मध्यप्रदेश विधान सभा


प्रश्नोत्तर-सूची
फरवरी-मार्च 2017 सत्र


गुरूवार, दिनांक 30 मार्च 2017


भाग-1
तारांकित प्रश्नोत्तर

Top of Form


Top of Form


शिक्षकों को क्रमोन्‍नत वेतनमान का लाभ

[आदिम जाति कल्याण]

1. ( *क्र. 7170 ) श्रीमती प्रमिला सिंह : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या सहायक शिक्षक/शिक्षकों, जिनको क्रमोन्‍नति वेतनमान प्राप्‍त होने के पश्‍चात् पदोन्‍नति निम्‍न वेतन पर होने से क्रमोन्‍नत/वेतनमान देने में आने वाली रूकावटों को दूर करने के संबंध में वित्‍त विभाग द्वारा दिनांक 12 फरवरी, 2014 को निर्देश जारी किये गये हैं? (ख) यदि हाँ, तो निर्देश के पालन में आदिवासी विकास विभाग शहडोल द्वारा पात्र सभी शिक्षकों को लाभ नहीं दिये जाने के क्‍या कारण हैं? स्‍पष्‍ट कारण भी बताएं। (ग) शहडोल जिले में ऐसे कितने शिक्षक हैं, जिन्‍हें प्रश्नांश (क) के तहत लाभ नहीं मिला है? उनके प्रकरणों के निराकरण हेतु समय सीमा बतावें।

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) वित्‍त विभाग द्वारा जारी 12 फरवरी, 2014 को निर्देश केवल शिक्षा विभाग हेतु जारी किया गया है। अत: आदिवासी विकास विभाग के शिक्षकों को लाभ नहीं दिया गया है। (ग) प्रश्नांश (ख) के प्रकाश में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

नरसिंहपुर जिले में खाद्य नमूनों की जप्‍ती

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

2. ( *क्र. 6867 ) श्री जालम सिंह पटेल : क्या लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला नरसिंहपुर में पदस्‍थ किन-किन खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम 2006 के तहत खाद्य पेय पदार्थ, डिब्‍बा बंद व बोतल बंद पेय पदार्थों, दुग्‍ध निर्मित वस्‍तुओं के नमूने लिये? कितनी मात्रा में नकली देशी घी एवं मावा जब्‍त किया गया एवं किन-किन पर कार्यवाही की गई? वर्ष 2016-17 की सूची माहवार पृथक-पृथक देवें (ख) प्रश्‍नांकित नमूनों को जाँच हेतु कब भेजा गया? इनकी जाँच रिपोर्ट कब प्राप्‍त हुई कौन-कौन से नमूने जाँच में अपमिश्रित, मिलावटी, अमानक, गुणवत्‍ताहीन पाये गये हैं तथा नमूनों के किन-किन प्रकरणों में क्‍या कार्यवाही की गई? (ग) प्रश्‍नांकित किन-किन प्रकरणों में न्‍यायालय में चालान कब किस अधिकारी द्वारा किया गया एवं वर्तमान में कितने प्रकरणों में चालान पेश नहीं किया गया है? कारण बताएं। न्‍यायालय में दोषमुक्‍त किन-किन प्रकरणों में अपील की गई एवं किन-किन प्रकरणों में अपील नहीं की गई तथा क्‍यों? क्‍या ऐसे दोषी अधिकारी/कर्मचारी पर शासन कार्यवाही करेगा? यदि हाँ, तो कब तक?

लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) से (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। शेष प्रश्नांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

विमुक्त घुमक्कड़ एवं अर्द्ध घुमक्कड़ जाति की बस्तियों का विकास

[विमुक्त, घुमक्कड़ एवं अर्द्धघुमक्कड़ जाति कल्याण]

3. ( *क्र. 7161 ) श्री विष्‍णु खत्री : क्या राज्‍यमंत्री, पिछड़ा वर्ग महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) प्रश्‍नकर्ता के विधानसभा ता. प्रश्न संख्‍या 12 (क्र. 759), दिनांक 11.12.2015 में माननीय मंत्री जी द्वारा कार्य योजना अनुसार राशि प्रदान किए जाने के तारतम्य में कितनी राशि विभाग द्वारा किस दिनांक को जारी की गई है? प्रस्तुत कार्य योजना की लागत कितनी थी एवं कार्य योजना अनुसार बची हुई शेष राशि का आवंटन कब तक जारी कर दिया जावेगा? (ख) प्रश्नांश (क) के तारतम्य में विभाग द्वारा जारी राशि के कार्य संपादन हेतु कार्य आदेश वर्तमान तक जारी क्यों नहीं हुए? कार्य आदेश कब तक जारी हो जाएंगे? (ग) प्रश्नांश (ख) में दर्शित कार्यादेश जारी होने में विलंब के क्या कारण रहे एवं इसके लिए कौन-कौन अधिकारी एवं कर्मचारी दोषी हैं?

राज्‍यमंत्री, पिछड़ा वर्ग ( श्रीमती ललिता यादव ) : (क) प्रश्नकर्ता के विधान सभा प्रश्न संख्या 12 (क्र. 759), दिनांक 11.12.2015 के अनुसार कलेक्टर भोपाल के पत्र क्र. 807, दिनांक 03.07.2015 द्वारा विमुक्त जाति बस्ती विकास की कार्ययोजना राशि रू. 116.14 लाख प्राप्त हुई थी, जिसमें से राशि रूपये 50.60 लाख का आवंटन दिनांक 18.3.2016 को जारी किया गया। योजनांतर्गत प्रदेश के सभी जिलों को राशि प्रदान की जाती है। सीमित बजट प्रावधान होने से शेष राशि का आवंटन जारी किया जाना संभव नहीं है। (ख) प्रश्नांश (क) के तारतम्य में सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास, भोपाल के आदेश क्रमांक 7566, दिनांक 22.02.2017 द्वारा प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई है। (ग) पूर्व में उक्त निर्माण कार्य भोपाल विकास प्राधिकरण के द्वारा कराये जाने का आदेश जारी किया गया था, किन्तु सरपंच संघ, जनपद पंचायत बैरसिया भोपाल से पत्र प्राप्त होने के कारण सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास, भोपाल के कार्यालयीन आदेश क्र. 7566 दिनांक 22.02.2017 के द्वारा प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र सोनकच्‍छ का भवन निर्माण

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

4. ( *क्र. 904 ) श्री राजेन्द्र फूलचं‍द वर्मा : क्या लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र सोनकच्‍छ का भवन निर्माण पूर्ण हो चुका है? हाँ या नहीं यदि नहीं, तो क्‍यों नहीं? (ख) क्‍या विगत समय वर्षाकाल में नवनिर्मित सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र भवन सोनकच्‍छ की छत में से पानी टपकने लगा था? यदि हाँ, तो इसके लिए कौन जिम्‍मेदार है? (ग) क्‍या इस प्रकार के घटिया भवन निर्माण के दोषियों के खिलाफ कोई कार्यवाही की जाएगी? यदि हाँ, तो कब तक? (घ) अस्‍पताल में डॉक्‍टरों के कितने पद स्‍वीकृत हैं तथा कितने पद पर डॉक्‍टर कार्यरत है? रिक्‍त पदों को कब तक भरा जावेगा?

लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) जी नहीं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, सोनकच्छ के भवन का अनुबंधित निर्माण कार्य लगभग पूर्ण है। कुछ अतिरिक्त कार्य कराने के सुझाव प्राप्त हुये हैं, जिनके कार्य प्रगति पर हैं। इन कार्यों को 31 मार्च तक पूर्ण करने का लक्ष्य है। (ख) जी नहीं। अतः शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, सोनकच्छ भवन निर्माण में कोई घटिया निर्माण नहीं किया गया है। अतः शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, सोनकच्छ में विशेषज्ञों के 5 (मेडिसन, सर्जरी, निश्चेतना, स्त्रीरोग, शिशुरोग विशेषज्ञ के 01-01), चिकित्सा अधिकारी के 03 पद स्वीकृत हैं। अतः 01 विशेषज्ञ व 03 चिकित्सक कार्यरत हैं। प्रदेश में विशेषज्ञों की अत्यधिक कमी के कारण विशेषज्ञों के पद रिक्त हैं, कुल स्वीकृत 3273 पदों के विरुद्ध मात्र 1126 विशेषज्ञ उपलब्ध हैं एवं विशेषज्ञ के पद पदोन्नति के माध्यम से ही भरे जाने का प्रावधान है। पर्याप्त मात्रा में विशेषज्ञों की उपलब्धता होने पर ही पदपूर्ति की जा सकेगी, वर्तमान में पदपूर्ति हेतु निश्चित समयावधि बताई जाना संभव नहीं है।

गुरूजी, अतिथि शिक्षक एवं अध्‍यापकों की वेतन विसंगति दूर की जाना

[स्कूल शिक्षा]

5. ( *क्र. 7741 ) डॉ. राजेन्‍द्र पाण्‍डेय : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रदेश में लगातार शिक्षा को गुणवत्‍तापूर्ण बनाए जाने हेतु निरंतर प्रयास किये जा रहे हैं, साथ ही गुरूजी, अतिथि शिक्षक एवं अध्‍यापकों के संबंध में शासन/विभाग द्वारा अनेक निर्णय लिये जाकर उनकी कार्य कुशलता में अभिवृद्धि की जा रही है? (ख) यदि हाँ, तो क्‍या विगत कई वर्षों से उपरोक्‍त वर्गान्‍तर्गत आने वाले संबंधितों हेतु अनेक आदेश/निर्देश समय-समय पर जारी किये गये हैं तो क्‍या-क्‍या, किस-किस प्रकार के? (ग) साथ ही बताएं कि गुरूजियों को संविदा शिक्षक का दर्जा दिया जा रहा है तथा अतिथि शिक्षकों को संविदा शाला शिक्षक भर्ती में पात्रता दी जाएगी/दी जा रही है एवं अध्‍यापक संवर्ग के छठे वेतनमान की गणना पत्रक में विसंगतियों को दूर कर दिया गया है? (घ) यदि हाँ, तो शासन/विभाग द्वारा उपरोक्‍त संबंधितों के संबंध में लिये गये शासन/विभाग एवं मंत्रिमण्‍डल के निर्णयों, आदेशों एवं नीतिगत निर्देशों के संबंध में जारी किये गये समय-समय के आदेशों एवं प्रपत्रों से वर्ष 2015-16 से लेकर प्रश्‍न दिनांक तक की जानकारी से अवगत करायें।

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जी हाँ। जी हाँ। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-एक अनुसार है। (ग) विभागीय आदेश क्रमांक एफ 44-6/2014/20-2, दिनांक 10.02.2014 के तहत म.प्र. शिक्षा गारंटी शाला स्कीम के अंतर्गत कार्यरत गुरूजी एवं पर्यवेक्षक को संविदा शाला शिक्षक श्रेणी-3 के पद पर नियोजित किया गया। अतिथि शिक्षकों को संविदा शाला शिक्षकों की नियुक्ति में अतिरिक्त अंकों का अधिभार दिये जाने का प्रावधान है। अध्यापक संवर्ग के छठवें वेतनमान की गणना पत्रक में सेवावधि की गणना एवं वेतनवृद्धि की गणना में विसंगति/त्रुटि के कारण अंतर की स्थिति निर्मित हुई है। इसके समाधान के लिए उदाहरण सहित स्पष्टीकरण जारी करने की कार्यवाही प्रचलित है। (घ) अतिथि शिक्षकों को संविदा शाला शिक्षक भर्ती में अतिरिक्त अंकों का अधिभार दिये जाने संबंधी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-दो अनुसार है।

भवनवि‍हीन स्‍कूलों की संख्‍या

[आदिम जाति कल्याण]

6. ( *क्र. 6824 ) श्री फुन्‍देलाल सिंह मार्को : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला अनूपपुर अंतर्गत पुष्‍पराजगढ़ विधानसभा क्षेत्र में ऐसे कितने प्राथमिक/माध्‍यमिक/हाईस्‍कूल/हायर सेकेण्‍डी विद्यालय हैं, जो भवनविहीन हैं एवं कितने विद्यालयों के भवन जर्जर अवस्‍था में हैं? सूची उपलब्‍ध करायें (ख) प्रश्नांश (क) के अनुसार क्‍या उक्‍त भवनविहीन/जर्जर भवन वाले विद्यालयों के नवीन भवन निर्माण हेतु शासन की कोई मंशा है? यदि हाँ, तो अवगत करावें? (ग) विधानसभा क्षेत्र पुष्‍पराजगढ़ अंतर्गत ऐसे कितने शाला भवन हैं, जिनकी भूमि का सीमांकन कर अतिक्रमण मुक्‍त कराया गया है? अतिक्रमण मुक्‍त भूमि पर कितने विद्यालयों की बाउण्ड्रीवॉल का निर्माण कराया गया है? सूची उपलब्‍ध करावें। जिन विद्यालयों में बाउण्ड्रीवॉल नहीं है, उन विद्यालयों में बाउण्ड्रीवॉल निर्माण करने की शासन की कोई योजना है? यदि हाँ, तो अवगत करावें।

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) भवन विहीन उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों की सूची संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) जी हाँ। शासन द्वारा प्रतिवर्ष विभाग अन्तर्गत संचालित भवन विहीन उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के भवनों के निर्माण की स्वीकृति प्रदान की जाती है। (ग) विधान सभा क्षेत्र पुष्पराजगढ अन्तर्गत विभाग द्वारा संचालित उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में अतिक्रमण विहीन होने से अतिक्रमण मुक्त कराने की कार्यवाही नहीं की गई है। जिन उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में बाउण्ड्रीवाल निर्माण की आवश्यकता है, उनकी सूची संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। विभाग द्वारा शैक्षणिक संस्थाओं में बाउण्ड्रीवॉल का निर्माण, संविधान के अनुच्छेद 275 (1) एवं अनुसूचित जनजाति बस्ती विकास योजना मद अन्तर्गत किये जाने की योजना पूर्व से है।

परिशिष्ट - ''एक''

मुख्‍यमंत्री सामुदायिक विकास क्षमता पाठ्यक्रम का संचालन

[आदिम जाति कल्याण]

7. ( *क्र. 7589 ) श्रीमती अनीता नायक : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या विभाग द्वारा प्रदेश के 89 आदिम जाति विकासखण्‍डों में मुख्‍यमंत्री सामुदायिक विकास क्षमता पाठ्यक्रम का संचालन किया जा रहा है? (ख) क्‍या क्रियान्‍वयनकर्ता एजेन्‍सी को बजट की द्वितीय किश्‍त की राशि पूर्व की भांति उपयोगिता प्रमाण-पत्र जारी करने के बाद प्रश्‍न दिनांक तक जारी नहीं की है? (ग) यदि हाँ, तो क्‍या दोषी अधिकारियों को दण्डित किया जावेगा और कब तक द्वितीय किश्‍त क्रियान्‍वयन एजेन्‍सी को जारी कर दी जावेगी?

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) तथा (ग) जी नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

छात्रावास आश्रमों में अधीक्षक/अधीक्षिका की पदस्‍थापना

[आदिम जाति कल्याण]

8. ( *क्र. 5821 ) श्री कमलेश्‍वर पटेल : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) यदि छात्रावास आश्रमों में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के अधीक्षक रखने का प्रावधान है तो सीधी एवं सिंगरौली जिले में कुल कितने छात्रावास आश्रमों में सामान्‍य वर्ग के अधीक्षक/अधीक्षिका एवं कितने अनुसूचित जाति/जनजाति के कार्यरत हैं? (ख) सीधी एवं सिंगरौली जिले में कुल कितने छात्रावास आश्रम हैं? छात्रावास आश्रमों में कितनी-कितनी क्षमता है? कितने बालक छात्रावास आश्रम में महिला अधीक्षिका पदस्थ हैं? इन छात्रावास आश्रम में पुरुष अधीक्षकों की पदस्थापना कब तक की जावेगी? (ग) अधीक्षक/अधीक्षिका के पदस्थापना किसके अनुमोदन से की गई है? यदि शासकीय नियमानुसार अधीक्षक/अधीक्षिका की पदस्थापना नहीं की गई है तो कब तक ऐसे अधीक्षक/अधीक्षिकाओं को हटाया जायेगा? नियम विरुद्ध कार्य करने वाले अधिकारियों पर क्या कार्यवाही की जावेगी?

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) 163 । प्रत्‍येक छात्रावास/आश्रम में 50 सीट की क्षमता हैं। 04 बालक छात्रावासों में महिला अधीक्षक पदस्‍थ है। स्‍थानान्‍तरण पर प्रतिबन्‍ध हटने के उपरान्‍त नियमानुसार पुरूष अधीक्षकों की पदस्‍थापना की जावेगी। (ग) प्रभारी मंत्री/कलेक्‍टर के अनुमोदन उपरान्‍त पदस्‍थापना की गई है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

शिक्षा का अधिकार अधिनियम का क्रियान्‍वयन

[स्कूल शिक्षा]

9. ( *क्र. 5621 ) श्री जितेन्‍द्र गेहलोत : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शिक्षा का अधिकार अधिनियम का प्रावधान प्रदेश में किन-किन शिक्षण संस्‍थानों पर लागू है तथा अधिनियम के प्रावधान क्‍या हैं? (ख) रतलाम जिले में शिक्षा का अधिकार अधिनियम में वर्णित प्रावधानों का पालन न करने वाली कितनी अशासकीय शिक्षण संस्‍थाओं पर अब तक क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई? (ग) क्‍या जिले में प्रश्नांश (ख) में वर्णित शिक्षण संस्‍थाओं में आर.टी.ई. प्रावधानों के पालन संबंधी जाँचें करवायी हैं? यदि हाँ, तो कब-कब एवं तत्‍संबंधी जाँच रिपोर्टस क्‍या है? यदि नहीं, तो जाँच क्‍यों नहीं कराई? सकारण ब्‍यौरा दें

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) शिक्षा का अधिकार अधिनियम का प्रावधान शासकीय एवं अशासकीय प्राथमिक एवं माध्‍यमिक संस्‍थाओं पर लागू है। नि:शुल्‍क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के प्रावधान पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) शिक्षा का अधिकार अधिनियम के प्रावधान का पालन नहीं किये जाने के संबंध में जिले की एक संस्‍था ज्ञान सागर पब्लि‍क स्‍कूल तितरी के विरूद्ध प्राप्‍त शिकायत की जाँच उपरांत उक्‍त संस्‍था की मान्‍यता समाप्‍त करने हेतु प्रक्रिया प्रचलित है। (ग) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। अत: शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

विद्यालय भवन का निर्माण

[स्कूल शिक्षा]

10. ( *क्र. 5272 ) श्री महेश राय : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शासकीय उ.मा.वि. मानगढ़ का भवन वर्ष 2008 में किस मद से स्‍वीकृत किया गया था? वर्तमान स्थिति से अवगत करावें। (ख) क्‍या भवन का निर्माण 9 वर्ष में भी पूर्ण नहीं हो पाया है? क्‍यों? विभाग द्वारा राशि जारी क्‍यों नहीं की जा रही है? (ग) प्रश्नांश (क) निर्माण कार्य में और कितने वर्ष लगेंगे?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) सागर जिले के शासकीय हायर सेकेण्‍डरी स्‍कूल भानगढ़ वर्ष 2007-08 में हायर सेकेण्‍डरी शालाओं के भवन निर्माण मद अंतर्गत स्‍वीकृत हुआ है। वर्तमान में भवन निर्माण कार्य फिनीशिंग स्‍तर पर अपूर्ण एवं बंद है। (ख) जी हाँ। शासकीय हायर सेकेण्‍डरी स्‍कूल भानगढ़ के भवन निर्माण हेतु निर्माण एजेन्‍सी मण्‍डी बोर्ड भोपाल थी। निर्माण एजेन्‍सी द्वारा लागत वृद्धि बताते हुये पुनरीक्षित प्राक्‍कलन प्रस्‍तुत कर अतिरिक्‍त राशि की मांग की गई है। पुनरीक्षित प्रशासकीय स्‍वीकृति बाबत् प्रकरण परीक्षणाधीन है। (ग) पुनरीक्षित प्रशासकीय स्‍वीकृति बाबत् कार्यवाही परीक्षणाधीन है। निश्‍िचत समय सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

डेंगू/मलेरिया रोग की रोकथाम एवं उपचार

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

11. ( *क्र. 7399 ) श्री मानवेन्द्र सिंह : क्या लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) छतरपुर जिले में डेंगू, चिकनगुनिया एवं मलेरिया आदि रोग की रोकथाम एवं उपचार हेतु क्‍या कार्ययोजना बनायी गई थी? यदि नहीं, तो क्‍यों? विगत 3 वर्षों में जिले में उक्‍त अभियान के संचालन हेतु कितनी राशि का आवंटन प्राप्‍त हुआ है तथा उसे किस-किस मद में कितना-कितना व्‍यय किया जा चुका है? (ख) जिले में कितने रोगी उल्‍लेखित बीमारियों से पीड़ि‍त चिन्हित किये गये हैं? बीमारियों से पीड़ि‍त रोगियों की पहचान के लिए जिला एवं ग्रामीण स्‍तर पर कितने कर्मचारी नियुक्‍त किये गये हैं? क्‍या इन कर्मचारियों को आवश्‍यक संसाधन उपलब्‍ध कराये गये हैं? यदि हाँ, तो बतलावें? (ग) मलेरिया से बचाव के लिए जिला प्रशासन द्वारा कहाँ-कहाँ छिड़काव करवाया गया है, छिड़काव हेतु कितने उपकरण जिला, तहसील एवं ग्रामीण स्‍तर पर उपलब्‍ध हैं? कितनी मशीनें चालू हैं एवं कितनी खराब हैं। खराब मशीनों का कब-कब सुधार कार्य कराया गया है? शहरी क्षेत्र के किन-किन वार्डों में तथा ग्रामीण क्षेत्र के किन-किन ग्रामों में छिड़काव कराया गया है? (घ) बचाव कार्य एवं पीड़ि‍तों को चिन्हित करने के लिए शासन/प्रशासन स्‍तर पर क्‍या कार्यवाही की जा रही है? जिला स्‍तर पर डेंगू रोगियों की पहचान के लिए क्‍या उपकरण उपलब्‍ध हैं?

लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) जी हाँ। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। विगत 03 वर्षों में उक्त अभियान के संचालन हेतु आवंटित राशि एवं व्यय की गई राशि की जानकारी इस प्रकार है :-

क्र.

वर्ष

राज्य मद से

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन से

मलेरिया, डेंगू एवं चिकनगुनिया

मलेरिया

डेंगू एवं चिकनगुनिया

आवंटन

व्यय

आवंटन

व्यय

आवंटन

व्यय

1

2014-15

2093344

2088416

667000

613898

221000

219195

2

2015-16

2108108

2107725

974755

1197922

152000

151414

3

2016-17

2216400

2216007

300000

486201

313920

207744

 

(ख) जिला छतरपुर में मलेरिया डेंगू चिकनगुनिया बीमारियों से पीड़ि‍त चिन्हित किये गये रोगियों की जानकारी निम्नानुसार है :-

क्र.

वर्ष

मलेरिया के रोगियों की संख्या

डेंगू के रोगियों की संख्या

चिकनगुनिया के रोगियों की संख्या

1

2014

909

0

0

2

2015

421

39

0

3

2016

355

33

9

 

जिला छतरपुर में बीमारियों से पीड़ि‍त रोगियों की पहचान के लिये जिला एवं ग्रामीण स्तर पर नियुक्त किये गये कर्मचारियों की जानकारी निम्नानुसार है :- 

क्र.

वर्ष

लेब टेक्नीशियन

एम.पी.डब्ल्यू.

ए.एन.एम.

आशा

सुपीरियर फील्ड वर्कर

फील्ड वर्कर

1

2014

17

142

225

1325

5

25

2

2015

19

135

225

1306

5

25

3

2016

21

126

221

1371

5

25

जी हाँ। इन कर्मचारियों को आवश्यक संसाधन काँच पट्टी (स्लाईड), निडिल, दवाएँ (क्लोरोक्वीन, प्राइमाक्वीन, ए.सी.टी. कॉम्बीपैक, इंजेक्शन आर्टिइथर, इंजेक्शन क्वीनीन, पैरासीटामॉल), रेपिड डायग्नोस्टिक टेस्ट किट, लार्वीसाइड टेमोफोस, स्पेस स्प्रे हेतु पायरेथ्रम इत्यादि उपलब्ध कराये गये हैं। (ग) मलेरिया से बचाव के लिये जिला कार्यालय छतरपुर स्वास्थ्य विभाग द्वारा किये गये छिड़काव कार्य की जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। छिड़काव हेतु जिला, तहसील एवं ग्रामीण स्तर पर उपलब्ध उपकरणों की जानकारी कितनी चालू, कितनी खराब है, निम्नानुसार है :- 

क्र.

उपकरण/सामग्री

उपलब्ध संख्या

चालू हालत में संख्या

मशीनो की स्थिति

1

नेपसेक पम्प

24

24

सभी मशीने चालू हैं।

2

गणेश पम्प

45

45

सभी मशीने चालू हैं।

3

फॉगिंग मशीन

3

3

सभी मशीने चालू हैं।

4

पावर स्पे्रयर

5

5

सभी मशीने चालू हैं।

 

उपरोक्त छिड़काव उपकरण जिला स्तर पर उपलब्ध है प्रभावित क्षेत्रों में टीम सहित उपकरण ग्रामीण/शहरी क्षेत्रों में छिड़काव हेतु भेजे जाते हैं। वर्ष 2014 से 2016 तक उपलब्ध उपकरणों में कोई सुधार नहीं कराया गया है। शहरी क्षेत्र के वार्डों में कराये गये छिड़काव कार्य की जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (घ) बचाव कार्य एवं पीड़ि‍तों को चिन्हित करने के लिये विभाग द्वारा जिलों को निर्देश जारी किये गये हैं। जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। जिले में डेंगू चिकनगुनिया परीक्षण के लिये ऐलाईजा रीडर एवं वाशर जिला चिकित्सालय छतरपुर में उपलब्ध है, प्लेटलेट गणना के लिये प्लेटलेट काउंटर मशीन उपलब्ध है।

परिशिष्ट - ''दो''

आयुर्वेद के क्षेत्र में शोध अनुसंधान

[आयुष]

12. ( *क्र. 7669 ) श्री मुकेश नायक : क्या लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्‍यप्रदेश में आयुर्वेद के क्षेत्र में शोध अनुसंधान के लिये सरकार की क्‍या योजना है और उस पर क्‍या काम हो रहा है? (ख) आदिवासियों, जनजातियों और वनवासियों के पारम्‍परिक औषधि ज्ञान का व्‍यावसायिक उपयोग करने के लिये क्‍या सरकार की कोई योजना है? यदि हाँ, तो जानकारी देवें। (ग) राज्‍य में आयुर्वेद, यूनानी और होम्‍योपैथी के कुल कितने अस्‍पताल हैं और इनमें कितने चिकित्‍सक पदस्‍थ हैं तथा चिकित्‍सकों के कितने पद रिक्‍त हैं?

लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) आयुर्वेद के क्षेत्र में पं. खुशीलाल शर्मा आयुर्वेद महाविद्यालय भोपाल में शोध केन्द्र बनाया जा रहा है। (ख) आयुष विभाग की नहीं। (ग) 32, पदस्थ चिकित्सक 126, रिक्त पद 54.

अध्‍यापकों को छठवें वेतनमान का लाभ

[स्कूल शिक्षा]

13. ( *क्र. 7198 ) श्री रजनीश सिंह : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या अध्‍यापकों को छठवें वेतनमान का लाभ दिये जाने वाले दिनांक 15/10/2016 के गणना पत्रक में वेतन निर्धारण फार्मूला पूर्णत: त्रृटि रहित है? यदि हाँ, तो सिवनी जिले की जानकारी दें? (ख) क्‍या डी.डी.ओ. द्वारा त्रुटि रहित वेतन का निर्धारण कर लिया गया है? यदि नहीं, तो क्‍या इसमें संशोधन कर निर्धारण किया जावेगा? यदि हाँ, तो कब तक? (ग) क्‍या अध्‍यापक संवर्ग के छठवें वेतनमान की गणना टेबिल परिशिष्‍ट 1, 2, 3 तैयार करने हेतु किसी गणना सूत्र का उपयोग किया गया है? यदि हाँ, तो क्‍या शासन द्वारा जारी आदेश में इसका स्‍पष्‍ट उल्‍लेख अथवा उदाहरण वर्णित किया गया है? (घ) क्‍या वर्ष 1998 में नियुक्‍त सभी शिक्षाकर्मियों की प्रथम नियुक्ति तिथि अप्रैल 2007 मानी जावेगी? यदि हाँ, तो उनकी अप्रैल 2007 के पूर्व की सेवा का कोई लाभ छठवें वेतनमान में व भविष्‍य में नहीं दिया जायेगा? यदि नहीं, तो अप्रैल 2007 के पूर्व की सेवा का लाभ किस प्रकार दिया जावेगा? क्‍या क्रमोन्‍नति प्राप्‍त अध्‍यापकों के वेतन का निर्धारण वर्तमान में जारी गणना पत्रक से ही हो सकेगा? यदि हाँ, तो क्‍या उसका उदाहरण प्रारूप गणना पत्रक में जारी किया गया है? यदि नहीं, तो क्‍या उदाहरण प्रारूप जारी किया जायेगा और कब तक?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) संवर्ग में वरिष्ठता निर्धारण, सेवा अवधि की गणना, वेतनवृद्धि की गणना में विसंगति/त्रुटि के कारण अन्तर की स्थिति निर्मित हुई है। इसके समाधान के लिए उदाहरण सहित स्पष्टीकरण जारी करने की कार्यवाही प्रचलित है। (ख) शासन आदेश दिनांक 15.10.2016 अनुसार वेतन निर्धारण किया गया है। प्रश्नांश (क) उत्तर अनुसार निर्देश जारी करने की कार्यवाही प्रचलन में है। (ग) जी हाँ। जी नहीं, उदाहरण निर्देश जारी करने की प्रक्रिया प्रचलन में है। (घ) अध्यापक संवर्ग को छठवां वेतनमान में वेतन निर्धारण दिनांक 31.12.2015 को प्राप्त वेतन के आधार पर दिनांक 01.01.2016 से वेतन निर्धारण किया जावेगा। अतः शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। क्रमोन्नत वेतनमान के आदेश जारी करने की प्रक्रिया प्रचलन में है। जी हाँ। निश्‍िचत समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

चिकित्‍सकों व कर्मचारियों के रिक्‍त पदों की पूर्ति

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

14. ( *क्र. 7298 ) श्री आर.डी. प्रजापति : क्या लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या छतरपुर जिले की चन्‍दला वि.स. क्षेत्र अंतर्गत फरवरी 2017 की स्थिति में शासकीय अस्‍पतालों में चिकित्‍सकों व कर्मचारियों आदि के पद रिक्‍त हैं? यदि हाँ, तो कौन-कौन से पद कहाँ-कहाँ पर कब से रिक्‍त हैं? रिक्‍त पद कब तक भरे जायेंगे? (ख) शासन द्वारा रिक्‍त पदों की पूर्ति हेतु क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गयी? यदि नहीं, की गई तो क्‍यों? काफी लम्‍बे समय से पद क्‍यों रिक्‍त हैं? (ग) क्‍या शासन चिकित्‍सकों व कर्मचारियों के रिक्‍त पद भरे जाने में कोई रूचि नहीं ले रहा है? यदि हाँ, तो क्‍यों? (घ) प्रश्‍नकर्ता द्वारा शासन का ध्‍यान विषयान्‍तर्गत दिलाए जाने के बावजूद रिक्‍त पद क्‍यों नहीं भरे गए?

लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) जी हाँ। जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। रिक्त पदों की पूर्ति की कार्यवाही निरंतर जारी है, पदपूर्ति हेतु निश्चित समयावधि बताई जाना संभव नहीं है। (ख) जी नहीं विभाग निरंतर पदपूर्ति हेतु प्रयास कर रहा है परंतु विशेषज्ञों की अत्यधिक कमी के कारण गौरिहार में विशेषज्ञों के 03 पद रिक्त हैं। शीघ्र ही 726 चयनित चिकित्सकों की पदस्थापना हेतु आनलाईन काउंसलिंग की कार्यवाही की जा रही है। पैरामेडिकल संवर्ग के पदों की पूर्ति हेतु 910 पदों के लिए मध्यप्रदेश प्रोफेशनल एक्जामिनेशन बोर्ड को मांगपत्र भेजा गया है, चयन सूची प्राप्त होने पर उपलब्धता अनुसार पदस्थापना की कार्यवाही की जावेगी। स्टॉफ नर्स के रिक्त पदों हेतु बी.एस.सी. नर्सिंग एवं जी.एन.एम. नर्सिंग प्रशिक्षण प्राप्त करने के उपरांत शासकीय नर्सिंग कालेज एवं प्रशिक्षण केन्द्र से उत्तीर्ण छात्रों की प्राप्त सूची, जो सामान्यतः प्रतिवर्ष अप्रैल-मई में प्राप्त होती है, के अनुसार नर्सों की पदस्थापना की कार्यवाही प्रतिवर्ष की जा रही है। उपरोक्तानुसार प्राप्त सूचि‍यों में से उपलब्धता अनुसार पदस्थापना संबंधी कार्यवाही की जावेगी। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) उत्तरांश () अनुसार। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) पर्याप्त मात्रा में विशेषज्ञ/चिकित्सक/पैरामेडिकल स्टॉफ/स्टॉफ नर्स की उपलब्धता नहीं होने के कारण पदपूर्ति नहीं की जा सकी है।

परिशिष्ट - ''तीन''

कनिष्‍ठ अधिकारी को उच्‍च पद का प्रभार

[आयुष]

15. ( *क्र. 7229 ) श्रीमती ऊषा चौधरी : क्या लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या आयुष विभाग में कई जूनियर अधिकारियों को उनके मूल पद से उच्‍च संवर्ग के प्रशासनि‍क पदों पर उनकी स्‍वयं की मांग/आवेदन के आधार पर, उनके स्‍वयं के व्‍यय/स्‍वैच्छिक आधार पर, प्रभारी अधिकारी/पद विरूद्ध ओ.एस.डी. पदस्‍थ किया गया है? यदि हाँ, तो किन-किन को? किस पद के विरूद्ध? क्‍या यह प्रशासनि‍क दृष्टि से ठीक है? (ख) क्‍या वरिष्‍ठताक्रम के वि‍प‍रीत, जूनियर अधिकारियों को उनके सीनियर्स से पहले/उनके ऊपर, पदोन्‍नति चैनल के उच्‍च पदों के विरूद्ध प्रभारी अधिकारी/ओ.एस.डी. पदस्‍थ करने से वरिष्‍ठ अधिकारियों के साथ न्‍याय नहीं हो पाया? (ग) क्‍या आयुष विभाग में रिक्‍त उच्‍च पदों का प्रभार समकक्ष/वरिष्‍ठतम अधिकारी को वरिष्‍ठता क्रमानुसार नहीं सौंपने/सामान्‍य प्रशासन विभाग के स्‍थाई निर्देशों का पालन नहीं किए जाने के विरूद्ध कर्मचारी संघों द्वारा आपत्ति व्‍यक्‍त की गई है? (घ) क्‍या उपरोक्‍त प्रश्‍नांश (ग) के परिप्रेक्ष्‍य में जी.ए.डी. द्वारा पत्र दिनांक 28.12.2016 से निर्देशों का कड़ाई से पालन करने संबंधी नवीन निर्देश दिए गए हैं? यदि हाँ, तो क्‍या कार्यवाही की गई? यदि नहीं, तो क्‍यों? क्‍या जी.ए.डी. के निर्देशों का पालन सुनिश्चित किया जायेगा?

लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) 1. डॉ. अब्‍दुल सै. नईम खान को उपसंचालक यूनानी के रिक्‍त्‍ा पद के विरूद्ध ओ.एस.डी. के रूप में। 2. डॉ. जे.के. गुप्‍ता, ओ.एस.डी. को किसी वरिष्‍ठ पद के विरूद्ध नहीं। प्रशासकीय व्‍यवस्‍था अंतर्गत। (ख) उत्‍तरांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) अभिलेखों में उपलब्‍ध नहीं। (घ) जी हाँ। प्रशासकीय व्‍यवस्‍था के अंतर्गत पदस्‍थापना की गई है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

प्राचार्यों की पदोन्‍नति

[आदिम जाति कल्याण]

16. ( *क्र. 6899 ) श्री संजय उइके : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या आदिम जाति कल्‍याण विभाग में प्राचार्यों (प्रथम श्रेणी, द्वितीय श्रेणी, तृतीय श्रेणी) की कमी होने के कारण एक प्राचार्य के प्रभार में दो से लेकर पाँच-छ: स्‍कूलों का प्रभार है? (ख) यदि हाँ, तो आदिम जाति कल्‍याण विभाग की संस्‍थाओं में कब तक पूर्णकालिक प्राचार्यों की पदस्‍थापना करेंगे? (ग) विभाग में कितने वर्षों से प्रधान पाठक के पद से व्‍याख्‍याता, व्‍याख्‍याता पद से प्राचार्य हाईस्‍कूल, प्राचार्य हाईस्‍कूल से प्राचार्य द्वितीय श्रेणी, प्राचार्य द्वितीय श्रेणी से प्राचार्य प्रथम श्रेणी में पदोन्‍नति नहीं की गई है?

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) शैक्षणिक एवं प्रशासकीय दृष्टि से अतिरिक्‍त प्रभार सौंपकर पद रिक्‍तता को दृष्टिगत रखते हुये अस्‍थाई व्‍यवस्‍था की गई है। (ख) प्राचार्य के पद 100 प्रतिशत पदोन्‍नति के हैं। पद पूर्ति पदोन्‍नति से की जाना है। पदोन्‍नति में आरक्षण के संबंध में माननीय सर्वोच्‍च न्‍यायालय में विशेष अनुमति याचिका विचाराधीन होने से पदोन्‍नति की प्रक्रिया लंबित है। (ग) पदोन्‍नति वर्ष 2014 एवं 2015 में की गई है।

विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

17. ( *क्र. 4997 ) श्री मुरलीधर पाटीदार : क्या लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला चिकित्सालय आगर में कुल कितने पद स्वीकृत हैं एवं इनमें से कितने भरे एवं कितने रिक्त हैं? जिला चिकित्सालय आगर की औसत ओ.पी.डी. एवं आई.पी.डी. कितनी संख्या में रहती है? (ख) सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र सुसनेर एवं नलखेड़ा में कुल कितने पद स्वीकृत हैं एवं इनमें से कितने भरे एवं कितने रिक्त हैं? उक्त सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों की औसत ओ.पी.डी. एवं आई.पी.डी. कितनी संख्या में रहती है? (ग) क्या सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र सुसनेर एवं नलखेड़ा में चिकित्सकों की अत्यधिक कमी है? यदि हाँ, तो पदपूर्ति तक क्‍या जिला चिकित्सालय में उपलब्ध चिकित्सकों से सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र सुसनेर या नलखेड़ा में व्यवस्था हेतु कार्यवाही की जावेगी? (घ) क्‍या सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र सुसनेर एवं नलखेड़ा में डिजि‍टल एक्स-रे की सुविधा प्रारंभ करने हेतु कोई प्रस्ताव या मांग प्राप्त हुई है? यदि हाँ, तो क्या कार्यवाही की गई? यदि नहीं, तो क्या स्व-प्रेरणा से जनहित को दृष्टिगत रखते हुए डिजीटल एक्स-रे प्रारंभ करने हेतु कार्यवाही की जावेगी?

लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) जिला चिकित्सालय आगर में 140 पद स्वीकृत, 73 पद भरे एवं 71 पद रिक्त हैं, ओ.पी.डी. 350-400 एवं आई.पी.डी. 95-100 प्रतिदिन की संख्या रहती है। (ख) सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र सुसनेर में 43 पद स्वीकृत, 24 पद भरे एवं 21 पद रिक्त हैं, ओ.पी.डी. 200-250 एवं आई.पी.डी. 25-30 एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र नलखेड़ा में 29 पद स्वीकृत, 11 पद भरे एवं 18 पद रिक्त हैं, ओ.पी.डी. 200-250 एवं आई.पी.डी. 08-10 प्रतिदिन की संख्या रहती है। (ग) जी हाँ, वर्तमान में सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र सुसनेर में 02 चिकित्सा अधिकारी एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र नलखेड़ा में 01 चिकित्सा अधिकारी पदस्थ है। (घ) जी हाँ। कार्यवाही प्रचलन में है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

राज्‍य बीमारी सहायता से स्‍वीकृत प्रकरण

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

18. ( *क्र. 6179 ) इन्जी. प्रदीप लारिया : क्या लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सागर जिले में अप्रैल 2016 से फरवरी 2017 तक कितने प्रकरण विभाग द्वारा स्‍वीकृत किये गये हैं? (ख) स्‍वीकृत किये गये प्रकरणों में स्‍वीकृति उपरांत किन-किन अस्‍पताल/संस्‍थाओं द्वारा मुख्‍य चिकित्‍सा अधिकारी की स्‍वीकृति उपरांत इलाज जारी किया गया है? (ग) स्‍वीकृत किये गये प्रकरणों में किन-किन अस्‍पताल एवं संस्‍था द्वारा राशि उनके खातों में न पहुँचने के कारण मरीज का इलाज जारी न रखने की सूचना विभाग को प्राप्‍त हुई है? (घ) विभाग द्वारा इलाज न करने की सूचना प्राप्‍त होने के बाद अस्‍पताल एवं संस्‍था के लिये क्‍या कार्यवाही की गई?

लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) सागर जिले में अप्रैल 2016 से फरवरी 17 तक 484 प्रकरण स्वीकृत किये गये। (ख) स्वीकृत किये गये प्रकरणों को मान्यता प्राप्त निजी चिकित्सालयों/शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों में मरीजों का इलाज किया गया। जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) ऐसी कोई सूचना प्राप्त नहीं हुई है। (घ) प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - ''चार''

मुख्यमंत्री राज्य बीमारी सहायता योजना अन्तर्गत निःशुल्क उपचार

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

19. ( *क्र. 6193 ) श्री सुदर्शन गुप्‍ता (आर्य) : क्या लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या स्वास्थ्य विभाग के अन्तर्गत प्रदेश शासन द्वारा मुख्यमंत्री राज्य बीमारी सहायता योजना अन्तर्गत जनहित में नागरिकों के निःशुल्क उपचार हेतु जिला स्तर पर विगत एक वर्ष में कैम्प आयोजित किये गये हैं? यदि हाँ, तो इस कैम्प में किन-किन बीमारियों पर पंजीयन किया जाना था? सूची उपलब्ध करावें (ख) प्रश्न (क) अनुसार इन्दौर जिले में आयोजित कैम्प में कितने मरीजों द्वारा निःशुल्क उपचार हेतु पंजीयन कराया गया व विभाग द्वारा इनमें से कितने मरीजों को पात्र पाया गया? विधानसभा क्षेत्रवार पात्र मरीजों की संख्‍यात्‍मक जानकारी उपलब्ध करावें (ग) क्या प्रश्न () अनुसार शासन द्वारा निःशुल्क उपचार हेतु निरंतर कैम्प आयोजित किये जाते रहेंगे अथवा स्वास्थ्य विभाग द्वारा मरीजों के उपचार के लिये पंजीयन हेतु अन्य व्यवस्था की गई है?

लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) जी हाँ। बीमारि‍यों की सूची संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) इन्दौर जिले में मुख्यमंत्री स्वास्थ्य शिविर अन्तर्गत आयोजित कैम्प में 1500 मरीजों का निःशुल्क उपचार हेतु पंजीयन कराया गया, जिसमें से पात्र मरीज राज्य बीमारी सहायता निधि के अन्तर्गत मात्र 46 मरीज एवं आर.बी.एस. के कार्यक्रम के अन्तर्गत मुख्यमंत्री बाल हृदय उपचार योजना के 271 मरीज, मुख्यमंत्री बाल श्रवण योजना के 35 मरीज एवं कटे-फटे होंठ के 26 मरीज पात्र पाये गये। विधानसभा क्षेत्रवार पात्र मरीजों की संख्यात्मक जानकारी निम्नानुसार है :-

राज्य बीमारी सहायता निधि

आर.बी.एस.के योजनान्तर्गत कार्यक्रम

विधानसभा क्षेत्र

राज्य बीमारी सहायता निधि

मुख्यमंत्री बाल हृदय उपचार योजना

मुख्यमंत्री बाल श्रवण योजना

कटेफटे होंठ

देपालपुर

10

22

06

07

सांवेर

03

13

04

03

महू

06

14

02

03

इन्दौर

27

222

23

13

कुल योग

46

271

35

26

 

(ग) जी नहीं वर्तमान में ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं है। राज्य बीमारी सहायता निधि सहायता योजना अन्तर्गत पात्र हितग्राही के प्राक्कलन के आधार पर जिला स्तर पर सक्षम अधिकारी द्वारा प्रकरण निरन्तर स्वीकृत किये जाते हैं।

परिशिष्ट - ''पाँच''

शाला भवनों के निर्माण में अनियमितता

[स्कूल शिक्षा]

20. ( *क्र. 7496 ) श्रीमती शीला त्‍यागी : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रीवा जिले के जनपद पंचायत गंगेव, नई गढ़ी, सिरमोर, जवा एवं त्‍योंथर में सर्व शिक्षा अभियान से किन-किन प्राथमिक शालाओं/माध्‍यमिक शालाओं के भवन निर्माण हेतु वर्ष 2006-07 से वर्ष 2013 तक में कितनी-कितनी राशि पी.टी.ए., सचिव/सरपंच को दी गई थी? जनपद पंचायतवार शाला का नाम स्‍वीकृत भवन का नाम, स्‍वीकृत राशि, भुगतान की गई राशि शेष राशि के साथ जानकारी देवें। (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में उक्‍त अवधि में शालाओं के भवन निर्माण हेतु प्राप्‍त राशि से भवनों का निर्माण न कराकर राशि पूरी की पूरी निकाल ली गई? क्‍या उक्‍त अधूरे भवनों का निर्माण पूर्ण कराया जावेगा? यदि हाँ, तो कब तक समय सीमा बताएं? (ग) प्रश्नांश (ख) के संदर्भ में स्‍वीकृत विद्यालय भवनों के निर्माण कार्य को पूरा न कराने एवं निकाली गई राशि अभी तक जमा न कराने में संबंधित बी.आर.सी. एवं सी.ओ. जनपद/जिला पंचायत दोषी हैं? यदि हाँ, तो उन पर क्‍या कार्यवाही करेंगे? (घ) प्रश्‍नांश (ग) के संदर्भ में अधूरे कार्यों को पूर्ण करने एवं दोषियों से राशि जमा कराने के लिये सक्षम अधिकारी द्वारा अब तक क्‍या कार्यवाही की गई? कृत कार्यवाही की जानकारी देते हुए बताएं कि क्‍या दोषियों के विरूद्ध पुलिस प्रकरण दर्ज करायेंगे? यदि हाँ, तो कब तक, नहीं तो क्‍यों?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) प्रश्‍नांश () के संबंध में उल्लेखित प्राथमिक/माध्यमिक शाला के अपूर्ण भवनों की सूची, अपूर्ण होने के कारण सहित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। अनुचित रूप से राशि आहरण कर निर्माण कार्य पूर्ण न करने वाली निर्माण एजेन्सी संबंधित ग्राम पंचायत के विरूद्ध नियमानुसार राशि वसूली के प्रकरण प्रचलित हैं। संबंधित निर्माण एजेंसी से राशि वसूली होने पर अधूरे निर्माण कार्य को पूर्ण कराया जा सकेगा। समय-सीमा बताना संभव नहीं है। (ग) कलेक्टर/मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत के निर्देशानुसार अनुचित रूप से राशि आहरण कर निर्माण कार्य पूर्ण न करने वाले सरपंच/सचिव के विरूद्ध नियमानुसार प्रकरण दर्ज किये जाने के निर्देश विकासखण्ड स्त्रोत समन्वयक को दिये गये हैं। विकासखण्ड स्त्रोत समन्वयक द्वारा राशि वसूली के प्रकरण पंचायत एवं ग्राम स्वराज्य नियम 1993 के तहत राशि वसूली के प्रकरण अनुविभागीय अधिकारी राजस्व के न्यायालय में प्रस्तुत किये गये हैं। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) अधूरे कार्यों को पूर्ण करने हेतु अनुचित आहरण करने वाली निर्माण एजेन्सी के विरूद्ध नियमानुसार राशि वसूली की कार्यवाही प्रचलित है। राशि वसूली हेतु दर्ज किये गये प्रकरण की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' में प्रकरण क्रमांक सहित जानकारी अंकित है। अनुविभागीय अधिकारी न्यायालय द्वारा निर्माण एजेन्सी के विरूद्ध दर्ज किये पुलिस प्रकरण की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। शेष प्रकरणों पर न्यायालीय प्रक्रिया अनुसार कार्यवाही प्रचलित है।

राज्‍य स्‍तरीय छानबीन समिति में दर्ज प्रकरण

[आदिम जाति कल्याण]

21. ( *क्र. 5080 ) श्री कमल मर्सकोले : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्‍यप्रदेश में राज्‍य छानबीन समिति को वर्ष 2010 से आज दिनांक तक सिवनी जिले अन्‍तर्गत फर्जी जाति/गलत/संदेहास्‍पद जाति प्रमाण-पत्र संबंधी कितनी शिकायतें प्राप्‍त हुई हैं, इन शिकायतों के संबंध में उक्‍त समिति ने कब-कब बैठकों का आयोजन किया है। पारित निर्णयों को लेकर क्‍या उनका परिपालन संबंधित विभागों द्वारा किया गया है। इस कार्यवाही से कितने शासकीय अधिकारियों व कर्मचारियों के विरूद्ध प्राथमिकी दर्ज की गयी है तथा शासकीय नौकरी से पृथक किया गया है? (ख) वर्ष 2010 से लेकर वर्तमान तक राज्‍य स्‍तरीय छानबीन समिति को प्रश्नांश (क) वर्णित प्राप्‍त शिकायतों की जाँच हेतु कितने प्रकरण लंबित पड़े हैं एवं शिकायतों के निराकरण की समय-सीमा की जानकारी से अवगत करावें।

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) वर्ष 2010 से आज दिनांक तक सिवनी जिले अंतर्गत संदेहास्‍पद जाति प्रमाण-पत्र की जाँच से संबंधित 06 शिकायतें उच्‍च स्‍तरीय छानबीन समिति में दर्ज हैं, जिसमें से 03 प्रकरणों में निर्णय लिया गया तथा शेष 03 प्रकरण लंबित हैं। जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र '''' एवं '''' अनुसार है। पारित निर्णयों पर नियमानुसार कार्यवाही संबंधित प्रशासकीय विभाग द्वारा की जाती है। (ख) प्रश्नांश (क) में वर्णित 03 शिकायतें लंबित हैं। प्रकरण अर्द्धन्‍यायिक प्रक्रिया के होने से निराकरण की समय-सीमा बताई जाना संभव नहीं है।

परिशिष्ट - ''छ:''

अन्‍य विषयों के शिक्षकों की पदोन्‍नति

[आयुष]

22. ( *क्र. 7712 ) श्री केदारनाथ शुक्ल : क्या लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालयों के अन्‍य विषयों में पदोन्‍नत शिक्षकों में से अध्‍यापन की गुणवत्‍ता को यथावत रखने के लिए किन-किन शिक्षकों ने मूल विषय में वापसी हेतु कब-कब किस-किस स्‍तर पर आवेदन किया है? (ख) क्‍या प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में राजधानी में स्थित ख्‍याति प्राप्‍त शासकीय महाविद्यालय में अन्‍य विषय में शिक्षकों के पदोन्‍नति के समय मूल विषय में प्रोफेसर का पद रिक्‍त होते हुए भी अन्‍य विषय में पदोन्‍नति दी गई है? रिक्‍त पद उपलब्‍ध होते हुए भी विषय परिवर्तित करने का कारण स्‍पष्‍ट करते हुए पदोन्‍नत व्‍यक्तियों की सूची दें? (ग) क्‍या प्रश्नांश (ख) में उल्‍लेखित महाविद्यालय में उसी विषय में उच्‍च पद के विरूद्ध यदि पदोन्‍नतियां की गई हाँ तो उन शिक्षकों की भी सूची दें?

लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार(ख) जी हाँ। सी.सी.आई.एम. मापदण्डानुसार मूल विषय में रीडर के रूप में 05 वर्ष का अध्यापन अनुभव न होने से। डॉ. उर्मिला शुक्ला एवं डॉ. संजय श्रीवास्तव। (ग) जी हाँ। डॉ. विनोद शर्मा रीडर द्रव्यगुण के पद पर प्रोफेसर द्रव्यगुण पद के विरूद्ध, डॉ. आर.के. पति रीडर रस शास्‍त्र के पद पर प्रोफेसर रस शास्‍त्र पद के विरूद्ध एवं डॉ. पंकज गुप्‍ता रीडर रचना शरीर के पद पर प्रोफेसर रचना शरीर पद के विरूद्ध।

परिशिष्ट - ''सात''

निजी चिकित्सालयों में रेटिंग के आधार पर फीस का निर्धारण

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

23. ( *क्र. 7664 ) श्री यशपालसिंह सिसौदिया : क्या लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रदेश के निजी चिकित्सालयों में (50 बेड से ज्यादा) होटलों की तर्ज पर रेंटिंग के आधार पर ही अस्पतालों की फीस तय करने की कोई योजना प्रचलन में है? यदि हाँ, तो सम्पूर्ण योजना से अवगत करायें? क्या इस सम्बन्ध में नर्सिंगहोम एसोशियेशन एवं स्वास्‍थ्‍य विभाग के बीच कोई बैठक हुई है? यदि हाँ, तो कब-कब? (ख) क्या अब सरकार केवल उन्ही अस्पतालों में भर्ती मरीजों की मदद करेगी, जिनके पास "नेशनल एक्रीड़ीयेशन बोर्ड ऑफ हॉस्पिटल" की मान्यता है? यदि हाँ, तो मंदसौर जिले में कितने अस्पतालों के पास मान्यता है? क्या अस्पतालों को NBH की मान्यता के लिए आदेश जारी कर दिए हैं? NBH की मान्यता हेतु किन-किन कार्यों की पूर्ति अस्पतालों को आवश्यक है? (ग) मंदसौर जिले के विभिन्न अस्पतालों में विगत तीन वर्षों में कहाँ-कहाँ, किस-किस के द्वारा ज्यादा फीस वसूली की शिकायत विभाग को प्राप्त हुई, उस पर क्या कार्यवाही की गई? (घ) मंदसौर जिले के किन-किन अस्पतालों में रिसर्च सेंटर खोले गये हैं? गत 01 जनवरी 2013 के पश्चात् इन्होंने क्या क्या रिसर्च किये? क्या रिसर्च सेंटर खोलने पर शासन द्वारा कोई छूट दी जाती है? यदि हाँ, तो कैसी-कैसी छूट? जानकारी देवें।

लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) जी नहीं। प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) जी हाँ, केवल उन्हीं निजी अस्पतालों में जिन्होंने शासन से एन.ए.बी.एच. प्रमाण-पत्र के आधार पर मान्यता प्राप्त की है, प्राक्कलन के आधार पर राशि स्वीकृत की जाती है। जिला मन्दसौर में कोई अस्पताल वर्तमान में एन.ए.बी.एच. मान्यता प्राप्त नहीं है। राज्य स्तरीय बैठक में निजी क्षेत्र के मान्यता प्राप्त अस्पतालों में गुणवत्ता सुनिश्चित करने हेतु एन.ए.बी.एच. का प्रमाण-पत्र की अनिवार्यता रखी गई है। एन.ए.बी.एच. की मान्यता हेतु जानकारी वेबसाईट www.nabh.co पर उपलब्ध है। (ग) विभाग को कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई। प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) जिले के 04 अस्पताल/इंस्टिट्यूट (1) श्री सांईनाथ हॉस्पिटल एवं रिसर्च सेन्टर, (2) ज्ञानविहार हॉस्पिटल एवं रिसर्च सेन्टर, (3) मन्दसौर इंस्टिट्यूट आफ आयुर्वेदिक एण्ड रिसर्च सेन्टर एवं (4) पमनानी हॉस्पिटल एण्ड रिसर्च सेन्टर, रिसर्च सेन्टर के नाम से खोले गये हैं। 01 जनवरी 2013 के पश्चात् इनके द्वारा कोई रिसर्च नहीं की गई है। मध्यप्रदेश उपचर्या गृह तथा रूजोपचार संबंधी स्थापनाएं अधिनियम 1973 एवं नियम 1997 के अन्तर्गत टैक्स में मिलने वाली छूट का कोई प्रावधान नहीं है। आयुक्त वाणिज्यक कर मध्यप्रदेश इन्दौर कार्यालय की जानकारी के अनुसार नर्सिंग होम तथा नर्सिंग होम के साथ रिसर्च सेन्टर प्रारंभ करने पर मध्यप्रदेश वेट अधिनियम 2002 में छूट का कोई प्रावधान नहीं है।

छात्रावासों में कार्यरत अधीक्षकों को उत्‍कृष्‍टता पुरस्‍कार

[आदिम जाति कल्याण]

24. ( *क्र. 2615 ) डॉ. कैलाश जाटव : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र गोटेगांव में अनुसूचित जाति एवं जनजाति के संचालित छात्रावास एवं आश्रम हेतु उत्कृष्ट पुरस्कार योजनाओं के अंतर्गत जिले के कितने अधीक्षकों को वर्ष 2013-14, 2014-15, 2015-16 एवं 2016-17 में उत्कृष्ट श्रेष्ठ अधीक्षक का पुरस्कार प्रदान किया गया? नामावली उपलब्ध करावें। (ख) अनुसूचित जाति कल्याण योजना अंतर्गत बच्चों को राशि प्रदान किया जाना था? उक्त योजना के अंतर्गत प्रश्नांश (क) अवधि में किन-किन छात्रावासों में कितनी-कितनी राशि उपलब्ध कराई गई। वर्तमान में कितने छात्र अशासकीय छात्रावासों में रह रहे हैं?

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है।

परिशिष्ट - ''आठ''

आर.सी.एच./एन.आर.एच.एम. कर्मचारियों के कार्यों की समीक्षा

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

25. ( *क्र. 6624 ) श्रीमती झूमा सोलंकी : क्या लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) आर.सी.एच. एवं एन.आर.एच.एम. के समस्‍त कर्मचारियों में से कितने कर्मचारियों के मूल मानदेय में से कटौत्री की गई है तथा इसके लिये शासन की मंशा क्‍या है? (ख) उपरोक्‍त समस्‍त कर्मचारियों में से कितने कर्मचारियों के कार्य मूल्‍यांकन में अपेक्षित परिणामों से कम रहे हैं तथा इन सभी कर्मचारियों की विगत 05 वर्षों की कार्य मूल्‍यांकन रिपोर्ट संतोषप्रद क्‍यों रही तथा मूल्‍यांकन के पश्‍चात् कितने प्रतिशत मानदेय में वृद्धि की गई है? (ग) क्‍या यह वृद्धि समस्‍त कर्मचारियों के मानदेय में की गई है? नहीं तो क्‍या कारण है? (घ) जिन कर्मचारियों की कार्य मूल्‍यांकन रिपोर्ट अपेक्षित परिणाम से कम रही है? क्‍या उनकी सेवायें समाप्‍त की गई हैं? क्‍या उनके वरिष्‍ठ अधिकारियों द्वारा समय-समय पर समीक्षा नहीं की गई तथा की गई तो पूर्व में क्‍या कार्यवाही की गई? यदि नहीं, की गई तो इन वरिष्‍ठ अधिकारियों पर कोई कार्यवाही प्रस्‍तावित की जायेगी?

लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) जी हाँ, आर.सी.एच. एवं एन.आर.एच.एम. के 10164 कर्मचारियों के मानदेय में से ई.पी.एफ. राशि की कटौत्री वर्ष 2016-17 से प्रारंभ की गई है। भारत शासन द्वारा उपलब्ध कराये गये निर्देशों/प्राप्त राशि के अनुसार रूपये 15,000/- एवं इससे कम मानदेय वाले कर्मचारियों के मानदेय से यह कटौत्री की जा रही है। शासन की मंशा अधिक से अधिक कर्मचारियों को ई.पी.एफ. योजना के तहत सामाजिक सुरक्षा उपलब्ध कराने की है। (ख) 1863 कर्मचारियों के सघन मूल्‍यांकन न होने के कारण तथा 3 प्रतिशत की मानदेय में वृद्धि की गई। (ग) जी नहीं। मूल्यांकन में अपेक्षित परिणाम प्राप्त नहीं होने से। (घ) जी नहीं। जी नहीं, की गई। प्रावधान अनुसार यथोचित कार्यवाही की गई। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

 

 

 








भाग-2

नियम 46 (2) के अंतर्गत अतारांकित प्रश्नोत्तर के रुप में

परिवर्तित तारांकित प्रश्नोत्तर


कन्‍या हायर सेकेन्‍डरी स्‍कूल उन्‍नयन करना

[स्कूल शिक्षा]

1. ( क्र. 905 ) श्री राजेन्द्र फूलचं‍द वर्मा : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या विभाग प्रदेश के नौनिहाल छात्र-छात्राओं के उज्‍जवल भविष्‍य के लिए समय-समय पर स्‍कूलों का उन्‍नयन करता है? यदि हाँ, तो विगत 5 वर्षों में सोनकच्‍छ विधानसभा क्षेत्र में कितने और कहाँ-कहाँ पर किन-किन वर्ग में स्‍कूलों का उन्‍नयन किया गया है? (ख) क्‍या शासन द्वारा नगर पिपलरांवा में विगत 30 वर्षों से चल रहे शासकीय हाई स्‍कूल को कन्‍या हायर सेकेन्‍डरी स्‍कूल में उन्‍नयन करने हेतु कोई कार्यवाही प्रचलित है या नहीं यदि हाँ, तो क्‍या और नहीं तो क्‍यों नहीं स्‍पष्‍ट करें? (ग) क्‍या शासन पिपलरांवा व आस-पास के क्षेत्र के लगभग 20-25 ग्रामों कि सैकड़ों बालिकाओं को कक्षा 10वी के पश्‍चात् हायर सेकेन्‍डरी स्‍कूल में अध्‍ययन हेतु आ रही समस्‍याओं के निराकरण हेतु भविष्‍य में पि‍पलरांवा को कन्‍या हायर सेकेन्‍डरी स्‍कूल कि सौगात दी जावेगी या नहीं?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जी हाँ। सोनकच्‍छ विधानसभा क्षेत्र में सत्र 2012-13, 2014-15, 2015-16 एवं 2016-17 में किसी भी शासकीय प्राथमिक शाला का माध्‍यमिक शाला में उन्‍न्‍यन नहीं किया गया है। सत्र 2013-14 में एक शासकीय प्राथमिक शाला सकतली का माध्‍यमिक शाला में उन्‍नयन किया गया है। हाईस्‍कूल/हायर सेकेन्‍डरी स्‍कूलों की जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट पर है। (ख) शासकीय हाईस्‍कूल कन्‍या पीपलरांवा से निकटतम हायर सेकेण्‍डरी स्‍कूल की दूरी 0.5 किमी होने से दूरी के मापदण्‍ड की पूर्ति नहीं करती है। अत: शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) बालिकाएं समीपस्‍थ उ.मा.वि. पीपलरांवा में अध्‍ययन हेतु जाती है। उत्‍तरांश '''' के प्रकाश में शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''एक''

आदिवासी बी.पी.एल. हितग्राहियों को विद्युत/डीजल पंप प्रदाय

[आदिम जाति कल्याण]

2. ( क्र. 1511 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या वर्ष 2015-16 में आदिवासी बी.पी.एल. हितग्राहियों को 29 पंप एवं 25 बैल जोड़ी स्वीकृत की गई हैं? (ख) यदि हाँ, तो क्या हितग्राहियों को सामग्री वितरित करा दी गयी हैं? (ग) क्या सामग्री का वितरण जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में कराने हेतु निर्देश हैं? (घ) यदि हाँ, तो किनकी उपस्थिति में वितरण कराया गया हैं?

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) जी हाँ। पनागर विधान सभा क्षेत्र में वित्तीय वर्ष 2015-16 में आदिवासी बी.पी.एल. हितग्राहियों को 16 विद्युत पंप, 13 डीजल पंप एवं 25 बैल जोड़ी स्वीकृत की गई है। (ख) से (घ) जी नहीं। राज्य शासन आदेश दिनांक 30/07/2012 द्वारा आदिवासी उपयोजना विशेष केन्द्रीय सहायता मद अन्तर्गत हितग्राही मूलक योजनाओं की राशि सीधे हितग्राहियों के बैंक खाते में जमा कराये जाने के निर्देश अनुसार हितग्राहियों के खाते में राशि जमा करा दी गई है। अत: शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

ग्रामीण क्षेत्रों में दाइयों द्वारा प्रसव कार्य

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

3. ( क्र. 1512 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या पूर्व वर्षों में ग्रामीण क्षेत्रों में दाइयों द्वारा प्रसव कार्य कराये जाते थे? (ख) क्या इन्हें अल्पकालिक प्रशिक्षण भी दिया गया था? (ग) क्या आशा कार्यकर्ताओं की नियुक्ति के बाद इन दाइयों का कार्य स्वत: समाप्त हो गया हैं? (घ) क्या‍ इन प्रशिक्षित दाइयों को अस्पतालों में आया या अन्य कोई कार्य देने पर विचार किया जा सकता हैं?

लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) एवं (ख) जी हाँ। (ग) जी नहीं, आशा कार्यक्रम के प्रारम्भ के कारण नहीं बल्कि संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के उद्देश्‍य से। (घ) जी नहीं।

संचालित छात्रावास में निवासरत छात्रायें

[आदिम जाति कल्याण]

4. ( क्र. 1680 ) श्री शंकर लाल तिवारी : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सतना जिले में आदिम जाति कल्‍याण विभाग के कितने छात्रावास संचालित है तथा कितनी छात्र/छात्रायें निवास करती हैं? (ख) छात्रावास के संचालन के लिए प्रति छात्र/छात्रा शासन से कितना आवंटन प्राप्‍त होता है। छात्रावासवार, छात्र संख्‍यावार, शासन से प्राप्‍त आवंटन की जानकारी दें? (ग) क्‍या सभी छात्रावासों में शुद्ध पेयजल उपलब्‍ध कराने के लिए आर.ओ.लगाये गये है? यदि हाँ, तो कब। यदि नहीं, तो क्‍यों? (घ) सभी छात्रावासों में कब तक शुद्ध पेयजल उपलब्‍ध कराने हेतु आर.ओ. लगवा दिये जायेंगे बतायें? समय-सीमा भी दें?

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र '''' में वर्णित अनुसार है। (ग) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (घ) माह जुलाई 2017 तक भू-जल स्तर का माप कराया जाकर आवश्यकतानुसार अतिरिक्त बोर का लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग से प्राक्कलन/तकनीकी स्वीकृति प्राप्त की जाकर पानी की टंकी की व्यवस्था कर आगामी सत्र में आर.ओ. लगाने की कार्यवाही की जावेगी। समय सीमा बताना संभव नहीं है।

परिशिष्ट - ''दो''

हरिजन विषेशांक एवं आदिवासी उपयोजना से आवंटित राशि की जानकारी

[आदिम जाति कल्याण]

5. ( क्र. 1898 ) श्री संजय शर्मा : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता द्वारा वर्ष 2016 - 2017 में संयोजक आदिम जाति कल्‍याण विभाग नरसिंहपुर को हरिजन विषेशांक एवं आदिवासी उपयोजना से राशि आवंटित करने हेतु कितने पत्र कौन-कौन सी दिनांकों को लिखे गये? (ख) इन पत्रों पर जिला संयोजक द्वारा क्‍या कार्यवाही की गई? कौन-कौन सी ग्राम पंचायतों को कितनी राशि कौन-कौन से कार्यों हेतु प्रदान की गई? पंचायतवार जानकारी प्रदान करें।

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) वर्ष 2016-17 में प्रश्‍नकर्ता द्वारा लिखे गये पत्रों की जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) प्राप्‍त पत्रों पर विभाग द्वारा की गई कार्यवाही की जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है।

परिशिष्ट - ''तीन''

टेंडर में चयनित फर्मों के अतिरिक्त अन्य फर्मों से खरीदी

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

6. ( क्र. 2228 ) श्री विजय सिंह सोलंकी : क्या लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2013-14, 2014-15, 2015-16, 2016-17 में खरगोन जिले में कितनी दवाएं, सर्जिकल उपकरण व अन्य खरीदी किन सप्‍लाई फर्मों से खरीदी जानकारी वर्षवार देवें। उपरोक्त खरीदी के लिए टेंडर प्रक्रिया कब-कब की गई, इसमें जो फर्में चयनित हुई उनकी सूची फर्म संचालक नाम, डी.एल.नंबर सहित वर्षवार सूची देवें। (ख) उक्त वर्षों में चयनित फर्मों के अतिरिक्त अन्य फर्मों से खरीदी की गई है तो कारण सहित इन फर्मों की सूची देवें। (ग) टेंडर में चयनित फर्मों के अतिरिक्त अन्य फर्मों से खरीदी के लिए खरगोन के अधिकारि‍यों ने वरिष्ठ अधिकारियों से अनुमति ली गई या नहीं। यदि नहीं, तो शासन ऐसे अधिकारि‍यों पर कब और क्या कार्यवाही करेगा।

लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) वर्ष 2013-14, 2014-15, 2015-2016 एवं 2016-17 में खरगोन जिले में क्रय की गई दवाएं, सर्जिकल उपकरण व अन्य खरीदी की फर्मवार, वर्षवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। टेंडर प्रक्रिया की जानकारी इसमें जो फर्म चयनित हुई उनकी सूची फर्म संचालनालय नाम, डी.एल.नंबर सहित वर्षवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) जी हाँ। टेंडर की चयनित फर्मों के अतिरिक्त शासकीय उपार्जनकर्ता अभिकरणों की फर्मों से खरीदी की गई है, क्‍योंकि मध्यप्रदेश भण्डार क्रय नियम सेवा उपार्जन नियम 2015 के अनुसार जिला स्तर पर शासकीय उपार्जनकर्ता अभिकरणों यथा-म.प्र. पब्लिक हेल्थ सर्विसेस कार्पोरेशन लिमिटेड भोपाल, म.प्र.लघु उद्योग निगम, डी.जी.एस.एण्ड.डी. म.प्र. हथकरघा, म.प्र. हस्तशिल्प, खादी ग्रामोद्योग आदि से क्रय किये जाने का प्रावधान हैं। वे दवाई, सामग्री, उपकरण जो उपरोक्त शासकीय उपार्जनकर्ता अभिकरणों में आरक्षित/अनुबंधित नहीं होती है, इनकी अधीनस्थ स्वास्थ्य संस्थाओं द्वारा मांग की जाने पर स्थानीय टेंडर से क्रय की जाकर प्रदाय की जाती है। फर्मों की वर्षवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ग) म.प्र. भण्डार क्रय नियम तथा सेवा उपार्जन नियम 2015 के अनुसार स्थानीय टेंडर में चयनित फर्मों के अतिरिक्त उपरोक्त शासकीय उपार्जनकर्ता अभिकरणों से खरीदी हेतु वरिष्ठ अधिकारियों से अनुमति की आवश्यकता नहीं होती है। औषधि क्रय में वर्ष 2013 से 14.03.2017 तक दवा नीति 2009 का पालन करते हुए 80/20 के अनुसार ही की गई है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। अतः शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।

शासकीय स्‍कूल का उन्‍नयन

[स्कूल शिक्षा]

7. ( क्र. 2308 ) कुँवर विक्रम सिंह : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) 25 जुलाई 2016 के प्र.क्र. 775 में हाई स्‍कूल एवं हायर सेकेन्‍डरी स्‍कूल खोले जाने हेतु नये निर्धारित मापदण्‍ड की जानकारी दी है? तो छतरपुर जिले के राजनगर, लवकुशनगर विकासखण्‍ड के आने वाले ग्रामीण क्षेत्रों में जिनका उन्‍नयन किया जाना है, उनकी सूची दें? (ख) क्‍या शासकीय मा.शा.बरा, लखेरी, कुरेला, इमिलिया में उन्‍नयन किये जाने हैं? यदि हाँ, तो कब तक?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जी हाँ। प्राप्‍त प्रस्‍ताव की सूची संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) प्राप्‍त प्रस्‍तावों का परीक्षण किया जा रहा है। शालाओं का उन्‍नयन मापदंडों की पूर्ति, बजट उपलब्‍धता पर निर्भर करेगा। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

परिशिष्ट - ''चार''

भवनों की खराब स्थिति

[स्कूल शिक्षा]

8. ( क्र. 2334 ) कुँवर विक्रम सिंह : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) छतरपुर जिले में सर्व शिक्षा अभियान के तहत वर्ष 2009 से 2016 तक अतिरिक्‍त कक्षों के निर्माण पर कुल कितनी राशि का व्‍यय हुआ है? (ख) जिले में जो अतिरिक्‍त कक्षों का निर्माण कराया गया वह 5-6 वर्षों में ही भवन खराब हो गये तथा क्षतिग्रस्‍त हो गये हैं?(ग) क्‍या प्र.क्र. 478, दिनांक 09.12.2016 में छतरपुर जिले में राजनगर विधानसभा क्षेत्र में ग्रामीण क्षेत्रों में खराब भवन की जाँच रिपोर्ट 2 माह में प्रश्‍नकर्ता को उपलब्‍ध कराने हेतु लेख किया गया था? क्‍या राज्‍य स्‍तर पर तकनीकी टीम गठित कर वास्‍तविक रूप से धरातल पर जाँच की जावेगी?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) छतरपुर जिले में सर्व शिक्षा अभियान के तहत वर्ष 2009 से 2016 तक अतिरिक्‍त कक्षों के निर्माण पर राशि रू. 7009.02 लाख व्‍यय हुआ है। (ख) जी नहीं। (ग) जी हाँ। तकनीकी टीम गठित कर जाँच करवाकर पत्र क्रमांक/रा.मा.शि.अ./2017/269 दिनांक 07.02.2017 द्वारा जाँच प्रतिवेदन की प्रति माननीय विधायक जी को भेजी गई है। आयुक्‍त, लोक शिक्षण के पत्र दिनांक 07.02.2017 के द्वारा जाँच प्रतिवेदन के आधार पर कलेक्‍टर जिला छतरपुर को कार्यवाही हेतु अनुरोध किया गया है।

राज्‍य बीमारी निधि के संबंध में

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

9. ( क्र. 3147 ) कुमारी निर्मला भूरिया : क्या लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला झाबुआ अंतर्गत राज्‍य बीमारी निधि अंतर्गत वर्ष 2014-15, 2015-16 एवं 2016-17 में कितने प्रकरण स्‍वीकृत कर किन-किन अस्‍पतालों में भेजे गये वर्षवार जानकारी देवें? (ख) क्‍या राज्‍य बीमारी निधि अंतर्गत जिला चिकित्‍सालय झाबुआ से चुनिन्‍दा अस्‍पतालों में ही मरीजों को भेजा जाता है। जबकि अन्‍य राज्‍यों में अच्‍छे अस्‍पतालों में भी इस योजना अंतर्गत ईलाज करवाया जा सकता है? (ग) प्रश्‍नांश (ख) में यदि हाँ, तो इसके लिये उत्‍तदायित्‍व का निर्धारण कर दोषी अधिकारियों/कर्मचारियों के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की जावेगी एवं कब तक?

लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी नहीं। राज्य बीमारी सहायता निधि अन्तर्गत मरीज के द्वारा म. प्र. शासन द्वारा मान्यता प्राप्त चिकित्सालय में से जिस भी चिकित्सालय का प्राक्कलन आवेदन के साथ प्रस्तुत किया जाता हैं, को कलेक्टर महोदय के अनुमोदन एवं स्वीकृति उपरांत मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय द्वारा उसी चिकित्सालय को स्वीकृति आदेश जारी किये जाते हैं। (ग) जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता हैं।

परिशिष्ट - ''पाँच''

छात्रावास/आश्रमों में सामग्री क्रय में अनियमितता

[आदिम जाति कल्याण]

10. ( क्र. 3148 ) कुमारी निर्मला भूरिया : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) झाबुआ जिले में आदिवासी विकास विभाग अंतर्गत संचालित छात्रावास आश्रमों में विगत वर्ष 2014-15, 2015-16 एवं 2016-17 में कौन-कौन सी और कितनी-कितनी सामग्री प्रदाय की गई? (ख) उक्‍त अवधि में छात्रावास/आश्रमों में प्रदाय सामग्री पर कितनी राशि व्‍यय की गई है तथा प्रदाय सामग्री का भौतिक सत्‍यापन किस अधिकारी द्वारा किया गया है? (ग) सामग्री किस फर्म से ली गई है इस हेतु क्‍या कोई विज्ञापन अथवा टेंडर जारी किया गया है यदि हाँ, तो उसकी छायाप्रति और यदि नहीं, तो किसके आदेश पर सामग्री छात्रावास एवं आश्रमों में प्रदाय की गई है? (घ) क्‍या विभाग को छात्रावास एवं आश्रमों में सामग्री प्रदाय के संबंध में कोई शिकायत प्राप्‍त हुई है यदि हाँ, तो उस पर क्‍या कार्यवाही की गई?

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) शासन निर्देशानुसार प्रश्‍नांकित अ‍वधि में जिला स्‍तर से कोई सामग्री क्रय कर छात्रावास/आश्रमों को प्रदाय नहीं की गई है। (ख) एवं (ग) प्रश्‍नांश (क) में दिये उत्‍तर के प्रकाश में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (घ) जी हाँ। संभाग स्‍तर पर गठित समिति द्वारा जाँच प्रतिवेदन शासन को प्रेषित किया गया है। कार्यवाही प्रचलित है।

प्राइवेट पैथोलॉजी से जाँच कराया जाना

[चिकित्सा शिक्षा]

11. ( क्र. 3387 ) श्री गिरीश गौतम : क्या राज्‍यमंत्री, चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) एस.एस. मेडिकल कॉलेज एण्‍ड एस.जी.एम. हॉस्पिटल रीवा में स्‍थापित पैथोलॉजी में कौन-कौन सी जाँच की जाती है? (ख) क्‍या एस.जी.एम. हॉस्पिटल रीवा में पैथोलॉजी होने के बावजूद मरीजों से प्राइवेट पैथोलॉजियों में जाँच कराये जाने का परामर्श दिया जाता है और अपने संबंधित पैथोलॉजी में ही जाँच के लिए कहा जाता है? (ग) एस.एस. मेडिकल कॉलेज एण्‍ड एस.जी.एम. हॉस्पिटल रीवा में पैथोलॉजी होने के बाद भी बाहर प्राइवेट पैथोलॉजी से जाँच कराये जाने का परामर्श क्‍यों दिया जाता है? क्‍या इसकी उच्‍च स्‍तरीय जाँच करायी जायेगी?

राज्‍यमंत्री, चिकित्सा शिक्षा ( एडवोकेट शरद जैन ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी नहीं। (ग) उत्तरांश '''' के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''छ: ''

एस.एस. मेडिकल कॉलेज एण्‍ड एस.जी.एम. हॉस्पिटल रीवा में नसों की भर्ती

[चिकित्सा शिक्षा]

12. ( क्र. 3388 ) श्री गिरीश गौतम : क्या राज्‍यमंत्री, चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या एस.एस. मेडिकल कॉलज एण्‍ड एस.जी.एम. हॉस्पिटल रीवा में व्‍यापम से उत्‍तीर्ण नर्सों की भर्ती के लिए डीन मेडिकल कॉलेज रीवा द्वारा एक समिति बनाकर भर्ती की गयी है? समिति में कौन-कौन सदस्‍य है उनका नाम एवं पद स‍हित बताए तथा भर्ती के लिए कब-कब विज्ञापन जारी किये गये बताए तथा कितने आवेदन पत्र प्राप्‍त हुए संख्‍या बताए? (ख) क्‍या साक्षात्‍कार के लिए प्रबंधक द्वारा अभ्‍यार्थी को पत्र भेजे गये? यदि हाँ, तो पत्र किस माध्‍यम से भेजे गये? क्‍या साक्षात्‍कार में मैरिट वाले अभ्‍यार्थियों को पत्र प्राप्‍त नहीं होने दिया गया और भर्ती में अनयिमितता बर्ती गयी? क्‍या सम्‍पूर्ण भर्ती की उच्‍च स्‍तरीय जाँच करायी जायेगी।

राज्‍यमंत्री, चिकित्सा शिक्षा ( एडवोकेट शरद जैन ) : (क) जी हाँ। शेष जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''सात''

अनुसूचित जाति योजनाओं के क्रियान्‍वयन की समीक्षा

[आदिम जाति कल्याण]

13. ( क्र. 3543 ) श्री जितेन्‍द्र गेहलोत : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भारतीय संविधान के अनुछेद २४४ के प्रावधानानुसार प्रदेश सरकार द्वारा जारी नियमों का पालन वर्ष २०१३ से क्‍या विभाग द्वारा किया जा रहा है? यदि हाँ, तो पूर्ण ब्‍यौरा दें. यदि नहीं, तो क्‍यों? (ख) वर्ष २०१३ से प्रदेश स्‍तर पर अनुसूचित जाति योजनाओं के क्रियान्‍वयन की समीक्षाओं के संबंध में विभाग द्वारा क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई एवं वर्ष २०१३ से रतलाम जिला स्‍तर से प्राप्‍त अनुसूचित जाति सहलाकर समिति के प्रस्‍तावों पर विभाग द्वारा अब तक की गई कार्यवाही का पूर्ण ब्‍यौरा दें. (ग) अनुसूचित जाति विधानसभा क्षेत्र आलोट के कितने हितग्राहि‍यों को कौशल उन्‍नयन योजना से लाभांवित किया गया.

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''एक'' तथा '''' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ग) 13 हितग्राहियों को कौशल उन्‍नयन योजना से लाभांवित किया गया है।

आदिम जाति कल्याण विभाग द्वारा संचालित छात्रावास में उपलब्ध सामग्री

[आदिम जाति कल्याण]

14. ( क्र. 3835 ) श्री कुँवरजी कोठार : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला राजगढ़ अंतर्गत आदिम जाति कल्याण विभाग द्वारा वर्तमान में कितने पोस्‍ट मैट्रिक एवं प्री-मैट्रिक छात्रावास संचालित हैं? छात्रावासवार,छात्र संख्‍या सहित बतावें? (ख) शासन स्तर से छात्रावासों में सामग्री क्रय करने के क्या नियम/प्रावधान हैं? प्रति उपलब्ध करावें। (ग) क्या प्रश्नांश (क) अंतर्गत छात्रावासों में सम्पूर्ण सामग्री शासन स्तर से प्रदान की गई है? यदि हाँ, तो सत्र 2014-15 से प्रश्न दिनांक प्रदान की गई सामग्री की सूची प्रदान करें? यदि नहीं, तो सत्र 2014-15 से प्रश्न दिनांक तक जिला स्तर से किन-किन फर्म/दुकानों से सामग्री क्रय हेतु निविदा आमंत्रित की गई हैं एवं किस-किस फर्म/दुकान को क्रय हेतु कितना-कितना भुगतान किया गया? (घ) प्रश्नांश (क) में वर्णित छात्रावासों मे, प्रश्न दिनांक तक उपलब्ध सामग्री की छात्रावासवार सूची प्रदान करें? साथ ही नई सामग्री का पुरानी सामग्री के सापेक्ष समयानुसार क्या किया गया?

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) विभाग अंतर्गत जिला राजगढ़ में पोस्‍ट मैट्रिक एवं प्री-मैट्रिक छात्रावास संचालित नहीं हैं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ख) शासन आदेश की प्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। (ग) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (घ) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

बी.एम.सी. सागर में सुपर स्‍पेशलिटी, नर्सिंग प्रशिक्षण एवं एम्‍बुलेंस सुविधाएं

[चिकित्सा शिक्षा]

15. ( क्र. 3920 ) श्री शैलेन्द्र जैन : क्या राज्‍यमंत्री, चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या शासन की बुन्‍देलखण्‍ड मेडिकल कॉलेज सागर को सुपरस्‍पेशलिटी अस्‍पताल बनाने की योजना है? यदि हाँ, तो कितने सुपरस्‍पेशलिटी पद किन-किन विषयों के स्‍वीकृत किये जाएंगे एवं कब तक? (ख) क्‍या बुन्‍देलखण्‍ड मेडिकल कॉलेज सागर में नर्सिंग प्रशिक्षण केन्‍द्र संचालित है? क्‍या बी.एम. सी. सागर में बी.एस.सी. नर्सिंग प्रशिक्षण सुविधा उपलब्‍ध करायी जायेगी? यदि हाँ, तो कब तक? (ग) क्‍या नर्सिंग के विद्यार्थियों को छात्रावास की सुविधा उपलबध है? यदि नहीं, तो क्‍या कारण हैं? छात्रावास की सुविधा कब तक उपलब्‍ध करा दी जायेगी? (घ) क्‍या मेडिकल कॉलेजों में एम्‍बुलेंस की सुविधा का प्रावधान है? यदि हाँ, तो बुन्‍देलखण्‍ड मेडिकल कॉलेज सागर में कितनी एम्‍बुलेंस उपलब्‍ध करायी गयी हैं? यदि नहीं, तो क्‍या कारण हैं? एम्‍बुलेंस सुविधा कब तक उपलब्‍ध करा दी जायेगी?

राज्‍यमंत्री, चिकित्सा शिक्षा ( एडवोकेट शरद जैन ) : (क) जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) जी हाँ। बुन्देलखण्ड मेडिकल कॉलेज, सागर में स्कूल ऑफ नर्सिंग प्रशिक्षण केन्द्र के रूप में संचालित है। बी.एस.सी. नर्सिंग प्रशिक्षण की सुविधा का प्रस्ताव प्रचलन में है। समय-सीमा बताई जाना संभव नहीं है। (ग) जी हाँ। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) जी हाँ। प्रश्न दिनांक की स्थिति में बुन्देलखण्ड, चिकित्सा महाविद्यालय, सागर में एम्बुलेंस नहीं है। एम्बुलेंस के क्रय का प्रस्ताव परीक्षणाधीन है। एम्बुलेंस की सुविधा उपलब्ध कराने की समय-सीमा बताई जाना संभव नहीं है।

बुन्‍देलखण्‍ड मेडीकल कॉलेज सागर के भवनों का निर्माण कार्य

[चिकित्सा शिक्षा]

16. ( क्र. 3921 ) श्री शैलेन्द्र जैन : क्या राज्‍यमंत्री, चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सागर में बुन्‍देलखण्‍ड मेडीकल कॉलेज सागर का निर्माण कार्य कब प्रारंभ किया गया था? प्रश्‍न दिनांक तक कितने कार्य पूर्ण कर लिये गये हैं तथा कितने कार्य शेष हैं? शेष निर्माण कार्य कब तक पूर्ण कर लिये जायेंगे? (ख) क्‍या शासन द्वारा बुन्‍देलखण्‍ड मेडीकल कॉलेज भवन निर्माण ए‍जेंसी हाउसिंग बोर्ड को किये गये निर्माण कार्यों का पूर्ण भुगतान करा दिया गया है? यदि नहीं, तो कितना शेष है तथा कब तक शेष भुगतान करा दिया जायेगा? (ग) क्‍या निर्मित सभी भवनों का हस्‍तानांतरण हाउसिंग बोर्ड द्वारा लोक निर्माण विभाग को कर दिया गया है? यदि हाँ, तो कब और किन-किन भवनों का नाम सहित बतायें।

राज्‍यमंत्री, चिकित्सा शिक्षा ( एडवोकेट शरद जैन ) : (क) निर्माण कार्य दिनांक 10 अगस्त, 2007 को निर्माण एजेंसी हाउसिंग बोर्ड द्वारा प्रारंभ किया गया था। बुन्देलखण्ड, चिकित्सा महाविद्यालय एवं चिकित्सालय का कार्य लगभग पूर्ण कर लिया गया है। ऑडिटोरियम भवन, स्टॉफ क्वार्टर टाईप-2/6 एवं पार्किंग, फायर फाईटिंग एवं लिफ्ट का निर्माण कार्य शेष है। निर्माण कार्य पूर्ण करने की समय-सीमा बताना संभव नहीं है। (ख) जी नहीं। राशि रूपये 386.00 लाख का भुगतान शेष है। आगामी वित्तीय वर्ष में शेष कार्य पूर्ण कर भुगतान किया जायेगा। (ग) जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

मण्‍डला जिले में निवास रत वनग्रामों के निवासियों को भू-अधिकार पत्र प्रदान किया जाना

[आदिम जाति कल्याण]

17. ( क्र. 3956 ) श्री रामप्यारे कुलस्ते : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मंडला जिले में सैकड़ों वर्ष से जंगल के ग्रामों में निवास करने वाले जो कि जंगल से लगी हुई जमीनों में वन विभाग के पट्टे के आधार पर खेती का कार्य करते चले आ रहे हैं वो चाहे आदिवासी हरिजन पिछड़ा वर्ग तथा सामान्‍य वर्ग के लोग क्‍यों न हों क्‍या उन्‍हें वन अधिकार पत्र प्रदान कर दिये गये हैं (ख) यदि नहीं, प्रदान किये गये हैं तो क्‍यों, कारण बतावें और यदि प्रदान किये जावेंगे तो कब तक? (ग) मंडला जिले में कुल ऐसे कितने वनग्राम हैं उन ग्रामों में ऐसे कितने हितग्राही हैं संख्‍या बतावें? (घ) इन वनग्रामों के कितने हितग्राहीयों को भू-अधिकार पत्र प्रदान कर दिया गया है कृपया इसकी सूची हितग्राहियों के नाम पिता के नाम सहित प्रदान करंगे संख्‍यात्‍मक जानकारी बताएं?

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) जी हाँ। 2099 वन विभाग के पट्टेधारियों में से 1862 को वन अधिकार पत्र दिये गये है। (ख) अनुसूचित जनजाति और अन्य परम्परागत वन निवासी (वन अधिकारों की मान्यता) अधिनियम 2006 के नियम 2008 के तहत शेष 237 अन्य परम्परागत वन निवासी के वन क्षेत्र में तीन पीढ़ि‍यों से निवास न होने के कारण वन अधिकार पत्र नहीं दिये गये है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''एक'' अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''दो'' अनुसार है।

विमुक्‍त जाति के आवासों का आवंटन

[विमुक्त, घुमक्कड़ एवं अर्द्धघुमक्कड़ जाति कल्याण]

18. ( क्र. 4409 ) श्री मेहरबान सिंह रावत : क्या राज्‍यमंत्री, पिछड़ा वर्ग महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) विगत दो वर्षों में ग्‍वालियर जिले के घाटीगांव विकासखण्‍ड की ग्राम पंचायत पाटई को विमुक्‍त जाति आवास एवं विकास कार्य प्रदान किये जाने के संबंध में माननीय केन्‍द्रीय पंचायत मंत्री एवं अन्‍य मंत्रियों द्वारा एवं मुख्‍यमंत्री कार्यालय द्वारा कब-कब सहायक विकास आयुक्‍त ग्‍वालियर को पत्र लिखे गये? उन पर क्‍या कार्यवाही की गई है। (ख) क्‍या 2015-16 एवं 2016-17 में घाटीगांव विकासखण्‍ड को विमुक्‍त घुम्‍मकड़, अर्द्ध घुम्‍मकड़ जनजाति के लिये आवंटन प्रदाय नहीं किया गया है? यदि हाँ, तो क्‍यों? कब तक आवंटन प्रदाय किया जायेगा? घाटीगांव विकासखण्‍ड के साथ हो रही उपेक्षा के लिये कौन दोषी है?

राज्‍यमंत्री, पिछड़ा वर्ग ( श्रीमती ललिता यादव ) : (क) विगत दो वर्षों में ग्वालियर जिले में अपर निज सचिव इस्पात एवं खान मंत्री महोदय, भारत सरकार, नई दिल्ली का पत्र क्रमांक/126, दिनांक 04.06.2015 एवं माननीय मंत्री, श्रम, पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण, विमुक्त, घुमक्कड़ एवं अर्द्ध घुमक्कड़ जनजाति कल्याण विभाग, मध्यप्रदेश शासन का पत्र क्रमांक 7433, दिनांक 9.07.2015 प्राप्त हुये। वित्तीय संसाधनों की कमी के कारण प्राप्त प्रस्ताव विचाराधीन है। (ख) प्रश्नाधीन अवधि में ग्वालियर जिले को आवास योजना में राशि रूपये 30.00 लाख का आवंटन दिया गया। विकासखण्डवार आवंटन प्रदाय नहीं किया जाता है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

अ.ज.जा. एवं अ.जा. बस्ती विकास कार्य

[आदिम जाति कल्याण]

19. ( क्र. 4940 ) श्री सतीश मालवीय : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) घट्टि‍या विधानसभा क्षेत्र में अ.ज.जा. एवं अ.जा. बस्ती विकास कार्य के तहत वर्ष २०१४-१५, २०१५-१६ एवं २०१६-२०१७ में कितनी राशि स्वीकृत की गई है? (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार उक्त अवधि में स्वीकृत राशि से किस-किस ग्राम में कौन-कौन से विकास कार्य एवं कितनी राशि से कराये गए? (ग) प्रश्नांश (ख) अनुसार अ.ज.जा. एवं अ.जा. बस्ती विकास कार्य के तहत कितने कार्य पूर्ण हो चुके है एवं कितने कार्य पूर्ण होना शेष है?

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) प्रश्‍नांश अंतर्गत जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ग) अनुसूचित जाति बस्ती विकास योजनांतर्गत 19 कार्य स्वीकृत किए हैं। 01 कार्य पूर्ण है जबकि 18 कार्य अपूर्ण हैं।

पिछड़ा वर्ग में सम्मिलित जातियों की सूची

[पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण]

20. ( क्र. 5086 ) श्री कमल मर्सकोले : क्या राज्‍यमंत्री, पिछड़ा वर्ग महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) मध्‍यप्रदेश शासन द्वारा घोषित पिछड़ा वर्ग में सम्मिलित जातियों की सूची में क्रमांक 81 में उल्‍लेखित अनुसूचित जातियां जिन्‍होंने ईसाई धर्म व बौद्ध धर्म स्‍वीकार कर लिया है इनके संबंध में म.प्र. शासन और केन्‍द्र शासन के दिशा-निर्देशों, बैठकों तथा इस क्रमांक की सूची सम्मिलित करने संबंधी कार्यवाही विवरण से अवगत करावें। क्रमांक 81 में उल्‍लेखित प्रावधान को किन जाति वर्ग अनुसूचित जातियों या अनुसूचित जनजाति से लिया गया है व इन नियमों में त्रुटि है तो सुधार संबंधी कार्यवाही विवरण से अवगत कराया जाये? म.प्र. में वर्ष 1990 से वर्तमान तक समस्‍त कलेक्‍टर को धर्म परिवर्तन किये जाने हेतु शासकीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा दिये गये आवेदनों नाम सहित जानकारी से अवगत करावें? (ख) क्‍या वर्ष 1990 से लेकर वर्तमान तक अनुसूचित जाति से धर्म परिवर्तन का ईसाई धर्म व बौद्ध धर्म अपनाने वाले शासकीय अधिकारियों व कर्मचारियों को पिछड़ा वर्ग में रखा जाने का प्रावधान है?

राज्‍यमंत्री, पिछड़ा वर्ग ( श्रीमती ललिता यादव ) : (क) (म.प्र. शासन पिछड़ा वर्ग तथा अल्‍पसंख्‍यक कल्‍याण विभाग) की अधिसूचना क्रमांक एफ 23-14/98/54-1, दिनांक 21.09.98 द्वारा पिछड़ा वर्ग की घोषित जातियों की अनुसूची के संबंध में निम्‍नानुसार प्रावधान किया है- इस अनुसूची के सरल क्रमांक 81 पर अंकित अथवा बौद्ध धर्म नवबौद्ध को विलोपित किया जाता है। अथवा बौध्‍द धर्म नवबौध्‍द को विलोपित करने के फलस्‍वरूप सरल क्रमांक-81 के कालम-2 में निम्‍नानुसार प्रावधान रहेगा अनुसूचित जातियां जिन्‍होंने ईसाई धर्म स्‍वीकार कर लिया है उक्‍त प्रावधान केवल अनुसूचित जाति के संबंध में किया गया है। अधिसूचना की छायाप्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। वर्ष 1990 से वर्तमान तक समस्‍त कलेक्‍टर को धर्म परिवर्तन किये जाने हेतु शासकीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों के द्वारा दिये गये आवेदनों के नाम सहित जानकारी संकलित की जा रही। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट में इस संबंध में स्‍पष्‍ट प्रावधान किया गया है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

कौशल उन्‍नयन प्रशिक्षण कार्यक्रम

[आदिम जाति कल्याण]

21. ( क्र. 5087 ) श्री कमल मर्सकोले : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सिवनी जिले में अनुसूचित जनजाति वर्ग के शिक्षित बेरोजगारों के लिए चलाए जा रहे प्रशिक्षण कार्यक्रमों/कौशल उन्‍नयन के माध्‍यम से स्‍व-रोजगार स्‍थापित करने के लिए वर्ष 2013 से वर्तमान तक कुल कितना आवंटन शासन स्‍तर से प्राप्‍त हुआ तथा कितना व्‍यय हुआ? योजना से आज दिनांक तक कितने बेरोजगार लाभान्वित हुए हैं? (ख) सिवनी जिले में छपारा मुख्‍यालय में संचालित कौशल उन्‍नयन प्रशिक्षण केन्‍द्र कब से संचालित है यहां से 2013 से लेकर वर्तमान तक कितने युवक-युवती प्रशिक्षण प्राप्‍त कर चुके है तथा प्रशिक्षण प्राप्‍त बेरोजगारों को रोजगार मिल चुका है? य‍हां पर प्रशिक्षण प्राप्‍त करने वाले प्रशिक्षणार्थियों को शासन के प्रावधान अनुसार कौन-कौन सी सुविधाएं उपलब्‍ध करायी जा रही है? इस संस्‍थान को प्रारंभ से लेकर वर्तमान तक प्राप्‍त आवंटन व व्‍यय की जानकारी उपलब्‍ध करावे?

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) प्रश्‍नांश अंतर्गत वर्ष 2013 से वर्तमान तक सिवनी जिले में संचालित एक मात्र कौशल उन्‍नयन प्रशिक्षण केन्‍द्र हेतु प्राप्‍त आवंटन तथा व्‍यय की जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र ''एक'' अनुसार तथा लाभांवितों की जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र ''दो'' अनुसार है। (ख) जुलाई 2013 से संचालित। प्रश्‍नांश अंतर्गत 604 युवक-युवती प्रशिक्षण प्राप्‍त कर चुके हैं। जिसमें से 38 प्रशिक्षणार्थियों को रोजगार मिल चुका है। प्रशिक्षणार्थियों को प्रशिक्षण, छात्रवृत्ति, रोजगार, स्‍वरोजगार आदि सुविधायें उपलब्‍ध कराई जा रही हैं। संस्‍थान को प्रारंभ से लेकर वर्तमान तक प्राप्‍त आवंटन व व्‍यय की जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र ''एक'' अनुसार है।

परिशिष्ट - ''आठ''

खेत तक विद्युत आपूर्ति

[आदिम जाति कल्याण]

22. ( क्र. 5103 ) श्री महेन्‍द्र सिंह : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) आदिम जाति कल्‍याण विभाग जिला पन्‍ना में वर्ष 2014-15 एवं 2015-16 में अनुसूचित जाति एवं जनजाति के कृषकों के खेत तक विद्युत लाइन विस्‍तार हेतु कितने प्रकरण प्राप्‍त हुए। विधानसभा संख्‍यात्‍मकवार ब्‍यौरा देवें। (ख) प्रश्‍नांश '' में उल्‍लेखित कितने प्रकरण स्‍वीकृत कर कार्य पूर्ण करा दिये गये हैं एवं कितने शेष हैं। शेष का कारण सहित विधानसभा संख्‍यात्‍मकवार बतावें। (ग) क्‍या विभाग में संचालित उक्‍त योजना वर्ष 2016-17 में ऊर्जा विभाग को हस्‍तांतरित की गई है। यदि हाँ, तो आदिम जाति कल्‍याण विभाग जिला पन्‍ना द्वारा लंबित प्रकरणों की नस्‍ती म.प्र. पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी जिला पन्‍ना को प्रेषित कर दी गई है या नहीं। यदि हाँ, तो किस दिनांक को। यदि नहीं, तो क्‍यों कारण बतावें। (घ) क्‍या उक्‍त योजना की सफलता के बाधक आदिम जाति कल्‍याण विभाग के अधिकारियों के विरूद्ध कार्यवाही की जावेगी।

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। परीक्षण उपरांत वित्तीय संसाधन की उपलब्धता के आधार पर कार्य कराये जाते है। (ग) जी नहीं, योजना की प्रावधानित राशि अस्थाई कृषि पंप कनेक्शनों को स्थाई कृषि पंप कनेक्शनों में परिवर्तित करने हेतु ऊर्जा विभाग को हस्तान्तरित करने के निर्णय के फलस्वरुप जिला पन्ना को आवंटन के विरूद्ध कार्यपालन यंत्री म.प्र.प.क्षे.वि.वि.क. पन्ना को कार्य कराये जाने हेतु लिखा गया है। (घ) योजना के क्रियान्वयन में किसी अधिकारी के बाधक होने का तथ्य प्रकाश में नहीं आये हैं, अतः शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

नवजात शिशुओं की मृत्‍यु

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

23. ( क्र. 5104 ) श्री महेन्‍द्र सिंह : क्या लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) पन्‍ना जिले में वर्ष 2013 से प्रश्‍न दिनांक तक कितने नवजात शिशुओं की मृत्‍यु हुई? नवजात मृत्‍यु, नवजात उपरांत मृत्‍यु, शिशु मृत्‍यु एवं बाल मृत्‍यु की माहवार जिला चिकित्‍सालय सहित स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्रवार जानकारी देवें? (ख) जिले में 2013 से प्रश्‍न दिनांक तक जिले में बाल मृत्‍यु समीक्षा समिति की बैठक कब-कब आयोजित की गई तथा क्‍या-क्‍या निर्णय लिए गए? (ग) जिले की जिला बाल मृत्‍यु समीक्षा रिपोर्ट माहवार उपलब्‍ध करावे साथ ही जिले में बाल मृत्‍यु के कारण बतावें? (घ) जिला स्‍तरीय समीक्षा में बाल मृत्‍यु के लिए कौन-कौन अधिकारी कर्मचारी दोषी पाए गए है? दोषी पाए गए अधिकारी/कर्मचारियों पर कब-कब और क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई है? यदि नहीं, की गई तो क्‍यों? यदि की जावेगी तो कब तक बतावें?

लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) पन्ना जिले में प्रश्‍नावधि में 1028 नवजात शिशुओं की मत्यु हुई। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ग) पन्ना जिले की बाल मृत्यु समीक्षा रिपोर्ट की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। बाल मृत्यु के प्रमुख कारण समयपूर्व जन्म, श्‍वसन संबंधी समस्या, जन्म के समय कम वज़न, बर्थ एस्फिक्सिया, संक्रमण, निमोनिया, डायरिया, मलेरिया, खसरा आदि थे। (घ) बाल मृत्यु की समक्षा का मुख्य उद्देश्‍य सुधारात्मक कार्यवाही करना है, इसके अंतर्गत मृत्यु के कारण का पता कर आवश्‍यक सुधारात्मक कार्यवाही की जाती है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

भाषाई शिक्षकों की नियुक्तियों

[स्कूल शिक्षा]

24. ( क्र. 5149 ) श्री के.पी. सिंह : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या भाषाई शिक्षकों के संबंध में शासन द्वारा प्रदेश के विशेष पिछड़ी जनजातियों (आदिम जनजाति) के व्‍यक्तियों के लिए विशेष भर्ती प्रक्रिया अपनाने हेतु कोई आदेश/निर्देश जारी किये गये हैं? यदि हाँ, तो निर्देशों/आदेशों की छायाप्रतियां उपलब्‍ध करावें। (ख) विगत वर्षों में स्‍कूल शिक्षा विभाग द्वारा विशेष पिछड़ी जनजातियों (आदिम जनजाति) के व्‍यक्तियों के लिए विशेष भर्ती अभियान के अंतर्गत भाषाई शिक्षकों की कब-कब नियुक्तियाँ की गई? (ग) क्‍या उपरोक्‍त नियुक्‍त किये गये भाषाई शिक्षकों की सेवाएँ शासन द्वारा समाप्‍त कर दी गई है? प्रदेश के किन-किन जिलों में भाषाई शिक्षक वर्तमान में कार्यरत हैं तथा कितने भाषाई शिक्षकों को निकाला जा चुका है? जिलेवार संख्‍या बतावें। (घ) क्‍या निकाले गये भाषाई शिक्षकों को संविदा शिक्षक ग्रेड-2 एवं 3 के पदों पर नियुक्ति किया जा चुका है? यदि हाँ, तो जिलेवार संख्‍या बतावें और यदि नहीं, तो क्‍यों? निकाले गये भाषाई शिक्षकों को कब तक नियुक्ति प्रदान की जावेगी?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) सहायक शिक्षक/शिक्षकों की सीधी भर्ती के पदों पर विभाग के आदेश दिनांक 28 जनवरी 1998 के अनुसार दिनांक 01.01.98 से रोक है। शेषांश की जानकारी एकत्रित की जा रही है। (ख) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

प्राचार्य/प्रधानाध्‍यापक की सेवा पुस्तिका की जाँच

[स्कूल शिक्षा]

25. ( क्र. 5347 ) श्री अंचल सोनकर : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जबलपुर जिले के अंतर्गत कितने प्राचार्य/प्रधानाध्‍यापक विगत कई वर्षों से एक ही स्‍थान पर लगातार पदस्‍थ हैं। सूची देवें। उनके एक ही स्‍थान पर पदस्‍थ रहने का कारण क्‍या है। (ख) प्रश्‍नांश '' में पदस्‍थ ऐसे कितने प्राचार्य/प्रधानाध्‍यापक है जिनके विरूद्ध अन्‍यत्र जिलों में पदस्‍थ रहते हुये विभागीय जाँच गबन का आरोप या अन्‍य किसी प्रकार के प्रकरण में पुलिस प्रकरण बने हो अथवा लंबित है। (ग) क्‍या प्रश्‍नांश '' में पदस्‍थ ऐसे प्राचार्यों/प्रधानाध्‍यापकों की विभागीय जाँच गबन अथवा पुलिस प्रकरण की जाँच पूर्ण होने के पूर्व ही उन्‍हें नियमित प्राचार्य/प्रधानाध्‍यापक का प्रभार अथवा अन्‍य कोई महत्‍वपूर्ण दायित्‍व का निर्वाहन करने का प्रभार सौंप दिया गया है। किन-किन को कब से सूची देवें। (घ) क्‍या विभागीय जाँच गबन अथवा पुलिस प्रकरण में फसें प्राचार्य/प्रधानाध्‍यापक की सेवा पुस्तिका के कुछ पन्‍नों को सेवा पुस्तिका से फाड़ कर अलग कर दिया गया है अथवा मूल पन्‍ने को फाड़ कर फोटो कॉपी चस्‍पा कर दी गई है। यदि हाँ, तो किस-किस की बतावें। क्‍या शासन जबलपुर जिले में पदस्‍थ प्राचार्यों/प्रधानाध्‍यपकों की सेवा पुस्तिका की जाँच जिले के बाहर की समिति गठित कर कराई जावेगी यदि हाँ, तो कब तक नहीं तो क्‍यों कारण बतावें। यह भी बताया जावे कि क्‍या जाँच समिति जाँच के दौरान प्रश्‍नकर्ता की उपस्थिति सुनिश्चित की जावेगी यदि हाँ, तो कब तक?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जबलपुर जि‍ले अंतर्गत प्राचार्य, हाईस्‍कूल/हायर सेकेण्‍डरी स्‍कूल की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र 'एक' एवं प्रधानाध्यापक की जानकारी पुस्तकालय में रखे  परिशिष्‍ट के प्रपत्र 'दो' अनुसार है। (ख) एवं (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है। (घ) एक प्रकरण संज्ञान में आया है। जिसकी जाँच हेतु जिला शिक्षा अधिकारी जिला सिवनी को लिखा गया है। जाँच प्रतिवेदन प्राप्‍त होने पर अग्रेत्‍तर कार्यवाही की जा सकेगी।

खाद्य सामग्री का निर्माण एवं विक्रय

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

26. ( क्र. 5348 ) श्री अंचल सोनकर : क्या लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जबलपुर जिले में खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत (लाइसेंसिंग एंड रजिस्‍ट्रेशन ऑफ फुड बिजनेस) खाद्य सामग्री का निर्माण व विक्रय से संबंधित पंजीकृत/लाइसेंसधारी कौन-कौन से होटल रेस्‍टोरेंट, लॉज ढाबा व किन-किन शिक्षण संस्‍थाओं में मेस, केन्‍टीन संचालित है अवैध रूप से बिना लाइसेंस के संचालितों के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की गई। वर्ष 2016-17 की स्थिति में सूची देवें। (ख) प्रश्‍नांश '' में किन-किन खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने कब-कब, कहाँ-कहाँ से किन-किन खाद्य पदार्थों के नमूने जाँच हेतु लिये जाँच में कौन-कौन से नमूने दूषित, मिलावटी व गुणवत्‍ताविहीन पाये गये हैं। इनमें से कितने नमूनों के प्रकरणों में क्‍या कार्यवाही की गई है। कितने प्रकरणों में मान. न्‍यायालय में चालान प्रस्‍तुत किया गया। तिथि से अवगत करावें। वर्ष 2013-14 से 2016-17 तक की माहवार जानकारी विवरण सहित देवें। (ग) प्रश्‍नांश '' में संचालित किन-किन शिक्षण संस्‍थाओं, महाविद्यालयों में मेस एवं केन्‍टीन से खाद्य पदार्थों के नमूने जाँच हेतु किस-किस अधिकारियों द्वारा कब-कब लिये गये तथा कहाँ- कहाँ से नमूने जाँच हेतु नहीं लिये गये क्‍यों? क्‍या शासन इसके लिये दोषी खाद्य सुरक्षा अधिकारियों पर कार्यवाही करेगा यदि हाँ, तो कब तक वर्ष 2014-15 से 2016-17 की जानकारी देवें।

लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'' अनुसार है। बिना लाइसेंस के संचालन से संबंधित जानकारी निरंक है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'' अनुसार है। शेष प्रश्नांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) उत्‍तरांश (ख) अनुसार।

शासकीय विद्यालयों के भवन, बाउण्ड्रीवॉल एवम भूमि

[स्कूल शिक्षा]

27. ( क्र. 5492 ) श्री सतीश मालवीय : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला उज्जैन में कितने शासकीय विद्यालय भवनविहीन एवं कितने बाउण्ड्रीवॉल विहीन हैं? कितने विद्यालय किराये के भवन में संचालित हो रहे हैं? विधानसभा क्षेत्रवार सूची उपलब्ध करावें। (ख) घट्टिया विधानसभा क्षेत्र में कितने भवन जर्जर स्थिति में है? सूची उपलब्ध करावें। इन शालाओं को कब तक सुरक्षित नया भवन बनाया जायेगा अथवा मरम्मत कराया जावेगा? (ग) घट्टिया विधानसभा क्षेत्र में कितने विद्यालयों की भूमि पर अवैध कब्जा है? इस हेतु विगत 3 वर्ष में जिला एवं विकासखण्ड स्तर पर क्या-क्या कार्यवाही की गई?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) हाई व हायर सेकेण्‍डरी विद्यालयों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'एक' एवं 'दो' अनुसार। 36 शासकीय प्राथमिक एवं 16 माध्‍यमिक विद्यालय भवनविहीन है। 884 प्राथमिक एवं 346 माध्‍यमिक विद्यालय परिसर बाउण्ड्रीवॉल विहीन है। 07 प्राथमिक एवं 02 माध्‍यमिक विद्यालय किराये के भवन में संचालित है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार। (ख) हाई व हायर सेकेण्‍डरी स्‍कूलों के भवन  जर्जर स्थिति में नहीं है। शेषांश प्रश्न उपस्थित नहीं होता। 09 शासकीय प्राथमिक एवं 02 माध्यमिक विद्यालय भवन जर्जर-शीर्ण है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार। जीर्ण-शीर्ण भवनों के प्रस्ताव वार्षिक कार्ययोजना वर्ष 2017-18 में भारत शासन को प्रेषित किये गये हैं। भारत शासन से स्वीकृति प्राप्त होने पर नवीन भवन का निर्माण किया जा सकेगा। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ग) हाई व हायर सेकेण्‍डरी स्‍कूल की भूमि पर अवैध कब्‍जा नहीं है। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। शासकीय माध्यमिक विद्यालय रनाहेडा की भूमि पर अतिक्रमण है। इस संबंध में अतिक्रमण हटाने हेतु विभाग द्वारा कलेक्टर की ओर से अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) को पत्र लिखा गया। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार। विकासखंड स्तर से पत्र व्यवहार की कोई कार्यवाही नहीं की गई।

स्वीकृत पदों का सेटअप लागू करना

[स्कूल शिक्षा]

28. ( क्र. 5689 ) श्री निशंक कुमार जैन : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या विदिशा जिले के अन्‍तर्गत जिला शिक्षा अधिकारी एवं विकास खण्‍डों में लिपिक संवर्ग रचनाक्रम क्‍या है? प्रति उपलब्‍ध करायें। (ख) प्रश्‍नांश (क) विदिशा जिले में जिला शिक्षा अधिकारी एवं विकासखण्‍ड कार्यालयों में लिपिक संवर्ग में कौन-कौन से व कितने पद स्‍वीकृत कार्यरत एवं रिक्‍त है? सूची उपलब्‍ध करावें? (ग) प्रश्‍नांश (ख) में उल्‍लेखित जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय एवं विकासखण्‍ड कार्यालयों में रिक्‍त पदों को कब तक भरा जावेगा? रिक्‍त पदों को कब तक भरा जावेगा समय सीमा बतायें? (घ) क्या सभी जिलो के सभी जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालयों एवं सभी विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालयों में एक समान सेटअप लागू कर पद स्वीकृत किये जायेंगे। यदि हाँ, तो कब तक प्रस्ताव शासन को प्रेषित किया जावेगा। यदि नहीं, तो स्पष्ट कारण दें। विदिशारायसेन जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालयों में एवं इनके अधीनस्थ सभी विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालयों में स्वीकृत पदों की संख्‍या देवें।

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-एक अनुसार(ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-दो अनुसार। (ग) रिक्‍त पदों पर पदस्‍थापना एक सतत् प्रक्रिया है। निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (घ) जी नहीं। जिला स्‍तरीय एवं विकासखंड स्‍तरीय में कार्य के प्रकार पृथक होने से। विदिशा-रायसेन की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-एक में सम्मिलित है।

निर्माण कार्यों की जानकारी

[आदिम जाति कल्याण]

29. ( क्र. 5807 ) श्री तरूण भनोत : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या आदिम जाति कल्‍याण विभाग में निर्माण कार्यों की एजेंसी परियोजना क्रियान्‍वयन ईकाई को निर्धारित किया गया है? यदि हाँ, तो किस आदेश के तहत? जानकारी देवें? (ख) यदि वर्णित (क) के विभाग के सभी निर्माण कार्य परियोजना क्रियान्‍वन ईकाई द्वारा किये जा रहे हैं तो विभागीय तकनीकी अमले का क्‍या उपयोग किया जा रहा है एवं इनसे किस प्रकार के दायित्‍वों का निर्धारण किया गया है? (ग) शासन वर्णित (क) के विभागीय तकनीकी अमले के वेतन भत्‍तों पर वार्षिक कितनी राशि का व्‍यय कर रही है?

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) जी हाँ। माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा विभागीय समीक्षा बैठक दिनांक 17.05.2012 के कार्यवाही विवरण में दिये निर्देश के पालन में परियोजना क्रियान्वयन इकाई, लोक निर्माण विभाग को निर्माण एजेंसी निर्धारित किया गया है। (ख) जी नहीं। लागत राशि रू. 25.00 लाख से कम के निर्माण कार्य, मरम्‍मत कार्य, लघु निर्माण कार्य विभागीय एवं अन्य तकनीकी अमले से कराये जा रहे हैं। (ग) वर्णित (क) के विभागीय तकनीकी अमले के वेतन भत्तों पर राशि रू. 1,67,86,807/- वार्षिक राशि का व्यय कर रही है।

अध्यापक संवर्ग के कर्मचारियों के वेतन निर्धारण में विसंगति

[स्कूल शिक्षा]

30. ( क्र. 5846 ) श्री रामनिवास रावत : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) म.प्र. शासन नगरीय तथा ग्रामीण विकास विभाग द्वारा दिनांक 15 अक्‍टूबर, 2016 के आदेश के क्रम में प्रदेश में नियुक्‍त अध्‍यापक संवर्ग के कर्मचारियों को छठवां वेतन आयोग अनुसार वेतन दिए जाने के क्रम में जिला श्‍योपुर के किन-किन विकासखण्‍डों में छठवां वेतनमान कब से प्रदान किया जा रहा है? किन-किन में नहीं एवं क्‍यों? (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार वेतन निर्धारण पत्रक विसंगति पूर्ण होकर पुनरीक्षण किया जा रहा है? यदि हाँ, तो संशोधित वेतन निर्धारण पत्रक कब तक जारी कर सामान रूप से वेतन का निर्धारण कर दिया जावेगा? (ग) क्या अध्यापक संवर्ग की सेवा शर्तों अनुसार 12 वर्ष की सेवा अवधि पूर्ण करने वाले अध्यापक संवर्ग के कर्मचारियों को क्रमोन्नति/पदोन्नति का लाभ प्रदान किया गया है? यदि हाँ, तो श्योपुर तहसील में वेतन निर्धारण में क्रमोन्नति का लाभ नहीं दिए जाने के क्या कारण है? (घ) श्योपुर तहसील में प्रश्‍नांश (क) में संदर्भित आदेश की कंडिका 2.1 एवं 2.8 का पालन वेतन निर्धारण में क्यों नहीं किया गया है? क्या इसके लिए दोषियों के विरुद्ध कार्यवाही करते हुए अन्य जिलों की भांति श्योपुर तहसील के अध्यापक संवर्ग के कर्मचारियों के वेतन का निर्धारण कर लाभ प्रदान किया जावेगा? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्यों?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) श्योपुर जिलान्तर्गत श्योपुर एवं विजयपुर विकासखण्ड तथा आदिम जाति कल्याण विभाग के अन्तर्गत कराहल में अध्यापक संवर्ग के सेवकों को छठवां वेतनमान दिनांक 01 जनवरी 2016 से प्रदाय किया जा रहा है। अतः शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ख) संवर्ग में वरिष्ठता निर्धारण, सेवावधि की गणना, वेतन वृद्धि की गणना में विसंगति/त्रुटि के कारण अन्तर की स्थिति निर्मित हुई है। इसके समाधान के लिये उदाहरण सहित स्पष्टीकरण जारी करने की कार्यवाही प्रचलित है। (ग) छठवें वेतनमान के अन्तर्गत अध्यापक संवर्ग को क्रमोन्नत वेतनमान दिये जाने के संबंध में आदेश जारी करने की प्रक्रिया प्रचलित है। पदोन्नति का प्रावधान पूर्व से है। अतः शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) श्योपुर तहसील में शासनादेश दिनांक 15.10.2016 की कण्डिका 2.1 का पालन करते हुए वेतन निर्धारण किया गया है। कण्डिका 2.8 अनुसार वेतनमान के आदेश जारी होने की प्रक्रिया प्रचलन में है। अतः शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।

विशेष पिछड़ी जनजाति के लिए संचालित योजनाओं की राशि अन्य मदों में व्यय किया जाना

[आदिम जाति कल्याण]

31. ( क्र. 5847 ) श्री रामनिवास रावत : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में निवासरत विशेष पिछड़ी जनजाति के लिए संचालित केंद्र प्रवर्तित योजनाओं में वर्ष 2015-16 एवं 2016-17 में प्रदेश को किन-किन योजनाओं में कितना-कितना राशि का आवंटन प्राप्त हुआ? उक्त राशि में से कितनी-कितनी राशि जिलों को आवंटित की गई वर्षवार, जिलेवार बतावें? (ख) श्योपुर जिले में प्रश्नाश (क) अनुसार केंद्र एवं राज्य शासन से कितनी-कितनी राशि किस-किस मद में किस-किस कार्य हेतु प्राप्त हुई? प्राप्त राशि में से कितनी-कितनी राशि, किन-किन कार्यों पर व्यय की गई? क्या राशि स्वीकृत करने से पूर्व सक्षम समिति से अनुमोदन कराया गया? यदि हाँ, तो कब एवं किन-किन कार्यों का? समिति द्वारा कार्य की स्वीकृति हेतु किये गए अनुमोदन अभिलेखों की प्रति उपलब्ध करावें। यदि नहीं, तो बिना सक्षम समिति के अनुमोदन के राशि व्यय करने के लिए कौन दोषी है? सामुदायिक एवं हितग्राहीमूलक योजनाओं की पृथक-पृथक जानकारी वर्षवार दें? (ग) क्या उक्त मद में हितग्राहीमूलक योजनाओं की राशि गैर सहरिया हितग्राही मूलक कार्यों में व्यय की है? यदि हाँ, तो किस-किस कार्य में कितनी-कितनी राशि? किस के आदेश से व्यय की गई? इस नियम विरूद्ध व्यय के लिए कौन जिम्मेदार है? उनके विरूद्ध क्या कार्यवाही की जावेगी?

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) प्रश्‍नांश अन्‍तर्गत आवंटन प्राप्‍त नहीं हुआ है। (ख) एवं (ग) उत्‍तरांश '''' के संदर्भ में शेष प्रश्‍न ही उत्‍पन्‍न नहीं होता है।

डायलेसिस मशीन का संचालन

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

32. ( क्र. 5871 ) श्रीमती नीना विक्रम वर्मा : क्या लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रदेश में गुर्दे के रोगियों के उपचार के लिये डायलेसिस मशीन शासकीय व अशासकीय अस्पतालों में प्रयुक्त होती है? (ख) यदि हाँ, तो विशेषज्ञ चिकित्सक के अतिरिक्त मशीन प्रचालन हेतु टेक्नीशियन हेतु क्या निर्धारित योग्यता शासन द्वारा निर्धारित की गई है तथा क्या डायलेसिस टेक्नीशियन हेतु प्रदेश में कोई कोर्स (डिग्री/डिप्लोमा) अनिवार्य है? (ग) इन्दौर संभाग के आदिवासी बाहुल्य जिलों में कितनी डायलेसिस मशीनें जिलेवार रजिस्टर्ड हैं तथा उसमें कितने रजिस्टर्ड टेक्नीशियन (डिग्रीधारी) उनका संचालन कर रहे हैं? नाम सहित सूची उपलब्ध करावे।

लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) जी हाँ। मध्यप्रदेश स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी टेंडर में डायलिसिस टेक्नीशियन हेतु पैरामेडिकल काउंसिल से मान्यता प्राप्त संस्था से डायलिसिस का डिप्लोमा तथा 01 साल का अनुभव अनिवार्य है। (ग) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है।

परिशिष्ट - ''नौ''

डेंगू के रोकथाम के उपाय

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

33. ( क्र. 5872 ) श्रीमती नीना विक्रम वर्मा : क्या लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या धार जिले में जुलाई 16 से दिसम्बर 16 की समयावधि में डेंगू व चिकनगुनिया सहित अन्य वायरल फीवर के मरीज पाये गये? यदि हाँ, तो जिले में डेंगू व चिकनगुनिया के कितने संभावित मरीजों का चिन्हांकन जुलाई 2016 से अक्टूबर-2016 की समयावधि में किया गया? (ख) जिले में (ELISA) परीक्षण से चिन्हांकित डेंगू के मरीजों में से कितने मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई तथा उनमें से कितने मरीजों की मृत्यु डेंगू रोग के कारण हुई? (ग) जिले में डेंगु के रोकथाम हेतु वर्षा पूर्व क्या-क्या उपाय किये गये थे तथा इस हेतु उपलब्ध बजट व बजट के विरूद्ध कितनी राशि खर्च की गई?

लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) जी हाँ। धार जिले में जुलाई 2016 से दिसम्बर 2016 की समयावधि में डेंगू, चिकनगुनिया सहित अन्य वॉयरल फिवर के मरीज पाये गये। धार जिले में माह जुलाई 2016 से अक्टूबर 2016 की समयावधि में डेंगू के 84 संभावित मरीजों का चिन्हांकन एवं चिकनगुनिया के 03 संभावित मरीजों का चिन्हांकन किया गया। (ख) जिला धार में चिन्हांकित डेंगू के संभावित 84 मरीजों में (ELISA) परीक्षण से 63 मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई तथा इनमें से 01 मरीज की मृत्यु डेंगू रोग के कारण हुई। (ग) जिला धार में डेंगू के रोकथाम हेतु वर्षा पूर्व दिये गये निर्देश संलग्न परिशिष्ट अनुसार है डेंगू की रोकथाम हेतु रूपये 2,06,000/- का बजट उपलब्ध था। इसमें से रूपये 1,06,000/- खर्च किये गये।

परिशिष्ट - ''दस''

खेल/क्रीड़ा अधिकारी, सहायक खेल/क्रीड़ा अधिकारी के पद विरूद्ध व्याख्याता की पदस्थी

[स्कूल शिक्षा]

34. ( क्र. 5917 ) श्री निशंक कुमार जैन : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) म.प्र. स्‍कूल शिक्षा विभाग अन्‍तर्गत भोपाल संभागन्‍तर्गत कार्यालय में खेल/क्रीड़ा अधिकारी सहायक खेल/क्रीड़ा अधिकारी के पद पर किस संस्‍था के व्‍याख्‍याता कितने वर्षों/लंबी अवधि से किसके आदेश पर पदस्‍थ है?(ख) भोपाल संभागान्‍तर्गत कार्यालय खेल/क्रीड़ा अधिकारी, सहायक खेल/क्रीड़ा अधिकारी के पद पर प्रश्‍नांश दिनांक तक कितने पद पूर्णकालिक भरें हैं एवं कितने पद रिक्‍त हैं? इन रिक्‍त पदों पर अन्‍य अधिकारी/कर्मचारी कार्यरत हैं? (ग) क्‍या स्‍कूल शिक्षा विभाग म.प्र. के भोपाल संभागन्‍तर्गत कार्यालय शासकीय स्‍कूलों में खेल स्‍तर में सुधार हेतु प्रदेश के लिए सहायक संचालक/‍ क्रीड़ा अधिकारी/व्‍यायाम शिक्षक के रिक्‍त पद की नियमानुसार पदोन्‍नति/सीधी भरती के लिए निर्धारित योग्‍यता रखने वाले कर्मचारी से पूर्ति कर करेगा तथा लम्‍बे समय से पदविरूद्ध व्‍याख्‍याता को कब तक उनकी मूल संस्‍था में शैक्षणिक कार्यों हेतु वापिस भेजा जावेगा? यदि नहीं, तो कारण देवें? (घ) भोपाल/रायसेन/सिहोर जिले में व्‍याख्‍याता संवर्ग शिक्षक संवर्ग/अध्‍यापक संवर्ग के कितने कर्मचारी किसके आदेश से किस-किस संस्‍था/कार्यालयों में किस कारण से कितने अवधि से अनुसंलग्‍न है? अनुसंलग्‍न कब तक समाप्‍त कर दोषी अधिकारी के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की जायेगी?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) भोपाल संभागान्तर्गत सीहोर एवं राजगढ़ जिलें में पूर्णकालिक क्रीड़ा अधिकारी पदस्थ हैं। शेष जिले भोपाल, रायसेन एवं विदिशा में अस्थाई रूप से प्रभारी कार्य कर रहे हैं। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ग) म.प्र. लोक सेवा (पदोन्नति) नियम, 2002 के संबंध में प्रकरण विचाराधीन है। प्रकरण में माननीय सर्वोच्‍च न्यायालय के निर्णय के उपरान्त ही अग्रेतर कार्रवाई संभव हो सकेगी। पद विरूद्ध पदस्थ व्याख्याता के वापसी हेतु कार्यवाही प्रचलन में है। (घ) भोपाल/रायसेन/सीहोर जिले में कोई कर्मचारी संलग्न नहीं हैं। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।

कटनी में चिकित्सिक/विशेषज्ञों की पदस्थापना

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

35. ( क्र. 5979 ) श्री मोती कश्यप : क्या लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला कटनी में किस स्तर के चिकित्सा‍ व स्वास्‍थ्‍य केन्द्र हैं और उनमें किस स्तर के विशेषज्ञ-चिकित्सक पदस्थ‍ हैं और कहाँ किनके कितने पद रिक्त हैं? (ख) क्या प्रश्नांश (क) के किन्हीं केन्द्रों में किन्हीं विशेषज्ञों के स्थान पर किन्हीं अन्य की सेवायें ली जा रही हैं, जिससे चिकित्सा सेवायें प्रभावित हैं और ग्रामीण व निर्धनवर्ग लाभ से वंचित है? (ग) क्या विगत समय में कटनी जिला अस्पताल में प्रसूति की कोई घटना घटी है? (घ) दिनांक 1-1-2015 से आज दिनांक तक किन रोग के कितने रोगी किन चिकित्सा केन्‍द्रों से जिला चिकित्सालय, मेडीकल कॉलेज व अन्य निजी चिकित्सालयों में रेफर किये गये हैं और कितने स्व‍यं डिस्चार्ज लेकर चले गये हैं? (ड.) जिले के ग्रामीणों और निर्धनों के हित में प्रश्नांश (क) के रिक्त पदों पर चिकित्सक विशेषज्ञों की पदस्थापना कब तक कर दी जावेगी?

लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ख) जी नहीं। (ग) जी हाँ, प्रसूता श्रीमती आस्था जैन के पति द्वारा शिकायत की गई थी जिस पर कलेक्टर कटनी द्वारा मजिस्ट्रीयल जाँच के आदेश दिए गए हैं। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। (ड.) रिक्त पद की पूर्ति की कार्यवाही निरंतर जारी है, निश्चित समयावधि बताई जाना संभव नहीं है।

कन्‍या हाई स्‍कूल प्रारंभ करना

[स्कूल शिक्षा]

36. ( क्र. 6037 ) श्री सचिन यादव : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र कसरावद, तहसील कसरावद के ग्राम लोहारी में नवीन कन्‍या हाई स्‍कूल प्रारंभ क्‍यों नहीं किया जा रहा है? इस संबंध में विगत 2 वर्षों में प्रश्‍नकर्ता द्वारा कितने-कितने पत्र प्राप्‍त हुए? (ख) उक्‍त ग्राम में कन्‍याओं को सुविधाएं दिये जाने के लिए नवीन कन्‍या हाई स्‍कूल, प्रारंभ करने के लिए क्‍या विभागीय एवं शासन स्‍तर पर कोई निर्णय लिया गया है? हाँ तो बतायें नहीं तो उक्‍त संबंध में शासन एवं प्रशासन का क्‍या मत है? (ग) प्रश्‍नांश (क) अनुसार विभागीय एवं शासन स्‍तर पर कब-कब, किस-किस प्रकार की कार्यवाही की एवं कब-कब भौतिक सत्‍यापन कर किया गया? उक्‍त निर्णय से प्रश्‍नकर्ता को प्रश्‍नांकित दिनांक तक अवगत नहीं कराये जाने के क्‍या कारण है?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) ग्राम लोहारी में माध्यमिक शाला लोहारी से 3 कि.मी.की दूरी पर उ.मा.वि.बरसलाय एवं 5 कि.मी. की दूरी पर शास.हाईस्कूल निमगुल संचालित होने से कन्या हाईस्कूल उन्नयन हेतु दूरी के मापदण्ड की पूर्ति नहीं करती है। शालाओं का उन्‍नयन बजट उपलब्‍धता पर भी निर्भर है। संलग्‍न परिशिष्टि के प्रपत्र-एक अनुसार(ख) बालिकायें समीपस्थ शालाओं में (सह शिक्षा) से अध्ययनरत है। पृथक से कन्या शाला उन्नयन के मापदण्ड निर्धारित न होने से शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) भौतिक सत्यापन संलग्‍न परिशिष्टि के प्रपत्र-दो अनुसार। उक्त प्रकरण में जिला शिक्षा अधिकारी खरगोन द्वारा पत्र दिनांक 08.02.2017 से माननीय विधायक जी को अवगत कराया गया था।

परिशिष्ट - ''ग्यारह''

आयुष चिकित्‍सालयों के भवन निर्माण

[आयुष]

37. ( क्र. 6038 ) श्री सचिन यादव : क्या लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विगत 2 वर्षों में विधानसभा क्षेत्र कसरावद के ग्राम सिनगुन, बामन्‍दी एवं लोहारी में विद्यमान आयुर्वेदिक चिकित्‍सालयों के भवन निर्माण हेतु प्रस्‍ताव स्‍वीकृति हेतु भेजे गये? हाँ तो कब-कब नहीं तो कौन-कौन अधिकारी दोषी हैं? पदनाम सहित जानकारी दें तथा उक्‍त भवनों का भौतिक सत्‍यापन किस-किस अधिकारी/कर्मचारियों द्वारा कब-कब किया गया? उनके पदनाम सहित जानकारी दें? (ख) क्‍या उक्‍त प्रस्‍ताव स्‍वीकृत हैं? हाँ तो कब? लंबित है तो क्‍यों? कारण सहित तत्‍संबंधी ब्‍यौरा क्‍या है? (ग) उक्‍त भवन निर्माण के लिए प्रश्‍नकर्ता द्वारा प्राप्‍त पत्रों पर सर्वप्रथम से प्रश्‍नांकित दिनांक तक उक्‍त कार्यवाही से अवगत नहीं कराये जाने के क्‍या कारण है?

लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) जी हाँ। सिनगुन औषधालय भवन का नवीन निर्माण एवं बामन्दी, लाहौरी औषधालय मरम्मत की स्वीकृति। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) जी हाँ। सिनगुन का दिनांक 21.12.2011 बामन्दी, लौहारी का दिनांक 26.02.2016 को। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) प्रक्रियागत होने के कारण।

व्‍यायाम शिक्षकों की भर्ती

[स्कूल शिक्षा]

38. ( क्र. 6074 ) श्री रामसिंह यादव : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रदेश में वर्ष 2008 से माध्‍यमिक, हाईस्‍कूल, हायर सेकेण्‍डरी स्‍कूलों में व्‍यायाम शिक्षकों की भर्ती नहीं हुई है? यदि हाँ, तो क्‍यों? क्‍या आर.टी.ई. के तहत प्रत्‍येक स्‍कूलों में एक खेल शिक्षक होना अनिवार्य है? अगर हाँ, तो फिर व्‍यायाम शिक्षकों की भर्ती क्‍यों नहीं की जा रही है? (ख) क्‍या मध्‍यप्रदेश में एक मात्र खेल शिक्षक ट्रेनिंग कॉलेज, राजकीय तात्‍याटोपे शारीरिक शिक्षा महाविद्यालय शिवपुरी में वर्ष 1956 से स्‍थापित है? जिसमें डी.पी.एड. जो कि व्‍यायाम शिक्षक का ही एक डिप्‍लोमा है? यदि हाँ, तो इसके अंतर्गत डी.पी.एड. वालों के लिए कोई भर्ती क्‍यों नहीं निकाली गई है? यह भर्ती कब तक निकाली जावेगी? (ग) क्‍या राज्‍य शासन प्रदेश के विभिन्‍न स्‍कूलों में आगामी संविदा शाला शिक्षक वर्ग- 1, 2, 3 की सीधी भर्ती के अंतर्गत रिक्‍त पदों की पूर्ति में डी.पी.एड. छात्रों को भी वर्णित पदों की परीक्षा देने एवं भर्ती प्रक्रिया में सम्मिलित होने का आदेश प्रदान करेंगा? यदि हाँ, तो तत्‍संबंधी आदेश कब तक जारी कि जावेंगे? (घ) क्‍या माननीय मुख्‍यमंत्री महोदय की घोषणा के अनुसार 01 जुलाई 2016 से प्रत्‍येक माध्‍यमिक, हाईस्‍कूल एवं हायर सेकेण्‍डरी स्‍कूलों में एक शासकीय व्‍यायाम शिक्षक/निर्देशक हो अनिवार्य है? जिस पर अभी तक कोई कार्यवाही नहीं हुई है? यदि हाँ, तो क्‍यों नहीं हुई है एवं कब तक होगी? क्‍या धारा 19 तथा 25 के तहत भी समस्‍त शासकीय स्‍कूलों में एक व्‍यायाम शिक्षक होना अनिवार्य दर्शाया गया है? फिर इसका पालन क्‍यों नहीं किया जा रहा है?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) माध्यमिक शाला के संबंध में जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-01 अनुसार है। हाई स्कूल में संविदा शाला शिक्षक श्रेणी-3 (व्यायाम शिक्षक) का पद स्वीकृत नहीं होता है। हायर सेकेण्डरी स्कूल में संविदा शाला शिक्षक श्रेणी-3 (व्यायाम) के रिक्त पदों पर भर्ती के लिए पात्रता परीक्षा आयोजित करने की कार्यवाही प्रचलन में है। (ख) जी हाँ। डी.पी.एड.अर्हता धारियों के लिए हायर सेकेण्डरी स्कूल के संविदा शाला वर्ग 3 (व्‍यायाम शिक्षक) रिक्त पदो की पूर्ति के लिए नियमानुसार पात्रता परीक्षा आयोजित करने की कार्यवाही प्रचलन में है। निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ग) उत्‍तरांश '''' के प्रकाश में समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (घ) उत्‍तरांश '''' के प्रकाश में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''बारह''

निविदाओं एवं कोटेशनों की जाँच
[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

39. ( क्र. 6075 ) श्री रामसिंह यादव : क्या लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या मुख्‍य चिकित्‍सा एवं स्‍वास्‍थ्‍य अधिकारी, जिला-शिवपुरी ने वर्ष 2013-14 से वर्ष 2016-17 तक निविदाएं एवं कोटेशन आमंत्रित की हैं? यदि हाँ, तो कौन-कौन सी निविदाएं एवं कोटेशन किन-किन कार्यों के लिए कब-कब आमंत्रित की गई एवं कौन-कौन से कार्य कितनी-कितनी राशि के किन-किन को कब-कब दिए गए? आदेशों एवं तुलनात्‍मक पत्रकों की छायाप्रति संलग्‍न कर जानकारी दें? (ख) क्‍या उक्‍त कार्यों का संबंधितों को भुगतान किया गया है? यदि हाँ, तो टेंडरों व कोटेशनों में भाग लेने वाली फर्मों के बैंक खातों के नम्‍बर, बैंक का नाम, फर्म का नाम, प्रोपराईटरों के टिन नंबर, पेन नंबर की जानकारी दें? क्‍या उक्‍त सभी फर्में विभिन्‍न नाम एवं पते से कही एक ही कर्मचारी जो कार्यालय में वर्षों से अटैच है, उनके द्वारा तो नहीं बनाई गई है? (ग) क्‍या विगत 05 वर्षों में मुख्‍य चिकित्‍सा एवं स्‍वास्‍थ्‍य अधिकारी कार्यालय का ऑडिट किया गया है? यदि हाँ, तो ऑडिट के दौरान ऑडिट पार्टी द्वारा दिए गए मेमो एवं लगाए गए आक्षेपों पर दिए गए जवाब की प्रति संलग्‍न कर जानकारी दें? कि मेमो एवं आक्षेपों पर क्‍या कार्यवाही की गई? क्रय समिति द्वारा विगत 05 वर्षों में लिए गए निर्णयों का विवरण दें? (घ) क्‍या वर्ष 2014 से प्रश्‍न दिनांक तक सी.एम.ओ. कार्यालय जिला शिवपुरी में पदस्‍थों द्वारा की गई अनियमितताओं एवं भ्रष्‍टाचार के संबंध में कोई शिकायतें जनप्रतिनिधियों एवं जनसामान्‍य एवं अध्‍यक्ष स्‍वास्‍थ्‍य एवं महिला बाल विकास समिति एवं सदस्‍य जिला योजना समिति से प्राप्‍त हुई? यदि हाँ, तो प्राप्‍त शिकायतों एवं उन पर की गई कार्यवाही की प्रति संलग्‍न कर जानकारी दें कि क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई?

लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) जी हाँ। वर्ष 2013-14 से 2016-17 तक किये गये निविदा एवं कोटेशन की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'' अनुसार है। वर्षवार कार्यों के लिये दिये गये आदेश एवं तुलनात्मक पत्रक की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'' अनुसार है। (ख) जी हाँ। संबंधित टेंडर एवं कोटेशनों में भाग लेने वाली फर्मों के बैंक खाता एवं बैंक का नाम, फर्म का नाम प्रोपराइटरों के टिन नंबर एवं पेन नंबर की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'' अनुसार है। शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता हैं। (ग) जी हाँ। विगत 05 वर्षों में ऑडिट दल द्वारा लिये गये आक्षेप एवं उन पर की गई कार्यवाही विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'' अनुसार है। क्रय समिति द्वारा विगत वर्षों में की गई कार्यवाही विवरण जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'' अनुसार है। (घ) कार्यालय में पदस्थों द्वारा अनियमितताओं एवं भ्रष्टाचार के संबंध में कोई शिकायत प्राप्त नहीं है। जनप्रतिनिधियों, जनसामान्य एवं अध्यक्ष स्वास्थ्य एवं महिला बाल विकास समिति में प्राप्त शिकायत पर की गई कार्यवाही की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'' अनुसार है।

अम्‍बाह विधान सभा में स्थित उपस्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्रों का उन्‍नयन

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

40. ( क्र. 6160 ) एडवोकेट सत्‍यप्रकाश सखवार : क्या लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अम्‍बाह विधानसभा अंतर्गत (रछड़ ग्राम में) तिराहे पर किस श्रेणी का शासकीय चिकित्‍सालय संचालित है तथा प्रतिदिन लगभग कितने मरीज उपचार हेतु आते हैं? (ख) क्‍या शासन प्रश्‍नांश (क) में वर्णित रछड़ उप स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र को सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र में उन्‍नयन करेगा, यदि हाँ, तो कब तक नहीं तो क्‍यों नहीं? (ग) क्‍या अम्‍बाह विधान सभा अंतर्गत खेरली चौराहे पर किसी भी प्रकार का  कोई शासकीय चिकित्‍सालय नहीं होने से आमजन चम्‍बल पार करके दूसरे प्रांतों में उपचार हेतु जाते हैं यदि हाँ, तो क्‍या शासन खेरली चौराहे पर शासकीय उप स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र खोलने की स्‍वीकृति प्रदान करेगा? यदि हाँ, तो कब तक नहीं तो क्‍यों नहीं?
लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) अम्बाह विधानसभा अंतर्गत ग्राम रछड़ में उप स्वास्थ्य केन्द्र संचालित है। उप स्वास्थ्य केन्द्र रछड में लगभग 10-15 मरीज प्रतिदिन उपचार हेतु आते है। (ख) जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी हाँ। ग्राम खेरली में नवीन उप स्वास्थ्य केन्द्र की स्थापना हेतु दिनांक 21.06.2016 को प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

मुरैना जिलान्‍तर्गत खाद्य तेलों में मिलावट खोरों का आतंक

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

41. ( क्र. 6161 ) एडवोकेट सत्‍यप्रकाश सखवार : क्या लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या मुरैना जिलान्‍तर्गत सरसों तेल में अखाद्य तेलों की मिलावट करने वालों को चिन्हित किया जा रहा है? (ख) विगत 3 वर्षों में मुरैना जिलान्‍तर्गत अम्‍बाह/पोरसा में सरसों तेल के कितने सेम्‍पल भरे गये थे, उनमें से कितने मानक तथा कितने अमानक पाये गये? फर्म सहित 01 जनवरी 15 से प्रश्‍न दिनांक तक जानकारी दी जावे? (ग) क्‍या खाद्य एवं औषधि निरीक्षकों की मिलीभगत से लैब में भेजने से पूर्व सेम्‍पल की शीशी पर लगा हुआ रेपर बदलकर दूसरा सेम्‍पल तैयार कर भेजा जाता है जिसमें लाखों के लेनदेन हो जाता है जानकारी दी जावे? यदि नहीं, तो बतावें कि रेपर की कौन-कौन सी सीरीज उपयोग में ली गई है, किस-किस सीरिज के रेपर प्राप्‍त हुई हैं? लैब में कौन-कौन से नंबर के रेपर भेजे जा चुके हैं तथा किस-किस नंबर से शेष हैं? 01 जनवरी 2015 से प्रश्‍न दिनांक तक की जानकारी सही-सही व स्‍पष्‍ट दी जावे? (घ) क्‍या विनोद कुमार मंगल समाज सेवी मुरैना के द्वारा खाद्य तेलों में मिलावट के संबंध में कोई शिकायत प्रमुख सचिव तक की गई है? यदि हाँ, तो उस शिकायत पर अब तक क्‍या कार्यवाही हुई? क्‍या शासन मिलावट खोरों के प्रति रासुका की कार्यवाही करेगा?

लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 में दिये गये प्रावधानों के अंतर्गत सतत् कार्यवाही की जाती है, जिसके अंतर्गत 01-01-2015 से 15-03-2017 तक 19 सेम्पल लिये गये, जिनमें से 18 सेम्पल खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला से जाँच पश्चात मानक पाये गये। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) जी नहीं, इस प्रशासन द्वारा जारी की गई पेपर स्लिप क्रमांक 30501 से 30600 तक, 35176 से 35225 तक, 36401 से 36500 तक, 41101 से 41200 तक, 44002 से 44026 तक, 42944 से 42973 तक, 46501 से 46600 तक हैं, जिनका प्रयोग खाद्य सुरक्षा अधिकारियों द्वारा किया गया है, जिसकी जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (घ) जी नहीं, इस प्रशासन को कोई शिकायत को प्राप्त नहीं हुई है। शेष प्रश्नांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - ''तेरह''

संगणक के पद पर अपात्र व्‍यक्ति को नियुक्ति

[आदिम जाति कल्याण]

42. ( क्र. 6262 ) पं. रमेश दुबे : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) आदिम जाति कल्‍याण विभाग के अन्‍तर्गत संचालनालय आदिम जाति क्षेत्रीय विकास योजनाएं सतपुडा भवन भोपाल में श्री नटवरलाल को संगणक के पद पर नियुक्‍त दे दी गयी जो नियमानुसार नियुक्ति के लिए पात्र नहीं थे? (ख) इस प्रकरण के संबंध में कभी शिकायतें प्राप्त हुई है? यदि हाँ, तो कब एवं उन पर क्‍या कार्यवाही की गयी?

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) संचालनालय, आदिम जाति क्षेत्रीय विकास योजनायें में श्री नटवरलाल नाम के किसी व्यक्ति को संगणक के पद पर नियुक्ति नहीं दी गई हैं। (ख) उत्तरांश '''' के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

जिला शिक्षा अधिकारी के विरूद्ध जाँच

[स्कूल शिक्षा]

43. ( क्र. 6358 ) श्री आशीष गोविंद शर्मा : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) देवास जिले के जिला शिक्षा अधिकारी के विरूद्ध वित्‍तीय अनियमितता एवं शासकीय आदेशों की अवहेलना अथवा पद का दुरूपयोग करने के वर्तमान में कितने प्रकरण चल रहे हैं अथवा दर्ज किये गये हैं? (ख) अगर हाँ तो जिला शिक्षा अधिकारी के प्रकरणों की जाँच किस अधिकारी द्वारा की गई है अथवा की जा रही है? जाँचकर्ता अधिकारी का नाम बतावें। (ग) देवास जिले के जिला शिक्षा अधिकारी के विरूद्ध चल रही जाँच की अंतिम तिथि क्‍या है?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जिला शिक्षा अधिकारी, जिला देवास के विरूद्ध चार प्रकरण चल रहे हैं। (ख) संबंधित के विरूद्ध एक प्रकरण में आयुक्त, राजस्व, उज्जैन द्वारा विभागीय जाँच में जिला विभागीय जाँच अधिकारी कलेक्ट्रेट जिला देवास (जाँचकर्ता अधिकारी)श्रीमती सारिका भूरियाअपर कलेक्टर के द्वारा की जा रही है तथा अन्य तीन प्रकरणों में संबंधित को लोक शिक्षण संचालनालय, म.प्र. द्वारा अलग-अलग कारण बताओ सूचना पत्र जारी किए गए हैं, प्रतिवाद प्राप्त होना शेष है। (ग) उत्‍तरांश '''' अनुसार कार्यवाही प्रक्रियाधीन है, अंतिम तिथि बताना संभव नहीं है।

अनुकम्‍पा नियुक्ति

[स्कूल शिक्षा]

44. ( क्र. 6381 ) पं. रमाकान्‍त तिवारी : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या संयुक्‍त संचालक, लोक शिक्षण, रीवा संभाग रीवा के आदेश क्र.पृ.क्र./स्‍था./4/अनु./नियुक्ति/95/109 रीवा दिनांक 01.02.1995 द्वारा पुत्र, पुत्रियों, पत्‍नी के स्‍थान पर पुत्र-वधु को सहायक शिक्षक पद पर अनुकम्‍पा नियुक्ति दी गई तथा जिला सीधी में पदस्‍थापना की गई है? (ख) क्‍या अनुकम्‍पा नियुक्ति प्राप्‍त पुत्र वधु सहायक शिक्षिका के पति तत्‍समय जिला चिकित्‍सालय सीधी में चिकित्‍सक पद पर पदस्‍थ थे? (ग) यदि प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) का उत्‍तर हाँ में है तो तत्‍समय अनुकम्‍पा नियुक्ति के लिये राज्‍य शासन द्वारा जारी नियम के अनुरूप पुत्र/पुत्री/पत्‍नी के स्‍थान पर पुत्र वधु जो राजपत्रित अधिकारी की पत्‍नी थी, नियुक्ति नियमानुसार थी? (घ) यदि हाँ, तो बतायें क्‍यों? यदि नियम के विपरीत पुत्र वधु की अनुकम्‍पा नियुक्ति की गई है तो इस नियुक्ति को क्‍या निरस्‍त करेंगे तथा तथ्‍य छिपाकर आदेश करने, कराने वालों के विरूद्ध कार्यवाही करेंगे?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जी हाँ। (ख) संचालनालय के पत्र क्रमांक स्‍था.4/सी/अनु.नियु./वि.स./तारांकित प्रश्‍न 6381/2017/468-469, दिनांक 21.03.2017 द्वारा संभागीय संयुक्‍त संचालक, लोक शिक्षण जबलपुर संभाग जबलपुर को जाँच करने हेतु अधिकृत किया गया है। जाँच प्रतिवेदन प्राप्‍त होने पर गुण-दोष के आधार पर नियमानुसार कार्यवाही की जावेंगी। (ग) एवं (घ) प्रश्‍नांश '' अनुसार।

आदिवासी परिवारों के लिए सेटलमेंट कॉलोनियों का निर्माण

[आदिम जाति कल्याण]

45. ( क्र. 6455 ) श्री दुर्गालाल विजय : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) श्‍योपुर जिले में सहारिया विकास अभिकरण द्वारा आदिवासी परिवारों को आवास सुविधा उपलब्‍ध कराने हेतु वर्ष 2013-14 से वर्तमान तक कहाँ-कहाँ कितनी-कितनी लागत से कितनी सेटलमेंट कॉलोनियों का निर्माण कराया? इनमें क्‍या 2 सुविधाएँ है एवं कितने आदिवासी परिवारों को बसाया गया? (ख) क्‍या निर्माण ऐजेन्‍सी राष्‍ट्रीय ग्रामीण अजीविका परियोजना श्‍योपुर द्वारा उक्‍त आवासों का निर्माण बहुत ही घटिया स्‍तर का कराया गया, ये आवास अब रहने लायक नहीं रहे, पेयजल हेतु उक्‍त कॉलोनियों में स्‍थापित पानी की टंकिया व बिजली हेतु सोलर लाईट सिस्‍टम भी हल्‍की क्‍वालिटी का लगाया गया? (ग) उक्‍त कारणों से उक्‍त कॉलोनियों में पेयजल एवं विद्युत व्‍यवस्‍था ठप पड़ी है? अधिकांश आदिवासी परिवारों को उक्‍त योजनाओं के तहत आवासों तथा अन्‍य सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पाया तथा सुविधाओं के अभाव में वे अन्‍यत्र जाकर बस गये हैं? (घ) क्‍या शासन उक्‍त समस्‍त कॉलोनियों के आवासों के निर्माण एवं उनमें उपलब्‍ध कराई गई समस्‍त सुविधाओं हेतु प्रयुक्‍त सामग्री की गुणवत्‍ता की जाँच कराएगा व पाये गये दोषियों के विरूद्ध कार्यवाही करेगा? यदि नहीं, तो क्‍यों?

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) से (घ) श्योपुर जिले में सहरिया विकास अभिकरण द्वारा आदिवासी परिवारों को आवास सुविधा उपलब्ध कराने हेतु वर्ष 2013-14 से वर्तमान तक कोई भी सेटलमेंट कॉलोनियों का निर्माण नहीं कराया गया। अत: प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र एवं प्राथमिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्रों में अनियमितता

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

46. ( क्र. 6482 ) पं. रमाकान्‍त तिवारी : क्या लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) तहसील त्‍यौंथर, विकासखण्‍ड त्‍यौंथर, जनपद पंचायत त्‍यौंथर जिला रीवा के अन्‍तर्गत कुल कितने सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र एवं प्राथमिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र हैं? वित्‍तीय वर्ष 2015-16 एवं 2016-17 में उपरोक्‍त समस्‍त सामुदायिक एवं प्राथमिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्रों के लिये आवंटित मेन्‍टीनेंस एवं मरीजों, कुपोषितों एवं प्रसूताओं को भोजन एवं अन्‍य आहार दिये जाने हेतु मध्‍यप्रदेश शासन द्वारा कुल कितनी राशि आवंटित की गई? (ख) उपरोक्‍तानुसार आवंटित राशि किस-किस मद में कितनी खर्च की गई? जिस फर्म द्वारा उपरोक्‍त मेन्‍टीनेंस एवं आहार सप्‍लाई का कार्य कराया गया उसका सम्‍पूर्ण विवरण दें? (ग) क्‍या जिस फर्म द्वारा उपरोक्‍त मेन्‍टीनेंस एवं आहार सप्‍लाई करायी गयी वह फर्म म.प्र. शासन के मापदण्‍ड पूर्ण करती हैं? (घ) यदि उपरोक्‍त मेन्‍टीनेंस एवं भोजन/आहार सप्‍लाई में किसी प्रकार की लापरवाही या भ्रष्‍टाचार किया गया है तो दोषियों के खिलाफ क्‍या कार्यवाही की जायेगी एवं कब तक?

लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) विकासखण्ड त्यौंथर के अंतर्गत सामुदायिक स्वास्‍थ्‍य केन्द्रों की संख्या 1, प्राथमिक स्वास्‍थ्‍य केन्द्र 2 है। आवंटित की गई राशि का विवरण जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-'' अनुसार है। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-'' अनुसार है। (ग) जी हाँ। (घ) यह स्थिति संज्ञान में नहीं है त्रुटि पाने पर कार्यवाही की जाती है।

परिशिष्ट - ''चौदह''

अनियमित ड्रग इन्‍सपेक्‍टर के पदों का सृजन

[आयुष]

47. ( क्र. 6606 ) डॉ. गोविन्द सिंह : क्या लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) आयुष औषधि नियंत्रक कार्यालय एवं संभाग व जिला स्‍तरीय, होम्‍योपैथिक ड्रग इन्‍सपेक्‍टर के कितने पद कहाँ-कहाँ सृजित हैं? क्‍या इसे अव्‍यवसायी भत्‍ते की पात्रता आती है? यदि हाँ, तो स्‍वीकृति सक्षम प्राधिकारी कौन है? (ख) क्‍या वर्ष 2012 में होम्‍योपैथिक औषधालय चनाकोठार ग्‍वालियर में पदस्‍थ होम्‍योपैथिक चिकित्‍सा अधिकारी के द्वारा ड्रग इन्‍सपेक्‍टर का पद स्‍वीकृत नहीं होने तथा चिकित्‍सा अधिकारियों को अव्‍यवसायी भत्‍ते की पात्रता नहीं होने तथा सक्षम स्‍तर से स्‍वीकृति प्राप्‍त किए बिना अनाधिकृत रूप से अव्‍यवसायी भत्‍ता प्राप्‍त कर शासन को वित्‍तीय हानि पहुंचाई गई है? यदि हाँ, तो कौन जिम्‍मेदार है? क्‍या कार्यवाही की की जाएगी? (ग) क्‍या उपरोक्‍त प्रश्‍नांश (ख) में संदर्भित होम्‍योपैथिक ड्रग इन्‍सपेक्‍टर द्वारा रीवा के होम्‍योपैथिक मेडिकल स्‍टोर संचालक से लाइसेंस नवीनीकरण के लिए रिश्‍वत मांगने की शिकायत आयुक्‍त आयुष/औषधि नियंत्रक आयुष को वर्ष 2011 एवं 2012 में प्राप्‍त हुई थी? यदि हाँ, तो जाँच कराई गई? किस अधिकारी से कब? जाँच में क्‍या पाया गया? क्‍या कार्यवाही की गई? यदि नहीं, तो क्‍यों?

लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) होम्योपैथिक ड्रग इन्सपेक्टर का कोई पद स्वीकृत नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। आयुक्त/संचालक। (ख) जी हाँ। संचालनालय के अंतिम वेतन प्रमाण पत्र के आधार पर। तत्कालीन जिला आयुष अधिकारी ग्वालियर। नियमानुसार कार्यवाही की जायेगी। (ग) जी हाँ वर्ष 2012 में। जी हाँ। अनुज्ञापन अधिकारी आयुष। प्रमाणित नहीं पाई गई। प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

कोचिंग एवं प्रशिक्षण हेतु आवंटित एवं व्‍यय राशि

[आदिम जाति कल्याण]

48. ( क्र. 6607 ) डॉ. रामकिशोर दोगने : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) गत तीन वर्षों में बैतूल एवं हरदा जिले में जे.ई. मेन्‍स, ए.आई.पी.एम.टी. आई.आई.टी. एवं पी.एम.टी. नेट की परीक्षाओं के लिए कोचिंग एवं प्रशिक्षण दिए जाने हेतु कितनी राशि किस वर्ष में आवंटित की उसमें से कितनी राशि खर्च की गई, कितनी राशि लेप्‍स हुई। (ख) बैतूल जिले में वर्ष 2015 एवं वर्ष 2016 में कोचिंग एवं प्रशिक्षण के बदले कितनी राशि का भुगतान किया? इसमें से कितनी राशि का नगद भुगतान किया? कितनी राशि संबंधित के बैंक खाते में जमा करवाई गई? इस राशि के बिल कोषालय ने किस दिनांक को पास किए। (ग) उपरोक्‍त अवधि में जे.के.डी. क्‍लासेस कालापाठा बैतूल ने कितने बच्‍चों को कोचिंग एवं प्रशिक्षण का कार्य किया उसे इसके लिए किस दिनांक को किन शर्तों का पालन कतने के संबंध में किसने आदेश दिया, किस दिनांक को वर्क आर्डर दिया? यदि नहीं, दिया तो कारण बतायें। (घ) जे.के.डी. क्‍लासेस कालापाठा को कोचिंग एवं प्रशिक्षण के बदले कितनी नगद राशि किस दिनांक को भुगतान की गई, उन्‍हें कितनी राशि का किन कारणों से प्रश्‍नांकित दिनांक तक भी भुगतान नहीं किया।

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) बैतूल एवं हरदा जिले को प्राप्‍त राशि, व्‍यय राशि एवं लेप्‍स राशि का विवरण निम्‍नानुसार है:-

वर्ष

आंवटित राशि

व्‍यय राशि

लेप्स राशि

हरदा

2013-14

-

-

-

2014-15

-

-

-

2015-16

-

-

-

बैतूल

2013-14

-

-

-

2014-15

-

-

-

2015-16

291385

198504

-

शेष राशि 92881 उत्‍कृष्‍ट छात्रावास के बैंक खाते में जमा है। (ख) बैतूल जिले में वर्ष 2014-15 में निरंक एवं 2015-16 में टीचिंग मटेरियल/मानदेय पर राशि रू 84500/- का भुगतान विवरण संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। नगद भुगतान निरंक, बैंक चेक विवरण संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। इस राशि से संबंधित देयक क्रमांक-126 कोषालय से दिनांक 30-06-2015 को पास किये गये। (ग) जिला मुख्‍यालय पर विभागीय/शिक्षण संस्‍था में परीक्षा की तैयारी हेतु विभागीय शिक्षण संस्‍थाओं से कोचिंग एवं प्रशिक्षण आयोजित किये गये है। जे.के.डी.क्‍लासेस, कालापाठा, बैतूल से सीधे कोचिंग प्रशिक्षण कार्य नहीं कराया गया। जे.के.डी. क्‍लासेस कालापाठा, बैतूल को कोचिंग एवं प्रशिक्षण के लिये वर्क आर्डर भी नहीं दिया गया है। विभागीय कोचिंग में प्राचार्य उच्‍चतर माध्‍यमिक शालाओं के द्वारा जे.के.डी. क्लासेस कालापाठा, बैतूल से टीचिंग मटेरियल/नोट्स क्रय किये गये थे। संबंधित मटेरियल के संबध में उक्‍त संस्‍था के विषय विशेषज्ञों के द्वारा भी विद्यार्थियों को मार्गदर्शन समय-समय पर दिया गया है। आदिवासी विद्यार्थियों के लिए अन्‍य विषय विशेषज्ञों एवं संस्‍थाओं ने भी सहयोग स्‍वरूप मार्गदर्शन दिया है। (घ) जे.के.डी. क्‍लासेस कालापाठा, बैतूल को कोचिंग एवं प्रशिक्षण के बदले नगद राशि का भुगतान नहीं किया गया है। निरंक, कोई कार्य नहीं दिया गया है।

परिशिष्ट - ''पंद्रह''

जिला स्‍तरीय वनाधिकार समिति का प्रस्‍ताव

[आदिम जाति कल्याण]

49. ( क्र. 6608 ) डॉ. रामकिशोर दोगने : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बैतूल जिला स्‍तरीय वनाधिकार समिति ने वर्ष 2015 में बरेठा एवं धार की भूमि, मकान एवं दुकान के संबंध में किस दिनांक को क्‍या निर्णय लिया? जुलाई 2015 में राष्‍ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण से कितनी राशि प्राप्‍त हुई, उसमें से दिसम्‍बर, 2015 में किसे कितनी राशि का भुगतान किया गया? (ख) जुलाई 2015 में प्राप्‍त पूरी राशि का दिसम्‍बर में पूरा भुगतान नहीं किए जाने का क्‍या कारण रहा है? ऐसा किस कानून, किस नियम और किसके आदेश से किया गया? बकाया राशि किस अधिकारी के नियंत्रण में, किस खाते से जमा की गई? (ग) बकाया राशि का प्रश्‍नांकित दिनांक तक भी भुगतान नहीं किए जाने का क्‍या-क्‍या कारण रहा है? बकाया राशि पर भुगतान की तिथि तक किस दर से ब्‍याज की गणना किए जाकर भुगतान का प्रावधान है? इस ब्‍याज की राशि का भुगतान किस राशि से किया जायेगा? (घ) जुलाई 2015 से भुगतान की तिथि तक ब्‍याज की गणना की जाकर कब तक बकाया राशि का भुगतान कर दिया जायेगा?

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) जिला स्तरीय वन अधिकार समिति बैतूल द्वारा दिनांक 09.04.2015 को वनग्राम धार, बरेठा के निवासियों की भूमि, मकान दुकान का मूल्यांकन के आधार पर राशि निर्धारित की गयी थी। वनग्राम धार एवं बरेठा के प्रभावितों एवं शासकीय संम्पत्तियों की राशि दिनांक 14.05.2015 को 1,66,23,402/- एवं दिनांक 05.08.2015 को 77,81,207/- कुल राशि रूपये 2,44,04,609/- भुगतान हेतु प्राप्त हुई है, उक्त राशि में से 64,47,620/-राशि प्रभावित व्यक्तियों को प्रथम किस्त के रूप में भुगतान किया गया है, भुगतान संबंधी जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) विधिवत भू-अर्जन की कार्यवाही पूर्ण न होने से राशि का भुगतान नहीं किया गया है। प्रभावितों को मुआवजा राशि के भुगतान के संबंध में जिला प्रशासन द्वारा विधिवत भू-अर्जन के प्रकरण दर्ज कर कार्यवाही करने हेतु सक्षम प्राधिकारी अनुविभागीय अधिकारी शाहपुर को निर्देशित किया गया है, प्रभावितों की बकाया शेष राशि एवं शासकीय सम्पत्तियों की राशि भू-अर्जन अधिकारी बैतूल के पी.डी. खाता क्रमांक 20 में जमा है। (ग) जिला प्रशासन द्वारा भू-अर्जन के प्रावधानों के तहत कार्यवाही करते हुये राशि का तत्काल भुगतान किये जाने के लिये आवश्यक कार्यवाही हेतु सक्षम प्राधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी शाहपुर को निर्देशित किया गया है। (घ) भू-अर्जन की कार्यवाही पूर्ण होने पर देय राशि का भुगतान किया जावेगा।

परिशिष्ट - ''सोलह''

छात्रावासों में भोजन हेतु गेहूँ उपलब्‍ध नहीं होना

[आदिम जाति कल्याण]

50. ( क्र. 6625 ) श्रीमती झूमा सोलंकी : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या आदिवासी छात्रावासों में निवासरत छात्र-छात्राओं को बजट के अभाव में भीकनगांव विधानसभा अन्‍तर्गत गेहूँ कि रोटी के स्‍थान पर चावल खिलाये जा रहे हैं? यदि हाँ, तो वर्ष 2016-17 में विभाग को इस मद में कितना बजट आवंटित हुआ था तथा आवंटित बजट को किन-किन मदों में खर्च किया गया? (ख) क्‍या बजट के अभाव में भारतीय खाद निगम द्वारा आदिम जाति कल्‍याण विभाग के गेहूँ का सप्‍लाय बंद कर दिया गया?

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) जी नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) जी नहीं।

गासी जाति को पिछड़ा वर्ग की सूची में शामिल किया जाना

[पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण]

51. ( क्र. 6644 ) श्री के.डी. देशमुख : क्या राज्‍यमंत्री, पिछड़ा वर्ग महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या बालाघाट जिले के विकासखण्‍ड कटंगी के ग्राम कोडबी में गासी जाति के लोग निवासरत हैं, जो जातियों के किसी भी वर्ग में शमिल नहीं है? (ख) यदि हाँ, तो क्‍या सामान्‍य प्रशासन विभाग गासी जाति को पिछड़ा वर्ग की सूची में शामिल करेगा? (ग) यदि हाँ, तो कब तक?

राज्‍यमंत्री, पिछड़ा वर्ग ( श्रीमती ललिता यादव ) : (क) जी हाँ। (ख) नियमानुसार राज्‍य पिछड़ा वर्ग आयोग से परीक्षण कराया जाएगा। (ग) समय-सीमा निर्धारित करना संभव नहीं है।

वृहद स्‍वास्‍थ्‍य शिविर

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

52. ( क्र. 6737 ) श्री घनश्‍याम पिरोनियाँ : क्या लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या दतिया में दिनांक 7.2.17 से गंभीर बीमारियों के लिए जिला चिकित्‍सालय में वृहद स्‍वास्‍थ्‍य शिविर लगा था? यदि हाँ, तो उसमें किन-किन जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया और उसके शुभांरभ हेतु किस जनप्रतिनिधि से फीता कटवाया गया? (ख) क्‍या उस हैल्‍थ कैंप के लिए बना खाना अव्‍यवस्‍थाओं के कारण पहले दिन वितरित न होने के कारण दूसरे दिन बांसी और बदबूदार पैकेट मरीजों को वितरिति किये गये, क्‍या जाँच/ईलाज में लापरवाही की गई और मरीज इधर उधर भटकते रहे? (ग) क्‍या प्रोटोकॉल की धज्जिया उड़ाकर जनप्रतिनिधियों को नजरदांज कर सी.एम.ओ. ने अपनी मनमर्जी से आम व्‍यक्ति से शिविर का फीता कटवाया गया? (घ) यदि प्रश्नांश (क) (ख) (ग) का उत्‍तर हाँ में है तो इसके लिऐ कौन जिम्‍मेदार है शिविर में कितनी राशि व्‍यय हुई, जिलास्‍तरीय शिविर होने पर भाण्‍डेर एवं सेवढ़ा विधायक को क्‍यों आमंत्रित नहीं किया गया और होर्डिंग में फोटो क्‍यों नहीं छपवाये गये?

लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) जी हाँ। दतिया जिले के सांसद एवं तीनों विधानसभाओं के विधायकों व अन्य जनप्रतिनिधियों को आंमत्रित किया गया तथा शिविर का शुभारंभ नगर पालिका अध्यक्ष, श्री सुभाष अग्रवाल, उपाध्यक्ष श्री योगेश सक्सेना, जनपद अध्यक्ष श्रीमती रीता सतीश यादव, भाजपा के महामंत्री श्री विपिन गोस्वामी एवं अन्य जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में किया गया। (ख) जी नहीं, एक दिवसीय स्वास्थ्य शिविर में आने वाले मरीजों एवं उनके परिजनों को गुणवत्तापूर्ण भोजन के पैकेट बनवाकर उसी दिन शिविर में बांटे गये थे। जी नहीं। (ग) जी नहीं। (घ) प्रश्नांश (ख) एवं (ग) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता। शिविर में राशि रू. 140997 व्यय हुई। सेवढ़ा व भांडेर के माननीय विधायक महोदय को दूरभाष (मोबाईल) पर सूचना के द्वारा आमंत्रित किया गया था। माननीय विधायक महोदय के चित्रों को भी होर्डिंग में लगाया गया था। शिविर संबंधित होर्डिंग एवं फोटोग्राफ्स संलग्न परिशिष्ट अनुसार है।

परिशिष्ट - ''सत्रह''

विकासखण्‍ड शिक्षा अधिकारियों की पदस्‍थापना

[स्कूल शिक्षा]

53. ( क्र. 6738 ) श्री घनश्‍याम पिरोनियाँ : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या शासन के नियमों के मुताबिक विकासखण्‍ड शिक्षा अधिकारी पद पर उत्‍कृष्‍ट विद्यालय अथवा हायर सेकेण्‍डरी के प्राचार्य को ही नियुक्‍त किया जाना चाहिए? (ख) यदि प्रश्नांश (क) का उत्‍तर हाँ में है तो दतिया जिले के तीनों विकासखण्‍डों में क्‍या उन निर्देशों का पालन हुआ है? यदि नहीं, तो क्‍यों? (ग) क्‍या सेवढ़ा में आदिवासी महिला प्राचार्य से वी.ई.ओ. का प्रभार छीनकर अपने चहेते अपात्र व्‍यक्ति को प्रभार दिया गया है? यदि हाँ, तो इस अनियमितता के लिऐ कौन जिम्‍मेदार है? (घ) शासन के निर्देशों के परिपालन में दतिया जिले के तीनों विकासखण्‍डों में उत्‍कृष्‍ट विद्यालय या सीनियर सेकेण्‍डरी विद्यालय के प्राचार्यों की कब तक बी.ई.ओ. पद पर पदस्‍थापना कर दी जावेगी जब तक पदस्‍थापना नहीं होती तब तक उत्‍कृष्‍ट विद्यालय के प्राचार्य अथवा सीनियर सेकेण्‍डरी विद्यालय के प्राचार्य को प्रभार दिया जावेगा ताकि अपात्र व्‍यक्ति के नीचे उत्‍कृष्‍ट अथवा हायर सेकेडरी विद्यालय के प्राचार्यों को कार्य न करना पड़े?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जी नहीं। राज्य शिक्षा सेवा अंतर्गत विकासखण्ड स्तर पर सहायक संचालक लोक शिक्षण का पद नई संरचना अनुसार निर्मित किया गया है। किन्तु विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी का पद रिक्त होने पर अतिरिक्त प्रभार देने हेतु संचालनालय के पत्र क्रमांक 768 दिनांक 29.5.15 एवं पत्र क्रमांक 1187 दिनांक 17.8.15 द्वारा निर्देश दिये गये। संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार। (ख) दतिया जिले के विकासखण्ड दतिया, सेवढ़ा एवं भाण्डेर में से भाण्डेर विकास खण्ड में श्री बी.डी.वर्मा पूर्व में प्रचलित नियमों के तहत प्रधानाध्यापक माध्यमिक शाला से पदोन्नत होकर विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी के पद पर पदस्थ है। प्राचार्य उत्कृष्ट उ.मा.वि. क्रमांक-1 दतिया को विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी, दतिया के रिक्त पद का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। विकासखण्ड सेवढ़ा स्थित शासकीय उत्कृष्‍ट उ.मा.वि. सेवढ़ा के प्राचार्य का पद रिक्त होने के कारण प्राचार्य शास. उ. मा. वि. डिरौलीपार को विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी, सेवढ़ा का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। (ग) विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी, सेवढ़ा के रिक्त पद का प्रभार जिला शिक्षा अधिकारी दतिया के आदेश दिनांक 28.7.2016 के द्वारा श्रीमती जयमंती मिंज, प्राचार्य शा.उ.मा.वि. थरेट जिला दतिया को सौंपा गया था किन्तु संबंधित के विरूद्ध शिकायत प्राप्त होने एवं जाँच में शिकायत सही पाये जाने पर विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी सेवढ़ा का अतिरिक्त प्रभार जिला शिक्षा अधिकारी दतिया के आदेश दिनांक 03.03.2017 द्वारा श्री टी.आर.प्रजापति प्राचार्य शास.उ.मा.वि.डिरौलीपार को सौंपा गया है। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) उत्तरांश '''' अनुसार।

परिशिष्ट - ''अठारह''

निजी शिक्षण संस्थाओं के द्वारा शुल्क निर्धारण

[स्कूल शिक्षा]

54. ( क्र. 6770 ) श्री दिलीप सिंह शेखावत : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) म.प्र. में कक्षा 1 से कक्षा 12 वीं तक के निजी शिक्षण संस्थाओं में शासन के द्वारा शुल्क निर्धारण नहीं होने के कारण इन निजी शिक्षण संस्थाओं के द्वारा मन माफिक शुल्क का निर्धारण करके वसूला जाता है? (ख) क्या निजी शिक्षण संस्थाओं के शुल्क निर्धारण हेतु शासन के द्वारा दर निर्धारण की गयी है? यदि हाँ, तो निर्देशों की प्रति उपलब्ध करावें। (ग) यदि नियम नहीं बनाये गये हैं तो कब तक बना लिये जावेंगे?