मध्यप्रदेश विधान सभा


प्रश्नोत्तर-सूची
नवम्‍बर-दिसम्‍बर, 2017 सत्र


बुधवार, दिनांक 29 नवम्‍बर, 2017


भाग-1
तारांकित प्रश्नोत्तर


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भू-जलस्‍तर घटने से उत्‍पन्‍न पेयजल संकट

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

1. ( *क्र. 1599 ) श्री अरूण भीमावद : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) शाजापुर जिले में वर्ष 2015 से 2017 की अवधि में क्रमश: भू-जलस्‍तर कितना घटा है एवं इससे पेयजल पर क्‍या प्रभाव पड़ा है? (ख) जिला शाजापुर से विकासखण्‍डों के मैदानी एवं पहाड़ी क्षेत्रों में प्रश्नांश (क) अनुसार जलस्‍तर कितना घटा है तथा भू-जलस्‍तर निरंतर घटने के कौन-कौन से कारण हैं? (ग) शासन द्वारा शाजापुर जिले के कौन-कौन से विकासखण्‍डों को सूखाग्रस्‍त एवं जल अभाव क्षेत्र घोषित किया है? (घ) आगामी ग्रीष्‍मकाल में पेयजल को उपलब्‍ध कराने हेतु विभाग द्वारा क्‍या कार्य योजना बनाई गई है?

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) प्रश्नांकित अवधि में औसतन क्रमशः 3.43, 3.88 एवं 4.31 मीटर। नल-जल योजनाओं के पेयजल स्त्रोत सूखने एवं हैण्डपंपों का जलस्तर नीचे जाने से हैंडपंपों के बंद होने की संख्याओं में बढ़ोत्तरी हुई है। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। भूजल स्तर घटने के मुख्य कारण अनियमित वर्षा का होना, किसानों द्वारा निजी जल स्त्रोतों के माध्यम से अत्यधिक भूजल का दोहन आदि है। (ग) सात तहसीलों (शाजापुर, मो.बड़ोदिया, शुजालपुर, कालापीपल, गुलाना, पोलापकला एवं अवंतीपुर बड़ोदिया) को सूखाग्रस्त एवं कलेक्टर शाजापुर द्वारा दिनांक 10.08.2017 को संपूर्ण जिले को जल अभावग्रस्त क्षेत्र घोषित किया गया है। (घ) विभाग द्वारा आगामी ग्रीष्मकाल में पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने हेतु अनुमानित लागत रूपये 250.88 लाख की कार्ययोजना बनाई गई है, जिसके अंतर्गत नवीन नलकूपों का खनन कर हैण्डपंप स्थापना का कार्य, स्थापित हैण्डपंपों में राइजर पाइप बढ़ाने का कार्य एवं सिंगलफेस मोटर पंप स्थापित करने, कम जल आवक क्षमता वाले नलकूपों में हाइड्रोफैक्चरिंग कार्य एवं पेयजल परिवहन आदि कार्य प्रस्तावित किये गये हैं।

परिशिष्ट - ''एक''

गौशालाओं को अनुदान

[पशुपालन]

2. ( *क्र. 52 ) श्री बाबूलाल गौर : क्या पशुपालन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भोपाल संभाग में किन-किन जिलों में कितनी-कितनी पंजीकृत गौशालाएं संचालित हैं? जिलेवार विवरण दिया जाए। (ख) प्रश्नांश (क) में उल्‍लेखित गौशालाओं को वर्ष 2014-15, 2015-16, 2016-17 एवं 2017-18 में गायों के भरण-पोषण एवं रख-रखाव हेतु कितना-कितना अनुदान दिया गया? (ग) प्रदेश सरकार द्वारा गौशालाओं के अनुदान देने हेतु क्‍या मापदण्‍ड/प्रक्रिया निर्धारित की गई है? (घ) प्रदेश सरकार द्वारा गौशालाओं को अनुदान हेतु प्रति गाय प्रतिदिन के मान से कितनी राशि निर्धारित की गई है? (ड.) क्‍या शासन द्वारा गौशालाओं के अनुदान में वृद्धि हेतु बजट में प्रावधान किया जाएगा?

पशुपालन मंत्री ( श्री अंतर सिंह आर्य ) : (क) भोपाल संभाग में जिलेवार पंजीकृत गौशालाओं की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार(ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार(ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार(घ) कृषि‍ केबिनेट बैठक में पशुपालन विभाग के अंतर्गत लिए गए निर्णय अनुसार गौशालाओं को दिए जा रहे अनुदान अधि‍कतम रू. 10/- प्रति गौवंश, प्रति दिवस किया गया है। अनुदान की राशि‍ म.प्र.गौपालन एवं पशुधन संवर्धन बोर्ड द्वारा राशि‍ की उपलब्धता के आधार पर विकलनीय होगी। (ड.) म.प्र.राज्य कृषि‍ विपणन बोर्ड से राशि‍ गौशालाओं को अनुदान प्रदाय करने हेतु म.प्र. गौपालन एवं पशुधन संवर्धन बोर्ड को प्राप्त होती है। गौशालाओं को अनुदान में वृध्दि‍ हेतु प्रस्ताव म.प्र. राज्य कृषि‍ विपणन बोर्ड को भेजा गया है।

पाटन विधानसभा अंतर्गत संचालित नल-जल योजनाएं

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

3. ( *क्र. 1064 ) श्री नीलेश अवस्‍थी : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) पाटन विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत कितनी नल-जल योजनाएं तथा हैण्‍डपंप योजनाएं स्‍वीकृत हैं? ग्रामवार सूची देवें एवं यह भी बतलावें कि वर्तमान समय में इन स्‍वीकृत नल-जल योजनाओं एवं हैण्डपंपों में से कितनी संचालित हैं एवं किन कारणों से बंद हैं? (ख) प्रश्‍नांश (क) में उल्‍लेखित बंद नल-जल योजनाओं एवं हैण्‍डपंपों को उन्‍हें चालू करने के संबंध में शासन स्‍तर पर क्‍या योजना है तथा इन्‍हें किस प्रकार से कब तक चालू कर दिया जायेगा? प्रश्‍नांश (क) में स्‍वीकृत नल-जल योजनाओं में से किन-किन नल-जल योजनाओं पेयजल भण्‍डारण हेतु पानी की टंकी का निर्माण किया गया तथा किन-किन जगहों पर पानी की टंकी का निर्माण किन कारणों से नहीं किया गया? यह भी बतलावें कि इन टंकी विहीन नल-जल योजनाओं में किस योजना मद से कब तक पानी की टंकियों का निर्माण कर दिया जावेगा? (ग) पाटन विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत वित्‍त वर्ष 2013-14 से प्रश्‍न दिनांक तक प्रश्‍नकर्ता द्वारा कहाँ-कहाँ पर नल-जल योजना स्‍वीकृत करने तथा कहाँ-कहाँ पर पेयजल हेतु हैण्‍डपंप खनन करने की अनुशंसाएं कब-कब शासन स्‍तर पर की गई? इन अनुशंसाओं के तहत कब-कब कहाँ-कहाँ पर नल-जल योजनाएं एवं हेण्‍डपंप स्‍थापित किये गये? जनप्रतिनिधियों की अनुशंसाओं पर विभाग द्वारा त्‍वरित कार्यवाही न करने के क्‍या कारण हैं? इनका दोषी कौन है, शासन दोषियों पर किस प्रकार से कब तक कार्यवाही करेगा?

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 एवं 2 के अनुसार है। (ख) विद्यमान संचालित नल-जल योजनाओं का संचालन तथा उन्हें चालू बनाये रखने का दायित्व संबंधित ग्राम पंचायतों का है। बंद नल-जल योजनाएं यथाशीघ्र चालू की जा सकें, इस हेतु शासन द्वारा प्रत्येक जिले में कलेक्टर की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समिति गठित की है, जिसे रु. 20.00 लाख तक के स्वीकृति के अधिकार सौंपे गये हैं। विभाग द्वारा बंद हैण्डपंपों को सतत् संधारण प्रक्रिया के तहत् निरन्तर सुधारा जाता है, जिसमें हैण्डपंपों का लघु सुधार (धरातल से उपर) एवं दीर्घ सुधार (धरातल से नीचे) को क्रमशः 7 दिवस एवं 15 दिवस में सुधार किया जाता है। नियमानुसार स्वीकृत आवर्धन योजना अंतर्गत टंकी प्रस्तावित होने पर निर्माण किया जा सकेगा। शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है। आंशिकपूर्ण श्रेणी के ग्रामों में विभाग द्वारा निर्धारित मापदण्ड 55 लीटर प्रति व्यक्ति प्रतिदिन के मान से पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु नलकूप खनन का कार्य करवाया जाता है। मान. विधायक महोदय द्वारा उनके विधानसभा क्षेत्र के अनुसंशित आंशिकपूर्ण श्रेणी के ग्रामों में प्राथमिकता से नलकूप खनन कर हैण्डपंप लगाये जाते हैं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।

मुख्‍यमंत्री अन्‍नपूर्णा योजना का क्रियान्‍वयन

[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्‍ता संरक्षण]

4. ( *क्र. 494 ) श्री मधु भगत : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) परसवाड़ा विधानसभा क्षेत्र में कितने सदस्‍यों को पात्रता श्रेणी के तहत मुख्‍यमंत्री अन्‍नपूर्णा योजना का खाद्यान्न मिल रहा है? लाभार्थियों की संख्‍या श्रेणी की प्रोजेक्‍ट जनसंख्‍या का कितने प्रतिशत है? विकासखण्‍डवार बतायें (ख) प्रश्नांश (क) वर्ष 2015 से प्रश्‍न दिनांक तक कितने-कितने नए परिवार जोड़े गये एवं कितने अपात्र परिवार घटाये गये? पृथक-पृथक बतायें राशन दुकानवार, क्षेत्रवार पात्रता श्रेणी के कितने परिवार और सदस्‍य सत्‍यापन उपरांत पात्रता पर्ची से वंचित हैं और क्‍यों? (ग) क्‍या बी.पी.एल. कार्डधारियों को प्रधानमंत्री उज्‍जवला योजनांतर्गत गैस कनेक्‍शन प्रदान किये गये हैं? यदि हाँ, तो यह बतायें कि बालाघाट जिले में कितने हितग्राहियों को गैस वितरण कब किसके द्वारा किया गया? (घ) क्‍या शासन द्वारा विधानसभा क्षेत्रवार कोई लक्ष्‍य निर्धारित किया था? यदि नहीं, तो यह बतायें की परसवाड़ा विधानसभा क्षेत्र में जिले के अन्‍य विधानसभा क्षेत्र की तुलना में गैस वितरण कम क्‍यों किया गया? इस हेतु दोषियों पर क्‍या कार्यवाही की जावेगी?

खाद्य मंत्री ( श्री ओम प्रकाश धुर्वे ) : (क) राष्‍ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 के अंतर्गत मुख्यमंत्री अन्नपूर्णा योजना के तहत परसवाड़ा विधानसभा क्षेत्र के 2,47,300 हितग्राहियों को खाद्यान्‍न सामग्री के वितरण हेतु सम्मिलित किया गया है। विकासखण्‍ड परसवाड़ा के 79,380, बालाघाट के 1,20,423, किरनापुर के 47,497 हितग्राही सम्मिलित हैं। राष्‍ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 के अंतर्गत सम्मिलित 25 श्रेणियों के समस्‍त हितग्राहियों का विभाग द्वारा सर्वे नहीं कराए जाने के कारण श्रेणी की प्रोजेक्ट जनसंख्या की जानकारी दी जाना सम्‍भव नहीं है। (ख) जी हाँ। वर्ष 2015 से अभी तक परसवाड़ा विधानसभा क्षेत्र के 2,505 परिवार जोड़े गए एवं 1,135 अपात्र परिवारों को हटाया गया। बालाघाट जिले में कुल 13,79,134 हितग्राहियों को पात्रता पर्ची जारी कर राशन सामग्री का वितरण किया जा रहा है। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 के अंतर्गत पात्र परिवारों को स्‍थानीय निकाय द्वारा सत्‍यापन उपरांत पात्रता पर्ची (ई-राशनकार्ड) जारी की जाती है। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 के अंतर्गत भारत सरकार द्वारा निर्धारित आबादी की सीमा तक ही लाभ दिया जा सकता है। अधिनियम अंतर्गत राज्‍य के लिए हितग्राहियों की अधिकतम सीमा निर्धारित है। इस सीमा से अधिक हितग्राहियों को लाभांवित करने का प्रावधान अधिनियम की धारा-3 के अंतर्गत न होने के कारण शेष आवेदकों की पात्रता नहीं बनती है। वर्तमान में सम्मिलित पात्र परिवारों में से हितग्राही की मृत्‍यु होने, विवाह होने से, अन्‍य स्‍थान पर निवास करने एवं पात्रता श्रेणी में न रहने के कारण हितग्रा‍ही की पात्रता में परिवर्तन होना एक निरंतर प्रक्रिया है। तद्नुसार नवीन पात्रता पर्ची निर्धारित सीमा में जारी की जा रही है। जिले में 01 मई, 2017 की स्थिति में जितने अपात्र परिवारों को पोर्टल से विलोपित किया जायेगा, उतनी ही संख्या में संबंधित जिले के नवीन सत्यापित परिवारों को सम्मिलित किया जा सकेगा। जुड़ने वाले नवीन परिवारों में बीपीएल एवं अनुसूचित जाति/जनजाति श्रेणी को प्राथमिकता दी जा रही है। वर्ष 2017-18 में जिला बालाघाट में 464 परिवारों के 1887 हितग्राहियों के लिए नवीन पात्रता पर्ची जारी की गई है। (ग) प्रधानमंत्री उज्‍ज्‍वला योजनांतर्गत सामाजिक-आर्थिक एवं जाति जनगणना, 2011 में सर्वेक्षित परिवारों में से ऐसे परिवार जो निर्धारित 7 श्रेणियों में से किसी भी एक वंचित श्रेणी के अंतर्गत आते हैं, को ही गैस कनेक्‍शन दिये जाने का प्रावधान है। बालाघाट जिले में 2,40,515 में से 1,00,016 परिवारों को गैस कनेक्‍शन एजेन्सियों के माध्‍यम से वितरण कराये गये है। (घ) भारत सरकार द्वारा प्रधानमंत्री उज्‍ज्‍वला योजनांतर्गत गैस कनेक्‍शन जारी करने हेतु विधानसभा क्षेत्रवार लक्ष्‍य का निर्धारण नहीं किया गया। सामाजिक-आर्थिक एवं जाति जनगणना, 2011 में विधानसभा क्षेत्र के सर्वेक्षित परिवार में से ऐसे परिवार जो निर्धारित 7 श्रेणियों में से किसी भी एक वंचित श्रेणी के अंतर्गत आते हों उन्‍हें गैस कनेक्‍शन जारी किये जाने का प्रावधान है। बालाघाट जिले में तहसीलवार सर्वेक्षित परिवारों एवं जमा आवेदन की जानकारी पुस्‍तकालय में परिशिष्ट अनुसार है, जिससे स्‍पष्‍ट है कि विधानसभा क्षेत्र परसवाड़ा में न्‍यूनतम आवेदन जमा नहीं हुए हैं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

पुलिस अभिरक्षा में कृषकों के साथ दुर्व्‍यवहार

[गृह]

5. ( *क्र. 1728 ) श्री बाला बच्‍चन : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) टीकमगढ़ में पुलिस अभिरक्षा में किसानों के कपड़े उतारने का आदेश (मौखिक/लिखित) किन अधिकारियों द्वारा दिया गया? किस नियम के तहत कार्यवाही की गई? (ख) इस घटना के संबंध में कितनी शिकायतें, आवेदन, मा. मुख्‍यमंत्री मा. गृहमंत्री, D.G.P., I.G. एवं टीकमगढ़ जिला स्‍तर पर शासन को प्राप्‍त हुई? उन पर प्रश्‍न दिनांक तक क्‍या कार्यवाही की गई? (ग) इस घटना की जाँच किसके द्वारा की जा रही है? यह कब तक पूरी होगी? (घ) शासन अपमानित होने वाले इने किसानों को मुआवजा कब तक देगा?

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) दिनांक 03.10.2017 को जिला टीकमगढ़ में हुए एक आन्दोलन के दौरान, आन्दोलनकारियों द्वारा उग्र प्रदर्शन करने के फलस्वरुप कानून-व्यवस्था की स्थिति नियंत्रित करने की प्रक्रिया में कुछ आन्दोलनकारियों को घटनास्थल से हटाकर थाना देहात टीकमगढ़ ले जाया गया था। घटना के संबंध में थाना देहात टीकमगढ़ में अपराध क्रमांक 0312/17 धारा 147, 148, 149, 353, 186, 332 भा.द.वि. के तहत् पंजीबद्ध किया गया। उक्त आन्दोलनकारियों को पुलिस अभिरक्षा में कपड़े उतारने का आदेश (मौखिक/लिखित) किसी अधिकारी द्वारा नहीं दिया गया था एवं न ही ऐसा कोई नियम है। (ख) इस घटना के संबंध में माननीय मुख्यमंत्री, गृहमंत्री, डी.जी.पी., आई.जी. एवं टीकमगढ़ जिला स्तर पर कोई आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है। कार्यालय में प्राप्त दो शिकायतों की जाँच के पश्चात् पुलिस प्रक्रिया का पूर्णतः पालन न किये जाने के कारण 03 पुलिसकर्मियों को रक्षित केन्द्र टीकमगढ़ में सम्बद्ध किया गया है तथा उनके विरुद्ध विभागीय जाँच आदेशित की गई है। थाना प्रभारी निरीक्षक को अन्य जिले में स्थानांतरित किया गया है। (ग) इस घटना की जाँच उप पुलिस महानिरीक्षक छतरपुर रेंज द्वारा पूर्ण की गयी है। (घ) चूंकि किसी आन्दोलनकारी का अपमान नहीं हुआ, इसलिये प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

जेल मैन्‍युअल का पालन

[जेल]

6. ( *क्र. 622 ) श्री शैलेन्‍द्र पटेल : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) विगत 03 वर्ष के दौरान प्रदेश में जेल तोड़ने की कितनी घटनाएं सामने आई हैं? वर्षवार, जेलवार घटनाओं का ब्‍यौरा दें (1) कितने कैदी किन-किन जेलों से फरार हुए जेलवार ब्‍यौरा दें? (ख) जेल मैन्‍युअल के क्‍या-क्‍या प्रावधान हैं? भोपाल संभाग में कितने अधिकारियों द्वारा जेलों का निरीक्षण किया गया? जेलवार निरीक्षण करने वाले अधिकारियों का ब्‍यौरा तथा जेलवार निरीक्षण प्रतिवेदन का ब्‍यौरा दें? (ग) भोपाल संभाग में कुल कितनी जेलें हैं और उनकी कैदी क्षमता कितनी है तथा उनमें प्रश्‍न दिनांक को कितने कैदी निरूद्ध हैं, जेलवार क्षमता एवं निरूद्ध कैदियों का ब्‍यौरा दें? (घ) भोपाल जेल ब्रेक घटना के बाद जेलों में क्‍या-क्‍या सुधार किए गए, क्‍या-क्‍या बदलाव किए गए?

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) निरीक्षण के संबंध में जेल मैन्‍युअल के प्रावधान की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार तथा भोपाल संभाग की जेलों के निरीक्षण संबंधी जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है।

व्‍यापम घोटाले के आरोपियों पर एफ.आई.आर.

[गृह]

7. ( *क्र. 1550 ) श्री गोवर्धन उपाध्‍याय : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधान सभा क्षेत्र सिरोंज एवं लटेरी क्षेत्रांतर्गत वर्ष 2005 से अब तक किन-किन लोगों के नाम संविदा शाला शिक्षक वन विभाग, नापतौल विभाग आदि व्‍यापम घोटाले में दर्ज किये गये हैं, जिसमें से कितनों पर एफ.आई.आर. दर्ज हुई और किस-किस मामले में एफ.आई.आर. दर्ज हुई है? वर्षवार पृथक-पृथक जानकारी देवें। (ख) प्रश्नांश (क) के अनुसार किन लोगों के माध्‍यम से संबंधित आरोपियों ने व्‍यापम परीक्षा में हेर-फेर की? क्‍या उन लोगों पर भी एफ.आई.आर. दर्ज हुई? यदि हाँ, तो किन-किन व्‍यक्तियों पर एफ.आई.आर. दर्ज हुई? यदि नहीं, तो उन पर किस कारण से एफ.आई.आर. दर्ज नहीं हुई?

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) व्यापम द्वारा आयोजित विभिन्न व्यावसायिक पाठ्यक्रमों की प्रवेश परीक्षाओं में अनियमितता, भ्रष्टाचार एवं गड़बड़ी से संबंधित अपराधों की विवेचना माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा रिट याचिका क्रमांक 372/2015 निर्णय दिनांक 09.07.2015 के अनुसार सेन्ट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टीगेशन (सी.बी.आई.) को हस्तान्तरित किये जाने हेतु आदेशित किया गया था। प्रश्नांकित जानकारी के संबंध में संविदा शाला शिक्षक के 07 व वन रक्षक भर्ती परीक्षा के 10 व नापतौल निरीक्षक परीक्षा के 01 मामले की विवेचना एस.टी.एफ. व एस.आई.टी. द्वारा की जा रही थी। उक्त प्रकरण अग्रिम विवेचना हेतु सी.बी.आई. को सौंपे जा चुके हैं। अतः प्रश्नांकित जानकारी एस.टी.एफ. द्वारा प्रदान करना संभव नहीं है। (ख) प्रश्नांश (क) की चाही गई जानकारी प्रश्नांश (ख) से ही संबंधित है। समस्त प्रकरण अग्रिम विवेचना हेतु सी.बी.आई. को सौंपे जा चुके हैं, अतः प्रश्नांकित जानकारी प्रदान करना संभव नहीं है।

राजस्‍व ग्राम की अधिसूचना जारी की जाना

[राजस्व]

8. ( *क्र. 1091 ) श्री गिरीश भंडारी : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या नरसिंहगढ़ विधानसभा क्षेत्र के ग्राम हिनोत्‍या क्रमांक 2 (भरतगढ़) को राजस्‍व ग्राम घोषित किया गया है? (ख) यदि हाँ, तो क्‍या राज्‍य शासन द्वारा इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी गई? अधिसूचना की प्रति उपलब्‍ध करावें? यदि अधिसूचना जारी नहीं की गई तो कब तक की जावेगी?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) जी हाँ। (ख) जी हाँ। अधिसूचना की प्रति संलग्न परिशिष्ट अनुसार है।

परिशिष्ट - ''दो''

आई.टी. केन्‍द्रों की स्‍थापना

[विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी]

9. ( *क्र. 777 ) इन्जी. प्रदीप लारिया : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्तमान में सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा किन-किन जिलों में आई.टी. केन्‍द्र/भवन स्‍थापित हैं? (ख) क्‍या विभाग द्वारा प्रत्‍येक जिले स्‍तर पर आई.टी. केन्‍द्र/भवन खोले जाने की योजना है? यदि हाँ, तो जानकारी देवें। (ग) क्‍या सागर जिले में आई.टी. केन्‍द्र/भवन स्‍थापित किया जाना है? यदि हाँ, तो कब तक?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा जिलों में आई.टी. केन्‍द्र/भवन की स्‍थापना नहीं की जा रही है। अपितु चयनित जिलों-भोपाल, इंदौर, ग्‍वालियर, जबलपुर में स्‍थापित आई.टी. पार्क की जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) जी नहीं। (ग) सागर जिले में आई.टी. केन्‍द्र/भवन स्‍थापित नहीं किया जाना है।

परिशिष्ट - ''तीन''

खाद्यान्‍न की आपूर्ति

[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्‍ता संरक्षण]

10. ( *क्र. 1074 ) श्री सुन्‍दरलाल तिवारी : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रीवा संभाग में शासकीय उचित मूल्‍य की दुकानों में खाद्यान्‍न पहुँचाने हेतु किस कंपनी/सप्‍लायर को किस शर्त एवं अनुबंध पर कार्यादेश जारी किया गया है, की प्रति देते हुए बतावें कि अगर शर्तों के अनुसार खाद्यान्‍न दुकानों पर समय पर नहीं पहुँचाया जा रहा है तो इस पर क्‍या कार्यवाही की गई? खाद्यान्‍न दुकानों में पहुंचाने हेतु माह की कौन सी तिथि अंतिम नियत की गई है? (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार खाद्यान्‍न दुकानों में शासन के निर्देशों के अनुसार नहीं पहुँचाया गया और उपभोक्‍ता खाद्यान्‍न से वंचित हुए तो इसके लिए जिम्‍मेदार अधिकारियों/कर्मचारियों पर कब-कब, कौन-कौन सी कार्यवाही प्रस्‍तावित की गई, की प्रति देते हुए बतावें कि अगर नहीं की गई तो क्‍यों? (ग) प्रश्नांश (क) के अनुसार सप्‍लायर/कंपनी/ठेकेदार द्वारा खाद्यान्न का उठाव कर समय पर शासन के जारी निर्देशों और अनुबंध की शर्तों अनुसार समय पर खाद्यान्‍न दुकानों में न पहुंचाकर माह के अंत में खाद्यान्‍न का उठाव कर खाद्यान्‍न पहुँचाया गया, जिससे खाद्यान्‍न की कालाबाजारी को बढ़ावा मिला, जिसके सुधार व काला बाजारी के रोक पर कार्यवाही न करने वाले जिम्‍मेदार अधिकारियों/कर्मचारियों के ऊपर क्‍या कार्यवाही करेंगे? अगर नहीं तो क्‍यों?

खाद्य मंत्री ( श्री ओम प्रकाश धुर्वे ) : (क) रीवा संभाग के रीवा, सीधी, सिंगरौली एवं सतना जिले में उचित मूल्‍य दुकानों में खाद्यान्‍न पहुंचाने हेतु अनुबंधित मध्‍यप्रदेश स्‍टेट सिविल सप्‍लाईज कार्पोरेशन अधिकृत कंपनी है, जिसके द्वारा निविदा द्वारा परिवहनकर्ता को कार्यादेश दिया जाता है। परिवहनकर्ता की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। अनुबंधित परिवहनकर्ताओं हेतु परिवहन निविदा की शर्तों की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। कंपनी/सप्‍लायर (अनुबंधित परिवहनकर्ता) द्वारा खाद्यान्‍न उचित मूल्‍य दुकानों में समय पर नहीं पहुँचाये जाने की स्थिति में जिलेवार परिस्थितियों के अनुसार अनुबंध के प्रावधान के अन्‍तर्गत परिवहनकर्ताओं को नोटिस देकर दण्‍डात्‍मक कार्यवाही की गई है। जिला सतना द्वारा निविदा शर्त अनुसार पेनाल्‍टी अधिरोपित कर राशि वसूल की गई है। रीवा, सीधी, सिंगरौली एवं सतना जिले में वर्ष 2015 से जारी किये गए आवंटन एवं उसके विरूद्ध किये गए खाद्यान्‍न प्रदाय की तिथि एवं दुकानों में खाद्यान्‍न पहुँचाने के लिए माहवार निर्धारित की गई। अंतिम तिथि की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) रीवा संभाग के जिलों में जारी किये गए माहवार आवंटन के विरूद्ध खाद्यान्‍न की उपलब्‍धता उचित मूल्‍य दुकानों में कराई गई है। समय पर खाद्यान्‍न न पहुंचाने पर नियमानुसार परिवहनकर्ता पर कार्यवाही की गई है। (ग) विलंब से खाद्यान्‍न पहुँचाने वाले परिवहनकर्ताओं से पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार पेनाल्‍टी वसूली की कार्यवाही की गई है। अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

जाँच अधिकारी द्वारा दिये गये जाँच प्रतिवेदन पर कार्यवाही

[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्‍ता संरक्षण]

11. ( *क्र. 919 ) श्रीमती रेखा यादव : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता के प्रश्‍न क्र. 1304, दिनांक 19.07.2017 में उत्‍तर दिया था कि तत्‍कालीन तहसीलदार छतरपुर द्वारा नियम व धारा का उल्‍लेख नहीं किया गया था? यदि हाँ, तो क्‍यों, कारण स्‍पष्‍ट करें। (ख) क्‍या प्रश्‍नकर्ता के प्रश्‍न में उत्‍तर दिया गया था कि गेहूं कि संदिग्‍ध एवं गुणवत्‍ता पुरानी होने के कारण गेहूं जप्‍त किया गया था, तो तत्‍कालीन तहसीलदार द्वारा गेहूं की गुणवत्‍ता पुरानी किस आधार एवं तथ्‍य पर प्रतिवेदन में प्रतिवेदित की गयी थी? स्‍पष्‍ट उल्‍लेख करें। (ग) क्‍या प्रश्‍नकर्ता ने प्रश्‍नांश (ग) में पूछा था कि किन विशेष परिस्थितियों पर वाहन की जप्‍ती जाँचकर्ता अधिकारी कर सकता है? दिये गये उत्‍तर में उक्‍त परिस्थिति को परिभाषित नहीं किया गया था? कारण स्‍पष्‍ट करें। (घ) क्‍या प्रश्‍न के उत्‍तर में बताया गया कि शासन द्वारा जाँच अधिकारी को जाँच हेतु आदेश जारी किया गया है? तो शासन द्वारा जिन बिंदुओं पर जाँच अधिकारी को जाँच हेतु आदेश जारी किये गये थे? उक्‍त बिंदुओं पर ही जाँच अधिकारी द्वारा जाँच कर जाँच प्रतिवेदन दिया गया है। हाँ या नहीं? यदि हाँ, तो जाँच प्रतिवेदन की प्रति उपलब्‍ध करायें? यदि नहीं, तो क्‍यों?

खाद्य मंत्री ( श्री ओम प्रकाश धुर्वे ) : (क) जी हाँ। तत्‍कालीन तहसीलदार छतरपुर द्वारा नियम व धारा का उल्‍लेख नहीं किया गया था। तत्‍कालीन तहसीलदार द्वारा मध्‍यप्रदेश शासन खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्‍ता संरक्षण विभाग की गेहूं उपार्जन नीति के नियम एवं वरिष्‍ठ अधिकारियों द्वारा दिये गये निर्देशों के क्रम में जाँच की जाकर वस्‍तुस्थिति का प्रतिवेदन कार्यवाही हेतु प्रेषित किया गया था। (ख) जी हाँ। गेहूं की गुणवत्‍ता देखने पर गेहूं पुराना होने का उल्‍लेख किया था। (ग) जी हाँ। दिये गये उत्‍तर में यह स्‍पष्‍ट किया गया है कि तत्‍कालीन तहसीलदार, छतरपुर के प्रतिवेदन अनुसार उपार्जन केन्द्र पर गेहूं बगैर पंजीयन के खरीदा जा रहा था, जिसमें गेहूं की गुणवत्ता पुराना प्रतीत होना पाया गया था। उपार्जन केन्द्र पर बारदाना नहीं होने के बावजूद उक्त गेहूं परिवहन हेतु लगाये गये ट्रक में लादा जाना संदिग्ध परिस्थितियों को स्‍वयं स्पष्ट करता है। (घ) जी हाँ। जाँच हेतु आदेश जारी किये गये थे। जाँच प्रतिवेदन की छायाप्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है।

पेयजल योजना का क्रियान्‍वयन

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

12. ( *क्र. 1471 ) श्री जसवंत सिंह हाड़ा : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या प्रदेश में ग्रामीण क्षेत्र में पेयजल हेतु जल प्रदाय किये जाने के लिये योजना संचालित है? (ख) यदि हाँ, तो योजना में शुजालपुर विधानसभा क्षेत्र के अन्‍तर्गत वर्तमान में किन-किन ग्राम पंचायतों में पेयजल टंकी पाईप लाईन की स्‍वीकृति प्रदान की गई है? सूची प्रदान की जावे? (ग) प्रश्‍नांश (ख) अंतर्गत स्‍वीकृत योजना में से कितनी योजना का कार्य पूर्ण हो चुका है तथा कितनी योजनाओं का कार्य अपूर्ण है? सूची दी जावे। वर्तमान में कितने ग्रामों में ऐसी टंकियाँ हैं, जिनका निर्माण हो चुका है, किन्‍तु उपयोग में नहीं आ रही हैं? सूची दी जावे तथा उपयोग में न आने का कारण स्‍पष्‍ट किया जावे। (घ) प्रश्‍नांश (ग) अंतर्गत अपूर्ण योजना का कार्य कब तक पूर्ण कर दिया जावेगा तथा शेष नवीन ग्रामों को कब तक योजना में सम्मिलित कर लिया जावेगा।

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) जी हाँ। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ग) उत्तरांश (ख) अनुसार किसी भी योजना का कार्य पूर्ण नहीं है। जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। 5 ग्रामों की टंकियों का उपयोग नहीं हो पा रहा है, शेष जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (घ) वित्तीय वर्ष 2018-19 में संभावित है। वित्तीय संसाधन की उपलब्धता एवं प्राथमिकता के आधार पर नियमानुसार नवीन ग्रामों में नल-जल योजना की स्वीकृति हेतु संबंधित ग्राम पंचायतों से प्रस्ताव प्राप्त होने पर विचार किया जा सकेगा, निश्चित समयावधि नहीं बताई जा सकती है।

परिशिष्ट - ''चार''

भूमि अधिग्रहण

[राजस्व]

13. ( *क्र. 212 ) श्री संजय उइके : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या खान प्रबंधक उकवा खान लिमिटेड उकवा तहसील परसवाड़ा द्वारा अनुसूचित क्षेत्र परसवाड़ा के अनुसूचित जनजाति सदस्‍यों की भूमि क्रय करने की अनुमति/भूमि अधिग्रहण बाबद कलेक्‍टर बालाघाट को वित्‍तीय वर्ष 2014 से प्रश्‍न दिनांक तक अनेकों पत्र लिखे गये हैं? (ख) यदि हाँ, तो खान प्रबंधक को कब-कब एवं कौन-कौन सा पत्र प्राप्‍त हुआ है? पत्र प्राप्ति के उपरान्‍त क्‍या कार्यवाही की गई? (ग) केन्‍द्र या राज्‍य शासन के हित में आदिवासी अनुसूचित क्षेत्र के अनुसूचित जनजातीय सदस्‍यों की भूमि अधिग्रहण करने के अधिकार जिला कलेक्‍टर को है, तो खान प्रबंधक के पत्रानुसार कार्यवाही किन कारणों से नहीं की गयी? (घ) खान प्रबंधक के पत्रों पर कब तक कार्यवाही की जायेगी?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) जी हाँ। खान प्रबंधक उकवा खान मॉयल लिमिटेड उकवा, तहसील परसवाड़ा द्वारा अनुसूचित क्षेत्र परसवाड़ा के अनुसूचित जनजाति सदस्‍य श्री ओसराम मड़ावी, सुधा मड़ावी, राजेन्‍द्र मड़ावी, अशोक कुमार कोड़ापे, रूपलता मड़ावी की भूमि क्रय करने की अनुमति का आवेदन खान प्रबंधक द्वारा पत्र क्रमांक उ.खा./सर्वेक्षण/लिज/2017-18/2014 दिनांक 31.07.2017 के द्वारा कलेक्‍टर जिला बालाघाट को संबोधित प्राप्‍त हुआ है। (ख) खान प्रबंधक से उनके पत्र क्रमांक उ.खा./सर्वेक्षण/लिज/2017-18/1415, दिनांक 31.07.2017 प्राप्‍त हुआ है, जिसका परीक्षण किया जा रहा है। (ग) जी हाँ। केन्‍द्र या राज्‍य शासन के हित में आदिवासी अनुसूचित क्षेत्र के अनुसूचित जातीय सदस्‍यों की भूमि अधिग्रहित करने का अधिकार जिला कलेक्‍टर को भूमि-अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्‍यवस्‍थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम 2013 के तहत है। खान प्रबंधक द्वारा भूमि क्रय करने की अनुमति का आवेदन प्रस्‍तुत किया गया है, जिसका परीक्षण किया जा रहा है। (घ) खान प्रबंधक उकवा खान मॉयल लिमिटेड द्वारा प्रस्‍तुत पत्र पर कार्यवाही गतिशील है। कार्यवाही पूर्ण कर भूमि क्रय किये जाने की अनुमति दी जावेगी। निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

नलकूप खनन

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

14. ( *क्र. 1379 ) श्री कमलेश्‍वर पटेल : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) सीधी एवं सिंगरौली जिले में विधायक निधि एवं राज्यसभा सदस्य निधि से कितने नलकूप स्वीकृत हैं? (ख) कितने नलकूपों का कार्य पूर्ण हो गया है एवं कितने अपूर्ण हैं? (ग) अपूर्ण नलकूपों का कार्य कब तक पूर्ण कर लिया जावेगा?

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) 277 नलकूप स्वीकृत हैं, जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) 157 नलकूपों का कार्य पूर्ण किया गया है, 120 अपूर्ण हैं, जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) वर्ष 2017-18 में पूर्ण करने का प्रयास किया जा रहा है, निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

परिशिष्ट - ''पाँच''

हत्या के अपराधियों पर कार्यवाही

[गृह]

15. ( *क्र. 139 ) श्री कुँवरजी कोठार : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या जिला राजगढ़ अंतर्गत थाना लीमाचैहान के ग्राम निपान्यातुला निवासी श्रीमती द्रोपदी बाई तंवर द्वारा अपने पति एवं पुत्र की दिनांक 24.08.2017 को हत्या करने वाले अपराधियों की नामजद रिपोर्ट थाना प्रभारी लीमाचैहान के समक्ष लिखित आवेदन प्रस्तुत कर की गई थी? यदि हाँ, तो प्रकरण में कब-कब क्या कार्यवाही की गई? (ख) क्या लीमाचैहान पुलिस द्वारा मृतकों का पी.एम. करवाया गया? यदि हाँ, तो पी.एम. रिपोर्ट में पिता-पुत्र की मृत्यु का क्या कारण है? (ग) क्या प्रश्नांश (क) में दर्शित हत्या की वरिष्ठ अधिकारियों से निष्पक्ष जाँच कराने हेतु पुलिस महानिदेशक, भोपाल को दिनांक 02.09.2017 को पत्र लिखा गया था? क्या पत्र के परिप्रेक्ष्य में वरिष्ठ अधिकारीयों द्वारा जाँच करायी गयी? यदि हाँ, तो जाँच में क्या पाया गया? यदि नहीं, तो, जाँच क्यों नहीं करायी गयी? (घ) क्या दिनांक 24.08.2017 को घटना स्थल के आसपास आकाशीय बिजली गिरने का रिकॉर्ड उपलब्ध है? यदि हाँ, तो उसका दिनांक एवं समय अवगत करावें एवं मृतकों की मृत्यु होने के समय से भी अवगत करावें? घटना स्थल के आसपास आकाशीय बिजली गिरने से किन-किन चीजों को क्या-क्या नुकसान हुआ है?

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) जी नहीं। (ख) जी हाँ। मृतक रामबाबू पिता पूरालाल तंवर एवं पूरालाल पिता रामचन्दर तंवर निवासी निपानियातुला का पी.एम. दिनांक 25.08.2017 को शासकीय अस्पताल सारंगपुर में कराया गया था। दोनों मृतकों की पी.एम. रिपोर्ट में पी.एम. कर्ता चिकित्सक ने मृत्यु का कारण निम्नानुसार लेख किया है :- ''Cause of death-coma due to injury to vital organ of body that is brain'' (ग) जी हाँ। जी नहीं। पत्र की जाँच इसलिए नहीं कराई गई थी चूंकि उक्त घटना आकाशीय बिजली के गिरने से मृत्यु होना प्रतीत हुई थी। (घ) दिनांक 24.08.2017 को घटना स्थल के आसपास बिजली गिरने के संबंध में स्वतंत्र साक्षियों के कथन लेख किये गये जिन्होंने घटना दिनांक की रात्रि में पानी बरसना व बिजली गिरना बताया है। घटना स्थल के आसपास टापरी की पॉलीथिन जली हुई है, बबूल के पेड़ की पत्तियां जली हुई हैं, टापरी में गढ़ी हुई खाखरा की लकड़ी फटी हुई है।

हैण्‍डपंप खनन एवं सुधार

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

16. ( *क्र. 1410 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) विधानसभा क्षेत्र पनागर के अंतर्गत वर्ष 2017-18 में प्रश्‍न दिनांक तक कितने नलकूप खनन किये गये? माहवार संख्‍यात्‍मक जानकारी देवें कितने हैण्‍डपंप स्‍थापित किये गये? कितने हैण्‍डपंप स्‍थापित करना शेष हैं? (ख) कितने पुराने हैण्‍डपंप अस्तित्‍व में हैं? इनमें कितने चालू हैं, कितने बंद हैं? (ग) एक मैकेनिक के पास कितने हैण्‍डपंप के संधारण का कार्य रहता है? चालू वर्ष में कितने हैण्‍डपंप सुधार न होने के कारण बंद पड़े हैं? (घ) प्रश्‍नांश (ग) के अंतर्गत सुधार न करने के लिये कौन जवाबदार है?

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) वित्तीय वर्ष 2017-18 में प्रश्न दिनांक तक कुल खनित नलकूप 32, माहवार जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार। हैण्डपंप हेतु खनित सभी 5 नलकूपों पर हैण्डपंप स्थापित किए गए हैं। (ख) विधानसभा क्षेत्र पनागर में 1986 हैण्डपंप स्थापित हैं, जिसमें से 1953 हैण्डपंप चालू हैं एवं 33 हैण्डपंप बंद हैं। (ग) औसतन 150 से 200 हैण्डपम्पों का संधारण कार्य रहता है। 7 हैण्डपंप जलस्तर नीचे जाने के कारण बंद हैं, जिनका सुधार कार्य नहीं किया जा सकता। (घ) बंद हैण्डपंप, सतत् हैण्डपंप संधारण प्रक्रिया के तहत विभाग द्वारा निरन्तर सुधारे जाते हैं। लघु सुधार (धरातल से उपर) एवं दीर्घ सुधार (धरातल से नीचे) वाले बंद हैण्डपंप क्रमशः 7 दिवस एवं 15 दिवस में सुधारे जाते हैं। स्थाई रूप से बंद होने वाले हैण्डपंपों को असुधार श्रेणी में डालकर विलोपित किये जाते हैं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''छ:''

पेयजल व्‍यवस्‍था हेतु कार्य योजना की स्‍वीकृति

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

17. ( *क्र. 591 ) श्री दुर्गालाल विजय : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या श्‍योपुर जिले में औसत से आधी से भी कम वर्षा होने के कारण भू-जल स्‍तर 150 से 200 फिट नीचे जाने के कारण लगभग 200 हैण्‍डपंप सूख गये हैं? लाईन फंसने व भरे पटे एवं अन्‍य कारणों से भी 200 हैण्‍डपंप बंद पड़े हैं? नतीजन पेयजल समस्‍या गंभीर हो गई है तथा आगामी ग्रीष्‍मकाल आने तक ये अति गम्‍भीर हो जावेगी? (ख) क्‍या जिले में निरंतर गिर रहे भू-जल स्‍तर के कारण तीव्र गति से स्‍थापित हैण्‍डपंप भी पानी छोड़ते जा रहे हैं? इस स्थिति से निपटने हेतु ई.ई. पीएचई. श्‍योपुर ने 8.19 करोड़ की कार्ययोजना तैयार कर शासन को स्‍वीकृति हेतु भेजी है? इसमें किन-किन कार्यों को शामिल किया गया है? कार्ययोजना वर्तमान में किस स्‍तर पर परीक्षणाधीन है? परीक्षण कार्य पूर्ण करके इसे कब तक स्‍वीकृति प्रदान की जावेगी? (ग) क्‍या परीक्षण कार्य में विलम्‍ब के कारण जिलेवासियों को पर्याप्‍त पेयजल की उपलब्‍धता के अभाव में बहुत ही कठिनाईयों का सामना करना पड़ रहा है? (घ) यदि हाँ, तो क्‍या शासन पेयजल की गंभीर समस्‍या के निदान हेतु उक्‍त कार्ययोजना को अविलम्‍ब स्‍वीकृत कर जिले में धरातल पर कार्ययोजना अनुसार आवश्‍यक कार्य प्रारंभ करवाएगा? यदि नहीं, तो क्‍यों?

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) जी हाँ। जी नहीं। जी नहीं। (ख) जी नहीं। ग्रीष्मकालीन संभावित पेयजल संकट के निवारण हेतु श्योपुर जिले के लिए रुपये 713.10 लाख की कार्ययोजना राहत आयुक्त को प्रस्तुत है। कार्ययोजना में जलस्तर की कमी वाले नलकूपों पर सिंगल फेस पंप स्थापना, आंशिक पूर्ण श्रेणी के ग्रामों में नवीन हैण्डपंप, पावर पंप एवं सोलर पंप स्थापना, पेयजल की अनुपलब्धता वाले ग्रामों में टेंकरों के माध्यम से पेयजल परिवहन आदि कार्यों का प्रावधान रखा गया है। राहत आयुक्त, भोपाल। निश्चित समयावधि नहीं बताई जा सकती है। (ग) जी नहीं। (घ) गंभीर पेयजल समस्या नहीं है। योजना में प्रस्तावित कार्य उपलब्ध आवंटन एवं विभागीय कार्यक्रमों में जारी लक्ष्य के अंतर्गत आवश्यकतानुसार विभागीय मदों से कराये जा रहे हैं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।

घायलों को मुआवजे का भुगतान

[गृह]

18. ( *क्र. 372 ) श्री प्रदीप अग्रवाल : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) 20 सितम्‍बर, 2017 को सायंकाल 7 बजे दतिया जिले के सेवढ़ा नगर में अंग्रेजी शराब की दुकान मुख्‍य बाजार बस स्‍टैण्‍ड, ज्‍वर मर्दन हनुमान मंदिर के पास हुये गैंगवार में कौन-कौन व्‍यक्ति घायल हुये तथा कि‍न-कि‍न व्‍यक्‍ितों की मृत्‍यु हुई? ये उस समय वहां क्‍या कर रहे थे, कहाँ के निवासी थे? (ख) उक्‍त गैंगवार में पुलिस द्वारा किस-किस को आरोपी बनाया है? घटना में नगरवासियों द्वारा बताया गया कि चार पहिया वाहन से गोलियां बरसाई गईं, जबकि पुलिस द्वारा सी.सी.टी.वी. कैमरे में कैद पैदल व्‍यक्तियों द्वारा वारदात होना बताया है? सही स्थिति क्‍या है, अवगत कराया जावे। (ग) उक्‍त शराब की दुकान मंदिर के पास से मुख्‍य बाजार स्‍कूल के पास से हटाये जाने बावत प्रश्‍नकर्ता ने आबकारी विभाग को कई बार पत्र लिखा, किंतु विनीत शर्मा आबकारी इंस्‍पेक्‍टर द्वारा सर्वे कर जाँच प्रतिवेदन देकर दुकान को हटने नहीं दिया, अत: क्‍या विनीत शर्मा को घटना क्रम की पृष्‍ठभूमि तैयार करने के आशय से उक्‍त गैंगवार में आरोपी बनाया जायेगा? (घ) क्‍या उक्‍त संपूर्ण घटनाक्रम की निष्‍पक्ष रूप से किसी ईमानदार अधिकारी, जो दतिया जिले से बाहर का हो से जाँच कराई जावेगी? साथ ही उक्‍त घटनाक्रम में मारे गये निर्दोष राहगीर अथवा व्‍यापारी बन्‍धुओं एवं घायलों को शासन से मुआवजा दिलाया जावेगा?

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) उक्त घटना में पुलिस द्वारा अभी तक की विवेचना में निम्‍न को साक्ष्य के आधार पर आरोपी बनाया गया है :- 1. रामकिशोर यादव पुत्र बाबूलाल यादव निवासी वार्ड क्रमांक 05 सेवढ़ा, 2. गण्डोली यादव पुत्र हनुमंत सिंह निवासी अनुपगंज सेवढ़ा, 3. लला उर्फ राकेश पुत्र लक्ष्मीनारायन पचैरिया निवासी अस्पताल के सामने सेवढ़ा, 4. मन्नी उर्फ सनमान सिंह पुत्र सुघरसिंह यादव निवासी सेवढ़ा, 5. गिलोह उर्फ नेतसिंह पुत्र सुघरसिंह यादव निवासी सेवढ़ा, 6. शिवम पुत्र मन्नी यादव निवासी सेवढ़ा, 7. जगरूप पुत्र मूलचंद्र बघेल निवासी रसूल पुरा सेवढ़ा, 8. सोनू पुत्र सुल्तान यादव निवासी थाना के पीछे सेवढ़ा। प्रार्थी बंटी शर्मा पुत्र तुलसीराम शर्मा द्वारा प्रथम सूचना पत्र एवं अनुसंधान के कथन में लेख कराया है कि आरोपीगण एक चार पहिया वाहन से आये और वाहन से उतरकर गोलीबारी करने लगे। प्रकरण के आरोपी लला उर्फ राकेश ने गिरफ्तारी के समय पूछताछ पर बताया कि घटना कारित करने के बाद वे किस रास्ते से पैदल वापस गये। पुलिस ने अनुसंधान के दौरान उस राह में लगे सी.सी.टी.वी.कैमरा के फुटेज प्राप्त किये, जिसमें वे घटना कारित करने के पश्चात् पैदल वापस जाते देखे गये हैं। (ग) उक्त शराब की दुकान मध्यप्रदेश शासन द्वारा जारी मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण) क्रमांक 55 भोपाल दिनांक 06 फरवरी में उल्लेखित दुकानों की अवस्थिति संबंधी नियमों के अधीन स्थापित है। माननीय विधायक द्वारा आबकारी विभाग दतिया को प्रेषित समस्त पत्रों का उत्तर समय-समय पर भेजा गया है। विनीत शर्मा, आबकारी उपनिरीक्षक द्वारा की गई, जाँच के पश्चात्, उक्‍त्‍ा दुकान की अवस्थिति के संबंध में श्री के.एल. भगोरा, सहायक जिला आबकारी अधिकारी, विनीत शर्मा, आबकारी उपनिरीक्षक से संयुक्त रुप से जाँच कराई गई थी। विदेशी मदिरा दुकान सेवढ़ा सामान्य प्रयुक्त नियम अनुसार आपत्तिरहित स्थल पर संचालित होना पाये जाने के कारण अन्यत्र स्थल पर स्थापित नहीं किया जा सका। 20 सितम्बर, 2017 को हुये गैंगवार की पृष्ठभूमि में विनीत शर्मा, आबकारी उपनिरीक्षक की कोई संलिप्तता नहीं है। (संयुक्त जाँच प्रतिवदेन, पंचनामें की छायाप्रति, मंदिर के पुजारी का कथन एवं मध्यप्रदेश राजपत्र क्रमांक 55 दिनांक 2015) की जानकारी पुस्तकालय में रखे गये परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (घ) घटनाक्रम की निष्पक्ष विवेचना दतिया जिला पुलिस द्वारा की जा रही है। बाहर के जिले के अधिकारी से अनुसंधान कराये जाने का औचित्य नहीं है। मुआवजा संबंधी प्रश्नांश के संबंध में अपर जिला मजिस्ट्रेट द्वारा सूचित किया गया है कि आर.बी.सी. 6-4 में निहित प्रावधानों के तहत गोलीबारी में घायल एवं मृत व्यक्तियों को मुआवजा देने का प्रावधान नहीं है।

नौरादेही अभ्यारण के विस्थापितों को मुआवज़ा भुगतान

[राजस्व]

19. ( *क्र. 973 ) श्री प्रताप सिंह : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नौरादेही अभ्यारण में प्रश्न दिनांक तक कितने परिवार व्यवस्थापित किये? सूची उपलब्ध करावेंपरिवार इकाई का विभाजन किस आधार पर तथा व्यवस्थापित परिवार के मुखिया को कितनी राशि का मुआवजा आवंटित किया गया है तथा मुआवजा का वितरण किन-किन अधिकारियों/कर्मचारियों की उपस्थिति में किया गया? उनके नाम, पदनाम सहित बतलावें? (ख) क्या व्यवस्थापन कार्य में संलग्न शासकीय अधिकारियों द्वारा तिंदनी ग्राम के हितग्राहियों से रूपये लेकर प्रकरण तैयार किये गये थे? क्या अनुविभागीय अधिकारी के तिंदनी ग्राम भ्रमण दिनांक 15 अप्रैल, 2017 के दौरान कतिपय अधिकारियों/कर्मचारियों के आर्थिक लेनदेन के आरोप लगाये जाने पर जाँच प्रारम्भ की गई थी? क्या प्रारम्भ जाँच नस्ती में संलग्न पंचनामा एवं आर्डरशीट की फोटो जो शासकीय गोपनीय दस्तावेज थे, समाचार पत्र दिनांक 18 अप्रैल में कैसे प्रकाशित हो गये, इसके लिए कौन दोषी है? (ग) क्या तत्कालीन अनुविभागीय अधिकारी डॉ. सी.पी. पटेल राजस्व प्रकरण की जाँच के लिए 8 अगस्त, 2017 को तेन्दूखेड़ा आये थे, तो आदेश एवं उक्त माह की भ्रमण दैनंदनी की प्रतिलिपि उपलब्ध करावें? जांच के दौरान कौन-कौन अधिकारी/कर्मचारी मौके पर उपस्थित थे तथा जाँच नस्ती किसको वापिस दी गई? (घ) क्या राज्य शासन विवादित नस्ती को अपने संज्ञान में लेकर शासन स्तर के अधिकारियों से जाँच कराये जाने हेतु आदेश प्रदान करेगा?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) दमोह जिले में तेन्दूखेड़ा तहसील अंतर्गत नौरादेही अभ्यारण में प्रश्न दिनांक तक ग्राम तिंदनी के कुल 272 परिवार विस्थापित अवार्ड पारित हुआ एवं ग्राम लगरा एवं कुसमी कुल 100 परिवारों को विस्थापित अवार्ड पारित हुआ, जिन्हे मुआवजा ई-पेमेंट से कर दिया गया। परिवार इकाई का विभाजन का आधार मध्यप्रदेश शासन वन विभाग के पत्र क्रमांक/एफ 3-8/07/10-2/2129 भोपाल दिनांक 30.10.2008 एवं कार्यालय कलेक्टर दमोह के पत्र क्रमांक 109/अजाक/वन विस्थापन/2015 दमोह दिनांक 17.04.2017 द्वारा निर्देशानुसार विस्थापन किया गया एवं मुआवजा वितरण ई-पेमेंट द्वारा किया गया। (ख) से (घ) कलेक्टर दमोह से विस्तृत जाँच कराई जा रही है।

सीमांकन के लंबित‍ प्रकरणों का निराकरण

[राजस्व]

20. ( *क्र. 1272 ) कुँवर सौरभ सिंह : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) कटनी जिले में सीमांकन, नामांतरण, बंटवारा, फौती एवं अन्‍य के कितने-कितने प्रकरण किस-किस से कब से लंबित हैं? वर्ष 2014-15 से तहसीलवार, ग्रामवार बताएं। (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार ग्राम देवगांव स्थित शासकीय भूमि पुराना खसरा नं. 93 वर्तमान 117 रकबा 0.93 हेक्‍टेयर घास मद में दर्ज तथा पुराना ख.नं. 92 के संबंध में प्राप्‍त शिकायत की जाँच कब-कब किस अधिकारी द्वारा की गई? जाँच में क्‍या तथ्‍य सामने आये। बन्‍दोबस्‍त 1980 के पूर्व दोनों खसरों की भूमि किसके नाम पर थी? बाद में किसके नाम पर कैसे आई? (ग) प्रश्नांश (क) अनुसार प्रकरण अधिकाधिक लंबित रहने एवं प्रश्‍नांश (ख) अनुसार अभी तक जाँच न होने के लिये कौन दोषी है? दोषियों के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही कब तक की जावेगी? (घ) प्रश्‍नांकित मामले में प्रश्‍नकर्ता सदस्‍य एवं अन्‍य क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों तथा आम नागरिकों द्वारा कब-कब पत्र/शिकायतें प्रस्‍तुत की गई हैं? प्राप्‍त पत्रों पर विभाग द्वारा क्‍या कार्यवाही की गई है? पत्रवार, तिथिवार, कार्यवाहीवार पृथक-पृथक विवरण दें।

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) कटनी जिले में सीमांकन, नामांतरण एवं बंटवारा के लम्बित प्रकरणों का विवरण निम्नानुसार है :-

तहसील

सीमांकन

नामांतरण

बंटवारा

कटनी

153

258

109

रीठी

22

135

136

बड़वारा

106

141

102

वि. गढ़

19

191

129

बरही

32

39

130

बहोरीबंद

53

83

129

ढीमरखेड़ा

02

31

48

कुल

387

878

783


(ख) ग्राम देवगांव स्थित शासकीय भूमि पुराना ख.नं. 117 रकवा 0.93 हे. घास मद में दर्ज था। वर्ष 1974-75 से 1978-79 तक खसरा के कॉलम नंबर 12 में कुंआ पक्का, कब्जा जनपद सभा मुड़वारा-1 कब्जा मुनीर खान, चराई के लिये सुरक्षित दर्ज होना लेख पाया गया। 1977-78 से 1979-80 तक पुराना हस्तलिखित खसरा के आधार पर कॉलम नं. 3 में जनार्दन प्रसाद वल्द रामाधीन सरकारी पट्टेदार को राजस्व समिति द्वारा 20.01.1977 को प्रदाय किया जाना लेख है। बंदोबस्त के बाद वर्ष 1987-88 ख.नं. 151 के स्थान पर ख.नं. 117 बना जो वर्ष 1987-88 मिसिल अभिलेख में आधार पर जनार्दन प्रसाद वल्द रामाधीन भूमिस्वामी दर्ज है। वर्तमान कम्प्यूटर खसरा अभिलेख ख.नं. 117/1 रकवा 0.06 हे. भूमि जनार्दन वल्द रामाधीन 117/2 रकवा 0.02 हे., शशांक वल्द बालकिशन ख.नं. 117/3 रकवा 0.02 हे. शैलेन्द्र वल्द शीतलचंद के नाम दर्ज है तथा पुराना ख.नं. 92 रकवा 0.02 आबादी मद में दर्ज था। उक्त ख.नं. का नवीन नंबर 118 बना जो कि आज भी आबादी मद में दर्ज है। नवीन ख.नं. 118 के संबंध में शिकायत की जाँच राजस्व निरीक्षक बिलहरी द्वारा दिनांक 09/02/2017 को की गई। जिसमें मौके पर अर्जुन वल्द बट्टी लाल, राजकुमार वल्द प्यारेलाल जाति चमार, अंजू पति स्व. संजय मिश्रा काबिज पाये गये। पुराना ख.नं. 93 का नवीन खसरा नं. 117 के संबंध में भी राजस्व निरीक्षक बिलहरी द्वारा दिनांक 31/01/2017 को जाँच की गई। वर्ष 1980 के पूर्व खसरा नं. 92 से नवीन खसरा नं. 118 भूमि मद आबादी में दर्ज थी तथा पुराना खसरा नं. 93 से नवीन खसरा नं. 117 में जनार्दन वल्द रामाधीन के नाम शासकीय पट्टेदार के रूप में दर्ज थी। बंदोबस्त में पुराना खसरा नं. 92 का नवीन खसरा नं. 118 वर्तमान अभिलेख में आबादी मद में दर्ज भूमि है तथा पुराना ख.नं. 93 से नवीन ख.. 117 में वर्तमान अभिलेख जनार्दन प्रसाद वल्द रामाधीन के नाम से दर्ज भूमि है। (ग) प्रश्नांश (ख) के अनुसार चूंकि जाँच की गई है और जाँच में कोई दोषी नहीं पाया इस कारण किसी के विरूद कार्यवाही नहीं की गयी। (घ) प्रश्नांकित मामले में कार्यालय ग्राम पंचायत देवगांव द्वारा दिनांक 20/01/2017, संध्या राय ग्राम पंचायत देवगांव द्वारा जनसुनवाई दिनांक 28/03/2017 को शिकायत प्रेषित की गई। ग्राम पंचायत द्वारा प्रस्तुत शिकायत की जाँच दिनांक 24/01/2017 एवं जनसुनवाई में प्रस्तुत शिकायत की जाँच दिनांक 08/04/2017 को की गई।

खरीदी केन्‍द्रों द्वारा व्‍यय राशि

[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्‍ता संरक्षण]

21. ( *क्र. 984 ) श्रीमती शीला त्‍यागी : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रीवा जिले के केन्‍द्रीय जिला सहकारी बैंक शाखा सिरमौर, त्‍योंथर, डभौरा, गढ़, चाकघाट, जवा, रीवा की किन-किन समितियों को धान, गेहूं तथा प्‍याज खरीदी केन्‍द्र बनायें गये हैं। इन समितियों के खरीदी केन्‍द्र संचालन हेतु वर्ष 2014 से प्रश्‍न दिनांक तक में वर्षवार, वस्‍तुवार प्रासांगिक व्‍यय हेतु कितनी-कितनी राशि दी गई है? समितिवार वस्‍तुवार जानकारी देवें। (ख) प्रश्नांश (क) खरीदी केन्‍द्रों में प्रासंगिक व्‍यय जीन्‍सवार कितने रूपये प्रति क्विंटल करने का नियम है? नियम की प्रति के साथ समितियों को देय राशि अंकित कर जानकारी देवें। (ग) प्रश्नांश (क) व (ख) के संबंध में क्‍या यह नियम है कि जिले की समितियों में संचालित खरीदी केन्‍द्रों द्वारा एक दर से प्रासंगिक राशि व्‍यय की जावेगी? (घ) प्रश्‍नांश (ग) यदि हाँ, तो उक्‍त खरीदी केन्‍द्रों में प्रासंगिक राशि भिन्न-भिन्‍न राशि व्‍यय कर खर्च की गई? उक्‍त भिन्‍नता के लिए कौन अधिकारी दोषी है, उसके विरूद्ध कौन सी दण्‍डात्‍मक कार्यवाही की जावेगी?

खाद्य मंत्री ( श्री ओम प्रकाश धुर्वे ) : (क) रीवा जिले की जिला सहकारी केन्‍द्रीय बैंक की शाखा सिरमौर, त्‍योंथर, डभौरा, गढ़, चाकघाट, जवा, रीवा में धान एवं गेहूं उपार्जन करने वाली समितियों की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। समितियों को वर्ष 2014 से प्रश्‍न दिनांक तक वर्षवार वस्‍तुवार, समितिवार प्रासंगिक व्‍यय के भुगतान की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) धान एवं गेहूं पर उपार्जन समितियों को प्रासंगिक व्‍यय के रूप में समिति द्वारा व्‍यय की गई वास्‍तविक राशि अथवा शासन द्वारा निर्धारित राशि की सीमा तक जो न्‍यूनतम हो, भुगतान किया जाता है, नियम की प्रति एवं प्रासंगिक व्‍यय हेतु देय राशि की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ग) जी नहीं। चूंकि वास्‍तविक दरों पर किए गए अंकेक्षित व्‍यय अनुसार भुगतान होता है। अत: नियमानुसार एक समान दर से लेबर व्‍यय आदि नहीं किया जाता है। (घ) प्रश्‍नांश (ग) के उत्‍तर के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

प्रश्‍नकर्ता के पत्र पर कार्यवाही

[राजस्व]

22. ( *क्र. 1741 ) श्री सुरेन्‍द्र सिंह बघेल : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दिनांक 16.10.2017 को अनुविभागीय अधिकारी (राजस्‍व) कुक्षी जिला धार को प्रश्‍नकर्ता के पत्र क्र. DM/524/MLA/KUKSHI/2017 पर प्रश्‍न दिनांक तक क्‍या कार्यवाही की गई? (ख) क्‍या कारण है कि इससे संबंधित जानकारी प्रश्‍नकर्ता को उपलब्‍ध नहीं कराई गई? इस विलंब का कारण बतावें। (ग) यह जानकारी कब तक उपलब्‍ध करा दी जावेगी?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) दिनांक 16.10.2017 को अनुविभागीय अधिकारी, (राजस्व) कुक्षी जिला धार को प्रश्नकर्ता के पत्र क्र. DM/524/MLA/KUKSHI/2017 पर दिनांक 17.11.2017 को वांछित जानकारी प्रश्‍नकर्ता को ईमेल के माध्यम से उपलब्ध करवाई गई। (ख) चाही गई वांछित जानकारी में विलंब, जानकारी संकलन की प्रक्रिया कठिन होने से हुआ है। जो निम्नानुसार है :- 1. कुक्षी विधानसभा के डूब प्रभावित प्रत्येक गांव में जहां पर डूब लेवल अस्पष्ट था, उसकी जानकारी प्राप्त करने में समय लगा। 2. कुक्षी विधानसभा के डूब प्रभावित क्षेत्र में निवासरत लोगों के पास रहने के लिये डूब क्षेत्र के बाहर स्वयं की कोई व्यवस्था है, यह जानने में समय लगा। 3. माननीय उच्चतम न्यायालय में पारित आदेश के पालन में डूब से प्रभावित पात्र हितग्राहियों को रूपये 15 लाख एवं 60 लाख प्रदाय करने की सूची एन.व्ही.डी.ए. कार्यालय से पृथक-पृथक समय पर प्राप्त हुई, जिससे जानकारी संकलन करने में समय लगा। 4. शासन द्वारा उदार पैकेज घोषित किये जाने के उपरांत वर्षों पहले डूब क्षेत्र से बाहर निवासरत लोगों द्वारा भी पैकेज का लाभ लेने की मंशा से पुनः लौटकर डूब क्षेत्र में वापस आ गये। ऐसे लोगों की छटनी करने में समय लगा। (ग) चाही गई वांछित जानकारी दिनांक 17.11.2017 को उपलब्ध करा दी गई है।

 

आरोपियों पर कार्यवाही

[गृह]

23. ( *क्र. 1356 ) श्री इन्‍दर सिंह परमार : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या शाजापुर जिले के थाना कालापीपल के अंतर्गत अपराध क्रमांक 0260, दिनांक 04.10.2017 से प्रकरण पंजीबध्द किया गया है? यदि हाँ, तो किस किस धारा के अंतर्गत तथा आरोपी किस-किस को बनाया गया है? (ख) क्या प्रश्नांश (क) में उल्लेखित प्रकरण में आरोपियों को गिरफ्तार कर कार्यवाही की गई है? (ग) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित प्रकरण में कालापीपल पुलिस द्वारा दिनांकवार क्या-क्या कार्यवाही की गई?

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) जी हाँ। जिला शाजापुर के थाना कालापीपल में दिनांक 04.10.2017 को अप. क्रमांक 260/17 धारा 363, 366 भा.द.वि. का प्रकरण पंजीबद्ध किया गया है। भादर सिंह पुत्र करण सिंह निवासी भीलखेड़ा को आरोपी बनाया गया है। (ख) जी हाँ। प्रकरण में आरोपी भादर सिंह पुत्र करण सिंह उम्र 23 वर्ष निवासी भीलखेड़ा को, गिरफ्तार किया जाकर कार्यवाही की गई है। (ग) प्रश्नांश की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है।

परिशिष्ट - ''सात''

पुलिस कर्मचारियों में बढ़ती अवसाद समस्या

[गृह]

24. ( *क्र. 10 ) श्री यशपालसिंह सिसौदिया : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) 01 जनवरीद, 2016 के पश्चात् प्रदेश में कितने पुलिसकर्मियों की सेवा अवधि में रहते हुए आत्महत्या एवं ह्द्यघात के कारण मृत्‍यु हुई? पुलिसकर्मियों की आत्महत्या 01 जनवरी, 2013 के पश्चात् प्रतिवर्ष प्रदेश में किस अनुपात में बढ़ी या घटी? (ख) विगत 5 वर्षों में उज्जैन, इंदौर संभाग में पुलिसकर्मियों के बेहतर स्वास्थ के लिए विभाग द्वारा कब-कब एवं क्या-क्या प्रयास किये गए? (ग) प्रश्नांश (क) अन्तर्गत क्या पुलिसकर्मियों में बढ़ती डिप्रेशन की समस्या का मुख्य कारण काम की अधिकता एवं क्षेत्र की आबादी के अनुपात में पुलिसकर्मियों की कमी है? यदि हाँ, तो इसकी रोकथाम के लिए विभाग द्वारा क्या प्रयास किये जा रहे हैं? ड्यूटी के दौरान कार्य करते हुये मृत पुलिसकर्मी के परिवार को विभाग द्वारा किस-किस प्रकार की मदद की जाती है? (घ) क्या गृह विभाग द्वारा पुलिसकर्मियों को आवश्यक छुट्टियों की स्वीकृति शीघ्र प्राप्त हो इस हेतु कोई नवीन दिशा-निर्देश प्रदान किये जा रहे हैं? क्या पुलिसकर्मियों में डिप्रेशन एवं आत्महत्याओं का मुख्य कारण पुलिसकर्मियों को समय पर अवकाश नहीं मिलना भी है?

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) 01 जनवरी, 2016 के पश्चात् प्रदेश में सेवा अवधि के दौरान आत्महत्या के कारण 29 अधि./कर्मचारियों की मृत्यु हुई है एवं हृदयघात के कारण 109 अधि./कर्मचारियों की मृत्यु हुई है। 01 जनवरी, 2013 से 2016 के अंत तक आंकड़ों के अनुसार आत्महत्या प्रतिवर्ष 30 प्रतिशत एवं हृदयघात से प्रतिवर्ष 81 प्रतिशत के हिसाब से बढ़ी है। (ख) 1. विगत पाँच वर्षों में पुलिस अधि./कर्मचारियों के बेहतर स्वास्थ्य हेतु इकाइयों में समय-समय पर स्वास्थ्य परीक्षण हेतु नि:शुल्क शिविरों का आयोजन कराया जा रहा है। 2. पुलिसकर्मियों के बेहतर स्वास्थ्य के लिय विगत पाँच वर्षों में पुलिस स्वास्थ्य सुरक्षा योजना (स्थापना वर्ष-2019 अगस्त 2013) के अन्तर्गत उज्जैन एवं इंदौर जोन में पदस्थ 643 अधि./कर्मचारी को उक्त योजना का लाभ प्रदाय किया गया। 3. म.प्र. पुलिस की समस्त इकाइयों में विभिन्न गंभीर बीमारियों में 3047 अधि./कर्मचारियों को चिकित्सा सुविधा का लाभ प्रदान किया गया है। म.प्र. पुलिस की समस्त इकाइयों में 64 स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया गया। 4. म.प्र. पुलिस की समस्त इकाइयों में पुलिस अधि./कर्म. के बेहतर स्वास्थ्य हेतु प्रतिदिन योगा अभ्यास कराया जा रहा है, जिसके सकारात्मक परिणाम प्राप्त हुये हैं। (ग) 1. पुलिसकर्मियों में कार्य की अधिकता एवं आबादी के अनुरुप पुलिसकर्मियों की कमी होने के कारण डिप्रेशन की समस्या बढ़ रही है। उक्त समस्या के निराकरण के हेतु पुलिस विभाग में वर्ष-2010 से निरंतर विभिन्न रैंकों के पदों में वृद्धि की जा रही है। वर्ष-2010 से अब तक कुल 45535 पदों पर भर्ती की जा चुकी है। 2. पुलिस स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के अन्तर्गत समस्त इकाइयों के अधि./कर्मचारी का स्वास्थ्य परीक्षण एवं गंभीर बीमारियों का निःशुल्क उपचार एवं प्रतिदिन योगा/व्यायाम कराया जा रहा है, जिसके सकारात्मक परिणाम प्राप्त हुये हैं। 3. मृत-पुलिसकर्मियों के परिवार को विभाग द्वारा परोपकार निधि की आर्थिक सहायता राशि रु. 01 लाख तथा म.प्र. शासन द्वारा रु. 50 हजार अनुग्रह अनुदान राशि के रुप में प्रदान की जाती है तथा मृत कर्मचारी के परिवार को पेंशन, ग्रेच्युटी, अवकाश नगदीकरण, बीमा राशि का भुगतान एवं परिवार के पात्र सदस्य को अनुकंपा नियुक्ति एवं शासकीय आवास आवंटित किया जाता है। (घ) 1. पुलिस अधि./कर्म. को वर्ष में 16 दिवस आकस्मिक अवकाश, 15 दिवस विशेष अवकाश, 30 दिवस अर्जित अवकाश, 10 दिवस लघुकृत अवकाश, प्रदान किये जाते हैं, उक्त अवकाशों का उपभोग समय-समय पर अधि./कर्म. द्वारा किया जाता है। 2. पु.मु. द्वारा थाने/चौकियों में कार्यरत् निरीक्षक से आरक्षक स्तर के अधि./कर्म. को माह में 01 दिवस अवकाश प्रदान करने हेतु निर्देश जारी किये गये हैं। पुलिसकर्मियों को 15 दिवस पितृत्व अवकाश एवं महिला कर्मियों को 06 माह प्रसूति अवकाश तथा 730 दिवस संतान पालन अवकाश की पात्रता है। यह सही नहीं है कि पुलिसकर्मियों में डिप्रेशन एवं आत्महत्याओं का मुख्य कारण पुलिसकर्मियों को समय पर अवकाश नहीं मिलना भी है, जबकि पुलिसकर्मियों को समस्त प्रकार के अवकाशों का लाभ प्रदाय किया जाता है।

मुलताई तहसील में नजूल के प्रचलित प्रकरण

[राजस्व]

25. ( *क्र. 1700 ) श्री चन्‍द्रशेखर देशमुख : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मुलताई तहसील में मुलताई शहर नजूल भूमि में किस वर्ष से अधिसूचित किया गया है? राजपत्र की प्रति उपलब्‍ध करायें। नजूल भूमि के पट्टेधारियों के पट्टे नवीनीकरण की क्‍या प्रक्रिया है? (ख) प्रश्‍नांश (क) के अनुसार कितने वर्षों में पट्टे नवीनीकरण की कार्यवाही की जाती है, वर्तमान में मुलताई शहर में नवीनीकरण हेतु कितने पट्टेधारियों का नवीनीकरण शेष है? सूची उपलब्‍ध करायें। (ग) प्रश्‍नांश (ख) के अनुसार नजूल की भूमि को फ्री-होल्‍ड की कार्यवाही की प्रक्रिया के कुल कितने प्रकरणों की स्‍वीकृति दी एवं कितने प्रकरण मुलताई तहसील के मुलताई शहर के लंबित हैं? सूची उपलब्‍ध करायें। फ्री-होल्‍ड हेतु पट्टेधारियों से कितने समय में कितना शुल्‍क लिया जाकर पट्टा फ्री-होल्‍ड किया जाता है? निर्देश/आदेश की प्रति उपलब्‍ध करायें। (घ) मुलताई शहर के समस्‍त पट्टेधारियों के पट्टे फ्री-होल्‍ड करने हेतु कोई समय-सीमा है? यदि नहीं, तो कारण बतायें। यदि हाँ, तो समय-सीमा बतायें।

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार। मुलताई अनुभाग अंतर्गत आवेदक द्वारा पट्टा नवीनीकरण हेतु आवेदन दिये जाने पर राजस्‍व पुस्‍तक परिपत्र के खण्‍ड चार क्रमांक-1 में दिये गये प्रावधानों के अनुसार नवीनीकरण की कार्यवाही की जाती है। (ख) पट्टा अवधि समाप्‍त होने के पश्चात् आवेदक द्वारा पट्टा नवीनीकरण हेतु आवेदन दिये जाने पर नवीनीकरण की कार्यवाही की जाती है। 1202 पट्टेधारियों का नवीनीकरण शेष है, जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार(ग) कुल 55 पट्टेधारियों को फ्री-होल्‍ड किया गया है। कोई प्रकरण लंबित नहीं है। सूची पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसारपुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार(घ) नियमानुसार कोई समय-सीमा निर्धारित नहीं है, नियम पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है।

 

 

 


 


भाग-2

नियम 46 (2) के अंतर्गत अतारांकित प्रश्नोत्तर के रुप में परिवर्तित तारांकित प्रश्नोत्तर


अपराधियों की गिरफ्तारी

[गृह]

1. ( क्र. 25 ) श्री जितेन्‍द्र गेहलोत : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) उज्‍जैन एवं रतलाम जिले के समस्‍त पुलिस थानों में धारा 302,307 एवं अन्‍य गंभीर अपराधों में विगत 2013 से अब तक फरार अपराधियों व उनकी गिरफ्तारी के लिए की गई कार्यवाहियों का थानावार ब्‍यौरा क्‍या है? (ख) उज्‍जैन एवं रतलाम जिले में वर्ष 2014 से अब तक कितने ऐसे प्रकरण हैं, जिनमें हत्‍या, हत्‍या का प्रयास, जानलेवा हमला चोरी, बलवा, मारपीट, महिला उत्‍पीड़न आदि मामले में पुलिस ने प्रकरण खत्‍मा काटा? कितने व कौन-कौन से खात्‍मा प्रकरणों की शिकायतें व जाँच हुई? प्रकरणवार जाँच रिपोर्ट व कार्यवाही का ब्‍यौरा दें। (ग) उज्‍जैन व रतलाम जिले के थानों में वर्ष 2014 से अब तक कितने व कौन-कौन से फरार अपराधियों पर किस-किस प्रकरण पर इनाम घोषित किये गये? क्‍या इनाम की घोषणा राजनैतिक दबावों में की गई? यदि नहीं, तों गंभीर अपराधों में फरार आरोपियों पर अब तक किन-किन पर इनाम घोषित नहीं किये गये एवं क्‍यों? दुर्भावना से इनाम की घोषणा करने पर संबंधित अधिकारियों पर क्‍या कार्यवाही की गई? यदि नहीं, तो क्‍यों नहीं?
गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) जिला उज्जैन में वर्ष 2014 से दिनांक 30.10.2017 तक 1494 खात्मा प्रकरण एवं रतलाम जिले में 766 खात्मा प्रकरण दर्ज हुए हैं। इन प्रकरणों के संबंध में शिकायत प्राप्त नहीं हुई हैं, अतः जाँच का प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है।

आर्थिक अपराध (सायबर सेल) के मामले

[गृह]

2. ( क्र. 28 ) श्री यशपालसिंह सिसौदिया : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या "नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो" की रिपोर्ट अनुसार देश के साथ प्रदेश में भी आर्थिक अपराधों की संख्या में भारी वृद्धि हुई है? यदि हाँ, तो 1 जनवरी 2014 के पश्चात प्रदेश में आर्थिक अपराध किस अनुपात में प्रतिवर्ष बढ़े या घटे हैं जानकारी कुल अपराध की संख्या जिले सहित देवें? (ख) प्रश्नांश (क) संदर्भित आर्थिक अपराधों की श्रेणी में कौन-कौन से अपराध आते हैं वर्तमान में राज्य सरकार में कुल कितने अधिकारी, कर्मचारी सायबर सेल में प्रशिक्षित हैं? इनकी योग्यता क्या है? (ग) 1 जनवरी 2014 के पश्चात प्रदेश में हुए कुल आर्थिक मामलों में से कितनों में अपराधी को गिरफ्तार किया, कितने अपराधी गिरफ्त से बाहर है? क्या सायबर अपराधों को पकड़ने के मामलों में विभाग तकनीकी रूप से सक्षम नहीं है? यदि नहीं, तो कितने जिलों में सायबर अपराध को रोकने के लिए सायबर सेल खोले गये हैं क्या इस सम्बन्ध में विभाग द्वारा आ.ई.टी. इंजीनियरों की भी नियुक्ति की जाएगी? (घ) सायबर अपराध को रोकने के मामलों में गत 3 वर्षों में गृह विभाग द्वारा किये गये प्रयासों से अवगत करायें। इस विषय पर कब-कब गृह विभाग ने केन्‍द्रीय गृह विभाग के साथ संयुक्त बैठक आयोजित की उसमें क्या-क्या निर्णय रहे?

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) वर्ष 2014 से 2015 में 4.96 प्रतिशत आर्थिक अपराध घटे है एवं 2015 से 2016 में 9.24 प्रतिशत आर्थिक अपराध बढ़े है। जानकारी पुस्तकालय में परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) आर्थिक अपराधों की श्रेणी में 1. धोखाधड़ी 2. अमानत में खयानत 3. छल 4. कूटरचना सम्मिलित है। वर्तमान में सायबर मुख्यालय में पदस्थ आरक्षक से निरीक्षक स्तर के कुल-146 अधि./कर्मचारियों को सायबर प्रशिक्षित किया जा चुका है। जानकारी पुस्तकालय में रखे गये परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे गये परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। सायबर अपराधियों को पकड़ने में सायबर सेल सक्षम है। सायबर अपराधों के त्वरित निराकरण हेतु सायबर मुख्यालय-भोपाल के साथ-साथ 04 सायबर जोनल कार्यालय-इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर एवं जबलपुर कार्यरत है। उक्त के अलावा सायबर अपराधों पर त्वरित कार्यवाही हेतु राज्य के 51 जिलों में प्रत्येक जिला मुख्यालय थाने को सायबर नोडल थाना घोषित किया गया है। भविष्य में आवश्यकता अनुसार आई.टी. विशेषज्ञों की नियुक्त की जावेगी। (घ) 01. सायबर अपराध अन्वेषण हेतु सायबर एवं उच्च तकनीकी अपराध पुलिस थाना भोपाल में खोला गया। 02. सायबर अपराधों के त्वरित निराकरण हेतु भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर, इन्दौर हेतु विशेष न्यायालय चिन्हित किये गये। 03. सभी जिलों में सायबर शिकायतों की त्वरित सुनवाई हेतु नोडल थाने घोषित किये गये। 04. समस्त नोडल थानों के कर्मचारियों की दक्षता बढ़ाने सायबर मुख्यालय भोपाल द्वारा 250 कर्मचारी प्रशिक्षण किये गये। वर्तमान में 500 कर्मचारियों हेतु प्रशिक्षण आयोजित किया जा रहा है। 05. किसानों के साथ वित्तीय धोखाधड़ी रोकने फसल उपार्जन के समय प्रदेश की सभी मण्डियों में किसान कनेक्ट कार्यक्रम आयोजित किये गये। 06. सायबर मुख्यालय के कर्मचारियों की दक्षता बढाने प्रशिक्षण दिलाये गये। 07. समस्त जिलों के थानों के विवेचकों की विवेचना दक्षता व मार्गदर्शन हेतु एस.ओ.पी. एवं चेक लिस्ट जारी की गई। 08. छात्रों में जागरूकता हेतु स्कूल कॉलेजों में सेमीनार वर्कशॉप आयोजित किये गये। 09. भविष्य में सायबर अपराधों से लड़ने की क्षमता विकसित करने छात्रों की मुख्यालय में इन्टर्नशिप की गई। 10. आम जनता में सायबर अपराधों के प्रति जागरूकता लाने विभिन्न सोशल मीडिया के माध्यम से प्रचार प्रसार करना। 11. नई अपराध कार्य प्रणाली के बचाव हेतु एडवाइजरी जारी की गई है। 12. ब्लूव्हेल गेम से संबंधित प्रकरणों में भारत सरकार के गृह मंत्रालय, नई दिल्ली में बैठक दिनांक 30.08.2017 को आयोजित की गई। 13. स्टेट सायबर फोरेंसिक लेबोरेटरी के विकास के संबंध में सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय, भारत सरकार में दिनांक 14-15.11.17 को मीटिंग आयोजित हुई।

सी.एस.बी. अनुदान

[कुटीर एवं ग्रामोद्योग]

3. ( क्र. 49 ) श्री विजय सिंह सोलंकी : क्या पशुपालन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) केन्द्रीय रेशम बोर्ड (सी.एस.बी.) के मानक अनुसार प्रति एकड़ प्रति वर्ष कितने डी.एफ.एल. पाले जाने चाहिए एवं उनसे कितना उत्पादन आना चाहिए। खरगोन जिले में प्रति एकड़ कितने डी.एफ.एल. पाले जा रहे हैं एवं उनसे कितना उत्पादन प्रति वर्ष आ रहा है। वर्ष 2014 से 2016 तक वर्षवार सूची देवें। (ख) सी.एस.बी. द्वारा धागाकरण इकाई की महिलाओं को प्रति किलो ककून/धागा क्रय विक्रय करने हेतु रेशम संचालनालय को प्रश्‍नांश (क) अवधि में कितना अनुदान वर्षवार दिया गया है? रेशम संचालनालय द्वारा खरगोन जिले में इस अनुदान को कितनी महिला/समूह को कितनी-कितनी राशि ककून क्रय/धागाकरण हेतु प्रदान की गई? (ग) खरगोन जिले में स्थापित रेशम धागाकरण इकाइयों के विगत 3 वर्ष में उत्पादन एवं ककून क्रय की जानकारी वर्षवार देवें। (घ) संचालनालय द्वारा स्वीकृत चॉकी कृमिपालन केन्द्र की स्थापना सहायता योजना अंतर्गत खण्डवा एवं खरगोन जिले हेतु 16 लाख रूपये राशि को किस कारण निरस्त किया गया। क्या इसी वित्तीय वर्ष में अन्य स्वीकृतियां भी निरस्त की गई हैं? यदि हाँ, तो कौन-कौन सी।

पशुपालन मंत्री ( श्री अंतर सिंह आर्य ) : (क) केन्द्रीय रेशम बोर्ड (सी.एस.बी.) के मानक अनुसार प्रति एकड़ प्रति वर्ष सिंचित क्षेत्र में बाई वोल्टाईन प्रजाति के स्वस्थ समूह 750 एवं मल्टी वोल्टाईन स्वस्थ‍ समूह 850 तथा असिंचित क्षेत्र में मल्टी वोल्टाईन प्रजाति के 550 स्वस्थ समूह पाले जाने चाहिए। पालित स्वस्थ समूह से कोया उत्पादन सिंचिंत क्षेत्र बाई वोल्टाईन 420 किलोग्राम व मल्टी वोल्टाईन 468 कि.ग्रा. एवं असिचिंत क्षेत्र में मल्टी वोल्टाईन 300 किलोग्राम प्रति एकड़ उत्पादन आना चाहिए। खरगोन जिले में प्रति एकड़ पाले गये स्वस्थ समूह एवं ककून उत्पादन की वर्षवार जानकारी संलग्न परिशिष्ट पर है। (ख) केन्द्रीय रेशम बोर्ड द्वारा धागाकरण हेतु प्र‍श्नांश (क) अवधि में अनुदान नहीं दिया गया है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) खरगोन जिले में रेशम धागाकरण की कोई इकाई स्थापित नहीं है। अत: प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) जी हाँ। खण्डवा एवं खरगोन जिले चाकी कृमिपालन केन्द्र की स्थापना हेतु रूपये 16 लाख की स्वीकृति को रेशम संचालनालय के आदेश क्रमांक 3898 दिनांक 19/9/2016 से निरस्त करने का कारण नरसिंहपुर एवं छिन्दवाड़ा में क्लस्टर विकसित किया जा रहा है तथा एकीकृत प्रोजेक्ट के रूप में सहयोगी योजनाएं भी उन्हीं जिलों में दी जा रही थी। इसके अतिरिक्त खण्डवा एवं खरगोन जिले हेतु इस वित्तीय वर्ष में अन्य कोई भी स्वीकृतियां निरस्त नहीं की गई है।

परिशिष्ट - ''आठ''

पशु चिकित्सा सहायक शल्यज्ञों की भर्ती

[पशुपालन]

4. ( क्र. 66 ) डॉ. कैलाश जाटव : क्या पशुपालन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2010-11 से आज दिनांक तक पशु चिकित्सा सहायक शल्यज्ञ पद पर म.प्र. लोक सेवा आयोग द्वारा कितनी भर्तियां की गई? क्या इस भर्ती में परिवीक्षा अवधि का प्रावधान था? यदि हाँ, तो कितने वर्षों की परिवीक्षा अवधि का प्रावधान था? (ख) आज दिनांक तक कितने लोगों की परिवीक्षा अवधि पूर्ण हो चुकी है एवं उन्हें परिवीक्षा अवधि उपरांत दिये जाने वाले लाभ दिये जा रहे हैं? यदि हाँ, तो अवगत करावें। (ग) ऐसे कितने पशु चिकित्सक हैं, जिन्होने परिवीक्षा अवधि पूर्ण कर ली लेकिन उन्हें आज दिनांक तक इसके लाभ नहीं दिये जा रहे हैं इसका कारण क्या है?

पशुपालन मंत्री ( श्री अंतर सिंह आर्य ) : (क) 353 पशु चिकित्सा सहायक शल्यज्ञों की भर्ती की गई। जी हाँ। दो वर्ष। (ख) 353 पशु चिकित्सा सहायक शल्यज्ञों की परिवीक्षा अवधि पूर्ण हो चुकी है। परन्तु आदेश जारी न होने के कारण परिवीक्षा अवधि पूर्ण उपरांत दिए जाने वाले लाभ नहीं दिए जा रहे है। (ग) प्रश्नांश '''' अनुसार। कार्यवाही प्रक्रियाधीन होने के कारण।

शासकीय इंजीनियरिंग महाविद्यालय की स्‍थापना

[तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास]

5. ( क्र. 69 ) डॉ. राजेन्‍द्र पाण्‍डेय : क्या राज्‍यमंत्री, तकनीकी शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या जावरा नगर में विगत कई वर्षों से आसपास के क्षेत्र एवं प्रदेश के सैकड़ों छात्र एवं छात्राएं पॉलिटेक्निक कालेज में अध्‍ययनरत होकर तकनीकी शिक्षा प्राप्‍त करते हैं? किन्‍तु रतलाम, मन्‍दसौर, नीमच जिलों में शासकीय इंजीनियरिंग महाविद्यालय नहीं होने से उच्‍च अध्‍ययन की कठिनाइयां आती है? (ख) यदि हाँ, तो क्‍या पॉलिटेक्निक कालेज जावरा में पर्याप्‍त भूमि, बड़ा कॉलेज भवन, हॉस्‍टल एवं पर्याप्‍त तकनीकी मशीनरी उपकरण एवं स्‍टॉफ के साथ ही तकनीकी शिक्षा के आवश्‍यक संसाधन पूर्ण रूप से उपलब्‍ध हैं? (ग) यदि हाँ, तो क्‍या पॉलिटेक्निक कालेज परिसर में पर्याप्‍त भवन, बिल्डिंग, होस्‍टल्‍स के साथ-साथ पर्याप्‍त रिक्‍त भूमि भी उपलब्‍ध होकर खाली पड़ी है जो कि इंजीनियरिंग कालेज की आवश्‍यकताओं को पूर्ण करने में सहायक है? (घ) क्‍या विगत कई वर्षों से जावरा नगर में इंजीनियरिंग महाविद्यालय प्रारंभ किये जाने हेतु छात्र-छात्राओं, जनप्रतिनिधियों एवं जनता द्वारा भी लगातार मांग की जा रही है, यदि हाँ, तो शासन/विभाग द्वारा समस्‍त संसाधन उपलब्‍ध होने की स्थिति में इंजीनियरिंग महाविद्यालय नगर में कब तक प्रारंभ किया जाएगा?

राज्‍यमंत्री, तकनीकी शिक्षा ( श्री दीपक कैलाश जोशी ) : (क) जी हाँ। जी नहीं। जावरा मुख्‍यालय से 100 कि.मी. की परिधि में 01 शासकीय, 02 स्‍ववित्‍तीय एवं 07 निजी क्षेत्र के इंजीनियरिंग महाविद्यालय एवं शासकीय क्षेत्र के 04 तथा निजी क्षेत्र के 03 पॉलिटेक्निक महाविद्यालय भी संचालित है। (ख) जावरा पॉलिटेक्निक महाविद्यालय में उपलब्‍ध संसाधन अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद्, नई दिल्‍ली के मापदण्‍डों के अनुरूप है। (ग) जी नहीं। इंजीनियरिंग महाविद्यालय प्रारंभ किये जाने हेतु अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद्, नई दिल्‍ली के मापदण्‍ड पृथक है। (घ) जी हाँ। वर्तमान में कोई योजना प्रस्‍तावित नहीं है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

जनहित में भूमि अधिग्रहण

[राजस्व]

6. ( क्र. 70 ) डॉ. राजेन्‍द्र पाण्‍डेय : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या जावरा नगर स्थित चौपाटी स्‍थल पर नगर पालिका परिषद् जावरा द्वारा बस स्‍टैण्‍ड संचालित होकर आवागमन यातायात के साथ ही लॉज, होटल अन्‍य व्‍यवसायिक दुकानें इत्‍यादि द्वारा क्षेत्रीय जनता की आवश्‍यकताओं की पूर्ति विगत वर्षों से की जा रही है? (ख) यदि हाँ, तो क्‍या भूमि सर्वे क्र.224, 225 एवं सर्वे क्र.226 प्रारंभ से अंग्रेजों, नवाबों के शासन काल से लेकर आजादी के बाद तक शासकीय भूमि एवं निष्‍क्रांत सम्‍पत्ति (इवेक्‍यू प्रापर्टी) रही है? (ग) यदि हाँ, तो क्‍या नगर पालिका परिषद् जावरा द्वारा उक्‍त भूमि की मांग किये जाने पर विगत वर्षों में शासन द्वारा बस स्‍टैण्‍ड निर्माण हेतु नगर पालिका की मांग पर भूमि का जनहित में एक पक्षीय अधिग्रहण करते हुए बस स्‍टैण्‍ड एवं शापिंग परिसर निर्मित किया था? (घ) यदि हाँ, तो क्‍या विगत कई वर्षों से सर्वे क्र.224, 225 एवं 226 की शेष रिक्‍त पड़ी भूमि का जनहित में एक पक्षीय अधिग्रहण कर जनआवश्‍यकताओं को दृष्टिगत रख बढ़ती जनसंख्‍या, वाहन, जनकार्यों को पूर्ण किये जाने हेतु अधिग्रहण की मांग की जा रही है? यदि हाँ, तो एक पक्षीय अधिग्रहण कब तक किया जाएगा?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) जी हाँ। (ख) केवल सर्वे न. 225,226 शासकीय भूमि है। सर्वे भूमि 224 निजी भूमि है। (ग) कलेक्‍टर रतलाम द्वारा दिनांक 11.02.1980 द्वारा नगर पालिका जावरा को सर्वे क्र. 226 रकवा 1.012 हेक्‍टर है। भूमि का आधिपत्‍य देने के निर्देश तहसीलदार को दिये गये थे तहसीलदार द्वारा 26.02.80 को अग्रिम आधिपत्‍य नगर पालिका जावरा को दिया गया है। उक्‍त भूमि पर बस स्‍टैण्‍ड भवन एवं शॉपिंग काम्‍पलेक्‍स का निर्माण किया गया है। (घ) सर्वे नम्‍बर 226/1 में सिविल न्‍यायालय द्वारा स्‍थगन दिया गया है। सर्वे नम्‍बर 224 के अधिग्रहण हेतु भू-अर्जन का प्रस्‍ताव कलेक्‍टर रतलाम को प्रस्‍तुत किया है। प्रकरण न्‍यायालय में होने से भूमि आवंटन की कार्यवाही रोक दी गई है।

उज्‍जैन संभाग में उद्योगों के प्रदूषण की जाँच

[पर्यावरण]

7. ( क्र. 81 ) श्री यशपालसिंह सिसौदिया : क्या पशुपालन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) उज्जैन संभाग में किन-किन उद्योगों की चिमनियाँ पर्यावरण मापदंड के अनुरूप नहीं हैं इसकी जाँच 1 जनवरी 2015 के पश्चात कब-कब किस-किस सक्षम अधिकारी ने की? (ख) रतलाम, मंदसौर नीमच जिले में उद्योगों की चिमनियों को लेकर कब-कब किस-किस व्यक्ति संस्था द्वारा शिकायत दर्ज कराई गई, उस पर विभाग के किस-किस अधिकारी द्वारा क्या-क्या कार्यवाही की गई? शिकायतकर्ता के नाम सहित जानकारी देवें? (ग) उक्त जिलों में एसे कितने उद्योग हैं जिनके समीप विद्यालय, बटालियन (पुलिस केम्प) या अन्य रिहाइशी इलाके 1 किलोमीटर के अन्तर्गत हैं? (घ) उक्त जिलो के एसे कितने उद्योग हैं जिनके द्वारा प्रदूषित पानी जमीन में उतारने के कारण आसपास के पेयजल स्त्रोतों का पानी दूषित हो गया है? इसकी जाँच पर्यावरण विभाग द्वारा कब-कब की गयी और उद्योगों पर क्या कार्यवाही की गई?

पशुपालन मंत्री ( श्री अंतर सिंह आर्य ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ग) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (घ) प्रश्नाधीन जिलों में वर्तमान में कार्यरत सभी प्रमुख जल प्रदूषणकारी उद्योगों द्वारा दूषित जल उपचार संयंत्र स्थापित किये गये है। किसी भी उद्योग को प्रदूषित पानी जमीन में उतारने की अनुमति नहीं दी जाती है और न ही आस-पास के पेयजल स्त्रोत प्रदूषित होने की सूचना है, अतः शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - ''नौ''

भूमिहीनों को आवासीय पट्टों का वितरण

[राजस्व]

8. ( क्र. 86 ) श्रीमती सरस्‍वती सिंह : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के भूमिहीनों को म.प्र.शासन की भूमि में काबिज व्‍यक्तियों को आवासीय पट्टा दिये जाने का क्‍या प्रावधान है? (ख) क्‍या सिंगरौली जिले के तहसील चितरंगी के ग्राम खम्‍हरिया में म.प्र. शासन की भूमि में भूमिहीन कोल जनजाति के 70-75 लोग काबिज है? यदि हाँ, तो उक्‍त भूमिहीन जनजातियों को अभी तक आवासीय पट्टा नहीं मिलने का क्‍या कारण है? उक्‍त व्‍यक्तियों को कब तक आवासीय पट्टों का वितरण कर दिया जावेगा?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) म.प्र.शासन की भूमि में काबिज व्‍यक्तियों को आवासीय पट्टे दिए जाने के संबंध में निम्‍न प्रावधान है:- (1) मध्‍यप्रदेश ग्रामों में दखल रहित भूमि (विशेष उपबंध) अधिनियम 1990 (2) मध्‍यप्रदेश वास स्‍थान दखलकार (भूमिस्‍वामी अधिकारों का प्रदान किया जाना) अधिनियम 1980 (3) म.प्र.नगरीय क्षेत्रों के भूमिहीन व्‍यक्ति (पट्टाधृति अधिकारों का प्रदान किया जाना) अधिनियम 1984 (ख) सिंगरौली जिले के तहसील चितरंगी के ग्राम खम्‍हरिया में मध्‍यप्रदेश शासन की आराजी खसरा नं.174 रकवा 3.45 हे. पर 75 व्‍यक्तियों द्वारा अतिक्रमण करने की जानकारी प्राप्‍त हुई है। उन व्‍यक्तियों को आवासीय पट्टा प्राप्‍त करने की पात्रता की जाँच की जा रही है। जाँच उपरान्‍त पात्रता होने पर ही नियमानुसार कार्यवाही की जावेगी।

आवासीय पट्टों का वितरण

[राजस्व]

9. ( क्र. 87 ) श्रीमती सरस्‍वती सिंह : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सिंगरौली जिले के चितरंगी विधान सभा क्षेत्र अंतर्गत कितने आवासीय भूमिहीनों को मध्‍यप्रदेश शासन दखल रहित व वास दखलकार अधिनियम के तहत आवासीय पट्टे प्रदान किये गये है? ग्रामवार नाम सहित विवरण देवें? (ख) क्‍या उक्‍त आवासहीनों को प्राप्‍त आवासीय पट्टा, खसरा, अभिलेख कम्‍प्‍यूटरीकृत करा दिये गये हैं? यदि हाँ, तो किस-किस दिनांक को इन्‍ट्री कराई गई है?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) सिंगरौली जिले के चितरंगी विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत आवासीय भूमिहीनों को मध्‍यप्रदेश शासन दखल रहित के तहत 5669 पट्टे एवं वास स्‍थान दखलकार अधिनियम के तहत 247 पट्टे प्रदान किये गये है। ग्रामवार नाम सहित सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) आवासहीनों को दखलरहित एवं वासस्‍थान दखलकार अधिनियम के तहत प्रदाय पट्टों को खसरा अभिलेख कम्‍प्‍यूटरीकृत की कार्यवाही कराई जा रही है।

मनासा विधानसभा क्षेत्र में 29 गाँवों की समूह पेयजल योजना

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

10. ( क्र. 115 ) श्री कैलाश चावला : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) मनासा विधानसभा क्षेत्र में चम्‍बलेश्‍वर जलाशय में 29 गाँवों की समूह पेयजल योजना की स्‍वीकृति कब दी गई थी? किन-किन गाँवों को लाभांवित होना था, इसकी लागत कितनी थी? (ख) निविदा की शर्तों के अधीन कार्य को ठेकेदार द्वारा कब तक पूर्ण कर दिया जाना था? योजना का कार्य अभी तक पूर्ण न होने के क्‍या कारण हैं, विलम्‍ब हेतु ठेकेदार को क्या कोई पेनाल्‍टी लगाई गई है? यदि हाँ, तो जानकारी देवें। (ग) क्‍या उक्‍त योजना में कुछ गाँवों के मोहल्‍ले मजरे में पाईप लाईन न डालने, गुणवत्‍ता पूर्ण कार्य न करने, कुछ क्षेत्रों में पानी न पहुंचने व चेम्‍बर गुणवत्‍ता पूर्ण न बनाने के कारण टूट जाने की शिकायत जन प्रतिनिधियों से विभाग को प्राप्‍त हुई हैं? उस पर विभाग द्वारा क्‍या कार्यवाही की गई है?

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) 30 गांवों की गंगाबावड़ी समूह योजना की दिनांक 5.7.2013 को रूपये 3887.62 लाख की स्वीकृति दी गई थी। योजना में सम्मिलित ग्रामों की सूची संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) दिनांक 5.12.2016 को पूर्ण किया जाना था। ग्रामवासियों द्वारा निर्माण कार्य में व्यवधान उत्पन्न करने से। जी नहीं। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता है। (ग) जी हाँ। योजना निर्माणाधीन है, टेस्टिंग कार्य प्रारंभ किया गया है, परियोजना क्रियान्वयन इकाई तथा सुपरविजन एवं क्वालिटी कंट्रोल कंसल्टेंसी के अधिकारियों द्वारा स्थल निरीक्षण किया गया, योजना की टेस्टिंग एवं ट्रायल रन के दौरान प्रश्नांश में उल्लेखित बिन्दुओं का निराकरण किया जा रहा है।

परिशिष्ट - ''दस''

नीमच जिले के डायवर्सन प्रकरणों का निराकण

[राजस्व]

11. ( क्र. 117 ) श्री कैलाश चावला : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नीमच जिले में दिनांक 01-10-2015 से 30-09-2017 तक डायवर्सन के कितने प्रकरणों का निराकरण किया गया? इन में से कितने प्रकरण स्‍वीकृत हुए एवं कितने अस्‍वीकृत हुए? प्रकरणवार सूची प्रदान करें एवं आरोपित प्रीमियम, अर्थदण्‍ड परिवर्तित भू-राजस्‍व क्षेत्रफल की जानकारी प्रकरणवार, उपखण्‍डवार प्रदान करें? (ख) प्रश्‍नांश (क) में उल्‍लेखित प्रकरणों में अस्‍वीकृति के क्‍या कारण है? प्रकरणवार विस्‍तृत जानकारी देवें?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) दिनांक 01.10.15 से 30.09.17 तक उपखण्डवार जानकारी निम्नानुसार है:- उपखण्ड नीमच में कुल निराकृत प्रकरण 311, स्वीकृत प्रकरण 203, अस्वीकृत प्रकरण 108, उपखण्ड मनासा में कुल निराकृत प्रकरण 268, स्वीकृत प्रकरण 175, अस्वीकृत प्रकरण 93, उपखण्ड जावद में कुल निराकृत प्रकरण 191, स्वीकृत प्रकरण 182, अस्वीकृत प्रकरण 09, हुए एवं आरोपित प्रीमियम, अर्थदण्ड परिवर्तित भू-राजस्व क्षेत्रफल की जानकारी प्रकरणवार, उपखण्डवार सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) नीमच जिले के उपखण्ड नीमच में प्रश्नांक में उल्लेखित प्रकरणों में से 34 प्रकरण में उपसंचालक नगर तथा ग्राम निवेश विभाग से प्रश्नाधीन भूमियों के संबंध में अवैध कॉलोनी का प्रतिवेदन/अभिमत प्राप्त होने पर अवैध कॉलोनी होने के कारण अस्वीकृत किया गया शेष 63 प्रकरण अदम पैरवी में एवं 11 प्रकरण अन्य कारण से अस्वीकृत किये गये हैं। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। अनुभाग मनासा में प्रश्नांश में उल्लेखित प्रकरणों में से 76 प्रकरणों में उप संचालक नगर तथा ग्राम निवेश विभाग से प्रश्नाधीन भूमियों के संबंध में अवैध कॉलोनी का प्रतिवेदन/अभिमत प्राप्त होने पर अवैध कॉलोनी होने के कारण अस्वीकृत किया गया। शेष 17 प्रकरणों को अदम पैरवी में एवं अन्य कारण से अस्वीकृत किये गये है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। अनुभाग जावद में प्रश्नांश में उल्लेखित प्रकरणों में से 09 प्रकरण अस्वीकृत किये गये है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है।

शासकीय भूमि पर अतिक्रमण

[राजस्व]

12. ( क्र. 118 ) श्री जितेन्‍द्र गेहलोत : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) 26 जुलाई 2017 को प्रश्‍न क्र. 2215 के प्रश्‍नांश (क), (ख) एवं (ग) के संदर्भ में उद्योग प्रबंधकों द्वारा किस-किस शासकीय भूमि पर अतिक्रमण किया है? पूर्ण ब्‍यौरा उद्योगवार दें। (ख) उद्योग प्रबंधकों के अतिक्रमण हटाने के लिए कब-कब, क्‍या-क्‍या कार्यवाहियां की गई? प्रकरणवार, कार्यवाहीवार पूर्ण विवरण दें? (ग) माननीय उच्‍च न्‍यायालय में किस भूमि के संबंध में कौनसा प्रकरण विचाराधीन है? उक्‍त प्रकरण (सी.ओ.एम.ए./०३/२०१६) में आवेदन, उत्‍तर, मान.न्‍यायालय द्वारा अब तक दिये आदेशों के समस्‍त दस्‍तावेज की छायाप्रति उपलब्‍ध करायें?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) वर्ष 19431945 में तत्‍कालीन ग्‍वालियर रियासत द्वारा बिरला ब्रदर्स को उद्योग स्‍थापना हेतु भूमि आवंटित की गई थी। ग्राम पाडल्‍याकला की बिरला मंदिर एवं एयरपोर्ट के पास की भूमि सर्वे क्र. 1233, 1238, 1239, 1240, 1241, 1242, 1243, 1245, 1246, 1247, 1254 को अपर कलेक्‍टर के प्रकरण क्र. 1/अ-39/13-14 से शासकीय घोषित किया गया। प्रकरण माननीय उच्‍च न्‍यायालय खण्‍डपीठ इन्‍दौर में प्रकरण COMA/03/2015 विचाराधीन है। शेष प्रश्‍न उद्भूत नहीं होता। (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार केमिकल डिवीजन, ग्रसिम उद्योग नागदा से अपर कलेक्‍टर उज्‍जैन के प्रकरण में पारित आदेश के परिपालन में कब्‍जा लिया गया। माननीय उच्‍च न्‍यायालय खण्‍डपीठ इन्‍दौर में प्रकरण COMA/03/2015 विचाराधीन है। शेष प्रश्‍न उद्भूत नहीं होता। (ग) माननीय उच्‍च न्‍यायालय में तहसील नागदा के ग्राम पाडल्‍याकला की बिरला मंदिर एवं एयरपोर्ट के पास की भूमि सर्वे क्र. 1233, 1238, 1239, 1240, 1241, 1242, 1243, 1245, 1246, 1247, 1254 के संबंध में प्रकरण COMA/03/2015 विचाराधीन है उक्‍त प्रकरण के समस्‍त दस्‍तावेजों की छायाप्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है।

नालछा विकास खण्ड में शुद्ध पेयजल की आपूर्ति

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

13. ( क्र. 131 ) श्री कालुसिंह ठाकुर : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या प्रश्‍नकर्ता के विधानसभा क्षेत्र के नालछा विकासखण्ड की 52 बसाहटें फ्लोराईड से प्रभावित हैं? क्‍या उपरोक्त फ्लोराईड प्रभावित 52 बसाहटों में शुद्ध पेयजल की आपूर्ति हेतु विभाग द्वारा मानसरोवर तालाब नालछा में फिल्टर प्लांट स्थापित कर पेयजल पाईप लाईन के माध्यम से क्षेत्र के निवासियों को शुद्ध पेयजल की आपूर्ति किये जाने की योजना क्रियान्वित की जा रही है? (ख) शुद्ध पेयजल आपूर्ति योजना के माध्यम से अब तक किन-किन प्रभावित ग्रामों तक पेयजल आपूर्ति की जा रही है, ग्रामवार बतावें? क्या ग्राम पंचायत ईमलीपुरा का ग्राम पीरघाटपुरा भी फ्लोराईड प्रभावित ग्राम है? यदि हाँ, तो क्या उक्त ग्राम तक विभाग द्वारा शुद्ध पेयजल की आपूर्ति की जा रही है? (ग) यदि नहीं, तो उक्‍त ग्राम के निवासियों को कब तक उक्त योजना से लाभान्वित कर दिया जावेगा, समयावधि बतावें?

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) नालछा विकासखण्ड में 146 बसाहटें फ्लोराईड से प्रभावित हैं। मानसरोवर तालाब नालछा आधारित समूह नलजल योजना अंतर्गत 57 फ्लोराईड प्रभावित बसाहटों को शुद्ध पेयजल की आपूर्ति हेतु फिल्टर प्लांट सहित पाईप लाईन योजना क्रियान्वित की गई है। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) उत्तरांश अनुसार समयावधि आगामी एक माह संभावित है।

परिशिष्ट - ''ग्यारह''

मुख्‍य बस स्‍टैण्‍ड सागर का जीर्णोद्धार

[परिवहन]

14. ( क्र. 161 ) श्री शैलेन्द्र जैन : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सागर नगर के मुख्‍य बस स्‍टैण्‍ड नवीनीकरण/जीर्णोद्धार हेतु शासन द्वारा कब तथा कितनी राशि स्‍वीकृत की गयी थी एवं कौन से कार्य कराये जाना प्रावधानित थे? कार्य पूर्ण कराये जाने की समय-सीमा क्‍या थी? (ख) प्रश्‍नांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न दिनांक तक कौन-कौन से कार्य पूर्ण कर लिये गये हैं तथा कौन-कौन से कार्य पूर्ण कराये जाना शेष हैं? (ग) यदि समय-सीमा में कार्य पूर्ण नहीं हुए हैं तो, इसके क्‍या कारण हैं एवं इसके लिए कौन दोषी है? प्रावधानित कार्य कब तक पूर्ण करा लिए जाएंगे?
गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) सागर के मुख्य बस स्टैण्ड नवीनीकरण जीर्णोद्धार हेतु विभाग के पत्र क्रमांक एफ-8-03/2016/आठ भोपाल दिनांक 22 अक्टूबर 2016 द्वारा राशि रू. 269.32 लाख की स्वीकृति प्रदान की गई थी। इसके अंतर्गत सीसी रोड, सीसी ड्रेनेज, शौचालय, वूम बेरियर सहित गेट निर्माण, पार्किग रोड एवं पार्किग क्षेत्र का निर्माण एवं बसों के प्लेटफार्म का निर्माण प्रस्तावित है। कार्य पूर्ण कराये जाने हेतु अनुबंधानुसार 10 माह की अवधि निश्चित थी। (ख) प्रश्नांश '' के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न दिनांक तक सीसी पेवमेंट का निर्माण ड्रेनेज, शौचालय, दो नग बसों के प्लेटफार्मों का निर्माण कार्य हो चुका है। गेट निर्माण का कार्य एवं एक प्लेटफार्म का कार्य प्रगति पर है, इनको कवर करने हेतु स्पेसफ्रेम एवं रूफिंग सीट का कार्य शेष है। (ग) उक्त कार्य को अनुबंधानुसार दिनांक 11.12.2016 तक पूर्ण किया जाना था, परंतु राशि आवंटन में विलंब होने से देर हुयी है। कोई दोषी नहीं है। मार्च 2018 तक कार्य पूर्ण होने की संभावना है।

हैण्डपंप खनन

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

15. ( क्र. 185 ) डॉ. कैलाश जाटव : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) विधानसभा क्षेत्र गोटेगांव अंतर्गत जनपद पंचायत गोटेगांव एवं जनपद पंचायत नरसिंहपुर में वित्त वर्ष 2016-17 एवं 2017-18 में कितने स्थानों पर हैण्डपम्प खनन किया गया? ग्रामवार, पंचायतवार, स्थान सहित सूची उपलब्ध करावें। (ख) विधानसभा क्षेत्र गोटेगांव अंतर्गत वित्तवर्ष 2015-16, 2016-17 एवं 2017-18 में किन-किन ग्रामों में कितनी-कितनी राशि नलजल योजना हेतु स्वीकृत की गई? (ग) प्रश्‍नांश (ख) अनुसार ग्रामों में जो नलजल योजनाएं संचालित की जा रही हैं, उनमें से कितनी नलजल योजनाएं वर्तमान में सुचारू रूप से चालू हैं एवं कितनी बंद हैं? सूची उपलब्ध करावें। जो नलजल योजनाएं बंद हैं उनके बंद होने का कारण स्पष्ट करें। (घ) प्रश्‍नांश (ग) अनुसार जो नलजल योजनाएं बंद हैं उन्हें चालू करने हेतु शासन की ओर से क्या कार्यवाही की जा रही है?

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) जनपद पंचायत गोटेगांव में वर्ष 2016-17 एवं 2017-18 में क्रमशः 32 एवं 25 तथा जनपद पंचायत नरसिंहपुर में क्रमशः 19 एवं 5 हैण्डपंपों हेतु नलकूप खनन किया गया। शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) 4 नलजल योजनाएं स्वीकृत की गई, शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (घ) उत्तरांश (ग) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।

अर्बन लेण्ड सीलिंग एक्ट के अधीन अधिग्रहीत भूमि की वापसी

[राजस्व]

16. ( क्र. 211 ) श्री मोती कश्यप : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या‍ जबलपुर नगर सीमा के ग्रामों के कृषकों की कृषि‍ प्रयोजन की भूमि के अधिग्रहीत किये जाने के उपरान्त भी आज दिनांक तक न तो कब्जा किया गया है और न ही उन्हें मुआवजा दिया गया है? यदि हाँ, तो क्‍यों? (ख) क्या प्रश्‍नकर्ता ने किन्हीं दस्तावेजों सहित पत्र दिनांक 10-9-2017 द्वारा प्रश्नांश (क) भूमि को कृषकों को वापस करने की मांग पर मा. मुख्यमंत्री जी ने राज्य के अनेक नगरों की समस्या- होने पर मा. महाधिवक्ता उच्च न्यायालय से अभिमत प्राप्त कर उचित कार्यवाही करने का आश्वासन दिया है? (ग) प्रश्नांश (ख) के परिपेक्ष्य में किस दिनांक को मा. महाधिवक्ता से अभिमत मांगा गया है और किस दिनांक को प्राप्त हुआ है? तदनुसार क्या कार्यवाही सुनिश्चित की गई है?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) जबलपुर जिले में अर्बन सीलिंग एक्‍ट के अन्‍तर्गत विधिक प्रक्रिया पूर्ण करते हुये भूमियां राजस्‍व विभाग में दर्ज की जाकर कब्‍जे में ली गई थी। (ख) सीलिंग अतिशेष घोषित व कब्‍जा प्राप्त भूमियों का मुआवजा सीलिंग एक्‍ट के अनुसार निर्धारित है, परन्‍तु उक्‍त राशि कम होने से संबंधितों द्वारा प्राप्‍त नहीं की जा रही है। (ग) एवं (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

मुआवजा का भुगतान

[राजस्व]

17. ( क्र. 216 ) श्री यादवेन्‍द्र सिंह : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रश्‍नकर्ता सदस्‍य द्वारा दिनांक 10.07.2017 को मुख्‍य सचिव म.प्र. एवं प्रमुख सचिव राजस्‍व को पत्र क्रमांक 3550 एवं 3551 लिखकर ललितपुर, सतना, रीवा, सिंगरौली, महोबा, खजुराहो 541 कि.मी. रेलमार्ग निर्माण हेतु भूमि अधिग्रहण हेतु भूमि स्‍वामियों को पात्रतानुसार चार गुना मुआवजा भुगतान किए जाने की कार्यवाही किए जाने हेतु लिखा गया था तथा दिनांक 16.10.2017 को उक्‍त दोनों अधिकारियों को स्‍मरण पत्र लिखकर की गई कार्यवाही से अवगत कराने का भी लेख किया गया है? (ख) प्रश्‍नांश (क) यदि हाँ, तो पत्रों में उल्‍लेखित तथ्‍यों पर अभी तक क्‍या कार्यवाही की गई तथा अब तक की गई कार्यवाही से निर्धारित समय-सीमा में प्रश्‍नकर्ता को क्‍यों नहीं अवगत कराया गया? इसके लिए कौन उत्‍तरदायी है और उसके विरूद्ध कब क्‍या कार्यवाही की जावेगी? (ग) प्रश्‍नांश (क) के रेलमार्ग हेतु अभी तक किन-किन भूमि स्‍वामियों को किस गाईड-लाईन से कितना-कितना मुआवजे का वितरण कर दिया गया? कितना शेष है? क्‍यों शेष हैं? बताएँ?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) जी हाँ। (ख) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित पत्र की प्रति मुख्य सचिव कार्यालय से प्राप्त होने पर संबंधित कलेक्टरों-रीवा, सतना, सिंगरौली, सागर एवं छतरपुर को पत्र की प्रति नियमानुसार कार्यवाही हेतु भेजी गई, जिसकी प्रतिलिपि माननीय सदस्य को दिनांक 17.11.2017 को भी अंकित की गई है। अत: शेष प्रश्न उद्भूत नहीं होता। (ग) मुआवजे का भुगतान की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है, भुगतान की शेष कार्यवाही शीघ्र ही पूर्ण कर ली जावेगी।

संनिर्माण कर्मकार की राशि वसूली

[श्रम]

18. ( क्र. 217 ) श्री यादवेन्‍द्र सिंह : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नोत्‍तरी दिनांक 26.07.2017 में मुद्रित प्रश्‍न क्रमांक 2352 के प्रश्‍नांश (ख) का उत्‍तर म.प्र. भवन एवं अन्‍य संनिर्माण कर्मकार कल्‍याण मंडल के अंतर्गत कटनी जिले में वर्ष 2012 में जिन भवन स्‍वामियों को उपकर राशि जमा करने हेतु कारणदर्शी पत्र जारी किया गया था उनमें से किसी के भी द्वारा उपकर राशि जमा नहीं की गई? उपरोक्‍त राशि की वसूली की कार्यवाही की जा रही है, दिया गया था तो वर्ष 2012 से प्रश्‍न दिनांक तक राशि वसूली हेतु क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई? कार्यवाही विवरण उपलब्‍ध करावें। विगत 6 वर्षों से वसूली नहीं करने पर रचना नगर निवासी ने दिनांक 18.07.2017 को मुख्‍य सचिव म.प्र. शासन एवं 18.07.2017 को कलेक्‍टर कटनी को उक्‍त के संबंध में शिकायत की गई थी? यदि हाँ, तो पूरे प्रकरण में उपकर की राशि न वसूलने कौन-कौन दोषी है? उनके विरूद्ध शासन द्वारा अब तक क्‍या कार्यवाही की गई? बताएं। (ख) प्रश्‍नकर्ता द्वारा मुख्‍य सचिव को पत्र क्रमांक क्‍यू.3 दिनांक 19.06.2017 को डिप्‍टी कमिश्‍नर श्रम विभाग भोपाल को अतिरिक्‍त प्रभार से हटाकर विभागीय जाँच संस्थित किए जाने हेतु लिखा था, उस पर अब तक क्‍या कार्यवाही की गई? बताएं। यदि नहीं, की गई तो कब तक की जावेगी? (ग) विधानसभा प्रश्‍न संख्‍या 127 क्रमांक 7269 दिनांक 27 मार्च 2017 के प्रश्‍नांश (ख) के उत्‍तर में कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। दिया गया है तो क्‍या अतिरिक्‍त पदों से हटाने की प्रक्रिया पूर्ण कर ली गई? यदि नहीं, तो अब कब पूर्ण न करने के लिए कौन दोषी है? बताएं तथा कब तक अतिरिक्‍त पदों से हटाया जायेगा?

खाद्य मंत्री ( श्री ओम प्रकाश धुर्वे ) : (क) भवन एवं अन्‍य संनिर्माण कर्मकार कल्‍याण उपकर अधिनियम, 1996 के अंतर्गत कटनी जिले में वर्ष 2012 से पंजीकृत सभी प्रकरणों में उपकर राशि की वसूली हेतु कार्यालय द्वारा सूचना पत्र जारी किये गये हैं जिसके अनुक्रम में उक्‍त प्रकरणों में 20,55,079/- रू. उपकर राशि जमा हो चुकी है, जिसका प्रकरणवार  जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। श्रमायुक्‍त द्वारा श्रम पदाधिकारी, कटनी को प्रकरणों में त्‍वरित कार्यावाही करते हुए उपकर राशि की वसूली हेतु निर्देशित किया गया है, जिसके अनुक्रम में उक्‍तानुसार उपकर राशि की वसूली की प्रक्रिया प्रचलित है। अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ख) शासन स्‍तर पर कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। (ग) शासन स्‍तर पर कार्यवाही प्रक्रियाधीन है।

परिशिष्ट - ''बारह''

फसल बीमा की राशि का भुगतान

[राजस्व]

19. ( क्र. 255 ) श्री रामनिवास रावत : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) श्योपुर जिले की बडोदा तहसील में दि. 10.10.16 को चक्रवाती तूफान, तेज वर्षा व ओलावृष्टि से किन-किन ग्रामों में कितने कृषकों की कितने-कितने प्रतिशत, किन किन फसलों की क्षति का आंकलन राजस्व विभाग द्वारा कर किस किस ग्राम के किस-किस कृषक को कितनी कितनी राहत राशि एवं फसल बीमा राशि दी गयी? (ख) प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्य में क्या 12 ग्रामों में फसल बीमा धारक किसानों को 50 प्रतिशत से अधिक नुकसान मानते हुए राहत राशि दी गयी? जबकि बीमा कंपनी द्वारा मात्र 6 से 18 प्रतिशत तक ही नुकसान माना है? यदि हाँ, तो यह अंतर क्यों? ग्रामवार कृषक के नाम सहित बतावें। (ग) क्या ग्राम नयागांव ढोंढपुर पटवारी हल्का 1718 के 199 किसानों की फसल का सहकारी संस्था नयागांव ढोंढपुर द्वारा फसल बीमा कराया गया एवं इन किसानों को फसल नुकसानी की राहत राशि तो मिल गयी किन्तु फसल बीमा की राशि नहीं मिलने के क्या कारण रहे? बीमा राशि के भुगतान हेतु क्या कलेक्टर द्वारा पत्र क्रमांक 4707 दिनांक 12.07.17 से बीमा कंपनी को दावा राशि के भुगतान हेतु लेख किया है? यदि हाँ, तो क्या कंपनी द्वारा राशि का भुगतान कर दिया है? यदि नहीं, तो क्यों एवं कब तक भुगतान कर दिया जावेगा?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) बडोदा तहसील में दिनांक 10.10.2016 को चक्रवाती तूफान, तेज वर्षा व ओलावृष्टि से राडेप, लात, नयागांव, चन्‍द्रपुरा, लूड, लाडपुरा, फिरोजपुर, तलावडा, डोंडपुर कुल 09 ग्रामों में फसलों की क्षति हुई। कृषकों को प्रदाय की गई राहत राशि की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। कृषकों को प्रदाय की गई फसल बीमा राशि की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र ब अनुसार है। (ख) जी नहीं। प्रश्‍नांश "क" के परिप्रेक्ष्‍य में 09 ग्रामों में राहत राशि दी गई है। खरीफ 2016 मौसम हेतु बडोदा तहसील में पटवारी हल्‍का नंबर 15, 16, 17, 18, 19, 12 में धान सिंचित फसल हेतु सूचनाएँ प्राप्‍त हुई थी एवं क्षतिपूर्ति निर्धा‍रण हेतु प्रक्रियाधीन है, यदि उपरोक्‍त पटवारी हल्‍के में योजना अनुसार क्षतिपूर्ति देय होगी तो पात्र कृषकों के लिए नोडल बैंकों को भुगतान किया जावेगा। खरीफ 2016 मौसम हेतु औसत पैदावार व बोया गया रकवा तथा बैंक द्वारा बीमित किए गये रकवे के आधार पर जिन पटवारी हल्‍कों में उपज में कमी पाई गई थी वहां योजना के अनुसार क्षतिपूर्ति राशि का भुगतान किया गया है। बैंकों से प्राप्‍त कृषकवार बीमा राशि की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्रब अनुसार है। (ग) जी हाँ। इन किसानों को खरीफ 2016 की राहत राशि तो वितरण की गई है किन्‍तु फसल बीमा दावा राशि वितरण नहीं हुई। जी हाँ, कलेक्‍टर, जिला-श्‍योपुर द्वारा 199 कृषकों की सूची बीमादावा राशि के भुगतान हेतु ए.आई.सी.बीमा कंपनी को भेजी गई है। बीमा कंपनी द्वारा राशि का भुगतान नहीं किया गया है। कार्यवाही प्रचलन में है।

उपभोक्‍ताओं को राशन उपलब्‍ध कराने हेतु व्‍यवस्‍था

[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्‍ता संरक्षण]

20. ( क्र. 285 ) श्री अशोक रोहाणी : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश शासन ने गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले गरीब उपभोक्‍ताओं को सस्‍ता राशन उपलब्‍ध कराने हेतु कब से कौन सी नई व्‍यवस्‍था लागू की है? क्‍या इस नई व्‍यवस्‍था से उपभोक्‍ताओं को सुगमता पूर्वक राशन उपलब्‍ध हो रहा है? इसकी मॉनीटरिंग की क्‍या व्‍यवस्‍था की गई है? (ख) जबलपुर शहर में ऐसे कितने गरीब उपभोक्‍ता है? जो शासन की नई व्‍यवस्‍था के कारण सस्‍ते राशन से वंचित हैं? वार्डवार जानकारी दें। (ग) प्रश्‍नांश (ख) में जिला प्रशासन ने गरीब उपभोक्‍ताओं को सुगमतापूर्वक सस्‍ता राशन उपलब्‍ध कराने हेतु पात्रता पर्ची बनवाने की क्‍या व्‍यवस्‍था की है? गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले कितने उपभोक्‍ताओं की अभी तक पात्रता पर्ची नहीं बनी है एवं क्‍यों? (घ) जिला प्रशासन जबलपुर ने पात्रता पर्ची के अभाव में सस्‍ते राशन से वंचित उपभोक्‍ताओं को सस्‍ता राशन उपलब्‍ध कराने की क्‍या व्‍यवस्‍था की है? यदि नहीं, तो क्‍यों?

खाद्य मंत्री ( श्री ओम प्रकाश धुर्वे ) : (क) राष्‍ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 का क्रियान्‍वयन माह मार्च, 2013 से किया गया है, जिसके अंतर्गत बी.पी.एल. एवं अन्‍त्‍योदय परिवारों के साथ-साथ 23 अन्‍य श्रेणी के परिवारों को पात्र परिवार के रूप में सम्मिलित किया गया है। एण्‍ड-टू-एण्‍ड कम्‍प्‍यूटराईजेशन परियोजनांतर्गत लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली का कम्‍प्‍यूटराईजेशन किया जाकर राज्‍य स्‍तर से उचित मूल्‍य दुकानवार आवंटन एवं पात्र हितग्राहियों का स्‍थानीय निकाय द्वारा ऑनलाईन सत्‍यापन किया जाकर पात्रता पर्ची (ई-राशनकार्ड) जारी किए जाने की व्‍यवस्‍था की गई है, जिसमें प्रत्‍येक उचित मूल्‍य दुकान पर पी.ओ.एस. मशीन के माध्‍यम से राशन वितरण किया जा रहा है। इस व्‍यवस्‍था से उपभोक्‍ताओं को राशन प्राप्‍त करने में सुविधा हुई है तथा इसकी ऑनलाईन मॉनीटरिंग की भी व्‍यवस्‍था है। (ख) जबलपुर शहर में 1,64,480 पात्र परिवारों को पात्रता पर्ची जारी की गई है उनको राशन सामग्री का वितरण किया जा रहा है। वैध पात्रता पर्चीधारी परिवार राशन सामग्री प्राप्‍त करने से वंचित नहीं है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) जबलपुर शहर में कुल 1,64,480 परिवारों (786956 हितग्राही) को पात्रता पर्ची का वितरण कर लाभ दिया जा रहा है। राष्‍ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 के अंतर्गत पात्र परिवारों को स्‍थानीय निकाय द्वारा सत्‍यापन उपरांत पात्रता पर्ची (ई-राशनकार्ड) जारी की जाती है। राष्‍ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियिम, 2013 के अंतर्गत भारत सरकार द्वारा निर्धारित आबादी की सीमा तक ही लाभ दिया जा सकता है। अधिनियम अंतर्गत राज्‍य के लिए हितग्राहियों की अधिकतम सीमा निर्धारित है। इस सीमा से अधिक हितग्राहियों को लाभांवित करने का प्रावधान अधिनियम की धारा-3 के अंतर्गत न होने के कारण शेष आवेदकों की पात्रता नहीं बनती है। वर्तमान में सम्मिलित पात्र परिवारों में से हितग्राही की मृत्‍यु होने, विवाह होने से, अन्‍य स्‍थान पर निवास करने एवं पात्रता श्रेणी में न रहने के कारण हितग्राही की पात्रता में परिवर्तन होना एक निरंतर प्रक्रिया है। तदनुसार नवीन पात्रता पर्ची निर्धारित सीमा में जारी की जा रही है। जिले में 01 मई, 2017 की स्थिति में परिवारों की संख्या के विरू़द्ध जितने अपात्र परिवारों को पोर्टल पर विलोपित किया जायेगा, उतनी ही संख्या में संबंधित जिले के नवीन सत्यापित परिवारों को सम्मिलित किया जा सकेगा। जुड़ने वाले नवीन परिवारों में बी.पी.एल. एवं अनुसूचित जाति/जनजाति श्रेणी को प्राथमिकता दी जा रही है। (घ) प्रश्‍नांश (ख) के उत्‍तर अनुसार। वर्ष 2017-18 में जबलपुर शहर में 302 परिवारों के 1153 हितग्राहियों के लिए नवीन पात्रता पर्ची जारी की गई है।

रेशम केन्द्र

[कुटीर एवं ग्रामोद्योग]

21. ( क्र. 313 ) श्री जालम सिंह पटेल : क्या पशुपालन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नरसिंहपुर जिले में कितने रेशम केन्द्र कहाँ-कहाँ संचालित हैं? विधानसभा क्षेत्रवार जानकारी प्रदान करें। (ख) नरसिंहपुर जिले में विगत 03 वर्षों में कितने किसानों को रेशम विभाग द्वारा अनुदान प्रदान किया गया है? विधानसभा क्षेत्रवार किसानों की संख्‍यावार जानकारी प्रदान करें। (ग) नरसिंहपुर जिले में रेशम का धागा बनाने के लिए कितने प्रकल्प संचालित हैं? (घ) किसानों द्वारा कितने रूपया प्रति किलो कुकून (रेशम की गांठ) खरीदी जाती है एवं विगत 03 वर्षों में कितने किसान इस योजना से लाभांवित हुए हैं? (ङ) क्या रेशम उत्पादक से खरीदे हुए कोषा का भुगतान किसानों के सीधे खातों में डाला जाता है? (च) रेशम उत्पादक किसान को प्लांट लगाने एवं रख-रखाव हेतु क्या क्या सुविधाएं दी जाती हैं?

पशुपालन मंत्री ( श्री अंतर सिंह आर्य ) : (क) एवं (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र '''' पर है। (ग) नरसिंहपुर जिले में 3 धागाकरण ईकाइयाँ मलबरी धागाकरण इकाई मुंगवानी, पनारी एवं टसर धागाकरण इकाई नरसिंहपुर में संचालित है। (घ) ) किसानों से मलबरी वायवोल्टाईन ककून शैल प्रतिशत के आधार पर 130 से 350 रूपये प्रति किलो तथा मलबरी मल्टीवोल्‍टाईन ककून शैल प्रतिशत के आधार पर 90 से 220 रूपये प्रति किलो खरीदा जाता है। विगत तीन वर्षों में 567 कृषको को लाभांवित किया गया है। (ड.) जी हाँ। आर.टी.जी.एस. के माध्‍यम से (च) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है।

परिशिष्ट - ''तेरह''

पी.डी.पी.टी. हेतु सीट आरक्षित करते हुए वरीयता प्रदान किया जाना

[तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास]

22. ( क्र. 332 ) श्री सोहनलाल बाल्‍मीक : क्या राज्‍यमंत्री, तकनीकी शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या जिला छिन्‍दवाड़ा के शासकीय पॉलीटेक्निक कॉलेज खिरसाडोह (परासिया) में माईनिंग एंड माईनिंग सर्वेइंग ब्रांच में छात्रों को डिप्‍लोमा पूर्ण होने के पश्‍चात मिलने वाली पी.डी.पी.टी. में समस्‍त छात्रों को अनेक प्रकार की समस्‍याओं का सामना करना पड़ता है? क्‍योंकि पी.डी.पी.टी. की लिस्‍ट आने में काफी समय लग जाता है और ना ही शासकीय पॉलीटेक्निक कॉलेज खिरसाडोह (परासिया) के लिये सीट आरक्षित होती है? (ख) प्रश्‍नकर्ता द्वारा मान.तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास मंत्री जी को पत्र क्र.वि.स./परासिया/127/2017/685 दिनांक 16/10/2017 एवं प्रमुख सचिव महोदय जी को पत्र क्र.वि.स./परासिया/127/2017/686, दिनांक 16/10/2017 के माध्‍यम से शासकीय पॉलीटेक्निक कॉलेज खिरसाडोह (परासिया) में अध्‍ययनरत माईनिंग एंड माईनिंग सर्वेइंग छात्रों का पी.डी.पी.टी. की सूची में चयन शीघ्र किया जाने एवं शासकीय संस्‍थान में अध्‍ययनरत छात्रों को पी.डी.पी.टी. हेतु सीट आरक्षित करते हुये वरीयता प्रदान किये जाने एवं गैस टेस्टिंग की सूची में शासकीय पॉलीटेक्निक कॉलेज खिरसाडोह (परासिया) में अध्‍ययनरत छात्रों का नाम शामिल किये जाने के संबंध में आवश्‍यक कार्यवाही किये जाने हेतु निवेदन किया गया था? उक्‍त संबंध में अभी तक क्‍या कार्यवाही की गई है? (ग) प्रश्‍नांश (ख) अंतर्गत किए गए निवेदन के संबंध में विभाग द्वारा कब तक निर्देश जारी कर दिये जायेंगे?

राज्‍यमंत्री, तकनीकी शिक्षा ( श्री दीपक कैलाश जोशी ) : (क) जी नहीं। बोर्ड ऑफ अप्रेंटिसशिप ट्रेनिंग वेस्‍टर्न रीजन, मुम्बई के छात्रों द्वारा प्रस्‍तुत ऑनलाईन आवेदन की मेरिट में आने वाले छात्रों को समस्‍या का सामना नहीं करना पड़ता है। मेरिट सूची में चयनित न होने वाले छात्रों को वेस्‍टर्न कोलफील्‍ड लिमिटेड, नागपुर से ऑफलाईन आवेदन जमा करना होता है, अतएव अति‍रिक्‍त समय लगता है। पी.डी.पी.टी. के लिये वेस्‍टर्न कोलफील्‍ड लिमिटेड मुंबई के मेरिट के आधार पर छात्रों को ट्रेनिंग प्रदान करता है, किसी संस्‍था विशेष के लिये सीटे आरक्षित नहीं है। (ख) संचालनालय तकनीकी शिक्षा के पत्र दिनांक 21.11.2017 द्वारा डायरेक्‍टर बोर्ड आफ अप्रेंटिसशिप ट्रेनिंग, सियोन, मुंबई एवं डायरेक्‍टर जनरल माईन सेफटी, धनवाद झारखण्‍ड को लिखा गया है। (ग) डायरेक्‍टर बोर्ड आफ अप्रेंटिसशिप ट्रेंनिग, सियोन, मुंबई एवं डायरेक्‍टर जनरल माईन सेफ्टी, धनवाद झारखण्‍ड से जानकारी प्राप्‍त होने पर आगामी कार्यवाही की जावेगी। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

किसानों की भूमि का मुआवजा

[राजस्व]

23. ( क्र. 333 ) श्री सोहनलाल बाल्‍मीक : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) छिन्‍दवाड़ा जिले में स्थित रिलायंस कम्‍पनी प्रा.लि. सियालघोघरी कोलमाईन्‍स में कोल खनन के लिये बनाई गई आर. एण्‍ड आर. पॉलिसी के अंतर्गत अधिग्रहित की गई किसानों की भूमि का मुआवजा मध्‍यप्रदेश शासन के द्वारा आंकलन की गई राशि के अनुसार भुगतान किया जा चुका है या नहीं? (ख) रिलायंस सीमेंट कम्‍पनी के द्वारा भूमि अधिग्रहित किये गये किसानों को आर. एण्‍ड आर. पॉलिसी के अंतर्गत क्‍या-क्‍या सुविधायें प्रदान की जा रही हैं? अगर सुविधायें प्रदान नहीं की जा रही हैं तो शासन द्वारा कम्‍पनी के मालिक/अधिकारियों के ऊपर क्‍या कार्यवाही की जायेगी? (ग) रिलायंस सीमेंट कंपनी में कोल खनन के लिये भारत सरकार के द्वारा बनाये गये कानून का पालन नहीं करना, जैसे माईन्‍स एक्‍ट 1952, माईन्‍स रूल्‍स 1955, कोलमाईन्‍स रेगुलेशन 1957 एवं खान सुरक्षा महा निदेशालय द्वारा कोल खनन की सुरक्षा संबंधी दिशा निर्देशों का पालन नहीं करने पर क्‍या दिनांक 23.10.2017 को डी.डी.एम.एस. परासिया द्वारा निरीक्षण के दौरान खनन कानून का उल्‍लंघन पाया गय? ऐसी परिस्थितियों में कम्‍पनी के मालिक/अधिकारियों के ऊपर शासन द्वारा क्‍या कार्यवाही की जायेगी और कब तक? (घ) क्‍या रिलायंस सीमेंट कम्‍पनी में जिन किसानों की भूमि अधिग्रहित की गई है, उन किसानों को कम्‍पनी के द्वारा नौकरी प्रदान की गई है? उन्‍हें वेतन अधिनियम 1936 के तहत प्रतिमाह कितना-कितना वेतन दिया जा रहा है एवं पी.एफ. पेन्‍शन, ग्रेच्‍युटी आदि की क्‍या सुविधा दी जा रही है एवं कितने कामगारों का पी.एफ. खाता खोला गया है? यदि नियमानुसार वेतन का भुगतान पी.एफ. पेन्‍शन की कटौती नहीं की गई है तो शासन के द्वारा संबंधित अधिकारी के ऊपर क्‍या कार्यवाही की जायेगी?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) कोल खनन हेतु रिलायंस कंपनी प्रा.लि.के लिये भूमि का अधिग्रहण नहीं किया गया है। अत शेष प्रश्‍न उद्भूत नहीं होता। (ख) भूमि अधिग्रहण की कार्यवाही नहीं की गई है। अत: आर.एण्‍ड.आर. पॉलिसी का लाभ नहीं दिया गया है। (ग) रिलायंस सीमेंट कंपनी द्वारा कोल खनन के लिये भारत सरकार द्वारा बनाये गये कानून का उल्‍लंघन किये जाने पर भारत सरकार के श्रम एवं रोजगार मंत्रालय खान सुरक्षा महानिदेशालय नागपुर क्षेत्र संख्‍या 1 द्वारा पत्र क्रमांक 830 दिनांक 30.10.2017 द्वारा नियमानुसार कार्यवाही की गई है। (घ) उत्‍तरांश क के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उद्भूत नहीं होता।

हैण्‍डपंप लगाया जाना

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

24. ( क्र. 374 ) श्री प्रदीप अग्रवाल : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) दतिया जिले में 01 अप्रैल 2014 के उपरांत प्रश्‍न दिनांक तक कुल कितने नवीन हैण्‍डपंप लगाये जाने बाबत् लक्ष्‍य प्राप्‍त हुआ? उक्‍त लक्ष्‍य हेतु प्राप्‍त आवंटन को विकास खण्‍डवार कितने-कितने हैण्‍डपंप विभाग द्वारा स्‍वीकृत किये? (ख) उक्‍त अवधि में विधायकों द्वारा किन-किन ग्रामों में हैण्‍डपंप लगाये जाने बाबत् अनुशंसा पत्र दिये एवं विभाग द्वारा किन-किन ग्रामों में हैण्‍डपंप लगाये वर्षवार/विधानसभा क्षेत्रवार जानकारी उपलब्‍ध करायें। (ग) क्‍या विभाग द्वारा सेंवढ़ा विकासखण्‍ड में विधायक से हैण्‍डपंप ग्रामों में लगाये जाने बाबत् अनुशंसा ली और अनुशंसित ग्रामों स्‍थानों को छोड़कर अन्‍यत्र हैण्‍डपंप लगवाये है यदि हाँ, तो क्‍यों? यदि नहीं, तो इस प्रकरण की जाँच कराई जावेगी। इसके लिये कौन-कौन अधिकारी जिम्‍मेदार हैं? उनके खिलाफ क्‍या एवं कब तक दण्‍डात्‍मक कार्यवाही की जायेगी?

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) प्रश्नाधीन अवधि में कुल 280 ग्रामीण बसाहटों, 67 आंगनवाड़ियों तथा 57 ग्रामीण शालाओं में नवीन हैण्डपंप लगाने का लक्ष्य दिया गया है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ग) विभागीय कार्यक्रम के अंतर्गत प्राप्त वार्षिक लक्ष्य के अंतर्गत आंशिकपूर्ण श्रेणी के ग्रामों में निर्धारित मापदण्ड 55 लीटर प्रति व्यक्ति प्रतिदिन के मान से पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने हेतु हैण्डपंप लगाये जाते हैं। विधानसभा क्षेत्र के आंशिकपूर्ण श्रेणी के ग्रामों की सूची में सम्मिलित ग्रामों में से संबंधित मान. विधायक महोदय द्वारा अनुशंसित ग्रामों को प्राथमिकता देकर नलकूप खनन कर हैण्डपंप लगाये जाते हैं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।

कौशल विकास परीक्षा की जानकारी

[तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास]

25. ( क्र. 392 ) डॉ. रामकिशोर दोगने : क्या राज्‍यमंत्री, तकनीकी शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रश्‍नकर्ता द्वारा दिनांक 26 जुलाई 2017 के प्रश्‍न क्रमांक 1263 के प्रश्‍न में प्रश्‍नांश (क) से (घ) में प्रोफेशनल एग्‍जाम बोर्ड द्वारा वर्ष 2016 में आयोजित कौशल विकास आई.टी.आई. परीक्षा में, वेल्‍डर ट्रेड की परीक्षा में पूछे गये प्रश्‍न के उत्‍तर को असत्‍य मानकर परीक्षार्थी को परीक्षा के कम अंक दिये जाने पर परीक्षा में पूछे गये प्रश्‍न क्रमांक 38 एवं 40 पर आपत्ति दर्ज कराई थी? (ख) साथ ही (घ) प्रश्‍न के उत्‍तर में भारत सरकार रोजगार एवं प्रशिक्षण महानिदेशालय, श्रम एवं रोजगार मंत्रालय एवं Trade Theory and assignment/Test by G.S. Sethi द्वारा जारी पुस्‍तक में अंकित उत्‍तर को कुंजी समिति के विषय विशेषज्ञों ने उम्‍मीदवार द्वारा उपलब्‍ध कराये गये साक्ष्‍य, पाठ्यक्रम, पुस्‍तकों एवं आपत्तियों को अमान्‍य कर दिया गया? (ग) यदि हाँ, तो क्‍या कारण है कि जिस ट्रेड के लिये भारत सरकार द्वारा उपर्युक्‍त जिन पुस्‍तकों का निर्धारण एवं सर्व मान्‍य किया है उसे राज्‍य सरकार के प्रोफेशनल बोर्ड की कुंजी समिति के सदस्‍यों द्वारा किस आधार पर गलत निर्णय लेकर अमान्‍य किया गया? (घ) क्‍या जिस प्रकार गेट, केट या अन्‍य ऑनलाईन परीक्षाओं में परीक्षा परिणाम जारी करने के पूर्व जिस तरह की प्रक्रिया अपनाई जाती है उसी प्रकार की प्रक्रिया प्रोफेशनल बोर्ड द्वारा क्‍यों नहीं अपनाई जाती है? परीक्षार्थियों की वास्‍तविक आपत्तियों को नजर अंदाज कर कुंजी समिति के सदस्‍यों के निर्णय को किस आधार पर अंतिम निर्णय मानकर प्रकरणों को क्‍यों अमान्‍य किया गया? क्‍या इससे परीक्षार्थियों के भविष्‍य के साथ खिलवाड़ नहीं हुआ है? (ड.) क्‍या शासन प्रकरण में विभाग के उच्‍चाधिकारियों की एक समिति बनाकर जाँच कराकर प्रभावित परीक्षार्थियों के हित में निर्णय लेने की कार्यवाही करेगा?

राज्‍यमंत्री, तकनीकी शिक्षा ( श्री दीपक कैलाश जोशी ) : (क) जी हाँ। कुंजी समिति द्वारा आपत्तियों को अमान्‍य किया गया। (ख) जी हाँ। (ग) कुंजी समिति के सदस्‍य संबंधित विषय के विशेषज्ञ होते है, इस आधार पर उनके निर्णय को अंतिम मान्‍य किया गया। (घ) पी.ई.बी. की परीक्षाओं में ''गेट'' ऑनलाईन परीक्षा के समान परीक्षा परिणाम जारी करने के पूर्व नार्मलाईजेशन की प्रक्रिया अपनाई जाती है। कुंजी समिति के सदस्‍यों के चयन हेतु महाविद्यालय स्‍तर पर कार्यरत योग्‍य एवं अनुभवी शिक्षकों का चयन किया जाता है। प्रत्‍येक परीक्षा हेतु विषयवार अलग-अलग विषय विशेषज्ञों का चयन किया जाता है। कुंजी समिति के सदस्‍यों हेतु शासकीय संस्‍था में कार्यरत शिक्षकों को प्राथमिकता दी जाती है अतएव इस प्रक्रिया में परीक्षार्थियों के भविष्‍य के साथ खिलवाड़ नहीं होता है। (ड.) उत्‍तरांश '''' के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता हैं।

कैदियों हेतु आहार

[जेल]

26. ( क्र. 433 ) श्री पुष्‍पेन्‍द्र नाथ पाठक : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) केन्द्रीय जेल सतना में  छतरपुर जिले के कुल कितने सजायाफ्ता कैदी हैं? कौन कब से है? (ख) जेल में कैदियों के लिए भोजन या आहार के लिए व्यक्तिगत मानक क्‍या हैं?

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) केन्‍द्रीय जेल सतना में छतरपुर जिले के कुल 298 सजायाफ्ता कैदी हैं। केन्‍द्रीय जेल सतना में छतरपुर जिले के सजायाफ्ता कैदियों का विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ख) जेल में कैदियों के लिए भोजन संबंधी मानक का विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-ब अनुसार है।


दिये गये पत्र एवं ज्ञापन की जानकारी

[राजस्व]

27. ( क्र. 443 ) श्री दिलीप सिंह शेखावत : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) पूर्व विधायक श्री दिलीपसिंह गुर्जर द्वारा नागदा को जिला बनाने के संबंध में वर्ष 2009 से अक्टूबर, 2013 तक कब-कब पत्र एवं ज्ञापन दिये गये थे? यदि हाँ, तो इनकी छायाप्रति उपलब्ध करावें। यदि नहीं, दिये गये तो अवगत करावें।

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है।

विभागीय कार्यों का लोकार्पण

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

28. ( क्र. 475 ) श्री मुकेश पण्‍ड्या : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) उज्जैन जिले की बड़नगर विधानसभा क्षेत्र में दिसम्बर 2015 से 31 अक्टूबर 2017 तक लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा विभिन्न मदों में कौन-कौन से कार्य किये गये हैं? किस-किस कार्य पर कितनी राशि व्यय की गई है? कितने कार्य पूर्ण हैं? कितने अपूर्ण हैं? (ख) कितने कार्य ऐसे हैं जो समय-सीमा में पूर्ण नहीं किये गये, उन पर विभाग द्वारा क्या कार्यवाही की गई एवं कितने कार्य ऐसे हैं जो निम्न स्तर के पाए गये? उन पर विभाग द्वारा क्या-क्या कार्यवाही की गई? (ग) क्या शासन द्वारा ऐसे कोई निर्देश दिये गये हैं कि जो कार्य पूर्ण हो चुके हैं उनका लोकार्पण नहीं किया जावेगा? यदि हाँ, तो नियमों की प्रति उपलब्ध करावें। अगर नहीं तो विभागीय अधिकारियों द्वारा बड़नगर विधानसभा क्षेत्र में लोकार्पण नहीं कराने के पीछे विभाग की क्‍या मंशा है? क्या इससे शासन की छवि धूमिल नहीं हो रही है? ऐसे अक्षम अधिकारी पर शासन क्या कार्यवाही करेगा?

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 1, 2, 3 एवं 4 अनुसार है। (ख) एक भी नहीं। प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। कोई भी नहीं। प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। बड़नगर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत जनप्रतिनिधियों द्वारा किये गये लोकार्पण एवं भूमि पूजन की सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-5 अनुसार है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।

पंजीबद्ध अपराध में कार्यवाही

[गृह]

29. ( क्र. 478 ) श्री मानवेन्द्र सिंह : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) छतरपुर, पन्‍ना, टीकमगढ़ जिले के अंतर्गत पुलिस थानों में 1 जनवरी 2016 से प्रश्‍न दिनांक तक कितने अपराध पंजीबद्ध हुए? थानावार जानकारी देवें। (ख) क्‍या छतरपुर जिले के पुलिस थाना नौगांव में दिनांक 27.10.2016 के अपराध क्र.381 एवं दिनांक 17.02.2017 के अपराध क्रं.0047 में दर्ज प्रकरण में किन-किन लोगों के खिलाफ, किन-किन भा.द.वि. संहिता के आधार पर अपराधिक प्रकरण दर्ज हुये? (ग) प्रश्‍नांकित (ख) अनुसार उक्‍त घटना में दर्ज प्रकरण अनुसार कितने आरोपियों की गिरफ्तारी की जा चुकी है एवं कितने आरोपियों की गिरफ्तारी की जाना शेष है तथा शेष आरोपियों की गिरफ्तारी कब तक की जावेगी? प्रश्‍न दिनांक तक गंभीर आरोपों में सम्मिलित आरोपी की गिरफ्तारी क्‍यों नहीं की गई? (घ) क्‍या गंभीर अपराधों में संलिप्‍त मुख्‍य आरोपियों को गिरफ्तार कर न्‍यायालय में पेश किया जायेगा? यदि हाँ, तो समय-सीमा बतायें?

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे गये परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) एवं (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे गये परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (घ) जी हाँ। समय-सीमा बताना संभव नहीं है।

वर्षों से निवासरत व्‍यक्तियों को आवासीय पट्टे जारी करना

[राजस्व]

30. ( क्र. 521 ) श्री हरदीप सिंह डंग : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शासन द्वारा वर्षों से निवासरत व्यक्तियों को आवासीय पट्टा प्रदान करने हेतु क्या नियम बनाये गए हैं? (ख) सुवासरा नगर पंचायत के वार्ड 14 अंतर्गत भूमि सर्वे क्रं. 1035/1, 0.178 आरी तथा 1031 एक हेक्टेयर भूमि किस के अधीन है? (ग) सुवासरा नगर के वार्ड 14 सर्वे क्रं. 1035.1, 0.178 एवं 1031 एक हेक्टेयर भूमि पर कितने वर्षों से कितने व्‍यक्ति मकान, झोपड़ी बनाकर निवासरत हैं? मुखिया के नाम सहित जानकारी देवें। (घ) शासन की मंशा अनुसार राजस्व विभाग द्वारा उपरोक्त वर्षों से निवासरत व्‍यक्तियों को पट्टे देने हेतु क्या कार्यवाही की गई है? कब तक भूमि स्वामी प्रमाण पत्र विभाग या नगर पंचायत द्वारा प्रदान कर दिए जावेंगे?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) आवासहीनों को म.प्र. शासन की भूमि में काबिज व्‍यक्तियों को आवासीय पट्टे दिए जाने के संबंध में निम्‍न प्रावधान है:- 1. मध्यप्रदेश ग्रामों में दखल रहित भूमि (विशेष उपबंध) अधिनियम, 1990 2. मध्यप्रदेश वास स्थान दखलकार (भूमि स्वामी अधिकारों का प्रदान किया जाना) अधिनियम, 1980  3. मध्यप्रदेश नगरीय क्षेत्रों के भूमिहीन व्यक्ति (पट्टाधृति अधिकारों का प्रदान किया जाना) अधिनियम, 1984 (ख) कलेक्टर के प्रकरण क्र.1/अ-59/2006-07 आदेश दिनांक 12.12.2006 अनुसार सर्वे नं. 1035/1 रकवा 0.178 हेक्टेयर शासकीय नर्सरी व सर्वे नं. 1031 रकवा 1.00 हेक्टेयर शासकीय कार्यालय भवन हेतु सुरक्षित की गई है तथा आदेशानुसार उपरोक्तानुसार अभिलेख में दर्ज हैं। (ग) सुवासरा नगर वार्ड 14 सर्वे नंबर 1035/1 रकवा 0.178 आरी तथा 1031 रकवा 1.00 हेक्टर भूमि पर 2014 की पूर्व से 192 व्यक्ति (परिवार) मकान/झोपड़ी बनाकर निवासरत हैं। मुखिया के नाम की सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (घ) शासन की मंशानुसार राजस्व विभाग द्वारा उपरोक्त वर्षों से निवासरत व्यक्तियों को पट्टे देने हेतु सर्वे कराया जा रहा हैं एवं पात्रता होने पर नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी।

नवीन पुलिस चौकी स्वीकृत करना

[गृह]

31. ( क्र. 522 ) श्री हरदीप सिंह डंग : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विगत दो वर्षों में सुवासरा विधानसभा क्षेत्र में नवीन पुलिस चौकी हेतु प्रश्‍नकर्ता द्वारा दिये गये आवेदन एवं विधानसभा सत्र में प्रश्‍नों में नवीन पुलिस चौकी स्थापना हेतु कोई निर्देश मंत्री जी द्वारा दिए गए थे? (ख) क्‍या दिनांक 27 फरवरी 2017 प्रश्न क्र. 1900 में शासन द्वारा सबसे ज्यादा कंजर प्रभावित क्षेत्र सुवासरा विधान सभा क्षेत्र को बताया गया? (ग) यदि हाँ, तो उपरोक्त सब बिंदुओं को ध्यान में आने के उपरांत भी प्रश्न दिनांक तक नवीन पुलिस चौकी की स्थापना क्यों नहीं हो पाई है? सुवासरा विधानसभा क्षेत्र में खेताखेड़ा, नकेड़ि‍या व बापच्या (शामगढ़) में कब तक नवीन पुलिस चौकी की स्वीकृति प्रदान की जावेगी?

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) जी नहीं। (ख) जी नहीं। मंदसौर जिले में सबसे ज्यादा कंजर प्रभावित विधानसभा क्षेत्र सुवासरा बताया गया था। (ग) नवीन चौकियों के प्रस्ताव परीक्षणाधीन है।

नवीन जिला बनाये जाना

[राजस्व]

32. ( क्र. 529 ) श्री रामपाल सिंह : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या शहडोल जिले के ब्‍यौहारी तहसील मुख्‍यालय को जिला बनाये जाने के लिये उस क्षेत्र के जन प्रतिनिधियों, समाज सेवियों, व्‍यवसायियों द्वारा प्रयास कर शासन स्‍तर पर मांग प्रस्‍तुत की गई है। (ख) यदि प्रश्‍नांश (क) हाँ तो उक्‍त संबंध में शासन स्‍तर से क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई है। की गई समस्‍त कार्यवाहियों की विस्‍तृत जानकारी उपलब्‍ध करायी जावे।

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) जी हाँ। (ख) जिला स्तर पर परीक्षण किया जा रहा है।

आबकारी विभाग को भूमि का आवंटन

[राजस्व]

33. ( क्र. 533 ) श्री रामपाल सिंह : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या शहडोल जिले के शहडोल नगर में पूर्व में संचालित पुलिस थाना व स्‍टॉफ निवास स्‍थल को वर्तमान में आबकारी विभाग को आवंटित कर दिया गया है। (ख) यदि प्रश्‍नांश (क) हाँ तो उक्‍त भूमि व भवन को आबकारी विभाग को कब आवंटित किया गया तथा उक्‍त आवंटित भूमि का खसरा नंबर, रकवा क्‍या है। जानकारी आबकारी विभाग को आवंटन दिनांक सहित उपलब्ध करायी जावे।

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) जी नहीं। (ख) उत्‍तर (क) अनुसार प्रश्‍न ही उत्पन्‍न नहीं होता है।

सेल्‍स टैक्‍स कार्यालय को आवंटित भूमि

[राजस्व]

34. ( क्र. 534 ) श्री रामपाल सिंह : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शहडोल जिले के शहडोल नगर का पुराना सेल्‍स टैक्‍स कार्यालय भवन व स्‍टाफ निवास (परमट के पास) किस खसरा नंबर व कितने रकवे में संचालित था? (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार क्‍या उपरोक्‍त भूमि व भवन आबकारी विभाग को आवंटित कर दिया गया है? यदि हाँ, तो आवंटन की तिथि सहित समस्‍त दस्‍तावेजी जानकारी उपरोक्‍त संबंध में उपलब्‍ध करायी जावे।

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) शहडोल जिले के शहर शहडोल नगर का पुराने सेल्‍स टैक्‍स कार्यालय भवन व स्‍टॉफ निवास परमट के पास कभी संचालित नहीं था। पुराना सेल्‍स टैक्‍स ऑफिस बडेरिया भवन के पास संचालित है जो कि परमट से बहुत दूर है। (ख) जी नहीं। शेष प्रश्‍न उद्भूत नहीं होता।

बड़वारा में आई.टी.आई. भवन की स्‍वीकृति

[तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास]

35. ( क्र. 554 ) श्री मोती कश्यप : क्या राज्‍यमंत्री, तकनीकी शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रश्नकर्त्ता ने अपने पत्र दिनांक 16-8-2017 में अधीक्षक औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था कटनी एवं विभागीय किन्हीं पत्रों तथा खसरे की नकल आदि दस्तावेजों सहित कोई पत्र विभागीय मंत्रीजी को प्रस्तुत किया है? (ख) क्या प्रश्नांश (क) में संलग्न पत्रों के अनुसार तहसील मुख्यालय बड़वारा में औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था स्वी‍कृत की जा चुकी है? (ग) क्या प्रश्नांश (क) के अधीक्षक औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था कटनी के पत्र में कलेक्टर कटनी से भवन हेतु भूमि की अपेक्षा की है और तदनुसार कलेक्टर कटनी द्वारा किसी खसरे की किसी रकवे की भूमि आवंटित कर दी गई है? (घ) प्रश्नांश (क) (ख), (ग) के परिप्रेक्ष्य में कब तक भवन स्वीकृत कर औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था निर्माण एवं क्‍या प्रारंभ करने की प्रक्रिया शुरू कर दी जायेगी?

राज्‍यमंत्री, तकनीकी शिक्षा ( श्री दीपक कैलाश जोशी ) : (क) जी हाँ। (ख) विभाग की नीति प्रत्‍येक विकासखण्‍ड में 01 आई.टी.आई. खोलने की है। विकासखण्‍ड बड़वारा के बरही में आई.टी.आई. सत्र अगस्‍त 2015 से स्‍वीकृत/संचालित है। (ग) जी हाँ। (घ) विभाग की नीति अनुसार विकासखण्‍ड बड़वारा में शासकीय आई.टी.आई. बरही स्‍वीकृत की जा चुकी है। अतएव पृथक से शासकीय आई.टी.आई. स्‍वीकृत करना नीति संगत न होने के कारण संभव नहीं है।

चकबन्‍दी के संबंध में

[राजस्व]

36. ( क्र. 592 ) श्री दुर्गालाल विजय : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या श्‍योपुर विधान सभा क्षेत्रांतर्गत ग्राम मेखड़ाहेड़ी, राजपुरा उर्फ झुनझुनीपुरा, ललितपुरा सहित 6 ग्रामों में 1960 में चकबंदी लागू करने उपरांत तत्‍समय ही राजस्‍व अभिलखों में तो नवीन खातेदार के नाम तो इन्‍द्राज कर दिये गये थे, किन्‍तु मौके पर अभिलेखों अनुसार इन्‍हें वर्तमान तक काबिज नहीं किया गया? नतीजन कृषकों को बहुत कठिनाइयां आ रही हैं? (ख) क्‍या प्रश्‍नकर्ता की ध्‍यानाकर्षण सूचना दिनांक 08.03.2016 पर सदन में चर्चा के दौरान आश्‍वासन दिया था कि मौके पर कब्‍जे के आधार पर ही कृषकों के नाम राजस्‍व अभिलेखों में इन्‍द्राज करके पूर्व की भांति कृषकों के नाम दर्ज कर एक वर्ष में राजस्‍व अभिलेखों को व्‍यवस्थित करवाकर जो किसान जहां काबिज हैं के अनुसार ही अभिलेख बनवा दिये जावेंगे? (ग) क्‍या आश्‍वासनानुसार उक्‍त ग्रामों के अधिकार अभिलेख तैयार कराये जा रहे हैं? यदि हाँ, तो इस हेतु अधिसूचना कब जारी की गई, की प्रति उपलब्‍ध करावे? अधिकार अभिलेख तैयार कराने की प्रचलित कार्यवाही को कब तक पूर्ण करके उक्‍त आश्‍वासन के मद्देनजर यथाशीघ्र वर्तमान की राजस्‍व अभिलेखों व मौके की स्थिति की भिन्‍नता को समाप्‍त कर कृषकों को वर्तमान तक आ रही कठिनाईयों से निजात दिला दी जावेगी व कब तक?
राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) एवं (ख) जी हाँ (ग) जी हाँ। नवीन नक्शा एवं अधिकार अभिलेख बनाये जाने हेतु म.प्र.शासन राजस्व विभाग मंत्रालय भोपाल द्वारा म.प्र.भू-राजस्व संहिता 1959 की धारा 108 (2) के तहत अधिसूचना क्रमांक एफ 15-8/2016/सात/शाखा-6/146 भोपाल दिनांक 7.2.2017 प्रकाशित की गई है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है जिसके परिप्रेक्ष्य में कार्यालय भू-अभिलेख/भू-प्रबन्धन जिला श्योपुर द्वारा पत्र क्रमांक 38/भू.प्रब./पे.नि./ग्राम आबंटन/2017 श्योपुर दिनांक 16.5.2017 एवं संशोधित पत्र क्रमांक 109/भू.प्रव./पे.नि./ग्राम आवंटन/2017 श्योपुर दिनांक 31.08.2017 द्वारा तहसील बड़ौदा जिला श्योपुर के चकबन्दी से त्रुटिपूर्ण 06 ग्रामों का नवीन नक्शा एवं अधिकार अभिलेख बनाये जाने हेतु राजस्व निरीक्षक (नियमित) एवं पटवारियों को ग्राम आवंटित किये गये है। जिसके अन्तर्गत उक्त कर्मचारी कार्यालयीन कार्य, अभिलेख निर्माण,स्वच्छ अभिलेख, प्रमाणीकरण, अभिलेख का प्रथम प्रकाशन, अंतिम प्रकाशन कर अभिलेख जिला प्रशासन को हस्तान्तरित करेंगे। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। अधिकार अभिलेख निर्माण स्थायी अभिलेख है जिसे शुद्धता पूर्वक अमले द्वारा तैयार किया जा रहा है, यह कार्य वृहद स्वरूप का होने से समय-सीमा बताया जाना सम्भव नहीं है।

पुलिसकर्मियों पर हमलों की घटना

[गृह]

37. ( क्र. 623 ) श्री शैलेन्‍द्र पटेल : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रदेश में पुलिसकर्मियों पर हमले हुए हैं, यदि हाँ, तो विगत 3 वर्ष के दौरान किन-किन जिलों में पुलिसकर्मियों पर हमलों की घटना हुई? घटनावार कारण सहित ब्‍यौरा दें। (ख) क्‍या कोर्ट पेशी पर ले जाते समय पुलिसकर्मियों पर आरोपियों द्वारा हमले किए गए हैं? यदि हाँ, तो विगत 3 वर्ष के दौरान हुई घटनाओं का घटनावार ब्‍यौरा दें? क्‍या उक्‍त घटनाओं में शासन द्वारा जाँच उपरांत कार्यवाही की है, यदि हाँ, तो प्रकरणवार ब्‍यौरा दें? (ग) क्‍या सामान्‍य जनों द्वारा भी पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों के साथ मारपीट अथवा अभद्रता के मामले सामने आए हैं? यदि हाँ, तो विगत 3 वर्ष का ब्‍यौरा प्रकरणवार दें? (घ) क्‍या प्रकरणों में जाँच कराई गई है, यदि हाँ, तो पुलिस पर हमले के बढ़ते मामलों के कारण क्‍या सामने आए हैं, ब्‍यौरा दें?

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) से (ग) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (घ) पुलिसकर्मियों पर हमले की घटनाओं में प्रकरण दर्ज कर विधि अनुरुप विवेचना की गई है। पुलिस पर हमले के मामलों के कारण संबंधी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट में समाहित है।

प्रधानमंत्री उज्जवला योजना का क्रियान्वयन

[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्‍ता संरक्षण]

38. ( क्र. 643 ) श्री हरवंश राठौर : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भारत सरकार द्वारा सामाजिक आर्थिक एवं जाति जनगणना 2011 में विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत ऐसे कितने सर्वेक्षित परिवार जो निर्धारित श्रेणियों के अंतर्गत हैं जिनको प्रधानमंत्री योजनान्तर्गत गैस कनेक्शन प्रदान किए जाने का प्रावधान है? बण्‍डा विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत ग्रामपंचायतवार सर्वेक्षित परिवार की संख्‍या उपलब्ध कराई जाए। (ख) सर्वेक्षित सूची में से ग्रामपंचायतवार प्रधानमंत्री उज्जवला योजनान्तर्गत उपलब्ध कराए गए गैस कनेक्शन एवं शेष बचे ग्रामपंचयतवार परिवारों की संख्‍या उपलब्ध कराई जाए।

खाद्य मंत्री ( श्री ओम प्रकाश धुर्वे ) : (क) बण्‍डा विधानसभा क्षेत्र के 51,803 परिवारों को प्रधानमंत्री उज्‍जवला योजना की अर्हताओं में पात्र पाने पर गैस कनेक्‍शन की पात्रता बनती है। पंचायतवार सर्वेक्षित परिवारों की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) उपलब्‍ध कराए गए गैस कनेक्‍शन एवं ऐसे सामाजिक आर्थिक एवं जाति जनगणना 2011 में सर्वेक्षित परिवारों की संख्‍या जिनका प्रधानमंत्री उज्‍जवला योजना की अर्हताओं का परीक्षण किया जाना है, की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है।

चिटफंड कंपनी जी.एन.गोल्‍ड/डेयरी पर कार्यवाही

[गृह]

39. ( क्र. 680 ) श्री राजेन्द्र फूलचं‍द वर्मा : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या देवास जिले में संचालित चिटफंड कंपनी जी.एन.गोल्‍ड/डेयरी के खिलाफ आम जनता द्वारा शिकायत अथवा एफ.आई.आर दर्ज की गई है? प्रकरण माननीय जिला सत्र न्‍यायालय देवास में पंजीबद्ध होकर चल अचल संपत्ति की नीलामी व पीड़ि‍तों को पैसा दिलाने हेतु आदेश प्रसारित किए गए हैं? (ख) उक्‍त चिटफंड कंपनी जी.एन.गोल्‍ड/डेयरी पर शासन द्वारा चल अचल संपत्ति की नीलामी व पीड़ि‍तों को पैसा दिलाने हेतु कार्यवाही की गई है या नहीं? यदि हाँ, तो क्‍या कार्यवाही की गई है और पीड़ि‍तों को कब तक पैसा मिलना प्रारंभ हो जायेगा? (ग) देवास जिले में कुल ऐसे पीड़ित सदस्‍य हैं जिन्‍हें इस कंपनी के द्वारा पैसा दिया जाना है और कितनी कितनी राशि देना शेष है कुर्क की गई संपत्ति से सभी पीड़ितों की राशि का भुगतान किया जाना संभव होगा या नहीं? यदि हाँ, तो जानकारी दें, यदि नहीं, तो शासन चिटफंड कंपनी की बची हुई संपत्ति को कुर्क करेगा या नहीं? स्‍पष्‍ट करें?

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) जी, हां। देवास जिले में जी.एन.गोल्ड/डेयरी के विरूद्ध थाना सोनकच्छ एवं थाना हाटपिपल्या में क्रमशः अपराध क्रमांक- 848/15 एवं अपराध क्रमांक- 94/16 पंजीबद्ध किये गये हैं। प्रकरण माननीय विशेष सत्र न्यायालय, देवास में विचाराधीन होकर कंपनी की चल/अचल सम्पत्तियों की नीलामी के आदेश प्रसारित किये गये हैं। (ख) जी, हां। इन चिटफण्ड कंपनियों से जनता व पीड़ि‍तों की राशि वापिस दिलाने हेतु नीलामी की कार्यवाही की गई है। संबंधित जिलों के जिला दण्डाधिकारियों को न्यायालय आदेश की प्रति प्रेषित करते हुए उन्हें कंपनी की सम्पत्ति नीलाम करने का अनुरोध किया गया है। उक्त सम्पत्तियां नीलाम होने व नीलामी का पैसा प्राप्त होने पर पीड़ि‍तों को राशि का वितरण किया जायेगा। (ग) देवास जिले में कुल 20,000 (बीस हजार) के लगभग निवेशक/अभिकर्ता हैं जिन्हें कि इस कंपनी द्वारा पैसा दिया जाना है। कंपनी द्वारा पीड़ि‍तों की 35 करोड़ के लगभग मूल राशि व लगभग इतनी ही राशि का ब्याज चुकाया जाना है। कुर्क की गई सम्पत्तियों की राशि आने पर ही यह ज्ञात हो सकेगा कि उक्त राशि से सभी पीड़ि‍तों की राशि का भुगतान किया जाना संभव होगा या नहीं। अगर नीलामी से प्राप्त होने वाली राशि पीड़ि‍तों का वितरित होने वाली राशि से कम होगी तो आरोपी कंपनी के कर्ताधर्ताओं को शेष बची राशि का जुर्माना अधिरोपित किये जाने का आवेदन विशेष न्यायालय में दाखिल किया जावेगा तथा अगर प्रशासन के संज्ञान में कंपनी की कोई अन्य सम्पत्ति संज्ञान में आती है तो उसे भी कुर्क किया जावेगा।

भू-राजस्‍व संहिता 1959 की धारा 190, 110 के तहत नामांतरण

[राजस्व]

40. ( क्र. 694 ) श्री गोपाल परमार : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍न क्रमांक 3324 के प्रश्‍नांश (ग) के उत्‍तर में माननीय मंत्री महोदय द्वारा सदन में दिनांक 06.03.2017 को लिखित उत्‍तर में उल्‍लेख किया गया है कि धारा 190-110 के तहत किये गये नामांतरण में स्‍टाप ड्यूटी लिये जाने का कोई प्रावधान नहीं है? किन्‍तु धारा 190 के तहत किया गया नामांतरण अंतरण की श्रेणी में आता है। अत: इस पर देय स्‍टाप ड्यूटी वसूल करवाना राजस्‍व अधिकारी की जवाबदारी है। (ख) जब स्‍टाप ड्यूटी लिये जाने का कोई प्रावधान नहीं है, तो राजस्‍व अधिकारी किस नियत के तहत तथा किस दर से वसूली की कार्यवाही करेंगे? (ग) नियम नहीं होने के कारण राज्‍य सरकार द्वारा जो राजस्‍व की हानि हो रही है उसे रोकने के लिये क्‍या नियम बनाये जायेगे? यदि हाँ, तो नियम कब तक बनाये जायेगे तथा उन्‍हें कब से लागू किया जायेगा? (घ) यदि राज्‍य शासन इस संबंध में नियम बनाता है, तो क्‍या पुराने प्रकरण जिनमें राजस्‍व की हानि हो चुकी है, उसकी भी वसूली का प्रावधान उसमें रखा जावेगा?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) जी हां। धारा 190 के तहत किया गया नामान्तरण अंतरण की श्रेणी में आता है। स्टाम्प ड्यूटी की गणना तत्मसय प्रभावशील प्रावधानों के अंतर्गत की जाती है। (ख) से (घ) प्रश्नांश भाग (क) में दिये गये उत्तर के प्रकाश में प्रश्न उद्भूत नहीं होता।

हैंडपंप एवं बोर खनन

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

41. ( क्र. 710 ) श्रीमती पारूल साहू केशरी : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) दिनांक 01 अप्रैल 2015 से प्रश्‍न दिनांक तक सागर जिले के विधानसभा क्षेत्र सुरखी के किस-किस ग्राम पंचायत में कितनी नल-जल योजनायें कितने-कितने हैंडपंप और कितने-कितने बोर स्‍वीकृत किये गये? कितनों के कार्य पूर्ण हो चुके हैं तथा कितनों के कार्य आज दिनांक तक अपूर्ण हैं वर्षवार जानकारी देंवे। (ख) इनमें से जिन कार्यों को पूर्ण किया जा चुका है उनमें से प्रश्‍न दिनांक तक किस-किस ग्राम पंचायत की कौन-कौन सी नल-जल योजनायें, हैंडपंप और बोर कब से और किन कारणों से बंद हैं? (ग) क्‍या पी.एच.ई. विभाग के अलावा जनपद पंचायत राहतगढ़ में 1 अप्रैल 2017 से प्रश्‍न दिनांक तक 14 वें वित्‍त आयोग की राशि से भी हैंडपंपों एवं बोरों के कार्य किये गये हैं? यदि हाँ, तो कितने एवं कहाँ-कहाँ, कब-कब हैंडपंप एवं बोर किये गये? (घ) प्रश्‍नांश (ग) के परिप्रेक्ष्‍य में कराये गये कार्यों की तकनीकी स्‍वीकृति दिनांक प्रशासकीय स्‍वीकृति दिनांक, मूल्‍यांकन दिनांक, मूल्‍यांकन पत्रक एवं मूल्‍यांकन करने वाले अधिकारी के नाम तथा पदनाम, भुगतान की गई राशि के विवरण सहित जानकारी देवें?

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) एवं (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है(ग) 14वें वित्त आयोग की राशि से विभाग द्वारा जनपद पंचायत राहतगढ़ में कोई बोर हैण्डपंपों के कार्य नहीं कराये गये हैं। जनपद पंचायत राहतगढ़ से प्राप्त जानकारी अनुसार 100 नलकूप खनन 14वें वित्त आयोग की राशि से जनपद पंचायत ने कराया है, शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है।

महिला पुलिस के लिये कार्यस्‍थल पर शौचालय

[गृह]

42. ( क्र. 715 ) श्रीमती पारूल साहू केशरी : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सागर जिले के अंतर्गत कुल कितने पुलिस कार्यालय, थाना क्षेत्र, महिला पुलिस थाना, यातायात पुलिस थाना, अजाक पुलिस थाना एवं पुलिस चौकियां हैं? जानकारी विधान सभा क्षेत्रवार स्‍थल के नाम सहित दी जावे। (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार सागर जिले के पुलिस विभाग में कितनी और कौन-कौन सी महिलायें किस-किस संवर्ग में किस-किस स्‍थल पर सेवारत है? (ग) प्रश्‍नांश (क) में दर्शित पुलिस कार्यालयों, थानों एवं चौकियों में क्‍या महिला पुलिस अधिकारियों एवं आरक्षकों आदि के लिये पृथक से शौचालय की व्‍यवस्‍था है और किन-किन में शौचालय की पृथक से व्‍यवस्‍था नहीं है? (घ) क्‍या शासन महिला पुलिस अधिकारियों एवं आरक्षकों आदि के लिये पदस्‍थी स्‍थान पर पृथक से शौचालय की समुचित व्‍यवस्‍था बनाये जाने के लिये कार्यवाही अमल में लावेगा? यदि हाँ, तो कब तक और यदि नहीं, तो क्‍यों?

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र एवं अनुसार। (घ) जी हाँ। प्रस्ताव तैयार कर उपलब्ध संसाधनों के आधार पर निर्माण कार्य प्रारम्भ कराया जायेगा। समय-सीमा बताना संभव नहीं।

भूमि आवंटन एवं विनिमय

[राजस्व]

43. ( क्र. 736 ) श्री सत्‍यपाल सिंह सिकरवार : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मुरैना नगर निगम एवं नगरीय सीमा क्षेत्र में वर्ष 2016-17 में कितनी भूमि आवंटित/विनिमय की गई है? उनके सर्वे नंबर, रकवा, नगरीय क्षेत्रों के नाम सहित पूर्ण जानकारी दी जावें? (ख) क्‍या उक्‍त प्रकरणों में भूमि आवंटन, विनिमय को शासन द्वारा अनुमोदित कराया गया है? यदि हाँ, तो किस-किस भूमि सर्वे का किस दिनांक, माह, सन् में अनुमोदन हेतु प्रस्‍ताव भेजे हैं? (ग) म.प्र. राजस्‍व विभाग के अतंर्गत नगर निगम सीमा, नगरीय सीमा क्षेत्र में भूमि बंटन/विनिमय के अधिकारी किस स्‍तर के अधिकारी को शासन द्वारा दिये गये हैं? (घ) क्‍या आवंटित भूमि/विनिमय भूमि का अनुमोदन सक्षम अधिकारी द्वारा नहीं किया है, तो क्‍या उक्‍त भूमि का बंटन/विनिमय शून्‍य घोषित किया जावेगा?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) निरंक। (ख) प्रश्नांश (क) के उत्तर के प्रकाश में प्रश्न ही उद्भूत नहीं होता। (ग) शासन स्तर पर। (घ) प्रश्नांश (क) के उत्तर के प्रकाश में प्रश्न ही उद्भूत नहीं होता।

ग्राम बीचकापुरा (अम्‍बाह) के चंबल नदी में डूबने पर सहायता हेतु

[राजस्व]

44. ( क्र. 737 ) श्री सत्‍यपाल सिंह सिकरवार : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) ग्राम बीचकापुरा तहसील अम्‍बाह जिला मुरैना में दिनांक 07.04.2017 को चंबल नदी में डूबने से हुई मृत्‍यु पर आर्थिक सहायता प्रदान करने में विलंब के क्‍या कारण रहे थे? तथ्‍यों सहित पूर्ण जानकारी दी जावें? (ख) क्‍या उक्‍त प्रकरण में हुए विलंब पर जिम्‍मेदार अधिकारी के खिलाफ कार्यवाही न करते हुए अन्‍य अधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही की गई है? यदि हाँ, तो क्‍या कार्यवाही की गई, जानकारी माह वर्ष सहित दी जावे? (ग) कीट काटने, पानी में डूबने पर होने वाली मृत्‍यु पर आर्थिक सहायता स्‍वीकृत अधिकारी जिले में किस अधिकारी को बनाया गया है? क्‍या इस घटना पर जिम्‍मेदार अधिकारी के खिलाफ कार्यवाही की गई है? यदि नहीं, तो क्‍यों नहीं?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) ग्राम बीचकापुरा तहसील अम्‍बाह जिला मुरैना में दिनांक 07.04.2017 को पवन करौरिया पुत्र श्री मुन्‍नालाल करौरिया की चम्‍बल नदी में डूबने से मृत्‍यु हुई थी। जिसकी जानकारी पटवारी द्वारा विलम्‍ब से प्रस्‍तुत करने के कारण पीठासीन अधिकारी द्वारा प्रकरण में कोई कार्यवाही न किए जाने तहसीलदार अम्‍बाह के प्रवाचक द्वारा जाँच प्रतिवेदन पंचनामा एवं वारिसान सजरा तथा बैंक पासबुक की छायाप्रति पटवारी से मंगाई जाकर अपने पास रखकर कोई अग्रिम कार्यवाही न किया जाना मूलत: मृतक के वारिसानों को आर.बी.सी. 6-4 के तहत आर्थिक सहायता प्रदान किए जाने में विलम्‍ब का कारण है। (ख) उक्‍त प्रकरण में नायब तहसीलदार वृत्‍त -2 दिमनी को आयुक्‍त द्वारा आदेश क्रमांक स्‍था/6-2/वि.जा./12/2017/6041 मुरैना दिनांक 03.10.2017 से निलंबित किया गया तथा दोषी पटवारी को अनुविभागीय अधिकारी अम्‍बाह द्वारा दिनांक 29.07.2017 को नि