मध्यप्रदेश विधान सभा


प्रश्‍नोत्तर-सूची
जुलाई, 2024 सत्र


बुधवार, दिनांक 03 जुलाई, 2024


भाग-1
तारांकित प्रश्‍नोत्तर



ओलावृष्टि व बे-मौसम बारिश से फसल नुकसान

[राजस्व]

1. ( *क्र. 451 ) श्री रजनीश हरवंश सिंह : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रश्‍नकर्ता के विधानसभा केवलारी के धनौरा ब्‍लॉक में दिनांक 20 मार्च, 2024 को हुई बे-मौसम बारिश एवं ओलावृष्टि से अधिकांश ग्रामों में किसानों की गेहूं, मक्‍का, चना, सरसों, मूंग एवं हरी सब्‍जी की फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गई थी, जिसका निरीक्षण जिला कलेक्‍टर, तहसीलदार, पटवारी एवं राजस्‍व अमले के द्वारा किया गया, परंतु आज दिनांक तक ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों को मुआवजा नहीं मिल पाया है? (ख) किसानों को कब तक मुआवजा मिल सकेगा?

राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) तहसील धनौरा, जिला सिवनी अंतर्गत बे-मौसम बारिश एवं ओलावृष्टि दिनांक 20.03.2024 को न होकर दिनांक 17.03.2024 एवं 18.03.2024 को हुई थी, 113 ग्रामों का सर्वे कराया गया था। ओलावृष्टि से कुल 24 प्रभावित ग्रामों के कुल 2905 प्रभावित कृषकों को स्वीकृत राशि 4,93,46,342/- रूपये का जिला कोषालय के माध्‍यम से ई-भुगतान किया जा चुका है। (ख) मुआवजा वितरण से कोई प्रभावित कृषक शेष नहीं है। अत: शेष प्रश्‍न उद्भूत नहीं होता।

ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र में बंदोबस्‍त की जानकारी

[राजस्व]

2. ( *क्र. 771 ) श्री हरदीप सिंह डंग : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विभाग द्वारा सुवासरा तहसील अंतर्गत ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र में बंदोबस्त का कार्य अंतिम कौन से वर्ष में किया गया था? (ख) राजस्व विभाग में बंदोबस्त करने या होने से रिकॉर्ड में क्या-क्या प्रभाव पड़ते हैं? (ग) बंदोबस्त नहीं होने से सर्वे में भूमाफिया द्वारा इसका दुरूपयोग होने की क्या-क्या संभावना होती है? (घ) सुवासरा विधानसभा क्षेत्र में बंदोबस्त का कार्य करने हेतु आदेश जारी किया जावेगा? यदि हाँ, तो कब तक?

राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) सुवासरा तहसील अंतर्गत शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों के बंदोबस्त कार्य की सूची संलग्न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) बन्दोबस्त के दौरान अभिलेखों का संपूर्ण नवीनीकरण (अद्यतन) किया जाता है। बन्दोबस्त उपरान्त नवीन खसरा नम्बरों का निर्माण किया जाता है। (ग) बंदोबस्त की प्रक्रिया को बंद किया जा चुका है, तथापि म.प्र.भू.रा. संहिता के प्रावधानों के तहत समय-समय पर राजस्व रिकॉर्ड का अद्यतनीकरण किया जाता रहा। यह एक सतत् प्रक्रिया है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) बंदोबस्‍त की प्रक्रिया उत्‍तरांश (ग) अनुसार बंद की जा चुकी है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - "एक"

सुपर स्पेशलिटी सेवाओं एवं विषय विशेषज्ञों की नियुक्ति

[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]

3. ( *क्र. 712 ) श्री शैलेन्द्र कुमार जैन : क्या उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) संभागीय मुख्यालय सागर में वर्ष 2008 में बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज सागर की स्थापना हुई थी, परन्तु मेडिकल कॉलेज अब तक सुपर स्पेशलिटी सेवाओं के अभाव से जूझ रहा है एवं डॉक्टर्स की कमी है तथा पैथ लैब और ब्लड बैंक भी शुरू नहीं हो पाएं हैं? क्या शासन के समक्ष इन सुविधाओं के विस्तार की कोई कार्यवाही प्रचलन में है? यदि हाँ, तो इन सुपर स्पेशलिटी सुविधाओं का विस्तार कब तक किया जा सकेगा एवं वर्तमान में क्या स्थिति है? (ख) बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज सागर में सुपर स्पेशलिटी सेवाओं के तहत कार्डियोलॉजी, कार्डियो सर्जरी, नेफ्रोलॉजी, न्यूरोलॉजी, न्यूरो सर्जरी, गैस्ट्रोलॉजी, गैस्ट्रो सर्जरी और पीडियाट्रिक सर्जरी जैसे महत्वपूर्ण विभाग नहीं हैं, तो क्या शासन के समक्ष इन विभागों की स्थापना कर विषय विशेषज्ञों की नियुक्ति करने की कार्यवाही प्रचलन में है? यदि हाँ, तो विभागों की स्थापना और नियुक्तियां कब तक की जावेगी? (ग) क्या बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज सागर और जिला चिकित्सालय सागर को मर्ज किया जाना है? यदि हाँ, तो वर्तमान में शासन स्तर पर क्या कार्यवाही प्रचलन में है और यह कब तक पूरी कर ली जायेगी?

उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) बुंदेलखण्‍ड चिकित्‍सा महाविद्यालय में उपलब्‍ध चिकित्‍सकों द्वारा आमजन को आवश्‍यकता अनुसार स्‍वास्‍थ्‍य सुविधाएं उपलब्‍ध कराई जा रही है। चिकित्‍सकों के रिक्‍त पदों की पूर्ति हेतु निरंतर कार्यवाही की जा रही है। पैथ लैब की सुविधा बुंदेलखण्‍ड चिकित्‍सा महाविद्यालय में उपलब्‍ध है। ब्‍लड बैंक जिला चिकित्‍सालय में संचालित है। जी नहीं। शासन द्वारा आवश्‍यकता अनुसार निर्णय लिया जायेगा। (ख) उत्‍तर प्रश्‍नांश '''' अनुसार। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ग) जी हाँ। कार्यवाही प्रचलन में है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

औद्योगिक इकाइयों एवं विकास कार्यों हेतु भूमि एक्सचेंज

[राजस्व]

4. ( *क्र. 462 ) श्री राजेश कुमार शुक्‍ला : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या विधानसभा क्षेत्र बिजावर में विधानसभा से बाहर अन्य स्थानों पर औद्योगिक इकाइयों एवं औद्योगिक विकास कार्यों आदि के निर्माण के एवज में निर्माणाधीन स्थान की वन भूमि के स्थान पर बिजावर विधानसभा क्षेत्र की राजस्व भूमि वन विभाग को आवंटित की गई? कार्यों के नाम एवं स्थान, कुल एक्सचेंज किया गया रकबा, स्थान की विगत दो वर्षों की जानकारी प्रदाय करें। (ख) बिजावर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत ऐसे कौन से कार्य हैं, जिन्हें करने हेतु वन भूमि की मांग पंचायतों, विभागों आदि के द्वारा की गई जो अभी तक लंबित/विचाराधीन है? कार्यों के नाम, स्थान एवं मांगी गई भूमि सहित लंबित/विचाराधीन होने के कारणों की विगत दो वर्षों की जानकारी प्रदाय करें। (ग) विधानसभा क्षेत्र में ऐसे कौन से कार्य किन स्थानों पर हैं, जिन्हें करने पर वन विभाग ने घोषित अथवा अघोषित रूप से रोक लगाई है? (घ) औद्योगिक इकाइयों एवं औद्योगिक विकास कार्यों हेतु वन एवं राजस्व भूमि के एक्सचेंज से जहां इकाई नहीं लग रही, उस क्षेत्र को क्या कुछ विशेष लाभ दिया जाता है? हाँ तो क्या? (ड.) यदि नहीं, तो क्या सरकार लाभांश का कुछ अंश इस क्षेत्र के विकास पर खर्च करने पर विचार करेगी।

राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) वनमण्‍डल, छतरपुर के बिजावर विधानसभा क्षेत्र खजुराहो मिनरल्‍स प्राईवेट लि. छतरपुर (डास्‍फोर/पायराफ्लाईट माईन्‍स पाटन) कुल रकबा 2.368 हेक्‍टेयर की समतुल्‍य राजस्‍व भूमि ग्राम सटई में राजस्‍व विभाग द्वारा वन विभाग को आवंटित की गई है। पन्‍ना टाईगर रिजर्व बफर जोन के हस्‍तांतरण के साथ 04 योजनायें क्रमश: जिला सतना में चूना पत्‍थर खनिज पट्टा हिनीता ब्‍लॉक रकबा 258.867 हेक्‍टेयर जिला सीधी में चूना पत्‍थर खनिज पट्टा बुढ़गौना ब्‍लॉक रकबा 66.949 हेक्‍टेयर, जिला सीधी में चूना पत्‍थर खनिज पट्टा मझगवां ब्‍लॉक रकबा 54.825 हेक्‍टेयर एवं अमालिया नॉर्थ कोल ब्‍लॉक रकबा 728.75 हेक्‍टेयर कुल भूमि 1109.391 के बदले गैर वनभूमि जिसे संरक्षित वन के रूप में वर्ष 2010 एवं वर्ष 2011 में अधिसूचित किया गया, भी आवंटित किया गया। (ख) एवं (ग) जानकारी निरंक है। (घ) एवं (ड.) वर्तमान में ऐसा कोई प्रस्‍ताव विचाराधीन नहीं है।

आयुष्‍मान योजना का क्रियान्‍वयन

[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]

5. ( *क्र. 782 ) श्री सुनील उईके : क्या उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) आयुष्‍मान योजनांतर्गत प्राईवेट अस्‍पतालों में किन-किन बीमारियों का इलाज किया जाता है, राज्‍य शासन के द्वारा उक्‍त योजना में राज्‍य शासन से अधिकृत प्राईवेट अस्‍पतालों की सूची राज्‍य के भीतर की एवं राज्‍य से बाहर की जानकारी उपलब्‍ध कराने का कष्‍ट करें। (ख) उक्‍त योजनांतर्गत लाभान्वित हितग्राहियों से प्राईवेट हॉस्पिटल संचालक टेस्‍ट के नाम पर, दवाइयों के नाम पर, बेड के नाम पर अतिरिक्‍त राशि की वसूली कर रहे हैं? उक्‍त संबंध में अधिकृत अस्‍पतालों में आयुष्‍मान योजनांतर्गत दी जाने वाली सुविधाएं एवं न दी जाने वाली सुविधाओं की जानकारी सूचना पटल पर कब तक प्रस्‍तावित की जायेगी, जिससे उक्‍त योजना से हितग्राहियों को जानकारी प्राप्‍त हो सके? (ग) जिला छिन्‍दवाड़ा एवं विकासखण्‍ड जुन्‍नारदेव में वर्ष 2021-22 से वर्तमान दिनांक तक आयुष्‍मान योजना से कितने हितग्राहियों को लाभान्वित किया जा चुका है? विकासखण्‍ड वार जानकारी उपलब्‍ध कराने का कष्‍ट करें।

उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। राज्य शासन के द्वारा उक्त योजना में राज्य शासन से अधिकृत प्राईवेट अस्पतालों की सूची राज्य के भीतर की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। अंतर्राज्‍यीय स्‍तर पर आयुष्‍मान योजनांतर्गत संबद्ध चिकित्‍सालयों की जानकारी सार्वजनिक तौर पर दी गई लिंक https://hospitals.pmjay.gov.in/Search/empnl WorkFlow.htm?actionFlag=ViewRegisteredHosptlsNew पर उपलब्‍ध है। राज्‍य से बाहर के चिकित्‍सालयों की संबद्धता संबंधित राज्‍य या NHA (GOVT. OF INDIA) द्वारा संचालित की जाती है। (ख) आयुष्‍मान योजनांतर्गत दी जाने वाली सुवि‍धाएं हेतु प्रत्‍येक संबद्ध चिकित्‍सालयों में आयुष्‍मान भारत Kiosk Center स्‍थापित करने हेतु निर्देशित किया गया है। जहां से चिकित्‍सालय में उपलब्‍ध योजना की विस्‍तृत जानकारी प्राप्‍त की जा सके, इसके अतिरिक्‍त समस्‍त आयुष्‍मान भारत Kiosk Center पर भी टोल फ्री नम्‍बर भी प्रदर्शित है। साथ ही जारी किये गये आयुष्‍मान कार्डों में भी टोल फ्री नम्‍बर प्रदाय किए गए हैं, जिस पर से योजना संबंधित अधिक जानकारी प्राप्‍त की जा सके। इसके अतिरिक्‍त समस्‍त संबद्ध चिकित्‍सालयों को सिटीजन चार्टर अनिवार्य रूप से लागू किये जाने हेतु निर्देशित किया गया है। आयुष्‍मान योजनांतर्गत चिन्हित निजी चिकित्‍सालयों में Beneficiary Facilitation Agency (B.F.A.) के माध्‍यम आयुष्‍मान साथी पदस्‍थ किये गये हैं, जिससे कि हितग्राहियों को उक्‍त चिकित्सालय में दी जाने वाली सुविधाएं एवं योजना संबंधी जानकारी प्राप्‍त हो सके एवं हितग्राहियों को आयुष्‍मान योजनांतर्गत आने वाली समस्याओं का त्‍वरित निराकरण किया जा सके। (ग) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है।

निर्माण कार्यों की जानकारी

[जल संसाधन]

6. ( *क्र. 843 ) श्रीमती अनुभा मुंजारे : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बालाघाट जिले में विगत 3 वर्षों में विभागान्‍तर्गत कार्यालयों/विभाग प्रमुख के अधीनस्थ या प्रशासनिक रूप से कितनी-कितनी राशि किस-किस कार्य हेतु आवंटित की गई? तिथिवार, विकासखंडवार, कार्यवार, मदवार जानकारी उपलब्ध करावें। (ख) प्रश्‍नांश (क) में उल्लेखित समस्त कार्यों की प्रशासकीय स्वीकृति कार्यादेशों की प्रति, राशि भुगतान की जानकारी दें। (ग) प्रश्‍नांश (क) में उल्लेखित कार्यों सहित सर्राटी जलाशय में विभिन्न प्रकार के कार्य तथा नहरीकरण सहित समस्त कार्यों के संचालन संबंधी कितनी शिकायतें शासन को प्राप्त हुई? अनियमितता के संबंध में समस्याओं का निराकरण किस प्रकार किया गया? संबंधित पर क्या-क्‍या कार्यवाही की गई? (घ) क्या सर्राटी जलाशयों के समस्त निर्माण कार्य में निम्न स्तर का कार्य कराया जा रहा है? साथ ही वित्तीय अनियमितता बढ़ती जा रही है, कब तक समस्त कार्यों की उच्च स्तरीय जांच की जावेगी? यदि हाँ, तो बतायें कि स्थानीय विधायक एवं जनप्रतिनिधियों को जांच में सम्मिलित किया जावेगा? यदि नहीं, तो क्यों?

जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

प्रसूति सहायता राशि का भुगतान

[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]

7. ( *क्र. 845 ) श्री दिनेश राय मुनमुन : क्या उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सिवनी जिले के अंतर्गत वर्ष 2020-21 से प्रश्‍न दिनांक तक कुल कितनी संख्‍या में महिलाओं का प्रसव हुआ है? विधानसभावार, ग्रामवार जानकारी उपलब्‍ध करावें। (ख) क्‍या प्रसव उपरांत राशि शत-प्रतिशत महिलाओं को उपलब्‍ध की जाती है? यदि हाँ, तो कितनी संख्‍या में प्रसव पश्‍चात राशि प्रदाय की गई है? विधानसभावार, ग्रामवार जानकारी देवें। (ग) क्‍या पात्र महिलाएं जिनका प्रसव हुआ है, वह उक्‍त लाभ से वंचित हैं? यदि हाँ, तो कितनी संख्‍या में विधानसभावार, ग्रामवार, नाम सहित सूची उपलब्‍ध करावें तथा क्‍या कारण है? क्‍या उक्‍त महिलाओं को लाभ नहीं मिल पाने के लिये कोई अधिकारी/कर्मचारी दोषी हैं? यदि हाँ, तो कब तक दोषियों पर कार्यवाही की जायेगी? यदि नहीं, तो कारण बतावें तथा यह भी बतायें कि शत-प्रतिशत महिलाओं को लंबित प्रसूति सहायता राशि का भुगतान कब तक किया जायेगा?

उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) सिवनी जिले अंतर्गत वर्ष 2020-21 से प्रश्‍न दिनांक तक कुल 93515 महिलाओं का प्रसव हुआ है। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) शासन के दिशा-निर्देशानुसार पात्र महिलाओं को मुख्‍यमंत्री श्रमिक सेवा प्रसूति सहायता योजना की राशि प्रदाय की जाती है। मुख्‍यमंत्री श्रमिक सेवा प्रसूति सहायता योजना अंतर्गत कुल 27331 पात्र प्रसूता महिलाओं को राशि प्रदाय की गई है। ग्रामवार नाम सहित जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ग) जी नहीं। पात्र महिलाओं को भुगतान सतत् प्रक्रिया है। बजट उपलब्‍धता के आधार पर पात्र महिलाओं को भुगतान की कार्यवाही की जाती है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

मेडिकल कॉलेजों में बर्न यूनिट एवं बर्न I.C.U. की जानकारी

[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]

8. ( *क्र. 867 ) डॉ. हिरालाल अलावा : क्या उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्यप्रदेश के कितने सरकारी मेडिकल कॉलेजों में बर्न यूनिट के I.C.U. हैं? कितने मेडिकल कॉलेजों में किन-किन कारणों से नहीं हैं? जिन मेडिकल कॉलेजों में बर्न यूनिट I.C.U. नहीं हैं, वहां I.C.U. स्थापित करने की सरकार की क्या योजना है, बजट का क्या प्रावधान है? यदि नहीं है तो क्यों? (ख) प्रदेश में बर्न मरीजों के कितने स्पेशलिस्ट डॉक्टर हैं? उनके नाम, पोस्टिंग एवं अन्य डिटेल उपलब्ध कराएं? (ग) बर्न मरीजों को कॉम्प्लीकेशन होने पर I.C.U. नहीं होने की स्थि‍ति में उन्हें कहां शिफ्ट किया जाता है? बर्न मरीज को स्ट्रोक या हार्ट अटेक होने की स्थि‍ति में कहाँ शिफ्ट किया जाता है? (घ) M.G.M. कॉलेज इंदौर के M.Y. हॉस्पिटल के बर्न यूनिट में कितने वेंटीलेटर हैं, जो वर्तमान में वर्किंग हैं? अब तक M.Y. हॉस्पिटल में बर्न मरीज को स्ट्रोक या हार्ट अटैक आने पर कितने मरीजों को न्यूरो I.C.U. या कार्डियोलॉजी I.C.U. में शिफ्ट किया? प्रति सहित बताएं। यदि शिफ्ट नहीं किया गया तो क्यों, उसके लिए जिम्मेदारों पर क्या-क्या कार्यवाही की गई? (ड.) मध्यप्रदेश के M.G.M. मेडिकल कॉलेज के M.Y. में पिछले 5 सालों में कुल कितने बर्न मरीज भर्ती हुए, कितने मरीजों की मृत्यु हुई और कितने मरीज ठीक हुए?

उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) वर्तमान में संचालित मध्यप्रदेश के 07 स्‍वशासी मेडिकल कॉलेजों में बर्न यूनिट के आई.सी.यू. हैं तथा शेष 07 स्‍वशासी मेडिकल कॉलेजों में बर्न यूनिट के आई.सी.यू. नहीं हैं। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 01 अनुसार है। शासन द्वारा शेष चिकित्‍सा महाविद्यालयों में बर्न यूनिट की स्‍थापना करने के संबंध में वित्‍तीय संस्‍थानों की उपलब्‍धता के दृष्टिगत आवश्‍यकता अनुसार निर्णय लिया जायेगा। बर्न यूनिट स्थापना नहीं होने पर सर्जिकल आई.सी.यू. में बर्न मरीजों हेतु बिस्तर चिन्हांकित कर उपचार किया जा रहा है। वित्‍तीय वर्ष 2023-2024 में बर्न यूनिट हेतु राशि रू. 12 लाख प्रावधानित है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 02 अनुसार है। (ग) बर्न मरीजों को Surgical/Medical I.C.U./Burn Ward में शिफ्ट किया जाता है। बर्न मरीजों को स्ट्रोक या हार्ट अटेक होने की स्थिति में Burn I.C.U. में उपचार किया जाता है, जिन चिकित्सा महाविद्यालय में बर्न I.C.U. उपलब्ध नहीं हैं, उनमें बर्न मरीजों को स्ट्रोक या हार्ट अटेक होने पर निकटस्‍थ चिकित्सा महाविद्यालय रेफर किया जाता है। (घ) चिकित्सा महाविद्यालय, इन्दौर में बर्न यूनिट I.C.U. में 02 वेंटीलेटर हैं, दोनों क्रियाशील हैं। न्यूरो I.C.U. या कार्डियोलॉजी I.C.U. में शिफ्ट किए गए मरीजों की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 03 अनुसार है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ड.) मरीजों की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 04 अनुसार है।

लोकायुक्त कार्यवाही में दोषी चिकित्सक के विरुद्ध कार्यवाही

[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]

9. ( *क्र. 837 ) श्री नारायण सिंह पट्टा : क्या उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सदन की बैठक दिनांक 12.02.2024 में प्रश्‍नकर्ता के तारांकित प्रश्‍न क्रमांक 15 के प्रश्‍नांश (ख) के उत्तर में बताया गया था कि डॉ. दिनेश टाकसांडे के विरुद्ध संचालनालय के आदेश क्रमांक 1544, दिनांक 25.08.2022 द्वारा विभागीय जाँच संस्थित कर अनुशासनात्मक कार्यवाही प्रचलन में है, उक्त कार्यवाही अब तक पूर्ण नहीं होने के क्या कारण हैं? यदि जाँच पूर्ण हो गई है तो संबंधित के विरुद्ध क्या कार्यवाही की गई है या की जायेगी? अवगत करावें। जाँच प्रतिवेदन की प्रति उपलब्ध करावें। (ख) क्या उक्त चिकित्सक द्वारा कूटरचित ढंग से बैक डेट में खंड चिकित्सा अधिकारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिछिया के लेटरहेड का दुरूपयोग करते हुए पत्र क्रमांक/बिछिया/428/, दिनांक 21.10.2023 के माध्यम से खंड चिकित्सा अधिकारी बिछिया के पदनाम के ऊपर खुद के हस्ताक्षर कर एक चिकित्सक को आवास आवंटन किया गया था? यदि हाँ, तो क्या यह आपराधिक कृत्य है? यदि हाँ, तो क्या इनके विरुद्ध एफ.आई.आर. दर्ज कराई जायेगी? क्या प्रश्‍नकर्ता द्वारा इस संबंध में दिनांक 02.02.2024 को जिला कलेक्टर को पत्र लिखकर जाँच कर कार्यवाही हेतु लेख किया गया था? यदि हाँ, तो क्या कार्यवाही की गई? दस्तावेज उपलब्ध कराएं। (ग) क्या सी.एम.एच.ओ. द्वारा दिनांक 14.02.2024 को पत्र क्रमांक/विकास/2024/934 के माध्यम से उक्त चिकित्सक से प्रश्‍नांश (ख) के विषय को आपराधिक कृत्य मानते हुए स्पष्टीकरण माँगा गया था? यदि हाँ, तो क्या संबंधित द्वारा स्पष्टीकरण दिया गया, क्या इस आपराधिक कृत्य की एफ.आई.आर. दर्ज कराई गई? क्या उक्त पत्र के माध्यम से संबंधित चिकित्सक को बिछिया का शासकीय आवास रिक्त करने हेतु भी आदेशित किया गया था? यदि हाँ, तो क्या उक्त शासकीय आवास रिक्त किया गया है? यदि नहीं, तो उक्त आवास अब तक रिक्त नहीं करा पाने के क्या कारण है? संबंधित के विरुद्ध क्या कार्यवाही की जायेगी?

उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जी हाँ, संदर्भित प्रश्‍न के उत्‍तर अनुसार संस्थित विभागीय जांच क्षेत्रीय संचालक, स्‍वास्‍थ्‍य सेवायें जबलपुर के स्‍तर पर प्रचलन में है। जांच प्रतिवेदन प्राप्‍त होने पर नियमानुसार गुण-दोष के आधार पर निर्णय लिया जाना है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) जी नहीं। प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। जी हाँ। कलेक्‍टर, मण्‍डला द्वारा प्राप्‍त शिकायत को जांच हेतु मुख्‍य चिकित्‍सा एवं स्‍वास्‍थ्‍य अधिकारी जिला मण्‍डला को प्रेषित किया गया। मुख्‍य चिकित्‍सा एवं स्‍वास्‍थ्‍य अधिकारी द्वारा जांच उपरान्‍त जांच प्रतिवेदन पत्र दिनांक 21.06.2024 द्वारा कलेक्‍टर, मण्‍डला को प्रेषित किया गया है। जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ग) जी हाँ, मुख्‍य चिकित्‍सा एवं स्‍वास्‍थ्‍य अधिकारी द्वारा स्‍पष्‍टीकरण मांगा गया था। जी नहीं, जांच प्रतिवेदन कलेक्‍टर, मण्‍डला के स्‍तर पर निर्णय हेतु विचाराधीन है। जी हाँ, जी हाँ। प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। जांच प्रतिवेदन कलेक्‍टर, मण्‍डला को प्रस्‍तुत किया गया है, जिस पर निर्णय की कार्यवाही गुण-दोष के आधार पर प्रचलन में है।

परिशिष्ट - "दो"

गुनौर तहसील अंतर्गत अवैध कॉलोनी निर्माण

[राजस्व]

10. ( *क्र. 1343 ) श्री राजेश कुमार वर्मा : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) गुनौर तहसील अंतर्गत ग्राम गुनौर एवं सिली में दिनांक 01 जनवरी, 2023 से प्रश्‍न दिनांक तक की अवधि में 3000 वर्ग फीट से कम भूमि के कितने नामांतरण किये गये हैं? प्रकरणवार नामवार जानकारी दें। (ख) क्‍या प्रश्‍नांश (क) में उल्‍लेखित ग्रामों में छोटे-छोटे भूखंडों के नामांतरण के माध्‍यम से अवैध कॉलोनियां निर्मित की जा रही हैं? क्‍या ऐसे नामांतरण प्रकरणों के उपरांत अवैध कॉलोनी निर्माण की सूचना/प्रतिवेदन तहसीलदार गुनौर द्वारा अनुविभागीय अधिकारी गुनौर को दी गई? यदि नहीं, तो अवैध कॉलोनी के निर्माण से शासन को होने वाली क्षति व भविष्‍य में होने वाली अव्‍यवस्‍था के लिये कौन उत्‍तरदायी होगा? (ग) प्रश्‍नांश (क) में उल्‍लेखित ग्रामों के पटवारी द्वारा नामांतरण प्रतिवेदनों में अवैध प्‍लाटिंग व अवैध कॉलोनी विकसित करने की सूचना तहसीलदार गुनौर को दी गई है? यदि नहीं, तो क्‍यों? ऐसे पटवारी के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही कब तक की जावेगी? कब तक राजस्‍व विभाग के वरिष्‍ठ अधिकारी अवैध कॉलोनियों के मामले में संज्ञान लेकर समुचित कार्यवाही करेंगे?

राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) गुनौर तहसील अंतर्गत ग्राम गुनौर एवं सिली में 01 जनवरी 2023 से प्रश्‍न दिनांक तक की अवधि में 3000 वर्गफीट से कम भूमि के कुल 219 प्रकरण में नामांतरण किये गये हैं। प्रकरणवार, नामवार सूची की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) तहसीलदार गुनौर के प्रतिवेदन क्रमांक 31 प्रवा/2024 गुनौर, दिनांक 27.5.2024 के माध्यम से अनुविभागीय अधिकारी गुनौर को प्रतिवेदन भेजा गया है, जिनमें निम्नानुसार ग्रामों की भूमि पर भूखण्ड काटकर विक्रय किये जाने की जानकारी हल्का पटवारी गुनौर/सिली की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। अनुविभागीय अधिकारी राजस्व गुनौर द्वारा अवैध कॉलोनी निर्माण के संबंध में संभावित व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्यवाही की जा रही है। अतः शासन को किसी क्षति अथवा भविष्य में कोई अव्यवस्था का प्रश्‍न उत्पन्न नहीं होता है। (ग) पटवारी द्वारा नामांतरण प्रतिवेदनों में अवैध प्लाटिंग व अवैध कॉलोनी विकसित करने की सूचना नहीं दी है। नामांतरण शासन नियमानुसार समय-सीमा में किया जाना होता है, पटवारी के द्वारा पृथक से अवैध कॉलोनी विकास संबंधी सूचना तहसीलदार गुनौर को दी गई है। अतः पटवारी के विरुद्ध कार्यवाही का प्रश्‍न उत्पन्न नहीं होता है। अवैध कॉलोनी निर्माण के संबंध में समय-समय पर जानकारी प्राप्त होने पर मामले को संज्ञान में लिया जाकर समुचित कार्यवाही की जा रही है। स्पष्ट समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है, विधि अनुसार न्यायालयीन कार्यवाही पूर्ण कर शीघ्रता से अवैध कॉलोनी निर्माण के प्रकरणों का निराकरण किया जायेगा।

सिविल अस्‍पताल परासिया में आवश्यक उपकरण व फर्नीचर खरीदी

[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]

11. ( *क्र. 687 ) श्री सोहनलाल बाल्‍मीक : क्या उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सिविल अस्पताल परासिया में आवश्यक उपकरण व फर्नीचर को क्रय किये जाने के लिये 177.00 लाख रूपये की स्वीकृति शासन द्वारा लगभग 5 वर्ष पूर्व प्रदान की जा चुकी है, परन्तु फिर भी अभी तक उक्त सामग्री क्रय कर अस्पताल को उपलब्ध नहीं कराई गई है, जिससे अस्पताल के संचालन में असुविधा एवं मरीजों को परेशानी हो रही है, विलम्ब का क्या कारण है? (ख) प्रश्‍नांश (क) के अनुसार आवश्यक उपकरण व फर्नीचर सामग्री को कब तक सिविल अस्पताल परासिया को उपलब्ध करा दिया जायेगा? तिथि निर्धारित कर अवगत करायें। (ग) उक्त सामग्री को शीघ्र अतिशीघ्र सिविल अस्पताल परासिया को प्रदान किये जाने के संबंध में प्रश्‍नकर्ता द्वारा विभागीय श्रीमान प्रमुख सचिव महोदय को पत्र क्र.वि.स./परासिया/127/2024/258, दिनांक 03.05.2024 प्रेषित किया गया है, जिस पत्र पर अभी तक क्या कार्यवाही की गई है? कब तक कार्यवाही को पूर्ण करते हुए सिविल अस्पताल परासिया को उक्त सामग्री उपलब्ध करा दी जायेगी?

उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) सिविल अस्‍पताल परासिया, जिला छिन्‍दवाड़ा के नवनिर्मित भवन का हस्‍तांतरण किया गया था। जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। जिसके सुचारू संचालन हेतु आवश्‍यक उपकरण एवं फर्नीचर क्रय हेतु नियमानुसार युक्तियुक्‍तकरण के आधार पर आकलन उपरांत निविदा प्रक्रिया प्रचलन में है। (ख) आवश्‍यक उपकरण व फर्नीचर क्रय हेतु निविदा प्रक्रिया प्रचलन में है। निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ग) संबंधित पत्र द्वारा सिविल अस्‍पताल, परासिया में आवश्‍यक उपकरण व फर्नीचर की प्रदायगी हेतु लेख किया गया है, जिसके तारतम्‍य में नियमानुसार कार्यवाही प्रचलन में है। निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

परिशिष्ट - "तीन"

सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र अजयगढ़ में वित्तीय अनियमितता की जाँच

[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]

12. ( *क्र. 679 ) श्री ब्रजेन्द्र प्रताप सिंह : क्या उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र अजयगढ़ में पदस्थ तत्कालीन बी.एम.ओ. द्वारा रोगी कल्याण समिति के पैसों का गलत तरीके से उपयोग करते हुये आहरित की गई राशि की जाँच हेतु कलेक्टर पन्ना/सी.एम.एच.ओ. द्वारा जाँच समिति गठित की गई थी? यदि हाँ, तो जाँच समिति के प्रतिवेदन में क्या तत्कालीन बी.एम.ओ. दोषी पाये गये थे? (ख) यदि हाँ, तो उनके खिलाफ क्या कार्यवाही की गई है? यदि नहीं, तो क्यों? (ग) क्या संबंधित व्यक्ति का पन्ना जिले से अन्यत्र स्थानांतरण हुआ था? यदि हाँ, तो क्या संबंधीजन द्वारा स्थानांतरित कार्यालय में अपनी उपस्थिति दे दी है? यदि नहीं, तो क्यों? कारण बतावें। यदि प्रश्‍न दिनांक तक संबंधित व्यक्ति को स्थनांतरित नहीं किया गया तो इसके लिये कौन दोषी है? शासन के आदेश की अवहेलना किये जाने हेतु संबंधितों के खिलाफ क्या कार्यवाही की जावेगी? यदि नहीं, तो क्यों?

उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जी हाँ। जी हाँ, मुख्‍य चिकित्‍सा एवं स्‍वास्‍थ्‍य अधिकारी जिला पन्‍ना द्वारा गठित जांच समिति की रिपोर्ट अनुसार चार कर्मचारियों को प्राथमिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्रों में सफाई एवं सहयोग हेतु रखा गया था, परन्‍तु उनसे मूल कार्य न लेकर अन्‍य स्‍थानों पर कार्य लेने संबंधी अनियमितता प्रदर्शित हुई है। (ख) डॉ. के.पी. राजपूत के विरूद्ध संचालनालय स्‍वास्‍थ्‍य सेवाओं के आदेश क्रमांक/4/शिका./सेल3/पन्‍ना/2024/914 भोपाल, दिनांक 19.06.2024 के द्वारा कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है, प्रति उत्‍तर प्राप्‍त होने उपरांत गुणदोष के आधार पर कार्यवाही की जायेगी। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी हाँ। जी नहीं, संबंधित को प्रश्‍न दिनांक के पूर्व कार्यमुक्‍त किया जा चुका है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

आवंटित भूमि निरस्‍त कर दूसरी भूमि का आवंटन

[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]

13. ( *क्र. 1118 ) श्री हरिशंकर खटीक : क्या उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) टीकमगढ़ जिले में कहां-कहां और कब-कब उप-स्वास्थ्य केन्द्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र एवं सिविल हॉस्पिटल जो जनवरी 2019 से प्रश्‍न दिनांक के मध्य स्वीकृत किए गए हैं? उनके भवन निर्माण के लिए कितनी-कितनी कुल राशि स्वीकृत की गई है और कितनी-कितनी राशि से भवन निर्माण कार्य कराने हेतु, किस ठेकेदार को, किस दर पर कार्य कराने हेतु कार्य आदेश कब दिया गया था? ऐसे आदेशों की छायाप्रतियां प्रदाय करें। (ख) प्रश्‍नांश (क) के आधार पर बताएं कि प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र स्यावनी का भवन निर्माण कराने, भूमि स्थल का चयन कराने जिला कलेक्टर के समक्ष किस अधिकारी एवं कर्मचारी ने प्रस्ताव खसरा नं. में कितने रकबा भूमि आवंटित करने भेजा था? ऐसे अधिकारी एवं कर्मचारियों के नाम, पद सहित यह भी बताएं कि क्या सड़क की एक ओर मुक्ति धाम एवं शमशान भूमि हो और दूसरी ओर प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र का भवन निर्माण हो रहा हो, क्या यह उचित है? जब प्रश्‍नकर्ता द्वारा कार्य प्रारंभ होने पर ही कार्य रोकने हेतु कहा गया था और ग्रामीणों ने भी भूमि जिला कलेक्टर को पत्र लिखकर उपरोक्त आवंटित भूमि निरस्त कर अन्य भूमि आवंटित करने की मांग की है तो अन्य भूमि, मुक्ति धाम के पास से अन्य आवंटित की जावेगी तो कब तक? (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के आधार पर बताएं कि सिविल हॉस्पिटल जतारा के लिए जो भूमि आवंटित की गई है, वहां पर भवन निर्माण कार्य क्यों प्रारंभ नहीं हुआ है? संपूर्ण जानकारी देते हुए यह भी बताएं कि उपरोक्त भूमि जो नगर एवं क्षेत्र के जनता के हित में है, उसी आवंटित भूमि पर भवन बनाने हेतु कितनी राशि की और आवश्यकता होगी? क्या उपरोक्त अतिरिक्त राशि विभाग देगा तो कब तक? निश्चित समय-सीमा सहित बताएं या फिर अन्यत्र भूमि आवंटित की जावेगी तो कब तक?

उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। कार्यादेशों की छायाप्रतियां पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र स्यावनी के भवन निर्माण कराने हेतु मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. शोभाराम रोशन द्वारा जिला कलेक्टर के समक्ष खसरा नम्‍बर 523/1 ख एवं रकबा 0.405 हेक्टेयर भूमि आवंटित कराने के लिए ऑनलाइन आवेदन के माध्यम से भेजा गया था। स्वास्थ्य केन्द्र भवन निर्माण हेतु ग्राम के नागरिकों की सुलभ पहुंच एवं स्वास्थ्य केन्द्र में पदस्थ चिकित्सक एवं कर्मचारियों के रहने में व्यवधान उत्पन्न न हो, पानी की सुलभ उपलब्धता हो आदि बिन्दुओं पर विचार उपरांत भूमि का आवंटन करवाया जाता है, कार्य बंद कराने के निर्देश प्राप्त होने पर निर्माण एजेन्सी द्वारा कार्य बंद करा दिया गया है, जी हाँ, ग्रामीणों द्वारा कलेक्टर को पत्र लिखा गया था, उक्त भवन का कार्य नींव स्तर तक किया जा चुका है, अतः अन्य भूमि आवंटन के संबंध में कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है, प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) निर्माण एजेन्सी म.प्र. भवन विकास निगम द्वारा सिविल अस्पताल जतारा, में आवंटित भूमि पर भवन निर्माण हेतु ले-आउट दिया गया था, लेकिन आवंटित भूमि पर जल भराव होने की स्थिति में कार्य प्रारंभ नहीं किया जा सका। भवन निर्माण कार्य हेतु राशि रूपये 1416.71 लाख का पुनरीक्षित प्राक्कलन तैयार कर निर्माण एजेन्सी के पत्र क्रमांक 6344/MPBDC/CHPHC/Arch./2024, दिनांक 14.06.2024 द्वारा विभाग को प्रस्तुत किया गया है, जिससे लागत में राशि रूपये 281.85 लाख की वृद्धि हो रही है। प्रस्‍ताव पर आवश्‍यकता अनुसार निर्णय लिया जाएगा। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

आवासीय पट्टा प्रदाय योजना

[राजस्व]

14. ( *क्र. 417 ) डॉ. प्रभुराम चौधरी : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सांची विधानसभा क्षेत्रांतर्गत आवासीय भूमि का पट्टा प्रदाय की क्‍या योजना है, क्‍या ग्रामीण क्षेत्रों में नागरिकों को पट्टे प्रदाय किये गये हैं? यदि हाँ, तो नाम, पता सहित जानकारी उपलब्‍ध करावें। (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार पट्टे स्‍वीकृति के प्रकरण लंबित हैं एवं लंबित प्रकरणों का निराकरण किया जाकर हितग्राहियों को कब तक वितरित किये जावेंगे? (ग) घास भूमि को आबादी भूमि मद में परिवर्तित करने की शासन की क्‍या योजना है, ऐसी भूमि को चिन्हित किया गया है? यदि हाँ, तो ग्रामवार भूमि की खसरावार सहित जानकारी उपलब्‍ध करावें।

राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) आवासीय भूमि के पट्टे की नहीं अपितु ग्रामीण क्षेत्र में पात्र परिवारों को आवासीय भू-खण्ड उपलब्ध कराने की मुख्यमंत्री आवासीय भू-अधिकार योजना है। योजनांतर्गत सांची विधानसभा क्षेत्र में रायसेन तहसील में 1742 एवं गैरतगंज तहसील में 430 कुल 2172 पात्र परिवारों को भूमि स्वामी अधिकार पत्र प्रदान किये गये हैं, जिसकी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र "अ"अनुसार है। (ख) सांची विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत तहसील गैरतगंज में योजना अंतर्गत 74 प्रकरण लंबित हैं, जिनके निराकरण की नियमानुसार कार्यवाही की जा रही है। (ग) जी हाँ, योजना की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र "ब"अनुसार है। सांची विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत तहसील रायसेन एवं गैरतगंज अंतर्गत आबादी भूमि मद में परिवर्तित करने हेतु चिन्हित नहीं किया गया है, अतः शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

नियम विरुद्ध प्राइवेट नर्सिंग कॉलेजों का संचालन

[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]

15. ( *क्र. 700 ) श्री सुरेश राजे : क्या उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्यप्रदेश में प्राइवेट नर्सिंग कॉलेज खोलने हेतु मान्यता देने संबंधी शासन आदेश, नियम एवं शर्तों की सत्यापित प्रति देवें तथा मध्यप्रदेश में कब से कहाँ-कहाँ किस संचालक/संस्था का प्राइवेट नर्सिंग कॉलेज संचालित है? (ख) प्रश्‍नांश (क) के अनुसार प्रदेश में मान्यता प्राप्त प्राइवेट नर्सिंग कॉलेजों में वर्ष 2020-21 से 2023-24 में अध्यनरत छात्र-छात्राओं की संख्या तथा इन्हें दी गई छात्रवृत्ति राशि, प्रत्येक नर्सिंग कॉलेज की वर्षवार बतावेंl (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के अनुसार प्रदेश में संचालित प्राइवेट नर्सिंग कॉलेज में से किस प्राइवेट नर्सिंग कॉलेज की मान्यता किस कारण, किस सक्षम अधिकारी द्वारा निरस्त की गई? आदेश क्रमांक एवं दिनांक सहित बतावेंl (घ) क्या प्रश्‍नांश (क) में उल्लेखित अनुसार प्राइवेट नर्सिंग कॉलेजों की मान्यता शासन आदेश एवं शर्तों का उल्लंघन करते हुए दी गई? यदि हाँ, तो कौन-कौन अधिकारी दोषी पाए गये? इनके विरुद्ध अभी तक किस प्रकार की कार्यवाही की गई?

उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) नर्सिंग शिक्षण संस्‍था मान्‍यता नियम, 2018 एवं संशोधित नियमों की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। म.प्र. में संचालित प्रायवेट नर्सिंग कॉलेज की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। (ख) वर्ष 2020-21 से 2023-24 में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं की छात्रवृत्ति की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। (ग) म.प्र. में संचालित प्राइवेट नर्सिंग कॉलेज की मान्‍यता निरस्‍ती संबंधी जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। प्राइवेट नर्सिंग कॉलेज की मान्यताएं, नर्सिंग शिक्षण संस्‍था मान्‍यता नियम, 2018 एवं संशोधित नियम 2019, 2020, 2022 मापदण्‍डों का पालन न किये जाने के फलस्‍वरूप वर्ष 2021-22 में 80, 2022-23 में 04 एवं माननीय उच्‍च न्‍यायालय जबलपुर में डब्‍ल्‍यू.पी. 1080/2022 में पारित आदेश दिनांक 13.02.2024 के पालन में 66 कॉलेजों की मान्‍यता निरस्‍त की गई। मान्‍यता निरस्‍ती की कार्यवाही मध्‍यप्रदेश नर्सेस रजिस्‍ट्रेशन कौंसिल द्वारा की गई, निरस्‍तीकरण आदेश रजिस्‍ट्रार मध्‍यप्रदेश नर्सेस रजिस्‍ट्रेशन कौंसिल द्वारा जारी किए गएजानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। (घ) मान्‍यता नर्सिंग शिक्षण संस्‍था मान्‍यता नियम-2018 एवं संशोधित नियमों के आधार पर प्रदाय की गयी थी, कतिपय संस्‍थाओं की मान्‍यता संबंधी मापदण्‍डों का पालन नहीं करने पर संस्‍थाओं को मान्‍यता समाप्‍त कर दी गयी है। तत्‍कालीन रजिस्‍ट्रार, श्रीमती चंद्रकला दिवगैया एवं तत्‍कालीन रजिस्‍ट्रार, श्रीमती सुनीता शिजू दोषी पाए गए। वरिष्‍ठ संयुक्‍त संचालक (शिकायत) संचालनालय, स्‍वास्‍थ्‍य सेवाएं के आदेश क्रमांक1133-40/MC/स्‍थापना/अराज-5/24, दिनांक 21.06.2024 से श्रीमती सुनीता शिजू की सेवा तत्‍काल प्रभाव से समाप्‍त की गई है एवं वरिष्‍ठ संयुक्‍त संचालक (शिकायत) संचालनालय, स्‍वास्‍थ्‍य सेवाएं के आदेश क्रमांक/4/शिका/ सेल-4/डीई/2024/925, दिनांक 21.06.2024 द्वारा श्रीमती चंद्रकला दिवगैया को सेवा से पदच्‍युत किया गया। निरीक्षणकर्ताओं के संदर्भ में की जा रही कार्यवाही की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसारहैं।

नियम विरूद्ध पदस्‍थ कर्मचारियों की जानकारी

[स्कूल शिक्षा]

16. ( *क्र. 947 ) श्री पंकज उपाध्याय : क्या परिवहन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मुरैना जिले के विकासखण्डों में कौन-कौन शिक्षा अधिकारी के पद पर पदस्थ हैं? विकासखण्डवार यह बताने की कृपा करेंगे कि सामान्य प्रभार किसके पास है व आहरण संवितरण अधिकार किसके पास है? आदेशों की कॉपी उपलब्ध कराने का कष्ट करें। (ख) शिक्षा अधिकारी विकासखण्डों में पदस्थ करने के क्या नियम हैं? जहाँ सामान्य प्रभार शिक्षा अधिकारी व आहरण संवितरण अधिकारी पदस्थ हैं, उनको कब तक हटाकर शासन के निर्देशानुसार प्रभार दिये जायेंगे? यह किस आधार पर पदस्थ किये गये हैं? (ग) मुरैना जिले में शिक्षा अधिकारी के नियम विरूद्ध प्रभार दिये गये हैं, उस दोषी अधिकारी के खिलाफ क्या कार्यवाही की गई? यदि कार्यवाही नहीं की गई तो क्यों नहीं की गई? (घ) मुरैना जिले में शासन के नियमानुसार प्रभार कब तक दिये जायेंगे और नियम विरूद्ध पदस्थ करने वाले अधिकारी के खिलाफ कब तक कार्यवाही की जायेगी एवं मुरैना जिले के विकासखण्डों में वरिष्ठता के आधार पर प्रभार कब तक सौंपे जायेंगे? आदेशों की कॉपी उपलब्ध कराने का कष्ट करें। (ड.) संकुल केन्द्रों पर प्राचार्य नहीं होने की स्थिति में संकुल केन्द्रों का प्रभार किसके पास है? उसका नाम, आदेश की प्रति उपलब्ध कराने का कष्ट करें। संकुल केन्द्र पर प्राचार्य पदस्थ नहीं होने की स्थिति में संकुल केन्द्र के अंतर्गत पदस्थ प्राचार्य को संकुल केन्द्र का प्रभार क्यों नहीं दिया गया? उसका कारण बताने का कष्ट करें। संकुल केन्द्र पर प्राचार्य न होने की स्थिति में संकुल केन्द्र के अंतर्गत प्राचार्यों को कब तक प्रभार दिया जायेगा। आदेश की कॉपी उपलब्ध कराने का कष्ट करें।

परिवहन मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'एक' अनुसार है। (ख) राज्य शिक्षा सेवा अन्तर्गत विकासखण्ड स्तर पर सहायक संचालक, लोक शिक्षण का पद निर्मित किया गया है। पद रिक्त होने की स्थिति में प्रशासनिक कार्य सुविधा की दृष्टि से रिक्त पद के समकक्ष कार्यरत अथवा सामान्यतः ऐसे वरिष्ठतम शासकीय सेवक जो रिक्त पद से निम्नतर पद पर कार्यरत है, को सौंपे जाने का प्रावधान है। जिला मुरैना अन्तर्गत 05 विकासखण्डों में नियमित विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी पदस्थ नही होने के कारण प्रशासकीय कार्य व्यवस्था स्वरूप स्थानीय स्तर विकासखण्ड में वरिष्ठतम प्राचार्य को अस्थायी रूप से प्रभार सौंपा है। अतः शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) उत्तरांश '''' के परिप्रेक्ष्य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (घ) जिला मुरैना अन्तर्गत पांच विकासखण्डों में नियमित विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी पदस्थ नहीं होने के कारण विकासखण्ड में वरिष्ठतम प्राचार्य को सामान्य एवं आहरण संवितरण अधिकार सौंपे गये हैं। वरिष्ठता क्रम में प्रभार सौंपे जाने से कार्यवाही का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। आदेश की प्रति पुस्तकालय में रखें परिशिष्टि के प्रपत्र 'एक' अनुसार है। (ड.) पूर्वाशः जानकारी पुस्तकालय में रखें परिशिष्ट के प्रपत्र 'दो' अनुसार है। शेषांश संकुल प्राचार्य के सेवा निवृत्त होने स्थानांतरण होने, नियमित प्राचार्य न होने एवं उच्च पद प्रभार के दौरान प्राचार्य की पद पूर्ति न होने पर रिक्त पद होने की स्थिति में वरिष्ठता क्रम के अनुसार पूर्व के संस्था प्राचार्य द्वारा संस्था में कार्यरत शिक्षक कर्मचारियों को वरिष्ठता के आधार पर प्रभार सौंपा जाता है। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

चिकित्सकों/विशेषज्ञों/पैरामेडिकल स्टाफ की पद पूर्ति एवं संलग्नीकरण

[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]

17. ( *क्र. 714 ) श्री संजय उइके : क्या उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रश्‍नकर्ता के विधानसभा तारांकित प्रश्‍न क्र. 723, दिनांक 21.12.2021 पर माननीय मंत्री जी के सदन में अश्वासन पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्‍थ्‍य अधिकारी द्वारा चिकित्सकों/विशेषज्ञों/पैरामेडिकल स्टाफ के पद पूर्ति एवं संलग्नीकरण समाप्त करने हेतु आदेशित किया गया था? (ख) यदि हाँ, तो किन-किन विशेषज्ञ चिकित्सकों को सिविल अस्पताल में सप्ताह में एक दिन सेवा प्रदान करने हेतु आदेशित किया गया था? कब-कब प्रश्‍न दिनांक तक चिकित्सक द्वारा उक्त आदेश के परिपालन में सिविल अस्पताल बैहर में सेवाएं दीं? यदि नहीं, दी तो उनके विरूद्ध क्या-क्‍या कार्यवाही की गई? (ग) पैरामेडिकल स्टाफ की संलग्नीकरण समाप्त करने के उपरान्त भी किन-किन कर्मचारियों को पदस्थापना स्थल में वापसी हेतु कार्यमुक्त किया गया और किन-किन कर्मचारियों को नहीं किया गया? संलग्न कर्मचारियों के संलग्नीकरण समाप्त के उपरान्त भी पदस्थापना कार्यस्थल पर उपस्थित नहीं होने पर क्या कार्यवाही की गई?

उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जी हाँ। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी बालाघाट म.प्र. के आदेश क्रमांक/स्था/2024/163, बालाघाट दिनांक 09.02.2024 द्वारा मूल पदस्थापना से अन्यत्र स्वास्थ्य संस्थाओं में कार्य किये जाने हेतु किये गये समस्त आदेशों को निरस्त करते हुये संबंधित अधिकारी/कर्मचारी को अपनी मूल पदस्थापना स्थल पर कार्य किये जाने हेतु आदेशित किया गया है। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी हाँ। डॉ. अनंत लिल्हारे, चिकित्सा विशेषज्ञ (पी.एस.एम.) जिला चिकित्सालय बालाघाट को सिविल अस्पताल बैहर में सेवायें प्रदान करने हेतु आदेशित किया गया है, जिनके द्वारा नियमित रूप से अपनी सेवायें सिविल अस्पताल बैहर में दी जा रही है। इसके अतिरिक्त सप्ताह में एक दिन डॉ. रश्मि बाघमारे, स्त्रीरोग विशेषज्ञ तथा डॉ. वर्षा रंगारे, स्त्रीरोग विशेषज्ञ द्वारा माह फरवरी 2024 में सिविल अस्पताल बैहर में अपनी सेवायें प्रदाय की गई है। तत्पश्चात माह मार्च 2024 से पाक्षिक सेवायें माह की 09 एवं 25 तारीख को दी जा रही है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी बालाघाट म.प्र. के आदेश क्रमांक/स्था/2024/163, बालाघाट दिनांक 09.02.2024 के परिपालन में संबंधित संस्था प्रमुख द्वारा संलग्नीकृत समस्त चिकित्सकों एवं कर्मचारियों को कार्यमुक्त किया गया एवं समस्त संलग्नीकृत चिकित्सक एवं कर्मचारी अपनी मूल पदस्थापना स्थल पर उपस्थित हो चुके है। केवल सिविल अस्पताल लांजी से संलग्नीकरण समाप्ति उपरांत रितु कंकरायणे नर्सिंग अधिकारी अपने मूल पदस्थापना सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र बिरसा पर उपस्थित नहीं हुई है, जिनका वेतन आहरण रोक दिया गया है।

कारम डेम की जानकारी

[जल संसाधन]

18. ( *क्र. 560 ) श्री कालु सिंह ठाकुर : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या धार जिले की धरमपुरी विधानसभा में कारम डेम फूटने के बाद दिनांक 01 अप्रैल, 2022 से प्रश्‍न दिनांक तक विभिन्न कार्यों हेतु राशि खर्च की गई है? (ख) प्रश्‍नांकित (क) अनुसार यदि हाँ, तो दिनांक 01 अप्रैल, 2022 से प्रश्‍न दिनांक तक किन-किन कार्यों हेतु कितनी-कितनी राशि खर्च की गई है? कार्यवार, राशिवार, बिल वाउचर की प्रमाणित छायाप्रति उपलब्ध करावें। (ग) क्‍या उक्त जानकारी हेतु प्रश्‍नकर्ता द्वारा विभाग के कार्यपालन यंत्री को पत्र और स्मरण पत्र जारी किये गए थे? यदि हाँ, तो उक्त अधिकारी द्वारा आज दिनांक तक जानकारी किस कारण प्रदान नहीं की गई है?

जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) एवं (ख) जी नहीं, शासन स्तर से गठित समिति के निर्णयानुसार दिनांक 15 अगस्त, 2022 को कारम बांध से बांध कटाव नियंत्रण तकनीकी का उपयोग करते हुए चेनल बनाकर सुरक्षित पानी की निकासी की गई थी, दिनांक 01 अप्रैल, 2022 से प्रश्‍न दिनांक तक विभिन्न कार्यों पर व्‍यय की गई राशि का विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट  अनुसार है। (ग) जी हाँ, कार्यपालन यंत्री द्वारा माननीय सदस्‍य को दिनांक 18.06.2024 को कारम डेम पर किए जा रहे व्‍यय की जानकारी उपलब्‍ध कराया जाना प्रतिवेदित है।

अग्नि दुर्घटनाओं की जानकारी

[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]

19. ( *क्र. 912 ) श्री अनिरुध्द (माधव) मारू : क्या उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) कमला नेहरु अस्पताल भोपाल, निजी अस्पताल जबलपुर, जिला अस्पताल खंडवा, जिला चिकित्सालय नर्मदापुरम इत्यादि में वर्ष नवंबर 2021 से मई 2024 के दौरान कितने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, शासकीय चिकित्सालय (जिला एवं तहसील स्तर) एवं निजी चिकित्सालयों में कितनी अग्नि दुर्घटनाएँ हुईं एवं उसमें कितनी जनहानि हुई? संपूर्ण जानकारी उपलब्ध कराएं। (ख) क्या इस तरह की अग्नि दुर्घटनाओं से बचाव हेतु मध्य प्रदेश शासन ने कोई नीति/पॉलिसी/निर्देशिका बनायी है? यदि हाँ, तो जानकारी उपलब्ध कराएं। यदि नहीं, तो इस विषय/दिशा में क्या प्रयास किये जा रहे हैं? (ग) क्या प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, शासकीय चिकित्सालय (जिला एवं तहसील स्तर) में अग्नि दुर्घटना से बचाव हेतु उपलब्ध स्वचालित (मानव एवं जल रहित) अग्निशामक यंत्र (मानव रहित) लगाए गए हैं? यदि हाँ, तो सूची उपलब्ध कराएं। यदि नहीं, तो वर्तमान समय में उपलब्ध आधुनिक मानव एवं जल रहित स्वचालित अग्निशामक यंत्र कब तक लगा दिए जायेंगे? (घ) निजी चिकित्सालयों में हुई अग्नि दुर्घटना को रोकने हेतु कोई निर्देश जारी किये गये हैं? उन निर्देशों की प्रति उपलब्ध करायें।

उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) कमला नेहरू अस्‍पताल भोपाल, निजी अस्‍पताल जबलपुर, जिला अस्‍पताल खंडवा, जिला चिकित्‍सालय नर्मदापुरम में वर्ष नवम्‍बर 2021 से मई 2024 के दौरान प्राथमिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र, शासकीय चिकित्‍सालय (जिला एवं तहसील स्‍तर) एवं नि‍जी चिकित्‍सालयों में घटित अग्नि दुर्घटनाओं तथा उसमें हुई जनहानि की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) जी हाँ। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) जी नहीं। प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। प्रथम चरण में प्रदेश के समस्‍त जिला चिकित्‍सालयों में फायर फाईटिंग हेतु निविदा जारी की जाकर कार्य प्रारंभ किया जा रहा है। निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (घ) जी हाँ। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है।

मडीखेड़ा से हरसी डेम का पौषक नहर चौड़ीकरण एवं गहरीकरण

[जल संसाधन]

20. ( *क्र. 829 ) श्री मोहन सिंह राठौर : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या ग्वालियर जिले के हरसी डेम जलाशय को भरने के लिए मड़ीखेड़ा शिवपुरी से पोषक नहर के चौड़ीकरण न होने के कारण जलाशय में पर्याप्त पानी नहीं पहुंच पाता है, इसे चौड़ीकरण करने का शासन के पास कोई प्रस्ताव है? यदि हाँ, तो कब तक पूर्ण किया जायेगा? (ख) ग्वालियर जिले की विधानसभा 18 भितरवार अंतर्गत घाटीगांव तहसील के रानीघाटी क्षेत्र की छ: पंचायतों (आरोन, पाटई, करही, बन्हेरी, सभराई, बड़कागांव) के 17 ग्रामों के किसानों की सात हजार हेक्टेयर भूमि सिंचित करने हेतु हरसी डेम से लिफ्ट ऐरीगेशन डालने की योजना तैयार होकर विभाग के पास लंबित है? यदि हाँ, तो कब से? (ग) यदि हाँ, तो क्या तकनीकी स्वीकृति कितनी राशि की प्रदाय की गई है? इसकी प्रशासकीय स्वीकृति प्रदाय की गई है? यदि नहीं, तो कब तक जारी की जाकर कार्य प्रारंभ कराया जावेगा?

जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) ग्वालियर जिले की हरसी डेम को भरने के लिए सिंध परियोजना के मोहनी पिक-अप वियर से 6.4 कि.मी की हरसी पोषक नहर निर्माण की गई है। नहर की क्षमता कम होने के कारण नहर के री-मॉडलिग का कार्य प्रगतिरत् है। कार्य को दिसम्बर 2024 तक पूर्ण किया जाना लक्षित है। (ख) एवं (ग) ग्वालियर जिले की भितरवार विधान सभा क्षेत्र के अंतर्गत घाटी गांव तहसील के 17 ग्रामों को सिंचाई सुविधा प्रदाय करने हेतु आरोन पाटई उदवहन सिंचाई योजना लागत रू.105.18 करोड़ एवं सैंच्य क्षेत्र 4,000 हेक्टेयर की डी.पी.आर. परीक्षणाधीन है। स्वीकृति एवं कार्य प्रारंभ किये जाने की तिथि बताया जाना संभव नहीं है।

नर्सिग कॉलेजों में अनियमितता

[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]

21. ( *क्र. 1045 ) श्री बाला बच्चन : क्या उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दिनांक 01.07.2020 से 30.10.2023 तक प्रदेश में कितने नर्सिंग कॉलेजों को प्रारंभ करने की अनुमति प्रदान की गई? वर्षवार, कॉलेज नाम, स्‍थान नाम, जिला सहित देवें। (ख) उपरोक्‍त कॉलेज अनुमति के लिए जिन अंतिम 3 जिम्‍मेदारों के हस्‍ताक्षर लगे, उनके नाम, पदनाम, कॉलेजवार देवें। इन कॉलेजों में कितनी राशि की छात्रवृत्ति दी गई? कॉलेजवार जिलावार देवें। (ग) क्‍या नर्सिंग कॉलेज अनुमति में अनियमितता होने पर उपरोक्‍त (ख) अनुसार जिम्‍मेदारों पर शासन ने कोई कार्यवाही प्रश्‍न दिनांक तक नहीं की है? यदि की है तो अवगत करावें। (घ) कब तक कार्यवाही की जायेगी?

उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) शैक्षणिक सत्र 2020-21 से 2022-23 तक मान्‍यता प्राप्‍त नर्सिंग संस्‍थाओं की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 1 अनुसार है। (ख) नर्सिंग शिक्षण संस्‍था मान्‍यता नियम, 2018 के नियम 5 (7) के अनुसार मान्‍यता आवेदन परिषद की कार्यकारिणी समिति की बैठक में विचार कर निराकृत किये जाते हैं। मान्‍यता प्रमाण-पत्र रजिस्‍ट्रार द्वारा जारी किए जाते हैं। छात्रवृत्ति की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ग) वरिष्‍ठ संयुक्‍त संचालक (शिकायत) संचालनालय, स्‍वास्‍थ्‍य सेवाएं के आदेश क्रमांक 1133-40/MC/स्‍थापना/अराज-5/24, दिनांक 21.06.2024 से श्रीमती सुनीता शिजू की सेवा तत्‍काल प्रभाव से समाप्‍त की गई है एवं वरिष्‍ठ संयुक्‍त संचालक (शिकायत) संचालनालय, स्‍वास्‍थ्‍य सेवाएं के आदेश क्रमांक/4/शिका/सेल-4/डी.ई./2024/925, दिनांक 21.06.2024 द्वारा श्रीमती चंद्रकला दिवगैया को सेवा से पदच्‍युत किया गया। (घ) निरीक्षणकर्ताओं के संदर्भ में की जा रही कार्यवाही की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है।

प्रायवेट स्‍कूलों के संचालन हेतु नियम प्रक्रिया

[स्कूल शिक्षा]

22. ( *क्र. 1027 ) श्री नितेन्‍द्र बृजेन्‍द्र सिंह राठौर : क्या परिवहन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रायवेट स्‍कूलों में शिक्षकों की निय‍ुक्ति हेतु क्‍या नियम प्रक्रिया है? (ख) क्‍या प्रदेश के प्रायवेट स्‍कूलों के शिक्षकों का डाटा प्रदेश सरकार के पास है? (ग) प्रायवेट स्‍कूल संचालन हेतु क्‍या नियम प्रक्रिया है? क्‍या प्रदेश में उन्‍हीं नियम प्रक्रिया के तहत प्रायवेट स्‍कूलों का संचालन हो रहा है? इनकी देख-रेख की जिम्‍मेदारी किस अधिकारी के पास होती है? क्‍या प्रायवेट स्‍कूलों के शिक्षकों को कोई मानदेय अथवा सुविधा शासन द्वारा निर्धारित है?

परिवहन मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) कक्षा 1 से 8 तक के स्‍कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 की धारा-23 में विहित प्रावधान अनुसार की जाती है। प्राइवेट स्‍कूलों में विद्यालयों की प्रबंधन समिति द्वारा शिक्षकों की नियुक्ति की जाती है। विभाग द्वारा जारी नियम की प्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी हाँ। अशासकीय विद्यालयों द्वारा यू-डाईस में शिक्षकों की जानकारी उपलब्‍ध कराई जाती है। (ग) कक्षा 1 से 8 तक के स्‍कूल संचालन शिक्षा का अधिकार नियम, 2011 के नियम-11 अनुसार। शेषांश का उत्‍तर उपरोक्‍त में ही समाहित है। माध्‍यमिक शिक्षा मण्‍डल के अधीन संचालित विद्यालयों को मध्‍यप्रदेश माध्‍यमिक एवं उच्‍चतर माध्‍यमिक शालाओं के मान्‍यता नियम, 2017 (यथा संशोधित नियम, 2020 एवं 2021) के तहत कक्षा 9 से 12 के विद्यालयों के लिए मान्‍यता प्रदान की जाती है। इसी प्रकार सी.बी.एस.ई. व अन्‍य बोर्ड के अधीन संचालित विद्यालयों को संबंधित बोर्ड के मान्‍यता नियमों के अनुरूप मान्‍यता प्रदान की जाती है। विद्यालय संचालन संबंधित मान्‍यता नियमों के तहत किया जाता है। गैर अनुदान प्राप्‍त प्राइवेट स्‍कूलों के शिक्षकों को कोई मानदेय एवं सुविधा शासन द्वारा प्रदान नहीं की जाती है।

शासकीय भू‍मि का आवंटन

[राजस्व]

23. ( *क्र. 430 ) श्रीमती चंदा सुरेन्द्र सिंह गौर : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या खरगापुर तहसील में पदस्थ तत्कालीन तहसीलदार द्वारा दिनांक 20.12.2022 को प्रीतम लोधी के नाम म.प्र. शासन की बेशकीमती भूमि जो तहसील कार्यालय के पीछे स्थित है, को 06 शर्तों के साथ 03 वर्षों के लिये दे दी गई और भूमि का रकबा कितना है, कुछ ज्ञात नहीं, लीज पर दी गई, कुछ ज्ञात नहीं। सिर्फ इस आशय का आदेश जारी किया गया है कि उद्यानिकी विकास के प्रचार-प्रसार हेतु उद्यानिकी प्रभारी उद्यानिकी विभाग बल्देवगढ़ की अनुशंसा पर दी गई? क्या उक्त बेशकीमती भूमि शासन के नियमों के विरुद्ध दी गई? (ख) क्या उद्यानिकी अधिकारी बल्देवगढ़ ने अपने पत्र/उद्यान/प्र.क./2024-25/09, दिनांक 06.05.2024 को तहसीलदार को पत्र में लिखा है कि उद्यानिकी अधिकारी बल्देवगढ़ की कोई भी अनुशंसा भूमि के लिये नहीं की गई है, तत्कालीन तहसीलदार अनिल गुप्ता के द्वारा अपने स्तर पर कृषि भूमि दी गई है? (ग) क्या इस प्रकार के आदेश जारी करने वाले तहसीलदार के विरुद्ध कार्यवाही कर उक्त बेशकीमती भूमि को कब्‍जा हटवाकर अतिक्रमण से मुक्त करायेंगे? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्यों? (घ) क्या म.प्र. शासन की भूमि लीज पर दिये जाने हेतु केबिनेट का निर्णय एवं जिला कलेक्टर का प्रस्ताव होना जरूरी होता है, परन्‍तु खरगापुर विधान सभा में तहसील खरगापुर में राजनैतिक दबाव में तत्कालीन तहसीलदार ही संपूर्ण भूमि के मालिक बनकर आवंटित करते रहे हैं? क्या ऐसे भ्रष्ट आचरण के तह‌सीलदार को पद से हटाने की कार्यवाही करेंगे? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्यों?

राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) से (घ) जानकारी संकलित की जा रही है।

बरही से मैहर रोड में महानदी के ऊपर निर्मित क्षतिग्रस्त पुल का निर्माण

[जल संसाधन]

24. ( *क्र. 721 ) श्री संजय सत्येन्द्र पाठक : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या बरही से मैहर रोड में महानदी के ऊपर निर्मित पुल लगभग विगत 2 वर्षों से क्षतिग्रस्त है? पुनः निर्माण हेतु विभाग द्वारा प्रश्‍न दिनांक तक क्या-क्या कार्यवाही की गयी, क्योंकि उस पुल के ऊपर से ऑटो एवं उससे भारी वाहन पूर्णतः प्रतिबंधित होने के कारण आवागमन एवं व्यापार पूर्णतः से बाधित हो रहा है? (ख) यदि प्रश्‍नांश (क) हाँ तो शासन द्वारा आवंटन प्राप्त होने के पश्‍चात विभाग द्वारा क्या-क्या कार्यवाही की गई? क्या निविदा दो बार निरस्त की गयी है? यदि हाँ, तो क्या विभाग या अन्य निर्माण एजेन्सियों द्वारा क्षतिग्रस्त पुल का निर्माण कार्य पूर्ण कराया जायेगा? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्यों? (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के परिप्रेक्ष्य में उक्त पुल का निर्माण कब तक पूर्ण कर यातायात सुचारू रूप से प्रारंभ कर दिया जायेगा?

जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) जी हाँ। बरही से मैहर रोड में महानदी के ऊपर निर्मित पुल लगभग विगत 2 वर्षों से क्षतिग्रस्त है। पुल के पियर क्रमांक 10 (जिगना की ओर से) डेक स्लैब के केंटिलीवर भाग में डिफ्लेक्शन होने के कारण भारी वाहनों के गुजरने से पुल में अधिक कंपन हो रहा था। पुल पर वाहनों के आवागमन से दुर्घटना की संभावना को दृष्टिगत रखते हुये कलेक्टर कटनी द्वारा वाहनों का आवागमन प्रतिबंधित किया जाना प्रतिवेदित है। (ख) एवं (ग) पुल के सुधार कार्य हेतु आवंटन प्राप्त होने के पश्चात निविदा की कार्यवाही की गई। जी हाँ, निविदा दो बार निविदाकारों के अनर्हतित होने के कारण निरस्त की गई। तृतीय आमंत्रण हेतु निविदा ऑनलाइन है, जिसमें निविदा प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि 26.06.2024 है। जी हाँ, निविदा स्वीकृति होने के पश्चात निर्धारित निविदाकार द्वारा पुल के मरम्मत का कार्य कराया जाना संभव हो सकेगा। निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

प्रदेश में नर्सिंग कॉलेजों को नियम विरूद्ध मान्‍यता

[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]

25. ( *क्र. 1055 ) श्री उमंग सिंघार : क्या उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता के अतारांकित प्रश्‍न क्रमांक 1258, उत्तर दिनांक 12 फरवरी, 2024 एवं तारांकित प्रश्‍न क्रमांक 71 एवं अतारांकित प्रश्‍न क्रमांक 1602, उत्तर दिनांक 14.07.2023 के संदर्भ में प्रदेश में शासकीय/अशासकीय नर्सिंग कॉलेजों की मान्यता दिए जाने में इंडियन नर्सिंग काउन्सिल के नियमों एवं मापदण्डों का उल्लंघन किये जाने की जांच माननीय उच्च न्यायालय ग्वालियर के पारित आदेश पर सी.बी.आई. द्वारा की जा रही थी? (ख) यदि हाँ, तो उपरोक्त प्रश्‍नांश के परिप्रेक्ष्य में माननीय उच्च न्यायालय ग्वालियर के पारित आदेश दिनांक 27 सितम्बर, 2022, 28 सितम्बर, 2022 एवं 28 अप्रैल, 2023 के अनुसार क्या-क्या कार्यवाही की गई? (ग) उपरोक्तानुसार वर्ष 2020-21 से 2022-23 में प्रदेश के जिन नर्सिंग कॉलेजों को मान्यता दी गई है, उनमें से किन-किन कॉलेजों को नियम/निर्धारित मापदण्ड के विरूद्ध मान्यता दी गई थी? शासन द्वारा परीक्षण किये जाने पर क्या-क्या अनियमितताएं पाई गई? (घ) प्रश्‍नांश "ग" अनुसार क्या उक्त कॉलेजों को मान्यता देने में विभागीय मंत्री से अनुमोदन लिया गया था? यदि हाँ, तो नियम विरूद्ध मान्यता के लिए विभागीय अधिकारियों के अतिरिक्त कौन-कौन दोषी है और उनके विरूद्ध क्या कार्यवाही की गई? यदि नहीं, तो क्यों।

उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जी हाँ माननीय उच्‍च न्‍यायालय, खण्‍डपीठ ग्‍वालियर द्वारा प्रकरण क्र. डब्‍ल्‍यू.पी. 20438/2021 में पारित आदेश दिनांक 28.09.2022 की कण्डिका-13 में सी.बी.आई. को जांच करने की निर्देश दिये थे। न्‍यायालय के आदेश की प्रति की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे गये परिशिष्‍ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) माननीय उच्‍च न्‍यायालय, खण्‍डपीठ ग्‍वालियर के आदेश दिनांक 27.09.2022 में न्‍यायालय के आदेश के अनुपालन में एम.पी.एन.आर.सी. द्वारा सी.बी.आई. को 35 अशासकीय नर्सिंग कॉलेज के समस्‍त अभिलेख उपलब्‍ध कराये गये व संचालक, चिकित्‍सा शिक्षा को न्‍यायालय में दिनांक 28.09.2022 को सुनवाई के दौरान व्‍यक्तिगत उपस्थित होने के निर्देश दिये गये थे और वह न्‍यायालय के निर्देश के पालन में उपस्थित हुए, दिनांक 28.09.2022 को न्‍यायालय द्वारा पारित आदेश की स्थिति उत्‍तरांश (क) में स्‍पष्‍ट की गई है, माननीय न्‍यायालय ने प्रकरण क्र. 20438/2021 तथा अन्‍य कनेक्‍टेड प्रकरणों के साथ प्रकरण क्र. डब्‍ल्‍यू.पी. 4847/2023 को दिनांक 28.04.2023 को नियत सुनवाई के साथ लगाया जाये। माननीय न्‍यायालय द्वारा प्रकरण क्र.डब्‍ल्‍यू.पी. 4847/2023की सुनवाई की गई। सुनवाई पश्‍चात निर्देश दिये गये कि M.P.Nurses Registration Council shal prepare a list of nursing colleges existing as on 2021 through out the state of M.P. in the following maner : (i) List of Government nursing colleges. (ii) List of colleges estalished and running for the last 10 year or more, as on 2020-2021. (iii) Nursing colleges established and running for the last 5 year or more. (iv) Nursing colleges established an running for the 5 year or less. Such list shall be handed over to Shri Raju Sharma, Advocate appearing for CBI for the purpose of equiry in terms of aforementioned order passed in W.P. No. 20438/2021. The scope of enquiry has already been specified by this Court under direction Nos. 13 (i), (ii) & (iii) by order dated 28.09.2022 साथ में यह भी निर्देशित किया गया कि मध्‍यप्रदेश आयुर्विज्ञान विश्‍वविद्यालय, जबलपुर तथा एम.पी. एन.आर.सी. को पूर्ण सहयोग प्रदान करें। उक्‍त आदेश के अनुपालन में संचालित 364 नर्सिंग कॉलेज की समस्‍त अभिलेख के साथ सूची तैयार की जाकर जांच एजेंसी को सौंपी गई। आदेश की प्रति की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे गये परिशिष्‍ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ग) वर्ष 2020-21 से वर्ष 2022-23 में प्रदेश में संचालित नर्सिंग महाविद्यालयों को नर्सिंग शिक्षण संस्‍था मान्‍यता नियम, 2018 के अनुसार मान्‍यता दी गई थी, जो सी.बी.आई. जांच उपरांत नियम/निर्धारित मापदण्‍डों का पालन न करने व अन्‍य कतिपय कारणों से निरस्‍त की गई है। वर्ष 2020-21 में कुल 28 नर्सिंग कॉलेजों के विभिन्‍न पाठ्यक्रमों हेतु वर्ष 2021-22 में कुल 80 नर्सिंग महाविद्यालयों एवं वर्ष 2022-23 में 04 नर्सिंग कॉलेजों की मान्‍यता समाप्‍त की गई, जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है। इसके अतिरिक्‍त सी.बी.आई. की जांच में Unsuitable श्रेणी में दर्शाये गये 66 नर्सिंग कॉलेजों की मान्‍यता रद्द की गई है, जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-4 अनुसार है एवं 73 कॉलेज Deficient पाए गए हैं, जिसकी जांच माननीय हाईकोर्ट द्वारा गठित कमेटी द्वारा की जा रही है, जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-5 अनुसार है। (घ) मध्‍यप्रदेश नर्सेस रजिस्‍ट्रेशन कौंसिल के नर्सिंग महाविद्यालयों को नर्सिंग शिक्षण संस्‍था मान्‍यता नियम, 2018 संशोधित नियम 2019, 2020 एवं 2022 में विभागीय मंत्री से अनुमोदन मान्‍यता के लिये प्राप्‍त किये जाने का कोई प्रावधान नहीं है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

 

 

 







भाग-2

नियम 46 (2) के अंतर्गत अतारांकित प्रश्‍नोत्तर के रुप में परिवर्तित तारांकित प्रश्‍नोत्तर


गौण खनिज की रायल्‍टी से शासन को राजस्‍व हानि

[जल संसाधन]

1. ( क्र. 15 ) श्री यादवेन्द्र सिंह : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जल संसाधन विभाग टीकमगढ़ में माह जनवरी 2022 से जनवरी 2024 तक किन-किन निर्माण एजेंसियों से अनुबंध किया गया और किन-किन तालाबों एवं नहरों की मरम्‍मत के निर्माण कार्य कराये गये हैं? कितने पूर्ण हो चुके हैं कितने चल रहे हैं? (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार निर्माण एजेंसियों द्वारा निर्माण कार्य में कौन-कौन से गौण खनिज उपयोग किये गये हैं? कितनी-कितनी मात्रा है एवं कितनी रॉयल्‍टी राशि बनती है? क्‍या रॉयल्‍टी राशि खनिज विभाग को समय पर जमा कराई गई है यदि नहीं, तो कौन-कौन अधिकारी/कर्मचारी जिम्‍मेदार है? (ग) क्‍या अनुबंध के नियमों अनुसार ठेकेदारों के देयक भुगतान करने के दौरान ठेकेदार के बिलों से नियमानुसार राशि काटी गई है? क्‍या रॉयल्‍टी एवं अन्‍य टैक्‍सों की पूर्ण राशि जमा कराई गई है यदि नहीं, तो क्‍यों? (घ) प्रश्‍नांश (क), (ख) एवं (ग) में वर्णित जानकारी के अनुसार शासन राजस्‍व हानि पहुंचाने वाले अधिकारियों के नाम एवं उनकी पदस्‍थापना अवधि बतावे एवं दोषी अधिकारियों के विरूद्ध कब तक कार्यवाही की जायेगी यदि नहीं, तो क्‍यों?

जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) जानकारी संलग्न  परिशिष्‍ट  के प्रपत्र-'''' अनुसार है। (ख) काटी गई रॉयल्टी का  विवरण संलग्न  परिशिष्‍ट  के प्रपत्र-'''' अनुसार है। विभाग द्वारा रॉयल्टी खनिज मद में नियमानुसार काटी जाना प्रतिवेदित है। अतः शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) एवं (घ) जी हाँ, ठेकेदारों के देयकों का भुगतान करने के दौरान बिलों से नियमानुसार रॉयल्टी काटी जाकर खनिज मद में जमा की जाना प्रतिवेदित है। शासन को राजस्व हानि पहुँचाने का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - "चार"

नहर के मरम्मत एवं सुधार कार्य में लापरवाही एवं भ्रष्टाचार

[जल संसाधन]

2. ( क्र. 16 ) श्री यादवेन्द्र सिंह : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या जल संसाधन विभाग टीकमगढ़ द्वारा हरपुरा नहर की मरम्मत सुधार एवं लाईनिंग निर्माण हेतु करोड़ों रूपये की निविदा स्वीकृत की गई है? यदि हाँ, तो निविदा राशि, अनुबंध राशि का विवरण एवं अब तक व्यय की जा चुकी राशि का विवरण देवें। (ख) क्या विभाग के अधिकारियों द्वारा प्रश्‍नांश (क) अनुसार अमानक स्तर का घटिया निर्माण कार्य कराया गया है? यदि हाँ, तो क्‍या क्वालिटी कंट्रोल मैनुअल के अनुसार निर्धारित आवृत्ति में निर्माण कार्यों के टेस्ट कराये गये? यदि हाँ, तो किस-किस लोकेशन आर.डी. से कब-कब सैम्पल परीक्षण कराये गये हैं? कृपया ब्यौरा देवें। (ग) क्या विभाग उक्त निर्माण कार्यों में किये जा रहे भ्रष्टाचार एवं अमानक स्तर के कार्यों की मुख्य तकनीकी परीक्षक (सतर्कता) से निष्पक्ष जांच करायेगा? यदि हाँ, तो कब तक? (घ) प्रश्‍नांश (क), (ख) एवं (ग) में वर्णित भ्रष्टाचार एवं लापरवाही के विरूद्ध कब तक कार्यवाही की की जायेगी? उक्त निर्माण कार्य से संबंधित कार्य का भौतिक सत्यापन एवं मूल्यांकनकर्ता अधिकारियों के नाम, पद एवं पदस्थापना बतावें।

जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) जल संसाधन संभाग टीकमगढ़ के अंतर्गत हरपुरा लिंक नहर का नवीनीकरण एवं मरम्मत कार्य हेतु राशि रू.998.81 लाख की निविदा आमंत्रित की गई, जिसकी अनुबंधित राशि रू.824.02 लाख स्वीकृत हुई है। जिसके विरूद्व जी.एस.टी. सहित कुल राशि रू.376.99 लाख का भुगतान किया जा चुका है। (ख) जी नहीं। उक्त कार्य विभागीय अधिकारियों की देख-रेख में निर्धारित मानकों के अनुरूप गुणवत्ता पूर्ण सम्पादित कराया जा रहा है। कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिये विभिन्न आवृत्तियों में लेब टेस्ट हेतु सैंपिल लिये गये जिनका लोकेशन आर.डी. एवं तिथिवार  जानकारी संलग्‍न  परिशिष्‍ट  के प्रपत्र -'''' अनुसार है। (ग) मुख्य तकनीकी परीक्षक से उनके निर्धारित कार्यक्रम एवं लक्ष्य के अनुसार कार्यों की जांच की जाती है। (घ) उपरोक्त प्रश्‍नांशों के परिप्रेक्ष्य में कोई भृष्टाचार एवं लापरवाही परिलक्षित नहीं है। अतः कोई भी कार्यवाही करने का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। उक्त कार्य का मूल्यांकन एवं भौतिक सत्यापनकर्ता अधिकारियों का नाम, पद एवं पदस्थापना की  जानकारी संलग्‍न  परिशिष्‍ट  के प्रपत्र-'''' अनुसार है।

परिशिष्ट - "पांच"

सी.एम. राइज स्‍कूलों का निर्माण

[स्कूल शिक्षा]

3. ( क्र. 105 ) श्री देवेन्द्र रामनारायन सखवार : क्या परिवहन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा अम्‍बाह में सीएम राइज स्‍कूल स्‍वीकृत है? (ख) यदि हाँ, तो उनकी संख्‍या एवं नाम, पते सहित उनके निर्माण हेतु प्रस्‍तावित प्राक्‍कलन, आवंटित राशि की सम्‍पूर्ण जानकारी देंवे। (ग) क्‍या स्‍कूलों के निर्माण कार्य हेतु निविदा कराकर निर्माण कार्य पूर्ण करा दिया गया है तथा उनके राशि भुगतान नियमों के अंतर्गत किया गया है? (घ) यदि हाँ, तो क्‍या निर्माण कार्य पूर्ण होने पर कार्य एंजेसी द्वारा बिल भुगतान हेतु सामग्री के बिल एवं रायल्‍टी की रसीद दी गई है? यदि नहीं, तो दोषी अधिकारियों के विरूद्ध शासन कब तक कार्यवाही करेगा। (ड.) कितने स्‍कूलों का निर्माण कार्य प्रश्‍न दिनांक तक पूर्ण नहीं किया गया है और कब तक उनका निर्माण कार्य पूर्ण कर दिया जायेगा?

परिवहन मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ग) स्‍कूल के निर्माण की निविदा कराकर निर्माण कार्य प्रगति पर है। (घ) उत्‍तरांश () के संबंध में प्रश्‍न उद्भूत नहीं होता। (ड.) 02 स्‍कूलों का निर्माण कार्य प्रश्‍न दिनांक तक पूर्ण नहीं किया गया है। 1- अम्‍बाह जिला मुरैना में सीएम राइज शा. उत्‍कृष्‍ट उच्‍चतर माध्‍यमिक विद्यालय का कार्य फरवरी 2025 तक पूर्ण किये जाने की संभावना है। 2- रजौधा जिला मुरैना में सीएम राइज शासकीय उच्‍चतर माध्‍यमिक विद्यालय का कार्य दिसम्‍बर 2024 तक पूर्ण किये जाने की संभावना है।

परिशिष्ट - "छ:"

विद्यालयों में सुविधाओं एवं अधोसंरचनाओं का विकास

[स्कूल शिक्षा]

4. ( क्र. 160 ) श्री वीरेन्द्र सिंह लोधी : क्या परिवहन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बंडा विधानसभा क्षेत्र में प्रस्तावित स्कूल भवन या अतिरिक्त कक्षों के सभी निर्माण कार्यों की निविदा दिनांक, एलओए दिनांक एवं कार्य की पूर्णता दिनांक तथा वर्तमान भौतिक प्रगति क्या है? (ख) प्रत्येक कार्य में संविदाकार की अहर्ताएं एवं ईएमडी की राशि कितनी है? (ग) जिन कार्यों की प्रगति अत्यंत धीमी है या निर्माण कार्य अब तक प्रारंभ नहीं किये गये है उन पर क्या कार्यवाही की गई है? अगर नहीं की गई है तो इसका कारण क्या है? (घ) जिन निर्माण कार्यों की प्रगति धीमी है या अप्रारंभ है उन्हें कब तक पूर्ण किया जा सकेगा? (ड.) विलंब की दशा में लगने वाली पेनल्टी के मापदंड क्या है? (च) क्या यह सही है कि सागर जिले के जिन भवनों के निर्माण में फ्लाईएश ब्रिक्स का उपयोग किया गया है उनकी दीवारें अत्यंत जर्जर है? (छ) जिले में ऐसे स्कूल भवनों की संख्या कितनी है? (ज) क्या यह सही है कि जब तक फ्लाईएश ब्रिक्स वर्क चेंज नहीं किया जाता भवनों की दीवारों में समस्या बनी रहेगी? (झ) क्या यह समस्या विद्यार्थि‍यों के लिये खतरा बन सकती है? (ण) समस्या को पूर्णतः खत्म करने के क्या उपाय है और इसे तत्काल खत्म करने में कितना समय लगेगा?

परिवहन मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) प्रश्‍नाधीन विधानसभा में स्वीकृत स्कूल भवनों के निर्माण कार्य हेतु भूमि आवंटन प्रक्रियाधीन होने से निर्माण एजेंसी के स्तर से निविदा की कार्यवाही नहीं हुई है। अतः शेषांश उद्भूत नहीं होता। (ख) एवं (ग) उत्तरांश (क) के प्रकाश में प्रश्‍न उद्भूत नहीं होता। (घ) भूमि आवंटन प्रक्रियाधीन है। अतः कार्य पूर्णता की तिथि बताया जाना संभव नहीं है। (ड.) उत्तरांश () के प्रकाश में प्रश्‍न उद्भूत नहीं होता। (च) निर्माण एजेंसी से प्राप्त जानकारी अनुसार फ्लाईएस ब्रिक्स के कारण दीवारें जर्जर होने संबंधी शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। (छ) से (ण) उत्तरांश (च) के प्रकाश में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

डोकरीखेड़ा जलाशय की स्‍वीकृति

[जल संसाधन]

5. ( क्र. 163 ) श्री ठाकुर दास नागवंशी : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या मान. मुख्य मंत्री महोदय के बनखेड़ी प्रवास दिनांक 25 जुलाई 2022 के दौरान विधानसभा क्षेत्र पिपरिया के डोकरीखेड़ा जलाशय में माईक्रो लिफ्ट इरिगेशन स्कीम (हॉस) के माध्यम से डोकरीखेड़ा जलाशय के भराव हेतु परियोजना का निर्माण कराये जाने हेतु घोषणा की गयी थी? (ख) क्या उक्त परियोजना हेतु टेंडर आहूत किये जा चुके हैं? (ग) प्रश्‍नांश () एवं () का उत्तर यदि हाँ, तो उक्त परियोजना का निर्माण कार्य कब तक प्रारंभ कर लिया जावेगा यदि नहीं, तो क्‍यों?

जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) जी नहीं, अपितु माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा दिनांक 25 जुलाई 2023 को कृषि उपज मंडी बनापुरा तहसील सिवनी मालवा में घोषणा क्रमांक सी. 2653 "डोकरीखेड़ा डेम माइक्रो लिफ्ट इरिगेशन का निर्माण कराया जायेगा'' की घोषणा की गई थी। (ख) पूर्व निर्मित डोकरीखेड़ा जलाशय का पूर्ण भराव नहीं होने से संपूर्ण कमाण्‍ड क्षेत्र में सिंचाई नहीं हो पा रही है। इस कारण डोकरीखेड़ा जलाशय के सिंचाई से वंचित 2,000 हेक्‍टेयर क्षेत्र की सिंचाई के लिए तवा परियोजना की पिपरिया शाखा नहर से जल उद्वहन कर सूक्ष्‍म सिंचाई पद्धति से सिंचाई करने के लिए योजना स्‍वीकृत की गई है एवं निर्माण हेतु एजेंसी का निर्धारण कर निर्माण कार्य प्रांरभ किया जाना प्रतिवेदित है। (ग) निर्माण एजेंसी द्वारा दिनांक 26.03.2024 से कार्य प्रांरभ किया जाना प्रतिवेदित है।

जिला नर्मदापुरम अन्‍तर्गत मेडिकल कॉलेज की स्‍वीकृति

[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]

6. ( क्र. 164 ) श्री ठाकुर दास नागवंशी : क्या उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या मान. मुख्य मंत्री महोदय जी की मंशा अनुरूप म.प्र. के प्रत्येक जिले में मेडिकल कॉलेज खोले जाने हेतु सरकार द्वारा योजना बनायी गयी है? (ख) क्या प्रश्‍न दिनांक तक नर्मदापुरम जिले में कोई भी मेडिकल कॉलेज स्वीकृत नहीं किया गया है? (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) का उत्तर यदि हाँ, हैं तो जिला नर्मदापुरम अन्तर्गत चिकित्सीय शिक्षा हेतु मेडिकल कॉलेज की स्वी‍कृति कब तक प्रदान की जावेगी? यदि नहीं, तो क्यों?

उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) एवं (ख) जी नहीं। (ग) भारत सरकार से प्राप्‍त अनुमति एवं विभाग द्वारा आवश्‍यकता अनुसार नीतिगत निर्णय लिया जाता हैं। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं हैं।

संजीवनी क्लीनिक व स्वास्थ्य केंद्रों की स्‍वीकृति

[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]

7. ( क्र. 169 ) डॉ. राजेन्‍द्र पाण्‍डेय : क्या उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शासन/विभाग द्वारा केंद्र/राज्य परिवर्तित योजना के माध्यम से रतलाम जिले में किन-किन स्थानों पर संजीवनी क्लीनिक एवं स्वास्थ्य केंद्र भवन स्वीकृत किए? किन-किन स्थानों पर पूर्ण हुए, किन स्थानों पर अपूर्ण हैं? (ख) किस वर्ष में उपरोक्तानुसार कितने-कितने बजट की स्वीकृति प्रदान कर किस-किस दिनांक को कार्य प्रारंभ हुआ? कितना व्यय हुआ, कितना कार्य किन-किन स्थानों पर शेष है? (ग) क्या कोई कार्य स्वीकृति पश्‍चात प्रश्‍न दिनांक तक अप्रारंभ है? साथ ही अपूर्ण कार्य कब तक पूर्ण किये जाकर आमजन को स्वास्थ्य सुविधा मिलना प्रारंभ हो सकेगी? (घ) उपरोक्तानुसार स्वीकृत क्लीनिक एवं स्वास्थ्य केन्द्रों पर मुख्य रूप से उपचार हेतु आवश्यक संसाधन, सामग्री इत्यादि अन्य के साथ ही पेयजल, इलेक्ट्रि‍कल वर्क तथा कार्य हेतु पर्याप्त चिकित्सक एवं पूर्ण स्टॉफ की स्वीकृति कब तक दी जा सकेगी एवं विधिवत रूप से कब प्रारंभ किया जा सकेंगे?

उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क)  जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ग) जी हाँ, अपूर्ण कार्य को पूर्ण किये जाने की समय-सीमा बताना संभव नहीं। (घ) राज्य स्तर से स्वीकृत 17 मुख्यमंत्री संजीवनी क्लीनिक में से 14 मुख्यमंत्री संजीवनी क्लीनिकों की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र '''' अनुसार आवश्यक संसाधन सामग्री एवं सपोर्ट स्टॉफ की स्वीकृति प्रदाय की जा चुकी है, शेष 03 अपूर्ण स्वास्थ्य संस्थाओं के पूर्ण होने के उपरांत जिले से प्राप्त मांग के आधार पर संसाधन सामग्री एवं सपोर्ट स्टॉफ की स्वीकृति प्रदान की जावेगी। चिकित्सक तथा नार्सिंग ऑफिसर की नियुक्ति निरंतर रूप से की जा रही है।

क्षेत्रीय यात्री परिवहन के परमिट

[परिवहन]

8. ( क्र. 170 ) डॉ. राजेन्‍द्र पाण्‍डेय : क्या परिवहन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या यात्रियों की आवागमन की सुगमता हेतु शासन/विभाग द्वारा जिला परिवहन अधिकारी एवं संभागीय क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी द्वारा संबंधित मार्गों की छोटी-बड़ी बसों के यात्री परिवहन परमिट जारी किए जाते हैं? (ख) यदि हाँ, तो संबंधित बस मालिकों को परमिट दिए जाने हेतु शासन के नियमानुसार ही परमिट जारी किए जाते हैं तो एक स्थान से दूसरे स्थान तथा मध्य में आने वाले स्टॉपेज के समय चक्र का नियमानुसार पालन भी आवश्यक है। साथ ही बस ऑपरेटर अथवा उसके संबंधित पर शासन/विभाग का टैक्स बकाया तथा वाहन की फिटनेस इत्यादि किस-किस प्रकार के नियम पालन आवश्यक होते हैं। परमिट जारी करने की संपूर्ण नियमावली की जानकारी दें। (ग) वर्ष 2020-21 से लेकर प्रश्‍न दिनांक तक उज्जैन, रतलाम, मंदसौर व नीमच जिला अंतर्गत संपूर्ण नियमों का पालन करते हुए वर्षवार जिला अंतर्गत एवं अंतर जिला अंतर्गत के साथ एक से अधिक जिला अंतर्गत किस-किस प्रकार की यात्री परिवहन परमिट जारी किए गए? (घ) कितनी बसें नियमानुकूल (फिटनेस इत्यादि) नहीं होने से बस ऑपरेटर मालिक/फर्म/साझेदारी इत्यादि अन्य के शासन के टैक्स बकायेदार होने पर क्या-क्या कार्रवाई की गई तथा प्रश्‍न दिनांक तक उपरोक्तानुसार कितने टैक्स बकायदार किस दिनांक से होकर उनके विरुद्ध क्या-क्या कार्रवाई की गई?

परिवहन मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) मोटरयान अधिनियम एवं नियमों में विहित प्रावधानों के अनुसार ही बस मालिकों को परमिट जारी किये जाते हैं। बस ऑपरेटर अथवा उसके संबंधित पर शासन/विभाग का टैक्स बकाया तथा वाहन की फिटनेस इत्यादि के संबंध में मोटरयान अधिनियम, 1988 एवं मध्यप्रदेश मोटरयान नियम, 1994 में विहित प्रावधानों का पालन परमिट जारी करने के दौरान किया जाता है, जिसकी संपूर्ण नियमावली की जानकारी के संबंध में उक्त अधिनियम एवं नियमों में विहित  प्रावधानों की प्रति  पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट '''' अनुसार है(ग) जानकारी  पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट '''' अनुसार  है। (घ) प्रदेश में बसें नियमानुकूल (फिटनेस इत्यादि) नहीं होने से चलती पाये जाने पर उनके विरूद्ध दिनांक 01.04.2023 से प्रश्‍न दिनांक तक की गई कार्यवाही की  जानकारी  पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट  '''' अनुसार  है। बस ऑपरेटर मालिक/फर्म/साझेदारी इत्यादि अन्य के शासन के टैक्स बकायेदार होने पर उन्हें नोटिस जारी किये गये हैं तथा उक्त बस का फिटनेस प्रमाण-पत्र तथा परमिट जारी करने पर रोक लगाई गई है। वाहन चैकिंग के दौरान बकायादार वाहन पाये जाने पर उससे बकाया कर तथा शास्ति की राशि जमा कराई जाती है। प्रदेश में टैक्स बकायादार से संबंधित वांछित जानकारी वृहत स्तर की होने के कारण संकलित की जा रही है।

बरेला को पूर्ण तहसील का दर्जा दिया जाना

[राजस्व]

9. ( क्र. 232 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या नवम्‍बर 2023 में तत्‍कालीन माननीय मुख्‍यमंत्री जी द्वारा बरेला उप तहसील को पूर्ण तहसील बनाने हेतु घोषणा की गई थी? (ख) क्‍या तहसीलदार, एसडीएम, कलेक्‍टर द्वारा तहसील बनाने हेतु सभी प्रक्रिया पूर्ण कर शासन को भेज दी? (ग) यदि हाँ, तो तहसील का दर्जा कब तक मिलेगा?

राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) एवं (ख) जी हाँ। (ग) संबंधित कलेक्‍टर से प्राप्‍त प्रस्‍ताव परीक्षणाधीन है, जिस पर प्रशासकीय व वित्तीय साध्‍यता के आधार पर निर्णय लिया जाता है। निश्‍िचत समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

शिक्षा का अधिकार अधिनियम के अंतर्गत प्रवेश

[स्कूल शिक्षा]

10. ( क्र. 233 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या परिवहन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या जबलपुर जिले में शैक्षणिक सत्र वर्ष 2023-24 में शिक्षा का अधिकार अधिनियम के अंतर्गत अशासकीय स्‍कूलों में लक्ष्‍य के अनुसार 25 प्रतिशत सीटों पर विद्यार्थियों के एडमीशन नहीं हुये है? (ख) शालावार लक्ष्‍य एवं प्रवेशित बच्‍चों की संख्‍या बताये? (ग) लक्ष्‍य के अनुसार प्रवेश न होने का कारण बतावे? (घ) क्‍या ऑनलाईन प्रवेश प्रक्रिया बंद हो जाने पर खाली सीटों पर ऑफलाईन प्रवेश दिया जा सकता है? यदि नहीं, तो क्‍यों?

परिवहन मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जी हाँ। जबलपुर जिला अंतर्गत वर्ष 2023-24 में शिक्षा का अधिकार अधिनियम के अंतर्गत अशासकीय स्‍कूलों में 25 प्रतिशत सीटों पर कुल लक्ष्‍य 5000 के विरूद्ध 3125 प्रवेश हुए है। (ख) शालावार लक्ष्‍य एवं प्रवेशित बच्‍चों की संख्‍या  पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट अनुसार। (ग) कुछ बच्‍चों को मनपसंद शाला न मिलने अथवा प्रवेश के लिए शाला आवंटित हो जाने के पश्‍चात अभिभावकों द्वारा किसी अन्‍य शाला में प्रवेश लेने अथवा शाला की न्‍यूनतम कक्षा में शिक्षा का अधिकार अधिनियम के अंतर्गत नि:शुल्‍क आधार पर प्रवेश हेतु निर्धारित सीट संख्‍या से कम आवेदन प्राप्‍त होने की स्थिति में सीट रिक्‍त रह जाती है। (घ) शिक्षा का अधिकार अधिनियम अंतर्गत नि:शुल्‍क प्रवेश की रिक्‍त सीट पर पारदर्शी तरीके से प्रवेश प्रक्रिया सुनिश्‍िचत करने हेतु 2016-17 राज्‍य शासन द्वारा ऑनलाईन लॉटरी प्रक्रिया के माध्‍यम से प्रवेश सुनिश्‍िचत कराये गये है। उपरोक्‍त के अनुक्रम में ऑफलाईन प्रवेश का कोई प्रावधान नहीं है।

बरगी के 30 बिस्‍तरीय अस्‍पताल में चिकित्‍सकों की पदस्‍थापना

[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]

11. ( क्र. 326 ) श्री लखन घनघोरिया : क्या उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बरगी में तीस बिस्‍तरीय अस्पताल स्वीकृत है परंतु यहां पर चिकित्सक एवं सहायक स्टॉफ की पदस्थापना आज दिनांक तक नहीं हुई है? (ख) यदि हाँ, तो चिकित्सा एवं सहायक स्टॉफ की स्वीकृति कर पदस्थापना कब तक की जाएगी? (ग) यदि चिकित्सक एवं सहायक स्टॉफ की पदस्थापना नहीं हुई है तो अस्पताल संचालन एवं मरीजों का इलाज किसके द्वारा कराया जा रहा है?

उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) बरगी में 30 बिस्‍तरीय अस्‍पताल डी.एम.एफ. से स्‍वीकृत किया जाकर निर्माण कार्य पूर्ण हो गया है। पद सृजन की कार्यवाही प्रक्रि‍याधीन है। (ख) निश्‍िचत समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ग) वर्तमान में भवन में प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र बरगी संचालित है, संस्था में उपलब्ध चिकित्सक/पैरामेडिकल स्टॉफ संविदा चिकित्सक/स्टॉफ द्वारा अस्तपाल का संचालन एवं मरीजों का ईलाज किया जा रहा है।

पीड़ित कर्मचारियों के चिकित्‍सा प्रतिपूर्ति बजट का आवंटन

[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]

12. ( क्र. 327 ) श्री लखन घनघोरिया : क्या उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या यह सही है कि कार्यालय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जबलपुर ने अपने पत्र क्रमांक/लेखा/14681 दिनांक 20.11.2023, पत्र क्र./लेखा/15843 दिनांक 19.12.2023, पत्र क्र./लेखा/2023/383 दिनांक 11.01.2024 एवं पत्र क्रमांक/383 दिनांक 11.01.2024 एवं पत्र क्र./लेखा/2024/5315 जबलपुर दिनांक 21.05.2024 के द्वारा अधीनस्थ गंभीर बीमारियों से पीड़ित 15 कर्मचारियों के वित्तीय वर्ष 2024-25 में चिकित्सा प्रतिपूर्ति का बजट आवंटन प्रदाय हेतु पत्रों का लेख किया गया था? (ख) प्रश्‍नांश (क) हाँ तो क्या कारण है कि पीड़ित कर्मचारियों का चिकित्सा प्रतिपूर्ति बजट आवंटन नहीं किया जा रहा है? (ग) कब तक पीड़ित कर्मचारियों के चिकित्सा प्रतिपूर्ति बजट का आवंटन कर राहत प्रदान कर दिया जावेगा?

उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जी हाँ। (ख) प्रश्‍नांश (क) में वर्णित पत्रों पर चिकित्सा प्रतिपूर्ति मद में विभिन्न योजनाओं में वित्तीय वर्ष 2024-25 में लेखानुदान में प्राप्त बजट के आधार पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जबलपुर को पूर्व में दिनांक 03.05.2024 को आवंटन जारी किया गया है। आदेश की  जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट  अनुसार है। दिनांक 21.05.2024 के पत्र में गंभीर बीमारी का उल्लेख नहीं है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में शेष आठ माह का बजट प्राप्त होने पर चिकित्सा प्रतिपूर्ति मद में आवंटन जारी किया जा सकेगा। (ग) जानकारी उत्तरांश (ख) में समाहित है।

शिशु गहन चिकित्सा वार्ड में अग्निशमन की व्यवस्था

[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]

13. ( क्र. 394 ) श्रीमती नीना विक्रम वर्मा : क्या उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) चिकित्सालयों के चाईल्ड केयर यूनिट तथा आई.सी.यू. कक्षों में जहां आग को भड़काने में सहायक ऑक्सीजन की अधिकता होती है, वहां पर चिकित्सा मापदण्डों के अनुसार किस प्रकार के स्वचालित अग्निशमन प्रणाली व ऑटोमेटिक फायर डिटेक्शन सिस्टम आदि को स्थापित किये जाने की अनिवार्यता होती है तथा यह अग्निशमन प्रणाली के व्यवस्थित संचालन बाबत् अंकेक्षण कितने अंतराल पश्‍चात किस एजेन्सी से करवाये जाने का प्रावधान होता है? (ख) प्रदेश के शासकीय जिला चिकित्सालयों तथा उनसे उपर की श्रेणी के समस्त शासकीय चिकित्सालयों में कुल कितने चाईल्ड केयर यूनिट स्थापित है। (ग) इन चाईल्ड केयर युनिट्स में से कितनी यूनिट्स में प्रश्‍नांश (क) में उल्लेखित मापदण्डों के अनुसार अग्निशमन प्रणाली की स्थापना हुई है तथा उनमें से कितनी यूनिट्स का नियमित अग्नि सुरक्षा (फायर सेफ्टी) अंकेक्षण हो रहा है? (घ) जिन चाईल्ड केयर यूनिट्स में प्रावधानानुरूप अग्निशमन प्रणाली स्थापित नहीं है? क्या इनमें अग्निशमन प्रणाली स्थापित किये जाने हेतु विभाग पहल करेगा? क्या इस हेतु कोई कार्ययोजना बनायी जा रही है? (ड.) क्या इस कार्य योजना में निजी चिकित्सालयों के चाईल्ड केयर यूनिट्स की निगरानी किये जाने हेतु व्यवस्था की जावेगी?

उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) चिकित्‍सालयों के संपूर्ण भवन हेतु जिसमें चाइल्‍ड केयर यूनिट एवं आई.सी.यू. भी शामिल है, चिकित्‍सालय भवन के कुल भूखण्‍ड का क्षेत्रफल एवं ऊँचाई के अनुसार हस्‍तचलित जैसे फायर एक्‍सटिंगुशर एवं स्‍वचलित जैसे पानी एवं अग्निशमन गैस स्प्रिंकिलर सिस्‍टम आधारित अग्निशमन प्रणाली तथा ऑटोमेटिक फायर डिटेक्‍शन सिस्‍टम के प्रावधान के मापदण्‍ड नेशनल बिल्डिंग कोड 2016 के VoI-I के भाग-4 अनुसार निर्धारित है। इन दिशा-निर्देशों की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र '''' अनुसार है। जी हाँ, प्रश्‍नांश '''' के संदर्भ में अग्निशमन प्रणाली के व्‍यवस्थित संचालन हेतु अंकेक्षण प्रतिवर्ष, योग्‍यताधारी/अनुज्ञप्तिधारी अग्निशमन इंजीनियर/फायर विशेषज्ञ सलाहकार द्वारा किये जाने हेतु नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देश अनुसार किये जाने का प्रावधान है। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) प्रदेश के जिला चिकित्‍सालयों एवं उनसे ऊपर की श्रेणी के समस्‍त शासकीय चिकित्‍सालयों में कुल 62 चाइल्‍ड केयर यूनिट स्‍थापित है जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ग) सभी स्‍थापित चाईल्‍ड केयर यूनिट में हस्‍तचलित अग्निशमन प्रणाली एवं स्‍वचलित स्‍मोक डिटेक्‍टर एवं फायर अलार्म स्‍थापित है तथा 11 यूनिट्स में स्‍वचलित पानी आ‍धारित स्प्रिंकिलर सिस्‍टम की अग्निशमन प्रणाली स्‍थापित है। सभी 62 ईकाईयों का वर्ष 2023-24 से नियमित अग्नि सुरक्षा अंकेक्षण हो रहा है। (घ) उपलब्‍ध वित्‍तीय संसाधनों की सीमा में चरणबद्ध ढंग से अग्निशमन अंकेक्षण में पाई गयी कमियों को दूर करने हेतु अस्‍पताल भवनों जिनमें चाइल्‍ड केयर यूनिट एवं आई.सी.यू. भी शामिल है, की अग्निशमन प्रणाली के मापदण्‍डों अनुसार उन्‍नयन/स्‍थापना की योजना बनायी जाकर प्रथम चरण में 50 अस्‍पताल भवनों हेतु स्‍वीकृतियाँ जारी की गयी है। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ड.) जी हाँ, प्रदेश के समस्‍त निजी नर्सिंग होम्‍स में अग्नि सुरक्षा से संबंधित नियमों के पालन हेतु निर्देश दिनांक 06.01.2023 से जारी किये गये है। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र '''' अनुसार है।

भूमि के सीमांकन हेतु आधुनिक मशीनों का उपयोग

[राजस्व]

14. ( क्र. 398 ) श्रीमती नीना विक्रम वर्मा : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या भूमियों के सीमांकन में परम्परागत जरीब से नाप की अपेक्षा आधुनिक टी.एस.एम./बैस रोवर जैसी आधुनिक मशीनों के उपयोग से कम समय में शुद्ध तथा सटीक माप किया जा सकता है? (ख) यदि हाँ, तो क्या प्रदेश में विभाग द्वारा प्रत्येक तहसील स्तर पर भूमियों के सीमांकन हेतु इस प्रकार की एक-एक आधुनिक मशीन उपलब्ध करवायी गई है तथा क्या इसके उपयोग से किसानों की भूमियों का सीमांकन हो रहा है? (ग) यदि हाँ, तो क्या प्रत्येक तहसील में सीमांकन हेतु प्राप्त समस्त आवेदनों में भूमी की नाप इस एक मात्र उपलब्ध आधुनिक मशीन के माध्यम से किया जाना संभव नहीं होता है? (घ) यदि नहीं, तो क्या धार जिले सहित सम्पूर्ण प्रदेश में पिछले वित्तीय वर्ष में सभी सीमांकन इन आधुनिक मशीनों के माध्यम से ही हुए है? (ङ) यदि नहीं, तो क्या विभाग आधुनिकता तथा किसानों की मांग को दृष्टिगत रखते हुए, कम से कम प्रत्येक राजस्व वृत्त में एक-एक इस प्रकार की टी.एस.एम./बैस रोवर जैसी आधुनिक मशीन उपलब्धता करवाने की व्यवस्था करेगा? यदि हाँ, तो इस वित्तीय वर्ष में कितने जिलों को यह सुविधा उपलब्ध हो सकेगी?

राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जी हाँ। (ख) जी हाँ। विभाग द्वारा जिलों की मांग अनुसार प्रति तहसील के मान से एक-एक ETS मशीन प्रदान की गई एवं वर्ष 2021-22 में प्रदेश के जिलों को एक-एक रोवर मशीन प्रदाय की गई है तथा इसके उपयोग से किसानों की भूमियों का सीमांकन हो रहा है। (ग) प्रत्येक तहसील में सीमांकन हेतु उपलब्ध आधुनिक मशीन के माध्यम से सीमांकन किये जा रहे हैं, सीमांकन अधिक होने से कार्यालयीन पत्र क्रमांक 595/11-भू-प्र./सीमां/2023/218941 ग्वालियर दिनांक 31.05.2023 द्वारा ETS मशीन के साथ-साथ जरीब (चैन सर्वे) से भी सीमांकन कराये जाने हेतु निर्देश जारी किये गये हैं। (घ) उत्तरांश '''' में अंकित अनुसार धार जिले सहित सम्पूर्ण प्रदेश में पिछले वित्तीय वर्ष में सीमांकन की कार्यवाही आधुनिक मशीनों ETS मशीन, रोवर मशीन के साथ-साथ जरीब (चैन सर्वे) से भी की गई हैं। (ड.) जिलों की मांग तथा बजट उपलब्धता पर विचार कर आधुनिक मशीनें/रोवर आदि उपलब्ध कराने के बारे में योग्य कार्यवाही की जानी है। निश्‍िचत संख्या बताया जाना संभव नहीं है।

मिडिल, हाई स्‍कूल एवं हायर सेकेण्‍डरी स्‍कूलों का संचालन

[स्कूल शिक्षा]

15. ( क्र. 418 ) डॉ. प्रभुराम चौधरी : क्या परिवहन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सांची विधानसभा अंतर्गत मिडिल स्कूल, हाई स्कूल, हायर सेकेण्डरी स्कूल कितने हैं और कहाँ-कहाँ संचालित हैं? प्रत्येक के संदर्भ में पृथक-पृथक जानकारी देवें। (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार किन-किन स्कूलों में खेल मैदान उपलब्ध हैं? यदि नहीं, हैं तो विभाग द्वारा खेल मैदान कब तक बनाये जावेंगे? (ग) विगत दो वर्षों में प्रत्येक स्कूलों में खेलकूद के लिए क्या-क्या सामग्री क्रय हेतु राशि उपलब्ध की गयी है? यदि हाँ, तो स्कूलवार, वर्षवार जानकारी उपलब्ध करावें।

परिवहन मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। म.प्र. रोजगार गारंटी परिषद के पत्र क्रमांक/5129/MGNREGS-MP/NR-3/2020 भोपाल दिनांक 01.12.2020 द्वारा शालाओं में खेल मैदान विकसित करने के निर्देश है। खेल के मैदान बनाए जाना जमीन की उपलब्धता, बजट प्रावधान एवं सक्षम स्वीकृति पर निर्भर करेगा। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ग) वर्ष 2022-23 एवं 2023-24 से स्कूलों में खेल सामग्री क्रय हेतु कोई राशि उपलब्ध नहीं कराई गई है। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

जिला शिक्षा अधिकारी टीकमगढ़ की जांच

[स्कूल शिक्षा]

16. ( क्र. 432 ) श्रीमती चंदा सुरेन्द्र सिंह गौर : क्या परिवहन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या जिला शिक्षा अधिकारी टीकमगढ़ को लोक शिक्षण संचालनालय के पत्र क्र. यू.सी. आर. ए./वि.स. वजट/ता. प्र.क्र. (1198)/704 भोपाल दिनांक 13/5/2024 को आदेश दिया गया था कि प्राथमिक शिक्षक ऊदलप्रसाद लोधी को सेवा से पृथक किया जाय परन्तु जिला शिक्षा अधिकारी टीकमगढ़ ने प्रश्‍न दिनांक तक आदेश जारी क्यों नहीं कि‍या गया? क्या ऐसा कृत्य करने वाले जिला शिक्षा अधिकारी टीकमगढ़ के विरुद्ध विधि संगत कार्यवाही करेंगे? (ख) क्‍या जिला शिक्षा अधिकारी टीकमगढ़ संबंधित प्रा‍थमिक शिक्षक की सेवा समाप्‍त किये जाने के आदेश कब तक जारी कर दिये जावेंगे एवं घोर लापरवाही के तहत जिला शिक्षा अधिकारी टीकमगढ़ की जांच कर इनके विरूद्ध कार्यवाही करेंगे यदि हाँ, तो कब तक यदि नहीं, तो क्‍यों?

परिवहन मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जिला शिक्षा अधिकारी टीकमगढ़ के आदेश क्रमांक- 3478-79, दिनांक 21-06-2024 द्वारा श्री ऊदल प्रसाद लोधी की प्राथमिक शिक्षक पद पर की गयी नियुक्ति निरस्‍त कर दी गयी हैं। शेषांश का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता। (ख) उत्‍तरांश '''' अनुसार।

भू-माफिया द्वारा किया गया अतिक्रमण

[राजस्व]

17. ( क्र. 457 ) श्री नीरज सिंह ठाकुर : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शासकीय शिक्षक, कर्मचारी सह. गृह निर्माण समिति, जबलपुर एवं समिति के अध्यक्ष द्वारा समिति की भूमि ग्राम लक्ष्मीपुर हल्का नम्बर 25/31 खसरा नंबर 223/1, 225/2 रकबा 1.822 हेक्टेयर भूमि में से अल्प आय वर्ग हेतु आरक्षित 19200 वर्गफीट भूमि में से लगभग 12-13 हजार फीट भूमि पर किये गये अतिक्रमण एवं निर्माण हटाने, तहसीलदार, एस.डी.एम. एवं कलेक्टर की जन सुनवाई की जन सुनवाई में कितने आवेदन ले-आउट से साथ कब-कब दिये? (ख) अतिक्रमण कर्ता द्वारा खसरा नम्बर 220/2, 221 की रजिस्ट्री के आधार पर संस्था के खसरा नम्बर 223/1 पर किये गये अतिक्रमण कर अवैध निर्माण का समिति के ले आउट के अनुसार सीमांकन कर अवैध निर्माण को कब तक हटाया जावेगा?

राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) शासकीय शिक्षक, कर्मचारी सह. गृह निर्माण समिति, जबलपुर एवं समिति के अध्‍यक्ष द्वारा प्रश्‍नाधीन अवैध अतिक्रमण एवं निर्माण हटाने हेतु दिनाँक 19.09.2020 को तहसीलदार को एवं 12.09.2021 को एस.डी.एम. को आवेदन प्रस्तुत किये हैं। परन्‍तु समिति द्वारा प्रस्‍तूत ले आउट टी.एन.सी.पी. से अनुमोदित नहीं है। (ख) सीमांकन दल गठित कर सीमांकन की कार्यवाही 15 दिवसों में कर दी जायेगी सीमांकन उपरांत विधि अनुसार बेदखली की कार्यवाही पर विचार किया जा सकेगा।

राजस्व रकबा में त्रुटि सुधार

[राजस्व]

18. ( क्र. 458 ) श्री नीरज सिंह ठाकुर : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा प्रश्‍न क्रमांक 1619 दिनांक 29/11/2017 के उत्तर में बताया गया था कि ग्राम लक्ष्मीपुर नं. बं. 643 प.ह.नं. 25/31 स्थित शास. शिक्षक कर्मचारी सह. गृह निर्माण समिति के नाम वर्तमान खसरा में सर्वे क्रमांक 223/8 में शामिल खसरों का कुल रकबा में त्रुटि के संबंध में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) कोतवाली से जाँच करायी जा रही है एवं जाँच अनुसार कार्यवाही की जावेगी? यदि हाँ, तो उक्त जाँच प्रतिवेदन/प्रदान करे एवं कार्यवाही से अवगत करावें। कम किया गया रकबा वापस समिति के नाम कब तक दर्ज किया जावेगा? (ख) क्या प्रश्‍न (क) में वर्णित गृह निर्माण समिति के रिकार्ड में 2003 तक कुल 15 खसरों में जिनका रकबा 1.822 हे. था उस में से खसरा नम्बर 225/1 क वर्ष 2010-11 में श्री नरेश प्रसाद बाजपेयी वल्द तुलसीदास के नाम पर दर्ज कर समिति का रकबा घटा कर 1.637 हे. कर दिया गया है एवं बाद में उक्त खसरा 223/1/1 में परिवर्तित कर दिया गया है? यदि हाँ, तो उक्त नियम विरूद्ध कार्यवाही के लिये कौन-कौन अधिकारी/कर्मचारी दोषी है? दोषी अधिकारि‍यों/कर्मचारि‍यों के विरूद्ध कब तक कार्यवाही की जावेगी? समिति की भूमि का पूर्ण रकबा वापस कब तक दर्ज किया जायेगा?

राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) ग्राम लक्ष्मीपुर नं. बं. 643 प.ह.नं. 25/31 स्थित शास. शिक्षक कर्मचारी सह. गृह निर्माण समिति के नाम जांच उपरांत तहसीलदार कोतवाली के प्र.क्र. 0018/अ- 63/2017-2018 में पारित आदेश दिनांक 20.02.2018 के अनुसार ख.न. 223/12 का रकबा सुधार कर 0.092 हे. से 0.097 हे. कर दिया गया है वर्तमान में सोसाइटी के नाम से 1.820 हे. भूमि दर्ज है 0.002 हे. की कमी वर्गफुट में योग करने पर नहीं आती है कम किया गया रकबा वापिस समिति के नाम वर्ष 2018 में दर्ज करने का आदेश पारित है। (ख) ख.न. 225/1 कभी सोसाइटी के नाम दर्ज नहीं रहा है। उक्त ख.न. 225/1 सोसाइटी से सम्बंधित नहीं है। ख.न. 223/1/क को ख.न. 223/1/1 शाब्दिक सर्वेक्षण सुधार के अंतर्गत तहसीलदार द्वारा किया किया गया। उत्तरांश () के अनुक्रम में शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

नर्मदा नदी में नौका परिचालन

[परिवहन]

19. ( क्र. 588 ) श्री सुरेन्‍द्र सिंह हनी बघेल : क्या परिवहन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या कुक्षी विधानसभा की डही तहसील के ग्राम पंचायत छाछकुआँ के नर्मदा किनारे ग्राम नदीपुरा से महाराष्‍ट्र की ओर नर्मदा नदी में नाविक नाव चला रहे हैं? हाँ या नहीं। (ख) प्रश्‍नांश (क) के अनुसार यदि हाँ, तो क्‍या इन नाविकों को नर्मदा नदी में नाव चलाने के लिए शासन द्वारा लाइसेंस या अनुमति दी गई है? हाँ या नहीं। (ग) प्रश्‍नांश (ख) के अनुसार यदि हाँ, तो प्रतिलिपि उपलब्‍ध करावे। यदि नहीं, तो नाव द्वारा अवैध रूप से शराब और पशु का परिवहन महाराष्‍ट्र में जहां पशु कटाई व आम आदिवासी जनता को नदी के एक छोर से दूसरे छोर उनकी जान खतरे में डालकर बिना सुरक्षा के कैसे ले जाया जा रहा है? (घ) क्‍या शासन स्‍तर पर उक्‍त स्‍थान व घटना को ध्‍यान में रखते हुए जांच करवाई जाएगी यदि हाँ, तो कब तक और यदि नहीं, तो भविष्‍य में उक्‍त स्‍थान पर अवैध नाव परिवहन से होने वाली किसी भी दुर्घटना घटना के लिए जिम्‍मेदार कौन होगा?

परिवहन मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) वर्तमान में प्रश्‍नांश स्थल पर कोई नाविक नाव नहीं चला रहा है। (ख) जी नहीं। (ग) नाव द्वारा अवैध रूप से शराब और पशु के परिवहन के संबंध में पुलिस द्वारा जांच की जाती है। पूर्व में पुलिस थाना डही द्वारा अवैध गौवंश व शराब परिवहन की सूचना पर अप.क्र. 55/2024 धारा 4,6/9 गौवंश वध प्रतिषेध अधिनियम 200411 (घ) पशु क्रूरता अधिनियम 196034 (2), 34 (1) आबकारी एक्ट के तहत ग्राम छाछकुआं नर्मदा नदी तट पर नाव में 48 केड़े एवं 80 लीटर कच्ची शराब जप्त किया जाकर आरोपी 01- अजय पिता सुरेश सोलंकी जाति भीलाला उम्र 22 साल निवासी मेहलगांव थाना सोण्डवा, जिला अलीराजपुर, 02- संदीप पिता जयराम जाति भीलाला उम्र 19 साल निवासी मेहलगांव थाना सोण्डवा, जिला अलीराजपुर को दिनांक 07.03.2024 को गिरफ्तार किया गया एवं 03- प्रेमसिंह पिता भयला सोलंकी जाति भीलाला उम्र 32 साल निवासी मेहलगांव थाना सोण्डवा, जिला अलीराजपुर को दिनांक 09.03.24 को गिरफ्तार किया गया। शेष दो आरोपी श्रीराम भीलाला एवं कैलाश भीलाला आरोपी फरार है। (घ) सक्षम विभाग पुलिस द्वारा ऐसी घटना की जांच की जाती है, शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

प्राचार्यों के रिक्‍त पदों की पूर्ति

[स्कूल शिक्षा]

20. ( क्र. 597 ) श्री सुरेन्द्र सिंह गहरवार : क्या परिवहन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) चित्रकूट विधानसभा में संचालित हाई./हा.से./विद्यालयों में स्‍वीकृत पदसंरचना के मान से पदस्थ अमले की पूर्ण जानकारी विद्यालयवार देवें? स्वीकृत पदसंरचना शासन के जिन आदेशों के तहत हैं उनकी प्रतियाँ देवें? (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार क्या विद्यालयों में स्वीकृत नियमित प्राचार्य का पद रिक्त होने से विद्यालयीन कार्य एवं अध्ययन-अध्यापन कार्य पर असर नहीं पड़ता है? यदि हाँ, तो सतना जिले में हाई. प्राचार्य एवं हा.से. प्राचार्य के कितने पद रिक्त है? उक्त पद की पूर्ति विभागीय परीक्षा के माध्यम से करने में क्या वैधानिक कठिनाई है कब तक इस प्रक्रिया के तहत प्राचार्य के पद की पदपूर्ति की जायेगी? अथवा रिक्त प्राचार्य पद की संख्या के मान से उच्च पद प्रभार योजना में वरिष्ठता के आधार पर पदस्थापना क्यों नहीं की जा रही है? (ग) सतना जिले के जिन हाईस्कूलों/हा.से. विद्यालयों में नियमित प्राचार्य पदस्थ हैं, क्या वह अपने विषय का अध्यापन कार्य करा रहे हैं, हाँ/नहीं? यदि हाँ, तो उनके विषय का कक्षा 10 एवं कक्षा 12 का वर्ष 2023-24 का परीक्षा परिणाम कितने प्रतिशत रहा है जानकारी जिलावार प्राचार्यवार दें? यदि नहीं, तो क्यों, क्या प्राचार्य को अध्ययन/अध्यापन से मुक्त रखे जाने के शासन के निर्देश हैं शासन निर्देश की प्रति दें? (घ) प्रश्‍नांश (ग) अनुसार ऐसे नियमित प्राचार्य जिनके विषय का परीक्षा परिणाम 0-30 प्रतिशत रहा है और वह शहरी क्षेत्र में पदस्थ है अथवा शहरी क्षेत्र में पदस्थ होकर भी विद्यालय की कक्षा में अध्ययन-अध्यापन का कार्य नहीं कर रहा है क्या उसे ग्रामीण क्षेत्र की प्राचार्य विहीन संस्था में पदस्थ किया जायेगा? यदि हाँ, तो कब तक यदि नहीं, तो क्यों कारण स्पष्‍ट करें? बिना अध्ययन-अध्यापन के कार्य के बावजूद वेतन का भुगतान किस कार्य के लिये दिया जा रहा है?

परिवहन मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जानकारी  पुस्तकालय  में रखे  परिशिष्ट-01 अनुसार है। (ख) नियमित प्राचार्य न होने पर संस्था के वरिष्ठ लोक सेवक को प्राचार्य का अस्थाई प्रभार दिया जाता हैं। सतना जिले में प्राचार्य हाई स्कूल के 118 नियमित प्राचार्यों के पद रिक्त है जिनमें से 91 शालाओं में उच्च पद प्रभार अन्तर्गत पदस्थापना की जाकर पदपूर्ति की गई है एवं हायर सेकेण्डरी के 107 नियमित प्राचार्यों के रिक्त पदों में से 26 शालाओं में उच्च पद प्रभार से पदस्थापना की गई है। शेष शालाओं में संस्था के वरिष्ठ लोक सेवक को स्थानीय स्तर से प्राचार्य के रिक्त पद का प्रभार दिया है। विधिक कारणों से पदोन्नति की कार्यवाही अवरूद्ध होने के कारण प्राचार्य के पद पर पदोन्नति नहीं की जा रही है। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। प्राचार्य हाई स्कूल/हायर सेकेण्ड्री के रिक्त पदों की पूति म.प्र. शासन स्कूल शिक्षा विभाग के राजपत्रित सेवा भर्ती नियम तथा संशोधन दिनांक 20.12.2022 प्रावधानों के अन्तर्गत उच्च पद का प्रभार दिया जाकर की जा रही है। (ग) जी हाँ। जानकारी  पुस्तकालय  में रखे  परिशिष्ट-02 अनुसार। जी नहीं। अतः शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) उत्तरांश (ग) पुस्तकालय  में रखे  परिशिष्ट-02 अनुसार नियमित प्राचार्य जिनके द्वारा पढ़ाये जाने वाले विषय का परीक्षा परिणाम 0-30 प्रतिशत हो उनकी संख्या निरंक है। जानकारी  पुस्तकालय  में रखे  परिशिष्ट-दो पर है। अतः शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

58-59 की खतौनी में दर्ज शासकीय जमीनों की जानकारी

[राजस्व]

21. ( क्र. 598 ) श्री सुरेन्द्र सिंह गहरवार : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नगरीय क्षेत्र चित्रकूट एवं विधानसभा क्षेत्र चित्रकूट के समस्त पटवारी हल्कों में 1958-59 में शासकीय आराजियां कितनी-कितनी दर्ज थीं? वर्तमान में कितनी-कितनी बची हैं? जो भूमियां इस कालखंड के मध्य अवैध तरीके से म.प्र. शासन के खाते से गायब कर दी गई, भू-माफियाओं के हवाले कर दी गई, क्या ऐसी बेशकीमती लोकहित की भूमियों को वापस लाने की कार्यवाही करेंगे? यदि हाँ, तो कब तक? समय-सीमा बतायें। (ख) क्या प्रश्‍नांश () में उल्लेखित विषय गंभीरता की श्रेणी में नहीं आता? क्या इससे शासन की लचरता साबित नहीं होती, कि अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्यवाही न होने के कारण भयहीन है? अरबों रूपयों की जमीनें बिना किसी संकोच के बेचे चले जा रहे हैं? क्या ऐसे अधिकारियों-कर्मचारियों को सेवा से पृथक कर मुकदमा दर्ज कर जेल भेजने की कार्यवाही नहीं की जानी चाहिये? यदि हाँ, तो कब तक उच्च स्तरीय जांच करवाकर दोषियों के विरूद्ध कठोर दण्डात्मक कार्यवाही करेंगे? समय-सीमा बतायें। (ग) क्या बंटन की भूमियां जो अहस्तांतरणीय पट्टा धारियों को जीविकोपार्जन के लिये दी गई थी, न कि विक्रय करने हेतु, फिर कैसे विक्रय कर दी गई? स्पष्‍ट करें। ऐसी अहस्तांतरणीय आराजियां जिन पर तत्कालीन प्रशासनिक अमले के अवैध रूप से पाले हुये माफियाओं की मिलीभगत से व्यापार किया, यह जमीन रक्षक थे या भक्षक? क्या ऐसी भूमियां वापस लेकर उन पर कठोर दण्डात्मक कार्यवाही करेंगे? यदि नहीं, तो क्यों? यदि हाँ, तो कब तक? समय बतायें। क्या इसकी जाँच भोपाल से किसी पी.एस. स्तर के अधिकारी से कराकर जनता के साथ न्याय करेंगे? (घ) चित्रकूट नगरीय क्षेत्र में इतने व्यापक स्तर पर हो रहे शासन की जनहित की जमीनों के अवैध व्यापार एवं निर्माण में शासकीय अमले की भू-माफियाओं के साथ प्रायोजित संलिप्तता को कब तक निरीह बनकर देखते रहेंगे? ऐसी स्थिति में हमारी जबावदारी क्या है और क्या होनी चाहिये? ऐसे भ्रष्ट राजस्व अमले के विरूद्ध कठोर कार्यवाही कब तक करेंगे? ऐसी खोई हुई जमीनों को पूर्वानुसार मूल रूप में कब तक लायेंगे? समय-सीमा बतायें।

राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) नगरीय क्षेत्र चित्रकूट अन्‍तर्गत तहसील मझगवां के 4 पटवारी हल्‍के कामता, नयागांव, चौबेपुर एवं पथरा आते है। इनके अन्‍तर्गत आने वाले म.प्र. शासन की भूमियों का 1958-59 एवं वर्तमान स्थिति में विवरण निम्‍नानुसार है

1958-59 में उपलब्‍ध शास. भूमि का कुल रकबा (हे.मे.)

आवंटन/व्‍यवस्‍थापन के कारण शास. भूमि के रकवो में कमी (हे. मे)

वर्तमान में उपलब्ध शास. भूमि का कुल रकबा (हे. मे.)

6916.425

2914.683

4001.742

विधानसभा क्षेत्र चित्रकूट अन्‍तर्गत तहसील मझगवां एवं बिरसिंहपुर के समस्‍त ग्राम आते है। जिनकी शास. भूमियों का विवरण निम्‍नानुसार है-

विधानसभा चित्रकूट

तहसील का नाम

1958-59 में उपलब्‍ध शास. भूमि का कुल रकबा (हे.मे.)

आवंटन/व्‍यवस्‍थापन के कारण शास. भूमि के रकबों में कमी (हे.मे.)

वर्तमान में उपलब्ध शास. भूमि का कुल रकबा (हे.मे.)

मझगवां

92273.416

14802.827

77471.129

बिरसिंहपुर

7979.537

395.951

7583.586

कम हुई शास. भूमि अवैध तरीके से गायब नहीं हुई है, जबकि समय-समय पर शास. के प्रावधानों के पालन में नियमानुसार बंटन/व्‍यवस्‍थापन होने से रकबे में कमी आई है हल्‍कावार 1958-59 एवं वर्तमान की स्थिति में तहसील मझगवां की शास. भूमि की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट-अ अनुसार एवं तहसील बिरसिंहपुर की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट- ब अनुसार। शासकीय भूमियों का भू-माफिया के हवाले करने का कोई मामला अभी तक संज्ञान में नहीं आया है मामला संज्ञान में आने पर नियमानुसार कार्यवाही की जावेगी। निश्‍िचत समय-सीमा बताना संभव नहीं है। (ख) जी नहीं। प्रश्‍नांश () में उल्लिखित भूमियां अवैध तरीके से गायब नहीं है। शासकीय भूमियों के संबंध में गड़बड़ी का मामला विशेष संज्ञान में आने पर संबंधितों के खिलाफ नियमानुसार कार्यवाही की जावेगी। शेष प्रश्‍नांश उद्भूत नहीं होता है। (ग) बंटन/व्‍यवस्‍थापन की भूमियों में लगभग सभी खसरा नम्‍बरों में अहस्तांतरणीय शब्‍द दर्ज है। बंटन/व्‍यवस्‍थापन की भूमियों का विक्रय होना संज्ञान में नहीं पाया गया है,संज्ञान में आते ही नियमानुसार कार्यवाही की जायेगी। (घ) चित्रकूट नगरीय क्षेत्र में शासन की जनहित की जमीनों के अवैध व्यापार एवं निर्माण में शासकीय अमले की भू-माफियाओं के साथ प्रायोजित संलिप्तता का मामला संज्ञान में नहीं आया है। संज्ञान में आने पर कार्यवाही की जावेगी। शेष प्रश्‍नांश उद्भूत नहीं होता है।

लेखा शीर्ष से प्राप्‍त आवंटन पर किया गया व्‍यय

[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]

22. ( क्र. 631 ) सुश्री रामश्री (बहिन रामसिया भारती) राजपूत : क्या उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) छतरपुर जिले में मुख्‍य चिकित्‍सा एवं स्‍वास्‍थ्‍य अधिकारी तथा जिला अस्‍पताल छतरपुर में वर्ष 2022 से प्रश्‍न दिनांक तक किन-किन लेखा शीर्षों में आवंटन प्राप्‍त हुआ तथा किन-किन कार्यों पर व्‍यय किया गया? (ख) विभाग द्वारा स्‍वास्‍थ्‍य विभाग की मॉनिटरिंग हेतु कितने अधिकारियों को नियुक्‍त किया मॉनि‍टरिंग अधिकारी कौन-कौन है दिनांक सहित पद, नाम बतायें। (ग) विभाग को छतरपुर जिले की कितनी शिकायतें वर्ष 2022 से प्रश्‍न दिनांक तक प्राप्‍त हुई जांच अभिमत सहित विवरण दें? (घ) प्रश्‍नांश (क) के अनुसार प्रश्‍न दिनांक तक महा लेखाकार की ऑडिट कंडिकाएं लंबित है यदि हाँ, तो कौन-कौन सी?

उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) विभाग द्वारा जिलावार मॉनिटरिंग हेतु प्रत्‍येक जिले का ओआईसी नियुक्‍त किया गया है, जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ग) विभाग को जिला छतरपुर की वर्ष 2022 से प्रश्‍न दिनांक तक कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है, शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) जी नहीं, शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

राजस्‍व के लंबित प्रकरण

[राजस्व]

23. ( क्र. 632 ) सुश्री रामश्री (बहिन रामसिया भारती) राजपूत : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अनुविभागीय अधिकारी राजस्‍व बड़ामलहरा द्वारा वर्ष 2022 से प्रश्‍न दिनांक तक विभागवार कितनी-कितनी जाँचें की गई? जाँच में से कौन से प्रकरण पाये गये जिसमें गंभीर अनियमितताएं पाई गई? जाँच अभिमत सहित संपूर्ण जानकारी दें। (ख) तहसील बड़ामलहरा में वर्ष 2022 से प्रश्‍न दिनांक तक कितने राजस्‍व प्रकरण लंबित है उनके क्‍या कारण है? जानकारी प्रकरण सहित नामवार, ग्रामवार कारण सहित बतायें। (ग) क्‍या वर्ष 2023 में ओलावृष्टि हुई थी, जिसमें कई किसानों का मुआवजा वितरण नहीं हुआ और वह कई शिकायतें भी कर चुके हैं? सी.एम. हेल्‍पलाईन की प्रश्‍न दिनांक तक कितने प्रकरण/शिकायतें लंबित हैं? उसकी क्‍या जाँच की गई या पोर्टल पर मनगढ़ंत जवाब बनाये गये, जिसकी जाँच की जावेगी?

राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) अनुविभागीय अधिकारी बड़ामलहरा द्वारा प्रश्‍नाधीन अवधि में निम्‍नानुसार जाँचें की गयी है:-

1.                  महिला एवं बाल विकास -02

2.                  आदिम जाति कल्‍याण जाति विभाग- 01

3.                  शिक्षा विभाग 07

4.                  नगरीय प्रशासन विभाग 04

5.                  जनपद पंचायत बड़ामलहरा 06

6.                  राजस्‍व विभाग 01

7.                  खाद्य विभाग 03

उपर्युक्‍त जांच प्रकरणों में 02 प्रकरणों में गंभीर अनियमितताएं पायी गयी है। विवरण अद्योलिखितानुसार है :-

1.                  शासकीय उचित मूल्‍य दुकान सिंगरामपुरा में विक्रेता हरदेव सिंह एवं समिति प्रबधक श्री अनवर खान के द्वारा की गयी अनियमिमताओं के कारण उनके विरूद्ध एफ.आई.आर. दर्ज कराने की कार्यवाही की गयी।

2.                  शासकीय उचित मूल्‍य की दुकान रजपुरा के विक्रेता श्री रामनारायण तिवारी द्वारा की गयी खाद्यान्‍न की हेरा-फेरी के कारण अर्थदण्‍ड अधिरोपित किया गया।

(ख) प्रश्‍नाधीन अवधि में तहसील बड़ामलहरा में 490 राजस्‍व प्रकरण लंबित है। उक्‍त प्रकरण विधिक प्रक्रियात्‍मक एवं पक्षकारों द्वारा पक्ष समर्थन में विलम्‍ब/उदासीनता के कारण लंबित है। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट  अनुसार। (ग) तहसील बड़ामलहरा में वर्ष 2023 में ओलावृष्टि हुई थी। जिसमें 35 ग्राम प्रभावित हुए थे प्रभावित कृषकों को शासन के नियमानुसार आर्थिक सहायता प्रदान की जा चुकी है। वर्तमान में सीएम हेल्‍पलाईन पोर्टल पर उक्‍त आशय की कोई भी शिकायत लंबित नहीं है। इस कारण शेष प्रश्‍नांश उद्भूत नहीं होता।

पन्ना जिले में मेडिकल कॉलेज की स्‍थापना

[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]

24. ( क्र. 680 ) श्री ब्रजेन्द्र प्रताप सिंह : क्या उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या पन्ना जिले में मेडिकल कॉलेज राज्य मद समन्वय से स्वीकृति प्राप्त है? यदि हाँ, तो मेडिकल कॉलेज प्रारंभ किये जाने हेतु प्रश्‍न दिनांक तक क्या कार्यवाही की गई है? (ख) यदि नहीं, तो क्यों? कब तक कार्यवाही पूर्ण की जाकर मेडिकल कॉलेज प्रारंभ किया जावेगा?

उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) विभाग द्वारा पन्‍ना जिलें में पीपीपी मोड़ पर चिकित्‍सा महाविद्यालय की स्‍थापना किये जाने का निर्णय लिया गया हैं। इस हेतु भूमि आरक्षित, कार्यालय कलेक्‍टर पन्‍ना दिनांक 27.01.2023 द्वारा किया गया हैं। पीपीपी मोड़ पर चिकित्‍सा महाविद्यालय पन्‍ना की स्‍थापना हेतु दिनांक 07.03.2024 को निविदा आमंत्रित किये जाने की स्‍वीकृति प्रदान की गई। निविदा संबंधी कार्यवाही प्रचलन में हैं। (ख) उत्‍तरांश () अनुसार। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं हैं।

केन बेतवा परियोजना

[राजस्व]

25. ( क्र. 683 ) श्री राजेश कुमार शुक्‍ला : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) छतरपुर जिले में निर्मित होने जा रहे ढोढन बांध से सुकवाहा राजस्व ग्राम के डूब क्षेत्र में आने वाली ऐसी भूमि जिनको मुआवजा देने के लिए चयनित किया गया है उनके खसरा नं. किस व्यक्ति के नाम दर्ज है। (ख) उक्त व्यक्ति ने इस भूमि को कैसे अर्जित किया? (ग) प्रश्‍नांश "क" के अनुक्रम में यदि पट्टे की भूमि है तो, कब एवं कितने रकबे का पट्टा प्रदाय किया गया? मूल पट्टाधारक कौन था। (घ) वर्तमान में जो भूस्वामी है उनका मूल पट्टाधारक से क्या संबंध है। (ड.) क्या कुछ ऐसी भी भूमि है जो मूल पट्टाधारक द्वारा अथवा उसके फौत होने के बाद उसके परिजन ने अन्य व्यक्तियों को बेच दी है। यदि हाँ, तो कौन-कौन सी किसे-किसे बेची गई। पट्टे की भूमि को किस नियम एवं किसके आदेश से विक्रय किया गया। (च) प्रश्‍नांश "क" के अनुक्रम में गैर अनुसूचित जनजाति के नाम दर्ज भूमि क्या पूर्व में कभी अनुसूचित जनजाति के व्यक्ति के नाम दर्ज थी? यही हाँ तो कौन से खसरा न. की भूमि थी। उक्त भूमि को किसके आदेश से किस नियम से विक्रय किया गया। (छ) प्रश्‍नांश (ड.) एवं (च) के अनुक्रम में क्या उक्त विक्रय नियमानुसार सही है? यदि हाँ, तो कैसे? नहीं तो दोषी कौन है?

राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) छतरपुर जिले में निर्मित होने जा रहे ढोढन बांध से सुकवाहा राजस्व ग्राम के डूब क्षेत्र में आने वाली ऐसी भूमि जिनको मुआवजा देने के लिए चयनित किया गया है उनके खसरा नं. जिस व्यक्ति के नाम दर्ज है। उसकी सूची पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट '' अनुसार। (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में मुआवजा देने के लिए चयनित खसरा नं. जिस व्यक्ति के नाम दर्ज है। उसके द्वारा भूमि पैत्रिक रुप से या शासन से पट्टे पर एवं पैत्रिक भूमि स्वामी/शासन से प‌ट्टा प्राप्त व्यक्ति से कय करने के आधार पर अर्जित की गई हैं। पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट '' अनुसार। प्रत्येक व्यक्ति द्वारा किस आधार पर भूमि अर्जित की गई हैं। उसका विवरण दर्ज है। (ग) पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्‍ट '' में पट्टे की भूमि का विवरण पृथक से दर्ज हैं। उक्त पट्टा कब और कितने रकवे का एवं मूल प‌ट्टाधारक कौन था जानकारी विस्तृत प्रकृति की होने से संकलित की जा रही हैं। (घ) वर्तमान में जो भूमि स्वामी है उनका मूल प‌ट्टाधारक से स्वयं प‌ट्टाधारी या विरासत का या क्रेता के रुप में संबंध है। जानकारी पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट '' अनुसार (ड.) जी हाँ। कुछ ऐसी भूमि है जो मूल प‌ट्टाधारक द्वारा अथवा उसके फौत होने के बाद उसके परिजन ने अन्य व्यक्तियों को बेच दी है। जिसकी जानकारी खसरावार एवं व्यक्तिवार पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट '' अनुसार। पट्टे की भूमि का विक्रय बिना किसी अनुमति के किया गया है। (च) जी हाँ। प्रश्‍नांश (क) के अनुक्रम में गैर अनुसूचित जनजाति के नाम दर्ज भूमि पूर्व में अनुसूचित जनजाति के व्यक्ति के नाम दर्ज थी। जिसकी खसरा नम्बरवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट '' अनुसार। उक्त भूमि का विक्रय बिना किसी अनुमति के किया गया है। (छ) प्रश्‍नांश (ड.) एवं (च) के अनुक्रम में बिना सक्षम अनुमति के किया गया विक्रय नियमानुसार सही नहीं हैं। जिसके लिए उपलब्ध जानकारी अनुसार दोषी कर्मचारी के नाम एवं पद की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट '''' एवं  ''' अनुसार है। अनुसूचित जनजाति से गैर अनुसूचित जनजाति के नाम भूमि अंतरित करने वाले दोषी कर्मचारी एवं अधिकारी की जानकारी पृथक से संकलित की जा रही है।

कृषकों की सुविधा हेतु जलाशय निर्माण कार्य की स्वीकृति

[जल संसाधन]

26. ( क्र. 689 ) श्री सोहनलाल बाल्‍मीक : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) परासिया विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत जामुनबर्रा जलाशय, मंडला पंडापुल नाला जलाशय, झुर्रेमाल शंकरपुर रोड नाला पर जलाशय दमुआ भीमसेन ढाना के पास घटामाली नदी पर कोहका दमुआ बैराज, उक्त सभी सिंचाई योजनाओं की स्वीकृति हेतु विभाग द्वारा सम्पूर्ण कार्यवाही पूर्ण की जाकर सिंचाई योजनाओं के प्रस्ताव शासन स्तर पर स्वीकृति हेतु प्रेषित कर दिये गये है। परन्तु अभी तक उपरोक्त सिंचाई योजनाओं की स्वीकृति शासन द्वारा प्रदान नहीं की गई है। सिंचाई योजनाओं की स्वीकृति कब तक प्रदान कर दी जायेगी? (ख) प्रश्‍नांश (क) में उल्लेखित सिंचाई योजनाओं के निर्माण कार्य की स्वीकृति के संबंध में प्रश्‍नकर्ता द्वारा माननीय मुख्यमंत्री महोदय जी को अनुस्मरण पत्र 02 क्र.वि.स./परासिया/127/2024/296 दि. 22.05.2024, माननीय उप मुख्यमंत्री महोदय जी को पत्र क्र.वि.स./परासिया/127/2024/294 दि. 22.05.2024 व विभागीय मंत्री महोदय को अनुस्मरण पत्र 02 क्र.वि.स./परासिया/127/2024/293 दि. 22.05.2024 पत्र प्रेषित किए गये है, जिन पत्रों पर स्वीकृति हेतु अभी तक क्या-क्या कार्यवाही की गई है?

जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) जी हाँ। अपितु परासिया विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत जामुनबर्रा जलाशय योजना का प्रस्तावित पूर्ण कमांड क्षेत्र दूधी नदी परियोजना के कमांड क्षेत्र में सम्मिलित है इसलिए योजना का निर्माण किया जाना उचित नहीं है। मंडला पंडापुल जलाशय एवं झुर्रेमाल जलाशय योजना का डी.पी.आर. सर्वेक्षण उपरांत तैयार किया जा रहा है। दमुआ भीमसेन ढाना के पास घटामाली नदी पर कोहका दमुआ बैराज की प्रशासकीय स्वीकृति म.प्र.शासन जल संसाधन विभाग भोपाल के पत्र क्र. एफ-22/03/2018-19/ल.सि./31/1605 दिनांक 05.12.2019 द्वारा प्रदान की गई थी, जिसका निर्माण कार्य 90 प्रतिशत पूर्ण हो चुका है। शेष कार्य प्रगतिरत है। जानकारी संलग्‍न  परिशिष्‍ट  अनुसार है। (ख) पत्र में उल्लेखित योजनाएं जामुनबर्रा जलाशय, मंडला पंडापुल नाला जलाशय, झुर्रेमाल शंकरपुर रोड नाला पर जलाशय,दमुआ भीमसेन ढाना के पास घटामाली नदी पर कोहका दमुआ बैराज, उत्तरांश () के अनुसार कार्यवाही की गई है।

परिशिष्ट - "सात"

भू-अभिलेख कम्प्यूटरीकरण में त्रुटि सुधार

[राजस्व]

27. ( क्र. 692 ) श्रीमती अर्चना चिटनीस : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) राजस्व विभाग के समस्त भू-अभिलेख कम्प्यूटराइज किये जाने की महत्वाकांक्षी योजना किस वर्ष लागू की गई? योजना को पूर्ण करने हेतु विभाग द्वारा किस एजेंसी या विभाग को निर्धारित किया गया था। (ख) भू-अभिलेख कम्प्यूटराइज अभिलेख पूर्ण होने पर अभिलेख त्रुटिपूर्ण होने से सुधार के क्या प्रावधान है? जिला बुरहानपुर, देवास, बैतूल, सिंगरौली में कितने त्रुटिपूर्ण आवेदन सुधार हेतु प्राप्त हुए है तथा कितने आवेदन का निराकरण किया गया है? (ग) क्या विभाग भू-अभिलेख जो कम्प्यूटराइज पूर्ण हो गए है किन्तु अभिलेख में त्रुटि होने की समस्या को दूर करने हेतु विकास खण्ड स्तर पर शिविरों को आयोजन करेगा यदि हाँ, तो समय-सीमा निश्‍िचत करेगा?

राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) राजस्व विभाग के समस्त भू-अभिलेख कम्प्यूटराइज किए जाने की महत्वाकांक्षी योजना वर्ष 1988-89 में प्रारम्भ की गई। प्रदेश के सभी जिलों में प्रारम्भिक डाटा एन्ट्री का कार्य भारत सरकार के वित्तीय सहयोग से निविदा जारी कर L1 दर पर चयनित वेण्डरों से कराया गया। वर्तमान में ऑनलाइन सॉफ्टवेयर के उन्नयन का कार्य M/s Terracis Technologies Limited द्वारा किया जा रहा है, जिसका उपयोग कर राजस्व अमले द्वारा अभिलेखों का अद्यतन/अपडेशन कार्य किया जा रहा है। (ख) भू-अभिलेख कम्प्यूटराइज अभिलेख पूर्ण होने पर अभिलेख त्रुटिपूर्ण होने से म.प्र. भू-राजस्व संहिता 1959 की धारा 115 में भू-अभिलेख त्रुटि सुधार का प्रावधान है। जिला बुरहानपुर, देवास, बैतूल एवं सिंगरौली के प्राप्त पत्रों के आधार पर त्रुटिपूर्ण आवेदनों एवं निराकृत आवेदनों की संख्या निम्नानुसार है-

क्र.

जिला

त्रुटिपूर्ण आवेदनों की संख्या

निराकृत आवेदनों की संख्या

1

बुरहानपुर

79

53

2

देवास

6126

6126

3

बैतूल

493

310

4

सिंगरौली

2133

132

(ग) अभिलेख सुधार हेतु आवेदन प्राप्त होने पर म.प्र. भू-राजस्व संहिता में वर्णित प्रावधान अनुसार इनका निराकरण समय-सीमा में किया जाता है, जो सतत् प्रक्रिया है।

सिविल अस्पताल में कार्यरत डॉक्टरों का नियम विरुद्ध अटैचमेंट

[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]

28. ( क्र. 701 ) श्री सुरेश राजे : क्या उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला ग्वालियर अंतर्गत सिविल अस्पताल डबरा में संवर्गवार/विशेषज्ञवार/तृतीय श्रेणी कर्मचारियों एवं चिकित्सकों को स्वीकृत, भरे, रिक्त पदों के विरुद्ध कौन-कौन कर्मचारियों एवं चिकित्सकों को कब से यहाँ पदस्थ किया गया है एवं कार्यरत हैं? (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार सिविल अस्पताल डबरा में पदांकित तृतीय श्रेणी कर्मचारी एवं चिकित्सकों में से मध्यप्रदेश शासन के किस आदेश/नियम अनुसार कौन-कौन किस सक्षम अधिकारी के आदेश से किस स्थान की स्वास्थ्य संस्था में किस दिनांक से अटैच होकर कार्यरत हैं? सक्षम अधिकारी का नाम/पद तथा आदेश क्रमांक दिनांक सहित बतावें l (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) अनुसार सिविल अस्पताल डबरा में पदस्थ होकर अन्य स्वास्थ्य संस्था में नियम विरुद्ध मनमाने तरीके से तृतीय श्रेणी कर्मचारी एवं चिकित्सकों का अटेचमेंट करने के दोषी अधिकारी के विरुद्ध कब तक कार्यवाही की जाएगी तथा उक्त अनुलग्न समाप्त कर मूल स्वास्थ्य संस्था में कब तक पदस्थ किया जायेगा?

उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र 'अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र  'अनुसार है। (ग) राज्‍य स्‍तर पर दिनांक 29.12.2023 को आयोजित समीक्षा बैठक में लिये गये निर्णय अनुसार सिविल अस्‍पताल डबरा का भवन निर्माणाधीन तथा ऑपरेशन थियेटर अक्रियाशील होने के कारण संस्‍था के चिकित्‍सक को अन्‍य चिकित्‍सालय में कार्य करने हेतु निर्देशित किया गया। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

रतनगढ़ (सिंध) परियोजना

[जल संसाधन]

29. ( क्र. 702 ) श्री प्रदीप अग्रवाल : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दतिया जिले की सेंवढ़ा तहसील में रतगढ़ परियोजना के नाम से जो डेम स्‍वीकृत हुआ था उसके अंतर्गत क्‍या-क्‍या कार्य शामिल थे, परियोजना की लागत/स्‍वीकृत राशि कितनी थी, परियोजना पूर्ण होने की क्‍या अवधि थी, प्रोजेक्‍ट रिपोर्ट की छाया प्रति उपलब्‍ध कराई जावे। (ख) प्रश्‍नांश (क) में वर्णित डेम की स्‍वीकृत राशि में से कितनी राशि किस कार्य हेतु निकाली गई उक्‍त कार्य परियोजना का हिस्‍सा है कि नहीं। खर्च की गई राशि का ब्‍यौरा बिल वाउचर्स की छायाप्रति के साथ उपलब्‍ध कराई जाये। (ग) क्‍या वर्तमान में डेम का कार्य बंद है बंद होने के क्‍या कारण है? बंद कार्य को चालू कराने हेतू जल संसाधन विभाग द्वारा क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई है। (घ) क्‍या डेम के कार्य को चंबल परियोजना में बाधक मानकर बंद कराया गया है जबकि सिंध नदी का चंबल नदी से कोई संपर्क नहीं है, सिंध नदी यमुना नदी के संपर्क की नदी है, यदि हाँ, तो इस डेम के कार्य को चंबल परियोजना से पृथक मान कर, कार्य कराये जाने हेतु विभाग को कब तक निर्देश जारी किये जायेंगे।

जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) दतिया जिले की सेवढ़ा तहसील में माँ रतनगढ़ परियोजना के नाम से स्वीकृत परियोजना में सिंध नदी पर 246.95 मि. घनमीटर क्षमता का ग्रेविटी बांध का निर्माण, 09 मेगावॉट विद्युत उत्पादन हेतु पावर हाऊस का निर्माण एवं ग्वालियर, दतिया व भिण्ड जिले की 78484 हेक्टेयर भूमि में सिंचाई प्रावधानित है। परियोजना अंतर्गत डेम की निविदा एवं स्वीकृत लागत क्रमश: 464.64 करोड़ एवं 370 करोड़ है, डेम के पूर्ण करने की अनुबंधित अवधि 36 माह थी। प्रोजेक्ट रिपोर्ट की छायाप्रति  पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट-'1' (पेज 1 से 17) अनुसार है। (ख) बांध निर्माण के अंतर्गत स्वीकृति राशि 370 करोड़ में से अद्यतन सर्वेक्षण कार्य पर राशि रू. 65.71 लाख व्यय की गई है, जो कि कार्य का हिस्सा थी। व्यय का  विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट प्रपत्र-'''' एवं बिल/वाउचर्स पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट-'2' (पेज 1 से 11) अनुसार है। (ग) हाँ, वर्तमान में वन भूमि व्यपवर्तन एवं पर्यावरण स्वीकृति प्राप्त न होने के कारण बांध का कार्य प्रांरभ नहीं हो सका है। वन भूमि व्यपवर्तन हेतु वन प्रकरण स्टेज-1 भारत सरकार के वन एवं पर्यावरण मंत्रालय को दिनांक 18/06/2019 को प्रस्तुत किया गया है जो कि विचाराधीन है। परियोजना की पर्यावरण स्वीकृति हेतु प्रस्ताव वन पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, भारत सरकार को दिनांक 20/05/2019 को ऑनलाईन प्रस्तुत किया गया है जो कि विचाराधीन है। (घ) जी नहीं, सिंध नदी, चंबल नदी की सहायक नदी नहीं है, इस कारण चंबल नदी के घडियाल सेंचुरी पर इसका प्रतिकूल प्रभाव होना संभावित नहीं है। हालांकि, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, भारत सरकार, नई दिल्ली के पत्र दि. 13.05.2024 द्वारा प्रस्तावित बांध का निर्माण होने से चंबल नदी में घड़ियाल जीवों पर क्या प्रभाव पड़ेगा, इस तथ्य पर उ.प्र. सरकार का अभिमत एवं उ.प्र. सरकार द्वारा दिये जाने वाले अभिमत के आधार पर वाईल्ड लाईफ मेनेजमेंट प्लान मांगा गया है।

पैरामेडिकल चिकित्सा महाविद्यालय, निजी नर्सिंग कॉलेज की जानकारी

[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]

30. ( क्र. 705 ) श्री प्रताप ग्रेवाल : क्या उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2014-15 से 2023-24 तक पैरामेडिकल चिकित्सा महाविद्यालय, निजी नर्सिंग कॉलेज तथा स्कूल की कुल संख्या कुल सीट क्षमता तथा कुल प्रवेशित की वर्षवार, जिलेवार जानकारी दें तथा बतावें कि आलोच्य प्रत्येक वर्ष में कितने निजी पैरामेडिकल कॉलेज चिकित्सा महाविद्यालय, निजी नर्सिंग कॉलेज खुले तथा बंद हुए? (ख) प्रश्‍नांश (क) में उल्लेखित महाविद्यालयों तथा स्कूलों में प्रवेशित विद्यार्थियों में से कितने-कितने अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा वर्ग तथा सामान्य वर्ग के हैं तथा इनमें से किस-किस श्रेणी के कितने-कितने विद्यार्थियों को कितनी-कितनी प्रतिवर्ष प्रति विद्यार्थी छात्रवृत्ति मिलती है? वर्षवार बतावें। (ग) प्रश्‍नांश (क) में उल्लेखित पैरामेडिकल तथा नर्सिंग महाविद्यालय एवं स्कूल में प्रतिवर्ष आयोजित वार्षिक परीक्षा में किस-किस कोर्स में, कोर्स के प्रथम द्वितीय तथा तृतीय वर्ष में कुल कितने परीक्षार्थी सम्मिलित हुए? कितने उत्तीर्ण हुए? कितने अनुपस्थित रहे? वर्ष 2014-15 से 2023-24 तक वर्षवार जानकारी दें। (घ) क्या शासन सारे निजी पैरामेडिकल तथा निजी नर्सिंग स्कूल/कॉलेज को दी गई अनुमति विद्यार्थियों की संख्या, छात्रवृत्ति की पात्रता, बोगस विद्यार्थी, परीक्षा परीणाम आदि की जांच कर रहा है? यदि हाँ, तो बतावें कि जांच दल के सदस्य कौन-कौन है? (ड.) माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर के निर्देश पर सी.बी.आई. किस पाठ्यक्रम के कितने कॉलेज स्कूल की किस-किस प्रकार की जांच कर रहा है?

उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) वर्ष 2014-2015 से 2022-2023 तक पैरामेडिकल चिकित्‍सा महाविद्यालय की सूची सीट क्षमता की  जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-1 अनुसार। कुल प्रवेशित की वर्षवार, जिलेवार जानकारी  पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट-2 अनुसार। निजी पैरामेडिकल कॉलेज खुले की सत्रवार  जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-3 अनुसार। शेष बन्‍द कॉलेजों जानकारी एकत्रित की जा रही है। (ख) अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा वर्ग एवं अल्‍पसंख्‍यक पिछड़ा वर्ग तथा सामान्‍य वर्ग के छात्रों की दी जाने वाली छात्रवृत्ति की वर्षवार  जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-4 अनुसार। शेष जानकारी एकत्रित की जा रही है। (ग) वर्ष 2014-15 से 2023-24 तक में सम्मिलित परीक्षार्थियों की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-5 अनुसार। शेष जानकारी एकत्रित की जा रही है। (घ) जी नहीं। नर्सिंग स्‍कूल और कॉलेजों की जांच माननीय उच्‍च न्‍यायालय द्वारा डब्‍ल्‍यू. पी. क्रमांक 1080/2020 में पारित आदेश दिनांक 22/02/2024 के अनुक्रम में सी.बी.आई द्वारा की जा रही है। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-6 अनुसार। (ड.) माननीय उच्‍च न्‍यायालय जबलपुर के निर्देश पर सी.बी.आई. द्वारा कुल 308 नर्सिंग कॉलेजों की जांच पूर्ण की जा चूकी है व शेष नर्सिंग कॉलेजों की जांच प्रचलन में है जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-7 अनुसार।

शिवपुरी में कस्टोडियन विभाग की भूमि पर अवैध कब्जे

[राजस्व]

31. ( क्र. 708 ) श्री कैलाश कुशवाहा : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या शिवपुरी शहर के सर्कुलर रोड क्षेत्र में कस्टोडियन विभाग की कोई भूमि है? यदि हाँ, तो उक्त भूमि कहां पर है भूमि की वर्तमान स्थिति क्या है भूमि खसरा नं. एवं रकबा कितना है? खसरा की प्रति संलग्न जानकारी दें? (ख) कस्टोडियन विभाग की भूमि खसरा नं. 109 से 116 तक तथा 166 तक कुछ व्यक्तियों के नाम राजस्व अभिलेखों में हेरा-फेरी कर अवैध रूप से दर्ज कर निजी व्‍यक्तियों के नाम दर्ज कर दी गई यदि हाँ, तो किन-किन के नाम कौनसी कितनी भूमि दर्ज की गई? भूमि किस आदेश/विक्रय पत्र के आधार पर दर्ज की गई? उसकी प्रति संलग्न कर जानकारी दें? (ग) क्या शिवपुरी जिले के पुराने राजपुरा (वर्तमान सर्कुलर रोड क्षेत्र) में कस्टोडियन विभाग की करीब साढ़े 18 बीघा भूमि आज करोड़ों में बिक चुकी है? यदि हाँ, तो इस भूमि के विक्रय के संबंध में दस्तावेजों की क्या जांच और क्या कार्रवाई की गई है? यदि कार्यवाही नहीं कि गई तो क्यों? (घ) क्या राजस्व विभाग के तत्कालीन प्रमुख सचिव द्वारा 2006 में प्रदेश भर के सभी कलेक्टर के नाम जारी आदेश किया गया था? यदि हाँ, तो इस आदेश का पालन शिवपुरी में कब किया गया?

राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) हाँ। तहसील शिवपुरी के सर्कुलर रोड स्थित ग्राम राजपुरा में स्थित भूमि सर्वे नं.109,110, 111,112,113,114,115,116 एवं 166 जिसके पुराने सर्वे नं. 109, 116,117,118,119, 120/1,120/2,120/3, 167 वर्ष 1999-2000 लगायत 2003-2004 तक के खसरा अभिलेख में अमृतलाल,कृष्‍ण कुमार पुत्रगण रामलाल स्‍वर्णा संकुतला, पुष्‍पा पुत्रियां रामलाल जाति खत्री निवासी शिवपुरी पाही व कब्‍जे कस्‍टोडियन डिपार्टमेंट भूमि स्‍वामी के नाम दर्ज थी। वर्तमान स्थिती के खसरा एवं रकबा की प्रति पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट अ अनुसार। (ख) प्रश्‍नांश (क) के उत्‍तर में उल्‍लेखित ग्राम राजपुरा स्थित भूमि (जो कि कस्‍टोडियन भूमि) से संबंधित सर्वे नबंर 109,110,111,112, 113,114,115,116 एवं 166 कुल 18 बीघा 17 विश्‍वा निष्‍क्रांत सम्पत्ति पर रामलाल पिता गोविन्‍दसहाय का कब्‍जा पहले से होने तथा उसके वारिसान श्रीकृष्‍ण कुमार बेगेरह पुत्र रामलाल काबिज होने एवं उनके द्वारा आवासीय भूखण्‍डों का विक्रय अन्‍य व्‍यक्तियों का करने के कारण मध्‍यप्रदेश शासन पुनर्वास विभाग के पत्र क्रमांक/एफ. 22-414/86/28 भोपाल दिनांक 01 अक्‍टूबर 1992 द्वारा अमृतलाल बगेरह से बेचे गए समस्‍त भूखण्‍डों की समस्‍त राशि तथा शेष भूमि के तत्‍समय बाजार मूल्‍य की राशि चालान द्वारा जमा कराई जाकर चालान की प्रति भेजने के आदेश जारी हुये। उक्‍त क्रम में न्‍यायालय तहसीलदार तहसील शिवपुरी के प्र. क्र.39/92-93 अ-76 संस्थित होकर आदेश दिनांक 04/05/2000 को उक्‍त भूमि को अमृतलाल, कृष्‍ण कुमार पुत्रगण रामलाल स्‍वर्णा शकुंतला पुष्‍पा पुत्रियां रामलाल जाति खत्री आदि के नाम मुताबिक सनद जारी कर राजस्‍व पटवारी अभिलेख में अमल करने के आदेश दिये गये। उक्‍त क्रम में समय-समय पर दिये गए आदेशों की छायाप्रतियां पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट   अनुसार है। (ग) म.प्र.शासन पुनर्वास विभाग के पत्र क्रमांक एफ 22-414/86/28 भोपाल दिनांक 01 अक्‍टूबर 1992 एवं म.प्र.शासन पुनर्वास विभाग भोपाल के पत्र क्रमांक एफ 22-414/86/28 भोपाल दिनांक 02 फरवरी 1999 के अनुक्रम में न्‍यायालय तहसीलदार तहसील शिवपुरी के प्र.क. 39/92-93 अ-76 आदेश दिनांक 04.05.2000 के परिप्रेक्ष्‍य में कार्यवाही की गई है। शेष प्रश्‍न उद्भूत नहीं होता है। (घ) आदेश क्रमांक एवं दिनांक स्‍पष्‍ट न होने से जानकारी संकलित की जा रही है।

भूमि के पट्टे का प्रदाय

[राजस्व]

32. ( क्र. 715 ) श्री विजय रेवनाथ चौरे : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा सौंसर अन्तर्गत ग्राम आमला, खापा और नन्‍दुढाना में पिछड़ा वर्ग एवं अनुसूचित जाति के ऐसे कितने आवासहीन ग्रामवासी परिवार निवास करते हैं? (ख) क्या इन पिछड़ा वर्ग एवं अनुसूचित जाति के आवासहीन ग्रामवासियों को पात्रता होने के बावजूद भूमि के पट्टे नहीं दिए गये हैं? (ग) इन वंचित ग्रामवासियों को अभी तक भूमि के पट्टे न दिए जाने का क्या कारण है? (घ) इन्हें किस दिनांक तक भूमि के पट्टे दे दिए जायेंगे?

राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) ग्राम पंचायत आमला के अंतर्गत वनग्राम आमला एवं नन्‍दुढाना आते है। दोनों ही वनग्राम में कोई परिवार आवासहीन नहीं है एवं खापा ग्राम में भी कोई परिवार आवासहीन नहीं है। (ख) वनग्राम में पिछड़ा वर्ग एवं अनुसूचित जाति वर्ग के हितग्राही अतिक्रमण कर कच्‍चे आवास में निवास कर रहे है किन्‍तु अतिक्रमण के संबंध में अभिलेख एवं साक्ष्‍य प्रस्‍तुत नहीं करने के कारण पिछड़ा वर्ग एवं अनुसूचित जाति वर्ग को भूमि के पट्टे वितरित नहीं किये गये है। (ग) वन अधिकार अधिनियम 2006 के तहत 13 दिसम्‍बर 2005 के पूर्व तीन पीढ़ी/75 वर्षों के साक्ष्‍य प्रस्‍तुत किये जाने पर पिछड़ा वर्ग एवं अनुसूचित जाति संवर्ग को वनाधिकार हक प्रमाण पत्र दिये जाने का प्रावधान है। (घ) उत्तरांश (के अनुसार पूर्ति होने पर भूमि के पट्टे दिये जाने की कार्यवाही की जावेगी।

शासकीय चिकित्सालयों में टिटनेस के इंजेक्शन की अनुपलब्‍धता

[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]

33. ( क्र. 716 ) श्री विजय रेवनाथ चौरे : क्या उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या सौंसर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत शासकीय अस्पतालों में टिटनेस के इंजेक्शन उपलब्ध नहीं हैं? (ख) यदि हाँ, तो कितने समय से इन अस्पतालों के लिए टिटनेस के इंजेक्शन नहीं भेजे गये हैं और इसका क्या कारण है? (ग) क्या सरकार इस ग्रामीण क्षेत्र में ग्रामवासियों की कठिनाई को देखते हुए तत्काल टिटनेस के इंजेक्शन भेजने की व्यवस्था करेगी?

उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जी नहीं। सौंसर विधानसभा क्षेत्र के शासकीय अस्‍पतालों में टिटनेस के इन्‍जेक्‍शन उपलब्‍ध है। (ख) एवं (ग) प्रश्‍नांश () के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

सी.एम. राइज विद्यालय निर्माण में विलम्‍ब

[स्कूल शिक्षा]

34. ( क्र. 726 ) श्री दिलीप सिंह परिहार : क्या परिवहन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नीमच, मंदसौर जिले में कुल कितने सीएम राइज विद्यालय खोले गए है? इनकी लागत एवं प्रदान की जाने वाली सुविधाओं की जानकारी दें। (ख) प्रश्‍नांश '''' संदर्भित विद्यालयों में कितने विद्यालय बन कर पूर्ण हो चुके है तथा कितने, किन-किन कारणों से पूर्ण नहीं हुए है, अनुबंध में समस्त ठेकेदारों को निर्माण कार्य पूर्ण करने हेतु कुल कितना समय दिया गया? क्या सभी विद्यालय समय-सीमा में पूर्ण हो चुके है? यदि हाँ, जो ऐसे विद्यालयों की जानकारी दें। (ग) नीमच शहर में सीएम राइज स्कूल की प्रगति रिपोर्ट देवें। क्या नीमच में भवन निर्माण हेतु टेंडर जारी कर कन्सेशनर नियुक्त किया जा चुका है? यदि हाँ, तो माननीय मुख्यमंत्री जी एवं प्रशनकर्ता विधायक के भूमि पूजन करने के पश्‍चात भी ठेकेदार द्वारा निर्माण कार्य प्रारंभ क्यों नहीं किया गया? क्या ठेकेदार के खिलाफ कोई कार्यवाही की गई है? यदि हाँ, तो अवगत करावें। (घ) निर्माण कार्य में हो रही देरी को लेकर स्थानीय प्रशासन द्वारा कब-कब उच्च स्तर पर पत्र व्यवहार किया? पत्रों की प्रतिलिपि‍ देवें।

परिवहन मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) स्‍कूल शिक्षा विभाग अंतर्गत नीमच एवं मंदसौर जिले में प्रथम चरण में क्रमश- 4 एवं 7 विद्यालय खोले गए। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-1 अनुसार है। (ख) वर्तमान में एक भी विद्यालय भवन पूर्ण होकर विभाग को हस्‍तांतरित नहीं हुआ है। सभी सीएम राइज स्‍कूल ठेकेदारों से संपादित अनुबंध की सीमा में प्रगतिरत है। अनुबंध अनुसार ठेकेदारों को निर्माण कार्य पूर्ण करने हेतु 18 माह का समय प्रदान किया गया है। नीमच शहर में स्थित शासकीय कन्‍या उ.मा.वि. नीमच कैन्‍ट को छोड़कर शेष विद्यालयों में कार्य प्रगतिरत है। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-2 अनुसार है। (ग) जी हां, नीमच शहर में चयनित सीएम राइज विद्यालय शासकीय कन्‍या उ.मा.वि. नीमच कैन्‍ट में निविदा कार्य पूर्ण कर एजेंसी नियुक्‍त की जा चुकी है। प्रशासकीय स्‍वीकृति कैबिनेट अनुमोदन पश्‍चात वर्तमान स्‍कूल परिसर में ही निर्माण कार्य हेतु जारी की गई थी। तदनुसार ही निविदा आमंत्रित कर वर्क आर्डर संबंधित निर्माण एजेंसी द्वारा जारी किया गया है। जनप्रतिनिधियों के द्वारा भवन निर्माण अन्‍यत्र स्‍थल पर किये जाने का लेख किया गया है। जिसके परीक्षण में समय लगने के कारण कार्य प्रारंभ होने में विलंब हुआ है। अत: शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (घ) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-3 अनुसार है।

पैरामेडिकल कॉलेजों द्वारा किये स्‍कॉलरशिप में अनियमितता

[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]

35. ( क्र. 731 ) श्री प्रदीप पटेल : क्या उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रदेश में पैरा‍मेडिकल कॉलेजों द्वारा एस.सी, एस.टी, ओ.बी.सी. के छात्रों के नाम से स्‍कॉलरशिप अवैध रूप से निकालकर गमन किये जाने के प्रकरण, कब-कब, कितनी राशि के, किसके-किसके, कहाँ-कहाँ के सामने आये? किन-किन पर लोकायुक्‍त में प्रश्‍न तिथि तक प्रकरण किस-किस स्‍थान पर कायम हुये प्रकरणवार, बिन्‍दुवार विवरण दें। (ख) क्‍या राज्‍य शासन की एक अच्‍छी योजना में निजी कॉलेजों द्वारा करोड़ों रूपयों का छात्रवृत्ति/फीस का घोटाला कर दिया गया? क्‍या शासन प्रश्‍नतिथि तक उक्‍त घोटाले की विस्‍तृत जांच की गई? यदि हां, तो प्रश्‍नतिथि तक की गई कार्यवाही का विवरण प्रकरणवार/कॉलेजवार/रकमवार (फीस) उपलब्‍ध करायें। (ग) क्‍या इस प्रकरण के सामने आने के बाद किस-किस स्‍थान के किस-किस नाम के, क्‍या-क्‍या कोर्स, संचालित करने वाले कॉलेज प्रश्‍नतिथि तक बंद हो गये? शासन उन पर कब व क्‍या कार्यवाही, किन-किन नियमों के तहत कर कितनी-कितनी राशि (बंद व चल रहे) कॉलेजों से किस तरह वसूल करेगा?

उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) से (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

अनियमितता करने वालों पर की गई कार्यवाही

[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]

36. ( क्र. 733 ) श्री प्रदीप पटेल : क्या उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में प्रश्‍न तिथि तक नर्सिंग कॉलेजों/पैरामे‍डीकल कॉलेजों में किस-किस प्रकार की, क्‍या-क्‍या अनियमिततायें किस-किस की, किस स्‍थान एवं नाम की सामने आने पर कब-कब क्‍या कार्यवाही शासन स्‍तर/अन्‍य के द्वारा की गई? (ख) क्‍या प्रश्‍नांश (क) में वर्णित की गई अनियमितताओं में इन कॉलेजों का निरीक्षण कर असत्‍य जानकारी निरीक्षण टीप में देने वाले राजस्‍व अधिकारियों को भी शासन द्वारा चिंहित कर लिया गया है? नाम/पदनाम देवें। (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) में वर्णित कॉलेजों के द्वारा की गई अनियमितताओं पर असत्‍य निरीक्षण टीप देने वाली किस-किस टीम को राज्‍य शासन द्वारा प्रश्‍न तिथि तक चिन्हित कर उसके विरूद्ध क्‍या-क्‍या कार्यवाही प्रस्‍तावित की गई है? बिन्‍दुवार विवरण उपलब्‍ध करायें? (घ) शासन अवैधानिक कार्य करने वालों पर सख्‍त कार्यवाही करेगा? अगर हाँ तो प्रश्‍नतिथि तक कब व क्‍या कार्यवाही, किसके विरूद्ध की जायेगी उनके प्रकरणवार विवरण दें।

उप मुख्‍यमंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) प्रदेश में संचालित नर्सिंग महाविद्यालय को वर्ष 2018 के प्रचलित नियम (2018) को आवश्‍यकतानुसार सुदृढ़ किया गया, मान्‍यता की संपूर्ण प्रक्रिया आनलाईन शुरू की गई जिससे मान्‍यता प्रक्रिया में पार‍दर्शिता बनी रहे। प्रचलित नियमों का कठोरता से पालन करने हेतु ऑनलाईन सॉफ्टवेयर का और सुदृढ़ बनाया गया। संस्‍थाओं के वास्‍तविक पता जानने हेतु जियो टैगिंग की प्रक्रिया का उपयोग किया गया। टीचिंग फैकल्‍टी की डुप्‍लीकेसी को दूर करने हेतु NUID रजिस्‍ट्रेशन/माइग्रेशन नंबर का उपयोग किया जाता है। पूर्व के निरीक्षणों में नर्सिंग कॉलेजों की सीनियर शैक्षणिक स्टॉफ को भेजा जाता था तत्‍पश्‍चात निरीक्षण टीम में सीनियर चिकित्‍सक एवं राजस्‍व अधिकारी जैसे-तहसीलदार, नायब तहसीलदार को भी सम्मिलित किया गया। कतिपय नर्सिंग कॉलेजों में नर्सिंग शिक्षण संस्‍था मान्‍यता नियम, 2018 के परिप्रेक्ष्‍य में अपालन/न्‍यून मापदण्‍ड पाए जाने पर कौंसिल द्वारा वर्ष 2021-22 में 80 कॉलेजों की मान्‍यता समाप्‍त की गईजानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-1 अनुसार  है एवं वर्ष 2022-23 में 04 अन्‍य कॉलेजों की मान्‍यता समाप्‍त की गईजानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-2 अनुसार  है। सी.बी.आई द्वारा जांच किए गए नर्सिंग कॉलेजों में 66 कॉलेज Unsuitable पाए गए है, जिनकी मान्‍यता समाप्‍त की जा चुकी है, जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-3 अनुसार  है एवं 73 कॉलेज Deficient पाए गए है जिसकी जांच माननीय हाईकोर्ट द्वारा गठित कमेटी द्वारा की जा रही है, जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-4 अनुसार  है। मध्यप्रदेश सह चिकित्सीय परिषद के अंतर्गत पैरामेडिकल कॉलेजों की अनियमितताओं से संबंधित कोई प्रकरण प्राप्त नहीं हुये है किन्तु लोकायुक्त कार्यालय/विशेष पुलिस स्थापना/कार्यालय कलेक्टर आदि विभागों से पैरामेडिकल संस्थाओं के शिकायती पत्रों पर नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही की गई। (ख) जी हाँ। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-5 अनुसार  है। (ग) निरीक्षण दलों में सम्मिलि‍त शासकीय सेवकों के विरूद्ध कारण बताओ सूचना पत्र/स्‍पष्‍टीकरण जारी किए गए है, कार्यवाही का विवरण लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्‍सा शिक्षा विभाग के निरीक्षणकर्ताओं के संदर्भ में  जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-6 अनुसार  है, राजस्‍व विभाग से संबंधित निरीक्षणकर्ताओं की  जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-7 अनुसार  है एवं सामान्‍य प्रशासन विभाग के निरीक्षणकर्ताओं से संबंधित  जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-8 अनुसार  है। (घ) जी हाँ। तत्‍कालीन रजिस्‍ट्रार श्रीमती चंद्रकला दिवगैया एवं तत्‍कालीन रजिस्‍ट्रार श्रीमती सुनीता शिजू की प्रश्‍न तिथि तक विभागीय जांच प्रचलन में थी, वरिष्‍ठ संयुक्‍त संचालक (शिकायत) संचालनालय, स्‍वास्‍थ्‍य सेवाएं के आदेश क्रमांक1133-40/MC/स्‍थापना/अराज-5/24 दिनांक 21/06/2024 से श्रीमती सुनीता शिजू की सेवा तत्‍काल प्रभाव से समाप्‍त की गई है एवं वरिष्‍ठ संयुक्‍त संचालक (शिकायत) संचालनालय, स्‍वास्‍थ्‍य सेवाएं के आदेश क्रमांक/4/शिका/सेल-4/डीई/2024/925 दिनांक 21.06.2024 द्वारा श्रीमती चंद्रकला दिवगैया को सेवा से पदच्‍युत किया गया।