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मध्यप्रदेश विधान सभा


प्रश्नोत्तर-सूची
जुलाई, 2016 सत्र


शुक्रवार, दिनांक 29 जुलाई, 2016


भाग-1
तारांकित प्रश्नोत्तर


 

 

( वर्ग 5 : किसान कल्याण तथा कृषि विकास, पंचायत और ग्रामीण विकास, सामाजिक न्याय एवं निःशक्त जन कल्याण, सहकारिता, राजस्व, पुनर्वास, परिवहन, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, लोक सेवा प्रबन्धन, जन शिकायत निवारण )

 

शासकीय भूमि पर अतिक्रमण

1. ( *क्र. 1165 ) श्रीमती ऊषा चौधरी : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या सतना जिले की तहसील रघुराज नगर अंतर्गत मौजा इटौरा की आर.नं. 61, 59 रकबा 0.234 हेक्‍टेयर म.प्र. शासन की आराजी में अवैध रूप से कब्‍जा मेसर्स लोटर्स इन्‍फ्रा रियलिटी लिमिटेड कम्‍पनी इंदौर द्वारा अधिकृत प्रदीप शर्मा पिता श्री कृष्‍णनारायण शर्मा, निवासी पेप्‍टेक सिटी, सतना द्वारा किया गया है? यदि हाँ, तो विवरण देवें (ख) क्‍या अवैध कब्‍जा करने की शिकायत हल्‍का पटवारी द्वारा तहसीलदार रघुराजनगर के पास की गई थी, जिस पर रा.प्र.क्र. अ.68/11-12 पंजीबद्ध किया जाकर अनावेदकों को नोटिस जारी कर विधिवत जाँच के उपरांत तहसीलदार द्वारा शासकीय आराजियात पर से अवैध कब्‍जा हटाने हेतु दिनांक 20.11.2012 को आदेश दिये गये थे? (ग) यदि हाँ, तो क्‍या वर्तमान में अवैध कब्‍जा हटाया गया या नहीं कब-कब कब्‍जा हटाने की कार्यवाही राजस्‍व विभाग द्वारा की गई? (घ) क्‍या अवैध कब्‍जाधारी अभी भी शासकीय आराजियातों में काबिज हैं? यदि हाँ, तो जिला प्रशासन/पुलिस प्रशासन द्वारा कब्‍जा खाली न करा पाने के क्‍या कारण हैं, समय-सीमा बताई जाए कि अतिक्रमणकर्ताओं के विरूद्ध कब तक कार्यवाही की जावेगी?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

मुख्‍यमंत्री खेत सड़क योजनांतर्गत सड़कों का निर्माण

2. ( *क्र. 1313 ) श्री हितेन्द्र सिंह ध्‍यानसिंह सोलंकी : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बड़वाह विधानसभा क्षेत्र में मुख्‍यमंत्री खेत सड़क योजना के अंतर्गत योजना स्‍वीकृति से वर्तमान तक कितनी सड़कों का निर्माण कर लिया गया है? इस योजना में कितनी सड़कें पूर्ण हो चुकी हैं एवं कितनी सड़कें अपूर्ण हैं एवं कब से हैं? ग्राम खनगावखेड़ी से टोल नाके एवं नवोदय विद्यालय से ग्राम घोसला तक मुख्‍यमंत्री सड़क योजना का कार्य कब प्रारंभ होगा एवं कब तक पूर्ण होगा? (ख) बड़वाह विधानसभा क्षेत्र में कौन-कौन सी ग्राम पंचायतों में शौचालय का निर्माण पूर्ण कर लिया गया है एवं कितने शेष हैं? जिन ग्राम पंचायतों में अपूर्ण हैं अथवा अप्रारंभ हैं इसके लिये कौन दोषी है? उसके विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की जा रही है?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) बड़वाह विधानसभा क्षेत्र में सुदूर ग्राम संपर्क व खेत सड़क उपयोजना के अंतर्गत कुल 142 कार्य स्‍वीकृत हैं, जिसमें से 08 सड़कें पूर्ण हो चुकी हैं एवं 134 सड़कें विगत 02-03 वर्ष से अपूर्ण हैं। ग्राम खनगावखेड़ी से टोल नाके तक का सड़क निर्माण कार्य मुख्‍यमंत्री सड़क योजना में स्‍वीकृत नहीं है तथा नवोदय विद्यालय (जूनापानी) से ग्राम घोसला तक सड़क निर्माण कार्य जूनापानी से घोसला मार्ग के नाम से मुख्‍यमंत्री सड़क योजना के प्रथम चरण में स्‍वीकृत होकर पूर्ण किया जा चुका है। (ख) ग्राम पंचायत ओखला, भोगवां निपानी, गवल, टोकसर, बागदा बुजुर्ग, बडगांव, अंजरूद, नादिया, पीतनगर, डाल्‍याखेडी, डालची, खंगवाडा, बमनगांव एवं भानबरड ग्राम पंचायतों में ओ.डी.एफ. पूर्ण कर लिया गया है एवं शेष 72 ग्राम पंचायतों में शौचालय निर्माण कार्य प्रगतिरत है। शौचालय का निर्माण कार्य, राशि एवं मिस्‍त्री/मजदूरों की उपलब्‍धता पर निर्भर है। अत: कार्य अपूर्ण अथवा अप्रारंभ रहने के लिये किसी को दोषी नहीं पाये जाने के कारण शेष प्रश्‍न उपस्‍थित नहीं होता।

सेवा सहकारी समिति का संचालन

3. ( *क्र. 888 ) श्री रामपाल सिंह : क्या राज्‍यमंत्री, सहकारिता महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या शहडोल जिले के जनपद पंचायत जयसिंहनगर अंतर्गत ग्राम टिहकी में किसानों को खाद बीज एवं कृषि कार्य हेतु ऋण प्रदान करने हेतु आदिम जाति सेवा सहकारी समित‍ि की शाखा संचालित की गई है? (ख) यदि हाँ, तो उक्‍त संस्‍था से कितने ग्रामों को संलग्‍न किया गया है एवं संलग्‍न ग्राम की अधिकतम दूरी आवागमन की सुविधा की दृष्टि से कितनी है? (ग) क्‍या उक्‍त संस्‍था में रेंउसा, पोंडी, सेमरपाखा, रंगीटोला, घोरीघाट, धनेडा, छतैनी, पथरहटा, हिडवाह, बसही, उफरी इत्‍यादि ग्रामों को संलग्‍न किया गया है? यदि हाँ, तो क्‍या उक्‍त संस्‍था से उक्‍त ग्रामों की अधिकतम दूरी 35 कि.मी. के उपर है? यदि हाँ, तो कृषकों की सुविधा की दृष्टि से उक्‍त ग्रामों की जनसंख्‍या को दृष्टिगत रखते हुये उक्‍त संस्‍था की उप शाखा पोंडी में संचालित किया जावेगा? यदि हाँ, तो कब तक?

राज्‍यमंत्री, सहकारिता ( श्री विश्वास सारंग ) : (क) जी हाँ। (ख) सेवा सहकारी समिति मर्यादित टिहकी के कार्यक्षेत्र में 32 गांव हैं तथा उनकी मुख्यालय टिहकी से अधिकतम दूरी 50 किलोमीटर है। (ग) जी हाँ। जी हाँ। संस्था के कार्यक्षेत्र के ग्राम उफरी में अन्नपूर्णा योजना अंतर्गत निर्मित भवन में खाद, बीज भंडारण का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है, जो ग्राम पोंडी से 10 कि.मी. दूर है, जिससे संस्था के सदस्यों को आसानी से खाद एवं बीज प्राप्त हो सकेगा।

बी.आर.जी.एफ. योजना से हटाये गए उपयंत्रियों की पदस्‍थापना

4. ( *क्र. 2767 ) श्री सुन्‍दरलाल तिवारी : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दिनांक 10 मार्च 2016 में मुद्रित अता. प्रश्‍न संख्‍या 110 (क्रमांक 4485) के उत्‍तर के परिप्रेक्ष्‍य में बी.आर.जी.एफ. योजना बंद होने के कारण निकाले गये उपयंत्रियों का साक्षात्‍कार 28.07.2015 को बुलाकर लिया गया, जिस पर कार्यवाही हेतु प्रकरण सशक्‍त कमेटी की बैठक दिनांक 23.02.2016 में प्रस्‍तुत किया गया, प्रकरण का परीक्षण कर समिति द्वारा आदेश जारी करने का अनुमोदन भी किया गया, लेकिन आज दिनांक तक संबंधितों के आदेश जारी नहीं किये गये? (ख) संदर्भित प्रश्‍नांश (ख) में प्रश्‍नांश (क) के उत्‍तर में कार्यवाही प्रक्रियाधीन है, का उल्‍लेख किया गया था? कार्यवाही पूर्ण कर ली गई हो तो संबंधितों (उपयंत्रियों) के आदेश कब तक जारी किये जायेंगे? जबकि पंचायत ग्रामीण विकास में कार्यरत ए.पी.ओ. को डी.आर.डी.ए. में परियोजना अधिकारी के पद पर संविदा पर पदस्‍थ किया गया, जिनके साक्षात्‍कार भी नहीं लिये गये थे?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ। बी.आर.जी.एफ. योजना बंद होने से जिन उपयंत्रियों की सेवायें समाप्त हुईं हैं, उनका चयन अन्य विभागीय योजनाओं/कार्यक्रमों की आवश्यकता एवं उन कार्यक्रमों हेतु संबंधित की पात्रता, सक्षमता तथा विभागीय बजट आवंटन की उपलब्धता के आधार पर किया गया है। शेष का प्रश्न नहीं उठता है। (ख) जी हाँ। बी.आर.जी.एफ. योजना बंद होने से जिन उपयंत्रियों की सेवायें समाप्त हुईं हैं, उनका चयन अन्य विभागीय योजनाओं/कार्यक्रमों की आवश्यकता एवं उन कार्यक्रमों हेतु संबंधित की पात्रता, सक्षमता तथा विभागीय बजट आवंटन की उपलब्धता के आधार पर किया गया है। शेष का प्रश्न नहीं उठता है।

प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़कों का मरम्‍मतीकरण

5. ( *क्र. 3569 ) श्री कुंवर सिंह टेकाम : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या सीधी एवं सिंगरौली जिले के अंतर्गत प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के द्वारा निर्मित भदौरा से कुसमी मार्ग, निगरी से कछरा मार्ग, चमराडोल से घोघी मार्ग निवास से रेलवे स्‍टेशन निवास मार्ग एवं महुआ गांव से भरसेंडी मार्ग का निर्माण किया गया था? यदि हाँ, तो जानकारी देवें। (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में उपरोक्‍त मार्ग जर्जर हालत में एवं सड़क गड्ढों में तब्‍दील हो चुकी है? यदि हाँ, तो जानकारी देवें (ग) प्रश्‍नांश (ख) के संदर्भ में क्‍या जर्जर एवं टूटी सड़कों की मरम्‍मत करायी जायेगी? यदि हाँ, तो कब तक?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजनांतर्गत सीधी जिले में भदौरा से कुसमी एवं चमराडोल से घोघी, सिंगरौली जिले में निगरी से कछरा, निवास से रेल्वे स्टेशन निवास एवं महुआगांव से भरसेंडी सड़कों का निर्माण कराया गया है। (ख) जी नहीं। शेष जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) संधारण एक सतत्‌ प्रक्रिया है। आवश्यकता के अनुरूप सड़कों पर संधारण कार्य कराया जायेगा। निश्चित समय-सीमा बताना संभव नहीं है।

परिशिष्ट - ''एक''

रीवा जिले में अतिक्रमित तालाबों की संख्‍या

6. ( *क्र. 2788 ) श्री सुखेन्‍द्र सिंह : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या रीवा जिले के राजस्‍व अभिलेख के मुताबिक शासन के अभिलेख में 1996 में कुल 1545 शासकीय एवं निजी तालाब दर्ज थे? यदि हाँ, तो इनमें से 1424 तालाब सरकारी थे? यदि नहीं, तो कितने थे? इन शासकीय एवं निजी तालाबों की सूची विधानसभा क्षेत्रवार देवें। (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में 10 वर्ष बाद 2016 की स्थिति में सिर्फ 1137 तालाब शेष बचे हैं? यदि हाँ, तो पिछले 10 सालों में 408 तालाब नष्‍ट हो गये? यदि नहीं, तो कितने तालाब शेष हैं? शेष शासकीय एवं निजी तालाबों की सूची विधानसभा क्षेत्रवार देवें (ग) प्रश्‍नांश (क), (ख) के संदर्भ में क्‍या सूखे की स्थिति एवं घटते जल स्‍तर के कारण कुएं सूख रहे हैं और हैण्‍डपंप हवा दे रहे हैं, के निदान में शासन द्वारा जल संरक्षण के लिये वाटर शेड मनरेगा योजना में जल संवर्धन के कार्यों पर जोर देकर काम करवाया जा रहा है? तो क्‍या तालाबों से अतिक्रमण एवं गुम हुए तालाबों को खोजकर 1996 के स्‍वरूप में किया जावेगा? यदि हाँ, तो कब तक? समय-सीमा बतावें यदि नहीं, तो क्‍यों कारण बतावें (घ) प्रश्‍नांश (क) से (ग) के संदर्भ में क्‍या तालाबों के अतिक्रमण को शासन द्वारा चिन्हित किया गया है? यदि हाँ, तो इन शासकीय तालाबों की सूची विधानसभा क्षेत्रवार देवें क्‍या इसके लिये दोषी को चिन्हित किया गया है? यदि हाँ, तो क्‍या कार्यवाही की गई? विवरण देवें। यदि नहीं, तो क्‍यों? कारण स्‍पष्‍ट करें। किया जायेगा तो कब तक?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

प्रधानमंत्री आवास योजना का क्रियान्‍वयन

7. ( *क्र. 1706 ) श्री फुन्‍देलाल सिंह मार्को : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) ''प्रधानमंत्री आवास योजना'' हेतु बनाई गई मार्गदर्शिका की प्रति उपलब्‍ध करावें? इस योजना के अंतर्गत जनवरी 2015 से प्रश्‍न दिनांक तक जिला अनूपपुर के तीन विधानसभा क्षेत्रों, कोतमा, अनूपपुर एवं पुष्‍पराजगढ़ के लिए कितनी कितनी राशि प्राप्‍त हुई है? कितने आवास का निर्माण किया जा चुका है? (ख) क्‍या ''प्रधानमंत्री आवास योजना'' अंतर्गत भारत सरकार द्वारा उपलब्‍ध करवाई गई 2011 की सामाजिक आर्थिक सर्वेक्षण की सूची और मध्‍यप्रदेश में प्रचलित बी.पी.एल. सूची में अंतर है? यदि हाँ, तो हितग्राही का चयन किस आधार पर कौन करेगा तथा वर्ष 2016-17 में उक्‍त योजना हेतु क्‍या लक्ष्‍य निर्धारित किया गया है? अनूपपुर जिले की सूची उपलब्‍ध करायें

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) मार्गदर्शिका तैयार किये जाने का कार्य भारत सरकार स्तर पर प्रचलन में है। इस योजना के तहत् अभी आवास स्वीकृत नहीं किये गये हैं, शेष प्रश्‍न नहीं उठता है। (ख) सामाजिक आर्थिक एवं जाति जनगणना-2011 तथा वर्ष 2002-03 के बी.पी.एल. सर्वे के मापदण्ड भिन्न होने से तुलना नहीं की जा सकती है। हितग्राही का चयन भारत सरकार के निर्देशानुसार सामाजिक आर्थिक एवं जाति जनगणना-2011 के निर्धारित मापदण्ड अनुसार किया जावेगा। जिलों को अभी लक्ष्य निर्धारित नहीं किये गए हैं।

14 वें वित्‍त आयोग अंतर्गत परफॉर्मेंस ग्राण्‍ट की राशि का आवंटन

8. ( *क्र. 2288 ) श्री दिलीप सिंह परिहार : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) उज्‍जैन संभाग में वर्ष 2015-16 में 14 वें वित्‍त आयोग अंतर्गत परफॉर्मेंस ग्राण्‍ट की किन-किन जिलों को कितनी-कितनी राशि किस किस प्रयोजन हेतु उपलब्‍ध कराई गई है? जिला पंचायतवार एवं जनपद पंचायतवार बतायें। (ख) प्रश्‍नांश (क) में उपलब्‍ध कराई गई राशि में से किन-किन प्रयोजनों हेतु राशि व्‍यय की जा चुकी है? (ग) नीमच जिले में अब तक राशि व्‍यय नहीं किये जाने के क्‍या कारण हैं? (घ) राशि कब तक निहित प्रयोजन हेतु व्‍यय की जावेगी?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) 14 वें वित्त आयोग अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2015-16 में परफॉर्मेंस ग्राण्ट अंतर्गत राशि का प्रावधान नहीं था। अतः प्रदेश के किसी भी जिले को परफॉर्मेंस ग्राण्ट की राशि उपलब्ध नहीं करायी गयी है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) से (घ) प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

सोलर पम्‍प योजना का क्रियान्‍वयन

9. ( *क्र. 2752 ) कुमारी निर्मला भूरिया : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) झाबुआ जिले में राष्‍ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत मुख्‍यमंत्री सोलर पम्‍प योजना के तहत कितना बजट प्राप्‍त हुआ है? (ख) उक्‍त योजना में जिले में कितना लक्ष्‍य निर्धारित किया गया है तथा विभाग द्वारा लक्ष्‍य पूर्ति हेतु अभी तक क्‍या कार्यवाही की गई है? (ग) मुख्‍यमंत्री सोलर पम्‍प योजना में कितने-कितने हार्स पावर के पम्‍पों पर कितना प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा? (घ) मुख्‍यमंत्री सोलर पम्‍प योजना में कितने कृषकों को लाभान्वित किया जायेगा?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) विभाग में राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत मुख्यमंत्री सोलर पंप योजना संचालित नहीं है। (ख) प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) एवं (घ) जानकारी निरंक है।

राजोदा पहुँच मार्ग पर रोड एवं पुलिया का निर्माण

10. ( *क्र. 2454 ) श्री राजेन्द्र फूलचं‍द वर्मा : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या सोनकच्‍छ विधान सभा क्षेत्र के ग्राम राजोदा जो कि सोनकच्‍छ से लगभग 7 से 8 कि.मी. की दूरी पर है, वर्षाकाल में एक टापू बन जाता है, वर्षा अधिक होने से गाँव में प्रवेश नहीं किया जा सकता? यदि हाँ, तो ऐसा क्‍यों? (ख) क्‍या ग्रामीण यांत्रिकी विभाग द्वारा गाँव में प्रवेश हेतु नदी पर पुलिया स्‍वीकृत की गयी थी? यदि हाँ, तो कब किस आदेश के द्वारा? (ग) क्‍या उक्‍त पुलिया बन चुकी है? यदि नहीं, तो क्‍यों नहीं। पुलिया निर्माण कार्य आज दिनांक तक शुरू नहीं होने का कारण स्‍पष्‍ट करें?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी नहीं। ग्राम राजोदा, इन्दौर-भोपाल हाईवे मार्ग से पी.डब्ल्यू.डी. रोड द्वारा जुड़ा हुआ है। (ख) जी नहीं। ग्रामीण विकास विभाग अंतर्गत उक्त पुलिया की स्वीकृति जारी नहीं हुई है। (ग) उत्तरांश (ख) के परिप्रेक्ष्य में शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

गरीबी रेखा सूची में नाम सम्मिलित किया जाना

11. ( *क्र. 189 ) श्री दिलीप सिंह शेखावत : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता के विधान सभा क्षेत्र नागदा-खाचरौद के लोक सेवा केन्‍द्रों से नवीन आवेदन पत्र गरीबी रेखा सूची (बी.पी.एल.) में नाम जोड़ने हेतु कितने आवेदन पत्र प्राप्‍त हुए? (ख) उनमें से कितनों का निराकरण किया गया एवं कितने आवेदन लंबित हैं? (ग) लंबित आवेदनों की सूची मय नाम, ग्राम या वार्ड क्रमांक सहित नवम्‍बर 2013 से आज तक की उपलब्‍ध करावें एवं अपात्र होने का स्‍पष्‍ट कारण सहित उपलब्‍ध करावें?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) विधानसभा क्षेत्र के लोक सेवा केन्द्रों से नवीन आवेदन पत्र गरीबी रेखा सूची (बी.पी.एल.) में नाम जोड़ने हेतु कुल 5519 आवेदन पत्र प्राप्त हुए हैं। (ख) सभी आवेदनों का निराकरण कर दिया गया है कोई आवेदन लंबित नहीं है। (ग) नवम्बर 2013 से आज दिनांक तक कोई आवेदन लंबित नहीं है। बी.पी.एल में पात्रता हेतु 14 या 14 से कम अंक निर्धारित हैं, 14 से अधिक अंक प्राप्त आवेदन अप्रात्र किये गए हैं।

स्कूल एवं कॉलेजों की बसों हेतु जारी परमिट

12. ( *क्र. 3684 ) श्री जितू पटवारी : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) इंदौर एवं उज्‍जैन जिले में स्‍कूल एवं कॉलेजों की कितनी बसों के परमिट वर्तमान में जारी हैं? तहसीलवार जानकारी देवें। (ख) क्‍या स्‍कूल की बसों में महिला कंडक्‍टर सी.सी.टी.वी. कैमरे, फर्स्‍ट एड बॉक्‍स, फिटनेस सर्टिफिकेट एवं परमिट व अन्‍य सुरक्षा के उपायों का पालन करना अनिवार्य है? (ग) प्रश्‍नांश (ख) के अंतर्गत विगत एक वर्ष में ऐसी कितनी बसें हैं, जिनमें सुविधाओं की कमी के चलते जुर्माना एवं अन्‍य दण्‍ड दिया गया है? संख्‍यावार जानकारी किस कमी के कारण जुर्माना लगाया गया, की जानकारी देवें। (घ) प्रश्‍नांश (क) के अंतर्गत ओव्हर लोडिंग को लेकर आर.टी.ओ. द्वारा की गई कार्यवाही का भी ब्‍यौरा तहसीलवार उपलब्‍ध करायें।

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) इन्दौर एवं उज्जैन जिले में स्कूल एवं कॉलेजों में शैक्षणिक संस्थाओं के वर्तमान में कुल 3664 परमिट जारी किये गये हैं। तहसीलवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार हैं। (ख) सुरक्षा साधनों का उपयोग करना अनिवार्य है। (ग) 01. इन्दौर जिले में कुल 70 बसों के विरूद्ध कार्यवाही की गई। विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' एवं ब-1 अनुसार है। 02. उज्जैन जिले में कुल 65 बसों के विरूद्ध कार्यवाही की गई। विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (घ) 01. इन्दौर जिले में शैक्षणिक संस्था की बसों में ओवर लोडिंग का कोई प्रकरण प्रकाश में नहीं आने से कार्यवाही नहीं की है। 02. उज्जैन में 22 स्कूल बसों में ओवलोडिंग के संबंध में परिवहन विभाग द्वारा कार्यवाही की जाकर राशि रूपये 85,400/- की वसूली की गयी। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है।

प्रधानमंत्री सड़क योजना से सड़कों का निर्माण

13. ( *क्र. 2686 ) श्री नथनशाह कवरेती : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) छिंदवाड़ा जिले के अंतर्गत जुन्‍नारदेव विधानसभा क्षेत्र में पिछले 5 वर्षों में प्रधानमंत्री सड़क योजना से इकाई क्र. 03 में कितनी सड़कों का निर्माण कराया गया है? (ख) क्‍या प्रश्‍नांश (क) के अंतर्गत सड़कों के लिये स्‍वीकृत राशि व गुणवत्‍ता के आधार पर निर्माण कार्य कराया गया है? (ग) क्‍या प्रश्‍नांश (क) का कार्य ठेकेदार द्वारा कराया गया है? ठेकेदार द्वारा जुन्‍नारदेव के ग्राम गुर्रेखुरईमक, साजकुही से खमरा, चाखला से खैरवानी, इकलामासानी गालेआम, पातालकोट सड़क की जर्जर हालत होने एवं गुणवत्‍ता से कार्य न कराये जाने के लिये कौन दोषी है? (घ) क्‍या इसकी जाँच किसी बड़ी एजेंसी से कराकर घटिया कार्य के लिये दोषी पाये जाने वाले अधिकारी/ठेकेदार /कर्मचारी के खिलाफ कार्यवाही की जावेगी?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) छिंदवाड़ा जिले के अंतर्गत जुन्नारदेव विधानसभा क्षेत्र में विगत 5 वर्षों में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजनांतर्गत परियोजना क्रियान्वयन इकाई क्रमांक 3 द्वारा 58 सड़कों का निर्माण कार्य पूर्ण कराया गया है। (ख) जी हाँ। (ग) जी हाँ। ठेकेदार द्वारा चिकट बर्री से गुर्रेखुरईमक, साजकुही से खमरा, चिकटबर्री से भालेआम एवं डोगरा बी.सी.के.एच.सी. करेआम (पातलकोट) सड़क का निर्माण कार्य कराया गया है जिसकी गुणवत्ता का परीक्षण स्टेट क्वालिटी मॉनीटर द्वारा किया गया है जिसमें किसी भी सड़क की गुणवत्ता असंतोषजनक नहीं पाई गई है। वर्तमान में उक्त सड़कें गारंटी अवधि के अंतर्गत संधारण में हैं। चिकटबर्री से इकलामासानी सड़क को छोड़कर अन्य सड़कों का ठेकेदारों द्वारा संधारण कार्य कराया जा रहा है। चिकटबर्री से इकलामासानी सड़क ठेकेदार द्वारा संधारण नहीं करने के कारण ठेकेदार के विरूद्ध अनुबंधानुसार कार्यवाही कर ठेका निरस्त कर बैक गारंटी का नगदीकरण कराया जाकर नवीन निविदा जारी की गई है। चाखला से खैरवानी सड़क इस योजनांतर्गत नहीं बनाई गई है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजनांतर्गत त्रिस्तरीय गुणवत्ता नियंत्रण प्रणाली के अंतर्गत सड़कों की गुणवत्ता का सतत्‌ परीक्षण किया जाता है, अतः अन्य किसी जाँच की आवश्यकता नहीं है। उत्तरांश (ग) अनुसार संधारण कार्य नहीं कराने के लिये उत्तरदायी ठेकेदार के विरूद्ध कार्यवाही की गई है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।

सहकारी अधिनियम के विरूद्ध कार्यरत सदस्‍यों के विरूद्ध कार्यवाही

14. ( *क्र. 3648 ) श्री आरिफ अकील : क्या राज्‍यमंत्री, सहकारिता महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या पीपनन सहकारी समिति मर्या. विदिशा में श्री विस्‍सू प्रतिनिधि प्रा. मत्स्‍य सहकारी समिति मर्या. काठपुर, श्रीमती कुंती बाई प्रतिनिधि सुनीता नेहला बहुउद्देशीय सहकारी सोसायटी मर्या. विदिशा, श्री रामपाल सिंह प्रतिनिधि दुग्‍ध सहकारी संस्‍था मर्या. दीताखेड़ी संस्‍था सदस्‍य नहीं हैं? (ख) यदि हाँ, तो क्‍या दिनांक 31 मार्च 2015 तक उपरोक्‍त समिति पीपनन सहकारी समिति मर्या. विदिशा के सदस्‍य नहीं होने के बावजूद प्रश्‍नांश (क) में उल्‍लेखित लोगों को किस नियम के तहत तथा कब संचालक बनाया गया? (ग) क्‍या शासन सहकारी अधिनियम का उल्‍लंघन कर पीपनन सहकारी समिति मर्या. विदिशा की संचालक मण्‍डल की बैठक में भाग लेने वाले श्री विस्‍सू, श्रीमती कुंती बाई और श्री रामपाल सिंह को हटाकर और इनके द्वारा जो कार्यवाहियां की गई हैं, उन्‍हें निरस्‍त करते हुए वैधानिक कार्यवाही करेगा? यदि हाँ, तो कब तक और यदि नहीं, तो क्‍यों कारण सहित बतावें।

राज्‍यमंत्री, सहकारिता ( श्री विश्वास सारंग ) : (क) जी नहीं, संस्‍था के निर्वाचन हेतु जारी अंतिम सदस्‍यता सूंची दिनांक 09.09.2014 के अनुसार प्रश्‍नांश में अंकित संस्‍थाएं विपणन सहकारी समिति मर्यादित विदिशा की सदस्‍य हैं। (ख) उत्‍तरांश (क) अनुसार, मध्‍यप्रदेश सहकारी सोसाइटी नियम 1962 के अध्‍याय 5-ए/क, सहकारी सोसाइटियों में निर्वाचन संचालन की प्रक्रिया के अंतर्गत निर्वाचित हुये हैं। (ग) कोई कार्यवाही अपेक्षित नहीं है, निर्वाचन संबंधी विवाद के लिये मध्यप्रदेश सहकारी सोसाइटी अधिनियम 1960 की धारा 64 (2) (पाँच) के अंतर्गत प्रावधान है, शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

अपेक्‍स बैंक में सलाहकार की नियुक्ति की जाँच

15. ( *क्र. 2562 ) श्रीमती शीला त्‍यागी : क्या राज्‍यमंत्री, सहकारिता महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्तमान में अपेक्‍स बैंक में कितने सलाहकार कब से नियुक्‍त हैं? इनकी क्‍या विशिष्‍ट योग्‍यताएं हैं? क्‍या सलाहकार नियुक्‍त करने की स्‍वीकृति रजिस्‍ट्रार/शासन से प्राप्‍त की गई है? यदि नहीं, तो क्‍यों? (ख) सलाहकारों को कितना वेतन-भत्‍ता एवं अन्‍य सुविधाएं दी जाती हैं? वेतन-भत्‍ते एवं अन्‍य सुविधाएं प्राप्‍त करने का शासन स्‍तर पर क्‍या नियम एवं मापदण्‍ड बनाए गये हैं, की जानकारी नियम एवं आदेश की प्रति के साथ दें तथा उक्‍त सलाहकार द्वारा अपेक्‍स बैंक में क्‍या-क्‍या महत्‍वपूर्ण कार्य अपनी पदस्‍थापना अवधि में किए हैं? (ग) प्रश्‍नांश (क) अनुसार अपेक्‍स बैंक में 01 सेवा निवृत्‍त जिस अधिकारी को सलाहकार नियुक्‍त किया गया है, वह पूर्व की सेवा अवधि में कई बार निलंबित हुआ तथा कई अनुशासनात्‍मक कार्यवाही की गई। ऐसे भ्रष्‍ट, अयोग्‍य व्‍यक्ति को सलाहकार पद पर रखने का औचित्‍य क्‍या है? (घ) प्रश्‍नांश (क) से (ग) यदि हाँ, तो उक्‍त अयोग्‍य अधिकारी को सलाहकार के पद से कब तक हटाते हुए नियोक्‍ता के विरूद्ध कार्यवाही करेंगे? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्‍यों?

राज्‍यमंत्री, सहकारिता ( श्री विश्वास सारंग ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। सलाहकार नियुक्त करने की स्वीकृति रजिस्ट्रार/शासन से नहीं ली गयी। संचालक मंडल निर्णय लेने हेतु सक्षम है। (ख) वेतन भत्ते एवं अन्य सुविधा की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। शासकीय विभागों में परामर्शी नियुक्त करने के संबंध में वित्त विभाग से जारी परिपत्र की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। सलाहकारों द्वारा किये गये कार्यों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है(ग) अपेक्स बैंक के सेवानिवृत्त संवर्ग अधिकारी जिन्हें सलाहकार नियुक्त किया गया है, को एक बार निलंबित किया गया था तथा विभागीय जाँच के उपरांत उन्हें दंड दिया गया था। उक्त आदेश को न्यायालय उप पंजीयक, सहकारी संस्था म.प्र. जिला भोपाल द्वारा शून्य घोषित कर निरस्त किया गया था। भ्रष्टाचार से संबंधित कोई आरोप नहीं थे। भ्रष्टाचार के आरोप नहीं होने तथा बैंक में उनके कार्य की आवश्यकता होने से बैंक प्रबंधन द्वारा उन्हें सलाहकार नियुक्त किया गया है। (घ) उत्तरांश () से () के परिप्रेक्ष्य में बैंक प्रबंधन द्वारा हटाने की आवश्यकता नहीं होने के कारण प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

विक्रेताओं के लायसेंस निरस्‍ती की कार्यवाही

16. ( *क्र. 381 ) श्री विजय सिंह सोलंकी : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) खरगोन विभागीय कार्यालय द्वारा विगत 3 वर्षों में कितने बीज, खाद, दवाई विक्रेताओं के विरूद्ध लायसेंस निरस्‍त करने की कार्यवाही की गई? उन विक्रेताओं की दुकान का नाम, पता व प्रोपराईटर का नाम कार्यवाही दिनांक सहित सूची देवें? (ख) उक्‍त कार्यवाही किन-किन अधिकारियों द्वारा की गई तथा बाद में इन दुकानों पर कब कब पुन: निरीक्षण किया गया? (ग) उक्‍त लायसेंस निरस्‍ती वाले स्‍थान पर अन्‍य व्‍यक्ति द्वारा पुन: नया लायसेंस जारी किया गया है तो नाम सहित सूची दें?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 1, 2 अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 3 अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 4 अनुसार है।

कैलारस तहसील में नामांतरण प्रकरण में अनियमितता

17. ( *क्र. 3357 ) श्री सत्‍यपाल सिंह सिकरवार : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या मुरैना जिले की कैलारस तहसील में नामांतरण प्रकरण क्र. 45/अ.6/2014-15 दिनांक 23.10.2015 में विक्रय पत्र के साक्षी रामभरोषी एवं क्रेता हरीराम गौड़ पुत्र काशीराम के बयान पर सरमनलाल गौड़ (जीवित) को मृत बताकर नामांतरण किया गया था? यदि हाँ, तो प्रकरण की भूमि सर्वे, रकबा, दिनांक सहित पूर्ण जानकारी दें? (ख) क्‍या प्रकरण में साक्षी रामभरोषी जाति गौड़, निवासी ग्राम सुर्जमा तहसील कैलारस द्वारा अपने शपथ पत्र में साक्षी होने को असत्‍य, भ्रामक, कूटरचित दस्‍तावेज तैयार करना बताया है? पटवारी की क्‍या टीप थी, इसके लिये कौन अधिकारी, कर्मचारी व्‍यक्ति दोषी है? शासन उनके खिलाफ क्‍या कार्यवाही करेगा? क्‍या उक्‍त प्रकरण में वरिष्‍ठ अधिकारियों से शिकायत की गई थी? प्रशासन द्वारा शिकायत पर क्‍या कार्यवाही की गई। शिकायतकर्ता का नाम, पता, दिनांक सहित की गई कार्यवाही की जानकारी दी जावे।

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) जी हाँ। ग्राम कैलारस की भमि सर्वे क्रमांक 977, प्‍लाट नम्‍बर 76 रकबा 800 में से 287.5 वर्ग फुट का विक्रय पत्र क्रमाक 1093 दिनांक 09/06/1971 का है। (ख) विक्रय पत्र साक्षी रामभरोषी द्वारा अपने शपथपूर्वक कथनो में अंकित कराया है कि मैं सरवनलाल व हरीराम को जानता हूँ। सरवनलाल द्वारा अपने स्‍वत्‍व की कैलारस स्थित भूमि सर्वे क्रमांक 977 प्‍लाट नम्‍बर 76 रकवा 800 वर्गफुट में से हरीराम को विक्रय की थी विक्रेता सरवनलाल की मृत्‍यु हो चुकी है। उक्‍त प्‍लाट निर्मित मकान में हरीराम ही अपने परिवार के साथ निवास कर रहा है। विक्रय पत्र पर गवाही में मेरे हस्‍ताक्षर हैं। प्रकरण में पटवारी द्वारा पटवारी अभिलेख कृषि भिन्‍न आशय की खतौनी प्रतिलिपि प्रस्‍तुत की है। जिसमें सर्वे क्रमांक 977 प्‍लाट नम्‍बर 76 रकवा 800 वर्गफुट पर सरवनलाल पुत्र रामचरण जाति बढ़ई निवासी ग्राम अंकित है। म.प्र. भू-राजस्‍व संहिता 1959 की धारा 109 में उल्‍लेख है कि जब विक्रय विलेख रजिस्‍टीकृत हो तब राजस्‍व न्‍यायालय उसकी विधिमान्‍यता की जाँच नहीं कर सकता, व्‍यथित व्‍यक्ति सिविल न्‍यायालय में जा सकता है। प्रकरण में नामांतरण मुताबिक रजिस्‍टर्ड विक्रय पत्र किया गया है ना कि फौती के आधार पर इसलिये किसी अधिकारी/कर्मचारी का कोई दोष नहीं पाया गया।

कम्‍प्‍यूटर एवं अन्‍य सहायक उपकरणों की नियम विरूद्ध खरीदी

18. ( *क्र. 3674 ) श्री हर्ष यादव : क्या राज्‍यमंत्री, सहकारिता महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या आयुक्‍त एवं पंजीयक, सहकारिता भोपाल द्वारा प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों में कम्‍प्‍यूटर एवं अन्‍य सहायक उपकरणों की खरीदी प्रतिबंधित की गई है? यदि हाँ, तो कब? पत्र क्रमांक एवं दिनांक बतावें? (ख) उक्‍त प्रतिबंध के बाद सागर, सतना, रायसेन, छतरपुर व रीवा जिलों में कहाँ-कहाँ कम्‍प्‍यूटर एवं अन्‍य उपकरण क्रय किये गये? क्‍यों? (ग) कम्‍प्‍यूटर एवं अन्‍य उपकरणों की खरीदी में क्‍या भण्‍डार क्रय नियमों का पालन किया गया है? यदि नहीं, तो क्‍यों? क्‍या प्रश्‍नांश (ख) वर्णित खरीदी में हुई अनियमितता व भ्रष्‍टाचार की जाँच आर्थिक अपराध अन्‍वेषण ब्‍यूरों को सौंपी जाकर दोषियों को दण्डित कराया जावेगा? यदि हाँ, तो कब तक और यदि नहीं, तो क्‍यों?

राज्‍यमंत्री, सहकारिता ( श्री विश्वास सारंग ) : (क) जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ख) उत्तरांश (क) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। प्रश्नांश में वर्णित सतना एवं रायसेन जिलों में कृषि साख सहकारी संस्थाओं द्वारा कम्प्यूटर एवं अन्य हार्डवेयर क्रय किये गये। (ग) प्रकरण में जाँच आदेशित की गई है, शेष जाँच निष्कर्षाधीन है।

जिला सिंगरौली अंतर्गत बड़े राजस्‍व ग्रामों का विभाजन

19. ( *क्र. 2434 ) श्री राम लल्लू वैश्य : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि क्‍या जिला सिंगरौली अंतर्गत बड़े राजस्‍व ग्रामों को पृथक राजस्‍व गाँव बनाये जाने हेतु विगत तीन वर्षों से नक्‍शा आदि का निर्माण किया जाकर पृथक-पृथक गाँव का दर्जा दिये जाने हेतु आवश्‍यक कार्यवाहियाँ पूर्ण की जा चुकी हैंयदि हाँ, तो क्‍या इन्‍हें पृथक गाँव का दर्जा अभी तक प्राप्‍त नहीं हुआ है, तो इन्‍हें कब तक पृथक गाँव घोषित कर दिया जायेगा?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : जी नहीं। जिला सिंगरौली में 16 राजस्‍व ग्रामों से 16 मजरा टोला कुल 32 राजस्‍व ग्रामों में से 28 ग्रामों का नक्‍शा तथा अभिलेख निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है। शेष 04 ग्रामों तियरा, पलहवा,गोभा एवं मुनगहवा का नक्‍शा निर्माण कार्य प्रगति पर है। कार्य पूर्ण होने पर नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी। समय-सीमा तय करना संभव नहीं है।

शासकीय भूमि का रकबा

20. ( *क्र. 3645 ) श्री इन्‍दर सिंह परमार : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शाजापुर जिले के ग्राम क्रमश: पानखेड़ी, कालापीपल, भरदी, रोसी, चाकरोद तथा भान्‍याखेड़ी में सन् 1925 के जिल्‍द बन्‍दोबस्‍त रिकार्ड में जो शासकीय भूमि का रकबा था, उसमें से सन् 1950 से प्रश्‍न दिनांक तक कितनी-कितनी शासकीय भूमि किस-किस को किस-किस दिनांक को आवंटित कर बंटन की गई? (ख) प्रश्‍नांश () में उल्‍लेखित बंटित शासकीय भूमि किस-किस के आदेश से किस-किस कार्य हेतु आवंटित की गई? ग्रामवार जानकारी देवें

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) शाजापुर जिले की तहसील कालापीपल में शासकीय भूमि का रकबा निम्‍नानुसार है :-

क्र.

ग्राम का नाम

शासकीय भूमि का रकबा (हेक्‍टेयर में) सन् 1925 की स्थिति में

1950 से आज दिनांक तक बंटित की गई भूमि का रकबा (हेक्‍टेयर में)

2 अक्‍टूबर 1959 के पश्‍चात बंटित की गई भूमि का रकबा

किस-किस दिनांक की भूमि बंटित की गई

रिमार्क

(1)

(2)

(3)

(4)

(5)

(6)

(7)

1

पनखेड़ी

490.095

399.602

28.809

प्र.क्र.अ. 19-05, 1998-99

 

 

 

1950 से 1959 के मध्‍य बंटन भूमि के कोई रिकार्ड उपलब्‍ध नहीं हैं।

2

कालापीपल

7.13.369

583.615

45.250

न.प.क्र. 06, 1986-87

3

भरदी

444.496

353.846

5.851

प्र.क्र.अ. 19-11.39  1980-81

4

रोसी

303.496

119.001

49.084

प्र.क्र.अ.   19-27, 1980-81

5

चाकरोद

472.798

277.853

91.853

वर्ष 2001-2002

6

भान्‍याखेड़ी

635.182

541.801

23.033

प्र.क्र.अ.   19-12.20 1989-90


(
ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है।

प्रधानमंत्री ग्राम संपर्क सड़क योजनांतर्गत निर्मित मार्ग

21. ( *क्र. 2520 ) श्री मथुरालाल : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रतलाम विकास खण्‍ड में विगत पाँच वर्षों में प्रधानमंत्री ग्राम संपर्क सड़क योजनांतर्गत निर्मित की गई सड़कों की कार्यवार जानकारी से अवगत करावें? (ख) वि.ख. रतलाम में उक्‍त योजनांतर्गत विभाग द्वारा विगत तीन वर्षों में किन-किन सड़कों की मरम्‍मत कब-कब कितनी राशि से किस-किस एजेंसी से करवाई गई है? (ग) क्‍या वि.ख. रतलाम अंतर्गत उपरोक्‍त योजनांतर्गत निर्मित की गई सड़कों का रख-रखाव संबंधित एजेंसी के द्वारा कार्य पूर्णता दिनांक के बाद आगामी पाँच वर्षों के अंतराल में किया जाना प्रावधानित है? क्‍या उक्‍त निर्माण एजेंसी को निर्मित की गई सड़कों के रख-रखाव/मरम्‍मत के बदले किये गये मेंटेनेन्‍स कार्यों का भुगतान संबंधित विभाग द्वारा भौतिक सत्‍यापन उपरांत किया गया है? किन मापदण्‍डों के तहत किस उत्‍तरदायी अधिकारी के द्वारा कार्य का भौतिक सत्‍यापन कराया जाकर संबंधित एजेंसी को भुगतान किया गया है? मार्गों के निर्माण/मरम्‍मत उपरांत गुणवत्‍ता परीक्षण के दौरान विधानसभा स्‍तर के जनप्रतिनिधि को तदानुसार सूचित किये जाने का कोई प्रावधान विभाग द्वारा नहीं किया गया है? यदि नहीं, तो क्‍यों? (घ) उक्‍त योजनांतर्गत विधानसभा क्षेत्र के संबंधित सदस्‍य को किसी भी प्रकार की प्रस्‍तावित सड़क के निर्माण कार्य/गारंटी में मरम्‍मत योग्‍य प्रस्‍तावित कार्य तथा विभाग द्वारा मरम्‍मत उपरांत उक्‍त मार्गों के भुगतान की जानकारी इत्‍यादि संबंधित पी.आई.यू. से मांगी जाने पर भी कभी उपलब्‍ध नहीं कराई जाती है? क्‍यों? क्‍या उत्‍तरदायी अधिकारियों के विरूद्ध वांछित जानकारी प्रदान नहीं किये जाने पर कोई कार्यवाही विभाग द्वारा सुनिश्चित की गई है? यदि हाँ, तो किस प्रकार की कार्यवाही प्रस्‍तावित है? शासन उन पर क्‍या कार्यवाही करेगा? नहीं तो क्‍यों?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) रतलाम विकासखण्‍ड में विगत पाँच वर्षों में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजनांतर्गत निर्मित सड़कों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) रतलाम विकासखण्‍ड में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजनांतर्गत विगत तीन वर्षों में गारंटी अवधि के अंतर्गत संधारित सड़कों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार एवं गारंटी अवधि के पश्चात्‌ संधारित सड़कों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है(ग) जी हाँ, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजनांतर्गत निर्मित सड़कों का रखरखाव पैकेज पूर्णता दिनांक से आगामी पाँच वर्षों तक गारंटी अवधि में निर्माण एजेंसी द्वारा कराया जाता है। जी हाँ। अनुबंधानुसार निर्धारित मापदंडो के अंतर्गत मार्किंग/स्कोरिंग के अनुसार प्राप्त अंको के आधार पर समानुपातिक राशि का भुगतान ठेकेदार को किया जाता है जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' एवं '''' अनुसार है। इस तरह का कोई प्रावधान नहीं है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) जी नहीं। प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। प्रश्नाधीन विधान सभा क्षेत्र से संबंधित माननीय सदस्य विधानसभा द्वारा जब-जब मौखिक रूप से जानकारी मांगी गई तब-तब उन्हें उपलब्ध कराई गई है। अतः शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।

जैविक खेती प्रोत्‍साहन योजनांतर्गत संपादित कार्य

22. ( *क्र. 2705 ) श्री जितेन्‍द्र गेहलोत : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में जैविक खेती के प्रमाणिक क्षेत्रफल का उज्‍जैन संभाग का जिलेवार ब्‍यौरा क्‍या है तथा प्रदेश में मध्यप्रदेश का प्रतिशत क्‍या है? (ख) जैविक खेती विकास परिषद का मार्च 2014 से अब तक की उपलब्धियों, क्रियाकलापों का ब्‍यौरा क्‍या है? विशेषकर रतलाम जिले का तहसीलवार ब्‍यौरा दें। (ग) जैविक खेती प्रोत्‍साहन योजनांतर्गत प्रदेश के कितने जिलों एवं विकासखण्‍डों में कार्य किया गया? विकासखण्‍डवार उपलब्धियों का ब्‍यौरा क्‍या है

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 1 अनुसार है। देश में मध्‍यप्रदेश का प्रमाणिक क्षेत्रफल 32 प्रतिशत है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 2 अनुसार है। (ग) जैविक खेती प्रोत्‍साहन योजनान्‍तर्गत प्रदेश के 16 जिलों के 32 विकासखण्‍डों में कार्य किया गया है। विकासखण्‍डवार उपलब्धियों का ब्‍यौरा पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 3 अनुसार है।

जिला सह. केन्‍द्रीय बैंक मर्या. अमरपाटन के दोषी कर्मचारियों के विरूद्ध कार्यवाही

23. ( *क्र. 3517 ) श्री रामलाल रौतेल : क्या राज्‍यमंत्री, सहकारिता महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) तारांकित प्रश्‍न संख्‍या 17 (क्र. 4548) दिनांक 17.3.16 के उत्‍तर में जिला सहकारी केन्‍द्रीय बैंक मर्यादित अमरपाटन जिला-सतना के दो कर्मचारियों को दोषी बताया गया था तथा मौखिक चर्चा में दोषी उक्‍त कर्मचारियों के विरूद्ध एक सप्‍ताह के अंदर कार्यवाही करने का कथन मा. मंत्रीजी ने किया था तो क्‍या दोषी कर्मचारियों के विरूद्ध कार्यवाही की गई? (ख) यदि हाँ, तो कब? यदि नहीं, तो क्‍यों? कार्यवाही न करने का औचित्‍य बतायें? (ग) कार्यवाही न करने के लिये कौन अधिकारी दोषी है तथा उसके विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की जायेगी?

राज्‍यमंत्री, सहकारिता ( श्री विश्वास सारंग ) : (क) जी हाँ, दोनों दोषी कर्मचारियों श्री बाबूलाल पटेल तथा श्री मुन्नालाल वर्मा के विरूद्ध विभागीय जाँच संस्थित की गई है, श्री बाबूलाल पटेल सेवानिवृत्त हो चुके हैं तथा श्री मुन्नालाल वर्मा को निलंबित किया गया है। (ख) दोनो दोषी कर्मचारियों के विरूद्ध दिनांक 11.4.2016 को विभागीय जाँच हेतु जाँच अधिकारी नियुक्त किया गया है। दोषी कर्मचारी श्री बाबूलाल पटेल दिनांक 31.3.2016 को सेवानिवृत्त हो चुके हैं तथा श्री मुन्नालाल वर्मा को दिनांक 15.7.2016 को निलंबित किया गया है। विभागीय जाँच करने वाले अधिकारी श्री रोशनलाल द्विवेदी को समयावधि में जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत न करने के कारण आरोप पत्र जारी किये गये है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) उत्तरांश (ख) अनुसार।

भोपाल स्थित नवाबों की भूमि का नियम विरूद्ध हस्‍तांतरण

24. ( *क्र. 2076 ) श्री तरूण भनोत : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या कलेक्‍टर जिला भोपाल ने अपने पत्र क्र. 3399/नजूल/02 दिनांक 23.03.02 को आयुक्‍त, नगर निगम भोपाल एवं अन्‍य को नवाबों की सम्‍पत्तियों के संबंध में हस्‍तांतरण, नामांतरण, डायवर्सन, भवन अनुज्ञा एवं कॉलोनी विकास आदि पर रोक लगाई थी? (ख) क्‍या वर्णित (क) के अधिकारी द्वारा उक्‍त पत्र के साथ नवाब भोपाल से संबंधित 13 ग्रामों के मर्जर की भूमि की सूची संलग्‍न कर रोक लगायी गयी थी एवं प्रकरण क्र. 8/स्‍व.निग/07.8. शासन नजूल बैरागढ़ वि. बेगम सुरैय्या रसीद अन्‍य का ग्राम सेवनिया गौड़ का मर्जर प्रकरण की कार्यवाही कलेक्‍टर भोपाल में प्रचलित रही क्‍यों? (ग) यदि वर्णित (क) (ख) हाँ तो उक्‍त आदेश के परिपालन के बावजूद भी 13 ग्रामों में आज दिनांक तक कितने नामांतरण हस्‍तांतरण विक्रय व परिवर्तन किये गये? (घ) क्‍या संयुक्‍त संचालक नगर तथा ग्राम निवेश भोपाल ने अपने पत्र क्र. 276/भोपाल दिनांक 16/04/2002 के तहत किन-किन बिल्‍डर्स को 31.77 डिसमल भूमि अभिन्‍यास एवं कालोनी विकास हेतु अनुमति प्रदान की जो ग्राम सेवनिया गौड़ की है? क्‍या यह नियम विरूद्ध है एवं उक्‍त अनुमति निरस्‍त कर दोषियों पर क्‍या कार्यवाही की जावेगी?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

भू-अर्जन पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन कानून का क्रियान्‍वयन

25. ( *क्र. 3599 ) श्री रामनिवास रावत : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जनवरी 2014 से लागू भू-अर्जन पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन कानून में उचित प्रतिकर एवं पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की किस धारा में प्रतिकर, तोषण, पुनर्वास अनुदान एवं पुनर्व्यवस्थापन के रूप में कितनी-कितनी राशि दिए जाने का प्रावधान दिया गया है? अधिनियम की धारा 24 एवं धारा 87 में क्या प्रावधान है? (ख) ग्वालियर, चम्बल संभाग के किस-किस जिले में जनवरी 2014 से प्रश्नांकित दिनांक तक कितने ग्रामों की कितनी भूमि को अर्जित किये जाने के आदेश जारी किये गए? किस-किस जिले में दिसम्बर 2013 को कितने प्रकरण लंबित थे? उनमें से कितने प्रकरण वर्तमान में लंबित हैं? (ग) दिसम्बर 2013 के लंबित प्रकरणों में अधिनियम 2013 के अनुसार तोषण, पुनर्वास अनुदान एवं पुनर्व्यवस्थापन से संबधित राशि को सम्मिलित कर भू-अर्जन के आदेश जारी किये जाने के क्या कारण रहे हैं? (घ) अधिनियम 2013 के प्रावधानों का पालन न किये जाने के लिए कौन-कौन दोषी है? उनमें से किस-किस के विरुद्ध धारा 87 के अनुसार क्या कार्यवाही की गई? यदि नहीं, तो क्यों? कब तक कार्यवाही की जावेगी?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

 

 

 





 

 

 

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भाग-2

नियम 46 (2) के अंतर्गत अतारांकित प्रश्नोत्तर के रुप में परिवर्तित तारांकित प्रश्नोत्तर

पंचायत सचिव की अनियमितताओं पर कार्यवाही

1. ( क्र. 61 ) श्री महेन्द्र सिंह कालूखेड़ा : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या ग्राम सिंहपुर चाल्‍दा, तहसील चंदेरी के पंचायत सचिव के विरूद्ध जब वे ग्राम कडराना तहसील चंदेरी में पदस्‍थ थे तब अनियमितताओं की जाँच में दोषी पाकर चंदेरी के तत्‍कालीन एस.डी.एम. श्री लाक्षाकार ने उन्‍हें निलंबित करने की भी सिफारिश दिनांक 25.07.13 को की थी? (ख) यदि हाँ, तो वह जिलाधीश अशोकनगर के पास कब से लंबित है तथा कब तक उसे निलंबित किया जायेगा? (ग) क्‍या वर्तमान में उक्‍त सचिव सिंहपुर चाल्‍दा में पदस्‍थ है तथा वहां के सरपंच ने भी तालाब खोदने व विकास में सहयोग नहीं करने की शिकायत की है? यदि हाँ, तो उनका निलंबन कब तक होगा?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) से (ग) जानकारी संकलित की जा रही है।

शासकीय भूमि पर अतिक्रमण

2. ( क्र. 62 ) श्री महेन्द्र सिंह कालूखेड़ा : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दिनांक 24 फरवरी, 2016 के परिवर्तित अता.प्रश्‍न संख्‍या 1 (क्रमांक 1) के संदर्भ में बताएं कि जब तत्‍कालीन जिलाधीश श्रीमती नीलम राव ने शासकीय भूमि जो अशोकनगर शहर के बीच करोड़ों के मूल्‍य की है, का अतिक्रमण पुलिस की मदद से हटा दिया था तो पुलिस व प्रशासन ने गजराज सिंह पुत्र श्री अमोल सिंह निवासी खानपुर तहसील चंदेरी का अतिक्रमण कब व क्‍यों होने दिया तथा वह न्‍यायालय से स्‍थगन ले उसके पूर्व अतिक्रमण क्‍यों नहीं हटाया तथा न्‍यायालय में केविएट क्‍यों नहीं लगाई ताकि स्‍थगन को रोकने का प्रयास हो सके। 2014 में बाउण्‍ड्रीवॉल क्‍यों बनने दी? (ख) पिपरई में जब यादवेन्‍द्र सिंह का अतिक्रमण सिद्ध हो गया, उसे तोड़ा क्‍यों नहीं गया तथा सिविल जेल की कार्यवाही क्‍यों नहीं की गई? (ग) ग्राम अथाईखेड़ा जब तहसीलदार के फैसले व पुलिस रिपोर्ट में नरेश व अजय प्रताप का अतिक्रमण सिद्ध हो गया तो वहां भी सख्‍त कार्यवाही क्‍यों नहीं की गई?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) से (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

उज्‍जैन संभाग की जिनिंग फैक्‍ट्री की लीज की जमीनों का दुरूपयोग

3. ( क्र. 65 ) श्री महेन्द्र सिंह कालूखेड़ा : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दिनांक 2 मार्च 2015 के अतारांकित प्रश्‍न संख्‍या 13 (क्रमांक 782) तथा 2 मार्च 2016 के प्रश्‍न संख्‍या 72 (क्रमांक 1731) के संदर्भ में बताएं कि पिपल्‍यामण्‍डी, पिपलौदा, जावरा, उज्‍जैन, ताल आलोट, आगर आदि जहां जिनिंग फैक्‍ट्री बंद होने पर येन केन प्रकरण भू-माफिया ने भूमि आवंटित कर खसरा खतौनी पटवारी रेवेन्‍यू रिकार्ड में नाम दर्ज कराकर अवैध कालोनिया, प्‍लाट काटकर करोड़ों रूपये कमा लिये उनकी पहचान कर उनके विरूद्ध कार्यवाही करने हेतु शासन क्‍या प्रयास कर रहा है तथा न्‍यायालय रेवेन्‍यू बोर्ड व प्रशासन में चल रहे प्रकरणों पैरवी की मॉनिटिरिंग हो रही है या नहीं? (ख) पिपलौदा जिला रतलाम की जिनिंग फैक्‍ट्री की भूमि में रोक लगने के बावजूद निर्माण व प्‍लाट आवंटन कैसे हो रहा है व इसे रोककर भू-माफिया के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही हो रही है?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) एवं (ख) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

मनरेगा अंतर्गत योजनाओं का क्रियान्‍वयन

4. ( क्र. 90 ) श्री हरवंश राठौर : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या विधानसभा क्षेत्र बण्‍डा में मनरेगा सहित एवं अन्‍य मदों से ग्राम पंचायतों में हो रहे निर्माण कार्यों के‍ लिए स्‍थल पर ले-आउट, मस्‍टर रोल, फीडिंग, दुकानदारों एवं मजदूरों को भुगतान RTGS/EPO/F.T.O. का कार्य संबंधित कर्मचारियों को प्रदत्‍त अधिकारों के अनुसार किया जा रहा है? यदि नहीं, तो क्‍यों? (ख) क्‍या विधानसभा क्षेत्र बण्‍डा में विभागीय योजनाओं के क्रियान्‍वयन में संबंधित कर्मचारियों/अधिकारियों द्वारा उक्‍त प्रक्रिया अपनाई जा रही है? (ग) यदि कंडिका (ख) का उत्‍तर हाँ तो फिर ग्राम पंचायतों के खातों से राशि आहरण पर मुख्‍य कार्यपालन अधिकारियों द्वारा समस्‍त बैंकों को पत्र लिखकर रोक किन नियमों के तहत लगाई गई है? (घ) क्‍या ग्राम पंचायतों द्वारा राशि आहरण के पूर्व मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत की स्‍वीकृति का नियमों में प्रावधान है? यदि हाँ, तो नियमों से अवगत करावें?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : . (क) एवं (ख) जी हाँ। (ग) जिले में सूखे की स्थिति के कारण जिला योजना समिति सागर द्वारा दिनांक 16.02.2016 में पारित निर्णय अनुसार ग्राम पंचायतों को 14 वें वित्त आयोग अंतर्गत प्रदाय राशि का उपयोग पेयजल के कार्यों में करने हेतु कलेक्टर सागर के पत्र क्र. 1280 दिनांक 18.02.2016 के द्वारा जनपद पंचायतों को निर्देश दिये गये थे। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार। विधान सभा क्षेत्र बण्डा की जनपद पंचायत शाहगढ़ द्वारा ग्राम पंचायतों के खातो से राशि आहरण पर वर्तमान में रोक नहीं लगायी गई है। जनपद पंचायत बण्डा के तत्कालीन मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा राशि आहरण के संबंध में पत्र क्र. 330 दिनांक 22.03.2016 द्वारा बैंकों को निर्देश दिये गये थे एवं उन्ही के पत्र क्र. 673 दिनांक 30.06.2016 से ग्राम पंचायतों को 14 वें वित्त आयोग के अंतर्गत प्राप्त राशि के आहरण पर लगायी गई रोक हटाने संबंधी पत्र बैंक को जारी किया गया था। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार(घ) जी नहीं। शेष प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता।

 

गरीबी रेखा में नाम जुड़वाकर लिये गये लाभ की वसूली करना

5. ( क्र. 129 ) श्रीमती चन्‍दा सुरेन्‍द्र सिंह गौर : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या न्‍यायालय नायब तहसीलदार वृत्‍त डारगुंवा तह. बल्‍देवगढ़ जिला टीकमगढ़ के द्वारा दिनांक 22/3/11 को अपने कार्यालय की नोटशीट पर उल्‍लेख कर लिखा है कि आवेदक सुन्‍दर S/o भैयन तिवारी नि. इमलाना ने पत्र लिखकर दिया है कि मेरा नाम बी.पी.एल. की सूची क्र. 61 पर दर्ज है जो मेरा नाम सूची से अलग कर दिया जावे क्‍यों कि मेरी आर्थिक स्थिति बी.पी.एल. से ऊपर हो चुकी है और शासन की योजना का लाभ नहीं लेना चाहता हूं? इसके उपरांत आवेदक स्‍वयं 22/3/11 के आदेश से दुखी होकर अपर कलेक्‍टर टीकमगढ़ के न्‍यायालय में बी.पी.एल. की सूची में नाम जोड़े जाने का विधिवत आवेदन देकर 22/3/11 का आदेश निरस्‍त हो जाता है और अपर कलेक्‍टर टीकमगढ़ के आदेश में विधिवत सुनवाई एवं पर्याप्‍त साक्ष्‍य का अवसर दिया जाकर नियमानुसार निराकरण करें और पुन: बी.पी.एल. की सूची में नाम जोड़ा गया? (ख) क्‍या इस प्रकार आवेदक द्वारा आवेदन देकर नाम कटा लेना तथा बाद में आवेदन देकर नाम जुड़वा लेने के नियम हैं? यदि नहीं, तो पुन: नाम किस आधार पर जोड़ा गया एवं क्‍या आवेदक की पत्‍नी द्वारा माँ दुर्गा स्‍व. सहायता समूह में सचिव के पद पर रहकर कार्य किया और शासन की योजना का लाभ लिया तथा इनके पति द्वारा कूप निर्माण का शासन से लाभ लिया है? यदि हाँ, तो क्‍या इनके विरूद्ध कार्यवाही करेंगे? समयावधि बतायें। यदि नहीं, तो कारण स्‍पष्‍ट करें?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) नायब तहसीलदार वृत्त डारगुंवा, तहसील बल्देवगढ़ के प्रकरण क्रमांक 32/बी-121/2010-11 में आदेश दिनांक 22.03.2011 के अनुसार आवेदक सुन्दर तनय भैयन तिवारी निवासी इमलाना का नाम बी.पी.एल सूची से काटे जाने का ओदश पारित किया गया था। अपर कलेक्टर जिला टीकमगढ़ के न्यायालय के प्रकरण क्रमांक 79/अपील/10-11 में पारित आदेश दिनांक 15 जून 2011 के अनुसार नायब तहसीलदार डारगुंवा के आदेश दिनांक 22.03.2011 को निरस्त कर प्रकरण साक्ष्य सुनवाई का पर्याप्त अवसर दिये जाने के निर्देश सहित प्रत्यावर्तित किया गया। नायब तहसीलदार डारगुंवा के प्रकरण क्रमांक 110/बी-121/2012-13 में पारित आदेश दिनांक 06.02.2013 के अनुसार आवेदक सुन्दर तनय भैयन तिवारी निवासी ग्राम इमलाना का नाम ग्राम की बी.पी.एल. सूची में काट दिया गया है। पुनः बी.पी.एल. सूची में नाम नहीं जोड़ा गया। (ख) आवेदक का नाम बी.पी.एल. सूची से दिनांक 06.02.2013 को काटा गया एवं आवेदक का नाम बी.पी.एल. सूची में पुनः नहीं जोड़ा गया है। आवेदक की पत्नी द्वारा दुर्गा सहायता समूह में अध्यक्ष के पद पर रहकर दिनांक 23.05.2016 तक कार्य किया गया, पद पर रहते हुये इनके द्वारा शासन की किसी भी योजना का लाभ नहीं लिया गया एवं इनके पति द्वारा कूप निर्माण का लाभ बी.पी.एल. में नाम काटे जाने के पूर्व लिया गया है। जिसमें पूर्ण भुगतान दिनांक 22.03.2012 को किया गया।

 

पंचायतीराज मुद्रणालय उज्‍जैन का कार्य क्षेत्र

6. ( क्र. 382 ) श्री विजय सिंह सोलंकी : क्या राज्‍यमंत्री, सहकारिता महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सहकारिता क्षेत्र में पंचायतीराज सह. मुद्रणालय उज्‍जैन का कायक्षेत्र कहाँ तक है? यदि कार्यक्षेत्र सीमित नहीं है तो यह अन्‍य जिलों में पंजीकृत सहकारी मुद्रणालयों के क्षेत्र में दखल देना क्‍या उचित है? उक्‍त मुद्रणालय का कार्यक्षेत्र विभाग की अधीकृत वेबसाईट में केवल उज्‍जैन दिखाई दे रहा है? क्‍या यह सही है? (ख) उक्‍त मुद्रणालय उज्‍जैन को ही पूरे प्रदेश में निर्मल भारत अभियान आदि संबंधी पत्र भोपाल कार्यालय से जारी किया गया, क्‍यों? इस विशेष मुद्रणालय को ही कार्य देने संबंधी पंचायत विभाग द्वारा लाभ देने हेतु पत्र जारी किया गया, कारण बतायें?

राज्‍यमंत्री, सहकारिता ( श्री विश्वास सारंग ) : (क) संपूर्ण मध्‍यप्रदेश, मुद्रणालय अपने कार्यक्षेत्र में ही कार्य कर रहा है। विभाग की वेबसाईट में त्रुटिवश संस्‍था का कार्यक्षेत्र उज्‍जैन प्रदर्शित हो रहा था, जिसे सुधार लिया गया है। (ख) जी हाँ, राज्‍य जल एवं स्‍वच्‍छता मिशन, विकास आयुक्‍त कार्यालय द्वारा निर्मल भारत अभियान (मर्यादा अभियान) के अंतर्गत प्रचार-प्रसार हेतु पंचायत प्रेस के माध्‍यम से सामग्री मुद्रण नियमानुसार एक रूपता एवं गुणवत्‍ता को ध्‍यान में रख कर कराने के निर्देश दिये गये हैं।

कृषकों को मुआवजा वितरण

7. ( क्र. 435 ) श्री मुकेश नायक : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) पन्‍ना जिले की तहसील रैपुरा, सिमरिया, शाहनगर, पवई अंतर्गत कुल कितने पट्टेधारी किसान हैं? (ख) इन तहसीलों के अंतर्गत विगत 5 वर्ष से प्रश्‍न दिनांक तक कितने किसानों को राहत राशि प्रदान की गई है? (ग) क्‍या विगत 5 वर्ष से प्रश्‍न दिनांक तक बहुत सारे पट्टेधारी किसानों को सूखा राहत राशि प्रदान नहीं की गई? क्‍या कारण है बतायें इनको कब तक मुआवजा राशि दी जायेगी? (घ) पन्‍ना जिले कि इन तहसीलों में विगत 5 वर्ष से प्रश्‍न दिनांक तक कुल कितनी राशि का वितरण किया जा चुका है? तहसीलवार, सूची उपलब्‍ध करावें।

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) पन्‍ना जिले की तहसील रैपुरा, सिमरिया, शाहनगर, पवई के अन्‍तर्गत कुल 97,463 पट्टेधारी किसान है। (ख) इन तहसीलों के अन्‍तर्गत विगत 5 वर्ष से प्रश्‍न दिनांक तक 65311 किसानों को राहत राशि प्रदान की गई है। (ग) राजस्‍व पुस्‍तक परिपत्र 6-4 के निर्धारित मापदण्‍ड अनुसार सर्वे पश्‍चात समस्‍त पात्र पटटेधारी किसानों को सूखा राहत राशि प्रदान की गई है। अत: शेष प्रश्‍न उद्भूत नहीं होता है। (घ) पन्‍ना जिले कि इन तहसीलों में विगत 5 वर्ष से प्रश्‍न दिनांक तक राजस्‍व पुस्‍तक परिपत्र खण्‍ड 6-4 के अन्‍तर्गत कुल राशि 82,39,78,235/- (रू. बयासी करोड़ उनतालिस लाख अठहत्‍तर हजार दो सौ पैंतीस) का वितरण किया जा चुका है। राशि वितरण की तहसीलवार जानकारी निम्‍नानुसार है :-

क्र

तहसील का नाम

कृषक संख्‍या

वितरित राशि

1

रैपुरा

16240

180920374

2

सिमरिया

16619

285895779

3

शाहनगर

17890

133661331

4

पवई

14562

223500751

योग

65311

823978235

 

अधिकारी/कर्मचारियों के विरूद्ध अनुशासनात्‍मक कार्यवाही

8. ( क्र. 471 ) श्री कुँवरजी कोठार : क्या राज्‍यमंत्री, सहकारिता महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 1 अप्रैल 2013 से प्रश्‍न दिनांक तक राजगढ़ जिले के कितनी सेवा सहकारी संस्‍थाओं के किस-किस कर्मचारी ने गबन कर या अन्‍य कारण से कितनी-कितनी राशि अपने पास कब से रखे हुए हैं? (ख) प्रश्‍नांश (क) के तहत समिति/जिला सहकारी बैंक/सहकारिता विभाग ने प्रश्‍न दिनांक तक उन पर क्‍या-क्‍या कार्यवाही की है? (ग) प्रश्‍नांश (क) व (ख) के तहत प्रश्‍न दिनांक तक संबंधितों से कितनी-कितनी राशि की वसूली की गई है? यदि नहीं, तो क्‍यों? क्‍या बैंक प्रबंधन/सहकारिता के अधिकारियों की सांठ-गांठ के चलते उनसे वसूली नहीं हो रही? (घ) प्रश्‍नांश (क), (ख) व (ग) के तहत क्‍या दोषियों के खिलाफ एफ.आई.आर. दर्ज करायी गई? यदि हाँ, तो किन धाराओं के तहत किस-किस के खिलाफ किस-किस थाने में? यदि नहीं, तो क्‍यों करायी? कारण दें। कब तक करायी जायेगी?

राज्‍यमंत्री, सहकारिता ( श्री विश्वास सारंग ) : (क) एवं (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है(ग) 15 प्रकरणों में राशि रूपये 61.36 लाख की वसूली की गई है, शेष राशि की वसूली हेतु मध्यप्रदेश सहकारी सोसायटी अधिनियम 1960 की धारा 64 के अंतर्गत वाद दायर करने के निर्देश दिये गये है। जी हाँ। (घ) 25 में से 22 प्रकरणों में एफ.आई.आर. दर्ज करने हेतु संबंधित थानों में आवेदन प्रस्तुत किये गये हैं, 01 प्रकरण में दोषी की मृत्यु होने से आवेदन प्रस्तुत नहीं किया गया तथा शेष 02 प्रकरण जुलाई, 2016 के होने से कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। पुलिस थाने द्वारा प्रकरण में विशेष अंकेक्षण टीप चाहे जाने पर 17 प्रकरणों में बैंक से प्राप्त प्रस्ताव के आधार पर विशेष अंकेक्षण हेतु उपायुक्त, सहकारिता जिला राजगढ़ द्वारा माह मई-जून 2016 में आदेश जारी कर दिये गये है, विशेष अंकेक्षण टीप प्राप्त होने पर संबंधित थानों को उपलब्ध कराई जा सकेगी। शेष 07 प्रकरणों में विशेष अंकेक्षण का प्रस्ताव प्रस्तुत करने हेतु बैंक को निर्देश दिये गये है।

जनपद पंचायत सारंगपुर अंतर्गत विभिन्‍न योजनाओं की आहरित राशि वसूली

9. ( क्र. 472 ) श्री कुँवरजी कोठार : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) राजगढ़ जिले की सारंगपुर जनपद पंचायत के अंतर्गत वर्ष 2014-15 से वर्ष 2015-16 तक पंच-परमेश्‍वर योजनांतर्गत कितने-कितने कार्य कितनी-कितनी राशि के स्‍वीकृत किये गये थे? उनमें से प्रश्‍न दिनांक तक कितने कार्य पूर्ण एवं अपूर्ण हैं? अपूर्ण कार्यों की संख्‍या एवं आहरित राशि का विवरण देवें? (ख) प्रश्‍नांश (क) में दर्शित अवधि में अपूर्ण कार्य के नाम तथा शेष राशि की ग्राम पंचायतवार कार्यों की भौतिक एवं वित्‍तीय जानकारी देवें? (ग) प्रश्‍नांश (क) में दर्शित अवधि की अपूर्ण कार्यों की राशि यदि पूर्व सरपंचों द्वारा आहरित कर ली गई है तो किस सरपंच द्वारा कितनी राशि किस कार्य हेतु आहरित की गयी है? (घ) प्रश्‍नांश (ग) के उत्‍तर में‍ दर्शित आहरित राशि की वसूली हेतु किस-किस ग्राम पंचायत के किस-किस सरपंच के विरूद्ध क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई है और यदि कार्यवाही नहीं की गई तो क्‍यों नहीं?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र के कॉलम नम्बर 4,5,7 एवं 8 अनुसार(ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र के कॉलम नम्बर 4 एवं 5 अनुसार। (ग) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र के कॉलम नम्बर 6 अनुसार(घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र के कॉलम नम्बर 6 एवं 7 अनुसार

निर्माण संबंधित जानकारी

10. ( क्र. 492 ) श्री संजय उइके : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग क्र. 01 बालाघाट द्वारा विभागों से विभिन्‍न योजनाओं में प्राप्‍त राशि से निर्माण कार्य निविदा एवं विभागीय तौर पर कराये गये हैं? (ख) यदि हाँ, तो वित्‍तीय वर्ष 2013-14 से प्रश्‍न दिनांक तक प्रशासकीय स्‍वीकृति, तकनीकी स्‍वीकृति, अंतिम बिल की राशि, बिल से काटी गई खनिज की रॉयल्‍टी राशि की प्रत्‍येक निर्माण कार्यवार वर्षवार जानकारी देवें?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार

शासकीय भूमि के अनियमितता पट्टे व क्रय-विक्रय

11. ( क्र. 613 ) श्री दुर्गालाल विजय : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) श्‍योपुर जिले के ग्राम जाखदा जागीर में संबंधित राजस्‍व अमले ने अनियमित तरीके से अभिलेखों में छेड़छाड़ कर 700 हेक्‍टेयर शासकीय भूमि जिन अपात्र लोगों के नाम चढ़ाई उनके नाम, पते बतावें। (ख) क्‍या उक्‍त मामले में कलेक्‍टर श्‍योपुर ने चार पटवारी व दो डाटा एन्‍ट्री ऑपरेटरों के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज कराने के निर्देश मार्च 2016 में एस.डी.एम. व तहसीलदार श्‍योपुर को दिये थे? यदि हाँ, तो इनके द्वारा निर्देशानुसार वर्तमान तक क्‍या कार्यवाही की गई? यदि नहीं, तो क्‍यों? (ग) उक्‍त प्रकरण की जाँच कौन कर रहा है? कब तक जाँच पूर्ण करके दोषियों के विरूद्ध कार्यवाही की जावेगी? (घ) इस संबंध में प्रश्‍नकर्ता के तारांकित प्रश्‍न संख्‍या 25 (क्रमांक 1518) दिनांक 10.03.2016 के प्रश्‍नांश (क) से (घ) के उत्‍तर में बताया है कि जानकारी एकत्रित की जा रही है? यदि जानकारी एकत्रित कर ली गई हो तो उपलब्‍ध करावें।

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) श्योपुर जिले के ग्राम जाखदाजागीर नामों की सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। पते की जानकारी अभिलेख में दर्ज नहीं है। (ख) से (घ) कलेक्टर श्योपुर द्वारा चार पटवारी एक डाटा एण्ट्री आपरेटर एवं एक भृत्य के खिलाफ अपराधिक प्रकरण दर्ज कराने के लिये कार्यालयीन पत्र क्रमांक/री/2016/2901 श्योपुर दिनांक 10.03.2016 के द्वारा महानिदेशक राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो भोपाल को साजिशकर्ताओं के विरूद्ध कार्यवाही हेतु भेजा गया। नियमानुसार कार्यवाही की जावेगी। निश्चित समय-सीमा बताना संभव नहीं है।

राजस्‍व ग्राम बनाना

12. ( क्र. 614 ) श्री दुर्गालाल विजय : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) श्‍योपुर विधानसभा क्षेत्रांतर्गत वर्तमान में कौन-कौन से गांव मजरे टोले ऐसे हैं जिनके बसाहट स्‍थल राजस्‍व अभिलेखों में आबादी भूमि घोषित नहीं हैं, इस हेतु वर्तमान तक विभाग द्वारा क्‍या कार्यवाही की गई? (ख) इस संबंध में प्रश्‍नकर्ता द्वारा कलेक्‍टर श्‍योपुर को वर्तमान तक लिखे गये पत्रों पर क्‍या कार्यवाही की गई? (ग) क्‍या उक्‍त गांव मजरे टोलों के बसाहट स्‍थलों को आबादी भूमि घोषित न करने के कारण इनमें निवासरत ग्रामीणों को दशकों से शासन की समस्‍त कल्‍याणकारी योजनाओं का समुचित लाभ नहीं मिल पा रहा हैं, वे नजदीकी मूल गांव पर‍ निर्भर हैं, नतीजन उन्‍हें कई प्रकार की कठिनाइयों का सामना करना पड़ा रहा है? (घ) यदि हाँ, तो क्‍या शासन उक्‍त गांव मजरे टोलों का सर्वे कराकर इनके बसाहट स्‍थलों की नोईयत परिवर्तन कराकर राजस्‍व अभिलेखों में आबादी भूमि घोषित करने की कार्यवाही शीघ्र करवाएगा, यदि नहीं तो क्‍यों? (ड.) प्रश्‍नकर्ता के तारांकित प्रश्‍न संख्‍या 42 (क्रमांक 4124) दिनांक 20.03.2015 के प्रश्‍नांश (क) से (ड.) के उत्‍तर में जानकारी एकत्रित की जा रही है, बताया है। यदि एकत्रित कर ली हो तो उपलब्‍ध करावें?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) श्‍योपुर विधानसभा क्षेत्रांतर्गत 102 मजरे टोले है, जिनमें से 75 मजरे टोलों में आबादी घोषित नहीं है। ये मजरे टोले निजी खाते, वन विभाग, सिंचाई विभाग आदि की भूमि में बसाहट होने से आबादी घोषित नहीं की गई है। (ख) ग्राम ददूनी,कोटरा, सामरसा का मजरा चेनपुरा में अतिरिक्‍त बसाहट की जो शासकीय भूमि थी, उसे आबादी घोषित कर दिया गया है। चिमलका नाम की बसाहट खाते की भूमि में होने से आबादी घोषित करना संभव नहीं है। (ग) मजरों टोलों में निवासरत ग्रामीणों को शासन की समस्‍त कल्‍याणकारी योजना का लाभ समुचित रूप से मिल रहा है। (घ) ग्राम की आबादी के अतिरिक्‍त बसाहट व मजरों-टोलों के रूप में 8-10 घर बनाकर भी किसी शासकीय भूमि में निवासरत है तो ऐसी शासकीय भूमि की नोईयत परिवर्तन कर आबादी घोषित करने हेतु विधानसभा श्‍योपुर के 62 ग्रामों के प्रस्‍ताव प्रचलित है। जिनमे से 10 ग्रामों में आबादी भूमि घोषित की जा चुकी है। शेष बचे ग्रामों व मजरे टोलों में पटवारियों द्वारा सतत् भ्रमण कर सर्वे किया जाकर शीघ्र मजरा-टोलों के आबादी भूमि घोषित किये जाने हेतु प्रस्‍ताव भेजे जा रहे है। (ड.) विधानसभा प्रश्‍न क्रमांक 4124 में जानकारी एकत्रित की जा रही है। ऐसा कोई उल्‍लेख ही नहीं किया गया है। जी हाँ। जानकारी प्राप्‍त होते ही उपलब्‍ध करा दी जायेगी।

पाटन विधानसभा अंतर्गत सूखा राहत वितरण

13. ( क्र. 836 ) श्री नीलेश अवस्‍थी : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) पाटन विधानसभा अंतर्गत वित्‍त वर्ष 2015-16 में ओला पाला अतिवृष्टि एवं सूखे से प्रभावित शत्-प्रतिशत नुकसानी वाले कौन-कौन से ग्राम थे? (ख) प्रश्‍नांश (ख) में उल्‍लेखित ग्रामों के कितने कृषकों को जिन्‍सवार किस मान से कितना मुआवजा दिया गया बतलावें? (ग) प्रश्‍नांश (क) में उल्‍लेखित शत्-प्रतिशत नुकसानी वाले ग्रामों में कितने कृषक किन कारणों से अभी तक मुआवजा राशि प्राप्‍त करने से वंचित है? ग्रामवार मुआवजे से वंचित कृषकों की संख्‍यात्‍मक जानकारी देवें? (घ) प्रश्‍नांश (ग) में उल्‍लेखित मुआवजे से वंचित कृषकों को मुआवजा प्रदान न करने का दोषी कौन है क्‍या शासन मुआवजा राशि प्राप्‍त न होने के कारणों की जाँच कराकर प्रकरण में दोषी कर्मचारियों पर कार्यवाही करते हुये मुआवजे से वंचित कृषकों को मुआवजा राशि प्रदान करेगा यदि हाँ, तो कब तक यदि नहीं, तो क्‍यों नहीं?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) ओला से शत्-प्रतिशत नुकसानी के ग्राम कुमगवा, बरोदा, सरखंडी, हटेपुर, छेडी, इमलिया, बरखेड़ा, जोवा, जरोद, डूडी, रिछाई एवं तहसील मझौली के 28 ग्राम- पिपरिया, सिमरियाघाट, कुसमी, रजबई, सकरपिला, घाटखम्‍हारिया,काकरदेही, सुनवानी, पाली, जुझारी, उमरिया, मझगवां, मनसकरा, जौली, मझौली, धनगवां, खिरवा, कंजई, देवरी, बरगवांदारांची, खिन्‍नी, कैथरा, कुकई, डुगरिया, मझगवां, मगरकटा, बघेली, घुघरा इस प्रकार पाटन विधानसभा में कुल 39 ग्राम है। पाला अतिवृष्टि एवं सूखा से शत्-प्रतिशत नुकसानी वाले कोई ग्राम नहीं थे।
(ख) प्रश्‍नांश '' में उल्‍लेखित ग्राम, कृषक संख्‍या, जिन्‍सवार की सूची तहसील पाटन की संलग्न परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है एवं तहसील मझौली की सूची संलग्न परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। प्रभावितों को राजस्‍व पुस्‍तक परिपत्र 6-4 के मानदण्‍डों के तहत अनुदान सहायता राशि स्‍वीकृत की गई। (ग) प्रश्‍नांश '' में उल्‍लेखित शत्-प्रतिशत नुकसानी वाले ग्रामों में कृषकों को ई-पेमेंन्‍ट से अनुदान सहायता राशि का भुगतान किया जा चुका है अत: वंचित कृषकों की संख्‍या निरंक है। जिन खातेदारों द्वारा कोई फसल नहीं बोई गई है या भूमि पड़ती थी या भूमियां तालाब में निहित थी केवल उन्‍हें ही अनुदान सहायता राशि प्रदाय नहीं हुई है। (घ) प्रश्‍नांश '' '' एवं '' के संदर्भ में सभी पात्र खातेदारों को मुआवजा राशि का भुगतान किया जा चुका है। जिन खातेदारों द्वारा कोई फसल नहीं बोई गई है या भूमियां तालाब में निहित थी केवल उन्‍हें ही अनुदान सहायता राशि प्रदाय नहीं हुई है। अत: कोई कर्मचारी दोषी नहीं है।

परिशिष्ट - ''दो''

 

मध्‍यान्‍ह भोजन का भुगतान

14. ( क्र. 889 ) श्री रामपाल सिंह : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या शहडोल जिले के जयसिंहनगर जनपद पंचायत अंतर्गत माध्‍यमिक विद्यालय गोडानटोला कुण्‍डाटोला, प्राथ. मून्‍या आश्रम कुण्‍डाटोला, प्राथ. शाला गोडानटोला कुण्‍डाटोला, प्राथ. शाला कुण्‍डाटोला, कुल 04 विद्यालयों में मध्‍यान्‍ह भोजन के संचालन का कार्यक्रम चांदनी स्‍व-सहायता समूह कुण्‍डाटोला द्वारा जुलाई 2012 से मार्च 2013 तक संचालित किया गया है और उक्‍त स्‍व-सहायता समूह का खाता जिला सहकारी केन्‍द्रीय बैंक जयसिंह नगर में खाता क्रमांक 685005027953 एवं क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक शाखा बनसुकली में खाता क्रमांक 20021390100031445 संचालित है? (ख) यदि प्रश्‍नांश (क) हाँ, तो क्‍या उक्‍त अवधि में उपरोक्‍त स्‍व-सहायता समूह द्वारा मध्‍यान्‍ह भोजन के संबंध में व्‍यय की गई राशि का भुगतान संबंधित स्‍व-सहायता समूह को कर दिया गया है? यदि नहीं, तो क्‍यों? उक्‍त संबंध में भुगतान में लापरवाही करने वाले संबंधित‍ अधिकारी के विरूद्ध कब तक कार्यवाही की जावेगी?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ। (ख) जी हाँ। चांदनी स्व-सहायता समूह को उक्त अवधि में मध्यान्ह भोजन के संबंध में व्यय की गई राशि का भुगतान संबंधित स्व-सहायता समूह को कर दिया गया है। अतः शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।

कार्यपालन यंत्री ग्रा.पां.वि. भिण्‍ड विधायक निधि का भुगतान

15. ( क्र. 1002 ) श्री नरेन्‍द्र सिंह कुशवाह : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) कार्यपालन यंत्री ग्रामीण यांत्रिकीय सेवा संभाग भिण्‍ड क्रमांक 1073 दि. 07.5.16, क्र. 1077 दि. 7.5.2016, क्र. 333 दि. 19.2.2016 का कार्य विधायक निधि से स्‍वीकृत पूर्ण उपरांत भुगतान क्‍यों नहीं किया गया? भुगतान न करने के क्‍या कारण हैं? (ख) प्रश्‍नांश (क) के अंतर्गत विधायक निधि 2014-152015-16 की राशि कार्यपालन यांत्रिकीय ग्रामीण सेवा संभाग भिण्‍ड को भेजी गई प्रश्‍नांश दिनांक तक कौन सा कार्य पूर्ण/अपूर्ण/अप्रारंभ है किसको, कितना भुगतान किया गया? अनुबंधकर्ता द्वारा कार्य किया जा रहा है? विभाग द्वारा क्‍यों रोका जा रहा है? (ग) क्‍या प्रश्‍नांश (ख) के संदर्भ में कार्यपालन यंत्री ग्रामीण यांत्रिकीय सेवा भिण्‍ड की लापरवाही के कारण राशि अनाहरित की गई? कब तक राशि आहरित की जावेगी? क्‍या कार्य को जानबूझकर विलम्‍ब किया गया? इसके लिए कौन दोषी है? प्रश्‍नांश दिनांक तक क्‍या कार्यवाही की गई? (घ) क्‍या प्रश्‍नांश (क) और (ग) के संदर्भ में अधिकारी/कर्मचारी भिण्‍ड मुख्‍यालय पर न रहने के कारण कार्य के प्रति गंभीर नहीं है? क्‍या जिला पंचायत कॉम्‍पलेक्‍स जिला पंचायत भिण्‍ड की निविदा चार बार आमंत्रित होने के उपरांत स्‍वीकृत क्‍यों नहीं की गई? क्‍या दोषियों के प्रति कठोर कार्यवाही की जायेगी? यदि हाँ, तो कब तक?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) कार्यपालन यंत्री, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग भिण्ड अंतर्गत अनुबंधकर्ता द्वारा कार्यादेश क्र. 1073 दि. 07.05.16 अंतर्गत स्वीकृत 02 हैण्डपम्प में से 01 हैण्डपम्प का कार्य पूर्ण है एवं 01 कार्य अप्रारंभ है। कार्यादेश क्र. 1077 दि. 07.05.16 अंतर्गत 01 हैण्डपम्प का कार्य पूर्ण कराया गया। कार्यादेश क्र. 333 दि. 19.02.16 अंतर्गत दोनों हैण्डपम्प के कार्य अप्रारंभ हैं। उक्त कार्यों हेतु राशि दिनांक 31.03.2016 को लेप्स होने के कारण भुगतान नहीं किया गया। (ख) जानकारी उत्तरांश (क) अनुसार। विभाग द्वारा कार्य को नहीं रोका जा रहा है। (ग) उत्तरांश (क) एवं (ख) के परिप्रेक्ष्य में शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) जी नहीं। जिला पंचायत आवास परिसर एवं कॉम्पलेक्स निर्माण की एकल निविदा प्राप्त होने, निविदा उचित दर पर प्राप्त न होने से स्वीकृत नहीं की गई। अतः शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

स्प्रिंकलर और डिप सिस्‍टम का वितरण

16. ( क्र. 1003 ) श्री नरेन्‍द्र सिंह कुशवाह : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भिण्‍ड जिले में विगत 03 वर्षों में किन ग्रामों में कितने कृषकों को स्प्रिंकलर एवं ड्रिप सिस्‍टम वितरित किए गए? कितना अनुदान दिया गया? भौतिक रूप से कहाँ-कहाँ पर चालू है? (ख) वर्तमान में भिण्‍ड जिले में भौतिक रूप से कहाँ पर क्रियाशील नहीं है? इनके क्‍या कारण है? किन स्‍थानों पर क्रियाशील हैं किसके द्वारा निरीक्षण किया गया, किस स्‍तर के अधिकारी द्वारा कब निरीक्षण किया गया? (ग) क्‍या शासकीय अनुदान प्राप्‍त योजनाओं की निगरानी समय पर शासन द्वारा की जाती है? यदि नहीं, तो क्‍या शासन योजना के क्रियान्‍वयन एवं संचालन हेतु ऐसी कोई योजना पर विचार करेगा? यदि हाँ, तो कब तक? (घ) क्‍या पूर्व में अनुदान से लाभान्वित कृषकों के सिंचाई सिस्‍टम का भी भौतिक सत्‍यापन कराया जायेगा? यदि हाँ, तो कब तक?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) भिण्ड जिलें में विगत 3 वर्षों में 331 ग्रामों में 477 कृषकों को स्प्रिंकलर सेट वितरित कर राशि रू. 61.63 लाख रूपये अनुदान दिया गया एवं ड्रिप सिस्टम कृषकों को वितरित नहीं किये गये है। भौतिक रूप से सभी चालू है। योजनावार, ग्रामवार, वर्षवार विस्तृत जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) वर्तमान में भिण्ड जिले में भौतिक रूप से सभी क्रियाशील है, अक्रियाशील नहीं है। भौतिक सत्यापन वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी द्वारा प्रदाय वर्ष में कृषकों के ग्रामों में मौके पर पहुँच कर निरीक्षण किया गया है। (ग) शासकीय अनुदान प्राप्त योजनाओं की निगरानी शासन द्वारा दिये गये निर्देशानुसार विभिन्न स्तर के अधिकारियों द्वारा निर्धारित मापदण्डों अनुसार की जाती है। (घ) पूर्व में अनुदान से लाभांवित कृषकों के सिंचाई सिस्टम का भौतिक सत्यापन उसी वित्तीय वर्ष में संबंधित वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी द्वारा किया जाता है।

पट्टे की (अहस्‍तांतरणीय) भूमि का विक्रय किया जाना

17. ( क्र. 1315 ) श्री हितेन्द्र सिंह ध्‍यानसिंह सोलंकी : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या मध्‍यप्रदेश भू-राजस्‍व संहिता 1959 में मध्‍यप्रदेश राजपत्र असाधारण दिनांक 21 अगस्‍त, 2015 में द्वितीय संशोधन अध्‍यादेश क्रमांक 5 सन् 2015 में संशोधन हुआ है? यदि हाँ, तो तद्नुसार संशोधन की प्रति दी जावे? क्‍या मध्‍यप्रदेश भू-राजस्‍व संहिता की धारा 165 में उपधारा (7 ख) के स्‍थान पर क्‍या उपधारा स्‍थापित की गई है? (ख) क्‍या मध्‍यप्रदेश राजपत्र असाधारण भोपाल दिनांक 31.12.2015 से प्रश्‍नांश (क) के संशोधन को निरस्‍त किया गया है? यदि हाँ, तो तदनुसार निरस्ति की प्रति उपलब्‍ध कराई जावे? (ग) क्‍या उप पंजीयन कार्यालय, बड़वाहा में दिनांक 15.02.2016 को शासकीय पट्टे की भूमि का विक्रय ई-पंजीकरण संख्‍या एम.पी. 2293320161082459 से किया गया है? यदि हाँ, तो विगत 5 वर्ष में ऐसी कितनी भूमियां का क्रय-विक्रय हुआ है जो अहस्‍तांतरणीय हैं? क्‍या उक्‍त भूमि का नामांतरण भी हो चुका है? यदि हाँ, तो इस प्रकार अहस्‍तांतरणीय भूमि के विक्रय की अनुमति किस अधिकारी द्वारा दी गई है। जबकि प्रश्‍नांश (ख) के अनुसार शासन द्वारा 31.12.2015 को संशोधन को निरस्‍त कर दिया गया था? क्‍या दोषी अधिकारियों, क्रेता-विक्रेताओं के विरूद्ध आपराधिक प्रकरण दर्ज होगा? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्‍यों? उक्‍त भूमि का नामांतरण, क्रय व विक्रय कब तक शून्‍य किया जावेगा?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) से (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

उप संचालक मंड़ी बोर्ड जबलपुर को प्रतिनियुक्त से वापस करना

18. ( क्र. 1319 ) श्री यादवेन्‍द्र सिंह : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) म.प्र. राज्‍य कृषि विपणन बोर्ड में उप संचालक/संयुक्‍त संचालक के कितने पद स्‍वीकृत हैं? कितने रिक्‍त हैं कितने भरे हैं तथा प्रतिनियुक्ति पर कितने हैं? विभागीय उप संचालक/संयुक्‍त संचालक उपलब्‍ध होने के बाद भी जबलपुर मंडी बोर्ड में उप संचालक प्रतिनियुक्ति पर क्‍यों रखा गया है जबकि विभागीय ही पर्याप्‍त हैं। प्रतिनियुक्ति पर लिये गये लोगों को कब तक हटाया जायेगा? (ख) उप संचालक मंडी बोर्ड जबलपुर द्वारा अपनी पदस्‍थापना दिनांक से प्रश्‍न दिनांक तक किन-किन मंडियों का सामान्‍य निरीक्षण किस-किस दिनांक को किया और क्‍या निरीक्षण प्रतिवेदन जारी किया? (ग) क्‍या उपसंचालक मंडी बोर्ड जबलपुर को मंडी बोर्ड सेवा के सचिव/सहायक सचिव/लेखापाल/उपयंत्री/मंडी निरीक्षक/सहायक उपनिरीक्षक के स्‍थानांतरण या अटैचमेंट करने हेतु क्‍या सक्षम हैं? यदि नहीं, तो इनके द्वारा किस-किस के आदेश/अटैचमेंट आदेश जारी किए गए तथा नियम विरूद्ध आदेशों को निरस्‍त करते हुए इनके विरूद्ध कार्यवाही की जावेगी? यदि हाँ, तो कब तक, यदि नहीं, तो क्‍यों? (घ) वर्तमान उपसंचालक मंडी बोर्ड जबलपुर में पदस्‍थापना दिनांक से प्रश्‍न दिनांक तक कहाँ-कहाँ, किन-किन मंडियों में भ्रमण किया है?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। मंडी बोर्ड आंचलिक कार्यालय जबलपुर में राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारी को प्रशासनिक क्षमता एवं फील्ड के कार्य अनुभव के आधार पर प्रतिनियुक्ति पर पदस्थापना की गई है। मंडी बोर्ड में कार्य की आवश्यकता को दृष्टिगत रखते हुए अभी प्रतिनियुक्ति अधिकारियों को वापिस करने की स्थिति नहीं है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। सामान्य निरीक्षण के दौरान मंडी समिति के कार्यकलापों के संबंध में मंडी सचिवों को उपसंचालक जबलपुर द्वारा मौके पर ही आवश्यक निर्देश दिये जाने से निरीक्षण प्रतिवेदन जारी नहीं किया गया है। (ग) जी नहीं, केवल गेहूँ, उपार्जन सत्र में कार्य की आवश्यकता की तत्कालिक पूर्ति हेतु सहायक उपनिरीक्षक तथा मंडी निरीक्षक को अस्थायी रूप से संलग्नीकरण के अधिकार आंचलिक अधिकारियों को दिये गये है। उप संचालक मंडी बोर्ड जबलपुर संभाग द्वारा किये गये स्थानांतरण/अटैचमेंट की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-स अनुसार है। उक्त स्थानांतरण में परीक्षणोपरांत नियम के पालन की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। समय-सीमा बताई जाना संभव नहीं है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-द अनुसार है।

वाटर शेड योजना में की गई अनियमितताओं की जाँच

19. ( क्र. 1323 ) कुँवर विक्रम सिंह : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में आई.डब्‍ल्‍यू.एम.पी. योजना अन्‍तर्गत जिला छतरपुर में कितने निर्माण कार्य स्‍वीकृत किये गये है और इन पर कितनी राशि व्‍यय की गई? (ख) कितने तालाब, स्‍टॉप-डेम एवं जल संवर्धन के कार्य कराये गये तथा पृथक-पृथक वर्ष 2014-15 से प्रश्‍न दिनांक तक स्‍वीकृत किये गये। (ग) क्‍या पूर्णता प्रमाण पत्र जारी कर दिये गये? क्‍या उक्‍त कार्य घटिया स्‍तर के हैं और वह खराब हो चुके हैं? किन-किन अधिकारियों ने तकनीकी परीक्षण किया?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) 915 कार्य स्वीकृत किए गए है, जिन पर रू. 3463.70 लाख व्यय किये गयें। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) कुल 327 कार्यों के पूर्णता प्रमाण पत्र जारी किये जा चुके है। सभी कार्य उपयोगी, गुणवत्ता पूर्ण एवं अच्छी स्थिति में है। कार्यों का तकनीकी परीक्षण डब्ल्यू.डी.टी. के टीम लीडर, टीम सदस्य (सिविल), अनुविभागीय अधिकारी तथा कार्यपालन यंत्री, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा द्वारा किया गया है।

परिशिष्ट - ''तीन''

शौचालय निर्माण में अनियमितता

20. ( क्र. 1324 ) कुँवर विक्रम सिंह : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में वर्ष 2015-16 से प्रश्‍न दिनांक तक शौचालय निर्माण में कितनी राशि का व्‍यय किया गया? (ख) क्या शौचालय निर्माण में गंभीर अनियमितताओं के प्रकरण प्रकाश में आये, लेकिन कार्यवाही नहीं की गई? (ग) क्या समग्र स्‍वच्‍छता अभियान के तहत छतरपुर जिले में वर्ष 2013 में नोटिस जारी किये गये थे? (घ) क्‍या मर्यादा अभियान के अंतर्गत TSC की राशि का आहरण कर लिया गया था, परंतु शौचालय का निर्माण नहीं कराया गया?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) प्रदेश में वर्ष 2015-16 से प्रश्‍न दिनांक तक शौचालय निर्माण में प्रोत्‍साहन राशि रूपये 130517.34 लाख व्‍यय की गई। (ख) जहाँ शौचालय निर्माण में अनियमितता के प्रकरण प्रकाश में आये उनमें नियमानुसार कार्यवाही की गई है। (ग) एवं (घ) जी हाँ।

ओला वृष्टि एवं पीला मोजेक के मुआवजा का भुगतान

21. ( क्र. 1346 ) डॉ. कैलाश जाटव : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2015-16 में विधानसभा क्षेत्र गोटेगांव में ओला वृष्टि एवं पीजा मोजेक रोग से फसलों को जो नुकसान हुआ उसके मुआवजे के प्रकरण शासन को भेजे गये थे? इनका भुगतान नहीं किया गया? इसका कारण स्‍पष्‍ट करें। (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार शेष मुआवजा कब तक वितरित किया जावेगा?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) जी हाँ। विधानसभा क्षेत्र गोटेगांव अंतर्गत पीला मोजेक से फसल क्षति हेतु तहसील गोटेगांव के प्रभावितों को राशि रूपये 16,12,47,960/- (सोलह करोड़ बारह लाख सैंतालिस हजार नौ सौ साठ) एवं तहसील नरसिंहपुर को राशि रू. 17,25,39,880/- (रू. सतरह करोड़ पच्‍चीस लाख उनतालिस हजार आठ सौ अस्‍सी) का वितरण किया गया। (ख) विधानसभा क्षेत्र गोटेगांव अंतर्गत तहसील गोटेगांव के 1673 एवं नरसिंहपुर के 1279 छूटे हुए किसानों को राहत राशि वितरण की कार्यवाही की जा रही है।

रजेगांव जिला बालाघाट में स्थित मंडी नाके से प्राप्‍त राजस्‍व

22. ( क्र. 1373 ) सुश्री हिना लिखीराम कावरे : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मंडी नाका रजेगांव से कृषि‍ मंडी बालाघाट को होने वाली आय का विवरण 1 अप्रैल 2015 से 1 अप्रैल 2016 तक माहवार देवें? (ख) विषयांकित नाके में कुल कितने कर्मचारी पदस्‍थ हैं तथा स्‍वीकृत पदों के अनुसार उनके वेतन पर कुल कितना व्‍यय होता है? (ग) नाके में राजस्‍व कम आने के कारणों पर क्‍या समीक्षा की गयी तथा राजस्‍व बढ़ाने के उपायों पर विचार किया गया?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) कृषि उपज मंडी समिति बालाघाट के अंतर्गत स्थापित अन्तर्राज्‍यीय सीमा जाँच चौकी रजेगांव पर कुल 03 कर्मचारी पदस्थ है, जिनके मासिक वेतन पर व्यय की जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ग) अन्तर्राज्जीय सीमा जाँच चौकियों की स्थापना उद्देश्य मंडी फीस संग्रहण न होकर अधिसूचित कृषि उपज के अवैध परिवहन तथा मंडी फीस अपवंचन पर अंकुश लगाना है। अन्तर्राज्जीय सीमा चौकियों की कार्यप्रणाली की संभागीय अधिकारियों के स्तर से समीक्षा की जाती है और इन नाकों पर प्रभावी नियंत्रण से कृषि उपज मंडी समितियों को प्राप्त होने वाली आय पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

परिशिष्ट - ''चार''

फसल नुकसान आंकलन प्रस्‍ताव

23. ( क्र. 1504 ) श्री भारत सिंह कुशवाह : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मा. मुख्‍यमंत्री जी द्वारा ग्‍वालियर जिले के मुरार विधानसभा में दिनांक 08 एवं 09 मार्च, 2016 को क्‍या-क्‍या घोषणाएं की गई थी? (ख) क्या घोषणानुसार बच्चियों के विवाह के लिये राजस्‍व आंकलन अनुसार फसल नुकसान प्रतिशत (33 प्रतिशत) के आधार पर कितने प्रस्‍ताव बनाये गये? कितनी राशि किस-किस परिवार को दी गई? (ग) प्रश्‍नकर्ता द्वारा जिला प्रशासन को यह अवगत कराया है कि राजस्‍व विभाग के प्रस्‍ताव अनुसार सामाजिक न्‍याय विभाग द्वारा आधे प्रस्‍ताव पर विचार नहीं किया गया है। (घ) यदि हाँ, तो उन पर सामाजिक न्याय विभाग द्वारा क्‍या कार्यवाही की गई है, शेष प्रस्‍ताव पर आदेश जारी करने हेतु शासन निर्देश जारी करेगा?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा दिनांक 09.03.2016 को ग्वालियर जिले के प्रवास के दौरान ग्राम राई में घोषणा की गई थी कि ओला प्रभावित किसानों की बेटी की शादी के लिए रु. 25000/- की आर्थिक सहायता दी जायेगी। (ख) घोषणानुसार बच्चियों के विवाह के लिए राजस्व आंकलन अनुसार 33 प्रतिशत तथा उससे अधिक फसल नुकसान के 63 आवेदन प्राप्त हुए जिन्हें स्वीकृत किए जाकर रु. 25000/- प्रति हितग्राही के मान से उनके खातों में राशि अंतरित की गई है। परिवारों की सूची संलग्न परिशिष्ट अनुसार। (ग) जी नहीं। उत्तरांश- अनुसार समस्त 63 हितग्राहियों को लाभ दिया गया है। (घ) शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''पाँच''

फसल नुकसान आंकलन प्रस्‍ताव

24. ( क्र. 1505 ) श्री भारत सिंह कुशवाह : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मा. मुख्‍यमंत्री जी द्वारा ग्‍वालियर जिले के मुरार विधानसभा में दिनांक 08 एवं 09 मार्च, 2016 को क्‍या-क्‍या घोषणाएं की गई थी? (ख) क्या घोषणानुसार बच्चियों के विवाह के लिये राजस्‍व आंकलन अनुसार फसल नुकसान प्रतिशत (33 प्रतिशत) के आधार पर कितने प्रस्‍ताव बनाये गये? कितनी राशि किस-किस परिवार को दी गई? (ग) प्रश्‍नकर्ता द्वारा जिला प्रशासन को यह अवगत कराया है कि राजस्‍व विभाग के प्रस्‍ताव अनुसार सामाजिक न्‍याय विभाग द्वारा आधे प्रस्‍ताव पर विचार न किये जाने की शिकायत की है? (घ) यदि हाँ, तो उन पर क्‍या कार्यवाही की गई है, शेष प्रस्‍ताव पर आदेश जारी करने हेतु शासन निर्देश जारी करेगा?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) मा.मुख्‍यमंत्री द्वारा ग्‍वालियर जिले के मुरार विधानसभा क्षेत्र में 8 एवं 9 मार्च 2016 को की गई घोषणाओं की सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) घोषणा अनुसार बच्चियों के विवाह के लिये राजस्‍व आंकलन अनुसार फसल नुकसान 33 प्रतिशत या उससे अधिक फसल नुकसान की कुल 63 आवेदन प्राप्‍त हुये है जिन्‍हें स्‍वीकृत किये जाकर रू. 25,000/- प्रति हितग्रा‍ही के मान से उनके खाते में राशि अंतरित की गई है। जिनके परिवारों की सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ग) जी नहीं। उत्‍तरांश '' अनुसार समस्‍त हितग्राहियों को लाभ दिया गया है। (घ) उत्‍तरांश '' के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उद्भूत नहीं होता है।

भू-अधिकार आवासीय पट्टे का वितरण

25. ( क्र. 1506 ) श्री भारत सिंह कुशवाह : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या ग्‍वालियर जिले के नगरीय क्षेत्र से 8 कि.मी. की सीमा में बसे हुयें ग्रामों के निवासियों को मुख्‍यमंत्री आवास योजना के तहत भू-अधिकार आवासीय पट्टे दिये जाने का प्रावधान है? यदि हाँ, तो शासन आदेश की प्रति उपलब्‍ध कराई जाय? (ख) नगर निगम सीमा से लगे ग्राम पंचायतों के निवासियों को भू-अधिकार आवास पट्टे पर क्‍या रोक लगाई गई है? यदि हाँ, तो क्‍यों? (ग) क्‍या ग्रामीण क्षेत्र की पंचायतों की तरह नगरीय सीमा में लगे ग्राम पंचायतों में पट्टे दिये जाने की कार्यवाही की जावेगी? (घ) क्‍या ग्राम पंचायत के मापदण्‍ड अलग-अलग हैं? स्‍पष्‍ट करें?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

मुख्‍यमंत्री कन्‍यादान योजना

26. ( क्र. 1532 ) श्री उमंग सिंघार : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) धार जिले के माण्‍डव नगर, ब्‍लॉक नालछा में मुख्‍यमंत्री कन्‍यादान योजना अंतर्गत संपूर्ण जिले का आयोजित विवाह सम्‍मेलन हेतु गठित की गई क्रय समिति की सूची उपलब्‍ध करायें एवं शासन से प्राप्‍त उक्‍त योजना के दिशा निर्देश की प्रमाणित प्रतिलिपि उपलब्‍ध करायें। (ख) प्रश्‍नांकित (क) अनुसार विगत एक वर्ष में किस रेट से किन-किन सामग्रियों का क्रय किया गया? (ग) मुख्‍यमंत्री कन्‍यादान योजना में दिनांक 19.04.2016 के धार के माण्‍डव नगर ब्‍लॉक नालछा में कितने वर-वधू का विवाह हुआ नामों की सूची ब्‍लॉकवार एवं कितने वर-वधू को सामग्री वितरीत की गई, कितने वर-वधू को सामग्री प्राप्‍त हुई एवं कितनो को नहीं प्राप्‍त हुर्इ?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जिला स्तर पर गठित क्रय समिति की सूची तथा योजना के दिशा-निर्देश की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र एवं अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। (ग) मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना में 961 वर-वधुओं का विवाह हुआ,जिन्हें सामग्री वितरित की गई। नामों की ब्लॉकवार सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

पटवारियों का मुख्‍यालय पर नहीं रहना

27. ( क्र. 1573 ) श्री रामसिंह यादव : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या शिवपुरी जिले की तहसील कोलारस एवं बदरवास के पटवारी मुख्‍यालय पर निवास करते हैं? यदि हाँ, तो कौन-कौन से पटवारी किस-किस मुख्‍यालय पर किस मकान में रहकर निवास करते हैं? यदि नहीं, तो पटवारी मुख्‍यालय पर कब से रहेंगे? (ख) कोलारस एवं बदरवास तहसील में प्रश्‍न दिनांक की स्थिति में कौन-कौन पटवारी किस-किस पटवारी हल्‍का नंबर पर कब से पदस्‍थ हैं? (ग) क्‍या शासन कोलारस एवं बदरवास तहसील में पदस्‍थ पटवारियों को मुख्‍यालय पर रहने के लिये निर्देशित करेगा? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्‍यों? (घ) यदि पटवारी मुख्‍यालय पर निवास नहीं करते हैं तो ऐसे पटवारियों के विरूद्ध शासन क्‍या कार्यवाही कब तक करेगा? यदि नहीं, तो क्‍यों?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) जी हाँ, जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) एवं (घ) प्रश्नांश "क" के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

शासकीय भूमि को अतिक्रमण मुक्‍त कराना

28. ( क्र. 1584 ) पं. रमेश दुबे : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रश्‍नकर्ता ने ग्राम खसरा के ग्रामवासियों से शिकायत प्राप्‍त होने पर सार्वजनिक उपयोग की शासकीय भूमि पर किये गये अतिक्रमण को हटाने के संबंध में पत्र क्र. 885 दिनांक 14/06/2015, क्र. 1046 दिनांक 07/07/2015, क्रमांक 1517 दिनांक 24/09/2015, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्‍व) चौरई, जिला-छिन्‍दवाड़ा को एवं पत्र क्रमांक 1554 दिनांक 30/09/2015 कलेक्‍टर छिन्‍दवाड़ा को प्रस्‍तुत किया था? (ख) क्‍या प्रश्‍नकर्ता ने ग्राम पंचायत टाप से शिकायत प्राप्‍त होने पर भी शासकीय भूमि का सीमांकन कर सार्वजनिक उपयोग की शासकीय भूमि पर किये गये अतिक्रमण को हटाने के संबंध में पत्र क्र. 1150 दिनांक 27/07/2015, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्‍व) चौरई, जिला-छिन्‍दवाड़ा को एवं पत्र क्रमांक 559 दिनांक 4/05/2016 कलेक्‍टर छिन्‍दवाड़ा एवं तहसीलदार चॉद को प्रस्‍तुत किया है? (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) यदि हाँ, तो अभी तक पत्र में उल्‍लेखित शासकीय भूमियों पर से अतिक्रमण नहीं हटाने के लिए कौन लोग जिम्‍मेदार है? क्‍या अतिक्रामकों को सम्‍बंधित अधिकारी प्रश्रय दे रहे हैं? अतिक्रमण हटाने हेतु अब तक की गयी कार्यवाही का ब्‍यौरा देवें? (घ) क्‍या शासन अतिक्रमण नहीं हटाने वाले अधिकारियों की जिम्‍मेदारी नियत कर उनके विरूद्ध कार्यवाही तथा पत्र में उल्‍लेखित शासकीय भूमियों को अतिक्रमण मुक्‍त कराने का आदेश देगा? यदि हाँ, तो कब तक शासकीय भूमि अतिक्रमण मुक्‍त करा दी जावेगी?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

विभिन्‍न ग्रामीण विकास योजना व कार्यों में राशि खर्च

29. ( क्र. 1707 ) श्री फुन्‍देलाल सिंह मार्को : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शहडोल संभाग के शहडोल, उमरिया एवं अनूपपुर जिले में जनवरी 2014 से प्रश्‍न दिनांक तक जिला पंचायत द्वारा संचालित महात्‍मा गांधी राष्‍ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अन्‍तर्गत योजना के तहत कितनी-कितनी राशि प्राप्‍त हुई तथा कितनी राशि व्‍यय की गई? (ख) उक्‍त संभाग में जनवरी 2014 से प्रश्‍न दिनांक तक केन्‍द्र सरकार तथा राज्‍य सरकार से अनूपपुर, कोतमा एवं पुष्‍पराजगढ़ विधानसभा क्षेत्र में सड़क निर्माण तथा पुल पुलिया निर्माण हेतु कितनी-कितनी राशि किस कार्य हेतु आवंटित की गई है? कितना निर्माण कार्य हुआ, कौन-कौन से कार्य शेष हैं, शेष निर्माण कार्य कब तक पूर्ण कर लिये जायेंगे? कार्यवार विवरण उपलबध करायें? (ग) अनूपपुर जिले के विधानसभा क्षेत्र, अनूपपुर, कोतमा एवं पुष्‍पराजगढ़ में रोजगार गारंटी योजना अंतर्गत खेतों में मेड़बंधान योजना अंतर्गत जनवरी, 2015 से प्रश्‍न दिनांक तक कितनी राशि प्राप्‍त हुई, कितने पात्र हितग्राहियों को इस योजना का लाभ दिया गया? कितने हितग्राहियों के मेड़बंधान बने हैं, क्‍या किसान के खेतों में मेड़बंधान कार्य का लाभ पात्र हितग्राहियों को दिया जा रहा है? (घ) अनूपपुर जिले के विधानसभा क्षेत्र, अनूपपुर, कोतमा एवं पुष्‍पराजगढ़ में रोजगार गारंटी योजना अंतर्गत कपिलधारा एवं आवास योजना अंतर्गत जनवरी, 2015 से प्रश्‍न दिनांक तक कितनी-कितनी राशि केन्‍द्र एवं राज्‍य सरकार से प्राप्‍त हुई? कितने हितग्राहियों को कपिलधारा एवं आवास योजना के तहत राशि दी गई?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) शहडोल संभाग के अन्‍तर्गत जिला अनूपपुर में जनवरी 2014 से प्रश्‍न दिनांक तक जिला पंचायत द्वारा संचालित विभिन्‍न ग्रामीण विकास की योजना के तहत प्राप्‍त राशि रूपये 1177.04 लाख एवं कार्यों में व्‍यय राशि रू. 1005.83 लाख है। उपरोक्‍त आवंटन से निम्‍नांकित कार्यों में राशि व्‍यय हुई है। पंचायत भवन, पीडीएस गोदाम, आंगनवाडी भवन, पशु औषधालय सामुदायिक भवन निर्माण, हैन्‍डपम्‍प, खनन, बाउंड्रीवॉल अतिरिक्‍त कक्ष, मेड बंधान, मवेशी पालन शेड, इन्दिरा आवास, आंतरिक मार्ग निर्माण कार्य लिये गये हैं। अनूपपुर की विस्‍तृत जानकारी तथा शहडोल एवं उमरिया की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जिला पंचायत अनूपपुर को केन्‍द्र सरकार तथा राज्‍य सरकार से अनूपपुर/कोतमा एवं पुष्‍पराजगढ़ विधानसभा क्षेत्र में सड़क निर्माण एवं पुल, पुलिया निर्माण हेतु पृथक से कोई आवंटन प्राप्‍त नहीं हुआ है। (ग) अनूपपुर जिलें के विधानसभा क्षेत्र अनूपपुर/कोतमा एवं पुष्‍पराजगढ़ में विधानसभा क्षेत्र में रोजगार गारंटी योजनांतर्गत खेतों में मेढ बंधान योजनांतर्गत जनवरी, 2015 से प्रश्‍न दिनांक तक मनरेगा योजना में जिला एवं जनपद को राशि प्राप्‍त नहीं होती है। राज्‍य रोजगार गारंटी परिषद् भोपाल के नोडल खाते से राशि का ई-पेमेन्‍ट के माध्‍यम से भुगतान होता है। मनरेगा के अन्‍तर्गत मेढ बंधान स्‍वीकृत कार्य में लाभान्वित हितग्राहियों की संख्‍या 11892 है जिसमें कुल राशि रूपये 3966.47 लाख व्‍यय है। व्‍यय राशि को ही प्राप्‍त राशि माना जावे। मनरेगा योजनान्‍तर्गत हितग्राहियों द्वारा 11892 मेढ बंधान कार्य पूर्ण कराये गये हैं। मनरेगा के मेन्‍युअल के अनुसार किसान के खेतों में मेढ बंधान कार्य का लाभ पात्र हितग्राहियों को दिया गया है। (घ) अनूपपुर जिले के विधानसभा क्षेत्र अनूपपुर, कोतमा एवं पुष्‍पराजगढ़ विधानसभा क्षेत्र में रोजगार गारंटी योजना अन्‍तर्गत कार्यवार आवंटन जिला पंचायत एवं जनपद पंचायतों को प्राप्‍त नहीं होता है। ई-पेमेन्‍ट के माध्‍यम से भुगतान किया जाता है। मनरेगा योजना में जिला एवं जनपद को राशि प्राप्‍त नहीं होती है। राज्‍य रोजगार गारंटी परिषद् भोपाल के नोडल खाते से राशि का ई-पेमेन्‍ट के माध्‍यम से भुगतान होता है। जनवरी-2015 से प्रश्‍न दिनांक तक कपिल धारा योजना में स्‍वीकृत हितग्राहियों की संख्‍या 365 है जिसमें हितग्राहियों को प्रदाय राशि एवं व्‍यय राशि 497.24 लाख है। आवास योजना के लाभान्वित हितग्राहियों की संख्‍या 1381 है। जिन्‍हें राशि आवास योजना के तहत राशि 872.25 लाख प्रदान की गई है।

तहसील जौरा के ग्राम अलापुर में पट़टे की शर्तों का उल्‍लंघन

30. ( क्र. 1811 ) श्री सूबेदार सिंह रजौधा : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या तहसील जौरा के ग्राम अलापुर की भूमि सर्वे क्रं 1138 रकबा 05 बीघा शासकीय चरनोई भूमि का पट़टा कर दिया गया है? यदि हाँ, तो उक्‍त पट्टा किन नियम व शर्तों के आधार पर किन व्‍यक्तियों को किया गया है? नियम एवं शर्तों सहित अवगत करावें? (ख) प्रश्‍नांश (क) में उल्‍लेखित भूमि का पट्टेधारियों द्वारा आवासीय प्रयोजन हेतु विक्रय किया जा सकता है? यदि हाँ, तो नियम शर्तों सहित अवगत करायें? (ग) क्‍या उक्‍त भूमि को खुर्द-बुर्द कर भू-माफियाओं एवं संबंधित अधिकारी/कर्मचारियों के द्वारा आवासीय प्रयोजन हेतु विक्रय कर दी गई है? यदि हाँ, तो संबंधित अधिकारी/कर्मचारियों के विरूद्ध कोई दण्‍डात्‍मक कार्यवाही की गई है? यदि नहीं, तो वस्‍तुस्थिति से अवगत करावें? (घ) प्रश्‍नांश (क) (ख), (ग) के परिप्रेक्ष्‍य में दोषियों पर कब तक दण्‍डात्‍मक कार्यवाही की जा सकेगी एवं उपरोक्‍त भूमि के संबंध में प्रश्‍न दिनांक तक समस्‍त कार्यवाही सहित यथा स्थिति से अवगत करायें?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

ग्राम पंचायत सचिवों की बहाली

31. ( क्र. 1830 ) श्री दिनेश राय : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सिवनी जिले के अंतर्गत 01 अप्रैल 2011 से प्रश्‍न दिनांक तक किन सचिवों को निलंबन समाप्‍त कर बहाल किया गया है? जनपद पंचायवार, वर्षवार सूची उपलब्‍ध करावें? (ख) क्‍या प्रश्‍नांश (क) अवधि के दौरान बहाल किये गये ऐसे ग्राम पंचायत सचिव भी शामिल हैं जिनके गबन के प्रकरण विभिन्‍न माननीय न्‍यायालयों में प्रचलित है? यदि हाँ, तो ऐसे सचिवों के वर्षवार सूची उपलब्‍ध करावें? (ग) क्‍या शासन के ऐसे निर्देश है कि गबन के आरोप में निलंबित सचिवों को न्‍यायालयीन निर्णय के पूर्व ही बहाल किया जावे? यदि हाँ, तो निर्देश की प्रति उपलब्‍ध कराते हुए बहाल किये गये सचिवों की जनपद पंचायतवार सूची उपलब्‍ध करायें?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) सिवनी जिले के अंतर्गत 01 अप्रैल 2011 से प्रश्न दिनांक तक 78 ग्राम पंचायत सचिवों का निलंबन समाप्त कर बहाल किया गया है, जिनकी जनपद पंचायतवार, वर्षवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार(ख) प्रश्नांश अवधि के दौरान बहाल किये गये ऐसे 07 ग्राम पंचायत सचिव शामिल है, जिनके गबन के प्रकरण विभिन्न न्यायालय में प्रचलित है। जिनकी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार(ग) मध्यप्रदेश शासन, सामान्य प्रशासन विभाग मंत्रालय भोपाल के परिपत्र क्रमांक/सी-61/2002/3/एक, दिनांक 06.11.2002 की छायाप्रति संलग्न है। बहाल किये गये सचिवों की जनपद पंचायतवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार।

शासकीय तालाब पर अतिक्रमण

32. ( क्र. 1831 ) डॉ. योगेन्‍द्र निर्मल : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बालाघाट जिले की वारासिवनी तहसील में वार्ड नं.12 के म.प्र. शासन के शासकीय बोढी (तालाब) का रकबा नं. खसरा नं. कितना हैं? उक्‍त्त तालाब के कितने-कितने भू-भाग पर किन-किन अतिक्रमणकर्ताओं के द्वारा कब से कब्‍जा किया गया हैं? अतिक्रमणकर्ताओं के नाम पते सहित जानकारी देवें? (ख) उक्‍त तालाब में किन-किन अतिक्रमणकताओं को विभाग/अन्‍य संस्‍था द्वारा कब-कब कितने-कितने भू-भाग के पट्टे वितरित किये गये? किस नियम के तहत्? नियम की छायाप्रति देवें एवं कितने अतिक्रमणकर्ताओं के द्वारा बिना पट्टे के अतिक्रमण कर कब्‍जा किया गया है? नाम पते सहित जानकारी देवें? (ग) क्‍या उक्‍त तालाब को अतिक्रमण से मुक्‍त किये जाने हेतु विभाग/शासन द्वारा अतिक्रमणकर्ताओं को अपने-अपने अतिक्रमण हटाने के नोटिस जारी किये गये थे? यदि हाँ, तो कब? यदि नहीं, तो क्‍यों? कारण बतावें? (घ) उक्‍त तालाब से अतिक्रमण नहीं हटाये जाने के लिये कौन-कौन अधिकारी/कर्मचारी जिम्‍मेदार हैं? उनके विरूद्ध विभाग द्वारा क्‍या कार्यवाही की जावेगी? उक्‍त तालाब को अतिक्रमण से कब तक मुक्‍त करा दिया जावेगा?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

अवैध अतिक्रमण

33. ( क्र. 1832 ) डॉ. योगेन्‍द्र निर्मल : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बालाघाट जिले की वारासिवनी तहसील के ग्राम वारा के पटवारी ह.नं. २६/१ खसरा नं. ६०७/१ रकबा ०.०९७ हेक्‍टेयर के कितने-कितने भू-भाग पर किन-किन अतिक्रमणकर्ताओं के द्वारा कब से कब्‍जा किया गया है? अतिक्रमणकर्ताओं के नाम पते सहित जानकारी देवें? (ख) उक्‍त स्‍थल पर किन-किन अतिक्रमणकर्ताओं को क्‍या विभाग/अन्‍य संस्‍था द्वारा अतिक्रमणकर्ताओं को पट्टा दिया गया हैं? कब-कब कितने-कितने भू-भाग पर? किन नियमों के तहत्? (ग) क्‍या उक्‍त स्‍थल को अतिक्रमण से मुक्‍त किये जाने हेतु विभाग/शासन द्वारा अतिक्रमणकर्ताओं को अपने-अपने अतिक्रमण हटाने के नोटिस जारी किये गये थे? यदि हाँ, तो कब? यदि नहीं, तो कारण बतावें? (घ) उक्‍त स्‍थल से अतिक्रमण नहीं हटाये जाने के लिए कौन-कौन अधिकारी/कर्मचारी जिम्‍मेदार हैं? उनके विरूद्ध विभाग द्वारा क्‍या कार्यवाही की जावेगी? तथा उक्‍त स्‍थल को अतिक्रमण से कब तक मुक्‍त कर दिया जावेगा?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) बालाघाट जिले की वारासिवनी तहसील के ग्राम बारा के पटवारी ह.नं. 26/1 खसरा नं.607/1,रकबा 0.097 हेक्टेयर पर एक ही अतिक्रमणकर्ता के द्वारा अतिक्रमण वर्ष 2016 से किया गया है जिसका नाम प्रभुदयाल बाहेश्वर पिता चरणलाल जाति मरार निवासी ग्राम बारा है। (ख) जी नहीं। शेष प्रश्न उद्भूत नहीं होता। (ग) अतिक्रमणकर्ता को न्यायालय द्वारा दिनांक 2.2.2016 को नोटिस जारी किया गया है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) अतिक्रमणकर्ता के विरूद्ध अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही न्यायालयीन प्रचलन में है उक्त स्थल के अतिक्रमण से कब तक मुक्त किया जावेगा समय-सीमा बताना संभव नहीं है।

पटवारी द्वारा की गई हेराफेरा पर दण्‍डात्‍मक कार्यवाही

34. ( क्र. 1835 ) श्री सूबेदार सिंह रजौधा : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या तहसील कैलारस के ग्राम बधरेटा के सर्वे क्रं. १४४८/१/क/२ रकबा ०७.९९४ एवं सर्वे क्रं. १४४८/१/ख रकबा ०२.६६५ की भूमि पथरीली है उक्‍त भूमि को पट्टे धारियों को पट्टे पर दी गई थी? यदि हाँ, तो दी गई भूमि आवंटन का उद्देश्‍य क्‍या था? (ख) क्‍या उक्‍त भूमि पथरीली होकर असिंचित है व उसमे कोई भी फसल नहीं होती है उसके बावजूद भी स्‍थानीय पटवारी द्वारा राजस्‍व दस्‍तावेजों में जालसाजी कर बेजा लाभ कमाने के उद्देश्‍य से कुआं द्वारा सिंचित दर्शा कर अपने करीबियों को उक्‍त सर्वे क्रंमाकों पर के.सी.सी. का लाभ एवं औला पीडि़त का मुआवजा एवं अन्‍य शासकीय योजनाओं का लाभ लिया गया है? (ग) प्रश्‍नांश (क) (ख) में पटवारी माखनलाल अर्गल द्वारा पट्टेधारियों को भूमि स्‍वामी बनाना एवं असिंचित जमीन को कुएं से फर्जी तौर पर सिंचित बताकर बैंक से के.सी.सी. निकालना, औलावृष्टि का मुआवजा दिलाना धोखाधड़ी एवं शासकीय राशि का गबन करना अपराध की श्रेणी में आता है? यदि हाँ, तो दोषी पटवारी के विरूद्ध कब तक दण्‍डात्‍मक कार्यवाही की जावेगी?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) उक्त भूमि का अधिकांश भाग पथरीला होकर स्थल पर पहाड़ी है लेकिन लगभग 03 हेक्टेयर क्षेत्र में फसल होती है मौके पर उक्त सर्वे नम्बर में कोई कुआं नहीं है परन्तु आसपास के सर्वे नम्बरों के कुंओं से सिचाई की जाती है। उक्त सर्वे क्रंमांक भूमिस्वामी स्वत्व के होने से किसान क्रेडिट कार्ड जारी किया गया है एवं ओला पीडि़त को लाभ दिलाया गया है। (ग) प्रश्नांश एवं में अंकित बघरैटा के सर्वे क्रमांक राजस्व अभिलेख एवं सम्वत् 2008 से भूमि स्वामी स्वत्व पर दर्ज है। पटवारी माखनलाल अर्गल द्वारा पट्टे धारियों को भूमि स्वामी नहीं बनाया गया है। पटवारी द्वारा उक्त व्यक्तियों को भूमि स्वामी होने के कारण ओलावृष्टि का मुआवजा दिलाया गया है पटवारी द्वारा गबन नहीं किया गया है पटवारी को ग्राम बघरैटा के ओलावृष्टि की सर्वे की त्रुटिपूर्ण जानकारी के कारण निलंबित किया गया था।

किसान कल्‍याण एवं कृषि विभाग सागर के किसानों को दवाएं

35. ( क्र. 1839 ) श्री शैलेन्द्र जैन : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) किसान कल्‍याण तथा कृषि विभाग सागर ने वर्ष 2014 से 2015 तक किसानों को अनुदान उपलब्‍ध कराने के लिए कौन-कौन सी दवाएं किस कंपनी/उत्‍पादक से किस संस्था के मार्फत प्राप्‍त की है? दवा का नाम उसकी दर एवं कुल कीमत सहित बताएं दवा हेतु कृषक अंश कितना था एवं उसे शासकीय अनुदान कितना था? (ख) क्‍या प्रोपेनाफॉस दवा का सेंपल केन्‍द्रीय प्रयोगशाला जो कि राज्‍य के बाहर की प्रयोगशाला है में भेजा गया था, जो कि अमानक स्‍तर का निकला? उस दवा उत्‍पादक पर एफ.आई.आर. दर्ज नहीं कराई गई तथा उस अमानक दवा का भी भुगतान संस्‍था/कंपनी को कर दिया गया? अमानक दवा का भुगतान क्‍यों किया गया? नियम सहित बताएं तथा कितनी राशि का भुगतान किया गया? (ग) क्‍या भुगतानकर्ता से शासन एवं किसानों को हुई आर्थिक हानि की भरपाई कराई जायेगी? यदि नहीं, तो क्‍यों?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) किसान कल्‍याण तथा कृषि विभाग सागर ने जिला विपणन अधिकारी म.प्र. राज्‍य विपणन संघ मर्या. सागर एवं जिला प्रबंधक एम.पी.एग्रो सागर के द्वारा वर्ष 2014 से 2015 तक किसानों को अनुदान पर उपलब्‍ध कराई गई दवाएं, कम्‍पनी, दवा का नाम, उसकी दर, कुल कीमत, कृषक अंश राशि एवं अनुदान की राशि की संस्‍थावार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अ-1,2,3 पर है। (ख) प्रोपेनाफॉस दवा का सेंपल केन्‍द्रीय प्रयोगशाला जो कि राज्‍य के बाहर वनस्‍पति रक्षा संगरोध एवं संग्रह निदेशालय प्रयोगशाला फरीदाबाद (हरियाणा) भेजे गये थे। जिसमें से दो सेम्‍पल के परिणाम अमानक स्‍तर के प्राप्‍त होने पर, विक्रय प्रतिबंधित आदेश, कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया, प्रकरण में कार्यवाही की गई है। वित्‍तीय वर्ष की समाप्ति के कारण उक्‍त दवा के अनुदान का भुगतान विश्‍लेषण परिणाम प्राप्ति के पूर्व ही किया जा चुका था। जिला विपणन अधिकारी सागर द्वारा निर्माता कम्‍पनी को राशि रू. 654075.00 का भुगतान किया गया है। अमानक दवा की विस्‍तृत जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ब अनुसार है। (ग) कीटनाशी अधिनियम 1968 के तहत आर्थिक हानि की भरपाई के संबंध में कोई प्रावधान नहीं हैं।

एकीकृत जलग्रहण क्षेत्र प्रबंधन कार्यक्रम 08 में किये जा रहे भ्रष्‍टाचार

36. ( क्र. 1856 ) श्री लाखन सिंह यादव : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) ग्‍वालियर जिले में संचालित एकीकृत जलग्रहण क्षेत्र प्रबन्‍धन कार्यक्रम (IWMP) 08 बरई/भितरवार में जो कार्य कराये जा रहे हैं तथा कराये गये है क्‍या यह सत्‍य है (1) चेक डेम पार लागत 6.48 लाख (2) चेक डेम कमवियर चेत लागत 7.77 लाख (3) चेक डेम सिमरिया लागत 12.15 लाख (4) चेक डेम सिमरिया लागत 15.12 लाख (5) चेक डेम चेत लागत 16.95 लाख (6) चेक डेम रामपुर लागत 18.96 लाख (7) अर्धन चेक डेम पार लागत 10.33 लाख (8) सिंचाई तालाब इमलिया लागत 12.95 लाख के निर्माण कार्य कराये गये हैं? (ख) यदि हाँ, तो निर्माण कार्यों के प्राक्‍कलन किस कर्मचारी/अधिकारी द्वारा तैयार किये गये थे? तकनीकी स्‍वीकृति किस-किस कर्मचारी/अधिकारी द्वारा दी गई उनके नाम, पद तथा विभाग स्‍पष्‍ट करें? कार्य किस एजेन्‍सी/ठेकेदार या अध्‍यक्ष, सचिव या कमेटी तथा अन्‍य किस के द्वारा किस-किस कर्मचारी/अधिकारी के सुपरवीजन में कराये गये है, उनका नाम तथा पद स्‍पष्‍ट करें? (ग) उक्‍त सुपरवीजनकर्ता कर्मचारी/अधिकारी द्वारा कब-कब उक्‍त निर्माण कार्यों का मौके पर निरीक्षण किया? उक्‍त निर्माण कार्यों का मूल्‍यांकन किस-किस कर्मचारी/अधिकारी द्वारा किया गया है? क्‍या निर्माण कार्य मजदूरों से कराये गये? (घ) प्रश्‍न (क) अनुसार क्‍या उक्‍त निर्माण कार्य बहुत ही निम्‍न गुणवत्‍ता के हैं, इन कार्यों के निर्माण में बहुत ही बड़े स्‍तर पर भ्रष्‍टाचार किया गया है? यदि नहीं, तो क्‍या भोपाल से उच्‍च स्‍तरीय टीम का गठन कर प्रश्‍नकर्ता विधायक के साथ उक्‍त निर्माण कार्यों की जाँच कराई जाएगी? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्‍यों?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ। (ख) प्राक्कलन श्री कुलदीप सिंह,टीम सदस्य (सिविल) द्वारा तैयार किये गये थे। तकनीकी स्वीकृति ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के श्री आर.के.गुप्ता व श्रीमती ऊषा चौधरी, अनुविभागीय अधिकारी और श्री अतुल चतुर्वेदी, कार्यपालन यंत्री द्वारा दी गई। कार्यान्वयन एजेंसी वाटर शेड समिति है। कार्य टीम सदस्यों नामतः श्री शिवकुमार कुशवाह, श्री कुलदीप सिंह तथा श्रीमती नेहा यादव के सुपरवीजन में करायें गये है। (ग) मूल्यांकन श्री कुलदीप सिंह, टीम सदस्य (सिविल) द्वारा किया गया है। कार्य मजदूरों तथा मशीन से करायें गये है। शेष जानकारी संलग्न परिशिष्ट पर है। (घ) जी नहीं। प्रश्नांकित कार्यों का समय समय पर निरीक्षण एवं मूल्यांकन किया गया है, जिसमें निम्न गुणवत्ता एवं अनियमितता नहीं पायी गई है। अतः जाँच का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''छ:''

कृषि उपज मण्‍डी समिति श्‍योपुर में तौल कांटे

37. ( क्र. 1857 ) श्री लाखन सिंह यादव : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या कृषि उपज मण्‍डी समिति श्‍योपुर में देव नारायण बी.ओ.टी. धर्म कांटा संचालित करने हेतु दिनांक 23.03.2013 को 1,82,505 रूपया वार्षिक अनुबंध कर दिया था? यदि हाँ, तो क्‍या उक्‍त धर्म कांटा पर तुलाई के पश्‍चात् ही मण्‍डी में उपज बेचने का प्रावधान था? यदि हाँ, तो वर्तमान मण्‍डी सचिव किस आधार पर नियम विरूद्ध बिना तौल कांटे के सीधे मण्‍डी से उपज का विक्रय कर रहे हैं? क्‍या यह भ्रष्‍टाचार की श्रेणी में आता है? यदि हाँ, तो क्‍या नियम विरूद्ध सीधे मण्‍डी से उपज विक्रय करने के लिए मण्‍डी सचिव दोषी है? यदि हाँ, तो दोषी के प्रति कोई दण्‍डात्‍मक कार्यवाही की जावेगी? यदि हाँ, तो क्‍या और कब तक? यदि नहीं, तो क्‍यों? (ख) कृषि उपज मण्‍डी श्‍योपुर में कौन-कौन कर्मचारी/अधिकारी पदस्‍थ हैं उनका नाम, पद, पदस्‍थापना दिनांक स्‍पष्‍ट करें? 1 अप्रैल 2014 से प्रश्‍न दिनांक तक प्रति वित्‍तीय वर्षवार कौन-कौन सी उपज से मण्‍डी समिति श्‍योपुर को कितना-कितना वित्‍तीय लाभ प्राप्त हुये? प्रति वित्‍तीय वर्ष तथा प्रति अनाज उपजवार स्‍पष्‍ट करें? (ग) कृषि उपज मण्‍डी श्‍योपुर में 1 अप्रैल 2015 से प्रश्‍न दिनांक तक क्‍या-क्‍या निर्माण कार्य किस-किस स्‍थान पर किस-किस प्रतिनिधि/अधिकारी या मण्‍डी समिति की अनुशंसा पर कितनी-कितनी लागत से किस-किस निर्माण एजेन्सी/ठेकेदार द्वारा किस-किस यंत्री/सहा. यंत्री/कार्यपालन यंत्री के सुपरवीजन में कराये गये हैं तथा कराये जा रहे हैं उनकी वर्तमान में भौतिक तथा वित्‍तीय स्थिति क्‍या है?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) अनुबंध दिनांक 23.03.2013 को न होकर दिनांक 20.03.2013 को किया गया है। जी नहीं। अत: शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ख) कृषि उपज मंडी समिति, श्योपुर में पदस्थ अधिकारी/कर्मचारियों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है तथा 01 अप्रैल 2014 से प्रश्न दिनांक तक वित्तीय वर्षवार अधिसूचित कृषि उपज के विपणन कार्य में वित्तीय लाभ के रूप में प्राप्त मंडी शुल्क की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। (ग) प्रश्नागत जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-स अनुसार है।

कृषि उपकरणों का अनुदान

38. ( क्र. 1870 ) श्री महेन्‍द्र सिंह : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विभाग द्वारा किसानों के कल्‍याण हेतु अनुदान कौन-कौन सी योजनाएं चलाई जा रही है? विकासखण्‍ड पन्‍ना, गुनौर में वर्ष 2015-16 से प्रश्‍न दिनांक तक अनुदान प्राप्‍त खाद, बीज व कीटनाशक दवा कितने किसानों को किस योजना अन्‍तर्गत एवं कितने अनुदान में उपलब्‍ध कराई गई? (ख) क्‍या शासन द्वारा कृषि उपकरण से संबंधित यंत्र ट्रैक्‍टर, कल्‍टीवेटर, थ्रेसर, स्प्रिंगकलर एवं अन्‍य कृषि संबंधी किस-किस यंत्र में अनुदान दिया जाता है वर्ष 2015-16 से प्रश्‍न दिनांक तक विकासखण्‍ड पन्‍ना, गुनौर अन्‍तर्गत किस कृषि उपकरण में कितने हि‍तग्राही को कितना अनुदान दिया गया? (ग) क्‍या कृषि उपकरणों पर अनुदान कागज में दर्ज करके संबंधित अधिकारियों द्वारा अनुदान राशि में भ्रष्‍टाचार किया जा रहा है? क्‍या किसानों को अनुदान पर दिये जाने वाले कृषि यंत्रों का भौतिक सत्‍यापन कराया जाता है? यदि हाँ, तो कितने किसानों का भौतिक सत्‍यापन कराया गया? क्‍या प्रदाय किये गये कृषि उपकरणों की, समिति गठित कर जाँच की जाकर संबंधित अधिकारियों के विरूद्ध कार्यवाही की जावेगी?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र- 1 एवं 2 अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है। (ग) जी, नहीं। जी हाँ वर्ष 2015-16 में 253 कृषि यंत्रो का भौतिक सत्यापन कराया गया। शेष का प्रश्न ही नहीं उठता।

नामांतरण, सीमांकन, बंटवारा की जानकारी

39. ( क्र. 1871 ) श्री महेन्‍द्र सिंह : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) गुनौर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत संचालित तहसील गुनौर, देवेन्‍द्र नगर, अमानगंज अंतर्गत वर्ष 2014 से प्रश्‍न दिनांक तक नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन के कितने आवेदन लोक सेवा केन्‍द्रों के माध्‍यम से एवं कितने आवेदन सीधे तहसीलों में प्राप्‍त हुये? प्राप्‍त आवेदनों में से कितने आवेदनों का निराकरण समय-सीमा में किया गया? (ख) क्‍या ज्‍यादातर विवाहित बहनें अपने भाइयों के पक्ष में अपने हित का त्‍यजन करने हेतु राजस्‍व न्‍यायालयों में उपस्थित होकर शपथ पत्र प्रस्‍तुत करने पर भी, अपनी-अपनी अधिकारिता में तहसीलदार/नायब तहसीलदारों द्वारा बहिनों के नाम विलोपित नहीं किये जाते हैं? यदि बालिग कोई भी नागरिक अपने संबंध में स्‍वयं निर्णय लेने का अधिकार रखता है तो अपनी सम्‍पत्ति के त्‍यजन का अधिकारी क्‍यों नहीं रखता है? बतावें? (ग) क्‍या जिन बंटवारा/नामांतरण प्रकरणों में तहसीलदार/नायब तहसीलदारों को पैसे दे दिये जाते हैं उन प्रकरणों में बहिनों के नाम विलोपित कर नामांतरण/बंटवारा कर दिया जाता है और जिन प्रकरणों में पैसे नहीं दिये जाते हैं उनमें बहिनों के नाम जोड़कर बंटवारा प्रकरणा को उलझा दिया जाता है? (घ) क्‍या प्रश्‍नांश (ग) से संबंधित बंटवारा/नामांतरण प्रकरणों एक ही विषय वस्‍तु पर दो प्रकार के आदेश पारित किये जाने का क्‍या कारण है? क्‍या ऐसे प्रकरणों की जाँच कराई जाकर दोषी अधिकारियों के विरूद्ध कार्यवाही की जावेगी? यदि हाँ, तो कब तक समय-सीमा बतावें?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) तहसील गुनौर एवं अमानगंज में कोई आवेदन प्राप्‍त नहीं हुये है। तहसील देवेन्‍द्रनगर में नामांतरण का 01 आवेदन दिनांक 27.6.2016 को प्राप्‍त हुआ है, जो न्‍यायालयीन प्रक्रिया में प्रचलन में है। तहसील अमानगंज, देवेन्‍द्रनगर, गुनौर अंतर्गत सीधे तहसीलों में नामांतरण के 2250, बंटवारा के 1980, सीमांकन के 585 कुल 4815 आवेदन प्राप्‍त हुये है। सभी आवेदन दर्ज किये जाकर नामांतरण के 2179, बंटवारा के 1855, सीमांकन के 564 इस प्रकार कुल 4596 आवेदनों का निराकरण समय-सीमा में किया गया। शेष आवेदन समय-सीमा में है तथा न्‍यायालयीन प्रक्रियाधीन है। (ख) म.प्र. भू-राजस्‍व संहिता 1959 के अंतर्गत तहसीलदार/नायब तहसीलदार को हित को त्‍यजन को स्‍वीकार करने की अधिकारिता न होने से विवाहित बहनों द्वारा अपने भाईयों के पक्ष में शपथ पत्र के आधार पर नाम विलोपित नहीं किये जा सकता। (ग) म.प्र. भू राजस्‍व संहिता 1959 की धारा 109 एवं 110 के तहत नामांतरण तथा धारा 178 में विहित प्रावधान अनुसार बंटवारा प्रकरणों का निराकरण किया जाता है। तहसीलदार/नायब तहसीलदारों को पैसे के लेन-देन संबंधी प्रकरण प्रकाश में नहीं आए है। (घ) म.प्र. भू-राजस्‍व संहिता 1959 की धारा 109 एवं 110 के तहत नामांतरण तथा धारा 178 में विहित प्रावधान अनुसार बंटवारा प्रकरणों में आदेश पारित किये जाते है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

कस्‍बा सुवासरा में सर्वे 918/1 पट्टेधारी व्‍यक्तियों

40. ( क्र. 1890 ) श्री हरदीप सिंह डंग : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शासन द्वारा कस्‍बा सुवासरा में सर्वे क्र. 918/1 में किस वर्ष में कितने व्‍यक्तियों को पट्टे दिए थे? उस समय शासन द्वारा प्‍लाटों के विक्रय हेतु जारी की गई विज्ञप्ति की प्रतिलिपि उपलब्‍ध करावें? (ख) प्‍लाटों की निलामी के बाद प्‍लाट धारियों द्वारा निर्माण प्रारंभ करते ही क्‍या किसी व्‍यक्ति के द्वारा स्‍टे-आर्डर लिया गया था? स्‍टे-आर्डर की दिनांक एवं वर्ष बतावें? क्‍या स्‍टे-आर्डर के बाद निर्माण कार्य पर शासन द्वारा रोक लगाई गई थी? (ग) माननीय जिला न्‍यायालय मंदसौर, उच्‍च न्‍यायालय इंदौर, सर्वोच्‍च न्‍यायालय दिल्‍ली के द्वारा क्‍या निर्णय दिया गया है एवं दिए गए निर्णय का पालन आज तक किया गया है या नहीं अगर नहीं तो कारण बतावें? (घ) शासन द्वारा प्रश्‍नांश (क) में कई वर्षों से जिन गरीब व्‍यक्तियों, विधवाओं, अजा वर्ग के लिए पट्टे दिए गए हैं उन्‍हें कब तक वास्‍तविक कब्‍जा प्राप्‍त होंगे?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

प्रधानमंत्री सड़क योजना

41. ( क्र. 1909 ) कुँवर हजारीलाल दांगी : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क निर्माण करने के क्‍या प्रावधान हैं? निर्देश की प्रति उपलब्‍ध करावें? कितनी जनसंख्‍या पर सड़कें स्‍वीकृत की जाती हैं? (ख) जीरापुर जनपद क्षेत्र की ग्राम पंचायत जेतपुरा (सुलीपुरा) की पंचायत मुख्‍यालय के ग्राम जेतपुरा की जनसंख्‍या कितनी है तथा उक्‍त पंचायत मुख्‍यालय को अभी तक प्रधानमंत्री सड़क योजना से क्‍यों नहीं जोड़ा गया है? कारण बतावें? (ग) क्‍या उक्‍त ग्राम जेतपुरा को पीपल्‍या बीजारेल तक बनी प्रधानमंत्री सड़क से जोड़ने की कोई योजना है? यदि योजना है तो उक्‍त ग्राम जेतपुरा को कब तक प्रधानमंत्री सड़क से जोड़ दिया जावेगा?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के दिशा निर्देशों के अनुसार वर्ष 2001 की जनगणना के आधार पर सामान्य विकासखंड में 500 अथवा अधिक एवं आदिवासी विकासखंड में 250 अथवा अधिक जनसंख्‍या वाले ऐसी बसाहटों को जो पक्की सड़कों से 500 मीटर से अधिक दूरी पर स्थित है को जनसंख्‍या के घटते क्रम में पक्की सड़कों से जोड़ने का प्रावधान है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जीरापुर जनपद क्षेत्र की ग्राम पंचायत जेतपुरा की जनसंख्‍या वर्ष 2001 की जनगणना के अनुसार 554 है। उत्तरांश (क) के प्रकाश में योजनांतर्गत पात्र ग्रामों को जनसंख्‍या के घटते क्रम में जोड़ने का प्रावधान है। ग्राम जेतपुरा की जनसंख्‍या 554 है एवं यह ग्राम योजना के स्वीकृत कोर नेटवर्क की द्वितीय प्राथमिकता के 39वें क्रम पर होने से जनसंख्‍या के घटते क्रम में नहीं आने से अभी तक नहीं जुड़ पाया। ग्राम उभापान से ग्राम जेतपुरा तक मार्ग निर्माण की डी.पी.आर. भारत सरकार को प्रेषित है। स्वीकृति अपेक्षित है। (ग) जी नहीं। उत्तरांश (ख) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।

किसानों की बकाया राशि का भुगतान

42. ( क्र. 1910 ) कुँवर हजारीलाल दांगी : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या डिप्‍टी कलेक्‍टर वास्‍ते कलेक्‍टर जिला राजगढ़ द्वारा पत्र क्रमांक/7177/आर.एम./14 राजगढ़ दिनांक 07.10.2014 एवं पत्र क्रमांक 7178/ आर.एम./14 राजगढ़ दिनांक 07.10.2014 से तहसीलदार खिलचीपुर जिला राजगढ़ को मण्‍डी समिति खिलचीपुर की बकाया राशि एवं कृषकों के भुगतान की बकाया राशि क्रमश: फर्म गुरूकृपा ट्रेडर्स खिलचीपुर से राशि रूपये 2088769/- एवं फर्म शिवम् ट्रेडर्स खिलचीपुर से राशि रूपये 3507524/- भू-राजस्‍व की भांति वसूल करने हेतु आवश्‍यक कार्यवाही करने के निर्देश दिये गये थें? (ख) यदि हाँ, तो निर्देश दिनांक से प्रश्‍न दिनांक तक संबंधित फर्मों से बकाया राशि की वसूली कर ली गई है? यदि हाँ, तो कब? यदि नहीं, तो प्रश्‍न दिनांक तक बकाया राशि की वसूली न किये जाने के क्‍या कारण है तथा कब तक किसानों को बकाया राशि का भुगतान कर दिया जावेगा? (ग) प्रश्‍नांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में क्‍या मण्‍डी समिति खिचलीपुर के अंतर्गत उक्‍त दोनों फर्मों के विरूद्ध कोई ठोस कार्यवाही नहीं की जाकर प्रकरण में निरंतर टालम टोली की जा रही है? यदि हाँ, तो इसमें कौन-कौन दोषी है? क्‍या शासन दोषी अधिकारियों एवं संबंधित फर्मों के विरूद्ध कानूनी कार्यवाही करेगा? यदि हाँ, तो क्‍या और कब तक?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) जी हाँ। सं‍बंधित फर्मों से बकाया वसूली भू-राजस्‍व की भांति किये जाने हेतु निर्देश दिये गये हैं। (ख) उत्‍तरांश '''' के परिप्रेक्ष्‍य में डिप्‍टी कलेक्‍टर वास्‍ते कलेक्‍टर राजगढ़ द्वारा बकाया राशि को भू-राजस्‍व की बकाया रूप में वसूल करने के विरूदध में दोनों फर्मों द्वारा न्‍यायालय अनुविभागीय अधिकारी खिलचीपुर के समक्ष अपील प्रस्‍तुत की गई। जिसमें माननीय न्‍यायालय अनुविभाग अधिकारी तहसील खिलचीपुर में अपीलार्थी की अपील को आधारहीन होने से निरस्‍त किया एवं पुनः तहसीलदार खिलचीपुर को नियमानुसार प्रक्रिया अपनाकर वसूली की कार्यवाही करने के निर्देश दिये। अतः प्रकरण न्‍यायालय तहसीलदार, तहसील खिलचीपुर में आगामी तिथि 30.07.2016 तक के लिए विचाराधीन है। प्रकरण में निर्णय उपरांत ही किसानों को बकाया राशि का भुगतान किया जावेगा। (ग) कृषि उपज मंडी समिति खिलचीपुर अंतर्गत उक्‍त दोनों फर्मों से बकाया राशि की वसूली के संबंध में कार्यवाही किये जाने से टालमटोली नहीं की गई है। वर्तमान में भू-राजस्‍व की भांति वसूली की कार्यवाही तहसील स्‍तर पर प्रक्रियाधीन है,जिसके तहत दिनांक 30.07.2016 को प्रकरण में सुनवाई की जाना है।

इंदौर जिले अंतर्गत सहकारी संस्‍था से संबंधित प्राप्‍त शिकायतें

43. ( क्र. 1956 ) श्री मनोज निर्भय सिंह पटेल : क्या राज्‍यमंत्री, सहकारिता महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) इंदौर जिले के अंतर्गत तीन वर्षों में सहकारी संस्‍था से संबंधित कितनी शिकायतें जून 2016 तक प्राप्‍त हुई। सूची उपलब्‍ध करावें? (ख) प्राप्‍त शिकायतों के परिप्रेक्ष्‍य में विभाग द्वारा कार्यवाही की गई है? कितने प्रकरणों में जाँच की जा रही है या लंबित हैं? नस्‍तीबद्ध कर दी गई है? (ग) प्राप्‍त शिकयतों की जाँच के आधार पर संस्‍था या संचालक मण्‍डल पर क्‍या कार्यवाही की गई? (घ) प्राप्‍त शिकायतों की जांचों को कब तक पूरा कर लिया जावेगा?

राज्‍यमंत्री, सहकारिता ( श्री विश्वास सारंग ) : (क) 1206 शिकायतें। सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है(ख) से (घ) विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है।

नि:शक्‍तजनों हेतु संचालित योजनाएं

44. ( क्र. 1957 ) श्री मनोज निर्भय सिंह पटेल : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सामाजिक न्‍याय एवं नि:शक्‍तजन कल्‍याण विभाग के अंतर्गत नि:शक्‍तजनों के लिए क्‍या-क्‍या योजनाएं एवं कार्यक्रम चलाये जा रहे हैं? (ख) शासकीय सेवा में कार्यरत नि:शक्‍त कर्मचारियों के लिए शासन द्वारा कौन-कौन सी सुविधाएं उपलब्‍ध कराई जा रही हैं? (ग) शासकीय सेवा में कार्यरत नि:शक्‍त कर्मचारियों के लिए शासन द्वारा वाहन खरीदने हेतु आर्थिक साहयता प्रदान की जाती है? यदि हाँ, तो प्रक्रिया बतायें? (घ) सामाजिक न्‍याय एवं नि:शक्‍तजन कल्‍याण विभाग में कितने नि:शक्‍तजनों के लिये आरक्षित पदों में से कितने पद वर्तमान में रिक्‍त है एवं उनकी कब तक पद पूर्ति कर दी जावेगी?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। (ग) जी नहीं। (घ) विभागांतर्गत तृतीय श्रेणी के 24 पद निःशक्तजनों के लिये आरक्षित है जिसमें से वर्तमान में 4 पद रिक्त है। समय-सीमा बताई जाना संभव नहीं है।

लीज भूमि पर शर्तों का उल्‍लंघन

45. ( क्र. 1980 ) श्री देवेन्द्र वर्मा : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) निमाड एज्‍यूकेशनल सोसायटी सिविल लाईन खंडवा को सिविल लाईन्‍स क्षेत्र में कितने वर्गफीट भूमि किस वर्ष में किस प्रयोजन हेतु दी गई थी? (ख) क्‍या भूमि के लीज नवीनीकरण में आवंटन के समय की शर्तों में परिवर्तन करने एवं व्‍यावसायिक उपयोग किये जाने की अनुमति दिये जाने के शासन निर्देश है? (ग) यदि हाँ, तो संस्‍था के लीज आवंटन एवं इसके पश्‍चात् किए गए नवीकरण आदेशों की प्रति उपलब्‍ध कराई जाए? (घ) संस्‍था के भूमि लीज नवीनीकरण प्रकरण में नियम विरूद्ध किए गए आदेशों के लिए कौन-कौन अधिकारी जिम्‍मेदारी है? क्‍या नियम विरूद्ध किए गए लीज नवीनीकरण आदेश को निरस्‍त किया जाएगा? यदि हाँ, तो कब तक?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

खंडवा-वनग्रामों को राजस्‍व ग्राम में परिवर्तन

46. ( क्र. 1984 ) श्री देवेन्द्र वर्मा : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) खंडवा विधानसभा क्षेत्र में किन-किन ग्रामीण क्षेत्रों को राजस्‍व ग्राम घोषित करने के प्रस्‍ताव प्राप्‍त हुए है? (ख) ग्रामीण बसाहट को राजस्‍व ग्राम घोषित करने के क्‍या प्रावधान है? क्‍या इन क्षेत्रों में ग्रामीणों को मूलभूत सुविधाएं पाने का अधिकार है? (ग) खंडवा विधानसभा क्षेत्र के ऐसे किन-किन क्षेत्रों के प्रस्‍ताव जिला प्रशासन/राजस्‍व विभाग द्वारा शासन को प्रेषित किए गए है? (घ) उक्‍त प्रस्‍ताव किस स्‍तर पर एवं किन कारणों से कार्यवाही हेतु लम्बित है? ऐसे ग्रामीण क्षेत्रों को कब तक राजस्‍व ग्राम घोषित कर दिया जाएगा?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

मुख्‍यमंत्री सड़क योजना

47. ( क्र. 1993 ) श्री गोपालसिंह चौहान (डग्‍गी राजा) : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अशोकनगर जिले के विकासखण्‍ड चन्‍देरी एवं ईसागढ़ क्षेत्र में मुख्‍यमंत्री सड़क योजना के अंतर्गत कितने रोड़ स्‍वीकृत किये गये हैं? (ख) कितनी सड़कें पूर्ण हो चुकी हैं एवं कितनी सड़कें अपूर्ण हैं? (ग) क्‍या जो सड़कें पूर्ण हो चुकी हैं उन पर डामरीकरण किया जाना प्रस्‍तावित है। यदि है तो कब तक उन पर डामरीकरण किया जावेगा?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) अशोकनगर जिले के विकासखण्‍ड चन्‍देरी में 30 सड़कें एवं विकासखण्‍ड ईसागढ़ में 47 सड़कें मुख्‍यमंत्री ग्राम सड़क योजनांतर्गत स्‍वीकृत की गई है। (ख) योजनांतर्गत 68 सड़कें पूर्ण हो चुकी है। 01 सड़क अपूर्ण एवं 08 सड़कें अप्रारंभ है। (ग) वर्तमान में मुख्‍यमंत्री ग्राम सड़क योजनांतर्गत स्‍वीकृत सड़कों पर डामरीकरण की योजना क्रियाशील नहीं है। अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

सूखा राहत मद से प्राप्‍त आवंटन

48. ( क्र. 1994 ) श्री गोपालसिंह चौहान (डग्‍गी राजा) : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अशोकनगर जिले में सूखा राहत मद के तहत राज्‍य शासन से कितना आवंटन प्राप्‍त हुआ? (ख) इस सूखा राहत मद से कौन-कौन से निर्माण कार्य कहाँ-कहाँ स्‍वीकृत किये गये हैं?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) सूखा फसल क्षति के लिये अनुदान सहायता राशि 1197.94 लाख रूपये एवं पेयजल की व्‍यवस्‍था हेतु राशि 52.71 लाख रू. आवंटन प्रदाय किया गया है। (ख) इस सूखा राहत मद से कोई निर्माण कार्य स्‍वीकृत नहीं किये गये है।

ग्रामीण क्षेत्रों में सामाजिक सुरक्षा पेंशन का भुगतान

49. ( क्र. 2023 ) श्रीमती प्रतिभा सिंह : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जबलपुर जिले की बरगी जनपद पंचायत अन्‍तर्गत अप्रैल, 2015 से प्रश्‍न दिनांक तक वृद्धावस्‍था पेंशन, विधवा पेंशन विकलांग पेंशन आदि का भुगतान किन-किन माह में किया गया? पूर्ण विवरण दें? योजनावार संख्‍या बतायें? (ख) सामाजिक सुरक्षा पेंशन के भुगतान से विलंब होने का कारण क्‍या है? क्‍या शासन समय पर सामाजिक सुरक्षा पेंशन भुगतान की व्‍यवस्‍था करेगा?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जबलपुर जिले की बरगी जनपद पंचायत अंतर्गत 80 ग्राम पंचायतों में माह अप्रैल, 2015 से जून 2016 तक की पेंशन का भुगतान किया गया है। भुगतान की जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) उत्तरांश (क) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''सात''

एक ही सदस्‍य को दूसरी बार प्‍लाट आवंटन

50. ( क्र. 2079 ) श्री तरूण भनोत : क्या राज्‍यमंत्री, सहकारिता महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या सहाकारी गृह निर्माण समितियों में एक ही सदस्‍य को दो बार भूखण्‍ड आवंटन करने के नियम हैं? (ख) क्‍या जबलपुर जिले में कार्यरत सहकारी गृह निर्माण समितियों में सदस्‍यों को एक बार भूखण्‍ड आवंटित करने के बाद दूसरी बार दूसरा भूखण्‍ड आवंटित किये जाने संबंधी प्रकरण प्रकाश में आये है यदि हाँ, तो सूची दें? (ग) क्‍या एक सदस्‍य को एक बार भूखण्‍ड आवंटित होने के पश्‍चात् उसी सदस्‍य को दूसरा भूखण्‍ड आवंटित करना नियम विरूद्ध हैं? यदि हाँ, तो नियम विरूद्ध इस कार्यवाही हेतु कौन-कौन अधिकारी एवं कर्मचारी दोषी हैं एवं उन पर क्‍या दण्‍डात्‍मक कार्यवाही की जावेगी?

राज्‍यमंत्री, सहकारिता ( श्री विश्वास सारंग ) : (क) जी नहीं। (ख) जी हाँ, जानकारी निम्‍नानुसार है :-

संस्‍था का नाम

सदस्‍य का नाम

भूखण्‍ड का क्रमांक

सैनिक गृह निर्माण सहकारी संस्‍था मर्यादित जबलपुर पंजीयन क्रमांक-29

(1) श्रीमती शैला वंशीवाल पत्नि डॉ.मोहन लाल

01. जे-16
02.
जे-11

(2) श्रीमती गायत्री देवी अग्रवाल पत्नि श्री हरिशंकर

01. ईएक्‍स 20
02.
ईएक्‍स/1-2
03. 10.

(ग) जी हाँ। सोसायटी के तत्‍कालीन पदाधिकारी। दोषी पदाधिकारियों के विरूद्ध एफ.आई.आर. करने एवं एक से अधिक भूखण्‍ड के विक्रय पत्र शून्‍य करने संबंधी कार्यवाही हेतु सोसायटी को निर्देश दिये गये है।

खरीफ फसल की बुआई के लिए मक्‍का बीज की उपलब्‍धता

51. ( क्र. 2086 ) श्री रजनीश सिंह : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्तमान खरीफ फसल की बुवाई के लिये सिवनी जिले में फसलवार बीज का कितनी-कितनी मात्रा में लक्ष्‍य निर्धारित किया गया? बीज की आपूर्ति किस-किस निजी/सहकारी संस्‍था द्वारा की गई? (ख) सिवनी जिले में किस-किस फसल के बीजों के कितने नमूने लिये गये? लिया गया नमूना जाँच के लिये किन-किन प्रयोगशाला में भेजा गया? खरीफ बुवाई के पूर्व प्रयोगशाला की रिपोर्ट न प्राप्‍त होने के क्‍या कारण है? (ग) क्‍या सिवनी जिले में मक्‍का बीज की लक्ष्‍य के अनुसार पर्याप्‍त उपलब्‍धता नहीं की गई? जिसके कारण किसानों को निजी संस्‍थाओं से अधिक मूल्य में मक्‍का बीज क्रय करना पड़ रहा है? क्‍या शासन का निजी बीज विक्रय केन्‍द्र पर कोई नियंत्रण नहीं है?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) विवरण संलग्न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) जिला सिवनी में धान के 31, मक्‍का के 18 तथा अरहर का 01 नमूना लिया गया, जो बीज परीक्षण प्रयोगशाला ग्‍वालियर म.प्र. को भेजे गये। बीज (नियंत्रण) आदेश 1983 की कंडिका 14 में प्रयोगशाला में बीज नमूना प्राप्ति के 60 दिवस में बीज नमूना विश्‍लेषण रिपोर्ट देने का प्रावधान है, तदानुसार कार्यवाही की जाती है। (ग) मक्‍का बीज की पर्याप्‍त उपलब्‍धता है। निजी संस्‍थायें अंकित अधिकतम खुदरा मूल्‍य से अधिक दर पर विक्रय न करें इसका नियंत्रण रखा जाता है।

परिशिष्ट - ''आठ''

राहत राशि का वितरण

52. ( क्र. 2087 ) श्री रजनीश सिंह : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2015 में खरीफ की फसल अंतर्गत जिला सिवनी में कितने कृषक ऐसे हैं जो फसल क्षति होने के बाद भी उन्‍हें सूखा राहत राशि प्रदान नहीं कर सके? प्राप्‍त राशि कितने कृषकों को, कितनी राशि, किस मापदण्‍ड से प्रदान की गई? तहसीलवार जानकारी उपलब्‍ध करायें। (ख) क्‍या राशि के अभाव में प्रभावित कृषकों को राशि नहीं दी गई? यदि नहीं, तो जानकारी सहित जानकारी देवें कि प्रभावित कृषकों को राशि क्‍यों नहीं दी गई? (ग) क्‍या शासन राहत राशि से वंचित कृषकों को शीघ्र ही राहत राशि उपलब्‍ध कराये जाने के निर्देश देगा? यदि हाँ, तो कब तक और नहीं तो क्‍यों? (घ) इसी प्रकार वर्ष 2015 में प्राकृतिक आपदा (ओला पानी) से नष्‍ट हुई रबी की फसलों में कृषकों को किस मापदण्‍ड से कितनी राहत राशि का आवंटन किया गया? कितने कृषकों को राहत राशि अप्राप्‍त है? तहसीलवार जानकारी देवें? क्‍या राहत राशि से वंचित कृषकों को शासन शीघ्र राहत राशि प्रदान कराये जाने के निर्देश देगा?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) जिला सिवनी के अंतर्गत वर्ष 2015 में खरीफ फसल क्षति होने के बाद भी 3610 कृषकों को राहत राशि नहीं मिल पाई है। जिला सिवनी के प्रभावित कृषकों को राजस्‍व पुस्‍तक परिपत्र 6-4 के मानदण्‍ड अनुसार राहत राशि प्रदान की गई है। तहसीलवार कृषकों एवं वितरित राशि की जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) जी हाँ। जिला द्वारा विलम्‍ब से राहत राशि की मांग की गई। शेष प्रभावित कृषकों को राहत राशि वितरित की जा रही है। (ग) जी हाँ। छूटे हुए शेष सभी पात्र प्रभावित कृषकों को राहत राशि वितरित की जा रही है। (घ) सिवनी जिले के अंतर्गत वर्ष 2015 में प्राकृतिक आपदा (ओलावृष्टि) से नष्‍ट हुई रबी की फसलों के लिए प्रभावित कृषकों को राजस्‍व पुस्‍तक परिपत्र 6 (4) के प्रावधानुसार राशि रूपये 856.00 लाख का वितरण किया गया। राहत राशि वितरण हेतु कोई भी कृषक शेष नहीं है। राहत राशि वितरण की तहसीलवार जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। शेष प्रश्‍न उद्भूत नहीं होता।

परिशिष्ट - ''नौ''

ग्रामीण यांत्रिकी विभाग को दी जाने वाली विधायक निधि

53. ( क्र. 2103 ) इन्जी. प्रदीप लारिया : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधायक निधि से की गई कार्यपालन यंत्री ग्रामीण यांत्रिकी विभाग जिला को अनुशंसित राशि जिला योजना एवं सांख्यिकी विभाग द्वारा स्‍वीकृति उपरांत ग्रामीण यांत्रिकी विभाग भोपाल/विकास आयुक्‍त के खाते में जमा की जाती है? (ख) यदि हाँ, तो क्‍या कारण है कि जिला को स्‍वीकृत की गई राशि विकास आयुक्‍त भोपाल के खाते में जमा हो जाती है, जिससे स्‍वीकृत कार्य में विलम्‍ब होता है? (ग) सागर जिले में वर्ष 2014-15, 2015-16, 2016-17 में विधायक निधि से कार्यपालन यंत्री ग्रामीण यांत्रिकी विभाग सागर को स्‍वीकृत की गई कितनी राशि प्रश्‍न दिनांक तक विकास आयुक्‍त के खाते में जमा है और क्‍यों? (घ) उक्‍त राशि विकास आयुक्‍त भोपाल द्वारा कार्यपालन यंत्री ग्रामीण यांत्रिकी सेवा सागर को हस्‍तांतरित क्‍यों नहीं की जा रही है? विलम्‍ब का कारण स्‍पष्‍ट करें एवं विधायक निधि की राशि जिले में कब तक हस्‍तांतरित की जावेगी?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी नहीं। शासन के वित्तीय नियमों के अंतर्गत राशि का पुर्नआवंटन बजट कंट्रोलिंग अधिकारी के माध्यम से आवंटित होती है। (ख) उत्तरांश (क) के परिप्रेक्ष्य में शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) प्रश्नांश में उल्लेखित वर्षों में विकास आयुक्त कार्यालय के खाते में राशि जमा नहीं है। अपितु राशि कार्यपालन यंत्री ग्रामीण यांत्रिकी सेवा को पुर्नआवंटित की गई। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) उत्तरांश (ग) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

नरयावली ग्राम पंचायत को विकासखंड का दर्जा दिये जाने विषयक

54. ( क्र. 2106 ) इन्जी. प्रदीप लारिया : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वृहद ग्राम पंचायतों को विकासखंड के दर्जा दिये जाने हेतु शासन की कोई योजना है? (ख) क्‍या राहतगढ़ विकासखंड की ग्राम पंचायत नरयावली को विकासखंड का दर्जा दिये जाने हेतु शासन द्वारा कोई कार्यवाही की जा रही है? (ग) क्‍या ग्राम पंचायत नरयावली वृहद ग्राम पंचायत है? जिसकी दूरी राहतगढ़ विकासखंड से अधिक है एवं नरयावली विधान सभा का मुख्‍यालय है? क्‍या शासन द्वारा नरयावली ग्राम पंचायत को विकासखंड का दर्जा प्रदान किया जावेगा?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी नहीं। विकासखण्‍डों का गठन भारत शासन के सामुदायिक कार्यक्रम के संदर्भ में किया गया है। नवीन खण्‍ड बनाये जाने की प्रक्रिया म.प्र.पंचायत राज एवं ग्राम स्‍वराज अधिनियम 1993 की धारा 10 के अनुसार है। (ख) जी नहीं। (ग) ग्राम पंचायत नरयावली की वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार जनसंख्‍या 5261 है। ग्राम पंचायत नरयावली, राहतगढ़ विकासखण्‍ड से लगभग 35 किलोमीटर दूरी पर स्थित है, शेष प्रश्‍नांश '''' के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

खेल मैदान शांति‍धाम कूप निर्माण का क्रियान्‍वयन

55. ( क्र. 2117 ) श्रीमती सरस्‍वती सिंह : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) चितरंगी विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत मनरेगा योजना से कितनी पंचायतों में महात्‍मा गांधी नरेगा की शांतिधाम खेल मैदान तथा कूप निर्माण इस योजना के तहत वर्ष 2014-15 से प्रश्‍न दिनांक तक कितने कार्य स्‍वीकृत किये गये हैं? (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में चबूतरा निमार्ण शेड निर्माण एवं कूप निर्माण हेतु किन-किन पंचायतों के किन-किन ग्रामों में कितनी-कितनी राशि स्‍वीकृत की गयी हैं? ग्रामवार जानकारी उपलब्‍ध करावें। (ग) क्‍या उक्‍त पंचायत में स्‍वीकृत कार्यों का पूर्ण हो जाने बावजूद भी मूल्‍यांकन न होने के दशा में लेबर भुगतान नहीं किया गया है? उक्‍त ग्राम पंचायत को मूल्‍यांकन में विलम्‍ब का कारण बताएं। (घ) उक्‍त कार्य की वर्तमान स्थिति क्‍या है? क्‍या कार्य पूर्ण हो चुके हैं अथवा अपूर्ण हैं? लंबित भुगतान कब तक में पूर्ण कर लिये जायेंगे?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) चितरंगी विधानसभा अंतर्गत मनरेगा योजना से 94 ग्राम पंचायतों में शांतिधाम के 118 कार्य, 85 ग्राम पंचायतों में खेल मैदान के 108 कार्य, 48 ग्राम पंचायतों में कूप निर्माण के 125 कार्य इस प्रकार कुल 112 ग्राम पंचायतों में 351 कार्य वर्ष 2014-15 से प्रश्‍न दिनांक तक स्‍वीकृत किये गये हैं। (ख) शांतिधाम के कार्यों में चबूतरा एवं शेड निर्माण की लागत समाहित है जबकि कूप निर्माण का प्रावधान इन कार्यों के प्राक्‍कलन में शामिल नहीं है। ग्रामवार स्‍वीकृत राशि की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) जी नहीं, ग्राम पंचायतों में कार्य पूर्ण हो जाने के बावजूद भी मूल्‍यांकन न होने की दशा में लेबर भुगतान न हो पाने का प्रकरण संज्ञान में नहीं है। शेष प्रश्‍न उपस्‍थित नहीं होता। (घ) उत्तरांश (क) स्‍वीकृत 351 कार्यों में से 08 कार्य पूर्ण व 343 अपूर्ण हैं। ग्रामवार कार्यों की वर्तमान स्‍थिति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। सम्‍पादित कार्यों का उपयंत्री के मूल्‍यांकन उपरांत भुगतान हेतु एफटीओ जारी किया जा चुका है। अतएव शेष प्रश्‍न उपस्‍थित नहीं होता।

राजस्‍व प्रकरण का पुनर्विलोकन

56. ( क्र. 2124 ) श्रीमती ऊषा चौधरी : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या राजस्‍व मंडल प्राप्‍त सूचना पर स्‍वयं संज्ञान लेकर, अधीनस्‍थ राजस्‍व न्‍यायालय के प्रकरण का पुनर्विलोकन करता है? (ख) यदि हाँ, तो प्रश्‍नांकित जानकारी को प्राप्‍त सूचना मानकर, स्‍वयं संज्ञान लेकर, तहसीलदार पिपरिया जिला होशंगाबाद के रा.प्र.क्रं. 343/बी-121/07-08 में विसंगतियुक्‍त विधि विपरीत हुये आदेश का पुनर्विलोकन कब करेगा? निश्चित समयावधि बतावें? यदि नहीं, तो के कारण बतायें। (ग) प्रश्‍नाधीन प्रकरण में पिता की कृषि भूमि में मिले विरासतन हक से पुत्री को अनदेखा करके, भाइयों ने अवैध बंटवारा करके, बहिन के हक की कृषि भूमि को भी अवैध रूप से अन्‍य को विक्रय किया हैं? (घ) विरासतन हकदार पुत्री के नाम हक की कृषि भूमि प्रदाय कर राजस्‍व अभिलेख में नामांतरण कब तक कर दिया जायेगा? निश्चित समयावधि बतायें। यदि नहीं, तो कारण बतायें।

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

पन्‍ना जिले की पवई विधानसभा क्षेत्रान्‍तर्गत भूमि पूजन एवं लोकार्पण

57. ( क्र. 2220 ) श्री मुकेश नायक : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2014-15 से प्रश्‍न दिनांक तक पवई विधानसभा क्षेत्रान्‍तर्गत ग्रामीण यांत्रिकी सेवा द्वारा सम्‍पादित कौन-कौन से कायों का भूमि पूजन एवं लोकार्पण विभाग द्वारा कराया गया ग्रामवार दिनांकवार विकासखण्‍डवार बतायें? (ख) प्रश्‍नांश (क) अन्‍तर्गत कितनी राशि की कितने कार्यों की प्रशासकीय एवं तकनीकी स्‍वीकृति प्रदान की गई? (ग) उक्‍त कार्यों का भूमि पूजन एवं लोकार्पण किस-किस जनप्रतिनिधि द्वारा किया गया नाम पदनाम सहित बतायें?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) से (ग) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार

परिशिष्ट - ''दस''

सरपंच एवं सचिवों की अनियमितताएं

58. ( क्र. 2271 ) चौधरी मुकेश सिंह चतुर्वेदी : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भिण्‍ड जिले की जनपद पंचायत मेहगाँव के अन्‍तर्गत ग्राम पंचायत पचैरा (मेहगाँव) व ग्राम पंचायत बरासो में वित्‍तीय वर्ष 2013-14 से 2015-16 तक के वर्षों में महात्‍मा गाँधी नरेगा योजना (मद) से कौन-कौन से विकास कार्य कितनी-कितनी राशि से कराये गये? उक्‍त कार्यों की स्‍वीकृत राशि, व्‍यय राशि व मजदूरी भुगतान की राशि की कार्यवार संख्‍यात्‍मक जानकारी दी जावे? (ख) क्‍या उक्‍त अवधि में पंचायतों में कराये गये कार्यों की मजदूरी का भुगतान ऐसे व्‍यक्तियों के फर्जी जॉब कार्ड एवं बैंक खाता तैयार कर किया गया है जिनकी मृत्‍यु हो चुकी है एवं पंचायत से बाहर कहीं सर्विस कर रहे हैं? यदि हाँ, तो किन-किन को नामवार जानकारी दी जावें? (ग) क्‍या विभाग उक्‍त सरपंच एवं सचिवों के खिलाफ कोई कार्यवाही करेगा? यदि हाँ, तो क्‍या और कब?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) भिण्‍ड जिले की जनपद पंचायत मेहगाँव के अन्‍तर्गत ग्राम पंचायत पचैरा (मेहगाँव) व ग्राम पंचायत बरासो में वित्‍तीय वर्ष 2013-14 से 2015-16 तक के वर्षों में महात्‍मा गाँधी नरेगा योजना (मद) से कराये गये विकास कार्य की स्‍वीकृत राशि, व्‍यय राशि व मजदूरी भुगतान की राशि की कार्यवार, संख्‍यात्‍मक जानकारी संलग्न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-1 एवं 2 अनुसार है। (ख) ग्राम पंचायत पचैरा (मेहगाँव) की शिकायत प्राप्‍त हुई है जिसकी जिला स्‍तरीय समिति द्वारा जाँच की जा रही है। ग्राम पंचायत बरासो में मृत व्‍यक्‍तियों को मजदूरी भुगतान होने संबंधी कोई प्रकरण विभाग के संज्ञान में नहीं है, अतएव शेष प्रश्‍न उपस्‍थित नहीं होता है। (ग) उत्तरांश (ख) अनुसार जाँच में यदि अनियमित भुगतान होना पाया जाता है तो सरंपच/ सचिव के विरूद्ध नियमानुसार कार्यवाही की जायेगी।

परिशिष्ट - ''ग्यारह''

पटवारियों की पदस्‍थापना

59. ( क्र. 2272 ) चौधरी मुकेश सिंह चतुर्वेदी : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या म.प्र. भू-अभिलेख नियमावली भाग 12 के प्रावधान एवं म.प्र. स्‍थानांतरण नीति वर्ष 2015-16 के अनुसार प्रभारी मंत्री एवं कलेक्‍टर अनुमोदन उपरांत अनुभाग स्‍तर पर पटवारियों की पदस्‍थापना (हल्‍का) परिवर्तन के अधिकार केवल अनुविभागीय अधिकारी को हैं? (ख) क्‍या भिण्‍ड जिले के अंतर्गत मई 2015 में अनुभाग मेहगाँव में पदस्‍थ पटवारियों की हल्‍का परिवर्तन व्‍यापक स्‍तर पर बगैर प्रभारी मंत्री व कलेक्‍टर के अनुमोदन प्राप्‍त किए बिना आदेश जारी किये गये हैं? यदि हाँ, तो किस अधिकारी के द्वारा नाम बतायें? (ग) क्‍या विभाग उक्‍त अधिकारी के‍ खिलाफ कोई कार्यवाही करेगा? यदि हाँ, तो क्‍या और कब तक?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) से (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

जनप्रतिनिधियों के द्वारा प्रेषित शिकायत की जाँच

60. ( क्र. 2290 ) श्री दिलीप सिंह परिहार : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) उज्‍जैन संभाग में वर्ष 2015-16 से प्रश्‍न दिनांक तक संभागीय स्‍तर एवं जिला स्‍तर पर कितनी शिकायतें प्राप्‍त हुई हैं? जिलेवार बतायें। (ख) प्रश्‍नांश (क) में प्राप्‍त शिकायतों में से कौन-कौन सी शिकायतों की जाँच पूर्ण कर प्रतिवेदन जाँच अधिकारी की ओर से प्राप्‍त हो चुके हैं? (ग) नीमच विधान सभा क्षेत्र की कौन-कौन से विभागों की शिकायतें संभाग स्‍तर एवं जिला स्‍तर पर आज भी लंबित होकर जाँच अधिकारी के पास लंबित हैं। लंबित शिकायतों की जाँच कब तक पूर्ण की जाकर संबंधितों को सूचित किया जावेगा? जाँच में विलम्‍ब करने वाले अधिकारी के विरूद्ध शासन कोई कार्यवाही करेगा? यदि नहीं, तो क्‍यों?

उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री जयभान सिंह पवैया ) : (क) उज्जैन संभाग में वर्ष 2015-16 से प्रश्न दिनांक तक संभाग स्तर तथा जिला स्तर पर प्राप्त शिकायतों का विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र "क" अनुसार है। (ख) प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्य में जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र "ख" अनुसार है। (ग) संभाग स्तर पर नीमच विधानसभा क्षेत्र की कोई शिकायत लंबित नहीं हैं। नीमच जिला स्तर पर लंबित 23 शिकायतों का विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र "ग" अनुसार है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं हैं। प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

अपूर्ण पुल निर्माण

61. ( क्र. 2318 ) श्रीमती सरस्‍वती सिंह : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) चितरंगी विधान सभा अंतर्गत अकला सैलवार मार्ग के परेवा नाला में वर्ष 2007-08 में पुलिया निर्माण रोजगार गारंटी योजना अंतर्गत स्‍वीकृत हुई थी, स्‍वीकृति‍ दिनांक से आज दिनांक तक अपूर्ण होने के क्‍या कारण है? (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में किस एजेंसी द्वारा पुल का निर्माण कार्य कराया जा रहा है? उक्‍त पुल निर्माण में कितनी राशि खर्च की गयी है और उक्‍त पुल को पूर्ण किये जाने में कितनी राशि की आवश्‍यकता होगी? कब तक में पूर्ण करा दी जायेगी? (ग) क्‍या संबंधित एजेंसी को जवाबदेही तय किया गया है? यदि हाँ, तो आज दिनांक तक क्‍या कार्यवाही किया गया है?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ, मध्‍यम पुल निर्माण की स्‍वीकृति दिनांक 15.02.2008 को कार्य को राशि रूपये 32.77 लाख की दी गई थी। कार्य का अपूर्ण रहने का प्रमुख कारण पुल का बैडलेवल तक कार्य होने के उपरांत कार्य में लगने वाली सामग्री सीमेंट एवं लोहे की अपर्याप्‍त उपलब्‍धता तथा महात्‍मा गांधी नरेगा योजना में विगत वर्षों में राशि का सतत् प्रवाह नहीं होना रहा है। (ख) यह कार्य लोक निर्माण विभाग द्वारा करवाया जा रहा है। उक्‍त कार्य में अब तक राशि रूपये 27.45 लाख व्‍यय की जा चुकी है एवं कार्य को पूर्ण करने में राशि रूपये 5.32 लाख की आवश्‍यकता होगी। कार्य की पूर्णता प्रावधानों अनुसार जॉबकार्डधारी श्रमिकों की उपलब्‍धता रहने पर निर्भर करेगी अत: निश्‍चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ग) संबंधित क्रियान्‍वयन एजेंसी की जवाब देही तय किये जाने हेतु जिला पंचायत सिंगरौली को 21 जुलाई 2016 को निर्देशित किया गया है।

अतिवृष्टि/ओलावृष्टि से प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता

62. ( क्र. 2349 ) श्री मानवेन्द्र सिंह : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला छतरपुर में वर्ष 2015-16 में हुई अतिवृष्टि, ओलावृष्टि से प्रभावित परिवार, किसानों को बर्बाद हुई फसलों की क्षति हेतु राज्‍य शासन ने जिले की तहसील नौगांव, लवकुशनगर, चंदला, गौरिहार व राजनगर में कितनी-कितनी राशि आवंटित की गई? कितनी-कितनी राशि का कब-कब वितरण किस-किस के माध्‍यम से किया गया? (ख) प्रश्‍नांश (क) में जिला छतरपुर की तहसीलों में किन-किन ग्रामों का कब-कब तक का सर्वे कार्य कराया गया, इसमें प्रभावित कितने परिवारों के फसल क्षतिपूर्ति हेतु हल्‍का पटवारियों द्वारा सर्वे कर जिला प्रशासन को सर्वे रिपोर्ट दी, इसमें से कितने परिवारों को कब-कब तक क्षतिपूर्ति की कितनी राशि का वितरण किया गया एवं कितने परिवारों को अभी तक क्षतिपूर्ति की आर्थिक सहायता नहीं दी गई, क्‍यों? (ग) प्रश्‍नांश (ख) में माह 31 मई, 2016 तक कितने-कितने किसानों को क्षतिपूर्ति मुआवज़ा राशि का वितरण किया गया? सर्वे में कितने कृषकों को आर्थिक सहायता की राशि का वितरण किया गया एवं कितने कृषक अभी भी आर्थिक सहायता से वंचित हैं? (घ) क्‍या शासकीय दिशा निर्देशों की अवहेलना करने वाले दोषी अधिकारी व कर्मचारियों के विरूद्ध कार्यवाही करेंगे? यदि हाँ, तो समय-सीमा बतावें?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) जिला छतरपुर में वर्ष 2015-16 में तहसील लवकुशनगर के अंतर्गत 04 ग्रामों में ओला से प्रभावित फसल क्षति हेतु 3235514/- रूपये की सहायता राशि स्‍वीकृत की जाकर संबंधित कृषकों को दिनांक 31-03-2016 को बैंक के माध्‍यम से उनके खाते में भुगतान किया गया है। प्रश्‍नाधीन शेष तहसीलों में अतिवृष्टि एवं ओलावृष्टि नहीं हुई है। (ख) प्रश्‍नांश '' के अंतर्गत जिला छतरपुर की तहसील लवकुशनगर अंतर्गत ग्राम पठा, चितहरी, झिन्‍ना एवं दोनी में ओलावृष्टि से दिनांक 13 मार्च 2016 को हुई क्षति का सर्वे कार्य सर्वे दल गठित कर मार्च 2016 में ही सर्वे कार्य पूर्ण कराया जाकर सभी 496 प्रभा‍वित पात्र कृषकों को 3235514/- रूपये की स‍हायता राशि का वितरण किया गया। पात्र कृषकों में से कोई भी कृषक सहायता राशि दिए जाने हेतु शेष नहीं है। (ग) 31 मई 2016 तक कुल 496 प्रभावित कृषकों को कुल 3235514/- रूपये की सहायता राशि का वितरण किया गया। पात्र कृषकों में से कोई भी कृषक सहायता राशि दिए जाने हेतु शेष नहीं है। (घ) जिला छतरपुर अंतर्गत शासकीय दिशा निर्देशों की अवहेलना नहीं हुई है।

नगद राशि का आहरण

63. ( क्र. 2357 ) श्री शंकर लाल तिवारी : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या तत्‍कालीन मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत नागौद द्वारा मनरेगा योजना के बचत खाता क्रमांक 707002 से जुलाई, सितम्‍बर एवं नवम्‍बर 2008 में विभिन्‍न दिनांकों में नगद राशि का आहरण किया गया है? (