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मध्यप्रदेश विधान सभा


प्रश्नोत्तर-सूची
फरवरी-अप्रैल, 2016 सत्र


गुरूवार, दिनाँक 31 मार्च, 2016


भाग-1
तारांकित प्रश्नोत्तर


 

( वर्ग 1 : किसान कल्याण तथा कृषि विकास, पंचायत और ग्रामीण विकास, सामाजिक न्याय एवं निःशक्त जन कल्याण, सहकारिता, राजस्‍व, पुनर्वास, परिवहन, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, लोक सेवा प्रबंधन, जन शिकायत निवारण )

दिव्‍यांगों को उपकरण का प्रदाय

1. ( *क्र. 6764 ) श्री सत्‍यपाल सिंह सिकरवार : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मुरैना जिले में विकलांगों की संख्‍या कितनी है, वर्ष 2014-2015 में क्‍या उक्‍त लोगों की गणना की गई थी? (ख) उक्‍त अवधि में कितने विकलांगों को उपकरण, यंत्र जीवन की सुगमता बनाने हेतु कार्यक्रमों में बांटे गये दिनांक, वर्षवार संख्‍या सहित जानकारी दी जावे? (ग) क्‍या शासन द्वारा विकलांगों, दिव्‍यांगों के जीवन को सुगम बनाने हेतु जो योजना चलाई गई है, जिला स्‍तर पर उनका क्रियान्‍वयन बहुत ही धीमी गति से किया जाता है? क्‍यों? (घ) उक्‍त अवधि में किये गये कार्यक्रमों की विकलांगों को सूचना देने का माध्‍यम क्‍या रहा था, क्‍या उक्‍त माध्‍यम से सभी विकलांगों को निश्चित दिनांक पर सूचना प्राप्‍त हुई थी?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) मुरैना जिले में वर्ष 2011-12 में स्पर्श अभियान के अन्तर्गत कराये गये सर्वेक्षण में 10,850 निःशक्तजन चिन्हित किये गये। जी नहीं। (ख) वर्ष 2014-15 में वित्तीय वर्ष के ज्यादातर समय में चुनाव आचार संहिता लागू रहने के कारण कार्यक्रम आयोजित नहीं होने से कृत्रिम अंग/सहायक उपकरण का वितरण नहीं किया गया। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी नहीं। शासन द्वारा निःशक्तजनों के जीवन को सुगम बनाने हेतु जिला स्तर पर योजनाओं का क्रियान्वयन निरन्तर किया जा रहा है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) उत्तरांश के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

महात्‍मा गांधी राष्‍ट्रीय रोजगार गारंटी योजना का क्रियान्‍वयन

2. ( *क्र. 7554 ) श्री मुकेश नायक : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में वित्‍तीय वर्ष 2014-15 तथा अप्रैल, 2015 से दिसम्‍बर, 2015 के बीच महात्‍मा गांधी राष्‍ट्रीय रोजगार गांरटी योजना के अंतर्गत कितने जॉब कार्डधारियों के द्वारा जिलेवार कितने मानव दिवस श्रम कार्य किये गये और उनको कितनी राशि का भुगतान करना था? जिलेवार जानकारी प्रदान करें। (ख) उपरोक्‍त में से कितनी राशि का भुगतान किया गया है? यदि मजदूरी की राशि का भुगतान बकाया है, तो कितना है और शेष राशि का भुगतान कब तक करने की योजना है? जानकारी जिलेवार प्रदान करें। (ग) महात्‍मा गांधी राष्‍ट्रीय रोजगार गांरटी योजना के क्रियान्‍वयन के लिए वित्‍तीय वर्ष 2014-15 तथा अप्रैल, 2015 से दिसम्‍बर, 2016 तक केन्‍द्र सरकार से कितनी राशि कब-कब प्राप्‍त हुई है और यदि शेष है तो उसको प्राप्‍त करने की क्‍या योजना बनायी गयी है?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) प्रदेश में वित्तीय वर्ष 2014-15 तथा अप्रैल, 2015 से दिसम्बर, 2015 के बीच महात्मा गाँधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के अंतर्गत जॉबकार्ड धारियों के द्वारा जिलेवार मानव दिवस श्रम कार्य किये गए और उनको राशि का भुगतान करना था, जिलेवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 1 अनुसार है। (ख) उपरोक्त में से की गयी राशि का भुगतान एवं शेष मजदूरी की राशि के भुगतान की जिलेवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 2 अनुसार है। (ग) महात्मा गाँधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी स्कीम के क्रियान्वयन हेतु वित्तीय वर्ष 2014-15 में राशि रु. 2451.63 करोड़ प्राप्त हुई माह अप्रैल, 2015 से वर्तमान दिनांक तक भारत सरकार से राशि रु. 2244.75 करोड़ प्राप्त हुई तथा शेष राशि हेतु भारत सरकार को पत्र प्रेषित किये गए हैं, पत्र की छायाप्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 3 अनुसार है।

लोक सेवा ग्‍यारंटी केन्‍द्र के माध्‍यम से प्रमाणित प्रतिलिपियों का प्रदाय

3. ( *क्र. 3010 ) श्री सतीश मालवीय : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) उज्‍जैन जिले में नकल की प्रति का पृष्‍ठ शासन द्वारा प्रति पृष्‍ठ क्‍या शुल्‍क निर्धारित किया गया है एवं लोक सेवा ग्‍यारंटी में किसान ऋण पुस्तिका प्राप्‍त करने हेतु कौन-कौन से दस्‍तावेज लिये जाने आवश्‍यक हैं एवं कितने समय में ऋण पुस्तिका दिये जाने का प्रावधान है? (ख) राजस्‍व न्‍यायालयों के प्रकरणों की प्रमाणित प्रतिलिपियों को लोक सेवा ग्‍यारंटी केन्‍द्र के माध्‍यम से प्रदाय किये जाने का प्रावधान है अथवा नहीं? यदि नहीं, तो शासन नियम विरूद्ध राजस्‍व न्‍यायालयों के प्रकरणों की प्रतिलिपियाँ लोक सेवा ग्‍यारंटी से क्‍यों दी जा रही है? इस अवैध वसूली के विरूद्ध शासन क्‍या कार्यवाही करेगा? (ग) क्‍या उज्‍जैन जिले में प्रति पृष्‍ठ नकल के 40 रूपये लिये जा रहे हैं? यदि हाँ, तो क्‍या एक पृष्‍ठ के 40 रूपये लिये जाना औचित्‍यपूर्ण है? यदि नहीं, तो नियम विरूद्ध 40 रूपये लिये जाने का क्‍या कारण है? शासन इस ओर क्‍या कार्यवाही करेगा?

राजस्व मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र , एवं अनुसार(ख) जी हाँ, प्रावधान है। शेष प्रश्नांश उद्भूत नहीं होता। (ग) राजस्व विभाग की सेवा क्र. 4.10 के संबंध में जारी परिपत्र क्र. एफ 5-10/2014/ सात-1, भोपाल, दिनांक 28/01/2014 रिकार्ड रूम से अभिलेख प्रकोष्ठ में जमा भू-अभिलेखों/राजस्व प्रकरणों/नक्शों एवं अन्य अभिलेखों की सत्य प्रतिलिपि प्रदाय करने हेतु प्रति पृष्ठ मुद्रांक की राशि 20/- रूपये एवं देय प्रतिलिपि शुल्क 20/- रूपये कुल 40/- रूपये प्रति पृष्ठ प्रावधान अनुसार लिये जा रहे हैं। शेष प्रश्नांश उद्भूत नहीं होता।

आवास संघ द्वारा अनुबंध का नवीनीकरण

4. ( *क्र. 7655 ) श्री प्रताप सिंह : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) परि.अता. प्रश्‍न संख्‍या-127 (क्र. 2962) दिनांक 02 मार्च, 2016 के उत्तरांश (क) (ख) एवं (ग) में उल्‍लेखित परिशिष्ट अनुसार कौन-कौन से अनुबंध कितने वर्ष के लिये किये गये थे? (ख) क्‍या आवास संघ द्वारा पहला अनुबंध दिनांक 14 फरवरी, 2001 दूसरा अनुबंध दिनांक 07 फरवरी, 2008 एवं तीसरा अनुबंध 09 जनवरी, 2014 को किया गया था? (ग) क्‍या आवास संघ द्वारा 02 अनुबंध नवीनीकरण दिनांक 03 फरवरी, 2014 को किये गये थे? (घ) प्रश्‍नांश (क) संदर्भित प्रश्‍न के भाग (घ) के उत्‍तर में उल्‍लेखित विज्ञापनों की प्रति उपलब्‍ध करावें?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 1 अनुसार है। (ख) एवं (ग) जी हाँ। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 2 से 7 अनुसार है।

चुटका परमाणु विद्युत गृह निर्माण हेतु भूमि अधिग्रहण

5. ( *क्र. 2515 ) श्री रामप्यारे कुलस्ते : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मण्‍डला जिले में चुटका परमाणु विद्युत गृह निर्माण हेतु परियोजना स्‍थापना, कॉलोनी विकास तथा अन्‍य कार्यों के निर्माण हेतु परियोजना क्षेत्र से कहाँ-कहाँ से और कितनी जमीन अधिग्रहण की जावेगी, की सूचना कब-कब दी गई थी? (ख) उक्‍त परियोजना में जमीन अधिग्रहण एवं अवार्ड पास करने के लिये प्रभावित ग्रामों में ग्राम सह ग्राम सभाओं का आयोजन तथा लोगों की सहमति ली गई है? यदि ग्राम सभा आयोजित की गई है तो कब-कब ग्रामसभा आयोजित की गई? (ग) अवार्ड कब घोषित किया गया? अवार्ड घोषित होने के बाद लोग अपने दावे आपत्ति कहाँ दे सकेंगे, जिससे लोगों की आपत्ति का निराकरण हो सके? उक्‍त परियोजना में विस्‍थापित लोगों को मुआवज़े का क्‍या मापदंड होगा तथा जमीन पुनर्वास हेतु क्‍या मापदंड तय किये गये, विस्‍थापित लोगों की सहमति एवं उनकी मूलभूत आवश्‍यकता की जानकारी प्रदान करें।

राजस्व मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) ग्राम चुटका में 111.81 हे., ग्राम टाटीघाट में 26.40 हे., ग्राम कुण्डा में 85.76 हे., ग्राम मानेगांव में 63.24 हे., कुल 287.21 हे., भूमि अधिग्रहीत की गई। भू-अर्जन अधिनियम के प्रावधानानुसार धारा 4 एवं 6 की अधिसूचना का प्रकाशन क्रमशः दिनांक 20.07.2012, एवं दिनांक 05.07.2013 को किया गया है। (ख) जी हाँ। ग्राम चुटका ग्राम पंचायत पाठा दिनांक 16.03.2012 को, ग्राम टाटीघाट में दिनांक 16.03.2012 को, कुण्डा में 17.03.2012 एवं ग्राम मानेगांव में दिनांक 17.03.2012 को ग्राम सभा की बैठक का आयोजन किया गया। (ग) अवार्ड दिनांक 27.6.2015 को एवं संशोधित अवार्ड दिनांक 11.12.2015 को पारित किया गया है। भू-अर्जन अधिनियम 2013 की धारा 51 से 64 के तहत घोषित सक्षम प्राधिकारी को अपील एवं दावे प्रस्तुत किये जा सकेंगे। निर्धारित मापदण्ड अनुसार प्रत्येक विस्थापित परिवार को पाँच लाख रूपये अनुदान, पचास हजार रूपये परिवहन भत्ता, अनुसूचित जाति/अनुसूचित जन जाति के विस्थापित परिवारों को पचास हजार रूपये एकमुश्त अनुदान, कारीगर एवं छोटे व्यापारी एवं अन्य को पच्चीस हजार रूपये प्रति परिवार तथा प्रत्येक परिवार को पचास हजार रूपये, पुनर्व्यवस्थापन भत्ता के मापदण्ड से प्रदान किया गया है। उपरोक्तानुसार निर्धारित मुआवजा भुगतान किया जा चुका है, अतः शेष प्रश्नांश उद्भूत नहीं होता है।

मनरेगा योजनांतर्गत नीमच जिले में कराये गये कार्य

6. ( *क्र. 4622 ) श्री कैलाश चावला : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के मनरेगा योजनांतर्गत नीमच जिले में वर्ष 2013-14, 2014-15 में कितने कार्य पूर्ण करा लिये गये हैं व भुगतान नहीं हुआ पंचायतवार, कार्यवार, कार्य पूर्ण होने की दिनांक व बकाया राशि बतावें? (ख) भुगतान न किये जाने के क्‍या कारण हैं?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) मनरेगा योजना अंतर्गत नीमच जिले में वर्ष 2013-14, 2014-15 में 100 कार्य पूर्ण करा लिये गये हैं। पूर्ण कराये गये कार्यों में भुगतान लंबित न होने से शेष प्रश्‍न उपस्‍थित नहीं होता। (ख) उत्‍तरांश '' के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न ही उपस्‍थित नहीं होता।

सहकारी संस्‍थाओं द्वारा लाभांश का वितरण

7. ( *क्र. 7197 ) श्री माधो सिंह डावर : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अलीराजपुर जिले में वित्‍तीय वर्ष 2014-15 के अंकेक्षण अनुसार कितनी सहकारी संस्‍थाएं लाभ में चल रही हैं? (ख) क्‍या संस्‍थाओं के सदस्‍यों को प्रतिवर्ष लाभांश वितरण करने का प्रावधान है? (ग) यदि हाँ, तो प्रश्‍नांश (क) अनुसार किस-किस संस्‍था द्वारा सदस्‍यों को कितना-कितना लाभांश वितरण किया गया? संस्‍थावार सूची प्रदान करें। (घ) यदि नहीं किया तो कारण बताएं? (ड.) क्‍या लाभांश का वितरण किया जावेगा?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) 59. (ख) जी हाँ, मध्यप्रदेश सहकारी सोसायटी अधिनियम 1960 की धारा 43 के प्रावधानांतर्गत। (ग) किसी भी संस्था के द्वारा नहीं। (घ) मध्यप्रदेश सहकारी सोसायटी अधिनियम 1960 की धारा 49 (1) के अंतर्गत सहकारी संस्था की आम सभा को इस संबंध में अधिकारिता प्राप्त है। आमसभा द्वारा लाभांश वितरण का निर्णय नहीं लेने के कारण। (ड.) लाभांश वितरण के संबंध में निर्णय लेने की अधिकारिता सहकारी संस्था की आम सभा को ही प्राप्त है। अधिनियम की धारा 43 के प्रावधानों के अंतर्गत संबंधित सहकारी संस्थाओं की आमसभा की बैठक में इस बिन्दु पर विचार कर समुचित निर्णय लेने के लिये निर्देशित किया गया है।

पंचायत सचिवों का नियम विरूद्ध निलंबन

8. ( *क्र. 7003 ) श्री मानवेन्द्र सिंह : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या छतरपुर जिले में वर्ष 2016 (01 जनवरी, 2016) से प्रश्‍न दिनांक तक में पंचायत सचिवों को निलंबित किया गया है? हाँ, तो उक्‍त अवधि में निल‍ंबित सचिवों के नाम, ग्राम पंचायत का नाम, जनपद पंचायत क्षेत्र का नाम सहित प्रस्‍तुत करें? (ख) क्‍या उक्‍त सचिवों को निलंबित करने से पूर्व किसी प्रकार का नोटिस अथवा सक्षम अधिकारी के समक्ष में उपस्थित होकर अपना पक्ष स‍मर्थन करने हेतु पत्राचार किया गया है? हाँ, तो उक्‍त आशय का विवरण प्रस्‍तुत करें? (ग) प्रश्‍नांश (क) के उत्‍तर में प्रस्‍तुत सचिवों की सूची में से किन-किन सचिवों को शासनादेशों के अनुसार निलंबन से पूर्व सुनवाई का अवसर नहीं दिया गया है? ऐसे सचिवों का नाम, ग्राम पंचायत का नाम, जनपद पंचायत का नाम उल्लेखित कर स्‍पष्‍ट करें कि उक्‍त निलंबन आदेश शासनादेशों के अनुकूल है या प्रतिकूल? (घ) यदि प्रतिकूल है तो शासन उक्‍त विसंगतिपूर्ण निलंबन आदेशों को तत्‍काल प्रभाव से निरस्‍त करने के निर्देश जारी करेगा? हाँ, तो कब तक?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ। छतरपुर जिले में 15 पंचायत सचिवों को निलंबित किया गया। जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार(ख) जी हाँ। उक्त 15 सचिवों में से 06 सचिवों को निलंबन के पूर्व कारण बताओ नोटिस एवं 02 सचिवों को जाँच उपरांत दोषी पाए जाने पर एवं शेष 07 सचिवों को गंभीर अनियमितता के आरोप में प्रथमदृष्टया दोषी पाए जाने पर कलेक्टर छतरपुर के अनुमोदन उपरांत निलंबित किया गया। जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार(ग) उत्तरांश के परिपेक्ष्य में सभी सचिवों का निलंबन शासन आदेशों के अनुसार किया गया है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) उपरोक्त सचिवों को गंभीर वित्तीय अनियमितता, शासन की महत्वपूर्ण योजनाओं के क्रियान्वयन में की गई गंभीर लापरवाही एवं अनुशासनहीनता के आरोपों के तहत् मध्यप्रदेश पंचायत सेवा (ग्राम पंचायत सचिव भर्ती एवं सेवा की शर्तें) अधिनियम 2011 के नियम 7 के प्रावधानों के तहत् निलंबन किया गया है। आरोप पत्र का जवाब प्राप्त होने के पश्चात जाँच उपरांत गुण दोष के आधार पर निर्णय लिया जाता है। निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

परिशिष्ट - ''एक''

शासकीय भूमि पर अवैध कब्‍जों को हटाया जाना

9. ( *क्र. 7620 ) कुँवर सौरभ सिंह : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला कटनी अंतर्गत सभी जनपद पंचायत, नगर पंचायत एवं नगर निगम की कहाँ-कहाँ पर कितनी कितनी संपत्ति है? सम्‍पत्तिवार उसका विवरण दें तथा उस पर वर्तमान में काबिजवार कौन है? (ख) उक्‍त सम्‍पत्ति पर प्रारंभ से लेकर वर्तमान तक कौन-कौन कितने समय से काबिज हैं तथा कितना राजस्‍व इनसे प्राप्‍त हो रहा है? (ग) उक्‍त सम्‍पत्ति के संबंध में शासन के क्‍या निर्देश हैं? क्‍या शासन निर्देशों का उक्‍त सम्‍पत्ति के संबंध में पालन किया जा रहा है? यदि नहीं, तो पालन न करवाये जाने का क्‍या कारण है? (घ) क्‍या उक्‍त सम्‍पत्तियों पर किन्‍हीं के द्वारा अवैध कब्‍जा किया गया है? यदि हाँ, तो किसके द्वारा? अब तक उन पर क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई? क्‍या अवैध कब्‍जे हटाये जावेंगे? यदि हाँ, तो कब तक? (ड.) अवैध कब्‍जों को हटाये जाने के संबंध में कितने प्रकरण संबंधित पक्षकार द्वारा शासन की प्रश्‍नांश (क) में उल्‍लेखित संस्‍थाओं द्वारा न्‍यायालय में कब-कब दायर किये गये हैं? उन प्रकरणों के निपटारे हेतु शासन द्वारा क्‍या सक्षम प्रयास किये गये?

राजस्व मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) से (ड.) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

कृषि व्‍यवस्‍थापन भूमि का विक्रय

10. ( *क्र. 5053 ) श्रीमती ऊषा चौधरी : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) ग्राम कृपालपुर तहसील रघुराजनगर की आराजी नं. 1285/1 रकबा 15.14 एकड़ के अंश भाग तीन एकड़ दिनबंधा तनय बोडई चमार एवं छोटवा तनय डेलिया चमार निवासी कृपालपुर को दो एकड़ कलेक्‍टर सतना के आदेश प्र.क्र. 219/74-75 दिनांक 12/07/1977 द्वारा कृषि हेतु व्‍यवस्‍थापन में दी गई थी? उक्‍त भूमि को तत्‍कालीन कलेक्‍टर सतना श्री जे.एल. बोस के प्र.क्र. 3119/80-81 के द्वारा एक वर्ष की अस्‍थाई लीज़ पर दिनबंधा एवं बोड्डा चमार को दी गई थी? उक्‍त लीज़ की अवधि किस आदेश के अंतर्गत बढ़ाई गई थी? (ख) तहसीलदार रघुराजनगर सतना के प्र.क्र. 17,6ए/2008/09 आदेश दिनांक 19/01/2009 के द्वारा प्रश्‍नांश (क) में वर्णित भूमि जो एक वर्षीय लीज़ पर कलेक्‍टर द्वारा कृषि कार्य हेतु दिनबंधा एवं बोड्डा चमार को दी गई थी, को तत्‍कालीन कलेक्‍टर जे.एल. बोस के द्वारा स्‍वीकृत एक वर्ष की अवधि किस अधिकारी द्वारा किस आदेश से बढ़ाई गई, इसकी विवेचना न करते हुए दिनबंधा एवं बोड्डा को लीज़ में स्‍वीकृत हुई आराजी पाँच एकड़ त्रुटि सुधार का आदेश देकर मुन्‍ना चमार तनय दीनबंधु चमार के नाम कर दिया? बोड्डा चमार के नाम की विवेचना ही नहीं की गई? क्‍या तहसीलदार द्वारा किसी व्‍यक्ति विशेष को लाभ पहुंचाने हेतु शासन की बेशकीमती भूमि अनाधिकृत खसरा के कालम नं. तीन में सुधार करा दिया? (ग) क्‍या प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) में वर्णित आराजी का आदेश दिनांक 19/01/2009 के बाद राजस्‍व अमले द्वारा तत्‍काल इत्‍तलाबी करना, ऋण पुस्तिका जारी करना तथा रजिस्‍ट्रार सतना द्वारा दिनांक 23/01/2009 को मुन्‍ना चमार द्वारा 35 लाख रू. में आनंद सिंह तथा विनया सिंह को चार दिन के अंदर बेच दी गई? यदि हाँ, तो क्‍या कृषि हेतु व्‍यवस्‍थापन भूमि को शासन के नियमानुसार विक्रय किया जा सकता है? यदि नहीं, तो उक्‍त प्रकरण में कलेक्‍टर सतना द्वारा दोषियों के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की गई? (घ) खसरा पंचशाला 2015-16 में आराजी नं. 1285/1क रकबा 5.318 हेक्‍टेयर म.प्र. शासन दर्ज का उल्‍लेख है तो प्रश्‍नांश (क), (ख), (ग) में वर्णित भूमि का स्‍टेटस क्‍या है?

राजस्व मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

बी.आर.जी.एफ. योजनातर्गत कराये गये कार्य

11. ( *क्र. 7719 ) श्री नारायण सिंह पँवार : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या आयुक्‍त पंचायत राज संचालनालय मध्‍यप्रदेश भोपाल द्वारा अपने पत्र क्रमांक 1527/पं.राज/बी.आर.जी.एफ./2016 भोपाल दिनांक 09.02.2016 से मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत राजगढ़ को उनके पत्र क्रमांक 1484, दिनांक 06.02.2016 में प्रस्‍तावित तालिका के कार्य क्रमांक 1, 2, 6 एवं 9 को बी.आर.जी.एफ. योजना की शेष उपलब्‍ध राशि से कराये जाने हेतु अनुमति प्रदान कर संचालनालय को अंतरित शेष राशि रू. 159.00 लाख जिले के बी.आर.जी.एफ. योजनांतर्गत संचालित खाते में अंतरित की गई तथा शेष कार्य क्रमांक 3, 4, 5, 7, 8, 10, 11 एवं 12 कुल 8 कार्यों का विधिवत प्रस्‍ताव तैयार कर कार्य की लागत प्रस्‍तावित मद/योजना आदि की जानकारी सहित पूर्ण प्रस्‍ताव शासन के निर्णय हेतु पंचायत राज संचालनालय को प्रस्‍तुत करने हेतु दिनांक 11.02.2016 तक कार्यवाही सुनिश्चित करने हेतु निर्देशित किया गया था? (ख) यदि हाँ, तो उपरोक्‍तानुसार जिले के बी.आर.जी.एफ. योजनांतर्गत संचालित खाते में संचालनालय द्वारा राशि अंतरित कर दी गई है? यदि हाँ, तो दिनांक सहित बतावें? यदि नहीं, तो कब तक राशि अंतरित की जावेगी तथा क्‍या शेष 8 कार्यों के विधिवत पूर्ण प्रस्‍ताव जिला पंचायत राजगढ़ द्वारा शासन के निर्णय हेतु पंचायत राज संचालनालय को निर्धारित तिथि को पहुंचा दिये गये हैं? यदि हाँ, तो शेष 8 कार्यों की स्‍वीकृति कब तक प्रदान कर दी जावेगी?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार(ख) जी हाँ। दिनांक 09.03.2016 को राशि हस्तांतरित की जा चुकी है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार। जी नहीं। जिला पंचायत से प्रस्ताव प्राप्त नहीं हुए हैं, कार्यवाही जिला पंचायत स्तर पर प्रचलित है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

ग्रामीण विकास योजनांतर्गत कराये गये कार्य

12. ( *क्र. 4401 ) कुमारी मीना सिंह : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) ग्राम पंचायत ममान, विकासखण्‍ड पाली, जिला उ‍मरिया में 01 अप्रैल, 2010 से प्रश्‍न दिनांक तक जिला पंचायत द्वारा संचालित विभिन्‍न ग्रामीण विकास की योजनाओं के तहत कितनी-कितनी राशि प्राप्‍त हुई तथा किन-किन कार्यों में राशि खर्च की गई? (ख) मानपुर विधानसभा क्षेत्र जिला उमरिया में 01 अप्रैल, 2013 से प्रश्‍न दिनांक तक इंदिरा आवास योजना, मुख्‍यमंत्री अन्‍त्‍योदय आवास योजना एवं मुख्‍यमंत्री ग्रामीण आवास मिशन के तहत कितनी-कितनी राशि प्राप्‍त हुई? किन-किन कार्यों में खर्च की गई, इससे कितने हितग्राही लाभान्वित हुये? (ग) उमरिया जिले में मानपुर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत ममान, विकासखण्‍ड पाली में रोजगार गारन्‍टी योजना के अंतर्गत खेतों में मेड़बंधान योजना अंतर्गत, कपिलधारा योजना अंतर्गत कुएं निर्माण हेतु एवं गौशाला योजना अंतर्गत 01 अप्रैल, 2013 से प्रश्‍न दिनांक तक कितनी राशि प्राप्‍त हुई? कितनी राशि खर्च की गई?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) ग्राम पंचायत ममान, विकासखण्ड पाली, जिला उमरिया में 01 अप्रैल, 2010 से प्रश्न दिनांक तक जिला पंचायत द्वारा संचालित विभिन्न ग्रामीण विकास योजनाओं के तहत राशि रू. 310.39 लाख प्राप्त हुई तथा कार्यवार व्यय की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। (ख) 01 अप्रैल, 2013 से प्रश्न दिनांक तक मानपुर विधानसभा क्षेत्र, जिला उमरिया में इंदिरा आवास योजनान्तर्गत आवास निर्माण हेतु कुल 2589 हितग्राहियों को राशि 1186.15 लाख रू. तथा मुख्यमंत्री अन्त्योदय आवास योजनान्तर्गत कुल 70 हितग्राहियों को राशि 24.50 लाख उपलब्ध कराई गई तथा मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास मिशन के अन्तर्गत 1246 हितग्राहियों को बैंक के माध्यम से आवास निर्माण हेतु ऋण एवं अनुदान उपलब्ध कराया गया है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। (ग) उमरिया जिले में मानपुर विधानसभा क्षेत्र अन्तर्गत ग्राम पंचायत ममान, विकाखण्ड पाली में रोजगार गारंटी के अन्तर्गत कपिलधारा मेढ़ बंधान हेतु राशि रू. 3.78 लाख स्वीकृत की जाकर राशि रू. 3.14 लाख का व्यय किया गया एवं कपिलधारा योजनान्तर्गत कुएं निर्माण हेतु राशि रू. 1.81 लाख स्वीकृत की गई थी, जिसमें से राशि रू. 1.80 लाख व्यय की गई। गौशाला योजना अन्तर्गत कोई राशि प्राप्त नहीं हुई। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है।

शौचालय निर्माण में अनियमितता

13. ( *क्र. 3560 ) श्री रामकिशन पटेल : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शासन द्वारा चलाई जा रही शौचालय निर्माण की योजना किस वर्ष से एवं किन-किन नामों से प्रारंभ की गई? योजनावार, वर्षवार जानकारी देवें। क्‍या एक ही परिवार को एक ही शौचालय पर अलग-अलग नामों की योजना से लाभ दिया जाने का प्रावधान है? यदि नहीं, तो योजना प्रारंभ से प्रश्‍न दिनांक तक रायसेन जिले में कितने परिवारों को इन योजनाओं का लाभ दिया गया है? (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में एक से अधिक बार एक ही शौचालय निर्माण पर अलग-अलग योजनाओं से लाभ नहीं दिया जाता है तो उक्‍त योजनाओं में लाभ देने वाले शासकीय सेवक पर क्‍या कोई कार्यवाही करने की शासन की योजना है? यदि हाँ, तो कब तक कार्यवाही की जावेगी?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) शासन द्वारा शौचालय निर्माण हेतु वर्ष 1999-2000 से समग्र स्‍वच्‍छता अभियान, 01-4-2012 से निर्मल भारत अभियान एवं 02-10-2014 से स्‍वच्‍छ भारत मिशन (ग्रामीण) संचालित किया जा रहा है। जी नहीं। रायसेन जिले में अलग-अलग योजना के नामों से एक ही परिवार को शौचालय का लाभ नहीं दिया गया है। रायसेन जिले में योजना प्रारंभ से प्रश्‍न दिनांक तक 142573 परिवारों को लाभ दिया गया है। (ख) प्रश्‍नांश (क) के उत्‍तर के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

व्‍यवसायिक दुकानों की नीलामी

14. ( *क्र. 5900 ) श्री गोविन्‍द सिंह पटेल : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नरसिंहपुर जिले के गाडरवारा विधानसभा क्षेत्र के साईखेड़ा जो पूर्व में ग्राम पंचायत था, उसमें सन् 2003 से 2005 एवं 2011 से 2013 तक कितनी व्‍यवसायिक दुकानों का निर्माण कर नीलाम कराई गई? (ख) क्‍या इन दुकानों के लिए समय पर विभाग द्वारा विधिवत कार्यवाही करके भूमि का विधिवत आवंटन विभाग द्वारा पंचायत को किया गया है? (ग) क्‍या विभाग द्वारा निर्धारित राशि भू-भाटक एवं प्रीमियम पंचायत द्वारा जमा कराया गया। यदि नहीं, तो क्‍यों तथा इस हेतु शासन द्वारा क्‍या कार्यवाही की जा रही है? (घ) क्‍या दुकानों का निर्माण विधिवत कार्यवाही पूर्ण कर कराया गया है? यदि नहीं, तो क्यों? यह अवैध नहीं कहलायेगा? क्‍या इस हेतु तत्‍कालीन सरपंच पर उचित दण्‍डात्‍मक कार्यवाही की जायेगी। यदि हाँ, तो कब तक यदि नहीं, तो क्‍यों? (ड.) इसमें विभिन्‍न भू-भाटक प्रीमियम की कितनी राशि पंचायत पर लंबित है, उसकी वसूली हेतु विभाग क्‍या कार्यवाही करेगा तथा जिन सरपंचों ने धोखाधड़ी की है, उनके खिलाफ एफ.आई.आर. दर्ज कराई जायेगी? यदि हाँ, तो कब तक? क्‍या इस बेशकीमती भूमि से अतिक्रमण हटाया जायेगा?

राजस्व मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) ग्राम पंचायत साईखेड़ा में वर्ष 2003 से 2005 के बीच कोई भी व्यवसायिक दुकान का निर्माण नहीं हुआ है एवं वर्ष 2011 से 2013 के बीच में एस.जी.एस.वाय. योजना मद की राशि से 5 दुकानों का निर्माण कराया गया। निविदा आमंत्रित कर 5 दुकानों की विधिवत निविदा राशि प्राप्त कर प्रति दुकान प्रति माह किराया 500/- रूपये दर से आवंटित कर दी गई है। (ख) इन दुकानों के लिये विभाग द्वारा कोई भूमि आवंटन नहीं की गई, ग्राम पंचायत से प्रस्ताव प्राप्त करने के उपरांत एस.जी.एस.वाय. योजना की 20 प्रतिशत राशि से ग्राम पंचायत साईखेड़ा को ही एजेन्सी बनाकर प्राप्त तकनीकी स्वीकृति के आधार पर प्रशासनिक स्वीकृति की सूची जारी की गई। ग्राम पंचायत साईखेड़ा द्वारा ही भूमि का चिन्हांकन कर दुकान निर्माण कार्य किया गया। (ग) ग्राम पंचायत साईखेड़ा द्वारा भू-भाटक की राशि शासन के पक्ष में जमा करने की एवं शासन द्वारा की गई कार्यवाही की कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है। (घ) दुकानों का निर्माण कार्य ग्राम पंचायत साईखेड़ा द्वारा विधिवत कार्यवाही करवाकर किया गया है। (ड.) पंचायत पर भू-भाटक की लंबित राशि की कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है और वर्तमान में ग्राम पंचायत साईखेड़ा वर्ष 2014 से 2015 में नगर पंचायत परिषद के रूप में गठित की जा चुकी है। प्रश्न उद्भूत नहीं होता।

प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजनांतर्गत मार्ग निर्माण

15. ( *क्र. 7842 ) श्री ओमकार सिंह मरकाम : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या डिण्‍डोरी जिले में प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क का निर्माण अमानक स्‍तर का हुआ है? यदि हाँ, तो क्‍यों? यदि नहीं, तो समनापुर से नोंदर, बजाग सेजल्‍दा रुसा से गोपालपुर गोरखपुर से गोथलपुर, जाड़ा सुरुंग से गोपालपुर डिण्‍डोरी अझवार से उदरी, चौरा दादर से कबीर चबूतरा, घाटा से बोना, सरवर टोल से चौरा दादर, लातरम से घुरकुटा आदि मार्ग क्‍यों जर्जर स्थि‍ति में हैं। (ख) इसके लिए जिम्‍मेदार कौन है? मार्ग का निर्माण अच्‍छी तरह से हो इसके लिए कौन-कौन अधिकारी जिम्‍मेदार हैं?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी नहीं। प्रश्नांश में उल्लेखित सड़कों का निर्माण कार्य गुणवत्ता पूर्ण कराया गया था, जिनका निर्माणाधीन अवधि में निर्माण के विभिन्न स्तरों पर राष्ट्रीय गुणवत्ता नियंत्रक/राज्य गुणवत्ता नियंत्रक द्वारा गुणवत्ता परीक्षण किया गया एवं कार्यों की गुणवत्ता को संतोषप्रद श्रेणी में वर्गीकृत किया गया था। गारंटी अवधि में संबंधित ठेकेदार द्वारा सामयिक रख-रखाव नहीं करने के कारण उक्त सड़कों में से 5 सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं, जिस पर विभाग द्वारा संबंधित ठेकेदारों के विरूद्ध की गई कार्यवाही का विवरण संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। शेष सड़कों की स्थिति संतोषप्रद है एवं आवागमन सुचारू रूप से हो रहा है। (ख) उत्तरांश (क) के प्रकाश में 5 सड़कों के क्षतिग्रस्त होने का कारण संबंधित ठेकेदारों द्वारा सामयिक रख रखाव नहीं कराया जाना है, जिस पर विभागीय अधिकारियों द्वारा अनुबंधानुसार कार्यवाही की गयी है। अतः उक्त 5 सड़कों के क्षतिग्रस्त होने के लिये संबंधित ठेकेदार उत्तरदायी है। गुणवत्ता के अनुरूप कार्य कराये जाने का दायित्व प्रत्यक्ष रूप से निर्माण कार्य से संबंधित इकाई के महाप्रबंधक/सहायक प्रबंधक/उपयंत्री/कन्सलटेन्ट एवं ठेकेदार का है।

परिशिष्ट - ''दो''

विकासखण्‍ड अधिकारियों की पदोन्‍नति

16. ( *क्र. 7746 ) श्री लोकेन्द्र सिंह तोमर ( श्री विष्‍णु खत्री ) : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग में विकासखण्‍ड अधिकारियों को दिनांक 09.1.1997 को डी.पी.सी. आयोजित कर पदोन्‍नति दी गई थी? यदि हाँ, तो पदोन्‍नति के क्‍या प्रावधान रखे गये थे? कितने वर्ष की सेवा एवं कितनी वर्ष की सी.आर. का प्रावधान किया था? (ख) क्‍या प्रश्‍नांश (क) अनुसार संपन्‍न डी.पी.सी. में तय किये गये प्रावधानों को बदल कर मार्च, 1997 को संपन्‍न होने वाली अवधि की गोपनीय चरित्रावली काल्‍पनिक आधार पर जोड़ी जाकर 9 विकासखण्‍ड अधिकारियों की रिव्‍यु डी.पी.सी. की जाकर पदोन्‍नति दिये जाने का प्रस्‍ताव विचाराधीन है? (ग) प्रश्‍नांश (ख) के अनुसार क्‍या डी.पी.सी. की दिनांक के बाद वाले मार्च 1997 वर्ष की सी.आर. का उपयोग किया जा सकता है? यदि नहीं, तो मध्‍यप्रदेश लोक सेवा आयोग और मध्‍यप्रदेश शासन को गुमराह कर मार्च, 1997 की सी.आर. जोड़कर 09.01.97 की डी.पी.सी. को रिव्‍यु किये जाने का प्रस्‍ताव तैयार करने वाले अधिकारी, कर्मचारी कौन से हैं? गलत जानकारी के साथ नस्‍ती संचालित करने वाले अधिकारी, कर्मचारी के नाम बतावें? (घ) क्‍या शासन एवं मध्‍यप्रदेश लोक सेवा आयोग के सामने पदोन्‍नति के नियमों को तोड़-मरोड़कर प्रस्‍ताव प्रस्‍तुत करने वालों के विरूद्ध क्‍या प्र‍ाथमिकी दर्ज कराई जायेगी और धोखाधड़ी करने के लिये अनुशासनात्‍मक कार्यवाही करने की कार्यवाही की जावेगी? यदि हाँ, तो समय-सीमा बतावें?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ। नियमानुसार 05 वर्ष के गोपनीय प्रतिवेदन एवं 04 वर्ष का सेवा कार्यकाल। (ख) जी हाँ। शासन स्तर से सामान्य प्रशासन विभाग से अभिमत प्राप्त अनुसार कार्यवाही की जा रही है। (ग) प्रश्नांश '''' अनुसार। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) वर्तमान में मान. उच्च न्यायालय जबलपुर में दायर याचिका क्र. 13637/2014 (एस) में पारित निर्णय दिनांक 27.10.2014 एवं सी.पी.क्र. (अवमानना याचिका) 1561/2015 के अनुसरण में कार्यवाही प्रचलन में है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

डिण्‍डोरी जिलांतर्गत राजस्‍व ग्रामों का चयन

17. ( *क्र. 7369 ) श्री ओम प्रकाश धुर्वे : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला डिण्‍डोरी के अंतर्गत 100 या 200 जनसंख्‍या के टोला मजरों को राजस्‍व ग्राम घोषित करने हेतु वर्ष 2012, 2013, 2014 या 2015 में जिले से कितने प्रस्‍ताव कब राज्‍य सरकार को भेजे गये? (ख) क्‍या विधायक शहपुरा द्वारा वर्ष 2013, 2014, 2015 में कलेक्‍टर डिण्‍डोरी एवं राजस्‍व मंत्री म.प्र.शासन को कोई पत्र जिले के अंतर्गत ग्रामों, टोला, मजरों को राजस्‍व ग्राम घोषित करने हेतु कब दिया गया, उस पर क्‍या कार्यवाही की गई? (ग) क्‍या कार्यवाही के संबंध में जानकारी संबंधित विधायक को देना आवश्‍यक है? यदि हाँ, तो कब दी गई?

राजस्व मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) डिण्‍डोरी जिले में 200 जनसंख्‍या के टोलों मजरों को राजस्‍व ग्राम घोषित करने के लिये वर्ष 2012 में 01 एवं वर्ष 2015 में 03 प्रस्‍ताव राज्‍य सरकार को भेजे गये। (ख) विधायक शहपुरा द्वारा वर्ष 2014 में कलेक्‍टर डिण्‍डोरी एवं राजस्‍व मंत्री म.प्र. शासन को जिले के अंतर्गत ग्रामों टोला मजरों को राजस्‍व ग्राम घोषित करने हेतु पत्र दिया गया है, जिसके तहत नियमानुसार कार्यवाही करते हुए जिले के 03 मजरे टोलों को म.प्र. भू-राजस्‍व संहिता की धारा 73 के अंतर्गत पृथक राजस्‍व ग्राम घोषित किया जाकर अधिसूचना प्रारूप संहिता की धारा 108 (2) एवं 2 (1) 4-5 एवं 68 के तहत राजपत्र में प्रकाशन हेतु कार्यवाही प्रचलित है। (ग) मान. विधायक महोदय को माह अक्‍टूबर, 2015 में कार्यवाही के संबंध में मौखिक जानकारी प्रदान की गई। पुन: कार्यालयीन पत्र क्रमांक 254 दिनांक 22.03.2016 को कार्यवाही की जानकारी दे दी गई है।

मध्‍यान्‍ह भोजन हेतु चावल का प्रदाय

18. ( *क्र. 6922 ) सुश्री हिना लिखीराम कावरे : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या बालाघाट जिले की सोसाइटियों में मध्‍यान्‍ह भोजन देने हेतु अलग से अच्‍छी क्‍वालिटी का चावल प्रदाय किया जा रहा है? (ख) यदि हाँ, तो क्‍या यह चावल मध्‍यान्‍ह भोजन बनाने वाले स्‍व-सहायता समूहों को दिया जाता है?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) सभी योजनाओं में औसत अच्छी किस्म का चावल प्रदाय किया जा रहा है। मध्यान्ह भोजन योजना हेतु बालाघाट जिले की सोसाईटियों के लिये पृथक से कोई चावल उपलब्ध नहीं है। (ख) मध्यान्ह भोजन बनाने वाले स्व-सहायता समूहों को राशन दुकानों के माध्यम से औसत अच्छी किस्म का चावल प्रदाय किया जाता है। शेष जानकारी उत्तरांश (क) अनुसार।

गरोठ विधानसभा क्षेत्र में ए.आर.टी.ओ. कार्यालय की स्‍थापना

19. ( *क्र. 4461 ) श्री चन्‍दरसिंह सिसौदिया : क्या परिवहन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या गरोठ विधानसभा क्षेत्र से परिवहन परमिट, ड्राइविंग लाईसेंस आदि के लिए लगभग 150 किलो मीटर की दूरी तय करके मंदसौर तक आवेदकों को जाना पड़ता है? यदि हाँ, तो ग्रामीणों, व्‍यापारियों, नागरिकों के साथ यह अन्‍याय क्‍यों? (ख) माननीय मुख्‍यमंत्री जी ने गरोठ में ए.आर.टी.ओ. कार्यालय स्‍थापना की जो घोषणा की है, उक्‍त घोषणा पर विभाग कब तक कार्यालय स्‍थापना व अमले की नियुक्ति करेगा?

परिवहन मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय मंदसौर जिला मुख्यालय पर स्थित है, अतः परिवहन परमिट, ड्रायविंग लायसेंस संबंधी कार्य के लिये मंदसौर कार्यालय आना आवश्यक है। चूँकि प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर ही क्षेत्रीय/अतिरिक्त क्षेत्रीय एवं जिला परिवहन कार्यालय स्थापित हैं एवं जिला मुख्यालय से ही परिवहन विभाग का कार्य संपादित होता है, साथ ही विभाग की विभिन्न सेवाएं ऑनलाइन भी उपलब्ध हैं। अतएव ग्रामीणों, व्यापारियों एवं नागरिकों के साथ अन्याय होने का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ख) माननीय मुख्यमंत्री जी, की गरोठ में ए.आर.टी.ओ. कार्यालय स्थापना संबंधी घोषणा संधारित अभिलेखानुसार दर्ज होना नहीं पाई गई। अतएव शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।

त्रुटिपूर्ण मुआवजा निर्धारण के दोषियों के विरूद्ध कार्यवाही

20. ( *क्र. 7767 ) पं. रमेश दुबे : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रश्‍नकर्ता के 31 जुलाई, 2014 सत्र के शून्‍यकाल की सूचना के उत्‍तर में यह बताया गया है कि श्री फरहतउल्‍ला खान, श्री दारासिंह ठाकरे, दोनों तत्‍कालीन अनुविभागीय अधिकारी चौरई को राष्‍ट्रीय राजमार्ग में अधिग्रहीत भूमियों का त्रुटिपूर्ण मुआवजा निर्धारण का दोषी पाये जाने पर उनके विरूद्ध अनुशासनात्‍मक कार्यवाही का प्रकरण आयुक्‍त जबलपुर संभाग के स्‍तर पर प्रचलन में है। जाँच निष्‍कर्ष अनुसार दोषियों के विरूद्ध कार्यवाही कर अधिक मुआवजा भुगतान की राशि वसूली की कार्यवाही की जा सकेगी। (ख) यदि हाँ, तो क्‍या जाँच पूर्ण कर दोषियों के विरूद्ध कार्यवाही की गयी? यदि नहीं, तो क्‍यों? लगभग 2 वर्ष से अधिक का समय व्‍यतीत होने के उपरान्‍त भी जाँच पूर्ण नहीं होने के क्‍या कारण हैं? कब तक दोषियों के विरूद्ध कार्यवाही कर राशि वसूल की जावेगी? (ग) क्‍या उक्‍त मार्ग हेतु भूमियों का अधिग्रहण करते समय मौजा पिपरियालक्‍खा की भूमि खसरा न. 87/5 रकबा 0.370 हे. भूमि वर्तमान में निर्मित राष्‍ट्रीय राजमार्ग से बहुत दूर है, जिसका इस मार्ग हेतु कोई उपयोग नहीं है? फिर भी हल्‍का पटवारी ने इस भूमि को सड़क हेतु अधिग्रहण कराकर मुआवजा राशि भुगतान कराया है? (घ) यदि हाँ, तो क्‍या शासन ऐसी भूमि जिसका सड़क हेतु उपयोग नहीं हुआ, का मुआवजा निर्धारण कराने हेतु हल्‍का पटवारी को दोषी मानता है? यदि हाँ, तो क्‍या शासन इसकी जाँच कराकर दोषियों के विरूद्ध कार्यवाही का आदेश देगा? यदि नहीं, तो क्‍यों?

राजस्व मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

उज्‍जैन जिले में गौचर भूमि का संरक्षण

21. ( *क्र. 7490 ) डॉ. मोहन यादव : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) उज्‍जैन जिले में गौचर भूमि संरक्षित करने के शासन के क्‍या निर्देश एवं मापदण्‍ड हैं? उज्‍जैन दक्षिण विधानसभा क्षेत्र में कितनी-कितनी भूमि गौचर हेतु सुरक्षित है? (ख) उज्‍जैन दक्षिण विधानसभा क्षेत्र में कितनी भूमि गौचर, कितनी बंजर, कितनी पठार, आबादी, कुम्‍हरगढ़ा, खादगढ़ा श्‍मशान/कब्रिस्‍तान आदि के लिये शासन ने सुरक्षित की है? (ग) क्‍या अधिकांश गौचर भूमि एवं शासकीय भूमि पर वर्षों से दबंग लोगों ने कब्‍जा कर लिया है? यदि हाँ, तो इसे अधोसंरचना विकास एवं गौवंश के पालन हेतु कब तक अतिक्रमण मुक्‍त करा लिया जावेगा?

राजस्व मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) राज्य शासन के निर्देश एवं मापदण्ड अनुसार ग्रामों में कुल खाते के रकबा का न्यूनतम दो प्रतिशत क्षेत्रफल गौचर हेतु सुरक्षित रखे जाने का प्रावधान है। उज्जैन दक्षिण विधानसभा क्षेत्र में 1047.34 हे. भूमि गोचर हेतु सुरक्षित है। (ख) गोचर भूमि 1047.34 हे., बंजर भूमि 21.27 हे., आबादी 332.30 हे., कुम्हारगढ़ा 12.59 हे., खादगढ़ा 24.68 हे., श्मशान/कब्रस्तान हेतु 9.04 हे., भूमि सुरक्षित है। (ग) जी नहीं।

यात्री बसों के परमिट जारी किये जाने के नियम

22. ( *क्र. 4978 ) श्री जितेन्‍द्र गेहलोत : क्या परिवहन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में राज्‍य परिवहन निगम की कितनी यात्री बसें किन-किन जिलों में राज्‍य के अंदर एवं बाहर चल रही हैं अथवा अनुबंधित यात्री बसों को चलाया जा रहा है? (ख) क्‍या माननीय मंत्री जी ने 15 वर्ष पुराने वाणिज्यिक उपयोग अथवा अन्‍य वाहन प्रदेश में न चलने संबंधी कथन किया था? तत्‍संबंधी ब्‍यौरा क्‍या है एवं कथन के आधार पर क्‍या नीति निर्धारित की गई? (ग) प्रदेश में यात्री बसों के परमिट में क्‍या बड़े शहरों से संबद्ध मार्गों पर बड़े बस ऑपरेटर्स की मोनोपॉली हावी है? यदि हाँ, तो किस कारण एवं नहीं तो उज्‍जैन, रतलाम, मंदसौर, इन्‍दौर, देवास, भोपाल, जबलपुर आदि के संबद्ध मार्गों पर चल रही यात्री बसों की ऑपरेटर्स कंपनियों का वर्तमान ब्‍यौरा क्‍या है?

परिवहन मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) वर्तमान में मध्यप्रदेश सड़क परिवहन निगम द्वारा अथवा इसके अंतर्गत अनुबंधित यात्री बसों का प्रदेश में एवं प्रदेश के बाहर संचालन पूर्णतः बंद कर दिया गया है, अतः जानकारी निरंक है। (ख) वस्तुस्थिति यह है कि 15 वर्ष पुराने वाणिज्यिक उपयोग के वाहन न चलने का कथन किया गया है, इसी अनुक्रम में अभी तक मध्यप्रदेश शासन परिवहन विभाग की अधिसूचना क्रमांक एफ 22-13/2016/आठ दिनांक 28.12.2015 शुद्धि पत्र दिनांक 12.02.2016 द्वारा मध्यप्रदेश मोटरयान नियम 1994 के नियम 77 के खण्ड (तीन) को संशोधित किया गया है। उपनियम (1-क) में, खण्ड (तीन) में, अंक और शब्द 20 वर्ष के स्थान पर, अंक और शब्द 15 वर्ष स्थापित किये जाये। साथ ही खण्ड (पाँच) में, उपनियम (1-ख) के स्थान पर निम्न उपनियम स्थापित किये गये हैं :- (1-ख) उपनियम (1-क) खण्ड (चार) द्वारा अभिरोपित निर्बंधन जहां तक कि उनका संबंध उक्त नियमों के प्रवृत्त होने के पूर्व रजिस्ट्रीकृत मंजिली गाड़ि‍यों से है, उनके संबंध में लागू नहीं होगे। (ग) जी नहीं, ऐसी कोई स्थिति प्रकाश में नहीं है। प्रदेश के मार्गों पर बस संचालन हेतु इच्छुक निजी बस संचालक द्वारा निर्धारित शुल्क सहित विधिवत आवेदन प्रस्तुत किये जाने पर बिना किसी निर्बंधन के मुक्त नीति से अर्द्धन्यायिक प्रक्रिया के अंतर्गत कार्यवाही करते हुए पात्र पाये जाने पर नियमानुसार परमिट जारी किये जाते हैं। वर्तमान में विभाग द्वारा सभी परमिट ऑनलाईन जारी किये जाने की व्यवस्था लागू है, जिनका ब्यौरा ऑनलाईन विभाग की वेबसाइट www.mptransport.org पर उपलब्ध है।

कृषि उपज मण्‍डी गोटेगांव/कटनी में शिकायतों की जाँच

23. ( *क्र. 7387 ) डॉ. कैलाश जाटव : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) कृषि उपज मण्‍डी समिति गोटेगांव तथा कटनी मण्‍डी में अनियमितताओं की वर्ष 2013 से प्रश्‍न दिनांक तक की अवधि में किन-किन जनप्रतिनिधियों/व्‍यक्तियों द्वारा कब-कब शिकायतें किस-किस स्‍तर पर प्राप्‍त हुईं? (ख) उक्‍त शिकायतों की जाँच कब और किसको सौंपी गई? शिकायतवार की गई जाँच का निष्‍कर्षवार विवरण दें।

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) एवं (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है।

शांति धाम पर उपलब्‍ध मूलभूत सुविधाएं

24. ( *क्र. 7629 ) श्री निशंक कुमार जैन : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता के विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत विकासखण्‍डों में मनरेगा योजना से कितनी पंचायतों में महात्‍मा गांधी नरेगा की शांतिधाम उपयोजना के तहत वर्ष 2013-14 से प्रश्‍न तिथि तक कितने कार्य स्‍वीकृत किये हैं? ग्राम पंचायतवार, कार्य का नाम, स्‍वीकृत राशि सहित जानकारी उपलब्‍ध करावें। (ख) प्रश्‍नांश (क) में उल्‍लेखित कार्यों में चबूतरा निर्माण, शेड निर्माण एवं कूप निर्माण हेतु किन पंचायतों के किन ग्रामों में कितनी राशि स्‍वीकृत की गई है? उक्‍त कार्य की वर्तमान स्थिति क्‍या है? कितने कार्य पूर्ण हो चुके हैं, कितने शेष हैं अथवा अपूर्ण हैं? (ग) प्रश्‍नांश (ख) में उल्‍लेखित कार्यों का मूल्‍यांकन कितनी राशि का किस अधिकारी द्वारा किया गया? शेष कार्यों का मूल्‍यांकन कब तक किया जावेगा? (घ) प्रश्‍नकर्ता के विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत ऐसे कितने ग्राम हैं, जहां शांतिधाम हेतु चबूतरा, शेड निर्माण एवं नलकूप खनन नहीं हुये हैं? विकासखण्‍डवार जानकारी उपलब्‍ध करावें।

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) महात्‍मा गांधी नरेगा की शांतिधाम उपयोजना के तहत प्रश्‍नकर्ता के विधानसभा क्षेत्र बासोदा अंतर्गत वर्ष 2013-14 से प्रश्‍न तिथि तक विकासखण्‍ड बासोदा में 51 कार्य स्‍वीकृत किये गये तथा विकासखण्‍ड ग्‍यारसपुर में कोई कार्य स्‍वीकृत नहीं किया गया। वांछित जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) ग्रामवार, पंचायतवार, स्‍वीकृत राशि तथा कार्यों की वर्तमान स्‍थ्‍िाति की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। उत्‍तरांश '' अनुसार 51 कार्यों में से 16 कार्य पूर्ण, 33 कार्य प्रगतिरत एवं 2 अप्रारंभ हैं। (ग) कार्यवार मूल्‍यांकन की राशि व मूल्‍यांकनकर्ता अधिकारी की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। किये गये कार्य का मूल्‍यांकन शेष न होने के कारण शेष प्रश्‍न उपस्‍थित नहीं होता। (घ) उत्‍तरांश '' अनुसार पूर्ण कार्यों में चबूतरा निर्माण किया जा चुका है। शेड निर्माण व नलकूप खनन कार्य मनरेगा अंतर्गत स्‍वीकृत नहीं है। प्रगतिरत 33 कार्यों में कूप निर्माण एवं चबूतरा निर्माण जॉबकार्डधारी परिवारों की कार्य की माँग अनुसार ग्राम पंचायतों द्वारा कराया जा रहा है। विकासखण्‍डवार जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है।

परिशिष्ट - ''तीन''

सबलगढ़ तहसील को ‍जिला घोषित किया जाना

25. ( *क्र. 3120 ) श्री रामनिवास रावत : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में कौन-कौन से नवीन जिले गठित किए जाने के प्रस्‍ताव शासन के समक्ष विचाराधीन हैं। क्‍या मुरैना जिले की सबलगढ़ तहसील को जिला बनाए जाने हेतु प्रस्‍ताव शासन को प्राप्‍त हुआ था? यदि हाँ, तो उक्‍त प्रस्‍ताव किस स्‍तर पर किन कारणों से लंबित है? (ख) क्‍या शासन क्षेत्र की भौगौलिक संरचना एवं प्रशासनिक सुविधा की दृष्टि से मुरैना जिले की तहसील कैलारस, सबलगढ़ पहाड़गढ़ तथा श्‍योपुर जिले की विजयपुर एवं वीरपुर तहसील को मिलाकर सबलगढ़ तहसील को जिला घोषित कर अधिसूचना जारी करेगा? यदि हाँ, तो कब तक? (ग) राज्‍य शासन द्वारा सबलगढ़ तहसील को जिला बनाने के संबंध में अभी तक क्‍या कार्यवाही की गई है?

राजस्व मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) कोई प्रस्‍ताव विचाराधीन नहीं है। जी हाँ। प्रस्‍ताव पूर्ण विचारोपरान्‍त अमान्‍य किया गया। (ख) एवं (ग) प्रश्‍नांश '' के उत्‍तर के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उद्भूत नहीं होता।

 

 


 

 

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भाग-2

नियम 46 (2) के अंतर्गत अतारांकित प्रश्नोत्तर के रुप में

परिवर्तित तारांकित प्रश्नोत्तर


शासकीय जमीनों पर अतिक्रमण

1. ( क्र. 86 ) श्री महेन्द्र सिंह कालूखेड़ा : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अशोकनगर जिले के अथाईखेड़ा, पिपरई व अशोकनगर शहर के मध्‍य की भूमि अतिक्रमण के बारे में प्रश्‍नकर्ता के पूर्व प्रश्‍न संख्‍या 14 (क्र. 100) दिनांक 05.03.14 परिवर्तित प्रश्‍न संख्‍या 1 (क्रमांक 105) दिनांक 09.07.2014 व प्रश्‍न संख्‍या 7 (क्रं. 45) दिनांक 10.12.14 के उत्‍तर में अलग-अलग उत्‍तर दिये जा रहे हैं क्‍यों सही विवरण दें? (ख) क्‍या न्‍यायालय व म.प्र. राजस्‍व संहिता 1959 की धारा 248 के तहत न्‍यायालयीन कार्यवाही प्रचलित है, यदि प्रकरण न्‍यायालय में विचाराधीन है, तो किस न्‍यायालय में कब से लम्बित है? न्‍यायालय का नाम व प्रकरण का नम्‍बर आदि दे तथा शासन की ओर से उक्‍त प्रकरणों में कौन-कौन अधिकारी व वकील कौन से प्रकरण में कब-कब कहाँ उपस्थित हुए? नाम व दिनांक सहित बतायें?

राजस्व मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ, प्रश्नाधीन सभी पूर्व प्रश्नों के उत्तर प्रश्नकर्ता मान. विधायक द्वारा चाही गई जानकारी अनुसार ही दिये गये हैं। (ख) जी हाँ, धारा 248 के तहत ग्राम पिपरई के अतिक्रमण के संबंध में प्रकरण क्रमांक- 7अ/68/ 15-16 म.प्र. शासन बनाम यादवेन्द्र सिंह, प्रचलित है। जिसमें राजस्व मण्डल ग्वालियर के निगरानी प्रकरण 22-11/14 में पारित आदेश दिनांक 06.01.2016 द्वारा नायब तहसीलदार वृत पिपरई तहसील मुगावली के आदेश दिनांक 5.7.2004 को अनावेदक के पक्ष में स्थिर रखे जाने के निर्देश दिये गये हैं। ग्राम अथाईखेड़ा तहसील मुगावली का प्रकरण क्रमांक 227 अ-68/2011-12 हरीशंकर विरूद्ध नरेश कुमार न्यायालय नायब तहसीलदार मुगावली में प्रचलित था जो माननीय राजस्व मण्डल ग्वालियर को उनके निगरानी प्रकरण क्रमांक 298/री-2/निगरानी/2015 में भेजा गया है। वर्तमान में द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अशोकनगर के न्यायालय में प्रकरण क्रमांक 80अ-15/अपील दीवानी विचाराधीन है, इस प्रकरण में श्री राजीव खैर शासकीय अधिवक्ता द्वारा पैरवी की जा रही है। जिला न्यायालय के प्रकरण में तहसीलदार अशोकनगर प्रभारी अधिकारी नियुक्त हैं आगामी पेशी दिनांक 04.04.2016 नियत है।

कृषि उपकरणों पर लगने वाला कर

2. ( क्र. 87 ) श्री महेन्द्र सिंह कालूखेड़ा : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) राज्‍य में कृषि हेतु उपयोग किये जाने वाले कृषि उपकरणों पर राज्‍य सरकार कौन-कौन से कर लेती है? राज्‍य के अन्‍दर निर्मित व राज्‍य के बाहर निर्मित लागत मूल्‍य पर आधारित कर का प्रतिशत उपकरणवार दें? (ख) राज्‍य में कृषि उपयोग में लाई जाने वाली कौन-कौन सी रासायनिक खाद एवं इन्‍सेक्‍टीसाइड व पेस्‍टीसाइड पर राज्‍य सरकार कौन-कौन से कर वसूलती है? इन्‍सटेक्‍टीसाइड व पेस्‍टीसाइड प्रति लीटर व खाद की प्रति बोरी पर कितना कर लेती है? पृथक-पृथक राशि बतावें? विगत 05 वर्षों में राज्‍य सरकार द्वारा खाद, बीज एवं कृषि दवाइयों पर कब-कब, कितना-कितना टैक्‍स बढ़ाया गया या कम किया गया व क्‍यों कारण सहित विवरण दें?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) मध्यप्रदेश वेट अधिनियम 2002 की अनुसूची -1 की प्रविष्टि क्रमांक-एक- (अ),1 (ख) में उल्लेखित कृषि हेतु उपयोग किये जाने वाले कृषि उपकरण कर मुक्त है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है जो कृषि उपकरण अनुसूची -1 में सम्मिलित नहीं है उन के विक्रय मूल्य पर 5 प्रतिशत वेट एवं क्रय मूल्य पर 1 प्रतिशत से प्रवेश कर देय है। (ख) रासायनिक खाद एवं इन्सेक्टीसाइड व पेस्टीसाइड पर वेट की दर 5 प्रतिशत एवं प्रवेश कर की दर 1 प्रतिशत है। इन्सेक्टीसाइड व पेस्टीसाइड पर प्रति लीटर तथा खाद पर प्रति बोरी नहीं बल्कि इनके विक्रय मूल्य पर वेट देय होता है। कार्बनिक खाद एवं प्रमाणित अथवा सत्यरूप उपचारित सभी बीज कर मुक्त है, रासायनिक खाद एवं कृषि दवाइयों पर 01.08.2009 से आज दिनांक तक वेट कर की दर 5 प्रतिशत एवं प्रवेश कर की दर 1 प्रतिशत देय है।

आदिवासियों की जमीन पर अन्‍य वर्ग के लोगों का कब्‍जा

3. ( क्र. 111 ) श्री वेलसिंह भूरिया : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सरदारपुर विधानसभा अंतर्गत वर्तमान स्थिति में (जनवरी 2016) कितने आदिवासियों की जमीन पर सामान्‍य/अन्‍य वर्ग के लोगों ने कब्‍जा कर रखा है? कब्‍जाधारी का नाम, पता सहित जानकारी उपलब्‍ध करावें। (ख) प्रश्‍नांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में कितने आदिवासियों को विगत 5 वर्षों में उनकी जमीन का कब्‍जा वापस दिलवाया गया है? कितने सामान्‍य/अन्‍य वर्ग के लोगों के पास अभी भी आदिवासियों की जमीन का कब्‍जा बरकरार है? (ग) इस लापरवाही के लिये कौन अधिकारी/कर्मचारी जिम्‍मेदार है? इन पर क्‍या कार्यवाही की गई है? यदि नहीं, की गई तो कब तक की जावेगी। (घ) क्‍या शासन द्वारा वापस कब्‍जा दिलाने की कोई समय-सीमा निर्धारित की गई है? बतावें।

राजस्व मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) न्‍यायालय में प्रस्‍तुत आवेदन अनुसार अनुविभाग सरदारपुर में माह जनवरी-2016 तक कुल-5 प्रकरण आदिवासी की भूमि पर गैर आदिवासी के कब्‍जे संबंधी विचाराधीन थे, जिनमें से 2 प्रकरणों का निराकरण माह फरवरी में किया जा चुका है। प्रश्‍नांश के शेष भाग का उत्‍तर संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) प्रश्‍नांकित अवधि में अनुभाग सरदारपुर में कुल 8 प्रकरणों में आदिवासी को गैर आदिवासी से कब्‍जा दिलाने के आदेश पारित किये गये है। जिनमें से 3 प्रकरणों में कब्‍जा दिलवाया जा चुका है। शेष 5 प्रकरणों में कब्‍जा दिलवाने की कार्यवाही तहसील में प्रचलित है। (ग) इस हेतु किसी की लापरवाही नहीं होने से कार्यवाही की आवश्‍यकता नहीं है। (घ) म.प्र.भू-राजस्‍व संहिता -1959 की धारा 170 (ख) की उपधारा (2-क) अनुसार वापस कब्‍जा दिलाने की समय-सीमा का प्रावधान निम्‍नानुसार है :- यदि कोई ग्राम सभा संविधान के अनुच्‍छेद 244 के खण्‍ड (1) में निर्दिष्‍ट अनुसूचित क्षेत्र में यह पाती है कि आदिम जनजाति के सदस्‍य से भिन्‍न कोई व्‍यक्ति आदिम जनजाति के भूमिस्‍वामी की भूमि के कब्‍जे में बिना किसी विधिपूर्ण प्राधिकार के है, तो वह ऐसी भूमि का कब्‍जा उस व्‍यक्ति को प्रत्‍यावर्तित करेगी जिसकी कि वह मूलत: थी और यदि उस व्‍यक्ति की मृत्‍यु हो चुकी है तो उसके विधिक वारिसों को प्रत्‍यावर्तित करेगी। परन्‍तु यदि ग्राम सभा ऐसी भूमि का कब्‍जा प्रत्‍यावर्तित करने में असफल रहती है, तो वह मामला उपखण्‍ड अधिकारी की ओर निर्दिष्‍ट करेगी जो, ऐसी भूमि का कब्‍जा, निर्देश की प्राप्ति की तारीख से तीन मास के भीतर प्रत्‍यावर्तित करेगा।

परिशिष्ट ''चार''

ग्राम पंचायतों में प्रदाय पेयजल टैंकरों की जानकारी

4. ( क्र. 575 ) श्री हरवंश राठौर : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या विधानसभा बण्‍डा की ऐसी कोई ग्राम पंचायत है जहां पर एक भी टैंकर नहीं है? (ख) क्‍या कंडिका (क) जानकारी अनुसार सभी पानी के टैंकर वर्तमान में पंचायतों के आधिपत्‍य में है? यदि नहीं, तो किस स्‍थान के किस व्‍यक्ति या परिवार के पास हैं? यदि ऐसा है तो इसके लिए कौन जवाबदार है और कब तक पंचायतों को टैंकर वापिस दिलाए जाएंगे?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी नहीं। विधानसभा क्षेत्र बंडा के अंतर्गत जनपद पंचायत शाहगढ़ एवं बंडा की सभी ग्राम पंचायतों में पेयजल टैंकर है। (ख) जी नहीं। जनपद पंचायत शाहगढ़ की सभी 47 ग्राम पंचायतों में पेयजल टैंकर ग्राम पंचायत के आधिपत्य में है। जनपद पंचायत बंडा की 78 ग्राम पंचायतों में से 03 टैंकर क्रमशः (1) ग्राम पंचायत हनौता सहावन-श्री नारायण सिंह/गंर्धव सिंह लोधी, पूर्व सरपंच (2) ग्राम पंचायत हनौता पटकुई-श्री रमेश दुबे, पूर्व सरपंच (3) ग्राम पंचायत सहावन-श्री निरंजन सिंह, पूर्व सरपंचों के पास है। इसके लिये पूर्व सरपंच जिम्मेदार है। पेयजल टैंकर संबंधित ग्राम पंचायतों को शीघ्र सौंपे जाने हेतु अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) बंडा द्वारा संबंधितों को निर्देशित किया है।

प्राकृतिक प्रकोपों में सहाय‍ता राशि का प्रावधान

5. ( क्र. 585 ) श्री हरवंश राठौर : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्राकृतिक प्रकोपों से सर्पदंश, मकान क्षति, पशु हानि, पानी में डूबने से मृत्‍यु, क्रेशर से दुर्घटना में मृत्‍यु अथवा घायल, अग्नि दुर्घटना, बिजली के तारों के टूटने से पशु हानि या मानहानि प्रकरणों में सहायता राशि के संबंध में विभाग के क्‍या-क्‍या निर्देश हैं? (ख) उक्‍त प्रकरणों में पीडि़त व्‍यक्तियों या उसके परिवार को तत्‍काल सहायता राशि प्रदान की जाती है? यदि नहीं, तो कारण बताएं? (ग) विधानसभा क्षेत्र बंडा/शाहगढ़ में विगत एक वर्ष में हुई दुर्घटनाओं की जानकारी, व्‍यक्ति का नाम, मृत्‍यु दिनांक एवं सहायता राशि, प्रदान की दिनांक की जानकारी दी जाए? (घ) क्‍या उक्‍त प्रकरण में पृथक-पृथक प्राकृतिक प्रकोपों से दुर्घटनाओं में सहायता राशि प्रदान करने के नियम क्‍या-क्‍या हैं जानकारी दी जाए?

राजस्व मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) प्राकृतिक प्रकोपों से मकान क्षति, पशुहानि, जनहानि, अग्नि दुर्घटना से मृत्यु होने पर तथा सर्पदंश से एवं पानी में डूबने से मृत्यु होने पर राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 के तहत मृतक के वारिसों को आर्थिक सहायता राशि देने का प्रावधान है। क्रेशर दुर्घटना से मृत्यु अथवा घायल होने पर, बिजली के तारों के टूटने से पशुहानि या जनहानि के मामलों में सहायता देने का राजस्व विभाग के अन्तर्गत राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 में प्रावधान नहीं है। (ख) जी हाँ। राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 में दिये गये प्रावधानों के तहत पात्रतानुसार तत्काल सहायता राशि प्रदान की जाती है। (ग) विधान सभा क्षेत्र बंडा/शाहगढ़ में विगत एक वर्ष में कुल 75 दुर्घटनायें हुई। जिसमें से सभी पीडि़त परिवारों को सहायता राशि प्रदान की गई है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। (घ) जी हाँ। नियम पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है।

नंदन फलोउद्यान योजना

6. ( क्र. 853 ) श्री जतन उईके : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) छिंदवाड़ा जिले की पांढुर्णा सौंसर में नंदन फलोद्यान उपयोजना में वर्ष 2013-14 से प्रश्‍न दिनांक तक कितने हितग्राहियों के प्रकरण स्‍वीकृत किये गये हैं? कितने हितग्राहियों के प्रकरण अस्‍वीकृत किये गये हैं? कारण बतायें? (ख) क्‍या सफल नंदन फलोउद्यान योजना में किनके द्वारा भौतिक सत्‍यापन किया गया है? कितने का भौतिक सत्‍यापन होना शेष है? शेष का कारण बतावें। (ग) क्‍या शासन द्वारा नंदन फलोद्यान उपयोजना में तार फेंसिंग करने का प्रावधान है? यदि हाँ, तो कितने हितग्राहियों के खेतों में तार फेंसिंग का कार्य पूर्ण कर लिया गया है? कितने हितग्राहियों के खेतों में तार फेंसिंग का कार्य करना बाकी है? (घ) कितनी ग्राम पंचायतों ने तार फेंसिंग कार्य हेतु के लिये क्रय/आदेश जारी किये हैं? जनपद पंचायतवार संख्‍या बतायें?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) छिंदवाडा जिले के जनपद पंचायत पांढुर्णा, सौंसर में नंदन फलोद्यान उपयोजना में वर्ष 2013-14 से प्रश्‍न दिनांक तक 2068 हितग्राहियों के प्रकरण स्‍वीकृत किये गये। किसी भी हितग्राही का प्रकरण अस्‍वीकृत नहीं किये जाने से शेष प्रश्‍न उपस्‍थित नहीं होता। (ख) नंदन फलोद्यान उपयोजना में ग्राम पंचायत के सरपंच, सचिव, रोजगार सहायक तथा उपयंत्री द्वारा शत्-प्रतिशत एवं अतिरिक्‍त कार्यक्रम अधिकारी जनपद पंचायत, सहायक यंत्री जनपद पंचायत एवं मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत आदि द्वारा भी समय-समय पर भौतिक सत्‍यापन किया जाता है। भौतिक सत्‍यापन शेष नहीं होने से शेष प्रश्‍न उपस्‍थित नहीं होता। (ग) नंदन फलोद्यान उपयोजना में तार फेंसिंग करने का प्रावधान दिनांक 25.06.2010 तक था। 662 हितग्राहियों के खेतो में तार फेंसिंग का कार्य पूर्ण कर लिया गया है। 1280 हितग्राहियों के खेतों में तार फेंसिंग का कार्य नहीं किया है। (घ) जनपद पंचायत पांढुर्णा की 40 एवं जनपद पंचायत सौंसर की 16 ग्राम पंचायतों के द्वारा तार फेंसिंग कार्य हेतु क्रय/आदेश जारी किये गये हैं।

हितग्राहियों को पेंशन भुगतान

7. ( क्र. 1023 ) श्री रामपाल सिंह : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या शहडोल जिले के जनपद पंचायत ब्‍यौहारी एवं जयसिंहनगर की विभिन्‍न ग्राम पंचायतों में सामाजिक सुरक्षा, विकलांग, वृद्धावस्‍था, विधवा पेंशन दी जा रही है? यदि हाँ, तो उक्‍त जनपद पंचायतों में कितने हितग्राही पेंशन प्राप्‍त कर रहे हैं? (ख) क्‍या पेंशनधारियों को प्रत्‍येक माह पेंशन का भुगतान किया जा रहा है? यदि नहीं, तो क्‍यों और कितना पेंशन भुगतान प्रश्‍न दिनांक तक लंबित है तथा लंबित पेंशन का भुगतान कब तक कराया जावेगा?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ। शहडोल जिले के जनपद पंचायत ब्‍यौहारी की 67 ग्राम पंचायतों में 13,489 हितग्राही एवं जनपद पंचायत जैसिंहनगर की 87 ग्राम पंचायतों में 8,522 हितग्राहियों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय निःशक्त पेंशन, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्थ पेंशन, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन का लाभ दिया जा रहा है। विस्तृत जानकारी संलग्न परिशिष्ट पर है। (ख) जी हाँ। जनपद पंचायत ब्‍यौहारी एवं जैसिंहनगर में माह फरवरी 2016 तक का पेंशन भुगतान किया जा चुका है। शेष प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट ''पाँच''

दोषी पाये गये कर्मचारियों/अधिकारियों की जाँच

8. ( क्र. 1602 ) कुँवर विक्रम सिंह : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) छतरपुर जिले में 1 जनवरी, 2012 से प्रश्‍न दिनांक तक सहकारिता विभाग के कितने अधिकारियों/कर्मचारियों के विरूद्ध शिकायतें प्राप्‍त हुई है? (ख) उक्‍त शिकायतों की जाँच में कितने अधिकारी/कर्मचारी दोषी पाये गये तथा उनके विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की गई? (ग) क्‍या कई कर्मचारियों के विरूद्ध विभाग द्वारा एफ.आई.आर.भी की गई है? यदि हाँ, तो विवरण दें? (घ) क्‍या कई कर्मचारियों के विरूद्ध FIR की गई? विवरण दें?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) विभाग के एक अधिकारी व चार कर्मचारियों के विरूद्ध शिकायतें प्राप्त हुई है। (ख) एक अधिकारी दोषी पाये गये हैं, जिनके विरूद्ध पेंशन रोकने की कार्यवाही प्रचलन में है। (ग) जी नहीं, शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) जी नहीं, शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

प्रधानमंत्री सड़क योजना

9. ( क्र. 1603 ) कुँवर विक्रम सिंह : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) छतरपुर जिले की राजनगर विधानसभा क्षेत्र में प्रधानमंत्री सड़क योजना के तहत कितने रोडों की स्‍वीकृति वर्ष 2005-2006 से दी गई? उनके नाम बतायें? रनेफाल बेरियर से सपोहा पहारी तक सन्‍नी की भडि़या से टोरिया टेक तक सड़क निर्माण किया गया अथाव नहीं स्‍पष्‍ट करें? (ख) सपोहा से बेरियर तक न बनाये जाने के क्‍या कारण हैं? केन घडि़याल सेन्‍चुरी एवं ग्राम सपोहा, सूरजपुरा, धमना, अकौना धवाड़ के मजरों टोलों को जोड़ने हेतु पहुंच मार्ग की कार्ययोजना किन कारणों से लंबित है? (ग) कब तक स्‍वीकृत किया जावेगा?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) छतरपुर जिले की राजनगर विधानसभा क्षेत्र में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजनांतर्गत वर्ष 2005-2006 से 15.03.2016 तक 63 सड़कों की स्वीकृति दी गई है। जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। एन.एच.-75 से रनेहफाल (रनेफाल बेरियर) तक 16.15 कि.मी. सड़क निर्माण कार्य स्वीकृत हुआ था। इस सड़क का चैनेज 0 से 11.15 कि.मी. (टोरिया टेक से सपोहा पहाड़ी) तक निर्माण कार्य कराया जा चुका है, शेष भाग 11.15 कि.मी. से 16.125 कि.मी. तक (सपोहा पहाड़ी से रनेहफाल तक) केन घडियाल अभ्यारण्य (नेशनल पार्क) के अंतर्गत होने एवं नेशनल पार्क से निर्माण कार्य की अनुमति प्राप्त न होने के कारण कार्य नहीं कराया जा सका है। रनेहफाल बेरियर से सत्ती की मढ़िया (सन्नी की भढ़िया) तक जिला मुख्‍य मार्ग के अंतर्गत लोक निर्माण विभाग द्वारा सड़क निर्माण कार्य कराया गया है। (ख) उत्तरांश (क) के प्रकाश में सपोह पहाड़ी से रनेहफाल बेरियर तक की सड़क केन घडियाल अभ्यारण्य (नेशनल पार्क) में आने एवं नेशनल पार्क से सड़क निर्माण की अनुमति प्राप्त न होने से निर्माण नहीं कराया गया है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के मार्गदर्शी दिशा निर्देशों के अनुसार जनसंख्‍या के घटते क्रम में वर्ष 2001 की जनगणना के अनुसार सामान्य विकासखण्डों में 500 तक तथा आदिवासी विकासखण्डों में 250 तक की जनसंख्‍या वाली बसाहटों (राजस्व ग्राम) को जोड़ने का प्रावधान है, मजरे टोलों को जोड़ने का प्रावधान नहीं है। अतः मजरे टोलों को जोड़ने की कोई योजना नहीं होने से कार्य योजना लंबित होने का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) उत्तरांश (ख) के प्रकाश में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट ''छ:''

कृषि महोत्‍सव 2014 की गलत जानकारी

10. ( क्र. 2167 ) श्री विजय सिंह सोलंकी : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) कृषि महोत्‍सव 2014 में टेंट एवं खाना प्रदायकर्ताओं द्वारा, खरगोन विभागीय कार्यालय में कितने रूपये के बिल दिये गये थे? क्‍या बिलों में दर्ज राशि से कम राशि का भुगतान किया गया? यदि हाँ, तो कारण बतायें? कम भुगतान की कितनी शिकायतें विभाग को प्राप्‍त हुई? इस संबंध में जाँच की गई है तो जाँच का विवरण देवें? यदि जाँच नहीं की गई है तो कारण बतायें? (ख) अतारांकित प्रश्‍न क्रमांक 692, दिनांक 14/12/2015 के उत्‍तर में बिंदु (ग) में बताया गया है कि टेंट एवं खाना प्रदायकर्ता के बिलों का पूर्ण भुगतान कर दिया गया है तथा समस्‍त बिलों की राशि एवं भुगतान की गई राशि की सूची प्रदान की गई है? य‍ह जानकारी के तथ्‍य इस प्रश्‍न के बिंदु (क) से कितने भिन्‍न है? कारण बतायें? (ग) वर्ष 2015 में भगवानपुरा विधायक को भेजे गये पत्रों का विवरण देवें? आपके द्वारा प्रेषित पत्र क्रमांक/आत्‍मा/स्‍था./2014-15/15, खरगोन दिनांक 14.01.2015 तथा पत्र क्रमांक/आत्‍मा/स्‍था./2015-16/917 दिनांक 07.09.2015 इन दोनों पत्रों द्वारा विधायक को आत्‍मा गर्वनिंग बॉडी की बैठक में आमंत्रित करने का आश्‍वासन दिया गया, परंतु वर्ष 2015 में संपन्‍न हुई बैठक में एक भी विधायक को आमंत्रित नहीं किया गया? कारण बतायें?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) कृषि महोत्‍सव 2014 में टेंट एवं खाना प्रदायकर्ताओं द्वारा बिलों का सत्‍यापन कराये जाकर बिल की राशि रूपये 1747070/- भुगतान किया गया। श्री प्रवीण कुशवाह एवं पुनमचन्‍द कुशवाहा ग्राम नागझिरी, तहसील गोगांवा जिला खरगोन द्वारा भोजन/ नाश्‍ता बिलों के कम भुगतान के संबंध में शिकायत कलेक्‍टर महोदय को की गई थी। जिसकी जाँच कलेक्‍टर महोदय द्वारा गठित संयुक्‍त जाँच दल से कराई गयी थी। जाँच प्रतिवेदन कलेक्‍टर महोदय द्वारा आयुक्‍त इन्‍दौर संभाग इन्‍दौर को भेजा गया। जाँच प्रतिवेदन की छायाप्रति जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ख) अतारांकित प्रश्‍न क्रमांक 692 दिनांक 14.12.2015 के उत्‍तर बिन्‍दु (ग) में उत्‍तर अनुसार सत्‍यापित राशि को ही बिल की राशि मानी जाकर भुगतान किया गया। अत: बिल राशि रूपये 1747070/- के विरूद्ध राशि रूपये 1747070/- का पूर्ण भुगतान किया गया है। जानकारी के तथ्‍य इस प्रश्‍न के बिन्‍दु (क) से भिन्‍न नहीं है जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। (ग) जिलें में वर्ष 2015-16 में आत्‍मा गवर्निंग बोर्ड की आज दिनांक तक आयोजित बैठकों में क्षेत्रीय विधायकों को आमंत्रित नहीं किया गया किन्‍तु आगामी बैठकों में माननीय क्षेत्रीय विधायकों को आमंत्रित किया जायेगा।

परिशिष्ट - ''सात''

वाटर शेड समितियों की सूची

11. ( क्र. 2168 ) श्री विजय सिंह सोलंकी : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) एकीकृत जलग्रहण क्षेत्र प्रबंधन मिशन अन्‍तर्गत विगत 3 वर्षों में जिला स्‍तरीय वाटरशेड सलाहकार समिति की बैठक कब-कब कहाँ पर संपन्‍न हुई, उन बैठकों में कौन-कौन विधायक उपस्थित हुए? बैठकवार सूची देवें वर्तमान समिति सदस्‍यों की सूची देवें? (ख) जिला स्‍तरीय वाटरशेड तकनीकी समिति की बैठक वर्ष 2014 एवं 2015 में कब-कब कहाँ पर संपन्‍न हुई? इन बैठकों के कार्यवृत्‍त की एक प्रति देवें? (ग) खरगोन जिले की ग्राम स्‍तरीय वाटरशेड समिति की सूची देवें? भूमिहीन पंचायत के नामांकित सदस्‍य महिला सदस्‍य किन-किन समितियों में है? समितियों के इन सदस्‍यों की उपलब्‍धता सूची देवें? (घ) भगवानपुरा विधायक द्वारा कितने डेम की शिकायत कब की गई? इस शिकायत पर क्‍या कार्यवाही की गई?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) राष्ट्रीय जलग्रहण क्षेत्र विकास योजना खरगोन जिलें में संचालित नहीं हैं और न ही जिला स्तरीय वाटरशेड सलाहकार समिति के गठन का प्रावधान हैं। जिले में आई.डब्ल्यु.एम.पी. योजना संचालित हैं, जिसमें जिला स्तरीय वाटरशेड समिति की बैठकें निम्नानुसार दिनांकों को आयोजित की गयी। 1. वर्ष 2013-14, दिनांक 22.04.2013 कलेक्टोरेट सभा कक्ष, खरगोन 2. वर्ष 2013-14, दिनांक 21.07.2014 कलेक्टोरेट सभा कक्ष, खरगोन 3. वर्ष 2013-14, दिनांक 21.10.2015 कलेक्टोरेट सभा कक्ष, खरगोन वर्तमान समिति सदस्यों की सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। जिला स्तरीय वाटरशेड समिति में माननीय विधायकगण सदस्य नहीं है। अतः शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) जिला स्तरीय वाटरशेड तकनीकी समिति का प्रावधान नहीं हैं। अतः शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। (घ) दिनांक 16.08.2015 को 5 डेमों के निर्माण के संबंध में शिकायत की गयी थी। शिकायत की जाँच कराई गयी। शिकायत निराधार पायी गई।

सामाजिक सुरक्षा पेंशन

12. ( क्र. 2513 ) श्री रामप्यारे कुलस्ते : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या मण्‍डला जिले में सामाजिक सुरक्षा पेंशन जैसे विधवा पेंशन, विकलांग पेंशन, वृद्धावस्‍था पेंशन का नियमित एवं विधिवत भुगतान नहीं किया जा रहा है? (ख) क्‍या नियमित भुगतान हो सके इसके लिये शासन की कोई योजना है कि भविष्‍य में मण्‍डला जिले में सामाजिक सुरक्षा पेंशन के हितग्राहियों को भटकना न पड़े? (ग) क्‍या सामाजिक सुरक्षा पेंशन के मण्‍डला जिले अंतर्गत विभिन्‍न जनपदों में स्‍वीकृति हेतु प्रकरण लंबित हैं, इन प्रकरणों को स्‍वीकृति कब तक मिलेगी? प्रकरण स्‍वीकृत होने के बाद क्‍या इन्‍हें तत्‍काल पेंशन भुगतान किया जावेगा?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी नहीं। (ख) जी हाँ। सामाजिक सुरक्षा, पेंशन के नियमित भुगतान हेतु जारी शासन निर्देंशो के तहत पेंशन का भुगतान प्रत्येक माह की आगामी 5 तारीख के पूर्व हितग्राहियों के बैंक/पोस्ट ऑफिस में खोले गये उनके खातों के माध्यम से नियमित रुप से कराया जा रहा है। (ग) जी हाँ। 01 अक्टूबर 2015 से वर्तमान दिनांक तक साधिकार अभियान के तहत 6805 के आवेदन प्राप्त हुए थे, जिसमें से 4774 पात्र पाये गये तथा 203 अपात्र पाये गये एवं शेष 1828 आवेदन पत्रों का परीक्षण किया जा रहा है। पात्र 4774 हितग्राहियों को पेंशन स्वीकृत की जाकर माह फरवरी 2016 तक की पेंशन राशि का भुगतान किया जा चुका है। परीक्षण के उपरान्त पात्र पाये जाने पर शेष हितग्राहियों को पेंशन की स्वीकृति दी जाकर पेंशन का लाभ दिया जायेगा।

कृषकों को ऋण भार पुस्तिका का प्रदाय

13. ( क्र. 2536 ) श्री हितेन्द्र सिंह ध्‍यानसिंह सोलंकी : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बडवाहा तहसील में कितने राजस्‍व ग्राम वन ग्राम हैं इसकी जानकारी दी जावे? क्‍या ग्राम कडियाकुण्‍ड (माण्‍डाझोल) राजस्‍व ग्राम है? यदि हाँ, तो क्‍या कारण है कि यहां किसानों को भूमि की ऋण भार पुस्तिका प्रदत्‍त नहीं की जा रही है? उक्‍त ग्राम के राजस्‍व अधिकार पत्र (ऋण भार पुस्तिका) के कितने आवेदन पत्र प्राप्‍त हुए है एवं उनका क्‍या निराकरण किया गया है? (ख) ग्राम कडियाकुण्‍ड (माण्‍डाझोल) के कृषकों को ऋणभार के लंबित आवेदन पत्रों पर कब तक कार्यवाही की जावेगी?

राजस्व मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) खरगोन जिले के बडवाह तहसील में 181 राजस्‍व ग्राम एवं 09 वन ग्राम है, ग्राम कडियाकुण्‍ड (माण्‍डाझोल) राजस्‍व ग्राम है। वर्तमान में भू-अधिकार ऋण पुस्तिका का कोई आवेदन लंबित नहीं है। (ख) ग्राम कडियाकुण्‍ड (माण्‍डाझोल) के कृषकों का ऋण भार का कोई आवेदन पत्र लंबित नहीं है।

जनश्री एवं आम आदमी बीमा योजना

14. ( क्र. 2711 ) श्री कालुसिंह ठाकुर : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जनश्री बीमा तथा आम आदमी बीमा योजना प्रांरभ होने से वर्ष 2015-16 तक विभाग ने किस-किस कंपनी से किन-किन शर्तों पर बीमा करवाया? (ख) उक्‍त अवधि में विभाग ने बीमा कंपनी को वर्षवार कब-कब, कितनी राशि दी तथा बीमा कंपनी ने वर्षवार कितने हितग्राहियों को क्‍लेम भुगतान एवं उनके पुत्रों को शिष्‍यवृत्ति या अन्‍य कितनी राशि का भुगतान किया? (ग) उक्‍त योजनाओं में क्‍लेम भुगतान हेतु क्‍या-क्‍या प्रक्रियाएं तय की गई तथा उक्‍त प्रकरण तैयार करने हेतु किस-किस स्‍तर पर किस-किस अधिकारी को जवाबदार बनाया है? (घ) क्‍या विभाग के अधिकारियों तथा बीमा कंपनियों की सांठगांठ से हजारों प्रकरण निरस्‍त कर दिये तथा हजारों प्रकरण क्‍लेम भुगतान हेतु लंबित हैं? यदि हाँ, तो क्‍यों कारण बताइए तथा शासन ने क्‍या कार्यवाही की?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जनश्री बीमा योजना तथा आम आदमी बीमा योजना के तहत हितग्राहियों के बीमा हेतु योजनाओं के प्रारंभ होने से वर्ष 2015-16 तक विभाग द्वारा भारतीय जीवन बीमा निगम को अनुबंधित किया गया। भारत सरकार द्वारा भारतीय जीवन बीमा निगम के माध्यम से ग्रामीण मजदूरों के लिए आम आदमी बीमा योजना एवं नगरीय क्षेत्र के लिए जनश्री बीमा योजना प्रारंभ की गई है। भारत सरकार द्वारा योजना के क्रियान्वयन हेतु रु. 200/- प्रति सदस्य का वार्षिक प्रीमियम निर्धारित किया गया जिसमें रु. 100/- प्रति सदस्य भारत सरकार द्वारा तथा रु. 100/- प्रति सदस्य राज्य सरकार द्वारा जमा किये जाने का प्रावधान है, जिसके तहत योजना का संचालन किया जा रहा है। शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार। (ग) उक्त योजनाओं में दावा भुगतान हेतु निर्धारित प्रक्रिया एवं प्रकरण स्वीकृति हेतु विभिन्न स्तरों पर उत्तरदायी अधिकारी संबंधी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार। (घ) जी नहीं। भारतीय जीवन बीमा निगम स्तर पर 375 प्रकरण स्वीकृति हेतु प्रक्रियाधीन है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

निजी यात्री बसों में ई-टिकिट की व्‍यवस्‍था

15. ( क्र. 2750 ) श्री हितेन्द्र सिंह ध्‍यानसिंह सोलंकी : क्या परिवहन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या मध्‍यप्रदेश राज्‍य सरकार द्वारा राज्‍य परिवहन निगम को भंग कर यात्री परिवहन हेतु निजी यात्री बसों को नियम शर्तों के अधीन संचालन हेतु दिया गया है? यदि हाँ, तो किन शर्तों/नियम के अधीन दिया गया है? (ख) क्‍या इन नियम शर्तों में यह भी उल्‍लेख है कि यात्री सुविधा के लिये किन नियम के अंतर्गत दो सीटों के मध्‍य कितना अंतर होना चाहिये? वाहन चालक के लिये पृथक से केबिन होना चाहिये, जैसा कि महाराष्‍ट्र/राजस्‍थान बस परिवहन में है, जिससे वाहन चालन के दौरान यात्रियों के वार्तालाप से चालक को कोई परेशानी न हो? इसी प्रकार क्‍या यात्रियों को ई-टिकिट प्रदान किये जाने के संबंध में कोई प्रकरण विचाराधीन है? जिसमें कि यात्रियों को निर्धारित यात्री किराये से अधिक की वसूली न हो? क्‍या शासन ई-टिकिट की व्‍यवस्‍था करेगा, जिसमें कि बस क्रमांक, वाहन मालिक का पूर्ण पता, निर्धारित यात्री किराया, यात्रा की दूरी एवं टिकिट क्रमांक सहित उल्‍लेख हो? यह सुविधा कब तक उपलब्‍ध कराई जावेगा? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्‍यों? (ग) यात्री परिवहन के कर्मचारियों के द्वारा अधिक किराया लिये जाने की शिकायतें, वाहन संचालनकर्ताओं के द्वारा यात्रियों के साथ दुर्व्‍यवहार की शिकायत के चलते क्‍या शासन इस पर कोई कार्यवाही करेगा?

परिवहन मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) यह सही है कि मध्यप्रदेश सड़क परिवहन निगम को राज्य शासन द्वारा बंद करने का निर्णय लिया गया है। मध्यप्रदेश सड़क परिवहन निगम द्वारा प्रदेश एवं प्रदेश के बाहर मार्गों पर बस संचालन दिनांक 01.10.2010 से पूर्णतः बंद कर दिया गया है। निगम के लिये प्रकाशित योजनाओं को मध्यप्रदेश शासन परिवहन विभाग की अधिसूचना दिनांक 15.05.2008 द्वारा रद्द कर दिये जाने के कारण निगम के लिये आरक्षित मार्गों पर जन सुविधा हेतु निजी प्रचालकों को मोटरयान अधिनियम 1988 की धारा 72 एवं 84 तथा मध्यप्रदेश मोटरयान नियम 1994 के नियम 77 में विहित शर्तों एवं प्रावधानानुसार वाहन संचालन हेतु परमिट दिये गये है। (ख) मध्यप्रदेश मोटरयान नियम 1994 के नियम 158 के अंतर्गत लोक सेवा यानों में यात्रियों के बैठने के लिये सीटों का माप निर्धारित है तथा वाहन चालक के बैठने हेतु मध्यप्रदेश मोटरयान नियम 1994 के नियम 163 के अनुसार यात्री बसों में चालक के लिये पृथक से केबिन होने का प्रावधान है। ई-टिकिट प्रदान किये जाने के संबंध में अभी कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) यात्रियों से अधिक किराये लिये जाने की शिकायत प्राप्त होने पर विभाग द्वारा यथोचित कार्यवाही की जाती है। साथ ही सतत् चलने वाली आकस्मिक जाँच के दौरान यह स्थिति पाये जाने पर बस संचालकों के विरूद्ध नियमानुसार कार्यवाही की जाती है।

बलराम तालाबों का निर्माण

16. ( क्र. 2916 ) श्री राजेश सोनकर : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सांवेर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत विगत 5 वर्षों से अब तक कहाँ-कहाँ पर बलराम तालाब निर्माण करने की स्‍वीकृति दी गई थी? (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में विगत 3 वर्षों में बलराम तालाबों के निर्माण में सांवेर विधानसभा क्षेत्र में कितनी-कितनी राशि कहाँ-कहाँ पर व्‍यय की गई? (ग) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में बलराम तालाब योजनांतर्गत कितने तालाबों का निर्माण पूर्ण किया गया व कितने तालाबों का निर्माण किया जाना शेष है? (घ) प्रश्‍नांश (ग) के संदर्भ में कितने बलराम तालाब निर्माण शेष रहे हैं व किन कारणों से शेष हैं?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) सांवेर विधानसभा क्षेत्र में वर्ष 2010-11 से अब तक स्वीकृत प्रकरणों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) विगत तीन वर्षों में (2012-13 से 2014-15) स्वीकृत बलराम तालाब की कृषकवार/ग्रामवार सूची एवं वितरित अनुदान राशि की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) उत्तरांश "क" के अनुक्रम पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार 638 बलराम तालाब का निर्माण कार्य पूर्ण किया गया है एवं 201 बलराम तालाब का निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं हुआ है। (घ) कुल 201 बलराम तालाब का निर्माण कार्य शेष है। बलराम तालाब का निर्माण कृषकों द्वारा स्वयं अपने खेतों पर किया जाता है, कृषकों द्वारा बलराम तालाब निर्माण कार्य नहीं किये जाने के कारण शेष है।

लोकसेवा केन्‍द्रों पर अनियमितता

17. ( क्र. 2917 ) श्री राजेश सोनकर : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में लोक सेवा प्रबंधन के तहत् नकल की प्रति प्राप्‍त करने हेतु प्रत्‍येक छायाप्रति हेतु शुल्‍क लिया जाना निर्धारित है? संबंधित नियम/शर्तों की प्रति उपलब्‍ध करायें। (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में यह राशि प्रति एक पेज हेतु कितनी निर्धारित की गई है? (ग) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में शुल्‍क का निर्धारण किस नियम के तहत् किया गया है? नियम एवं शर्तें बतायें?

राजस्व मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) एवं (ख) संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार(ग) संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार।

परिशिष्ट ''आठ''

पटवारियों के रिक्‍त पदों की पूर्ति

18. ( क्र. 3534 ) श्री देवेन्द्र वर्मा : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) खंडवा जिले में कुल कितने पटवारी कार्यरत हैं? तहसीलवार पटवारी हल्‍के एवं उनमें पदस्‍थ पटवारियों की संख्‍यात्‍मक जानकारी बतायें? (ख) क्‍या खंडवा विधानसभा क्षेत्र में पटवारी हल्‍कों के अनुपात में पदस्‍थ पटवारियों की संख्‍या अत्‍यंत कम हैं? यदि हो तो क्‍यों? क्‍या पटवारियों की कमी से ग्रामीण क्षेत्र में राजस्‍व के काम प्रभावित हो रहे हैं? (ग) वर्तमान में पटवारी पदों की पूर्ति किस प्रकार की जा रही है? क्‍या जिला स्‍तर से पटवारी चयन परीक्षा आयोजित किया जाना बन्‍द किया गया है? यदि हाँ, तो क्‍या अन्‍य माध्‍यम से पूर्ति की जाएगी यदि हाँ, तो कब तक? (घ) यदि नहीं, तो वर्तमान में जिले की प्रशिक्षित पटवारी प्रतिक्षा सूची में कितने नाम दर्ज हैं? खंडवा विधानसभा के पटवारी हल्‍कों पर पटवारियों की नियुक्ति/पदस्‍थापना कब तक पूर्ण कर ली जाएगी? (ड.) क्‍या विगत दिनों पटवारियों द्वारा अतिरिक्‍त हल्‍कों का प्रभार कम करने के लिए हड़ताल की गई थी? यदि हाँ, तो अतिरिक्‍त हल्‍कों के प्रभार के लिए क्‍या दिश निर्देश जारी किये गये है?

राजस्व मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) खण्डवा जिले में कुल 158 पटवारी कार्यरत है। तहसीलवार पटवारी हल्केवार जानकारी निम्नानुसार हैः-
क्र. तहसील का नाम स्वीकृत पटवारी हल्कों की संख्या कार्यरत पटवारियों की संख्या
1
खण्डवा 72 45
2
पंधाना 29 28
3
पुनासा 36 45
4
हरसूद 47 24
5
खालवा 33 26
-------------------------------------------------------------------
कुल योग 217 158
-------------------------------------------------------------------
(
ख) जी हाँ, विधान सभा क्षेत्र खंडवा में पटवारी हल्कों के अनुपात में पदस्थ पटवारियों की संख्या कम है। ग्रामीण क्षेत्रों में पटवारियों की कमी से कोई कार्य प्रभावित नहीं हो रहे है। (ग) वर्तमान में 31/12/2015 तक प्रदेश में पटवारियों के रिक्त 1376 पदों की पूर्ति व्यापम के माध्यम से चयन करने हेतु प्रक्रियाधीन है। (घ) कंडिका अनुसार। (ड.) जी हाँ। जी नहीं।

किसान कल्‍याण की संचालित योजनाएं

19. ( क्र. 3539 ) श्री देवेन्द्र वर्मा : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) खंडवा जिले में किसान कल्‍याण विभाग की कौन-कौन सी योजनाएं संचालित है? बतायें? (ख) वर्ष 2013-2014 एवं 2014-2015 में कुल कितने किसान लाभांवित हुये? (ग) खंडवा विकासखंड में उक्‍त वर्षों में योजनाओं का लक्ष्‍य क्‍या रहा? किन-किन योजनाओं में शत्-प्रतिशत लक्ष्‍य पूर्ति की गई? (घ) किन-किन योजनाओं में लक्ष्‍य पूर्ति नहीं की जा सकी है, ऐसी कौन-कौन सी योजनाएं है? इसके लिए कौन-कौन अधिकारी जिम्‍मेदार है?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है। (घ) मात्र बलराम तालाब योजना में वर्ष 2013-2014 में 7 कृषकों के आवेदन पंजीकृत हुये थे जिनकी तकनीकी स्‍वीकृति दी जाकर कार्य निर्माण की अनुमति भी दी गई थी जिसमें से 2 की पूर्ति की गई शेष 5 लक्ष्‍यों की पूर्ति कृषकों द्वारा रूचि न लेने के कारण संभव नहीं हो सकी जिसके लिये कोई अधिकारी जिम्‍मेदार नहीं है। वर्ष 2014-2015 में समस्‍त योजनाओं में लक्ष्‍य अनुसार शत्-प्रतिशत पूर्ति की गई है।

लोक कल्‍याण शिविर

20. ( क्र. 3561 ) श्री रामकिशन पटेल : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) लोक कल्‍याण शिविरों में किन-किन विभागों के शासकीय सेवकों का आना अनिवार्य होता है? उन विभागों की सूची उपलब्‍ध करावें? उदयपुरा विधानसभा क्षेत्र अन्‍तर्गत लोक कल्‍याण शिविर का आयोजन वर्ष 2013 से प्रश्‍न दिनांक तक कब-कब कराया गया वर्षवार, दिनांकवार, स्‍थानवार जानकारी दें? उक्‍त शिविरों में किन-किन विभागों के प्रतिनिधि अनुपस्थित रहे? (ख) क्‍या प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में लोक कल्‍याण शिविर में संबंधित विभागों के अनुपस्थित अधिकारियों पर कार्यवाही की गई है? यदि हाँ, तो कब-कब किस-किस पर? यदि नहीं, तो क्‍यों? कार्यवाही कब तक की जायेगी? (ग) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में उदयपुरा विधानसभा अन्‍तर्गत वर्ष 2013 से प्रश्‍न दिनांक तक शिविरों में कितने आवेदन प्राप्‍त हुये, व कितनों का निराकरण किया? शेष बचे आवेदनों का निराकरण कब तक किया जावेगा?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र एवं अनुसार। जनपद पंचायत बाडी के ग्राम हरडोब में दिनांक 10.12.2015 को आयोजित शिविर में महिला एवं बाल विकास के प्रतिनिधि अनुपस्थित रहे। (ख) उदयपुरा विकासखण्ड क्षेत्र अन्तर्गत जनपद पंचायत बाडी के ग्राम हरडोब में आयोजित लोक कल्याण शिविर में महिला एवं बाल विकास की परियोजना अधिकारी आई.सी.डी.एस. अनुपस्थित रहने से अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) बरेली द्वारा पत्र क्रमांक 9024 दिनांक 24-11-2015 से कारण बताओं सूचना पत्र जारी किया गया। कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। (ग) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार।

परिशिष्ट - ''नौ ''

गन्‍ना किसानों को भुगतान एवं गन्‍ना की विक्रय दर बढ़ाना

21. ( क्र. 3662 ) श्रीमती ममता मीना : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) कृपया नारायणपुर (राघौगढ़) गन्‍ना शक्‍कर सहकारी कारखाने में किसके द्वारा दिए गये गन्‍ने का गत पेराई वर्ष का भुगतान बकाया है? कितने किसानों की एवं कितनी राशि भुगतान हेतु बकाया हैं? (ख) यदि गत वर्ष का प्रश्‍नांश (क) में किसानों का भुगतान बकाया है तो कारण सहित बतायें कि कब तक भुगतान कर दिया जावेगा? क्‍या कर्मचारियों का वेतन भी बकाया है। (ग) क्‍या चालू वित्‍त वर्ष में गुना जिले के किसान गत वर्ष में भुगतान न होने से गुड़ (खाण्‍डसी) बनाकर बेच रहे है या उन्‍हें कम दर मिलने से गुड़ बनवा रहे हैं। क्‍या गत वर्ष की अपेक्षा चालू वर्ष में दर कम है? (घ) यदि प्रश्‍नांश (क), (ख) एवं (ग) के तथ्‍य सत्‍य हैं तो बतायें कि किसानों को कब तक सुविधा उपलब्‍ध करायेंगे यह भी बतायें कि चालू वर्ष में गन्‍ना की क्रय दर कब तक बढ़ाकर भुगतान करेंगे।

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) शक्कर सहकारी कारखाने में कृषकों द्वारा दिये गए गन्ने का गत वर्ष का भुगतान बकाया है। पिराई सत्र 2014-15 में गन्ने का फेयर एण्ड रेम्यूनरेटिव प्राईज रूपये 220 प्रति क्विंटल अथवा इससे अधिक दर पर क्रय किया गया था। लगभग 19 लाख रूपये का भुगतान केवल उन कृषकों का बाकी है जो कि कारखाने में भुगतान लेने उपस्थित नहीं हुए है। कारखाने द्वारा भुगतान निरंतर जारी है। (ख) विगत पेराई सत्र 2014-15 के शक्कर के दाम अधिक गिर जाने के कारण कारखाने द्वारा कृषकों का भुगतान नहीं किया जा सका था, जो कि ब्याज सहित पेराई सत्र 2015-16 में किया जा रहा है। वर्तमान में केवल उन कृषकों का बाकी है जो कि कारखाने में भुगतान लेने उपस्थित नहीं हुये है। कारखाने द्वारा भुगतान निरंतर जारी है। कृषक कभी भी कार्यालयीन समय पर उपस्थित होकर भुगतान प्राप्त कर सकते है। कर्मचारियों के वेतन की बकाया राशि का भी भुगतान पेराई सत्र 2015-16 में किया गया है। (ग) जी नहीं, चालू पेराई सत्र 2015-16 में गन्ने का फेयर एंड रेम्नूनरेटिव प्राईज रूपये 230 प्रति क्विंटन है जो कि गत वर्ष से 10 रूपये प्रति क्विंटल अधिक है। (घ) कारखाने द्वारा कृषकों को गन्ने की बकाया राशि का भुगतान निरंतर किया जा रहा है। कृषक कभी भी कार्यालयीन समय पर उपस्थित होकर भुगतान प्राप्त कर सकते है। गन्ने की क्रय दर (फेयर एंड रेम्यूनरेटिव प्राईज) भारत सरकार द्वारा निर्धारित किया जाता है चालू वर्ष में गन्ने का फेयर एंड रेम्यूनरेटिव प्राईज गत वर्ष की तुलना में अधिक होने से प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता।

निविदाओं में फर्जी दस्‍तावेज लगाने विषयक

22. ( क्र. 3664 ) श्रीमती ममता मीना : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या श्री धर्मेन्‍द्र रघुवंशी ठेकेदार द्वारा निविदा क्र. 03/आर.ई.एस./ग्‍वा./ 2015-16 की निविदा के टेंडर नं. 6146 पेकेज नं. 0641 व टेंडर नं. 6147 पेकेज नं. 0642 ब्‍लॉक चांचोड़ा जिला गुना निर्माण कार्यों की निविदायें डाली गई थी? (ख) क्‍या श्री धर्मेन्‍द्र रघुवंशी ठेकेदार द्वारा ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग अशोकनगर का पत्र क्रं.1521/निविदा/ग्रा.यॉ.से./2013 दिनांक 30.12.2013 का फर्जी प्रमाण पत्र उक्‍त निविदाओं में लगाया गया था? (ग) क्‍या श्री धर्मेन्‍द्र रघुवंशी ठेकेदार का जब फर्जी प्रमाण पत्र विभाग के अधिकारियों द्वारा सत्‍यापित करा लिया है तो ऐसे फर्जी ठेकेदार पर क्‍या कार्यवाही की गई? यदि नहीं, तो इसका जबावदार कौन है? (घ) क्‍या ऐसे ठेकेदार के विरूद्ध उसके ठेकेदार पंजीयन को ब्‍लैक लिस्‍ट किया जावेगा व ऐसे फर्जी ठेकेदार पर एफ.आई.आर. दर्ज करावेंगे समय-सीमा सहित बतावें।

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ। (ख) जी हाँ। प्रमाण पत्र त्रुटिपूर्ण पाया गया। (ग) श्री धर्मेन्‍द्र रघुवंशी ठेकेदार द्वारा निविदा प्रक्रिया में गलत प्रमाण पत्र लगाये जाने से उन्‍हें तकनीकी रूप से अयोग्‍य किया गया। (घ) ठेकेदार के विरूद्ध निविदा शर्तों के अंतर्गत कार्यवाही की गई है। ठेकेदारों के पंजीयन ब्‍लैक लिस्‍ट किया जाना विभाग के अधिकार क्षेत्र में नहीं है। निविदा शर्तों के अंतर्गत ठेकेदार को तकनीकी रूप से अयोग्‍य किया गया है अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

हीरापुर कौडि़या वृ.स. समिति का पुर्नस्‍थापन

23. ( क्र. 3826 ) श्री मोती कश्यप : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या जिला व वि.ख. कटनी के ग्राम/ग्राम पंचायत, हीरापुर कौडि़या की वृहताकार सहकारी समिति में किन्‍हीं के द्वारा कोई गबन ओर अनियमितताओं के कारण कभी किन्‍हीं के विरूद्ध कोई कार्यवाही की गई है और किन्‍हीं कृषक हितग्राहियों को किसी प्रकार की राहत दी गई है, विवरण देवें? (ख) क्‍या प्रश्‍नांश (क) समिति के कितने कि.मी. दूरी पर कौन-कौन से ग्राम आते हैं ओर कृषक हितग्राहियों की संख्‍या कितनी रही है तथा कौन-कौन सी गतिविधियां संचालित रही हैं? (ग) क्‍या प्रश्‍नांश (क) समिति को किन्‍हीं कारणों से किसी दूरी की किसी समिति संस्‍था से संबंद्ध व विलय किया गया है, जिससे ग्रामों की दूरी कितनी बन गई है और जिससे कौन सी गतिविधियों व योजनाएं प्रभावित हो रही है? (घ) क्‍या प्रश्‍नांश (क) को वृहत्‍ताकार सहकारी समिति के रूप में यथावत पुर्नस्‍थापित करने की दिशा में कभी कोई कार्यवाही की गई है? यदि नहीं, तो कृषकों के हित में किन प्रकार की कार्यवाहियां कराई जाने पर प्रश्‍नांश (क) पुनर्गठित व पुर्नस्‍थापित हो सकेगी? (ड.) क्‍या विभाग प्रश्‍नांश (घ) हीरापुर कौडि़या की वृहत्‍ताकार सहकारी समिति के पुर्नस्‍थापन/पुनर्गठन हेतु किसी की नियुक्ति करेगी ओर किसी निश्चित अवधि में कार्यवाही संपादित करावेगी?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ। वर्ष 1982-83 में वृहत्ताकार कृषि साख सहकारी समिति मर्यादित, हीरापुर कोडि़या में फर्जी ऋण वितरण किया गया था, जिसमें तत्कालीन समिति सहायक श्री मुन्नु सोनी, शाखा प्रबंधक श्री जगदीश प्रसाद विश्वकर्मा, सहायक मुख्य पर्यवेक्षक श्री शंकर प्रसाद विश्वकर्मा, पर्यवेक्षक श्री बृजभूषण दुबे, समिति प्रबंधक श्री विष्णुप्रसाद मिश्रा एवं श्री रामभाई कनोजिया तथा सहायक लेखापाल श्री किशोरी लाल यादव की सेवायें समाप्त की गई थी। प्रकरण की जाँच सी.बी.आई. द्वारा की जाकर चालान प्रस्तुत किया गया था जिसमें दोषियों को सजा दी गई थी। कृषकों को किसी प्रकार की राहत नहीं दी गई। (ख) समिति के ग्राम तथा उनकी समिति मुख्यालय से दूरी की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। समिति के सदस्यों की संख्या 669 है तथा समिति द्वारा सार्वजनिक वितरण प्रणाली एवं समर्थन मूल्य पर धान/गेंहूं खरीदी का कार्य किया जा रहा है। (ग) प्रश्नांश की समिति को किसी अन्य समिति से संबद्ध/विलय नहीं किया गया है। शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) वर्तमान में समिति कार्यरत है, किन्तु उसके द्वारा सदस्यों को ऋण वितरण का कार्य नहीं किया जा रहा है। प्रकरण में फर्जी ऋण वितरण के संबंध में परीक्षण किये जाने हेतु निर्देश दिये गये हैं। परीक्षणोपरांत कृषक सदस्यों को राहत देने एवं समिति से ऋण वितरण प्रारंभ किये जाने की कार्यवाही की जा सकेगी। (ङ) उत्तरांश अनुसार परीक्षण हेतु संयुक्त आयुक्त, सहकारिता, जबलपुर संभाग, जबलपुर को निर्देश दिये गये। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

परिशिष्ट - ''दस ''

मुख्‍यमंत्री ग्रामीण आवास योजना

24. ( क्र. 3921 ) कुमारी निर्मला भूरिया : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) झाबुआ जिले में मुख्‍यमंत्री आवास योजना अंतर्गत विगत तीन वर्ष में कितने प्रकरण स्‍वीकृत किये गये तथा कितने प्रकरण लंबित है? (ख) क्‍या मुख्‍यमंत्री आवास योजना अंतर्गत विभाग द्वारा प्रकरण स्‍वीकृत कर बैंक में भेज दिया जाता है किन्‍तु बैंक द्वारा अनावश्‍यक विलम्‍ब कर हितग्राहियों को परेशान किया जाता है? इसके लिये कौन जिम्‍मेदार है? (ग) प्रश्‍नांश (क) अवधि में मुख्‍यमंत्री आवास योजना अंतर्गत कितने हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) झाबुआ जिले में मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास मिशन के अंतर्गत विगत तीन वर्षों में 9923 आवासीय ऋण प्रकरण स्वीकृत किये गये एवं जिले में वर्तमान में 239 प्रकरण लंबित है। (ख) जी नहीं। शेष का प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता है। (ग) विगत तीन वर्षों में मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास मिशन में 8712 हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया।

नलकूप खनन अनुदान में अनियमितता

25. ( क्र. 3922 ) कुमारी निर्मला भूरिया : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) झाबुआ-अलीराजपुर जिले में वर्ष 2013-14 से वर्तमान तक कितने नलकूप खनन कराए गए तथा उन पर कितना अनुदान दिया गया? (ख) प्रश्‍नांश (क) की अवधि में कुल कितने आवेदन प्राप्‍त हुए? इनमें से कितने स्‍वीकृत किए गए व कितने निरस्‍त किए गए व कितने लंबित हैं? (ग) क्‍या पूर्व में पंजीकृत कृषकों के नलकूप खनन पर अनुदान दिया गया तथा इसके लिए कोन जिम्‍मेदार हे? ऐसे प्रकरणों में विभाग द्वारा क्‍या कार्यवाही की जावेगी? (घ) क्‍या विभाग लंबित प्रकरणों की स्‍वीकृति हेतु कोई कार्यवाही कर रहा है? यदि हाँ, तो इन प्रकरणों का कब तक निराकरण कर दिया जायेगा?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

मर्जर एग्रीमेंट के नाम पर भ्रमित एवं गलत जानकारी दिये से उत्‍पन्‍न स्थिति

26. ( क्र. 4015 ) श्री आरिफ अकील : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या यह सही है कि प्रश्‍नकर्ता के प्रश्‍न 11 (क्र. 784) के उत्‍तर में मूल मर्जर एग्रीमेंट भारत सरकार के आधिपत्‍य में होने के कारण जानकारी देना संभव नहीं है का उत्‍तर दिया गया था? (ख) यदि हाँ, तो उक्‍त प्रश्‍न के उत्‍तर के बाद से प्रश्‍न दिनांक की स्थिति में मर्जर एग्रीमेंट की कितनी भूमियों के निराकरण जिला कलेक्‍टर कार्यालय भोपाल द्वारा निराकृत किए गए? नामवार निराकृत करने वाले अधिकारी का नाम व पद एवं वर्तमान पदस्‍थापना सहित यह भी अवगत करावें कि भोपाल में मर्जर एग्रीमेंट की भूमि कितनी व कहाँ-कहाँ पर स्थित है? (ग) क्‍या यह भी सही है कि विधान सभा के पूर्व सदस्‍य श्री जितेन्‍द्र कुमार डागा द्वारा दिनांक 02 जुलाई 2014 को माननीय मुख्‍यमंत्री, राजस्‍व मंत्री एवं मुख्‍य सचिव को पत्र लिखकर वर्ष 2008 से 2013 के मध्‍य 20 प्रश्‍न कलेक्‍टर भोपाल को लिखे पत्र पर कार्यवाही नहीं किए जाने संबंधी उल्‍लेख कर अवगत कराया था? यदि हाँ, तो प्रश्‍न दिनांक की स्थिति में क्‍या कार्यवाही की गई? यदि नहीं, तों क्‍यों कारण सहित बतावें?

राजस्व मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) कोई कार्यवाही नहीं की गई है। (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

प्रतिनियुक्ति पर पदस्‍थ उपयंत्री को सहायक यंत्री का प्रभार

27. ( क्र. 4156 ) श्रीमती रेखा यादव : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) छतरपुर जिले में मनरेगा के तहत कितने सहायक यंत्री एवं उपयंत्री पदस्‍थ है जनपद पंचायतवार,नामवार, सेक्‍टरवार जानकारी दें? (ख) क्‍या छतरपुर जिले की बड़ामलहरा जनपद पंचायत में जल संसाधन विभाग से मनरेगा में प्रतिनियुक्ति पद पदस्‍थ उपयंत्री को सेक्‍टर के साथ-साथ सहायक यंत्री का प्रभार दिया गया है? (ग) यदि हाँ, तो संबंधित उपयंत्री द्वारा अपने सेक्‍टर के किये गये मूल्‍यांकन का सहायक यंत्री की हैसियत से कब-कब सत्‍यापन किया गया, ग्राम पंचायतवार एवं एम.बी. विवरण सहित जानकारी उपलब्‍ध करावें? यदि नहीं, तो इस सेक्‍टर के कार्यों का सत्‍यापन किस सहायक यंत्री द्वारा किया गया? नाम सहित बतावें। (घ) क्‍या उपरोक्‍त प्रकार से सत्‍यापन किया जाना नियमों के अनुरूप है? यदि नहीं, तो दोषी को कब तक प्रभार से हटाया जावेगा एवं कब तक वैधानिक कार्यवाही की जावेगी?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) छतरपुर जिले में मनरेगा के तहत 8 सहायक यंत्री के स्वीकृत पदों के विरूद्ध 5 सहायक यंत्री एवं उपयंत्री के स्वीकृत 56 पदों के विरूद्ध 33 उपयंत्री पदस्‍थ है। 09 सेक्‍टरों का प्रभार ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के उपयंत्रियों को दिया गया है। जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जनपद पंचायत बड़ामलहरा में श्री एम.एल. अहिरवार, उपयंत्री जल संसाधन विभाग से प्रतिनियुक्ति पर ग्रामीण यांत्रिकी सेवा, बडामलहरा में पदस्‍थ है, मनरेगा में प्रतिनियुक्ति में पदस्थ नहीं है। इन्हें सहायक यंत्री, मनरेगा, जनपद पंचायत बड़ामलहरा का अतिरिक्त प्रभार दिये जाने के पश्चात उपयंत्री सेक्टर जनपद पंचायत बड़ामलहरा के प्रभार से मुक्त कर दिया गया है। (ग) संबंधित उपयंत्री द्वारा अपने सेक्टर के किये गये कार्यों का मूल्‍यांकन का सत्यापन सहायक यंत्री की हैसियत से नहीं किया गया है। उस सेक्‍टर के कार्यों का सत्‍यापन श्री भवानी शंकर वर्मा अनुविभागीय अधिकारी ग्रामीण यांत्रिकी सेवा उपसंभाग बड़ामलहरा द्वारा किया गया है। (घ) उत्तरांश (ख) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - ''ग्यारह ''

रोजगार गारंटी योजनांतर्गत कुओं का निर्माण

28. ( क्र. 4157 ) श्रीमती रेखा यादव : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) छतरपुर जिले में रोजगार गारन्‍टी योजना के अंतर्गत वर्ष 2012-2013 तक स्‍वीकृत किए गए? कितने कुएं पूर्ण हो चुके हैं? इनमें से कितने कुंओं के पूर्णता प्रमाण पत्र जारी कर दिए हैं? कितने कुंओं का निर्माण पूरा नहीं हुआ है? (ख) वर्ष 2012-2013 तक रोजगार गारन्‍टी योजना के अंतर्गत स्‍वीकृत किस-किस ग्राम के किस हितग्राही का कुंआ किन-किन कारणों से प्रश्‍नांकित दिनांक तक भी पूरा नहीं हो पाया है? (ग) कुंओं को पूर्ण करवाए जाने के लिए शासन क्‍या कार्यवाही कब तक करेगा?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) छतरपुर जिले में रोजगार गारन्‍टी योजना के अंतर्गत वर्ष 2012-2013 तक 12,447 कुएं स्‍वीकृत किये गये हैं, जिनमें से 11,037 कूप पूर्ण हो चुके हैं, पूर्ण कूपों में से 11,031 कूपों के पूर्णता प्रमाण पत्र जारी किये जा चुके हैं। 1,272 कूप प्रगतिरत हैं एवं 138 परित्‍यक्‍त घोषित किये गये है। (ख) वांछित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) प्रगतिरत कूपों को पूर्ण कराये जाने हेतु विभाग के पत्र क्र. 5542 दिनांक 12.05.2013 एवं पत्र क्र. 8532 दिनांक 27.08.2015 के द्वारा रोजगार की मांग करने वाले जॉबकार्डधारी परिवारों को साध्‍य अपूर्ण कार्यों में प्राथमिकता से काम पर लगाकर पूर्ण कराये जाने के निर्देश सभी जिलों को जारी किये गये है।

इंदिया आवास योजना

29. ( क्र. 4213 ) श्री सुखेन्‍द्र सिंह : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला पंचायत रीवा के पत्र क्रमांक 988/आई.ए.वाय./जिला पंयायत/2015 रीवा दिनांक 21.05.2015 के द्वारा ग्राम पंचायतों से 3 वर्षों के लिये 2015-16, 2016-17 एवं 2017-18 के लिए इंदिरा आवास योजना हेतु हितग्राहियों के प्रस्‍ताव जनपद प्रचायत से मगाएं गये थे? (ख) यदि हाँ, तो जिला पंचायत रीवा द्वारा आवंटित प्रतिग्राम पंचायत आरक्षण रोस्‍टर सहित इंदिरा आवास योजना का लाभ रीवा जिले के सम्‍पूर्ण्‍ा जनपद पंचायतों को प्रदान किया जा चुका है? (ग) यदि हाँ, तो प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के संदर्भ में प्रत्‍येक ब्‍लॉक के प्रतिग्राम पंचायत से मंगाएं गए हितग्राहियों की सूची से वर्ष 2015-16 की पात्रता रखने वाले हितग्राहियों को इंदिया आवास योजना का लाभ प्राप्‍त होने के उपरान्‍त शेष हितग्राहियों की सूची में ही वर्ष 2016-17 एवं वर्ष 2017-18 में जिला पंचायत द्वारा आरक्षित संख्‍या एवं रोस्‍टर अनुसार इसी शेष सूची से हितग्राहियों को इंदिरा आवास योजना का लाभ दिया जावेगा? (घ) प्रश्‍नांश (क), (ख), (ग) के संदर्भ में रीवा जिले के जनपद पंचायत मऊगंज एवं हनुमना के अन्‍तर्गत आने वाले प्रत्‍येक ग्राम पंचायतों द्वारा दिये गये इंदिया आवास योजना के हितग्राहियों की संख्‍या बातएं? (ड.) प्रश्‍नांश (क), (ख), (ग), (घ) के संदर्भ में क्‍या ग्राम पंचायत द्वारा प्राप्‍त प्रस्‍ताव में लाभांश से शेष रह गये हितग्राहियों को ही प्रतिक्षा सूची मानी जाती है? यदि हाँ, तो रीवा जिले में इसका पालन किया जा रहा है? यदि नहीं, तो क्‍यों कारण बतावें? भविष्‍य में इसका पालन किया जावेगा?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) एवं (ख) जी हाँ। (ग) वर्ष 2016-17 एवं वर्ष 2017-18 के लिए भारत शासन से निर्देश प्राप्त होने पर निर्देशानुसार कार्यवाही की जावेगी। (घ) जनपद पंचायत हनुमना एवं मऊगंज अंतर्गत आने वाली प्रत्येक ग्राम पंचायतों द्वारा दिए गये इंदिरा आवास योजना के हितग्राहियों की संख्या की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ड.) जी हाँ। ग्राम पंचायत द्वारा प्राप्त प्रस्ताव में से लाभांश शेष रह गये हितग्राहियों की सूची को ही प्रतीक्षा सूची माना जावेगा। भविष्य में भारत सरकार के निर्देशानुसार कार्यवाही की जावेगी।

कृषकों को बीमा क्षतिपूर्ति राशि का भुगतान

30. ( क्र. 4214 ) श्री सुखेन्‍द्र सिंह : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या रीवा जिले में किसानों की फसल बीमा राशि रबी एवं खरीफ की फसलों में खाद डालने हेतु के.सी.सी. द्वारा प्रदत्‍त ऋण/नगद खाद के मूल्‍य के अतिरिक्‍त बीमा की राशि भी जोड़कर सेवा/वृहताकार/कृषक/आ.जाति/सेवा सहकारी समितियों द्वारा कृषकों से राशि ले ली जाती है? (ख) प्रश्‍नांश के संदर्भ में यदि हाँ ? तो रीवा जिले में मऊगंज एवं हनुमना ब्‍लॉक अन्‍तर्गत स्थित सभी सहकारी समितियों के द्वारा वर्ष 2013-14 एवं 2014-15 में कितने किसानों से बीमा की राशि ली गई है? (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के संदर्भ में कितने कृषकों को बीमा की क्षतिपूर्ति राशि का कितना भुगतान वर्ष 2013-14 एवं वर्ष 2014-15 में किया गया है? किस नियम से किया गया है? (घ) प्रश्‍नांश (ग) के संदर्भ में यदि नहीं, तो क्‍यों? कारण बतावें। इस राशि का भुगतान कब तक कर दिया जावेगा? इसके लिये कौन दोषी है? दोषी के खिलाफ क्‍या कार्यवाही की जावेगी? समय-सीमा बतावें?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। राष्ट्रीय कृषि बीमा योजना के अंतर्गत क्षतिपूर्ति का आकलन राज्य शासन के राजस्व विभाग द्वारा फसल कटाई प्रयोग के द्वारा प्राप्त उपज के आकड़ों के आधार पर बीमा कंपनी द्वारा दावा राशि की गणना (बीमित राशि (थ्रेशहोल्ड उपज-वास्तविक उपज)/थ्रेशहोल्ड उपज) फार्मूले से की जाती है। (घ) उत्तरांश के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - ''बारह ''

घरों में शौचालय निर्माण

31. ( क्र. 4403 ) कुमारी मीना सिंह : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या माननीय प्रधानमंत्री जी के स्‍वच्‍छ भारत अभियान जो 02 अक्‍टूबर, 2014 से प्रारंभ किया गया उसमें घरों में शौचालय निर्माण के लिये अनुदान राशि रूप‍ये 12,000/- निर्धारित की गई है? इस योजना अंतर्गत अक्‍टूबर, 2014 से प्रश्‍न दिनांक तक मानपुर विधानसभा क्षेत्र जिला उमरिया अंतर्गत कितनी-कितनी राशि प्राप्‍त हुई, कितने शौचालयों का निर्माण पूर्ण हुआ कितने अपूर्ण है तथा अपूर्ण कब तक पूर्ण कर दिया जायेंगे? शौचालय निर्माण हेतु हितग्राहियों को राशि किसके माध्‍यम से प्राप्‍त हुई, क्‍या हितग्राहियों को पूरी राशि बांट दी गई अथवा उन्‍हें शौचालय बनाने हेतु कुछ सामग्री व शेष कितनी राशि दी गई? स्‍पष्‍ट विवरण दें? लाभांवित हितग्राहियों की नाम पता सहित जानकारी दें? (ख) क्‍या इस अभियान के लिये कोई मार्गदर्शिका बनाई गई है? प्रति उपलब्‍ध करावें। क्‍या ऐसे भी प्रकरण शासन के ध्‍यान में आये हैं, जिसमें खाते से राशि निकाल ली गई, मौके पर शौचालय नहीं है? (ग) क्‍या प्रश्‍न दिनांक तक उक्‍त निर्माण कार्य में अनियमितता बरती गई है तथा कुछ निर्माण कार्य किये बिना ही राशि का आहरण हो चुका है? यदि हाँ, तो संबंधितों के विरूद्ध शासन द्वारा क्या कार्यवाही की गई है? यदि नहीं, तो क्‍यों तथा कब तक कार्यवाही की जायेगी? (घ) क्‍या शासन यह भी सुनिश्चित करेगा कि संबंधित हितग्राही के यहां शौचालय निर्माण हो जाये?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ। योजनांतर्गत राशि क्षेत्रवार प्राप्‍त नहीं होती है। शौचालय निर्माण में राशि रूपये 253.08 लाख व्‍यय की गई। मानपुर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत 2109 शौचालय पूर्ण कराये गये, कोई भी शौचालय अपूर्ण नहीं है। निर्माण हेतु एजेंसी ग्राम पंचायत द्वारा हितग्राहियों के शौचालय निर्माण के देयक (सामग्री एवं मजदूरी) के परीक्षण उपरांत राशि श्रमिकों एवं बैण्‍डरों के खाते में तथा हितग्राहियों द्वारा निर्माण किये गये शौचालयों की संपूर्ण राशि परीक्षण उपरांत हितग्राहियों के खाते में राशि रूपये 253.08 लाख अंतरित की गई है। लाभान्वित हितग्राहियों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अ अनुसार है(ख) जी हाँ। मार्गदर्शिका की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ब अनुसार है। जी नहीं। (ग) जी नहीं। जी नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) प्रश्‍नांश के उत्‍तर के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

सूखा ग्रस्‍त घोषित करना

32. ( क्र. 4497 ) पं. रमाकान्‍त तिवारी : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शासन द्वारा वर्ष 2015-16 में रीवा जिले की किन-किन तहसीलों को सूखाग्रस्‍त घोषित किया गया है? (ख) रीवा जिले की त्यौंथर तहसील की कौन-कौन सी ग्राम पंचायतों को सूखाग्रस्‍त घोषित किया गया है एवं कौन-कौन सी ग्राम पंचायतों को नहीं घोषित किया गया? (ग) सूखाग्रस्‍त घोषित करने के लिये क्‍या मापदण्‍ड विभाग द्वारा अपनाये गये है? (घ) क्‍या जो ग्राम पंचायतें सूखाग्रस्‍त होने के बावजूद भी सूखाग्रस्‍त घोषित नहीं हुई है उन्‍हें दोबारा सर्वे कराकर सूखाग्रस्‍त घोषित किया जायेगा? यदि हाँ, तो कब तक?

राजस्व मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) हुजूर, रायपुर कर्चुलियान, गुढ़, सिरमौर, सेमरिया, मनगवां, त्यौंथर, जवा, मऊगंज, नईगढ़ी एवं हनुमना सूखा घोषित किया गया है। (ख) रीवा जिले के तहसील त्यौंथर सूखा घोषित है। तहसील के अन्तर्गत सभी गाँव शामिल होते हैं। (ग) सूखा घोषित करने के मापदण्ड मध्यप्रदेश शासन राजस्व विभाग 2007 सूखा के स्थाई निर्देश के अन्तर्गत अल्पवर्षा, फसल कटाई प्रयोगों के आधार पर आनावारी एवं रबी की बोनी के आधार पर सूखा घोषित किया जाता है। मापदण्डों का विस्तृत विवरण संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (घ) प्रश्नांश (क) के उत्तर के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उद्भूत नहीं होता।

परिशिष्ट - ''तेरह ''

बैंक खातों से फर्जी आहरण

33. ( क्र. 4505 ) पं. रमाकान्‍त तिवारी : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या जनपद पंचायत त्यौंथर के पत्र क्र. 154/न.पं./2014 दिनांक 05.11.2014 से ग्राम पंचायत गंगतीरा कला के तत्‍कालीन सरपंच गुलाब कली एवं तत्‍कालीन सचिव अरविन्‍द सिंह द्वारा रू. 20,422280/- बैंक खातों से फर्जी आहरण के आरोप में थाना सोहागी में प्राथमिकी दर्ज करने हेतु लिखा गया है? (ख) यदि हाँ, तो क्‍या प्राथमिकी दर्ज की गई है? यदि प्राथमिकी अब तक नहीं की गई तो कारण बतायें? कब तक प्राथमिकी दर्ज होगी? (ग) वित्‍तीय अनियमितता प्रमाणित होने के बाद तत्‍कालीन सरपंच, सचिव के विरूद्ध अब क्‍या कार्यवाही की गई? यदि अब तक कोई कार्यवाही नहीं की गई तो क्‍यों? कब तक कार्यवाही करेंगे? (घ) क्‍या तत्‍कालीन सरपंच एवं तत्‍कालीन सचिव के विरूद्ध प्राथमिकी दर्ज करना सुनिश्चित करेंगे?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ। परन्तु राशि रू. 2042280.00 (रूपये बीस लाख ब्यालीस हजार दो सौ अस्सी) की वित्तीय अनियमित्ता किये जाने के संबंध में जनपद पंचायत त्यौंथर द्वारा एफ.आई.आर. दर्ज किये जाने हेतु थाना सोहागी को लिखा गया है। (ख) जी नहीं, प्रश्नांकित दिनांक तक थाना सोहागी द्वारा प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई है। शीघ्र प्राथमिकी दर्ज कराये जाने के लिये मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत रीवा एवं पुलिस अधीक्षक रीवा को पत्र लिखा गया है। (ग) तत्कालीन सरपंच एवं सचिव के विरूद्ध म.प्र.पंचायतराज एवं ग्रामस्वराज अधिनियम 1993 की धारा 92 के तहत कार्यवाही हेतु जनपद पंचायत त्यौंथर के पत्र क्रमांक 257 दिनांक 29.03.2014 द्वारा अनुविभागीय अधिकारी राजस्व त्यौंथर को लेख किया गया है। प्रकरण अनुविभागीय अधिकारी त्यौंथर के यहां प्रचलित है। सचिव श्री अरविंद कुमार सिंह को कार्यालय जिला पंचायत रीवा के आदेश क्रमांक 1540 दिनांक 12.06.2014 द्वारा निलंबित किया गया। अपचारी सचिव से प्राप्त उत्तर के आधार पर कार्यालय जिला पंचायत के आदेश क्रमांक 3022 दिनांक 18.07.2014 द्वारा निलंबन से बहाल किया जाकर आदेश क्रमांक 3022-ए दिनांक 18.07.2014 द्वारा विभागीय जाँच संस्थित की गई। विभागीय जाँच प्रचलित है। जाँच पूर्ण होने पर जाँच निष्कर्ष अनुसार गुण-दोष के आधार पर कार्यवाही की जायेगी। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) उत्तर प्रश्नांश एवं अनुसार।

 

संस्‍था से सदस्‍यों के अवैध निष्‍कासन

34. ( क्र. 4595 ) श्री मधु भगत : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दिनांक 07/05/12 से प्रश्‍न दिनांक तक कामधेनु गृह निर्माण सहकारी समिति भोपाल डी.आर.बी. 296 के वर्तमान संचालक मण्‍डल द्वारा कुल कितने भूखण्‍ड किन-किन सदस्‍यों को विक्रय/पंजीकृत कराये हैं? सभी पंजीकृत भूखण्‍डों की जानकारी, सदस्‍यों के नाम तथा उनके द्वारा संस्‍था में जमा की गई राशि का संपूर्ण सदस्‍यतावार विवरण देवें? (ख) कामधेनु गृह निर्माण सहकारी समिति भोपाल में दिनांक 07/05/2012 से प्रश्‍न दिनांक तक किन-किन सदस्‍यों को संस्‍था की सदस्‍यता से निष्‍कासित किया गया हैं? कृपया समस्‍त निष्‍कासित सदस्‍यों की सूची, उनके निष्‍कासन के कारणों तथा संचालक मण्‍डल की बैठकों में इस बाबत् लिए गए निर्णयों के संपूर्ण विवरण सदस्‍यतावार देवें? (ग) कामधेनु गृह निर्माण सहकारी समिति भोपाल में दिनांक 07/05/12 से प्रश्‍न दिनांक तक किन-किन व्‍यक्तियों को नए सदस्‍य बनाये गये है? सदस्‍यों द्वारा संस्‍था में जमा की गई राशि के साथ संपूर्ण विवरण सदस्‍यतावार देवें? (घ) दिनांक 11 मार्च 2015 को अतारांकित प्रश्‍न क्रमांक 3991 के प्रश्‍नांश (ग) एवं (घ) की विभाग द्वारा जाँच का हवाला दिया गया था? उक्‍त जाँच किसके द्वारा की गई? जाँच अधिकारी का नाम, पद एवं जाँच प्रतिवेदन तथा उक्‍त जाँच प्रतिवेदन पर विभाग द्वारा की गई कार्यवाही का संपूर्ण विवरण देवें?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) कामधेनु गृह निर्माण सहकारी समिति मर्यादित भोपाल द्वारा प्रश्नांकित जानकारी उपलब्ध नहीं कराये जाने के कारण सहकारी अधिनियम की धारा 57 के अंतर्गत रिकार्ड जब्त करने हेतु आदेश एवं सहकारी अधिनियम की धारा 56 (3) के अंतर्गत कार्यवाही हेतु कारण बताओं सूचना पत्र जारी किये गये है। (ख) एवं (ग) उत्तरांश अनुसार। (घ) जी हाँ, उक्त जाँच श्री विनोद कुमार गुप्ता, वरिष्ठ सहकारी निरीक्षक द्वारा की गई है जाँच प्रतिवेदन की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। जाँच प्रतिवेदन अनुसार कोई कार्यवाही अपेक्षित नहीं थी, किन्तु माननीय उच्च न्यायालय द्वारा याचिका क्रमांक 6318/2015 में पारित निर्णय दिनांक 01.05.2015 के अनुपालन में याचिकाकर्ता श्री एम.एल. गौड़ द्वारा की गई शिकायतों में प्रश्नांश का बिन्दु भी सम्मिलित होने से उक्त जाँच संयुक्त आयुक्त, सहकारिता भोपाल संभाग, भोपाल द्वारा की जा रही है।

मुख्‍य कार्यपालन अधिकारियों के विरूद्ध शिकायत

35. ( क्र. 4623 ) श्री कैलाश चावला : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मंदसौर जिले में कितने मुख्‍य कार्यपालन अधिकारियों के विरूद्ध नियमों के विपरीत (फर्जी) नियुक्तियां देने की शिकायत मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत/कलेक्‍टर मंदसौर को वर्ष 2014-15 में प्राप्‍त हुई? (ख) उक्‍त शिकायतों की जाँच में क्‍या निष्‍कर्ष पाये गये व क्‍या कार्यवाही की गई?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) वर्ष 2014-2015 में शिकायत प्राप्त न होने से उत्तर निरंक है। (ख) प्रश्नांश '' के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता।

पटवारी हल्‍का क्र. 77 खसरा क्रमांक 280 सागर

36. ( क्र. 4966 ) श्री आर.डी. प्रजापति : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) पटवारी हल्‍का नं. 77, खसरा क्रमांक 280, रकबा 0.37 डिसमिल जिला सागर में किसके नाम दर्ज हैं? (ख) यदि हाँ, तो क्‍या उक्‍त जमीन वास्‍तविक कब्‍जाधारी व्‍यक्ति काबिज है या नहीं? यदि नहीं, तो कारण सहित बतावें? (ग) यदि नहीं, तो संबंधित व्‍यक्ति को कब्‍जा न दिलाने में कौन दोषी है? (घ) क्‍या उक्‍त जमीन विक्रय की गयी है? यदि हाँ, तो कब व किसके नाम, पता सहित जानकारी उपलब्‍ध करावें?

राजस्व मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) सागर जिले में कुल 11 तहसील हैं। तहसील सागर एवं तहसील बण्डा में ही पटवारी हल्का नं. 77 खसरा क्रमांक 280 है, अन्य किसी तहसील में प्रश्नाधीन पटवारी हल्का नं. स्थित नहीं है। तहसील सागर के पटवारी हल्का नं. 77 बहेरिया गदगद स्थित खसरा नं. 280 रकबा 0.62 आरे की भूमि अनिलकुमार पिता बनारसी दास जिंदल निवासी 2640/198 ओमकार नगर, श्रीनगर दिल्ली के नाम पर दर्ज है। तहसील बण्डा के पटवारी हल्का नं. 77 खसरा नं. 280 रकबा 1.03 हे. की भूमि अनुरूद्ध प्रसाद पिता घासीराम के नाम पर दर्ज है। (ख) जी हाँ। (ग) उत्तरांश के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उद्भूत नहीं होता। (घ) जी नहीं।

दोषी अधिकारियों के विरूद्ध दण्‍डात्‍मक कार्यवाही

37. ( क्र. 5052 ) श्रीमती ऊषा चौधरी : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या जिला पंचायत सतना में पदस्‍थ अतिरिक्‍त मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी को स्‍वच्‍छ भारत मिशन के अंतर्गत प्रचार प्रसार सामग्री मुद्रण 30,04,281 रू. की वित्‍तीय अनियमितता किये जाने का दोषी माना गया है? यदि हाँ, तो अपचारी अधिकारी के विरूद्ध विभाग द्वारा आज दिनांक तक दण्‍डात्‍मक कार्यवाही क्‍यों नहीं की गई? क्‍या राज्‍य शासन में अपचारी अधिकारी के विरूद्ध कार्यवाही किये जाने की समय-सीमा निर्धारित की है? (ख) क्‍या अतिरिक्‍त मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सतना ने मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी की पदमुद्रा का दुरूपयोग करते हुए जिला पंचायत सतना के पत्र क्रमांक/जि.पं./2014/4041 दिनांक 20/02/2014 द्वारा सी.ई.ओ. समस्‍त जनपद पंचायत सतना को सौर ऊर्जा लैम्‍प (अक्षय ऊर्जा) खरीदने के लिए निर्देश देकर करोड़ों की खरीदी श्रीधर एनर्जी हाउस नं. 24 होशंगाबाद से कराई गई है? यदि हाँ, तो क्‍या उक्‍त निर्देश देने के अधिकार उन्‍हें राज्‍य शासन द्वारा दिया गया था? यदि नहीं, तो पद का दुरूपयोग माना जाकर दोषी मानते हुए उनके विरूद्ध कार्यवाही की जाएगी? यदि हाँ, तो कब तक? (ग) क्‍या अतिरिक्‍त मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी द्वारा सी.ई.ओ. जिला पंचायत को भ्रमित कर शासन के प्रतिबंध के बावजूद जिला पंचायत सतना के आदेश क्रमांक 1710 दिनांक 05/06/2015 द्वारा पुष्‍पेन्‍द्र नागर को लेखापाल, आदेश क्रमांक 1711 दिनांक 05/06/15 द्वारा अनिल कुमार शर्मा को सहायक मानचित्रकार तथा आदेश क्रमांक 2446 दिनांक 04/07/2015 द्वारा कमलेश सुमन को डाटा एन्‍ट्री ऑपरेटर के पद पर नियुक्ति दी गई है? यदि हाँ, तो क्‍या उक्‍त नियुक्ति नियम विरूद्ध किये जाने हेतु ए.सी.ई.ओ. को दोषी मानकर इनके विरूद्ध कार्यवाही की जावेगी? यदि हाँ, तो कब तक? (घ) प्रश्‍नांश (ख) में वर्णित सौर ऊर्जा लैम्‍प खरीदी में भण्‍डार क्रय नियम का पालन न किये जाने के कारण अतिरिक्‍त मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी, सी.ई.ओ. जनपद पंचायत समस्‍त सहित दोषी व्‍यक्तियों के विरूद्ध दण्‍डात्‍मक कार्यवाही कब तक की जावेगी तथा राशि की वसूली कब तक कर ली जावेगी?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ। अतिरिक्‍त मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत सतना को म.प्र.शासन, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के आदेश क्र. 565/250/22/वि-5/स्‍था./2016 दिनांक 16/02/2016 द्वारा निलंबित किया जाकर मुख्‍यालय जिला पंचायत भिण्‍ड नियत किया गया है तथा विभागीय जाँच प्रारंभ की गई है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) सतना जिले अंतर्गत सौर ऊर्जा लाईट क्रय में नियमों का पालन किया गया है अथवा नहीं की जाँच, राज्‍य स्‍तरीय समिति गठित कर की जा रही है। समिति की रिपोर्ट प्राप्‍त होने पर नियमानुसार आवश्‍यक कार्यवाही की जावेगी। (ग) जी नहीं। युक्तियुक्‍तकरण किया गया है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) उत्‍तरांश अनुसार।

फसल अनावरी (तुजर्बा) के मापदण्‍ड

38. ( क्र. 5099 ) डॉ. योगेन्‍द्र निर्मल : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) म.प्र. में राजस्‍व विभाग द्वारा फसल आनावारी (तुजर्बा) का मापदण्‍ड किस आधार पर किया जाता हैं एवं उक्‍त नीति क्‍या राजा टोण्‍डरमल के समय से विभाग द्वारा लागू की गयी है? (ख) उक्‍त नियमों में शासन द्वारा कब-कब संशोधन किया गया है एवं किन-किन नियमों में संशोधन किया गया है? (ग) क्‍या वर्तमान में फसल आनावारी में धान के अनावरी 7 क्विंटल प्रति एकड़ उत्‍पादन को 100 प्रतिशत उत्‍पादन माना जाता है? यदि हाँ, तो क्‍या वर्तमान में धान का जीके में कृषि विभाग द्वारा कितना औसत उत्‍पादन माना गया है? (घ) क्‍या शासन स्‍तर पर फसल आनावारी मापदण्‍ड नीति में वर्तमान फसल उत्‍पादन को देखते हुए आनावारी नीति में परिवर्तन करने हेतु शासन स्‍तर पर विचार किया जा सकता है? यदि हाँ, तो कब तक?

राजस्व मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

सीमांकन प्रकरणों का निराकरण

39. ( क्र. 5106 ) डॉ. योगेन्‍द्र निर्मल : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र 112 अंतर्गत किन-किन ग्रामों में कितने हितग्राहियों के वर्ष 2012-13 से प्रश्‍न दिनांक तक सीमांकन तहसील कार्यालय में ल‍ंबित है? (ख) कितने सीमांकनों का निराकरण प्रश्‍न दिनांक तक नहीं किया गया है और क्‍यों? (ग) उक्‍त सीमांकन के संबंध में अधिकारी/कर्मचारी द्वारा उक्‍त सीमांकन का निराकरण कब तक करा लिया जावेगा?

राजस्व मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) तहसील वारासिवनी एवं खैरलांजी में कुल 23 सीमांकनों का निराकरण शेष है, लंबित सीमांकन आवेदन माह फरवरी 2016 के होने से निराकरण नहीं हो पाया है 15 दिवस में निराकरण कर लिया जावेगा। (ग) तहसीलदार वारासिवनी एवं खैरलांजी के कुल 23 सीमांकन प्रकरणों का निराकरण 15 दिवस के भीतर करा लिया जावेगा।

परिशिष्ट - ''चौदह ''

पंचायतकर्मी की शिकायत

40. ( क्र. 5188 ) श्री यादवेन्‍द्र सिंह : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शहडोल जिले के जनपद पंचायत सोहागपुर में फर्जी प्रस्‍ताव से मंगलेश्‍वर मिश्रा पंचायत कर्मी की नियुक्ति कब की गई थी, तथा नियुक्ति से संबंधित कब-कब, किस-किसके द्वारा शिकायत की गई है? शिकायतवार, कार्यवाहीवार विवरण दें? (ख) प्रश्‍नांश (क) के कर्मचारी द्वारा कब-कब, कितनी-कितनी राशि गबन की गई? उक्‍त में विभाग द्वारा क्‍या कार्यवाही की गई? बताएं? (ग) उक्‍त कर्मचारी के प्रकरण में माननीय उच्‍च न्‍यायालय के याचिका क्र. 10304/2014 में पारित आदेश दिनांक 10.09.2014 के परिपालन में क्‍या कार्यवाही की गई? (घ) प्रश्‍नांश (क) से (ग) के परिप्रेक्ष्‍य में कार्यवाही न करने के लिये कौन दोषी है और कब तक की जायेगी?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी नहीं, फर्जी प्रस्ताव से नियुक्ति नहीं की गई है। शहडोल जिले से प्राप्त जानकारी अनुसार जनपद पंचायत सोहागपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत जोधपुर में ग्राम पंचायत के वैध प्रस्ताव दिनांक 30.12.2010 द्वारा दिनांक 30.12.2010 को श्री मंगलेश्वर मिश्रा पंचायत कर्मी की नियुक्ति की गई थी तथा कलेक्टर शहडोल के आदेश क्रमांक 7459 दिनांक 24.12.2011 से ग्राम पंचायत जोधपुर का सचिव घोषित किया गया था। जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार। नियुक्ति से संबंधित प्राप्त शिकायत एवं कृत कार्यवाही की जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार। (ख) श्री मंगलेश्वर मिश्रा पंचायत सचिव द्वारा वित्तीय वर्ष 2012-13 से 2014-15 की अवधि में विभिन्न मद में कुल राशि रू. 1708871.00 की वित्तीय अनियमितता किये जाने के कारण कलेक्टर शहडोल के आदेश क्रमांक 1862 दिनांक 18.03.2016 द्वारा उसके सचिवीय अधिकार समाप्त किये गये हैं। (ग) मान. उच्च न्यायालय की याचिका क्रमांक 10304 (2014) में पारित आदेश दिनांक 10.09.2014 के संदर्भ में तीन सदस्यीय जाँच दल गठित कर जाँच प्रचलित है। जाँच प्रतिवेदन प्राप्त होने पर गुण-दोष के आधार पर नियमानुसार कार्यवाही की जायेगी। (घ) प्रश्नांश एवं के परिप्रेक्ष्य में कार्यवाही की जा चुकी है। प्रश्नांश के परिप्रेक्ष्य में जाँच प्रचलित है, जांचोपरांत नियमानुसार कार्यवाही की जायेगी। अतः प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - ''पंद्रह ''

 

वाटरशेड योजना के कार्य

41. ( क्र. 5225 ) श्रीमती इमरती देवी : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अशोकनगर जिले में वाटरशेड योजना में किन-किन गांवों में कितनी-कितनी लागत में क्‍या कार्य हुये तथा कितने कार्य चालू हैं? (ख) भविष्‍य में कौन-कौन से वाटरशेड कितनी लागत के कौन-कौन गांव में लेने की योजना है?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) ऐसी योजना नहीं है, क्योंकि भारत सरकार, ग्रामीण विकास मंत्रालय, भूमि संसाधन विभाग ने नवीन परियोजनायें स्वीकृत करने के बजाय पूर्व में स्वीकृत परियोजनाओं को प्राथमिकता पर पूर्ण करने के निर्देश जारी किये हैं।

जलाशयों के पट्टा आवंटन प्रक्रिया में अनियमितता

42. ( क्र. 5409 ) श्री मोती कश्यप : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या अशोकनगर जिला पंचायत की कृषि स्‍थायी समिति की बैठक दिनांक 18-08-2015 में किन्‍हीं विकासखण्‍डों के अधिकार क्षेत्र के किन्‍हीं हेक्‍टेयर से सिंचाई जलाशयों के पट्टे आवंटन में किन्‍हीं आवेदक समितियों में से किन्‍हीं समितियों के पट्टा आवंटन हेतु अनुमोदन किया गया है? (ख) क्‍या प्रश्‍नांश (क) जलाशयों में मत्‍स्‍यपालन की मछुआ कल्‍याण एवं मत्‍स्‍य विकास विभाग की कोई नीति प्रभावशील है और उसमें किन्‍हीं जाति/वर्ग के मछुआ को वरीयता व प्राथमिकता प्रदान की गई है और क्‍या उन जाति/वर्ग की पंजीयत मछुआ सहकारी समितियों को वरीयता व प्राथमिकता प्रदान की गई है? नहीं, तो कारण दर्शायें? (ग) क्‍या त्रिस्‍तरीय पंचायतराज अधिनियम और प्रश्‍नांश (क) नीति अनुसार जनपद पंचायतों के अधिकार क्षेत्र के जलाशयों पर जिला पंचायत की कृषि स्‍थायी समिति द्वारा पट्टा आवंटन का अनुमोदन करना जनपद पंचायतों के अधिकारों का अतिक्रमण करना तथा अधिनियम का उल्‍लंघन करना सिद्ध करता है और जो निरस्‍त किये जाने योग्‍य है? (घ) क्‍या प्रश्‍नांश (क) कार्यवाही को निरस्‍त कर प्रश्‍नांश (ख) नीति के अंतर्गत एक निर्धारित अवधि में जनपद पंचायतों की कृषि स्‍थायी समितियों से अनुमोदित कराया जावेगा और सक्षम अधिकारी से आदेश जारी कराकर अनुबंध निष्‍पादित कराया जावेगा?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) सहायक संचालक,मत्स्योद्योग अशोकनगर ने अपने पत्र क्र./74/संसम/वि.स./2015-16 अशोकनगर दिनांक 16.03.2016 के तहत् अवगत कराया है कि अशोकनगर जिला पंचायत की कृषि स्थायी समिति की बैठक दिनांक 18.08.2015 में निम्न समितियों के पट्टा आवंटन का अनुमोदन किया गया हैः-1.अमाही जलाशय-मांझी मछुआ सहकारी समिति मर्या. अशोकनगर। 2. कौचा जलाशय-केवट मांझी मछुआ सहकारी समिति कुम्हर्रा वि.खं. मुगावली। 3. साजन महू- प्रस्तावित आदिवासी मछुआ सहकारी समिति साजन महू वि.खं. मुगावली। 4.ढाकोनी जलाशय-मछुआ सहकारी समिति मर्या. ढकोनी वि.खं. ईसागढ़। 5.ज्माखेड़ी जलाशय-प्रस्तावित रायमीन मछुआ सहकारी समिति बरखेड़ा हेमराज वि.खं. अशोकनगर। 6.मौला जलाशय- प्रस्तावित आदिवासी मछुआ सहकारी समिति जसैया वि.खं. मुगावली। (ख) जलाशयों के प्रश्नांश पट्टा आवंटन में मत्स्य विभाग के नियम निर्देश अनुसार वरीयता प्रदान की गई। (ग) प्रश्नांश एवं के जलाशयों के पट्टा आवंटन की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है, जिला पंचायत अशोकनगर अधिकार क्षेत्र के उपरोक्त सिंचाई जलाशयों को लीज पर देने की अनुमति हेतु प्रस्ताव पत्र क्र./9459/मत्स्य/2015-16, दिनांक 11.12.2015 भेजा गया। आयुक्त ग्वालियर के पत्र क्रमांक/क्यू./विकास/सामान्य/30/ मत्स्य/पट्टा/2015/292 ग्वालियर, दिनांक 12.01.2016 द्वारा जिला पंचायत अशोकनगर के द्वारा चाहे गये अनुमोदन को अमान्य कर पुनः यथाशीघ्र स्वीकृति योग्य अनुमोदन ठहराव प्रस्ताव अभिमत सहित भेजने के निर्देश दिये गये है, जिसमें अगामी कार्यवाही जिला पंचायत अशोकनगर द्वारा की जा रही है। (घ) प्रश्नांश एवं से संबंधित कार्यवाही जिला पंचायत अशोकनगर द्वारा कराई जाकर अनुबंध निष्पादन की कार्यवाही जारी कराकर अनुबंध निष्पादित कराया जावेगा।

कम्‍प्‍यूटर खरीदी में अनियमितता

43. ( क्र. 5576 ) श्री अनिल फिरोजिया : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला सहकारी केन्‍द्रीय बैंक मर्यादित उज्‍जैन द्वारा वर्ष 2012-13, 13-14 एवं 14-15 में कितने कम्‍प्‍यूटर किस दिनांक को किस एजेन्‍सी के माध्‍यम से क्रय किये गये? क्‍या उक्‍त खरीदी हेतु कोई विज्ञप्ति जारी की गई थी? यदि हाँ, तो किस-किस समाचार पत्र में? (ख) क्‍या उक्‍त कम्‍प्‍यूटर क्रय करने हेतु किसी तकनीकी विशेषज्ञ की सलाह ली गई थी? यदि नहीं, तो क्‍यों? (ग) क्‍या क्रय किये गये कम्‍प्‍यूटर की गुणवत्‍ता एवं बाजार मूल्‍य का सत्‍यापन कराया गया? यदि नहीं, तो क्‍यों? (घ) क्‍या उक्‍त खरीदी की जाँच कराई जाकर दोषियों के विरूद्ध कोई कार्यवाही की जावेगी? यदि हाँ, तो कब तक?
पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। जी नहीं। शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ख) जी नहीं। बैंक द्वारा बताया गया, कि कम्प्यूटर नाबार्ड द्वारा दिये गये स्पेसिफिकेशन के अनुसार क्रय किये गये। प्रकरण में जाँच आदेशित की गई। शेष जाँच निष्कर्षाधीन। (ग) जी नहीं। प्रकरण में जाँच आदेशित की गई। शेष जाँच निष्कर्षाधीन। (घ) उत्तरांश एवं अनुसार जाँच आदेशित की गई है। शेष जाँच निष्कर्षाधीन समयावधि बताया जाना संभव नहीं है।

परिशिष्ट - ''सोलह ''

कोष एवं लेखा विभाग में L.D.C. के पद पर फर्जी पदोन्‍नति

44. ( क्र. 5587 ) एडवोकेट सत्‍यप्रकाश सखवार : क्या परिवहन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या श्री मुन्‍ना लाल बंसल नि. मोतीमहल गांधी बाजार विजयपुर ने शासन को श्री दिनेश बाथम उप संचालक कोष एवं लेखा ग्‍वालियर के L.D.C. पद पर पदोन्‍नति फर्जी होने की जाँच कराने के संबंध में शिकायत की थी? यदि हाँ, तो इस शिकायत के आधार पर म.प्र. शासन जनशिकायत निवारण विभाग ने PG/438771/2013/NA द्वारा आयुक्‍त कोष एवं लेखा को पत्र लिखा था इस पी.जी. कोड में प्राप्‍ती दिनांक 06.04.2013 लिखा था? (ख) क्‍या इस PG/438771/2013/NA की जाँच रिपोर्ट शिकायतकर्ता श्री बंसल को आज तक नहीं दी गई है ऐसा क्‍यों? (ग) क्‍या जाँच रिपोर्ट शिकायतकर्ता को प्रदाय नहीं करने से ऐसा प्रतीत नहीं हो रहा है कि उक्‍त फर्जी पदोन्‍नति के प्रकरण को रफा-दफा करने में बड़े-बड़े अधिकारी का ही हाथ है? यदि ऐसा नहीं है तो शिकायतकर्ता को एवं प्रश्‍नकर्ता को कब तक प्रश्‍नांश (क) में वर्णित अधिकारी के फर्जी पदों की जाँच रिपोर्ट प्रदाय कर दी जावेगी?

परिवहन मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) से (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही हैं।

दुकानों की नीलामी

45. ( क्र. 5588 ) एडवोकेट सत्‍यप्रकाश सखवार : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या कृषि उपज मण्‍डी समिति अम्‍बाह द्वारा अगस्‍त/सितम्‍बर 2012 में करोली माता रोड की तरफ दुकानों की नीलामी बोली लगवाई थी? यदि हाँ, तो किस-किस व्‍यक्ति को कौन से नंबर की दुकान कितनी राशि पर नीलाम की गई थी? (ख) नीलामी बोली किन-किन अधिकारियों की उपस्थिति में किस दिनांक को लगवाई गई थी? क्‍या नीलामी बोली समाप्‍त होने के बाद एक अधिकारी बोली से संबंधित कागजों पर हस्‍ताक्षर किये बगैर चले गये थे तथा अंत में उक्‍त नीलामी निरस्‍त करवा दी गई थी? यदि हाँ, तो शासन ऐसे अधिकारी को चिन्हित कर, कब तक उनके विरूद्ध कार्यवाही करेगा? यदि नहीं, तो क्‍यों? (ग) क्‍या शासन वर्ष 2012 में नीलाम की गई उक्‍त दुकानों को बोलीधारकों को दुकानें दिलवाने की कार्यवाही करेगा, यदि हाँ, तो कब तक, नहीं तो क्‍यों?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) जी नहीं। मंडी समिति अम्बाह द्वारा माह अगस्त/सितम्बर 2012 में करोली माता रोड की तरफ दुकानों की नीलामी बोली नहीं लगवाई गयी थी। शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) मंडी समिति अम्बाह में प्रश्नांक-क में उल्लेखित माह अगस्त, सितंबर 2012 अनुसार दुकानों की नीलामी नहीं की जाने से किसी अधिकारी को चिन्हित कर उसके विरूद्ध कार्यवाही करने का प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता। (ग) प्रश्नांश-क अनुसार दुकानों की नीलामी की कार्यवाही नहीं होने से बोलीधारकों को दुकान दिये जाने का प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता।

सहकारी समितियों के ऑडिट में अनियमितता

46. ( क्र. 5718 ) श्री कुँवरजी कोठार : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या सह‍कारी समितियों के आय व्‍यय के ऑडिट करने के नियम है? यदि हाँ, तो कितने वर्ष के अंतराल से सहकारी समिति का ऑडिट किया जाता है? (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार जिला राजगढ़ में पंजीकृत सहकारी समितियों में से वर्ष 2013-14 एवं वर्ष 2014-15 में कितनी समितियों का अंकेक्षण किया गया तथा कितनी समितियां अंकेक्षण हेतु शेष है वर्गवार अंकेक्षण की जानकारी देवें (ग) प्रश्‍नांश (ख) अनुसार की गई ऑडिट रिपोर्ट में ली गई आपत्तियों का निराकरण किया गया है? यदि नहीं, तो शेष रही आपत्तियों का निराकरण कब तक कर लिया जावेगा? (घ) क्‍या राजगढ़ जिले की जिन सहकारी समितियों का पिछले 5 वर्षों से आज दिनांक तक ऑडिट नहीं कराया गया हो तो उन समितियों में कार्यरत कर्मचारियों के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की जावेगी?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ, मध्यप्रदेश सहकारी सोसाइटी अधिनियम 1960 की धारा 58 के तहत सहकारी संस्‍थाओं की संपरीक्षा प्रति वर्ष करायें जाने का प्रावधान है। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) ऑडिट रिपोर्ट में ली गई आपत्तियों का निराकरण समय-समय पर कराया जाता है, शेष आपत्तियों का निराकरण यथाशीघ्र करा लिया जावेगा, निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं। (घ) जी हाँ। जिले में पाँच से अधिक वर्षों से अंकेक्षण नहीं कराने वाली कुल 20 संस्थाओं में से पाँच सहकारी संस्थाओं के कर्मचारियों के विरूद्ध ऑडिट नहीं करायें जाने के कारण मध्यप्रदेश सहकारी सोसाइटी अधिनियम 1960 की धारा 56 (3) के तहत सूचना पत्र जारी किया गया है, शेष संस्थाओं पर भी कार्यवाही की जावेगी।

परिशिष्ट ''सत्रह''

निर्माण कार्य में अनियमितता की जाँच

47. ( क्र. 5719 ) श्री कुँवरजी कोठार : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या राजगढ़ जिले की विधान सभा क्षेत्र सारंगपुर अंतर्गत कार्यरत कृषि उपज मण्‍डी सारंगपुर, पचोर एवं उपमण्डियों में वर्ष 2013-14 से प्रश्‍न दिनांक तक विभिन्‍न करों आदि से कितनी कितनी राजस्‍व आय प्राप्‍त हुई वर्षवार, मण्‍डीवार आय से अवगत करावें? (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार शासन द्वारा मण्‍डी निधि से किस-किस मण्‍डी में कौन-कौन से विकास कार्य किये गये वर्षवार, मण्‍डीवार, कार्यवार लागत राशि के विवरण से अवगत करावें? (ग) प्रश्‍नांश (ख) अनुसार उत्‍तर में दर्शित कार्यों की भौतिक एवं वित्‍तीय स्थिति तथा उनके निर्माण एजेंसी के विवरण तथा कार्यपूर्ण करने की वास्‍तविक तिथि से अवगत करावें? (घ) प्रश्‍नांश (ग) में विलंब से कार्य पूर्ण करने वाले निर्माण एजेंसी के विरूद्ध क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ख) एवं (ग) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। (घ) प्रश्नांश (ग) अनुसार निर्माण कार्य समय-सीमा में कराये गये है। अत: एजेंसी के विरूद्ध कार्यवाही नहीं की गई।

परिशिष्ट - ''अठारह ''

परिवहन विभाग द्वारा जनता के हो रहे शोषण

48. ( क्र. 5731 ) श्री मधु भगत : क्या परिवहन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता के परि. अता. प्रश्‍न संख्‍या-3 (क्रमांक 408), दिनांक 07.12.2015 के प्रश्‍नांश (क) में पूछा गया था कि बालाघाट सिवनी, आर.टी.ओ. कार्यालय के अन्‍तर्गत पिछले 2 वर्षों में कितनी शिकायतें जिला स्‍तर आयुक्‍त स्‍तर तथा शासन स्‍तर पर प्राप्‍त हुई उन पर क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई जिसके उत्‍तर में विभाग द्वारा मात्र कर्मचारियों से संबंधित शिकायतों का दिया गया है जबकि प्रश्‍न में मेरा आशय मात्र कर्मचारियों तक ही सिमित न होकर सभी प्रकार की शिकायतों से संबंधित था, अत: अपूर्ण एवं भ्रामक उत्‍तर क्‍यों दिया गया? क्‍या शासन स्‍तर पर, आयुक्‍त स्‍तर (विभागाध्‍यक्ष) पर, उक्‍त जिलों से संबंधित कोई भी शिकायत/प्रकरण विचाराधीन नहीं है? क्‍या किसी प्रकार की शिकायत/आपत्तियां प्राप्‍त नहीं हुई थी? (ख) उक्‍त जिले में वर्ष 2014-15 में पदस्‍थ कार्यपालिक, अधिकारियों/कर्मचारियों ने राजस्‍व वृद्धि शासन के निर्देशों का पालन, जनता को सुविधाएं उसकी सुरक्षा, निर्धारित किराया राशि लिये जाने हेतु कहाँ-कहाँ के दौरे, निरीक्षण कब-कब किये? (ग) भ्रामक अपूर्ण उत्‍तर के लिये कौन जिम्‍मेदार है? नाम, पद तथा प्रस्‍तावित कार्यवाही बतायें?

परिवहन मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) मान. विधायक महोदय के पूर्व प्रश्न क्रमांक-408 में बालाघाट व सिवनी आर.टी.ओ. कार्यालय के अंतर्गत उल्लेख होने से उक्त प्रश्न की जानकारी कर्मचारियों से संबंधित प्रतीत होने के आशय अनुसार दृष्टिचूक के कारण दी गई थी। अपूर्ण एवं भ्रामक उत्तर दिये जाने का आशय बिल्कुल नहीं था। प्रश्नांश में उल्लेखित आशय अनुसार प्राप्त शिकायतों का विवरण निम्नानुसार है :-

1. जिला परिवहन कार्यालय बालाघाट में प्राप्त शिकायतें :- (अ) कर्मचारियों से संबंधित शिकायत-06, (ब) सी.एम. हेल्प लाइन की शिकायत-195, (स) जन सुनवाई में प्राप्त शिकायत-06, (द) अन्य शिकायतें-05  2. जिला परिवहन कार्यालय सिवनी में प्राप्त शिकायतें :-(अ) कर्मचारियों से संबंधित शिकायत-01, (ब) सी.एम. हेल्प लाइन की शिकायत-103, (स) जन सुनवाई में प्राप्त शिकायत - 08 (द) अन्य शिकायतें-02  शासन स्तर/परिवहन आयुक्त स्तर पर प्राप्त 08 शिकायतों में से दो शिकायतें निराकृत की गई है। शेष 06 शिकायतों पर जाँच की कार्यवाही प्रचलित है। (ख) बालाघाट जिले में वर्ष 2014-15 में विभिन्न दिनांकों को पदस्थ कार्यपालिक अधिकारियों/कर्मचारियों ने लालबर्रा, कनकी, बालाघाट नगर क्षेत्र, बोलेगाँव, बेहरई, गर्रा, सरेखा, रूपझर, बैहर रोड, बीजाटोला, बैहर, पौडी, मलाजखण्ड, बिरसा तथा अन्य स्थानों को दौरा किया गया है। वाहनों के जब्ती पत्रक की छायाप्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। सिवनी जिले में वर्ष 2014-15 में पदस्थ कार्यपालिक अधिकारियों/कर्मचारियों द्वारा भोमा कान्हीवाडा पलारी केवलारी सिवनी क्षेत्र तथा अन्य स्थानों का दौरा किया गया है। शेषांश की जानकारी संकलित की जा रही है। (ग) जाँच कराई जा रही है। जाँचोंपरांत विधि अनुसार आगामी आवश्यक कार्यवाही की जायेगी।

सुखे से प्रभावित कृषकों प्रदान की जाने वाली आर्थिक अनुदान

49. ( क्र. 5744 ) श्री महेन्‍द्र सिंह : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र गुनौर अंतर्गत वर्तमान कृषि वर्ष 2015-16 में कितने खाताधारी है? ग्रामवार बतावें। वर्ष 2015-16 में सूखा से प्रभावित रकबा व स्‍वीकृत आर्थिक अनुदान सहायता राशि ग्रामवार कृषकवार बतावें? आर्थिक अनुदान सहायता राशि प्राप्‍त करने हेतु कितने कृषक शेष है? (ख) क्‍या पटवारियों द्वारा कुछ किसानों से पैसा लेकर मनमानी आर्थिक अनुदान सहायता राशि के प्रकरण तैयार किये गये हैं तथा जिन किसानों द्वारा फसल नहीं बोई गई थी उन्‍हें भी आपदा राशि दी गई? क्‍या जाँच व सर्वे पुन: कराया जाकर जो किसान आर्थिक अनुदान सहायता राशि से वंचित रह गये हैं उन्‍हें मुआवजा दिया जायेगा? (ग) क्‍या किसानों के खाते अन्‍य बैंक होने के बाद भी सहकारी बैंक को सूखा राहत राशि दी गई तथा किसानों से कहा जा रहा है कि सहकारी बैंक में खाता खोलें तभी राशि दी जावेगी? क्‍या सहकारी बैंक में खाता होना आवश्‍यक है? यदि हाँ, तो नियम बतावें? (घ) क्‍या शासन की मंशा अनुसार उक्‍त आपदा राशि शीघ्र किसानों के खातों में अंतरित की जानी चाहिये? जिन कृषकों के खातों में प्रश्‍न दिनांक तक राशि अंतरित नहीं की गई है उनके खातों में राशि कब तक अंतरित कर दी जावेगी? क्‍या आज दिनांक तक राशि अंतरित न करने वाले अधिकारियों के विरूद्ध कार्यवाही की जावेगी? यदि हाँ, तो कब तक बतावें?

राजस्व मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

घटिया आंगनवाड़ी और सड़क निर्माण

50. ( क्र. 5756 ) श्री हर्ष यादव : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला रायसेन तहसील सिलवानी में वर्ष 2013-14 एवं 2014-15 में ग्रामीण यांत्रिकी सेवा अंतर्गत मुख्‍यमंत्री ग्राम सड़क योजना से निर्मित घटिया-अमानक सड़कों के संबंध में स्‍थानीय जनप्रतिनिधियों सहित अन्‍य स्‍त्रोतों से प्राप्‍त शिकायतों का ब्‍यौरा दें? (ख) प्रश्‍नांश (क) अंतर्गत किन शिकायतों की जाँच कराई गई, किनकी नहीं? जाँच हुई तो रिपोर्ट की प्रति दें एवं दोषियों के खिलाफ कार्यवाही/वसूली का ब्‍यौरा दें? जाँच नहीं हुई तो क्‍यों? (ग) प्रश्‍नाधीन अवधि में जिला रायसेन की तहसील सिलवनी अंतर्गत ग्रामीण यांत्रिकी सेवा को ग्राम पंचायतों में आंगनवाड़ी भवन निर्माण के लिये शासन से कितनी राशि किस-किस स्‍थान पर भवन निर्माण हेतु शासन से प्राप्‍त हुई? कहाँ-कहाँ भवन निर्माण किया गया? (घ) प्रश्‍नांश (ग) अतंर्गत प्राप्‍त राशि के विरूद्ध कहाँ-कहाँ भवन निर्माण नहीं हुआ? कहाँ पर कितनी राशि शेष है? कितनी राशि मनमर्जी से अन्‍य मदों पर खर्च कर दी गई? दोषियों के नाम व पद बतावें? इनसे वसूली कब तक की जावेगी? नहीं तो कारण बतावें? निर्माण कब प्रारंभ होगा?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ख) उत्तरांश (क) अंतर्गत सभी शिकायतों की जाँच कराई गई। जाँच प्रतिवेदन की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। शेष विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। जाँच कराई गई अत: प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) प्रश्‍नाधीन अवधि में जिला रायसेन के तहसील सिलवानी अंतर्गत ग्रामीण यांत्रिकी सेवा को आंगनबाड़ी भवन निर्माण हेतु राशि प्राप्‍त नहीं होने से आंगनबाड़ी भवन का निर्माण कार्य नहीं कराया गया है। (घ) उत्तरांश (ग) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उत्‍पन्‍न नहीं होता है।

साधारण सभा की अवहेलना

51. ( क्र. 5757 ) श्री हर्ष यादव : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या ग्राम पंचायत सरपंच को यह अधिकार प्राप्‍त है कि वह ग्राम पंचायत की साधारण सभा में सर्वसम्‍मति से पारित प्रस्‍ताव को स्‍वेच्‍छा से वापस ले सके? क्‍या सरपंच उस प्रस्‍ताव का पालन करने के लिये अबाध्‍य है? इसके विपरीत कार्य करने हेतु किस विधि द्वारा सरपंच को प्रतिपुष्‍ट किया गया है? (ख) क्‍या जिला रायसेन अंतर्गत ग्राम पंचायत कुचवाड़ा के ग्राम रोजगार सहायक को स्‍वेच्‍छाचारिता, अनुशासनहीनता, कर्तव्‍य में लापरवाही के चलते माह सितम्‍बर-अक्‍टूबर 2014 में सेवा से पृथक करने का निर्णय साधारण सभा में लिया गया था? पारित प्रस्‍ताव की प्रति दें? (ग) क्‍या इस मामले की शिकायत वि‍भिन्‍न स्‍तरों पर होने के बावजूद आज तक उक्‍त कर्मचारी को सेवा से पृथक नहीं किया गया? (घ) साधारण सभा के आदेश का पालन कब तक कराया जावेगा? समय-सीमा बतावें? साधारण सभा का प्रस्‍ताव अपालन किन स्‍तरों पर हुआ है?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी नहीं। सरपंच साधारण सभा में सर्वसम्मति से पारित प्रस्ताव का पालन करने हेतु बाध्य है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) जी हाँ। पारित प्रस्ताव की प्रति जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार। (ग) मामले में प्राप्त शिकायत असत्य पाये जाने के कारण सेवा से पृथक नहीं किया गया है। (घ) उत्तरांश अनुसार प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

सड़कों का गुणवत्‍ता परीक्षण

52. ( क्र. 5786 ) श्री विष्‍णु खत्री : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र बैरसिया वित्‍तीय वर्ष 2010-11 से प्रश्‍नांश दिनांक तक कितने मार्ग प्रधानमंत्री सड़क योजनांतर्गत निर्मित किये गये हैं वर्षवार, मार्गवार, दूरी सहित सूची उपलब्‍ध करायें? (ख) प्रश्‍नांश (क) में दर्शित मार्गों में से बेरावल से भाटनी मार्ग का गुणवत्‍ता परीक्षण किस एजेन्‍सी के माध्‍यम से किस अधिकारी द्वारा किया गया है? क्‍या विभाग उक्‍त मार्ग की गुणवत्‍ता से संतुष्‍ट है? (ग) प्रश्‍नांश (क) में दर्शित मार्गों का गुणवत्‍ता परीक्षण किस-किस एजेन्‍सी के कौन-कौन से अधिकारियों के माध्‍यम से किया गया है? मार्गवार, अधिकारीवार नाम सहित सूची उपलब्‍ध करावें? (घ) प्रश्‍नांश (क) में दर्शित मार्गों का गुणवत्‍ता परीक्षण नहीं हुआ है, तो ऐसे मार्गों के गुणवत्‍ता परीक्षण के लिये विभाग क्‍या कार्यवाही करेगा?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) विधानसभा क्षेत्र बैरसिया में वित्तीय वर्ष 2010-11 से प्रश्न दिनांक तक 08 सड़कें प्रधानमंत्री सड़क योजनांतर्गत निर्मित की गई हैं। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ख) प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजनांतर्गत बेरावल से भाटनी सड़क का निर्माण कार्य प्रगति पर है। अतः उक्त मार्ग उत्तरांश (क) में दर्शित नहीं है। इस सड़क का गुणवत्ता परीक्षण करने वाले एन.क्यू.एम./एस.क्यू.एम./इकाई के अधिकारियों/एस.क्यू.सी. के टीम लीडर की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। उक्त सड़क के भुगतान किये गये कार्य की गुणवत्ता संतोषप्रद है। (ग) उत्तरांश (क) में दर्शित सड़कों की गुणवत्ता परीक्षण करने वाले विभाग के वरिष्ठ अधिकारी/एन.क्यू.एम/एस.क्यू.एम./इकाई के अधिकारी/एस.क्यू.सी. के टीम लीडर की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-स अनुसार है। (घ) उत्तरांश (ग) के प्रकाश में सभी सड़कों का गुणवत्ता परीक्षण किया गया है अतः प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।

कपिलधारा कूप निर्माण में फर्जी भुगतान

53. ( क्र. 5867 ) श्री आर.डी. प्रजापति : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या छतरपुर जिले की ग्राम पंचायत परापट्टी के कपिल धारा कूपन के निर्माण के मस्‍टर रोल की संख्‍या क्रमांक 259 के क्रमांक 2 पर नीलम पत्‍नी चरन सिंह का नाम अंकित है। यदि हाँ, तो श्रीमती नीलम सिंह शिक्षक होने के बावजूद किसकी लापरवाही से मस्‍टर रोल में उनका नाम अंकित किया गया? (ख) क्‍या कोई ग्राम पंचायत परापट्टी के मस्‍टर रोल संख्‍या 289 एवं 338 के क्रमांक 4 पर श्रीमती नीलम सिंह का नाम दर्ज है। यदि हाँ,तो उसकी राशि का भुगतान किसने प्राप्‍त किया? (ग) ग्राम पंचायत परापट्टी के आंगनबाड़ी केन्‍द्र क्रमांक 01 में पदस्‍थ श्रीमती रामा आंगनबाड़ी सहायिका के रूप में पदस्‍थ हैं। यदि हाँ, तो राजीव गांधी सेवा केन्‍द्र परापट्टी के निर्माण कार्य के मस्‍टर रोल संख्‍या 442 के क्रमांक 21 में जिस श्रीमती रामा का नाम दर्ज है वह कौन सी महिला है तथा इसका भुगतान किसने प्राप्‍त किया है? (घ) यदि प्रश्‍नांश (क), (ख) एवं (ग) का उत्‍तर हां है तो इस गंभीर आर्थिक अनियमितता के लिए कौन जिम्‍मेदार है तथा उनके विरूद्ध क्‍या एवं कब तक कार्यवाही की जावेगी?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ। श्रीमती नीलम सिंह शिक्षक होने के बावजूद निर्माण एजेन्सी ग्राम पंचायत सरपंच एवं सचिव की लापरवाही से उनका मस्टर रोल में नाम अंकित किया गया है। (ख) ग्राम पंचायत परापट्टी के मस्टर रोल संख्या 289 जारी नहीं हुआ है। मस्टर रोल 338 के क्रमांक 4 पर श्रीमती नीलम सिंह का नाम दर्ज है। उक्त राशि का भुगतान नीलम सिंह के पति श्री चरन सिंह के खाते में किया गया है। (ग) जी हाँ। कार्य की मजदूरी का भुगतान श्रीमती रामा के पुत्र श्री लखन विश्वकर्मा के खाते में किया गया है। (घ) प्रश्नांश (क), (ख) एवं (ग) में उल्लेखित अनियमितताओं के लिये ग्राम पंचायत परापट्टी के सरपंच एवं सचिव जिम्मेदार है। उक्त कारणों से श्री रवि कुमार मलिक, सचिव ग्राम पंचायत परापट्टी को निलंबित किया गया है तथा श्री मोती चढार, सरपंच ग्राम पंचायत परापट्टी के विरूद्ध पंचायतराज अधिनियम 1993 की धारा 40 के तहत पद से पृथक किये जोन हेतु प्रकरण सक्षम प्राधिकारी को प्रस्तुत किया गया है।

 

कृषकों को अनुदान वितरण

54. ( क्र. 5868 ) श्री आर.डी. प्रजापति : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सागर संभाग के अतंर्गत छतरपुर जिले एवं टीकमगढ़ जिले में बीज उत्‍पादन कार्यक्रम के लिए म.प्र. राज्‍य बीज प्रमाणीकरण संस्‍था में कितनी बीज उत्‍पादक संस्‍थाएं पंजीकृत/कार्यरत् है। (ख) वर्ष 2012-13 से 2014-15 एवं 2015-16 तक सीजनवार लिये गये बीज उत्‍पादन कार्यक्रम के अतंर्गत पंजीकृत कृषकों में से कितने कृषकों को कृषि विभाग द्वारा अनुदान वितरण किया गया? (ग) क्‍या कृषि विभाग द्वारा सीधे कृषकों के खाते में अनुदान की राशि नहीं दी जाती है? यदि हाँ, तो वो संबंधित अधिकारी के विरूद्ध कार्यवाही की गई? (घ) कृषकों को वितरित अनुदान राशि की संख्‍यात्‍मक जानकारी दोनों जिले की उपलब्‍ध करायें?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) सागर संभाग के अंतर्गत बीज उत्‍पादन कार्यक्रम के लिए म.प्र. राज्‍य बीज प्रमाणीकरण सस्‍था में छतरपुर जिले में 36 संस्‍थायें पंजीकृत जिसमें से 33 कार्यरत एवं टीकमगढ़ जिले में 90 संस्‍थायें पंजीकृत जिसमें से 78 कार्यरत है। (ख) वर्ष 2012-13 अंतर्गत मात्र रबी सीजन में लिये गये बीज उत्‍पादन कार्यक्रम के अंतर्गत पंजीकृत कृषकों में से जिला टीकमगढ़ में 111 कृषकों को तथा छतरपुर में 140 कृषकों को अनुदान वितरण किया गया है, जबकि वर्ष 2013-14 से 2015-16 तक की जानकारी निरंक है। (ग) म.प्र. शासन, किसान कल्‍याण तथा कृषि विकास विभाग, मंत्रालय, भोपाल द्वारा सीजनवार जारी आदेश एवं बीज उत्‍पादन अनुदान भुगतान प्रावधान संबंधी जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। जिलों द्वारा शासन के निर्देशानुसार कार्यवाही की गई है, अत: कार्यवाही का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता। (घ) वर्ष 2012-13 में जिला टीकमगढ़ में 111 कृषकों को राशि रूपये 52.14 लाख तथा छतरपुर में 140 कृषकों को राशि रूपये 60.01 लाख अनुदान का वितरण किया गया है जबकि वर्ष 2013-14 से 2015-16 तक की जानकारी निरंक है।

परिशिष्ट - ''उन्नीस ''

इंदौर जिले में लीज पर दी गई संपत्तियां

55. ( क्र. 5880 ) सुश्री उषा ठाकुर : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या शासन द्वारा विधानसभा क्षेत्र-3 इंदौर में कई संपत्तियां लीज पर दी हुई हैं? हाँ, तो (I) संपत्ति (II) किसे दी गई (III) कब से दी गई और कितने वर्षों के लिये (IV) क्‍या लीज अवधि समाप्‍त होने पर रिन्‍यू की गई अथवा नहीं? हाँ, तो रिन्‍यू कब तक के लिये (V) बदले में शासन को क्‍या मिला? (ख) क्‍या लीज डीड की शर्तों का कई स्‍थानों पर पालन नहीं हो रहा है और संपत्ति अन्‍य उपयोग में ली जा रही है? हाँ, तो किन-किन के द्वारा और उस पर 15.2.16 तक क्‍या कार्यवाही की गई? (ग) दिनांक 15.2.16 की स्थिति में लीज निरस्‍ती के कुल कितने प्रकरण विचाराधीन हैं और किन-किन में लीज निरस्‍ती के नोटिस दिये गये अथवा शासन के उच्‍च अधिकारियों को लिखा गया? (घ) लीज निरस्‍त करने के कौन-कौन से प्रकरण विभिन्‍न न्‍यायालयों में 15.2.16 की स्थिति में लंबित हैं और वे किस स्‍टेज पर है?

राजस्व मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

इंदौर जिले में मण्‍डी टैक्‍स से सड़क निर्माण

56. ( क्र. 5883 ) सुश्री उषा ठाकुर : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या इंदौर की मंडियों में विक्रय हेतु लाई गई कृषि उपज पर मूल्‍यांकन अनुसार 2% मंडी शुल्‍क लिया जाता है जिसका 50% भाग म.प्र. राज्‍य कृषि विपणन बोर्ड भोपाल भेजा जाता है और इसका 0.85 प्रतिशत किसान सड़क निधि के लिये आरक्षित रहता है? हाँ तो वित्‍त वर्ष 2011-12 से 2014-15 तक वर्षवार, मंडीवार प्राप्‍त राशि बतावें? इसमें से कितनी राशि बोर्ड को भेजी गई और कितनी राशि सड़क निर्माण हेतु रखी गई? 2011 से पहले की कितनी राशि बची हुई थी? (ख) इंदौर जिले में सड़क निर्माण कहाँ-कहाँ कब-कब हुआ और प्रत्‍येक में कितनी-कितनी राशि व्‍यय की गई? (ग) दिनांक 31.1.16 की स्थिति में मंडीवार कितनी-कितनी राशि 0.85% के हिसाब से सुरक्षित है? (घ) वित्‍त वर्ष 2016-17 में कितनी 0.85% वाली राशि अनुमानित प्राप्‍त होना है और कहाँ-कहाँ निर्माण कार्य प्रस्‍तावित है? उनकी लागत क्‍या होगी?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) जी हाँ। जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। निर्धारित 1 प्रतिशत राशि बोर्ड को भेजी गई, जिसमें किसान सड़क निधि की 0.85 प्रतिशत राशि सम्मिलित है। मंडी स्तर पर कोई राशि शेष नहीं है। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। (ग) बोर्ड स्तर पर 0.85 प्रतिशत राशि समस्त प्रदेश के लिये सम्मिलित रूप से जमा रहती है। जो म.प्र. कृषि उपज मंडी (राज्य विपणन विकास निधि) नियम 2000 के अंतर्गत राज्य सरकार द्वारा विहित रीति से बोर्ड द्वारा व्यय की जाती है। (घ) वर्ष 2016-17 में 0.85 प्रतिशत की दर से किसान सड़क निधि मद से प्रदेश की समस्त मण्डियों में अनुमानित राशि रू. 410.00 करोड़ प्राप्त होना संभावित है। जिसे म.प्र. कृषि उपज मंडी (राज्य विपणन विकास निधि) नियम 2000 के अंतर्गत गठित "साधिकार समिति" द्वारा स्वीकृत कार्यों पर व्यय की जाती है।

परिशिष्ट - ''बीस ''

शासकीय भूमि का रकबा

57. ( क्र. 5984 ) श्री इन्‍दर सिंह परमार : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शाजापुर जिले के ग्राम क्रमश: पानखेड़ी, कालापीपल, भरदी, रोसी, चाकरोद, भीलखेड़ा एवं भान्‍याखेड़ी में सन् 1925 के जिल्‍द बंदोबस्‍त रिकार्ड में शासकीय भूमि का रकबा कितना था? (ख) प्रश्‍नांश (क) में उल्‍लेखित गांवों में प्रश्‍न दिनांक तक शासकीय भूमि का कितना रकबा है? (ग) प्रश्‍नांश (क) में उल्‍लेखित ग्रामों में सन् 1950 से प्रश्‍न दिनांक तक शासकीय भूमि का रकबा कम कैसे हुआ?

राजस्व मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) शाजापुर जिले के प्रश्‍नांश में उल्‍लेखित ग्रामों में सन् 1925 क जिल्‍द बन्‍दोबस्‍त रिकार्ड में शासकीय भूमि का रकबा निम्‍नानुसार है :-

क्र.

ग्राम का नाम

शा.भूमि का रकबा (हे.में) सन् 1925 की स्थित में

1.

पानखेडी

490.095

2.

कालापीपल

713.369

3.

भरदी

444.491

4.

रोसी

302.496

5.

चाकरोद

762.798

6.

भीलखेडा

406.923

7.

भान्‍याखेडी

635.182

 
 
 
 
 
 
 
 







(
ख) प्रश्‍न दिनांक तक शासकीय भूमि का रकबा निम्‍नानुसार है :-

क्र.

ग्राम का नाम

प्रश्‍न दिनांक तक शा.भूमि का रकबा (हे.में)

1.

पानखेडी

99.265

2.

कालापीपल

106.

3.

भरदी

84.694

4.

रोसी

124.288

5.

चाकरोद

196.339

6.

भीलखेडा

66.663

7.

भान्‍याखेडी

87.705