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मध्य प्रदेश विधान सभा


प्रश्नोत्तर-सूची
फरवरी-अप्रैल, 2016 सत्र


बुधवार, दिनांक 30 मार्च, 2016


भाग-1
तारांकित प्रश्नोत्तर


 

(वर्ग 5 : पशुपालन, उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण, मछुआ कल्याण तथा मत्स्य विकास, कुटीर एवं ग्रामोद्योग, विधि और विधायी कार्य, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, स्कूल शिक्षा, आदिम जाति कल्याण, अनुसूचित जाति कल्याण, श्रम, पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण, विमुक्‍त, घुमक्कड़ एवं अर्द्ध घुमक्कड़ जाति कल्याण)


छात्रावास/आश्रम अधीक्षकों को प्रदत्‍त सुविधाएं

1. ( *क्र. 7770 ) पं. रमेश दुबे : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या आदिम जाति कल्‍याण विभाग के अंतर्गत छात्रावासों/आश्रमों में पदस्‍थ अधीक्षकों को संविदा शाला शिक्षक वर्ग-2 के समान मानदेय एवं अध्‍यापक संवर्ग में आवश्‍यक शैक्षणिक अर्हताओं के आधार पर संविलि‍यन व पदोन्‍नति किये जाने के साथ ही संविदा अवधि में 7 हजार रूपये प्रतिमाह प्रदान किये जाने का आदेश प्रसारित किया गया था? (ख) यदि हाँ, तो छिन्‍दवाड़ा जिले में उक्‍त आदेश का लाभ आदिम जाति कल्‍याण विभाग के अंतर्गत छात्रावासों/आश्रमों में पदस्‍थ अधीक्षकों को क्‍यों नहीं दिया जा रहा है? (ग) क्‍या प्रश्‍नकर्ता ने उपरोक्‍त के संबंध में पत्र क्रमांक 1900 दिनांक 01/12/2015 प्रमुख सचिव, आदिम जाति कल्‍याण विभाग, मध्‍यप्रदेश शासन को प्रेषित किया है? (घ) यदि हाँ, तो प्रश्‍नकर्ता के पत्र में किन बिन्‍दुओं का उल्‍लेख है तथा इस पत्र पर अब तक किस स्‍तर से क्‍या सार्थक कार्यवाही की गई है? यदि नहीं, की गई है तो क्‍यों? कब तक कार्यवाही की जावेगी।

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) जिला छिन्‍दवाड़ा में मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत छिन्‍दवाड़ा के आदेश क्रमांक/6194/स्‍था./ आ.वि./स.अ.संवि./2015 छिन्‍दवाड़ा दिनांक 23.12.15 द्वारा पात्रता रखने वाले 08 संविदा अधीक्षकों को लाभ दिया गया। (ग) जी हाँ। (घ) विभागीय छात्रावास/आश्रमों में पदस्‍थ संविदा शाला शिक्षक वर्ग 2 के समान सुविधा दिये जाने के संबंध में मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत छिन्‍दवाड़ा के आदेश क्रमांक/6194/स्‍था./आ.वि./स.अ.संवि./ 2015 छिन्‍दवाड़ा दिनांक 23.12.15 द्वारा पात्रता रखने वाले 08 संविदा अधीक्षकों को लाभ दिया गया।

औषधि मिशन अन्‍तर्गत बीज अनुदान

2. ( *क्र. 7582 ) श्री दिलीप सिंह परिहार : क्या पशुपालन मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) औषधि मिशन के अन्‍तर्गत उज्‍जैन संभाग में वर्ष 2014-15 एवं 2015-16 में हितग्राही मूलक योजना के तहत कितने किसानों को किन-किन फसलों के लिये कितनी-कितनी राशि बीज अनुदान के रूप में भुगतान की गई है? (ख) क्‍या प्रश्‍नांश (क) में दर्शाई गई राशि की औषधि बीज विभाग द्वारा क्रय की गयी है? यदि हाँ, तो किस दिनांक को क्रय की गयी और चयनित कितने किसानों को य‍ह बीज वितरण किया गया? (ग) क्‍या प्रश्नांश (ख) में कृषकों को वितरित किया गया औषधि बीज समय-सीमा में वितरित किया गया है? यदि हाँ, तो प्रदाय बीज से कितना-कितना उत्‍पादन हुआ है? फसलवार बतायें।

पशुपालन मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ख) जी हाँ। जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। (ग) जी हाँ। विभाग द्वारा उत्पादन की जानकारी संधारित नहीं की जाती है।

परिशिष्ट - ''एक''

आरक्षित वर्ग के कृषकों के पंपों का उर्जीकरण

3. ( *क्र. 5677 ) श्रीमती ममता मीना : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या आदिम जाति कल्‍याण विभाग, गुना में वर्ष 2015-16 में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजा‍ति के कृषकों का पंप उर्जीकरण नहीं कराया गया है? कारण बतायें। (ख) विद्युतीकरण कार्यों हेतु निविदा प्रक्रिया उपरांत कार्य क्‍यों नहीं कराये जा रहे हैं? (ग) दोषी कौन है, हितग्राहियों को शासन योजना के लाभ से वंचित क्‍यों किया गया है? (घ) निविदायें स्‍वीकृति के अधिकार किसे हैं? निविदायें स्‍वीकृत क्‍यों नहीं की गई हैं? यदि निविदायें स्‍वीकृत नहीं की जा सकती हैं तो तत्‍काल निरस्‍त कर पुन: निविदा प्रक्रिया पूर्ण कर हितग्राहियों को शासन योजना का लाभ शीघ्र दिलाये जाने की कार्यवाही की जावेगी?

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) से (ग) जी हाँ। दिनांक 12.09.2015 को आमंत्रित निविदा दर प्रचलित एस.ओ.आर. से 19.95 प्रतिशत अधिक प्राप्त होने के कारण जिला स्तर पर निविदा दरें स्वीकृत नहीं की जा सकी। अतः कार्य नहीं कराये जा सके। निविदा की सक्षम स्‍वीकृति की कार्यवाही की जाकर हितग्राहियों को लाभान्वित किया जा सकेगा। (घ) निविदा दर 19.95 प्रतिशत अधिक होने के कारण स्वीकृति के अधिकार राज्य शासन को हैं। निविदायें स्वीकृति प्रकरण आयुक्त ग्वालियर संभाग के स्तर पर विचाराधीन है। यदि निविदायें स्वीकृत नहीं की जाती हैं, तो तत्काल निरस्त कर पुनः निविदा प्रक्रिया पूर्ण कर हितग्राहियों को शासन योजना का लाभ दिलाये जाने की कार्यवाही की जावेगी।

बीमा अस्‍पतालों हेतु ऑपरेशन किट की खरीदी

4. ( *क्र. 5166 ) श्री विश्वास सारंग : क्या श्रम मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भोपाल संभाग में स्थित बीमा अस्‍पतालों ने वित्‍तीय वर्ष 2015-16 में किस-किस ऑपरेशन के लिए किट और इंस्‍ट्रूमेंट की खरीदी की? अस्‍पतालवार, ऑपरेशन किटवार, इंस्‍ट्रूमेंट, राशिवार जानकारी दें। (ख) प्रश्‍नांश (क) के तहत खरीदी गई किट व इंस्‍ट्रूमेंट का बाजार मूल्‍य बहुत कम है? यदि हाँ, तो उक्‍त किट व इंस्‍ट्रूमेंट का बाजार मूल्‍य कितना है? (ग) प्रश्‍नांश (क) व (ख) के तहत उक्‍त आर्थिक अनियमितताओं के लिए किस पदनाम/नाम के अधिकारी जिम्‍मेदार हैं? जिम्‍मेदार पर क्‍या कार्यवाही कब तक की जाएगी?

श्रम मंत्री ( श्री अंतरसिंह आर्य ) : (क) से (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

विकासखण्‍ड हनुमना में प्रदाय ऋण की जाँच

5. ( *क्र. 4265 ) श्री आर.डी. प्रजापति : क्या पशुपालन मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) रीवा जिले के विकासखण्‍ड हनुमना में कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग रीवा द्वारा वर्ष 1995 से 2000 तक कुल कितने हितग्राहियों को रोजगार के लिये लोन (कर्ज) दिया गया? (ख) क्‍या हितग्राहियों द्वारा जो जाति/निवास प्रमाण पत्र/आय प्रमाण पत्र तथा अन्‍य दस्‍तावेज लगाये गये हैं, वह पूर्ण रूप से फर्जी हैं? (ग) यदि हाँ, तो फार्म में फर्जी दस्‍तावेज लगाने वालों के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की गयी है? यदि नहीं, तो कब तक की जावेगी?

पशुपालन मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) प्रश्नाधीन अवधि में कुल 50 हितग्राहियों को रोजगार के लिये बैंक द्वारा ऋण उपलब्ध कराया गया। (ख) जी नहीं। दस्तावेज फर्जी होने संबंधी कोई प्रमाण नहीं होने से प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) प्रश्नांश (ख) के अनुक्रम में जानकारी निरंक है।

बालिका छात्रावास इन्‍दार की वार्डन के विरूद्ध कार्यवाही

6. ( *क्र. 6904 ) श्री रामसिंह यादव : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शिवपुरी जिले के कोलारस विधान सभा क्षेत्र के ग्राम इन्‍दार में सर्व शिक्षा अभियान के तहत संचालित बालिका छात्रावास में कौन-कौन कर्मचारी/वार्डन प्रश्‍न दिनांक की स्थिति में कब से कार्यरत हैं? वार्डन के विरूद्ध विगत 03 वर्ष में अनियमितताओं की कौन-कौन सी शिकायतें प्राप्‍त हुई हैं? प्राप्‍त शिकायतों की जाँच किनके द्वारा कब की गई एवं जाँच प्रतिवेदन पर क्‍या कार्यवाही कब की गई? (ख) क्‍या उक्‍त छात्रावास में विगत तीन वर्ष की अवधि में प्रश्‍न दिनांक तक कोई सामग्री/वस्‍तुएँ आदि क्रय की गई हैं? यदि हाँ, तो कितनी राशि व्‍यय की गई है? (ग) क्‍या 01/04/2010 से 31/12/2015 तक की अवधि में कुछ अस्‍थायी कर्मचारियों को हटाया गया है? यदि हाँ, तो किन को कब, किन कारणों से हटाया गया है तथा उक्‍त अवधि में किन को अस्‍थायी कर्मचारी के रूप में किस पद पर किसके आदेश से कब नियुक्‍त किया गया है? (घ) क्‍या बालिका छात्रावास इन्‍दार की विगत 03 वर्षों में भ्रष्‍टाचार एवं अनियमितताओं की प्राप्‍त शिकायतों की जाँच की गई है? यदि हाँ, तो शिकायतों एवं जाँच प्रतिवेदन पर डी.पी.सी. कार्यालय शिवपुरी द्वारा क्‍या कार्यवाही कब-कब की गई?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। वार्डन श्रीमती आशा रघुवंशी के विरूद्ध विगत 3 वर्षों में अनियमितताओं की 02 शिकायतें प्राप्त हुई हैं। प्राप्त शिकायतों की जाँच जिला परियोजना समन्वयक द्वारा दिनांक 30.7.2015 एवं सहायक परियोजना समन्वयक जेंडर द्वारा दिनांक 18.8.2015 में की गई। जाँच प्रतिवेदन के आधार पर पत्र क्र. 4456 दिनांक 31.12.2015 द्वारा संबंधित वार्डन श्रीमती आशा रघुवंशी की दो वार्षिक वेतनवृद्धि असंचयी प्रभाव से रोकी गई। (ख) जी हाँ। कुल राशि रूपये 14,39,516/- (चौदह लाख उनचालिस हजार पाँच सौ सोलह रू. मात्र) की सामग्री/वस्तुएं क्रय की गई हैं। (ग) जी हाँ। जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। नियुक्ति शाला प्रबंधन समिति के अनुमोदन उपरांत की गई है। (घ) जी हाँ। जाँच प्रतिवेदन के आधार पर पत्र क्र. 4456 दिनांक 31.12.2015 द्वारा संबंधित वार्डन श्रीमती आशा रघुवंशी की दो वार्षिक वेतनवृद्धि असंचयी प्रभाव से रोकी गई।

परिशिष्ट - ''दो''

वह अमर छलाँग कार्यक्रम का संचालन

7. ( *क्र. 6746 ) श्रीमती अर्चना चिटनिस : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) स्‍कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत वह अमर छलाँग नामक कार्यक्रम कब प्रारंभ किया गया तथा इस कार्यक्रम का स्‍वरूप क्‍या है। (ख) प्रश्‍नांश (क) में उल्‍लेखित कार्यक्रम में अब तक कितने स्‍कूली बच्‍चे लाभान्वित हुए हैं एवं इस पर कितनी राशि व्‍यय की गई? वर्षवार पृथक-पृथक विवरण प्रदान किया जाये। (ग) क्‍या प्रश्‍नांश (क) में उल्‍लेखित कार्यक्रम वर्तमान में भी संचालित है? (घ) यदि प्रश्‍नांश (ग) का उत्‍तर नहीं है, तो कार्यक्रम बंद किये जाने का क्‍या कारण है।

स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) ''वह अमर छलांग'' नामक कार्यक्रम वर्ष 2011 से प्रारम्भ किया गया था। इस कार्यक्रम का स्वरूप अण्डमान निकोबार में वीर सावरकर द्वारा अंग्रेजों की कैद से मुक्त होकर तैरकर समुद्र पार करने के साहसिक प्रयास की स्‍मृति के अवसर पर तैराकी प्रतियोगिता का आयोजन करने का है। (ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार(ग) जी नहीं। बजट प्रावधान की अनुपलब्धता के कारण वर्ष 2014-15 से असंचालि‍त है। (घ) उत्तरांश '''' अनुसार।

परिशिष्ट - ''तीन''

आश्रम शालाओं/छात्रावासों के विद्यार्थियों को उपलब्‍ध सुविधाएं

8. ( *क्र. 1170 ) श्री शंकर लाल तिवारी : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सतना जिले में आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति की किस-किस स्‍थान पर छात्र एवं छात्राओं की आश्रम शालायें एवं छात्रावास स्थित हैं? स्‍थानवार बतायें कि किन-किन में किस-किस नाम के बालक/बालिकायें किन कक्षाओं के कब से रह रहे हैं? किन-किन में कितने कमरे हैं? कितने बालक/बालिकायें रह रहे हैं? छात्रावास वार जानकारी दें। (ख) राज्‍य शासन के नियमों के तहत उक्‍त आश्रम शालाओं एवं छात्रावासों में क्‍या-क्‍या सामग्री एवं खान-पान की व्‍यवस्‍था बालकों/बालिकाओं को नि:शुल्‍क प्रदान की जाती है? छात्रावासवार जानकारी दें कि किस-किस में प्रश्‍नतिथि तक क्‍या-क्‍या सामग्री भौतिक रूप से उपलब्‍ध है? प्रश्‍नांश (क) में उल्‍लेखित छात्रावासों/ आश्रम शालाओं में छात्रावासवार क्‍या-क्‍या सामग्री 01.04.2013 से प्रश्‍नतिथि तक किस-किस दर पर, कब कब किस-किस नाम पते वाली संस्‍थाओं/दुकानों से खरीदी गयी? उक्‍त सामग्री के किस-किस फर्म/दुकानों से किस-किस दर पर टेंडर (निविदा) आये? किस-किस को कितना भुगतान कब किया गया? () प्रश्‍नांश (क) में वर्णित छात्रावासों की पुरानी सामग्री का प्रश्नांश (ख) में उल्‍लेखित समयानुसार क्‍या किया गया?

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' तथा 'एक' अनुसार है। (ख) जनजाति छात्रावास/आश्रम में नि:शुल्‍क निवास, नाश्‍ता, भोजन, पंलग, गद्दा, चादर, तकिया उपलब्‍ध कराया जाता है। शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। शासन के प्राधिकृत एजेन्सियों/उपक्रमों के माध्‍यम से सामग्री क्रय की गई है। टेण्‍डर (निविदा) नहीं बुलाये गये। वर्ष 2014-15 एवं वर्ष 2015-16 में छात्रावास नवीन नियम के तहत राशि विद्यार्थियों के खाते में जमा कराने के पश्‍चात विद्यार्थियों द्वारा आवश्‍यक सामग्री स्‍वयं क्रय की गई है। 05 वर्ष की अधिक आयु वाली सामग्री पालक समिति के माध्‍यम से अधिकृत एजेन्‍सी/उपक्रम के माध्‍यम से क्रय की गई है। अनुसूचित जाति छात्रावासों में नि:शुल्‍क आवासीय सुविधा, प्रीमैट्रिक छात्रावास में मेस संचालन हेतु शिष्‍यवृत्ति तथा पोस्‍ट मैट्रिक छात्रावासों में मेस संचालन हेतु सहायता राशि एवं आगमन भत्‍ता एवं इसके अलावा बिस्‍तर सामग्री, खान-पान व्‍यवस्‍था हेतु सामग्री, खेलकूद सामग्री, कम्‍प्‍यूटर, लायब्रेरी, समाचार पत्र, उत्‍कृष्‍ट छात्रावासों में प्रवेशित विद्यार्थियों को स्‍टेशनरी एवं कोचिंग आदि की सुविधा प्रदान की जाती है। सभी छात्रावास/आश्रमों में बिस्‍तर सामग्री (गद्दा, चादर, तकिया, कव्‍हर, कम्‍बल, मच्‍छरदानी, पंखे, ट्यूबलाईट इत्‍यादि) मेस सामग्री हेतु बर्तन, सफाई हेतु हार्पिक एवं फिनायल आदि भौतिक रूप से उपलब्‍ध है। (ग) अपलेखन कर नियमानुसार निराकरण किया गया।

साँची दुग्‍ध संघ में वितरक नियुक्ति के नियम

9. ( *क्र. 6954 ) श्री हितेन्द्र सिंह ध्‍यानसिंह सोलंकी : क्या पशुपालन मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) साँची दुग्‍ध वितरक नियुक्त करने के संबंध में शासन के नियम क्‍या हैं? साँची दुग्‍ध वितरक नियुक्त करने के संबंध में खरगोन जिले के कसरावद, सनावद में वितरक नियुक्‍त किसे किया गया है? नगर कसरावद एवं नगर सनावद में दुग्‍ध वितरक नियुक्‍त करने के संबंध में कितने आवेदन पत्र प्राप्‍त हुए हैं एवं कितने वितरकों की नियुक्ति किन प्रावधानों के तहत की गई है? (ख) नगर सनावद एवं नगर बड़वाहा में दुग्‍ध वितरक नियुक्त करने के संबंध में विगत 2 वर्ष में कितने आवेदन पत्र प्राप्‍त हुए हैं? प्रश्‍नकर्ता द्वारा नगर सनावद एवं बड़वाहा में दुग्‍ध वितरक नियुक्‍त करने के संबंध में मुख्‍य सचिव, भोपाल, प्रमुख सचिव पशुपालन भोपाल एवं मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी, इंदौर को पत्र जारी कर वितरक नियुक्त करने के संबंध में जारी किये गये पत्रों पर विभाग द्वारा क्‍या कार्यवाही की गई? (ग) क्‍या राज्‍य शासन के आदेशानुसार जनप्रतिनिधियों को उनके प्राप्‍त पत्रों के उत्‍तर दिये जाने के प्रावधान है? यदि कोई विभाग उत्‍तर नहीं देता है तो उसके विरूद्ध अनुशासनात्‍मक कार्यवाही के निर्देश हैं? (घ) यदि हाँ, तो मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी, साँची दुग्‍ध संघ, इंदौर के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की गई एवं नहीं की गई तो कब तक की जावेगी? (ड.) नगर बड़वाहा/सनावद में यदि जनसंख्‍या के अनुपात में वितरक नियुक्‍त करने के नियम है, तो फिर इससे छोटे-छोट शहरों में नियुक्ति किस आधार पर की गई है?

पशुपालन मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) वितरक नियुक्ति के संबंध में दुग्ध संघ स्तर पर समय-समय पर स्थानीय परिस्थिति‍यों तथा दूध एवं दूध उत्पादों के विक्रय की संभावनाओं के आधार पर प्रक्रिया निर्धारित की जाती है। कसरावद शहर में तीन वितरक नियुक्त किये गये हैं। 1. श्री राजेश महाजन 2. श्री सुखराम राठौर 3. श्री गौरीशंकर पाटीदार सनावद शहर में श्री राधोराम मंडलोई को नियुक्त किया गया है। नगर कसरावद में तीन आवेदन एवं नगर सनावद में एक आवेदन प्राप्त हुए थे। इस प्रकार कुल 04 वितरकों की नियुक्ति संघ के वितरक नियुक्ति शर्तों एवं अनुबंध की शर्तों के परिपालन अंतर्गत की गई है। (ख) कोई आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है। जी हाँ। माननीय विधायक श्री हितेन्द्र सिंह सोलंकी जी को वस्तुस्थिति से अवगत कराया गया, जो संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) जी हाँ। प्रश्नांश (ख) में उल्लेखि‍त बिन्दुओं के संबंध में मान. विधायक श्री हितेन्द्र सिंह सोलंकी को अवगत कराया गया है। (घ) प्रश्नांश '' के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ड.) जनसंख्या के अनुपात में वितरक नियुक्त करने के संबंध में कोई नियम निर्धारित नहीं है। विपणन की संभावनाओं के दृष्टिगत वितरकों की नियुक्ति की जाती है।

परिशिष्ट - ''चार''

मिनीकिट प्रदर्शन योजना का क्रियान्‍वयन

10. ( *क्र. 7461 ) श्रीमती इमरती देवी : क्या पशुपालन मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) मिनीकिट प्रदर्शन योजना प्रदेश में कब से संचालित है तथा योजना के अतंर्गत किस प्रकार के किसानों को लाभान्वित किया जाता है एवं उक्‍त योजना के अतंर्गत प्रश्‍न दिनांक तक कितने हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया है? संख्‍यात्‍मक जानकारी देवें। (ख) वर्ष 2016-17 में उक्‍त योजना के अतंर्गत कितने हितग्राहियों को लाभान्वित किये जाने का लक्ष्‍य रखा गया है तथा राशि का बजट प्रावधान कराया गया है? यदि नहीं, तो क्‍यों? क्‍या शासन की मंशा इस छोटी सी महत्‍वपूर्ण योजना को बंद कर छोटे एवं गरीब किसानों को उनके लाभ से वंचित कर बड़े किसानों, व्‍यापारियों एवं उद्योगपतियों को ही बड़ी-बड़ी योजनाएं चलाकर लाभ पहुंचाने की है? (ग) क्‍या पूर्व में भी उक्‍त योजना को निरंतर चालू रखने के संबंध में किसान संघ, किसान आयोग एवं जनप्रतिनिधियों से पत्र प्राप्‍त हुए थे? यदि हाँ, तो उन पर विभाग द्वारा क्‍या कार्यवाही की गई? (घ) क्‍या इस योजना के अतंर्गत देशी सब्‍जी बीजों का वितरण किया जाता है? यदि हाँ, तो फिर क्‍या शासन की मंशा देशी सब्‍जी फसलों के लिए चलायी जा रही इस महत्‍वपूर्ण योजना को बंद कर देशी प्रजातियों को पूर्णत: विलुप्‍त करने की है? (ड.) क्‍या देशी प्रजातियों को विलुप्‍त होने से बचाने हेतु उक्‍त योजना को पुन: निरंतर चालू रखने हेतु एवं विगत वर्षों से आगामी वर्ष हेतु अधिक हितग्राहियों को लाभान्वित करने हेतु आश्‍वस्‍त करेंगी?

पशुपालन मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) मिनीकिट प्रदर्शन की योजना वर्ष 2011-12 से संचालित है। इस योजना के अन्तर्गत सभी वर्ग के पात्र कृषकों को लाभान्वित किया जाता है। प्रश्न दिनांक तक 19,34,750 हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया है। (ख) वर्ष 2016-17 में उक्त योजनान्तर्गत कोई लक्ष्य नहीं रखा गया है। फलस्वरूप नवीन लक्ष्य हेतु बजट प्रावधान नहीं है। जी नहीं। विभाग द्वारा संचालित अन्य योजनाओं में भी छोटे एवं गरीब कृषकों को लाभान्वित किया जा रहा है। (ग) जी हाँ। स्वीकृति प्राप्त कर उक्त योजना का क्रियान्वयन वर्ष 2015-16 में किया गया है। (घ) जी हाँ। जी नहीं। घरेलू बागवानी की आदर्श योजना (बाड़ी) में भी देशी बीजों का वितरण किया जाता है। अतः शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ड.) उत्तरांश के सन्दर्भ में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।

छपारा विकासखण्‍ड में फूड प्रोसेसिंग यूनिट की स्‍थापना

11. ( *क्र. 4322 ) श्री रजनीश सिंह : क्या पशुपालन मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) सिवनी जिले में कितने फूड प्रोसेसिंग यूनिट हैं? ये कहाँ-कहाँ, कौन-कौन से ग्राम में स्थित हैं? इनमें कितने कर्मचारी/अधिकारी कार्यरत हैं? कृपया सूची प्रदान करें। यदि नहीं, तो क्‍यों? (ख) क्‍या छपारा विकासखण्‍ड में सीताफलों के अधिक उत्‍पादन को देखते हुये यहां फूड प्रोसेसिंग यूनिट खोले जाने हेतु कोई प्रस्‍ताव विभाग के पास लंबित है? यदि हाँ, तो इस पर कब तक कार्य शुरू होकर पूर्ण हो जायेगा और नहीं तो क्‍यों?

पशुपालन मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) कुल 161 फूड प्रोसेसिंग इकाईयां उद्योग विभाग में पंजीकृत हैं। महाप्रबंधक जिला व्यापार उद्योग केन्द्र सिवनी द्वारा इकाईवार दी गई सूची जिसमें इकाई का पता आदि का उल्लेख है, जिनमें कुल 496 व्याक्तियों का रोजगार सृजित है, की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) जी नहीं। सहायक संचालक उद्यान जिला सिवनी द्वारा आई.ए.पी. योजनान्तर्गत कार्य योजना प्रस्ताव जिला प्रशासन (जिला पंचायत) सिवनी को प्रस्तुत किया गया है। शासन द्वारा खाद्य प्रसंस्करण इकाई स्वयं संचालित करने की कोई योजना नहीं होने से समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

 श्रम विद्यालयों को आवंटित राशि

12. ( *क्र. 7016 ) श्री सुन्‍दरलाल तिवारी : क्या श्रम मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या शासन द्वारा बाल श्रम को रोकने के लिये श्रम स्‍कूलों का संचालन किया है? अगर हाँ तो रीवा संभाग अंतर्गत कितने श्रम विद्यालय संचालित हैं? उनके नाम एवं संचालन की जगह के साथ छात्रों की संख्‍या वर्गवार देवें? कार्यरत शिक्षकों की जानकारी भी देवें। (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में संचालित श्रम विद्यालयों के बच्‍चों के लिये शासन द्वारा क्‍या-क्‍या सुविधा मुहैया कराई जा रही हैं? उन पर शासन द्वारा प्रश्‍नांश दिनांक तक कितनी राशि किन-किन विद्यालयों को कब-कब प्रदान की गई? उनका विवरण मदवार देवें। किस-किस विद्यालय में किस-किस मद में कितनी-कितनी राशि प्रश्‍नांश दिनांक तक खर्च की गई? क्‍या उक्‍त व्‍यय राशि का अन्‍वेषण/ऑडिट कराया गया? यदि हाँ, तो कब-कब प्रति देवें? (ग) क्‍या सीधी जिले के कलेक्‍टर द्वारा इस परियोजना में हुए फर्जीवाड़े के कारण श्रम स्‍कूलों को बन्‍द करने का आदेश जारी कर दिया है तथा जाँच उपरांत आपराधिक गबन का मामला दर्ज कराने की कार्यवाही प्रचलन में है? क्‍या इसी तरह संभाग के अन्‍य जिलों में भी कार्यवाही की जावेगी? (घ) यदि प्रश्‍नांश (क) के विद्यालय मौके पर संचालित नहीं किये गये बल्कि फर्जी तरीके से कागजों में संचालित रहे तथा छात्रों का नाम दर्ज कर राशि फर्जी तरीके से आहरित कर गबन की गई तो इसके लिये किन-किन को दोषी मानते हुये कार्यवाही करेंगे? क्‍या वसूली के साथ आपराधिक प्रकरण भी दर्ज करायेंगे? यदि हाँ, तो कब तक, अगर नहीं तो क्‍यों?

श्रम मंत्री ( श्री अंतरसिंह आर्य ) : (क) हाँ, बाल श्रम को रोकने के लिए श्रम एवं रोजगार मंत्रालय, भारत सरकार की राष्ट्रीय बाल श्रम परियोजना के अंतर्गत श्रम विद्यालयों का संचालन वर्तमान में प्रदेश के 11 जिलों में किया जा रहा है, रीवा संभाग के अंतर्गत वर्तमान में सीधी तथा सतना में राष्ट्रीय बाल श्रम परियोजना के अंतर्गत विद्यालयों का संचालन बंद है, जबकि रीवा में संचालित 38 विशेष प्रशिक्षण केन्द्र (श्रम विद्यालय) के नाम, संचालन की जगह तथा छात्रों (बच्चों) की वर्गवार संख्या व शिक्षकों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में संचालित विशेष प्रशिक्षण केन्द्र (श्रम विद्यालय) द्वारा बच्चों को छात्रवृत्ति, मध्यान्ह भोजन, शैक्षणिक एवं व्यावसायिक प्रशिक्षण की सुविधा मुहैया कराई जा रही है। राष्ट्रीय बाल श्रम परियोजना रीवा द्वारा जिले में संचालित विशेष प्रशिक्षण केन्द्रों (श्रम विद्यालयों) को वर्ष 2014-15 तथा 2015-16 में मदवार आवंटित एवं व्यय की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। राष्ट्रीय बाल श्रम परियोजना रीवा की 31 मार्च, 2015 को समाप्त होने वाले वर्ष के संबंध में चार्टर्ड अकाउन्टेंट्स एसपीजेव्ही एवं कंपनी से अंकेक्षण कराया गया है। अंकेक्षण प्रतिवेदन की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। (ग) यह सही नहीं है कि सीधी जिले के कलेक्टर द्वारा राष्ट्रीय बाल श्रम परियोजना, सीधी में हुए फर्जीवाड़े के कारण श्रम विद्यालयों को बंद करने का आदेश जारी कर दिया है, अपितु परियोजना के संचालन की अवधि जुलाई, 2014 में समाप्त हो जाने के कारण परियोजना के अंतर्गत विद्यालय बंद हैं। यह भी सही नहीं है कि राष्ट्रीय बाल श्रम परियोजना सीधी में जाँच उपरांत आपराधिक गबन का मामला दर्ज कराने की कार्यवाही प्रचलन में है। रीवा संभाग के अन्य जिलों में ऐसी कोई शिकायत नहीं होने से कोई कार्यवाही करने का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) प्रश्नांश (क) से संबंधित विशेष प्रशिक्षण केन्द्र (श्रम विद्यालय) रीवा जिले में विधिवत् रूप से संचालित है तथा भारत सरकार, श्रम एवं रोजगार मंत्रालय से समय-समय पर आवंटन प्राप्त होने पर संबंधित छात्रों के खातों एवं शिक्षकों सहित स्वयंसेवी संस्थाओं के खातों में राशि सीधे बैंक के माध्यम से अंतरित की जाती है। फलस्वरूप प्रश्नांश अंतर्गत कोई शिकायत नहीं होने से वसूली के साथ आपराधिक प्रकरण दर्ज कराने का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

तेंदूखेड़ा विधानसभा क्षेत्रांतर्गत प्रस्‍तावित परीक्षा केन्‍द्र

13. ( *क्र. 3697 ) श्री संजय शर्मा : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) तेंदूखेड़ा विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत हाई एवं हायर सेकेण्‍डरी स्‍कूलों के कितने परीक्षा केन्‍द्र खोले जाना प्रस्‍तावित हैं? स्‍कूलवार जानकारी प्रदान करें। (ख) क्‍या नवीन परीक्षा केन्‍द्र खोलने हेतु मापदण्‍ड निर्धारित हैं? यदि हाँ, तो क्‍या मापदण्‍ड हैं?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) जिला स्तरीय समिति एवं जिला योजना समिति द्वारा जिला नरसिंहपुर के परीक्षा केन्द्रों का प्रस्ताव माध्यमिक शिक्षा मण्डल मध्यप्रदेश भोपाल को प्राप्त हुआ था, जिसमें तेंदूखेड़ा विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत हाईस्कूल एवं हायर सेकेण्‍डरी के कुल 18 परीक्षा केन्द्र निर्धारित किये जाना प्रस्‍तावित किये गये। स्कूलवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परि‍शिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) जी हाँ। नवीन परीक्षा केन्द्र हेतु मध्यप्रदेश शासन द्वारा मापदण्डों का निर्धारण किया गया है। निर्धारित मापदण्ड पुस्तकालय में रखे परि‍शिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है

शासकीय विद्यालयों को प्रदाय सामग्री का रख-रखाव

14. ( *क्र. 5881 ) सुश्री उषा ठाकुर : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या इंदौर जिले में पिछले दो वर्षों में (I) टी.व्‍ही (II) मध्‍यान्‍ह भोजन निर्माण हेतु चूल्‍हे बर्तन गैस कनेक्‍शन (III) कम्‍प्‍यूटर (IV) ट्रांजिस्‍टर (V) मध्‍यान्‍ह भोजन के खाते खोलने हेतु अलग से 500/- प्रति विद्यालय दिए गए। हाँ तो कितने-कितने विद्यालयों को प्रत्‍येक वस्‍तु दी गई? (ख) दिनांक 31.1.16 की स्थिति में बतावें कि (I) कितने टी.वी. कार्यालय में बिना बँटे बचे और कितने विद्यालयों में चालू स्थिति में हैं और कितने चोरी अथवा खराब हो गये (II) कितने कम्‍प्‍यूटर चालू हालत में और कहाँ हैं (III) किस-किस विद्यालय के 500/- वाले खाते चालू कितने बंद (IV) कितनी गैस टंकियां नगर निगम में जमा और कितनी विद्यालायों में ही हैं (V) कितने ट्रान्जिस्‍टर जो विद्यालयों द्वारा क्रय किये थे, चालू हालत में है? (ग) क्‍या बार-बार नीति बदलने से लाखों रूपया व्‍यर्थ होता है और समुचित उपयोग भी नहीं होता? (घ) कार्यालय में बचे टी.वी. का क्‍या उपयोग हो रहा है? क्‍या सभी चालू हैं? कम्‍प्‍यूटर की भी और विद्यालयों में चूल्‍हे और बर्तन का भी एक समिति द्वारा भौतिक सत्‍यापन करायेंगे?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) सर्व शिक्षा केंद्र अंतर्गत इंदौर जिले में पिछले दो वर्षों में- (I) सर्व शिक्षा अभियान अंतर्गत स्मार्ट क्लास योजना के तहत 30 माध्यमिक शालाओं को टी.वी. प्रदाय किये गए हैं I (II) जिला पंचायत द्वारा मध्यान्ह भोजन के निर्माण हेतु ग्रामीण क्षेत्र की 200 शालाओं में गैस कनेक्शन क्रय किये जाने हेतु 6000/- प्रति शाला के मान से राशि प्रदाय की गयी है। जिले की 1662 शालाओं में बर्तन क्रय किये जाने हेतु 2400/- प्रति शाला के मान से राशि प्रदाय की गयी है। (III) सर्व शिक्षा केंद्र अंतर्गत जिले में पिछले दो वर्षों में 30 माध्यमिक शालाओं को लेपटाप (कंप्यूटर) प्रदाय किये गए हैं। (IV) विभाग द्वारा विगत दो वर्षों में किसी भी विद्यालय को ट्रांजिस्टर प्रदाय नहीं किये गए हैं। विद्यालय द्वारा 1294 ट्रांजिस्टर क्रय किये गए हैं। (V) मध्यान्ह भोजन के खाते खोलने हेतु अलग से 500/- की राशि प्रदाय नहीं की गयी है। (ख) दिनांक 31.01.2016 की स्थिति में- (I) कार्यालय में बिना बंटे कोई भी टी.वी. शेष नहीं हैं। स्मार्ट क्लास योजना अंतर्गत जिले के 30 माध्यमिक शालाओं को प्रदाय किये गये टी.वी. की अद्यतन स्थिति की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। (II) सर्व शिक्षा अभियान अंतर्गत जिले में 30 माध्यमिक विद्यालयों में लेपटाप (कम्प्यूटर) प्रदाय किये गये हैं। लेपटाप (कम्प्यूटर) की अद्यतन स्थिति की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। (III) प्रश्नांश "क" के बिन्दु क्र. ''V'' के उत्तर के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता है। (IV) शहरी क्षेत्र इन्दौर के लिये गैस कनेक्शन क्रय किये जाने हेतु राशि प्रदाय नहीं की गयी है और ना ही कोई गैस टंकी नगर निगम में जमा है। (V) जिले में पिछले दो वर्षों में विद्यालयों द्वारा कुल 1294 ट्रांजिस्टर क्रय किये थे, जिसमें से 1255 चालू हालत में हैं। (ग) उत्‍तरांश '' के प्रकाश में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) सर्व शिक्षा अभियान अंतर्गत प्रदाय टी.वी. कार्यालय में नहीं है। लेपटाप (कम्प्यूटर) आदि सामग्री का विकासखण्ड एवं जिला स्तर की निर्धारित समिति द्वारा भौतिक सत्यापन किया जाता है।

सहरिया जनजाति के उत्‍थान के लिए संचालित योजनाएं

15. ( *क्र. 3105 ) श्री रामनिवास रावत : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में विशेष पिछड़ी जनजाति सहरिया कहाँ-कहाँ पाई जाती है, वर्तमान में इनकी जनसंख्‍या कितनी है? (ख) क्‍या सहरिया विकास अभिकरण का गठन वर्ष 2013-14, 2014-15 एवं 2015-16 में किया गया है? यदि हाँ, तो किस-किस जिले में कब-कब किया है? इन अभिकरणों की बैठकें कब-कब आयोजित कर किन-किन कार्यों को स्‍वीकृत किए जाने का अनुमोदन किया गया, अनुमोदन उपरांत कितनी-कितनी राशि के क्‍या-क्‍या कार्य स्‍वीकृत किए गए? (ग) उक्‍त जनजाति के सर्वांगीण विकास के लिए केन्‍द्र सरकार से वर्ष 2013-14, 2014-15 एवं 2015-16 में किस-किस जिले को कितनी-कितनी राशि प्राप्‍त हुई? उक्‍त प्राप्‍त राशि किस-किस कार्य पर व्‍यय की गई? (घ) क्‍या उक्‍त मद में हितग्राहीमूलक योजनाओं की राशि गैर सहरिया हितग्राही मूलक कार्यों में व्‍यय नहीं की जा सकती है? यदि हाँ, तो उक्‍त अवधि में कितनी-कितनी राशि किस-किस जिले में गैर सहरिया हितग्राहीमूलक कार्यों में किस-किस के आदेश से व्‍यय की गई? इस नियम विरूद्ध व्‍यय के लिए कौन जिम्‍मेदार है? उनके विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की जावेगी? (ड.) क्‍या उपरोक्‍त प्रश्‍नांश के परिप्रेक्ष्‍य में जिला श्‍योपुर में वर्ष 2014-15 एवं 2015-16 में सी.सी.डी. प्‍लान एवं विशेष केन्‍द्रीय सहायता की केन्‍द्र से प्राप्‍त समस्‍त राशि समर्पित कर दी गई? यदि हाँ, तो कितनी राशि, किन कारणों से समर्पित की गई? क्‍या यह सहरिया जनजाति के हितों पर कुठाराघात है? समर्पित की गई राशि के लिए क्‍या संबंधितों का उत्‍तरदायित्‍व निर्धारित कर कार्यवाही की गई है? यदि हाँ, तो क्‍या? यदि नहीं, तो कब तक की जावेगी?

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) प्रदेश में सहरिया जनजाति चिन्‍हांकित 8 जिलों की जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) जी नहीं। प्रश्‍नांकित अवधि में अभिकरण गठित नहीं किये गये हैं। अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) तथा (घ) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ड.) जी नहीं। श्‍योपुर जिले में वर्ष 2014-15 एवं 2015-16 में प्राप्‍त राशि में से समर्पित एवं स्‍वीकृत कार्यों का विवरण संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। प्रभावी आचार संहिता/वित्‍त विभाग के प्रतिबंध, अग्रिम आहरण के कारण कोषालय से देयक आहरित न होने से राशि समर्पित हुई। वित्‍तीय नियम एवं प्रक्रिया का पालन करने के कारण कार्यवाही का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - ''पाँच''

शिक्षकों को बी.एड./डी.एड. का प्रशिक्षण

16. ( *क्र. 7616 ) श्री शैलेन्‍द्र पटेल : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) म.प्र. में बिना डी.एड./बी.एड. ही भर्ती शिक्षकों को प्रशिक्षण हेतु बी.एड./डी.एड. करवाने की सरकार की क्‍या योजना है? (ख) प्रश्नांश (ख) अंतर्गत योजना के नियमों के कारण क्‍या कुछ शिक्षक बी.एड./डी.एड. नहीं कर पा रहे हैं? यदि हाँ, तो उनको बी.एड./डी.एड. करवाने की सरकार की क्‍या योजना है? (ग) बी.एड./डी.एड. करवाने हेतु न्‍यूनतम कितने प्रतिशत अंकों की आवश्‍यकता एम.पी. ऑनलाइन के पोर्टल पर पंजीयन हेतु होती है? क्‍या इसमें कोई कमी कर सभी शिक्षकों को बी.एड./डी.एड. करवाया जाएगा?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) निर्धारित अर्हता पूरी करने वालों को ही प्रवेश देने की योजना है। (ग) डी.एड./.बी.एड. में प्रवेश हेतु अर्हता राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद द्वारा निर्धारित की जाती है। तदनुसार डी.एड. हेतु अनारक्षित वर्ग के अभ्यर्थी मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मण्डल भोपाल अथवा समकक्ष बोर्ड से हायर सेकेण्ड्री (+2) स्कूल सर्टीफिकेट या समकक्ष परीक्षा न्यूनतम 50 % अंकों के साथ उत्तीर्ण की हो। अनुसूचित जाति तथा अनुसूचित जनजाति के उम्मीदवारों के लिए उपरोक्तानुसार पात्रता में 05 प्रतिशत की छूट रहेगी। राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एन.सी.टी.ई.) के मापदण्ड अनुसार न्यूनतम 50% अर्हता रखना अनिवार्य है। बी.एड. में प्रवेश के लिए स्नातक डिग्री अथवा विज्ञान/सामाजिक विज्ञान/मानविकी में, कम से कम 50% अंक पाने वाले अभ्यर्थी पात्र होंगे। इसके अतिरिक्त इंजीनियरिंग जिसमें विज्ञान और गणित की विशेषज्ञता हो, में 55 अंक प्राप्त करने वाले अभ्यर्थी अथवा इनके समतुल्य कोई अन्य अर्हता वाले अभ्यर्थी प्रवेश के लिए पात्र होंगे। अनुसूचित जाति/जनजाति/ओ.बी.सी./पी.डब्ल्यू.डी. और अन्य वर्गों के लिए स्थान आरक्षण तथा अंकों की छूट केन्द्रीय अथवा राज्य सरकार (जो भी लागू हो) के नियमों के अनुसार होगी। प्रतिशत में कमी करने का सम्बन्ध राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एन.सी.टी.ई.) से है।

छात्रावास/आश्रमों हेतु अधीक्षकों की पदपूर्ति

17. ( *क्र. 7815 ) श्री संजय उइके : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) आदिम जाति कल्‍याण विभाग अंतर्गत कितने छात्रावास एवं आश्रम शालाएं संचालित हैं, क्‍या सभी संस्‍थाओं में छात्रावास/आश्रम अधीक्षकों एवं अधीक्षिकाओं के पद स्‍वीकृत हैं? (ख) यदि हाँ, तो कुल स्‍वीकृत पद, भरे पद एवं रिक्‍त पदों की जानकारी उपलब्‍ध करावें? (ग) वर्ष 2012 के पश्‍चात कितने नवीन छात्रावास एवं आश्रम स्‍वीकृत किए गए एवं सभी में अधीक्षक एवं अधीक्षिकाओं के पद स्‍वीकृत किए गए हैं? (घ) वर्ष 2012 के पश्‍चात प्रश्‍न दिनांक तक संविदा अधीक्षक, अधीक्षिकाओं की भर्ती क्यों नहीं की गई? (ड.) अधीक्षक, अधीक्षिका विहीन छात्रावास एवं आश्रमों का संचालन किस प्रकार से किया जा रहा है?

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) आदिवासी विकास मद से 1348 प्री मैट्रिक छात्रावास, 130 पोस्‍ट मेट्रिक छात्रावास एवं 1046 आश्रम शालायें संचालित हैं। उक्‍त सभी संस्‍थाओं में पद स्‍वीकृत हैं। (ख) स्‍वीकृत संस्‍थाओं में कुल स्‍वीकृत पद 2490, भरे पद 1823, रिक्‍त पद 667 हैं। (ग) विवरण संलग्‍न परिशिष्ट पर दिया गया है। (घ) मध्‍यप्रदेश शासन के ज्ञापन क्रमांक एफ-12-11/2006/25-2 दिनांक 22.08.2013 द्वारा संविदा अधीक्षक को संविदा शिक्षक वर्ग 2 के पदों के विरूद्ध समयोजित किये जाने की शासन द्वारा स्‍वीकृति प्रदान की गई है। (ड.) अधीक्षक/अधीक्षिका विहीन छात्रावासों एवं आश्रमों का संचा‍लन शिक्षा विभाग के शिक्षक/शिक्षिकाओं को प्रभार देकर एवं विभाग के अधीक्षकों को एक से ज्‍यादा प्रभार दिलाया जाकर संस्‍थाओं का संचालन कराया जा रहा है।

परिशिष्ट - ''छ:''

भारत के महापंजीयक के पत्रों पर कार्यवाही

18. ( *क्र. 5405 ) श्री मोती कश्यप : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या विभाग ने माझी जनजाति के समक्ष धीमर, केवट, कहार, भोई मल्‍लाह आदि को सम्मिलित करने हेतु किन्‍हीं की अध्‍यक्षता में गठित समितियों के प्रतिवेदन, मंत्रीपरिषद के निर्णय, मा. मुख्‍यमंत्री जी का आग्रहपत्र किन्‍हीं तिथियों में भारत सरकार जनजाति कार्य मंत्रालय को प्रेषित किये हैं? (ख) क्‍या भारत सरकार और भारत के महापंजीयक ने राज्‍य की किसी संस्‍था के तथ्‍यों के आधार पर अपनी कमेन्‍ट्स और अपेक्षित स्‍पष्‍टीकरण हेतु किन्‍हीं तिथियों में विभाग को कोई पत्र प्रेषित किये हैं? (ग) क्‍या प्रश्‍नकर्ता ने अपने पत्र दिनांक 02/10-09-2013, 07-07-2014, 08-12-2014, 23/24-03-2015 तथा 01-12-2015 द्वारा प्रश्नांश (ख) की किन संस्‍थाओं के तथ्‍यों, अध्‍ययनों तथा कमेन्‍ट्स (टिप्‍पणियों) का खण्‍डन किया है और उन पर कब किनके द्वारा परीक्षण किया गया है और कोई कार्यवाही की गई है? (घ) क्‍या प्रश्‍नकर्ता ने अपने दिसम्‍बर 2015 के किसी दिनांक के पत्र द्वारा माननीय मुख्‍यमंत्री जी से किन्‍हीं विषय विशेषज्ञोंयुक्‍त उच्‍च स्‍तरीय समिति से प्रश्‍नांश (क), (ख), (ग) प्रतिवेदनों अध्‍ययनों, टिप्‍पणियों की समीक्षा कराकर मंत्रीपरिषद से अनुमोदित कराने हेतु किये गये लेख पर कोई कार्यवाही की गई है?

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) एवं (ख) जी हाँ। (ग) प्रश्‍न में उल्‍लेखित पत्र दिनांक 01.12.2015 को छोड़कर प्रश्‍नकर्ता के शेष पत्रों में टी.आर.आई. के अध्‍ययनों एवं टिप्‍पणियों का खण्‍डन किया गया। इन पत्रों पर आदिम जाति अनुसंधान एवं विकास संस्‍था द्वारा परीक्षण कर वस्‍तुस्थिति संबंधी अनुशंसा शासन को प्रेषित की गई। माननीय प्रश्‍नकर्ता द्वारा समय समय पर की गई मांग एवं टी.आर.आई. द्वारा दिये गये अभिमत के आधार पर प्रकरण जाँच हेतु शासन के पत्र दिनांक 27.06.2015 द्वारा जनजातीय कार्य मंत्रालय भारत शासन नई दिल्‍ली को प्रेषित किया गया है। (घ) जी हाँ। माननीय प्रश्‍नकर्ता द्वारा दिनांक 19.12.2015 में समिति का गठन का प्रस्‍ताव दिया गया है। कार्यवाही प्रक्रियाधीन है।

विदिशा जिलांतर्गत संचालित नलजल योजनाएं

19. ( *क्र. 5789 ) श्री सूर्यप्रकाश मीना : क्या पशुपालन मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) जिला विदिशा अंतर्गत 30.1.2016 तक की स्थिति में कुल कितनी नल जल योजनायें किस-किस ग्राम में स्‍वीकृत हैं? उक्‍त में से कितनी पूर्ण एवं कितनी अपूर्ण अथवा अप्रारंभ है? ग्रामवार विकासखण्‍डवार जानकारी दें। (ख) प्रश्‍नांश (क) के क्रम में ग्रामों में स्‍थापित नलजल योजनाओं में से कितनी चालू स्थिति में एवं कितनी योजनायें बंद पड़ी हैं? बंद पड़े रहने के कारण सहित जानकारी दें। (ग) क्‍या शासन आगामी ग्रीष्‍म ऋतु एवं सूखे की स्थिति को ध्‍यान में रखते हुये बंद पड़ी नलजल योजनाओं के कारणों को दूर कर शीघ्र ही ऐसी योजनाओं से पेयजल व्‍यवस्‍था बहाल करने एवं अपूर्ण अप्रारंभ योजनाओं पर शीघ्र ही कार्य कराये जाने के निर्देश देगा? यदि हाँ, तो कब तक?

पशुपालन मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) एवं (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) जी हाँ। निर्देश दिये जा चुके हैं।

माध्‍यमिक विद्यालयों के भवन/बाउण्‍ड्रीवाल का निर्माण

20. ( *क्र. 7816 ) श्री हर्ष यादव : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) देवरी विधान सभा क्षेत्र में ऐसे कौन-कौन से माध्‍यमिक विद्यालय हैं, जिनमें भवन, बाउण्‍ड्रीवाल, पेयजल व्‍यवस्‍था व शौचालय का अभाव है? (ख) इन व्‍यवस्‍थाओं के लिए अब तक विभाग द्वारा क्‍या-क्‍या प्रयास किये गये है? (ग) आगामी वित्‍तीय वर्ष में उक्‍त क्षेत्र में कितने माध्‍यमिक विद्यालय भवन, शौचालय, बाउण्‍ड्रीवाल आदि बनाये जाने की योजना है?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) देवरी विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत 172 शासकीय माध्यमिक विद्यालय संचालित हैं। एक माध्यमिक विद्यालय डोंगरसलैया का भवन पूर्णतः क्षतिग्रस्त होने के कारण भवनविहीन की श्रेणी में है। यह विद्यालय वर्तमान में प्राथमिक विद्यालय के भवन में संचालित है। माध्यमिक शालाओं में बाउन्ड्रीवॉल, पेयजल, शौचालय से संबंधित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) भवनविहीन श्रेणी में शामिल माध्यमिक विद्यालय डोंगरसलैया के लिये नये भवन का प्रस्ताव वर्ष 2016-17 की कार्ययोजना में किया गया है। ग्रामीण क्षेत्र की शालाओं में पेयजल हेतु हैंडपंप की स्थापना के लिये लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को जिले द्वारा प्रस्ताव भेजा गया है। बाउन्ड्रीवॉल निर्माण बजट की उपलब्धता पर निर्भर करता है। सभी शालाओं में शौचालय की व्यवस्था है। (ग) आगामी वित्तीय वर्ष में माध्यमिक विद्यालय डोंगरसलैया हेतु विद्यालय भवन प्राथमिकता के आधार पर तथा 14 माध्यमिक विद्यालयों हेतु बाउन्ड्रीवॉल का प्रस्ताव वार्षिक कार्ययोजना वर्ष 2016-17 में शामिल किया गया है। ग्रामीण क्षेत्र की शालाओं में पेयजल हेतु हैंडपंप की स्थापना लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा की जाती है, जिसमें उक्त 5 माध्यमिक विद्यालय को शामिल करते हुये प्रस्ताव लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को अन्‍तर्विभागीय समन्वय के अन्तर्गत भेजा गया है। छात्र संख्या के मान से देवरी विधानसभा क्षेत्र के 15 माध्यमिक विद्यालयों हेतु अतिरिक्त शौचालयों का प्रस्ताव सर्व शिक्षा अभियान की वार्षिक कार्ययोजना वर्ष 2016-17 में भारत शासन को स्वीकृति हेतु भेजा गया है।

मुख्‍यमंत्री पेयजल योजना का क्रियान्‍वयन

21. ( *क्र. 3645 ) श्री जितेन्‍द्र गेहलोत : क्या पशुपालन मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) मुख्‍यमंत्री पेयजल योजना का वर्ष 2013-14, 14-15 एवं 15-16 का रतलाम जिले में तहसीलवार लक्ष्‍य क्‍या था? तहसीलवार लक्ष्‍य एवं प्राप्ति का वर्षवार अलग-अलग ब्‍यौरा दें व वर्ष 2016-17 के लक्ष्‍य की जानकारी दें। (ख) उपरोक्‍त अवधि में योजनाओं में से कितनी योजनाएं प्रारंभ होने के बाद कितने-कितने समय से किस कारण से बंद हैं? तहसीलवार ब्‍यौरा दें। (ग) कितनी योजनाओं में निम्‍न स्‍तर की सामग्री उपयोग की शिकायतें मिलीं अथवा योजना बंद होने का कारण सामग्री निम्‍न स्‍तर की होना था? की गई कार्यवाही का विवरण दें।

पशुपालन मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। दिनांक 01.4.2014 से मुख्यमंत्री पेयजल योजना बंद कर दी गई है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ग) कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''सात''

ग्‍वालियर संभाग अंतर्गत व्‍याख्‍याताओं की पदोन्‍नति‍

22. ( *क्र. 6865 ) श्री महेन्द्र सिंह कालूखेड़ा : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) ग्‍वालियर संभाग में वर्ष 2013 एवं वर्ष 2016 में कितने व्‍याख्‍याताओं को पदोन्‍नत कर हाई स्‍कूल प्राचार्य बनाया गया? (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार कितने व्‍याख्‍याताओं को कार्यमुक्‍त कर प्राचार्य पद पर उपस्थित कराया गया है? (ग) प्रश्‍नांश (क) अनुसार कितने व्‍याख्‍याताओं को अभी तक कार्यमुक्‍त नहीं किया तथा उन्‍हें कब तक कार्यमुक्‍त कर दिया जाएगा?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) ग्‍वालियर संभाग अंतर्गत वर्ष 2013 में 19 व्‍याख्‍याताओं एवं वर्ष 2016 में 91 व्‍याख्‍याताओं को प्राचार्य हाईस्‍कूल बनाया गया। (ख) ग्‍वालियर संभाग अंतर्गत वर्ष 2013 में 14 व्‍याख्‍याताओं को एवं वर्ष 2016 में 55 व्‍याख्‍याताओं को कार्यमुक्‍त कर प्राचार्य पद पर उपस्थित कराया गया है। (ग) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है।

परिशिष्ट - ''आठ''

सोलर प्‍लांट पेयजल योजना

23. ( *क्र. 7732 ) श्री यशपालसिंह सिसौदिया : क्या पशुपालन मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या इन्‍दौर, उज्‍जैन जिले के प्रत्‍येक विधानसभा क्षेत्र में सिंगल फेस सोलर प्‍लांट स्‍थापित कर पेयजल प्रदान करने की योजना चलाई गयी है? यदि हाँ, तो उक्‍त जिलों में 1 जनवरी, 2014 के पश्‍चात् कितने-कितने सोलर प्‍लांट किस मद से किये जाना प्रस्‍तावित है? (ख) क्‍या उक्‍त जिलों में उक्‍त योजना में कुछ विधानसभा क्षेत्र में सोलर प्‍लांट लगाया जाना प्रस्‍तावित है? यदि हाँ, तो इन्‍हें कब तक स्‍थापित कर दिया जाएगा? (ग) क्‍या मंदसौर जिले में भी सिंगल फेस सोलर प्‍लांट स्‍थापित कर पेयजल निदान की कार्ययोजना है? यदि हाँ, तो मंदसौर में कितने प्‍लांट स्‍थापित किये जाएंगे? क्‍या इस हेतु केन्‍द्र सरकार से आवंटन प्राप्‍त हुआ है?

पशुपालन मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) जी नहीं। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता। (ख) उत्तरांश के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी नहीं। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता।

अध्‍यापकों के स्‍थानान्‍तरण में अनियमितता

24. ( *क्र. 6757 ) श्री कैलाश चावला : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत मंदसौर/जिला शिक्षा अधिकारी जिला मंदसौर द्वारा वर्ष 2011 से 2014 तक सहायक अध्‍यापक से अध्‍यापक पद पर विषयवार कितने सहायक अध्‍यापक की पदोन्‍नति की गई है, क्‍या पदोन्‍नति के बाद काउंसलिंग प्रक्रिया अपनाई गई (नाम, पदनाम, पदोन्‍नति आदेश की दिनांक, पदस्‍थापना का स्‍थान व दिनांक पदोन्‍नति अध्‍यापक द्वारा ज्‍वाइनिंग की दिनांक) (ख) प्रश्‍नांश (क) में उल्‍लेखित अध्‍यापकों की पदोन्‍नति के पश्‍चात पदस्‍थापना के स्‍थान पर ज्‍वाईन करने के 1 माह बाद क्‍या उन्‍हें पुन: आदेश संशोधन के नाम से पदस्‍थापना कर नये स्‍थान पर स्‍थानान्‍तरण किया गया। (ग) यदि हाँ, तो ऐसे संशोधन किस-किस अध्‍यापक के किए गए नाम, स्‍थान, संशोधन की तारीख बतावें। क्‍या उक्‍त संशोधन किये जाने के अधिकार जिला शिक्षा अधिकारी को प्राप्‍त थे तथा क्‍या उक्‍त संशोधन स्‍थानान्‍तरण की श्रेणी में नहीं आते हैं? (घ) यदि उक्‍त स्‍थानान्‍तरण अधिकार क्षेत्र के बाहर जाकर किये गये हैं तो शासन जिला शिक्षा अधिकारी मंदसौर के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही करेगा।

स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) जिला पंचायत मंदसौर द्वारा वर्ष 2012, 2013 एवं 2014 में सहायक अध्‍यापक से अध्‍यापक (विषयवार) के पद पर पदोन्‍नति की गई है। जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) पदोन्‍नति उपरांत पदस्‍थापना आदेश में पदस्‍थापना संशोधन की जाँच कलेक्‍टर, जिला मंदसौर से कराई जा रही है। (ग) एवं (घ) जाँच उपरांत गुण-दोष के आधार पर कार्यवाही की जायेगी।

छतरपुर जिले में प्राचार्यों की पदस्‍थापना

25. ( *क्र. 7448 ) श्री पुष्‍पेन्‍द्र नाथ पाठक : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) छतरपुर जिले में विधान सभा क्षेत्रवार कितने-कितने हायर सेकेण्‍ड्री + 2 एवं हाई स्‍कूल शासकीय एवं अशासकीय संचालित हैं? सूची दें। (ख) शासकीय हायर सेकेण्‍ड्री + 2, शासकीय हाई स्‍कूल में वर्तमान में कौन-कौन प्राचार्य पद पर पदस्‍थ हैं? उक्‍त में से 03 वर्ष से अधिक समय से पदस्‍थ प्राचार्यों की सूची, उनके पदस्‍थ होने के समय से दें। (ग) क्‍या शासन की कोई नीति प्राचार्यों की पदस्‍थापना की समय-सीमा की दी है? यदि हाँ, तो उपलब्‍ध बतावें।

स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ग) जी नहीं। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

 

 


 

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भाग-2

नियम 46 (2) के अंतर्गत अतारांकित प्रश्नोत्तर के रुप में

परिवर्तित तारांकित प्रश्नोत्तर


खरंजा निर्माण कार्य की स्‍वीकृति

1. ( क्र. 115 ) श्री वेलसिंह भूरिया : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या विभाग अंतर्गत आदिवासी एवं अनुसूचित जाति एवं जनजाति बस्तियों में खरंजा निर्माण के लिये राशि प्राप्‍त होती है? यदि हाँ, तो स्‍वीकृति के नियम निर्देश उपलब्‍ध करावें? (ख) उक्‍त कार्यों हेतु वर्ष 2013-14, 2014-15 एवं 2015-16 में धार जिले को शासन/विभाग स्‍तर से कितनी राशि प्राप्‍त हुई? (ग) सरदारपुर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत उक्‍त वर्षों में कितने ग्रामों/मजरों टोलों में कितनी राशि के खरंजा निर्माण कार्य स्‍वीकृत हुए हैं? (घ) उक्‍त स्‍वीकृत कार्यों में विधायक सरदारपुर की अनुशंसा पर कितने कार्य स्‍वीकृत हुए हैं स्‍वीकृत कार्य का नाम, लागत राशि, कार्य प्रारंभ एवं पूर्ण दिनांक सहित जानकारी उपलब्‍ध करावें?

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) से (घ) अनुसूचित जनजाति बस्तियों में खरंजा निर्माण के लिये राशि प्रदान नहीं की जाती है, अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। अनुसूचित जाति की जानकारी संकलित की जा रही है।

ईसाई समुदाय हेतु संचालित योजनाएं

2. ( क्र. 435 ) श्रीमती लोरेन बी. लोबो : क्या श्रम मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्‍यप्रदेश के ईसाई (अल्‍पसंख्‍यक) समुदाय के लिये विभाग द्वारा शिक्षा एवं रोजगार हेतु किन-किन योजनाओं का संचालन किया जा रहा है? शासन की उपरोक्‍त योजनाओं का लाभ जबलपुर में समाज के कितने हितग्राहियों को प्राप्‍त हुआ है? (ख) प्रश्‍नांश (क) में मध्‍यप्रदेश के ईसाई (अल्‍पसंख्‍यक) समुदाय के लिये विभाग द्वारा शिक्षा एवं रोजगार योजनाओं का लाभ हितग्राहियों को नहीं मिल पा रहा है, तो कौन दोषी है? विभाग द्वारा क्‍या कार्यवाही की जा रही है?

श्रम मंत्री ( श्री अंतरसिंह आर्य ) : (क) मध्यप्रदेश के ईसाई (अल्पसंख्यक) समुदाय के लिये विभाग द्वारा शिक्षा हेतु अल्पसंख्यक प्री-मैट्रिक, पोस्ट मैट्रिक, मेरिट कम मींस छात्रवृत्ति योजना एवं स्वरोजगार हेतु मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना संचालित की जा रही है। जबलपुर जिले में ईसाई (अल्पसंख्यक) समुदाय के वर्ष 2013-14 में 28 हितग्राहियों को तथा 2014-15 में 49 हितग्राहियों को अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति का लाभ प्राप्त हुआ है एवं वर्ष 2013-14 में 05 हितग्राहियों को तथा 2015-16 में 6 हितग्राहियों को स्वरोजगार हेतु ऋण प्रकरण विभाग द्वारा स्वीकृत कर विभिन्न बैंको को प्रेषित किये गये है। (ख) प्रश्नांश के उत्तर के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

संविदा शिक्षक वर्ग-3 के पद पर गुरूजियों का नियोजन

3. ( क्र. 616 ) श्री राजेश सोनकर : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या जिले में पदस्‍थ सभी पात्र गुरूजियों को शासन के आदेशानुसार संविदा शिक्षक वर्ग-3 के पद पर नियोजित किया जाना प्रस्‍तावित है? (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में यदि हाँ, तो इंदौर जिले में कितने गुरूजी पदस्‍थ थे? उनमें से कितने गुरूजी छानबीन समिति द्वारा संविदा शिक्षक वर्ग-3 के पद हेतु पात्र पाये गये? कितने गुरूजियों का नियोजन हो चुका है व कितनों का नियोजन शेष है? (ग) प्रश्‍नांश (ख) के संदर्भ में नियोजन से शेष रह गये गुरूजियों का नियोजन कब तक पूर्ण हो जायेगा?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) जी, हाँ। (ख) इन्दौर जिले में कुल 151 गुरूजी पदस्थ थे, उनमें से 146 गुरूजियों को छानबीन समिति द्वारा संविदा शिक्षक वर्ग-3 के पद हेतु पात्र पाया गया। उक्त सभी पात्र 146 गुरूजियों का संविदा शिक्षक वर्ग-3 के पद पर नियोजन हो चुका है। जिला छानबीन समिति द्वारा 03 गुरूजियों को अपात्र एवं 02 गुरूजियों के प्रकरण लंबित रखे गए है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट पर है। (ग) इन्दौर जिले के शेष रह गए 05 गुरूजियों में से जिला छानबीन समिति द्वारा 03 गुरूजियों को अपात्र एवं 02 गुरूजियों के प्रकरण लंबित रखे गए है। जिन 02 गुरूजियों के प्रकरण लंबित है, उनमें संबंधित गुरूजियों द्वारा वांछित अभिलेख प्राप्त होने के पश्चात् ही जिला छानबीन समिति द्वारा नियमानुसार विचार किया जा सकेगा।

स्‍कूलों में विद्युत कनेक्‍शन

4. ( क्र. 660 ) श्री राजेश सोनकर : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) इन्‍दौर जिला अंतर्गत कितने शासकीय/प्राथमिक/माध्‍यमिक विद्यालय है? उनमें से कितने प्राथमिक एवं माध्‍यमिक विद्यालयों में विद्युत कनेक्‍शन है? सूची उपलब्‍ध करायें? (ख) क्‍या शासन की समस्‍त प्राथमिक/माध्‍यमिक विद्यालयों में विद्युत कनेक्‍शन उपलब्‍ध करवाने की कोई योजना है? यदि हाँ, तो कब तक? (ग) प्रश्‍नांश (ख) के संदर्भ यदि हाँ, तो उन विद्यालयों में बिजली किन दरों पर उपलब्‍ध की जायेगी? बिजली के बिलों का भुगतान विभाग द्वारा किया जायेगा या विद्यालय स्‍तर पर किया जायेगा? बिजली बिल के भुगतान की राशि का प्रबंध किस प्रकार किया जायेगा?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) इन्दौर जिला अन्तर्गत 1114 शासकीय प्राथमिक एवं 591 माध्यमिक विद्यालय है। इनमें से 127 प्राथमिक शालाओं एवं 144 माध्यमिक शालाओं में विद्युत कनेक्शन है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) शासकीय प्राथमिक/माध्यमिक विद्यालयों में विद्युत व्यवस्था हेतु योजना के संबंधित में कार्यवाही प्रचलन में है। समय-सीमा बताना संभव नहीं है। (ग) उत्तरांश के संदर्भ में कार्यवाही प्रचलन में है।

 

हायर सेकण्‍डरी स्‍कूल खोलने के नियम एवं मापदण्‍ड

5. ( क्र. 762 ) श्री जयवर्द्धन सिंह : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्‍य प्रदेश शासन के ग्रामीण क्षेत्रों में हायर सेकण्‍डरी स्‍कूल खोलने के क्‍या मापदण्‍ड हैं? नियम सहित जानकारी उपलब्‍ध करावें। (ख) क्‍या विकासखण्‍ड राघौगढ़ के ग्राम रामनगर पंचायत रामनगर/ग्राम बड़ा आमल्‍या पंचायत बड़ा आमल्‍या में हायर सेकण्‍डरी स्‍कूल स्‍थापित करने के लिये विकासखण्‍ड शिक्षा अधिकारी एवं जिला शिक्षा अधिकारी के द्वारा शासन को प्रस्‍ताव प्राप्‍त हुआ है? (ग) विकासखण्‍ड राघौगढ़ के ग्राम रामनगर पंचायत रामनगर/ग्राम बड़ा आमल्‍या पंचायत बड़ा आमल्‍या में हायर सेकण्‍डरी स्‍कूल स्‍थापित करने में शासन की क्‍या भूमिका है एवं हायर सेकण्‍डरी स्‍कूलों को कब तक स्‍थापित कर दिया जायेगा?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी नहीं। (ग) शासकीय हाईस्कूल रामनगर एवं शासकीय हाईस्कूल बड़ा आमल्या निर्धारित मापदण्ड की पूर्ति नहीं करता है। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट ''नौ''

शौचालय के संबंध में

6. ( क्र. 1045 ) श्री रामपाल सिंह : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शहडोल जिले के ब्‍यौहारी एवं जयसिंहनगर जनपद पंचायत अंतर्गत कितने प्राथमिक, माध्‍यमिक, उच्‍च एवं उच्‍चतर माध्‍यमिक विद्यालय संचालित हैं? जिसमें कितनें कन्‍या विद्यालय हैं? (ख) क्‍या सभी विद्यालयों में शौचालय की सुविधा है? उक्‍त जनपद पंचायतों में कितनें कन्‍या विद्यालय है जिनमें शौचालय की व्‍यवस्‍था नहीं है और कब तक शौचालय की व्‍यवस्‍था उपलब्‍ध करायी जावेगी?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) जनपद पंचायत ब्यौहारी अंतर्गत 343 प्राथमिक विद्यालय, 106 माध्यमिक विद्यालय, 08 हाईस्कूल, 16 हायर सेकण्‍डरी स्कूल एवं जनपद पंचायत जयसिंहनगर अंतर्गत 384 प्राथमिक विद्यालय, 99 माध्यमिक विद्यालय, 17 हाईस्कूल एवं 11 हायर सेकण्‍डरी स्कूल संचालित हैं। जनपद पंचायत ब्यौहारी अंतर्गत 08 प्राथमिक, 04 माध्यमिक, 02 हाईस्कूल/हायर सेकण्‍डरी कन्या विद्यालय एवं जनपद पंचायत जयसिंहनगर अंतर्गत 12 प्राथमिक, 02 माध्यमिक एवं 03 हाईस्कूल/हायर सेकण्‍डरी कन्या विद्यालय हैं। (ख) जी हाँ। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

दो लाख रूपये से ज्‍यादा राशि के कार्य

7. ( क्र. 1174 ) श्री शंकर लाल तिवारी : क्या पशुपालन मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) सतना जिले में वित्‍तीय वर्ष 01.04.2013 से प्रश्‍नतिथि तक 2 लाख रू. से ज्‍यादा राशि वाले क्‍या क्‍या कार्य, किये गये? (ख) प्रश्‍नांश क में वर्णित जिले में उक्‍त समयानुसार मेंटेनेंस पर किस किस प्रकार के कार्यों पर कितनी राशि व्‍यय की गई? (ग) प्रश्‍नांश एवं में उल्‍लेखित कार्यों में से किस-किस को कितनी-कितनी राशि का भुगतान किया गया?

पशुपालन मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार(ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 एवं 2 के अनुसार।

जिला शिक्षा प्रशिक्षण संस्‍था का संचालन

8. ( क्र. 1492 ) श्री दुर्गालाल विजय : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) श्‍योपुर जिले में जिला शिक्षा प्रशिक्षण संस्‍था (डाईट) जिला श्‍योपुर को वर्ष 2011-12 से 2015-16 तक प्रतिवर्ष कितनी-कितनी राशि आंवटित की गई में से किन-किन मदों/कार्यों में कितनी-कितनी राशि वर्षवार व्‍यय की? (ख) उक्‍त अवधि में डाईट द्वारा संचालित बालक/बालिका छात्रावास में प्रतिवर्ष कितने-कितने बच्‍चों को प्रवेश देने उपरांत डीएड का प्रशिक्षण दिया गया, उनकी संख्‍या बतावें। (ग) क्‍या वर्ष 2011-12 से 2012-13 में उक्‍त दोनों 50-50 सीटर छात्रावासों में प्रवेशार्थियों को प्रवेश देने उपरांत डीएड प्रशिक्षण देना फर्जी तरीके से अभिलेखों में दर्शाया तत्‍पश्‍चात डाईट अमले की अरूचि के कारण वर्तमान तक डाईट भवन व दोनों छात्रावास खाली पड़े हैं इस कारण जिले के बालक/बालिकाए शासन द्वारा उपलब्‍ध सुविधा से वंचित बने हुए हैं। (घ) क्‍या डाईट अमले द्वारा बिना कार्य के वेतन भत्‍ते, भवन व छात्रावासों के रखरखाव जिले में शिक्षा की गुणवत्‍ता के सुधार के नाम पर शालाओं में भ्रमण करने सहित अन्‍य कार्यों में मनमाने तरीके से आवंटित राशि को व्‍यय कर दुरूपयोग किया जा रहा हैं यदि नहीं, तो क्‍या शासन प्रश्‍नांश से में वर्णित तथ्‍यों की जाँच कराएगा यदि नहीं, तो क्‍यों।

स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) डाइट श्योपुर में उक्त अवधि में डी.एड. प्रशिक्षण हेतु कोई भी प्रशिक्षणार्थी को प्रवेश नहीं दिया गया क्योंकि संस्थान को राष्ट्रीय आध्यापक शिक्षा परिषद (एन.सी.टी.ई.) द्वारा मान्यता प्रदान नहीं की गई। (ग) सत्र 2013-14 में संस्था को जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान के रुप में उन्नयन किया गया है। अतः वर्ष 2011-12 से 2013-14 में प्रशिक्षणार्थी को प्रवेश देने का प्रश्न ही नहीं उठता। (घ) डाइट अमले द्वारा शिक्षकों के लिए समय-समय पर आयोजित सभी प्रकार के सेवाकालीन शिक्षक प्रशिक्षण दिए गए है। शिक्षा की गुणवत्ता सुधार के लिए नियमित मॉनिटरिंग की जाती है। मनमाने तरीके से आवंटित राशि व्यय करने सम्बन्धी कोई प्रकरण प्रचलित नहीं होने से शेषाष का प्रश्न ही नहीं उठता।

छात्रों को मुफ्त साइकिल वितरण

9. ( क्र. 1849 ) श्री मुकेश नायक : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) पन्‍ना जिले में पवई,सिमरिया,रैपुरा और शाहनगर विकासखण्‍डों में वर्ष 2014-15 एवे 2015-16 में कक्षा 6 वीं के स्‍कूली छात्र/छात्राओं को नि:शुल्‍क साइकिल वितरण के लिये कुल कितनी धनराशि आवंटित की गयी और कितने पात्र छात्र/छात्राओं को साइकिल आवंटित की गयी, विकासखण्‍ड के अनुसार जानकारी दीजिए? (ख) क्‍या अनेक पात्र छात्र/छात्राओं के खाते में शासन के निर्देश के बाद भी साइकिल क्रय के लिये समय पर धनराशि आवंटित नहीं हुई क्‍योंकि अधिकारियों ने इस ओर ध्‍यान नहीं दिया, यदि हाँ, तो इस पर शासन ने क्‍या कार्यवाही की। (ग) भविष्‍य में छात्र/छात्राओं को समय पर साइकिल खरीदने के लिये समय पर धनराशि उपलब्‍ध कराने के लिये शासन क्‍या कार्यवाही कर रहा है।

स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) ग्राम सिमरिया विकासखण्ड पवई में तथा ग्राम रैपुरा विकासखण्ड शाहनगर में शामिल है। जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट पर है। (ख) जी नहीं, शाला प्रबंधन समिति के माध्यम से पात्र छात्र/छात्राओं के खाते में राशि जमा की गई है। अतः शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) छात्र/छात्राओं को साइकिल खरीदने के लिए समय पर धनराशि पात्र हितग्राहियों के खाते में शाला प्रबंधन समिति के माध्यम से उपलब्ध करा दी जाएगी।

परिशिष्ट ''दस''

मण्‍डला जिले में उद्यानिकी विभाग द्वारा संचालित योजनाएं

10. ( क्र. 2508 ) श्री रामप्यारे कुलस्ते : क्या पशुपालन मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) मण्‍डला जिला अंतर्गत उद्यान विभाग को संचालित योजना अनुसार विभिन्‍न कार्यक्रमों हेतु वर्ष 2014-15 एवं वर्ष 2015-16 में अलग-अलग कार्यक्रमों के लिये कितना कितना लक्ष्‍य प्राप्‍त हुआ था? (ख) प्राप्‍त लक्ष्‍य के अनुसार कितने आदिवासी अनु. जाति तथा सामान्‍य वर्ग के कृषकों को उद्यान विकास जोड़ने का कार्य किया गया है? (ग) क्‍या 01 फल पौधा रोपण योजना 02. टाप वर्किंग कार्यक्रम 03. सब्‍जी क्षेत्र विस्‍तार योजना 04. मसाला क्षेत्र विस्‍तार योजना 05. मिनी किट/प्रदर्शन 06. मेला प्रदर्शन, प्रचार प्रसार प्रशिक्षण, 07. म.प्र. घरेलू बागवानी 08. कृषकों को उद्यानिकी प्रशिक्षण सह भ्रमण 09. माईक्रो दूरी ग्रेशन (ड्रिप दूरीगेशन एवं स्प्रिंकलर ) योजना का लाभ दिया गया है कितने कृषकों को दिया गया है?

पशुपालन मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। (ग) जी हाँ। जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-स अनुसार है।

परिशिष्ट ''ग्‍यारह''

शिक्षा अधिकारी द्वारा शिकायतों पर की गई कार्यवाही

11. ( क्र. 2875 ) श्री विजय सिंह सोलंकी : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विगत 2 वर्षों में जिला शिक्षा कार्यालय खरगोन द्वारा कितनी शिकायतों पर क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई, शिकायतवार स्‍कूल के नाम व स्‍थान सहित सूची देवें। (ख) खरगोन जिले में संचालित अशासकीय हाई स्‍कूलों की सूची नाम, स्‍थान, माध्‍यम, कक्षा, खेल मैदान का क्षेत्रफल, खेल मैदान स्‍वयं का है या किराये का, स्‍कूल में दर्ज संख्‍या सहित सूची देवें। (ग) उक्‍त हाई स्‍कूलों को वर्ष 2015 में कब-कब किस अधिकारी द्वारा निरीक्षण किया गया, निरीक्षणकर्ता के नाम व पद सहित स्‍कूलवार सूची देवें।
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''एक'' अनुसार। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''दो'' अनुसार। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''तीन'' अनुसार।

अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के छात्र-छात्राओं को दी गई छात्रवृत्ति

12. ( क्र. 3004 ) श्री सतीश मालवीय : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) उज्‍जैन जिले में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के छात्र-छात्राओं को निजी इंजीनियरिंग, नर्सिग, एम.बी.ए. एवं सभी ग्रेजुएट एवं पोस्‍ट ग्रेजुएट कॉलेजों के द्वारा दिनांक 01 अप्रैल 2013 से प्रश्‍न तिथि तक कितने छात्र-छात्राओं को कितनी-कितनी छात्रवृत्ति दी गई। (ख) क्‍या छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति की राशि का भुगतान उनके बैंक अकाउन्‍ट में ई-पेमेन्‍ट के माध्‍यम से किया गया? अथवा कॉलेजों के अकाउन्‍ट में छात्रवृत्ति की राशि जारी की गई? (ग) क्‍या छात्रवृत्ति की राशि कॉलेजों के एकाउन्‍ट में नियमानुसार जारी केी जा सकती है? यदि नहीं, तो नियम विरूद्ध राशि जारी करने वाले अधिकारियों कर्मचारियों पर शासन क्‍या कार्यवाही कब तक करेगा? (घ) छात्रवृत्ति देने के राज्‍य शासन के क्‍या नियम है? नियमों की एक प्रति उपलब्‍ध कराई जावें।

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' एवं '' अनुसार है। (ख) जी हाँ। कॉलेजों के अकाउन्‍ट में छात्रवृत्ति की राशि दिये जाने का प्रावधान नहीं है। (ग) जी नहीं। कॉलेजों के अकाउन्‍ट में छात्रवृत्ति की राशि दिये जाने का प्रावधान नहीं है, अत: कार्यवाही का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) नियमों की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' एवं '' अनुसार है।

नल जल योजनाओं की जानकारी

13. ( क्र. 3698 ) श्री संजय शर्मा : क्या पशुपालन मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) तेंदूखेड़ा विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत कितनी नल जल योजनाएं संचालित है? कृपया ग्रामवार जानकारी प्रदान करें? (ख) कितनी नल जल योजनाएं सुचारू रूप से चल रही है? ग्रामवार जानकारी उपलब्‍ध करावें। (ग) कितनी नल जल योजनाएं बंद है कृपया कारण सहित ग्रामवार जानकारी प्रदान करें? (घ बिगड़ी/बंद नल जल योजनाओं को शुरू कराने विभाग द्वारा क्‍या कदम उठायें? बंद नल जल योजनाएं कब तक प्रारंभ होगी?

पशुपालन मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) 78 योजनाएं संचालित हैं, ग्रामवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है। (घ) स्रोत समाप्त होने से बंद नल-जल योजनाओं में नये स्रोत विकसित करने की कार्यवाही विभाग द्वारा की जा रही है एवं अन्य कारणों से बंद योजनाओं को चालू करने का उत्तरदायित्व संबंधित ग्राम पंचायतों का है। निश्चित समय-सीमा नहीं बताई जा सकती।

झाबुआ जिले में माध्‍यमिक शालाओं में प्रधानध्‍यापकों के पदों की स्‍वीकृति

14. ( क्र. 3816 ) श्री शान्तिलाल बिलवाल : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शिक्षा का अधिकार अधिनियम अंतर्गत झाबुआ जिले में प्राथमिक/माध्‍यमिक शालाओं में 181 प्रधानध्‍यापकों के पदों की स्‍वीकृति दी गई थी? (ख) शासन द्वारा उक्‍त स्‍वीकृत पदों की पूर्ति की कार्यवाही पदोन्नति द्वारा दिनांक 31.03.2012 तक किये जाने हेतु निर्देश दिये गये थे? उसके उपरांत झाबुआ में वर्तमान तक कितने प्रधानध्‍यापकों के पद पर कितने उच्‍च श्रेणी शिक्षकों की पदोन्नति की गई? (ग) स्‍वीकृत प्रधानध्‍यापकों के पद की पूर्ति नहीं की गई तो क्‍यों? (घ) वर्ष 2012 से अब तक पदोन्नति की कार्यवाही नहीं हुई तो उक्‍त अवधि के अधिकारियों पर शासन कोई कार्यवाही करेगा?

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) जी हाँ। आयुक्‍त, राज्‍य शिक्षा केन्‍द्र मध्‍यप्रदेश भोपाल के पत्र क्रमांक/रा.शि.के./आर.टी.ई./2011/1280 दिनांक 03.02.2012 से जिले में 181 प्राथमिक शाला एवं 19 माध्‍यमिक शाला प्रधान पाठक के पदों की स्‍वीकृति दी गई थी। (ख) जी हाँ। दिनांक 31.03.2012 के पश्‍चात 125 उ.श्रे.शि. से प्रधान पाठकों के पद पर पदोन्‍नति की गई। (ग) 1- माध्‍यमिक शाला प्रधान पाठक के 19 स्‍वीकृत पदों पर 125 उ.श्रे.शि. से प्रधान पाठकों के पद पर पदोन्‍नति की गई। 2- प्राथमिक शाला प्रधान पाठक के 181 स्‍वीकृत पदों पर पदोन्‍नति हेतु स्‍पष्‍ट निर्देश (शैक्षणिक योग्‍यता/वेतनमान संबं‍धी) प्राप्‍त नहीं होने से पद पूर्ति नहीं की गई। (घ) उत्‍तरांश '' के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

जिले में पेयजल संकट का निराकरण

15. ( क्र. 3934 ) कुमारी निर्मला भूरिया : क्या पशुपालन मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) झाबुआ जिले में वर्ष 2014-15 एवं 2015-16 में लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकी विभाग द्वारा कितने हैण्‍डपम्‍प खनन कहाँ-कहाँ किये गये विकास खण्‍डवार अवगत करावें? (ख) क्‍या विगत दो वर्षों में जिले में पेयजल संकट होने के बाद भी विभाग द्वारा पेयजल संकट के निराकरण हेतु कोई कार्यवाही नहीं की गई क्‍या कारण है? (ग) क्‍या दो वर्षों में विभाग द्वारा लक्ष्‍य अनुसार हैण्‍डपम्‍प खनन भी नहीं किये गये जिले के विधायकों द्वारा दिये गये प्रस्‍तावों पर भी कोई कार्यवाही नहीं की गई क्‍या कारण है?

पशुपालन मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी नहीं। शेष प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता। (ग) जी नहीं, निर्धारित लक्ष्य अनुसार कार्य पूर्ण किया गया। मान. विधायकों की 353 अनुशंसाओं पर कार्यवाही की गई।

परिशिष्ट ''बारह''

शालाओं के भवन निर्माण

16. ( क्र. 4083 ) श्री नरेन्‍द्र सिंह कुशवाह : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दिनांक 31 जनवरी 2016 तक की स्थिति में भिण्‍ड विधान सभा क्षेत्र में किन-किन हाई स्‍कूल इंटरमीडियट के पास स्‍वयं का भवन नहीं है? विभाग द्वारा भवन निर्माण हेतु क्‍या कार्यवाही की जा रही है? किस स्‍तर पर क्‍या कार्यवाही प्रचलित है? (ख) प्रश्‍नांश (क) के अनुसार किन विद्यालयों में फर्नीचर शौचालय पेयजल की समुचित व्‍यवस्‍था है किन शालाओं में सुविधायें उपलब्‍ध कराने के लिए विभाग द्वारा क्‍या प्रयास किए जा रहे हैं ग्रामीण अंचल में शालाओं ककहरा टेहनगुर के लिए क्‍या प्रयास हो रहे है जानकारी दें?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार03 हाई/हायर सेकण्‍डरी स्कूल ही स्वभवन विहीन है। वर्ष 2015-16 में पर्याप्त बजट प्रावधान उपलब्ध न होने के कारण स्वीकृति की कार्यवाही नहीं हो सकी। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) उत्तरांश अनुसार। ग्रामीण अंचल की शासकीय प्राथमिक/माध्यमिक विद्यालय ककहरा एवं शासकीय प्राथमिक विद्यालय टेहनगुर, शासकीय कन्या प्राथमिक विद्यालय टेहनगुर एक ही परिसर में स्थित है, जिनमें शौचालय एवं पेयजल की व्यवस्था है। माध्यमिक शाला टेहनगुर नये भवन में फरवरी, 2016 से संचालित हुआ है, जिसमें पेयजल की व्यवस्था है तथा शौचालय निर्माण की राशि शाला प्रबंधन समिति के खाते में जारी है। सर्व शिक्षा अभियान अन्तर्गत शासकीय प्राथमिक/माध्यमिक स्कूलों में फर्नीचर हेतु पृथक से बजट प्रावधान नहीं है। हाई/हायर सेकण्‍डरी स्कूलों में पेयजल, शौचालय व फर्नीचर की व्यवस्था की स्थिति संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार। फर्नीचर की व्यवस्था विभाग को उपलब्ध आंवटन और सक्षम समिति की स्वीकृति पर निर्भर करती है। हाई स्कूल टेहनगुर में भवन उपलब्ध है। अतः शेषांश उद्भूत नहीं होता।

परिशिष्ट 'तेरह''

इंस्पायर अवार्ड योजना का लाभ

17. ( क्र. 4207 ) श्री सुखेन्‍द्र सिंह : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) इन्स्‍पायर अवार्ड योजना अन्‍तर्गत रीवा जिले के विकासखण्‍ड हनुमना एवं मऊगंज के सत्र 2009-2010 में हाई स्‍कूलों में अध्‍ययनरत कक्षा 9 एवं 10 छात्र-छात्राओं का मूल अभिलेखों के आधार पर पात्र होते हुए भी ऑनलाइन में प्रविष्टि दर्ज नहीं की गई? ऐसे छात्र-छात्राओं के नाम सहित सूची उपलब्‍ध करावे? (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में पात्रों की जगह अपात्रों के नाम फीड कराकर कुल नामों में बराबर कराये गये? यदि हाँ, तो प्रश्‍न दिनांक तक पात्रों के नाम क्‍यों फीड नहीं कराये गये कारण बतावें? इन पात्रों का नाम कब तक फीड कराया जायेगा तथा इंस्पायर अवार्ड योजना के लाभ लेने हेतु सूचना कब तक प्रदान की जावेगी समय-सीमा बतावें? (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के संदर्भ में छात्र-छात्राओं का मूल अभिलेख पात्र होते हुए भी ऑनलाइन प्रविष्‍ट न कराये जाने के लिये दोषी अधिकारी/कर्मचारी के खिलाफ क्‍या कार्यवाही की जावेगी? समय-सीमा बतावें?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) जिला शिक्षा अधिकारी रीवा के आदेश क्रमांक विस/बजट/2016/533, दिनांक 17.3.2016 द्वारा 04 सदस्यीय जाँच समिति गठित कर जाँच प्रतिवेदन चाहा गया है। जाँच प्रतिवेदन प्राप्त होने पर आगामी कार्यवाही की जा सकेगी। (ख) एवं (ग) उत्तरांश क अनुसार जाँच प्रतिवेदन प्राप्त होने पर गुण दोष के आधार पर आगामी कार्यवाही संभव हो सकेगी। निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

श्रम विद्यालयों की जानकारी

18. ( क्र. 4208 ) श्री सुखेन्‍द्र सिंह : क्या श्रम मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता के अतारांकित प्रश्‍न संख्‍या 64 (क्रमांक 1336) दिनांक 24 जुलाई, 2015 के प्राप्‍त उत्‍तर में रीवा जिले के विधानसभा क्षेत्र मऊगंज अन्‍तर्गत कुल संचालित 8 श्रम विद्यालयों के भौतिक सत्‍यापन के बिन्‍दुओं में दी गई जानकारी में प्रश्‍नांश (ग) में बताया गया कि माह मार्च-अप्रैल में बी.आर.सी. हनुमना एवं मऊगंज के द्वारा श्रम विद्यालयों का निरीक्षण एवं सत्‍यापन कर प्रतिवेदन जिला पंचायत को प्रस्‍तुत किया गया है तो जिला पंचायत को भेजे गये निरीक्षण एवं सत्‍यापन के प्रतिवेदन का विवरण उपलब्‍ध करावे? (ख) संदर्भित प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में दी गई जानकारी में बताया गया कि बी.आर.सी.सी., बी.ए.सी. एवं राष्‍ट्रीयबाल श्रम परियोजना द्वारा सत्‍यापन यथा शीघ्र करा लिया जावेगा? तो क्‍या सत्‍यापन करा लिया गया है? (ग) यदि नहीं, तो क्‍यों कारण बतावे? इस लापरवाही के लिये कौन उत्‍तरदायी है नाम बतावें? इनके खिलाफ क्‍या कार्यवाही की गई? या की जावेगी समय-सीमा बतावे?

श्रम मंत्री ( श्री अंतरसिंह आर्य ) : (क) अतारांकित प्रश्न संख्या 64 (1336) दिनांक 24 जुलाई, 2015 के प्राप्त उत्तर में दिये गये अनुसार मऊगंज विधानसभा अंतर्गत कुल संचालित श्रम विद्यालयों का भौतिक सत्यापन माह मार्च-अप्रैल, 2015 में किया गया था, जिसके निरीक्षण एवं सत्यापन की प्रतियां संलग्न परिशिष्ट पर है। (ख) हाँ। (ग) प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट ''चौदह''

विधानसभा क्षेत्रांतर्गत पशु चिकित्‍सालय के संबंध में

19. ( क्र. 4323 ) श्री रजनीश सिंह : क्या पशुपालन मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) केवलारी विधानसभा क्षेत्रांतर्गत कितने पशु चिकित्‍सालय कौन-कौन से ग्राम/नगर में है? (ख) ऐसे कौन-कौन से ग्राम/नगर हैं, जहां पर पशु चिकित्‍सालय है किंतु चिकित्‍सक/अधिकारी/कर्मचारी नहीं है वर्तमान में कार्यरत कर्मचारी की संख्‍या एवं स्‍वीकृत पदों की जानकारी देवें? (ग) ऐसे कौन-कौन से ग्राम/नगर है, जहां पर पशु चिकित्‍सालय का भवन निर्माण कार्य प्रगति पर है या निर्माण कार्य बंद पड़े हुए हैं? अगर निर्माण कार्य बंद है, तो क्‍यों? (घ) ऐसे कौन-कौन से ग्राम/नगर हैं, जहां पशु चिकित्‍सालय भवन निर्माण की स्‍वीकृति प्राप्‍त हो चुकी है किंतु प्रश्‍नांश दिनांक तक कार्य प्रारंभ नहीं किया गया है?

पशुपालन मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) केवलारी विधानसभा क्षेत्रांतर्गत कुल 06 पशु चिकित्सालय है। शेष जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार। (ख) ग्राम कान्हीवाडा, ग्राम उगली तथा ग्राम पलारी में पशु चिकित्सालय हैं किन्तु पशु चिकित्सा सहायक शल्यज्ञ पदस्थ नहीं हैं। शेष जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार(ग) ग्राम उगली तथा ग्राम पलारी में पशु चिकित्सालय का भवन निर्माण कार्य प्रगति पर है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं है। (घ) प्रश्न उपस्थित नहीं।

परिशिष्ट - ''पन्‍द्रह''

अनुसूचित जाति विकास योजना

20. ( क्र. 4454 ) श्री चन्‍दरसिंह सिसौदिया : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मंदसौर जिले में अनुसूचित जाति बस्‍ती योजना अंतर्गत नवंबर 2015 से फरवरी 2016 के मध्‍य कितने एवं कौन-कौन से टेण्‍डर स्‍वीकृत किए गए? क्‍या उक्‍त टेण्‍डर स्‍वीकृत करने का अधिकार जिला अधिकारी को थे? (ख) क्‍या उक्‍त योजना के 2 करोड़ के टेण्‍डर शासन द्वारा 20 प्रतिशत अधिक राशि के वापस कर दिये गये थे? क्‍या उन्‍हीं टेण्‍डरों को 20-20 लाख राशि के टेण्‍डर में परिवर्तित कर जिला अधिकारियों ने दण्‍डनीय अपराध किया है? क्‍या शासन ने उक्‍त टेंडर स्‍वीकृति की जाँच करवाई है? यदि हाँ, तो ब्‍यौरा दें एवं यदि नहीं, तो क्‍यों नहीं? (ग) अनुसूचित जाति मजरा टोला विद्युतीकरण एवं मोटर पंपों का ऊर्जाकरण मद में वर्ष 2013 से अब तक गरोठ एवं भानपुरा क्षेत्र में स्‍वीकृत एवं किए गए कार्यों का राशिवार विवरण दें?

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) तथा (ख) प्रश्‍नांश अंतर्गत प्रश्‍नाधीन अवधि में टेण्‍डर आमंत्रित नहीं किये गये। अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है।

परिशिष्ट - ''सोलह''

निजी स्‍कूलों को मान्‍यता

21. ( क्र. 4668 ) श्री अंचल सोनकर : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जबलपुर जिले के अंतर्गत कितने निजी प्राथमिक/माध्‍यमिक एवं हाई स्‍कूल संचालित हैं? निजी (प्राईवेट) स्‍कूलों के संचालन की अवधि बतावें? क्‍या इन स्‍कूलों की मान्‍यता नियमानुसार दी गई है? जिले के समस्‍त निजी स्‍कूल शासन द्वारा निर्धारित मापदण्‍ड की पूर्ति करते हैं? यदि हाँ, तो निजी स्‍कूलों को मान्‍यता कब-कब किस-किस अधिकारी द्वारा दी गई? (ख) प्रश्‍नांश (क) वर्तमान में ऐसे कितने निजी स्‍कूल हैं जिनके पास बच्‍चों को खेलने हेतु निर्धारित मापदण्‍ड अनुसार मैदान नहीं हैं? नाम सहित सूची देवें? क्‍या जिला शिक्षा अधिकारी जबलपुर द्वारा समय-समय पर ऐसे स्‍कूलों की जाँच कर उनकी मान्‍यता समाप्‍त करने का नोटिस दिया है? यदि हाँ, तो विगत तीन वर्षों में कब-कब किस-किस संस्‍था को जाँच कर नोटिस दिया गया? (ग) क्‍या वर्तमान में जबलपुर जिले के अंतर्गत निजी स्‍कूलों को संबंधित विभाग द्वारा स्‍थल निरीक्षण किये बगैर मान्‍यता प्रदान कर दी गई है? यदि हाँ, तो ऐसे दोषी अधिकारियों के विरूद्ध क्‍या शासन जाँच कर कब तक कार्यवाही करेगा? निर्धारित मापदण्‍डों की पूर्ति न करने वाले निजी स्‍कूलों के विरूद्ध शासन क्‍या कार्यवाही करेगा? क्‍या शासन ऐसे निजी स्‍कूलों की मान्‍यता समाप्‍त करेगा तो कब तक समय-सीमा बतावें?
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) जबलपुर जिले के अंतर्गत संचालित होने वाले निजी स्‍कूलों के अंतर्गत प्राथमिक/माध्‍यमिक भाग का संबंध राज्‍य शिक्षा केन्‍द्र से है। शेषांश में जबलपुर जिले के अंतर्गत संचालित होने वाली निजी स्‍कूलों के अंतर्गत हाईस्‍कूल की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। निर्धारित मापदण्‍ड की पूर्ति करने के उपरांत मान्‍यता प्रदान की गई है। मान्‍यता प्रदान करने वाले अधिकारियों की सूची  पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) प्रशनांश '''' उत्‍तर के संदर्भ में प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता। (ग) जी नहीं, शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

शिक्षा अधिकारी जबलपुर द्वारा किये स्‍थानान्‍तरण

22. ( क्र. 4669 ) श्री अंचल सोनकर : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शिक्षा विभाग में पदस्‍थ कर्मचारियों के लिये शासन की क्‍या स्‍थानान्‍तरण नीति है? जिला शिक्षा अधिकारी जबलपुर द्वारा वर्ष 2015-16 में कितने कर्मचारियों का स्‍थानान्‍तरण किस नियम के तहत किया गया? सूची देवें। क्‍या स्‍थानान्‍तरण में शासन के द्वारा निर्धारित स्‍थानान्‍तरण नीति का पालन किया गया है? (ख) प्रश्‍नांश (क) यदि हाँ, तो क्‍या स्‍थानान्‍तरित किये गये कर्मचारियों के आदेश में शासन की स्‍थानान्‍तरण नीति का पालन करते हुये वरिष्‍ठों का स्‍थानान्‍तरण किया गया है जो विगत 10 वर्षों से अधिक एक ही स्‍थान पर पदस्‍थ हैं? (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) अनुसार क्‍या जिला शिक्षा अधिकारी जबलपुर द्वारा वर्ष 2001 से एक ही स्‍थान पर पदस्‍थ कर्मचारियों को नजरअंदाज कर वर्ष 2009 से 2015 तक के कर्मचारियों का स्‍थानान्‍तरण कर शासन की स्‍थानान्‍तरण नीति के विरूद्ध कार्य किया गया है? यदि हाँ, तो ऐसे कितने कर्मचारी हैं जिनका नियमानुसार स्‍थानान्‍तरण किया जाना था जो नहीं किया गया? सूची देवें।

स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) स्थानांतरण नीति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-एक अनुसार है। स्थानांतरण की सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र दो अनुसार है। दिसम्बर 2015 में लिपिक वर्गीय कर्मचारियों के किये गये स्थानांतरण के संबंध में विभागीय जाँच हेतु आयुक्त जबलपुर संभाग जबलपुर द्वारा आरोप पत्र जारी किये गये है। वर्ष 2015-16 में नीति विरूद्ध किये गये स्थानांतरण की जाँच हेतु संयुक्त संचालक लोक शिक्षण जबलपुर संभाग जबलपुर को आयुक्त, लोक शिक्षण के पत्र क्रमांक/ स्था 0-3/ सी-2/ बजट सत्र/2016/352, दिनांक 21.03.2016 द्वारा निर्देशित किया गया है। (ख) एवं (ग) उत्तरांश के प्रकाश में जाँच उपरांत स्थानांतरण नीति के पालन के संबंध में स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

विभाग को प्राप्‍त आवंटित राशि उपयोग/लैप्‍स

23. ( क्र. 4880 ) इन्जी. प्रदीप लारिया : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) राज्‍य शासन को अनुसूचित जाति एवं जनजाति विकास के कल्‍याण हेतु विभिन्‍न योजनाओं/विभाग को वर्ष 2014-15 एवं 2015-16 में कितनी राशि प्राप्‍त हुई? अलग-अलग विस्‍तृत जानकारी देवें? (ख) वर्ष 2014-15 में विभाग को प्राप्‍त हुई कौन-कौन सी राशि का विभाग द्वारा उपयोग किया गया एवं कौन-कौन सी राशि उपयोग न होने के कारण लैप्‍स हो गई एवं लैप्‍स होने का क्‍या कारण रहा? (ग) क्‍या विभाग द्वारा राशि प्राप्‍त होने के बाद भी समय पर उपयोग/व्‍यय न करने के कारण राशि लैप्‍स हो गई? यदि हाँ, तो इसके लिये किसकी जवाबदारी निर्धारित थी? विभाग द्वारा राशि लैप्‍स न हो इसके लिए चालू वित्‍तीय वर्ष में क्‍या कोई उपाय किये गये हैं? (घ) वर्ष 2015-16 में प्राप्‍त राशि का आवंटन सागर जिले को कितना प्राप्‍त हुआ है? योजनावार जानकारी देवें एवं सागर जिले में इस राशि का प्रश्‍न दिनांक तक क्‍या उपयोग किया गया?

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) प्रश्‍नांश अंतर्गत अनुसूचित जाति से संबंधित जानकारी संकलित की जा रही है। जनजाति से संबंधित विवरण निम्‍नानुसार है-
(
राशि रू.लाख में)

क्र.

योजना का नाम

वर्ष 2014-15 में प्राप्त राशि

वर्ष 2015-16 में प्राप्त राशि

1

विशेष केन्द्रीय सहायता

15274.22

11501.21

2

संविधान के अनुच्छेंद 275 (1)

17321.415

14845.15

3

अनु.जनजाति विद्युतीकरण योजना

13000.00

10468.24

4

वनबन्धु कल्याण योजना

निरंक

1000.00

5

पूल फन्ड

200.00

110.00

शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' तथा '' अनुसार है। (ख) वर्ष 2014-15 में प्राप्त राशि का उपयोग एवं उपयोग न होने के कारण जानकारी निम्नानुसार है। शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है।

(राशि रू.लाख में)

क्र.

योजना का नाम

प्राप्त राशि

व्यय राशि

लैप्स राशि

लैप्स का कारण

1-

विशेष केन्द्रीय सहायता

15274.22

6017.95

निरंक

-

2-

संविधान के अनुच्छेद 275 (1)

17321.415

9678.85

निरंक

3-

अनु.जनजाति विद्युतीकरण योजना

13000.00

10468.24

2531.76

त्रैमास में राशि का उपयोग न होने के कारण

4-

पूल फन्ड

200.00

135.51

64.49

जिलों से प्रस्ताव समय-सीमा में प्राप्त न होने से एवं वित्तीय वर्ष समाप्त हो जाने से।
 

(ग) जी हाँ। राशि प्रक्रियागत कारणों से लैप्स हुई अतः शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) सागर जिला अन्तर्गत वर्ष 2015-16 में प्रश्न दिनांक तक प्राप्त राशि/व्यय का विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र एवं '''' अनुसार है।

गौशालाओं के संचालन व अनियमितता

24. ( क्र. 4910 ) श्री सुन्‍दरलाल तिवारी : क्या पशुपालन मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) म.प्र. में गौ-संवर्धन एवं विकास के लिए क्‍या-क्‍या योजनाएं संचालित की जा रही है? रीवा संभाग अंतर्गत कहाँ-कहाँ गौ-शालाएं स्‍थापित की गई है? इनके संचालन की क्‍या नियम नीति है? इनमें से कितने शासन द्वारा संचालित है तथा कितने स्‍वयंसेवी संस्‍थाओं द्वारा संचालित किये जा रहे है तथा कितने नये गौ-शाला खोलने की कार्ययोजना शासन की है? (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में संचालित गौ-शालाओं हेतु शासन द्वारा वर्ष 2012 से प्रश्‍न दिनांक तक कितना अनुदान/आर्थिक सहायता संचालित गौ-शालाओं के दिनांक से प्रश्‍नांश तक में दिया गया? (ग) गौ-शाला खोले जाने हेतु राज्‍य शासन द्वारा स्‍वयंसेवी संस्‍थाओं को कितनी-कितनी भूमि किस-किस दर पर अथवा नि:शुल्‍क देने का प्रावधान है? प्रश्‍नांश (क) अनुसार संचालित गौ-शालाओं को कब-कब, कितनी-कितनी भूमि कब तक के लिए आवंटित की है? भूमि आवंटन हेतु सक्षम अधिकारी कौन है? (घ) यदि प्रश्‍नांश (क) की गौशालाओं के द्वारा प्रदत्‍त अनुदान/आर्थिक सहायता का सही ढ़ंग से व्‍यय न कर राशि का दुरूपयोग किया गया? आय-व्‍यय का शासन की नीति अनुसार अन्‍वेक्षण नहीं कराया गया, उसके लिए किसकों दोषी मानते हुए कार्यवाही करेंगे?

पशुपालन मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) गौवंश के संवर्धन एवं विकास के लिए गोपाल पुरस्कार योजना, वत्स पालन प्रोत्साहन योजना, नंदीशाला, ऋण एवं अनुदान पर दुधारू पशु इकाई योजना संचालित हैं। इसके साथ-साथ गौसंवर्धन एवं संरक्षण हेतु मध्यप्रदेश में गौपालन एवं पशुधन संवर्धन बोर्ड प्रभावशील है। रीवा संभाग अंतर्गत स्थापित गौशालाओं की जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार हैं। गौशालाएं प्रायः अशासकीय एवं स्वयंसेवी संस्थाओं द्वारा संचालित की जाती हैं। पंजीकृत क्रियाशील गौशालाओं को जिला गौपालन एवं पशुधन संवर्धन समिति के माध्यम से गौवंश के भरण पोषण हेतु आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है। गौशाला में उपलब्ध गौवंश के भरण पोषण की व्यवस्था एवं देखरेख गौशाला समिति के द्वारा की जाती है। म.प्र.गौपालन एवं पशुधन संवर्धन बोर्ड से प्राप्त राशि को गौशाला में उपलब्ध पशु संख्या के आधार पर जिला गौपालन एवं पशुधन संवर्धन समिति की बैठक में अनुमोदन उपरांत आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है। शासन द्वारा गौशालाऐं संचालित नहीं की जाती हैं। 17 क्रियाशील गौशालाऐं स्वयंसेवी संस्थाओं द्वारा संचालित हैं। स्वयंसेवी संस्थाओं को नवीन गौशाला खोलने हेतु विभिन्न कार्यक्रमो के माध्यम से प्रोत्साहित किया जाता है। (ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। (ग) गौशालाओं को भूमि आवंटन संबंधी दिशा निर्देश की जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। जिला सतना अंतर्गत 2 गौशालाओं को गौशाला संचालन हेतु शासकीय भूमि आवंटित की गई है। 1. केशव माधव गौसेवा संस्थान समिति, बगहा को वर्ष 2013 में 4 एकड़ भू-खण्ड आवंटित किया गया है। 2. प्रेम पुजारी रामाश्रयदास गौशाला समिति, नयागाँव, चित्रकूट को वर्ष 2008 में 5 एकड़ भू-खण्ड आवंटित की गई है। (घ) जी नहीं गौशाला के आय व्यय का अनवेक्षण चाटर्ड अकाउंटेंट से गौशाला समिति द्वारा कराया जाता है शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - ''सत्रह ''

दिल्‍ली पब्लिक स्‍कूल में अधिक फीस वसूली

25. ( क्र. 4967 ) श्री आर.डी. प्रजापति : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या छतरपुर नगर में दिल्‍ली पब्लिक स्‍कूल (डी.पी.सी.) कार्यरत है तथा इनकों मध्‍यप्रदेश शिक्षा विभाग द्वारा स्‍वीकृति प्रदान की गयी है? (ख) प्रश्‍नांश (क) यदि हाँ, तो प्रश्‍नांश (क) में वर्णित शिक्षण संस्‍था में नर्सरी से कक्षा 12 तक प्रवेश शुल्‍क एवं मासिक शुल्‍क में विद्यार्थियों से कितनी-कितनी राशि वसूल की जाती है? कक्षावार जानकारी प्रदान करें? (ग) क्‍या प्रश्‍नांश (क) में वर्णित शिक्षण संस्‍था द्वारा तर्कसंगत शुल्‍क ना लेकर भारी राशि प्रवेश शुल्‍क के रूप में विद्यार्थियों से वसूल की जाती है? क्‍या अनु. जाति/जनजाति के विद्यार्थियों से भी प्रवेश शुल्‍क के नाम पर अधिक वसूली की जाती है? (घ) प्रश्‍नांश (क) में वर्णित शिक्षण संस्‍था द्वारा वर्ष 2014-152015-16 में आर.टी.आई. के तहत (शुल्‍क माफ) कितने विद्यार्थी दर्ज हैं? यदि अधिक फीस वसूली की जाती है तो संबंधित संस्‍था पर क्‍या कार्यवाही, कब तक की जावेगी?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) जी हाँ। कक्षा 8 वीं तक मान्यता प्रदान की गई है। (ख) प्रश्नांकित विद्यालय कक्षा 8 वीं तक मान्यता प्राप्त है। वर्तमान सत्र में कक्षा 7 वीं तक कक्षाऐं संचालित की जा रही है। कक्षा नर्सरी से कक्षा 7 वीं तक प्रवेश शुल्क एवं मासिक शुल्क की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) विद्यालय द्वारा अधिक शुल्क वसूली के संबंध में कोई शिकायत जिला शिक्षा अधिकारी छतरपुर को प्राप्त नहीं है। विद्यालय द्वारा जाति के आधार पर नहीं अपितु संस्था में अध्ययनरत समस्त वर्ग के छात्रों से (निशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम, 2009 के अन्तर्गत प्रवेशित छात्रो को छोड़कर) पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार समान रूप से प्रवेश शुल्क लिया जाता है। (घ) प्रश्नांकित विद्यालय द्वारा निशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम, 2009 के तहत विद्यालय की प्रथम कक्षा एल.के.जी. में उपलब्ध सीटों में से 25 प्रतिशत सीटों पर वर्ष 2014-15 एवं 2015-16 में दो-दो विद्यार्थियों को निःशुल्क प्रवेश दिया गया है।

दो‍षी पर कार्यवाही किए जाने बाबत्

26. ( क्र. 5211 ) श्रीमती शीला त्‍यागी : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला संयोजक आदिम जाति, अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग कार्यालय में वार्षिक निरीक्षण के दौरान कलेक्‍टर रीवा ने दिनांक 1.2.2016 को निरीक्षण किया जिसमें 2 वर्ष पूर्व विभाग को प्राप्‍त कम्‍प्‍यूटर भंडार कक्ष में कबाड़ की तरह रखे पाये गये, जिस पर भण्‍डार प्रभारी के विरूद्ध दो वेतन वृद्धि बंद करने का आदेश तथा अन्‍य गड़बडि़यों की जाँच संयुक्‍त कलेक्‍टर रीवा कमलेशपुरी को जाँच दल गठित कर जाँच करने के आदेश दिये गये है? यदि हाँ, तो ओदश की प्रति के साथ जानकारी देवें? (ख) प्रश्‍नांश (क) के कार्यालय में बस्‍ती विकासएवं राजीव गांधी विद्युतीकरण हेतु वित्‍तीय वर्ष 2013-14 से प्रश्‍न दिनांक तक कितने-कितने रूपये का आवंटन दिया गया हैं? उक्‍त आवंटन से कौन-कौन से कार्य एवं किन-किन गांवों में राजीव गांधी विद्युतीकरण का कार्य किया गया है कि जानकारी वर्षवार, कार्यवार, मदवार देते हुये कार्य की वर्तमान स्थिति एवं व्‍यय राशि अंकित कर जानकारी देवें? (ग) प्रश्‍नांश (क) के कलेक्‍टर के वार्षिक निरीक्षण में जो कर्मचारी/अधिकारी दोषी पाये गये है उनकी पदस्‍थापना उक्‍त कार्यालय में कब से है तथा शासन के उक्‍त पदस्थापना के संबंध में एक ही पद प्रभार में एक साथ कितने समय तक रखने के आदेश हैं? यदि उक्‍त अवधि पूरी हो गई हैं तो क्‍या तत्‍काल दोषी एवं लापरवाह कर्मचारी/अधिकारी को उक्‍त कार्यालय से हटायेंगे? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्‍यों? कारण बतायें। (घ) प्रश्‍नांश (क), (ख) के कार्यालय को अनु.जाति, अनु.जनजाति के विकास हेतु एवं बस्‍ती विकास हेतु प्राप्‍त आवंटित राशियों का सही तरीके से शासन के मंशा अनुसार व्‍यय नहीं किया जा रहा हैं? क्‍या इसकी गहन जाँच कमिश्‍नर रीवा से कराते हुए उक्‍त जिला अधिकारी को जाँच के समय उक्‍त कार्यालय से पृथक रखेगें? उक्‍त जिला अधिकारी का मूल पद एवं विभाग क्‍या हैं?

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) दिनांक 01.02.2016 को किये गये निरीक्षण में भण्‍डार प्रभारी के वेतनवृद्धि रोकने का आदेश जारी नहीं किया गया, और न ही अन्‍य गड़बड़ियों के लिये संयुक्‍त कलेक्‍टर रीवा श्री कमलेशपुरी को जाँच हेतु आदेश दिये गये हैं। सुलभ संदर्भ हेतु निरीक्षण प्रतिवेदन की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) बस्‍ती विकास योजनांतर्गत वर्ष 2013-14 से वर्ष 2015-16 तक प्राप्‍त आवंटन एवं स्‍वीकृत कार्यों का विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। तथा राजीव गांधी विद्युतीकरण योजनांतर्गत आदिम जाति कल्‍याण विभाग रीवा को कोई आवंटन प्राप्‍त नहीं होता, जिससे इस योजनांतर्गत इस विभाग द्वारा कार्य कराने का प्रश्‍न ही नहीं उठता। (ग) उत्‍तराशं '' अनुसार। (घ) अनुसूचित जाति, जनजाति के विकास एवं बस्‍ती विकास योजनांतर्गत प्राप्‍त राशि का व्‍यय शासन द्वारा जारी नियमों/निर्देशों के अनुरूप ही किया जाता है। अत: शेष कार्यवाही का प्रश्‍न ही नहीं उठता है।

संयुक्‍त संचालक शिक्षा कार्यालय की स्‍वीकृति

27. ( क्र. 5585 ) एडवोकेट सत्‍यप्रकाश सखवार : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) म.प्र. में चंबल संभाग एवं शहडोल संभाग की स्‍थापना कब हुई? (ख) क्‍या चंबल संभाग की स्‍थापना के बाद शहडोल संभाग की स्‍थापना हुई, यदि हाँ, तो क्‍या शहडोल संभाग में शिक्षा विभाग का संयुक्‍त संचालक कार्यालय स्‍वीकृत होकर कार्यरत है जबकि चंबल संभाग में आज तक सहायक संचालक कार्यालय नहीं खोला जा सका है? (ग) प्रश्‍नांश (ख) का उत्‍तर यदि हाँ, है तो चंबल संभाग के साथ ऐसा भेदभाव क्‍यों? (घ) चंबल संभाग के जिला मुरैना में कब तक संयुक्‍त संचालक शिक्षा कार्यालय खोला जावेगा?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) शैक्षिक चंबल संभाग की स्‍थापना नहीं की गई है। शैक्षिक संभाग शहडोल म.प्र. शासन स्‍कूल शिक्षा विभाग के पत्र क्र. एफ 27-68/2008/बीस-2 दिनांक 01.08.2009 के द्वारा स्‍थापित किया गया है। (ख) से (घ) उत्‍तरांश '''' के संदर्भ में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

क्रीड़ा शिक्षकों के वेतनमान में विसंगति

28. ( क्र. 5586 ) एडवोकेट सत्‍यप्रकाश सखवार : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) कनिष्‍ठ व्‍यायाम निदेशक, वरि. व्‍यायाम निदेशक एवं जिला क्रीड़ा निरीक्षक के पद हेतु कौन-कौन सी योग्‍यता आवश्‍यक है, तथा इन तीनों पदों का वेतनमान क्‍या है? पदवाइज पृथक-पृथक जानकारी दी जावे? (ख) क्‍या कनि. व्‍या. निदे. के बाद, वरि. व्‍या. निर्देशक एवं वरि. व्‍या. निर्देशक के बाद जिला क्रीड़ा निरीक्षक के पद पर पदोन्‍नति की जाती है? यदि हाँ, तो क्‍या कनिष्‍ठ व्‍यायाम निदेशक से लेकर जिला क्रीड़ा निरीक्षक तक के वेतनमान एक ही हैं अर्थात 9300 से 3400 तक जबकि कनि. व्‍या. निर्देशक से जिला क्रीड़ा निर्देशक तक प्रमोशन की दो सीढि़यां पार करनी होती है? तो फिर वेतनमान एक ही क्‍यों? (ग) कनि. व्‍यायाम निदेशक (P.T.I) से लेकर जिला क्रीड़ा निरीक्षक के वेतनमान की विसंगति को कब तक ठीक कर लिया जावेगा?
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) व्यायाम निर्देशक, निम्न वेतनमान से व्यायाम निर्देशक (उच्च वेतनमान )/जिला क्रीडा एवं कल्याण निरीक्षक पद पर पदोन्नति का प्रावधान है। व्यायाम निर्देशक ( उच्च वेतनमान ) एवं जिला क्रीडा एवं कल्याण निरीक्षक समकक्ष व समरूप ' वेतनमान ' के पद है। पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट में दर्शायें अनुसार व्यायाम निर्देशक, निम्न वेतनमान एवं उच्च वेतनमान के वेतनमान एक न होकर भिन्न है। (ग) प्रश्‍नांश '' के उत्तर के प्रकाश में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

शासकीय स्‍कूलों में बाउंड्री वाल शौचालय एवं विद्युत व्‍यवस्‍था

29. ( क्र. 5611 ) श्री शैलेन्द्र जैन : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र सागर में कितने शासकीय प्रायमरी, माध्‍यमिक, हाई एवं हायर सेकण्‍डरी संचालित हैं? कितने स्‍वयं के भवन में संचालित हैं तथा कितने भवनविहीन हैं? (ख) जिन शासकीय शालाओं के स्‍वयं के भवन हैं, उनमें क्‍या बाउंड्रीवॉल, विद्युत व्‍यवस्‍था एवं संख्‍या के मान से छात्र-छात्राओं हेतु पर्याप्‍त संख्‍या में पृथक-पृथक शौचालय है? (ग) जिन शासकीय शालाओं में बाउंड्रीवॉल, विद्युत व्‍यवस्‍था एवं पर्याप्‍त शौचालय नहीं है, उन विद्यालयों की सूची देवें? शालाओं में छात्र-छात्राओं की सुरक्षा एवं सुविधा हेतु बाउन्‍ड्रीवॉल, शौचालयों का निर्माण तथा विद्युत व्‍यवस्‍था कराये जाने पर शासन विचार करेगा? यदि हाँ, तो कब तक?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) विधानसभा क्षेत्र सागर में 48 शासकीय प्राथमिक एवं 26 शासकीय माध्यमिक शालाएं कुल 74 प्राथमिक/माध्यमिक शालायें संचालित है। 70 शालायें स्वयं के भवन में संचालित है तथा 4 शालायें जो कि वर्ष 2015-16 में युक्तियुक्तकरण के तहत् संचालित की गई है, भवनविहीन है। भवन विहीन शालाओं के भवन का प्रस्ताव वार्षिक कार्य योजना वर्ष 2016-17 में शामिल किया गया है। प्रश्‍नाधीन विधानसभा क्षेत्र में 6 शासकीय हाईस्‍कूल और 05 शासकीय हायर सेकण्‍डरी स्‍कूल संचालित है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र- एक अनुसार(ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र एवं  दो अनुसार(ग) जिन शासकीय शालाओं में बाउण्ड्रीवॉल, विद्युत व्यवस्था, संख्या के मान से पर्याप्त शौचालय नहीं है की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। शालाओं में छात्र-छात्राओं की सुरक्षा एवं सुविधा हेतु बाउण्ड्रीवॉल एवं छात्र-छात्राओं की संख्या के मान से शौचालयों का निर्माण हेतु वार्षिक कार्ययोजना वर्ष 2016-17 में भारत शासन से स्वीकृति हेतु प्रस्तावित है। विद्यालयों में विद्युत व्यवस्था हेतु कार्यवाही प्रचलन में है। बजट की उपलब्धता पर कार्यवाही की जाएगी। समय-सीमा बताना संभव नहीं है। हायर/हायर सेकण्‍डरी स्‍कूलों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-तीन अनुसार

राजघाट डेम में मछली पालन से प्राप्‍त राजस्‍व

30. ( क्र. 5612 ) श्री शैलेन्द्र जैन : क्या पशुपालन मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या सागर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत राजघाट डेम में मत्‍स्‍य विभाग द्वारा मछली पालन ठेका पद्धति से कराया जा रहा है? यदि हाँ, तो उक्‍त ठेका किसको, कितनी राशि में दिया गया है? (ख) क्‍या राजघाट डेम का निर्माण नगर पालिक निगम द्वारा सागर नगर में पेयजल पूर्ति हेतु कराया था? क्‍या उक्‍त डेम नगर पालिक निगम के अधिकार क्षेत्र में है? (ग) यदि हाँ, तो राजघाट डेम से प्रश्‍नांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में होने वाली आय क्‍या नगर पालिक निगम सागर को प्राप्‍त हो रही है? यदि नहीं, तो क्‍यों?

पशुपालन मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) जी नहीं। सागर विधान सभा क्षेत्र अंतर्गत मत्‍स्‍य महासंघ के अधीन राजघाट डेम आता है। जिसमें मछली पालन का ठेका नहीं दिया जाता है। राजघाट डेम में मत्‍स्‍य महासंघ की प्रचलित पद्यति अनुसार जलाशय में मछली पकड़ने का कार्य स्‍थानीय पंजीकृत मत्‍स्‍य सहकारी समितियों से कराया जाता है। इन समितियों द्वारा आखेटित मत्‍स्‍य का विक्रय ई-टेण्‍डर से निविदायें बुलाकर सर्वाधिक दर देने वाले सफल निविदाकर के साथ निर्धारित शर्तो पर अनुबंध निष्‍पादित कर उसके माध्‍यम से किया जाता है। इस पद्यति को आउटसोर्स पद्यति तथा अनुबंधकर्ता को मत्‍स्‍य विक्रय अनुबन्‍धग्र‍हीता के नाम से जाना जाता है। वर्तमान में जलाशय से आखेटित मछली का विक्रय अनुबंध श्री देशराज चन्‍नी के साथ 5 वर्ष की अवधि दिनांक 19.2.2014 से 15.6.2018 तक विक्रय राशि 175.27500 लाख में किया गया है। (ख) जी हाँ। जी हाँ राजघाट डेम नगर पालिक निगम सागर के अधिकार क्षेत्र में है। (ग) जी नहीं। मत्‍स्‍य पालन नीति 2008 के बिन्‍दु 1.4 में 1000 हेक्‍ट. औसत जलक्षेत्र से बडे जलाशय शासन निर्णय अनुसार मछली पालन विभाग/ म.प्र. मत्‍स्‍य महासंघ के अधीन रखे जाने का प्रावधान है। इसी प्रावधान के तहत म.प्र. शासन द्वारा राजघाट जलाशय जिसका औसत जलक्षेत्र 1144 हेक्‍टेयर है, के मत्‍स्‍य पालन अधिकार आदेश क्रमांक 16-3/13/36 दिनांक 30.9.2013 से मत्‍स्‍य महासंघ को हस्‍तांतरित किये है। आदेश में राजघाट डेम से होने वाली आय नगर पालिक निगम सागर को देने का कोई प्रावधान नहीं है। इस जलाशय से प्राप्‍त होने वाली आय महासंघ के पास रहती है। महासंघ जलाशय से प्राप्‍त आय से मछुआरो एव उसके परिवार के सदस्‍यों के आर्थिक एवं सामाजिक कल्‍याण हेतु कई कल्‍याणकारी योजनाऐं संचालित करता है।

सेवढ़ा एवं इंदरगढ़ में नल-जल प्रदाय

31. ( क्र. 5640 ) श्री प्रदीप अग्रवाल : क्या पशुपालन मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) वर्ष 2012 से प्रश्‍न दिनांक तक दतिया जिले की सेवढ़ा एवं इन्‍दरगढ़ तहसील के किन ग्रामों में नल-जल प्रदाय योजना, मुख्‍यमंत्री जल प्रदाय योजना, बुंदेलखण्‍ड पैकेज जल प्रदाय योजना स्‍वीकृत की गई है? ग्रामवार/लागत, राशिवार/योजनावार जानकारी उपलब्‍ध कराई जावें? (ख) कंडिका (क) में वर्णित योजनाओं में कितनी-कितनी राशि का व्‍यय आज दिनांक तक किया गया, ये योजनायें किस दिनांक से (निर्माण कार्य) प्रारंभ हुई थीं एवं किस दिनांक तक इन्‍हें पूर्ण होना था? कौन-कौन से ग्राम की योजनायें प्रारंभ हो गई हैं तथा कौन-कौन से ग्राम के बंद पड़ी हैं? (ग) क्‍या कंडिका (क) में वर्णित सभी योजनाओं के पूर्ण होने की अंतिम तिथियां निकल चुकी हैं, उसके उपरांत भी योजनायें (अधिकांश) चालू नहीं हैं? यदि हाँ, तो इसके लिये कौन-कौन उत्‍तरदायी हैं? उनके खिलाफ क्‍या कार्यवाही की जायेगी?

पशुपालन मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) एवं (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) जी नहीं, योजनाएं विभिन्न कारणों यथा स्रोत उपलब्ध न हो पाना एवं विद्युत संबंधी कारणों से अपूर्ण हैं अतः कोई उत्तरदायी नहीं है, शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''अठारह ''

समय पर नलकूप खनन न करने वाले ठेकेदारों पर कार्यवाही करने

32. ( क्र. 5678 ) श्रीमती ममता मीना : क्या पशुपालन मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या अशोकनगर जिले में गत पाँच वर्षों से कार्यरत नलकूप ठेकेदारों द्वारा स्‍वीकृत निविदाओं के अनुसार समय पर सभी स्‍वीकृत नलकूपों का खनन किया है कि नहीं? यदि नहीं, तो कारण सहित विवरण दें? (ख) प्रश्‍नांश (क) में उल्‍लेखित तथ्‍यों के अनुसार ऐसे कितने हैण्‍डपंप हैं जो समय से संबंधित ठेकेदारों द्वारा नहीं खोदे गये क्‍या विभाग ने उन ठेकेदारों के विरूद्ध कोई कार्यवाही की है? यदि नहीं, तो कौन से संबंधित अधिकारी दोषी हैं? (ग) यदि विभाग द्वारा स्‍वीकृत नलकूपों के कार्यादेशों का समय से खनन न हो तो विभाग की क्‍या निर्धारित नीति खनन कराने एवं ठेकेदारों के विरूद्ध कार्यवाही की है? क्‍या ठेकेदारों द्वारा प्रश्‍नांश (क) के वर्षों में कार्य न करके छूटे हुए हैण्‍डपंप खनन का पुन: निविदा में भाग लेकर अधिक या कम दरों में कार्यादेश प्राप्‍त किया है? (घ) यदि प्रश्‍नांश (क), (ख) एवं (ग) में वर्णित तथ्‍यों की निर्धारित नीति अनुसार समय पर खनन न करने वाले और स्‍वीकृत नलकूपों को पूरा न करने वाले ठेकेदारों के अन्‍तर की राशि जमा न करने और उनको ब्‍लैक लिस्‍ट घोषित न करने वाले कौन-कौन अधिकारी दोषी हैं विभाग उन ठेकेदारों और अधिकारियों पर कब तक कार्यवाही करेगा?

पशुपालन मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) जी हाँ। विभाग द्वारा दी गई समयावधि में कार्य पूर्ण किया गया। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता। (ख) उत्तरांश- के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता। (ग) निविदा के प्रावधानों के अनुरूप कार्यवाही की जाती है। जी नहीं। (घ) कोई नहीं। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता।

 

सहायक पशु चिकित्‍सा क्षेत्र अधिकारियों को द्वितीय क्रमोन्‍नत वेतनमान

33. ( क्र. 5734 ) श्री आर.डी. प्रजापति : क्या पशुपालन मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) संचालक पशुपालन भोपाल के पत्र क्रमांक 9350/स्‍था.-ब/ए.व्‍ही.एफ.ओ./द्वि-क्रमों/2015-16/भोपाल दिनांक 11.09.2015 के अनुसार मध्‍यप्रदेश के सहा.प.चि.क्षे. अधिकारियों को 24 वर्ष सेवा पूर्ण करने पर द्वितीय क्रमोन्‍नति वेतनमान का लाभ दिया गया है? यदि हाँ, तो इसमें कितने कर्मचारी पात्रता रखते हैं? (ख) क्‍या छतरपुर जिले के सहा.प.चि.क्षे.अधिकारियों को जिनकी सेवा 24 वर्ष हो चुकी है द्वितीय क्रमोन्नति का लाभ दिया जायेगा? यदि हाँ, तो कब तक? तिथि स्‍पष्‍ट करें? (ग) अभी तक क्रमोन्‍नति का लाभ न दिये जाने में कौन दोषी है? यदि हाँ, तो इनके विरूद्ध क्या कार्यवाही की जावेगी?

पशुपालन मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) जी हाँ। वर्तमान में 1379 पात्र कर्मचारियों को लाभ दिया जा चुका है। यह एक सतत् प्रक्रिया है इसलिए संख्या बताना संभव नहीं है। (ख) जी हाँ। नियमानुसार पात्र कर्मचारियों को लाभ दिया जायेगा। यह एक सतत् प्रक्रिया है। अतः समय बताना संभव नहीं। (ग) प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता।

नल-जल योजना की जानकारी

34. ( क्र. 5740 ) श्री महेन्‍द्र सिंह : क्या पशुपालन मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) गुनौर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत विगत 5 वर्षों में नल-जल योजना किन-किन ग्राम पंचायतों में कितनी राशि एवं किस मद से बनाई गई? पंचायतवार तथा राशिवार बतावें? (ख) क्‍या गुनौर विधानसभा में ज्‍यादातर नल-जल योजनायें आज दिनांक तक अधूरी है जिनकी टंकी व पाइप लाइन का कार्य पूरा नहीं किया गया तथा बोर किया जाकर मोटर डाल दी गई तथा पूरी राशि अधिकारियों एवं ठेकेदार की मिलीभगत से आहरित कर ली गई है? उक्‍त योजना का कार्य पूर्ण न होने के कारण ग्राम पंचायतों द्वारा अधिग्रहण नहीं की गई? पी.एच.ई. विभाग द्वारा कूट रचित अभिलेख तैयार कर अधिग्रहण की कार्यवाही की गई है जिससे विभाग व पंचायत विभाग अपूर्ण योजना की जिम्‍मेदारी लेने को तैयार नहीं है? क्‍या उक्‍त संबंध में जाँच की जावेगी? (ग) क्‍या उक्‍त योजनाओं द्वारा आज दिनांक तक पानी की सप्‍लाई नहीं की गई? गुनौर विधानसभा में 100 प्रतिशत में से 90 प्रतिशत योजना बंद है? क्‍या बंद पड़ी योजना को चालू कराया जायेगा? यदि हाँ, तो कब तक? (घ) उक्‍त योजना की राशि को किन अधिकारियों एवं ठेकेदारों द्वारा भ्रष्‍टाचार करके हड़पा है? क्‍या उन अधिकारियों एवं ठेकेदारों के खिलाफ उच्‍च स्‍तरीय कमेटी बनाकर प्रश्‍नकर्ता की उपस्थिति में जाँच करावेगें? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, क्‍यों?

पशुपालन मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी नहीं। जी नहीं। पूर्ण योजनाओं के हस्तांतरण की कार्यवाही की गई है। जाँच की आवश्यकता नहीं है। (ग) जी नहीं। जी नहीं। स्रोत असफल होने के कारण बंद योजनाओं को विभाग द्वारा चालू करवाया जा रहा है एवं अन्य कारणों से बंद योजनाओं को चालू करने का दायित्व संबंधित ग्राम पंचायत का है। निश्चित समयावधि नहीं बताई जा सकती। (घ) कोई राशि नहीं हड़पी गई है। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता।

शाला भवनों का निर्माण कार्य

35. ( क्र. 5741 ) श्री महेन्‍द्र सिंह : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विगत 05 वर्षों से सर्व शिक्षा अभियान/राजीव गांधी शिक्षा मिशन के अंतर्गत विधान सभा क्षेत्र गुनौर में कितने शाला भवन स्‍वीकृत किये गये हैं? कितने भवन पूर्ण है एवं कितने भवन अपूर्ण हैं? जो भवन अपूर्ण हैं उसका क्‍या कारण है? शाला भवनवार एवं ग्रामवार जानकारी दें? (ख) प्रश्‍नांश (क) के अनुसार अपूर्ण भवनों में कितनी राशि खर्च की गई है एवं कितनी राशि शेष है? यदि राशि अधिक या पूर्ण निकाली गई है तो इसके लिये जिम्‍मेदार कौन है? (ग) प्रश्‍नांश (ख) के अनुसार जो जिम्‍मेदार हैं उनके विरूद्ध आज प्रश्‍न दिनांक तक कार्यवाही क्‍यों नहीं की गई? क्‍या राशि वसूल कर कार्यवाही की जावेगी? यदि हाँ, तो कब तक?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) विगत 5 वर्षों से (वर्ष 2011-12 से 2015-16 तक) सर्व शिक्षा अभियान अन्तर्गत विधानसभा क्षेत्र गुनौर में 19 शाला भवन स्वीकृत है। इनमें से 4 भवनों का कार्य पूर्ण हो गया है। 15 भवनों का निर्माण कार्य अपूर्ण है। 1 कार्य भूमि उपलब्धता में देरी एवं 14 कार्य ( वर्ष 2014-15 में स्वीकृत) हेतु वर्ष 2015-16 में बजट प्राप्त होने के कारण अपूर्ण है। शाला भवनवार एवं ग्रामवार कार्यों की सूची संलग्‍न परिशिष्ट '' अनुसार है। (ख) प्रश्नांश के अनुसार 15 अपूर्ण निर्माण कार्य में कुल खर्च की गई राशि रू. 38.49 लाख है एवं शेष राशि रू. 78.31 लाख है। वर्ष 2010-11 से प्रन दिनाँक तक शाला भवनें के निर्माण कार्य में मूल्यांकन से अधिक राशि का आहरण नहीं किया गया है। (ग) प्रश्नांश के अनुसार विगत 5 वर्षों में एजेन्सी द्वारा अधिक राशि या पूर्ण राशि नहीं निकाली गई है अतः शेषांश का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - ''उन्‍नीस''

पेयजल व्‍यवस्‍था

36. ( क्र. 5790 ) श्री सूर्यप्रकाश मीना : क्या पशुपालन मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) विदिशा जिला अंतर्गत ऐसे कितने ग्राम अथवा मजरे टोले, बस्तियां हैं जहां भूजल स्‍तर कम होने से हैण्‍डपंपों से पेयजल व्‍यवस्‍था बंद है? विकासखंडवार ऐसे ग्राम/बस्तियों की जानकारी दें? (ख) प्रश्‍नांश (क) के क्रम में स्थित बस्तियों में पेयजल की सुविधा उपलब्‍ध कराये जाने के संबंध में विभाग की क्‍या योजना है एवं योजना के पालन हेतु क्‍या कार्यवाही अभी तक की गई?

पशुपालन मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) एवं (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है।

दोषी अधिकारियों के विरूद्ध कार्यवाही

37. ( क्र. 5971 ) श्रीमती शीला त्‍यागी : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अतारांकित प्रश्‍न संख्‍या 83 (क्र. 3563) दिनांक 18.07.14 के बिन्‍दु (ख) का उत्‍तर संरक्षण सह विकास योजनान्‍तर्गत 1964.70 लाख तथा विशेष केन्‍द्रीय सहायता में 339.96 लाख का उन्‍नयन हुआ है? कलेक्‍टर मंडला, बालाघाट एवं डिंडोरी से जाँच प्रतिवेदन अपेक्षित है तथा बिन्‍दु (ग) का उत्‍तर आदिवासी विकास म.प्र. दौरा जाँच दल का गठन किया गया है? जाँच प्रतिवेदन के आधार पर कार्यवाही की जावेगी, दिया गया है, तो उक्‍त के संबंध में जाँच पूरी हुई है? (ख) यदि हाँ, तो किन-किन को दोषी पाया गया है? दोषी पर कब और क्‍या कार्यवाही हुई है, की जानकारी आदेश प्रति के साथ देवें? यदि जाँच प्रतिवेदन के अनुसार कार्यवाही नहीं हुई तो क्‍यों कारण बतायें? अभी तक कार्यवाही न करने में कौन-कौन दोषी हैं? (ग) प्रश्‍नांश (क) (ख) के संदर्भ में बिन्‍दु (घ) का उत्‍तर जानकारी एकत्रित की जा रही है का दिया गया है? यदि हाँ, तो उक्‍त जानकारी देते हुए यह बतायें कि उक्‍त जानकारी में कौन-कौन दोषी हैं उनके विरूद्ध कब क्‍या कार्यवाही करेंगे?

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) डिण्‍डौरी जिले में तत्‍कालीन सहायक आयुक्‍त के संबंध में मध्‍यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के अंतर्गत अनुशानात्‍मक कार्यवाही संभागायुक्‍त जबलपुर स्‍तर पर प्रक्रियाधीन है। अर्द्धन्‍यायिक प्रक्रिया है, अत: दोषी का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) उत्‍तरांश (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

नल-जल योजना की शिकायत की जाँच

38. ( क्र. 6057 ) श्री यादवेन्‍द्र सिंह : क्या पशुपालन मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या सतना जिले के मझगवां विकासखंड के ग्राम पंचायत खांच में नल- जल योजना के तहत पानी की घटिया टंकियां बनाई गई हैं, बिजली ट्रांसफार्मर चालू नहीं पानी सप्‍लाई हेतु पाइप लाइन स्‍टीमेट के अनुसार नहीं डाली गई है तथा मात्र फर्जी बिल निकाला गया है? (ख) प्रश्‍नांश (क) के संबंध में स्‍थानीय गांववासी चन्‍द्रशेखर अग्निहोत्री द्वारा दिनांक 26.01.2016 को ग्राम पंचायत के सरपंच एवं सचिव को दिनांक 02.02.2016 को कार्यपालन यंत्री पी.एच.ई. सतना एवं दिनांक 12.02.2016 को मुख्‍यमंत्री जी को शिकायत कर कार्यवाही करने की मांग की है? (ग) प्रश्‍नांश (ख) यदि हाँ, तो ग्राम खांच में जल संकट को देखते हुये पूरे गांव में नल जल योजना की शिकायत की जाँच कराकर दोषियों के विरूद् कार्यवाही की जा कर पूरे गांव को पानी सप्‍लाई कराया जावेगा यदि हाँ, तो कब तक?

पशुपालन मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) जी नहीं। (ख) जी हाँ, शिकायत की जाँच करने पर शिकायत सही नहीं पाई गई। (ग) रू. 4.85 लाख की लागत से मुख्यमंत्री पेयजल योजना पूर्ण कर ग्राम पंचायत को दिनांक 6.6.14 को हस्तांतरित कर दी गई है, वर्तमान में नल-जल योजना चालू है। शिकायत निराधार होने के कारण कार्यवाही का प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता है।

ट्यूबवेल उत्‍खनन में की गई अनियमितताओं की जाँच

39. ( क्र. 6058 ) श्री यादवेन्‍द्र सिंह : क्या पशुपालन मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) प्रदेश के शहडोल, अनूपपुर, उमरिया जिले के लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकी विभाग के अंतर्गत ग्रेवलपैड नलकूप खनन की शिकायत दिनांक 01.01.2016 को श्री चन्‍द्रशेखर अग्निहोत्री रचना नगर कटनी द्वारा प्रश्‍नांकित जिले के कार्यपालन यंत्री एवं प्रमुख सचिव, पी.एच.ई. म.प्र. शासन को की है? यदि हाँ, तो उस पर क्‍या कार्यवाही की गई? (ख) प्रश्‍नांकित जिले के पी.एच.ई. विभाग के वर्ष 2011-12 से प्रश्‍न दिनांक तक खनित नलकूप ग्रेवलपैक क्‍या रोटरी मशीन द्वारा किए गए हैं? यदि हाँ, तो कार्य आदेशों में उल्‍लेखित डाया अनुसार ग्रेवल पैकिंग डब्‍लेपिंग कर किए गए हैं या नहीं बताएं?

पशुपालन मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) जी हाँ। जी हाँ। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता।

ग्रेच्‍युटी का भुगतान

40.( क्र. 6128 ) श्री महेन्द्र सिंह कालूखेड़ा : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगें कि (क) क्‍या परिवर्तित अतारांकित प्रश्‍न संख्‍या 15 (क्रमांक 4040) दिनांक 8 मार्च 2011 में जिन प्रश्‍नाधीन शासकीय सेवकों के प्रकरण आशा बाथम विरूद्ध मध्‍य प्रदेश राज्‍य के न्‍यायालयीन निर्णय के अनुरूप ग्रेच्‍युटी का यथाशीघ्र भुगतान करने का लेख किया गया है क्‍या उसमें माननीय हाईकोर्ट (2005 (11) MPWN 128) ने पिटीशनर को बिना पूरा किराया पटाये तथा बिना संपदा संचालनालय का अदेय प्रमाण पत्र प्रस्‍तुत किये ? 12% ब्‍याज सहित समूची ग्रेच्‍युटी का भुगतान करने के आदेश जारी किये है? (ख) क्‍या स्‍कूल शिक्षा विभाग द्वारा संपदा संचालनालय का अदेय प्रमाण पत्र प्रस्‍तुत करने की पूर्ववर्ती शर्त लगाकर संबंधितों को ग्रेच्‍युटी का भुगतान नहीं किया जा रहा है? (ग) यदि हां, तो जिन शासकीय सेवकों द्वारा दिनांक 8 मार्च 2011 के पूर्व आवास रिक्‍त किया जा चुका है ? उन्‍हें सदन में दिये गये उत्‍तर के अनुरूप बिना अदेय प्रमाण पत्र प्रस्‍तुत किये ग्रेच्‍युटी का भुगतान कब तक कर दिया जावेगा तथा विलम्‍ब के लिये जिम्‍मेदार शासकीय सेवकों के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की जावेगी ?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) जी हाँ । (ख) संपदा संचालनालय का अदेय प्रमाण पत्र के अभाव में जिला कोषालय भोपाल द्वारा ग्रेज्‍युटी के भुगतान पर रोक लगाई है। (ग) उत्‍तरांश '' के अनुसार अदेय प्रमाण पत्र प्राप्‍त होने पर भुगतान की कार्रवाई कोषालय द्वारा संभव है। अत: शेषांश का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता।

स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) जी हाँ। () संपदा संचालनालय का अदेय प्रमाण पत्र के अभाव में जिला कोषालय भोपाल द्वारा ग्रेज्‍युटी के भुगतान पर रोक लगाई है। (ग) उत्‍तरांश '' के अनुसार अदेय प्रमाण पत्र प्राप्‍त होने पर भुगतान की कार्रवाई कोषालय द्वारा संभव है। अत: शेषांश का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता।

माध्‍यमिक विद्यालयों में पदस्‍थ विज्ञान शिक्षक

41. ( क्र. 6228 ) श्री प्रहलाद भारती : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या म.प्र. शासन के स्‍कूल शिक्षा विभाग द्वारा शासकीय माध्‍यमिक विद्यालयों में विज्ञान अध्‍यापकों को ऐसे विद्यालयों में पदस्‍थ करने के दिशा-निर्देश जारी किए गये थे जहां न्‍यूनतम छात्र संख्‍या लगभग 141 हो? यदि हाँ, तो उक्‍त निर्देशों की जानकारी उपलब्‍ध करावें? (ख) शिवपुरी जिले में ऐसे कौन-कौन से शासकीय माध्‍यमिक विद्यालय हैं जिनमें 141 या कम छात्र संख्‍या पर विज्ञान विषय के अध्‍यापक पदस्‍थ हैं? (ग) क्‍या शासन द्वारा ऐसे दिशा-निर्देश जारी किए गये थे कि जहां 141 से कम छात्र दर्ज है उन विद्यालयों में पदस्‍थ विज्ञान विषय के अध्‍यापकों को युक्तियुक्‍तकरण के माध्‍यम से स्‍थानांतरण किया जाकर उन्‍हें 141 से अधिक छात्र संख्‍या वाले माध्‍यमिक विद्यालयों में पदस्‍थ किया जावें? यदि हाँ, तो शिवपुरी जिले में उक्‍त दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए किन-किन अध्‍यापकों का युक्तियुक्‍तकरण के माध्‍यम से स्‍थानांतरण/पदस्‍थापना परिवर्तन किया गया है? यदि नहीं, तो कारण स्‍पष्‍ट करें? (घ) प्रश्‍नांश (ग) के संदर्भ में जारी दिशा-निर्देशों का शिवपुरी जिले में पालन न किए जाने की स्थिति में विभाग किन-किन संबंधितों को उत्‍तरदायी मानता है एवं उनके विरूद्ध शासन क्‍या कार्यवाही करेगा? शिवपुरी जिले में उक्‍त दिशा-निर्देशों का एक निश्चित समय अवधि में पालन सुनिश्चित किया जाएगा?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत माध्‍यमिक विद्यालयों के लिये शिक्षकों की पद संरचना के संबंध में जारी निर्देश की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्टि के प्रपत्र 'एक' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-दो अनुसार। (ग) उत्तरांश (क) में उल्लेखित शासन परिपत्र के प्रकाश में शिवपुरी जिले की माध्यमिक शालाओं में युक्तियुक्तकरण किये गये विज्ञान विषय के शिक्षक/अध्यापक की पदस्थापना की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-तीन अनुसार। (घ) उत्तरांश (ग) के प्रकाश में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

मेधावी विद्यार्थी प्रोत्‍साहन योजना से वंचित छात्र

42. ( क्र. 6260 ) श्री मोती कश्यप : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या विभाग द्वारा कभी 85 प्रतिशत अंक से अधिक अंक से उत्‍तीर्ण होने वालों के लिए कोई मेघावी विद्यार्थी योजना घोषित की गई है? (ख) विगत तीन वर्ष में जिला जबलपुर और कटनी के कितने विद्यार्थियों को योजना से लाभान्वित कर दिया गया है और शेष विद्यार्थियों को कब तक लाभान्वित कर दिया जावेगा?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) जी हाँ। (ख) जबलपुर एवं कटनी जिले के लाभान्वित विद्यार्थियों की जानकारी निम्‍नानुसार है- वर्ष 2013 लाभान्वित विद्यार्थी की संख्‍या जिला जबलपुर 48 जिला कटनी 57, वर्ष 2014 लाभान्वित विद्यार्थी की संख्‍या जिला जबलपुर 230 जिला कटनी 139, वर्ष 2015 लाभान्वित विद्यार्थी की संख्‍या जिला जबलपुर 489 जिला कटनी 141, योजना के मापदण्‍ड अनुसार वर्तमान में जिला जबलपुर एवं कटनी में कोई पात्र विद्यार्थी योजना के लाभ से वंचित नहीं है।

वन भूमि के पट्टों का वितरण

43. ( क्र. 6293 ) श्री सचिन यादव : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विशेष पिछड़ी जनजाति समूह तथा बैगा, भारिया एवं सहरिया जनजाति अंतर्गत किस-किस जनजाति के कितने परिवारों व सदस्‍यों को इंदौर संभाग के कौन-कौन से जिले में वन भूमि के पट्टे विगत पाँच वर्षों में प्रश्‍न दिनांक तक वितरित किये गये हैं? (ख) क्‍या प्रश्‍नांश (क) में दर्शित जनजातियों के परिवारों के लिए कौन-कौन सी मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराने हेतु कौन-कौन सी कल्‍याणकारी योजनाएं क्रियान्वित की जा रही हैं और कितनी-कितनी राशि के कौन-कौन से कार्य संचालित किये जा रहे हैं? विगत पाँच वर्षों की जानकारी दें? (ग) उक्‍त पट्टेधारियों को किस-किस योजनान्‍तर्गत किस-किस प्रकार के लाभों से लाभान्वित किया जा रहा है और विगत पाँच वर्ष में उक्‍त योजनान्‍तर्गत कितनी-कितनी राशि केन्‍द्र सरकार से व राज्‍य सरकार से इंदौर संभाग हेतु प्राप्‍त हुई और किस-किस जिले में कितनी-कितनी राशि, किन-किन ग्रामों में खर्च की गई?

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) से (ग) प्रश्‍नांश अंतर्गत चिन्हांकित क्षेत्र इंदौर संभाग सम्मिलित नहीं है, अतः शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

आदिवासी योजना के अंतर्गत स्‍वीकृत राशि

44. ( क्र. 6306 ) श्री मुकेश नायक : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) पन्‍ना जिले में आदिवासी उपयोजना (माड़ा पाकेट) के अंतर्गत कौन-कौन से ग्राम सम्मिलित हैं? विकासखण्‍डवार, ग्राम पंचायतवार जानकारी दीजिये? (ख) पवई विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत तीन वर्षों में माड़ा पाकेट योजना मद से कौन-कौन से कार्य कराए गए है? कार्य विवरण स्‍वीकृत राशि सहित ग्रामवार जानकारी दी जावे? (ग) वर्तमान में पवई विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत माड़ा पाकेट योजना मद के अंतर्गत कौन-कौन से कार्य कौन-कौन से ग्रामों में चल रहे है एवं उन्‍हें पूर्ण करने का कब तक लक्ष्‍य है? (घ) पन्‍ना जिले में आदिवासी उप योजना के अंतर्गत कितनी राशि विगत दो वर्षों में प्राप्‍त हुई।

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) से (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र एक, 'दो', 'तीन' तथा 'चार' अनुसार है।

मत्‍स्‍य समितियों एवं स्‍वयं सहायता समूहों को तालाबों का आवंटन

45. ( क्र. 6437 ) श्री राजकुमार मेव : क्या पशुपालन मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) शासन की मत्‍स्‍य विकास एवं मत्‍स्‍य पालन नीति 2008 क्‍या है? इसके क्‍या प्रावधान एवं नियम है? क्‍या शासन की मत्‍स्‍य नीति 2008, पूर्व के पंजीकृत मत्‍स्‍य सहकारी समितियों, एवं स्‍वयं सहायता समूहों पर प्रभावशील है? क्‍या यह नीति तालाब आवंटन करने पर भी प्रभावशील है अथवा नहीं? (ख) क्‍या वर्ष 2008 के पूर्व पंजीकृत मत्‍स्‍य सहकारी समितियों अथवा स्‍वयं सहायता समूहों को मत्‍स्‍य पालन हेतु एक से अधिक तालाब आवंटित किये गये हैं? (ग) क्‍या शासन द्वारा नीति का पालन करते हुये पंजीकृत मत्‍स्‍य सहकारी समिति अथवा स्‍वयं सहायता समूहों को दो से अधिक आवंटित तालाबों को वापस लेकर अन्‍य मत्‍स्‍य सहकारी समितियों अथवा स्‍वयं सहायता समूहों को आवंटित करने हेतु कोई दिशा-निर्देश जारी किये गये है? यदि हाँ, तो बताया जावे? (घ) विधानसभा क्षेत्र महेश्‍वर में मत्‍स्‍य पालन/विकास हेतु कौन-कौन से तालाब, कौन-कौन से पंजीकृत मत्‍स्‍य सहकारी समितियों/स्‍वयं सहायता समूहों को कितनी अवधि तक के लिए आवंटित किये गये हैं? क्‍या एक समिति अथवा समुह को दो या दो से अधिक तालाब आवंटित किये गये है? यदि हाँ, तो कौन-कौन से किस-किस को? क्‍या 2008 की मत्‍स्‍य नीति का पालन किया जा रहा है? यदि नहीं, तो क्‍यों नहीं?

पशुपालन मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) म.प्र. मत्‍स्‍य पालन की नीति वर्ष 2008 त्रिस्‍तरीय पंचायतो को मत्‍स्‍योद्योग के अधिकारों एवं कार्यक्रमों के विक्रेन्‍द्रीकरण के संबंध में है। नीति एवं निर्देश की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। जी हाँ प्रभावशील है। (ख) जी हाँ। (ग) जी नहीं। (घ) महेश्‍वर विधान सभा क्षेत्र अंतर्गत सहकारी समितियों एवं स्‍वयं सहायता समूहों को दस वर्षीय पट्टे पर आवंटित तालाबों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। जी हाँ, आवंटित तालाबों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-स अनुसार है। जी हाँ, शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

विद्यालयों में उपलब्‍ध राशि

46. ( क्र. 6582 ) श्री वीरसिंह पंवार : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रायसेन जिले के हाई स्‍कूल तथा हायर सेण्‍कडरी स्‍कूलों में वर्तमान में कक्षावार, सेक्‍शनवार दर्ज छात्र-छात्राओं की संख्‍या तथा उनके बैठने के लिए कक्ष, फर्नीचर, शौचालय, पेयजल, पुस्‍तकालय प्रयोगशाला, क्रिया कलाप कक्ष आदि का पूर्ण विवरण दें, विद्यालयवार? (ख) वर्ष 2012-13 से प्रश्‍न दिनांक तक उक्‍त विद्यालयों को राष्‍ट्रीय माध्‍यमिक शिक्षा अभियान एवं एस.एस.डी.सी.योजनांतर्गत कितनी राशि प्राप्‍त हुई? उक्‍त राशि से क्‍या-क्‍या कार्य करवाये गये? फरवरी 16 की स्थिति में किस विद्यालय के पास कितनी राशि है? (ग) वर्ष 2012-13 से फरवरी 16 तक उक्‍त विद्यालयों में छात्र-छात्राओं से किस-किस में कितना शुल्‍क लिया गया? ब्‍याज तथा स्‍थानीय अन्‍य स्‍त्रोतों से कितनी राशि प्राप्‍त हुई? उक्‍त राशि से क्‍या-क्‍या कार्य करवाये गये तथा विद्यालय में कितनी राशि उपलब्‍ध है? (घ) विद्यालय के प्राचार्यों द्वारा छात्र-छात्राओं के हित में उक्‍त राशि व्‍यय क्‍यों नहीं की गई? कारण बतायें? उक्‍त राशि कब तक व्‍यय करेंगे?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) एस.एस.डी.सी. नामक कोई योजना नहीं है, वस्तुतः राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान अंतर्गत प्रत्येक शासकीय हाई/हायर सेकण्‍डरी स्कूल की शाला प्रबंधन एवं विकास समिति की (एस.एम.डी.सी.) वार्षिक शाला अनुदान, माइनर रिपेरिंग, एवं अन्य कार्यों के लिये राशि दी जाती है। शालावार जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है। (घ) पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1, 2 एवं 3 के आधार पर विद्यालयों के प्राचार्य द्वारा विद्यालय की आवश्यकता अनुसार छात्र हित में राशि व्यय की गई है शेष राशि का उपयोग आगामी सत्र में नियमानुसार विद्यालय की आवश्यकतानुसार छात्र हित में किया जायेगा।

पेयजल संकट का निराकरण

47. ( क्र. 6654 ) श्री के. के. श्रीवास्‍तव : क्या पशुपालन मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) टीकमगढ़ जिले में कितने हैण्‍डपंप बारहमासी पेयजल उपलब्‍ध कराने की स्थिति में है? प्रत्‍येक विधान सभा क्षेत्र की विधानसभा क्षेत्रवार सूची उपलब्‍ध करायें? (ख) समस्‍या से निजात पाने हेतु इनके अतिरिक्‍त और कितने हैण्‍डपंपों की आवश्‍यकता होगी? क्‍या बिगड़े हैण्‍डपंपों के सुधार हेतु सामग्री जिला स्‍तर पर उपलब्‍ध है? यदि नहीं, तो कब से? (ग) नवीन हैण्‍डपंप खनन हेतु क्‍या प्रक्रिया पूर्ण कर ली गई है? यदि नहीं, तो कब तक पूर्ण करा ली जावेगी? (घ) सूखा को दृष्टिगत रखते हुये क्‍या पूर्व स्‍वीकृत दरों पर हैण्‍डपंप खनन का कार्य कराया जा सकता है? यदि नहीं, तो क्‍यों? नियम बतायें।

पशुपालन मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) भूगर्भीय जल भण्डार की उपलब्धता की अनिश्चितता के कारण निश्चित रूप से बारहमासी हैण्डपंपों की संख्या नहीं बताई जा सकती। वर्तमान में चालू बंद हैण्डपंपों की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) टीकमगढ़ जिले में शासन के मापदण्डों के अनुसार 258 बसाहटें आंशिक पूर्ण श्रेणी में हैं जिनमें उपलब्ध संसाधनों के आधार पर पेयजल व्यवस्था का कार्य हैण्डपंपों, नल-जल योजनाओं अथवा समूह नल-जल प्रदाय योजनाओं के माध्यम से आगामी वर्षों में किया जायेगा, अतः हैण्डपंपों की निश्चित संख्या नहीं बताई जा सकती। बिगड़ें हैण्डपम्पों के सुधार हेतु वर्तमान में पर्याप्त मात्रा में सामग्री उपलब्ध है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी हाँ। (घ) जी नहीं। पीसवर्क पद्धति पर कार्य कराने पर प्रतिबंध है।

परिशिष्ट - ''बीस''

मुख्‍यमंत्री समूह नल-जल योजना शीघ्र स्‍वीकृत

48. ( क्र. 6659 ) श्री के. के. श्रीवास्‍तव : क्या पशुपालन मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) टीकमगढ़ जिले में मुख्‍यमंत्री समूह नल जल योजना के कितने प्रस्‍ताव तैयार किये गये? योजनाओं के नाम तथा सम्मिलित ग्रामों की योजनावार सूची उपलब्‍ध करायें। (ख) प्रस्‍तावित प्रकरणों की अद्यतन स्थिति क्‍या है? क्‍या शासन स्‍तर पर कोई ठोस कार्यवाही की गई है? यदि हाँ, तो की गई कार्यवाही से अवगत करायें। (ग) कब तक इनकी तकनीकी एवं प्रशासकीय स्‍वीकृति जारी कर दी जायेगी? (घ) उक्‍त योजनाओं के निर्मित हो जाने पर जिले की कितनी जनसंख्‍या पेयजल संकट से मुक्‍त हो जायेगी? अलग-अलग योजनावार जनसंख्‍या का उल्‍लेख करें।

पशुपालन मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) मुख्यमंत्री समूह नल-जल योजना विभाग में संचालित नहीं हैं। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता। (ख) से (घ) उत्तरांश- के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

त्रुटिपूर्ण भवन निर्माण करने ठेकेदार/अधिकारी के विरूद्ध अनुशासनात्‍मक कार्यवाही

49. ( क्र. 6728 ) श्री कुँवरजी कोठार : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) राजगढ़ जिले की विधान सभा क्षेत्र सारंगपुर अंतर्गत कितने भवन प्राथमिक विद्यालय, माध्‍यमिक विद्यालय, आवासीय ब्रिज कोर्स, अतिरिक्‍त कक्ष वर्ष 2010-11 से प्रश्‍न दिनांक तक स्‍वीकृत किये गये है वर्षवार, ग्रामवार, विद्यालयवार जानकारी देवें? (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में स्‍वीकृत विद्यालयों में से कितने विद्यालय भवन पूर्ण, अपूर्ण एवं कितने निर्माणधीन अपूर्ण एवं निर्माणाधीन भवनों का निर्माण कार्य कब तक पूर्ण करा लिये जावेगें? विद्यालयवार जानकार देवें? (ग) प्रश्‍नांश (ख) के संदर्भ में पूर्ण किये गये विद्यालयों में से कितने विद्यालयों का लोकार्पण जनप्रतिनिधियों द्वारा करवाया गया है, एवं कितने विद्यालय बगैर लोकार्पण के विभाग को सौंप दिये गये है? विद्यालयवार जानकारी देवें? लोकार्पण किन-किन जनप्रतिनिधियों द्वारा कब-कब किया गया है नाम एवं दिनांक से अवगत करावें? (घ) क्‍या त्रुटिपूर्ण विद्यालय विभाग को सौंपे गये है, उन विद्यालयों के नाम बतावें, तथा त्रुटिपूर्ण कार्य करने वाले ठेकेदार एवं त्रुटिपूर्ण कार्य करवाये जाने वाले अधिकारियों के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की गई? यदि नहीं, तो दोषी एजेन्‍सी/अधिकारी के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की जावेगी?
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) राजगढ़ जिले के सारंगपुर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत वर्ष 2010-11 से प्रश्न दिनांक तक स्वीकृत प्राथमिक/माध्यमिक विद्यालय भवन एवं अतिरिक्त कक्ष की जानकारी निम्नानुसार हैः-

वर्ष

प्राथमिक विद्यालय भवन

माध्यमिक विद्यालय भवन

अतिरिक्त कक्ष

2010-11

01

03

88

2011-12

00

00

17

2012-13

00

01

08

2013-14

00

00

00

2014-15

00

00

00

2015-16

00

01

00

योग

01

05

113

आवासीय ब्रिजकोर्स के लिये कोई स्वीकृति प्राप्त नहीं हुई। वर्षवार, ग्रामवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में स्वीकृत प्राथमिक/माध्यमिक विद्यालय भवन, अतिरिक्त कक्ष के पूर्ण/अपूर्ण/निर्माणाधीन की जानकारी निम्नानुसार हैः-

प्राथमिक विद्यालय भवन

माध्यमिक विद्यालय भवन

अतिरिक्त कक्ष

स्वीकृत

पूर्ण

अपूर्ण

स्वीकृत

पूर्ण

अपूर्ण

स्वीकृत

पूर्ण

अपूर्ण

01

01

00

05

02

03

113

94

19

 उपरोक्त तालिका अनुसार कुल स्वीकृत 119 निर्माण कार्यों में से 97 कार्य पूर्ण एवं 22 कार्य अपूर्ण है। इन सभी अपूर्ण कार्यों को पूर्ण कराने हेतु कार्यवाही प्रचलन में है। जानकारी पुस्तकालय में रखे  परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ग) 97 पूर्ण कार्यों में से 21 कार्यों का लोकार्पण माननीय मुख्यमंत्री एवं माननीय विधायक, विधानसभा क्षेत्र सारंगपुर द्वारा किया गया। 79 विद्यालय बिना लोकार्पण के विभाग को सौंपा गया। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-स अनुसार है। (घ) जी नहीं। कोई भी त्रुटिपूर्ण विद्यालय का निर्माण नहीं कराया गया है। कार्यवाही का प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता।

रायसेन जिला में स्थित शालाओं में आय/व्‍यय

50. ( क्र. 6731 ) श्री रामकिशन पटेल : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रायसेन जिला में स्थित शासकीय स्‍कूल में वर्ष 2013 से प्रश्‍न दिनांक तक किन-किन मदों में कितनी-कितनी राशि, किस-किस दिनांक को, किस-किस कार्य हेतु, कहाँ-कहाँ से प्राप्‍त हुई है? विधानसभावार जानकारी दें? उक्‍त प्राप्‍त राशि को किस कार्य में व्‍यय करना था? क्‍या उक्‍त राशि को निर्धारित कार्य में व्‍यय न कर किसी अन्‍य कार्य में व्‍यय किया गया है? व्‍यय राशि की कार्यवार/शालावार जानकारी दें? प्रश्‍न दिनांक तक उक्‍त राशि में से शेष राशि की जानकारी दें? (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में उक्‍त राशि को व्‍यय करने के शासन के क्‍या निर्देश है? आदेश की प्रति उपलब्‍ध करावें? क्‍या उक्‍त राशि व्‍यय करने में शासन के निर्देशों का पालन किया गया है? यदि नहीं, तो, उक्‍त संबंध में संबंधित पर कोई कार्यवाही की गई है? यदि हाँ, तो कब-कब, किस-किस पर? यदि नहीं, तो क्‍यों, जानकारी देवें? कार्यवाही कब तक की जायेगी? (ग) प्रश्‍नांश (क) के अनुसार क्‍या उक्‍त राशि का आय/व्‍यय/खर्च/बिल वाउचर/ का लेखा जोखा संबंधित शाला में नियमानुसार संधारित है? यदि नहीं, तो क्‍यों? उक्‍त राशि प्रश्‍न दिनांक तक शाला के पास नगद जमा है? यदि नहीं, तो क्‍या अन्‍य के खाते में जमा है? उक्‍त राशि की जानकारी खाता धारक का नाम/खाता नंबर सहित संपूर्ण जानकारी देवें? (घ) क्‍या शाला भवन को शादी या अन्‍य कार्य हेतु किसी को किराय पर देने का प्रावधान है? यदि हाँ, तो, प्रश्‍नांश (क) अवधि में उदयपुरा विधानसभा क्षेत्रांतर्गत किस-किस को, कब-कब, किस-किस दर से शाला भवन को किराय पर दिया गया?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) विधानसभा वार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-एक अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-दो अनुसार है। जी हाँ, निर्देशों का पालन किया गया है। अतः शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी हाँ। अतः शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। शेष राशि शाला के बैंक खाते में जमा है। किसी अन्य के खाते में नहीं। अतः शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) जी नहीं। अतः शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

स्‍कूल शिक्षा विभाग अंतर्गत आजादी के तराने देशभक्ति कविता पाठ प्रतियोगिता

51. ( क्र. 6747 ) श्रीमती अर्चना चिटनिस : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) स्‍कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत आजादी के तराने देशभक्ति कविता पाठ प्रतियोगिता नामक कार्यक्रम कब प्रारंभ किया गया। (ख) प्रश्‍नांश (क) में उल्‍लेखित कार्यक्रम का स्‍वरूप क्‍या है, इसमें प्रतिवर्ष कितने बच्‍चों को कितनी राशि या अन्‍य पारितोषिक प्रदान किये जाते है? (ग) क्‍या प्रश्‍नांश (क) में उल्‍लेखित कार्यक्रम वर्तमान में भी संचालित किया जा रहा है। (घ) यदि प्रश्‍नांश (ग) का उत्‍तर नहीं है, तो इस कार्यक्रम को कब से बंद कर दिया गया है तथा बंद करने के क्‍या कारण है।

स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) सत्र 2010-11 से देशभक्ति कविता पाठ कार्यक्रम प्रारंभ किया गया है। (ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार। (ग) जी हाँ। (घ) उत्‍तरांश '' के प्रकाश में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट ''इक्‍कीस''

जिले की सुमावली की अधूरी नल-जल योजना

52. ( क्र. 6765 ) श्री सत्‍यपाल सिंह सिकरवार : क्या पशुपालन मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) सुमावली विधान सभा क्षेत्र मुरैना की ग्राम नन्‍दपुरा, बरौली, हेतमपुर की नल जल योजना पर अभी तक कितना कार्य किया गया है फरवरी 2016 की स्थिति में जानकारी दी जावे। (ख) क्‍या उक्‍त नल जल योजना का निर्माण कार्य अधूरा कर उन्‍हें बंद कर दिया है उक्‍त योजनाओं पर कितना कितना कार्य किया गया सामान सहित पूर्ण जानकारी दी जावे। (ग) उक्‍त ग्रामों में नलकूपों का खनन किस वर्ष में किया तथा पाइप लाइन कितनी कितनी बिछाई गई पाइप लाइन की लम्‍बाई, साईज सहित जानकारी दी जावे? (घ) उक्‍त नल-जल योजना को कब तक पूर्ण किया जाकर चालू कर दिया जावेगा?

पशुपालन मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) जी नहीं। जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-1 एवं 2 अनुसार है। (ग) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (घ) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है।

परिशिष्ट - ''बाईस''

नलकूप खनन एवं हैण्‍डपंप खनन

53. ( क्र. 6784 ) श्री सचिन यादव : क्या पशुपालन मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) कसरावद विधानसभा क्षेत्र में 2012 से प्रश्‍न दिनांक तक शासन द्वारा कितने नवीन हैण्‍डपंप स्‍वीकृत किये गये है, इनमें विकासखण्‍डवार कितने कितने हैण्‍डपंप स्‍वीकृत किये जाकर खनन कर दिये गये हैं, उनमें से कितने वर्तमान में चालू एवं बंद हैं? बंद हैण्‍डपंपों को चालू रखने की क्‍या कार्य योजना है? (ख) शासन द्वारा स्‍वीकृत किये गये हैण्‍डपंप/नल जल योजना स्‍वीकृति की क्‍या प्रक्रिया/मापदण्‍ड हैं? शासन द्वारा निर्धारित प्रक्रिया/मापदण्‍ड अनुसार कार्यों की निविदा हेतु स्‍थानीय/संभागीय/राज्‍य स्‍तरीय समाचार पत्रों में किस प्रक्रिया के तहत विज्ञप्ति जारी की जाती है? (ग) शासन द्वारा निर्धारित प्रक्रिया अनुसार हैण्‍डपंप खनन के पश्‍चात किस मानक स्‍तर का तथा किस मानक कंपनी का पाइप प्रयोग में लाया जाता है? क्‍या शासन द्वारा निर्धारित मानक स्‍तर के पाइप एवं कंपनी का प्रयोग क्षेत्र में किया जा रहा है? हां तो मानक स्‍तर एवं कंपनी का नाम बतायें नहीं तो इसके लिए कौन दोषी है? (घ) वर्तमान में उक्‍त क्षेत्रान्‍तर्गत कितने नलकूप खनन के उपरांत उनमें मोटर डालकर पानी की सिंटेक्‍स टंकियों को भरा जा रहा है और कितने स्‍थानों पर उक्‍त कार्यों को किया जाना है? ग्रामवार एवं स्‍थानवार जानकारी दें?

पशुपालन मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। बंद हैण्डपंपों का सतत् सुधार प्रक्रिया के अंतर्गत निरंतर सुधार कार्य किया जाता है। (ख) स्वीकृत कार्यों की ई-टेण्डरिंग के माध्यम से निविदाएं आमंत्रित की जाती हैं। न्यूनतम निविदाकार से अनुबंध कर कार्यादेश जारी किया जाता है। निविदा का प्रकाशन म.प्र. शासन, लोक निर्माण विभाग के परिपत्र क्रमांक एफ-63/16/2012/19/यो/3023 दिनांक 04.08.2014 के अनुसार कराया जाता है। (ग) म.प्र. लघु उद्योग निगम में पंजीबद्ध कंपनियों द्वारा प्रदायित जी.आई. पाइप भारतीय मानक संस्थान के कोड आई.एस. 1239 (पार्ट-1) 1990 एवं यू.पी.वी.सी. पाइप आई.एस. 12818:1992 के मापदण्डों का पालन करने वाले उपयोग किये जाते हैं। कोई दोषी नहीं है। (घ) किसी भी नलकूप में मोटर डालकर सिंटेक्स की टंकी नहीं भरी जाती है।

स्‍कूलों के निरीक्षण

54. ( क्र. 6813 ) श्री प्रदीप अग्रवाल : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दतिया जिले में शिक्षा विभाग के अधिकारियों द्वारा वर्ष 2013 से प्रश्‍न दिनांक तक किन किन दिनांकों को किस-किस स्‍कूलों के निरीक्षण किये गये? (ख) प्रश्‍नांश (क) में किये गये निरीक्षणों में कितने स्‍कूल बंद पाये गये तथा कितने शिक्षक अनुपस्थित पाये गये स्‍कूलों के नाम शिक्षकों के नाम, अन्‍य कर्मचारियेां के नाम की सूची उपलब्‍ध कराई जावें। (ग) निरीक्षण उपरांत किन किन शिक्षकों के वेतन काटने अथवा राजसात करने के आदेश किये गये? (घ) वेतन काटने या राजसात करने से शासन को कितने राजस्‍व का लाभ हुआ विभाग द्वारा इस राशि का क्‍या उपयोग किया गया?
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-एक अनुसार है। (ख) से (घ) कोई स्कूल बंद नहीं पाये गये किंतु शालाओं में अनुपस्थित पाये शिक्षकों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-दो अनुसार है।

विभाग कार्यरत उपयंत्रियों के स्‍थानांरण

55. ( क्र. 6824 ) श्री राजेन्द्र फूलचं‍द वर्मा : क्या पशुपालन मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) सोनकच्‍छ विधानसभा क्षेत्र के विकासखण्‍ड सोनकच्‍छ के लोक स्‍वास्‍थ्‍य यात्रिंकी विभाग में कितने कर्मचारी पदस्‍थ है। (ख) इनमें से ऐसे कितने उपयंत्री है जो पाँच वर्ष से अधिक समय से यहां पर कार्यरत हैं। (ग) शासन की नीति अनुसार इनके स्‍थानांतरण हेतु क्‍या कार्यवाही की गई है।

पशुपालन मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) 12 कर्मचारी। (ख) एक भी नहीं। (ग) उत्तरांश के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता है।

वक्‍फ नियम 2000 की धारा (ग) के अन्‍तर्गत अनुशासनिक कार्यवाही

56. ( क्र. 6835 ) श्री लखन पटेल : क्या श्रम मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या अध्‍यक्ष म.प्र. वक्‍फ बोर्ड द्वारा माह नवंबर 2015 में तत्‍कालीन मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी म.प्र. वक्‍फ बोर्ड द्वारा की गई प्रशासनिक एवं वित्‍तीय अनियमित्‍ताओं की शिकायतें वक्‍फ नियम 2000 की धारा 7 (ग) के अंतर्गत अनुशासनिक कार्यवाही हेतु मा. मुख्‍यमंत्री, मा. राज्‍य मंत्री सामान्‍य प्रशासन म.प्र. शासन, मुख्‍य सचिव मध्‍यप्रदेश शासन को की गई थी? (ख) यदि हाँ, तो क्‍या संबंधितों के द्वारा उक्‍त शिकायतें जाँच एवं कार्यवाही हेतु सामान्‍य प्रशासन विभाग को भेजी गई है? या किस जाँच एजेंसी से जाँच कराई जा रही है? विवरण देवें? (ग) प्रश्‍नांश (क) में उल्‍लेखित शिकायतों में से अभी तक कितनी शिकायतों की जाँच पूर्ण हो गई है एवं कितनों पर जाँच जारी है जिनकी जाँच पूर्ण हो गई है उनमें क्‍या तथ्‍य प्रकाश में आए है। बिन्‍दुवार जानकारी देवें। यदि जाँच पूर्ण नहीं है तो जाँच कब तक पूर्ण करा ली जाएगी एवं संबंधित दोषी अधिकारी के विरूद्ध उसकी सेवा निवृत्ति के पूर्व क्‍या कार्यवाही की जाएगी और कब तक?

श्रम मंत्री ( श्री अंतरसिंह आर्य ) : (क) जी हाँ। (ख) एवं (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

ग्राम बगडी की पेयजल योजना

57. ( क्र. 6838 ) श्री कालुसिंह ठाकुर : क्या पशुपालन मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) धरमपुरी विधानसभा क्षेत्र के ग्राम बगडी एवं ग्राम तारापुर के नागरिकों की पीने के पानी की प्रमुख समस्‍या के निवारण हेतु विभाग द्वारा पेयजल योजना कब एवं कितनी लागत से स्‍वीकृत की गई है? ग्राम बगडी एवं तारापुर की स्‍वीकृत पेयजल प्रदाय योजना का कार्य कब पूरा हो चुका है समयावधि बतावें? यदि कार्य पूरा हो गया है तो नागरिकों को उक्‍त योजनांतर्गत बनाई गई पेयजल टंकी व पाइप लाइन से अब तक कितनी बार पेयजल प्रदाय किया गया है? (ख) यदि नागरिकों को उक्‍त योजना से अब तक पेयजल प्रदाय नहीं किया जा सका है तो उसका कारण बतावें तथा शासन के करोड़ों रूपयों की बरबादी कर पेयजल स्‍त्रोत के बगैर बनाई गई योजना के लिये कौन-कौन जिम्‍मेदार है तथा जिम्‍मेदार अधिकारियों के विरूद्ध अब तक क्‍या कार्यवाही की गई है अथवा की जावेगी बतावें? (ग) शासन स्‍तर पर उक्‍त योजना की सफलता के लिये क्‍या कोई नवीन प्रस्‍ताव लंबित है? यदि हाँ, तो उस पर कब तक कार्यवाही पूर्ण होकर ग्राम बगडी के नागरिकों को पेयजल उपलब्‍ध होगा?

पशुपालन मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) ग्राम बगडी विकासखण्ड नालछा जिला धार हेतु विभाग द्वारा वर्ष 2000-01 में रू. 40.64 लाख की आर्वधन योजना स्वीकृत की गई थी जिसके अंतर्गत सभी कार्य जून 2002 में पूर्ण कर माह अप्रैल 2004 तक सुचारू रूप से ग्राम में उच्च स्तरीय टंकी से पेयजल प्रदाय प्रारंभ कर ग्राम पंचायत बगडी को संचालन एवं संधारण हेतु हस्तातंरण कर दिया गया है। विगत दो वर्षों से ग्राम पंचायत द्वारा सीधे पम्‍पपिंग द्वारा जलप्रदाय किया जा रहा है। ग्राम तारापुर विकासखंड धरमपुरी की पेयजल समस्या के निराकरण हेतु ग्राम पंचायत की मांग एवं तत्कालीन क्षेत्रीय विधायक की अनुशंसा पर ग्राम पंचायत द्वारा निर्मित कुंए को स्त्रोत मानकर ग्रामीण नल-जल प्रदाय योजना लागत रू. 49.56 लाख की स्वीकृत की गई थी। वर्ष 2012 में टंकी निर्माण सहित सभी कार्य पूर्ण कर संचालन संधारण हेतु नल-जल योजना ग्राम पंचायत को हस्तांतरित कर दी गई है। वर्तमान में ग्राम में टंकी के माध्यम से जल प्रदाय ग्राम पंचायत द्वारा किया जा रहा है। (ख) जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

विमुक्‍त घुमक्‍कड़ एवं अर्द्ध घुमक्‍कड़ जाति बस्‍ती विकास योजनाएं

58. ( क्र. 6878 ) श्री राजकुमार मेव : क्या श्रम मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विमुक्‍त, घुमक्‍कड़ एवं अर्द्ध घुमक्‍कड़ जाति क्षेत्र विकास योजनांतर्गत विकास कार्यों को करने हेतु वर्ष 2014-15, 2015-16 में कितना बजट प्रावधान किया जाकर विभाग को कितनी राशि उपलब्‍ध कराई गई? विभाग द्वारा विधान सभा क्षेत्रवार प्रश्‍न दिनांक तक कितने कार्यों में कितनी राशि स्‍वीकृत करते हुये कितने कार्य प्रारंभ किये जाकर कितने कार्यों में कितनी राशि व्‍यय की गई एवं कितनी राशि अनुपयोगी होकर शेष है? (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में वर्ष 2013-14 से प्रश्‍न दिनांक तक विधान सभा क्षेत्र महेश्‍वर की जनपद पंचायत महेश्‍वर एवं बड़वाह क्षेत्र अंतर्गत विमुक्‍त, घुमक्‍कड़ एवं अर्द्ध घुमक्‍कड़ बस्तियों विकास हेतु (बंजारा समाज की टांडा बस्तियों में) कितने प्रस्‍ताव, कब-कब, विभाग को प्रश्‍नकर्ता द्वारा प्रस्‍तुत किये गये? (ग) प्रश्‍न (ख) के संदर्भ में प्राप्‍त प्रस्‍तावों पर विभाग द्वारा कब प्राक्‍कलन तैयार कर स्‍वीकृति हेतु प्रस्‍तुत किये गये? कितने प्रस्‍तावों में कितने कार्य कितनी लागत के एवं कहाँ-कहाँ स्‍वीकृत किये गये? यदि नहीं, तो कारण बतावें? (घ) क्‍या सहायक आयुक्‍त, आदिवासी विकास खरगोन द्वारा कलेक्‍टर खरगोन के माध्‍यम से दिनांक 27/02/15, 25/04/15 एवं 08/02/16 को समस्‍त दस्‍तावेजों की पूर्णता कर प्रस्‍ताव प्रस्‍तुत किये जा चुके हैं? यदि हाँ, तो कार्यों में कब तक स्‍वीकृति दी जावेगी? क्‍या प्रस्‍ताव तैयार करने में विलम्‍ब हुआ है यदि हाँ, तो क्‍या कारण है? इसमें कौन दोषी है? दोषियों के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की गई?

श्रम मंत्री ( श्री अंतरसिंह आर्य ) : (क) वित्‍तीय वर्ष 2014-15 एवं 2015-16 में विकास कार्यों हेतु क्रमश: रूपये 330.00 लाख एवं रूपये 400.00 लाख का बजट प्रावधान किया गया। विधानसभा क्षेत्रवार विभागीय राशि कार्यवार स्‍वीकृत किये जाने का प्रावधान नहीं है। अत: कार्यवार व्‍यय की राशि तथा शेष अनुपयोगी राशि का विवरण दिया जाना संभव नहीं है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार। (ग) प्रस्‍ताव अपूर्ण होने के कारण सहायक आयुक्‍त, आदिवासी विकास, खरगोन को प्रस्‍ताव पूर्ण करने हेतु पत्र क्र/2015/16/887 दिनांक 19.1.2016 अनुसार वापस किये गये थे जो सहायक आयुक्‍त आदिवासी विकास खरगोन से पत्र क्र./1332, दिनांक 8.2.2016 द्वारा प्राप्‍त हुये है। पूर्ण प्रस्‍ताव प्राप्‍त होने पर आदेश क्र./2008, दिनांक 18.3.2016 अनुसार जिला खरगोन के बड़वाह विधानसभा क्षेत्र को 11 कार्य हेतु राशि रूपये 49.00 लाख का आवंटन जारी किया गया है। (घ) जी नहीं। बड़वाह विधानसभा क्षेत्र का पूर्ण प्रस्‍ताव दिनांक 8.2.2016 द्वारा प्राप्‍त हुआ है। आदेश क्र 2015-16/2008 दिनांक 18.3.2016 द्वारा राशि जारी की गयी है। विधानसभा क्षेत्र महेश्‍वर का प्रस्‍ताव अपूर्ण होने से पूर्ण प्रस्‍ताव होने के उपरांत कार्यवाही की जा सकेगी। प्रक्रियात्‍मक विलंब हुआ इसके लिये कोई दोषी नहीं है।

म.प्र. स्‍कूल शिक्षक शिक्षा अकादमिक (राजपत्रित) सेवाभर्ती एवं सेवा

59. ( क्र. 6883 ) श्री घनश्‍याम पिरोनियाँ : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या भारत सरकार की शिक्षक शिक्षा योजना अंतर्गत म.प्र. शासन ने म.प्र. स्‍कूल शिक्षक शिक्षा अकादमिक (राजपत्रित) सेवाभर्ती एवं सेवा की शर्तें नियम 2011 बनाये थे? (ख) यदि हाँ, तो उक्‍त नियम प्रदेश में कब से प्रभावशील हुए है तथा इसके तहत कौन-कौन से शिक्षक प्रशिक्षण संस्‍थान सम्मिलित किये गये है? (ग) उक्‍त सेवा में सम्मिलित किए गए शिक्षक प्रशिक्षण संस्‍थानों में कितने पद स्‍वीकृत किए गए जिसमें कितने पद भरे है तथा कितने पद रिक्‍त हैं? पदवार जानकारी दी जाए? (घ) प्रदेश में उक्‍त सेवा के गठन हेतु क्‍या कार्यवाही की जा रही है वर्तमान में रिक्‍त पदों की पूर्ति कब तक कर दी जावेगी?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) जी, हाँ। (ख) प्रकाशन दिनांक 26.08.2011 से प्रभावशील हुए है। प्रदेश के शासकीय शिक्षक प्रशिक्षण संस्‍थानों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' पर है। (ग) सेवा में सम्मिलित पदों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' पर है। (घ) सेवा में सीधी भर्ती के पदों पर भर्ती प्रक्रिया म.प्र. लोक सेवा आयोग के माध्‍यम से प्रक्रियाधीन है। शेष पदों पर पूर्ति भी नियम 26.08.2011 के प्रावधान अनुसार प्रक्रियाधीन है। उक्‍त प्रक्रिया पूर्ण होने पर पूर्ति हो सकेगी। समय बताना संभव नहीं है।

मुआवजा राशि

60. ( क्र. 6900 ) श्री रामपाल सिंह : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या विभाग द्वारा खेल परिसर या अन्‍य उपयोग हेतु ली गई निजी स्‍वामित्‍व की भूमि का मुआवजा दिया जाता है? यदि हाँ, तो दी जाने वाली राशि की वर्तमान दर (प्रति एकड़) क्‍या है, तथा मुआवजा भुगतान की समय-सीमा क्‍या है? (ख) शहडोल जिले के ब्‍यौहारी तहसील के ग्राम पथरेही, पटवारी हल्‍का क्रमांक-2 में शासकीय उच्‍चतर माध्‍यमिक विद्यालय एवं ì