाइन कम गहराई या जमीन के ऊपर डाली गई है? यदि हाँ, तो ऐसे ग्रामों की सूची, संबंधित ठेकेदार/एजेंसी का नाम, जांच एवं कार्यवाही का विवरण पटल पर रखा जाए। (घ) कितने ग्राम अब तक योजना से वंचित हैं? उनका ग्रामवार विवरण एवं उन्हें योजना से जोड़ने का प्रस्तावित समय पटल पर रखा जाए। (ड.) जिन ग्रामों में योजना हैंडओवर हो चुकी है, वहाँ पानी नियमित रूप से उपलब्ध है या नहीं? यदि नहीं, तो बाधा के कारण एवं सुधार हेतु कार्यवाही का विवरण पटल पर रखा जाए।
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( श्रीमती संपतिया उइके ) : (क) स्वीकृत 70 ग्रामों की एकल ग्राम नलजल योजनाओं में से 53 ग्रामों में कार्य पूर्ण एवं 17 ग्रामों में कार्य प्रगतिरत हैं। 02 समूह जल प्रदाय योजनाओं के कार्य प्रगतिरत हैं। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 एवं 2 अनुसार है। (ख) एकल ग्राम नल जल योजनाओं की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है, समूह जल प्रदाय योजनाओं के कार्य प्रगतिरत है। (ग) जी हाँ। जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) 10 ग्राम नलजल योजना से वंचित हैं, जिनमें से 07 ग्रामों झॉटा, रूलीबार्ड, झपारी-माली, जूनापानी, खापरदा, मटियामेल एवं बोदारीमल में एकल नलजल योजना की डी.पी.आर. तैयार की गई है, जिनका प्रचलित दिशा-निर्देशों एवं गाइड लाइन के प्रावधानों के अंतर्गत परीक्षण किया जा रहा है, इन ग्रामों को योजना से जोड़ने की कोई निश्चित तिथि बताया जाना संभव नहीं है। उपरोक्त में से शेष 03 ग्राम इनायकी, किडीअम्बा एवं झंडीखोडरी समूह नलजल योजना के परियोजना क्षेत्र में हैं, किंतु जल जीवन मिशन की गाइड लाइन अनुसार तकनीकी एवं वित्तीय साध्यता न होने के कारण कार्य प्रस्तावित नहीं है। (ड.) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-01 अनुसार है।
वित्त्तीय अनियमितता के संबंध में
[महिला एवं बाल विकास]
55. ( क्र. 3077 ) श्री प्रताप ग्रेवाल : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) कैग का 2024 का प्रतिवेदन संख्या 8 में उल्लेखित बिंदुओं को लेकर लोकायुक्त में किस-किस की शिकायत पर जांच प्रकरण लंबित है? उक्त प्रकरणों के संदर्भ में लोकायुक्त से प्राप्त पत्र तथा उसके भेजे गए उत्तरों की प्रति देवें तथा लोकायुक्त से किस दिनांक को कौन-कौन सा पत्र प्राप्त हुआ तथा उसका उत्तर किस दिनांक को किस पत्र क्रमांक से भेजा गया? (ख) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित प्रतिवेदन में की गई अनुशंसा तथा उस अनुसार की गई कार्यवाही की विस्तृत जानकारी दिनांक अनुसार देवें। कैग द्वारा आठ जिलों में 24% मूल्य के टीएचआर के वितरण की जांच में पाई गई अनियमितता के आधार पर क्या शेष सारे जिलों के कुल व्यय का परीक्षण किया गया? यदि नहीं, तो क्यों? (ग) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित प्रतिवेदन अनुसार कितनी-कितनी राशि की अनियमितता किस-किस बिंदु पर पाई गई? विभाग उनमें से किससे सहमत है तथा किससे असहमत है? प्रत्येक बिंदु अनुसार विस्तृत जानकारी दें। (घ) प्रश्नांश (क) अनुसार कैग की रिपोर्ट पर किस प्रकार से कार्रवाई की जाए, उसके लिए शासन स्तर पर किस-किस प्रकार के निर्देश प्राप्त हुए हैं, उन सारे निर्देशों की प्रति देवें। क्या प्रश्नांश (क) में उल्लेखित प्रतिवेदन पर शासन के निर्देश अनुसार पूर्ण कार्रवाई हो गई है या अभी चल रही है? (ड.) वर्ष 2016-17 से 2024-25 तक लाभान्वित हितग्राही की केटेगरी अनुसार संख्या, टीएचआर तथा पका हुआ भोजन की मात्रा, किया गया व्यय की जानकारी दें। इस अवधि में टीएचआर तथा गर्म पका हुआ भोजन पर कितना- कितना व्यय हुआ?
महिला एवं बाल विकास मंत्री ( सुश्री निर्मला भूरिया ) : (क) लोकायुक्त से शिकायत प्राप्त न होने से शेष का प्रश्न नहीं। (ख) प्रकरण विधान सभा की लोक लेखा समिति के समक्ष प्रचलन में है। जी नहीं, अंकेक्षण का कार्य एक निरंतर प्रक्रिया है, जिसका निर्धारण महालेखा परीक्षक द्वारा किया जाता है। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा समय-समय पर प्राप्त शिकायतों के संबंध में नियमानुसार विधिवत् जांच पश्चात् कार्यवाही की जाती है। (ग) प्रश्नांश (क) के संबंध में शेष का प्रश्न नहीं। (घ) प्रकरण लोक लेखा समिति के समक्ष प्रचलन में होने से शेष का प्रश्न नहीं। (ड.) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है।
इंटरेक्टिव पैनल की खरीदी (डिजिटल क्लास रूम)
[जनजातीय कार्य]
56. ( क्र. 3101 ) श्री देवेन्द्र पटेल : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जनजातीय कार्य एवं स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत कितने विद्यालयों में इंटरेक्टिव पैनल की खरीदी की कार्यवाही प्रचलित है? भारत सरकार द्वारा डिजिटल क्लास रूम बनाने के कार्य हेतु कितनी राशि जनजातीय कार्य व कितनी राशि स्कूल शिक्षा विभाग को दी गई है? (ख) लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा कितनी राशि से कितने इंटरेक्टिव पैनल किस कंपनी/प्रदाता से किस दर पर खरीदे जा रहे है? इस हेतु दिये गए कार्यादेश एवं अनुबंध की प्रति उपलब्ध करावें। क्या इंटरेक्टिव पैनल समग्र शिक्षा अभियान के तहत 1.10 लाख/प्रति पैनल की दर से खरीदे गये थे? क्या असम राज्य सरकार राशि इसी योजना में प्राप्त राशि से यही इंटरेक्टिव पैनल रू. 70,000 प्रति पैनल की दर से खरीदे हैं? दरों में इतना ज्यादा अंतर होने के क्या कारण है? (ग) प्रश्नांश (ख) वर्णित मामले में मुख्य सचिव सहित अन्य विभागी अधिकारियों को की गई शिकायत एवं अब तक की गई कार्यवाही एवं पत्राचार का विवरण प्रति उपलब्ध करावें? (घ) प्रश्नांश (क) वर्णित खरीदी कार्य हेतु की गई कार्यवाही की संपूर्ण नस्ती स्वच्छ प्रतिलिपि दें।
जनजातीय कार्य मंत्री ( डॉ. कुंवर विजय शाह ) : (क) जनजातीय कार्य विभाग अंतर्गत 94 सांदीपनि विद्यालयों में इंटरेक्टिव पैनल की खरीदी हेतु निविदा जारी की गई है। स्कूल शिक्षा विभाग में 9643 विद्यालयों में इंटरेक्टिव पैनल क्रय हेतु कार्यादेश जारी किया गया है। भारत सरकार से डिजिटल क्लासरूम बनाने के लिये स्कूल शिक्षा विभाग को राशि रूपये 108.96 करोड़ स्वीकृत है। भारत सरकार द्वारा जनजातीय कार्य विभाग को कोई स्वीकृति नहीं दी गई है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-एक (पेनड्राइव) अनुसार है। जी नहीं। जी नहीं, असम सरकार के स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा स्मार्ट क्लास लेब हेतु जारी बिड क्र GEM/2025/8/6498865 के तहत किए गए अनुबंध दिनांक 24 10.2025 में मेसर्स आईबेरी सोल्यूशन द्वारा वित्तीय फॉर्मेट में दर्शाये गये इंटरेक्टिव पैनल की कीमत रूपये 70,000/- के साथ जीएसटी व सेवाओं के विवरण की पृथक-पृथक राशि कोट की गई है, जिसकी तीन वर्षों की कम्प्रिहेंसिव वारंटी के साथ तुलना करने पर प्रति पैनल कीमत रूपये 1,56,125/- होती है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-दो (पेनड्राइव) अनुसार है। (घ) स्कूल शिक्षा विभाग की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-तीन (पेनड्राइव) अनुसार है तथा जनजातीय कार्य विभाग अंतर्गत अभी कोई खरीदी कार्य पूर्ण नहीं होने से प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
अवैधानिक जांच का मामला
[जनजातीय कार्य]
57. ( क्र. 3103 ) श्री देवेन्द्र पटेल : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सहायक आयुक्त, अनुसूचित जाति-जनजातीय कार्य विभाग, भोपाल के आदेश क्रमांक/आदि.वि./ स्था/2021-22/3945, दिनांक 03/03/2021 द्वारा किन आरोपों के कारण किन नियमों के अधीन किस कर्मचारी की 02 वेतन वृद्धियां रोकी जाकर दंडित किया गया? कितनी राशि वसूल की गई? (ख) जिस अपचार के लिए दिनांक 03/03/2021 को कर्मचारी दंडित किया जा चुका था, उसी अपचार के लिए कर्मचारी को दोबारा नए दंड से दंडित करने के उद्देश्य से पत्र क्रमांक-3601, दिनांक 09/12/2022 को आरोप-पत्र जारी करना और आदेश क्रमांक-4163, दिनांक 23/01/2023 विभागीय जांच संस्थित करना, क्या यह कार्यवाही प्राकृतिक न्याय के सिद्धान्त के विपरीत है? (ग) क्या प्रकरण में अपचारी ने दिनांक 05/07/2023 को लिखित कथन दिया है कि वरिष्ठ अधिकारियों के धमकाने और दबाव के कारण उसने शपथ पत्र दिया है? कथन की प्रति उपलब्ध करावें। (घ) नैसर्गित न्याय के सिद्धान्त के विपरीत जाकर दुर्भावना से संस्थित इस विभागीय जांच प्रकरण को अपास्त करने हेतु आयुक्त, अनुसूचित जाति विकास द्वारा की गई कार्यवाही का अभिलेखों सहित विस्तृत विवरण दें। (ड.) इस मामले में कर्मचारियों की बहाली में भेदभाव करने का कारण बतावें। बहाली आदेश की प्रति उपलब्ध करावें। बहाली कब तक की जावेगी?
जनजातीय कार्य मंत्री ( डॉ. कुंवर विजय शाह ) : (क) अनुसूचित जाति मद की छात्रवृत्ति की राशि गलत खातों में जमा कर वित्तीय अनियमितता एवं शासकीय धनराशि का कपटपूर्ण उपयोग करने के कारण प्रश्नाधीन पत्र दिनांक 03/03/2021 द्वारा श्री विनोद मांझी, भृत्य के विरूद्ध म.प्र. सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के नियम-10 (4) के तहत असंचयी प्रभाव से 02 वेतनवृद्धि रोकने की शास्ति अधिरोपित की गई। उक्त अपचारी कर्मचारी द्वारा कुल राशि रूपए 1216125/- चालान के माध्यम से शासन के खाते में जमा कराई गई है। चालान की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''अ'' अनुसार है। (ख) आदेश दिनांक 03/03/2021 द्वारा प्रश्नाधीन कर्मचारी को दंडित किया जा चुका था। इसके उपरान्त पत्र क्रमांक 3601 दिनांक 09/12/2022 द्वारा अपचारी कर्मचारी को आरोप पत्र जारी करने एवं अपचारी का उत्तर समाधान-कारक नहीं पाए जाने के कारण आदेश क्रमांक 4163 दिनांक 23/01/2023 द्वारा विभागीय जांच संस्थित की गई थी। कलेक्टर जिला भोपाल के आदेश क्रमांक/स्था./2025-26/6212 दिनांक 24/02/2026 के द्वारा आदेश क्रमांक 4163 दिनांक 23/01/2023 के माध्यम से संस्थित विभागीय जांच एवं उस पर प्राप्त जांच प्रतिवेदन पर आगामी कार्यवाही को निष्प्रभावी एवं शून्य घोषित किया गया है। अत: प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) जिला कार्यालय पर उपलब्ध अभिलेख अनुसार दिनांक 05.07.2023 को अपचारी द्वारा दिया गया कथन उपलब्ध नहीं है। शपथ-पत्र की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''ब'' अनुसार है। (घ) कार्यालय आयुक्त, अनुसूचित जाति विकास, भोपाल स्तर से प्रकरण में कोई कार्यवाही नहीं की गई। (ड.) अपचारी शासकीय सेवक 01 वर्ष से अधिक समय से निलंबित है। मध्यप्रदेश शासन, सामान्य प्रशासन विभाग के परिपत्र क्रमांक/सी-6/2013/3/एक दिनांक 28/01/2013 के निर्देश अनुसार कार्यवाही की जाती है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
अनुग्रह सहायता राशि का भुगतान
[अनुसूचित जाति कल्याण]
58. ( क्र. 3104 ) श्री देवेन्द्र पटेल : क्या अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2020-21 में अशोकनगर जिले में आदिवासी वर्ग के उत्पीड़न के मामलों में दर्ज अपराधों में पीड़ितों को प्रकरणवार क्या अनुग्रह सहायता भुगतान कर दी गई है? किन-किन प्रकरणों में नहीं? विवरण देवें। (ख) वर्ष 2020 में थाना बहादुरपुर जिला अशोकनगर में दर्ज अपराध क्र. 107/20 एवं 108/20 में पुलिस अधीक्षक द्वारा घटना स्थल पर मौजूदगी के विश्लेषण के लिए किन-किन मोबाइल नंबरों की सीडीआर निकलवाई गई थी? उक्त नंबर किन-किन नाम के थे? विवरण देवें। (ग) घटना के समय पर आरोपी गिर्राज की उपस्थिति (समय अपराह्न 04 बजे से रात्रि 08:30 बजे तक) कहां-कहां पाई गई थी? सीडीआर का विश्लेषण व विवरण उपलब्ध करावें?
अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री ( श्री नागर सिंह चौहान ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''अ'' अनुसार है। समस्त दर्ज प्रकरणों में कार्यवाही की गई है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ख) प्रकरण में चालन मय प्रापत्र क्रमांक 135/20 न्यायालय में प्रस्तुत कर विचाराधीन है। पुलिस अधीक्षक अशोकनगर का प्रतिवेदन पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''ब'' अनुसार है। (ग) प्रकरण में चालना मय प्रपत्र क्रमांक 135/20 न्यायालय में प्रस्तुत कर विचाराधीन है। पुलिस अधीक्षक अशोकनगर का प्रतिवेदन पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''ब'' अनुसार है।
दिव्यांगजनों को सुविधा
[सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण]
59. ( क्र. 3109 ) श्री आशीष गोविंद शर्मा : क्या सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सरकार बतायें दिव्यांगजनों की दयालु योजना प्रदेश में कब चालू की गई? इस योजना का मुख्य उद्देश्य क्या है? बतायें। इस योजना का लाभ किस प्रकार के दिव्यांगजनों को मिलेगा? (ख) खातेगांव विधानसभा क्षेत्र दिव्यांगजन के अंतर्गत सर्वे किया गया यदि हाँ, तो कितने प्रकार के दिव्यांगजन उनकी संख्या और उनके निवास स्थानों की जानकारी बतायें। (ग) दिव्यांगजन जो स्कूल या कॉलेज में अध्ययनरत है या अपनी जीविका के लिये काम-काज में संलग्न है ऐसे दिव्यांगजनों के लिये सरकार की क्या योजना है? (घ) देवास जिले में ऐसे कितने दिव्यांगजन है? जिन्हें इलेक्ट्रिकल वाहनों की सुविधा सरकार द्वारा दी गई है? संख्या बतायें।
सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण मंत्री ( श्री नारायण सिंह कुशवाह ) : (क) म.प्र. शासन सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग अंतर्गत दीन दयान उपाध्याय अत्योदय सुरक्षा योजना (दयालु योजना) संचालित नहीं है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) जी नहीं, खातेगांव विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत दिव्यांगजन का सर्वे नहीं किया गया, समय-समय पर विभाग द्वारा दिव्यांगजनों के चिन्हांकन हेतु शिविरों का आयोजन किये जाने का प्रावधान है, चिन्हित दिव्यांगजनों की स्पर्श पोर्टल अनुसार कुल संख्या 2892 है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) विभाग अंतर्गत दिव्यांगजनों हेतु संचालित प्रमुख योजनाओं की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार। (घ) देवास जिले में कुल 324 दिव्यांगजनों को मोटराईज्ड ट्राईसाईकिल वितरित की गई है।
विभाग का बजट
[जनजातीय कार्य]
60. ( क्र. 3117 ) श्री बाला बच्चन : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2023-24, 24-25 एवं 25-26 में भारत सरकार के बजट में विभाग के लिए कितनी राशि प्रावधानित मद संख्या, मद नाम, राशि सहित देवें। इसके समक्ष कितनी राशि प्राप्त हुई, मदवार, वर्षवार बतावें। (ख) इस अवधि में विभाग का बजट कितना प्रावधानित है? उसके समक्ष कितना आवंटन प्राप्त हुआ, कितना व्यय हुआ, की जानकारी वर्षवार, मदवार देवें। (ग) प्राप्त आवंटन व्यय न होने के कारण भी मदवार देवें। इसके लिए उत्तरदायी अधिकारियों पर विभाग कब तक कार्यवाही करेगा? (घ) विद्यार्थियों के लिए आवास किराया योजना की 06 माह से अधिक लंबित राशि के कितने प्रकरण बड़वानी जिले के है की संख्या, राशि सहित विधानसभावार देवें।
जनजातीय कार्य मंत्री ( डॉ. कुंवर विजय शाह ) : (क) प्रश्नांश (क) भारत सरकार जनजातीय कार्य मंत्रालय से संबंधित है। प्राप्त राशि की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-"अ" अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-"अ" अनुसार है। (ग) प्राप्त आवंटन एवं व्यय की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-"ब" अनुसार है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-"स" अनुसार है।
एकलव्य आवासीय विद्यालय में सामग्री क्रय
[जनजातीय कार्य]
61. ( क्र. 3118 ) श्री बाला बच्चन : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बड़वानी जिले के एकलव्य आवासीय विद्यालयों में दि. 01-01-23 से 30-01-26 तक कितनी सामग्री क्रय की गई? विद्यालयवार, विधानसभावार, वर्षवार देवें। (ख) प्रश्नांश (क) वर्णित सामग्री क्रय के लिए की गई टेंडर प्रक्रिया क्रयवार विधानसभा वर्षवार देवें। बिना टेंडर प्रक्रिया के जो सामग्री क्रय की गई? उसकी सूची भी देवें। (ग) प्रश्नांश (क) वर्णित सामग्री क्रय के लिए जिन फर्मों को भुगतान किया गया उनकी जानकारी क्रयवार, भुगतान राशि, भुगतान दिनांक सहित देवें। फर्मों द्वारा प्रस्तुत बिलों की छायाप्रति भी बड़वानी, राजपुर विधानसभा क्षेत्र के संबंध में देवें।
जनजातीय कार्य मंत्री ( डॉ. कुंवर विजय शाह ) : (क) जिला अंतर्गत संचालित एकलव्य आवासीय विद्यालयों में दिनांक 01/01/2023 से 30/01/2026 तक क्रय की गई सामग्री की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ अनुसार है। (ख) उत्तरांश (क) में वर्णित सामग्री क्रय के लिए की गई टेंडर प्रक्रिया क्रयवार विधानसभा वर्षवार तथा बिना टेंडर प्रक्रिया से क्रय की गई सामग्री की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ब एवं स अनुसार है। (ग) उत्तरांश (क) में वर्णित सामग्री क्रय के लिए जिन फर्मों को भुगतान किया गया उनकी जानकारी क्रयवार, भुगतान राशि, भुगतान दिनांक सहित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ अनुसार है। बड़वानी, राजपुर, विधानसभा क्षेत्र संबंधित फर्मों द्वारा प्रस्तुत बिलों की छायाप्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-द अनुसार है।
अ.जा. बस्तियों में योजनाओं का क्रियान्वयन
[अनुसूचित जाति कल्याण]
62. ( क्र. 3121 ) श्री नरेन्द्र सिंह कुशवाह : क्या अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या भिण्ड के शहरीय क्षेत्र में अनुसूचित जाति बाहुल्य बस्तियों में विभाग द्वारा विभिन्न परियोजनाओं के क्रियान्वयन हेतु दिनांक 20/06/2025 को प्रेषित पत्र पर प्रश्न दिनांक तक क्या-क्या कार्यवाही की गई है? यदि हां, तो योजना का नाम तथा चिन्हित स्थल व व्यय की जाने वाली राशि की जानकारी प्रदान करें। यदि नहीं, तो उक्त पत्र के परिप्रेक्ष्य में क्या कार्यवाही संतुति की जावेगी, समयावधि बताने का कष्ट करें? (ख) क्या भिण्ड नगरपालिका परिषद के परिक्षेत्र वार्ड 35 सेवा नगर में अ.जा. छात्रों के लिए विशाल छात्रावास का निर्माण कराया गया है, उक्त भवन का निर्माण किस वर्ष कराया गया है तथा प्रश्न दिनांक तक छात्रावास का संचालन प्रारंभ क्यों नहीं कराया गया है तथा उक्त भवन का पुन: जीर्णोधार कर छात्रावास का संचालन कब से प्रारंभ किया जावेगा? समयावधि बताने का कष्ट करें। (ग) भिण्ड विधानसभा अंतर्गत विभाग द्वारा क्या-क्या योजनाएं संचालित की जा रही है तथा स्कूल/छात्रावास की कुल संख्या लाभार्थी छात्रों की संख्या तथा व्यय की जाने वाली कुल वार्षिक राशि व सामग्री प्रदाता फर्म: कम्पनी का नाम व गुणवत्ता निर्धारण करने वाले अधिकारी के नाम समेत समस्त जानकारी उपलब्ध करावें? (घ) वर्ष 2023 से प्रश्न दिनांक तक भिण्ड विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत संचालित योजनाओं क्रय सामग्री व पदस्थ स्टाफ के खिलाफ क्या-क्या शिकायतें प्राप्त हुई है? उक्त शिकायतों के निराकरण हेतु क्या कार्यवाही की गई है? बिन्दुवार जानकारी प्रदान करें अथवा उक्त शिकायतों का निस्तारण नहीं हुआ है, उन्हें कब तक किया जावेगा? समयावधि बताने का कष्ट कीजियें।
अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री ( श्री नागर सिंह चौहान ) : (क) पत्र अप्राप्त होने से शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ख) जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) योजनाएं जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ एवं छात्रावास संबंधी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ब अनुसार हैं। सामग्री प्रदाता की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-स अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-द अनुसार है। नियमानुसार कार्यवाही की गई है, समय-सीमा बताई जाना संभव नहीं है।
प्राप्त शिकायत व निराकरण की जानकारी
[जनजातीय कार्य]
63. ( क्र. 3124 ) श्री नरेन्द्र सिंह कुशवाह : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भिण्ड जिले में विभागीय योजनाओं के संचालन व सामग्री प्रदाता एजेंसी व अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ वर्ष 2023 से प्रश्न दिनांक तक क्या-क्या शिकायतें प्राप्त हुई? शिकायतों का प्रकार, गुणवत्ता संधारण तथा प्रश्न दिनांक तक हुई कार्यवाही का संपूर्ण प्रतिवेदन उपलब्ध करावें? (ख) भिण्ड जिले में वर्ष 2023 से विभागीय छात्रावास/विद्यालय/कार्यालय हेतु क्या-क्या सामग्री का क्रय किया गया? सामग्री प्रदाता फर्म का नाम, पंजीयन ऑडिट रिपोर्ट, कुल प्रदाय सामग्री, बिल व्हाउचर तथा आवंटित राशि का संपूर्ण विवरण, परीक्षण/पर्यवेक्षण करने वाले अधिकारी का नाम व पदनाम सहित संपूर्ण जानकारी प्रतिवेदन उपलब्ध करावें?
जनजातीय कार्य मंत्री ( डॉ. कुंवर विजय शाह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''अ'' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''ब'' अनुसार है।
प्रदेश में जल जीवन मिशन योजना कार्य के पर्यवेक्षण में लापरवाही
[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]
64. ( क्र. 3145 ) श्री हेमंत सत्यदेव कटारे : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या मध्य प्रदेश के अंतर्गत जल जीवन मिशन जल प्रदाय योजना क्रियान्वयन शुभारंभ 15 अगस्त, 2019 में किया गया था, साथ ही जल जीवन मिशन योजना के अंतर्गत मध्य प्रदेश में स्वीकृत समस्त योजनाओं का मार्च 2023 तक पूर्ण किया जाना लक्षित था? (ख) क्या जल जीवन मिशन योजना के अंतर्गत ठेकेदारों के साथ किए गए अनुबंध में योजना के कार्य में विलंब होने पर 0.05 प्रतिशत की दर से प्रतिदिन विलंब पर अनुबंध राशि पर विलंब राशि का दंड अधिरोपित किया जाना एनएक्सपी में उल्लेखित है? (ग) क्या मध्य प्रदेश में समस्त जल प्रदाय योजनाएं अनुबंध में उल्लिखित समय अवधि में पूर्ण की गई? यदि नहीं, तो विलंब के लिए किस-किस ठेकेदार पर कितनी-कितनी विलंब के रूप में दंडित राशि अधिरोपित की गई? यदि हाँ, तो विवरण दें यदि नहीं, तो क्यों? (घ) क्या जल जीवन मिशन की योजनाओं का कार्य समय पर पूर्ण न होने के बावजूद भी कार्यपालन यंत्रियों द्वारा विलम्ब के कारण दंड की राशि एनएक्स पी के अनुसार गणनाकर वसूल नहीं करने से शासन को करोड़ों रुपए का आर्थिक नुकसान हुआ है और ठेकेदारों को कार्यपालन यंत्रियों द्वारा अनैतिक रूप से अनुबन्ध के विपरीत आर्थिक लाभ पहुंचाया गया है? विलंब की राशि वसूल न करने वाले कार्यपालन यंत्रियों के विरुद्ध क्या शासन कार्रवाई करेगा अथवा ठेकेदारों से विलंब की राशि की वसूली की कार्रवाई करेगा? यदि हाँ, तो कब तक और नहीं तो क्यों पूर्ण जानकारी दी जाये?
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( श्रीमती संपतिया उइके ) : (क) जी हाँ, जी नहीं। (ख) जी हाँ, जल जीवन मिशन योजना के अंतर्गत ठेकेदारों के साथ किये गये अनुबंध में योजना के कार्य में विलम्ब होने पर अनुबंधवार दंड अधिरोपित किये जाने के प्रावधान का उल्लेख है। (ग) जी नहीं। योजनाओं के क्रियान्वयन में हुये विलम्ब हेतु अर्थदण्ड की राशि अनुबंध के प्रावधान अनुसार प्राकृतिक आपदा, विभागीय विलम्ब एवं क्रियान्वयन एजेंसी द्वारा किये गए विलम्ब को संज्ञान में लेते हुए निर्धारित की जाती है। शेष जानकारी संकलित की जा रही है। (घ) जी नहीं। शेष जानकारी जानकारी संकलित की जा रही है।
संयुक्त संचालक द्वारा की गई अनियमितताओं की जांच
[महिला एवं बाल विकास]
65. ( क्र. 3146 ) श्री हेमंत सत्यदेव कटारे : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) महिला बाल विकास में कार्यरत श्री अक्ष्य श्रीवास्तव, संयुक्त संचालक की प्रारंभिक नियुक्ति किस दिनांक को किस पद पर हुई थी? नियुक्ति आदेश की छायाप्रति सहित बताएं कि उनको कब-कब, किस पद पर पदोन्नत किया गया? श्री श्रीवास्तव की महिला बाल विकास विभाग में नियुक्ति दिनांक से वर्तमान तक कहां-कहां पदस्थापना रही? जैसे विभाग अथवा मंत्री स्थापना में किस अवधि में किस पद पर पदस्थ रहे आदि की पूर्ण जानकारी दी जाये। (ख) श्री श्रीवास्तव की पदस्थापना वर्तमान में किस स्थान पर होकर उन्हें कौन से कार्य का दायित्व सौंपा गया है? श्री श्रीवास्तव के विरूद्ध शासन एवं विभाग को अनियमितताएं व भ्रष्टाचार करने आदि की शिकायतें कब-कब प्राप्त हुईं? शिकायतों की जाँच किस अधिकारी से करायी गयी? पूर्ण जानकारी उपलब्ध करायी जाये। (ग) क्या श्री श्रीवास्तव के विरूद्ध पूर्व में विभागीय जाँच, लोकायुक्त जांच, ई.ओ.डब्ल्यू. अथवा विधान सभा समिति के समक्ष जांच की जाकर दण्डित किया गया है? यदि हाँ, तो पूर्ण विवरण दिया जाये। (घ) श्री श्रीवास्तव महिला बाल विकास में संयुक्त संचालक के पद पर कब से पदोन्नत होकर कार्यरत हैं? बताएं।
महिला एवं बाल विकास मंत्री ( सुश्री निर्मला भूरिया ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट- अ अनुसार है। (ख) श्री श्रीवास्तव वर्तमान में संचालनालय महिला एवं बाल विकास भोपाल में संयुक्त संचालक के पद पर पदस्थ हैं। श्री श्रीवास्तव को पोषण आहार, एनएनएम, डेव्लपमेंट पार्टनर, राजपत्रित स्थापना, एम.आई.एस. का कार्य सौंपा गया है। शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ब अनुसार है। (ग) जी नहीं। (घ) श्री अक्षय श्रीवास्तव महिला बाल विकास विभाग में संयुक्त संचालक के पद पर दिनांक 03.03.2009 से पदोन्नत होकर कार्यरत हैं।
हैण्डपम्पों से स्वच्छ पेयजल
[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]
66. ( क्र. 3157 ) श्री सचिन सुभाषचंद्र यादव : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या जल जीवन मिशन के अंतर्गत लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा आंगनवाड़ी केन्द्रों एवं स्कूलों में स्थापित हैंडपम्प में से अधिकांश खराब पड़े होने के कारण बच्चे पीने के पानी के लिए परेशान है? इस आशय की कितनी शिकायत लंबित है? (ख) उपरोक्त खराब हैण्डपम्पों की मरम्मत हेतु विभाग द्वारा क्या व्यवस्था की गई है? वर्तमान में कितने हैंडपंप एवं पम्प कार्ययशील है तथा कितने खराब है? जिलेवार विवरण देवें। (ग) क्या विभाग द्वारा आंगनवाड़ी एवं स्कूलों में पेयजल आपूर्ति हेतु नियमित रख-रखाव एवं मॉनिटरिंग के लिए कोई विशेष प्रकोष्ठ/ समिति गठित की गई है एवं यदि हाँ, तो उसके कार्यों का विवरण प्रदान करें? (घ) सरकार द्वारा विभाग के घटिया रख-रखाव कार्य को सुधारने एवं जल जीवन मिशन के तहत सभी आंगनवाड़ी/ स्कूलों में स्वच्छ पेयजल सुनिश्चित करने हेतु क्या कदम उठाए जा रहे है? यदि नहीं, तो कब तक उठाये जायेंगे?
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( श्रीमती संपतिया उइके ) : (क) जी नहीं। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) विभाग द्वारा समस्त सुधार योग्य हैण्डपंपों के नियमित सुधार हेतु उपयुक्त एजेंसी के माध्यम से तथा विभागीय हैंडपंप टेक्नीशियन के द्वारा कार्य किये जा रहे हैं, हैंडपंप सुधार हेतु आवश्यक उपकरण एवं स्पेयर पार्ट की व्यवस्था सतत् की जा रही है। शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) विभाग द्वारा हैंडपंप संधारण कार्य सतत् किया जा रहा है, हैंडपंपों के अतिरिक्त स्कूल/ आंगनवाड़ी में नल के माध्यम से पेयजल व्यवस्था हेतु जल जीवन मिशन अंतर्गत भी कार्य किये गये हैं।
राज्य शासन के उपक्रमों के संबंध में
[लोक परिसम्पत्ति प्रबंधन]
67. ( क्र. 3158 ) श्री सचिन सुभाषचंद्र यादव : क्या लोक परिसम्पत्ति प्रबंधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्य प्रदेश राज्य में वर्तमान में कितने सार्वजनिक क्षेत्र के राज्य उपक्रम (State Publie Sector Undertakings SPSU) कार्यरत है? कृपया उनकी सूची उपलब्ध कराएं। (ख) प्रत्येक SPSU में राज्य सरकार की प्रतिशत हिस्सेदारी कितनी है? कृपया कंपनीवार विवरण प्रदान करें। (ग) वित्तीय वर्ष 2025-26 में कितने SPSUs लाभ में तथा कितने घाटे में हैं? कृपया कंपनी का नाम, लाभ, घाटे की राशि तथा उसके कारणों सहित विवरण दें। (घ) हाल ही में हुई CAG ऑडिट रिपोर्ट में यह पाया गया कि छह SPSUs घाटे में चले गए, जिससे उनकी संपूर्ण संपत्ति नष्ट हो गई। इन उपक्रमों के घाटे में जाने के प्रमुख कारण क्या थे?
लोक परिसम्पत्ति प्रबंधन मंत्री ( डॉ. कुंवर विजय शाह ) : (क) विभाग द्वारा सार्वजनिक क्षेत्र के राज्य उपक्रम (State Public Sector Undertakings SPSU) के रिकार्ड का संधारण नहीं किया जाता है। (ख) से (घ) उत्तरांश (क) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
संचालित छात्रावास एवं आवासीय विद्यालयों की जानकारी
[अनुसूचित जाति कल्याण]
68. ( क्र. 3161 ) डॉ. राजेन्द्र पाण्डेय : क्या अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या शासन/विभाग द्वारा अनुसूचित जाति कल्याण हेतु केंद्र/राज्य प्रवर्तित विभिन्न योजनाओं के माध्यम से रतलाम जिला अंतर्गत वर्ष 2020-21 से लेकर प्रश्न दिनांक तक अनेक कार्य किये गये? (ख) यदि हाँ, तो जिला अंतर्गत किन-किन स्थानों पर अनुसूचित जाति छात्रावास एवं आवासीय विद्यालय, आश्रम शालाएं संचालित किये जा रहे है, तो केंद्रवार कौन-कौन सक्षम अधिकारी/कर्मचारी पदस्थ होकर कार्यरत है तथा कुल छात्र-छात्राओं की संख्या कितनी है? विकासखण्डवार जानकारी दें। (ग) जिला अंतर्गत किन-किन स्थानों पर आवासीय विद्यालय/छात्रावास होकर उनके रख-रखाव, मरम्मत, विद्युतीकरण, पेयजल व्यवस्था, फर्नीचर, शौचालय एवं विभिन्न सामग्री इत्यादि पर वर्षवार कितना-कितना बजट स्वीकृत होकर उन पर कितना व्यय हुआ? केंद्रवार, विकासखंडवार जानकारी दें। (घ) उक्त उल्लेखित वर्षों में छात्र-छात्राओं को कितनी छात्रवृत्ति,कितनी पाठ्य सामग्री एवं अन्य संसाधन, कम्प्यूटर इत्यादि उपलब्ध कराए गये है तथा समस्त संचालित केन्द्रों का निरिक्षण कब-कब किया गया? कितनी शिकायतों पर क्या कार्यवाही की गई?
अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री ( श्री नागर सिंह चौहान ) : (क) जी हां। (ख) छात्रावासों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ अनुसार है। रतलाम जिले में विभाग अंतर्गत आश्रम एवं शालाएं संचालित नहीं है। (ग) छात्रावासों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ब एवं स अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-द, ई, एफ एवं ज अनुसार है। निरीक्षण के दौरान कोई शिकायत प्राप्त नहीं होने से प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
स्वीकृत बजट राशि द्वारा किये गये कार्य
[सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण]
69. ( क्र. 3162 ) डॉ. राजेन्द्र पाण्डेय : क्या सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शासन/विभाग द्वारा सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजनों के कल्याण हेतु केंद्र/राज्य प्रवर्तित विभिन्न योजनाओं के माध्यम से रतलाम जिला अंतर्गत वर्ष 2015-16 से लेकर प्रश्न दिनांक तक अनेक कार्य किये गये? (ख) यदि हाँ, तो वर्षवार कार्यों को किये जाने हेतु कितना-कितना बजट स्वीकृत होकर प्राप्त हुआ? स्वीकृत बजट राशि द्वारा क्या कार्य किये गये? उन पर कितना-कितना व्यय हुआ? विकासखण्डवार जानकारी देंl (ग) जिला अंतर्गत किन-किन स्थानों पर उनके कल्याणकारी कार्यों हेतु कार्यालय व भवन कहां-कहां पर स्थित होकर उन पर कौन-कौन सक्षम अधिकारी पदस्थ है, साथ ही क्या विभिन्न एन.जी.ओ. से अनुबंध कर भी कार्य किये जा रहे हैं? जानकारी दें। (घ) इनकी शिक्षा, स्वास्थ्य एवं रोजगार तथा आवास हेतु क्या-क्या प्राथमिकता दी जाकर किस-किस प्रकार के कार्य किये गये? विकासखण्डवार जानकारी देवेंl
सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण मंत्री ( श्री नारायण सिंह कुशवाह ) : (क) जी हां। (ख) विभाग द्वारा दिव्यांगजनों के कल्याण हेतु केन्द्र/राज्य प्रवर्तित योजनाओं के माध्यम से रतलाम जिला अंतर्गत वर्ष 2015-16 से प्रश्न दिनांक तक वर्षवार एवं विकासखण्डवार किये गये कार्यों की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार। (ग) रतलाम जिले में कार्यालय सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण जिला रतलाम में उप संचालक एवं जिला दिव्यांग पुनर्वास केन्द्र रतलाम में प्रशासनिक अधिकारी पदस्थ है तथा जिला रतलाम के समस्त मुख्य नगर पालिका भवनों में मुख्य नगर पालिका अधिकारी एवं सामाजिक सुरक्षा अधिकारी, समस्त जनपद पंचायत भवनों में पदस्थ जनपद पंचायत अधिकारी एवं सामाजिक सुरक्षा अधिकारी पदस्थ हैं जिनके द्वारा दिव्यांगजनो के लिये कल्याणकारी कार्यों एवं योजनाओं का संचालन किया जाता है। शेष उत्तरांश (घ) अनुसार। (घ) दिव्यांगजनों की शिक्षा हेतु जन चेतना परिषद रतलाम द्वारा 85 दिव्यांगजनों एवं विकासखण्ड पिपलोधा क्षेत्र अंतर्गत आवासीय छात्रावास में 50 दिव्यांग बच्चों को शिक्षा प्रदान की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा दिव्यांग व्यक्तियों का परीक्षण कर अब तक कुल 13,414 यू.डी.आई.डी. कार्ड बनाए गए हैं। रोजगार के संबंध में निर्धारित मापदण्ड अनुसार दिव्यांगजनों को छ: प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान जिले में भी लागू है। सहायक उपकरण भी दिये जाते है। साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजनान्तर्गत दिव्यांगजनों को आवास उपलब्ध कराया जाता है। जिला रतलाम में विकासखण्डवार किये गये कार्यों की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार।
भवन विहीन आंगनवाड़ी केन्द्रों हेतु भवन स्वीकृति
[महिला एवं बाल विकास]
70. ( क्र. 3165 ) श्री विपीन जैन : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या मंदसौर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत भवन विहीन आंगनवाड़ी केन्द्रों के लिए नवीन आंगनवाड़ी भवन निर्माण किए जाने हेतु प्रस्ताव विभाग को प्रेषित किए गए हैं? यदि हाँ, तो सूची देवें। (ख) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित कितने आंगनवाड़ी भवन मंदसौर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत स्वीकृत किए जा चुके हैं और प्रेषित प्रस्ताव के तारतम्य में कितने भवन स्वीकृत किया जाना शेष हैं?
महिला एवं बाल विकास मंत्री ( सुश्री निर्मला भूरिया ) : (क) मंदसौर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत जिले से प्राप्त 265 आंगनवाड़ी भवनों के निर्माण का प्रस्ताव पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) उत्तरांश (क) में उल्लेखित मंदसौर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत जिले से प्रस्तावित 265 भवनों में से कोई भवन स्वीकृत नहीं किये गये हैं। इन 265 आंगनवाड़ी केन्द्रों में से 104 आंगनवाड़ी केन्द्र अन्य शासकीय भवनों में तथा 161 आंगनवाड़ी केन्द्र किराये के भवनों में संचालित है। भवन विहीन कोई केन्द्र नहीं है।
कर्मचारियों के स्थानांतरण एवं समायोजन
[जनजातीय कार्य]
71. ( क्र. 3166 ) श्री विपीन जैन : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विभाग में भरे हुए पदों पर कर्मचारियों के स्थानांतरण किस आधार और नीति के तहत किए गए हैं? कृपया विस्तृत जानकारी देवें। (ख) भरे हुए पदों पर स्थानांतरित कर्मचारियों को जिले में अन्य स्थानों पर समायोजित करने के नियम क्या हैं? (ग) क्या जिला संयोजक/सहायक आयुक्त द्वारा कर्मचारियों को जिले में अन्य स्थानों पर समायोजित किया जा सकता है? यदि हाँ, तो इसके लिए शासनादेश की प्रति उपलब्ध कराई जाए। (घ) स्थानांतरण से पूर्व मध्यप्रदेश के समस्त जिला संयोजक/सहायक आयुक्त द्वारा प्रस्तुत रिक्त पदों की जानकारी उपलब्ध कराएं।
जनजातीय कार्य मंत्री ( डॉ. कुंवर विजय शाह ) : (क) जनजातीय कार्य विभाग अंतर्गत स्थानांतरण सामान्य प्रशासन विभाग के परिपत्र क्रमांक एफ 6-1/1/2024/एक/9 भोपाल, दिनांक 29 अप्रैल, 2025 के द्वारा जारी स्थानांतरण नीति वर्ष 2025 की कंडिका 41 में निहित प्रावधान अनुसार ऑनलाईन e-HRMS पोर्टल के माध्यम से पोर्टल में उपलब्ध वेकेन्सी मास्टर में दर्शित रिक्तियों के आधार पर किया गया। स्थानांतरण नीति वर्ष 2025 की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'अ' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'अ' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'अ' एवं 'ब' अनुसार है। (घ) वर्ष 2025 में विभागांतर्गत कर्मचारियों के स्थानांतरण जिला संयोजक/ सहायक आयुक्त द्वारा e-HRMS पोर्टल पर ऑनलाईन दर्ज रिक्त पदों के आधार पर किए गए है। वर्तमान में स्थानांतरण पश्चात कार्यमुक्त एवं कार्यगृहण की कार्यवाही पूर्ण हो जाने से स्थानांतरण के पूर्व की रिक्तियां बताया जाना संभव नहीं है।
शिक्षकों के स्थानांतरण/प्रतिनियुक्ति की जानकारी
[जनजातीय कार्य]
72. ( क्र. 3169 ) श्री दिनेश राय मुनमुन : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जनजातीय कार्य विभाग सिवनी में कौन-कौन से विकासखण्डों में विद्यालय संचालित है? अप्रैल 2020 से प्रश्नांकित दिनांक तक पदस्थ सभी संवर्ग के शिक्षकों/कर्मचारियों के स्थानांतरण किन-किन संस्थान में हुये है? स्थानांतरण आदेशों की छायाप्रति उपलब्ध करावें। (ख) क्या प्रश्नांश (क) में वर्णित स्थान अंतर्गत अप्रैल 2020 से प्रश्नांकित दिनांक तक सभी संवर्गों के शिक्षकों के शिक्षा विभाग से जनजातीय कार्य विभाग के विद्यालयों में स्थानांतरण/प्रतिनियुक्ति आदेश हुये हैं, ऐसे शिक्षकों के नाम, पदनाम, पदस्थापना संस्था, स्थानांतरण/प्रतिनियुक्ति संस्था सहित विकासखण्डवार जानकारी देवें। (ग) प्रश्नांश (ख) के संदर्भ में शिक्षा विभाग से किन-किन शिक्षकों द्वारा संविलियन हेतु अनापत्ति प्रमाण-पत्र प्राप्त किये गये है? छायाप्रति उपलब्ध करावें। यदि शिक्षा विभाग से अनापत्ति न लेने पर भी स्थानांतरण कर दिया गया है, तो इसके लिये कौन-कौन अधिकारी दोषी है? (घ) सिवनी जिले में विभाग के कितने विद्यालय एवं छात्रावास कहां संचालित है? इनमें से कितने शिक्षक/कर्मचारियों की पदस्थापना अधीक्षक के पद पर की गई है? नाम, पदनाम, पदस्थापना दिनांक, नियुक्ति दिनांक सहित जानकारी देवें।
जनजातीय कार्य मंत्री ( डॉ. कुंवर विजय शाह ) : (क) जनजातीय कार्य विभाग सिवनी अंतर्गत कुरई, छपारा, लखनादौन, धनौरा एवं घंसौर विकासखण्डों में विद्यालय संचालित है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट “अ” अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट “ब” अनुसार है। (ग) प्रश्नांश (ख) स्थानांतरण/प्रतिनियुक्ति से संबंधित है। प्रश्नांश (ग) के संदर्भ में शिक्षा विभाग से जनजातीय कार्य विभाग में संविलियन हेतु अनापत्ति प्रमाण-पत्र प्रस्तुत नहीं किये गये है। प्रश्नांश (ख) के संदर्भ में शिक्षा विभाग से जनजातीय कार्य विभाग के विद्यालयों में शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति हेतु शिक्षा विभाग की अनापत्ति/सहमति ली गई है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट “स” अनुसार है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट “द” अनुसार है।
सार्वजनिक विकास कार्य हेतु राशि प्रदाय
[अनुसूचित जाति कल्याण]
73. ( क्र. 3173 ) श्री बाबू जन्डेल : क्या अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) श्योपुर जिले अंतर्गत दिनांक 01.04.2020 से प्रश्न दिनांक तक आदिम जाति कल्याण विभाग द्वारा सार्वजनिक कार्य किये जाने हेतु कितनी-कितनी राशि प्रदान की गई है? विधानसभावार विकासखण्डवार विवरण देवें। राशि वितरण का अनुपात किस आधार पर तय किया जाता है? वर्षवार राशि का विवरण विधानसभावार देवें। (ख) विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत आदिम जाति कल्याण विभाग द्वारा, विद्युत पोल, ट्रान्सफार्मर, सड़क निर्माण, मांगलिक भवन एवं अन्य कितने कार्य प्रस्तावित है? कितने कार्यों की विभाग द्वारा स्वीकृति प्रदान की गई? ग्रामवार, पंचायतवार, कार्यवार विवरण देवें। श्योपुर जिले अंतर्गत आदिम जाति कल्याण विभाग में वित्तीय वर्ष 2023-24 एवं 2024-25 में कुल कितना बजट प्राप्त हुआ एवं कहां-कहां, किन-किन कार्यों पर कितना-कितना व्यय हुआ? बजट का सम्पूर्ण विवरण देवें। (ग) आदिम जाति कल्याण विभाग द्वारा विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत संचालित छात्रावास, छात्रों की संख्या, पदस्थ स्टाफ की जानकारी पदस्थापना दिनांक इत्यादि विवरण देवें? संचालित छात्रावासों हेतु क्या-क्या सामग्री किस माध्यम से कब-कब क्रय की गई? सामग्री से संबंधित क्रय आदेशों की एवं किए गए भुगतानों का सम्पूर्ण विवरण उपलब्ध करावें। (घ) श्योपुर जिला अंतर्गत वर्ष 2020 से प्रश्न दिनांक तक अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग को कृषि भूमि पर विद्युत पोल, विद्युत लाईन एवं ट्रान्सफार्मर प्रदान किए गए है? व्यय का वर्षवार, ग्रामवार, हितग्राहीवार विवरण देवें। उक्त कार्य किसके आदेश एवं अनुमति एवं अनुशंसा पर स्वीकृत किये गये? आदेश निर्देशों की छायाप्रति उपलब्ध करावें।
अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री ( श्री नागर सिंह चौहान ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ अनुसार है। नियम पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ब अनुसार है। (ख) कोई कार्य प्रस्तावित नहीं। शेष वर्षवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-स एवं द अनुसार हैं। (घ) जानकारी निरंक है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
बस्ती विकास योजनांतर्गत स्वीकृत कार्य
[जनजातीय कार्य]
74. ( क्र. 3176 ) इंजीनियर प्रदीप लारिया : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति बस्ती विकास योजना अंर्तगत सागर जिले को वर्ष 2024-25, 2025-26 में आवंटन राशि प्राप्त हुई? जानकारी देवें। (ख) प्रश्नांश (क) में वर्णित आवंटन राशि से वर्ष 2024-25 में नरयावली विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत किन-किन कार्यों हेतु राशि स्वीकृत की गई? जानकारी देवें तथा प्रश्न दिनांक तक स्वीकृत कार्यों की अद्यतन स्थिति क्या है? जानकारी देवें। (ग) क्या प्रश्नांश (क) में वर्णित वर्ष 2025-26 की आवंटित राशि के संबंध में विभाग को कितने आवेदन प्राप्त हुए है? विधानसभावार जानकारी देवें तथा विभाग द्वारा स्वीकृत राशि के लिए प्रश्न दिनांक तक क्या कार्यवाही की गई? जानकारी देवें। (घ) क्या प्रश्नांश (ग) में वर्णित राशि के संबंध में नरयावली विधानसभा क्षेत्र के कितने कार्यों के प्रस्ताव/प्राक्कलन को स्वीकृति के प्रस्ताव में सम्मिलित किया गया है? जानकारी देवें।
जनजातीय कार्य मंत्री ( डॉ. कुंवर विजय शाह ) : (क) जी हां। अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति बस्ती विकास योजना अंतर्गत सागर जिले को वर्ष 2024-25, 2025-26 में प्राप्त आवंटन राशि का विवरण इस प्रकार है:-
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योजना का नाम |
प्राप्त आवंटन लाख में |
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वर्ष 2024-25 |
वर्ष 2025-26 |
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अनुसूचित जाति बस्ती विकास योजना |
131.14 |
276.20 |
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अनुसूचित जनजाति बस्ती विकास योजना |
69.55 |
69.55 |
(ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट-''अ'' अनुसार है। (ग) जानकारी संलग्न परिशिष्ट-''ब'' अनुसार है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्रश्न दिनांक तक प्राप्त आवंटन के विरूद्ध प्राप्त प्रस्तावों की कार्य योजना जिला स्तरीय समिति के समक्ष प्रस्तुत है। (घ) उत्तरांश (ग) अनुसार।
सार्वजनिक वितरण प्रणाली अंतर्गत खाद्य वितरण
[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण]
75. ( क्र. 3177 ) डॉ. रामकिशोर दोगने : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) हरदा विधानसभा क्षेत्र में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत वर्तमान में कुल कितनी उचित मूल्य दुकानें संचालित हैं तथा उनके माध्यम से कौन-कौन सी खाद्य सामग्री वितरित की जा रही है? (ख) हरदा विधानसभा क्षेत्र में अंत्योदय, पात्र गृहस्थी एवं प्राथमिकता परिवार श्रेणी के अंतर्गत पंजीकृत लाभार्थियों की संख्या कितनी है? (ग) क्या वर्ष 2023-24, 2024-25 एवं 2025-26 में हरदा विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत खाद्यान्न का कुल आवंटन एवं वास्तविक वितरण, वितरण में अनियमितता संबंधी प्राप्त शिकायतों की संख्या, सही पाई गई शिकायतों पर की गई कार्यवाही का विवरण उपलब्ध कराएं। (घ) क्या हरदा विधानसभा क्षेत्र की उचित मूल्य दुकानों पर ई-पॉस मशीन, आधार प्रमाणीकरण, ई-केवाईसी एवं 'वन नेशन वन राशन कार्ड' योजना सुचारु रूप से संचालित है? यदि नहीं, तो क्या संचालन में आ रही समस्याओं एवं उनके निराकरण हेतु कोई कदम उठाये गये हैं? जानकारी दें। (ड.) वर्ष 2025-26 में हरदा विधानसभा क्षेत्र में नए राशन कार्ड बनाए जाने, नाम जोड़ने/हटाने एवं अपात्र कार्ड निरस्त किए जाने के कितने प्रकरण हुए हैं? उनका विवरण उपलब्ध कराएं।
खाद्य मंत्री ( श्री गोविन्द सिंह राजपूत ) : (क) प्रश्नांकित विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत वर्तमान में कुल 147 उचित मूल्य दुकानें संचालित हैं जिनके माध्यम से प्राथमिकता परिवारों को गेहूं, चावल, नमक तथा अंत्योदय परिवारों को गेहूं, चावल, नमक एवं शक्कर का वितरण किया जाता है। (ख) प्रश्नांकित विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत अंत्योदय श्रेणी के अंतर्गत 3546 पात्र परिवार (13466 सदस्य) एवं प्राथमिकता परिवार श्रेणी के अंतर्गत 48430 परिवार के 202811 पंजीकृत सदस्य हैं। (ग) प्रश्नांकित अवधि में प्रश्नांकित विधानसभा क्षेत्रांतर्गत खाद्यान्न के आवंटन की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'अ' अनुसार एवं वास्तविक वितरण की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'ब' अनुसार है। वितरण में अनियमितता संबंधी शिकायतें एवं उन पर की गई कार्यवाही की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'स' अनुसार है। (घ) जी हाँ। शेष भाग का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ड.) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'द' अनुसार है।
शासकीय परिसंपत्तियों का प्रबंधन एवं संरक्षण
[लोक परिसम्पत्ति प्रबंधन]
76. ( क्र. 3178 ) डॉ. रामकिशोर दोगने : क्या लोक परिसम्पत्ति प्रबंधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) लोक परिसंपत्ति प्रबंधन विभाग के अंतर्गत हरदा जिले में कुल कितनी शासकीय परिसंपत्तियाँ पंजीकृत हैं, जिनमें शासकीय भवन, कार्यालय, आवास एवं शासकीय भूमि सम्मिलित हैं? परिसंपत्तियों की श्रेणीवार एवं स्थानवार जानकारी उपलब्ध करावें। (ख) वर्तमान में कितनी शासकीय परिसंपत्तियाँ अतिक्रमण की स्थिति में हैं तथा अतिक्रमण हटाने हेतु विभाग द्वारा अब तक क्या कार्रवाई की गई है? स्पष्ट करें। (ग) वर्ष 2023-24, 2024-25 एवं 2025-26 में शासकीय परिसंपत्तियों के रख-रखाव, मरम्मत, जीर्णोद्धार एवं पुनर्निर्माण हेतु कितनी राशि स्वीकृत की गई तथा उसमें से कितनी राशि व्यय की गई है? विवरण देवें। (घ) विभाग के अंतर्गत हरदा जिले में कितनी शासकीय परिसंपत्तियाँ किराये अथवा लीज पर दी गई हैं, उनसे प्राप्त वार्षिक राजस्व कितना है तथा बकाया राशि का परिसंपत्तिवार विवरण क्या है? (ड.) शासकीय परिसंपत्तियों के डिजिटलीकरण, ऑनलाइन रिकॉर्ड संधारण एवं पारदर्शी प्रबंधन हेतु विभाग द्वारा अब तक क्या कार्यवाही की गई है? (च) जर्जर एवं अनुपयोगी शासकीय परिसंपत्तियों के संरक्षण, उपयोगिता बढ़ाने एवं राजस्व वृद्धि हेतु शासन की भविष्य की क्या कार्ययोजना है?
लोक परिसम्पत्ति प्रबंधन मंत्री ( डॉ. कुंवर विजय शाह ) : (क) लोक परिसम्पत्ति प्रबंधन विभाग के पोर्टल अंतर्गत हरदा जिले में कोई भी शासकीय परिसम्पत्तियाँ इन्द्राज (पंजीकृत) नहीं हैं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ख) विभाग द्वारा शासकीय परिसम्पत्तियों पर अतिक्रमण की स्थिति के रिकार्ड का संधारण नहीं किया जाता। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) शासकीय परिसंपत्तियों के रख-रखाव, मरम्मत, जीर्णोद्धार एवं पुनर्निर्माण का कार्य लोक परिसम्पत्ति प्रबंधन विभाग के दायित्वों से संबंधित नहीं हैं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) विभाग द्वारा शासकीय परिसम्पत्तियों को किराये अथवा लीज पर दिए जाने के रिकार्ड का संधारण नहीं किया जाता। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ड.) विभाग द्वारा परिसम्पत्तियों के डिजिटलीकरण, ऑनलाइन रिकॉर्ड संधारण हेतु Government Asset Mapping (GAM) पोर्टल निर्मित किया गया है। जिसमें अब तक 11740 परिसम्पत्तियाँ दर्ज की गईं हैं। (च) विभाग द्वारा जर्जर एवं अनुपयोगी शासकीय परिसंपत्तियों के संरक्षण, उपयोगिता बढ़ाने का कार्य नहीं किया जाता है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
गोपनीय चरित्रावली (CR/APAR) के लंबित मतांकन
[महिला एवं बाल विकास]
77. ( क्र. 3181 ) श्री महेश परमार : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या विभागीय अधिकारियों की गोपनीय चरित्रावली (CR/APAR) का लेखन एवं अग्रेषण संचालनालय स्तर से किया जाता है? यदि हाँ, तो वर्ष 2021-22 से प्रश्न दिनांक तक कितने अधिकारियों की गोपनीय चरित्रावली मतांकन हेतु प्राप्त हुई? अधिकारीवार सूची उपलब्ध कराएं। (ख) प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्य में यह स्पष्ट किया जाए कि कितने अधिकारियों की गोपनीय चरित्रावली मतांकन हेतु लंबित है? उनके नाम, पद, लंबित अवधि तथा विलंब के कारण क्या हैं? क्या यह स्थिति कार्मिक विभाग के APAR दिशा-निर्देशों एवं म.प्र. सिविल सेवा नियमों का उल्लंघन नहीं है? (ग) गोपनीय चरित्रावली के मतांकन के अभाव में संबंधित अधिकारियों का समयमान वेतनमान/वित्तीय उन्नयन लंबित है? यदि हाँ, तो उनकी सूची दी जाए। (घ) क्या मतांकन में प्रशासनिक विलंब के कारण अधिकारियों को आर्थिक क्षति हुई है? यदि हाँ, तो क्या यह विषय भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) के ऑडिट दायरे में लाकर वित्तीय दायित्व निर्धारित किया गया है? ऑडिट आपत्ति की स्थिति स्पष्ट की जाए। (ङ) क्या गोपनीय चरित्रावली के समय पर मतांकन न होने से उत्पन्न आर्थिक क्षति एवं सेवा लाभों के हनन के मामलों में लोकायुक्त संगठन के अधिकार क्षेत्र अंतर्गत उत्तरदायी अधिकारियों की भूमिका निर्धारित कर शिकायत/जांच प्रस्तावित है? यदि हाँ, तो उसका विवरण दिया जाए। (च) गोपनीय चरित्रावली का समय पर मतांकन सुनिश्चित न करने वाले अधिकारियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही कब तक एवं किस स्तर पर की जाएगी तथा लंबित समस्त मतांकन किस समय-सीमा में पूर्ण किए जाएंगे?
महिला एवं बाल विकास मंत्री ( सुश्री निर्मला भूरिया ) : (क) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''अ'' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''ब'' अनुसार है। गोपनीय चरित्रावली पर मतांकन एक निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है। गोपनीय चरित्रावली पर विभाग में निर्धारित चैनल अनुसार विभिन्न स्तरों पर मतांकन किया जाता है। प्रतिवेदित अधिकारियों द्वारा गोपनीय चरित्रावली विलंब से प्रस्तुत करने, मतांकनकर्ता अधिकारियों के द्वारा विलंब से मतांकन/स्थानांतरण हो जाने के कारण गोपनीय चरित्रावली पर मतांकन में विलंब होता है। (ग) जी नहीं। शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) जी नहीं। अधिकारियों को उन्नयन/समयमान वेतनमान उनकी पात्रता दिनांक से ही स्वीकृत कर आर्थिक लाभ प्रदान किया जाता है। शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ङ) उत्तरांश (घ) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (च) उत्तरांश (ख) के परिप्रेक्ष्य में शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। समय-सीमा दिया जाना संभव नहीं है।
आंगनवाड़ी केन्द्रों के भवनों का निर्माण
[महिला एवं बाल विकास]
78. ( क्र. 3183 ) श्री शैलेन्द्र कुमार जैन : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) प्रश्नकर्ता के अतारांकित प्रश्न क्रमांक 992, दिनांक 02.12.2025 के उत्तरांश में बताया गया था कि, महिला बाल विकास विभाग द्वारा सागर शहरी परियोजना क्र. 01 एवं शहरी परियोजना क्र. 02 अंतर्गत कुल 200 आंगनवाड़ी केन्द्र संचालित है, जिसमें से 45 आंगनवाड़ी केन्द्र विभागीय भवनों में, 03 अन्य शासकीय भवनों में एवं 152 किराये के भवनों में संचालित है। प्रदेश में 5360 आंगनवाड़ी केन्द्रों के भवन निर्माण हेतु योजना प्रचलन में है, किन्तु आंगनवाड़ी भवन निर्माण हेतु बजट आवंटन वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता पर निर्भर है, तो क्या सागर शहरी परियोजनांर्गत आंगनवाड़ी केन्द्रों के भवन निर्माण हेतु कोई बजट स्वीकृत किया गया है? (ख) यदि हाँ, तो उक्त बजट की कुल राशि कितनी है तथा सागर शहरी परियोजनांतर्गत किन-किन स्थानों पर आंगनवाड़ी केन्द्रों के भवनों का निर्माण कराया जाना प्रस्तावित है? विस्तृत विवरण सहित जानकारी उपलब्ध कराये। (ग) क्या सागर शहरी परियोजनांतर्गत संचालित आंगनवाड़ी केन्द्रों में स्थाई एवं सुचारू विद्युत व्यवस्था का अभाव है? यदि हाँ, तो शासन द्वारा स्थाई एवं सुचारू विद्युत व्यवस्था उपलब्ध कराये जाने हेतु क्या कार्यवाही की जा रही है तथा यह व्यवस्था कब तक सुनिश्चित की जाएगी?
महिला एवं बाल विकास मंत्री ( सुश्री निर्मला भूरिया ) : (क) जी हाँ। जी नहीं, कोई भी बजट जारी नहीं किया गया है। (ख) सागर शहरी परियोजना हेतु आंगनवाड़ी भवन निर्माण हेतु बजट आवंटित नहीं किये जाने से शेष का प्रश्न नहीं उठता। (ग) सागर शहरी परियोजना 01 एवं 02 अंतर्गत 151 केंद्रों में स्थाई एवं सुचारू विद्युत व्यवस्था उपलब्ध है, शेष 49 शासकीय भवनों में अस्थाई विद्युत व्यवस्था उपलब्ध है, स्थाई विद्युत कनेक्शन वित्तीय संसाधन की उपलब्धता के आधार पर आंगनवाड़ी केंद्रों में उपलब्ध कराये जा रहे हैं, समय-सीमा देना संभव नहीं है।
जल जीवन मिशन अंतर्गत कार्यों की जानकारी
[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]
79. ( क्र. 3187 ) श्री धीरेन्द्र बहादुर सिंह : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या प्रश्नकर्ता के विधानसभा प्रश्न क्रमांक-1736, दिनांक 05/07/2024 के उत्तरांश (क) अनुसार बड़वारा विधानसभा के ग्रामों में मापदंडानुसार पेयजल की उपलब्धता हैं? हाँ, तो किन-किन ग्रामों में और कितनी-कितनी नहीं तो मापदंड अनुसार पेयजल की उपलब्धता के क्या-क्या कार्य किस प्रकार किए जायेंगे? (ख) जल-जीवन मिशन क्या हैं और योजना में क्या-क्या कार्य किस प्रकार किए जाने के नियम/निर्देश हैं और योजनांतर्गत बड़वारा विधानसभा में क्या-क्या कार्य किए जाने के कौन से प्रस्ताव कब-कब स्वीकृत किए गए और कार्यों को किन-किन ठेकेदार फार्मों द्वारा किन-किन तकनीकी शासकीय सेवकों के पर्यवेक्षण में कब से कराया जा रहा हैं? ग्रामवार कार्यों की वर्तमान स्थिति की जानकारी दें। (ग) विधानसभा प्रश्न क्रमांक-1736,दिनांक 05/07/2024 के उत्तरांश (क) अनुसार जल प्रदाय योजनाओं में बड़वारा विधानसभा में ग्रामवार कितनी-कितनी लागत से कौन-कौन कार्य स्वीकृत हैं? किन-किन कार्यों को कब तक किया जाना लक्षित था? प्रश्न दिनांक तक किन-किन कार्यों को पूर्ण किया गया? किन-किन कार्यों को कब तक पूर्ण किया जायेगा? ग्रामवार बताइये तथा म.प्र. जल निगम द्वारा संचालित समूह जलप्रदाय योजना के क्रियान्वयन की ग्रामवार भौतिक स्थिति से अवगत कराएं। (घ) क्या प्रश्नांश (क) से (ग) के तहत ग्रामों में निर्धारित मात्रा में पेयजल की आपूर्ति/उपलब्धता न होने और स्वीकृत/संचालित योजनाओं के गुणवत्ताविहीन कार्यों तथा नियत अवधि में कार्य पूर्ण न करने पर कोई कार्यवाहियां की गयी? यदि हाँ, तो कार्यवाही का प्रकरणवार विवरण दें।
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( श्रीमती संपतिया उइके ) : (क) जी हाँ। एकल ग्राम नल जल योजना के संबंध में जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-01 अनुसार तथा जल निगम की समूह जल प्रदाय योजनाओं की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-02 अनुसार है। (ख) जल जीवन मिशन भारत सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है, जिसके अंतर्गत प्रत्येक ग्रामीण परिवार को न्यूनतम 55 लीटर प्रति व्यक्ति प्रतिदिन के मापदण्ड से क्रियाशील घरेलू नल कनेक्शन के माध्यम से निरंतर शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना हैं। योजना अंतर्गत समस्त कार्य शासन के दिशा- निर्देशानुसार किये जाते हैं, शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-01, 02 एवं 03 अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-01, 02 एवं प्रपत्र 03 अनुसार हैं। (घ) प्रश्नांश के तहत ग्रामों में निर्धारित मात्रा में पेयजल की आपूर्ति/उपलब्धता हो रही हैं। स्वीकृत संचालित योजनाओं के कार्यों का उपयंत्री/सहायक यंत्री एवं थर्ड पार्टी इन्स्पेक्शन के देख रेख में गुणवत्ता पूर्ण कार्य करायें जाते हैं। नियत अवधि में कार्य पूर्ण न करने पर कार्य एजेंसी मेसर्स नेटलिंक साफ्टवेयर भोपाल की फर्म को काली सूची में दर्ज करने हेतु प्रस्तावित किया गया है। इंदवार-1 समूह जल प्रदाय योजना में विलंब हेतु ठेकेदार के चलित देयकों से अनुबंधानुसार राशि काटी गई है।
नल जल योजनाओं का क्रियान्वयन
[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]
80. ( क्र. 3191 ) श्री प्रणय प्रभात पांडे : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) बहोरीबंद विधानसभा क्षेत्र में प्रधानमंत्री जल जीवन मिशन अंतर्गत कहां-कहां पर कितनी लागत की एकल एवं समूह जल प्रदाय योजनाएं स्वीकृत की गई? जानकारी दें। निविदाकार के नाम एवं अनुबंध अनुसार तय कार्यपूर्णता दिनांक सहित संपूर्ण सूची देवें। (ख) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित योजनाओं में से कौन-कौन सी कब पूर्ण हुई एवं कौन-कौन सी किन कारणों से अपूर्ण एवं अप्रारंभ है? अपूर्ण योजनाओं में कितने प्रतिशत कौन-कौन सा कार्य अपूर्ण है तथा अपूर्ण कार्य कब तक पूर्ण होगा बतलावें, जनपदवार, योजनावार संपूर्ण सूची देवें। (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के संदर्भ में उल्लेखित योजनाओं के निर्माण में गुणवत्ता पूर्ण निर्माण न करने, ग्राम के खोदी गई सी.सी. मार्गों का निर्माण न करने या गुणवत्तापूर्ण सी.सी. मार्ग का निर्माण न करने तथा निर्माण कार्य में गुणवत्ताविहीन सामग्री का उपयोग करने की कहां-कहां की कितनी शिकायतें किसके द्वारा कब शासन स्तर पर प्राप्त हुई? इन प्राप्त शिकायतों पर कब किसने कार्यवाही की योजनावार सूची एवं की गई कार्यवाही का विवरण दें।
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( श्रीमती संपतिया उइके ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-01, 02 एवं 03 अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-04 एवं 05 अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-06 अनुसार है।
कुपोषण एवं कैग की रिपोर्ट पर कार्यवाही
[महिला एवं बाल विकास]
81. ( क्र. 3227 ) श्री पंकज उपाध्याय : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) वर्ष 2020-21 से 2025-26 तक आंगनवाड़ी, मिनी आंगनवाड़ी, हितग्राहीवार संख्या, कुपोषित बच्चों की श्रेणीवार संख्या की वर्षवार जिलेवार जानकारी दें। (ख) वर्ष 2020-21 से 2025-26 तक वर्षवार जिलेवार बतावें कि किस कैटेगरी के कितने हितग्राही को टेक होम राशन तथा नाश्ता एवं गर्म पका भोजन दिया जा रहा है? उत्पादन एवं प्रदाय किस एजेंसी द्वारा एवं उसे कितना भुगतान किया गया? (ग) कैग का 2024 का प्रतिवेदन संख्या 8 में आजीविका मिशन द्वारा टेक होम राशन तथा नाश्ता एवं गर्म पका भोजन उत्पादन एवं प्रदाय में किस जिले में किस प्रकार की अनियमितता का जिक्र किया गया? कैग की रिपोर्ट पर आजिविका मिशन पर क्या कार्यवाही की गई? उसे उत्पादन एवं प्रदाय की जिम्मेदारी से निलंबित क्यों नहीं किया गया? (घ) प्रश्नांश (ग) में उल्लेखित कैग की रिपोर्ट के संदर्भ में लोकायुक्त में चल रहे, जांच प्रकरण में, प्राप्त पत्र तथा भेजे गए उत्तर की प्रति देवें। कैग की रिपोर्ट पर किस-किस जिले के किस-किस अधिकारी पर किस प्रकार की अनियमितता के लिए क्या कार्यवाही की गई? उन्हें दिए नोटिस की प्रतियां देवें। (ङ) वर्ष 2020 से 2025 के मध्य केंद्र की एजेंसियों द्वारा दी गई, प्रदेश में नवजात शिशु मृत्यु दर, बाल मृत्यु दर, गर्भवती महिला मृत्यु दर, कुपोषित बच्चों की संख्या एवं इनमें देश में प्रदेश का स्थान बतावें।
महिला एवं बाल विकास मंत्री ( सुश्री निर्मला भूरिया ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-1 अनुसार है। (ख) जानकारी विस्तृत प्रकृति की होने से जिलों से एकत्रित की जा रही है। (ग) मध्यप्रदेश राज्य आजीविका मिशन द्वारा टेकहोम राशन का उत्पादन एवं प्रदाय किया गया है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-2 अनुसार है। प्रतिवेदन विधान सभा की लोक लेखा समिति के समक्ष प्रचलन में है। शेष का प्रश्न ही नहीं। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-3 अनुसार है। प्रतिवेदन विधान सभा की लोक लेखा समिति के समक्ष प्रचलित है। शेष का प्रश्न ही नहीं। (ड.) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-4 अनुसार है।
रिक्त पदों की जानकारी
[महिला एवं बाल विकास]
82. ( क्र. 3228 ) श्री पंकज उपाध्याय : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) जिला मुरैना अन्तर्गत विगत दो वर्षों में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायक की भर्ती कब-कब निकाली गई? भर्तियों से संबंधित विज्ञप्ति, नियम एवं शर्तें क्या थीं? संपूर्ण जानकारी दस्तावेजों सहित उपलब्ध कराएं। (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार भर्तियों के संदर्भ में विधानसभा जिला मुरैना अन्तर्गत रिक्त पदों की तथा उनके विरुद्ध प्राप्त आवेदनों की जानकारी एवं समस्त चयनित एवं अचयनित आवेदकों की परियोजनावार सूची तथा जौरा विधानसभा के संदर्भ में उनके द्वारा प्रस्तुत किए गए दस्तावेजों की प्रतियाँ उपलब्ध कराएं। (ग) प्रश्नांश (क) अनुसार भर्तियों में भ्रष्टाचार एवं घोटाले के संबंध में कुल कितनी शिकायतें एवं किस स्तर पर की गई? उन शिकायतों के संदर्भ में किस-किस अधिकारी द्वारा जांच की गई? क्या प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया एवं क्या कार्यवाही की गई? शिकायतवार जानकारी उपलब्ध कराएं।
महिला एवं बाल विकास मंत्री ( सुश्री निर्मला भूरिया ) : (क) विज्ञापित पदों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-1 एवं विज्ञप्ति संबंधी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-2 पर तथा नियम एवं शर्ते संबंधी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-3 अनुसार है। (ख) वर्ष 2024 में नियुक्ति प्रक्रिया संपादित नहीं हुई थी। वर्ष 2025 में नियुक्ति प्रक्रिया ऑनलाइन चयन पोर्टल के माध्यम से की गई, जिसकी संपूर्ण जानकारी ऑनलाइन संधारित की गई थी। जिला मुरैना अंतर्गत रिक्त पदों पर प्राप्त आवेदनों की जानकारी एवं जौरा विधानसभा अंतर्गत प्राप्त दस्तावेजों की जानकारी विस्तृत स्वरूप की होने से जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट (पेन ड्राइव) अनुसार है। (ग) आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं की नियुक्ति में विभागीय भर्ती नियमों में किये गये प्रावधान अनुसार प्राप्त दावा/आपत्तियों का निराकरण किया गया। मुरैना जिले में भ्रष्टाचार एवं घोटाले संबंधी जानकारी निरंक होने से शेष का प्रश्न नहीं है।
विशेष पिछड़ी जनजाति (सहरिया) समुदाय का उत्थान
[जनजातीय कार्य]
83. ( क्र. 3230 ) श्री मोहन सिंह राठौर : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में विशेष पिछड़ी जनजाति के विकास/उत्थान के लिए कोई विशेष योजना क्रियान्वित की जा रही है? यदि हां, तो नियम/निर्देश की प्रति उपलब्ध कराएं। (ख) ग्वालियर जिले की भितरवार विधानसभा क्षेत्र में विशेष पिछड़ी जनजाति (सहरिया) समुदाय की जनसंख्या लगभग तीस हजार है। इस जाति हेतु कोई विशेष कार्य योजना तैयार की गई है/की जा रही है? अवगत कराएं। (ग) प्रश्नांश (ख) का उत्तर यदि हां में है तो कौन-कौन सी योजना तैयार की गई है? कितने लोगों को लाभान्वित किया है? नामवार जानकारी दें। यदि कोई विशेष योजना तैयार नहीं की गई है तो कब तक तैयार की जाकर सहरिया समुदाय को लाभान्वित किया जाएगा?
जनजातीय कार्य मंत्री ( डॉ. कुंवर विजय शाह ) : (क) प्रदेश में जनजाति वर्ग हेतु अन्य योजनाओं के साथ-साथ विशेष पिछड़ी जनजाति लिए विकास/एवं उत्थान के लिए विशेष रूप से आहार अनुदान योजना एवं पीएम जनमन योजना संचालित है। उक्त योजनाओं संबंधी नियम/निर्देश की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) विधानसभा क्षेत्रवार किसी जाति विशेष के लिए कार्ययोजना तैयार नहीं की जाती है। प्रदेश में जनजाति वर्ग हेतु अन्य योजनाओं के साथ-साथ विशेष पिछड़ी जनजाति के विकास/उत्थान के लिए विशेष रूप से आहार अनुदान योजना एवं पीएम जनमन योजना संचालित है। (ग) प्रश्नांश (ख) माननीय विधायक द्वारा पूछे गए प्रश्न में शामिल नहीं है। उत्तरांश (ग) के प्रकाश में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। शेष उत्तरांश (ग) अनुसार।
नवीन आंगनवाड़ी केन्द्र की स्वीकृति
[महिला एवं बाल विकास]
84. ( क्र. 3231 ) श्री मोहन सिंह राठौर : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) प्रदेश में ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्र में नवीन आंगनवाड़ी/उप आंगनवाड़ी केन्द्र स्वीकृति के क्या दिशा-निर्देश है? दिशा-निर्देश की प्रति उपलब्ध कराएं। (ख) ग्वालियर जिले की भितरवार विधानसभा क्षेत्र में ऐसे कितने मजरा/टोले है, जहां जनसंख्या के मान से नवीन आंगनवाड़ी/उप आंगनवाड़ी केन्द्र खोला जाना आवश्यक है? मजरा टोलावार जानकारी दें। (ग) प्रश्नांश (ख) में पात्रता रखने वाले मजरा/टोला पर कब तक नवीन आंगनवाड़ी/उप आंगनवाड़ी केन्द्र खोलने हेतु स्वीकृति की कार्यवाही की जाएगी? समय-सीमा बताएं। यदि नहीं, तो क्यों?
महिला एवं बाल विकास मंत्री ( सुश्री निर्मला भूरिया ) : (क) भारत सरकार के निर्देश जानकारी संलग्न परिशिष्ट-1 अनुसार है। (ख) भितरवार विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत मजरा/टोले में जनसंख्या मान से 12 नवीन आंगनवाड़ी केन्द्र खोलने की आवश्यकता है। जानकारी संलग्न परिशिष्ट-2 अनुसार है। (ग) वतर्मान में भारत सरकार द्वारा विशेष जनजातीय क्षेत्रों हेतु प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान (PM-JANMAN) एवं धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान (DA-JGUA) के अतिरिक्त, नवीन आंगनवाड़ी केन्द्रों की स्वीकृति प्रदान नहीं की जा रही है, अत: शेष का प्रश्न नहीं।
दिव्यांगजनों को उपलब्ध कराये गये उपकरण
[सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण]
85. ( क्र. 3240 ) श्री कैलाश कुशवाहा : क्या सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रदेश में निःशक्तजनों (दिव्यांगजनों) को उनकी दिव्यांगता की श्रेणी के अनुसार सहायक उपकरण प्रदान किए जाते हैं? दृष्टिबाधित, श्रवणबाधित, अस्थिबाधित, मानसिक दिव्यांग, सेरेब्रल पाल्सी, ऑटिज़्म एवं बहुविकलांग श्रेणी के दिव्यांगजनों को कौन-कौन से उपकरण (जैसे ट्राइसाइकिल, व्हीलचेयर, श्रवण यंत्र, बैसाखी, कैलिपर्स, कृत्रिम अंग, ब्रेल किट, स्मार्ट केन आदि) प्रदाय किए जाते हैं तथा इनके लिए निर्धारित पात्रता के नियम क्या हैं? नियमों प्रति संलग्न कर जानकारी दें। (ख) जिला शिवपुरी में वर्ष 2023-24 से प्रश्न दिनांक तक दिव्यांगजनों को आवश्यक सहायक उपकरण वितरित करने हेतु शासन द्वारा कितनी-कितनी राशि स्वीकृत एवं व्यय की गई है? इस राशि से कौन-कौन से उपकरण क्रय किए गए हैं? उपकरणवार एवं वर्षवार जानकारी उपलब्ध करावें। सांसद विधायक मद से शिवपुरी जिलें में कितनी-कितनी राशि किस-किस उदे्दश्य से प्राप्त हुई? इससे कौन-कौन से उपकरण किन-किन को कब प्रदाय किए गये? (ग) चयनित हितग्राही को कितने दिनों के भीतर उपकरण प्रदाय करने का नियम है? प्रश्नाधीन अवधि में कौन-कौन से उपकरण किस-किस को प्रदाय किए गये? विकासखण्डवार एवं वर्षवार जानकारी बताएं। (घ) प्रश्नांश (ग) के परिप्रेक्ष्य में जनप्रतिनिधियों द्वारा अनुशंसित प्रकरणों में से कितनों का निराकरण किया गया है तथा कितने प्रकरण लंबित हैं? लंबित रहने के कारण स्पष्ट किए जाएँ एवं उनका निराकरण कब तक किया जाएगा? यदि नहीं, तो कारण बताये जाएँ।
सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण मंत्री ( श्री नारायण सिंह कुशवाह ) : (क) जी हां। भारत सरकार की एडिप योजना के नियम-निर्देशों के तहत समस्त श्रेणी के दिव्यांगजनो को उनकी आवश्यक एवं पात्रता के आधार पर परीक्षण शिविर उपरान्त कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण वितरित किये जाने का प्रावधान है। भारत सरकार की एडिप योजना के नियम-निर्देश एवं प्रदाय किये जाने वाले कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''अ'' अनुसार। (ख) भारत सरकार की एडिप योजनान्तर्गत भारत सरकार के उपक्रम एलिम्को द्वारा दिव्यांगजनों के लिए परीक्षण तथा कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण वितरण शिविर आयोजित किये जाकर दिव्यांगजनो की वर्ष 2023-24 से प्रश्न दिनांक तक जिला शिवपुरी में वितरित किये गये कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरणों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''ब'' अनुसार। सांसद एवं विधायक मद से शिवपुरी जिले में कोई राशि प्रदान नहीं की गई, शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) दिव्यांगजनों के चिन्हांकन एवं परीक्षण शिविर आयोजित कर चिन्हांकन उपरान्त कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण प्रदान किये जाते हैं, जो एक सतत् प्रक्रिया के अंतर्गत आता है, जिसकी समय-सीमा दिनों में निर्धारित नहीं है। जिला शिवपुरी में वितरित किये गये कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरणों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''ब'' अनुसार। वित्तीय वर्ष 2025-26 में आयोजित किये गये परीक्षण शिविरों में कृत्रिम अंग एवं सहयक उपकरण वितरण हेतु चयनित हितग्राहियों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''स'' अनुसार। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) प्रश्नाधीन अवधि में जनप्रतिनिधियों द्वारा अनुशंसित 9 प्रकरण प्राप्त हुए जिनका निराकरण किया जा चुका है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
अमानक पॉलिहाउस निर्माण घोटाले की जांच
[उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण]
86. ( क्र. 3241 ) श्री कैलाश कुशवाहा : क्या उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जनवरी 2019 से दिसम्बर 2025 तक शिवपुरी जिले में कुल कितने पॉलीहाउस, किस-किस व्यक्ति/कृषक की भूमि पर कहाँ-कहाँ और कब-कब लगाये गये हैं? इसके लिये किस-किस कृषक को कुल कितनी-कितनी सब्सिडी विभाग द्वारा दी गई, प्रत्येक पॉलीहाउस की कुल लागत कितनी थी? वर्षवार, तहसीलवार जानकारी देवें। (ख) प्रश्नांश (क) संदर्भित क्या वर्तमान में प्रदेश में पॉलीहाउस विभाग द्वारा लगाये जा रह हैं? यदि हाँ, तो वर्तमान में कुल कितनी सब्सिडी पॉलीहाउस पर दी जा रही है? नियमों की प्रति संलग्न कर जानकारी दें कि पॉलीहाउस निर्माण के लिये प्रदेश में कौन-कौन सी कंपनियां वर्तमान में कार्यरत हैं? (ग) उक्त पॉलीहाउस निर्माण वाली कितनी कंपनियों को उक्त अवधि में किस-किस कारण से ब्लैकलिस्ट किया गया तथा किस प्रकार की कार्यवाही निर्माणकर्ता कंपनी के खिलाफ की गई? (घ) क्या म.प्र. के अधिकांश जिलों का मौसम पॉलीहाउस के अनुकूल नहीं है? यदि नहीं, तो उक्त अवधि में सैंकड़ो पॉलीहाउस शिवपुरी जिले में क्षतिग्रस्त होने के क्या कारण रहे हैं? क्या पॉलीहाउस निर्माण कंपनी द्वारा जिस प्लास्टिक शेड का निर्माण किया जा रहा है वह अनुबंध के अनुसार है? इस संबंध में किस-किस कृषक ने किस-किस कंपनी के खिलाफ, कौन-कौन सी शिकायतें प्राप्त हुई और शिकायतों का क्या निराकरण किया गया? शिकायतों की प्रति संलग्न कर जानकारी दें।
उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण मंत्री ( श्री नारायण सिंह कुशवाह ) : (क) विभागीय योजना अन्तर्गत जनवरी 2019 से दिसम्बर 2025 तक शिवपुरी जिले में निर्मित पॉली हाउस की वर्षवार तहसीलवार, कृषकवार एवं स्थानवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्टि-''01'' अनुसार है। (ख) जी हाँ। वर्तमान में पॉली हाउस पर दी जाने वाली सब्सिडी एवं नियम की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''02'' अनुसार है। वर्तमान में पॉली हाउस निर्माण के लिये प्रदेश में कार्यरत पंजीकृत कंपनियों की सूची/जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''03'' अनुसार है। (ग) पॉली हाउस निर्माता कंपनियों के ब्लैक लिस्टेड के कारण एवं की गई कार्यवाही/जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''04'' अनुसार है। (घ) जी नहीं। उक्त अवधि में विभागीय योजना अन्तर्गत शिवपुरी जिले में निर्मित पॉली हाउस क्रियाशील है। अत: शेशांष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। विभाग द्वारा पॉली हाउस निर्माता कंपनी से अनुबंध अनुसार प्लास्टिक शेड का निर्माण कराया जाता है। कार्यालय में संधारित अभिलेखों अनुसार शिवपुरी जिले में इस संबंध में शिकायत निरंक है।
राज्य एवं केन्द्र की योजनाओं से प्राप्त आवंटन
[उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण]
87. ( क्र. 3243 ) श्री मधु भगत : क्या उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला बालाघाट अंतर्गत उप संचालक उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग को राज्य एवं केन्द्र शासन से संचालित किन-किन योजनाओं में कितनी-कितनी राशि आवंटित की गई एवं कितनी-कितनी राशि व्यय हुई? वर्ष 2023-24 से प्रश्न दिनांक तक समस्त जानकारी उपलब्ध करावें। (ख) बालाघाट जिले में संचालित किन-किन नर्सरियों को किस-किस मद में कितनी-कितनी राशि साम्रगी, खाद, बीज, पुष्प, फल, फूल, वर्मी ढॉंचे व वर्मी बेड शेडनेर, पालीहाउस, ग्रीन हाउस शेड, फल क्षेत्र विस्तार, सब्जी, मसाला क्षेत्र विस्तार की लाभान्वित कृषकों बिल व्हाउचर सहित सूची, पौधों आदि के क्रय के लिए कितनी राशि प्राप्त हुई और कितना खर्चा किया गया के समस्त बिल व्हाउचर के दस्तावेज सहित वर्ष 2023-24 से प्रश्न दिनांक तक समस्त जानकारी उपलब्ध करावें? (ग) जिले में किस-किस योजनान्तर्गत कितने दिवसीय कृषकों के भ्रमण कार्यक्रमों में किस-किस मद में कितनी-कितनी राशि व्यय हुई? कब-कब, कितने-कितने दिवसीय कहां से कहां तक के आयोजित कृषक भ्रमण कार्यक्रमों में कितने-कितने कृषकों ने भाग लिया? धरती आबा जनजातीय, वन पट्टाधिकारी से लाभान्वित कृषकों के नाम, मोबाईल नं. सहित सूचीवार वर्ष 2023-24 से प्रश्न दिनांक तक बिल व्हाउचर सहित समस्त दस्तावेज उपलब्ध करावें? (घ) जिले में वर्ष 2023-24 से लेकर प्रश्न दिनांक तक प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई, स्प्रिंगकलर पाइप, ड्रीप, उपकरणों तथा योजनाओं से लाभान्वित कृषकों के नाम, मोबाईल नम्बर, सहित किसानों को प्रदान की गई अनुदान राशि की जानकारी विकासखण्डवार उपलब्ध करावें?
उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण मंत्री ( श्री नारायण सिंह कुशवाह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-01 अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-02 अनुसार है। (ग) कृषक प्रशिक्षण सहभ्रमण संबंधित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-03 अनुसार है। धरती आबा जनजातीय, वन पट्टाधिकारी लाभांवित कृषकों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-04 अनुसार है। धरती आबा जनजातीय, वन पट्टाधिकारी कृषकों हेतु संचालित परियोजना वर्ष 2025-26 में प्रारम्भ की गई है, योजनांतर्गत प्रश्न दिनांक तक कोई भुगतान नहीं किया गया है, अत: बिल वाउचर सहित समस्त दस्तावेज जानकारी निरंक है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-05 अनुसार है।
जल जीवन मिशन के कार्यों में भारी अनियमितताएं
[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]
88. ( क्र. 3245 ) श्री मधु भगत : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या बालाघाट जिले में जल जीवन मिशन के कार्यों में भारी अनियमितताएं हुई हैं, जहाँ पाइप लाइन बिछाने के नाम पर करोड़ों की राशि का भुगतान हो चुका है, किंतु धरातल पर ग्रामीणों को एक बूंद शुद्ध पानी नसीब नहीं हो रहा है क्यों? (ख) क्या ठेकेदारों द्वारा घटिया सामग्री का उपयोग और तकनीकी गाइड लाइन का उल्लंघन विभागीय अधिकारियों के संरक्षण और मिलीभगत के कारण संभव हुआ है? यदि नहीं, तो क्या सरकार उन अधिकारियों को चिन्हित करेगी जिन्होंने कार्यों का भौतिक सत्यापन (Physical Verification) किए बिना ही भुगतान की फाइलें आगे बढ़ाईं? अनियमितता की जांच कब तक की जायेगी? (ग) क्या सरकार इस महा-घोटाले की गंभीरता को देखते हुए इसकी जांच विभागीय अधिकारियों के बजाय किसी स्वतंत्र जांच एजेंसी (जैसे लोकायुक्त या CBI) से कराने का साहस दिखाएगी? यदि हाँ, तो इसकी समय-सीमा क्या होगी? (घ) आज दिनांक तक जिले में ऐसी कितनी योजनाएं हैं, जो पूर्ण घोषित कर दी गई हैं, लेकिन वास्तव में वहां शुद्ध पानी की आपूर्ति बंद है? क्या सरकार ऐसे गांवों की सूची पटल पर रखेगी और दोषी अधिकारियों पर आपराधिक प्रकरण (FIR) दर्ज कराएगी?
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( श्रीमती संपतिया उइके ) : (क) जी नहीं। जल जीवन मिशन अंतर्गत पाइप लाइन बिछाने एवं कनेक्शन प्रदाय कर योजना के विभिन्न कार्य गुणवत्तापूर्ण होने संबंधी, टी.पी.आई. रिपोर्ट प्राप्त होने के पश्चात ही भुगतान किया जाता है। अभी तक जिले में कुल 3,68,367 ग्रामीण परिवारों में से 3,65,481 (99.22 प्रतिशत) परिवारों को शुद्ध पेयजल प्रदाय किया जा रहा है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ख) जी नहीं। कार्यों के भौतिक सत्यापन के बिना भुगतान की कार्यवाही नहीं की जाती है, ठेकेदारों द्वारा तकनीकी गाइड लाइन का पालन करते हुए गुणवत्तायुक्त सामग्री का उपयोग किया जा रहा है, HDPE पाइपों की गुणवत्ता जांच सिपेट से कराई जा रही है, शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) उत्तरांश (क) एवं (ख) के परिप्रेक्ष्य में शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। जल जीवन मिशन अंतर्गत पूर्ण की गई योजनाओं का हस्तांतरण संबंधित ग्राम पंचायतों को किया जाता है, ग्राम पंचायत द्वारा योजना से जल आपूर्ति की व्यवस्था की जाती है, ऐसी योजनाओं से नियमित जल प्रदाय करने तथा योजना के रख-रखाव/मरम्मत इत्यादि कार्य करने का उत्तरदायित्व संबंधित ग्राम पंचायत का है, शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
पात्र लाभार्थियों की जानकारी
[महिला एवं बाल विकास]
89. ( क्र. 3247 ) श्री रजनीश हरवंश सिंह : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) जिला सिवनी अंतर्गत महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रमुख योजनाएँ कौन-कौन सी हैं? (ख) उक्त योजनाओं के अंतर्गत जिला सिवनी में विकासखण्डवार विगत 3 वर्षों में कितनी महिलाएँ/बालिकाएँ पंजीकृत हैं? (ग) विकासखण्डवार कितनी पात्र लाभार्थियों को लाभ नहीं मिला है एवं उसके क्या कारण हैं? (घ) वंचित पात्र लाभार्थियों को लाभ दिलाने हेतु विकासखण्डवार क्या कार्यवाही की जा रही है तथा कब तक लाभ दिया जाएगा?
महिला एवं बाल विकास मंत्री ( सुश्री निर्मला भूरिया ) : (क) जिला सिवनी अंतर्गत महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रमुख योजनाएँ- (1) मिशन वात्सल्य (2) मिशन शक्ति (3) सक्षम आंगनवाड़ी एवं पोषण 2.0 (4) मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना (5) मुख्यमंत्री लाड़ली लक्ष्मी योजना (6) पोषण अभियान (7) मुख्यमंत्री बाल आरोग्य संवर्धन कार्यक्रम (8) पी एम केयर फॉर चिल्ड्रन (9) मुख्यमंत्री बाल आशीर्वाद योजना (10) मुख्यमंत्री कोविड -19 बाल सेवा योजना। (ख) सिवनी जिले में उक्त योजनाओं अंतर्गत विगत 3 वर्षों में पंजीकृत हितग्राहियों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) जिला सिवनी अंतर्गत सभी पंजीकृत पात्र लाभार्थियों को लाभ प्रदान किया जा रहा है। (घ) शासन नियमानुसार नवीन चिन्हित पात्र लाभार्थियों को पंजीकृत किये जाने की कार्यवाही निरंतर की जा रही है।
उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण योजनाओं का क्रियान्वयन
[उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण]
90. ( क्र. 3249 ) श्री रजनीश हरवंश सिंह : क्या उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या जिला सिवनी में उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण को बढ़ावा देने हेतु विभिन्न योजनाएँ संचालित की जा रही हैं? यदि हाँ, तो वर्ष 2021-22 से प्रश्न दिनांक तक संचालित योजनाओं का नाम एवं उद्देश्य क्या है? (ख) उक्त अवधि में जिला सिवनी अंतर्गत इन योजनाओं के माध्यम से कितने किसानों, स्व-सहायता समूहों एवं उद्यमियों को लाभान्वित किया गया है? कृपया विकासखंडवार जानकारी प्रदान करें। (ग) जिला सिवनी में फल, सब्जी, मसाला, दलहन एवं अनाज आधारित खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना हेतु कितनी इकाइयाँ स्वीकृत की गई हैं, इनमें से कितनी संचालित हैं तथा कितनी प्रस्तावित हैं? (घ) जिला सिवनी के छोटे एवं सीमांत किसानों को कोल्ड स्टोरेज, पैक-हाउस, ग्रेडिंग, मूल्य संवर्धन एवं विपणन सुविधा उपलब्ध कराने हेतु शासन द्वारा क्या विशेष कार्ययोजना प्रस्तावित है? यदि नहीं, तो क्यों नहीं?
उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण मंत्री ( श्री नारायण सिंह कुशवाह ) : (क) जी हां। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्टि-''01'' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''02'' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''03'' अनुसार है। (घ) जिला सिवनी के छोटे एवं सीमांत किसानों को कोल्ड स्टोरेज, पैक-हाउस, ग्रेडिंग, मूल्य संवर्धन एवं विपणन सुविधा उपलब्ध कराने हेतु शासन द्वारा विभाग की विभिन्न योजनाओं एकीकृत बागवानी विकास मिशन एवं प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना, अंतर्गत सुविधा उपलब्ध करायी जा रही है।
जनजातीय बस्तियों में मूलभूत सुविधाएं
[जनजातीय कार्य]
91. ( क्र. 3251 ) चौधरी सुजीत मेर सिंह : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) चौरई विधानसभा क्षेत्र में कितनी जनजातीय बस्तियों में बिजली की व्यवस्था नहीं है? (ख) कितनी जनजातीय बस्तियों में सी.सी. सड़क नहीं है? (ग) कितनी जनजातीय बस्तियों में पेयजल व्यवस्था नहीं है? (घ) क्या चौरई विधानसभा क्षेत्र की जनजातीय बस्तियों में सड़क, बिजली एवं पेयजल व्यवस्था बनाने हेतु शासन की योजना है?
जनजातीय कार्य मंत्री ( डॉ. कुंवर विजय शाह ) : (क) चौरई विधानसभा क्षेत्र में म.प्र. पू.क्षे.वि.वि.क.लि. से प्राप्त जानकारी अनुसार 06 जनजातीय बस्तियों में बिजली व्यवस्था नहीं है। (ख) चौरई विधानसभा में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग से प्राप्त जानकारी अनुसार 09 जनजातीय बस्तियों में सी.सी. सड़क नहीं है। (ग) चौरई विधानसभा क्षेत्र में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग एवं लोक स्वास्थ्य यांत्रिकीय विभाग से प्राप्त जानकारी अनुसार 02 जनजातीय बस्तियों में पेयजल व्यवस्था नहीं है। (घ) मध्यप्रदेश शासन के विभिन्न विभागों द्वारा सड़क बिजली एवं पेयजल हेतु संचालित योजनाओं के साथ-साथ विभाग अंतर्गत संचालित अनुसूचित जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान (PM-JANMAN) एवं धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान (DAJGUA) अंतर्गत नियमानुसार जनजातीय बस्तियों में सड़क, बिजली एवं पेयजल के कार्य किये जाने का प्रावधान है।
किसानों के प्रशिक्षण शिविर एवं बीमा
[उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण]
92. ( क्र. 3253 ) चौधरी सुजीत मेर सिंह : क्या उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विगत वर्ष 2023-24 एवं 2024-25 में फल और सब्जियों के लिए कितने कृषि प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए गए, दिनांक एवं स्थान सहित बतावें। (ख) कितने किसानों ने उपरोक्त शिविरों में भाग लिए? (ग) क्या उद्यानिकी फसलों पर कृषि बीमा योजना का लाभ पर्याप्त रूप से किसानों तक नहीं पहुंच पा रहा है? यदि हाँ, तो कारण बताएं?
उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण मंत्री ( श्री नारायण सिंह कुशवाह ) : (क) विगत वर्ष 2023-24 एवं 2024-25 में फल और सब्जियों के लिये आयोजित किए गए प्रशिक्षण शिविर की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्टि (पृष्ठ क्र. 01 से 59) अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) वर्तमान में मध्यप्रदेश में उद्यानिकी फसलों के लिए कृषि फसल बीमा योजना लागू नहीं है। भारत सरकार ने उद्यानिकी फसलों के लिए मौसम आधारित बीमा योजना प्रभावशील की है। जिसकी प्रक्रिया नोडल, किसान कल्याण एवं कृषि विभाग में प्रचलित है। मौसम आधारित बीमा योजना के क्रियान्वयन हेतु भारत सरकार के पत्र क्रमांक File No.13012/11/2017-Cr.IIIPT (FST-126876) दिनांक 25-06-2025 द्वारा WINDS (Weather Information Network and Data System) योजनांतर्गत AWS (Automatic Weather Station) एवं ARG (Automatic Rain Gauge) नेटवर्क के पूरी तरह से स्थापित होने और भारत सरकार के WINDS (Weather Information Network and Data System) पोर्टल के साथ एकीकृत होने के उपरांत ही राज्य में मौसम आधारित फसल बीमा को लागू किए जाने के निर्देश प्राप्त हुए है। WINDS (Weather Information Network and Data System) योजना के क्रियान्वयन के उपरांत ही राज्य में मौसम आधारित फसल बीमा योजना का क्रियान्वयन किया जा सकेगा।
नवीन हैंड पम्प एवं लाइट लगाया जाना
[जनजातीय कार्य]
93. ( क्र. 3256 ) श्री अमर सिंह यादव : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या राजगढ़ विधानसभा अंतर्गत अनुसूचित जनजाति बाहुल्य ग्राम, बस्ती या मजरा टोला है जिनमें पीने के पानी के लिए हैंड पम्प एवं लाइट नहीं है जिससे वहां के अनुसूचित जनजाति के लोगों को पीने के लिए पानी काफी दूर से लाना पड़ता है और अंधेरे में रहना पड़ता हैं। (ख) यदि हाँ, तो अनुसूचित जनजाति के ऐसे कौन-कौन से ग्राम, बस्ती या मजरा टोला है, जो कि हैंड पम्प एवं लाइट विहीन है? नाम सहित बतावें। (ग) उक्त अनुसूचित जनजाति बाहुल्य ग्राम या बस्ती या मजरा टोला में नवीन हैंड पंप और लाइट लगाई जावेगी, यदि हाँ, तो कब तक और यदि नहीं, तो क्यों नहीं? (घ) क्या इस हेतु विभाग द्वारा कोई बजट आवंटित किया जाता है? यदि हाँ, तो वर्ष 2025-26 में कितना बजट राजगढ़ जिले को प्राप्त हुआ था? उसका क्या उपयोग किया गया है?
जनजातीय कार्य मंत्री ( डॉ. कुंवर विजय शाह ) : (क) जी नहीं। राजगढ़ विधानसभा अंतर्गत अनुसूचित जनजाति बाहुल्य ग्राम बस्ती या मजरा टोला में पीने के पानी के लिये हैण्डपंप एवं लाईट की व्यवस्था है। (ख) एवं (ग) प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) प्रश्नांश की जानकारी निरंक है।
नवीन हैंड पम्प एवं लाइट लगवाए जाने बाबत
[अनुसूचित जाति कल्याण]
94. ( क्र. 3257 ) श्री अमर सिंह यादव : क्या अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या राजगढ़ विधानसभा अंतर्गत अनुसूचित जाति बाहुल्य ग्राम, बस्ती या मजरा टोला है जिनमें पीने के पानी के लिए हैंड पम्प एवं लाइट नहीं है जिससे वहां के अनुसूचित जाति के लोगों को पीने के लिए पानी काफी दूर से लाना पड़ता है और अंधेरे में रहना पड़ता हैं? (ख) यदि हाँ, तो अनुसूचित जाति के ऐसे कौन-कौन से ग्राम, बस्ती या मजरा टोला है जो कि हैंड पम्प एवं लाइट विहीन है? नाम सहित बतावें। (ग) उक्त अनुसूचित जाति बाहुल्य ग्राम या बस्ती या मजरा टोला में नवीन हैंड पंप और लाइट लगाई जावेगी यदि हाँ, तो कब तक और यदि नहीं, तो क्यों नहीं? (घ) क्या इस हेतु विभाग द्वारा कोई बजट आवंटित किया जाता है यदि हाँ, तो वर्ष 2025-26 में कितना बजट राजगढ़ जिले को प्राप्त हुआ था? उसका क्या उपयोग किया गया है?
अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री ( श्री नागर सिंह चौहान ) : (क) जी नहीं। (ख) एवं (ग) प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) अनुसूचित जाति बस्तियों के विकास हेतु राजगढ़ जिले को वर्ष 2025-26 में राशि रूपये 125.00 लाख का आवंटन प्राप्त हुआ है। कोई कार्य स्वीकृत नहीं हुए है।
उद्यानिकी फसलों का उत्पादन
[उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण]
95. ( क्र. 3261 ) श्री उमाकांत शर्मा : क्या उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में फल, सब्जी, मसाले एवं औषधीय फसलों के उत्पादन में वृद्धि के बावजूद प्रोसेसिंग, भंडारण एवं विपणन सुविधाओं के अभाव में किसानों को उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा हैं? यदि हां, तो वर्ष 2018 से प्रश्नांकित अवधि तक उद्यानिकी फसलों का उत्पाद, खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों की संख्या (निजी/एफपीओ/सहकारी), उपलब्ध कोल्ड स्टोरेज, प्री-कूलिंग, रीफर वैन एवं वेयरहाउस की क्षमता, प्रसंस्करण के अभाव में फसल नुकसान/अपव्यय की जिलावार, विकाखण्डवार जानकारी उपलब्ध करावें। (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में क्या सरकार द्वारा प्रधानमंत्री सूक्ष्य खाद्य उद्योग उन्नयन, उद्यानिकी मिशन एफपीओ आधारित कलस्टर एवं फूड पार्क के माध्यम से मूल्य संवर्धन को बढ़ावा दिया जा रहा है? यदि हाँ, तो कितने लाभार्थी/इकाइयां स्वीकृत हुईं? कितनी अनुदान राशि स्वीकृत व वितरित की गई? कितनी इकाइयां क्रियाशील हैं और कितने अक्रियाशील हैं? जिलावार, विकासखण्डवार जानकारी उपलब्ध करावें। (ग) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में कई स्वीकृत इकाइयां अधूरी/अप्रारंभ हैं? यदि हाँ, तो क्या कारण हैं तथा उनके समयबद्ध पूर्णता हेतु क्या कार्ययोजना हैं? उद्यानिकी उत्पादों के निर्यात को बढ़ाने हेतु कौन-कौन से उत्पाद चिन्हित किए गए हैं? निर्यात सुविधा केन्द्र/पैकहाउस/क्वालिटी सर्टिफिकेशन की स्थिति क्या है? किसानों को अंतरराष्ट्रीय मानकों से जोड़ने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं? (घ) विदिशा जिले में वर्ष 2018 से प्रश्नांकित अवधि तक किन-किन मदों में, कितना-कितना बजट आवंटित किया गया? किन-किन मदों में व्यय किया गया? मदवार, वर्षवार जानकारी उपलब्ध करावें तथा कितना बजट लेप्स हुआ? इसके लिए दोषी कौन है?
उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण मंत्री ( श्री नारायण सिंह कुशवाह ) : (क) जी नहीं। प्रदेश में फल, सब्जी, मसाले और औषधीय फसलों आदि उद्यानिकी फसलों की किसानों को उचित मूल्य दिलाने हेतु विभाग में प्रोसेसिंग एवं भण्डारण हेतु प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना (PMFME), एकीकृत बागवानी विकास मिशन (MIDH) योजना तथा राज्य योजनाओं अंतर्गत भण्डारण हेतु इच्छुक कृषक/उद्यमियों को कोल्ड स्टोरेज, प्री-कूलिंग एवं रीफर वैन पर पात्रता अनुसार अनुदान सहायता का प्रावधान है। विपणन हेतु किसानों को जानकारी प्रदान की जा रही है। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) जी हाँ। विभाग से संबंधित प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना के माध्यम से मूल्य संर्वधन को बढ़ावा दिया जा रहा है। उक्त योजना अंतर्गत कुल 13883 इकाइयां स्वीकृत हुई हैं। योजना अंतर्गत लाभ प्राप्त इकाइयों को अनुदान राशि रूपये 526.54 करोड़ स्वीकृत तथा राशि रूपये 368.15 करोड़ वितरित की गई है। एफपीओ आधारित कलस्टर एवं फूड पार्क संबंधित कोई योजना वर्तमान में संचालित नहीं है। क्रियाशील एवं अक्रियाशील इकाइयों की जिलावार, विकासखण्डवार, जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्टि-''अ'' अनुसार है। (ग) जी नहीं। प्रश्नांश (क) की जानकारी निरंक होने से शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। उद्यानिकी उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने हेतु हेतु 'कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (APEDA) ' द्वारा केला, सुन्दरजा आम, मैन्डरिन संतरा तथा प्याज आदि उत्पाद चिन्हित किए गए हैं। APEDA द्वारा प्रदेश में छिंदवाड़ा, बड़वानी, बुरहानपुर तथा उज्जैन जिलों में पैकहाउस निर्मित किए गए हैं, जिनमें निर्यात सुविधा उपलब्ध है। किसानों को अंतर्राष्ट्रीय मानकों से जोड़ने तथा क्वालिटी सर्टिफिकेशन संबंधी जानकारी के लिए विभिन्न जिलों में 'कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (APEDA)' के द्वारा सेमीनार, निर्यात जागरूकता कार्यक्रम, कृषि निर्यात कार्यशाला इत्यादि के माध्यम से प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। (घ) विदिशा जिले में वर्ष 2018 से प्रश्नाधीन अवधि तक मदवार बजट आवंटन एवं व्यय की वर्षवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्टि-''ब'' अनुसार है। जिले में बजट लेप्स नहीं हुआ। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
संचालित योजनाओं की जानकारी
[महिला एवं बाल विकास]
96. ( क्र. 3264 ) श्री कमलेश्वर डोडियार : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) जिला रतलाम अंतर्गत महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा वर्ष 2023 से प्रश्न दिनांक तक ग्रामीण क्षेत्रों के लिए संचालित शासन की विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत कितनी महिलाओं, बालिकाओं एवं बच्चों को लाभान्वित किया गया है? उपरोक्त अवधि में आदिवासी बाहुल्य/ पिछड़े क्षेत्रों के लिए कौन-कौन सी विशेष योजनाएँ संचालित की गई हैं? (ख) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित विशेष योजनाओं के अंतर्गत वर्षवार कितने हितग्राहियों को लाभ प्रदान किया गया है? योजनावार एवं क्षेत्रवार जानकारी बतावें। (ग) जिन आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों में योजनाओं का लाभ अपेक्षित रूप से नहीं दिया गया है, वहाँ इसके क्या कारण हैं? क्या शासन द्वारा ऐसे क्षेत्रों के लिए भविष्य में कोई विशेष कार्ययोजना प्रस्तावित है? यदि हाँ, तो जानकारी बतावें।
महिला एवं बाल विकास मंत्री ( सुश्री निर्मला भूरिया ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-1 अनुसार है। रतलाम जिले में आदिवासी विशेष योजना धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान (DA-JAGUA) अंतर्गत 07 आंगनवाड़ी केन्द्र स्वीकृत किये गये है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-2 अनुसार है। (ग) संचालित योजना का पात्रतानुसार लाभ दिया गया। शेष का प्रश्न नहीं। विशेष योजना प्रस्तावित नहीं, शेष का प्रश्न नहीं।
लाभान्वित हितग्राहियों की जानकारी
[उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण]
97. ( क्र. 3265 ) श्री कमलेश्वर डोडियार : क्या उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला रतलाम के आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र सैलाना विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत वर्ष 2021 से प्रश्न दिनांक तक उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग द्वारा कौन-कौन सी योजनाएँ संचालित की गई हैं? योजनावार बतावें। उपरोक्त अवधि में प्रत्येक योजना के अंतर्गत वर्षवार कितने हितग्राहियों को लाभ प्रदान किया गया है? ग्रामवार एवं योजनावार जानकारी उपलब्ध कराई जाए। (ख) उक्त योजनाओं के अंतर्गत आदिवासी किसानों को कितनी वित्तीय अनुदान दिया गया है? मदवार जानकारी बतावें। (ग) क्या सैलाना विधानसभा क्षेत्र में उद्यानिकी फसलों (फल, सब्जी, मसाला, औषधीय पौधे आदि) एवं खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों को प्रोत्साहन देने हेतु कोई विशेष आदिवासी क्षेत्र योजना संचालित की गई है? यदि हाँ, तो उसकी जानकारी एवं लाभान्वितों की संख्या बतावें। यदि किसी योजना का लाभ अपेक्षित रूप से आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों में नहीं दिया गया है, तो इसके क्या कारण हैं? इसके लिए उत्तरदायी अधिकारियों/कर्मचारियों के विरुद्ध क्या कार्यवाही प्रस्तावित है? (घ) क्या भविष्य में सैलाना विधानसभा क्षेत्र के आदिवासी किसानों के लिए कोई विशेष कार्ययोजना/नवीन योजना प्रस्तावित है? यदि हाँ, तो जानकारी बतावें।
उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण मंत्री ( श्री नारायण सिंह कुशवाह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्टि-''01'' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''02'' अनुसार है। (ग) जी नहीं। अत: शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) सैलाना विधानसभा क्षेत्र के आदिवासी किसानों के लिए विभाग में कोई विशेष कार्ययोजना/नवीन योजना विचाराधीन नहीं हैं।
नवीन आंगनवाड़ी भवन की स्वीकृति एवं निर्माण
[महिला एवं बाल विकास]
98. ( क्र. 3266 ) श्री चन्दरसिंह सिसौदिया : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) गरोठ विधानसभा अंतर्गत कुल कितने आंगनवाड़ी बिना भवन के संचालित हो रहे है? आंगनवाड़ी के स्थान सहित सूची उपलब्ध करावें। (ख) कितनी आबादी पर आंगनवाड़ी स्वीकृत की जाती है? संख्या बताएं। क्या क्षेत्र में कोई स्थान है, जहां आबादी अधिक है और आंगनवाड़ी की संख्या कम है? क्या ऐसे स्थान पर नवीन आंगनवाड़ी स्वीकृत करने की कोई योजना है? यदि हाँ, तो कब तक स्वीकृत की जाएगी? (ग) क्या भवन विहीन आंगनवाड़ी के लिये नवीन भवन स्वीकृत किये जायेंगे? यदि हाँ, तो कब तक यदि नहीं, तो क्यों नहीं?
महिला एवं बाल विकास मंत्री ( सुश्री निर्मला भूरिया ) : (क) गरोठ विधानसभा अंतर्गत कोई भी आंगनवाड़ी केंद्र बिना भवन के संचालित नहीं हो रहे है, गरोठ विधानसभा अंतर्गत कुल 423 आंगनवाड़ी केंद्रों में से 198 केंद्र विभागीय भवनों में, 186 केंद्र अन्य शासकीय भवनों में एवं 39 किराये के भवनों में संचालित किये जा रहे है। शेष का प्रश्न नहीं उठता। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। जी नहीं, शेष का प्रश्न नहीं। (ग) वित्तीय संसाधनों एवं भूमि की उपलब्धता के आधार पर आंगनवाड़ी भवन निर्माण की स्वीकृति दी जाती है। समय-सीमा दिया जाना संभव नहीं।
जल जीवन मिशन द्वारा संचालित कार्य
[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]
99. ( क्र. 3267 ) श्री चन्दरसिंह सिसौदिया : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) गरोठ विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत जल जीवन मिशन योजना के कुल कितने कार्य स्वीकृत हुए हैं? कितने कार्य पूर्ण हुए? कितने कार्य वर्तमान में संचालित है? जानकारी उपलब्ध करावें। (ख) क्या जो कार्य हुए हैं वह पूर्ण नहीं होने से ग्रामवासियों को उक्त योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है? अधूरे कार्यों को कब तक पूर्ण कर लिया जाएगा? (ग) जो कार्य जल जीवन मिशन अंतर्गत संचालित हैं, उनका कार्य कौन-कौन सी एजेंसी द्वारा किया जा रहा है? संपूर्ण जानकारी उपलब्ध करावें।
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( श्रीमती संपतिया उइके ) : (क) गरोठ विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत जल जीवन मिशन योजना के तहत 48 ग्रामों में एकल ग्राम नल जल योजनाओं स्वीकृत प्राप्त की गई। जिनमें से 44 योजनाओं में समस्त कार्य पूर्ण किये जा चुके हैं तथा 04 योजनाओं के कार्य प्रगतिरत हैं। उपरोक्त के अतिरिक्त 183 ग्राम गांधीसागर बांध आधारित स्वीकृत समूह जल प्रदाय योजना में सम्मिलित हैं तथा इस योजना का कार्य प्रगतिरत है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) जी नहीं, जल जीवन मिशन के तहत पूर्ण हो चुकी नल जल योजनाओं में ग्रामवासियों को पेयजल प्राप्त हो रहा है। प्रगतिरत नल जल योजना को शीघ्र पूर्ण करने के प्रयास किये जा रहे हैं, पूर्ण करने की कोई निश्चित तिथि बताया जाना संभव नहीं है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 एवं 2 अनुसार है।
संचालित छात्रावासों की सुविधाएं
[अनुसूचित जाति कल्याण]
100. ( क्र. 3268 ) श्री चन्दरसिंह सिसौदिया : क्या अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) गरोठ विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत विभाग द्वारा कुल कितने छात्रावासों का संचालन किया जा रहा है? इन छात्रावासों में कुल कितने सीटर स्वीकृत होकर वर्तमान में कुल कितने छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं? यहां कौन-कौन अधीक्षक है? किस छात्रावास में कुल कितने स्टाफ की कमी है? पूर्ण ब्यौरा दें। (ख) पिछले तीन वर्षों में इन छात्रों को कुल कितनी राशि जारी हुई है? वर्षवार, मदवार जानकारी उपलब्ध करावें? कुल कितनी राशि व्यय की गई है? मदवार ब्यौरा दें। (ग) इन छात्रावासों द्वारा भंडार क्रय नियम का पालन किया जा रहा है? यदि हाँ, तो सामग्री क्रय हेतु कोई विज्ञप्ति जारी की गई? यदि हाँ, तो कौन-कौन से समाचार पत्रों में? विज्ञप्ति की प्रति उपलब्ध करावें।
अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री ( श्री नागर सिंह चौहान ) : (क) गरोठ विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत विभाग द्वारा कुल 09 छात्रावासों का संचालन किया जा रहा है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ब अनुसार है। (ग) विभागीय छात्रावास योजना नियम/मैस समिति के निर्णय अनुसार मैस संचालन किये जाने से शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
संरक्षित खेती में तार फेंसिंग योजना
[उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण]
101. ( क्र. 3269 ) श्री चन्दरसिंह सिसौदिया : क्या उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण विभाग द्वारा कौन-कौन सी योजनाओं का संचालन किया जा रहा है? पिछले तीन वर्षों में गरोठ विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत कुल कितने हितग्राही लाभान्वित हुए है? सूची उपलब्ध करावें। (ख) बागवानी मिशन योजना अंतर्गत संरक्षित खेती में तार फेंसिंग योजना अंतर्गत मंदसौर जिले में कितने किसानो को लाभाविन्त किया गया है? यदि नहीं, तो क्यों? क्या तार फेंसिंग योजना का लाभ मंदसौर जिले के किसानों को मिलेगा यदि हाँ, तो कब तक? (ग) गरोठ विधानसभा क्षेत्र में संतरा अधिक मात्रा में उत्पादन होता हैं। क्या संतरे क्रय विक्रय हेतु संतरा मंडी खोली जा सकती हैं? यदि हाँ, तो क्या विभाग इसकी स्वीकृति प्रदान करेगा? यदि हाँ, तो कब तक?
उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण मंत्री ( श्री नारायण सिंह कुशवाह ) : (क) उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण विभाग में संचालित योजनाओं की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-01 अनुसार है। पिछले 3 वर्षों में गरोठ विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत लाभान्वित हितग्राही की सूची/जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-02 अनुसार है। (ख) विगत 3 वर्ष 2022-23, 2023-24 एवं 2024-25 में मंदसौर जिले में तार फैसिंग योजना संचालित नहीं थी। अतः किसानों को लाभांवित करने का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। वर्ष 2025-26 में एकीकृत बागवानी विकास मिशन योजना में मंदसौर जिले को 4000 रनिंग मीटर के भौतिक लक्ष्य प्रदाय किये है। कृषकों द्वारा लाभ लेने की प्रक्रिया जारी है। (ग) जी नहीं। कृषि उपज मण्डी समिति गरोठ के मण्डी प्रांगण में संतरे के क्रय-विक्रय हेतु दो स्थानों को चिन्हित कर शेड आरक्षित कर आवश्यक सुविधाएँ विकसित की गई हैं। वर्तमान में संतरा हेतु पृथक से मण्डी का कोई प्रस्ताव नहीं है।
प्रतियोगिता परीक्षाओं हेतु प्रशिक्षण शिविर
[अनुसूचित जाति कल्याण]
102. ( क्र. 3271 ) श्री दिलीप सिंह परिहार : क्या अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) 1 जनवरी, 2020 के बाद अनुसूचित जाति विभाग द्वारा नीमच और मंदसौर जिलों में विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रशिक्षण, स्वरोजगार कार्यशाला, हाई स्कूल/हायर सेकेंडरी/स्नातक/स्नातकोत्तर हेतु किन-किन संस्थाओं को, किन-किन योजनाओं के अंतर्गत कितनी राशि प्रदान की गई? (ख) प्रश्नांश (क) में संदर्भित शिविरों में कितने विद्यार्थियों ने पंजीकरण कराकर प्रशिक्षण एवं कोचिंग का लाभ लिया? नाम और मोबाइल नंबर सहित सूची उपलब्ध कराएं। (ग) प्रश्नांश (क) और (ख) में संदर्भित प्रशिक्षण/कोचिंग का किन-किन सक्षम अधिकारियों ने कब-कब निरीक्षण एवं मॉनिटरिंग की? कार्यशाला एवं कोचिंग में किस-किस तरह के कार्य अनिवार्य थे? कार्यशाला एवं कोचिंग के फोटोग्राफ उपलब्ध कराएं। (घ) उक्त अवधि में उक्त कार्यशाला एवं कोचिंग की कब-कब, किस-किस व्यक्ति ने कहाँ-कहाँ पर किस-किस प्रकार की शिकायत दर्ज की? शिकायत पर किस सक्षम अधिकारी ने क्या-क्या कार्यवाही की? संपूर्ण जानकारी दें।
अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री ( श्री नागर सिंह चौहान ) : (क) विभाग अंतर्गत ऐसी कोई योजना नीमच और मंदसौर जिले में संचालित नहीं किये जाने से शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ख) विभाग अंतर्गत ऐसी कोई योजना नीमच और मंदसौर जिले में संचालित नहीं किये जाने से शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) विभाग अंतर्गत ऐसी कोई योजना नीमच और मंदसौर जिले में संचालित नहीं किये जाने से शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) विभाग अंतर्गत ऐसी कोई योजना नीमच और मंदसौर जिले में संचालित नहीं किये जाने से शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
छात्रवृत्ति से संबंधित शिकायतें
[जनजातीय कार्य]
103. ( क्र. 3272 ) श्री दिलीप सिंह परिहार : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) उज्जैन संभाग के निजी महाविद्यालयों में 1 अप्रैल, 2023 के पश्चात् किस-किस विद्यार्थी के खाते में कितनी-कितनी राशि कब-कब डाली गई? महाविद्यालयवार, विद्यार्थी के नाम सहित सूची उपलब्ध कराएँ। (ख) प्रश्नांश (क) में संदर्भित निजी महाविद्यालयों में उक्त अवधि में छात्रवृत्ति से संबंधित कितनी शिकायतें किस-किस व्यक्ति से किस-किस महाविद्यालय प्रबंधन के विरुद्ध प्राप्त हुईं? किन-किन सक्षम अधिकारियों ने इन शिकायतों की जाँच की? जाँच प्रतिवेदन की प्रतिलिपि उपलब्ध कराएँ। (ग) क्या यह सही है कि जिला स्तर पर रियल-टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम न होने के कारण जाँच समितियाँ केवल कागजी कार्यवाही तक ही सीमित हैं? यदि नहीं, तो समिति/विभाग ने उक्त अवधि में किन-किन महाविद्यालयों की गंभीर त्रुटियों के कारण उनकी मान्यता रद्द करने हेतु संबंधित विभाग को लिखा है?
जनजातीय कार्य मंत्री ( डॉ. कुंवर विजय शाह ) : (क) उज्जैन संभाग के निजी महाविद्यालयों में 1 अप्रैल, 2023 के पश्चात डाली गई छात्रवृत्ति राशि की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) प्रश्नांकित अवधि में निजी महाविद्यालयों में प्राप्त शिकायत निरंक है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) उत्तरांश (ख) के संदर्भ में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
बालाघाट जिले में नल जल योजना का क्रियान्वयन
[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]
104. ( क्र. 3276 ) श्रीमती अनुभा मुंजारे : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) प्रश्नकर्ता के विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत जल जीवन मिशन में कितनी नल-जल योजना की स्वीकृति म.प्र. शासन स्तर से जारी हुई? सूची देवें? (ख) प्रश्नांश “क” अनुसार कितने ग्रामों व शहर में हैण्ड पंप खनन कार्य किए गए हैं? जानकारी देवें? जल-जीवन मिशन के अंतर्गत हर घर जल लक्ष्य वर्ष 2024 से प्रश्न दिनांक तक ग्रामीणों के कितने-कितने घरों में पानी पहुंचाया गया? सूची देवें? (ग) जल-जीवन मिशन के अंतर्गत बालाघाट जिले में वर्ष 2023 से प्रश्न दिनांक तक किस-किस गांव की कितनी पानी की टंकी का निर्माण करवाया गया? उक्त निर्माण कितना पूर्ण हुआ और कितना अपूर्ण है संपूर्ण जानकारी देवें? (घ) विभाग द्वारा बालाघाट जिले में वर्ष 2023 से 2025 तक 03 वर्षों में नल-जल योजना कार्य की कितनी निविदा निकाली गई? इस निविदा में किस-किस ने भाग लिया? (ड.) जल जीवन मिशन अंतर्गत बालाघाट जिले में पानी टंकी के निर्माण में शासन के निर्देशों का पालन नहीं होने से क्या दुर्घटना हुई है? यदि हुई है तो उसकी सम्पूर्ण जानकारी देवें? क्या उक्त दुर्घटना हेतु जाँच समिति बनाई गई हैं, तो जाँच समिति का जाँच प्रतिवेदन सहित समस्त जानकारी उपलब्ध कराए? उक्त घटना के लिए ठेकदार,कर्मचारी व अधिकारी कौन-कौन दोषी है? नामवार, पदवार जानकारी देवें तथा इन पर क्या कार्यवाही की गई? बतावें।
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( श्रीमती संपतिया उइके ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-01 एवं 02 अनुसार है। (ख) लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा हैंडपंप स्थापना हेतु नलकूप खनन ग्रामीण क्षेत्रों में किया जाता है, शहरी क्षेत्र में नहीं किया जाता है। विधानसभा क्षेत्र बालाघाट में जनवरी 2024 से प्रश्न दिनांक तक 06 नलकूप खनन कर हैंडपंप स्थापना का कार्य किया गया है, सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-03 अनुसार है। जल जीवन मिशन अंतर्गत ''हर घर जल '' लक्ष्य अनुसार जनवरी 2024 से प्रश्न दिनांक तक विधानसभा क्षेत्र बालाघाट में ''हर घर जल '' किए गए ग्रामों में किए गए घरेलू नल कनेक्शन की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-04 अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-05 अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-06 एवं 07 अनुसार है। (ड.) जल जीवन मिशन अंतर्गत बालाघाट जिले में समस्त कार्य शासन के दिशा निर्देशों का पालन करते हुए किया जा रहा है। लांजी क्षेत्र में अधिक वर्षा होने के कारण टंकी के कॉलम के पास पानी इक्ट्ठा हो जाने एवं दलदल निर्मित हो जाने के कारण से 01 नग आर.सी.सी. टंकी दुर्घटनाग्रस्त (धराशायी) हुई है, संबंधित ठेकेदार के विरूद्ध दिनांक 28.08.2025 को एफ.आई.आर. दर्ज की गई है अन्य विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-08 अनुसार है। जिसमें जांच प्रतिवेदन भी संलग्न है।
आंगनवाड़ी केंद्रों के लिए भवन निर्माण
[महिला एवं बाल विकास]
105. ( क्र. 3279 ) श्री प्रेमशंकर कुंजीलाल वर्मा : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) प्रश्नकर्ता के विधानसभा क्षेत्र 136 में वर्तमान में संचालित आंगनवाड़ी केंद्रों की कुल संख्या कितनी है एवं भवन विहीन केन्द्रों की संख्या कितनी है? भवन विहीन केन्द्रों के भवन निर्माण की क्या योजना है? (ख) इन आंगनवाड़ी केंद्रों में अति कुपोषित (SAM) एवं मध्यम कुपोषित (MAM) बच्चों की संख्या कितनी है? कुपोषित बच्चों की पहचान किस तिथि तक की गई है? (ग) कुपोषण दूर करने हेतु शासन द्वारा क्या-क्या योजनाएँ संचालित की जा रही हैं तथा उनसे कितने बच्चे लाभान्वित हो रहे हैं?
महिला एवं बाल विकास मंत्री ( सुश्री निर्मला भूरिया ) : (क) विधानसभा क्षेत्र 136 में वर्तमान में संचालित आंगनवाड़ी केंद्रों की कुल संख्या 560 है विधानसभा क्षेत्र 136 अंतर्गत भवन विहीन कोई आंगनवाड़ी केन्द्र नहीं है। 311 केन्द्र विभागीय शासकीय (स्वयं के) भवन में संचालित है, 171 केन्द्र अन्य शासकीय भवनों में संचालित है। 78 केन्द्र किराए के भवनों में संचालित है। विभागीय शासकीय (स्वयं के) भवन विहीन 209 आंगनवाड़ी केन्द्र है। 35 आंगनवाड़ी भवन स्वीकृत होकर निर्माणाधीन है। विभागीय शासकीय भवन विहीन आंगनवाड़ी केन्द्रों के लिए नवीन आंगनवाड़ी भवनों की स्वीकृति वित्तीय संसाधनों एवं भूमि उपलब्धता पर निर्भर है। (ख) सिवनी मालवा विधानसभा क्षेत्र 136 अंतर्गत संचालित 560 आंगनवाड़ी केन्द्र में अति कुपोषित (SAM) 194 बच्चें एवं मध्यम कुपोषित (MAM) 1154 बच्चें वर्तमान में दर्ज है। कुपोषित बच्चों की पहचान जनवरी 2026 तक की गई है। (ग) पोषण आहार योजना, प्रतिमाह 10 दिवसीय वजन/शारीरिक की माप अभियान, चिन्हित बच्चों को थर्डमील प्रदाय, स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से स्वास्थ्य जांच, पोषण प्रबंधन केन्द्र (NRC) में उपचार कराना। 05 प्रकार की आवश्यक दवाईयों प्रदाय करना। आंगनवाड़ी केन्द्र में दर्ज जन्म से 06 वर्ष तक के बच्चे लाभांवित हो रहे हैं।
ग्राउण्ड वॉटर में फ्लोराईड की निर्धारित मात्रा
[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]
106. ( क्र. 3282 ) डॉ. सतीश सिकरवार : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) प्रदेश में ग्राउण्ड वॉटर में फ्लोराईड की मात्रा कितनी निर्धारित है? इस संबंध में परिपत्र की प्रति उपलब्ध कराई जावें। (ख) ग्वालियर एवं चंबल संभाग में वॉटर सप्लाई हेतु फ्लोराईड की मात्रा की सेम्पलिंग की जांच किन-किन स्थानों पर की जाती है? स्थान एवं जिलावार जानकारी दी जावें। (ग) फ्लोराईड की मात्रा की सेम्पलिंग की जांच हेतु अधिकारियों/कर्मचारियों की क्या योग्यता निर्धारित की गई है? शासन निर्देश/परिपत्र की प्रति उपलब्ध करावें। (घ) प्रश्नांश (ख) के संबंध में इन जांच केन्द्रों पर किन-किन स्तर के अधिकारियों/कर्मचारियों की नियुक्ति की गई है? क्या इन केन्द्रों पर पदस्थ अधिकारियों/कर्मचारियों को इनकी योग्यता के आधार पर पदस्थ किया गया है। (ड.) ग्वालियर-चंबल संभाग में दिनांक 01 जनवरी, 2025 से 01 दिसंबर, 2025 तक की अवधि में कितने बोरवेलों एवं हैण्डपम्पों से सैम्पल लिया गया एवं कितने बोरवेलों एवं हैण्डपम्पों में फ्लोराईड की मात्रा अधिक पाई गई? जिलेवार, पता सहित जानकारी दी जावें।
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( श्रीमती संपतिया उइके ) : (क) ग्राउण्ड वॉटर के पेयजल हेतु उपयोग के लिये फ्लोराईड की मात्रा IS 10500:2012 कोड के अंतर्गत निर्धारित है जिसकी प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ‘’2’’ अनुसार है। (ग) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र -4 अनुसार है। जी हाँ। (ड़) ग्वालियर एवं चंबल संभाग में 01 जनवरी, 2025 से 01 दिसम्बर, 2025 तक की अवधि में बोरवेलों/हैंडपंपों के लिए गये सैम्पल एवं फ्लोराईड की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र -4 अनुसार है।
केप में भण्डारित स्कंध का उठाव
[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण]
107. ( क्र. 3284 ) श्री धीरेन्द्र बहादुर सिंह : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रश्नकर्ता के तारांकित प्रश्न क्रमांक–422, दिनांक 01/12/2025 के प्रश्नांश (क) का उत्तर “भंडारित स्कन्ध को अनिवार्यता 03 माह में उठाव करने, उठाव ना करने की दशा में संबन्धित की ज़िम्मेदारी निर्धारण करने हेतु निर्देश जारी किए गए हैं? ”यदि हाँ, तो क्या निर्देश के पालन में कोई कार्यवाही की गयी? यदि हाँ, तो प्रकरणवार की गयी कार्यवाही की जानकारी दे नहीं तो क्यों? कारण स्पष्ट कराएं। (ख) क्या तारांकित प्रश्न क्रमांक 422, दिनांक 01/12/2025 के प्रश्नांश “ग” का उत्तर “जमाकर्ताओं द्वारा पूर्ण उठाव ना करने के कारण केपों में स्कन्ध भंडारित हैं,” दिया गया था? यदि हाँ, तो किन जमाकर्ताओं द्वारा किन कारणों से स्कन्ध का उठाव नहीं किया गया? स्कन्ध का उठाव कब-कब किया? उठाए गए स्कन्ध की क्या गुणवत्ता थी? (ग) रबी एवं खरीफ उपार्जन वर्ष 2022-23 से वर्तमान तक कटनी जिले में खाद्यान्न का कब-कब उपार्जन किया गया? उपार्जित स्कन्ध को किस परिवहनकर्ता द्वारा कब से कब तक परिवहन किया गया और स्कन्ध को किस सक्षम प्राधिकारी के आदेशों से कहाँ एवं कब-कब भंडारित कराया गया? क्या किया गया परिवहन/भंडारण उपार्जन समिति की अनुसंशाओं के अनुरूप था? हाँ, तो कैसे? नहीं तो अनुसंशाओं का पालन ना होने का कारण बताइये? (घ) प्रश्नांश “ग” उपार्जित खाद्यान्न के परिवहन एवं भंडारण में अनियमितता शासकीय सेवकों द्वारा प्रतिवेदित की गयी? क्या इन अनियमितताओं पर कार्यवाही की गयी? हाँ, तो प्रकरणवार प्रश्न दिनांक तक की गयी कार्यवाही से अवगत कराइए।
खाद्य मंत्री ( श्री गोविन्द सिंह राजपूत ) : (क) समर्थन मूल्य पर उपार्जित खाद्यान्न के केप में भण्डारित मात्रा को प्राथमिकता के आधार पर उठाव कराया जाता है। प्रदेश में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत वार्षिक आवंटन से अधिक धान/चावल एवं गेहूं उपार्जन होने, भारत सरकार द्वारा सरप्लस स्कंध को फीफों के आधार पर उठाव करने, उपार्जित धान की मिलिंग में समय लगने के कारण केप में भण्डारित स्कंध को उठाव करने में समय लगता है इस प्रकार केप में निर्धारित समय-सीमा में उठाव न होने पर किसी पर कार्यवाही का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ख) कटनी जिले में वर्ष 2024-25 तक समर्थन मूल्य पर उपार्जित एवं केप में भण्डारित स्कंध में से एफएक्यू गुणवत्ता का पूर्ण उठाव किया जा चुका है। खरीफ विपणन वर्ष 2021-22 में समर्थन मूल्य पर उपार्जित एवं केप में भण्डारित धान में से 3148.90 मे.टन धान नान एफएक्यू एवं मिलिंग योग्य न होने के कारण उठाव नहीं किया जा सका है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) रबी एवं खरीफ उपार्जन वर्ष 2022-23 से वर्तमान तक कटनी जिले में वर्षवार उपार्जित खाद्यान्न मात्रा की जानकारी संलग्न परिशिष्ट-अ अनुसार है। समर्थन मूल्य पर उपार्जित स्कंध के उपार्जन केन्द्र से भण्डारण स्थल तक उपार्जन अवधि में परिवहन करने वाले परिवहनकर्ताओं की जानकारी संलग्न परिशिष्ट-ब अनुसार है। उपार्जन एजेन्सी के जिला अधिकारी द्वारा उपार्जन केन्द्र पर उपार्जित स्कंध के परिवहन हेतु ऑनलाइन परिवहन आदेश जारी कर परिवहन का कार्य कराया जाता है तथा उपार्जन केन्द्र से सीधे मिलर्स को भी धान का प्रदाय किया जाता है। उपार्जन नीति अनुसार जिला उपार्जन समिति द्वारा अनुमोदित मैपिंग अनुसार भण्डारण कराया गया है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) उपार्जित खाद्यान्न के परिवहन एवं भण्डारण के संबंध में कोई अनियमितता नहीं पाई गई। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
नल जल योजना के कार्य का संचालन
[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]
108. ( क्र. 3288 ) श्री सिद्धार्थ सुखलाल कुशवाहा : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) रामपुर बघेलान विधानसभा अंतर्गत जनपद पंचायत अमरपाटन के ग्राम पंचायत कोरिगंवा में नल जल योजना के तहत प्रत्येक घर में पेयजल सप्लाई है क्या? यदि नहीं, तो क्यों? यदि हां, तो कितने घरों पर नल से जल सप्लाई किया जा रहा है और कितने हितग्राही है? हितग्राहीवार/घरवार, नाम नंबर सहित जानकारी उपलब्ध कराएं? (ख) प्रश्नांश (क) में वर्णित ग्राम पंचायत में किस वर्ष किस संविदाकार द्वारा कितने किलोमीटर पाइप लाइन डाली गई और कितने घरों में नल कनेक्शन किए गए सभी की अलग-अलग विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराएं? (ग) प्रश्नांश (क) वर्णित ग्राम पंचायत में आधी अधूरी पाइप लाइन किसके द्वारा डाली गई है और क्यों? प्रश्न दिनांक तक कार्य पूर्ण न किए जाने का क्या कारण हैं? उक्त कार्य को कब तक पूर्ण किया जाएगा? कार्य पूर्ण न करने और कराने वाले जिम्मेदार व्यक्ति पर कार्यवाही कब तक की जाएगी? हर घर को नल से जल ग्राम पंचायत कोरिगंवा के लोगों को कब तक मिलेगा। समयावधि बताएं?
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( श्रीमती संपतिया उइके ) : (क) जी नहीं। सतना-बाणसागर ग्रामीण समूह जल प्रदाय योजना अंतर्गत ग्राम पंचायत कोरिगंवा में वर्तमान में कार्य प्रगतिरत है। कार्य पूर्ण होने पर जल प्रदाय किया जा सकेगा। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता। (ख) एल.एण्ड.टी. कंपनी द्वारा ग्राम पंचायत में वर्ष 2022-24 में 12 कि.मी. पाइप लाइन डाली गई है। नल कनेक्शन का कार्य प्रगतिरत है। वर्तमान में 210 घरों में नल कनेक्शन दिए गए है, जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) ग्राम पंचायत में पाइप लाइन बिछाने का कार्य वर्तमान में प्रगतिरत है। विभिन्न विभागों से अनुमति मिलने में विलम्ब एवं ठेकेदार द्वारा धीमी गति से कार्य करने के कारण कार्य दिसंबर 2026 तक पूर्ण किया जाना संभावित है। योजना के कार्य पूर्ण होने के उपरांत गुणदोष के आधार पर कार्यवाही की जावेगी। निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
हितग्राहियों को प्रदाय अनुदान मूलक योजनाओं का लाभ
[उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण]
109. ( क्र. 3290 ) श्री साहब सिंह गुर्जर : क्या उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दिनांक 01.01.2024 से 30.01.2026 तक ग्वालियर जिले में कितने हितग्राहियों को कितनी अनुदान मूलक योजनाओं का लाभ दिया गया? योजना का नाम, हितग्राही संख्या, अनुदान राशि सहित विधानसभावार देवें। (ख) ग्वालियर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र में प्रश्नांश (क) अवधि में इन हितग्राही मूलक योजनाओं के लिए कितने आवेदन ऑनलाइन/ऑफलाइन प्राप्त हुए एवं उनमें से कितने चयनित हुए? संख्या योजनावार, वर्षवार बतावें। (ग) प्रश्नांश (क) अवधि में ग्वालियर जिले में विभाग द्वारा कितनी सामग्री क्रय की गई एवं कितनी सामग्री शासन से भेजी गई? विभाग द्वारा क्रय की गई सामग्री के सप्लायर फर्मों के नाम, पता, भुगतान राशि, लंबित राशि, टी.डी.एस. कटोत्रा, सहित बिलों की छायाप्रति देवें। (घ) क्या कारण है कि ग्वालियर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र में हितग्राही मूलक योजनाओं में बेहद कम चयन किया जा रहा है? इसमें कब तक सुधार किया जावेगा?
उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण मंत्री ( श्री नारायण सिंह कुशवाह ) : (क) एवं (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''अ'' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''ब'' अनुसार है। पूर्व वर्ष का कोई भुगतान लंबित नहीं है। (घ) ग्वालियर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र में हितग्राही मूलक योजनाओं में वर्ष 2024-25 में कुल 797 कृषक एवं वर्ष 2025-26 में 337 कृषकों को लाभांवित किया गया है। विभाग अंतर्गत संचालित योजनाओं में ऑनलाइन माध्यम से 'पहले आओ पहले पाओ' एवं लॉटरी के आधार पर हितग्राहियों का चयन किया जाता हैं। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
हितग्राहियों का स्वीकृत ऋण
[अनुसूचित जाति कल्याण]
110. ( क्र. 3295 ) श्री सुरेश राजे : क्या अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्यप्रदेश अन्त्यावसायी निगम द्वारा अनुसूचित वर्ग के हितग्राहियों के उत्थान हेतु कौन-कौन सी योजनाएं संचालित हैं? इनके क्रियान्वयन तथा ऋण स्वीकृत सम्बन्धी नियम/आदेश की सत्यापित प्रति देवें। (ख) प्रश्नांश (क) के अनुसार वर्ष 2023-24 से 2025-26 में प्रश्न दिनांक तक उक्त योजनान्तर्गत जिला ग्वालियर में अनुसूचित जाति वर्ग के किस-किस हितग्राही को किस प्रयोजन हेतु (व्यवसाय/वाहन ऋण) कितना ऋण स्वीकृत एवं अनुदान राशि किस दिनांक को दी गई? (हितग्राही का नाम/पिता का नाम/पता/मोबाइल/कुल ऋण राशि/अनुदान राशि व प्रदाय दिनांक/ प्रयोजन जिसके लिए ऋण दिया/व्यवसाय स्थान का पता/वाहन का प्रकार/कार्य सत्यापनकर्ता का नाम तथा पद व मोबाइल नंबर) सहित पूर्ण जानकारी देवें।
अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री ( श्री नागर सिंह चौहान ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ब अनुसार है।
नल-जल योजना अंतर्गत 100 दिवसीय अभियान
[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]
111. ( क्र. 3297 ) श्री नागेन्द्र सिंह : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या मध्यप्रदेश शासन लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग मंत्रालय वल्लभ भवन भोपाल का पत्र क्रमांक एफ 16-03/2020/2/34 भोपाल दिनांक 15/10/2020 के द्वारा 100 दिवसीय अभियान के तहत शालाओं, आंगनवाड़ियों, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र सहित अन्य शासकीय संस्थाओं में नल जल के माध्यम से पेयजल उपलब्ध कराने के निर्देश दिये गये थे? (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार रीवा जिले के जनपद पंचायत रीवा, रायपुर कर्चुलियान एवं सिरमौर अन्तर्गत कितने शालाओं, आंगनवाड़ियों, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों सहित अन्य शासकीय संस्थाओं में नल-जल के माध्यम से पेयजल उपलब्ध कराया गया है? प्रश्न दिनांक तक पूर्ण, प्रगतिरत एवं अधूरे कार्यों का शालावार, आंगनवाड़ी, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रवार शासकीय संस्थावार विवरण स्वीकृत एवं व्यय राशि सहित उपलब्ध करायें। (ग) प्रश्नांश (क) से संबधित कार्यों के जारी कार्यादेश, निष्पादित अनुबंध, मात्रा संबंधी माप पुस्तिका एवं प्रस्तुत बिल, कार्य पूर्णता/हस्तांतरण प्रमाण पत्रों शालावार, आंगनवाड़ीवार, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रवार व्यय राशि सहित जानकारी उपलब्ध करायें।
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( श्रीमती संपतिया उइके ) : (क) जी हाँ। (ख) एवं (ग) जानकारी संकलित की जा रही है।
छात्रावास अधीक्षकों के स्थानांतरण
[जनजातीय कार्य]
112. ( क्र. 3300 ) श्री राजन मण्डलोई : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या बड़वानी जिले के संदर्भ में तारांकित प्रश्न क्रमांक 808, दिनांक 20/12/2024 के बिन्दु (ख) के उत्तर अनुसार स्थानान्तरण पर प्रतिबंध होने से स्थानान्तरण नहीं किये गये है? यदि हां, तो स्थानान्तरण नीति 2025 में आने के बाद कितने अधीक्षकों को मूल पद पर भेजा गया आदेश की छायाप्रति देवें। वर्तमान में शासन के दिशा निर्देशानुसार 5 वर्ष से अधिक समय से पद पर बने रहने वाले अधीक्षकों की सूची देवें तथा इन्हें मूल पद पर नहीं भेजने के क्या कारण है? दिशा निर्देशों का उल्लंघन करने वाले अधिकारियों के नाम बताये तथा इनके विरूद्ध क्या कार्यवाही की जावेगी समयावधि सहित बतायें। (ख) जिले में अनुकम्पा नियुक्ति के पेंडिग प्रकरणों की सूची नाम, आवेदन दिनांक और पेंडेन्सी के कारण बताये तथा वर्ष 2022-23 से प्रश्न दिनांक तक हुई अनुकम्पा नियुक्ति आदेश एवं किये गये आवेदन की छायाप्रतियां देवें। (ग) वर्ष 2023-24 से प्रश्न दिनांक तक मदवार एवं डी.डी.ओ.वार वितरण (आवंटन) की जानकारी देवें तथा उक्त अवधि में की गई सामग्री खरीद के निविदा दस्तावेज, क्रयादेश एवं भुगतान बिल की विस्तृत जानकारी देवें। (घ) क्या विभाग में ऑडिट के दौरान देयकों/वाउचरों का भण्डार क्रय नियमानुसार आहरण अधिकारी द्वारा अवलोकन कर भुगतान की कार्यवाही की जाती है। यदि नहीं, तो क्यों? यदि हां, तो वर्ष 2023-24 से प्रश्न दिनांक तक कार्यवाही की गई विस्तृत जानकारी देवें।
जनजातीय कार्य मंत्री ( डॉ. कुंवर विजय शाह ) : (क) जी हाँ। स्थानांतरण नीति 2025 के तहत किसी भी छात्रावास अधीक्षक का स्थानांतरण नहीं किया गया है। बड़वानी जिला अंतर्गत 5 वर्ष से अधिक समय तक अधीक्षक पद पर पदस्थ अधीक्षकों की सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ अनुसार है। अधीक्षक का पद शिक्षक संवर्ग का पद है, इस कारण से इन्हें मूलपद पर नहीं भेजा गया। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ब अनुसार है। वर्ष 2022-23 से प्रश्न दिनांक तक प्राप्त आवेदन पत्र एवं जिला स्तर से जारी किये गये अनुकम्पा नियुक्ति आदेश की छायाप्रतियां पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-स अनुसार है। (ग) वर्ष 2023-24 से प्रश्न दिनांक तक डी.डी.ओ. वार प्राप्त आवंटन/व्यय की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट -द अनुसार है। सामग्री पूर्ति मद अंतर्गत निविदा दस्तावेज, क्रय आदेश एवं भुगतान बिल की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट –ई अनुसार है। (घ) जी हाँ। सामग्री क्रय की विस्तृत जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट – ई अनुसार है।
पुष्पराजगढ़ विधानसभा ग्राम में पेयजल आपूर्ति
[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]
113. ( क्र. 3312 ) श्री फुन्देलाल सिंह मार्को : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) ग्रामों में पेयजल की आपूर्ति हेतु विभाग के क्या निर्देश और योजना वर्तमान में प्रचलित हैं? पुष्पराजगढ़ विधानसभा क्षेत्र जिला अनूपपुर में ग्रामवार पेयजल की आपूर्ति हेतु वर्तमान में क्या संसाधन हैं और किन-किन ग्रामों में निर्धारित मानक के अनुरूप पेयजल की व्यवस्था उपलब्ध है, किन-किन ग्रामों में नहीं है? जानकारी उपलब्ध करावें। (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में 01 अप्रैल, 2024 से प्रश्न दिनांक तक ग्रामवार पेयजल आपूर्ति हेतु किस योजना के तहत कितनी लागत के नलजल योजना के कार्य किये गये? क्या सभी कार्य पूर्ण हो गये हैं। यदि हाँ, तो कौन-कौन से एवं शेष रहे कार्यों को किस प्रकार और कब तक पूर्ण किया जायेगा। (ग) पुष्पराजगढ़ विधानसभा के ग्रामों में पेयजल की सुचारू व्यवस्था के तहत नियत मानक के अनुरूप क्या विभाग की कोई कार्य योजना है? यदि हाँ, तो उससे अवगत करावें। (घ) जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत उक्त विधानसभा क्षेत्र में कार्य किये जाने हेतु विभाग की क्या योजना है, किस सक्षम स्वीकृति से क्या कार्य किस स्थान पर प्रश्न दिनांक तक किये गये हैं।
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( श्रीमती संपतिया उइके ) : (क) ग्रामों में नल जल योजना से अथवा नल जल योजना से साध्य न होने पर हैण्डपम्प योजना द्वारा 55 लीटर प्रति व्यक्ति प्रति दिन के मान से पेयजल उपलब्ध कराने के निर्देश और योजना प्रचलित है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 01 एवं 02 अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र–01 अनुसार है। (ग) प्रश्नांकित क्षेत्र में 55 लीटर प्रति व्यक्ति प्रतिदिन के मान से पेयजल उपलब्ध है, शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है (घ) जल गंगा संवर्धन अभियान अंतर्गत कार्य हेतु पेयजल योजनाओं के लिये लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को राशि उपलब्ध नहीं होती है, शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
शिक्षकों के रिक्त पद की पूर्ति
[जनजातीय कार्य]
114. ( क्र. 3313 ) श्री फुन्देलाल सिंह मार्को : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला अनूपपुर क्षेत्रान्तर्गत प्राथमिक, माध्यमिक, हाईस्कूल, हायर सेकण्डरी स्कूल में कुल कितने शिक्षकों के पद स्वीकृत हैं, कितने पद भरे हैं एवं कितने पद रिक्त हैं? विधानसभा क्षेत्रवार संख्यात्मक जानकारी उपलब्ध करावें। (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में रिक्त पदों की पूर्ति हेतु विभाग द्वारा क्या कार्यवाही की गई है तथा कब तक इन रिक्त पदों पर नियुक्ति कर दी जायेगी। कितने शिक्षकों को उनकी मूल पद स्थापना पर नियुक्ति आदेशानुसार अन्यत्र अटैचमेंट किया गया है, अटैचमेंट करने के कारण बतावें। (ग) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में अशैक्षणिक संवर्ग में आउटसोर्स से कार्य कराये जाने के निर्देश हैं। यदि हाँ, तो निर्देशों की प्रति उपलब्ध करावें तथा बतावें कि किस स्थान पर कितने वर्षों से आउटसोर्स के रूप में अशैक्षणिक संवर्ग के सेवक पदस्थ होकर के कार्य कर रहे हैं। संख्यात्मक जानकारी उपलब्ध करावें।
जनजातीय कार्य मंत्री ( डॉ. कुंवर विजय शाह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''अ'' अनुसार है। (ख) विभाग अंतर्गत प्रदेश में वर्ष 2021 से प्राथमिक शिक्षक के 9575, माध्यमिक शिक्षक 4857 एवं उच्च माध्यमिक शिक्षक के 1734 पदों पर नियुक्ति की जा चुकी है। पदपूर्ति एक निरन्तर प्रक्रिया है। समय-सीमा बताना संभव नहीं है। शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''ब'' अनुसार है। (ग) जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
अनुसूचित जाति एवं जनजाति छात्रावास का संचालन
[अनुसूचित जाति कल्याण]
115. ( क्र. 3315 ) श्री भैरो सिंह बापू : क्या अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला आगर-मालवा में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के कितने छात्रावास कब से संचालित है? ऐसे छात्रावासों के नाम सहित यह भी जानकारी दें कि वह कब से स्वयं के भवन में स्थित है या किराये के भवन में संचालित है? (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार इन छात्रावासों में वर्तमान में पदस्थ छात्रावास अधीक्षक एवं अन्य कब से कार्यरत है उनके नाम सहित सम्पूर्ण जानकारी देवें? (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) अनुसार इन प्रत्येक छात्रावासों में प्रतिमाह कितनी-कितनी राशि किस प्रयोजनार्थ भेजी जाती है? (घ) प्रश्नांश (क) अनुसार क्या सभी छात्रावासों में छात्र छात्राओं हेतु शुद्ध पेयजल की व्यवस्था सहित सभी संसाधन उपलब्ध है?
अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री ( श्री नागर सिंह चौहान ) : (क) एवं (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) प्रत्येक छात्रावास में शिष्युवृत्ति प्रयोजनार्थ प्रति बालक राशि रूपये 1650/- एवं प्रति बालिका राशि रूपये 1700/- दी जाती है। जिसमें से 90% राशि भोजन हेतु तथा शेष 10% राशि छात्र के खाते में सीधे भुगतान की जाती है। (घ) जी हाँ।
सार्वजनिक वितरण प्रणाली की जानकारी
[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण]
116. ( क्र. 3322 ) श्री उमंग सिंघार : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत वर्तमान में कुल कितने राशन कार्डधारी पंजीकृत है तथा उनमें से कितने हितग्राहियों को प्रतिमाह नियमित रूप से निर्धारित मात्रा में खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा रहा है? (ख) वर्ष 2022 से प्रश्न दिनांक तक राशन वितरण में अनियमितताओं, कम तौल, अपात्र हितग्राहियों को वितरण अथवा कालाबाजारी से संबंधित कुल कितनी शिकायतें विभाग को प्राप्त हुई, उन पर क्या ठोस कार्यवाही की गई? (ग) क्या उचित मूल्य दुकानों पर बायोमेट्रिक सत्यापन, ई-केवाईसी एवं ऑनलाइन स्टॉक प्रबंधन प्रणाली पूर्ण रूप से लागू की जा चुकी है? (घ) सार्वजनिक वितरण प्रणाली को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह एवं उपभोक्ता हितैषी बनाने हेतु विभाग द्वारा कौन-कौन से सुधारात्मक कदम वर्तमान में लागू किए गए है अथवा प्रस्तावित है?
खाद्य मंत्री ( श्री गोविन्द सिंह राजपूत ) : (क) प्रदेश में सार्वजानिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत वर्तमान में 1,32,26,191 राशन कार्डधारी (पात्रता पर्चीधारी) पंजीकृत है। प्रतिमाह जितने पात्र हितग्राही उचित मूल्य दुकान पर राशन लेने आते है। उन हितग्राहियों के बायोमेट्रिक सत्यापन उपरांत प्रतिमाह नियमित रूप से निर्धारित मात्रा में खाद्यान्न उपलब्ध करवाया जा रहा है। (ख) वर्ष 2022 से प्रश्न दिनांक तक राशन वितरण में अनियमितताओं, कम तौल, अपात्र हितग्राहियों को वितरण, कालाबाजारी से संबंधित कुल 1164 शिकायतें प्राप्त हुई है जिन पर की गई कार्यवाही की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) उचित मूल्य दुकानों पर बायोमेट्रिक सत्यापन, ई-केवाईसी एवं ऑनलाइन स्टॉक प्रबंधन प्रणाली लागू है। प्रदेश की 27,249 उचित मूल्य दुकानों पर बायोमेट्रिक सत्यापन से तथा 639 इंटरनेट कनेक्टिविटी विहीन उचित मूल्य दुकानों पर समग्र आई.डी. से (Digital transaction) के माध्यम से राशन वितरण कराये जाने की व्यवस्था है। खाद्य संचालनालय द्वारा NIC हैदराबाद के तकनीकी सहयोग से AePDS पोर्टल पर समस्त उचित मूल्य दुकानों का ऑनलाइन आवंटन जारी किया जाता है, ऑनलाइन वितरण पश्चात दुकान पर शेष स्टॉक को समायोजित कर आगामी माह का आवंटन जारी किया जाता है। (घ) सार्वजनिक वितरण प्रणाली को पारदर्शी, जवाबदेह एवं उपभोक्ता हितैषी बनाने हेतु पात्र परिवार के चिन्हांकन से लेकर राशन आवंटन एवं वितरण तक की संपूर्ण व्यवस्था का एण्ड-टू-एण्ड कम्प्यूट्रीकरण किया गया है।
वन अधिकार अधिनियम के अंतर्गत दावों के सत्यापन की जानकारी
[जनजातीय कार्य]
117. ( क्र. 3323 ) श्री उमंग सिंघार : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या राज्य सरकार का वन अधिकार अधिनियम 2006 के अंतर्गत वन अधिकार दावों (व्यक्तिगत/सामुदायिक) के सत्यापन/निर्धारण हेतु उपग्रह चित्र उपयोग करने का कोई प्रस्ताव है? यदि हाँ, तो उसकी वर्तमान स्थिति प्रस्ताव/स्वीकृति/टेंडर/क्रय की जानकारी दें? (ख) क्या उपग्रह चित्रों के लिए विदेश स्थित एजेंसियों से क्रय/सेवा लेने का प्रस्ताव है? यदि हाँ, तो इसके लिए प्रस्तावित व्यय राशि कितनी है तथा क्रय/सेवा प्रक्रिया की वर्तमान स्थिति क्या है? (ग) उपर्युक्त उपग्रह चित्रों का उपयोग केवल नए वन अधिकार दावों के लिए किया जाएगा या लंबित दावों के सत्यापन में भी किया जाएगा? स्पष्ट किया जाए? (घ) क्या उपग्रह चित्रों का उपयोग पूर्व में अस्वीकृत दावों के मामलों में पुनः परीक्षण/पुनर्विचार हेतु भी प्रस्तावित है? यदि हाँ, तो ऐसे मामलों में लागू प्रक्रिया क्या होगी?
जनजातीय कार्य मंत्री ( डॉ. कुंवर विजय शाह ) : (क) जी हाँ। MPSEDC द्वारा वन विभाग से प्राप्त उपग्रह चित्रों (कार्टोसेट-1, मई-13 दिसम्बर 2005) की जिओरेफरेंसिंग का कार्य पूर्ण कर लिया गया है तथा एक वेब पेज (https://geoportal.mp.gov.in/FRA/) का भी निर्माण कर लिया गया है जिस पर झाबुआ जिले के उपलब्ध उपग्रह चित्रों को पब्लिश किया जा चुका है। (ख) उपग्रह चित्रों से संबंधित कार्य राज्य शासन के उपक्रम MPSEDC द्वारा किया जा रहा है। MPSEDC से प्राप्त जानकारी अनुसार FRA हेतु दावों की पुष्टि के लिए High resolution उपग्रह चित्रों की आवश्यकता होती है,जिसमें आवेदक अपनी आवेदित भूमि पर अपना आधिपत्य वर्ष 2005 की स्थिति में सिद्ध कर सकता है। इसे दृष्टिगत रखते हुए वन विभाग द्वारा प्रदाय उपग्रह चित्रों द्वारा प्रदेश का लगभग 1.80 लाख वर्गकिमी क्षेत्रफल कवर किया जा सकता है। यद्यपि शेष क्षेत्र हेतु उपलब्ध सेटेलाइट इमेज की उपलब्धता हेतु विश्लेषण किया जा रहा है वर्तमान मेंI KONOS-2 and QuickBird-2 (1999-2005) सैटेलाइट के डाटा की उपलब्धता का विश्लेषण किया जा चुका है। जिससे प्रदेश का लगभग 2.34 लाख वर्ग कि.मी क्षेत्रफल कवर होता है। इस कार्य पर प्रस्तावित व्यय राशि का आंकलन अभी नहीं किया गया है। (ग) उपग्रह चित्रों का नवीन एवं पुन: परीक्षण हेतु लंबित दावों में उपयोग संभव है। (घ) जो दावे अंतिम रूप से निराकृत/अस्वीकृत हो चुके हैं, उनके पुन: परीक्षण/पुनर्विचार का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना
[उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण]
118. ( क्र. 3325 ) डॉ. राजेन्द्र कुमार सिंह : क्या उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दिनांक 01.04.2015 से 31.03.2019 के दौरान रीवा एवं शहडोल संभाग के अंतर्गत माइक्रो इरिगेशन/प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना/अन्य सभी हितग्राही मूलक अनुदान वाली योजनाओं में किस-किस नाम/पते वाले ड्रिप कृषकों एवं स्प्रिंकलर कृषकों को इस योजना का लाभ दिया गया? (ख) माहवार/ वर्षवार/ग्रामवार/ अनुविभागवार/ जिलेवार/ संभागवार/ योजनावार/ क्या लाभ किस योजना का दिया गया की सूची उपलब्ध करायें? क्या उक्त योजना में हितग्राही (लाभार्थी) की ड्रिप फिटिंग की फोटो/किसान का संतुष्टि प्रमाण पत्र/किसान का बैंक स्टेटमेंट होना आवश्यक/अनिवार्य शर्त है/थी? प्रश्नांश (क) में वर्णित समयानुसार सभी हितग्राहियों (लाभार्थियों) का बैंक स्टेटमेंट/किसानों का संतुष्टि प्रमाण पत्र/ड्रिप फिटिंग की फोटो प्रकरणवार उपलब्ध करायें? (ग) नोबल पॉलिमर सिलवासा/एग्रोलीडर खरगौन/नर्बदा पाईप्स इंदौर/त्यागी इण्डस्ट्रीज देवास/किसान इरीगेशन इंदौर/नरी इरीगेशन इंदौर/प्रगति इण्डस्ट्रीज रायपुर/एग्रो लक्ष्य खरगौन/नेटबिन एग्रो इंदौर/एवं अन्य को प्रश्नांश (क) में वर्णित समयानुसार किन किन योजनाओं में किस-किस प्रकार की क्या सामग्री सप्लाई करने पर कितना-कितना भुगतान किया गया? माहवार/ वर्षवार/कार्यवार/भुगतानवार/राशिवार/कंपनीवार/प्रकरणवार जानकारी दें? (घ) प्रश्नांश (ग) में वर्णित सभी कंपनियों को प्रश्नांश (क) के समयानुसार जारी सभी वर्क आर्डरों की एक प्रति दें?
उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण मंत्री ( श्री नारायण सिंह कुशवाह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-01 अनुसार है। (ख) योजना में हितग्राही की ड्रिप फिटिंग फोटो/किसान संतुष्टि प्रमाण पत्र होना आवश्यक है तथा किसान का बैंक स्टेटमेंट आवश्यक नहीं है। प्रश्नांश (क) में वर्णित समयानुसार हितग्राहियों के ड्रिप फिटिंग फोटो/किसान संतुष्टि प्रमाण की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-02 अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-01 अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-03 अनुसार है।
योजनाओं हेतु आवंटित राशि का विवरण
[जनजातीय कार्य]
119. ( क्र. 3329 ) श्री राजेन्द्र भारती : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या म.प्र. जनजातीय विभाग अंतर्गत अनुसूचित जाति बस्ती विकास योजना अंतर्गत राशि आवंटित की जाती है? हाँ तो दतिया जिले की वर्ष 2024-25 एवं वर्ष 2025-26 में उक्त योजना अंतर्गत किस कार्य के लिये कितनी-कितनी राशि आवंटन की गई? कृपया वर्षवार, मदवार, योजनावार जानकारी प्रदान करें। (ख) क्या जनजातीय कार्य विभाग में प्रधानमंत्री जनमन योजना अंतर्गत विकास कार्यों का प्रावधान हैं? यदि हाँ, तो वर्ष 2023-24, 2024-25 एवं 2025-26 में प्रधानमंत्री जनमन योजना अंतर्गत दतिया जिले में किस-किस कार्य हेतु कितनी-कितनी राशि का आवंटन प्राप्त हुआ है? कृपया वर्षवार कार्यों का विवरण उपलब्ध कराते हुये व्यय की गई राशि की विस्तृत जानकारी प्रदान करते हुये बतायें कि उक्त योजना अंतर्गत वर्षवार प्राप्त राशि से क्या-क्या कार्य कराये गये और किस-किस फर्म/एजेंसी से कार्य कराये गये? वर्ष 2022-23, से 2025-26 तक कराये गये समस्त कार्यों की निविदा, डीपीआर, कार्यादेश, भौतिक सत्यापन रिपोर्ट, कैशबुक एवं बिल वाउचर की प्रतियां तथा संबंधित फर्म/एजेंसियों का नाम, पता, पंजीयन नंबर सहित जानकारी प्रदान करें। (ग) दतिया जिले में वर्ष 2022-23 से प्रश्न दिनांक तक किस-किस योजना के किस-किस मद में कितना-कितना आवंटन जारी किया गया है? कृपया योजनावार, मदवार, वर्षवार विवरण प्रदान करते हुये बतायें कि क्या प्राप्त आवंटन व्यय कर लिया गया है? यदि हाँ, तो वर्ष 2022-23 से प्रश्न दिनांक तक समस्त मदों में व्यय की गई राशि का वर्षवार, मदवार विवरण प्रदान करते हुये उक्त अवधि में कृषि समस्त कार्यों की कैशबुक, बिल वाउचर की प्रतियां, कार्य करने वाली फर्म/एजेंसी का नाम, पता, पंजीयन क्रमांक, जीएसटी नं, कार्यादेश, अनुबंध पत्र, भौतिक सत्यापन रिपोर्ट प्रदाय करें। (घ) क्या दतिया जिले में अनुसूचित जनजाति के छात्रों को छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है? यदि हाँ, तो वर्तमान में किस छात्र को कितनी छात्रवृत्ति प्रदान की जा रही है? कृपया वर्षवार, कक्षावार छात्रवृत्ति की जानकारी प्रदाय करते हुये बतायें कि दतिया जिले में शिक्षकों के पद कितने रिक्त हैं? कृपया प्राथमिक शिक्षक, माध्यमिक शिक्षक, उच्च माध्यमिक शिक्षक एवं छात्रावास अधीक्षकों के रिक्त पदों की विषयवार जानकारी प्रदान करते हुये बतायें कि क्या विभाग के स्कूलों का स्कूल शिक्षा विभाग में संविलियन/मर्ज करने पर सरकार विचार कर रही है? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्यों? कारण सहित बतायें।
जनजातीय कार्य मंत्री ( डॉ. कुंवर विजय शाह ) : (क) जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट- 'अ' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशष्ट- 'ब' अनुसार है। (घ) जी हाँ। वर्तमान में छात्रों को प्रदाय छात्रवृत्ति की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट- 'स' अनुसार है। दतिया जिले में विभागीय शिक्षण संस्थाएं संचालित नहीं हैं। प्राथमिक शिक्षक, माध्यमिक शिक्षक एवं उच्च माध्यमिक शिक्षक स्तर के छात्रावास अधीक्षकों के 06 पद रिक्त हैं। जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
अनुसूचित जाति वर्ग के विद्यार्थियों को शासन की योजनाओं का लाभ
[अनुसूचित जाति कल्याण]
120. ( क्र. 3330 ) श्री राजेन्द्र भारती : क्या अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रदेश में अनुसूचित जाति के छात्र/छात्राओं को विद्यालय/महाविद्यालय में शासन की ओर से छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है? यदि हाँ, तो कृपया विभाग द्वारा छात्रों को वर्तमान में प्रदान की जाने वाली समस्त छात्रवृत्तियों के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान करें। (ख) क्या अनुसूचित जाति वर्ग के नियमित अध्ययनरत छात्र/छात्राओं को मा.शि. मण्डल एवं अन्य निजी विद्यालयों तथा महाविद्यालयों में प्रवेश शुल्क एवं परीक्षा शुल्क ने छूट प्रदान की जाती हैं? यदि हाँ, तो किस योजना अंतर्गत कौन-कौन से शुल्क में छूट प्रदान की जाती है? कृपया वर्ष 2020 से प्रश्न दिनांक तक प्रचलित समस्त योजनाओं की विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराते हुये बतायें कि उक्त योजना अनुसार वर्ष 2020 से प्रश्न दिनांक तक प्रदेश में कितने छात्र को प्रवेश शुल्क एवं परीक्षा में शुल्क मुक्ति प्रदान की गई? यदि नहीं, की गई तो क्यों? कृपया कारण सहित बतायें। (ग) क्या अनुसूचित जाति वर्ग हेतु प्रदेश में प्रतियोगी परीक्षा की तैयारियों हेतु केन्द्र/राज्य शासन द्वारा संचालित किये जा रहे है? यदि हाँ, तो केन्द्रों में प्रवेश हेतु क्या-क्या योग्यताएं एवं अर्हताएं निर्धारित की गई हैं? योजना को विस्तृत जानकारी उपलब्ध करायें तथा वर्ष 2020 से 2025 तक कुल कितने छात्रों को उक्त योजना का लाभ दिया गया? जिलेवार, प्रशिक्षण केन्द्रवार जानकारी प्रदान करते हुये बतायें कि उक्त प्रशिक्षण केन्द्र में कौन-कौन शिक्षक विषय विशेषज्ञ उक्त प्रशिक्षण केन्द्रों में प्रशिक्षण प्रदान कर रहे हैं? कृपया नाम, पता सहित सूची प्रदान करते हुये बतायें कि वर्ष 2020 से प्रश्न दिनांक तक उक्त प्रशिक्षण केन्द्रों से कितने छात्रों का किस विभाग में किस पद पर चयन हुआ है? जिलावार जानकारी उपलब्ध करायें।
अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री ( श्री नागर सिंह चौहान ) : (क) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट- 'अ' अनुसार है। (ख) जी नहीं। छात्रवृत्ति योजना में नियमानुसार शिक्षण शुल्क, परीक्षा शुल्क एवं अन्य नॉन रिफण्डेबल शुल्क दिये जाने का प्रावधान होने शुल्क मुक्ति की योजना न होने से शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी हाँ। नियम की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'ब' अनुसार है। लाभान्वित अभ्यार्थियों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'स' अनुसार है। विषय विशेषज्ञों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट- 'द' अनुसार है। चयनित उम्मीदवारों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट- 'इ' अनुसार है।
बाल आयोग द्वारा जारी पत्रों एवं प्राप्त शिकायतों पर कार्यवाही
[महिला एवं बाल विकास]
121. ( क्र. 3333 ) श्री जयवर्द्धन सिंह : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या म.प्र. बाल अधिकार संरक्षण आयोग वार्षिक प्रतिवेदन 2024-25 में पृष्ठ क्रमांक 42 से 46 तक वर्णित पत्र आयोग द्वारा जारी किये गये हैं? जारी समस्त पत्रों की प्रति एवं पत्रों पर कृत कार्यवाही और प्राप्त उत्तर की प्रति (समस्त दस्तावेजों के साथ) दें। (ख) जनवरी 2024 से प्रश्न दिनांक तक बाल अधिकार आयोग में RTI Act, JJ Act, Pocso Act एवं अन्य कितनी शिकायतें प्राप्त हुई? शिकायतों की प्रति, जानकारी का पृथक-पृथक गोशवारा बनाकर दें। (ग) प्रश्नांश (ख) के परिप्रेक्ष्य में प्राप्त शिकायतों में कितनी शिकायतों का निराकरण कर दिया गया है? कितनी शिकायतें किन कारणों से लंबित हैं? उनका निराकरण कब तक कर दिया जायेगा? निश्चित समयावधि बतायें। यदि नहीं, तो क्यों? (घ) जनवरी 2022 से प्रश्न दिनांक तक प्रदेश में गुम हुए बच्चों की संख्या कितनी है? जिलेवार समस्त जानकारी का गोशवारा बनाकर बतायें। (ड.) जनवरी 2022 से प्रश्न दिनांक तक भिक्षावृत्ति से जुड़े बच्चों की संख्या कितनी है? जिलेवार समस्त जानकारी का गोशवारा बनाकर बतायें।
महिला एवं बाल विकास मंत्री ( सुश्री निर्मला भूरिया ) : (क) जी हाँ। जारी समस्त पत्रों की प्रति एवं पत्रों पर कृत कार्यवाही तथा प्राप्त उत्तर की प्रति (समस्त दस्तावेजों के साथ) पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'अ' अनुसार है। (ख) जनवरी 2024 से प्रश्न दिनांक तक म.प्र. बाल अधिकार संरक्षण आयोग में कुल 1406 शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिनमें से 307 शिकायतें आवेदकों द्वारा प्राप्त हुई तथा 1099 शिकायतें आयोग द्वारा स्वतः संज्ञान में ली गई। आयोग में RTI Act की शिकायतें प्राप्त नहीं होती अपितु RTE ACT की शिकायतों की जानकारी प्रस्तुत की जा रही है। RTEACT, JJ Act, POCSO Act एवं अन्य शिकायतों की जानकारी निम्नानुसार है:-
|
आयोग को प्राप्त शिकायतों की जानकारी का गोशवारा |
||||
|
क्र. |
एक्ट |
आयोग को प्राप्त शिकायत |
स्वत: संज्ञान में लिये गये प्रकरण |
कुल शिकायतें |
|
1 |
जेजे एक्ट |
91 |
488 |
579 |
|
2 |
पॉक्सो एक्ट |
26 |
353 |
379 |
|
3 |
आर.टी.ई. |
20 |
38 |
58 |
|
4 |
अन्य |
170 |
220 |
390 |
|
कुल |
307 |
1099 |
1406 |
|
JJ Act की धारा 74 एवं POCSO Act की धारा 23 के विविध प्रावधानों के अनुसार POCSO एवं JJ Act से संबंधित शिकायतों में बच्चों की पहचान गोपनीय रखना अनिवार्य होने से संबंधित शिकायतों की प्रति संलग्न नहीं है। तथापि RTEACT एवं अन्य शिकायतों की प्रतियां पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'ब' अनुसार है। (ग) प्रश्नांश (ख) के परिप्रेक्ष्य में कुल 1406 शिकायतों में से 1019 शिकायतों का निराकरण किया गया है तथा 387 शिकायतें आयोग स्तर पर लंबित हैं। गोशवारा एवं सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'स' अनुसार है। आयोग के गठन उपरांत लंबित शिकायतों का निराकरण किया जावेगा। अत: निश्चित समयावधि बताना संभव नहीं हैं। (घ) गृह विभाग से प्राप्त जानकारी अनुसार जनवरी 2022 से प्रश्नाधीन अवधि तक प्रदेश में गुम हुए बच्चों की संख्या 57895 है। जिलेवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'द' अनुसार है। (ड.) सामाजिक न्याय एवं दिव्यांग जन सशक्तिकरण विभाग से प्राप्त जानकारी अनुसार जनवरी 2022 से प्रश्नाधीन अवधि तक प्रदेश में भिक्षावृत्ति से जुडे बच्चों की संख्या 1723 है। जिलेवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट- 'ई' अनुसार है।
प्रदेश में उपभोक्ताओं के संरक्षण पर कार्यवाही नहीं होना
[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण]
122. ( क्र. 3334 ) श्री जयवर्द्धन सिंह : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) उपभोक्ता संरक्षण अन्तर्गत कौन-कौन से कार्य आते है? उपरोक्त कार्यों को प्रदेश में संपादित करने के लिये किसं स्तर की मॉनिटरिंग की व्यवस्था है? कौन-कौन सी धाराओं में कौन-कौन से कार्यों को सम्मिलित किया गया है? उल्लंघन पर क्या सजा और आर्थिक दण्ड का प्रावधान है? विस्तृत जानकारी आदेश, निर्देश नियमों के साथ दें। (ख) उपरोक्त अवधि में ऑनलाइन उपभोक्ताओं के साथ धोखाधड़ी की कितनी शिकायतें प्राप्त हुई? शिकायतों की प्रति एवं शिकायत पर कृत कार्यवाही से अवगत कराये। संपूर्ण जानकारी का गोशवारा वर्षवार बनाकर बताये। (ग) कोरियर, ऑनलाइन शॉपिंग, ऑनलाइन गेंमिग, टेलीविजन पर निगरानी हेतु विभाग द्वारा कोई मॉनिटरिंग की जाती है? यदि हाँ, तो इसके लिये विभाग के पास कितने मैनपॉवर के साथ कितने स्मार्ट उपकरण है? कितने प्रकरणों पर कब और क्या कार्यवाही की गई? समस्त जानकारी का गोशवारा बनाकर कृत कार्यवाही से अवगत कराये। (घ) जनवरी 2025 से सोना, चांदी में उतार चढ़ाव पर नियंत्रण नहीं होने से उपभोक्ताओं को खरीदी में हो रही परेशानियों में पारदर्शिता बनाये रखने के लिये विभाग ने कब और क्या कार्यवाही की? (ड.) जनवरी 2025 से उपरोक्त अवधि में विभाग के कितने कार्यालय है, उनमें कार्यरत समस्त स्टॉफ की जानकारी दें? शिकायतकर्त्ता किस प्रकार विभाग से संपर्क कर सकता है, उसकी संपूर्ण जानकारी दें। विभाग द्वारा उपभोक्ताओं को जागरूकता के लिये कब और क्या और कितने प्रयास किये गये बताये?
खाद्य मंत्री ( श्री गोविन्द सिंह राजपूत ) : (क) उपभोक्ता संरक्षण के अंतर्गत उपभोक्ताओं के अधिकारों का सरंक्षण, उपभोक्ता विवादों का निराकरण एवं उपभोक्ताओं को जागरूक करने के कार्य आते है। उपभोक्ता शिकायतों की प्रदेश में मॉनीटरिंग राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग एवं जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग द्वारा की जाती है। आयोग उपभोक्ताओं की शिकायतों का निराकरण करते है एवं उपभोक्ता अधिकारों के प्रवर्तन की निगरानी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते है। उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम-2019 के प्रावधानानुसार उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 में कुल 107 धाराएं और 10 अध्याय शामिल है। उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 में नियमों के उल्लंघन पर सजा और आर्थिक दण्ड की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'अ' अनुसार है। (ख) उपरोक्त अवधि में ऑनलाइन उपभोक्ताओं के साथ धोखाधड़ी से संबंधित शिकायतें निरंक है। डिजिटल रिकार्ड की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'ब' अनुसार है। (ग) प्रश्नांकित बिंदुओं पर कोई मॉनिटरिंग नहीं की जाती है। (घ) प्रश्नांकित अवधि में उल्लेखित वस्तुओं की कीमतों की मॉनीटरिंग के संबंध में कोई कानूनी प्रावधान विभाग के पास नहीं होने से इसकी मॉनीटरिंग नहीं की जाती है। (ड.) वर्तमान में म.प्र. राज्य उपभोक्तान आयोग के अतिरिक्त 22 जिला मुख्यालय पर 25 पूर्णकालिक जिला उपभोक्ता आयोग तथा 26 जिला मुख्यालयों पर 26 अंशकालिक जिला उपभोक्ता आयोग कार्यरत है। इन कार्यालयों में कार्यरत स्टॉफ की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'स' अनुसार है। शिकायतकर्ता अपनी शिकायत ई-जागृति पोर्टल के माध्यम से पंजीकरण कर दस्तावेजों के साथ शिकायत दर्ज कर सकते है। उपभोक्ताओं को जागरूक करने के लिए 15 मार्च विश्व उपभोक्ता अधिकार दिवस एवं 24 दिसम्बर राष्ट्रीय उपभोक्ता दिवस के अवसर पर संगोष्ठी परिचर्चा आदि जिलों में किये जाते है। स्वैच्छिक उपभोक्ता संगठनों द्वारा भी उपभोक्ताओं की जागरूकता के संबंध में गतिविधियां आयोजित की जाती है। विभाग द्वारा प्रतिवर्ष उपभोक्ताओं को जागरूक करने के लिये सक्रिय उपभोक्ता संगठनों को पुरस्कृत किया जाता है। शासकीय विद्यालयों के छात्र-छात्राओं के लिए निबंध एवं पोस्टर प्रतियोगिता भी आयोजित की जाती है। वर्ष 2025 में विगत वर्ष की उपभोक्ता संरक्षण क्षेत्र में उपलब्धि को देखते हुए राज्य स्तर पर 02 संगठनों को एवं निबंध तथा पोस्टर प्रतियोगिता में 03-03 प्रतिभागियों को राज्य स्तरीय पुरस्कार प्रदाय किये गये है।
बीपीएल कार्डधारियों को गुणवत्ता विहीन खाद्यान्न वितरित किया जाना
[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण]
123. ( क्र. 3337 ) श्री आतिफ आरिफ अकील : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में बीपीएल कार्डधारियों को किस स्तर के खाद्यान वितरीत किये जाने का नियम/मापदण्ड शासन द्वारा निर्धारित किये गये है? नियम/मापदण्डों की प्रति उपलब्ध करावें। (ख) उपरोक्तानुसार क्या शासन द्वारा निर्धारित मापदण्डों अनुसार बीपीएल कार्डधारियों को राशन (गेंहू/चावल) वितरीत किये जा रहे है? क्या राशन दुकानों द्वारा वितरीत खाद्यान गुणवत्ता विहीन होकर खाने योग्य नहीं है? यदि हाँ, तो क्यों? (ग) उपरोक्त प्रश्नांश के परिप्रेक्ष्य में क्या शासन/विभाग बीपीएल कार्डधारियों को गुणवत्ता विहीन राशन प्रदाय करने के लिये जिम्मेदारों पर कार्यवाही करेगा? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्यों?
खाद्य मंत्री ( श्री गोविन्द सिंह राजपूत ) : (क) शासन द्वारा NFSA अंतर्गत समस्त पात्र परिवारों हेतु मानक गुणवत्ता (FAQ) स्तर के खाद्यान्न वितरण किये जाने के निर्देश हैं, निर्देश/मापदण्डों की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी हां, शासन द्वारा निर्धारित मापदण्ड अनुसार ही समस्त पात्र परिवारों को FAQ स्तर का खाद्यान्न वितरित किया जा रहा है। प्रदाय केन्द्रों से FAQ मापदण्ड का खाद्यान्न उचित मूल्य दुकानों पर पहुंचाया जाकर वितरित कराया जाता है, यदि किसी कारणवश उचित मूल्य दुकान पर FAQ से कम का खाद्यान्न पहुंचता है तो उसका वितरण हितग्राहियों को नहीं कराया जाता है। अपितु उस खाद्यान्न को बदलकर उसके स्थान पर FAQ मापदण्ड का खाद्यान्न पहुंचाया जाकर वितरित कराया जाता है। शेष प्रश्न उपस्थिति नहीं होता है। (ग) उत्तरांश (ख) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
लोकल परचेस की दवाओं/सामग्री में अनियमितताएं/भ्रष्टाचार
[भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास]
124. ( क्र. 3338 ) श्री आतिफ आरिफ अकील : क्या भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या गैस राहत चिकित्सा ईकाईयों में लोकल परचेस की दवाएं/सामग्री विगत 3 वर्षों से प्रश्न दिनांक तक अनुबंध अनुसार किन-किन एजेन्सियों से क्रय की जा रही है? उन एजेन्सियों के नामों सहित जानकारी देवें। (ख) क्या प्रदायकर्ता द्वारा अनुबंध में उल्लेखित शर्त क्रमांक 6 व अन्य के विपरीत/विरूद्ध लोकल परचेस की दवाएं/सामग्री चिकित्सक द्वारा लिखे गये पर्चे अनुसार प्रदाय नहीं करते हुये निम्न गुणवत्ताओं की स्तरहीन/ घटिया/ सबस्टीट्यूट प्रदान की जा रही है? (ग) क्या प्रदायकर्ता एजेन्सी द्वारा निम्न गुणवत्ताओं की स्तरहीन/घटिया/ सबस्टिट्यूट औषधी/सामग्री प्रदान करते हुये विभाग से उच्च गुणवत्ता की दवाओं के नाम के बिल प्रस्तुत कर अनयिमिताएं/भ्रष्टाचार करते हुए विभाग को लाखों रूपये की वित्तीय हानि पहुँचाई गई है/पहुँचाई जा रही है। (घ) क्या शासन/विभाग विगत 3 वर्षों से प्रश्न दिनांक तक लोकल परचेस से संबंधित क्रय की गई दवाओं/सामग्री की उच्च स्तरीय जांच समिति से जांच कर विभाग को पहुंचाई गई/पहुँचाई जा रही लाखों रूपये की वित्तीय हानि से बचाते हुये व उसकी भरपाई संबंधित एजेंसी से करते हुए संबंधित प्रदायकर्ता एजेन्सियों के विरूद्ध अनुबंध में निर्धारित शर्तों के अनुसार कार्यवाही की जाकर चिकित्सक द्वारा लिखी गई उच्च गुणवत्ता की दवाईयों/सामग्री प्रदान किया जाना सुनिश्चित करेगा? यदि नहीं, तो क्यों?
भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास मंत्री ( डॉ. कुंवर विजय शाह ) : (क) मेसेर्स स्वास्तिक मेडिकल स्टोर शॉप नं 6 माली मार्केट ऐशबाग, भोपाल एवं दृष्टि मेडिकल एण्ड ऑप्टिकल स्टोर करोंद भोपाल से अनुबंध दिनांक 19.10.2022 से 18.10.2024 एवं इसके पश्चात संचालक, गैस राहत एवं पुनर्वास, भोपाल द्वारा नवीन अनुबंध होने की तिथि तक अनुबंध की समयावधि में वृद्धि की गई। तदपश्चात नवीन अनुबंध 02 वर्ष के लिये दिनांक 10/02/2025 से दिनॉंक 09/02/2027 तक मेसर्स ओम मेडिकल एण्ड सर्जिकल, शॉप न. 17, ओल्ड बी.डी.ए.कॉम्पलेक्स, 9 ए साकेत नगर, भोपाल से किया गया। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी नहीं। अनुबंध की शर्तों अनुसार दवाईयां उपलबध कराई जाती है। (ग) उत्तरांश "ख" अनुसार। (घ) उत्तरांश "क", "ख" एवं "ग"अनुसार। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
गैस काण्ड में हुई जान-माल की हानि की जानकारी
[भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास]
125. ( क्र. 3340 ) श्री फूलसिंह बरैया : क्या भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भोपाल जिले में 1984 से 2025 तक कितने व्यक्तियों की मृत्यु मिथाइल आइसोसाइनेट (MIC) गैस से हुई है? (ख) विभाग द्वारा मृत हुये व्यक्तियों के परिजनों के लिये प्रश्न दिनांक तक क्या-क्या सुविधाएं दी जा रही है? (ग) भोपाल स्थित यूनियन कार्बाइड की जमीन के आस-पास रह रहे लोगों के लिये विभाग द्वारा क्या-क्या सुविधाएं प्रश्न दिनांक तक की गई? विस्तारित जानकारी देवें। (घ) गैस काण्ड में मृत व्यक्तियों एवं पीड़ित व्यक्तियों को प्रश्न दिनांक तक कितना-कितना मुआवजा दिया गया है? सूची सहित जानकारी देवें। (ड.) गैस काण्ड में जान गवाने वाले व्यक्तियों की स्मृतियों को संयोजन रखने के लिये क्या-क्या कार्य किये गये है? जानाकरी देवें।
भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास मंत्री ( डॉ. कुंवर विजय शाह ) : (क) कुल 22,151 मृत्यु प्रवर्ग के क्लेम प्राप्त हुए है, में से कल्याण आयुक्त द्वारा न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर 5,480 को मृत्यु श्रेणी में मुआवजा दिया गया। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट "अ" अनुसार। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट "ब" अनुसार। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट "स" अनुसार। (ड.) स्थल मुक्त नहीं होने से अभी तक जानकारी निरंक है।
वसूली की शिकायत पर कार्यवाही
[जनजातीय कार्य]
126. ( क्र. 3343 ) श्री बृज बिहारी पटैरिया : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) कार्यालय आयुक्त, जनजातीय कार्य मध्यप्रदेश के पत्र क्रमांक स्था.6/सी-1/256/2025/25740, दिनांक 09/12/2025 और इसी मामले के पूर्ववर्ती-अनुवर्ती पत्रों पर की गई कार्यवाही एवं प्राप्त प्रतिवेदन की जानकारी दें? (ख) इसी मामले में कार्यालय संभागीय उपायुक्त, जनजातीय कार्य अनुसूचित जाति विकास भोपाल संभाग के कार्यालयीन पत्र क्रमांक-743, दिनांक 15/12/2025 सहित अन्य कौन-कौन से पत्रों द्वारा किन-किन कर्मचारियों के कथन लिए गए? सभी पत्रों और कथनों की प्रति उपलब्ध करावें? आयुक्त कार्यालय को भेजी गई जानकारी/रिपोर्ट की प्रति उपलब्ध करावें? (ग) अपर आयुक्त, जनजातीय कार्य के पत्र क्रमांक/स्था.6/सी-1/256/2025/22967, दिनांक 06/11/2025 (अधिकारी कर रहे वसूली) के संबंध में संभागीय आयुक्त द्वारा जारी पत्रों, उन पर प्राप्त उत्तरों और आयुक्त कार्यालय को भेजी गई जानकारी/रिपोर्ट की प्रति दें? (घ) अगर उपरोक्त प्रकरणों में शिकायत सत्य पाई गई तो किस-किस के खिलाफ क्या आरोप प्रमाणित हुए तो आयुक्त कार्यालय द्वारा किसके खिलाफ क्या कार्यवाही की गई? यदि शिकायत असत्य पाई गई तो आयुक्त कार्यालय द्वारा किसके विरूद्ध क्या कार्यवाही की गई? नहीं तो क्यों? क्या कार्यवाही कब तक की जावेगी?
जनजातीय कार्य मंत्री ( डॉ. कुंवर विजय शाह ) : (क) कार्यालय आयुक्त,जनजातीय कार्य मध्यप्रदेश के पत्र क्रमांक/स्था.6/सी-1/256/2025/25740 दिनांक 09.12.2025 एवं पूर्ववर्ती- अनुवर्ती पत्र के द्धारा पीपुल्स समाचार पत्र (कटिंग) में प्रकाशित, समाचार के संबंध में संभागीय उपायुक्त, जनजातीय कार्य एवं अनुसूचित जाति विकास, भोपाल संभाग भोपाल द्वारा क्षेत्र संयोजक, कार्यालय संभागीय उपायुक्त, जनजातीय कार्य तथा अनुसूचित जाति विकास, भोपाल संभाग भोपाल से जांच कराई गई। शिकायत असत्य एवं निराधार पाई गयी है। जांच प्रतिवेदन की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''अ'' अनुसार है। (ख) अधिकारियों एवं कर्मचारियों से लिये गये कथनों एवं पत्रों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''ब'' अनुसार है। पत्रों एवं कथनों की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट- ''स'' अनुसार है। आयुक्त, कार्यालय को प्रेषित जांच प्रतिवेदन की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''अ'' अनुसार है। (ग) अपर आयुक्त, जनजातीय कार्य, द्वारा प्रेषित उल्लेखित पत्र संभागीय उपायुक्त को लिखा गया था, न कि संभागीय आयुक्त को। पत्रों के संदर्भ में प्राप्त उत्तरों एवं आयुक्त,जनजातीय कार्य को भेजी गयी जांच रिपोर्ट की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट उत्तरांश (ख) में उल्लेख अनुसार है। (घ) जांच में शिकायत असत्य एवं निराधार पायी गयी। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
सेन समाज को अनुसूचित जाति में शामिल किया जाना
[अनुसूचित जाति कल्याण]
127. ( क्र. 3347 ) श्री हरिशंकर खटीक : क्या अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या यह सही है कि मध्यप्रदेश की सेन समाज चाहती है कि उसे पिछड़ा वर्ग से अलग कर अनुसूचित जाति में शामिल किया जावे? (ख) क्या यह सही है कि मध्यप्रदेश विधानसभा के अशासकीय संकल्प के पालन में आवश्यक प्रस्ताव विभाग के द्वारा भारत सरकार को भेजा जा चुका है? कृपया ऐसे आवश्यक प्रस्तावों की छायाप्रतियां प्रदाय करें। (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के आधार पर बताएं कि भारत सरकार द्वारा की गई कार्यवाही पर उत्तर प्रश्न दिनांक तक विभाग में क्या-क्या आया है? (घ) प्रश्नांश (क), (ख) एवं (ग) के आधार पर बताएं कि किस जाति समुदाय को अनुसूचित जाति में शामिल करने का क्षेत्राधिकार भारत सरकार को है? तो कब तक म.प्र. के अशासकीय संकल्प के आधार पर विभाग सेन समाज को अनुसूचित जाति वर्ग में शामिल करेगा? निश्चित समय-सीमा बताएं।
अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री ( श्री नागर सिंह चौहान ) : (क) जी हाँ। (ख) जी नहीं। संचालक, आदिम जाति अनुसंधान एवं विकास संस्थान के अध्ययन से सकारात्मक प्रतिवेदन प्राप्त नहीं होने के कारण। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ अनुसार है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) जी हां, किसी जाति/समुदाय को अनुसूचित जाति वर्ग में शामिल करने का सम्पूर्ण क्षेत्राधिकार भारत सरकार का है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ब अनुसार है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल प्रदाय किया जाना
[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]
128. ( क्र. 3348 ) श्री
हरिशंकर खटीक
: क्या
लोक स्वास्थ्य
यांत्रिकी
मंत्री
महोदया यह
बताने की कृपा
करेंगी कि (क) जल
जीवन मिशन
अंतर्गत स्वीकृत टीकमगढ़
जिले के ऐसी
कौन-कौन सी
नल-जल योजना हैं, जो प्रश्न
दिनांक तक
चालू हो गई
हैं? कृपया
जनपद पंचायत
के ग्राम
पंचायत/ग्रामवार
जानकारी
प्रदाय करें। इनमें
प्रत्येक
योजना पर
कितनी-कितनी
राशि का किस
ठेकेदार को
कितना-कितना
भुगतान विभाग
द्वारा किया
गया है? (ख) प्रश्नांश (क) के
आधार पर यह भी
बताएं कि वह
कौन-कौन सी
नल-जल योजनाएं
हैं जो प्रश्न
दिनांक तक
कार्य अपूर्ण
होने से चालू
नहीं हुई हैं? प्रश्न
दिनांक तक
किस-किस
उपयंत्री
द्वारा
माप-पुस्तिका
पर बिल अंकित
करके किस-किस
ठेकेदार को
कितना-कितना
भुगतान विभाग
द्वारा किया
जा चुका है? फिर भी
योजनाओं से एक
बूंद पानी
ग्रामीणों को पीने
के लिए नहीं
मिला है?
इन
योजनाओं की जो
अपूर्ण हैं, उनकी शासन
द्वारा जांच
कराई जावेगी
तो कब तक?
कृपया
यह भी बताएं
कि प्रश्न
दिनांक तक
किस-किस के
ऊपर विभाग
द्वारा क्या-क्या
कार्यवाही की
गई है? की
गई कार्यवाही
की जानकारी
प्रदाय करें। (ग) प्रश्नांश (क)
एवं (ख) के
आधार पर
निश्चित
समय-सीमा सहित
बताएं कि कब
तक स्वीकृत
नल-जल योजनाओं
से नल से
शुद्ध जल पानी
ग्रामीणों को
मिलने लगेगा? (घ) प्रश्नांश
(क), (ख) एवं (ग) के
आधार पर बताएं
कि जल स्तर
नीचे जतारा
एवं पलेरा
विकासखण्ड के
ग्रामों का
नीचे चला गया
है तो कब तक
धसान नदी
गणेशपुरा
पिक-अप बियर
बांध से पलेरा
जनपद पंचायत
की एवं कब तक
जामनी नदी से
या हरपुरा
सिंचाई
परियोजना में
जनपद पंचायत
जतारा को
जोड़कर
जल-जीवन मिशन
से योजनाएं
उपरोक्त
दोनों जनपद
पंचायतों की
बनवाई
जावेंगी तो कब
तक? निश्चित
समय-सीमा सहित
बताएं एवं
कितनी राशि इन
कार्यों पर
दोनों
ब्लॉकों में
व्यय होगी?
लोक
स्वास्थ्य
यांत्रिकी
मंत्री (
श्रीमती
संपतिया उइके )
: (क) जानकारी पुस्तकालय
में
रखे परिशिष्ट
के
प्रपत्र - 01 अनुसार
है। (ख) जानकारी पुस्तकालय
में
रखे परिशिष्ट के
प्रपत्र - 01 एवं 02 अनुसार
है। बानसुजारा
समूह जल
प्रदाय
योजनांतर्गत
माप पुस्तिका
पर बिल अंकित
करने का कार्य
विभाग द्वारा
नियुक्त
सुपरविजन एवं
क्वालिटी
कंट्रोल
द्वारा किया
गया है एवं
सत्यापन
विभाग के उप
प्रबंधक
द्वारा किया
गया है, समूह
जल प्रदाय
योजना के
ठेकेदार मेसर्स
एन्वायरों
इन्फ्रा
इंजीनियर्स
लि. नई दिल्ली
को राशि रू 225.38 करोड़
का भुगतान
किया गया है। प्रगतिरत
योजनाओं में
ठेकेदार के
द्वारा विभागीय
किये गये
कार्यों का
अनुबंध की
शर्तों के
मापदण्ड
अनुसार चलित
देयकों के
माध्यम से नियमानुसार
भुगतान किये
गये हैं,
शेष
प्रश्नांश
उपस्थित नहीं
होता। (ग) एकल
ग्राम नल जल
योजनाओं की जानकारी पुस्तकालय
में
रखे परिशिष्ट
के प्रपत्र-01 अनुसार
है। स्वीकृत
बानसुजारा
समूह जल
प्रदाय योजना
का कार्य
दिसंबर 2026 तक
पूर्ण कर, पेयजल
प्रदाय करना
लक्षित है। (घ) समूह
जल प्रदाय
योजना हेतु जल
आवंटन एवं
वित्तीय
संयोजन
प्राप्त होने
पर अग्रिम
कार्यवाही की
जा सकेगी, निश्चित
समय-सीमा बताया
जाना संभव
नहीं है।
छात्र-छात्राओं की विदेश में उच्च शिक्षा की औपचारिकताओं में कठिनाईयां
[अनुसूचित जाति कल्याण]
129. ( क्र. 3391 ) श्री सचिन सुभाषचंद्र यादव : क्या अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या अनुसूचित जाति वर्ग के अभ्यर्थियों को विदेश में उच्च शिक्षा प्राप्त करने हेतु संचालित योजना के अंतर्गत साक्षात्कार परिणाम घोषित किए जाने में हो रहे विलम्ब के कारण चयनित/आवेदक अभ्यर्थियों को विदेशी विश्वविद्यालयों में प्रवेश लेने की अंतिम तिथि (डेडलाइन) समाप्त होने की आशंका बनी हुई है? (ख) ऐसे अभ्यर्थियों की समस्या के निराकरण हेतु विभाग द्वारा क्या-क्या कार्यवाही की जा रही है? (ग) क्या विभाग द्वारा चयन प्रक्रिया एवं परिणाम घोषित करने की समय-सीमा निर्धारित की गई है? यदि हाँ, तो उसका विवरण क्या है? (घ) चयनित अभ्यर्थियों को विदेश प्रस्थान हेतु आवश्यक वीज़ा एवं पासपोर्ट निर्माण में लगने वाले समय को दृष्टिगत रखते हुए विभाग द्वारा क्या विशेष व्यवस्था की जा रही है? (ड.) उक्त योजना के अंतर्गत प्रति वर्ष अनुसूचित जाति वर्ग के अभ्यर्थियों हेतु निर्धारित लक्ष्य छात्र क्षमता/सीटों की संख्या कितनी है? (च) विगत पाँच वर्षों में योजना के अंतर्गत विदेशों में उच्च शिक्षा हेतु भेजे गए अनुसूचित जाति वर्ग के विद्यार्थियों की वर्ष-वार संख्या कितनी रही है?
अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री ( श्री नागर सिंह चौहान ) : (क) जी नहीं। (ख) चयन संबंधी कार्यवाही की गई है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) योजना नियम अनुसार समय-सीमा निर्धारित नहीं है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) जी नहीं। (ड.) प्रति वर्ष अधिकतम 50 विद्यार्थियों के चयन का प्रावधान है। (च) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है।
समर्थन मूल्य पर धान एवं गेहूं खरीदी पर वित्तीय अनियमितता
[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण]
130. ( क्र. 3464 ) श्री उमंग सिंघार : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या दिनांक 01 दिसम्बर, 2025 के प्रश्न संख्या 127 (क्रमांक 470) के प्रश्न के उत्तर में समर्थन मूल्य पर धान एवं गेहूं की खरीदी के दौरान पंजीयन एवं भुगतान की प्रक्रिया में वित्तीय अनियमितताओं की शिकायतों के संबंध में कार्यवाही किये जाने की जानकारी दी गई है? (ख) प्रश्नांश (क) के प्रकाश में की गई कार्यवाही की अद्यतन स्थिति क्या है? जिन समिति प्रबंधकों से वसूली की कार्यवाही की जानी थी क्या उनसे राशि वसूली की गई है? यदि नहीं, तो क्यों?
खाद्य मंत्री ( श्री गोविन्द सिंह राजपूत ) : (क) जी हाँ। (ख) प्रश्न संख्या 127 (क्रमांक 470) के उत्तर में उल्लेखित समर्थन मूल्य पर धान एवं गेहूं की खरीदी के दौरान पंजीयन एवं भुगतान की प्रक्रिया में वित्तीय अनियमितताओं के प्रकरणों में की गई वसूली एवं कार्यवाही की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है।