मध्यप्रदेश विधान सभा


प्रश्‍नोत्तर-सूची
जुलाई, 2024 सत्र


सोमवार, दिनांक 01 जुलाई, 2024


भाग-1
तारांकित प्रश्‍नोत्तर



जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक शिवपुरी में हुए घोटाले की राशि वसूली

[सहकारिता]

1. ( *क्र. 87 ) श्री देवेन्‍द्र कुमार जैन : क्या खेल एवं युवा कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक शिवपुरी में हुए घोटाले में कौन-कौन अधिकारी एवं कर्मचारी दोषी पाए गए हैं? उनके नाम एवं पद सहित जानकारी दें। बैंक में कुल कितनी राशि का घोटाला हुआ है? घोटाले में किन-किन अधिकारियों एवं कर्मचारियों से कितनी-कितनी राशि की वसूली की जाना है? जिसमें अब तक कितनी राशि की वसूली की जा चुकी है तथा कितनी राशि की वसूली किया जाना शेष है? (ख) प्रश्‍नांश (क) के अनुसार क्या घोटाले की राशि की वसूली हेतु दोषियों की संपत्तियों को चिन्हित किया गया है? यदि हाँ, तो चिन्हित की गई सम्पत्तियों एवं निर्धारित किए गए उनके मूल्य की जानकारी मय सूची उपलब्ध करावें। दोषियों की किन-किन संपत्तियों की नीलामी से अब तक कुल कितनी-कितनी राशि की वसूली की जा चुकी है? नीलामी में देरी के क्या-क्या कारण हैं? वसूली हेतु वर्तमान में क्या कार्यवाही प्रचलन में है? (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) अनुसार वर्तमान में बैंक के पास कुल कितने खाताधारकों की कितनी राशि जमा है? घोटाले के बाद से अब तक खाताधारकों की मांग पर कुल कितनी राशि का भुगतान किया जा चुका है तथा शासन द्वारा कितनी राशि का आवंटन बैंक को प्राप्त हुआ है? वर्तमान में बैंक को कुल कितनी राशि की आवश्‍यकता है? क्या राज्य सरकार द्वारा आवंटन उपलब्ध कराया जा सकता है, जिसे वसूली होने पर समायोजित किया जा सके? यदि हाँ, तो कब तक बैंक को आवश्यकता अनुसार राशि आवंटित की जावेगी?

खेल एवं युवा कल्याण मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक शिवपुरी में हुए घोटाले में दोषी पाये गये अधिकारियों एवं कर्मचारियों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 1 अनुसार है। राशि रू. 84.43 करोड़। घोटाले में दोषी अधिकारियों एवं कर्मचारियों से वसूली की जाने वाली राशि, अभी तक वसूल की गई राशि एवं वसूली हेतु शेष राशि की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 2 अनुसार है(ख) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 3 अनुसार है। माननीय उच्च न्यायालय खंडपीठ ग्वालियर में दायर याचिकाओं में दिये गये आदेश के पालन में मध्यप्रदेश राज्य सहकारी अधिकरण, भोपाल में विचाराधीन अपील प्रकरण में अंतिम निर्णय होने तक दोषियों की चिन्हित संपत्तियों की नीलामी की कार्यवाही स्थगित है। मध्यप्रदेश राज्य सहकारी अधिकरण में प्रकरण की आगामी तिथि दिनांक 10.07.2024 नियत है। (ग) जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्या., शिवपुरी में वर्तमान में 99,837 खाताधारकों की राशि रू. 291.66 करोड़ जमा है। घोटाले के पश्चात अब तक 13,468 खाताधारकों को राशि रू. 32.69 करोड़ का भुगतान किया गया है। शासन द्वारा खातेदारों को भुगतान हेतु कोई आवंटन नहीं दिया जाता है। शेष प्रश्‍नांश उपस्थित नहीं होता।

हितग्राही मूलक योजना की जानकारी

[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]

2. ( *क्र. 348 ) श्रीमती अनुभा मुंजारे : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) आजीविका मिशन विभाग एन.आर.एल.एम. समस्त बालाघाट जिले में विगत 05 वित्तीय वर्षों में किस-किस दिनांक को कितनी-कितनी राशि किस-किस कार्य हेतु जिला प्रशासन/राज्य शासन/केंद्र शासन या अन्य माध्यम से प्राप्त हुई? (ख) उक्त कार्यों में से किस-किस कार्य एजेंसी या हितग्राहियों को किस-किस कार्य हेतु कितनी राशि का भुगतान किया गया? खरीदी/बिक्री/भुगतान सहित पारित प्रस्तावों की छाया प्रति उपलब्ध करवायें। (ग) क्या विभिन्न माध्यमों से हितग्राही मूलक योजना अंतर्गत मशीनरीज आदि का संचालन किया जाता है, जिले में कहाँ-कहाँ पर संचालन किया जा रहा है तथा वर्तमान में भौतिक स्थिति क्या है? (घ) क्या विभाग द्वारा शिविर लगाये जाते हैं एवं कर्मचारियों सहित अन्य हितग्राहियों के लिए ट्रेनिंग कराई जाती है? विगत 5 वर्षों का वित्तीय ब्यौरा उपलब्ध करावें।

पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) आजीविका मिशन एन.आर.एल.एम. अंतर्गत बालाघाट जिले में विगत 05 वित्तीय वर्षों में दिनांकवार राशि किस कार्य हेतु जिला प्रशासन/राज्य शासन/केंद्र शासन या अन्य माध्यम से प्राप्त हुई है, की विस्तृत जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) प्रश्‍नांश (क) के कार्यों में से किस-किस कार्य एजेंसी या हितग्राहियों को किस-किस कार्य हेतु कितनी राशि का भुगतान किया गया है, की जानकारी एवं खरीदी/बिक्री/भुगतान सहित पारित प्रस्तावों की छायाप्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ग) विभिन्न माध्यमों से हितग्राही मूलक योजना अंतर्गत मशीनरीज का संचालन जिले में किया जा रहा है एवं उसकी वर्तमान भौतिक स्थिति की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (घ) विभाग द्वारा शिविर लगाये जाते हैं एवं कर्मचारियों तथा हितग्राहियों के लिए प्रशिक्षण कराये जाते हैं, विगत 5 वर्षों का वित्तीय ब्यौरा पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है।

 

पंचायतों को प्राप्‍त विकास कार्यों की राशि का उपयोग

[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]

3. ( *क्र. 450 ) श्री रजनीश हरवंश सिंह : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) केवलारी विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायतों को दिनांक 01 जनवरी, 2019 से आज दिनांक तक किन-किन ग्राम पंचायतों को किस-किस कार्य के लिये किस-किस दिनांक में कितनी-कितनी राशि प्रदान की गई? ग्राम पंचायतवार पृथक-पृथक राशि, कार्य का नाम, कार्य की स्थिति बतावें। (ख) प्रश्‍नांश (क) के प्रकाश में ग्राम पंचायतों में कितनी-कितनी राशि किस-किस कार्य में व्‍यय की? ग्राम पंचायत, कार्य, राशि, दिनांक सहित बतावें। (ग) ग्राम पंचायतों में कितने कार्य पूर्ण हो गए हैं? कितने कार्य अधूरे पड़े हैं और कितने कार्यों का मूल्‍यांकन हो चुका है? ग्राम पंचायतवार पृथक-पृथक बतावें। (घ) प्रश्‍नांश (ग) के प्रकाश में यादि कार्य अधूरे पड़े हैं तो कार्य पूर्ण न होने का कारण व जवाबदार पर विभाग द्वारा क्‍या कार्यवाही की गई? ग्राम पंचायतवार पृथक-पृथक बतावें।

पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) एवं (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ग) केवलारी विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायतों में कुल 909 कार्यों में से 836 कार्य पूर्ण एवं 73 कार्य प्रगतिरत हैं, जिसमें से 877 कार्यों का मूल्‍यांकन किया गया है, जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (घ) केवलारी विधानसभा अंतर्गत ग्राम पंचायतों के अपूर्ण कार्य होने के कारण की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है एवं जबावदार विभाग द्वारा की गई कार्यवाही की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है।

प्रदेश में बेरोजगारों की जानकारी

[ तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार (केवल कौशल विकास एवं रोजगार) ]

4. ( *क्र. 2 ) श्री बाला बच्चन : क्या राज्‍य मंत्री, कौशल विकास एवं रोजगार महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दिनांक 31.05.2024 की स्थिति में प्रदेश में बेरोजगारों की संख्‍या कितनी है, की जानकारी जिलावार स्‍त्री/पुरूष सहित बतावें। (ख) दिनांक 01.07.2021 से 31.05.2024 तक प्रदेश में कितने बेरोजगारों को रोजगार प्राप्‍त हुआ? शासकीय, अशासकीय, अर्द्धशासकीय संस्‍थाओं के संबंध में पृथक-पृथक जिलावार वर्षवार देवें। (ग) प्रश्‍नांश (ख) अवधि में इंदौर संभाग में कितने रोजगार मेले आयोजित किए गए? जिलावार, स्‍थान नाम सहित देवें। इन पर हुए व्‍यय की जानकारी भुगतान राशि, भुगतान दिनांक, भुगतान प्राप्‍तकर्ता फर्म/व्‍यक्ति नाम, फर्म का G.S.T. नंबर, भुगतान प्राप्‍तकर्ता द्वारा प्रस्‍तुत बिलों की छायाप्रति सहित कार्यवार देवें। लं‍बित भुगतान की जानकारी भी कार्यवार देवें। (घ) दिनांक 31.05.2021, 31.05.2022, 31.05.2023 की स्थिति में प्रदेश में बेरोजगारों की संख्‍या स्‍त्री/पुरूष सहित जिलावार देवें।

राज्‍य मंत्री, कौशल विकास एवं रोजगार ( श्री गौतम टेटवाल ) : (क) प्रश्‍नावधि में एम.पी. रोजगार पोर्टल पर कुल 25,82,759 आवेदक पंजीकृत हैं। जिलेवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) प्रश्‍नावधि में रोजगार कार्यालयों के माध्‍यम से निजी क्षेत्र में 2,32,295 आवेदकों को ऑफर लेटर प्रदाय किये गये, जिलेवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। शासकीय एवं अर्द्धशासकीय संस्‍थाओं की जानकारी संधारित नहीं की जाती है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है। (घ) दिनांक 31.05.2021, 31.05.2022 एवं 31.05.2023 की स्थिति में रोजगार पोर्टल पर दर्ज आवेदकों की जिलेवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 4, 5 एवं 6 अनुसार है।

विकास यात्रा एवं विकसित भारत संकल्प यात्रा में व्‍यय राशि

[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]

5. ( *क्र. 216 ) श्री संजय उइके : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या वित्तीय वर्ष 2022-23 से 2023-24 तक विकास यात्रा एवं विकसित भारत संकल्प यात्रा बालाघाट जिले की सभी ग्राम पंचायतों के ग्रामों में आयोजित की गयी थी? (ख) यदि हाँ, तो बालाघाट जिले की जिला पंचायत, सभी जनपद पंचायतों एवं बैहर विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायतों में किस-किस मद से किन-किन कार्यों/व्यवस्थाओं में कितनी-कितनी राशि व्यय की गई? क्या विभाग द्वारा यात्रा हेतु ग्राम पंचायतों, जनपद पंचायतों, जिला पंचायत को व्यय करने के आदेश या निर्देश जारी किये गये थे? तो उसकी प्रति उपलब्ध करावें।

पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) जी हाँ। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। निर्देश पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है।

दोषियों के विरूद्ध कार्यवाही

[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]

6. ( *क्र. 493 ) श्री देवेन्द्र रामनारायन सखवार : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या मध्‍यप्रदेश राज्‍य रोजगार गारंटी परिषद का पत्र क्रमांक 1864/अ.मु.का.अ./मनरेगा/2022 भोपाल दिनांक 08.06.2022 के माध्‍यम से पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग अंतर्गत आजीविका मिशन के तत्‍कालीन मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी एवं 03 अधिकारियों एवं 01 कर्मचारी को दोषी पाया गया? (ख) यदि हाँ, तो उक्‍त जांच में दोषी पाये गये संबंधितों के विरूद्ध काफी समय व्‍यतीत हो जाने के बाद भी जांच निष्‍कर्ष के आधार पर कार्यवाही नहीं किये जाने के क्‍या कारण हैं? (ग) क्‍या निश्‍चित समय में उन दोषियों के विरूद्ध कार्यवाही की जायेगी? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्‍यों?

पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) जांचकर्ता अधिकारी के द्वारा जांच प्रतिवेदन दिनांक 08.06.2022 में तत्‍कालीन मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी एवं 02 अधिकारियों एवं 01 कर्मचारी को दोषी पाया गया है। (ख) प्रश्‍नांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में जांच प्रकरण में जांचकर्ता अधिकारी की जांच रिपोर्ट पर अंतिम निर्णय लेने के पूर्व अनावेदकगणों द्वारा अपने पक्ष में प्रस्‍तुत तथ्‍यों एवं सुसंगत अभिलेखों का परीक्षण हेतु 02 सदस्‍यीय दल की समिति गठित की गई है। (ग) उत्‍तरांश (ख) अनुसार समिति से प्रतिवेदन प्राप्ति पश्‍चात शीघ्र निर्णय लिया जावेगा।

 

प्रधानमंत्री आवास योजना

[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]

7. ( *क्र. 278 ) श्री दिनेश जैन बोस : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रधानमंत्री आवास योजना के क्या नियम हैं, इस योजना के अंतर्गत किस प्रकार से हितग्राहियों को पात्र मानकर लाभ देने का प्रावधान है? (ख) प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत महिदपुर विधानसभा क्षेत्र में वर्ष 2019-20, 2020-21, 2021-22 में किस-किस ग्राम को कितना-कितना किस श्रेणी का लक्ष्य दिया गया था? ग्रामवार सूची देवें एवं ग्रामवार आवास निर्माण का लक्ष्य किसके द्वारा किस प्रकार से कब निर्धारित किया गया? (ग) क्‍या प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत पंचायतों द्वारा कुछ अपात्र नाम भी इस सूची में शामिल होने तथा पात्र लोगों के नाम सूची से गायब होने संबंधी शिकायतें प्राप्त हुई हैं? यदि हाँ, तो संबंधित अधिकारियों द्वारा क्‍या उचित कार्यवाही की गई है? तथा दोषी अधिकारियों/कर्मचारियों पर क्या कार्यवाही की गई है?

पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जानकारी प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के पोर्टल pmayg.nic.in पर उपलब्‍ध है। आवास निर्माण का लक्ष्‍य, वर्ष 2016-17 से 2020-21 तक भारत सरकार से लक्ष्‍य प्राप्‍त होने पर राज्‍य शासन द्वारा एस.ई.सी.सी. सूची में दर्ज नामों में से निर्धारित किया गया है तथा आवास प्‍लस 2021-22 का लक्ष्‍य भारत सरकार द्वारा सीधे निर्धारित किया गया है। (ग) प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अंतर्गत एस.ई.सी.सी. सूची अनुसार नाम शामिल किये गये थे, जिसमें आवास स्‍वीकृति की पात्रता की शर्तों के अनुसार कुछ अपात्र परिवारों के नाम भी सूची में शामिल थे, जिन्‍हें परीक्षण अनुसार अपात्र किया गया है। परंतु पात्र लोगों के नाम सूची से गायब होने संबंधित शिकायतें प्राप्‍त नहीं हुई हैं। यह सही है कि आवास स्‍वीकृति के समय भारत सरकार द्वारा योजना के लिये निर्धारित शर्तों की पात्रता परीक्षण के दौरान मैदानी कर्मचारियों से कुछ हितग्राहियों के नाम त्रुटिवश विलोपित हुए हैं तथा परीक्षण उपरांत अपात्र लोगों को आवास स्‍वीकृति के संबंध में दोषी कर्मचारियों के विरूद्ध जिला स्‍तर से कार्यवाही की गयी है, जिसमें वसूली जैसी कार्यवाही भी शामिल है।

आई.टी.आई. में सिलाई विषय प्रारंभ किया जाना

[ तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार (केवल कौशल विकास एवं रोजगार) ]

8. ( *क्र. 187 ) श्री कालु सिंह ठाकुर : क्या राज्‍य मंत्री, कौशल विकास एवं रोजगार महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या धार जिले की धरमपुरी विधानसभा में सरकारी आई.टी.आई. कॉलेज संचालित हो रहा है? यदि हाँ, तो कौन-कौन से कॉलेज संचालित हो रहे हैं? (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार इन कॉलेजों में कौन-कौन से विषय संचालित किये जा रहे हैं? (ग) क्या धरमपुरी विधानसभा में सिलाई संबंधित उद्योग संचालित होने के बाद भी आई.टी.आई. कॉलेज में सिलाई संबंधित विषय की सुविधा उपलब्ध नहीं है? कारण बतावें और यह भी बतावें कि उक्त विषय कब तक चालू कर दिया जायेगा?

राज्‍य मंत्री, कौशल विकास एवं रोजगार ( श्री गौतम टेटवाल ) : (क) जी हाँ। शासकीय आई.टी.आई. कॉलेज, धामनोद संचालित हैं। (ख) शासकीय आई.टी.आई. कॉलेज, धामनोद में निम्‍न विषय संचालित हैं :-

क्र.

विषय

1.

Wood Work Technician (कारपेटर)

2.

Computer Operator and Programming Assistant (COPA)

3.

Electrician (इलेक्ट्रिशियन)

4.

Fitter (फिटर)

5.

Machinist (शीनिष्‍ट)

6.

Mechanic Motor Vehicle (मेकेनिक मोटर व्‍हीकल)

7.

Mechanic Diesel (मैकेनिक डीजल)

8.

Turner (टर्नर)

9.

Welder (Gas & Electric) (वेल्‍डर-गैस एण्‍ड इलेक्ट्रिक)

 

(ग) शासकीय आई.टी.आई., धामनोद में पूर्व से 09 व्‍यवसाय संचालित हैं, जिसके कारण संस्‍था में पर्याप्‍त मात्रा में स्‍थान न होने के कारण अन्‍य कोई व्‍यवसाय प्रारंभ किये जाने के संबंध में समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं हैं।

पुलिया निर्माण

[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]

9. ( *क्र. 151 ) श्री मनोज नारायण सिंह चौधरी : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या हाटपिपल्या विधानसभा के ग्राम नापाखेड़ी में लगभग 20-25 वर्ष पूर्व बनी हुई पुलिया वर्तमान में जर्जर स्थिति में होकर प्रतिवर्ष बारिश में आधी बह जाती है? क्‍या बारिश के बाद मुरम डालकर चलने योग्य बनाया जाता है? विगत कई वर्षों से नवीन पुलिया निर्माण हेतु देवास जिले के विभाग द्वारा प्रदेश स्तर पर प्रस्ताव भेजे गए हैं, किन्तु आज तक निराकरण नहीं हुआ है? (ख) क्‍या प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना अंतर्गत बने हाटपिपल्या-चासिया मार्ग पर स्थित सेंधला नदी पर पुलिया निर्माण की जगह रपटा बना दिए जाने के कारण थोड़ी सी भी बारिश होने से आवागमन अवरूद्ध हो जाता है? जिस कारण क्षेत्रवासियों को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ता है? क्‍या प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना अंतर्गत ग्राम सुनवानी महाकाल में मार्ग का निर्माण किया गया था, जो कि जर्जर होने पर उक्त सड़क निर्माण हेतु नवीन स्वीकृति भी दी गई थी, किन्तु गाँव में छोटी पाईप वाली पुलिया बनी होने से थोड़ी भी बारिश होने के कारण उक्त पाईप वाली पुलिया से पानी नहीं निकल पाता है, जिस कारण पूरा गाँव जलमग्न हो जाता है? उक्त पुलिया बाक्स कलवर्ट बनाने की मांग लगातार क्षेत्रवासियों द्वारा की जा रही है? (ग) उक्त पुलियाएं कब तक स्वीकृत होंगी?

पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) हाटपिपल्या विधानसभा में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत पैकेज क्रमांक एम.पी. 1010 के मार्ग देवास बरोठा मार्ग से नापाखेड़ी अंतर्गत चैनेज क्रमांक 1170 मी. पर पुलिया का निर्माण वर्ष 2006 में किया गया था। वर्ष 2021 के अतिवृष्टि में उक्त पुलिया क्षतिग्रस्त हो गई थी, जिसके पश्चात पुलिया के मरम्मत के अंतर्गत प्रोटेक्शन वॉल का निर्माण किया जाकर यातायात को सुचारू किया गया था। वर्तमान में उक्त पुलिया पर 75 मी. लंबाई में हाईलेवल ब्रिज प्रस्तावित है। प्राधिकरण की साधिकार समिति द्वारा लिए गये निर्णय के अनुसार क्षतिग्रस्त संरचना के स्थान पर नवीन संरचना निर्माण हेतु डी.पी.आर. बनाने हेतु नोडल इकाई मंदसौर द्वारा कार्यादेश जारी किया जाकर डी.पी.आर. बनाने की कार्यवाही प्रचलन में है। (ख) हाटपिपल्या से चासिया मार्ग पर सेंधला नदी नहीं, बल्कि भमौरी नदी है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत पैकेज क्रमांक एम.पी. 1038 के तहत वर्ष 2009 में निर्मित मार्ग हाटपिपल्या से चासिया मार्ग के चैनेज क्रमांक 70 मी. पर पूर्व निर्मित 2 रो (900 एम.एम.) व्ही.सी.डब्ल्यू. था, जिसका निर्माण पूर्व में अन्य विभाग द्वारा लगभग 33 वर्ष पूर्व किया गया था। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत स्वीकृत उक्त पैकेज में उक्त व्ही.सी.डब्ल्यू. में वियरिंग कोट का कार्य ही किया गया जाना सम्मिलित था। इस व्ही.सी.डब्ल्यू. पर वर्षा ऋतु में वर्ष में कभी-कभी मार्ग अवरूद्ध होता है। इसी प्रकार प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत पैकेज क्रमांक एम.पी. 1035 अंतर्गत वर्ष 2011 में निर्मित सुनवानी महाकाल मार्ग के चैनेज क्रमांक 2170 मी. पर 3 रो व्ही.सी.डब्ल्यू. (स्टोन मेसेनरी) का निर्माण मूल पैकेज क्रमांक एम.पी. 1035 के पूर्व अन्य विभाग द्वारा किया गया था। इस पुलिया पर वर्षा ऋतु में वर्ष में कभी-कभी मार्ग अवरूद्ध होता है, इससे पूरा ग्राम जलमग्न नहीं होता है। ग्रामवासियों की मांग के आधार पर इस पुलिया को बॉक्स कल्वर्ट हेतु प्रस्तावित किया गया था, जिसका मुख्यालय पर तकनीकी समिति के समक्ष प्रस्तुतीकरण किया गया। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के मापदण्डों के अनुसार उपयुक्त नहीं पाये जाने के कारण प्रस्तावित बॉक्स कल्वर्ट का अनुमोदन तकनीकी समिति द्वारा अमान्य करते हुये पूर्व व्ही.सी.डब्ल्यू. को सुदृढ़ करने का प्रावधान मान्य किया गया है। (ग) उत्तरांश '''' अनुरूप बरोठा मार्ग से नापाखेड़ी रोड पर हाई लेवल ब्रिज निर्माण हेतु डी.पी.आर. तैयार करने की कार्यवाही प्रचलन में है, किंतु प्रश्‍नांश '''' में उल्लेखित दोनों संरचनायें वर्तमान स्थिति में सुदृढ़ एवं आवागमन सुलभ होने के कारण इन पर नवीन पुलिया/हाई लेवल ब्रिज वर्तमान स्थिति में प्रस्तावित नहीं है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

अमानक खाद, बीज की बिक्री

[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]

10. ( *क्र. 362 ) श्री पंकज उपाध्याय : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) आगामी खरीफ की फसल हेतु खाद एवं बीज के वितरण की क्‍या व्‍यवस्‍था की गई है? जौरा विधानसभा में कितने स्‍थान से शासकीय मूल्‍य पर खाद और बीज वितरित किया जाता है? जिन खाद और बीज की संस्‍थाओं ने अपना काम ईमानदारी से नहीं किया है, शासन द्वारा उन पर क्‍या कार्रवाई की गई? (ख) किसानों को खाद बीज वितरण की सरकार की क्‍या कार्ययोजना है? क्‍या प्रत्‍येक वर्ष खाद बीज वितरण में किसानों के ऊपर लाठीचार्ज किया जाता है? किसानों को क्‍यों दो-तीन दिन तक लाइन पर लगे रहना पड़ता है? (ग) जौरा विधानसभा में वर्ष 2018-19 से 2023-24 त‍क कितने नकली खाद बीज बेचने वालों पर कार्यवाही की गई और आगे की क्‍या योजना है? क्‍या प्रदेश में किसानों को नकली खाद बीज के कारण कृषि उत्‍पादन कम होता है और किसान ठगी का शिकार हो जाते हैं? इसके लिए सरकार क्‍या कोई कठोर कानून बनायेगी?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) आगामी खरीफ हेतु उर्वरक एवं बीज व्‍यवस्‍था की योजना जिले की मांग अनुसार क्षेत्र में लगाई जाने वाली फसलों के आधार पर तैयार की जाती है। जौरा विधानसभा में जौरा एवं कैलारस तहसील आती है। इन दोनों तहसील मुख्यालय से जौरा विधानसभा हेतु व्यवस्था की जा रही है। जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र 1 अनुसार है। जौरा विधानसभा में 69 उर्वरक विक्रय केन्‍द्रों से शासकीय दरों पर उर्वरक विक्रय किया जाता है तथा 86 बीज वितरण केन्‍द्रों से बीज वितरण किया जाता है। उर्वरक एवं बीज की संस्थाओं के विरुद्ध कोई शिकायत प्रकाश में नहीं आई है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ख) जिले में किसानों को खाद एवं बीज वितरण की कार्य योजना की जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र 2 अनुसार है। किसानों को खाद एवं बीज वितरण के दौरान किसी भी प्रकार लाठी चार्ज एवं किसानों को दो-तीन दिन तक लाइन में लगे रहने की स्थिति निर्मित नहीं हुई है। (ग) जौरा विधानसभा में वर्ष 2018-19 से 2023-24 तक नकली खाद बीज बेचने का प्रकरण संज्ञान में नहीं आया है। 01 अप्रैल, 2024 से प्रश्‍न दिनांक तक कार्यालय में खाद बीज विक्रय करने वालों के विरुद्ध कोई शिकायत प्रतिवेदित नहीं है। खाद एवं बीज की गुणवत्ता नियंत्रण हेतु सघन अभियान चलाया जाकर सतत् निगरानी विभागीय अमले द्वारा रखी जाती है। उर्वरक एवं बीज निरीक्षक द्वारा औचक निरीक्षण किए जाते हैं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - "एक"

सीखो कमाओ योजना अंतर्गत रोजगार

[ तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार (केवल कौशल विकास एवं रोजगार) ]

11. ( *क्र. 357 ) श्री विजय रेवनाथ चौरे : क्या राज्‍य मंत्री, कौशल विकास एवं रोजगार महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मुख्यमंत्री सीखो कमाओ योजना के अंतर्गत सौंसर विधानसभा में प्रश्‍न दिनांक तक कितने युवाओं ने अपना रजिस्ट्रेशन कराया था? (ख) उपरोक्त रजिस्टर्ड युवाओं में कितने युवाओं को इस योजना के अंतर्गत ट्रेनिंग का अवसर मिला? (ग) ट्रेनिंग के लिए चुने गये युवाओं में से कितने युवाओं को संबंधित प्रतिष्ठान में नौकरी मिली? (घ) मुख्यमंत्री सीखो कमाओ योजना के लागू होने के बाद से प्रश्‍न दिनांक तक राज्य शासन द्वारा इस योजना के प्रचार प्रसार और विज्ञापन पर कुल कितनी राशि व्यय की गई?

राज्‍य मंत्री, कौशल विकास एवं रोजगार ( श्री गौतम टेटवाल ) : (क), (ख) एवं (ग) मुख्‍यमंत्री सीखो कमाओ योजना के पोर्टल पर विधानसभावार जानकारी संधारित नहीं की जाती है, अपितु प्रश्‍नावधि में छिन्‍दवाड़ा जिले में 25935 प्रशिक्षणार्थियों ने पंजीयन कराया, जिसमें से 369 को प्रशिक्षण का अवसर मिला, जिसमें से 05 प्रशिक्षणार्थियों का प्रशिक्षण पूर्ण हुआ है। मुख्‍यमंत्री सीखो कमाओ योजना एक प्रशिक्षण योजना है। शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (घ) प्रश्‍नावधि में विभाग द्वारा इस योजना के प्रचार-प्रसार और विज्ञापन पर कोई राशि व्‍यय नहीं की गई है।

 

मुख्यमंत्री मेधावी एवं जनकल्याण छात्रवृत्ति योजना

[ तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार (केवल तकनीकी शिक्षा) ]

12. ( *क्र. 275 ) डॉ. राजेश सोनकर : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मुख्यमंत्री मेधावी एवं जनकल्याण छात्रवृत्ति योजना अंतर्गत 12वीं में CBSE एवं MP Board से उत्तीर्ण विद्यार्थियों का कितने प्रतिशत अंक लाने पर उच्च शिक्षा में छात्रवृत्ति हेतु चयन होता है? CBSE एवं MP Board का क्राइटेरिया क्या है? (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में योजना में शामि‍ल विद्यार्थियों की महाविद्यालय की कौन-कौन सी फीस जैसे शिक्षण शुल्क, आवास शुल्क एवं अन्य किस प्रकार की फीस की राशि प्रदान की जाती है? (ग) जिला इंदौर एवं जिला देवास में वित्तीय वर्ष 2018-19 से प्रश्‍न दिनांक तक कितनी राशि से, कितने विद्यार्थियों की फीस का भुगतान किया है? वित्तीय वर्ष अनुसार विवरण प्रदान करने का आग्रह है। (घ) वित्तीय वर्ष 2018-19 से प्रश्‍न दिनांक तक विद्यार्थी जो देश के विभिन्न शहरों में अध्ययन कर रहे हैं, की‍ राशि का भुगतान महाविद्यालयों में किस कारण से रूका हुआ है? भुगतान हेतु कुल कितने विद्यार्थियों या अभिभावकों ने CM हेल्पलाईन में शिकायतें की हैं, प्रश्‍न दिनांक तक उनका क्या निराकरण हुआ? रुकी हुई फीस का भुगतान कब तक होगा? क्या महाविद्यालयों द्वारा शासन को समय पर विद्यार्थियों के दस्तावेज, मांग पत्र भेज दिये जाते हैं? क्‍या शासन को दस्तावेज समय पर उपलब्ध न करवाने पर महाविद्यालयों के खिलाफ कार्यवाही करने का प्रावधान भी है?

उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) एवं (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है(ग) योजनावार/जिलेवार/वित्‍तीय वर्षवार विवरण निम्नानुसार है :-

मुख्यमंत्री मेधावी विद्यार्थी योजना

वित्तीय वर्ष

जिला इंदौर

जिला देवास

लाभार्थियों की संख्या

कुल राशि

(रूपये में)

लाभार्थियों की संख्या

कुल राशि

(रूपये में)

2018-19

7162

₹32,48,73,970

756

₹3,50,93,312

2019-20

10468

₹33,88,38,562

819

₹2,88,50,512

2020-21

10908

₹41,99,84,820

885

₹1,58,42,501

2021-22

4531

₹49,96,17,520

205

₹10,09,32,752

2022-23

12947

₹1,12,78,07,134

888

₹15,67,48,759

2023-24

11154

₹1,39,77,71,118

764

₹8,92,80,693

 

 

 

 

 

 

 

 

 

मुख्यमंत्रीजन कल्याण (शिक्षा प्रोत्साहन) योजना

वित्तीय वर्ष

जिला इंदौर

जिला देवास

लाभार्थियों की संख्या

कुल राशि

(रूपये में)

लाभार्थियों की संख्या

कुल राशि (रूपये में)

2018-19

376

₹40,22,342

247

₹10,21,762

2019-20

414

₹1,31,23,337

149

₹5,15,915

2020-21

132

₹88,95,954

96

₹13,14,992

2021-22

190

₹39,46,119

233

₹8,57,588

2022-23

759

₹3,14,57,483

217

₹38,90,366

2023-24

18

₹3,73,636

65

₹3,31,281

 

(घ) वित्तीय वर्ष 2023-24 तक स्वीकृत समस्त आवेदनों का भुगतान किया जा चुका है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में स्वीकृत आवेदनों के भुगतान की कार्यवाही बजट उपलब्धता अनुसार निरंतर की जा रही है। सी.एम. हेल्पलाईन पोर्टल पर उपलब्‍धता अनुसार दिनांक 01.07.2021 से दिनांक 12.06.2024 तक प्राप्त एवं निराकृत शिकायतों की जानकारी निम्नानुसार है :-

योजना का नाम

प्राप्त शिकायतें

निराकृत शिकायतें

मुख्यमंत्री मेधावी विद्यार्थी योजना

2080

1957

मुख्‍यमंत्री जन कल्‍याण

(शिक्षा प्रोत्‍साहन) योजना

123

112

 

शेष शिकायतों के त्वरित निराकरण हेतु बजट उपलब्धता अनुसार भुगतान की कार्यवाही की जाएगी। जी हाँ। शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता हैं।

म.प्र. राज्य सहकारी बैंक के विभागीय जांच में अनियमितताएं

[सहकारिता]

13. ( *क्र. 11 ) श्री यादवेन्द्र सिंह : क्या खेल एवं युवा कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जनवरी 2022 तक अपेक्स बैंक स्तर पर विभागीय जांच के कितने प्रकरण केडर अधिकारियों/बैंक अधिकारियों के विरुद्ध लंबित थे? नामवार जानकारी दें। (ख) इनमें से मार्च 2024 तक कितने प्रकरण में अंतिम आदेश पारित कर क्या-क्या दण्ड दिये गये? उन पर क्या आरोप थे? क्या दण्ड प्रस्तावित था? अधिकारीवार जानकारी दें। (ग) क्या गंभीर आरोप होने के बावजूद अधिकारियों को कम दण्ड दिया गया था या दोषमुक्त कर दिया गया? इसके लिए कौन उत्तरदायी है और उनके विरूद्ध क्या कार्यवाही की जावेगी? (घ) क्या बैंक केडर अधिकारी सरोठिया लोकायुक्त द्वारा ट्रेप किये गये थे? उनके सेवानिवृत्त होने के बाद अभियोजन स्वीकृति कब दी गई? उन्हें राजगढ़ बैंक का सी.ई.ओ. बनाये रखा गया, जबकि ऐसे अधिकारियों की फील्ड पदस्थापना पर रोक है, इसके लिए कौन उत्तरदायी है?

खेल एवं युवा कल्याण मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) कैडर अधिकारियों के 78 एवं बैंक अधिकारी के 7 प्रकरण लंबित थे। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) प्रश्‍नावधि में कैडर अधिकारियों के लंबित प्रकरणों में से 27 प्रकरणों एवं बैंक अधिकारियों के लंबित प्रकरणों में 2 प्रकरणों का निराकरण किया गया है, उन पर लगाये गये आरोप प्रस्तावित दण्ड एवं अंतिम आदेश में लिये गये निर्णय/दण्ड का नामवार विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) उत्तरांश "ख" के प्रकरणों में संस्थित विभागीय जांच पर जांच अधिकारी द्वारा दिये गये निष्कर्ष के आधार सक्षम प्राधिकारी द्वारा शीर्ष बैंक के सेवानियम में सुसंगत प्रावधानों के अनुसार, गुण-दोष के आधार पर दोषमुक्त/दण्ड दिये जाने के निर्णय लिये गये हैं, शेष प्रश्‍नांश उपस्थित नहीं होता है। (घ) जी हाँ, झाबुआ में पदस्थी के दौरान दिनांक 04.09.2021 को। श्री सरोठिया की सेवानिवृत्ति तिथि 30.06.2023 के पूर्व दिनांक 14.06.2023 को अभियोजन की स्वीकृति दी गई। लोकायुक्त कार्यालय द्वारा श्री सरोठिया को झाबुआ से अन्यत्र स्थानान्तरण करने की अनुशंसा की गई थी, परन्तु शीर्ष बैंक द्वारा श्री सरोठिया को दिनांक 05.09.021 को निलंबित कर मुख्यालय भोपाल संलग्न किया गया एवं दिनांक 15.01.2022 को श्री सरोठिया को राजगढ़ पदस्थ किया गया। श्री सरोठिया कैडर अधिकारी की फील्ड पदस्थापना के संबंध में लोकायुक्त कार्यालय द्वारा कोई रोक नहीं लगायी गयी थी। शेष प्रश्‍नांश उपस्थित नहीं होता है।

कालाबाजारी करते पकड़े जाने पर भी एफ.आई.आर. नहीं करवाना

[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]

14. ( *क्र. 297 ) श्री प्रदीप पटेल : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रश्‍नकर्ता विधायक की ध्यानाकर्षण सूचना क्रमांक 402 का उल्लेख करते हुये संयुक्त संचालक (उर्वरक) कृषि विभाग भोपाल के द्वारा अपने पत्र दिनांक 13.04.2023 में यह उल्लेखित किया है कि उप संचालक कृषि ने कालाबाजारी के 08 प्रकरण बतायें हैं व 01 प्रकरण में एफ.आई.आर. कराई गई है? 07 प्रकरणों एवं जिगनहट में मेसर्स वैभव लक्ष्मी, मेसर्स जय बद्री विशाल, मेसर्स वैभव लक्ष्मी बांधी एवं अन्य का भी उल्लेख है, जिनके विरूद्ध एफ.आई.आर. की कार्यवाही की जाये? उक्त पत्र की एक प्रतिलिपि उपलब्ध करायें। (ख) क्या सतना जिले में प्रभारी उप संचालक के पद पर रहते हुये श्री अहिरवार के द्वारा कई जांच करते हुये अनेक अनियमिततायें पकड़ी एवं उन पर कार्यवाही करते हुये आदेशों को जारी किया? श्री अहिरवार के कार्यकाल के दौरान जारी सभी आदेशों की एक-एक प्रति उपलब्ध करायें। (ग) प्रश्‍नांश (क) में उल्लेखित एफ.आई.आर. नहीं कराने वाले उप संचालक कृषि, सतना को राज्य शासन कब तक निलंबित कर मुख्यालय भोपाल संबद्ध कर उसके विरूद्ध एफ.आई.आर पुलिस थाना में दर्ज करवायेगा? (घ) कब तक शासन अवैध कार्य करने वालों को ब्लैक लिस्टेड कर थानों में एफ.आई.आर दर्ज करवायेगा? एफ.आई.आर. की एक प्रति दें। अगर नहीं तो क्‍यों?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 1 अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 2 अनुसार है। (ग) प्रश्‍नांश '' में उल्लेखित 7 प्रकरणों में से 2 प्रकरणों में मान. उच्च न्यायालय का स्थगन है, एक प्रकरण में अपीलीय अधिकारी संयुक्त संचालक, किसान कल्याण तथा कृषि विकास, रीवा द्वारा अनुज्ञप्ति बहाल की गई। शेष के विरुद्ध एफ.आई.आर. दर्ज कराने की कार्यवाही की जा रही है। (घ) कार्यवाही में विलंब के लिए उप-संचालक का स्पष्टीकरण चाहा गया है। जवाब प्राप्त होते ही समुचित कार्यवाही हो सकेगी।

खेलों को बढ़ावा देने हेतु योजनाएं

[खेल एवं युवा कल्याण]

15. ( *क्र. 315 ) डॉ. अभिलाष पाण्डेय : क्या खेल एवं युवा कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश सरकार की खेलों को बढ़ावा देने हेतु क्या नीति है? (ख) ग्रामीण स्तर पर खेलों को बढ़ावा देने हेतु कौन-कौन सी योजनाएं संचालित की जा रही है? (ग) मध्यप्रदेश में खेल विभाग अंतर्गत कितने पद स्वीकृत हैं एवं वर्तमान में कितने पद रिक्त हैं? जिलेवार सूची देवें। (घ) उक्त रिक्त पदों को भरने हेतु विभाग की क्या तैयारी है? इन्हें कब तक भरा जाना है?

खेल एवं युवा कल्याण मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) प्रदेश सरकार की खेलों को बढ़ावा देने हेतु खेल नीति-2005 बनाई गई है, जिसकी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है(ख) ग्रामीण स्‍तर पर खेलों को बढ़ावा देने हेतु खेल प्रशिक्षण, खेल प्रतियोगिता, विधायक कप, ग्रामीण युवा केन्‍द्रों का संचालन, खेल प्रशिक्षण केन्‍द्रों को खेल सामग्री आदि संचालित है। (ग) मध्यप्रदेश में खेल विभाग अंतर्गत स्वीकृत एवं रिक्त पदों जिलेवार सूची पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है(घ) रिक्‍त पदों को भरने हेतु सामान्‍य प्रशासन विभाग, म.प्र. शासन के दिशा-निर्देशों के तहत कार्यवाही की जावेगी। अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

राजीव गांधी प्रोद्योगिकी विश्‍वविद्यालय में आर्थिक अनियमितताएं

[ तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार (केवल तकनीकी शिक्षा) ]

16. ( *क्र. 407 ) श्री हेमंत कटारे : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) राजीव गांधी प्रोद्योगिकी विश्‍वविद्यालय, UIT भोपाल, UIT शिवपुरी, UIT झाबुआ, UIT शहडोल, यूनीवर्सिटी पॉलीटेक्निक बोर्ड RGPV में सितम्बर 2020 से प्रश्‍न दिनांक तक रूपये 01 लाख से 05 लाख तक की समस्त मदों में क्रय की गई सामग्रियों एवं सेवाओं पर किये गये भुगतान/व्यय की पूर्ण जानकारी (सामग्री/सेवाओं का नाम, क्रय आदेश क्रमांक, राशि व दिनांक, प्रदायकर्ता फर्म/कंपनी का नाम, भुगतान का दिनांक व राशि आदि) दें। (ख) प्रश्‍नांश (क) में वर्णित सभी संस्थाओं में रूपये 05 लाख से उपर की समस्त मदों में क्रय की गई सामग्रियों एवं सेवाओं पर किये गये भुगतान/व्यय की पूर्ण जानकारी भी उपरोक्तानुसार दी जाये। (ग) क्या वर्णित अवधि में की गई समस्त क्रय/सेवाओं में म.प्र. भण्डार क्रय नियमों एवं GeM पोर्टल के नियमों का पालन किया गया? यदि नहीं, तो कौन जिम्मेदार है? नाम, पदनाम सहित जानकारी दें।

उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) प्रश्‍नांश '' के परिप्रेक्ष्‍य में समस्‍त मदों में क्रय की गई सामग्रियों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है एवं सेवाओं पर किये गये भुगतान/व्‍यय की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है। (ग) विभागीय आदेश क्रमांक/312/18122121/2024/42-1 भोपाल, दिनांक 11.03.2024 द्वारा विस्‍तृत जांच की कार्यवाही का प्रतिवेदन उपलब्‍ध होने के उपरांत जानकारी दिया जाना संभव हो सकेगा। आदेश की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-4 अनुसार है।

प्रदेश में प्रशिक्षण देने वाले कोच की कमी

[खेल एवं युवा कल्याण]

17. ( *क्र. 271 ) श्री आतिफ आरिफ अकील [श्री नारायण सिंह पट्टा, श्री आरिफ मसूद] : क्या खेल एवं युवा कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में विभिन्न खेलों के प्रशिक्षण प्रदाय करने के लिए वर्तमान में किन-किन जिलों में अलग-अलग, कितने-कितने स्थाई कोच हैं? श्रेणीवार अलग-अलग खेलों की पृथक-पृथक जानकारी उपलब्ध करावें। (ख) क्या खेलों में अग्रणी प्रदेशों हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़ और महाराष्ट्र की तुलना में मध्यप्रदेश में स्थाई कोचों की संख्या नगण्य के बराबर है? यदि हाँ, तो क्यों? (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के परिप्रेक्ष्य में क्या प्रदेश सरकार खिलाड़ियों के हितों को दृष्टिगत रखते हुए स्थिति में सुधार करने की कार्रवाई करेगी? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्यों? प्रदेश में खेलों और खिलाड़ियों के प्रति सरकार की उदासीनता के क्या कारण हैं?

खेल एवं युवा कल्याण मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) खेलों के प्रशिक्षण हेतु वर्तमान में प्रदेश में कोई स्‍थाई कोच कार्यरत नहीं है। अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ख) जी नहीं, खेल और युवा कल्‍याण विभाग अंतर्गत संचालित विभिन्‍न अकादमियों हेतु उच्‍च तकनीकी विशेषज्ञों के एबीसी, डी एवं ई श्रेणी के 104 पदप्रशिक्षक सह प्रशासक-2, मुख्‍य प्रशिक्षक सह प्रशासक-1, सहायक प्रशिक्षक सह प्रशासक-5, सहायक प्रशिक्षक-12 एवं खिलाड़ी प्रशिक्षक के 45 पद स्‍वीकृत हैं, जिनके द्वारा अकादमी के खिलाड़ि‍यों को उच्‍च स्‍तरीय प्रशिक्षण प्रदान किया जाता हैइसके अलावा जिला स्‍तर पर खेल प्रशिक्षण हेतु संविदा जिला खेल प्रशिक्षक ग्रेड-के 81, संविदा जिला खेल प्रशिक्षक ग्रेड-के 40 तथा संविदा मलखम्‍ब प्रशिक्षक के 12 पद स्‍वीकृत हैं। (ग) प्रश्‍नोत्‍तर (क) व (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

ग्राम पंचायत में पंचायत भवनों की स्वीकृतियां

[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]

18. ( *क्र. 287 ) श्री विपीन जैन : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मंदसौर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत कितनी ग्राम पंचायत जीर्ण-शीर्ण पंचायत भवन में संचालित हो रही हैं? कितनी ग्राम पंचायत के पास स्वयं का पंचायत भवन नहीं है? (ख) इनमें से कितने पंचायत भवन मरम्मत योग्य हैं और कितने नहीं हैं? पंचायत में कार्यालयीन कार्य करने हेतु नवीन ग्राम पंचायत भवनों की स्वीकृतियां कब तक कर दी जायेंगी? (ग) परिसीमन के दौरान मंदसौर जिले में कुल कितनी नवीन ग्राम पंचायतों का गठन हुआ है? क्या इनके लिए नवीन पंचायत भवन का निर्माण कर लिया गया है? यदि नहीं, तो अभी पंचायतों का संचालन किन भवनों में हो रहा है? नवीन भवन निर्माण हेतु कब तक स्वीकृति प्राप्त होगी? (घ) क्या जिले में नव गठित पंचायतों में सचिव व सहायक के पद सृजित कर नवीन नियुक्तियां कर दी गयी है या नहीं? अभी कार्य संचालन किसके द्वारा किया जा रहा है? नवीन नियुक्तियां कब तक कर दी जायेंगी?

पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) मंदसौर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत 25 ग्राम पंचायतों के पंचायत भवन जीर्णशीर्ण हैं। 4 नवगठित ग्राम पंचायतों के पास स्‍वयं के पंचायत भवन नहीं हैं। (ख) मंदसौर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत 25 ग्राम पंचायतों के पंचायत भवन मरम्‍मत योग्‍य हैं। पंचायत में कार्यालयीन कार्य करने हेतु नवीन पंचायत भवन स्‍वीकृत करने के संबंध में समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ग) परिसीमन के दौरान मंदसौर जिले में 29 नवीन ग्राम पंचायतों का गठन हुआ है। जी नहीं। वर्तमान में नव गठित ग्राम पंचायतों का संचालन शासकीय भवन (स्‍कूल/आंगनवाड़ी) में संचालित हो रहा है। नवीन पंचायत भवन स्‍वीकृत करने के संबंध में समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (घ) जी नहीं। वर्तमान में नवगठित ग्राम पंचायतों में अन्‍य ग्राम पंचायतों के सचिव एवं सहायक सचिव को अतिरि‍क्‍त प्रभार दिया जाकर कार्य संपादित कराया जा रहा है। नवीन नियुक्तियों के संबंध में समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

सहकारी समितियों का मनमाने ढंग से संचालन

[सहकारिता]

19. ( *क्र. 167 ) श्री जयवर्द्धन सिंह : क्या खेल एवं युवा कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दिनांक 01 अप्रैल, 2022 से प्रश्‍न दिनांक तक सहकारिता विभाग अंतर्गत कितने कार्यालय गुना जिले में कार्यरत हैं? इनके द्वारा किस स्वरूप के कार्य संचालित किये जाते हैं? कार्यालय का नाम, पता, कार्यालय में पदस्थ अधिकारी/कर्मचारी का नाम, मोबाईल नं., पदनाम एवं कब से पदस्थ हैं, की जानकारी बतायें। (ख) जिले में कितनी प्राथमिक कृषि साख सहकारी संस्‍थायें गठित हैं, कितनी क्रियाशील कितनी निष्क्रिय एवं कितनी बंद हैं? प्रश्‍नांश अवधि में कितना खाद इन समितियों को प्राप्‍त हुआ और कितना खाद का वितरण किया गया? समितिवार किसानों की संख्‍या एवं मात्रा बतायें। (ग) जिला सहकारी केन्‍द्रीय बैंक गुना के पास प्रश्‍न दिनांक तक कितनी जमा पूंजी है? कितने किसान इसके सदस्‍य है एवं उनका कितना शेयर जमा है? प्रश्‍नांश अवधि में कितना ऋण किस प्रयोजन से वितरण किया गया है? जानकारी समितिवार बतायें। (घ) सहकारिता के चुनाव कब से संपादित नहीं हो रहे हैं, कारण सहित स्पष्ट करें। (ड.) प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों की बैठक आयोजित करने के क्‍या नियम हैं? उनका पालन कितनी समितियों द्वारा किया गया है? यदि नहीं, तो दोषियों के विरूद्ध कार्यवाही कब तक की जायेगी?

खेल एवं युवा कल्याण मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) दिनांक 1 अप्रैल, 2022 से प्रश्‍न दिनांक तक गुना जिले में सहकारिता विभाग अंतर्गत 02 कार्यालय कार्यरत हैं। इन कार्यालयों के द्वारा म.प्र. सहकारी सोसाइटी अधिनियम, 1960 के अंतर्गत पंजीकृत सहकारी संस्थाओं से संबंधित कार्य तथा आयुक्त सहकारिता एवं शासन द्वारा समय-समय पर सौंपे गए कार्यों का संपादन किया जाता है। कार्यालयों के नाम, पता, पदस्थ अधिकारियों/कर्मचारियों के नाम, मोबाईल नं., पदनाम एवं पदस्थी अवधि की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 01 अनुसार है। (ख) गुना जिले में 86 बहुउद्देशीय प्राथमिक कृषि साख सहकारी संस्थायें गठित हैं, समस्त क्रियाशील हैं। प्रश्‍नांश अवधि में समितियों को खाद प्राप्ति, खाद वितरण, किसानों की संख्या एवं खाद मात्रा की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 02 अनुसार है। (ग) जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक गुना (जिला गुना एवं जिला अशोकनगर) के पास राशि रूपये 3463.83 लाख अंशपूंजी जमा है। 61,314 कृषक सदस्यों की राशि रूपये 3032.40 लाख शेयर जमा है, समितिवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 03 अनुसार है। प्रश्‍नांश अवधि में कृषक सदस्यों को वितरित ऋण की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 04 अनुसार है। (घ) प्राथमिक कृषि साख सहकारी संस्थाओं के निर्वाचन विधानसभा निर्वाचन 2018 की आदर्श आचार संहिता प्रभावशील होने, जय किसान ऋण माफी योजना 2018 के अंतर्गत सदस्यों की पात्रता/अपात्रता में परिवर्तन संभावित होने, लोकसभा निर्वाचन 2019 की आदर्श आचार संहिता प्रभावशील होने, वर्ष 2019 में निर्वाचन सूची हेतु नया प्रारूप अधिसूचित होने से नवीन प्रारूप में सदस्यता सूची तैयार करायी जाने, वर्ष 2020 एवं 2021 में कोरोना महामारी एवं वर्ष 2022 में स्थानीय शासन पंचायत तथा नगरीय निकाय चुनाव की आचार संहिता प्रभावशील होने, वर्ष 2023 में विधानसभा निर्वाचन की आदर्श आचार संहिता प्रभावशील होने, जून 2024 तक लोकसभा निर्वाचन 2024 की आदर्श आचार संहिता प्रभावशील होने से नहीं कराये जा सके हैं। निर्वाचन प्राधिकारी कार्यालय को प्राप्त अन्य संस्थाओं के कतिपय निर्वाचन प्रस्ताव अपूर्ण/त्रुटिपूर्ण होने एवं त्रु‍टि सुधार उपरांत अप्राप्त रहने, सुसंगत जानकारी सहित प्राप्त न होने, निर्वाचन हेतु पर्याप्त पात्र सदस्य न होने, निर्वाचन प्रक्रिया के दौरान नामांकन पत्र प्रस्तुत न होने तथा सदस्य संस्थाओं के निर्वाचन न हो पाने, सहकारी संस्थाओं के अकार्यशील होने, प्रशासकों को अभिलेख प्राप्त न होने, निर्वाचन प्रस्ताव प्राप्त न होने आदि कारणों से इन सहकारी संस्थाओं के निर्वाचन संपन्न नहीं किये जा सके हैं, शेष संस्थाओं में निर्वाचन की कार्यवाही निरन्तर गतिशील है। (ड.) प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों के बैठक आयोजित करने के नियम की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 05 अनुसार है। गुना जिले की समस्त 86 प्राथमिक कृषि साख सहकारी संस्थाओं द्वारा पालन किया गया है। शेष प्रश्‍नांश उपस्थित नहीं होता।

सड़क एवं पुलियों के निर्माण की स्‍वीकृति

[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]

20. ( *क्र. 218 ) श्री सुनील उईके : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) महाकौशल क्षेत्र में छिंदवाड़ा से लगे हुए जिले नर्मदापुरम, बैतूल, सिवनी, नरसिंहपुर में ग्रामीणों के आवागमन के साधनों के लिए मनरेगा योजनान्‍तर्गत वर्ष 2022-23 से अनेकों सड़कों की स्‍वीकृति प्राप्‍त है? क्‍या विधानसभा क्षेत्र छिंदवाड़ा एक आदिवासी बाहुल्य एवं वन बाहुल्य दूरस्थ अंचल का क्षेत्र होने के बाद यहाँ मनरेगा योजना द्वारा सड़कों की स्वीकृति जारी नहीं की गई? क्या प्रस्तावित बजट में विधानसभा क्षेत्र छिंदवाड़ा की ग्रामीण सड़कों को भी प्रस्ताव में जोड़ेंगे? जबकि लोकसभा क्षेत्र छिंदवाड़ा में सबसे अधिक 650 पंचायत आती हैं। (ख) जुन्नारदेव विधानसभा में प्रधानमंत्री सड़क योजना से शेष बची सड़कों को जुन्नारदेव विधानसभा के तामिया एवं जुन्नारदेव ब्‍लॉक के अनुसूचित जाति एवं जनजाति बाहुल्य क्षेत्र में आवागमन की सुविधा हेतु मनरेगा योजना से सड़कों एवं पुलियों के निर्माण के प्रस्ताव बैतूल, होशंगाबाद, नरसिंगपुर जिलों की तर्ज पर निर्माण कार्यों को बजट में प्रस्‍तावित करेंगे?

पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) छिन्‍दवाड़ा जिले की विधानसभा क्षेत्र छिन्‍दवाड़ा के अंतर्गत ग्राम पंचायतों से प्राप्‍त प्रस्‍ताव के आधार पर मनरेगा योजना से 08 सुदूर सड़क निर्माण कार्यों की अनुमति प्रदान की गई है, जिसमें से 04 सुदूर सड़क निर्माण कार्यों की स्‍वीकृति प्रदान की गई है, जो वर्तमान में प्रगतिरत है। (ख) जुन्‍नारदेव विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत जनपद पंचायत तामिया एवं जुन्‍नारदेव में मनरेगा योजना से 04 सुदूर सड़क निर्माण कार्यों की अनुमति प्रदान की गई है, जिसमें से 02 सुदूर सड़क निर्माण कार्यों की स्‍वीकृति प्रदान की गई है, जो वर्तमान में प्रग‍तिरत है।

कृषि महाविद्यालय में छात्र-छात्राओं को आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता

[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]

21. ( *क्र. 138 ) श्री ब्रजेन्द्र प्रताप सिंह : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या पन्ना जिले में संचालित कृषि महाविद्यालय हेतु भवन, हॉस्टल एवं छात्र-छात्राओं के महाविद्यालय आने-जाने हेतु बस जैसी सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं? (ख) क्या उक्त समस्याओं के कारण एडमिशन लेने वाले छात्र-छात्राओं द्वारा अन्य महाविद्यालय में स्थानांतरण किये जाने हेतु आवेदन लगाए गये हैं या स्थानांतरण किये जा चुके हैं? (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) का उत्तर यदि हाँ, है तो इस समस्या के निराकरण हेतु क्या कार्यवाही की जा रही है? कब तक भवन, हॉस्टल एवं बस सुविधा छात्र-छात्राओं को उपलब्ध हो सकेगी?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) पन्‍ना जिले में संचालित कृषि महाविद्यालय हेतु भवन, हॉस्टल तथा छात्र-छात्राओं के आने जाने हेतु बस की सुविधा उपलब्‍ध नहीं है। तथापि कृषि महाविद्यालय भवन निर्माण का कार्य प्रगति पर है। (ख) प्रवेशित छात्र-छात्राओं द्वारा अन्‍य महाविद्यालयों में स्‍थानातंरण के आवेदन लगाये गये हैं। साथ ही स्‍थानातंरण भी किये हैं। जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ग) वर्तमान में कृषि महाविद्यालय पन्‍ना में उपलब्‍ध राशि रूपये 500.00 लाख के अनुसार महाविद्यालय भवन निर्माण का कार्य प्रगति पर है। आगामी बजट आवंटन प्राप्‍त होने पर भवन, हॉस्टल एवं बस की सुविधा छात्र-छात्राओं को उपलब्ध हो सकेगी।

परिशिष्ट - "दो"

धरातल पर चेक डैम निर्माण नहीं किया जाना

[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]

22. ( *क्र. 425 ) श्रीमती चंदा सुरेन्द्र सिंह गौर : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या खरगापुर विधान सभा की उरनदी करमासन घाट पर चेक डैम निर्माण मनरेगा योजना से ग्रामीण यांत्रिकी विभाग द्वारा प्रशासकीय स्वीकृति क्रमांक 1259, दिनांक 24.09.2021 में 58.39 लाख की राशि स्वीकृत की गई थी? जिसका निर्माण कार्य कराये जाने हेतु तत्कालीन उपयंत्री प्रदीप पटेल, जनपद बल्देवगढ़ को तैनात किया गया था और उनके द्वारा दिनांक 01.07.2022 माह जुलाई में निर्माण कार्य प्रारंभ कराया गया, जबकि शासन के नियमानुसार 15 जून से 15 सितम्बर तक निर्माण कार्यों पर प्रतिबंध रहता है, फिर भी दिनांक 01.07.2022 से 02.07.2022 तक सीमेंट, रेत खरीदी गई, जिसका उपयोग कहाँ पर किया गया? क्योंकि धरातल पर आज भी उक्त चेक डैम निर्माण नहीं है, उक्त निर्माणाधीन चेक डैम की फोटो एवं सम्‍पूर्ण बिलों के भुगतान की प्रतियां, माप पुस्तिका की प्रतियां एवं रेत खरीदी के बिल की प्रति उपलब्‍ध कराएं? (ख) क्‍या शासन की राशि 58.39 लाख रुपये की राशि का व्यय किसी भी प्रकार के चेक डैम निर्माण पर नहीं किया गया, क्योंकि उक्त चेक डैम धरातल पर नहीं है? क्या ऐसे भ्रष्ट उपयंत्री तथा जिम्मेदार अधिकारियों के‍ विरूद्ध कार्यवाही किये जाने हेतु विधान सभा से कमेटी गठित कर जांच करायेंगे? यदि हाँ, तो कब तक एवं भ्रष्ट आचरण के तहत सेवा से पृथक करेंगे? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो कारण स्‍पष्‍ट करें। (ग) क्‍या उक्त चेक डैम निर्माण में सीमेंट, गिट्टी, रेत, सरिया, मशीनरी सप्‍लाई करने वाले बाल-गोपाल कन्‍स्‍ट्रक्‍शन एण्‍ड मटेरियल सप्‍लायर प्रो. शैलेन्द्र यादव की देवी नगर एवं बल्‍देवगढ़ में कोई दुकान आदि संचालित नहीं है? फिर भी कागजों में फर्म बनाकर बिना सेल टैक्‍स, आयकर दिये फर्जी फर्म संचालित कर भारी भ्रष्‍टाचार किया जा रहा है और इन‌के द्वारा बल्‍देवगढ़ जनपद पंचायत की किन-किन पंचायतों में बिल लगाकर भुगतान लिया गया है? फर्म के सम्‍पूर्ण दस्‍तावेज एवं बिल व्‍हाउचर की जानकारी उपलब्‍ध कराएं। (घ) क्‍या तत्कालीन उपयंत्री, प्रदीप पटेल एवं बाल-गोपाल कन्‍स्‍ट्रक्‍शन एण्‍ड मटेरियल सप्‍लायर की मिली भगत से शासन की राशि का दुरुपयोग किया गया है तथा उर नदी चेक डैम निर्माण के अलावा प्रदीप पटेल के प्रभार की किन-किन ग्राम पंचायतों में विगत 03 वर्षों में कौन-कौन से निर्माण कार्य किये गये हैं तथा कितनी राशि के निर्माण कार्य किये गये हैं? सम्‍पूर्ण माप पुस्तिकाओं में दर्ज मूल्‍यांकन राशि व बिल व्‍हाउचरों की जानकारी उपलब्‍ध कराएं एवं संविदा उपयंत्री प्रदीप पटेल की जांच कराकर सेवा से पृथक किये जाने के आदेश जारी करेंगे? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्‍यों?

पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) जी हाँ। कार्य के प्रभारी उपयंत्री श्री प्रदीप पटेल द्वारा दिनांक 17.11.2021 को कार्य प्रारंभ करवाया गया था। प्रथम मस्टर क्रमांक 36585, दिनांक 17.11.2021 से 23.11.2021 पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। मनरेगा में 15 जून से 15 अक्टूबर तक मिट्टी के कार्यों को नहीं किये जाने का निर्देश दिये जाते हैं, चूंकि वर्षा ऋतु में मिट्टी के कार्यों का माप लेना संभव नहीं है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। दिनांक 01.07.2022 एवं 02.07.2022 तक क्रय की गई सीमेंट, रेत का उपयोग पक्‍के कार्य हेतु चेक डैम निर्माण उरनदी करमासन घाट में किया गया। धरातल पर निर्माण कार्य वर्तमान में पूर्ण है। चेक डैम के फोटोग्राफ, संपूर्ण बिलों के भुगतान की प्रतियां, रेत खरीदी के बिल एवं माप पुस्तिका की प्रमाणित प्रति की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र3 अनुसार है। (ख) चेक डैम का निर्माण कार्य कराया गया है। निर्माण कार्य की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र3 अनुसार है। शेष प्रश्‍न उत्‍पन्‍न नहीं होता। (ग) दुकान संचालित है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र3 अनुसार है। बाल गोपाल कन्स्ट्रक्शन एण्ड मटेरियल सप्‍लायर जिसका जी.एस.टी. नम्बर 23ANWPY6750C1ZH है। जी.एस.टी./सेल टैक्‍स आयकर से संबंधित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र4 अनुसार है। बाल गोपाल कन्स्ट्रक्शन एण्ड मटेरियल सप्लायर द्वारा जनपद पंचायत बल्देवगढ़ अंतर्गत ग्राम पंचायतों में सामग्री बिल भुगतान से संबंधित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र5 अनुसार है। (घ) शासन की राशि का दुरुपयोग नहीं किया गया है। श्री प्रदीप पटेल तत्कालीन उपयंत्री, जनपद पंचायत बल्देवगढ़ में पदस्थी के समय विगत 03 वर्षों के 764 कार्यों की सूची पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्रअनुसार है। उक्त कार्यों में कार्य पर लगी सामग्री की मात्रा अनुसार, सामग्री क्रय की गई है एवं निर्माण एजेंसी ‌द्वारा संबंधित फर्म से सामग्री खरीद की गई है। कार्यों पर भुगतान के संबंध में जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्रअनुसार है। शेष प्रश्‍न उत्पन्न नहीं होता।

मिट्टी परीक्षण प्रयोग शालाओं का प्रबंधन एवं संचालन

[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]

23. ( *क्र. 240 ) श्री नीरज सिंह ठाकुर : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला जबलपुर अंतर्गत कहाँ-कहाँ मिट्टी परीक्षण प्रयोग शालायें बनाई गई हैं एवं किन-किन कर्मचारियों को कार्य हेतु पदांकित किया गया है? (ख) मिट्टी परीक्षण प्रयोग शालाओं में वर्ष 2019 से प्रश्‍नांश दिनाँक तक कितने किसानों से मिट्टी परीक्षण हेतु सेम्पल लिये गये हैं? विकासखण्डवार एवं किसानों की सूची उपलब्ध करावें। (ग) क्या बरगी विधानसभा में मिट्टी परीक्षण प्रयोग शालायें बंद पड़ी हैं? यदि हाँ, तो क्यों?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) जिला जबलपुर अंतर्गत विकासखंड जबलपुर में मृदा सर्वेक्षण इकाई जबलपुर पूर्व से स्‍थापित संचालित है, जिसमें मृदा नमूनों का परीक्षण किया जा रहा है। जिले के शेष अन्य 06 विकासखंडों में नवीन मिट्टी परीक्षण प्रयोगशालाएं निर्मित की गई हैं, जिनमें अमला स्वीकृत न होने से क्रियाशील नहीं है। नवीन मृदा परीक्षण प्रयोगशालाओं को आरंभ करने के लिए नीति निर्धारण कार्यवाही विचारण में है। मृदा सर्वेक्षण अधिकारी इकाई, जबलपुर एवं नवीन मिट्टी परीक्षण प्रयोगशालाओं में पदांकित अमले आदि की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 1 अनुसार है। (ख) जिला जबलपुर में वर्ष 2019 से प्रश्‍नांश दिनांक तक किसानों से मिट्टी परीक्षण हेतु लिये गये मिट्टी नमूनों की विकासखंडवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 2 अनुसार है। किसानों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 3 अनुसार है। (ग) जी हाँ, बरगी विधानसभा में विकासखंड बरगी में नवीन निर्मित मिट्टी परीक्षण प्रयोगशाला हेतु अमला स्वीकृत न होने से प्रयोगशाला क्रियाशील नहीं है। शेष प्रश्‍नांश "क" अनुसार।

शासकीय महाविद्यालय बरेला में स्‍नातकोत्‍तर कक्षाएं प्रारंभ की जाना

[उच्च शिक्षा]

24. ( *क्र. 55 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रश्‍न क्र. 855, दिनांक 23 दिसम्‍बर, 2021 के प्रश्‍नांश (ख) के उत्‍तर में बताया गया है कि हिन्‍दी विषय में स्‍नातकोत्‍तर कक्षा प्रारंभ करने संबंधी प्रस्‍ताव प्राप्‍त होने पर विचार किया जायेगा? (ख) क्‍या प्रश्‍नांश (क) के अंतगर्त शासकीय महाविद्यालय बरेला ने पत्र क्र. 541, दिनांक 28.12.2021 द्वारा प्रस्‍ताव भेजा है? (ग) यदि हाँ, तो क्‍या हिन्‍दी विषय की स्‍नातकोत्‍तर कक्षायें प्रारंभ करने पर विचार किया जायेगा?

उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) एवं (ख) जी हाँ। (ग) जी हाँ। विभागीय मापदण्‍ड के परिप्रेक्ष्‍य में विचार किया जाएगा।

मंडी कर्मचारियों एवं अधिका‍रियों द्वारा अवैध वसूली

[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]

25. ( *क्र. 412 ) सुश्री रामश्री (बहिन रामसिया भारती) राजपूत : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या दिनांक 20.3.2023 के शिकायती आवेदन के आधार पर कार्यालय कृषि उपज मंडी छतरपुर जिला-छतरपुर के पत्र क्रमांक/मंडी/निय. शाखा/22-2/1216, दिनांक 20.3.2023 में लेख है कि उपरोक्त उपज फल सब्जी मंडी में विक्रय हेतु लाई गई थी? (ख) यदि हाँ, तो क्या कृषि उपज मंडी नियम के अनुसार विक्रय हेतु लाई गई उपज का फल सब्जी का विक्रय के पूर्व प्रवेश शुल्क लिया जाता है? (ग) क्या उक्त पत्र में लेख है कि जबरन 30-30 क्विंटल टैक्स की रसीद बनाई जा रही थी? तो संबंधित कर्मचारियों द्वारा उपज का वजन कम की जगह ज्यादा की रसीद जारी की जा रही थी? जो गंभीर अनियमितता का प्रश्‍न नहीं उठता है, क्योंकि उपज के वजन की रसीद की राशि शासन के खाते में जमा की जाती है? (घ) यदि हाँ, तो क्या कृषि उपज मंडी के नियम के अनुसार वजन से ज्यादा की रसीदें काटना नियम में है? यदि नहीं, तो उक्त पत्र में लेख किया गया था कि वजन से ज्यादा रसीदे काटने पर शासन के खाते में राशि जमा की जाती है? कारण स्पस्ट करें। पत्र जारी करने वाले अधिकारी के विरुद्ध कार्यवाही की जावेगी?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) एवं (ख) जी हाँ। (ग) जी नहीं। प्रश्‍नांश का शेष भाग लागू नहीं होता है। (घ) जी नहीं। प्रश्‍नांश के शेष भाग में तथ्‍य यह है कि वास्तविक वजन प्राप्‍त होने पर मण्‍डी शुल्‍क जो भी निर्धारित हो, की राशि जमा की जाती है।

 

 

 



भाग-2

नियम 46 (2) के अंतर्गत अतारांकित प्रश्‍नोत्तर के रुप में परिवर्तित तारांकित प्रश्‍नोत्तर


दोषियों पर कार्यवाही

[सहकारिता]

1. ( क्र. 3 ) श्री बाला बच्चन : क्या खेल एवं युवा कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) उप आयुक्‍त सहकारिता उज्‍जैन के आदेश पर गठित जांच दल जिसमें सर्वश्री डी.एस. बाल्‍के, राजेश सिंह कुशवाह एवं मनोज शर्मा शामिल थे तो उज्‍जैन जिले की लेकोड़ा सोसायटी की जो जांच की उसके जांच प्रतिवेदन की प्रमाणित प्रति देवें। इस संबंध में तत्‍कालीन कलेक्‍टर उज्‍जैन ने थाना चिंतामण गणेश में नवंबर 2023 में जो एफ.आई.आर. दर्ज कराई उसकी प्रति भी देवें। (ख) क्‍या कारण है कि जांच प्रतिवेदन के अनुसार दोषी पाए गए अधिकारियों/कर्मचारियों पर विभाग ने अब तक कोई कार्यवाही नहीं की? कब तक इन पर कार्यवाही कर जांच प्रतिवेदन में दर्शाई गबन की राशि वसूल की जाएगी? (ग) यदि कार्यवाही नहीं की जा रही तो दोषियों को संरक्षण देने वाले विभाग के उच्‍च अधिकारियों पर शासन कब तक कार्यवाही करेगा?

खेल एवं युवा कल्याण मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) से (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

कम्प्यूटर खरीदी में अनियमितताएं

[सहकारिता]

2. ( क्र. 12 ) श्री यादवेन्द्र सिंह : क्या खेल एवं युवा कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या अपेक्स बैंक के माध्यम से पैक्स कम्प्यूट्राईजेशन के लिए कम्प्यूटर, प्रिंटर एवं अन्य सामग्री क्रय की गई है? इसके लिए कब दरें बुलाई गईं, क्या शर्तें थी? कितनी निविदा आई? नाम दें। किसकी निविदा न्यूनतम पाई गई? कब आदेश जारी हुए? प्रति व पूर्ण विवरण दें। (ख) क्या इन सामग्रियों का प्रदाय हो गया और वे मानदण्ड के अनुरूप पाई गई? क्या इसकी कोई जांच हुई? क्या भुगतान भी हो गया है तो भुगतान की गई राशि बतायें। भुगतान कब-कब हुआ? क्या सामग्री प्रदाय जांच के पूर्व भुगतान हो गया है? (ग) क्या कम्प्यूटर एवं अन्य सामग्री के क्रय आदेश के साथ बाद में लगने वाली सामग्रियों यथा इंक आदि की दरें अनुमोदित की गई? यदि हाँ तो ये दरें क्या है? सामग्रीवार जानकारी दें। क्या यह दरें निविदा के साथ बुलाई गई थीं? (घ) क्या बाद में लगने वाली सामग्री की मनमानी दरें तय की गई? इसके लिए कौन उत्तरदायी है? उसके विरूद्ध क्या कार्यवाही की गई?

खेल एवं युवा कल्याण मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) जी हाँ, जेम पोर्टल से निविदायें जारी किये जाने की जानकारी, प्राप्त निविदाओं की जानकारी, न्यूनतम निविदा की जानकारी एवं क्रय आदेश की जानकारी पुस्तकालय में रखे  परिशिष्ट  के प्रपत्र -अ अनुसार है। क्रय सामग्री की विशिष्टियां (स्पेसिफिकेशन) की  जानकारी पुस्तकालय में रखे  परिशिष्ट  के प्रपत्र-ब अनुसार, निविदा की शर्तें (एटीसी) पुस्तकालय में रखे  परिशिष्ट  के प्रपत्र-स अनुसार  एवं जारी क्रय आदेश की प्रति पुस्तकालय में रखे  परिशिष्ट  के प्रपत्र-द अनुसार है(ख) जी हाँ, सामग्रियों का प्रदाय हो गया है एवं वे मानदंड अनुरूप पायी गई हैं। जी हाँ, सामग्री प्रदाय पूर्व इनकी जांच जेम पोर्टल पर उनकी अधिकृत संस्थाओं से करायी गयी हैं। जी हाँ। भुगतान राशि का विवरण पुस्तकालय में रखे  परिशिष्ट  के प्रपत्र-इ अनुसार है। जी नहीं। (ग) जी नहीं, शेष प्रश्‍नांश उपस्थित नहीं होते। (घ) उत्तरांश () के परिप्रेक्ष्य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होते।

ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क निर्माण कार्य

[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]

3. ( क्र. 47 ) डॉ. राजेन्‍द्र पाण्‍डेय : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या रतलाम जिला अंतर्गत शासन/विभाग द्वारा प्रधानमंत्री ग्राम सड़क,मुख्यमंत्री सड़क,खेत सड़क व सुदूर ग्राम सड़क योजना इत्यादि विभिन्न आशयों से ग्रामीण क्षेत्रों के सुगम आवागमन हेतु अनेक सड़कों का निर्माण किया गया? (ख) यदि हाँ, तो क्या उपरोक्तानुसार उल्लेखित आशय से स्वीकृत अनेक सड़क निर्माण किये जाने के बावजूद वर्तमान में अभी भी क्षेत्रीय ग्रामीण आवागमन के अनेक वैकल्पिक मार्ग जीर्णशीर्ण होकर आवागमन की सुगमता को बाधित कर रहे एवं वर्षाकाल में आवागमन अवरुद्ध होकर बंद सा हो जाता है? (ग) यदि हाँ, तो ग्रामीण क्षेत्रों की शेष सड़कों को बनाये जाने हेतु विगत वर्षों में वर्ष 2015-16 से लेकर प्रश्‍न दिनांक तक किस-किस प्रकार के कितने प्रस्ताव बनाए जाकर उन्हें शासन/विभाग की किन-किन योजनाओं में सम्मिलित कर स्वीकृति प्रदान की गई? उसमें कितने पूर्ण,कितने अपूर्ण रहे,कितने अप्रारम्भ होकर कितने प्रस्ताव लंबित रहे?

पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) जी हाँ, रतलाम जिला अंतर्गत शासन/विभाग द्वारा प्रधानमंत्री ग्राम सड़क, मुख्यमंत्री सड़क, खेत सड़क व सुदूर ग्राम सड़क योजना अंतर्गत विभिन्न आशयो से ग्रामीण क्षेत्रों के सुगम आवागमन हेतु अनेक मार्गों का निर्माण किया गया है। (ख) जी नहीं, रतलाम जिले में म.प्र. ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा एवं मनरेगा के अंतर्गत निर्मित कोई भी मार्ग जीर्ण-शीर्ण नहीं है, आवागमन सुगमता से हो रहा है एवं कोई बाधा नहीं है, शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) रतलाम जिले में वर्ष 2015-16 से लेकर प्रश्‍न दिनांक तक म.प्र. ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण के अंतर्गत प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना व एम.पी.आर.सी.पी. योजना, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के अंतर्गत मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना एवं मनरेगा योजनांतर्गत सुदूर सड़क एवं खेत सड़क के अंतर्गत स्वीकृत मार्ग, पूर्ण मार्ग, अपूर्ण मार्ग एवं प्रस्ताव लंबित की  जानकारी संलग्न  परिशिष्ट  अनुसार है।

परिशिष्ट - "तीन"

सुखेड़ा उपमंडी का उन्नयन

[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]

4. ( क्र. 48 ) डॉ. राजेन्‍द्र पाण्‍डेय : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या पिपलोदा विकासखंड अंतर्गत सुखेड़ा उपमंडी स्थापित होकर लगभग सौ से अधिक ग्रामीणजनों के कृषि उत्पाद का मुख्य केंद्र बन गया है? (ख) यदि हाँ, तो क्‍या किसानों एवं मंडी कार्य से संलग्न अन्य वर्गों की सुविधा हेतु सुखेड़ा उपमंडी अंतर्गत दुकानों, गोडाउन कवर्ड शेड, सीमेंट कांक्रीटकरण एवं पेवर्स, विद्युतीकरण,पेयजल व्यवस्था तथा कैन्‍टीन की व्यवस्था किये जाने हेतु मांग की जा रही है? (ग) साथ ही सुखेड़ा उप मंडी पहुँच मार्ग हेतु (1) काबुलखेडी फंटा से सुखेड़ा उप मंडी बाय पास मार्ग (2) ग्राम चन्दावता से निपानिया से व्हाया रामदेव मगरा-सुखेड़ा उपमंडी पहुँच मार्ग की मांग एवं आवश्यक होने से शासन/विभाग द्वारा सर्वे/सर्वेक्षण कर प्रस्ताव तैयार कर कार्ययोजना भी बनाई गई थी? (घ) यदि हाँ तो सुखेड़ा उपमंडी के विकास एवं उन्नयन हेतु मंडी प्रागंण के प्रस्तावों के साथ ही मंडी पहुंच उपरोक्त उल्लेखित दोनों सड़क मार्गों की अत्यंत आवश्यकता होने से उन्हें बजट में सम्मिलित कर स्वीकृति प्रदान किये जाने की जानकारी दें।

किसान कल्याण मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) जी हाँ। (ख) जी हाँ, उपमंडी प्रागंण सुखेड़ा में किसानों एवं मण्‍डी कार्य में संलग्‍न अन्‍य वर्गों की सुविधा हेतु कैन्‍टीन, कवर्ड शेड, सीमेंट कांक्रीटकरण, विद्युतीकरण, पेयजल व्‍यवस्‍था आदि के प्रस्‍ताव पारित कर कार्य कराये गए हैं एवं दुकान, गोदाम हेतु व्‍यापारियों को 20 भू-खण्‍ड आवंटित कर दिए गए हैं, जिन पर सम्‍बंधित व्‍यापारियों के द्वारा गोदाम निर्माण कार्य प्रारम्‍भ कर दिए गए है। (ग) जी हाँ (1) काबुलखेडी फंटा से सुखेड़ा उपमंडी बायपास मार्ग (2) ग्राम चन्‍दावता से निपानिया से व्‍हाया रामदेव मगरा-सुखेड़ा उपमंडी पहुँच मार्ग हेतु विभाग द्वारा प्रस्‍ताव तैयार कर कार्ययोजना बनाई गई थी। (घ) उपरोक्‍त उल्‍लेखित दोनों सड़क मार्गों में से मण्‍डी बोर्ड अंतर्गत किसान सड़क निधि मद में राशि की उपलब्‍धता के आधार पर प्रथमत: (1) काबुलखेडी फंटा से सुखेड़ा उपमंडी बायपास मार्ग (4.20 कि.मी.) लागत राशि रू. 362.39 लाख पत्र क्रमांक 1375 दिनांक 31.05.2023 से स्‍वीकृत की गई है, जिसकी निर्माण एजेंसी मध्यप्रदेश लोक निर्माण विभाग है। किसान सड़क निधि मद में पर्याप्‍त राशि उपलब्‍ध होने पर ग्राम चन्‍दावता से निपानिया से व्‍हाया रामदेव मगरा-सुखेड़ा उपमंडी पहुँच मार्ग के निर्माण की स्‍वीकृति दी जा सकेगी।

जनभागीदारी कर्मचारियों को वर्तमान दर पर पारिश्रमिक भुगतान

[उच्च शिक्षा]

5. ( क्र. 62 ) श्री दिव्‍यराज सिंह : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या श्रम आयुक्त मध्यप्रदेश शासन इंदौर के आदेश दिनांक 13/03/2024 के अनुक्रम में जिला कलेक्टर रीवा द्वारा जारी आदेश क्रमांक 3/2024 दिनांक 18/03/2024 के अनुपालन में जिला रीवा स्थित शासकीय आदर्श विज्ञान महाविद्यालय रीवा में कार्यरत जनभागीदारी कर्मचारियों को नवीन दर पर पारिश्रमिक भुगतान नहीं दिया जा रहा है? (ख) क्या शासकीय आदर्श विज्ञान महाविद्यालय रीवा के प्राचार्य के द्वारा जनभागीदारी कर्मचारियों को अनाधिकृत रुप से 15-15 दिवसों का ब्रेक दिया जा रहा है तथा वेतन की कटौती की जा रही है? यदि हाँ तो ऐसे अनाधिकृत कृत्यों को रोकने हेतु विभाग के द्वारा क्या कार्यवाही की जावेगी? (ग) प्रश्‍नांश (क) के प्रकाश में महाविद्यालय में कार्यरत जनभागीदारी कर्मचारियों को श्रम विभाग द्वारा जारी नवीन दर पर पारिश्रमिक भुगतान कब तक कराया जावेगा तथा अनाधिकृत रुप से 15-15 दिवसों का ब्रेक देने के संबंध में प्राचार्य के विरुद्ध क्या कार्यवाही की जावेगी? समय-सीमा बताने की कृपा करें।

उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) शासकीय आदर्श विज्ञान महाविद्यालय, रीवा में नवीन पारिश्रमिक भुगतान नहीं किया जा रहा है। जनभागीदारी समिति की बैठक दिनांक 24.08.2023 को अनुशंसित मानदेय ही प्रदान किया जा रहा है। (ख) जी नहीं। शेष प्रश्‍नांश उपस्थित नहीं होता है। (ग) कार्यवाही प्रचलन में है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। शेष प्रश्‍नांश उत्‍तरांश () के प्रकाश में उपस्थित नहीं होता है।

मध्यप्रदेश सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के प्रावधान 19 (1) का पालन

[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]

6. ( क्र. 68 ) श्री महेश परमार : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्यप्रदेश सिविल सेवा (आचरण) 1965 के नियम 19 (1) क्या है? सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा 1994 से प्रश्‍न दिनांक तक इस नियम के पालन के संबंध में कुल कितने निर्देश प्राप्त हुए? प्रति देते हुए पालन प्रतिवेदन प्रस्तुत करें। (ख) उज्जैन ज़िला पंचायत के अंतर्गत 1994 से प्रश्‍न दिनांक तक कि स्थिति में कितने कर्मचारियों द्वारा प्रथम नियुक्ति के समय अचल संपत्ति का विवरण तथा प्रतिवर्ष सक्षम प्राधिकारी को प्रश्‍न दिनांक तक स्थिति में विवरण प्रस्तुत किया है, उनकी सूची प्रदान करें। (ग) प्रस्तुत अचल संपत्ति के विवरण में ऐसे कितने शासकीय सेवक है, जिनने सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के बिना अचल संपत्ति खरीदी है, सूची देवें। (घ) अचल संपत्ति के विवरण में संपत्ति दिखाई गई है परंतु अनुमति नहीं लिए जाने की स्थिति में क्या सक्षम प्राधिकारी द्वारा दोषी शासकीय सेवक पर अनुशासनात्मक करवाई की गई है। यदि हाँ,तो दंडात्मक कार्रवाई की प्रति उपलब्ध करावें। ऐसे जिले में कितने प्रकरण है जिनमें शासकीय सेवक दोषी पाए गए हैं तथा आय से अधिक संपत्ति कितने शासकीय सेवक की पाई गई है? मूल्यांकन रिपोर्ट प्रस्तुत करें। (च) क्या जिला पंचायत के प्रत्येक स्तर पर संपत्ति की घोषणा की गई है? यदि हाँ, तो विगत 5 वर्षों के रिटर्न की प्रतियां उपलब्ध करावें।

पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट '''' एवं '''' अनुसार(ख) उज्‍जैन जिला पंचायत के अंतर्गत 02 शासकीय अधिकारी पदस्‍थ है, 14 अधिकारी/कर्मचारी म.प्र. पंचायत सेवा (आचरण) नियम 1998 से शासित होते है एवं 17 अधिकारी/कर्मचारी म.प्र. शासन पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग भोपाल द्वारा जारी संविदा नीति 2015 से शासित होते है। जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट  '''' अनुसार(ग) जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट '''' अनुसार01 शासकीय सेवक द्वारा अनुमति नहीं ली गई। (घ) जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट '''' अनुसार। विभागीय स्‍तर से भी कार्यवाही प्रचलन में है। (च) जी नहीं। जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट '''' अनुसार

खेती में खेतिहर मजदूरों की समस्या

[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]

7. ( क्र. 73 ) श्री राजेश कुमार शुक्‍ला : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या सरकार को इस बात का संज्ञान है की बुंदेलखंड क्षेत्र में पलायन एवं अन्‍य कारणों के कारण खेतिहर मजदूर मिलना एक समस्या का रूप ले रहा है? (ख) क्या खेती किसानी संबंधी विभिन्न कार्य जैसे निदाई, गुड़ाई, सिंचाई, कटाई आदि मानवश्रम के साथ मशीनी उपकरण से हो तो समय पर संसाधन उपलब्ध होने तथा लागत कम लगने से किसानों की पैदावार बढ़ने के साथ लागत मूल्य में भी कमी आएगी? हाँ तो इस हेतु सरकार द्वारा किए गए प्रयासों का ब्यौरा और उनकी समीक्षा क्या है? (ग) खेती संबंधी विभिन्न कार्यों के लिए मशीनी उपकरण का उत्पादन, अनुसंधान प्रदेश में ही बड़े स्तर पर हो सके इसके लिए बनाई गई योजनाओ का ब्यौरा क्या है?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) बुंदेलखण्‍ड क्षेत्र में पलायन के प्रमाण उपलब्‍ध नहीं है तदापि लोगों की आय बढ़ने से मजदूर मिलने की समस्‍या धीरे-धीरे पूरे प्रदेश में बढ़ती जा रही है, इससे निपटने के लिये विभाग द्वारा कृषि यं‍त्रीकरण पर बढ़ावा दिया जा रहा है। (ख) जी हाँ, इस हेतु सरकार द्वारा विभागीय योजनाये चलाई जा रही है। जानकारी संलग्‍न  परिशिष्‍ट  अनुसार है। (ग) विभाग द्वारा कृषि उपकरणों के वितरण को लगातार बढ़ावा देने से प्रदेश में यंत्र उत्‍पादन को मजबूती मिल रही है और यंत्र निर्माताओं की संख्‍या में भी वृद्धि हो रही है।

परिशिष्ट - "चार"

कृषि में डिजिटल प्रौद्योगिकी और नवीन कृषि तकनीकी का समावेश

[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]

8. ( क्र. 74 ) श्री राजेश कुमार शुक्‍ला : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सरकार द्वारा डिजिटल प्रौद्योगिकी और नवीन कृषि तकनीकी को अपनाने में किसानों की सहायता करने के लिए क्या उपाय शुरू किए गए हैं? (ख) क्या सरकार ने उन प्रौद्योगिकी पर अनुसंधान किया है या कर रही है जिनका किसानों के लिए व्यावहारिक उपयोग हो? यदि हाँ तो तत्‍संबंधी ब्यौरा प्रदाय करें? (ग) किसानों को प्रौद्योगिकीय और वैज्ञानिक सहायता प्रदान करने के लिए वर्तमान सरकारी योजनाओं एवं नीतियों का ब्यौरा क्या है? (घ) प्रदेश में डिजिटल प्रौद्योगिकी और नवीनतम कृषि तकनीकी को अपनाने से कितने किसान लाभान्वित हुए है? तत्‍संबंधी ब्यौरा क्या है?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) 1. मध्‍यप्रदेश सरकार द्वारा डिजिटल प्रौद्योगिकी अन्‍तर्गत कृषि यंत्रों एवं सिंचाई यंत्रों को ऑनलाईन DBT पोर्टल के माध्‍यम से कृषकों को प्रदाय करने हेतु सुविधायें प्रदान की जा रही हैं। फार्म गेट एप्लीकेशन द्वारा मंडी के माध्यम से किसान मंडी में पंजीकृत व्यापारियों के साथ मोल भाव उपरान्‍त सौदा तय होने पर किसान की सहमति प्राप्त कर व्यापारी सीधे किसान के गाँव/खेत से उपज उठा लेता है। यह वर्चुअल मंडी की तरह काम करते हुए एपीएमसी अधिनियम के अनुसार लेन-देन में किसानों को सुरक्षा प्रदान करता है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में पंजीयन को राज्‍य के लैण्‍ड रिकार्ड से लिंक करने से त्रुटि रहित बीमा पॉलिसी जारी हो पा रही है एवं सेटेलाईट आधारित रिमोट सेंसिंग तकनीक का प्रभावी उपयोग करने से फसलों की स्थिति का त्‍वरित एवं सटीक आंकलन होने लगा है। मध्यप्रदेश में नवीन कृषि तकनीकी अन्‍तर्गत किसानों को एकीकृत सेवा वितरण हेतु भारत सरकार के "एग्री-स्टैक" कार्यक्रम के तहत कृषक रजिस्‍टरी, कृषि भू-खण्‍ड रजिस्‍टरी तथा फसल रजिस्‍टरी तैयार की जा रही है। किसानों को कृषक उन्मुखी विभागीय योजनाओं में अनुदान सहायता, भू-अभिलेख, गिरदावरी, मण्डी भाव, मौसम आधारित सामयिक सलाह, मृदा उर्वरता की जानकारी, मोबाईल एप तथा पोर्टल के माध्‍यम से उपलब्‍ध कराई जाती है। पौध संरक्षण औषधियों के नमूना लिये जाने से परीक्षण तक की प्रक्रिया की गोपनीयता और परिणामों की पारदर्शिता सुनिश्चित किये जाने के लिए क्‍यूआर कोड आधारित ऑनलाईन नमूना प्रणाली विकसित की गई है। उर्वरक नमूने संबंधी प्रणाली का पायलेट परीक्षण प्रारंभ कर दिया गया है। 2. मध्‍यप्रदेश में नवीन कृषि तकनीकी अन्‍तर्गत कृषकों को प्रदेश में प्रचलित फसलों के अनुशंसित नवीनतम किस्‍मों के उन्‍नत बीज की उपलब्‍धता, फसल प्रदर्शन के माध्‍यम से अनुसंधान संस्‍थाओं द्वारा विकसित नवीन कृषि तकनीकी, मिट्टी परीक्षण एवं उन्‍नत तथा नवीन कृषि यंत्रों, ड्रोन को बढ़ावा दिया जा रहा है। (ख) जी हाँ। मध्‍यप्रदेश में प्रौद्योगिकी पर अनुसंधान का कार्य कृषि से संबंधित तकनीकी संस्‍थानों, कृषि विश्‍वविद्यालयों तथा कृषि विज्ञान केन्‍द्रों द्वारा किया जाता है, तकनीकी संस्‍थाओं द्वारा अनुसंधान के सफल प्रयोगों के आधार पर किसानों के लिए व्‍यवहारिक उपयोग हेतु नवीन कृषि तकनीकी उपलब्‍ध कराई जाती है। (ग) 1. मध्‍यप्रदेश में भारत सरकार के कार्यक्रम एग्रीस्‍टेक को प्रदेश में भी क्रियान्‍वित किया जा रहा है। योजनान्‍तर्गत मध्यप्रदेश में राजस्‍व विभाग द्वारा फार्मर रजिस्‍टरी, जियो रिफरेंस नक्‍शा रजिस्‍टरी एवं क्रॉप सर्वे रजिस्‍टरी तैयार की जा रही है। डिजिटल क्रॉप सर्वे अन्‍तर्गत गिरदावरी प्रक्रिया में विभिन्‍न फसलों के क्षेत्रफल तथा उत्‍पादन के आकलन की प्रक्रिया को सटीक तथा त्‍वरित रूप से संपादित किये जाने हेतु रिमोट सेंसिंग तथा Geo-fenced survey के आधार पर गिरदावरी की जा रही है। 2. वर्तमान सरकारी योजनाओं की जानकारी संलग्‍न  परिशिष्‍ट  अनुसार है। (घ) प्रदेश में डिजिटल प्रौद्योगिकी और नवीनतम कृषि तकनीकी को अपनाने से प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष रुप से 50.38 लाख किसान लाभान्वित हुए हैं।

परिशिष्ट - "पांच"

सोसायटी की दुकानों की निलामी

[सहकारिता]

9. ( क्र. 76 ) श्री हरदीप सिंह डंग : क्या खेल एवं युवा कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या सहकारिता विभाग द्वारा सुवासरा सोसायटी में दुकानों का निर्माण किया गया है? यदि हाँ, तो कितनी दुकानों का निर्माण किया गया तथा किस वर्ष में किया गया है? (ख) प्रश्‍न दिनांक तक उपरोक्त दुकानों में से कितनी दुकानों का उपयोग एवं किराये पर दी गई है? (ग) क्या उपरोक्त दुकानों में से जिला सहकारी बैंक को किराये पर दुकान दी गई है यदि हाँ, तो उसी नियम के तहत अन्य दुकानों को आज तक किराये पर क्यों नहीं दिया गया? (घ) नवीन दुकानों के पूर्ण होने से प्रश्‍न दिनांक तक किराये पर नहीं देने से शासन को अनुमानित कितना नुकसान हुआ है इसके लिए कौन जवाबदार है एवं शेष दुकानों की कब तक निलामी कर दी जावेंगी?

खेल एवं युवा कल्याण मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) जी नहीं। प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति मर्यादित, सुवासरा द्वारा 21 दुकानों का निर्माण वर्ष 2018 में किया गया है। (ख) प्रश्‍न दिनांक तक उपरोक्त 21 दुकानों में से 03 दुकानों का उपयोग स्वयं संस्था द्वारा किया जा रहा है एवं 06 दुकानें किराये पर दी गई है। (ग) जी हाँ 06 दुकानें जिला सहकारी बैंक मर्यादित मंदसौर को किराये पर दी गई है। अन्य दुकानों को किराये पर देने की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। (घ) दुकानों का निर्माण शासन द्वारा नहीं किया गया है। शेष दुकानों को किराये पर दिये जाने की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

किसानों एवं बीमा राशि की जानकारी

[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]

10. ( क्र. 77 ) श्री हरदीप सिंह डंग : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मंदसौर जिले में कितने किसान रिकार्ड में दर्ज है किसानों की संख्या की गांववार एवं विधानसभावार जानकारी देवें? (ख) किसानों द्वारा बीमा राशि किन-किन संस्थाओं में जमा कराई जा सकती है, इसके नियमों की जानकारी देवें। (ग) वर्ष 2020 से प्रश्‍न दिनांक तक उपरोक्त जिन किसानों की बीमा राशि जमा है उसमे से कितने किसानों को बीमा राशि प्राप्त हुई? पटवारी हल्‍कावार संख्‍यात्‍मक जानकारी देवें। (घ) वर्ष 2020 से प्रश्‍न दिनांक तक उपरोक्त किसानों द्वारा किन-किन संस्थाओं में बीमा राशि जमा कराई है?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) मंदसौर जिले में रिकार्ड में दर्ज कृषक संख्‍या की जानकारी विधान सभावार जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। पर एवं गांववार जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ख) प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के प्रावधान के अनुसार कृषक अपनी फसल बीमा हेतु प्रीमियम की राशि समस्त बैंक (जैसे- सहकारी बैंक/ग्रामीण बैंक/व्यावसायिक बैंक/निजी क्षेत्र के बैंक), जन-सेवा केंद्र, बीमा कम्पनी के अधिकृत बीमा मध्यस्थ (Insurance Broker/PoSP) द्वारा ऑनलाइन मोबाइल ऐप (Mobile Application) से तथा स्वयं कृषक ऑनलाइन भारत सरकार के फसल बीमा पोर्टल (NCIP Portal) माध्यम से स्वयं जमा करके फसल का बीमा करा सकता है। (ग) फसल में नुकसान होने पर ही बीमित किसानों को दावा राशि प्राप्त होती है। बीमा दावा प्राप्त किसानों की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र-3 अनुसार है। (घ) उत्‍तरांश (ख) अनुसार

भोपाल में स्पोर्टस कॉम्प्लेक्स का निर्माण

[खेल एवं युवा कल्याण]

11. ( क्र. 96 ) श्री आरिफ मसूद : क्या खेल एवं युवा कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) राजधानी भोपाल में कितने स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का निर्माण कार्य कराया जा रहा है? (ख) प्रश्‍नांश (क) के परिप्रेक्ष्य में स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के स्टेडियम में लगने वाली कितनी फ्लड लाइट की खरीदी अब तक की गई एवं उनमें से किन-किन स्टेडियमों में कितनी लाइटें लगाई जाएंगी? (ग) प्रश्‍नांश (ख) के परिप्रेक्ष्य में वर्तमान में कितने स्टेडियमों में कार्य किया जा रहा है एवं उनमें लगने वाली फ्लड लाइटों को किन एजेंसियों से किस कीमत पर क्रय किया गया है? वर्क ऑर्डर, पर्चेसिंग बिल सहित जानकारी उपलब्ध करावें। (घ) प्रश्‍नांश (ग) के परिप्रेक्ष्य में क्या जिस चैम्पियनशिप के लिए तैयारी की जा रही है, वह वर्तमान में भारत में हो ही नहीं रही है? यदि हाँ तो संबंधितों के विरूद्ध क्या कार्यवाही की जाएगी?

खेल एवं युवा कल्याण मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) भोपाल को स्पोटर्स हब बनाने तथा भोपाल शहर स्पोटर्स के अंतर्राष्ट्रीय नक्शे पर अपनी पहचान स्थापित कर सके, इस हेतु राजधानी भोपाल में अंतर्राष्ट्रीय स्तर के 1- स्पोटर्स कॉम्प्लेक्स का निर्माण ग्राम नाथूबरखेड़ा में किया जा रहा है। (ख) अंतर्राष्ट्रीय स्पोटर्स कॉम्प्लेक्स में अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता का आयोजन हो सके तथा अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर उच्च स्पष्टता (HD) के साथ जीवंत प्रदर्शन (Live Telecast) किया जा सके इस हेतु संबंधित खेल के अंतर्राष्ट्रीय खेल महासंघ द्वारा निर्धारित लक्स लेवल प्राप्त करने हेतु कन्सल्टेंट मेसर्स कोलॉज डिजाईन प्रा.लि. मुंबई द्वारा तैयार डिजाईन-ड्राईंग व प्राक्कलन अनुसार स्पोटर्स हाईमास्ट एलईडी लाईटिंग प्रदाय, स्थापना, परीक्षण, संचालन व संधारण (कार्यपूर्णता उपरांत 5 वर्ष की अवधि हेतु) का कार्य किया जा रहा है जिसके अनुसार एथलेटिक मेन फील्ड के लिए 300 नग, एथलेटिक वार्मअप ट्रेक के लिए 130 नग, हॉकी मेन फील्ड के लिए 188 नग, हॉकी प्रैक्ट्सि फील्ड के लिए 48 नग व रिक्रेशनल फील्डस के लिए 80 नग स्पोटर्स हाईमास्ट एलईडी लाईटिंग की स्थापना की जाना है जिसके अनुसार कार्य प्रगतिरत है। (ग) उत्तरांश () में उल्लेखित समस्त प्लेफील्ड में उल्लेखानुसार कार्यों हेतु मेसर्स श्रीनिवासा पॉवर साल्यूशन, भोपाल को कार्यादेश संलग्‍न  परिशिष्‍ट  अनुसार है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (घ) जी नहीं, अंतर्राष्ट्रीय स्पोटर्स कॉम्पलेक्स के निर्माण का मुख्य उद्देश्य भोपाल को स्पोटर्स हब बनाना ताकि स्पोटर्स कॉम्पलेक्स में विश्‍वकप/विश्‍व चैम्पियनशिप व अन्य अंतर्राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता आयोजित हो सके, जिससे भोपाल शहर स्पोटर्स के अंतर्राष्ट्रीय नक्शे पर अपनी पहचान स्थापित कर सके। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - "छ:"

शासकीय महाविद्यालयों की जानकारी

[उच्च शिक्षा]

12. ( क्र. 102 ) श्री देवेन्द्र पटेल : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सिलवानी विधानसभा क्षेत्रांतर्गत संचालित शासकीय महाविद्यालयों में स्‍नातक एवं पीजी में कौन-कौन से कोर्स कब से संचालित है? क्‍या इन संकायों के शिक्षण हेतु समुचित व्‍यवस्‍थायें तथा प्रयोगशाला इत्‍यादि उपलब्‍ध है? (ख) प्रश्‍नांश (क) उल्‍लेखित महाविद्यालयों में शैक्षणिक व गैर शैक्षणिक स्‍टाफ के कितने-कितने पद स्‍वीकृत है विवरण दे व बतावें कि कौन-कौन से पद कब से रिक्‍त है? इन पदों पर स्‍थायी रूप से पद पूर्ति हेतु क्‍या प्रयास किये जा रहे हैं? नहीं तो क्‍यों? (ग) प्रश्‍नांश (क) उल्‍लेखित महाविद्यालयों में अध्‍ययनरत नियमित छात्र-छात्राओं की छात्रवृत्ति भुगतान के कितने व कौन-कौन से प्रकरण वर्तमान में लंबित है और क्‍यों?

उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) सिलवानी विधानसभा क्षेत्रांतर्गत कुल 02 शासकीय महाविद्यालय, सिलवानी एवं पं. दीनदयाल उपाध्‍याय महाविद्यालय, बेगमगंज संचालित हैं। जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट-01 अनुसार है। सिलवानी महाविद्यालय में प्रयोगशाला व्‍यवस्‍था प्रक्रियाधीन है। बेगमगंज महाविद्यालय में जंतुविज्ञान विषय को छोड़कर शेष सभी विषयों की प्रयोगशालाएं उपलब्‍ध हैं। (ख) जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट-02 अनुसार है। रिक्‍त पदों की पूर्ति हेतु सहायक प्राध्‍यापक के कुल 1669 पद, ग्रंथपाल के 255 पद एवं क्रीड़ाधिकारी के 129 पदों को भरने हेतु लोक सेवा आयोग, इंदौर के माध्‍यम से विज्ञापन जारी कर भर्ती की कार्यवाही की जा रही है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। गैर-शैक्षणिक स्‍टाफ में तृतीय श्रेणी के रिक्‍त पद वस्‍तुत: पदोन्‍नति के हैं। चतुर्थ श्रेणी के रिक्‍त पदों को अनुकंपा नियुक्ति एवं आउटसोर्स से भरे जाने के निर्देश जारी किए जा चुके हैं। जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट-03 अनुसार है। (ग) 1- शासकीय महाविद्यालय, सिलवानी में पोस्‍ट मैट्रिक छात्रवृत्ति के 180 प्रकरण लंबित हैं। 2- शासकीय महाविद्यालय, बेगमगंज में पोस्‍ट मैट्रिक छात्रवृत्ति के 17 प्रकरण लंबित हैं। भुगतान हेतु संबंधित विभाग को पत्र प्रेषित किया जा चुका है। विभाग स्‍तर पर कोई कार्यवाही शेष नहीं है।

नियम विरुद्ध कनिष्ठ अधिकारी को उच्च पद का प्रभार दिया जाना

[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]

13. ( क्र. 130 ) श्री सुरेश राजे : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) ग्वालियर संभाग के जिला अशोकनगर/गुना/शिवपुरी/दतिया एवं ग्वालियर की जनपद पंचायत एवं ग्रामीण यांत्रिकी विभाग में कार्यरत सहायक यंत्री एवं उपयंत्री (नाम, जन्मतिथि, प्रथम नियुक्ति पद, दिनांक, पदोन्नति, वर्तमान में कार्यरत स्थान/निलंबन/विभागीय जांच प्रारंभ का दिनांक ) सहित पूर्ण जानकारी देवें। (ख) सहायक यंत्री/उपयंत्री को रिक्त उच्चपद का प्रभार सौंपने संबंधी शासन आदेश/नियम की सत्यापित प्रति देवें तथा ग्वालियर संभाग के उक्त जिला में किस उपयंत्री को सहायक यंत्री का प्रभार तथा किस सहायक यंत्री को कार्यपालन यंत्री का प्रभार किस सक्षम अधिकारी द्वारा कब से सौंपा गया? आदेश की जानकारी देवें l (ग) क्या जिस अधिकारी की विभागीय जांच प्रचलित है उसे रिक्त उच्च पद का प्रभार नहीं दिया जा सकता है? यदि दिया जा सकता है तो शासन आदेश/नियम की जानकारी देवें l

पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट '' अनुसार है। (ख) आदेश नियम की छायाप्रति पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट  '' अनुसार है। शेष जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्‍ट '' अनुसार है। (ग) जी हाँ। प्रभार नहीं दिया जा सकता है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना

[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]

14. ( क्र. 131 ) श्री सुरेश राजे : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना एवं मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत ग्राम की सड़क निर्माण संबंधी शासन आदेश की सत्यापित प्रति उपलब्ध करावें l (ख) विधानसभा डबरा अंतर्गत प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की सड़क योजना प्रारंभ से अभी तक वर्षवार कहाँ से कहाँ तक कितनी-कितनी राशि से किस उपयंत्री की देखरेख में निर्मित है? गारंटी अवधि में इनकी मरम्मत हेतु ठेकेदार/फर्म से अंतिम भुगतान के पूर्व कितनी-कितनी राशि काटी गयी तथा काटी गयी जमा राशि से कब कितनी राशि से मरम्मत कार्य करवाया गया? यदि नहीं तो किस दिनांक को यह राशि किस फर्म को वापस की गयी? इन सड़कों के रख-रखाव संबंधी आदेश नियम की सत्यापित प्रति उपलब्ध करावेंl (ख) विधानसभा डबरा अंतर्गत वर्ष 2024-25 में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना एवं मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना में कहाँ से कहाँ तक सड़क निर्माण कार्य कराये जाने हैं? यदि नहीं तो कारण सहित बतावेंl

पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत सड़क निर्माण संबंधी शासन आदेश/गाईड-लाईन की सत्यापित प्रति  पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र ''1'' अनुसार है  एवं मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना अंतर्गत ग्रेवल स्तर तक की सड़कों का निर्माण ग्रामीण यांत्रिकी सेवा द्वारा कराया गया था, शासन आदेश/गाईड लाईन की सत्यापित प्रति  पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र ''2'' अनुसार है। (ख) विधानसभा डबरा अंतर्गत प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना प्रारंभ से अभी तक वर्षवार जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र ''3'' अनुसार है। गारंटी अवधि में मरम्मत हेतु ठेकेदार/फर्म से राशि काटने का प्रावधान नहीं है, बल्कि परफारमेंस सिक्युरिटी के रूप में राशि काटी जाती है। परफारमेंस सिक्युरिटी के रूप में काटी गई एवं वापिस की गई राशि का दिनांकवार विवरण  पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र ''3 '' अनुसार है। सड़कों के रख-रखाव संबंधी आदेश नियम की प्रति  पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र ''4 '' अनुसार है। (ग) विधानसभा क्षेत्र डबरा में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना अंतर्गत कराये जाने वाले प्रगतिरत/प्रस्तावित मार्ग निर्माण की जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र ''5'' अनुसार है। विधानसभा क्षेत्र डबरा में मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत नवीन घोषित राजस्व ग्राम अंतर्गत ग्रेवल रोड निर्माण भैंसनारी (शांतिधाम) में अजीतपुरा एवं भैंसनारी रोड से लटैयापुरा का निर्माण कराया जाना है, उक्त हेतु प्रशासकीय स्वीकृति एवं आवंटन उपलब्ध होने पर निर्माण कराया जा सकता है।

पन्ना जिले में इंजीनियरिंग कॉलेज की स्‍थापना

[तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार (केवल तकनीकी शिक्षा)]

15. ( क्र. 139 ) श्री ब्रजेन्द्र प्रताप सिंह : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा सत्र फरवरी 2024 के प्रश्‍न क्रमांक 53 में प्रश्‍नकर्ता द्वारा पन्ना में तत्कालीन मुख्यमंत्री जी की घोषणा अनुसार शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज प्रारंभ किये जाने के संबंध में पूछे गए प्रश्‍न के संबंध में माननीय मंत्री जी द्वारा जानकारी एकत्रित करने की बात कही गई थी। क्या उक्त कार्यवाही पूर्ण कर ली गई है? (ख) यदि प्रश्‍नांश '''' का उत्तर हाँ है तो पन्ना जिले में इंजीनियरिंग कॉलेज कब से प्रारंभ किया जावेगा? यदि नहीं तो क्यों?

उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) विधानसभा सचिवालय द्वारा तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोज़गार (केवल कौशल विकास एवं रोज़गार) को पृथक किये जाने की जानकारी एवं लॉगिन आईडी/पासवर्ड विभाग को दिनांक 02.02.2024 को प्राप्‍त होने के कारण विभाग द्वारा दिनांक 02.02.2024 को ''जानकारी एकत्रित की जा रही है'' की प्रविष्‍टी की गई थी। जानकारी एकत्रित कर पूर्ण उत्‍तर विधानसभा सचिवालय को दिनांक 09.02.2024 को प्रेषित किया गया एवं पोर्टल खुलने के उपरांत दिनांक 27.02.2024 को अपलोड किया गया। (ख) समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता हैं।

शासकीय आई.टी.आई. की स्वीकृति

[तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार (केवल कौशल विकास एवं रोजगार)]

16. ( क्र. 140 ) श्री सोहनलाल बाल्‍मीक : क्या राज्‍य मंत्री, कौशल विकास एवं रोजगार महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या परासिया विधानसभा क्षेत्र के अन्तर्गत एक भी शासकीय आई.टी.आई. नहीं है। शास. आई.टी.आई. नहीं होने के कारण क्षेत्र के विद्यार्थियों को विभिन्न विषयों/ट्रेडों में अध्ययन एवं डिप्लोमा करने हेतु जिला छिंदवाड़ा जाना आना पड़ता है। जिससे विद्यार्थियों को आर्थिक नुकसान के साथ-साथ अनेक असुविधाओं तथा परेशानियों का सामना करना पड़ता है? (ख) प्रश्‍नांश (क) के अनुसार क्या विद्यार्थियों की सुविधा हेतु परासिया विधानसभा क्षेत्र में शास. आई.टी.आई. प्रारम्भ किया जाना आवश्यक प्रतीत होता है? आवश्यकता के आधार पर विभाग द्वारा शास. आई.टी.आई. प्रारम्भ किये जाने की स्वीकृति के संबंध में कार्यवाही की जायेगी? (ग) प्रश्‍नांश (ख) के अनुसार कार्यवाही को कब तक पूरा करते हुये परासिया विधानसभा क्षेत्र में शास. आई.टी.आई. प्रारम्भ किये जाने की स्वीकृति प्रदान कर दी जायेगी?

राज्‍य मंत्री, कौशल विकास एवं रोजगार ( श्री गौतम टेटवाल ) : (क) जी हाँ। विकासखण्‍ड परासिया के निकट शासकीय आई.टी.आई., जुन्‍नारदेव लगभग 21 किलो मीटर एवं नवीन आई.टी.आई., तामिया लगभग 29 किलो मीटर पर संचालित है। परासिया विकासखण्‍ड में निजी आई.टी.आई. संचालित है। जिसमें विकासखण्‍ड परासिया के विद्यार्थी प्रशिक्षण प्राप्‍त कर सकते हैं। (ख) एवं (ग) विकासखण्‍ड परासिया में निजी आई.टी.आई. संचालित हैं। प्रदेश के 51 विकासखण्‍डों में शासकीय आई.टी.आई. संचालित नहीं हैं। शासकीय आई.टी.आई. खोला जाना सतत् प्रक्रिया है।

अनियमितताओं एवं भ्रष्टाचार की जाँच

[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]

17. ( क्र. 143 ) श्री सोहनलाल बाल्‍मीक : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) परासिया विधानसभा क्षेत्र के अन्तर्गत ग्राम मण्डला से मण्डली तक एवं ग्राम सेमरताल स्कूलढाना से मेन रोड दमुआ डोलाघाट तक सुदूर सड़क निर्माण कार्य की स्वीकृति विभाग द्वारा प्रदान की गई थी। उक्त दोनों सुदूर सड़क के निर्माण कार्य में संबंधित ठेकेदारों द्वारा विभिन्न प्रकार की अनियमितता एवं भ्रष्टाचार किया जा रहा है। निर्धारित मापदण्डों के अनुसार कार्य नहीं किया जा रहा है, घटिया किस्म की सामग्री का उपयोग किया जा रहा है मजदूरों की जगह जेसीबी मशीन के माध्यम से कार्य कराया जा रहा है और भी बहुत सारी अनियमितताएं बरतते हुये भ्रष्टाचार किया जा रहा है जिसकी जांच कराया जाना अत्यंत ही आवश्यक है। दोनों ही मार्ग निर्माण कार्यों की उच्च स्तरीय जाँच विभाग द्वारा कराकर कब तक कार्यवाही की जायेगी? (ख) प्रश्‍नांश (क) में उल्लेखित दोनों ही सुदूर सड़क निर्माण कार्यों में की जा रही विभिन्न अनियमितताओं एवं भ्रष्टाचार की जाँच कराये जाने के संबंध में प्रश्‍नकर्ता द्वारा श्रीमान मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत छिंदवाड़ा एवं श्रीमान कार्यपालन यंत्री ग्रा.या.से. संभाग क्र.-2 जिला छिन्दवाड़ा को शिकायत पत्र क्र.वि.स./परासिया/127/2024/321 दि. 01.06.2024 को प्रेषित किए गये है, जिस शिकायत पत्र पर अभी तक क्या कार्यवाही की गई है? अगर कार्यवाही नहीं की गई है तो उसका क्या कारण है? कब तक जाँच कराते हुये संबंधित ठेकेदारों पर कार्यवाही की जायेगी?

पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) जिले की विधानसभा क्षेत्र परासिया के अतंर्गत निर्माण कराई जा रही सुदूर सड़क निर्माण कार्यों के संबंध में विधायक महोदय द्वारा प्रेषित पत्र क्रमांक 321 दिनांक 1/06/2024 के संबंध में महाप्रबंधक म.प्र ग्रामीण विकास प्राधिकरण छिन्दवाड़ा से जाँच करायी गई। कार्यालय महाप्रबंधक म.प्र. ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण परियोजना क्रियान्वयन इकाई 2 छिन्दवाड़ा के पत्र क. 1295 दिनांक 18.06.2024 के द्वारा प्राप्त जाँच के अनुसार सुदूर सड़क ग्राम पंचायत मण्डला से मण्डली लंबाई 2.00 किमी है, जिसकी लागत 52.56 लाख है कार्य अभी शुरूआती स्तर पर है जिसमें मिट्टी का कार्य लगभग 1710 मीटर में किया गया है। जिसकी कार्य की गुणवत्ता निर्धारित मापदंड अनुसार है। टेस्ट रिजल्ट की छायाप्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है एवं 450 मीटर चैनेज पर 1 रो पाईप कल्वर्ट 750 चैनेज पर 1 रो कल्वर्ट एवं 1560 मीटर पर 1 रो पाईप कल्वर्ट का निर्माण किया गया है जिसके कार्य गुणवत्ता की जाँच मनरेगा जिला स्तरीय क्वालिटी कंट्रोल प्रयोगशाला छिन्दवाड़ा से कराया गया है जिसका भुगतान अभी शेष है। उक्त कार्य में आज दिनांक तक 5.66 लाख में सिर्फ मजदूरी भुगतान हुआ है। सामग्री का भुगतान किया जाना वर्तमान में शेष है। शिकायत में यह भी बताया गया है कि जिस स्थान पर सड़क निर्माण करा दिया गया है उस स्थान के अलावा अन्य स्थान पर भी मार्ग का निर्माण करा दिया गया है जिसकी पुष्टि हेतु कोई रिकार्ड उपलब्ध नहीं हुआ है। सुदूर सड़क ग्राम पंचायत सेमरताल से स्कूलढाना मेन रोड दमुआ डोलाघाट तक जिसकी लंबाई 1.70 कि.मी. है जिसकी लागत 68.74 लाख है। उक्त कार्य में 1.40 कि.मी. में मिट्टी का कार्य कराया गया है, जो वर्तमान में कार्य प्रगतिरत है। वह कार्य निर्धारित मापदण्डानुसार है। उक्त कार्य में 4.06 लाख मजदूरी भुगतान हुआ है। सामग्री का भुगतान किया जाना वर्तमान में शेष है। टेस्‍ट रिजल्‍ट की छायाप्रति  पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट  अनुसार है। (ख) कार्यालय जिला पंचायत छिन्दवाड़ा के पत्र क. 1131 दिनांक 10.06.2024 के द्वारा महाप्रबंधक म.प्र ग्रामीण विकास प्राधिकरण छिन्दवाड़ा को जांच किये जाने हेतु निर्देशित किया गया था जिसके परिपालन में कार्यालय महाप्रबंधक म.प्र. ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण परियोजना क्रियान्वयन इकाई 2 छिन्दवाड़ा के पत्र क्र.1295 दिनांक 18.06.2024 के द्वारा प्रतिवेदन प्राप्त हुआ है। जिसके अनुसार प्रश्‍नांश (क) में उल्लेखित दोनों सुदूर सड़क निर्माण कार्य निर्धारित मापदंड अनुसार होना प्रतिवेदित है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

शैक्षणिक सत्र-2024-25 में स्नात्तकोत्तर कक्षाएं प्रारंभ की जाना

[उच्च शिक्षा]

18. ( क्र. 148 ) श्री इंजीनियर प्रदीप लारिया : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या नरयावली विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत शासकीय महाविद्यालय मकरोनिया बुजुर्ग का प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस में क्‍या उन्नयन किया गया है। यदि हाँ तो उन्नयन नवीन शैक्षणिक सत्र-2024-25 में लागू होगा? जानकारी देवें? (ख) प्रश्‍नांश (क) में वर्णित शासकीय महाविद्यालय मकरोनिया में क्या नवीन शैक्षणिक सत्र-2024-25 में स्नात्तकोत्तर कक्षाएं एम.ए., एम.एस.सी., एम.कॉम. की कक्षाएं प्रारंभ होगी यदि हाँ तो इसके लिए विभाग द्वारा जारी आदेश/पत्र की जानकारी देवें? (ग) क्या नवीन शैक्षणिक सत्र में एम.ए., एम.एस.सी., एम.कॉम. की कक्षाओं में शासकीय महाविद्यालय मकरोनिया में प्रवेश हेतु ऑनलाईन पोर्टल/आवेदन हेतु छात्र-छात्राओं को कोई प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी। तो कब तक जानकारी देवें? (घ) विभाग द्वारा नवीन शैक्षणिक सत्र-2024-25 में स्नात्तकोत्तर कक्षाओं को प्रारंभ करने के लिए प्रश्‍न दिनांक तक क्या-क्या औपचारिकताएं/गतिविधियां पूर्ण कर ली गई हैं, जानकारी देवें? यदि नहीं की गई तो कब तक की जाएंगी।
उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) एवं (ख) जी हाँ। जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट  अनुसार है। (ग) जी हाँ। कार्यवाही प्रचलन में है। (घ) महाविद्यालय के ई-प्रवेश पोर्टल पर स्‍नातकोत्‍तर की कक्षाओं की सीट संख्‍या एवं शुल्‍क दर्ज करा दी गई है। विद्यार्थियों को विभिन्‍न माध्‍यमों से स्‍नातकोत्‍तर कक्षाओं के प्रारंभ करने संबंधी सूचना भी दी गयी है।

विकास कार्यों की स्वीकृति

[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]

19. ( क्र. 154 ) श्री प्रताप ग्रेवाल : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता के प्रश्‍न क्रमांक 455 दिनांक 08.02.2024 के प्रश्‍नांश (क) के अनुसार जो पत्र प्राप्त किया गया उस पर क्या कार्यवाही की गई। संबंधित नोटशीट, पत्राचार आदि संबंधी समस्त दस्तावेज की प्रति देवें एवं उक्त कार्य कब तक स्वीकृत किए जाएंगे, समय-सीमा बतावे। (ख) माननीय मुख्यमंत्री जी के पत्र क्रमांक 1401/सी.एम.एस./एम.एल.ए./196/2024 के दिनांक 23.02.2024 एवं 1406/सी.एम.एस./एम.एल.ए./196/2024 के दिनांक 23.02.2024 को पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के प्रमुख सचिव को पत्र लिखा गया था उस पर क्या कार्यवाही की गई। समस्त दस्तावेज की प्रति देवे एवं उक्त कार्य कब तक स्वीकृत किए जाएंगे, समय-सीमा बतावे। (ग) प्रश्‍नकर्ता द्वारा पत्र क्रमांक 38/2024, 37/2024 दिनांक 07.02.2024 एवं पत्र क्रमांक 75/2024 दिनांक 11.02.2024 पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के प्रमुख सचिव को पत्राचार किया गया था उस पर क्या कार्यवाही की गई। समस्त दस्तावेज की प्रति देवे एवं उक्त कार्य कब तक स्वीकृत किए जाएंगे, समय-सीमा बतावे। (घ) 1 अप्रैल 2023 से प्रश्‍न दिनांक तक सरदारपुर विधानसभा में जिला पंचायत द्वारा कौन-कौन से कार्य स्वीकृत किए गए, पंचायतवार एवं मदवार जानकारी देवें। उक्त अवधि में प्रश्‍नकर्ता द्वारा कितने प्रस्ताव जिला पंचायत धार को प्राप्त हुए, प्राप्त प्रस्तावों में से कितने कार्य की स्वीकृति प्रदान की गई, सूची प्रदान करें।

पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत धार के पत्र क्रमांक 475/मनरेगा/2022 धार, दिनांक 26.05.2022 अनुसार जिले में श्रम एवं सामग्री अनुपात 60:40 संधारण नहीं होने के कारण स्‍वीकृति देने में असमर्थता जाहिर की गई। स्‍वीकृति की समय-सीमा बताना संभव नहीं है। (ख) माननीय मुख्‍यमंत्री जी के पत्र क्रमांक 1401/CMS/MLA/196/2024 दिनांक 23.02.24 के अनुक्रम में मनरेगा परिषद भोपाल के पत्र क्रमांक 9882/MGNREGS-MP/NR-3/2024 भोपाल, दिनांक 13.03.2024 से कलेक्‍टर/जिला कार्यक्रम समन्‍वयक, महात्‍मा गांधी राष्‍ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना जिला धार को पत्र लिखा गया एवं पत्र क्रमांक 1406/CMS/MLA/196/2024 दिनांक 23.02.24 के संबंध में पंचायत राज संचालनालय स्‍तर पर बजट उपलब्‍ध नहीं होने के कारण स्‍वीकृति नहीं की जा सकी है। स्‍वीकृति की समय-सीमा बताना संभव नहीं है। (ग) प्राप्‍त पत्रों पर कार्यवाही प्रचलित है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (घ) जिला पंचायत से स्‍वीकृत कार्यों की जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट '' अनुसार है। उक्‍त अवधि में जिला पंचायत को 27 प्रस्‍ताव प्रेषित किये गये, जिन पर नियमानुसार कार्यवाही हेतु कार्यपालन यंत्री एवं मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी, सरदारपुर को पत्र लिखा गया है। जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट '' अनुसार है।

परिशिष्ट - "सात"

कार्यपालन यंत्री आर.ई.एस. द्वारा जारी तकनीकी स्‍वीकृति की जानकारी

[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]

20. ( क्र. 158 ) श्री कैलाश कुशवाहा : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या शिवपुरी जिले में कार्यपालन यंत्री, आर.ई.एस. जिला शिवपुरी द्वारा वर्ष 2021-22 से 2023-24 में ग्रामीण यांत्रिकी सेवा अंतर्गत निर्माण कार्यों की तकनीकी स्वीकृति जारी की है? यदि हाँ, तो कौन-कौन से कार्यों की कितनी-कितनी राशि की तकनीकी स्वीकृति कब-कब जारी की। तकनीकी स्‍वीकृति की जानकारी दें? (ख) क्या उक्त तकनीकी स्वीकृति की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई है? यदि हाँ, तो प्रशासकीय स्वीकृति की जानकारी दें? कि कौन-कौन से कार्यों की कितनी-कितनी राशि की कब-कब प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई? इनकी निर्माण एजेंसी कौन-कौन सी है? (ग) प्रश्‍नांश () में वर्णित कौन-कौन से कार्यों का किन-किन के द्वारा कितना-कितना मूल्यांकन किया गया? उक्त मूल्यांकनों का किन-किन के द्वारा सत्यापन किया गया? इनमें से अनेक कार्य वर्तमान में स्‍वीकृत स्‍थान पर उपलब्‍ध नहीं है उनका मूल्यांकन और सत्यापन क्‍यों और कैसे किया गया? इसकी जांचकर कार्यवाही कब तक की जाएंगी? (घ) पोहरी विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत वर्ष 2021-22 से 2023-24 तक कार्यपालन यंत्री, आरईएस शिवपुरी द्वारा किन-किन कार्यों की कितनी-कितनी लागत की तकनीकी स्वीकृति ग्रामीण यांत्रिकी सेवा हेतु जारी की गई, उक्त तकनीकी स्‍वीकृति की प्रशासकीय स्‍वीकृति की जानकारी एवं कार्यवार एजेंसी का नाम बताये? उक्‍त कार्यों का मूल्‍यांकन किन के द्वारा किया गया?

पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट-'''' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट-'''' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट-'''' अनुसार है। उक्‍त कार्य वर्तमान में स्‍वीकृत स्‍थान पर ही कराये गये हैं, मूल्‍यां‍कन एवं सत्‍यापन उक्‍त कार्यों का ही किया गया है। अत: शेष प्रश्‍न उत्‍पन्न नहीं होता है। (घ) जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट-'''' अनुसार है।

सुदूर सड़क निर्माण कार्ययोजना

[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]

21. ( क्र. 177 ) श्री कालु सिंह ठाकुर : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या विभाग द्वारा सुदूर सड़क निर्माण कार्ययोजना संचालित की जा रही है यदि हाँ, तो विभाग की इस योजना की विस्तृत जानकारी देवें? (ख) यदि हाँ तो सुदूर सड़क निर्माण कार्य हेतु विभाग को वर्ष-2021-22, 2022-23, 2023-24 में धार जिले में कितना आवंटन/लक्ष्य विभाग के पास था। विधानसभावार जानकारी देवें? सुदूर सड़क निर्माण कार्य में कितनी राशि व्यय की गई? (ग) सुदूर सड़क निर्माण कार्य स्वीकृति के लिए विभाग द्वारा क्या मापदण्ड तैयार किए गए है? की जानकारी देवें तथा धार जिले अंतर्गत वर्ष-2021-22, 2022-23, 2023-24 में कितनी सड़क मार्ग स्वीकृत किए गए विकासखण्डवार/पंचायतवार जानकारी देवें। (घ) सुदूर सड़क निर्माण कार्य स्वीकृति के संबंध में धरमपुरी विधानसभा क्षेत्र के जनपद पंचायत नालछा एवं जनपद पंचायत धरमपुरी में जनप्रतिनिधियों के कितने अनुसंशा पत्र प्रेषित किए गए एवं विभाग द्वारा उन पत्रों पर कार्यवाही की गई या नहीं? यदि नहीं तो विभाग में कौन जवाबदार है?

पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) जी हाँ। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत खेत/सुदूर सड़क उपयोजना के संबंध में विभाग के पत्र क्रमांक 9581/MGNREGS-MP/NR-3/SE-I/2013 भोपाल दिनांक 17.12.2013 से दिशा निर्देश जारी किये गये है। वर्तमान में विभाग के पत्र क्रमांक 1503/MGNREGS-MP/NR-3/2023 भोपाल दिनांक 16.05.2023 से जारी निर्देशों के अनुक्रम में उपयोजना का क्रियान्‍वयन किया जा रहा है। विस्‍तृत  जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट  '' अनुसार है। (ख) सुदूर सड़क निर्माण हेतु किसी तरह का आवंटन एवं लक्ष्‍य प्राप्‍त नहीं होता है। किन्‍तु धार जिले में पूर्व से प्रगतिरत सड़कों पर वर्ष 2021-22 में 845.54 लाख, वर्ष 2022-23 में 244.12 लाख तथा वर्ष 2023-24 में 225.13 लाख रूपये का व्‍यय किया गया है। (ग) मापदण्‍ड संबंधी जानकारी विभाग के पत्र क्रमांक 1503/MGNREGS-MP/NR-3/2023 भोपाल दिनांक 16.05.2023 से जारी निर्देशों के अनुक्रम में उपयोजना का क्रियान्‍वयन किया जा रहा है। धार जिले में वर्ष 2021-22, 2022-23, 2023-24 में कोई भी सड़क स्‍वीकृत नहीं की गई है। (घ) सुदूर सड़क निर्माण स्‍वीकृति के संबंध में जनप्रतिनिधियों के 05 पत्र प्राप्‍त हुए, जिस पर जिले द्वारा की गई कार्यवाही पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट '' अनुसार है। शेष प्रश्‍न उद्भूत नहीं होता है।

भ्रष्टाचार की जांच और की गई कार्यवाही की जानकारी

[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]

22. ( क्र. 188 ) श्री कैलाश कुशवाहा : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शिवपुरी जिले में वर्ष 2018 में मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत गणवेश वितरण के लिए स्वसहायता समूहों को प्रदान की गई धनराशि के दुरुपयोग के मामले में अभी तक क्या-क्या कार्यवाही किन-किन के विरूद्ध की गई? यदि कार्यवाही नहीं की तो क्यों? (ख) क्या शिवपुरी जिले में गणवेश वितरण के मामले में प्रकरण EOW ग्वालियर में जांच हेतु लंबित है यदि हाँ, तो जांच लंबित होने का क्या कारण हैं? जांच पूर्ण क्यों नहीं हुई? कब तक पूर्ण होगी? (ग) शिवपुरी जिले में स्वसहायता समूहों को गणवेश वितरण के लिए राज्‍य शिक्षा केन्द्र भोपाल से कितनी राशि उपलब्ध कराई गई एवं उक्त राशि कहां व्यय की गई? (घ) क्या स्वसहायता समूहों के बैंक पासबुक और चेकबुक कुछ अधिकारियों के कब्जे में पाई गई थी? यदि हाँ, तो किनके पास पाई गई उन अधिकारियों के खिलाफ क्या कार्यवाही की गई? यदि नहीं तो क्‍यों? (ड.) क्या शासन ने गणवेश वितरण में हुई अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के मामलों में नई जांच समिति का गठन किया है? यदि हाँ, तो उस समिति द्वारा अभी तक क्या कार्यवाही की गई? यदि नहीं तो क्‍यों? (च) क्या स्वसहायता समूहों को कपड़ा आदि क्रय एवं वितरण करने में धांधली हुई यदि हां तो क्या‍ हुई?

पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) धनराशि के दुरूपयोग के संबंध में EOW में एक शिकायत प्राप्‍त हुई, जिसकी जांच EOW में प्रक्रियाधीन है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) जी हां,EOW कार्यालय से प्राप्‍त जानकारी अनुसार जाँच सत्‍यापनाधीन है,सत्‍यापन में प्राप्‍त तथ्‍यों व साक्ष्‍यों के आधार पर अग्रिम विधिसम्‍मत कार्यवाही होती है,अत: समय-सीमा में बताया जाना संभव नहीं है। जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट-अ अनुसार है। (ग) वर्ष 2018-19 में शिवपुरी जिले में गणवेश वितरण के लिए राज्‍य शिक्षा केन्‍द्र के द्वारा राशि रू. 11,10,00,600/-उपलब्‍ध कराई गई थी,यह राशि स्‍व-सहायता समूह के द्वारा गणवेश निर्माण हेतु व्‍यय की गई। (घ) जी नहीं,शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ड.) जिला स्‍तर पर गणवेश सिलाई के संबंध में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा जारी दिशा निर्देश क्र.9119/प्रशा./एनआरएलएम/2023 दिनांक 19/07/2023 की कण्डिका 12 में गणवेश सिलाई के संबंध में प्राप्‍त शिकायतों की जांच हेतु पृ‍थक समिति मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी,जिला पंचायत की अध्‍यक्षता में गठित किये जाने हेतु निर्देश जारी किये गये हैं। जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट-ब अनुसार है। (च) उत्‍तरांश () अनुसार।

खेत सड़क की स्वीकृति हेतु प्रेषित पत्र पर कार्यवाही

[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]

23. ( क्र. 189 ) श्रीमती झूमा डॉ. ध्यानसिंह सोलंकी : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भीकनगाँव विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत अति महत्वपूर्ण खेत सड़कों की स्वीकृति हेतु माह जनवरी 2023 में प्रदाय पत्र पर वर्तमान तक क्या कार्यवाही की गई है? क्या तत्कालीन मुख्यकार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत द्वारा उक्त कार्य की स्वीकृति‍ हेतु मुख्यकार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत भीकनगाँव एवं झिरन्या एवं कार्यपालन यंत्री ग्रामीण यंत्रीकी सेवा खरगोन को कोई पत्र जारी किया गया था? (ख) हाँ तो कृपया उसकी प्रतिलिपि उपलब्ध कराये तथा यह भी बताएं कि उक्त पत्र पर वर्तमान तक क्या कार्यवाही हुई है तथा कितने प्रस्ताव स्वीकृति हेतु मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत भीकनगाँव/झिरन्या द्वारा भेजे गये है तथा जो शेष रहे उनको न भेजने का क्या कारण है? क्या उक्त प्राप्त प्रस्तावों में से अति महत्वपूर्ण खेत सड़कों की स्वीकृति जारी की जायेगी? हाँ तो कब तक तथा नहीं तो क्या कारण है?

पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) भीकनगाँव विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत माह जनवरी 2023 के पत्र में वर्णित कुल 42 खेत सड़क/सुदूर सम्‍पर्क सड़क में से 03 खेत सड़क/सुदूर सम्‍पर्क सड़क निर्माण की अनुमति दी गयी है। जी हॉ। (ख) पत्र की प्रतिलिपि  पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट अनुसार है। पत्र में वर्णित कुल 42 सड़कों में से 03 खेत सड़क/सुदूर सम्‍पर्क सड़क निर्माण की अनुमति दी गयी है। 03 प्रस्‍ताव जिला पंचायत खरगोन में भेजे गये तथा जिले का श्रम सामग्री अनुपात का संधारण नहीं होने के कारण शेष प्रस्‍तावों को नहीं भेजा गया है। उक्‍त प्रस्‍तावों में से अतिमहत्‍वपूर्ण सड़कों की अनुमति प्रदाय कर दी गई है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

अनुदान प्राप्त योजनाओं में किसानों को बीज प्रदाय

[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]

24. ( क्र. 190 ) श्रीमती झूमा डॉ. ध्यानसिंह सोलंकी : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भीकनगाँव विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत वित्तीय वर्ष 2023.24 में खरीब फसल की बुआई हेतु कौन-कौन सा बीज कितनी मात्रा में तथा कौन सी योजनान्तर्गत शासन द्वारा उपलब्ध कराया गया है तथा प्रश्‍न दिनांक तक कितने किसानों को उपलब्ध कराया गया है? किसानों की सूची उपलब्ध करावे। (ख) शासन द्वारा बीज उपलब्ध नहीं हुआ है, तो क्या कारण है तथा कब तक बीज उपलब्ध कराया जायेगा? क्या शासन द्वारा अनुदान से बीज उपलब्ध कराई जाने वाली योजनाएं बंद कर दी गई है? हाँ तो कब से तथा नहीं तो क्या कारण है कि वर्तमान तक बीज उपलब्ध नहीं हो पा रहा है?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) भीकनगाँव विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत वित्‍तीय वर्ष 2023-24 में खरीफ फसल की बुआई हेतु उपलब्‍ध बीज की  जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र-अ अनुसार है  तथा उपलब्‍ध बीज उपलब्‍ध कराये गये किसानों की सूची की जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है(ख) शासन द्वारा विभागीय योजनाओं अंतर्गत खरीफ फसलों की बुवाई हेतु अनुदान पर बीज वितरण हेतु लक्ष्‍य प्रदाय किये गये है, उसी अनुरूप जिले में कृषकों को अनुदान पर बीज वितरण की व्‍यवस्‍था की जा रही है। शेष प्रश्‍न उद्भूत नहीं होता है।

निजी तकनीकी शिक्षा महाविद्यालयों में शिक्षा का गिरता स्तर

[तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार (केवल तकनीकी शिक्षा) ]

25. ( क्र. 193 ) श्री दिलीप सिंह परिहार : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में 1 जुलाई 2018 से प्रश्‍न दिनांक तक विभिन्न निजी इंजीनियरिंग आई.टी.आई. कॉलेज में सत्रवार कुल कितने विद्यार्थी अध्ययनरत थे तथा सत्रवार कुल कितने विद्यार्थियों का केम्पस सिलेक्शन नौकरी हेतु किया गया? प्रदेश के निजी इंजीनियरिंग कॉलेज/आई.टी.आई. की सूची सत्रवार उपलब्ध करावें। (ख) प्रदेश में 1 जुलाई 2018 से प्रश्‍न दिनांक तक कुल कितने इंजीनियरिंग कॉलेज/आ.टी.आई किन-किन कारणों से बंद हुए? जानकारी देवें। (ग) प्रदेश में उक्त अवधि में विभाग के किन-किन उच्च अधिकारियों ने इंजीनियरिंग कॉलेजों/आ.टी.आई की जांच की? जांच में क्या-क्या कमियां पाई गई? जांच प्रतिवेदन की प्रतियां देवें।

उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) प्रश्‍नावधि में विभिन्‍न निजी इंजीनियरिंग कॉलेजों एवं सत्रवार अध्‍ययनरत विद्यार्थियों की जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र-1 अनुसार है  एवं निजी आई.टी.आई. की जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र-2 अनुसार है। विभाग द्वारा निजी इंजीनियरिंग कॉलेजों एवं निजी आई.टी.आई. के कैम्‍पस सिलेक्‍शन की जानकारी संधारित नहीं की जाती है। (ख) प्रश्‍नावधि में देश एवं प्रदेश स्‍तर पर विद्यार्थियों का अन्‍य पाठ्यक्रमों में रूझान होने के कारण बंद हुये 32 निजी इंजीनियरिंग कॉलेजों की  जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र-3 अनुसार है। प्रशिक्षण महानिदेशालय (डी.जी.टी.), नई दिल्‍ली द्वारा बंद की गई 04 निजी आई.टी.आई. की जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र-4 अनुसार है(ग) प्रश्‍नावधि में राजीव गाँधी प्रौद्योगिकी विश्‍वविद्यालय, भोपाल द्वारा की गई जांच की  जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र-5 अनुसार है  एवं कौशल विकास संचालनालय द्वारा की गई जांच की जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-6 अनुसार है

नीमच विधानसभा क्षेत्र में बीज उत्पादन एवं वितरण

[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]

26. ( क्र. 195 ) श्री दिलीप सिंह परिहार : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नीमच विधानसभा क्षेत्र में 2019-20 से 2023-24 तक फसलवार बीज उत्पादन की मात्रा तथा फसलवार रबी तथा खरीफ़ के मौसम में वितरित किये गए बीज की मात्रा बताएं। (ख) नीमच विधानसभा क्षेत्र में वर्ष 2019-20 से 2023-24 तक कि फसल क्षेत्राच्छादन तथा फसल उत्पादन की मात्रा बताए। (ग) नीमच विधानसभा क्षेत्र में 2020-21 से 2023-24 तक किस-किस बीज उत्पादक संस्था को कितना-कितना अनुदान दिया गया तथा बीजग्राम के तहत कितने हैक्टेयर क्षेत्र तथा हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया।

किसान कल्याण मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) नीमच विधानसभ क्षेत्र में 2019-20 से 2023-24 तक फसलवार बीज उत्‍पादन की मात्रा तथा फसलवार रबी व खरीफ के मौसम में वितरित किये बीज की मात्रा की जानकारी संलग्‍न  परिशिष्‍ट  के प्रपत्र-'' अनुसार है। (ख) नीमच विधानसभा क्षेत्र में वर्ष 2019-20 से 2023-24 तक फसल क्षेत्राच्छादन तथा फसल उत्पादन की  जानकारी संलग्‍न  परिशिष्‍ट  के प्रपत्र-'' अनुसार है। (ग) नीमच विधान सभा क्षेत्र में वर्ष 2020-21 से 2023-24 तक बीज उत्पादक संस्थाओं को अनुदान भुगतान की जानकारी निरंक है। बीजग्राम के तहत क्षेत्र (हेक्टेयर) तथा लाभान्वित हितग्राहियों की जानकारी संलग्‍न  परिशिष्‍ट  के प्रपत्र-'' अनुसार है।

परिशिष्ट - "आठ"

पंचायत समन्वयक की सेवा शर्तों के अनुसार कार्यवाही

[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]

27. ( क्र. 202 ) श्री मोहन सिंह राठौर : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग में नियुक्त पंचायत समन्वयक के भर्ती नियम एवं सेवाशर्तें निर्धारित है? यदि हाँ तो क्या-क्या? (ख) ग्वालियर संभाग में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग में पदस्थ पंचायत समन्वयकों के पदों पर कार्यरत पंचायत समन्वयक में विगत चार वर्षों में कितनों की मृत्यु हुई है? 01 जनवरी 2020 से 31.01.2024 तक मृतकों की जिला एवं जनपदवार जानकारी उपलब्ध करायें। (ग) इनमें से कितने कर्मचारियों के वारिसान को अनुकंपा नियुक्ति प्रदान की गई है नाम सहित विवरण दें तथा कितनों को अनुकंपा नियुक्ति नहीं दी गई है। नहीं तो क्यों? (घ) मुत्यु उपरांत कितने कर्मचारियों को उनके पी.पी.एफ. एवं अन्य क्लेम भुगतान कर दिया गया है तथा कितनों का भुगतान शेष है इसके लिए कौन दोषी है, कब तक भुगतान कर दिया जायेगा? क्या इसके लिए कोई समय-सीमा निर्धारित है? जानकारी जिला/जनपद वार नाम सहित उपलब्ध करायें।

पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट'''' अनुसार। (ख) से (घ) जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट'''' अनुसार।

पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा संचालित योजनाएं

[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]

28. ( क्र. 203 ) श्री मोहन सिंह राठौर : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग में कौन-कौन सी योजनाएं संचालित की जा रही है? योजनाओं के नाम की सूची उपलब्ध करायें। उक्त योजनाओं में से ग्वालियर जिले में कौन-कौन सी योजना संचालित है। सूची उपलब्ध करायें। (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार ग्वालियर जिले की 18-भितरवार विधान सभा क्षेत्र में किस-किस योजना में कितनी-कितनी राशि निर्धारित की गई है? योजनावार कार्योंवार विवरण दें? (ग) प्रश्‍नांश (ख) अनुसार विकासखण्डवार ग्राम पंचायतवार एवं कार्यवार जानकारी उपलब्ध करायें?

पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) प्रदेश में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग में संचालित योजनाएं विभाग के पंचायत दर्पण पोर्टल (prd.mp.gov.in) पर अवलोकन हेतु पब्लिक डोमेन में प्रदर्शित है। उक्‍त योजनाओं में से ग्‍वालियर जिले में संचालित योजनाएं पंचायत दर्पण पोर्टल के District Panchayat Website Option पर ही प्रदर्शित है। (ख) जानकारी पंचायत दर्पण पोर्टल पर पब्लिक डोमेन के Janpad Panchayat Website Option में प्रदर्शित है। (ग) जानकारी पंचायत दर्पण पोर्टल पर पब्लिक डोमेन के Gram Panchayat Website Option में प्रदर्शित है।

विभागीय जांच की कार्यवाही में विलंब

[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]

29. ( क्र. 208 ) श्री संजय सत्येन्द्र पाठक : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) तारांकित प्रश्‍न क्रमांक 429 दिनांक 08.02.2024 के प्रश्‍न क्र. (ख) के उत्तर में श्री हेडाऊ के विरूद्ध प्रचलित एवं पूर्ण विभागीय जाँच की जानकारी परिशिष्ट दो के सरल क्र. 01 से 04 के विवरण में यह बताया गया है, कि सरल क्र. 01 का निर्णय शासन स्तर पर किया गया है तथा सरल क्र. 02 में विभागीय जाँच प्रक्रियाधीन है एवं सरल क्र. 03 एवं 04 की कार्यवाही अंतिम निर्णय हेतु प्रक्रियाधीन है? (ख) प्रश्‍नांश (क) हाँ तो सरल क्र. 01 का जाँच प्रतिवेदन एवं निर्णय की प्रतिलिपि उपलब्ध करायें? सरल क्र. 03 एवं 04 के प्रकरण किसी अधिकारी के पास कब से लंबित है? लंबित प्रकरण में जो भी प्रश्‍न दिनांक तक कार्यवाही की गयी है, उसके नोटशीट की प्रति उपलब्ध करायें? यदि अंतिम निर्णय हुआ है तो जाँच प्रतिवेदन एवं निर्णय की प्रति भी उपलब्ध करायें? सरल क्र. 02 की जाँच के विलंब के लिए कौन अधिकारी दोषी है? जाँच अधिकारी द्वारा कब-कब पेशी हेतु बुलाया? जानकारी देवें। (ग) प्रश्‍नांश (ख) के परिप्रेक्ष्य में शासन स्तर में समय-सीमा पर निर्णय नहीं लेने के लिए कौन-कौन दोषी है? दोषियों पर क्या कार्यवाही की जावेगी? यदि हाँ तो कब तक? नहीं तो क्यों?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) जी हाँ, पूर्व विधान सभा सत्र फरवरी 2024 प्रश्‍न क्रमांक 429 (तारांकित) के प्रश्‍नांश (ख) के उत्‍तर की प्रति सुलभ संदर्भ हेतु जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) विधान सभा के पूर्व प्रश्‍न क्रमांक 429 के प्रश्‍नांश (ख) के उत्‍तर में सरल क्रमांक 01 पर दर्शित प्रकरण में श्री जानराव हेडाऊ, उप संचालक के आरोप पत्र दिनांक 06.01.2016 के विभागीय जांच प्रकरण में की गई जांच का जांच प्रतिवेदन एवं प्रकरण में निर्णय दिनांक 09.01.2024 की  जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र-2 अनुसार है। पूर्व प्रश्‍न के उत्‍तर में सरल क्रमांक 3 एवं 4 पर दर्शित विभागीय जांच प्रकरणों में, जांच उपरांत निर्णय हेतु अपचारी अधिकारी श्री हेडाऊ से बचाव उत्‍तर चाहे गये हैजानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र- 3.1 एवं 3.2 अनुसार है। अपचारी अधिकारी से विभागीय जांच प्रतिवेदन पर बचाव उत्‍तर अप्राप्‍त है। उक्‍त विभागीय जांच प्रकरणों में कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। उत्‍तर में सरल क्रमांक 02 पर दर्शित प्रकरण में जांचकर्ता अधिकारी प्रबंध संचालक म.प्र.राज्‍य बीज प्रमा‍णीकरण संस्‍था के स्‍थान पर संयुक्‍त संचालक, किसान कल्‍याण तथा कृषि विकास भोपाल संभाग-भोपाल को जांचकर्ता अधिकारी नियुक्‍त किया गया है। प्रकरण की जांच हेतु जाँच अधिकारी द्वारा समय-समय पर दिनांक 30.09.2022, 11.11.2022, 13.01.2023, 02.02.2023, 20.04.2023, 12.05.2023, 16.06.2023, 11.08.2023, 05.09.2023, 18.10.2023 एवं दिनांक 06.02.2024 को संबंधितों की पेशियां रखी गई। विभागीय जांच प्रकरण में जांचकर्ता अधिकारी से जांच का अंतिम जांच प्रतिवेदन अद्यतन अप्राप्‍त है। वर्तमान में प्रकरण में विभागीय जांच की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। शेष प्रश्‍नांश उद्भूत नहीं होता है। जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र- 2 एवं 3.1 एवं 3.2 अनुसार है। (ग) प्रश्‍नांश () के परिप्रेक्ष्‍य में 01 प्रकरण में अपचारी अधिकारी से बचाव उत्‍तर अप्राप्‍त एवं 01 अन्‍य प्रकरण में कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। विभागीय जांच कार्यवाही एक अर्द्ध न्‍यायिक प्रक्रिया है। प्रकरणों में जांचकर्ता अधिकारियों द्वारा विभागीय कार्यों के साथ-साथ जांच की कार्यवाही तथा विभाग द्वारा निराकरण की कार्यवाही समय-सीमा में पूर्ण करने का प्रयास किया जाता है, शेष प्रश्‍नांश उद्भूत नहीं होता है।

निजी/अशासकीय महाविद्यालयों का संचालन

[उच्च शिक्षा]

30. ( क्र. 209 ) श्री सतीश मालवीय : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में निजी/अशासकीय महाविद्यालय खोलने के क्या क्या मानदंड है? दस्तावेजी जानकारी प्रस्तुत करें। (ख) वर्तमान में उज्जैन जिला अंतर्गत कुल कितने निजी/अशासकीय महाविद्यालय संचालित है? उक्त सभी महाविद्यालय कहाँ-कहाँ पर कितने-कितने क्षेत्र/परिक्षेत्र में किन-किन सुविधाओं के साथ संचालित किए जा रहे है? (ग) क्या इन महाविद्यालय द्वारा शासन के स्थापित सभी मानदंडों का पूर्णतया: पालन किया जा रहा है? यदि हाँ, तो पूर्ण विवरण देवें। (घ) उज्‍जैन संभाग के निजी/अशासकीय महाविद्यालयों का निरीक्षण पूर्व शिक्षा सत्र 2023-24 किया गया एवं उनमें क्या-क्या कमियां/अनियमितताएँ पाई गई? उन कमियों/अनियमितताओं को दूर करने के लिए महाविद्यालय प्रशासन द्वारा क्या-क्या कार्रवाई की गई है?

उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) प्रदेश में अशासकीय महाविद्यालयों के संचालन संबंधी जारी मार्गदर्शिका (वर्तमान में प्रभावशील) की  जानकारी पुस्तकालय  में रखे  परिशिष्ट  अनुसार है। (ख) वर्तमान में उज्जैन जिला अंतर्गत कुल-15 निजी/अशासकीय महाविद्यालय संचालित हैं, शेष की जानकारी एकत्रित की जा रही है। (ग) एवं (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

स्नातकोत्तर कक्षाओं हेतु नियमित शिक्षक की स्वीकृति

[उच्च शिक्षा]

31. ( क्र. 210 ) श्री संजय सत्येन्द्र पाठक : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या शासकीय महाविद्यालय बरही में स्नातकोत्तर विषयों के शिक्षकों (नवीन फेकल्टी ) के पद स्वीकृत न होने के कारण शिक्षण कार्य प्रभावित हो रहा है? जिसके संबंध में माननीय शिक्षा मंत्री जी को समय-समय में पद स्वीकृत हेतु पत्र लिखा गया है? (ख) यदि प्रश्‍नांश (क) हाँ तो प्रश्‍न दिनांक तक कितने पद स्वीकृत किये गये? विषयवार जानकारी देवें एवं स्वीकृत पदों के विरूद्ध में विषयवार कितने-कितने पदों की पद स्थापना की गई? यदि अभी तक पद स्थापना नहीं की गई है तो क्या इस शिक्षा सत्र के पूर्व मांग अनुसार पद सृजन कर शिक्षण कार्य कराया जायेगा? यदि नहीं तो क्यों?

उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) जी नहीं, कार्यवाही प्रचलन में है। (ख) जानकारी संलग्‍न  परिशिष्‍ट  अनुसार हैकार्यवाही प्रचलन में है। स्‍वीकृत पदों पर अतिथि विद्वानों के द्वारा शिक्षण कार्य कराया जा रहा है। शेष प्रश्‍नांश उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - "नौ"

ग्लोबल स्किल पार्क (जी.एस.पी.) का निर्माण

[तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार (केवल कौशल विकास एवं रोजगार) ]

32. ( क्र. 213 ) श्री शैलेन्द्र कुमार जैन : क्या राज्‍य मंत्री, कौशल विकास एवं रोजगार महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सागर में तत्कालीन मुख्यमंत्री ने ग्लोबल स्किल पार्क (जी.एस.पी.) बनाने की घोषणा वर्ष 2023 में की थी, जिस पर प्रश्‍न दिनांक तक क्या प्रगति हुई है, विस्तृत जानकारी उपलब्ध करायें। (ख) क्या इस प्रोजेक्ट में भूमि आवंटन के लिये शासन स्तर पर कोई कार्यवाही प्रचलन में है, यदि हाँ तो जानकारी उपलब्ध कराये। (ग) क्‍या सागर में अब तक ग्लोबल स्किल पार्क (जी.एस.पी.) की स्थापना नहीं होने के कारण प्रशिक्षार्थियों को अंतर्राष्ट्रीय स्तर का प्रशिक्षण नहीं मिल पा रहा है? क्या शासन शीघ्र ग्लोबल स्किल पार्क (जी.एस.पी.) की स्थापना करायेगा? समय-सीमा बताये।

राज्‍य मंत्री, कौशल विकास एवं रोजगार ( श्री गौतम टेटवाल ) : (क) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र-1 अनुसार है(ख) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र-2 अनुसार है(ग) प्रशिक्षणार्थी अंतर्राष्‍ट्रीय प्रशिक्षण संत शिरोमणि रविदास ग्‍लोबल स्किल्‍स पार्क, भोपाल में प्राप्‍त कर सकते हैं। सागर में ग्‍लोबल स्किल्‍स पार्क की स्‍थापना के संबंध में समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

रिक्त पदों की पूर्ति

[श्रम]

33. ( क्र. 214 ) श्री शैलेन्द्र कुमार जैन : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्यप्रदेश में बाल श्रम कानून अंतर्गत विगत 3 वर्षों में अभी तक कितने प्रकरण पंजीकृत किये गये है? पंजीकृत प्रकरणों में बाल श्रम कराने वालों पर क्या कार्यवाही की गई एवं न्यायालय में कितने प्रकरण विचाराधीन है? विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराये। (ख) क्या सागर संभागीय मुख्यालय श्रम कार्यालय में सहायक श्रम आयुक्त की पदस्थापना विगत दो वर्षों से नहीं की गई है? यदि हाँ तो रिक्त पद की पूर्ति कब तक की जायेगी?

पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) विगत 03 वर्षों में बाल एवं कुमार श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम 1986 के अंतर्गत विभाग द्वारा की गई कार्यवाही की जानकारी निम्‍नानुसार है:-

वर्ष

विमुक्‍त कराये गये बाल/किशोर श्रमिकों की संख्‍या

दायर किए गए अभियोजन संख्‍या

2021-22

55

80

2022-23

153

163

2023-24

121

73

बाल श्रम कराने वाले नियोजकों के विरूद्ध अभियोजन की धारा 3 एवं 3ए के कार्यवाही अंतर्गत माननीय मुख्‍य न्‍यायिक दण्‍डाधिकारी के न्‍यायालय में प्रकरण दायर किए जाते हैं। जिलेवार विचाराधीन प्रकरणों की जानकारी संलग्न  परिशिष्ट  अनुसार है। (ख) जी नहीं। सागर संभागीय मुख्‍यालय श्रम कार्यालय में सहायक श्रम आयुक्‍त का अतिरिक्‍त प्रभार श्रीमती जासेमिन अली, सहायक श्रमायुक्‍त, भोपाल को सौंपा गया है। श्रमायुक्‍त संगठन में सहायक श्रमायुक्‍त के स्‍वीकृत 11 पदों के विरूद्ध मात्र 05 पद भरे होकर 06 पद रिक्‍त होने से निकटवर्ती संभागीय अधिकारी को अतिरिक्‍त प्रभार सौंपा जाता है। अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - "दस"

स्टेडियम एवं खेल संस्थान प्रशिक्षण केंद्रों का निर्माण

[खेल एवं युवा कल्याण]

34. ( क्र. 217 ) श्री सतीश मालवीय : क्या खेल एवं युवा कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) उज्जैन जिले में प्रश्‍न दिनांक तक कुल कितने स्टेडियम एवं खेल संस्थान प्रशिक्षण केंद्रों का निर्माण किया गया है? इन संचालित प्रशिक्षण केंद्रों पर कौन-कौन सी खेल विधा (इवेंट) संचालित हो रही हैं? विस्तृत जानकारी देवें। (ख) वर्ष अप्रैल 2021 से प्रश्‍न दिनांक तक खेल विधा एवं केंद्रों पर विभाग द्वारा कितनी राशि प्रदान की गयी एवं कितनी व्यय हुई है? आय व्यय का सम्पूर्ण लेखा जोखा ऑडिट रिपोर्ट के साथ प्रस्तुत करें। (ग) प्रश्‍न दिनांक तक जिले से कितने खिलाड़ियों को जिला स्तर, संभाग स्तर, राज्य स्तर, राष्ट्रीय स्तर एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तैयार किया गया? कुल कितनी खेल इवेंट का प्रशिक्षण दिया गया एवं खिलाड़ी तैयार किए गए? प्रत्येक विधा, इवेंट का पृथक-पृथक ब्यौरा प्रस्तुत करें। (घ) क्या जिले में शासन एवं भारतीय खेल प्राधिकरण द्वारा प्राप्त की गई सुविधा सामग्री उपकरण या अनुदान प्रोत्साहन राशि प्राप्त हुई है? प्रत्येक वर्ष का विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत करें। प्रश्‍न दिनांक तक प्रत्येक वर्ष क्रीड़ा मैदान कोर्ट एवं उपकरणों के संधारण पर प्रत्येक वर्ष किए हुए खर्च का विस्तृत ब्यौरा देवें।

खेल एवं युवा कल्याण मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है(ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। कोई आय नहीं हुई है। प्रश्‍नावधि में महालेखाकार ग्वालियर दल द्वारा ऑडिट नहीं किया है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है(घ) खेल और युवा कल्याण विभाग द्वारा प्रदान की गई सुविधा, सामग्री, उपकरण की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है एवं अनुदान प्रोत्साहन की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-4 अनुसार है। भारतीय खेल प्राधिकरण से जिला उज्जैन को कोई भी सुविधा, सामग्री, उपकरण या अनुदान प्रोत्साहन राशि प्राप्त नहीं हुई है।

मध्‍यप्रदेश श्रम आयुक्‍त द्वारा निर्धारित दैनिक मजदूरी दर

[श्रम]

35. ( क्र. 220 ) श्री सुनील उईके : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या मध्यप्रदेश में श्रम आयुक्त की दैनिक मजदूरी दर 1 अप्रैल 2024 से 454 रुपए निर्धारित की गई है एवं मजदूरी श्रमिकों के खातों में वन विभाग में जमा कराने का भी प्रावधान है? यदि हाँ तो वन विभाग मजदूरों के खातों में जॉब दर का बहाना बनाकर निर्धारित दैनिक मजदूरी से कम मजदूरी क्‍यों जमा करा रहा है? (ख) क्‍या अक्टूबर 2023 से मार्च 2024 तक निर्धारित 379.00 रुपए दैनिक मजदूरी रही है? कम मजदूरी भुगतान कर छिन्‍दवाड़ा वनवृत्त में श्रमिकों का खुलेआम शोषण किया जा रहा है। 60% जिले की आबादी श्रमिकों की है। किसी भी दैनिक श्रमिक को वन विभाग में श्रम आयुक्त की निर्धारित मजदूरी का भुगतान नहीं किया जा रहा है। (ग) क्‍या म.प्र. के सभी जिलों में वन विभाग में चल रहे कार्यों में निर्धारित श्रम आयुक्त की दैनिक मजदूरी से भुगतान किया जा रहा है? यदि हाँ तो अवगत कराने का कष्‍ट करें। क्‍या इसकी जांच करवाकर श्रमिकों को निर्धारित मजदूरी भुगतान करने हेतु विभाग को आश्वस्त करेंगे? (घ) छिन्‍दवाड़ा का वन मजदूर वन विभाग द्वारा निर्धारित जॉब दर के हिसाब से कार्य ही नहीं करता है क्‍या चल रहे कार्यों के स्‍थलों पर निर्धारित जॉब दरों के बोर्ड लगायेंगे? यदि हाँ तो कब तक?

पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) जी हाँ, मध्‍यप्रदेश राजपत्र दिनांक 04 मार्च 2024 के माध्‍यम से दिनांक 01 अप्रैल 2024 से कुशल श्रमिकों के लिए रू. 454/- प्रतिदिन की दर से न्‍यूनतम मजदूरी प्रभावशील की गई थी परंतु उक्‍त अधिसूचना/आदेश के विरूद्ध दायर याचिकाओं पर माननीय उच्‍च न्‍यायालय द्वारा दिनांक 08/05/2024 को स्‍थगन दिया गया। स्‍थगन आदेश के परिप्रेक्ष्‍य में आदेश दिनांक 24 मई 2024 जारी किया गया, जिसके अनुसार दिनांक 01 अप्रैल 2024 से अकुशल श्रमिकों हेतु रू. 391/- प्रतिदिन की दर से न्‍यूनतम मजदूरी प्रभावशील है। श्रम विभाग द्वारा वन विभाग के श्रमिकों के बैंक खातों में वेतन जमा कराने संबंधी कोई निर्देश जारी नहीं किए गए है। वेतन भुगतान अधिनियम, 1936 में अधि‍सूचना दिनांक 19 जून 2017 द्वारा केवल किसी कारखाने के नियोजक या उनके ठेकेदारों द्वारा नियोजित व्‍यक्तियों को ही वेतन चैक अथवा बैंक खाते में जमा कराने संबंधी संशोधन किया गया है। अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ख) श्रमायुक्‍त म.प्र. शासन इंदौर के द्वारा 01 अक्‍टूबर 2023 से 31 मार्च 2024 के मध्‍य अकुशल श्रमिकों हेतु निर्धारित रू. 378/- प्रतिदिन की दर से कम भुगतान श्रम कार्यालय छिन्‍दवाड़ा में की कोई भी शिकायत प्राप्‍त नहीं हुई है। (ग) प्रदेश के समस्‍त जिलों में वन विभाग में चल रहे कार्यों में शासन द्वारा निर्धारित न्‍यूनतम वेतन से कम भुगतान की कोई शिकायत प्राप्‍त नहीं हुई है। (घ) वन विभाग से प्राप्‍त जानकारी अनुसार छिन्‍दवाड़ा वन विभाग में अपर प्रधान मुख्‍य वन संरक्षक भोपाल द्वारा निर्धारित जॉब दर से ही कार्य कराया जाता है जिसमें श्रम आयुक्‍त द्वारा निर्धारित दैनिक मजदूरी दर अनुसार ही भुगतान किया जाता है, चूंकि विभाग में अलग-अलग कार्यों की अलग-अलग जॉब दर निर्धारित की गई है एवं एक ही समय में एक स्‍थल पर अनेक प्रकार के वानिकी कार्य किये जाते है जिसकी जानकारी समिति सदस्‍यों/मजदूरों को कार्यप्रभारी वनरक्षक द्वारा प्रदाय की जाती है।

भोपाल एवं इंदौर की गृह निर्माण समितियों की जानकारी

[सहकारिता]

36. ( क्र. 222 ) श्री कमलेश्वर डोडियार : क्या खेल एवं युवा कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला भोपाल एवं इंदौर में कुल कितनी गृह निर्माण सहकारी संस्‍थायें पंजीकृत है? उक्‍त में से कितनी संस्‍थाओं में निर्वाचित संचालक मण्‍डल कार्यरत हैं एवं कितने संस्‍थाओं में प्रशासक नियुक्‍त किये गये हैं? जिलेवार जानकारी उपलब्‍ध करावें। (ख) प्रश्‍नांश (क) में उल्लेखित जिलों में स्थित गृह निर्माण सहकारी समितियां जिन्‍हें नगर भूमि सीमा अधिनियम 1976 के अंतर्गत धारा 20 की छूट दी गई है, उनके नाम उपलब्ध करावें। (ग) प्रश्‍नांश (क) में उल्लेखित गृह निर्माण समितियों में से जिन गृह निर्माण समितियों के विरूद्ध कोई भी जांच जो वर्ष 2022 से प्रचलित है, उक्त समस्त प्रचलित जांच गृह निर्माण समितियों के नाम एवं विभाग द्वारा इस सम्‍बन्‍ध में की गई कार्यवाही की जानकारी उपलब्‍ध करावें। (घ) क्या प्रश्‍नकर्ता विधायक द्वारा दिनांक 15.01.2024 को मुख्‍य सचिव मध्‍यप्रदेश शासन को पत्र लिखकर गृह निर्माण समितियों की जानकारी चाही गई थी? यदि हाँ तो प्रश्‍नकर्ता को उक्‍त चाही गई जानकारी कब तक उपलब्ध करा दी जायेगी एवं इसी प्रकार प्रश्‍नकर्ता द्वारा मुख्‍यमंत्री मध्‍यप्रदेश शासन को जिला भोपाल की 372 गृह निर्माण समितियों में 10 हजार करोड़ रूपये के भूमि घोटाले की जांच हेतु दिनांक 15.01.2024 को पत्र लिखा गया था? उक्त पत्र पर विभाग द्वारा क्‍या जांच कार्यवाही प्रश्‍न दिनांक तक की गई?

खेल एवं युवा कल्याण मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-01 अनुसार है। (ख) भोपाल जिले की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-02 अनुसार, इंदौर जिले से संबंधित जानकारी एकत्रित की जा रही है। (ग) भोपाल जिले की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-03 अनुसार एवं इंदौर जिले की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-04 अनुसार है। (घ) जी हाँ, प्रश्‍नांश में उल्लेखित प्रथम पत्र दिनांक 15-01-2024 नहीं, अपितु पत्र दिनांक 12-01-2024 से जानकारी चाही गई है, जानकारी प्रदाय करने हेतु संबंधित विभागीय जिला कार्यालयों को निर्देशित किया गया है, जानकारी का स्वरूप अत्यंत विस्तीर्ण प्रकृति होने से समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है, प्रश्‍नांश में उल्लेखित प्रथम पत्र दिनांक 15-01-2024 नहीं, अपितु पत्र दिनांक 12-01-2024 है, जिस पर कार्यवाही हेतु मध्यप्रदेश शासन, सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा राजस्व विभाग को प्रेषित किया गया है।

हितग्राहियों को मुख्यमंत्री आवास योजना का लाभ

[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]

37. ( क्र. 241 ) श्री नीरज सिंह ठाकुर : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में मुख्यमंत्री आवास योजना कब प्रारंभ हुई? (ख) कुल कितने हितग्राहियों को इस योजना का लाभ प्रदान किया गया। (ग) क्या इस योजना में हितग्राहियों को कोई सब्सिडी प्रदान की गई? अगर हाँ तो प्रदान किये गये ऋण की बकाया राशि की स्थिति क्या है? (घ) क्या मुख्यमंत्री आवास योजना अंतर्गत आवास हेतु स्वीकृत ऋण पर वसूली हेतु बैंकों द्वारा हितग्राहियों पर किसी प्रकार की वैधानिक/कानूनी/कुर्की की कार्यवाही चल रही है? बकाया राशि की माफी को लेकर सरकार की क्या योजना है? प्रदेश में मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत प्रदत्त ऋण में कुल बकाया राशि कितनी है? (ड.) विधानसभा बरगी 96 में मुख्यमंत्री आवास योजना अंतर्गत कुल कितने हितग्राहियों को लाभ प्रदान किया गया एवं उनके द्वारा किश्‍त के रूप में आज दिनाँक तक कितना भुगतान किया गया? हितग्राहीवार जानकारी प्रदान करावें।