मध्यप्रदेश विधान सभा


प्रश्‍नोत्तर-सूची
जुलाई, 2024 सत्र


बुधवार, दिनांक 03 जुलाई, 2024


भाग-1
तारांकित प्रश्‍नोत्तर



ओलावृष्टि व बे-मौसम बारिश से फसल नुकसान

[राजस्व]

1. ( *क्र. 451 ) श्री रजनीश हरवंश सिंह : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रश्‍नकर्ता के विधानसभा केवलारी के धनौरा ब्‍लॉक में दिनांक 20 मार्च, 2024 को हुई                बे-मौसम बारिश एवं ओलावृष्टि से अधिकांश ग्रामों में किसानों की गेहूं, मक्‍का, चना, सरसों, मूंग एवं हरी सब्‍जी की फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गई थी, जिसका निरीक्षण जिला कलेक्‍टर, तहसीलदार, पटवारी एवं राजस्‍व अमले के द्वारा किया गया, परंतु आज दिनांक तक ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों को मुआवजा नहीं मिल पाया है? (ख) किसानों को कब तक मुआवजा मिल सकेगा?

राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) तहसील धनौरा, जिला सिवनी अंतर्गत बे-मौसम बारिश एवं ओलावृष्टि दिनांक 20.03.2024 को न होकर दिनांक 17.03.2024 एवं 18.03.2024 को हुई थी, 113 ग्रामों का सर्वे कराया गया था। ओलावृष्टि से कुल 24 प्रभावित ग्रामों के कुल 2905 प्रभावित कृषकों को स्वीकृत राशि 4,93,46,342/- रूपये का जिला कोषालय के माध्‍यम से ई-भुगतान किया जा चुका है। (ख) मुआवजा वितरण से कोई प्रभावित कृषक शेष नहीं है। अत: शेष प्रश्‍न उद्भूत        नहीं होता।

ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र में बंदोबस्‍त की जानकारी

[राजस्व]

2. ( *क्र. 771 ) श्री हरदीप सिंह डंग : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                 (क) विभाग द्वारा सुवासरा तहसील अंतर्गत ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र में बंदोबस्त का कार्य अंतिम कौन से वर्ष में किया गया था? (ख) राजस्व विभाग में बंदोबस्त करने या होने से रिकॉर्ड में                    क्या-क्या प्रभाव पड़ते हैं? (ग) बंदोबस्त नहीं होने से सर्वे में भूमाफिया द्वारा इसका दुरूपयोग होने की क्या-क्या संभावना होती है? (घ) सुवासरा विधानसभा क्षेत्र में बंदोबस्त का कार्य करने हेतु आदेश जारी किया जावेगा? यदि हाँ, तो कब तक?

राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) सुवासरा तहसील अंतर्गत शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों के बंदोबस्त कार्य की सूची संलग्न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) बन्दोबस्त के दौरान अभिलेखों का संपूर्ण नवीनीकरण (अद्यतन) किया जाता है। बन्दोबस्त उपरान्त नवीन खसरा नम्बरों का निर्माण किया जाता है। (ग) बंदोबस्त की प्रक्रिया को बंद किया जा चुका है, तथापि म.प्र.भू.रा. संहिता के प्रावधानों के तहत समय-समय पर राजस्व रिकॉर्ड का अद्यतनीकरण किया जाता रहा। यह एक सतत् प्रक्रिया है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) बंदोबस्‍त की प्रक्रिया उत्‍तरांश (ग) अनुसार बंद की जा चुकी है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - "एक"

सुपर स्पेशलिटी सेवाओं एवं विषय विशेषज्ञों की नियुक्ति

[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]

3. ( *क्र. 712 ) श्री शैलेन्द्र कुमार जैन : क्या उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) संभागीय मुख्यालय सागर में वर्ष 2008 में बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज सागर की स्थापना हुई थी, परन्तु मेडिकल कॉलेज अब तक सुपर स्पेशलिटी सेवाओं के अभाव से जूझ रहा है एवं डॉक्टर्स की कमी है तथा पैथ लैब और ब्लड बैंक भी शुरू नहीं हो पाएं हैं? क्या शासन के समक्ष इन सुविधाओं के विस्तार की कोई कार्यवाही प्रचलन में है? यदि हाँ, तो इन सुपर स्पेशलिटी सुविधाओं का विस्तार कब तक किया जा सकेगा एवं वर्तमान में क्या स्थिति है? (ख) बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज सागर में सुपर स्पेशलिटी सेवाओं के तहत कार्डियोलॉजी, कार्डियो सर्जरी, नेफ्रोलॉजी, न्यूरोलॉजी, न्यूरो सर्जरी, गैस्ट्रोलॉजी, गैस्ट्रो सर्जरी और पीडियाट्रिक सर्जरी जैसे महत्वपूर्ण विभाग नहीं हैं, तो क्या शासन के समक्ष इन विभागों की स्थापना कर विषय विशेषज्ञों की नियुक्ति करने की कार्यवाही प्रचलन में है? यदि हाँ, तो विभागों की स्थापना और नियुक्तियां कब तक की जावेगी? (ग) क्या बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज सागर और जिला चिकित्सालय सागर को मर्ज किया जाना है? यदि हाँ, तो वर्तमान में शासन स्तर पर क्या कार्यवाही प्रचलन में है और यह कब तक पूरी कर ली जायेगी?

उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) बुंदेलखण्‍ड चिकित्‍सा महाविद्यालय में उपलब्‍ध चिकित्‍सकों द्वारा आमजन को आवश्‍यकता अनुसार स्‍वास्‍थ्‍य सुविधाएं उपलब्‍ध कराई जा रही है। चिकित्‍सकों के रिक्‍त पदों की पूर्ति हेतु निरंतर कार्यवाही की जा रही है। पैथ लैब की सुविधा बुंदेलखण्‍ड चिकित्‍सा महाविद्यालय में उपलब्‍ध है। ब्‍लड बैंक जिला चिकित्‍सालय में संचालित है। जी नहीं। शासन द्वारा आवश्‍यकता अनुसार निर्णय लिया जायेगा। (ख) उत्‍तर प्रश्‍नांश '''' अनुसार। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ग) जी हाँ। कार्यवाही प्रचलन में है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

औद्योगिक इकाइयों एवं विकास कार्यों हेतु भूमि एक्सचेंज

[राजस्व]

4. ( *क्र. 462 ) श्री राजेश कुमार शुक्‍ला : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या विधानसभा क्षेत्र बिजावर में विधानसभा से बाहर अन्य स्थानों पर औद्योगिक इकाइयों एवं औद्योगिक विकास कार्यों आदि के निर्माण के एवज में निर्माणाधीन स्थान की वन भूमि के स्थान पर बिजावर विधानसभा क्षेत्र की राजस्व भूमि वन विभाग को आवंटित की गई? कार्यों के नाम एवं स्थान, कुल एक्सचेंज किया गया रकबा, स्थान की विगत दो वर्षों की जानकारी प्रदाय करें।                   (ख) बिजावर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत ऐसे कौन से कार्य हैं, जिन्हें करने हेतु वन भूमि की मांग पंचायतों, विभागों आदि के द्वारा की गई जो अभी तक लंबित/विचाराधीन है? कार्यों के नाम, स्थान एवं मांगी गई भूमि सहित लंबित/विचाराधीन होने के कारणों की विगत दो वर्षों की जानकारी प्रदाय करें। (ग) विधानसभा क्षेत्र में ऐसे कौन से कार्य किन स्थानों पर हैं, जिन्हें करने पर वन विभाग ने घोषित अथवा अघोषित रूप से रोक लगाई है? (घ) औद्योगिक इकाइयों एवं औद्योगिक विकास कार्यों हेतु वन एवं राजस्व भूमि के एक्सचेंज से जहां इकाई नहीं लग रही, उस क्षेत्र को क्या कुछ विशेष लाभ दिया जाता है? हाँ तो क्या? (ड.) यदि नहीं, तो क्या सरकार लाभांश का कुछ अंश इस क्षेत्र के विकास पर खर्च करने पर विचार करेगी।

राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) वनमण्‍डल, छतरपुर के बिजावर विधानसभा क्षेत्र खजुराहो मिनरल्‍स प्राईवेट लि. छतरपुर (डास्‍फोर/पायराफ्लाईट माईन्‍स पाटन) कुल रकबा 2.368 हेक्‍टेयर की समतुल्‍य राजस्‍व भूमि ग्राम सटई में राजस्‍व विभाग द्वारा वन विभाग को आवंटित की गई है। पन्‍ना टाईगर रिजर्व बफर जोन के हस्‍तांतरण के साथ 04 योजनायें क्रमश: जिला सतना में चूना पत्‍थर खनिज पट्टा हिनीता ब्‍लॉक रकबा 258.867 हेक्‍टेयर जिला सीधी में चूना पत्‍थर खनिज पट्टा बुढ़गौना ब्‍लॉक रकबा 66.949 हेक्‍टेयर, जिला सीधी में चूना पत्‍थर खनिज पट्टा मझगवां ब्‍लॉक रकबा 54.825 हेक्‍टेयर एवं अमालिया नॉर्थ कोल ब्‍लॉक रकबा 728.75 हेक्‍टेयर कुल भूमि 1109.391 के बदले गैर वनभूमि जिसे संरक्षित वन के रूप में वर्ष 2010 एवं वर्ष 2011 में अधिसूचित किया गया, भी आवंटित किया गया। (ख) एवं (ग) जानकारी निरंक है।                                       (घ) एवं (ड.) वर्तमान में ऐसा कोई प्रस्‍ताव विचाराधीन नहीं है।

आयुष्‍मान योजना का क्रियान्‍वयन

[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]

5. ( *क्र. 782 ) श्री सुनील उईके : क्या उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) आयुष्‍मान योजनांतर्गत प्राईवेट अस्‍पतालों में किन-किन बीमारियों का इलाज किया जाता है, राज्‍य शासन के द्वारा उक्‍त योजना में राज्‍य शासन से अधिकृत प्राईवेट अस्‍पतालों की सूची राज्‍य के भीतर की एवं राज्‍य से बाहर की जानकारी उपलब्‍ध कराने का कष्‍ट करें। (ख) उक्‍त योजनांतर्गत लाभान्वित हितग्राहियों से प्राईवेट हॉस्पिटल संचालक टेस्‍ट के नाम पर, दवाइयों के नाम पर, बेड के नाम पर अतिरिक्‍त राशि की वसूली कर रहे हैं? उक्‍त संबंध में अधिकृत अस्‍पतालों में आयुष्‍मान योजनांतर्गत दी जाने वाली सुविधाएं एवं न दी जाने वाली सुविधाओं की जानकारी सूचना पटल पर कब तक प्रस्‍तावित की जायेगी, जिससे उक्‍त योजना से हितग्राहियों को जानकारी प्राप्‍त हो सके? (ग) जिला छिन्‍दवाड़ा एवं विकासखण्‍ड जुन्‍नारदेव में वर्ष 2021-22 से वर्तमान दिनांक तक आयुष्‍मान योजना से कितने हितग्राहियों को लाभान्वित किया जा चुका है? विकासखण्‍ड वार जानकारी उपलब्‍ध कराने का कष्‍ट करें।

उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। राज्य शासन के द्वारा उक्त योजना में राज्य शासन से अधिकृत प्राईवेट अस्पतालों की सूची राज्य के भीतर की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। अंतर्राज्‍यीय स्‍तर पर आयुष्‍मान योजनांतर्गत संबद्ध चिकित्‍सालयों की जानकारी सार्वजनिक तौर पर दी गई लिंक https://hospitals.pmjay.gov.in/Search/empnl WorkFlow.htm?actionFlag=ViewRegisteredHosptlsNew पर उपलब्‍ध है। राज्‍य से बाहर के चिकित्‍सालयों की संबद्धता संबंधित राज्‍य या NHA (GOVT. OF INDIA) द्वारा संचालित की जाती है। (ख) आयुष्‍मान योजनांतर्गत दी जाने वाली सुवि‍धाएं हेतु प्रत्‍येक संबद्ध चिकित्‍सालयों में आयुष्‍मान भारत Kiosk Center स्‍थापित करने हेतु निर्देशित किया गया है। जहां से चिकित्‍सालय में उपलब्‍ध योजना की विस्‍तृत जानकारी प्राप्‍त की जा सके, इसके अतिरिक्‍त समस्‍त आयुष्‍मान भारत Kiosk Center पर भी टोल फ्री नम्‍बर भी प्रदर्शित है। साथ ही जारी किये गये आयुष्‍मान कार्डों में भी टोल फ्री नम्‍बर प्रदाय किए गए हैं, जिस पर से योजना संबंधित अधिक जानकारी प्राप्‍त की जा सके। इसके अतिरिक्‍त समस्‍त संबद्ध चिकित्‍सालयों को सिटीजन चार्टर अनिवार्य रूप से लागू किये जाने हेतु निर्देशित किया गया है। आयुष्‍मान योजनांतर्गत चिन्हित निजी चिकित्‍सालयों में Beneficiary Facilitation Agency (B.F.A.) के माध्‍यम आयुष्‍मान साथी पदस्‍थ किये गये हैं, जिससे कि हितग्राहियों को उक्‍त चिकित्सालय में दी जाने वाली सुविधाएं एवं योजना संबंधी जानकारी प्राप्‍त हो सके एवं हितग्राहियों को आयुष्‍मान योजनांतर्गत आने वाली समस्याओं का त्‍वरित निराकरण किया जा सके। (ग) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है।

निर्माण कार्यों की जानकारी

[जल संसाधन]

6. ( *क्र. 843 ) श्रीमती अनुभा मुंजारे : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बालाघाट जिले में विगत 3 वर्षों में विभागान्‍तर्गत कार्यालयों/विभाग प्रमुख के अधीनस्थ या प्रशासनिक रूप से कितनी-कितनी राशि किस-किस कार्य हेतु आवंटित की गई? तिथिवार, विकासखंडवार, कार्यवार, मदवार जानकारी उपलब्ध करावें। (ख) प्रश्‍नांश (क) में उल्लेखित समस्त कार्यों की प्रशासकीय स्वीकृति कार्यादेशों की प्रति, राशि भुगतान की जानकारी दें। (ग) प्रश्‍नांश (क) में उल्लेखित कार्यों सहित सर्राटी जलाशय में विभिन्न प्रकार के कार्य तथा नहरीकरण सहित समस्त कार्यों के संचालन संबंधी कितनी शिकायतें शासन को प्राप्त हुई? अनियमितता के संबंध में समस्याओं का निराकरण किस प्रकार किया गया? संबंधित पर क्या-क्‍या कार्यवाही की गई? (घ) क्या सर्राटी जलाशयों के समस्त निर्माण कार्य में निम्न स्तर का कार्य कराया जा रहा है? साथ ही वित्तीय अनियमितता बढ़ती जा रही है, कब तक समस्त कार्यों की उच्च स्तरीय जांच की जावेगी? यदि हाँ, तो बतायें कि स्थानीय विधायक एवं जनप्रतिनिधियों को जांच में सम्मिलित किया जावेगा? यदि नहीं, तो क्यों?

जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

प्रसूति सहायता राशि का भुगतान

[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]

7. ( *क्र. 845 ) श्री दिनेश राय मुनमुन : क्या उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सिवनी जिले के अंतर्गत वर्ष 2020-21 से प्रश्‍न दिनांक तक कुल कितनी संख्‍या में महिलाओं का प्रसव हुआ है? विधानसभावार, ग्रामवार जानकारी उपलब्‍ध करावें। (ख) क्‍या प्रसव उपरांत राशि शत-प्रतिशत महिलाओं को उपलब्‍ध की जाती है? यदि हाँ, तो कितनी संख्‍या में प्रसव पश्‍चात राशि प्रदाय की गई है? विधानसभावार, ग्रामवार जानकारी देवें।                 (ग) क्‍या पात्र महिलाएं जिनका प्रसव हुआ है, वह उक्‍त लाभ से वंचित हैं? यदि हाँ, तो कितनी संख्‍या में विधानसभावार, ग्रामवार, नाम सहित सूची उपलब्‍ध करावें तथा क्‍या कारण है? क्‍या उक्‍त महिलाओं को लाभ नहीं मिल पाने के लिये कोई अधिकारी/कर्मचारी दोषी हैं? यदि हाँ, तो कब तक दोषियों पर कार्यवाही की जायेगी? यदि नहीं, तो कारण बतावें तथा यह भी बतायें कि शत-प्रतिशत महिलाओं को लंबित प्रसूति सहायता राशि का भुगतान कब तक किया जायेगा?

उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) सिवनी जिले अंतर्गत वर्ष 2020-21 से प्रश्‍न दिनांक तक कुल 93515 महिलाओं का प्रसव हुआ है। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) शासन के दिशा-निर्देशानुसार पात्र महिलाओं को मुख्‍यमंत्री श्रमिक सेवा प्रसूति सहायता योजना की राशि प्रदाय की जाती है। मुख्‍यमंत्री श्रमिक सेवा प्रसूति सहायता योजना अंतर्गत कुल 27331 पात्र प्रसूता महिलाओं को राशि प्रदाय की गई है। ग्रामवार नाम सहित जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ग) जी नहीं। पात्र महिलाओं को भुगतान सतत् प्रक्रिया है। बजट उपलब्‍धता के आधार पर पात्र महिलाओं को भुगतान की कार्यवाही की जाती है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

मेडिकल कॉलेजों में बर्न यूनिट एवं बर्न I.C.U. की जानकारी

[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]

8. ( *क्र. 867 ) डॉ. हिरालाल अलावा : क्या उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्यप्रदेश के कितने सरकारी मेडिकल कॉलेजों में बर्न यूनिट के I.C.U. हैं? कितने मेडिकल कॉलेजों में किन-किन कारणों से नहीं हैं? जिन मेडिकल कॉलेजों में बर्न यूनिट I.C.U. नहीं हैं, वहां I.C.U. स्थापित करने की सरकार की क्या योजना है, बजट का क्या प्रावधान है? यदि नहीं है तो क्यों? (ख) प्रदेश में बर्न मरीजों के कितने स्पेशलिस्ट डॉक्टर हैं? उनके नाम, पोस्टिंग एवं अन्य डिटेल उपलब्ध कराएं? (ग) बर्न मरीजों को कॉम्प्लीकेशन होने पर I.C.U. नहीं होने की स्थि‍ति में उन्हें कहां शिफ्ट किया जाता है? बर्न मरीज को स्ट्रोक या हार्ट अटेक होने की स्थि‍ति में कहाँ शिफ्ट किया जाता है? (घ) M.G.M. कॉलेज इंदौर के M.Y. हॉस्पिटल के बर्न यूनिट में कितने वेंटीलेटर हैं, जो वर्तमान में वर्किंग हैं? अब तक M.Y. हॉस्पिटल में बर्न मरीज को स्ट्रोक या हार्ट अटैक आने पर कितने मरीजों को न्यूरो I.C.U. या कार्डियोलॉजी I.C.U. में शिफ्ट किया? प्रति सहित बताएं। यदि शिफ्ट नहीं किया गया तो क्यों, उसके लिए जिम्मेदारों पर क्या-क्या कार्यवाही की गई? (ड.) मध्यप्रदेश के M.G.M. मेडिकल कॉलेज के M.Y. में पिछले 5 सालों में कुल कितने बर्न मरीज भर्ती हुए, कितने मरीजों की मृत्यु हुई और कितने मरीज ठीक हुए?  

उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) वर्तमान में संचालित मध्यप्रदेश के 07 स्‍वशासी मेडिकल कॉलेजों में बर्न यूनिट के आई.सी.यू. हैं तथा शेष 07 स्‍वशासी मेडिकल कॉलेजों में बर्न यूनिट के आई.सी.यू. नहीं हैं। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 01 अनुसार है। शासन द्वारा शेष चिकित्‍सा महाविद्यालयों में बर्न यूनिट की स्‍थापना करने के संबंध में वित्‍तीय संस्‍थानों की उपलब्‍धता के दृष्टिगत आवश्‍यकता अनुसार निर्णय लिया जायेगा। बर्न यूनिट स्थापना नहीं होने पर सर्जिकल आई.सी.यू. में बर्न मरीजों हेतु बिस्तर चिन्हांकित कर उपचार किया जा रहा है। वित्‍तीय वर्ष 2023-2024 में बर्न यूनिट हेतु राशि रू. 12 लाख प्रावधानित है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 02 अनुसार है। (ग) बर्न मरीजों को Surgical/Medical I.C.U./Burn Ward में शिफ्ट किया जाता है। बर्न मरीजों को स्ट्रोक या हार्ट अटेक होने की स्थिति में Burn I.C.U. में उपचार किया जाता है, जिन चिकित्सा महाविद्यालय में बर्न I.C.U. उपलब्ध नहीं हैं, उनमें बर्न मरीजों को स्ट्रोक या हार्ट अटेक होने पर निकटस्‍थ चिकित्सा महाविद्यालय रेफर किया जाता है। (घ) चिकित्सा महाविद्यालय, इन्दौर में बर्न यूनिट I.C.U. में 02 वेंटीलेटर हैं, दोनों क्रियाशील हैं। न्यूरो I.C.U. या कार्डियोलॉजी I.C.U. में शिफ्ट किए गए मरीजों की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 03 अनुसार है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ड.) मरीजों की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 04                 अनुसार है।

लोकायुक्त कार्यवाही में दोषी चिकित्सक के विरुद्ध कार्यवाही

[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]

9. ( *क्र. 837 ) श्री नारायण सिंह पट्टा : क्या उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सदन की बैठक दिनांक 12.02.2024 में प्रश्‍नकर्ता के तारांकित प्रश्‍न क्रमांक 15 के प्रश्‍नांश (ख) के उत्तर में बताया गया था कि डॉ. दिनेश टाकसांडे के विरुद्ध संचालनालय के आदेश क्रमांक 1544, दिनांक 25.08.2022 द्वारा विभागीय जाँच संस्थित कर अनुशासनात्मक कार्यवाही प्रचलन में है, उक्त कार्यवाही अब तक पूर्ण नहीं होने के क्या कारण हैं? यदि जाँच पूर्ण हो गई है तो संबंधित के विरुद्ध क्या कार्यवाही की गई है या की जायेगी? अवगत करावें। जाँच प्रतिवेदन की प्रति उपलब्ध करावें। (ख) क्या उक्त चिकित्सक द्वारा कूटरचित ढंग से बैक डेट में खंड चिकित्सा अधिकारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिछिया के लेटरहेड का दुरूपयोग करते हुए पत्र क्रमांक/बिछिया/428/, दिनांक 21.10.2023 के माध्यम से खंड चिकित्सा अधिकारी बिछिया के पदनाम के ऊपर खुद के हस्ताक्षर कर एक चिकित्सक को आवास आवंटन किया गया था? यदि हाँ, तो क्या यह आपराधिक कृत्य है? यदि हाँ, तो क्या इनके विरुद्ध एफ.आई.आर. दर्ज कराई जायेगी? क्या प्रश्‍नकर्ता द्वारा इस संबंध में दिनांक 02.02.2024 को जिला कलेक्टर को पत्र लिखकर जाँच कर कार्यवाही हेतु लेख किया गया था? यदि हाँ, तो क्या कार्यवाही की गई? दस्तावेज उपलब्ध कराएं। (ग) क्या सी.एम.एच.ओ. द्वारा दिनांक 14.02.2024 को पत्र क्रमांक/विकास/2024/934 के माध्यम से उक्त चिकित्सक से प्रश्‍नांश (ख) के विषय को आपराधिक कृत्य मानते हुए स्पष्टीकरण माँगा गया था? यदि हाँ, तो क्या संबंधित द्वारा स्पष्टीकरण दिया गया, क्या इस आपराधिक कृत्य की एफ.आई.आर. दर्ज कराई गई? क्या उक्त पत्र के माध्यम से संबंधित चिकित्सक को बिछिया का शासकीय आवास रिक्त करने हेतु भी आदेशित किया गया था? यदि हाँ, तो क्या उक्त शासकीय आवास रिक्त किया गया है? यदि नहीं, तो उक्त आवास अब तक रिक्त नहीं करा पाने के क्या कारण है? संबंधित के विरुद्ध क्या कार्यवाही की जायेगी?

उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जी हाँ, संदर्भित प्रश्‍न के उत्‍तर अनुसार संस्थित विभागीय जांच क्षेत्रीय संचालक, स्‍वास्‍थ्‍य सेवायें जबलपुर के स्‍तर पर प्रचलन में है। जांच प्रतिवेदन प्राप्‍त होने पर नियमानुसार गुण-दोष के आधार पर निर्णय लिया जाना है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) जी नहीं। प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। जी हाँ। कलेक्‍टर, मण्‍डला द्वारा प्राप्‍त शिकायत को जांच हेतु मुख्‍य चिकित्‍सा एवं स्‍वास्‍थ्‍य अधिकारी जिला मण्‍डला को प्रेषित किया गया। मुख्‍य चिकित्‍सा एवं स्‍वास्‍थ्‍य अधिकारी द्वारा जांच उपरान्‍त जांच प्रतिवेदन पत्र दिनांक 21.06.2024 द्वारा कलेक्‍टर, मण्‍डला को प्रेषित किया गया है। जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ग) जी हाँ, मुख्‍य चिकित्‍सा एवं स्‍वास्‍थ्‍य अधिकारी द्वारा स्‍पष्‍टीकरण मांगा गया था। जी नहीं, जांच प्रतिवेदन कलेक्‍टर, मण्‍डला के स्‍तर पर निर्णय हेतु विचाराधीन है। जी हाँ, जी हाँ। प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। जांच प्रतिवेदन कलेक्‍टर, मण्‍डला को प्रस्‍तुत किया गया है, जिस पर निर्णय की कार्यवाही गुण-दोष के आधार पर प्रचलन में है।

परिशिष्ट - "दो"

गुनौर तहसील अंतर्गत अवैध कॉलोनी निर्माण

[राजस्व]

10. ( *क्र. 1343 ) श्री राजेश कुमार वर्मा : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) गुनौर तहसील अंतर्गत ग्राम गुनौर एवं सिली में दिनांक 01 जनवरी, 2023 से प्रश्‍न दिनांक तक की अवधि में 3000 वर्ग फीट से कम भूमि के कितने नामांतरण किये गये हैं? प्रकरणवार नामवार जानकारी दें। (ख) क्‍या प्रश्‍नांश (क) में उल्‍लेखित ग्रामों में छोटे-छोटे भूखंडों के नामांतरण के माध्‍यम से अवैध कॉलोनियां निर्मित की जा रही हैं? क्‍या ऐसे नामांतरण प्रकरणों के उपरांत अवैध कॉलोनी निर्माण की सूचना/प्रतिवेदन तहसीलदार गुनौर द्वारा अनुविभागीय अधिकारी गुनौर को दी गई? यदि नहीं, तो अवैध कॉलोनी के निर्माण से शासन को होने वाली क्षति व भविष्‍य में होने वाली अव्‍यवस्‍था के लिये कौन उत्‍तरदायी होगा? (ग) प्रश्‍नांश (क) में उल्‍लेखित ग्रामों के पटवारी द्वारा नामांतरण प्रतिवेदनों में अवैध प्‍लाटिंग व अवैध कॉलोनी विकसित करने की सूचना तहसीलदार गुनौर को दी गई है? यदि नहीं, तो क्‍यों? ऐसे पटवारी के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही कब तक की जावेगी? कब तक राजस्‍व विभाग के वरिष्‍ठ अधिकारी अवैध कॉलोनियों के मामले में संज्ञान लेकर समुचित कार्यवाही करेंगे?

राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) गुनौर तहसील अंतर्गत ग्राम गुनौर एवं सिली में 01 जनवरी 2023 से प्रश्‍न दिनांक तक की अवधि में 3000 वर्गफीट से कम भूमि के कुल 219 प्रकरण में नामांतरण किये गये हैं। प्रकरणवार, नामवार सूची की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) तहसीलदार गुनौर के प्रतिवेदन क्रमांक 31 प्रवा/2024 गुनौर, दिनांक 27.5.2024 के माध्यम से अनुविभागीय अधिकारी गुनौर को प्रतिवेदन भेजा गया है, जिनमें निम्नानुसार ग्रामों की भूमि पर भूखण्ड काटकर विक्रय किये जाने की जानकारी हल्का पटवारी गुनौर/सिली की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। अनुविभागीय अधिकारी राजस्व गुनौर द्वारा अवैध कॉलोनी निर्माण के संबंध में संभावित व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्यवाही की जा रही है। अतः शासन को किसी क्षति अथवा भविष्य में कोई अव्यवस्था का प्रश्‍न उत्पन्न नहीं होता है। (ग) पटवारी द्वारा नामांतरण प्रतिवेदनों में अवैध प्लाटिंग व अवैध कॉलोनी विकसित करने की सूचना नहीं दी है। नामांतरण शासन नियमानुसार समय-सीमा में किया जाना होता है, पटवारी के द्वारा पृथक से अवैध कॉलोनी विकास संबंधी सूचना तहसीलदार गुनौर को दी गई है। अतः पटवारी के विरुद्ध कार्यवाही का प्रश्‍न उत्पन्न नहीं होता है। अवैध कॉलोनी निर्माण के संबंध में समय-समय पर जानकारी प्राप्त होने पर मामले को संज्ञान में लिया जाकर समुचित कार्यवाही की जा रही है। स्पष्ट समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है, विधि अनुसार न्यायालयीन कार्यवाही पूर्ण कर शीघ्रता से अवैध कॉलोनी निर्माण के प्रकरणों का निराकरण किया जायेगा।

सिविल अस्‍पताल परासिया में आवश्यक उपकरण व फर्नीचर खरीदी

[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]

11. ( *क्र. 687 ) श्री सोहनलाल बाल्‍मीक : क्या उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सिविल अस्पताल परासिया में आवश्यक उपकरण व फर्नीचर को क्रय किये जाने के लिये 177.00 लाख रूपये की स्वीकृति शासन द्वारा लगभग 5 वर्ष पूर्व प्रदान की जा चुकी है, परन्तु फिर भी अभी तक उक्त सामग्री क्रय कर अस्पताल को उपलब्ध नहीं कराई गई है, जिससे अस्पताल के संचालन में असुविधा एवं मरीजों को परेशानी हो रही है,  विलम्ब का क्या कारण है? (ख) प्रश्‍नांश (क) के अनुसार आवश्यक उपकरण व फर्नीचर सामग्री को कब तक सिविल अस्पताल परासिया को उपलब्ध करा दिया जायेगा? तिथि निर्धारित कर अवगत करायें। (ग) उक्त सामग्री को शीघ्र अतिशीघ्र सिविल अस्पताल परासिया को प्रदान किये जाने के संबंध में प्रश्‍नकर्ता द्वारा विभागीय श्रीमान प्रमुख सचिव महोदय को पत्र क्र.वि.स./परासिया/127/2024/258, दिनांक 03.05.2024 प्रेषित किया गया है, जिस पत्र पर अभी तक क्या कार्यवाही की गई है? कब तक कार्यवाही को पूर्ण करते हुए सिविल अस्पताल परासिया को उक्त सामग्री उपलब्ध करा दी जायेगी?

उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) सिविल अस्‍पताल परासिया, जिला छिन्‍दवाड़ा के नवनिर्मित भवन का हस्‍तांतरण किया गया था। जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। जिसके सुचारू संचालन हेतु आवश्‍यक उपकरण एवं फर्नीचर क्रय हेतु नियमानुसार युक्तियुक्‍तकरण के आधार पर आकलन उपरांत निविदा प्रक्रिया प्रचलन में है।                (ख) आवश्‍यक उपकरण व फर्नीचर क्रय हेतु निविदा प्रक्रिया प्रचलन में है। निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ग) संबंधित पत्र द्वारा सिविल अस्‍पताल, परासिया में आवश्‍यक उपकरण व फर्नीचर की प्रदायगी हेतु लेख किया गया है, जिसके तारतम्‍य में नियमानुसार कार्यवाही प्रचलन में है। निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

परिशिष्ट - "तीन"

सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र अजयगढ़ में वित्तीय अनियमितता की जाँच

[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]

12. ( *क्र. 679 ) श्री ब्रजेन्द्र प्रताप सिंह : क्या उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र अजयगढ़ में पदस्थ तत्कालीन बी.एम.ओ. द्वारा रोगी कल्याण समिति के पैसों का गलत तरीके से उपयोग करते हुये आहरित की गई राशि की जाँच हेतु कलेक्टर पन्ना/सी.एम.एच.ओ. द्वारा जाँच समिति गठित की गई थी? यदि हाँ, तो जाँच समिति के प्रतिवेदन में क्या तत्कालीन बी.एम.ओ. दोषी पाये गये थे? (ख) यदि हाँ, तो उनके खिलाफ क्या कार्यवाही की गई है? यदि नहीं, तो क्यों? (ग) क्या संबंधित व्यक्ति का पन्ना जिले से अन्यत्र स्थानांतरण हुआ था? यदि हाँ, तो क्या संबंधीजन द्वारा स्थानांतरित कार्यालय में अपनी उपस्थिति दे दी है? यदि नहीं, तो क्यों? कारण बतावें। यदि प्रश्‍न दिनांक तक संबंधित व्यक्ति को स्थनांतरित नहीं किया गया तो इसके लिये कौन दोषी है? शासन के आदेश की अवहेलना किये जाने हेतु संबंधितों के खिलाफ क्या कार्यवाही की जावेगी? यदि नहीं, तो क्यों?

उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जी हाँ। जी हाँ, मुख्‍य चिकित्‍सा एवं स्‍वास्‍थ्‍य अधिकारी जिला पन्‍ना द्वारा गठित जांच समिति की रिपोर्ट अनुसार चार कर्मचारियों को प्राथमिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्रों में सफाई एवं सहयोग हेतु रखा गया था, परन्‍तु उनसे मूल कार्य न लेकर अन्‍य स्‍थानों पर कार्य लेने संबंधी अनियमितता प्रदर्शित हुई है। (ख) डॉ. के.पी. राजपूत के विरूद्ध संचालनालय स्‍वास्‍थ्‍य सेवाओं के आदेश क्रमांक/4/शिका./सेल3/पन्‍ना/2024/914 भोपाल, दिनांक 19.06.2024 के द्वारा कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है, प्रति उत्‍तर प्राप्‍त होने उपरांत गुणदोष के आधार पर कार्यवाही की जायेगी। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।                          (ग) जी हाँ। जी नहीं, संबंधित को प्रश्‍न दिनांक के पूर्व कार्यमुक्‍त किया जा चुका है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

आवंटित भूमि निरस्‍त कर दूसरी भूमि का आवंटन

[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]

13. ( *क्र. 1118 ) श्री हरिशंकर खटीक : क्या उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) टीकमगढ़ जिले में कहां-कहां और कब-कब उप-स्वास्थ्य केन्द्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र एवं सिविल हॉस्पिटल जो जनवरी 2019 से प्रश्‍न दिनांक के मध्य स्वीकृत किए गए हैं? उनके भवन निर्माण के लिए कितनी-कितनी कुल राशि स्वीकृत की गई है और कितनी-कितनी राशि से भवन निर्माण कार्य कराने हेतु, किस ठेकेदार को, किस दर पर कार्य कराने हेतु कार्य आदेश कब दिया गया था? ऐसे आदेशों की छायाप्रतियां प्रदाय करें। (ख) प्रश्‍नांश (क) के आधार पर बताएं कि प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र स्यावनी का भवन निर्माण कराने, भूमि स्थल का चयन कराने जिला कलेक्टर के समक्ष किस अधिकारी एवं कर्मचारी ने प्रस्ताव खसरा नं. में कितने रकबा भूमि आवंटित करने भेजा था? ऐसे अधिकारी एवं कर्मचारियों के नाम, पद सहित यह भी बताएं कि क्या सड़क की एक ओर मुक्ति धाम एवं शमशान भूमि हो और दूसरी ओर प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र का भवन निर्माण हो रहा हो, क्या यह उचित है? जब प्रश्‍नकर्ता द्वारा कार्य प्रारंभ होने पर ही कार्य रोकने हेतु कहा गया था और ग्रामीणों ने भी भूमि जिला कलेक्टर को पत्र लिखकर उपरोक्त आवंटित भूमि निरस्त कर अन्य भूमि आवंटित करने की मांग की है तो अन्य भूमि, मुक्ति धाम के पास से अन्य आवंटित की जावेगी तो कब तक?                 (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के आधार पर बताएं कि सिविल हॉस्पिटल जतारा के लिए जो भूमि आवंटित की गई है, वहां पर भवन निर्माण कार्य क्यों प्रारंभ नहीं हुआ है? संपूर्ण जानकारी देते हुए यह भी बताएं कि उपरोक्त भूमि जो नगर एवं क्षेत्र के जनता के हित में है, उसी आवंटित भूमि पर भवन बनाने हेतु कितनी राशि की और आवश्यकता होगी? क्या उपरोक्त अतिरिक्त राशि विभाग देगा तो कब तक? निश्चित समय-सीमा सहित बताएं या फिर अन्यत्र भूमि आवंटित की जावेगी तो                 कब तक?

उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। कार्यादेशों की छायाप्रतियां पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र स्यावनी के भवन निर्माण कराने हेतु मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. शोभाराम रोशन द्वारा जिला कलेक्टर के समक्ष खसरा नम्‍बर 523/1 ख एवं रकबा 0.405 हेक्टेयर भूमि आवंटित कराने के लिए ऑनलाइन आवेदन के माध्यम से भेजा गया था। स्वास्थ्य केन्द्र भवन निर्माण हेतु ग्राम के नागरिकों की सुलभ पहुंच एवं स्वास्थ्य केन्द्र में पदस्थ चिकित्सक एवं कर्मचारियों के रहने में व्यवधान उत्पन्न न हो, पानी की सुलभ उपलब्धता हो आदि बिन्दुओं पर विचार उपरांत भूमि का आवंटन करवाया जाता है, कार्य बंद कराने के निर्देश प्राप्त होने पर निर्माण एजेन्सी द्वारा कार्य बंद करा दिया गया है, जी हाँ, ग्रामीणों द्वारा कलेक्टर को पत्र लिखा गया था, उक्त भवन का कार्य नींव स्तर तक किया जा चुका है, अतः अन्य भूमि आवंटन के संबंध में कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है, प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।                                   (ग) निर्माण एजेन्सी म.प्र. भवन विकास निगम द्वारा सिविल अस्पताल जतारा, में आवंटित भूमि पर भवन निर्माण हेतु ले-आउट दिया गया था, लेकिन आवंटित भूमि पर जल भराव होने की स्थिति में कार्य प्रारंभ नहीं किया जा सका। भवन निर्माण कार्य हेतु राशि रूपये 1416.71 लाख का पुनरीक्षित प्राक्कलन तैयार कर निर्माण एजेन्सी के पत्र क्रमांक 6344/MPBDC/CHPHC/Arch./2024, दिनांक 14.06.2024 द्वारा विभाग को प्रस्तुत किया गया है, जिससे लागत में राशि रूपये 281.85 लाख की वृद्धि हो रही है। प्रस्‍ताव पर आवश्‍यकता अनुसार निर्णय लिया जाएगा। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

आवासीय पट्टा प्रदाय योजना

[राजस्व]

14. ( *क्र. 417 ) डॉ. प्रभुराम चौधरी : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि               (क) सांची विधानसभा क्षेत्रांतर्गत आवासीय भूमि का पट्टा प्रदाय की क्‍या योजना है, क्‍या ग्रामीण क्षेत्रों में नागरिकों को पट्टे प्रदाय किये गये हैं? यदि हाँ, तो नाम, पता सहित जानकारी उपलब्‍ध करावें। (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार पट्टे स्‍वीकृति के प्रकरण लंबित हैं एवं लंबित प्रकरणों का निराकरण किया जाकर हितग्राहियों को कब तक वितरित किये जावेंगे? (ग) घास भूमि को आबादी भूमि मद में परिवर्तित करने की शासन की क्‍या योजना है, ऐसी भूमि को चिन्हित किया गया है? यदि हाँ, तो ग्रामवार भूमि की खसरावार सहित जानकारी उपलब्‍ध करावें।

राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) आवासीय भूमि के पट्टे की नहीं अपितु ग्रामीण क्षेत्र में पात्र परिवारों को आवासीय भू-खण्ड उपलब्ध कराने की मुख्यमंत्री आवासीय भू-अधिकार योजना है। योजनांतर्गत सांची विधानसभा क्षेत्र में रायसेन तहसील में 1742 एवं गैरतगंज तहसील में 430 कुल 2172 पात्र परिवारों को भूमि स्वामी अधिकार पत्र प्रदान किये गये हैं, जिसकी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र "अ"अनुसार है। (ख) सांची विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत तहसील गैरतगंज में योजना अंतर्गत 74 प्रकरण लंबित हैं, जिनके निराकरण की नियमानुसार कार्यवाही की जा रही है। (ग) जी हाँ, योजना की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र "ब"अनुसार है। सांची विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत तहसील रायसेन एवं गैरतगंज अंतर्गत आबादी भूमि मद में परिवर्तित करने हेतु चिन्हित नहीं किया गया है, अतः शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।  

नियम विरुद्ध प्राइवेट नर्सिंग कॉलेजों का संचालन

[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]

15. ( *क्र. 700 ) श्री सुरेश राजे : क्या उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्यप्रदेश में प्राइवेट नर्सिंग कॉलेज खोलने हेतु मान्यता देने संबंधी शासन आदेश, नियम एवं शर्तों की सत्यापित प्रति देवें तथा मध्यप्रदेश में कब से कहाँ-कहाँ किस संचालक/संस्था का प्राइवेट नर्सिंग कॉलेज संचालित है? (ख) प्रश्‍नांश (क) के अनुसार प्रदेश में मान्यता प्राप्त प्राइवेट नर्सिंग कॉलेजों में वर्ष 2020-21 से 2023-24 में अध्यनरत छात्र-छात्राओं की संख्या तथा इन्हें दी गई छात्रवृत्ति राशि, प्रत्येक नर्सिंग कॉलेज की वर्षवार बतावेंl (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के अनुसार प्रदेश में संचालित प्राइवेट नर्सिंग कॉलेज में से किस प्राइवेट नर्सिंग कॉलेज की मान्यता किस कारण, किस सक्षम अधिकारी द्वारा निरस्त की गई? आदेश क्रमांक एवं दिनांक सहित बतावेंl (घ) क्या प्रश्‍नांश (क) में उल्लेखित अनुसार प्राइवेट नर्सिंग कॉलेजों की मान्यता शासन आदेश एवं शर्तों का उल्लंघन करते हुए दी गई? यदि हाँ, तो कौन-कौन अधिकारी दोषी पाए गये? इनके विरुद्ध अभी तक किस प्रकार की कार्यवाही की गई?

उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) नर्सिंग शिक्षण संस्‍था मान्‍यता नियम, 2018 एवं संशोधित नियमों की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। म.प्र. में संचालित प्रायवेट नर्सिंग कॉलेज की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। (ख) वर्ष 2020-21 से 2023-24 में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं की छात्रवृत्ति की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। (ग) म.प्र. में संचालित प्राइवेट नर्सिंग कॉलेज की मान्‍यता निरस्‍ती संबंधी जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। प्राइवेट नर्सिंग कॉलेज की मान्यताएं, नर्सिंग शिक्षण संस्‍था मान्‍यता नियम, 2018 एवं संशोधित नियम 2019, 2020, 2022 मापदण्‍डों का पालन न किये जाने के फलस्‍वरूप वर्ष 2021-22 में 80, 2022-23 में 04 एवं माननीय उच्‍च न्‍यायालय जबलपुर में डब्‍ल्‍यू.पी. 1080/2022 में पारित आदेश दिनांक 13.02.2024 के पालन में 66 कॉलेजों की मान्‍यता निरस्‍त की गई। मान्‍यता निरस्‍ती की कार्यवाही मध्‍यप्रदेश नर्सेस रजिस्‍ट्रेशन कौंसिल द्वारा की गई, निरस्‍तीकरण आदेश रजिस्‍ट्रार मध्‍यप्रदेश नर्सेस रजिस्‍ट्रेशन कौंसिल द्वारा जारी किए गएजानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। (घ) मान्‍यता नर्सिंग शिक्षण संस्‍था मान्‍यता नियम-2018 एवं संशोधित नियमों के आधार पर प्रदाय की गयी थी, कतिपय संस्‍थाओं की मान्‍यता संबंधी मापदण्‍डों का पालन नहीं करने पर संस्‍थाओं को मान्‍यता समाप्‍त कर दी गयी है। तत्‍कालीन रजिस्‍ट्रार, श्रीमती चंद्रकला दिवगैया एवं तत्‍कालीन रजिस्‍ट्रार, श्रीमती सुनीता शिजू दोषी पाए गए। वरिष्‍ठ संयुक्‍त संचालक (शिकायत) संचालनालय, स्‍वास्‍थ्‍य सेवाएं के आदेश क्रमांक1133-40/MC/स्‍थापना/अराज-5/24, दिनांक 21.06.2024 से श्रीमती सुनीता शिजू की सेवा तत्‍काल प्रभाव से समाप्‍त की गई है एवं वरिष्‍ठ संयुक्‍त संचालक (शिकायत) संचालनालय, स्‍वास्‍थ्‍य सेवाएं के आदेश क्रमांक/4/शिका/          सेल-4/डीई/2024/925, दिनांक 21.06.2024 द्वारा श्रीमती चंद्रकला दिवगैया को सेवा से पदच्‍युत किया गया। निरीक्षणकर्ताओं के संदर्भ में की जा रही कार्यवाही की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसारहैं।

नियम विरूद्ध पदस्‍थ कर्मचारियों की जानकारी

[स्कूल शिक्षा]

16. ( *क्र. 947 ) श्री पंकज उपाध्याय : क्या परिवहन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि       (क) मुरैना जिले के विकासखण्डों में कौन-कौन शिक्षा अधिकारी के पद पर पदस्थ हैं? विकासखण्डवार यह बताने की कृपा करेंगे कि सामान्य प्रभार किसके पास है व आहरण संवितरण अधिकार किसके पास है? आदेशों की कॉपी उपलब्ध कराने का कष्ट करें। (ख) शिक्षा अधिकारी विकासखण्डों में पदस्थ करने के क्या नियम हैं? जहाँ सामान्य प्रभार शिक्षा अधिकारी व आहरण संवितरण अधिकारी पदस्थ हैं, उनको कब तक हटाकर शासन के निर्देशानुसार प्रभार दिये जायेंगे? यह किस आधार पर पदस्थ किये गये हैं? (ग) मुरैना जिले में शिक्षा अधिकारी के नियम विरूद्ध प्रभार दिये गये हैं, उस दोषी अधिकारी के खिलाफ क्या कार्यवाही की गई? यदि कार्यवाही नहीं की गई तो क्यों नहीं की गई? (घ) मुरैना जिले में शासन के नियमानुसार प्रभार कब तक दिये जायेंगे और नियम विरूद्ध पदस्थ करने वाले अधिकारी के खिलाफ कब तक कार्यवाही की जायेगी एवं मुरैना जिले के विकासखण्डों में वरिष्ठता के आधार पर प्रभार कब तक सौंपे जायेंगे? आदेशों की कॉपी उपलब्ध कराने का कष्ट करें। (ड.) संकुल केन्द्रों पर प्राचार्य नहीं होने की स्थिति में संकुल केन्द्रों का प्रभार किसके पास है? उसका नाम, आदेश की प्रति उपलब्ध कराने का कष्ट करें। संकुल केन्द्र पर प्राचार्य पदस्थ नहीं होने की स्थिति में संकुल केन्द्र के अंतर्गत पदस्थ प्राचार्य को संकुल केन्द्र का प्रभार क्यों नहीं दिया गया? उसका कारण बताने का कष्ट करें। संकुल केन्द्र पर प्राचार्य न होने की स्थिति में संकुल केन्द्र के अंतर्गत प्राचार्यों को कब तक प्रभार दिया जायेगा। आदेश की कॉपी उपलब्ध कराने का कष्ट करें।

परिवहन मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'एक' अनुसार है। (ख) राज्य शिक्षा सेवा अन्तर्गत विकासखण्ड स्तर पर सहायक संचालक, लोक शिक्षण का पद निर्मित किया गया है। पद रिक्त होने की स्थिति में प्रशासनिक कार्य सुविधा की दृष्टि से रिक्त पद के समकक्ष कार्यरत अथवा सामान्यतः ऐसे वरिष्ठतम शासकीय सेवक जो रिक्त पद से निम्नतर पद पर कार्यरत है, को सौंपे जाने का प्रावधान है। जिला मुरैना अन्तर्गत 05 विकासखण्डों में नियमित विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी पदस्थ नही होने के कारण प्रशासकीय कार्य व्यवस्था स्वरूप स्थानीय स्तर विकासखण्ड में वरिष्ठतम प्राचार्य को अस्थायी रूप से प्रभार सौंपा है। अतः शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) उत्तरांश '''' के परिप्रेक्ष्य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।                    (घ) जिला मुरैना अन्तर्गत पांच विकासखण्डों में नियमित विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी पदस्थ नहीं होने के कारण विकासखण्ड में वरिष्ठतम प्राचार्य को सामान्य एवं आहरण संवितरण अधिकार सौंपे गये हैं। वरिष्ठता क्रम में प्रभार सौंपे जाने से कार्यवाही का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। आदेश की प्रति पुस्तकालय में रखें परिशिष्टि के प्रपत्र 'एक' अनुसार है। (ड.) पूर्वाशः जानकारी पुस्तकालय में रखें परिशिष्ट के प्रपत्र 'दो' अनुसार है। शेषांश संकुल प्राचार्य के सेवा निवृत्त होने स्थानांतरण होने, नियमित प्राचार्य न होने एवं उच्च पद प्रभार के दौरान प्राचार्य की पद पूर्ति न होने पर रिक्त पद होने की स्थिति में वरिष्ठता क्रम के अनुसार पूर्व के संस्था प्राचार्य द्वारा संस्था में कार्यरत शिक्षक कर्मचारियों को वरिष्ठता के आधार पर प्रभार सौंपा जाता है। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

चिकित्सकों/विशेषज्ञों/पैरामेडिकल स्टाफ की पद पूर्ति एवं संलग्नीकरण

[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]

17. ( *क्र. 714 ) श्री संजय उइके : क्या उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रश्‍नकर्ता के विधानसभा तारांकित प्रश्‍न क्र. 723, दिनांक 21.12.2021 पर माननीय मंत्री जी के सदन में अश्वासन पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्‍थ्‍य अधिकारी द्वारा चिकित्सकों/विशेषज्ञों/पैरामेडिकल स्टाफ के पद पूर्ति एवं संलग्नीकरण समाप्त करने हेतु आदेशित किया गया था? (ख) यदि हाँ, तो किन-किन विशेषज्ञ चिकित्सकों को सिविल अस्पताल में सप्ताह में एक दिन सेवा प्रदान करने हेतु आदेशित किया गया था? कब-कब प्रश्‍न दिनांक तक चिकित्सक द्वारा उक्त आदेश के परिपालन में सिविल अस्पताल बैहर में सेवाएं दीं? यदि नहीं, दी तो उनके विरूद्ध क्या-क्‍या कार्यवाही की गई? (ग) पैरामेडिकल स्टाफ की संलग्नीकरण समाप्त करने के उपरान्त भी किन-किन कर्मचारियों को पदस्थापना स्थल में वापसी हेतु कार्यमुक्त किया गया और किन-किन कर्मचारियों को नहीं किया गया? संलग्न कर्मचारियों के संलग्नीकरण समाप्त के उपरान्त भी पदस्थापना कार्यस्थल पर उपस्थित नहीं होने पर क्या कार्यवाही की गई?

उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जी हाँ। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी बालाघाट म.प्र. के आदेश क्रमांक/स्था/2024/163, बालाघाट दिनांक 09.02.2024 द्वारा मूल पदस्थापना से अन्यत्र स्वास्थ्य संस्थाओं में कार्य किये जाने हेतु किये गये समस्त आदेशों को निरस्त करते हुये संबंधित अधिकारी/कर्मचारी को अपनी मूल पदस्थापना स्थल पर कार्य किये जाने हेतु आदेशित किया गया है। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी हाँ। डॉ. अनंत लिल्हारे, चिकित्सा विशेषज्ञ (पी.एस.एम.) जिला चिकित्सालय बालाघाट को सिविल अस्पताल बैहर में सेवायें प्रदान करने हेतु आदेशित किया गया है, जिनके द्वारा नियमित रूप से अपनी सेवायें सिविल अस्पताल बैहर में दी जा रही है। इसके अतिरिक्त सप्ताह में एक दिन डॉ. रश्मि बाघमारे, स्त्रीरोग विशेषज्ञ तथा डॉ. वर्षा रंगारे, स्त्रीरोग विशेषज्ञ द्वारा माह फरवरी 2024 में सिविल अस्पताल बैहर में अपनी सेवायें प्रदाय की गई है। तत्पश्चात माह मार्च 2024 से पाक्षिक सेवायें माह की 09 एवं 25 तारीख को दी जा रही है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।                                 (ग) मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी बालाघाट म.प्र. के आदेश क्रमांक/स्था/2024/163, बालाघाट दिनांक 09.02.2024 के परिपालन में संबंधित संस्था प्रमुख द्वारा संलग्नीकृत समस्त चिकित्सकों एवं कर्मचारियों को कार्यमुक्त किया गया एवं समस्त संलग्नीकृत चिकित्सक एवं कर्मचारी अपनी मूल पदस्थापना स्थल पर उपस्थित हो चुके है। केवल सिविल अस्पताल लांजी से संलग्नीकरण समाप्ति उपरांत रितु कंकरायणे नर्सिंग अधिकारी अपने मूल पदस्थापना सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र बिरसा पर उपस्थित नहीं हुई है, जिनका वेतन आहरण रोक दिया गया है।

कारम डेम की जानकारी

[जल संसाधन]

18. ( *क्र. 560 ) श्री कालु सिंह ठाकुर : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या धार जिले की धरमपुरी विधानसभा में कारम डेम फूटने के बाद दिनांक 01 अप्रैल, 2022 से प्रश्‍न दिनांक तक विभिन्न कार्यों हेतु राशि खर्च की गई है? (ख) प्रश्‍नांकित (क) अनुसार यदि हाँ, तो दिनांक 01 अप्रैल, 2022 से प्रश्‍न दिनांक तक किन-किन कार्यों हेतु कितनी-कितनी राशि खर्च की गई है? कार्यवार, राशिवार, बिल वाउचर की प्रमाणित छायाप्रति उपलब्ध करावें।                    (ग) क्‍या उक्त जानकारी हेतु प्रश्‍नकर्ता द्वारा विभाग के कार्यपालन यंत्री को पत्र और स्मरण पत्र जारी किये गए थे? यदि हाँ, तो उक्त अधिकारी द्वारा आज दिनांक तक जानकारी किस कारण प्रदान नहीं की गई है?

जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) एवं (ख) जी नहीं, शासन स्तर से गठित समिति के निर्णयानुसार दिनांक 15 अगस्त, 2022 को कारम बांध से बांध कटाव नियंत्रण तकनीकी का उपयोग करते हुए चेनल बनाकर सुरक्षित पानी की निकासी की गई थी, दिनांक 01 अप्रैल, 2022 से प्रश्‍न दिनांक तक विभिन्न कार्यों पर व्‍यय की गई राशि का विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट  अनुसार है। (ग) जी हाँ, कार्यपालन यंत्री द्वारा माननीय सदस्‍य को दिनांक 18.06.2024 को कारम डेम पर किए जा रहे व्‍यय की जानकारी उपलब्‍ध कराया जाना प्रतिवेदित है।

अग्नि दुर्घटनाओं की जानकारी

[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]

19. ( *क्र. 912 ) श्री अनिरुध्द (माधव) मारू : क्या उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) कमला नेहरु अस्पताल भोपाल, निजी अस्पताल जबलपुर, जिला अस्पताल खंडवा, जिला चिकित्सालय नर्मदापुरम इत्यादि में वर्ष नवंबर 2021 से मई 2024 के दौरान कितने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, शासकीय चिकित्सालय (जिला एवं तहसील स्तर) एवं निजी चिकित्सालयों में कितनी अग्नि दुर्घटनाएँ हुईं एवं उसमें कितनी जनहानि हुई? संपूर्ण जानकारी उपलब्ध कराएं। (ख) क्या इस तरह की अग्नि दुर्घटनाओं से बचाव हेतु मध्य प्रदेश शासन ने कोई नीति/पॉलिसी/निर्देशिका बनायी है? यदि हाँ, तो जानकारी उपलब्ध कराएं। यदि नहीं, तो इस विषय/दिशा में क्या प्रयास किये जा रहे हैं? (ग) क्या प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, शासकीय चिकित्सालय (जिला एवं तहसील स्तर) में अग्नि दुर्घटना से बचाव हेतु उपलब्ध स्वचालित (मानव एवं जल रहित) अग्निशामक यंत्र (मानव रहित) लगाए गए हैं? यदि हाँ, तो सूची उपलब्ध कराएं। यदि नहीं, तो वर्तमान समय में उपलब्ध आधुनिक मानव एवं जल रहित स्वचालित अग्निशामक यंत्र कब तक लगा दिए जायेंगे? (घ) निजी चिकित्सालयों में हुई अग्नि दुर्घटना को रोकने हेतु कोई निर्देश जारी किये गये हैं? उन निर्देशों की प्रति उपलब्ध करायें।

उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) कमला नेहरू अस्‍पताल भोपाल, निजी अस्‍पताल जबलपुर, जिला अस्‍पताल खंडवा, जिला चिकित्‍सालय नर्मदापुरम में वर्ष नवम्‍बर 2021 से मई 2024 के दौरान प्राथमिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र, शासकीय चिकित्‍सालय (जिला एवं तहसील स्‍तर) एवं नि‍जी चिकित्‍सालयों में घटित अग्नि दुर्घटनाओं तथा उसमें हुई जनहानि की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) जी हाँ। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) जी नहीं। प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। प्रथम चरण में प्रदेश के समस्‍त जिला चिकित्‍सालयों में फायर फाईटिंग हेतु निविदा जारी की जाकर कार्य प्रारंभ किया जा रहा है। निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (घ) जी हाँ। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है।

मडीखेड़ा से हरसी डेम का पौषक नहर चौड़ीकरण एवं गहरीकरण

[जल संसाधन]

20. ( *क्र. 829 ) श्री मोहन सिंह राठौर : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या ग्वालियर जिले के हरसी डेम जलाशय को भरने के लिए मड़ीखेड़ा शिवपुरी से पोषक नहर के चौड़ीकरण न होने के कारण जलाशय में पर्याप्त पानी नहीं पहुंच पाता है, इसे चौड़ीकरण करने का शासन के पास कोई प्रस्ताव है? यदि हाँ, तो कब तक पूर्ण किया जायेगा? (ख) ग्वालियर जिले की विधानसभा 18 भितरवार अंतर्गत घाटीगांव तहसील के रानीघाटी क्षेत्र की छ: पंचायतों (आरोन, पाटई, करही, बन्हेरी, सभराई, बड़कागांव) के 17 ग्रामों के किसानों की सात हजार हेक्टेयर भूमि सिंचित करने हेतु हरसी डेम से लिफ्ट ऐरीगेशन डालने की योजना तैयार होकर विभाग के पास लंबित है? यदि हाँ, तो कब से? (ग) यदि हाँ, तो क्या तकनीकी स्वीकृति कितनी राशि की प्रदाय की गई है? इसकी प्रशासकीय स्वीकृति प्रदाय की गई है? यदि नहीं, तो कब तक जारी की जाकर कार्य प्रारंभ कराया जावेगा?

जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) ग्वालियर जिले की हरसी डेम को भरने के लिए सिंध परियोजना के मोहनी पिक-अप वियर से 6.4 कि.मी की हरसी पोषक नहर निर्माण की गई है। नहर की क्षमता कम होने के कारण नहर के री-मॉडलिग का कार्य प्रगतिरत् है। कार्य को दिसम्बर 2024 तक पूर्ण किया जाना लक्षित है। (ख) एवं (ग) ग्वालियर जिले की भितरवार विधान सभा क्षेत्र के अंतर्गत घाटी गांव तहसील के 17 ग्रामों को सिंचाई सुविधा प्रदाय करने हेतु आरोन पाटई उदवहन सिंचाई योजना लागत रू.105.18 करोड़ एवं सैंच्य क्षेत्र 4,000 हेक्टेयर की डी.पी.आर. परीक्षणाधीन है। स्वीकृति एवं कार्य प्रारंभ किये जाने की तिथि बताया जाना संभव नहीं है।

नर्सिग कॉलेजों में अनियमितता

[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]

21. ( *क्र. 1045 ) श्री बाला बच्चन : क्या उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दिनांक 01.07.2020 से 30.10.2023 तक प्रदेश में कितने नर्सिंग कॉलेजों को प्रारंभ करने की अनुमति प्रदान की गई? वर्षवार, कॉलेज नाम, स्‍थान नाम, जिला सहित देवें। (ख) उपरोक्‍त कॉलेज अनुमति के लिए जिन अंतिम 3 जिम्‍मेदारों के हस्‍ताक्षर लगे, उनके नाम, पदनाम, कॉलेजवार देवें। इन कॉलेजों में कितनी राशि की छात्रवृत्ति दी गई? कॉलेजवार जिलावार देवें। (ग) क्‍या नर्सिंग कॉलेज अनुमति में अनियमितता होने पर उपरोक्‍त (ख) अनुसार जिम्‍मेदारों पर शासन ने कोई कार्यवाही प्रश्‍न दिनांक तक नहीं की है? यदि की है तो अवगत करावें। (घ) कब तक कार्यवाही की जायेगी?

उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) शैक्षणिक सत्र          2020-21 से 2022-23 तक मान्‍यता प्राप्‍त नर्सिंग संस्‍थाओं की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 1 अनुसार है। (ख) नर्सिंग शिक्षण संस्‍था मान्‍यता नियम, 2018 के नियम 5 (7) के अनुसार मान्‍यता आवेदन परिषद की कार्यकारिणी समिति की बैठक में विचार कर निराकृत किये जाते हैं। मान्‍यता प्रमाण-पत्र रजिस्‍ट्रार द्वारा जारी किए जाते हैं। छात्रवृत्ति की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ग) वरिष्‍ठ संयुक्‍त संचालक (शिकायत) संचालनालय, स्‍वास्‍थ्‍य सेवाएं के आदेश क्रमांक 1133-40/MC/स्‍थापना/अराज-5/24, दिनांक 21.06.2024 से श्रीमती सुनीता शिजू की सेवा तत्‍काल प्रभाव से समाप्‍त की गई है एवं वरिष्‍ठ संयुक्‍त संचालक (शिकायत) संचालनालय, स्‍वास्‍थ्‍य सेवाएं के आदेश क्रमांक/4/शिका/सेल-4/डी.ई./2024/925, दिनांक 21.06.2024 द्वारा श्रीमती चंद्रकला दिवगैया को सेवा से पदच्‍युत किया गया। (घ) निरीक्षणकर्ताओं के संदर्भ में की जा रही कार्यवाही की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है।

प्रायवेट स्‍कूलों के संचालन हेतु नियम प्रक्रिया

[स्कूल शिक्षा]

22. ( *क्र. 1027 ) श्री नितेन्‍द्र बृजेन्‍द्र सिंह राठौर : क्या परिवहन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रायवेट स्‍कूलों में शिक्षकों की निय‍ुक्ति हेतु क्‍या नियम प्रक्रिया है? (ख) क्‍या प्रदेश के प्रायवेट स्‍कूलों के शिक्षकों का डाटा प्रदेश सरकार के पास है? (ग) प्रायवेट स्‍कूल संचालन हेतु क्‍या नियम प्रक्रिया है? क्‍या प्रदेश में उन्‍हीं नियम प्रक्रिया के तहत प्रायवेट स्‍कूलों का संचालन हो रहा है? इनकी देख-रेख की जिम्‍मेदारी किस अधिकारी के पास होती है? क्‍या प्रायवेट स्‍कूलों के शिक्षकों को कोई मानदेय अथवा सुविधा शासन द्वारा निर्धारित है?

परिवहन मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) कक्षा 1 से 8 तक के स्‍कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 की धारा-23 में विहित प्रावधान अनुसार की जाती है। प्राइवेट स्‍कूलों में विद्यालयों की प्रबंधन समिति द्वारा शिक्षकों की नियुक्ति की जाती है। विभाग द्वारा जारी नियम की प्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी हाँ। अशासकीय विद्यालयों द्वारा                    यू-डाईस में शिक्षकों की जानकारी उपलब्‍ध कराई जाती है। (ग) कक्षा 1 से 8 तक के स्‍कूल संचालन शिक्षा का अधिकार नियम, 2011 के नियम-11 अनुसार। शेषांश का उत्‍तर उपरोक्‍त में ही समाहित है। माध्‍यमिक शिक्षा मण्‍डल के अधीन संचालित विद्यालयों को मध्‍यप्रदेश माध्‍यमिक एवं उच्‍चतर माध्‍यमिक शालाओं के मान्‍यता नियम, 2017 (यथा संशोधित नियम, 2020 एवं 2021) के तहत कक्षा 9 से 12 के विद्यालयों के लिए मान्‍यता प्रदान की जाती है। इसी प्रकार सी.बी.एस.ई. व अन्‍य बोर्ड के अधीन संचालित विद्यालयों को संबंधित बोर्ड के मान्‍यता नियमों के अनुरूप मान्‍यता प्रदान की जाती है। विद्यालय संचालन संबंधित मान्‍यता नियमों के तहत किया जाता है। गैर अनुदान प्राप्‍त प्राइवेट स्‍कूलों के शिक्षकों को कोई मानदेय एवं सुविधा शासन द्वारा प्रदान नहीं की जाती है।

शासकीय भू‍मि का आवंटन

[राजस्व]

23. ( *क्र. 430 ) श्रीमती चंदा सुरेन्द्र सिंह गौर : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या खरगापुर तहसील में पदस्थ तत्कालीन तहसीलदार द्वारा दिनांक 20.12.2022 को प्रीतम लोधी के नाम म.प्र. शासन की बेशकीमती भूमि जो तहसील कार्यालय के पीछे स्थित है, को 06 शर्तों के साथ 03 वर्षों के लिये दे दी गई और भूमि का रकबा कितना है, कुछ ज्ञात नहीं, लीज पर दी गई, कुछ ज्ञात नहीं। सिर्फ इस आशय का आदेश जारी किया गया है कि उद्यानिकी विकास के प्रचार-प्रसार हेतु उद्यानिकी प्रभारी उद्यानिकी विभाग बल्देवगढ़ की अनुशंसा पर दी गई? क्या उक्त बेशकीमती भूमि शासन के नियमों के विरुद्ध दी गई? (ख) क्या उद्यानिकी अधिकारी बल्देवगढ़ ने अपने पत्र/उद्यान/प्र.क./2024-25/09, दिनांक 06.05.2024 को तहसीलदार को पत्र में लिखा है कि उद्यानिकी अधिकारी बल्देवगढ़ की कोई भी अनुशंसा भूमि के लिये नहीं की गई है, तत्कालीन तहसीलदार अनिल गुप्ता के द्वारा अपने स्तर पर कृषि भूमि दी गई है? (ग) क्या इस प्रकार के आदेश जारी करने वाले तहसीलदार के विरुद्ध कार्यवाही कर उक्त बेशकीमती भूमि को कब्‍जा हटवाकर अतिक्रमण से मुक्त करायेंगे? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्यों? (घ) क्या म.प्र. शासन की भूमि लीज पर दिये जाने हेतु केबिनेट का निर्णय एवं जिला कलेक्टर का प्रस्ताव होना जरूरी होता है, परन्‍तु खरगापुर विधान सभा में तहसील खरगापुर में राजनैतिक दबाव में तत्कालीन तहसीलदार ही संपूर्ण भूमि के मालिक बनकर आवंटित करते रहे हैं? क्या ऐसे भ्रष्ट आचरण के तह‌सीलदार को पद से हटाने की कार्यवाही करेंगे? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्यों?

राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) से (घ) जानकारी संकलित की जा रही है।

बरही से मैहर रोड में महानदी के ऊपर निर्मित क्षतिग्रस्त पुल का निर्माण

[जल संसाधन]

24. ( *क्र. 721 ) श्री संजय सत्येन्द्र पाठक : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या बरही से मैहर रोड में महानदी के ऊपर निर्मित पुल लगभग विगत 2 वर्षों से क्षतिग्रस्त है? पुनः निर्माण हेतु विभाग द्वारा प्रश्‍न दिनांक तक क्या-क्या कार्यवाही की गयी, क्योंकि उस पुल के ऊपर से ऑटो एवं उससे भारी वाहन पूर्णतः प्रतिबंधित होने के कारण आवागमन एवं व्यापार पूर्णतः से बाधित हो रहा है? (ख) यदि प्रश्‍नांश (क) हाँ तो शासन द्वारा आवंटन प्राप्त होने के पश्‍चात विभाग द्वारा क्या-क्या कार्यवाही की गई? क्या निविदा दो बार निरस्त की गयी है? यदि हाँ, तो क्या विभाग या अन्य निर्माण एजेन्सियों द्वारा क्षतिग्रस्त पुल का निर्माण कार्य पूर्ण कराया जायेगा? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्यों? (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के परिप्रेक्ष्य में उक्त पुल का निर्माण कब तक पूर्ण कर यातायात सुचारू रूप से प्रारंभ कर दिया जायेगा?

जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) जी हाँ। बरही से मैहर रोड में महानदी के ऊपर निर्मित पुल लगभग विगत 2 वर्षों से क्षतिग्रस्त है। पुल के पियर क्रमांक 10 (जिगना की ओर से) डेक स्लैब के केंटिलीवर भाग में डिफ्लेक्शन होने के कारण भारी वाहनों के गुजरने से पुल में अधिक कंपन हो रहा था। पुल पर वाहनों के आवागमन से दुर्घटना की संभावना को दृष्टिगत रखते हुये कलेक्टर कटनी द्वारा वाहनों का आवागमन प्रतिबंधित किया जाना प्रतिवेदित है।                                        (ख) एवं (ग) पुल के सुधार कार्य हेतु आवंटन प्राप्त होने के पश्चात निविदा की कार्यवाही की गई। जी हाँ, निविदा दो बार निविदाकारों के अनर्हतित होने के कारण निरस्त की गई। तृतीय आमंत्रण हेतु निविदा ऑनलाइन है, जिसमें निविदा प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि 26.06.2024 है। जी हाँ, निविदा स्वीकृति होने के पश्चात निर्धारित निविदाकार द्वारा पुल के मरम्मत का कार्य कराया जाना संभव हो सकेगा। निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

प्रदेश में नर्सिंग कॉलेजों को नियम विरूद्ध मान्‍यता

[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]

25. ( *क्र. 1055 ) श्री उमंग सिंघार : क्या उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता के अतारांकित प्रश्‍न क्रमांक 1258, उत्तर दिनांक 12 फरवरी, 2024 एवं तारांकित प्रश्‍न क्रमांक 71 एवं अतारांकित प्रश्‍न क्रमांक 1602, उत्तर दिनांक 14.07.2023 के संदर्भ में प्रदेश में शासकीय/अशासकीय नर्सिंग कॉलेजों की मान्यता दिए जाने में इंडियन नर्सिंग काउन्सिल के नियमों एवं मापदण्डों का उल्लंघन किये जाने की जांच माननीय उच्च न्यायालय ग्वालियर के पारित आदेश पर सी.बी.आई. द्वारा की जा रही थी? (ख) यदि हाँ, तो उपरोक्त प्रश्‍नांश के परिप्रेक्ष्य में माननीय उच्च न्यायालय ग्वालियर के पारित आदेश दिनांक 27 सितम्बर, 2022, 28 सितम्बर, 2022 एवं 28 अप्रैल, 2023 के अनुसार क्या-क्या कार्यवाही की गई?                                 (ग) उपरोक्तानुसार वर्ष 2020-21 से 2022-23 में प्रदेश के जिन नर्सिंग कॉलेजों को मान्यता दी गई है, उनमें से किन-किन कॉलेजों को नियम/निर्धारित मापदण्ड के विरूद्ध मान्यता दी गई थी? शासन द्वारा परीक्षण किये जाने पर क्या-क्या अनियमितताएं पाई गई? (घ) प्रश्‍नांश "ग" अनुसार क्या उक्त कॉलेजों को मान्यता देने में विभागीय मंत्री से अनुमोदन लिया गया था? यदि हाँ, तो नियम विरूद्ध मान्यता के लिए विभागीय अधिकारियों के अतिरिक्त कौन-कौन दोषी है और उनके विरूद्ध क्या कार्यवाही की गई? यदि नहीं, तो क्यों।

उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जी हाँ माननीय उच्‍च न्‍यायालय, खण्‍डपीठ ग्‍वालियर द्वारा प्रकरण क्र. डब्‍ल्‍यू.पी. 20438/2021 में पारित आदेश दिनांक 28.09.2022 की कण्डिका-13 में सी.बी.आई. को जांच करने की निर्देश दिये थे। न्‍यायालय के आदेश की प्रति की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे गये परिशिष्‍ट के प्रपत्र-1 अनुसार है।                             (ख) माननीय उच्‍च न्‍यायालय, खण्‍डपीठ ग्‍वालियर के आदेश दिनांक 27.09.2022 में न्‍यायालय के आदेश के अनुपालन में एम.पी.एन.आर.सी. द्वारा सी.बी.आई. को 35 अशासकीय नर्सिंग कॉलेज के समस्‍त अभिलेख उपलब्‍ध कराये गये व संचालक, चिकित्‍सा शिक्षा को न्‍यायालय में दिनांक 28.09.2022 को सुनवाई के दौरान व्‍यक्तिगत उपस्थित होने के निर्देश दिये गये थे और वह न्‍यायालय के निर्देश के पालन में उपस्थित हुए, दिनांक 28.09.2022 को न्‍यायालय द्वारा पारित आदेश की स्थिति उत्‍तरांश (क) में स्‍पष्‍ट की गई है, माननीय न्‍यायालय ने प्रकरण क्र. 20438/2021 तथा अन्‍य कनेक्‍टेड प्रकरणों के साथ प्रकरण क्र. डब्‍ल्‍यू.पी. 4847/2023 को दिनांक 28.04.2023 को नियत सुनवाई के साथ लगाया जाये। माननीय न्‍यायालय द्वारा प्रकरण क्र.डब्‍ल्‍यू.पी. 4847/2023की सुनवाई की गई। सुनवाई पश्‍चात निर्देश दिये गये कि M.P.Nurses Registration Council shal prepare a list of nursing colleges existing as on 2021 through out the state of M.P. in the following maner : (i) List of Government nursing colleges. (ii) List of colleges estalished and running for the last 10 year or more, as on 2020-2021. (iii) Nursing colleges established and running for the last 5 year or more. (iv) Nursing colleges established an running for the 5 year or less. Such list shall be handed over to Shri Raju Sharma, Advocate appearing for CBI for the purpose of equiry in terms of aforementioned order passed in W.P. No. 20438/2021. The scope of enquiry has already been specified by this Court under direction Nos. 13 (i), (ii) & (iii) by order dated 28.09.2022 साथ में यह भी निर्देशित किया गया कि मध्‍यप्रदेश आयुर्विज्ञान विश्‍वविद्यालय, जबलपुर तथा एम.पी. एन.आर.सी. को पूर्ण सहयोग प्रदान करें। उक्‍त आदेश के अनुपालन में संचालित 364 नर्सिंग कॉलेज की समस्‍त अभिलेख के साथ सूची तैयार की जाकर जांच एजेंसी को सौंपी गई। आदेश की प्रति की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे गये परिशिष्‍ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ग) वर्ष 2020-21 से वर्ष 2022-23 में प्रदेश में संचालित नर्सिंग महाविद्यालयों को नर्सिंग शिक्षण संस्‍था मान्‍यता नियम, 2018 के अनुसार मान्‍यता दी गई थी, जो सी.बी.आई. जांच उपरांत नियम/निर्धारित मापदण्‍डों का पालन न करने व अन्‍य कतिपय कारणों से निरस्‍त की गई है। वर्ष 2020-21 में कुल 28 नर्सिंग कॉलेजों के विभिन्‍न पाठ्यक्रमों हेतु वर्ष 2021-22 में कुल 80 नर्सिंग महाविद्यालयों एवं वर्ष 2022-23 में 04 नर्सिंग कॉलेजों की मान्‍यता समाप्‍त की गई, जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है। इसके अतिरिक्‍त सी.बी.आई. की जांच में Unsuitable श्रेणी में दर्शाये गये 66 नर्सिंग कॉलेजों की मान्‍यता रद्द की गई है, जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-4 अनुसार है एवं 73 कॉलेज Deficient पाए गए हैं, जिसकी जांच माननीय हाईकोर्ट द्वारा गठित कमेटी द्वारा की जा रही है, जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-5 अनुसार है। (घ) मध्‍यप्रदेश नर्सेस रजिस्‍ट्रेशन कौंसिल के नर्सिंग महाविद्यालयों को नर्सिंग शिक्षण संस्‍था मान्‍यता नियम, 2018 संशोधित नियम 2019, 2020 एवं 2022 में विभागीय मंत्री से अनुमोदन मान्‍यता के लिये प्राप्‍त किये जाने का कोई प्रावधान नहीं है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

 

 

 







भाग-2

नियम 46 (2) के अंतर्गत अतारांकित प्रश्‍नोत्तर के रुप में परिवर्तित तारांकित प्रश्‍नोत्तर


गौण खनिज की रायल्‍टी से शासन को राजस्‍व हानि

[जल संसाधन]

1. ( क्र. 15 ) श्री यादवेन्द्र सिंह : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि          (क) जल संसाधन विभाग टीकमगढ़ में माह जनवरी 2022 से जनवरी 2024 तक किन-किन निर्माण एजेंसियों से अनुबंध किया गया और किन-किन तालाबों एवं नहरों की मरम्‍मत के निर्माण कार्य कराये गये हैं? कितने पूर्ण हो चुके हैं कितने चल रहे हैं? (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार निर्माण एजेंसियों द्वारा निर्माण कार्य में कौन-कौन से गौण खनिज उपयोग किये गये हैं? कितनी-कितनी मात्रा है एवं कितनी रॉयल्‍टी राशि बनती है? क्‍या रॉयल्‍टी राशि खनिज विभाग को समय पर जमा कराई गई है यदि नहीं, तो कौन-कौन अधिकारी/कर्मचारी जिम्‍मेदार है? (ग) क्‍या अनुबंध के नियमों अनुसार ठेकेदारों के देयक भुगतान करने के दौरान ठेकेदार के बिलों से नियमानुसार राशि काटी गई है? क्‍या रॉयल्‍टी एवं अन्‍य टैक्‍सों की पूर्ण राशि जमा कराई गई है यदि नहीं, तो क्‍यों? (घ) प्रश्‍नांश (क), (ख) एवं (ग) में वर्णित जानकारी के अनुसार शासन राजस्‍व हानि पहुंचाने वाले अधिकारियों के नाम एवं उनकी पदस्‍थापना अवधि बतावे एवं दोषी अधिकारियों के विरूद्ध कब तक कार्यवाही की जायेगी यदि नहीं, तो क्‍यों?

जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) जानकारी संलग्न  परिशिष्‍ट  के प्रपत्र-'''' अनुसार है। (ख) काटी गई रॉयल्टी का  विवरण संलग्न  परिशिष्‍ट  के प्रपत्र-'''' अनुसार है। विभाग द्वारा रॉयल्टी खनिज मद में नियमानुसार काटी जाना प्रतिवेदित है। अतः शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) एवं (घ) जी हाँ, ठेकेदारों के देयकों का भुगतान करने के दौरान बिलों से नियमानुसार रॉयल्टी काटी जाकर खनिज मद में जमा की जाना प्रतिवेदित है। शासन को राजस्व हानि पहुँचाने का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - "चार"

नहर के मरम्मत एवं सुधार कार्य में लापरवाही एवं भ्रष्टाचार

[जल संसाधन]

2. ( क्र. 16 ) श्री यादवेन्द्र सिंह : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि            (क) क्या जल संसाधन विभाग टीकमगढ़ द्वारा हरपुरा नहर की मरम्मत सुधार एवं लाईनिंग निर्माण हेतु करोड़ों रूपये की निविदा स्वीकृत की गई है? यदि हाँ, तो निविदा राशि, अनुबंध राशि का विवरण एवं अब तक व्यय की जा चुकी राशि का विवरण देवें। (ख) क्या विभाग के अधिकारियों द्वारा प्रश्‍नांश (क) अनुसार अमानक स्तर का घटिया निर्माण कार्य कराया गया है? यदि हाँ, तो क्‍या क्वालिटी कंट्रोल मैनुअल के अनुसार निर्धारित आवृत्ति में निर्माण कार्यों के टेस्ट कराये गये? यदि हाँ, तो किस-किस लोकेशन आर.डी. से कब-कब सैम्पल परीक्षण कराये गये हैं? कृपया ब्यौरा देवें। (ग) क्या विभाग उक्त निर्माण कार्यों में किये जा रहे भ्रष्टाचार एवं अमानक स्तर के कार्यों की मुख्य तकनीकी परीक्षक (सतर्कता) से निष्पक्ष जांच करायेगा? यदि हाँ, तो कब तक? (घ) प्रश्‍नांश (क), (ख) एवं (ग) में वर्णित भ्रष्टाचार एवं लापरवाही के विरूद्ध कब तक कार्यवाही की की जायेगी? उक्त निर्माण कार्य से संबंधित कार्य का भौतिक सत्यापन एवं मूल्यांकनकर्ता अधिकारियों के नाम, पद एवं पदस्थापना बतावें।

जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) जल संसाधन संभाग टीकमगढ़ के अंतर्गत हरपुरा लिंक नहर का नवीनीकरण एवं मरम्मत कार्य हेतु राशि रू.998.81 लाख की निविदा आमंत्रित की गई, जिसकी अनुबंधित राशि रू.824.02 लाख स्वीकृत हुई है। जिसके विरूद्व जी.एस.टी. सहित कुल राशि रू.376.99 लाख का भुगतान किया जा चुका है। (ख) जी नहीं। उक्त कार्य विभागीय अधिकारियों की   देख-रेख में निर्धारित मानकों के अनुरूप गुणवत्ता पूर्ण सम्पादित कराया जा रहा है। कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिये विभिन्न आवृत्तियों में लेब टेस्ट हेतु सैंपिल लिये गये जिनका लोकेशन आर.डी. एवं तिथिवार  जानकारी संलग्‍न  परिशिष्‍ट  के प्रपत्र -'''' अनुसार है। (ग) मुख्य तकनीकी परीक्षक से उनके निर्धारित कार्यक्रम एवं लक्ष्य के अनुसार कार्यों की जांच की जाती है। (घ) उपरोक्त प्रश्‍नांशों के परिप्रेक्ष्य में कोई भृष्टाचार एवं लापरवाही परिलक्षित नहीं है। अतः कोई भी कार्यवाही करने का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। उक्त कार्य का मूल्यांकन एवं भौतिक सत्यापनकर्ता अधिकारियों का नाम, पद एवं पदस्थापना की  जानकारी संलग्‍न  परिशिष्‍ट  के प्रपत्र-'''' अनुसार है।

परिशिष्ट - "पांच"

सी.एम. राइज स्‍कूलों का निर्माण

[स्कूल शिक्षा]

3. ( क्र. 105 ) श्री देवेन्द्र रामनारायन सखवार : क्या परिवहन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा अम्‍बाह में सीएम राइज स्‍कूल स्‍वीकृत है? (ख) यदि हाँ, तो उनकी संख्‍या एवं नाम, पते सहित उनके निर्माण हेतु प्रस्‍तावित प्राक्‍कलन, आवंटित राशि की सम्‍पूर्ण जानकारी देंवे। (ग) क्‍या स्‍कूलों के निर्माण कार्य हेतु निविदा कराकर निर्माण कार्य पूर्ण करा दिया गया है तथा उनके राशि भुगतान नियमों के अंतर्गत किया गया है? (घ) यदि हाँ, तो क्‍या निर्माण कार्य पूर्ण होने पर कार्य एंजेसी द्वारा बिल भुगतान हेतु सामग्री के बिल एवं रायल्‍टी की रसीद दी गई है? यदि नहीं, तो दोषी अधिकारियों के विरूद्ध शासन कब तक कार्यवाही करेगा। (ड.) कितने स्‍कूलों का निर्माण कार्य प्रश्‍न दिनांक तक पूर्ण नहीं किया गया है और कब तक उनका निर्माण कार्य पूर्ण कर दिया जायेगा?

परिवहन मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ग) स्‍कूल के निर्माण की निविदा कराकर निर्माण कार्य प्रगति पर है। (घ) उत्‍तरांश () के संबंध में प्रश्‍न उद्भूत नहीं होता। (ड.) 02 स्‍कूलों का निर्माण कार्य प्रश्‍न दिनांक तक पूर्ण नहीं किया गया है। 1- अम्‍बाह जिला मुरैना में सीएम राइज शा. उत्‍कृष्‍ट उच्‍चतर माध्‍यमिक विद्यालय का कार्य फरवरी 2025 तक पूर्ण किये जाने की संभावना है। 2- रजौधा जिला मुरैना में सीएम राइज शासकीय उच्‍चतर माध्‍यमिक विद्यालय का कार्य दिसम्‍बर 2024 तक पूर्ण किये जाने की संभावना है।

परिशिष्ट - "छ:"

विद्यालयों में सुविधाओं एवं अधोसंरचनाओं का विकास

[स्कूल शिक्षा]

4. ( क्र. 160 ) श्री वीरेन्द्र सिंह लोधी : क्या परिवहन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि              (क) बंडा विधानसभा क्षेत्र में प्रस्तावित स्कूल भवन या अतिरिक्त कक्षों के सभी निर्माण कार्यों की निविदा दिनांक, एलओए दिनांक एवं कार्य की पूर्णता दिनांक तथा वर्तमान भौतिक प्रगति क्या है? (ख) प्रत्येक कार्य में संविदाकार की अहर्ताएं एवं ईएमडी की राशि कितनी है? (ग) जिन कार्यों की प्रगति अत्यंत धीमी है या निर्माण कार्य अब तक प्रारंभ नहीं किये गये है उन पर क्या कार्यवाही की गई है? अगर नहीं की गई है तो इसका कारण क्या है? (घ) जिन निर्माण कार्यों की प्रगति धीमी है या अप्रारंभ है उन्हें कब तक पूर्ण किया जा सकेगा? (ड.) विलंब की दशा में लगने वाली पेनल्टी के मापदंड क्या है? (च) क्या यह सही है कि सागर जिले के जिन भवनों के निर्माण में फ्लाईएश ब्रिक्स का उपयोग किया गया है उनकी दीवारें अत्यंत जर्जर है? (छ) जिले में ऐसे स्कूल भवनों की संख्या कितनी है? (ज) क्या यह सही है कि जब तक फ्लाईएश ब्रिक्स वर्क चेंज नहीं किया जाता भवनों की दीवारों में समस्या बनी रहेगी? (झ) क्या यह समस्या विद्यार्थि‍यों के लिये खतरा बन सकती है? (ण) समस्या को पूर्णतः खत्म करने के क्या उपाय है और इसे तत्काल खत्म करने में कितना समय लगेगा?

परिवहन मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) प्रश्‍नाधीन विधानसभा में स्वीकृत स्कूल भवनों के निर्माण कार्य हेतु भूमि आवंटन प्रक्रियाधीन होने से निर्माण एजेंसी के स्तर से निविदा की कार्यवाही नहीं हुई है। अतः शेषांश उद्भूत नहीं होता। (ख) एवं (ग) उत्तरांश (क) के प्रकाश में प्रश्‍न उद्भूत नहीं होता। (घ) भूमि आवंटन प्रक्रियाधीन है। अतः कार्य पूर्णता की तिथि बताया जाना संभव नहीं है। (ड.) उत्तरांश () के प्रकाश में प्रश्‍न उद्भूत नहीं होता। (च) निर्माण एजेंसी से प्राप्त जानकारी अनुसार फ्लाईएस ब्रिक्स के कारण दीवारें जर्जर होने संबंधी शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। (छ) से (ण) उत्तरांश (च) के प्रकाश में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

डोकरीखेड़ा जलाशय की स्‍वीकृति

[जल संसाधन]

5. ( क्र. 163 ) श्री ठाकुर दास नागवंशी : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या मान. मुख्य मंत्री महोदय के बनखेड़ी प्रवास दिनांक 25 जुलाई 2022 के दौरान विधानसभा क्षेत्र पिपरिया के डोकरीखेड़ा जलाशय में माईक्रो लिफ्ट इरिगेशन स्कीम (हॉस) के माध्यम से डोकरीखेड़ा जलाशय के भराव हेतु परियोजना का निर्माण कराये जाने हेतु घोषणा की गयी थी? (ख) क्या उक्त परियोजना हेतु टेंडर आहूत किये जा चुके हैं? (ग) प्रश्‍नांश () एवं () का उत्तर यदि हाँ, तो उक्त परियोजना का निर्माण कार्य कब तक प्रारंभ कर लिया जावेगा यदि नहीं, तो क्‍यों?

जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) जी नहीं, अपितु माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा दिनांक 25 जुलाई 2023 को कृषि उपज मंडी बनापुरा तहसील सिवनी मालवा में घोषणा क्रमांक सी. 2653 "डोकरीखेड़ा डेम माइक्रो लिफ्ट इरिगेशन का निर्माण कराया जायेगा'' की घोषणा की गई थी। (ख) पूर्व निर्मित डोकरीखेड़ा जलाशय का पूर्ण भराव नहीं होने से संपूर्ण कमाण्‍ड क्षेत्र में सिंचाई नहीं हो पा रही है। इस कारण डोकरीखेड़ा जलाशय के सिंचाई से वंचित 2,000 हेक्‍टेयर क्षेत्र की सिंचाई के लिए तवा परियोजना की पिपरिया शाखा नहर से जल उद्वहन कर सूक्ष्‍म सिंचाई पद्धति से सिंचाई करने के लिए योजना स्‍वीकृत की गई है एवं निर्माण हेतु एजेंसी का निर्धारण कर निर्माण कार्य प्रांरभ किया जाना प्रतिवेदित है। (ग) निर्माण एजेंसी द्वारा दिनांक 26.03.2024 से कार्य प्रांरभ किया जाना प्रतिवेदित है।

जिला नर्मदापुरम अन्‍तर्गत मेडिकल कॉलेज की स्‍वीकृति

[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]

6. ( क्र. 164 ) श्री ठाकुर दास नागवंशी : क्या उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या मान. मुख्य मंत्री महोदय जी की मंशा अनुरूप म.प्र. के प्रत्येक जिले में मेडिकल कॉलेज खोले जाने हेतु सरकार द्वारा योजना बनायी गयी है?            (ख) क्या प्रश्‍न दिनांक तक नर्मदापुरम जिले में कोई भी मेडिकल कॉलेज स्वीकृत नहीं किया गया है? (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) का उत्तर यदि हाँ, हैं तो जिला नर्मदापुरम अन्तर्गत चिकित्सीय शिक्षा हेतु मेडिकल कॉलेज की स्वी‍कृति कब तक प्रदान की जावेगी? यदि नहीं, तो क्यों?

उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) एवं (ख) जी नहीं। (ग) भारत सरकार से प्राप्‍त अनुमति एवं विभाग द्वारा आवश्‍यकता अनुसार नीतिगत निर्णय लिया जाता हैं। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं हैं।

संजीवनी क्लीनिक व स्वास्थ्य केंद्रों की स्‍वीकृति

[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]

7. ( क्र. 169 ) डॉ. राजेन्‍द्र पाण्‍डेय : क्या उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शासन/विभाग द्वारा केंद्र/राज्य परिवर्तित योजना के माध्यम से रतलाम जिले में किन-किन स्थानों पर संजीवनी क्लीनिक एवं स्वास्थ्य केंद्र भवन स्वीकृत किए? किन-किन स्थानों पर पूर्ण हुए, किन स्थानों पर अपूर्ण हैं? (ख) किस वर्ष में उपरोक्तानुसार            कितने-कितने बजट की स्वीकृति प्रदान कर किस-किस दिनांक को कार्य प्रारंभ हुआ? कितना व्यय हुआ, कितना कार्य किन-किन स्थानों पर शेष है? (ग) क्या कोई कार्य स्वीकृति पश्‍चात प्रश्‍न दिनांक तक अप्रारंभ है? साथ ही अपूर्ण कार्य कब तक पूर्ण किये जाकर आमजन को स्वास्थ्य सुविधा मिलना प्रारंभ हो सकेगी? (घ) उपरोक्तानुसार स्वीकृत क्लीनिक एवं स्वास्थ्य केन्द्रों पर मुख्य रूप से उपचार हेतु आवश्यक संसाधन, सामग्री इत्यादि अन्य के साथ ही पेयजल, इलेक्ट्रि‍कल वर्क तथा कार्य हेतु पर्याप्त चिकित्सक एवं पूर्ण स्टॉफ की स्वीकृति कब तक दी जा सकेगी एवं विधिवत रूप से कब प्रारंभ किया जा सकेंगे?

उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क)  जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ग) जी हाँ, अपूर्ण कार्य को पूर्ण किये जाने की समय-सीमा बताना संभव नहीं। (घ) राज्य स्तर से स्वीकृत 17 मुख्यमंत्री संजीवनी क्लीनिक में से 14 मुख्यमंत्री संजीवनी क्लीनिकों की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र '''' अनुसार आवश्यक संसाधन सामग्री एवं सपोर्ट स्टॉफ की स्वीकृति प्रदाय की जा चुकी है, शेष 03 अपूर्ण स्वास्थ्य संस्थाओं के पूर्ण होने के उपरांत जिले से प्राप्त मांग के आधार पर संसाधन सामग्री एवं सपोर्ट स्टॉफ की स्वीकृति प्रदान की जावेगी। चिकित्सक तथा नार्सिंग ऑफिसर की नियुक्ति निरंतर रूप से की जा रही है।

क्षेत्रीय यात्री परिवहन के परमिट

[परिवहन]

8. ( क्र. 170 ) डॉ. राजेन्‍द्र पाण्‍डेय : क्या परिवहन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि          (क) क्या यात्रियों की आवागमन की सुगमता हेतु शासन/विभाग द्वारा जिला परिवहन अधिकारी एवं संभागीय क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी द्वारा संबंधित मार्गों की छोटी-बड़ी बसों के यात्री परिवहन परमिट जारी किए जाते हैं? (ख) यदि हाँ, तो संबंधित बस मालिकों को परमिट दिए जाने हेतु शासन के नियमानुसार ही परमिट जारी किए जाते हैं तो एक स्थान से दूसरे स्थान तथा मध्य में आने वाले स्टॉपेज के समय चक्र का नियमानुसार पालन भी आवश्यक है। साथ ही बस ऑपरेटर अथवा उसके संबंधित पर शासन/विभाग का टैक्स बकाया तथा वाहन की फिटनेस इत्यादि         किस-किस प्रकार के नियम पालन आवश्यक होते हैं। परमिट जारी करने की संपूर्ण नियमावली की जानकारी दें। (ग) वर्ष 2020-21 से लेकर प्रश्‍न दिनांक तक उज्जैन, रतलाम, मंदसौर व नीमच जिला अंतर्गत संपूर्ण नियमों का पालन करते हुए वर्षवार जिला अंतर्गत एवं अंतर जिला अंतर्गत के साथ एक से अधिक जिला अंतर्गत किस-किस प्रकार की यात्री परिवहन परमिट जारी किए गए?                   (घ) कितनी बसें नियमानुकूल (फिटनेस इत्यादि) नहीं होने से बस ऑपरेटर मालिक/फर्म/साझेदारी इत्यादि अन्य के शासन के टैक्स बकायेदार होने पर क्या-क्या कार्रवाई की गई तथा प्रश्‍न दिनांक तक उपरोक्तानुसार कितने टैक्स बकायदार किस दिनांक से होकर उनके विरुद्ध क्या-क्या कार्रवाई की गई?

परिवहन मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) मोटरयान अधिनियम एवं नियमों में विहित प्रावधानों के अनुसार ही बस मालिकों को परमिट जारी किये जाते हैं। बस ऑपरेटर अथवा उसके संबंधित पर शासन/विभाग का टैक्स बकाया तथा वाहन की फिटनेस इत्यादि के संबंध में मोटरयान अधिनियम, 1988 एवं मध्यप्रदेश मोटरयान नियम, 1994 में विहित प्रावधानों का पालन परमिट जारी करने के दौरान किया जाता है, जिसकी संपूर्ण नियमावली की जानकारी के संबंध में उक्त अधिनियम एवं नियमों में विहित  प्रावधानों की प्रति  पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट '''' अनुसार है(ग) जानकारी  पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट '''' अनुसार  है। (घ) प्रदेश में बसें नियमानुकूल (फिटनेस इत्यादि) नहीं होने से चलती पाये जाने पर उनके विरूद्ध दिनांक 01.04.2023 से प्रश्‍न दिनांक तक की गई कार्यवाही की  जानकारी  पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट  '''' अनुसार  है। बस ऑपरेटर मालिक/फर्म/साझेदारी इत्यादि अन्य के शासन के टैक्स बकायेदार होने पर उन्हें नोटिस जारी किये गये हैं तथा उक्त बस का फिटनेस प्रमाण-पत्र तथा परमिट जारी करने पर रोक लगाई गई है। वाहन चैकिंग के दौरान बकायादार वाहन पाये जाने पर उससे बकाया कर तथा शास्ति की राशि जमा कराई जाती है। प्रदेश में टैक्स बकायादार से संबंधित वांछित जानकारी वृहत स्तर की होने के कारण संकलित की जा रही है।

बरेला को पूर्ण तहसील का दर्जा दिया जाना

[राजस्व]

9. ( क्र. 232 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या नवम्‍बर 2023 में तत्‍कालीन माननीय मुख्‍यमंत्री जी द्वारा बरेला उप तहसील को पूर्ण तहसील बनाने हेतु घोषणा की गई थी? (ख) क्‍या तहसीलदार, एसडीएम, कलेक्‍टर द्वारा तहसील बनाने हेतु सभी प्रक्रिया पूर्ण कर शासन को भेज दी? (ग) यदि हाँ, तो तहसील का दर्जा कब तक मिलेगा?

राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) एवं (ख) जी हाँ। (ग) संबंधित कलेक्‍टर से प्राप्‍त प्रस्‍ताव परीक्षणाधीन है, जिस पर प्रशासकीय व वित्तीय साध्‍यता के आधार पर निर्णय लिया जाता है। निश्‍िचत समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

शिक्षा का अधिकार अधिनियम के अंतर्गत प्रवेश

[स्कूल शिक्षा]

10. ( क्र. 233 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या परिवहन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या जबलपुर जिले में शैक्षणिक सत्र वर्ष 2023-24 में शिक्षा का अधिकार अधिनियम के अंतर्गत अशासकीय स्‍कूलों में लक्ष्‍य के अनुसार 25 प्रतिशत सीटों पर विद्यार्थियों के एडमीशन नहीं हुये है? (ख) शालावार लक्ष्‍य एवं प्रवेशित बच्‍चों की संख्‍या बताये? (ग) लक्ष्‍य के अनुसार प्रवेश न होने का कारण बतावे? (घ) क्‍या ऑनलाईन प्रवेश प्रक्रिया बंद हो जाने पर खाली सीटों पर ऑफलाईन प्रवेश दिया जा सकता है? यदि नहीं, तो क्‍यों?

परिवहन मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जी हाँ। जबलपुर जिला अंतर्गत वर्ष 2023-24 में शिक्षा का अधिकार अधिनियम के अंतर्गत अशासकीय स्‍कूलों में 25 प्रतिशत सीटों पर कुल लक्ष्‍य 5000 के विरूद्ध 3125 प्रवेश हुए है। (ख) शालावार लक्ष्‍य एवं प्रवेशित बच्‍चों की संख्‍या  पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट अनुसार। (ग) कुछ बच्‍चों को मनपसंद शाला न मिलने अथवा प्रवेश के लिए शाला आवंटित हो जाने के पश्‍चात अभिभावकों द्वारा किसी अन्‍य शाला में प्रवेश लेने अथवा शाला की न्‍यूनतम कक्षा में शिक्षा का अधिकार अधिनियम के अंतर्गत नि:शुल्‍क आधार पर प्रवेश हेतु निर्धारित सीट संख्‍या से कम आवेदन प्राप्‍त होने की स्थिति में सीट रिक्‍त रह जाती है। (घ) शिक्षा का अधिकार अधिनियम अंतर्गत नि:शुल्‍क प्रवेश की रिक्‍त सीट पर पारदर्शी तरीके से प्रवेश प्रक्रिया सुनिश्‍िचत करने हेतु 2016-17 राज्‍य शासन द्वारा ऑनलाईन लॉटरी प्रक्रिया के माध्‍यम से प्रवेश सुनिश्‍िचत कराये गये है। उपरोक्‍त के अनुक्रम में ऑफलाईन प्रवेश का कोई प्रावधान नहीं है।

बरगी के 30 बिस्‍तरीय अस्‍पताल में चिकित्‍सकों की पदस्‍थापना

[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]

11. ( क्र. 326 ) श्री लखन घनघोरिया : क्या उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बरगी में तीस बिस्‍तरीय अस्पताल स्वीकृत है परंतु यहां पर चिकित्सक एवं सहायक स्टॉफ की पदस्थापना आज दिनांक तक नहीं हुई है? (ख) यदि हाँ, तो चिकित्सा एवं सहायक स्टॉफ की स्वीकृति कर पदस्थापना कब तक की जाएगी? (ग) यदि चिकित्सक एवं सहायक स्टॉफ की पदस्थापना नहीं हुई है तो अस्पताल संचालन एवं मरीजों का इलाज किसके द्वारा कराया जा रहा है?

उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) बरगी में 30 बिस्‍तरीय अस्‍पताल डी.एम.एफ. से स्‍वीकृत किया जाकर निर्माण कार्य पूर्ण हो गया है। पद सृजन की कार्यवाही प्रक्रि‍याधीन है। (ख) निश्‍िचत समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ग) वर्तमान में भवन में प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र बरगी संचालित है, संस्था में उपलब्ध चिकित्सक/पैरामेडिकल स्टॉफ संविदा चिकित्सक/स्टॉफ द्वारा अस्तपाल का संचालन एवं मरीजों का ईलाज किया जा रहा है।

पीड़ित कर्मचारियों के चिकित्‍सा प्रतिपूर्ति बजट का आवंटन

[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]

12. ( क्र. 327 ) श्री लखन घनघोरिया : क्या उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या यह सही है कि कार्यालय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जबलपुर ने अपने पत्र क्रमांक/लेखा/14681 दिनांक 20.11.2023, पत्र क्र./लेखा/15843 दिनांक 19.12.2023, पत्र क्र./लेखा/2023/383 दिनांक 11.01.2024 एवं पत्र क्रमांक/383 दिनांक 11.01.2024 एवं पत्र क्र./लेखा/2024/5315 जबलपुर दिनांक 21.05.2024 के द्वारा अधीनस्थ गंभीर बीमारियों से पीड़ित 15 कर्मचारियों के वित्तीय वर्ष 2024-25 में चिकित्सा प्रतिपूर्ति का बजट आवंटन प्रदाय हेतु पत्रों का लेख किया गया था? (ख) प्रश्‍नांश (क) हाँ तो क्या कारण है कि पीड़ित कर्मचारियों का चिकित्सा प्रतिपूर्ति बजट आवंटन नहीं किया जा रहा है?             (ग) कब तक पीड़ित कर्मचारियों के चिकित्सा प्रतिपूर्ति बजट का आवंटन कर राहत प्रदान कर दिया जावेगा?

उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जी हाँ। (ख) प्रश्‍नांश (क) में वर्णित पत्रों पर चिकित्सा प्रतिपूर्ति मद में विभिन्न योजनाओं में वित्तीय वर्ष 2024-25 में लेखानुदान में प्राप्त बजट के आधार पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जबलपुर को पूर्व में दिनांक 03.05.2024 को आवंटन जारी किया गया है। आदेश की  जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट  अनुसार है। दिनांक 21.05.2024 के पत्र में गंभीर बीमारी का उल्लेख नहीं है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में शेष आठ माह का बजट प्राप्त होने पर चिकित्सा प्रतिपूर्ति मद में आवंटन जारी किया जा सकेगा। (ग) जानकारी उत्तरांश (ख) में समाहित है।

शिशु गहन चिकित्सा वार्ड में अग्निशमन की व्यवस्था

[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]

13. ( क्र. 394 ) श्रीमती नीना विक्रम वर्मा : क्या उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) चिकित्सालयों के चाईल्ड केयर यूनिट तथा आई.सी.यू. कक्षों में जहां आग को भड़काने में सहायक ऑक्सीजन की अधिकता होती है, वहां पर चिकित्सा मापदण्डों के अनुसार किस प्रकार के स्वचालित अग्निशमन प्रणाली व ऑटोमेटिक फायर डिटेक्शन सिस्टम आदि को स्थापित किये जाने की अनिवार्यता होती है तथा यह अग्निशमन प्रणाली के व्यवस्थित संचालन बाबत् अंकेक्षण कितने अंतराल पश्‍चात किस एजेन्सी से करवाये जाने का प्रावधान होता है? (ख) प्रदेश के शासकीय जिला चिकित्सालयों तथा उनसे उपर की श्रेणी के समस्त शासकीय चिकित्सालयों में कुल कितने चाईल्ड केयर यूनिट स्थापित है। (ग) इन चाईल्ड केयर युनिट्स में से कितनी यूनिट्स में प्रश्‍नांश (क) में उल्लेखित मापदण्डों के अनुसार अग्निशमन प्रणाली की स्थापना हुई है तथा उनमें से कितनी यूनिट्स का नियमित अग्नि सुरक्षा (फायर सेफ्टी) अंकेक्षण हो रहा है? (घ) जिन चाईल्ड केयर यूनिट्स में प्रावधानानुरूप अग्निशमन प्रणाली स्थापित नहीं है? क्या इनमें अग्निशमन प्रणाली स्थापित किये जाने हेतु विभाग पहल करेगा? क्या इस हेतु कोई कार्ययोजना बनायी जा रही है? (ड.) क्या इस कार्य योजना में निजी चिकित्सालयों के चाईल्ड केयर यूनिट्स की निगरानी किये जाने हेतु व्यवस्था की जावेगी?

उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) चिकित्‍सालयों के संपूर्ण भवन हेतु जिसमें चाइल्‍ड केयर यूनिट एवं आई.सी.यू. भी शामिल है, चिकित्‍सालय भवन के कुल भूखण्‍ड का क्षेत्रफल एवं ऊँचाई के अनुसार हस्‍तचलित जैसे फायर एक्‍सटिंगुशर एवं स्‍वचलित जैसे पानी एवं अग्निशमन गैस स्प्रिंकिलर सिस्‍टम आधारित अग्निशमन प्रणाली तथा ऑटोमेटिक फायर डिटेक्‍शन सिस्‍टम के प्रावधान के मापदण्‍ड नेशनल बिल्डिंग कोड 2016 के VoI-I के भाग-4 अनुसार निर्धारित है। इन दिशा-निर्देशों की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र '''' अनुसार है। जी हाँ, प्रश्‍नांश '''' के संदर्भ में अग्निशमन प्रणाली के व्‍यवस्थित संचालन हेतु अंकेक्षण प्रतिवर्ष, योग्‍यताधारी/अनुज्ञप्तिधारी अग्निशमन इंजीनियर/फायर विशेषज्ञ सलाहकार द्वारा किये जाने हेतु नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देश अनुसार किये जाने का प्रावधान है। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) प्रदेश के जिला चिकित्‍सालयों एवं उनसे ऊपर की श्रेणी के समस्‍त शासकीय चिकित्‍सालयों में कुल 62 चाइल्‍ड केयर यूनिट स्‍थापित है जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ग) सभी स्‍थापित चाईल्‍ड केयर यूनिट में हस्‍तचलित अग्निशमन प्रणाली एवं स्‍वचलित स्‍मोक डिटेक्‍टर एवं फायर अलार्म स्‍थापित है तथा 11 यूनिट्स में स्‍वचलित पानी आ‍धारित स्प्रिंकिलर सिस्‍टम की अग्निशमन प्रणाली स्‍थापित है। सभी 62 ईकाईयों का वर्ष 2023-24 से नियमित अग्नि सुरक्षा अंकेक्षण हो रहा है। (घ) उपलब्‍ध वित्‍तीय संसाधनों की सीमा में चरणबद्ध ढंग से अग्निशमन अंकेक्षण में पाई गयी कमियों को दूर करने हेतु अस्‍पताल भवनों जिनमें चाइल्‍ड केयर यूनिट एवं आई.सी.यू. भी शामिल है, की अग्निशमन प्रणाली के मापदण्‍डों अनुसार उन्‍नयन/स्‍थापना की योजना बनायी जाकर प्रथम चरण में 50 अस्‍पताल भवनों हेतु स्‍वीकृतियाँ जारी की गयी है। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ड.) जी हाँ, प्रदेश के समस्‍त निजी नर्सिंग होम्‍स में अग्नि सुरक्षा से संबंधित नियमों के पालन हेतु निर्देश दिनांक 06.01.2023 से जारी किये गये है। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र '''' अनुसार है।

भूमि के सीमांकन हेतु आधुनिक मशीनों का उपयोग

[राजस्व]

14. ( क्र. 398 ) श्रीमती नीना विक्रम वर्मा : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या भूमियों के सीमांकन में परम्परागत जरीब से नाप की अपेक्षा आधुनिक टी.एस.एम./बैस रोवर जैसी आधुनिक मशीनों के उपयोग से कम समय में शुद्ध तथा सटीक माप किया जा सकता है? (ख) यदि हाँ, तो क्या प्रदेश में विभाग द्वारा प्रत्येक तहसील स्तर पर भूमियों के सीमांकन हेतु इस प्रकार की एक-एक आधुनिक मशीन उपलब्ध करवायी गई है तथा क्या इसके उपयोग से किसानों की भूमियों का सीमांकन हो रहा है? (ग) यदि हाँ, तो क्या प्रत्येक तहसील में सीमांकन हेतु प्राप्त समस्त आवेदनों में भूमी की नाप इस एक मात्र उपलब्ध आधुनिक मशीन के माध्यम से किया जाना संभव नहीं होता है? (घ) यदि नहीं, तो क्या धार जिले सहित सम्पूर्ण प्रदेश में पिछले वित्तीय वर्ष में सभी सीमांकन इन आधुनिक मशीनों के माध्यम से ही हुए है? (ङ) यदि नहीं, तो क्या विभाग आधुनिकता तथा किसानों की मांग को दृष्टिगत रखते हुए, कम से कम प्रत्येक राजस्व वृत्त में   एक-एक इस प्रकार की टी.एस.एम./बैस रोवर जैसी आधुनिक मशीन उपलब्धता करवाने की व्यवस्था करेगा? यदि हाँ, तो इस वित्तीय वर्ष में कितने जिलों को यह सुविधा उपलब्ध हो सकेगी?

राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जी हाँ। (ख) जी हाँ। विभाग द्वारा जिलों की मांग अनुसार प्रति तहसील के मान से एक-एक ETS मशीन प्रदान की गई एवं वर्ष 2021-22 में प्रदेश के जिलों को एक-एक रोवर मशीन प्रदाय की गई है तथा इसके उपयोग से किसानों की भूमियों का सीमांकन हो रहा है। (ग) प्रत्येक तहसील में सीमांकन हेतु उपलब्ध आधुनिक मशीन के माध्यम से सीमांकन किये जा रहे हैं, सीमांकन अधिक होने से कार्यालयीन पत्र क्रमांक 595/11-भू-प्र./सीमां/2023/218941 ग्वालियर दिनांक 31.05.2023 द्वारा ETS मशीन के साथ-साथ जरीब (चैन सर्वे) से भी सीमांकन कराये जाने हेतु निर्देश जारी किये गये हैं। (घ) उत्तरांश '''' में अंकित अनुसार धार जिले सहित सम्पूर्ण प्रदेश में पिछले वित्तीय वर्ष में सीमांकन की कार्यवाही आधुनिक मशीनों ETS मशीन, रोवर मशीन के साथ-साथ जरीब (चैन सर्वे) से भी की गई हैं। (ड.) जिलों की मांग तथा बजट उपलब्धता पर विचार कर आधुनिक मशीनें/रोवर आदि उपलब्ध कराने के बारे में योग्य कार्यवाही की जानी है। निश्‍िचत संख्या बताया जाना संभव नहीं है।

मिडिल, हाई स्‍कूल एवं हायर सेकेण्‍डरी स्‍कूलों का संचालन

[स्कूल शिक्षा]

15. ( क्र. 418 ) डॉ. प्रभुराम चौधरी : क्या परिवहन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि            (क) सांची विधानसभा अंतर्गत मिडिल स्कूल, हाई स्कूल, हायर सेकेण्डरी स्कूल कितने हैं और कहाँ-कहाँ संचालित हैं? प्रत्येक के संदर्भ में पृथक-पृथक जानकारी देवें। (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार            किन-किन स्कूलों में खेल मैदान उपलब्ध हैं? यदि नहीं, हैं तो विभाग द्वारा खेल मैदान कब तक बनाये जावेंगे? (ग) विगत दो वर्षों में प्रत्येक स्कूलों में खेलकूद के लिए क्या-क्या सामग्री क्रय हेतु राशि उपलब्ध की गयी है? यदि हाँ, तो स्कूलवार, वर्षवार जानकारी उपलब्ध करावें।

परिवहन मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। म.प्र. रोजगार गारंटी परिषद के पत्र क्रमांक/5129/MGNREGS-MP/NR-3/2020 भोपाल दिनांक 01.12.2020 द्वारा शालाओं में खेल मैदान विकसित करने के निर्देश है। खेल के मैदान बनाए जाना जमीन की उपलब्धता, बजट प्रावधान एवं सक्षम स्वीकृति पर निर्भर करेगा। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ग) वर्ष 2022-23 एवं 2023-24 से स्कूलों में खेल सामग्री क्रय हेतु कोई राशि उपलब्ध नहीं कराई गई है। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

जिला शिक्षा अधिकारी टीकमगढ़ की जांच

[स्कूल शिक्षा]

16. ( क्र. 432 ) श्रीमती चंदा सुरेन्द्र सिंह गौर : क्या परिवहन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या जिला शिक्षा अधिकारी टीकमगढ़ को लोक शिक्षण संचालनालय के पत्र क्र. यू.सी. आर. ए./वि.स. वजट/ता. प्र.क्र. (1198)/704 भोपाल दिनांक 13/5/2024 को आदेश दिया गया था कि प्राथमिक शिक्षक ऊदलप्रसाद लोधी को सेवा से पृथक किया जाय परन्तु जिला शिक्षा अधिकारी टीकमगढ़ ने प्रश्‍न दिनांक तक आदेश जारी क्यों नहीं कि‍या गया? क्या ऐसा कृत्य करने वाले जिला शिक्षा अधिकारी टीकमगढ़ के विरुद्ध विधि संगत कार्यवाही करेंगे? (ख) क्‍या जिला शिक्षा अधिकारी टीकमगढ़ संबंधित प्रा‍थमिक शिक्षक की सेवा समाप्‍त किये जाने के आदेश कब तक जारी कर दिये जावेंगे एवं घोर लापरवाही के तहत जिला शिक्षा अधिकारी टीकमगढ़ की जांच कर इनके विरूद्ध कार्यवाही करेंगे यदि हाँ, तो कब तक यदि नहीं, तो क्‍यों?

परिवहन मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जिला शिक्षा अधिकारी टीकमगढ़ के आदेश क्रमांक- 3478-79, दिनांक 21-06-2024 द्वारा श्री ऊदल प्रसाद लोधी की प्राथमिक शिक्षक पद पर की गयी नियुक्ति निरस्‍त कर दी गयी हैं। शेषांश का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता। (ख) उत्‍तरांश '''' अनुसार।

भू-माफिया द्वारा किया गया अतिक्रमण

[राजस्व]

17. ( क्र. 457 ) श्री नीरज सिंह ठाकुर : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि  (क) शासकीय शिक्षक, कर्मचारी सह. गृह निर्माण समिति, जबलपुर एवं समिति के अध्यक्ष द्वारा समिति की भूमि ग्राम लक्ष्मीपुर हल्का नम्बर 25/31 खसरा नंबर 223/1, 225/2 रकबा 1.822 हेक्टेयर भूमि में से अल्प आय वर्ग हेतु आरक्षित 19200 वर्गफीट भूमि में से लगभग 12-13 हजार फीट भूमि पर किये गये अतिक्रमण एवं निर्माण हटाने, तहसीलदार, एस.डी.एम. एवं कलेक्टर की जन सुनवाई की जन सुनवाई में कितने आवेदन ले-आउट से साथ कब-कब दिये? (ख) अतिक्रमण कर्ता द्वारा खसरा नम्बर 220/2, 221 की रजिस्ट्री के आधार पर संस्था के खसरा नम्बर 223/1 पर किये गये अतिक्रमण कर अवैध निर्माण का समिति के ले आउट के अनुसार सीमांकन कर अवैध निर्माण को कब तक हटाया जावेगा?

राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) शासकीय शिक्षक, कर्मचारी सह. गृह निर्माण समिति, जबलपुर एवं समिति के अध्‍यक्ष द्वारा प्रश्‍नाधीन अवैध अतिक्रमण एवं निर्माण हटाने हेतु दिनाँक 19.09.2020 को तहसीलदार को एवं 12.09.2021 को एस.डी.एम. को आवेदन प्रस्तुत किये हैं। परन्‍तु समिति द्वारा प्रस्‍तूत ले आउट टी.एन.सी.पी. से अनुमोदित नहीं है। (ख) सीमांकन दल गठित कर सीमांकन की कार्यवाही 15 दिवसों में कर दी जायेगी सीमांकन उपरांत विधि अनुसार बेदखली की कार्यवाही पर विचार किया जा सकेगा।

राजस्व रकबा में त्रुटि सुधार

[राजस्व]

18. ( क्र. 458 ) श्री नीरज सिंह ठाकुर : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि  (क) विधानसभा प्रश्‍न क्रमांक 1619 दिनांक 29/11/2017 के उत्तर में बताया गया था कि ग्राम लक्ष्मीपुर नं. बं. 643 प.ह.नं. 25/31 स्थित शास. शिक्षक कर्मचारी सह. गृह निर्माण समिति के नाम वर्तमान खसरा में सर्वे क्रमांक 223/8 में शामिल खसरों का कुल रकबा में त्रुटि के संबंध में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) कोतवाली से जाँच करायी जा रही है एवं जाँच अनुसार कार्यवाही की जावेगी? यदि हाँ, तो उक्त जाँच प्रतिवेदन/प्रदान करे एवं कार्यवाही से अवगत करावें। कम किया गया रकबा वापस समिति के नाम कब तक दर्ज किया जावेगा? (ख) क्या प्रश्‍न (क) में वर्णित गृह निर्माण समिति के रिकार्ड में 2003 तक कुल 15 खसरों में जिनका रकबा 1.822 हे. था उस में से खसरा नम्बर 225/1 क वर्ष 2010-11 में श्री नरेश प्रसाद बाजपेयी वल्द तुलसीदास के नाम पर दर्ज कर समिति का रकबा घटा कर 1.637 हे. कर दिया गया है एवं बाद में उक्त खसरा 223/1/1 में परिवर्तित कर दिया गया है? यदि हाँ, तो उक्त नियम विरूद्ध कार्यवाही के लिये कौन-कौन अधिकारी/कर्मचारी दोषी है? दोषी अधिकारि‍यों/कर्मचारि‍यों के विरूद्ध कब तक कार्यवाही की जावेगी? समिति की भूमि का पूर्ण रकबा वापस कब तक दर्ज किया जायेगा?

राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) ग्राम लक्ष्मीपुर नं. बं. 643 प.ह.नं. 25/31 स्थित शास. शिक्षक कर्मचारी सह. गृह निर्माण समिति के नाम जांच उपरांत तहसीलदार कोतवाली के प्र.क्र. 0018/अ- 63/2017-2018 में पारित आदेश दिनांक 20.02.2018 के अनुसार ख.न. 223/12 का रकबा सुधार कर 0.092 हे. से 0.097 हे. कर दिया गया है वर्तमान में सोसाइटी के नाम से 1.820 हे. भूमि दर्ज है 0.002 हे. की कमी वर्गफुट में योग करने पर नहीं आती है कम किया गया रकबा वापिस समिति के नाम वर्ष 2018 में दर्ज करने का आदेश पारित है। (ख) ख.न. 225/1 कभी सोसाइटी के नाम दर्ज नहीं रहा है। उक्त ख.न. 225/1 सोसाइटी से सम्बंधित नहीं है। ख.न. 223/1/क को ख.न. 223/1/1 शाब्दिक सर्वेक्षण सुधार के अंतर्गत तहसीलदार द्वारा किया किया गया। उत्तरांश () के अनुक्रम में शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

नर्मदा नदी में नौका परिचालन

[परिवहन]

19. ( क्र. 588 ) श्री सुरेन्‍द्र सिंह हनी बघेल : क्या परिवहन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या कुक्षी विधानसभा की डही तहसील के ग्राम पंचायत छाछकुआँ के नर्मदा किनारे ग्राम नदीपुरा से महाराष्‍ट्र की ओर नर्मदा नदी में नाविक नाव चला रहे हैं? हाँ या नहीं। (ख) प्रश्‍नांश (क) के अनुसार यदि हाँ, तो क्‍या इन नाविकों को नर्मदा नदी में नाव चलाने के लिए शासन द्वारा लाइसेंस या अनुमति दी गई है? हाँ या नहीं। (ग) प्रश्‍नांश (ख) के अनुसार यदि हाँ, तो प्रतिलिपि उपलब्‍ध करावे। यदि नहीं, तो नाव द्वारा अवैध रूप से शराब और पशु का परिवहन महाराष्‍ट्र में जहां पशु कटाई व आम आदिवासी जनता को नदी के एक छोर से दूसरे छोर उनकी जान खतरे में डालकर बिना सुरक्षा के कैसे ले जाया जा रहा है? (घ) क्‍या शासन स्‍तर पर उक्‍त स्‍थान व घटना को ध्‍यान में रखते हुए जांच करवाई जाएगी यदि हाँ, तो कब तक और यदि नहीं, तो भविष्‍य में उक्‍त स्‍थान पर अवैध नाव परिवहन से होने वाली किसी भी दुर्घटना घटना के लिए जिम्‍मेदार कौन होगा?

परिवहन मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) वर्तमान में प्रश्‍नांश स्थल पर कोई नाविक नाव नहीं चला रहा है। (ख) जी नहीं। (ग) नाव द्वारा अवैध रूप से शराब और पशु के परिवहन के संबंध में पुलिस द्वारा जांच की जाती है। पूर्व में पुलिस थाना डही द्वारा अवैध गौवंश व शराब परिवहन की सूचना पर अप.क्र. 55/2024 धारा 4,6/9 गौवंश वध प्रतिषेध अधिनियम 200411 (घ) पशु क्रूरता अधिनियम 196034 (2), 34 (1) आबकारी एक्ट के तहत ग्राम छाछकुआं नर्मदा नदी तट पर नाव में 48 केड़े एवं 80 लीटर कच्ची शराब जप्त किया जाकर आरोपी 01- अजय पिता सुरेश सोलंकी जाति भीलाला उम्र 22 साल निवासी मेहलगांव थाना सोण्डवा, जिला अलीराजपुर, 02- संदीप पिता जयराम जाति भीलाला उम्र 19 साल निवासी मेहलगांव थाना सोण्डवा, जिला अलीराजपुर को दिनांक 07.03.2024 को गिरफ्तार किया गया एवं 03- प्रेमसिंह पिता भयला सोलंकी जाति भीलाला उम्र 32 साल निवासी मेहलगांव थाना सोण्डवा, जिला अलीराजपुर को दिनांक 09.03.24 को गिरफ्तार किया गया। शेष दो आरोपी श्रीराम भीलाला एवं कैलाश भीलाला आरोपी फरार है। (घ) सक्षम विभाग पुलिस द्वारा ऐसी घटना की जांच की जाती है, शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

प्राचार्यों के रिक्‍त पदों की पूर्ति

[स्कूल शिक्षा]

20. ( क्र. 597 ) श्री सुरेन्द्र सिंह गहरवार : क्या परिवहन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) चित्रकूट विधानसभा में संचालित हाई./हा.से./विद्यालयों में स्‍वीकृत पदसंरचना के मान से पदस्थ अमले की पूर्ण जानकारी विद्यालयवार देवें? स्वीकृत पदसंरचना शासन के जिन आदेशों के तहत हैं उनकी प्रतियाँ देवें? (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार क्या विद्यालयों में स्वीकृत नियमित प्राचार्य का पद रिक्त होने से विद्यालयीन कार्य एवं अध्ययन-अध्यापन कार्य पर असर नहीं पड़ता है? यदि हाँ, तो सतना जिले में हाई. प्राचार्य एवं हा.से. प्राचार्य के कितने पद रिक्त है? उक्त पद की पूर्ति विभागीय परीक्षा के माध्यम से करने में क्या वैधानिक कठिनाई है कब तक इस प्रक्रिया के तहत प्राचार्य के पद की पदपूर्ति की जायेगी? अथवा रिक्त प्राचार्य पद की संख्या के मान से उच्च पद प्रभार योजना में वरिष्ठता के आधार पर पदस्थापना क्यों नहीं की जा रही है? (ग) सतना जिले के जिन हाईस्कूलों/हा.से. विद्यालयों में नियमित प्राचार्य पदस्थ हैं, क्या वह अपने विषय का अध्यापन कार्य करा रहे हैं, हाँ/नहीं? यदि हाँ, तो उनके विषय का कक्षा 10 एवं कक्षा 12 का वर्ष 2023-24 का परीक्षा परिणाम कितने प्रतिशत रहा है जानकारी जिलावार प्राचार्यवार दें? यदि नहीं, तो क्यों, क्या प्राचार्य को अध्ययन/अध्यापन से मुक्त रखे जाने के शासन के निर्देश हैं शासन निर्देश की प्रति दें? (घ) प्रश्‍नांश (ग) अनुसार ऐसे नियमित प्राचार्य जिनके विषय का परीक्षा परिणाम 0-30 प्रतिशत रहा है और वह शहरी क्षेत्र में पदस्थ है अथवा शहरी क्षेत्र में पदस्थ होकर भी विद्यालय की कक्षा में अध्ययन-अध्यापन का कार्य नहीं कर रहा है क्या उसे ग्रामीण क्षेत्र की प्राचार्य विहीन संस्था में पदस्थ किया जायेगा? यदि हाँ, तो कब तक यदि नहीं, तो क्यों कारण स्पष्‍ट करें? बिना अध्ययन-अध्यापन के कार्य के बावजूद वेतन का भुगतान किस कार्य के लिये दिया जा रहा है?

परिवहन मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) :  (क) जानकारी  पुस्तकालय  में रखे  परिशिष्ट-01 अनुसार है। (ख) नियमित प्राचार्य न होने पर संस्था के वरिष्ठ लोक सेवक को प्राचार्य का अस्थाई प्रभार दिया जाता हैं। सतना जिले में प्राचार्य हाई स्कूल के 118 नियमित प्राचार्यों के पद रिक्त है जिनमें से 91 शालाओं में उच्च पद प्रभार अन्तर्गत पदस्थापना की जाकर पदपूर्ति की गई है एवं हायर सेकेण्डरी के 107 नियमित प्राचार्यों के रिक्त पदों में से 26 शालाओं में उच्च पद प्रभार से पदस्थापना की गई है। शेष शालाओं में संस्था के वरिष्ठ लोक सेवक को स्थानीय स्तर से प्राचार्य के रिक्त पद का प्रभार दिया है। विधिक कारणों से पदोन्नति की कार्यवाही अवरूद्ध होने के कारण प्राचार्य के पद पर पदोन्नति नहीं की जा रही है। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। प्राचार्य हाई स्कूल/हायर सेकेण्ड्री के रिक्त पदों की पूति म.प्र. शासन स्कूल शिक्षा विभाग के राजपत्रित सेवा भर्ती नियम तथा संशोधन दिनांक 20.12.2022 प्रावधानों के अन्तर्गत उच्च पद का प्रभार दिया जाकर की जा रही है। (ग) जी हाँ। जानकारी  पुस्तकालय  में रखे  परिशिष्ट-02 अनुसार। जी नहीं। अतः शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) उत्तरांश (ग) पुस्तकालय  में रखे  परिशिष्ट-02 अनुसार नियमित प्राचार्य जिनके द्वारा पढ़ाये जाने वाले विषय का परीक्षा परिणाम 0-30 प्रतिशत हो उनकी संख्या निरंक है। जानकारी  पुस्तकालय  में रखे  परिशिष्ट-दो पर है। अतः शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

58-59 की खतौनी में दर्ज शासकीय जमीनों की जानकारी

[राजस्व]

21. ( क्र. 598 ) श्री सुरेन्द्र सिंह गहरवार : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि             (क) नगरीय क्षेत्र चित्रकूट एवं विधानसभा क्षेत्र चित्रकूट के समस्त पटवारी हल्कों में 1958-59 में शासकीय आराजियां कितनी-कितनी दर्ज थीं? वर्तमान में कितनी-कितनी बची हैं? जो भूमियां इस कालखंड के मध्य अवैध तरीके से म.प्र. शासन के खाते से गायब कर दी गई, भू-माफियाओं के हवाले कर दी गई, क्या ऐसी बेशकीमती लोकहित की भूमियों को वापस लाने की कार्यवाही करेंगे? यदि हाँ, तो कब तक? समय-सीमा बतायें। (ख) क्या प्रश्‍नांश () में उल्लेखित विषय गंभीरता की श्रेणी में नहीं आता? क्या इससे शासन की लचरता साबित नहीं होती, कि अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्यवाही न होने के कारण भयहीन है? अरबों रूपयों की जमीनें बिना किसी संकोच के बेचे चले जा रहे हैं? क्या ऐसे अधिकारियों-कर्मचारियों को सेवा से पृथक कर मुकदमा दर्ज कर जेल भेजने की कार्यवाही नहीं की जानी चाहिये? यदि हाँ, तो कब तक उच्च स्तरीय जांच करवाकर दोषियों के विरूद्ध कठोर दण्डात्मक कार्यवाही करेंगे? समय-सीमा बतायें। (ग) क्या बंटन की भूमियां जो अहस्तांतरणीय पट्टा धारियों को जीविकोपार्जन के लिये दी गई थी, न कि विक्रय करने हेतु, फिर कैसे विक्रय कर दी गई? स्पष्‍ट करें। ऐसी अहस्तांतरणीय आराजियां जिन पर तत्कालीन प्रशासनिक अमले के अवैध रूप से पाले हुये माफियाओं की मिलीभगत से व्यापार किया, यह जमीन रक्षक थे या भक्षक? क्या ऐसी भूमियां वापस लेकर उन पर कठोर दण्डात्मक कार्यवाही करेंगे? यदि नहीं, तो क्यों? यदि हाँ, तो कब तक? समय बतायें। क्या इसकी जाँच भोपाल से किसी पी.एस. स्तर के अधिकारी से कराकर जनता के साथ न्याय करेंगे? (घ) चित्रकूट नगरीय क्षेत्र में इतने व्यापक स्तर पर हो रहे शासन की जनहित की जमीनों के अवैध व्यापार एवं निर्माण में शासकीय अमले की  भू-माफियाओं के साथ प्रायोजित संलिप्तता को कब तक निरीह बनकर देखते रहेंगे? ऐसी स्थिति में हमारी जबावदारी क्या है और क्या होनी चाहिये? ऐसे भ्रष्ट राजस्व अमले के विरूद्ध कठोर कार्यवाही कब तक करेंगे? ऐसी खोई हुई जमीनों को पूर्वानुसार मूल रूप में कब तक लायेंगे? समय-सीमा बतायें।

राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) नगरीय क्षेत्र चित्रकूट अन्‍तर्गत तहसील मझगवां के 4 पटवारी हल्‍के कामता, नयागांव, चौबेपुर एवं पथरा आते है। इनके अन्‍तर्गत आने वाले म.प्र. शासन की भूमियों का 1958-59 एवं वर्तमान स्थिति में विवरण निम्‍नानुसार है

1958-59 में उपलब्‍ध शास. भूमि का कुल रकबा (हे.मे.)

आवंटन/व्‍यवस्‍थापन के कारण शास. भूमि के रकवो में कमी (हे. मे)

वर्तमान में उपलब्ध शास. भूमि का कुल रकबा (हे. मे.)

6916.425

2914.683

4001.742

विधानसभा क्षेत्र चित्रकूट अन्‍तर्गत तहसील मझगवां एवं बिरसिंहपुर के समस्‍त ग्राम आते है। जिनकी शास. भूमियों का विवरण निम्‍नानुसार है-

विधानसभा चित्रकूट

तहसील का नाम

1958-59 में उपलब्‍ध शास. भूमि का कुल रकबा (हे.मे.)

आवंटन/व्‍यवस्‍थापन के कारण शास. भूमि के रकबों में कमी (हे.मे.)

वर्तमान में उपलब्ध शास. भूमि का कुल रकबा (हे.मे.)

मझगवां

92273.416

14802.827

77471.129

बिरसिंहपुर

7979.537

395.951

7583.586

कम हुई शास. भूमि अवैध तरीके से गायब नहीं हुई है, जबकि समय-समय पर शास. के प्रावधानों के पालन में नियमानुसार बंटन/व्‍यवस्‍थापन होने से रकबे में कमी आई है हल्‍कावार 1958-59 एवं वर्तमान की स्थिति में तहसील मझगवां की शास. भूमि की जानकारी पुस्तकालय में रखे  परिशिष्‍ट-अ अनुसार एवं तहसील बिरसिंहपुर की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट- ब अनुसार। शासकीय भूमियों का भू-माफिया के हवाले करने का कोई मामला अभी तक संज्ञान में नहीं आया है मामला संज्ञान में आने पर नियमानुसार कार्यवाही की जावेगी। निश्‍िचत समय-सीमा बताना संभव नहीं है। (ख) जी नहीं। प्रश्‍नांश () में उल्लिखित भूमियां अवैध तरीके से गायब नहीं है। शासकीय भूमियों के संबंध में गड़बड़ी का मामला विशेष संज्ञान में आने पर संबंधितों के खिलाफ नियमानुसार कार्यवाही की जावेगी। शेष प्रश्‍नांश उद्भूत नहीं होता है। (ग) बंटन/व्‍यवस्‍थापन की भूमियों में लगभग सभी खसरा नम्‍बरों में अहस्तांतरणीय शब्‍द दर्ज है। बंटन/व्‍यवस्‍थापन की भूमियों का विक्रय होना संज्ञान में नहीं पाया गया है,संज्ञान में आते ही नियमानुसार कार्यवाही की जायेगी। (घ) चित्रकूट नगरीय क्षेत्र में शासन की जनहित की जमीनों के अवैध व्यापार एवं निर्माण में शासकीय अमले की भू-माफियाओं के साथ प्रायोजित संलिप्तता का मामला संज्ञान में नहीं आया है। संज्ञान में आने पर कार्यवाही की जावेगी। शेष प्रश्‍नांश उद्भूत नहीं होता है।

लेखा शीर्ष से प्राप्‍त आवंटन पर किया गया व्‍यय

[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]

22. ( क्र. 631 ) सुश्री रामश्री (बहिन रामसिया भारती) राजपूत : क्या उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) छतरपुर जिले में मुख्‍य चिकित्‍सा एवं स्‍वास्‍थ्‍य अधिकारी तथा जिला अस्‍पताल छतरपुर में वर्ष 2022 से प्रश्‍न दिनांक तक किन-किन लेखा शीर्षों में आवंटन प्राप्‍त हुआ तथा किन-किन कार्यों पर व्‍यय किया गया? (ख) विभाग द्वारा स्‍वास्‍थ्‍य विभाग की मॉनिटरिंग हेतु कितने अधिकारियों को नियुक्‍त किया मॉनि‍टरिंग अधिकारी कौन-कौन है दिनांक सहित पद, नाम बतायें। (ग) विभाग को छतरपुर जिले की कितनी शिकायतें वर्ष 2022 से प्रश्‍न दिनांक तक प्राप्‍त हुई जांच अभिमत सहित विवरण दें? (घ) प्रश्‍नांश (क) के अनुसार प्रश्‍न दिनांक तक महा लेखाकार की ऑडिट कंडिकाएं लंबित है यदि हाँ, तो कौन-कौन सी?

उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) विभाग द्वारा जिलावार मॉनिटरिंग हेतु प्रत्‍येक जिले का ओआईसी नियुक्‍त किया गया है, जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ग) विभाग को जिला छतरपुर की वर्ष 2022 से प्रश्‍न दिनांक तक कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है, शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) जी नहीं, शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

राजस्‍व के लंबित प्रकरण

[राजस्व]

23. ( क्र. 632 ) सुश्री रामश्री (बहिन रामसिया भारती) राजपूत : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अनुविभागीय अधिकारी राजस्‍व बड़ामलहरा द्वारा वर्ष 2022 से प्रश्‍न दिनांक तक विभागवार कितनी-कितनी जाँचें की गई? जाँच में से कौन से प्रकरण पाये गये जिसमें गंभीर अनियमितताएं पाई गई? जाँच अभिमत सहित संपूर्ण जानकारी दें। (ख) तहसील बड़ामलहरा में वर्ष 2022 से प्रश्‍न दिनांक तक कितने राजस्‍व प्रकरण लंबित है उनके क्‍या कारण है? जानकारी प्रकरण सहित नामवार, ग्रामवार कारण सहित बतायें। (ग) क्‍या वर्ष 2023 में ओलावृष्टि हुई थी, जिसमें कई किसानों का मुआवजा वितरण नहीं हुआ और वह कई शिकायतें भी कर चुके हैं? सी.एम. हेल्‍पलाईन की प्रश्‍न दिनांक तक कितने प्रकरण/शिकायतें लंबित हैं? उसकी क्‍या जाँच की गई या पोर्टल पर मनगढ़ंत जवाब बनाये गये, जिसकी जाँच की जावेगी?

राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) अनुविभागीय अधिकारी बड़ामलहरा द्वारा प्रश्‍नाधीन अवधि में निम्‍नानुसार जाँचें की गयी है:-

1.                  महिला एवं बाल विकास -02

2.                  आदिम जाति कल्‍याण जाति विभाग- 01

3.                  शिक्षा विभाग 07

4.                  नगरीय प्रशासन विभाग 04

5.                  जनपद पंचायत बड़ामलहरा 06

6.                  राजस्‍व विभाग 01

7.                  खाद्य विभाग 03

उपर्युक्‍त जांच प्रकरणों में 02 प्रकरणों में गंभीर अनियमितताएं पायी गयी है। विवरण अद्योलिखितानुसार है :-

1.                  शासकीय उचित मूल्‍य दुकान सिंगरामपुरा में विक्रेता हरदेव सिंह एवं समिति प्रबधक             श्री अनवर खान के द्वारा की गयी अनियमिमताओं के कारण उनके विरूद्ध एफ.आई.आर. दर्ज कराने की कार्यवाही की गयी।

2.                  शासकीय उचित मूल्‍य की दुकान रजपुरा के विक्रेता श्री रामनारायण तिवारी द्वारा की गयी खाद्यान्‍न की हेरा-फेरी के कारण अर्थदण्‍ड अधिरोपित किया गया।

(ख) प्रश्‍नाधीन अवधि में तहसील बड़ामलहरा में 490 राजस्‍व प्रकरण लंबित है। उक्‍त प्रकरण विधिक प्रक्रियात्‍मक एवं पक्षकारों द्वारा पक्ष समर्थन में विलम्‍ब/उदासीनता के कारण लंबित है। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट  अनुसार। (ग) तहसील बड़ामलहरा में वर्ष 2023 में ओलावृष्टि हुई थी। जिसमें 35 ग्राम प्रभावित हुए थे प्रभावित कृषकों को शासन के नियमानुसार आर्थिक सहायता प्रदान की जा चुकी है। वर्तमान में सीएम हेल्‍पलाईन पोर्टल पर उक्‍त आशय की कोई भी शिकायत लंबित नहीं है। इस कारण शेष प्रश्‍नांश उद्भूत नहीं होता।

पन्ना जिले में मेडिकल कॉलेज की स्‍थापना

[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]

24. ( क्र. 680 ) श्री ब्रजेन्द्र प्रताप सिंह : क्या उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या पन्ना जिले में मेडिकल कॉलेज राज्य मद समन्वय से स्वीकृति प्राप्त है? यदि हाँ, तो मेडिकल कॉलेज प्रारंभ किये जाने हेतु प्रश्‍न दिनांक तक क्या कार्यवाही की गई है? (ख) यदि नहीं, तो क्यों? कब तक कार्यवाही पूर्ण की जाकर मेडिकल कॉलेज प्रारंभ किया जावेगा?

उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) विभाग द्वारा पन्‍ना जिलें में पीपीपी मोड़ पर चिकित्‍सा महाविद्यालय की स्‍थापना किये जाने का निर्णय लिया गया हैं। इस हेतु भूमि आरक्षित, कार्यालय कलेक्‍टर पन्‍ना दिनांक 27.01.2023 द्वारा किया गया हैं। पीपीपी मोड़ पर चिकित्‍सा महाविद्यालय पन्‍ना की स्‍थापना हेतु दिनांक 07.03.2024 को निविदा आमंत्रित किये जाने की स्‍वीकृति प्रदान की गई। निविदा संबंधी कार्यवाही प्रचलन में हैं। (ख) उत्‍तरांश () अनुसार। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं हैं।

केन बेतवा परियोजना

[राजस्व]

25. ( क्र. 683 ) श्री राजेश कुमार शुक्‍ला : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) छतरपुर जिले में निर्मित होने जा रहे ढोढन बांध से सुकवाहा राजस्व ग्राम के डूब क्षेत्र में आने वाली ऐसी भूमि जिनको मुआवजा देने के लिए चयनित किया गया है उनके खसरा नं. किस व्यक्ति के नाम दर्ज है। (ख) उक्त व्यक्ति ने इस भूमि को कैसे अर्जित किया? (ग) प्रश्‍नांश "क" के अनुक्रम में यदि पट्टे की भूमि है तो, कब एवं कितने रकबे का पट्टा प्रदाय किया गया? मूल पट्टाधारक कौन था। (घ) वर्तमान में जो भूस्वामी है उनका मूल पट्टाधारक से क्या संबंध है। (ड.) क्या कुछ ऐसी भी भूमि है जो मूल पट्टाधारक द्वारा अथवा उसके फौत होने के बाद उसके परिजन ने अन्य व्यक्तियों को बेच दी है। यदि हाँ, तो कौन-कौन सी किसे-किसे बेची गई। पट्टे की भूमि को किस नियम एवं किसके आदेश से विक्रय किया गया। (च) प्रश्‍नांश "क" के अनुक्रम में गैर अनुसूचित जनजाति के नाम दर्ज भूमि क्या पूर्व में कभी अनुसूचित जनजाति के व्यक्ति के नाम दर्ज थी? यही हाँ तो कौन से खसरा न. की भूमि थी। उक्त भूमि को किसके आदेश से किस नियम से विक्रय किया गया। (छ) प्रश्‍नांश (ड.) एवं (च) के अनुक्रम में क्या उक्त विक्रय नियमानुसार सही है? यदि हाँ, तो कैसे? नहीं तो दोषी कौन है?

राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) छतरपुर जिले में निर्मित होने जा रहे ढोढन बांध से सुकवाहा राजस्व ग्राम के डूब क्षेत्र में आने वाली ऐसी भूमि जिनको मुआवजा देने के लिए चयनित किया गया है उनके खसरा नं. जिस व्यक्ति के नाम दर्ज है। उसकी सूची पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट '' अनुसार। (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में मुआवजा देने के लिए चयनित खसरा नं. जिस व्यक्ति के नाम दर्ज है। उसके द्वारा भूमि पैत्रिक रुप से या शासन से पट्टे पर एवं पैत्रिक भूमि स्वामी/शासन से प‌ट्टा प्राप्त व्यक्ति से कय करने के आधार पर अर्जित की गई हैं। पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट '' अनुसार। प्रत्येक व्यक्ति द्वारा किस आधार पर भूमि अर्जित की गई हैं। उसका विवरण दर्ज है। (ग) पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्‍ट –'' में पट्टे की भूमि का विवरण पृथक से दर्ज हैं। उक्त पट्टा कब और कितने रकवे का एवं मूल प‌ट्टाधारक कौन था जानकारी विस्तृत प्रकृति की होने से संकलित की जा रही हैं। (घ) वर्तमान में जो भूमि स्वामी है उनका मूल प‌ट्टाधारक से स्वयं प‌ट्टाधारी या विरासत का या क्रेता के रुप में संबंध है। जानकारी पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट '' अनुसार (ड.) जी हाँ। कुछ ऐसी भूमि है जो मूल प‌ट्टाधारक द्वारा अथवा उसके फौत होने के बाद उसके परिजन ने अन्य व्यक्तियों को बेच दी है। जिसकी जानकारी खसरावार एवं व्यक्तिवार पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट '' अनुसार। पट्टे की भूमि का विक्रय बिना किसी अनुमति के किया गया है। (च) जी हाँ। प्रश्‍नांश (क) के अनुक्रम में गैर अनुसूचित जनजाति के नाम दर्ज भूमि पूर्व में अनुसूचित जनजाति के व्यक्ति के नाम दर्ज थी। जिसकी खसरा नम्बरवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट '' अनुसार। उक्त भूमि का विक्रय बिना किसी अनुमति के किया गया है।              (छ) प्रश्‍नांश (ड.) एवं (च) के अनुक्रम में बिना सक्षम अनुमति के किया गया विक्रय नियमानुसार सही नहीं हैं। जिसके लिए उपलब्ध जानकारी अनुसार दोषी कर्मचारी के नाम एवं पद की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट '''' एवं  ''' अनुसार है। अनुसूचित जनजाति से गैर अनुसूचित जनजाति के नाम भूमि अंतरित करने वाले दोषी कर्मचारी एवं अधिकारी की जानकारी पृथक से संकलित की जा रही है।

कृषकों की सुविधा हेतु जलाशय निर्माण कार्य की स्वीकृति

[जल संसाधन]

26. ( क्र. 689 ) श्री सोहनलाल बाल्‍मीक : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) परासिया विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत जामुनबर्रा जलाशय, मंडला पंडापुल नाला जलाशय, झुर्रेमाल शंकरपुर रोड नाला पर जलाशय दमुआ भीमसेन ढाना के पास घटामाली नदी पर कोहका दमुआ बैराज, उक्त सभी सिंचाई योजनाओं की स्वीकृति हेतु विभाग द्वारा सम्पूर्ण कार्यवाही पूर्ण की जाकर सिंचाई योजनाओं के प्रस्ताव शासन स्तर पर स्वीकृति हेतु प्रेषित कर दिये गये है। परन्तु अभी तक उपरोक्त सिंचाई योजनाओं की स्वीकृति शासन द्वारा प्रदान नहीं की गई है। सिंचाई योजनाओं की स्वीकृति कब तक प्रदान कर दी जायेगी? (ख) प्रश्‍नांश (क) में उल्लेखित सिंचाई योजनाओं के निर्माण कार्य की स्वीकृति के संबंध में प्रश्‍नकर्ता द्वारा माननीय मुख्यमंत्री महोदय जी को अनुस्मरण पत्र 02 क्र.वि.स./परासिया/127/2024/296 दि. 22.05.2024, माननीय उप मुख्यमंत्री महोदय जी को पत्र क्र.वि.स./परासिया/127/2024/294 दि. 22.05.2024 व विभागीय मंत्री महोदय को अनुस्मरण पत्र 02 क्र.वि.स./परासिया/127/2024/293 दि. 22.05.2024 पत्र प्रेषित किए गये है, जिन पत्रों पर स्वीकृति हेतु अभी तक क्या-क्या कार्यवाही की गई है?

जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) जी हाँ। अपितु परासिया विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत जामुनबर्रा जलाशय योजना का प्रस्तावित पूर्ण कमांड क्षेत्र दूधी नदी परियोजना के कमांड क्षेत्र में सम्मिलित है इसलिए योजना का निर्माण किया जाना उचित नहीं है। मंडला पंडापुल जलाशय एवं झुर्रेमाल जलाशय योजना का डी.पी.आर. सर्वेक्षण उपरांत तैयार किया जा रहा है। दमुआ भीमसेन ढाना के पास घटामाली नदी पर कोहका दमुआ बैराज की प्रशासकीय स्वीकृति म.प्र.शासन जल संसाधन विभाग भोपाल के पत्र क्र. एफ-22/03/2018-19/ल.सि./31/1605 दिनांक 05.12.2019 द्वारा प्रदान की गई थी, जिसका निर्माण कार्य 90 प्रतिशत पूर्ण हो चुका है। शेष कार्य प्रगतिरत है। जानकारी संलग्‍न  परिशिष्‍ट  अनुसार है। (ख) पत्र में उल्लेखित योजनाएं जामुनबर्रा जलाशय, मंडला पंडापुल नाला जलाशय, झुर्रेमाल शंकरपुर रोड नाला पर जलाशय,दमुआ भीमसेन ढाना के पास घटामाली नदी पर कोहका दमुआ बैराज, उत्तरांश () के अनुसार कार्यवाही की गई है।

परिशिष्ट - "सात"

भू-अभिलेख कम्प्यूटरीकरण में त्रुटि सुधार

[राजस्व]

27. ( क्र. 692 ) श्रीमती अर्चना चिटनीस : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) राजस्व विभाग के समस्त भू-अभिलेख कम्प्यूटराइज किये जाने की महत्वाकांक्षी योजना किस वर्ष लागू की गई? योजना को पूर्ण करने हेतु विभाग द्वारा किस एजेंसी या विभाग को निर्धारित किया गया था। (ख) भू-अभिलेख कम्प्यूटराइज अभिलेख पूर्ण होने पर अभिलेख त्रुटिपूर्ण होने से सुधार के क्या प्रावधान है? जिला बुरहानपुर, देवास, बैतूल, सिंगरौली में कितने त्रुटिपूर्ण आवेदन सुधार हेतु प्राप्त हुए है तथा कितने आवेदन का निराकरण किया गया है? (ग) क्या विभाग भू-अभिलेख जो कम्प्यूटराइज पूर्ण हो गए है किन्तु अभिलेख में त्रुटि होने की समस्या को दूर करने हेतु विकास खण्ड स्तर पर शिविरों को आयोजन करेगा यदि हाँ, तो समय-सीमा निश्‍िचत करेगा?

राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) राजस्व विभाग के समस्त भू-अभिलेख कम्प्यूटराइज किए जाने की महत्वाकांक्षी योजना वर्ष 1988-89 में प्रारम्भ की गई। प्रदेश के सभी जिलों में प्रारम्भिक डाटा एन्ट्री का कार्य भारत सरकार के वित्तीय सहयोग से निविदा जारी कर L1 दर पर चयनित वेण्डरों से कराया गया। वर्तमान में ऑनलाइन सॉफ्टवेयर के उन्नयन का कार्य M/s Terracis Technologies Limited द्वारा किया जा रहा है, जिसका उपयोग कर राजस्व अमले द्वारा अभिलेखों का अद्यतन/अपडेशन कार्य किया जा रहा है। (ख) भू-अभिलेख कम्प्यूटराइज अभिलेख पूर्ण होने पर अभिलेख त्रुटिपूर्ण होने से म.प्र. भू-राजस्व संहिता 1959 की धारा 115 में भू-अभिलेख त्रुटि सुधार का प्रावधान है। जिला बुरहानपुर, देवास, बैतूल एवं सिंगरौली के प्राप्त पत्रों के आधार पर त्रुटिपूर्ण आवेदनों एवं निराकृत आवेदनों की संख्या निम्नानुसार है-

क्र.

जिला

त्रुटिपूर्ण आवेदनों की संख्या

निराकृत आवेदनों की संख्या

1

बुरहानपुर

79

53

2

देवास

6126

6126

3

बैतूल

493

310

4

सिंगरौली

2133

132

(ग) अभिलेख सुधार हेतु आवेदन प्राप्त होने पर म.प्र. भू-राजस्व संहिता में वर्णित प्रावधान अनुसार इनका निराकरण समय-सीमा में किया जाता है, जो सतत् प्रक्रिया है।

सिविल अस्पताल में कार्यरत डॉक्टरों का नियम विरुद्ध अटैचमेंट

[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]

28. ( क्र. 701 ) श्री सुरेश राजे : क्या उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला ग्वालियर अंतर्गत सिविल अस्पताल डबरा में संवर्गवार/विशेषज्ञवार/तृतीय श्रेणी कर्मचारियों एवं चिकित्सकों को स्वीकृत, भरे, रिक्त पदों के विरुद्ध कौन-कौन कर्मचारियों एवं चिकित्सकों को कब से यहाँ पदस्थ किया गया है एवं कार्यरत हैं?             (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार सिविल अस्पताल डबरा में पदांकित तृतीय श्रेणी कर्मचारी एवं चिकित्सकों में से मध्यप्रदेश शासन के किस आदेश/नियम अनुसार कौन-कौन किस सक्षम अधिकारी के आदेश से किस स्थान की स्वास्थ्य संस्था में किस दिनांक से अटैच होकर कार्यरत हैं? सक्षम अधिकारी का नाम/पद तथा आदेश क्रमांक दिनांक सहित बतावें l (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) अनुसार सिविल अस्पताल डबरा में पदस्थ होकर अन्य स्वास्थ्य संस्था में नियम विरुद्ध मनमाने तरीके से तृतीय श्रेणी कर्मचारी एवं चिकित्सकों का अटेचमेंट करने के दोषी अधिकारी के विरुद्ध कब तक कार्यवाही की जाएगी तथा उक्त अनुलग्न समाप्त कर मूल स्वास्थ्य संस्था में कब तक पदस्थ किया जायेगा?

उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र 'अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र  'अनुसार है। (ग) राज्‍य स्‍तर पर दिनांक 29.12.2023 को आयोजित समीक्षा बैठक में लिये गये निर्णय अनुसार सिविल अस्‍पताल डबरा का भवन निर्माणाधीन तथा ऑपरेशन थियेटर अक्रियाशील होने के कारण संस्‍था के चिकित्‍सक को अन्‍य चिकित्‍सालय में कार्य करने हेतु निर्देशित किया गया। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

रतनगढ़ (सिंध) परियोजना

[जल संसाधन]

29. ( क्र. 702 ) श्री प्रदीप अग्रवाल : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दतिया जिले की सेंवढ़ा तहसील में रतगढ़ परियोजना के नाम से जो डेम स्‍वीकृत हुआ था उसके अंतर्गत क्‍या-क्‍या कार्य शामिल थे, परियोजना की लागत/स्‍वीकृत राशि कितनी थी, परियोजना पूर्ण होने की क्‍या अवधि थी, प्रोजेक्‍ट रिपोर्ट की छाया प्रति उपलब्‍ध कराई जावे। (ख) प्रश्‍नांश (क) में वर्णित डेम की स्‍वीकृत राशि में से कितनी राशि किस कार्य हेतु निकाली गई उक्‍त कार्य परियोजना का हिस्‍सा है कि नहीं। खर्च की गई राशि का ब्‍यौरा बिल वाउचर्स की छायाप्रति के साथ उपलब्‍ध कराई जाये। (ग) क्‍या वर्तमान में डेम का कार्य बंद है बंद होने के क्‍या कारण है? बंद कार्य को चालू कराने हेतू जल संसाधन विभाग द्वारा क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई है। (घ) क्‍या डेम के कार्य को चंबल परियोजना में बाधक मानकर बंद कराया गया है जबकि सिंध नदी का चंबल नदी से कोई संपर्क नहीं है, सिंध नदी यमुना नदी के संपर्क की नदी है, यदि हाँ, तो इस डेम के कार्य को चंबल परियोजना से पृथक मान कर, कार्य कराये जाने हेतु विभाग को कब तक निर्देश जारी किये जायेंगे।

जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) दतिया जिले की सेवढ़ा तहसील में माँ  रतनगढ़ परियोजना के नाम से स्वीकृत परियोजना में सिंध नदी पर 246.95 मि. घनमीटर क्षमता का ग्रेविटी बांध का निर्माण, 09 मेगावॉट विद्युत उत्पादन हेतु पावर हाऊस का निर्माण एवं ग्वालियर, दतिया व भिण्ड जिले की 78484 हेक्टेयर भूमि में सिंचाई प्रावधानित है। परियोजना अंतर्गत डेम की निविदा एवं स्वीकृत लागत क्रमश: 464.64 करोड़ एवं 370 करोड़ है, डेम के पूर्ण करने की अनुबंधित अवधि 36 माह थी। प्रोजेक्ट रिपोर्ट की छायाप्रति  पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट-'1' (पेज 1 से 17) अनुसार है। (ख) बांध निर्माण के अंतर्गत स्वीकृति राशि 370 करोड़ में से अद्यतन सर्वेक्षण कार्य पर राशि रू. 65.71 लाख व्यय की गई है, जो कि कार्य का हिस्सा थी। व्यय का  विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट प्रपत्र-'''' एवं बिल/वाउचर्स पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट-'2' (पेज 1 से 11) अनुसार है। (ग) हाँ, वर्तमान में वन भूमि व्यपवर्तन एवं पर्यावरण स्वीकृति प्राप्त न होने के कारण बांध का कार्य प्रांरभ नहीं हो सका है। वन भूमि व्यपवर्तन हेतु वन प्रकरण स्टेज-1 भारत सरकार के वन एवं पर्यावरण मंत्रालय को दिनांक 18/06/2019 को प्रस्तुत किया गया है जो कि विचाराधीन है। परियोजना की पर्यावरण स्वीकृति हेतु प्रस्ताव वन पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, भारत सरकार को दिनांक 20/05/2019 को ऑनलाईन प्रस्तुत किया गया है जो कि विचाराधीन है। (घ) जी नहीं, सिंध नदी, चंबल नदी की सहायक नदी नहीं है, इस कारण चंबल नदी के घडियाल सेंचुरी पर इसका प्रतिकूल प्रभाव होना संभावित नहीं है। हालांकि, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, भारत सरकार, नई दिल्ली के पत्र दि. 13.05.2024 द्वारा प्रस्तावित बांध का निर्माण होने से चंबल नदी में घड़ियाल जीवों पर क्या प्रभाव पड़ेगा, इस तथ्य पर उ.प्र. सरकार का अभिमत एवं उ.प्र. सरकार द्वारा दिये जाने वाले अभिमत के आधार पर वाईल्ड लाईफ मेनेजमेंट प्लान मांगा गया है।

पैरामेडिकल चिकित्सा महाविद्यालय, निजी नर्सिंग कॉलेज की जानकारी

[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]

30. ( क्र. 705 ) श्री प्रताप ग्रेवाल : क्या उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2014-15 से 2023-24 तक पैरामेडिकल चिकित्सा महाविद्यालय, निजी नर्सिंग कॉलेज तथा स्कूल की कुल संख्या कुल सीट क्षमता तथा कुल प्रवेशित की वर्षवार, जिलेवार जानकारी दें तथा बतावें कि आलोच्य प्रत्येक वर्ष में कितने निजी पैरामेडिकल कॉलेज चिकित्सा महाविद्यालय, निजी नर्सिंग कॉलेज खुले तथा बंद हुए? (ख) प्रश्‍नांश (क) में उल्लेखित महाविद्यालयों तथा स्कूलों में प्रवेशित विद्यार्थियों में से कितने-कितने अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा वर्ग तथा सामान्य वर्ग के हैं तथा इनमें से किस-किस श्रेणी के  कितने-कितने विद्यार्थियों को कितनी-कितनी प्रतिवर्ष प्रति विद्यार्थी छात्रवृत्ति मिलती है? वर्षवार बतावें। (ग) प्रश्‍नांश (क) में उल्लेखित पैरामेडिकल तथा नर्सिंग महाविद्यालय एवं स्कूल में प्रतिवर्ष आयोजित वार्षिक परीक्षा में किस-किस कोर्स में, कोर्स के प्रथम द्वितीय तथा तृतीय वर्ष में कुल कितने परीक्षार्थी सम्मिलित हुए? कितने उत्तीर्ण हुए? कितने अनुपस्थित रहे? वर्ष 2014-15 से         2023-24 तक वर्षवार जानकारी दें। (घ) क्या शासन सारे निजी पैरामेडिकल तथा निजी नर्सिंग स्कूल/कॉलेज को दी गई अनुमति विद्यार्थियों की संख्या, छात्रवृत्ति की पात्रता, बोगस विद्यार्थी, परीक्षा परीणाम आदि की जांच कर रहा है? यदि हाँ, तो बतावें कि जांच दल के सदस्य कौन-कौन है?              (ड.) माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर के निर्देश पर सी.बी.आई. किस पाठ्यक्रम के कितने कॉलेज स्कूल की किस-किस प्रकार की जांच कर रहा है?

उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) वर्ष 2014-2015 से 2022-2023 तक पैरामेडिकल चिकित्‍सा महाविद्यालय की सूची सीट क्षमता की  जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-1 अनुसार। कुल प्रवेशित की वर्षवार, जिलेवार जानकारी  पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट-2 अनुसार। निजी पैरामेडिकल कॉलेज खुले की सत्रवार  जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-3 अनुसार। शेष बन्‍द कॉलेजों जानकारी एकत्रित की जा रही है। (ख) अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा वर्ग एवं अल्‍पसंख्‍यक पिछड़ा वर्ग तथा सामान्‍य वर्ग के छात्रों की दी जाने वाली छात्रवृत्ति की वर्षवार  जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-4 अनुसार। शेष जानकारी एकत्रित की जा रही है। (ग) वर्ष 2014-15 से 2023-24 तक में सम्मिलित परीक्षार्थियों की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-5 अनुसार। शेष जानकारी एकत्रित की जा रही है। (घ) जी नहीं। नर्सिंग स्‍कूल और कॉलेजों की जांच माननीय उच्‍च न्‍यायालय द्वारा डब्‍ल्‍यू. पी. क्रमांक 1080/2020 में पारित आदेश दिनांक 22/02/2024 के अनुक्रम में सी.बी.आई द्वारा की जा रही है। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-6 अनुसार। (ड.) माननीय उच्‍च न्‍यायालय जबलपुर के निर्देश पर सी.बी.आई. द्वारा कुल 308 नर्सिंग कॉलेजों की जांच पूर्ण की जा चूकी है व शेष नर्सिंग कॉलेजों की जांच प्रचलन में है जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-7 अनुसार।

शिवपुरी में कस्टोडियन विभाग की भूमि पर अवैध कब्जे

[राजस्व]

31. ( क्र. 708 ) श्री कैलाश कुशवाहा : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि       (क) क्या शिवपुरी शहर के सर्कुलर रोड क्षेत्र में कस्टोडियन विभाग की कोई भूमि है? यदि हाँ, तो उक्त भूमि कहां पर है भूमि की वर्तमान स्थिति क्या है भूमि खसरा नं. एवं रकबा कितना है? खसरा की प्रति संलग्न जानकारी दें? (ख) कस्टोडियन विभाग की भूमि खसरा नं. 109 से 116 तक तथा 166 तक कुछ व्यक्तियों के नाम राजस्व अभिलेखों में हेरा-फेरी कर अवैध रूप से दर्ज कर निजी व्‍यक्तियों के नाम दर्ज कर दी गई यदि हाँ, तो किन-किन के नाम कौनसी कितनी भूमि दर्ज की गई? भूमि किस आदेश/विक्रय पत्र के आधार पर दर्ज की गई? उसकी प्रति संलग्न कर जानकारी दें? (ग) क्या शिवपुरी जिले के पुराने राजपुरा (वर्तमान सर्कुलर रोड क्षेत्र) में कस्टोडियन विभाग की करीब साढ़े 18 बीघा भूमि आज करोड़ों में बिक चुकी है? यदि हाँ, तो इस भूमि के विक्रय के संबंध में दस्तावेजों की क्या जांच और क्या कार्रवाई की गई है? यदि कार्यवाही नहीं कि गई तो क्यों?                   (घ) क्या राजस्व विभाग के तत्कालीन प्रमुख सचिव द्वारा 2006 में प्रदेश भर के सभी कलेक्टर के नाम जारी आदेश किया गया था? यदि हाँ, तो इस आदेश का पालन शिवपुरी में कब किया गया?

राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) हाँ। तहसील शिवपुरी के सर्कुलर रोड स्थित ग्राम राजपुरा में स्थित भूमि सर्वे नं.109,110, 111,112,113,114,115,116 एवं 166 जिसके पुराने सर्वे नं. 109, 116,117,118,119, 120/1,120/2,120/3, 167 वर्ष 1999-2000 लगायत 2003-2004 तक के खसरा अभिलेख में अमृतलाल,कृष्‍ण कुमार पुत्रगण रामलाल स्‍वर्णा संकुतला, पुष्‍पा पुत्रियां रामलाल जाति खत्री निवासी शिवपुरी पाही व कब्‍जे कस्‍टोडियन डिपार्टमेंट भूमि स्‍वामी के नाम दर्ज थी। वर्तमान स्थिती के खसरा एवं रकबा की प्रति पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट –अ अनुसार। (ख) प्रश्‍नांश (क) के उत्‍तर में उल्‍लेखित ग्राम राजपुरा स्थित भूमि (जो कि कस्‍टोडियन भूमि) से संबंधित सर्वे नबंर 109,110,111,112, 113,114,115,116 एवं 166 कुल 18 बीघा 17 विश्‍वा निष्‍क्रांत सम्पत्ति पर रामलाल पिता गोविन्‍दसहाय का कब्‍जा पहले से होने तथा उसके वारिसान श्रीकृष्‍ण कुमार बेगेरह पुत्र रामलाल काबिज होने एवं उनके द्वारा आवासीय भूखण्‍डों का विक्रय अन्‍य व्‍यक्तियों का करने के कारण मध्‍यप्रदेश शासन पुनर्वास विभाग के पत्र क्रमांक/एफ. 22-414/86/28 भोपाल दिनांक 01 अक्‍टूबर 1992 द्वारा अमृतलाल बगेरह से बेचे गए समस्‍त भूखण्‍डों की समस्‍त राशि तथा शेष भूमि के तत्‍समय बाजार मूल्‍य की राशि चालान द्वारा जमा कराई जाकर चालान की प्रति भेजने के आदेश जारी हुये। उक्‍त क्रम में न्‍यायालय तहसीलदार तहसील शिवपुरी के प्र. क्र.39/92-93 अ-76 संस्थित होकर आदेश दिनांक 04/05/2000 को उक्‍त भूमि को अमृतलाल, कृष्‍ण कुमार पुत्रगण रामलाल स्‍वर्णा शकुंतला पुष्‍पा पुत्रियां रामलाल जाति खत्री आदि के नाम मुताबिक सनद जारी कर राजस्‍व पटवारी अभिलेख में अमल करने के आदेश दिये गये। उक्‍त क्रम में समय-समय पर दिये गए आदेशों की छायाप्रतियां पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट –  अनुसार है। (ग) म.प्र.शासन पुनर्वास विभाग के पत्र क्रमांक एफ 22-414/86/28 भोपाल दिनांक 01 अक्‍टूबर 1992 एवं म.प्र.शासन पुनर्वास विभाग भोपाल के पत्र क्रमांक एफ 22-414/86/28 भोपाल दिनांक 02 फरवरी 1999 के अनुक्रम में न्‍यायालय तहसीलदार तहसील शिवपुरी के प्र.क. 39/92-93 अ-76 आदेश दिनांक 04.05.2000 के परिप्रेक्ष्‍य में कार्यवाही की गई है। शेष प्रश्‍न उद्भूत नहीं होता है। (घ) आदेश क्रमांक एवं दिनांक स्‍पष्‍ट न होने से जानकारी संकलित की जा रही है।

भूमि के पट्टे का प्रदाय

[राजस्व]

32. ( क्र. 715 ) श्री विजय रेवनाथ चौरे : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा सौंसर अन्तर्गत ग्राम आमला, खापा और नन्‍दुढाना में पिछड़ा वर्ग एवं अनुसूचित जाति के ऐसे कितने आवासहीन ग्रामवासी परिवार निवास करते हैं? (ख) क्या इन पिछड़ा वर्ग एवं अनुसूचित जाति के आवासहीन ग्रामवासियों को पात्रता होने के बावजूद भूमि के पट्टे नहीं दिए गये हैं? (ग) इन वंचित ग्रामवासियों को अभी तक भूमि के पट्टे न दिए जाने का क्या कारण है?            (घ) इन्हें किस दिनांक तक भूमि के पट्टे दे दिए जायेंगे?

राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) ग्राम पंचायत आमला के अंतर्गत वनग्राम आमला एवं नन्‍दुढाना आते है। दोनों ही वनग्राम में कोई परिवार आवासहीन नहीं है एवं खापा ग्राम में भी कोई परिवार आवासहीन नहीं है। (ख) वनग्राम में पिछड़ा वर्ग एवं अनुसूचित जाति वर्ग के हितग्राही अतिक्रमण कर कच्‍चे आवास में निवास कर रहे है किन्‍तु अतिक्रमण के संबंध में अभिलेख एवं साक्ष्‍य प्रस्‍तुत नहीं करने के कारण पिछड़ा वर्ग एवं अनुसूचित जाति वर्ग को भूमि के पट्टे वितरित नहीं किये गये है। (ग) वन अधिकार अधिनियम 2006 के तहत 13 दिसम्‍बर 2005 के पूर्व तीन पीढ़ी/75 वर्षों के साक्ष्‍य प्रस्‍तुत किये जाने पर पिछड़ा वर्ग एवं अनुसूचित जाति संवर्ग को वनाधिकार हक प्रमाण पत्र दिये जाने का प्रावधान है। (घ) उत्तरांश (के अनुसार पूर्ति होने पर भूमि के पट्टे दिये जाने की कार्यवाही की जावेगी।

शासकीय चिकित्सालयों में टिटनेस के इंजेक्शन की अनुपलब्‍धता

[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]

33. ( क्र. 716 ) श्री विजय रेवनाथ चौरे : क्या उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या सौंसर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत शासकीय अस्पतालों में टिटनेस के इंजेक्शन उपलब्ध नहीं हैं? (ख) यदि हाँ, तो कितने समय से इन अस्पतालों के लिए टिटनेस के इंजेक्शन नहीं भेजे गये हैं और इसका क्या कारण है? (ग) क्या सरकार इस ग्रामीण क्षेत्र में ग्रामवासियों की कठिनाई को देखते हुए तत्काल टिटनेस के इंजेक्शन भेजने की व्यवस्था करेगी?

उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जी नहीं। सौंसर विधानसभा क्षेत्र के शासकीय अस्‍पतालों में टिटनेस के इन्‍जेक्‍शन उपलब्‍ध है। (ख) एवं (ग) प्रश्‍नांश () के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

सी.एम. राइज विद्यालय निर्माण में विलम्‍ब

[स्कूल शिक्षा]

34. ( क्र. 726 ) श्री दिलीप सिंह परिहार : क्या परिवहन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नीमच, मंदसौर जिले में कुल कितने सीएम राइज विद्यालय खोले गए है? इनकी लागत एवं प्रदान की जाने वाली सुविधाओं की जानकारी दें। (ख) प्रश्‍नांश '''' संदर्भित विद्यालयों में कितने विद्यालय बन कर पूर्ण हो चुके है तथा कितने, किन-किन कारणों से पूर्ण नहीं हुए है, अनुबंध में समस्त ठेकेदारों को निर्माण कार्य पूर्ण करने हेतु कुल कितना समय दिया गया? क्या सभी विद्यालय समय-सीमा में पूर्ण हो चुके है? यदि हाँ, जो ऐसे विद्यालयों की जानकारी दें। (ग) नीमच शहर में सीएम राइज स्कूल की प्रगति रिपोर्ट देवें। क्या नीमच में भवन निर्माण हेतु टेंडर जारी कर कन्सेशनर नियुक्त किया जा चुका है? यदि हाँ, तो माननीय मुख्यमंत्री जी एवं प्रशनकर्ता विधायक के भूमि पूजन करने के पश्‍चात भी ठेकेदार द्वारा निर्माण कार्य प्रारंभ क्यों नहीं किया गया? क्या ठेकेदार के खिलाफ कोई कार्यवाही की गई है? यदि हाँ, तो अवगत करावें। (घ) निर्माण कार्य में हो रही देरी को लेकर स्थानीय प्रशासन द्वारा कब-कब उच्च स्तर पर पत्र व्यवहार किया? पत्रों की प्रतिलिपि‍ देवें।

परिवहन मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) स्‍कूल शिक्षा विभाग अंतर्गत नीमच एवं मंदसौर जिले में प्रथम चरण में क्रमश- 4 एवं 7 विद्यालय खोले गए। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-1 अनुसार है। (ख) वर्तमान में एक भी विद्यालय भवन पूर्ण होकर विभाग को हस्‍तांतरित नहीं हुआ है। सभी सीएम राइज स्‍कूल ठेकेदारों से संपादित अनुबंध की सीमा में प्रगतिरत है। अनुबंध अनुसार ठेकेदारों को निर्माण कार्य पूर्ण करने हेतु 18 माह का समय प्रदान किया गया है। नीमच शहर में स्थित शासकीय कन्‍या उ.मा.वि. नीमच कैन्‍ट को छोड़कर शेष विद्यालयों में कार्य प्रगतिरत है। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-2 अनुसार है। (ग) जी हां, नीमच शहर में चयनित सीएम राइज विद्यालय शासकीय कन्‍या उ.मा.वि. नीमच कैन्‍ट में निविदा कार्य पूर्ण कर एजेंसी नियुक्‍त की जा चुकी है। प्रशासकीय स्‍वीकृति कैबिनेट अनुमोदन पश्‍चात वर्तमान स्‍कूल परिसर में ही निर्माण कार्य हेतु जारी की गई थी। तदनुसार ही निविदा आमंत्रित कर वर्क आर्डर संबंधित निर्माण एजेंसी द्वारा जारी किया गया है। जनप्रतिनिधियों के द्वारा भवन निर्माण अन्‍यत्र स्‍थल पर किये जाने का लेख किया गया है। जिसके परीक्षण में समय लगने के कारण कार्य प्रारंभ होने में विलंब हुआ है। अत: शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (घ) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-3 अनुसार है।

पैरामेडिकल कॉलेजों द्वारा किये स्‍कॉलरशिप में अनियमितता

[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]

35. ( क्र. 731 ) श्री प्रदीप पटेल : क्या उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रदेश में पैरा‍मेडिकल कॉलेजों द्वारा एस.सी, एस.टी, ओ.बी.सी. के छात्रों के नाम से स्‍कॉलरशिप अवैध रूप से निकालकर गमन किये जाने के प्रकरण, कब-कब, कितनी राशि के, किसके-किसके, कहाँ-कहाँ के सामने आये? किन-किन पर लोकायुक्‍त में प्रश्‍न तिथि तक प्रकरण किस-किस स्‍थान पर कायम हुये प्रकरणवार, बिन्‍दुवार विवरण दें। (ख) क्‍या राज्‍य शासन की एक अच्‍छी योजना में निजी कॉलेजों द्वारा करोड़ों रूपयों का छात्रवृत्ति/फीस का घोटाला कर दिया गया? क्‍या शासन प्रश्‍नतिथि तक उक्‍त घोटाले की विस्‍तृत जांच की गई? यदि हां, तो प्रश्‍नतिथि तक की गई कार्यवाही का विवरण प्रकरणवार/कॉलेजवार/रकमवार (फीस) उपलब्‍ध करायें। (ग) क्‍या इस प्रकरण के सामने आने के बाद किस-किस स्‍थान के किस-किस नाम के, क्‍या-क्‍या कोर्स, संचालित करने वाले कॉलेज प्रश्‍नतिथि तक बंद हो गये? शासन उन पर कब व क्‍या कार्यवाही, किन-किन नियमों के तहत कर कितनी-कितनी राशि (बंद व चल रहे) कॉलेजों से किस तरह वसूल करेगा?

उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) से (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

अनियमितता करने वालों पर की गई कार्यवाही

[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]

36. ( क्र. 733 ) श्री प्रदीप पटेल : क्या उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में प्रश्‍न तिथि तक नर्सिंग कॉलेजों/पैरामे‍डीकल कॉलेजों में किस-किस प्रकार की, क्‍या-क्‍या अनियमिततायें किस-किस की, किस स्‍थान एवं नाम की सामने आने पर कब-कब क्‍या कार्यवाही शासन स्‍तर/अन्‍य के द्वारा की गई? (ख) क्‍या प्रश्‍नांश (क) में वर्णित की गई अनियमितताओं में इन कॉलेजों का निरीक्षण कर असत्‍य जानकारी निरीक्षण टीप में देने वाले राजस्‍व अधिकारियों को भी शासन द्वारा चिंहित कर लिया गया है? नाम/पदनाम देवें।                         (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) में वर्णित कॉलेजों के द्वारा की गई अनियमितताओं पर असत्‍य निरीक्षण टीप देने वाली किस-किस टीम को राज्‍य शासन द्वारा प्रश्‍न तिथि तक चिन्हित कर उसके विरूद्ध क्‍या-क्‍या कार्यवाही प्रस्‍तावित की गई है? बिन्‍दुवार विवरण उपलब्‍ध करायें? (घ) शासन अवैधानिक कार्य करने वालों पर सख्‍त कार्यवाही करेगा? अगर हाँ तो प्रश्‍नतिथि तक कब व क्‍या कार्यवाही, किसके विरूद्ध की जायेगी उनके प्रकरणवार विवरण दें।

उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) प्रदेश में संचालित नर्सिंग महाविद्यालय को वर्ष 2018 के प्रचलित नियम (2018) को आवश्‍यकतानुसार सुदृढ़ किया गया, मान्‍यता की संपूर्ण प्रक्रिया आनलाईन शुरू की गई जिससे मान्‍यता प्रक्रिया में पार‍दर्शिता बनी रहे। प्रचलित नियमों का कठोरता से पालन करने हेतु ऑनलाईन सॉफ्टवेयर का और सुदृढ़ बनाया गया। संस्‍थाओं के वास्‍तविक पता जानने हेतु जियो टैगिंग की प्रक्रिया का उपयोग किया गया। टीचिंग फैकल्‍टी की डुप्‍लीकेसी को दूर करने हेतु NUID रजिस्‍ट्रेशन/माइग्रेशन नंबर का उपयोग किया जाता है। पूर्व के निरीक्षणों में नर्सिंग कॉलेजों की सीनियर शैक्षणिक स्टॉफ को भेजा जाता था तत्‍पश्‍चात निरीक्षण टीम में सीनियर चिकित्‍सक एवं राजस्‍व अधिकारी जैसे-तहसीलदार, नायब तहसीलदार को भी सम्मिलित किया गया। कतिपय नर्सिंग कॉलेजों में नर्सिंग शिक्षण संस्‍था मान्‍यता नियम, 2018 के परिप्रेक्ष्‍य में अपालन/न्‍यून मापदण्‍ड पाए जाने पर कौंसिल द्वारा वर्ष 2021-22 में 80 कॉलेजों की मान्‍यता समाप्‍त की गईजानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-1 अनुसार  है एवं वर्ष 2022-23 में 04 अन्‍य कॉलेजों की मान्‍यता समाप्‍त की गईजानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-2 अनुसार  है। सी.बी.आई द्वारा जांच किए गए नर्सिंग कॉलेजों में 66 कॉलेज Unsuitable पाए गए है, जिनकी मान्‍यता समाप्‍त की जा चुकी है, जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-3 अनुसार  है एवं 73 कॉलेज Deficient पाए गए है जिसकी जांच माननीय हाईकोर्ट द्वारा गठित कमेटी द्वारा की जा रही है, जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-4 अनुसार  है। मध्यप्रदेश सह चिकित्सीय परिषद के अंतर्गत पैरामेडिकल कॉलेजों की अनियमितताओं से संबंधित कोई प्रकरण प्राप्त नहीं हुये है किन्तु लोकायुक्त कार्यालय/विशेष पुलिस स्थापना/कार्यालय कलेक्टर आदि विभागों से पैरामेडिकल संस्थाओं के शिकायती पत्रों पर नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही की गई। (ख) जी हाँ। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-5 अनुसार  है। (ग) निरीक्षण दलों में सम्मिलि‍त शासकीय सेवकों के विरूद्ध कारण बताओ सूचना पत्र/स्‍पष्‍टीकरण जारी किए गए है, कार्यवाही का विवरण लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्‍सा शिक्षा विभाग के निरीक्षणकर्ताओं के संदर्भ में  जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-6 अनुसार  है, राजस्‍व विभाग से संबंधित निरीक्षणकर्ताओं की  जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-7 अनुसार  है एवं सामान्‍य प्रशासन विभाग के निरीक्षणकर्ताओं से संबंधित  जानकारी पुस्‍तकालय में रखे  परिशिष्ट-8 अनुसार  है। (घ) जी हाँ। तत्‍कालीन रजिस्‍ट्रार श्रीमती चंद्रकला दिवगैया एवं तत्‍कालीन रजिस्‍ट्रार श्रीमती सुनीता शिजू की प्रश्‍न तिथि तक विभागीय जांच प्रचलन में थी, वरिष्‍ठ संयुक्‍त संचालक (शिकायत) संचालनालय, स्‍वास्‍थ्‍य सेवाएं के आदेश क्रमांक1133-40/MC/स्‍थापना/अराज-5/24 दिनांक 21/06/2024 से श्रीमती सुनीता शिजू की सेवा तत्‍काल प्रभाव से समाप्‍त की गई है एवं वरिष्‍ठ संयुक्‍त संचालक (शिकायत) संचालनालय, स्‍वास्‍थ्‍य सेवाएं के आदेश क्रमांक/4/शिका/सेल-4/डीई/2024/925 दिनांक 21.06.2024 द्वारा श्रीमती चंद्रकला दिवगैया को सेवा से पदच्‍युत किया गया।

विस्‍तार पत्रक में दर्ज जमीन

[राजस्व]

37. ( क्र. 751 ) कुँवर अभिजीत शाह : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि           (क) क्या यह सही है कि विधानसभा प्रश्‍न क्रमांक 5815 दिनांक 17/03/2016 में बताए गए राजस्व ग्रामों के निस्तार पत्रक में दर्ज जिन जमीनों को ग्रामसभा एवं ग्राम पंचायत को सौंपा जाना प्रतिवेदित किया है उन जमीनों की अनुविभागीय अधिकारी राजस्व भा.व.अ.1927 की धारा 5 से 19 तक की जांच कर आरक्षित वन बनाने की कार्यवाही कर रहे है? (ख) प्रश्‍न क्रमांक 5815 में बताए किस जिले के ग्रामों की कितनी भूमियों की किस अनुविभागीय अधिकारी राजस्व के द्वारा भा.व.अ.1927 की धारा 5 से 19 तक की जांच एवं कार्यवाही 1988 से वन व्यवस्थापन अधिकारी के रूप में कर रहे है? (ग) निस्तार पत्रक, अधिकार अभिलेख, खसरा पंजी, पटवारी मानचित्र में दर्ज कितने ग्रामों की कितनी जमीनों को वर्किंग प्लान, एरिया रजिस्टर, वनकक्ष इतिहास, वनकक्ष मानचित्र में दर्ज कर वन विभाग संरक्षित वन प्रतिवेदित कर रहा है, कितनी भूमि वन विभाग के कब्जे में है जिलेवार बतावे। (घ) निस्तार पत्रक में दर्ज जमीनों को संरक्षित वन प्रतिवेदित करने, वन विभाग द्वारा कब्जा कर वर्किंग प्लान में शामिल करने की अनुमति राजस्व विभाग ने किस दिनांक को दी है प्रति सहित बतावे।

राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) बैतूल-हाँ। पूर्व विधानसभा तारांकित प्रश्‍न क्रमांक 5815 दिनांक 17/3/2016 के प्रश्‍नांश (ख) में प्रतिवेदित भूमि में से कुछ प्रयोजन में दर्ज जैसे इमारती लकड़ी या ईंधन एवं चारे के लिये आरक्षित क्षेत्र की कुछ भूमि जो म.प्र. राजपत्र दिनांक 25 मार्च 1988 में अधिसूचित है, की जांच अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 5 से 19 में कर रहे है। हरदा-हाँ, पूर्व विधानसभा तारांकित प्रश्‍न क्रमांक 5815 दिनांक 17/03/2016 के प्रश्‍नांश (ख) में प्रतिवेदित भूमि में से कुछ प्रयोजन में दर्ज जैसे इमरती लकड़ी या ईधन एवं चारे के लिये आरक्षित क्षेत्र की कुछ भूमि जो मध्‍य प्रदेश राजपत्र दिनांक 22/04/1988 में अधिसूचित है कि जांच अनुविभागीय अधिकारी (राजस्‍व) भारतीय वन अधिकार 1927 की धारा 5 से 19 में कर रहे है। नर्मदापुरम-जिला नर्मदापुरम अन्तर्गत अनुभाग पिपरिया अन्तर्गत कुल 11 ग्राम मोंगरा, जामुन ढोंगा, मुआर, घोघरी, काजरी, रोरीघाट, खामखेडी, बदकछार, कांजीघाट विनौरा बरगोदी, के निस्तार पत्रक की भूमियों को अनुविभागीय अधिकारी, राजस्व पिपरिया द्वारा भरतीय वन अधिनियम की धारा 5 से 19 तक की जांच कर आरक्षित वन बनाने की कार्यवाही की जा रही है एवं अनुभाग सोहागपुर में भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 5 से 19 तक की कार्यवाही न्यायालय अनुविभागीय अधिकारी में प्रचलित नहीं है। (ख) बैतूल-बैतूल जिले के अनुभाग बैतूल अंतर्गत 199 वनखंड रकबा 25224.232 हे. भूमियों की जांच अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) बैतूल द्वारा, अनुभाग भैंसदेही अंतर्गत 232 वनखंड रकबा 34269.384 हे. भूमियों की जांच अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) भैंसदेही द्वारा एवं अनुभाग मुलताई अंतर्गत 51 वनखंड रकबा 3347.915 हे. भूमियों की जांच अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) मुलताई के द्वारा भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 5 से 19 तक में जांच एवं कार्यवाही 1988 से वन व्यवस्थापन अधिकारी के रूप में कर रहे है। हरदा-हरदा जिले में हरदा अनुभाग अंतर्गत 36 वनखण्‍डों में 16544.782 हेक्‍टेयर भूमियों की जांच अनुविभागीय अधिकारी (राजस्‍व) हरदा एवं खिरकिया अनुभाग अंतर्गत 12 वनखण्‍डो में 1827.639 हेक्‍टेयर भूमियों की जांच अनुविभागीय अधिकारी (राजस्‍व) खिरकिया वन व्‍यवस्‍थापन अधिकारी के रूप में वन अधिनियम 1927 की धारा 5 से 19 तहत कर रहे है। नर्मदापुरम-जिला नर्मदापुरम पिपरिया अनुभाग में भारतीय वन अधिनियम की धारा 4 अंतर्गत राजपत्र में प्रकाशन दिनांक 29 अक्टूबर 2020-21 उपरांत कुल 11 ग्राम मोंगरा, जामुन ढोंगा, मुआर, घोघरी, काजरी, रोरीघाट, खामखेडी, बदकछार, कांजीघाट विनौरा बरगोदी के कुल रकबा 4324.525 हे. भूमियों के संबंध में अनुविभागीय अधिकारी राजस्व पिपरिया के द्वारा भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 5 से 19 तक की जांच एवं कार्यवाही वन व्यवस्थापन अधिकारी के रूप कर रहे है। अनुभाग सोहागपुर के प्रतिवेदन अनुसार वनव्यवस्थापन अधिकारी के रूप में 1988 से भा.व.अ.1927 की धारा 5 से 19 तक कार्यवाही न्यायालय अनुविभागीय अधिकारी सोहागपुर में प्रचलन में नहीं है। मध्यप्रदेश शासन के राजपत्र दिनांक 21 अक्टूबर 2021 के अनुसार सतपुडा टाईगर रिजर्व के 4 वनखण्डों (सोनपुर 441.869 हे., कुकरा 59.626 हे., चित्तौडपट्टन 62.934 हे., नांदनेर 59.789 हे.) पर न्यायालय अनुभागीय अधिकारी राजस्व सोहागपुर में भारतीय वन अधिनियम की 1927 की धारा 4 से 19 की कार्यवाही प्रचलन में है। (ग) प्रश्‍नांश (ग) से संबंधित जानकारी वन विभाग से एकत्रित की जा रही है।        (घ) प्रश्‍नांश (घ) से संबंधित जानकारी वन विभाग से एकत्रित की जा रही है।

वनखण्‍डों की जांच एवं कार्यवाही

[राजस्व]

38. ( क्र. 752 ) कुँवर अभिजीत शाह : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि               (क) क्या हरदा, बैतूल जिले के अनुविभागीय अधिकारी राजस्व 1988 से प्रश्‍नांकित दिनांक तक             भू- राजस्व संहिता 1959 की धारा 237 (1) में आरक्षित, निस्तार पत्रक, अधिकार अभिलेख एवं खसरा पंजी पटवारी मानचित्र में दर्ज दखल रहित जमीनों को आरक्षित वन बनाने की जांच एवं कार्यवाही प्रश्‍नांकित दिनांक तक भी पूरी नहीं कर पाए। (ख) 1988 में किस अनुविभागीय अधिकारी को किस वनखण्ड में शामिल कितनी भूमियों की जांच हेतु वन व्यवस्थापन अधिकारी नियुक्त किया उनके समक्ष किस वनखण्ड का प्रकरण किस दिनांक को प्रस्तुत किया, प्रकरण दायरा पंजी में किस क्रमांक पर दर्ज है। (ग) वनखण्ड में शामिल भूमि निस्तार पत्रक, अधिकार अभिलेख एवं खसरा पंजी में किस-किस मद एवं किस-किस प्रयोजन में दर्ज है उन जमीनों को आरक्षित वन बनाने की कार्यवाही अनुविभागीय अधिकारी भू-राजस्व संहिता की किस-किस धारा में दिए किस प्रावधान के अनुसार कर रहे है। (घ) भू-राजस्व संहिता का उल्लघन एवं अवेहलना कर धारा 237 (1) में आरक्षित, बड़े झाड़, छोटे झाड़ के जंगल, घास, चरनोई मद में दर्ज जमीनों को आरक्षित वन बनाने की जांच एवं कार्यवाही करने का क्या कारण है यह कार्यवाही कब तक बन्द की जावेगी?

राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जी हाँ। हरदा जिले एवंबैतूल जिले में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्‍व) द्वारा वन व्‍यवस्‍थापन अधिकारी के रूप में जिन संरक्षित वन खण्‍डों के रूप में कार्यवाही कर रहे हैं उन्‍हें से भू राजस्‍व संहिता, 1959 की धारा 237 (1) में आरक्षित निस्‍तार पत्रक में दर्ज प्रयोजनों में से कुछ प्रयोजन जैसे इमारती लकड़ी या ईधन के लिये आरक्षित क्षेत्र एवं चारे के लिए आरक्षित क्षेत्र की कुछ भूमि की जांच की कार्यवाही प्रचलित है। (ख) जिला हरदा-वन विभाग की अधिसूचना क्रमांक एफ-5-38-87-दस-3 (189) दिनांक 05 अप्रैल 1988 से जिला हरदा         51 वनखण्डों की कुल 32439.388 हेक्टेयर भूमि हेतु अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), हरदा को वन व्यवस्थापन अधिकारी नियुक्त किया गया है। अधिसूचना में सम्मिलित वनखण्ड, उनको दर्ज किये जाने की दिनांक, दायरा क्रमांक की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट                                                                 जिला बैतूल -म.प्र. राजपत्र दिनांक 25 मार्च 1988 के द्वारा अनुविभागीय अधिकारी बैतूल को 199 वनखण्डों में शामिल रकबा 25224.232 हेक्टेयर भूमि की जांच हेतु वन व्यवस्थापन अधिकारी नियुक्‍त किया गया है। उक्‍त प्रकरणों को दायरा पंजी में दिनांक 26.10.1990, 07.11.1990, 14.11.1990, 20.11.1990, 22.11.1990, 17.12.1990, 19.12.1990 को पंजीबद्ध किया गया है। वर्ष 1988 में अनुविभागीय अधिकारी मुलताई को 51 वनखण्डों में शामिल रकबा 3347.915 हेक्टेयर भूमि की जांच हेतु वन व्यवस्थापन अधिकारी नियुक्त किया गया है। प्रकरणों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ब अनुसार। वर्ष 1988 में अनुविभागीय अधिकारी भैंसदेही को 232 वनखण्डों में शामिल रकबा 34269.384 हेक्टेयर भूमि की जांच हेतु वन व्यवस्थापन अधिकारी नियुक्त किया गया है। प्रकरणों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-स अनुसार। (ग) वन खण्‍ड में शामिल भूमि निस्‍तार पत्रक‍ अधिकार अभिलेख एवं खसरा पंजी में बड़े झाड़ का जंगल, इमारती एवं जलाऊ लकड़ी चराई के प्रयोजन में दर्ज है। इस प्रकार दर्ज निस्‍तार की भूमियों को आरक्षित वन बनाने की कार्यवाही अनुविभागीय अधिकारी भू-राजस्‍व संहिता में किसी धारा के तहत नहीं करते हैं। (घ) वन विभाग द्वारा जो भूमियां संरक्षित वन के रूप में अधिसूचित की जा चुकी है उन भूमियों में हितबद्ध व्‍यक्तियों के दावों की जांच करने के लिए वन व्‍यवस्‍थापन अधिकारी नियमानुसार कार्यवाही करते हैं न कि निस्‍तार की भूमियों को आरक्षित वन बनाने का।

महाकाल मंदिर एक्ट के अंतर्गत अचल संपत्ति खरीदी की अनुमति

[धार्मिक न्‍यास और धर्मस्‍व]

39. ( क्र. 769 ) श्री महेश परमार : क्या राज्‍य मंत्री (स्वत्रंत प्रभार), संस्‍कृति महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या मध्य प्रदेश शासन कार्य आवंटन नियम के अनुसार श्री महाकालेश्‍वर मंदिर समिति पर शासकीय सेवा आचरण नियम 1965 प्रशासित होता है? यदि हां, तो वर्ष 2016 से प्रश्‍न दिनांक तक मंदिर समिति के अध्यक्ष एवं कलेक्टर द्वारा सक्षम प्राधिकारी होने के नाते अचल संपत्ति खरीदने के लिए प्रतिवर्ष कर्मचारियों को कितनी अनुमति दी गई? किस आधार पर दी गई, नोटशीट सहित उनके प्रति उपलब्ध करावें। (ख) वर्ष 2016 से प्रश्‍न दिनांक तक कितने पदाधिकारी एवं प्रशासनिक सदस्यगण एवं मंदिर परिसर में प्रशासक द्वारा नियुक्त किए गए हैं? उनके नाम पद सूची वेतन सहित उनकी सेवाशर्तों की प्रतियां उपलब्ध करावें। (ग) सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के अंतर्गत नियुक्त सेवाधारी से और प्रशासन समिति से प्रतिवर्ष अचल संपत्ति का विवरण क्या सक्षम प्राधिकारी ने प्राप्त किया है यदि हां, तो उनकी प्रतियां देवें। (घ) उनका सेवा रिकॉर्ड देखकर बतावें कि प्रथम स्थापना दिनांक से प्रश्‍न दिनांक तक कितनी अचल संपत्ति वेतन अनुसार खरीदी गई है? कितनी अचल संपत्ति आय से अधिक की श्रेणी में सम्मिलित पाई गई है? जिला कलेक्टर प्रशासनिक प्रतिवेदन प्रस्तुत करें। (ङ) आय से अधिक संपत्ति वाले कितने व्यक्ति महाकाल मंदिर समिति में एवं महाकाल परिसर में कार्यरत हैं? जिला कलेक्टर ने धारा 9 (1) से प्राप्त जानकारी पर वर्ष 2016 से प्रश्‍न दिनांक तक क्या कार्रवाई की प्रशासनिक प्रतिवेदन प्रस्तुत करें।

राज्‍य मंत्री (स्वत्रंत प्रभार), संस्‍कृति ( श्री धर्मेन्द्र भाव सिंह लोधी ) : (क) मध्‍यप्रदेश                श्री महाकालेश्‍वर मंदिर अधिनियम 1982 अनुसार श्री महाकालेश्‍वर मंदिर समिति पर शासकीय सेवा आचरण नियम 1965 प्रशासित नहीं होता है। शेष प्रश्‍न का प्रश्‍नांश उद्भूत नहीं होता। (ख) वर्ष 2016 से प्रश्‍न दिनांक तक प्रशासक द्वारा पदाधिकारी एवं प्रशासनिक सदस्‍यगण को मंदिर परिसर में नियुक्‍त नहीं किया गया है। (ग) सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के अन्‍तर्गत किसी भी सेवाधारी की नियुक्ति नहीं किए जाने के फलस्‍वरूप जानकारी संधारित नहीं है। (घ) जानकारी संधारित नहीं किए जाने के फलस्‍वरूप प्रशासनिक प्रतिवेदन प्रस्‍तुत नहीं किया जा सकता है।          (ड.) आय से अधिक संपत्ति वाला व्‍यक्ति महाकाल मंदिर समिति एवं महाकाल परिसर में कार्यरत नहीं है। इस हेतु प्रशासनिक प्रतिवेदन प्रस्‍तुत नहीं किया जा सकता है।

महाकाल मंदिर एक्ट के अनुसार नियुक्ति एवं अचल संपत्ति का विवरण

[धार्मिक न्‍यास और धर्मस्‍व]

40. ( क्र. 770 ) श्री महेश परमार : क्या राज्‍य मंत्री (स्वत्रंत प्रभार), संस्‍कृति महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) महाकाल मंदिर एक्ट 1982 के तहत कितने पुजारी प्रतिनिधि पुरोहित की नियुक्ति किए जाने का प्रावधान है? उक्त प्रावधान के साथ पदवार नियुक्ति दिनांक वेतन सहित पूर्ण विवरण सूची देवें। (ख) महाकाल मंदिर में नियम अनुसार गर्भग्रह के सेवक श्रेणी के देवस्व पुजारी कितने हैं और उनकी नियुक्ति कब की गई है? स्थापना आदेश एवं उनके नियम शर्तें की प्रति उपलब्ध करावें। (ग) उक्त एक्ट अनुसार महाकाल मंदिर परिसर में कितने कर्मचारी बिना नियुक्ति, बिना आदेश बिना प्रावधान के कार्यरत हैं? उन सभी की तत्काल जांच कर उनके नाम पद सूची देते हुए बताएं कि परिसर में प्रतिदिन उनकी भूमिका को लेकर श्रद्धालुओं के साथ हो रही मारपीट और अवैध वसूली को लेकर मंदिर प्रशासन ने आज प्रश्‍न दिनांक तक क्या कार्रवाई की गई है? (घ) वर्ष 2016 से प्रश्‍न दिनांक तक महाकाल मंदिर समिति में ऐसे कितने सदस्य पदाधिकारी हैं जिनके ऊपर विभागीय जांच न्यायालय प्रकरण एवं शिकायत लंबित है? उनकी प्रति उपलब्ध करावें। नाम कार्यकाल और नियुक्ति दिनांक एवं अंचल संपत्ति के विवरण के साथ पूर्ण जानकारी देवें।             (ङ) सिंहस्थ 2016 से प्रश्‍न दिनांक तक महाकाल प्रशासन समिति के समस्त पदाधिकारी के प्रतिवर्ष संपत्ति के आय विवरण शासकीय सेवा आचरण अधिनियम अधिनियम 1965 की धारा 9 (1) सक्षम प्राधिकारी द्वारा प्रतिवर्ष प्राप्त की गई है। यदि हां, तो उनकी प्रतियां दें।

राज्‍य मंत्री (स्वत्रंत प्रभार), संस्‍कृति ( श्री धर्मेन्द्र भाव सिंह लोधी ) : (क) श्री महाकालेश्‍वर मंदिर अधिनियम 1982 के तहत मंदिर अधिनियम लागू होने की दिनांक से ही वंश परम्‍परा अनुसार 16 पुजारी एवं 22 पुरोहित कार्यरत है। श्री महाकालेश्‍वर मंदिर प्रबंध समिति द्वारा किसी भी अन्‍य व्‍यक्ति को पुजारी, पुरोहित के रूप में नियुक्‍त नहीं किया गया है। कार्यरत पुजारी, पुरोहित एवं प्रतिनिधियों की नियुक्ति दिनांक व वेतन विवरण की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट '''' अनुसार है। (ख) श्री महाकालेश्‍वर मंदिर में गर्भगृह में सेवक श्रेणी में 16 देवस्‍व पुजारी है। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट '''' अनुसार है। (ग) श्री महाकालेश्‍वर मंदिर प्रबंध समिति के अन्‍तर्गत कार्यरत समस्‍त कर्मचारी श्री महाकालेश्‍वर मंदिर अधिनियम 1982 एवं मंदिर अधिनियम के अन्‍तर्गत निर्मित उपविधि 2000 के प्रावधान अनुसार एवं आदेशों के अन्‍तर्गत कार्यरत है। श्रद्धालु के साथ हो रही मारपीट व अवैध वसूली के संबंध में प्राप्‍त शिकायतों पर यथोचित कार्यवाही मंदिर प्रशासन द्वारा की जाती है। (घ) वर्ष 2016 से प्रश्‍न दिनांक तक पदाधिकारियों पर किसी प्रकार की कोई विभागीय जांच, न्‍यायालय प्रकरण एवं शिकायत लंबित नहीं है। (ड.) सिंहस्‍थ 2016 से प्रश्‍न दिनांक तक महाकाल प्रशासन समिति के पदाधिकारियों की संपत्ति के आय विवरण की जानकारी मंदिर कार्यालय से संबंधित नहीं होने से संधारित नहीं की जाती है।

उप स्वास्थ्य केन्द्र की स्वीकृति

[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]

41. ( क्र. 772 ) श्री हरदीप सिंह डंग : क्या उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शासन द्वारा उप स्वास्थ्य केन्द्र की स्थापना हेतु क्या               गाइड-लाइन तय की गई? (ख) सुवासरा विधानसभा अन्तर्गत कम जनसंख्या वाले ग्राम (जैस वि.खंड धामनिया, घट्या आदर्श) में उप स्वास्थ्य केन्द्र स्वीकृत है, जबकि अधिक जनसंख्या वाले गांव (जैसे कि- ढाबला देवल, झलारा, धामनिया दिवान, कोटडा बहादुर) उप स्वास्थ्य केन्द्र से वंचित रहने का क्या कारण है? (ग) सुवासरा विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत ढाबला देवल, झलारा, कोटडा माता, कोटडा बहादुर, बैलारा, ढाबला भगवान, चिकला, भगौर, पतलासी कला, ईशाकपुर, रामगढ, ढोढर, धामनिया दिवानए बरखेडा नायक, खण्डेरिया काचर, करंडिया, सेदरा करनाली, गलिहारा, सेमलिया रानी, मुवाला, झांगरिया, सुरखेडा, सरग सेदरा, ढण्ढेडा, धतुरिया, जगदी, बंजारी, गरडा, मुण्डला, बोरखेडी रेडका, मोलाखेडी खुर्द आदि में उप स्वास्थ्य केन्द्र की कब तक स्वीकृति जारी कर दी जावेगी?

उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) शासन द्वारा सामान्य क्षेत्र में प्रति 5 हजार की आबादी पर 01 उप स्वास्थ्य केन्द्र तथा आदिवासी क्षेत्र में प्रति 3 हजार की आबादी पर 01 उप स्वास्थ्य केन्द्र की स्थापना का मापदण्ड निर्धारित किया गया है।             (ख) नवीन स्वास्थ्य संस्थाओं की स्थापना एवं उन्नयन का कार्य संबंधित जिले की जिला स्वास्थ्य समिति द्वारा अनुशंसित प्रस्ताव, स्थानीय जनप्रतिनिधि की अनुशंसा, जिले की आवश्यकता, राज्य स्तर द्वारा किए गए गैप एनालिसिस तथा वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता के आधार पर किया जाता है। (ग) सुवासरा विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत ढाबला देवल, झलारा, कोटडा माता, कोटडा बहादुर, बैलारा, ढाबला भगवान, चिकला, भगौर, पतलासी कला, ईशाकपुर, रामगढ, ढोढर, धामनिया दिवान, बरखेडा नायक, खण्डेरिया काचर, करंडिया, सेदरा करनाली, गलिहारा, सेमलिया रानी, मुवाला, झांगरिया, सुरखेडा, सरग सेदरा, ढण्ढेडा, धतुरिया, जगदी, बंजारी, गरडा, मुण्डला, बोरखेडी रेडका तथा मोलाखेडी खुर्द में उप स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र खोले जाने के संबंध में विभाग द्वारा पात्रता एवं निर्धारित मापदण्‍ड के परिप्रेक्ष्य में परीक्षण कर वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता के अनुरूप निर्णय लिया जा सकेगा। समय-सीमा बताना संभव नहीं।

घट्टिया विधानसभा क्षेत्र अन्तर्गत सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में सुविधाएं

[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]

42. ( क्र. 774 ) श्री सतीश मालवीय : क्या उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या उज्जैन जिले की घट्टिया विधानसभा क्षेत्र अन्तर्गत सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र घट्टिया एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र उन्हेल में शव विच्छेदन कक्ष नहीं होने से विधानसभा क्षेत्र घट्टिया के सैकड़ों ग्रामवासियों को असुविधा होती है एवं जिला मुख्यालय से 25 किमी दूर होने से शव विच्छेदन कक्ष अत्यन्त आवश्यक है? शव विच्छेदन कक्ष निर्माण मय सम्पूर्ण सुविधा के कब तक प्रारंभ किया जावेगा? (ख) घट्टिया विधानसभा क्षेत्र अन्तर्गत सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र घट्टिया स्त्री रोग विशेषज्ञ एवं जनरल फिजिशियन एवं नर्सिंग स्टॉफ की पूर्ति कब तक कर दी जावेगी। स्टॉफ के कर्मचारियों को रहने हेतु शासकीय क्वार्टर का निर्माण का कब तक किया जावेगा? (ग) आगामी सिंहस्थ-2028 को देखते हुए एवं आसपास के 30-40 ग्रामों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिल सके यहां पर स्त्री रोग विशेषज्ञ, चिकित्सा विशेषज्ञ, शल्य क्रिया विशेषज्ञ एवं एक्स-रे मशीन हेतु रेडियोग्राफर को कब तक पदस्थ किया जावेगा?

उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जी नहीं, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र घट्टिया एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र उन्हेल में शव विच्छेदन कक्ष उपलब्ध होकर संचालित है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र घट्टिया में मेडिसिन, सर्जरी एवं स्त्रीरोग विशेषज्ञ के 01-01 पद स्वीकृत एवं रिक्त है, पदपूर्ति एक निरंतर प्रक्रिया है, पदपूर्ति हेतु निश्‍िचत समयावधि बताई जाना संभव नहीं है। सामुदायिक स्वास्थ्य घट्टिया में नर्सिंग संवर्ग में स्टॉफ नर्स के 06 पद स्वीकृत है एवं 06 स्टॉफ नर्स कार्यरत है। स्टॉफ के कर्मचारियों के रहने हेतु पूर्व से शासकीय क्वाटर्स उपलब्ध है। (ग) जानकारी उत्‍तरांश '''' में समाहित है। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र घट्टिया में 01 रेडियोग्राफर का पद स्वीकृत होकर वर्तमान में कार्यरत है।

रिक्‍त पदों की पूर्ति

[जल संसाधन]

43. ( क्र. 779 ) श्री फुन्‍देलाल सिंह मार्को : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शहडोल संभाग अंतर्गत जल संसाधन विभाग के कुल कितने जिला/अनुविभाग/उप संभाग हैं? नाम सहित जानकारी देवें? (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार स्वीकृत एवं भरे पदों कि वर्गवार जानकारी देवें तथा रिक्त पद कब से खाली हैं? प्रशासन/विभाग द्वारा पद पूर्ति के संबंध में प्रश्‍न दिनांक तक क्या-क्या कार्यवाही की गई है? कार्यवाही की छायाप्रति देवें? (ग) रिक्त पदों को कब तक भरा जाएगा।

जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) शहडोल संभाग अंतर्गत जल संसाधन विभाग से संबंधित कार्यालयों की  जानकारी  पुस्तकालय  में रखे  परिशिष्ट  के प्रपत्र-"अ" अनुसार है।              (ख) वर्गवार स्वीकृत भरे एवं रिक्त पदों की  जानकारी  पुस्तकालय  में रखे  परिशिष्ट  के प्रपत्र "ब" अनुसार है। जल संसाधन विभाग अंतर्गत स्वीकृत पदों की पूर्ति संभागीय कार्यालय पर नहीं की जाती, अपितु राज्य स्तर पर विभाग अंतर्गत रिक्त पदों की पूर्ति सुनिश्‍िचत की जाती है, जिसके लिए वर्ष-2021, 2022 एवं 2024 में की गई कार्यवाही की  जानकारी  पुस्तकालय  में रखे  परिशिष्ट-1, 2, 3, 4 एवं 5 अनुसार है। (ग) विभाग अंतर्गत रिक्त पदों की पूर्ति की कार्यवाही सतत् प्रक्रिया है। समय-सीमा बताना संभव नहीं है।

सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र का सिविल अस्‍पताल में उन्‍नयन

[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]

44. ( क्र. 783 ) श्री सुनील उईके : क्या उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या जुन्‍नारदेव विकासखण्‍ड में जुन्‍नारदेव एवं दमुआ दो नगरपालिका, तामिया विकासखंड की 35 एवं जुन्नारदेव विकासखंड की 97 ग्राम पंचायतों का क्षेत्र आता है। जुन्नारदेव विधानसभा एक आदिवासी आरक्षित विधानसभा है इसमें अनुसूचित जाति, जनजाति एवं पिछड़े वर्ग के लोग निवास करते हैं। क्षेत्रफल की दृष्टि से यह सबसे बड़ी विधानसभा है, लेकिन स्वास्थ्य सुविधा के नाम पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जुन्‍नारदेव पर ही निर्भर है।            (ख) क्‍या सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र जुन्‍नारदेव में स्‍त्री रोग विशेषज्ञ एवं शिशु रोग विशेषज्ञ की उपलब्‍धता है। यदि नहीं, तो कब तक इन रोग विशेषज्ञों की उपलब्‍धता पर माननीय उप मुख्‍यमंत्री महोदय जी विचार करेंगे। (ग) क्‍या माननीय उप मुख्‍यमंत्री महोदय प्रश्‍नकर्ता द्वारा उप मुख्‍यमंत्री कार्यालय में दिये गये पत्र क्र. 6097, दिनांक 28.05.2024 को विधानसभा क्षेत्र जुन्‍नारदेव की जनता को स्‍वास्‍थ्‍य सुविधाओं की दृष्टि से जुन्नारदेव विकासखंड के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जुन्‍नारदेव का उन्नयन कर सिविल अस्पताल बनाने का इस बजट सत्र में प्रावधान करेंगे?

उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जी हाँ। (ख) जी नहीं, विभाग द्वारा विशेषज्ञों की पूर्ति हेतु मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग के माध्यम से सीधी भर्ती की कार्यवाही प्रचलन में है। समय-सीमा बताई जाना संभव नहीं है। (ग) लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग को माननीय विधायक श्री सुनील उईके का पत्र क्रमांक 6097 दिनांक 28.05.2024 प्राप्त हुआ है। पत्रानुसार सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र जुन्नारदेव का सिविल अस्पताल में उन्नयन करने के प्रस्ताव पर पात्रता एवं निर्धारित मापदण्ड के परिप्रेक्ष्य में परीक्षण कर वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता के अनुसार निर्णय लिया जा सकेंगा। समय-सीमा बताई जाना संभव नहीं है।

शिक्षा का अधिकार अधिनियम के अंतर्गत वंचित वर्ग के बच्चों का स्‍कूल में प्रवेश

[स्कूल शिक्षा]

45. ( क्र. 786 ) श्रीमती झूमा डॉ. ध्यानसिंह सोलंकी : क्या परिवहन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रदेश में शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के अंतर्गत गरीब और वंचित वर्ग के बच्चों को एडमिशन देने वाले कई निजी स्कूल इन बच्चों से खाने, गाड़ी और अन्य एक्टिविटी की फीस मांग रहे है? यदि हाँ, तो खरगोन जिले के स्‍कूलों की सूची उपलब्ध कराएं?            (ख) क्या सरकार इस बात से सहमत है कि गरीब और वंचित वर्ग के ये बच्चे इस स्कूलों की खाने, गाड़ी और अन्य गतिविधियां की महंगी फीस देने से असमर्थ है? यदि हाँ, तो सरकार गरीब और वंचित वर्ग के इन बच्चों के हित संरक्षण के लिए क्या कर रही है?

परिवहन मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) शिक्षा का अधिकार अधिनियम अंतर्गत अशासकीय स्‍कूलों में नि:शुल्‍क अध्‍ययनरत बच्‍चों से वाहन एवं अन्‍य शुल्‍क स्‍वैच्छिक है। खरगौन जिले की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार। (ख) प्रश्‍नांश () के उत्‍तर के अनुक्रम में शेष का प्रश्‍न ही नहीं उठता।

तालाब की नहरों को सीमेंटीकृत किया जाना

[जल संसाधन]

46. ( क्र. 787 ) श्रीमती झूमा डॉ. ध्यानसिंह सोलंकी : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भीकनगांव विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत जल संसाधन विभाग अन्तर्गत कुल कितने तालाब है, जिससे किसानों को नहरों के माध्यम से सिंचाई हेतु पानी उपलब्ध कराया जाता है? वर्तमान में उक्त तालाबों की भौतिक स्थिति‍ क्या है? (ख) क्या नवलपुरा तालाब एवं विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत पूर्व निर्मित तालाबों की नहरें क्षतिग्रस्त एवं पानी का रिसाव होने से किसानों का नुकसान होता है? हाँ तो इनको सीमेंटीकृत करने हेतु विभाग द्वारा क्या कार्यवाही की गई है तथा सम्पूर्ण नहरों का सीमेन्टीकरण कब तक किया जायेगा?

जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) भीकनगांव विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत जल संसाधन उपसंभाग भीकनगांव के अधीन 31 ऐसे तालाब है, जिससे किसानों को नहरों के माध्यम से सिंचाई हेतु पानी उपलब्ध कराया जाता है। वर्तमान में सभी तालाब रूपांकित सिंचाई क्षमता अनुसार क्रियाशील है। (ख) जी नहीं, नवलपुरा तालाब एवं विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत जल संसाधन उपसंभाग भीकनगांव में पूर्व में निर्मित तालाबों की नहरों के रिसाव से कृषकों की फसल को क्षति नहीं प्रतिवेदित होना है। इस संबंध में कोई शिकायत प्राप्त होना प्रतिवेदित नहीं है। भीकनगांव विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत संपूर्ण नहरों के सीमेंटीकृत किये जाने की कोई कार्ययोजना स्वीकृत नहीं है। अतः पूर्ण किये जाने की समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

शहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की जानकारी

[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]

47. ( क्र. 805 ) डॉ. अभिलाष पाण्डेय : क्या उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला जबलपुर के मनमोहननगर शहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में कितने चिकित्साकर्मी एवं सहायक स्टॉफ के पद स्वीकृत हैं? इन स्वीकृत पदों में से कितने व कौन-कौन से पद भरे हैं एवं कितने व कौन-कौन से पद खाली है? (ख) रिक्त पदों को कब तक भरा जा सकेगा जिससे कि चिकित्सालय में आने वाले मरीजों को उपचार मिल सके? (ग) क्या उक्त स्वास्थ्य केंद्र में नियमानुसार पर्याप्त चिकित्सीय उपकरण उपलब्ध हैं? यदि नहीं, तो कब तक उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्‍िचत कराई जावेगी? (घ) सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को उप स्वास्थ्य केंद्र में उन्नयन किए जाने के क्या प्रावधान है? क्या मनमोहन नगर शहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र उन्नयन हेतु पात्रता रखता है? यदि हाँ, तो तो कब तक उन्नयन किया जाएगा?

उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जानकारी संलग्‍न  परिशिष्‍ट  अनुसार है। (ख) रिक्त पदों की पूर्ति निरंतर जारी है। मनमोहननगर शहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के माध्यम से विशेषज्ञ चिकित्सक एवं अन्य सहायक स्टॉफ की पूर्ति की गई है। उपलब्ध चिकित्सकों एवं स्टॉफ के द्वारा चिकित्सालय में आने वाले मरीजों को स्वास्थ्य सेवायें प्रदान की जा रही है। (ग) जी हाँ। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।         (घ) सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र को उप स्वास्थ्य केन्द्र में उन्नयन करने का प्रावधान नहीं है। उप स्वास्थ्य केन्द्र से प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र या सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में उन्नयन किया जाता है। जी नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - "आठ"

वाहनों के प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र की आवश्‍यकता

[परिवहन]

48. ( क्र. 806 ) डॉ. अभिलाष पाण्डेय : क्या परिवहन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि  (क) प्रदेश में वाहनों के प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र जारी किए जाने के क्या नियम है एवं निर्देश हैं? नवीन क्रय किए गए वाहनों हेतु कितने समय/सालों तक प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र की आवश्यकता नहीं है? (ख) क्या विभाग द्वारा वाहनों के प्रदूषण की जांच हेतु प्राइवेट एजेंसियों को प्रदूषण नियंत्रण की जांच करने हेतु नियुक्त किया गया है? इन प्राइवेट एजेंसियों द्वारा सही तरीके से प्रदूषण नियंत्रण जांच कर सर्टिफिकेट प्रदान किया जा रहा है इसकी जांच गत दो वर्षों में कब कब, किस अधिकारी द्वारा की गई? (ग) प्रायः देखने में आ रहा है जो वाहन प्रदूषण फैला रहे हैं उन्हें भी प्रदूषण नियंत्रण का सर्टिफिकेट प्रदान किया जा रहा है जिससे वातावरण में प्रदूषण बढ़ रहा है, तो क्या विभाग इसी समस्त एजेंसियों की जांच कर कार्यवाही करेगी? (घ) क्या विभाग इस प्रकार की अहम जांच प्राइवेट हाथों से वापिस लेते हुए शासन आधीन करने पर विचार करेगा जिससे इस फर्जीवाड़े पर लगाम कसी जा सकें?

परिवहन मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) प्रदेश में वाहनों के प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण-पत्र जारी किए जाने हेतु केन्द्रीय मोटरयान नियम, 1989 के नियम 115 से नियम 115 E में नियम विहित किये गये हैं। केन्द्रीय मोटरयान नियम, 1989 के नियम 115 के उपनियम (7) अनुसार वाहन के पंजीकरण दिनांक से एक वर्ष तक प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण-पत्र की आवश्यकता नहीं है। (ख) जी हाँ, विभाग द्वारा वाहनों के प्रदूषण की जांच हेतु प्राइवेट एजेंसियों को प्रदूषण नियंत्रण की जांच करने हेतु नियुक्त किया गया है। प्रदेश में इन प्राइवेट एजेंसियों द्वारा सही तरीके से प्रदूषण नियंत्रण जांच कर सर्टिफिकेट प्रदान किया जा रहा है। दो वर्षों में की गई जांच के संबंध में  वांछित जानकारी संलग्न  परिशिष्ट  अनुसार  है। (ग) प्रदेश में समस्त वाहन प्रदूषण नियंत्रण जांच केन्द्रों को एनआईसी के पीयूसीसी मॉड्यूल के माध्यम से वाहन पोर्टल से जोड़ा जा रहा है, जिसके तहत प्रदूषण नियंत्रण जांच केन्द्र वाहन पोर्टल से ऑनलाईन जुड़कर वाहन की प्रदूषण जांच कर ऑनलाईन ही प्रमाण-पत्र जारी करते हैं, जिसमें वाहन के आवश्यक फोटो एवं वीडियो अपलोड करना अनिवार्य होता है तथा मानवीय हस्तक्षेप की संभावना नगण्य होती है। वाहनों के प्रदूषण की ऑनलाईन जांच की जाकर ऑनलाईन ही प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण-पत्र जारी किये जाने की इस विश्‍वसनीय व्यवस्था का पायलेट भोपाल जिले में सफलतापूर्वक पूर्ण किया गया है तथा इस व्यवस्था को समस्त जिलों में लागू किया जा रहा है। (घ) प्रश्‍नांश (ग) के उत्तर के परिप्रेक्ष्य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - "नौ"

प्रौढ़ शिक्षा हेतु प्राप्‍त आवंटन

[स्कूल शिक्षा]

49. ( क्र. 809 ) श्री अनिल जैन : क्या परिवहन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि             (क) निवाड़ी जिले अंतर्गत प्रौढ़ शिक्षा हेतु वर्ष 2022-23 एवं वर्ष 2023-24 में कितना आवंटन प्राप्त हुआ था, वर्षवार, विकासखण्डवार संपूर्ण जानकारी देवें? (ख) क्या प्रौढ़ शिक्षा के माध्यम से सरकार द्वारा असाक्षरता को कम करने हेतु अथक प्रयास किये जाते है परंतु फिर भी निवाड़ी विकासखण्ड में वर्ष 2022-23 से वर्ष 2023-24 में असाक्षरों की संख्या में वृद्धि हुई है, यदि हाँ, तो असाक्षरता की दर में वृद्धि के लिए कौन जिम्मेदार है? असाक्षरों के नामवार व शालावार जानकारी देवें। (ग) क्या असाक्षर व्यक्तियों को पढ़ाने हेतु अक्षर साथी नियुक्त किये जाते हैं एवं उन्हें पारिश्रमिक दिया जाता है, यदि हाँ, तो निवाड़ी जिले में किन-किन अक्षर साथियों को वर्ष 2022-232023-24 में पारिश्रमिक दिया गया, विकासखण्डवार, वर्षवार, स्कूलवार, नामवार जानकारी देवें? (घ) क्या निवाड़ी जिले के अन्तर्गत प्रौढ़ शिक्षा परीक्षा वर्ष 2023-24 में परीक्षा केन्द्रों पर परीक्षा कराये जाने हेतु कोई सामग्री नहीं भेजी गई एवं उक्त सामग्रियों को क्रय करने के नाम पर फर्जी बिल लगाकार भुगतान किया गया है, उक्त भुगतान पत्रकों का सत्यापन करने वाले अधिकारी का नाम एवं पदनाम बतावें?

परिवहन मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट  पर है। (ख) निवाड़ी विकासखण्‍ड में वर्ष 2022-23 से वर्ष 2023-24 में असाक्षरों की संख्‍या में कोई वृद्धि नहीं हुई है। मूल्‍यांकन परीक्षा में सम्मिलित परीक्षार्थियों की जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट  पर है। (ग) उल्‍लासनव भारत साक्षरता कार्यक्रम अंतर्गत असाक्षर व्‍यक्तियों को पढ़ाने के लिए स्‍वयंसेवक के रूप में कार्य करने हेतु व्‍यक्तियों को चिन्हित किया गया है। जिन्‍हें ''अक्षर साथी'' नाम दिया गया है। इस योजना में अक्षर साथी को पारिश्रामिक का प्रावधान नहीं है। (घ) निवाड़ी जिले में प्रौढ़ शिक्षा वर्ष 2023-24 में परीक्षा केन्‍द्रों पर परीक्षा कराये जाने हेतु केन्‍द्र पर असाक्षरों के मान से सामग्री भेजी गई है। सामग्री क्रय में म.प्र. भण्‍डार क्रय नियम का पालन करते हुए सामग्री क्रय की गई है। जिसका सत्‍यापन जिला प्रौढ़ शिक्षा अधिकारी राजेश कुमार पटैरिया एवं गठित समिति के द्वारा किया गया है।

परिशिष्ट - "दस"

उप तहसील को तहसील का दर्जा दिया जाना

[राजस्व]

50. ( क्र. 810 ) श्री अनिल जैन : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि             (क) तहसील गठन हेतु निर्धारित मापदण्ड क्या हैं? म.प्र. में विगत 05 वर्षों में किन-किन नई तहसीलों का गठन किस आधार पर किया गया है? (ख) क्या तत्कालीन माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा विधान सभा क्षेत्र निवाड़ी अंतर्गत उपतहसील तरीचरकलां को तहसील का दर्जा दिए जाने की घोषणा की गई थी, यदि हाँ, तो इस ओर क्या कार्यवाही की जा रही है एवं कब तक उपतहसील तरीचरकलां को तहसील का दर्जा दिया जावेगा?

राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट '''' अनुसार है। विगत 05 वर्षों में कुल 24 तहसीलों का गठन किया गया है। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट '''' अनुसार है। कलेक्‍टर से प्राप्‍त प्रस्‍ताव का परिक्षण कर 30 दिवस में प्रारंभिक अधिसूचना जारी कर दावें आपत्तिया प्राप्‍त किये जाते है। तत्‍पश्‍चात APC की बैठक के अनुमोदन उपरांत मंत्रि-परिषद में रखा जाता है। (ख) जी हाँ। प्रकरण प्रक्रिया‍धीन है। निश्‍िचत समय-सीमा बताया जाना सभंव नहीं है।

कटनी जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता

[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]

51. ( क्र. 816 ) श्री धीरेन्द्र बहादुर सिंह : क्या उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शासकीय जिला चिकित्सालय सहित कटनी जिले में कितने और कौन-कौन से प्राथमिक एवं उप स्वास्थ्य केंद्र कब से कहाँ-कहाँ संचालित हैं, इन संस्थाओं में किस नाम एवं पदनाम के कौन-कौन शासकीय सेवक कब से वर्तमान में कार्यरत हैं? इनके क्या-क्या कार्य और कर्तव्य हैं? (ख) प्रश्‍नांश '''' संस्थाओं में संस्थावार चिकित्सा/उपचार की कौन-कौनसी सुविधाएं एवं क्या-क्या उपकरण उपलब्ध हैं, और किन-किन उपकरणों की आवश्यकता हैं और कौन-कौन से उपकरण किन कारणों से बिना उपयोग के कबसे रखे हैं? क्या इसके लिए संस्था एवं विभाग स्तर पर कार्यवाही प्रचलित हैं? यदि हाँ, तो क्या? यदि नहीं, तो क्यों? (ग) क्या कटनी के वर्तमान मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी सहित प्रश्‍नांश '''' संस्थाओं के चिकित्सकों द्वारा अशासकीय तौर पर जांच केंद्र/क्लीनिक संचालित हैं एवं अपने आवासों में मरीजों का शुल्क लेकर उपचार किया जाता हैं और OPD के समय अशासकीय चिकित्सालयों में कार्य करते हैं तथा विगत समय इस प्रकार के प्रकरण जिला प्रशासन के संज्ञान में आए हैं? (घ) प्रश्‍नांश '''' यदि हाँ, तो जांच केंद्र/क्लीनिक संचालित करने एवं आवास में शुल्क लेकर उपचार करने और अशासकीय चिकित्सालयों में कार्यरत रहने की अनियमितता किन-किन शासकीय सेवकों द्वारा की जा रही हैं? (ङ) क्या प्रश्‍नांश '''' से ''''अनियमितताओं की शीघ्रता से उच्च स्तरीय जांच करवाकर अपने कर्तव्यों के विपरीत कार्य करने वाले चिकित्सकों पर समुचित कार्यवाही की जाएगी? यदि हाँ, तो क्या एवं कब तक? यदि नहीं, तो क्यों?

उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) कटनी जिले अंतर्गत जिला चिकित्सालय सहित 20 प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र एवं 187 उप स्वास्थ्य केन्द्र संचालित है। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र '''' अनुसार है। संबंधित संस्थाओं में समस्त उपकरण उपयोग में हैं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) जी नहीं। जी नहीं। जी नहीं। जिला चिकित्सालय कटनी में पदस्थ          डॉ. श्रद्धा द्विवेदी द्वारा आवास में शुल्क लेकर उपचार किये जाने संबंधी प्रकरण जिला प्रशासन के संज्ञान में आने पर, संबंधित के विरूद्ध कार्यालय कलेक्टर द्वारा अनुशासनात्मक कार्यवाही की अनुशंसा के अनुक्रम में, संभागायुक्त जबलपुर के समक्ष प्रकरण विचाराधीन है। (घ) जानकारी उत्तरांश '''' में समाहित है। (ङ) उत्‍तरांश () अनुसार कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। समय-सीमा बताना सम्‍भव नहीं।

फौती, बंटवारा, नामांतरण एवं सीमांकन के लंबित आवेदन

[राजस्व]

52. ( क्र. 821 ) श्री इंजीनियर प्रदीप लारिया : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) राजस्व विभाग अंतर्गत सागर जिले में फौती, बटवारा, नामांतरण एवं सीमांकन के कितने आवेदन किसानों/आवेदनकर्ताओं द्वारा विभाग में जमा किये गये हैं तथा वर्ष-2022-23, 2023-24 से प्रश्‍न दिनांक तक कितने प्रकरण विभाग में लंबित हैं? तहसीलवार जानकारी देवें। (ख) क्या प्रश्‍न (क) में फौती, बटवारा, नामांतरण एवं सीमांकन के आवेदन को जमा उपरांत शासन द्वारा या विभाग द्वारा क्या      समय-सीमा निर्धारित की गई है? (ग) सागर जिले में ऐसे कितने प्रकरण है पंजीबद्ध है जो विभाग द्वारा निर्धारित समय-सीमा में निराकरण नहीं किये गये है? तहसीलवार/विधानसभावार जानकारी देवें।       (घ) यदि शासन द्वारा निर्धारित समय-सीमा में प्रकरण/आवेदनों का निराकरण नहीं किया गया है। तो इसके लिए शासन स्तर से कोई कार्यवाही की जाएगी तथा विधानसभा क्षेत्र नरयावली अंतर्गत तहसील/नायब तहसीलदार कार्यालयों में ऐसे कितने आवेदन वर्ष-2022-23, 2023-24 से प्रश्‍न दिनांक तक फौती, बटवारा, नामांतरण एवं सीमांकन हेतु लंबित है एवं निराकरण/समाधान विभाग द्वारा नहीं किया गया है। नाम/तहसील का नाम एवं नाम/ग्राम का कारण सहित विस्तृत जानकारी देवें।  

राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) सागर जिले में फौती, बटवारा, नामांतरण एवं सीमांकन के आवेदनों से संबंधित जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-अ अनुसार। (ख) म.प्र. लोकसेवा प्रबंधन विभाग मंत्रालय वल्‍लभ भवन भोपाल दिनांक 10 अप्रैल 2013, दिनांक 26 मई 2014 एवं राजस्‍व विभाग मंत्रालय का पत्र क्रमांक एफ 5-15/2014/सात-1 भोपाल दिनांक 28/01/2014 एवं समय-समय पर जारी शासन के दिशानिर्देशों के अनुसार अविवादित नामांतरण हेतु 30 कार्य दिवस, अविवादित बटवारा के लिये 90 कार्य दिवस एवं अविवादित सीमांकन के लिये 45 कार्य दिवस समय-सीमा निर्धारित की गई है।  (ग) सागर जिला अंतर्गत प्रश्‍नाधीन अवधि में कुल 662 प्रकरण समय-सीमा से अधिक लंबित है जिनका दस्‍तावेजों के अभाव एवं विवादित होने से समय-सीमा में नहीं हुआ है जिसकी तहसीलवार जानकारी निम्‍नानुसार है :- 1. तहसील सागर नगर अंतर्गत 567 प्रकरणों का निराकरण दस्‍तावेजों के आभाव में समय-सीमा में नहीं हुआ है 2. तहसील सागर अंतर्गत कुल 95 प्रकरणों का निराकरण समय-सीमा में निराकृत नहीं हुआ है। शेष सभी तहसीलों में शासन द्वारा निर्धारित समय-सीमा में प्रकरणों का निराकरण किया गया है। अत: शेष तहसीलों की जानकारी निरंक है। (घ) लोकसेवा गारंटी अधिनियम अंतर्गत प्रकरण समय-सीमा से बाह्य होने पर कार्यवाही की गई है। प्रश्‍नांश विधानसभा क्षेत्र नरयावली अंतर्गत तहसील सागर में 2022-23 में कोई भी फौती, बटवारा, नामांतरण एवं सीमांकन लंबित नहीं है। विधानसभा क्षेत्र नरयावली अंतर्गत तहसील सागर में वर्ष 2023-24 से प्रश्‍न दिनांक तक ऐसे प्रकरण में समय-सीमा बाह्य विवादित नामांतरण-26, विवादित बटवारा-42 एवं सीमांकन-8 प्रकरण लंबित है। शेष प्रश्‍नांश की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-ब अनुसार।

सिंचाई योजना की लंबित प्रशासकीय स्वीकृति

[जल संसाधन]

53. ( क्र. 822 ) श्री इंजीनियर प्रदीप लारिया : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या नरयावली विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत मध्यम कड़ान सिंचाई परियोजना के लिए 109 करोड़ रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति विभाग में लंबित है? यदि हाँ, तो जानकारी देवें। (ख) क्या पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति के कारण मध्यम सिंचाई परियोजना का निर्माण कार्य एवं नाला बंधान कार्य में व्यवधान/रूकावट उत्पन्न हो रहा है तथा निर्माण कार्य भी प्रभावित हो रहा है?      (ग) क्या परियोजना में गाईड बण्‍ड कार्य किया जा रहा है तथा जल ग्रहण क्षेत्र से एकत्रित पानी की मात्रा अधिक होने पर उसकी निकासी पम्प-मोटर से किये जाने का प्रावधान है एवं ग्रामीणों द्वारा इसका विरोध किया जा रहा है? (घ) मध्यम सिंचाई परियोजना निर्माण कार्य पर शासन द्वारा लगभग 400 करोड़ रूपये व्यय हुए हैं एवं गाईड बण्‍ड निर्माण कार्य के प्रावधान के कारण कभी भी अप्रत्याशित जन-हानि होने को रोकने एवं योजना का उद्देश्‍य पूर्ण करने के लिए पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति विभाग में लंबित है। यदि हाँ, तो स्वीकृति कब तक प्रदान करेगा?

जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) जी हाँ, नरयावली विधानभा क्षेत्र अंतर्गत कड़ान मध्यम सिंचाई परियोजना के लिए राशि रू. 507.84 करोड़ की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति हेतु प्रस्ताव, साधिकार समिति द्वारा दिए गए निर्देशानुसार विभागीय स्‍तर पर परीक्षणाधीन है। (ख) जी नहीं, वन प्रकरण द्वितीय चरण की स्वीकृति अपेक्षित होने एवं कार्य के मूल प्रावधान के अनुरूप डूब क्षेत्र में गाईड बण्ड निर्माण का ग्रामीणों द्वारा विरोध के कारण कार्य बाधित होना प्रतिवेदित है।                                       (ग) जी हाँ, परियोजना में अनुबंधानुसार गाईड बण्‍ड का निर्माण कार्य तथा अपस्ट्रीम में एकत्रित पानी की मात्रा की निकासी पम्प-मोटर से किये जाने का प्रावधान है। ग्रामीणों द्वारा इसका विरोध किया जाना प्रतिवेदित है। (घ) कड़ान मध्यम सिंचाई परियोजना पर मई-2024 तक रू.375.23 करोड़ व्यय हो चुका है। पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति हेतु प्रस्ताव, साधिकार समिति द्वारा दिए गए निर्देशानुसार विभागीय स्‍तर पर परीक्षणाधीन है। निश्चित समय-सीमा बताना संभव नहीं है।

सागर में श्रीकृष्ण लोक का निर्माण

[धार्मिक न्‍यास और धर्मस्‍व]

54. ( क्र. 825 ) श्री शैलेन्द्र कुमार जैन : क्या राज्‍य मंत्री (स्वत्रंत प्रभार), संस्‍कृति महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) उज्जैन के महाकाल लोक की तर्ज पर सागर में श्रीकृष्ण लोक को बनाने की कोई योजना शासन के समक्ष प्रचलन में है? यदि हाँ, तो वर्तमान में इस योजना की क्या प्रगति है? यह योजना कब तक पूरी हो जाएगी? (ख) इस योजना में किन-किन घटकों को शामिल गया है? इसके साथ ही इस योजना में किन-किन मंदिरों का विकास भी किया जाना है? इसकी विस्तृत जानकारी देवें। (ग) सागर के बड़ा बाजार (प्रस्तावित श्रीकृष्ण लोक क्षेत्र) में 27 कृष्ण मंदिर व अन्य मंदिर हैं, जिसकी संर्कीण गलियों और मुख्य सड़कों पर अस्थाई और स्थाई अतिक्रमण हैं, तो क्या शासन द्वारा इन संर्कीण गलियों और मुख्य सड़कों के चौड़ीकरण की कोई योजना बनाई गई है? यदि हाँ, तो यह कार्य कब तक पूरा किया जाएगा?

राज्‍य मंत्री (स्वत्रंत प्रभार), संस्‍कृति ( श्री धर्मेन्द्र भाव सिंह लोधी ) : (क) विभाग द्वारा वर्तमान में इस प्रकार की कोई कार्ययोजना प्रस्‍तावित नहीं है। शेष प्रश्‍न का प्रश्‍नांश उद्भूत नहीं होता।                 (ख) प्रश्‍नांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उद्भूत नहीं होता। (ग) सागर जिले में संकीर्ण गलियों और मुख्‍य सड़कों का स्‍थाई/अस्‍थाई अतिक्रमण हटाया जाता है।

अस्पतालों में अमानक दवाओं का वितरण

[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]

55. ( क्र. 840 ) श्री नारायण सिंह पट्टा : क्या उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में मरीजों को अमानक दवाएं वितरित किये जाने की जानकारी मिली है? यदि हाँ, तो 1 जनवरी, 23 से प्रश्‍न दिनांक तक प्रदेश के किस-किस सरकारी अस्पताल में कौन-कौन सी अमानक दवाएं मरीजों को दी गई? उपरोक्त में से किस-किस मामले में अमानक दवा लेने वाले मरीज पर किस तरह का प्रतिकूल प्रभाव पड़ा? (ख) सरकारी अस्पतालों में अमानक दवा सप्लाई करने पर किस-किस कम्पनी पर क्या-क्या कार्यवाही की गई? भविष्य में किसी भी मरीज को अमानक दवा न दी जाये इसके लिए क्या उपाय किये गये हैं? (ग) क्या राज्य सरकार प्रदेश के जिला अस्पतालों को प्रायवेट सेक्टर को सौंपने जा रहा है? यदि हाँ, तो प्रदेश के जिला अस्पतालों को प्रायवेट सेक्टर में देने के बाद यहाँ की जनता को बेहतर और नि:शुल्क चिकित्सा सुविधा कैसे मिलेगी? (घ) राज्य सरकार जिला अस्पतालों की स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार करके उन्हें आम लोगों के लिए और बेहतर बनाने के स्थान पर प्रायवेट सेक्टर को देने को प्राथमिकता क्यों दे रही है?

उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जी नहीं, कोई भी दवा प्रदेश की स्‍वास्‍थ्‍य संस्‍थाओं के स्‍टॉक एवं स्‍टोर में तभी दर्ज की जाती है, जब दवा के साथ तृतीय पक्ष की एन.ए.बी.एल. गुणवत्‍ता रिपोर्ट, जो उसे मानक दर्शाती है, प्रस्‍तुत किया गया है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) मध्‍यप्रदेश पब्लिक हेल्‍थ सर्विसेस कॉर्पोरेशन लिमिटेड, मानक एवं उच्‍च गुणवत्‍तायुक्‍त औषधियों को प्रदेश की स्‍वास्‍थ्‍य संस्‍थाओं में आपूर्ति कराये जाने हेतु प्रतिबद्ध है। शासकीय प्रयोगशाला द्वारा जांच में अमानक पायी गयी औषधियों के विरूद्ध की गयी कार्यवाही की जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। मध्‍यप्रदेश पब्लिक हेल्‍थ सर्विसेस कॉर्पोरेशन लिमिटेड द्वारा आमंत्रित निविदा में केवल निर्धारित टर्न-ओवर के ऊपर की WHO-GMP फर्म की पात्र होती है। प्रदेश में प्रत्‍येक बैच की Third Party NABL Test Report के मानक गुणवत्‍ता प‍रीक्षण रिपोर्ट के आधार पर ही दवा वितरण की जाती है। यदि औषधि का कोई बैच शासकीय/अनुबंधित प्रयोगशाला से अमानक घोषित किया जाता है तो, तत्‍काल ही अमानक घोषित बैच को ''एम.पी. औषधि'' सॉफ्टवेयर के माध्‍यम से उपयोग/वितरण हेतु रोक दिया जाता है। शासकीय प्रयोगशाला द्वारा औषधि के बैच को अमानक घोषित किये जाने के आधार पर मध्‍यप्रदेश पब्लिक हेल्‍थ सर्विसेस कॉर्पोरेशन लिमिटेड द्वारा निविदा की शर्तानुसार संबंधित प्रदायकर्ता फर्म/उत्‍पाद के विरूद्ध ब्‍लैक लिस्टिंग/डीबार एवं बैच वैल्‍यू रिकवरी संबंधी कार्यवाही की जाती है। भविष्‍य में गुणवत्‍ता प्रक्रिया को अधिक सुदृढ़ बनाने हेतु पूर्व से बनी हुई दवा-नीति को संशोधित करते हुए नवीन दवा-नीति 2023 जारी की गई है। (ग) जी नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) उत्‍तरांश (ग) के उत्‍तर के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (क) जी नहीं, कोई भी दवा प्रदेश की स्‍वास्‍थ्‍य संस्‍थाओं के स्‍टॉक एवं स्‍टोर में तभी दर्ज की जाती है, जब दवा के साथ तृतीय पक्ष की एन.ए.बी.एल. गुणवत्‍ता रिपोर्ट, जो उसे मानक दर्शाती है, प्रस्‍तुत किया गया है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।                      (ख) मध्‍यप्रदेश पब्लिक हेल्‍थ सर्विसेस कॉर्पोरेशन लिमिटेड, मानक एवं उच्‍च गुणवत्‍तायुक्‍त औषधियों को प्रदेश की स्‍वास्‍थ्‍य संस्‍थाओं में आपूर्ति कराये जाने हेतु प्रतिबद्ध है। शासकीय प्रयोगशाला द्वारा जांच में अमानक पायी गयी औषधियों के विरूद्ध की गयी कार्यवाही की जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। मध्‍यप्रदेश पब्लिक हेल्‍थ सर्विसेस कॉर्पोरेशन लिमिटेड द्वारा आमंत्रित निविदा में केवल निर्धारित टर्न-ओवर के ऊपर की WHO-GMP फर्म की पात्र होती है। प्रदेश में प्रत्‍येक बैच की Third Party NABL Test Report के मानक गुणवत्‍ता प‍रीक्षण रिपोर्ट के आधार पर ही दवा वितरण की जाती है। यदि औषधि का कोई बैच शासकीय/अनुबंधित प्रयोगशाला से अमानक घोषित किया जाता है तो, तत्‍काल ही अमानक घोषित बैच को ''एम.पी. औषधि'' सॉफ्टवेयर के माध्‍यम से उपयोग/वितरण हेतु रोक दिया जाता है। शासकीय प्रयोगशाला द्वारा औषधि के बैच को अमानक घोषित किये जाने के आधार पर मध्‍यप्रदेश पब्लिक हेल्‍थ सर्विसेस कॉर्पोरेशन लिमिटेड द्वारा निविदा की शर्तानुसार संबंधित प्रदायकर्ता फर्म/उत्‍पाद के विरूद्ध ब्‍लैक-लिस्टिंग/डीबार एवं बैच वैल्‍यू रिकवरी संबंधी कार्यवाही की जाती है। भविष्‍य में गुणवत्‍ता प्रक्रिया को अधिक सुदृढ़ बनाने हेतु पूर्व से बनी हुई दवा-नीति को संशोधित करते हुए नवीन दवा-नीति 2023 जारी की गई है।           (ग) जी नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) उत्‍तरांश (ग) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - "ग्यारह"

चैक-पोस्‍टों पर की जा रही अवैध वसूली

[परिवहन]

56. ( क्र. 846 ) श्री दिनेश राय मुनमुन : क्या परिवहन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या भारत वर्ष में मध्‍यप्रदेश राज्‍य ही ऐसा है जिसमें विभाग द्वारा परिवहन जांच चौकियां (चैक-पोस्‍ट) संचालित हो रही हैं? यदि हाँ, तो जांच चौकियों पर नियुक्‍त अधिकारियों/कर्मचारियों के नियुक्‍त किये जाने संबंधी क्‍या नियम/निर्देश हैं? अवगत कराते हुये प्रति उपलब्‍ध करायें।                                    (ख) विभाग द्वारा स्‍थापित चैक-पोस्‍टों पर हो रही अवैध वसूली को रोकने के लिये कार्यालय परिवहन आयुक्‍त म.प्र. ग्‍वालियर द्वारा पत्र क्रमांक 2396 दिनांक 19/04/2017 द्वारा पत्र लिखा गया था? यदि हाँ, तो पत्र की प्रति उपलब्‍ध करायें। (ग) विभाग द्वारा मध्‍यप्रदेश में स्‍थापित  चैक-पोस्टों को राजस्‍व हेतु कितना-कितना लक्ष्‍य दिया है? वर्ष 2019-20 से प्रश्‍न दिनांक तक की जानकारी उपलब्‍ध कराये तथा लक्ष्‍यों के विरूद्ध कितनी-कितनी वसूली चैक-पोस्‍टों से की गई है? चैक-पोस्‍टवार लक्ष्‍य एवं वसूली की जानकारी उपलब्‍ध करायें। (घ) क्‍या उक्‍त स्‍थापित चौकियों में सिवनी जिले की सीमा से लगे हुए खवासा चैक-पोस्‍ट संचालित है? यदि हाँ, तो वर्ष 2020 से प्रश्‍न दिनांक तक कितने आर.टी.ओ., आर.टी.आई. पदस्‍थ किये गये हैं? नाम/पता सहित संपत्तियों का विवरण वर्षवार अलग-अलग जानकारी देवें। क्‍या उक्‍त चैक-पोस्‍टों पर नियुक्‍त अधिकारियों द्वारा अवैध वसूली किये जाने संबंधी शिकायत विभाग/प्रशासन को की गई है? यदि हाँ, तो शिकायतों पर क्‍या कार्यवाही की गई है?

परिवहन मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जी नहीं। नियम/निर्देश की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट '''' अनुसार है। (ख) चैक-पोस्टों पर से प्रायवेट व्यक्तियों को हटाने संबंधी परिवहन आयुक्त कार्यालय, मध्यप्रदेश ग्वालियर द्वारा पत्र क्रमांक 2396 दिनांक 19.04.2017 जारी किया गया था, पत्र की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट '''' अनुसार है। (ग) विभाग द्वारा मध्यप्रदेश में स्थापित चैक-पोस्टों को राजस्व हेतु कोई लक्ष्य नहीं दिया जाता अपितु शासन द्वारा परिवहन विभाग के अधीन परिवहन कार्यालयों को एकमुश्त वार्षिक/मासिक राजस्व लक्ष्य आवंटित किया जाता है। वर्ष 2019-20 से दि. 31.05.2024 तक चैक-पोस्टों से की गयी वसूली संबंधी जानकारी का पत्रक पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट '''' अनुसार है। (घ) जी हाँ। वर्ष 2020 से खवासा चैक-पोस्ट पर पदस्थ आर.टी.ओ., आर.टी.आई. की सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट '''' अनुसार है। उक्त अवधि में खवासा चैक-पोस्ट पर पदस्थ आर.टी.आई. के संपत्तियों का नाम, पता सहित अलग-अलग विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''ड.'' अनुसार है। खवासा चैक-पोस्ट पर नियुक्त अधिकारियों द्वारा अवैध वसूली/अन्य शिकायतें किये जाने संबंधी कुल 11 शिकायतें कार्यालय में प्राप्त हुई थीं, जिनमें से तीन शिकायतों की जांच उपरांत शिकायतों की पुष्टि नहीं होने पर सक्षम अधिकारी द्वारा शिकायत नस्तीबद्ध किये जाने के आदेश पारित किये गये हैं। शेष शिकायतों पर जांच कार्यवाही प्रचलन में हैं।

आयुष्मान भारत योजना में इलाज उपरांत मरीज़ों से की गई वसूली

[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]

57. ( क्र. 852 ) श्री आतिफ आरिफ अकील : क्या उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) आयुष्मान भारत योजना अंतर्गत भोपाल जिले में ऐसे कौन-कौन से अस्पताल हैं जिनके द्वारा इलाज के बाद मरीज़ों से उपचार की राशि लेने के बावजूद उनके बिलों को आयुष्मान भारत योजना अंतर्गत लगाए गए हैं? (ख) भोपाल जिले के किन-किन अस्पतालों की यह शिकायत मिली है कि उन्होंने आयुष्मान कार्ड होने के बाद भी मरीज़ों से अतिरिक्त राशि वसूल की है? (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के परिप्रेक्ष्य में किस-किस अस्पताल द्वारा मरीजों से वसूल की गई कितनी-कितनी अतिरिक्त राशि वापस की गई? उक्त अस्पतालों में से किस-किस अस्पताल पर शासन द्वारा क्या-क्या कार्रवाई की गई? पृथक-पृथक जानकारी से अवगत करावें।

उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) एवं (ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) आयुष्‍मान भारत निरामयम योजना की डीएम्‍पेनलमेंट की एस.ओ.पी. के प्रवाधानों अनुसार संबंधित अस्‍पतालों के विरूद्ध अर्थदण्‍ड अधिरोपित करने तथा योजना से असंबद्ध करने की कार्यवाही की गई है, जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है।

परिशिष्ट - "बारह"

नर्सिंग कॉलेजों की मान्‍यता

[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]

58. ( क्र. 854 ) श्री आतिफ आरिफ अकील : क्या उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रदेश के अनेकों जिलों में सरकार और मेडिकल काउंसिल एवं चिकित्सा विभाग व सरकारी तंत्र के भ्रष्ट अधिकारियों और नेताओं की मिलीभगत से सैकड़ों की संख्या में नर्सिंग कॉलेज खोले गए हैं? (ख) यदि हाँ, तो प्रश्‍न दिनांक तक सरकार द्वारा इतने बड़े पैमाने पर प्रदेश में नर्सिंग कॉलेज घोटाले में संलिप्त भ्रष्ट नेता और अफसरों पर शासन द्वारा कब-कब, क्या-क्या तथा कौन-कौन सी कार्रवाई की गई? क्या जांच में सम्मिलित नर्सिंग कॉलेज की मान्यता सरकार द्वारा रद्द कर दी गई है? यदि हाँ, तो नर्सिंग कॉलेज में अध्‍ययनरत छात्रों के लिए क्या कार्ययोजना बनाई गई है? यदि नहीं, तो क्यों? कारण सहित बतावें। वर्ष 2020 से प्रश्‍न दिनांक तक किन-किन कॉलेजों की मान्‍यता रद्द की गई एवं किन-किन दोषियों पर कार्यवाही की गई? (ग) प्रश्‍नांश "क" के परिप्रेक्ष्य में प्रदेश में नर्सिंग कॉलेज, आयुर्वेदिक कॉलेज, एलोपैथिक नर्सिंग होम एवं चिकित्सालय खोले जाने के क्या नियम हैं? पृथक-पृथक जानकारी उपलब्ध करावें।                 (घ) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के परिप्रेक्ष्य में क्या नर्सिंग कॉलेज/पैरामेडिकल संस्थान खोले जाने के लिए स्थान का निरीक्षण अनिवार्य है? यदि हाँ, तो क्या संबंधित नर्सिंग कॉलेज जिनकी मान्यता समाप्त की गई है, क्‍या मेडिकल यूनिवर्सिटी द्वारा परीक्षण किया गया था? यदि हाँ तो किस-किस संबंधित अधिकारियों द्वारा कौन-कौन से परीक्षण उपरांत नर्सिंग कॉलेज को मान्यता दी गई थी? अधिकारियों/कर्मचारियों के नाम, विभाग सहित संपूर्ण जानकारी से अवगत करावें।

उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जी नहीं।                             (ख) उत्‍तरांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) प्रदेश में नर्सिंग कॉलेज खोले जाने के नियम की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अनुसार, आयुर्वेदिक कॉलेज के संबंध में नियम की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अनुसार एवं एलोपैथिक नर्सिंग होम एवं चिकित्‍सालय खोले जाने हेतु विनियामक नियम मध्‍यप्रदेश उपचार्यग्रह तथा रजोपचार संबंधी स्‍थापनाएं (रजिस्‍ट्रीकरण तथा अनुज्ञापन) अधिनियम, 1973 व नियम 1997 यथासंशोधित नियम 2021 की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अनुसार है(घ) जी हाँ। मध्‍यप्रदेश नर्सिंग शिक्षण संस्‍था मान्‍यता संशोधित नियम 2020 के नियम-5 के उपनियम (2) में नवीन नर्सिंग संस्‍था को आवेदन के समय स्‍व-प्रमाणित शपथ-पत्र (निर्धारित प्रारूप के अनुरूप) प्रस्‍तुत करना होगा। इसके भौतिक सत्‍यापन उपरांत नवीन नर्सिंग संस्‍था को मान्‍यता दी जा सकेगी, जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अनुसार है। नर्सिंग कॉलेजों की मान्‍यता से संबंधित पूर्ण अधिकार मध्‍यप्रदेश नर्सिंग रजिस्‍ट्रेशन कौंसिल को है। अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

प्रदेश के शासकीय स्‍कूलों में शिक्षकों की कमी

[स्कूल शिक्षा]

59. ( क्र. 856 ) श्री अमर सिंह यादव : क्या परिवहन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि  (क) क्‍या प्रदेश के शासकीय स्‍कूलों में कक्षा 1 से 12 तक शिक्षकों की कमी वाले स्‍कूलों में अतिथि शिक्षकों को पढ़ाये जाने हेतु रखे जाने का प्रावधान है? यदि हाँ तो इसके क्‍या नियम निर्देश हैं? शासन की प्रति उपलब्‍ध करावें। (ख) राजगढ़ जिले की विधानसभा राजगढ़ में वर्ष 2023-2024 में किन-किन अतिथि शिक्षकों को अध्‍यापन कार्य हेतु कब से कब तक रखा गया था? नाम, पदनाम एवं विषय सहित बतावें। क्‍या उनको पूरे कार्य के मानदेय का भुगतान किया जा चुका है? यदि नहीं, तो कब तक किया जावेगा? (ग) क्‍या अतिथि‍ शिक्षकों हेतु निर्धारित योग्‍यता के साथ-साथ डी.एल.एड. अथवा बी.एड. की डिग्री होना अनिवार्य है? यदि हाँ, तो नियम-निर्देश की प्रति उपलब्‍ध करावें। (घ) राजगढ़ जिले की विधानसभा राजगढ़ में वर्ष 2023-2024 में ऐसे कितने अतिथि शिक्षक हैं जिनके पास डी.एल.एड. अथवा बी.एड. की डिग्री नहीं है? उनके नाम, पदनाम एवं संस्‍था का नाम सहित जानकारी उपलब्‍ध करावें तथा उन्‍हें किस नियम-निर्देश के तहत अतिथि शिक्षक रखा गया है?

परिवहन मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जी हाँ, जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-1 अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-2 अनुसार है। बजट उपलब्धता पर निर्भर है। अतः समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ग) जी नहीं, अतिथि शिक्षक वर्ग 1 एवं 2 को बी.एड. एवं वर्ग-3 को डी.एल.एड. के 100 अंक प्रदान कर स्कोर कार्ड बनाया जाता है एवं स्कोर कार्ड में प्राप्त अंको के आधार पर मेरिट क्रम में अतिथि शिक्षकों को आमंत्रित किया जाता है।   (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-3 अनुसार है। अतिथि शिक्षक रखने हेतु बी.एड., डी.एल.एड. की अनिवार्यता नहीं है।

प्राथमिक शिक्षकों के पदों की पूर्ति

[स्कूल शिक्षा]

60. ( क्र. 857 ) श्री अमर सिंह यादव : क्या परिवहन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि    (क) राजगढ़ जिले में कुल कितने प्राथमिक विद्यालय संचालित हैं? विकासखण्‍डवार नाम व ग्राम सहित बतावें। (ख) उक्‍त प्राथमिक विद्यालयों में प्राथमिक शिक्षकों के कितने पद स्‍वीकृत हैं, उनमें से कितने पद भरे हैं तथा कितने पद रिक्‍त हैं? (ग) क्‍या शासन द्वारा भविष्‍य में उक्‍त रिक्‍त पदों की पूर्ति की जावेगी? (घ) यदि हाँ, तो कब तक और यदि नहीं, तो क्‍यों? नहीं तो कारण बतावें।

परिवहन मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-1 अनुसार। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-2 अनुसार। (ग) पद पूर्ति सतत् प्रक्रिया है, समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (घ) उत्तरांश '''' के प्रकाश में शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

राजस्‍व विभाग के नक्शा, खसरा, खतोनी व्‍य‍वस्थित किया जाना

[राजस्व]

61. ( क्र. 861 ) डॉ. राजेश सोनकर : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि        (क) क्या जिला देवास अंतर्गत सोनकच्छ विधानसभा क्षेत्र की कृषि भूमि‍ का नक्शा, खसरा, खतोनी इत्यादि व्यवस्थित नहीं है? (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में यदि हाँ, तो इसके लिये कौन-कौन अधिकारी/कर्मचारी जिम्मेदार हैं? (ग) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में नक्शा, खसरा, खतोनी व्यवस्थित नहीं होने से किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है? भूमि रिकार्ड कब तक व्यवस्थित कर दिया जावेगा? (घ) सोनकच्छ विधानसभा क्षेत्र में स्थित जलाशयों, तालाब, तलाई इत्यादि पर       कहाँ-कहाँ अतिक्रमण है और उसे हटाने हेतु क्या-क्या कार्यवाही की गयी है एवं इनके गहरीकरण की क्या-क्या योजनाएं है?

राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जिला देवास अंतर्गत सोनकच्‍छ विधानसभा क्षेत्र में रिकार्ड संबंधी कोई समस्‍या नहीं हैं, मात्र तहसील सोनकच्‍छ ग्राम भौंरासा का बन्‍दोबस्‍त दु्रूस्‍त करवाने की कार्यवाही प्रचलित है। (ख) ग्राम भौरांसा तहसील सोनकच्छ जिला देवास का बंदोबस्त त्रुटिपूर्ण होने से सम्बंधित जांच अनुविभागीय अधिकारी अनुविभाग-सोनकच्छ द्वारा की जा रही है। दोषी पाए जाने पर विधि अनुरूप कार्यवाही की जावेगी। (ग) किसानों को किसी भी प्रकार की कोई परेशानी नहीं हैं। ग्राम भौरांसा तहसील सोनकच्‍छ के नवीन बन्‍दोबस्‍त की कार्यवाही प्रचलित है।      (घ) अनुभाग सोनकच्छ में जनपद सोनकच्छ अन्तर्गत 06 तालाबों पर कृषकों द्वारा कृषि कार्य हेतु अतिक्रमण किया गया था, जिसे हटा दिया जाकर कब्जा पंचायत को सौंपा गया है। जनपद अन्तर्गत 35 छोटे-बड़े तालाब, 05 स्‍टॉप डैम/चेकडेम तथा 09 कुंओं का गहरीकरण कार्य जल-गंगा संवर्धन अभियान के तहत जनसहयोग एवं प्रशासन द्वारा किया जा रहा है। कालीसिंध नदी सोनकच्छ के मध्य में धार्मिक स्थल के रुप में अतिक्रमण होना पाया गया है जिन्हें हटाये जाने के हेतु दोनों पक्षों के धर्मगुरूओं से समन्वय स्थापित कर अपने-अपने धार्मिक स्थल स्‍वयं के द्वारा हटाये जाने तथा अन्यत्र स्थल पर विस्थापित किये जाने पर चर्चा की गई है जो कार्य प्रगति पर है तथा नगर सोनकच्छ में कालीसिंध नदी के गहरीकरण का कार्य जल-गंगा संवर्धन अभियान के तहत जन सहयोग एवं प्रशासन द्वारा किया जा रहा है। नगर भौंरासा में 1 कुंआ एवं 1 बावड़ी का गहरीकरण कार्य जल-गंगा संवर्धन अभियान के तहत जनसहयोग एवं प्रशासन द्वारा किया जा रहा है।

सिविल अस्पताल एवं स्वास्थ्य केन्द्रों की जानकारी

[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]

62. ( क्र. 863 ) डॉ. राजेश सोनकर : क्या उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला देवास अंतर्गत सोनकच्छ विधानसभा क्षेत्र में कितने सिविल हॉस्पिटल, शहरी प्राथमि‍क स्वास्थ्य केन्द्र, प्राथमि‍क स्वास्थ्य केन्द्र एवं कितने उप-स्वास्थ्य केन्द्र संचालित हैं? सूची उपलब्ध करवायें व इनके भवनों की अधोसंरचना की वस्तु स्थिति बतावें। (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में सभी स्वास्थ्य केन्द्रों में किस कैडर के कितने पद स्वीकृत हैं? ड्यूटी का रोस्टर क्या है? कितने पद रिक्त है एवं कितने पदों पर चिकित्सक, स्टाफ नर्स, ए.एन.एम., वार्ड बॉय, आया बाई एवं भृत्य नियुक्त हैं? (ग) क्या स्टाफ की नाइट ड्यूटी भी लगायी जाती है? यदि हाँ, तो नाइट ड्यूटी वाले स्टाफ की जांच कौन अधिकारी करते हैं? ड्यूटी रोस्टर के अनुसार उपस्थित न होने वाले स्टाफ की क्या समय-समय पर जांच की गयी है और जांच में अनियमितताएं पाए जाने पर क्या कार्यवाही की गयी है? वित्तीय वर्ष 2018-19 से प्रश्‍न दिनांक तक किस-किस अधिकारी/ कर्मचारी पर क्या कार्यवाही की गई है? (घ) सिविल हॉस्पिटल एवं स्वास्थ्य केन्द्रों पर जांच उपकरण जैसे सोनोग्राफी, एक्स-रे मशीन, पैथोलॉजी उपकरण की स्थिति‍ क्या है? क्या वे चालू होकर व्यवस्थित काम कर रहे हैं या नहीं? कितने स्थानों पर ऑक्सीजन प्लांट स्वीकृत हैं एवं कितने स्थानों पर चालू हालात में है, अगर बंद हैं तो क्यों?

उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) सोनकच्छ विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत 01 सिविल अस्पताल, 03 प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र एवं 60 उप स्वास्थ्य केन्द्र संचालित हैं तथा कोई भी शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र संचालित नहीं है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। विभाग द्वारा चिकित्सकों की ड्यूटी हेतु प्रेषित दिशा-निर्देशों के तहत स्थानीय उपलब्धता के आधार पर ड्यूटी रोस्टर निर्मित कर अनुपालन किया जाता है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ग) जी हाँ। विकासखण्ड सोनकच्छ अंतर्गत सिविल अस्पताल एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र हेतु रात्रि कालीन ड्यूटी पर पदस्थ स्टाफ का पर्यवेक्षण, मुख्य खण्ड चिकित्सा अधिकारी डॉ. शैलेन्द्र औरिया एवं विकासखण्ड टोंकखुर्द अंतर्गत प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र हेतु मुख्य खण्ड चिकित्सा अधिकारी डॉ. माया कल्याणी द्वारा किया जाता है। जी हाँ। जांच में पाई गई वस्तु स्थितिनुसार सन्नियम कार्यवाही की जाती है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (घ) सिविल अस्पताल एवं अन्य स्वास्थ्य केन्द्रों पर जांच उपकरण जैसे सोनोग्राफी, एक्स-रे एवं पैथोलॉजी उपकरण उपलब्ध होकर, क्रियाशील अवस्था में है। जी हाँ। सिविल अस्पताल सोनकच्छ में 01 पी.एस.ए. प्लांट स्थापित होकर संचालित है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

ग्राम चौसला के समीप बांध का निर्माण

[जल संसाधन]

63. ( क्र. 868 ) श्री विपीन जैन : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि             (क) सिंचाई सुविधा में विस्तार हेतु समय-समय पर राज्य सरकार द्वारा किसानों और जनप्रतिनिधियों की मांग पर नदियों पर बांध बनाकर सिंचाई का रकबा बढ़ाया जाता है (ख) यदि हाँ, तो क्या मंदसौर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम चौसला के समीप शिवना नदी पर बांध बनाए जाने का प्रारंभिक प्रस्ताव तैयार किया गया है? (ग) बांध निर्माण से क्षेत्र के कितने ग्रामों की, कितनी हेक्टेयर भूमि की सिंचाई संभावित है? बांध निर्माण के संबंध में प्रश्‍नकर्ता द्वारा विभाग को पत्र के माध्यम से बांध बनाए जाने की मांग की गई है। (घ) इस संबंध में शासन स्तर से अभी तक    क्या-क्या आवश्यक कार्यवाहियां की गई हैं? (ड.) उप सचिव एवं मुख्य अभियंता जल संसाधन विभाग द्वारा प्रेषित पत्र के संदर्भ में विभाग द्वारा क्या कार्यवाही की गई है? कार्यपालन यंत्री मंदसौर द्वारा विस्तृत सर्वेक्षण हेतु अनुमानित 44.18 लाख रुपए की राशि कब तक स्वीकृत होगी ताकि विस्तृत सर्वेक्षण किया जा सके? (च) मंदसौर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत सिंचाई सुविधाओं के विस्तार एवं बाढ़ नियंत्रण हेतु शिवना नदी पर ग्राम चौसला के पास बांध बनाया जाकर किसानों की मांग को पूर्ण किया जाएगा?

जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) जी हाँ, जनप्रतिनिधियों एवं किसानों की मांग पर योजना बनाकर तकनीकी प्रशासकीय स्वीकृति उपरांत सिंचाई परियोजना निर्माण कर रकबा बढ़ाया जाता है। (ख) जी हाँ, मंदसौर विधानसभा क्षेत्र अन्तर्गत ग्राम चौसला के समीप शिवना नदी पर बांध बनाये जाने का सर्वे प्रस्ताव तैयार किया गया है। (ग) बांध निर्माण से मंदसौर विधानसभा क्षेत्र के कई ग्रामों की लगभग 25000 हेक्टेयर भूमि सिंचित होने की संभावना है। माननीय                 श्री विपीन जैन, विधायक मंदसौर द्वारा बांध बनाये जाने की मांग की गई है। (घ) से (च) शिवना वृहद सिंचाई परियोजना का विस्तृत सर्वेक्षण प्राक्कलन परीक्षणाधीन है। सर्वेक्षण प्राक्कलन की स्वीकृति एवं बांध निर्माण की समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

क्षतिग्रस्त बांध का मरम्‍मत कार्य

[जल संसाधन]

64. ( क्र. 870 ) श्री विपीन जैन : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि             (क) क्या मंदसौर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत हांसली तालाब वर्ष 2019 में बाढ़ के कारण क्षतिग्रस्त हो गया था? क्या उक्त बांध से आसपास के ग्रामीण क्षेत्र यथा हांसली, सेमली, माल्या खेरखेड़ा आदि ग्रामीण क्षेत्र के किसानों को सिंचाई का लाभ प्राप्त होता था? (ख) क्या बांध के क्षतिग्रस्त होने के कारण सिंचाई कार्य प्रभावित हुआ है? क्या प्रश्‍नकर्ता और विभाग द्वारा पत्राचार के माध्यम से एस.डी.एम.एफ. मद से बांध मरम्मत की मांग की गई है? यदि हाँ, तो बताएं कि कुल कितनी राशि से बांध का मरम्मत कार्य पूर्ण होगा? (ग) क्षतिग्रस्त हो जाने के 5 वर्ष बीत जाने के बावजूद भी इसके मरम्मत का कार्य क्यों नहीं किया गया है? बांध मरम्मत की प्रशासकीय स्वीकृति कब तक जारी कर दी जाएगी?

जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) जी हाँ। स्टेट समय में निर्मित निमज्जित हांसली तालाब वर्ष 2019 में बाढ़ से क्षतिग्रस्त हो गया था। यह एक निमज्जित तालाब है जिसे माह अक्टूबर में खाली कर दिया जाता है एवं नमीयुक्त भूमि पर कृषकों द्वारा खेती का लाभ लिया जाता है। (ख) एवं (ग) हाँ, बांध के क्षतिग्रस्त होने से सिंचाई प्रभावित हुई है। योजना की मरम्मत हेतु विभाग द्वारा एस.डी.एम.एफ मद के अंतर्गत सुधार कार्य राशि रूपये 384.32 लाख प्रस्तावित किया जाना प्रतिवेदित है। राहत आयुक्त से प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त होने के उपरांत मरम्मत कार्य कराया जाना संभव हो सकेगा। निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

शिवपुरी जिले में नहरों का जीर्णोद्धार

[जल संसाधन]

65. ( क्र. 872 ) श्री कैलाश कुशवाहा : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि      (क) शिवपुरी जिले में जल संसाधन विभाग एवं सिंध परियोजना की कौन-कौन सी नहरें कहाँ से कहाँ तक, किन-किन तालाबों एवं बांधों से निकली हैं? उक्त नहरों की सिंचाई क्षमता क्या है? नहरों के भराव की क्षमता कितनी मि.घ.मी. है? उक्त नहरों की वर्तमान स्थिति कैसी है? इसका अंतिम निरीक्षण या भौतिक सत्यापन किसके द्वारा कब-कब किया गया? (ख) क्या प्रश्‍नांश (क) में वर्णित नहरें बीच-बीच में फूटी हुई हैं? नहरों के बीच में अवरोध है, बीच में कटी हुई हैं, जिससे नहरों के अंतिम छोर तक किसानों को सिंचाई हेतु पानी उपलब्ध नहीं हो पा रहा है तथा कई नहरों के स्लुइस गेट कहाँ-कहाँ पर कौन-कौन से वर्तमान स्थिति में खराब या लीकेज एवं जाम हैं? इन्हें कब तक सही किया जायेगा? (ग) प्रश्‍नांश (क) में वर्णित कौन-कौन सी नहरों में विगत 03 वर्षों में क्या-क्या जीर्णोद्धार एवं निर्माण कार्य        कितनी-कितनी राशि के किस-किस निर्माण एजेंसी से किस वर्ष कराया गया? उक्त कार्यों का मूल्यांकन एवं सत्यापन किस-किस अधिकारी द्वारा किया गया? (घ) क्या प्रश्‍नाधीन वर्णित नहरों के घटिया जीर्णोद्धार की कोई शिकायत प्राप्त हुई थी? यदि हाँ, तो शिकायत की प्रति संलग्‍न कर जानकारी दें कि उक्त शिकायतों पर क्या कार्यवाही कब-कब की गई? यदि कार्यवाही नहीं की गई तो क्यों?

जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) एवं (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। प्रश्‍नांश में वर्णित नहरों से अंतिम छोर तक सिंचाई की गई है। जहाँ-जहाँ नहरें क्षतिग्रस्त हो जाती हैं उन्हें तत्समय विभाग द्वारा जल उपभोक्ता संथा के माध्यम से सुधार किया जाता है। कोई भी स्लूस गेट जाम होना प्रतिवेदित नहीं है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। (घ) उत्तरांश (क) में उल्लेखित राजघाट परियोजना पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अ में दर्शाई गई नहरों के जीर्णोद्धार कार्य की एक शिकायत प्राप्त होना प्रतिवेदित है। शिकायत की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। शिकायत के संबंध में कार्य स्थल पर गुणवत्ता एवं भौतिक सत्यापन हेतु जांच दल गठित किया गया है। जांच प्रतिवेदन प्राप्त होने पर यथोचित कार्यवाही की जाना संभव होगी।

नर्मदापुरम जिले में चकबंदी योजना का क्रियान्‍वयन

[राजस्व]

66. ( क्र. 883 ) डॉ. सीतासरन शर्मा : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                    (क) क्या नर्मदापुरम जिले के सभी ग्रामों में चकबंदी हो चुकी है? यदि हाँ, तो कब? तहसीलवार जानकारी दें। (ख) क्या नर्मदापुरम जिले की सभी तहसीलों में चकबंदी अनुसार राजस्व नक्शों में संशोधन किया जा चुका है। यदि हाँ, तो कब? (ग) यदि नहीं, तो तहसीलवार जानकारी दें कि            किन-किन ग्रामों में चकबंदी अनुसार राजस्व नक्शों को किन कारणों से संशोधित नहीं किया गया है? ग्रामवार जानकारी दें। उक्त संशोधन कब तक किया जा सकेगा? (घ) नर्मदापुरम जिले की विभिन्न तहसीलों में चकबंदी अनुसार राजस्व नक्शे में संशोधन न होने के कारण हो रहे विवादों के संबंध में जनवरी 2023 से जून 2024 तक नर्मदापुरम जिले के तहसीलदार/अनुविभागीय अधिकारी/कलेक्टर को आवेदन प्राप्त हुए? इन आवेदनकर्ताओं की सूची उपलब्ध करायें। क्या इनका निराकरण हो चुका है? यदि नहीं, तो कब तक हो सकेगा?

राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जिले अंतर्गत सभी ग्रामों में चकबंदी नहीं हुई है, चकबंदी कार्य हो चुके ग्रामों तहसीलवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट '''' अनुसार है।        (ख) जिले अंतर्गत चकबंदी अनुसार राजस्व नक्शो में संशोधन कार्य की तहसीलवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट '''' अनुसार है। जिन ग्रामों में चकबंदी कार्य पूर्ण हो चुका है। उन सभी ग्रामों के राजस्व नक्शों में संशोधन किया जा चुका है। (ग) जिले में 204 ग्रामों में चकबंदी अभिलेख निर्माण का कार्य किया गया जिसमें 204 ग्रामों में से 124 ग्रामों का चकबंदी अभिलेख तैयार कर लागू कर दिया गया। चकबंदी योजना वर्ष 1995 में बंद कर दी गई और अभिलेख निर्माण में लगे स्टाफ को अन्यत्र जिलों में स्थानांतरित कर दिया गया। जिले में 80 ग्रामों का चकबंदी कार्य अपूर्ण है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट '''' अनुसार है। (घ) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट '''' अनुसार है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

उच्‍च न्‍यायालय के आदेश पर अतिक्रमण हटाया जाना

[राजस्व]

67. ( क्र. 884 ) डॉ. सीतासरन शर्मा : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि               (क) क्या प्रश्‍नकर्ता द्वारा कलेक्टर, नर्मदापुरम को पत्र लिख कर मनोज बामने आत्मज रमेश बामने निवासी इटारसी को आवंटित पट्टा मा. उच्च न्यायालय द्वारा प्रकरण क्र. 4441/2021, निर्णय दिनांक 03.01.2024 के आलोक में अतिक्रमण हटाये जाने हेतु लिखा गया था? (ख) उक्त अतिक्रमण को हटाने के संबंध में कलेक्टर नर्मदापुरम को प्रश्‍नकर्ता के पत्र वर्ष 2024 में किन-किन तारीखों में प्राप्त हुए? (ग) प्रश्‍नकर्ता के द्वारा किन-किन पत्रों पर क्या-क्‍या कार्यवाही की गयी? (घ) मनोज बामने के खिलाफ किन-किन थानों में किन धाराओं में कितने प्रकरण दर्ज है? (ड.) क्या जिला प्रशासन के संरक्षण के कारण उक्त अतिक्रमण नहीं हटाया जा रहा है?

राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जी हाँ। (ख) प्रश्‍नकर्ता द्वारा वर्ष 2024 में कलेक्टर नर्मदापुरम को दिनांक 15/01/2024, 03/2/2024 एवं 14/05/2024 को भेजे गये पत्र कार्यालय में प्राप्‍त हुये है। (ग) मान. विधायक महो. से कार्यालय कलेक्‍टर नर्मदापुरम को प्राप्‍त पत्रों को अनुविभागीय अधिकारी (रा) इटारसी की ओर भेजा गया। भेजे गये पत्रों पर अनुविभागीय अधिकारी (रा) इटारसी द्वारा उनके पत्र क्र. 772/रीडर-3/अविअ/2024 दिनांक 15/02/2024 एवं पत्र क्र. 2178/रीडर-3/अविअ/2024 दिनांक 13/06/2024 को तहसीलदार इटारसी को प्रतिवेदन प्रस्‍तुत करने हेतु पत्र जारी किये गये हैं। तहसीलदार इटारसी द्वारा पत्र क्र. 1231/प्रवा./तह/2024 दिनांक 19/06/2024 के माध्‍यम से अनुविभागीय अधिकारी (रा) इटारसी को प्रेषित जांच प्रतिवेदन में प्रतिवेदित किया कि मान. उच्‍च न्‍यायालय जबलपुर मध्‍यप्रदेश में दायर WRIT APPEAL क्रमांक 76/2024 में पारित आदेश दि. 23/01/2024 अनुसार माननीय उच्‍च न्‍यायालय जबलपुर मध्‍यप्रदेश द्वारा APPELLANTS मनोज बामने एवं अन्‍य-01 को भूमि पर खड़े स्‍ट्रक्‍चर को हटाने और रिक्‍त भूमि का कब्‍जा सौंपने के लिये 06 माह की समयावधि प्रदान की गई है। माननीय उच्‍च न्‍यायालय जबलपुर में दायर WRIT APPEAL क्रमांक 76/2024 में पारित आदेश दि. 23/01/2024 के पालन में अनावेदक मनोज बामने द्वारा 06 माह की समयावधि में प्रश्‍नाधीन भूमि पर बने भवन को न हटाये जाने एवं रिक्‍त भूमि का कब्‍जा न सौंपने की दशा में प्रशासन द्वारा नियमानुसार कब्‍जा हटाने की कार्यवाही की जावेगी। (घ) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार। (ड.) जी नहीं।

परिशिष्ट - "तेरह"

मेडिकल कॉलेज खोले जाने का लंबित प्रस्ताव

[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]

68. ( क्र. 902 ) श्री फुन्‍देलाल सिंह मार्को : क्या उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजाति विश्वविद्यालय अमरकंटक में 500 बिस्तर का मेडिकल कॉलेज खोले जाने का प्रस्ताव विभाग में लंबित है?                    (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार मेडिकल कॉलेज के संबंध में कुलपति इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय अमरकंटक द्वारा इस संबंध में किन-किन तिथियों में विभाग से पत्राचार किया गया है?

उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जी नहीं। (ख) विभाग में पत्र आना नहीं पाया गया। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

जिला चिकित्सालय मुरैना में अव्यवस्था

[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]

69. ( क्र. 903 ) श्री दिनेश गुर्जर : क्या उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला चिकित्सालय मुरैना में मरीज की आवक के अनुरूप कूलर, पंखा एवं वॉटर कूलर की व्यवस्था नहीं है जिससे भीषण गर्मी में मरीज को अत्यधिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। यदि हाँ, तो मरीजों की परेशानियों को देखते हुए यह व्यवस्था कब तक ठीक की जा सकेगी? यदि नहीं, तो जिला चिकित्सालय मुरैना में वर्तमान में कितने कूलर, पंखे एवं वॉटर फिल्टर मरीज हेतु उपलब्ध है? इनमें से कितने अस्पताल स्टाफ के निजी उपयोग में लगे हुए हैं? (ख) अस्पताल में स्थित सार्वजनिक शौचालय में नियमित साफ-सफाई क्यों नहीं कराई जा रही है? उचित कारण देवें। यदि साफ-सफाई कराई जा रही है तो गत दो माह में प्रतिदिन कितनी बार एवं कब-कब किसके द्वारा साफ-सफाई की गई? (ग) जिला चिकित्सालय मुरैना में स्वीकृत बेड की मात्रा कितनी है एवं वर्तमान में कितने बेड उपलब्ध हैं? क्या मरीज की आवक अनुरूप बेड़ों की संख्या कम है? यदि संख्या कम है तो संख्या में बढ़ोत्‍तरी क्यों नहीं की जा रही एवं मरीज को जमीन पर लिटा कर इलाज क्यों कराया जा रहा है? (घ) उक्त चिकित्सालय में चिकित्सक एवं सहायक स्टाफ के कितने पद स्वीकृत हैं एवं उनमें से कितने पद रिक्त हैं? सूची दें। रिक्त पदों को कब तक भरा जाएगा?

उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जी नहीं। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) जिला अस्‍पताल मुरैना में स्थि‍त सार्वजनिक शौचालय में प्रतिदिन तीन बार एवं उससे अधिक आवश्‍यकतानुसार सफाई कर्मचारियों द्वारा नियमित साफ-सफाई की जाती है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ग) जिला चिकित्‍सालय मुरैना 600 बिस्‍तरीय स्‍वीकृत अस्‍पताल है। जिसके विरूद्ध वर्तमान में जिला अस्‍पताल मुरैना में मरीजों के आवक अनुरूप 790 बिस्‍तर संचालित किये जा रहे हैं एवं किसी भी मरीज का इलाज जमीन पर लिटाकर नहीं किया जाता है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। पद पूर्ति की प्रक्रिया निरन्‍तर जारी है।

अधिसूचित भूमि की प्रविष्टि

[राजस्व]

70. ( क्र. 906 ) श्री संजय उइके : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या बालाघाट जिले के राजस्व ग्रामों की जमीनों को राजपत्र में दिनांक 30 मई 1958 को संरक्षित वन अधिसूचित करने एवं दिनांक 15/9/1972 को डिनोटिफाइड करने की राजपत्र में प्रकाशित अधिसूचनाओं की कोई प्रविष्टि प्रश्‍नांकित दिनांक तक भी खसरा पंजी में दर्ज नहीं की गई?                        (ख) यदि हाँ, तो दिनांक 30/5/1958, दिनांक 15/9/1972, दिनांक 3/11/1972 को कितने ग्रामों की कितनी भूमि एवं कितने ग्रामों की समस्त भूमि राजपत्र में अधिसूचित की गई? (ग) अधिसूचित भूमियों की प्रविष्टि प्रश्‍नांकित दिनांक तक भी खसरा पंजी में दर्ज नहीं किए जाने का क्या-क्या कारण रहा है? प्रविष्टी खसरा पंजी में दर्ज करने की कार्यवाही कब तक की जावेगी?

राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जी नहीं। डिनोटिफाइड भूमि खसरा पंजी में दर्ज कर ली गई है। (ख) एवं (ग) जी नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

सीमांकन, नामांतरण एवं बंटवारे के लंबित प्रकरणों की जानकारी

[राजस्व]

71. ( क्र. 909 ) श्री दिनेश जैन बोस : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                        (क) महिदपुर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत तहसील महिदपुर, तहसील झारड़ा, तहसील नागदा में 2022 से प्रश्‍न दिनांक तक सीमांकन, बंटवारे, नामांतरण के कितने प्रकरण प्राप्त हुए हैं? कितने प्रकरणों को     समय-सीमा में हल कर दिए गए हैं एवं कितने प्रकरण लंबित है, किस कारण से लंबित है?                                           (ख) क्या आदेश के पश्चात भी पटवारियों द्वारा समय-सीमा में सीमांकन नहीं किया गया है? ऐसे कितने प्रकरण हैं जिसमें आदेश के पश्चात भी पटवारियों द्वारा बंटवारे और नामांतरण के प्रकरण पर अमल नहीं किया गया? यदि पटवारियों द्वारा लापरवाही की गई तो उनके ऊपर क्या कार्यवाही की गई?

राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) महिदपुर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत तहसील महिदपुर, तहसील झारड़ा, तहसील नागदा में 1 अप्रैल 2022 से प्रश्‍न दिनांक तक सीमांकन, बंटवारे, नामांतरण के प्रकरण निम्नानुसार प्राप्त हुए हैं।

(1) सीमांकन -

क्रमांक

तहसील

प्राप्‍त

निराकरण

शेष

1

महिदपुर

3726

2582

1144

2

झारड़ा

1538

1408

130

3

नागदा

744

601

143

योग

 

6008

4591

1417

(2) बंटवारा -

क्रमांक

तहसील

प्राप्‍त

निराकरण

शेष

1

महिदपुर

1504

1000

504

2

झारड़ा

1628

1063

565

3

नागदा

290

255

35

योग

 

3422

2318

1104

(3) नामांतरण -

क्रमांक

तहसील

प्राप्‍त

निराकरण

शेष

1

महिदपुर

13405

10501

2904

2

झारड़ा

9718

7652

2066

3

नागदा

3668

3183

485

योग

 

26791

21336

5455

उपरोक्तानुसार राजस्व प्रकरणों का निराकरण किया गया है। पक्षकार उपस्थित नहीं होना, आपत्ती पर सुनवाई कथन, प्रति परीक्षण एवं तर्क आदि कारणों से प्रकरण शेष रहे हैं। (ख) पटवारियों द्वारा नियमानुसार समय-सीमा में सीमांकन प्रकरणों का निराकरण किया जा रहा है। बंटवारा, नामांतरण प्रकरणों के आदेशों का अमल किया जा रहा है। शेष प्रश्‍न उद्भूत नहीं होता है।

महिदपुर सिविल अस्पताल की व्‍यवस्‍था एवं सुविधाएं

[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]

72. ( क्र. 910 ) श्री दिनेश जैन बोस : क्या उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शासकीय चिकित्सा केंद्र महिदपुर में सोनोग्राफी और एक्स-रे मशीन का संचालन किसके द्वारा किया जा रहा है? क्या विभाग द्वारा सोनोग्राफी मशीन के लिए सोनोलॉजिस्ट की नियुक्ति की गई? (ख) चिकित्सा केंद्र में सोनोग्राफी मशीन और एक्स-रे मशीन के संचालन के लिए विभाग द्वारा किसी ऑपरेटर की नियुक्ति की गई है? सप्ताह में कितने दिन सोनोग्राफी मशीन का संचालन किया जाता है? वर्ष 2023-24 में कुल कितनी सोनोग्राफी की गई? सूची उपलब्ध कराएं। (ग) चिकित्सा केंद्र में डॉक्टर, नर्स एवं कर्मचारियों की कमी है। क्या विभाग द्वारा नियुक्ति के लिए कोई कार्यवाही की गई? क्या अस्पताल प्रबंधन द्वारा मांग की गई है? यदि की गई तो कब तक स्टॉफ की कमी को पूरा कर दिया जायेगा? (घ) महिदपुर सिविल अस्पताल में कितनी एम्‍बुलेंस लगाई गई हैं? विगत 1 वर्ष में एम्‍बुलेंस के द्वारा कितने मरीजों को कहाँ-कहाँ से कब-कब लाया ले जाया गया? सूची देवें। विगत एक वर्ष में एम्‍बुलेंस द्वारा कितने ईंधन की खपत की गई है?

उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) शासकीय चिकित्‍सा केन्‍द्र महिदपुर में एक्‍स-रे मशीन का संचालन श्रीमती नीतू डोबरे, रेडियोग्राफर द्वारा एवं सोनोग्राफी मशीन का संचालन प्रशिक्षित चिकित्‍सा अधिकारी डॉ. अमित वर्मा द्वारा किया जा रहा है। जी नहीं। (ख) जी हाँ। एक्‍स-रे मशीन के संचालन हेतु रेडियोग्राफर की नियुक्ति की गई है तथा सोनोग्राफी मशीन के संचालन हेतु प्रशिक्षित चिकित्‍सा अधिकारी को संलग्‍न किया गया है। सप्‍ताह में 01 दिवस (प्रत्‍येक शुक्रवार) सोनोग्राफी मशीन का संचालन किया जाता है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ग) जी हाँ। चिकित्‍सक, नर्स एवं अन्‍य स्‍टाफ की नियुक्ति संबंधी कार्यवाही विभाग द्वारा निरंतर की जा रही है। जी हाँ। निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (घ) महिदपुर सिविल अस्‍पताल में 01 एम्‍बुलेंस उपलब्‍ध है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। विगत 01 वर्ष में एम्‍बुलेंस द्वारा 2620.87 लीटर ईंधन की खपत हुई है।

नर्सिंग ऑफिसरों की समस्याओं का निराकरण

[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]

73. ( क्र. 917 ) श्री राजकुमार कर्राहे : क्या उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या लो. स्वा. एवं परि. कल्याण व चिकित्सा शिक्षा विभाग अंतर्गत म.प्र. में संचालित शासकीय बी.एस.सी. नर्सिंग महाविद्यालयों में अपात्र एवं कनिष्ठ नर्सिंग अधिकारियों को एसो. प्रोफे., असि. प्रोफे., नर्सिंग ट्यूटर के उच्च पदों पर स्वीकृत पद नहीं होने के बाद भी प्रभार/पदस्थ किया गया है व किया जा रहा है? यदि हाँ, तो नियम, निर्देश, राजपत्र एवं वरिष्ठता के सहित जानकारी उपलब्ध करायें। (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार प्रश्‍नकर्ता के पत्र क्रमांक 425/24 दिनांक 28.05.2024 द्वारा अपर मुख्य सचिव म.प्र. शासन लो. स्वा. एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग को पत्र प्रेषित किया गया था, जिसमें बिन्दु क्रं. 01 से 05 तक नर्सिंग ऑफिसरों की समस्या से अवगत कराया गया है, जिस पर प्रश्‍न दिनांक तक विभाग द्वारा क्या-क्या कार्यवाही एवं जांच की गई तथा किन-किन कनिष्ठ नर्सिंग ऑफिसरों के आदेश निरस्त किये गये? (ग) प्रश्‍नांश (ख) अनुसार पात्र नर्सिंग ऑफि‍सरों को वरिष्ठता के आधार पर मु.चि. एवं स्वा. अधि. एवं सिविल सर्जन सह अधीक्षक भोपाल के अधीन पदस्थ नर्सिंग ऑफिसरों को नर्सिंग महाविद्यालय हमीदिया भोपाल में उच्च पदों पर कब तक पदस्थ किया जायेगा? सम्पूर्ण जानकारी देवें। (घ) यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्यों?

उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जी नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) पत्र क्रमांक 425/24 दिनांक 28.05.2024 संचालनालय स्‍वास्‍थ्‍य सेवायें में अप्राप्‍त है। (ग) नर्सिंग महाविद्यालय हमीदिया स्‍वशासी संस्‍था है। मुख्‍य चिकित्‍सा एवं स्‍वास्‍थ्‍य अधिकारी तथा सिविल सर्जन सह अधीक्षक, भोपाल के अधीन पदस्‍थ शासकीय नियमित नर्सिंग ऑफिसर कार्यरत रहते हैं, इन्‍हें शासकीय संस्‍था से स्वशासी संस्‍था में पदस्‍थ किए जाने का प्रावधान नहीं है, शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) उत्‍तरांश '''' के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

मुख्यमंत्री सचिवालय के पत्र पर की गई कार्यवाही

[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]

74. ( क्र. 918 ) श्री राजकुमार कर्राहे : क्या उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या मुख्यमंत्री सचिवालय के पत्र क्रमांक 5522/सीएमएस/ एमएलए/ 111/2023 दि. 04.09.2023 अपर मुख्य सचिव, लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण विभाग को प्राप्त हुआ है? यदि हाँ, तो प्रश्‍न दिनांक तक क्या कार्यवाही की गई? कार्यवाही की जानकारी दें। यदि नहीं, तो क्यों? (ख) क्या यह सही है कि नर्सिंग कैडर के समस्त शासकीय कर्मचारियों की ग्रेडेशन लिस्ट संचालनालय से जारी की जाती है? यदि हाँ, तो वर्ष 2021-22 से प्रश्‍न दिनांक तक जारी किये गये ग्रेडेशन लिस्ट की सूची उपलब्ध करायें। यदि नहीं, तो क्यों? (ग) म.प्र. के शासकीय नर्सिंग महाविद्यालयों में आई.एन.सी. के मापदण्ड अनुसार प्राचार्य/उप प्राचार्य/प्रभारी प्राचार्य के पद पर कौन-कौन पदस्थ हैं एवं कब से पदस्थ हैं? शैक्षणिक योग्यता सहित वर्षवार सूची उपलब्ध करायें। यदि आई.एन.सी. के मापदण्ड अनुसार अपात्र हैं तो उन्हें कब तक हटाकर पात्र नर्सिंग ऑफिसरों को शैक्षणिक, वरीष्ठता के आधार पर पदस्थ किया जायेगा? (घ) वर्ष 2021-22 से प्रश्‍न दिनांक तक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन व विभाग द्वारा म.प्र. के शासकीय नर्सिंग महाविद्यालयों को किन-किन मद से किस-किस कार्य के लिए कितना बजट प्राप्त हुआ एवं प्राचार्य द्वारा प्राप्त बजट राशि किन-किन कार्य में खर्च की गई? सूची ऑडिट रिर्पोट सहित उपलब्ध कराएं।

उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) पत्र क्रमांक 5522/सीएमएस/एमएलए/111/2023 दिनांक 04.09.2023 नर्सिंग शाखा में प्राप्त नहीं है। (ख) जी हाँ। वर्ष 2020, 2021 तथा 2022 तक की अवधि के लिये जारी की जाने वाली अनंतिम वरिष्ठता सूची दिनांक 12 जून 2023 को सतपुडा भवन में हुये भीषण अग्निकांड में जलकर नष्ट हो चुकी है। संचालनालय का पत्र क्रमांक/नर्सिंग/सेल-1/2022/175 भोपाल दिनांक 10.02.2022 से नर्सिंग संवर्ग की दिनांक 01.04.2019 की स्थिति में अंतिम वरिष्ठता सूची का प्रकाशन किया गया था। संचालनालय स्वास्थ्य सेवायें मध्यप्रदेश के पत्र क्रमांक/9/नर्सिंग/सेल 1/2024/444 भोपाल दिनांक 22.05.2024 जारी कर नर्सिंग समस्त संवर्ग की (दिनांक 01.04.2020, 01.04.2021, 01.04.2022, 01.04.2023, 01.04.2024 की स्थिति में) अनंतिम वरीयता सूची तैयार करने के लिये समस्त कार्यालय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी तथा सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक से विशेष पत्र वाहक के हस्ते जानकारी प्राप्त की जाकर वरीयता सूची तैयार किये जाने की कार्यवाही प्रचलन में है। पत्र की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''1'' अनुसार है।                     (ग) संचालनालय स्वास्थ्य सेवायें मध्यप्रदेश द्वारा विभिन्न आदेश जारी कर म.प्र. के शासकीय नर्सिंग महाविद्यालयों में आई.एन.सी. मापदण्ड अनुसार प्राचार्य/उप प्राचार्य/प्रोफेसर/एसोसिएट प्रोफेसर/ असिस्टेंट प्रोफेसर/ट्यूटर के पद का वैकल्पिक प्रभार सौंपा गया है। आदेश की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''2'' अनुसार है। आई.एन.सी. मापदण्ड अनुसार स्वीकृत शैक्षणिक संवर्ग के विभिन्न पदों के लिये शैक्षणिक तथा अन्य अर्हताओं का मापदण्ड की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''3'' अनुसार है। शैक्षणिक संवर्ग के स्वीकृत पदों की सीधी भर्ती के लिये मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग/मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मण्डल को मांग पत्र नियमानुसार प्रेषित करने की कार्यवाही प्रचलन में है। (घ) शासकीय नर्सिंग महाविद्यालयों से प्राप्त जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''4'' अनुसार है।

आउटसोर्स सेवा हेतु निविदा की जानकारी

[स्कूल शिक्षा]

75. ( क्र. 920 ) श्री मधु भाऊ भगत : क्या परिवहन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                  (क) विगत दो वर्षों में स्कूल शिक्षा विभाग में मध्यप्रदेश के बालाघाट जिले में कितने डाटा एंट्री ऑपरेटर, भृत्य एवं सिक्योरिटी गार्ड आउटसोर्स के माध्यम से कार्यरत हैं? संपूर्ण सूची की छायाप्रति संलग्‍न करें। (ख) स्कूल शिक्षा विभाग में आउटसोर्स पर संचालनालय स्तर पर जिस संस्था को कार्य आदेश दिया गया उसका नाम, पता एवं उससे सेवा में लिए जाने वाले संपूर्ण दस्तावेजों की छायाप्रति उपलब्ध करावें। (ग) आउटसोर्स सेवाएं हेतु उक्त अनुसार संस्था को आवंटन संबंधित प्रकाशित निविदा तुलनात्मक विवरण एवं निविदा में भाग लेने वाली समस्त कंपनियों के दस्तावेज की छायाप्रति उपलब्ध करावें। (घ) समस्त आमंत्रित निविदा के तकनीकी दस्तावेज की छायाप्रति उपलब्ध करावें।

परिवहन मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट '''' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट '''' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट '''' अनुसार है। उद्योग संचालनालय मध्यप्रदेश के आदेश क्र./22/एम.एस.एम.ई/(13)/12/ 2227-2233 भोपाल दिनांक 17.04.2013 अनुसार एम.पी.कॉन को आई.एफ.सी.आई कम्पनी अधिनियम 1958 के अंतर्गत भारत के आधीन शासकीय संस्था मान्य किया गया है तथा उसके आधार पर एम.पी.कॉन को सीधे कार्य आवंटित किये जाने के निर्देश दिये गये हैं एवं भण्डार क्रय नियम तथा सेवा उपार्जन नियम यथा संशोधित-2022 की कण्डिका-30 के अनुक्रम में एम.पी.कॉन को कार्यादेश जारी किया गया है। अतः शेषांश का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट '''' अनुसार है।

राजस्व ग्रामों की भूमि

[राजस्व]

76. ( क्र. 921 ) डॉ. योगेश पंडाग्रे : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या‍ यह सही है कि विधानसभा प्रश्‍न क्रमांक 5815 दिनांक 17 मार्च 2016 के उत्तरांश (ख) में बैतूल जिले के 1303 राजस्व ग्रामों के निस्तार पत्रक में दर्ज 2, 09, 418 हेक्टेयर भूमियों का नियंत्रण, प्रबंधन एवं अधिकार पंचायती राज व्यवस्था को सौंप दिया गया है, की जानकारी पटल पर प्रस्तुत की है? (ख) यदि हाँ, तो निस्तार पत्रक में दर्ज किस-किस प्रयोजन की कितनी-कितनी भूमि का नियंत्रण, प्रबंधन, अधिकार किस दिनांक को पंचायती राज व्यवस्था को सौंपा गया है, इसमें से कितनी भूमि वन विभाग के वर्किंग प्लान, एरिया रजिस्टर, वनकक्ष इतिहास एवं वनकक्ष मानचित्र में भी दर्ज है? (ग) निस्तार पत्रक में दर्ज भूमियों को भू-राजस्व संहिता 1959 एवं भारतीय वन अधिनियम 1927 की किस धारा के किस प्रावधान के अनुसार वन विभाग ने वर्किंग प्लान, एरिया रजिस्टर, वनकक्ष इतिहास एवं वनकक्ष मानचित्र में शामिल किया गया है? (घ) निस्तार पत्रक में दर्ज भूमियों पर वन विभाग ने किसके आदेश से कब्जा किया है? वन विभाग के कब्जे की प्रविष्टि खसरा पंजी में क्यों नहीं की गई?

राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जी हाँ। (ख) निस्‍तार पत्रक में दर्ज आबादी 3395 हे., अमराई बाग 04 हे., बड़े झाड़ के जंगल 114361 हे., छोटे झाड़ के जंगल 27827 हे., पानी के नीचे 28847 हे., पहाड़-चट्टान 24262 हे., सड़क-इमारत 10722 हे. भूमि नियंत्रण, प्रबंधन, अधिकार 26 जनवरी 2001 को पंचायती राज व्यवस्था को सौंपा गया है। वन विभाग से संबंधित जानकारी संलग्न परिशिष्‍ट अनुसार। (ग) भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 4 (1) के प्रावधान के अनुसार शामिल किया गया है। (घ) भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 29 एवं 4 (1) के प्रावधान के अनुसार वर्किंग प्लान में शामिल किया गया है। वर्किंग प्‍लान में शामिल भूमि की खसरा पंजी में प्रविष्टि दर्ज करने के संबंध में निर्देश प्राप्‍त नहीं है।

परिशिष्ट - "चौदह"

तवा बांध की जल संग्रहण क्षमता

[जल संसाधन]

77. ( क्र. 923 ) श्री प्रेमशंकर कुंजीलाल वर्मा : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सिवनी-मालवा विधानसभा क्षेत्र में स्थित तवा डैम कब बनाया गया एवं इसकी पानी संग्रहण क्षमता क्या है? (ख) इस डैम के पानी से कुल कितने हेक्टेयर रखने में सिंचाई की जा सकती है? (ग) वर्तमान में किस-किस जिले की कितने-कितने हेक्टेयर रकबे में सिंचाई की जाती है? (घ) सिवनी-मालवा विधानसभा क्षेत्र का कितना हेक्टेयर रकवा शेष है, जिसमें सिंचाई नहीं होती तथा कब तक इसे सिंचित किया जा सकेगा।

जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) तवा बांध का निर्माण वर्ष 1978 में किया गया एवं बांध की पूर्ण संग्रहण क्षमता 2311 मि.घ.मी. एवं जीवित जल भराव क्षमता 1944 मि.घ.मी. प्रतिवेदित है। (ख) तवा बांध से 2, 60, 000 हेक्‍टेयर क्षेत्र में रबी सिंचाई की जा सकती है।                (ग) वर्तमान में नर्मदापुरम जिले में 1, 58, 279 हेक्टेयर, क्षेत्र में रबी सिंचाई एवं 43, 610 हेक्टेयर में ग्रीष्म कालीन फसल मूंग में तथा हरदा जिले में 102190 हेक्टेयर में रबी सिंचाई एवं 38, 460 हेक्टेयर में ग्रीष्म फसल मूंग में सिंचाई की जाना प्रतिवेदित है। (घ) सिवनी-मालवा विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत रूपांकित सैंच्‍य क्षेत्र 59, 936 हेक्‍टेयर प्रतिवेदित है, जिसमें सिंचाई सुविधा प्रदान की जा रही है। सिंचाई हेतु क्षेत्र शेष नहीं होने से शेष प्रश्‍नांश उपस्थित नहीं होता है।

हायर सेकेण्‍डरी एवं हाई स्कूल की जानकारी

[स्कूल शिक्षा]

78. ( क्र. 924 ) श्री प्रेमशंकर कुंजीलाल वर्मा : क्या परिवहन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सिवनी-मालवा विधानसभा क्षेत्र में हायर सेकेण्‍डरी एवं हाई स्कूलों की अलग-अलग संख्या क्या है? (ख) इन स्कूलों में प्राचार्य, व्याख्याता, शिक्षक, खेल शिक्षक के कितने पद स्वीकृत हैं, कितने पद भरे हैं एवं कितने पद रिक्त हैं? (ग) रिक्त पद कब तक भरे जाएंगे? (घ) क्या सभी हाई स्कूल एवं हायर सेकेण्‍डरी शाला भवन बने हैं? नहीं तो किन-किन शालाओं के भवन नहीं है वह कब तक बनाए जाएंगे?

परिवहन मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) सिवनी-मालवा विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत शिक्षा विभाग के 16 हायर सेकेण्डरी एवं 23 हाई स्कूल संचालित हैं। (ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट-1 अनुसार। (ग) पदपूर्ति सतत् प्रक्रिया है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (घ) जी नहीं। जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट-02 अनुसार है। शाला भवन, बजट प्रावधान एवं सक्षम स्वीकृति पर निर्भर करेगा। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

परिशिष्ट - "पंद्रह"

आदिवासी की भूमि गैर आदिवासियों को बेचने की अनुमति

[राजस्व]

79. ( क्र. 927 ) श्री दिलीप सिंह परिहार : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या नीमच जिले में वर्ष 2018-19 से 2022-23 तक बड़ी संख्या में आदिवासी जमीन गैर आदिवासियों को बेचने की अनुमति धारा 165 (6) में दी गयी? (ख) यदि प्रश्‍नांश (क) हाँ है तो सारे प्रकरणों के विक्रेता, क्रेता, रकबा, खसरा क्रमांक, गांव का नाम, आवेदन की दिनांक तथा आदेश की दिनांक सहित सूची देवें। (ग) प्रश्‍नांश (क) में उल्लेखित प्रकरणों में आदिवासियों के हित का संरक्षण किस प्रकार किया गया? प्रत्येक प्रकरण अनुसार जानकारी देवें। (घ) क्या प्रश्‍नांश (क) में उल्लेखित प्रकरणों में आदिवासियों की बहुमूल्य भूमि गैर आदिवासियों के साथ दुरभि संधि कर औने-पौने दाम पर विक्रय की अनुमति दी गयी? यदि हाँ, तो जिम्मेदारों पर क्या कार्यवाही की जाएगी?

राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) नीमच जिले में वर्ष 2004-05 से 2022-23 तक कुल 488 प्रकरणों में आदिवासी जमीन गैर आदिवासियों को बेचने की अनुमति म.प्र. भू.रा. संहिता की धारा 165 (6) के तहत दी गई है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार। (ग) म.प्र. भू राजस्व संहिता की धारा 165 (6) के तहत अनुमति देते समय आदिवासी के हित का संरक्षण हेतु अनुमति आदेश में उनको दिये जाने वाले विक्रय प्रतिफल को चैक के माध्यम से भुगतान करने, बाजार मूल्य या उससे अधिक राशि के भुगतान आदि कई प्रकार की शर्तों को अधिरोपित कर विक्रय अनुमति प्रदान की जाती है। शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार।                  (घ) प्रकरणों में विक्रय अनुमति देते समय बाजार मूल्य या उससे अधिक राशि की शर्त पर प्रदान की जाती है तथा कोई दुरभि संधि पाई जाती है तो आदेशानुसार अनुमति स्वतः निरस्त मानी जायेगी, का उल्लेख किया जाता है।

कृषि भूमि के पट्टों को कम्प्यूटर खसरा में दर्ज किया जाना

[राजस्व]

80. ( क्र. 930 ) श्री महेंद्र रामसिंह यादव : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या वर्ष 2001 एवं 2002 में कोलारस विधानसभा क्षेत्र के अनुसूचित जाति, जनजाति के भूमिहीन व्यक्तियों के लिए कृषि भूमि के पट्टे जारी किये गये थे? यदि हाँ, तो इनमें से ऐसे                 कौन-कौन से व्यक्ति हैं, जिनके पट्टों की भूमि को कम्प्यूटर खसरा में दर्ज नहीं किया गया है? ऐसे व्यक्तियों के पट्टों को कम्प्यूटर खसरा में कब तक दर्ज करा दिया जायेगा? (ख) प्रश्‍नांश (क) में वर्णित अनुसूचित जाति, जनजाति के पट्टाधारी व्यक्तियों के पट्टे पूर्व में पटवारी अभिलेख एवं वर्तमान में कम्प्यूटर खसरा में दर्ज क्यों एवं किन के द्वारा नहीं किया गया? जिनके द्वारा अभिलेखों में दर्ज नहीं किया गया, उनके विरूद्ध शासन क्या कार्यवाही कब तक करेगा? (ग) क्या उक्त वर्ग के पट्टेधारियों के पट्टे खसरा/कम्प्यूटर में पट्टे दर्ज न होने के कारण किसानों को खाद, बीज, के.सी.सी. विद्युत कनेक्शन, सिंचाई आदि सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है? इससे उक्त वर्गों के किसानों को जो आर्थिक क्षति एवं मानसिक तनाव हुआ है, उसकी भरपाई शासन कैसे और कब तक करेगा?

राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : क) जी हाँ, पट्टे जारी किये गये थे, शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। जिन वैध पट्टेधारियों के वर्तमान कम्‍प्‍यूटर खसरे में अमल नहीं है, उनको विशेष अभियान चलाकर यथा शीघ्र किया जावेगा। (ख) हस्‍तलिखित खसरा में दर्ज पट्टा NIC के डाटा से जब WEB GIS में ट्रांसफर किया गया त‍ब तकनीकी त्रुटियों के कारण यह स्थिति उत्‍पन्‍न हुई है। (ग) पट्टाधारी भूमि पर काबिज होकर कृषि कार्य कर रहे है, उनमें से अधिकांश पट्टाधारी उनकी पूर्व में जारी ऋण पुस्तिका के आधार पर सुविधाओं का लाभ ले रहे हैं। जिन वैध पट्टेधारियों के वर्तमान कम्‍प्‍यूटर खसरे में अमल नहीं है, उनको जिला स्‍तर पर विशेष अभियान चलाकर यथा शीघ्र किया जायेगा। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

शासकीय भूमि पर अतिक्रमण

[राजस्व]

81. ( क्र. 933 ) श्री प्रताप ग्रेवाल : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) धार जिले में वर्तमान स्थिति में शासकीय/नजूल भूमि के तहसीलवार खसरा, रकबा, भूमि की श्रेणी में से किस-किस भूमि पर अतिक्रमण है तथा किस-किस भूमि पर भूमि स्वामी को लेकर विवाद चल रहा है? (ख) सरदारपुर नगर में खसरा नं. 107/01, 103, 201, 203, 429, 477, 516, 559 तथा 429 का रकबा कितना-कितना है? उक्त भूमि वर्ष 1912, 1938 तथा आजादी के बाद बंदोबस्त में किस नाम से दर्ज थी तथा मई 2024 की स्थिति‍ में किस नाम से दर्ज है? (ग) क्या प्रश्‍नांश (ख) में उल्लेखित भूमि वर्तमान में निजी नाम पर दर्ज है? यदि हाँ, तो किस आदेश से किस दिनांक की भूमि निजी नाम पर दर्ज किया गया? इस संबंध में समस्त आदेश, नोटशीट की प्रति देवें तथा बतावें कि उस आदेश के खिलाफ अब तक क्या कार्यवाही की गई? यदि हाँ, तो क्या और नहीं तो क्यों?                  (घ) सरदारपुर विधानसभा क्षेत्र में ऐसे कौन-कौन से खसरे वाली भूमि है जिसे आजादी के पूर्व किसी विशेष प्रयोजन के लिये लीज पर दी गयी थी तथा प्रशासन से मिल जुलकर उसे निजी नाम पर दर्ज कर लिया गया है? समस्त सूची देवें।

राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'''' अनुसार है। (ख) तहसील सरदारपुर में खसरा नंबर 107/1, 103, 201, 203, 477, 516, 559 तथा 429 की जानकारी के संबंध में वर्ष 1912 एवं 1938 का रिकार्ड उपलब्ध नहीं है। खसरा नंबर की वर्षवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'''' अनुसार है। (ग) सर्वे क्रमांक 107/1, 103, 201, 203, 429, 477 वर्ष 1923-24 मिसल बंदोबस्त 1971-72 अधिकार अभिलेख में निजी होकर वर्तमान में भी निजी है, इसी प्रकार सर्वे क्रमांक 516, 559 वर्ष 1923-24 से वर्तमान तक शासकीय दर्ज है। (घ) जानकारी निरंक है।

जमीनों की नीलामी में अनियमितता

[राजस्व]

82. ( क्र. 934 ) श्री सतीश मालवीय : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                   (क) क्या उज्जैन जिले में बैंकों के द्वारा क्रेडिट कार्ड/अन्य ऋण के नाम पर बैंक अधिकारियों, बैंक के दलालों, भू-माफिया एवं प्रशासनिक अधिकारियों की मिलीभगत से किसानों की करोड़ों की बेशकीमती जमीनों को आने-पौने दामों पर खरीदी बिक्री की गई है? यदि हाँ तो 01.01.2018 से प्रश्‍न दिनांक तक बैंकों द्वारा कितनी जमीन नीलाम की गई थी एवं किन-किन व्यक्तियों के द्वारा खरीदी गई थी? बैंकवार सम्पूर्ण जानकारी उपलब्ध करावें। (ख) कलेक्टर उज्जैन द्वारा बैंक नीलाम की गई जमीन में अनियमितताएं पाये जाने पर कितने नामांतरण निरस्त किए गए हैं एवं कितने प्रकरण विचाराधीन हैं? (ग) उज्जैन जिले के बैंकों द्वारा नीलाम जमीनों के संबंध में क्या विभाग/शासन को कोई शिकायत प्राप्त हुई थी? यदि हाँ तो विभाग द्वारा क्या कार्यवाही की गई?          (घ) उक्त प्रकरण में कौन-कौन दोषी हैं एवं विभाग द्वारा इन पर क्या कार्यवाही की जावेगी?

राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) उज्जैन जिले की कर्नाटक बैंक शाखा, शंकु मार्ग फ्री-गंज द्वारा किसानों की जमीन अवैध तरीके से नीलाम कर दिए जाने के संबंध में भारतीय किसान संघ द्वारा ज्ञापन के माध्‍यम से शिकायत प्राप्त हुई। शिकायत के संबंध में दल गठन कर जांच करवाई गई। कर्नाटक बैंक की आर.आर.सी. अनुसार नीलाम किये गये प्रकरणों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार। (ख) कलेक्टर महोदय उज्जैन द्वारा नीलाम की गई जमीन में अनियमितताएं पाये जाने पर कुल 5 नामांतरण निरस्त किये गये। वर्तमान में कोई प्रकरण विचाराधीन नहीं है। (ग) जी हाँ। अनियमितता के संबंध में जांच हेतु कार्यालय के आदेश क्रमांक 4846/शिकायत/2023 दिनांक 16/06/2023 से जांच दल गठन किया गया था। जांच प्रतिवेदन के आधार पर तत्कालीन तहसीलदारों के विरूद्ध कार्यवाही हेतु प्रस्‍ताव आयुक्‍त संभाग उज्‍जैन की ओर पत्र क्र. स्‍थापना-1/2023/5657 दिनांक 12/07/2023 से प्रेषित किया गया था। आयुक्त महोदय द्वारा उक्त अधिकारियों को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किये गये हैं। (घ) प्रकरण में तत्कालीन तहसीलदारों के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही आयुक्त महोदय उज्जैन संभाग उज्जैन के कार्यालय में प्रचलित है।

कन्‍हान नदी प्रोजेक्‍ट की जानकारी

[जल संसाधन]

83. ( क्र. 951 ) श्री निलेश पुसाराम उईके : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा पांढुर्णा में कन्‍हान नदी के बजट की स्‍वीकृति, राशि एवं व्‍यय की गई राशि की जानकारी आज दिनांक तक की देने का कष्‍ट करें। (ख) विधानसभा पांढुर्णा में इस प्रोजेक्‍ट में कुल कितनी संरचनाओं पर कितनी लागत पर बनना प्रस्‍तावित है तथा उन संरचनाओं पर आज दिनांक तक कितना व्‍यय हो चुका है? (ग) विधानसभा पांढुर्णा में इस प्रोजेक्‍ट से निर्मित होने वाली संरचनाओं से कितने किसानों को लाभ होगा एवं कितना रकबा सिंचित होगा? (घ) विधानसभा पांढुर्णा क्षेत्र में इस प्रोजेक्‍ट से निर्मित होने वाली संरचनाओं का निर्माण कब तक पूर्ण हो जायेगा?

जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) विधानसभा पांढुर्णा में कन्हान नदी पर छिन्दवाड़ा सिंचाई कॉम्पलेक्स परियोजना की मध्यप्रदेश शासन, जल संसाधन विभाग मंत्रालय वल्लभ भवन, भोपाल के पत्र क्रमांक 22 (ए) 381/2019/एमपीएस/31/221, भोपाल दिनांक 02.03.2019 द्वारा राशि रू. 547095.00 लाख एवं सिंचित रकबा 190500 हेक्टेयर की स्वीकृति प्राप्त है। पांढुर्णा विधानसभा के अन्तर्गत प्रस्तावित बैलेंसिंग रिजरवायर (पांढुर्णा बांध) लागत राशि               रू. 59166.00 लाख में बनना प्रस्तावित है। उक्त संरचना पर आज दिनांक तक भू-अर्जन, सर्वेक्षण एवं अनुसंधान कार्यों हेतु रू. 100.68 लाख राशि व्यय की गई है। विधानसभा पांढुर्णा में कन्हान नदी बजट की स्वीकृति, राशि एवं व्यय की गई राशि का विवरण संलग्न परिशिष्ट अनुसार है।                  (ख) विधानसभा पांढुर्णा में इस प्रोजेक्ट में 01 संरचना बैलेंसिंग रिजरवायर (पांढुर्णा बांध)               रू. 59166.00 लाख लागत राशि पर बनना प्रस्तावित है तथा इस संरचना पर आज दिनांक तक     भू-अर्जन, सर्वेक्षण एवं अनुसंधान कार्यों हेतु राशि रू. 100.68 लाख व्यय हो चुकी है।                             (ग) विधानसभा पांढुर्णा में इस प्रोजेक्ट से निर्मित होने वाली इस संरचना से लगभग 9750 किसानों को लाभ होगा एवं इस संरचना से 26157 हेक्टेयर रकबा सिंचित होगा। (घ) विधानसभा पांढुर्णा क्षेत्र में इस प्रोजेक्ट से निर्मित होने वाली 01 संरचना बैलेंसिंग रिजरवायर (पांढुर्णा बांध) एवं उनकी सूक्ष्म दाब प्रणाली का निर्माण 07/2026 तक पूर्ण किया जाना लक्षित है।

परिशिष्ट - "सोलह"

विभाग की संरचना, विकास एवं निर्माण कार्यों पर व्‍यय

[संस्कृति]

84. ( क्र. 989 ) श्री उमाकांत शर्मा : क्या राज्‍य मंत्री (स्वत्रंत प्रभार), संस्‍कृति महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्‍यप्रदेश संस्‍कृति विभाग की विभागीय संरचना क्‍या है? छायाप्रति उपलब्‍ध करावें। संस्‍कृति विभाग एवं संचालनालय के अंतर्गत कौन-कौन सी शासकीय, अर्द्धशासकीय, अशासकीय संस्‍थाएं, प्रशासनिक इकाइयां, अकादमी आदि सम्मिलित है? सभी के नाम और उक्‍त सभी संस्‍थाओं, इकाइयों की जानकारी उपलब्‍ध करावें। (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में विभाग के अंतर्गत संचालित संस्‍थाओं के अनुसार वित्‍तीय वर्ष 2020-21 से प्रश्‍नांकित अवधि तक कौन-कौन सी योजनाओं में, किन-किन निर्माण/विकास एवं अन्‍य कार्य हेतु विभिन्‍न मदों कितनी-कितनी राशि स्‍वीकृत की गई है? योजनावार, मदवार, कार्य के नाम, कुल स्‍वीकृत राशि, तकनीकी स्‍वीकृति, प्रशासकीय स्‍वीकृति, निविदा, कार्यादेश सहित विस्‍तृत जानकारी देवें। (ग) प्रश्‍नांश (ख) के संदर्भ में विभाग द्वारा विभिन्‍न योजनाओं में आवंटित राशि के विरूद्ध कितनी राशि व्‍यय की गई? कितनी राशि शेष है तथा शेष राशि का भुगतान कब तक दिया जावेगा? योजनावार, मदवार, कार्य के नाम सहित जानकारी देवें एवं छायाप्रति उपलब्‍ध करावें। (घ) प्रश्‍नांश (ख) एवं (ग) के संदर्भ में विभाग द्वारा ओंकारेश्‍वर, महाकाल लोक तथा अन्‍य प्राचीन, ऐतिहासिक धार्मिक तीर्थ स्‍थल, मठ, मंदिर एवं अन्‍य कौन-कौन से स्‍थानों पर कौन-कौन सी योजना से कौन-कौन से विकास एवं निर्माण कार्यों हेतु तथा विभिन्‍न योजनाओं के अंतर्गत किन-किन मदों में कितनी-कितनी राशि कब-कब स्‍वीकृत की गई? कितनी राशि व्‍यय की गई? कितनी राशि शेष है, कितनी राशि लैप्‍स हो चुकी है? कार्य का नाम, स्‍वीकृत राशि, तकनीकी स्‍वीकृति, प्रशासकीय स्‍वीकृति, निविदा कार्यादेश सहित अद्यतन संपूर्ण जानकारी उपलब्‍ध करावें। (ड.) प्रश्‍नांश (ग) एवं (घ) क्‍या गुणवत्‍ताविहीन निर्माण कार्य अनियमितता, लापरवाही एवं विकास कार्यों तथा कार्य एजेन्सियों, ठेकेदारों, फर्मों को किये गये भुगतान में अनियमितता के संबंध में शिकायतें प्राप्‍त हुई है? यदि हाँ, तो शिकायतों का विवरण दें तथा उन पर क्‍या कार्यवाही की गई? शिकायतों में जांच उपरांत कौन-कौन अधिकारी/कर्मचारी/ठेकेदार/निर्माण एजेंसी दोषी पाये गये? उन पर क्‍या कार्यवाही की गई? यदि नहीं, की गई तो कब तक की जावेगी? अभी तक कितनी जांचें लंबित हैं? उनका निराकरण कब तक कर दिया जावेगा? निर्माण/विकास कार्य, योजना, कार्य के नाम, स्‍थान, तहसीलवार, जिलावार विभाग अनुसार संपूर्ण जानकारी देवें।

राज्‍य मंत्री (स्वत्रंत प्रभार), संस्‍कृति ( श्री धर्मेन्द्र भाव सिंह लोधी ) : (क) से (ड.) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

विभिन्‍न योजनाओं में आवंटित राशि की जानकारी

[पर्यटन]

85. ( क्र. 990 ) श्री उमाकांत शर्मा : क्या राज्‍य मंत्री (स्वत्रंत प्रभार), संस्‍कृति महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्‍यप्रदेश पर्यटन विभाग की विभागीय संरचना क्‍या है? छायाप्रति उपलब्‍ध करावें। पर्यटन विभाग के अंतर्गत कौन-कौन सी शासकीय, अर्द्धशासकीय संस्‍थाएं, प्रशासनिक इकाइयां, अकादमी आदि सम्मिलित हैं? सभी के नाम और उक्‍त सभी संस्‍थाओं की संस्‍थावार जानकारी उपलब्‍ध करावें। (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में विभाग एवं विभाग के अंतर्गत संचालित संस्‍थाओं के अनुसार वित्‍तीय वर्ष 2019-20 से प्रश्‍नांकित अवधि तक कौन-कौन सी योजनाओं में, किन-किन निर्माण/विकास एवं अन्‍य कार्य हेतु विभिन्‍न मदों में कितनी-कितनी राशि स्‍वीकृत की गई है? योजनावार, मदवार, कार्य के नाम, कुल स्‍वीकृत राशि, तकनीकी स्‍वीकृति, प्रशासकीय स्‍वीकृति, निविदा, कार्यादेश सहित विस्‍तृत जानकारी देवें। (ग) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में विभाग द्वारा विभिन्‍न योजनाओं में आवंटित राशि के विरूद्ध कितनी राशि व्‍यय की गई? कितनी राशि शेष है तथा शेष राशि का भुगतान कब तक दिया जावेगा? योजनावार, मदवार कार्य के नाम सहित जानकारी देवें एवं छायाप्रति उपलब्‍ध करावें।                               (घ) प्रश्‍नांश (ख) एवं (ग) के संदर्भ में क्‍या गुणवत्‍ताविहीन निर्माण कार्य, अनियमितता, लापरवाही एवं विकास कार्यों तथा कार्य एजेन्सियों, ठेकेदारों, फर्मों को किये गये भुगतान में अनियमितता के संबंध में शिकायतें प्राप्‍त हुई हैं? यदि हाँ, तो शिकायतों का विवरण दें तथा उन पर क्‍या कार्यवाही की गई? शिकायतों में जांच उपरांत कौन-कौन अधिकारी/कर्मचारी/ ठेकेदार/निर्माण एजेन्‍सी दोषी पाये गये? उन पर क्‍या कार्यवाही की गई? यदि नहीं, की गई तो कब तक की जावेगी? अभी तक कितनी जांचें लंबित है? उनका निराकरण कब तक कर दिया जावेगा? निर्माण/विकास कार्य, योजना, कार्य के नाम, स्‍थान, तहसीलवार, जिलावार विभाग अनुसार संपूर्ण जानकारी देवें।

राज्‍य मंत्री (स्वत्रंत प्रभार), संस्‍कृति ( श्री धर्मेन्द्र भाव सिंह लोधी ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

प्रदेश में नर्सिंग कॉलेजों को प्रदान की गई मान्‍यता

[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]

86. ( क्र. 998 ) श्री हेमंत कटारे : क्या उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्यप्रदेश में 2019 से 2023 तक वर्षवार कुल कितने नर्सिंग कॉलेजों को मान्यता प्रदान की गई? कॉलेजों की वर्षवार सूची सहित जानकारी उपलब्ध करायी जाये।               (ख) वर्ष 2019 से 2023 में मध्यप्रदेश नर्सेस रजिस्ट्रेशन काउन्सिल भोपाल में क्या रजिस्ट्रारों के विरुद्ध कार्यवाही की गई अथवा हटाया गया? यदि हाँ, तो कार्यवाही का आधार क्या था? वर्षवार विस्तृत जानकारी उपलब्ध करायी जाये। (ग) मध्यप्रदेश नर्सेस रजिस्ट्रेशन काउन्सिल के किन पूर्व रजिस्ट्रारों के विरुद्ध वर्तमान में विभागीय जांच अथवा अन्य प्रकार की जांच प्रचलित है? अधिकारी का नाम, जांच के आधार सहित, जांच की वर्तमान स्थिति आदि की जानकारी उपरोक्त वर्ष 2019 से 2023 तक की उपलब्ध करायी जाये। (घ) क्या वर्ष मई 2024 में मध्यप्रदेश शासन द्वारा फर्जी नर्सिंग कॉलेजों को मान्यता देने हेतु प्रदेश के राजस्व/अन्य अधिकारियों को नोटिस जारी किये हैं? यदि हाँ, तो ऐसे समस्त अधिकारियों की सूची, जारी नोटिस की छायाप्रति सहित उपलब्‍ध कराई जाये।

उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) मध्‍यप्रदेश में 2019 से 2023 तक वर्षवार नर्सिंग कॉलेजों को मान्‍यता प्रदान की जाने वाली जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-1 अनुसार है। (ख) जी हाँ, तत्‍कालीन रजिस्‍ट्रार श्रीमती चंद्रकला दिवगैया एवं तत्‍कालीन रजिस्‍ट्रार श्रीमती सुनीता शिजू की प्रश्‍न तिथि तक विभागीय जांच प्रचलन में थी, वरिष्‍ठ संयुक्‍त संचालक (शिकायत) संचालनालय, स्‍वास्‍थ्‍य सेवाएं के आदेश क्रमांक 1133-40/MC/स्‍थापना/अराज-5/24 दिनांक 21/06/2024 से श्रीमती सुनीता शिजू की सेवा तत्‍काल प्रभाव से समाप्‍त की गई है एवं वरिष्‍ठ संयुक्‍त संचालक (शिकायत) संचालनालय, स्‍वास्‍थ्‍य सेवाएं के आदेश क्रमांक/4/शिका/ सेल-4/डीई/2024/925 दिनांक 21.06.2024 द्वारा श्रीमती चंद्रकला दिवगैया को सेवा से पदच्‍युत किया गया। विभागीय जांच में दोषी पाए जाने पर कार्यवाही की गई। यह कार्यवाहियां सत्र 2021-22 एवं सत्र 2022-23 में जारी नियम विरूद्ध मान्‍यता के कारण की गई। (ग) प्रश्‍नांश '''' अनुसार तत्‍कालीन रजिस्‍ट्रारों के विरूद्ध विभागीय जांच पूर्ण हो चुकी है एवं सेवा से पदच्‍युत/सेवा समाप्‍त की गई है। (घ) अधिकारियों के नाम की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-2 अनुसार एवं नोटिस की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-3 अनुसार है।

विद्यालयों में फ्लेक्‍स बोर्ड लगाने में अनियमितता

[स्कूल शिक्षा]

87. ( क्र. 999 ) श्री हेमंत कटारे : क्या परिवहन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                  (क) शिक्षा सत्र 2022-23 में प्रदेश में माध्‍यमिक शिक्षा मण्‍डल से सम्‍बद्ध रहे शासकीय विद्यालयों की कुल संख्‍या क्‍या थी (मान. न्‍यायालय के माध्‍यम से सम्मिलित कराये गये विद्यालयों सहित)? जिलेवार सम्‍बद्ध विद्यालयों की सूची उपलब्‍ध करायी जाये। (ख) क्‍या जनसंपर्क विभाग के माध्‍यम से माध्‍यमिक शिक्षा मण्‍डल द्वारा प्रदेश के विद्यालयों में फ्लेक्‍स बोर्ड लगाने का निर्णय लिया गया था? यदि हाँ, तो किस दिनांक को व कितने विद्यालयों में? फ्लेक्‍स बोर्ड लगाने की अनुमति से संबंधित नस्‍ती/नोटशीट की छायाप्रति उपलब्‍ध करायी जावे। (ग) शिक्षा सत्र 2022-23 में जनसंपर्क विभाग के माध्‍यम से माध्‍यमिक शिक्षा मण्‍डल द्वारा कितने स्‍कूलों में फ्लेक्‍स बोर्ड लगाये गये? जनसंपर्क विभाग द्वारा फ्लेक्‍स हेतु उपलब्‍ध करायी दर क्‍या थी तथा इस दर पर कुल कितने फ्लेक्‍स बोर्ड लगाये गये? (घ) प्रदेश के विद्यालयों में फ्लेक्‍स बोर्ड लगाने हेतु जनसंपर्क विभाग को किस दिनाँक को कार्यादेश जारी किया? कार्यादेश की छायाप्रतियां उपलब्‍ध करायी जाये। (ड.) प्रश्‍नांश (ग) में उल्‍लेखित कार्यादेश के संदर्भ में जनसंपर्क विभाग से कब-कब कुल कितने फ्लेक्‍स लगाने के कितनी-कितनी राशि के देयक शिक्षा मण्‍डल को प्राप्‍त हुये तथा इनका भुगतान किस दिनांक को कितनी राशि का किया गया?

परिवहन मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) से (ड.) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

विभिन्‍न मदों में किये गये व्‍यय की जानकारी

[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]

88. ( क्र. 1007 ) श्री बिसाहूलाल सिंह : क्या उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला चिकित्सालय अनूपपुर में वर्ष 2021-22 से प्रश्‍न दिनांक तक किन-किन मदों में कितनी-कितनी राशि कौन-कौन से कार्य के लिए प्राप्त हुई तथा किन-किन कार्यों में कितनी-कितनी राशि व्यय की गई? (ख) जिला चिकित्‍सालय अनूपपुर में चिकित्‍सालय संचालन एवं सामग्री क्रय किये जाने हेतु क्या रोगी कल्याण समिति का गठन किया गया है? यदि हाँ, तो उसमें कौन-कौन सदस्य एवं पदाधिकारी होते हैं एवं समिति‍ का दायित्व क्या होता है? (ग) प्रश्‍नांश (ख) अनुसार रोगी कल्याण समिति (आर.के.एस.) मद की राशि को       कौन-कौन से कार्य में खर्च किया जा सकता है तथा वर्ष 2022-23 से प्रश्‍न दिनांक तक कितनी राशि प्राप्त हुई तथा उक्त राशि को किन-किन कार्यों में व्यय किया गया है? वर्षवार व्यय पत्रक सहित जानकारी उपलब्ध करावें। (घ) क्या रोगी कल्याण समिति की राशि को जिला चिकित्सालय के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा चिकित्सालय के रख-रखाव एवं प्रबंधन में खर्च न करते हुए कर्मचारियों के वेतन में नियम विरुद्ध तरीके से व्यय किया गया है? यदि नहीं, तो व्यय की जानकारी उपलब्ध करावें। (ड.) जिला चिकित्सालय के विभिन्न मदों जैसे रेडक्रास, डी.एम.एफ. राशि और पी.ओ.एल. की राशियों का किन-किन कार्यों के लिए खर्च किया गया है? वर्ष 2022-23 से प्रश्‍न दिनांक तक की जानकारी उपलब्ध करावें।

उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) जी हाँ। रोगी कल्याण समिति का गठन किया गया है। समिति के पदाधिकारी एवं दायित्वों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (घ) रोगी कल्याण समिति के दिशा निर्देश-2018 के कंडिका 15.1.2 के 1.0 एवं 1.1 के अनुसार मानव संसाधन/ कर्मचारियों के मानदेय पर व्यय किया जा सकता है। व्यय की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ड.) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है।

 

पटवारी हल्‍का भूमि पर अवैध अतिक्रमण

[राजस्व]

89. ( क्र. 1008 ) श्री बिसाहूलाल सिंह : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि               (क) जिला अनूपपुर अंतर्गत पटवारी हल्का अनूपपुर में आराजी खसरा नम्बर 1082/1 में राजस्व मण्डल ग्वालियर में अपील उपरांत कलेक्टर अनूपपुर के निर्णय को यथावत रखने के बावजूद प्रश्‍नांश दिनांक तक नक्शा तरमीम नहीं किया गया है। यदि हाँ, तो दोषी कौन है? (ख) क्या कलेक्टर के पत्र क्र. 3670/रीडर कले./विविध/22 दिनांक 10.08.2022, अपर कलेक्टर के पत्र क्र. 3830 दिनांक 25.08.2022, डिप्टी कलेक्टर भू-अभिलेख व कमिश्नर संभाग शहडोल के पत्र क्रमांक/फा 70/राज/शिका/अनू./22/4802 दिनांक 23.11.2022 के संदर्भ में पत्र क्र. 957 दिनांक 27/12/2022 तथा संयुक्त कलेक्टर भू-अभिलेख जिला अनूपपुर के पत्र क्र. 95/18/भू.अभि./2023 के अनुसार म.प्र. शासन मंत्रालय के पत्र क्र. 1417/844171/सात-2 दिनांक 16.12.2022 को पत्र लिखा गया है? यदि हाँ, तो सहपत्रों की सत्य प्रतिलिपि उपलब्ध कराते हुए तथा प्रश्‍न दिनांक तक की गई कार्यवाही एवं दोषियों के विरूद्ध की गई कार्यवाही से अवगत करायें। (ग) क्या प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) में राजस्व विभाग के पटवारी अपनी पत्नी की भूमि का नक्शा तरमीम कराने में दोषी पाए गये हैं, तो क्या पटवारी पर अवैध कब्जा हटाने हेतु शासन/प्रशासन द्वारा कोई कार्यवाही की गई? यदि हाँ, तो कार्यवाही की प्रति उपलब्ध करावें। यदि नहीं, तो क्यों? कब तक दोषी पटवारी के विरूद्ध कार्यवाही की जायेगी? (घ) प्रश्‍नांश (ख) अनुसार नक्शा तरमीम की निरस्तगी दिनांक, पुनः नक्शा तरमीम की दिनांक सम्पूर्ण जानकारी के साथ उक्त अतिक्रमण के हटाने सहित जानकारी उपलब्ध करावें। प्रश्‍नांश (क) पटवारी का नाम व पदस्थापना अवधि से उत्तर दिनांक तक किन-किन हल्का में पदस्थ रहे, उसकी जानकारी एवं उक्त अवधि में प्राप्त शिकायतों की जांच कार्यवाही के दस्तावेज उपलब्ध करावें। (ड.) प्रश्‍नांश (क) अनुसार पटवारी का नाम व पदस्थापना अवधि से उत्तर दिनांक तक       किन-किन हल्का में पदस्थ रहे, उसकी जानकारी एवं उक्त अवधि में प्राप्त शिकायतों की जांच, कार्यवाही के दस्तावेज उपलब्ध करावें।

राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) अनूपपुर जिला अंतर्गत ग्राम अनूपपुर पटवारी हल्‍का अनूपपुर की आराजी ख.नं. 1082/1 का नक्‍शा तरमीम राजस्‍व प्रकरण क्र. 07/अ-3/2013-14 आदेश दिनांक 08/01/2014 के द्वारा किया जा चुका है। शेष प्रश्‍नांश उद्भूत नहीं होता है। (ख) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट '''', '''' एवं ''' अनुसार। अनुविभागीय अधिकारी (रा.) अनूपपुर से जांच कराई गई है। अनुविभागीय अधिकारी का जांच प्रतिवेदन की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट '''' अनुसार। (ग) अनुविभागीय अधिकारी अनूपपुर के जांच प्रतिवेदन से पटवारी के विरूद्ध नक्‍श तरमीम में दोष प्रमाणित नहीं है। इसलिए पटवारी के विरुद्ध कोई कार्यवाही नहीं की गई है। खसरा नम्बर 1082/2 के अंशभाग 4800 वर्गफुट पर पटवारी श्री रमेश सिंह की पत्नी श्रीमती बेलावती का अतिक्रमण पाये जाने पर विधि अनुरुप कार्यवाही की जाकर 1500 रुपये का अर्थदण्ड आरोपित किया जाकर तहसीलदार अनूपपुर के प्रकरण क्रमांक रा.प्र.क्र.10/अ-68/2015-16 से बेदखल किया जा चुका है, मौके से भी अतिक्रमण हटाया जा चुका है। अतिक्रामक बेलावती शासकीय शिक्षिका है जिनके विरुद्ध कार्यालय कलेक्टर (जनजतीय कार्य विभाग) अनूपपुर के आदेश कमांक 5329/शि स्‍था-3/जा का वि/2017 दिनांक 19-12-2017 के द्वारा शासकीय सेवा में रहते हुए शासकीय भूमि पर अतिक्रमण किया जाना सिद्ध पाये जाने पर दो वेतन वृद्धि असंचयी प्रभाव से रोकी गई। (घ) प्रश्‍नांश (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में तहसीलदार अनूपपुर का रा.प्र.क्र.04/अ-3/08-09 आदेश दिनांक 18/12/2008 में मूल खसरा नं. 1081 के बटांकों में नक्‍शा तरमीम आदेश को कलेक्‍टर अनूपपुर के प्रकरण क्र. 06/स्‍वमेव निगरानी/10-11 आदेश दिनांक 25/05/2012 निरस्‍त किया गया। तहसीलदार अनूपपुर के प्रकरण क्र. 223/अ-3/2023-24 आदेश दिनांक 28/09/2023 के द्वारा मूल खसरा नं. 1081 के समस्‍त बटांकों के नक्‍शा तरमीम का आदेश पारित किया गया। ख.नं. 1082/1 में श्रीमती बेलावती पति रमेश सिंह का अतिक्रमण पाये जाने पर उत्‍तरांश (ग) अनुसार दिनांक 29/05/2016 को अतिक्रमण हटाया गया है। प्रश्‍नांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में पटवारी के दोषी होने का प्रश्‍न उद्भूत न होने से जानकारी निरंक है। (ड.) प्रश्‍नांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में पटवारी के दोषी होने का प्रश्‍न उद्भूत न होने से जानकारी निरंक है।

सी.एम. राइज स्‍कूलों में शिक्षकों के पदों की पूर्ति

[स्कूल शिक्षा]

90. ( क्र. 1030 ) श्री नितेन्‍द्र बृजेन्‍द्र सिंह राठौर : क्या परिवहन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में उच्‍च माध्‍यमिक शिक्षक वर्ग-1 में विभाग के पास कुल कितने पद रिक्‍त हैं? विषयवार श्रेणीवार बतायें। (ख) सी.एम. राइज स्‍कूलों में सभी विषय के नियमित शिक्षक उपलब्‍ध हैं कि नहीं? (ग) माध्‍यमिक शिक्षक, प्राथमिक शिक्षक के कुल रिक्‍त पदों की संख्‍या क्‍या है? रिक्‍त पद कब तक भरे जायेंगे?

परिवहन मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट ''एक'' अनुसार है। (ख) जी नहीं। (ग) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट ''दो'' अनुसार है। पदपूर्ति एक सतत् प्रक्रिया है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

परिशिष्ट - "सत्रह"

जलाशय बांध का गुणवत्‍ता विहीन मरम्‍मत कार्य

[जल संसाधन]

91. ( क्र. 1038 ) श्री रजनीश हरवंश सिंह : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या जिला सिवनी अंतर्गत केवलारी विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत पिपरिया एवं वेलगांव के मध्‍य पीपरताल जलाशय बांध में गुणवत्‍ता विहीन मरम्‍मत कार्य होने के बाद भी पानी का रिसाव बना हुआ है, ऐसा क्‍यों? (ख) क्‍या विभाग द्वारा इस कार्य की जांच की गई और कब और कितनी राशि से मरम्‍मत कार्य कराया गया? यदि राशि शेष है तो कार्य पूर्ण क्‍यों नहीं किया गया? (ग) उक्‍त बांध से कितने हेक्‍टेयर भूमि की सिंचाई हो रही है? इसकी लागत राशि क्‍या है? बांध में प्रश्‍न दिनांक तक कितनी राशि व्‍यय की जा चुकी है? बांध की स्‍वीकृति की दिनांक एवं निर्माण की पूर्णता दिनांक क्‍या है?

जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) पीपरताल जलाशय की मरम्मत कार्य के दौरान वर्षा प्रारंभ हो जाने से कार्य पूर्ण नहीं हो सका था, जिसके कारण जलाशय में मामूली रिसाव होना प्रतिवेदित है। (ख) जी हाँ, कार्य के दौरान समय-समय पर कार्यपालन यंत्री एवं अनुविभागीय अधिकारी द्वारा कार्य की जाँच की गई। कुल मरम्मत कार्य अनुबंधित राशि रू. 14.61 लाख के विरुद्ध रू. 03.00 लाख का भुगतान किया गया है, राशि रू. 11.61 लाख का कार्य शेष है। कार्य प्रारंभ कराया गया था, कार्य के दौरान वर्षा प्रांरभ हो जाने के कारण कार्य पूर्ण नहीं हो सका था, वर्ष 2023-24 में बांध का पूर्ण भराव किया गया एवं मार्च-2024 तक बांध से 480 हेक्टेयर, खरीफ एवं 200 हेक्टेयर, रबी की सिंचाई सुविधा प्रदाय की गई। मार्च-2024 के बाद एजेंसी द्वारा शेष कार्य बांध से पानी खाली होने के उपरांत कराया जा रहा है एवं मरम्मत कार्य प्रगतिरत होना प्रतिवेदित है। (ग) परियोजना से 480 हेक्टेयर खरीफ एवं 200 हेक्टेयर रबी की सिंचाई होना प्रतिवेदित है। बांध की लागत राशि रू. 992.93 लाख है, बांध में प्रश्‍न दिनांक तक रू. 974.50 लाख व्यय किया जा चुका है। बांध की स्वीकृति दिनांक 16.11.2005 को प्राप्त हुई थी एवं बांध वर्ष 2017 में पूर्ण किया जाना प्रतिवेदित है।

बैनगंगा नदी पर स्‍टॉप डेम का निर्माण

[जल संसाधन]

92. ( क्र. 1039 ) श्री रजनीश हरवंश सिंह : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) केवलारी विधानसभा के अतंर्गत ब्लाक छपारा में बैनगंगा नदी पर धार्मिक कार्यों एवं अन्य उपयोग हेतु पानी की उपलब्धता के लिए स्‍टॉप डेम निर्माण कराये जाने के लिए प्रश्‍नकर्ता एवं क्षेत्रीय जन प्रतिनिधियों के द्वारा निरंतर मांग की जा रही है? (ख) क्या विभाग के पास स्‍टॉप डेम निर्माण के लिए कोई प्रस्ताव लंबित है? यदि हाँ, तो कब तक इस पर कार्य किया जावेगा? यदि नहीं, तो क्यों? (ग) प्रश्‍नांश (ख) यदि हाँ, तो कब तक स्‍टॉप डेम निर्माण का कार्य प्रारंभ कर दिया जावेगा? यदि नहीं, तो क्यों?

जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) केवलारी विधानसभा के अंतर्गत ब्लाक छपारा में बैनगंगा नदी पर स्‍टॉप डेम निर्माण कराये जाने के लिए प्रश्‍नकर्ता एवं क्षेत्रीय जन प्रतिनिधियों के माध्यम से कोई पत्र प्राप्त होना नहीं पाया गया। (ख) वर्तमान में विभाग के पास केवलारी विधानसभा अंतर्गत कोई भी स्‍टॉपडेम के निर्माण का प्रस्ताव लंबित होना नहीं पाया गया।                  (ग) उत्तरांश (ख) अनुसार।

पट्टों के विक्रय अनुमति में अनियमितता

[राजस्व]

93. ( क्र. 1046 ) श्री बाला बच्चन : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                 (क) तहसीलदार बड़वानी के राजस्‍व प्रकरण क्रमांक 54/अ-74/2000-01 के द्वारा दिनांक 13.03.2001 को जो पट्टा प्रदान किया गया, उसकी संपूर्ण नस्‍ती की प्रमाणित प्रतियां देवें। जिस रजिस्‍टर पंजी में इसे इंद्राज किया गया उसकी भी प्रमाणित प्रति संपूर्ण रजिस्‍टर के रूप में देवें। (ख) कार्यालय तहसीलदार बड़वानी जिला बड़वानी के पत्र क्रमांक 4396/रीडर/2021 दि. 09.09.2021 के अनुसार अभिलेखागार में जिस व्‍यक्ति के नाम पट्टे संबंधी कोई दस्‍तावेज उपलब्‍ध नहीं है तो न्‍यायालय कलेक्‍टर जिला बड़वानी के राजस्‍व प्र. क्रं. 0027/अ-21/2021-22 आदेश दिनांक 15.03.2022 में निवासी तलून खुर्द जिला बड़वानी को कौन सी भूमि विक्रय करने की अनुम‍ति दी व किस आधार पर दी? (ग) उपरोक्‍तानुसार बगैर भूमि स्‍वामी हुए भूमि विक्रय की अनुमति देने वाले संबंधित अधिकारी व नामजद निवासी पर कब तक पुलिस प्रकरण दर्ज कराया जाएगा? यदि नहीं, तो क्‍यों?

राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) राजस्व प्रकरण दायरा पंजी में दर्ज है, किंतु प्रकरण तहसील कार्यालय बड़वानी में उपलब्ध नहीं है। दायरा पंजी की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) आवेदक द्वारा प्रकरण क्रमांक 27/अ-21/2021-22 में प‌ट्टे की कॉपी प्रस्तुत किये जाने पर कलेक्टर, बड़वानी के उक्त राजस्व प्रकरण क्रमांक में आदेश दिनांक 15/3/2022 से ग्राम तलुनखुर्द की भूमि सर्वे नं. 45/8, 57/3 रकबा 1.600 हेक्टेयर भूमि का आवेदक को संहिता की धारा 158 (3) (दो) के तहत भूमि स्वामी अधिकार प्राप्त होने से संहिता की धारा 165 (7-ख) के प्रावधान अनुसार विक्रय की अनुमति प्रदान की गई है। (ग) उत्तरांश "ख" के अनुक्रम में प्रश्‍न उद्‌भूत नहीं होता है।

झोलाछाप डॉक्‍टरों एवं अवैध क्‍लीनिक के विरूद्ध की गई कार्यवाही

[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]

94. ( क्र. 1048 ) श्री कमलेश्वर डोडियार : क्या उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला रतलाम में विगत 03 वर्षों में मुख्य चिकित्‍सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जिला रतलाम द्वारा कब-कब झोलाछाप फर्जी डॉक्टरों एवं अप्रशिक्षित बंगाली डॉक्टरों के द्वारा चलाई जा रही अवैध क्लीनिक को बंद कराकर उनके विरूद्ध प्रथम सूचना रिर्पोट दर्ज कराई गई है? सम्पूर्ण जानकारी पृथक-पृथक उपलब्ध करावें। (ख) क्या प्रश्‍नकर्ता विधायक द्वारा अवैध क्लीनिक चलाए जाने के संबंध में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जिला रतलाम एवं जिला कलेक्टर रतलाम व पुलिस अधीक्षक रतलाम को जो भी शिकायतें की गई हैं? उक्त शिकायतों पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा एवं संबंधित कमेटी द्वारा क्या कार्यवाही की गई? झोलाछाप डॉक्टर के विरूद्ध प्रथम सूचना रिर्पोट क्यों दर्ज नहीं की गई? इसके लिये कौन दोषी है? (ग) क्या शासन जनहित में सैलाना विधानसभा क्षेत्र के सभी झोलाछाप डॉक्टरों के विरूद्ध विभागीय रूप से पृथक सूचना रिर्पोट दर्ज करायेंगे? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्यों नहीं?

उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जिला रतलाम में विगत 3 वर्षों में मुख्‍य चिकित्‍सा एवं स्‍वास्‍थ्‍य अधिकारी जिला रतलाम द्वारा झोलाछाप, फर्जी डॉक्‍टरों, अप्रशिक्षित चिकित्‍सकों के द्वारा चलाई जा रही अवैध क्‍लीनिक के संबंध में की गई कार्यवाही की जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) माननीय विधायक द्वारा दिनांक 22/02/2024 को मुख्‍य चिकित्‍सा एवं स्‍वास्‍थ्‍य अधिकारी, रतलाम को लिखित शिकायत प्रस्‍तुत की गई। तदोपरान्‍त दिनांक 23/02/2024 को माननीय विधायक महोदय द्वारा दूरभाष पर मां मेडिकल स्‍टोर बाजना में चिकित्‍सकीय कार्य किए जाने के संबंध में सूचित किए जाने पर मुख्‍य चिकित्‍सा एवं स्‍वास्‍थ्‍य अधिकारी, रतलाम द्वारा कार्यालयीन पत्र क्र. 4364 दिनांक 23/02/2024 द्वारा जांच दल का गठन किया गया। दिनांक 23/02/2024 को मां मेडिकल स्‍टोर के दस्‍तावेज़, प्रमाण-पत्र आदि के संबंध में पंचनामा बनाया गया। मुख्‍य चिकित्‍सा एवं स्‍वास्‍थ्‍य अधिकारी, रतलाम द्वारा कार्यालयीन पत्र दिनांक 27/03/2024 तथा 30/04/2024 को उक्‍त मां मेडिकल स्‍टोर के संचालक तपन राय को कथन दर्ज कराने हेतु लेख किया गया था परन्‍तु वे कार्यालय में उपस्थित नहीं हुए। जांच दल से प्राप्‍त जांच प्रतिवेदन के आधार पर जिला औषधि निरीक्षक को उक्‍त मेडिकल स्‍टोर के विरूद्ध कार्यवाही हेतु दिनांक 15/03/2024 को निर्देशित किया गया। (ग) जी नहीं। विभाग द्वारा सभी झोलाछाप डॉक्‍टरों, अप्रशिक्षित व्‍यक्तियों द्वारा अवैध संचालित क्‍लीनिक्‍स की निगरानी विनियामक अधिनियम म.प्र. उपचर्यागृह तथा रूजोपचार संबंधी स्‍थापनाएं (रजिस्‍ट्रीकरण तथा अनुज्ञापन) अधिनियम, 1973 के स्‍थापित प्रावधान अनुरूप मनोनीत पर्यवेक्षी प्राधिकारी के माध्‍यम से की जाती है। इस तारतम्‍य में जिला रतलाम में झोलाछाप चिकित्‍सकों पर कार्यवाही हेतु जिला कलेक्‍टर रतलाम द्वारा पत्र क्र./11946, दिनांक 21/06/2024 द्वारा जांच दल का गठन किया गया है।
परिशिष्ट - "अठारह"

शैक्षणिक संवर्ग की भर्ती में अनियमितताएं

[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]

95. ( क्र. 1051 ) श्री अम्बरीष शर्मा : क्या उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) म.प्र. चिकित्सा शिक्षा राजपत्रित सेवा भर्ती नियम 2023 म.प्र. में किस दिनांक से लागू है? (ख) क्या उक्त नियमों के लागू होने के उपरांत उक्त नियमों के अनुसार भर्ती किए जाने के निर्देश चिकित्सा एवं दंत महावि‌द्यालयों के प्राचार्य को जारी किए गए थे?                   (ग) यदि हाँ, तो क्या उपरोक्त गजट नोटिफिकेशन के उपरान्त भी प्रभारी अधिष्ठाता चिकित्सा महावि‌द्यालय शिवपुरी द्वारा की गई भर्ती जो विज्ञापन क्रमांक 7894/23 दिनांक 14/7/23 के तहत जारी किया गया है? यदि हाँ, तो क्या इस भर्ती को निरस्त किए जाने की कार्रवाई शासन स्तर पर प्रस्तावित है? यदि नहीं, तो उपरोक्त नियुक्तियों को शासन निरस्त करने की कार्रवाई कब तक करेगा? (घ) उक्त नियमों का उल्लंघन करते हुए शिवपुरी चिकित्सा महाविद्यालय में सहायक प्राध्यापक के पद पर की गई सीधी भर्ती के संदर्भ में प्रभारी अधिष्ठाता चिकित्सा महाविद्यालय शिवपुरी को कारण बताओ सूचना पत्र क्र. 145/PA दिनांक 10/11/23 जारी किया गया है? क्या उक्त कारण बताओ सूचना पत्र के उपरांत भी प्रभारी अधिष्ठाता ने कोई इंटरव्यू कराए हैं? यदि हाँ, तो शासन की इस अवमानना पर आगे क्या कार्रवाई की गई? यदि नहीं, तो क्या उक्त कारण बताओ सूचना पत्र में प्रस्तावित कार्रवाई समाप्त कर दी गई? साथ ही कराये गये इंटरव्यूज के आवेदन पत्रों, प्रपत्रों, समस्त दिनांकों की प्रोरेटा शीट, समस्त मान्य-अमान्य SR ship की कारण सहित सूची, इंटरव्यू पैनल की सूची और रिजल्ट सहित विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराएं। (ड.) क्या तत्कालीन प्रभारी अधिष्ठाता चिकित्सा महाविद्यालय शिवपुरी के विरुद्ध कारण बताओ सूचना पत्र के उपरान्त शासन द्वारा विभागीय जांच/लोकायुक्त जांच प्रस्तावित की गई है अथवा जांच लंबित है? यदि हाँ, तो जांच किस स्तर पर है? यदि नहीं, तो जांच की संस्तुति कब तक है?

उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) मध्‍यप्रदेश चिकित्‍सा शिक्षा (राजपत्रित) सेवा भर्ती नियम दिनांक 20 अप्रैल, 2023 से लागू है। (ख) जी नहीं। मध्‍यप्रदेश चिकित्‍सा शिक्षा (राजपत्रित) सेवा भर्ती नियम शासकीय चिकित्‍सा महाविद्यालयों पर लागू है। स्‍वशासी चिकित्‍सा महाविद्यालयों पर लागू नहीं है। स्‍वशासी चिकित्‍सा महाविद्यालय (शैक्षणिक) आदर्श सेवा भर्ती नियम 2018 लागू है। (ग) विज्ञापन क्रमांक 7894/26 दिनांक 14/07/2023 मध्‍यप्रदेश चिकित्‍सा शिक्षा (राजपत्रित) सेवा भर्ती नियम-2023 के तहत जारी नहीं किया गया। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) प्रभारी अधिष्‍ठाता, चिकित्‍सा महाविद्यालय, शिवपुरी को वरिष्‍ठ कार्यालय से प्राप्‍त निर्देशों के उल्‍लंघन के लिये कारण बताओ सूचना पत्र दिनांक 10/11/2023 को जारी किया गया था। तत्‍कालीन प्रभारी अधिष्‍ठाता द्वारा दिनांक 02/03/2024 को संभागायुक्‍त ग्‍वालियर संभाग एवं अध्‍यक्ष स्‍वशासी समिति के अनुमोदन उपरांत साक्षात्‍कार कराये गये। भर्ती के संबंध में प्राप्‍त शिकायत की जांच प्रचलन में है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। कराये गये इन्‍टरव्‍यू के आवेदन पत्रों, प्रपत्रों समस्‍त दिनाकों की प्रोरेटा शीट, समस्‍त मान्‍य-अमान्‍य SR Ship की कारण सहित सूची इन्‍टरव्‍यू पेनल की सूची एवं रिजल्‍ट की विस्‍तृत जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ड.) तत्‍कालीन प्रभारी अधिष्‍ठाता के विरूद्ध कारण बताओ सूचना के उपरांत शासन/संचालनालय स्‍तर पर विभागीय जांच/लोकायुक्‍त जांच लंबित नहीं है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

सिंचाई परियोजना की स्‍वीकृति

[जल संसाधन]

96. ( क्र. 1052 ) श्री माधव सिंह (मधु गेहलोत) : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) आगर वि.क्षे. अंतर्गत सियाखेड़ी टेंक (विदाउट केनाल) एवं भीमपुरा तालाब (विदाउट केनाल) सहित कितनी परियोजना की साध्‍यता स्‍वीकृति हेतु शासन स्‍तर पर लंबित है? शासन द्वारा साध्‍यता स्‍वीकृति कब तक दी जावेगी, जिससे की योजना समय पर स्‍वीकृत होकर किसानों को उसका लाभ मिल सके। (ख) क्‍या आगर वि.क्षे. के किसानों के हितों को ध्‍यान में रखते हुए हड़ाई डेम, खंडवास डेम, सिरपोई डेम की स्‍वीकृति की जावेगी?

जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) आगर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत सियाखेड़ी टेंक (विदाउट केनाल) एवं भीमपुरा तालाब (विदाउट केनाल) साध्यता की स्‍वीकृति तकनीकी एवं वित्तीय मापदंडों पर साध्य पाये जाने के उपरांत साध्यता स्वीकृति प्रदान की जा सकेगी। समय-सीमा बताया जाना संभव नही। (ख) आगर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत हड़ाई बांध सिंचाई योजना की प्रशासकीय स्वीकृति राशि रू. 1471.71 लाख की दिनांक 01.10.2018 को स्वीकृति उपरांत अनुबंध कर निर्माण कार्य प्रारंभ किया गया था। कृषकों के विरोध के कारण कार्य नहीं किया जा सका। खंडवास तालाब (नहर रहित) एवं सिरपोई तालाब (नहर रहित) योजनाओं के विस्तृत सर्वेक्षण उपरांत निर्माण लागत प्रति हेक्टेयर विभागीय मापदंडों से बहुत अधिक होने के कारण वित्तीय रूप से साध्य नहीं है।

संजय सागर डेम से नहरों का संचालन

[जल संसाधन]

97. ( क्र. 1057 ) श्री जयवर्द्धन सिंह : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) राघौगढ़, जिला गुना में संजय सागर डेम का निर्माण कब हुआ था? यह कितने क्षेत्रफल में है? कब-कब इसकी देखरेख एवं अन्य किन-किन कार्यों पर राशि व्यय की गई है? वर्षवार बतायें।                (ख) डेम से सिंचाई के लिये नहरों का निर्माण कब, कितनी लंबाई और कितनी राशि में किन-किन गांवों को लाभान्वित करने के लिये किया गया? संपूर्ण जानकारी का गौशवारा बनाकर बतायें।                (ग) नहरों के निर्माण उपरांत उसकी मरम्मत पर प्रश्‍न दिनांक तक कब और क्या कार्य कितनी लागत का किन के माध्यम से संपन्न कराया गया है? (घ) नहरों के देखरेख के लिये समितियों का निर्माण किया गया है? समिति में कितने सदस्य हैं, उनके नाम, पदनाम एवं कितनी बैठकें किन विषयों पर कब-कब आयोजित की गई तथा बैठकों के मिनिट्स की प्रति सहित बतायें।                       (ड.) उपरोक्त नहर को सीसीकरण करने के लिये कब टेण्डर जारी किये गये? उक्त प्रक्रिया में कितनी एजेन्सियों ने हिस्सा लिया? किस एजेन्सी को किस दर पर कितनी अवधि के लिये वर्क आर्डर दिया गया? सीसीकरण की अद्यतन स्थिति क्या है? क्या कार्यपूर्ण हो चुका है? यद्यपि नहीं तो कब पूर्ण करा लिया जायेगा?

जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) राघौगढ़ जिला गुना में संजय सागर डेम का निर्माण वर्ष 1985 में पूर्ण हुआ था। योजना का जल ग्रहण क्षेत्र, डूब क्षेत्र एवं सिंचाई क्षेत्रफल क्रमशः 124.30 वर्ग कि.मी. 462 हेक्टर एवं 6750 हेक्टर है। बांध की देख-रेख एवं मरम्मत हेतु किये गये कार्य की वर्षवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'''' अनुसार है। (ख) डेम से सिंचाई के लिये नहरों का निर्माण वर्ष 1999 में पूर्ण किया गया था। कमाण्ड क्षेत्र में सिंचाई हेतु नहरों की कुल लम्बाई (मुख्य नहर, शाखा नहर, डिस्ट्रीब्यूटरी माईनर, सब-माईनर) 116.70 कि.मी. है एवं नहर निर्माण में कुल 534.32 लाख रूपये की राशि व्यय हुई थी। नहर निर्माण होने से लाभान्वित ग्रामों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'''' अनुसार है। (ग) नहरों के निर्माण उपरांत उनकी मरम्मत पर, प्रश्‍न दिनांक तक किये गये कार्यों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के परिशिष्‍ट प्रपत्र-'''' अनुसार है। (घ) संजय सागर डेम की नहरों की देख-रेख हेतु कमाण्ड क्षेत्र में कृषकों की भागीदारी अधिनियम 1999 के अन्तर्गत जल उपभोक्ता समिति/संथा का गठन प्रथम बार वर्ष 1999 में किया गया था। वर्ष 2020 में म.प्र. शासन, जल संसाधन विभाग, मंत्रालय भोपाल के पत्र क्र. 32/18/2020-21/मध्यम/31/26 भोपाल द्वारा दिनांक 07.03.2020 के माध्यम से संथाओं को भंग कर दिया गया था। अतः शेष प्रश्‍नांश उपस्थित नहीं होता है। (ड.) उपरोक्त नहरों के सीसीकरण के लिये निविदा दिनांक 26.10.2022 को ई-टेण्डर के माध्यम से जारी की गई थी। उक्त प्रक्रिया में दो एजेन्सियों ने हिस्सा लिया। न्यूनतम दर वाले निविदाकार मेसर्स कौशल प्रसाद पटेल, रीवा की 8 प्रतिशत कम की दर पर 15 माह (वर्षाकाल सहित) की अवधि के लिये निविदा स्वीकृति करते हुए स्वीकृति पत्र दिनांक 15.03.2023 को जारी किया गया। जी नहीं, वर्तमान में कार्य प्रगतिरत है। उक्त कार्य जून 2025 तक पूर्ण किया जाना लक्षित है।

राजस्‍व प्रकरणों का निराकरण

[राजस्व]

98. ( क्र. 1086 ) श्री सुरेन्‍द्र सिंह हनी बघेल : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र कुक्षी के अंतर्गत दिनांक 01.04.2022 से 31.05.2024 तक तहसील कार्यालय कुक्षी में नामांतरण, फौती नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन व अन्य सभी प्रकार के कितने प्रकरण प्रस्तुत हुए? पृथक-पृथक संपूर्ण जानकारी देवें। (ख) उपरोक्त प्रश्‍नांश (क) अनुसार अवधि में तहसीलदार कुक्षी में जिन प्रकरणों का निराकरण किया उनकी जानकारी देवें। क्या कारण है कि प्राप्त प्रकरणों में वरीयता क्रम से निराकरण नहीं किया जाकर कुछ प्रकरणों को निराकृत कर दिया गया व शेष प्रकरण लंबित कर दिए गए? (ग) प्रश्‍नांश (ख) अनुसार पूर्व के प्रकरणों को लंबित क्यों रखा गया है? प्रकरणवार बतावें। प्रश्‍नांश (क) की अवधि में जो प्रकरण निराकृत किए गए, उनमें अमल की स्थिति प्रकरणवार देवें। (घ) प्रकरणों को वरीयता क्रम से निराकृत न करने वाले तहसीलदार कुक्षी पर विभाग कब तक कार्यवाही करेगा? यदि नहीं, तो क्यों? कारण बतावें।

राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) विधानसभा क्षेत्र कुक्षी के अंतर्गत दिनांक 01.04.2022 से 31.05.2024 तक तहसील कार्यालय में नामांतरण, फौती नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन व अन्य सभी प्रकार के कुल 4032 प्रकरण प्रस्तुत हुए है। शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार। (ख) तहसीलदार कुक्षी के न्यायालय में दिनांक 01.04.2022 से 31.05.2024 तक कुल 3755 प्रकरणों का निराकरण न्यायालयीन प्रक्रिया अनुसार गुणदोष के आधार पर किया गया है। प्रस्‍तुत उक्त प्रकरणों में से 271 प्रकरण न्यायालयीन प्रक्रिया अनुसार प्रचलित है। राजस्‍व न्‍यायालयों में दर्ज प्रकरण सामान्‍तरण सुनवाई में प्रचलित रहते हैं तथा अलग-अलग प्रकरण अपने प्रकृति के अनुसार कम या अधिक समय से निराकृत होते हैं। राजस्‍व प्रकरण क्रम से निराकृत हो आवश्‍यक नहीं है। जानबूझकर कोई प्रकरण लंबित नहीं रखे जाते हैं। (ग) लंबित 271 प्रकरण मध्यप्रदेश भू-राजस्व संहिता 1959 के प्रावधान अनुसार प्रचलित है। दिनांक 01.04.2022 से 31.05.2024 तक तहसील कार्यालय में नामांतरण, फौती नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन व अन्य सभी प्रकार के कुल 4032 प्रकरण प्रस्तुत हुए हैं। पृथक-पृथक सम्पूर्ण जानकारी प्रकरण क्रमांक, मद, निराकरण का स्वरूप एवं प्रस्तुतकर्ता का नाम सहित प्रेषित है तथा निराकृत प्रकरणों का आदेशानुसार अमल किया गया है। (घ) समस्त प्रकरणों में मध्यप्रदेश भू-राजस्व संहिता 1959 के प्रावधान अनुसार कार्यवाही की गई है। अत: तहसीलदार कुक्षी पर कार्यवाही का प्रश्‍न उत्पन्न नहीं होता

सी.एम.एच.ओ. द्वारा किये गए भुगतान में अनियमितता

[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]

99. ( क्र. 1087 ) श्री सुरेन्‍द्र सिंह हनी बघेल : क्या उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2021-22, 2022-23, 2023-24 में सी.एम.एच.ओ. धार द्वारा कितनी राशि का भुगतान किन एजेन्सी/फर्मों को किया गया? भुगतान राशि, फर्म/एजेंसी नाम, भुगतान दिनांक सहित जानकारी देवें। (ख) प्रश्‍नांश (क) अवधि में सी.एम.एच.ओ. धार द्वारा स्थानीय स्तर पर जो क्रय किया गया उसकी जानकारी भी उपरोक्तानुसार देवें। इसकी विज्ञप्ति जिन समाचार पत्रों, ऑनलाइन माध्यमों से जारी की गयी, की छायाप्रति भी देवें। यदि ऐसा नहीं किया गया तो कारण भी देवें। (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) अनुसार नियमानुसार क्रय न करके अनियमितता करने वाले सी.एम.एच.ओ. धार के द्वारा समस्त क्रय की जांच कब तक की जाएगी? (घ) उपरोक्तानुसार कब तक अनियमितता करने वाले सी.एम.एच.ओ. धार को हटा कर अन्य पदस्थी की जाएगी?

उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) सी.एम.एच.ओ. धार द्वारा किये गये भुगतान की जानकारी वर्षवार, फर्मवार, दिनांकवार, राशिवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) स्‍थानीय स्‍तर पर किये गये क्रय की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट में समाहित है। मध्‍यप्रदेश भण्‍डार क्रय नियम 2015 एवं 2023 संशोधित के अनुसार कोटेशन एवं जैम पोर्टल के माध्‍यम से क्रय किया गया। (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

दोषियों के विरुद्ध कार्यवाही

[स्कूल शिक्षा]

100. ( क्र. 1119 ) श्री हरिशंकर खटीक : क्या परिवहन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शासन ने जीर्ण-शीर्ण भवन घोषित करने एवं सरकारी भवन गिराने संबंधी वर्तमान में              कौन-कौन से नियम बनाए हैं? कृपया ऐसे आदेशों एवं नियम की छायाप्रतियां प्रदाय करें। (ख) क्या शासन ने सरकारी भवनों को गिराने संबंधी ग्राम पंचायतों को अधिकार सीधे दिये हैं? अगर हाँ तो आदेशों की छायाप्रतियां प्रदाय करें। (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के आधार पर बताएं कि टीकमगढ़ जिले के विधानसभा एवं जनपद पंचायत जतारा की ग्राम पंचायत बम्होरी खास को कब, किस आदेशानुसार शासकीय बालक प्राथमिक स्कूल (बोर्डिंग स्कूलों) की रसोई घर तोड़ने की अनुमति किस विभाग द्वारा दी गई थी? कृपया ऐसे आदेशों की छायाप्रतियां प्रदाय करें। इसमें कौन-कौन दोषी है? कृपया सम्पूर्ण जानकारी दें। (घ) प्रश्‍नांश (क), (ख) एवं (ग) के आधार पर बताएं कि उपरोक्त ग्राम पंचायत के उपरोक्त कृत्य की जांच करा कर जिला प्रशासन द्वारा प्रश्‍न दिनांक तक क्या-क्या कार्यवाही की है? सम्पूर्ण जानकारी दें। उपरोक्त ग्राम पंचायत के ऐसे कृत्य की जांच क्या एक सप्ताह में संबंधितों के विरूद्ध वैधानिक कार्यवाही करने की, की जावेगी? कृपया दोषियों के विरूद्ध प्रश्‍न दिनांक तक कोई कार्यवाही न होने के क्या-क्या कारण हैं? निश्चित समय-सीमा सहित बताएं कि दोषियों पर क्या-क्या कार्यवाही कब तक कर दी जावेगी?

परिवहन मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

नामांतरण, बंटवारा व सीमांकन के लंबित प्रकरणों का निराकरण

[राजस्व]

101. ( क्र. 1344 ) श्री राजेश कुमार वर्मा : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या मध्‍यप्रदेश में नामांतरण, बंटवारा व सीमांकन के प्रकरणों के निराकरण हेतु समय-सीमा निर्धारित है? यदि हाँ, तो पन्‍ना जिले में वर्ष 2022-23 एवं 2023-24 में ऐसे कितने प्रकरणों का निराकरण समय-सीमा में किया गया तथा कितने और कौन-कौन से प्रकरण छ: माह की अवधि से अधिक समय से लंबित है? कितने प्रकरणों को बिना किसी सक्षम कारण के नियम विरूद्ध खारिज किया गया है? प्रकरणवार, नामवार जानकारी दें। छ: माह की अवधि से अधिक समय से लंबित प्रकरणों के मामले में संबंधित अधिकारियों पर क्‍या कार्यवाही की गई? यदि नहीं, तो क्‍यों? (ख) क्‍या तहसील गुनौर, देवेन्‍द्रनगर व अमानगंज में नामांतरण, बंटवारा व सीमांकन के प्रकरण निरस्‍त किये गये हैं? यदि हाँ, तो किस प्रकरण को किस कारण निरस्‍त किया गया है? नामवार, प्रकरणवार कारण सहित संपूर्ण विवरण दें। प्रश्‍नांश (क) उल्‍लेखित अवधि की जानकारी दें। (ग) क्‍या यह भी सही है कि पन्‍ना जिले के तहसीलदारों, नायब तहसीलदारों द्वारा संपदा पोर्टल से प्राप्‍त आवेदनों को बिना सुनवाई किये व आवेदकों को बिना सूचना पत्र दिये ही रजिस्‍टर्ड विक्रय-पत्र का नामांतरण आवेदन खारिज किये गये हैं? यदि हाँ, तो वर्ष 2022-23 एवं 2023-24 में निरस्‍त किये गये नामांतरण प्रकरणों की सूची नामवार, प्रकरणवार दें। बिना सूचना दिये आवेदन खारिज करने के मामलों में संबंधित अधिकारियों पर क्‍या कार्यवाही की गई? यदि नहीं, तो क्‍यों?

राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जी हाँ। वर्ष 2022-23 एवं 2023-24 में नामांतरण, बंटवारा एवं सीमांकन के समय-सीमा में निराकृत प्रकरण एवं छ: माह की अधिक अवधि से लंबित प्रकरणों की तहसीलवार जानकारी निम्‍नानुसार है-

तहसील   का     नाम

वर्ष

नामांतरण

बंटवारा

सीमांकन

समय सीमा में निराकृत प्रकरण संख्‍या

छ:माह की अधिक अवधि से लंबित प्रकरण संख्‍या

समय सीमा में निराकृत प्रकरण संख्‍या

छ:माह की अधिक अवधि से लंबित प्रकरण संख्‍या

समय सीमा में निराकृत प्रकरण संख्‍या

छ:माह की अधिक अवधि से लंबित प्रकरण संख्‍या

अजयगढ़

22-23

1466

0

210

0

647

0

23-24

1981

0

247

0

740

0

पन्‍ना

22-23

1590

0

571

0

258

0

23-24

55

15

11

3

502

0

देवेन्‍द्रनगर

22-23

2170

0

433

0

624

0

23-24

1983

0

413

0

664

0

गुनौर

22-23

2969

0

823

0

801

0

23-24

2692

0

512

0

375

0

अमानगंज

22-23

2781

0

686

0

634

0

23-24

2869

0

464

0

855

0

पवई

22-23

1714

0

261

0

652

0

23-24

1857

32

266

18

678

0

सिमरिया

22-23

1975

0

284

0

270

0

23-24

1722

4

323

27

272

9

शाहनगर

22-23

1605

0

249

0

533

0

23-24

1449

22

154

0

390

0

रेपुरा

22-23

1185

0

205

0

503

0

23-24

1221

0

165

0

545

0

06 माह से अधिक अवधि के लंबित प्रकरणों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट '' अनुसार। कोई प्रकरण नियम विरूद्ध खारिज नहीं किया गया है। विधानसभा निर्वाचन 2023 तथा लोकसभा निर्वाचन 2024 के कार्य एवं अन्‍य प्रशासनिक कार्य जैसे - उपार्जन, कानून व्‍यवस्‍था, विभिन्‍न परीक्षाएं आदि की अधिकता के कारण कुछ प्रकरणों के निराकरण में विलम्‍ब हुआ है। अत: अधिकारियों के विरूद्ध कोई कार्यवाही नहीं की गई है। (ख) जी हाँ। तहसील गुनौर, देवेन्‍द्रनगर व अमानगंज में नामांतरण, बंटवारा व सीमांकन के अस्‍वीकृत किये गये प्रकरणों की जानकारी निम्‍नानुसार है-

तहसील का नाम

वर्ष

नामांतरण के अस्‍वीकृत प्रकरण संख्‍या

बंटवारा के अस्‍वीकृत प्रकरण संख्‍या

सीमांकन के अस्‍वीकृत प्रकरण संख्‍या

गुनौर

2022-23

49

61

69

2023-24

29

40

17

देवेन्‍द्रनगर

2022-23

257

144

253

2023-24

230

104

243

अमानगंज

2022-23

592

170

265

2023-24

713

185

315

तहसील गुनौर, देवेन्‍दनगर व अमानगंज के अस्‍वीकृत प्रकरणों की नामवार, प्रकरणवार कारण सहित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट '' अनुसार। (ग) जी नहीं। संपदा पोर्टल से प्राप्‍त प्रकरणों को म.प्र. भू-राजस्‍व संहिता (राजस्‍व न्‍यायालयों की प्रक्रिया) नियम 2019 के नियम 11 (2) के प्रावधानानुसार एवं प्रकरणों में गुण-दोषों के आधार पर स्‍वीकृत/अस्‍वीकृत संबंधी आदेश पारित किये गये है। आवेदन पत्रों को बिना सूचना खारिज नहीं किया गया है। अत: अधिकारियों पर कार्यवाही किए जाने का प्रश्‍न उद्भूत नहीं होता है।

श्‍मशान घाट की भूमियों पर अतिक्रमण

[राजस्व]

102. ( क्र. 1347 ) श्री देवेन्द्र पटेल : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                 (क) सिलवानी विधानसभा अंतर्गत तहसील सिलवानी व बेगमगंज के किस-किस ग्राम/बसाहट में ग्रामवार कितनी-कितनी भूमि श्‍मशान अथवा मरघट के नाम पर दर्ज होकर आरक्षित है? क्‍या यह भूमि अतिक्रमण मुक्‍त है? (ख) यदि उक्‍त ग्रामों में श्‍मशान भूमि पर अतिक्रमण है तो किस ग्राम में कितनी भूमि पर अतिक्रमण है व कितनी भूमि अतिक्रमण मुक्‍त होकर उसका उपयोग श्‍मशान कार्य के लिये किया जा रहा है? अतिक्रमण मुक्‍त व अतिक्रमण भूमि का पृथक-पृथक विवरण दें व बतावें कि कब तक उक्‍त श्‍मशान भूमियों को अतिक्रमण मुक्‍त कर लिया जायेगा? (ग) क्‍या विभाग शासकीय भूमियों पर अतिक्रमण के मामले में संबंधित राजस्‍व कर्मचारी/अधिकारी का उत्‍तरदायित्‍व सुनिश्चित करेगा? यदि नहीं, तो क्‍यों? यदि उत्‍तरदायित्‍व तय है तो प्रश्‍नांश (ख) में उल्‍लेखित अतिक्रमणों के संबंध में क्‍या कार्यवाही की जावेगी?

राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) सिलवानी विधानसभा अंतर्गत तहसील सिलवानी में कुल 217 ग्रामों में 125.465 हेक्‍टेयर एवं तहसील बेगमगंज में कुल 238 ग्रामों में 164.155 हेक्‍टेयर भूमि श्‍मशान अथवा मरघट के नाम दर्ज होकर आरक्षित है। यह भूमि अतिक्रमण मुक्‍त है।                  (ख) कलेक्‍टर कार्यालय रायसेन में सं‍कलित जानकारी अनुसार सिलवानी विधानसभा अंतर्गत तहसील सिलवानी व बेगमगंज के किसी ग्राम में श्‍मशान/मरघट की भूमि पर अतिक्रमण नहीं है एवं प्रश्‍नांश (क) में उल्‍लेखित समस्‍त भूमि का उपयोग श्‍मशान कार्य के लिये किया जा रहा है जिसकी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट '' एवं '' अनुसार। (ग) शेष प्रश्‍नांश उद्भूत नहीं होता।

 

रायसेन जिले में अवैध कॉलोनियों का निर्माण

[राजस्व]

103. ( क्र. 1348 ) श्री देवेन्द्र पटेल : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि              (क) रायसेन जिले के नगरीय निकायों में विगत तीन वर्षों में ऐसे कितने नामांतरण राजस्‍व न्‍यायालयों द्वारा किये गये है, जो कि तीन हजार वर्गफिट भूमि से कम के हैं? नगरीय निकायों व उनसे लगे समीप ग्रामों के संबंध में उक्‍त की संख्‍यात्‍मक जानकारी दें। (ख) क्‍या यह सही है कि छोटे-छोटे भू-खण्‍डों के नामांतरण किये गये हैं और अवैध कॉलोनियों का निर्माण किया जा रहा है? क्‍या इस संबंध में पटवारियों व अन्‍य राजस्‍व अधिकारियों ने अवैध कॉलोनियों के निर्माण की सूचना वरिष्‍ठ अधिकारियों को अपने प्रतिवेदनों/नामांतरण प्रतिवेदनों में दी है? यदि नहीं, तो क्‍यों? अवैध कॉलोनियों के निर्माण को नजर अंदाज करने वाले व समय पर संज्ञान न लेकर समुचित कार्यवाही न करने वाले अधिकारियों के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही कब तक की जावेगी?

राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) विगत तीन वर्षों में 14041 नामांतरण राजस्व न्यायालयों द्वारा किये गये हैं। नगरीय निकायों व उससे लगे समीपी ग्रामों के 403 नामांतरण किये गये है। (ख) जी हाँ। इस संबंध में पटवारियों व अन्य राजस्व अधिकारियों द्वारा अवैध कॉलोनियों के निर्माण की सूचना दी जाती है एवं वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा कार्यवाही भी की जाती है, अतः शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

 

 

 


 




भाग-3

अतारांकित प्रश्‍नोत्तर


उपस्वास्थ्य केन्द्र का निर्माण

[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]

1. ( क्र. 1 ) श्रीमती प्रियंका पैंची : क्या उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2022-23 से प्रश्‍न दिनांक तक चाचौड़ा विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत किस-किस गांव में उप स्वास्थ्य केंद्र स्वीकृत किए गए हैं? उनके नाम मय राशि आदेश की प्रति उपलब्ध करावें। (ख) प्रश्‍नांकित अवधि अंतर्गत ऐसे कितने उप स्वास्थ्य केंद्र है जिनके निर्माण के लिए भूमि आवंटन नहीं हुई है। आवंटित भूमि पर किसी अन्य का कब्जा है? नाम सहित जानकारी उपलब्ध करावें। (ग) प्रश्‍नांकित अवधि अंतर्गत ऐसे कितने उप स्वास्थ्य केंद्र हैं जिनका निर्माण कार्य पूर्ण हो गया है? नाम सहित जानकारी उपलब्ध करावें। (घ) प्रश्‍नांकित अवधि अंतर्गत ऐसे कितने उपस्वास्थ्य केंद्र अपूर्ण हैं? उनका निर्माण कार्य कब तक पूर्ण कर दिया जाएगा? निर्माण में विलंब के लिए किन-किन उप स्वास्थ्य केंद्र के ठेकेदारों के विरुद्ध क्या-क्या कार्यवाही की गई?

उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र '''' अनुसार है। प्रशासकीय स्वीकृति आदेश की छायाप्रतियां पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) समस्‍त उपस्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्रों की भूमि आवंटित हो चुकी है तथा आवंटित भूमि पर किसी अन्‍य का कब्‍जा नहीं है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।                                         (ग) प्रश्‍नांकित अवधि में किसी भी उपस्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र का कार्य पूर्ण नहीं हुआ है, कुल 06 स्‍वीकृत उपस्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्रों में से कुल 02 उप स्वास्थ्य केन्द्र निर्माणाधीन होकर अपूर्ण है तथा 04 उपस्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्रों में अनुबंध की कार्यवाही प्रचलन में है, जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (घ) कुल 06 उपस्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र अपूर्ण है, जिनमें से 04 अप्रारंभ है तथा शेष 02 उपस्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र निर्माणाधीन है। विलम्‍ब के लिए दोषियों के विरूद्ध की गई कार्यवाही की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र  '''' अनुसार है।

चिकित्‍सालय में स्‍थानीय क्रय (Local Purchase) की जानकारी

[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]

2. ( क्र. 28 ) श्री यादवेन्द्र सिंह : क्या उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला चिकित्‍सालय टीकमगढ़ में स्‍थानीय क्रय किसके आदेश से किया जाता है, उसके भुगतान की क्‍या प्रक्रिया है? (ख) प्रश्‍नांश (क) में वर्णित स्‍थानीय क्रय में किस मेडीकल स्‍टोर से कौन-कौन सी दवा क्रय की गईदवा का नाम मेडीकल स्‍टोर का नाम, राशि सहित विगत दो वर्ष का विस्‍तृत विवरण दें? (ग) क्‍या सिविल सर्जन टीकमगढ़ द्वारा म.प्र. भण्‍डार क्रय नियम एवं नई दवा नीति के तहत वित्‍तीय शक्तियों का दुरूपयोग किया जा रहा है?                                            (घ) प्रश्‍नांश (ग) में वर्णित तथ्‍यों की गहन जांच करवाकर कब तक क्‍या कार्यवाही की जावेगी?

उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जिला चिकित्‍सालय टीकमगढ़ में स्‍थानीय क्रय सिविल सर्जन सह मुख्‍य अस्‍पताल अधीक्षक के आदेश से किया जाता है। क्रय आदेश जारी होने के उपरांत संबंधित फर्म द्वारा क्रय सामग्री देयक के साथ प्रदाय की जाती है, तदुपरांत क्रय सामग्री प्राप्‍त कर स्‍टॉक रजिस्‍टर में इंद्राज कर भण्‍डार अधिकारी द्वारा सत्‍यापन उपरांत देयक लेखा शाखा द्वारा बिल कोषालय में प्रस्‍तुत कर संबंधित फर्म के बैंक खाते में भुगतान किया जाता है। (ख) स्‍थानीय क्रय की दवावार, मेडिकल स्‍टोरवार, राशिवार  जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) जी नहीं। ऐसा कोई प्रकरण विभाग के संज्ञान में नहीं है। (घ) उत्‍तरांश (ग) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

टीकमगढ़ जिले में संचालित स्‍वास्‍थ्‍य योजनाएं

[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]

3. ( क्र. 29 ) श्री यादवेन्द्र सिंह : क्या उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) टीकमगढ़ जिले में कौन-कौन सी जनहितेषी योजनाएं संचालित है प्रत्‍येक योजना में प्रतिवर्ष कितनी राशि व्‍यय की जाती है? विगत तीन वर्षों का योजनावार, वर्षवार व्‍यय बतायें। (ख) क्‍या जिला चिकित्‍सालय में डायलेसिस मशीनें तो हैं किन्‍तु डायलेसिस विशेषज्ञ नहीं है, अप्रशिक्षित आदमी से डायलेसिस मशीनें चलवाकर प्रति व्‍यक्ति प्रति डायलेसिस 2000 रूपये दिये जाते हैं और जो फिल्‍टर सिंगल यूज का होता है उसका उपयोग 20-20 बार करते हैं? जिससे मरीजों की जान जोखिम में रहती है? (ग) क्या डायलेसिस के मरीज जिन्हें पुराना फिल्टर लगाने से रीऐक्शन किंतु उन्हे हार्ट अटेक व क्लोट जमा होने का कहकर रिफर कर दिया, जिससे उनकी जान जोखिम में रही? (घ) प्रश्‍नांश (ग) में अनियमितताएं बरतने वालों पर कब तक कार्यवाही की जावेगी?

उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जानकारी संलग्‍न  परिशिष्ट अनुसार है। (ख) डायलेसिस सेवा हेतु प्रशिक्षित मेडिसिन विशेषज्ञ उपलब्‍ध है। जी नहीं। जी नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी नहीं। निर्धारित प्रक्रिया अनुसार पूर्णत: सुरक्षित रूप से रोगियों का डायलेसिस किया जाता है। (घ) प्रश्‍नांश (ग) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - "उन्नीस"

कुंभराज-1, कुम्भराज-2 सिंचाई परियोजना की प्रगति

[जल संसाधन]

4. ( क्र. 36 ) श्रीमती प्रियंका पैंची : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) गुना जिले की विधानसभा क्षेत्र चाचौड़ा के अंतर्गत पार्वती नदी पर पूर्व में घोषित कुंभराज-1, कुम्भराज-2 सिंचाई परियोजना की प्रगति क्या है तथा उक्त परियोजना की कितनी लागत प्रस्तावित है तथा कार्यपूर्ण करने की समय-सीमा क्या थी? उक्त परियोजना कब तक पूर्ण होकर क्षेत्र के किसानों को सिंचाई हेतु पानी उपलब्ध होगा? (ख) प्रस्तावित परियोजना की DPR के आधार पर क्या लागत है? प्रस्तावित परियोजना का टेंडर कब तक हो सकता है? (ग) उक्त योजना में भू-अर्जन की राशि सम्मिलित है? यदि हाँ, तो वर्तमान तक कितनी राशि का वितरण हुआ है? नहीं तो क्या कारण है?

जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) गुना जिले की चाचौड़ा विधानसभा अंतर्गत पार्वती नदी पर कुम्भराज सिंचाई परियोजना चिन्हांकित है एवं डी.पी.आर. की कार्यवाही मैदानी स्‍तर पर प्रचलन में होना प्रतिवेदित है। (ख) वर्तमान में डी.पी.आर. की कार्यवाही पूर्ण होने तक परियोजना की लागत एवं टेण्डर की तिथि बताया जाना संभव नहीं है। (ग) परियोजना डी.पी.आर. स्तर पर है। परियोजना की प्रशासकीय स्वीकृति के उपरांत ही भू-अर्जन की कार्यवाही की जाना संभव हैं। वर्तमान में भू-अर्जन की कोई भी कार्यवाही प्रचलन में नहीं है।

आरक्षित जल की मात्रा का पेयजल हेतु आवंटन

[जल संसाधन]

5. ( क्र. 39 ) श्री वीरेन्द्र सिंह लोधी : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सागर संभाग में सिंचाई परियोजनाओं से कृषि भूमि की सिंचाई हेतु आवश्यक प्रति हेक्टेयर जल की अनुमानित मात्रा के मानक क्या-क्या है? (ख) बंडा नगर को पेयजल हेतु आवंटित 2-एम.सी.एम. जल की मात्रा बेवस नदी के किस लोकेशन पर एवं कितने क्षेत्रफल में आवंटित है? क्या इसे मैप पर अंकित कर प्रति उपलब्ध करवायी जा सकती है? (ग) इस क्षेत्रफल की पानी की संग्रह क्षमता कितनी है? (घ) क्या बंडा नगर को आवंटित पेयजल भराव क्षेत्र से सिंचाई व 2-एम.सी.एम. पेयजल की आपूर्ति संभव है? अगर हाँ तो इसके आंकड़े किस प्रकार है? (ड.) क्या शासन की मंशा अनुरूप डैम या परियोजना से पेयजल प्राथमिकता का विषय है? (च) औद्योगिक क्षेत्र सौरई को औद्योगिक-प्रयोजन हेतु पगरा डैम से 0.5-एम.सी.एम. मात्रा वर्ष-2018 से तथा 2016 में पगरा डेम से आवंटित 0.5-एम.सी.एम. मात्रा को सन् 2018 में निरस्त करके, 1.018-एम.सी.एम. मात्रा बंडा-परियोजना से सन्-2020 से आवंटित है ऐसे में क्या औद्योगिक प्रयोजन हेतु पगरा डेम से आवंटित 0.5एम.सी.एम. मात्रा को भी बंडा-परियोजना पर स्थानांतरित करके, कुछ समायोजन सिंचाई हेतु आरक्षित 78.88 एम.सी.एम. मात्रा से करते हुये बंडा-नगर के पेयजल हेतु अमृत-2.0 के क्रियान्वयन हेतु 1.5 से 2-एम.सी.एम. पेयजल आवंटित किया जा सकता है? अगर नहीं तो इसमें क्या-क्या बाधायें हैं?

जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) सागर संभाग में सिंचाई परियोजनाओं से कृषि भूमि की सिंचाई हेतु आवश्‍यक प्रति हेक्‍टेयर जल की अनुमानित मात्रा के मानक विभाग द्वारा निर्धारित नहीं है। यद्यपि एक मिलियन घनमीटर (एम.सी.एम.) जल से भूमिगत प्रेशराइज्‍ड पाइप द्वारा लगभग 300 हेक्‍टेयर माइक्रो इरीगेशन तथा कैनाल द्वारा लगभग 170 हेक्‍टेयर कृषि भूमि में सिंचाई अनुमानित है। (ख) बंडा नगर को पेयजल हेतु आवंटित 2.0 एम.सी.एम. जल की मात्रा बंडा बरा रोड पर ग्राम चौका के पास बेवस नदी पर आवंटित की गई है। उक्‍त लोकेशन पर निर्मित किए जाने वाले 05 मीटर ऊँचाई के स्‍टॉप डेम के अपस्‍ट्रीम में लगभग 100 हेक्‍टेयर क्षेत्रफल में 2.50 एम.सी.एम. जल का भराव अनुमानित है। जी हाँ, मैप  संलग्न परिशिष्‍ट अनुसार है।                                           (ग) लगभग 100 हेक्‍टेयर क्षेत्रफल में 2.50 एम.सी.एम. पानी की संग्रह क्षमता होगी। (घ) बंडा नगर को आवंटित पेयजल भराव क्षेत्र से सिंचाई व 2.0 एम.सी.एम. पेयजल की आपूर्ति संभव नहीं है। (ड.) जी हाँ, शासन की मंशा अनुरूप डेम या परियोजना से पेयजल प्राथमिकता का विषय है।                                     (च) बंडानगर के पेयजल हेतु पगरा डेम से 1.50 एम.सी.एम. जल आवंटन की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है।

परिशिष्ट - "बीस"

मोहनपुरा डेम सिंचाई परियोजना की जानकारी

[जल संसाधन]

6. ( क्र. 90 ) श्रीमती प्रियंका पैंची : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि मोहनपुरा डेम सिंचाई परियोजना की नहर चाचौड़ा विधानसभा से लगे हुए गांवों एवं घोड़ापछाड़ नदी (पार्वती नदी) के नजदीक तक आ गई है l भविष्य में उस नहर को आगे बढ़ाकर चाचौड़ा विधानसभा के कितने गांवों को लाभान्वित करने की क्या कोई योजना है? यदि हाँ, तो क्षेत्रवासी कब तक इस योजना से लाभान्वित हो पाएंगे और यदि नहीं, तो क्यों?

जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : जी नहीं, मोहनपुरा परियोजना की वर्तमान अद्यतन प्रशासकीय स्वीकृति अनुसार घोड़ापछाड़ नदी से लगे चाचौड़ा विधानसभा के क्षेत्र में पानी पहुंचाने की वर्तमान में योजना विचाराधीन नहीं है।

सुठालिया सिंचाई परियोजना बांध में डूब प्रभावि‍तों को मुआवजा

[जल संसाधन]

7. ( क्र. 91 ) श्रीमती प्रियंका पैंची : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) चाचौड़ा विधानसभा के कितने गांव पार्वती नदी पर बन रहे सुठालिया सिंचाई परियोजना बांध में डूब क्षेत्र में गए है? सूची उपलब्ध करवाए। (ख) क्या डूब में गए गांवों को मुआवजा प्रदाय कर दिया गया है यदि हाँ, तो कितना और यदि नहीं, तो उन्हें कब तक मुआवजा प्रदाय कर दिया जावेगा। (ग) इस परियोजना के अंतर्गत डूब में गई जमीन/घर के लिए पुनर्वास के लिए क्या किसी निश्चित स्थान पर जमीन उपलब्ध कराई जाएगी? यदि हाँ, तो कहां और यदि नहीं, तो क्यों?                                        (घ) सुठालिया सिंचाई परियोजना की नहर से चाचौड़ा विधानसभा के कितने गांवों को लाभ होगा सूची उपलब्ध करवाएं?

जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) चाचौड़ा विधानसभा क्षेत्रांतर्गत सुठालिया सिंचाई परियोजना के डूब क्षेत्र में 08 ग्राम प्रभावित हो रहे हैं। विस्‍तृत जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-'''' अनुसार है। (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार डूब में गए ग्रामों का रू.1,45,60,80,911.00 का मुआवजा स्‍वीकृत हो चुका है। जिसमें भूमि का मुआवजा रू.76,57,60,549.00 का मुआवजा प्रदान कर दिया गया है। शेष मुआवजा राशि के भुगतान की कार्यवाही प्रगतिरत है। (ग) परियोजना से प्रभावित डूब प्रभावित जमीन/घर के लिए पुनर्वास हेतु ग्राम मऊ एवं बड़ाबड़ला तहसील सुठालिया जिला राजगढ़ तथा ग्राम खैराड़ तहसील मक्‍सूदनगढ़ जिला गुना में भूमि चिन्हित की गई है। इन पुनर्वास स्‍थल पर विस्‍थापन हेतु ग्रामवार विवरण संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-'''' अनुसार है। (घ) जी नहीं। चांचौड़ा विधानसभा क्षेत्र सिंचाई हेतु परियोजना के कमाण्‍ड में नहीं है।

परिशिष्ट - "इक्कीस"

आयुष्‍मान कार्ड होने के बाद भी अतिरिक्‍त वसूली

[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]

8. ( क्र. 100 ) श्री आरिफ मसूद : क्या उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) आयुष्‍मान योजना के अंतर्गत जिला भोपाल में ऐसे कौन-कौन से अस्‍पताल हैं जिन्‍होंने इलाज के बाद मरीजों से उपचार की राशि लेने के बावजूद उनके बिल आयुष्‍मान भारत योजना के अंतर्गत लगाये हैं? (ख) प्रश्‍नांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में जिले के किन-किन अस्‍पतालों की यह शिकायत मिली है कि उन्‍होंने आयुष्‍मान कार्ड होने के बाद भी मरीजों से अतिरिक्‍त राशि वसूल की है? (ग) प्रश्‍नांश (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में किस-किस अस्‍पताल द्वारा मरीजों से वसूली गई कितनी-कितनी अतिरिक्‍त राशि वापस की गई? (घ) प्रश्‍नांश (ग) के परिप्रेक्ष्‍य में इन अस्‍पतालों में से किस-किस अस्‍पताल पर क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई? अलग-अलग जानकारी दें।

उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) एवं (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) आयुष्‍मान भारत निरामयम योजना की डीएम्‍पेनलमेंट की एस.ओ.पी. के प्रवाधानों अनुसार संबंधित अस्‍पतालों के विरूद्ध अर्थदण्‍ड अधिरोपित करने तथा योजना से असंबद्ध करने की कार्यवाही की गई है। (घ) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट  अनुसार है।

सिविल अस्‍पताल अम्‍बाह एवं पोरसा के स्‍टॉफ की जानकारी

[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]

9. ( क्र. 127 ) श्री देवेन्द्र रामनारायन सखवार : क्या उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा अम्‍बाह के अंतर्गत सिविल अस्‍पताल अम्‍बाह एवं सिविल अस्‍पताल पोरसा संचालित है? (ख) यदि हाँ, तो प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में अस्‍पतालों में कुल कितने चिकित्‍सकों एवं स्‍टॉफ के पद स्‍वीकृत है वर्तमान में पदस्‍थ चिकित्‍सक और स्‍टॉफ तथा रिक्‍त पदों की जानकारी देवें।

उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) विधान सभा अम्‍बाह के अंतर्गत सिविल अस्‍पताल अम्‍बाह एवं सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र पोरसा संचालित है।                                       (ख) अम्‍बाह एवं पोरसा के अस्‍पतालों में चिकित्‍सकों एवं स्‍टॉफ के पदों की  जानकारी संलग्‍न  परिशिष्‍ट अनुसार है। जानकारी अंतर्गत नियमित, संविदा एवं बंधपत्र चिकित्‍सकों/सहायक स्‍टॉफ की जानकारी सम्मिलित है।

परिशिष्ट - "बाईस"

शासकीय स्‍कूलों की जानकारी

[स्कूल शिक्षा]

10. ( क्र. 129 ) श्री देवेन्द्र रामनारायन सखवार : क्या परिवहन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा अम्‍बाह के विकासखण्‍ड और पोरसा में कितने शासकीय स्‍कूल संचालित है? (ख) वर्ष 2020 के बाद कितने शासकीय स्‍कूल भवन बंद किये गये है कितने संचालित है एवं कितने शासकीय स्‍कूल भवन विहिन है तथा शिक्षक विहिन है? (ग) अम्‍बाह के विकासखण्‍ड अम्‍बाह एवं पोरसा के जो शासकीय स्‍कूल भवन विहिन है उनके भवन प्रश्‍न दिनांक तक क्‍यों नहीं बनाये गये? (घ) क्‍या भवन विहिन शासकीय स्‍कूलों के लिये भवन निर्माण कराया जावेगा? यदि हाँ, तो कब तक?

परिवहन मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) प्राथमिक/माध्यमिक विद्यालयों के संबंध में जानकारी  पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट-अ अनुसार है। विकासखण्ड अम्बाह अंतर्गत 02 उच्चतर माध्यमिक विद्यालय एवं 01 हाईस्कूल तथा विकासखण्ड पोरसा अंतर्गत 09 उच्चतर माध्यमिक विद्यालय एवं 14 हाईस्कूल संचालित हैं। (ख) वर्ष 2020 के बाद कोई भी शासकीय स्कूल बंद नहीं किया गया है, 250 प्राथमिक एवं 79 माध्यमिक शाला संचालित है। 12 प्राथमिक शालाएं भवन विहीन है, जिनके स्वयं के भवन नहीं है, कोई भी विद्यालय शिक्षक विहीन नहीं है। विधानसभा अम्बाह अंतर्गत विकासखण्‍ड अम्बाह एवं पोरसा में उच्चतर माध्यमिक विद्यालय 11 एवं हाईस्कूल 15 संचालित है। विकासखण्ड अम्बाह एवं पोरसा में संचालित उ.मा.वि. एवं हाईस्कूल में कोई भी भवन विहीन एवं शिक्षक विहीन नहीं है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट '''' अनुसार है। (ग) विधानसभा अम्बाह के विकासखण्ड अम्बाह एवं पोरसा के जो 12 शासकीय स्कूल भवन विहीन है वह युक्तयुक्तिरण द्वारा स्थापित शालाएं है, बजट के अभाव में भवन नहीं बनायें गये है। जी नहीं। उत्तरांश (ख) अनुसार। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थिति नहीं होता। (घ) भवन विहीन शालाओं में निर्माण हेतु बजट की उपलब्धता के अनुसार कार्य किया जाना संभव होगा समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। अतः शेषांश का प्रश्‍न उपस्थिति नहीं होता।

नामकरण की स्वीकृति

[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]

11. ( क्र. 171 ) डॉ. राजेन्‍द्र पाण्‍डेय : क्या उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या जावरा विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत सिविल हॉस्पिटल जावरा तथा महिला एवं बाल चिकित्सालय जावरा शासन/विभाग द्वारा संचालित किया जा रहे हैं? (ख) क्या तत्कालीन मुख्यमंत्री स्व. डॉ कैलाश नाथ काटजू के नाम पर सिविल हॉस्पिटल जावरा का नामकरण एवं महिला व बाल चिकित्सालय का नामकरण पूर्व वरिष्ठ सांसद स्व. डॉ लक्ष्मीनारायण पांडेय के नाम पर किए जाने हेतु शासन/विभाग को प्रस्ताव अग्रेषित किए गए? (ग) यदि हाँ, तो नगर पालिका परिषद जावरा द्वारा परिषद में संकल्प पारित कर एवं रोगी कल्याण समिति जावरा द्वारा बैठक में प्रस्ताव पारित कर नियमानुसार नामकरण किए जाने हेतु शासन/विभाग को प्रस्ताव भी अग्रेषित कर निवेदन किया है? (घ) साथ ही प्रश्‍नकर्ता द्वारा भी शासन/विभाग को माननीय मुख्यमंत्री जी, माननीय मंत्री जी, माननीय प्रमुख सचिव एवं माननीय आयुक्त महोदय को संबोधित पत्रों के माध्यम से इस हेतु निवेदन किया है नामकरण किए जाने की स्वीकृति कब तक प्रदान की जा सकेगी?

उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जी हाँ। (ख) जी नहीं। (ग) उत्‍तरांश (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) जी हाँ, प्रश्‍नकर्ता माननीय विधायक द्वारा शासन/विभाग को माननीय मुख्‍यमंत्री जी, माननीय मंत्री जी एवं प्रमुख सचिव को पत्र सम्‍बोधित करते हुए नामकरण किये जाने का अनुरोध किया गया है। शासकीय भवनों, सार्वजनिक स्‍थलों एवं परियोजनाओं आदि का नामकरण राष्‍ट्रीय स्‍तर के प्रसिद्ध महापुरूषों के नाम करने का अधिकार जिले के प्रभारी मंत्री की अध्‍यक्षता में जिला स्‍तरीय समिति को दिया गया है, उक्‍त हेतु संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार सामान्‍य प्रशासन विभाग के निर्देश क्रमांक F 19-196/2003/1/4 भोपाल दिनांक 28.06.2024 का पालन किया जाना है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - "तेईस"

खोडाना तालाब का जीर्णोद्धार

[जल संसाधन]

12. ( क्र. 172 ) डॉ. राजेन्‍द्र पाण्‍डेय : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या रतलाम-मंदसौर सीमा स्थित खोडाना तालाब का जीर्णोद्धार कर शासन/विभाग द्वारा विगत वर्षों में क्षेत्रीय जनता की मांग पर कार्य योजना बनाकर स्वीकृति प्रदान की थी? (ख) यदि हाँ, तो शासन/विभाग द्वारा विगत वर्षों में योजना स्थल सहित संपूर्ण क्षेत्र का सर्वे/सर्वेक्षण/परीक्षण कर एक महती सिंचाई योजना क्रियान्वित किए जाने हेतु सर्वे के लिए बजट राशि की स्वीकृति प्रदान की? साथ ही सर्वे पश्चात योजना की साध्यता पाई जाने पर योजना को बजट में सम्मिलित कर संपूर्ण कार्य योजना के बजट की राशि भी स्वीकृति प्रदान की? (ग) यदि हाँ, तो संपूर्ण क्षेत्र डार्क जोन एरिया शासन/विभाग द्वारा घोषित किया जाकर भीषण जल संकटग्रस्त क्षेत्र होने के साथ ही पेयजल स्तर भूमि से 1000 फीट नीचे चले जाने की भयावह स्थिति होने के बावजूद स्वीकृत योजना को साध्य पाए जाने के बावजूद किन कारणों से निरस्त किया गया? कारण सहित जानकारी दें। (घ) क्षेत्रीय जन-जन विगत 30 वर्षों से खोड़ाना तालाब को बंद कर क्षेत्रीय सिंचाई योजना की मांग लगातार आंदोलन कर, समय-समय पर धरना देकर तथा जनप्रतिनिधियों का घेराव, ज्ञापन देकर कर रहा है तो इस क्षेत्रीय गंभीर आवश्यक मांग पर शासन/विभाग कब स्वीकृति प्रदान करेगा?

जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) जी हां, शासन के पत्र दिनांक 07.08.2007 द्वारा प्रशासकीय स्‍वीकृति प्रदान की गई थी। जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) जी हाँ, विस्‍तृत सर्वेक्षण उपरांत खोड़ाना निमज्जित तालाब योजना तकनीकी एवं वित्‍तीय मापदण्‍डों पर साध्‍य नहीं पाये जाने के कारण योजना की प्रशासकीय स्‍वीकृति शासन के पत्र दिनांक 16.06.2011 से निरस्‍त किया जाना प्रतिवेदित है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) तत्‍कालीन समय योजना तकनीकी एवं वित्‍तीय मापदण्‍डों पर साध्‍य नहीं पाये जाने के कारण योजना की प्रशासकीय स्‍वीकृति निरस्‍त किया जाना प्रतिवेदित है। (घ) स्‍टेट समय वर्ष 1909 में निर्मित खोड़ाना निमज्जित तालाब जो कि अत्‍यन्‍त क्षतिग्रस्‍त स्थिति में होने के कारण में बांध का पुनर्निर्माण तकनीकी एवं वित्‍तीय मापदण्‍डों पर साध्‍य नहीं होना एवं वर्तमान में पुनर्निर्माण की कार्य योजना विचारार्थ नहीं होना प्रतिवेदित है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - "चौबीस"

 

 

डॉक्‍टर्स पैरामेडिकल स्‍टॉफ की पूर्ति

[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]

13. ( क्र. 178 ) श्री ठाकुर दास नागवंशी : क्या उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या जिला नर्मदापुरम के विकासखण्ड पिपरिया अन्‍तर्गत सिविल अस्पताल पिपरिया व अन्य सामुदायिक स्वास्‍थ्‍य केन्द्रों एवं उप केन्द्रों में विषय विशेषज्ञ/ डॉक्टर्स एवं पैरामेडिकल स्टॉफ के कितने पद स्वी‍कृत हैं तथा स्वीकृत पदों के विरूद्ध कितने पद भरे हुये हैं केन्द्रवार जानकारी प्रदान करें। (ख) क्या सिविल अस्पताल पिपरिया में पेडीट्रिशियन (बच्चें के डाक्टर), MD Medicine, Surgeon, Pathologist एवं ICU ward में स्‍वीकृत पदों के विरूद्ध डॉक्टर्स की कमी है जिसके कारण अस्पताल का संचालन व जनता को लाभ प्राप्त‍ नहीं हो पा रहा हैं। (ग) क्या सामुदायिक स्वास्‍थ्‍य केन्द्र पचमढ़ी में केवल एक मात्र MBBS डॉक्‍टर की उपलब्धता भी नहीं हैं? (घ) प्रश्‍नांश (ख) एवं (ग) का उत्तर यदि हाँ, तो उक्त अस्पताल में इन महत्वपूर्ण पदों की पूर्ति कब तक कर दी जावेगी यदि नहीं, तो क्यों?

उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जानकारी संलग्‍न  परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) जी हाँ। सिविल अस्पताल पिपरिया में उपलब्ध चिकित्सक एवं स्‍टॉफ द्वारा जनता को स्वास्थ्य सेवायें प्रदान की जा रही है। (ग) सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पचमढ़ी में एक नियमित दंत चिकित्सक एवं 02 संविदा चिकित्सक कार्यरत है। (घ) चिकित्सकों के रिक्त पदों की पूर्ति म.प्र. लोक सेवा आयोग के माध्यम से निरंतर जारी है। विशेषज्ञ के 25 प्रतिशत पद म.प्र. लोक सेवा आयोग से चयन तथा 75 प्रतिशत पदों पर विभागीय चयन समिति द्वारा उपलब्धता एवं पात्रता अनुसार चिकित्सा अधिकारी से विशेषज्ञ पद पर चयन की कार्यवाही की जाती है। चयनित विशेषज्ञ/चिकित्सक/सहायक स्टॉफ उपलब्धता अनुसार पदपूर्ति निरंतर की जाती है। संस्थाओं में शतप्रतिशत पदपूर्ति हेतु निश्चित समयावधि बताई जाना संभव नहीं है।

परिशिष्ट - "पच्चीस"

प्‍ले स्‍कूल एवं खेल सुविधा

[स्कूल शिक्षा]

14. ( क्र. 234 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या परिवहन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या शासकीय स्‍कूलों में प्‍ले स्‍कूल एवं ऑउटडोर इनडोर खेलों की सुविधा उपलब्‍ध कराने हेतु 43 स्‍कूलों का चयन किया गया है? (ख) यदि हाँ, तो जबलपुर जिले के चयनित स्‍कूलों के नाम बतावें। (ग) क्‍या चयनित स्‍कूलों के लिये आवश्‍यक धनराशि की व्‍यवस्‍था कर ली गई है? (घ) यदि हाँ, तो कितनी-कितनी राशि की व्‍यवस्‍था की गई है?

परिवहन मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जी नहीं। राष्‍ट्रीय शिक्षा नीति, 2020 के तहत् पूर्व प्राथमिक शिक्षा के लिए 82 विद्यालयों का चयन किया गया। (ख) सूची संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ग) जी हाँ। (घ) समग्र शिक्षा अन्‍तर्गत भारत सरकार द्वारा प्रति विद्यालय अनावर्ती मद में रु. 1.00 लाख तथा आवर्ती मद में रु. 2.00 की राशि उपलब्‍ध कराई जाती है।

परिशिष्ट - "छब्बीस"

बंद किये गये स्‍कूलों के छात्रों को अन्‍य स्‍कूलों में प्रवेश

[स्कूल शिक्षा]

15. ( क्र. 235 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या परिवहन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या शासन द्वारा जिले के 82 स्‍कूलों को बंद कर दिया गया है? (ख) यदि हाँ, तो क्‍या इन स्‍कूलों में दर्ज छात्रों को अन्‍य स्‍कूलों में प्रवेश दिया गया है? (ग) क्‍या शासकीय स्‍कूलों में छात्रों को गणवेश, मध्‍यान्‍न भोजन आदि सुविधायें उपलब्‍ध होने पर भी उपस्थिति कम रहती है? यदि हाँ, तो कम उपस्थिति के क्‍या कारण है? (घ) क्‍या छात्रों की उपस्थिति बढ़ाने हेतु विभाग द्वारा प्रयास किये जायेंगे?

परिवहन मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जी नहीं। यू डाईस के अनुसार कक्षा 1 से 8 तक की शून्‍य नामांकन वाली 5 शालाओं को बंद नहीं किया गया है, अपितु शून्‍य नामांकन के कारण शाला असंचालि‍त है। इन 5 शालाओं के अलावा एक शाला शासकीय प्राथमिक शाला घाघरी टोला को शून्‍य नामांकन होने के कारण युक्तियुक्‍तकरण के तहत शासकीय प्राथमिक शाला दुर्गावती खोला गया है। (ख) जी नहीं। शून्‍य नामांकन के कारण प्रश्‍न उपस्थित ही नहीं होता है। (ग) जी नहीं। (घ) जी हाँ। छात्रों की उपस्थिति बढ़ाने हेतु विभाग द्वारा पी.टी.ए. के माध्‍यम से पालक शिक्षक सम्‍मेलन आयोजित कर अनुपस्थित छात्रों की उपस्थिति हेतु अभिभावकों से संपर्क किया जाता है तथा नि:शुल्‍क गणवेश, नि:शुल्‍क पाठ्यपुस्‍तक, नि:शुल्‍क सायकिल एवं मध्‍यान्‍ह भोजन छात्रों को प्रोत्‍साहन हेतु उपलब्‍ध कराया जाता है।

रोटेशन पद्धति से बैरियर पर पदस्थापनाएं

[परिवहन]

16. ( क्र. 245 ) श्री दिलीप सिंह परिहार : क्या परिवहन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) उज्‍जैन संभाग में 1 अप्रैल 2019 से प्रश्‍न दिनांक तक परिवहन विभाग में पदस्थ अधिकारियों, कर्मचारियों पर चल रही जांच, कार्यवाही का विवरण देवें, किन कारणों से किस प्रकार की जांच, कार्यवाही की जा रही है, जिन्हे दंडित किया गया है उनका विवरण देते हुए आदेशों की प्रतियां देवें। (ख) क्या रोटेशन पद्धति से बैरियर पर पदस्थापना के लिए कैबिनेट ने निर्णय लिया है? यदि हाँ, तो आदेशों की कैबिनेट निर्णय की प्रतियां देवें, वर्तमान में किन बैरियर पर कैबिनेट निर्णय में निर्धारित समय से अधिक समय से कौन अधिकारी, कर्मचारी पदस्थ है? अधिक समय से पदस्थ रखने वाले अधिकारियों का नाम तथा कारण बतावें? पदस्थापना आदेशों की प्रतियां देवें। (ग) उक्त कैबिनेट आदेशों के खिलाफ उक्त अवधि में जावद रोड टोल पर किन-किन अधिकारियों की पदस्थापना किन-किन कारणों से की गई? इस संबंध में विभाग को कुल कितनी शिकायतें प्राप्त हुई व विभाग द्वारा उन पर क्या कार्यवाही की गई?

परिवहन मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) उज्जैन संभाग में 1 अप्रैल 2019 से प्रश्‍न दिनांक तक परिवहन विभाग में पदस्थ अधिकारियों, कर्मचारियों पर चल रही जांच, कार्यवाही का विवरण पत्रक दण्डित आदेश सहित  पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट '''' अनुसार है। (ख) मध्यप्रदेश शासन परिवहन विभाग के आदेश दिनांक 26.02.2021 के द्वारा प्रवर्तन अधिकारियों/कर्मचारियों की पदस्थापना संबंधी नीति जारी की गई हैं। आदेश की  प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट '''' अनुसार है। बैरियर पर पदस्थ अधिकारियों/कर्मचारियों की पदस्थापना दिनांक/अवधि संबंधी  जानकारी  पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट '''' अनुसार  है। कुछ अधिकारियों के अधिक समय तक पदस्थ रहने का कारण प्रशासकीय है। पदस्थापना संबंधी आदेशों की प्रतियां  पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट  '''' अनुसार हैं। (ग) जावद रोड टोल परिवहन विभाग के अधीन नहीं होने से परिवहन अधिकारियों की पदस्थापना नहीं की गई है। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

बहोरीबंद जलाशय में टूरिज्‍म गतिविधियों का विकास

[पर्यटन]

17. ( क्र. 254 ) श्री प्रणय प्रभात पांडे : क्या राज्‍य मंत्री (स्वत्रंत प्रभार), संस्‍कृति महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या. म.प्र.पर्यटन बोर्ड सन् 1927 में निर्मित कटनी जिले के बहोरीबंद जलाशय (भूता तालाब) को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने पर विचार कर रहा है? (ख) प्रश्‍नांश (क) के उत्तर में यदि हाँ, तो इस कार्य हेतु कौन-कौन से विकास कार्यों की आवश्यकता होगी तथा इसे किस प्रकार से कब तक निर्मित करने की योजना विचाराधीन है? (ग) म.प्र.पर्यटन बोर्ड यहां पर कौन-कौन सी पर्यटन गतिविधियां संचालित करने की योजना बना रहा है?

राज्‍य मंत्री (स्वत्रंत प्रभार), संस्‍कृति ( श्री धर्मेन्द्र भाव सिंह लोधी ) : (क) वर्तमान में कोई योजना प्रचलन में नहीं है। (ख) एवं (ग) प्रश्‍नांश (क) के उत्‍तर के प्रकाश में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

सिविल अस्पताल सिंहोरा में हुए प्रसव की जानकारी

[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]

18. ( क्र. 256 ) श्री प्रणय प्रभात पांडे : क्या उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दिनांक 01 जनवरी 2023 से प्रश्‍न दिनांक तक बहोरीबंद विधानसभा क्षेत्र की कौन-कौन सी गर्भवती महिलाओं का प्रसव सिविल अस्‍पताल सिहोरा जिला जबलपुर में कराये गये, प्रसूतिका के नाम, पता, प्रसूति दिनांक सहित सूची देवें। (ख) दिनांक 01 जनवरी 2023 से प्रश्‍न दिनांक तक प्रश्‍नांश (क) में उल्लेखित सूची में से किन-किन को कब-कब प्रसूति‍ सहायता योजना एवं जननी सुरक्षा योजना का लाभ मिला और किन-किन को किन कारणों से प्रश्‍न दिनांक तक सहायता राशि अप्राप्त है? प्रसव (डिलीवरी) दिनांक सहित सूची देवें।                                            (ग) प्रश्‍नांश (ख) के उत्तर में सबसे पुराना डिलेवरी केस किस दिनांक का है, बतलावें एवं इनमें ऐसे कितने प्रकरण हैं जो लम्बे समय से अनमोल पोर्टल में त्रुटि प्रदर्शित होने के कारण भुगतान हेतु लंबित है? (घ) दिनांक 01 जनवरी 2023 से प्रश्‍न दिनांक तक प्रश्‍नांश (ख) एवं (ग) के संदर्भ में लम्बे समय से अधिकांश प्रकरणों में अनमोल पोर्टल में स्टेट से त्रुटि प्रदर्शित होने का जिम्मेदार कौन है? इसके सुधार हेतु किस-किस के द्वारा कब-कब, क्या कार्यवाही की गई? सहायता से वंचित प्रसूतिकाओं को किस प्रकार से कब तक सहायता राशि प्रदान कर दी जावेगी? (ड.) क्या विभाग विशेष अभियान चलाकर अनमोल पोर्टल की त्रुटियों को दूर कर, संपूर्ण प्रकरण में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों/अधिकारियों पर आवश्यक कार्यवाही कर प्रसूतकाओं को शीघ्र सहायता राशि प्रदान करेगा? उत्तर में यदि हाँ, तो किस प्रकार से कब तक? यदि नहीं, तो क्यों नहीं?

उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र  '''' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र  '''' अनुसार है। (ग) प्रश्‍नांश (ख) के उत्तर में सबसे पुराना डिलेवरी केस 18.01.2023 का है। 46 प्रकरण लंबित हैं। (घ) आर.सी.एच. अनमोल पोर्टल का निर्माण ''मध्य प्रदेश एजेंसी फॉर प्रमोशन ऑफ इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी'' के द्वारा किया गया है। रिकॉर्ड की डाटा एन्ट्री में यदि कोई त्रुटि है तो उसमें सुधार हेतु यूटिलिटी का निर्माण उक्त एजेंसी के माध्यम से कराकर फील्ड वर्कर एवं अधिकारियों को सही एवं पूर्ण प्रविष्टियां इन्द्राज करने हेतु प्रशिक्षण आयोजित किये गये।                                         (ड.) त्रुटियों को दूर कर एवं बजट उपलब्धता के आधार पर पोर्टल के माध्यम से शीघ्र सहायता राशि प्रदान की जायेगी।

लायसेंसधारी दवा (औषधि) विक्रेताओं की जानकारी

[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]

19. ( क्र. 339 ) श्री लखन घनघोरिया : क्या उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला जबलपुर में शासन से मान्यता प्राप्त पंजीकृत लायसेंसधारी कितने मेडिकल स्टोर्स (दवाइयां विक्रेता) थोक विक्रेता, स्टॉकिस्ट हैं? कितने निजी हॉस्पिटल, रिसर्च सेन्टर, पैथालॉजी लैब एवं ब्लड बैंक संचालित हैं? शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों की तहसीलवार जानकारी दें। (ख) प्रश्‍नांश (क) में दवा विक्रेता हेतु कितने ऑनलाइन लायसेंस हेतु प्राप्त आवेदन पत्रों की त्रुटियों का निराकरण किया गया? कितने लायसेंस का नवीनीकरण किया गया? लायसेंस हेतु कितने आवेदन पत्रों के स्थल की जांच कर मेडिकल स्टोर्स संचालन की अनुमति दी गई? वर्ष 2021-22 से 2024-25 जून 2024 तक की माहवार एवं वर्षवार जानकारी दें। (ग) प्रश्‍नांश (क) में पदस्थ किन-किन औषधि निरीक्षकों ने कितने-कितने मेडिकल स्टोर्स/सेंटर, थोक दवा विक्रेता, स्टॉकिस्टों, निजी हॉस्पि‍टल एवं रिसर्च सेंटरों में संचालित मेडिकल स्टोर्स, पैथालाजी लैब एवं ब्लड बैंकों की जांच में कहां-कहां पर प्रशिक्षित फार्मासिस्ट, पंजीकृत स्‍टॉफ व वैध लायसेंसधारी नहीं पाये गये हैं। कितने मेडिकल स्टोर्स एक ही लायसेंस पर एक से अधिक स्थानों पर संचालित पाये गये? कितने मेडिकल स्टोर्स अन्य दूसरे व्यक्ति के लायसेंस पर एवं बिना वैध लायसेंस के संचालित पाये गये और किस-किस पर कब-कब क्या कार्यवाही की है? (घ) प्रश्‍नांकित किन-किन औषधि निरीक्षकों ने कब-कब, कहां-कहां से दवाइयों के कितने-कितने नमूने जांच हेतु लिये हैं और कितनी-कितनी मात्रा में कितनी-कितनी राशि की प्रतिबंधित व नशीली, नकली, मिथ्याछाप व एक्सपायरी डेट की दवाइयां जप्त की हैं एवं इन पर कब क्या कार्यवाही की गई?

उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जिला जबलपुर में कुल 3872 लायसेंसधारी औषधि विक्रय संस्‍थान संचालित है जिनमें से 1817 लायसेंसधारियों को थोक औषधि विक्रय हेतु अनुज्ञप्तियॉं स्‍वीकृत है जिनके द्वारा थोक औषधि विक्रेता एवं स्‍टॉकिस्‍ट के रूप में व्‍यवसाय किया जाता है। जिला जबलपुर में 148 निजी हॉस्पिटल है इनमें से 20 रिसर्च सेंटर की तरह भी कार्य कर रहे है एवं 92 पैथोलॉजी लैब एवं 11 ब्‍लड सेंटर (ब्‍लड बैंक) संचालित हैजानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) औषधि विक्रय अनुज्ञप्ति प्राप्ति हेतु ऑनलाईन आवेदन प्राप्‍त होने के उपरांत आवेदन पत्रों की त्रुटियों का निराकरण करते हुए वर्ष 2021-22 से वर्ष 2024-25 जून 2024 तक 1106 नवीन औषधि विक्रय अनुज्ञप्तियां जारी की गयी है। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र'''' अनुसार है। भारत का राजपत्र असाधारण भाग II खण्‍ड 3 – उपखंड (i), सा.का.नि. 1337 (अ) स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण मंत्रालय (स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण विभाग) नई दिल्‍ली दिनांक 27 अक्‍टूबर 2017 द्वारा औषधि विक्रय अनुज्ञप्तियों (लायसेंस) की नवीनीकरण की प्रक्रिया को विलोपित/समाप्‍त किया जा चुका है। अत: लायसेंस नवीनीकरण के संबंध में जानकारी निरंक है। 2021-22 से वर्ष 2024-25 जून 2024 तक औषधि विक्रय अनुज्ञप्तियॉं प्राप्‍त करने हेतु ऑनलाईन आवेदन के साथ संलग्‍न स्‍थल संबंधी समस्‍त दस्‍तावेजों के जांच/अवलोकन के उपरांत 1182 औषधि विक्रय अनुज्ञप्तियां जारी की जाती है। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ग) वर्ष 2021-22 से वर्ष                     2024-25 जून 2024 तक की  जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। शेष प्रश्‍नांश की जानकारी निरंक है। (घ) वर्ष 2021-22 से वर्ष 2024-25 जून 2024 तक की  जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। शेष प्रश्‍नांश की जानकारी निरंक है।

जल संसाधन विभाग में पदस्‍थ कर्मचारियों की पदोन्‍नति

[जल संसाधन]

20. ( क्र. 340 ) श्री लखन घनघोरिया : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या जल संसाधन विभाग में पदस्‍थ ड्राफ्समेनट्रेसर, समयपाल, सुपरवाईजर, विभागीय सेवा के दौरान विभाग की अनुमति से सिविल इंजीनियरिंग में डिप्‍लोमा प्राप्‍त करने वाले कर्मचारियों की उपयंत्री पद पर पदोन्‍नति हेतु विभागीय परीक्षा ली गई थी? (ख) क्‍या वर्तमान में प्रभारी उपयंत्री (सिविल) के पद पर कार्यरत कर्मचारियों द्वारा उन्‍हें उपयंत्री के पद पर पदोन्‍नति और वरिष्‍ठता देने की प्रक्रिया चल रही है? (ग) यदि हाँ, तो अभी तक इस संबंध में शासन द्वारा क्‍या कार्यवाही की गई है? (घ) अभी तक शासन ने इन कर्मचारियों की न्‍याय संगत मांगों को मानकर उन्‍हें पदोन्‍नति और वरिष्‍ठता क्‍यों नहीं दी है जबकि दूसरे विभागों में पदोन्‍नति दी जा चुकी है? क्‍या शासन इन कर्मचारियों की न्‍याय संगत मांगों को मानकर उन्‍हें पदोन्‍नति और वरिष्‍ठता देने के आदेश जारी करेगा?

जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) जी हाँ। (ख) जी नहीं। (ग) प्रश्‍नांश (ख) के उत्‍तर के प्रकाश में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) पदोन्‍नति नियम, 2002 पर न्‍यायालयीन रोक के कारण प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

सांची में पर्यटकों की सुविधाओं की जानकारी

[पर्यटन]

21. ( क्र. 421 ) डॉ. प्रभुराम चौधरी : क्या राज्‍य मंत्री (स्वत्रंत प्रभार), संस्‍कृति महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विश्व प्रसिद्ध पर्यटक स्थल सांची में विभाग द्वारा पर्यटकों को आकर्षित करने हेतु क्या-क्या कार्य किये गये हैं? (ख) सांची स्तूप में पर्यटकों के लिये विभाग द्वारा कौन-कौन सी नई सुविधायें उपलब्ध कराने की क्या योजना है?

राज्‍य मंत्री (स्वत्रंत प्रभार), संस्‍कृति ( श्री धर्मेन्द्र भाव सिंह लोधी ) : (क) जानकारी संलग्‍न  परिशिष्‍ट  अनुसार है। (ख) सांची स्‍तूप में नवीन सुविधायें उपलब्‍ध कराये जाने हेतु वर्तमान में कोई नवीन योजना प्रस्‍तावित नहीं है।

परिशिष्ट - "सत्ताईस"

प्राचीन मंदिरों की जानकारी

[धार्मिक न्‍यास और धर्मस्‍व]

22. ( क्र. 422 ) डॉ. प्रभुराम चौधरी : क्या राज्‍य मंत्री (स्वत्रंत प्रभार), संस्‍कृति महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रायसेन जिला अंतर्गत प्राचीन मंदिर एवं वक्फ बोर्ड के अधीन प्राचीन धार्मिक स्थल कहां-कहां पर स्थित है? (ख) उक्त धार्मिक स्थलों के लिए किस ग्राम/शहर में कितनी-कितनी भूमि राजस्व अभिलेख में दर्ज है? खसरा क्रमांक व रकबा सहित विवरण देवें। (ग) सांची विधानसभा अंतर्गत प्राचीन मंदिर एवं वक्फ बोर्ड की जमीन पर किसका अधिपत्य है? विस्तृत जानकारी देवें। (घ) सांची विधानसभा अंतर्गत प्राचीन मंदिरों के जीर्णोद्धार हेतु विभाग द्वारा विगत तीन वर्षों में किस-किस मंदिरों को राशि उपलब्ध कराई गई है?

राज्‍य मंत्री (स्वत्रंत प्रभार), संस्‍कृति ( श्री धर्मेन्द्र भाव सिंह लोधी ) : (क) रायसेन जिले के अंतर्गत प्राचीन मंदिर एवं वक्‍फ बोर्ड के अधीन प्राचीन धार्मिक स्‍थल की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट '' एवं '' अनुसार है। (ख) वक्‍फ बोर्ड के अधीन प्राचीन धार्मिक स्‍थल की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट '' अनुसार है। (ग) सांची विधानसभा अंतर्गत प्राचीन मंदिरों की जमीन पर संबंधित मंदिरों के पुजारियों का अधिपत्‍य है, वक्‍फ बोर्ड की जमीन पर वक्‍फ बोर्ड का अधिपत्‍य है। (घ) सांची विधानसभा अंतर्गत प्राचीन मंदिरों के जीर्णोद्धार हेतु विगत तीन वर्षों में राशि उपलब्‍ध नहीं कराई गई है।

35 वर्ष पूर्ण कर चुके कर्मचारियों को समयमान वेतनमान

[स्कूल शिक्षा]

23. ( क्र. 454 ) श्री रजनीश हरवंश सिंह : क्या परिवहन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्‍यप्रदेश शासन, सामान्‍य प्रशासन विभाग के द्वारा चतुर्थ समयमान वेतनमान 35 वर्ष की सेवा पूर्ण करने के उपरांत शासकीय सेवा में कार्यरत अधिकारियों एवं कर्मचारियों को स्‍वीकृत करने हेतु आदेश जारी किया गया है? यदि हाँ, तो प्रति संलग्‍न करें। (ख) क्‍या इसका पालन मध्‍यप्रदेश शासन, स्‍कूल शिक्षा विभाग के द्वारा किया जा रहा है? भोपाल जिले के 35 वर्ष की सेवा पूर्ण कर चुके उच्‍च श्रेणी शिक्षकों एवं सहायक शिक्षकों की सूची प्रदान करें? जिन्‍हें चतुर्थ समयमान वेतनमान शासन के नियमानुसार दिया जाना प्रस्‍तावित है? (ग) प्रश्‍नांश (क) के प्रकाश में स्‍कूल शिक्षा विभाग द्वारा कोई अलग से निर्देश जारी किये गये है? यदि हाँ, तो प्रति संलग्‍न करें। सामान्‍य प्रशासन  विभाग के द्वारा जारी आदेश का क्‍या औचित्‍य है? इसे निरस्‍त कर चतुर्थ समयमान वेतनमान दिया जाएगा। (घ) प्रश्‍नांश (ख) के प्रकाश में स्‍कूल शिक्षा विभाग द्वारा उच्‍च श्रेणी शिक्षक एवं सहायक शिक्षकों को जो 35 वर्ष की सेवा पूर्ण कर चुके हैं, इसका लाभ दे दिया गया है? यदि नहीं, तो कब तक दे दिया जायेगा?

परिवहन मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जी नहीं। (ख) जी नहीं। वित्त विभाग के आदेश दिनांक 14.08.2023 के अनुसार शिक्षक संवर्ग (सहायक शिक्षक/उच्च श्रेणी शिक्षक) के पद पर समयमान वेतनमान योजना लागू नहीं होने से शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) जी नहीं। उत्तरांश (क) के प्रकाश में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (घ) उत्तरांश (ख) के प्रकाश में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

स्वास्थ्य केन्द्रों में चिकित्सकों की कमी

[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]

24. ( क्र. 459 ) श्री नीरज सिंह ठाकुर : क्या उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि बरगी विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत प्राथमिक स्वास्‍थ्‍य केन्द्रों/ उप स्वास्‍थ्‍य केन्द्रों/सामुदायिक स्वास्थ्‍य केन्द्रों/चिकित्सालयों में चिकित्सकों, पैरामेडिकल स्‍टॉफ के पदवार कितने पद स्वीकृत, कार्यरत एवं रिक्त है? रिक्त पदों की पूर्ति हेतु क्या कार्यवाही की जा रही है? रिक्त चिकित्सकों एवं पैरामेडिकल स्‍टॉफ के रिक्त पदों की पूर्ति कब तक की जायेगी? चिकित्सालयवार रिक्त, कार्यरत, पदों की सूची देवें।

उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। जी हाँ। पदपूर्ति एक निरंतर प्रक्रिया है। चिकित्सकों की नियुक्ति म.प्र. लोक सेवा आयोग तथा पैरामेडिकल/अन्य सहायक स्टॉफ की पूर्ति हेतु मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मण्डल के माध्यम से सीधी भर्ती की कार्यवाही निरंतर की जा रही है तथा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन अंतर्गत भी संविदा के तहत् नियुक्ति की जाती है। चयनित विशेषज्ञ/चिकित्सक/सहायक स्टॉफ उपलब्धता अनुसार पदपूर्ति निरंतर की जाती है। संस्थाओं में शतप्रतिशत पदपूर्ति हेतु निश्चित समयावधि बताई जाना संभव नहीं है। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है।

भवन विहीन स्‍कूलों एवं जर्जर स्‍कूल भवनों की जानकारी

[स्कूल शिक्षा]

25. ( क्र. 460 ) श्री नीरज सिंह ठाकुर : क्या परिवहन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                         (क) बरगी विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत कौन-कौन से माध्यमिक, हाई स्कूल एवं हायर सेकेण्डरी स्कूल जर्जर भवनों में लग रहे हैं या भवन विहीन है? स्कूलवार जानकारी देवें। भवन विहीन शालाओं के लिये भवन कब तक स्वीकृत होंगे? (ख) क्या शासकीय हाई स्कूल सुकरी भवन विहीन है? यदि हाँ, तो उक्त के लिये भवन कब तक स्वीकृत कर निर्माण कराया जावेगा?

परिवहन मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट  अनुसार है। भवन निर्माण की स्‍वीकृति बजट की उपलब्‍धता तथा सक्षम समिति की स्‍वीकृति पर निर्भर होता है। अत: समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ख) जी हाँ। भवन निर्माण की स्‍वीकृति बजट की उपलब्‍धता तथा सक्षम समिति की स्‍वीकृति पर निर्भर होता है। अत: समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

परिशिष्ट - "अट्ठाईस"

 

पारित आदेश का पालन

[स्कूल शिक्षा]

26. ( क्र. 484 ) श्री योगेन्‍द्र सिंह (बाबा) : क्या परिवहन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अतारांकित प्रश्‍न क्रमांक 1107 दिनांक 12 फरवरी 2024 को अवगत कराया गया था कि प्रकरण में रिट अपील क्रमांक डब्ल्यू.ए. 409/2024 के पारित निर्णय पश्चात कार्यवाही की जायेगी। दिनांक 04.03.2024 के पारित निर्णय के पश्चात अध्यापक से वरिष्ठ अध्यापक, वरिष्ठ अध्यापक से उच्च माध्यमिक शिक्षक के पद पर संविलियन एवं क्रमोन्नति वेतनमान तथा सातवें वेतनमान का लाभ अभी तक प्रदान नहीं किया गया है, पारित आदेश की अवमानना के लिये जो दोषी हैं क्यों उनके विरूद्ध कार्यवाही की जायेगी, स्पष्ट करें। (ख) माननीय उच्च न्यायालय खण्डपीठ इन्दौर के प्रकरण क्रमांक डब्ल्यूपी 20837/2023 प्रचलित होने पर तथा संयुक्त संचालक, लोक शिक्षण भोपाल संभाग भोपाल की जांच में प्रकरण के संबंध में अवगत कराया गया था इसके पश्चात जांच रिपोर्ट क्रमांक 485 दिनांक 12.02.2024 लोक शिक्षण संचालनालय भोपाल को भेजी गई है जब प्रकरण उच्च न्यायालय में प्रचलित होने पर अवमानना की जा रही है, नियम विरूद्ध बनाई गई जांच रिपोर्ट निरस्त की जायेगी। (ग) माननीय उच्च न्यायालय इन्दौर में प्रकरण क्रमांक डब्ल्यूए 409/2024 के पारित आदेश दिनांक 04.03.2024 के पश्चात अध्यापक संवर्ग की जांच स्कूल शिक्षा विभाग अथवा संयुक्त संचालक, लोक शिक्षण भोपाल संभाग भोपाल की जांच रिपोर्ट जांच हेतु सक्षम अधिकारी नहीं होने पर निरस्त की जायेगी, अवगत करायें।

परिवहन मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) संबंधित अध्यापक स्थानीय निकाय अंतर्गत नियोक्ता नगर पालिका परिषद सारंगपुर के कर्मचारी हैं। न्यायालयीन निर्णय के क्रम में कार्यवाही नियोक्ता द्वारा की जानी हैं। (ख) एवं (ग) नियमानुसार जांच करवाई गई हैं। अतः शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

माननीय उच्‍च न्‍यायालय इंदौर द्वारा पारित आदेश का पालन

[स्कूल शिक्षा]

27. ( क्र. 486 ) श्री योगेन्‍द्र सिंह (बाबा) : क्या परिवहन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अतारांकित प्रश्‍न क्रमांक 1930 दिनांक 12.02.2024 में अवगत कराया गया था कि न्यायालयीन निर्णय के परिप्रेक्ष्य में कार्यवाही की जायेगी। उच्च न्यायालय इन्दौर प्रकरण क्रमांक डब्ल्यूपी 2836/2020 के आदेश दिनांक 23.01.2024 में सभी हितलाभ प्रदान करने के पश्चात भी समस्त हितलाभों से वंचित है। विभागीय बी.एड. भी विगत वर्षों में की जा चुकी है तथा अनेकों अभ्यावेदन के पश्चात भी समस्त हितलाभों से वंचित किया गया है। न्‍यायालय के आदेश दिनांक 23/01/2024 का पालन कब तक सुनिश्चित किया जाएगा समय-सीमा बताये। (ख) नगर परिषद सारंगपुर के आदेश क्र. 1307 सारंगपुर दिनांक 24.04.2024 के पश्चात भी सहायक अध्यापक से अध्यापक के पद पर पदोन्नति एवं स्कूल शिक्षा विभाग में संविलियन, क्रमोन्नति वेतनमान, सातवें वेतनमान से वंचित है। समस्त हितलाभ कब प्रदान किये जायेंगे, विलंब के लिये जो दोषी है उनके विरूद्ध कब तक कार्यवाही की जायेगी? अवगत करावें। (ग) उच्च न्यायालय इन्दौर प्रकरण क्रमांक डब्ल्यूए 409/2024, आदेश दिनांक 04/03/2024 एवं डब्ल्यूपी 12042/2020 में आदेश दिनांक 11.05.2023 का पालन करते हुये क्‍या हितलाभ प्रदान किये जायेंगे यदि हाँ, तो कब तक? (घ) शिक्षा विशारद 2004 तथा वर्ष 2006-07 का किसी भी जांच रिपोर्ट में कहीं भी उल्लेख नहीं है, संपूर्ण जांच रिपोर्ट असत्य, निराधार बनाकर गुमराह किया गया है। इसीलिये उच्च न्यायालय इन्दौर द्वारा सभी आपत्तियों को निरस्त करते हुये आदेश पारित किया गया था पारित आदेश का पालन किया जावेगा यदि हाँ, तो कब तक?

परिवहन मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) संबंधित सहायक अध्यापक स्थानीय निकाय अंतर्गत नियोक्ता-नगर पालिका परिषद सारंगपुर के कर्मचारी हैं। न्यायालयीन निर्णय के क्रम में कार्यवाही नियोक्ता के स्तर से जानी हैं। (ख) कार्यालय नगर पालिका परिषद सारंगपुर जिला राजगढ़ के आदेश क्रमांक/1307/स्थापना/2024-25 सारंगपुर दिनांक 24.04.2024 में श्रीमती सुषमा शर्मा, सहायक अध्यापक शास.क.उ.मा.वि. सारंगपुर को निलंबित अवधि का वेतन एवं समस्त हितलाभ भुगतान करने की स्वीकृति प्रदान की गई हैं। (ग) एवं (घ) उत्तरांश (क) अनुसार।

बिना अनुमति के अवैध निर्माण

[राजस्व]

28. ( क्र. 512 ) श्री कामाख्या प्रताप सिंह : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या ग्राम पंचायत बिलहरी में माध्‍यमिक शाला के सामने शासकीय भूमि जो मुख्‍य मार्ग नौगांव महोबा पर स्थित है तत्‍कालीन सचिव को आवंटित की गई है? (ख) यदि हाँ, तो स्‍वीकृति आदेश की प्रति उपलब्‍ध करायें। यदि नहीं, तो उक्‍त भूमि पर किसके द्वारा बिना अनुमति से अवैधानिक तरीके से इस भूमि पर कितनी दुकानों का निर्माण कराया गया? (ग) प्रश्‍नांश (ख) यदि हाँ, तो उक्‍त अवैध निर्माणकर्ता के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की गई? यदि नहीं, तो दोषी अधिकारियों के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की गई? (घ) क्‍या उक्‍त भूमि पर अवैध निर्माण को शासन द्वारा राजसात कर अपने आधिपत्‍य में लिया गया है? यदि नहीं, तो आधिपत्‍य में लिया जावेगा अथवा जमीनदोज किया जावेगा? कब तक?

राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जी नहीं। (ख) कार्यालय मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत नौगांव के पत्र क्रमांक 533/पंचायत प्रकोष्‍ठ/ज.प./2024 दिनांक 09/02/2024 एवं पत्र क्रमांक 1729 दिनांक 11/06/2024 से प्रस्‍तुत जानकारी अनुसार ग्राम पंचायत बिलहरी द्वारा तकनीकी स्‍वीकृति क्रमांक 169 दिनांक 31/12/2019 एवं प्रशासकीय स्‍वीकृति आदेश क्रमांक 25/ ग्रा.पं./2013 दिनांक 31/12/2019 के अनुसार 07 दुकानों का निर्माण किया गया है। शेष 07 दुकानों के संबंध में ग्राम पंचायत बिलहरी द्वारा जारी भवन निर्माण स्‍वीकृति प्रमाण पत्र क्रमांक 85 दिनांक 17/08/2022 के आधार पर श्री रतिराम अनुरागी तनय हल्‍काई कोरी हाल निवासी ग्राम बिलहरी द्वारा निर्माण किया जाना प्रतिवेदित किया गया है, प्रकरण में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्‍व) नौगांव एवं मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत नौगांव को मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत छतरपुर के पत्र क्रमांक 2118 दिनांक 19/06/2024 से जांच हेतु लेख किया गया है। (ग) एवं (घ) प्रकरण में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) नौगांव एवं मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत नौगांव को जांच हेतु लेख किया गया है। जांच उपरांत गुणदोष के आधार पर नियमानुसार वैधानिक कार्यवाही की जावेगी।

अवार्ड संशोधन किया जाना

[राजस्व]

29. ( क्र. 520 ) श्री केशव देसाई : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या मध्‍यप्रदेश राजपत्र दिनांक 02 जुलाई 2004 में जबलपुर के ग्राम सिहोरा की खसरा नं. 127 रकबा 0.081 हेक्‍टेयर को वार्ड नं.07 में शामिल कर नगरीय क्षेत्र घोषित किया गया था? (ख) क्‍या वर्ष 2014-15 की कलेक्‍टर गाइड लाइन में उक्‍त भूमि की दर रू.744/- प्रतिवर्ग फुट अंकित है? (ग) यदि उपरोक्‍त प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) सत्‍य है तो प्रकरण क्रमांक-01/अ-82/2014-15, दिनांक 16.05.2015 के अवार्ड में भूमि की यह दर क्‍यों नहीं? कौन दोषी है? अवार्ड निरस्‍त कब किया जायेगा?

राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) मध्यप्रदेश राजपत्र क्रं. 27 भोपाल दिनांक 02 जुलाई 2004 में नगर पालिका सिहोरा के वार्डों का विस्तार किया गया। राजस्व ग्राम सिहोरा की संपूर्ण भूमि इसके पूर्व से ही नगरीय क्षेत्र थी। राजपत्र में चतुर्सीमा अन्तर्गत खसरे का उल्लेख नहीं है। राजपत्र की प्रति संलग्न परिशिष्‍ट  पर है। (ख) वर्ष 2014-2015 की कलेक्टर गाईड लाईन में सिहोरा नगर पालिका की वार्ड क्रमांक 7 में खसरा 127 को प्रभावित करने वाली लोकेशन की आवासीय भूखण्ड की दर रूपये 5000/- प्रति वर्गमीटर याने रूपये 465/- प्रतिवर्ग फुट एवं व्यवसायिक भूखण्ड की दर रूपये 7500/- प्रति वर्गमीटर अर्थात रूपये 697/- प्रतिवर्ग फुट है। (ग) प्रकरण क्रमांक 01/अ-82/2014-15 दिनॉक 16.06.2015 के अवार्ड में भूमि दर गाइड लाईन वर्ष 2014-15 में वर्णित दर के अनुसार अवार्ड पारित किया गया है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - "उनतीस"

माननीय सर्वोच्‍च न्‍यायालय के निर्णय की पालना

[राजस्व]

30. ( क्र. 522 ) श्री केशव देसाई : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या राजस्‍व विभाग ने माननीय सर्वोच्‍च न्‍यायालय के निर्णय दिनांक 06 मार्च 2020 का पालन हेतु परिपत्र क्रमांक एफ-4/0012/2024/सात-2 दिनांक 16 मई 2024, समस्‍त कलेक्‍टरों को जारी किया है? (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार म.प्र.शासन के समस्‍त विभागों/भू-अर्जन अधिकारियों को, उक्‍त न्‍यायालय निर्णय का पालन हेतु अवगत कराया जावेगा? (ग) क्‍या विधान सभा सत्र दिनांक 12 फरवरी 2024 के अतारांकित प्रश्‍न क्रमांक 10 के उत्‍तर में बताया गया कि उक्‍त भूमि का अवार्ड दिनांक 05.12.1989 को पारित हुआ एवं (छ: वर्ष एक माह बाद) प्रतिकर राशि दिनांक 05.01.1996 को शासकीय कोष में जमा की गई? (घ) उपरोक्‍त (क), (ख) एवं (ग) यदि हां, है तो कलेक्‍टर भोपाल को दिये आवेदन पत्र दिनांक 17.05.2024 के संबंध में माननीय सर्वोच्‍च न्‍यायालय के उपरोक्‍त निर्णयादेश के पालन में नियमानुसार प्रतिकर भुगतान कब किया जावेगा?

राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जी हाँ। (ख) जी हाँ। (ग) जी हाँ। (घ) माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा एस.एल.पी. क्रमांक 9036-9038/2016 में भूमि अर्जन पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर एवं पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम 2013 की धारा 24 की विवेचना की गई है। इसके उपरान्त मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग द्वारा माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के संदर्भ में विभागीय परिपत्र क्रमांक एफ-4/0012/2024/सात-2 दिनांक 16 मई 2024 जारी किया है। आवेदक के आवेदन पत्र दिनांक 17.05.2024 के संदर्भ में परीक्षण उपरांत नियमानुसार आवश्‍यक कार्यवाही की जावेगी।

भूमि अधिग्रहण की जानकारी

[राजस्व]

31. ( क्र. 547 ) श्री आतिफ आरिफ अकील : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रदेश के सिंगरौली जिले में विभिन्न सरकारी परियोजनाओं के अंतर्गत सरकार द्वारा अनेकों किसानों की भूमि का अधिग्रहण किया गया है? (ख) यदि हाँ, तो गत एक वर्ष में सिंगरौली जिले के कितने किसानों की कितनी भूमि सरकार द्वारा अधिग्रहित की गई? क्या अधिग्रहण की गई भूमियों की मुआवजा राशि का संबंधित किसानों को भुगतान कर दिया गया है? यदि हाँ, तो कितना भुगतान किया गया है? (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के परिप्रेक्ष्य में क्या सरकार द्वारा सिंगरौली जिले में अधिग्रहित की गई भूमियों में भारी भ्रष्टाचार एवं मुआवजा घोटाला किया गया है? यदि हाँ, तो भ्रष्टाचार एवं घोटाले में कौन-कौन संलिप्त है एवं प्रश्‍न दिनांक तक किन-किन दोषियों पर शासन द्वारा क्या-क्या कार्रवाई की गई? क्या अधिग्रहण की गई भूमियों की मुआवजा राशि का भुगतान संबंधित किसानों को ही किया गया है या सरकारी तंत्र में मौजूद अधिकारियों की सांठ-गांठ एवं मिली भगत से किसी अन्य को मुआवजा राशि का भुगतान कर दिया गया है?

राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) :

 (क)

जी हाँ।

 (ख)

परियोजनावार जानकारी निम्‍नानुसार है:-

परियोजना का नाम

ग्रामों की संख्‍या

अर्जित रकवा

प्रभावित किसानों की संख्‍या

अधिग्रहण का दिनांक

एवार्ड की राशि

वितरण से शेष

वितरण न होने का कारण

हवाई पट्टी

03

27.14 हे.

270

18.02.2015

19,62,72,892/-

1,79,58,563/-

भूमि सबंधी एवं स्‍वत्‍व संबंधी विवाद होने से प्रकरण न्‍यायालयों में विचाराधीन हैं निर्णय उपरांत भुगतान की कार्यवाही की जावेगी।

NH-75

25

273.715 हे.

3221

02.09.2013, 04.06.2016, 29.12.2020, 03.12.2021

1,56,44,86,616/-

8,72,16,698/-

ललितपुर सिंगरौली नई रेलवे लाइन

22

294.995

2580

19.07.2020

3,87,09,80,263/-

54,56,36,342/-


(ग) ऐसा कोई प्रकरण दृष्टिगत नहीं है। अधिग्रहण की कार्यवाही भू-अर्जन अधिनियम के तहत् पुनर्वास एवं पुर्नव्यवस्था अधिनियम 2013 के प्रावधानों के तहत् की जाकर अवार्ड पारित किया जाकर प्रतिकर हितग्राहियों को भुगतान किया गया है।

कलेक्‍टर कार्यालय के पदों की जानकारी

[राजस्व]

32. ( क्र. 551 ) श्री अमर सिंह यादव : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                                        (क) राजगढ़ जिला मुख्‍यालय पर स्थित कलेक्‍टर कार्यालय में किस-किस श्रेणी के कौन-कौन से पद स्‍वीकृत है, उनमें से कितने पद रिक्‍त है, कितने कार्यरत है? संख्‍या बतावें। (ख) वर्तमान में उक्‍त पदों पर कार्यरत अधिकारी एवं कर्मचारी के नाम, पदनाम एवं कब से कार्यरत है? (ग) राजगढ़ जिला मुख्‍यालय पर स्थित कलेक्‍टर कार्यालय में कौन-कौन सी शाखायें हैं सभी शाखा के शाखा प्रभारियों के नाम, पदनाम एवं शाखा में कब से कार्यरत है? (घ) उक्‍त रिक्‍त पदों की पूर्ति की जावेगी यदि हाँ, तो कब तक और यदि नहीं, तो क्‍यों नहीं?

राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट '''' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट '''' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट '''' अनुसार है। (घ) सीधी भर्ती के रिक्‍त पदों की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

निजी भूमि के मुआवजा का भुगतान

[राजस्व]

33. ( क्र. 556 ) डॉ. हिरालाल अलावा : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                                   (क) क्या यह सही है कि विधानसभा प्रश्‍न क्रमांक 338 दिनांक 22-12-2021 के उत्तर में ग्राम टिकारी की बताई गई अर्जित भूमि का उद्योग विभाग ने अर्जन आदेश दिनांक 28-6-1978 से प्रश्‍नांकित दिनांक तक भी किसानों को मुआवजा राशि का भुगतान नहीं किया? (ख) ग्राम टिकारी के कृषक चंद्रशेखर, रामशंकर, शंभूरतन आत्‍मज छोटेलाल की किस खसरा नंबर का कितना रकबा किस प्रकरण क्रमांक में किस आदेश दिनांक से अर्जित किया, भूमि पर विभाग ने कब कब्जा किया, भूमि किस-किस आदेश से किस-किस को कब-कब आवंटित की गई, भूमि के कितने हिस्से पर वर्तमान में कौन सी गतिविधि संचालित है, कितना हिस्सा जिस पर कोई गतिविधि संचालित नहीं हो रही।                                  (ग) उद्योग विभाग द्वारा कृषकों को 1978 से प्रश्‍नांकित दिनांक तक भी मुआवजा राशि का भुगतान नहीं किए जाने, भूमि का उपयोग नहीं होने पर भी भूमि कृषकों को वापस नहीं किए जाने का क्या कारण रहा है, भूमि से संबंधित भू-अर्जन पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर एवं पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम 2013 की धारा 24 (2) के अनुसार प्रकरण नहीं बनाने का क्या कारण है।

राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) बैतूल में उद्योग विभाग को भूमि दिये जाने के संबंध में भू-अर्जन प्रकरण क्रमांक 3/अ-82 वर्ष 1974-75 एवं प्रकरण क्रमांक 63/अ-82 वर्ष 1980-81 में दर्ज किये गये थे। जिसमें ग्राम टिकारी की भूमि का अर्जन किया गया था, इसमें से जिन कतिपय कृषकों को मुआवजे के संबंध में आपत्ति थी उनको छोड़कर अवार्ड अनुसार अन्य कृषकों को मुआवजा भुगतान किया गया। (ख) प्रकरण क्रमांक 3/अ-82/वर्ष 1974-75 में पारित अधिनिर्णय दिनांक 28-6-1978 के अनुसार ग्राम टिकारी के कृषक चंद्रशेखर, रामशंकर, शंभूरतन आ. छोटेलाल की भूमि ख.नं. 1078 रकबा 2.57 एकड़ भूमि अर्जित की गई है। दिनांक 17-12- 74 को उद्योग विभाग द्वारा अर्जित भूमि का कब्जा लिया गया, वर्तमान में म.प्र.राज्य उ‌द्योग निगम की परिसंपत्ति एच.एम.टी. फैक्ट्री बंद अवस्था में है एवं किसी अन्य को आवंटित नहीं की गई है। (ग) अर्जन से प्रभावित अधिकांश कृषकों को मुआवजा राशि का भुगतान किया जा चुका है। चन्द्रशेखर, रामशंकर, शंभुरतन व. छोटेलाल या उनके वारिसों को राशि के भुगतान संबंधी अभिलेखों के आधार पर पुष्टि नहीं हो रही है किन्तु उपलब्ध रिकार्ड से यह स्पष्ट होता है कि उपरोक्त भूमिस्वामियों को मुआवजा निर्धारण में आपत्ति थी तथा वे सिविल न्यायालय से मुआवजा निर्धारण कराना चाहते थे किन्तु सिविल वाद के अंतिम निराकरण के संबंध में न ही भूमि स्वामी द्वारा कोई जानकारी दी गई और न ही कार्यालयीन रिकार्ड में ऐसे कोई अभिलेख उपलब्ध हैं। उपरोक्त भूमिस्वामियों के वारसान रूपेश, अनिल, रामकृष्ण वल्द स्व. चन्द्रशेखर वर्मा (चौधरी) द्वारा प्रश्‍नगत भूमि के संबंध में स्वत्व घोषणा हेतु व्यवहार वाद आर.सी.एस.ए./0000234/2022 क्रमांक प्रस्तुत किये जाने के कारण आगामी कार्यवाही वांछनीय नहीं है। अर्जित भूमि वर्तमान में भी उद्योग विभाग के आधिपत्य में होकर उक्त भूमि पर उद्योग विभाग की परिसंपत्ति एच.एम.टी. वाच फैक्ट्री का भवन एवं परिसर स्थापित होने के कारण कृषकों को अर्जित भूमि वापस करने की कार्यवाही नहीं की गई है। आपत्तिकर्ताओं को छोड़कर शेष सभी भू-धारकों को मुआवजा राशि का भुगतान कर दिया गया है। खसरा नम्बर 1078 के मूल धारकों की मृत्यु हो चुकी है उनके द्वारा अपने जीवनकाल में अधिनिर्णय के विरुध्द रिफरेंस में जाना व्यक्त किया गया। परन्तु उक्त के संबंध में कोई अभिलेख प्रस्तुत नहीं किया गया। आपत्तिकर्ताओं को पर्याप्त अवसर दिये जाने के उपरान्त भी उनके द्वारा भू-अर्जन के अधिनिर्णय के विरूद्ध रिफरेंस अथवा व्यवहारवाद प्रस्तुत करने की कोई जानकारी देना नहीं पाया गया। अर्जित भूमि के बहुसंख्यक भू-धारकों को मुआवजा राशि का भुगतान किया जा चुका है साथ ही मुआवजे के संबंध में संपूर्ण जानकारी तत्समय भूमिस्वामी को ज्ञात है।

बेराज डेम व तालाबों की स्वीकृति

[जल संसाधन]

34. ( क्र. 559 ) श्री कालु सिंह ठाकुर : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या धार जिले की धरमपुरी विधानसभा में जल संसाधन विभाग द्वारा सिंचाई तालाबों व बेराज डेम की स्वीकृति हेतु प्रश्‍न दिनांक तक शासन स्तर पर प्रस्ताव प्रेषित किये गए है?                                          (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार यदि हाँ, तो कौन-कौन से प्रस्ताव शासन स्तर पर प्रेषित किये गए है? (ग) क्या धरमपुरी विधानसभा में आवलीपुरा बेराज डेम, जोगिमंड बेराज डेम, बंजारिपुरा बेराज डेम, पतलंगपुरा बेराज डेम, नयापुरा तालाब, आमखो तालाब, बेकल्या तालाब की साद्यता की स्वीकृति हो गई लेकिन प्रशासकीय स्वीकृति प्रश्‍न दिनांक तक प्रदान नहीं की गई है? (घ) प्रश्‍नांश (ग) अनुसार यदि हाँ, तो उक्त कार्यों की प्रशासकीय स्वीकृति कब तक प्रदान कर दी जावेगी? यदि नहीं, तो क्यों?

जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) एवं (ख) जी नहीं। अपितु धार जिले की धरमपुरी विधानसभा क्षेत्र के सिंचाई तालाबों व बैराज के प्रस्ताव प्राप्त हुए है जो कि परीक्षणाधीन है। जानकारी संलग्न  परिशिष्‍ट  अनुसार है। (ग) एवं (घ) धरमपुरी विधानसभा में आवलीपुरा बैराज डेम, जोगीभड़क बैराज डेम, बंजारीपुरा बैराज डेम, पतलंगपुरा बैराज डेम, बेकलिया तालाब की साध्यता स्वीकृति प्राप्त है, जिनके डी.पी.आर. मैदानी स्‍तर पर परीक्षणाधीन है एवं शेष नयापुरा तालाब, आमखो तालाब की साध्यता स्वीकृति प्राप्त है एवं सर्वेक्षण कार्य प्रगतिरत होना प्रतिवेदित है। समय-सीमा वर्तमान में बताया जाना संभव नहीं है। शेष प्रश्‍नांश का प्रश्‍न नहीं।

परिशिष्ट - "तीस"

न्‍यायालय निर्णय अनुसार प्रतिकर का प्रदाय

[जल संसाधन]

35. ( क्र. 577 ) श्री फूलसिंह बरैया : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या विधान सभा सत्र दिनांक 12 फरवरी 2024 के अतारांकित प्रश्‍न क्रमांक 780 के उत्‍तर में बताया गया कि अवार्ड दिनांक 05.12.1989 की प्रतिकर राशि का चैक क्रमांक 134215 दिनांक 12.09.1995 कलेक्‍टर भोपाल को भेजा गया? (ख) क्‍या प्रश्‍नांश (क) अनुसार अवार्ड के छै: वर्ष एक माह बाद उक्‍त बैंक की प्रतिकर राशि चालान क्रमांक 02 दिनांक 05.01.1996 से शासकीय कोष में जमा की गई? (ग) क्‍या राजस्‍व विभाग के परिपत्र क्रमांक एफ-4/0012/2024/सात-2 दिनांक 16 मई 2024 में उल्‍लेखित माननीय सर्वोच्‍च न्‍यायालय के निर्णय (कंडिका 363-4) दिनांक 06 मार्च 2020 का विभाग पालन करेगा?

जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) जी हाँ। वस्‍तुस्थिति यह है कि दिनांक 05.12.1989 में भू-अर्जन अधिकारी द्वारा पारित अवार्ड अनुसार आवेदक को मुआवजा प्राप्‍त करने हेतु कई बार पत्राचार किया गया, तदोपरांत अंतिम बार पत्र क्रमांक-252/दिनांक 29.06.1995 एवं पत्र क्रमांक-253/दिनांक 29.06.1995 द्वारा मुआवजा प्राप्‍त करने हेतु सूचना दी गई परंतु आवेदक मुआवजा राशि प्राप्‍त करने हेतु उपस्थिति नहीं हुआ। तत्‍पश्‍चात मुआवजा राशि रू.8,46,074/- का चेक क्रमांक-134215 दिनांक 12.09.1995 द्वारा भू-अर्जन अधिकारी, जिला भोपाल को संबंधित भू-स्‍वामी को भुगतान हेतु प्रेषित किया गया। कलेक्‍टर/भू-अर्जन अधिकारी, जिला भोपाल द्वारा चालान क्रमांक-02 दिनांक 05.01.1996 के द्वारा कोषालय में रेवन्‍यू डिपॉजिट में जमा किया गया था। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे ''परिशिष्‍टएक'' अनुसार है। (पृ.1 से 14) (ख) जी हाँ। वस्‍तुस्थिति यह है कि आवेदक मुआवजा राशि प्राप्‍त करने हेतु उपस्थिति नहीं हुआ, जिस कारण कलेक्‍टर/भू-अर्जन अधिकारी, जिला कोषालय द्वारा चालान क्रमांक-02 दिनांक 05.01.1996 के द्वारा कोषालय में रेवन्‍यू डिपॉजिट में जमा किया गया था। (ग) म.प्र. शासन, वित्‍त विभाग के आदेश क्रमांक-12-5/2014/सात/शा.2ए/भोपाल, दिनांक 29.01.2014 एवं भू-अर्जन पुनर्वास और पुनर्व्‍यवस्‍थापन में उचित पारदर्शिता अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 24 के बिंदु क्रमांक-4 में दर्शाए अनुसार उक्‍त भूमि का भौतिक अधिग्रहण पूर्व में किया गया था एवं अधिनियम 1898 की धारा 11 के अधीन अवार्ड भी पारित किया जा चुका था, अत: उत्‍तरांश () अनुसार प्रकरण नये भू-अर्जन अधिनियम 2013 एवं माननीय सुप्रीम कोर्ट की एस.एल.पी. (सी) 9036-9038/2016, सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बिंदु 363 (4) दिनांक 06.03.2020 के अंतर्गत भुगतान की श्रेणी में नहीं आता है। आदेश की प्रति पुस्‍तकालय  में रखे ''परिशिष्‍ट-दो'' अनुसार है। (पृ.1 से 12) अतएव पुन: प्रतिकर का भुगतान करने का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता है।

अवैध पार्किंग वसूली की शिकायत का निराकरण

[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]

36. ( क्र. 585 ) श्री फूलसिंह बरैया : क्या उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भोपाल जिले के जय प्रकाश अस्‍पताल में विगत एक वर्ष में किन-किन व्‍यक्तियों को स्‍कूटर/मोटर साईकिल/कार पार्किंग के ठेके दिये गये है? (ख) प्रश्‍नांकित ठेकों में ठेकेदारों द्वारा क्‍या अवैध पार्किंग वसूली की जा रही है, इनके संबंध में कब-कब, क्‍या-क्‍या शिकायतें अस्‍पताल प्रशासन को प्राप्‍त हुई, उन पर प्रश्‍न दिनांक तक क्‍या कार्यवाही की गई है?                                                (ग) क्‍या पूर्व में भी कई समाचार पत्रों में ठेकेदार द्वारा आम जनता से अभद्र व्‍यवहार के समाचार प्राप्‍त हुए है तथा अस्‍पताल प्रशासन को भी लिखित शिकायतें प्राप्‍त हुई है? (घ) यदि हाँ, तो शासन/ विभाग क्‍या वैधानिक कार्यवाही करेगा?

उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) भोपाल जिले के जय प्रकाश अस्पताल में विगत एक वर्ष में शर्मा इंटरप्राईजेस को स्कूटर/मोटर साईकल/कार पार्किंग का ठेका दिया गया है। (ख) जी नहीं। अस्पताल प्रशासन को कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई।                                                     (ग) समाचार पत्र ''पत्रिका'' दिनांक 03/02/2024 में मरीजों के साथ अभद्र व्यवहार की प्रकाशित खबर के संबंध में मानव अधिकार आयोग, मध्यप्रदेश द्वारा संज्ञान लिया जाकर अस्पताल प्रशासन द्वारा जांच किया जाकर ठेकेदार द्वारा संबंधित कर्मचारी को हटा दिया गया है। (घ) ठेकेदार द्वारा संबंधित कर्मचारी को हटा दिया गया है।

सफाई कर्मी एवं सुरक्षा कर्मियों पर गुणवत्‍ता की निगरानी

[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]

37. ( क्र. 586 ) श्री फूलसिंह बरैया : क्या उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) ग्वालियर संभाग के जिला अस्पतालों में वर्ष 2018 से प्रश्‍न दिनांक तक कब-कब सफाई एवं सुरक्षा कर्मियों के लिए टेंडर बुलाए गए थे? क्या टेंडर स्वीकृत व्यक्तियों द्वारा शासन के नियम के तहत निर्धारित संख्या में सफाई एवं सुरक्षा कर्मियों को लगाया गया था? (ख) क्या लगाए गए सफाई एवं सुरक्षा कर्मचारियों को शासन के नियम अनुसार निर्धारित मात्रा में भुगतान किया जाता है? यदि हाँ, तो कब-कब किस-किस कर्मचारी को कितना-कितना भुगतान किया गया है? यदि नहीं, तो क्यों कारण स्पष्ट करें? (ग) क्या शासन के नियम के अनुसार सफाई एवं सुरक्षा कर्मियों पर गुणवत्ता की निगरानी हेतु कमेटी गठित की जाती है? यदि हाँ, तो क्या गुणवत्ता की निगरानी समिति द्वारा शासन के नियम के अनुसार की जाती है? हाँ या नहीं? यदि हाँ, तो प्रमाण प्रस्तुत करें, यदि नहीं, तो क्यों?

उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) ग्वालियर संभाग के जिला अस्पतालों में वर्ष 2018 से प्रश्‍न दिनांक तक सफाई एवं सुरक्षा कर्मियों के जिलेवार टेंडर की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र '''' अनुसार है। जी हाँ, सफाई एवं सुरक्षा कर्मियों को शासन के द्वारा निर्धारित मापदंडों के अनुसार लगाया गया है। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) जी हाँ, शासन के नियमानुसार अनुबंधित एजेंसी को भुगतान किये जाने की प्रक्रिया है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) जी हाँ। जी हाँ। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है।

विद्यालयों में नामकरण के नियम-निर्देश

[स्कूल शिक्षा]

38. ( क्र. 599 ) श्री सुरेन्द्र सिंह गहरवार : क्या परिवहन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विद्यालयों के नामकरण कराये जाने के क्या नियम हैं? नियम एवं शासन निर्देशों की प्रतियाँ देवें। (ख) सतना जिले में प्रश्‍न दिनांक तक कितने विद्यालयों के नामकरण के प्रस्ताव विचाराधीन हैं? विधानसभावार जानकारी देवें। अभी तक नामकरण संबंधी आदेश जारी न किये जाने का कारण प्रकरणवार स्पष्‍ट करें। (ग) क्या सेना में कार्यरत रहते देश सेवा में शहीद सैनिक एवं स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के नाम से ग्राम की विद्यालय के नामकरण के भी नियम है? यदि हाँ, तो चित्रकूट विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत किन-किन विद्यालयों का नामकरण शहीदों के नाम पर किया गया है? पूर्ण जानकारी देवें। यदि नामकरण नहीं किया गया है तो कारण स्पष्‍ट करें। (घ) प्रश्‍नांश (ख) अनुसार लंबित प्रकरणों में कब तक आदेश जारी कर विद्यालयों के नामकरण कर दिये जायेंगे?

परिवहन मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट 'एक' अनुसार है।                                              (ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट 'दो' अनुसार है। (ग) जी हाँ। प्रश्‍नाधीन विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत शासकीय हाई/हायर सेकेण्डरी शालाओं का नामकरण शहीदों के नाम पर करने हेतु कोई प्रस्ताव प्राप्त न होने के कारण शेषांश उद्भूत नहीं होता। (घ) प्रश्‍नांश (ख) के प्रकाश में शासकीय हाई/हायर सेकेण्डरी शालाओं के नामकरण संबंधी लंबित प्रकरणों को इस हेतु शासन के आदेश दिनांक 28.06.2004 के द्वारा गठित समिति की बैठक में प्रस्तुत कर निर्णय लिया जाता है, अतः समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

परिशिष्ट - "इकतीस"

सीलिंग एक्‍ट की जमीनों की जानकारी

[राजस्व]

39. ( क्र. 623 ) श्री सुरेन्द्र सिंह गहरवार : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मझगवाँ तहसील अंतर्गत पटवारी हल्का कामता, रजौला, नयागाँव में कितनी आराजी सीलिंग एक्ट से प्राप्त हुई, वह आराजी कहाँ-कहाँ, कितनी-कितनी शेष है? यदि उक्त आराजी खुर्द-बुर्द हुई है सीलिंग के समय के आधार पर तो उसका सीमांकन कराने का कष्ट करें? यदि उक्त आराजियों के कुछ अंश भाग के पट्टे प्रदान किये गये हैं तो कितने पट्टे किस-किस आधार पर किन मानको एवं नियमों के तहत प्रदान किये गये हैं? (ख) प्रश्‍नांश (क) की सीलिंग की आराजियों के पट्टे किन शासनादेशों के आधार पर किस सक्षम अधिकारी द्वारा प्रदान किये गये, शासनादेश की प्रति सहित जानकारी देवें? यदि सक्षम अधिकारी ने पट्टे प्रदान नहीं किये तो सीलिंग की आराजी कैसे बंदरबाट हुई, ऐसे फर्जी पट्टों की जाँच कब तक कराई जायेगी समय-सीमा बतायें? यदि नहीं, तो क्यों?                                            (ग) प्रश्‍नांश (क) की उक्त आराजियों की 1958-59 जमाबंदी में क्या स्थिति थी? पटवारी हल्का रजौला एवं नयागाँव में 1959, 1960 एवं 1962 की जमाबंदी के आधार पर कितनी-कितनी आराजी म.प्र. शासन के नाम दर्ज थी एवं वर्तमान में कितनी शेष है, पटवारी हल्कावार जानकारी पृथक-पृथक देवें? (घ) प्रश्‍नांश (क), (ख) एवं (ग) अनुसार म.प्र. शासन के नाम दर्ज रही आराजियों को पुनः कब तक शासन अभिलेखों में म.प्र. शासन दर्ज कराया जायेगा समय-सीमा बतावें?

राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) मझगवां तहसील अंतर्गत हल्‍का कामता एवं रजौला में निरंक है। हल्‍का नयागांव में कुल 56.085 हे. भूमि सीलिंग एक्‍ट से प्राप्‍त हुई है। हल्‍का नयागांव में वर्तमान स्थिति में शेष भूमि 56.085 हे. है। कोई भूमि खुर्द-बुर्द नहीं हुई है। उक्‍त आराजी में कोई भी भूमि पट्टे में प्रदाय नहीं की गई है। (ख) जानकारी निरंक है। (ग) प्रश्‍नांश (क) की उक्‍त आराजियात 1958-59 जमाबंदी में निजी स्‍वत्‍व में दर्ज थी। पटवारी हल्‍का रजौला में 1959, 1960 एवं 1962 की जमाबंदी के आधार पर कुल रकवा 1523.390 हे. म.प्र. शासन के नाम दर्ज थी। जो वर्तमान में शेष भूमि 828.933 हे. म.प्र. शासन दर्ज रिकार्ड है। इस बीच रकवा 694.457 हे. आवंटित होने से रकवे में कमी हुई है। पटवारी हल्‍का नयागांव में 1959, 1960 एवं 1962 की जमाबंदी के आधार पर कुल रकवा 1368.725 हे. भूमि म.प्र. शासन दर्ज रिकॉर्ड थी। जो वर्तमान में 1424.810 हे. म.प्र. शासन दर्ज रिकार्ड है। रकवा में वृद्धि का कारण यह था कि इस बीच रकवा 56.085 हे. भूमि सीलिंग एक्‍ट से प्राप्‍त हुई है। (घ) पटवारी हल्‍का कामता, रजौजा में सीलिंग भूमि प्राप्‍त नहीं हुई थी। केवल पटवारी हल्‍का नयागांव में 56.085 हे. भूमि सीलिंग से प्राप्‍त हुई थी। यह वर्तमान में भी म.प्र. शासन अभिलेख में दर्ज है। शेष प्रश्‍न उद्भूत नहीं होता।

वानसुजारा नहर योजना

[जल संसाधन]

40. ( क्र. 624 ) श्रीमती चंदा सुरेन्द्र सिंह गौर : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या खरगापुर विधानसभा के ग्राम देवीनगर छारकी, जटेरा, जिनागढ़, सुजानपुरा, बलबंतपुरा, ऊगढ़, भिलौनी, वनयानी, राजनगर, वैसाखास वनपुरा, करमासन घाट, अहारलड़वारी, दुर्गानगर, झिनगुंवा गनेशपुरा, लुर्हरा, डुम्‍बार, प्रतापपुरा, नारायण, बावाखेरा, डूड़ाखेरा, कछिया खेरा आदि ग्रामों को वानसुजारा की नहर योजना से वंचित कर दिया गया है? क्‍या इन ग्रामों के किसानों को वानसुजारा नहर योजना से कब तक जोड़कर वानसुजारा का पानी फसलों को दिये जाने का महत्‍वपूर्ण कार्य कर देंगे। (ख) क्‍या यहां का पानी नहीं मिलने से परेशान नहीं है क्‍या इन ग्रामों के किसानों की मांग को दृष्टिगत रखते हुये विभाग द्वारा सर्वे कराकर इन्‍हें वानसुजारा का पानी दिये जाने की योजना कब तक तैयार करा देंगे? यदि हाँ, तो समयावधि बतायें। यदि नहीं, तो क्‍यों?

जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) बानसुजारा वृहद सिंचाई परियोजना से 183 ग्रामों को सिंचाई हेतु पानी दिया जाना प्रतिवेदित है। तहसीलवार ग्रामों की सूची संलग्‍न परिशिष्‍ट  अनुसार है। बांध की कुल जल भराव क्षमता 280.80 मि.घ.मी. है। बांध की जीवित जल भराव क्षमता 276.04 मि.घ.मी. है। बांध की रूपांकित सिंचाई क्षमता 75,000 हैक्‍टेयर हेतु 250 मि.घ.मी. जल उपयोग किया जाना प्रतिवेदित है। पेयजल हेतु टीकमगढ़ जिले के 201 ग्रामों को 10.00 मि.घ.मी. एवं छतरपुर जिले के 120 ग्रामों को 05.77 मि.घ.मी. कुल 15.77 मि.घ.मी. आरक्षित जल प्रदाय किया जाना प्रतिवेदित है। अनुपयोगी जल की मात्रा 04.76 मि.घ.मी. है जो कि मछली पालन एवं अन्‍य निस्‍तार तथा पर्यावरण एवं एवोपरेशन इत्‍यादि में 15.00 मि.घ.मी. पानी के उपयोग में आना प्रतिवेदित है। बानसुजारा बांध परियोजना द्वारा प्रश्‍नांश में वर्णित ग्रामों में से 01 ग्राम राजनगर में 205.63 हेक्‍टेयर क्षेत्र में सिंचाई प्रतिवेदित है। (ख) बानसुजारा बांध में अतिरिक्‍त जल की मात्रा उपलब्‍ध नहीं होने के कारण प्रश्‍नांश (क) में वर्णित ग्राम राजनगर (01 ग्राम) के अतिरिक्‍त शेष ग्रामों को बानसुजारा बांध की नहरों से जोड़कर पानी दिए जाने की योजना विचाराधीन नहीं है। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - "बत्तीस"

आरोग्‍य केन्‍द्र की जानकारी

[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]

41. ( क्र. 625 ) श्रीमती चंदा सुरेन्द्र सिंह गौर : क्या उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) टीकमगढ़ जिले सहित खरगापुर विधानसभा में कितने आरोग्‍य केन्‍द्र है और कितने आरोग्‍य केन्‍द्रों के भवन निर्माण किये गये हैं? साथ ही खरगापुर विधानसभा में नवीन भवन आरोग्‍य केन्‍द्र पचेर एवं नयागांव जो ग्रामीण बस्‍ती से इतने दूर बना दिये गये है, जहां पर प्रश्‍नकर्ता ने लगातार 10 बार भ्रमण के दौरान जाकर देखा, वहां पर न ही मरीज मिले न ही वहां पर पदस्‍थ कर्मचारी मिले। रहवासी ग्रामों की बस्‍ती से इतने बनाये जाने का प्रस्‍ताव किसने दिया? किस सक्षम अधिकारी द्वारा वहां पर बनाये जाने की अनुमति दी गई? सम्‍पूर्ण जानकारी प्रमाणित प्रतियों में उपलब्‍ध करायें। (ख) क्‍या मुख्‍य चिकित्‍सा एवं स्‍वास्‍थ्‍य अधिकारी इन आरोग्‍य केन्‍द्रों की मॉनीटरिंग नहीं कर रहे हैं तथा इन आरोग्‍य केन्‍द्रों पर खरगापुर विधानसभा में संविदा डॉक्‍टरों की नियुक्ति किस सक्षम अधिकारी द्वारा की गई तथा कितने संविदा डॉक्‍टर आरोग्‍य केन्‍द्रों पर पदस्‍थ आदेशों की छायाप्रतियां उपलब्‍ध करायें? (ग) क्‍या टीकमगढ़ जिले सहित खरगापुर विधानसभा में कितने उपस्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्रों पर कंटर जैसी की कितनी राशि कब-कब आती है और इसका क्‍या उपयोग होता है वर्ष 2020 से प्रश्‍न दिनांक कितनी राशि कहां-कहां पर आई उसका क्‍या उपयोग किया गया? (घ) क्‍या मुख्‍य चिकित्‍सा एवं स्‍वास्‍थ्‍य अधिकारी टीकमगढ़ द्वारा खरगापुर, बल्‍देवगढ़, पलेरा अस्‍पताल का आकस्मिक निरीक्षण कभी किया निरीक्षण में कोई कमी पाई गई कभी किसी गलती करने वाले कर्मचारी को नोटिस जारी किया? सम्‍पूर्ण जानकारी से अवगत करायें।

उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) टीकमगढ़ जिले में खरगापुर विधानसभा सहित कुल 161 आरोग्य केन्द्र है एवं खरगापुर विधानसभा में कुल 53 (प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र 03, उपस्वास्थ्य केन्द्र 50) आरोग्य केन्द्र है। खरगापुर विधानसभा में 12 आरोग्य केन्द्र के नवीन भवन निर्माण किये गये है। आरोग्य केन्द्र पचेर एवं नयागांव हेतु मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के शासकीय भूमि जिला प्रशासन टीकमगढ़ द्वारा उपलब्ध कराये जाने अनुसार भूमि पर निर्माण कार्य किया गया। जिसमें संविदा सी.एच.ओ. एवं संविदा ए.एन.एम. कार्यरत है। खरगापुर विधानसभा में नवीन निर्मित भवन आरोग्य केन्द्र पचेर ग्रामीण लोगों की पहुंच में है और आवागमन सुगम है। शेष  जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा जिला की समस्त संस्थाओं का निरीक्षण नियमित रूप से किया जाता है। संविदा डॉक्टरों की नियुक्ति राज्य कार्यालय, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन द्वारा की जाती है। शेष जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ग) उप स्वास्थ्य केन्द्रों पर कंटनजेंसी राशि प्रतिवर्ष स्वीकृत की जाती है। उप स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र अंतर्गत दिए गए फण्ड का उपयोग मुख्यतः बिजली पानी पर व्यय, साफ-सफाई पर व्यय, स्वास्‍थ्‍य केन्द्र की रंगाई, पुताई, मरम्मत कार्य, स्टेशनरी एवं अन्य आवश्यक कार्यों हेतु किया जाता है। उप स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्रों पर वर्ष 2020 से प्रश्‍न दिनांक तक प्रदान की गई अन्टाईड फण्ड की राशि की  जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र  '''' अनुसार है। (घ) जी हाँ। जी नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

सर्व सुविधा युक्त विद्यालयों की स्थापना

[स्कूल शिक्षा]

42. ( क्र. 681 ) श्री ब्रजेन्द्र प्रताप सिंह : क्या परिवहन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा विद्यालयों की गुणवत्ता के सुधार हेतु सर्व सुविधा युक्त विद्यालयों की स्थापना हेतु अवधारणा पत्र जारी किया गया था, जिसमें पन्ना जिला के 183 विद्यालय भी शामिल थे? (ख) यदि हाँ तो उक्त संबंध में सर्व सुविधायुक्त विद्यालयों के क्रियान्वयन हेतु क्या कार्यवाही की गई? बतावें। यदि नहीं, तो क्यों? कब तक कार्यवाही पूर्ण कर सर्व सुविधा युक्त विद्यालयों की स्थापना की जावेगी?

परिवहन मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) विभाग द्वारा सर्व सुविधा युक्त सी.एम. राइज विद्यालयों के चयन के संबंध में पत्र दिनांक 28.9.2020 को जारी किया गया था। (ख) प्रथम चरण में पन्‍ना जिले में 06 विद्यालयों को चयनित कर सर्व सुविधायुक्त सी.एम. राइज विद्यालय के रूप में विकसित किया जा रहा है। योजना अवधि 2032 तक है। अत: शेष विद्यालयों का चयन बजट उपलब्‍धता एवं सक्षम स्‍वीकृति पर निर्भर है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

प्राकृतिक स्थलों का पर्यटन के रूप में विकास

[पर्यटन]

43. ( क्र. 682 ) श्री ब्रजेन्द्र प्रताप सिंह : क्या राज्‍य मंत्री (स्वत्रंत प्रभार), संस्‍कृति महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) पन्ना विधानसभा अंतर्गत पर्यटन विभाग के कौन-कौन से कार्य स्वीकृत है एवं उनमें क्या कार्यवाही की जा रही है? (ख) पन्ना विधानसभा क्षेत्र अन्तर्गत कई प्राकृतिक स्थल जैसे सारंगपुर (राम वन पथ गमन), अजयपार, किलकिला सेहा, लाल जी महाराज मंदिर रानीपुर एवं अनेक ऐसे प्राकृतिक जल प्रपात है जिनको पर्यटन के रूप में विकसित किये जाने की अपार संभावनायें है। क्या पर्यटन विभाग द्वारा इन स्थलों का सर्वे कराया जाकर पर्यटन के रूप में विकसित किया जावेगा? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्यों?

राज्‍य मंत्री (स्वत्रंत प्रभार), संस्‍कृति ( श्री धर्मेन्द्र भाव सिंह लोधी ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट  अनुसार(ख) वर्तमान में कोई योजना प्रचलन में नहीं है। शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - "तैंतीस"

चिकित्सकों एवं चिकित्सकीय उपकरणों की स्थिति

[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]

44. ( क्र. 685 ) श्री राजेश कुमार शुक्‍ला : क्या उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रदेश सरकार ने प्रदेश के प्रत्येक नागरिक की स्वास्थ्य देखभाल सुविधा हेतु चिकित्सकों की संख्या, चिकित्‍सीय उपकरण हेतु कोई मानदंड निर्धारित किया है। हाँ तो क्या? (ख) प्रश्‍नांश (क) के अनुक्रम में छतरपुर जिले में उक्त मानदंड के अनुसार निर्धारित और कार्यरत चिकित्सकों की संख्या एवं चिकित्‍सीय उपकरणों की स्थिति क्या है? (ग) सरकार ने जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी के कारण स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सकों, नर्सों और संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु क्या कदम उठाए?              (घ) बिजावर विधानसभा के सभी स्वास्थ्य केंद्रों में स्वीकृत, पदांकित चिकित्सक, नर्स, अन्य स्‍टॉफ का ब्यौरा क्या है? (ड.) बिजावर विधानसभा के प्रत्येक स्वास्थ्य केंद्रों में क्या-क्या चिकित्‍सीय सुविधा, जांच और संसाधन उपलब्ध है? क्या सभी चिकित्सकीय उपकरण, जांच का उपयोग सतत रूप से किया जा रहा है। नहीं तो क्या कारण है? कब से उपयोग बंद है? (च) बिजावर विधानसभा क्षेत्र में पदांकित चिकित्सक, पैरा मेडिकल स्‍टॉफ या अन्य स्‍टॉफ क्या अन्यत्र कार्यरत है? यदि हाँ, तो उनके नाम, आदेश की प्रति प्रदाय करें। (छ) जिले के किस स्वास्थ्य केंद्र में स्वीकृत पद के मान से कार्यरत अधिकारी/कर्मचारी की संख्या ज्यादा है? ब्यौरा प्रदान करें।

उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जी नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ख) उत्‍तरांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) जिले के स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्रों में चिकित्‍सकों, नर्स की उपलब्‍धता सुनिश्चित किये जाने हेतु विभाग द्वारा पदपूर्ति की प्रक्रिया नियमानुसार संपादित की जा रही है। पदपूर्ति की कार्यवाही एक निरंतर प्रक्रिया है। संसाधनों की उपलब्‍धता भी, स्‍थानीय स्‍तर से प्रेषित मांग एवं आवश्‍यकता के आधार पर निरंतर सुनिश्चित की जाती है। (घ) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है।                                     (ड.) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। जी हाँ। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (च) जी नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (छ) जिले के किसी भी स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र पर स्‍वीकृत पद के मान से अधिक अधिकारी/कर्मचारी कार्यरत नहीं है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

आर्थिक सहायता हेतु लंबित प्रकरणों का निराकरण

[राजस्व]

45. ( क्र. 686 ) श्री राजेश कुमार शुक्‍ला : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बिजावर विधानसभा क्षेत्र में राजस्‍व विभाग में ऐसे कितने प्रकरण भुगतान और जांच हेतु लंबित हैं जिनमें आवेदक के परिजन की मृत्यु के उपरांत उन्होंने शासन से आर्थिक सहायता हेतु मांग की है? (ख) आवेदन कब से लंबित है? निराकृत नहीं होने के क्या कारण है? कारणों का कब तक निराकरण कर अंतिम भुगतान कर दिया जाएगा?

राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) बिजावर विधानसभा क्षेत्र में तहसील अंतर्गत तहसीलदार मंडल बिजावर, सटई एवं नायब तहसीलदार मंडल देवरा, लखनगुवां एवं तहसील छतरपुर अन्‍तर्गत ईशानगर में कुल 23 प्रकरणों में से 04 प्रकरणों में हितग्राही को भुगतान किया जा चुका है। शेष 19 प्रकरण भुगतान एवं जांच हेतु लंबित है। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है।

स्वीकृत भवन का निर्माण कार्य

[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]

46. ( क्र. 688 ) श्री सोहनलाल बाल्‍मीक : क्या उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) परासिया विधानसभा क्षेत्र के अन्तर्गत कितने उप स्वास्थ्य केन्द्रों के लिये भवन निर्माण कार्य की स्वीकृति पूर्व में प्रदान की गई थी? आदेश की प्रति सहित जानकारी उपलब्ध करायें। (ख) प्रश्‍नांश (क) के अनुसार जिन उप स्वास्थ्य केन्द्रों के संचालन हेतु भवन निर्माण कार्यों की स्वीकृति प्रदान की गई थी उन सभी भवन निर्माण कार्यों में से कितने कार्यों को प्रारम्भ किया जा चुका है, कितने कार्य अप्रारम्भ हैं, कितने भवनों के कार्य अपूर्ण हैं, सभी भवन निर्माण कार्यों की वर्तमान भौतिक स्थिति क्या है? पृथक-पृथक जानकारी उपलब्ध करायें।                         (ग) स्वीकृत सभी भवनों, अपूर्ण भवनों के निर्माण कार्यों को कब तक पूर्ण कराकर नवीन भवनों में उप स्वास्थ्य केन्द्रों का संचालन प्रारम्भ करा दिया जायेगा?

उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र '''' अनुसार है। भवन निर्माण कार्य की स्‍वीकृति संबंधी आदेश की छायाप्रति  पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र '''' में समाहित है। (ग) यथाशीघ्र, निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

सिंचाई योजनाओं की भौतिक स्थिति

[जल संसाधन]

47. ( क्र. 690 ) श्री सोहनलाल बाल्‍मीक : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) परासिया विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत पिछले 5 वर्षों में प्रश्‍न दिनांक तक जितनी भी सिंचाई योजनाओं की स्वीकृति शासन/विभाग द्वारा प्रदान की गई है, उनमें से कितनी सिंचाई योजनाओं के कार्य प्रारंभ किए जा चुके है, कितनी सिंचाई योजनाओं के कार्य प्रारंभ किया जाना शेष है, कितनी सिंचाई योजनाओं के कार्य पूर्ण हो चुके है और कितनी सिंचाई योजनाओं के कार्य अपूर्ण है? सभी सिंचाई योजनाओं की भौतिक स्थिति की जानकारी उपलब्ध करायें। (ख) प्रश्‍नांश (क) के अनुसार स्वीकृत सिंचाई योजनाओं में से जिन सिंचाई योजनाओं के कार्य प्रारंभ नहीं किए गये है और अपूर्ण है, ऐसी सिंचाई योजनाओं के कार्य प्रारंभ नहीं करने, अपूर्ण रहने का क्या कारण है? अप्रारंभ, अपूर्ण योजनाओं के कार्यों को कब तक प्रारंभ कराकर, पूर्ण करा लिया जायेगा? (ग) परासिया विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत पिछले 5 वर्षों से प्रश्‍न दिनांक तक कौन-कौन सी सिंचाई योजनाओं के प्रस्ताव बनाये गये है और स्वीकृति हेतु शासन स्तर पर प्रेषित किए गये है, प्रेषित किए गये प्रस्ताव में से कितनी सिंचाई योजनाओं की स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है और कितनी सिंचाई योजनाओं की स्वीकृति प्रदान किया जाना शेष है? जिन योजनाओं की स्वीकृति प्रदान किया जाना शेष है, उनकी स्वीकृति प्रदान किए जाने में विलम्ब का क्या कारण है? कब तक स्वीकृति प्रदान कर दी जायेगी?

जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) एवं (ख) परासिया विधानसभा क्षेत्रांतर्गत पिछले 05 वर्षों में प्रश्‍न दिनांक तक कुल 04 सिंचाई योजनाओं की प्रशासकीय स्‍वीकृति शासन द्वारा प्रदान की गई है, सभी 04 परियोजनाओं के कार्य प्रारंभ किए जा चुके है, जिनका कार्य प्रगति पर है, वर्तमान में किसी भी योजना का कार्य पूर्ण नहीं हुआ है। योजनाओं की भौतिक प्रगति, कार्य पूर्णता का लक्ष्‍य एवं अन्‍य विवरण  संलग्‍न  परिशिष्‍ट  के प्रपत्र-''1'' अनुसार है। (ग) परासिया विधानसभा क्षेत्रांतर्गत पिछले 05 वर्षों से प्रश्‍न दिनांक तक कुल 07 सिंचाई परियोजनाओं जूनापानी बैराज, बिजौरी बैराज, कोहका दमुआ बैराज, भावड़ा स्‍टॉप डेम, तुमड़ी बैराज, बैलगॉंव स्‍टॉप डेम एवं लोहारबांदरी स्‍टॉप डेम के प्रस्‍ताव प्रशासकीय स्‍वीकृति हेतु प्रमुख अभियंता स्‍तर पर परीक्षणाधीन है। विवरण संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-''2'' अनुसार है। 07 में से 04 सिंचाई परियोजनाओं जूनापानी बैराज, बिजौरी बैराज, कोहका दमुआ बैराज एवं भावड़ा स्‍टॉप डेम की प्रशासकीय स्‍वीकृति शासन द्वारा प्रदाय की जा चुकी है। शेष 03 सिंचाई परियोजनाओं तुमड़ी बैराज, बैलगॉंव स्‍टॉप डेम एवं लोहरीबांदरी स्‍टॉप डेम की प्रशासकीय स्‍वीकृति प्रकरण में प्रमुख अभियंता भोपाल द्वारा उठाई गई आपत्तियों का निराकरण संभाग स्‍तर पर प्रक्रियाधीन होना प्रतिवेदित है। शासन स्‍तर पर प्रस्‍ताव प्राप्‍त होने के उपरांत प्रशासकीय स्‍वीकृति प्रदान की जा सकेगी निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। लोहारबांदरी स्‍टॉप डेम के निरस्‍तीकरण का प्रस्‍ताव प्रक्रियाधीन होना प्रतिवेदित है।

परिशिष्ट - "चौंतीस"

तहसीलों में निराकृत एवं लंबित राजस्व प्रकरण

[राजस्व]

48. ( क्र. 699 ) श्री सुरेश राजे : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) कृषकों की भूमि का बंटवारा/नामांतरण/सीमांकन/फौती नामांतरण तथा कृषि भूमि विनिमय (परस्पर) द्वारा हस्तांतरण कितनी समयावधि में करने हेतु संबंधी शासन आदेश, नियम की सत्यापित प्रतियां उपलब्ध करावेंl (ख) जिला ग्वालियर अंतर्गत तहसीलों में वर्ष 2021-22 से 2023-24 में किसानों के बंटवारा/नामांतरण/सीमांकन/फोती नामांतरण तथा कृषि भूमि विनिमय द्वारा हस्तांतरण संबंधी कितने-कितने प्रकरणों का निराकरण किया गया? वर्षवार एवं तहसीलवार पृथक-पृथक बतावेंl                                   (ग) जिला ग्वालियर के विकासखण्डों की तहसीलों में 01 अप्रैल 2024 की स्थिति में कृषि भूमि का बंटवारा/नामांतरण/सीमांकन/फोती नामांतरण तथा कृषि भूमि विनिमय द्वारा हस्तांतरण संबंधी किस ग्राम के किस व्यक्ति का प्रकरण कब से लंबित है?

राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) राजस्‍व विभाग के सिटीजन चार्टर की  जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट '''' अनुसार। (ख) जिला ग्‍वालियर की तहसीलों में वर्ष 2021-22 से 2023-24 में निराकृत बंटवारा, नामांतरण/फोती नामांतरण, सीमांकन एवं भूमि विनिमय के प्रकरणों की वर्षवार तहसीलवार  जानकारी पुस्‍कालय में रखे परिशिष्ट '''' अनुसार। (ग) जिला ग्‍वालियर की तहसीलों में 1 अप्रैल 2024 की स्थिति में लम्बित प्रकरणों की  जानकारी पुस्‍कालय में रखे परिशिष्ट '' '' अनुसार।


स्थायी तथा अस्थायी परिवहन/बैरियर चैक पोस्ट पर चेकिंग

[परिवहन]

49. ( क्र. 706 ) श्री प्रताप ग्रेवाल : क्या परिवहन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                                     (क) सीमा पर स्थायी तथा अस्थायी परिवहन/बैरियर चैक पोस्ट पर 2015-16 से 2023-24 तक मोटरयान अधिनियमों में विहित प्रावधान के तहत कितने-कितने वाहन की चैकिंग की गई कितने-कितने वाहन पर कुल कितनी शास्ती अधिरोपित की गई, वर्षवार प्रत्येक चैकपोस्ट अनुसार बतावें। (ख) प्रश्‍नकर्ता के प्रश्‍न क्रं. 2623 दिनांक 16.03.2023 के प्रश्‍नांश (ड.) अनुसार गठित छः सदस्यीय कमेटी द्वारा तीन बिंदु पर तीन माह में याने मार्च 2023 तक प्रतिवेदन देना था बतावे कि प्रतिवेदन कब दिया तथा तीन बिंदुओं पर प्राप्त अनुशंसा की जानकारी दें तथा बतावें कि शासन स्तर पर प्रतिवेदन अनुसार क्या कार्यवाही की गई, प्रतिवेदन की प्रति देवें। (ग) प्रश्‍नकर्ता के प्रश्‍न क्र. 2623 दिनांक 16.03.2023 के प्रश्‍नांश (घ) अनुसार मुख्यमंत्री कार्यालय का पत्र दिनांक 01.09.2022 तथा परिवहन आयुक्त को लिखे गये पत्र दिनांक 19.09.2022 की प्रति देवें। (घ) दैनिक भास्कर तथा दैनिक पत्रिका पत्र में पिछले दो वर्षों में चैकपोस्ट पर स्टिंग ऑपरेशन कर प्रतिदिन करोड़ों के भ्रष्टाचार के कई समाचार चैकपोस्ट अनुसार प्रकाशित हुए है क्या विभाग को उल्लेखित समाचारों की जानकारी है? क्या यह सही है तो उस अनुसार की गई कार्यवाही से अवगत करावें यदि नहीं, तो क्या संबंधित समाचार पत्रों पर शासन की छवि खराब करने की असत्य समाचार प्रकाशित करने पर सख्त कार्यवाही की जावेगी?

परिवहन मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

नर्सिंग कालेजों में फर्जीवाड़े एवं घोटाले की जानकारी

[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]

50. ( क्र. 707 ) श्री प्रताप ग्रेवाल : क्या उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नर्सिंग घोटाले/फर्जीवाड़े में लिप्त नर्सिंग कॉलेज संचालकों पर दर्ज प्रकरण क्रमांक, धाराएं, आरोपियों के नाम और अपराध का विवरण देवें। प्रदेश के नर्सिंग कालेजों में कालेजवार संख्या और कुल संख्या बतावें? (ख) जिन नर्सिंग कॉलेज संचालकों को क्लीन चीट दी गई और उनकी पुनः जांच शुरू की गई है उनकी सूची नाम, संचालकों के नाम सहित देवें। (ग) नर्सिंग घोटाले, फर्जीवाड़े में अब तक जिन अधिकारियों कर्मचारियों को दोषी पाया गया है उनके और जिनके विरुद्ध जांच की जा रही है उनके नाम, पदनाम और जांच का कारण बतावें, आदेश की प्रतियां देवें। (घ) नर्सिंग कॉलेज संचालन, पंजीयन के वर्तमान में लागू नियमों, आदेशों की प्रतियां देवें। एक कॉलेज में अधिकतम कितने छात्रों को प्रवेश दिया जा सकता है उनकी पात्रता क्या होना चाहिए?

उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जानकारी एकत्रित की जा रही है(ख) जिन नर्सिंग कॉलेज संचालकों को दी गई क्‍लीनचिट उपरांत पुन: जांच की सूची नाम सहित जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट-1 अनुसार हैं। (ग) तत्‍कालीन रजिस्‍ट्रार श्रीमती चंद्रकला दिवगैया को आदेश दिनांक 21.06.2024 पदोच्‍युत एवं श्रीमती सुनीता शिजू की सेवाएं तत्‍काल प्रभाव से दिनांक 21.06.2024 से समाप्‍त की गई हैं। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट-2 अनुसार हैं। निरीक्षणकर्ताओं के विरूद्ध कारण बताओं सूचना पत्र जारी किया गया हैं। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे  परिशिष्‍ट-3 अनुसार है। (घ) नर्सिंग कॉलेज संचालन के वर्तमान लागू नियम की प्रति की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट-4 अनुसार है एवं छात्रों के प्रवेश संबंधी मान्‍यता नियम की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट-4 अनुसार है। कॉलेज में छात्रों को प्रवेश नर्सिंग शिक्षण संस्‍था मान्‍यता नियम के अनुसार दिये जाते हैं।

मजरा, टोला को राजस्व ग्राम घोषित करने की कार्यवाही

[राजस्व]

51. ( क्र. 709 ) श्री कैलाश कुशवाहा : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                                    (क) शिवपुरी जिला अंतर्गत ऐसे कौन-कौन से व कितने मजरा, टोला हैं जो राजस्व ग्राम बनाए जाने संबंधी पात्रताओं की पूर्ति करते हैं, ऐसे सभी मजरा, टोला व ग्रामों की पंचायतवार, तहसीलवार जानकारी दें? (ख) उक्त मजरा, टोला, को राजस्व ग्राम बनाए जाने हेतु वर्तमान में शासन द्वारा क्या कार्यवाही की जा रही है? उक्त कार्यवाही कब तक पूर्ण होगी? (ग) क्या माननीय मुख्यमंत्री जी की घोषणा क्रमांक 0762 एवं सी 1682 एवं आयुक्त भू-अभिलेख मध्यप्रदेश ग्वालियर का पत्र क्रमांक 365/11 भू.प्र./म.टो./2023/208048 दिनांक 13/04/2023 द्वारा मजरा, टोला को पृथक राजस्‍व ग्राम बनाने के निर्देश दिये गये थे? निर्देशों के पालन में जिला प्रशासन द्वारा क्या-क्या कार्यवाही की गई? मजरा, टोला राजस्व ग्राम कब तक घोषित किये जाएंगे? (घ) प्रश्‍नांश (क) अनुसार क्या जिला‍ शिवपुरी में राजस्व ग्राम की पात्रता रखने वाले मजरा, टोला व ग्रामों को राजस्व‍ ग्राम घोषित नहीं किए जाने से वहां के ग्रामजन राजस्व ग्रामों हेतु मिलने वाली सुविधाओं से वंचित हैं? कार्यवाही कर जानकारी दी जावें?

राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) मजरा, टोला, को राजस्व ग्राम बनाए जाने हेतु वर्तमान में की गई कार्यवाही की  जानकारी संलग्न  परिशिष्‍ट  में कॉलम नं. 6 पर उल्‍लेखित है। राजस्‍व ग्राम से मजरे के पृथक्‍करण उपरांत कार्यवाही पूर्ण हो जावेगी। (ग) जी हां, निर्देशों के पालन में जिले के मजरा टोलो को राजस्‍व ग्राम बनाने की अधिसूचना जारी जा चुकी है। अधिकार अभिलेख बनाने की कार्यवाही प्रचलित है, निश्चित समय- सीमा बताना संभव नहीं है। (घ) जी नहीं। उत्‍तरांश (ग) अनुसार मजरा टोला इत्‍यादि को राजस्‍व ग्राम घोषित करने के बारे में आवश्‍यक कार्यवाही की जा रही है। निश्चित समय-सीमा बताना संभव नहीं है।

परिशिष्ट - "पैंतीस"

कूट रचित भौतिक सत्‍यापन की रिपोर्ट की जानकारी

[राजस्व]

52. ( क्र. 735 ) श्री प्रदीप पटेल : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या म.प्र.में हुये नर्सिंग घोटाले में इन कॉलेजों की भूमि/भवन/अन्‍य आवश्‍यक सामग्रियों का स्‍थल पर भौतिक निरीक्षण कर सत्‍यापन करने वाली राजस्‍व अधिकारियों की कई टीमों ने असत्‍य जानकारी अपनी निरीक्षण टीप में लिखने पर राज्‍य शासन द्वारा उच्‍च स्‍तरीय जांच के आदेश प्रश्‍न तिथि तक जारी किये गये हैं? जारी सभी आदेशों की एक-एक प्रति दें। (ख) क्‍या कॉलेज के संचालकों से सांठगांठ कर असत्‍य भौतिक सत्‍यापन करने वाले राजस्‍व अधिकारियों को शासन लगातार चिन्हित कर उनके विरूद्ध विभागीय जांच के आदेश जारी किया है? जारी आदेशों की एक प्रति दें। (ग) क्‍या शासन शासकीय पद का दुरूपयोग कर कागजों/दस्‍तावेजों में कूट रचना करने पर राजस्‍व अधिकारियों पर अमानत में ख्‍यानत करने पर दंड विधान की धारा 420, 120 बी, 467, 468, 471 के तहत आपराधिक प्रकरण स्‍थानीय थानों/सी.बी.आई. में दर्ज करवायेगा? अगर हाँ तो कब तक? अगर नहीं तो क्‍यों? कारण दें। नियम बतावें।

राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) इस संबंध में 14 राजस्‍व अधिकारियों को कारण बताओ सूचना पत्र दिनांक 30.05.2024 को जारी किया गया है। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट '''' अनुसार है। (ख) संबंधित अधिकारियों को चिन्हित कर कारण बताओं सूचना पत्र दिया गया है। कारण बताओ सूचना पत्र के संबंध में प्राप्‍त उत्‍तर परीक्षणाधीन है। जारी आदेशों की प्रति पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट '''' अनुसार है। (ग) प्रकरण में परीक्षणोपरांत आवश्‍यक कार्यवाही की जाएगी।

शासकीय स्‍कूलों/तालाबों/मंदिरों की भूमि पर अवैध अतिक्रमण होना

[राजस्व]

53. ( क्र. 736 ) श्री प्रदीप पटेल : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रीवा एवं सतना जिले में किन-किन तह‌सीलों में 01-04-2020 से प्रश्‍नतिथि के दौरान शासकीय तालाबों पर अवैध कब्जा कर मेढ़ एवं तालाब की भूमि पर प्लाटिंग किये जाने, मंदिरों की भूमि को नियम विरुद्ध/अवैधानिक रूप से बेचे जाने, शासकीय/प्राथमिक/माध्यमिक/हाई एवं हायर सेकेण्डरी स्कूलों के खेल के मैदान एवं लगी भूमियों पर अवैध कब्‍जा कर निर्माण किये जाने के प्रकरणों में तहसीलदारों/एस.डी.एम./ए.डी.एम./कलेक्टर कार्यालयों में किस-किस नाम के द्वारा, कब-कब, कहां- कहां की क्‍या-क्‍या शिकायतें प्राप्त हुई? उन पर किस नाम के कार्यालयों के द्वारा किस आदेश क्रमांकों एवं दिनांकों से क्‍या-क्‍या कार्यवाही/आदेश जारी किये गये हैं? जारी सभी आदेशों की कार्यवाही की एक एक प्रति दें। (ख) प्रश्‍नतिथि तक प्रश्‍नांश (क) में वर्णित अवैध अतिक्रमणों के प्रकरणों की अद्यतन स्थिति स्थल पर भौतिक रूप से क्या-क्या है? प्रकरणवार तहसीलदार की स्थल पर भौतिक निरीक्षण/सत्यापन की रिपोर्ट की एक-एक प्रति उपलब्ध करायें?

राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) दिनांक 1/4/2020 से प्रश्‍न दिनांक तक रीवा जिले में तहसीलों से प्राप्त जानकारी अनुसार वर्णित विषयों से संबंधित शिकायतें अप्राप्त है। सतना जिले अंतर्गत तहसील बिरसिंहपुर के मौजा रेउहान (बमुरहा) में स्थित तालाब की मेड पर अनाधिकृत कब्‍जा किये जाने से म.प्र.भू.राजस्‍व संहिता 1959 की धारा 248 के तहत अतिक्रामकों के विरूद्ध बेदखली के आदेश जारी किये जा चुके है। जिस पर अतिक्रामकों द्वारा सिविल वाद संस्थित किया गया है। माननीय न्‍यायालय में कार्यवाही प्रचलन में होने से बेदखली की कार्यवाही लंबित है। शेष जानकारी निरंक है। (ख) रीवा जिले में प्रश्‍नांश (क) के अनुक्रम में जानकारी निरंक है एवं सतना जिले में प्रश्‍नांश (क) के अतिक्रामकों की सूची  पुस्तकालय  में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। प्रकरण माननीय न्‍यायालय में विचाराधीन है तथा मौके में अतिक्रमण पूर्ववत है।

राजस्‍व विभाग में बड़े झाड़, छोटे झाड़ के जंगल

[राजस्व]

54. ( क्र. 765 ) कुँवर अभिजीत शाह : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                                            (क) राजस्व विभाग निस्तार पत्रक, अधिकार अभिलेख एवं खसरा पंजी में किस-किस जंगल मद एवं गैर जंगल मद में दखल रहित जमीनों को किस-किस प्रयोजन के लिए दर्ज करता है, जंगल मद, गैर जंगल मद में दर्ज जमीनों को सार्वजनिक, निस्तारी प्रयोजन के लिए दर्ज करने का क्या-क्या कारण है? (ख) किस-किस मद एवं किस-किस प्रयोजन में दर्ज जमीनों को भू-राजस्व संहिता 1959 की किस-किस धारा में दिए गए किस-किस प्रावधान के तहत अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) आरक्षित वन बनाने की जांच एवं कार्यवाही कर सकते है, कलेक्टर संरक्षित वन अधिसूचित करने हेतु अन्तरित, आवंटित कर सकते हैं पृथक-पृथक बतावें। (ग) जंगल मद एवं गैर जंगल मद में सार्वजनिक एवं निस्तारी प्रयोजन के लिए दर्ज जमीनों के संबंध में संविधान की 11वीं अनुसूची, पैसा कानून 1996, वन अधिकार कानून 2006 की किस धारा में क्या प्रावधान दिया है, सर्वोच्‍च अदालत की सिविल याचिका क्रमांक 202/95 एवं सिविल अपील प्रकरण क्रमांक 19869/2010 में क्या आदेश दिया है।

राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) निस्तार पत्रक अधिकार अभिलेख एवं खसरा पंजी में दर्ज भूमियों (जंगल मद एवं गैर जंगल मद ) में से सार्वजनिक एवं निस्तार प्रयोजन के लिए दखल रहित भूमि को म.प्र.भू-राजस्व सहिता 1959 की धारा 237 (1) के तहत निम्नलिखित मदों में दर्ज किया जाता है - (1) इमारती लकड़ी या ईंधन के लिये आरक्षित के लिये (2) चारागाह, घास बीड या चारे के लिये आरक्षित के लिये (3) कब्रिस्तान तथा शमशान भूमि के लिये (4) गोठान के लिये                                      (5) शिविर भूमि के लिये (6) खलिहान के लिये (7) बाजार के लिये। (8) खाल निकाले के लिये (9) खाद के गड्डों के लिये (10) पाठशालाओं खेल-मैदानों, उद्यानों, सड़कों, गलियां, नालियों जैसे तथा उसी प्रकार के लोक प्रयोजन के लिये (11) किन्हीं अन्य प्रयोजनों के लिए जो निस्तार के अधिकार के प्रयोग के लिये विहित किए जाए। शासकीय भूमियों को सार्वजनिक निस्‍तार के प्रयोजन से उपरोक्‍त मदों में वर्गीकृत किया जाता है। (ख) म.प्र.भू-राजस्व संहिता 1959 के अध्‍याय-1 की धारा 1 (2) के प्रावधान ''भारतीय वन अधिनियम, 1927 के तहत आ‍रक्षित/संरक्षित वन भूमियों पर प्रभावी नहीं है। अपितु भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा-4 (1) के तहत व्‍यक्ति या व्‍यक्तियों के दावों के अधिकारों की जांच धारा 5 से 19 तक की कार्यवाही हेतु अर्द्ध न्‍यायिक प्रक्रिया के तहत वन व्‍यवस्‍थापन अधिकारी द्वारा की जाती है। म.प्र. शासन वन विभाग के ज्ञाप दिनांक 25.08.1988 से अनुविभागीय अधिकारी (राजस्‍व) को वन व्‍यवस्‍थापन अधिकारी बनाये जाने का लेख किया गया है। (ग) प्रश्‍नांश के अंश भाग में वन अधिकार की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'एक' अनुसार है तथा माननीय सर्वोच्च न्‍यायालय की याचिका से संबंधित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'दो'अनुसार

भू-राजस्‍व संहिता 1959 का अध्‍याय 18 से संबंधित प्रावधान

[राजस्व]

55. ( क्र. 766 ) कुँवर अभिजीत शाह : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                             (क) म.प्र. भू-राजस्व संहिता 1959 के अध्याय 18 में बताई गई दखल रहित भूमियों के संबंध में अध्याय 18 की किस धारा में किस विषय से संबंधित प्रावधान दिए हैं? किस धारा के अनुसार राजपत्र में किस दिनांक को नियम अधिसूचित किए गए? किस दिनांक को किस धारा में क्या संशोधन अधिसूचित किए? (ख) दखल रहित भूमियों से संबंधित संविधान की 11वीं अनुसूची पैसा कानून 1996, वन अधिकार कानून 2006 की किस धारा में क्या प्रावधान दिए हैं? माननीय सर्वोच्च अदालत ने सिविल याचिका क्रमांक 202/95 में किस दिनांक को एवं सिविल अपील प्रकरण क्रमांक 19869/2010 में किस दिनांक को क्या आदेश किन-किन मदों एवं किन-किन प्रयोजनों की जमीनों के संबंध में दिया है? (ग) दखल रहित भूमियों को भा.व.अ. 1927 की धारा 29 धारा 4 में अधिसूचित कर वर्किंग प्लान में शामिल करने का क्या-क्या अधिकार भू-राजस्व संहिता, संविधान की 11वीं अनुसूची, पेसा कानून, वन अधिकार कानून एवं किस न्यायालीन आदेश में दिया गया है?

राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) म.प्र. भू-राजस्व संहिता 1959 के अध्याय 18 के प्रावधान  पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट ''एक'' अनुसार है। धारा 233, 233-, 234, 235, 236, 238, 242 एवं 244 अंतर्गत बने नियम मध्‍यप्रदेश भू-राजस्‍व संहिता (दखल रहित भूमि, आबादी तथा वाजिब-उल-अर्ज) नियम 2020 जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''दो'' अनुसार है। वर्तमान अध्‍याय 18 के प्रावधान में संशोधन जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट ''एक'' में फूट नोट संदर्भ अनुसार है। (ख) प्रश्‍नांश के अंश भाग की वन अधिकार से संबंधित जानकारी पुस्‍कालय में रखे परिशिष्ट ''तीन'' अनुसार है। माननीय सर्वोच्‍चय न्‍यायालय द्वारा दिनांक 12-12-1996 में पारित अंतरिम आदेश में वन (संरक्षण) अधिनियम 1980 के संदर्भ में ''वन'' को परिभाषित किया गया है। आदेश दिनांक 01-08-2003 की आई.ए.नम्‍बर 791-792 में वन (संरक्षण) अधिनियम 1980 के तहत ''वन'' के परिप्रेक्ष्‍य में वन भूमि माना है। सिविल अपील क्रमांक 19869/2010 में आदेशित प्रति पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट ''चार'' अनुसार है। (ग) भारतीय वन अधिनियम, 1927 की धारा– 29 के तहत कोई वन भूमि यह पड़त भूमि जो सरकार की संपत्ति है तथा आरक्षित वन में शामिल नहीं है को, संरक्षित वन भूमि के रूप में अधिसूचित किया जाता है। आरक्षित वन भूमि बनाये जाने के आशय से धारा-4 में एवं धारा-5 से 19 तक की कार्यवाही की जाकर धारा 20 में आरक्षित वन के रूप में अधिसूचित किया जाता है। म.प्र.शासन, वन विभाग के ज्ञाप दिनांक 11-07-2008 से वन भूमियों को कार्य आयोजना में शामिल किये जाने हेतु निर्देश जारी किये गये है की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट ''पांच'' अनुसार है। वनाधिकार से संबंधित प्रावधानों की जानकारी पुस्‍कालय में रखे परिशिष्ट ''तीन'' अनुसार है।

पदस्थापना के संबंध में नियमों का सत्यापन

[स्कूल शिक्षा]

56. ( क्र. 767 ) श्री महेश परमार : क्या परिवहन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                                               (क) क्या जिला शिक्षा केंद्र उज्जैन के 17/01/2017 स्थापना आदेश क्रमांक 147 जिला नियुक्ति समिति के अनुमोदन से जारी किया गया था? यदि हां, तो जिला नियुक्ति समिति कार्यक्षेत्र क्या है? बतावें। संबंधित सभी परिपत्र देवें। (ख) क्रमांक/राशि के/033/2767 भोपाल दिनांक 06/08/2005 को देखकर बतावे क्या जिला नियुक्ति समिति को संविदा और प्रतिनियुक्ति की अभ्यर्थियों को चयन करने का प्रावधान है? यदि हां, तो संबंधित को संविदा क्यों नहीं माना गया? (ग) संबंधित का सर्विस रिकॉर्ड देखकर बतावे कि, तीन माह की अवधि समाप्त होने से पूर्व और उसके बाद में संबंधित ने जिला शिक्षा केंद्र को सेवा बढ़ाने के लिए कितनी बार आवेदन प्रस्तुत किया? उन सभी आवेदनों की प्रति देते हुए बताएं विभाग द्वारा उन आवेदनों पर क्या-क्या कार्रवाई की गई, उनका रिकॉर्ड उपलब्ध कराएं। (घ) राज्य शिक्षा केंद्र के स्थापना शाखा के पत्र क्रमांक 7506 भोपाल 13/10/15 अनुसार सेवा वृद्धि नहीं करने और कराने के लिए किस-किस को इस पत्र में जिम्मेदार माना गया है? इन संबंधित प्रकरण में इस निर्देश की अवहेलना को लेकर दंडात्मक कार्यवाही कब होगी?                                     (ड.) संचालक भोपाल इस प्रकरण की स्वयं जांच कर बतावें विभाग की लापरवाही का दण्‍ड क्या संबंधित व्यक्ति को दिया जाना न्याय उचित है? यदि है, तो कैसे?

परिवहन मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जी हाँ। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट  अनुसार है। (ख) जी हाँ संबंधिति की नियुक्ति आवासीय विशेष प्रशिक्षण केन्‍द्र उज्‍जैन के लिए निश्चित मानदेय पर दिनांक 31.03.2017 तक के लिए की गई है। संविदा या प्रतिनियुक्ति पर नहीं। (ग) कार्यालयीन अभिलेख अनुसार संबंधित ने सेवा बढ़ाने के‍ लिए 02 बार आवेदन प्रस्‍तुत किया। संबंधित की नियुक्ति निश्चित मानदेय पर दिनांक 31.03.2017 तक के लिए की गई है। अत: कोई कार्यवाही नहीं की गई। (घ) सेवावृद्धि की पात्रता नहीं होने के कारण सेवावृद्धि नहीं की गई। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ड.) प्रश्‍नांश (ग) के उत्‍तर में उपरोक्‍त का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

विधि विरुद्ध मार्गदर्शन के लिए दण्‍डात्मक कार्यवाही

[स्कूल शिक्षा]

57. ( क्र. 768 ) श्री महेश परमार : क्या परिवहन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                             (क) संचालक भोपाल ई.एण्ड.आर. कक्ष के परिपत्र क्रमांक 7795 दिनांक 27/10/17 की जांच कर बतावे, क्या इस पत्र में दिया मार्गदर्शन परिपत्र 5557 दिनांक 15/07/2015 के परीशिष्ट (अ), (ब) एवं (स) के बजट शीर्ष व प्रावधान की अनदेखी करते हुए त्रुटि‍पूर्ण तरीके से वर्ष 2012- 13 के नियमों का हवाला देकर सम्‍पूर्ण मध्य प्रदेश में प्रसारित किया गया? (ख) क्या मार्गदर्शन की नोट शीट के साथ (ई.एण्ड.आर.) से 11318 दिनांक 31/12/2013, 2364 दिनांक 30/3/15, 3228 दिनांक 22/04/15, 5557 दिनांक15/07/15, 8934 दिनांक 20/12/16, 4754 दिनांक 3/7/17 के परिपत्र के सभी परीशिष्ट बजट प्रावधान का अवलोकन कराया गया था? यदि नहीं, तो इस गंभीर त्रुटि‍ के लिए कौन दोषी है? (ग) संचालक महोदय जांच कर बतावे क्या प्रश्‍नांश (ख) में उल्लेखित सभी पत्रों के सन्दर्भ में, P.A.B. से 2013 से निरन्तर प्रश्‍न दिनांक तक सभी कार्य योजना स्वीकृत बजट प्रावधान व प्रत्येक संभाग 250/जिले पर 100 सीटर अवासीय विद्यालय छात्रावास के प्रस्ताव स्वीकृत हुए हैं? यदि हाँ, तो, बजट प्रावधान में प्रस्ताव अनुसार पहली बार RST बालक छात्रवास में बदलने के प्रस्ताव की स्वीकृति ध्यान में रखकर सहायक वार्डनों का पद स्वीकृत किया गया था? (घ) क्या कारण है कि, वर्ष 2016 से नियंत्रक श्री राकेश कुमार पांडे की गलत प्रस्तुति‍करण के गंभीर त्रुटि‍पूर्ण कार्यवाही से कितने ही सहायक वार्डनों के वैधानिक हकों को छिन लिया गया है प्रताड़ित किया जा रहा है?

परिवहन मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जी नहीं। (ख) जी हाँ। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी हाँ। जिले में शाला त्‍यागी एवं अप्रवेशी बच्‍चों की संख्‍या के आधार पर आवासीय विशेष प्रशिक्षण केन्‍द्र (आर.एस.टी.) के प्रस्‍ताव स्‍वीकृत हुए हैं। जी हाँ। (घ) जी नहीं। नियमनिर्देशानुसार कार्यवाही की जाती है।

सी.एम. राईज़ स्कूल की स्‍वीकृति

[स्कूल शिक्षा]

58. ( क्र. 775 ) श्री सतीश मालवीय : क्या परिवहन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                               (क) उज्जैन जिले की घट्टिया विधानसभा क्षेत्र अन्तर्गत कितनी संख्या में सी.एम. राईज़ स्कूल खोले जाना प्रस्तावित हैं? ये स्‍कूल कब तक खोले जावेंगे, किन-किन स्थानों/ग्रामों में खोले जाना प्रस्तावित है? (ख) उज्जैन जिले की घट्टिया विधानसभा क्षेत्र अन्तर्गत प्रश्‍न दिनांक तक कितनी संख्या में सी.एम. राईज़ स्कूल भवन स्वीकृत होकर निर्माणाधीन है? सी.एम.राईज़ स्कूल की सम्पूर्ण लागत राशि कितनी हैं? इन स्कूलों का निर्माण किन एजेन्सियों के द्वारा किया जा रहा है? उक्त जानकारी मय डी.पी.आर. सहित सम्पूर्ण जानकारी उपलब्ध करावें? (ग) उज्जैन जिले की घट्टिया विधानसभा क्षेत्र अन्तर्गत प्रश्‍न दिनांक तक कितनी संख्या में सी.एम.राईज़ स्कूल भवन स्वीकृत हैं जिनका निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं हुआ? स्वीकृत स्कूल भवनों का निर्माण कब तक प्रारंभ हो जावेगा?

परिवहन मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) मंत्रि-परिषद् की बैठक दिनांक 22 जून 2021 के निर्णय अनुसार द्वितीय चरण का क्रियान्वयन वर्ष 2024 से 2032 तक किया जाना है। उक्तानुसार उज्जैन जिले के घट्टिया विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत द्वितीय चरण में 33 सी.एम.राईज़ विद्यालय खोले जाना प्रस्तावित है। बजट उपलब्धता के आधार पर स्कूलों को सी.एम.राईज़ स्कूल के रूप में विकसित किया जावेगा। निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-1 अनुसार है। (ख) घट्टिया विधानसभा क्षेत्र में 01 सी.एम.राइज विद्यालय स्वीकृत है जिसका निर्माण कार्य प्रचलन में है। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-2 अनुसार है।                              (ग) उत्तरांश (ख) अनुसार जानकारी निरंक है।

मजरे टोले के निवासियों को योजनाओं का लाभ

[राजस्व]

59. ( क्र. 780 ) श्री सतीश मालवीय : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                   (क) उज्जैन जिले में कुल कितने मजरे टोले हैं? विधानसभा क्षेत्र घट्टिया में कितने हैं और कहां-कहां स्थित हैं? मजरे टोलेवार सम्पूर्ण जानकारी उपलब्ध करावें? (ख) क्या इन मजरे टोलों में निवासरत आमजन को शासन की योजनाओं का लाभ प्राप्त हो रहा है? यदि नहीं, तो कैसे लाभ दिलाया जायेगा? शासन इस और क्या कर रही है? क्या योजना है? (ग) क्या मजरा टोला में निवासरत आमजन को मूलभूत सुविधाएं-सड़क, बिजली, पानी के संबंध में शासन द्वारा कोई कार्ययोजना बनाई गई है? यदि बनाई गई है तो धरातल पर कब तक लागू होगी? यदि नहीं, तो कब तक बनाई जावेगी? (घ) क्या मजरा टोला को राजस्व ग्राम घोषित किया जायेगा? यदि हाँ तो कब तक?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) उज्‍जैन जिले में कुल 38 मजरे टोले हैं। जिनमें से 16 मजरे टोले विधानसभा क्षेत्र घट्टिया में स्थित हैं। जानकारी संलग्न  परिशिष्‍ट  अनुसार है। (ख) उक्‍त मजरे टोलों में निवासरत आमजन को शासन की योजनाओं का नियमानुसार लाभ प्राप्त हो रहा है। (ग) उत्‍तरांश (ख) के प्रकाश में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (घ) मजरा टोला को राजस्‍व ग्राम घोषित किये जाने हेतु शासन के मापदण्‍डों के तहत पात्रता रखने पर तहसील घट्टिया के ग्राम सारोला के मजरा टोला पुरीखेड़ा, तहसील बड़नगर के ग्राम भिड़ावद के मजरा टोला श्रीराम भिड़ावद व तहसील महिदपुर के ग्राम खेड़ा खजूरिया के मजरा टोला मादुपुरा को राजस्‍व ग्राम घोषित करने हेतु कार्यवाही प्रचलित है। जिले के शेष ग्रामों के मजरा टोला शासन के मापदण्‍डों के अनुसार राजस्‍व ग्राम बनाने हेतु पात्र नहीं हैं। कार्यवाही प्रचलित है, समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

परिशिष्ट - "छत्‍तीस"

शासकीय शिक्षकों के अवकाश में कटौती

[स्कूल शिक्षा]

60. ( क्र. 784 ) श्री सुनील उईके : क्या परिवहन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                           (क) शैक्षणिक सत्र 2008-09 में शासकीय शिक्षकों को ग्रीष्म अवकाश, दीपावली दशहरा व शीतकालीन अवकाश कितने-कितने दिन का मिला था? क्या अवकाश में कटौती की गई है, यदि हाँ, तो कितनी और क्यों? यह अवकाश किस प्रयोजन से दिया जाता था? (ख) शैक्षणिक संवर्ग के कर्मचारियों के अवकाश में कटौती की जाने के बाद क्या उसके बदले उन्हें कोई लाभ दिया गया है यदि हाँ, तो किस प्रकार का? (ग) शैक्षणिक संवर्ग के कर्मचारियों के लिए वर्ष 2008 के पूर्व अर्जित अवकाश के क्या नियम थे और सेवानिवृत्‍त होने पर अवकाश नगदीकरण के क्या नियम थे और विश्रामावकाश में अवकाश का लाभ न मिलने पर अर्जित अवकाश स्वीकृति के अधिकार किसे थे? (घ) वर्तमान में शैक्षणिक संवर्ग और गैर शैक्षणिक संवर्ग कर्मचारियों के लिए अर्जित अवकाश के क्या नियम हैं और सेवानिवृत्‍त होने पर दोनों प्रकार के कर्मचारियों के लिए अवकाश नगदीकरण के क्या नियम हैं और अब अर्जित अवकाश स्वीकृति के अधिकार किसे हैं क्या आसानी से शैक्षणिक संवर्ग के कर्मचारी अर्जित अवकाश का लाभ ले रहे हैं या फिर उन्हें विश्राम अवकाश में रोकने के बाद भी लाभ नहीं मिल पा रहा है?

परिवहन मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट-1 अनुसार है। हां, कुल 26 दिवस की कटौत्री की गई है। प्रश्‍नांश के शेष भाग की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट-1 अनुसार है। (ख) जी नहीं, शेषांश का प्रश्‍न उद्भूत नहीं होता है। (ग) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट-2 एवं 3 अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट-4 अनुसार है। शेषांश का प्रश्‍न उद्भूत नहीं होता है।

जुन्‍नारदेव को जिला बनाने एवं छिन्‍दवाड़ा को संभाग बनाया जाना

[राजस्व]

61. ( क्र. 785 ) श्री सुनील उईके : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या विगत वर्ष सौंसर एवं पांढुर्णा विकासखण्‍ड को जोड़कर पांढुर्णा जिला बनाया गया है। यदि हाँ, तो प्रश्‍नकर्ता द्वारा विगत पांच वर्ष से विधानसभा प्रश्‍नों के माध्‍यम से प्रश्‍नकर्ता द्वारा मांग की जा रही है तो क्‍या माननीय मंत्री महोदय जुन्‍नारदेव एवं तामिया विकासखण्‍ड को मिलाकर जुन्‍नारदेव को जिला बनाने पर बजट में शामिल करने पर विचार करेंगे। (ख) क्‍या जुन्‍नारदेव विकासखण्‍ड के दमुआ नगरपालिका को विगत वर्षों से तहसील बनाने की मांग की जा रही है। यदि हाँ, तो क्‍या जनहित में दमुआ को पूर्ण तहसील का दर्जा दिलाने पर बजट में शामिल करने पर विचार करेंगे। (ग) क्‍या पांढुर्णा एवं छिन्‍दवाड़ा जिला को जोड़कर छिन्‍दवाड़ा को तत्‍कालीन मुख्‍यमंत्री की 2008 में की गई संभाग बनाने की घोषणा को क्‍या माननीय मंत्री महोदय बजट में जोड़ने पर विचार करेंगे?

राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जी हाँ। प्रशासकीय आधार पर पांढुर्णा को जिला बनाया गया है। जुन्‍नारदेव को जिला बनाने के संबंध में वर्तमान में ऐसा कोई प्रस्‍ताव विचाराधीन नहीं है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ख) जी हाँ। वर्तमान में ऐसा कोई निर्णय नहीं लिया गया हैं। (ग) वर्तमान में ऐसा कोई निर्णय नहीं लिया गया है।

आयुष्मान भारत योजना अंतर्गत हो रही अतिरिक्त वसूली

[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]

62. ( क्र. 803 ) श्री विजय रेवनाथ चौरे : क्या उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) आयुष्मान योजना के अंतर्गत छिंदवाड़ा एवं पांढुर्णा जिले में ऐसे कौन-कौन से अस्पताल हैं जिन्होंने इलाज के बाद मरीजों से उपचार की राशि लेने के बावजूद उनके बिल आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत लगाये हैं? (ख) जिले के किन-किन अस्पतालों की यह शिकायत मि‍ली है कि उन्होंने आयुष्मान कार्ड होने के बाद भी मरीजों से अतिरिक्त राशि वसूल की है? (ग) किस-किस अस्पताल द्वारा मरीजों से वसूली गई कितनी-कितनी अतिरिक्त राशि वापस की गई? (घ) इन अस्पतालों में से किस-किस अस्पताल पर क्या-क्या कार्यवाही की गई? अलग-अलग जानकारी दें?

उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) आयुष्मान योजना के अंतर्गत एक निजी चिकित्‍सालय आनंद हॉस्पिटल, छिंदवाड़ा द्वारा ईलाज के बाद मरीजों से उपचार की राशि लेने के बावजूद उनके बिल आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत लगाये हैं। (ख) एक निजी चिकित्‍सालय आनंद हॉस्पिटल, छिंदवाड़ा की शिकायत कार्यालय को प्राप्‍त हुई है। (ग) चिकित्‍सालय द्वारा मरीज से वसूली गयी राशि 25,250/-रू. है। चि‍कित्‍सालय के विरूद्ध अर्थदण्‍ड वसूली कर संबंधित हितग्राही को उनके बैंक खाते में मूल राशि 25,250/-रू. वापस की गयी है। जानकारी संलग्न  परिशिष्‍ट  अनुसार है। (घ) चिकित्‍सालय के विरूद्ध तत्‍समय प्रचलित SOP अनुसार अर्थदण्‍ड (राशि 70,500/- रू.) वसूली की गई।

परिशिष्ट - "सैंतीस"

प्राइवेट स्कूलों द्वारा सामग्री खरीदी में मनमानी

[स्कूल शिक्षा]

63. ( क्र. 807 ) डॉ. अभिलाष पाण्डेय : क्या परिवहन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                                       (क) प्रदेश के प्राइवेट स्कूलों की किताबें अत्यधिक महंगे दामों में विक्रय पर रोक लगाने हेतु विभाग द्वारा क्या दि‍शा-निर्देश हैं? (ख) प्रदेश की अनेक बड़े एवं नामी स्कूलों द्वारा मनमाने तरीके से किताब, ड्रेस एवं स्कूल बस एक निश्चित दुकान से खरीदने पर जोर दिया जा रहा है? जिससे अभिभावकों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। इस पर विभाग द्वारा लगाम क्यों नहीं लगाई जा रही? (ग) प्राइवेट स्कूलों की मनमानी पर रोक कब तक लगाई जाएगी? (घ) विभाग कब तक किताब, ड्रेस एवं स्कूल बैग की अनैतिक क्रय विक्रय पर रोक लगाने हेतु नियमों में कठोरता लाएगा?
परिवहन मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-1 एवं 2 अनुसार(ख) उत्‍तरांश (क) अनुसार। इस संबंध में पृथक से विभागीय आदेश दिनांक 01.04.2024 द्वारा कार्यवाही के निर्देश दिए गए है। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-3-अनुसार(ग) एवं (घ) उत्‍तरांश (क) एवं (ख) अनुसार।

वाहन चालकों हेतु यूनिफार्म की अनिवार्यता

[परिवहन]

64. ( क्र. 808 ) डॉ. अभिलाष पाण्डेय : क्या परिवहन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                                         (क) प्रदेश में सार्वजनिक यातायात (बस/ऑटो/टैक्सी आदि) साधनों को चलाने वाले वाहन चालकों हेतु यूनिफार्म पहनना अनिवार्य है अथवा ऑप्शनल है? यदि अनिवार्यता है तो इसे उपरोक्त समस्त ऐसे वाहन चालकों पर कड़ाई से पालन क्यों नहीं कराया जा रहा? (ख) यदि अनिवार्यता नहीं है तो प्रदेश में अन्य राज्यों की तर्ज पर सार्वजनिक यातायात वाले वाहन चालकों को अनिवार्य रूप से यूनिफॉर्म पहनने पर विचार किया जाएगा? यदि हाँ, तो कब तक?

परिवहन मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) एवं (ख) मध्यप्रदेश मोटरयान नियम, 1994 के नियम 9 के अनुसार प्रदेश में सार्वजनिक यातायात (बस/ऑटो/टैक्सी आदि) साधनों को चलाने वाले वाहन चालकों हेतु यूनिफार्म पहनना अनिवार्य है। प्रदेश में समय-समय पर की जाने वाली वाहन चैकिंग की कार्यवाही के दौरान वाहन चालक निर्धारित यूनिफार्म में न पाये जाने पर उनके विरूद्ध चालानी कार्यवाही की जाती है। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

          अटल भू-जल योजना

[जल संसाधन]

65. ( क्र. 811 ) श्री अनिल जैन : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                           (क) क्या अटल भू-जल योजनांतर्गत प्रश्‍नकर्ता द्वारा पत्र क्रमांक-457/वि0नि0/2023-24, दिनांक 07/02/2024 के माध्यम से चयनित विकासखण्ड निवाड़ी में मृदा जल संरक्षण हेतु चैक डेम निर्माण कार्य के प्रस्ताव प्रेषित किये गये थे परंतु उक्त पत्र पर आज दिनांक तक कोई कार्यवाही नहीं की गई है, यदि हाँ, तो क्यों? (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में मृदा जल संरक्षण हेतु भेजे गये प्रस्तावों की अनदेखी हेतु कौन से अधिकारी जिम्मेदार हैं जबकि निवाड़ी जिला इस वर्ष तापमान के मामले में भारत में शीर्ष तीसरे स्थान पर रहा है?

जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) जी हां, उक्त पत्र द्वारा चैक डेम निर्माण कार्य के प्रस्ताव हेतु प्रोजेक्ट डायरेक्टर अटल भूजल योजना (एस.पी.एम.यू.) जल संसाधन विभाग भोपाल को लेख किया गया था, जिसके परिपालन में नोडल अधिकारी अटल भूजल योजना डी.पी.एम.यू. निवाड़ी द्वारा बरूआनाला कुलुंवा में चैक डेम का प्रस्ताव तैयार कर जनपद पंचायत निवाड़ी को प्रेषित किया गया था जिसे मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत निवाड़ी द्वारा कार्यपालन यंत्री, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग टीकमगढ़ की ओर तकनीकी स्वीकृति हेतु प्रेषित किया गया। पत्र की छायाप्रति संलग्न परिशिष्‍ट अनुसार है। जो कि परीक्षणाधीन है। (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में प्रस्तावों की अनदेखी नहीं की गई है अतः जिम्मेदारी का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - "अड़तीस"

किसान सम्मान निधि के लंबित प्रकरण

[राजस्व]

66. ( क्र. 812 ) श्री अनिल जैन : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2018 से निवाड़ी विधानसभा क्षेत्र में कुल कितने किसानों को किसान सम्मान निधि की राशि का पात्रता अनुसार भुगतान किया जाना था? उक्त राशि में से कितने किसानों को कुल कितनी-कितनी राशि का भुगतान किया जा चुका है तथा कितने किसानों की कितनी-कितनी राशि का भुगतान प्रश्‍न दिनांक किया जाना शेष है व क्यों? (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार किसान सम्मान निधि के भुगतान किये जाने हेतु शासन के क्या-क्या नियम एवं निर्देश है? क्या शासन द्वारा जारी सभी नियम, निर्देशों का समय-समय पर पालन किया जा रहा है? (ग) प्रश्‍नांश (क) अनुसार यदि भुगतान हेतु राशि लंबित है तो किस स्तर पर किसानों की उक्त राशि का भुगतान किये जाने में लापरवाही की गई है? किसान सम्मान निधि के भुगतान के संबंध में शासन द्वारा समय-समय पर जारी किये गये नियम, निर्देशों की स्वच्छ प्रति उपलब्ध कराते हुये बतायें कि निवाड़ी विधानसभा क्षेत्र में किसान सम्मान निधि की लंबित राशि का भुगतान कब तक किया जावेगा?

राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) पीएम किसान पोर्टल अनुसार वर्ष 2018 से प्रश्‍न दिनांक तक निवाड़ी विधानसभा क्षेत्र में कुल 38738 पात्र किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्‍मान निधि योजना की राशि रूपये 100.65 करोड़ का भुगतान किया जा चुका है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि हेतु पात्र समस्त किसानों को योजना का लाभ दिया जाने से प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। जी हां। (ग) प्रश्‍नांश (क) के उत्‍तर के अनुक्रम में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है एवं प्रश्‍नांश (ख) के उत्‍तर के अनुक्रम में सभी नियम निर्देशों की प्रति उपलब्‍ध कराई जा रही है।

शासन की सुरक्षित भूमियों की जानकारी

[राजस्व]

67. ( क्र. 815 ) श्री धीरेन्द्र बहादुर सिंह : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या म.प्र. शासन राजस्व विभाग मंत्रालय के ज्ञाप क्रमांकएफ-16-36/20/2013/सात/शा-2/, दिनांक 17/01/2014 एवं भू-राजस्व संहिता की धारा–165 (7) ख के अनुसार धारा– 158 (3) के सभी भूमि स्वामी अपने धारणाधिकार की कृषि भूमि को कलेक्टर की आज्ञा के बिना 10 वर्ष तक विक्रय नहीं कर सकते हैं? (ख) प्रश्‍नांश (क) यदि हाँ, तो क्या बड़वारा विधानसभा अंतर्गत विगत 05 वर्षों में शासकीय पट्टे की विक्रय की गयी कृषि भूमियों के विक्रय की कलेक्टर महोदय की अनुमति प्राप्त की गयी? यदि हाँ, तो विवरण दीजिये, यदि नहीं तों कौन-कौन सी भूमि बिना अनुमति विक्रय की गयी? इस अनियमितता पर क्या कार्यवाही की जायेंगी? (ग) प्रश्‍नांश (क), (ख) के परिप्रेक्ष्य में क्या बड़वारा क्षेत्र में पट्टे की कृषि भूमियों के बिना सक्षम स्वीकृतियों के विक्रय होने और इन भूमियों के व्यवसायिक उपयोग होने की जांच कराई जायेंगी? हाँ, तो किस प्रकार एवं कब तक? नहीं तो क्यों?

राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) .प्र. शासन राजस्‍व विभाग मंत्रालय के ज्ञाप क्रमांक-एफ-16-36/20/2013/सात/शा-2/, दिनांक-17.01.2014 एवं भू-राजस्‍व संहिता की धारा 165 (7) (ख) के अनुसार धारा 158 (3) के सभी भूमि स्‍वामी अपने धारणाधिकार की कृषि भूमि को 10 वर्ष तक विक्रय नहीं कर सकते हैं तथा 10 वर्ष की अवधि के पश्‍चात ऐसी भूमि अंतरित करने के लिए ऐसे राजस्‍व अधिकारी से अनुज्ञा प्राप्‍त किया जाना उपबंधित है जो कलेक्‍टर से अनिम्‍न श्रेणी का हो। (ख) बडवारा विधानसभा अंतर्गत विगत 05 वर्षों में शासकीय पट्टे की भूमि के विक्रय की अनुमति प्रदान नहीं की गई है। बडवारा विधानसभा अंतर्गत विगत 05 वर्षों में बिना अनुमति पट्टे की भूमि के विक्रय का किसी भी प्रकार का मामला संज्ञान में नहीं आने से जानकारी निरंक है एवं शेष प्रश्‍नांश लागू नहीं होता है। (ग) उत्‍तरांश (क), (ख) के अनुक्रम में कार्यवाही का प्रश्‍न उत्‍पन्‍न नहीं होता है।

शासकीय हाई स्कूल भवन की स्वीकृति

[स्कूल शिक्षा]

68. ( क्र. 823 ) श्री इंजीनियर प्रदीप लारिया : क्या परिवहन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या नरयावली विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत कितने शासकीय हाई स्कूल, माध्यमिक शालाओं के भवन में संचालित हो रहे हैं? विकासखण्डवार/स्कूल का नाम सहित जानकारी देवें। (ख) शासकीय हाई स्कूल डुंगासरा, भौंहारी, रिछावर, मोठी, लुहारी, सेवारा-सेवारी, पाटन, लोटना-लोटनी, बरखेरा खुमान शासकीय हाई स्कूल को माध्यमिक शाला से हाई स्कूल में उन्नयन किस वर्ष में किया गया था। (ग) प्रश्‍नांश (ख) में उन्नयन स्कूलों को उन्नयन के समय क्या भवन की स्वीकृति या अतिरिक्त कक्ष निर्माण की स्वीकृति प्रदान की गई थी यदि हाँ, तो भवन की स्वीकृति न मिलने पर हाई स्कूलों का संचालन कहां से किया जा रहा है? (घ) क्या भवन विहीन शासकीय शालाओं को भवन निर्माण की स्वीकृति हेतु विभाग द्वारा कोई कार्यवाही की गई है यदि हाँ, तो जानकारी देवें तथा भवन निर्माण की स्वीकृति कब तक प्रदान की जाएगी?

परिवहन मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट-1 अनुसार है।                                      (ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट-2 अनुसार है। (ग) जी नही। शेषांश की जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट-1 अनुसार है। (घ) भवन निर्माण बजट प्रावधान एवं सक्षम स्‍वीकृति पर निर्भर करता है। अत: समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

परिशिष्ट - "उनतालीस"

स्वीकृत निर्माण कार्य एवं निर्माणाधीन कार्यों की जानकारी

[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]

69. ( क्र. 824 ) श्री इंजीनियर प्रदीप लारिया : क्या उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या नरयावली विधानसभा क्षेत्र के सागर एवं राहतगढ़ विकासखण्ड अंतर्गत विभाग द्वारा वर्ष-2022-23, 2023-24 से प्रश्‍न दिनांक तक निर्माण कार्यों की स्वीकृति प्रदान की गई है? वर्षवार/कार्य का नाम/लागत विस्तृत जानकारी देवें (ख) प्रश्‍नांश (क) में वर्णित निर्माण कार्यों की स्वीकृति उपरांत कितने निर्माण कार्य निर्माणाधीन है/पूर्ण हो गये हैं एवं कार्य प्रारंभ नहीं हुआ है? (ग) निर्माणाधीन कार्यों की कार्य अवधि कब-कब थी? कार्य के नाम/कार्य एजेन्सी का नाम/निविदा अनुबंध की तिथि/कार्य पूर्ण होने की तिथि सहित विस्तृत जानकारी देवें। (घ) स्वीकृत निर्माण कार्य कब तक पूर्ण होंगे? कार्य के नाम सहित जानकारी देवें एवं कार्य में विलंब होने के लिए विभाग द्वारा कार्य एजेन्सी के विरूद्ध क्या कार्यवाही की गई?

उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जी हां, जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) एवं (ग) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (घ) निश्चित समयावधि बताया जाना संभव नहीं है। जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है।

परिशिष्ट - "चालीस"

खेल शिक्षक/सी.एम. राइज स्कूल की जानकारी

[स्कूल शिक्षा]

70. ( क्र. 830 ) श्री मोहन सिंह राठौर : क्या परिवहन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                           (क) क्या विभाग द्वारा उ.मा. विद्यालयों को सी.एम. राइज स्कूलों में परिवर्तित किया जा रहा है? यदि हां तो भितरवार विधानसभा क्षेत्र में कितने एवं कौन-कौन से विद्यालयों को सी.एम. राइज स्कूल बनाया गया है? (ख) भितरवार विधानसभा क्षेत्र के और कितने उ.मा. विद्यालय को सी.एम. राइज स्कूल बनाया जायेगा एवं कब तक? (ग) ग्वालियर जिले की विधानसभा 18 भितरवार में संचालित हायर सेकेण्डरी स्कूलों में खेल शिक्षक के कितने पद स्वीकृत है एवं स्वीकृत पदों के विरुद्ध कितने पद रिक्त हैं? रिक्त स्थानों की पूर्ति कब तक की जावेगी? स्कूल सहित सूची उपलब्ध करायें तथा रिक्त स्थानों की पद पूर्ति कब तक की जावेगी? समय-सीमा बताएं। (घ) क्या शिक्षा विभाग द्वारा माह मई 2024 में ग्रीष्म कालीन अवकाश के दौरान छात्रों को खेल के लिए ग्रीष्म कालीन कैम्प आयोजित किये गये है? क्या इन स्कूलों में बिना खेल शिक्षक के कैम्प लगाये गये? विकासखण्ड पर एवं जिला स्तर पर विगत तीन वर्षों में कहां-कहां, खेल आयोजित किये गये? उक्त आयोजनों पर कितनी राशि व्यय हुई? वर्षवार, आयोजनवार बताएं। यह खेल कौन-कौन से थे एवं किस स्तर के (जिला, संभाग, राज्य स्तरीय)?

परिवहन मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जी हाँ। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-एक पर है। (ख) मंत्रि-परिषद् की बैठक दिनांक 22.06.2021 में लिए गए निर्णय अनुसार सी.एम. राइज़ योजना के द्वितीय चरण का क्रियान्वयन 2024 से 2032 तक किया जाना है। यह एक सतत प्रक्रिया है, बजट उपलब्धता के आधार पर सी.एम. राइज़ स्कूलों की स्वीकृति प्रदान की जाती है, जिसकी निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ग) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-दो पर है। पदपूर्ति एक सतत प्रक्रिया है, समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (घ) जी हाँ। जी नहीं। विकासखण्ड स्तर पर खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन नहीं हुआ है। जिला स्तर पर आयोजित खेल प्रतियोगिताओं की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-तीन पर है। संभाग एवं राज्य स्तरीय की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-चार एवं पाँच पर है।

इन्द्राज दुरूस्ती की जानकारी

[राजस्व]

71. ( क्र. 832 ) श्री मोहन सिंह राठौर : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                                (क) क्या ग्वालियर संभाग में ग्वालियर जिले की जो सन 2007 के पूर्व खसरा खतौनी में भूमिस्वामी के रूप में दर्ज थी किन्तु कम्प्यूटरी कृत करने के समय विभाग की त्रृटि से उसमें खसरा नम्बर अथवा नाम में रिकार्ड से हटकर गलत दर्ज किया गया? क्या विभाग की गलती सुधारने के लिए किसान को इन्द्राज दुरूस्ती के लिए प्रकरण दर्ज करना होता है सालों में तारीख के बाद भी किसान की इन्द्राज दुरूस्ती नहीं होती? यदि हां तो विभाग कब तक उक्त त्रुटि को सुधारने का कार्य करेगा? समय-सीमा बताएं। (ख) प्रश्‍नांश (क) में वर्णित स्थिति के कारण ग्वालियर जिले की भितरवार विधानसभा क्षेत्र की तहसीलों में ऐसे प्रकरण लंबित है, दर्ज है? जानकारी तहसीलवार, पटवारी हल्कावार उपलब्ध करायें एवं प्रकरणों के निराकरण की समय-सीमा बताएं।

राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जी हाँ। कतिपय प्रकरणों में इस प्रकार की त्रुटि परिलक्षित हुई है। जी हाँ। अनुविभागीय अधिकारी के न्यायालय में प्रकरण दर्ज होता है। राजस्व अभिलेखों में किसी भी त्रुटि को सुधारने के लिए संहिता में निहित प्रावधानो के अंतर्गत नियमानुसार किसान द्वारा आवेदन प्रस्तुत करने पर प्रकरण दर्ज कर गुण दोषो के आधार पर इन्द्राज दुरुस्ती की जाती है। ऐसे प्रकरणों के संबंध में निरन्तर इन्द्राज दुरुस्ती की कार्यवाही की जा रही है। (ख) ग्‍वालियर जिले की भितरवार विधानसभा की तहसीलो में दर्ज, लम्बित प्रकरणों की तहसीलवार/हल्‍कावार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है।

शिक्षकों के अवकाश का नियम

[स्कूल शिक्षा]

72. ( क्र. 838 ) श्री नारायण सिंह पट्टा : क्या परिवहन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शैक्षणिक संवर्ग के कर्मचारियों के लिए वर्ष 2008 के पूर्व अर्जित अवकाश के क्या नियम थे और सेवानिवृत्‍त होने पर अवकाश नगदीकरण के क्या नियम थे और विश्रामावकाश में अवकाश का लाभ न मिलने पर अर्जित अवकाश स्वीकृति के अधिकार किसे थे? (ख) वर्तमान में शैक्षणिक संवर्ग और गैर शैक्षणिक संवर्ग कर्मचारियों के लिए अर्जित अवकाश के क्या नियम हैं और सेवानिवृत्‍त होने पर दोनों प्रकार के कर्मचारियों के लिए अवकाश नगदीकरण के क्या नियम हैं? अब अर्जित अवकाश स्वीकृति के अधिकार किसे हैं? क्या आसानी से शैक्षणिक संवर्ग के कर्मचारी अर्जित अवकाश का लाभ ले रहे हैं या फिर उन्हें विश्राम अवकाश में रोकने के बाद भी लाभ नहीं मिल पा रहा है? (ग) जिन शासकीय विद्यालयों में प्रभारी प्राचार्य कार्यरत है क्या उन्हें भी गैर शैक्षणिक अधिकारियों के समान अर्जित अवकाश की पात्रता है? यदि हाँ, तो उसके क्या नियम है यदि नहीं, तो क्यों पात्रता नहीं है? (घ) क्या शिक्षकों के संगठनों ने पूर्व की भांति विश्रामावकाश देने और विश्राम अवकाश के समय काम लिए जाने पर अर्जित अवकाश आसानी से स्वीकृत नहीं होने और लाभ न मिल पाने को लेकर मांग की है यदि हाँ, तो उस पर विभाग क्या निर्णय ले रहा है?                               (ङ) मंडला जिले में विगत 3 वर्ष में शैक्षणिक संवर्ग के और गैर शैक्षणिक संवर्ग के कितने कर्मचारियों को सेवानिवृत्‍त्ति पर अवकाश नगदीकरण का लाभ दिया गया है? अलग-अलग बताने का कष्ट करें यदि शैक्षणिक संवर्ग के कर्मचारियों को इसका लाभ नहीं मिल पाया है तो क्या कारण हैं? इसमें सुधार के क्या प्रयास किए जाएंगे?

परिवहन मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट-1, 2 एवं 3 अनुसार(ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट-4, 5, 6 एवं 7 अनुसार। शैक्षणिक संवर्ग के लोकसेवकों को नियमानुसार अर्जित अवकाश का लाभ प्रदाय किया जा रहा हैं। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता हैं। (ग) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट-4 अनुसार। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता हैं। (घ) विभाग स्‍तर पर कोई प्रस्‍ताव विचाराधीन नहीं हैं। (ड.) मंडला जिले के स्‍कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत विगत तीन वर्ष में शैक्षणिक संवर्ग के कर्मचारियों की संख्‍या 03 हैं एवं गैर शैक्षणिक संवर्ग के 12 कर्मचारियों को अवकाश नगदीकरण का लाभ दिया गया। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता हैं।

बरगी को पूर्णकालिक तहसील घोषित किये जाना

[राजस्व]

73. ( क्र. 839 ) श्री नारायण सिंह पट्टा : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या विधानसभा ध्‍यानाकर्षण दिनांक 20/12/22 के जवाब में बताया गया था कि दिनांक प्रस्‍ताव मंत्री परिषद के समक्ष रखा जाना प्रावधानित है एवं जल्‍द ही कैबिनेट में ले जाया जावेगा? (ख) यदि हाँ, तो बरगी क्षेत्र की गरीब जनता के हित में कब तक कैबिनेट में ले जाया जावेगा? लंबे समय तक प्रस्‍ताव को लटकाए रखने के न्‍यायोचित कारण क्‍या है? दिनांक 20/12/22 के बाद से प्रश्‍न दिनांक तक कितनी बार राज्‍य कैबिनेट की बैठक संपन्‍न हुई है? (ग) जिला जबलपुर के बरगी को पूर्णकालिक तहसील घोषित किये जाने के प्रस्‍ताव को स्‍वीकृति प्रदान क्‍यों नहीं की जा रहीं है?

राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जी हाँ। (ख) समयावधि बताया जाना संभव नहीं है। प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत प्रकरण प्रचलन में है। दिनांक 20.12.2022 से प्रश्‍न दिनांक तक कुल 47 मंत्रि-परिषद् बैठक आयोजित हुई हैं। (ग) उत्‍तरांश (ख) के प्रकाश में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

स्‍वीकृत पदों की जानकारी

[परिवहन]

74. ( क्र. 841 ) श्रीमती अनुभा मुंजारे : क्या परिवहन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                                   (क) बालाघाट जिले में यात्री परिवहन या अन्य परिवहन के लिए किस-किस रूट पर कितने-कितने वाहन किन आधार पर आवागमन कर रहे हैं? वाहन का प्रकार, वाहन मालिक का नाम, फिटनेस प्रमाण-पत्र सहित बस/ट्रक/कमर्शियल वाहनों के समस्त दस्तावेजों की प्रमाणित प्रति उपलब्ध करावें। (ख) समस्त जिले में कितने बैरियर/नाके संचालित किये जा रहे हैं तथा प्रत्येक बैरियर/नाकों से विगत 3 वर्षों में कितनी-कितनी राशि की आवक शासन को हुई? तिथिवार, बैरियरवार, नाकेवार जानकारी प्रतियों में उपलब्ध करावें साथ ही यह बतावें कि शासन को कितना लाभांश प्राप्त हुआ? (ग) समस्त बालाघाट जिले में आपके विभाग में लोक सेवकों के कितने पद स्वीकृत है तथा कितने पदों पर लोक सेवक पदस्थ है तथा कितने पद रिक्त है? पदस्थ/कार्यरत/शासकीय कर्मचारियों की सूची प्रदान करावें? (घ) क्या बगैर शासन के अनुमति के अशासकीय कर्मचारी विभाग में विभिन्न कार्यों में कार्यरत है? यदि हाँ, तो किन आधार पर उन्हें नियुक्त किया गया है आदेशों की प्रति उपलब्ध करावें?

परिवहन मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) बालाघाट जिले के समस्‍त सूत्रीकृत मार्ग एवं ग्रामीण मार्ग पर 329 बसें, 232 अन्‍य कमर्शियल वाहन एवं 1645 ट्रक स्‍थाई/अस्‍थाई अनुज्ञापत्र प्राप्‍त कर आवागमन कर रहे हैं। कार्यालय से जारी दस्‍तावेजों की सूची पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-'' अनुसार है। (ख) बालाघाट जिले में कुल 03 बैरियर संचालित है विगत 03 वर्षों में उक्‍त बैरियर से प्राप्‍त राजस्‍व की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-'' अनुसार है। (ग) जिला परिवहन कार्यालय बालाघाट में शासन द्वारा स्‍वीकृत एवं भरे पदों की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-'' अनुसार है। (घ) जिला परिव‍हन कार्यालय बालाघाट में बगैर शासन के अनुमति के अशासकीय कर्मचारी कार्यरत नहीं है। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

राशि का आवंटन

[स्कूल शिक्षा]

75. ( क्र. 842 ) श्रीमती अनुभा मुंजारे : क्या परिवहन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                          (क) समस्त बालाघाट जिले में आपके अधीनस्थ कार्यालयों में विगत 5 वर्षों से किस-किस कार्य हेतु कितनी-कितनी राशि का आवंटन किया गया? उक्त राशि को किस-किस दिनांक को किस फर्म तथा कार्य एजेंसी/निविदाकार/एकल समूह को भुगतान किया गया? तिथिवार/कार्यालयवार/विकासखंडवार सूची उपलब्ध करावें। (ख) विगत 3 वर्षों में विभाग में प्रश्‍न दिनांक तक कितनी शिकायतें किस अधिकारी-कर्मचारी के विरुद्ध प्राप्त हुई? उक्त शिकायतों का निराकरण किस आधार पर किसी अधिकारी/न्यायालय द्वारा किया गया? संपूर्ण ब्यौरा उपलब्ध करावें। (ग) समस्त जिले में किस कार्यालय/संस्था में कितने पद स्वीकृत है? स्वीकृत पदों के अनुरूप कौन लोकसेवक कहां पर पदस्थ है तथा कहां पर कार्यरत है? क्या यह सही है की मूल पदस्थ संस्था से कई लोकसेवकों को अन्यत्र स्थान पर कार्य करने हेतु आदेशित किया गया है? यदि हाँ, तो आदेशों के प्रति, कारण सहित उपलब्ध करावें (घ) जिला शिक्षा अधिकारी बालाघाट सहित समस्त विकासखण्‍ड शिक्षा अधिकारी को विगत 4 वर्षों में आवंटित राशि तथा समस्त किए गए कार्य तथा भुगतान की गई राशि निविदाकार के समस्त दस्तावेजों सहित बिलवार सूची उपलब्ध करावें साथ ही वर्तमान में चल रहे कार्यों और भौतिक स्थिति बतावें?

परिवहन मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-''एक'' अनुसार। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-''दो'' अनुसार। (ग) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-''तीन'' अनुसार। पदस्थ लोक सेवकों की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-''चार'' अनुसार जी नहीं शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-''पांच'' अनुसार।

 

 

निजी अस्‍पतालों को किये गये भुगतान

[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]

76. ( क्र. 847 ) श्री दिनेश राय मुनमुन : क्या उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2020 से प्रश्‍न दिनांक तक प्रदेश में कितनी निजी अस्‍पतालों को आयुष्‍मान भारत योजना से जोड़ा गया है? जोड़ने के उपरांत कितनी-कितनी राशि वर्ष 2019 से प्रश्‍न दिनांक तक भुगतान की गई है? (ख) क्‍या जबलपुर के ना‍मी निजी अस्‍पतालों के खिलाफ जांच रिपोर्ट के आधार पर एफ.आई.आर. कराई गई है? यदि हां, तो वित्‍तीय फर्जीवाडा करने वाले अस्‍पतालो की सूची देते हुये एफ.आई.आर. सूची उपलब्‍ध करावें। (ग) वर्ष 2020 से प्रश्‍न दिनांक तक कितनी शिकायते शासन के पास पंहुची है तथा किन-किन प्रशासनिक अधिकारियों के कार्यकाल में आयुष्‍मान योजना के अंतर्गत वित्‍तीय अनियमितता सामने आई है? जांच रिपोर्ट के साथ दोषी अधिकारियों पर की गई कार्यवाही का विवरण देवें। (घ) क्‍या आयुष्‍मान योजना के अंतर्गत वर्ष 2019 से 2022 तक 03 वर्षों में लगभग 620 अस्‍पतालों को 1048 करोड़ रूपये का भुगतान हुआ है? इनमें से कितने अस्‍पताल जांच के घेरे में आये है और अब तक क्‍या कार्यवाही हुई है? (ड.) सिवनी जिले में उपरोक्‍त अवधि में कितने अस्‍पतालों में आयुष्‍मान योजना के अंतर्गत वित्‍तीय अनियमितताएं पाई गई? अनियमितता करने वाले दोषियों पर सरकार द्वारा क्‍या कार्यवाही की गई है?

उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'''' अनुसार है। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'''' अनुसार है। (ख) कार्यालय आयुष्‍मान भारत ''निरामयम्'' द्वारा जबलपुर के नामी चिकित्‍सालयों के खिलाफ जांच रिपोर्ट के आधार पर कोई भी एफ.आई.आर दर्ज नहीं कराई गई है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) वर्ष 2020 से प्रश्‍न दिनांक तक विभिन्न माध्यमों से (पी.एम.ओ. एवं सी.एम.ओ. एवं सीएस मॉनिट, कॉल सेंटर, हितग्राही द्वारा की गई लिखित शिकायतें तथा सी.पी.जी.आर.एम.एस., सी.जी.आर.एम.एस.सी.एम. हेल्पलाईन पोर्टल माध्यम द्वारा) कुल 23402 शिकायतें सरकार के पास पहुंची है। प्रशासनिक अधिकारियों के कार्यकाल में आयुष्मान योजनांतर्गत वित्तीय अनियमितता के सम्‍बन्‍ध में कोई जांच रिर्पोट नहीं है। शेष प्रश्‍नांश उपस्थित नहीं होता है। (घ) 620 चिकित्सालयों की सूची उपलब्ध नहीं है। 03 साल (2019-2022) तक निजी चिकित्सालयों को राशि रू. 17,99,31,25,887.67/- का भुगतान किया गया। शेष जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र- '''' अनुसार है। (ड.) सिवनी जिले में आयुष्‍मान योजना के अंतर्गत उपरोक्‍त अवधि में किसी भी प्रकार की अस्‍पतालों में वित्‍तीय अनियमिततांए नहीं पाई गई है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

नामांतरण, बंटवारा एवं सीमांकन के प्रकरणों का निराकरण

[राजस्व]

77. ( क्र. 848 ) श्री दिनेश राय मुनमुन : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                           (क) मध्‍यप्रदेश के सिवनी जिले में नामांतरण, बंटवारा एवं सीमांकन के कितने प्रकरण/आवेदन विभाग में 2022-23 से लंबित है? तहसीलवार जानकारी देवें। (ख) क्‍या प्रश्‍नांश (क) नामांतरण, बंटवारा एवं सीमांकन के प्रकरण/आवेदन को जमा करने के उपरांत विभाग द्वारा प्रकरण को हल करने के लिये विभाग द्वारा क्‍या समय-सीमा तय की गई है? (ग) सिवनी जिले अंतर्गत किन-किन तहसीलो में कितने प्रकरण पंजीबद्ध है जो विभाग की तय समय-सीमा में निराकरण नहीं हुये है? प्रकरणों की संख्‍या तहसीलवार, विधानसभावार देवें। (घ) सिवनी विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत आने वाले तहसील/नायब तहसीलदार कार्यालयों में ऐसे कितने प्रकरण नामांतरण, बंटवारा एवं सीमांकन हेतु लंबित है जिनका निराकरण नहीं हुआ है? तहसील का नाम सहित जानकारी देवें। (ड.) क्‍या नामांतरण, बंटवारा एवं सीमांकन के प्रकरणों में विभाग द्वारा निर्धारित शुल्‍क जमा कराई जाती है तथा संबंधित से निर्धारित शुल्‍क के अतिरिक्‍त शुल्‍क की अवैध रूप से मांग की जाती है? यदि हां, तो इस संबंध में शासन प्रशासन को कितने शिकायतें प्राप्‍त हुई है सिवनी जिले के संबंध में तहसीलवार/विधानसभावार अवगत कराते हुये बतावें कि उन शिकायतों पर क्‍या कार्यवाही हुई?

राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) सिवनी जिले में वर्ष 2022-23 में दर्ज/प्राप्त नामांतरण, बंटवारा एवं सीमांकन के प्रकरण/आवेदन निराकरण हेतु लंबित नहीं है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) आवेदन जमा करने के उपरांत अविवादित नामांतरण के मामले में 30 दिवस विवादित नामांतरण के मामले में पांच माह अविवादित बंटवारा के मामले में 90 दिवस, में 180 दिवस एवं सीमांकन के मामले में 45 दिवस की समय-सीमा तय की गई है। (ग) तहसीलवार/विधानसभावार जानकारी निम्‍नानुसार है -

विधानसभा का नाम

तहसील का नाम

नामांतरण

बंटवारा

सीमांकन

कुल योग

बरघाट

कुरई

3

3

2

8

केवलारी

केवलारी

6

6

3

15

लखनादौन

घंसौर

3

3

2

8

केवलारी/सिवनी

छपारा

4

3

2

9

केवलारी/लखनादौन

धनौरा

2

2

1

5

बरघाट

बरघाट

3

2

2

7

लखनादौन

लखनादौन

6

4

3

13

सिवनी/केवलारी

सिवनी

6

8

4

18

सिवनी

सिवनी नगर

2

2

1

5

 

कुल योग

35

33

20

88

 (घ)

विधानसभा क्षेत्र का नाम

तहसील का नाम

नामांतरण

बंटवारा

सीमांकन

कुल योग

115- सिवनी

सिवनी नगर

746

50

512

1308

सिवनी

502

164

583

1249

छपारा

89

52

209

350

कुल योग

1337

266

1304

2907

(ड.) जी हाँ। नामांतरण, बंटबारा एवं सीमांकन के प्रकरणों में लोक सेवा केन्‍द्रों के माध्‍यम से विभाग द्वारा निर्धारित शुल्‍क जमा कराई जाती है। संबंधित से निर्धारित शुल्‍क के अतिरिक्‍त शुल्‍क की अवैध रूप से मांग नहीं की जाती है। अत: शेष प्रश्‍नांश उत्‍पन्‍न नहीं होता है।

सरकारी अस्पतालों को प्राइवेट सेक्टर को सौंपा जाना

[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]

78. ( क्र. 853 ) श्री आतिफ आरिफ अकील : क्या उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या राज्य सरकार प्रदेश के जिला अस्पतालों को प्राइवेट सेक्टर को सौंपने जा रही है? (ख) यदि हाँ, तो प्रदेश के जिला अस्पतालों को प्राइवेट सेक्टर में देने के बाद जनता को बेहतर और नि:शुल्क चिकित्सा सुविधा प्राप्त हो सकेगी अथवा नहीं? (ग) राज्य सरकार जिला अस्पतालों की स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार करके उन्हें आम लोगों के लिए और बेहतर बनाने के स्थान पर प्राइवेट सेक्टर को देने को प्राथमिकता क्यों दे रही है? कारण सहित संपूर्ण जानकारी से अवगत करावें।

उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जी नहीं।                               (ख) उत्‍तरांश (क) अनुसार प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) उत्‍तरांश (क) एवं (ख) अनुसार प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

निजी स्कूल संचालकों द्वारा मनमानी फीस वसूली

[स्कूल शिक्षा]

79. ( क्र. 855 ) श्री आतिफ आरिफ अकील : क्या परिवहन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रदेश के अनेकों जिलों से निजी स्कूल संचालकों द्वारा मनमानी फीस वसूल करने की शिकायतें अभिभावकों के माध्यम से शासन को प्राप्त हुई है? (ख) यदि हाँ, तो क्या निजी स्कूल संचालकों के विरुद्ध मनमानी फीस वसूले जाने की शिकायत प्राप्त के बाद भी शासन/विभाग के अधिकारियों द्वारा प्रश्‍न दिनांक तक कोई कार्रवाई नहीं की गई? यदि यहां तो कार्रवाई न किए जाने की क्या कारण है और यदि नहीं, तो निजी स्कूल संचालकों पर प्रश्‍न दिनांक तक कब-कब तथा क्या-क्या कार्रवाई की गई? (ग) प्रश्‍नांश (क), (ख) परिप्रेक्ष्य में क्या निजी स्कूल संचालकों एवं किताब विक्रेताओं की मिलीभगत से फिक्स दुकानदार द्वारा अभिभावकों पर किताब खरीदने हेतु दवा बनाया जाता है? यदि हाँ, तो आपसी सांठ गाँठ और मनमानी के कारण छात्रों के अभिभावकों पर मानसिक पीड़ा पहुंचाने के लिए कौन-कौन जिम्मेदार है? क्या प्रश्‍न दिनांक तक दोषियों पर कार्रवाई की जावेगी? यदि हाँ, तो कब तक?

परिवहन मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जी हां। (ख) प्राप्‍त शिकायतों पर मध्‍यप्रदेश निजी विद्यालय (फीस तथा संबंधित विषयों को विनियमन) अधिनियम 2017 एवं नियम 2020 के प्रावधानों के तहत कार्यवाही की जाती है। निहित प्रावधानों के तहत कारण बताओं सूचना पत्र, राशि प्रतिदाय आदेश तथा शास्ति अधिरोपित करने संबंधी कार्यवाही समय-समय पर की गई है।                               (ग) उत्‍तरांश (ख) अनुसार। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के पदो की पूर्ति

[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]

80. ( क्र. 858 ) श्री अमर सिंह यादव : क्या उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) राजगढ़ जिले में लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण विभाग अन्‍तर्गत जिला चिकित्‍सालय राजगढ़ एवं अन्‍य चिकित्‍सालयों में तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के कितने पद स्‍वीकृत है? उनमें से कितने पद भरे है तथा कितने पद रिक्‍त है? पदवार श्रेणीवार बतावें।                             (ख) क्‍या शासन द्वारा भविष्‍य में उक्‍त रिक्‍त पदों की पूर्ति की जाना प्रस्‍तावित है? (ग) यदि हाँ, तो कब तक और यदि नहीं, तो क्‍यों नहीं कारण बतावें?

उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-'''' एवं '''' अनुसार है(ख) जी हाँ। (ग) तृतीय श्रेणी कर्मचारियों की नियुक्तियां मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मण्डल, भोपाल के माध्यम से कराये जाने की कार्यवाही निरंतर की जा रही है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

जिला परिवहन कार्यालय राजगढ़ की जानकारी

[परिवहन]

81. ( क्र. 859 ) श्री अमर सिंह यादव : क्या परिवहन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                                 (क) जिला परिवहन कार्यालय राजगढ़ में विभिन्न श्रेणी के कुल कितने पद स्‍वीकृत है? उनमें से कितने भरे है तथा कितने रिक्‍त है? भरे पदों के नाम सहित बतावें। (ख) जिला परिवहन कार्यालय राजगढ़ में प्रश्‍न दिनांक तक क्‍या कोई नवीन वाहन पंजीयन अथवा नवीनीकरण के लिये लंबित है? (ग) यदि हाँ, तो उक्‍त नवीन वाहनों के पंजीयन अथवा नवीनीकरण नहीं होने का क्‍या कारण है? (घ) क्‍या उक्‍त नवीन वाहनों के पंजीयन अथवा नवीनीकरण किये जावेंगे बतावें? यदि हाँ, तो बतावें और नहीं तो क्‍यों नहीं?

परिवहन मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट-'' एवं '' अनुसार है।                                 (ख) से (घ) जिला परिवहन कार्यालय, राजगढ़ में प्रश्‍न दिनांक तक नवीन वाहन पंजीयन अथवा नवीनीकरण का कोई आवेदन लंबित नहीं है। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - "इकतालीस"

पुरातत्‍व की दृष्टि‍ से पर्यटन स्थलों की जानकारी

[पर्यटन]

82. ( क्र. 860 ) डॉ. राजेश सोनकर : क्या राज्‍य मंत्री (स्वत्रंत प्रभार), संस्‍कृति महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) देवास जिला अंतर्गत विधानसभा क्षेत्र सोनकच्छ में कुल कितने पर्यटन स्थल है एवं कुल कितने स्थानों का पुरातत्व विभाग द्वारा रख-रखाव किया जा रहा है? उन स्थानों की सूची उपलब्ध करवाये। (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में क्या सोनकच्छ विधानसभा क्षेत्र में पुरातत्व की दृष्टि से जलाशय, बावडी और कुए विभाग द्वारा संरक्षित किये जाने हेतु चयनित किये गये है?                            (ग) पर्यटन विभाग द्वारा पुरातत्व की दृष्टि से चयनित स्थानों के विकास एवं सौंदर्यीकरण की क्या-क्या योजनाएं है एवं उन योजनाओं की सूची उपलब्ध करवाने का आग्रह है। (घ) वित्तीय वर्ष 2018-19 से प्रश्‍न दिनांक तक कुल कितनी राशि पुरातत्व की दृष्टि से चयनित स्थानों के लिए व्यय की गयी है, कृपया वर्षवार जानकारी देने का आग्रह है।

राज्‍य मंत्री (स्वत्रंत प्रभार), संस्‍कृति ( श्री धर्मेन्द्र भाव सिंह लोधी ) : (क) देवास जिला अंतर्गत विधान सभा क्षेत्र सोनकच्‍छ क्षेत्र सोनकच्‍छ में पुरातत्‍व विभाग का गंधर्वपुरी में एक स्‍थानीय संग्रहालय है जिसका रख-रखाव पुरातत्‍व अभिलेखागार एवं संग्रहालय द्वारा किया जाता है। (ख) जी नहीं। (ग) वर्तमान में कोई योजना प्रचलित नहीं है। शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) विधान सभा क्षेत्र सोनकच्‍छ जिला देवास में मात्र एक पुरातत्‍वीय स्‍थानीय स्‍थान गंधर्वपुरी है जिस पर 2018-19 से वर्षवार किये गये व्‍यय की जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है।

परिशिष्ट - "बयालीस"

सी.एम. राइज स्कूल की जानकारी

[स्कूल शिक्षा]

83. ( क्र. 862 ) डॉ. राजेश सोनकर : क्या परिवहन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                          (क) देवास जिले की सोनकच्छ विधानसभा क्षेत्र में जिन 04 सी.एम. राइज विद्यालयों की स्वीकृति हुई है? उन विद्यालयों के सुचारु रुप से प्रारंभ होने पर उनके लिए क्या-क्या योजनाएं है?                                          (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में स्वीकृत सी.एम. राइज विद्यालयों के भवन कब तक बनेंगे? प्रत्येक सी.एम. राइज विद्यालय में विद्यार्थियों की कितनी संख्या की क्षमता होगी? (ग) क्या सी.एम. राइज विद्यालय में स्मार्ट क्लास भी होगी? कृपया सी.एम. राइज विद्यालय में विद्यार्थियों को प्राप्त होने वाली शिक्षा की गुणवत्ता और सुविधाएं क्या-क्या होगी? विस्तृत जानकारी प्रदान करने का आग्रह है।

परिवहन मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) मंत्रि-परिषद् की बैठक दिनांक 22.06.2021 में लिए गए निर्णय अनुसार सी.एम. राइज़ योजना के द्वितीय चरण का क्रियान्वयन 2024 से 2032 तक किया जाना है। यह एक सतत् प्रक्रिया है अतएव बजट उपलब्धता के आधार पर विद्यालयों की क्षमता का निर्धारण कर सी.एम. राइज़ विद्यालयों के भवन निर्माण कराए जाएंगे, जिसकी निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ग) जी हाँ। जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है।

परिशिष्ट - "तैंतालीस"

सह-प्राध्यापक पद की नियुक्ति में अनियमितता

[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]

84. ( क्र. 864 ) डॉ. हिरालाल अलावा : क्या उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या DME आदेश-क्रमांक 604/स्था./राज/2022 के बिंदु-3 में स्वीकृत है, कि फिजियोलॉजी आरक्षित वर्ग का पद माननीय न्यायालय में प्रकरणाधीन होने से पद समर्पित कॉलम में नहीं दर्शाना था एवं संबंधित दोषी नोडल अधिकारी-कर्मचारी के विरूद्ध कार्यवाही की जाए। यदि हाँ, तो विधानसभा प्रश्‍न-806 दिनांक-12-02-2024 बिंदु-क्रमांक- (ख) उत्तर में उक्त आदेश का पालन क्यों नहीं किया? (ख) एनएमसी मापदंड अनुसार उच्च श्रेणी पद से निम्न श्रेणी के पदों की पूर्ति की जा सकती है, तो चिकित्सा शिक्षा आदेश-क्रमांक एफ 2-15/2022/1/55, दिनांक 04/03/2022 में फिजियोलॉजी विभाग में आरक्षित वर्ग को विगत 8 वर्षों के इंतजार के बाद एवं माननीय उच्च न्यायालय के आदेश में लिखित देने के बावजूद आरक्षित उच्च श्रेणी पद खत्म करके, निम्न श्रेणी में एनएमसी मापदंड का उल्लंघन करते हुए पांचवां एवं अतिरिक्त अनारक्षित वर्ग में सहायक प्राध्यापक का पद उसी विभाग में क्यों सृजित किया? (ग) अप्रैल 2019 से अहर्ताधारक आरक्षित उम्मीदवार होते हुए भी अप्रैल 2019 से मार्च 2022, तीसरा पद समर्पित की तिथि तक उम्मीदवार को पदोन्नति क्यों नहीं दी गई? आरक्षण-नियम, अनुसूची-2019 एवं स्वशासी भर्ती सेवा नियम-2018 की छायाप्रतियां उपलब्‍ध कराएं। (घ) GMC भोपाल के पत्र-क्रमांक 2154-55/एमसी/04/ राज/2022, दिनांक 13/01/2022 में अनुसार फिजियोलॉजी के रिक्त सह-प्राध्यापक पद पर एसटी उम्मीदवार को पदोन्नति दी जायेगी। इस पत्र के उल्लंघन या पद खत्म करने की सूचना शासन को दी गई? पत्र-आदेश की प्रति देवें। यदि नहीं, दी गई तो क्यों?

उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

भू-राजस्‍व की धाराओं के अधिकार

[राजस्व]

85. ( क्र. 866 ) डॉ. हिरालाल अलावा : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                         (क) भू-राजस्‍व संहिता 1959 की धारा 237 (1) में किन-किन प्रयोजनों के लिए आरक्षित भूमि को निस्‍तार पत्रक एवं अधिकार अभिलेख में किन-किन मदों में दर्ज किया जाता है? (ख) धारा 237 (1) में आरक्षित, निस्‍तार पत्रक में दर्ज जमीनों के संबंध में कलेक्‍टर एवं अनुविभागीय अधिकारी को भू-राजस्‍व संहिता की किस धारा में क्‍या-क्‍या अधिकार दिया गया है? (ग) धारा 237 (1) में आरक्षित भूमियों को संहिता की किस धारा के अनुसार अनुविभागीय अधिकारी आरक्षित वन बनाने की जांच एवं कार्यवाही भा.व.अ.1927 की धारा 5 से 19 तक के अनुसार कर सकते है, कलेक्‍टर अपील की सुनवाई कर सकते है? (घ) धारा 237 (1) में आरक्षित भूमि से संबंधित संविधान की 11वीं अनूसूची, पेसा कानून 1996, वन अधिकार कानून 2006 की किस धारा में क्‍या प्रावधान दिए है।

राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) एवं (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ अनुसार(ग) धारा 237 (1) के तहत आरक्षित भूमियों को आरक्षित वन बनाने की जांच अनुविभागीय अधिकारी के द्वारा नहीं की जाती है अपितु भारतीय वन अधिनियम, 1927 की धारा-4 (1) के तहत अधिसूचित संरक्षित वन खण्‍डों में व्‍यक्ति या व्‍यक्तियों के दावों के अधिकारों की जांच धारा 5 से 19 तक की कार्यवाही हेतु अर्द्ध न्‍यायिक प्रक्रिया के तहत वन व्‍यवस्‍थापन अधिकारी द्वारा की जाती है। म.प्र. शासन वन विभाग के ज्ञाप दिनांक 25.08.1988 से अनुविभागीय अधिकारी (राजस्‍व) को वन व्‍यवस्‍थापन अधिकारी बनाये जाने का लेख किया गया है। (घ) धारा 237 की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ अनुसार। वन अधिकार कानून की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट –''अनुसार।

टोलखेड़ी सोमली नदी पर बैराज निर्माण

[जल संसाधन]

86. ( क्र. 869 ) श्री विपीन जैन : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                           (क) सिंचाई सुविधा में विस्तार हेतु समय-समय पर राज्य सरकार द्वारा किसानो और जनप्रतिनिधियों की मांग पर नदियों पर बांध बनाकर सिंचाई का रकबा बढ़ाया जाता है।                          (ख) क्या विभाग से इस संबंध में मंदसौर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत प्रश्‍नकर्ता द्वारा पिपलिया मुजावर के पास टोलखेड़ी सोमली नदी पर बैराज निर्माण की मांग की गई है? (ग) यदि हाँ, तो इस संबंध में क्या विभाग द्वारा आवश्यक प्रारंभिक प्रस्ताव तैयार किया गया है? उसका विवरण देवें। (घ) क्या किसानों को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने हेतु टोलखेड़ी बैराज को स्वीकृति प्राप्त होगी?

जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) हां, जन-प्रतिनिधि एवं किसानों की मांग पर योजना बनाकर तकनीकी प्रशासकीय स्‍वीकृति उपरांत सिंचाई परियोजना निर्माण कर रकबा बढ़ाया जाता है। (ख) हां, मान.विधायक मंदसौर द्वारा टोलखेड़ी सोमली नदी पर बैराज निर्माण की मांग की गई है। (ग) टोलखेड़ी बैराज परियोजना के साध्‍य हेतु कार्यस्‍थल एवं कमाण्‍ड का प्रारंभिक सर्वेक्षण किया जाना प्रतिवेदित है। (घ) वर्तमान में योजना परीक्षणाधीन होने के कारण स्‍वीकृति की समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार

[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]

87. ( क्र. 871 ) श्री विपीन जैन : क्या उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार हेतु समय-समय पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, उप स्वास्थ्य केंद्र और अन्य अस्पतालों के भवन निर्माण की स्‍वीकृतियां विभाग और जनप्रतिनिधियों की मांग अनुसार शासन द्वारा किया जाता है? (ख) यदि हाँ, तो मंदसौर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत प्रश्‍न दिनांक तक कितने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, उप स्वास्थ्य केंद्र और अन्य अस्पतालों के भवन निर्माण के कार्य स्वीकृत होकर उनकी निविदाएं प्रचलन में है?                                      (ग) स्वीकृत हुए प्राथमिक और उप स्वास्थ्य केंद्र कहां-कहां पर, कितनी-कितनी लागत के बनना है और इन केन्द्रों पर कौन-कौन सी स्वास्थ्य सुविधाएं जनता को मुहैया करवाई जाएगी? (घ) मंदसौर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन भोपाल अंतर्गत स्वीकृत निर्माण कार्यों का विवरण देवें जिनकी निविदाएं प्रचलन में है।

उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जी हाँ। (ख) से                               (घ) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है।

परिशिष्ट - "चौवालीस"

 

 

स्वास्‍थ्‍य केन्द्रों में योजनाओं का संचालन

[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]

88. ( क्र. 873 ) श्री कैलाश कुशवाहा : क्या उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शिवपुरी जिले में केन्द्र सरकार एवं राज्य शासन की किन-किन योजनाओं का विभाग द्वारा वर्तमान में कब से संचालन किया जा रहा है और इन योजनाओं के संचालन/क्रियान्विन के क्या शासनादेश/विभागीय निर्देश हैं? प्रतिलिपि संलग्‍न कर जानकारी दें।                              (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार जनवरी 2022 से संचालित योजनाओं/कार्यक्रमों के कौन-कौन शासकीय सेवक प्रभारी/नोडल अधिकारी थे और योजनाओं को किस प्रक्रिया से क्रियान्वित/संचालित तथा कार्यक्रमों को कब-कब एवं कहां-कहां आयोजित किया गया? (ग) शिवपुरी जिले में विगत 03 वर्षों में वर्षवार किन-किन कार्यों एवं कार्यक्रमों योजनाओं हेतु कितनी-कितनी राशि कब-कब प्राप्त हुई? राशि के व्यय/  उपयोग के क्या मार्गदर्शी नियम/निर्देश थे और प्राप्त राशि का किन-किन कार्यों/ कार्यक्रमों/योजनाओं में किन-किन सक्षम प्राधिकारियों की स्‍वीकृति से कितना-कितना व्यय और किस-किस को कितना-कितना भुगतान किस कार्य के लिए किया गया? (घ) शिवपुरी जिले में संचालित शासकीय स्‍वास्‍थ्‍य केन्द्रों/चिकित्सालयों में कितने एवं कौन-कौन से पद स्वीकृत हैं एवं किन-किन पदों पर कौन-कौन शासकीय सेवक कब से नियुक्त/कार्यरत और प्रतिनियुक्ति पर एवं प्रभारी के तौर पर कार्यरत हैं और कितने एवं कौन-कौन पद वर्तमान में कब से रिक्त हैं?                                     (ङ) शिवपुरी जिले के चिकित्सालयों/केन्द्रों के उन्‍नयन के क्या-क्या कार्य वर्तमान में कब से किए जा रहे हैं एवं प्रगतिरत निर्माण कार्य कब तक पूर्ण होंगे और इन्हें कब से उपयोग में लिया जा सकेगा और इससे किन स्‍वास्‍थ्‍य सेवाओं में क्या-क्या‍ बढ़ोतरी होगी?

उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) केन्द्र-सरकार की 19 एवं राज्य शासन की 05 योजनाओं का शिवपुरी जिले में योजना के चालू होने की दिनांक से संचालन किया जा रहा है, शासन द्वारा समय-समय पर जारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप योजनायें संचालित हो रही हैजानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'''' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'''' अनुसार है। योजनाओं का क्रियान्‍वयन शासन द्वारा देय निर्देशों के तहत योजनाओं से संबंधित नोडल अधिकारी एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा जिले की स्वास्थ्य संस्थाओं एवं ग्रामीण अंचलों में समय-समय पर सतत् आयोजन किया गया। (ग) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'''' अनुसार है। राशि का व्यय/उपयोग शासन द्वारा समय-समय पर दिये गयें निर्देशानुसार जिला स्तर पर संबंधित योजनाओं के नोडल अधिकारी एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी तथा जिला चिकित्सालय स्तर पर सिविल सर्जन एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र स्तर पर खण्ड चिकित्सा अधिकारी (सक्षम अधिकारी) की स्वीकृति से व्यय की गई। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'''' अनुसार है।                               (घ) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'''' अनुसार है। (ड.) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'''' अनुसार है। जिला चिकित्सालय/केन्द्रों के उन्नयन के पश्चात् मरीजो को बेहतर प्रोटोकॉल अनुसार समुचित लाभ प्रदान किया जा सकेगा।

 

बेनामी रजिस्ट्रियां की जानकारी

[राजस्व]

89. ( क्र. 879 ) श्री फुन्‍देलाल सिंह मार्को : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शहडोल संभाग में विगत 2 वर्षों में आदिवासियों के जमीन गैर आदिवासी बेनामी रजिस्ट्रियां करा कर उपयोग/उपभोग करने के प्रकरण राजस्व न्यायालय में कब से, कितने एवं किन न्यायालयों में लंबित हैं? (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार निराकरण न करने का क्या कारण है तथा कब तक कर दिया जाएगा?

राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) शहडोल संभाग अंतर्गत विगत 2 वर्षों में आदिवासियों के जमीन गैर आदिवासी बेनामी रजिस्ट्रियां करा कर उपयोग/उपभोग करने के कोई भी प्रकरण राजस्व न्यायालय में लंबित नहीं हैं। (ख) शेष प्रश्‍नांश उदभूत नहीं होता है।

सिंचाई परियोजना का उन्‍नयन

[जल संसाधन]

90. ( क्र. 894 ) डॉ. सीतासरन शर्मा : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) तवा सिंचाई परियोजना के विस्तार, नवीनीकरण और आधुनिकीकरण का कार्य, किस उदेश्य से, कब से कब तक, कहां-कहां, किस-किस ठेकेदार द्वारा कितनी राशि से किया गया? (ख) उक्त कार्य क्या निर्धारित समय-सीमा में निर्धारित राशि से पूरा किया जा सका? यदि नहीं, तो इसके क्या कारण हैं एवं इसका उत्तरदायित्व किसका है? निर्धारित समय में कार्य न होने से लागत में कितनी वृद्धि हुई? (ग) प्रश्‍नांश (क) में उल्लेखित कार्यों से किन-किन स्थानों में सिंचाई क्षमता में कितनी वृद्धि हुई? (घ) नर्मदापुरम् डोलरिया तहसील के किन ग्रामों में सिंचाई क्षमता में वृद्धि हुई एवं जिन ग्रामों में एक या दो बार पानी मिलता था उनमें दूसरी या तीसरी बार भी पानी दिया जा सकेगा? (ड.) नहरों के किनारे वृक्षारोपण एवं सर्विस रोड क्यों नहीं बनायी गयी? (च) क्या संबंधित ठेकेदारों द्वारा अनावश्यक कार्यों का समावेश करके, मूल्य समायोजन का भुगतान करके अनुचित लाभ, अनुबंध की शर्तों का उल्लंघन किया गया? यदि हाँ, तो इससे शासन को कितनी हानि हुई एवं इसका उत्तरदायी कौन है?

जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) तवा सिंचाई परियोजना की नहरों के विस्तारीकरण सुदृढ़ीकरण एवं आधुनिकीकरण के उद्धेश्य से, ठेकेदारों से पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'''' अनुसार कुल राशि रू. 50165.06 लाख के कार्य पूर्ण/प्रगतिरत है। इसके अलावा वर्तमान में झाड़बीड़ा उद्वहन सिंचाई योजना से 15,610 हेक्टेयर सिंचाई रकबे के लिये राशि 17759.50 लाख का पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'''' अनुसार नवीन निर्माण कार्य प्रगति पर है। (ख) पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'''' में अंकित कार्य, विभाग द्वारा दी गई समयवृद्धि सहित समयावधि में अनुबंधानुसार देय राशि से ही पूर्ण कराये गये। तथापि रबी सिंचाई ग्रीष्म कालीन मूंग फसल की सिंचाई, कोविड महामारी से श्रमिकों का पलायन इत्यादि कारणोंवश कतिपय अनुबंधित कार्य अनुबंधित अवधि में पूर्ण नहीं हो सका। जिसके लिये किसी का उत्तरदायित्व निर्धारण नहीं किया जा सकता। अनुबंध में निहित प्रावधानों के अंतर्गत विभाग द्वारा स्वीकृत की गई समयवृद्धि में, ठेकेदारों द्वारा कार्य पूर्ण कर दिया गया। ऐसे अनुबंधित कार्यों में वृद्धि विवरण एवं कारण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'''' अनुसार है। (ग) प्रश्‍नांश (क) में उल्लेखित कार्यों के फलस्वरूप नहरों एवं उपनहरों के जल प्रवाह में वृद्धि होने के कारण, नहर के अंतिम छोर के ग्रामों के कृषकों को, सुगमता से पानी उपलब्ध कराया जा सका तथा नहरों एवं उपनहरों के सैंच्य क्षेत्र में कोई वृद्धि नहीं हुई, किन्तु जल की बचत हुई है, जिससे ग्रीष्म कालीन मूंग की फसल के लिये नर्मदापुरम एवं हरदा जिले में लगभग 82,000 हेक्टेयर तक सिंचाई की जा सकी। (घ) प्रश्‍नांश (ग) में उल्लेखित विवरणानुसार रूपांकित सिंचाई क्षमता के अनुरूप जिन ग्रामों में एक या दो बार पानी मिलता था, उनमें दूसरी और तीसरी बार भी पानी दिया जाना प्रतिवेदित है। (ड.) योजना (ई.आर.एम.) के प्राक्कलन में प्रावधान न होने के कारण वृक्षारोपण नहीं कराया गया। नहर निर्माण के दौरान ही विभाग के उपयोग हेतु निर्धारित डिजाइन के अनुसार कच्ची सर्विस रोड़ पूर्व से ही बनी हुई है। (च) जी नहीं, ठेकेदारों द्वारा अनावश्यक कार्यों का समावेश नहीं किया गया है। ठेकेदारों को अनुबंध में निहित शर्तों एवं प्रावधानों के अंतर्गत ही मूल्य वृद्धि का भुगतान किया जाना प्रतिवेदित है। इससे शासन कोई हानि नहीं हुई। अतः कोई उत्तरदायी नहीं है।

शासकीय चिकित्‍सालयों में शल्‍य क्रिया व बच्‍चेदानी के आपरेशन

[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]

91. ( क्र. 895 ) डॉ. सीतासरन शर्मा : क्या उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नर्मदापुरम् जिले के किन-किन शासकीय चिकित्सालयों में विशेषज्ञ चिकित्सक कार्यरत है एवं शल्यक्रिया की सुविधाएँ है? (ख) उक्त चिकित्सालयों में जनवरी 2022 से अभी तक बच्चेदानी की शल्यक्रिया सहित माहवार कितनी विभिन्न शल्यक्रियाएँ किन-किन चिकित्सकों द्वारा की गयी? (ग) ऐसे कितने चिकित्सक है जिनके द्वारा शल्यक्रियाएँ नहीं की गयी? यदि हाँ, तो किन कारणों से? (घ) ऐसे कौन-कौन से चिकित्सालय है जहाँ कतिपय उपकरणों के कारण शल्यक्रिया नहीं हो पा रही है? (ड.) क्या शासन सुनिश्चित करेगा कि सभी चिकित्सक विशेषकर महिला चिकित्सक शासकीय चिकित्सालयों में शल्यक्रिया करें? (च) क्या बच्चेदानी के आपरेशन 'आयुष्मान योजना' से न होने एवं शासकीय चिकित्सालयों में न होने के कारण महिलाओं पर आर्थिक भार पड़ रहा है। यदि हाँ, तो इस हेतु शासन क्या कार्यवाही करेगा?

उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) नर्मदापुरम् जिले अंतर्गत 05 शासकीय चिकित्‍सालयों (जिला चिकित्‍सालय, सिविल अस्‍पताल पिपरिया, सिविल अस्‍पताल इटारसी, सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र सखुतवा एवं सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र सुखतवा एवं सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र सिवनी-मालवा) में विशेषज्ञ चिकित्‍सक कार्यरत् है एवं उक्‍त में से 04 चिकित्‍सालयों (जिला चिकित्‍सालय, सिविल अस्‍पताल पिपरिया, सिविल अस्‍पताल इटारसी एवं सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र सिवनी-मालवा) में शल्‍यक्रिया की सुविधा उपलब्‍ध है। (ख) उक्‍त चिकित्‍सालयों में जनवरी 2022 से अभी तक की गई बच्‍चेदानी की शल्‍यक्रिया सहित विभिन्‍न शल्‍यक्रियाओं की माहवार, चिकित्‍सकवार जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है।                       (ग) सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र सिवनी-मालवा में निश्‍चेतना विशेषज्ञ नहीं होने के कारण बच्‍चेदानी की शल्‍यक्रिया नहीं हो पा रही है। सिविल अस्‍पताल पिपरिया में शल्‍यक्रिया विशेषज्ञ तथा मेडिसिन विशेषज्ञ उपलब्‍ध नहीं होने के कारण बच्‍चेदानी की शल्‍यक्रिया नहीं हो पा रही है। (घ) उत्‍तरांश (क) अंतर्गत उल्‍लेखित समस्‍त शासकीय स्‍वास्‍थ्‍य संस्‍थाओं में उपकरण उपलब्‍ध है। (ड.) विभिन्‍न शासकीय चिकित्‍सालय जहां पर शल्‍‍यक्रिया सुविधा उपलब्‍ध होकर, नियमानुसार संबंधित शल्‍यक्रिया विशेषज्ञ उपलब्‍ध हैं, में शल्‍यक्रिया सम्‍पादित की जाती है। (च) जी नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

शव परीक्षण गृह की जानकारी

[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]

92. ( क्र. 901 ) श्री फुन्‍देलाल सिंह मार्को : क्या उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शहडोल संभाग अंतर्गत किन-किन सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों/उप स्वास्थ्य केंद्रों/प्राथमिक चिकित्सा केंद्रों में शव परीक्षण गृह बनाया जा चुका है? नाम सहित जानकारी देवें। (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार स्वास्थ्य केंद्रों में विद्युतीकरण किया जा चुका है यदि नहीं, तो किन-किन जिलों के ब्लॉक चिकित्सा केंद्रों में विद्युतीकरण कब से नहीं किया गया है? नाम सहित जानकारी देवें

उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) जी हाँ, शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - "पैंतालीस"

शवों को उनके गृह जिले/निवास तक पहुंचाने की व्यवस्था हेतु

[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]

93. ( क्र. 905 ) श्री दिनेश गुर्जर : क्या उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रदेश के द्वि‍तीय व तृतीय स्तर के शासकीय अस्पतालों में मरीज की मृत्यु हो जाने पर शव को उसके गृह जिले स्थित निवास तक पहुंचाने की शासकीय व्यवस्था है? यदि हाँ, तो क्या व्यवस्था है? विस्तार से बताएं। (ख) यदि कोई शासकीय व्यवस्था नहीं है तो उन मरीजों के शव को अपने गृह जिले स्थित निवास तक पहुंचाने हेतु विभाग कोई योजना बनाएगा? यदि हाँ, तो कब तक योजना लागू की जावेगी? (ग) वर्तमान में आर्थिक रुप से कमजोर लोगों द्वारा प्राइवेट शव वाहन का व्यय भार उठाने में सक्षम नहीं है तो विभाग इनके लिए शासकीय नि:शुल्क शव वाहन की व्यवस्था कब तक करेगा?

उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जी नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) जी हाँ। कार्यवाही प्रचलन में है समय-सीमा बताना सम्‍भव नहीं।                                  (ग) जानकारी उत्‍तरांश (ख) अनुसार है।

सरकारी अस्पतालों में मरीजों को अमानक दवाओं का वितरण

[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]

94. ( क्र. 907 ) श्री संजय उइके : क्या उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में मरीजो अमानक दवाएं वितरित किये जाने की जानकारी मिली है? (ख) यदि हाँ, तो एक जनवरी 2023 से प्रश्‍न दिनांक तक प्रदेश के किस सरकारी अस्पताल में कौन-कौन सी अमानक दवाएं मरीजों को दी गई? (ग) उपरोक्त में से किस-किस मामले में अमानक दवा लेने वाले मरीज पर किस तरह का प्रतिकूल प्रभाव पड़ा?                                      (घ) सरकारी अस्पतालों में मानक दवा सप्लाई करने पर किस-किस कम्प‍नी पर क्या-क्या‍ कार्यवाही की गई? (ङ) भविष्य में किसी भी मरीज को अमानक दवा न दी जाये इसके लिए क्‍या उपाय किये गये हैं?

उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जी नहीं, कोई भी दवा प्रदेश की स्‍वास्‍थ्‍य संस्‍थाओं के स्‍टॉक एवं स्‍टोर में तभी दर्ज की जाती है, जब दवा के साथ तृतीय पक्ष की एन.ए.बी.एल. गुणवत्‍ता रिपोर्ट, जो उसे मानक दर्शाती है, प्राप्‍त हो। (ख) एवं (ग) उत्‍तरांश (क) अनुसार प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (घ) मानक दवा सप्‍लाई करने पर कंपनी के विरूद्ध कोई भी कार्यवाही नहीं की जाती है। (ड.) मध्‍यप्रदेश पब्लिक हेल्‍थ सर्विसेस कॉर्पोरेशन लिमिटेड द्वारा आमंत्रित निविदा में केवल निर्धारित टर्नओवर के ऊपर की WHO-GMP फर्म की पात्र होती है। प्रदेश में प्रत्‍येक बैच की Third Party NABL Test Report के मानक गुणवत्‍ता प‍रीक्षण रिपोर्ट के आधार पर ही दवा वितरण की जाती है। यदि औषधि का कोई बैच शासकीय/अनुबंधित प्रयोगशाला से अमानक घोषित किया जाता है तो, तत्‍काल ही अमानक घोषित बैच को ''एम.पी. औषधि'' सॉफ्टवेयर के माध्‍यम से उपयोग/वितरण हेतु रोक दिया जाता है। शासकीय प्रयोगशाला द्वारा औषधि के बैच को अमानक घोषित किये जाने के आधार पर मध्‍यप्रदेश पब्लिक हेल्‍थ सर्विसेस कॉर्पोरेशन लिमिटेड द्वारा निविदा की शर्तानुसार संबंधित प्रदायकर्ता फर्म/उत्‍पाद के विरूद्ध ब्‍लैक लिस्टिंग/डीबार एवं बैच वैल्‍यू रिकवरी संबंधी कार्यवाही की जाती है। भविष्‍य में गुणवत्‍ता प्रक्रिया को अधिक सुदृढ़ बनाने हेतु पूर्व से बनी हुई दवा नीति को संशोधित करते हुए नवीन दवा नीति-2023 जारी की गई है।

ग्राम पंचायतो को निस्‍तार पत्रक उपलब्‍ध कराया जाना

[राजस्व]

95. ( क्र. 908 ) श्री संजय उइके : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या म.प्र. भू-राजस्व संहिता 1959 की धारा 234 (3) के अनुसार निस्तार पत्रक प्रत्येक ग्राम पंचायत को उपलब्ध कराने का प्रावधान है? (ख) यदि हाँ, तो बालाघाट जिले की बैहर विधानसभा क्षेत्र के किन-किन ग्राम पंचायतों को निस्तार पत्रक उपलब्‍ध कराया गया? किन-किन ग्राम पंचायतो को नहीं कराया गया है? (ग) निस्तार पत्रक यदि उपलब्ध नहीं कराया गया है, तो कब तक उपलब्ध कराया जावेगा?

राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) म.प्र. भू-राजस्‍व संहिता (दखलरहित भूमि, आबादी तथा वाजिब-उल-अर्ज) नियम, 2020 में धारा 234 अंतर्गत बने नियम 4 के उपनियम (6) में निस्‍तार पत्रक की ग्राम चार प्रति ग्राम पंचायत में रखे जाने का प्रावधान है। (ख) बालाघाट जिले की बैहर विधानसभा क्षेत्र के तहसील परसवाडा के कुल 15 ग्राम पंचायतों के कुल 51 ग्रामों के निस्‍तार पत्रक वर्ष 1995 में ग्राम पंचायतो को उपलब्‍ध करा दिया गया है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'' अनुसार। बैहर विधानसभा क्षेत्र की तहसील बैहर के कुल 54 ग्राम पंचायतो के 113 ग्रामों में निस्‍तार पत्रक उपलब्‍ध नहीं है जिनकी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'' अनुसार। बैहर विधानसभा क्षेत्र की तहसील बिरसा के कुल 62 ग्राम पंचायतों के 169 ग्रामों में निस्‍तार पत्रक उपलब्‍ध नहीं है जिनकी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''अनुसार(ग) बैहर विधानसभा क्षेत्र के तहसील बैहर एवं बिरसा में ग्राम पंचायतों को निस्‍तार पत्रक उपलब्‍ध कराये जाने की कार्यवाही प्रचलन में है।

सिंचाई परियोजना में किए गए कार्य

[जल संसाधन]

96. ( क्र. 911 ) श्री दिनेश जैन बोस : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) महिदपुर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत आने वाली सिंचाई परियोजना हरबाखेड़ी डेम, सामाकोटा डेम एवं डुंगरिया बैराज का प्रश्‍न दिनांक तक कितना कार्य पूर्ण किया गया एवं कितनी-कितनी राशि कब-कब आहरित की गई सूची देवें। (ख) निर्माणाधीन हरबाखेड़ी डेम, सामाकोटा डेम एवं डुंगरिया बैराज पर विभाग के अधिकारियों द्वारा कब-कब स्थल निरीक्षण किया गया एवं क्या-क्या कमियां पाई गई है? स्थल निरीक्षण में यदि कमियां पाई गई है तो विभाग द्वारा क्या कार्यवाही की गई? (ग) क्या निर्माणाधीन सिंचाई परियोजनाओं में गुणवत्तायुक्त मटेरियल का उपयोग किया जा रहा है? क्या समय-समय पर गुणवत्ता की जांच की गई?

जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) महिदपुर विधानसभा क्षेत्रांतर्गत आने वाली सिंचाई परियोजनाओं की जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-''1'' अनुसार है। (ख) स्‍थल पर दिए गए निर्देशानुसार निर्धारित तकनीकी मापदण्‍ड अनुसार गुणवत्‍तापूर्वक कार्य कराया गया। निरीक्षण में कार्य विभागीय मापदण्‍ड़ के अनुसार किया गया। अत: कार्यवाही का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता है। निर्माणाधीन हरबाखेड़ी डेम, सामाकोटा डेम एवं डुंगरिया बैराज पर विभाग के अधिकारियों के निरीक्षण की जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-''2'' अनुसार है। (ग) जी हाँ। निर्माणाधीन सिंचाई परियोजनाओं में गुणवत्‍ता युक्त सामग्री का उपयोग किया जाना प्रतिवेदित है और गुणवत्‍ता नियंत्रण अधिकारी द्वारा समय-समय पर किए गए निरीक्षण दिनांक की  जानकारी संलग्‍न  परिशिष्‍ट के प्रपत्र-'3'' अनुसार है।

परिशिष्ट - "छियालीस"

अग्नि दुर्घटनाओं की रोकथाम

[राजस्व]

97. ( क्र. 913 ) श्री अनिरुध्द (माधव) मारू : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या मध्य प्रदेश शासन के राजस्व विभाग के समस्त शासकीय कार्यालयो में आगजनी की घटना को रोकने हेतु स्वचालित (मानव एवं जल रहित) अग्निशामक यंत्र (मानव रहित) लगाए गए हैं यदि हाँ, तो सूची उपलब्ध कराये यदि नहीं, तो स्वचालित अग्निशामक यंत्र कब तक लगा दिए जाएंगे? (ख) राजस्व विभाग के कार्यालयो में अग्नि दुर्घटनाओं को रोकने हेतु कोई निर्देश जारी किए गए हैं उन निर्देशों की प्रति उपलब्ध कराएँ।

राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) शासकीय कार्यालयों में लगाये गये अग्निशामक यंत्र की सूची पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट-'' अनुसार है। पुराने भवनों एवं नवीन मॉडल अनुसार निर्मित भवनों में अग्निशामक यंत्रों की आवश्‍यकता एवं वित्तीय भार का आंकलन लोक निर्माण विभाग से कराया जा रहा है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट–'' अनुसार है।

अनुग्रह राशि का वितरण

[राजस्व]

98. ( क्र. 928 ) श्री दिलीप सिंह परिहार : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नीमच जिले में कोविड-19 संक्रमण से मृत्यु होने पर किस-किस मृतकों के किस-किस वारिस को किस-किस योजना अंतर्गत कितनी अनुग्रह राशि दी गई? सूची देवें। (ख) नीमच जिले में वर्ष 2020-21 से 2023-24 तक राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 के अन्तर्गत आपदा में आर्थिक सहायता, कितने हितग्राहियों को कुल कितनी राशि की दी गई? वर्षवार तहसील अनुसार बतावें। (ग) नीमच जिले में बाढ़, अतिवृष्टि पीड़ितों के कितने हितग्राही को कुल कितनी राशि दी गई? वर्षवार, तहसीलवार जानकारी दें। (घ) नीमच जिले में वर्ष 2020-21 से 2023-24 तक सर्पदंश से मृतक के वारिसान को कितनी-कितनी राशि दी गई? वर्षवार जानकारी दें। (ड.) नीमच जिले में वर्ष 2020-21 से 2023-24 तक आपदा राहत पर प्राकृतिक विपत्ति के कारण किये गये व्यय की वर्षवार जानकारी दें।

राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) तहसील नीमच ग्रामीण में मृतक कोटवार श्री प्‍यारसिंह निवासी मुण्‍डला की मृत्‍यु हो जाने से मृतक की वारिस श्रीमती गीताबाई को राशि 5,00,000/- रूपये मुख्‍यमंत्री विशेष अनुग्रह योजना के तहत प्रदाय की गई है। मुख्‍यमंत्री कोविड अनुग्रह योजना के तहत मृतकों के वारिसों को प्रदाय अनुग्रह राशि की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट-'''' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट-'''' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट-'''' अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट-'''' अनुसार है। (ड.) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट-'''' अनुसार है।

हरसी बाँध एवं नहरों का जीर्णोद्धार

[जल संसाधन]

99. ( क्र. 931 ) श्री सुरेश राजे : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                          (क) जिला ग्वालियर अंतर्गत हरसी बाँध एवं हरसी कमांड क्षेत्र की नहरों के जीर्णोद्धार हेतु वर्ष 2021-22 से 2023-24 में निर्माण कार्य हेतु कितनी-कितनी राशि प्राप्त हुई? प्राप्त राशि से हरसी बाँध का जीर्णोद्धार एवं किस नहर में कितनी-कितनी राशि से किस प्रकार का निर्माण कार्य किस फर्म/ठेकेदार द्वारा किस उपयंत्री की देखरेख में करवाया गया? कार्य एवं वर्षवार पूर्ण जानकारी उपलब्ध करावें। (ख) हरसी कमांड क्षेत्र डबरा के अंतर्गत सहायक यंत्री कार्यालय किस-किस स्थान पर संचालित हैं? इनमें नेहरों/बाँध की देखरेख हेतु कौन-कौन व्यक्ति कब से श्रमिक के पद पर कार्यरत है? अनुभागवार बतावें। (ग) हरसी कमांड क्षेत्र के अंतर्गत सिंचाई नालियों का निर्माण हेतु वर्ष 2021-22 से 2023-24 में कितनी-कितनी राशि प्राप्त हुई? प्राप्त राशि से किस ग्राम/मौजा क्षेत्र में किस उपयंत्री की देखरेख में कितनी-कितनी राशि से कितने मीटर सिंचाई नाली का निर्माण कार्य करवाया गया? वर्षवार एवं कार्यवार व्यय राशि पृथक-पृथक बतावें।

जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) जिला ग्वालियर के अन्तर्गत हरसी बांध एवं कमाण्ड क्षेत्र की नहरों के जीर्णोद्धार हेतु वर्ष 2021-22 से 2023-24 तक प्राप्त राशि, व्यय राशि, फर्म/ ठेकेदार का नाम तथा संबंधित उपयंत्री के नाम का विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ एवं '''' अनुसार है। (ख) हरसी कमाण्ड क्षेत्र डबरा के अन्तर्गत सहायक यंत्री कार्यालय क्रमशः हरसी, भितरवार, चीनोर, डबरा एवं क्रमांक-01 डबरा में संचालित है। इन अनुविभागों में नहरों/बॉंध की देख-रेख हेतु कार्यरत श्रमिकों का विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-स अनुसार है। (ग) हरसी कमाण्ड क्षेत्रान्तर्गत सिंचाई नालियों के निर्माण हेतु वर्ष 2021-22 से 2023-24 में कोई भी राशि प्राप्त नहीं हुई है एवं न ही सिंचाई नालियों का कोई कार्य कराया जाना प्रतिवेदित है। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

नजूल भूमियों की जानकारी

[राजस्व]

100. ( क्र. 932 ) श्री मोंटू सोलंकी : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                        (क) मध्य प्रदेश के सेंधवा नगरीय निकाय क्षेत्रों में कुल कितने क्षेत्रफल (हेक्टर) नजूल भूमियां है एवं इनमें से संबंधित निकाय को हस्तांतरित अथवा गैर हस्तांतरित (पृथक-पृथक रूप से) भूमि का क्षेत्रफल कितना है? प्रशासकीय आदेश सहित विवरण प्रस्तुत करें। (ख) संबंधित निकाय द्वारा हस्तांतरित अथवा गैर हस्तांतरित नजूल भूमियों में से स्वयं के द्वारा उपयोग की जा रही भूमि का कुल क्षेत्रफल एवं भूमि उपयोग विवरण प्रस्तुत करें। (ग) संबंधित निकाय द्वारा हस्तांतरित अथवा गैर हस्तांतरित कुल कितने क्षेत्रफल भूमि उपयोग हेतु लीज पर प्रदाय की गई है दी गई कॉलेज संख्या एवं एकत्र क्षेत्रफल प्रशासकीय आदेश सहित सूची संलग्न करें। (घ) संबंधित नगरीय निकाय द्वारा अथवा निजी रूप से उपयोग किया जा रही नजूल भूमि से कुल कितनी राशि प्रतिवर्ष भूभाटक एवं प्रीमियम के रूप में वार्षिक रूप से एकत्र की जा रही हैं विवरण प्रस्तुत करें। अहस्तांतरित रूप से उपयोग की जा रही भूमि यदि पट्टा/आवंटन रूप से सक्षम नजूल अधिकारी द्वारा आवंटित की जाती है तो कुल कितनी राशि प्रीमियम एवं भूभाटक के रूप में राजस्व विभाग द्वारा शासन के लिए एकत्र की जा सकती है। (ड.) प्रतिवर्ष हो रही राजस्व राशि के नुकसान की क्षतिपूर्ति हेतु राजस्व विभाग क्या प्रयास कर रहा है? यदि राजस्व राशि का भुगतान नहीं किया जाता है तो ऐसे अनाधिकृत कब्जे को हटाने के लिए शासन क्या प्रयास करेगा?

राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) सेंधवा शहर अंतर्गत म.प्र. भू-राजस्‍व संहिता 1959 के लागू होने के समय से कुल 164 हेक्टर नजूल भूमि दर्ज है। जिसके पश्चात् वर्ष 1972 में तत्कालीन कलेक्टर पश्चिम निमाड, खरगोन द्वारा जारी ज्ञापन क्रमांक/क्यू0/5-अ/1971 के माध्यम से कुल हेक्टर भूमि 126.58 हेक्‍टर भूमि को नजूल भूमि घोषित किया गया। नगर पालिका सेंधवा को नजूल भूमि का आवंटन/हस्तांतरित किया गया है, इस संबंध में कोई रेकार्ड अनुविभागीय कार्यालय सेंधवा में होना नहीं पाया गया। (ख) नगर पालिका सेंधवा द्वारा बस स्टैण्ड हेतु 9300 वर्गमी. एवं काम्प्लेक्स हेतु 7907 वर्गमी. कुल 17207 वर्गमीटर नजूल भूमि का उपयोग किया जा रहा है।                      (ग) संबंधित निकाय द्वारा वर्ष 1959 के पूर्व 21889 वर्गमीटर, वर्ष 1959 से 1972 तक 7564 वर्गमीटर एवं वर्ष 1972 के पश्चात् 4736 वर्गमीटर कुल 34189 वर्गमीटर नजूल भूमि आम जनता को लीज पर दी गई है। उक्त जानकारी निकाय सेंधवा द्वारा संधारित लीज रजिस्टर में अंकित प्रविष्टि अनुसार है। प्रशासकीय आदेश उपलब्ध नहीं है। (घ) नगर पालिका सेंधवा द्वारा उक्त भूमियों से कुल 1,03.587/- रूपये की वार्षिक भू-भाटक राशि एकत्र की जा रही है। शेष प्रश्‍नांश के संबंध में वर्तमान में बताया जाना संभव नहीं है। (ङ) उत्तरांश (घ) के उत्तर के परिप्रेक्ष्य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

अनियमितता की जानकारी

[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]

101. ( क्र. 949 ) श्री पंकज उपाध्याय : क्या उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या मध्यप्रदेश शासन चिकित्सा विभाग द्वारा उनके पत्र क्रमांक एफ 2-45/2010/1/55 दिनाक 19/05/2023 के द्वारा संशोधित आदेश जारी करते हुए अधिष्‍ठाता के पद पर सीधी भर्ती हेतु गणना दिशा-निर्देश/मापदण्ड के अधिकतम अंक 100 मैसे प्रोराटा हेतु 80 अंक और साक्षात्कार हेतु 20 अंक अधिकतम निर्धारित किये गये थे? (ख) क्या दिनांक 19/05/2023 को संशोधित आदेश के बाद दिनाक 6/2/2024 तक अधिष्ठाता पद पर सीधी भर्ती हेतु प्रोराटा अंकों में पुनः कोई संशोधन किया गया था या नहीं? क्या अधिष्ठाता के पद पर सीधी भर्ती हेतु विज्ञापन क्रमांक 224/राज/संचिशि 2024 दिनांक 6/2/2024 में प्रोराटा का निर्धारण संशोधित आदेश दिनांक 19/05/2023 के अनुसार ही होना था? (ग) क्या मध्यप्रदेश चिकित्सा विभाग के आदेश क्रमांक/368/एफ2-45/2010/1/55 दिनांक 27/02/2024 के द्वारा प्रोराटा अंको में संशोधन करते हुए शोध अनुभव को 15 अंक एवं साक्षात्कार को 25 अंक करने का निर्णय किस अधिकारी/समिति द्वारा लिया गया। उक्त निर्णय से सम्बंधित अभिलेखों/निर्णय की सत्यापित प्रति प्रदान करें एवं क्या वह अधिकारी साक्षात्कार अंक 25 करने के लिये सक्षम था? (घ) इस आदेश की क्या आकस्मिक आवश्यकता थी? इस आदेश से कितने आवेदकों को लाभ हुआ? इस आदेश से सरकार को क्या लाभ हुआ? कितने अभ्यर्थी ऐसे हैं जिनके प्रोराटा में कम अंक थे लेकिन साक्षात्कार में अधिक अंक मिलने से चयनित/प्रतीक्षा सूची में स्थान पा गये? कितने अभ्यर्थी ऐसे थे जिनके प्रोराटा में अधिक अंक है लेकिन साक्षात्कार में कम अंक मिलने चयन/प्रतीक्षा सूची से बाहर हो गए? (ड.) डीन के पद पर चयनित और प्रतीक्षा सूची के उम्मीदवारों के प्रोराटा एवं साक्षात्कार में पृथक-पृथक प्राप्त अंको की सूची प्रस्तुत करें। मयंक अग्रवाल, उप सचिव, मध्यप्रदेश शासन, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के आदेश क्रमांक 496/स्था/राज/2024, भोपाल दिनांक 15/04/2024 के द्वारा मेरिट के आधार पर चयनित चिकित्सा शिक्षको एवं आदेश क्रमांक 702/एफ1/1/1/0013/2024/मेडि-सत्रह दिनांक 16/05/2024 के द्वारा प्रतीक्षा सूची में चयनित चिकित्सा शिक्षकों की अधिष्ठाता के पद पर विभिन्न महाविद्यालयों में पदस्थापना किस मापदंड पर की गयी है?

उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जी हाँ। (ख) जी नहीं। चयन की कार्यवाही विभागीय स्तर पर लिये गये निर्णय के अनुसार सम्पादित की गई। (ग) चयन की कार्यवाही गठित समिति की अनुशंसा के अनुरूप विभागीय स्तर पर लिये गये निर्णय अनुसार पारदर्शी तरीके से की गई। जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार(घ) चयन की कार्यवाही विभागीय स्तर पर लिये गये निर्णय के अनुरूप पारदर्शी तरीके से सम्पादित की गई, परीक्षा संबंधी गोपनीय जानकारी होने से प्रकटन किया जाना उचित नहीं है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ड.) उपरोक्त प्रश्‍नांश (घ) अनुसार। एन.एम.सी. के मापदण्डों के अनुरूप विभागीय स्तर पर लिये गये निर्णय के आधार पर चयन की कार्यवाही पारदर्शी तरीके से सम्पादित की गई।

परिशिष्ट - "सैंतालीस"

पदोन्‍नति की जानकारी

[स्कूल शिक्षा]

102. ( क्र. 950 ) श्री पंकज उपाध्याय : क्या परिवहन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                        (क) क्‍या शिक्षा विभाग में मुरैना जिले में शिक्षक, सहायक शिक्षक, प्राध्‍यापकों एवं अन्‍य पदों पर कार्यरत कर्मचारियों को कब-कब पदोन्‍नति की गई? कब-कब उनकी वेतन वृद्धि की गई? क्‍या कई वर्षों से कार्यरत शिक्षक, सहायक शिक्षक एवं अन्‍य कर्मियों की पदोन्‍नति नहीं की गई है? (ख) क्‍या कई वर्षों से कार्यरत शिक्षकों, सहायक शिक्षकों एवं अन्‍य कर्मियों का पदोन्‍नति कब की जावेगी?                                    (ग) स्‍कूल शिक्षा विभाग में कितने वर्षों से पदोन्‍नति नहीं की गई है? इसके क्‍या कारण है? कब तक पदोन्‍नति के आदेश जारी किये जायेगें?

परिवहन मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) मुरैना जिले अंतर्गत शिक्षक, सहायक शिक्षक एवं अन्य पदों पर कार्यरत कर्मचारियों को माननीय सर्वोच्च न्यायालय नई दिल्ली में प्रस्तुत विशेष अनुमति याचिका (सिविल) क्रमांक 13954/2016 मध्यप्रदेश शासन एवं अन्य विरूद्ध आर.पी. राय एवं अन्य में पारित अंतरिम आदेश दिनांक 12.05.2016 द्वारा पदोन्नति के संबंध में यथा स्थिति (Status quo) को रखे जाने के फलस्वरूप दिनांक 30.04.2016 के पश्चात् पदोन्नति की कार्यवाही नहीं की गई है। शासकीय सेवकों को नियमानुसार पात्रता होने पर प्रतिवर्ष वेतन वृद्धि का प्रावधान है। तद्नुसार वेतन वृद्धि का लाभ प्रति वर्ष दिया जा रहा है। जी हां, दिनांक 30.04.2016 के पश्चात् पदोन्नति नहीं दी गई है। (ख) उत्तरांश (क) में वर्णित न्यायालयीन प्रकरण में पारित निर्णय पर समय-सीमा दिया जाना संभव नहीं। (ग) उत्तरांश (क) एवं (ख) अनुसार।

भूमि की रजिस्‍ट्री एवं नामांतरण के प्रकरण

[राजस्व]

103. ( क्र. 991 ) श्री उमाकांत शर्मा : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                               (क) प्रदेश में 1 अप्रैल, 2019 से प्रश्‍नांकित अवधि तक पंजीयक कार्यालय के संपदा पोर्टल से राजस्‍व के आरसीएमएस पोर्टल पर रजिस्‍टर्ड विक्रय पत्र के आधार पर नामांतरण हेतु कितने प्रकरण प्राप्‍त हुए? जिलावार एवं वर्षवार जानकारी उपलब्‍ध करावें। (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में कितने प्रकरणों का निराकरण रजिस्‍टर्ड विक्रय पत्र के आधार पर क्रेता के पक्ष में किया गया तथा कितने प्रकरण निरस्‍त किये गये? निरस्‍त करने का कारण सहित जिलावार एवं वर्षवार जानकारी उपलब्‍ध करावें क्‍या जानबूझकर प्रकरणों को एकपक्षीय कर निरस्‍त किये गये? इसके लिए कौन-कौन दोषी है एवं दोषियों के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की गई? जिलावार जानकारी उपलब्‍ध करावें।                     (ग) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में विदिशा जिला में कितने प्रकरण संपदा पोर्टल से राजस्‍व के आरसीएमएस पोर्टल पर प्राप्‍त हुए हैं? हल्‍कावार, मण्‍डलवार, तहसीलवार, माहवार, वर्षवार नाम सहित जानकारी उपलब्‍ध करावें? (घ) प्रश्‍नांश (ग) के संदर्भ में भूमिक्रेता को दस्‍तावेज उपलब्‍ध कराने हेतु सूचना किस माध्‍यम से दी गई? यदि हाँ, तो माध्‍यम बतावें। यदि नहीं, तो क्‍यों? (ड.) प्रश्‍नांश (घ) के संदर्भ में भूमिक्रेता को सूचना उपलब्‍ध नहीं होने पर कितने प्रकरणों का मूल दस्‍तावेज उपलब्‍ध नहीं होने पर एकपक्षीय कर निरस्‍तीकरण किया गया? (च) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में साइबर तहसील संचालित होने के बाद प्रश्‍नांकित अवधि तक कितने प्रकरणों में नामांतरण निरस्‍त हुए? जिलावार, तहसीलवार, माहवार, वर्षवार नाम सहित जानकारी उपलब्‍ध करावें

राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) प्रदेश में 1 अप्रैल, 2019 से प्रश्‍नांकित अवधि तक पंजीयक कार्यालय के संपदा पोर्टल से राजस्व के के आरसीएमएस पोर्टल पर रजिस्टर्ड विक्रय पत्र के आधार पर नामांतरण की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-''अनुसार है(ख) संपदा पोर्टल से राजस्‍व के आरसीएमएस पोर्टल पर रजिस्‍टर्ड विक्रय पत्र के आधार पर नामांतरण हेतु प्राप्‍त समस्‍त प्रकरणों का निराकरण क्रेता के पक्ष में समय-सीमा में गुणदोष के आधार पर किया गया। निरस्‍त प्रकरणों की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-'' अनुसार है(ग) विदिशा जिले से जानकारी संकलित की जा रही है। (घ) एवं (ड.) विदिशा जिले से जानकारी संकलित की जा रही है। (च) जिलों से प्राप्‍त जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-'' अनुसार है

सिंचाई परियोजना एवं आवंटित राशि की जानकारी

[जल संसाधन]

104. ( क्र. 992 ) श्री उमाकांत शर्मा : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में विभाग द्वारा निर्माण एवं विकास कार्यों तथा अन्‍य कार्यों के लिए कौन-कौन योजनाओं में, किन-किन मदों में, कितनी-कितनी राशि आवंटित की गई? कार्य के नाम सहित, योजनावार, मदवार जानकारी उपलब्‍ध करावें। (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में भोपाल, संभाग में विभाग द्वारा कौन-कौन सी लघु, मध्‍यम, वृहद सिंचाई परियोजनाएं, नदी, तालाब, बैराज आदि स्‍वीकृत हैं त‍था प्रगतिशील है? विकासखण्‍डवार लघु, मध्‍यम, वृहद् सिंचाई परियोजनावार, जानकारी उपलब्‍ध करावें? कितनी परियोजनाओं की डी.पी.आर. बन चुकी है? कितनी परियोजनाओं की साध्‍यता हो चुकी है? कितनी परियोजनाओं की साध्‍यता होना शेष है? विस्‍तृत जानकारी परियोजनावार, विकासखण्‍डवार उपलब्‍ध करावें। (ग) प्रश्‍नांश (ख) के संदर्भ में उक्‍त सिंचाई परियोजनाओं का कार्य कब से प्रारंभ है? कार्यादेश की छायाप्रति, तकनीकी एवं प्रशासकीय स्‍वीकृति, कार्यपूर्णत: की दिनांक सहित अभी तक हुये कार्य का विवरण एवं ठेकेदार को वर्ष 2014 से प्रश्‍नांकित अवधि तक सिंचाई परियोजनाओं की अद्यतन स्थिति, भुगतान की जानकारी बतावें। यदि इन योजनाओं का कार्य प्रारंभ नहीं हुआ है तो कार्य प्रारंभ कब तक कर दिया जावेगा? समय-सीमा बतावें एवं विलंब के लिए दोषी कौन है? दोषी पर क्‍या कार्यवाही की गई? कृत कार्यवाही की छायाप्रति तथा कार्य प्रारंभ कब से कर दिया जावेगा? (घ) प्रदेश में कहां-कहां सिंचाई कौन-कौन सी पद्धति से प्रस्‍तावित है? विकासखण्‍डवार जानकारी उपलब्‍ध करावें।

जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

रोगी कल्‍याण समिति भिण्‍ड में व्‍याप्‍त अनियमितताएं

[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]

105. ( क्र. 1000 ) श्री हेमंत कटारे : क्या उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला चिकित्सालय भिण्ड अंतर्गत रोगी कल्याण समिति मद में वित्त वर्ष 2021-2022, 2022-2023 एवं 2023-2024 में वित्त वर्ष अनुसार पृथक-पृथक कितनी-कितनी आय हुई? (ख) प्रश्‍नांश (क) में उल्लेखित अवधि में रोगी कल्याण समिति मद से जिले में कौन-कौन से निर्माण कार्य किये गये? क्या यह निर्माण कार्य टेण्डर प्रक्रिया के अंतर्गत नियमानुसार किये गये? निर्माण कार्य का विवरण, टेण्डर दिनांक, स्वीकृति दिनांक कार्य की लागत, निर्माण एजेन्सी/ठेकेदार का नाम व भुगतान दिनांक व कार्य पूर्ण होने का दिनांक सहित वित्त वर्षवार पृथक-पृथक जानकारी दी जाये। (ग) प्रश्‍नांश (क) में उल्लेखित अवधि में रोगी कल्याण समिति मद से जिले में किन-किन सामग्री/उपकरणों की कितने रूपये खरीदी की गई? क्या खरीदी प्रक्रिया में भण्डार क्रय नियमों का पूर्णतः पालन कर टेण्डर बुलाकर प्रक्रिया संपादित की गई है? क्रय की गई सामग्री की सूची एवं प्रदाय करने वाली फर्म का नाम सहित वित्त वर्षवार पृथक-पृथक जानकारी दी जाये।

उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जिला चिकित्सालय भिण्ड अंतर्गत रोगी कल्याण समिति मद में वार्षिक आय का विवरण निम्नानुसार हैः-                                       वर्ष-2021-2022 रू. 36769867.33/-, वर्ष-2022-2023 रू. 24802801.60/-, वर्ष-2023-2024 रू. 13896348.51/-(ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'''' अनुसार है। जी हाँ। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'''' में समाहित है। (ग) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'''' अनुसार है। जी हाँ। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'''' में समाहित है।

नर्सिंग कॉलेजों की जानकारी

[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]

106. ( क्र. 1001 ) श्री हेमंत कटारे : क्या उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में शिक्षा सत्र 20-21, 21-22 एवं 22-23 में सत्रवार किन-किन नर्सिंग कॉलेजों को राज्य शासन/म.प्र. नर्सेस रजिस्टेशन काउन्सिल/म.प्र. आर्युविज्ञान विश्‍वविद्यालय द्वारा अनुमति प्रदान की गई? कॉलेजों का नाम व पता सहित प्रत्येक कॉलेज में पदस्थ स्टाफ की पूर्ण जानकारी जिसमें (पद, शैक्षणिक योग्यता, अनुभव आदि शामिल हो) प्रदान की जाये। (ख) उक्त तीनों शिक्षा सत्र में अनुमति प्राप्त सभी कॉलेजों के संबंध में कॉलेज का संचालन करने वाली संस्था व संस्था के पदाधिकारियों की नाम, पता सहित पूर्ण जानकारी तथा उक्त नर्सिंग कॉलेज से जुड़े चिकित्सालय का नाम, उसमें पदस्थ स्टाफ की पूर्ण जानकारी (नाम, पद, पता, शैक्षणिक योग्यता आदि शामिल हो) प्रदाय की जाये। (ग) उक्त तीनों शिक्षा सत्र में नर्सिंग कॉलेजों के कराये गये निरीक्षण में प्रत्येक कॉलेजवार निरीक्षण दल में कौन-कौन अधिकारी/कर्मचारी शामिल थे उनकी (नाम, पद, पदस्थापना स्थल आदि) की पूर्ण जानकारी सहित प्रस्‍तुत किये निरीक्षण प्रतिवेदन की प्रदेश स्तर पर किस अधिकारियों द्वारा स्क्रूटनी की गई। इन स्क्रूटनी करने वाले अधिकारियों के नाम, पद व पदस्थापना स्थल सहित जानकारी प्रत्येक कॉलेजवार प्रदाय की जाये। (घ) उक्त तीनों शिक्षा सत्रों में संचालित नर्सिंग महाविद्यालयों को अनुमति प्रदान करने हेतु किसके द्वारा अनुशंसा की गई? प्रत्येक कॉलेजवार अनुशंसाकर्ता करने वाले पदाधिकारी की जानकारी प्रदाय की जाये।

उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-1 अनुसार है। शेष जानकारी वृहद स्‍वरूप की होने से संकलित की जा रही है।                                     (ख) जानकारी वृहद स्‍वरूप की होने से संकलित की जा रही है। (ग) निरीक्षण दल की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-2 अनुसार है। शेष जानकारी वृहद स्‍वरूप की होने से संकलित की जा रही है। (घ) नर्सिंग शिक्षण संस्‍था मान्‍यता नियम, 2018 के नियम 5 (7) के अनुसार मान्‍यता आवेदन परिषद की कार्यकारिणी समिति की बैठक में विचार कर निराकृत किये जाते हैं। मान्‍यता प्रमाण-पत्र रजिस्‍ट्रार द्वारा जारी किए जाते हैं।

सहायक यंत्री के अधिकार

[स्कूल शिक्षा]

107. ( क्र. 1010 ) श्री बिसाहूलाल सिंह : क्या परिवहन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या मध्यप्रदेश राज्य शिक्षा केन्द्र अंतर्गत जिलो में संविदा के तकनीकी कर्मचारियों के कौन-कौन से पद स्वीकृत है एवं उनके द्वारा क्या-क्या कार्य संपादित किये जाते है? (ख) क्या जिला शिक्षा केन्द्र अनूपपुर पदस्थ संविदा सहायक यंत्री/प्रभारी संविदा सहायक यंत्रि‍यों को लोक निर्माण विभाग अथवा ग्रामीण विकास विभाग के एस.ओ.आर. पर राज्य शासन द्वारा नवीन निर्माण कार्यों के प्राक्कलन तैयार करने और तकनीकी स्वीकृति देने संबंधी अधिकार प्रदान किये गये है? यदि हाँ, तो आदेश की प्रति उपलब्ध कराये और यदि नहीं, तो जिला शिक्षा केन्द्र अनूपपुर में पदस्थ सहायक यंत्री द्वारा खनिज प्रतिष्ठान मद से वित्तीय वर्ष 2022-232023-24 में स्वीकृति निर्माण कार्यों का तकनीकी प्राक्कलन में जारी तकनीकी स्वीकृति का आधार क्या है? (ग) क्या निर्माण कार्यों में सक्षम अधिकारियों द्वारा तकनीकी स्वीकृति जारी न करने के कारण निर्माण कार्यों में हुए व्यय को निष्फल मानते हुए संबंधित अधिकारी के वेतन से वसूल किये जाने का प्रावधान है? यदि हाँ, तो आदेश की प्रति उपलब्ध करावे यदि नहीं, तो दोषी अधिकारी के विरूद्ध क्या कार्यवाही की जावेगी? (घ) क्या जिला शिक्षा केन्द्र अनूपपुर के पदस्थ सहायक यंत्री द्वारा वित्तीय 2022-23, 2023-24 में किन-किन निर्माण कार्यों की कितनी-कितनी राशि की तकनीकी स्वीकृतियां जारी की गई? विवरण सहित जानकारी देवें। (ड.) क्या निर्माण कार्यों की प्राक्कलन में 18 प्रतिशत जी.एस.टी. जोड़े जाने का नियम है? यदि हाँ, तो क्या तकनीकी स्वीकृति जारी करते समय जी.एस.टी. का जोड कर तकनीकी स्वीकृति जारी किया जाता है? अथवा बिना जी.एस.टी. के? जानकारी उपलब्ध करावें।

परिवहन मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) म.प्र. राज्य शिक्षा केन्द्र अन्तर्गत जिलो में संविदा के तकनीकी कर्मचारियों के स्वीकृत पद एवं सम्पादित कार्यों की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-'''' अनुसार है। (ख) जी हां, राज्य परियोजना संचालक राज़ीव गांधी शिक्षा मिशिन के पत्र क्र./98/1795 भोपाल दिनांक 15.05.1998 में राज्य स्तरीय सिविल वर्क्‍स कमेटी द्वारा अन्य तकनीकी विभागो के समान सहायक यंत्रियों तक के अधिकारियों को प्राक्कलन की तकनीकी स्वीकृति देने तथा उप यंत्रियों को माप पुस्तिकाओं में माप दर्ज कर किये गये कार्य की कुल राशि (प्रचलित दरों पर) देयक तैयार करने का अधिकार दिया गया है। (ग) उत्तराशं (ख) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (घ) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-'''' अनुसार है। (ड.) हां, कार्यालय मुख्य अभियंता ग्रामीण यांत्रिकी सेवा भोपाल के आदेश क्र./6520/22/वि-10/ग्रायांसे/2022 भोपाल दिनांक 29.11.2022 के अनुसार 18 प्रतिशत जी.एस.टी. राशि जोड़ते हुए प्राक्कलन तैयार किये जाने के निर्देश है। आदेश की प्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-'''' अनुसार है।

कार्य में अनियमितताएं की जांच एवं कार्यवाही

[जल संसाधन]

108. ( क्र. 1015 ) श्री देवेन्द्र रामनारायन सखवार : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या कुशलपुरा नहर प्रणाली के दो पक्के कार्य बांयी तट नहर तथा एक पक्का कार्य दांयी तट नहर के घटिया कार्य कराने के फलस्वरूप क्षतिग्रस्त होने का प्रतिवेदन तत्कालीन कार्य पालन यंत्री राजगढ़ द्वारा मुख्य अभियंता चंबल बेतवा कछार भोपाल को प्रस्तुत किया? मुख्य अभियंता चंबल बेतवा कछार भोपाल दवारा उनके पत्र क्रमांक/122/स्था-/pa-cs-/Bsका दिनांक 10/01/2014 से प्रमुख अभियंता जल संसाधन विभाग भोपाल तथा शासन को प्रेषित किया था?                         (ख) क्या शासन द्वारा दोनों नहर प्रणाली के क्षतिग्रस्त पक्के कार्यों (एक्यूडक्ट) की विभागीय जांच कराने का निर्णय लिया था, परंतु की गई विभागीय जांच में से तत्कालीन कार्य पालन यंत्री द्वारा दांयी तट नहर के आरोपित अनुविभागीय अधिकारी तथा उप यंत्री से लाखों रुपए लेकर विभागीय जांच हेतु केवल बांयी तट नहर के अनुविभागीय अधिकारी तथा उपयंत्रियों के नाम प्रेषित किए गए एवं दांयी तट नहर के आरोपियों को संरक्षण दिया गया? (ग) क्या उपरोक्त भ्रष्‍टाचार की शिकायत शासन तथा आर्थिक अपराध संगठन को की गई थी परन्तु तत्कालीन कार्यपालन यंत्री के विरुद्ध दण्डात्मक कार्यवाही न करते हुए कार्यपालन यंत्री को पुरस्कृत कर पहले अधीक्षण यंत्री के पद पर पदोन्नत किया गया तथा सेवानिवृत्ति के उपरांत भी संविदा नियुक्ति प्रदान कर भ्रष्टाचार करने हेतु प्रोत्साहित किया गया? (घ) आर्थिक अपराध संगठन से जांच हेतु प्राप्त समस्त पत्र तथा शासन द्वारा आर्थिक अपराध संगठन को भेजे गए जांच प्रतिवेदन की प्रमाणित प्रति सम्पूर्ण शिकायत सहित उपलब्ध कराएं। (ङ) क्या दोषी तत्कालीन कार्यपालन यंत्री पर कार्यवाही की जाएगी? यदि हाँ, तो कब तक?

जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) वस्‍तुस्थिति यह है कि मुख्‍य अभियंता चंबल बेतवा कछार भोपाल द्वारा उनके पत्र क्र. 122/एल/सा.च.बे./ठेकॉ/2004 भोपाल दिनांक 10/01/2014 द्वारा अनुबंधित ठेकेदार श्री रामेन्‍द्र सिंह को नोटिस दिया गया था। (ख) जी हॉं। शासन द्वारा कुशलपुरा मध्‍यम सिंचाई परियोजना की नहर प्रणाली के निर्माण कार्य में हुई अनियमितताओं के लिये तत्‍कालीन कार्यपालन यंत्री श्री आर.आर.पंवार, तत्‍कालीन अनुविभागीय अधिकारी श्री धमेन्‍द्र भण्‍डारी, तत्‍कालीन उपयंत्रियों श्री हरिशचन्‍द्र भरादिया एवं तत्‍कालीन उपयंत्री व्‍ही.के.नामदेव के विरूद्ध विभागीय जांच संस्थित करने का निर्णय लिया जाकर दोषी पाये जाने पर चारों अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरूद्ध शास्ति अधिरोपित की जा चुकी है। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट-एक अनुसार है। अत: किसी को भी संरक्षण नहीं दिया गया। (ग) शिकायत आर्थिक अपराध संगठन में क्रमांक-1232/2021 एवं 1904/2021 प्राप्‍त है। जांच प्रतिवेदन प्राप्‍त किया जाकर गुण-दोष के आधार पर कार्यवाही सुनिश्चित की जावेगी। किसी को भ्रष्‍टाचार करने हेतु प्रोत्‍साहित नहीं किया गया। (घ) आर्थिक अपराध संगठन से प्राप्‍त पत्र एवं संपूर्ण शिकायत की प्रतियां पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट-दो अनुसार है। (पृ.1 से 19) शेष कार्यवाही प्रक्रियाधीन होना प्रतिवेदित है। (ड.) जांच प्रतिवेदन के आधार पर गुण-दोष के अनुसार कार्यवाही सुनिश्चित की जावेगी। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

चैक पोस्‍टों द्वारा राजस्‍व वसूली की लक्ष्‍य पूर्ति

[परिवहन]

109. ( क्र. 1022 ) श्री राजेन्‍द्र भारती : क्या परिवहन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                                   (क) क्‍या विभाग द्वारा राजस्‍व वसूली के लिए वार्षिक लक्ष्‍य निर्धारित किया जाता है? यदि हाँ, तो वर्ष 2023-24 एवं 2024-25 हेतु कितना-कितना लक्ष्‍य निर्धारित किया गया है तथा लक्ष्‍य के विरूद्ध कितनी-कितनी वसूली चैक पोस्‍टों द्वारा की गई है? कृपया वर्षवार अलग-अलग चैक पोस्‍टों द्वारा की गई राजस्‍व वसूली की जानकारी प्रदाय करें। (ख) क्‍या चैक पोस्‍टों पर अवैध वसूली रोकने के लिए विभाग द्वारा दिशा-निर्देश जारी किये जाते है, यदि हाँ, तो प्रतियां उपलब्‍ध करायें। क्‍या विभाग द्वारा अन्‍य स्‍थापित चौकियों के साथ ही चिरूला एवं सिकंदरा चैक पोस्‍ट भी स्‍थापित है? यदि हाँ, तो प्रदेश में चैक पोस्‍ट स्‍थापित करने की क्‍या आवश्‍यकता है? कृपया विवरण देते हुए बताये कि क्‍या बगैर चैक पोस्‍ट स्‍थापित किये अन्‍य राज्‍यों की भांति राजस्‍व वसूली नहीं की जा सकती है? क्‍या विभाग वैकल्पिक व्‍यवस्‍था करने पर विचार करेगा? यदि नहीं, तो क्‍यों? (ग) क्‍या विभाग अवैध वसूली एवं ड्रायवरों वाहन, मालिकों एवं स्‍टाफ के साथ हो रहे झगड़े/वि‍वाद को देखते हुए विभाग की हो रही बदनामी के मद्देनजर चैक पोस्‍ट चौकियां बंद करेगा और नहीं तो क्‍यों? कृपया कारण सहित बतायें।

परिवहन मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) विभाग द्वारा अधीनस्थ कार्यालयों को वार्षिक लक्ष्य निर्धारित किया जाता है। आलोच्य अवधि में निर्धारित राजस्व लक्ष्य निम्न तालिका के अनुसार हैं:- (राशि करोड़ में)

स. क्र.

वर्ष

शासन से निर्धारित राजस्व लक्ष्य

1

2023-24

4845.60

2

2024-25

5280.00

शासन द्वारा दिये गये राजस्व लक्ष्य को उद्ग्रहित करने हेतु वार्षिक/माहवार लक्ष्य आवंटित किया जाता है, जिसे विभाग द्वारा अधीनस्थ कार्यालयों को समानुपातिक रूप से वितरित किया जाता है। विभाग द्वारा प्रदेश में संचालित परिवहन जांच चौकियों को पृथक से वसूली हेतु राजस्व लक्ष्य निर्धारित नहीं किया जाता हैं। जिन जिलों के क्षेत्राधिकार में परिवहन जांच चौकियां स्थापित हैं, उन जिलों के द्वारा अर्जित राजस्व में जांच चौकियों का भी योगदान/अंशदान रहता हैं। आलोच्य अवधि में परिवहन जांच चौकियों द्वारा अर्जित राजस्व की जानकारी चैक पोस्टवारवर्षवार संलग्न परिशिष्‍ट अनुसार हैं(ख) एवं (ग) विभाग द्वारा मोटरयान अधिनियम 1988, केन्द्रीय मोटरयान नियम 1989, मध्यप्रदेश मोटरयान नियम 1994, मध्यप्रदेश मोटरयान कराधान अधिनियम 1991 में विहित प्रावधानों के अंतर्गत ही कार्यवाही की जाती हैं और वाहनों में कमी पाये जाने पर चालानी कार्यवाही कर संबंधित को उसकी पावती प्रदान की जाती हैं। अन्य स्थापित चौकियों के साथ ही चिरूला एवं सिकंदरा चैकपोस्ट भी स्थापित हैं। मध्यप्रदेश मोटर परिवहन यानों पर पथकर उद्ग्रहण अधिनियम 1985 की धारा 3 के तहत प्रदेश सीमा में प्रवेश करने वाले वाहनों से तत्समय पथकर लिये जाने वाले प्रावधान के तहत परिवहन चैकपोस्टों की स्थापना की गई हैं। मध्यप्रदेश कराधान अधिनियम 1991 में धारा 2 (ज) में जांच चौकियों का प्रावधान हैं। देश के कुछ राज्यों में बगैर चैकपोस्ट स्थापित किये राजस्व वसूली की जा रही हैं। मध्यप्रदेश में वैकल्पिक व्यवस्था के संबंध में विचार किया जा रहा हैं। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - "अड़तालीस"

सी.एम. राईज विद्यालयों की जानकारी

[स्कूल शिक्षा]

110. ( क्र. 1023 ) श्री राजेन्‍द्र भारती : क्या परिवहन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि             (क) क्‍या म.प्र. में स्‍कूल शिक्षा विभाग द्वारा सी.एम. राईज योजना अंतर्गत सी.एम. राईज विद्यालय खोले गये है? यदि हाँ, तो सी.एम. राईज विद्यालयों द्वारा छात्रों को क्‍या-क्‍या लाभ प्राप्‍त होगें जो अन्‍य शासकीय विद्यालय में प्राप्‍त नहीं हो रहे है? (ख) दतिया विधानसभा क्षेत्र के सी.एम. राईज विद्यालयों की स्‍वीकृति दिनांक से प्रश्‍न दिनांक तक भवन एवं अन्‍य समस्‍त संसाधनों हेतु जारी आवंटन राशि की विद्यालयवार, मदवार, सत्रवार जानकारी प्रदान करें। (ग) दतिया विधानसभा क्षेत्र सी.एम. राईज विद्यालयों में क्‍या हिन्‍दी एवं अंग्रेजी दोनों माध्‍यम है? यदि हाँ, तो विद्यालयवार दोनों माध्‍यम के स्‍वीकृत पद एवं कार्यरत टीचिंग स्‍टाफ की जानकारी प्रदाय करें। (घ) प्रदेश के कक्षा 10 बोर्ड के सी.एम. राईज विद्यालयों का परीक्षा परिणाम सत्र 2022-23 से 2023-24 में कम रहा है? यदि हाँ, तो कम परीक्षा परिणाम के दोषी अधिकारी/कर्मचारियों पर क्‍या कार्यवाही की जायेगी एवं कब तक? यदि नहीं, की जायेगी तो क्‍यों? क्‍या विभाग अंग्रेजी विषय के शिक्षकों को स्‍कूल मांग अनुसार व्‍यवस्‍था करायेगा? यदि हाँ, तो कब तक?

परिवहन मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जी हाँ। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-एक अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-दो अनुसार है। (ग) जी हाँ। सी.एम. राइज़ विद्यालयों में शिक्षकों के चयन हेतु आयोजित लिखित परीक्षा में अंग्रेजी दक्षता की भी परीक्षा ली गई है, अतएव अंग्रेजी माध्यम के पृथक से पद स्वीकृत नहीं है। शेष जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-तीन अनुसार है। (घ) जी नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। जी हाँ, शिक्षकों की भर्ती सतत् प्रक्रिया है, जिसकी निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

सम्‍पत्ति बंटवारे की जानकारी

[राजस्व]

111. ( क्र. 1035 ) श्री नितेन्‍द्र बृजेन्‍द्र सिंह राठौर : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) पारिवारिक सम्‍पत्ति बंटवारे मकान, कृषि भूमि, परिवार के सदस्‍यों को किस तरह बांटी जाती है? कृपया नियम बतावें। क्‍या पुत्र एवं पुत्रियों का नाम, पारिवारिक सम्‍पत्ति में अंकित रहता है? (ख) क्‍या पुत्र-पुत्रियों में पारिवारिक सम्‍पत्ति बंटवारा में पुत्रियों का भी पुत्र के समान (अधिकारोहक) है? क्‍या उनका नाम भी उस सम्‍पत्ति में अंकित रहता है? किस आधार पर पुत्रियों का नाम उक्‍त सम्‍पत्ति से बेदखल किया जा सकता है? कृपया नियम बतावें। उक्‍त अधिकार किस अधिकारी को होता है? (ग) क्‍या शासन, शासन की नीति अनुसार महिलाओं को भी सम्‍पत्ति में उनको हक मिले इसके लिये कड़ाई से नियम पालन कराया जावेगा व जिन अधिकारी/कर्मचारियों द्वारा नियम विरूद्ध महिलाओं के नाम बेदखल किये गये हैं? शासन ऐसे अधिकारियों/कर्मचारियों के विरूद्ध कड़ी कार्यवाही करेगा? (घ) क्‍या शासन को हरदा जिला में इस प्रकार की कोई शिकायतें प्राप्‍त हुई है? यदि हाँ, तो क्‍या कार्यवाही की गई? यदि उक्‍त संबंध में कोई शिकायत करता है तो क्‍या शासन कार्यवाही करेगा?

राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जी हाँ। मध्यप्रदेश भू राजस्व संहिता 1959 की धारा 109, 110, 178, 178- क भारतीय उत्तराधिकार अधिनियम 1925 एवं हिन्दू उत्तराधिकार अधिनियम 1956 के तहत पारिवारिक सम्पतियों में परिवार के सदस्यों के नाम अंकित होकर पारिवारिक विभाजन होता है। (ख) मध्यप्रदेश भू राजस्व संहिता 1959 की धारा 178 के अनुसार कृषि भूमि पर पुत्र पुत्रियों का समान अधिकार होता है रजिस्टार कार्यालय से रजिस्टर्ड हक त्याग विलेख के अनुसार ही पुत्रियों का नाम कृषि संपत्ति पर से पृथक किया जा सकता है। रजिस्टर्ड हक त्याग उपरांत उक्त अधिकार तहसीलदार/नायब तहसीलदार को प्राप्त है। (ग) उत्‍तरांश (क) एवं (ख) के प्रकाश में प्रश्‍न उपस्थित न‍हीं होता है। (घ) जिला हरदा अंतर्गत इस प्रकार की कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

 

अमोदागढ़ में निर्माण कार्यों की जानकारी

[पर्यटन]

112. ( क्र. 1036 ) श्री रजनीश हरवंश सिंह : क्या राज्‍य मंत्री (स्वत्रंत प्रभार), संस्‍कृति महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सिवनी जिला अंतर्गत अमोदागढ़ (कान्‍हीवाड़ा) में वर्ष 2018 से प्रश्‍न दिनांक तक विभाग द्वारा कौन-कौन से निर्माण कार्य कराये गये हैं? वर्षवार निर्माण कार्य की जानकारी लागत राशि सहित बतायें? (ख) क्‍या धार्मिक एवं प्राकृतिक स्‍थल अमोदागढ़ में पर्यटकों की सुविधा को देखते हुये, पक्‍की सड़क, सीढ़ी निर्माण, सामुदायिक भवन आदि के निर्माण कार्य हेतु कोई प्रस्‍ताव विभाग के समक्ष विचाराधीन है? (ग) उक्‍त स्‍थान में विभाग द्वारा क्‍या-क्‍या सुविधायें पर्यटकों को दी जा रही है एवं उक्‍त क्षेत्र में विभाग के कितने कर्मचारी अधिकारी कार्यरत है?

राज्‍य मंत्री (स्वत्रंत प्रभार), संस्‍कृति ( श्री धर्मेन्द्र भाव सिंह लोधी ) : (क) अमोदागढ़ (कान्‍हीवाड़ा) में वर्ष 2018 से कोई निर्माण कार्य नहीं किये गये। (ख) वर्तमान में कोई प्रस्‍ताव प्रचलन में नहीं है। (ग) शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

 

 

सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्रों में रिक्‍त पदों की पूर्ति

[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]

113. ( क्र. 1037 ) श्री रजनीश हरवंश सिंह : क्या उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) केवलारी विधान सभा के अंतर्गत सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र छपारा, धनौरा, केवलारी, उगली, पांडिया छपारा में स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र में स्‍पेशलिस्‍ट डॉक्‍टर, फार्मासिस्‍ट, क्‍लर्क, स्‍टॉफ नर्स, ड्रेसर, वार्ड बॉय, भृत्‍य के पद रिक्‍त हैं? पद रिक्‍त हैं तो पदस्‍थापना क्‍यों नहीं की गई? (ख) प्रश्‍नांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में विधान सभा क्षेत्र केवलारी में क्‍या रिक्‍त पदों में पदस्‍थापना की जायेगी और की जायेगी तो कब? जानकारी देवें। नहीं तो क्‍यों नहीं? (ग) प्रश्‍नांश (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में क्‍या उक्‍त बंद उप स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्रों में शीघ्र ही स्‍वास्‍थ्‍य सेवाएं संचालित की जावेगी? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्‍यों?

उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जी हाँ। पदपूर्ति एक निरंतर प्रक्रिया है। वर्ष 2023 में 22 चिकित्सकों की नियुक्ति सिवनी जिले में की गई है जिसमें से 02 चिकित्सक की पदस्थापना सिविल अस्पताल केवलारी में की गई है, नर्सिंग ऑफिसर (स्टॉफ नर्स) के समस्त पद भरे हुए है। पैरामेडिकल/अन्य सहायक स्टॉफ की पूर्ति हेतु मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मण्डल के माध्यम से सीधी भर्ती की कार्यवाही निरंतर की जा रही है तथा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन अंतर्गत भी संविदा के तहत् नियुक्ति की जाती है।                             (ख) चयनित विशेषज्ञ/चिकित्सक/सहायक स्टॉफ उपलब्धता अनुसार पदपूर्ति निरंतर की जाती है। संस्थाओं में शत-प्रतिशत पदपूर्ति हेतु निश्चित समयावधि बताई जाना संभव नहीं है।                               (ग) कोई भी उप स्वास्थ्य केन्द्र बंद नहीं है, उपलब्ध स्वास्थ्य केन्द्रों में स्वास्थ्य सेवाएं संचालित की जा रही है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

पट्टा विक्रय के नियम

[राजस्व]

114. ( क्र. 1043 ) श्री बाला बच्चन : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                                (क) यदि कोई व्‍यक्ति किसी शासकीय भूमि पर काबिज है और उसका नाम खसरे में अंकित है लेकिन उसके पास, पट्टा नहीं है तो क्‍या उसे भूमि विक्रय की अनुमति कलेक्‍टर दे सकता है? यदि हाँ, तो इस नियम/आदेश की प्रमाणित प्रति देवें? (ख) यदि नहीं, तो क्‍या इसके लिए राज्‍य शासन से अनुमति लगेगी?

राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार प्रावधान अंतर्गत सक्षम प्राधिकारी द्वारा जांच उपरांत यथोचित निर्णय लिये जाने का प्रावधान है। (ख) उत्तरांश (क) के अनुक्रम में प्रश्‍न उद्भूत नहीं होता है।

परिशिष्ट - "उन्चास"

 

 

शासकीय कृषि भूमि पट्टों की जानकारी

[राजस्व]

115. ( क्र. 1049 ) श्री कमलेश्वर डोडियार : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि क्‍या प्रश्‍नकर्ता विधायक द्वारा दिनांक 02.02.2024 अपने पत्र क्रमांक 168/व्‍ही.आई.पी./2024 को माननीय मुख्‍यमंत्री एवं एक अन्‍य पत्र विभागीय राजस्‍व मंत्री तथा पुन: एक पत्र दिनांक 4/6/2024 को आपने पत्र क्रमांक 484/व्‍ही.आइ.पी./2024 को मुख्‍यमंत्री, म.प्र. शासन को लिखकर लगभग 100 करोड़ रूपये की शासकीय भूमि घोटाले की मांग की गई थी, यदि हाँ, तो उक्‍त शिकायत पत्र पर क्‍या कार्यवाही की गई?

राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : जी हाँ। उक्‍त शिकायतों की जांच कर की गई कार्यवाही से आवेदक को एवं विभाग को अवगत कराये जाने हेतु कलेक्‍टर भोपाल को पत्र क्रमांक 566/1926825/2024/सात-2, दिनांक 20.06.2024 एवं क्रमांक 586/2106731/2024/सात-2, दिनांक 22.06.2024 लिखे गये है।

जिलों में स्थित स्‍कूलों की जानकारी

[स्कूल शिक्षा]

116. ( क्र. 1050 ) श्री कमलेश्वर डोडियार : क्या परिवहन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला रतलाम, में स्कूल शिक्षा विभाग के अन्तर्गत संचालित प्राथमिक, माध्यमिक, हाई स्कूल एवं हायर सेकेण्ड्री स्कूलों के नाम, पते एवं उक्त स्कूलों में स्वीकृत पदों की सम्पूर्ण जानकारी पृथक-पृथक उपलब्ध करावें? (ख) प्रश्‍नांश (क) में उल्लेखित जिले में वर्तमान में संचालित स्कूलों में जो पद नियमित शिक्षकों से भरे हुये हैं उन पर पदस्थ शिक्षकों के नाम, पद नाम सहिंत बतावें एवं जो पद जिस दिनांक से रिक्त पड़े हुये है अथवा उन पदों पर अतिथि या अशंकालीन शिक्षक रखे गये है उनके नाम, पद नाम सहित एवं उन्हें प्रतिमाह भुगतान किये जा रहे वेतन भत्तों की जानकारी उपलब्ध करावें? (ग) क्या प्रश्‍नकर्ता विधायक द्वारा दिनांक 5/6/2024 को अपने पत्र क्रमांक 489/व्ही.आई.पी./2024 को मुख्यमंत्री म.प्र. शासन एवं पत्र क्र. 490/व्ही.आई.पी./2024 को मुख्य सचिव म.प्र. शासन को उनके विभागीय ई-मेल पर भेजा गया था, यदि हाँ, तो प्रश्‍नकर्ता विधायक के पत्र पर सदन में उत्तर देने की दिनांक तक क्या कार्यवाही की गई? (घ) क्या प्रश्‍नकर्ता विधायक द्वारा दिनांक 5/6/2024 को आपने पत्र क्र. 494/व्ही.आई.पी./2024 के माध्यम से प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा विभाग म.प्र. शासन से विधायक के विशेषाधिकार में जानकारी चाही गई थी, यदि हाँ, तो प्रश्‍नकर्ता विधायक को कब तक उक्त चाही गई जानकारी उपलब्ध करा दी जाएगी? यदि नहीं, तो क्यों नहीं?

परिवहन मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) एवं (ख) स्कूल शिक्षा विभाग से संबंधित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार। वर्तमान में शैक्षणिक सत्र में रिक्त पदों पर अतिथि शिक्षक नहीं रखे गये हैं अतः शेषांश का प्रश्‍न उदभूत नहीं होता। (ग) एवं (घ) जी हां। संचालनालय के पत्र क्र/योजना/विधायक/2024-25/507 भोपाल दिनांक 25.06.2024 द्वारा माननीय विधायक महोदय के मेल kamleshwar.dmp.vidhansabha.nic.in पर आंशिक जानकारी उपलब्ध कराई गई है। शेष जानकारी संकलि‍त कर उपलब्ध कराई जावेगी

नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन के प्रकरणों का निराकरण

[राजस्व]

117. ( क्र. 1053 ) श्री माधव सिंह (मधु गेहलोत) : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) आगर विधानसभा क्षेत्र में नामांतरण, बंटवारा एवं सीमांकन के विगत एक वर्ष के कितने प्रकरण/आवेदन लंबित हैं? तहसीलवार जानकारी देवें। (ख) क्या प्रश्‍नांश (क) में नामांतरण, बंटवारा एवं सीमांकन के प्रकरण/आवेदन को जमा करने के उपरांत विभाग द्वारा प्रकरण को हल करने के लिए विभाग ‌द्वारा क्या समय-सीमा तय की गई है? (ग) प्रश्‍नांश (ख) अनुसार कितने प्रकरण पंजीबद्ध हैं जो विभाग की तय समय-सीमा में निराकरण नहीं हुए हैं? प्रकरणों की संख्या तहसीलवार देवें। (घ) आगर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत आने वाले तहसील/नायब तहसीदार कार्यालयों में ऐसे कितने प्रकरण नामांतरण/बंटवारा/सीमांकन हेतु लंबित हैं जिनका निराकरण नहीं हुआ है? कारण सहित नाम/ग्राम का नाम/तहसील का नाम सहित जानकारी देवें।

राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) आगर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत तहसील आगर एवं बडौद सम्मिलित है, जिसमें नामांतरण, बंटवारा एवं सीमांकन के लंबित प्रकरण/आवेदनों की तहसीलवार जानकारी निम्‍नानुसार है-

 

क्र.

तहसील

नामांतरण

बंटवारा

सीमांकन

1

आगर

1188

88

163

2

बडौद

1308

260

53

कुल योग

2496

348

216

 

 

 

 

(ख) अविवादित नामांतरण की समय-सीमा 30 दिवस एवं विवादित नामांतरण की 6 माह समय-सीमा नियत है। अविवादित बंटवारा की समय-सीमा 90 दिवस एवं विवादित बंटवारा की 6 माह समय-सीमा नियत है। अविवादित सीमांकन की समय-सीमा 45 दिवस है। (ग) प्रश्‍नांश (ख) अनुसार पंजीबद्ध प्रकरणों की संख्‍या जो विभाग की तय समय-सीमा में निराकरण नहीं हुए हैं, उनकी जानकारी निम्‍नानुसार है:-

क्र.

तहसील/उपतहसील का नाम

नामांतरण

बंटवारा

सीमांकन

1

न्‍यायालय तहसीलदार तहसील आगर

438

15

11

2

न्‍यायालय नायब तहसीलदार उपतहसील पाचारूण्‍डी

66

09

33

3

न्‍यायालय नायब तहसीलदार उपतहसील कानड

66

06

19

4

न्‍यायालय नायब तहसीलदार उपतहसील तनोडिया

121

01

10

5

न्‍यायालय तहसीलदार तहसील बडौद

43

20

00

6

न्‍यायालय नायब तहसीलदार उपतहसील बीजानगरी

68

14

00

7

न्‍यायालय नायब तहसीलदार उपतहसील झोटा

01

08

00

(घ) आगर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत आने वाले तहसील/नायब तहसीदार कार्यालयों में लंबित नामांतरण/बंटवारा/सीमाकंन की संख्‍या निम्‍नानुसार है:-

क्र.

तहसील/उपतहसील का नाम

नामांतरण

बंटवारा

सीमांकन

1

न्‍यायालय तहसीलदार तहसील आगर

668

32

27

2

न्‍यायालय नायब तहसीलदार उपतहसील पाचारूण्‍डी

141

16

101

3

न्‍यायालय नायब तहसीलदार उपतहसील कानड

161

21

22

4

न्‍यायालय नायब तहसीलदार उपतहसील तनोडिया

218

19

13

5

न्‍यायालय तहसीलदार तहसील बडौद

572

111

45

6

न्‍यायालय नायब तहसीलदार उपतहसील बीजानगरी

407

97

02

7

न्‍यायालय नायब तहसीलदार उपतहसील झोटा

329

52

06

निर्वाचन से संबंधित कार्यों में व्‍यस्‍त होने के कारण त्‍वरित गति से प्रकरणों का निराकरण नहीं हो पाया है। साथ ही इन प्रकरणों में लगभग 20 प्रतिशत प्रकरण जो कि वर्तमान समय में पंजीबद्ध हुये है, जिनकी समय-सीमा पूर्ण न होने के कारण निराकरण नहीं हो पाये है। जिन प्रकरणों की समय-सीमा पूर्ण हो चूकी है उन प्रकरणों में राजस्‍व अधिकारियों को प्रतिदिन सुनवाई करके अतिशीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिये गये है। पत्र क्रमांक 1296-1297 दिनांक 24.06.2024 की प्रतिलिपि पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-''अनुसार। तय समय-सीमा में निराकृत नहीं होने वाले प्रकरणों की सूची पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-''अनुसार।

डॉक्‍टरों एवं स्‍टाफ के पदो की पूर्ति

[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]

118. ( क्र. 1054 ) श्री माधव सिंह (मधु गेहलोत) : क्या उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) आगर जिला चिकित्‍सालय व आगर विधानसभा क्षेत्र में कितने सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र, प्राथमिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र, उप स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र में डॉक्‍टरों, स्‍टाफ नर्स एवं अन्‍य स्‍टाफ के कितने पद स्‍वीकृत है? स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्रवार जानकारी देवें।                                        (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार जिला हॉस्पिटल आगर सहित सभी स्‍वास्‍थ्‍य केन्द्रों में रिक्‍त डॉक्‍टर, स्‍टाफ नर्स एवं अन्‍य रिक्‍त पदों की पूर्ति कब तक की जावेगी?

उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) आगर विधानसभा क्षेत्र में 01 जिला चिकित्सालय, 01 सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, 04 प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र तथा 39 उप स्वास्थ्य केन्द्र संचालित हैं। चिकित्सकों/सहायक स्टॉफ के पदों के संबंध में जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। परिशिष्ट अंतर्गत नियमित/संविदा एन0एच0एम0 तथा बंधपत्र अंतर्गत कार्यरत चिकित्सक/सहायक स्टॉफ की जानकारी सम्मिलित है। (ख) पदपूर्ति एक निरंतर प्रक्रिया है। वर्ष 2023 में 07 प्रथम श्रेणी विशेषज्ञों की नियुक्ति जिला चिकित्सालय आगर में की गई है, इसके अतिरिक्त 02 स्त्रीरोग योग्यता के बंधपत्र चिकित्सकों तथा 01 मेडिसिन योग्यता के बंधपत्र चिकित्सक की पदस्थापना भी की गई है। विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र बीजानगरी में एक नव नियुक्त चिकित्सा अधिकारी की पदस्थापना की गई थी। राष्‍ट्रीय स्वास्थ्य मिशन अंतर्गत प्रत्येक बुधवार को वॉक इन इन्टरव्यू के माध्यम से नियुक्ति की कार्यवाही की जाती है। पैरामेडिकल/अन्य अन्य सहायक स्टॉफ की पूर्ति हेतु मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मण्डल के माध्यम से सीधी भर्ती की कार्यवाही निरंतर की जा रही है तथा राष्‍ट्रीय स्वास्थ्य मिशन अंतर्गत भी संविदा के तहत् नियुक्ति की जाती है। चयनित विशेषज्ञ/चिकित्सक/सहायक स्टॉफ उपलब्धता अनुसार पदपूर्ति निरंतर की जाती है। संस्थाओं में शत-प्रतिशत पदपूर्ति हेतु निश्चित समयावधि बताई जाना संभव नहीं है।

निजी विद्यालयों द्वारा मनमाने तरीके से फीस बढ़ोत्तरी

[स्कूल शिक्षा]

119. ( क्र. 1058 ) श्री जयवर्द्धन सिंह : क्या परिवहन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्तमान में ग्‍वालियर जिले में कक्षा 1 से 8वीं, कक्षा 1 से 10वीं, कक्षा 1 से 12वीं, कक्षा 9 से 10 तक तथा कक्षा कक्षा 9वीं से 12वीं तक सीबीएसई बोर्ड, एम.पी. बोर्ड, आई.सी.एस.ई. बोर्ड एवं अन्‍य बोर्ड के मान्‍यता प्राप्‍त कितने स्‍कूल संचालित है? उनकी संख्‍या बतायें। (ख) निजी विद्यालयों में फीस संरचना से संबंधित जानकारी पोर्टल पर अपलोड करने के संबंध में शासन द्वारा कब नियम जारी किये गये है, नियम की प्रति रखे। नियमानुसार विद्यालय द्वारा प्रतिवर्ष अपने विद्यालय की फीस में कितनी वृद्धि की जा सकती है? विद्यालय द्वारा उनके लिए निर्धारित सीमा से अधिक फीस में वृद्धि की जाना होगी तो इसके लिए किसकी अनुमति आवश्‍यक है? क्‍या विद्यालय में उपयोग में लाई जाने वाली पाठ्य पुस्‍तकें, स्‍टेशनरी, पठन सामग्री आदि का विवरण विद्यालय के नोटिस बोर्ड पर प्रदर्शित करने का नियम में प्रावधान है? (ग) क्‍या शासन द्वारा विद्यालय में छात्रों को बुक, यूनिफार्म एवं शिक्षण सामग्री प्रदाय अथवा क्रय करने के निर्देश है? यदि नहीं, तो ग्‍वालियर जिले ऐसे कितने अशासकीय विद्यालय है जिनके द्वारा विद्यालय के छात्रों को विद्यालय से बुक, स्‍टेशनरी, यूनिफार्म विक्रय किये जाने की शिकायत प्राप्‍त हुई है तथा उन विद्यालय के विरूद्ध शासन द्वारा क्‍या कार्यवाही की गई है? की गई जानकारी का विवरण दें। (घ) कक्षा 1 से 8 तक अध्‍ययनरत बच्‍चों के बस्ते के वजन के संबंध में शासन के क्‍या नियम निर्देश है? नियम की प्रति रखे। (ड.) क्‍या निजी विद्यालयों में उपयोग में लाई जाने वाली शिक्षण सामग्री की सूची शासन द्वारा जारी की जाती है यदि हाँ, तो नियम एवं निर्देशों की प्रति रखे।

परिवहन मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-1 अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-2 अनुसार है। (ग) जी नहीं। ग्वालियर जिले में छात्रों को विद्यालय से बुक, स्टेशनरी, यूनीफार्म विक्रय किये जाने संबंधी कोई भी शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। अतः शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (घ) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-3 अनुसार है। (ड.) जी नहीं। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

बीना में सौ बिस्‍तर के नये भवन का निर्माण

[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]

120. ( क्र. 1085 ) श्री नितेन्‍द्र बृजेन्‍द्र सिंह राठौर : क्या उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सागर जिले के बीना में क्‍या पिछले वर्ष तत्‍कालीन मुख्‍यमंत्री जी द्वारा सौ बिस्‍तर अस्‍पताल की घोषणा की थी? उक्‍त घोषणा के क्रियान्‍वयन में आज दिनांक तक क्‍या कार्यवाही की गई? (ख) क्‍या उक्‍त अस्‍पताल स्‍वीकृत हो गई है? क्‍या अस्‍पताल हेतु जमीन भी आरक्षित हो गई है? यदि हाँ, तो क्‍या कारण है कि अभी तक नया अस्‍पताल भवन हेतु कोई कार्यवाही नहीं हुई? कब तक कार्यवाही प्रारंभ होकर नया भवन निर्माण होगा तथा सौ‍ बिस्‍तर का अस्‍पताल प्रारंभ होगा? कृपया समय-सीमा बतावें। (ग) विलंब के क्‍या कारण है? (घ) क्‍या सिविल अस्‍पताल बीना में कोई भी विशेषज्ञ पदस्‍थ नहीं है? क्‍या कारण कब तक विशेषज्ञ पदस्‍थ किये जावेंगे? (ड.) वर्तमान में किस-किस श्रेणी के कितने पद स्‍वीकृत है? कितने रिक्‍त है तथा रिक्‍त पदों की पूर्ति कब तक की जावेगी?

उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जी नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) जी नहीं। जी नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) जी नहीं। विशेषज्ञ के 05 पद स्‍वीकृत है जिसमें 02 पद रिक्‍त है। निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ड.) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। पदपूर्ति एक निरंतर प्रक्रिया है। वर्ष 2023 में मध्‍यप्रदेश लोक सेवा आयोग से चयनित 02 चिकित्‍सा अधिकारियों की पदस्‍थापना सिविल अस्‍पताल बीना में की गयी है। प्रथम श्रेणी विशेषज्ञों की सीधी भर्ती 01 शिशु रोग विशेषज्ञ, 01 सर्जरी विशेषज्ञ एवं 01 निश्‍चेतना विशेषज्ञ की पदस्‍थापना सिविल अस्‍पताल बीना में की गयी है। राष्‍ट्रीय स्‍वास्‍थ्‍य मिशन अंतर्गत प्रत्‍येक बुधवार को वॉक इन इन्‍टरव्‍यू के माध्‍यम से नियुक्ति की जाती है। पैरामेडिकल/अन्‍य सहायक स्‍टाफ की पूर्ति हेतु मध्‍यप्रदेश कर्मचारी चयन मण्‍डल के माध्‍यम से सीधी भर्ती की कार्यवाही निरंतर की जा रही है तथा राष्‍ट्रीय स्‍वास्‍थ्‍य मिशन अंतर्गत भी संविदा के तहत नियुक्ति की जाती है। चयनित विशेषज्ञ/चिकित्‍सक/सहायक स्‍टाफ उपलब्‍धता अनुसार पदपूर्ति निरंतर की जाती है। संस्‍थाओं में शत-प्रतिशत पदपूर्ति हेतु निश्चित समयावधि बतायी जाना संभव नहीं है।

परिशिष्ट - "पचास"

नियम विरूद्ध अनफिट नर्सिंग कॉलेजों का संचालन

[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]

121. ( क्र. 1093 ) श्री सुरेन्‍द्र सिंह हनी बघेल : क्या उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या सी.बी.आई. टीम द्वारा मध्य प्रदेश के कई नर्सिंग कॉलेज को अनफिट घोषित किया गया है जो भ्रष्टाचार की भेट चढ़ लगातार संचालित किये जा रहे थे? हाँ या नहीं। (ख) क्या विधानसभा क्षेत्र कुक्षी में श्री निमाड़ ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट नर्सिंग कॉलेज संचालित है, क्या उक्त कॉलेज शासन के नियमानुसार संचालित हो रहा है? कॉलेज में छात्र-छात्राओं से किस विषय की कितनी-कितनी फीस ली जाती है? साथ ही प्रति छात्र प्रति वर्ष कितनी स्कॉलरशिप छात्र-छात्राओं को दी जाती है? पिछले 5 वर्षों की जानकारी उपलब्ध करवाएं। (ग) उक्त नर्सिंग कॉलेज में कितने छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं क्या उन्हें समय पर नर्सिंग कॉलेज द्वारा समस्त सुविधाएं दी जा रही है, जानकारी उपलब्ध करवाएं। (घ) क्या उक्त कालेज में फैकल्टी मेंबर/कैटीन/100 बेड/लाइब्रेरी जैसी सुविधाएं उपलब्ध है, हाँ या नहीं। (ड.) क्या उक्त कॉलेज शासन के नियम विरुद्ध संचालित किया जा रहा है और कॉलेज अनफिट के दायरे में है, यदि हाँ, तो क्या कार्यवाही की जाएगी? यदि नहीं, तो क्या उक्त कॉलेज की भी सी.बी.आई. टीम द्वारा जांच करवाई जाएगी? जिससे वास्तविकता सामने आ सके और बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ ना हो।

उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) माननीय उच्‍च न्‍यायालय, जबलपुर के समक्ष प्रकरण क्रमांक डब्‍ल्‍यू.पी. 1080/2022 एवं अन्‍य प्रचलित हैं, जिसमें प्रस्‍तुत जांच प्रतिवेदन के आधार पर माननीय उच्‍च न्‍यायालय ने आदेश दिनांक 13.02.2024 में नर्सिंग महाविद्यालयों को तीन श्रेणी में विभाजित किया है- Deficient, Unsuitable एवं Suitable.                    (ख) जी हां, संस्‍था निमाड ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट नसिंग कॉलेज मान. उच्‍च न्‍यायालय, जबलपुर में प्रकरण क्रमांक डब्‍ल्‍यू.पी. 1080/2022 में पारित आदेश दिनांक 13.02.2024 में Deficient की श्रेणी में वर्णित है। संस्‍था निमाड ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट द्वारा प्रदाय जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट-1 अनुसार हैMPTAAS पोर्टल से प्राप्‍त स्‍कॉलरशिप की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-2 अनुसार है। (ग) उक्‍त नर्सिंग कॉलेज में कुल 115 छात्र-छात्राएं अध्‍ययनरत है। कॉलेज को माननीय उच्‍च न्‍यायालय, जबलपुर में पारित आदेश दिनांक 13.02.2024 को Deficient की श्रेणी में रखा गया है। (घ) उक्‍त कॉलेज की सी.बी.आई. जॉच रिपोर्ट की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-3 अनुसार है। (ड.) संस्‍था निमाड ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट नर्सिंग कॉलेज को माननीय उच्‍च न्‍यायालय, जबलपुर द्वारा पारित आदेश दिनांक 13.02.2024 में Deficient की श्रेणी में रखा गया हैजानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-4 अनुसार हैDeficient कॉलेजों की जांच माननीय हाईकोर्ट द्वारा माननीय उच्‍च न्‍यायालय, जबलपुर के सेवानिवृत्‍त न्‍यायाधीश की अध्‍यक्षता में गठित कमेटी द्वारा की जा रही है।

नियम विरुद्ध प्राइवेट स्कूल का संचालन

[स्कूल शिक्षा]

122. ( क्र. 1094 ) श्री सुरेन्‍द्र सिंह हनी बघेल : क्या परिवहन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या एलीजियन्स अकेडमी स्कूल, कुक्षी CBSE से मान्यता लेने के लिए CBSE बोर्ड को गलत जानकारी दी गयी? हाँ या नहीं? यदि नहीं, तो क्या शासन स्कूल का भौतिक सत्यापन करवाएगी? हाँ तो कब तक? नहीं तो क्या कारण है? (ख) क्या स्कूल के ठीक पास ही नगर परिषद् का टिनचिंग ग्राउंड है, जहाँ 50 साल से कचरा संग्रह कर उसे जलाया जाता है? हाँ या नहीं? (ग) क्या टिनचिंग ग्राउंड होने के कारण स्कूल में पढ़ने वाले स्टूडेंट और टीचर्स का स्वास्थ अक्सर खराब रहता है?                      (घ) क्या स्कूल प्रबंधन द्वारा कंडिका (ख) एवं (ग) की जानकारी अनुसार CBSE बोर्ड को गलत दी गयी थी, जिसमें नियम के तहत स्कूल के पास प्रदूषण फैलाने वाले उपक्रम नहीं होना चाहिए? नदी नाले नहीं होना चाहिए। धूल धुंआ रहित वातावरण होना चाहिए। फायर स्टेशन भी होना चाहिए। स्टूडेंट की संख्या अनुसार स्कूल में संसाधन होना चाहिए जैसे क्लास रूम, प्ले ग्राउंड आदि और मान्यता प्राप्त बी.एड., डी.एड. टीचर्स होना चाहिए। फिजिक्स, कैमेस्ट्री, बायलॉजी विषयों के प्रेक्टिकल हेतु प्रयोगशाला अनिवार्य रूप से सम्पूर्ण सामग्री और सुरक्षा उपकरणों के साथ होना चाहिए।                             (ड.) क्या उक्त स्कूल नियम विरुद्ध संचालित हो रहा है? क्या शासन इस पर कोई कार्यवाही करेगा? हाँ या नहीं? हाँ तो कब तक? नहीं तो कारण बताएं।

परिवहन मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) प्रकरण में जांच हेतु संभागीय संयुक्‍त संचालक, लोक शिक्षण, इंदौर संभाग, इंदौर के आदेश क्रमांक/मान्‍यता/वि.स./पावस सत्र/2024/46-47 दिनांक 22.06.2024 द्वारा जांच दल गठित कर जांच कराई जा रही है। जांच दल को जांच हेतु 15 दिवस का समय दिया गया है। (ख) से (ड.) उत्‍तरांश (क) अनुसार जांच प्रतिवेदन के प्राप्‍त होने पर प्रतिवेदन के तथ्‍यों पर निर्भर करेगा।

स्वीकृत सिंचाई परियोजनाओं के कार्य

[जल संसाधन]

123. ( क्र. 1120 ) श्री हरिशंकर खटीक : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) टीकमगढ़ जिले के वर्तमान में कौन-कौन सी सिंचाई परियोजनाएं स्वीकृत हैं? कृपया अद्यतन जानकारी से अवगत कराएं। प्रश्‍न दिनांक तक क्या-क्या कार्यवाही पूर्ण हुई है? कृपया सम्पूर्ण जानकारी छायाप्रतियों सहित दें। (ख) प्रश्‍नांश (क) के आधार पर बताएं कि केन बेतवा लिंक सिंचाई परियोजना, हरपुरा सिंचाई परियोजना एवं अन्य स्वीकृत योजनाओं के कार्य कब तक प्रारंभ हो जावेंगे? (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के आधार पर स्वीकृत कार्यों में अभी अधूरे कार्य कौन-कौन से एवं किस योजना के हैं? कब तक पूर्ण कराए जावेंगे? अपूर्ण/अधूरे कार्य प्रश्‍न दिनांक तक न होने के क्या-क्या कारण हैं? कब तक पूर्ण होंगे? निश्चित समय-सीमा सहित बताएं। (घ) प्रश्‍नांश (क), (ख) एवं (ग) के आधार पर प्रत्येक योजना में राशि कब और कितनी स्वीकृत हुई थी, किस ठेकेदार को, किस दर पर कार्य करने हेतु कब आदेशित किया गया था? कब तक कार्य पूर्ण हो जावेंगे? क्‍या कार्यों को गुणवत्तापूर्ण कराया जा रहा है? अगर हाँ तो कही किसी कार्य की कोई शिकायत तो विभाग में लंबित तो नहीं है? स्वीकृत कार्य कब तक प्रारंभ हो जावेंगे? निश्चित समय-सीमा सहित बताएं।

जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) टीकमगढ़ जिला अन्तर्गत 07 सिंचाई परियोजनाएं स्वीकृत/निर्माणाधीन हैं। योजनावार अद्यतन स्थिति की जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) केन-बेतवा लिंक सिंचाई परियोजना अंतर्गत भू-अर्जन एवं डी.पी.आर. तैयार करने का कार्य प्रगतिरत है। हरपुरा एक्सटेंशन फीडर केनाल सिंचाई परियोजना की निविदा आमंत्रण की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। टीकमगढ़ जिलांतर्गत शेष पाँच निर्माणाधीन सिंचाई योजनायें की प्रगति जानकारी संलग्न परिशिष्‍ट में दर्शित है। (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) में इंगित स्वीकृत/ निर्माणाधीन परियोजनाओं के नाम, पूर्णता की तिथि‍ एवं वर्तमान स्थिति की जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट में दर्शित है। (घ) टीकमगढ़ जिला अंतर्गत निर्माणाधीन योजनाओं की प्रशासकीय स्वीकृति, दिनांक, एजेंसी का नाम, दर एवं पूर्णता का लक्ष्य की जानकारी संलग्‍न परिशष्टि में दर्शित है। योजनाओं का निर्माण कार्य गुणवत्ता पूर्ण कराया जाना प्रतिवेदित है। योजनाओं से संबंधित शिकायत कछारांतर्गत प्राप्त/लंबित नहीं होना प्रतिवेदित है।

परिशिष्ट - "इक्यावन"

 

 

रिक्‍त पदों की पूर्ति

[परिवहन]

124. ( क्र. 1121 ) श्री हरिशंकर खटीक : क्या परिवहन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) टीकमगढ़ जिले में जिला परिवहन कार्यालय में किस-किस अधिकारी एवं कर्मचारियों के कब से पद रिक्‍त हैं? इन रिक्‍त पदों को कब तक भरा जावेगा तो और नहीं तो क्‍यों? विभाग द्वारा क्‍या-क्‍या कार्य इस विभाग के माध्‍यम से जनता के हित में किए जाते हैं? (ख) प्रश्‍नांश (क) के आधार पर बताएं कि जिले के पद रिक्‍त होने से क्‍या वाहनों का पंजीयन, वाहनों की फिटनेस, बैचधारी कमर्शियल लायसेंस एवं वाहन चालक को लायसेंस, वाहन पंजीयनों के समय पर स्‍थानांतरण जैसे कार्य हो पा रहे हैं या नहीं? कृपया सम्‍पूर्ण जानकारी दें। (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के आधार पर बताएं कि टीकमगढ़ जिले के जिला परिवहन अधिकारी एवं जिला के अन्‍य रिक्‍त पदों को भरा जावेगा तो कब तक?

परिवहन मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। अधिकारी एवं कर्मचारियों के रिक्त पदों की पूर्ति हेतु कार्यवाही प्रचलन में हैं। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। परिवहन विभाग द्वारा वाहनों के पंजीयन एवं फिटनेस जारी करने चालक/परिचालक लायसेंस जारी करने, परिवहन यानों के नियंत्रण हेतु उनके परमिट जारी करने, नियम विरूद्ध संचालित वाहनों का वाहन चैकिंग के माध्यम से नियंत्रण करने तथा यात्री वाहनों का किराया निर्धारण करने इत्यादि के कार्य जनता के हित में किये जाते हैं साथ ही मोटरयान कर, शुल्क एवं शमन शुल्क के रूप में शासन के राजस्व वसूली का कार्य किया जाता है। (ख) जिला परिवहन अधिकारी के रिक्त पद पर क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी सागर को प्रभार दिया जाकर पदस्थ कर्मचारियों के द्वारा समस्त आवश्यक कार्य संपादित किये जा रहे हैं। (ग) रिक्त पदों की पूर्ति हेतु कार्यवाही प्रचलन में हैं। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

परिशिष्ट - "बावन"

शासकीय भूमियों पर अतिक्रमण

[राजस्व]

125. ( क्र. 1345 ) श्री राजेश कुमार वर्मा : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या ग्राम गुनौर एवं सिली में शासकीय भूमियों पर अतिक्रमण की निरंतर शिकायतें प्राप्‍त हो रही हैं? यदि हाँ, तो गत दो वर्षों में उक्‍त ग्रामों में शासकीय भूमियों पर अतिक्रमण के कितने प्रकरण दर्ज किये गये हैं? प्रकरणवार जानकारी देते हुये बतावें कि‍ किन-किन प्रकरणों में बेदखली की कार्यवाही की जाकर भूमि को अतिक्रमण मुक्‍त कराया गया है व किनमें नहीं और क्‍यों? जिन प्रकरणों में बेदखली की गई है उनके बेदखली प्रतिवेदन उपलब्‍ध करावें। (ख) क्‍या लगातार शासकीय बेशकीमती भूमियों पर अतिक्रमण के मामले में विभाग द्वारा स्‍वयं संज्ञान लेकर कार्यवाही की जानी चाहिये? यदि हाँ, तो ग्राम गुनौर एवं सिली में शासकीय भूमियों पर अतिक्रमण के मामले में राजस्‍व अमले व अधिकारियों द्वारा अब तक क्‍या कार्यवाही की गई है? बतावें। नहीं तो क्‍यों?

राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जी हाँ। ग्राम गुनौर एवं सिली में विगत दो वर्षों में समय-समय पर प्राप्‍त शिकायत एवं हल्‍का पटवारी के प्रतिवेदन के आधार पर मध्‍यप्रदेश भू-राजस्‍व स‍ंहिता 1959 की धारा 248 के अंतर्गत कुल 28 प्रकरण पंजीबद्ध किये गये है। कुल 28 दर्ज प्रकरणों में से 19 प्रकरणों पर वेदखली आदेश पारित किया गया है जिसमें 02 प्रकरण पर वेदखली की कार्यवाही कर भूमि को अतिक्रमण मुक्‍त कराया गया है। 09 प्रकरण न्‍यायालयीन कार्यवाही में प्रक्रियाधीन है। प्रकरणवार विवरण सहित जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट-'''' अनुसार है। जिन 02 प्रकरणों में वेदखली आदेश पारित किया गया है उनके वेदखली प्रतिवेदन पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट-'''' अनुसार है। (ख) जी हाँ। ग्राम गुनौर एवं सिली में शिकायत एवं हल्‍का पटवारी के प्रतिवेदन के आधार पर मध्‍यप्रदेश भू-राजस्‍व स‍ंहिता 1959 की धारा 248 के अंतर्गत कुल 28 प्रकरण पंजीबद्ध किये गये है। कुल 28 दर्ज प्रकरणों में से 19 प्रकरणों पर वेदखली आदेश पारित किया गया है जिसमें 02 प्रकरण पर वेदखली की कार्यवाही की जाकर भूमि को अतिक्रमण मुक्‍त कराया गया है। 09 प्रकरण न्‍यायालयीन कार्यवाही में प्रक्रियाधीन है।

शासकीय विद्यालयों में मूलभूत सुविधाओं की स्थिति

[स्कूल शिक्षा]

126. ( क्र. 1346 ) श्री राजेश कुमार वर्मा : क्या परिवहन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) गुनौर विधान सभा क्षेत्र में कितने शासकीय, प्राथमिक, माध्‍यमिक हाई व हायर सेकेण्‍ड्री विद्यालय हैं? इनमें से किन-किन में स्‍वयं के परिसर में साफ स्‍वच्‍छ शौचालय, स्‍वयं के स्‍त्रोत से शुद्ध पेयजल व्‍यवस्‍था, विद्युत कनेक्‍शन व खेल मैदान की सुविधा विद्यमान है और किन-किन में नहीं? जिन विद्यालयों में उल्‍लेखित मूलभूत सुविधायें मौजूद नहीं है वहां उक्‍त व्‍यवस्‍थायें बनाने हेतु अब तक क्‍या प्रयास किये गये हैं? यदि नहीं, तो क्‍यों? (ख) गुनौर विधान सभा क्षेत्र में कितने माध्‍यमिक, हाई व हायर सेकेण्‍ड्री विद्यालय भवन विहीन हैं? इनके भवन स्‍वीकृति व निर्माण हेतु क्‍या योजना है?

परिवहन मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) गुन्‍नौर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत 327 शासकीय प्राथमिक शालाये, 172 शासकीय माध्‍यमिक शालाये, 24 शासकीय हाई स्‍कूल एवं 21 शासकीय हायर सेकेण्‍ड्री स्‍कूल संचालित है। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। प्राथमिक एवं माध्‍यमिक शालाओं में स्‍वच्‍छ पेयजल व्‍यवस्‍था हेतु जल जीवन मिशन के अन्‍तर्गत तथा खेल मैदान का निर्माण एवं विकासीकरण पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा किया जाता है। विद्युत कनेक्‍शन वार्षिक कार्य योजना के अन्‍तर्गत कराये जाते है। बालक एवं बालिकाओं के शौचालय की साफ-सफाई हेतु शालाओं को प्राप्‍त वार्षिक आकस्मिक मद राशि से की जाती है। हाई एवं हायर सेकेण्‍ड्री स्‍कूलों में बजट अनुसार आवश्‍यक व्‍यवस्‍थाएं की जाती है। (ख) गुन्‍नौर विधानसभा क्षेत्र के अन्‍तर्गत सभी माध्‍यमिक शालाओं में भवन हैं। 06 शासकीय हाई स्‍कूल एवं 02 हायर सेकेण्‍ड्री स्‍कूल भवन विहीन है। भवन निर्माण की स्‍वीकृति बजट की उपलब्‍धता तथा सक्षम समिति की स्‍वीकृति पर निर्भर होती है।

 

 

शासकीय विद्यालयों में मूलभूत सुविधाएं

[स्कूल शिक्षा]

127. ( क्र. 1349 ) श्री देवेन्द्र पटेल : क्या परिवहन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                                             (क) सिलवानी विधानसभा अंतर्गत कितने शासकीय, प्राथमिक, माध्यमिक, उच्च माध्यमिक व उच्चतर माध्यमिक विद्यालय है? इनमें से किन-किन में स्वयं के स्त्रोत से शुद्ध पेयजल व्यवस्था, स्वयं के परिसर में साफ स्वच्छ शौचालय, विद्युत कनेक्शन, खेल मैदान व स्वयं के भवन की सुविधा विद्यमान है और किन-किन में नहीं है? विवरण दें व बतावें कि उक्‍त मूलभूत व्यवस्थाओं हेतु क्या-क्या प्रयास विभाग द्वारा किये गये, नहीं तो क्‍यों? (ख) प्रश्‍नांश (क) उल्लेखित विद्यालयों की भूमि क्‍या विभाग या उक्त स्कूल के नाम राजस्‍व रिकार्ड में दर्ज हैं नहीं तो क्‍यों? किन-किन शासकीय विद्यालयों की भूमि, उनके आरक्षित खेल मैदानों या शासकीय विद्यालय भवनों पर किसी प्रकार का अतिक्रमण किया गया है? अतिक्रमण मुक्‍त करने हेतु स्‍कूल शिक्षा विभाग व राजस्‍व विभाग ने अब तक क्‍या-क्‍या कार्यवाही की है? नहीं तो क्‍यों?

परिवहन मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) सिलवानी विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत 368 प्राथमिक एवं 141 माध्‍यमिक कुल-509 शालाएं संचालित है, स्‍वयं के स्‍त्रोत से शुद्ध पेयजल व्‍यवस्‍था, साफ स्‍वच्‍छ शौचालय, विद्युत कनेक्‍शन, खेल मैदान व स्‍वयं के भवन की सुविधा एवं मूलभूत व्‍यवस्‍थाओं की पूर्ति हेतु किए गए प्रयास की शालावार जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-अ अनुसार। 28 शासकीय हाईस्‍कूल एवं 20 शासकीय हायर सेकेण्‍डरी स्‍कूल संचालित है। हाई एवं हायर सेकेण्‍डरी स्‍कूलों की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-एक अनुसार। विभाग द्वारा उपलब्‍ध बजट से समय-समय पर मूलभूत सुविधाओं हेतु आवश्‍यक प्रयास किये जाते है। शेषांश उद्भूत नहीं होता। (ख) प्रश्‍नांश (क) उल्‍लेखित विद्यालयों की शालावार जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-अ अनुसार। शासकीय हाई एवं हायर सेकेण्‍डरी स्‍कूलों से संबंधित प्रश्‍नाधीन जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-दो अनुसार।

लंबित सिंचाई योजनाएं

[जल संसाधन]

128. ( क्र. 1350 ) श्री देवेन्द्र पटेल : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रायसेन जिले में वर्तमान में स्‍वीकृत, निर्माणाधीन व सर्वेक्षित सिंचाई योजनाएं कौन-कौन सी है? सर्वेक्षित व साध्‍य पाई गई सिंचाई योजनायें किस कारण, कब से किस स्‍तर पर लंबित है?                    (ख) प्रश्‍नांश (क) उल्‍लेखित स्‍वीकृत सिंचाई योजनाओं की क्‍या प्रशासकीय व वित्‍तीय स्‍वीकृति जारी कर दी गई है? इनका निर्माण कार्य कब तक प्रारंभ होने की संभावना है? (ग) जिले में किन-किन सिंचाई योजनाओं का निर्माण कार्य जारी है इनके निविदाकार कौन है व क्‍या इनका निर्माण कार्य गुणवत्‍तापूर्ण किया जा रहा है? किन-किन वरिष्‍ठ अधिकारियों ने निर्माण कार्य की गुणवत्‍ता देखने निर्माण स्‍थलों का भ्रमण निरीक्षण किया है? निरीक्षण प्रतिवेदन की प्रति भी उपलबध करावें।

जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) एवं (ख) जल संसाधन संभाग, रायसेन के अंतर्गत वर्तमान में 16 परियोजनाएं निर्माणाधीन है, जिसमें से 11 परियोजनाओं का कार्य प्रगति पर है एवं 04 परियोजनाओं का एजेंसी द्वारा अनुबंध उपरांत सर्वेक्षण एवं‍ डिज़ाइन ड्राइंग तैयार करने की कार्यवाही प्रक्रियाधीन होना प्रतिवेदित है। एक परियोजना की निविदा स्‍वीकृति उपरांत एजेंसी से अनुबंध करने की कार्यवाही प्रक्रियाधीन हैजानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। जल संसाधन संभाग, रायसेन के अंतर्गत वर्तमान में साध्‍यता स्‍वीकृत एवं सर्वेक्षित 14 सिंचाई परियोजनाएं है। डीपीआर की कार्यवाही विभिन्‍न कार्यालयीन स्‍तर पर प्रक्रियाधीन होना प्रतिवेदित है। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) जल संसाधन संभाग, रायसेन के अंतर्गत निर्माणाधीन परियोजनाओं के निविदाकार की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-1 में दर्शित है। निर्माणाधीन परियोजनाओं का कार्य गुणवत्‍तापूर्वक किया जाना प्रतिवेदित है। निर्माण कार्य की गुणवत्‍ता देखने निर्माण स्‍थलों का भ्रमण निरीक्षण अधीक्षण यंत्री, जल संसाधन मण्‍डल, भोपाल द्वारा कराया गया है। निरीक्षण प्रतिवेदन पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट-एक अनुसार है। (पृ. 1 से 7)