मध्यप्रदेश विधान सभा


प्रश्नोत्तर-सूची
फरवरी-मार्च 2017 सत्र


शुक्रवार, दिनांक 31 मार्च 2017


भाग-1
तारांकित प्रश्नोत्तर

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प्रोटोकॉल का पालन

[लोक निर्माण]

1. ( *क्र. 7492 ) श्री कमलेश्‍वर पटेल : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सीधी जिले के विकासखण्‍ड सिहावल अन्‍तर्गत नवनिर्मित विश्राम गृह बहरी एवं सिंगरौली जिले के विकासखण्‍ड देवसर अन्‍तर्गत नवनिर्मित मॉडल स्‍कूल का लोकार्पण किसके द्वारा किया गया? क्‍या प्रोटोकॉल का पालन करते हुये क्षेत्रीय विधायक को कार्यक्रम में आमंत्रित किया गया था?                 (ख) क्‍या प्रोटोकॉल अन्‍तर्गत क्षेत्रीय विधायक, अध्‍यक्ष जनपद पंचायत एवं अन्‍य जनप्रतिनिधियों को नहीं बुलाया जाना सामान्‍य प्रशासन विभाग के नियमों का उल्‍लंघन नहीं है? यदि हाँ, तो दोषी कान्‍ट्रेक्‍टर व विभागीय अधिकारियों के विरूद्ध की गई कार्यवाही का विवरण दें? (ग) प्रोटोकॉल का उल्‍लंघन करने वाले कौन-कौन दोषी हैं? दोषियों के प्रति क्‍या कार्यवाही की गई? नहीं की गई तो कब तक की जावेगी? भूमि पूजन एवं लोकार्पण हेतु शासन के क्‍या निर्देश हैं?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) सीधी जिले के विकासखण्‍ड सिहावल के अंतर्गत नवनिर्मित विश्राम गृह बहरी का लोकार्पण माननीया सांसद श्रीमती रीती पाठक जी, लोक सभा क्षेत्र सीधी द्वारा किया गया है एवं सिंगरौली जिले के विकासखण्‍ड देवसर अंतर्गत नवनिर्मित मॉडल स्‍कूल का लोकार्पण जिला पंचायत अध्‍यक्ष सिंगरौली माननीय श्री अजय कुमार पाठक द्वारा किया गया है। जी नहीं। (ख) लोकार्पण में लोक निर्माण विभाग पी.आई.यू. की कोई भूमिका नहीं रही है। लोकार्पण संविदाकार द्वारा अपने स्‍तर पर किया गया था, जिसके परिप्रेक्ष्‍य में उनसे स्‍पष्‍टीकरण मांगा गया है। स्‍पष्‍टीकरण प्राप्‍त होने पर नियमानुसार कार्यवाही की जावेगी। अधिकारियों के विरूद्ध कार्यवाही का प्रश्‍न ही नहीं उठता। (ग) ठेकेदार दोषी है। स्‍पष्‍टीकरण प्राप्‍त किया जा रहा है। स्‍पष्‍टीकरण प्राप्‍त होने पर कार्यवाही की जावेगी। जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है।

परिशिष्ट - ''एक''

फसल बीमा राशि के गबन शिकायत की जाँच

[सहकारिता]

2. ( *क्र. 7691 ) कुँवर सौरभ सिंह : क्या राज्‍यमंत्री, सहकारिता महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या कटनी जिले के विकासखण्‍ड रीठी में कृषि साख सहकारी समिति बड़गांव में पूर्व समिति प्रबंधक द्वारा फसल बीमा राशि वर्ष 2014-15 की गबन की शिकायत की जाँच समिति द्वारा पत्र क्रमांक 1007, दिनांक 26.07.2016 के संदर्भ में सहायक आयुक्‍त सहकारिता कटनी को प्रेषित की गयी है? (ख) यदि हाँ, तो प्रश्नांश (क) में प्रेषित जाँच प्रतिवेदन पर प्रश्‍न दिनांक तक क्‍या कार्यवाही की गई है? यदि नहीं, की गई तो कब तक की जावेगी? (ग) प्रश्नांश (क) के समिति प्रबंधक के विरूद्ध वर्ष 2013-14 से प्रश्‍न दिनांक तक कितनी शिकायतें प्राप्‍त हुईं? शिकायतवार, कार्यवाहीवार विवरण दें 

राज्‍यमंत्री, सहकारिता ( श्री विश्वास सारंग ) : (क) जी हाँ। (ख) जाँच प्रतिवेदन के आधार पर अधिक फसल बीमा राशि जमा होने वाले खातों से आहरण पर रोक लगाई गई, फसल बीमा क्लेम की राशि की त्रुटिपूर्ण प्रविष्टि का सुधार किया गया, ऐसे कृषक जिनकों फसल बीमा क्लेम की अधिक राशि का भुगतान किया गया था उनसे राशि वसूल कर ऐसे कृषक जिनको बीमा क्लेम की कम राशि का भुगतान किया गया था, भुगतान किया गया। जाँच में दोषी पाए गए तत्कालीन समिति प्रबंधक श्री राधेश्याम तिवारी को निलंबित किया गया, तत्कालीन शाखा प्रबंधक रीठी की विभागीय जाँच प्रक्रियाधीन है तथा श्री सोनेलाल पटेल सहायक समिति प्रबंधक को प्रभार से अलग किया गया है। (ग) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है।

परिशिष्ट - ''दो''

संतरों के लिए फूड प्रोसेसिंग प्‍लांट का निर्माण

[उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण]

3. ( *क्र. 1324 ) श्री अरूण भीमावद : क्या राज्‍यमंत्री, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला शाजापुर रसीले एवं मीठे संतरों का उत्‍पादन करने में प्रदेश एवं देश में अग्रणी होकर संतरा उत्‍पादन के लिए सुप्रसिद्ध है? (ख) क्‍या विगत वर्षों में जिले में प्राकृतिक प्रकोप से संतरे की फसलों का अधिक नुकसान होने के कारण संतरा उत्‍पादक किसानों को उचित दाम प्राप्‍त नहीं होने के कारण किसान कर्जे में हैं? (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) अनुसार क्‍या जिले में फूड प्रोसेसिंग यूनिट खोलने की कोई कार्ययोजना है? (घ) यदि नहीं, है तो संतरा उत्‍पादन किसानों को उचित दाम प्राप्‍त होने के लिए क्‍या प्रावधान है?

राज्‍यमंत्री, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण ( श्री सूर्यप्रकाश मीना ) : (क) शाजापुर जिले में संतरे का बहुतायत उत्‍पादन होता है। (ख) शाजापुर जिले में प्राकृतिक प्रकोप से संतरा फसलों को नुकसान के कारण उचित दाम प्राप्‍त नहीं होने के संबंध में कोई शोध अथवा अध्‍ययन उपलब्‍ध नहीं होने से जवाब दिया जाना संभव नहीं है। किसानों के कर्ज में होने की जानकारी विभाग में संधारित नहीं है। (ग) फूड प्रोसेसिंग यूनिट की स्‍थापना राज्‍य शासन द्वारा नहीं की जाती है, अपितु निजी निवेशक द्वारा की जाती है। सूक्ष्‍म, लघु एवं मध्‍यम खाद्य प्रसंस्‍करण उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए विभाग द्वारा विशिष्‍ट वित्‍तीय सहायताओं का प्रावधान किया गया है, जिसका लाभ निजी निवेशक ले सकते हैं। (घ) शासन द्वारा फल/सब्जियों के मूल्‍य निर्धारित किये जाने का कोई प्रावधान नहीं है। बाजार की मांग एवं उत्‍पाद की गुणवत्‍ता अनुसार संतरा फल का मूल्‍य प्राप्‍त होता है। शाजापुर जिले में संतरा उत्‍पादक किसानों को संतरे का उचित मूल्‍य प्राप्‍त हो इस हेतु जिले में मालवा अग्रणी कृषक प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड का गठन किया गया है, जिसमें किसान पंजीयन कराकर अपना उत्‍पाद कंपनी के माध्‍यम से उचित मूल्‍य पर विक्रय कर सकते हैं।

विधानसभा क्षेत्र ब्‍यावरा अंतर्गत नदी/नालों पर पुलिया निर्माण

[लोक निर्माण]

4. ( *क्र. 7548 ) श्री नारायण सिंह पँवार : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या राजगढ़ जिले की विधानसभा क्षेत्र ब्‍यावरा के अंतर्गत ग्राम सलेहपुर स्थित पुटी नाले पर, ग्राम पीपल्‍यापैरात में स्‍थानीय नाले पर, ग्राम लालपुरिया-भगवानपुरा के मध्‍य मुख्‍य रास्‍ते पर स्थित नाले पर, ग्राम बरखेड़ी-नालबंदी के मध्‍य अजनार नदी पर, ग्राम गुर्जरखेड़ी-पडिया ग्राम के मध्‍य अजनार नदी पर, ग्राम बेरियाखेड़ी में स्‍थानीय नाले पर, ग्राम सागपुर-बमुलिया के मध्‍य अजनार नदी पर पुलिया, ग्राम बोरदा-बूढ़ाखेड़ा के मध्‍य नाले पर, ग्राम भगवतीपुर-मलावर के मध्‍य नाले पर, ग्राम बरखेड़ी नवीन के मध्‍य नाले पर तथा पीपल्‍याधाकड़-बंजारी के मध्‍य नाले पर पुलिया नहीं होने से ग्रामीणजनों के सामने आम आवागमन एवं कृषि कार्य करने में बेहद संकटजनक स्थिति बनी हुई है तथा उक्‍त सभी ग्रामों की हजारों की आबादी संबंधित नालों पर पुलिया बनाने की मांग लम्‍बे समय से कर रही है? (ख) प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में क्‍या शासन की अन्‍य किसी मद से इन बड़ी पुलियों का निर्माण संभव नहीं है? यदि हाँ, तो व्‍यापक लोकहित में क्‍या शासन द्वारा इन पुलियों का निर्माण कराया जावेगा? यदि हाँ, तो विभाग कब तक सर्वेक्षण कार्य पूर्ण कर स्‍वीकृति जारी करेगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) प्रश्‍नांकित मार्ग विभाग द्वारा संधारित नहीं है। म.प्र. ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण एवं ग्रामीण यांत्रिकी सेवा से प्राप्‍त जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-1 एवं 2 अनुसार है। (ख) उत्‍तरांश (क) अनुसार।

परिशिष्ट - ''तीन''

राजगढ़ के पेटी बाजार सप्‍लाई निविदा की स्‍वीकृति‍  

[लोक निर्माण]

5. ( *क्र. 6673 ) श्री अमर सिंह यादव : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या विभाग द्वारा जिला न्‍यायालय राजगढ़ के भवन को कण्‍डम घोषित किया गया है? यदि हाँ, तो फिर जिला न्‍यायालय में कौन-कौन से मरम्‍मत कार्य कराये गये तथा उन पर कितनी राशि व्‍यय की गई? जो कि व्‍यय किया जाना औचित्‍यपूर्ण नहीं है? उक्‍त राशि शासन हित में थी या नहीं? (ख) विभाग द्वारा दिनांक 01 जनवरी, 2015 से प्रश्‍न दिनांक तक राजगढ़ संभाग में पेटी बाजार सप्‍लाई की कौन-कौन सी नि‍विदा स्‍वीकृत की गई है? इसके लिये किन-किन वरिष्‍ठ अधिकारी से अनुमति प्राप्‍त की गई है? प्रश्‍न दिनांक तक किये गये निविदा स्‍वीकृत राशि एवं व्‍यय की गई राशि का विवरण उपलब्‍ध करायें (ग) विभाग द्वारा दिनांक 01 जनवरी, 2015 से प्रश्‍न दिनांक तक राजगढ़ संभाग में कौन-कौन से कार्यों के अंतिम देयकों का भुगतान किया गया है? इसमें कार्यपालन यंत्री द्वारा कौन-कौन से मापों को प्रमाणित किया गया है?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी नहीं। प्रश्‍नांश के शेष भाग का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है।

किसान मेले का आयोजन  

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

6. ( *क्र. 5044 ) श्री अजय सिंह : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सीधी जिले में किसानों की सहायता एवं मार्गदर्शन हेतु दिनांक 01.04.2014 से प्रश्‍नतिथि तक किन-किन स्‍थानों पर कृषि विज्ञान मेलों का आयोजन हुआ? उक्‍त आयोजनों में कितने किसानों के द्वारा रजिस्‍ट्रेशन करवाया गया? मेलावार कृषक संख्‍यावार/वर्षवार/स्‍थानवार सूची उपलब्‍ध करायें (ख) प्रश्नांश (क) में वर्णित समयानुसार आयोजित कृषि विज्ञान मेलों में कितने कृषकों को कितनी राशि की किस प्रकार की अनुदान/सहायता प्रदान की गयी? (ग) प्रश्नांश (क) में उल्‍लेखित समयानुसार उक्‍त मेलों के लिए कितनी राशि का आवंटन किस मद में व्‍यय करने हेतु प्राप्‍त हुआ था? कितनी राशि किस मद में कब व्‍यय की गयी? किस-‍किस को कितनी-कितनी राशि का भुगतान कब-कब किया गया?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''1'' अनुसार है। (ख) किसानों को कोई भी अनुदान की राशि/सामग्री प्रदाय नहीं की गई।                (ग) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''2'' अनुसार है।

सेवायुक्‍तों को वेतन का भुगतान

[सहकारिता]

7. ( *क्र. 2188 ) श्री प्रदीप अग्रवाल : क्या राज्‍यमंत्री, सहकारिता महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या जिला सहकारी कृषि और ग्रामीण विकास बैंक मर्या. (समस्‍त) के सेवायुक्‍तों को प्रतिमाह वेतन मिल रहा है? यदि नहीं, तो क्‍यों और कब से प्राप्‍त नहीं हो रहा है? जिला बैंकवार जानकारी उपलब्‍ध कराई जावे। (ख) शासन द्वारा जिला सहकारी कृषि और ग्रामीण विकास बैंकों के सेवायुक्‍तों को वेतन भुगतान के संबंध में क्‍या आदेश किस दिनांक को जारी किये गये हैं? आदेश क्रमांक/दिनांक उपलब्‍ध करायें। (ग) क्‍या उक्‍त आदेश दिनांक के पूर्व का वेतन इन सेवायुक्‍तों को दे दिया गया है? यदि हाँ, तो किन-किन जिला बैंकों द्वारा दे दिया गया है? यदि नहीं, तो क्‍यों? इसके लिये कौन-कौन जिम्‍मेदार हैं? (घ) क्‍या दिनांक 29.08.2016 को उक्‍त संस्‍थाओं के सेवायुक्‍तों के वेतन भुगतान के संबंध में शासन से आदेश जारी किये गये? यदि हाँ, तो इसके पूर्व का वेतन क्‍यों नहीं बांटा गया? इसके लिये कौन जिम्‍मेदार है? उनके खिलाफ क्‍या कार्यवाही की जायेगी?

राज्‍यमंत्री, सहकारिता ( श्री विश्वास सारंग ) : (क) जी नहीं। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''एक'' अनुसार है। (ख) जिला सहकारी कृषि और ग्रामीण विकास बैंकों के सेवायुक्तों के वेतन भुगतान के संबंध में जारी पत्र पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''दो'' अनुसार है। (ग) जी नहीं। प्रश्नांश (क) की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''एक'' अनुसार है। परिसमापित जिला सहकारी कृषि और ग्रामीण विकास बैंकों के सेवायुक्तों द्वारा वेतन प्राप्ति हेतु बैंक के कालातीत ऋणों की वसूली न करने के कारण वेतन भुगतान नहीं हो सका। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) जी हाँ। प्रश्नांश (ग) के उत्तर अनुसार। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

सड़क मार्ग के निर्माण में विलंब

[लोक निर्माण]

8. ( *क्र. 3712 ) श्रीमती ममता मीना : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या म.प्र. सड़क विकास निगम द्वारा गुना-अशोकनगर-ईसागढ़ सड़क मार्ग के निर्माण के अनुबंध एवं टेण्डर अनुसार विलंब हुआ है अथवा नहीं? उक्त मार्ग पूर्ण करने की नियत दिनांक क्या थी तथा उक्त कार्य किस दिनांक को पूर्ण हुआ है? (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार यदि रोड निर्माण में विलंब हुआ है तो, संबंधित निविदाग्रहीता ठेकेदार/फर्म के विरूद्ध क्या कार्यवाही की गई? कार्यवाही क्यों नहीं की गई है? टोल वसूली के अधिकार प्रदान करते समय शेष कार्य निर्धारित समयावधि में पूर्ण नहीं किये जाने के कारण संबंधित फर्म के विरूद्ध कितनी पेनल्टी लगाई गई है? क्या पेनल्टी की वसूली हो गई है। (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) अनुसार यदि कार्यवाही नहीं हुई है तो शासन हित में कार्य न करते हुये संबंधित फर्म को लाभ पहुंचाने वाले दोषी अधिकारी कौन हैं? दोषी अधिकारियों के विरूद्ध क्या कार्यवाही की जावेगी?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ। विलंब हुआ है। अनुबंधानुसार इस कार्य को पूर्ण करने की दिनांक 30.08.2015 निर्धारित थी। मार्ग के प्रथम एवं द्वितीय सम खण्‍डों की अंतिम पूर्णता दिनांक 23.12.2014 एवं 22.03.2016 को जारी की गई है। वर्तमान में यह कार्य पूर्ण नहीं हुआ है। (ख) सड़क निर्माण में विलंब हेतु कंसेशनायर के विरूद्ध अनुबंध के प्रावधान अनुसार क्षतिपूर्ति राशि वसूली (पेनल्‍टी) प्रस्‍तावित की गई है। अत: प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। शेष कार्य निर्धारित समयावधि में पूर्ण नहीं किये जाने के कारण कंसेशनायर के विरूद्ध 3,31,37,800/- राशि की पेनल्‍टी प्रस्‍तावित की गई है। पेनल्‍टी राशि की वसूली वर्तमान में प्रक्रियाधीन है। (ग) कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। फर्म (कंसेशनायर) को कोई अनुचित लाभ नहीं पहुंचाया गया है। कार्यवाही नियमानुसार प्रगति पर है। कोई दोषी नहीं है। अत: कार्यवाही का प्रश्‍न उत्‍पन्‍न नहीं होता है।

माइक्रो इरीगेशन योजना में अनियमितता पर कार्यवाही

[उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण]

9. ( *क्र. 7822 ) श्री आरिफ अकील : क्या राज्‍यमंत्री, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या वित्‍तीय वर्ष 2013-14 में मध्‍यप्रदेश उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्‍करण विभाग का पत्र क्र./उ/राउमि/शिका./एम-2/14-15/697 भोपाल दिनांक 04.08.2014 के परिपालन में रा.उ.मि. राष्‍ट्रीय उद्यानिकी मिशन घटक (यंत्रीकरण) व माईक्रो इरीगेशन योजना में हुई अनियमितता की जाँच प्रतिवेदन अनुसार किन-किन को, कितनी-कितनी राशि की हेराफेरी तथा पात्र हितग्राहियों की अपेक्षा भ्रष्‍टाचार के चलते अपात्र किसानों को लाभ पहुंचाने का दोषी पाया गया है? (ख) यदि हाँ, तो किन-किन अधिकारियों/कर्मचारियों को किन-किन गंभीर अनियमितता का दोषी पाया गया? नाम व पद सहित प्रश्‍न दिनांक की स्थिति में किन-किन के विरूद्ध क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई? यदि नहीं, तो क्‍यों?

राज्‍यमंत्री, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण ( श्री सूर्यप्रकाश मीना ) : (क) एवं (ख) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

ग्राम पलदुना से गुणावद मार्ग की स्‍वीकृति

[लोक निर्माण]

10. ( *क्र. 7794 ) श्री मुकेश पण्‍ड्या : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बड़नगर विधानसभा क्षेत्र में ग्राम पलदुना से गुणावद व्हाया पिरझलार असावता फतेहपुर मार्ग लम्बाई 15.85 कि.मी. जो वर्ष 2012-13 के बजट में शामिल किया गया था तथा जिसको मांग संख्या 64-2457 मद क्रमांक 21 व सरल क्रमांक 38 में निर्माण हेतु मंजूरी प्रदान की गई थी?                      (ख) विभागीय गलती के कारण स्वीकृत पत्र में पलदुना से पिरझलार, असावता फतेहपुर गुणावद मार्ग के स्थान पर पिरसापास से राजायपा व्हाया अमोदिया गुणावद मार्ग (लम्बाई 13.70 कि.मी.) अंकित हो गया जो त्रुटिपूर्ण था? इस त्रुटि को सुधारकर मार्ग निर्माण कराने हेतु जन प्रतिनिधि के द्वारा किस-किस दिनांक को पत्र जारी किये गये? (ग) जन प्रतिनिधि के पत्रों के संदर्भ में विभाग द्वारा कब-कब क्या कार्यवाही की गई? इस कार्य का प्रारंभ कब तक किया जावेगा? (घ) प्रश्न दिनांक तक इस कार्य के पूर्ण ना होने के लिये कौन-कौन अधिकारी जिम्मेदार हैं तथा किनकी लापरवाही से यह त्रुटि हुई उन अधिकारियों के खिलाफ क्या कार्यवाही की गई?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी नहीं। वर्ष 2012-13 के बजट में सरल क्र. 38 पर उज्‍जैन जिले में पिरसापास से राजायपा व्‍हाया अमोदिया गुणावद मार्ग लंबाई 13.70 कि.मी. व लागत रू. 340.78 लाख का नाम अंकित था। (ख) एवं (ग) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (घ) स्‍वीकृति प्राप्‍त न होने से कार्य नहीं किया जा सका। अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - ''चार''

मार्ग निर्माण की स्‍वीकृति

[लोक निर्माण]

11. ( *क्र. 7844 ) श्री फुन्‍देलाल सिंह मार्को : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला अनूपपुर में विगत दो वित्‍तीय वर्षों में कितने मार्ग निर्माण की स्‍वीकृति विभाग द्वारा जारी की गई है? कार्यवार एवं स्‍वीकृत राशि सहित जानकारी उपलब्‍ध करायें।                           (ख) विधानसभा क्षेत्र कोतमा, अनूपपुर एवं पुष्‍पराजगढ़ में उक्‍त अवधि में अति महत्‍वपूर्ण मार्गों के निर्माण हेतु स्‍थानीय जनप्रतिनिधियों द्वारा कब-कब, कौन-कौन से प्रस्‍ताव एवं पत्र दिये गये एवं विभाग द्वारा उन पत्रों पर क्‍या कार्यवाही की गई? (ग) क्‍या उक्‍त प्रस्‍ताव शासन को स्‍वीकृति हेतु भेजे गये हैं? यदि हाँ, तो शासन द्वारा उक्‍त प्रस्‍तावों पर कब तक विचार किया जायेगा तथा मार्ग के निर्माण की स्‍वीकृति प्रदान की जायेगी?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' एवं 'अ-1' अनुसार है। (ख) एवं (ग) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है।

मार्ग निर्माण

[लोक निर्माण]

12. ( *क्र. 7910 ) श्री बहादुर सिंह चौहान : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्र.क्र. 3627, दिनांक 02.03.2017 के (क) उत्‍तर अनुसार मार्ग निर्माण अत्‍यंत धीमी गति से होने के कारण का उल्‍लेख करें? (ख) संदर्भित प्रश्‍न के प्रश्‍नांश (घ) के उत्‍तर में वर्णित मार्ग निर्माण एवं गुणवत्‍ता की जाँच हेतु इन प्रतिवेदनों पर अब तक क्‍या कार्यवाही की गई? यदि नहीं, की गई तो क्‍यों? (ग) मार्ग निर्माण कब तक पूरा होगा? समय-सीमा देवें 

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) प्र.क्र. 3627, दिनांक 02.03.2017 के (क) के उत्‍तर में अभी तक हुए कार्य का प्रतिशत भुगतान अनुसार जनवरी 2017 तक 26.60 प्रतिशत उल्‍लेख किया गया है। 18 मार्च, 2017 तक मार्ग की प्रगति 43.84 प्रतिशत पूर्ण हो गई है। अभी तक की प्रगति अनुपातिक रूप से धीमी नहीं है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) संदर्भित के प्रश्‍नांश (घ) के उत्‍तर में वर्णित मार्ग निर्माण एवं गुणवत्‍ता की जाँच स्‍वतंत्र सलाहकार मेसर्स इण्डियन टेक्‍नोक्रेट लि. द्वारा भूतल परिवहन मंत्रालय द्वारा जारी मेनूअल ऑफ स्‍पेसिफिकेशन के सेक्‍शन 900 अनुसार की गई। शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) अनुबंधानुसार मार्ग निर्माण पूर्ण होने की निर्धारित तिथि 03.12.2017 है।

कृषि उपज मंडी खंडवा में व्‍याप्‍त अनियमितताओं की जाँच

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

13. ( *क्र. 7674 ) श्री सचिन यादव : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) कृषि उपज मण्‍डी समिति, खण्‍डवा, जिला खण्‍डवा में विभिन्‍न अनियमितताएं किये जाने से संबंधित मध्‍यप्रदेश राज्‍य कृषि विपणन बोर्ड, भोपाल के पत्र क्रमांक/सतर्कता/74-17/2014/खण्‍डवा /3565, भोपाल दिनांक 11.05.2015 एवं पत्र क्रमांक/सतर्कता/74-20/2014/खण्‍डवा/201, भोपाल दिनांक 20.10.2016 के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍नांकित दिनांक तक क्‍या कार्यवाही की गई? तत्‍संबंधी जाँच प्रतिवेदन सहित ब्‍यौरा क्‍या है? (ख) उक्‍त प्रकरण में शासन के बजट को गैर कानूनी ढंग से खर्च कर कृषि उपज मण्‍डी समिति को कुल कितनी राशि की आर्थिक क्षति पहुंचाई तथा संबंधि‍त दोषी व्‍यक्ति को उक्‍त पद से राज्‍य शासन द्वारा पदमुक्‍त क्‍यों नहीं किया गया? (ग) प्रश्नांश (ख) में दर्शित राशि की संबंधित दोषी व्‍यक्ति से वसूली की गई है? यदि हाँ, तो दिनांकवार बतायें? नहीं तो कारण सहित तत्‍संबंधी ब्‍यौरा क्‍या है?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) म.प्र. राज्य कृषि विपणन बोर्ड, भोपाल के पत्र क्रमांक/सर्तकता/74-17/2014/खण्‍डवा/3565, भोपाल दिनांक 11.05.2015 के परिप्रेक्ष्य में कृषि उपज मंडी समिति खण्‍डवा द्वारा उनकी सेवा के कार्यालय अधीक्षक/प्रभारी लेखापाल एवं सहायक        वर्ग-3/स्टोर प्रभारी के विरूद्ध वर्ष 2010-11 से 2012-13 तक की अवधि में मुद्रण लेखन सामग्री पर स्वीकृत बजट से अधिक व्यय करने के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही अंतर्गत कारणदर्शी सूचना पत्र जारी किये गये तथा संबंधितों से प्राप्त उत्तर पर मंडी समिति की बैठक दिनांक 06.10.2015 में लिये गये निर्णयानुसार दोनों कर्मियों को भविष्य के लिये सचेत करते हुए प्रकरण समाप्त किया गया है। मध्यप्रदेश राज्य कृषि विपणन बोर्ड भोपाल के पत्र क्रमांक/सतर्कता/       74-20/2014 /खण्‍डवा/201, भोपाल दिनांक 20.10.2016 से अध्यक्ष, कृषि उपज मंडी समिति, खण्‍डवा को म.प्र. कृषि उपज मंडी अधिनियम 1972 की धारा 55 एवं 58 के तहत कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया है, जिसका संबंधित द्वारा उत्तर प्रस्तुत करने के साथ ही रिकॉर्ड अवलोकन की अनुमति चाही गई थी, तत्संबंध में म.प्र. राज्य कृषि विपणन बोर्ड, भोपाल के पत्र दिनांक 19.01.2017 अनुमति प्रदान की गई है, जिसमें कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। प्रश्नाधीन प्रकरण में उप संचालक, मंडी बोर्ड इंदौर संभाग से प्राप्त प्रारंभिक जाँच प्रतिवेदन दिनांक 24.06.2015 एवं पूरक प्रतिवेदन दिनांक 03.08.2016 से अंतर्गत कृषि उपज मंडी समिति खण्‍डवा की वाहन में प्रथम दृष्टया मंडी अध्यक्ष के विरूद्ध दिनांक 01.03.2013 से 28.01.2015 तक की अवधि में डीजल एवं ऑईल पर रू. 1,66,850/- तीन तत्कालीन मंडी सचिवों के विरूद्ध दिनांक 01.03.2013 से 20.03.2014, दिनांक 05.04.2014 से 08.09.2014 तक दिनांक 09.09.2014 से 28.02.2015 तक की अवधि में क्रमश: रू. 2,21,332/- रूपये 1,15,899/- रूपये 1,80,405/- और कार्यालय अधीक्षक मंडी समिति खण्‍डवा के विरूद्ध रू. 1,44,890/- अनियमित व्यय करना प्रतिवेदित है। (ख) उत्तरांश (क) के अनुसार मंडी समिति खण्‍डवा की वाहन पर अनियमित व्यय संबंधी प्रकरण में अभी कार्यवाही प्रक्रियाधीन है, जिसमें गुण-दोष के आधार पर निर्णय लिया जावेगा। (ग) उत्तरांश (क) के अनुसार मंडी समिति खण्‍डवा की वाहन पर अनियमित व्यय संबंधी प्रकरण अंतर्गत कार्यवाही प्रक्रियाधीन होने से शेष प्रश्न उद्भूत नहीं होता है।

नियम विरूद्ध पदोन्‍नति निरस्‍त की जाना  

[जल संसाधन]

14. ( *क्र. 7627 ) श्री मुकेश नायक : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रमुख अभियंता के आदेश क्रमांक 33161069/सर्त/2013, दिनांक 29.04.2013 के पालन में जाँचकर्ता अधिकारी के पत्र दिनांक 29.10.2013 द्वारा प्रस्‍तुत जाँच प्रतिवेदन में जाँच उपरांत यह पाया गया कि (1) श्री चन्‍द्रमणी मिश्रा 09.12.1988 से यथावत निम्‍न‍ श्रेणी लिपिक हो गये (2) तदर्थ पदोन्‍नति कार्यकाल को दिनांक 09.12.1988 से आगे बढ़ाने के संबंध में मुख्‍य अभियंता गंगा कछार के पत्र दिनांक 25.07.2013 के आधार पर कोई आदेश अभिलेखों में नहीं पाया गया है (3) उसके विरूद्ध न्‍यायालय में डी.पी.सी. के पूर्व आपराधिक प्रकरण दर्ज थे? यदि हाँ, तो बतायें कि चन्‍द्रमणी मिश्रा की धोखा देकर सेवा पुस्तिका में गलत टीप ओवर राईटिंग कर, फर्जी दस्‍तावेज बनाकर और कार्यालय को गलत सूचना देने के आधार पर उसे दी गई प्रोफार्मा पदोन्‍नतियां और तत्‍पश्‍चात् की नियमित पदोन्‍नति निरस्‍त करते हुए निलंबित करने के साथ-साथ पुलिस में प्रकरण दर्ज कराया जायेगा? यदि हाँ, तो कब-कब? यदि नहीं, तो क्‍यों? (ख) क्‍या मुख्‍य अभियंता गंगा कछार के आदेश क्रमांक 7143/स्‍थापना/20-3 /का/83 (5) दिनांक 04.06.1990 द्वारा 52 से अधिक निम्‍न श्रेणी लिपिकों को उच्‍च श्रेणी लिपिक के पद पर पदोन्‍नत किया गया था, न कि उस श्रेणी लिपिक के पद पर की गई पदोन्‍नति का नियमितीकरण तथा चन्‍द्रमणी मिश्रा ने सेवा पुस्तिका में टीप दर्ज की या करवाई गई कि उसे मुख्‍य अभियंता के उक्‍त आदेश दिनांक 04.06.1990 तदर्थ पदोन्‍नति का नियमितीकरण किया गया? यदि हाँ, तो बतायें कि सामान्‍य प्रशासन विभाग के परिपत्र दिनांक 12.05.1993 के पालन में श्री मिश्रा की उसके द्वारा दी गई गलत सूचना तथा सेवा पुस्तिका में की गई फर्जी प्रविष्‍टी के आधार पर प्राप्‍त की गई प्रोफार्मा पदोन्‍नतियां निरस्‍त कर और फर्जी दस्‍तावेज बनाने, उनका उपयोग करने के आरोप में निलंबित कर पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई जायेगी? यदि हाँ, तो कब-कब? यदि नहीं, तो क्‍यों? (ग) क्‍या श्री मिश्रा के विरूद्ध दिनांक 02.08.2011 से धारा 161, 166, 420 और 120 (बी) के अंतर्गत आपराधिक प्रकरण दर्ज थे लेकिन उसने पदोन्‍नति कक्ष का अधीक्षक होते हुये भी सामान्‍य प्रशासन विभाग के परिपत्र दिनांक 06.11.2009 का उल्‍लंघन करते हुये दिनांक 20.12.2002 को 02 डी.पी.सी. हुई और 24.12.2012 को 01 डी.पी.सी. हुई, उसमें उपरोक्‍त आपराधिक प्रकरण दर्ज होने की जानकारी पदोन्‍नति समिति से छुपाकर वरिष्‍ठता तथा प्रोफार्मा पदोन्‍नतियां और उसके आधार पर नियमित पदोन्‍नतियां प्राप्‍त की? यदि हाँ, तो वरिष्‍ठता और पदोन्‍नति संबंधी आदेश दिनांक 21.12.2012 और 26.12.2012 निरस्‍त कर और उसके द्वारा किये गये कृत्‍य के आरोप में निलंबित कर पुलिस में रिपोर्ट दर्ज की जायेगी? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्‍यों?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) एवं (ग) श्री ए.के. शेण्‍डे, जाँच अधिकारी के जाँच प्रतिवेदन दिनांक 29.10.2013 पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। श्री सुरेश प्रसाद शुक्‍ला सुपरवाईज़र द्वारा श्री बी.के. त्रिपाठी, मुख्‍य अभियंता, गंगा-कछार, रीवा श्री चंद्रमणी मिश्रा, प्रभारी अधीक्षक कार्यालय मुख्‍य अभियंता, गंगा-कछार रीवा एवं श्री महेन्‍द्रमणी मिश्रा, सहायक वर्ग-1 के विरूद्ध भारतीय दण्‍ड संहिता की धारा 161, 166, 420, 120 बी एवं दण्‍ड प्रक्रिया संहिता की धारा 200 के अधीन मुख्‍य न्‍यायिक दण्‍डाधिकारी, रीवा के समक्ष परिवाद प्रस्‍तुत किया था, जिसमें मुख्‍य न्‍यायिक दण्‍डाधिकारी, रीवा ने आदेश दिनांक 02.08.2011 द्वारा प्रकरण क्रमांक 2310/11 पंजीबद्ध किया जाकर आरोपीगणों को उपस्थिति हेतु तलब किया। जिसके विरूद्ध श्री चंद्रमणी मिश्रा द्वारा अपर सत्र न्‍यायाधीश रीवा के समक्ष दाण्डिक निगरानी याचिका प्रस्‍तुत की, जिसमें पारित आदेश दिनांक 15.01.2013 द्वारा श्री मिश्रा की निगरानी याचिका निरस्‍त हुई। श्री चंद्रमणी मिश्रा द्वारा उच्‍च न्‍यायालय, जबलपुर के समक्ष M.Cr.C. 2347/2013 प्रस्‍तुत की, जिसमें पारित आदेश 25.02.2013 द्वारा मुख्‍य न्‍यायिक दण्‍डाधिकारी रीवा के प्रकरण क्रमांक 2310/11 में कार्यवाही पर स्‍थगन दिया गया एवं आदेश दिनांक 22.09.2015 द्वारा मुख्‍य न्‍यायिक दण्‍डाधिकारी, रीवा द्वारा भारतीय दण्‍ड संहिता की धारा 161, 166, 420, 120 बी के तहत की जा रही कार्यवाही को निरस्‍त कर दिया। उच्‍च न्‍यायालय के इस आदेश दिनांक 22.09.2015 के उपरांत इन प्रश्‍नांशों में उल्‍लेखित शेष तथ्‍यों का कोई औचित्‍य शेष नहीं है। (ख) जी हाँ। सेवा पुस्तिका में आदेश की सही प्रविष्टि करने का कार्य संबंधित कार्यालय प्रमुख द्वारा किया जाता है। शेष प्रश्‍नांश उपस्थित नहीं होता।

नयागांव से व्‍हाया चीनोर-करईया भितरवार रोड का निर्माण

[लोक निर्माण]

15. ( *क्र. 7462 ) श्री लाखन सिंह यादव : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या दिनांक 13.02.2017 को ग्‍वालियर जिले के रोडों के लोकार्पण के समय, माननीय पंचायत मंत्री (भारत सरकार), म.प्र. के माननीय लोक निर्माण मंत्री, माननीय उच्‍च शिक्षा मंत्री, माननीय नगरीय प्रशासन मंत्री महोदया एवं प्रमुख अभियन्‍ता महोदय के समक्ष नयागांव से          चीनोर-करईया-भितरवार के रोड निर्माण के लिये घोषणा की गई थी? यदि हाँ, तो क्‍या इसी बजट सत्र (फरवरी-मार्च 2017) में रोड की प्रशासकीय स्‍वीकृत जारी कर दी जायेगी? यदि हाँ, तो कब तक टेण्‍डर कराकर रोड निर्माण करा लिया जावेगा? (ख) क्‍या प्रश्‍नांश (क) के संबंध में प्रश्‍नकर्ता के तारांकित प्रश्‍न क्रमांक 2078, दिनांक 07 जुलाई, 2014 में तत्‍कालीन माननीय लोक निर्माण मंत्री एवं माननीय पंचायत मंत्री महोदय की आपसी सहमति से उक्‍त रोड का शीघ्र निर्माण का कथन किया गया है? यदि हाँ, तो इतने लम्‍बे समय तक भी उक्‍त कथन की पूर्ति न कराने के लिये कौन-कौन अधिकारी दोषी हैं? उनके नाम स्‍पष्‍ट करें क्‍या दोषियों के प्रति कोई दण्‍डात्‍मक कार्यवाही की जावेगी? यदि हाँ, तो क्‍या और कब तक? यदि नहीं, तो क्‍यों? कारण सहित स्‍पष्‍ट करें

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ। बजट में सम्मिलित नहीं होने से स्‍वीकृति जारी करने का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) प्रश्‍नांकित प्रश्‍न विभाग से संबंधित नहीं था। शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। मार्ग का कुल हिस्‍सा 29.00 कि.मी. का भाग प्र.ग्रा..वि. प्राधिकरण के अधीन है एवं परफारमेंस गारंटी में होने से विभाग के द्वारा कोई कार्यवाही संभव नहीं है।

खेड़ी टेंक सिंचाई परियोजना अंतर्गत बांध/तालाब का निर्माण

[जल संसाधन]

16. ( *क्र. 7234 ) श्रीमती नीना विक्रम वर्मा : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या विभाग द्वारा धार जिले के तिरला विकासखण्ड में खेड़ी टेंक सिंचाई परियोजना (बांध/तालाब) के निर्माण की प्रशासकीय स्वीकृति इस वित्तीय वर्ष में जारी की गई है? (ख) यदि हाँ, तो, उक्त सिंचाई परियोजना (बांध/तालाब) के निर्माण में कुल कितनी भूमि डूब में जा रही है,  जिसमें कितनी भूमि शासकीय, कितनी वन भूमि तथा कितनी भूमि निजी भू-स्वामी की है?               पृथक-पृथक बताते हुए निजी भूमि के ग्रामवार सर्वे नम्बर बतावें। (ग) क्या निर्माण हेतु वन विभाग से अनुमति प्राप्त हो चुकी है तथा डूब में आने वाली निजी भूमि के अधिग्रहण हेतु नियमानुसार प्रक्रिया अपना कर अवार्ड पारित करवा लिया गया है एवं अवार्ड अनुसार भू-स्वामियों को नियमानुसार मुआवजा दिया जा चुका है? यदि हाँ, तो मुआवजा किस-किस को दिया जा चुका है? सूची उपलब्ध करावें। (घ) यदि नहीं, तो डूब की भूमि का नियमानुसार अधिग्रहण व मुआवजा दिये बिना, कार्य प्रारंभ किया जाना नियम संगत है? यदि नहीं, तो गरीब आदिवासियों की भूमि का बिना मुआवजा दिये कार्य प्रारंभ करने की इस कार्रवाई हेतु किस का उत्तरदायित्व निर्धारित किया जावेगा तथा दोषियों के विरूद्ध क्या कार्रवाई की जावेगी?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) जी हाँ। प्रशासकीय स्वीकृति दिनांक 16.08.2016 को रू. 2937.54 लाख की प्रदान की गई है। (ख) खेड़ी टैंक परियोजना में कुल 84.053 हे. भूमि डूब में आ रही है, जिसमें 17.738 हे. शासकीय, 0.400 हे. वनभूमि तथा 65.915 हे. निजी भूमि है। ग्रामवार सर्वे न. की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) वन विभाग से अनुमति प्राप्त करने की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। परियोजना के डूब में आने वाली निजी भूमि अधिग्रहण हेतु आपसी सहमति से क्रय नीति अंतर्गत प्रस्ताव अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) धार को दिनांक 23.09.2016 को प्रेषित किया जाना प्रतिवेदित है। अवार्ड पारित होना अपेक्षित होने से शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होते हैं। (घ) परियोजना में नाला बंधान से पूर्व किए जाने वाले कार्यों में से वेस्टवियर का कार्य ग्राम जामनपाटी के शासकीय सर्वे क्र. 201 पर प्रारंभ किया गया था, जो वर्तमान में बंद है। इस स्थल तक पहुँच मार्ग के लिये एक किसान की निजी भूमि के कुछ भाग का उपयोग उसकी सहमति के उपरांत किया गया है। नाला बंधान का कार्य प्रारंभ नहीं किया जाना प्रतिवेदित है। निजी भूमि के मुआवजा भुगतान के पश्चात् ही कार्य को प्रारंभ किया जाएगा। अतः उत्तरदायित्व के निर्धारण का प्रश्न नहीं उठता है।

परिशिष्ट - ''पाँच''

बालाघाट जिलान्‍तर्गत संचालित कृषि उपज मंडी

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

17. ( *क्र. 7575 ) श्री मधु भगत : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बालाघाट जिले में कृषि उपज मण्‍डी कहाँ-कहाँ हैं? उनमें वर्तमान में कौन-कौन किस-किस पद पर कब से पदस्‍थ हैं तथा उनके वर्ष 2014, 2015, 2016 की आय वर्षवार क्‍या है? (ख) मण्‍डी बोर्ड अथवा मण्‍डी समिति द्वारा शुल्‍क/फीस/जुर्माना इत्‍यादि के रूप में जो राशि प्राप्‍त की जाती है? वह किस-किस नाम से जानी जाती है एवं उसकी दरें क्‍या हैं? (ग) निराश्रित निधि के रूप में मार्च 2016 तक कितनी राशि प्राप्‍त हुई और उसे कहाँ-कहाँ किस कार्य में व्‍यय किया गया? (घ) जिले में उपरोक्‍त अवधि‍ में कुल कितनी राशि में मरम्‍मत, निर्माण, विकास कार्य किस-किस मण्‍डी/कार्यालय और कहाँ-कहाँ क्‍या-क्‍या किये गये? क्‍या इनका औचित्‍य सही था?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) बालाघाट जिले में कृषि उपज मंडी समिति बालाघाट, वारासिवनी, कटंगी, लालबर्रा, खैरलांजी, मोहगांव, परसवाड़ा में स्थित है, इन मंडी समितियों में वर्तमान में पदस्थी की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। उपरोक्त मंडी समितियों में वर्ष 2013-14, 2014-15 एवं 2015-16 (अप्रैल से मार्च) में प्राप्त मंडी फीस की वर्षवार जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ग) निराश्रित निधि के रूप में मार्च 2016 तक प्राप्त राशि की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। कलेक्टर जिला बालाघाट के द्वारा निराश्रित निधि से किये गये व्यय की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है।

अमानक ड्रिप नमूनों पर कार्यवाही

[उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण]

18. ( *क्र. 7915 ) श्री बाला बच्‍चन : क्या राज्‍यमंत्री, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्र.क्र. 1827, दिनांक 02.03.2017 में उल्‍लेखित/प्राप्‍त जानकारी अनुसार 30 फर्मों के 190 ड्रिप नमूने अमानक पाये गये? इन अमानक नमूने प्राप्‍त होने पर शासन द्वारा कब-कब, क्‍या-क्‍या कार्यवाही की? (ख) इन कंपनियों को ब्‍लैक-लिस्‍टेड क्‍यों नहीं किया गया? कारण बतावें व कंपनियों के नाम वर्तमान में भी पंजीकृत सूची में होने का कारण बतावें? (ग) यदि कोई कार्यवाही नहीं की गई तो ड्रिप नमूने की जाँच का क्‍या औचित्‍य है? कब तक कार्यवाही की जावेगी? (घ) ड्रिप पाइप के लिए पंजीकृत कंपनियों द्वारा कितनी अवधि की ग्‍यारंटी/वारंटी प्रदान करने का नियम है? नियम की सूची देवें। इंदौर संभाग में कितने प्रकरणों में विगत 3 वर्षों में ग्‍यारंटी/वारंटी प्रदान की गई? वर्षवार, जिलावार, प्रकरण संख्‍या सहित देवें।

राज्‍यमंत्री, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण ( श्री सूर्यप्रकाश मीना ) : (क) प्रश्‍नांश में उल्‍लेखित अमानक पाये गये ड्रिप नमूनों के संबंध में संचालनालय उद्यानिकी एवं प्रक्षेत्र वानिकी द्वारा की गई कार्यवाही की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) उत्‍तरांश (क) के परिशिष्‍ट में वर्णित कार्यवाही संबंधित कंपनी एवं संचालक उद्यानिकी के मध्‍य हुए अनुबंध के तहत की गई है। अनुबंध अनुसार प्रथम बार अमानक सामग्री प्रदाय करने पर सामग्री बदलने एवं सचेत करने के प्रावधान के तहत कार्यवाही होने/प्रक्रियाधीन होने के कारण ब्‍लैक लिस्‍ट नहीं किया गया। दो अथवा अधिक बार अमानक सामग्री प्रदाय करने वाली कंपनी के विरूद्ध उनका पंजीयन निरस्‍त करते हुए आदेश दिनांक से एक वर्ष के लिए कार्य से पृथक कर बैंक गारंटी शासन पक्ष में राजसात की गई/काली सूची में डालने हेतु कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया। जिन कंपनियों का पंजीयन निरस्‍त किया गया था, उनकी दण्‍डावधि समाप्‍त होने पर पुन: पंजीकृत किया गया। (ग) उत्‍तरांश (क) एवं (ख) अनुसार कार्यवाही की गई है। अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (घ) ड्रिप प्रतिस्‍थापन के लिए पंजीकृत कंपनियों द्वारा कोई भी गारंटी/वारंटी प्रदान नहीं की जाती, अपितु निर्धारित मानक स्‍तर की सामग्री प्रदाय करने की बाध्‍यता है एवं स्‍थापित ड्रिप संयंत्र को तीन वर्षों तक नि:शुल्‍क क्रियाशील रखने की अनिवार्यता नियम एवं शर्तों में है, जिसकी जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। इन्‍दौर संभाग के सभी प्रकरणों में तीन वर्षों तक क्रियाशील रखने की अनिवार्यता है। शेष जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है।

माइनरों का सीमेन्‍टीकरण

[जल संसाधन]

19. ( *क्र. 6230 ) श्री के.डी. देशमुख : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या राजीव गांधी सागर परियोजना कुड़वा जिला बालाघाट के केनालों एवं माइनरों से पानी सीपेज होता है? यदि हाँ, तो कौन-कौन माइनरों से पानी का रिसाव होता है। (ख) क्‍या राजीव गांधी सागर परियोजना के रिसाव होने वाले माइनरों के सीमेन्‍टीकरण के प्रस्‍ताव विभाग के पास स्‍वीकृति हेतु लम्बित हैं? यदि हाँ, तो कौन-कौन माइनरों के सीमेन्‍टीकरण के प्रस्‍ताव स्‍वीकृति हेतु लम्बित हैं।

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) जी हाँ। राजीव सागर परियोजना की गोरेघाट, संग्रामपुर, कुड़वा, कोडवी, कोसुंबा, सुकली, खरपड़िया, पुल-पुट्टा, सालेबर्डी, जामखारी, खड़गपुरबासी, बघोली, बोदलकसा एवं झालीवाड़ा माइनरें कच्ची होने के कारण फिलिंग रीचेज में पानी का रिसाव होना प्रतिवेदित है। (ख) जी नहीं। सीमेंटीकरण की स्वीकृति का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।

मॉडल स्‍कूल भवन का निर्माण

[लोक निर्माण]

20. ( *क्र. 7716 ) श्री ओमकार सिंह मरकाम : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मॉडल स्‍कूल भवन डिण्‍डोरी, समनापुर करेनिया बनाग, मेहन्‍दवानी के निर्माण में कितनी संख्‍या में ईंट लगी, कितनी घनमीटर रेत लगी, कितनी बोरी सीमेंट लगी, कितने क्विंटल लोहा लगा, कितनी मात्रा में गिट्टी लगी, कितनी मात्रा में मुरूम लगी, कितने दरवाजे लगे, कितनी खिड़की लगी, कितने, मारबल-ग्रेनाइट एवं टाईल्‍स लगे, भवन की कुल लम्‍बाई चौड़ाई के आधार पर कितने घनमीटर दीवालें निर्माण की गईं? (ख) किस वस्‍तु के लिए कितना भुगतान किया गया? भवनवार बतावें।

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है।

परिशिष्ट - ''छ:''

बाँधों के अमानक निर्माण की उच्चस्तरीय जाँच

[जल संसाधन]

21. ( *क्र. 5844 ) श्रीमती ऊषा चौधरी : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या सिंगरौली जिले के तहसील सरई अंतर्गत ग्राम पंचायत साजापानी में सिंचाई विभाग द्वारा बाँध का निर्माण कराया गया है? यदि हाँ, तो किस ठेकेदार द्वारा, किस वर्ष एवं कितनी लागत का कार्य कराया गया है? प्रशासकीय स्वीकृति एवं व्यय की गई राशि सहित जानकारी देवें (ख) क्या प्रश्नांश (क) में वर्णित बाँध का निर्माण कार्य ठेकेदार द्वारा घटिया से घटिया कराया गया है? क्या उक्त बाँध को बरसात में फूटने से खतरा है तथा ग्रामीणों को सिंचाई हेतु जो माईनर नहर बनाई गई है, वह भी घटिया से घटिया बनाई गई है? (ग) क्या विकासखण्ड देवसर में कुचवाही से ताल मार्ग लगभग पाँच किलोमीटर मिट्टी एवं मुरुम कार्य की प्रशासकीय स्वीकृति 44.25 लाख थी, जिसमे से 7.54 लाख व्यय किया गया है एवं कार्य नाम मात्र का कराकर अनियमितता की गई है? क्या उक्त कार्य में किये गए भ्रष्टाचार की उच्च स्तरीय जाँच कराकर दोषी अधिकारियों/कर्मचारियों से राशि वसूली की कार्यवाही करते हुए दंडात्मक कार्यवाही की जावेगी? यदि हाँ, तो कब तक? (घ) क्या ग्राम निगरी के गोपद नदी में जे.पी. पावर प्लांट द्वारा बैराज डैम का निर्माण कराया गया है? यदि हाँ, तो क्या सिंचाई विभाग द्वारा उसकी अनुमति ली गई है? यदि हाँ, तो कितने मीटर ऊँचाई की अनुमति ली गई है? यदि नहीं, ली गई तो क्या प्रबंधन के खिलाफ कार्यवाही की जावेगी?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) जी हाँ, विवरण संलग्न परिशिष्ट अनुसार है।                      (ख) जी नहीं। बाँध एवं नहर का निर्माण कार्य तकनीकी मापदण्डों के अनुसार कराया गया है। बाँध के बरसात में फूटने का कोई खतरा नहीं होना प्रतिवेदित है। (ग) जी हाँ। प्रश्नाधीन कार्य की प्रशासकीय स्वीकृति कलेक्टर सिंगरौली द्वारा मनरेगा के अंतर्गत दिनांक 05.11.2009 को प्रदान की गई थी। उक्त मार्ग का निर्माण कार्य लगभग 01 कि.मी. वन प्रभावित भूमि को छोड़कर शेष कार्य पूर्ण कर लिया गया है, जिसके लिये रू. 32.59 लाख व्यय किया जाना प्रतिवेदित है। कार्य के मूल्यांकन के अनुसार भुगतान व्यय किया गया है। कार्य में किसी प्रकार का भ्रष्टाचार नहीं होना प्रतिवेदित है। अतः शेष प्रश्न उत्पन्न नहीं होते हैं। (घ) जी हाँ। जी हाँ। मुख्य अभियंता, गंगा कछार, रीवा ने उनके पत्र दिनांक 09.02.2011 द्वारा बैराज की 11.50 मीटर ऊँचाई के लिये अनुमति प्रदान की थी। अतः शेष प्रश्न उत्पन्न नहीं होते हैं।

परिशिष्ट - ''सात''

कालापीपल विधानसभा क्षेत्र की सड़कों का निर्माण

[लोक निर्माण]

22. ( *क्र. 7785 ) श्री इन्‍दर सिंह परमार : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) कालापीपल विधानसभा क्षेत्र के अन्तर्गत 01 जनवरी, 2014 से प्रश्न दिनांक तक कौन-कौन सी नवीन सड़कों की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई? वर्षवार जानकारी देवें। (ख) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित क्षेत्र में क्या अलिसरिया से मैना, लसुड़ल्या मलक से हड़लायखुर्द, जाबड़िया घरवास से बेरछा दातार, बोल्दा से हड़लायकलां, ऊचौद से रानीबड़ौद, नीमखेड़ी से देवली, बांकाखेड़ी से डुगलाय, बावड़ीखेड़ा डोंगरी से हरुखेड़ी-रनायल, मोहम्मदपुर मछनाई से गणेशपुर, कालापीपल गाँव से तैलिया हनुमान मंदिर, ढाबला हुसेनपुर से ढबोटी, सेमला जोड़ से निपानिया, हिजामउदीन, बावड़ीखेड़ा से लोहरास पहाड़ी, जोगखेड़ी से गोंदी जोड़, टाण्डा से उमरोद तथा खजुरी अल्लाहदाद से फरड़ आदि सड़कें बनाने कि मांग की जा रही है? यदि हाँ, तो, क्या सभी के प्राक्कलन तैयार किये गये हैं? यदि हाँ, तो क्या प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की जाकर सड़कें बनाई जावेगी? (ग) प्रश्नांश (ख) में उल्लेखित महत्वपूर्ण मार्गों पर लोक निर्माण विभाग का कौन अधिकारी कब-कब सर्वे करने गया?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) एवं (ग) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है।

बीज अनुदान की राशि का प्रदाय

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

23. ( *क्र. 6178 ) इन्जी. प्रदीप लारिया : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सागर जिले के सागर एवं राहतगढ़ विकासखण्‍ड अन्‍तर्गत सहकारी समितियों द्वारा वर्ष 2015-16 तथा 2016-17 में किसानों को वितरित बीज के अनुदान राशि (गेंहू, चना, सोयाबीन) प्रदाय की गई है? समितिवार जानकारी देवें (ख) यदि नहीं, तो किसानों की सहकारी समितियों द्वारा बीज की अनुदान राशि विति‍रत न करने का क्‍या कारण रहा है? (ग) सागर जिले में सहकारी समितियों को बीज की अनुदान राशि प्राप्‍त हुई है तो किन-किन समितियों को प्रदान की गई है? समितिवार जानकारी देवें। (घ) प्रश्‍नांश (ग) के अनुसार यदि कोई समितियों को राशि प्राप्‍त हुई है तो विकासखण्‍ड सागर एवं राहतगढ़ क्षेत्र की समितियों को राशि प्रदान न करने के क्‍या कारण हैं एवं कब तक प्रदान की जावेगी?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) सागर जिले में सागर एवं राहतगढ़ विकासखण्‍ड अंतर्गत सहकारी समितियों को कार्यालय उप संचालक किसान कल्‍याण तथा कृषि विकास जिला सागर द्वारा केन्‍द्रीय सहकारी बैंक मर्यादित सागर को अनुदान राशि प्रदाय की गई तथा तद्नुसार बैंक द्वारा कृषकों के खाते में अनुदान को समायोजित किया गया। समितिवार एवं वर्षवार जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 1 अनुसार है। (ख) उत्‍तरांश (क) के प्रकाश में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) समितिवार जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 2 अनुसार है। (घ) उत्‍तरांश (क) एवं (ग) के प्रकाश में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

प्रदेश में फसलों का उत्‍पादन

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

24. ( *क्र. 7882 ) श्री जितू पटवारी : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में फसलों का उत्‍पादन वर्षवार वर्ष 2013-14 से प्रश्‍न दिनांक जिलेवार प्रति हेक्‍टेयर Kg में एवं औसत मध्‍यप्रदेश का प्रति हेक्‍टेयर Kg में बतावें? फसल गेहूँ, धान, मक्‍का, ज्‍वारा, बाजरा, खाद्य फसलें, चना मसूर, उड़द, मूंग दल, दलहन फसल, सोयाबीन, सरसों, मूंगफली आदि की जानकारी देवें (ख) इसी प्रकार प्रश्नांश (क) में वर्णित सभी फसलों का उत्‍पादन वर्षवार, जिलेवार प्रति हेक्‍टेयर प्रति क्विंटल/प्रति कि.ग्रा. एवं प्रदेश का सभी जिले का औसत निकालकर उत्‍पादन बतावें। फसल का नाम, जिले का नाम, प्रति हेक्‍टेयर उत्‍पादन क्विंटल Kg में अंत में औसत प्रदेश का उत्‍पादन क्विंटल Kg में बतावें?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) एवं (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है।

प्रश्‍नकर्ता के पत्रों पर कार्यवाही

[जल संसाधन]

25. ( *क्र. 7767 ) पं. रमेश दुबे : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                    (क) क्‍या प्रश्‍नकर्ता को डूब क्षेत्र से प्रभावित ग्राम धनोरा एवं बारहबरियारी से नागरिकों को मूलभूत सुविधाओं एवं अन्‍य विषयों से संबंधित आवेदन पत्र प्राप्‍त होने पर प्रश्‍नकर्ता ने पत्र क्रमांक 1468, 1466 दिनांक 23.09.2016 माननीय मुख्‍यमंत्री महोदय को पत्र क्रमांक 1464, 1468, 1467 दिनांक 23.09.2016 कलेक्‍टर छिन्‍दवाड़ा को प्रस्‍तुत किया है? (ख) क्‍या प्रश्नांश (क) के प्रकाश में प्रश्‍नकर्ता ने पत्र क्रमांक 1320, दिनांक 25.08.2016, पत्र क्रमांक 1463, दिनांक 23.09.2016 अनुविभागीय अधिकारी राजस्‍व चौरई जिला छिन्‍दवाड़ा को एवं पत्र क्रमांक 628, दिनांक 14.05.2016 कार्यपालन यंत्री पेंच व्‍यपवर्तन परियोजना चौरई को प्रस्‍तुत किया है? (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के संदर्भ में प्रश्‍नकर्ता के पत्रों में एवं संलग्‍न आवेदनों में उल्‍लेखित बिन्‍दुओं का पत्रवार विवरण देते हुए यह बतावें कि इन बिन्‍दुओं पर किस स्‍तर से अब तक क्‍या कार्यवाही की गयी है और नहीं की गयी है तो क्‍यों? (घ) क्‍या शासन प्रश्‍नकर्ता के पत्रों में उल्‍लेखित बिन्‍दुवार समस्‍याओं को प्रश्‍नकर्ता की जानकारी में लाते हुए अथवा प्रश्‍नकर्ता की उपस्थिति में तत्‍परता से लोकहित में निराकरण करने का आदेश देगा? नहीं तो क्‍यों?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) एवं (ख) जी हाँ। (ग) एवं (घ) माननीय सदस्य से प्राप्त पत्रों पर की गई कार्यवाही का विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ-1'' से ''अ-6'' अनुसार है। इस परिप्रेक्ष्‍य में पृथक से शासन आदेश प्रसारित करने की आवश्‍यकता नहीं है।

 

 

 






भाग-2

नियम 46 (2) के अंतर्गत अतारांकित प्रश्नोत्तर के रुप में

परिवर्तित तारांकित प्रश्नोत्तर


सनावद-खरगोन मार्ग का उन्‍नयन

[लोक निर्माण]

1. ( क्र. 154 ) श्री हितेन्द्र सिंह ध्‍यान सिंह सोलंकी : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या बड़वाहा विधान सभा क्षेत्र के नगर, सनावद से जिला मुख्‍यालय खरगोन को जोड़ने वाले राज्‍य मार्ग के उन्‍नयन हेतु कार्य चल रहा है? यदि हाँ, तो उक्‍त मार्ग हेतु कितनी राशि स्‍वीकृत हुई है एवं किन-किन शर्तों के आधार पर यह कार्यादेश दिया गया है? निविदा की प्रति सहित कार्य पूर्ण करने की अवधि सहित जानकारी दी जावे। (ख) क्‍या उक्‍त कार्य के साथ-साथ ही पुल-पुलियाओं की स्‍वीकृति भी हुई है? यदि हाँ, तो उक्‍त मार्ग में कितनी-कितनी पुल-पुलियाओं का पुन: निर्माण हो रहा है एवं कितनी पुल-पुलियाओं का चौड़ीकरण हो रहा है एवं कितनी पुलियाओं का मात्र मरम्‍मत कार्य किया जा रहा है? उसकी सूची दी जावे। (ग) सनावद-खरगोन मार्ग पर ऐसी कितने रपटे थे, जिन्‍हें विगत 5 वर्षों के भीतर उन्‍नयन कर पुल निर्मित कराये गये हैं? उसकी सूची एवं स्‍थान की जानकारी सहित लागत की भी जानकारी दी जावे तथा कितनी राशि का खनिज उत्‍खनन करने से शासन पक्ष में खजाने में राशि जमा की गई? खनिज कहाँ से प्राप्‍त किया? उसकी अनुमति की प्रति। (घ) क्‍या यह सही है कि पिछले 5 वर्षों भीतर निर्मित पुल-पुलियाओं को नवीन मार्ग के निर्माण के समय पुन: चौड़ाई बढ़ाने का कार्य किया गया है? यदि हाँ, तो ऐसे कितने पुल पुलियाएं हैं, जिन्‍हें नवीन सड़क निर्माण के साथ-साथ चौड़ीकरण किया गया है, उसकी सूची दी जावे। क्‍या प्रश्‍नकर्ता द्वारा ग्राम बडूद एवं बैडिया की आबादी, मिर्ची मण्‍डी, स्‍कूल के बच्‍चों की संख्‍या आदि को दृष्टिगत रखते हुये बायपास हेतु प्रस्‍ताव शासन को प्रस्‍तुत किया गया था? यदि हाँ, तो प्रस्‍ताव पर क्‍या कार्यवाही की गई? यदि कार्यवाही नहीं की गई तो क्‍या कारण रहे हैं? उचित कारण सहित सड़क के निर्माण अवधि की जानकारी एवं विलंब के लिये दोषीकर्ता के विरूद्ध दण्‍ड सहित जानकारी दी जावे।

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ। इस मार्ग के निर्माण हेतु 122.60 करोड़ की राशि स्‍वीकृत शासन द्वारा स्‍वीकृत की गई है। शर्तों संबंधित अनुबंध क्रं. 145/2015 में उल्‍लेखित है। कार्य पूर्ण करने हेतु 21 माह की समय-सीमा निर्धारित है। निविदा की प्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) जी हाँ। कुल 33 पुल-पुलियाओं का पुनर्निर्माण किया जा रहा है। 105 पुलियाओं का चौड़ीकरण किया जा रहा है एवं पुलिया की मरम्‍मत की जानी है। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' एवं 'अ-1' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। स्‍लेब कलवर्ट का निर्माण किया जाकर राशि रू. 227.67 लाख व्‍यय किया गया है जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। खनिज उत्‍खनन पर शासन के खाते में रू. 4,09,161/- की राशि जमा की गई है शेष खनिज की जानकारी खनिज विभाग से संबंधित है। (घ) जी हाँ विगत 5 वर्षों में लो‍क निर्माण विभाग द्वारा निर्मित 12 पुल पुलियाओं में से 8 पुल-पुलियाओं का चौड़ीकरण का कार्य किया गया है। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। जी हाँ बडूद एवं बैडीया बायपास निर्माण हेतु वर्ष 2013-14 में विस्‍तृत प्रस्‍ताव पर जिले की योजना सीमा के अनुपात से अधिक कार्य स्‍वीकृत होने के कारण कार्यवाही नहीं की गई। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। कोई दोषी नहीं।

इंदौर इच्छापुर मार्ग का उन्नयन

[लोक निर्माण]

2. ( क्र. 367 ) श्री हितेन्द्र सिंह ध्‍यान सिंह सोलंकी : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या इंदौर से इच्छापुर राज मार्ग को बी.ओ.टी. के अंतर्गत १५ वर्षों के लिए दिया गया है यदि हाँ, तो इस राज मार्ग की ठेका अवधि कब खत्म हो रही है? ठेकेदार द्वारा ठेका अवधि समाप्त होने के पूर्व निविदा अनुसार यातायात सुगम बनाये रखने के लिए क्या-क्या कार्यवाही करना होगी? (ख) क्या प्रश्नकर्ता करता द्वारा पर उक्त मार्ग पर निविदा की शर्तों अनुसार उचित मरम्मत आदि न करने घटिया मरम्मत करने, के संबध में कब-कब पत्र जारी किये गए, प्राप्त पत्रों पर विभाग द्वारा क्या कार्यवाही की गई, क्या ग्राम नावघाट खेड़ी में पेट्रोल पंप से पास पुलिया बनाये जाने के लिए बार बार पत्र लिखने पर भी कार्यवाही न करने के क्या कारण रहे है जबकि वे पुलिया कभी भी टूट सकती है, (ग) क्या यह सही है की प्रश्नांश (क) उल्लेखित मार्ग को फोरलेन में उन्नयन हेतु शासन स्तर पर प्रक्रिया चल रही है? यदि हाँ, तो प्रश्न दिनांक तक उन्नयन में क्या प्रगति हुई, कब तक डी.पी.आर. तैयार होकर निविदा जारी हो जावेगी, कौन-कौन से ग्रामों से बाईपास होंगे एवं कहाँ-कहाँ ब्रिज आदि, होंगे?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ। ठेका मध्यरात्रि दिनांक 18.02.2017 को समाप्त हो चुका है। कंसेशनायर द्वारा ठेका अवधि समाप्त होने के पूर्व यातायात सुगम बनाये रखने हेतु रख-रखाव का कार्य पूर्ण कर दिया गया हैं। (ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। निगम द्वारा प्रश्नकर्ता विधायक के पत्रों के आधार पर निवेशकर्ता से आवश्यकतानुसार मरम्मत एवं रख-रखाव कार्य कराया गया। ग्राम नावघाट खेडी में पेट्रोल पंप के पास पुलिया का संधारण कार्य करवा दिया गया हैं। पुलिया की स्थिति अच्छी हैं। (ग) इन्दौर-ईच्छापुर मार्ग को दिनांक 07.06.2016 को सैद्धांतिक रूप से राष्ट्रीय राजमार्ग में घोषित किया जा चुका है। इन्दौर-ईच्छापुर मार्ग कुल 203 कि.मी. का सैद्धांतिक रूप से नेशनल हाईवे घोषित होने के उपंरात फोरलेन मार्ग हेतु पुर्व में तैयार की जा रही फिजिबिलिटी रिपोर्ट आदि दस्तावेज भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण इकाई इन्दौर को दिनांक 06.10.2016 को हस्तांतरित किये जा चुके है। नवीन फोरलेन मार्ग निर्माण के संबंध में कार्यवाही भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण इकाई इन्दौर द्वारा की जानी है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''एक''

शासन संचालित उद्यान

[उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण]

3. ( क्र. 1086 ) श्रीमती चन्‍दा सुरेन्‍द्र सिंह गौर : क्या राज्‍यमंत्री, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या खरगापुर विधानसभा क्षेत्र में उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्‍करण विभाग कार्यालय कहाँ-कहाँ संचालित हैं तथा इनके प्रभारी कौन हैं? नाम सहित एवं संचालित कार्यालयों के स्‍थान नाम सहित जानकारी उपलब्‍ध करायें? यदि नहीं, तो कारण स्‍पष्‍ट करें? (ख) क्‍या खरगापुर विधानसभा क्षेत्र में शासन से संधारित एवं संचालित उद्यान बल्‍देवगढ़ द्वारा वर्ष 2015-16 से प्रश्‍न दिनांक तक कितने कृषकों को किस-किस योजना के तहत क्‍या-क्‍या लाभ दिये गये? (ग) खाद्य प्रंसस्‍करण हेतु कितने किसानों के बीच जैविक खाद्य बनाये जाने के लिये कहाँ-कहाँ कार्यक्रम आयोजित किये गये तथा किस प्रकार से कृषकों को समझाया जाता है तथा इस योजना से कृषकों को लाभ देने या संयत्र देने हेतु शासन से 2015-16 से प्रश्‍न दिनांक तक कितनी राशि प्राप्‍त हुई? (घ) इसका किस प्रकार व्‍यय किया गया तथा परिणाम कैसे रहे? जानकारी योजनावार ग्रामवार कृषकों की संख्‍यावार सहित बतावें तथा कृषकों को लाभान्वित किये जाने वाली योजना की मॉनीटरिंग किस सक्षम अधिकारी द्वारा की गई तथा किन-किन जनप्रतिनिधियों को अवगत कराकर किस-किस आयोजन में किसे आमंत्रित किया गया?

राज्‍यमंत्री, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण ( श्री सूर्यप्रकाश मीना ) : (क) खरगापुर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत विकासखण्‍ड बल्‍देवगढ़ में शासकीय उद्यान बल्‍देवगढ़ स्थित है जिसके प्रभारी               श्री अजय रोहित वरिष्‍ठ उद्यान विकास अधिकारी है। विकासखण्‍ड पलेरा में शासकीय संजय नि‍कुंज गोवा (पलेरा) है जिसके प्रभारी श्री पी.के. श्रीवास्‍तव वरिष्‍ठ उद्यान विकास अधिकारी है।              (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) प्रश्‍नाधीन अवधि में खाद्य प्रसंस्‍करण एवं जैविक खाद बनाने हेतु पृथक से कोई कार्यक्रम आयोजित नहीं हुए हैं। विभागीय कृषक प्रशिक्षण एवं मेला प्रदर्शनी के माध्‍यम से विभाग की समस्‍त योजनाओं की जानकारी कृषकों को दी गई है। प्रश्‍नाधीन अवधि में खाद्य प्रसंस्‍करण, जैविक खाद बनाये जाने एवं संयंत्र हेतु विकासखण्‍ड बल्‍देवगढ़ एवं पलेरा में कोई राशि प्राप्‍त नहीं हुई है। (घ) उत्‍तरांश '' अनुसार राशि प्राप्‍त न होने से जानकारी निरंक है। उत्‍तरांश '' अनुसार उद्यानिकी फसल क्षेत्र विस्‍तार योजनाओं में संबंधित वरिष्‍ठ उद्यान विकास अधिकारी द्वारा, यंत्रीकरण योजना में संयुक्‍त संचालक उद्यान, उप संचालक उद्यान, उप संचालक कृषि, वैज्ञानिक कृषि विज्ञान केन्‍द्र एवं संबंधित वरिष्‍ठ उद्यान विकास अधिकारी की संयुक्‍त समिति द्वारा और प्‍याज भण्‍डार गृह निर्माण योजना/माईक्रो इरीगेशन योजना में उप संचालक उद्यान वरिष्‍ठ उद्यान विकास अधिकारी, ग्रामीण उद्यान विस्‍तार अधिकारी एवं ग्राम पंचायत के सरपंच/पंच के समक्ष भौतिक सत्‍यापन के माध्‍यम से मॉनिटरिंग की व्‍यवस्‍था है। विभागीय मेला प्रदर्शनी अंतर्गत अन्‍त्‍योदय मेला में माननीय विधायक खरगापुर, जिला पंचायत अध्‍यक्ष टीकमगढ़ एवं जनपद सदस्‍यगण को आमंत्रित किया गया। विभागीय कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रम में अध्‍यक्ष कृषि स्‍थाई समिति जिला पंचायत टीकमगढ़ को आंमत्रित किया गया।

परिशिष्ट - ''दो''

लघु सिंचाई योजनाओं की स्‍वीकृति

[जल संसाधन]

4. ( क्र. 1619 ) कुँवर हजारीलाल दांगी : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) राजगढ़ जिले की विधानसभा क्षेत्र खिलचीपुर के अंतर्गत कौन-कौन सी लघु सिंचाई योजनाएं विभाग के पास साध्‍य होकर विचाराधीन हैं? अद्यतन स्थिति सहित बतावें। (ख) क्‍या विधानसभा क्षेत्र खिलचीपुर के अंतर्गत लघु सिंचाई योजना जिनमें शिवपुरा, तालाब, नभापुरा तालाब, सादलपुर-2 तालाब, भानपुरा बैराज, मोई बैराज ऐसी योजनाएं हैं, जो कि कम लागत में अधिक हेक्‍टेयर भूमि रकबा को सिंचित करने की क्षमता रखती हैं? यदि हाँ, तो क्‍या शासन किसानों को सिंचाई सुविधा उपलब्‍ध कराने के उद्देश्‍य से उक्‍त योजनाओं की स्‍वीकृति के लिये कोई कार्यवाही करेगा? यदि हाँ, तो क्‍या और कब तक?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) एवं (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। परियोजनाओं की स्वीकृति उपलब्ध जलग्रहण क्षेत्र, जीवित जल क्षमता, डूब भूमि का प्रतिशत एवं वित्तीय मापदण्ड पर निर्भर है। समय-सीमा बताना संभव नहीं है।

परिशिष्ट - ''तीन''

अंडर ब्रिज की ऊंचाई बढ़ाये जाने हेतु

[लोक निर्माण]

5. ( क्र. 1808 ) श्री रजनीश सिंह : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बड़ी रेल लाइन (ब्राडगेज) जो कि सिवनी से मंडला एवं मंडला से नैनपुर निर्माण हेतु प्रगतिरत है जिसके साथ-साथ अंडर ब्रिज का निर्माण कार्य भी प्रगतिरत है क्‍या अंडर ब्रिज की उंचाई (हाइट) बढ़ाने को लेकर जन प्रतिनिधियों एवं क्षेत्रीय जनों द्वारा डी.आर.एम. नागपुर एवं संबंधित विभाग के समक्ष आवेदन निवेदन किया गया है? (ख) यदि हाँ, तो विधानसभा क्षेत्रान्‍तर्गत कौन-कौन से ग्रामों के अंडर ब्रिज की हाईट बढ़ाने हेतु क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों द्वारा आवेदन कर मांग की गई है? (ग) प्रश्नांश (ख) के अनुसार बड़ी रेल लाइन निर्माण के अंतर्गत आने वाले उक्‍त ग्रामों के अंडर ब्रिज की उंचाई बढ़ाने हेतु विभाग द्वारा क्‍या कार्यवाही की गई है? यदि हाँ, तो बताये। यदि नहीं, तो क्‍यों नहीं।

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ, जनप्रतिनिधियों का पत्र डी.आर.एम. नागपुर को प्राप्‍त है। (ख) रेल्‍वे द्वारा पत्रों में की गई कार्यवाही की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) सिवनी से चिरईडोंगरी के मध्‍य दो रोड अंडर ब्रिज का निर्माण कार्य बड़ी रेल लाइन के निर्माण के दौरान रेल्‍वे के द्वारा किया जा रहा है। दोनों ब्रिजों का वर्टिकल क्‍लीयरेंस मापदण्‍ड के अनुसार 6.00 मी. की ड्रांइग का अनुमोदन MPRDCL के पत्र दिनांक 24.06.2016 के द्वारा किया गया है। चूंकि अण्‍डर ब्रिज की ऊँचाई मापदण्‍डानुसार अनुमोदित है, जिसके अनुसार ब्रिज का निर्माण रेल्‍वे विभाग द्वारा किया जा रहा है। शेष जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है।

परिशिष्ट - ''चार''

जर्जर सड़कों का बोर्ड निधि से निर्माण

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

6. ( क्र. 2489 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या म. प्र. राज्य कृषि विपणन बोर्ड भोपाल के द्वारा बोर्ड निधि से पनागर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम मटामर से कैलाशधाम तक की जर्जर एवं गहरे गड्ढों की सड़क निर्माण की प्रशासकीय स्वीकृति प्रबंध संचालक द्वारा दिनांक 13-07-2016 को जारी की गई है एवं मुख्य अभियंता द्वारा दिनांक 13-07-2016 को ई-टेण्डर जारी किये गये? (ख) क्या कार्यपालन यंत्री म.प्र. राज्य कृषि विपणन बोर्ड जबलपुर द्वारा नियमानुसार निविदायें प्राप्त कर स्वीकृति हेतु मुख्य अभियंता को दिनांक 17-08-2016 को भेजी गई एवं इस सड़क का भूमिपूजन वृहद स्तर पर विशाल जन समुदाय के बीच किया गया जो निरंतर इस सड़क का उपयोग कर रहे हैं? (ग) क्या मुख्य सचिव म. प्र. शासन भोपाल की नोटशीट दिनांक 15-09-2016 के द्वारा इस सड़क निर्माण पर माननीय मुख्यमंत्री जी के निर्देश का संदर्भ देकर रोक लगाई गई है? जबकि माननीय मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा लगातार तीन पत्र क्रमश: 2365 दिनांक 18.10.2016, 2419 दिनांक 22.10.2016, 2420 दिनांक 22.10.2016 भेजे गये हैं, जिन पर प्रबंध संचालक मण्डी बोर्ड द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की गई है? (घ) क्या इस जर्जर सड़क का रोका गया वर्क ऑर्डर जारी किया जायेगा या नहीं?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) जी हाँ, अपितु ई-टेण्डर कार्यपालन यंत्री, म.प्र. राज्य कृषि विपणन बोर्ड, तकनीकी संभाग, जबलपुर द्वारा जारी किया गया था। (ख) जी हाँ। जी हाँ, अपितु भूमि पूजन का कार्यक्रम स्थानीय स्तर पर प्रश्नकर्ता माननीय विधायक जी के माध्यम से आयोजित हुआ था, जो मंडी बोर्ड स्तर से नहीं किया गया है। (ग) जी हाँ। माननीय मुख्यमंत्री जी के कार्यालय से प्राप्त प्रश्नागत, पत्रों पर कार्यवाही के अनुक्रम में प्रश्नांश "क" में उल्लेखित सड़क कार्य की निविदाओं के संबंध में निर्णय की कार्यवाही विचाराधीन है। (घ) उत्तरांश "ग" अनुसार निविदाओं के संबंध में निर्णय के तहत आगामी कार्यवाही की जा सकेगी।

बीजों का वितरण

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

7. ( क्र. 2599 ) डॉ. कैलाश जाटव : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) गोटेगाँव विधानसभा क्षेत्र अन्‍तर्गत वर्ष 2014-15, 2015-16 एवं 2016-17 में कौन-कौन सी योजनाओं से बीजों का वितरण निशुल्‍क किया गया? (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में जिन हितग्राहियों को लाभ दिया गया उनकी संख्‍यात्‍मक जानकारी वर्षवार, योजनावार, जीन्‍सवार/फसलवार उपलब्‍ध करावें?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) गोटेगाँव विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत वर्ष 2014-15, 2015-16 एवं 2016-17 में नेशनल मिशन ऑन ऑयल सीड्स एण्‍ड आयल पॉम (एन.एम.ओ.ओ. पी.) तथा राष्‍ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन (दलहन) अंतर्गत नि:शुल्‍क बीज मिनिकिट का वितरण किया गया है। (ख) उत्‍तरांश (क) के संदर्भ में लाभांवित हितग्राहियों की संख्‍यात्‍मक वर्षवार, योजनावार, फसलवार जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है।

परिशिष्ट - ''पाँच''

सीताफल फूड प्रोसिसिंग यूनिट

[उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण]

8. ( क्र. 2654 ) श्री रजनीश सिंह : क्या राज्‍यमंत्री, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जबलपुर संभाग में कितनी फूड प्रोसेसिंग यूनिट संचालित हैं? विधानसभा क्षेत्र वार विवरण देवें। फूड प्रोसेसिंग यूनिट खोले जाने हेतु विभाग के क्‍या मापदंड निर्धारित हैं? (ख) क्‍या प्रश्‍नकर्ता द्वारा केवलारी विधानसभा के अंतर्गत छपारा विकासखंड में सीताफल फूड प्रोसेसिंग यूनिट खोले जाने हेतु पूर्व में किए गए विधानसभा प्रश्‍न पर विभाग द्वारा क्‍या कोई सकारात्‍मक कार्यवाही की गई है? (ग) प्रश्नांश (ख) के अनुसार विकासखंड छपारा में सीताफल यूनिट खोले जाने हेतु इसे बजट में शामिल किया जावेगा? यदि नहीं, तो क्‍यों?

राज्‍यमंत्री, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण ( श्री सूर्यप्रकाश मीना ) : (क) जबलपुर संभाग में 320 फूड प्रोसेसिंग यूनिट संचालित है। विधानसभा क्षेत्रवार विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। खाद्य प्रसंस्‍करण उद्योगों की स्‍थापना निजी निवेशक द्वारा की जाती है। सूक्ष्‍म, लघु एवं मध्‍यम खाद्य प्रसंस्‍करण उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए विभाग द्वारा विशिष्‍ट वित्‍तीय सहायताओं का प्रावधान किया गया है, जो पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) विभाग द्वारा खाद्य प्रसंस्‍करण उद्योगों की स्‍थापना हेतु विज्ञापन प्रसारित कर प्रस्‍ताव चाहे गये हैं। प्रश्‍नाधीन इकाई की स्‍थापना हेतु वर्तमान में निजी निवेशक से कोई प्रस्‍ताव प्राप्‍त नहीं हुआ है। (ग) फूड प्रोसेसिंग यूनिट की स्‍थापना शासन द्वारा नहीं की जाती है, अपितु निजी निवेशक द्वारा की जाती है जिसके लिए उत्‍तरांश '' अनुसार विशिष्‍ट वित्‍तीय सहायताओं का प्रावधान किया गया है अत: पृथक से बजट में शामिल किये जाने की आवश्‍यकता नहीं है।

उद्हवन सिंचाई योजना

[जल संसाधन]

9. ( क्र. 2655 ) श्री रजनीश सिंह : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सिवनी जिले में कितनी उद्वहन सिंचाई योजनाएं विगत 10 वर्षों से निर्मित की गई है? विकासखण्‍डवार जानकारी दें। उक्‍त योजनाओं में से प्रश्‍न दिनांक तक कौन-कौन सी योजनाएं चालू हैं एवं कौन-कौन सी बंद हैं? विकासखण्‍डवार योजना का नाम, निर्माण का वर्ष, योजना कब से चालू हैं? यदि बंद हैं तो कब से? जानकारी दें। (ख) उक्‍त योजनाओं के बंद होने के क्‍या कारण हैं? योजनावार बताएं। उक्‍त योजना निर्माण में शासन की कितनी राशि का व्‍यय हुआ है और इन्‍हें चालू किये जाने के लिए क्‍या शासन विचार कर रहा है? क्‍या कोई प्रस्‍ताव शासन के समक्ष विचाराधीन है?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) एवं (ख) सिवनी जिले में विगत 10 वर्षों में कोई उद्वहन सिंचाई परियोजना निर्मित नहीं की गई है। अतः शेष प्रश्नांश उत्पन्न नहीं होते हैं।

लोक निर्माण विभाग अन्तर्गत स्वीकृत सड़के

[लोक निर्माण]

10. ( क्र. 3568 ) डॉ. रामकिशोर दोगने : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) हरदा विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत लोक निर्माण विभाग द्वारा वर्ष 2013-14 से 2016-17 में प्रश्न दिनांक तक कौन-कौन सी सड़कें व पुल-पुलियाएं स्वीकृत की गईं। कार्य का नाम, स्वीकृति दिनांक, स्वीकृत राशि, व्यय की गई राशि, कार्य एजेन्सी के नाम, के साथ ही कार्य की वर्तमान स्थिति क्या है वर्षवार जानकारी उपलब्ध करावें। (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार स्वीकृत कार्यों में से कौन-कौन से कार्य प्रश्न दिनांक तक पूर्ण हो गये हैं व कौन-कौन से कार्य अपूर्ण हैं व स्वीकृत कार्य प्रारंभ ही नहीं किये गये उसका क्या कारण है? (ग) स्वीकृत कार्य में देरी अथवा कार्य प्रारंभ नहीं किये जाने के लिये कौन जवाबदार है व जवाबदार के विरूद्ध क्या कार्यवाही की जावेगी? (घ) आगामी वर्षों में विभाग द्वारा हरदा जिले में कौन-कौन सी सड़कें अथवा पुल-पुलियाए आदि स्वीकृत किया जाना प्रस्तावित है?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' एवं 'अ-1' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' एवं 'अ-1' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' एवं 'अ-1' अनुसार है। (घ) वर्तमान में कोई नहीं।

राजघाट बांध के डूब क्षेत्र में खेती की भूमि की नीलामी

[जल संसाधन]

11. ( क्र. 3927 ) श्री शैलेन्द्र जैन : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) राजघाट बांध हेतु आरक्षित डूब क्षेत्र में कितनी भूमि पर कौन-कौन सी फसलें बोई गयी है? क्‍या फसल बोने हेतु भूमि की नीलामी हेतु विज्ञप्ति जारी की गयी? यदि हाँ, तो कब एवं कितनी भूमि की नीलामी की गयी? इससे शासन को वर्ष 2014 से प्रश्‍न दिनांक तक कितनी आय प्राप्‍त हुई? (ख) क्‍या राजघाट बांध हेतु आरक्षित डूब क्षेत्र में अनाधिकृत रूप से मौन सहमति देकर सिंचाई सहित खेती करायी जा रही है? यदि हाँ, तो किस अधिकारी ने भूमि पर खेती करने की अनुमति दी है? नाम, पद बतायें। यदि नहीं, तो उक्‍त क्षेत्र के उपयोग पर कब-कब तथा क्‍या कार्यवाही की गयी? (ग) क्‍या शासन डूब क्षेत्र की भूमि पर खेती करने हेतु विधिवत नीलामी करके शासन/नगर निगम की आय बढ़ाकर लोगों को खेती करने का अवसर देगा?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) से (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

सागर नगर में नवीन बायपास मार्ग निर्माण

[लोक निर्माण]

12. ( क्र. 3934 ) श्री शैलेन्द्र जैन : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या सागर नगर के नवीन बायपास मार्ग निर्माण का प्रस्‍ताव शासन के समक्ष विचाराधीन है? यदि हाँ, तो कहाँ से कहाँ तक, कितनी लम्‍बाई एवं कितनी लागत का है? (ख) प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में बायपास मार्ग निर्माण में कितनी शासकीय एवं निजी भूमि का अधिगृहण किया जायेगा? (ग) क्‍या शासन सागर नगर में बढ़ती आबादी एवं यातायात के दबाव को देखते हुए नवीन बायपास मार्ग की स्‍वीकृति प्रदान करेगा? यदि हाँ, तो कब तक?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ, सागर नगर में बायपास निर्माण हेतु एकरेखण का प्रस्‍ताव भारत सरकार सड़क‍ परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय नई दिल्‍ली को अनुमोदन हेतु प्रेषित किया गया, जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ग) बायपास हेतु एकरेखण का अनुमोदन उपरांत डी.पी.आर. तैयार कर स्‍वीकृति हेतु भारत सरकार सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय नई दिल्‍ली को प्रेषित किया जावेगा। वर्तमान में समय-सीमा बताना संभव नहीं है।

परिशिष्ट - ''छ:''

विधान सभा सदस्यों को उनके क्षेत्र में आवास आंवटन

[संसदीय कार्य]

13. ( क्र. 3944 ) डॉ. रामकिशोर दोगने : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या मा. मुख्य मंत्री महोदय, मध्य प्रदेश द्वारा यह घोषणा की गई थी कि म.प्र. विधानसभा के सभी सदस्यों को उनके विधान सभा क्षेत्र में आवास उपलब्ध कराया जावेगा?                (ख) यदि हाँ, तो उक्त घोषणा के पालन में विभाग द्वारा अभी तक क्या कार्यवाही की गई है व वर्तमान में क्या स्थिति है? (ग) कब तक विधानसभा सदस्यों को उनके विधानसभा क्षेत्र में आवास उपलब्ध करा दिया जावेगा? (घ) क्या उक्त योजनान्तर्गत पूर्व से निर्मित शासकीय आवास उपलब्ध कराये जावेंगे अथवा नये आवासों का निर्माण किया जावेगा? यदि नये आवासों का निर्माण किया जावेगा तो उक्त योजना में कुल कितनी राशि व्यय होगी।

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) जी नहीं। संधारित अभिलेख के अनुसार प्रश्‍न में उल्लेखित घोषणा दर्ज होना नहीं पाई गई है। (ख) से (घ) प्रश्‍नांश के भाग (क) के उत्‍तर के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

नर्मदा नदी देवगांव मोहगांव में स्‍टॉप डेम निर्माण

[जल संसाधन]

14. ( क्र. 3954 ) श्री रामप्यारे कुलस्ते : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) निवास विधानसभा क्षेत्रांतर्गत ग्राम देवगांव संगमघाट विकासखण्‍ड मोहगांव में नर्मदा नदी में क्षेत्रीय जनमांग है कि नर्मदा नदी में स्‍टॉप डेम का निर्माण कराया जावे जिससे पानी का रूकाव सिंचाई की सु‍विधा आदि की व्‍यवस्‍थायें हो जावेंगी. (ख) क्‍या यहां पर स्‍टॉप डेम निर्माण से कई ग्रामों की सैकड़ों एकड़ जमीन सिंचित होवेगी साथ ही इस क्षेत्र के लोगों को पीने के पानी उत्‍तम व्‍यवस्‍था हो जावेगी. (ग) यदि हाँ, तो इस स्‍टॉप डेम निर्माण की स्‍वीकृति कब तक प्रदान कर दी जावेगी, क्‍या स्‍टॉप डेम की स्‍वीकृति मिल जाने से इस सत्र में कार्य पूर्ण करा लिया जावेगा.

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) से (ग) जी हाँ। प्रश्नांकित स्थल पर प्राकृतिक रूप से जल भराव बना रहता है, जिससे कृषकों की जमीन सिंचित हो सकती है। उक्त स्थल पर पृथक से स्‍टॉप डेम बनाये जाने की आवश्यकता नहीं पाई गई। शेष प्रश्न उत्पन्न नहीं होते हैं।

स्‍टॉप डेम निर्माण

[जल संसाधन]

15. ( क्र. 4946 ) श्री जितेन्‍द्र गेहलोत : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) उज्‍जैन संभाग में नदी, खाल, नालों पर स्‍टॉप डेम के निर्माण प्रस्‍ताव वर्ष २०१५,२०१६ में कहाँ- कहाँ से प्रस्‍तावित किये गये? जिलेवार, तहसीलवार ब्‍यौरा दें. (ख) प्रस्‍तावित प्रश्नांश (क) के कितने प्रकरण अब तक स्‍वीकृत हुए एवं कितने, किस कारण लंबित है? (ख) रतलाम जिले के आलोट विधानसभा क्षेत्र के स्‍टॉप डेम स्‍वीकृतियों में विलंब का कारण व विलंब के लिए जिम्‍मेदारों पर क्‍या कार्यवाही की गई? स्‍वीकृतियां कब तक प्राप्‍त होगी?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''1'' एवं ''2'' अनुसार है। (ख) 38 कार्यों की स्वीकृति प्रदान की गई है एवं 13 कार्यों के प्रस्‍ताव प्रक्रियाधीन हैं। शाजापुर जिले की अमस्याखेड़ी वियर, डाऊन स्ट्रीम में निर्माणाधीन बिनाया बैराज के डूब में आने के कारण असाध्‍य हो गया है। (ग) आलोट विधान सभा क्षेत्रांतर्गत किसी भी स्टॉप डेम की स्वीकृति लंबित नहीं है। 5 स्वीकृत कार्यों का निर्माण कार्य प्रगति पर है। शेष प्रश्न उत्पन्न नहीं होते हैं।

लेबड़-जावरा मार्ग का मेंटेनेंस कार्य

[लोक निर्माण]

16. ( क्र. 5048 ) श्री अजय सिंह : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि    (क) एम.पी.आर.डी.सी. के बी.ओटी. प्रोजेक्‍ट वेस्‍टर्न एम.पी. इन्‍फ्रास्‍ट्रक्‍चर एण्‍ड टोन रोड प्रा.लि. ने रतलाम एवं धार जिलों के अंतर्गत लेबड़ जावरा मार्ग (स्‍टेट हाईवे-31) में 01.12.2015 से 31 अगस्‍त 2016 तक मेंटेनेंस का कार्य किस नाम/पते वाली कंपनी के द्वारा किया गया? (ख) वेस्‍टर्न एम.पी. इन्‍फ्रास्‍ट्रक्‍चर एण्‍ड टोन रोड्स प्रायवेट लिमिटेड के द्वारा प्रश्नांश (क) में वर्णित स्‍टेट हाईवे - 31 लेबड़ जावरा मार्ग के मेंटेनेंस का कार्य किस नाम/पते वाली कंपनी से कब से कब करवाया?          (ग) प्रश्नांश (क) में उल्‍लेखित समयानुसार एवं वर्णित कंपनी के द्वारा कितनी क्‍वांटिटी में कितने रूपये मूल्‍य का कार्य लेबड़-जावरा मार्ग स्‍टेट हाईवे -31 पर किया गया? क्‍वान्टिटी एवं कुल राशि का बिन्‍दुवार विवरण दें। (घ) वेस्‍टर्न एम.पी. इन्‍फ्रास्‍ट्रक्‍चर एण्‍ड टोल रोड प्रा.लि. के द्वारा उक्‍त स्‍टेट हाईवे-31 लेबड़ जावरा मार्ग के मेंटेनेंस कार्य की क्‍या डिटेल रिपोर्ट (क्‍वान्टिटी स्‍टेटमेंट एवं कुल खर्च की गई राशि) एम. पी. आर. डी. सी. को भेजी? एक प्रति उपलब्‍ध करायें।

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) लेबड़-जावरा एस.एच.-31 बी.ओ.टी. मार्ग का मेंटेनेंस कार्य का दायित्व कन्सेशन अवधि तक अनुबन्धित निवेशकर्ता कम्पनी वेस्टर्न एम.पी. इन्फ्रास्ट्रक्चर एण्ड टोल रोड प्रा.लि., कोर्पो. ऑफिस-20 वी मंजिल, ए-विंग, मेराथन फ्यूचरेक्स एन.एम. जोशी मार्ग, लोअर परेल (पूर्व) मुम्बई 400013 का है। निवेशकर्ता कम्पनी द्वारा अवगत कराया है कि दिनांक 01.12.2015 से 31.10.2016 तक कम्पनी के वेन्डर मेसर्स मार्क-ओ-लाइन ट्राफिक कन्ट्रोल (पी) लि., ए-502, श्री नन्द धाम, सेक्टर 11, सीबीडी बेलापुर, नवी मुम्बई- 400614, एम.एस. इण्डिया के द्वारा मेंटेनेंस कार्य किया गया है। (ख) प्रश्नांश '''' में वर्णित स्टेट हाईवे-31 से अनुबंधित निवेशकर्ता कम्पनी द्वारा अवगत कराया गया है कि, कम्पनी के वेन्डर मेसर्स मार्क-ओ-लाइन ट्राफिक कन्ट्रोल (पी) लि., नवी मुम्बई द्वारा दिनांक 15.12.2015 से 31.08.2016 तक मेंटेनेंस कार्य करवाया गया है। (ग) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित समयानुसार निवेशकर्ता कम्पनी मेसर्स वेस्टर्न एम.पी. इन्फ्रास्ट्रक्चर एण्ड टोल रोड प्रा.लि., मुम्बई के वेन्डर द्वारा लेबड़-जावरा मार्ग एस.एच.-31 पर किये गये कार्य की मात्रा एवं व्यय की गई राशि की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''1'' एवं ''2'' अनुसार है। (घ) जी हाँ। निवेशकर्ता द्वारा प्रेषित दिनांक 15.12.2015 से 31.08.2016 तक किये गये मेंटेनेंस कार्य की विस्तृत जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र''1'' एवं ''2'' अनुसार है।

उद्यान विभाग अंतर्गत संचालित योजना

[उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण]

17. ( क्र. 5089 ) श्री कमल मर्सकोले : क्या राज्‍यमंत्री, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सिवनी जिले में उद्यान विभाग सिवनी के अंतर्गत वर्ष 2015-162016-17 में सब्‍जी क्षेत्र विस्‍तार, मसाला क्षेत्र विस्‍तार के लिए शासन से कितना आवंटन प्राप्‍त हुआ है? इन योजनाओं के तहत सिवनी जिले में कौन-कौन से कार्य किए जाकर राशि व्‍यय की गई, व्‍यय की गई राशि का विवरण तथा क्‍या सार्थक परिणाम सामने आए हैं। योजना अनुसार चयनित हितग्राहियों की संख्‍यात्‍मक जानकारी उपलब्‍ध करावे। (ख) सब्‍जी क्षेत्र विस्‍तार, मसाला क्षेत्र विस्‍तार योजना के तहत वर्ष 2015-162016-17 में क्रियान्‍वयन से पूर्व रकबा क्या था तथा योजना क्रियान्‍वयन के बाद दोनों वर्षों में कितना विस्‍तार हुआ है? इसकी तुलनात्‍मक जानकारी उपलब्‍ध करावें।

राज्‍यमंत्री, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण ( श्री सूर्यप्रकाश मीना ) : (क) सिवनी जिले में सब्‍जी क्षेत्र विस्‍तार योजना अंतर्गत वर्ष 2015-16 में राशि रूपये 44,99,967/- एवं वर्ष 2016-17 में राशि रूपये 6,40,200/- का आवंटन प्राप्‍त हुआ है। मसाला क्षेत्र विस्‍तार योजना अंतर्गत वर्ष 2015-16 में राशि रूपये 26,13,625/- एवं वर्ष 2016-17 में राशि रूपये 1,72,520/- का आवंटन प्राप्‍त हुआ है। प्रश्‍नांश के शेष भाग की जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है।

परिशिष्ट - ''सात''

ग्रामीण भंडार योजना

[सहकारिता]

18. ( क्र. 5620 ) श्री जितेन्‍द्र गेहलोत : क्या राज्‍यमंत्री, सहकारिता महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) ग्रामीण भंडारण योजनांतर्गत उज्‍जैन संभाग में जिलेवार वर्ष २०१२ से दिसम्‍बर २०१६ तक कितनी क्षमता के कितने गोदाम निर्माण का लक्ष्‍य था? (ख) प्रश्नांश (क) गोदाम निर्माण पर ऋण व अनुदान कितना-कितना स्‍वीकृत हुआ? गोदामवार ब्‍यौरा दें। (ग) कितने और कौन-कौन से स्‍वीकृत गोदामों का कार्य अपूर्ण है? सकारण ब्‍यौरा दें। लक्ष्‍य प्राप्ति की वास्‍तविक स्थिति की जानकारी दें?

राज्‍यमंत्री, सहकारिता ( श्री विश्वास सारंग ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'एक' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'दो' अनुसार है।               (ग) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'तीन' अनुसार है।

एन.एच.86 को फोरलेन करना

[लोक निर्माण]

19. ( क्र. 5716 ) श्री शैलेन्द्र जैन : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या सागर से लेकर सांची तक के राष्‍ट्रीय राजमार्ग क्र. 86 को फोरलेन में तब्‍दील करने के लिए किसी प्रस्‍ताव को शासन द्वारा स्‍वीकृति दी गयी है? यदि हाँ, तो कहाँ से कहाँ तक का निर्माण प्रस्‍तावित है? इसकी लागत कितनी है तथा पूर्ण होने की समय-सीमा क्‍या है? (ख) क्‍या इस प्रस्‍ताव में सागर नगर से लेकर भोपाल के बीच का कुछ हिस्‍सा छोड़ दिया गया है? क्‍या शासन इस छूटे हुए हिस्‍से को शामिल करायेगा? यदि हाँ, तो कब तक? (ग) यदि नहीं, तो क्‍या शासन इस मार्ग को फोरलेन निर्माण हेतु अलग से स्‍वीकृत करेगा? यदि हाँ, तो कब तक?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) फोरलेन हेतु नहीं, अपितु टू-लेन विथ पेव्‍हड शोल्‍डर्स हेतु भारत सरकार द्वारा स्‍वीकृति दी गई है। कि.मी. 81 से 175। रू. 287.23 करोड़। कार्यादेश जारी होने के दिनांक 02.01.2017 से दो वर्ष अर्थात 02.01.2019(ख) जी हाँ। छूटे हुए भाग कि.मी. 176 से 187/6 हेतु प्रस्‍ताव भारत सरकार, सड़क परिवहन राजमार्ग मंत्रालय को प्रेषित। शेष का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता। (ग) प्रश्‍नांश '' एवं '' के उत्‍तर के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता।

खाद्य प्रसंस्करण की प्रचलित इकाइयाँ

[उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण]

20. ( क्र. 5793 ) श्रीमती योगिता नवलसिंग बोरकर : क्या राज्‍यमंत्री, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) खाद्य प्रसंस्करण के अंतर्गत क्या योजनाए है? (ख) प्रश्‍नकर्ता की विधान सभा क्षेत्र पंधाना अन्तर्गत खाद्य प्रसंस्करण की कितनी इकाइयां वर्तमान में प्रचलित? इसमें सरकार की ओर से क्या सुविधायें दी जाती है?

राज्‍यमंत्री, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण ( श्री सूर्यप्रकाश मीना ) : (क) मध्‍यप्रदेश में खाद्य प्रसंस्‍करण के अंतर्गत उद्योगों की स्‍थापना निजी निवेशकों द्वारा की जाती है। सूक्ष्‍म, लघु एवं मध्‍यम खाद्य प्रसंस्‍करण उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए विभाग द्वारा विशिष्‍ट वित्‍तीय सहायताओं का प्रावधान किया गया है, जो पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) पंधाना विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत खाद्य प्रसंस्‍करण की कुल 180 इकाइयाँ हैं, जिनमें निवेशकों ने विभाग से कोई वित्‍तीय सहायता प्राप्‍त नहीं की है। जिला व्‍यापार उद्योग केन्‍द्र खण्‍डवा द्वारा ग्राम सिल्टिया तहसील पंधाना में स्‍थापित खण्‍डवा ऑयल्‍स यूनिट-1 को ब्‍याज अनुदान एवं 5 वर्षों के लिए प्रवेश कर मुक्ति की सुविधाएँ दी गई हैं। खाद्य प्रसंस्‍करण उद्योगों को प्रोत्‍साहित करने हेतु उत्‍तरांश '' के पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट में उल्‍लेखित सुविधायें विभाग द्वारा दी जाती है।

दवा बीज तथा कृषि उपकरणों की खरीदी

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

21. ( क्र. 6218 ) सुश्री हिना लिखीराम कावरे : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) एम.पी. एग्रो के माध्‍यम से दिनांक 01.04.2014 से दिनांक 15.02.2017 तक कितनी दवाएं, कृषि उपकरण खरीदे गये तथा एम.पी. एग्रो को कितनी राशि का भुगतान जिला बालाघाट द्वारा किया गया? (ख) एम.पी. एग्रो द्वारा कृषि‍ विभाग जिला बालाघाट को 01.04.2014 से 15.02.017 तक आपूर्ति की गयी दवाएं, कृषि उपकरणों में कितनी कृषक अंश की राशि जमा की गयी? क्‍या कृषक अंश की राशि एम.पी. एग्रो के माध्‍यम से दवाएं तथा कृषि उपकरण सप्‍लायर्स कंपनियों द्वारा ही जमा की गयी? यदि नहीं, तो एम.पी. एग्रो को किस माध्‍यम से कृषक अंश जमा किया गया विवरण दें? (ग) एम.पी. एग्रो द्वारा कृषि विभाग जिला बालाघाट के माध्‍यम से किसानों को दवा तथा कृषि उपकरणों का वितरण दिनांक 01.04.2014 से 15.02.2017 तक किन कंपनियों को इस कार्य हेतु अधिकृत किया गया इन कंपनियों द्वारा कितनी दवा तथा कृषि उपकरण वितरित किये तथा इस हेतु कितना भुगतान प्राप्‍त किया? इन कंपनियों तथा एम.पी.एग्रो के विरूद्ध प्राप्‍त शिकायतों की जानकारी दें?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) 01.04.2014 से 1502.2017 तक एम.पी.एग्रो के माध्यम से बालाघाट जिले में दवाएं, कृषि उपकरण के भुगतान की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) 01.04.2014 से 15.02.2017 तक आपूर्ति की गई दवायें, कृषि उपकरणों में कृषक अंश राशि एवं एम.पी.एग्रो को भुगतान की गयी राशि की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। दवाओं की कृषक अंश राशि विकासखण्ड कार्यालय के माध्यम से दवा वितरण कर कृषकों से नगद प्राप्त कर एम.पी.एग्रो कार्यालय बालाघाट में जमा कराई गई कृषि यंत्र पर कृषक अंश राशि माह फरवरी 2016 के पूर्व कृषकों द्वारा एम.पी.एग्रो के माध्यम से नगद जमा करा दी गयी माह फरवरी 2016 से ऑनलाइन प्रक्रिया प्रारंभ होने से कृषकों से कृषक अंश राशि बैंकर्स चैक, बैंक ड्राफ्ट एवं आर.टी.जी.एस. के माध्यम से एम.पी.एग्रो बालाघाट ने प्राप्त की है। (ग) एम.पी.एग्रो द्वारा कृषि विभाग के माध्यम से किसानों को दवा तथा कृषि उपकरणों के वितरण की दिनांक 01.04.2014 से 15.02.2017 तक की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है। दिनांक 01.04.2014 से 15.02.2017 तक किसी भी प्रदाय कंपनी तथा एम.पी.एग्रो के विरूद्ध कोई शिकायत विभाग को प्राप्त नहीं हुई।

फसल बीमा राशि का भुगतान

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

22. ( क्र. 6367 ) श्रीमती रेखा यादव : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला छतरपुर के तहसील बड़ामलहरा की खरीफ फसल 2015 में फसल बीमा योजना के तहत किसानों को फसल नुकसान (क्षति) होने पर बीमा सहायता राशि प्राप्‍त कराने की कोई योजना है हाँ या नहीं? (ख) यदि हाँ, तो किन-किन एजेंसी द्वारा कितने कृषकों से कितनी राशि प्रीमियम के द्वारा किस अवधि में किस फसल के लिये ली गई थी। (ग) प्रश्नांश (क) बीमा योजना कौन सी फसलों एवं किन-किन क्षेत्रों पर लागू है, उल्‍लेख करें उक्‍त नियम/निर्देशों की प्रति उपलब्‍ध कराये। (घ) तहसील बड़ामलहरा के महराजगंज एवं बंधा चमरोई के कृषकों द्वारा प्रीमियम जमा करने पर भी फसल बीमा योजना का लाभ दिया गया था, हाँ/नहीं यदि हाँ, तो कृषकों की संख्‍या बताएं। यदि नहीं, तो क्‍यों कारण सहित बतायें। क्‍या शासन दोषी अधिकारियों के विरूद्ध कार्यवाही करेगा। यदि हाँ, तो समय-सीमा बतायें? कब तक कृषकों को बीमा राशि प्रदान की जावेगी।

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) जी हाँ। जिला छतरपुर के तहसील बड़ामलहरा की मौसम खरीफ 2015 में राष्‍ट्रीय कृषि बीमा योजना संचालित थी। (ख) एग्रीकल्‍चर इंश्‍यारेंस कंपनी ऑफ इंडिया लि. द्वारा राष्‍ट्रीय कृषि बीमा योजनांतर्गत कृषकों का फसल बीमा किया गया। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-एक अनुसार है। (ग) राष्‍ट्रीय कृषि बीमा योजनांतर्गत खरीफ 2015 मौसम में छतरपुर जिले के बड़ामलहरा तहसील में पटवारी हल्‍का स्‍तर पर सोयाबीन फसल एवं तहसील स्‍तर पर तिल फसल अधिसूचित थी। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-दो अनुसार है। एवं नियम/निर्देशों की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-तीन अनुसार है। (घ) तहसील बड़ामलहरा के महाराजगंज एवं बंधा चमरोई के खरीफ 2015 में मौसम हेतु जारी अधिसूचना अनुसार ग्राम महराजगंज के पटवारी हल्‍का नं. 28 तथा बंधा चमरोई का पटवारी हल्‍का नं. 6 सम्मिलित है। योजना के अनुसार यदि थ्रेशहोल्‍ड उपज से वास्‍तविक उपज कम पाई जाती है तो क्षतिपूर्ति देय होती है। फसल कटाई प्रयोगों से प्राप्‍त वास्‍तविक उपज के आंकड़ों के आधार पर उपरोक्‍त दोनों पटवारी हल्‍कों में उपज में कमी नहीं पाई गई। अत: योजना अनुसार क्षतिपूर्ति देय नहीं है।

मार्ग निर्माण की स्‍वीकृति

[लोक निर्माण]

23. ( क्र. 6456 ) श्री दुर्गालाल विजय : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) श्‍योपुर विधानसभा क्षेत्रान्‍तर्गत ग्राम बासोंद से बिच्‍छुबावड़ी तक का मार्ग पहुँच विहीन व व्‍यस्‍ततम मार्ग है इस कारण बिच्‍छुबावड़ी सहित मार्ग पर पड़ने वाले अन्‍य ग्रामों के नागरिकों को बड़ौदा तहसील व जिला मुख्‍यालय सहित अन्‍यत्र जाने आने में बहुत कठिनाईयां आती हैं वर्षाकाल में इस मार्ग पर आवागमन बन्‍द ही हो जाता है। (ख) क्‍या उक्‍त मार्ग की डी.पी.आर. तैयार कर ई.ई. लो.नि.वि. श्‍योपुर द्वारा स्‍वीकृत हेतु शासन को भेजी है यदि नहीं, तो कब‍ तक भेजी जावेगी। (ग) क्‍या शासन क्षेत्रीय नागरिकों को आवागमन में वर्तमान तक हो रही कठिनाईयों के मद्देनजर उक्‍त मार्ग की डी.पी.आर. शीघ्र तैयार करवाकर इसे बजट में शामिल करके शीघ्र स्‍वीकृत प्रदान करेगा व कब तक यदि नहीं, तो क्‍यों।

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी नहीं, जी हाँ, जी नहीं, जी नहीं। (ख) जी नहीं, प्रश्‍नांकित मार्ग लोक निर्माण विभाग की पुस्तिका पर अंकित नहीं होने के कारण कार्यवाही संभव नहीं। (ग) उत्‍तरांश '' अनुसार। मार्ग मुख्‍यमंत्री ग्राम सड़क योजनांतर्गत निर्मित है।

मार्ग निर्माण की स्‍वीकृति

[लोक निर्माण]

24. ( क्र. 6457 ) श्री दुर्गालाल विजय : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) श्‍योपुर विधानसभा क्षेत्रान्‍तर्गत ग्राम बगदरी से ढोढर तक का मार्ग कच्‍चा व पहुँच विहीन है मार्ग पर नागरिकों व कृषि परिवहन का आवागमन का दबाव हर समय बना रहता है वर्षाकाल में ये मार्ग बन्‍द हो जाता है इस कारण नागरिकों को प्रतिवर्ष कठिनाईयों का सामना करना पड़ता है। (ख) उक्‍त कठिनाईयों के निवारण हेतु उक्‍त मार्ग को डामरीकृ‍त किये जाने की नितांत आवश्‍यकता हैं इस हेतु क्षेत्रीय नागरिक मांग भी कर रहे है। (ग) क्‍या ई.ई. लो.नि.वि. श्‍योजपुर द्वारा उक्‍त मार्ग की डी.पी.आर. तैयार कर स्‍वीकृति हेतु शासन को भेजी है यदि नहीं, तो कब तक भेजी जावेगी। (घ) इस संबंध में प्रश्‍नकर्ता द्वारा ई.ई. लो.नि.वि. श्‍योपुर को माह फरवरी 2017 में लिखे पत्र पर क्‍या कार्यवाही की गई यदि नहीं, तो क्‍यों, क्‍या शासन क्षेत्रीय नागरिकों को आवागमन में आ रही कठिनाईयों के निवारण हेतु उक्‍त मार्ग की डी.पी.आर. शीघ्र तैयार करवाकर इसे बजट में शामिल कर स्‍वीकृति प्रदान करेगा व कब तक यदि नहीं, तो क्‍यों।

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ, जी हाँ, जी हाँ। (ख) जी हाँ, जी हाँ। (ग) जी नहीं, प्रश्‍नांकित मार्ग लोक निर्माण विभाग की पुस्तिका पर अंकित नहीं होने के कारण। (घ) मार्ग प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के पुनरीक्षित कोरनेटवर्क में शामिल है इसलिये लोक निर्माण विभाग द्वारा किसी भी प्रकार की कार्यवाही का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता है।

राजगढ़ संभाग में लघु गौण तथा विशेष मरम्‍मत कार्य की निविदा

[लोक निर्माण]

25. ( क्र. 6674 ) श्री अमर सिंह यादव : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या विभाग द्वारा दिनांक 1 जनवरी 2015 के उपरांत राजगढ संभाग में लघु गौण कार्य एवं विशेष मरम्‍मत कार्य के नाम पर निविदायें आमंत्रित की गई हैं? (ख) यदि हाँ, तो कौन-कौन सी निविदायें कब-कब, कितनी-कितनी लागत की आमंत्रित की गई हैं? कार्य का नाम, निविदाकार का नाम, निविदा की राशि की वर्तमान स्थिति सहित बतावें? (ग) क्‍या निविदाओं को आमंत्रित करने से पूर्व वरिष्‍ठ अधिकारियों से अनुमति ली गई है? यदि हाँ, तो कौन-कौन से अधिकारियों से अनुमति ली गई है? (घ) उपरोक्‍त किये गये संपूर्ण भुगतानों का विवरण स्‍पष्‍ट रूप से उल्‍लेखित करते हुये जानकारी से अवगत करावें?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) से (घ) विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है।

योजना आयोग द्वारा पारित प्रस्‍ताव अनुसार कार्यवाही

[उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण]

26. ( क्र. 6691 ) श्रीमती सरस्‍वती सिंह : क्या राज्‍यमंत्री, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश के सभी जिलों के जिला योजना आयोग जिला कलेक्‍टर मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत एवं जिले के विभागीय अधिकारी की सहमति से ही प्रत्‍येक वर्ष जिले की वार्षिक कार्ययोजना तैयार कर राज्‍य योजना आयोग में योजनावार क्‍या बजट प्रावधान अनुमोदित कराया गया है? जिलेवार एवं योजनावार विवरण दें? (ख) क्‍या जिलों के द्वारा राज्‍य योजना आयोग में योजनावार जो राशि स्‍वीकृत कराई जाती है उसे विभाग के उच्‍च अधिकारियों के द्वारा अपनी स्‍वेच्‍छा अनुसार योजनाओं की स्‍वीकृत राशि में कटौती/परिवर्तन कर दिया जाता है? जिससे जिलों के द्वारा प्रस्‍तावित वार्षिक कार्य योजना प्रभावित होती है तथा प्रदेश के लाखों किसान योजनाओं के लाभ से वंचित रह जाते है? (ग) जिला एवं राज्‍य योजना आयोग के द्वारा वर्ष 2017-18 हेतु उद्यानिकी विभाग की योजनाओं में जो राशि की स्‍वीकृति की गई है एवं उसके पश्चात् विभाग के उच्‍च अधिकारियों द्वारा जो राशि में कटौती की गई है उसका योजनावार तुलनात्‍मक विवरण दें? (घ) जब विभागीय उच्‍च अधिकारियों द्वारा अपनी स्‍वेच्‍छा अनुसार ही निर्णय लिया जाता है तो प्रश्‍नांश '' में उल्‍लेखित 51 जिलों के जिला अधिकारियों को बैठक बुलाने का क्‍या औचित्‍य है? क्‍या राज्‍य योजना आयोग का अस्तित्‍व उद्यानिकी विभाग की योजनाओं के लिए पूर्ण रूप से समाप्‍त हो चुका है? (ड.) प्रश्नांश (क), (ख), (ग), (घ) के परिप्रेक्ष्‍य में शासन जाँच कराकर राज्‍य योजना आयोग के प्राप्‍त प्रस्‍तावों के अनुसार किसानों की योजनाओं का लाभ दिलायेंगे?

राज्‍यमंत्री, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण ( श्री सूर्यप्रकाश मीना ) : (क) जी हाँ। वित्‍तीय वर्ष 2017-18 की प्रश्‍नाधीन जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) जी नहीं, अपितु वित्‍त विभाग द्वारा मान्‍य राशि अनुसार ही योजना क्रियांवित होती है। विभाग द्वारा वर्ष 2016-17 में समस्‍त कार्यक्रमों का क्रियान्‍वयन कृषकों के ऑनलाइन प्राप्‍त आवेदनों पर आधारित है और यह वास्‍तविक मांग के अनुरूप हो रहा है, जिसमें मुख्‍यालय स्‍तर से सम्‍पूर्ण लक्ष्‍य वितरित न करते हुए प्रारंभ में केवल न्‍यूनतम लक्ष्‍य जिलों को आवंटित किये गये एवं शेष लक्ष्‍य पूल में रखे गये हैं। जिन जिलों में किसी योजना में मांग अधिक होने पर उस जिले के अधिकारी द्वारा मांग अनुसार पूल से लक्ष्‍य आहरित कर स्‍वीकृतियाँ जारी करने की स्‍वतंत्रता है। इस प्रकार राज्‍य का आधा लक्ष्‍य पूल में रहने से लक्ष्‍य न होने की समस्‍या किसी जिले को नहीं हुई है। नवीन व्‍यवस्‍था से किसी जिले द्वारा लक्ष्‍य के अनुरूप प्रदर्शन नहीं होने पर जिन जिलों में मांग लक्ष्‍य से अधिक है, उस मांग की पूर्ति हो सकी है। यह ग्रास रूट प्‍लानिंग का एक उत्‍कृष्‍ट क्रियान्‍वयन है और इससे विकेन्‍द्रीकृत प्‍लानिंग को मजबूती मिली है। इस व्‍यवस्‍था में किसी जिले को लक्ष्‍य से कम स्‍वीकृति उसी स्थिति में मिली है जब वहाँ समय पर लक्ष्‍य से कम आवेदन प्राप्‍त हुए हैं। उक्‍त व्‍यवस्‍था से प्रदेश के किसान लाभांवित हुये हैं। (ग) विभाग के उच्‍च अधिकारियों द्वारा राशि में कटौती नहीं की गई है, अपितु वित्‍त विभाग द्वारा वर्ष 2017-18 की मान्‍य सीमा राशि रूपये 73215.66 लाख तक वार्षिक कार्य योजना संशोधित की गई है। राज्‍य योजना आयोग द्वारा अनुमोदित एवं वित्‍त विभाग द्वारा मान्‍य राशि का तुलनात्‍मक विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (घ) विभाग के अधिकारियों द्वारा स्‍वेच्‍छा अनुसार राशि कटौती का निर्णय नहीं लिया जाता है। वित्‍त विभाग से राशि स्‍वीकृत कराने हेतु निर्धारित प्रक्रिया के तहत जिला अधिकारियों की बैठक बुलाकर प्रस्‍ताव प्राप्‍त करना आवश्‍यक है। जिलों के प्रस्‍ताव पर अनुमोदन हेतु राज्‍य योजना आयोग का महत्‍व है। (ड.) उत्‍तरांश '''', '''' एवं '''' के तारतम्‍य में प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता है।

प्रश्नकर्ता को प्रेषित जानकारी

[सहकारिता]

27. ( क्र. 6793 ) श्री निशंक कुमार जैन : क्या राज्‍यमंत्री, सहकारिता महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रश्‍नकर्ता को पंजीयक/आयुक्त कार्यालय भोपाल द्वारा दिनांक 28 जनवरी 2017 को मध्य प्रदेश लघु वनोपज संघ भोपाल, जिला वनोपज सहकारी यूनियन एवं प्राथमिक वनोपज समितियों से सम्बन्धित जानकारी प्रेषित की है। (ख) यदि हाँ, तो प्रश्नकर्ता ने अपने किस पत्र क्रमांक दिनांक से किस-किस प्रारूप में किस किस सम्बन्ध में किस-किस से सम्बंधित कौन-कौन सी जानकारी चाही थी व पूरी जानकारी उपलब्ध न करवाएं जाने का क्या कारण रहा है?                (ग) पंजीयक/आयुक्त ने प्रश्नकर्ता को चाही गई पूरी जानकारी उपलब्ध करवाए जाने के सम्बन्ध में क्या कार्यवाही की है कब तक शेष जानकारी प्रश्नकर्ता को उपलब्ध करवा दी जावेगी?

राज्‍यमंत्री, सहकारिता ( श्री विश्वास सारंग ) : (क) जी हाँ। (ख) प्रश्‍नकर्ता माननीय विधायक द्वारा अपने पत्र क्रमांक 3501 लगायत 3510 दिनांक 13.06.2016 द्वारा वर्ष 2000-01 से वर्ष 2012-13 तक की समस्‍त जिला वनोपज सहकारी यूनियनों एवं प्राथमिक वनोपज सहकारी समितियों की तथा पत्र क्रमांक 3511 लगायत 3520 दिनांक 13.06.2016 द्वारा वर्ष 1998 से 2015-16 तक की समस्‍त जिला वनोपज सहकारी यूनियनों एवं प्राथमिक वनोपज सहकारी समितियों से संबंधित जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र '' एवं '' अनुसार चाही गई थी, चाही गई जानकारी अति विस्‍तृत प्रकृति की होने के कारण। (ग) कार्यालय पंजीयक/आयुक्‍त सहकारिता द्वारा संलग्‍न प्रपत्रों अनुसार चाही गई जानकारी निर्धारित प्रारूप में उपलब्‍ध कराने हेतु प्रबंध संचालक म.प्र. राज्‍य लघु वनोपज सहकारी संघ मर्यादित भोपाल को क्रमश: पत्र क्रमांक/ विप./वनो./2016/1228, दिनांक 17.06.2016, पत्र क्रमांक 2642 दिनांक 01.09.2016, पत्र क्रमांक 2949 दिनांक 25.10.2016 एवं अर्द्ध शासकीय पत्र क्रमांक 26, दिनांक 04.01.2017 तथा संयुक्‍त आयुक्‍त सहकारिता, संभाग समस्‍त म.प्र., को क्रमश: पत्र क्रमांक/विप./वनो./2016/1234 लगायत 1243 दिनांक 20.06.2016, पत्र क्रमांक 2721 दिनांक 19.09.2016, पत्र क्रमांक 2950 दिनांक 25.10.2016 एवं अर्द्ध शासकीय पत्र क्रमांक 27 दिनांक 04.01.2017 प्रेषित किये गये तथा प्रश्‍नकर्ता माननीय विधायक को पत्र क्रमांक/विप./वनो./ 2221 दिनांक 30.06.2016 द्वारा वस्‍तुस्थिति से अवगत कराया गया एवं वनोपज संघ से प्राप्‍त जानकारी पंजीयक के कार्यालयीन पत्र क्रमांक 219 दिनांक 28.01.2017 द्वारा सीधे तथा पत्र क्रमांक 749 दिनांक 23.03.2017 के संलग्न प्रेषित की गई है, शेष जानकारी वनोपज संघ से प्राप्‍त होने पर उपलब्‍ध करा जा सकेगी, समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं।

परिशिष्ट - ''आठ''

रेल्वे क्रासिंग क्रमांक 102 एवं 103 पर ओव्हर ब्रि‍ज निर्माण

[लोक निर्माण]

28. ( क्र. 6947 ) श्री दिलीप सिंह शेखावत : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) ग्राम उमरनी में नागदा-खाचरौद रेल्वे क्रासिंग क्रमांक 102 एवं नागदा में नागदा एवं औद्योगिक क्षेत्र बिरलग्राम को जोड़ने वाली रतलाम रेल्वे क्रासिंग क्रमांक 103 की फाटक जो की रेल्वे की मुम्बई-दिल्ली रेल्वें की व्यस्ततम लाइन है, जिससे इन फाटकों पर बन्द के समय वाहनों का जमावडा हो जाता है, जिससे आवागमन अवरूद्ध होकर समय की बर्बादी होती है। (ख) इन दोनों स्थानों पर कब तक रेल्वें ओव्हर ब्रिज का निर्माण हो जावेगा? यदि योजना नहीं बनी है तो कब तक बन जावेगी?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ। जी हाँ। (ख) प्रश्‍नाधीन दोनों कार्य वित्‍तीय वर्ष 2017-18 के मुख्‍य बजट में सम्मिलित किये गये है। निर्माण की निश्चित तिथि बताना संभव नहीं है। शेष प्रश्‍न का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

लघु परियोजनाओं की स्वीकृति

[जल संसाधन]

29. ( क्र. 6972 ) श्री गोपाल परमार : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधान सभा क्षेत्र आगर में लघु परियोजना के तहत ग्राम हड़ाई 5.76 लाख, ग्राम भा.द.वा. में 5.94 लाख, ग्राम सिरपोई 6.33 लाख की स्वीकृति शासन द्वारा दी गयी है, यदि हाँ, तो कब, क्या स्वीकृति प्राप्त होने के बाद परियोजनाओं का कार्य प्रारंभ किया गया तो कब एवं कितना कार्य पूर्ण हो चुका है यदि कार्य अपूर्ण है तो कब तक पूर्ण कर दिया जायेगा? (ख) प्रश्नांश (क) के अनुसार कार्य प्रारंभ है या नहीं, नहीं किया गया है तो शासन के द्वारा अभी तक क्या क्या कार्यवाही की गयी है? यदि नहीं, की गयी है तो क्यों। इसके लिए जिम्मेदार कौन है शासन क्या कार्यवाही करेगा? (ग) शासन उक्त लघु परियोजना कब तक प्रारंभ करेगा?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) आगर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत हड़ाई जलाशय की प्रशासकीय स्वीकृति वर्ष 2007 में, भा.द.वा. जलाशय की वर्ष 2008 में एवं सिरपोई जलाशय की वर्ष 2000 में प्रदान की गई थी। जी नहीं। वर्तमान में इन परियोजनाओं की प्रति हे. लागत क्रमशः           रू. 05.76 लाख, रू. 05.94 लाख एवं रू. 06.33 लाख होने से परियोजनाएं असाध्य हैं। (ख) एवं  (ग) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित परियोजनाओं के निर्माण कार्य में भू-अर्जन की लागत में अत्यधिक वृद्धि होने के कारण परियोजनाएं असाध्य हो गई हैं। परियोजनाओं के कार्य प्रारंभ न होने के लिए कोई अधिकारी जिम्मेदार नहीं है। शेष प्रश्न उत्पन्न नहीं होते हैं।

घटिया बीज उत्‍पादक समितियों की जाँच

[सहकारिता]

30. ( क्र. 6999 ) श्री के. के. श्रीवास्‍तव : क्या राज्‍यमंत्री, सहकारिता महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या ता.प्र.सं. 2 (क्र. 2053) में प्रश्‍नकर्ता सदस्‍य द्वारा टीकमगढ़ जिले में कृषि‍ बीज उत्‍पादक सहकारी समितियों की मनमानी तथा घटिया एवं गुणवत्‍ताहीन बीज प्रदाय के संबंध में उठाये गये प्रश्‍न पर सदन में चर्चा के दौरान प्रश्‍नकर्ता सदस्‍य को यह आश्‍वासन दिया था कि ऐसी घटिया बीज प्रदाय समितियों की सूची सदस्‍य उपलब्‍ध कराने एवं ऐसी सूची में आने वाली समिति की जाँचकर तत्‍काल समिति भंग कर दी जावेगी? (ख) यदि हाँ, तो अब तक कितनों की जाँच हुई कितनी भंग हुई? नाम एवं संख्‍या सहित अवगत करावें। यदि नहीं, तो कौन दोषी है और उसके विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की जायेगी? यदि कार्यवाही की जायेगी तो कब तक?

राज्‍यमंत्री, सहकारिता ( श्री विश्वास सारंग ) : (क) तारांकित प्रश्‍न संख्‍या 2 (प्रश्न क्रमांक 2053) में यह आश्‍वासन दिया गया था "1. जो अमानक पाये गये होंगे उनकी सदस्‍यता, पंजीयन रद्द किया जायेगा। 2. उनका उत्‍पादक बीज अमानक पाया जायेगा, मैंने कहा कि उसको निरस्‍त करने का काम करेंगे। 3. अगर कोई समितियां होंगी तो उनकी भी जाँच कराकर माननीय सदस्‍य के लिये अवगत करा दिया जायेगा, उनका पंजीयन निरस्‍त कर दिया जायेगा।" (ख) वर्ष 2013-14 से 2016-17 तक कुल 18 बीज समितियों के 29 बीज नमूनों की जाँच हुई, अमानक नमूनों पर बीज अधिनियम 1966 बीज नियम 1968 तथा बीज नियंत्रण आदेश 1983 के विहित प्रावधानों के तहत सक्षम प्राधिकारी अधिकारियों द्वारा एवं चार समितियों पर मध्यप्रदेश सहकारी सोसायटी अधिनियम 1960 की धारा 49 (7) के तहत संचालक मंडल भंग कर प्रशासक नियुक्‍त किया गया है। जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है।

परिशिष्ट - ''नौ''

ककरवाहा पिक अप बियर के संबंध में सदन में दिये गये आश्‍वासन की प्रतिपूर्ति

[जल संसाधन]

31. ( क्र. 7000 ) श्री के. के. श्रीवास्‍तव : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या टीकमगढ़ में घसान नदी पर प्रस्‍तावित ककरवाहा पिक अप बियर के संबंध में प्रश्‍नकर्ता द्वारा तारांकित प्रश्‍न संख्‍या 12 (क्र. 6652) में माननीय मंत्री महोदया द्वारा सदन में सदस्‍य जैसे चाहे वैसे सर्वे करा लिया जावेगा, उत्‍तर दिया गया था। यदि हाँ, तो कब तक सर्वे कराकर योजना को सकार रूप दिया जावेगा अवगत करावें? (ख) क्‍या शासन स्‍तर पर टीकमगढ़ के प्रचीन राजेन्‍द्र सागर बांध, (नगदा बंधा) महेन्‍द्र सागर तालाब, पठा तालाब, वृंदावन तालाब, पोखना तालाब, (बड़ागांव) सर्मरा तालाब, रईरा तालाब (मवई) दीपसागर तालाब, कारी को नदी तालाब जोड़ों जैसी महती योजना में शामिल कर इनके भरे जाने की कोई योजना प्रस्‍तावित है? यदि नहीं, तो क्‍यों? क्‍या इसके लिये सर्वे कराया जायेगा? यदि हाँ, तो कब तक?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) जी हाँ। सर्वेक्षण अनुसार परियोजना की जीवित जल संग्रहण क्षमता 20.4 मि.घ.मी. तथा प्रस्तावित सिंचाई क्षमता 3,400 हे. होकर लागत रू.209/- करोड़ आंकलित है। परियोजना की प्रति हे. लागत रू. 06.14 लाख होने से परियोजना वित्तीय मापदण्ड पर साध्य नहीं पाई गई है। (ख) वर्तमान में ऐसी कोई योजना प्रस्तावित नहीं है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होते हैं।

ग्रामों में पानी नहीं पहुँचना

[जल संसाधन]

32. ( क्र. 7150 ) श्री के.डी. देशमुख : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या राजीव सागर अन्‍तर्राज्‍यीय परियोजना कुड़वा जिला बालाघाट के कमान्‍ड क्षेत्र में ग्राम आंजन बिहरी, दिगधा, कोड़वी, मासुल खापा ग्राम आते है। (ख) यदि हाँ, तो क्‍या इन ग्रामों में राजीव सागर परियोजना का सिंचाई हेतु पानी कृषकों को नहीं मिल रहा है। यदि हाँ, तो क्‍यों?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) एवं (ख) जी हाँ। राजीव सागर परियोजना से मासूलखापा के कृषकों को सिंचाई हेतु पानी मिल रहा है, किन्तु ग्राम आंजनबिहरी, दिग्धा, कोड़वी के कृषकों को महकेपार वितरिका नहर की चैन क्रं. 264 पर रेलवे क्रासिंग निर्माणाधीन होने के कारण सिंचाई हेतु पानी उपलब्ध नहीं हो पा रहा है।

लक्ष्मी नारायण शर्मा कृषि उपज मंडी की दुकानों की नीलामी

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

33. ( क्र. 7162 ) श्री विष्‍णु खत्री : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2010 में भोपाल जिले के करोंद में स्थित लक्ष्मी नारायण शर्मा कृषि उपज मंडी में नीलाम हुई दुकानों के आवंटियों में से कितने व्यापारियों की दुकानों की रजिस्ट्री हो गई है एवं कितने व्यापारियों की रजिस्ट्रियां अभी तक किस कारण से शेष हैं? (ख) वर्ष 2010 एवं 2014 में दुकानों की नीलामी में सफल व्यापारियों को नीलामी अनुसार दुकान का मूल्य जमा करने एवं रजिस्ट्री कराए जाने हेतु कब कब कितनी-कितनी समय-सीमा बढ़ाई गई है? व्यापारीवार वर्षवार विवरण उपलब्ध करावें। (ग) क्या वर्ष 2014 की नीलामी में सफल व्यापारियों को दुकान का मूल्य जमा करने एवं रजिस्ट्री हेतु वर्ष 2010 की नीलामी में सफल व्यापारियों की तुलना में अपेक्षाकृत अधिक समयावधि समय-समय पर बढ़ाई गई है, तुलनात्मक विस्तृत विवरण सहित कारण स्पष्ट करें। (घ) क्या विभाग वर्ष 2010 को दुकानों की नीलामी में सफल व्यापारियों को नीलामी अनुसार दुकान का मूल्य जमा करा कर रजिस्ट्री कराए जाने का मौका देने पर विचार कर रहा है?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) वर्ष 2010 में लक्ष्मीनारायण शर्मा, कृषि उपज मंडी समिति में नीलाम हुई 248 व्यापारियों की दुकानों की रजिस्ट्री/अनुज्ञप्ति विलेख रजिस्ट्रार कार्यालय में संपादन कराई गई है एवं 11 व्यापारियों ने रजिस्ट्री/अनुज्ञप्ति विलेख हेतु रजिस्ट्री शुल्क जमा नहीं किये जाने के कारण उनके अनुज्ञप्ति विलेख का पंजीयन नहीं हुआ है। (ख) वर्ष 2010 में मंडी समिति द्वारा कोई समय-सीमा नहीं बढ़ाई गई है एवं वर्ष 2014 में नीलामी बोली में सफल व्यापारियों को राशि जमा करने हेतु मंडी समिति में प्रस्ताव पारित कर समय-सीमा बढ़ाई गई है। जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) जी हाँ। मंडी समिति द्वारा वर्ष 2014 में समय-समय पर व्यापारियों की मांग अनुसार मंडी समिति की बैठकों में प्रस्ताव पारित कर समयावधि बढ़ाई गई है। साथ ही वर्ष 2010 में कोई समयावधि नहीं बढ़ाई गई है, ऐसी स्थिति में शेष का प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता है। (घ) जी नहीं।

परिशिष्ट - ''दस''

प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत कर्मचारी

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

34. ( क्र. 7192 ) श्री मुरलीधर पाटीदार : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विभाग में प्रतिनियुक्ति पर लिये जाने वाले अधिकारियों के लिए कितनी अवधि तक रखने का प्रावधान है? क्या कोई समय-सीमा नियत हैं? यदि हाँ, तो कितनी? (ख) विगत 03 वर्षों में आगर एवं शाजापुर जिला अंतर्गत कौन-कौन से कर्मचारी प्रतिनियुक्ति पर कार्य कर रहे हैं?                   (ग) क्या उपसंचालक मंडी बोर्ड जबलपुर में पदस्थ नागेश सिंह विगत कई वर्ष से पदस्थ हैं? क्या इन्हे मूल विभाग में वापिस भेजा जाएगा? यदि हाँ, तो कब तक यदि नहीं, तो क्यों?                              (घ) प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत कर्मचारियों के संबंध में प्रश्नांश '''' में उल्लेखित प्रावधान अनुसार नियमों के पालन की मानीटरिंग की जाती है? यदि हाँ, तो किस प्रकार से, यदि नहीं, तो क्या इस ओर ध्यान दिया जावेगा?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) म.प्र. राज्य कृषि विपणन बोर्ड में लागू "राज्य मंडी बोर्ड सेवा विनियम 1998" के विनियम 6 (2) (9) में प्रतिनियुक्ति की अवधि चार वर्ष निर्धारित है, जो कि दोनो विभागों/संगठनों की सहमति से कर्मी के उपयुक्त पाये जाने पर बढ़ाई जा सकती है। (ख) प्रश्नागत वांछित जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) श्री नागेश सिंह (रा.प्र.से.) उपसंचालक म.प्र. राज्य कृषि विपणन बोर्ड जबलपुर के पद पर दिनांक 21.10.2014 से प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत है म.प्र. राज्य कृषि विपणन बोर्ड में प्रतिनियुक्ति संबंधी मामलों की समीक्षा हेतु गठित समिति द्वारा संबंधित अधिकारी की आवश्यकता का आंकलन कर उन्हें निरंतर रखने या वापस करने बाबत् निर्णय लिया जावेगा, जिसके लिये समय-सीमा बताना संभव नहीं है। (घ) जी हाँ, म.प्र. राज्य कृषि विपणन बोर्ड के आदेश दिनांक 30.05.2014 से गठित समिति द्वारा समय-समय पर संस्था में पद की उपलब्धता, कार्य की आवश्यकता, प्रतिनियुक्ति अधिकारी/कर्मचारी की उपयोगिता आदि के आधार पर समीक्षा की जाती है। अत: शेष प्रश्न उद्भूत नहीं होता है।

परिशिष्ट - ''ग्यारह''

किसान क्रेडिट कार्ड में किसानों की साख का निर्धारण

[सहकारिता]

35. ( क्र. 7193 ) श्री मुरलीधर पाटीदार : क्या राज्‍यमंत्री, सहकारिता महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र सुसनेर अंतर्गत कितने किसानों के किसान क्रेडिट कार्ड बने हुए हैं? सहकारी साख संस्थावार सूची उपलब्ध करावें? (ख) किसान क्रेडिट कार्ड अंतर्गत किसानों की साख निर्धारण हेतु क्या मापदण्ड एवं प्रक्रिया नियत हैं? क्या कृषि भूमि का वेरिफिकेशन कर साख निर्धारण किया जाता है? (ग) प्रश्नांश '''' में उल्लेखित मापदण्ड एवं प्रक्रिया के अनुरूप विधानसभा क्षेत्र सुसनेर अंतर्गत क्‍या सभी साख संस्थाओं ने साख निर्धारण किया है? यदि हाँ, तो किन-किन जवाबदेह अधिकारियों द्वारा मानीटरिंग की गई? (घ) प्रश्नांश '''' में उल्लेखित प्रावधान अनुसार साख निर्धारण न करने संबंधी कितनी शिकायतें विगत 03 वर्षों में अनुभाग स्तर पर या जिला स्तर पर प्राप्त हुई हैं? प्राप्त शिकायतों पर क्या कार्यवाही की गई है? क्या राजस्व विभाग से समन्वय स्थापित कर साख निर्धारण में विसंगतियाँ न हो इस हेतु प्रभावी कार्यवाही की जाकर दोषियों पर कार्यवाही की जावेगी? यदि हाँ, तो क्या व कब तक?

राज्‍यमंत्री, सहकारिता ( श्री विश्वास सारंग ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

म.प्र. राज्‍य सहकारी बैंक मर्या. भोपाल की शाखाओं में ऋणों व गबन संबंधी

[सहकारिता]

36. ( क्र. 7209 ) श्री रमेश पटेल : क्या राज्‍यमंत्री, सहकारिता महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) म.प्र. राज्‍य सहकारी बैंक मर्यादित भोपाल की शाखाओं द्वारा दिए गए ऋणों में से 10 लाख से अधिक कालातीत ऋणियों की जानकारी दी जाये जिसमें ऋणी का नाम, दिनांक 31.01.2017 की स्थिति में बकाया ऋण राशि, ऋण स्‍वीकृति दिनांक एवं स्‍वीकृत करने वाले शाखा प्रबंधक का नाम बतावें। (ख) क्‍या उक्‍त बैंक में मार्च 2011 तक लागू एक मुश्‍त समझौता योजना में गबन, धोखाधड़ी के प्रकरणों में भी समझौता किया जाने का प्रावधान था, क्‍या योजना-3 में जो प्रकरण गबन, धोखाधड़ी में वगीकृत नहीं है उन प्रकरणो में समझौता करने में कोई रोक थी। (ग) योजना-3 के तहत समझौते के कितने प्रस्‍ताव प्राप्‍त हुए थे तथा कितने प्रकरणों में समझौता हुआ? (घ) दिनांक 01.01.2014 से 31.12.2016 तक बैंक/बैंक शाखाओं में गबन, धोखाधड़ी में वर्गीकृत प्रकरणों की जानकारी प्रकरणवार वर्षवार, शाखावार एवं वर्गीकरण कार्यवाही के लिये किसकी-किसकी ड्यूटी होती है, का भी कर्मचारी/अधिकारीवार विवरण दें।

राज्‍यमंत्री, सहकारिता ( श्री विश्वास सारंग ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

मुआवजा भुगतान बाबत्

[जल संसाधन]

37. ( क्र. 7265 ) श्री जय सिंह मरावी : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जनपद पंचायत बुढ़ार जिला शहडोल अन्‍तर्गत करछुल जलाशय का निर्माण कार्य कब प्रारम्‍भ एवं पूर्ण हुआ तथा जलभराव की एरिया कितनी है। (ख) क्‍या उक्‍त जलाशय निर्माण करते समय कृषकों की भूमि अधिग्रहित की गयी थी? यदि हाँ, तो अधिग्रहित भूमि का रकबा बतायें?            (ग) क्‍या अधिग्रहण भूमि का मुआवजा या जमीन के बदले जमीन सम्‍बंधित (प्रभावित) कृषकों को दिया गया। यदि हाँ, तो कब, उन कृषकों का नाम, मुआवजें की राशि, जमीन के बदले दी गयी जमीन का रकबा यदि नहीं, तो मुआवजा न देने का क्‍या कारण है तथा मुआवजा वितरण न होने के लिये कौन अधिकारी दोषी है तथा उसके विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की जावेगी।

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) करचुल जलाशय का निर्माण कार्य वर्ष 1987 में प्रारंभ होकर वर्ष 2005 में पूर्ण हुआ। परियोजना का जल भराव क्षेत्र 26.708 हेक्टर है। (ख) एवं  (ग) जी हाँ, विवरण संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। जी हाँ। कलेक्टर शहडोल द्वारा करचुल जलाशय से प्रभावित कृषकों को भूमि के बदले भूमि दिये जाने का प्रावधान किया गया था तथा भूमि के बदले भूमि कलेक्टर शहडोल के आदेशानुसार तहसीलदार जैतपुर द्वारा प्रदाय की गई थी। किन्तु प्रभावित कृषकों द्वारा उक्त भूमि स्वीकार नहीं की गई। इस स्थिति के युक्तियुक्‍त निराकरण के लिए कलेक्‍टर, शहडोल को निर्देश दिए गये हैं। शेष प्रश्‍नांश उपस्थित नहीं होते हैं।

परिशिष्ट - ''बारह''

निर्माणाधीन कार्यों की जानकारी

[जल संसाधन]

38. ( क्र. 7331 ) श्री रामपाल सिंह : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या शहडोल जिले में जल संसाधन विभाग द्वारा वर्तमान में निर्माण कार्य कराये जा रहे हैं? (ख) यदि प्रश्नांश (क) हाँ तो प्रत्‍येक निर्माण कार्य की स्‍वीकृत राशि, दिनांक, कार्य प्रारंभ दिनांक, पूर्णता दिनांक क्‍या हैं? प्रत्‍येक कार्य में प्रश्‍न दिनांक तक किस कार्य हेतु कितनी-‍कितनी राशि व्‍यय की गई है? कार्यों का सत्‍यापन कब-कब किस-किस अधिकारी द्वारा किया गया है? कार्यों में उपयोग की जाने वाली सामग्री के गुणवत्‍ता का सत्‍यापन कब और किस माध्‍यम से किया गया है? प्रत्‍येक कार्यों की भौतिक स्थिति क्‍या है?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) एवं (ख) जी हाँ। विवरण संलग्न परिशिष्ट के ''प्रपत्र-अ'' एवं '''' अनुसार है।

परिशिष्ट - ''तेरह''

अतिरिक्‍त सत्र न्‍यायालय प्रारंभ किया जाना

[विधि और विधायी कार्य]

39. ( क्र. 7333 ) श्री रामपाल सिंह : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या शहडोल जिले के जयसिंहनगर में अतिरिक्‍त सत्र न्‍यायालय प्रारंभ किये जाने के संबंध में स्‍वीकृति प्रदान की गयी है। (ख) यदि प्रश्नांश (क) हाँ तो उक्‍त न्‍यायालय प्रारंभ किये जाने में कौन-कौन सी औपचारिकताएँ पूर्ण की जा चुकी है और प्रारंभ होने में शेष औपचारिकताएँ क्‍या हैं? उक्‍त न्‍यायालय के संचालन हेतु कौन-कौन से पद स्‍वीकृत किये गये हैं? न्‍यायालय संचालन हेतु कितनी राशि स्‍वीकृत की गई है। न्‍यायालय प्रारंभ करने में विलंब का कारण क्‍या है?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) न्‍यायाधीश एवं स्‍टॉफ के पद स्‍वीकृत किये जा चुके है। न्‍यायालय संचालन हेतु अभी भवन की व्‍यवस्‍था नहीं हुई है। उक्‍त न्‍यायालय के संचालन हेतु निम्‍नलिखित पद स्‍वीकृत किये गये है:- 1. अपर जिला न्‍यायाधीश-01 पद,                        2. प्रस्‍तुतकार-01 पद, 3. प्रवर्तन लिपिक-01 पद, 4. शीघ्रलेखक - 01 पद, 5. साक्ष्‍य लेखक - 01 पद,           6. आदेशिका लेखक - 01 पद, 7. कोर्ट प्‍यून/जमादार - 01 पद, 8. भृत्‍य - 02 पद, न्‍यायालय संचालन हेतु अभी कोई राशि स्‍वीकृत नहीं की गई है। मूलभूत सुविधाओं के अंतर्गत अभी न्‍यायालय भवन उपलब्‍ध न होने के कारण।

दो आव कैनाल एवं आर.वी.सी. कैनाल से सिंचाई

[जल संसाधन]

40. ( क्र. 7347 ) एडवोकेट सत्‍यप्रकाश सखवार : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शिवपुरी जिले के सबडिवीजन नरवर में दो आव कैनाल आर.बी.सी. कैनाल से सिंचाई के लिये किस संस्‍था पर कितनी हेक्‍टर सिंचाई के लिये कितनी लागत के बरहा बताये गये। वर्ष 2014 से प्रश्‍न दिनांक तक जानकारियां दी जावे वर्तमान निर्माण किये गये बरहों की स्थिति क्‍या है। (ख) क्‍या दो आव कैनाल की मोहनगढ़ संस्‍था में शासन की स्‍वीकृति 1800 हेक्‍टर ऐरिया में बरहा बनाने की थी ताकि 2240 हेक्‍टर में सिंचाई के लिये बरहा बनाये गये इसकी स्‍वीकृति कब किस अधिकारी द्वारा दी गयी एवं इसकी लागत क्‍या थी एवं इसका भुगतान कब किया गया।         (ग) प्रश्‍नांश (क), (ख), (ग) के संदर्भ में मोहिनी बांध सोनकिली दो आव कैनाल एवं आर.बी.सी.कैनाल में बरहा बनाने में अति भ्रष्‍टाचार की जाँच मेरे समक्ष या लोकायुक्‍त से कब तक करायी जावेगी नहीं तो क्‍यों।

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) वर्ष 2014-15 से प्रश्न दिनांक तक निर्मित/निर्माणाधीन बरहों की जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) जी नहीं। जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ग) 201.91 हे. अतिरिक्‍त क्षेत्र के लिए बरहों की प्रशासकीय स्‍वीकृति प्रक्रियाधीन है। निर्माण कार्य असंतोषजनक होने से शेष प्रश्‍नांश उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''चौदह''

मणी खेरा बांध से निकली उकायला कैनाल की संख्‍या आमोल पठा में डाले गये कुलावों की जाँच

[जल संसाधन]

41. ( क्र. 7348 ) एडवोकेट सत्‍यप्रकाश सखवार : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) आमोल पठा संस्‍था में उकायला कैनाल से सिंचाई के लिये कुलावे कहाँ-कहाँ, किस-किस स्‍थान पर डाले गये संख्‍या बतावे। (ख) क्‍या कुलावे डाले ही नहीं गये और भुगतान किया गया आमोल पठा संस्‍था की तरह अन्‍य संस्‍थाओं में भी इसी तरह की अनियमितताएं हुई हैं।             (ग) आमोल पठा संस्‍था के अध्‍यक्ष एवं सक्षम अधिकारी द्वारा कितने कर्मकार मण्‍डल के कार्ड बनाने की अनुसंशा की गई। इनके पास अनुशंसा करने के अधिकार थे या नहीं तो अनुशंसा क्‍यों की गई? (घ) प्रश्‍नांश (क), (ख), (ग) को संदर्भ इनकी अनियमितताओं की जाँच उच्‍च सदन या लोकायुक्‍त से करायी जावेगी कब तक।

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी नहीं। अतः शेष प्रश्नांश उत्पन्न नहीं होते हैं। (ग) प्रश्‍नांश विभाग से संबंधित नहीं हैं।                 (घ) अनियमितता नहीं होने से जाँच की स्थिति नहीं है। अतः शेष प्रश्न उत्पन्न नहीं होते हैं।

परिशिष्ट - ''पंद्रह''

कृषि विभाग द्वारा मिनीकट वितरण से संबंधित

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

42. ( क्र. 7381 ) श्रीमती शकुन्‍तला खटीक : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वरिष्‍ठ कृषि विकास विस्‍तार अधिकारी कार्यालय करैरा एवं नरवर जिला शिवपुरी के अतंर्गत विगत 03 वर्ष में कितने मिनी कट किस-किस बीज एवं खाद के प्रदाय किये गये कि जानकारी कृषक की संख्‍या तथा प्रदाय किट की संख्‍या सहित जानकारी दें? (ख) क्‍या शासन के निर्देशानुसार बीज मिनिकिट को माननीय क्षेत्रीय विधायकों द्वारा प्रदाय किये जाने का प्रावधान है? यदि हाँ, तो कया इन शर्तों का पालन किया गया? यदि नहीं, तो क्‍यों इस हेतु कौन-कौन उत्‍तरदायी है? क्‍या शासन अनुशासनहीनता की कार्यवाही संबंधितों के विरूद्ध करेगा?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) विकासखण्‍डवार एवं वर्षवार बीज मिनिकिट वि‍तरण तथा कृषक संख्‍या की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। प्रश्‍नांश अवधि में खाद मिनिकिट का वितरण नहीं किया गया है। (ख) नेशनल मिशन ऑन ऑयल सीड्स एण्‍ड आयल पॉम (एन.एम.ओ.ओ.पी.) तथा राष्‍ट्रीय खाद सुरक्षा मिशन के मार्गदर्शी निर्देशों में बीज मिनिकिट को माननीय क्षेत्रीय विधायकों द्वारा प्रदाय किये जाने का प्रावधान नहीं है। शेष प्रश्‍नांश उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - ''सोलह''

सहकारी संस्‍थाओं के निरीक्षण/जाँच प्रक्रिया बाबत्

[सहकारिता]

43. ( क्र. 7390 ) श्री सुरेन्‍द्रनाथ सिंह : क्या राज्‍यमंत्री, सहकारिता महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या सहकारी अधिनियम के तहत आयुक्‍त, पंजीयक एवं अन्‍य सहकारी अधिकारियों द्वारा सहकारी संस्‍थाओं व उनके पदाधिकारियों, सदस्‍यों के विरूद्ध कोई निरीक्षण/जाँच किये जाने का प्रावधान है? यदि हाँ, तो प्रावधान एवं प्रक्रिया की प्रति उपलब्‍ध करावें? (ख) पंजीयक एवं आयुक्‍त व अन्‍य सहकारी अधिकारियों को कोई अन्‍य नियम के अंतर्गत जाँच व निरीक्षण सहकारी संस्‍थाओं का व उनके सदस्‍य व पदाधिकारियों के विरूद्ध किये जाने का अधिकार हैं? यदि हाँ, तो प्रावधान एवं प्रक्रिया की प्रति उपलब्‍ध करावें? (ग) प्रश्नांश (ख) के अनुसार सहकारी संस्‍थाओं के जाँच व नि‍रीक्षण के कितने प्रकरण भोपाल जिले में सहकारी नियमों के अलावा अन्‍य नियम के आधार पर विचाराधीन हैं और किस नियम के आधार पर लंबित हैं। उसकी सूचीवार जानकारी देवें? (घ) प्रश्‍नांश (ग) में सहकारी अधिकारियों, आयुक्‍त व पंजीयक को कोई शासन का आदेश व परिपत्र प्राप्‍त हुआ हैं? जिसमें यह उल्‍लेख हो कि सहकारी अधिनियम के अतिरिक्‍त अन्‍य नियम व प्रावधान के तहत सहकारी संस्‍थाओं व उनके पदाधिकारी सदस्‍यों की गैर सदस्‍यों की शिकायत पर जाँच किये जाने हेतु अधिकृत किया हो? यदि हाँ, तो क्रमांक/दिनांक उपलब्‍ध करावें?

राज्‍यमंत्री, सहकारिता ( श्री विश्वास सारंग ) : (क) जी हाँ। प्रावधान एवं प्रक्रिया की प्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-एक अनुसार है। (ख) जी हाँ। प्रावधान एवं प्रक्रिया की प्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-दो अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-तीन अनुसार है। (घ) जी नहीं।

प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना में स्‍वीकृति

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

44. ( क्र. 7395 ) श्री मानवेन्द्र सिंह : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना क्‍या है? कौन पात्रता रखता है? इसके क्‍या नियम एवं प्रावधान हैं? (ख) क्‍या छतरपुर जिले में प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना की कार्ययोजना बनाई गई है? यदि हाँ, तो कार्य योजना शासन को स्‍वीकृति हेतु कब भेजी गई? कार्य योजना में कौन-कौन से कार्य सम्मिलित किये गये हैं? विधानसभावार कार्य योजना बताई जावें। (ग) क्‍या महाराजपुर विधानसभा क्षेत्र में नवीन तालाबों के निर्माण के प्रस्‍ताव विभागीय कार्य योजना अथवा प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना में स‍म्मिलित किये गये हें? यदि हाँ, तो कौन-कौन से प्रस्‍ताव किस योजना में सम्मिलित किये गये हैं? प्रस्‍ताव शासन को स्‍वीकृति हेतु कब प्रस्‍तुत किये गये हैं? (घ) विगत तीन वर्षों में महाराजपुर विधानसभा क्षेत्र में तालाबों के रख-रखाव, गहरीकरण, जीर्णोद्धार एवं सुदृढ़ीकरण एवं नहरों के निर्माण की स्‍वीकृति के कितने प्रस्‍ताव, कब-कब जन प्रतिनिधियों द्वारा दिये गये हैं? प्रस्‍तावों में विभाग द्वारा कब-कब, क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना का उदेद्श्‍य, प्रदेश में ग्राम स्‍तर तक सिंचाई क्षेत्र निवेश को बढ़ाकर हर खेत को पानी पहुँचाना तथा उपलब्‍ध जल का उचित प्रबंध कर ''पर ड्राप मोर क्राप'' के लक्ष्‍य को प्राप्‍त करना है। योजना में समस्‍त वर्ग एवं श्रेणी के कृषक पात्र है। भारत सरकार की गाइड-लाइन एवं दिये गये प्रावधान अनुसार योजना संचालित की जा रही है। (ख) जी हाँ। छतरपुर जिले में प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजनांतर्गत जिला सिंचाई योजना (डी.आई.पी.) तैयार की जाकर जिला योजना समिति से दिनांक 29.04.2016 को अनुमोदन पश्चात् दिनांक 18.05.2016 को संचालनालय में प्राप्‍त हो चुकी है। कार्य योजना में सम्मिलित किये गये कार्य की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-एक अनुसार है। एवं विधानसभा क्षेत्रवार कार्य योजना जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-दो अनुसार है।  (ग) जी हाँ। महाराजपुर विधानसभा क्षेत्र में प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजनांतर्गत मनरेगा योजना में 38 नवीन तालाब निर्माण के कार्य डी.आई.पी. में सम्मिलित होकर जिला योजना समिति से दिनांक 29.04.2016 को अनुमोदन पश्चात् दिनांक 18.05.2016 को संचालनालय में प्राप्‍त हुए है एवं दिनांक 22.12.2016 को राज्‍य स्‍तरीय मंजूरी समिति की बैठक में अनुमोदन प्राप्‍त हो चुका है।                (घ) कार्यपालन यंत्री जल संसाधन संभाग नौगांव जिला छतरपुर द्वारा दी गई जानकारी अनुसार विगत तीन वर्षों में महाराजपुर विधानसभा क्षेत्र में तालाबों के रख-रखाव, गहरीकरण, जीर्णोद्धार, सुदृढ़ीकरण एवं नहरों के निर्माण हेतु एक प्रस्‍ताव माननीय विधायक महोदय विधान सभा क्षेत्र महाराजपुर द्वारा दिनांक 18.04.2016 को दिया गया था। जिसके परिपालन में जोरन तालाब के नहर में लाईनिंग का कार्य प्रगति पर है। कार्यपालन यंत्री जल संसाधन संभाग नौगांव जिला छतरपुर द्वारा दी गई जानकारी अनुसार विगत तीन वर्षों में महाराजपुर विधान सभा क्षेत्र में तालाबों के रख-रखाव, गहरीकरण, जीर्णोद्धार, सुदृढ़ीकरण एवं नहरों के निर्माण हेतु एक प्रस्‍ताव माननीय विधायक महोदय विधान सभा क्षेत्र महाराजपुर द्वारा दिनांक 18.04.2016 को दिया गया था। जिसके परिपालन में जोरन तालाब के नहर में लाईनिंग का कार्य प्रगति पर है।

उपायुक्‍त सहकारिता एवं अन्‍य के विरूद्ध कार्यवाही

[सहकारिता]

45. ( क्र. 7429 ) श्री सूबेदार सिंह रजौधा : क्या राज्‍यमंत्री, सहकारिता महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या कार्यालय उपायुक्‍त सहकारिता मुरैना द्वारा नोटशीट दिनांक 29.10.2015 में नोटशीट कार्यवाही सम्‍पन्‍न होने के उपरांत नोटशीट कार्यवाही को काट कर सेवा सह संस्‍था रजौधा के फर्जी उपाध्‍यक्ष माताराम की उपस्थिति दर्शाकर और फर्जी तरीके से उसके संस्‍था द्वारा संस्‍था अध्‍यक्ष के कथित आवेदन पर हस्‍ताक्षर करवाकर नोटशीट को पुन: सम्‍पादित किया गया था? यदि हाँ, तो उक्‍त कृत्‍य में संलिप्‍त उपायुक्‍त/लिपिक कौन-कौन थे और उन पर कोई कार्यवाही की गई या की जावेगी? (ख) प्रश्नांश (क) में वर्णित किये गये कृत्‍य ही आदेश क्र./विधि/2016/454/मुरैना दिनांक 04.03.2016 जारी करने का एक आधार बना और संस्‍था एवं संस्‍था अध्‍यक्ष की साख को अपूर्णीय क्षति होकर सामाजिक प्रतिष्‍ठा धूमिल हुई? (ग) क्‍या उक्‍त प्रकरण में वर्तमान जाँचकर्ता ही तत्‍कालीन समय में उपायुक्‍त थे? यदि हाँ, तो यह नियम संगत है और निष्‍पक्ष जाँच संभव है? क्‍या संलिप्‍त अधिकारी को जाँचकर्ता बनाया जाना जाँच में विलम्‍ब का कारण है? यदि नहीं, तो जाँच अधिकरी बदलकर कब तक जाँच सम्‍पादित कर दोषियों के प्रति कार्यवाही की जा सकेगी?

राज्‍यमंत्री, सहकारिता ( श्री विश्वास सारंग ) : (क) से (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

भुगतान के सम्‍बंध में माप पुस्तिका गायब करने पर कार्यवाही

[लोक निर्माण]

46. ( क्र. 7430 ) श्री सूबेदार सिंह रजौधा : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या लोक निर्माण विभाग संभाग मुरैना द्वारा वर्ष 2012-13 से प्रश्‍न दिनांक तक मुरैना बायपास मार्ग पर स्‍पेशल रिपेयर कार्य कराया गया था? यदि हाँ, तो उक्‍त कार्य करने वाली एजेन्‍सी का नाम, निविदा दिनांक, अनुबंध दिनांक और उसकी अनुमानित राशि क्‍या थी? (ख) उपरोक्‍त कार्यों के सम्‍बंध में मुख्‍य अभियंता उ.प्र. ग्‍वालियर द्वारा भुगतान के सम्‍बंध में क्‍या कोई आदेश पारित किया गया था? यदि हाँ, तो क्‍या कार्यवाही हुई? एजेंसी/ठेकेदार को कितना-कितना भुगतान किया गया और कितना भुगतान शेष है? यदि शेष है तो भुगतान न होने के क्‍या कारण रहे? (ग) क्‍या प्रश्नांश (क) में वर्णित कार्य की माप पुस्तिका एवं बिल फार्म विभाग द्वारा गायब कर दिये गये हैं, जिससे संबंधित एजेंसी को भुगतान नहीं हो पा रहा है? यदि हाँ, तो सम्‍बंधित अधिकारी/कर्मचारियों के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की गई या की जावेगी?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) स्‍पेशल रिपेयर का कार्य स्‍वीकृत था, परन्‍तु एजेन्‍सी द्वारा कार्य नहीं किया गया। एजेन्‍सी का नाम मेसर्स आर्यन कंस्‍ट्रक्‍शन कंपनी मुरैना को निविदा दिनांक 20.03.2012 अनुसार अनुबंध दिनांक 02.04.2012 को किया जाकर, दो कार्यादेश जिनकी लागत क्रमश: 450000/- एवं 450000/- है। (ख) जी नहीं। मुख्‍य अभियंता लोक निर्माण विभाग उत्‍तर परिक्षेत्र ग्‍वालियर के आदेश पत्र क्रमांक 3909 दिनांक 26.03.16 एवं आदेश पत्र क्रमांक 7712 दिनांक 22.06.16 द्वारा अनुबंध के प्रावधानों अनुसार कार्यवाही किये जाने हेतु लेख किया गया है, एजेन्‍सी द्वारा अनुबंध अनुसार कार्य नहीं करने के कारण कोई भुगतान नहीं किया गया है, शेष का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता। (ग) प्रश्‍नांश '' अनुसार शेष का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता है।

तालाब निर्माण की स्‍वीकृति

[जल संसाधन]

47. ( क्र. 7549 ) श्री नारायण सिंह पँवार : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या राजगढ़ जिले की विधानसभा क्षेत्र ब्‍यावरा के अंतर्गत ग्राम गांगाहोनी के पश्चिम दिशा में पहाड़ की तलहटी में बांसखों एवं झिरीखों नामक दो स्‍थल जो सिंचाई तालाब निर्माण हेतु अत्‍यंत उपयुक्‍त स्‍थल हैं तथा ग्राम गांगाहोनी एवं आसपास के ग्रामों में सिंचाई हेतु कोई भी जलसंरचना नहीं है, जिससें कृषकों की हजारों एकड़ भूमि सूखाग्रस्‍त है, क्षेत्र के कृषक सिंचाई तालाब के निर्माण की मांग को लेकर आंदोलनरत है? (ख) यदि हाँ, तो कृषकों की मांग एवं मध्‍यप्रदेश शासन की सिंचाई नीति के अनुरूप उपरोक्‍त स्‍थल का परीक्षण शीघ्र कराया जावेगा?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) एवं (ख) गंगाहोनी के पास बांसखो में बाँध स्थल उपयुक्त नहीं होने तथा परियोजना की लागत निर्धारित मापदण्ड से अधिक होने के कारण परियोजना साध्य नहीं पाई गई है। चिन्हित झिरिखों तालाब का जलग्रहण क्षेत्र न्यूनतम होने तथा सिंचित क्षेत्र की तुलना में डूब क्षेत्र का प्रतिशत अत्यधिक होने के कारण परियोजना असाध्य है।

पूर्ण एवं अपूर्ण कार्यों की जानकारी

[लोक निर्माण]

48. ( क्र. 7564 ) श्री बलवीर सिंह डण्‍डौतिया : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता पत्र क्र. 71/वि.दि./कार्य निर्माण/2017 दिनांक 14.01.2017 में द्वारा विधानसभा क्षेत्र-07 दिमनी जिला मुरैना में विगत तीन वर्ष में कराये गये निर्माण कार्यों की जानकारी चाही गई थी। PWD संभाग मुरैना से प्रस्‍तुत जानकारी में पूर्ण एवं अपूर्ण कार्यों की कुछ जानकारी असत्‍य एवं भ्रामक है। (ख) क्‍या प्रश्नांश (क) में दी गई जानकारी की जाँच प्रश्‍नकर्ता के सक्षम संबंधित अधिकारी, कर्मचारी द्वारा जाकर जाँच करेंगे? यदि हाँ, तो कब तक? निश्चित दिनांक दी जावे।

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ। जी नहीं। (ख) प्रश्‍नांश (क) के उत्‍तर के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता। प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता।

समान पद, समान कार्य एवं समान वेतनमान पर नियुक्‍ति

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

49. ( क्र. 7581 ) श्री शंकर लाल तिवारी : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्‍यप्रदेश शासन कृषि विभाग में क्‍या पांडेय वेतनमान 1972 में ग्राम सेवक पद में नियुक्ति के स्‍वीकृत वेतनमान 169-300 के प्रावधानानुसार स्‍नातक और गैर स्‍नातक दोनों तरह के योग्‍यताधारी समान पद, समान कार्य एवं समान वेतनमान पर नियुक्‍त किये गये थे? यदि हाँ, तो फिर उनमें से स्‍नातक और गैर स्‍नातक योग्‍यता पर पृथक-पृथक उच्‍चतर और निम्‍नतर वेतनमान क्‍यों स्‍वीकृत किये गये हैं? (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में नियुक्‍त ग्राम-सेवकों में से नियुक्ति दिनांक से 12 वर्ष की सेवा पूर्ण करने पर क्‍या मात्र नियुक्ति के समय जो स्‍नातक थे, उनको ही केन्‍द्रीय वेतनमान में उच्‍चतर वेतनमान 1400-2340 का लाभ स्‍वीकृत किया गया है? यदि हाँ, तो गैर स्‍नातकों को क्‍यों नहीं स्‍वीकृत किया गया? इसके लिए कौन जिम्‍मेदार है?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) जी हाँ। मध्‍यप्रदेश वेतन पुनरीक्षण नियम 1983 के अनुसार चौधरी वेतनमान में गैर स्‍नातक ग्राम सेवकों का वेतनमान रूपये 575-880 एवं स्‍नातक एवं अन्‍य स्‍नातक ग्राम-सेवकों के नई भर्ती के लिये रूपये 635-950 का वेतनमान स्‍वीकृत किया गया है। (ख) जी हाँ। वेतन पुनरीक्षण नियम 1990 में गैर स्‍नातक ग्राम सेवकों के लिये वेतनमान 1150-1800 स्‍वीकृत किया गया है और सा.प्र.वि. के ज्ञाप क्र. एफ-1-1/1/विआप्र/99, दिनांक 19.4.1999 एवं दिनांक 17.5.2000 द्वारा क्रमोन्‍नति योजना के अंतर्गत इस वेतनमान में शासन द्वारा निर्धारित उच्‍चतर वेतनमान की पात्रता आती है। अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

दोषियों के खिलाफ कार्यवाही

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

50. ( क्र. 7607 ) श्री सुखेन्‍द्र सिंह : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रीवा जिले में किसानों को निजी पंजीकृत व्‍यापारियों द्वारा विगत 2 वर्षों से अमानक बीज बेचा जा रहा है? इसके लिये जिला कृषि अधिकारियों द्वारा क्‍या-क्‍या प्रयास किये गये हैं? (ख) प्रश्नांश (क) के प्रकाश में विगत 2 वर्षों में कितने-कितने बीज नमूने लेकर प्रयोगशालाओं में परीक्षण हेतु भेजे गये? इनमें से कितने नमूने मानक व अमानक पाये गये? अमानक पाये गये फर्मों के नाम, पता सहित जानकारी उपलब्‍ध करावें? (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के प्रकाश में अमानक बीज विक्रेता फर्मों के खिलाफ कोई अथवा किसी प्रकार की कार्यवाही की गई? (घ) प्रश्‍नांश (ग) के प्रकाश में यदि हाँ, तो कार्यवाही की जानकारी फर्मवार दिनांकवार उपलब्‍ध करावें? यदि नहीं, तो क्‍यों कारण स्‍पष्‍ट करें? इसके लिये कौन-कौन जिम्‍मेदार है? क्‍या उनके खिलाफ कार्यवाही की गई? यदि हाँ, तो क्‍या बतावें? यदि नहीं, तो क्‍यों, कारण स्‍पष्‍ट करें? की जावेगी तो कब तक?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) जी नहीं। बीज अधिनियम 1966, बीज नियम 1968 तथा बीज (नियंत्रण) आदेश 1983 के तहत् विहित प्रावधानों अंतर्गत नियमानुसार की गई कार्यवाही संबंधी जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) बीज नमूनों की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। जिन फर्मों के नमूने अमानक पाये गये हैं उनकी जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ग) अमानक पाये गये नमूनों के विरूद्ध की गई कार्यवाही की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है। (घ) अमानक बीज विक्रेता फर्मों के खिलाफ दिनांकवार की गई कार्यवाही की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है। शेष प्रश्‍न उपस्थित ही नहीं होता है।

सहकारी संस्थाओं का पुनः परिसीमन

[सहकारिता]

51. ( क्र. 7617 ) श्री भंवर सिंह शेखावत : क्या राज्‍यमंत्री, सहकारिता महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र बदनावर अंतर्गत वर्तमान में वृहत्‍ताकार/आदिम जाति/सेवा सहकारी समिति मर्यादित नागदा, कानवन, पलवाडा, काछिबड़ोदा, संदला, केसूर, आहू अंतर्गत दूरस्थ अंचल के ग्राम 20 से 25 कि.मी. तक सम्मिलित हैं, जबकि अन्य मुख्यालय संस्था जो कि‍ 4 से 5 कि.मी. की दूरी पर अवस्थित है, इससे जोड़ा जा सकता है, यथा केसूर संस्था का ग्राम रामपुर जो कि‍ केसूर से 20 कि.मी. दूरी पर अवस्थित हैउल्लेखित ग्राम को 4 से 5 कि.मी. की दूर उमरिया/तीसगाँव में तथा संस्था नागदा का ग्राम खंडीगारा जो की वर्तमान में 8 से 10 कि.मी. दूर है। उपरोक्त ग्राम खंडीगारा को 2 कि.मी. दूर कानवन संस्था में जोड़ा जा सकता है कृषक हित में उपरोक्त संस्थाओं में पुनः परिसीमन/सुधार की आवश्यकता है तथा स्थापित/मुख्यालय संस्था के समीपस्थ ग्रामों को जोड़ा जाना है? (ख) क्या शासन कृषक हित में पुनः परिसीमन की कार्यवाही करेगा? यदि हाँ, तो कब तक?

राज्‍यमंत्री, सहकारिता ( श्री विश्वास सारंग ) : (क) जी नहीं, संस्था मुख्यालय से कार्यक्षेत्र के ग्राम की अधिकतम दूरी 17 किलोमीटर है। केसूर संस्था का ग्राम रामपुर संस्था मुख्यालय से 12 किलोमीटर दूर है, ग्राम रामपुर की संस्था उमरियाबढ़ा से दूरी 6 किलोमीटर तथा संस्था तीसगाँव से दूरी 7 किलोमीटर है। यह सही है कि संस्था नागदा का ग्राम खंडीगारा संस्था मुख्यालय से 8 किलोमीटर दूर है जबकि अन्य संस्था कानवन से ग्राम खंडीगारा मात्र 2 किलोमीटर दूरी पर है। प्राथमिक कृषि साख सहकारी संस्थाओं के गठन/पुनर्गठन/संविलियन करने हेतु नवीन मापदंड तैयार किये जा रहे हैं। मापदंड तैयार हो जाने के उपरांत प्राथमिक कृषि साख सहकारी संस्थाओं के पुनर्गठन की कार्यवाही की जा सकेगी। (ख) उत्तरांश (क) अनुसार। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

नवीन वृहत्‍ताकार/आदिम जाति/सेवा सहकारी समिति का गठन

[सहकारिता]

52. ( क्र. 7618 ) श्री भंवर सिंह शेखावत : क्या राज्‍यमंत्री, सहकारिता महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र बदनावर अंतर्गत वर्तमान में क्या शासन स्तर पर कृषक हित में नवीन वृहत्‍ताकार/आदिम जाति/सेवा सहकारी समिति मर्यादित खोला जाना प्रस्तावित हैं? (ख) यदि हाँ, तो कितनी संस्थाएं खोली जाना हैं? संस्थावार सम्मिलित ग्राम सहित जानकारी उपलब्ध करवायें?

राज्‍यमंत्री, सहकारिता ( श्री विश्वास सारंग ) : (क) आदिम जाति सेवा सहकारी संस्था मर्यादित, संदला जिला धार के ग्राम तिलगारा, रूपाखेड़ा, बोरदा, बोरदी, जाबड़ा तथा करणपुरा को पृथक कर नवीन संस्था तिलगारा गठित किये जाने का प्रस्ताव उपायुक्त सहकारिता, जिला धार को प्राप्त हुआ था। (ख) उत्तरांश (क) में उल्लेखित संस्था संदला के कार्यक्षेत्र का कुल कृषि रकबा 4038.880 हेक्टेयर है। प्राथमिक कृषि साख सहकारी संस्थाओं के पुनर्गठन हेतु वर्तमान निर्धारित मापदंड अनुसार संस्था के गठन हेतु न्यूनतम कृषि रकबा 5000 हेक्टेयर होना चाहिये। अतः नवीन संस्था का गठन निर्धारित मापदंड पूर्ति नहीं करने से किया जाना संभव नहीं है।

न्‍यायालय भवन का निर्माण

[विधि और विधायी कार्य]

53. ( क्र. 7624 ) श्री राम लल्लू वैश्य : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या जिला न्‍यायालय भवन सिंगरौली में बनाया जाना है? यदि हाँ, तो कब तक यह कार्य पूरा किया जावेगा? (ख) क्‍या जिला सत्र न्‍यायालय सिंगरौली (बैढ़न) द्वारा भवन निर्माण हेतु DPR/PIV द्वारा २४.२७ करोड़ रूपये का प्रस्‍तुत था? स्‍वीकृत किया गया है या कब तक स्‍वीकृति दी जायेगी?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ। निश्चित समयावधि बताया जाना सम्‍भव नहीं। (ख) जी हाँ। जी नहीं। निश्चित समयावधि बताया जाना सम्‍भव नहीं।

सेल्‍समैन की बर्खास्‍तगी

[सहकारिता]

54. ( क्र. 7650 ) श्री नीलेश अवस्‍थी : क्या राज्‍यमंत्री, सहकारिता महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्राथमिक कृषि साख सहकारी संस्‍था मर्यादित मुरई तहसील पाटन जिला जबलपुर कब प्रारंभ/पंजीकृत की गई? संस्‍था में गत दस वर्षों में कौन-कौन सेल्‍समैन पद पर कब-कब तक पदस्‍थ रहे तथा वर्तमान में कौन-कौन कब से पदस्‍थ हैं? सूची देवें। (ख) सेवा सहकारी समितियों में कार्यरत सेल्‍समैन की नियुक्‍ती का अधिकार किसे है? किन नियमों एवं शर्तों के अधीन इनकी भर्ती की जाती है तथा सेवाकाल में कदाचार के किन आरोपों पर किसके द्वारा इन्‍हें सेवा से पृथक किया जा सकता है? नियमों की छायाप्रति देवें (ग) प्रश्‍नांश में उल्‍लेखित सेवारत सेल्‍समैनों में से किस-किस को भारत दंड सहित की किस धारा के अतंर्गत कितने वर्ष की सजा हुई एवं कितना समय उन्होंने कारागार में व्‍यतीत किया? बतलावें एवं यह भी बतलावें की क्‍या उल्‍लेखित कृत्‍य के कारण प्राथमिक सेवा सहकारी समिति मर्यादित मुरई, तहसील पाटन, जिला जबलपुर द्वारा दिनांक 15.09.2016 को सेवा से पृथक करने का आदेश दिया था? (घ) प्रश्‍नांश (ग) के उत्‍तर में यदि हाँ, तो सेवा सहकारी समिति के सेल्‍समैन अनिल कुमार उर्फ छोटा द्वारा दिनांक 01.01.1999 से 24.01.2001 तक कारावास काटने एवं प्रकरण क्रमांक 26/96 धारा 307/34 के तहत् सजा-याफ्ता होकर अपील में चलने के बावजूद अभी तक सेल्‍समैन के पद पर पदस्‍थ क्‍यों है उसे किस प्रकार से कब तक पद से पृथक कर दिया जावेगा? यदि नहीं, तो क्‍यों?

राज्‍यमंत्री, सहकारिता ( श्री विश्वास सारंग ) : (क) दिनांक 07.02.1965 को पंजीकृत की गई, शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) विक्रेता की नियुक्ति जिला स्तर पर गठित कमेटी जिसमें उप/सहायक आयुक्त सहकारिता अध्यक्ष, संबंधित संस्था का अध्यक्ष सदस्य तथा जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सदस्य सचिव होते हैं। नियुक्ति हेतु नियम शर्तें एवं प्रक्रिया तथा कदाचार के संबंध में कार्यवाही किये जाने के प्रावधानों की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ग) संस्था में पदस्थ विक्रेता          श्री अनिल कुमार को भारतीय दंड संहिता की धारा 307/34 के अंतर्गत 5 वर्ष का कारावास एवं रूपये 5,000/- के अर्थदंड से दंडित किया गया था। श्री अनिल कुमार द्वारा एक वर्ष से अधिक की अवधि कारागार में व्यतीत की है। प्राथमिक कृषि साख सहकारी संस्था मुरई द्वारा सेवा से पृथक करने का आदेश जारी नहीं किया गया है। (घ) सजा-याफ्ता कर्मचारी श्री अनिल कुमार को मुरई संस्था द्वारा पद से पृथक नहीं करने के कारण उपायुक्त सहकारिता, जिला जबलपुर द्वारा        श्री अनिल कुमार की सेवायें समाप्त करने हेतु प्राथमिक कृषि साख सहकारी संस्था मुरई को निर्देश दिये गये हैं। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

विभाग के निर्माण कार्यों की जानकारी

[लोक निर्माण]

55. ( क्र. 7677 ) श्री नीलेश अवस्‍थी : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) पाटन विधान सभा क्षेत्र अंतर्गत वित्‍त वर्ष 2013-14 से प्रश्‍न दिनांक तक किन-किन भवनों तथा मार्गों के निर्माण की स्‍वीकृति कब-कब प्रदान की गई? लागत सहित यह बतलावें की उपरोक्‍त निर्माण कार्य वर्तमान समय में किस स्थिति में है? कितने पूर्ण, कितने अपूर्ण हैं? (ख) प्रश्नांश (क) में उल्‍लेखित निर्माण कार्यों हेतु कितनी-कितनी राशि से कौन-कौन से निर्माण कार्यों हेतु प्रशासकीय स्‍वीकृति प्रदान की गई एवं उसके विरूद्ध प्रश्‍न दिनांक तक कितनी राशि व्‍यय हुई? निर्माण कार्यवार सूची देवें। (ग) प्रश्नांश (क) में उल्‍लेखित निर्माण कार्यों की गुणवत्‍ता का निरीक्षण कब किसके द्वारा किया गया? निरीक्षण-परीक्षण रिपोर्ट क्‍या थी? निर्माण कार्यवार बतलावें एवं उल्‍लेखित निर्माण कार्यों में घटिया गुणवत्‍ताविहीन निर्माण कार्यों की कौन-कौन सी शिकायतें कब प्राप्‍त हुई एवं शासन स्‍तर पर उन पर क्‍या कार्यवाही की गई? (घ) पाटन विधान सभा क्षेत्र अंतर्गत कितनी लागत से कौन-कौन से मार्गों भवन तथा पुलों के निर्माण की विभाग द्वारा प्रस्‍तावना है? उल्‍लेखित निर्माण कार्यों के प्रस्‍ताव कहाँ किस स्‍तर पर लंबित हैं तथा इन्‍हें किस प्रकार से कब तक स्‍वीकृत कर बजट में शामिल कर निर्माण कार्यों की निविदा आयोजित की जावेगी?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) सड़क निर्माण से संबंधित विस्‍तृत जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' एवं 'अ-1' अनुसार तथा भवन कार्यों की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '', 'ब-2' अनुसार है। (ख) सड़क निर्माण से संबंधित विस्‍तृत जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '', 'अ-।' एवं भवन कार्यों की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '', 'ब-2' अनुसार है। (ग) सड़क निर्माण से संबंधित विस्‍तृत जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '', 'ब-1' एवं भवन कार्यों की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' एवं 'ब-2' अनुसार है। (घ) सिहोरा-मझौली-कटाव मार्ग अनुमानित लंबाई 18.50 कि.मी. (पाटन वि.. के अंतर्गत लंबाई 12.50 कि.मी.) हेतु निविदा की कार्यवाही प्रचलित है। सेतु निर्माण की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है।

सड़कों का नवीनीकरण

[लोक निर्माण]

56. ( क्र. 7685 ) डॉ. गोविन्द सिंह : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सीहोर जिले में विगत 5 वर्षों में फास्‍ट ट्रैक योजना, केन्‍द्रीय सड़क निधि और एम.बी.आर. योजना के तहत् कौन-कौन सी सड़कें कितने-कितने किलोमीटर की कितनी-कितनी लागत की     किस-किस निर्माण एजेंसियों द्वारा कब-कब बनाई गई? सड़कवार ब्‍यौरा दें? (ख) क्‍या विगत 5 वर्षों में फास्‍ट ट्रैक योजना और केन्‍द्रीय सड़क निधि से जिले में बनाई गई घटिया किस्‍म की सड़कें क्षमता से अधिक रेत के डम्‍परों/ट्रकों आदि के कारण खराब हो गई हैं? उन्‍हीं सड़कों का नवीनीकरण पुन: एम.बी.आर. योजना के तहत् किया जाना प्रस्‍तावित है? (ग) यदि हाँ, तो कौन-कौन सी सड़कों का नवीनीकरण किया जाना प्रस्‍तावित है? इस पर कुल कितनी राशि व्‍यय होना प्रस्‍तावित है?                (घ) उपरोक्‍त सड़कों में से कौन-कौन सी सड़कें अनुबंध के अनुसार गारण्‍टी अवधि की थी? क्‍या संबंधित निर्माण एजेंसी द्वारा गारण्‍टी अवधि में क्षतिग्रस्‍त सड़कों को पुन: मरम्‍मत करायी गई? यदि नहीं, तो इसके लिए संबंधित अधिकारी/निर्माण एजेंसी के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की गई?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) जी नहीं। जी नहीं, मात्र एक मार्ग का पूर्ण निर्माण किया जाना है। (ग) एवं (घ) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है।

परिशिष्ट - ''सत्रह''

किसानों को अनुदान पर दी जाने वाली सामग्री

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

57. ( क्र. 7692 ) कुँवर सौरभ सिंह : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) कटनी जिले में अ.जा./अ.ज.जा. एवं अन्‍य वर्ग के कृषकों को किन योजनाओं के तहत् कृषि कार्य हेतु कृषि यंत्र/उपकरण दिये जाने का प्रावधान है? योजनावार बतायें (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार कटनी जिले के अ.जा./अ.ज.जा. एवं अन्‍य वर्ग के कितने प्रकरण हेतु ऑन-लाइन एवं ऑफ-लाइन पंजीकृत हुये? निर्धारित लक्ष्‍य अनुरूप कितने प्रकरण किस-किस योजनान्‍तर्गत स्‍वीकृत किये गये? स्‍वीकृत प्रकरणों में कितने यंत्र/उपकरण कृषकों को अनुदान पर उपलब्‍ध कराये गये? वर्ष 2014-15 से विकासखंण्‍डवार, वर्षवार, योजनावार पृथक-पृथक संख्‍या सहित विवरण दें। (ग) प्रश्नांश (ख) अनुसार ऑन-लाइन एवं ऑफ-लाइन पंजीकृत किन्‍तु लंबित एवं अस्‍वीकृत रहने का क्‍या कारण है? इन प्रकरणों को कब तक स्‍वीकृत किया जावेगा? (घ) प्रश्‍नांश (ग) अनुसार लंबित प्रकरणों के लिये कौन दोषी है? दोषियों के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही कब तक की जावेगी?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ग) योजनाओं में लक्ष्यानुसार ऑन-लाइन पंजीयन के उपरांत विकासखण्‍डवार कृषकों के प्रस्तुत आवेदन एवं पात्रता अनुसार प्रकरण स्वीकृत किये गये हैं। जिन कृषकों ने अभिलेख प्रस्तुत नहीं किये हैं, उनके प्रकरण स्वीकृत नहीं किये। शेष कृषकों के ऑन-लाइन पंजीयन है &