मध्यप्रदेश विधान सभा

 

की

 

कार्यवाही

 

(अधिकृत विवरण)

 

 

 

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पंचदश विधान सभा                                                                                                नवम सत्र

 

 

अगस्‍त, 2021 सत्र

 

मंगलवार, दिनांक  10 अगस्‍त, 2021

 

(  19 श्रावण, शक संवत्‌ 1943 )

 

 

[खण्ड-9 ]                                                                                                               [अंक- 2 ]

 

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मध्यप्रदेश विधान सभा

 

मंगलवार, दिनांक 10 अगस्‍त, 2021

 

(19 श्रावण, शक संवत्‌ 1943 )

 

विधान सभा पूर्वाह्न 11.02 बजे समवेत हुई.

{ अध्‍यक्ष महोदय (श्री गिरीश गौतम) पीठासीन हुए.}

 

          श्री रामेश्‍वर शर्मा--  माननीय अध्‍यक्ष महोदय, जिन भारतीय खिलाडि़यों ने विभिन्‍न खेलों में स्‍वर्ण पदक जीते हैं, रजत पदक जीते हैं पहले उन्‍हें बधाई दे देते तो ज्‍यादा अच्‍छा होता.

 

11.02 बजे                               बधाई

ओलम्पिक में पदक प्राप्‍त करने वाले सभी भारतीय खिलाडि़यों को बधाई

 

          अध्‍यक्ष महोदय--  टोक्‍यो (जापान) में आयोजित ओलम्पिक खेलों में भारतीय खिलाडि़यों ने विभन्‍न खेलों में पदक जीत कर देश का नाम रोशन किया है. कई महिला एवं पुरूष खिलाडि़यों ने स्‍वर्ण, रजत एवं कांस्‍य पदक प्राप्‍त किये हैं वहीं पुरूष हॉकी टीम ने उत्‍कृष्‍ट प्रदर्शन करते हुये कांस्‍य पदक प्राप्‍त किया. भारतीय हॉकी टीम ने मध्‍यप्रदेश के होशंगाबाद जिले के गांव चांदौन निवासी श्री विवेक सागर प्रसाद तथा राज्‍य हॉकी अकादमी से प्रशिक्षित श्री नीलाकांत शर्मा शामिल थे, जिन्‍होंने अपने उत्‍कृष्‍ट प्रदर्शन से टीम को जीत दिलाने में महत्‍वपूर्ण भूमिका निभाई.

 

          मैं अपनी तथा पूरे सदन की ओर से ओलम्पिक में पदक प्राप्‍त करने वाले सभी भारतीय खिलाडि़यों को बहुत-बहुत बधाई देता हूं.

 

 

 

 

 

 

 

 

11.03 बजे                    तारांकित प्रश्‍नों के मौखिक उत्‍तर

    श्री राधा कृष्ण मंदिर कछौआ के पुजारी को पद से पृथक किया जाना

[अध्यात्म]

1. ( *क्र. 136 ) श्री लाखन सिंह यादव : क्या पर्यटन मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) प्रश्‍नकर्ता के प्रश्‍न क्रमांक-2144, दिनांक 03 मार्च, 2021 के प्रश्‍नांश (क) के उत्तर में कहा गया है कि नायब तहसीलदारआँतरी द्वारा जांच कराई गईयदि जांच कराई गई है तो जांच की प्रति दें। किस कर्मचारी/अधिकारी द्वारा जाँच की गई हैउनका नाम,पद बतावें। पुजारी को दोषी नहीं पाया गया हैऐसा उत्तर दिया गया हैयह किस कर्मचारी/अधिकारी द्वारा बताया गया हैक्‍या इस प्रकार की गलत जानकारी देकर सदन को गुमराह करने के अपराध में ऐसे कर्मचारियों/अधिकारियों के प्रति कठोर दण्‍डात्मक कार्रवाई की जाएगीयदि हांतो क्या और कब-तकयदि नहींतो क्योंकारण सहित स्पष्ट करें। (ख) ग्राम कछौआ के समस्त पंचायत के ग्रामवासियों के द्वारा की गई शिकायत के आधार पर प्रश्‍नकर्ता द्वारा श्री राधा कृष्ण मंदिर,कछौआ के पुजारी रविंद्र कुमार शर्मा द्वारा ग्रामवासियों के साथ की गई अनियमितताओं,छुआछूत एवं झूठी एफ.आई.आर. कराने के कारण पुजारी पद से हटाकर अन्य पुजारी को नियुक्त करने बाबत पुनः पत्र क्रमांक-129, दिनांक 16/6/2021 कलेक्टर ग्वालियर,पत्र क्रमांक-155 दिनांक 26/6/2021,  माननीय मंत्री महोदय अध्यात्म विभाग एवं पत्र क्रमांक 156 दिनांक  26/6/2021 प्रमुख सचिवअध्यात्म विभागमध्यप्रदेश शासन को दिए पत्रों की छायाप्रति दें। पत्र दिनांक से उत्तर दिनांक तक क्या-क्या कार्रवाई की गई हैसंपूर्ण जानकारी स्पष्ट करें।

पर्यटन मंत्री ( सुश्री उषा ठाकुर ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट '''' अनुसार है। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ख) पत्र दिनांक 22/07/2021 एवं 30/07/2021 द्वारा जांच कर प्रतिवेदन उपलब्‍ध कराने हेतु कलेक्‍टर ग्‍वालियर को पत्र लिखा गया है। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट '''' अनुसार है।

 

          श्री लाखन सिंह यादव--  माननीय अध्‍यक्ष महोदय,  मैं आपके माध्‍यम से माननीय मंत्री महोदया, से एक विनम्रतापूर्वक अनुरोध करना चाहता हूं और अनुरोध माननीय अध्‍यक्ष महोदय इसलिये करना चाहता हूं, मेरा जो प्रश्‍न है मंदिर को लेकर और हमारी दीदी भी धार्मिक आस्‍था की काफी उपासक हैं, पूजा-अर्चना बहुत करती हैं. मुझे पूरा विश्‍वास है कि आप मेरे प्रश्‍न का जवाब ठीक से देंगी.

          माननीय अध्‍यक्ष महोदय, मैं आदरणीय दीदी से अनुरोध करना चाहूंगा जो मेरा प्रश्‍न है ग्राम पंचायत कछौआ के राधाकृष्‍ण मंदिर का पुजारी वह न तो कभी मंदिर में पूजा करता है और जो गांव के लोग सुबह-सुबह पूजा करने जाते हैं तो वह उस मंदिर के दरवाजे नहीं खोलता है और जब गांव के लोग कहते हैं कि यह दरवाजे खोल तो कहता है जब मेरी मर्जी होगी तब खोलूंगा, मर्जी नहीं होगी तो नहीं खोलूंगा. समस्‍त गांव के लोगों ने इसकी लगातार ग्राम पंचायत के माध्‍यम से ग्राम सभा के माध्‍यम से एक ठहराव प्रस्‍ताव पास किया और वह कलेक्‍टर ग्‍वालियर को दिया, एसडीएम भितरवार को दिया, जब मैं दौरे पर गया तो मुझे भी दिया. माननीय अध्‍यक्ष महोदय, मैंने भी कलेक्‍टर ग्‍वालियर से बात की, मैंने आदरणीय दीदी को भी यह चिट्ठी दी, मैंने समस्‍त लोगों को चिट्ठी दी, लेकिन माननीय अध्‍यक्ष महोदय, मेरा मंत्री महोदया से विनम्रतापूर्वक निवेदन है कि ऐसे पुजारी जो लगातार नशे में रहते हैं, ड्रिंक करते हैं, मंदिर के गेट नहीं खोलते क्‍या ऐसे पुजारी को जिनका कि पूरे ग्राम पंचायत के माध्‍यम से, ग्रामसभा के माध्‍यम से उसको हटाने का ठहराव प्रस्‍ताव पास हुआ है, क्‍या आप ऐसे पुजारी को तत्‍काल हटाने की आज घोषणा करेंगी. 

            सुश्री उषा ठाकुर -  माननीय अध्यक्ष जी, माननीय विधायक जी ने जो प्रश्न पूछा उसकी निष्पक्ष जांच  करवा ली गई है और वह परिशिष्ट भी संलग्न है. आदरणीय विधायक जी ने उसका  अध्ययन कर ही लिया होगा. लोकतांत्रिक व्यवस्था से पहले नायब तहसीलदार ने जांच की और पंचनामा भी संलग्न है. 6 माह में दूसरी बार फिर से माननीय विधायक जी की मंशा के मुताबिक कि नायब तहसीलदार नहीं किसी बड़े अधिकारी से जांच करवाईये. तो अनुविभागीय अधिकारी से भी जांच करा ली गई है और बार-बार यही सत्य सामने आया क्योंकि पंचनामा गांव में हुआ सब ने यही कहा कि वर्षों से यह पुजारी विधि-विधान से ठीक प्रकार से पूजा कर रहा है.

          श्री लाखन सिंह यादव - माननीय अध्यक्ष महोदय, माननीय मंत्री जी ने बताया कि हमने जांच करवा ली है.मैं विस्तार से बताता हूं. एसडीएम भितरवार ने, जो नायब तहसीलदार नयी लड़की वहां नियुक्त हुई है. उस (XXX) को अभी ज्ञान नहीं है. उस पर दबाव डालकर कहा कि तुम आफिस में बैठकर पूरी जांच करो और गांव के लोगों से दस्तखत करा लो. यह मैं हकीकत बता रहा हूं. यह उस लड़की की भी व्यथा है. दीदी मैंने आपसे अनुरोध भी किया था. उससे जबर्दस्ती दस्तखत कराए और जब उसने आज मना कर दिया तो कल आनन-फानन में उसी एसडीएम ने, जो (XXX) अनुसूचित जाति की है. पहली पोस्टिंग है उसकी उसे कोई ज्ञान नहीं है उस पर दबाव डालकर यह करवा रहे हैं. मैं आपसे एक बात कहना चाहता हूं कि यदि उस व्यक्ति की शिकायत नहीं है जैसा आपने कहा कि वह लगातार 36 वर्षों से पूजा कर रहा है तो क्या दिक्कत आई कि पूरे गांव के लोगों ने ग्राम सभा के माध्यम से बात उठाई.

          अध्यक्ष महोदय - आप क्या चाहते हैं.

          श्री लाखन सिंह यादव - माननीय अध्यक्ष महोदय, मैं यह चाहता हूं कि उस  पुजारी को  हटाकर किसी भी पुजारी के लिये आप ग्राम सभा के माध्यम से नई नियुक्ति करवा दें जिससे पूरा गांव परेशान है. जो व्यक्ति ड्रिंक करता हो जो व्यक्ति मंदिर के पट नहीं खोलता हो उस व्यक्ति से आप पूजा करवा रही हैं. जो मंदिर से इनकम होती है उस इनकम को वह ड्रिंक और पार्टियों में खर्च करता हो.

          सुश्री उषा ठाकुर -  माननीय अध्यक्ष जी, यह जो प्रकरण वहां का हुआ हो वह राग-द्वेष और निजी स्वार्थों पर आधारित लगता है क्योंकि जो पुजारी है, उसकी जो भूमि है वहां पर 6.9 हेक्टेयर. उसके अतिक्रमणकर्ता ही बार-बार उसकी असत्य शिकायत करते हैं और इस प्रकार उस पर कार्यवाही का दबाव बनाते हैं.

          श्री लाखन सिंह यादव - माननीय अध्यक्ष जी, मंत्री महोदया जी कह रही हैं उसकी जमीन, उसकी जमीन नहीं है.

          सुश्री उषा ठाकुर -  मंदिर की जमीन है.

          श्री लाखन सिंह यादव - मंदिर की जमीन है और मंदिर की जमीन को वह अपनी जमीन कैसे कहता है. उस जमीन को बटाई पर देता है और उससे जो पैसा आता है आज तक के रिकार्ड में आप इसकी जांच करा लें उसके पास करीब 35-36 बीघा जमीन है. उस जमीन में से यदि एक रुपया भी मंदिर में लगा दिया हो तो मैं यह कहता हूं जीवन भर वह पुजारी वही रहे और उसके घर के आगे भी पुजारी हो जाएं. एक रुपया मंदिर में नहीं लगाता. ड्रिंक और पार्टियों में खर्च करता रहता है. आपको मेरी बात पर विश्वास नहीं तो यहां से एक समिति गठित करा दें जांच करा लें दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा.

          अध्यक्ष महोदय - आपके पास जो प्रमाण हैं. सारे के सारे प्रमाण मंत्री जी को दे दीजिये वह देख लेंगी.

          श्री लाखन सिंह यादव - माननीय अध्यक्ष जी, मैं दो-दो बार दे चुका हूं.

          अध्यक्ष महोदय - उनका जवाब आ गया.

          श्री लाखन सिंह यादव - माननीय अध्यक्ष महोदय, गलत जवाब है. मेरे पास जो जवाब की कापी है यह तथ्यात्मक नहीं है. जिस पंचनामे की दीदी आप बात  कह रही हैं वह पंचनामा वह है उस पर उन लोगों के दस्तखत हैं जो शाम को उसके साथ टी पार्टी में बैठते हैं. जो एनज्वाय करने वाले लोग हैं. जो गांव के मूलत: लोग हैं  उनका कोई पंचनामा नहीं है.

          सुश्री उषा ठाकुर -  माननीय अध्यक्ष जी, एक तो मेरी प्रार्थना है कि माननीय विधायक जी ने बेचारी लड़की कहा तो लड़कियां बेचारी नहीं होती. इसे विलोपित करवा दीजिये.

          अध्यक्ष महोदय -  बेचारी लड़की  शब्द विलोपित किये जाएं.

          श्री लाखन सिंह यादव - माननीय अध्यक्ष जी, यह मैं इसलिये कह रहा हूं कि अभी उसकी पहली पोस्टिंग है उसको कोई ज्यादा ज्ञान नहीं है.

 

                   सुश्री उषा ठाकुर-- अध्यक्ष  महोदय, हमारी एक आदिवासी बहन का अपमान किया.  लड़कियां बेचारी नहीं होती हैं. वह भी पूरी  सक्षमता एवं योग्यता  से  भर्ती हुई हैं  और अपना काम कर रही हैं.

..(व्यवधान)..

                        अध्यक्ष महोदय --  कृपया जवाब आने दीजिये.  जवाब तो आने दीजिये ना. कृपया बैठ जाइये.

                   श्री तरुण भनोत -- अध्यक्ष महोदय,  यह गलत जवाब देंगे  और उसके बाद अपनी बात को सच  साबित  करेंगे.

..(व्यवधान)..

                   अध्यक्ष महोदय --  कृपया बैठ जायें.

                   श्री लाखन सिंह यादव --   अध्यक्ष महोदय, मेरे प्रश्न   का  ठीक-ठीक जवाब  आ जाये.

                   ..(व्यवधान)..

                   श्री फुन्देलाल सिंह मार्को --  आप लोगों ने पूरे साढ़े 22 प्रतिशत आदिवासियों का अपमान किया है.  आज एक आदिवासी की बात करते हैं.  पूरे मध्यप्रदेश के  आदिवासियों पर 144  धारा लगाने का काम किया.

                   ..(व्यवधान)..

                   अध्यक्ष महोदय --  कृपया आप बैठ जाइये. ..(व्यवधान).. पहले बैठेंगे,  तब तो अवसर देंगे. लाखन सिंह जी, आप बैठ जाइये.

                   ..(व्यवधान)..

                   आदिम जाति कल्याण मंत्री (कुमारी मीना सिंह मांडवे)--  अध्यक्ष महोदय, आप इनसे माफी मंगवाइये.  आदिवासी बेचारे नहीं होते हैं.  आप इनसे माफी मंगवाइये.

                   श्री पांचीलाल मेड़ा --  आप  आदिवासियों का कितना सम्मान करते हैं,  यह तो कल पता चल गया.

                   ..(व्यवधान)..

                   श्री तरुण भनोत --  आपको माफी मांगना चाहिये.  आप मध्यप्रदेश के समस्त आदिवासियों से माफी मांगिये.

                   चिकित्सा शिक्षा मंत्री (श्री विश्वास सारंग)-- अध्यक्ष महोदय,  यह आपत्तिजनक है.

..(व्यवधान)..

                   श्री पांचीलाल मेड़ा -- आप आदिवासियों की बात कर रहे हैं,  आप आदिवासी दिवस पर छुट्टी नहीं देंगे.            आप आदिवासी विरोधी है.

                   ..(व्यवधान)..

                   अध्यक्ष महोदय --  आप लोग बैठ जायें.  बैठ जाइये.  नेता प्रतिपक्ष जी खड़े हुए हैं.

                   नेता प्रतिपक्ष (श्री कमल नाथ) --  अध्यक्ष महोदय, इस विषय से हम हट रहे हैं. अगर माननीय सदस्य  की और वहां की पूरी ग्राम पंचायत की ऐसी भावना है, मैं आपसे निवेदन करता हूं कि आप मंत्री जी से एक और जांच कमिश्नर लेवल  की करवा दें, ताकि  सब इसमें संतुष्ट हो जायें.

                   अध्यक्ष महोदय --  इसलिये मैंने कहा ना कि   आप उनको प्रमाण दे दीजिये.  उनको प्रमाण के साथ  आप जो फेक्ट  बता रहे हैं,  उनको दे दीजिये, वह  दिखवा लेंगी.

                   श्री लाखन सिंह यादव --  अध्यक्ष महोदय, मैं सब कुछ दे चुका हूं और मैं तो यह कह रहा हूं कि  अगर आपको ऐसा लग रहा है  कि वह  पुजारी ठीक है,  तो आप यहां से एक समिति गठित  करा दें ना.  यहां भोपाल लेवल से समिति गठित  कराकर उसकी जांच करा लें,  सब पता  लग जायेगा कि क्या हकीकत है.

                   अध्यक्ष महोदय --  मंत्री जी, यह जो प्रमाण दें,  उसको एक बार दिखवा लीजिये और आप विधायक जी के साथ बैठ जाइये. ठीक है.                                  

                        सुश्री उषा ठाकुर-- अध्यक्ष  महोदय, आपकी आज्ञा का पालन होगा.

                   श्री लाखन सिंह यादव --  अध्यक्ष महोदय, जांच करवा लें,  दिखवाना क्या.

                   अध्यक्ष महोदय --   मैंने उनको कह दिया.  प्रश्न संख्या 2 डॉ. गोविन्द सिंह जी.

                   श्री लाखन सिंह यादव --  अध्यक्ष महोदय, मंत्री जी की तरफ से  तो जवाब आ जाये.

                   अध्यक्ष महोदय --  मैंने कह दिया ना कि  आप प्रमाण दीजिये. अब आप बैठ जाइये. मैंने कहा ना कि  देख लीजिये उसको. आप कागज  दे दीजिये, वह देख लेंगी.  चलिये, गोविन्द सिंह जी.

                   श्री लाखन सिंह यादव --  अध्यक्ष महोदय, मैं यह कह रहा हूं कि  मंत्री जी तो खड़ी होकर इसको कह दें.  आपकी तरफ से तो आश्वासन आ जाये.

                   कुमारी मीना सिंह मांडवे-- अध्यक्ष महोदय, इनसे माफी तो मंगवा दीजिये.  ..(व्यवधान).. माफी मांगो, माफी मांगो.

                   ..(व्यवधान)..

                   श्री तरुण भनोत -- आप  सदन के अन्दर माफी मांगिये.  जो कल   आपने आदिवासियों का अपमान किया.  आप लोग माफी मांगिये.

..(व्यवधान)..

                   अध्यक्ष महोदय -- कृपया आप लोग बैठ जाइये.

                   श्री तरुण भनोत -- आप सदन से माफी मांगिये.

                   अध्यक्ष महोदय --  आप लोग बैठ जाइये.

..(व्यवधान)..

                   श्री विश्वास सारंग -- अध्यक्ष महोदय, सदन में यदि इस तरह से आरक्षित वर्गों के बारे में कहा जायेगा,  तो यह अच्छी परम्परा नहीं है.  इनको खेद व्यक्त करना चाहिये.

..(व्यवधान)..

                   अध्यक्ष महोदय --  इस विषय को लेकर के  बहुत हो गया.  कृपया बैठ जायें. आगे का प्रश्न आने दीजिये.

                   श्री लाखन सिंह यादव --  अध्यक्ष महोदय,  मंत्री जी की तरफ से  आश्वासन आ जाये कि  वह जांच समिति गठित करेंगी.

                   अध्यक्ष महोदय --  कह तो दिया कि आप कागज दीजिये, वह देख लेंगी. मैंने कह दिया है कि  मंत्री जी इनसे कागज ले लीजिये.

                   कुमारी मीना सिंह मांडवे-- अध्यक्ष महोदय,  पहले माननीय विधायक  जी  को माफी मांगने के लिये कह दीजिये.  पहले यह माफी मांगें,  इन्होंने आदिवासियों का यह अपमान किया है, इनसे  आप माफी मंगवाइये.  अध्यक्ष महोदय, नहीं तो सदन नहीं चलेगा. आप इनसे माफी मंगवाइये.

                   ..(व्यवधान)..

                   श्री रामेश्वर शर्मा -- अध्यक्ष महोदय..

                   अध्यक्ष महोदय -- रामेश्वर जी, एक मिनट रुक जाइये.  आप बैठ जाइये, व्यवस्था बनाने दीजिये.

                   श्री रामेश्वर शर्मा -- अध्यक्ष महोदय, उधर से  कुछ  भी बोलें,  हम लोग बोलते हैं, तो कहते हैं कि आप बैठ जाइये.

                   अध्यक्ष महोदय --  आप  अभी बैठ जाइये, हम आपका पूरा सुनेंगे.  नहीं सुनेंगे, तो जायेंगे  कहां.

सुश्री मीना सिंह मांडवे - इन्होंने आदिवासियों का अपमान किया है.

अध्यक्ष महोदय - आप बैठ जाइए.

श्री रामेश्वर शर्मा - अध्यक्ष महोदय, आप माफी मंगवा दीजिए. आदिवासी बेटी बेचारी नहीं होती.

अध्यक्ष महोदय - शब्दों को विलोपित कर दिया है.

श्री विश्वास सारंग - अध्यक्ष महोदय, आपसे निवेदन है कि व्यवस्था दे दें और माननीय सदस्य खेद व्यक्त तो करें.

सुश्री मीना सिंह मांडवे - वह सदन में खेद व्यक्त करें.

अध्यक्ष महोदय - आप बैठ जाइए.

श्री विश्वास सारंग - अध्यक्ष महोदय, पूरे समाज का, पूरे वर्ग का अपमान कर रहे हैं.

अध्यक्ष महोदय ‑ आगे बढ़ाना है कि नहीं बढ़ाना है? जिनका प्रश्न लगा है. इसमें कई विधायक आगे दो नंबर, तीन नंबर पर पहली बार के विधायक हैं. पहली बार चुनकर आए हैं. तीन नंबर, चार नंबर, पांच नंबर प्रश्न पर पहली बार के चुने हुए विधायक हैं, उनको भी अवसर दीजिए. आप लोग वरिष्ठ लोग हैं, उनको भी अवसर दीजिए. आपका जवाब आ गया है. मैंने उनको बोल दिया है, आप उनको दस्तावेज दे दीजिए, सारे दस्तावेज दिखाकर वह परीक्षण करा लेंगी.

श्री लाखन सिंह यादव - अध्यक्ष महोदय, आश्वासन देने में क्या दिक्कत है? वह सदन को यहां आश्वासन दे दें कि हम यहां से समिति गठित करके जांच करा लेंगे.

अध्यक्ष महोदय - अभी मैंने कहा है कि वह कागज देख लेंगी, कागज में जैसा दिखाई पड़ता है, वह कर लेंगी.

श्री लाखन सिंह यादव - मैं बोल रहा हूं कि मैं कागज दे चुका. अध्यक्ष महोदय, मुझे उनकी तरफ से आश्वासन तो आ जाय.

अध्यक्ष महोदय - मैं आगे बढ़ चुका. डॉ. गोविन्द सिंह जी आप प्रश्न करें.

 

चिकित्‍सा अधिकारी सिविल अस्‍पताल लहार द्वारा एस्‍मा का उल्‍लंघन

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

2. ( *क्र. 740 ) डॉ. गोविन्द सिंह : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या वर्ष 2019 में पी.जी.डी.पी.एच.एम. एक वर्षीय पाठ्यक्रम हेतु                 डॉ. विजय कुमार शर्मा चिकित्‍सा अधिकारी सिविल अस्‍पताल लहार जिला भिण्‍ड का चयन होने से निर्धारित शुल्‍क राशि रू. 3.25 लाख संचालनालय स्‍वास्‍थ्‍य सेवाएं मध्‍यप्रदेश ने जमा किये थेयदि हांतो संचालनालय स्‍वास्‍थ्‍य सेवाएं म.प्र. के पत्र क्र./4/प्रशि./2019/760 भोपालदिनांक 01.08.2019 द्वारा मुख्‍य चिकित्‍सा एवं स्‍वास्‍थ्‍य अधिकारी भिण्‍ड को डॉ. शर्मा के प्रशिक्षण में उपस्थित न रहने से अनुशासनात्‍मक कार्यवाही तथा राशि रू. 3.25 लाख फीस की राशि वसूली हेतु पत्र लिखा थायदि हांतो अभी तक राशि वसूली न करने का कारण बताएं तथा राशि कब तक वसूली जाएगी(ख) मध्‍यप्रदेश शासन गृह (सी अनुभाग) मंत्रालय भोपाल के पत्र दिनांक 08.04.2020 से स्‍वास्‍थ्‍य सेवाओं को अत्‍यावश्‍यक सेवाएं घोषित कर एस्‍मा लागू होने के बाद भी डॉ. विजय शर्मा सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र मालथौन जिला सागर में 132 दिवस अनुपस्थित रहने के बाद भी शासनादेश उल्‍लंघन के दोषी डॉ. शर्मा के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की गईयदि नहींतो क्‍यों(ग) क्‍या डॉ. विजय शर्मा ने एस्मा कानून का उल्‍लंघन करके फर्जी मेडिकल प्रमाण-पत्र के आधार पर संयुक्‍त संचा‍लक स्‍वास्‍थ्‍य सेवाएं ग्‍वालियर से सांठगांठ कर अनुपस्थित अवधि का भुगतान प्राप्‍त किया हैयदि हांतो डॉ. शर्मा ने अस्‍वस्‍थ रहने की सूचना विभाग को कब व कहां दीसूचना का आवक क्रमांक बताएं। (घ) डॉ. विजय शर्मा ने अस्‍वस्‍थ रहने पर किस-किस डॉक्‍टर से चिकित्‍सा कराई एवं कौन-कौन सी दवायें ग्रहण कीप्रत्‍येक चिकित्‍सक का चिकित्‍सा प्रमाण पत्र एवं चिकित्‍सा हेतु दी गई दवाओं के पूर्ण विवरण सहित समस्‍त दस्‍तावेज प्रस्‍तुत करें।

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. प्रभुराम चौधरी ) : (क) जी हां। जी हां। राष्‍ट्रीय स्‍वास्‍थ्‍य मिशन द्वारा आई.आई.पी.एच.नई दिल्‍ली को वर्ष 2019 में डॉ. विजय कुमार शर्मा चिकित्‍सा अधिकारी सिविल अस्‍पताल लहारजिला भिण्‍ड के लिए भुगतान की गई राशि रू. 3.25 लाख का समायोजन एम.पी.एच. हेतु शैक्षणिक वर्ष 2019-21 सत्र के लिए नामांकित प्रतिभागियों के प्रशिक्षण शुल्‍क के विरूद्ध किए जाने के फलस्‍वरूप उक्‍त चिकित्‍सक से राशि की वसूली नहीं की गई। (ख) जी नहीं। डॉ. विजय कुमार शर्मा द्वारा दिनांक 02/03/2020 से 20/04/2020 तक 50 दिवसीय लघुकृत अवकाश तथा दिनांक 21/04/2020 से 12/07/2020 तक 83 दिवसीय अर्जित अवकाश को जोड़ते हुए कुल 133 दिवसीय चिकित्‍सकीय अवकाश का आवेदन दिनांक 28/07/2020 को प्रस्‍तुत किया गया था। अवकाश अवधि मुख्‍य चिकित्‍सा एवं स्‍वास्‍थ्‍य अधिकारी के क्षेत्राधिकार से अधिक दिवसीय होने के कारणउक्‍त चिकित्‍सक का अवकाश प्रकरण विधिवत स्‍वीकृति हेतु क्षेत्रीय संचालकस्‍वास्‍थ्‍य सेवायेंग्‍वालियर को प्रेषित किया गया था। (ग) जी नहीं। म.प्र. शासन लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण विभाग मंत्रालय भोपाल के परिपत्र क्र. एफ 1-67/2005/17/एम-आईभोपाल दिनांक 20/10/2006 के तहत स्‍वास्‍थ्‍य विभाग के प्रथम/द्वितीय श्रेणी के अधिकारियों के अवकाश स्‍वीकृति के अधिकारों के प्रत्‍यायोजन के तहत तथा मुख्‍य चिकित्‍सा एवं स्‍वास्‍थ्‍य अधिकारी जिला भिण्‍ड के द्वारा अर्जित अवकाश स्‍वीकृति की अनुशंसा संबंधी प्रस्‍ताव क्रमांक/स्‍था./2020/19901-02 दिनांक 31/12/2020 तथा अवकाश लेखों की पात्रता के आधार पर क्षेत्रीय संचालकस्‍वास्‍थ्‍य सेवायें, ग्‍वालियर द्वारा 133 दिवसीय अर्जित अवकाश स्‍वीकृत किया गया। डॉ. विजय कुमार शर्मा द्वारा अस्‍वस्‍थता की सूचना मुख्‍य चिकित्‍सा एवं स्‍वास्‍थ्‍य अधिकारीभिण्‍ड के कार्यालय में आवेदन दिनांक 28/07/2020 द्वारा प्रस्‍तुत किया गया थाजो कि कार्यालय मुख्‍य चिकित्‍सा एवं स्‍वास्‍थ्‍य अधिकारीभिण्‍ड के आवक क्रमांक 3981, दिनांक 29/07/2020 पर इंद्राज है। (घ) डॉ. विजय शर्मा द्वारा अस्‍वस्‍थता अवधि के दौरान डॉ. दिनेश उदैनियाडॉ. मुकेश सिंह तौमर तथा डॉ. सुधीर राजौरिया से चिकित्‍सा कराई गई। दवा संबंधित पर्चियों की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''', '''' एवं '''' अनुसार है। डॉ. दिनेश उदैनिया द्वारा दिनांक 14/03/2020 एवं डॉ. सुधीर राजौरिया द्वारा जारी दिनांक 29/03/2020 तथा दिनांक 29/05/2020 को जारी चिकित्‍सा प्रमाण-पत्र तथा दिनांक 12/07/2020 को जारी फिटनेस प्रमाण-पत्र की क्रमश: जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''', '''', '''' एवं '''' अनुसार है।

 

डॉ. गोविन्द सिंह - अध्यक्ष महोदय, मैं आपसे प्रार्थना कर रहा हूं, अगर मान लीजिए कि सरकार को सदन नहीं चलाना है. अभी तक यह होता रहा कि माननीय मंत्रीगण संयम बरतते हैं, लेकिन यहां अधिकांश मंत्री ही व्यवधान कर रहे हैं. यह उचित नहीं है. अगर आप थोड़ी सलाह दें, इनको निर्देशित करें कि भविष्य में इस तरह का रवैया न अपनाएं. यदि बात कहना है, मंत्री जी कह दें कि जवाब नहीं देना, जांच नहीं करना है, बात खत्म हो जाएगी.

अध्यक्ष महोदय, मैंने प्रश्न में पूछा था कि एक डॉक्टर है विजय कुमार शर्मा, वह ग्वालियर में रहते हैं. जो लहार सिविल अस्पताल है, वहां 6-6 महीने गायब रहते हैं, कभी आए और उनके क्षेत्र में रिश्तेदार भी है, बहुत बड़े लोग हैं, उनके भय की वजह से कोई ज्यादा शिकायत नहीं करता है. शासन संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं का आदेश आया कि आप ट्रेनिंग में जाइए, अनुपस्थित रहने पर इनको अनुशासनात्मक कार्यवाही तथा 3.25 लाख रुपये जमा करने का नोटिस दिया गया.  वसूली व अनुशासनात्मक कार्यवाही के लिए सीएमएचओ भिंड को कहा गया कि आप इनसे राशि वसूल करके अनुशासनात्मक कार्यवाही करें. लेकिन उसके बाद कोरोना आ गया, कोरोना में एस्मा एक्ट लगा, उसमें भी वह साढ़े चार माह गायब रहे, उनको नोटिस मिला, उन्होंने उक्त राशि भी दूसरी जगह से समायोजित करा दी और साढ़े चार महीने की छुट्टी भी अनुपस्थित रहने के बाद, एस्मा कानून का उल्लेघन करने के बाद भी उनको छुट्टी देकर वहीं पदस्थ कर दिया गया.

माननीय मंत्री जी से हमारा अनुरोध है कि अगर आपको उनका ज्यादा हित है, आपका बहुत गुणकारी डॉक्टर है, बहुत विद्वान है तो आप अपने क्षेत्र में ले लें या माननीय मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र के यहां ले लें क्योंकि इन्होंने ही उनका ट्रांसफर कैंसिल कराया, इसलिए जिनको ज्यादा ऐसा है कि प्रिय है.

संसदीय कार्यमंत्री (डॉ. नरोत्तम मिश्र) - श्री कमलनाथ जी, आप दो पद लिये हुए हो, एक कोई इनको दे दो ना. आप पद दे दो, यह व्यवस्थित हो जाएंगे, अव्यवस्थित से हैं, एक पद दे दो. एकाध बात तो मानो जिंदगी में मेरी. एक बात तो मान जाओ.

नेता प्रतिपक्ष (श्री कमलनाथ)- आप इसमें परेशान क्यों होते हैं, हम क्या कर रहे हैं.

डॉ. नरोत्तम मिश्र - मेरा मित्र है वह, मैं परेशान नहीं होऊंगा? हद कर दी है. उनका मैं मित्रवत् हूं, आपके शत्रुवत् हो सकते हैं.

श्री कमलनाथ - यह तो आप रिकॉर्ड में कह रहे हैं कि आपके मित्र हैं.

डॉ. नरोत्तम मिश्र - मैं दावे से कह रहा हूं कि मेरा मित्र है. मैं तो चाहता हूं कि आप भी कहो कि आपके मित्र हैं.

श्री कमलनाथ - आपके जैसी मित्रता मुख्यमंत्री से है, ऐसी मित्रता इनके साथ भी निभाइए.

डॉ. नरोत्तम मिश्र - आपकी वैसी इनसे है, मैं शुद्ध मित्रता रखता हूं.

डॉ. गोविन्द सिंह - अध्यक्ष महोदय, माननीय नरोत्तम मिश्र जी स्वास्थ्य मंत्री थे, उन्होंने ही इसका उद्घाटन किया और सिविल सामुदायिक केन्द्र से उन्नयन करके सिविल अस्पताल बनाया. वह बहुत खूबसूरत है. लेकिन जब डॉक्टर आते नहीं हैं तो सीएमएचओ परेशान हैं और सब डॉक्टर परेशान हैं तो हमारा अनुरोध है. हमारी  उनसे कोई लड़ाई नहीं है, न उनका कोई अहित चाहता हूं. लेकिन सवाल यह है कि कम से कम आज की स्थिति में स्वास्थ्य सेवाएं ठीक से रहें. अगर उनको ज्यादा है तो ग्वालियर परिवार है तो ग्वालियर पदस्थ करा दो, यह हमारा अनुरोध है. दूसरी बात यह कहना चाहता हूं कि अब वह 133 दिन गायब रहे, आपने उनकी छुट्टी मंजूर कर दी. मैंने पूछा था इलाज कहां कहां कराया. इलाज के लिये मैं पूछना चाहता हूं कि कहां-कहां पर कितने-कितने दिन भर्ती रहे ? कृपया आप यह बता दें कि कौन-कौन से अस्‍पताल में 133 दिन एडमिट रहे, क्‍योंकि अगर 133 दिन का मेडिकल है, तो भर्जी फिटनेस कराया है .

          अध्‍यक्ष महोदय -- इलाज वाला तो आया है.

          डॉ. गोविंद सिंह -- कम से कम यह बता दें क्‍योंकि गंभीर बीमारी वाला ही 133 दिन तक कहीं भर्ती हुआ होगा.

          श्री गोपाल भार्गव -- अध्‍यक्ष महोदय, आपने कुछ शब्‍दों को असंसदीय माना है. अब अस्‍पताल खूबसूरत है इसके लिये क्‍या माना जाए ?

          डॉ. नरोत्‍तम मिश्र -- अध्‍यक्ष महोदय, मैंने तो इनके कहने से उद्घाटन किया था. मुझे जबरदस्‍ती लपेट रहे हैं. मैंने इनके क्षेत्र में बनाया है.

          डॉ. गोविंद सिंह -- अध्‍यक्ष महोदय, मैंने कहां पर कहा है कि आपने नहीं बनाया.

          अध्‍यक्ष महोदय -- गोपाल जी, जरा इसको सुन लें, यह कोई असंसदीय शब्‍द मैंने हटाये नहीं हैं. आप उसमें तारीख वाइज़ देखिये, 1954 से लेकर विंध्‍य प्रदेश विधान सभा, नागपुर विधान सभा और हमारी विधान सभा के जिन शब्‍दों को हमारे पूर्व पीठासीन अधिकारियों ने विलोपित करने का आदेश दिया था, केवल उनका संकलन किया है. हमने अपनी तरफ से कुछ नहीं किया है. वर्ष 1954 वाले को अब हम तो विलोपित नहीं कर सकते, जो विलोपित हो गया था, उसको हम डिलीट भी नहीं कर सकते हैं. उसको हमने संकलित करके आपके सामने पुस्‍तक के रूम में रखा है कि इसको अध्‍ययन करके इनका प्रयोग करने से बचें, ताकि यह विलोपन नहीं करने पड़ें. इसलिये उन शब्‍दों को देखा जाए. दूसरा आग्रह डॉ. गोविंद सिंह जी और डॉ. नरोत्‍तम मिश्र जी से है.

          श्री सज्‍जन सिंह वर्मा -- अध्‍यक्ष महोदय, इसमें दो शब्‍द रह गये हैं (XXX), उसमें इन शब्‍दों का उल्‍लेख भी करवा दीजिये.

          अध्‍यक्ष महोदय -- गोविंद सिंह जी और संसदीय कार्यमंत्री जी, गोविंद सिंह जी, आप दूसरों का भी ख्‍याल रखा करें, हर बार आप केवल नरोत्‍तम जी का नाम लेते हैं. नरोत्‍तम जी, आप भी केवल गोविंद सिंह जी का नाम लेते हैं, तो आप थोड़ा दूसरों का ध्‍यान भी रखा करें.

          डॉ. नरोत्‍तम मिश्र - अध्‍यक्ष महोदय, बड़ी गाढ़ी मित्रता है, आपको बताएंगे तो आपकी आंखों में आंसू आ जाएंगे....(हंसी)...

          अध्‍यक्ष महोदय -- ठीक है, तो मत बताना.

          श्री तरुण भनोत -- अध्‍यक्ष महोदय, वहां पर नरोत्‍तम भाई खूबसूरत दिखते हैं, लेकिन और भी खूबसूरत हैं.

          अध्‍यक्ष महोदय -- कम से कम गोविंद सिंह जी के लिये यह तो मत कहिये. उस शब्‍द का प्रयोग गोविंद सिंह जी के लिये मत करिये.

          श्री तरुण भनोत -- अध्‍यक्ष महोदय, मैं कह रहा हूं कि बाकी लोग भी खूबसूरत हैं, सिर्फ नरोत्‍तम भाई थोड़े ही खूबसूरत हैं.

          अध्‍यक्ष महोदय -- नहीं-नहीं, आपने यह कहा कि गोविंद सिंह जी भी हैं.

          श्री तरुण भनोत -- अध्‍यक्ष महोदय, नहीं-नहीं, मैंने बोला कि बाकी लोग भी खूबसूरत हैं, उनको भी खूबसूरत बोलिये. 

          श्री गोपाल भार्गव -- अध्‍यक्ष महोदय, आपने अभी जो उल्‍लेख किया असंसदीय शब्‍दों या फिर पहले जो विलोपित हुए हैं, मैंने भी किताब को देखा है, हम विधायकगण या मंत्रिगण जब भी किसी विषय पर धारा प्रवाह भाषण देते हैं या प्रसंगवश जब ऐसा विषय आता है, तब उसके बारे में हम लोग आधा घंटे की चर्चा या स्‍थगन सूचनाएं आती हैं, ध्‍यानाकर्षण सूचनाएं आती हैं, जिनमें लंबा भाषण होता है, तो स्‍वाभाविक रूप से कुछ शब्‍द ऐसे निकलते हैं. हालांकि यहां चर्चा का विषय नहीं है, यह तो मैं आपके कक्ष में करूंगा, मुझे लगता है कि बार-बार उसे आपको शायद विलोपित करना पड़ेगा. इसलिये एक बार पुन: उसका परीक्षण हो जाए.

          अध्‍यक्ष महोदय -- ठीक है, उस पर चर्चा कर लेंगे.

          डॉ. प्रभुराम चौधरी -- अध्‍यक्ष महोदय, हमारे माननीय सदस्‍य डॉ. गोविंद सिंह जी ने जो प्रश्‍न किया था, प्रश्‍न का पूरा उत्‍तर तो हमने लिखित में दे दिया था, लेकिन उन्‍होंने अभी जो पूछा है कि डॉक्‍टर कितने दिन भर्ती रहे, तो मैं आपके माध्‍यम से उनको बताना चाहता हूं.

          अध्‍यक्ष महोदय -- नहीं, उनके दो सवाल हैं, एक सवाल है कि 133 दिन कहां भर्ती रहे यह बताना है और दूसरा, यदि डॉक्‍टर अच्‍छे हैं तो उनको दूसरी जगह कर दें. 

          डॉ. प्रभुराम चौधरी -- अध्‍यक्ष महोदय, वह भर्ती नहीं रहे हैं. उन्‍होंने ओ.पी.डी. में जयारोग्‍य ग्‍वालियर अस्‍पताल में तीन डॉक्‍टर्स से अपना इलाज कराया है.

          अध्‍यक्ष महोदय -- उनका दूसरा प्रश्‍न भी है.

          डॉ. प्रभुराम चौधरी -- अध्‍यक्ष महोदय, जो प्रश्‍न किया था मैंने उसका जवाब दे दिया है और रही बात पोस्टिंग या ट्रांसफर की, तो इसके पूर्व में आपने सुना ही है, हमारे माननीय गृह मंत्री डॉ. नरोत्‍तम मिश्र जी और डॉ. गोविंद सिंह जी दोनों की मित्रता का मामला है, अब दोनों आपस में यह तय करके मुझे बता दें कि क्‍या करना है. ..(हंसी)...

          अध्‍यक्ष महोदय -- उनकी मित्रता बिल्डिंग के लिये थी. उनकी मित्रता बिल्डिंग बनाने के लिये थी.

          डॉ. गोविंद सिंह -- अध्‍यक्ष जी, आप इतने भयभीत हैं गृह मंत्री जी से कि अपने विभाग में जानकारी लेना है.

          डॉ. प्रभुराम चौधरी -- अध्‍यक्ष महोदय, आपने अपने मूल प्रश्‍न में ही उनके नाम का जिक्र किया था इसलिये मैंने कहा है अन्‍यथा मैं नहीं कहता.

          डॉ. गोविन्‍द सिंह -- अध्‍यक्ष महोदय, अभी जब चर्चा हो रही थी तो इन्‍होंने कहा कि मैं क्‍या करूँ, ट्रांसफर तो उन्‍होंने कैंसिल करवाया. इसलिए मैंने कह दिया. मैं केवल इतना चाहता हूँ. मैं उनका अहित नहीं चाहता हूँ. अध्‍यक्ष जी, मैं अवगत कराना चाहता हूँ कि उनका पूरा परिवार ग्‍वालियर में रहता है और वे आते नहीं हैं. वे नहीं आते हैं तो जो बाकी के वहां डॉक्‍टर्स हैं, उनको भी दिक्‍कत होती है. वे नहीं आते हैं तो दूसरे डॉक्‍टर्स भी गड़बड़ करते हैं. जिला अस्‍पताल के बाद अगर सबसे ज्‍यादा ओपीडी है, अगर सबसे ज्‍यादा मरीज आ रहे हैं तो वे लहार में आ रहे हैं. वहां पर आसपास 5 किलोमीटर में उत्‍तरप्रदेश भी लगा हुआ है तो वहां के भी करीब 30-40 गांवों के लोग इलाज के लिए वहीं आते हैं. भारी भीड़ रहती है. मेरा केवल इतना अनुरोध है, मैं कोई उनका नुकसान नहीं चाहता हूँ, मैं केवल इतना चाहता हूँ कि आप उनका ट्रांसफर कर दें जहां उनका परिवार रहता है वहां पर या आसपास कहीं भी कर दें. 20 किलोमीटर के अंदर उनका आना-जाना रहेगा. कृपा करके, आप ही बता दीजिए, अगर वे इतने ज्‍यादा अच्‍छे हैं तो आप अपने यहां उन्‍हें ले लीजिए. क्‍या दिक्‍कत है. आप कृपा कर यह बता दें. बाकी चीजें भी हमने देख ली, न तो उनके कोई मेडिकल हैं, हमने सब देख लिया, हमने हॉस्‍पिटल से ही मालूम कर लिया. उन्‍होंने जो सर्टिफिकेट दिए हैं, कहां एडमिट हुए, क्‍या हुआ, वह सब भी हमने पता कर लिया है. वहां पर आवक-जावक में कहीं कोई नंबर ही नहीं है. अगर सही जांच होगी तो वे फिर वे दोषी ठहराए जाएंगे. माननीय मंत्री जी, आपसे हमारा अनुरोध है कि आप सीएमएचओ, भिंड को बुलवाकर धैर्यता से पूछ लें, वे क्‍या बताते हैं, वे आपको सच्‍चाई बता देंगे. अगर हमारे ऊपर आपको विश्‍वास नहीं है तो उनसे पूछ लें कि उस डॉक्‍टर की क्‍या गतिविधि है, हम केवल यह चाहते हैं कि अगर आपको वे इतने प्रिय हैं तो हमारे क्षेत्र से हटाकर अपने क्षेत्र में ले लें. इतनी कृपा दृष्‍टि आप कर दें.

          अध्‍यक्ष महोदय -- नहीं तो डॉ. नरोत्‍तम मिश्र जी की मित्रता किस दिन काम आएगी.

          डॉ. नरोत्‍तम मिश्र -- अध्‍यक्ष जी, डॉ. गोविन्‍द सिंह जी ने तो मित्रता सबसे निभाई है, माननीय कमलनाथ जी से भी पूरी मित्रता निभाई, उन्‍होंने बहुत कोशिश की कि नहीं गिरे, नहीं गिरे, पर उनकी बात मानी नहीं. नहीं मानी तो आज ये स्‍थिति है.

          अध्‍यक्ष महोदय -- माननीय मंत्री जी, जवाब दे दीजिए.

          डॉ. प्रभुराम चौधरी -- माननीय अध्‍यक्ष महोदय, ये प्रशासकीय व्‍यवस्‍था है. छुट्टी की जहां तक बात आई, उनकी छुट्टी रीजनल डॉयरेक्‍टर ने की सेंक्‍शन की है और ओपीडी का नंबर, जो जयारोग्‍य अस्‍पताल, ग्‍वालियर में उन्‍होंने इलाज कराया है, उसके ओपीडी के पर्चे भी मेरे पास हैं, उनके नंबर भी हैं, वहां पर दिखाया गया है. जो ट्रांसफर की बात है तो यह प्रशासकीय व्‍यवस्‍था है.

          डॉ. गोविन्‍द सिंह -- अगर आपको हेल्‍थ डिपार्टमेंट का (XXX) करना है तो कर दें.

          अध्‍यक्ष महोदय -- प्रश्‍न संख्‍या 3, श्री जजपाल सिंह जज्‍जी.

          जल संसाधन मंत्री (श्री तुलसीराम सिलावट) -- घोर आपत्‍ति है, पूरे स्‍वास्‍थ्‍य विभाग की आपत्‍ति है.

          डॉ. गोविन्‍द सिंह -- सिलावट जी, आपने ही उस डॉक्‍टर का ट्रांसफर किया था. आप उनको अपने यहां ले जाएं...(हंसी)..

          अध्‍यक्ष महोदय -- श्री जितु पटवारी, कुछ कहना चाहते हैं.       

          डॉ. सीतासरन शर्मा -- अध्‍यक्ष महोदय, (XXX) शब्‍द विलोपित करवा दें.

          अध्‍यक्ष महोदय -- सत्‍यानाश शब्‍द विलोपित कर दें.

          श्री जितु पटवारी -- अध्‍यक्ष महोदय, जिस पीरियड में डॉक्‍टर की छुट्टियां सेंक्‍शन कीं, वह कोविड का पीरियड था. लोग मरते रहे, डॉक्‍टर अनुपस्‍थित रहे, कोविड का पीरियड था. मुख्‍यमंत्री जी विजुअल देते रहे, मंत्री कहते हैं कि यह तो नियम से हुआ, वे आए नहीं तो मैं क्‍या करूं. अध्‍यक्ष जी, वस्‍तुस्‍थिति आप समझ सकते हैं.

          अध्‍यक्ष महोदय -- प्रश्‍न संख्‍या 3, श्री जजपाल सिंह जज्‍जी.

          चिकित्‍सा शिक्षा मंत्री (श्री विश्‍वास सारंग) -- मैं व्‍यवस्‍था का प्रश्‍न उठा रहा हूँ, क्‍या जिस सदस्‍य का जिक्र नहीं है, क्‍या ऐसा बोलने की अनुमति है ?

          अध्‍यक्ष महोदय -- नहीं, प्रश्‍नकाल में व्‍यवस्‍था का प्रश्‍न नहीं.

          श्री विश्‍वास सारंग -- माननीय अध्‍यक्ष जी, ये जो सर्वज्ञानी विधायक ने बोला है, यह डिलीट करवाइये.

          प्रश्‍न संख्‍या - 3  (अनुपस्‍थित)

          प्रश्‍न संख्‍या - 4  (अनुपस्‍थित)

 

          पेट्रोल/डीजल/रसोई गैस से अर्जित आय

[वाणिज्यिक कर]

5. ( *क्र. 914 ) श्री मेवाराम जाटव : क्या वित्त मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वित्‍तीय वर्ष 2020-21 एवं 2021-22 में पेट्रोलडीजलरसोई गैसशराब से मध्‍यप्रदेश शासन ने कितनी आय अर्जित कीवर्षवार पृथक-पृथक आंकड़े दें। (ख) वित्‍तीय वर्ष 2018-19 एवं 2019-20 की तुलना में प्रश्‍नांकित वर्षों की मध्‍यप्रदेश शासन की आय में कितने प्रतिशत वृद्धि मदवार हुईपृथक-पृथक तुलनात्‍मक चार्ट दें। (ग) प्रश्‍नांकित मदवार मध्‍यप्रदेश शासन द्वारा केन्‍द्र शासन के अतिरिक्‍त कितना-कितना कर लगाया गयापूर्ण ब्‍यौरा दें। (घ) क्‍या प्रदेश में बढ़ती मंहगाई को दृष्टिगत रखते हुए जनता को राहत देने हेतु प्रश्‍नांकित मदों में करों में कमी की जायेगी अथवा नहींयदि नहीं तो कारण स्‍पष्‍ट करें।

वित्त मंत्री ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) वर्ष 2020-21 एवं 2021-22 में माह जून, 2021 तक पेट्रोलडीजल एवं शराब पर वेट से वर्षवार अर्जित आय निम्नानुसार है :- (राशि करोड़ में)

वर्ष

पेट्रोल

डीजल

शराब

शराब (बिक्री से प्राप्‍त आय) 19 जुलाई, 2021 तक

वेट से प्राप्‍त आय

2020-21

5217.79

6690.50

1183.58

9520.96

2021-22 (माह जून तक)

1033.76

1395.46

151.68

2684.08

रसोई गैस पर जी.एस.टी. देय है। जी.एस.टी. का क्रियान्‍वयन जी.एस.टी.एन. के पोर्टल के माध्‍यम से किया जाता है। जी.एस.टी.एन. के पोर्टल पर रसोई गैस पर जमा जी.एस.टी. की पृथक से जानकारी संधारित नहीं है। (ख) वित्तीय वर्ष 2018-19 एवं 2019-20 की तुलना में प्रश्नांकित वर्षों में वेट से प्राप्‍त आय की मदवार जानकारी निम्‍नानुसार है :- (राशि करोड़ में)

 

वर्ष

पेट्रोल

डीजल

शराब

प्रतिशत वृद्वि/कमी

 

पेट्रोल

डीजल

शराब

 

वेट से प्राप्‍त आय

 

2018-19

3779.06

5256.89

632.27

-

-

-

 

2019-20

4263.42

5773.65

938.28

12.82

9.83

48.40

 

2020-21

5217.79

6690.50

1183.58

22.39

15.88

26.14

 

2020-21

(माह जून तक)

519.68

920.00

107.93

-

-

-

 

2021-22

(माह जून तक)

1033.76

1395.46

151.68

98.92

51.68

40.54

 

वित्तीय वर्ष 2018-19 एवं 2019-20 की तुलना में प्रश्नांकित वर्षों में शराब के विक्रय से प्राप्‍त आय की जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ग) वर्तमान में पेट्रोल पर 33 प्रतिशत वेटरूपए चार एवं पैसे पचास प्रतिलीटर अतिरिक्‍त कर एवं टर्नओवर पर 1 प्रतिशत सेस दर प्रचलित है। इसी प्रकार डीजल पर 23 प्रतिशत वेटरूपए तीन प्रतिलीटर अतिरिक्‍त कर एवं टर्नओवर पर 1 प्रतिशत सेस दर प्रचलित है। मदिरा के निर्माता/आयाता द्वारा विक्रय की जाने वाली मदिरा पर वेट की दर 10 प्रतिशत एवं रेस्‍टोरेंट/बार से विक्रय होने वाली मदिरा पर 18 प्रतिशत वेट दर है। घरेलू रसोई गैस पर 5 प्रतिशत जी.एस.टी. देय है। जिसमें 2.5 प्रतिशत एस.जी.एस.टी. तथा 2.5 प्रतिशत सी.जी.एस.टी. है। (घ) राज्‍य शासन द्वारा प्रदेश की वित्‍तीय आवश्‍यकताओं की पूर्ति व आवश्‍यक संसाधन जुटाने तथा आधारभूत संरचनाओं के विकास हेतु आवश्‍यक राजस्‍व संग्रहण की दृष्टि से कर की दरों का निर्धारण किया जाता है। राज्‍य के राजस्‍व हित को दृष्टिगत रखते हुए प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - "एक"

          श्री मेवाराम जाटव -- क्या वित्त मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वित्‍तीय वर्ष 2020-21 एवं 2021-22 में पेट्रोलडीजलरसोई गैसशराब से मध्‍यप्रदेश शासन ने कितनी आय अर्जित कीवर्षवार पृथक-पृथक आंकड़े दें। (ख) वित्‍तीय वर्ष 2018-19 एवं 2019-20 की तुलना में प्रश्‍नांकित वर्षों की मध्‍यप्रदेश शासन की आय में कितने प्रतिशत वृद्धि मदवार हुईपृथक-पृथक तुलनात्‍मक चार्ट दें। (ग) प्रश्‍नांकित मदवार मध्‍यप्रदेश शासन द्वारा केन्‍द्र शासन के अतिरिक्‍त कितना-कितना कर लगाया गयापूर्ण ब्‍यौरा दें। माननीय अध्‍यक्ष महोदय, क्‍या मध्‍यप्रदेश में बढ़ती हुई महंगाई को दृष्‍टिगत रखते हुए जनता को राहत देने हेतु प्रश्‍नांकित मदों में, करों में कमी की जाएगी अथवा नहीं. यदि नहीं, तो कारण स्‍पष्‍ट करें.

          अध्‍यक्ष महोदय -- यह प्रश्‍न तो इसमें लिखा हुआ है, आप पूरक प्रश्‍न पूछिये न. कोई प्रश्‍न हो, तो पूछिये, आपने उसको पढ़ दिया है.

          श्री जगदीश देवड़ा -- माननीय अध्‍यक्ष महोदय, माननीय सदस्‍य ने जो जानकारी मांगी है, वह पूरी वर्षवार दे दी गई है.

          अध्‍यक्ष महोदय -- वह लिखित है.

          श्री जगदीश देवड़ा -- अध्‍यक्ष महोदय, जो तुलनात्‍मक जानकारी भी मांगी है, वह तुलनात्‍मक जानकारी भी दे दी है, जहां तक पेट्रोल-डीज़ल के राहत का सवाल कह रहे हैं.

          अध्‍यक्ष महोदय --  वह हो गया, लिखित हो गया. अभी मूल प्रश्‍नकर्ता का एक प्रश्‍न हो जाए. आप सीधा प्रश्‍न पूछिए.

          श्री मेवाराम जाटव -- माननीय अध्‍यक्ष महोदय, मेरा सीधा प्रश्‍न यह है कि डीज़ल-पेट्रोल की महंगाई को देखते हुए कोरोना काल में जनता बेरोजगार है, कोई रोजगार नहीं है, जनता परेशान हो रही है तो मेरा सीधा प्रश्‍न यह है कि मध्‍यप्रदेश सरकार क्‍या डीज़ल-पेट्रोल में कमी करेगी, क्‍या टैक्‍स में कमी करेगी ?

     श्री जगदीश देवड़ा -- अध्‍यक्ष महोदय, मध्‍यप्रदेश में जब भारतीय जनता पार्टी की सरकार थी, उस समय 31 प्रतिशत से घटाकर के 28 प्रतिशत किया था और माननीय श्री कमल नाथ जी यहां बैठे हैं तो उन्‍होंने 28 से 33 प्रतिशत किया, वह आज भी है. वह हमने नहीं बढ़ाया, वह हमने नहीं बढ़ाया...(व्‍यवधान)...

            श्री कुणाल चौधरी -- माननीय अध्‍यक्ष महोदय..(व्‍यवधान)..

          श्री कमल नाथ -- माननीय अध्‍यक्ष जी, आज यह प्रश्‍न..(व्‍यवधान)..

          श्री जगदीश देवड़ा -- अध्‍यक्ष महोदय, यह मैं पेट्रोल का बता रहा हॅूं. डीज़ल का भी बता रहा हॅूं कि डीजल में 27 प्रतिशत से हमने 22 प्रतिशत किया, फिर 22 प्रतिशत से हमने 18 प्रतिशत किया और आपने उसको 23 प्रतिशत किया, वही आज है और केवल यहां नहीं है आप राजस्‍थान में भी चले जाइए, राजस्‍थान में भी इससे ज्‍यादा है...(व्‍यवधान)...

          नेता प्रतिपक्ष (श्री कमल नाथ) -- माननीय अध्‍यक्ष महोदय, माननीय मंत्री जी सफाई दे रहे हैं. आज हर व्‍यक्‍ति जो यहां बैठा है. हमारे साथी हों, इधर के हों या उधर के हों, सुन लीजिए मेरी बात...(व्‍यवधान)...यह महंगाई सबको छू रही है और हमने स्‍थगन प्रस्‍ताव दिया हुआ है. मैं तो आपसे यह आग्रह करता हॅूं कि आप महंगाई पर हमारा स्‍थगन प्रस्‍ताव स्‍वीकार करें और फौरन महंगाई पर इस पर बहस करें. यह सफाई देने आए हैं. जब पूरा प्रदेश झेल रहा है..(व्‍यवधान)...

          श्री गोपाल भार्गव -- अध्‍यक्ष महोदय जी, एक मिनट...(व्‍यवधान)..

          श्री कमल नाथ -- माननीय श्री गोपाल भार्गव जी, मैं अपनी बात एक मिनट में खतम कर लूं, जब पूरा प्रदेश महंगाई झेल रहा है मेरी मांग है, या तो आप कहिए कोई महंगाई नहीं है, पेट्रोल 100 रूपए लीटर नहीं है यह तो आप नहीं कह रहे हैं. आप तो कह रहे हैं कमल नाथ ने इतना बढ़ाया है, यह बात छोडि़ए. आज प्रश्‍न है कि महंगाई से अपना पूरा देश और प्रदेश झेल रहा है, हर वर्ग इससे पीड़ित है...(व्‍यवधान)....

          श्री गोपाल भार्गव -- अध्‍यक्ष जी..(व्‍यवधान)..

          श्री कमल नाथ -- अध्‍यक्ष महोदय, आज सबसे आवश्‍यक बात है, आज सबसे आवश्‍यक बात है कि आप हमारा स्‍थगन प्रस्‍ताव स्‍वीकार करें..(व्‍यवधान)....

         

11.34 बजे                           गर्भगृह में प्रवेश

                इंडियन नेशनल कांग्रेस के सदस्‍यगण द्वारा गर्भगृह में प्रवेश

(इंडियन नेशनल कांग्रेस के सदस्‍यगण द्वारा महंगाई का विरोध करते हुए गर्भगृह में प्रवेश किया गया.)

 

...(व्‍यवधान)...

          श्री जगदीश देवड़ा -- हमने नहीं बढ़ाया है..(व्‍यवधान)..

          अध्‍यक्ष महोदय -- आप सीट पर जाइए. कृपया अपनी सीट पर जाइए..(व्‍यवधान)..

          श्री सज्‍जन सिंह वर्मा -- अध्‍यक्ष महोदय, माननीय शिवराज सिंह जी ने बढ़ाया है. देश में मध्‍यप्रदेश कलंकित है..(व्‍यवधान)..

          अध्‍यक्ष महोदय -- आप लोग बैठ जाइए, कृपया सीट पर जाइए...(व्‍यवधान)..

           श्री सज्‍जन सिंह वर्मा -- सबसे ज्‍यादा टैक्‍स माननीय शिवराज सिंह चौहान जी ने बढ़ाया है...(व्‍यवधान)..

          श्री कुणाल चौधरी -- महंगाई कम करो. यह टैक्‍स कम करो. जनता को लूटना बंद करो..(व्‍यवधान)..

          अध्‍यक्ष महोदय -- बैठ जाइए, अपनी सीट पर तो जाइए...(व्‍यवधान)..

          श्री सज्‍जन सिंह  वर्मा -- गरीबों की जेब पर डाका डालना बंद करो..(व्‍यवधान)..

          अध्‍यक्ष महोदय -- आप सीट पर तो जाइए, तब न सुनेंगे. यह विषय यहां का नहीं है भई, यहां का विषय नहीं है, कृपया सीट पर जाइए...(व्‍यवधान)..

          विधान सभा की कार्यवाही 12.00 बजे तक के लिए स्‍थगित.

       

 

 

(11.35 बजे विधानसभा की कार्यवाही मध्‍याह्न 12.00 बजे तक के लिए स्‍थगित की गई.)

 

 

 

 

 

12.02 बजे

{अध्यक्ष महोदय (श्री गिरीश गौतम)पीठासीन हुए}

(इंडियन नेश्नल काँग्रेस के अनेक सदस्य एप्रिन पहनकर सदन में आए)

          श्री तरुण भनोत--  माननीय अध्यक्ष महोदय, पेट्रोल डीज़ल की मूल्य वृद्धि की बात हो रही थी माननीय वित्त मंत्री जी जवाब दे रहे थे...(व्यवधान)..

श्री विश्वास सारंग--  माननीय अध्यक्ष महोदय, ये किसकी अनुमति से बोल रहे

हैं...(व्यवधान)..

संसदीय कार्य मंत्री (डॉ.नरोत्तम मिश्र)--  माननीय अध्यक्ष महोदय, आपके घोषणा

पत्र में कम करने का था क्या?..(व्यवधान)..कमलनाथ जी के घोषणा पत्र में पेट्रोल का कम

करने का था क्या?..(व्यवधान)..आपने जनता से असत्य बोला. ..(व्यवधान)..

नियम 267-क के अंतर्गत विषय.

        अध्यक्ष महोदय--  निम्नलिखित माननीय सदस्यों की शून्यकाल की सूचनाएँ पढ़ी हुई मानी जाएँगी.

1.      डॉ.हिरालाल अलावा

2.      डॉ.सतीश सिंह सिकरवार

3.      श्री संजय यादव

4.      एड.बैजनाथ कुशवाह

5.      श्रीमती सुमित्रा देवी कास्डेकर

6.      इंजी.प्रदीप लारिया

7.      श्री हर्ष विजय गेहलोत

8.      श्री पी.सी.शर्मा

9.      सुश्री हिना लिखीराम कावरे

10. श्री बहादुर सिंह चौहान

..(व्यवधान)..

 

 

 

 

 

12.03 बजे

अध्यक्षीय घोषणा.

संसदीय उत्कृष्टता पुरस्कार चयन समिति के गठन संबंधी घोषणा.

        अध्यक्ष महोदय--  मध्यप्रदेश विधान सभा द्वारा वर्ष 1995 में मध्यप्रदेश विधान सभा के प्रथम अध्यक्ष स्वर्गीय श्री कुंजीलाल दुबे की जन्म शताब्दी के उपलक्ष्य में माननीय सदस्यों को संसदीय संस्कृति के प्रति जागरूक करने एवं संसदीय कार्य प्रणाली में उच्चतम मानदण्डों की स्थापना के उद्देश्य से संसदीय उत्कृष्टता पुरस्कार योजना प्रारंभ की गई थी.

          इस योजना के अंतर्गत 04 पुरस्कार दिए जाते थे. वे इस प्रकार थेः-

1.      प्रदेश के प्रथम विधान सभा अध्यक्ष की स्मृति में उत्कृष्ट विधायक पुरस्कार.

2.      प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री की स्मृति में उत्कृष्ट मंत्री पुरस्कार.

3.      प्रदेश के प्रथम नेता प्रतिपक्ष की स्मृति में उत्कृष्ट संसदीय पत्रकारिता पुरस्कार.

4.      प्रदेश के प्रथम विधान सभा सचिव की स्मृति में उत्कृष्ट विधान सभा कर्मी पुरस्कार.

योजना अंतर्गत वर्ष 1996 से 2008 तक उक्त पुरस्कार प्रदान किए गए. उसके पश्चात् अपरिहार्य कारणों से उक्त पुरस्कार प्रदान नहीं किए जा सके. अब वर्ष 2021 से इन पुरस्कारों को कतिपय संशोधन के साथ पुनः प्रारंभ किए जाने का निर्णय लिया गया है. ..(व्यवधान)..अतः अब संसदीय पुरस्कारों की श्रेणियाँ तथा नाम इस प्रकार से पुनर्स्थापित किए गए हैं-

(1)    उत्कृष्ट विधायक पुरस्कार-

प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री श्री सुन्दरलाल पटवा जी की स्मृति में.

(2)    उत्कृष्ट मंत्री पुरस्कार-

प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री पं.रविशंकर शुक्ल जी की स्मृति में.

 

    

         

..(व्यवधान)..

         

 

          मुख्यमंत्री (श्री शिवराज सिंह चौहान) -- माननीय अध्यक्ष महोदय, यह फिर पाखंड कर रहे हैं, मैं कमल नाथ जी से पूछना चाहता हूँ. आपने पिछड़े वर्ग को धोखा दिया है.

 

 

 

 

12.06 बजे                             गर्भगृह में प्रवेश

इंडियन नेशलन काँग्रेस के सदस्यगण द्वारा गर्भगृह में प्रवेश

(इंडियन नेशलन काँग्रेस के सदस्यगण द्वारा एप्रिन पहनकर नारेबाजी करते हुए एवं सरकार के पिछड़ा वर्ग विरोधी होने का कथन करते हुए गर्भगृह में प्रवेश किया गया)

(व्यवधान)

          अध्यक्ष महोदय -- यह गलत है, यह बिना अनुमति के आए हैं. इसमें किसी की अनुमति नहीं है. इसमें आने की आवश्यकता नहीं है. आप क्या दिखाना चाहते हैं. (व्यवधान)

          श्री शिवराज सिंह चौहान -- 8 तारीख को असत्य अध्यादेश ले आए 27 प्रतिशत का, 8 तारीख से लेकर 19 तारीख तक जब तक स्टे हुआ. आपने एडवोकेट जनरल खड़ा नहीं किया. पिछड़े वर्ग को कमल नाथ जी ने धोखा दिया है. आपने धोखा दिया है. स्टे करवाया आपने. आपका एडवोकेट जनरल खड़ा नहीं हुआ. पिछड़े वर्ग की पीठ में छुरा घोंप रहे हो. 8 तारीख से लेकर 19 तारीख तक कमल नाथ जी आपने क्या किया यह बताओ. अगर दम है तो बताओ. 8 से 19 तक आपने क्या किया. (व्यवधान)

(भारतीय जनता पार्टी के सदस्यगण द्वारा अपने स्थान पर खड़े होकर नारेबाजी की गई)

          अध्यक्ष महोदय -- आप लोग बैठ जाइए. आगे कार्यवाही चलाने दीजिए. आप भी बैठ जाइए, हो गया आपका. अब तो देख लिया सबने. भई एक बार देख लिया लगातार अब इसकी आवश्यकता नहीं है. अब बैठ जाइए. आप लोग भी बैठ जाइए.  (व्यवधान)

          श्री शिवराज सिंह चौहान -- एडवोकेट जनरल खड़ा नहीं किया इन्होंने. तुमने स्टे करवाया. तुमने पिछड़ा वर्ग को धोखा दिया. पिछड़ा वर्ग की पीठ में छुरा घोंपने वाले यह लोग. यह बताओ कमल नाथ जी आपका एडवोकेट जनरल क्यों खड़ा नहीं हुआ, (XXX) करते हो. छुरा घोंपते हो, पाखंड करते हो. एप्रिन पहनकर आ गए यह. अरे (XXX) आनी चाहिए, (XXX) तुम लोगों ने किया है. आरक्षण नहीं दिया, कोर्ट में जाकर स्टे करवा दिया और अब यह (XXX) कर रहे हैं. (XXX)

          अध्यक्ष महोदय -- आप लोग अपनी सीट पर जाइए.

 

 

 

 

 

12.07 बजे                  अध्यादेश का पटल पर रखा जाना

 

  मध्यप्रदेश नगरपालिक विधि (संशोधन) अध्यादेश, 2021 (क्रमांक 13 सन् 2021)

 

          विधि और विधायी कार्य मंत्री (डॉ. नरोत्तम मिश्र) -- अध्यक्ष महोदय, मैं, भारत के संविधान के अनुच्छेद 213 की अपेक्षानुसार मध्यप्रदेश नगरपालिक विधि (संशोधन) अध्यादेश, 2021 (क्रमांक 13 सन् 2021) पटल पर रखता हूँ.

 

12.08 बजे                    पत्रों का पटल पर रखा जाना

 

(1)                जैव विविधता अधिनियम, 2002 (क्रमांक 18 सन् 2003)

          वन मंत्री (डॉ. कुंवर विजय शाह) -- अध्यक्ष महोदय, मैं, जैव विविधता अधिनियम, 2002 (क्रमांक 18 सन् 2003) के अधीन बनाये गये नियम की कंडिका 21 की उप कंडिका (3) की अपेक्षानुसार मध्यप्रदेश राज्य जैव विविधता बोर्ड का वार्षिक प्रतिवेदन वर्ष 2018-2019 पटल पर रखता हूँ.

(2)       मध्यप्रदेश वित्त निगम का 65 वां वार्षिक प्रतिवेदन वर्ष 2019-2020

          वित्त मंत्री (श्री जगदीश देवड़ा) -- अध्यक्ष महोदय, मैं, दि स्टेट फायनेंशियल कार्पोरेशन एक्ट, 1951 (क्रमांक 63 सन् 1951) की धारा 37 की उपधारा (7) की अपेक्षानुसार मध्यप्रदेश वित्त निगम का 65 वां वार्षिक प्रतिवेदन वर्ष 2019-2020 पटल पर रखता हूँ.

(3)          मध्यप्रदेश भवन एवं  अन्य  संनिर्माण  कर्मकार  कल्याण  मण्डल, भोपाल का  वार्षिक प्रतिवेदन वर्ष 2020-2021

 

          श्रम मंत्री (श्री बृजेन्द्र प्रताप सिंह) -- अध्यक्ष महोदय, मैं, भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार (नियोजन तथा सेवा-शर्तों का विनियमन)  अधिनियम, 1996 की धारा 27 की उपधारा (5) की अपेक्षानुसार मध्यप्रदेश भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल, भोपाल का वार्षिक प्रतिवेदन वर्ष 2020-2021 पटल पर रखता हूँ.

 

 

 

(4)       मध्यप्रदेश लघु उद्योग निगम मर्यादित, भोपाल का 57 वाँ वार्षिक प्रतिवेदन       वर्ष 2018-2019

 

          सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री (श्री ओमप्रकाश सखलेचा) -- अध्यक्ष महोदय, मैं, कंपनी अधिनियम, 2013 की धारा 394 की उपधारा (2) की अपेक्षानुसार मध्यप्रदेश लघु उद्योग निगम मर्यादित, भोपाल का 57 वाँ वार्षिक प्रतिवेदन वर्ष 2018-2019 पटल पर रखता हूँ.

(5)    म.प्र. प्लास्टिक पार्क डेव्हलपमेंट कार्पोरेशन लिमिटेड, भोपाल के अन्तिम लेख        वर्ष 2018-2019 (वर्ष समाप्ति 31 मार्च, 2019)

 

          औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन मंत्री (श्री राजवर्द्धन सिंह प्रेमसिंह दत्तीगांव) -- अध्यक्ष महोदय, मैं, कंपनी अधिनियम, 2013 (क्रमांक 18 सन् 2013) की धारा 395 की उपधारा (1) (ख) की अपेक्षानुसार म.प्र. प्लास्टिक पार्क डेव्हलपमेंट कार्पोरेशन लिमिटेड, भोपाल के अन्तिम लेखे  वर्ष 2018-2019 (वर्ष समाप्ति 31 मार्च, 2019) पटल पर रखता हूँ.

 

 

12.09 बजे

  फरवरी-मार्च 2021 सत्र  की प्रश्नोत्तरी तथा इसी सत्र के प्रश्नों के  अपूर्ण उत्तरों के पूर्ण उत्तरों का संकलन खण्ड-7 पटल पर रखा जाना.

 

 

12.10 बजे

 नियम 267-क के अधीन फरवरी-मार्च 2021 सत्र में सदन में पढ़ी गई  सूचनाओं तथा उनके उत्तरों का संकलन पटल पर रखा जाना.

 

 

12.10 बजे           राज्यपाल की अनुमति प्राप्त विधेयकों की सूचना

         

                                                                                     


 

व्‍यवधान...

12:10 बजे                         कार्यमंत्रणा समिति का प्रतिवेदन

 

 

 

प्रस्‍ताव स्‍वीकृत हुआ.

 

 (व्‍यवधान)..

 

 

 

 

 

 

 

12:11 बजे                           अध्‍यक्षीय घोषणा

(1) संसद के वृहत् पुस्‍तकालय का उपयोग देश के समस्‍त विधानमण्‍डलों के माननीय सदस्‍यगणों द्वारा किया जाना

 

(व्‍यवधान)..

 

 

(2) सम्‍माननीय विधायकगणों का आत्‍मीय सहभोज

          अध्‍यक्ष महोदय-- सम्‍माननीय विधायकगणों का आत्‍मीय सहभोज ''भारतीय जनता पार्टी'' के राष्‍ट्रीय महासचिव श्री कैलाश विजयवर्गीय एवं श्री आकाश विजयवर्गीय द्वारा सुनिश्चित किया गया है. कार्यक्रम स्‍थल विधान सभा का सेंट्रल हॉल, दिनांक 11.8.2021 निवेदक: रमेश मेंदोला, विधायक, क्षेत्र क्रमांक:205, इंदौर: 2

       (व्‍यवधान)..

 

 

 

 

 

 

 

12:12 बजे                                     ध्‍यानाकर्षण

           बालाघाट जिले में खाद की कमी होने से उत्‍पन्‍न स्थिति

 

          सुश्री हिना लिखीराम कावरे (लांजी)-- अध्‍यक्ष महोदय,

(व्‍यवधान)..

          श्री शिवराज सिंह चौहान-- अध्‍यक्ष महोदय, इन्‍होंने स्‍टे करवा दिया. कर क्‍या रहे थे वहां. नाटक करते हो नाटक (व्‍यवधान).. यह ढोंग नहीं चलेगा. नाटक कर रहे हो. कर क्‍या रहे थे? (व्‍यवधान)..

          श्री विश्‍वास सारंग-- माननीय अध्‍यक्ष महोदय, पाखण्‍ड की राजनीति इन्‍होंने की है. पिछड़ों को धोखा देने का काम कांग्रेस और कमलनाथ ने किया है. (व्‍यवधान)..

          अध्‍यक्ष महोदय--मंत्री जी आप अपना भाषण पढ़ें. कृपया कर सभी अपनी सीट पर जाएं. (व्‍यवधान)..

          किसान कल्‍याण तथा कृषि विकास मंत्री (श्री कमल पटेल)-- अध्‍यक्ष महोदय,

                                                                         


 

...(व्‍यवधान)...

          श्री कमलेश्‍वर  पटेल (सिहावल)-  माननीय अध्‍यक्ष महोदय, अभी मुख्‍यमंत्री जी बोल रहे थे कि 27 % आरक्षण लागू करने के बाद कांग्रेस पार्टी ने उसे रूकवाया. मैं बताना चाहूंगा कि सच बात तो यह है कि एडिशनल एडवोकेट जनरल ने सरकार का बयान उच्‍च न्‍यायालय में दिया है, सरकार की तरफ से प्रस्‍ताव रखा है कि बढ़ा हुआ    13 % आरक्षण वापस लिया जाये और जब तक न्‍यायालय में यह याचिका चल रही है, तब तक इस पर रोक लगाई जाये, यह सरकार का वक्‍तव्‍य है, शिवराज सिंह चौहान का वक्‍तव्‍य है, ये इसे स्‍पष्‍ट करें.

          श्री इन्‍दर सिंह परमार-  (xxx)

 

          अध्‍यक्ष महोदय-  यह नहीं लिखा जायेगा. हिना जी आप अपना प्रश्‍न करें, आपकी आवाज आ रही है.

          सुश्री हिना लिखीराम कावरे-  माननीय अध्‍यक्ष महोदय मैं मंत्री जी से पूछना चाहती हूं कि आप यूरिया सोसायटी में 50% और प्राइवेट सेक्‍टर में 50 % दे रहे हैं. डी.ए.पी. 75 और 25 % दे रहे हैं.

...(व्‍यवधान)...

          नगरीय विकास एवं आवास मंत्री (श्री भूपेन्‍द्र सिंह)माननीय अध्‍यक्ष महोदय, एक साल तक कोई नहीं गया, केवल लोकसभा चुनाव में वोट मिल जाये इसलिए पिछड़ों के नाम पर यह (XXX) कर रहे हैं. इनका कोई नेता पिछड़ों के साथ आज तक खड़ा नहीं हुआ है, न्‍यायालय में एक अधिवक्‍ता खड़ा नहीं हुआ.

...(व्‍यवधान)...

          अध्‍यक्ष महोदय-  कमल पटेल जी, आप बैठ जायें आपकी आवाज नहीं आ रही है. कोई नगरीय विकास एवं आवास मंत्री जी को बैठाये.

...(व्‍यवधान)...

          अध्‍यक्ष महोदय-  आज की कार्यसूची के पद-7 ''नियम 138 (1) के अधीन ध्‍यान आकर्षण'' अंतर्गत क्रमांक 2 पर अंकित सूचना को सूचनाकर्ता सदस्‍य द्वारा आगामी दिनांक 12 अगस्‍त, 2021 को लिये जाने का अनुरोध किया गया है.

मैं इसकी अनुमति प्रदान करता हूं.

 

...(व्‍यवधान)...

 

          श्री कमलेश्‍वर  पटेल-  माननीय अध्‍यक्ष महोदय, ये पिछड़ों की आवाज को नहीं दबा सकते. शिवराज सिंह जी ने 15 साल सरकार चलाई है. क्‍यों‍ नहीं, उन्‍होंने पिछड़ा वर्ग के आरक्षण की पैरवी की. हमारी सरकार बनी तो हमने 27 % आरक्षण दिया जबकि भारतीय जनता पार्टी के लोगों ने माननीय उच्‍च न्‍यायालय में जाकर उस पर रोक लगाने का काम किया है और सरकार की ओर से वहां वक्‍तव्‍य दिया गया.

...(व्‍यवधान)...

 

          श्री कमलेश्‍वर पटेल-  सरकार ने माननीय न्‍यायालय में कहा है कि बढ़ा हुआ 13% आरक्षण वापस किया जाये. ये लोग पूरी तरह से एस.सी./एस.टी. के लोगों को कुचलना चाहते हैं. जिन एस.सी./एस.टी./ओ.बी.सी. के बच्‍चों ने एम.पी.पी.एस.सी. की परीक्षा दी है ,पिछड़ा वर्ग की आबादी को दबाने का काम यह सरकार कर रही है.

...(व्‍यवधान)...

 

          श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर-  ओ.बी.सी. के साथ अन्‍याय करने वाले लोग दूसरों पर आरोप लगा रहे हैं. 

 

...(व्‍यवधान)...

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

12.16 बजे

अनुपस्थिति की अनुज्ञा

 

 

12.18 बजे

सभापति तालिका की घोषणा

         

...(व्‍यवधान)...

 

          श्री कमलेश्‍वर  पटेल-  माननीय अध्‍यक्ष महोदय, 27 प्रतिशत आरक्षण कांग्रेस द्वारा लागू किया गया था, उसका गजट नोटिफिकेशन भी हो गया था. न्‍यायालय में हमारी सरकार द्वारा पक्ष रखा गया, जिसकी वजह से 13 प्रतिशत बढ़ा हुआ आरक्षण वापस हो गया.

          इस आरक्षण को रोकने के लिए पूरी तरह से मध्‍यप्रदेश की सरकार और मुख्‍यमंत्री शिवराज सिंह जिम्‍मेदार हैं, भाजपा के नेता जिम्‍मेदार हैं, वे नहीं चाहते कि 27 प्रतिशत ओ.बी.सी. को आरक्षण मिले.

 

 

 

 

 

 

 

 

 

12.19 बजे

प्रतिवेदनों की प्रस्‍तुति

(1) याचिका समिति का याचिकाओं से संबंधित प्रथम एवं द्वितीय  प्रतिवेदन तथा अभ्यावेदनों से संबंधित दशम्, ग्यारहवां, बारहवां, तेरहवां एवं चौदहवां प्रतिवेदन

 

            श्री यशपाल सिंह सिसौदिया (सभापति)- माननीय अध्‍यक्ष महोदय, मैं, याचिका समिति का याचिकाओं से संबंधित प्रथम एवं द्वितीय  प्रतिवेदन तथा अभ्यावेदनों से संबंधित दशम्, ग्यारहवां, बारहवां, तेरहवां एवं चौदहवां प्रतिवेदन प्रस्‍तुत करता हूं.

(2) प्रत्यायुक्त विधान समिति का प्रथम प्रतिवेदन

          श्रीमती गायत्री राजे पवार (सभापति)- माननीय अध्‍यक्ष महोदय, मैं, प्रत्यायुक्त विधान समिति का प्रथम प्रतिवेदन प्रस्‍तुत करती हूं.  

...(व्‍यवधान)...

(3) सरकारी उपक्रमों संबंधी समिति का बीसवां से छब्बीसवां प्रतिवेदन

          श्री गौरीशंकर चतुर्भुज बिसेन (सभापति)- माननीय अध्‍यक्ष महोदय, मैं, सरकारी उपक्रमों संबंधी समिति का बीसवां से छब्बीसवां प्रतिवेदन प्रस्‍तुत करता हूं.  

...(व्‍यवधान)...

          श्री कमलेश्‍वर  पटेल-  भाजपा के लोगों की वजह से, लगातार इनकी वजह से पिछड़ा वर्ग के लोग प्रताडि़त हो रहे हैं. पहले परीक्षा देने के बाद जो लोग अपग्रेड हो जाते थे, आज उनको पीछे कर दिया गया. उनकी भर्ती नहीं हो पा रही है. आज उनको रोकने का काम हो रहा है.        

 (4) शासकीय आश्वासनों संबंधी समिति का प्रथम प्रतिवेदन

          श्री जालम सिंह पटेल (सभापति)- माननीय अध्‍यक्ष महोदय, मैं, शासकीय आश्वासनों संबंधी समिति का प्रथम प्रतिवेदन प्रस्‍तुत करता हूं.

 

 

(व्‍यवधान)

 

 

 

5.                            नियम समिति का प्रथम प्रतिवेदन

          श्री पारसचन्‍द्र जैन, सभापति:- अध्‍यक्ष महोदय, मैं, मध्‍यप्रदेश विधान सभा के प्रक्रिया तथा कार्य सचालन संबंधी नियमावली के नियम 231 के उपनियम(3) के अधीन नियम समिति का प्रथम प्रतिवेदन पटल पर रखता हूं.

(व्‍यवधान)

6.       पटल पर रखे गये पत्रों का परीक्षण करने संबंधी समिति का प्रथम प्रतिवेदन एवं द्वितीय (कार्यान्‍वयन) प्रतिवेदन

          श्री पंचूलाल प्रजापति, सभापति:- अध्‍यक्ष महोदय, मैं, पटल पर रखे गये पत्रों का परीक्षण करने संबंधी समिति का प्रथम प्रतिवेदन एवं द्वितीय (कार्यान्‍वयन) प्रतिवेदन पटल पर रखता हूं.

(व्‍यवधान)

 

          श्री कमलेश्‍वर पटेल:- यदि इतने हिमायती थे तो... (व्‍यवधान) हमने एक समिति बनायी थी जिसने पिछड़ा वर्ग को आरक्षण देने का काम किया था... (व्‍यवधान) सामान्‍य वर्ग को भी दिया था, पर उसमें रोक नहीं लगायी. परन्‍तु पिछड़े वर्ग का 27 प्रतिशत आरक्षण घटाकर 14 प्रतिशत....( व्‍यवधान)

          ....( व्‍यवधान)..

7.       प्रश्‍न एवं संदर्भ समिति का द्वितीय, तृतीय, चतुर्थ, पंचम्, षष्‍ठम्, सप्‍तम् (कार्यान्‍वयन) प्रतिवेदन

          श्री केदारनाथ शुक्‍ल, सभापति:- अध्‍यक्ष महोदय, मैं, प्रश्‍न एवं संदर्भ समिति का द्वितीय, तृतीय, चतुर्थ, पंचम्,  षष्‍ठम्, सप्‍तम्(कार्यान्‍वयन) प्रतिवेदन प्रस्‍तुत करता हूं.

(व्‍यवधान)

8.       महिलाओं एवं बालकों के कल्‍याण संबंधी समिति का चतुर्थ, पंचम् एवं षष्‍ठम्                         (कार्यान्‍वयन) प्रतिवेदन

          श्रीमती मालिनी लक्ष्‍मण सिंह गौड़, सभापति:- अध्‍यक्ष महोदय, मैं, महिलाओं एवं बालकों के कल्‍याण संबंधी समिति का चतुर्थ, पंचम् एवं षष्‍ठम् प्रतिवेदन प्रस्‍तुत करती हूं.          

          श्री कमलेश्‍वर पटेल:- उसके लिये पूरी तरह से भारतीय जनता पार्टी की सरकार जिम्‍मेदार है...(व्‍यवधान) माननीय अध्‍यक्ष महोदय, इस सरकार के मुख्‍यमंत्री से निवेदन है कि जो इन्‍होंने माननीय उच्‍च न्‍यायालय में सरकार का अभिमत दिया है... (व्‍यवधान)

9.       कृषि विकास समिति का प्रथम प्रतिवेदन एवं प्रथम( कार्यान्‍वयन) प्रतिवेदन

          श्री बहादुर सिंह चौहान, सभापति:- अध्‍यक्ष महोदय, मैं, कृषि विकास समिति का प्रथम प्रतिवेदन एवं प्रथम (कार्यान्‍वयन) प्रतिवेदन प्रस्‍तुत करता हूं.

 

 

12.21 बजे                          याचिकाओं की प्रस्‍तुति

 

          अध्‍यक्ष महोदय:- आज की कार्यसूची में सम्मिलित सभी माननीय सदस्‍यों की याचिकाएं प्रस्‍तुत की हुई मानीं जाएगी.

 

 

12.22 बजे                                 वक्‍तव्‍य

 

  दिनांक 9 मार्च, 2021 को पूछे गये तारांकित प्रश्‍न संख्‍या 20(क्रमांक 3771) के  उत्‍तर में संशोधन करने के संबंध में किसान कल्‍यायण तथा कृषि मंत्री का वक्‍तव्‍य.

          अध्‍यक्ष महोदय:- श्री कमल पटेल, किसान कल्‍याण तथा कृषि विकास मंत्री, का दिनांक 9 मार्च, 2021 को पूछे गये तारांकित प्रश्‍न संख्‍या 20(क्रमांक 3771) के उत्‍तर में संशोधन करने के संबंध में वक्‍तव्‍य पढ़ा हुआ माना जायेगा.

(व्‍यवधान)

          श्री कमलेश्‍वर पटेल:- अध्‍यक्ष महोदय, हमें बहुत उम्‍मीद है...( व्‍यवधान) आप आसंदीसे निर्देशित करिये, आसंदी से व्‍यवस्‍था बनाइये, सरकार ने उच्‍च न्‍यायालय में वक्‍तव्‍य दिया है. (व्‍यवधान) ऐसा वक्‍तव्‍य दें, पुनर्वलोकन के लिये बयान दें, वहां पर सरकार की तरफ से वक्‍तव्‍य जाये, जिसकी वजह से बढ़ा हुआ आरक्षण रूक गया है्.

 

 

 

 

12.22 बजे

          वर्ष 2021-2022 के प्रथम अनुपूरक अनुमान का उप‍स्‍थापन

          वित्‍त मंत्री( श्री जगदीश देवड़ा):- अध्‍यक्ष महोदय, मैं, राज्‍यपाल महोदय के निर्देशानुसार वर्ष 2021-2022 के प्रथम अनुपूरक अनुमान का उपस्‍थापन करता हूं.

          अध्‍यक्ष महोदय:- मैं, इस प्रथम अनुपूरक अनुमान पर चर्चा और मतदान के लिये दिनांक 11 अगस्‍त 2021 को 2 घण्‍टे का समय नियत करता हूं.

 

12.23 बजे

अध्‍यक्षीय घोषणा

          अध्‍यक्ष महोदय:- आज की कार्यसूची के पद - 14, '' शासकीय विधि विषयक कार्य'' में उल्लिखित विधेयकों की महत्‍ता एवं उपादेयता को दृष्टिगत रखते हुए, मैंने, उन्‍हें आज ही पुर:स्‍थापित किये जाने तथा विचार में लिये जाने की अनुमति प्रदान की है.

          मैं समझता हूं कि सदन इससे सहमत है.

                                                              सदन द्वारा सहमति प्रदान की गयी.

 

(व्‍यवधान)

          श्री कमलेश्‍वर पटेल:- माननीय अध्‍यक्ष महोदय, पिछड़े वर्ग के लिये जितनी योजनाएं संचालित थीं, वह सारी योजनाएं बंद हो गयी हैं. मेरा आपसे निवेदन है कि आप निर्देशित करें. मुख्‍यमंत्री जी..(व्‍यवधान) आपका वक्‍तव्‍य है..(व्‍यवधान)

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

12.24 बजे                     शासकीय विधि विषयक कार्य.

 

1.       मध्‍यप्रदेश विनियोग अधिनियम(निरसन) विधेयक, 2021( क्रमांक 22 सन्        2021) का पुर:स्‍थापन

          विधि और विधायी कार्य मंत्री(डॉ. नरोत्‍तम मिश्र):- अध्‍यक्ष महोदय, मैं, मध्‍यप्रदेश विनियोग अधिनियम (निरसन) विधेयक, 2021 के पुर:स्‍थापन की अनुमति चाहता हूं.

          अध्‍यक्ष महोदय:- प्रश्‍न यह है कि मध्‍यप्रदेश विनियोग अधिनियम(निरसन) विधेयक, 2021 के पुर:स्‍थापन की अनुमति दी जाय.

                                                                             अनुमति प्रदान की गई.

          डॉ.नरोत्‍तम मिश्र:- अध्‍यक्ष महोदय, मैं, मध्‍यप्रदेश विनियोग अधिनियम (निरसन) विधेयक, 2021 का पुर:स्‍थापन करता हूं.

(व्‍यवधान)

          श्री कमलेश्‍वर पटेल:- अध्‍यक्ष महोदय, आपके माध्‍यम से मेरा निवेदन है कि.. (व्‍यवधान).. 13 प्रतिशत आरक्षण पर रोक लगाने के लिये..(व्‍यवधान)..

 

 

 

2.       मध्‍यप्रदेश संशोधन अधिनियमों का (निरसन) विधेयक, 2021( क्रमांक 23 सन् 2021) का पुर:स्‍थापन

          विधि और विधायी कार्य मंत्री(डॉ. नरोत्‍तम मिश्र):- अध्‍यक्ष महोदय, मैं, मध्‍यप्रदेश संशोधन अधिनियमों का (निरसन) विधेयक, 2021 के पुर:स्‍थापन की अनुमति चाहता हूं.

          अध्‍यक्ष महोदय:- महोदय:- प्रश्‍न यह है कि मध्‍यप्रदेश संशोधन अधिनियमों का (निरसन) विधेयक, 2021 के पुर:स्‍थापन की अनुमति दी जाय.

                                                                             अनुमति प्रदान की गई.

          डॉ.नरोत्‍तम मिश्र:- अध्‍यक्ष महोदय, मैं, मध्‍यप्रदेश संशोधन अधिनियमों का (निरसन) विधेयक, 2021 का पुर:स्‍थापन करता हूं.

 

 

 

 (3) मध्यप्रदेश नगरपालिक विधि (संशोधन) विधेयक, 2021(क्रमांक 24 सन् 2021) का पुरःस्थापन 

          नगरीय विकास और आवास मंत्री (श्री भूपेन्द्र सिंह)-- अध्यक्ष महोदय, मैं, मध्यप्रदेश नगर पालिक विधि (संशोधन) विधेयक, 2021 के पुरःस्थापन की अनुमति चाहता हूं.

          अध्यक्ष महोदय--प्रश्न यह है कि मध्यप्रदेश नगर पालिक विधि (संशोधन) विधेयक, 2021 के पुरःस्थापन की अनुमति दी जाए.

                                                                            

                                                                                                            अनुमति प्रदान की गई

          नगरीय विकास और आवास मंत्री (श्री भूपेन्द्र सिंह)--अध्यक्ष महोदय, मैं मध्यप्रदेश नगरपालिक विधि (संशोधन) विधेयक, 2021का पुरःस्थापन करता हूं.

(व्यवधान)

          श्री कमलेश्वर पटेल--ओ.बी.सी.को आरक्षण देना होगा. आप प्रदेश की 52 प्रतिशत ओ.बी.सी.आबादी का अनादर नहीं कर सकते. आपको पिछड़ा वर्ग को आरक्षण देना होगा. जो 27 प्रतिशत आरक्षण था आपकी सरकार की तरफ से जो वक्तव्य न्यायालय में दिया गया है उसकी वजह से आरक्षण रूक गया है आप अध्ययन कर लीजिये. यह सरकार की वजह से रूका है. आप सदन को गुमराह मत करिये. आप 15 साल से मुख्यमंत्री रहे. आपने 15 साल सरकार चलाई है आपने कभी भी पिछड़ा वर्ग को आरक्षण देने की पहल नहीं की है. (व्यवधान) कभी भी आरक्षण देने की पहल नहीं की है. पहले भी इसको हमारी सरकार ने लागू किया था. दोबारा हमारी सरकार बनी हमारी सरकार ने 27 प्रतिशत आरक्षण को लागू किया. आपकी सरकार की तरफ से न्यायालय में जाने का अभियान चलाया गया जिसकी वजह से 15 प्रतिशत आरक्षण रोकने की कार्यवाही हो गई. आज हमारे पिछड़ा वर्ग के लोग परेशान हैं. आपसे मेरा आग्रह है कि न्यायालय में जो वक्तव्य दिया है उसमें सुधार करें तथा सरकार उसकी पैरवी करे. (व्यवधान) हम लोग नहीं चाहते थे कि (व्यवधान) न ही लोक सभा चुनाव के लिये था न ही हमारी इसकी मंशा थी. आपकी गलतियों की वजह से गलत जवाब दिया. (व्यवधान) आप इसकी व्यवस्था बनायें. आप आरक्षण को लागू करवायें.  

 

 

 

(4)महात्मा गांधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक, 2021(क्रमांक 25 सन् 2021) का पुरःस्थापन

          उच्च शिक्षा मंत्री (डॉ.मोहन यादव)--अध्यक्ष महोदय, मैं, महात्मा गांधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक, 2021 का पुरःस्थापन की अनुमति चाहता हूं.

          अध्यक्ष महोदय--प्रश्न यह है कि मैं, महात्मा गांधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक, 2021 के पुरःस्थापन की अनुमति दी जाय.

                                                                             अनुमति प्रदान की गई

 

          डॉ.मोहन यादव--अध्यक्ष महोदय, मैं, महात्मा गांधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक, 2021 का पुरःस्थापन करता हूं.

          श्री कमलेश्वर पटेल-- अध्यक्ष महोदय, न्यायालय में जो सरकार ने गलत बयान दिया है जिसकी वजह से पिछड़ा वर्ग के नौजवान भारी परेशान हो रहे हैं. आज बी.एस.सी हो अथवा जो भी परीक्षाएं हो रही हैं उनमें आरक्षण का पालन बिल्कुल नहीं हो रहा है. पढ़े लिखे बच्चे चाहे एस.सी.एस.टी के हों अथवा पिछड़ा वर्ग के वह अपग्रेड नहीं हो रहे हैं. (व्यवधान) सरासर अन्याय हो रहा है. जिस तरह से आप संवैधानिक खिल्ली उड़ाने का काम कर रहे हैं. एस.सी.एस.टी. ओ.बी.सी के लोगों को परेशान करने का काम कर रहे हैं. (व्यवधान) सदन के अंदर तथा बाहर लोगों को जगाने का काम करेंगे. यह सड़क पर भी करेंगे. यह जो शुरूआत आज हुई है, यह आगे बंद होने वाली नहीं है. इसमें सरकार की तरफ से जो बयान दिया गया है. (व्यवधान) आपने अच्छे से पैरवी नहीं की इसकी वजह से वह वापस हो गया. उसके बाद आपने एक भी बार कोई प्रयास नहीं किया कि पिछड़े वर्ग को आरक्षण दिया जाये. जब दोबारा हमारी सरकार ने इसको लागू किया तब भी (व्यवधान) मध्यप्रदेश की सरकार खिल्ली उड़ाने का काम कर रही है.  

 

 

 

 

 

 

 

 

 

(5)मध्यप्रदेश आबकारी (संशोधन) विधेयक, 2021 (क्रमांक 26 सन् 2021) का पुरःस्थापन

          वाणिज्यिक कर मंत्री (श्री जगदीश देवड़ा)-- अध्यक्ष महोदय, मैं, मध्यप्रदेश आबकारी (संशोधन) विधेयक, 2021 के पुरःस्थापन की चाहता हूं.

          अध्यक्ष महोदय--प्रश्न यह है कि मध्यप्रदेश आबकारी (संशोधन) विधेयक, 2021 के पुरःस्थापन की अनुमति दी जाए.

                                                                                      अनुमति प्रदान की गई

         

          श्री जगदीश देवड़ा-- अध्यक्ष महोदय, मैं, मध्यप्रदेश आबकारी (संशोधन) विधेयक, 2021 का पुरःस्थापन करता हूं.

(6)मध्यप्रदेश माल और सेवा कर (संशोधन) विधेयक, 2021(क्रमांक 27 सन् 2021) का पुरःस्थापन

          वाणिज्यिक कर मंत्री (श्री जगदीश देवड़ा)--अध्यक्ष महोदय, मैं, मध्यप्रदेश माल और सेवा कर (संशोधन) विधेयक, 2021 के पुरःस्थापन की अनुमति चाहता हूं.

          अध्यक्ष महोदय--प्रश्न यह है कि मध्यप्रदेश माल और सेवा कर (संशोधन) विधेयक, 2021 के पुरःस्थापन की अनुमति दी जाए.

 

                  

                                                                             अनुमति प्रदान की गई

 

          श्री जगदीश देवड़ा-- अध्यक्ष महोदय, मैं, मध्यप्रदेश माल और सेवा कर (संशोधन) विधेयक, 2021 का पुरःस्थापन करता हूं.

 

 

 

 

 

 

          डॉ.नरोत्तम मिश्र--अध्यक्ष महोदय, मैं प्रस्ताव करता हूं कि मध्यप्रदेश विनियोग अधिनियम (निरसन) विधेयक, 2021 पारित किया जाय.

          अध्यक्ष महोदय--प्रस्ताव प्रस्तुत हुआ कि मध्यप्रदेश विनियोग अधिनियम (निरसन) विधेयक, 2021 पारित किया जाय.

          अध्यक्ष महोदय--प्रश्न यह है कि मध्यप्रदेश विनियोग अधिनियम (निरसन) विधेयक, 2021 पारित किया जाय.

                                                                             प्रस्ताव स्वीकृत हुआ

                                                                             विधेयक पारित हुआ

 

 

 (8)मध्यप्रदेश संशोधन अधिनियमों का (निरसन) विधेयक, 2021(क्रमांक 23 सन् 2021)

          विधि और विधायी कार्य मंत्री,(डॉ.नरोत्तम मिश्र)--अध्यक्ष महोदय, मैं प्रस्ताव करता हूं कि मध्यप्रदेश संशोधन अधिनियमों का (निरसन) विधेयक, 2021 पर विचार किया जाय.

          अध्यक्ष महोदय--प्रस्ताव प्रस्तुत हुआ कि मध्यप्रदेश संशोधन अधिनियमों का (निरसन) विधेयक, 2021 पर विचार किया जाय.

          अध्यक्ष महोदय--प्रश्न यह है कि मध्यप्रदेश संशोधन अधिनियमों का (निरसन) विधेयक, 2021 पर विचार किया जाय.

 

                                                                                      प्रस्ताव स्वीकृत हुआ

          अध्यक्ष महोदय--अब विधेयक के खण्डों पर विचार होगा.

                             प्रश्न यह है कि खण्ड 2,3 तथा अनुसूची इस विधेयक का अंग बने

                                                खण्ड 2, 3 तथा अनुसूची इस विधेयक का अंग बने

          अध्यक्ष महोदय--प्रश्न यह है कि खण्ड 1 इस विधेयक का अंग बने.

                                                खण्ड 1 इस विधेयक का अंग बना

          अध्यक्ष महोदय--प्रश्न यह है कि पूर्ण नाम तथा अधिनियमन सूत्र विधेयक का अंग बने.

 

                                                पूर्ण नाम तथा अधिनियमन सूत्र विधेयक का अंग बने.

            डॉ.नरोत्तम मिश्र--अध्यक्ष महोदय, मैं, प्रस्ताव करता हूं कि मध्यप्रदेश संशोधन अधिनियमों का (निरसन) विधेयक, 2021 पारित किया जाय.

          अध्यक्ष महोदय--प्रस्ताव प्रस्तुत हुआ कि मध्यप्रदेश संशोधन अधिनियमों का (निरसन) विधेयक, 2021 पारित किया जाय.

          अध्यक्ष महोदय--प्रश्न यह है कि मध्यप्रदेश संशोधन अधिनियमों का (निरसन) विधेयक, 2021 पारित किया जाय.

                                                                   प्रस्ताव स्वीकृत हुआ

                                                                   विधेयक पारित हुआ

                                                                                                               

 (इंडियन नेशनल कांग्रेस के सदस्‍यगण द्वारा गर्भ गृह में नारेबाजी की जाती रही.)

          श्री कमलेश्‍वर पटेल - (...जारी) मंत्री मंडल के लोग कर रहे हैं, भाजपा के नेता कर रहे हैं, (...व्‍यवधान) मेरा निवेदन है, एससी, एसटी, ओबीसी के साथ अन्‍याय बंद करिए. नौजवान बहुत परेशान है. नौकरियों में भर्ती नहीं हो रही है, आउटसोर्स से भर्तियां  हो रही हैं(...व्‍यवधान) सारे के सारे जनरल कैटेगरी के लोगों की भर्ती हो रही है. एससी, एसटी के लोग भारी परेशान है. आप उनको नाराज कर रहे हैं(...व्‍यवधान) ..आप नहीं करेंगे, भगवान (...व्‍यवधान) एससी, एसटी की विरोध सरकार (...व्‍यवधान) माननीय मुख्‍यमंत्री जी, मेरा फिर से निवेदन है (...व्‍यवधान) ये आपकी नैतिक जिम्‍मेदारी है, गजट नोटिफिकेशन भी 08 मार्च 2019 को हो गया था.... लोकसभा के नाम से ये बोलते हैं, ये बिल्‍कुल गलत बात है.

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

(9) मध्‍यप्रदेश नगरपालिका विधि(संशोधन) विधेयक, 2021(क्रमांक 24 सन् 2021)

 

 

 

         

          श्री कमलेश्‍वर पटेल - हमारी सरकार की हमारे नेताओं की मंशा बहुत स्‍पष्‍ट थी. 27 प्रतिशत (...व्‍यवधान) आरक्षण देंगे, केन्‍द्र ने भी दिया है...पढ़ाई के लिए दिया था, जब माननीय अर्जुन सिंह जी, मुख्‍यमंत्री थे तो भी योजना लागू की है, पिछड़ा वर्ग के लिए (...व्‍यवधान) जो आरक्षण देने की बात हुई थी... भारतीय जनता पार्टी ने दबाने का काम किया है. आप बोलते हैं मंत्रीमंडल... मंत्रीमंडल क्‍या होता है, उसको अधिकार विहीन बना दिया है, जितने भी आपने एससी, एसटी, ओबीसी के मंत्री बनाए हैं, वे सारे अधिकार विहीन है, संख्‍या से कुछ नहीं होता कि आपने इतने मंत्री बना दिए और उनके पास कोई अधिकार नहीं है, परेशान हैं, ...सब अपने अंदर रोते हैं, दुखी होते हैं कि हमें कोई अधिकार नहीं दिया. अध्‍यक्ष महोदय, मेरा आपसे निवेदन है कि पिछड़ा वर्ग का 27 प्रतिशत दिया है, उसको बढ़ाने की व्‍यवस्‍था कीजिए और जो एमपी-पीएससी से जो बच्‍चे सेलेक्‍ट हो रहे हैं, जो अच्‍छे पढ़ने वाले बच्‍चे हैं, जैसे पहले व्‍यवस्‍था थी, उसको अपडेट कीजिए(...व्‍यवधान) (कांग्रेस के सदस्‍गण द्वारा गर्भगृह में वंदे मातरम के नारे लगाते रहे)

         



        श्री कमलेश्‍वर पटेल -
आज यह स्थिति हो गई है एमपी-पीएससी इंटरव्‍यू में एस.सी. के बच्‍चे का अलग इंटरव्‍यू लेंगे, ओबीसी के बच्‍चों का अलग इंटरव्‍यू लेंगे.... (...व्‍यवधान) ये कौन सा नियम है. जब एक परीक्षा में बैठते हैं और एक साथ सभी का रोल नंबर जारी होता है तो आपने ये ऐसी व्‍यवस्‍था कर दी ...आज विभाजन ... बच्‍चों में निराशा है, निराशा के जिम्‍मेदार मध्‍यप्रदेश सरकार के मुख्‍यमंत्री और उनके मंत्रीमंडल के साथी हैं(...व्‍यवधान) आप 15-16 साल से सत्‍ता पर है पर आपने सत्‍ता का दुरूपयोग किया, ..आवाज दबाने का काम किया ये पूरी तरह से अन्‍याय है. आप पढ़े लिखे एससी, एसटी, ओबीसी और पढ़े लिखे नौजवानों के साथ अन्‍याय नहीं कर सकते, कोई भर्ती नहीं हो रही है, जो शिक्षक भर्ती हो गए हैं, उनकी ज्‍वाइनिंग नहीं हो रही है, कहीं भर्ती नहीं हो रही है, परीक्षा की डेट बढ़ती जा रही है. आज छात्र बहुत परेशान है. कई लोग मिलते रहते हैं, मेरा अध्‍यक्ष जी के माध्‍यम से मुख्‍यमंत्री जी से निवेदन है कि (...व्‍यवधान) ....आपने न्‍यायालय में दिलवाया है, उसको वापस लीजिए, उस पर रोक लगाईए, (...व्‍यवधान) हमारी कमल नाथ सरकार ने आरक्षण बढ़वाया था, उसको वापस कीजिए ये आपकी नैतिक जिम्‍मेदारी है. (...व्‍यवधान) कांग्रेस के सदस्‍यगण भारत माता जी की जय के नारे लगाते रहे. ओबीसी का बढ़ा हुआ आरक्षण वापस करो..... माननीय न्‍यायालय में जो सरकार का वक्‍तव्‍य दिया गया हुआ है बढ़ा हुआ आरक्षण रोक लगाने की उसको तत्‍काल वापस लेना चाहिए, वापस लो. पिछड़ा वर्ग को आरक्षण दीजिए, ..परेशान है एससी, एसटी, ओबीसी के बच्‍चों के साथ (...व्‍यवधान) कोई सुनवाई नहीं है पिछड़ा वर्ग और एससी, एसटी नौजवानों की .... (...व्‍यवधान)

 

(इण्डियन नेशनल कांग्रेस के सदस्‍यगण द्वारा एप्रिन पहनकर गर्भगृह में लगातार नारेबाजी की जाती रही.)

(...व्‍यवधान...)

          श्री कमलेश्‍वर पटेल - अध्‍यक्ष महोदय, पिछड़े वर्ग और एससी, एसटी वर्ग के नौजवानों की कोई सुनवाई नहीं हो रही है. (...व्‍यवधान...) उन्‍हें सरकारी नौकरियों में, आउटसोर्सिंग में कोई आरक्षण नहीं दिया जा रहा है (...व्‍यवधान...) यह पूरी तरह से एससी, एसटी के लोगों के साथ अन्‍याय है. इसके लिए पूरी तरह से सरकार को प्रयास करना चाहिए. आप गलतियों को सुधारिये. आपको 16 वर्ष से ज्‍यादा हो गया है. (...व्‍यवधान...)

 

 

                  

(11) मध्‍यप्रदेश आबकारी (संशोधन) विधेयक, 2021 (क्रमांक 26 सन् 2021)

          वाणिज्यिक कर मंत्री (श्री जगदीश देवड़ा) - अध्‍यक्ष महोदय, मैं,  प्रस्‍ताव करता हूँ कि मध्‍यप्रदेश आबकारी (संशोधन) विधेयक, 2021 पर विचार किया जाए.

          अध्‍यक्ष महोदय - प्रस्‍ताव प्रस्‍तुत हुआ कि मध्‍यप्रदेश आबकारी (संशोधन) विधेयक, 2021 पर विचार किया जाए.

          प्रश्‍न यह है कि मध्‍यप्रदेश आबकारी (संशोधन) विधेयक, 2021 पर विचार किया जाए.

प्रस्‍ताव स्‍वीकृत हुआ.

          अब विधेयक के खण्‍डों पर विचार होगा.

          प्रश्‍न यह है कि खण्‍ड 2 से 10 इस विधेयक का अंग बने.

खण्‍ड 2 से 10 इस विधेयक के अंग बने.

          प्रश्‍न यह है कि खण्‍ड 1 इस विधेयक का अंग बने.

खण्‍ड 1 इस विधेयक का अंग बना.

          प्रश्‍न यह है कि पूर्ण नाम तथा अधिनियमन सूत्र विधेयक का अंग बने.

पूर्ण नाम तथा अधिनियमन सूत्र विधेयक के अंग बने.

...(व्‍यवधान)...

          श्री जगदीश देवड़ा - अध्‍यक्ष महोदय, मैं, प्रस्‍ताव करता हूँ कि मध्‍यप्रदेश आबकारी (संशोधन) विधेयक, 2021 पारित किया जाए.  

          अध्‍यक्ष महोदय - प्रस्‍ताव प्रस्‍तुत हुआ कि मध्‍यप्रदेश आबकारी (संशोधन) विधेयक, 2021 पारित किया जाए.

          प्रश्‍न यह है कि मध्‍यप्रदेश आबकारी (संशोधन) विधेयक, 2021 पारित किया जाए.

प्रस्‍ताव स्‍वीकृत हुआ 

विधेयक पारित हुआ.

...(व्‍यवधान)...

            श्री कमलेश्‍वर पटेल - पिछड़ा वर्ग के तीन-तीन मुख्‍यमंत्री बन गए हैं, पर पिछड़े वर्ग के कल्‍याण के लिए कोई काम नहीं किया गया. ओबीसी, एससी और एसटी के विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति दी, उसमें भी कटौती शुरू हो गई. बच्‍चे परेशान हैं. यह कौन देखेगा ? यह आपकी जिम्‍मेदारी है. आप उस वर्ग से आते हैं. आप यह कह दीजिये कि हमारी कोई जिम्‍मेदारी नहीं है (...व्‍यवधान...) ओबीसी को आरक्षण देना होगा, देना होगा. माननीय मुख्‍यमंत्री जी, आपको ओबीसी को 27 प्रतिशत आरक्षण देना होगा, देना होगा. पिछड़ा वर्ग के साथ अन्‍याय नहीं सहेंगे, नहीं सहेंगे. 27 प्रतिशत बढ़ा हुआ आरक्षण लागू करो, लागू करो. मंडी न्‍यायालय में जो सरकार ने वक्‍तव्‍य दिया है, उसको वापस लो, वापस लो. (...व्‍यवधान...) बढ़े हुआ आरक्षण पर जो वक्‍तव्‍य आपने दिया है, उसको तत्‍काल वापस लो. (...व्‍यवधान...)

 

(12) मध्‍यप्रदेश माल और सेवा कर (संशोधन) विधेयक, 2021

(क्रमांक 27 सन् 2021)

 

          वाणिज्यिक कर मंत्री (श्री जगदीश देवड़ा) - अध्‍यक्ष महोदय, मैं, प्रस्‍ताव करता हूँ कि मध्‍यप्रदेश माल और सेवा कर (संशोधन) विधेयक, 2021 पर विचार किया जाए.

          अध्‍यक्ष महोदय - प्रस्‍ताव प्रस्‍तुत हुआ कि मध्‍यप्रदेश माल और सेवा कर (संशोधन) विधेयक, 2021 पर विचार किया जाए.

          प्रश्‍न यह है कि मध्‍यप्रदेश माल और सेवा कर (संशोधन) विधेयक, 2021 पर विचार किया जाए.

प्रस्‍ताव स्‍वीकृत हुआ.

          अब विधेयक के खण्‍डों पर विचार होगा.

          प्रश्‍न यह है कि खण्‍ड 2 से 15 इस विधेयक का अंग बने.

खण्‍ड 2 से 15 इस विधेयक के अंग बने.

          प्रश्‍न यह है कि खण्‍ड 1 इस विधेयक का अंग बने.

खण्‍ड 1 इस विधेयक का अंग बना.

          प्रश्‍न यह है कि पूर्ण नाम तथा अधिनियमन सूत्र विधेयक का अंग बने.

पूर्ण नाम तथा अधिनियमन सूत्र विधेयक के अंग बने.

...(व्‍यवधान)...

          श्री जगदीश देवड़ा - अध्‍यक्ष महोदय, मैं, प्रस्‍ताव करता हूँ कि मध्‍यप्रदेश माल और सेवा कर (संशोधन) विधेयक, 2021 पारित किया जाए.  

          अध्‍यक्ष महोदय - प्रस्‍ताव प्रस्‍तुत हुआ कि मध्‍यप्रदेश माल और सेवा कर (संशोधन) विधेयक, 2021 पारित किया जाए.

          प्रश्‍न यह है कि मध्‍यप्रदेश माल और सेवा कर (संशोधन) विधेयक, 2021 पारित किया जाए.

प्रस्‍ताव स्‍वीकृत हुआ 

विधेयक पारित हुआ.

...(व्‍यवधान)...

          श्री कमलेश्‍वर पटेल - सुनवाई अभी भी शुरू है. न्‍यायालय में सुनवाई चल रही है. (...व्‍यवधान...) आप सरकार की तरफ से बयान दिलवाइये कि जो हमने बयान दिया था, वह गलती से दे दिया था. हम तो यही मानते हैं कि कोई वक्‍तव्‍य न्‍यायालय में जाता है तो वह सरकार का वक्‍तव्‍य होता है. (...व्‍यवधान...) वह आपके इशारे पर दिया गया है. आप उनके साथ जो अन्‍याय करने का काम कर रहे हो, तो पिछड़े वर्ग के लोग कभी आपसे बात नहीं करेंगे,  न ही एससी, एसटी के लोग करेंगे. आप हमेशा उनके साथ विश्‍वासघात कर रहे हैं, उनके अधिकारों का हनन कर रहे हैं. (...व्‍यवधान...) वे सामाजिक रूप से, आर्थिक रूप से पिछड़े लोग हैं. (...व्‍यवधान...) संविधान की रक्षा करने की जिम्‍मेदारी सरकार की होती है. सरकार चाहे देश की हो, चाहे प्रदेश की हो, प्रताडि़त करने का काम कर रही है. (...व्‍यवधान...) यह अन्‍याय हम नौजवान नहीं सहेंगे.

          माननीय अध्‍यक्ष महोदय, आपको निर्देश देना होगा. पिछड़े वर्ग का बढ़ा हुआ आरक्षण, जो सरकार के गलत बयान की वजह से वापस हो गया है. उसको लागू करने के लिए आपको निर्देश देना चाहिए. आपके क्षेत्र में भी पिछड़े वर्ग के बहुत मतदाता है. (...व्‍यवधान...) 

(...व्‍यवधान...)

 

 

12.39 बजे

अध्‍यक्षीय घोषणा

वर्ष 2021-22 के अनुपूरक अनुमान को आज ही उपस्‍थापन, विचार एवं पारण हेतु अनुज्ञा प्रदान की जाना

 

          अध्‍यक्ष महोदय - मध्‍यप्रदेश विधान सभा के प्रक्रिया तथा कार्य संचालन संबंधी नियमावली के नियम 161 द्वारा प्रदत्‍त शक्तियों के अधीन, मेरे द्वारा विषय के महत्‍व, उपादेयता एवं प्रासंगिकता को दृष्टिगत रखते हुए वर्ष 2021-22 के अनुपूरक अनुमान को आज ही उपस्‍थापन, विचार एवं पारण हेतु अनुपूरक कार्यसूची जारी कर अनुज्ञा प्रदान की है. मैं समझता हूँ कि सदन इससे सहमत है.

(सदन द्वारा सहमति प्रदान की गई)

 

          अब अनुपूरक सूची का कार्य लिया जायेगा.

...(व्‍यवधान)...

          श्री कमलेश्‍वर पटेल - आपसे मेरा निवेदन है कि पिछड़ा वर्ग, एससी, एसटी के लोगों के सम्‍मान की रक्षा के लिए (...व्‍यवधान...) उनके साथ अन्‍याय हो रहा है. उसके लिए उचित व्‍यवस्‍था करनी चाहिए. अगर आज आप व्‍यवस्‍था नहीं देंगे तो समझ में आ जायेगा (...व्‍यवधान...)  हमने इस पर स्‍थगन प्रस्‍ताव लगाया है, इस पर चर्चा होनी चाहिए, इस पर 139 पर चर्चा होनी चाहिए. सरकार को चर्चा (...व्‍यवधान...) उससे दूध का दूध और पानी का पानी हो जायेगा.

 

                                    ...(व्‍यवधान)....

( इंडियन नेशनल कांग्रेस द्वारा गर्भगृह में लगातार नारेबाजी की जाती रही)

श्री कमलेश्‍वर पटेल -- (व्‍यवधान)..माननीय अध्‍यक्ष महोदय, हमारे पास एवीडेंश है कि सरकार ने माननीय न्‍यायालय में क्‍या पक्ष रखा है? इससे स्‍पष्‍ट होता है कि सरकार नहीं चाहती कि पिछड़ा वर्ग को 27 प्रतिशत रूका हुआ आरक्षण मिले, इसके लिये पूरी तरह से सरकार जिम्‍मेदार है और मेरा माननीय अध्‍यक्ष महोदय, आपसे निवेदन है कि पिछड़ा वर्ग का सम्‍मान करिये, पिछड़े वर्ग के लोगों की रक्षा करिये, पिछड़े वर्ग के लोगों के साथ जो अन्‍य हो रहा है, कुठाराघात हो रहा है, उनको परेशान करने की कोशिश की जा रही है. पढ़े लिखे बच्‍चे जो कई सालों तक तैयारी करते हैं, आज उनको नौकरियां नहीं मिल रही है. एम.पी.पी.एस.सी. में जो नया नियम बना दिया है,  उसकी वजह से सारे बच्‍चों ...(व्‍यवधान)....यह कहां का न्‍याय है. ...(व्‍यवधान)....

 

12.40 बजे     वर्ष 2021-2022 के प्रथम अनुपूरक अनुमान की मांगों पर मतदान

 

अध्‍यक्ष महोदय -- अब अनुपूरक अनुमान की मांगों पर चर्चा होगी. सदन की पंरपरा के अनुसार सभी मांगें एक साथ प्रस्‍तुत की जाती हैं और उन पर एक साथ चर्चा होती है. ...(व्‍यवधान)....

अत: वित्‍तमंत्री जी सभी मांगे एक साथ प्रस्‍तुत कर दें. मैं समझता हूं कि सदन इससे सहमत हैं. ...(व्‍यवधान)....

                                                            (सदन द्वारा सहमति प्रदान की गई)

                                      ...(व्‍यवधान)....

वित्‍तमंत्री(श्री जगदीश देवड़ा) -- अध्‍यक्ष महोदय, मैं राज्‍यपाल महोदय की सिफारिश के अनुसार प्रस्‍ताव करता हूं कि '' दिनांक 31 मार्च, 2022 को समाप्‍त होने वाले वित्‍तीय वर्ष में अनुदान संख्‍या 1, 3, 5, 7, 8,10,13,14,16,17,18,19, 20, 21, 22, 23, 24, 25, 26, 27, 29, 30, 33, 34, 35, 36, 37, 38, 39, 40, 42, 43, 44, 46, 47, 48, 49, 50, 52, 53, 55, 56, 57, 60, 61, 62, 63, 64, एवं 65 के लिये राज्‍य की संचित निधि में से प्रस्‍तावित व्‍यय के निमित्‍त राज्‍यपाल महोदय को कुल मिलाकर चार हजार, चार सौ पैंसठ करोड़, चवालीस लाख, अस्‍सी हजार, दो सौ अंठानवे रूपये की अनुपूरक राशि दी जाये. ...(व्‍यवधान)....

अध्‍यक्ष महोदय -- प्रस्‍ताव प्रस्‍तुत हुआ. ...(व्‍यवधान)....                                 

अध्‍यक्ष महोदय -- प्रश्‍न यह है कि कि '' दिनांक 31 मार्च, 2022 को समाप्‍त होने वाले वित्‍तीय वर्ष में अनुदान संख्‍या 1, 3, 5, 7,  8, 10,13,14,16,17,18,19, 20, 21, 22, 23, 24, 25, 26, 27, 29, 30, 33, 34, 35, 36, 37, 38, 39, 40, 42, 43, 44, 46, 47, 48, 49, 50, 52, 53, 55, 56, 57, 60, 61, 62, 63, 64, एवं 65 के लिये राज्‍य की संचित निधि में से प्रस्‍तावित व्‍यय के निमित्‍त राज्‍यपाल महोदय को कुल मिलाकर चार हजार, चार सौ पैंसठ करोड़, चवालीस लाख, अस्‍सी हजार, दो सौ अंठानवे रूपये की अनुपूरक राशि दी जाये.

                                                            अनुपूरक मांगों का प्रस्‍ताव स्‍वीकृत हुआ.

                             ....(व्‍यवधान)...

श्री कमलेश्‍वर पटेल --चाहे ओ.बी.सी. का बच्‍चा हो, चाहे एस.सी. का बच्‍चा हो सरकार ने जो नया सकुर्लर जारी किया है, उसकी वजह से हमारे ओ.बी.सी और एस.सी.एस.टी के बच्‍चों का भविष्‍य अंधकारमय हो गया है. ...(व्‍यवधान)... यह पूरी तरह से अन्‍याय है ...(व्‍यवधान)... माननीय मुख्‍यमंत्री जी आपको संज्ञान लेना  चाहिये ...(व्‍यवधान)... उसको लागू कराया जाना चाहिये ...(व्‍यवधान)... न्‍यायालय में जो आपने  सरकार की तरफ से वक्‍तव्‍य दिया है, उसको वापस लेना चाहिये , आपको उसको वापस लेना चाहिये ...(व्‍यवधान)...27 प्रतिशत के आरक्षण को लागू करो ...(व्‍यवधान)... आपने तो 13 प्रतिशत घटाने का कर दिया है ...(व्‍यवधान)... आप 27 प्रतिशत का आरक्षण लागू करवाईये, यह आपकी जिम्‍मेदारी है, सिर्फ यह कहने से काम नहीं चलेगा कि कांग्रेस के लोग नहीं चाहते हैं कि 27 प्रतिशत आरक्षण लागू हो, यह कहां का न्‍याय है ...(व्‍यवधान)...

 

                                                 

12.42 बजे                     शासकीय विधि विषयक कार्य.

                        मध्‍यप्रदेश विनियोग (क्रमांक-4) विधेयक,2021

वित्‍तमंत्री( श्री जगदीश देवड़ा) -- अध्‍यक्ष महोदय मैं मध्‍यप्रदेश विनियोग (क्रमांक-4) विधेयक, 2021 का पुर:स्‍थापन करता हूं. ...(व्‍यवधान)....

अध्यक्ष महोदय, मैं प्रस्ताव करता हूं कि मध्‍यप्रदेश विनियोग (क्रमांक-4) विधेयक, 2021 पर विचार किया जाए. ...(व्‍यवधान)....

अध्‍यक्ष महोदय -- प्रस्‍ताव प्रस्‍तुत हुआ कि मध्‍यप्रदेश विनियोग (क्रमांक-4) विधेयक, 2021 पर विचार किया जाए. ...(व्‍यवधान)....

            प्रश्‍न यह है कि मध्‍यप्रदेश विनियोग (क्रमांक-4) विधेयक, 2021 पर विचार किया जाए. ...(व्‍यवधान)....

                                                                   प्रस्ताव स्वीकृत हुआ.

                                      ...(व्‍यवधान)....

अध्‍यक्ष महोदय -- अब विधेयक के खण्डों पर विचार होगा.

प्रश्न यह है कि खण्ड 2,3 तथा अनुसूची इस विधेयक का अंग बने.

                             खण्ड 2,3 तथा अनुसूची इस विधेयक के अंग बने.

प्रश्न यह है कि खण्ड 1 इस विधेयक का अंग बने.

                                                खण्ड 1 इस विधेयक का अंग बना.

प्रश्न यह है कि पूर्ण नाम तथा अधिनियमन सूत्र विधेयक का अंग बने.

                             पूर्ण नाम तथा अधिनियमन सूत्र विधेयक का अंग बने.

                                        ...(व्‍यवधान)....

वित्‍तमंत्री( श्री जगदीश देवड़ा) --- अध्यक्ष महोदय, मैं प्रस्ताव करता हूं कि मध्‍यप्रदेश विनियोग (क्रमांक-4) विधेयक, 2021  पारित किया जाए. ...(व्‍यवधान)....

अध्यक्ष महोदय - प्रस्ताव प्रस्तुत हुआ कि मध्‍यप्रदेश विनियोग (क्रमांक-4) विधेयक, 2021  पारित किया जाए. ...(व्‍यवधान)....

प्रश्न यह है कि मध्‍यप्रदेश विनियोग (क्रमांक-4) विधेयक, 2021 पारित किया जाए. ...(व्‍यवधान).... 

                                                                   प्रस्ताव स्वीकृत हुआ.

                                                        विधेयक पारित हुआ.

 

 नगरीय विकास एवं आवास मंत्री (श्री भूपेन्‍द्र सिंह) -- माननीय अध्‍यक्ष महोदय, कांग्रेस ने पिछड़ा वर्ग के नाम पर ...(व्‍यवधान)... पिछड़ा वर्ग को धोखा देने का काम किया है. ...(व्‍यवधान)...

श्री कमलेश्‍वर पटेल -- यह सरकार का वक्‍तव्‍य पूरी तरह से अस्‍पष्‍ट है ...(व्‍यवधान)... सरकार के इस बयान की वजह से जो पिछड़ा वर्ग का बढ़ा हुआ आरक्षण था, वह वापस हो गया है, पूरी तरह से यह इस वर्ग के साथ ...(व्‍यवधान)...आरक्षण को लागू कराईये, जो वापस हो गया है. पिछड़ा वर्ग का नौजवान ...(व्‍यवधान)...आपने अगर यह व्‍यवस्‍था नहीं बनाई तो हम लोग एक आंदोलन छेड़ेंगे. हम क्षेत्र में जायेंगे, भाजपा के नेता जो हैं, उनके क्षेत्र में भी जायेंगे और उनको बतायेंगे कि...(व्‍यवधान)...

श्री भूपेन्‍द्र सिंह -- भारतीय जनता पार्टी की सरकार आने के बाद हमारी सरकार की तरफ से ...(व्‍यवधान)...

श्री कमलेश्‍वर पटेल -- ...(व्‍यवधान)...यह पिछड़ा वर्ग, एस.सी.एस.टी. के साथ अन्‍याय करते हैं ...(व्‍यवधान)...

श्री भूपेन्‍द्र सिंह --अध्‍यक्ष महोदय, संविधान की रक्षा करने का काम हमारे देश के प्रधानमंत्री माननीय श्री नरेन्‍द्र मोदी जी ने किया है. पिछड़ा वर्ग को संवैधानिक दर्जा देने का काम हमारे मध्‍यप्रदेश के मुख्‍यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने किया है. ...(व्‍यवधान)...आदिवासियों के नाम पर, पिछड़ा वर्ग के नाम पर यह लोगों को बांटना चाहते हैं, समाज को बांटना चाहते हैं. ...(व्‍यवधान)...

श्री कमलेश्‍वर पटेल -- पिछड़ा वर्ग के साथ अन्‍याय बंद करो, बंद करो, पिछड़ा वर्ग का 27 प्रतिशत आरक्षण लागू करो ...(व्‍यवधान)...सरकार अपना बयान वापस ले, वापस ले ...(व्‍यवधान)... माननीय न्‍यायालय में जो सरकार ने बयान दिया है, उसको तत्‍काल वापस लेना चाहिये. 27 प्रतिशत जो पिछड़ा वर्ग का आरक्षण हमारी कांग्रेस सरकार ने लागू किया था, उसको लागू करवाईये, यह आपकी नैतिक जिम्‍मेदारी है. आप राजनीति नहीं करिये कि कांग्रेस के नेता नहीं चाहते हैं.आप 16 साल से ज्‍यादा समय से सत्‍ता में हैं. क्‍या आपने प्रयास किया, एक भी बार प्रयास किया, नहीं किया आपने, एक भी बार आपने प्रयास नहीं किया और पहले जो दिग्‍विजय सिंह सरकार ने 27 प्रतिशत आरक्षण लागू किया था ...(व्‍यवधान)...

 

 

 

 

 

 

12.43 बजे      विधान सभा की कार्यवाही को अनिश्‍चितकाल के लिए स्‍थगित किया जाना: प्रस्‍ताव

 

 

संसदीय कार्य मंत्री( डॉ. नरोत्‍तम मिश्र) -- अध्‍यक्ष महोदय, मध्‍यप्रदेश विधानसभा के वर्तमान सत्र के लिये निर्धारित समस्‍त शासकीय, वित्‍तीय एवं अन्‍य आवश्‍यक कार्य पूर्ण हो चुके हैं. अत: मध्‍यप्रदेश विधानसभा के प्रक्रिया तथा कार्य संचालन संबंधी नियम 12- ख के द्वितीय परंतुक के अंतर्गत, मैं, प्रस्‍ताव करता हूं कि '' सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिये स्‍थगित की जाये. ...(व्‍यवधान)....

अध्‍यक्ष महोदय -- प्रस्‍ताव प्रस्‍तुत हुआ. ...(व्‍यवधान)....

          प्रश्‍न यह है कि '' सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिये स्‍थगित की जाये.''...(व्‍यवधान)....

                                                                   प्रस्‍ताव स्‍वीकृत हुआ.

 

 

                               ...(व्‍यवधान)....

 

 

 12.44 बजे              राष्‍ट्रगान ''जन-गण-मन'' का समूहगान

          अध्‍यक्ष महोदय-  अब राष्‍ट्रगान होगा.

(सदन के माननीय सदस्‍यों द्वारा राष्‍ट्रगान ''जन-गण-मन'' का समूहगान किया गया.)

 

 

 

 

 

 

 

 

 12.45 बजे

          सदन की कार्यवाही को अनिश्चितकाल के लिए स्‍थगित किया जाना: घोषणा

 

          अध्‍यक्ष महोदय-  विधान सभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्‍थगित.

          अपराह्न 12.45 बजे विधान सभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्‍थगित की गई.

 

 

भोपाल                                                                                     अवधेश प्रताप  सिंह

दिनांक: 10 अगस्‍त, 2021                                                                प्रमुख सचिव,

                                                                                              मध्‍यप्रदेश विधान सभा