मध्यप्रदेश विधान सभा


प्रश्‍नोत्तर-सूची
जुलाई, 2024 सत्र


मंगलवार, दिनांक 02 जुलाई, 2024


भाग-1
तारांकित प्रश्‍नोत्तर



अपराधियों पर कार्यवाही की जानकारी

[गृह]

1. ( *क्र. 591 ) श्री पंकज उपाध्याय : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या मुरैना जिले के थाना जौरा में FIR 719, दिनांक 30.11.2023 के आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया गया है? अरोपियों को कब तक गिरफ्तार किया जायेगा? (ख) क्या जौरा विधानसभा में कानून व्यवस्था की हालत बहुत गंभीर है? जनवरी 2023 से लेकर जून 2024 तक कितने अपराध हुये एवं कितने अपराधी, आरोपी गिरफ्तार एवं कितने फरार हैं?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) अधिकृत - राज्‍य मंत्री (श्री नरेन्‍द्र शिवाजी पटेल) : (क) जी हाँ। थाना जौरा के अपराध क्रमांक 719/23, धारा 365, 342, 294, 323, 506 भा.द.वि. के प्रकरण में आरोपी मुलायम सिंह की गिरफ्तारी हेतु हर संभव प्रयास किये जा रहे हैं तथा संभावित स्थानों पर दबिश की कार्यवाही की जा रही है। प्रकरण विवेचना में है। गिरफ्तारी की समय-सीमा बताना संभव नहीं है। (ख) जौरा विधान सभा क्षेत्र में कानून व्यवस्था सुदृढ़ है। हाल ही में विधान सभा एवं लोक सभा चुनाव शांति पूर्वक रूप से सफलतापूर्वक संपन्न कराये गये हैं। अपराध एवं अपराधियों पर ठोस नियंत्रण है। जनवरी 2023 से प्रश्‍न प्राप्ति दिनांक 10 जून, 2024 तक जौरा विधान सभा क्षेत्र में कुल 2017 अपराध घटित हुये हैं, जिनमें 322 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है तथा फरार घोषित आरोपियों की संख्या निरंक है।

थाना-चौकियों की सीमाओं का निर्धारण

[गृह]

2. ( *क्र. 435 ) श्रीमती चंदा सुरेन्द्र सिंह गौर : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या म.प्र. शासन गृह विभाग मंत्रालय के आदेश क्र. 01/1770880/2023/बी-3/दो भोपाल, दिनांक 02.1.2024 के अनुसार थाना चौकियों की सीमाओं का निर्धारण किया जाना था, जिसमें खरगापुर विधान सभा के ग्राम-फूलपुर, भटगोरा, गुड़ा, नज, पाली, मोररमन्ना, मगरई, पाली को थाना खरगापुर से हटाकर थाना जतारा में जोड़े जाने की प्रार्थना की गई थी? (ख) क्या प्रश्‍नांश (क) में वर्णित ग्रामों को थाना खरगापुर से अपवर्जित कर थाना जतारा में जोड़े जाने हेतु प्रश्‍नकर्ता द्वारा तारांकित प्रश्‍न क्रमांक 767 पर सदन में चर्चा की गई, जिसमें प्रश्‍नकर्ता को मान. संसदीय कार्य मंत्री महोदय द्वारा बताया गया कि आशा सिंह के द्वारा याचिका मान. उच्च न्यायालय में लगाई गई है, उसे वापिस ले लें तब सरकार विचार करेगी? (ग) क्या आशा सिंह द्वारा उक्त याचिका मान. उच्च न्यायालय जबलपुर से दिनांक 26.02.2024 को W.P. नं. 12224 वापिस लिये जाने का आवेदन पत्र दे दिया है और याचिका वापिस कर ली गई है? क्‍या सरकार क्षेत्र की आम जनता की सुविधा को ध्यान में रखते हुये ग्राम-फूलपुर भटगोरा, गुड़ा नज.पाली, मोररमन्ना मगरई, पाली को थाना खरगापुर से अपवर्जित कर थाना जतारा में जोड़े जाने के आदेश कब तक जारी कर दिये जावेंगे? कृपया समयावधि बतायें यदि आदेश जारी नहीं किये जा सकते हैं तो कारण स्‍पष्‍ट करें।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) अधिकृत - राज्‍य मंत्री (श्री नरेन्‍द्र शिवाजी पटेल) : (क) जी हाँ। खरगापुर विधान सभा के ग्राम फूलपुर, भटगोरा, गुड़ा, नज, पाली, मोररमन्ना, मगरई, पाली को थाना खरगापुर से हटाकर थाना जतारा में जोड़े जाने की प्रार्थना की गई थी, उक्त ग्रामों के परिसीमन संबंधी याचिका क्रमांक wp 12224/2022 (पी.आई.एल.) आशा सिंह गौर विरूद्ध म.प्र. राज्य एवं अन्य माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर में लंबित होने से समिति द्वारा कोई निर्णय नहीं लिया गया था। (ख) जी हाँ। (ग) जी हाँ। आशा सिंह द्वारा दिनांक 22.06.2024 को माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर में याचिका क्रमांक wp 12224/2022 (पी.आई.एल.) को वापिस लिये जाने हेतु आवेदन पत्र दिया गया है, जो वर्तमान में माननीय उच्च न्यायालय में विचाराधीन है, माननीय उच्च न्यायालय में सुनवाई हेतु दिनांक 18.06.2024 नियत थी, जिसमें सुनवाई नहीं हुई अग्रिम संभावित दिनांक 08.07.2024 लगाई गई है। माननीय उच्च न्यायालय के निर्णय के अनुरूप आगामी उचित कार्यवाही की जावेगी। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

आंगनवाड़ी भवनों की स्थिति

[महिला एवं बाल विकास]

3. ( *क्र. 466 ) श्री मोहन सिंह राठौर : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) ग्वालियर जिले के 18 भितरवार विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत कितने आंगनवाड़ी एवं उप आंगनवाड़ी केन्द्र भवन विहीन हैं? सूची उपलब्ध करायें। (ख) क्या विगत 04 वर्षों में ग्वालियर जिले में परियोजना कार्यालय सह प्रशिक्षण केन्द्र स्वीकृत किये गये थे? यदि हाँ, तो कितने एवं कहां-कहां? (ग) भितरवार विधानसभा क्षेत्र में परियोजना कार्यालय सह प्रशिक्षण केन्द्र/आंगनवाड़ी भवन निर्माणाधीन हैं तथा कितने अपूर्ण एवं अप्रारंभ हैं? ये कब तक पूर्ण किये जायेंगे, इनकी स्वीकृति‍ वर्ष, राशि, क्रियान्वयन एजेन्सी एवं मद सहित सूची उपलब्ध करायें। निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूर्ण न होने का कारण स्पष्ट करें तथा निर्माण एजेन्सी के विरूद्ध क्या कार्यवाही की गई? (घ) विधानसभा क्षेत्र भितरवार में जनसंख्या के मान से कितने आंगनवाड़ी केन्द्र/उप आंगनवाड़ी केन्द्रों की आवश्यकता है? क्या जहां आवश्यक है, वहां केन्द्र खोले जायेंगे? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्यों?

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( सुश्री निर्मला भूरिया ) : (क) ग्वालियर जिले के 18 भितरवार विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत 70 आंगनवाड़ी एवं 30 उप आंगनवाड़ी केन्द्र भवन विहीन है। भवन विहीन आंगनवाड़ी केन्‍द्रों की सूची पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) जी नहीं। शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) 18 भितरवार विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत 30 आंगनवाड़ी भवन निर्माणाधीन/अपूर्ण एवं 32 आंगनवाड़ी भवन अप्रारंभ हैं। इनके स्वीकृति‍ वर्ष, राशि, क्रियान्वयन एजेन्सी, मद एवं निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूर्ण न होने के कारण सहित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (घ) विधानसभा क्षेत्र 18 भितरवार में अंतर्गत जनसंख्‍या के मान से 55 आंगनवाड़ी केन्द्र/उप आंगनवाड़ी केन्द्रों की आवश्यकता है। वर्तमान में भारत सरकार द्वारा नवीन आंगनवाड़ी केन्‍द्रों की स्‍वीकृति प्रदान नहीं की गई है। शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

जीर्ण-शीर्ण आंगनवाड़ी भवन और विद्युत व्यवस्था

[महिला एवं बाल विकास]

4. ( *क्र. 470 ) श्री विपीन जैन : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) मंदसौर जिले अंतर्गत कितने आंगनवाड़ी भवन जीर्ण-शीर्ण अवस्था में हैं, जो विभाग के अन्य शासकीय भवन और किराए के भवन में संचालित हो रहे हैं? (ख) प्रश्‍नकर्ता के प्रश्‍न क्रमांक 580, दिनांक 09.02.2024 के परिशिष्ट (ब) में अपूर्ण तीन आंगनवाड़ी भवनों का निर्माण कार्य कब तक पूरा कर लिया जायेगा? निर्माण कार्य में देरी के क्या कारण हैं? (ग) क्या जिले अंतर्गत संचालित सभी आंगनवाड़ी केन्द्रों पर बिजली कनेक्शन होकर प्रकाश हेतु लाइट, विद्युत पंखे आदि की व्यवस्था है और यदि नहीं, तो किन-किन आंगनवाड़ी केन्द्रों पर बिजली कनेक्शन, विद्युत व्यवस्था नहीं है, सूची देवें बिजली व्यवस्था कब तक कर दी जायेगी? (घ) क्या शहरी क्षेत्र में संचालित किराए के आंगनवाड़ी भवनों को समय पर किराया न देने और वर्तमान महंगाई अनुसार कम किराया देने के कारण अच्छे आंगनवाड़ी केंद्र भवन उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं?

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( सुश्री निर्मला भूरिया ) : (क) मंदसौर जिले अंतर्गत 18 आंगनवाड़ी भवन जीर्ण-शीर्ण अवस्था में है, जो अन्य शासकीय भवनों में संचालित हो रहे हैं। (ख) प्रश्‍नकर्ता के प्रश्‍न क्रमांक 580, दिनांक 09.02.2024 के पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट '' में अपूर्ण 03 आंगनवाड़ी भवनों में से 02 आंगनवाड़ी भवनों का निर्माण कार्य पूर्णता की ओर है। निर्माण एजेंसी द्वारा कार्य शीघ्र पूर्ण करने का लेख किया गया है। शेष 01 आंगनवाड़ी भवन में स्‍थल विवाद होने से प्रकरण न्‍यायालय में प्रचलित है। शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी, नहीं, विद्युत व्‍यवस्‍था विहीन आंगनवाड़ी केन्‍द्रों की सूची पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है, आंगनवाड़ी केन्द्रों में विद्युत व्यवस्था वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता पर निर्भर है। अतः समय-सीमा दिया जाना संभव नहीं है। (घ) जी नहीं। शहरी क्षेत्र के किराये पर संचालित आंगनवाड़ी केन्‍द्र के भवनों का माह मई 2024 तक का किराया भुगतान किया जा चुका है। शासन द्वारा निर्धारित मापदण्‍ड एवं राशि अनुसार किराये पर संचालित आंगनवाड़ी भवनों का किराया भुगतान किया जा रहा है।

दैनिक वेतन भोगी/संविदा कर्मचारियों का नियमिती‍करण

[सामान्य प्रशासन]

5. ( *क्र. 104 ) श्री देवेन्द्र रामनारायन सखवार : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शासन द्वारा दैनिक वेतन भोगी/संविदा कर्मचारियों को नियमित करने की क्‍या योजना है? (ख) वर्ष 2016 से प्रश्‍न दिनांक तक शासन ने कितने कर्मचारी नियमित किये हैं? (ग) प्रश्‍नांश (ख) के संदर्भ में जिन कर्मचारियों को प्रश्‍न दिनांक तक नियमित नहीं किया गया है, उन्‍हें कब तक नियमित कर दिया जावेगा?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) अधिकृत - राज्‍य मंत्री (श्रीमती कृष्‍णा गौर) : (क) सामान्‍य प्रशासन विभाग के ज्ञाप क्रमांक एफ-5-3/2006/1/3, दिनांक 16 मई, 2007 तथा समय-समय पर जारी स्‍पष्‍टीकरण/संशोधन अनुसार दैनिक वेतन भोगियों को विभाग में रिक्‍त उपलब्‍ध पदों पर नियमितीकरण की कार्यवाही के निर्देश हैं। नवीन संविदा नीति दिनांक 22 जुलाई, 2023 में उल्‍लेखित मापदण्‍ड अनुसार संविदा पर नियुक्‍त अधिकारियों/कर्मचारियों को नियमित नियुक्ति का अवसर प्रदान करने का प्रावधान है। (ख) पात्रतानुसार/नियमानुसार कर्मचारियों को नियमित किया गया है। (ग) उत्‍तरांश '''' के प्रकाश में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

बिंजलवाड़ा उदवहन सिंचाई परियोजना

[नर्मदा घाटी विकास]

6. ( *क्र. 582 ) श्रीमती झूमा डॉ. ध्यानसिंह सोलंकी : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि भीकनगांव विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत बिंजलवाड़ा उदवहन सिंचाई परियोजना की स्वीकृति‍ कब और कितनी राशि‍ की जारी की गई थी? इसकी पूर्ण करने की समयावधि क्या निर्धारित की गई थी? वर्तमान तक परियोजना में कितनी राशि‍ का व्यय हो चुका है तथा कार्य की भौतिक स्थिति क्या है तथा परियोजना कब तक पूर्ण की जायेगी? क्या उक्त परियोजना की स्वीकृत राशि‍ में बढ़ोत्‍तरी की गई है? हाँ तो वर्तमान स्वीकृत राशि‍ क्या है? क्या पूर्व मुख्यमंत्री द्वारा जून 2023 में कार्य पूर्ण कर लोकार्पण करने की खरगोन सभा के दौरान घोषणा की गई थी? हाँ तो क्या कारण है कि जून 2024 तक कार्य अधूरा एवं अपूर्ण है तथा इसके लिए कौन दोषी है? उक्त परियोजना का कार्य विलम्ब करने के कारण वर्तमान तक संबंधित ठेकेदार के विरूद्ध क्या कार्यवाही की गई है तथा सिंचाई हेतु किसानों को कब पानी उपलब्ध होगा?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) अधिकृत - राज्‍य मंत्री (श्री धर्मेन्‍द्र भाव सिंह लोधी) : प्रशासकीय स्‍वीकृति दिनांक 02.12.2016 को राशि रू. 745.00 करोड़ की। दिनांक 19.10.2021 थी। राशि रू. 731.31 करोड़। परियोजना का 87 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है एवं योजना, दिनांक 31.12.2024 तक पूर्ण हो जायेगी। प्रश्‍न दिनांक तक नहीं की गई है। जी हाँ। पम्प हाउस क्रमांक-1 से 5000 हेक्‍टेयर क्षेत्र में टेस्टिंग कर पानी दिया जा रहा है। भू-अर्जन में देरी तथा एम.पी.पी.टी.सी.एल. के द्वारा पम्‍प हाउस क्रमांक-03 पर कनेक्‍शन हेतु अंदड विद्युत सब स्‍टेशन पर फीडर-बे का निर्माण डेढ़ वर्ष पश्‍चात नहीं किया गया है, जिसके कारण विद्युत कनेक्‍शन प्राप्‍त न होने से योजना अपूर्ण है। अत: कोई दोषी नहीं है। दिनांक 16.02.2024 को ब्‍लैक लिस्‍ट किया गया एवं जून 2023 की समय-सीमा समाप्‍त होने के पश्‍चात ठेकेदार को बढी़ हुई मूल्‍यवृद्धि नहीं दी जा रही है। एम.पी.पी.टी.सी.एल. से विद्युत संयोजन कार्य उपरांत रबी सीजन वर्ष 2024-25 में सिंचाई हेतु जल प्रदाय किया जाना लक्षित है।

नहरों के रख-रखाव में उदासीनता

[नर्मदा घाटी विकास]

7. ( *क्र. 461 ) श्री नीरज सिंह ठाकुर : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि बरगी विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली बाँयीं तट मुख्य नहर माइनर, डिस्ट्रीब्‍यूटरी नहरों के सुधार, सफाई एवं लाईनिंग की रिपेयरिंग हेतु विगत 5 वर्षों में नहर वार कितने कार्य कितनी-कितनी राशि से कराये गये? नहर वार, राशि, निर्माण एजेंसी के नाम सहित वर्षवार जानकारी दें? क्या सफाई एवं रख-रखाव नहीं होने से अनेक नहरों में टेल तक पानी नहीं पहुँच रहा है? बेलखेड़ा माइनर, गुबराकलाँ माइनर आदि किन-किन नहरों में पानी टेल तक नहीं पहुँच रहा है?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) अधिकृत - राज्‍य मंत्री (श्री धर्मेन्‍द्र भाव सिंह लोधी) : जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। जी नहीं। पानी पहुँचाया गया है।

प्रदेश में उत्पादित शराब की अन्य प्रदेशों में तस्करी

[वाणिज्यिक कर]

8. ( *क्र. 546 ) श्री आतिफ आरिफ अकील : क्या उप मुख्‍यमंत्री, वित्‍त महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश के किन-किन जिलों में वर्ष 2020 से प्रश्‍न दिनांक तक शराब उत्पादन का कार्य किया जाता है? वर्षवार/जिलेवार पृथक-पृथक जानकारी उपलब्ध करावें। (ख) प्रश्‍नांश (क) के परिप्रेक्ष्य में क्या प्रदेश में उत्पादित शराब का गोरख धंधा किया जाकर अन्य प्रदेशों के परमिटों के माध्यम से तस्करों को बेचा जा रहा है? यदि हाँ, तो किन-किन तस्करों के माध्यम से कितनी-कितनी आबादी वाले किन-किन प्रदेशों में मध्यप्रदेश में बनाई जाने वाली शराब अवैध रूप से बेची जा रही है? प्रदेशों की सूची सहित अवगत करावें। (ग) प्रश्‍नांश (ख) के परिप्रेक्ष्य में अन्य प्रदेशों में की जाने वाली शराब तस्करी में कौन-कौन जिम्मेदार, अधिकारी/कर्मचारी दोषी हैं? क्या दोषियों पर प्रश्‍न दिनांक तक कोई कार्रवाई की गई? यदि हाँ, तो क्या? यदि नहीं, तो करवाई न किए जाने के क्या कारण हैं?

उप मुख्‍यमंत्री, वित्‍त ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) वर्ष 2020 से प्रश्‍न दिनांक तक जिन जिलों में शराब उत्पादन का कार्य किया जाता है, की वर्षवार/जिलेवार जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) जी नहीं, प्रदेश के विभिन्‍न जिलों में संचालित मदिरा विनिर्माणी इकाइयों से उत्‍पादित शराब का गोरखधंधा किया जाकर अन्‍य प्रदेशों के परमि‍टों के माध्‍यम से तस्‍करों को बेचे जाने संबंधी कोई भी प्रकरण प्रकाश में नहीं आने से जानकारी निरंक है। (ग) प्रश्‍नांश (ख) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्‍नांश '''' की जानकारी निरंक है।

परिशिष्ट - "एक"

अवैध उत्‍खनन तथा अवैध क्रेशर का संचालन

[खनिज साधन]

9. ( *क्र. 511 ) श्री कामाख्या प्रताप सिंह : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या ग्राम पंचायत सिंगरावन खुर्द जनपद पंचायत नौगांव द्वारा शासकीय पहाड़ी को खोदकर गौशाला निर्माण कराई जा रही है? इस पहाड़ी की मिट्टी को निजी उपयोग हेतु प्रस्तावित पेट्रोल पम्प पर फोरलेन किनारे उपयोग किया है? इन पर मनरेगा राशि के गलत उपयोग एवं खनिज विभाग के नियमों के उल्लंघन के कारण राजस्व हानि की वसूली कब तब की जायेगी? (ख) क्या तहसील नौगांव के सर्किल लुगासी अंतर्गत खकरी-वीरपुरा मौजा के खसरा नं. 919 एवं मौजा नयागांव के खसरा नं. 1245 पर बने प्राचीन मंदिर को तोड़कर पहाड़ी पर अवैधानिक उत्खनन कर मुरम व पत्थर बेचा जा रहा है? राजस्व हानि की वसूली कब तक की जायेगी? (ग) क्या कुछ लोगों द्वारा अवैध क्रेशर का संचालन के लिए पर्यावरण विभाग की अनुमति एवं पंचायत की स्वीकृति प्राप्त की गई है? यदि नहीं, तो क्रेशर संचालक के विरूद्ध क्या कार्यवाही की गई? यदि नहीं, तो जिम्मेदार अधिकारी के विरूद्ध कब तक कार्यवाही की जावेगी?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) अधिकृत - राज्‍य मंत्री (श्री दिलीप अहिरवार) : (क) मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत नौगांव से प्राप्‍त जानकारी अनुसार ग्राम पंचायत सिंगरावन खुर्द जनपद पंचायत नौगांव में मनरेगा योजना अंतर्गत गौशाला स्‍वीकृत की गई है। प्रगतिरत गौशाला में पुराई कार्य हेतु मिट्टी पहाड़ि‍यों से ली गई है। पहाड़ी की मिट्टी को निजी उपयोग हेतु प्रस्‍तावित पेट्रोल पम्‍प पर फोरलेन किनारे उपयोग नहीं किया गया है। शेष भाग का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ख) तहसील नौगांव के ग्राम खकरी-वीरपुरा के खसरा नंबर 919 एवं मौजा नयागांव के खसरा नंबर 1245 में मौके पर पहाड़ी पर प्राचीन मंदिर के अवशेष नहीं पाये गये। उत्‍खनन नियमानुसार समस्‍त वैधानिक अनुमतियाँ प्राप्‍त कर किया गया है। शेष भाग का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) क्रेशर संचालन हेतु पर्यावरण विभाग की अनुमति एवं पंचायत की स्‍वीकृति नियमानुसार प्राप्‍त की गई है। अत: शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

दर्ज अपराधों में की गई कार्यवाही और लंबित प्रकरण

[गृह]

10. ( *क्र. 296 ) श्री कैलाश कुशवाहा : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शिवपुरी जिले में दिनांक 01.01.2023 से 03.06.2024 तक हत्या और हत्‍या का प्रयास, चोरी, लूटपाट, डकैती, बलात्कार, छेड़खानी, मादक पदार्थ बिक्री, मादक पदार्थ सेवन से मृत्यु, नकबजनी, महिला/पुरूष अपहरण, बालक/बालिका अपहरण, गुमशुदगी, साइबर अपराध, धोखाधड़ी, गैंगवार, आगजनी, मारपीट, जुआ-सट्टा, अवैध-वैध शराब जप्ती, राहजनी, वाहन/माल जप्ती के कितने-कितने प्रकरण किन-किन थाना क्षेत्रों में दर्ज हुए? माहवार जानकारी दें। (ख) प्रश्‍नांश '' के अंतर्गत दर्ज अपराधों में क्या-क्या कार्यवाही की गई? कितने अपराधों की जांच पूर्ण कर चालान न्यायालय में प्रस्तुत किया गया किन-किन अपराधों का चालान प्रश्‍न दिनांक तक प्रस्तुत नहीं किया गया? चालान प्रस्तुत न किये जाने का क्या कारण है? (ग) चोरी की घटनाओं में से कितनी घटनाओं में चोरी गये माल की बरामदगी नहीं हुई? माल बरामद न होने का क्या कारण है? (घ) प्रश्‍नांश '' में वर्णित अपराधों में से कितने अपराधों में जांच प्रचलित है, उक्त जांच कब तक पूर्ण होगी?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) अधिकृत - राज्‍य मंत्री (श्री नरेन्‍द्र शिवाजी पटेल) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' एवं '' अनुसार है। (ग) एवं (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है।

औद्योगिक क्षेत्रों का विस्‍तार

[औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन]

11. ( *क्र. 747 ) डॉ. अभिलाष पाण्डेय : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्‍यप्रदेश में विभाग द्वारा वर्तमान में कितने स्‍थानों पर नए औद्योगिक क्षेत्र स्‍थापित किए जाने की कार्रवाई की जा रही है? जिलेवार प्रस्‍तावित नवीन औद्योगिक क्षेत्र की जानकारी देवें एवं बताएं कि महाकौशल के केन्‍द्र बिन्‍दु जबलपुर में औद्योगिक विकास को प्रोत्‍साहित करने हेतु कौन-कौन सी योजनाएं संचालित हैं? (ख) प्रस्‍तावित औद्योगिक क्षेत्र में निवेशकों को भूमि उपलब्‍ध हो सके, यह कार्यवाही कब तक पूर्ण हो सकेगी? (ग) ऐसे निवेशक/उद्योगपति/निर्माता हेतु विभाग की क्‍या नीति एवं नियम है, जो औद्योगिक क्षेत्र में भूमि आवंटन तथा औद्योगिक इकाई की स्‍थापना होने के उपरांत अन्‍य निवेशक/निर्माता को भूमि हस्‍तांतरित करना चाहते हैं? (घ) क्‍या उक्‍त प्रकार के हस्‍तांतरण की प्रक्रिया को सरल एवं हस्‍तांतरण शुल्‍क कम करने की दिशा में सरकार द्वारा कोई सकारात्‍मक पहल प्रदेश में उद्योग को बढ़ावा देने के लिए की जायेगी? यदि हाँ, तो समय-सीमा देवें।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) अधिकृत - राज्‍य मंत्री (श्री दिलीप अहिरवार) : (क) औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्‍साहन विभाग की अधीनस्‍थ एम.पी. इण्‍डस्ट्रियल डेव्‍हलपमेंट कॉर्पोरेशन द्वारा वर्तमान में 31 स्‍थानों पर नवीन औद्योगिक क्षेत्र स्‍थापित किए जाने की कार्यवाही की जा रही है, जिसकी सूची संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-1 (स्‍थापनाधीन) पर तथा जिलेवार प्रस्‍तावित नवीन औद्योगिक क्षेत्र की सूची संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। सूक्ष्‍म, लघु एवं मध्‍यम उद्यम विभाग से प्राप्‍त जानकारी अनुसार एम.एस.एम.ई. विभाग द्वारा वर्तमान में स्‍थापित किये जाने वाले औद्योगिक क्षेत्र/क्‍लस्‍टरों की जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-3 अनुसार है। एम.पी. इण्‍डस्ट्रियल डेव्‍हलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड द्वारा जिला जबलपुर में औद्योगिक क्षेत्र उमरिया डुंगरिया फेस-I, औद्योगिक क्षेत्र उमरिया-डुंगरिया फेस-II एवं औद्योगिक क्षेत्र हरगढ़ संधारित हैं एवं औद्योगिक क्षेत्र उमरिया-डुंगरिया फेस-I विस्‍तार में अधोसंरचना विकास कार्य प्रचलन में है। महाकौशल के केन्‍द्र बिन्‍दु जबलपुर जिले में ही नहीं अपितु संपूर्ण प्रदेश में निवेश आकर्षित करने एवं रोजगार के अवसर को बढ़ावा देने की दृष्टि से वृहद श्रेणी की औद्योगिक एवं निवेश परियोजनाओं को सुविधा/सहायता का लाभ प्रदान करने हेतु उद्योग संवर्धन नीति, 2014 (यथा संशोधित) प्रभावशील है। (ख) प्रस्‍तावित औद्योगिक क्षेत्रों में निवेशकों को औद्योगिक क्षेत्र के अधोसंरचना विकास कार्य पूर्ण हो जाने के उपरांत भूमि आवंटन की कार्यवाही की जा सकेगी। (ग) औद्योगिक इकाइयों को भूमि आवंटन हेतु मध्‍यप्रदेश राज्‍य औद्योगिक भूमि एवं भवन प्रबंधन नियम 2019 (यथा संशोधित 2022) लागू है। उक्‍त नियमों में आवंटित भूमि का हस्‍तांतरण करने हेतु भी समुचित प्रावधान है, जिसके अनुसार आवंटी इकाई को भूमि आवंटन के समय प्रस्‍तुत परियोजना की कम से कम 25 प्रतिशत स्‍थाई पूंजी (भूमि के मूल्‍य को छोड़कर) का निवेश अथवा राशि रू. 50 करोड़ का स्‍थाई निवेश (जो भी कम हो) होने पर ही भूमि हस्‍तांतरण की पात्रता होगी। सूक्ष्‍म, लघु एवं मध्‍यम उद्यम विभाग से प्राप्‍त जानकारी अनुसार वर्तमान में म.प्र. एम.एस.एम.ई. को औद्योगिक भूमि तथा भवन आवंटन एवं प्रबंधन नियम 2021 प्रचलित है, जिसके प्रावधान अनुसार औद्योगिक क्षेत्र में भूमि का आवंटन एवं हस्‍तांतरण किया जाता है। (घ) भूमि हस्‍तांतरण की प्रक्रिया सरल है एवं वर्तमान में हस्‍तांतरण की दरों को कम किये जाने संबंधी कोई प्रस्‍ताव विचाराधीन नहीं है।

परिशिष्ट - "दो"

जिम्‍मेदार अधिकारियों पर कार्यवाही

[सूक्ष्‍म, लघु एवं मध्‍यम उद्यम]

12. ( *क्र. 642 ) सुश्री रामश्री (बहिन रामसिया भारती) राजपूत : क्या सूक्ष्‍म, लघु एवं मध्‍यम उद्यम मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) छतरपुर जिले में स्थित चन्‍द्रपुरा औद्योगिक क्षेत्र का नगर तथा ग्राम निवेश कार्यालय छतरपुर से वर्ष 2010 में अभिन्‍यास (नक्‍शा) स्‍वीकृत किया गया था? (ख) यदि हाँ, तो इस नक्‍शा के तहत औद्योगिक क्षेत्र में प्‍लाटों का आवंटन किया गया? क्‍या सड़कें नक्‍शे के अनुसार बनाई गईं और पार्कों के लिए स्‍थान नक्‍शानुसार छोड़े गए? (ग) वर्ष 2010 में स्‍वीकृत नक्‍शा के बाद कोई संशोधन किया गया? यदि हाँ, तो प्रति उपलब्‍ध करावें। यदि नहीं, तो किसके आदेश से 2010 के नक्‍शा में किसके आदेश से संशोधन मौके पर किया गया? (घ) क्‍या चन्‍द्रपुरा औद्योगिक क्षेत्र में प्‍लाटों के हस्‍तांतरण में की गई अनियमितताओं की शिकायतें प्रश्‍न दिनांक तक प्राप्‍त हुई? यदि हाँ, तो जांचकर्ता अधिकारी कौन थे? जांच अभिमत की प्रमाणित प्रतियां दें।

सूक्ष्‍म, लघु एवं मध्‍यम उद्यम मंत्री ( श्री चेतन्‍य कुमार काश्‍यप ) : (क) जी हाँ। छतरपुर जिले में स्थित चंद्रपुरा औ‌द्योगिक क्षेत्र का नगर तथा ग्राम निवेश कार्यालय, छतरपुर से वर्ष 2010 में अभिन्यास (नक्शा) संशोधित कर स्वीकृत किया गया था। (ख) जी हाँ। प्रश्‍नांश (क) उल्लिखित नक्शे के अनुसार ही औ‌द्योगिक क्षेत्र में प्लाटों का आवंटन किया गया है। औ‌द्योगिक क्षेत्र में बहुत बड़े-आकार के गड्ढे, निजी भूमि स्वामियों की भूमि आ जाने आदि के कारण कुछ सड़क निर्माण छोड़ दिया गया है। परंतु पार्कों के लिये स्थान नक्शानुसार छोड़े गये हैं। (ग) जी नहीं। वर्ष 2010 में स्वीकृत नक्शा के बाद कोई संशोधन नहीं किया गया है। 2010 के स्वीकृत नक्शे में मौके पर भी कोई संशोधन नहीं किया गया है। यद्यपि भूमि का आधिपत्य प्राप्त करते समय जरीब से की गई नाप एवं वर्तमान में गूगल मैप के कारण तथा राजस्व विभाग/औकेविनि, ग्वालियर के तकनीकी अधिकारियों द्वारा कराई गई नाप व सीमाओं के चिह्नांकन के उपरांत वर्तमान में कुछ भू-खण्डों पर निजी भू-स्वामियों द्वारा उठाई जा रही आपत्तियों के समाधान हेतु विभागीय स्तर पर कार्रवाही प्रारंभ की गई है, जिससे उद्यमियों व भू-स्वामियों के विवाद का निपटारा हो सके। (घ) जी हाँ, चन्द्रपुरा औ‌द्योगिक क्षेत्र में प्लाटों के हस्तांतरण में की गई अनियमितताओं की शिकायतों की जांच हेतु संयुक्त संचालक उ‌द्योग परिक्षेत्रीय उ‌द्योग कार्यालय सागर को जांचकर्ता अधिकारी नियुक्ति किया गया है, संयुक्त संचालक उ‌द्योग परिक्षेत्रीय उ‌द्योग कार्यालय सागर से जांच प्रतिवेदन अपेक्षित है।

संचालित आंगनवाड़ी केंद्र एवं नियुक्तियों की जानकारी

[महिला एवं बाल विकास]

13. ( *क्र. 576 ) श्री दिनेश जैन बोस : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) महिदपुर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत कुल कितने आंगनवाड़ी केंद्र संचालित हैं? कितने आंगनवाड़ी केन्‍द्र भवन में संचालित हैं एवं कितने भवन विहिन हैं? कितने आंगनवाड़ी भवन निर्माणाधीन हैं या अधूरे पड़े हैं? अधूरे पड़े भवन कब तक पूर्ण कर दिए जायेंगे एवं किस कारण से अपूर्ण है एवं जहां भवन नहीं है? वहां कब तक स्वीकृत कर दिये जायेंगे। (ख) महिदपुर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत वर्ष 2020-21, 2021-22, 2022-23 एवं 2023-24 में कितनी आंगनवाड़ी कार्यकर्ता/सहायिका की नियुक्ति की गई? क्या नियुक्तियां नियमानुसार व योग्यता के आधार पर की गई हैं? नियुक्तियों में कितनी दावे आपत्तियां प्राप्त हुई, क्या सभी दावे आपत्तियों का हल कर दिया गया है? आंगनवाड़ीवार, योग्यता एवं दावे आपत्तियों की प्रति देवें। यदि नियुक्तियां नियम विरुद्ध की गई तो संबंधित पर क्या कार्यवाही की गई है?

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( सुश्री निर्मला भूरिया ) : (क) 325, 194 विभागीय भवनों में, 79 अन्य शासकीय भवनों, 52 किराये के भवनों एवं 46 आंगनवाड़ी भवन निर्माणाधीन हैं। इन भवनों का निर्माण कार्य पूर्ण करने हेतु राशि जिला पंचायत उज्जैन को उपलब्ध कराई गई है। निर्माण कार्य प्रगतिरत है। विभागीय भवन विहीन आंगनवाड़ी केन्द्रों के लिये भवन निर्माण शासकीय भूमि एवं वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता पर निर्भर है। समय-सीमा दिया जाना संभव नहीं है। (ख) महिदपुर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत वर्ष 2020-21, 2021-22, 2022-23 एवं 2023-24 में नियुक्त की गई आंगनवाड़ी कार्यकर्ता/सहायिकाओं की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। जी हाँ। नियुक्तियों में कुल 17 दावे आपत्तियां प्राप्त हुई है एवं सभी दावे आपत्तियों का हल कर दिया गया है। आंगनवाड़ीवार, योग्यता एवं दावे आपत्तियों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। नियुक्तियां नियमानुसार किये जाने के कारण शेष जानकारी का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

मुख्‍यमंत्री लाड़ली बहना योजना की जानकारी

[महिला एवं बाल विकास]

14. ( *क्र. 473 ) श्री कमलेश्वर डोडियार : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना किस उद्देश्य से प्रारंभ की गई थी एवं मंत्रीमण्डल की बैठक में उक्त योजना के क्रियान्वयन हेतु जो विभागीय संक्षेपिका एवं प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया, उसकी छायाप्रति उपलब्ध करावें एवं मंत्रीमण्डल बैठक में उक्त योजना के क्रियान्वयन हेतु लिये गये निर्णय एवं आदेश की प्रति उपलब्ध करावें। (ख) प्रश्‍नांश (क) में उल्लेखित मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना में महिलाओं को लाभ लेने हेतु विभाग द्वारा प्रथम बार कौन-कौन सी योग्यता एवं शर्तें निर्धारित की गईं थी एवं उक्त योजना का लाभ लेने हेतु योग्यता एवं शर्तों में क्या-क्या संशोधन प्रश्‍न दिनांक तक किये गये? सम्पूर्ण जानकारी पृथक-पृथक उपलब्ध करावें। (ग) प्रश्‍नांश "क" में उल्लेखित मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना क्रियान्वयन दिनांक से प्रश्‍न दिनांक की अवधि में वर्षवार एवं माहवार कितनी पात्र महिलाओं/हितग्राहियों को प्रतिमाह कुल कितनी-कितनी राशि स्वीकृत की गई है। पात्र महिला हितग्राहियों की कुल संख्या एवं स्वीकृत कुल राशि की माहवार जानकारी पृथक-पृथक उपलब्ध करावें। उक्त योजना के प्रारंभ होने के दिनांक से कुल कितनी महिलाओं को योजना के लाभ से वंचित करते हुए अपात्र घोषित किया गया? योजना के प्रारंभ होने के दिनांक से प्रश्‍न दिनांक तक की जानकारी उपलब्ध करावें। (घ) क्या प्रश्‍नकर्ता विधायक द्वारा माननीय मुख्यमंत्री जी को मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना में प्रतिमाह प्रत्येक पात्र महिला हितग्राही को 1250 रु. से बढ़ाकर 5000 रु. की राशि दिये जाने हेतु दिनांक 01.06.2024 को अपने पत्र क्रमांक 443/व्ही.आई.पी/2024 के माध्यम से ई-मेल से पत्र लिखा गया था? यदि हाँ, तो माननीय मंत्री महोदय कब तक मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना में महिला हितग्राहियों को प्रति माह 5000/- रू. की राशि स्वीकृत किये जाने का प्रस्ताव आगामी मंत्रीमण्डल बैठक में प्रस्तुत करेंगे? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्यों नहीं?

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( सुश्री निर्मला भूरिया ) : (क) राज्य शासन द्वारा प्रदेश में महिला सशक्तिकरण की दिशा में महिलाओं के आर्थिक स्वावलंबन, उनके स्वास्थ्य एवं पोषण स्तर में सतत सुधार एवं परिवार के निर्णयों में उनकी भूमिका सुदृढ़ करने हेतु ''मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना 2023'' प्रारंभ की गई है। मंत्रिमण्डल की बैठक में उक्त योजना के क्रियान्वयन हेतु प्रस्‍तुत प्रस्ताव तथा मंत्रिमण्डल बैठक में उक्त योजना के क्रियान्वयन हेतु लिये गये निर्णय की प्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र  01 अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 02 अनुसार है। योजना का लाभ लेने हेतु योग्यता एवं शर्तों में प्रश्‍न दिनांक तक किये गये संशोधन की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 03 एवं  04 अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 05 एवं 06 अनुसार है। योजना के प्रारंभ होने के दिनांक से प्रश्‍न दिनांक तक ऑनलाईन आवेदन का पंजीकरण कराने वाली समस्त महिला आवेदकों में से कुल 27,657 महिलाओं को योजनान्तर्गत निर्धारित पात्रता की शर्तों की पूर्ति नहीं करने के कारण अपात्र किया गया है। (घ) जी हाँ। पत्र में दिए गए सुझावों के परिप्रेक्ष्य में वर्तमान में कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है, अतः शेष का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता है।

लघु उद्योग निगम द्वारा निर्माण के कार्य

[सूक्ष्‍म, लघु एवं मध्‍यम उद्यम]

15. ( *क्र. 755 ) कुँवर अभिजीत शाह : क्या सूक्ष्‍म, लघु एवं मध्‍यम उद्यम मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्य प्रदेश लघु उद्योग निगम, पंचानन भवन न्यू मार्केट, भोपाल ने गत पांच वर्षों में कितनी लागत के किस-किस स्थान पर किए जाने वाले किस-किस निर्माण का किस दिनांक को किस-किस से अनुबन्ध किया है, अनुबन्ध में कार्य पूरा करने की अंतिम तिथि‍ क्या बताई है? (ख) अनुबन्धित कार्यों में लगने वाले गौण खनिज, मिट्टी, मुरम, पत्थर एवं रेत की शासन को देय रॉयल्टी का भुगतान अनुबन्धकर्ता से करवाए जाने के संबंध में क्या प्रक्रिया एवं नीति उद्योग निगम के द्वारा वर्तमान में अपनाई जा रही है? (ग) अनुबन्धकर्ता के बिलों का भुगतान किए जाने के अवसर पर उपयोग की गई गौण खनिज की रॉयल्टी के भुगतान के संबंध में वर्तमान में नियम क्या हैं? (घ) बिलों के अंतिम भुगतान के पूर्व खनिज विभाग द्वारा बताए किस प्रारूप में अनुबन्धकर्ता से व रॉयल्टी चूकता प्रमाण पत्र प्राप्त करता है?

सूक्ष्‍म, लघु एवं मध्‍यम उद्यम मंत्री ( श्री चेतन्‍य कुमार काश्‍यप ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) पूर्व में माननीय म.प्र. उच्च न्यायालय द्वारा विभिन्न प्रकरणों में रॉयल्टी भुगतान के संबंध में दिये गये निर्णय के परिपालन में अनुबंधकर्ता से खनिज सामग्री की रॉयल्टी शासन को चुकता कर दी है, का शपथ पत्र लिया जाता रहा है, जिसमें उनके द्वारा यदि शासन को रॉयल्टी की राशि शेष रहती है तो भुगतान का दायित्व उनका रहेगा। अंतिम देयकों का निराकरण किया गया है। वर्तमान में निगम के आदेश क्रमांक 1445, दिनांक 22.06.2023 के परिपालन में अनुबंधकर्ता के अन्तिम देयक से नियमानुसार रॉयल्टी की राशि रोकी जा रही है। शासन को रॉयल्टी का भुगतान अनुबंधकर्ता के द्वारा कर दिया है, का प्रमाण प्रस्तुत करने के उपरांत ही रोकी गई राशि विमुक्त होगी। संचालक, भौमिकी तथा खनिकर्म म.प्र. के निर्देश दिनांक 07.03.2019 की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ग) म.प्र. शासन खनिज साधन विभाग के आदेश दिनांक 15.03.2018 की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (घ) खनिज विभाग द्वारा निर्धारित प्रारूप में प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करने पर ही अनुबंधकर्ता की रोकी गई नियमानुसार रॉयल्टी की राशि विमुक्त होगी।

सेवानिवृत्‍त पेंशनरों को वेतन वृद्धि का लाभ

[वित्त]

16. ( *क्र. 578 ) श्री सुनील उईके : क्या उप मुख्‍यमंत्री, वित्‍त महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर के रिट पिटीशन 9628/2023 के निर्णय में मध्य प्रदेश के शासकीय सेवकों को 30 जून को सेवानिवृत्त होने पर एक वेतन वृद्धि का लाभ दिये जाने के निर्णय को क्या मध्यप्रदेश शासन लोक सेवकों के हित में लागू करेगा? यदि हाँ, तो कब तक? (ख) इस निर्णय के पालन में सरकार द्वारा जारी आदेश से आज तक प्रदेश के कितने सेवानिवृत्त पेंशनर लाभान्वित हुए हैं? यदि नहीं, तो कब तक आदेश का पालन कराया जायेगा? (ग) क्या मध्यप्रदेश राज्य विधिक प्राधिकरण ने स्थापना 1741/2023, दिनांक 04.7.2023 से आदेश जारी किये हैं? यदि हाँ, तो इसका पालन कब तक होगा? (घ) क्‍या मध्‍यप्रदेश शासन, स्‍कूल शिक्षा विभाग के कर्मचारियों के 8 माह तक के किये गये शैक्षणिक कार्य को एक वर्ष का आधार मानती है? यदि हाँ, तो यह नियम माह अप्रैल, मई एवं जून तक सेवानिवृत्‍त होने वाले कर्मचारियों को वेतन वृद्धि का लाभ क्‍यों नहीं दिया जा सकता है? यदि दिया जा सकता है तो आदेश कब तक जारी किया जायेगा? यदि नहीं, तो क्‍यों?

उप मुख्‍यमंत्री, वित्‍त ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) न्‍यायालयीन प्रकरण के अनुक्रम में राज्‍य शासन के 30 जून/31 दिसंबर को सेवानिवृ‍त्‍त कार्मिकों के संबंध में परिपत्र दिनांक 15.03.2024 से आवश्‍यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। नीतिगत निर्णय होने से समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं हैं। (ख) संचालक, पेंशन द्वारा उपलब्‍ध जानकारी के अनुसार 111 (एक सौ ग्‍यारह) सेवानिवृत्‍त पेंशनरों की प्रकरणों में कार्यवाही की गई है। शेष का प्रश्‍न ही नहीं उठता। (ग) जी हाँ। (घ) स्‍कूल शिक्षा विभाग द्वारा उपलब्‍ध जानकारी के अनुसार, जी नहीं। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थि‍त नहीं होता।

प्रदेश में महिलाओं के विरूद्ध अत्‍याचार व अपराध

[गृह]

17. ( *क्र. 6 ) श्री बाला बच्चन : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दिनांक 01.07.2021 से 31.05.2024 तक प्रदेश में महिलाओं/कन्‍याओं की गुमशुदगी, बलात्‍कार, यौन अपराधों के कितने प्रकरण दर्ज हुए, की जानकारी पृथक-पृथक जिलेवार, वर्षवार संख्‍यात्‍मक रूप में देवें। (ख) प्रश्‍नांश (क) अवधि में बरामदगी संख्‍या भी जिलेवार देवें। दिनांक 31.05.2024 की स्थि‍ति में 01 माह से अधिक समय से गुमशुदा महिलाओं/कन्‍याओं की संख्‍या भी जिलेवार देवें। (ग) प्रश्‍नांश (क) अनुसार इन प्रकरणों में‍ कितने आरोपियों की गिरफ्तारी हुई? कितने फरार हैं? पृथक-पृथक जिलावार देवें। (घ) फरार आरोपियों की गिरफ्तारी कब तक कर ली जायेगी? इसमें विलंब के जवाबदेह अधिकारियों पर शासन कब तक कार्यवाही करेगा?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) अधिकृत - राज्‍य मंत्री (श्री नरेन्‍द्र शिवाजी पटेल) : (क) से (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है।

औद्योगिक विकास और औद्योगिक परिस्थितियों को बढ़ावा देने की योजना

[औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन]

18. ( *क्र. 463 ) श्री राजेश कुमार शुक्‍ला : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या बुंदेलखंड क्षेत्र देश के सर्वाधिक अल्प विकसित क्षेत्रों में से एक है? इस क्षेत्र विशेषकर छत्तरपुर जिले के औद्योगिक विकास और औद्योगिक परिस्थितियों को बढ़ावा देने की क्या योजना है? (ख) उत्तरप्रदेश ने अपने बुंदेलखंड क्षेत्र के लिए मुख्यत: बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे, बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण, विशेष निधि सहायता (जिसमें स्टाम्प ड्यूटी छूट, मूल पूंजीगत सब्सिडी, जी.एस.टी. प्रतिपूर्ति आदि), बुंदेलखंड ग्रीन एनर्जी कॉरीडोर आदि जैसे प्रावधान किए हैं? क्या प्रदेश सरकार इन प्रावधानों का अध्ययन कर इसी प्रकार की योजना को शुरू करने का विचार करेगी, नहीं तो क्यों?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) अधिकृत - राज्‍य मंत्री (श्री दिलीप अहिरवार) : (क) बुन्‍देलखंड क्षेत्र के औद्योगिक विकास और औद्योगिक परिस्थितियों को बढ़ावा देने के लिए एम.पी.आई.डी.सी. द्वारा औद्योगिक क्षेत्र सिद्धगंवा जिला सागर, आई.आई.डी. बीना जिला सागर, उद्योगगिरी पुरेना जिला पन्ना, औद्योगिक क्षेत्र प्रतापपुरा जिला निवाड़ी एवं आई.आई.डी. प्रतापपुरा जिला निवाड़ी संधारित है। वर्तमान में औद्योगिक पार्क ओरछा जिला निवाड़ी कुल भूमि 14.144 हेक्टेयर में अधोसंरचना विकास कार्य प्रचलन में है। औद्योगिक पार्क छतरपुर (ढड़ारी) जिला छतरपुर कुल भूमि 53.99 हेक्‍टेयर पर विकसित करने हेतु स्‍वीकृति की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। उक्त के अतिरिक्त बी.पी.सी.एल. द्वारा बीना में राशि रु. 49,000 करोड़ की लागत से पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स का निर्माण किया जा रहा है, जिसमें 1 लाख लोगों को रोजगार प्रस्तावित है। बुन्देलखंड क्षेत्र विशेषकर छतरपुर जिले के औद्योगिक विकास और औद्योगिक परिस्थितियों को बढ़ावा देने के लिए औद्योगिक पार्क छतरपुर (ढड़ारी), जिला-छतरपुर कुल भूमि 53.99 हेक्टेयर पर विकसित करने हेतु चयनित किया गया है। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग से प्राप्त जानकारी अनुसार बुंदेलखण्ड क्षेत्र में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग द्वारा सागर जिले में पटना ककरी एवं रीठौर, टीकमगढ़ जिले में सुनौरा खिरिया एवं निवाड़ी जिले में जेर में औद्योगिक क्षेत्र विकसित किये जा रहे हैं। छतरपुर जिले में एम.एस.ई.सी.डी.पी. योजनांतर्गत औद्योगिक क्षेत्र चंद्रपुरा में अधोसंरचना उन्नयन का कार्य प्रक्रियाधीन है। बुंदेलखण्ड के छतरपुर जिले अंतर्गत ही नहीं, अपितु संपूर्ण प्रदेश में निवेश आकर्षित करने एवं रोजगार के अवसर को बढ़ावा देने की दृष्टि से औद्योगिक एवं निवेश परियोजनाओं को सुविधा/सहायता का लाभ प्रदान करने हेतु उद्योग संवर्धन नीति, 2014 (यथा संशोधित), म.प्र. एम.एस.एम.ई. प्रोत्साहन योजना 2021 प्रचलित है। उद्योग संवर्धन नीति अंतर्गत प्राथमिकता विकास खंडों में स्थापित होने वाली वृहद श्रेणी की विनिर्माण इकाइयों को निवेश प्रोत्साहन सहायता में अतिरिक्त सुविधा/सहायता के प्रावधान है। औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग (तत्‍समय वाणिज्‍य, उद्योग और रोजगार विभाग) द्वारा अधिसूचना दिनांक 18.05.2015 के माध्यम से उद्योग संवर्धन नीति 2014 के तहत प्राथमिकता विकास खंडों की सूची जारी की गयी है। उक्त सूची में बुंदेलखण्ड के अन्य जिलों के साथ छतरपुर जिले का नाम शामिल है। (ख) उत्तरप्रदेश में औद्योगीकरण के दृष्टिगत दिये गये सुविधा/प्रावधानों के समान ही प्रदेश में भी निवेश आकर्षित करने एवं रोजगार के अवसर को बढ़ावा देने की दृष्टि से वृहद श्रेणी की औद्योगिक एवं निवेश परियोजनाओं को सुविधा/सहायता का लाभ प्रदान करने हेतु उद्योग संवर्धन नीति, 2014 (यथा संशोधित) प्रचलित है। उक्त नीति अंतर्गत निवेश प्रोत्साहन सहायता, हरित औद्योगीकरण, अधोसंरचना विकास प्रतिपूर्ति, टेक्सटाइल परियोजनाओं हेतु ब्याज अनुदान, मंडी शुल्क में छूट इत्यादि के प्रावधान है। इसके अतिरिक्त खाद्य प्रसंस्करण, गारमेंट, लॉजिस्टिक एवं वेयरहाउसिंग, एथेनॉल एवं जैव ईंधन निर्माण की परियोजनाओं हेतु विशिष्ट वित्तीय सहायता/पैकेज के प्रावधान हैं। अतः शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

पंजीकृत बेरोजगारों की जानकारी

[सूक्ष्‍म, लघु एवं मध्‍यम उद्यम]

19. ( *क्र. 155 ) श्री प्रताप ग्रेवाल : क्या सूक्ष्‍म, लघु एवं मध्‍यम उद्यम मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) स्वरोजगार एवं कुटीर, लघु, मध्यम एवं सूक्ष्म उद्योग में मई 2024 तक कितने उद्यमियों को कितनी राशि की स्वीकृत सब्सिडी का भुगतान लंबित है, उसका कारण क्या है? (ख) प्रदेश में दिनांक 31 मई, 2024 तक एम.पी. रोजगार पोर्टल पर कितने बेरोजगार पंजीकृत हैं, बेरोजगार युवाओं में अशिक्षित, 5वीं उत्तीर्ण, 8वीं उत्तीर्ण, 10वीं उत्तीर्ण, 12वीं उत्तीर्ण, स्नातक, स्नातकोत्तर, बी.डी.एस., एम.बी.बी.एस., बी.ई. इंजीनियर, एम.बी.ए. तथा अन्य की संख्या कितनी-कितनी है? (ग) एस.सी., एस.टी., ओ.बी.सी. तथा सामान्य की संख्या और उनका कुल बेरोजगार में प्रतिशत कितना है? पुरूष तथा महिला की अलग-अलग वर्गवार जानकारी देवें। (घ) वर्ष 2018 से 31 दिसंबर, 2023 अनुसार बेरोजगारों की संख्या कितनी-कितनी थी तथा आलोच्य वर्ष में कितने बेरोजगारों को रोजगार उपलब्ध कराया गया? (ड.) वर्ष 2017-18 से 2023-24 तक बेरोजगार युवाओं के कौशल विकास पर किस-किस मद में कितनी राशि खर्च की गई? जिलेवार, वर्षवार जानकारी देवें तथा इस अवधि में वर्षवार रोजगार कार्यालय पर कुल कितना खर्च किया गया?

सूक्ष्‍म, लघु एवं मध्‍यम उद्यम मंत्री ( श्री चेतन्‍य कुमार काश्‍यप ) : (क) विभाग द्वारा संचालित मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना तथा म.प्र. एम.एस.एम.ई. प्रोत्साहन योजना अंतर्गत उद्यमियों की भुगतान हेतु लंबित, स्वीकृत सब्सिडी की जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार विभाग के अनुसार प्रदेश में दिनांक 31 मई, 2024 तक एम.पी. रोजगार पोर्टल पर 2582759 आवेदक पंजीकृत है। आवेदकों की वांछित योग्यतावार जानकारी निम्नानुसार है :-

योग्यता

आवेदकों की संख्या

योग्यता

आवेदकों की संख्या

अशिक्षित

1275

स्नातकोत्तर

149917

5 वीं उत्तीर्ण

3280

बी.डी.एस.

3449

8 वीं उत्तीर्ण

44339

एम.बी.बी.एस.

3621

10 वीं उत्तीर्ण

271465

इंजीनियर

122532

12 वीं उत्तीर्ण

635958

एम.बी.ए.

16037

स्नातक

875429

अन्य

455457

(ग) तकनीकी शिक्षा कौशल विकास एवं रोजगार विभाग के अनुसार :-

वर्ग

संख्या

कुल आवेदकों में प्रतिशत

पुरुष

महिला

एस.सी.

468090

18.12

296438

171605

एस.टी.

400301

15.50

234183

166097

ओ.बी.सी.

1017519

39.40

635233

382215

सामान्य

696849

26.98

424533

272272

(घ) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ड.) तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार विभाग के अनुसार रोजगार संचालनालय में कौशल विकास से संबंधित कोई योजना संचालित नहीं है। वर्षवार रोजगार कार्यालय पर कुल खर्च की जानकारी निम्नानुसार है :-

वर्ष

खर्च (राशि लाख रू. में)

वर्ष

खर्च (राशि लाख रू. में)

2017-18

1711.67

2021-22

1468.54

2018-19

1614.30

2022-23

1597.47

2019-20

1476.15

2023-24

1591.72

2020-21

1577.94

 


परिशिष्ट - "तीन"

मुख्यमंत्री जी की घोषणाओं की पूर्ति

[सामान्य प्रशासन]

20. ( *क्र. 537 ) श्री नारायण सिंह पट्टा : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा मण्डला जिले के संदर्भ में विगत 10 वर्षों में कौन-कौन सी घोषणाएं कब-कब की गई हैं? उनमें से कौन-कौन सी घोषणा पूर्ण हो चुकी हैं एवं कौन-कौन सी अपूर्ण हैं? कारण सहित जानकारी प्रदाय करें। (ख) क्या तत्कालीन माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा मंडला जिले की बिछिया विधानसभा अंतर्गत बिछिया बायपास निर्माण के संबंध में वर्ष 2016 से वर्ष 2023 के बीच अब तक दो बार घोषणा की जा चुकी है? यदि हाँ, तो उक्त घोषणा के पूर्ण होने में विलम्ब के क्या कारण हैं? क्या संबंधित विभाग द्वारा उक्त बाईपास निर्माण के लिए प्रारंभिक तैयारी पूर्ण कर ली गई थी, लेकिन शासन से स्वीकृति नहीं मिल सकी है? यदि हाँ, तो इसके क्या कारण हैं? कब तक उक्त बायपास निर्माण की स्वीकृति देकर कार्य प्रारंभ कराया जायेगा?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) अधिकृत - राज्‍य मंत्री (श्रीमती कृष्‍णा गौर) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) घोषणा दिनांक 23.09.2022 के संबंध में लोक निर्माण विभाग (भ/स) मण्‍डला द्वारा लागत राशि 24.72 करोड़ का प्राक्‍कलन तैयार किया गया है। स्‍वीकृति प्रक्रियाधीन है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

जतारा विधानसभा में वृहद उद्योग की स्‍थापना

[औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन]

21. ( *क्र. 794 ) श्री हरिशंकर खटीक : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रश्‍नकर्ता द्वारा टीकमगढ़ जिले के जतारा विधानसभा क्षेत्र में उद्योगों की स्थापना करने विधानसभा प्रश्‍न क्र. 885, दिनांक 09 फरवरी, 2024 किया गया था? जिसके उत्तर में मंत्री जी ने भी स्वीकार किया था कि टीकमगढ़ जिले में अपार खनिज भण्डार हैं और वृहद उद्योग न खोले जाने से जिले की जनता पलायन करती है? (ख) क्या प्रश्‍नांश (क) के उत्तर में मंत्री जी ने यह भी कहा था कि भविष्य में जो भी इन्वेस्टर्स मीट समिट होगी, उसमें वृहद उद्योग खोलने का विषय रखेंगे, भविष्य में प्रदेश में कब तक इन्वेस्टर्स समिट कब और कहाँ होगी? (ग) क्या 5 वर्षों में टीकमगढ़ जिले के औद्योगिक पार्क डेव्हलप करने की योजना है या नहीं? कृपया यह भी बतायें कि टीकमगढ़ जिले में प्रश्‍न दिनांक तक इण्डस्ट्रि‍यल पार्क न खोले जाने के क्या-क्या कारण रहे हैं? जिले में कहाँ-कहाँ डायस्पोर एवं पायरोफ्लाइट का अपार भण्डार है? क्या खनिज विभाग द्वारा इसका सर्वे किया गया है? यदि हाँ, तो कब? (घ) प्रश्‍नांश (क), (ख) एवं (ग) के आधार पर बतायें कि टीकमगढ़ जिले में औद्योगिक नीति एवं निवेश विभाग में वृहद उद्योग खोलने हेतु एम.पी.आई.डी.सी. के लिये कब कितनी-कितनी भूमि कहाँ-कहाँ की, किस खसरा नम्बर में कितने-कितने रकबा की भूमि वर्तमान में आवंटित है? कृपया आवंटित भूमि की छायाप्रतियां प्रदाय करें एवं निश्चित समय-सीमा सहित बतायें कि कब तक टीकमगढ़ जिले के जतारा विधानसभा जो उत्तरप्रदेश सीमा से लगा है, वृहद उद्योग विभाग द्वारा खोल दिया जावेगा?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) अधिकृत - राज्‍य मंत्री (श्री दिलीप अहिरवार) : (क) से (घ) जानकारी संकलित की जा रही है।

प्रदेश में घटित अपराधों पर हुई कार्यवाही की जानकारी

[गृह]

22. ( *क्र. 541 ) श्री उमाकांत शर्मा : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दिनांक 01 अप्रैल, 2019 से विदिशा जिले में हत्या, चोरी, लूट-पाट, डकैती, आत्महत्या, महिलाओं पर अत्याचार एवं बलात्कार, नाबालिग बालिकाओं के साथ दुष्कर्म, मारपीट, अपहरण, नकबजनी, फिरौती आदि की कुल-कितनी घटनायें एवं अपराध घटित हुए हैं तथा कितने प्रकरण दर्ज हुए हैं? जिलेवार, विकासखण्डवार जानकारी देवें। (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में विदिशा जिले में कितने अपहरित बालिका एवं महिलाओं के बाल अपराध प्रकरणों में चालान पेश किया गया? कितने प्रकरण की जांच लंबित है? कितने आरोपी फरार हैं तथा कितने प्रकरण चालान हेतु शेष हैं? शेष प्रकरणों में आरोपियों पर कब-तक कार्यवाही की जावेगी? विकासखण्‍डवार थानावार बतावें। (ग) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में उक्त प्रकरणों पर पुलिस द्वारा क्या-क्या कार्यवाही की गई है एवं कितने अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है? कितने आरोपियों पर विवेचना जारी है एवं कितने आवेदन एवं प्रकरण लंबित हैं? आवेदक के नाम सहित जानकारी दें। (घ) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में सन् 2019 से प्रश्‍नांकित अवधि तक विदिशा जिले अंतर्गत अनुविभाग सिरोंज एवं अनुविभाग लटेरी में कितनी चोरी, डकैती आदि की गई है? घटना स्थल का नाम सहित थानेवार, अनुविभागवार जानकारी उपलब्ध करावें। कितनी चोरी/डकैती में संलिप्त कितने चोर/डकैत को पकड़ा गया? उनसे क्या-क्या बरामद किया गया तथा कितना बरामद करना शेष है? कब-तक बरामद कर संबंधित को सौंप दिया जावेगा? (ड.) प्रश्‍नांश (घ) के संदर्भ में उक्त हुई चोरियों, डकैती के प्रकरणों को सुलझाने हेतु पुलिस द्वारा क्या-क्या कार्यवाहियाँ की गई? कृत कार्यवाहियों की छायाप्रति उपलब्ध करावें तथा कितनी चोरियां, डकैतियों में संलिप्त चोरों, डकैतों को पकड़ने में पुलिस सक्षम रहीं तथा कितने प्रकरण अभी भी गतिशील हैं तथा गतिशील प्रकरणों को हल करने के लिए चोरों/डकैतों को पकड़ने के लिए पुलिस द्वारा क्या-क्या प्रयास किये जा रहे हैं? थानेवार जानकारी उपलब्ध करावें। (च) पुलिस थाना सिरोंज में क्या पॉक्‍सो एक्ट के प्रकरण पंजीबद्ध हैं? यदि हाँ, तो उक्त प्रकरणों में क्या-क्या कार्यवाही की जा चुकी है? कौन-कौन दोषी उक्त प्रकरण में फरार हैं? फरार आरोपी को पुलिस ने पकड़ने के क्या-क्या प्रयास किये? आरोपी को कब-तक गिरफ्तार कर लिया जावेगा?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) अधिकृत - राज्‍य मंत्री (श्री नरेन्‍द्र शिवाजी पटेल) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ड.) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (च) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है।

सांची विधानसभा क्षेत्र के उद्योगों की जानकारी

[सूक्ष्‍म, लघु एवं मध्‍यम उद्यम]

23. ( *क्र. 415 ) डॉ. प्रभुराम चौधरी : क्या सूक्ष्‍म, लघु एवं मध्‍यम उद्यम मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रायसेन जिले में विगत तीन वर्षों में कितने सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग स्थापित किये गए हैं? उद्योगवार, नामवार जानकारी देवें। (ख) सांची विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत अगामी वित्तीय वर्षों में नवीन उद्योग स्थापित करने की क्या योजना है एवं संचालित उद्योगों में से कितने उद्योग चालू हैं, तीन वर्षों में कितने लोगों को रोजगार उपलब्ध कराये गये? (ग) स्थापित उद्योगों को किन-किन योजनांतर्गत कौन-कौन से विभागों द्वारा कितनी-कितनी सब्सिडी उपलब्ध कराई गई? (घ) विभाग द्वारा बेरोजगार युवाओं के लिए कौन-कौन सी योजनाएं हैं, जिससे वह अपना उद्योग लगाकर रोजगार प्राप्त कर सके?

सूक्ष्‍म, लघु एवं मध्‍यम उद्यम मंत्री ( श्री चेतन्‍य कुमार काश्‍यप ) : (क) रायसेन जिले में विगत तीन वर्षों में स्थापित सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) साँची विधानसभा क्षेत्र में ही नहीं अपितु सम्पूर्ण मध्यप्रदेश में एम.एस.एम.ई. सेक्टर में निवेश को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश एम.एस.एम.ई. प्रोत्साहन योजना 2021 यथासंशोधित 2023 लागू की गयी है, जिसमें निवेश को प्रोत्साहित करने हेतु विशिष्ट सुविधाओं का प्रावधान किया गया है। साँची विधानसभा क्षेत्र में विगत 3 वर्षों में स्थापित एवं कार्यरत 12 औद्योगिक इकाइयों में 102 व्यक्तियों को रोजगार उपलब्ध कराया गया है। औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्‍साहन विभाग के अनुसार वृहद श्रेणी की औद्योगिक एवं निवेश परियोजनाओं को सुविधा/सहायता का लाभ प्रदान करने हेतु उद्योग संवर्धन नीति, 2014 (यथा संशोधित) लागू की गई है। सांची विधानसभा क्षेत्रांतर्गत नवीन स्‍थापित होने वाले उद्योग निम्‍नानुसार हैं :- 1. मेसर्स शार्क शोपफिट 2. मेसर्स आकांक्षा सेल्‍स प्रमोटर्स (इंडिया) प्रा.लि. 3. मेसर्स कोचर ग्‍लासेस 4. मेसर्स काकड़ा स्‍टील। विगत तीन वर्षों में सांची विधानसभा क्षेत्रांतर्गत स्‍थापित एवं उत्‍पादनरत इकाई मेसर्स वेलस्‍पन कॉर्प द्वारा 439 व्‍यक्तियों को रोजगार उपलब्‍ध कराया गया है। (ग) एम.एस.एम.ई. विभाग द्वारा मध्यप्रदेश शासन के अन्य विभागों द्वारा औद्योगिक इकाइयों को प्रदान की गई सब्सिडी की जानकारी संधारित नहीं की जाती है। तथापि जिला रायसेन में स्थापित उद्योगों को मध्यप्रदेश एम.एस.एम.ई. प्रोत्साहन योजना अंतर्गत प्रदान की जा रही सब्सिडी की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अनुसार है। औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्‍साहन विभाग के अनुसार सांची विधानसभा अंतर्गत स्‍थापित वृहद श्रेणी की औद्योगिक इकाई मेसर्स वेलस्‍पन कॉर्प लिमिटेड को उपलब्‍ध कराई गई सुविधा/सहायता की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अनुसार है। (घ) सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग द्वारा मुख्यमंत्री उद्यम क्रान्ति योजना संचालित है, जिसकी मार्गदर्शिका पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-4 अनुसार है। औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्‍साहन विभाग के अनुसार विभाग में बेरोजगार युवाओं के लिए कोई विशिष्‍ट योजना नहीं है, अपितु कोई भी व्‍यक्ति/निवेशक को अपना उद्योग स्‍थापित करने हेतु विभागीय क्षेत्रांतर्गत स्‍थापित औद्योगिक क्षेत्रों में औद्योगिक प्रयोजन हेतु भूमि/भूखण्‍ड के आवंटन में भूमि के मूल्‍य (1 हेक्‍टेयर तक 75 % एवं 1 हेक्‍टेयर से अधिक 20 हेक्‍टेयर तक 50 % तक) में रियायती दर पर छूट प्रदान की जाती है।

भूमि हस्तांतरण एवं डायमंड पार्क का निर्माण

[खनिज साधन]

24. ( *क्र. 355 ) श्री ब्रजेन्द्र प्रताप सिंह : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा सत्र फरवरी 2024 के प्रश्‍न क्रमांक 46 में प्रश्‍नकर्ता द्वारा पन्ना जिले में माइनिंग के लिए जंगल विभाग से भूमि लेकर राजस्व में भूमि हस्तांतरण के संबंध में कोई कार्यवाही खनिज विभाग में प्रचलन में है, के संबंध में प्रश्‍न पूछा गया था, जिसके उत्तर में माननीय मंत्री जी द्वारा हीरा/फर्शी पत्थर के नवीन क्षेत्रों के चिन्हांकन एवं खनिज क्षेत्र उपलब्ध कराने का प्रस्ताव प्राप्त हुआ है, की जानकारी दी थी। उक्त प्रस्ताव में प्रश्‍न दिनांक तक क्या कार्यवाही की गई? यदि नहीं, तो क्यों? (ख) पन्ना जिले में स्वीकृत डायमंड पार्क निर्माण हेतु क्या कार्यवाही की गई? अद्यतन स्थिति से अवगत करावें। डायमंड पार्क कब तक पूर्ण कराया जावेगा?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) अधिकृत - राज्‍य मंत्री (श्री दिलीप अहिरवार) : (क) जी हाँ। प्रस्‍ताव प्राप्‍त हुआ है। प्राप्‍त प्रस्‍ताव में हीरा/फर्शी पत्‍थर के नवीन क्षेत्रों के चिन्‍हांकन एवं खनिज क्षेत्र उपलब्‍ध कराने का प्रस्‍ताव है। प्राप्‍त प्रस्‍ताव का परीक्षण करने पर यह पाया गया कि खनिज हीरे हेतु खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 में संशोधन दिनांक 12.01.2015 के प्रावधानों के अंतर्गत हीरा खनिज का खनिपट्टा नीलामी के माध्‍यम से किये जाने के प्रावधान हैं। खनिज फर्शी पत्‍थर हेतु मध्‍यप्रदेश गौण खनिज नियम, 1996 के प्रावधानों के तहत प्राप्‍त आवेदन पत्रों का निराकरण किया जाता है। दोनों ही खनिज क्षेत्रों में वन क्षेत्र होने पर संबंधित सफल बोलीदार अथवा आवेदक को वन संरक्षण अधिनियम, 1980 के तहत कार्यवाही की जाना होगा। (ख) पन्‍ना जिले में डायमण्‍ड बिजनेस पार्क की स्‍थापना हेतु ग्राम जनकपुर तहसील पन्‍ना की आरजी क्रमांक 67/1/1/1 में कुल रकबा 11.000 हेक्‍टेयर भूमि आवंटित की गई है। जिसका समतलीकरण कार्य ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग द्वारा किया जा रहा है एवं शेष कार्य प्रगतिरत है।

मझगवाँ में पुलिस ट्रेनिंग सेंटर की स्‍थापना

[गृह]

25. ( *क्र. 595 ) श्री सुरेन्द्र सिंह गहरवार : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या सतना जिले के चित्रकूट विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत मझगवाँ एवं आसपास के क्षेत्र की भौगोलिक संरचना एवं पर्यावरण पुलिस ट्रेनिंग कैम्प के अनुकूल एवं उपयुक्त है? साथ ही मझगवाँ में पुलिस प्रशिक्षण शाला के खोले जाने से आसपास के क्षेत्रों/ग्रामों के युवाओं को पुलिस विभाग में भर्ती के प्रति रूचि पैदा होगी? (ख) क्या पूर्व में मझगवाँ में शासन द्वारा पुलिस ट्रेनिंग सेन्टर खोला जाना प्रस्तावित था? इसके लिये प्रश्‍न दिनांक तक कब-कब, क्या-क्या कार्यवाहियां की गई? (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) अनुसार मझगवाँ में पुलिस सेन्टर खोले जाने की प्रक्रिया का कार्य किस स्तर पर लंबित है, कब तक मझगवाँ में पुलिस ट्रेनिंग सेन्टर संचालित कर दिया जायेगा?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) अधिकृत - राज्‍य मंत्री (श्री नरेन्‍द्र शिवाजी पटेल) : (क) रीवा जोन के अंतर्गत पुलिस प्रशिक्षण केन्द्र रीवा में पूर्व से ही पुलिस प्रशिक्षण शाला रीवा प्रचलन में है, जिसमें नव आरक्षकों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। मझगवों में पुलिस प्रशिक्षण शाला के खोले जाने से ही आसपास के क्षेत्रों/ग्रामों के युवाओं को पुलिस विभाग में भर्ती के प्रति रुचि पैदा होने का निष्कर्ष निकालना सही नहीं होगा। (ख) जी नहीं। मझगवों में पुलिस ट्रेनिंग सेन्टर खोले जाने सबंधी कोई प्रस्ताव विचाराधीन/लंबित नहीं है, शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) वर्तमान में कोई प्रस्ताव लंबित नहीं है।

 

 



भाग-2

नियम 46 (2) के अंतर्गत अतारांकित प्रश्‍नोत्तर के रुप में परिवर्तित तारांकित प्रश्‍नोत्तर


इन्‍वेस्‍टर्स समिट की जानकारी

[औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन]

1. ( क्र. 7 ) श्री बाला बच्चन : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में वर्ष 2023 एवं 2024 में हुई इन्वेस्टर्स समिट में कित‌नी राशि के कितने प्रस्ताव प्राप्त हुए पृथक-पृथक बतावें। ऐसे कितने उद्‌योग संचालनकर्ता हैं जो दोनों समिटों में सम्मिलित हुए व उनके द्वारा निवेश प्रस्ताव दिए गए इनकी सूची निवेश प्रस्ताव सहित देवें। (ख) दोनों समि‍टों पर हुए व्यय की संपूर्ण जानकारी भुगतान राशि, भुगतान दिनांक, भुगतान प्राप्तकर्ता फर्म/व्यक्तिनाम, G.ST. नंबर, बिलों की प्रमाणित प्रति सहित देवें। (ग) वर्ष 2023 समिट के संदर्भ में बतावें कि इसके लिए जिन उद्योगों को भूमि आवंटित की गई उनके स्थान नाम, भूमि रकवा, जिला नाम, उद्‌‌योग नाम, उद्‌योग प्रकृति सहित देवें। प्रश्‍न दिनांक की स्थिति‍ में उद्‌योग प्रारंभ/अप्रारंभ स्थिति बतावें। (घ) वर्ष 2023 समिट के संबंध में जो उद्योग अप्रारंभ हैं उनसे हुए समस्त पत्राचार की छायाप्रतियां उद्योगवार देवें। जो उद्‌योग प्रारंभ हो चुके हैं उनसे कितने रोजगार सृजित हुए की जानकारी उद्योग, नाम, कार्यबल संख्या सहित उद्‌योगवार देवें।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) से (घ) जानकारी संकलित की जा रही है।

जिला अधिकारियों द्वारा नियम विरूद्ध किये गये कार्य

[सामान्य प्रशासन]

2. ( क्र. 13 ) श्री यादवेन्द्र सिंह : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रश्‍नकर्ता ने कलेक्‍टर टीकमगढ़ को पत्र क्रमांक एम.एल.ए./टी.के.जी./I-16/2023 दिनांक 28.12.2023 एवं पत्र क्रमांक एम.एल.ए./टी.के.जी./I-41/2024 दिनांक 06.01.2024 प्रेषित किये गये? यदि हाँ तो उन पत्रों के जवाब क्‍यों नहीं दिये गये? (ख) क्‍या प्रश्‍नांश (क) में वर्णित पत्रों में जिला अधिकारियों द्वारा नियम विरूद्ध किये गये कार्यों का ब्‍यौरा था, इसलिये उन्‍हें संज्ञान में न लेकर कोई कार्यवाही नहीं की गई? यदि नहीं तो की गई कार्यवाही का विवरण दें। (ग) प्रश्‍नांश (क) में वर्णित पत्रों का जवाब की गई कार्यवाही का विवरण प्रश्‍नकर्ता को कब तक उपलब्‍ध कराया जावेगा व दोषी अधिकारी पर कोई कार्यवाही हुई? यदि नहीं तो क्‍यों? (घ) प्रश्‍नांश (क) में वर्णित पत्रों का जवाब न देना शासनादेशों का उल्‍लंघन नहीं है? यदि नहीं तो क्‍यों?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

क्षेत्रीय कार्यालय एवं जिला उद्योग केंद्र की स्‍थापना

[सूक्ष्‍म, लघु एवं मध्‍यम उद्यम]

3. ( क्र. 51 ) डॉ. राजेन्‍द्र पाण्‍डेय : क्या सूक्ष्‍म,लघु एवं मध्‍यम उद्यम मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या विगत वर्षों में रतलाम जिला अंतर्गत जिला उद्योग केंद्र का क्षेत्रीय कार्यालय जावरा चौपाटी रेलवे फाटक के मध्य भूमि पर रिक्त भवन में संचालित किया जाता रहा है? (ख) यदि हाँ तो क्या सिर्फ कुछ ही लोगों को उक्त स्थान पर समय समय पर कूटरचित दस्तावेजों एवं निराधार जांच बताकर बचाया जा कर अवैध रूप से उक्त स्थान पर आधिपत्य बदलकर विगत वर्षों से दिया जाता रहा? (ग) यदि हाँ तो क्या यह सही है कि वर्तमान में समीप रेलवे फाटक से लगे क्षेत्र में बहु उत्पाद औद्योगिक केंद्र भी विकसित किया जा रहा है, ऐसी दशा में क्षेत्रीय उप कार्यालय जो कई वर्षों तक उपरोक्त उल्लेखित स्थान पर संचालित किया जाता रहा एवं भवन जर्जर होने से बंद किया गया तो कतिपय कुछ व्यक्तियों का आधिपत्य निरस्त कर उप कार्यालय प्रारंभ क्यों नहीं किया जा सकता है? (घ) उपरोक्त स्थल जो कि शहर के मुख्य मार्ग में स्थित होकर वर्तमान में फ्लाईओवर भी बन जाने एवं यातायात आवागमन का मुख्य सघन मार्ग होने व रहवासी इलाका समीपस्थ होने की दशा में कतिपय व्यक्तियों को उक्त स्थान से हटाकर अन्यत्र किए जाने की कार्रवाई कर क्षेत्रीय कार्यालय जिला उद्योग केंद्र प्रारंभ किया जाएगा तो कब तक?

सूक्ष्‍म,लघु एवं मध्‍यम उद्यम मंत्री ( श्री चेतन्‍य कुमार काश्‍यप ) : (क) जी हाँ। (ख) उप कार्यालय जावरा का भवन वर्तमान में जर्जर अवस्‍था में होकर किसी भी व्‍यक्ति/इकाई को आवंटित नहीं किये जाने के फलस्‍वरूप प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता हैं। (ग) वर्तमान में विभाग द्वारा संचालित समस्‍त स्‍वरोजगार योजनाएं, औद्योगिक भूमि आवंटन तथा एमएसएमई विकास नीति 2021 अंतर्गत सूक्ष्‍म तथा लघु उद्योगों को प्रदान की जाने वाली सुविधाओं की प्रक्रिया ऑनलाइन हैं। विभागीय गतिविधियों के ऑनलाईन हो जाने के पश्‍चात जिला व्‍यापार एवं उद्योग केन्‍द्र, रतलाम का उप कार्यालय जावरा में प्रारंभ किये जाने हेतु कोई प्रस्‍ताव विचाराधीन नहीं है। (घ) प्रश्‍नांश () एवं () के उत्‍तर के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

बहुउत्पाद क्षेत्र का विकास

[औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन]

4. ( क्र. 52 ) डॉ. राजेन्‍द्र पाण्‍डेय : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शासन/विभाग द्वारा जावरा विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत रेलवे स्टेशन के पास जावरा नगर मुख्यालय पर बहुउत्पाद औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जा रहा है तो यह कार्य कब पूर्ण होगा? (ख) किस वर्ष कार्य की स्वीकृति होकर कार्य प्रारंभ हुआ, कार्य को पूर्ण करने की अवधि कितनी रखी गई, कार्य के टेंडर होने से लेकर अब तक किस-किस प्रकार के मूलभूत आवश्यकता के कार्य पूर्ण होकर किए गए? कितने कार्य अपूर्ण रहे एवं कब पूर्ण होंगे तथा कितने कार्य प्रस्तावित होकर अप्रारंभ है? (ग) संपूर्ण बहुउत्पाद क्षेत्र में कितने एवं किस-किस प्रकार के प्लॉट नवीन उद्यमियों को अब किस प्रकार कितने क्षेत्रफल के आवंटित किए जाएंगे तथा इस हेतु क्या कार्ययोजना बनाई गई? (घ) क्‍या प्रारंभ में निवेशकों द्वारा प्रक्रियागत सम्मिलित होकर बुक कराये प्‍लांट (प्राप्त किये) उनमें से अधिकांश ने वापस ले लिए अथवा निरस्त हुए? शेष बचे प्लॉटधारियों को सुविधाएं कब तक पूर्ण रूप से दी जा सकेगी? साथ ही प्रदेश की औद्योगिक समिट अथवा अन्य प्रकार से जावरा बहु उत्पाद औद्योगिक क्षेत्र को प्रचारित करने हेतु शासन/विभाग द्वारा क्या क्या किया गया?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) एवं (ख) जावरा विधानसभा क्षेत्रांतर्गत जावरा नगर में बहुउत्‍पाद औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जा रहा है जिसमें अधोसंरचना विकास के संदर्भ में स्‍वीकृति, टेंडर, पूर्ण कार्य, अपूर्ण कार्य, आदि की जानकारी निम्‍नानुसार है:- 1. प्रशासकीय स्‍वीकृत राशि रू. 41.00 करोड़ की दिनांक 08.09.2021 को प्राप्‍त हुई। 2. तकनीकी स्‍वीकृति राशि रू. 39.00 करोड़ दिनांक 09.07.2021 को मुख्‍य अभियंता, भोपाल द्वारा जारी की गई। 3. कार्य अनुबंध क्र. 28/2021-22 दिनांक 14.10.2021 के तहत कार्य प्रारंभ कराया गया। कार्य पूर्ण करने का समय 16 माह रखा गया। 4. सड़क, नाली, सीवरेज लाईन इत्‍यादि कार्य पूर्ण हो चुका है। 5. मूलभूत आवश्‍यकता अनुसार अब तक निम्‍न कार्य किये गये है:- सीमेंट कांक्रीट सड़क 3.20 कि.मी.। स्‍टार्म वाटर ड्रेन 3.05 कि.मी.। जल वितरण पाईपलाईन 3.15 कि.मी.। सीवर लाईन - 3.15 कि.मी.। यूटिलिटी डक्‍ट - 3.20 कि.मी.। फुटपाथ - 10000 वर्गमीटर। राईजिंग मेन लाईन 0.1 कि.मी.। ट्यूबवेल 1 नग। 6. बाह्य विद्युत कार्य म.प्र.प.क्षे.वि.वि.कं.लि. द्वारा प्राक्‍कलन स्‍वीकृत होकर प्राप्‍त होने पर 01 वर्ष की अवधि में कार्य पूर्ण कराया जाना संभावित है। 7. जल प्रदाय कार्य पानी का आरक्षण म.प्र. जल संसाधन विभाग से प्राप्‍त होने पर आवंटन दिनांक से एक वर्ष की अवधि में पूर्ण कराया जाना संभावित है। (ग) इण्‍डस्‍ट्रीयल पार्क जावरा में बहु उत्‍पाद भूखण्‍ड की जानकारी निम्‍नानुसार है :- 1. 221 भूखण्‍ड नवीन उद्यमियों/निवेशकों को आवंटन हेतु 369 वर्गमीटर से 13983 वर्गमीटर क्षेत्रफल तक के बनाये गये है। 2. औद्योगिक क्षेत्र में प्रदूषण रहित इकाईयों/उद्यमियों को विभागीय इन्‍वेस्‍टमेंट पोर्टल invest.mp.gov.in में प्रथम आओ, प्रथम पाओ के आधार पर भूमि आवंटन का प्रावधान किया गया है। (घ) जी हाँ। इंडस्ट्रीयल पार्क जावरा में निवेशकों को ऑनलाईन प्रक्रिया द्वारा 221 भूखण्डों के आवंटन हेतु आशय पत्र जारी किये गये थे। ले-आउट प्लान परिवर्तित होने एवं पानी का आवंटन प्राप्त न होने पर 82 निवेशकों द्वारा बुकिंग निरस्त किया गया। 127 निवेशकों का ऑनलाईन आवेदन स्वतः निरस्त हुआ है। 12 भूखण्डों के आवंटन संबंधी आदेश जारी हो चुके है, जिसका पंजीयन प्रक्रियाधीन है। निवेशकों को निवेश करने हेतु प्रदेश/देश एवं देश के बाहर समय-समय पर इन्‍वेस्‍टर समिट/सम्‍मेलन/रीजनल समिट आयोजित किये जाते है।

आर्थिक अपराध ब्यूरो भोपाल में पंजीकृत शिकायत की जानकारी

[सामान्य प्रशासन]

5. ( क्र. 94 ) श्री आरिफ मसूद : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) आर्थिक अपराध ब्यूरो भोपाल में पंजीकृत शिकायत क्रमांक 31/2021 में आवेदक एवं अनावेदक की जानकारी उपलब्ध करावें। (ख) प्रश्‍नांश (क) के परिप्रेक्ष्य में उपरोक्त जांच वर्तमान में किस अधिकारी द्वारा की जा रही है एवं जांच से संबंधित पत्र व्यवहार सहित प्रश्‍न दिनांक तक की गई सम्पूर्ण कार्यवाही से अवगत कराने की कृपा करें। (ग) प्रश्‍नांश (ख) के परिप्रेक्ष्य में 3 वर्ष बीत जाने के बाद भी राजनैतिक दबाव के चलते आरोपियों के विरूद्ध कार्यवाही नहीं की जा रही है? (घ) प्रश्‍नांश (ग) के परिप्रेक्ष्य में पंजीबद्ध शिकायत क्रमांक 31/2021 में कब तक एफ.आई.आर. की जाएगी? यदि नहीं तो क्यों?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) शिकायत क्रमांक 31/2021 में आवेदक अज्ञात है एवं अनावेदक श्री बुद्ध सिंह कुशवाहा, उप संचालक, उद्यानिकी विभाग, भोपाल है। (ख) शिकायत की जांच वर्तमान में श्री हरिओम दीक्षित, निरीक्षक द्वारा की जा रही है, शिकायत वर्तमान में सत्‍यापनाधीन है। (ग) सत्‍यापन में प्राप्‍त तथ्‍यों व साक्ष्‍यों के आधार पर अग्रिम विधिसम्‍मत कार्यवाही की जाती है। (घ) शिकायत वर्तमान में सत्‍यापनाधीन है, सत्‍यापन में प्राप्‍त तथ्‍यों व साक्ष्‍यों के आधार पर अग्रिम विधिसम्‍मत कार्यवाही होती है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

निजी बचत कंपनियों का संचालन

[वित्त]

6. ( क्र. 135 ) श्री सुरेश राजे : क्या उप मुख्‍यमंत्री, वित्‍त महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या अल्प बचत, छोटी बचत एवं प्रतिदिन सेविंग के नाम पर ग्वालियर शहर डबरा में अनेक निजी प्राइवेट कंपनियों, फर्म, संस्थान तथा निजी रूप से भी दैनिक बचत किये जाने के नाम पर सदस्य बनाकर सेविंग बचत किये जाने के कार्य निरंतर रूप से कर रहे हैं? शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र में प्रतिदिन बचत के नाम पर करोड़ों रूपए एकत्रित किये जा रहे हैं? तो क्या शासन/विभाग अथवा किसी व्यवस्था द्वारा इस प्रकार के कार्य किये जाने की अनुमति ली जाती है? (ख) जिला ग्वालियर के शहर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में उक्त संस्थाओं द्वारा जमा राशि नहीं लौटाए जाने, उसमें गबन करने तथा जमा राशि हड़पे जाने संबंधी गत 5 वर्षों में किस पुलिस थाना में किस-किस की शिकायतें प्राप्त हुई? जिनमें से किस-किस का निराकरण किस कारण अभी तक नहीं हुआ? अवैध रूप से किये जा रहे अवैधानिक कार्यों को रोके जाने हेतु शासन/विभाग इस अवैध कारोबार पर किस प्रकार रोक लगाएगा?

उप मुख्‍यमंत्री, वित्‍त ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) ग्‍वालियर शहर डबरा में अल्‍प बचत एवं प्रतिदिन सेविंग के नाम पर निजी प्रायवेट कम्‍पनियों, फर्म संस्‍थान तथा निजी रूप से दैनिक बचत किये जाने हेतु किसी निजी प्रायवेट कम्‍पनियों/फर्म संस्‍थान को सेविंग बचत हेतु संचालनालय संस्‍थागत वित्‍त द्वारा किसी प्रकार की अनुमति नहीं दी गई है। (ख) जानकारी एकत्रित की जा रही हैं।

आंगनवाड़ी एवं मिनी आंगनवाड़ी केन्द्र के भवन का निर्माण

[महिला एवं बाल विकास]

7. ( क्र. 179 ) श्री प्रताप ग्रेवाल : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) धार जिले की सरदारपुर विधानसभा में कितने आंगनवाड़ी एवं मिनी आंगनवाड़ी केन्द्र संचालित है एवं ऐसे कितने केन्द्र है जिनके पास स्वयं का भवन नहीं है भवन विहीन आंगनवाड़ी केन्द्रों की सूची देवें। (ख) जिनके पास स्वयं का भवन नहीं है वह केन्द्र वर्तमान में कहाँ पर संचालित हो रहे है यदि किराये के भवन में संचालित हो रहे तो किसके भवन में और कितने किराये पर हो रहे है समस्त जानकारी देवें। (ग) सरदारपुर विधानसभा में उपरोक्त भवन विहीन आंगनवाड़ी एवं मिनी आंगनवाड़ी केन्द्रों को कब तक भवन उपलब्ध करवाया जाएगा? (घ) पेयजल विहीन आंगनवाड़ी केन्द्रों में पेयजल के लिए विभाग की क्या रणनीति है और कितने पेयजल विहीन आंगनवाड़ी केन्द्र है सूची देवें। (ड.) प्रश्‍नकर्ता द्वारा नवीन आंगनवाड़ी भवन की स्वीकृति हेतु जिला कलेक्टर धार एवं जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी धार को दिए गए प्रस्तावों में से कितने की स्वीकृति प्रदान की गई सूची देवें।

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( सुश्री निर्मला भूरिया ) : (क) धार जिले की सरदारपुर विधानसभा में 418 आंगनवाड़ी एवं 11 मिनी आंगनवाड़ी केन्द्र संचालित है जिनमें से 214 आंगनवाड़ी केन्द्र विभागीय भवन विहीन हैं। विभागीय भवन विहीन आंगनवाड़ी केन्‍द्रों की केन्द्रवार सूची  पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट - '''' अनुसार है। (ख) जिनके पास स्वयं का भवन नहीं हैं, उनमें से 132 आंगनवाड़ी केन्द्र किराये के भवनों एवं 82 अन्‍य शासकीय भवनों में संचालित हो रहे हैं। किराये के भवनों में संचालित 132 आंगनवाड़ी केन्‍द्रों के भवन मालिक एवं किराया राशि की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट- '''' अनुसार है। (ग) विभागीय भवन विहीन आंगनवाड़ी केन्‍द्रों के लिये भवन निर्माण शासकीय भूमि एवं वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता पर निर्भर है। समय-सीमा दिया जाना संभव नहीं है। (घ) पेयजल विहीन आंगनवाड़ी केन्द्रों की संख्‍या निरंक है। शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ड.) प्रश्‍नकर्ता द्वारा नवीन आंगनवाड़ी भवन की स्वीकृति हेतु जिला कलेक्टर धार एवं जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी धार को दिए गए प्रस्तावों में से 29 भवन निर्माण हेतु स्वीकृत किये गये हैं। स्‍वीकृत भवनों की आंगनवाड़ी केन्द्रवार सूची  पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट - '''' अनुसार है।

नर्मदा सिंचाई परियोजना

[नर्मदा घाटी विकास]

8. ( क्र. 182 ) श्री प्रताप ग्रेवाल [श्रीमती झूमा डॉ. ध्यानसिंह सोलंकी] : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या नर्मदा जल समझौते के अंतर्गत मध्यप्रदेश को दिसंबर 2024 तक अपने हिस्से का पानी का पूरा उपयोग करना है नर्मदा जल विवाद न्यायाधिकरण के सामने अपने हिस्से के पूरे पानी के उपयोग को प्रमाणित न कर पाने की स्थिति में मध्यप्रदेश के हिस्से का पानी गुजरात को दे दिया जाएगा? (ख) यदि हाँ तो सरकार ने इतनी कम अवधि में प्रदेश के हिस्से के पानी के पूरे उपयोग को क्रियान्वित करने के लिए कोई समयबद्ध कार्य योजना बनाई है यदि हाँ तो उसका विवरण देवें। धार जिले में माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा 2 मार्च 2024 को धार में माण्डू उद्वहन सिंचाई परियोजना की स्वीकृति‍ की घोषणा की थी उस पर क्या कार्यवाही की गई, उसकी प्रशासनि‍क स्वीकृति‍ कब तक दी जाएगी? (ग) प्रश्‍नांश (ख) के अंतर्गत किस-किस क्षेत्र में कितने सिंचाई प्रोजेक्ट बनाए गए हैं तथा उनसे कितने-कितने क्षेत्र में सिंचाई हो सकेगी? (घ) मध्यप्रदेश द्वारा समझौते के अनुसार कितना पानी उपयोग कर लिया गया एवं कितना उपयोग करना शेष है एवं समझौते की प्रति देवें?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) नर्मदा जल विवाद न्‍यायाधिकरण द्वारा पारित निर्णय दिनांक 7 दिसम्‍बर 1979 में यह लेख नहीं है कि नर्मदा जल विवाद न्‍यायाधिकरण के सामने अपने हिस्‍से के पूरे पानी के उपयोग को प्रमाणित न कर पाने की स्थिति में मध्‍यप्रदेश के हिस्‍से का पानी गुजरात को दिया जायेगा। (ख) एवं (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'''' अनुसार है। दिनांक 2 मार्च 2024 को घोषणा नहीं की गयी है। अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'''' अनुसार है। (घ) कुल 11.14 एम.ए.एफ. जल का उपयोग कर लिया गया है एवं 7.11 एम.ए.एफ. जल का उपयोग किये जाने हेतु परियोजनाएं निर्माणाधीन, स्‍वीकृत एवं प्रस्‍तावित हैं। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'''' अनुसार है।

कर्मचारियों/अधिकारियों को छठवें एवं सातवें वेतनमान का लाभ

[कुटीर एवं ग्रामोद्योग]

9. ( क्र. 186 ) श्री ठाकुर दास नागवंशी : क्या राज्‍य मंत्री (स्वत्रंत प्रभार), कुटीर एवं ग्रामोद्योग महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) म.प्र. शासन के आदेश क्रमांक एफ 1-8/2018/52-1 भोपाल दिनांक 22/06/2022 एवं दिनांक 01/07/2022 से म.प्र. खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड के अधिकारी/कर्मचारियों को क्रमश: छठवें एवं सातवें वेतनमान की स्वीकृति बोर्ड के स्वयं के वि‍त्तीय संसाधनों के अध्याधीन प्रदान की गयी थी। उक्त आदेशों के परिपालन में म.प्र. खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड द्वारा आदेश क्रमांक/स्थापना/4/2022-23/53 भोपाल दिनांक 22 जून 2022 एवं आदेश क्रमांक/स्थापना/4/2022-23/57 भोपाल दिनांक 04 जुलाई 2022 से बोर्ड के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को छठवें एवं सातवें वेतनमान का लाभ दिये जाने की स्वीकृति आदेश जारी किये गये हैं? (ख) प्रश्‍नांश (क) के स्वीकृति आदेशों के फलस्वरूप म.प्र. खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड में कितने अधिकारियों/कर्मचारियों को इस वेतनमान का लाभ दिया जा चुका हैं एवं कितने कर्मचारी/अधिकारी को लाभ नहीं दिया गया हैं सम्पूर्ण विवरण सहित सूची प्रदान की जावे। (ग) प्रश्‍नांश (ख) अनुसार कर्मचारी/अधिकारियों को प्रश्‍न दिनांक तक वेतनमान का लाभ न दिये जाने का क्या कारण रहा बताये शेष रहे कर्मचारी अधिकारियों को छठवें एवं सातवें वेतनमान का लाभ कब तक दे दिया जावेगा?

राज्‍य मंत्री (स्वत्रंत प्रभार), कुटीर एवं ग्रामोद्योग ( श्री दिलीप जायसवाल ) : (क) जी हाँ (ख) म.प्र. खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड में कार्यरत 106 अधिकारि‍यों/कर्मचारियों को छठवें एवं सातवें वेतनमान का लाभ दिया जा चुका है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट '' अनुसार है। बोर्ड से सेवानिवृत्त 139 सभी अधिकरियों/कर्मचारियों को वर्तमान में लाभ नहीं दिया जा सका। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट '' अनुसार है। (ग) बोर्ड के सेवानिवृत्त 139 अधिकरियों/कर्मचारियों को वेतनमान का लाभ न दिए जाने का मुख्य कारण वर्ष 2006 से प्रत्येक अधिकरी/कर्मचारी के वेतन निर्धारण की कार्यवाही पूर्ण करने में समय लग रहा है। छठवें एवं सातवें वेतनमान का लाभ बोर्ड के उपलब्ध वित्तीय संसाधनों के अध्याधीन शासन द्वारा प्रदाय किया गया है। राशि की उपलब्धता अनुसार लाभ प्रदाय किया जा सकेगा। निश्‍िचत समय बताया जाना संभव नहीं है।

देशी-विदेशी मदिरा की अवैध बिक्री

[वाणिज्यिक कर]

10. ( क्र. 199 ) श्री ठाकुर दास नागवंशी : क्या उप मुख्‍यमंत्री, वित्‍त महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या जिला नर्मदापुरम अन्तर्गत विधानसभा क्षेत्र पिपरिया के नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में कितनी देशी-विदेशी मदिरा की दुकानें संचालित हैं? (ख) क्या यह सही हैं कि निर्धारित दुकानों के अतिरिक्त गांव-गांव में अवैध रूप से संचालित दुकानों से देशी-विदेशी मिलने वाली मदिरा का विक्रय अवैध रूप से किया जा रहा हैं। (ग) विधानसभा क्षेत्र पिपरिया जिला नर्मदापुरम अन्तर्गत निर्धारित दुकानों के अतिरिक्त गांव-गांव में अवैध शराब की बिक्री रोकने हेतु कौन-कौन अधिकारी/कर्मचारी कहां-कहां पदस्थ हैं तथा उनके द्वारा अवैध शराब की बिक्री रोकने हेतु इस वित्तिय वर्ष में क्या-क्या कार्यवाही की गयी तथा कितने प्रकरण पंजीबद्ध किये गये?

उप मुख्‍यमंत्री, वित्‍त ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) जिला नर्मदापुरम अंतर्गत विधानसभा क्षेत्र पिपरिया के नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में 16 कम्‍पोजिट मदिरा की दुकानें संचालित है। (ख) जिला नर्मदापुरम अंतर्गत विधानसभा क्षेत्र पिपरिया के नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में शासन द्वारा स्‍वीकृत 16 कम्‍पोजिट मदिरा की दुकानों से ही मदिरा का विक्रय किया जाता है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) विधानसभा क्षेत्र पिपरिया जिला नर्मदापुरम अंतर्गत निर्धारित दुकानों के अतिरिक्‍त गांव-गांव में अवैध शराब की बिक्री रोकने हेतु वृत्‍त पिपरिया में 01 सहायक जिला आबकारी अधिकारी, 01 आबकारी उपनिरीक्षक एवं 02 आबकारी आरक्षक पदस्‍थ हैं। वित्‍तीय वर्ष 2024-25 में 01.04.2024 से 10.06.2024 तक की स्थिति में नियमित सघन गश्‍त कर एवं विभिन्‍न माध्‍यमों से प्राप्‍त सूचनाओं के आधार पर त्‍वरित कार्यवाही कर मध्‍यप्रदेश आबकारी अधिनियम 1915 की धारा 34 (1) के तहत 59 न्‍यायालयीन प्रकरण पंजीबद्ध किये जाकर 604 लीटर हाथभट्टी मदिरा एवं 15270 कि.ग्रा महुआ लाहन जप्‍त किया गया। जप्‍त मादक पदार्थ का कुल अनुमानित मूल्‍य लगभग रूपये 1647800/- है।

आंगनवाड़ी केन्द्रों की जानकारी

[महिला एवं बाल विकास]

11. ( क्र. 211 ) श्री संजय सत्येन्द्र पाठक : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) विधानसभा विजयराघवगढ़ में ग्रामीण एवं नगर परिषदों में कितने आंगनवाड़ी केन्द्र संचालित हैं? ऐसे कितने केन्द्र हैं, जो आज भी भवन विहीन हैं? भवन विहीन आंगनवाड़ी केन्द्रों के भवन निर्माण हेतु क्या-क्या कार्यवाही विभाग द्वारा की गई? जानकारी देवें। (ख) प्रश्‍नांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में 2023-24 के निर्माणाधीन कितने आंगनवाड़ी केन्द्र पूर्ण हुये एवं कितने निर्माणाधीन हैं? आंगनवाड़ी केन्द्र के भवन का निर्माण कार्य पूर्ण न होने के लिये कौन-कौन दोषी है? दोषी पर क्या कार्यवाही की जायेगी और कब तक?

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( सुश्री निर्मला भूरिया ) : (क) विधानसभा क्षेत्र विजयराघवगढ़ में ग्रामीण क्षेत्र में 368 एवं नगर परिषदों में 42, इस प्रकार कुल 410 आंगनवाड़ी केन्द्र संचालित हैं। 124 आंगनवाड़ी केन्‍द्र विभागीय भवन विहीन है। भवन विहीन 124 आंगनवाड़ी केन्‍द्रों में से 69 आंगनवाड़ी केन्द्रों हेतु भवन निर्माण की स्‍वीकृति प्रदान की गई है। जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) वित्‍तीय वर्ष 2023-24 में कोई आंगनवाड़ी भवन निर्माण की स्‍वीकृति जारी नहीं की गयी है, अत: शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - "चार"

आंगनवाड़ी केन्द्रों में विद्युतीकरण एवं पेयजल व्यवस्था

[महिला एवं बाल विकास]

12. ( क्र. 212 ) श्री संजय सत्येन्द्र पाठक : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) तारांकित प्रश्‍न क्रमांक 430 दिनांक 08.02.2024 के प्रश्‍नांश () के उत्तर में 410 आंगनवाड़ी केन्द्रों में से 274 भवनों में विद्युतीकरण कार्य कराये जाने हेतु मध्यप्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी को राशि प्रदाय की गई है एवं प्रश्‍नांश () के उत्तर में लोक स्वास्थ यांत्रिकी विभाग द्वारा 43 आंगनवाड़ी केन्द्रों में पानी की टंकी लगाई है? (ख) यदि प्रश्‍नांश () हाँ तो शेष आंगनवाड़ी केन्द्रों में विद्युतीकरण कार्य एवं पेयजल व्यवस्था कब तक उपलब्ध पूर्ण जायेगी? प्रश्‍न दिनांक तक कितने आंगनवाड़ी केन्द्रों में विद्युतीकरण एवं पेयजल व्यवस्था नहीं उपलब्ध करायी गई है। बतायें? इन्हें कब तक पूर्ण की जायेगा?

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( सुश्री निर्मला भूरिया ) : (क) जी हाँ। (ख) प्रश्‍नांश (क) के शेष 136 आंगनवाड़ी केन्‍द्र अन्‍य शासकीय एवं किराये के भवनों में संचालित हैं इनमें 120 भवन विद्युत विहीन है। 136 आंगनवाड़ी केन्‍द्रों में पेयजल व्‍यवस्‍था उपलब्‍ध है। विभागीय आंगनवाड़ी केन्‍द्रों में विद्युतीकरण वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता पर निर्भर है, अत: समय-सीमा दिया जाना संभव नहीं है।

विधायक एवं सांसद निधि से स्‍वीकृत कार्य

[योजना,आर्थिक एवं सांख्यिकी]

13. ( क्र. 229 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या उप मुख्‍यमंत्री, वित्‍त महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या वर्ष 2018 से जबलपुर जिले में विधायक एवं सांसद निधि से स्‍वीकृत कार्य पूर्ण हो चुके हैं? (ख) यदि नहीं तो कौन-कौन से कार्य प्रारंभ नहीं हुये? कौन से अधूरे हैं? वर्ष 2018 से प्रश्‍न दिनांक तक जानकारी देवें? (ग) कार्य प्रारंभ न होने के क्‍या कारण हैं एवं कौन जवाबदार है? (घ) प्रश्‍नांश (ग) के अंतर्गत विभाग द्वारा क्‍या कार्यवाही की गई?

उप मुख्‍यमंत्री, वित्‍त ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र योजनान्‍तर्गत वर्ष 2018 से प्रश्‍न दिनांक तक 4292 कार्य स्‍वीकृत हुए थे जिनमें से 3168 पूर्ण हो चुके हैं। 1124 कार्य अपूर्ण हैं। प्रश्‍न की शेष जानकारी राज्‍य शासन का विषय न होने से जानकारी दी जाना संभव नहीं है। (ख) अप्रारंभ कार्यों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट  'अनुसार है। अपूर्ण कार्यों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट  'अनुसार है। (ग) भूमि विवाद होने के कारण कार्य प्रारंभ नहीं हो सके हैं इसमें किसी की जवाबदेही नहीं है। (घ) प्रश्‍नांश () के संबंध में संबंधित क्रियान्‍वयन एजेंसियों को निर्देशित किया गया है।

खनिज सम्पदा के दोहन में अनियमितता

[खनिज साधन]

14. ( क्र. 247 ) श्री दिलीप सिंह परिहार : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नीमच विधानसभा अतंर्गत रेल्वे डबल ट्रेक लाइन निर्माण के लिए ठेकेदार द्वारा उपयोग में लाई जा रही खनिज सम्पदा के लिए विभाग में कहाँ-कहाँ, किस-किस क्षेत्र की अनुमति कितनी-कितनी मात्रा की दी गई? (ख) उक्त अनुमति में खनिज सम्पदा के ठेकेदार द्वारा दोहन के उपरान्त किस-किस सक्षम अधिकारी ने खनिज क्षेत्र का मूल्यांकन किया उसमें क्या-क्या कमियां पाई गई? अधिक खनिज सम्पदा दोहन के लिए विभाग द्वारा किस नियम के अनुरूप कितना-कितना दंड वसूला गया? (ग) क्या उक्त खनिज सम्पदा के दोहन को लेकर प्रश्‍नकर्ता विधायक ने दिनांक 09.03.2024 को अपने पत्र क्रमांक 106 के तहत जानकारी चाही थी? यदि हाँ तो जानकारी नहीं देने के क्या कारण रहें, इनके लिए कौन दोषी है और दोषी के खिलाफ विभाग द्वारा क्या कार्यवाही की गई?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र-अ  पर दर्शित है। (ख) प्रश्‍नानुसार क्षेत्र का खनि निरीक्षक द्वारा निरीक्षण किया गया। निरीक्षण उपरांत हाईड्रो इंडिया प्रोजेक्‍ट के विरूद्ध दो डम्‍परों द्वारा मुरम खनिज का अवैध परिवहन करने पर दिनांक 15/04/2023 को प्रकरण पंजीबद्ध किया गया। प्रकरण का निराकरण किया जाकर रूपये 4,22,500/- का अर्थदण्‍ड मध्‍यप्रदेश खनिज (अवैध खनन, परिवहन तथा भंडारण का निवारण) नियम, 2022 के नियम 18 (2) के तहत वसूल किया गया। इसके अतिरिक्‍त क्षेत्र का खनि अधिकारी, राजस्‍व विभाग, सहायक कलेक्‍टर नीमच आदि के द्वारा भी दिनांक 24/05/2023 को संयुक्‍त निरीक्षण किया जाकर अवैध उत्‍खनन का प्रकरण दर्ज किया गया। न्‍यायालय अपर कलेक्‍टर नीमच द्वारा आदेश दिनांक 23/04/2024 पारित कर KEC International Limited/हाईड्रो इंडिया प्रोजेक्‍ट गुजरात के विरूद्ध रूपये 15 लाख का अर्थदण्‍ड मध्‍यप्रदेश खनिज (अवैध खनन, परिवहन तथा भंडारण का निवारण) नियम, 2022 के नियम 18 (2) के अधीन अधिरोपित किया गया है। वर्तमान में वसूली की कार्यवाही प्रचलन में है। (ग) जी हाँ। माननीय विधायक को कलेक्‍टर कार्यालय नीमच के पत्र क्रमांक 534 दिनांक 18/03/2024 से जानकारी प्रेषित की गई है, प्रति  संलग्‍न  परिशिष्ट के प्रपत्र-ब  पर दर्शित है। अत: शेष प्रश्‍नांश उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - "पांच"

वाणिज्य कर आबकारी विभाग से धोखाधड़ी करने वालों के विरूद्ध कार्यवाही

[वाणिज्यिक कर]

15. ( क्र. 299 ) श्री प्रदीप पटेल : क्या उप मुख्‍यमंत्री, वित्‍त महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रीवा संभाग में फर्जी बैंक गारंटी/एफ.डी.आर. लगाकर शराब लायसेंस लेने के प्रकरण कब-कब, किस-किस स्थान के, कितनी-कितनी राशि के किस-किस के पकड़ में आये? शासन द्वारा प्रश्‍नतिथि तक उन पर क्या-क्या कार्यवाही की है? किस-किस पर एफ.आई.आर. दर्ज करवाई गई है? अगर नहीं करवाई गई है तो क्यों? एफ.आई.आर. दर्ज नहीं करवाने का दोषी कौन है? नाम/पदनाम वर्तमान पदस्थापना दें? (ख) इंदौर में सहायक आबकारी आयुक्त कार्यालय में कूट रचना कर बने बैंक चालानों वाले प्रकरण में घोटाले की राशि क्या 42 करोड़ से बढ़कर 70 करोड़ से भी ज्यादा हो गई है? राज्य शासन ने प्रश्‍नतिथि तक तात्कालीन सहायक आबकारी आयुक्त के विरूद्ध संबंधित थानों में अमानत में खयानत करने पर धारा 420, 120 बी, 367, 368, 371 सहित अन्य धाराओं में प्रकरण पंजीबद्ध क्यों नहीं कराया है? अगर करा दिया है तो एफ.आई.आर. की एक प्रति दें? (ग) पूरे प्रदेश में फर्जी बैंक गारंटी/फर्जी एफ.डी.आर. और फर्जी चालानों के माध्यम से वाणिज्य कर आबकारी विभाग से धोखाधड़ी करने वालों के विरूद्ध कब, कहां किस पर किस स्थान पर एफ.आई.आर. करवाई गई है? एफ.आई.आर. की एक प्रति दें? (घ) राज्य शासन कब तक किस किस नाम/पदनाम के अधिकारियों पर एफ.आई.आर. दर्ज करवाकर उनसे कितनी-कितनी राशि की वसूली कब तक करेगी? सूची दें

उप मुख्‍यमंत्री, वित्‍त ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) रीवा संभाग में फर्जी बैंक गारंटी/एफ.डी.आर. लगाकर शराब लायसेंस लेने संबंधी कोई प्रकरण प्रकाश में नहीं आने से अन्‍य कार्यवाही की स्थिति निर्मित नहीं होती है। (ख) इंदौर में सहायक आबकारी आयुक्त कार्यालय में कूट रचना कर बने बैंक चालानों वाले प्रकरण में आबकारी आयुक्‍त कार्यालय के आदेश क्रमांक678 दिनांक 27.04.2023 से दिए गये निर्देशों के अनुक्रम में बकाया राशि के संबंध में जिला कार्यालय इन्‍दौर के आदेश/क्र/आब/ठेका/2023/2731 दिनांक 19.05.2023 से गठित समिति के द्वारा दिनांक 06.07.2023 को संयुक्त प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया है। जिसमें पूर्व में गठित जांच समिति द्वारा आंकलित कुल कम जमा राशि रूपये 41,65,21,890/- के स्थान पर पुनर्गणना के आधार पर रूपये 71,58,52,047/- परिगणित की है। उक्त परिगणित राशि का परीक्षण मुख्‍यालय स्‍तर पर वित्त अधिकारियों से कराया जा रहा है। परीक्षण उपरांत वास्‍तविक बकाया राशि की स्थिति स्‍पष्‍ट होगी। विभाग द्वारा गठित पांच सदस्‍यीय जांच दल के प्रतिवेदन के आधार पर प्रथम दृष्‍टया कर्तव्‍यों में लापरवाही बरते जाने संबंधी तथ्‍यों के आधार पर शासन आदेश दिनांक 23 जून 2018 से तत्‍कालीन सहायक आबकारी आयुक्‍त जिला इन्‍दौर एवं अन्‍य 07 अधिकारियों/कर्मचारियों के विरूद्ध विभागीय जांच संस्थित की गई है, जो प्रक्रियाधीन है। उक्‍त प्रकरण में कूट रचना कर बने बैंक चालानों को तैयार कराने अथवा उक्‍त चालानों को प्राप्‍त करने में संलिप्‍तता प्रकाश में नहीं आने से एफ.आई.आर. दर्ज नहीं कराई गयी है। (ग) फर्जी बैंक गारंटी/फर्जी एफ.डी.आर. और फर्जी चालानों के माध्यम से वाणिज्य कर आबकारी विभाग से धोखाधड़ी करने वालों के विरूद्ध भोपाल, छिन्‍दवाड़ा, कटनी, इंदौर एवं जिला भिण्‍ड में एफ.आई.आर. दर्ज करवाई गई है, के संबंध में विस्‍तृत विवरण पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (घ) उक्‍त प्रकरणों में विभागीय अधिकारियों की प्रत्‍यक्ष रूप से संलिप्‍तता प्रकाश में नहीं आने से एफ.आई.आर. नहीं कराई गयी है। अत: अधिकारियों से वसूली की स्थिति निर्मित नहीं होती है।

व्यापारियों के साथ धोखाधड़ी करने वालों के विरूद्ध एफ.आई.आर.

[गृह]

16. ( क्र. 300 ) श्री प्रदीप पटेल : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) 03 मार्च 2020 को प्रार्थी अभिषेक बलवानी पुत्र शंकरलाल बलवानी निवासी सिंधी कैंप सतना ने थाना कोलगवां जिला सतना में अपने साथ हुई धोखाधड़ी होने पर प्राथमिकी दर्ज करवाने आवेदन दिया था? प्रश्‍नतिथि तक उस पर हुई कार्यवाही का बिन्दुवार/दिनांकवार/जांचकर्ता अधिकारीवार विवरण दें? (ख) नगर पुलिस अधीक्षक सतना को 27 जुलाई 2020 को दिये गये आवेदन पर क्या सी.एस.पी. सतना ने उक्त आवेदन को सिटी कोतवाली को हस्तान्तरित किया था? क्या उक्त आवेदन पर जांचकर्ता विक्रम सिंह उप निरीक्षक ने प्रार्थी को पहले कथन के लिये दिनांक 12.08.2020 को बुलाया व कथन लिये? दिनांक 13.08.2020 को प्रार्थी को थाना कोलगवां में कथन के लिये तलब किया और बयान लिये गये? (ग) क्या पुलिस अधीक्षक सतना की शिकायत शाखा में क्रमांक 356 दिनांक 14.09.2020 से प्रशांत जैन एवं अन्य का आवेदन सिटी कोतवाली भेजा गया? एक आवेदन शिकायत शाखा से क्रमांक 83 दिनांक 22.07.2020 को सिटी कोतवाली भेजा गया? (घ) सतना शहर के व्यापारियों के साथ लगभग एक करोड़ से ज्यादा रूपयों का फ्राड करने वालों के विरूद्ध पुलिस द्वारा जांच तक नहीं की गई और मामले को टाला गया? अगर नहीं तो प्रश्‍नतिथि तक गंभीरतापूर्वक की गई जांच का बिन्दुवार/दिनांकवार/दस्तावेजोंवार विवरण दें एवं की गई एफ.आई.आर. की एक प्रति दें? शासन कब तक किस नाम पदनाम के दोषी तत्कालीन सीएसपी/टीआई के विरूद्ध विभागीय जाँच की कार्यवाही शुरू कर निलंबन के आदेश जारी करेगा?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जी हाँ। आवेदक अभिषेक बलवानी पुत्र शंकरलाल बलवानी निवासी सिंधी कैम्प सतना ने दिनांक 03.03.2020, दि. 27.07.2020, दि. 14.09.2020, दि. 17.05.2023 एवं दिनां19.05.2023 को आवेदन पत्र प्रस्तुत किये गये थे। उक्त शिकायत पत्रों की जाँच में प्रकरण आपसी व्यापारिक लेन-देन का होकर सिविल प्रकृति का होने से तथा फ्रेन्चाईजी ऐग्रीमेंट में किसी भी विवाद की स्थिति पर विचारण क्षेत्र नई दिल्ली न्यायालय अधिकार क्षेत्र होने के कारण प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई थी। आवेदक अभिषेक बलवानी द्वारा साउथ ईस्ट साकेत डिस्ट्रिक्ट कोर्ट नई दिल्ली में आर्बिटेशन रिट याचिका OMP (I) (Comm) 101/20 दिनांक 19.02.2020 दायर की गई थी। (ख) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट  अनुसार(ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट में समाहित है। (घ) प्रश्‍नांश () अनुसार प्राप्त सभी आवेदन पत्रों की जांच की गई। जांच में संज्ञेय अपराध की घटना नहीं पाये जाने से प्राथमिक सूचना रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

नर्मदा घाटी की भूमि पर अतिक्रमण

[नर्मदा घाटी विकास]

17. ( क्र. 322 ) श्री लखन घनघोरिया : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बरगी डेम केचमेंट एरिया ग्राम बरगीनगर हरदुली में रेवाराम महाराज द्वारा आलीशान भवन बनाकर एवं गोलू आर्मो द्वारा खेल मैदान में अतिक्रमण किया है, इसी प्रकार ग्राम जोधपुर तिलवारा में सत्येंद्र लोधी द्वारा एवं ग्राम सिवनी टोला में सौरव इंटरनेशनल स्कूल द्वारा किए गए अतिक्रमण को संरक्षण क्यों दिया गया है इन्हें क्यों नहीं हटाया जा रहा? कब तक हटाया जाएगा? (ख) तेवर आंधमुख बाईपास में बड़ी नहर के किनारे कमर्शियल भवन के साथ सैकड़ों दुकानें बनाकर अतिक्रमण किया हुआ है इस अतिक्रमण को आज तक हटाया नहीं गया है विभाग कब तक इन भूमियों को अतिक्रमण मुक्त कराएगा? (ग) क्या इन अतिक्रमणकारियों को विभागीय अधिकारियों का भी संरक्षण प्राप्त है? यदि नहीं तो अधिकारियों द्वारा अपने दायित्वों के प्रति उदासीनता दिखाते हुए अतिक्रमण क्यों होने दिये जा रहे हैं? जनप्रतिनिधियों द्वारा लगातार की गई शिकायतों पर कार्यवाही करते हुए नर्मदाघाटी की करोड़ों की भूमि पर से अतिक्रमण क्यों नहीं हटवाया गया? भूमि को अतिक्रमण मुक्त कब तक करवाया जावेगा? (घ) विधानसभा प्रश्‍न 840 दिनांक 11.07.23 उत्तर में बताए गए अतिक्रमण के संबंध में उत्‍तर दिनांक से आज दिनांक तक क्या कार्यवाही की गई एवं कितने अतिक्रमण को हटाये जाने हेतु नोटिस जारी किये गए एवं कितना अतिक्रमण हट सका? क्या विभाग उपरोक्त अतिक्रमण को संरक्षण देते हुए कोई ठोस कार्यवाही नहीं कर रहा है?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) एवं (ख) जी हाँ। अतिक्रमणकर्ताओं को अतिक्रमण हटाने हेतु नोटिस जारी किये गये हैं। अत: संरक्षण देने का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ग) जी नहीं। विभागीय अधिकारियों द्वारा अतिक्रमणकारियों को किसी प्रकार का संरक्षण प्राप्त नहीं है। विभाग द्वारा अतिक्रमण हटवाने हेतु नियमानुसार कार्यवाही की जाती है। अतः समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (घ) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट  अनुसार है। कुल 193 अतिक्रमण को हटाने हेतु नोटिस जारी किया गया है। 06 अतिक्रमण हटाये गये हैं। अत: अतिक्रमणकारियों को संरक्षण देने का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - "छ:"

कार्यभारित कर्मचारियों के आश्रितों को अनुकम्‍पा नियुक्ति

[नर्मदा घाटी विकास]

18. ( क्र. 323 ) श्री लखन घनघोरिया : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण की रा.अ.बा.लो.सा. परियोजना बरगी हिल्स जबलपुर में शासकीय सेवा  के दौरान दिवंगत हुए किस-किस कार्यभारित कर्मचारी के आश्रित को अनुकम्पा नियुक्ति दिए जाने के आवेदन विचाराधीन है? (ख) उपरोक्त आवेदन किस-किस दिनांक को विभाग में प्रस्तुत किये गये थे तथा कितने-कितने समय से लम्बित है? (ग) दिवंगत कार्यभारित कर्मचारी के आश्रित को अनुकम्पा नियुक्ति देने के प्रकरण को लम्बित रखने का क्या कारण है? (घ) उपरोक्त आश्रितों को किस दिनांक तक अनुकम्पा नियुक्ति दे दी जायेगी।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) कुल 11 प्रकरण। (ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट  अनुसार है। (ग) एवं (घ) नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण का कोई स्‍थाई संवर्ग/भर्ती नियम नहीं होने के कारण लंबित है। समयावधि बताया जाना संभव नहीं है।

परिशिष्ट - "सात"

रेत खदानों का सीमांकन कर क्षेत्र में हो रहे अवैध रेत उत्खनन कार्य

[खनिज साधन]

19. ( क्र. 344 ) श्री सोहनलाल बाल्‍मीक : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) परासिया विधानसभा क्षेत्र के अन्तर्गत जितनी भी रेत खदानें खनिज विभाग द्वारा चिन्हित कर, आवंटन कर, ठेके पर दी गई हैं संबंधित ठेकेदारों द्वारा आवंटित चिन्हित (खसरे के अनुसार) रेत खदानों बिजौरीफुल्ला, खैरीचैतू, फुटारा, नवेगांव, जाटाछापर, सिंदरई गुरैयाथर, पैंजनवाड़ा, लोहांगी, न्यूटन बेलगॉंव रेत खदानों की सीमा से रेत खनन कार्य नहीं किया जा रहा है, बल्कि इन रेत खदानों की सीमा से बाहर अन्य स्थानों से संबंधित ठेकेदार एवं रेत माफियाओं द्वारा बल पूर्वक अवैध तरीके से बड़े रूप से क्षेत्र में निरंतर रेत का अवैध उत्खनन का कार्य किया जा रहा है। जिससे शासन/खनिज विभाग को लाखों रूपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है। परन्तु फिर भी विभाग द्वारा न तो रेत खदानों का सीमांकन किया जा रहा है और न ही क्षेत्र में हो रहे रेत के अवैध उत्खनन को रोका जा रहा है। उक्त संबंध में प्रश्‍नकर्ता द्वारा जिला खनिज अधिकारी छिंदवाड़ा को पत्र क्र.वि.स./परासिया/127/2024/204 दिनांक 27.02.2024 एवं पत्र क्र.वि.स./परासिया/127/2024/180 दि. 21.05.2024 को शिकायत पत्र भी प्रेषित किये जा चुके है। परन्तु फिर भी विभाग द्वारा उक्त संबंध में कोई कार्यवाही नहीं की गई जिसका क्या कारण है? (ख) प्रश्‍नांश (क) के अनुसार उपरोक्‍त संबंध में विभाग द्वारा कब तक कार्यवाही की जायेगी?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) प्रश्‍नांश अनुसार उल्‍लेखित रेत खदानों में से परासिया विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत ठेकेदार ग्रेवलिया इंटरप्राईजेज प्राईवेट लिमिटेड़ ब्रांच ऑफिस लक्ष्‍मीनगर बेलगांव सौंसर जिला पांढुर्णा को विभाग द्वारा पूर्व से चिन्हित रेत खदान बिजौरीफुल्‍ला, खैरीचैतू, फुटारा, नवेगांव, जाटाछापर, सिंदरई गुरैयाथर आवंटित की गई है। उपरोक्‍त आवंटित चिन्हित रेत खदानों की सीमा से बाहर ठेकेदार द्वारा अवैध खनन किये जाने संबंधी कोई प्रकरण प्रकाश में नहीं आया है। अपितु विभाग द्वारा परासिया विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत अन्‍यत्र स्‍थानों पर खनिज नियमाधीन विभिन्‍न उल्‍लंघनकर्ताओं के विरूद्ध वित्‍तीय वर्ष 2023-2024 में अवैध रेत के 13 प्रकरण पंजीबद्ध किये जाकर राशि रूपये 9,29,650/- शासनहित में जमा कराई जाकर रेत के अवैध खनन को रोकने की कार्यवाही की गई है तथा प्रश्‍नांश में उल्‍लेखित माननीय विधायक महोदय के पत्र दिनांक 27/02/2024 एवं 21/05/2024 में वर्णित विभिन्‍न स्‍थानों के निरीक्षण में अवैध रेत के 02 प्रकरण पंजीबद्ध किये जाकर राशि रूपये 63,250/- अधिरोपित की जाकर रेत के अवैध खनन को रोकने की कार्यवाही की गई है। (ख) उत्‍तरांश (क) के अनुसार विभाग द्वारा कार्यवाही की गई है।

मद की राशि से विकास एवं निर्माण कार्यों की स्वीकृति

[खनिज साधन]

20. ( क्र. 346 ) श्री सोहनलाल बाल्‍मीक : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) छिंदवाड़ा जिले में खनिज प्रतिष्ठान मद में पिछले 5 वर्षों में कितनी राशि किन-किन माध्यमों से प्राप्त हुई है और जमा राशि का उपयोग विभाग द्वारा किन-किन कार्यों के लिए किया गया है? कितनी राशि वर्तमान में जमा है? जमा राशि का उपयोग क्या शासन द्वारा निर्धारित समय-सीमा पर किया जा रहा है? अगर नहीं किया जा रहा है तो इसके लिए कौन-कौन अधिकारी जवाबदार है? क्योंकि जमा राशि के समय पर उपयोग नहीं करने पर जिले के विकास कार्य बाधित हो रहे हैं? (ख) जिला खनिज प्रतिष्ठान मद की राशि को छिंदवाड़ा जिले की प्रत्येक विधानसभावार विभिन्न विकास एवं निर्माण कार्यों की स्वीकृति के संबंध में आवंटित किये जाने हेतु प्रश्‍नकर्ता द्वारा श्रीमान जिलाध्यक्ष महोदय जिला छिंदवाड़ा को पत्र क्र.वि.स./परासिया/127/2024/173 दिनांक 15.02.2024 को प्रेषित किया गया था। परन्तु फिर भी अधिकारियों द्वारा पत्र पर कोई कार्यवाही न करते हुये खनिज प्रतिष्ठान मद की राशि को आवंटित न करते हुये जिले की किसी भी विधानसभा में कोई भी विकास एवं निर्माण कार्यों की स्वीकृति प्रदान नहीं की गई। राशि आवंटित नहीं किये जाने का क्या कारण है? प्रश्‍नकर्ता द्वारा क्षेत्र के विकास एवं निर्माण कार्यों के जो प्रस्ताव खनिज विभाग को पूर्व में प्रेषित किये गये हैं उन सभी प्रस्तावों की स्वीकृति कब तक प्रदान करते हुये राशि आवंटित कर दी जायेगी?
मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) प्रश्‍नांश अनुसार छिन्‍दवाड़ा जिले में पिछले 05 वर्षों में मुख्‍य खनिज एवं गौण खनिजों से जिला खनिज प्रतिष्‍ठान मद में प्राप्‍त राशि का  विवरण  पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। जिले में जिला खनिज प्रतिष्‍ठान मद में प्राप्‍त राशि का उपयोग प्रधानमंत्री खनिज कल्‍याण क्षेत्र योजना के अंतर्गत उल्‍लेखित क्षेत्रों में पिछले 05 वर्षों में कुल 87 कार्य स्‍वीकृत किये गये हैंजानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब  अनुसार है। जिला खनिज प्रतिष्‍ठान मद में राशि रूपये 59,49,46,523/- शेष है। पिछले 05 वर्षों में जिला खनिज प्रतिष्‍ठान मद में स्‍वीकृत कार्यों की राशि का उपयोग समय-सीमा में किया जा रहा है। प्रश्‍नांश के शेष भाग का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ख) जी हाँ। प्रश्‍नांश अनुसार उल्‍लेखित पत्र से जिले में विभिन्‍न विकास/निर्माण कार्यों के लिये राशि का आवंटन विकास/निर्माण कार्यों के लिये राशि का आवंटन के संबंध में लेख किया जाकर पत्र में किसी भी कार्य का उल्‍लेख नहीं होने से जिला खनिज प्रतिष्‍ठान छिन्‍दवाड़ा द्वारा स्‍वीकृति प्रदान किये जाने की कार्यवाही नहीं की गई है। जिला खनिज प्रतिष्‍ठान मद से विधानसभावार राशि का आवंटन का नियमों में प्रावधान नहीं है तथा क्षेत्र के विकास एवं निर्माण कार्यों के पूर्व में प्रेषित प्रस्‍ताव की स्‍वीकृति के संबंध में जिला खनिज प्रतिष्‍ठान निर्णय के लिये सक्षम है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

वित्तीय अनियमितता की जाँच

[गृह]

21. ( क्र. 356 ) श्री ब्रजेन्द्र प्रताप सिंह : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र अजयगढ़ में पदस्थ तत्कालीन बी.एम.ओ. द्वारा रोगी कल्याण समिति के पैसों का गलत तरीके से उपयोग करते हुये आहरित की गई राशि की जाँच किये जाने हेतु पुलिस अधीक्षक पन्ना को शिकायती आवेदन, प्रकरण दर्ज करने हेतु प्राप्त हुआ था? (ख) यदि हाँ तो उक्त प्रकरण की जाँच हेतु क्या कार्यवाही की गई है? कब तक जाँच पूर्ण की जाकर दोषी के विरूद्ध कार्यवाही की जावेगी?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जी हाँ। प्रकरण दर्ज नहीं हुआ है, शिकायत आवेदन पत्र जांच में लंबित है। जांच पूर्ण होने के पश्‍चात ही निष्कर्ष के आधार पर कार्यवाही की जावेगी। (ख) अनु.अधि. पुलिस पन्ना के द्वारा इस संबंध में जांच की जा रही हैं। सी. एम.एच.ओ. पन्ना से प्रतिवेदन प्राप्त होने के पश्‍चात जांच पूर्ण कर वैधानिक कार्यवाही की जावेगी।

धरमपुरी विधानसभा क्षेत्र में संचालित उद्योग कंपनियों की जानकारी

[औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन]

22. ( क्र. 360 ) श्री कालु सिंह ठाकुर : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या यह सही है कि धार जिले की धरमपुरी विधानसभा में विगत पाँच वर्षों में उद्योग हेतु कंपनियां प्रारंभ की गई है? यदि हाँ तो कौन-कौन सी कंपनी चालू की गई है? नाम पते सहित जानकारी बतावें। (ख) क्या इन कंपनियों में कर्मचारियों की भर्ती की गई है? यदि हाँ तो किन-किन कर्मचारियों की भर्ती की गई है? नाम और पते सहित जानकारी बतावें। (ग) प्रश्‍नांकित (ख) अनुसार कर्मचारि‍यों की भर्ती किस गाइड-लाइन के तहत की गई है? गाइड लाइन की प्रमाणित प्रति उपलब्ध करावें। (घ) क्या धरमपुरी विधानसभा के लोगों की भर्ती गाइड लाइन के आधार पर की गई है? यदि नहीं तो किस कारण? (ड.) क्या धरमपुरी विधानसभा के लोगों द्वारा उक्त कंपनी में काम करने के लिए आवेदन पत्र प्रेषित किये गये है? यदि हाँ तो किन-किन लोगों द्वारा आवेदन दिए गये है? सूची प्रदान करें। प्राप्त आवेदनों में से किन-किन आवेदकों को नौकरी पर रखा गया है व किन-किन लोगों को नौकरी पर नहीं रखा गया है? पृथक-पृथक सूची प्रदान करें और जिन लोगों को नौकरी पर नहीं रखा गया है? कारण बतावें व यह भी बतावें कि इन लोगों को नौकरी पर कब तक रख लिया जायेगा?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जी हाँ। धार जिले की धरमपुरी विधानसभा क्षेत्र में विगत पाँच वर्षों में उद्योग हेतु निम्‍न कंपनियां प्रारंभ की गई है:- 1. एस.आर.एफ अल्‍टेक लि., पता- भूखण्‍ड क्रमांक आई 12 से 15, औद्योगिक क्षेत्र जैतापुर-पलासिया, जिला-धार। 2. कशिदा अपेरल्‍स प्रा.लि., पता- भूखण्‍ड क्रमांक आई 17, औद्योगिक क्षेत्र जैतापुर-पलासिया, जिला-धार। 3. अमृता इरिगेशन इंडिया प्रा.लि., पता-भूखण्‍ड क्रमांक आई 48, औद्योगिक क्षेत्र जैतापुर-पलासिया, जिला-धार। 4. सोहन जीनिंग एण्‍ड प्रोसेसिंग प्रा.लि., पता- सर्वें नंबर 514/3/1/3, 514/3/1/2, ग्राम-चिक्‍टीयाबाद, एन.एच.3 रोड के पास, तहसील-धरमपुरी, जिला-धार। 5. रिलायंस बीपी मोबिलिटी लि., पता- 60, एन.एच.3, ए.बी.रोड, खाईबुजुर्ग, तहसील-धरमपुरी, जिला-धार। 6.रिलायंस बीपी मोबिलिटी लि., पता- एन.एच.3, ग्राम-चिक्‍टीयाबाद, ए.बी.रोड, तहसील-धरमपुरी, जिला-धार। (ख) इन कंपनियों में कर्मचारियों की भर्ती संबंधी  जानकारी  पुस्‍तकालय  रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) उद्योग संवर्धन नीति 2014 (यथा संशोधित) के अंतर्गत औद्योगिक इकाईयों में भर्ती संबंधी गाइड लाइन का कोई प्रावधान निहित नहीं है। (घ) प्रश्‍नांश (ग) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ड.) औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्‍साहन विभाग द्वारा इस प्रकार की जानकारी संधारित नहीं की जाती है। अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

पुलिस चौकी का पुलिस थानों में उन्नयन

[गृह]

23. ( क्र. 399 ) श्री इंजीनियर प्रदीप लारिया : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या नरयावली विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत कर्रापुर पुलिस चौकी का पुलिस थाना में उन्नयन एवं दीनदयाल नगर में पुलिस चौकी स्थापित करने के प्रस्ताव विभाग में लंबित है? (ख) क्या पुलिस चौकी कर्रापुर को थाना उन्नयन के निर्धारित मापदण्ड रखती है। यदि हाँ तो विभाग द्वारा थाना उन्नयन हेतु प्रश्‍न दिनांक तक क्या-क्या कार्यवाही की गई जानकारी देवें तथा थाना उन्नयन हेतु समय-समय पर जनप्रतिनिधि एवं आमजन द्वारा भी पत्राचार किया गया विभाग ने क्या कार्यवाही की? (ग) क्या थाना मकरोनिया अंतर्गत पुलिस चौकी दीनदयाल नगर वार्ड-03 में स्थापित करने के संबंध में मंत्री स्तर से घोषणा एवं जनप्रतिनिधियों तथा वार्डवासियों द्वारा की जा रही मांग को देखते हुए कोई कार्यवाही की गई है? (घ) क्या पुलिस चौकी कर्रापुर का पुलिस थाना में उन्नयन तथा दीनदयालनगर वार्ड-03 पुलिस चौकी कब-तक स्थापित की जाएगी?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जी नहीं। (ख) जी नहीं। पुलिस चौकी कर्रापुर को थाना उन्नयन के प्रस्ताव का परीक्षण किया गया, जो शासन द्वारा निर्धारित मापदण्ड अनुरूप नहीं पाये जाने से प्रस्ताव अमान्य किया गया। (ग) मकारोनिया अंतर्गत दीनदयाल नगर में पुलिस चौकी की स्थापना के प्रस्ताव का परीक्षण किया गया, जो शासन द्वारा निर्धारित मापदण्ड के अनुरूप नहीं पाया गया इस कारण प्रस्ताव अमान्य किया गया। (घ) प्रश्‍नांश (ख) एवं (ग) के उत्तर के परिप्रेक्ष्य में प्रश्‍नांश उपस्थित नहीं होता।

पत्थर, मिट्टी एवं मुरम का अवैध खनन

[खनिज साधन]

24. ( क्र. 400 ) श्री इंजीनियर प्रदीप लारिया : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या सागर जिला अंतर्गत खनिज विभाग सागर द्वारा नरयावली विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत पत्थर, मिट्टी एवं मुरम की कितनी स्वीकृति विभाग द्वारा जारी की गई है? वर्षवार वर्ष-2022-23, वर्ष-2023-24, वर्ष-2024-25 विस्तृत जानकारी देवें। (ख) क्या विभाग द्वारा वर्ष-2022-23, वर्ष 2023-24, वर्ष-2024-25 में अवैध खनन के संबंध में कार्यवाही की गई है? यदि हाँ तो कब-कब, किस-किस के विरूद्ध की गई है? विस्तृत जानकारी से अवगत करायें। (ग) क्या विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत निर्माणाधीन कार्यों में कार्य एजेन्सी/फर्म द्वारा खनिज स्वीकृति से अधिक मात्रा में खनन कार्य किया गया है एवं खनिज पत्थर, मिट्टी एवं मुरम का निर्माणाधीन कार्यों में उपयोग किया गया है। तो विभाग ने क्या कार्यवाही की है? (घ) यदि अवैध खनन के संबंध में कार्यवाही के उपरांत भी वर्तमान में अवैध खनन जारी है तथा शासन का लाखों रूपये की राजस्व हानि हो रही है। तो विभाग द्वारा अवैध खनन रोकने एवं राजस्व हानि को रोकने के लिए विभाग जिला/प्रदेश स्तर की टीम गठित कर कार्यवाही की योजना है? जानकारी देवें।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) वर्षवार स्‍वीकृत खनि रियायतों की  जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ख) जी हाँ।  जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब  पर दर्शित है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-स  पर दर्शित है। (घ) जी नहीं। जिले में अवैध उत्‍खनन/परिवहन/भंडारण की रोकथाम हेतु विभाग द्वारा टास्‍क फोर्स गठित किया जाकर सतत् निगरानी की जाती है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

सांची विधानसभा क्षेत्रांतर्गत आंगनवाड़ी केन्‍द्रों की जानकारी

[महिला एवं बाल विकास]

25. ( क्र. 416 ) डॉ. प्रभुराम चौधरी : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) सांची विधानसभा में कुल कितनी आंगनवाड़ी एवं मिनी आंगनवाड़ी केन्द्र हैं उनके नाम बतावें? (ख) ऐसी कितनी आंगनवाड़ी एवं मिनी आंगनवाड़ी केन्द्र हैं जिनके पास स्वयं का भवन नहीं हैं, वह वर्तमान में कहाँ संचालित की जा रही हैं यदि किराये के भवन में संचालित हो रही है तो भवन स्वामी का नाम एवं कितने किराये पर संचालित हैं जानकारी देवें? (ग) सांची विधानसभा क्षेत्रांतर्गत कितने आंगनवाड़ी केन्द्रों को नवीन भवनों की स्वीकृति हेतु जनप्रतिनिधियों द्वारा अनुशंसा की गयी है, जो स्वीकृति हेतु लंबित है, नामवार जानकारी देवें? (घ) सांची विधानसभा की उपरोक्त भवनविहीन आंगनवाड़ी और मिनी आंगनवाड़ी केन्द्रों को कब तक भवन उपलब्ध कराये जावेंगे?

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( सुश्री निर्मला भूरिया ) : (क) सांची विधानसभा क्षेत्र में 397 आंगनवाड़ी एवं 132 मिनी आंगनवाड़ी केन्द्र हैं। आंगनवाड़ी केन्‍द्रों की नामवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट- '' एवं  '' अनुसार है। (ख) सांची विधानसभा क्षेत्र अन्‍तर्गत 235 आंगनवाड़ी एवं 132 मिनी आंगनवाड़ी केन्द्र विभागीय भवन विहीन हैं। विभागीय भवन विहीन आंगनवाड़ी केन्‍द्रों के संचालन संबंधी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट- '' एवं  '' अनुसार है। (ग) सांची विधानसभा क्षेत्रांतर्गत 32 नवीन आंगनवाड़ी भवनों की स्वीकृति हेतु जनप्रतिनिधियों द्वारा अनुशंसा किये गये आंगनवाड़ी केन्‍द्रों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट- '' अनुसार है। (घ) विभागीय भवन विहीन आंगनवाड़ी केन्‍द्रों के लिये भवन निर्माण शासकीय भूमि एवं वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता पर निर्भर है। समय-सीमा दिया जाना संभव नहीं है।

अवैध व्यवसाय के विरूद्ध कार्यवाही

[गृह]

26. ( क्र. 468 ) श्री भंवर सिंह शेखावत : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि मध्यप्रदेश में जनवरी 2019 से नबम्बर 2024 तक नशीली वस्तुओं, अवैध शराब कारोबार तथा सट्टा जुआ व्यवसाय चरम पर रहा है, इस कारण युवा पीढ़ी रास्ते से भटक रही है तथा युवा पीढ़ी नशीले पदार्थ की आदी हो गई है? उल्लेखित अवैध व्यवसाय से परिवार के परिवार बरबाद हो रहे हैं? शासन प्रशासन द्वारा उल्लेखित वर्ष में अवैध कारोबारियों के विरूद्ध कार्यवाही की गई? यदि कार्यवाही नहीं की गई तो क्यों नहीं की गई?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) मध्यप्रदेश में जनवरी 2019 से अप्रैल 2024 तक मादक पदार्थ के व्यवसाय में संलिप्त आरोपियों के विरुद्ध कठोर कार्यवाही करते हुये वर्ष जनवरी 2019 से अप्रैल 2024 तक कुल 20, 257 प्रकरण नारकोटिक्स ड्रग्स एवं सायकोट्रॉपिक सब्सटेन्स (प्रिवेन्शन) एक्ट 1985 के अन्तर्गत पंजीबद्ध हुए हैं, जिसमें स्मैक के 1969 प्रकरण, अफीम के 410 प्रकरण, गांजे के 14500 प्रकरण, डोडाचूरा के 1200 प्रकरण, चरस के 86 प्रकरण, गांजा पौधा के 643 प्रकरण, अफीम पौधा के 42 प्रकरण एवं केमिकल ड्रग्स के 1407 प्रकरण पंजीबद्ध करते हुए कुल मात्रा 11, 05, 659.974 कि.ग्रा. एवं 11, 76, 580 नग मादक पदार्थ जप्त कर 25, 430 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा तस्करी में लिप्त अपराधियों पर शिकंजा कसने हेतु मादक पदार्थों के अवैध व्यापार में संलिप्त तस्करों के विरुद्ध वर्ष 2019 से अप्रैल 2024 तक कुल 50 आरोपियों पर पिट (Prevention of Illicit trafficking) एन.डी.पी.एस. एक्ट के तहत कार्यवाही की गई है तथा कुल 30 आरोपियों पर सफेमा (Smugglers and Foreign Exchange Manipulators Act) कार्यवाही करते हुये 7, 18, 49, 600 की चल सम्पत्ति एवं 46, 96, 31, 637/- की अचल सम्पत्ति Seizing/Freezing की कार्यवाही की गई है। नशा एवं नशे के दुष्प्रभावों के संबंध में जनजागृति लाये जाने हेतु मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा सम्पूर्ण म.प्र. में समय-समय पर विद्यालय/महाविद्यालय एवं जनसामान्य के मध्य क्षेत्र के गणमान्य नागरिक, समाजसेवी संस्थाओं, जनप्रतिनिधियों को सम्मिलित करते हुये रैली, बैनर, पोस्टर, नुक्कड़ नाटक, वाद-विवाद/चित्रकला/स्लोगन प्रतियोगिताएं आयोजित की जाती हैं। वर्ष 2019 से अप्रैल 2024 तक मध्यप्रदेश में कुल 27, 027 नशामुक्ति जनजागृति कार्यक्रम आयोजित किये जाकर 23, 13, 063 छात्र/छात्राओं एवं जनसामान्य को लाभान्वित किया गया है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

प्रदेश में अपराधों की संख्‍या में वृद्धि

[गृह]

27. ( क्र. 491 ) श्री देवेन्द्र रामनारायन सखवार : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या यह सही है कि पुलिस मुख्यालय में प्रदेश में घटित अपराधों की जानकारी का संकलन किये जाने के लिए सेल बनाया गया है? (ख) यदि हाँ तो पुलिस मुख्यालय में उपलब्ध जानकारी के अनुसार 01 जनवरी 2023 से प्रश्‍न दिनांक तक की अवधि में कौन-कौन से अपराध कितनी-कितनी संख्या में घटित हुये हैं? जिलेवार एवं कुल अपराधों की संख्या बताएं। (ग) प्रश्‍नांश (ख) के परिप्रेक्ष्य में क्या यह सही है कि इंदौर एवं उज्जैन संभाग में सर्वाधिक अपराधों की घटनाओं में वृद्धि हुई है? यदि हाँ तो इसके क्या कारण हैं? इन अपराधों की रोकथाम के लिए शासन क्या प्रयास कर रहा है? (घ) उपरोक्त प्रश्‍नांश के परिप्रेक्ष्य में प्रदेश में अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के लोगों की हत्या किये जाने, महिलाओं के साथ बलात्कार, सामूहिक बलात्कार आदि अन्य अत्याचारों की जिलेवार संख्या बताएं।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जी हाँ। पुलिस मुख्यालय में प्रदेश में घटित अपराधों की जानकारी के संकलन किये जाने के लिए राज्य अपराध अभिलेख ब्यूरो पुलिस मुख्यालय भोपाल (सेल) बनाया गया है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार। (ग) जी नहीं। वर्ष 10.06.2022 से 10.06.2023 तक इन्दौर संभाग में कुल 53903 एवं उज्जैन संभाग में 37531 अपराध घटित हुये हैं जबकि वर्ष 10.06.2023 से 10.06.2024 तक इन्दौर संभाग में कुल 53378 एवं उज्जैन संभाग में 37040 अपराध घटित हुये हैं। उक्त संभागों में तुलनात्मक रूप से अपराधों में कमी आयी है। प्रश्‍नांश के परिप्रेक्ष्य में शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। अपराधों की रोकथाम के लिए आसूचना संकलन, सामाजिक सरोकार, जागरूकता व अभियोजन की कार्यवाही निरंतर की जाती है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार।

कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग की संचालित योजनाएं

[कुटीर एवं ग्रामोद्योग]

28. ( क्र. 504 ) श्री मोहन सिंह राठौर : क्या राज्‍य मंत्री (स्वत्रंत प्रभार), कुटीर एवं ग्रामोद्योग महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग में कौन-कौन सी योजनाएं संचालित की जा रही हैं? योजनाओं के नाम की सूची उपलब्ध करायें। उक्त योजनाओं में से ग्वालियर जिले में कौन-कौन सी योजना संचालित है? (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार ग्वालियर जिले की 18-भितरवार विधानसभा क्षेत्र में किस-किस योजना में कौन-कौन से कार्य, कितनी-कितनी राशि के कहाँ-कहाँ वर्ष 2021 से 31 मई 2024 तक स्वीकृत किये गये हैं? इन कार्यों की वर्तमान स्थिति क्या है? योजनावार एवं कार्यवार विवरण दें। (ग) प्रश्‍नांश (ख) अनुसार विकासखण्डवार, ग्राम पंचायतवार एवं कार्यवार जानकारी उपलब्ध करायें। (घ) क्या भितरवार विधानसभा क्षेत्र का सर्वे कराकर जहाँ-जहाँ कुटीर एवं लघु उद्योग स्थापित कराया जाना आवश्यक है, उन स्थानों एवं ग्रामों में कुटीर एवं लघु उद्योग स्थापित किये जायेंगे? यदि हाँ तो कब तक?

राज्‍य मंत्री (स्वत्रंत प्रभार), कुटीर एवं ग्रामोद्योग ( श्री दिलीप जायसवाल ) : (क) प्रदेश में कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट '' अनुसार है। उक्त योजनाएं प्रदेश के समस्त जिलों के साथ-साथ ग्वालियर जिले में भी लागू है। (ख) उत्तरांश (क) अनुसार ग्वालियर जिले की 18-भितरवार विधानसभा क्षेत्र में वर्ष 2021 से 31/05/2024 तक स्वीकृत प्रकरणों की योजनावार एवं कार्यवार विवरण की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट '' अनुसार है। (ग) उत्तरांश (ख) अनुसार भितरवार विकासखंड में स्वीकृत योजनाओं की ग्राम पंचायतवार एवं कार्यवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट '' अनुसार है। (घ) विभाग द्वारा वर्तमान में सर्वे कराने की कार्यवाही प्रस्तावित नहीं है।

लैटेराइट मिट्टी के खनन की जानकारी

[खनिज साधन]

29. ( क्र. 514 ) श्री हरदीप सिंह डंग : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सुवासरा विधानसभा में ऐसे कितने स्थानों को लैटेराइट खनन हेतु चिन्हित किया गया है? गांव एवं स्थान तथा सर्वे नंबर सहित जानकारी देवें। (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार वर्ष 2014 से प्रश्‍न दिनांक तक किन-किन व्यक्तियों के द्वारा खनिज के लिए भूमि लीज पर लेने हेतु आवेदन किया? व्यक्तियों के नाम एवं पते की जानकारी उपलब्ध करावें तथा खनन हेतु आवंटित भूमि का सर्वे नंबर, गांव के नाम सहित जानकारी देवें। (ग) प्रश्‍नांश (ख) अनुसार प्राप्त आवेदनों से कितने व्यक्तियों को खनन हेतु लीज या पट्टा प्रदान किया है? भूमि का सर्वे नम्बर एवं स्थान के नाम सहित जानकारी देवें। (घ) क्या क्षेत्र की जनता से या स्थानीय व्यक्तियों की ओर से विभाग को आपत्ति प्राप्त हुई है? यदि हाँ तो उस पर विभाग की ओर से क्या कार्यवाही की गई? क्या आपत्ति दर्ज होने के बाद भी खनन का कार्य चल रहा है?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ पर दर्शित है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब पर दर्शित है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-स पर दर्शित है। (घ) जी नहीं, क्षेत्र की जनता से या स्‍थानीय व्‍यक्तियों की ओर से विभाग को कोई आपत्ति प्राप्‍त नहीं हुई है। अत: शेष प्रश्‍नांश उपस्थित नहीं होता है।

शामगढ़ पुलिस थाने का संचालन

[गृह]

30. ( क्र. 515 ) श्री हरदीप सिंह डंग : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शामगढ़ नगर में पुलिस थाने की स्थापना किस वर्ष में की गई थी तथा उस समय नगर की जनसंख्या कितनी थी? (ख) प्रश्‍न दिनांक तक वर्तमान में पुलिस थाने के चारों तरफ नगर में ट्राफिक की क्या स्थिति है? (ग) सब्जी मण्डी से लगा हुआ पुलिस थाने से ट्राफिक एवं कानून व्यवस्था कायम रखने में परेशानियों के कारण जनता द्वारा नगर के बाहर पुलिस थाना संचालित करने हेतु क्या मांग की गई है? (घ) नगर हित एवं कानून ट्राफिक व्यवस्था सुचारू रूप से संचालन हेतु, नगर के बाहर पुलिस थाना संचालन हेतु एवं पुलिस कर्मचारियों के आवास निर्माण भी हो सके, इस हेतु क्या भविष्य के लिए योजना बनाई गई है?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) शामगढ़ नगर में पुलिस थाने की स्थापना वर्ष 1989 से की गई है, उस समय शामगढ़ नगर की जनसंख्या वर्ष 1981 की जनगणना अनुसार 14017 व वर्ष 1991 की जनगणना अनुसार 17556 रही है। (ख) पुलिस थाना शामगढ़ नगर के मध्य स्थित है। जो कि मुख्य मार्ग से 100 मीटर की दूरी पर स्थित है। थाने की भोगौलिक स्थिति के अनुसार किसी प्रकार से ट्राफिक व्यवस्था बाधित नहीं होती है। (ग) जी नहीं। (घ) थाना भवन पुलिस कर्मचारियों के आवास तथा थाना भवन परिसर में वाहन पार्किंग के लिए पर्याप्त भूमि है, जिस पर थाना भवन के अतिरिक्त शासकीय आवास बने हुए हैं। मुख्यमंत्री आवास योजना के अन्तर्गत आवासों का निर्माण जिला मुख्यालय स्तर पर चरणबद्ध तरीके से सतत रूप से कराया जाता है।

जेल में कैदियों द्वारा निर्मित सामग्री का प्रचार, प्रदर्शन एवं विक्रय

[जेल]

31. ( क्र. 518 ) श्री शैलेन्द्र कुमार जैन : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) म.प्र. की केन्द्रीय जेल एवं अन्य जेलों के कैदियों द्वारा उनकी कार्य कुशलता के अनुसार विभिन्न प्रकार की सामग्री निर्मित करायी जाती है? निर्मित उत्पाद सामग्री के प्रदर्शन, प्रचार-प्रसार एवं उचित कीमत पर विक्रय हेतु शासन द्वारा क्या कार्ययोजना बनाई गई है? (ख) सागर जिले में प्रश्‍न दिनांक से विगत 3 वर्षों में कैदियों द्वारा कितनी मात्रा में सामग्री का निर्माण किया गया एवं कितनी राशि की सामग्री का विक्रय किया गया? विक्रय सामग्री से कितनी आय अर्जित की गई एवं इसका व्यय किन मदों पर किया गया? इससे व्यक्तिगत कैदी के लिए क्या लाभ प्रदत्त किया जाता है? (ग) क्या शासन कैदियों द्वारा निर्मित सामग्री के प्रचार-प्रसार, आम जनता के प्रदर्शन हेतु जेल परिसर में प्रदर्शन कक्ष एवं शहर में विक्रय केन्द्र, मॉल आदि निर्माण कराने तथा उचित रख-रखाव की व्यवस्था किये जाने पर विचार करेगा और कब तक?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जी हाँ, मध्‍यप्रदेश जेल उद्योग (सिद्धदोष व्‍यक्तियों का नियोजन और बंदी पुनर्वास) नियम 2021 बनाए गए हैं, इन्‍हीं के अंतर्गत उद्योगों का संचालन सामग्री का विक्रय आदि कार्य किया जाता है। (ख) केन्‍द्रीय जेल सागर में विगत 03 वर्ष में रूपये 92, 82, 822/- की सामग्री का उत्‍पादन कर विक्रय किया गया जिससे रूपये 9, 25, 293/- की आय हुई। विक्रय से अर्जित आय का जेल उद्योग (सिद्धदोष व्‍यक्तियों का नियोजन और बंदी पुनर्वास) नियम 2021 के अंतर्गत उपयोग किया गया। जेल उद्योगों में कैदियों को प्रशिक्षण सह-उत्‍पादन के कार्यक्रम के अंतर्गत नियो‍जित कर निर्धारित दर पर पारिश्रमिक भुगतान किया जाता है। (ग) कैदियों द्वारा निर्मित सामग्री का विक्रय, प्रचार-प्रसार, रख-रखाव जेल उद्योग (सिद्धदोष व्‍यक्तियों का नियोजन और बंदी पुनर्वास) नियम 2021 के अंतर्गत किया जा रहा है, इन्‍हीं नियमों के अंतर्गत उद्योग संवर्धन समिति बनाई गई है जो जेल उद्योग हेतु योजना बनाने, योजनाओं के क्रियान्‍वयन का नियंत्रण करने के लिए गठित की गई है।

उद्वहन सिंचाई परियोजना की स्‍वीकृति

[नर्मदा घाटी विकास]

32. ( क्र. 538 ) श्री नारायण सिंह पट्टा : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जबलपुर जिले के बरगी विधानसभा क्षेत्रांतर्गत बरगी बांध निर्मित होने के उपरांत भी आदिवासी बाहुल्‍य क्षेत्र को सिंचाई सुविधा उपलब्‍ध नहीं होने के संबंध में लिफ्टिंग व्‍यवस्‍था हेतु जमीनी हकीकत की जांच के संबंध में ध्‍यानाकर्षण सूचना क्र. 228 दिनांक 10.03.2022 के प्रति उत्‍तर में सरकार द्वारा जांच कराए जाने के कथन का क्रियान्‍वयन कब तक किया जावेगा? (ख) क्या बरगी-बड़ादेव उद्वहन सिंचाई परियोजना की डी.पी.आर. तैयार हो गई है? यदि हाँ तो डी.पी.आर. की कॉपी उपलब्‍ध करावें। (ग) बरगी-बड़ादेव उद्वहन सिंचाई परियोजना की स्‍वीकृति हेतु तत्कालीन पूर्व विधायक द्वारा कब-कब पत्राचार कर मांग की गई? समस्‍त पत्रों की प्रति उपलब्‍ध करावें एवं उन पत्रों पर क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई? (घ) उक्‍त क्षेत्र हेतु प्रस्‍तावित बड़ादेव उद्वहन सिंचाई परियोजना की स्‍वीकृति कब तक की जावेगी?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जांच कर ली गई है। बरगी परियोजना के दायरे में स्‍वीकृत कमाण्‍ड एरिया को छोड़कर अत्‍यधिक ऊँचे एवं पहाड़ी इलाकों के कृषि योग्‍य क्षेत्र में सिंचाई हेतु केवल जल उठाव पद्धति से सिंचाई सुविधा उपलब्‍ध कराया जाना ही संभव है। (ख) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'''' अनुसार है। (ग) एवं (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'''' अनुसार है। बड़ादेव उद्वहन सिंचाई परियोजना को नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण द्वारा नवीन प्रस्‍तावित योजनाओं की सूची में शामिल कर लिया गया है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

स्‍वीकृत खनिज खदानों की जानकारी

[खनिज साधन]

33. ( क्र. 543 ) श्री उमाकांत शर्मा : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विदिशा जिले में किस-किस स्थान पर कौन-कौन से खनिज खदानें स्वीकृत हैं? इनमें से किस-किस स्थान की खदानें/लीज/पट्टे किस ठेकेदार/फर्म को कब से कब तक के लिए कितनी राशि में दी गई है? प्रत्येक खदान का सर्वे नंबर एवं रकबा बतावें तथा अनुबंध पश्चात् ठेकेदार/फर्म को प्रतिमाह कितनी-कितनी राशि जमा की जानी चाहिए? दिनांक 1 अप्रैल 2020 से प्रश्‍नांकित तक प्रत्येक खदान से प्रतिमाह कितनी-कितनी राशि प्राप्त हुई? खदानवार जानकारी देवें। (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में क्या नदी में पनडुब्बी डालकर रेत खनन करने एवं कृषि कार्य हेतु ट्रेक्टर-ट्राली से रेत परिवहन का प्रावधान है? यदि हाँ, तो नियम, निर्देश एवं आदेशों की छायाप्रति उपलब्ध करावें। यदि नहीं, तो रेत परिवहन कर रहे ट्रक, ट्रेक्टर-ट्राली के फिटनेस, बीमा, ड्रायवर लायसेंस की जांच कब-कब की गई? (ग) प्रश्‍नांश (ख) के संदर्भ में 1 अप्रैल 2020 से प्रश्‍नांकित अवधि तक अवैध उत्खनन करते हुए कितने प्रकरण बनाये गये? प्रकरणवार जानकारी उपलब्ध करावें। उन पर क्या-क्या कार्यवाही की गई? यदि नहीं की गई, तो इसके लिए दोषी कौन है तथा उन पर क्या कार्यवाही की जावेगी? (घ) प्रश्‍नांश (क), (ख) के संदर्भ आवंटित खदानों, पट्टों, लीज का निरीक्षण किन-किन राजस्व एवं वन विभाग तथा अन्य अधिकारियों द्वारा कब-कब, किन-किन दिनांकों में किया गया है? क्या कोई कमियाँ पाई गई हैं? यदि हाँ, तो उन पर क्या कार्यवाही की गई तथा क्या खदानें, पट्टा, लीज आदि आवंटित करने के विरोध में विभाग को कितनी शिकायतें प्राप्त हुई हैं? उन पर क्या कार्यवाही की गई है? यदि कार्यवाही नहीं की गई? तो कब तक की जावेगी? (ङ) अनुविभाग सिरोंज एवं अनुविभाग लटेरी अंतर्गत अवैध उत्खनन के कितने प्रकरण वन एवं राजस्व विभाग द्वारा वर्ष 2020 से प्रश्‍नांकित अवधि तक पंजीबद्ध किये हैं? उन पर क्या-क्या कार्यवाहियां की गई है? अवैध उत्खननकर्ताओं पर क्या कार्यवाही की गई है? कितना चालान किया गया? अवैध उत्खननकर्ताओं द्वारा कितनी रॉयल्टी के विरूद्ध कितना उत्खनन किया? पंजीबद्ध प्रकरणवार जानकारी उपलब्ध करावें। कितने प्रकरण लंबित हैं? इसके लिए दोषी कौन है? उन पर क्या कायवाही की जावेगी?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) प्रश्‍नांश अनुसार आवंटित/स्‍वीकृत खदानें एवं उनकी अवधि व अन्‍य वांछित विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। उत्‍खनन पट्टों के मामलों में माहवार राशि जमा किये जाने के प्रावधान नहीं है। खनिज की मात्रा की निकासी/विक्रय के आधार पर रॉयल्‍टी का भुगतान अग्रिम किये जाने के प्रावधान है। ठेका खदानों के मामलों में ठेकाधन की किश्‍तों का निर्धारित समय अवधि में भुगतान किये जाने की अनिवार्यता है। उल्‍लेखित अवधि में खदानवार जमा राशि का विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब में दर्शित है। (ख) जी नहीं। पनडुब्‍बी से रेत निकाला जाना एवं कृषि कार्य हेतु पंजीकृत ट्रेक्‍टर-ट्राली से रेत का परिवहन किया जाना नियमाकुल नहीं है। ऐसे वाहनों से रेत परिवहन किये जाने पर वाहनों का फिटनेस, बीमा/ड्रायवर लायसेंस की जाँच किया जाना खनिज विभाग का दायित्‍व/कार्य क्षेत्र नहीं है। (ग) प्रश्‍नांकित अवधि में दर्ज अवैध उत्‍खनन प्रकरणों एवं अधिरोपित अर्थदण्‍ड का विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-स में दर्शित है। (घ) राजस्‍व व वन विभाग के अधिकारियों द्वारा खदान का कोई निरीक्षण नहीं किया गया है। अत: प्रश्‍नांश के शेष भाग का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। खनिज विभाग के अधिकारियों द्वारा खदान के किये गये निरीक्षण का विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-द में दर्शित है। खदानों के आवंटन किये जाने के विरोध में कोई शिकायत प्राप्‍त नहीं हुई। अत: प्रश्‍नांश के शेष भाग का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ड.) अनुविभागों में प्रश्‍नांकित अवधि में वन विभाग द्वारा अवैध उत्‍खनन के 10 प्रकरण तथा राजस्‍व विभाग द्वारा 22 प्रकरण पंजीबद्ध किये गये हैं। अवैध उत्‍खननकर्ताओं पर अर्थदण्‍ड अधिरोपित किया गया है। 06 अवैध उत्‍खननकर्ताओं पर एफ.आई.आर. दर्ज कराई गई है। वन विभाग द्वारा पंजीबद्ध प्रकरणों में वन अपराध दर्ज किया जाकर कार्यवाही प्रचलन में है। अत: प्रश्‍नांश अनुसार कोई कार्यवाही किये जाने का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। दर्ज/पंजीबद्ध प्रकरणों का विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ई अनुसार है।

जेल के लिए नवीन भवन की स्‍वीकृति

[जेल]

34. ( क्र. 549 ) श्री अमर सिंह यादव : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या वर्तमान में राजगढ़ जिले में जिला जेल संचालित है? यदि हाँ तो जेल भवन का निर्माण किस वर्ष में किया गया था? (ख) क्‍या राजगढ़ जिले में जेल का भवन बीच बाजार में बना हुआ है? यदि हाँ तो कहाँ पर और कितनी भूमि में बना हुआ है तथा पूर्व में जेल के नाम कितनी भूमि शासन द्वारा आवंटित की गई थी? खसरा एवं नक्‍शा उपलब्‍ध करावें। (ग) क्‍या शासन द्वारा नवीन जेल का निर्माण किये जाने हेतु कोई जगह आवंटित की गई है? यदि हाँ तो कितनी भूमि और किस स्‍थान पर आवंटित की गई है? (घ) उक्‍त आवंटित भूमि पर नवीन जिला जेल का निर्माण कब तक किया जावेगा?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जी हाँ। वर्ष 1905 में। (ख) जी हाँ। जेल भवन वार्ड क्रमांक-9 में पावर हाउस एवं पुलिस अधीक्षक निवास के समीप स्थित है। जेल भवन 0.493 हेक्‍टेयर भूमि पर बना हुआ है। पूर्व में जेल के नाम पर शासन द्वारा 0.493 हेक्‍टेयर भूमि आवंटित की गई थी। खसरा एवं गूगल नक्‍शे की प्रति संलग्‍न परिशि‍ष्‍ट अनुसार है। (ग) जी नहीं। (घ) उत्‍तरांश (ग) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - "आठ"

नवीन जेल का निर्माण

[जेल]

35. ( क्र. 550 ) श्री अमर सिंह यादव : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला जेल राजगढ़ में कितने कैदियों को रखे जाने की क्षमता है? (ख) वर्तमान में राजगढ़ जिला जेल में कितने कैदियों को रखा जा रहा है? (ग) क्‍या क्षमता से अधिक कैदियों को रखे जाने में जेल प्रशासन को कोई परेशानी नहीं आती है? (घ) यदि आती है तो नवीन जेल भवन का निर्माण करवाया जावेगा? यदि हाँ तो कब तक?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जेल में 239 बंदियों को रखे जाने की क्षमता है। (ख) दिनांक 13.06.2024 को 365 बंदी परिरूद्ध हैं। (ग) जी हाँ। (घ) उपयुक्‍त एवं पर्याप्‍त भूमि आवंटित होने पर पुनर्घनत्‍वीकरण की योजना में राजगढ़ में नवीन जेल का निर्माण प्रस्‍तावित है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

स्‍वीकृत पत्‍थर खदान की जानकारी

[खनिज साधन]

36. ( क्र. 555 ) डॉ. हिरालाल अलावा : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) धार जिले में किस ग्राम के किस खसरा नंबर के कितने रकबे पर किस दिनांक से किस दिनांक तक के लिए किस पत्थर की खदान स्वीकृत की गई? खदान से कितनी दूरी पर क्रेशर स्थापित किया है? (ख) किस लीज अनुबंधकर्ता ने गत छह माह में किस-किस दिनांक को अपने कितने उत्पादन एवं कितने परिवहन बाबत् जिला खनिज विभाग में किस प्रारूप में कौन-कौन सी जानकारी प्रस्तुत की है? किसने किस माह की जानकारी प्रस्तुत नहीं की? (ग) उत्पादन एवं परिवहन और स्टॉक की जानकारी प्रस्तुत किए जाने का क्या प्रावधान है? उसका पालन नहीं किए जाने पर खनिज विभाग को किन कार्यवाहियों के अधिकार हैं? (घ) किस पत्थर खदान एवं किस क्रेशर का गत एक वर्ष में किस-किस दिनांक को खनिज विभाग के किस निरीक्षक/अधिकारी ने निरीक्षण किया? प्रतिवेदन की प्रति सहित बताएं।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) धार जिले में स्‍वीकृत पत्‍थर खदान की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ पर दर्शित है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब पर दर्शित है। (ग) मध्‍यप्रदेश गौण खनिज नियम, 1996 अधिसूचित है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-स पर दर्शित है।

विक्रमपुरी औद्योगिक क्षेत्र की जानकारी

[औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन]

37. ( क्र. 562 ) श्री सतीश मालवीय : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) उज्जैन जिला अंतर्गत विक्रमपुरी औद्योगिक क्षेत्र में कुल कितने उद्योग स्थापित हैं? वृहद, मध्य एवं लघु उद्योग की उद्योगवार जानकारी दें। उक्त औद्योगिक क्षेत्र में कुल कितने भूखण्‍ड हैं? (ख) किस-किस संस्थान को कौन-कौन सा भूखण्‍ड कब-कब किन-किन शर्तों के साथ आवंटित किया गया है? क्या आवंटियों द्वारा निर्धारित समय-सीमा के तहत अपने उद्योग प्रारंभ कर दिए गए हैं? यदि हाँ तो ऐसे कितने उद्योग हैं? उद्योगवार जानकारी दें। (ग) जिन आवंटियों द्वारा निर्धारित समय-सीमा में अपना उद्योग प्रारंभ नहीं किया गया है, उनके विरुद्ध विभाग द्वारा क्या कार्यवाही की गई है? स्थापित उद्योगों द्वारा प्रदूषण फैलने संबंधी कोई शिकायत प्राप्त हुई है? यदि हाँ तो किस-किस उद्योग के विरुद्ध विभाग द्वारा क्या कार्यवाही की गई है? (घ) स्थापित उद्योगों में से किस-किस उद्योग द्वारा स्थानीय लोगों को रोजगार दिया गया है? उद्योगवार जानकारी दें।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) उज्जैन जिला अंतर्गत डी.एम.आई.सी. विक्रम उद्योगपुरी लिमिटेड औद्योगिक क्षेत्र में कुल 09 इकाइयां स्थापित हैं, जिसकी जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट-'' पर है। उक्त औद्योगिक क्षेत्र में औद्योगिक प्रयोजन एवं अन्‍य अनुषांगिक प्रयोजन हेतु कुल 104 भूखण्ड हैं। (ख) इकाइयां/औद्योगिक संस्थानों को मध्यप्रदेश राज्य औद्योगिक भूमि एवं भवन प्रबंधन नियम, 2019 (यथा संशोधित 2022) के प्रावधान अनुसार भूखण्‍ड आवंटित किये गये हैं। जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट '' पर है। जी हाँ। निर्धारित समय-सीमा में उद्योग प्रारंभ करने वाली औद्योगिक इकाइयों की सूची संलग्‍न परिशिष्ट-'' पर है। (ग) जिन आवंटियों द्वारा उद्योग प्रारंभ नहीं किया गया है, उन्‍हें उद्योग प्रारंभ करने हेतु समय-सीमा शेष है। अत: कार्यवाही का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता। पर्यावरण विभाग से प्राप्‍त जानकारी अनुसार विक्रम उद्योगपुरी औद्योगिक क्षेत्र में स्‍थापित उद्योगों द्वारा प्रदूषण फैलने के संबंध में कोई शिकायत प्राप्‍त नहीं हुई है। (घ) डी.एम.आई.सी. विक्रम उद्योगपुरी लिमिटेड औद्योगिक क्षेत्र में स्‍थापित 09 उद्योग द्वारा मध्‍यप्रदेश के स्‍थानीय लोगों को प्रदाय किये जा रहे रोजगार की जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट-'' पर है।

परिशिष्ट - "नौ"

फर्नीचर क्‍लस्‍टर हेतु भूमि का आवंटन

[सूक्ष्‍म, लघु एवं मध्‍यम उद्यम]

38. ( क्र. 569 ) श्री शैलेन्द्र कुमार जैन : क्या सूक्ष्‍म, लघु एवं मध्‍यम उद्यम मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या सागर शहर के टिम्बर उद्योग (लकड़ी टाल) को शहर से बाहर विस्थापित करने के साथ ही फर्नीचर क्लस्टर का प्रावधान किया गया है? यदि हाँ तो प्रश्‍न दिनांक तक इस प्रोजेक्ट में क्या-क्या प्रावधान किए गए हैं? इसकी वर्तमान स्थिति क्या है? (ख) क्या सिद्गुवां औद्योगिक क्षेत्र सागर में फर्नीचर क्लस्टर के लिए भूमि का आवंटन किया जा चुका है एवं टेंडर भी हो चुके हैं तथा 70 से अधिक निवेश इकाइयां प्रोजेक्ट लगाने के लिए तैयार हैं, परंतु प्रोजेक्ट नक्शे की स्वीकृति नहीं हो पाने के कारण फर्नीचर क्लस्टर विस्थापन की प्रक्रिया लंबित है? प्रोजेक्ट नक्शा स्वीकृत नहीं हो पाने का क्या कारण है एवं कब तक इसे शुरू किया जा सकेगा?

सूक्ष्‍म, लघु एवं मध्‍यम उद्यम मंत्री ( श्री चेतन्‍य कुमार काश्‍यप ) : (क) विभाग द्वारा सेवा उद्योगों को विभागीय भूमि का आवंटन नहीं किया जाता है। तथापि सागर जिले में फर्नीचर उद्योगों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से ग्राम सिद्गुवां जिला सागर में विभाग के आधिपत्य की भूमि पर फर्नीचर क्लस्टर बनाए जाने का निर्णय लिया गया है। इस हेतु चयनित विकासक के साथ विकास कार्य हेतु अनुबंध निष्पादित किया गया है। (ख) ग्राम सिद्गुवां, जिला सागर में विभागीय भूमि पर फर्नीचर क्लस्टर की स्थापना हेतु टेण्‍डर प्रक्रिया उपरांत चयनित विकासक के साथ विकास अनुबंध किया गया है। मध्‍यप्रदेश एम.एस.एम.ई. को औद्योगिक भूमि तथा भवन आवंटन एवं प्रबंधन नियम-2021 के परिशिष्‍ट-डी के प्रावधान अनुसार सागर जिले में फर्नीचर उद्योगों को प्रोत्‍साहित करने के उद्देश्‍य से फर्नीचर क्‍लस्‍टर विकास का निर्णय लिया गया है। उक्‍त नियमों में क्‍लस्‍टर विस्‍थापन के संबंध में प्रावधान न होने से प्रश्‍न उद्भूत नहीं होता। विकासक द्वारा अभिन्यास अनुमोदन का प्रस्ताव मानकों के अनुरूप प्रस्तुत नहीं करने के कारण प्रस्ताव वापस किया गया है। विकासक द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप अभिन्यास प्रस्ताव प्रस्तुत करने के पश्चात अभिन्यास अनुमोदन की कार्यवाही की जा सकेगी।

राजस्‍व वसूली हेतु तकनीकी जाँच

[खनिज साधन]

39. ( क्र. 659 ) श्री राजेन्‍द्र भारती : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अवैध उत्खनन में कानूनी कार्यवाही एवं वसूली के संबंध में खनिज विभाग के क्या-क्‍या नियमों का प्रावधान है? कृपया विस्तृत जानकारी देते हुए नियमावली संलग्न करें। (ख) क्या दतिया जिले में वर्ष 2018 से 2024 प्रश्‍न दिनांक तक पी.डब्लू.डी., आर.ई.एस., नगरपालिका दतिया, नगर पंचायत सेंवढ़ा, इंदरगढ़, बड़ौनी, भाण्डेर, जल संसाधन विभाग, पी.एच.ई., सड़क विकास निगम, नेशनल हाईवे सहित ग्राम पंचायतों द्वारा निर्माण कार्यों में कितनी-कितनी मिट्टी, मुरम एवं रेत तथा गिट्टी का उपयोग किया गया है और कितनी-कितनी रायल्टी राशि जमा की गई है? कृपया वर्षवार सभी विभागों एवं स्थानीय संस्थाओं द्वारा मिट्टी, मुरम एवं रेत तथा गिट्टी की मात्रा का उल्लेख कर जमा की गई राशि का विवरण अलग-अलग प्रदाय करें। (ग) क्या अवैध उत्खनन की वसूली के लिए विभाग में तकनीकी जांच करने का प्रावधान है। यदि हाँ तो क्या दतिया जिला में खनिज विभाग द्वारा उक्त संबंध में कार्यवाही की गई है। यदि हाँ तो कितने-कितने प्रकरणों में? कृपया जानकारी दें। (घ) क्या अवैध उत्खनन के संबंध में प्रश्‍नकर्ता द्वारा माननीय मुख्यमंत्री पत्र क्र. 1653/2024 दिनांक 14/03/2024, 1559/2024 दिनांक 19/01/2024, 1248/2022 दिनांक 25/07/2022, 1828/2018 दिनांक 09/02/2018 मुख्य सचिव पत्र क्र. 1770/2024 दिनांक 31/05/2024, 1690/2024 दिनांक 11/04/2024, 1249/2022 दिनांक 25/07/2022, प्रमुख सचिव खनिज विभाग पत्र क्र. 1771/2024 दिनांक 31/05/2024, 1691/2024 दिनांक 11/04/2024 को अवगत कराते हुए राजस्व वसूली के संबंध में तकनीकी जांच करने हेतु लेख किया गया? यदि हाँ तो विभाग द्वारा तत्संबंध में राजस्व वसूली हेतु क्या-क्‍या कार्यवाही की गई है? कृपया विस्तृत विवरण दें। यदि कार्यवाही नहीं की गई तो क्यों? कृपया कारण सहित बतायें। क्या विभाग राजस्व वसूली हेतु कार्यवाही करेगा? यदि हाँ तो कब तक?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) मध्‍यप्रदेश खनिज (अवैध खनन, परिवहन तथा भण्‍डारण का निवारण) नियम, 2022 के नियम 18 से 26 के अधिसूचना की प्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ पर दर्शित है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब पर दर्शित है। शेष जानकारी संबंधित विभागों से एकत्रित की जा रही है। (ग) जी नहीं। (घ) प्रश्‍नांश अनुसार विभाग को केवल पत्र क्रमांक 1690/2024 तथा 1691/2024 दिनांक 11/04/2024 प्राप्‍त हुआ है, जिसके संबंध में दतिया जिले में की गई कार्यवाही का विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-स पर दर्शित है। शेष पत्र प्राप्‍त नहीं हुए हैं।

स्‍थानांतरण नीति की जानकारी

[गृह]

40. ( क्र. 660 ) श्री राजेन्‍द्र भारती : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या गृह विभाग से सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी स्थानांतरण नीति लागू होती है? यदि हाँ तो क्या उक्त नीति में सभी कर्मचारी एवं अधिकारी आते हैं? यदि हाँ तो पुलिस मुख्यालय सहित पुलिस महानिरीक्षक एवं जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालयों में भी लागू होती है? यदि नहीं तो गृह विभाग में स्थानांतरण की नीति क्या है? क्या सामान्य प्रशासन विभाग एवं गृह विभाग की स्थानांतरण की नीति में तीन-तीन वर्ष का प्रावधान ही है अथवा इससे अलग-अलग है? कृपया अलग-अलग विवरण दें। (ख) क्या विभाग द्वारा स्थानांतरण नीति का पालन किया जाता है? यदि हाँ तो पुलिसकर्मियों- अधिकारियों का स्थानांतरण कितने वर्षों की अवधि के पश्चात् किये जाने का प्रावधान है? (ग) विभाग द्वारा जारी स्थानांतरण नीति के विपरीत दतिया जिला में तीन वर्ष या उससे अधिक अवधि से कितने पुलिसकर्मी, ए.एस.आई., सब इंस्पेक्टर एवं निरीक्षकों की थानों में कुल पदस्थी की अवधि कितनी-कितनी है? कृपया थानावार अलग-अलग संपूर्ण विवरण दें। (घ) क्या विभाग द्वारा प्रश्‍नकर्ता को प्रश्‍न क्रमांक 40 (क्र.517) दिनांक 9 फरवरी 2024 में दी गई सूची में जानकारी अनुसार स्थानांतरण करने की तिथि (रोक हटाने की तिथि) पर पदस्थ सभी पुलिस कर्मियों को जिला, थानों एवं तहसीलों से स्थानांतरण किये जायेंगे? यदि हाँ तो कब तक और यदि नहीं तो क्यों?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जी नहीं, शेष प्रश्‍नांश उपस्थित नहीं होता है। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी स्थानांतरण नीति अनुसार नियमानुसार कार्यवाही की जाती है। (ख) जी हाँ। मध्यप्रदेश शासन, सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी स्थानांतरण नीति दिनांक 24 जून, 2021 की कंडिका 17 एवं कंडिका 18 अनुसार तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों के स्थानांतरण हेतु निश्चित समय-सीमा निर्धारित नहीं होने स्थानांतरण करने की बाध्यता नहीं है, जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) जिला दतिया में तीन वर्ष से अधिक पदस्थापना के पुलिसकर्मी थानों में पदस्थ है, किंतु उक्त पदस्थापना स्थानांतरण नीति के विपरीत नहीं है। अतः उत्तरांश '' के परिप्रेक्ष्य में प्रश्‍नांश उपस्थित नहीं होता है। (घ) जिला, थानों एवं चौकियों में कर्मचारियों के स्थानांतरण रिक्तियों को दृष्टिगत रखते हुये जिले की आपराधिक पृष्ठभूमि एवं कानूनू व्यवस्था के दृष्टिकोण से आवश्यकतानुसार समानुपात में नियमानुसार स्वीकृत पदों के अनुरूप की जाती है, जो एक निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है, जिसकी समय-सीमा बताई जाना संभव नहीं है।

गुना जिलांतर्गत आंगनवाड़ी केन्‍द्रों का संचालन

[महिला एवं बाल विकास]

41. ( क्र. 727 ) श्री जयवर्द्धन सिंह : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) गुना जिले के राघौगढ़ एवं आरोन ब्लॉक में कितने आंगनवाड़ी केन्द्रों का संचालन हो रहा है? आंगनवाड़ी केन्‍द्रों के नाम, पते, सुपरवाईजर/आंगनवाड़ी कार्यकर्ता का नाम, कितने वर्षों से एक ही स्थान पर पदस्थ, कितने आंगनवाड़ियों में खुद की बिल्डिंग/भवन, कितने पद कहाँ पर कब से रिक्‍त हैं, बैकलॉग/नि:शक्तजनों के पदों सहित संपूर्ण जानकारी ब्लॉकवार बतायें। (ख) 20 मार्च 2020<