मध्यप्रदेश विधान सभा


प्रश्नोत्तर-सूची
फरवरी-मार्च, 2018 सत्र


बुधवार, दिनांक 28 मार्च, 2018


 

स्थायी आदेश 13-क के अनुसरण में अतारांकित प्रश्नोत्तर के रुप में परिवर्तित तारांकित प्रश्नोत्तर


बरगी दांयी तटवर्ती नहर का विस्‍तार 

[नर्मदा घाटी विकास]

1. ( क्र. 1461 ) श्री नीलांशु चतुर्वेदी : क्या राज्‍यमंत्री, नर्मदा घाटी विकास महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सतना जिले के चित्रकूट विधानसभा क्षेत्रान्‍तर्गत बरगी दांयी तटवर्ती नहर किन-किन ग्राम पंचायतों में किन-किन ग्रामों में पानी पहुँचाई जाने की योजना स्‍वीकृत है? स्‍वीकृति अनुसार किन-किन ग्रामों के नहर का निर्माण कर दिया गया, कितना शेष हैं? शेष कार्य कब तक पूर्ण कर लिया जाएगा? (ख) प्रश्‍नांश (क) के अतिरिक्‍त जिन पंचायतों के जिन ग्रामों को बरगी दांयी तटवर्ती योजना में शामिल नहीं किया गया और उन गाँवों में कृषकों को सिंचाई की सुविधा उपलब्‍ध नहीं है उनमें उक्‍त नहर का विस्‍तार करने की कार्यवाही कब तक की जावेगी?

राज्‍यमंत्री, नर्मदा घाटी विकास ( श्री लालसिंह आर्य ) : (क) प्रारंभिक सर्वेक्षण के आधार पर सतना जिले के चित्रकूट विधानसभा क्षेत्रान्‍तर्गत बरगी दांयी तट नहर से 20 ग्राम पंचायतों के 38 ग्रामों में पानी पहुँचाया जाना प्रस्‍तावित है, जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है वर्तमान में इन प्रस्‍तावित ग्रामों में नहरों का निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं किया गया है। नहरों का निर्माण कार्य नवीन सी.एस.आर. पर पुनरी‍क्षण उपरांत निविदा आमंत्रित कर वर्ष 2021-2022 तक पूर्ण किया जाना लक्षित है। (ख) उत्‍तरांश '''' में उल्‍लेखित ग्रामों के अतिरिक्‍त अन्‍य ग्रामों में सिंचाई सुविधा उपलब्‍ध कराने की कोई योजना वर्तमान में प्रस्‍तावित नहीं है।

परिशिष्ट - ''एक''

भ्रष्ट अफसरों के विरूद्ध कार्यवाही 

[सामान्य प्रशासन]

2. ( क्र. 1608 ) श्री घनश्‍याम पिरोनियाँ : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि               (क) क्या सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा भ्रष्ट अफसरों के विरूद्ध 20 साल की नौकरी और 50 साल की उम्र के अंतर्गत कार्यवाही करने के लिए जिलों से रिकार्ड/रिपोर्ट मांगी गई थी? यदि हाँ, तो वर्ष 2017-18 में दतिया जिले से कितने अधिकारियों/कर्मचारियों की जानकारी भेजी गई? कृपया नाम/पद एवं आरोपों का संपूर्ण विवरण दें। (ख) क्या तत्कालीन कलेक्टर द्वारा आयुक्त ग्वालियर संभाग के पत्र क्र./एस.टी.एफ./जाँच/4141/2015 दिनांक 13/8/2017 द्वारा रिपोर्ट प्रेषित की गई? यदि हाँ, तो आयुक्त एवं शासन/विभाग द्वारा उक्त भ्रष्ट अफसर के विरूद्ध क्या कार्यवाही की गई? यदि हाँ, तो विवरण दें। यदि नहीं, तो कारण सहित बतायें कि, कार्यवाही कब तक की जायेगी? (ग) क्या माननीय लोकायुक्त म.प्र. भोपाल के आदेशानुसार ज.प्र. 227/2017 प्रकरण में कलेक्टर/अपर कलेक्टर दतिया द्वारा शिकायत में उल्लेखित बिन्दुवार जाँच की गई है? यदि हाँ, तो उक्त शिकायत में कितने बिन्दु एवं दस्तावेज संलग्न किये गये हैं? कृपया उपलब्ध करायें। (घ) क्या संबंधित भ्रष्ट अफसरों से भी तत्संबंध में जानकारी चाही गई? यदि नहीं, तो क्यों और यदि हाँ, तो क्या जानकारी प्राप्त हुई है? संपूर्ण विवरण सहित विस्तृत ब्यौरा दें।

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क‍) जी हाँ। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार(ख) जी नहीं। शेषांश प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी हाँ। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार(घ) जी हाँ। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार

बैंकों द्वारा योजना की राशि के वितरण 

[वित्त]

3. ( क्र. 1658 ) श्री राजेन्द्र फूलचं‍द वर्मा : क्या वित्त मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                (क) सोनकच्‍छ विधान सभा क्षेत्र में मुख्‍यमंत्री स्‍वरोजगार योजना, प्रधानमंत्री स्‍वरोजगार, जिला अन्‍तरव्‍यवासय योजना के लिए कितना बजट आया है? (ख) सत्र 2016-17 एवं 2017-18 में प्रश्‍न दिनांक तक विधानसभा क्षेत्र के प्राप्‍त बजट में से कितना-कितना लोन स्‍वीकृत किया है? शेष कितना बजट बचा है? (ग) चालू वर्ष 2016-17 एवं 2017-18 में सोनकच्‍छ विधानसभा क्षेत्र में मुख्‍यमंत्री रोजगार योजना, प्रधानमंत्री स्‍वरोजगार योजना के कितने प्रस्‍ताव आए? कितने प्रस्‍ताव पास हुए? कितने निरस्‍त हुए व कितने प्रस्‍ताव लंबित हैं?

वित्त मंत्री ( श्री जयंत मलैया ) : (क) से (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

गुजरात को होने वाली शराब तस्‍करी 

[वाणिज्यिक कर]

4. ( क्र. 1785 ) श्री वेलसिंह भूरिया : क्या वित्त मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) इस वर्ष अलीराजपुर, झाबुआ एवं धार (सरदारपुर) से गुजरात ले जा रही अवैध शराब की तस्‍करी करते हुए कितने वाहन जब्‍त किए गए एवं कितने व्‍यक्तियों के विरूद्ध वैधानिक कार्यवाही की गई?                (ख) इसके लिए कितने दोषी अधिकारियों/कर्मचारियों के विरूद्ध अनुशासनात्‍मक कार्यवाही की गई है? यदि नहीं, तो क्‍यों? (ग) प्रश्‍नांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में शासन इसे रोकने के लिए क्‍या प्रभावी कदम उठा रहा है?

वित्त मंत्री ( श्री जयंत मलैया ) : (क) जिला झाबुआ एवं जिला धार में वर्ष 2017-18 में जानकारी निरंक है। जिला अलीराजपुर में वर्ष 2017-18 में अवैध शराब की तस्‍करी करते हुए 09 वाहन एवं 01 पैक बॉडी बोट (नाव) जप्‍त की गई है। 7 व्‍यक्तियों के विरूद्ध वैधानिक कार्यवाही की गयी है। (ख) अधिकारियों/कर्मचारियों के विरूद्ध अनुशासनात्‍मक कार्यवाही संबंधी जानकारी निरंक है। क्‍योंकि किसी भी अधिकारी/कर्मचारी की संलिप्‍ता नहीं पाई जाने से अनुशासनात्‍मक कार्यवाही का प्रश्‍न नहीं है। (ग) अवैध शराब की तस्‍करी रोकने हेतु समय-समय पर टीम गठित कर वाहनों की सघन चेकिंग, रोड गश्‍त एवं रात्रि गश्‍त की जाकर अवैध मदिरा पर प्रभावी नियंत्रण संबंधी कार्यवाही की जाती है।

अधिसूचित क्षेत्र में देशी-विदेशी शराब की बिक्री

[वाणिज्यिक कर]

5. ( क्र. 1786 ) श्री वेलसिंह भूरिया : क्या वित्त मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या पाँचवीं एवं छठवीं अनुसूची लागू है? पेसा एक्‍ट कानून के अंतर्गत अधिसूचित क्षेत्र में महुआ एवं ताड़ी को छोड़कर देशी एवं विदेशी मदिरा की बिक्री करना अथवा दुकानें संचालित करना अवैधानिक हैं? (ख) यदि हाँ, तो धार, झाबुआ, अलीराजपुर एवं बड़वानी जिलों में अधिसूचित क्षेत्र में चल रही देशी एवं विदेशी मदिरा दुकानों के संचालकों के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की जा रही है? (ग) शासन इन अवैध दुकानों को कब तक बंद कर जिम्‍मेदार अधिकारियों के विरूद्ध कार्यवाही करेगा?

वित्त मंत्री ( श्री जयंत मलैया ) : (क) पाँचवी अनुसूची लागू है, जिसमें जनजातिय लोगों के लिये आसवन विधि से मदिरा का निर्माण एवं उपभोग का प्रावधान है। अनुसूचित जनजाति के लोगों के लिए एक निश्चित सीमा में मदिरा को स्‍वयं के उपभोग के लिए बनाने तथा रखने की शासन द्वारा छूट प्रदान की गई है। लेकिन इसी क्षेत्र में गैर आदिवासियों के लिए उपरोक्‍तानुसार छूट न होने से शासन की आबकारी नीति के तहत देशी/विदेशी मदिरा दुकानों का निर्धारित आरक्षित मूल्‍य पर नवीनीकरण/लॉटरी/टेण्‍डर द्वारा निष्‍पादन किया जाता है। तदनुसार ही सफल आवेदक/टेण्‍डरदाता द्वारा उक्‍त मदिरा दुकानों का संचालन वैधानिक रूप से किया जाता है। (ख) उत्‍तरांश '''' अनुसार देशी/विदेशी मदिरा दुकानों का संचालन नियमानुसार किया जा रहा है। (ग) शासन द्वारा निर्धारित नीति अनुसार मदिरा दुकानों का वैधानिक रूप से संचालन किया जा रहा है।

संविदाकर्मियों की सेवावृद्धि का आदेश एवं देयकों का भुगतान 

[वित्त]

6. ( क्र. 2184 ) डॉ. रामकिशोर दोगने : क्या वित्त मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                   (क) संविदाकर्मियों की सेवा अवधि समाप्‍त होने पर सेवा वृद्धि का आदेश जारी किए जाने के बाद ही वेतन देयक कोषालय में प्रस्‍तुत करने और कोषालय द्वारा सेवा वृद्धि आदेश की पुष्टि कर देयक को स्‍वीकृति प्रदान किए जाने के संबंध में क्‍या प्रावधान प्रचलित हैं। (ख) हरदा जिले में मई 2015, मई 2016 मई 2017 में किस-किस विभाग के किस श्रेणी के कितने संविदाकर्मियों के देयक कोषालय को प्राप्‍त हुए, उन्‍हें किस दिनांक को कोषालय ने स्‍वीकृति प्रदान की, किस दिनांक को कितनी राशि का भुगतान किया गया? (ग) जिन संविदाकर्मियों के देयक मई 2015, मई 2016 एवं मई 2017 में कोषालय के समक्ष प्रस्‍तुत किए गए उनकी सेवावृद्धि का आदेश किस विभाग ने किस दिनांक को जारी किया? किस विभाग ने सेवावृद्धि का आदेश जारी किए बिना ही देयक कोषालय में प्रेषित किए। (घ) सेवावृद्धि का आदेश जारी किए बिना ही देयक कोषालय में प्रस्‍तुत करने, देयक स्‍वीकृत कर भुगतान किए जाने के लिए कौन-कौन जिम्‍मेदार हैं? उसके विरूद्ध शासन क्‍या कार्यवाही कर रहा है, कब तक करेगा?

वित्त मंत्री ( श्री जयंत मलैया ) : (क) कोषालय से वेतन, भत्‍तों आदि का भुगतान प्राप्‍त करने के लिये म.प्र.कोषालय संहिता भाग-। के सहायक नियम-220 में प्रावधान उल्‍लेखित है। कोषालय से राशि प्राप्‍त करने एवं भुगतान करने की सम्‍पूर्ण जिम्‍मेदारी संबंधित आहरण संवितरण अधिकारी की नियत है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) से (घ) वांछित जानकारी वित्‍त विभाग द्वारा संधारित नहीं की जाती है।

विद्युत देयकों में प्रतिमाह 25 यूनिट बिजली की छूट 

[ऊर्जा]

7. ( क्र. 2700 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि           (क) क्‍या गरीबी रेखा कार्डधारी अनुसूचित जाति/जनजाति के उपभोक्‍ताओं को विद्युत देयकों में प्रतिमाह 25 यूनिट बिजली की छूट देने का प्रावधान है? (ख) क्‍या गरीबी रेखा कार्डधारी सामान्‍य जाति के उपभोक्‍ताओं को यह छूट नहीं दी जाती है? (ग) यदि हाँ, तो क्‍या शासन इन्‍हें छूट देने पर विचार करेगा?

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) जी हाँ वर्तमान में गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले अनुसूचित जाति एवं जनजाति के एकल बत्ती उपभोक्ताओं को विद्युत देयकों में प्रतिमाह 25 यूनिट तक ऊर्जा प्रभार एवं ईधन प्रभार समायोजन में छूट (सब्सिडी) का प्रावधान है, जिसकी प्रतिपूर्ति वितरण कंपनियों को राज्य शासन द्वारा की जाती है। (ख) जी नहीं, गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले सामान्य श्रेणी के उपभोक्ताओं को उत्तरांश (क) में उल्लेखित छूट नहीं दी जाती। (ग) वर्तमान में ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है तथापि उल्लेखनीय है कि वर्तमान में 30 यूनिट तक की मासिक खपत वाले सभी उपभोक्ताओं को रु. 1.10 प्रति यूनिट की छूट (सब्सिडी) एवं 50 यूनिट तक की मासिक खपत वाले सभी उपभोक्ताओं को 20 पैसे प्रति यूनिट की छूट (सब्सिडी) प्रदान की जा रही है।

ग्रामों में विद्युत अधोसंरचना विकसित करना

[ऊर्जा]

8. ( क्र. 2702 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि   (क) क्‍या पनागर विधानसभा क्षेत्र पनागर के इन्‍द्रा, कुटैली, हिनौतिया बारहा, पड़वारकला, परसराम कुंड, पहरहा टोला, कारीवाह, प्रधानमंत्री आवासों में मंगेला नया मोहल्‍ला, ठाकुर तलैया, नटवारा, भौरूआ, सरौरा टोला, चरखी टोला, मानेगांव टोला एवं अन्‍य 16 ग्रामों में विद्युत अधोसंरचना विकसित नहीं की गई है? (ख) यदि हाँ, तो कारण बतावें? कब तक विकसित की जावेगी? (ग) प्रश्‍नांश (क) के अंतर्गत अद्यतन कितने ग्राम विद्युत अधोसंरचना से पूर्णत: विकसित है?

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) प्रश्नांश में उल्लेखित समस्त ग्राम/मजरे/टोले पूर्व से विद्युतीकृत है, जिसमें विद्यमान विद्युत अधोसंरचना एवं विद्युत उपभोक्ताओं की संख्या  संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। 'प्रधानमंत्री आवास योजना' में निर्मित विद्युत विहीन सभी घरों को वर्तमान में संचालित सौभाग्य योजना के प्रावधानों के अंतर्गत विद्युत कनेक्शन प्रदान किया जाना प्रस्तावित है, जिसके तहत आवश्‍यकतानुसार विद्युत अधोसंरचना विकसित करने हेतु कार्यवाही की जा रही है। (ख) एवं (ग) उत्तरांश (क) के परिप्रेक्ष्य में वर्तमान में सौभाग्य योजनान्तर्गत प्रश्नाधीन 14 ग्रामों/मजरों/टोलों में से 4 ग्रामों/मजरों/टोलों में विद्युत अधोसंरचना विकसित करने का प्रस्तावित कार्य, जून 2018 तक पूर्ण किया जाना संभावित है। प्रश्नाधीन शेष 10 ग्रामों/मजरों/टोलों में विद्युत अधोसंरचना पूर्णतः विकसित है।

परिशिष्ट - ''दो''

प्रधानमंत्री सहज बिजली हर घर (सौभाग्‍य) योजना 

[ऊर्जा]

9. ( क्र. 2722 ) श्री शैलेन्द्र जैन : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                     (क) प्रधानमंत्री सहज बिजली हर घर (सौभाग्‍य) योजना कब प्रारम्‍भ हुई? क्‍या इसमें शहरी क्षेत्र को भी शामिल किया गया है? योजना का लाभ लेने हेतु कौन-कौन सी अर्हतायें होना आवश्‍यक हैं?                 (ख) प्रश्‍नाधीन योजनांतर्गत सागर विधान सभा क्षेत्र में कितने हितग्राहियों का चिन्‍हांकन किया गया है? योजनांतर्गत हितग्राही को क्‍या-क्‍या सुविधायें दी जा रही हैं? (ग) योजना प्रारम्‍भ दिनांक से प्रश्‍न दिनांक तक सागर विधान सभा क्षेत्र से कितने आवेदन प्राप्‍त हुए? कितने हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया? (घ) प्रश्‍न दिनांक तक कितने आवेदन लंबित हैं? लंबित आवेदनों को कब तक स्‍वीकृत कर योजना का लाभ दिया जायेगा?

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) प्रधानमंत्री सहज बिजली हर घर योजना (सौभाग्य) दिनांक 11.10.2017 से प्रारम्भ हुई है। जी हाँ, योजनांतर्गत शहरी क्षेत्र को भी सम्मिलित किया गया है। ऐसे घर/डिफाल्टर कनेक्शनधारी जिनका विद्युत कनेक्शन बकाया राशि होने के कारण विच्छेदित किया गया हो, ग्रामीण क्षेत्रों में घर बनाकर रह रहे व्‍यक्तियों एवं शहरी क्षेत्रों में आर्थिक, सामाजिक एव जातिगत जनगणना 2011 के अंतर्गत आर्थिक रुप से कमजोर हितग्राहियों की श्रेणी में नहीं आने वाले हितग्राहियों को छोड़कर आर्थिक, सामाजिक एव जातिगत जनगणना 2011 के अंतर्गत चिन्हित आर्थिक रुप से कमजोर सभी हितग्राहियों को उक्त योजना में सम्मिलित किया गया है।                 (ख) वर्तमान में सौभाग्य योजनांतर्गत सागर विधानसभा क्षेत्र के शहरी क्षेत्र में 294 अविद्युतीकृत घरों को विद्युतीकृत करने हेतु चिन्हांकित किया गया है। योजनांतर्गत आर्थिक, सामाजिक एवं जातिगत जनगणना 2011 के प्रावधानानुसार वंचित (डिप्राइवड) सूची में शामिल सभी हितग्राहियों को निःशुल्क कनेक्शन दिया जाना है तथा ग्रामीण क्षेत्र के शेष हितग्राहियों को कनेक्शन उपरांत आगामी विद्युत देयकों में राशि रू 500/- की वसूली 10 माह में रू 50 प्रति माह की किश्‍तों में किया जाना है। (ग) विधान सभा क्षेत्र सागर के शहरी क्षेत्र में सौभाग्य योजना के प्रारम्भ होने के दिनांक से प्रश्न दिनांक तक कोई आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है। सौभाग्य योजना अंतर्गत आवेदन प्राप्त होने अथवा सर्वे में सौभाग्य योजना के प्रावधानों के तहत हितग्राहियों को चिन्हित कर लाभान्वित किया जावेगा। (घ) उत्‍तरांश (ग) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्‍न नहीं उठता।

शराब का बढ़ता अवैध कारोबार 

[वाणिज्यिक कर]

10. ( क्र. 2979 ) श्री देवेन्द्र वर्मा : क्या वित्त मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रदेश में हाईवे के पास आबकारी दुकानें नहीं लगाने के आदेश के बाद विभाग की उदासीनता के कारण प्रदेश में शराब का अवैध परिवहन एवं अवैध शराब की बिक्री गांव-गांव गली मौहल्‍लों में किराना दुकान आदि जगहों पर धड़ल्‍ले से हो रहा है? अवैध शराब माफिया संक्रिय तथा आबकारी विभाग निष्क्रिय हो गया है? (ख) यदि नहीं, तो खंडवा विधानसभा के अनेक ग्रामों में अवैध शराब व्‍यवसायियों की दुकानें किसकी मिली भगत से किया जा रहा है? (ग) जिले में अबकारी विभाग द्वारा अवैध शराब परिवहन एवं बिक्री के विगत तीन वर्षों में कितने प्रकरण बनाए गए हैं? उन प्रकरणों में शासन को कितनी राजस्‍व की प्राप्ति हुई? (घ) क्‍या आबकारी विभाग की निष्क्रियता के कारण पुलिस विभाग द्वारा अवैध परिवहन एवं बिक्री के प्रकरण होटल ढांबेवालों के बनाए जा रहे हैं? यदि हाँ, तो क्‍या इसके लिए आबकारी विभाग के अधिकारी जिम्‍मेदार हैं?

वित्त मंत्री ( श्री जयंत मलैया ) : (क) जी नहीं। (ख) खण्‍डवा विधानसभा क्षेत्र में 19 देशी एवं 08 विदेशी मदिरा दुकानें स्‍वीकृत/संचालित है। आबकारी विभाग जिला खण्‍डवा द्वारा स्‍वीकृत/मदिरा दुकानों के अतिरिक्‍त कहीं से भी अवैध मदिरा के विक्रय की सूचना प्राप्‍त होने पर उपलंभन कार्य कर नियमानुसार अवैध शराब परिवहन, संधारण, चौर्यनयन के प्रकरण पंजीबद्ध किये जाते है।                 (ग) खण्‍डवा जिले में आबकारी विभाग द्वारा अवैध शराब परिवहन, संधारण एवं चौर्यनयन के विगत तीन वर्षों में कुल 5275 प्रकरण पंजीबद्ध किये गये। जिनके चालान नियमानुसार माननीय सक्षम न्‍यायालय में प्रस्‍तुत किये गये। माननीय न्‍यायालय द्वारा इन प्रकरणों में आरोपियों के विरूद्ध रूपये 1700600/- अर्थदण्‍ड आरोपित किया गया है। (घ) यह कहना सही नहीं है कि आबकारी विभाग की निष्क्रियता के कारण पुलिस विभाग द्वारा अवैध परिवहन एवं बिक्री के प्रकरण होटल ढाबे वालों के बनाये जा रहे हैं। आबकारी विभाग खण्‍डवा द्वारा जिले में समय-समय पर होटल ढाबों की जाँच की जाती है जिसके परिणामस्‍वरूप वर्ष 2017-18 में माह फरवरी 2018 अंत तक होटल ढाबों के विरूद्ध 284 न्‍यायालयीन प्रकरण पंजीबद्ध किये गये हैं।

अनुशंसित/आदेशित स्‍थानांतरण के आवेदनों पर कार्यवाही न होना

[सामान्य प्रशासन]

11. ( क्र. 3002 ) एडवोकेट सत्‍यप्रकाश सखवार : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मान. प्रभारी मंत्री जी जिला मुरैना मध्‍यप्रदेश शासन भोपाल, कार्यालय से अम्‍बाह, पोरसा, दिमनी, मुरैना के कितने कर्मचारियों के स्‍थानांतरण (स्‍वैच्छिक) के प्रस्‍ताव कलेक्‍टर मुरैना को मार्च 2015 से अगस्‍त सितम्‍बर 2015 तक की समयावधि में अनुशंसा कर के भेजे गये हैं? (ख) क्‍या मान. प्रभारी मंत्री महोदय जिला मुरैना द्वारा शिक्षा विभाग में पदस्‍थ कर्मचारियों के जितने भी प्रस्‍ताव स्‍थानांतरण करने हेतु भेजे गये थे, उनमें से एक भी स्‍थानांतरण आदेश का पालन तत्‍कालीन कलेक्‍टर मुरैना, जिला शिक्षा अधिकारी मुरैना द्वारा नहीं किया? यदि हाँ, तो ऐसा क्‍यों? कब तक उक्‍त प्रस्‍तावों पर कार्यवाही की जाकर स्‍वैच्छिक स्‍थानांतरण कर दिये जावेगें? यदि नहीं, तो क्‍यों नहीं?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) एवं (ख) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

विद्युत विहीन ग्रामों में भेजे गये बिजली के बोगस बिलों को निरस्‍त करना

[ऊर्जा]

12. ( क्र. 3006 ) एडवोकेट सत्‍यप्रकाश सखवार : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या अम्‍बाह विधान सभा क्षेत्रान्‍तर्गत लेनकापुरा, रूंदकापुरा, कुम्‍हरपुरा, भड़ोली, वानका पुरा, माफलपुरा, बगियापुरा, बिचौला विद्युत विहीन ग्राम हैं? (ख) क्‍या प्रश्‍नांश (क) में दर्शित ग्रामों में न पोल गढ़ें हैं, न तार ही खिचे हैं और न ही विद्युत मीटर लगाये हैं, फिर भी विगत समय लाखों रूपये के बोगस बिजली के बिल अनुसूचित जाति के सैकड़ों गरीब, मजदूर कृषकों को थमा दिया गये है, यदि हाँ, तो ऐसा क्‍यों किया गया? (ग) क्‍या शासन इन फर्जी, बोगस बिलों को निरस्‍त करने व प्रश्‍नांश (क) में वर्णित ग्रामों में कब तक विद्युतीकरण करा दिया जावेगा? यदि नहीं, तो क्‍यों नहीं?

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) जी नहीं वर्तमान में अम्बाह विधानसभा क्षेत्रांतर्गत ग्राम रूंदकापुरा में विद्युत अधोसंरचना उपलब्ध है जिससे कनेक्‍शन प्रदान किये गये है एवं प्रश्‍नांश में उल्लेखित शेष ग्रामों के उपभोक्ताओं द्वारा कृषि फीडरों पर स्थापित समीपस्‍थ वितरण ट्रांसफार्मरों से विद्युत का उपयोग किया जा रहा है। (ख) उत्तरांश (क) में दर्शाए अनुसार ग्राम रूंदकापुरा में उपलब्ध विद्युत अधोसंरचना से कनेक्शन प्रदान किये गये है तथा उपभोक्ता निरन्तर विद्युत का उपयोग कर रहे हैं। प्रश्‍नांश में उल्लेखित अन्‍य ग्रामों यथा लेनकापुरा, कुम्हरपुरा, भड़ोली, वानकापुरा, माफलपुरा, बगियापुरा एवं बिचौला के ग्रामवासियों द्वारा उत्तरांश (क) में दर्शाए अनुसार कृषि फीडरों पर स्थापित समीपस्‍थ वितरण ट्रांसफार्मरों से विद्युत का उपयोग किया जा रहा है। अतः प्रश्‍नाधीन ग्रामों में विद्युत के उपभोग के विरुद्ध ही नियमानुसार विद्युत बिल जारी किये जा रहे है।               (ग) उत्‍तरांश (ख) में दर्शाए अनुसार नियमानुसार जारी किये जा रहे विद्युत बिलों को निरस्त करने का प्रश्‍न नहीं उठता तथापि प्रश्‍नाधीन ग्रामों के सघन विद्युतीकरण हेतु विद्युत अधोसंरचना के विस्तार का कार्य मुरैना जिले के लिये स्वीकृत दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना में सम्मिलित है। उक्त योजनांतर्गत कार्य मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा विभागीय तौर पर कराए जाने की सैद्धांतिक स्वीकृति आर.ई.सी. लिमिटेड से प्राप्त हो गई है एवं तद्नुसार मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा कार्यवाही की जा रही है, किंतु वर्तमान में उक्त कार्य पूर्ण कराए जाने की निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

आई.ए.एस./आई.पी.एस. अधिकारियों के विरूद्ध कार्यवाही 

[सामान्य प्रशासन]

13. ( क्र. 3020 ) श्री आरिफ अकील : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                 (क) जनवरी 2010 से प्रश्‍न दिनांक की स्थिति में क्‍या मध्‍यप्रदेश में पदस्‍थ आई.ए.एस. व आई.पी.एस. अधिकारियों के ठिकानों पर लोकायुक्‍त की छापामार कार्यवाही की गई और आर्थिक अपराध अन्‍वेषण ब्‍यूरों में भ्रष्‍टाचार कारित करने के प्रकरण किन किनके विरूद्ध कब-कब पंजीबद्ध किए गए? अधिकारियों के नाम व पद सहित प्रकरणवार वर्षवार सूची उपलब्‍ध करावें।   (ख) प्रश्‍नांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में अवगत करावें कि किन-किन अधिकारियों के विरूद्ध कब-कब दोष सिद्ध हुए, दोषमुक्‍त हुए या आपसी समझौते/राजीनामे के आधार पर प्रकरण नस्‍तीबद्ध किए गए?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) लोकायुक्‍त संगठन की जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। आर्थिक अपराध प्रकोष्‍ठ की जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) किसी भी अधिकारी के प्रकरण दोष सिद्ध, दोष मुक्‍त या आपसी समझौते/राजीनामा के आधार पर नस्‍तीबद्ध नहीं किए गए हैं।

परिशिष्ट - ''तीन''

पत्रों का समय-सीमा में जवाब न दिया जाना

[सामान्य प्रशासन]

14. ( क्र. 3141 ) श्री आर.डी. प्रजापति : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                    (क) वर्ष 2015-16 से प्रश्‍न दिनांक तक मध्‍यप्रदेश शासन के वरिष्‍ठ कार्यालयों के विभागों से कलेक्‍टर जिला छतरपुर को प्रश्‍नकर्ता के पत्रों के उत्‍तर देने के लिये कितने पत्र प्राप्‍त हुये, पत्र क्रमांक व दिनांकवार सूची उपलब्‍ध करावें? (ख) उक्‍त प्रश्‍नांश (क) में संबंधित सभी पत्रों का जवाब समय-सीमा में उपलब्‍ध कराये गये? यदि हाँ, तो संबंधित पत्रों पर क्‍या कार्यवाही की गयी? सूची उपलब्‍ध करावे, यदि नहीं, तो क्‍यों? (ग) क्‍या प्रश्‍नकर्ता द्वारा दिये गये पत्रों का कलेक्‍टर छतरपुर द्वारा समय-सीमा में जवाब नहीं दिया जाता है, जो कि सामान्‍य प्रशासन विभाग के निर्देशों का उल्‍लंघन है? यदि हाँ, तो कलेक्‍टर छतरपुर को पत्रों का जवाब समय-सीमा में दिये जाने हेतु आदेश शासन द्वारा जारी किये जावेंगे? (घ) यदि हाँ, तो कब तक यदि नहीं, तो क्‍यों?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) वर्ष 2015-16 से प्रश्‍न दिनांक तक मध्‍यप्रदेश शासन के वरिष्‍ठ कार्यालयों से कलेक्‍टर जिला छतरपुर को तीन पत्र प्राप्‍त हुए है, जिनकी जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट में दर्शाई गई है। (ख) जानकारी प्रश्‍नांश (क) के उत्‍तर में उल्‍लेखित पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट में दर्शाई गई है। (ग) प्रश्‍नकर्ता द्वारा दिये गये पत्रों का कलेक्‍टर कार्यालय द्वारा समय पर जवाब दिया जाता है। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।                  (घ) प्रश्‍नांश (ग) के उत्‍तर के प्रकाश में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

अनुकम्‍पा नियुक्ति के संबंध में

[सामान्य प्रशासन]

15. ( क्र. 3142 ) श्री आर.डी. प्रजापति : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                (क) मध्‍यप्रदेश शासन प्रशासन विभाग में दिवंगत कर्मचारी के आश्रितों को अनुकम्‍पा नियुक्ति हेतु क्‍या नियम हैं? नियम की छायाप्रति प्रदाय करें। (ख) क्‍या दिवंगत शासकीय सेवक के परिवार का कोई भी सदस्‍य या उसकी पत्‍नी पूर्व से शासकीय सेवा में है, तो क्‍या दिवगंत शासकीय सेवक के आश्रित पुत्र या पुत्री को अनुकम्‍पा नियुक्ति प्रदान की जावेगी? यदि हाँ, तो नियमावली बतावें, यदि नहीं, तो क्‍यों? (ग) क्‍या दिवगंत शासकीय सेवक की पत्‍नी यदि उससे कम वेतनमान पद पर है तो क्‍या उसकी पत्नी उस पद को इस्‍तीफा देकर अपने पति के पद पर अनुकम्‍पा नियुक्ति प्राप्‍त कर सकती है? यदि हाँ, तो नियम बतावें? यदि नहीं, तो क्‍यों? (घ) प्रश्‍नांश (ग) अनुसार छतरपुर जिले व पन्‍ना जिले में राजस्‍व व स्‍वास्‍थ्‍य विभाग में इस प्रकार के कितने मामले वर्ष 2015-16 से प्रश्‍न दिनांक तक विचाराधीन है? जिससे दिवंगत शासकीय सेवक के आश्रित अनुकम्‍पा पाने से वंचित हैं। सूचीवार जानकारी देवें?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार।                    (ख) जी नहीं। (ग) जी नहीं। कोई नियम/निर्देश नहीं होने के कारण। (घ) कोई प्रकरण विचाराधीन नहीं है।

आर.डी. 5900 मीटर से 6100 मीटर तक निरीक्षण पथ

[नर्मदा घाटी विकास]

16. ( क्र. 3380 ) श्री विजय सिंह सोलंकी : क्या राज्‍यमंत्री, नर्मदा घाटी विकास महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) ओंकारेश्वर-मोरटक्का मार्ग पर कामनवाटर केरियर नहर आर.डी. 5900 मीटर से 6100 मीटर तक पर दोनों ओर निरीक्षण पथ का निर्माण कब एवं किसके द्वारा किया गया? इस निर्माण कार्य का मूल्यांकन एवं सत्यापन किस अधिकारी द्वारा कब किया गया? दिनांकवार जानकारी देवें। इस मार्ग की वर्तमान स्थिति क्या है? क्या इस मार्ग पर मार्ग अवरूद्ध किया गया है या अतिक्रमण है? निरीक्षण पथ कब तक पूर्ण निर्मित किया जाएगा? अतिक्रमण कब तक हटाया जावेगा। (ख) उक्त नहर निर्माण में रमेशचंद्र पिता राजा भाऊ की कितनी जमीन अधिग्रहण किया गया? कितनी जमीन का मुआवजा दिया गया? कितनी जमीन पर नहर/माईनर नहर एवं निरीक्षण पथ का निर्माण किया गया। क्या इस किसान की जमीन पर डी.पी.आर. के अनुरूप ही नहर बनाई गई है या उसका स्वरूप बदला गया है? (ग) उक्त भूमि पर एक पुलिया अतिरिक्त बनाने का कारण बतायें? यह निर्माण का मूल्यांकन/सत्यापन किस अधिकारी ने कब किया। लगभग इसी स्थान के पास एक आश्रम का गंदा पानी का नाला/सेप्टीक नाला का पाईप मुख्य नहर में खोलने का कारण बतायें। (घ) सनावद-ओंकारेश्वर मार्ग से ओंकारेश्वर-मोरटक्का-मुंदी मार्ग के बीच (हेलीपेड के सामने वाली) मुख्य नहर एवं माईनर नहर के दोनों ओर निरीक्षण पथ नहर के पानी रिसाव से रमेशचंद्र पिता राजा भाऊ, ग्राम व हल्का कोठी, खसरा क्रमांक 17/1 का खेत दलदल बन गया है, विभागीय अधिकारी इनकी समस्या कब दूर करेंगे?

राज्‍यमंत्री, नर्मदा घाटी विकास ( श्री लालसिंह आर्य ) : (क) निर्माण टर्न-की एजेंसी सोमदत्‍त बिल्‍डर्स नई दिल्‍ली द्वारा वर्ष 2007 में किया गया। उक्‍त कार्य का मूल्‍यांकन एवं सत्‍यापन सलाहकार एजेंसी घरेजी इंस्‍टर्न प्रा.लि. मुंबई द्वारा दिनांक 24/03/2007 से दिनांक 16/06/2007 तक किया गया है वर्तमान में उक्‍त निरीक्षण पथ कच्‍चा बना हुआ है, जिस पर डब्‍ल्‍यू.बी.एम. मार्ग जून 2018 तक पूर्ण करने का लक्ष्‍य है। इस मार्ग पर झाड़ि‍यां होने से मार्ग अवरूद्ध था अब झाड़ि‍यों को हटा दिया है तथा उक्‍त मार्ग आवागमन के लिये खुला है। (ख) श्री रमेशचन्‍द्र पिता राजा भाऊ निवासी ग्राम कोठी की 0.18 हेक्‍टेयर भूमि अधिगृहित की गई है एवं रूपये 1,55,340.00 मुआवजा भुगतान किया गया। अधिगृहित भूमि में रकबा 0.18 हेक्‍टेयर पर ही नहर/माइनर नहर एवं निरीक्षण पथ का निर्माण है, जो कच्‍चा है। स्‍वीकृत प्‍लान/अलायमेंट के अनुरूप नहर निर्माण किया गया है, उसका स्‍वरूप नहीं बदला गया है। (ग) मुख्‍य नहर के कारण पूर्व से स्थित आश्रम दो भागों में विभाजित हो रहा है। अत: आवागमन हेतु आश्रम के एक भाग से दूसरे भाग में आने-जाने हेतु फुट ब्रिज का निर्माण टर्न-की निविदा के अंतर्गत ही किया गया है। इस कार्य का सत्‍यापन अनुविभागीय अधिकारी एवं उपयंत्री द्वारा दिनांक 24/03/2007 को किया गया है। इस स्‍थान के समीप स्थित आश्रम में एकत्रित वर्षा के पानी की निकासी हेतु एक पाईप नहर में पाया गया जिसे बंद करा दिया गया है। (घ) वर्तमान में खसरा क्रमांक 17/1 में कोई दलदल नहीं है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

मंडल संयोजक छात्रवृत्ति घोटाला

[जनजातीय कार्य]

17. ( क्र. 3420 ) श्री प्रताप सिंह : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) 30 मार्च 2016 में अतारांकित प्रश्‍न क्रमांक 7799 के जवाब में बताया कि मामले में विवेचना चल रही हैं? यदि हाँ, तो क्‍या 3 साल उपरांत भी प्रकरण के संबंध में चालान न्यायालय में प्रस्तुत नहीं किया गया है। (ख) क्या छात्रवृत्ति संबंधी घोटाले में आदिम जाति कल्याण विभाग के तत्कालीन प्रभारी सहायक आयुक्त सागर एवं मंडल संयोजक श्री कमलेश जैन दमोह में पदस्थ हैं? यदि हाँ, तो इनके विरूद्ध प्रश्‍नांश (क) के जवाब में लंबित मामले पर क्या कार्यवाही की गई? (ग) क्या श्री कमलेश जैन, मंडल संयोजक के विरूद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं में संलिप्त होने के कारण कलेक्टर दमोह को श्री अशोक व्यास, पत्रकार के द्वारा दिनांक 10.11.2017 को प्रमाण सहित, आवश्‍यक कार्यवाही हेतु शिकायत की गई थी? यदि हाँ, तो क्या कार्यवाही की गई? (घ) क्या मंडल संयोजक का पद तृतीय श्रेणी के अंतर्गत आता हैं? यदि हाँ, तो क्या मंडल संयोजक को जिला परियोजना अधिकारी का प्रभार दिया जा सकता है? यदि हाँ, तो किन नियमों के तहत बतावें? यदि नहीं, तो श्री कमलेश जैन मंडल संयोजक को किस आधार पर जिला परियोजना अधिकारी का प्रभार दिया गया?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

भूमि अधिगृहण की जानकारी

[ऊर्जा]

18. ( क्र. 3534 ) श्री महेश राय : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                   (क) विधानसभा क्षेत्र बीना के अंतर्गत संचालित औद्योगिक इकाई जे.पी.पावर प्‍लांट बीना में स्‍थानीय नागरिकों एवं किसानों की भूमि जो कंपनी द्वारा अधिगृहण की गयी है, उनके परिवार वालों को रोजगार उपलब्‍ध कराने का कितने प्रतिशत का प्रावधान है अथवा नहीं? (ख) यदि हाँ, तो कितने प्रतिशत शिक्षित बेरोजगार एवं जिन किसानों की भूमि अधिगृहण की गयी थी, सूची उपलब्‍ध करायी जावे एवं शासन के अनुबंध की प्रति उपलब्‍ध करायी जावे? (ग) स्‍थानीय नागरिकों को चिन्‍हित करते हुये क्‍या उन्‍हे सुरक्षा गार्ड की सेवा हटाया जा रहा है? यदि हाँ, तो उनके साथ भेदभाव क्‍यों किया जा रहा है? क्‍या स्‍थानीय होना अभिशाप है? (घ) प्रबंधन द्वारा निकाले गये सुरक्षाकर्मी एवं अन्‍य सैकड़ों विधानसभा क्षेत्र के योग्‍यताधारी को पुन: वापसी हेतु क्‍या प्रावधान है?

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) मध्‍य प्रदेश ट्रेड एण्‍ड इन्‍वेस्‍टमेंट फेसिलिटेशन कारपोरेशन के माध्‍यम से मेसर्स जे.पी.बीना. थर्मल पावर प्‍लांट से प्राप्‍त जानकारी के आधार पर पावर प्‍लांट बीना में स्‍थानीय नागरिकों एवं ऐसे किसानों, जिनकी भूमि अधिगृहित की गई है, उनके परिवार वालों को रोजगार उपलब्‍ध कराने का प्रतिशत में कोई प्रावधान नहीं है। अपितु अनुबंध की कंडिका-6 में रोजगार संबंधी निम्‍न प्रावधान है, ''यह कि कंपनी ऐसे कृ‍षक, जो उपरोक्‍त भूमि अधिगृहण के कारण पूर्ण भूमिहीन हो जाते हैं तथा जिनकी अन्‍य जगह भी कोई कृषि भूमि नहीं है, उनके परिवार के एक सदस्‍य को योग्‍यता अनुसार नौकरी देगी तथा शेष प्रभावित लोगों को जिनकी भूमि का आंशिक भाग अर्जित किया जा रहा है, को व्‍यवसायिक प्रशिक्षण (वोकेशनल ट्रेनिंग) देकर उन्‍हें अनुकल्‍पी रोजगार उपलब्‍ध कराएगी।'' (ख) उत्तरांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में लागू नहीं है, अपितु मध्‍य प्रदेश ट्रेड एण्‍ड इन्‍वेस्‍टमेंट फेसिलिटेशन कारपोरेशन के माध्‍यम मेसर्स जे.पी.बीना. थर्मल पावर प्‍लांट से प्राप्‍त जानकारी के आधार पर रोजगार उपलब्ध कराये गये शिक्षित बेरोजगार एवं जिन किसानों की भूमि अधिगृहित की गई है, की सूची  पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'अनुसार है। अनुबंध की प्रति  पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'' अनुसार है। (ग) मध्‍य प्रदेश ट्रेड एण्‍ड इन्‍वेस्‍टमेंट फेसिलिटेशन कारपोरेशन के माध्‍यम से मेसर्स जे.पी.बीना. थर्मल पावर प्‍लांट से प्राप्‍त की गई जानकारी के आधार पर, ऐसा कोई प्रकरण नहीं है। शेष प्रश्‍नांश लागू नहीं। (घ) उत्‍तरांश '' के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न नहीं उठता।

सोभाग्य श्री योजनान्तर्गत प्राप्त लक्ष्य व पूर्ती

[ऊर्जा]

19. ( क्र. 3601 ) डॉ. रामकिशोर दोगने : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                  (क) हरदा जिले में सौभाग्य श्री योजनान्तर्गत कितने लोगों को विद्युत कनेक्‍शन दिये जाने का लक्ष्य किस अवधि तक के लिये निर्धारित किया गया है व प्रश्‍न दिनांक तक कितने लोगों को इसका लाभ दिया जा चुका है? संख्यावार व तहसीलवार बतायें। (ख) क्या इस योजना के लिये हितग्राही को आवेदन किया जाना आवश्‍यक है? यदि हाँ, तो प्रश्‍न दिनांक तक ऐसे कितने हितग्राही हैं, जिनके द्वारा आवेदन किये जाने के बाद भी उन्हें उक्त योजना का लाभ नहीं मिल पाया है?                (ग) उक्त योजना में हितग्राही को क्या-क्या सामग्री उपलब्ध करायी जा रही है? क्या उससे किसी प्रकार का कोई शुल्क भी वसूला जा रहा है। यदि हाँ, तो कितना। (घ) हरदा जिले को उक्त योजना हेतु दिये गये लक्ष्य की पूर्ती कब तक पूरी कर ली जावेगी।

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड के क्षेत्रांतर्गत हरदा जिले में सौभाग्य योजना (सौभाग्य श्री नहीं) में प्रारंभिक आंकलन अनुसार कुल 20231 हितग्राहियों को दिसम्बर 2018 तक विद्युत कनेक्‍शन दिये जाने का लक्ष्य रखा गया है, जिनमें से फरवरी, 2018 की स्थिति में 13037 हितग्राहियों को योजना का लाभ दिया जा चुका है। प्रश्नाधीन क्षेत्र में सौभाग्य योजनान्तर्गत लाभान्वित हितग्राहियों की तहसीलवार संख्या की जानकारी  संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी हाँ, प्रश्नाधीन योजना के तहत हितग्राहियों को निर्धारित प्रपत्र में आवेदन किये जाने का प्रावधान है जो कि वितरण कंपनियों द्वारा निर्धारित विभागीय एजेन्सी द्वारा सर्वे के दौरान मौके पर ही पूर्ण कराये जा रहे है। उक्त योजना के तहत प्रश्नाधीन क्षेत्र में ऐसा कोई प्रकरण नहीं है, जिसमें आवेदन प्राप्त होने के उपरान्त भी कनेक्‍शन प्रदान नहीं किया गया है। (ग) इस योजना के तहत हितग्राहियों को सर्विस लाईन, मीटर, मीटर बोर्ड, एल.ई.डी. बल्ब, स्विच बोर्ड आदि सामग्री प्रदाय की जा रही है। उक्त योजना के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में सामाजिक-आर्थिक एवं जातिगत जनगणना 2011 के अनुसार चिन्हित आर्थिक रुप से कमजोर हितग्राहियों को निःशुल्क कनेक्शन प्रदान किये जाने तथा अन्य हितग्राहियों से 500 रुपये की राशि मासिक विद्युत बिलों के साथ 10 किश्तों में लिये जाने का प्रावधान है। उक्त योजनांतर्गत शहरी क्षेत्रों में भी सामाजिक-आर्थिक एवं जातिगत जनगणना 2011 के अनुसार चिन्हित आर्थिक रुप से कमजोर हितग्राहियों को निःशुल्क कनेक्शन दिये जाने का प्रावधान है। (घ) हरदा जिले में सौभाग्‍य योजनान्तर्गत कार्य दिसम्बर 2018 तक पूर्ण किया जाना लक्षित है।

परिशिष्ट - ''चार''

दैनिक वेतन भोगी श्रमिकों को स्थाई करना

[सामान्य प्रशासन]

20. ( क्र. 3607 ) श्री हितेन्द्र सिंह ध्‍यान सिंह सोलंकी : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या सामान्य प्रशासन विभाग के ज्ञाप क्रमांक/एफ/5-1/2013/1/3 भोपाल दिनांक 07/10/2016 एव 5-1/2013/1/3 भोपाल दिनांक 05/07/2017 के अनुसार क्या उक्त ज्ञापन में चतुर्थ श्रेणी के रिक्त पद पर दैनिक वेतन कर्मचारियों को प्राथमिकता के आधार पर नियुक्ति हेतु जिला स्तर पर सम्भागीय आयुक्त की अध्‍यक्षता में कोई बैठक के निर्देश हैं? यदि हाँ, तो इंदौर संभाग में ज्ञापन दिनांक से कितनी बैठक हुई हैं और इस बैठक के क्या नतीजे हुए हैं? (ख) क्या शासन के विभिन्न विभागों में रिक्त पदों की पूर्ति के लिए शासन स्तर पर क्या कार्यवाही की जा रही है? इन पदों की पूर्ति के लिए शासन कब तक कार्यवाही कर पद पूर्ति कर दी जावेगी?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जी हाँ। जानकारी एकत्रित की जा रही है। (ख) रिक्‍त पदों की पूर्ति निरंतर की जा रही है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

सामान्‍य प्रशासन विभाग के अंतर्गत कार्यरत संस्‍थाओं में प्रतिनियुक्ति के नियम

[सामान्य प्रशासन]

21. ( क्र. 3959 ) श्री प्रताप सिंह : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सामान्‍य प्रशासन विभाग के अंतर्गत भ्रष्‍टाचार पर अंकुश लगाने, प्रशासन को भ्रष्‍टाचार से मुक्‍त करने और भ्रष्‍टाचारियों को पकड़ने एवं इसकी जाँच करने के लिए कितनी संस्‍थाएं/विभाग कार्य कर रहे है? इन संस्‍थाओं पर अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्रतिनियुक्ति में रखे जाने के क्‍या नियम है एवं कितनी अवधि तक प्रतिनियुक्ति पर अधिकारी कर्मचारी रह सकते है? (ख) लोकायुक्‍त संगठन, आर्थिक अपराध शाखा एवं मुख्‍य तकनीकी परीक्षक में कितना तकनीकी अमला प्रतिनियुक्ति पर पदस्‍थ है? 4 वर्ष से अधिक कितने अधिकारी/कर्मचारी तकनीकी अमले में पदस्‍थ है? क्‍या 4 वर्ष से अधिक पदस्‍थ रहने से भ्रष्‍टाचार को बढ़ावा नहीं मिलता? क्‍या लंबे समय से जमे अधिकारियों/कर्मचारियों को हटाने की कोई योजना है? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्‍यों?  (ग) लोकायुक्‍त संगठन, आर्थिक अपराध शाखा एवं मुख्‍य तकनीकी परीक्षक कार्यालय में प्रतिनियुक्ति हेतु कितने आवेदन लंबित हैं? उन पर कार्यवाही कब तक की जा सकेगी?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) निम्‍नानुसार तीन संस्‍थाएं कार्यरत हैं:-
1.
लोकायुक्‍त संगठन 2. आर्थिक अपराध प्रकोष्‍ठ 3. मुख्‍य तकनीकी परीक्षक (सतर्कता) संगठन
उपरोक्‍त संस्‍थाओं में लोकायुक्‍त संगठन एवं आर्थिक अपराध प्रकोष्‍ठ में पुलिस अधिकारी/कर्मचारियों की पदस्‍थापना स्‍थानांतर के माध्‍यम से गृह विभाग द्वारा की जाती है। उपरोक्‍त तीनों संस्थाओं में तकनीकी अधिकारी/कर्मचारियों की पदस्‍थापना निर्माण विभागों से अधिकारी/कर्मचारियों की सेवाएं प्रतिनियुक्ति के माध्‍यम से प्राप्‍त कर की जाती है। प्रतिनियुक्ति पर अधिकारी/कर्मचारियों की सेवाएं सामान्‍य प्रशासन विभाग के परिपत्र क्रमांक सी/3-14/06/3/एक, दिनांक 29/02/2008 में दिए गए निर्देशानुसार प्राप्‍त की जाती है। सामान्‍यत: निर्माण विभागों की सहमति से अधिकारी/कर्मचारियों की सेवाएं प्रथमत: 2 वर्ष के लिए प्राप्‍त की जाती है। तत्‍पश्‍चात् दोनों विभागों की सहमति से प्रतिनियुक्ति की अवधि में आवश्‍यकतानुसार वृद्धि की जाती है।                 (ख) लोकायुक्‍त संगठन की तकनीकी शाखा में कुल 7 तकनीकी अधिकारी/कर्मचारी, आर्थिक अपराध प्रकोष्‍ठ में 1 अधिकारी एवं मुख्‍य तकनीकी परीक्षक (सतर्कता) संगठन में कुल 20 अधिकारी/कर्मचारी प्रतिनियुक्ति पर पदस्‍थ हैं। इनमें से लोकायुक्‍त संगठन में सभी 7 तकनीकी अधिकारी/कर्मचारी, आर्थिक अपराध प्रकोष्‍ठ में 1 अधिकारी एवं मुख्‍य तकनीकी परीक्षक (सतर्कता) संगठन में 6 अधिकारी/कर्मचारी 4 वर्ष की अधिक अवधि से प्रतिनियुक्ति पर पदस्‍थ हैं। जी नहीं। निर्माण विभागों से इच्‍छुक तकनीकी अधिकारी/कर्मचारियों के नामों का पैनल प्राप्‍त होने पर दीर्घावधि से पदस्‍थ अधिकारी/कर्मचारियों को हटाया जा सकता है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ग) लोकायुक्‍त संगठन एवं आर्थिक अपराध प्रकोष्‍ठ में अधिकारी/कर्मचारियों को प्रतिनियुक्ति पर रखे जाने के कोई आवेदन लंबित नहीं है। मुख्‍य तकनीकी परीक्षक (सतर्कता) संगठन में अधिकारी/कर्मचारियों की सेवाएं प्रतिनियुक्ति पर प्राप्‍त करने के संबंध में 11 अधिकारी/कर्मचारियों के आवेदन पत्रों पर संबंधित निर्माण विभागों की सहमति प्राप्‍त की जाने की कार्यवाही प्रचलित है।

ट्रांसफार्मर निर्धारित समयावधि में बदले जाने एवं उपकेन्द्रों की स्थापना 

[ऊर्जा]

22. ( क्र. 4033 ) डॉ. रामकिशोर दोगने : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                (क) हरदा जिले में वर्ष 2016-17 एवं 2017-18 में प्रश्न दिनांक तक कितने क्षमतावार वितरण ट्रांसफार्मर जले, कितने क्षमतावार वितरण ट्रांसफार्मर निर्धारित समयावधि में नहीं बदले गये? निर्धारित समयावधि में न बदले जाने का क्या कारण हैं? (ख) प्रश्नांश (क) में अंकित अवधि में कितने नवीन वितरण ट्रांसफार्मर कितने के.व्ही.ए. के हरदा विधान सभा क्षेत्र में कहाँ-कहाँ स्वीकृत किये गये हैं ग्रामवार जानकारी दें? (ग) हरदा जिलान्तर्गत किन-किन स्थानों पर कितने के.व्ही.ए. के अतिरिक्त ट्रांसफार्मर स्वीकृत कर लगाये गये हैं? सूची उपलब्ध करावें। (घ) हरदा जिलान्तर्गत वर्ष 2017-18 में  अधिभारित ट्रांसफार्मरों को अधिभार से बचाने के लिये कितने व किस-किस स्‍थानों पर कितने-कितने के.व्‍ही.ए. के अतिरिक्‍त ट्रांसफार्मर स्‍थापित किया जाना एवं कौन-कौन से नये 33/11 के.व्‍ही. उपकेन्‍द्र स्‍थापित किया जाना प्रस्‍तावित है?

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) हरदा जिले में वर्ष 2016-17 एवं 2017-18 (माह फरवरी 2018 तक) में क्रमश: 471 एवं 638 वितरण ट्रांसफार्मर जले/खराब हुए तथा उक्त सभी जले/खराब वितरण ट्रांसफार्मर निर्धारित समयावधि में बदल दिये गये हैं। उक्त जले/खराब ट्रांसफार्मरों की वर्षवार/क्षमतावार संख्या  पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) विधान सभा क्षेत्र हरदा के अंतर्गत वर्ष 2016-17 में 369 नवीन वितरण ट्रांसफार्मरों का कार्य स्वीकृत किया गया था तथा सभी 369 वितरण ट्रांसफार्मर की स्थापना के कार्य पूर्ण किये जा चुके है, जिनकी ग्रामवार सूची  पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र '' अनुसार है वर्ष 2017-18 (माह फरवरी 2018 तक) में हरदा विधानसभा क्षेत्र में 283 नवीन वितरण ट्रांसफार्मरों का कार्य स्वीकृत किया गया है, जिसमे से 278 ट्रांसफार्मरों की स्थापना कार्य पूर्ण किया जा चुका है, जिसकी ग्रामवार सूची  पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ग) हरदा जिले में 63 के.व्ही.ए. क्षमता के 24 अतिरिक्त वितरण ट्रांसफार्मर विभिन्न ग्रामों में लगाये गये है, जिनकी ग्रामवार सूची  पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''  अनुसार है। (घ) हरदा जिले के अंतर्गत वर्ष 2017-18 में अतिभारित ट्रांसफार्मरों को अतिभार से बचाने के लिये 19 स्थानों पर 63 के.व्ही.ए. क्षमता के अतिरिक्त वितरण ट्रांसफार्मर स्थापित किये जाने है, जिनका स्थानवार/क्षमतावार विवरण  पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र '' अनुसार है। इसके अतिरिक्त हरदा जिले में तीन 33/11 के.व्ही उपकेन्द्रों में 5 एम.व्ही.ए क्षमता के अतिरिक्त पावर ट्रांसफार्मर स्थापित किये जाने हैं एवं 5 एम.व्ही.ए. क्षमता के एक नवीन 33/11 के.व्ही. उपकेन्द्र की स्थापना का कार्य किया जाना है, जिनका स्थानवार/क्षमतावार विवरण  पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र 'अनुसार है।

सौभाग्‍य योजना के संबंध में

[ऊर्जा]

23. ( क्र. 4081 ) श्री विष्‍णु खत्री : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बैरसिया विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत सौभाग्‍य योजना के तहत हर घर में बिजली पहुंचाने हेतु ग्रामों का सर्वे का कार्य पूर्ण कर लिया गया है अथवा नहीं? सूची उपलब्‍ध करावें। (ख) प्रश्‍नांश (क) में दर्शित ग्रामों में सौभाग्‍य योजनान्‍तर्गत हितग्राहियों को कब तक विद्युत कनेक्‍शन प्रदान कर दिये जावेंगे?

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) जी हाँ, बैरसिया विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत सौभाग्य योजना के तहत हर घर में बिजली पहुँचाने हेतु समस्त ग्रामों का सर्वे कार्य पूर्ण कर लिया गया हैं, जिनकी सूची  पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) उत्तरांश (क) में वर्णित ग्रामों में सौभाग्य योजनान्तर्गत हितग्राहियों को दिसम्बर, 2018 तक विद्युत कनेक्‍शन जारी किये जाने की समयावधि निर्धारित की गई है।

विद्युत बिलों में गड़बड़ी 

[ऊर्जा]

24. ( क्र. 4189 ) श्री अशोक रोहाणी : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी जबलपुर के तहत जबलपुर शहरी क्षेत्र के विद्युत संभागीय कार्यालयों में विद्युत मीटर में गड़बड़ी अनाप शनाप रीडिंग व विद्युत बिलों में गड़बड़ी से संबंधित प्राप्‍त शिकायतों का निराकरण करने हेतु क्‍या व्‍यवस्‍था की गई है? इस तरह की बढ़ती हुई शिकायतों का मुख्‍य कारण क्‍या है? कितनी शिकायतों का निराकरण किया गया वर्ष 2017-18 की माहवार जानकारी दें। (क) प्रश्‍नांश (क) में विद्युत व्‍यवस्‍था में सुधार लाने हेतु आर.ए.पी.डी.आर.पी. योजना के अंतर्गत कितनी-कितनी राशि का कौन-कौन सा कार्य कराना था तथा किस-किस कार्य का ठेका किस कम्‍पनी को कितनी राशि में कब कितनी अवधि के लिये दिया गया? (ग) प्रश्‍नांश (ख) में प्रस्‍तावित कितनी-कितनी राशि का कौन-कौन सा कार्य किस-किस ठेका कम्‍पनी ने कराया है एवं कितनी राशि का कौन सा कार्य समयावधि में क्‍यों पूर्ण नहीं कराया है एवं इन कम्‍पनियों को अभी तक कुल कितनी राशि का भुगतान किया गया है? (घ) प्रश्‍नांश (ख) में कितने ट्रान्‍सफार्मर लगाये गये, कितने ट्रान्‍सफार्मर बदले गये कितने ट्रान्‍सफार्मर में क्षमता वृद्धि की गई? कितना कार्य शेष है? कितने मीटरों को बदलना था और कितने मीटर बदले गये है वर्ष 2016-17-18 की जानकारी दें।

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) मध्यप्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड के अन्तर्गत जबलपुर नगर वृत्‍त जो कि पूर्णत: शहरी क्षेत्र है, में 5 संभागीय कार्यालय आते हैं। विद्युत बिलों में गड़बड़ी से संबंधित प्राप्त शिकायतों के निराकरण हेतु सभी संभागों में वितरण केन्द्र/जोन स्तर पर नियमित काउन्टर विद्यमान है तथा इसके अतिरिक्त विद्युत संबंधी समस्याओं के निवारण हेतु शिविर लगाकर शिकायतों का निराकरण किया जा रहा है। वितरण कम्पनी स्तर पर स्थापित कॉल सेंटर दूरभाष क्रमांक 1912 एवं वितरण कम्पनी द्वारा जारी स्मार्ट बिजली एप्प (मोबाईल एप्प) के माध्यम से भी उपभोक्ता शिकायत दर्ज करा सकते हैं। सभी शिकायतों की जाँच कर यथोचित निराकरण किया जाता है। पूर्व में ठेके पर अनुबंधित मीटर वाचकों के हड़ताल पर जाने के पूर्व उनके द्वारा कुछ उपभोक्ताओं की त्रुटिपूर्ण रीडिंग दर्ज की गई थी। उसके उपरान्त माह जुलाई-17 से बाह्य एजेन्सी मेसर्स फीडबैक इन्फ्रा प्रा.लि. गुड़गांव द्वारा फोटो रीडिंग एवं स्पॉट बिलिंग का कार्य प्रारम्भं किया गया। ऐसे उपभोक्ताओं की विद्युत की संचयी खपत को, उपभोग की अवधि के अनुरूप बांटते हुये स्लेब बिलिंग का लाभ दिया गया एवं किश्तों में भुगतान की सुविधा भी प्रदान की गई। तत्पश्‍चात शिकायतों की संख्या में निरंतर कमी आई है वर्ष 2017-18 में जबलपुर नगर वृत्त के पाँचों संभागों में अलग-अलग स्थानों पर कुल 152 समस्या निवारण शिविर लगाये गये। उक्त अवधि में शिविरों एवं अन्य काउन्टरों पर कुल 10771 शिकायतें प्राप्त हुईं तथा सभी शिकायतों का निराकरण किया गया वर्ष 2017-18 में प्राप्त एवं निराकृत शिकायतों का जबलपुर नगर वृत्त के संभागवार एवं माहवार विवरण  पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) विद्युत व्यवस्था में सुधार लाने हेतु आर.ए.पी.डी.आर.पी. योजना के अंतर्गत जबलपुर के शहरी क्षेत्र में ठेकेदार कंपनी को दिये गये कार्य, ठेकेदार का नाम, ठेके की राशि एवं ठेके की अवधि का विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ग) प्रश्‍नांश (ख) के उत्तर में उल्लेखित ठेकेदारों द्वारा किये कार्य का विवरण, भुगतान, ठेके की समयावधि एवं समयावधि में पूर्ण नहीं होने के कारण का विवरण  पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र '''' अनुसार है। (घ) प्रश्‍नांश (ख) के संदर्भ में आर.ए.पी.डी.आर.पी. योजना में जबलपुर के शहरी क्षेत्र में वर्ष 2016-17 एवं 2017-18 में ठेकेदार कंपनी मेसर्स स्टेप इंडस्ट्रीज प्रा.लि., नई दिल्ली द्वारा ट्रांसफार्मर लगाने/बदलने तथा मीटर बदलने संबंधी किये गये कार्यों का विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र '''' अनुसार है।

सौभाग्‍य योजना अन्‍तर्गत विदयुतविहीन परिवारों को विदयुत कनेक्‍शन दिया जाना 

[ऊर्जा]

25. ( क्र. 4203 ) डॉ. गोविन्द सिंह : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                (क) सौभाग्‍य योजना के तहत लहार विधान सभा क्षेत्र के किन-किन ग्रामों व कस्‍बों में दिनांक               16 जनवरी 2018 से प्रश्‍न दिनांक तक किन-किन विद्युत कनेक्‍शन विहीन परिवारों को विद्युत कनेक्‍शन दिये गये? प्रत्‍येक परिवार के मुखिया का नाम, ग्राम व कस्‍बा सहित विवरण दें?                           (ख) सौभाग्‍य योजना के प्रचार-प्रसार हेतु किन ग्रामों व कस्‍बों में विद्युत कनेक्‍शन विहीन परिवारों को कनेक्‍शन प्रदाय हेतु किस-किस दिनांक को कहाँ-कहाँ कैंप लगाये गये तथा कितने-कितने परिवारों को कनेक्‍शन दिये गये? प्रत्‍येक कैंप में स्‍वीकृत किये गये कनेक्‍शनों की संख्‍या बताएं?                                                   (ग) उपरोक्‍तानुसार ऐसे ग्रामों व कस्‍बों में पूर्व से स्‍थापित फुंके ट्रांसफार्मर बकाया राशि होने पर उसी ग्राम व कस्‍बें की नवीन वि़द्युतविहीन परिवारों को सौभाग्‍य योजना में कनेक्‍शन नहीं देने का कारण बताऐं एवं पूर्व के बकायादारों के कारण नवीन विद्युत विहीन परिवारों को कनेक्‍शन देने का नियम प्रस्‍तुत करें?

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) सौभाग्‍य योजना के अन्‍तर्गत लहार विधानसभा क्षेत्र में प्रश्‍नाधीन अवधि में प्रदान किये गये कनेक्‍शनों की प्रश्‍नाधीन चाही गई जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'अनुसार है। (ख) सौभाग्‍य योजना के प्रचार-प्रसार हेतु प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में लगाए गए केम्‍पों की दिनांकवार, कार्यक्रम स्‍थलवार एवं केम्‍प में स्‍वीकृत किये गये एवं दिये गये कनेक्‍शनों की संख्‍या सहित जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-''अनुसार है।                  (ग) ग्रामों/कस्‍बों में पूर्व से स्‍थापित जले/खराब ट्रांसफार्मर से संबद्ध उपभोक्‍ताओं पर बकाया राशि होने के कारण उस ग्राम/कस्‍बे में विद्युतविहीन घरों को सौभाग्‍य योजना में कनेक्‍शन नहीं देने का कोई प्रकरण संज्ञान में नहीं आया है। सौभाग्‍य योजना के अंतर्गत ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों के बकायादार विद्युत उपभोक्‍ताओं को छोड़कर ग्रामीण क्षेत्र में सभी विद्युतविहीन आबादी क्षेत्र के घरों को विद्युत कनेक्‍शन देने एवं शहरी क्षेत्र के आर्थिक-सामाजिक एवं जातिगत जनगणना, 2011 अनुसार चिन्हित आर्थिक रूप से कमजोर हितग्राहियों को ही योजना में कनेक्‍शन दिये जाने का प्रावधान है। सौभाग्‍य योजना में अन्‍य बकायादारों के कारण किसी हितग्राही को कनेक्‍शन देने से मना करने का कोई प्रावधान नहीं है।

अनुसूचित जाति वर्ग के उच्‍च शिक्षा स्‍तर पर अध्‍ययनरत छात्र-छात्राओं के कल्‍याणकारी योजना [अनुसूचित जाति कल्याण]

26. ( क्र. 4349 ) श्री जितेन्‍द्र गेहलोत : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                   (क) अनुसूचित जाति वर्ग के उच्‍च शिक्षा स्‍तर में अध्‍ययनरत छात्र-छात्राओं को आवास भत्‍ता एवं अन्‍य सुविधायें प्राप्‍त करने हेतु शासन ने क्‍या नियम व प्रावधान प्रावधानित किये हैं? (ख) रतलाम एवं उज्‍जैन जिले के प्रश्‍नांश (क) आधारित कितने-कितने छात्र, छात्राओं ने वर्ष २०१४ से अब तक आवास भत्‍ता व अन्‍य सुविधाएं प्राप्‍ति हेतु आवेदन किये हैं? कितने स्‍वीकृत हुए? कितने निरस्‍त हैं? सकारण वर्षवार, तहसीलवार ब्‍यौरा दें. (ग) क्‍या अनुसूचित जाति वर्ग के उच्‍च शिक्षा ग्रहण कर रहे छात्र-छात्राओं ने वर्ष २०१३ से अब तक विदेशों में अध्‍ययन हेतु आवेदन किये हैं? यदि हाँ, तो कब एवं कितने? शासन ने उन पर क्‍या स्‍वीकृतियां व सहायता प्रदान की? अथवा कितने आवेदन विदेशों में अध्‍ययन हेतु कब से किस कारण से लंबित हैं?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) अनुसूचित जाति वर्ग के उच्‍च शिक्षा स्‍तर में अध्‍ययनरत छात्र-छात्राओं को आवास भत्‍ता एवं अन्‍य सुविधाएं प्रदान करने हेतु नियम निर्देश की  जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) रतलाम जिले की  जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है  तथा उज्‍जैन जिले की  जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ग) जी हाँ। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। विदेश में उच्‍च शिक्षा हेतु छात्रवृत्ति योजनान्‍तर्गत वर्ष 2017-18 तक के समस्‍त आवेदनों का निराकरण कर दिया गया है। कोई आवेदन लंबित नहीं है।

अनुसूचित जाति बा‍हुल्‍य ग्राम पंचायतों संबंधी

[अनुसूचित जाति कल्याण]

27. ( क्र. 4350 ) श्री जितेन्‍द्र गेहलोत : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                        (क) रतलाम एवं उज्‍जैन जिले में कितनी एवं कौन-कौन सी ग्राम पंचायतें अनुसूचित जाति बाहुल्‍य हैं? तहसीलवार ब्‍यौरा दें. (ख) प्रश्‍नांश (क) ग्राम पंचायतों को क्‍या-क्‍या विशेष सुविधायें, आवंटन, केन्‍द्र व राज्‍य शासन की किन-किन योजनाओं के अंतर्गत सहायता अथवा विकास मद में कितनी-कितनी राशि वर्ष २०१३ से अब तक प्रदान की गई? जिलेवार तहसीलवार ब्‍यौरा दें. (ग) क्‍या प्रश्‍नांश जिलों की जिला पंचायतों को अनुसूचित बाहूल्‍य पंचायतों हेतु आवंटित राशियों का पूर्ण उपयोग प्रश्‍नांश (ख) अवधि में किया गया? उपरोक्‍त राशि आवंटन अथवा व्‍यय में कहाँ-कहाँ अनियमितता पाई गई?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ग) जी हाँ। राशि आवंटन अथवा व्‍यय के संबंध में अनियमितता संबंधित विभाग को कोई शिकायत प्राप्‍त नहीं हुई है।


ओ.आर.जी.आई. की कामेन्ट को निष्प्रभावी करना

[जनजातीय कार्य]

28. ( क्र. 4362 ) श्री मोती कश्यप : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या विभागीय आदेश दिनांक 30-5-2017 द्वारा किन्हीं जातियों को किन्हीं जनजातियों में सम्मिलित करने हेतु किन्हीं की अध्यक्षता व सदस्यता में किसी विशेषज्ञ समिति का गठन किया गया है?  (ख) क्या प्रश्नकर्त्ता ने अपने पत्र दिनांक 15-12-2017 द्वारा प्रश्नांश  (क) को किन्हीं विषय व दिनांक के भारत सरकार, पूर्ववर्ती विन्ध्‍य प्रदेश व सेन्ट्रल प्रोविन्सेस एण्ड बरार शासनों के पत्राचारों और मध्यप्रान्त व बरार तथा मध्यप्रदेश शासन की अधिसूचनाओं को संलग्न कर प्रस्तुत किया है? (ग) क्या प्रश्नांश (क) समिति का उद्देश्य धीमर, कहार, भोई, केवट, मल्लाह आदि का मांझी जनजाति के समान होने के विषय पर आ.जा.अ. संस्था की असहमतियों पर आधारित भारत के महार‍जिस्‍ट्रार की टिप्पणियों पर स्पष्टीकरण व अभिमत बनाये जाने पर चर्चा करना है? (घ) क्या प्रश्नांश (ख) के किसी के निर्देश पर किन्हीं सरकारों ने किन्हीं दिनांक को अपने राज्यपाल की सहमति से मांझी (मल्लाह, केवट, भोई, धीमर), गोंड (भोई), कोली (धीमर, धीवर, केवट, पालेवार, भनारा) व मंझवार (मांझी, मझिया) को परस्पर समाहित मछुआ व नाविक पेशा की जनजातियों के रूप में संविधान अनुसूची में सम्मिलित करने की अनुशंसा किये जाने पर प्रश्नांश (ग) की असहमतियों व टिप्पणियों को औचित्यहीन होना निरूपित किया जावेगा?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) एवं (ख) जी हाँ। (ग) एवं (घ) जानकारी संकलित की जा रही है।

धीमर, कहार आदि का मांझी जनजाति के समान प्रमाणित होना

[जनजातीय कार्य]

29. ( क्र. 4363 ) श्री मोती कश्यप : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या‍ प्रश्नकर्त्ता ने अपने पत्र दिनांक 18-12-2017 के साथ भारत सरकार, तत्कालीन विन्ध्‍यप्रदेश, सेन्ट्रल प्रोविन्सेस एण्ड बरार शासन के किन्हीं पत्रों एवं मध्यप्रान्त एण्‍ड बरार तथा मध्य‍प्रदेश शासन की किन्हीं अधिसूचनाओं की प्रतियां मा. मुख्यमंत्रीजी को प्रस्तुत की हैं? (ख) क्या धीमर, केवट आदि मछुआ व नाविक जातियों के मांझी जनजाति के समान प्रकरण पर शासन प्रतिवेदन दिनांक                     15-03-2003 व दिनांक 04-08-2008 में आ.जा.अ. संस्था की असहमति पर आधारित भारत के महारजिस्ट्रार ने अपनी टीप में दोनों समूहों में समानता नहीं होना आरोपित किया है? (ग) क्या वर्तमान मध्यप्रदेश राज्य की प्रश्नांश (क) की पूर्ववर्ती सरकारों ने वर्ष 1950 में मांझी (मल्लाह, केवट, भोई, धीमर), गोंड (भोई), कोली (धीमर, धीवर, केवट, पालेवार, भनारा), मंझवार (मंझवार, मांझी, मझिया) को परस्पर समाहित, पर्यायवाची, समान पेशा व धर्म की जनजातियां मानकर राज्यपालों की सहमति से संविधान अनुसूचित जनजाति की अनुसूची में सम्मिलित किये जाने हेतु अनुशंसा की है?                       (घ) क्या प्रश्नांश (क), (ख), (ग) के तथ्यों से स्पष्ट है कि धीमर, कहार, भोई, केवट, मल्लाह आदि ही मांझी व मझवार जनजाति में समाहित है और आ.जा.अ. संस्था व भारत के महारजिस्ट्रार की आपत्तियां औचित्यहीन बन गई है?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

सीधी भर्ती वाले लिपिकों को पूर्ण सेवा अवधि में तीन समयमान वेतनमान के संबंध में

[वित्त]

30. ( क्र. 4536 ) श्रीमती ममता मीना : क्या वित्त मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                (क) क्या शासन द्वारा सीधी भर्ती वाले लिपिकों को पूर्ण सेवा अवधि में तीन समयमान, वेतनमान, वेतन ग्रेड-2400, 2800, 3200 दिये जायेंगे? यदि हाँ, तो सीधी भर्ती से पदोन्नत लेखापालों को बीस वर्ष की सेवा पूर्ण करने पर भी द्वितीय समयमान वेतनमान क्यों नहीं दिया जा रहा है?                              (ख) कलेक्ट्रेट कार्यालय, जिला-गुना में सीधी भर्ती से पदस्थ लिपिक, जो लेखा परीक्षा उत्तीर्ण करने से शासन निर्देशानुसार सीधे लेखापाल के पद पर पदोन्नति होने से बीस वर्ष की सेवा पूर्ण होने पर संयुक्त संचालक, कोष एवं लेखा ग्वालियर द्वारा द्वितीय समयमान का अनुमोदन करने के उपरांत भी तीस वर्ष की सेवा पूर्ण होने पर कलेक्टर गुना द्वारा स्वीकृत तृतीय समयमान तथा सातवें वेतनमान का अनुमोदन संयुक्त संचालक, कोष एवं लेखा ग्वालियर द्वारा नहीं किया जा रहा है, जबकि अन्य लेखापालों का अनुमोदन किया जा चुका है, कारण स्पष्ट करें? (ग) गुना जिले में ऐसे कितने लेखापाल हैं, जिनके द्वितीय, तृतीय समयमान का अनुमोदन संयुक्त संचालक, कोष एवं लेखा ग्वालियर द्वारा किया जाकर लाभ प्रदान किया गया है तथा अनुमोदन उपरांत पी.पी.ओ. जारी कर पेंशन प्रदाय की जा रही है, कर्मचारीवार जानकारी उपलब्ध करावें?

वित्त मंत्री ( श्री जयंत मलैया ) : (क) जी हाँ। सीधी भरती के पद पर नियुक्ति के पश्‍चात दो पदोन्‍नतियां प्राप्‍त होने के परिणामस्‍वरूप लेखापालों को द्वितीय समयमान की पात्रता नहीं रही है। (ख) उत्‍तरांश "क" अनुसार। जिला गुना में पदस्‍थ लेखापाल को तृतीय समयमान वेतनमान एवं सातवें वेतनमान में वेतन निर्धारण में पात्रता से अधिक भुगतान की स्थिति होने के कारण वेतन निर्धारण नहीं किया गया है। (ग) जिला गुना में पदस्‍थ लेखापाल की जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट  पर  है।

परिशिष्ट - ''पाँच''

वित्‍तीय अनियमितताओं के लिये जिम्‍मेदार स्‍थानांतरित अधिकारी को संरक्षण देना

[महिला एवं बाल विकास]

31. ( क्र. 4559 ) श्री घनश्‍याम पिरोनियाँ : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या जिला कार्यक्रम अधिकारी एकीकृत बाल विकास सेवा जिला दतिया द्वारा दिनांक 13/12/17 को श्री अरविंद कुमार उपाध्‍याय सी.डी.पी.ओ. दतिया ग्रामीण एक के विरूद्ध अनुशासनात्‍मक कार्यवाही हेतु विभाग को प्रस्‍ताव भेजा था? यदि हाँ, तो अभी तक क्‍या कार्यवाही की गई? प्रस्‍ताव एवं कृत कार्यवाही की प्रतियां उपलब्‍ध करायें? क्‍या अरविंद उपाध्‍याय ने रूपये 42000/- का आर्थिक गबन सेवढ़ा के अतिरिक्‍त प्रभार में किया, यदि हाँ, तो अभी तक इस संबंध में क्‍या कार्यवाही की गई? (ख) अरविंद कुमार उपाध्‍याय ने दिनांक 01 सितंबर 2017 से प्रश्‍न दिनांक तक बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के तहत किस-किस कार्यक्रम पर कितनी-कितनी राशि व्‍यय की और कितनी राशि आहरण करने का प्रयास किया? विस्‍तृत जानकारी बिल व्‍हाउचरों को विवरण सहित उपलब्‍ध करायें?        (ग) जिला कार्यक्रम अधिकारी दतिया द्वारा बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ मद में प्रतिवेदित किये आर्थिक घोटाले की जाँच हेतु अब तक क्‍या कार्यवाही की गई? यदि जाँच हेतु कोई जाँच दल विभाग के द्वारा गठित किया गया है तो अभी तक क्‍या जाँच हुई? जाँच कार्यवाही की प्रतियां उपलब्‍ध कराई जाएं यदि नहीं, तो क्‍यों? (घ) क्‍या अनियमितता को लेकर अरविंद उपाध्‍याय का स्‍थानांतरण दतिया से राहतगढ़ जिला सागर होने पर दिनांक 07/01/18 को कार्यमुक्‍त कर दिया गया था, यदि हाँ, फिर जिला महिला सशक्तिकरण अधिकारी के अति. प्रभार से भारमुक्‍त क्‍यों नहीं किया गया?

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( श्रीमती अर्चना चिटनिस ) : (क) जी हाँ। प्रस्ताव तथा की गई कार्यवाही की जानकारी  पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'एवं '''' अनुसार है। श्री अरविन्द कुमार उपाध्याय के परियोजना, सेवढ़ा के अंतिरिक्त प्रभार की अवधि में आडिट दल द्वारा रूपये 42000/- की अनियमितता की कंडिका महालेखाकार, ग्वालियर द्वारा अधिरोपित की गई है, जिसकी जानकारी महालेखाकार ग्वालियर को प्रेषित कर दी गई है। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ग) संचालनालय, महिला सशक्तिकरण के आदेश क्र. स.म.स/स्था/2017/6398, दिनांक 27.12.2017 द्वारा जाँच दल गठित किया गया। जाँच दल का प्रतिवेदन  पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (घ) जी हाँ। श्री अरविन्द कुमार उपाध्याय द्वारा स्थानांतरण आदेश के विरूद्ध मान. उच्च न्यायालय खण्डपीठ ग्वालियर में दायर याचिका क्र.793/2018 में मान. न्यायालय द्वारा दि. 17.01.2018 को पारित आदेश में दिये गये स्थगन के पालन में श्री उपाध्याय यथावत कार्यरत हैं।

एस.डी.एम. छतरपुर द्वारा नियम विरूद्ध आदेश पारित करना

[सामान्य प्रशासन]

32. ( क्र. 4630 ) श्री मानवेन्द्र सिंह : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रश्‍नकर्ता सदस्‍य के पत्र क्रमश: क्रमांक 1337,1338 दिनांक 05/12/2017 में मुख्‍य सचिव म.प्र./मुख्‍यमंत्री म.प्र. को जिला छतरपुर के राजपत्रित अधिकारियों द्वारा शासकीय आदेशों को ताक में रखकर नियम विरूद्ध आदेश पारित किये जाने के संदर्भ में पत्र प्राप्‍त हुए? पत्रों की प्रतियां देवें। (ख) क्‍या मुख्‍यमंत्री कार्यालय की जावक क्रमांक 2288 दिनांक 11/12/2017 में अपर सचिव/प्रमुख सचिव/सचिव राजस्‍व विभाग को आगामी कार्यवाही हेतु आदेशित किया है? यदि हाँ, तो आदेश की प्रतियां देवें। (ग) प्रश्‍नांश (ख) के संबंध में नियम विरूद्ध आदेश पारित करने पर क्‍या संबंधित अधिकारियों को निलंबन की कार्यवाही कर जाँच प्रमाणित होने पर सेवा समाप्ति की कार्यवाही कर जाँच प्रमाणित होने पर सेवा समाप्ति की कार्यवाही की जावेगी?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जी हाँ। पत्रों की छायाप्रतियां संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' पर है। (ख) जी हाँ। प्रश्‍नांश (ख) में उल्‍लेखित पत्र प्रमुख सचिव, राजस्‍व को प्रेषित किया गया है। पत्र की छायाप्रति संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' पर है। (ग) राजस्‍व विभाग द्वारा कलेक्‍टर, छतरपुर से जाँच प्रतिवेदन चाहा गया है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''छ:''

डिजाईन ड्राईंग का एप्रुवल

[नर्मदा घाटी विकास]

33. ( क्र. 4645 ) श्री विजय सिंह सोलंकी : क्या राज्‍यमंत्री, नर्मदा घाटी विकास महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) खरगोन उद्वहन नहर परियोजना के ठेकेदार द्वारा अपने कार्यों अवर नदी, वेदा नदी जी.एम.2 पाईप लाईन एवं अवर नदी, बेदा नदी, ग्राम भाडली के पास कुन्दा नदी जी.एम.2 पाईप क्रासिंग की डिजाईन ड्राईंग का अनुमोदन मुख्य अभियंता से कब-कब प्राप्त किया? यदि अनुमोदन नहीं लिया गया है तो कार्यवार कारण बताये। क्या बिना अनुमोदन किये गये कार्य अवैध निर्माण कार्य की श्रेणी में आता है? बिना अनुमोदन वाले इन कार्यों को करने से ठेकेदार को कितनी राशि की बचत हुई? इन कार्यों का भुगतान कब-कब किस आधार पर कितनी मात्रा में करा गया है? (ख) उक्त कार्य के विभागीय कार्यपालन यंत्री एवं अधीक्षण यंत्री द्वारा ठेकेदार को नदी क्रांसिंग या नदी पर ब्रिज बनाने संबंधी भेजे गये पत्रों की जवाब सहित प्रतियां देवें। क्या प्रश्न दिनांक तक इस परियोजना अंतर्गत अवर नदी, बेदा नदी एवं कुंदा नदी क्रासिंग कार्य अप्रारंभ/निर्माणाधीन/पूर्ण हो गये हैं? यदि यह कार्य पूर्ण नहीं हुए हैं तो बी.आर. 1,2,3 तालाबों में टेस्टिंग के दौरान पानी कैसे प्रदाय किया जा रहा है? (ग) क्या खरगोन उद्वहन नहर परियोजना की अनुबंध शर्तों एवं बी.सी.एल.प्लान आर.3 के अनुसार ठेकेदार/निविदाकर्ता को संशोधित/अतिरिक्त कार्य संबंधी प्रत्येक कम्पोनेंट का पृथक से डिजाईन ड्राईंग का अनुमोदन मुख्य अभियंता, इंदिरा सागर प्रोजेक्ट (नहरें), जिला खरगोन से लेने उपरांत ही निर्माण कार्य कराना आवश्यक है।

राज्‍यमंत्री, नर्मदा घाटी विकास ( श्री लालसिंह आर्य ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। ग्राम भाडली के पास कुन्‍दा नदी पाईप क्रासिंग में शर्त थी कि पाईप लाईन की अन्‍डर ग्राउण्‍ड क्रासिंग के साथ सिंगल लेन ब्रिज भी ठेकेदार बनाये अन्‍यथा उक्‍त क्रासिंग के कार्य का भुगतान नहीं किया जायेगा। ठेकेदार द्वारा पृथक से अवर नदी एवं बेदा नदी क्रासिंग पर अन्‍डर ग्राउण्‍ड पाईप लाईन के साथ सिंगल लेन ब्रिज का प्रस्‍ताव न देने के कारण अनुमोदन नहीं दिया गया एवं सिंगल लेन ब्रिज नहीं बनाने के कारण कोई भुगतान नहीं किया गया। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। इस परियोजना के जी.एम.-2 के अंतर्गत अवर नदी, बेदा नदी एवं कुन्‍दा नदी अन्‍डर ग्राउण्‍ड क्रासिंग का कार्य पूर्ण होकर बी.आर.-1, बी.आर.-3 तालाबों से तथा बी.आर.-2 के स्‍थान पर सम्‍पवेल के माध्‍यम से टेस्टिंग कर पानी प्रदाय किया जा रहा है। (ग) जी हाँ।

बिजली खरीदनें तथा दूसरे राज्‍यों को बिजली बेचना

[ऊर्जा]

34. ( क्र. 4691 ) सुश्री हिना लिखीराम कावरे : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि     (क) एम.पी.पावर मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड द्वारा वर्ष 2013-14 से 2017-18 तक (दिसम्‍बर, 2017 तक) ताप विद्युत पावर प्‍लांट से कंपनीवार कितनी बिजली खरीदी गई क्या कंपनियों के नाम वर्षवार यूनिट तथा भुगतान की गई राशि की जानकारी दें? (ख) प्रदेश के सभी श्रेणियों के उपभोक्‍ताओं जैसे डोमेस्टिक, कमर्शियल, इन्‍डस्‍ट्रीयल आदि सभी से वर्तमान में प्रति यूनिट ली जा रही राशि की जान‍कारी दें? म.प्र. शासन सौर ऊर्जा तथा अन्‍य प्रकार के पावर प्‍लांट से प्रति यूनिट कितने रेट पर बिजली दूसरे प्रदेशों को बेच रही है, औसतन दर बताएं। (ग) प्रदेश में बिजली की जरूरत तय करने का कार्य किस कन्‍सलटेंसी को तथा कितने रूपये में दिया गया था? क्‍या गलत तरीके से आवश्‍यकता से बहुत अधिक आंकलन कर लेने के कारण बिजली कम्‍पनियों को पावर प्‍लांटस से पी.पी.ए. के तहत पुरानी दरों (जो की बहुत अधिक है) पर बिना बिजली खरीदे पेमेंट करना पड़ रहा है? (घ) राज्‍य शासन ने प्रदेश में बिजली की जरूरत के गलत आंकलन करने वालों पर क्‍या कार्यवाही की, क्‍योंकि उनकी गलती के कारण घाटे की भरपाई प्रदेश की जनता को करना पड़ रहा है?

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) एम.पी. पॉवर मैनेजमेंट कंपनी द्वारा प्रश्‍नाधीन अवधि में ताप विद्युत गृहों से कंपनीवार क्रय की गई बिजली एवं भुगतान की गई राशि का कंपनीवार वर्षवार विवरण  संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-'' अनुसार है। (ख) प्रदेश के सभी श्रेणी के उपभोक्‍ताओं द्वारा वर्तमान में देय प्रति यूनिट राशि की जानकारी  संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र ब-1 अनुसार है। दूसरे प्रदेशों को बिक्रित बिजली की औसत दर की जानकारी  संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र ब-2 अनुसार है। एक्‍सचेंज के माध्‍यम से बिजली किसे बेची गयी यह जानकारी नहीं रहती है। विक्रय की गई विद्युत में सोलर, विंड, थर्मल इत्‍यादि का कितना अंश है, यह बताया जाना संभव नहीं है।                 (ग) प्रदेश में बिजली की जरूरत तय करने का कार्य मेसर्स प्राइस वाटर हाउस कूपर्स को रूपये 9.00 लाख में दिया गया था। बिजली की आवश्‍यकता का आंकलन राज्‍य को 24X7 बिजली प्रदाय किये जाने हेतु किया जाता है। सतत आपूर्ति हेतु पर्याप्‍त विद्युत उपलब्‍धता सुनिश्चित की जाती है। प्रदेश में 24X7 विद्युत प्रदाय एवं शीर्ष मांग की पूर्ति हेतु पर्याप्‍त बिजली उपलब्‍धता के लिये ही विद्युत प्रदायकर्ताओं से अनुबंध किये गए हैं, जिनके अनुसार विद्युत यूनिट नहीं आहरित करने पर भी अनुबंधित क्षमता के अनुरूप नियत प्रभार देय होता है। (घ) उत्‍तरांश '' के परिप्रेक्ष्‍य में कार्यवाही करने का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''सात''

कैंसर जैसी बीमारी के ईलाज में प्रशासनिक असम्‍वेदनशीलता 

[सामान्य प्रशासन]

35. ( क्र. 4877 ) श्री घनश्‍याम पिरोनियाँ : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                        (क) क्‍या मा. मुख्‍यमंत्री द्वारा स्‍वेच्‍छानुदान मद से श्री बलराम शर्मा ग्राम उडी तहसील भाण्‍डेर को कैंसर के ईलाज हेतु रूपये एक लाख आदेश क्र. 3132 दिनांक 12/1/18 द्वारा स्‍वीकृत किये गये थे, क्‍या आदेश में राशि एम्‍स नई दिल्‍ली को भुगतान हेतु उल्‍लेख था, किंतु एम्‍स का बैंक एकाउन्‍ट दर्ज नहीं था? (ख) क्‍या आवेदक के संबंधियों द्वारा कई बार कलेक्‍टर कार्यालय दतिया के चक्‍कर लगाने पर भी स्‍वीकृत राशि एम्‍स को नहीं भेजी गई तथा प्रश्‍नकर्ता द्वारा जानकारी लेने पर बताया गया कि कलेक्‍टर कार्यालय में एम्‍स का बैंक खाता उपलब्‍ध नहीं है। पीड़ि‍त द्वारा नई दिल्‍ली एम्‍स जाकर कलेक्‍टर दतिया को लिखित पत्र में बैंक नंबर का उल्‍लेख कराकर वहां से भिजवाने पर भी एम्‍स से ईमेल पर भिजवाने को कहा गया एवं ईमेल पर भिजवाने और ओरीजनल पत्र दिनांक 22/1/18 की प्रति भी उपलब्‍ध कराने तथा दिनांक 2/2/18 को उप सचिव सामान्‍य प्रशासन विभाग दतिया को एम्‍स का बैंक एकाउन्‍ट लिखकर आदेश भेजने हेतु पत्र लिख दिये जाने के बाद भी प्रश्‍न दिनांक तक राशि नहीं भेजी गई? (ग) इस असंवेदनशीलता के लिये कौन जिम्‍मेदार है?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जी हाँ। जी हाँ। (ख) स्‍वीकृत की गई राशि के संबंध में दिनांक 23.01.2018 को एम्‍स को एवं दिनांक 02.02.2018 द्वारा सामान्‍य प्रशासन विभाग को कलेक्‍टर द्वारा पत्र लिखा गया था। कलेक्‍टर से प्राप्‍त पत्र पर आगामी कार्यवाही हेतु विभाग द्वारा नस्‍ती यूओ क्रमांक 42/2018/एक (1) दिनांक 13.02.2018 को मुख्‍यमत्री कार्यालय को भेजी गई। इस संबंध में यह भी लेख है कि एम्‍स से कोई जानकारी/मेल प्राप्‍त नहीं हुआ। कलेक्‍टर से प्राप्‍त जानकारी में लेख किया गया है कि आवेदक द्वारा दिनांक 27.02.2018 को एम्‍स एकाउंट आफीसर के हस्‍ताक्षर युक्‍त एक पत्र जिसमें कोई जावक इत्‍यादि नहीं है, उपलब्‍ध कराया गया है। खाते के संबंध में एम्‍स की वेब-साइट इंटरनेट पर सर्च किया परंतु कोई जानकारी प्राप्‍त नहीं हुई। इन सभी तथ्‍यों को ध्‍यान में रखते हुए आवेदक के कथन लेकर परिस्थिति जन्‍य संवेदनशीलता को दृष्टिगत रखते हुए मरीज के पुत्र के द्वारा उपलब्‍ध कराये गये बिना जावक क्रमांक इत्‍यादि के सहायक एकाउंट आफीसर एम्‍स द्वारा मुद्रांकित पत्र के आधार पर दिनांक 27.02.2018 को ही राशि का भुगतान किया जा चुका है। (ग) प्रश्‍नांश '''' के उत्‍तर के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

राजस्व ग्राम सदुआपुरा को ऊर्जाकृत करना

[ऊर्जा]

36. ( क्र. 4920 ) श्री सूबेदार सिंह रजौधा : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि  (क) क्‍या राजस्व ग्राम सदुआपुरा विकास खण्ड पहाढ़गढ़ प्रश्न दिनांक तक विद्युतविहीन ग्राम है? अभी तक इस ग्राम को राजस्व ग्राम होने के बावजूद भी ऊर्जाकृत नहीं किया गया है? यदि हाँ, तो क्यों? यदि नहीं, तो विवरण देवें? (ख) उक्त ग्राम को ऊर्जाकृत करने के लिये विभाग की क्या कार्ययोजना है एवं किस योजना में उक्त ग्राम को शामिल किया गया है एवं कब तक ऊर्जाकृत कर दिया जावेगा? (ग) उक्त ग्राम को बिजली सुविधा से वंचित रह जाने के क्या कारण रहे हैं?

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) जी हाँ। जिला मुरैना के विकासखण्‍ड पहाड़गढ़ का ग्राम सदुआपुरा, पगारा डेम के डूब क्षेत्र में आता है, अत: इसका विस्‍थापन अन्‍यत्र किया जा चुका है। उक्‍त परिप्रेक्ष्‍य में इस ग्राम को विद्युतीकृत नहीं किया गया है। (ख) उत्‍तरांश '''' के परिप्रेक्ष्‍य में ग्राम सदुआपुरा के विद्युतीकरण हेतु कोई कार्यवाही किया जाना अपेक्षित नहीं है। (ग) उत्तरांश (क) में दर्शाए अनुसार पगारा डेम के डूब क्षेत्र में स्थित होने एवं अन्‍यत्र विस्‍थापित हो जाने के कारण ग्राम सदुआपुरा का विद्युतीकरण नहीं किया गया है।

अन्य पिछड़ा वर्ग को 14 प्रतिशत के स्थान पर 27 प्रतिशत आरक्षण लागू कराया जाना

[सामान्य प्रशासन]

37. ( क्र. 4952 ) श्रीमती ऊषा चौधरी : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                  (क) क्या म०प्र० शासन द्वारा अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए 14 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया गया है? (ख) प्रश्नांश (क) यदि हाँ, तो क्या अन्य पिछड़ा वर्ग के आरक्षण हेतु केंद्र सरकार/अन्य राज्य सरकारों ने 27 प्रतिशत आरक्षण दिए जाने की व्यवस्था की है? यदि हाँ, तो म.प्र. शासन द्वारा 14 प्रतिशत के स्थान पर 27 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान क्यों नहीं किया जा रहा है? (ग) क्या म.प्र. में अन्य पिछड़ा वर्ग की आबादी कुल जनसंख्या की 52 प्रतिशत है यदि हाँ, तो इनकी संख्या के अनुपात से आरक्षण क्यों नहीं दिया जा रहा है? क्या राज्य सरकार अन्य राज्यों में दिए जा रहे 27 प्रतिशत आरक्षण के आधार पर म.प्र. के अन्य पिछड़ा वर्ग को आरक्षण देने की व्यवस्था लागू करेगी? (घ) क्या वर्तमान भाजपा सरकार के तत्कालीन मुख्यमंत्री सुश्री उमा भारती एवं माननीय बाबूलाल गौर द्वारा सदन में विधेयक लाकर14 प्रतिशत के स्थान पर 27 प्रतिशत आरक्षण दिए जाने का प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार को भेजा गया था? यदि हाँ, तो कब प्रस्ताव की प्रति उपलब्ध कराई जाय? क्या वर्तमान मुख्यमंत्री जी द्वारा केंद्र सरकार से उपरोक्त भेजे गए प्रस्तावों की सहमति देते हुए 27 प्रतिशत आरक्षण दिए जाने की मांग की गई? यदि हाँ, तो कब, यदि नहीं, तो क्यों कारण बताएं?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जी हाँ। (ख) ऐसी कोई जानकारी उपलब्‍ध नहीं है। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) मान. सर्वोच्‍च न्‍यायालय द्वारा आरक्षण की सीमा 50 प्रतिशत निर्धारित की गई है। प्रदेश में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्‍य पिछड़े वर्ग के लिये कुल आरक्षण 50 प्रतिशत है। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) जी नहीं। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

ओ.वाई.टी./कृषक अनुदान योजना का संचालन

[ऊर्जा]

38. ( क्र. 4956 ) डॉ. कैलाश जाटव : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) म.प्र. पू.क्षे.वि.वि.कं.लि. जबलपुर द्वारा कृषकों के सिंचाई पम्प संचालन बावत् स्वयं का ट्रांसफार्मर योजना (ओ.वाई.टी.) व कृषक अनुदान योजना कब से संचालित की जा रही है वर्ष, दिनांक सहित जानकारी दी जावे वर्तमान में क्या स्थिति है? (ख) स्वयं का ट्रांसफार्मर योजना व कृषक अनुदान योजना में स्थापित विद्युत ट्रांसफार्मरों के जलने, फेल होने पर ट्रांसफार्मर बदलने की नियम प्रक्रिया क्या है? (ग) क्या कृषक अनुदान योजना में कृषक उपभोक्ताओं द्वारा स्थापित कराये गये विद्युत ट्रांसफार्मर के फेल होने पर ट्रांसफार्मर बदलने का काम विद्युत वितरण कंपनी स्वयं करती है, जबकि स्वयं का ट्रांसफार्मर योजना (ओ.वाई.टी.) में स्थापित विद्युत ट्रांसफार्मरों के फेल होने पर कृषक उपभोक्ताओं को स्वयं के व्यय पर ट्रांसफार्मर बदलवाना पड़ता है? (घ) यदि हाँ, तो स्वयं का ट्रांसफार्मर योजना वाले कृषक उपभोक्ताओं के हित को ध्यान में रखकर विद्युत वितरण कंपनी फेल ट्रांसफार्मर बदलने का काम कृषक उपभोक्ताओं से न कराते हुये स्वयं करेगी, इस विसंगति पूर्ण दोष पूर्ण व्यवस्था को कब तक समाप्त करेगी?

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) म.प्र. पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी क्षेत्रांतर्गत कृषकों को स्‍थाई कृषि पम्‍प कनेक्‍शन उपलब्‍ध कराने हेतु स्‍वयं का ट्रांसफार्मर योजना (ओ.वाई.टी) दिनांक 17.01.2006 से तथा कृषक अनुदान योजना दिनांक 01.04.11 से लागू की गई थी वर्तमान में कृषक अनुदान योजना को समाहित कर मुख्‍यमंत्री स्‍थाई कृषि पम्‍प कनेक्‍शन योजना दिनांक 06.09.16 से प्रारंभ की गई है वर्तमान में स्‍वयं का ट्रांसफार्मर योजना (ओ.वाई.टी.) एवं मुख्‍य मंत्री स्‍थाई कृषि पम्‍प कनेक्‍शन योजना के अंतर्गत पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी में कृषकों को स्‍थाई कृषि पम्‍प कनेक्‍शन प्रदान किये जा रहे हैं। (ख) स्‍वयं का ट्रांसफार्मर योजना के अन्‍तर्गत स्‍थापित वितरण ट्रांसफार्मरों के जलने/फेल होने पर वितरण ट्रांसफार्मर बदलने की जिम्‍मेदारी योजना के प्रावधानों के अनुसार उपभोक्‍ता/उपभोक्‍ता समूह की स्‍वयं की होती हैं तथा वर्तमान में लागू मुख्‍यमंत्री स्‍थाई कृषि पंप कनेक्‍शन योजना (कृषक अनुदान योजना नहीं) में जले/फेल वितरण ट्रांसफार्मरों को बदलने की जिम्‍मेदारी वितरण कंपनी की है। स्‍वयं का ट्रांसफार्मर योजनांतर्गत ट्रांसफार्मर फेल होने पर उपभोक्‍ता/उपभोक्‍ता समूह को स्‍वयं ट्रांसफार्मर की व्‍यवस्‍था करनी होती है एवं उक्‍त कार्य उपभोक्‍ता/उपभोक्‍ता समूह द्वारा '' श्रेणी के विद्युत ठेकेदार के माध्‍यम से कराना होता है। मुख्‍य मंत्री स्‍थाई कृषि पंप कनेक्‍शन योजना के अंतर्गत ट्रांसफार्मर फेल होने पर संबंधित अधिकारी द्वारा कंपनी के भण्‍डार से ट्रांसफार्मर प्राप्‍त कर स्‍थापित कराया जाता है। (ग) जी हाँ वर्तमान में लागू मुख्‍य मंत्री स्‍थाई कृषि पम्‍प कनेक्‍शन योजना में फेल ट्रांसफार्मर वितरण कंपनी द्वारा बदले जाने तथा स्‍वयं का ट्रांसफार्मर योजना में फेल ट्रांसफार्मर संबंधित उपभोक्‍ता/उपभोक्‍ता समूह द्वारा स्‍वयं के व्‍यय पर बदलवाने का प्रावधान है। (घ) जी नहीं। मुख्‍यमंत्री स्‍थाई कृषि पम्‍प कनेक्‍शन योजनांतर्गत स्‍थापित वितरण ट्रांसफार्मर से दूसरे उपभोक्‍ताओं को भी कनेक्‍शन दिये जाते है जबकि स्‍वयं का ट्रांसफार्मर योजनांतर्गत स्‍थापित वितरण ट्रांसफार्मर पर उपभोक्‍ता/उपभोक्‍ता समूह का अधिकार होता है, इससे दूसरे उपभोक्‍ताओं को कनेक्‍शन नहीं दिये जाते। प्रश्‍नाधीन योजनाओं में विशिष्‍ट प्रावधानों के अनुरूप नियमानुसार कार्यवाही की जा रही है, अत: किसी प्रकार की विसंगति होने अथवा उक्‍त व्‍यवस्‍था को बदले जाने का प्रश्‍न नहीं उठता।

नर्मदा घाटी विकास संभाग 32 बड़वाहा के अंतर्गत 3 वित्तीय वर्षों के कार्यों की जानकारी

[नर्मदा घाटी विकास]

39. ( क्र. 4979 ) श्री हितेन्द्र सिंह ध्‍यान सिंह सोलंकी : क्या राज्‍यमंत्री, नर्मदा घाटी विकास महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रश्नकर्ता द्वारा कार्यालयीन पत्र क्रमांक 1301 दिनांक 26/12/2017 के अनुसार मुख्य अभियंता निचली परियोजनाएं विजय नगर इंदौर से क्या जानकारी चाही गई है? क्या यह जानकारी प्रदाय कर दी गई है? यदि हाँ, तो द्वितीय प्रति देवें? (ख) राज्य शासन द्वारा जनप्रतिनिधि को वांछित जानकारी समय-सीमा में प्रदान करने के क्या नियम हैं?               (ग) प्रश्नांश (क) में दर्शित कार्यालय द्वारा समय-सीमा में जानकारी न देने के क्या कारण हैं?                (घ) जानकारी समय-सीमा में न दिये जाने पर विभाग द्वारा संबन्धित अधिकारी के विरूद्ध क्या कार्यवाही करेगा? वांछित जानकारी उपलब्ध करावें।

राज्‍यमंत्री, नर्मदा घाटी विकास ( श्री लालसिंह आर्य ) : (क) पत्र की प्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' एवं ''अ-1'' अनुसार है। (ख) सामान्‍य प्रशासन विभाग द्वारा जारी निर्देश पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ग) एवं (घ) जानकारी विस्‍तृत होने के कारण एक माह में उपलब्‍ध कराया जाना संभव न होने के कारण कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्रमांक 32, बड़वाह के पत्र क्रमांक 105 दिनांक 06/01/2018 द्वारा माननीय विधायक महोदय को सूचित किया गया था। जानकारी दिनांक 16/02/2018 को उपलब्‍ध करा दी गई है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

विभाग में पदस्‍थ अधिकारियों/कर्मचारियों के संबंध में

[नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा]

40. ( क्र. 5030 ) चौधरी चन्‍द्रभान सिंह : क्या नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विभाग में तीन वर्ष से अधिक समय से एक ही स्‍थान पर पदस्‍थ है? अधिकारी/कर्मचारियों की सूची प्रदान करें? (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ क्‍या नियमानुसार एक ही स्‍थान पर पदस्‍थ अधिकारियों/कर्मचारियों का स्‍थानांतरण अन्‍यत्र किया जावेगा? यदि हाँ, तो कब तक?

नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री ( श्री नारायण सिंह कुशवाह ) : (क) नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग के अधीन म.प्र. ऊर्जा विकास निगम लि. एवं कार्यालय आयुक्‍त नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा में तीन वर्ष से अधिक समय से एक ही स्‍थान पर पदस्‍थ अधिकारी/कर्मचारियों की सूची पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र- अ एवं ब अनुसार है। (ख) नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग के अधीन म.प्र. ऊर्जा विकास निगम लि. के अमले की अत्‍याधिक कमी के चलते एक ही स्‍थान पर तीन वर्ष से अधिक समय से पदस्‍थ अधिकारियों/कर्मचारियों का स्‍थानांतरण संभव नहीं है, आवश्‍यकतानुसार अथवा प्रशासनिक कारणों से स्‍थानांतरण किया जाता है। विभाग के अधीन कार्यालय आयुक्‍त, नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा के अधिकारियों/कर्मचारियों की पदस्‍थापना प्रतियुक्ति से की गई है, प्रतिनियुक्ति पर पदस्‍थ अधिकारियों/कर्मचारियों का स्‍थानांतरण उनके मूल विभाग द्वारा किया जाता है।

विद्युत लाईन विस्‍तार एवं संधारण कार्य की जानकारी

[ऊर्जा]

41. ( क्र. 5054 ) श्री हेमन्‍त सत्‍यदेव कटारे : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भिण्‍ड जिले के विधान सभा क्षेत्रवार ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में कुल कितनी क्षमता के 33/11 के.व्‍ही. उपकेन्‍द्र स्‍वीकृत हैं? विगत दो वर्षों में वितरण केन्‍द्रवार, कितनी-कितनी यूनिट विद्युत का प्रदाय किया गया है? वितरण केन्‍द्रवार, माहवार जानकारी देवें? (ख) अटेर विधान सभा क्षेत्र के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्र में विगत दो वर्षों में कुल कितनी-कितनी 33 के.व्‍ही. एवं 11 के.व्‍ही. विद्युत लाईनों का संधारण का कार्य किया गया? विगत दो वर्षों में कितने जले/खराब एवं अतिभारित वितरण ट्रांसफार्मर को बदला गया? ग्रामवार जानकारी दी जाये? (ग) अटेर विधान सभा क्षेत्र में अनेकों स्‍थानों पर पुरानी हाईटेन्‍शन लाईन के तार अधिक भार पड़ने एवं संधारण कार्य नहीं होने से जमीन के नजदीक आ जाने से कोई गंभीर जनहानि व अग्नि लगने की दुर्घटनाएं हुई हैं, विभाग द्वारा इन लाईनों का संधारण कार्य कब तक करा दिया जायेगा?

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) भिण्‍ड जिले में 5 विधानसभा क्षेत्रों में से 2 विधान सभा क्षेत्रों में 33/11 के.व्‍ही. के कुल 20 एम.व्‍ही.ए. क्षमता के 4 उपकेन्‍द्रों का कार्य स्‍वीकृत है। इसके अतिरिक्‍त भिण्‍ड जिले के सभी 5 विधानसभा क्षेत्रों में कुल 491 एम.व्‍ही.ए. क्षमता के 66 उपकेन्‍द्र पूर्व से विद्यमान है। उक्‍त स्‍वीकृत/विद्यमान उपकेन्‍द्रों का विधान सभा क्षेत्रवार विवरण निम्‍नानुसार है-

क्रमांक

विधानसभा क्षेत्र का नाम

स्‍वीकृत नये उपकेन्‍द्रों की क्षमता (एम.व्‍ही.ए.)

पूर्व से स्‍थापित उपकेन्‍द्रों की क्षमता (एम.व्‍ही.ए.)

1

भिण्‍ड

0

145.60

2

अटेर

0

93.15

3

मेहगांव

10.00

91.30

4

गोहद

10.00

65.20

5

लहार

0

95.75

 

कुल

20.00

491.00

 भिण्‍ड जिले में विगत दो वर्षों यथा वर्ष 2016-17 एवं वर्ष 2017-18 में जनवरी 18 तक कुल 16945.73 लाख यूनिट विद्युत प्रदाय किया गया है जिसकी वितरण केन्‍द्रवार, माहवार एवं वर्षवार जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-''-1'एवं ''-2 अनुसार है। (ख) अटेर विधान सभा क्षेत्र के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्र में विगत दो वर्षों में कुल 166 कि.मी. 33 के.व्‍ही. एवं 21.6 कि.मी. 11 के.व्‍ही. लाइनों के संधारण का कार्य किया गया। विगत दो वर्ष में प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में कुल 235 जले/खराब वितरण ट्रांसफार्मरों में से 216 जले/खराब वितरण ट्रांसफार्मर बदल दिये गये है तथा शेष 19 ट्रांसफार्मरों पर शत्-प्रतिशत बकायादार उपभोक्‍ता होने के कारण उन्‍हे नहीं बदला जा सका है, जिनकी ग्रामवार जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'अनुसार है। प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में 4 अतिभारित वितरण ट्रांसफार्मरों के स्‍थान पर, क्षमता वृद्धि कर नये ट्रांसफार्मर लगाये गये हैं, जिनका ग्रामवार विवरण निम्‍नानुसार है:-

क्रमांक

ग्राम का नाम

1

मुडि़याखेड़ा

2

खिपोना

3

सुरपुरा

4

नवली वृन्‍दावन

(ग) अटेर विधानसभा क्षेत्र में विगत दो वर्षों में तीन स्‍थानों पर हाईटेंशन लाईन के तार टूटने से विद्युत दुर्घटनायें घटित हुई हैं, जिनमें एक स्‍थान पर जनहानि हुई है तथा आग लगने की कोई भी घटना नहीं हुई है। उल्‍लेखनीय है कि वितरण कंपनी द्वारा विद्यमान विद्युत अधोसंरचना के संधारण का कार्य वर्ष में 2 बार यथा वर्षा पूर्व एवं वर्षा ऋतु के पश्‍चात कराया जाता है। इसके अतिरिक्‍त आवश्‍यकता अनुसार विद्युत अधोसंरचना के संधारण का कार्य एक सतत् प्रक्रिया के अंतर्गत संपादित किया जाता है। उक्‍त संधारण कार्य में आवश्‍यकतानुसार पुराने तार बदलने, ढीले तारों को निर्धारित मानकों के अनुरूप व्‍यवस्थित करने आदि कार्य किये जाते है। उक्‍त प्रक्रिया के अंतर्गत प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में 8 स्‍थानों को चिन्हित कर लाईन संधारण के कार्य हेतु प्राक्‍कलन स्‍वीकृत कर कार्यादेश जारी किये गये है, जिसमें प्रश्‍नाधीन उल्‍लेखित दुर्घटना स्‍थलों की लाईनों को भी संधारण कार्य हेतु सम्मिलित कर लिया गया है। उक्‍त कार्य आगामी तीन माह में कार्य पूर्ण कराया जाना संभावित है।

माननीय मुख्‍यमंत्रीजी द्वारा की गई घोषणाओं की प्रतिपूर्ति 

[सामान्य प्रशासन]

42. ( क्र. 5055 ) श्री हेमन्‍त सत्‍यदेव कटारे : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भिण्‍ड जिले के अंतर्गत विगत तीन वर्षों में माननीय मुख्‍यमंत्रीजी द्वारा कौन-कौन सी घोषणाएं कब-कब की गयी? की गयी घोषणाओं की जानकारी विधान सभा क्षेत्रवार जानकारी उपलब्‍ध करायी जाये? (ख) माननीय मुख्‍यमंत्रीजी द्वारा उल्‍लेखित अवधि में की गई घोषणाओं की पूर्ति के लिये संबंधित विभागों द्वारा आज दिनांक तक क्‍या कार्यवाही की गयी? क्‍या घोषणाओं को क्रियान्वित करने के लिये बजट राशि का प्रावधान किया गया एवं सभी घोषणाओं की पूर्ति कब तक कर दी जावेगी? (ग) अटेर विधान सभा उप निर्वाचन के पूर्व एवं चुनाव के बाद में माननीय मुख्‍यमंत्रीजी द्वारा की गई घोषणाओं एवं उनके क्रियान्‍वयन की जानकारी उपलब्‍ध करायी जाये?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) से (ग) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है।

पेंशनों की जानकारी

[वित्त]

43. ( क्र. 5136 ) श्री गोवर्धन उपाध्‍याय : क्या वित्त मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                  (क) मध्‍यप्रदेश शासन वित्‍त विभाग भोपाल के आदेश क्रमांक एफ-9-6/2017 नियम/4 भोपाल दिनांक 23.10.2017 के अनुसार विदिशा जिले के ऐसे कितने पेंशनरों हैं जो दिनांक 01.01.1996 के पूर्व रिटायर हुए हैं उन्‍हें 01.01.1996 से 01.04.2007 तक का ऐरियर राशि का भुगतान किया गया है? उक्‍त पेंशनरों की सूची उपलब्‍ध करावें। (ख) प्रश्‍नांश (क) के अनुसार प्रश्‍नकर्ता के विधान सभा क्षेत्र सिरोंज एवं लटेरी के ऐसे कितने पेंशनर हैं, जिन्‍हें उक्‍त ऐरियर का लाभ दिया गया? जिनकी सूची उपलब्‍ध करायी जाये एवं कितने ऐसे पेंशनर हैं, जो लाभ से वंचित हैं, उन्‍हें कब तक लाभान्वित किया जावेगा? (ग) शासन के आदेश में स्‍पष्‍ट उल्‍लेख है कि जो पेंशनर दिनांक 01.01.1996 से पूर्व रिटायर हुए हैं उन्‍हें दिनांक 01.01.1996 तक का ऐरियर देय है, इस आदेश का पालन क्‍यों नहीं किया गया? दोषी अधिकारी/कर्मचारी के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की जावेगी? यदि हाँ, तो कब तक? नहीं तो क्‍यों नहीं?

वित्त मंत्री ( श्री जयंत मलैया ) : (क) विदिशा जिले के दो पेंशनरों को दिनांक 01.01.1996 से 31.3.2007 तक की अवधि के पेंशन एरियर का भुगतान किया गया है। सूची संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-एक अनुसार है। (ख) सिरोंज एवं लटेरी के किसी भी पेंशनर को पेंशन पुनरीक्षण की पात्रता ज्ञात नहीं है। शेष प्रश्‍नांश उपस्थित नहीं होता। (ग) उत्‍तरांश "क" एवं "ख" के प्रकाश में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''आठ''

अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति बस्तियों में नागरिकों को मूलभूत सुविधा

[अनुसूचित जाति कल्याण]

44. ( क्र. 5177 ) श्री राजेश सोनकर : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                 (क) इन्दौर जिला अन्तर्गत अनुसूचित जाति बस्‍ती विकास योजना से आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति कल्याण विभाग द्वारा कौन-कौन से मदों से अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति बस्तियों में पिछले 03 वर्षों में क्या-क्या कार्य कराये? (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में इन्दौर जिले को अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति बस्ती विकास अंतर्गत कार्य करने हेतु कितना आवंटन 03 वर्षों में प्राप्‍त हुआ? कितनी राशि व्य‍य हुई? व्यय राशि में से कितनी राशि जनपद क्षेत्र एवं कितनी नगरीय क्षेत्र में व्यय की गई? इन्दौर जिला अंतर्गत अनु.जाति बाहुल्य ग्रामवार एवं नगरीय क्षेत्र में मोहल्लेवार जनसंख्या प्रतिशत के घटते क्रम की प्रमाणित सूची उपलब्ध करायें? (ग) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में प्राप्त राशि को व्यय करने हेतु क्या शासकीय प्राथमिकताएं तय की गई हैं? इस राशि के माध्यम से सीमेंटीकृत सड़कों के निर्माण एवं पुल-पुलियाओं के निर्माण का प्रावधान है? हाँ या नहीं? यदि नहीं, तो कारण स्पष्ट करें? (घ) प्रश्नांश (ग) के संदर्भ में यदि हाँ, तो कहाँ-कहाँ अनुसूचित जाति/जनजाति बस्तियों में सड़कों का निर्माण कार्य कराये जाने हेतु प्रस्ताव जिला अन्तर्गत विभाग को प्राप्त हुये? उनमें से किन प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई तथा कितने प्रस्ताव निरस्त किये गये? निरस्त किये जाने का कारण स्पष्ट करें?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) इंदौर जिला अंतर्गत अनुसूचित जाति/जनजाति बस्‍ती विकास योजनान्‍तर्गत अनुसूचित जाति मद से करवाये गये कार्यों की  जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है  एवं जनजातीय मद से कराये गये कार्यों की  जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) अनुसूचित जाति मद अंतर्गत प्राप्‍त आवंटन व्‍यय की  जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है  एवं जनजातीय मद की  जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। इंदौर जिले अंतर्गत अनुसूचित जाति बाहुल्‍य ग्रामों की  जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। नगरीय क्षेत्र में मोहल्‍लावार जनसंख्‍या का संकलन नहीं होने से प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) नियम की  जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (घ) अनुसूचित जाति/जनजाति बस्तियों में सड़कों का निर्माण कार्य कराये जाने हेतु प्राप्‍त प्रस्‍तावों की सूची, स्‍वीकृत प्रकरण, निरस्‍त प्रस्‍ताव की कारण सहित  जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है।

नवीन विद्युत उपकेन्द्रों को स्थापित करने हेतु निविदा प्रक्रिया

[ऊर्जा]

45. ( क्र. 5181 ) श्री सूबेदार सिंह रजौधा : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि  (क) विधानसभा क्षेत्र जौरा में नवीन विद्युत उपकेन्द्रों को स्थापित करने हेतु निविदा प्रक्रिया सम्पन्न की जा चुकी है? यदि हाँ, तो सम्पूर्ण प्रक्रिया से अवगत करावें? (ख) विद्युत उपकेंद्रों तोर. बघेल, कन्हार, के लिये आमत्रित निविदाएं कब खोली गई हैं एवं उनमें प्राप्त दरें क्या हैं? ठेकेदार कम्पनी सहित पृथक-पृथक अवगत करावें? (ग) क्या नवीन विद्युत उपकेंद्रों के लिये प्राप्त निविदायें खोली जा चुकी हैं, किंतु सम्बंधित ठेकेदारों की न्यूनतम दरें होने के बावजूद भी उन्हें स्वीकृत नहीं किया जा रहा है और ना ही उन्हें कार्यादेश दिया गया है? ऐसा क्यों? (घ) क्या अनैतिक व्यक्तियों के अनैतिक दबाव से उक्त खोली गई निविदायें निरस्त किये जाने की कार्यवाही प्रस्तावित है, यदि हाँ, तो क्यों? यदि नहीं, तो क्षेत्र में किसानो को विद्युत सुविधा हेतु उक्त उपकेंद्रों के कार्यादेश जारी कर कार्य कब तक आरम्भ कर दिया जावेगा?

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) जी हाँ। प्रश्नाधीन उपकेन्द्रों को स्थापित करने के लिये अपनाई गई प्रक्रिया के अंतर्गत सर्वप्रथम राष्ट्रीय समाचार पत्रों में निविदा प्रकाशित कराई गई तथा निविदा की विस्तृत जानकारी मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कपंनी की बेवसाईट www.mpcz.co.in एवं राज्य शासन के पोर्टल https://www.mpeproc.gov.in पर प्रदर्शित करवाई गई है। प्राप्त निविदाओं को निर्धारित तिथि एवं समय पर निविदा मूल्यांकन समिति द्वारा संबंधित फर्मों के प्रतिनिधियों के समक्ष खोला गया था एवं अध्‍ययन करने के पश्चात समस्त फर्मों से प्राप्त निविदाओं का तुलनात्मक विवरण तैयार कर जिस फर्म की दर सबसे कम प्रस्तावित की गई, उस फर्म को कार्य करने की अनुशंसा प्रदान करने हेतु प्रकरण सक्षम अधिकारी के अनुमोदन हेतु प्रेषित किया गया है। (ख) विद्युत उपकेन्द्र बघेल एवं तोर की निविदा दिनांक 17.01.2018 को एवं कन्हार की निविदा दिनांक 20.01.2018 को खोली गई थी। उक्त निविदाओं की प्राप्त दरों का विवरण  संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) जी हाँ। ठेकेदारों से प्राप्त आपत्तियों/शिकायतों की जाँच हेतु गठित उच्च स्तरीय कमेटी द्वारा जाँच पूर्ण कर ली गई है, जिसकी अनुशंसा का परीक्षण कर अग्रिम कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। (घ) उत्तरांश '''' अनुसार कार्यवाही की जा रही है। अत: वर्तमान में कार्यादेश जारी कर कार्य आरंभ करने की निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

परिशिष्ट - ''नौ''

क्रियान्वित की जा रही योजनाओं में पदस्‍थ अधिकारियों की जानकारी

[ऊर्जा]

46. ( क्र. 5215 ) श्री के.पी. सिंह : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शिवपुरी जिले के अन्‍तर्गत विगत 03 वर्षों में मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा टर्न की के आधार पर कितनी राशि का कार्य कराया गया था? योजनावार विवरण दें? उक्‍त कार्यों से उपभोक्‍ताओं एवं कंपनियों को क्‍या लाभ हुआ? (ख) म.प्र. मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड, भोपाल के कार्यालय के योजनाओं को क्रियांवित करने वाले विभाग प्रमुख/नोडल अधिकारियों की नामवार, योजनावार सूची उपलब्‍ध करावें? उक्‍त अधिकारियों की 03 वर्ष पूर्व की अचल सम्‍पत्ति एवं वर्तमान अचल सम्‍पत्ति का विवरण दें? (ग) क्‍या उक्‍त अधिकारियों के स्‍थानांतरण शासन द्वारा जारी स्‍थानांतरण नीति के अनुसार किये गये हैं?

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) शिवपुरी (संचा.-संधा.) वृत द्वारा शिवपुरी जिले के अंतर्गत विगत 3 वर्षों में कराये गये कार्यों पर व्‍यय हुई राशि के योजनावार विवरण सहित प्रश्‍नाधीन चाही गई जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) म.प्र. मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड, भोपाल के कॉर्पोरेट कार्यालय के योजनाओं को क्रियान्वित करने वाले विभाग प्रमुख/नोडल अधिकारियों की नामवार, योजनावार सूची  पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'' अनुसार है। उक्‍त अधिकारियों की तीन वर्ष पूर्व की अचल संपत्ति का विवरण पत्रक एवं वर्तमान अचल संपत्ति वर्ष 2017 का विवरण पत्रक  पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ग) जी नहीं, मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी की प्रचलित स्‍थानांतरण नीति के अनुसार ही अधिकारियों के स्‍थानांतरण किये जाते है।

पंजीयक मुद्रांक शुल्‍क भोपाल की कार्यवाही के सम्‍बंध में

[वाणिज्यिक कर]

47. ( क्र. 5320 ) श्रीमती इमरती देवी : क्या वित्त मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                             (क) क्‍या पंजीयक मुद्रांक शुल्‍क भोपाल ने १००-१०० रूपयों के स्‍टाम्‍प पर रेत खदानों का मध्‍य प्रदेश राज्‍य खनिज विकास निगम भोपाल द्वारा अनुबन्‍ध कर शासन को पहुँचाई मुद्रांक शुल्‍क की राशि प्रश्‍न दिनांक तक भी वसूल नहीं की है? (ख) प्रश्‍नांश (क) यदि हाँ, तो वर्ष २००४-०५ से २०१६-१७ तक निगम ने किस वर्ष में कितनी रेत खदानों के अनुबंध १००-१०० रूपयों के स्‍टाम्‍प पेपर पर किस दिनांक को किससे कर कितने मुद्रांक शुल्‍क की हानि शासन को पहुँचाई है? (ग) प्रश्‍नांश (क) पंजीयक मुद्रांक शुल्‍क ने इसमें से किस अनुबंधकर्ता को किस दिनांक को किस पते पर सूचना पत्र प्रेषित कर कितनी राशि जमा करवाये जाने की कार्यवाही की? इसमें से किसे प्रेषित सूचना पत्र किन कारणों से अनुबंधकर्ता को नहीं दिया जा सका? (घ) प्रश्‍नांश (क) पंजीयक मुद्रांक शुल्‍क ने मुद्रांक शुल्‍क की राशि निगम से वसूल किये जाने के संबन्‍ध में क्‍या कार्यवाही की है? कब तक निगम से राशि वसूली की जावेगी?

वित्त मंत्री ( श्री जयंत मलैया ) : (क) रेत खदानों के अनुबंध के प्रकरणों में कमी मुद्रांक शुल्‍क की वसूली हेतु प्रकरण दर्ज कर आदेश पारित किये गये है वसूली की प्रक्रिया प्रचलित है। (ख) पंजीयक मुद्रांक शुल्‍क भोपाल के संज्ञान में आये प्रकरणों की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (घ) पंजीयक मु्द्रांक शुल्‍क भोपाल द्वारा कमी मुद्रांक शुल्‍क की राशि की वसूली हेतु संबंधित पक्षकारों को संसूचित किया गया है वसूली के संबंध में समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

जबलपुर जिले में मंदिर, मस्जिद, स्‍कूल एवं पुलिस थानों के पास संचालित शराब दुकानें

[वाणिज्यिक कर]

48. ( क्र. 5340 ) श्री अंचल सोनकर : क्या वित्त मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                        (क) जबलपुर जिले के अंतर्गत मापदण्‍डों/नियम के तहत कितनी शराब दुकानें मंदिर, मस्जिद, स्‍कूल एवं पुलिस थानों के पास में संचालित हो रही हैं। सूची देवें एवं नियम की प्रति देवें? (ख) क्‍या यह सत्‍य है कि वर्तमान में जबलपुर जिले के अंतर्गत कोतवाली थाने के पास एक शराब दुकान का संचालन नियम विरूद्ध हो रहा है? यदि हाँ, तो क्‍यों कारण बतावें। क्‍या उक्‍त शराब दुकान को अन्‍यत्र स्‍थापित किया जावेगा? (ग) क्‍या यह सत्‍य है कि आबकारी विभाग द्वारा प्रश्‍नांश (ख) में संचालित दुकान को संरक्षण प्रदान कर कार्यवाही क्‍यों नहीं की जा रही है वर्तमान में शासन द्वारा शराब विक्रय केन्‍द्र के नियमों में क्‍या-क्‍या संशोधन कब-कब किये है। नियम सहित बतावें।

वित्त मंत्री ( श्री जयंत मलैया ) : (क) मध्‍यप्रदेश आबकारी अधिनियम 1915 के अंतर्गत बने सामान्‍य प्रयुक्ति नियमों के नियम-1, मदिरा दुकानों की अवस्थिति, मध्‍यप्रदेश राजपत्र (असाधारण) क्रमांक 129 दिनांक 27 मार्च, 2017 में प्रकाशित प्रावधानुसार, जबलपुर जिले में कोई भी शराब दुकान मंदिर, मस्जिद, स्‍कूल के पास संचालति नहीं है। मदिरा दुकानों की मंदिर, मस्जिद, स्‍कूल से दूरी संबंधी जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-एक अनुसार है। थानों के समीप शराब दुकान अवस्‍थापना संबंधी कोई प्रतिबंध नियमों में नहीं है। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-दो अनुसार है। (ख) जी नहीं। जबलपुर जिले के अंतर्गत कोतवाली थाने के पास किसी भी शराब दुकान का संचालन नियम विरूद्ध नहीं हो रहा है। (ग) जी नहीं। आबकारी विभाग द्वारा प्रश्‍नांश (ख) में संचालित किसी दुकान को कोई संरक्षण प्रदान नहीं किया जा रहा है तथा नियमानुसार समस्‍त वैधानिक कार्यवाहियां की जा रही हैं वर्तमान में शासन द्वारा शराब विक्रय केन्‍द्र के नियमों का प्रकाशन वर्ष 2017-18 हेतु मध्‍यप्रदेश राजपत्र (असाधारण) क्रमांक 27 दिनांक 18.01.2017 एवं वर्ष 2018-19 हेतु राजपत्र (असाधारण) क्रमांक 80 दिनांक 01.02.2018 में किया गया है। राजपत्र की छायाप्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-तीन अनुसार है।

पत्रों पर कार्यवाही एवं कृत कार्यवाही की जानकारी 

[ऊर्जा]

49. ( क्र. 5357 ) श्री गिरीश गौतम : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रश्‍नकर्ता द्वारा कार्यपालन यंत्री म.प्र.पू.क्षे.वि.वि.कं.लि. ईस्‍ट रीवा (म.प्र.) को पत्र (1) क्रमांक 947 दिनांक 26.2.2017 (2) क्रमांक 30 दिनांक 30.4.2017 (3) क्रमांक 347 दिनांक 22.5.2017 (4) क्रमांक 880 दिनांक 28.10.2017 एवं प्रतिलिपि कार्यपालन यंत्री म.प्र.पू.क्षे.वि.वि.कं.लि. ईस्‍ट रीवा एवं जे.ई. म.प्र.पू.क्षे. वि.वि.कं.लि. गोविन्‍दगढ़ रीवा को प्रेषित किया गया है? (ख) क्‍या सामान्‍य प्रशासन विभाग के नियमानुसार माननीय संसद एवं माननीय विधायकों के पत्रों पर तत्‍परता से निराकरण एवं कृत कार्यवाही की जानकारी उपलब्‍ध कराये जाने संबंधी आदेश ऊर्जा विभाग को दिये गये हैं? यदि हाँ, तो प्रश्‍नांश (क) में वर्णित पत्रों पर क्‍या कार्यवाही की गयी और सूचना कब-कब किस-किस जावक क्रमांक व दिनांक के माध्‍यम से दी गयी? जवाबी पत्र की प्रति उपलब्‍ध करावें। (ग) यदि प्रश्‍नांश (क) में वर्णित पत्रों पर कोई कार्यवाही नहीं की गयी और कार्यवाही की जानकारी भी नहीं दी गयी है, तो उक्‍त के लिए दोषी कौन है? उनके विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की जायेगी?

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) प्रश्‍नांश (क) में उल्लेखित पत्र क्रमांक 947 दिनांक 26.02.17 एवं पत्र क्रमांक 30 दिनांक 30.04.17 जो कि अधीक्षण अभियंता (सं./सं.) रीवा को सम्बोधित एवं कार्यपालन अभियंता रीवा को पृष्ठांकित है, संबंधित कार्यालय में प्राप्त हुए है, पत्र क्रमांक 347 दिनांक 22.05.17 नहीं अपितु दिनांक 22.06.17 जो कि कार्यपालन अभियंता (ईस्ट रीवा) को सम्बोधित है, संबंधित कार्यालय में प्राप्त हुआ है तथा पत्र क्रमांक 880, दिनांक 28.10.17 जो कि अधीक्षण अभियंता (संचा.-संधा.), रीवा को सम्बोधित एवं कार्यपालन अभियंता (ईस्ट रीवा) एवं जे.ई., गोविन्दगढ़ को पृष्ठांकित है, संबंधित कार्यालय में प्राप्त हुआ है। (ख) जी हाँ। प्रश्‍नांश (क) में उल्लेखित पत्रों पर दिनांक 12.3.18 को खराब मीटर बदलकर उपभोक्ता को 229 यूनिट की राशि रु. 732/- को समायोजित कर छूट प्रदान कर दी गई है जो अगले माह अप्रैल-18 के विद्युत देयक में परिलक्षित होगी तथा आगामी विद्युत देयक वास्तविक खपत के अनुसार जारी किया जावेगा। उक्त प्रकरण पर कार्यवाही पूर्ण कर अधीक्षण अभियंता (संचा.-संधा.), रीवा के पत्र क्रमांक 11150 दिनांक 14.3.18 के माध्यम से की गई कार्यवाही की जानकारी माननीय प्रश्‍नकर्ता विधायक महोदय को उपलब्ध करा दी गई है, जिसकी छायाप्रति  संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) उत्तरांश (ख) में दर्शाए अनुसार कार्यवाही की जा चुकी है तथापि प्रकरण में विलंब के लिये जाँच कर नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही की जाएगी।

परिशिष्ट - ''दस''

सातवें वेतन ऑनलाइन फिक्‍सेशन में 0.50 पैसे से ऊपर की राशि की गणना

[वित्त]

50. ( क्र. 5358 ) श्री गिरीश गौतम : क्या वित्त मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या सभी महंगाई भत्‍ता एवं अन्‍य वित्‍तीय आदेशों में 0.50 पैसे से ऊपर की राशि को एक रूपये मान कर गणना किये जाने के आदेश प्रसारित किये गये हैं? (ख) क्‍या यह सही है कि पूर्व में सभी वेतनमानों के वेतन निर्धारण में 0.50 पैसे से ऊपर 0.99 पैसे तक की गणना 1.00 (एक रूपये) मानकर की जाती थी? केन्‍द्रीय वेतन निर्धारण में यही प्रक्रिया अपनाई गयी है? क्‍या यह भी सही है कि सातवें वेतनमान का निर्धारण ऑनलाइन पोर्टल में किया जा रहा है और इसमे राशि 0.50 पैसे से 0.99 पैसे तक को 0 (शून्‍य) मानकर निर्धारण किया जा रहा है? जिस कारण से वेतन निर्धारण में भारी विसंगति उत्‍पन्‍न हो रही है। (ग) क्‍या सातवें वेतन के ऑनलाइन निर्धारण में 0.50 पैसे से ऊपर 0.99 पैसे तक की गणना शून्‍य मानकर की जा रही त्रुटिपूर्ण प्रक्रिया को सुधारा जायेगा तथा 0.50 पैसे से ऊपर 0.99 पैसे तक की गणना 1.00 (एक रूपये मानकर की जायेगी) यदि हाँ, तो समय-सीमा बतायें? यदि नहीं, सुधारा जाता है तो क्‍यों?

वित्त मंत्री ( श्री जयंत मलैया ) : (क) जी हाँ। (ख) एवं (ग) जी हाँ। ऑन-लाईन प्रक्रिया वेतन पुनरी‍क्षण नियम, 2017 के अनुरूप संचालित है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

जाति प्रमाण पत्र 

[जनजातीय कार्य]

51. ( क्र. 5363 ) श्री सचिन यादव : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला खरगोन, तहसील कसरावद एवं भीकनगांव के स्‍थानीय निवासियों द्वारा दिनांक 25 जनवरी 2018 को घटया के स्‍थान पर टांकिया जाति प्रमाण पत्रों के संबंध में अनुसूचित जाति विभाग को कितने पत्र एवं कितने-कितने पत्र किन-किन माध्‍यमों से प्राप्‍त हुए तथा तत्‍संबंध में प्रश्‍न दिनांक तक क्‍या कार्यवाही की गई? (ख) क्‍या कलेक्‍टर, जिला खरगोन को दिनांक 30 जनवरी, 2018 को घट्या के स्‍थान पर टांकिया जाति समाज के प्रमाण-पत्र जारी करने के संबंध में किन-किन जनप्रतिनिधियों द्वारा प्रस्‍तावित पत्र के संलग्‍न सह पत्रों पर प्रश्‍न दिनांक तक क्‍या कार्यवाही की गई? (ग) क्‍या प्रदेश व जिलों में घट्या जाति का उल्‍लेख है? यदि हाँ, तो तत्‍संबंध में ब्‍यौरा दें, नहीं तो प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के संदर्भ में संबंधित संयुक्‍त हस्‍ताक्षरित प्राप्‍त आवेदनों में उल्‍लेखित तथ्‍यों एवं समाज के संबंध में सर्वें की जाँच की गई है? यदि हाँ, तो कब नहीं तो क्‍यों? (घ) प्रश्‍नांश (ख) के संदर्भ में जाँच एवं सर्वे में क्‍या उक्‍त स्‍थानीय लोगों के सामाजिक एवं व्‍यवहारिक संबंध टांकिया जाति समाज में सम्मिलित पाये गये हैं? यदि हाँ, तो तत्‍संबंध में प्रश्‍न दिनांक तक क्‍या कार्यवाही की गई? (ड.) क्‍या उक्‍त सह हस्‍ता‍क्षरित आवेदकों को टांकिया जाति प्रमाण पत्र जारी किए जायेंगे? यदि हाँ, तो कब नहीं तो क्‍यों?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) से (ड.) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

संयुक्‍त संचालक कोष व लेखा कार्यालय में सामान्‍य वेतन निर्धारण करने का उत्‍तरदायित्‍व

[वित्त]

52. ( क्र. 5452 ) डॉ. गोविन्द सिंह : क्या वित्त मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                   (क) संयुक्‍त संचालक कोष व लेखा कार्यलय में सामान्‍य वेतन निर्धारण प्रकरण पारित करने का उत्‍तरदायित्‍व किस-किस स्‍तर के अधिकारियों का है? क्‍या संयुक्‍त संचालक कोष एवं लेखा द्वारा सामान्‍य वेतन निर्धारण पारित किये जाते हैं? (ख) कार्यालय में वेतन निर्धारण हेतु स्‍वीकृत सहायक संचालक व उप संचालक स्‍तर के अधिकारियों की स्‍वीकृत व कार्यरत् पद संख्‍या क्‍या है? क्‍या उनके द्वारा पूर्ण रूप से वेतन निर्धारण का कार्य ही किया जाता है या उन्‍हें अतिरिक्‍त कार्य यथा जाँच आदि भी सौंपे जाते हैं? (ग) संयुक्‍त संचालक कार्यालयों में विभिन्‍न स्‍तर के अधिकारियों को वेतन निर्धारण पारित किये जाने का मासिक लक्ष्‍य क्‍या है? अधिकारियों को सौंपे गये अतिरिक्‍त कार्य व अन्‍य प्रभारों के साथ उक्‍त मासिक लक्ष्‍य आधार पर समस्‍त प्रकरणों का पूर्ण निराकरण निर्धारित समयवधि में संभव है?

वित्त मंत्री ( श्री जयंत मलैया ) : (क) सहायक आंतरिक लेखा परीक्षण अधिकारी द्वारा प्राथमिक तौर पर परीक्षण करने के पश्‍चात सहायक संचालक/उप संचालक/संयुक्‍त संचालक द्वारा अंतिम अनुमोदन किया जाता है। (ख) क्षेत्रीय कार्यालयों में उप संचालक के 08 पद स्‍वीकृत है जिसके विरूद्ध 03 उप संचालक कार्यरत है इसी प्रकार सहायक संचालक के 23 पद स्‍वीकृत है जिसके विरूद्ध 19 सहायक संचालक कार्यरत है। उक्‍त अधिकारियों द्वारा वेतन निर्धारण के साथ-साथ कोषालय/उपकोषालय का निरीक्षण,शिकायत तथा विभागीय जाँच का कार्य भी संपादित किया जाता है। (ग) वेतन निर्धारण हेतु प्राप्‍त प्रकरणों को निराकृत करने हेतु तीन माह की समय-सीमा नियत है। इसी सीमा के भीतर प्रकरणों का हर संभव निराकरण किया जाता है। पृथक से मासिक लक्ष्‍य निर्धारित नहीं है।

आंगनवाड़ी भवन निर्माण

[महिला एवं बाल विकास]

53. ( क्र. 5541 ) श्री के.डी. देशमुख : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या बालाघाट जिले के कटंगी विकास खण्‍ड के ग्राम पंचायत कोयतारी के ग्राम बान्‍डारेव में आंगनवाड़ी केन्‍द्र भवन विहिन हैं। (ख) यदि हाँ, तो कब तक आंगनवाड़ी भवन हेतु राशि स्‍वीकृत कर दी जावेगी?

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( श्रीमती अर्चना चिटनिस ) : (क) जी हाँ। (ख) कटंगी विकास खण्ड के ग्राम पंचायत कोयतारी के ग्राम बान्डारेवा में आंगनवाड़ी भवन निर्माण के प्रस्ताव को मनरेगा के अभिसरण से निर्मित होने वाले आंगनवाड़ी भवनों की स्वीकृति में सम्मिलित किया गया है। आंगनवाड़ी भवनों के निर्माण हेतु राशि की स्वीकृति पंचायतराज संचालनालय द्वारा दी जाती है। समय-सीमा बताना संभव नहीं है।

वि.स.क्षेत्र बदनावर में झुके हुए विद्युत पोल एवं झूलते हुए तारों को ठीक करने

[ऊर्जा]

54. ( क्र. 5596 ) श्री भंवर सिंह शेखावत : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि  (क) क्‍या वि.स.क्षेत्र बदनावर के सम्पूर्ण ग्रामीण क्षेत्र में अधिकांशतः विद्युत पोल झुके हुए हैं तथा ग्रामीण क्षेत्र की आवासीय बस्तियों में ११ के.व्ही. की लाइनों के झूलते हुए तार अब भी दृष्टिगोचर हो रहे हैं इनसे कभी भी बड़ी दुर्घटना संभावित है? (ख) क्‍या उक्त के सम्बन्ध में पूर्व में भी विधानसभा प्रश्न के माध्यम से विभाग का ध्यान आकृष्ट करने पर भी समस्या अब भी यथावत है, क्या विद्युत विभाग इस समस्या का गंभीरता के साथ तत्काल समाधान कर झुके हुए सभी पोल और झुके हुए तारो को ठीक करेगा? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्यों? कृपया अवगत करावे।

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) जी नहीं। विधानसभा क्षेत्र बदनावर के ग्रामीण क्षेत्र में विद्युत लाईनों के पोल झुके हुये होने/तार ढीले होने संबंधी कोई शिकायत प्राप्‍त नहीं हुई है। उल्‍लेखनीय है कि वितरण कंपनी द्वारा प्रतिवर्ष वर्षा ऋतु के पूर्व एवं उपरांत विद्युत अधोसंरचना के संधारण का कार्य कराया जाता है, जिसके तहत झुके हुये पोलों को सीधा करने एवं ढीले तारों को टाईट कर विद्युत लाईनों को व्‍यवस्थित करने का कार्य भी संपादित किया जाता हैं तथापि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अन्तर्गत नवीन सड़क निर्माण होने से विद्युत कंपनी की पूर्व से स्थापित विद्युत लाईनों के तारों की जमीन से ऊर्ध्‍वाधर दूरी निर्धारित मानकों से कम हो गई है। विद्युत कंपनी द्वारा ऐसे 17 स्थानों को चिन्हित कर इन स्‍थानों पर विद्युत लाईनों की ऊँचाई जमीन से निर्धारित मानकों के अनुसार कर लाईनों को व्‍यवस्थित करने हेतु नियमानुसार जमा योजना के अन्तर्गत प्राक्कलन तैयार कर सुपरविजन चार्ज 5 प्रतिशत एवं उस पर देय जी.एस.टी. की राशि जमा करने हेतु सड़क निर्माण करने वाले संबंधित विभाग के महाप्रबंधक म.प्र. ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण परियोजना क्रियान्वयन इकाई क्रमांक 3 धार को मांग पत्र जारी किये जा चुके हैं। संलग्‍न परिशिष्‍ट  में दर्शाए उक्‍त 17 प्रकरणों में से केवल 7 प्रकरणों में संबंधित विभाग द्वारा वितरण कंपनी में निर्धारित राशि जमा कर कार्य संपादन की कार्यवाही हेतु निविदा आमंत्रण की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है तथा शेष 10 प्रकरणों में निर्धारित राशि जमा किया जाना शेष है। नियमानुसार उक्त समस्त कार्यों का संपादन महाप्रबंधक म.प्र. ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण परियोजना क्रियान्वयन इकाई क्रमांक 3 धार द्वारा किया जाना है। (ख) जी नहीं। माननीय प्रश्‍नकर्ता विधायक महोदय द्वारा विधानसभा के बजट सत्र 2017 में तारांकित प्रश्न क्रमांक 6780 में किसी विशेष क्षेत्र, ग्राम एवं चिन्हित स्थलों का उल्लेख नहीं करते हुए बदनावर विधानसभा क्षेत्र में विद्युत लाईनों के पोल/तार झुके हुए/ढीले होने का उल्‍लेख किया किया गया था जिसके उत्‍तर में प्रतिवर्ष मानसून पूर्व एवं उपरांत विद्युत लाईनों के संधारण कार्य के अंतर्गत पोलों/लाईनों को व्‍यवस्थित किये जाने के कार्य भी संपादित कराये जाने संबंधी जानकारी दी गई थी तथा साथ ही यह भी अवगत कराया गया था कि पूर्व से स्‍थापित वितरण कंपनी की 11 के.व्‍ही. लाईनों के नीचे नवीन सड़क निर्माण किये जाने के कारण लाईनों की ऊँचाई निर्धारित मानकों के अनुरूप करने का कार्य नियमानुसार जमा योजना के अंतर्गत महाप्रबंधक म.प्र. ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण, परियोजना क्रियान्‍वयन इकाई क्रमांक 3 धार, द्वारा कराया जाना है। उल्‍लेखनीय है कि वितरण कंपनी द्वारा संपादित कराये जाने वाले संधारण कार्यों के संबंध में माननीय प्रश्‍नकर्ता विधायक महोदय को वितरण कंपनी के पत्र क्रमांक 9630 दिनांक 23.09.2017 के माध्यम से पुन: उक्‍त संबंध में जानकारी प्रेषित करते हुये अनुरोध किया गया था कि पत्र में उल्‍लेखित स्‍थानों के अतिरिक्त यदि कोई स्थान माननीय प्रश्‍नकर्ता विधायक महोदय के संज्ञान में हो तो उससे अवगत कराने का कष्ट करें। उक्‍तानुसार चिन्हित 17 सड़क निर्माण के स्थलों के प्रकरणों में कार्य जमा योजना के अंतर्गत महाप्रबंधक म.प्र. ग्रामीण विकास प्राधिकरण द्वारा कराया जाना है जिस हेतु उत्तरांश (क) अनुसार कार्यवाही की जा रही है तथा अन्य किसी स्थान पर 11 के.व्ही. लाईन के तार ढीले/पोल झुके नहीं है। यदि माननीय प्रश्‍नकर्ता विधायक महोदय द्वारा प्रकरण विशेष संज्ञान में लाया जाता है तो उस पर तत्‍काल कार्यवाही की जाएगी।

परिशिष्ट - ''ग्यारह''

बिना परीक्षा पास किये सीधे नियुक्ति दिया जाना

[सामान्य प्रशासन]

55. ( क्र. 5634 ) श्री रामनिवास रावत : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                  (क) क्या प्रदेश में निवासरत विशेष पिछड़ी जनजाति सहरिया, बैगा एवं भारिया के न्यूनतम योग्यताधारी उम्मीदवारों को न्यूनतम योग्यता के आधार पर उन्हें बिना पात्रता परीक्षा पास किये शासकीय विभागों में सीधे नियुक्ति दिए जाने के सामान्य प्रशासन विभाग के निर्देश हैं? यदि हाँ, तो इन्हें किस किस पद पर सीधे नियुक्ति दी जा सकती है? सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा प्रथम बार जारी निर्देश एवं समय समय पर जारी आदेशों/निर्देशों की प्रति उपलब्ध करावें। (ख) प्रश्नांश (क) के तहत सीधे नियुक्ति हेतु वर्ष 2014 से प्रश्न दिनांक  कितने उम्मीदवारों के आवेदन किस-किस पद के विरूद्ध नियुक्ति हेतु प्राप्त हुए? कितने उम्मीदवारों को किन पदों पर सीधे नियुक्ति दी गयी वर्तमान में कितने आवेदन  लंबित हैं? जिलेवार जानकारी दें? (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के परिप्रेक्ष्य में जिला श्योपुर में किन-किन सहरिया उम्मीदवारों को किस-किस पद पर नियुक्ति दी गयी? कितने आवेदन लंबित हैं? कितने आवेदन किस-किस कारण से निरस्त किये गए? आवेदकों के नाम, पिता का नाम, पता एवं शैक्षणिक योग्यता सहित वर्षवार जानकारी दें।

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जी हाँ। संविदा शाला शिक्षक या तृतीय/चतुर्थ श्रेणी के किसी भी पद के लिये या वनरक्षक (कार्यपालिक)। इसके अतिरिक्‍त आरक्षक (कार्यपालिक) व पटवारी (कार्यपालिक) पद पर क्रमश: गृह विभाग एवं राजस्‍व विभाग द्वारा सीधे नियुक्ति की कार्यवाही की जा रही है। सामान्‍य प्रशासन विभाग द्वारा जारी अधिसूचना की प्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अ, , स एवं द पर है। (ख) एवं (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

माननीय सांसदों और विधायकों को लिपिकीय सुविधा उपलब्ध कराया जाना

[सामान्य प्रशासन]

56. ( क्र. 5665 ) श्रीमती ऊषा चौधरी : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                 (क) क्या माननीय सांसदों और विधायकों को लिपिकीय सुविधा उपलब्ध कराये जाने हेतु म.प्र. शासन संसदीय कार्य विभाग द्वारा पत्र क्रमांक 1243/एफ (4) 28/2014/1/अड़तालीस, भोपाल दिनांक 04 दिसंबर 2014 जारी करते हुए बिंदु क्रमांक 8 में संलग्न किये गए लिपिकों को 100 रूपये प्रतिमाह नियत यात्रा भत्ते की पात्रता होगी, नियत यात्रा भत्ते और अवकाश यात्रा सुविधा को छोड़ कर किसी भी दौरे के लिए किसी भी प्रकार के यात्रा/दैनिक भत्ते की पात्रता नहीं होगी के निर्देश जारी किये गए थे? (ख) प्रश्नांश (क) यदि हाँ, तो क्या म.प्र. शासन सामान्य प्रशासन विभाग मंत्रालय वल्लभ भवन भोपाल द्वारा संशोधन आदेश दिनांक 15 मार्च 2005 क्रमांक एफ.ए.10-15/1994/एक (1) द्वारा संलग्न किये गए लिपिक को रूपये 100 मात्र प्रतिमाह नियत यात्रा भत्ता में आंशिक संशोधन करते हुए 100 रूपये के स्थान पर 200 रूपये प्रतिमाह नियत यात्रा भत्ता प्रदान करने की स्वीकृति प्रदान की गई थी? (ग) क्या उपरोक्त आदेश लगभग 13 वर्ष पूर्व जारी किये गए हैं? इस दौरान काफी मंहगाई बढ़ जाने के बाद भी संलग्न किये गए लिपिकों का नियत यात्रा भत्ता न बढ़ाए जाने के क्या कारण हैं? विवरण सहित बताएं। (घ) क्या विभाग द्वारा संलग्न किये गए लिपिकों के नियत यात्रा भत्ता में संसोधन करते हुए एवं इस मंहगाई को देखते हुए 2000 रूपये प्रतिमाह नियत किया जाएगा? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्यों?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) एवं (ख) जी हाँ। (ग) जी हाँ। इस संबंध में राज्‍य वेतन आयोग द्वारा कोई अनुशंसा नहीं की है। अत: प्रस्‍ताव अमान्‍य किया गया। (घ) वर्तमान में ऐसा कोई प्रस्‍ताव विचाराधीन नहीं है। प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

लिपिक वर्गीय कर्मचारी की वेतन विसंगति

[वित्त]

57. ( क्र. 5685 ) श्री नरेन्‍द्र सिंह कुशवाह : क्या वित्त मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि  (क) प्रश्‍न क्रमांक 68 दिनांक 28 फरवरी 2018 दिन बुधवार सामान्‍य प्रशासन विभाग के आदेश क्रमांक एफ 1958/2017/1/4 भोपाल, दिनांक 08 सितम्‍बर 2017 के द्वारा लिपिकों की वेतन विसंगतियों के संबंध में गठित समिति द्वारा दिनांक 23.10.201703.01.201824.01.201809.02.2018 को बैठकें की? यदि हाँ, तो क्‍या कार्यवाही/चर्चा हुई? छाया प्रति सहित जानकारी दें?                      (ख) क्‍या लिपिक वर्गीय कर्मचारियों के प्रति वेतन विसंगति प्रथम दृष्‍टया हुई? यदि हाँ, तो क्‍या राहत दी जावेगी? (ग) प्रश्‍नांश (क) और (ख) के अंतर्गत कब तक समग्र विचार कर समिति प्रतिवेदन प्रस्‍तुत करेगी?

वित्त मंत्री ( श्री जयंत मलैया ) : (क) से (ग) जी हाँ। कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। कार्यवाही प्रक्रियाधीन होने से शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

शासकीय अभिलेखों में हेराफेरी के प्रकरण

[सामान्य प्रशासन]

58. ( क्र. 5690 ) श्रीमती पारूल साहू केशरी : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सागर जिले अंतर्गत वित्‍तीय वर्ष 1 अप्रैल 2017 से प्रश्‍न दिनांक तक मध्‍यप्रदेश शासन के किन-किन विभागों के‍ किस-किस अधिकारी को किस-किस मामले (प्रकरण) में माननीय उच्‍च न्‍यायालय जबलपुर एवं ग्‍वालियर और इन्‍दौर खंडपीठ के समक्ष कब-कब एपियर होना पड़ा? न्‍यायालयीन प्रकरण क्रमांक, विषय एपियर होने वाले अधिकारी का नाम, पद एवं कार्यरत स्‍थान की जानकारी देते हुये टी.ए., डी.ए. की जानकारी उपस्थिति दिनांकों के अनुसार पृथक-पृथक दी जावे? (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार माननीय उच्‍च न्‍यायालय एवं खंडपीठ में दर्शित प्रकरणों में से कितने प्रकरण शासकीय अभिलेखों में हेराफेरी एवं मिथ्या दस्‍तावेज रचकर अनुचित लाभ प्राप्‍त करने एवं करवाने पर भा.द.सं. 1860 (I.P.C.) की धारा 420 से संबंधित प्रकरण हैं? (ग) प्रश्‍नांश (ख) अनुसार ऐसे कौन-कौन से प्रकरण थे, जिनमें शासन की ओर से नियुक्‍त ओ.आई.सी. उसी अधिकारी को बनाया गया, जिसके द्वारा की गयी प्रकरणों की जाँच के आधार पर शिकायतकर्ता/जाँचकर्ता द्वारा एफ.आई.आर. दर्ज करवायी गयी थी? जानकारी अधिकारियों के नाम, पदनाम एवं कार्यरत स्‍थल सहित प्रकरणों की अद्यतन स्थिति प्रकरणवार बतावें?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) सागर जिले के अंतर्गत वित्‍तीय वर्ष 01 अप्रैल 2017 से प्रश्‍न दिनांक तक माननीय उच्‍च न्‍यायालय जबलपुर में, श्री सत्‍येन्‍द्र कुमार शुक्‍ला, पुलिस अधीक्षक सागर, याचिका क्रमांक 1958/14, द्वारा श्रीमती निर्मला लोड़कर विरूद्ध मध्‍यप्रदेश शासन में बन्‍दी प्रत्‍यक्षीकरण (हैवियस कार्पस), में दिनांक 24/07/17 को एपियर हुए हैं, जिनके टी.ए. डी.ए. का भुगतान नहीं किया गया है। इसके अलावा आयुक्‍त कार्यालय सागर संभाग के अंतर्गत एक प्रकरण क्रमांक WP 14285/2017 संजय रैकवार एवं अन्‍य विरूद्ध मध्‍यप्रदेश शासन में माननीय उच्‍च न्‍यायालय जबलपुर के समक्ष डॉ. राजेश राय, संयुक्‍त आयुक्‍त (विकास), सागर संभाग, सागर दिनांक 19/01/2018 को एपियर हुए। डॉ. राय द्वारा शासकीय वाहन से यात्रा किए जाने के फलस्‍वरूप टी.ए. बिल प्रस्‍तुत नहीं किया गया है। उक्‍त के अतिरिक्‍त कोई भी अन्‍य विभागीय अधिकारी, माननीय उच्‍च न्‍यायालय जबलपुर एवं ग्‍वालियर और इन्‍दौर खण्‍डपीठ में सीधे एपियर नहीं हुए हैं। (ख) उत्‍तरांश (क) अनुसार प्रकरण भा.द.सं. 1860 (IPC) की धारा 420 से संबंधित प्रकरण नहीं है। (ग) जानकारी निरंक है।

सहायक संचालक एवं प्रभारी जिला कार्यक्रम अधिकारी पर गंभीर शिकायतों की जाँच

[महिला एवं बाल विकास]

59. ( क्र. 5692 ) श्री मानवेन्द्र सिंह : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या भरत सिंह राजपूत, सहायक संचालक वर्तमान में प्रभारी जिला कार्यक्रम अधिकारी, जिला पन्‍ना पर महिलाओं का शोषण, अभद्रता, भ्रष्‍टाचार एवं पुलिस थाना खजुराहों जिला छतरपुर में दर्ज एफ.आई.आर. क्रमांक 0097 के आधार पर निलंबित किया गया था? यदि हाँ, तो एफ.आई.आर. व शिकायत की प्रति उपलब्‍ध करावें? (ख) क्‍या आयुक्‍त एकीकृत बाल विकास सेवा म.प्र. द्वारा पृष्‍ठांकन क्रमांक 3251 भोपाल दिनांक 11.08.2017 को आरोपों की प्रश्‍नांश (क) के संबंध में जाँच की गई,यदि हाँ, तो आरोप पत्र, आधार पत्र एवं अभिलेख सूची, अतिरिक्‍त आरोप पत्र एवं कमिश्‍नर सागर संभाग, सागर के पत्र क्रमांक 1556 दिनांक 28.08.2017 की प्रति व जाँच प्रतिवेदन उपलब्‍ध करावें? जाँच अधिकारी द्वारा राज्‍य शासन को सौंपे गये जाँच प्रतिवेदन की प्रति उपलब्‍ध करावें? (ग) क्‍या प्रश्‍नांश (क) के अधिकारी को निलंबित उपरांत किस आधार पर बहाल कर जिला पन्‍ना में पदस्‍थ किया गया? आधार से संबंधित अभिलेखों की प्रतियां उपलब्‍ध करावें? क्‍या जे.एम.एफ.सी. न्‍यायालय में दिनांक 31.08.2017 को प्रस्‍तुत खात्‍मा का लेख कर बहाली का आधार बनाया गया? यदि हाँ, तो न्‍यायालय में प्रस्‍तुत खात्‍मा की प्रति प्रदान करें? (घ) क्‍या माननीय मुख्‍यमंत्री जी की महिला अधिकारों, सुरक्षा सम्‍मान की नीति के तहत ऐसे अधिकारी को महत्‍वपूर्ण पद का प्रभार देकर राज्‍य शासन का लिया गया निर्णय न्‍यायसंगत है? यदि नहीं, तो क्‍या ऐसे भ्रष्‍ट अधिकारी का शासकीय दायित्‍वों से मुक्ति कर सेवा समाप्ति की कार्यवाही करेंगे? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्‍यों?

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( श्रीमती अर्चना चिटनिस ) : (क) जी हाँ। श्री भरत सिंह राजपूत, सहायक संचालक को एफ.आई.आर. के आधार पर निलंबित नहीं किया गया था। अपर संचालक, एकीकृत बाल विकास सेवा द्वारा दिनांक 03.07.2017 को प्रस्तुत जाँच प्रतिवेदन में श्री भरत सिंह राजपूत द्वारा पर्यवेक्षकों एवं आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के प्रति अभद्रता पूर्ण, अमर्यादित आचरण किया जाना तथा अन्य गंभीर आरोप प्रथम दृष्टया परिलक्षित होने के कारण संचालनालय के आदेश क्र. 2999, दिनांक 07.07.2017 द्वारा निलंबित किया गया था। (ख) जी हाँ। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अनुसार है। (ग) श्री राजपूत के विरूद्ध थाना खजुराहो में धारा-294, 354 (ए) एवं 506 के तहत दर्ज एफ.आई.आर. की पूर्ण विवेचना, स्वतंत्र साक्षियों के कथन, घटना स्थल के रहवासियों से पूछताछ उपरांत संदेही श्री राजपूत द्वारा घटना घटित करने या करवाने के संबंध में कोई साक्ष्य नहीं होने के कारण थाना प्रभारी खजुराहो जिला छतरपुर द्वारा माननीय जे.एम.एम.सी न्यायालय में दिनांक 31.08.2017 को खात्मा प्रस्तुत किय जाने के आधार पर विभाग के आदेश क्र. 2434-35/2138/2017/50-1, दिनांक 20.11.2017 द्वारा श्री राजपूत को निलंबन से बहाल कर कार्यालय जिला कार्यक्रम अधिकारी, पन्ना में सहायक संचालक के रिक्त पद पर पदस्थ किया गया है। खात्मे की प्रति  पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अनुसार है। (घ) प्रश्नांश '''' के उत्तर के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।

ताप विद्युत इकाईयों को प्रदत्‍त कोयला 

[ऊर्जा]

60. ( क्र. 5695 ) श्री नीलेश अवस्‍थी : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                (क) साउथ इस्‍टर्न कोल फील्‍ड द्वारा म.प्र. पॉवर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड के कौन-कौन से ताप विद्युत गृहों को अप्रैल, 2017 से दिसम्‍बर, 2017 तक कितनी-कितनी मात्रा में कोयला प्रदान किया गया एवं रेल्‍वे रिसीव्‍ड (आर.आर.) के अनुसार उक्‍त  कोयले के परिवहन पर किस दर से कितनी मात्रा के  कोयले का भुगतान किया गया एवं वास्‍तविक रूप से रेल्‍वे की रेकों में कितने  कोयला का लदान किया गया? माहवार, ताप विद्युत गृहवार जानकारी देवें? (ख) सिंगाजी ताप विद्युत गृह में अप्रैल 2017 से कोयला आवंटन के तहत अप्रैल 2017 से दिसम्‍बर 2017 तक  कोयले लदान के लिये आदेशित फर्म/मेसर्स के द्वारा प्रत्‍येक रेक में कितना लदान किया गया एवं रेल्‍वे के आर.आर. (पावती) के तहत रेल्‍वे को कितनी मात्रा के कोयले का परिवहन भुगतान किया गया एवं यह भी बतलावें कि फर्म द्वारा भेजे गये कोयले की मात्रा एवं रेल्‍वे को दिये गये परिवहन भाड़ा की मात्रा में क्‍या अन्‍तर रहा? माहवार अन्‍तर की मात्रा सहित सूची देवें?

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) साउथ इस्‍टर्न कोल फील्‍ड द्वारा मध्‍यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी के ताप विद्युत गृहों को अप्रैल, 2017 से दिसम्‍बर, 2017 तक लदान एवं प्रदाय किये गये कोयले की मात्रा, रेल्‍वे रिसिप्‍ट (आर.आर.) के अनुसार प्रभारित मात्रा एवं रेल्‍वे को देय औसत परिवहन दर का माहवार, ताप विद्युत गृहवार विवरण  पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'अनुसार है। परिवहन की  दर प्रभारित मात्रा के आधार पर देय होती है। रेल्‍वे रिसिप्‍ट (आर.आर.) के अनुसार लदान किये गये एवं प्रदान किये गये कोयले की मात्रा समान होती है। रेल्‍वे द्वारा परिवहन हेतु उपलब्‍ध कराई गई रेक की क्षमता के अनुसार परिवहन राशि प्रभारित की जाती है। (ख) प्रश्‍नांकित अवधि में मध्‍यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी के श्री सिंगाजी ताप विद्युत गृह में आदेशित फर्मों द्वारा लदान किए गए कोयले की मात्रा, रेल्‍वे रिसिप्‍ट (आर.आर.) के अनुसार रेल्‍वे रेक की परिवहन हेतु प्रभारित कोयले की मात्रा (जिसका भुगतान रेल्‍वे को किया गया) एवं प्रभारित तथा वास्‍तविक प्रदाय की गई कोयले की मात्रा में अंतर की माहवार जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'अनुसार है। प्रत्‍येक रेक में कोयले की प्रभारित मात्रा एवं वास्‍तविक रूप से लदान किए गए कोयले की मात्रा एवं दोनों के अंतर की माहवार मात्रा की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'अनुसार है।

राशि की वसूली के साथ आपराधिक प्रकरण दर्ज कराये जाना

[वाणिज्यिक कर]

61. ( क्र. 5698 ) श्री सुन्‍दरलाल तिवारी : क्या वित्त मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि               (क) क्‍या आबकारी आयुक्‍त म.प्र. द्वारा जारी अधिसूचना दिनांक 03.07.2014 द्वारा जिलों में सील बंद बोतलों में मदिरा की आपूर्ति हेतु जारी निविदा सूचना के खण्‍ड 6 (XXXii) में यह प्रावधान किया गया था, कि भण्‍डागारों में वीसेंट संयोजन का प्रबंधन निविदाकार को स्‍वयं करना होगा? (ख) यदि प्रश्‍नांश (क) हाँ तो म.प्र. देशी मदिरा नियम 1995 का नियम 12 (1) प्रावधानिक करता है, कि किसी भी नियम के भंग करने पर शास्ति आरोपण की जावें? यदि हाँ, तो इस पर कितनी शास्ति रीवा संभाग में वर्ष 2014 से प्रश्‍नांश दिनांक तक में किन-किन निविदाकारों पर आरोपित कर वसूली की गयी? विवरण वर्षवार, दुकानवार देवें। (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) अनुसार भण्‍डागारों में से किसी भी भण्‍डागार द्वारा वीसेंट संयोजन प्रावधान नहीं किए गये, जिसके कारण ऑनलाइन परमिट 2014 में जारी नहीं की गयी वर्तमान में क्‍या स्थिति है? साथ ही संबंधितों को दोषी मानकर उन पर क्‍या कार्यवाही प्रस्‍तावित की गयी? (घ) प्रश्‍नांश (क), (ख) एवं (ग) अनुसार निविदाकारों पर नियम के भंग पर शास्ति के आरोपण न करने के कारण शासन के हुए राजस्‍व के नुकसानी के लिए कौन-कौन जिम्‍मेदार है? इन पर क्‍या कार्यवाही करेंगे? राशि वसूली के साथ गबन का प्रकरण पंजीबद्ध करावेगें? यदि हाँ, तो कब तक? अगर नहीं तो क्‍यों?

वित्त मंत्री ( श्री जयंत मलैया ) : (क) जी हाँ। (ख) रीवा संभाग के जिला रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौल, शहडोल, अनूपपुर एवं उमरिया जिलों में स्थित स्‍टोरेज भाण्‍डागारों पर प्रदाय संविदाकार आसवकों द्वारा वर्ष 2014-15, 2015-16, 2016-17 में वीसेट कनेक्टिविटी स्‍थापित नहीं कराये जाने से मध्‍यप्रदेश देशी स्प्रिट नियम 1995 के नियम 9 (5) व टेण्‍डर तथा लायसेंस शर्तों के उल्‍लंघन के लिये नियम 12 (1) के अंतर्गत रूपये 10,000/- प्रत्‍येक स्‍टोरेज भाण्‍डागार के मान से शास्ति आरोपण संबंधी आदेश जारी किये गये है वर्ष 2017-18 में स्‍टोरेज भाण्‍डागारों पर वीसेट कनेक्टिविटी नहीं कराये जाने से शर्तों के उल्‍लंघन के लिये प्रदाय संविदाकार आसवकों को कारण बताओं सूचना पत्र जारी किये जाने संबंधी कार्यवाही प्रचलन में है। रीवा संभाग के जिला रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, अनूपपुर एवं उमरिया जिलों में स्थित स्‍टोरेज भाण्‍डागारों पर प्रदाय संविदाकार आसवकों द्वारा वर्ष 2014-15, 2015-16, 2016-17 में वीसेट कनेक्टिविटी स्‍थापित नहीं कराये जाने से शास्ति आरोपण तथा उसके विरूद्ध वसूली संबंधी कार्यवाही का विवरण संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है।                      (ग) प्रदाय संविदाकार आसवकों द्वारा रीवा संभाग के जिलों के स्‍टोरेज भाण्‍डागारों पर वीसेट कनेक्टिविटी स्‍थापित नहीं कराये जाने से वर्ष 2014 में ऑन-लाईन परमिट जारी नहीं किये गये वर्तमान में रीवा संभाग के जिला रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, अनूपपुर एवं उमरिया जिलों में स्थित देशी मदिरा स्‍टोरेज भाण्‍डागारों पर ऑन-लाईन परमिट जारी किये जा रहे है। संबंधित आसवकों के विरूद्ध की गई कार्यवाही संबंधी विवरण संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (घ) प्रश्‍नांश (क), (ख) एवं (ग) अनुसार निविदाकारों द्वारा नियम के भंग किये जाने के कारण संबंधितों के विरूद्ध नियमानुसार शास्ति आरोपण की कार्यवाही की गई है। प्रकरण में शासन को किसी भी प्रकार से राजस्‍व की हानि नहीं हुई है, अतएव इसके लिये दायित्‍व निर्धारण एवं किसी भी प्रकार की कार्यवाही की कोई स्थिति नहीं है।

परिशिष्ट - ''बारह''

प्रश्‍न तैयार करने एवं उत्‍तर में दिये गये विकल्‍पों में अनियमितताएं

[सामान्य प्रशासन]

62. ( क्र. 5699 ) श्री सुन्‍दरलाल तिवारी : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि               (क) क्‍या म.प्र. लोकसेवा आयोग द्वारा 18 फरवरी 2018 को राज्‍य सेवा के पद पूर्ति हेतु प्रारंभिक परीक्षा का आयोजन कराया गया? (ख) यदि हाँ, तो आयोग द्वारा 21 फरवरी 2018 को उत्‍तर कुंजी जारी की। जिसमें दिये गये उत्‍तर किस आधार पर तैयार कर संकलित किये गये। जबकि कुंजी में दिये गये उत्‍तर गलत एवं भ्रामक हैं। मध्‍यप्रदेश ग्रंथ एकेडमी सहित अन्‍य शासन द्वारा जारी की गई किताबों में ये उत्‍तर नहीं मिल रहे हैं, तो क्‍यों? (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के संदर्भ में आयोग द्वारा तैयार किये गये प्रश्‍नों में जो उत्‍तर विकल्‍प के रूप में दिये गये थे, उनमें से कोई भी उत्‍तर सही नहीं थे, लेकिन आयोग द्वारा जारी उत्‍तर कुंजी में उत्‍तर सही बताये गये तो किस आधार पर और क्‍यों? (घ) प्रश्नांश (क), (ख) एवं (ग) के तारतम्‍य में आयोग द्वारा अभ्‍यावेदन विद्यार्थियों से मांगा गया। विद्यार्थी/परीक्षार्थी अगर आयोग के उत्‍तर से सहमत नहीं हैं, तो अभ्‍यावेदन देकर उत्‍तर में सुधार करवा सकते हैं। इस पर आयोग द्वारा 100 रूपये प्रति प्रश्‍न शुल्‍क तय की। अत: 1500 रूपये 15 प्रश्‍नों के क्‍यों वसूले जा रहे हैं? (ड.) प्रश्नांश (क), (ख), (ग) एवं (घ) के सापेक्ष आयोग द्वारा प्रश्‍न तैयार करने एवं उत्‍तर में दिये गये विकल्‍पों व जारी उत्‍तर कुंजी पर की गई अनियमितताओं के लिये कौन-कौन जिम्‍मेदार हैं? जिम्‍मेदारों की पहचान कर उन पर क्‍या कार्यवाही करेंगे? साथ ही इस तरह की पुनरावृत्ति भविष्‍य में न हो इस बाबत् क्‍या कार्यवाही एवं निर्देश जारी करेंगे? अगर नहीं तो क्‍यों?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जी हाँ। (ख) जी हाँ। संबंधित विषयों के विशेषज्ञों द्वारा प्रश्‍नों की रचना के साथ उत्‍तरकुंजी भी तैयार की जाती है। विषय‍ विशेषज्ञों द्वारा बनाई गई उत्‍तरकुंजी के आधार पर आयोग द्वारा प्रावधिक उत्‍तरकुंजी प्रकाशित की जाती है। प्रावधि उत्‍तरकुंजी प्रकाशित करते हुए अभ्‍यर्थियों से आपत्ति 7 दिवस के भीतर आमंत्रित की जाती है। अभ्‍यर्थियों से प्राप्‍त आपत्तियों पर पुन: विषय विशेषज्ञों द्वारा सूक्ष्‍म परीक्षण किया जाकर अंतिम उत्‍तर कुंजी प्रकाशित की जाती है। अंतिम उत्‍तर कुंजी के समय संदर्भित ग्रंथों का उल्‍लेख/प्रतिलिपि भी ली जाती है। (ग) विषय विशेषज्ञों द्वारा प्रश्‍न पत्रों की रचना की जाती है। यह पूरी प्रक्रिया अत्‍यंत गोपनीय होने के कारण आयोग के किसी भी अधिकारी/कर्मचारी के द्वारा विषय विशेषज्ञों द्वारा की गई रचना का अवलोकन नहीं किया जाता है। उत्‍तर कुंजी भी विषय विशेषज्ञों द्वारा ही तैयार की जाती है। (घ) जी हाँ। अभ्‍यर्थियों की आपत्ति सही होने पर आयोग द्वारा आपत्ति शुल्‍क वापस लौटाया जाता है। केवल वास्‍तवित आपत्तियां ही प्राप्‍त हों तथा बिना प्रमाण के अनावश्‍यक अभ्‍यावेदनों को हतोत्‍साहित करने के लिए शुल्‍क का निर्धारण किया गया है। (ड.) उक्‍त परीक्षा के अनुसीमन कार्य करने वाले विषय विशेषज्ञों को आयोग द्वारा आयोजित समस्‍त परीक्षाओं से विवर्जित कर दिया गया है।

अनुकम्‍पा नियुक्ति के आवेदन पर कार्यवाही 

[जनजातीय कार्य]

63. ( क्र. 5711 ) पं. रमेश दुबे : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या        श्री गनाराम टेकाम का कन्‍या प्राथमिक शाला खमरा विकासखण्‍ड बिछुआ जिला छिन्‍दवाड़ा में प्रधान पाठक के पद पर कार्यरत रहते दिनांक 02/06/1989 को मृत्‍यु होने पर उनके पुत्र श्री राम किशोर टेकाम निवासी, मोया द्वारा दिनांक 29/10/1997 को सहायक आयुक्‍त आदिवासी विकास छिन्‍दवाड़ा को आवेदन पत्र प्रस्‍तुत किया गया था? (ख) क्‍या विभाग द्वारा सामान्‍य प्रशासन विभाग के अनुकम्‍पा नियुक्ति के संबंध में जारी निर्देश दिनांक 23/07/2001 एवं 08/10/2002 का हवाला देते हुये श्री राम किशोर टेकाम का अनुकम्‍पा नियुक्ति का आवेदन पत्र आठ वर्ष के विलम्‍ब से प्रस्‍तुत करने के कारण दिनांक 21/04/2017 द्वारा निरस्‍त किये जाने की सूचना दी गई है? (ग) क्‍या प्रश्नांश (ख) में उल्‍लेखित निर्देश दिनांक 23/07/2001 एवं 08/10/2002 जारी होने के पूर्व प्रश्नांश (क) में उल्‍लेखित अनुकम्‍पा नियुक्ति का प्रस्‍तुत आवेदन दिनांक 29/10/1997 प्रभावित होगा? क्‍या इस निर्देश में बंधनकारी 7 वर्ष की अवधि निर्देश जारी होने के पूर्व में प्रस्‍तुत आवेदनों पर लागू करना न्‍यायसंगत है?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जी हाँ। (ख) जी नहीं। (ग) जी नहीं। आवेदक      श्री राम किशोर टेकाम द्वारा अनुकम्‍पा नियुक्ति हेतु प्रस्‍तुत आवेदन पत्र दिनांक 29/10/1997 पिता की मृत्‍यु के लगभग 8 वर्ष के पश्‍चात प्रस्‍तुत किया गया। तत्‍समय सामान्‍य प्रशासन विभाग से प्रसारित अनुकंपा नियुक्ति का ज्ञापन दिनांक 22 अगस्‍त 1980 प्रभावशील था। इस ज्ञापन की कंडिका 2 में आवेदन पत्र प्रस्‍तुत करने की सीमा 5 वर्ष निर्धारित थी। अत: आवेदक श्री राम किशोर टेकाम को अनुकम्‍पा नियुक्ति प्रदान नहीं की जा सकी।

ग्रामों को अनुसूचित अधिसूचित क्षेत्र से पृथक कराया जाना 

[जनजातीय कार्य]

64. ( क्र. 5712 ) पं. रमेश दुबे : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या विकासखण्‍ड पांढुर्णा के ग्राम पांढुर्णा, सांवरगांव, अम्‍बाखापा, कलमगांव, बाडेगांव, देवखापा, आंजनगांव, भंदारगोंदी, अम्‍बाड़ा, लव्‍हाना, उमरीखुर्द, गुजरखेड़ी इत्‍यादि एवं विकासखण्‍ड बिछुआ के नगर बिछुआ, झामटा, गोनी, उल्‍हावाड़ी इत्‍यादि ग्रामों में अनुसूचित जनजाति के सदस्‍यों की संख्‍या व भूमियां नगण्‍य हैं? (ख) क्‍या उक्‍त ग्रामों में अनुसूचित जनजाति के सदस्‍यों की संख्‍या व भूमियां नगण्‍य होने के बावजूद भी अनुसूचित अधिसूचित होने से इन ग्रामों में अन्‍य वर्गों के लोगों को भूमियों का क्रय-विक्रय और व्‍यपवर्तन में भारी कठिनाईयों का सामना करना पड़ रहा हैं? विकास कार्य अवरूद्ध हो रहा है? (ग) उक्‍त ग्रामों को अनुसूचित अधि‍सूचित क्षेत्र पृथक किये जाने के संबंध में विगत 3-4 वर्षों में क्‍या कोई आवेदन जिला प्रशासन या शासन को प्राप्‍त हुआ है? क्‍या प्रश्‍नकर्ता ने भी प्रश्‍नों एवं अशासकीय संकल्‍पों के माध्‍यम से उक्‍त मामले को शासन एवं प्रशासन के ध्‍यान में लाया है? (घ) यदि हाँ, तो उक्‍त संबंध में क्‍या कोई कार्यवाही किसी स्‍तर पर प्रचलन में है? हाँ तो किस स्‍तर पर, प्रकरण किस लिए विचाराधीन है? यदि नहीं, तो क्‍या शासन अन्‍य वर्गों की कठिनाई को दृष्टिगत रखते हुए उक्‍त ग्रामों को अनुसूचित अधिसूचित क्षेत्र से पृथक करने की कार्यवाही कर भारत शासन को आदेश जारी करने हेतु प्रस्‍ताव प्रेषित करेगा? हाँ तो कब तक नहीं तो क्‍यों?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

आंगनवाड़ी केन्‍द्रों में दीदी पद पर नियुक्तियों की जानकारी

[महिला एवं बाल विकास]

65. ( क्र. 5744 ) श्री नीलेश अवस्‍थी : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या विभाग द्वारा कटनी जिले के अंतर्गत शासन के आदेशों से प्रत्‍येक आंगनवाड़ी केन्‍द्रों में दीदी पद पर वित्‍त वर्ष 2017-18 में नियुक्तियां की गई थी? (ख) यदि हाँ, तो किन-किन आंगनवाड़ी केन्‍द्रों में किस-किस की कब-कब नियुक्तियां की गई? कटनी जिले की केन्‍द्रवार सूची देवें। (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के संदर्भ में नियुक्‍त दीदियां वर्तमान समय में कार्यरत हैं या नहीं? यदि इनकी नियुक्तियां समाप्‍त कर दी गई हैं, तो इसके क्‍या कारण हैं? क्‍या उन्‍हें पुन: सेवा का अवसर दिया जावेगा? यदि हाँ, तो किस प्रकार से कब तक? यदि नहीं, तो क्‍यों नहीं? नियुक्ति निरस्‍त करने वाले आदेश की कारण सहित छायाप्रति देवें।

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( श्रीमती अर्चना चिटनिस ) : (क) वर्ष 2017-18 में एकीकृत बाल विकास सेवा जिला कटनी अंतर्गत विभाग के आदेश के परिपालन में 1624 आंगनवाड़ी केन्‍द्रों में स्‍वैच्छिक रूप से नि:शुल्‍क शाला पूर्व शिक्षा देने हेतु दीदी पद पर चयन किया गया। (ख) जिले के आंगनवाड़ी केन्‍द्रों में दीदी पद पर चयन की गयी बालिकाओं/महिलाओं की परियोजनावार एवं केन्‍द्रवार सूची पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के संदर्भ में कटनी जिले में चयनित दीदियां वर्तमान समय में कार्यरत नहीं हैं। इनका चयन विभाग के आदेश क्रमांक 413/670/2018/50-2 (ए.एन.) भोपाल दिनांक 23/02/2018 के तहत समाप्‍त कर दिया गया है। आदेश की प्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। आंगनवाड़ी दीदियों का चयन आंगनवाड़ी केन्‍द्रों में स्‍वैच्छिक रूप से शाला पूर्व शिक्षा गतिविधियों में नि:शुल्‍क सहयोग देने हेतु किया गया था, नि:शुल्‍क कार्य की आवश्‍यकता नहीं होने के कारण चयन निरस्‍त करने का निर्णय लिया गया।

सरकार द्वारा लिया गया कर्ज का विवरण

[वित्त]

66. ( क्र. 5749 ) श्री जितू पटवारी : क्या वित्त मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश सरकार द्वारा प्रश्‍न दिनांक तक विगत 3 व‍र्षों में किन-किन वित्‍तीय संस्‍थानों, बैंकों व अन्‍य तरीके से कितनी-कितनी ऋण किन-किन शर्तों के तहत ली गई है? (ख) प्रश्नांश (क) अंतर्गत लिये लोन पर चालू वित्‍त वर्ष में कितना ब्‍याज दिया जायेगा व विगत 3 वर्षों में लिये गये लोन पर प्रति वर्ष कितना ब्‍याज व कितना मूल्‍य चुकाया गया? वर्षवार जानकारी देवें। (ग) दिनांक 08/11/2016 से 31/03/2017 तक कुल कितने राजस्‍व की वसूली हुयी? समान अवधि में दिनांक 08/11/2015 से 3