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मध्य प्रदेश विधान सभा


प्रश्नोत्तर-सूची
फरवरी-अप्रैल, 2016 सत्र


सोमवार, दिनांक 28 मार्च, 2016


भाग-1
तारांकित प्रश्नोत्तर


 

(वर्ग 3 : गृह, जेल, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, चिकित्सा शिक्षा, आयुष, भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास, संसदीय कार्य, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्‍ता संरक्षण, महिला एवं बाल विकास)


सिविल अस्‍पताल ब्‍यावरा में सोनोग्राफी मशीन की स्‍थापना

1. ( *क्र. 7310 ) श्री नारायण सिंह पँवार : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या राजगढ़ जिले का सिविल अस्‍पताल ब्‍यावरा दो राष्‍ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 3 एवं 12 के संगम स्‍थल पर स्थित होकर यहां प्रतिदिन एक हजार के लगभग ओ.पी.डी. रहती है तथा 65 हजार की आबादी वाला ब्‍यावरा नगर इसी अस्‍पताल पर निर्भर है तथा आसपास लगभग 50 हजार की ग्रामीण आबादी भी इसी अस्‍पताल से जुड़ी हुई है? यदि हाँ, तो क्‍या उक्‍त अस्‍पताल में सोनोग्राफी कराये जाने की कोई व्‍यवस्‍था वर्तमान तक स्‍थापित नहीं है? (ख) क्‍या वर्तमान चिकित्‍सा परिवेश में किसी भी रोग व बीमारी का उपचार करने से पूर्व चिकित्‍सकों द्वारा सोनोग्राफी कराये जाने का परामर्श दिया जाता है? यदि हाँ, तो क्‍या उक्‍त अस्‍पताल में सोनोग्राफी की कोई व्‍यवस्‍था नहीं होने से नगर में संचालित निजी सोनोग्राफी संचालकों द्वारा मनमाना शुल्‍क वसूल कर सोनोग्राफी की जाती है, जिससे गरीब मरीजों पर अत्‍यधिक व्‍यय भार पड़ता है? (ग) क्‍या शासन ऐसे अतिव्‍यस्‍त सिविल अस्‍पताल ब्‍यावरा में सोनोग्राफी मशीन स्‍थापित करेगा? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्‍यों?

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) जी नहीं। सिविल अस्पताल ब्यावरा में प्रतिदिन औसत ओ.पी.डी. 200-250 है। जी हाँ। उक्‍त अस्पताल में सोनोग्राफी कराये जाने की व्यवस्था वर्तमान में नहीं है। सोनोग्राफी मशीन क्रय करने के निर्देश जारी किये गये हैं। (ख) जी नहीं। बीमारी की जटिलता एवं निदान की आवश्‍यकतानुसार चिकित्सक द्वारा सोनोग्राफी जाँच कराई जाती है। प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी हाँ। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जिला राजगढ़ को सिविल अस्पताल ब्यावरा हेतु सोनोग्राफी क्रय करने के निर्देश दिये गये हैं। यथाशीघ्र उपलब्घ करा दी जायेगी। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

आँगनवाड़ी भवनों का निर्माण

2. ( *क्र. 116 ) श्री वेलसिंह भूरिया : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) विधानसभा क्षेत्र सरदारपुर अंतर्गत कितनी आंगनवाड़ि‍यां स्‍वीकृत हैं? इनमें से कितने आदिवासी क्षेत्रों में एवं कितने अन्‍य क्षेत्रों में संचालित हैं? (ख) प्रश्‍नांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में कितनी आंगनवाड़ि‍यां शासकीय भवनों में संचालित हैं एवं कितनी भवनविहीन हैं? आँगनवाड़ीवार पृथक-पृथक जानकारी दें। (ग) विधानसभा क्षेत्र सरदारपुर अंतर्गत वर्ष 2013-14 एवं 2014-15 में विभाग द्वारा कितनी आँगनवाड़ी भवनों का निर्माण किया गया है? इन निर्मित भवनों का सत्‍यापन किस अधिकारी द्वारा किया गया है? (घ) क्‍या उक्‍त भवनों का निर्माण तकनीकी मापदण्‍डों के अनुसार नहीं किये जाने संबंधी कोई शिकायत प्राप्‍त हुई है? यदि हाँ, तो इस पर क्‍या कार्यवाही की गई हैं? (ड.) शेष बची आंगनवाड़ि‍यों का भवन निर्माण कब तक किया जायेगा?

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) धार जिले में विधानसभा क्षेत्र सरदारपुर के अंतर्गत 02 परियोजनाएं (सरदारपुर-1 एवं सरदारपुर-2) में 411 आँगनवाड़ी केन्‍द्र एवं 10 मिनी आँगनवाड़ी केन्‍द्र इस प्रकार कुल 421 आँगनवाड़ी केन्‍द्र स्‍वीकृत हैं। इनमें से 347 आँगनवाड़ी केन्‍द्र आदिवासी क्षेत्र में तथा 74 अन्‍य क्षेत्रों में संचालित हैं। (ख) विधानसभा क्षेत्र सरदारपुर अंतर्गत कुल 421 आँगनवाड़ी केन्‍द्रों में से 208 विभागीय भवनों में, 104 अन्‍य शासकीय भवनों में तथा 109 आँगनवाड़ी केन्‍द्र किराये के भवनों में (भवन विहीन) संचालित हैं। (ग) विधानसभा क्षेत्र सरदारपुर अंतर्गत वर्ष 2013-14 में 16 आँगनवाड़ी सेक्‍टर स्‍तरीय कार्यालय सह आँगनवाड़ी केन्‍द्र (आँगनवाड़ी सह बैठक कक्ष भवन) की स्‍वीकृति दी गई है। इनमें से 13 भवन निर्माण पूर्ण हो चुके हैं तथा 03 भवन निर्माणाधीन हैं। वर्ष 2014-15 में भवनों के निर्माण की स्‍वीकृति नहीं दी गई है। निर्मित भवनों का सत्‍यापन अनुविभागीय अधिकारी, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा सरदारपुर जिला धार द्वारा किया गया है। (घ) निर्माण एजेंसी कार्यपालन यंत्री लोक निर्माण विभाग (म.प्र) संभाग धार कार्यालय में 01 कार्य (ग्राम बरमंडल में सेक्‍टर लेवल आँगनवाड़ी भवन निर्माण की शिकायत प्राप्‍त हुई, जिसकी जाँच अन्‍य विभाग के पी.आई.यू. के तकनीकी अधिकारियों के माध्‍यम से करवाई गई है। जाँच उपरांत कार्य निर्धारित मापदण्‍ड तथा गुणवत्‍ता का पाया गया। (ड.) जिले की निर्माण एजेंसी कार्यपालन यंत्री लोक निर्माण विभाग, धार संभाग धार द्वारा 03 आँगनवाड़ी सह बैठक कक्ष ग्राम दसई, फुलगांवडी एवं राजगढ़ में निर्माण कार्य 31 मई, 2016 तक पूर्ण कर विभाग को हस्‍तांतरित किये जायेंगे। जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है।

परिशिष्ट - ''एक''

कारण बताओ नोटिस में विसंगति

3. ( *क्र. 7002 ) श्री मानवेन्द्र सिंह : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या वर्ष 2015 में बजरंग प्रा.उप.स.भं.मर्या., घुवारा (छतरपुर) द्वारा शा.उ. मूल्‍य की दुकान संचालित की जा रही थी? हाँ तो स्‍पष्‍ट करें कि उक्‍त दुकान संचालक मण्‍डल (बोर्ड) अथवा प्रशासन द्वारा संचालित की जा रही थी? (ख) क्‍या बोर्ड द्वारा उक्‍त संस्‍था का संचालन करने पर बोर्ड के अध्‍यक्ष व प्रबंधक/विक्रेता के साथ अनावश्‍यक अन्‍य बाहरी व्‍यक्ति तथा प्रशासक के विरूद्ध अनुविभागीय अधि. (राजस्‍व) अनुविभाग बड़ामलहरा (छतरपुर) द्वारा प्र.क्र. 3/बी-121/पी.डी.एस./14-15 दिनांक 03.08.2015 से कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है? क्‍या बोर्ड के अध्‍यक्ष, प्रबंधक व विक्रेता के अतिरिक्‍त अन्‍य अनावश्‍यक व्‍यक्ति विशेष व प्रशासक का नाम अनाधिकृत रूप से जोड़े जाने से उक्‍त कारण बताओ नोटिस दूषित श्रेणी में आता है? यदि हाँ, तो दोषी अधिकारी/कर्मचारी का नाम/पदनाम उल्लेखित करें? (ग) शासन, न्‍याय हित में उक्‍त दूषित कारण बताओ नोटिस को तत्‍काल प्रभाव से निरस्‍त कर उक्‍त दोषियों के विरूद्ध दण्‍डात्‍मक कार्यवाही करेंगे? हाँ तो कब तक?

खाद्य मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जी हाँ। प्रश्‍नांकित अवधि में उक्‍त दुकान संचालक मण्‍डल द्वारा संचालित की जा रही थी। (ख) जी हाँ। लिपिकीय त्रुटिवश प्रशासक का अस्तित्‍व न होने के बावजूद उसे भी कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया है। प्रशासक का अस्तित्‍व नहीं होने से यह कारण बताओ सूचना पत्र प्रशासक के संदर्भ में शून्‍य है, परन्‍तु केवल इसी आधार पर यह कारण बताओ सूचना पत्र दूषित श्रेणी में नहीं आता है, क्‍योंकि कारण बताओ सूचना पत्र में अध्‍यक्ष, प्रबंधक और विक्रेता का भी नाम है। दिनांक 28.11.2015 को कारण बताओ सूचना पत्र में से प्रशासक का नाम हटा दिया गया है। (ग) प्रश्‍नांश '' के उत्‍तर के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

जननी एक्‍सप्रेस वाहन के भुगतान की जाँच

4. ( *क्र. 6774 ) श्री सचिन यादव : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में जननी एक्‍सप्रेस वाहन चलाये जाने की प्रक्रिया एवं नियम क्‍या हैं? इसका संचालन किसके माध्‍यम से और कौन-कौन करता है? जिला पश्चिम निमाड़ खरगोन में संचालनकर्तावार सहित जानकारी दें। (ख) विगत एक वर्ष में उक्‍त वाहनों के कार्यसंचालन में हो रही अनियमितताओं के संबंध में कितनी-कितनी शिकायत प्राप्‍त हुई और उस पर प्रश्‍न दिनांक तक क्‍या कार्यवाही की गई? (ग) क्‍या जननी एक्‍सप्रेस वाहन क्रमांक 1367 दिनांक 7 अगस्‍त, 2015 की रात 12 बजे खण्‍डवा जिले के छैगांवमाखन से इंदौर के लिए निकला, इंदौर की दूरी लगभग 115 कि.मी. है और ठेकेदार को लगभग 645 कि.मी. का भुगतान कर दिया गया है? यदि हाँ, तो प्रश्‍न दिनांक तक इस प्रकरण पर क्‍या कार्यवाही किन-किन अधिकारियों/कर्मचारियों के खिलाफ की गई, साथ ही इसी प्रकार के कितने फर्जी भुगतान किये गये? पदनाम सहित जानकारी दें। (घ) प्रश्‍नांश (ख) एवं (ग) में दर्शित प्रकरणों की सघन जाँच सं‍बंधित मुख्‍यालय के किन्‍ही उच्‍चाधिकारियों से कराकर जाँच प्रतिवेदन से अवगत करायेंगे?

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) जननी एक्सप्रेस वाहन चलाये जाने की प्रक्रिया एवं नियम निर्देश पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। जननी एक्सप्रेस वाहन का संचालन निविदा में चयनित निविदाकार द्वारा किया जाता है। जिला पश्चिम निमाड़ खरगोन में प्रो. अम्बर शर्मा धरा ट्रेडर्स नालछा जिला धार द्वारा जननी एक्सप्रेस वाहनों का संचालन किया जा रहा है। (ख) एक शिकायत प्राप्त हुयी है। जननी एक्सप्रेस वाहनों की मॉनीटरिंग एवं निरीक्षण हेतु गठित समिति द्वारा देयकों एवं लॉगबुक का निरीक्षण किया गया एवं अनियमितता के आधार पर 05 प्रतिशत राशि कटोत्रा किया जाकर भुगतान किया गया है। (ग) जी नहीं, उक्त वाहन दिनांक 07/08/2015 इंदौर नहीं गई थी, बल्कि खण्डवा जिले में ही चली है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (घ) जी नहीं।

महिला चिकित्‍सकों की पद पूर्ति

5. ( *क्र. 7262 ) श्री रामलाल रौतेल : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अनूपपुर जिला चिकित्‍सालय में कुल कितनी महिला चिकित्‍सक पदस्‍थ हैं? जिले में संचालित सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्रों का नाम एवं वहां पदस्‍थ महिला चिकित्‍सकों की स्थिति का विवरण प्रदान करें। (ख) क्‍या अनेक सामुदायिक केन्‍द्रों में महिला चिकित्‍सकों की पूर्णत: कमी है? यदि हाँ, तो कारण बतायें? (ग) जिला-अनूपपुर आदिवासी जिला है? क्‍या इस जिले में संचालित स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्रों में महिला चिकित्‍सकों की पद पूर्ति होगी? यदि हाँ, तो समय-सीमा बतावें?

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) विभाग अंतर्गत महिला चिकित्सक के पदनाम से कोई पद स्वीकृत नहीं है, किन्तु जिला चिकित्सालय अनूपपुर में 06 महिला चिकित्सा अधिकारी पदस्थ हैं। शेष जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार (ख) सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में स्त्रीरोग विशेषज्ञ के पद स्वीकृत हैं, परंतु प्रदेश में विशेषज्ञों की अत्यधिक कमी के कारण पदपूर्ति किए जाने में कठिनाई है। (ग) जी हाँ, विभाग में उपलब्धता अनुसार पदपूर्ति के प्रयास किए जावेंगे। निश्चित समयावधि बताई जाना संभव नहीं है।

परिशिष्ट - ''दो''

सामुदायिक स्‍वा. केन्‍द्र पचोर में रिक्‍त पदों की पूर्ति

6. ( *क्र. 6729 ) श्री कुँवरजी कोठार : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या राजगढ़ जिले की सारंगपुर विधान सभा क्षेत्रान्‍तर्गत पचोर के उप स्‍वास्‍थ्‍य को सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र में उन्‍नयन कर दिया गया है? यदि हाँ, तो कब से? उन्‍नयन आदेश की प्रति उपलब्‍ध करावें। (ख) प्रश्‍नांश (क) में उन्‍नयन सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र के मापदण्‍डानुसार विशेषज्ञ चिकित्‍सक, चिकित्‍सा अधिकारी एवं अन्‍य स्‍टॉफ के कितने-कितने पद स्‍वीकृत हैं? पदवार जानकारी देवें। (ग) क्‍या सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र पचोर में एक मात्र चिकित्‍सा अधिकारी कार्यरत है? यदि हाँ, तो प्रश्‍नांश (ख) के संदर्भ में शेष विशेषज्ञ चिकित्‍सक, चिकित्‍सा अधिकारी एवं अन्‍य स्‍टॉफ के पदों की पूर्ति कब तक कर दी जावेगी?

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) जी हाँ। आदेश की प्रति संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार(ख) प्रश्‍नांश भाग की जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार(ग) जी हाँ। चिकित्‍सकों के रिक्‍त पदों की पूर्ति की कार्यवाही निरंतर जारी है, निश्चित समयावधि बताना संभव नहीं है।

परिशिष्ट - ''तीन''

पोषण आहार का वितरण

7. ( *क्र. 7282 ) श्री पुष्‍पेन्‍द्र नाथ पाठक : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) छतरपुर जिले के समस्‍त नगर पालिका एवं नगर परिषद में पोषण आहार वितरण किस-किस संस्‍था द्वारा किया जा रहा है? संस्‍थाओं की सदस्‍य कार्यकारि‍णी सूची सहित समस्‍त जानकारी उपलब्‍ध करायें। (ख) नगर परिषद बिजावर एवं सटई में कार्यरत, पोषण आहार वितरण संस्‍था को माहवार, 2014 एवं 2015 में कितना भुगतान किया गया है अथवा लंबित है? (ग) जिले में कितने नगरों में एक ही संस्‍था पोषण आहार वितरण कर रही है एवं कितने समय से कार्यरत है? अलग-अलग जानकारी उपलब्‍ध करायें।

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) छतरपुर जिले के नगर पालिका एवं नगर परिषदों में पोषण आहार वितरणकर्ता संस्थाओं की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार तथा संस्थाओं के सदस्य कार्यकारिणी की सूची नगर पालिका/नगर परिषदवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। (ख) नगर परिषद बिजावर एवं सटई में कार्यरत पोषण आहार वितरणकर्ता संस्था को वर्ष 2014 एवं वर्ष 2015 में भुगतान की माहवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। (ग) जिले में नगर पालिका/नगर परिषदों में पृथक-पृथक स्थानीय संस्थाओं द्वारा पोषण आहार वितरण किया जा रहा है। जिले में किसी भी संस्था द्वारा एक से अधिक स्थानों पर पोषण आहार वितरण कार्य नहीं किया जा रहा है।

स्‍थानांतरण/प्रतिनियुक्ति पर पदस्‍थापना

8. ( *क्र. 7306 ) श्री के.डी. देशमुख : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या स्‍वशासी महाविद्यालय में नियुक्‍त स्‍टाफ नर्सों का अन्‍य चिकित्‍सा महाविद्यालयों एवं स्‍वास्‍थ्‍य विभाग में स्‍थानांतरण/प्रतिनियुक्ति पर पदस्‍थ करने का प्रावधान है? यदि हाँ, तो नियम की प्रति सहित जानकारी देवें। (ख) भोपाल संभाग के स्‍वशासी महाविद्यालय/स्‍वास्‍थ्‍य विभाग में नियुक्‍त स्‍टाफ नर्स को एक विभाग से दूसरे विभाग में स्‍थानांतरण/प्रतिनियुक्ति पर पदस्‍थ किये जाने हेतु अनापत्ति/सहमति के पश्‍चात् वर्ष 2012 से प्रश्‍न दिनांक तक कितने कर्मचारियों के आदेश प्रसारित किये गये हैं? नाम, पदनाम, सहित जानकारी देवें। (ग) प्रतिनियुक्ति/स्‍थानांतरण की अवधि पूर्ण होने के उपरान्‍त कितने स्‍टाफ नर्सों/नर्सिंग ट्यूटर/नर्सिंग सिस्‍टर की वापसी मूल विभाग में की गई है? यदि नहीं, तो क्‍यों? कारण बतायें। यदि हाँ, तो कब?

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) से (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है। 

प्रदेश में संचालित वेयर हाउस

9. ( *क्र. 1561 ) श्री सुदर्शन गुप्‍ता (आर्य) : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रदेश शासन के वेयर हाउस (अनाज व अन्‍य सामग्री रखने का स्‍थान) संचालित हैं? यदि हाँ, तो मध्‍य प्रदेश में प्रदेश सरकार व केंद्र सरकार के कितने वेयर हाउस संचालित हैं? संख्‍या उपलब्‍ध करावें। (ख) क्‍या प्रश्‍नांश (क) अनुसार शासकीय वेयर हाउस के अतिरिक्‍त प्रदेश शासन द्वारा प्रायवेट वेयर हाउस भी किराये पर लिये गये हैं? यदि हाँ, तो विगत दो वर्षों में प्रायवेट वेयर हाउस की संख्‍या उपलब्‍ध करावें? (ग) क्‍या शासकीय वेयर हाउस खाली होने के बाद भी प्रायवेट वेयर हाउस किराये पर लिये गये हैं? यदि हाँ, तो कारण स्‍पष्‍ट करें?

खाद्य मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जी हाँ। मध्‍यप्रदेश में मध्‍यप्रदेश स्‍टेट वेयरहाउसिंग एण्‍ड लॉजिस्टिक कार्पोरेशन के 1470 एवं सेन्‍ट्रल वेयरहाउस कार्पोरेशन के 26 वेयरहाउस संचालित हैं। (ख) जी हाँ। वर्ष 2014-15 में 2188 गोदाम एवं 2015-16 में 1981 निजी गोदाम संयुक्‍त भागीदारी योजनान्‍तर्गत समर्थन उपार्जित खाद्यान्‍न के भण्‍डारण हेतु किराये पर लिये गए हैं। (ग) जी नहीं। शेष भाग का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता।

विधायकों के पत्रों पर कार्यवाही

10. ( *क्र. 6115 ) श्री गिरीश भंडारी : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या सामान्‍य प्रशासन विभाग का निर्वाचित विधायकों के पत्रों के उत्‍तर देने संबंधी नियम मुख्‍य चिकित्‍सा एवं स्‍वास्‍थ्‍य अधिकारी राजगढ़ पर भी लागू है? (ख) यदि हाँ, तो दिनांक 01 जनवरी, 2015 से प्रश्‍न दिनांक तक कितने माननीय विधायकों ने मुख्‍य चिकित्‍सा एवं स्‍वास्‍थ्‍य अधिकारी राजगढ़ को पत्र लिखे तथा मुख्‍य चिकित्‍सा एवं स्‍वास्‍थ्‍य अधिकारी राजगढ़ द्वारा उपरोक्‍त पत्रों पर क्‍या कार्यवाही की? किस-किस दिनांक को संबंधित विधायक को पत्र के उत्‍तर दिये? (ग) यदि प्रश्‍न की कंडिका (क) अनुसार सामान्‍य प्रशासन विभाग के निर्देश का पालन कंडिका (ख) अनुसार नहीं हुआ? तो क्‍या शासकीय नियम का उल्‍लंघन हुआ? हाँ तो क्‍या शासन इस संबंध में कोई कार्यवाही करेगा? हाँ तो कब तक? नहीं तो क्‍यों नहीं?

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) जी हाँ। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) सामान्य प्रशासन विभाग के निर्देश का पालन किया गया है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''चार''

उज्‍जैन संभाग में संचालित रेडक्रॉस सोसायटियां

11. ( *क्र. 7204 ) श्री यशपालसिंह सिसौदिया : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) उज्‍जैन संभाग में संचालित विभिन्‍न रेडक्रॉस सोसायटियों को 1 जनवरी, 2014 के पश्‍चात् विभिन्‍न मद में किस-किस प्रकार की राशि प्राप्‍त हुई है? चिकित्‍सालयवार मदवार जानकारी प्रदान करें। (ख) उक्‍त संभाग की उक्‍त अवधि में उक्‍त राशि को किस-किस, कार्य हेतु खर्च किया गया? उक्‍त संभाग के चिकित्‍सालयों में किन-किन सोसायटियों में कितने-कितने सदस्‍य हैं? (ग) प्रश्‍नांश (ख) संदर्भित उक्‍त रेडक्रॉस सोसायटियों में सदस्‍य बढ़ाने हेतु कब-कब प्रयास किये गये? उक्‍त सोसायटियों में सदस्‍य हेतु कितनी राशि ली जाती है? (घ) क्‍या उक्‍त संभाग में रेडक्रॉस सोसायटी पदाधिकारियों एवं जिला चिकित्‍सालय अधिकारियों के बीच सामंजस्‍य न होने के कारण मरीजों को उचित लाभ नहीं मिल पा रहा है? यदि हाँ, तो इसके निराकरण हेतु शासन स्‍तर पर क्‍या प्रयास किये गये?

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) जानकारी निम्नानुसार है :-

जिले का नाम

विभिन्न मद

किस-किस प्रकार की राशि प्राप्त है

वर्ष

राशि

नीमच

राज्य एड्स नियत्रंण समिति /रक्तदान परिषद् भोपाल

रक्तदान शिविर डोनर रिफ्रेशमेन्ट व्यय/कन्ज्यूमेबल क्रय प्रचार प्रसार आदि

2014-15, 2015-16

378250.00
237500.00

उज्जैन, देवास, शाजापुर, रतलाम, मन्दसौर, एवं आगर-मालवा।

जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार।

(ख) जानकारी निम्नानुसार है :-

क्र.

जिले का नाम

खर्च

सदस्य

1.

उज्जैन

गंभीर बीमारी, निर्धन रोगियों को आर्थिक सहायता, दुर्घटना, एम्बुलेन्स, कर्मचारियों का मानदेय आदि 

रेडक्रॉस सोसायटी के सदस्य 484 की संख्या।

2.

देवास

जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार।

चिकित्सालय के 10 सदस्य ओर रेडक्रॉस समिति में 150 सदस्य है।

क्र.

जिले का नाम

खर्च

सदस्य

3.

शाजापुर

चिकित्सीय सहायता, प्राकृतिक आपदा, उच्च शिक्षा आदि पर खर्च

रेडक्रॉस सोसायटी के सदस्य 539 की संख्या है।

4.

रतलाम

चिकित्सीय तत्काल सहायता एवं कार्यालय संचालन हेतु।

रेडक्रॉस सोसायटी के सदस्य 3000 की संख्या।

5.

मन्दसौर

वृद्धश्रम वृद्धजनों आवास, भोजन, पानी, मानदेय, बिजली मानसिक विद्यालय नि:श्‍क्तजन छात्रावास आदि पर।

रेडक्रॉस सोसायटी के सदस्य 2680 की संख्या।

6.

नीमच

शासन द्वारा निर्धारित मद में ही खर्च किया जाता है। 

रेडक्रॉस सोसायटी के सदस्य 3500 की संख्या।

7.

आगर-मालवा

छपाई, रजिस्ट्रेश्‍न, गठन, आथिक, मदद, एम्बुलेन्स आदि पर खर्च 

रेडक्रॉस सोसायटी के सदस्य 127 की संख्या।

(ग) जानकारी निम्नानुसार है :-

क्र.

जिले का नाम

सदस्य बनाने हेतु प्रयास

सदस्यता शुल्क

1.

उज्जैन

सोसायटियों के लिये प्राप्त आवेदन पत्रों पर प्रबंध कार्यकारणी समिति द्वारा निर्णय लिया जाता है। 

आजीवन सदस्य शुल्क 500

2.

देवास

समय-समय पर प्रयास किये जाते हैं।

सदस्य शुल्क 500

3.

शाजापुर

समिति हमेशा प्रयासरत रहती है। 

आजीवन सदस्य शुल्क 500

4.

रतलाम

समिति द्वारा हमेशा अभियान चलाया जाता है।

आजीवन सदस्य शुल्क 500

5.

मन्दसौर

समिति हमेशा प्रयासरत रहती है।

आजीवन सदस्य शुल्क 500

6.

नीमच

समिति हमेशा प्रयासरत रहती है। 

आजीवन सदस्य शुल्क 500

7.

आगर-मालवा

समिति हमेशा प्रयासरत रहती है एवं शासकीय कार्यालय सदस्य बढ़ाने हेतु रसीद कट्टे वितरित किये जाते हैं।

आजीवन सदस्य शुल्क 500

(घ) उज्जैन संभाग में इस प्रकार की कोई स्थिति नहीं है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''पाँच''

होमगार्ड सैनिकों को पुलिस आरक्षक के समान सुविधाएं प्रदान की जाना

12. ( *क्र. 7012 ) श्री सुन्‍दरलाल तिवारी : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नोत्‍तरी दिनांक 4 दिसम्‍बर, 2012 के प्रश्‍न संख्‍या 10 (क्र. 235) के प्रश्‍नांश (क) से (घ) के उत्‍तर के परिप्रेक्ष्‍य में समिति द्वारा प्रस्‍तुत प्रतिवेदन एवं सुप्रीम कोर्ट के आदेश 21.01.2015 के अनुसार क्‍या होमगार्ड सैनिकों को पुलिस आरक्षक के समान सुविधायें देंगे? (ख) यदि हाँ, तो कब तक?

गृह मंत्री ( श्री बाबूलाल गौर ) : (क) एवं (ख) माननीय सुप्रीम कोर्ट के आदेश दिनांक 21.01.2015 के निर्णय के पालन में दिनांक 01.12.2011 से 05.2.2013 तक के एरियर्स का भुगतान किया जा चुका है व होमगार्ड सैनिकों के लिए नये नियम बनाने की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है।

वित्‍तीय अनियमितता के दोषी चिकित्‍सक के विरूद्ध कार्यवाही

13. ( *क्र. 7236 ) पं. रमेश दुबे : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता के प्रश्‍न संख्‍या-71 (क्रमांक 1331) दिनांक 26.02.2016 के उत्‍तर में डॉ. प्रमोद वाचक तत्‍कालीन बी.एम.ओ. सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र चौरई जिला-छिन्‍दवाड़ा को वित्‍तीय अनियमितताओं के लिए प्रथम दृष्‍टया दोषी होना बताया गया है? (ख) क्‍या प्रश्‍नांश (क) के उत्‍तर में सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र चौरई में डॉ. वाचक के पदस्‍थापना अवधि में की गयी वित्‍तीय अनियमितता के संबंध में संभागीय संयुक्‍त संचालक जबलपुर को विशेष ऑडिट करने के निर्देश दिये गये हैं? (ग) यदि हाँ, तो क्‍या शासन विशेष ऑडिट के दौरान जाँच प्रभावित न हो इसे दृष्टिगत रखते हुए वित्‍तीय अनियमितताओं के दोषी डॉ. वाचक को निलंबित कर संभाग के बाहर संलग्‍न करने अथवा उन्‍हें संभाग से बाहर स्‍थानान्‍तरण करने का आदेश देगा? यदि नहीं, तो क्‍यों? (घ) क्‍या शासन उक्‍त विशेष ऑडिट के लिए समय-सीमा नियत करेगा?

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) एवं (ख) जी हाँ। (ग) क्षेत्रीय संयुक्त संचालक स्वास्थ्य सेवायें जबलपुर ने विशेष ऑडिट जाँच पूर्ण कर ली है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) प्रश्‍नांश (ग) के संदर्भ में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

विशेष सशस्‍त्र बल में पदोन्‍नति के नियम

14. ( *क्र. 7250 ) श्री गोविन्‍द सिंह पटेल : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या विशेष सशस्‍त्र बल में एक इकाई से दूसरी इकाई में स्‍वेच्‍छा से स्‍थानांतरण पर जाने से पदोन्‍नति में क्रमबद्धता (सीनियरटी) शून्‍य कर दी जाती है? यदि हाँ, तो ऐसा क्‍यों? (ख) क्‍या क्रमबद्धता खत्‍म करना आरक्षक प्रधान आरक्षक के साथ अन्‍याय नहीं है, क्‍योंकि मध्‍यप्रदेश शासन के आदेशों के अनुरूप कर्मचारियों की कम से कम सेवाकाल में तीन पदोन्‍नति, क्रमोन्‍नति अनिवार्य है? मध्‍यप्रदेश शासन की ऐसी महत्‍वाकांक्षी योजना की विशेष सशस्‍त्रबल के वरिष्‍ठ अधिकारियों द्वारा की जा रही अवहेलना के क्‍या कारण हैं? (ग) विशेष सशस्‍त्र बल आरक्षक की प्रधान आरक्षक के पद पर पदोन्‍नति क्रमबद्धता मध्‍यप्रदेश राज्‍य स्‍तर पर क्‍यों नहीं होती है, जबकि प्‍लाटून कमांडर एवं असिस्‍टेंड कमांडर आदि की पदोन्‍नति क्रमबद्धता मध्‍यप्रदेश राज्‍य स्‍तर पर होती है? क्‍या यही नियम आरक्षक, प्रधान आरक्षक के लिए प्रभावशील किये जायेंगे?

गृह मंत्री ( श्री बाबूलाल गौर ) : (क) जी नहीं। एक वाहिनी से दूसरी वाहिनी में स्थानांतरण के संबंध में निम्नानुसार निर्देश लागू हैं :- यदि किसी कर्मचारी का स्थानांतरण उसकी सहमति/स्वेच्छा के आधार पर अन्यत्र वाहिनी में किया जाता है, तो गन्तव्य वाहिनी में कार्यभार ग्रहण करने पर, इस कर्मचारी की वरिष्ठता, इस स्थानांतरित कर्मचारी के भर्ती वर्ष के दौरान गन्तव्य वाहिनी में भर्ती/पदोन्नत हुये कर्मचारियों (अर्थात उसके बैचमेट) के अंत में निर्धारित की जावेगी। यदि किसी कर्मचारी को प्रशासनिक दृष्टिकोण से अन्यत्र वाहिनी में स्थानांतरित किया जाता है, तो ऐसी स्थिति में उसकी वरिष्ठता वही मान्य की जावेगी, जो कि वर्तमान वाहिनी में निर्धारित थी। (ख) क्रमबद्धता (सीनियरटी) शून्य नहीं की जाती है। विशेष सशस्त्र बल में पदोन्नति तथा उच्चस्तरीय वेतनमान शासन के नियमों के अनुरूप प्रदान किये जा रहे हैं। शेषांक का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) विशेष सशस्त्र बल में आरक्षक तथा प्रधान आरक्षक के पदों हेतु नियुक्तिकर्ता अधिकारी बटालियन का सेनानी निर्धारित है। इन पदों का संवर्ग जिला/ईकाई स्तरीय होता है। प्लाटून कमांडर तथा सेक्शन कमांडर आदि पदों का नियुक्तिकर्ता अधिकारी उप महानिरीक्षक स्तर का अधिकारी निर्धारित है। उक्त प्रावधान के प्रकाश में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

जिला चिकित्‍सालय सतना में फेको विधि से ऑपरेशन

15. ( *क्र. 5059 ) श्रीमती ऊषा चौधरी : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या जिला चिकित्‍सालय सतना में नेत्र रोगियों की फेको विधि से ऑपरेशन करने हेतु मशीन उपलब्‍ध है? यदि हाँ, तो यह मशीन कब उपलब्‍ध कराई गई व ऑपरेशन हेतु कब प्रारंभ की गई? (ख) क्‍या फेको विधि से नेत्र रोगियों का ऑपरेशन करने हेतु डॉ. पी.सी. नोतवानी को शासकीय व्‍यय पर दिनांक 01.08.2015 से 30.09.2015 तक सद्गुरू चिकित्‍सालय चित्रकूट में दो माह का प्रशिक्षण दिलाया गया है? इसके पूर्व फेको का प्रशिक्षण डॉ. नोतवानी को प्राप्‍त नहीं था? (ग) यदि हाँ, तो क्‍या डॉ. नोतवानी द्वारा फेको मशीन से बिना प्रशिक्षण के ही दिनांक 17.05.15 को श्रीमती फुलियाबाई सहित दो अन्‍य मरीजों की आँख का ऑपरेशन जिला चिकित्‍सालय में किया गया व फुलियाबाई की आँख की रोशनी लापरवाही पूर्वक ऑपरेशन करने के कारण चली गई है? (घ) यदि प्रश्‍नांश (ग) हाँ तो इस प्रकार लापरवाही पूर्वक बिना प्रशिक्षण के ऑपरेशन करने वाले नेत्र चिकित्‍सक के विरूद्ध शासन क्‍या कार्यवाही करेगा? उनकी लापरवाही के कारण अंधी हुर्इ फुलियाबाई को शासन क्‍या आर्थिक सहयोग प्रदान करेगा? दोनों का विवरण एवं समय-सीमा बताएं।

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) जी हाँ। सतना जिले में फेको मशीन दिनांक 18.04.2015 को उपलब्ध करवाई गई एवं 24.04.2015 को मशीन अस्पताल में स्थापित की गई। फेको मशीन द्वारा दिनांक 07.10.2015 से मोतियाबिंद के ऑपरेशन प्रारंभ किये गये। (ख) जी हाँ। जी नहीं इसके पूर्व में डॉ. नोतवानी द्वारा स्वयं के व्यय पर अरविंद नेत्र चिकित्सालय मदुरई में दिनांक 01.09.2011 से 30.09.2011 तक फेको विधि‍ से ऑपरेशन हेतु प्रशिक्षण प्राप्त किया था। प्रमाण पत्र संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार(ग) जी नहीं। दिनांक 17.05.2015 को जिला चिकित्सालय सतना की नेत्र ओ.टी. में कोई ऑपरेशन नहीं किया गया। दिनांक 16.05.2015 को केवल रोगी फुलियाबाई का ही ऑपरेशन किया गया। फुलियाबाई की बाईं आँख में काम्पलीकेटेड मोतियाबिंद था तथा ऑपरेशन करने के पूर्व ही प्रोग्नोसिस (ऑपरेशन के बाद रोशनी आ भी सकती है और न भी आ सकती है) को उसे एवं उसके परिजनों को भलीभांति‍ समझाईश देने के बाद उनकी सहमति से एस.आई.सी.एस. विधि से मोतियाबिंद का ऑपरशेन किया गया। फुलियाबाई को ऑपरेशन उपरान्त रोशनी कम आने से 26.05.2015 को रोगी तथा रोगी के परिजनों की इच्छानुसार मेडिकल कॉलेज में दिखाने के लिये डिस्चार्ज ऑन रिक्वेस्ट (डि.ओ.आर.) किया गया। (घ) जी नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''छ:''

आँगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रदत्‍त सुविधाएं

16. ( *क्र. 5921 ) श्री हरदीप सिंह डंग : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) म.प्र. शासन के द्वारा आँगनवाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं को कब से शासकीय या अर्द्धशासकीय सेवक माना गया है? (ख) दूसरे विभागों के शासकीय सेवकों को प्राप्‍त पेंशन या अन्‍य सुविधाएं इन्‍हें दी जाना प्रस्‍तावित है या नहीं? यदि हाँ, तो कब तक लागू की जावेंगी? (ग) क्‍या ड्यूटी पर आँगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को यूनिफार्म में रहने को निर्देशित किया जाता है, जबकि शासन द्वारा आयोजित अन्‍त्‍योदय मेले एवं आयोजन में बिना यूनिफार्म के हाजिर होने हेतु निर्देशित किया जाता है? (घ) आँगनवाड़ी के कार्य के अतिरिक्‍त अन्‍य कार्य करने के लिये लिखित में कोई आदेश नहीं दिया जाता है एवं न कोई भत्‍ता दिया जाता है, ऐसा क्‍यों है?

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) आँगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका मानसेवी होती हैं, इन्हे मध्यप्रदेश शासन के द्वारा शासकीय अथवा अर्द्धशासकीय सेवक नहीं माना गया है। (ख) आँगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका मानसेवी होने से इन्हे पेंशन आदि की सुविधा नहीं है। भविष्य में इन्हें पृथक से पेंशन या अन्य सुविधा दिये जाने का कोई प्रस्ताव नहीं है। वर्तमान में अटल पेंशन योजनान्तर्गत लाभान्वित कराने के प्रयास किये जा रहे हैं। वर्तमान में पृथक से कोई पेंशन योजना आँगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका हेतु प्रस्तावित न होने से समय-सीमा दिया जाना संभव नहीं है। (ग) जी हाँ। आँगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की ड्यूटी के दौरान यूनिफार्म में रहने के निर्देश हैं। (घ) आँगनवाड़ी कार्यकर्ताओं से आँगनवाड़ी कार्य के अतिरिक्‍त अन्‍य कोई और कार्य नहीं लिये जाने के निर्देश हैं। यदि इनसे कोई अतिरिक्‍त कार्य अन्‍य विभाग द्वारा लिया जाता है, तो लिखित में आदेश दिया जाता है तथा उस कार्य हेतु प्रावधान अनुसार निर्धारित राशि का भुगतान उक्‍त विभाग द्वारा किया जाता है।

आवश्‍यक वस्‍तु अधिनियम अंतर्गत कार्यवाही

17. ( *क्र. 3642 ) श्री जितेन्‍द्र गेहलोत : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रतलाम जिले में सार्वजनिक विवरण प्रणाली अंतर्गत संचालित उचित मूल्‍य दुकानों का वर्ष 2014-15 एवं 2015-16 में कराए गए निरीक्षण एवं आवश्‍यक वस्‍तु अधिनियम के तहत की गई कार्यवाही का दो वर्षों का ब्‍यौरा क्‍या है? (ख) उक्‍त अवधि में कितने प्रकरण अनियमितताओं के बने व क्‍या कार्यवाही की गई वर्षवार ब्‍यौरा दें। (ग) उपरोक्‍त अवधी में पेट्रोल डीजल पंपों, गैस एजेंसियों, लीड संस्‍थाओं, घेरलू गैस व नीले केरोसीन का व्‍यवसायिक उपयोग करने वाली संस्‍थाओं के निरीक्षण व अनियमितता पाये जाने पर की गई कार्यवाही का अलग-अलग बयौरा दें?

खाद्य मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। (ग) प्रश्‍नांकित अवधि में प्रतिष्‍ठानों के कुल 2733 निरीक्षण किए गए, जिसके अंतर्गत 201 प्रतिष्ठानों में अनियमितता पाई गई। उक्‍त प्रतिष्‍ठानों के विरूद्ध की गई कार्यवाही की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है।

प्राथमिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्रों पर सफाई की व्‍यवस्‍था

18. ( *क्र. 6402 ) श्री लोकेन्द्र सिंह तोमर : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2014-15 से प्रश्‍न दिनांक तक खण्‍डवा जिले के अंतर्गत किन-किन प्राथमिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्रों पर सफाई कर्मी लगाने हेतु किस दिनांक को टेण्‍डर बुलाए गए? (ख) खण्‍डवा जिले के प्रत्‍येक प्राथमिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र पर कितने-कितने सफाई कर्मी लगाने का प्रावधान किया गया? सफाई कर्मी से कितने दिवस तक कार्य पर रखने का प्रावधान किया? सफाई कर्मियों से ठेकेदार द्वारा कितने दिवस का एग्रीमेंट किया गया है? (ग) खण्‍डवा जिले के प्रत्‍येक प्राथमिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र में ठेकेदार द्वारा सफाईकर्मियों का कितना पी.एफ. जमा किया जा रहा है और उन्‍हें कितना वेतन भुगतान किया जा रहा है?

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) वर्ष 2014-15 तथा 2015-16 से प्रश्‍न दिनांक तक खण्डवा जिले के अंतर्गत प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर सफाईकर्मी लगाने हेतु दिनांक 30 दिसम्बर, 2013 में 13 प्रा. स्वास्थ्य केन्द्रों (बीमॉक) एवं दिनांक 13 जुलाई, 2014 को 18 प्रा. स्वास्थ्य केन्द्रों (बीमॉक) के लिये टेण्डर बुलाये गये। प्रा. स्वास्थ्य केन्द्रों (बीमॉक) की सूची संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र '''' एवं '''' अनुसार है। (ख) संचालनालय के आदेश दिनांक 17/04/2013 के अनुसार खण्डवा जिले के प्रत्येक प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र (बीमॉक संस्था) में 06 सफाईकर्मी रखे जाने का प्रावधान किया था। संचालनालय के आदेश दिनांक 30/01/2016 के अनुसार बीमॉक प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में 04 सफाईकर्मी रखे जाने का प्रावधान किया गया है। ठेकेदार द्वारा सफाईकर्मी के कार्य को दृष्टिगत रखते हुए कार्य पर रखा जाता है। अस्पतालों में साफ-सफाई व्यवस्था आउटर्सोस एजेन्सी के माध्यम से कराई जाती है एवं जिले के अधिकारी द्वारा एजेन्सी से एक वर्ष की अवधि का अनुबंध किया जाता है। ठेकेदार द्वारा सफाईकर्मियों से एग्रीमेन्ट नहीं किया गया है। (ग) मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जिला खण्डवा द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी अनुसार प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में ठेकेदार द्वारा सफाईकर्मियों को अनुबंध अनुसार ई.पी.एफ. रूपये 795.50 तथा मानदेय राशि रूपये 5845/- का भुगतान किया जा रहा है।

परिशिष्ट - ''सात''

मीनू अनुसार पूरक पोषण आहार का प्रदाय

19. ( *क्र. 7157 ) श्री रामसिंह यादव : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) कोलारस विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत नगरीय/ग्रामीण क्षेत्र में कितने आँगनवाड़ी केन्‍द्र हैं? क्‍या उक्‍त आँगनवाड़ी केन्‍द्रों में पूरक पोषण आहार दिया जाता है? यदि हाँ, तो किन-किन आँगनवाड़ी केन्‍द्र में किस-किस समूह/संस्‍था द्वारा वर्ष 2015 में आँगनवाड़ी केन्‍द्रवार कितने-कितने बच्‍चों को पूरक पोषण आहार दिया गया? इसका कितना-कितना भुगतान किस-किस समूह/संस्‍था को किया गया? या किया जाना शेष है? आँगनवाड़ी केन्‍द्रवार बताएं। (ख) आँगनवाड़ी केन्‍द्रों में पूरक पोषण आहार प्रदाय करने के क्‍या नियम/निर्देश हैं? नियम/निर्देश की प्रति संलग्‍न कर जानकारी दें कि क्‍या कोलारस विधान सभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले आँगनवाड़ी केन्‍द्रों में मीनू अनुसार पूरक पोषण आहार प्रदाय किया जा रहा है? यदि हाँ, तो वर्ष 2015 में किन-किन ने कब-कब कहाँ-कहाँ मीनू अनुसार पूरक पोषण आहार चेक किया? (ग) क्‍या कोलारस विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आँगनवाड़ी केन्‍द्रों के सतत् निरीक्षण हेतु पर्यवेक्षक नियुक्‍त हैं? यदि हाँ, तो कौन-कौन से सुपरवाईज़र के अधीन कौन-कौन से आँगनवाड़ी केन्‍द्र आते हैं? इन सुपरवाईज़र के द्वारा वर्ष 2015 में कौन-कौन से आँगनवाड़ी केन्‍द्रों का कब-कब निरीक्षण किया गया? निरीक्षण में क्‍या खामियां पाई गईं? (घ) कोलारस विधान सभा क्षेत्र के अंतर्गत किन-किन आँगनवाड़ी/मिनी आँगनवाड़ी केन्‍द्रों में कौन-कौन आँगनवाड़ी कार्यकर्ता/सहायिका कार्यरत हैं? इनमें से किन-किन आँगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को जनवरी-2016 की स्थिति में प्रशिक्षण नहीं दिलाया गया? प्रशिक्षण न दिलाने का क्‍या कारण है?

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) कोलारस विधानसभा क्षेत्र के विकासखण्ड बदरवास अंतर्गत नगरीय क्षेत्र में 11 तथा ग्रामीण क्षेत्र में 176 आँगनवाड़ी केन्द्र एवं 34 मिनी आँगनवाड़ी केन्द्र संचालित हैं तथा विकासखण्ड कोलारस अंतर्गत नगरीय क्षेत्र में 17 तथा ग्रामीण क्षेत्र में 192 आँगनवाड़ी केन्द्र एवं 50 मिनी आँगनवाड़ी केन्द्र संचालित हैं। जी हाँ। उक्त आँगनवाड़ी केन्द्रों में 03 से 06 वर्ष तक के बच्चों एवं मंगलवार के दिन 06 माह से 03 वर्ष तक के बच्चे, गर्भवती/धात्री माताओं को सांझा चूल्हा कार्यक्रम अंतर्गत स्व-सहायता समूहों के माध्यम से निर्धारित मात्रा एवं मीनू अनुसार ताजा, गर्म नाश्ता एवं भोजन प्रदाय किया जाता है, हितग्राही संख्या एवं भुगतान की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। 06 माह से 03 वर्ष तक के बच्चों एवं गर्भवती/धात्री माताओं, किशोरी बालिकाओं को टेकहोम राशन (टी.एच.आर.) निर्धारित मीनू एवं मात्रा अनुसार एम.पी. एग्रो इन्डस्ट्रीज डेव्‍हलपमेन्ट कार्पोरेशन लिमिटेड के माध्यम से प्रदाय किया जाता है, जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। (ख) आँगनवाड़ी केन्द्रों में पूरक पोषण आहार प्रदाय करने के नियम निर्देश की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। जी हाँ। शासन निर्देशों के तहत् निर्धारित मीनू अनुसार पूरक पोषण आहार प्रदाय किया जा रहा है। आँगनवाड़ी केन्द्रों पर स्व-सहायता समूहों द्वारा प्रदाय नाश्ता एवं भोजन का प्रतिदिन पंचनामा तैयार किया जाता है। पंचनामा आँगनवाड़ी कार्यकर्ता, आशा कार्यकर्ता, स्व-सहायता समूह के प्रतिनिधि अथवा रसोईया, पालक/माता-पिता तथा स्कूल परिसर में आँगनवाड़ी केन्द्र होने पर प्रधानाध्यापक द्वारा नामांकित प्रतिनिधि द्वारा पंचनामें पर हस्ताक्षर किया जाकर प्रतिदिन पूरक पोषण आहार का सत्यापन किया जाता है। निर्देश पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। (ग) जी हाँ। आँगनवाड़ी केन्द्रों के सतत् निरीक्षण हेतु पर्यवेक्षक नियुक्त हैं। सुपरवाईज़र के अधीन आने वाले आँगनवाड़ी केन्द्रों तथा सुपरवाईज़र के द्वारा वर्ष 2015 में कब-कब किस आँगनवाड़ी केन्द्र का निरीक्षण किया गया, निरीक्षण में पाई गई खामियों की सुपरवाईजरों की माहवार टूर डायरी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। (घ) आँगनवाड़ी/मिनी आँगनवाड़ी केन्द्रों में कार्यरत आँगनवाड़ी कार्यकर्ता/मिनी आँगनवाड़ी कार्यकर्ता/सहायिका की सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। इनमें से जनवरी 2016 की स्थिति में प्रशिक्षण नहीं दिलाया गया एवं प्रशिक्षण न दिलाने के कारण की सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है।

बीमारी सहायता योजना में खर्च राशि

20. ( *क्र. 4714 ) श्री मुकेश नायक : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भोपाल में चिरायु अस्‍पताल और बैरागढ़ स्थित चिरायु मेडीकल कॉलेज अस्‍पताल को वर्ष 2012-2013 से जनवरी 2015 तक राज्‍य बीमारी सहायता निधि, मुख्‍यमंत्री बाल ह्दय उपचार योजना, दीनदयाल अन्‍त्‍योदय उपचार योजना के अंतर्गत कुल कितनी धनराशि कितने मरीजों के उपचार के लिये दी गयी? वर्षवार जानकारी देवें। (ख) राज्‍य बीमारी सहायता निधि, मुख्‍यमंत्री बाल ह्दय उपचार योजना, दीनदयाल अन्‍त्‍योदय उपचार योजना शासन ने कब से शुरू की और वर्ष 2012-2013 से वर्ष 2015-2016 तक इन योजनाओं के मदों में कितनी धनराशि का प्रावधान किया गया तथा आवंटन किया गया?

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, भोपाल से प्राप्त भोपाल जिले की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) राज्य बीमारी सहायता निधि वर्ष 1997 में मुख्यमंत्री बाल हृदय उपचार योजना वर्ष 2011 में एवं दीनदयाल अंत्योदय उपचार योजना वर्ष 2004 से शासन द्वारा शुरू की गई। वर्ष 2012-2013 से वर्ष 2015-2016 तक इन योजनाओं के मदों, धनराशि का प्रावधान तथा आवंटन की जानकारी निम्नानुसार है :-

आंकडे हजार रूपये में

क्र.

योजना का नाम

 

बजट प्रावधान

आवंटन राशि

2012-13

2013-14

2014-15

2015-16

2012-13

2013-14

2014-15

2015-16

1.

राज्य बीमारी सहायता निधि

750000

700000

800000

800000

745808

666016

642108

745602

2.

मुख्यमंत्री बाल हृदय उपचार योजना

40000

40000

50000

50000

40000

26670

19910

25337

3.

दीनदयाल अन्त्योदय उपचार योजना

463200

422200

342200

351200

292677

341486

262800

279970


परिशिष्ट - ''आठ''

मैहर विधानसभा क्षेत्र में उप स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्रों की स्‍वीकृति

21. ( *क्र. 7418 ) श्री नारायण त्रिपाठी : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मैहर विधानसभा क्षेत्र में वर्तमान में कहाँ-कहाँ कब से उप स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र संचालित हैं? प्रत्‍येक उप स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र पर उपलब्‍ध सुविधाओं व पदस्‍थ स्‍टाफ का विवरण दें। (ख) मैहर विधानसभा क्षेत्र में कहाँ-कहाँ नये उप स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र खोले जाना प्रक्रियाधीन व कहाँ-कहाँ आगामी कार्ययोजना में प्रस्‍तावित हैं? (ग) मैहर विधानसभा क्षेत्रांतर्गत कहाँ-कहाँ के उप स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्रों हेतु कब-कब भवन स्‍वीकृत किये गये व उनके निर्माण की वर्तमान में क्‍या स्थिति है? कौन-कौन से उप स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र भवनविहीन हैं? इनके लिए कब तक नवीन भवन स्‍वीकृत किये जाकर निर्मित कराये जावेंगे?

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। (ख) विधान सभा क्षेत्र मैहर के अंतर्गत ग्राम पिपरा बरबंड, गोरइया, भंटिगवा, बठिया, धतूरा, अरकण्डी, पहाड़ी, सलइया, जूरा, डेलहा, हरनामपुर, जीतनगर, पाला, लुढौती, कुटाई, रिगरा, बरहिया एवं ककरा में नवीन उप स्वास्थ्य केन्द्र की स्वीकृति की कार्यवाही प्रचलन में है एवं वर्तमान में भविष्य की कोई कार्ययोजना प्रस्तावित नहीं है। (ग) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। यथा शीघ्र, निश्चित समयावधि बताना संभव नहीं।

असफल नसबंदी ऑपरेशन में क्षतिपूर्ति राशि का प्रावधान

22. ( *क्र. 6655 ) श्री के. के. श्रीवास्‍तव : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या नसबंदी ऑपरेशन असफल होने पर पीड़ि‍त पक्ष के लिये क्षतिपूर्ति का कोई नियम शासन स्‍तर पर है? यदि हाँ, तो बतायें? (ख) क्षतिपूर्ति की भरपाई पीड़ि‍त पक्ष को कितनी समयावधि के अंदर हो जानी चाहिये? (ग) टीकमगढ़ जिले में विगत तीन वर्ष में ऐसे कौन-कौन से प्रकरण कब से लंबित हैं, जिनमें पीड़ि‍त पक्ष को प्रश्‍न दिनांक तक क्षतिपूर्ति का लाभ नहीं मिला? सूची उपलब्‍ध करायें। (घ) श्रीमती गीता पत्‍नी प्रह्लाद आदिवासी (कुचबंदिया) निवासी मऊ चुंगी, टीकमगढ़ का प्रकरण अभी तक क्‍यों लंबित है? इसके लिये कौन-कौन दोषी हैं? इनके विरूद्ध क्‍या कार्यवाही कब तक करेंगे?

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) जी हाँ। भारत शासन के दिशा निर्देश की छायाप्रति संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार। (ख) हितग्राही द्वारा परिवार कल्याण ऑपरेश्‍न असफल होने की सूचना 90 दिवस के अंदर निर्धारित प्रपत्रों में आवश्‍यक अभिलेखों सहित प्रस्तुत करने पर उसके नियमानुसार परीक्षण उपरांत सही पाये जाने पर यथाशीघ्र क्षतिपूर्ति राशि के भुगतान की कार्यवाही की जाती है। (ग) सूची संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार(घ) संबंधित हितग्राही को क्षतिपूर्ति राशि रू. 30,000/- (तीस हजार) मात्र का भुगतान नियमानुसार उनके बैंक खाते में दिनांक 27.02.2016 को हस्तांतरित कर दी गई। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''नौ''

पंजीबद्ध आवेदनों/प्रकरणों पर कार्यवाही

23. ( *क्र. 7432 ) श्री चम्पालाल देवड़ा : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भोपाल के कोलार थाना अंतर्गत मेसर्स कृष्‍णा बिल्‍डर्स एंड डेवलपर्स श्री सुनील अग्रवाल (टीबडेवाल) आत्‍मज श्री ओमप्रकाश टीबडेवाल पता जी-1 सागर होम्‍स फेस 1, 274, ए-सेक्‍टर कोलार रोड, भोपाल के विरूद्ध किन-किन के द्वारा कितनी शिकायतें अमानत में खयानत, धोखाधड़ी व जालसाजी के वर्ष 2013 से प्रश्‍न दिनांक तक प्राप्‍त हुई हैं? (ख) दिनांक 16.12.15 की प्रश्‍नोत्‍तरी में मुद्रित अता. प्रश्‍न संख्‍या-107 (क्रमांक 2196) में उल्‍लेखित आवासीय भूखण्‍ड क्रमांक 8, 102 के लिए दिए गए पी.डी.सी. (पोस्‍ट डेटेड) चैक के प्रकरणों में आज दिनांक तक क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई दिनांक वार विवरण दें? क्‍या पीड़ि‍त पक्षों को भुगतान हो पाया है? यदि हाँ, तो कब कितनी राशि का? (ग) यदि नहीं, तो क्‍यों कब तक प्रश्‍नांश (ख) के प्रकरणों के साथ-साथ अन्‍य का निराकरण कर दिया जायेगा एवं फर्जी कार्य करने वाले श्री टीबडेवाल के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की जायेगी? (घ) श्री टेबडेवाल के विरूद्ध इतनी शिकायतें प्राप्‍त होने पर भी कार्यवाही नहीं किए जाने का क्‍या कारण हैं? कब तक कार्यवाही की जायेगी?

गृह मंत्री ( श्री बाबूलाल गौर ) : (क) भोपाल के कोलार थाना अंतर्गत मेसर्स कृष्णा बिल्डर्स एंड डेवलपर्स, श्री सुनील अग्रवाल (टीबडेवाल) के विरूद्ध प्रश्नांकित अवधि में श्री प्रकाश वाधवानी आत्मज श्री गोपीचन्द वाधवानी, श्री सुनील मेवानी आत्मज श्री जे.एस. मेवानी, श्रीमती सरोज सक्सेना पत्नी श्री अरूण सक्सेना, श्रीमती साधना माथुर पत्नी श्री उमेश कुमार माथुर तथा श्री मनोहर आत्मज श्री राजमल सिंह द्वारा इस प्रकार कुल 05 शिकायत पत्र धोखाधड़ी के संबंध में प्राप्त हुए हैं। (ख) दिनांक 16.12.2015 की प्रश्नोत्तरी में मुद्रित अता. प्रश्न संख्या-107 (क्र. 2196) में उल्लेखित आवासीय भू-खण्ड क्रमांक 8, 102 क्रमशः शिकायतकर्ता श्रीमती साधना माथुर एवं श्रीमती सरोज सक्सेना से संबंधित है। अनावेदक सुनील अग्रवाल (टीबडेवाल) के विरूद्ध सक्षम न्यायालय में धारा 138 नेगोशियेबल इन्‍स्‍ट्रूमेन्‍ट एक्ट, 1881 के तहत कार्यवाही विचाराधीन है। इस संबंध में किसी भी शिकायतकर्ता/पीड़ि‍त को कोई भुगतान नहीं हुआ है। (ग) भोपाल के कोलार थाना अंतर्गत मेसर्स कृष्णा बिल्डर्स एण्ड डेवलपर्स के श्री सुनील अग्रवाल (टीबडेवाल) के विरूद्ध प्रश्नांकित अवधि में प्राप्त शिकायत पत्रों में से शिकायतकर्ता श्री मनोहर की शिकायत को छोड़कर शेष शिकायतों की जाँच की जा चुकी है। जाँच पर शिकायतें पुलिस हस्तक्षेप योग्य न पाये जाने से प्रकरण पंजीबद्ध नहीं किये गये हैं। शिकायतकर्ता श्री मनोहर आत्मज श्री राजमल सिंह की शिकायत जाँच शीघ्र पूर्ण की जाएगी एवं तथ्यों/साक्ष्यों के आधार पर विधि अनुरूप कार्यवाही की जायेगी। समय-सीमा बताना संभव नहीं है। (घ) श्री सुनील अग्रवाल (टीबडेवाल) के विरूद्ध प्राप्त शिकायतों की जाँच विधि अनुरूप की गई है। उपलब्ध तथ्यों/साक्ष्यों के आधार पर चार शिकायतों में मामला पुलिस हस्तक्षेप योग्य नहीं पाये जाने से कार्यवाही नहीं की गई है तथा वर्तमान में एक शिकायत जाँचाधीन है। जाँच में आये तथ्य/साक्ष्य के आधार पर विधि अनुरूप कार्यवाही की जाएगी। समय-सीमा बताना संभव नहीं है।

खाद्यान्‍न आवंटन में अनियमितता

24. ( *क्र. 7244 ) श्री निशंक कुमार जैन : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या शासन की योजना के अंतर्गत खाद्यान्‍न नागरिक आपूर्ति निगम द्वारा उचित मूल्‍य की दुकानों को वितरित किया जा रहा है या नहीं? (ख) विदिशा जिले में खाद्यान्‍न नागरिक आपूर्ति निगम द्वारा माह अगस्‍त, 2015 से नवम्‍बर, 2015 में कितना राशन/खाद्यान्‍न किस-किस दुकान को, कितना आवंटित किया गया है? (ग) क्‍या प्रश्‍नकर्ता के विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम बांसादेही, चाठौली, दैयरपुर, धौखेडा, गुन्‍नौठा, ग्‍यारसपुर, हैदरगढ़, इमलावदा, इंदनवास, कोलुआधामनोद, कोलुआजागीर, मदनई, मानोरा, मोहम्‍मदगढ़, नौरजा, औलिंजा, पथरई एवं पुरागुंसाई की उचित मूल्‍य की दुकान को आवंटित खाद्यान्‍न के विरूद्ध कम आवंटन माह अगस्‍त से नवम्‍बर, 2015 में प्रदान किया गया है या नहीं? इसके लिये कौन दोषी है? कम खाद्यान्‍न प्राप्‍त होने पर किस हितग्राहियों/स्‍वसहायता समूह को वितरित नहीं हो सका है?

खाद्य मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जी हाँ। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) जी हाँ, मध्‍यप्रदेश स्‍टेट सिविल सप्‍लाईज कॉर्पोरेशन द्वारा माह की 01 तारीख के पूर्व स्‍कंध पहुंचाने की दृष्टि से तीन माह के आवंटन को औसत मानकर राशन सामग्री उचित मूल्‍य दुकानों पर पहुंचायी गयी, जिसके कारण प्रश्‍नांकित दुकानों में राशन सामग्री का कम मात्रा में प्रदाय हुआ। कम प्रदायित सामग्री का आगामी माहों में समायोजन किये जाने से पात्र परिवार सामग्री पाने से वंचित नहीं रहे।

बैतूल जिले में जननी एक्‍सप्रेस का संचालन

25. ( *क्र. 6156 ) श्री चन्‍द्रशेखर देशमुख : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या बैतूल जिले के स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र में 2013-14 से 2015-16 (फरवरी, 16) तक जननी एक्‍सप्रेस का संचालन किया जा रहा है? यदि हाँ, तो इस प्रकार की योजना में क्‍या निविदा का प्रावधान है? यदि हाँ, तो निविदायें किस-किस वर्ष किन-किन समाचार पत्रों में प्रकाशित की गयी? दिनांक बतायें? यदि हाँ, तो कितनी निविदायें किस-किस दर पर आईं थीं? यदि नहीं, तो बिना समाचार पत्रों में शामिल निविदायें कैसे स्‍वीकार की गई? (ख) इस योजना में निविदा दर क्‍या निर्धारित की गयी थी, जिस दर पर बैतूल में वर्तमान में चल रही है? क्‍या प्रदेश में अन्‍य जगहों पर इसी दर में चल रही है? दर बतायें। (ग) क्‍या यह निविदा दरें किसी सक्षम अधिकारी द्वारा सत्‍यापन के बाद निर्धारित की गयी हैं? (घ) अन्‍य जिलों की तुलना में अधिक दर पर बैतूल में जननी एक्‍सप्रेस चलाने में कौन-कौन से अधिकारी दोषी हैं और उनके विरूद्ध क्‍या कार्यवाही प्रस्‍तावित है?

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) जी हाँ। जी हाँ। वर्ष 2012-13 में माह जुलाई, 2012 को राष्ट्रीय जनादेश में एवं 2015-16 में दिनांक 14 जून, 2015 एवं 15 जून, 2015 को नवभारत एवं राष्ट्रीय जनादेश में प्रकाशित की गई। वर्ष 2012-13 प्राप्‍त 22 निविदाओं एवं दरों की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। वर्ष 2015-16 में 03 निविदाएं प्राप्त हुयी जिनकी दरें निम्नांकित है -

क्र.

फर्म का नाम

दर प्रति कि.मी. के मान से (राशि रु.)

1.

सरस्वती फोटोकॉपी एण्ड ट्रेवल्स आमला

20.00

2.

वेदांश ट्रेवल्स, भोपाल

18.50

3.

बालाजी ट्रेवल्स, बालाघाट

23.00

(ख) जी नहीं। जी नहीं। जिला स्तर पर निविदायें आमंत्रित करते हुए वाहनों को भिन्न-भिन्न दरों पर अनुबंधित कर संचालन किया जा रहा है। (ग) जी हाँ। (घ) उक्‍त प्रकरण में दोषी अधिकारी डॉ. विनोद शाक्य, जिला कार्यक्रम प्रबंधक एवं श्री गिरीश शर्मा, जिला लेखा प्रबंधक एन.एच.एम. का अनुबंध समाप्त कर सेवा से पृथक कर दिया गया है। वर्तमान में जिले में जननी एक्सप्रेस वाहन वर्ष 2012-13 की स्वीकृत दर रु. 18968/- माह में 1500 कि.मी. वाहन संचालन हेतु तथा उससे अधिक चलने पर रु. 6.00/- प्रति कि.मी. के हिसाब से भुगतान पर संचालित किये जा रहे हैं।

परिशिष्ट - ''दस''

 

 



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भाग-2

नियम 46 (2) के अंतर्गत अतारांकित प्रश्नोत्तर के रुप में

परिवर्तित तारांकित प्रश्नोत्तर


खण्डवा सिटी कोतवाली भवन का निर्माण

1. ( क्र. 169 ) श्री देवेन्द्र वर्मा : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) खण्डवा जिला मुख्‍यालय पर स्थित सिटी कोतवाली का भवन किस निर्माण एंजेसी द्वारा बनवाया गया है? क्‍या इसमें निर्माण की मानक गुणवत्‍ता का पालन किया गया है? (ख) क्‍या विभाग में बनने वाले शासकीय भवनों की अनुमति नियमानुसार स्‍थानीय निकाय से प्राप्‍त की गई है? यदि हाँ, तो अनुमति की प्रति उपलब्‍ध कराएं? (ग) क्‍या नगरीय क्षेत्र में स्‍थानीय निकाय की बिना अनुमति के निर्मित भवन अवैध निर्माण की श्रेणी में आते है? विगत तीन वर्षों में खण्डवा पुलिस लाईन एवं नगरीय क्षेत्र में ऐसे कितने निर्माण कराए गए है? क्‍या उनमें निकाय से अनुमति प्राप्‍त की गई है? यदि नहीं, तो क्‍यों? इसके लिए कौन अधिकारी/एजेंसी जिम्‍मेदार है? (घ) क्‍या भविष्‍य में शासकीय भवनों के निर्माण के पूर्व नगर तथा ग्राम निवेश एवं स्‍थानीय निकायों से नियमानुसार अनुमति प्राप्‍त किए जाने का अनिवार्य किये जाने पर विचार किया जाएगा?

गृह मंत्री ( श्री बाबूलाल गौर ) : (क) खण्डवा जिला मुख्यालय पर स्थित सिटी कोतवाली भवन का निर्माण कार्य मध्यप्रदेश पुलिस हाउसिंग कार्पोरेशन द्वारा किया जा रहा है। संस्था द्वारा सिविल कार्यों की गुणवत्ता की जाँच हेतु उपयंत्री अधिकृत किये गये है, जिनके द्वारा निर्माणाधीन भवन के निर्माण कार्य में मानक गुणवत्ता का पालन किया जा रहा है। (ख) विभाग के निर्मित शासकीय भवनों की अनुमति नियमानुसार स्थानीय निकाय से प्राप्त की गई है। आयुक्त नगर पालिका निगम खण्डवा द्वारा प्रदत्त अनुमति की छायाप्रति संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) जी हाँ। विगत तीन वर्षों में खण्डवा पुलिस लाईन एवं नगरीय क्षेत्र में म.प्र. पुलिस हाउसिंग कार्पोरेशन द्वारा निम्नानुसार निर्माण कार्य कराए गएः- (1) 24+96 आवास गृह पुलिस लाईन (2) पुलिस नियंत्रण कक्ष (3) थाना भवन सिटी कोतवाली। उक्‍त निर्माण कार्यों के लिए आयुक्त कार्यालय नगर पालिक निगम, खण्डवा से विधिवत अनुमति प्राप्त की गई। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) प्रश्नांश (ख) एवं (ग) के उत्तर के प्रकाश में प्रश्न उपस्थित नहीं होता। 

परिशिष्ट ''ग्‍यारह''

खण्‍डवा में गुणवत्‍ताहिन भवन निर्माण

2. ( क्र. 194 ) श्री देवेन्द्र वर्मा : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या खण्‍डवा जिला मुख्‍यालय पर स्‍वास्‍थ्‍य विभाग में औषधि स्‍टोर एवं मुख्‍य चिकित्‍सा अधिकारी भवन का निर्माण वर्ष 2010 में किया गया था? यदि हाँ, तो इसकी निर्माण लागत कितनी थी? (ख) इस भवन निर्माण के लिए किस मॉनिटरिंग एजेंसी एवं निर्माण एजेंसी के रूप में किस ठेकेदार ने कार्य किया? उनके नाम, पद एवं वर्तमान पदस्‍थापना सहित जानकारी दी जाए? (ग) क्‍या घटिया भवन निर्माण की शिकायत जाँच में सही पाए जाने पर तत्‍कालीन कलेक्‍टर द्वारा भवन को अनुपयोगी पाया गया था? यदि हाँ, तो इसके निर्माण में कौन-कौन एजेंसी एवं शासकीय अधिकारी जिम्‍मेदार है? (घ) संबंधित एजेंसी द्वारा नवीन भवन कब तक तैयार किया जायेगा तथा शासन के धन का दुरूपयोग करने दोषी ठेकेदार/एजेंसी एवं संबंधित अधिकारियों पर क्‍या भवन लागत राशि की वसूली की जाएगी? यदि हाँ, तो कब तक कार्यवाही की जाएगी?

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) जी हाँ। इसकी निर्माण लागत राशि रूपये 7221218/- थी। (ख) इस भवन निर्माण कार्य के लिये म.प्र वेयर हाउसिंग एवं लॉजिस्टक कॉर्पोरेशन क्षेत्रीय कार्यालय इंदौर, मॉनिटरिंग एजेंसी थी एवं निर्माण एजेंसी के रूप में मेसर्स ए.पी कंस्ट्रक्शन कंपनी मुरैना ने कार्य किया। भवन निर्माण अवधि में मॉनिटरिंग एजेंसी के निम्न अधिकारियों द्वारा कार्य संपादित किया गया-

क्र

मॉनिटरिंग अधिकारी का नाम एवं पद

वर्तमान पदस्थापना

1

श्री ए.अकोलावाला, उपयंत्री

प्रभारी सहायक यंत्री, क्षेत्रीय कार्यालय म.प्र वेयर हाउसिंग लॉजिस्टक कार्पोशन, रीवा

2

श्री जे.के.गांगुर्डे, ऑचलिक अभियंता

सेवानिवृत

3

श्री ए.के.जैन, उपयंत्री

प्रभारी सहायक यंत्री, क्षेत्रीय कार्यालय म.प्र वेयर हाउसिंग लॉजिस्टक कार्पोशन, इंदौर

(ग) जी हाँ। प्रश्नांश की जानकारी (ख) भाग के उत्तर में अंकित अनुसार। (घ) इस निर्माण कार्य के संबंध में प्रकरण क्रमांक/वि./29/06/2014-15 लोकायुक्त संगठन में दर्ज है एवं कार्यवाही प्रचलन में है। जाँच उपरांत लोकायुक्त संगठन की अनुशंसा अनुसार उचित कार्यवाही की जा जावेगी। निश्चित समयावधि बताना संभव नहीं है।

जिला/राज्‍य बीमारी सहायता निधि अंतर्गत भुगतान

3. ( क्र. 386 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या जिला/राज्‍य बीमारी सहायता निधि के अंतर्गत गरीबी रेखा के मरीजों को मान्‍यता प्राप्‍त निर्धारित अस्‍पतालों में ईलाज कराने पर सहायता राशि का भुगतान संबंधित अस्‍पताल को किया जाता है? (ख) यदि हाँ, तो वर्ष 2014-15 एवं 2015-16 में जबलपुर जिले में कितने ऐसे मरीजों की सहायता राशि भुगतान की गई है? अस्‍पतालवार विवरण देवें? (ग) क्‍या सहायता राशि के प्रकरण प्राप्‍त होने पर स्‍वीकृत करने तक की कोई समय-सीमा निर्धारित है? (घ) ऐसे कितने प्रकरण हैं जिन्‍हें सहायता राशि अभी तक उपलब्‍ध नहीं कराई गई है?

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) जी हाँ। (ख) जबलपुर जिले में वर्ष 2014-15 में कुल 296 मरीजों के उपचार हेतु सहायता राशि रूपये 31661573/- एवं वर्ष 2015-16 में 31 जनवरी, 2016 तक कुल 366 मरीजों के उपचार हेतु सहायता राशि रूपये 40530600/- स्‍वीकृत कर अस्‍पताल को भुगतान की गई। अस्‍पतालवार विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार। (ग) जी हाँ। 10 कार्य दिवस समय-सीमा निर्धारित है। (घ) जबलपुर जिले में जिला बीमारी सहायता निधि के अन्‍तर्गत 185 प्रकरण स्‍वीकृत हो चुके हैं जिसका भुगतान चिकित्‍सालय को किया जाना है।

मेडिकल कॉलेज/अस्‍पतालों में विक्षिप्‍त मरीजों की दुर्दशा

4. ( क्र. 387 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या जबलपुर जिले के मेडिकल कॉलेज/अस्‍पतालों/रेल्‍वे स्‍टेशन एवं सड़कों पर लावारिश हालत में विक्षिप्‍त मरीज दुर्दशा में पड़े रहते हैं? (ख) क्‍या ऐसे मरीजों के लिए मेडिकल कॉलेजों में पृथक वार्ड एवं केयर टेकर की आवश्‍यकता है? (ग) यदि हाँ, तो विभाग कब तक विक्षिप्‍त मरीजों के हित में सुव्‍यवस्‍था बनायेगा? यदि नहीं, तो क्‍यों?

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) चिकित्सा महाविद्यालय एवं चिकित्सालय परिसर जबलपुर में विक्षिप्त हालत में मरीज पाये जाने पर उन्हें तत्काल चिकित्सालय में भर्ती कर उपचार किया जाता हैं। (ख) एवं (ग) चिकित्सा महाविद्यालय एवं संबंद्ध चिकित्सालय जबलपुर में मानसिक रोगियों के लिये पृथक विभाग है मानसिक रोगियों के लिये पृथक वार्ड एवं आवश्यक स्टॉफ की व्यवस्था यथाशीघ्र की जावेगी।

आँगनवाड़ी केन्‍द्रों को आवंटित एवं व्‍यय राशि

5. ( क्र. 1036 ) श्री रामपाल सिंह : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या शहडोल जिले के ब्‍यौहारी एवं जयसिंहनगर जनपद अंतर्गत महिला एवं बाल विकास परियोजना संचालित है? यदि हाँ, तो उक्‍त परियोजना अंतर्गत कितने आँगनवाड़ी केन्‍द्र परियोजनावार कहाँ-कहाँ संचालित हैं? (ख) क्‍या प्रश्‍नांश (क) अनुसार यदि हाँ, तो क्‍या सभी आँगनवाड़ी केन्‍द्रों में भवनों की व्‍यवस्‍था है? यदि नहीं, तो कब तक भवन की व्‍यवस्‍था की जावेगी? (ग) क्‍या प्रश्‍नांश (क) का उत्‍तर, क्‍या उक्‍त दोनों परियोजनाओं के संचालन हेतु शासन से राशि आवंटन की जाती है? यदि हाँ, तो परियोजनावार वर्ष 2014-2015 एवं 2015-2016 में कितनी राशि आवंटित की गई और किन-किन कार्यों में कितनी-कितनी व्‍यय की गई?

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) शहडोल जिले के ब्यौहारी एवं जयसिंह नगर जनपद अन्तर्गत बाल विकास परियोजना ब्यौहारी एवं जयसिंहनगर संचालित है जिनमें क्रमश: 212 तथा 339 आँगनवाड़ी केन्द्र संचालित है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र एक अनुसार है। (ख) शहडोल जिले की बाल विकास परियेाजना ब्यौहारी में 136 आँगनवाड़ी भवन तथा जयसिंह नगर में 309 आँगनवाड़ी भवन निर्मित है। आँगनवाड़ी भवनों का निर्माण वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता पर निर्भर करता है, अतः समय-सीमा दिया जाना संभव नहीं है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र दो अनुसार है।

फार्मासिस्‍ट ग्रेड-2 एवं ए.एन.एम. पद पर पदस्‍थ कर्मचारियों के नियमितीकरण

6. ( क्र. 1336 ) श्री गिरीश गौतम : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या 1 मार्च 2012 को विधान सभा के प्रश्‍न क्रमांक 1878 तारांकित प्रश्‍न क्रमांक 2 में संविदा के आधार पर कार्यरत फार्मासिस्‍ट ग्रेड-2 एवं ए.एन.एम. के नियमितीकरण एवं वेतनवृद्धि के संबंध में था? (ख) क्‍या यह भी सही है कि प्रश्‍नकर्ता द्वारा स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री जो को 25.08.13 को एक पत्र देकर फार्मासिस्‍ट ग्रेड-2 एवं ए.एन.एम. के पद पर पदस्‍थ कर्मचारियों का नियमितीकरण एवं वेतनवृद्धि किये जाने का आग्रह किया गया था? अब तक उक्‍त संबंध में क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गयी?

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) जी हाँ। (ख) माननीय स्वास्थ्य मंत्री जी से प्राप्त प्रस्तावों के अनुसार विभाग के अधीन नियमित पदों के विरूद्ध कार्यरत संविदा पैरामेडिकल कर्मचारियों के संविदा वेतन में शासन आदेश दिनांक 04.03.2014 एवं 03.09.2015 द्वारा वृद्धि की गई है। अलिपिकीय पैरामेडिकल संवर्ग के संविदा आधार पर कार्यरत कर्मचारियों के नियमितिकरण नियम बनाने के संबंध में विभागीय प्रस्ताव पर, मुख्य सचिव की अध्यक्षता में वरिष्ठ सचिवों की समिति द्वारा असहमति प्रकट की गई है। संचालनालय के पत्र क्र./3/प.क./सेल-1/2014/1044 दिनांक 01.12.2014 द्वारा अधीनस्थ कार्यालयों में ए.एन.एम. की पदस्थापना स्वीकृत संख्या से अधिक (अतिशेष) होने के कारण नियमित नियुक्ति पर अस्थाई रूप से प्रतिबंध लगाया गया है।

शासकीय चिकित्‍सालयों में नि:शुल्‍क दवाइयां वितरण

7. ( क्र. 2306 ) श्री अरूण भीमावद : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रदेश में शासकीय चिकित्‍सालयों में मरीजों को नि:शुल्‍क दवाइयां प्रदाय की जाती है? कौन-कौन सी दवाइयां शासन स्‍तर पर तथा कौन सी स्‍थानीय स्‍तर पर क्रय किये जाने का प्रावधान है? (ख) क्‍या नि:शुल्‍क दवाइयों का स्‍टाक (भंडारण) सूचीबद्ध एवं उपलब्‍धता संख्‍या के मान से किया जाता है? (ग) यदि हाँ, तो जिला चिकित्‍सालय शाजापुर में नि:शुल्‍क दवाइयां एवं इंजेक्‍शन का भंडारण होने के बाद भी मरीजों को नि:शुल्‍क दवाइयां/इंजेक्‍शन उपलब्‍ध नहीं हुए?

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) जी हाँ। प्रदेश में शासकीय चिकित्सालयों में निःशुल्क दवाइयां प्रदाय की जाती है। जो दवाइयों ई-औषधि की दर सूची में उपलब्ध नहीं है। उनका क्रय दवा नीति 2009 में निहित प्रावधान अनुसार आवंटित बजट की 20 प्रतिशत राशि से स्थानीय स्तर पर किया जा सकता है। (ख) जी हाँ। (ग) जिला चिकित्सालय शाजापुर में मरीजों को निःशुल्क/दवाइयों/इंजेक्शन ई.डी.एल. सूची के अनुसार उपलब्ध रहते है, एवं मरीजों को निःशुल्क वितरण किये जाते है।

निराश्रित महिला गृहों का संचालन

8. ( क्र. 2632 ) श्री विजय सिंह सोलंकी : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) खरगोन जिले में विभागीय या विभागीय सहायता प्राप्‍त निराश्रित महिला गृह कहाँ-कहाँ किन शर्तों पर संचालित हो रहे हैं। नाम, स्‍थान सहित सूची देवें। (ख) विगत 3 वर्षों में जिले की समेकित बाल संरक्षण योजना अंतर्गत कितने हितग्राहियों को लाभांवित किया गया? (ग) जिले में कितने प्रकरणों में घरेलू हिंसा के विरूद्ध महिलाओं की सुरक्षा एवं सहायता प्रदान की?

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) खरगोन जिले में विभागीय या विभागीय सहायता प्राप्‍त निराश्रित महिला गृह वर्तमान में संचालित नहीं हैं। (ख) खरगोन जिले में समेकित बाल संरक्षण योजना अंतर्गत विगत 3 वर्षों में 125 हितग्राहियों को लाभांवित किया गया। (ग) खरगोन जिले में घरेलू हिंसा के विरूद्ध महिलाओं की सुरक्षा एवं सहायता अंतर्गत कुल 560 महिलाओं को सुरक्षा एवं सहायता प्रदान की गई।

इन्‍दौर जिले के पुलिस थानों में पदस्‍थ कर्मचारियों की सूची

9. ( क्र. 2911 ) श्री सुदर्शन गुप्‍ता (आर्य) : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रदेश के पुलिस विभाग के थानों में कार्यरत थाना प्रभारी, आरक्षक, हेड कांस्‍टेबल आदि पदों पर एक ही थाने में पदस्‍थ रहने की समय-सीमा निर्धारित है? यदि हाँ, तो पदवार समय-सीमा स्‍पष्‍ट करें? (ख) इन्‍दौर जिले के पुलिस थानों में कार्यरत स्‍टॉफ व उनकी उस थाने में पदस्‍थी दिनांकवार सूची उपलब्‍ध करावें? (ग) क्‍या प्रश्‍नांश (ख) अनुसार पुलिस थानों में पदस्‍थ कर्मचारी निर्धारित समय-सीमा से अधिक लम्‍बे समय से पदस्‍थ हैं? यदि हाँ, तो पुलिस प्रशासन इनके स्‍थानांतरण हेतु क्‍या कार्यवाही कर रहीं है?

गृह मंत्री ( श्री बाबूलाल गौर ) : (क) जी हाँ। पुलिस मुख्यालय के निर्देश दिनांक 30.03.2015 के अनुसार किसी एक थाने में किसी भी कर्मचारी की एक पद पर पदस्थापना सामान्यतः 04 वर्ष तथा अधिकतम 05 वर्ष से अधिक नहीं हो। आरक्षक से उप निरीक्षक के पद पर किसी भी कर्मचारी की एक ही अनुविभाग में विभिन्न पदों पर कुल पदस्थापना अवधि 10 वर्ष से अधिक नहीं हो। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार(ग) निरीक्षक/उप निरीक्षक स्तर के किसी भी अधिकारी के एक ही थाने में 05 वर्ष पूर्ण नहीं हुये है। आरक्षक से सहायक उप निरीक्षक स्तर के ऐसे अधिकारी/कर्मचारी जिन्हें वर्तमान पदस्थापना में 05 वर्ष पूर्ण हो चुके है, उनके स्थानांतरण पर सामान्य स्थानांतरण के समय प्रशासनिक आधार पर विचार किया जा सकेगा।

महाराजा यशवंत राव चिकित्‍सालय इन्‍दौर में मेन्‍टेनेंस कार्यों में अनियमितता

10. ( क्र. 2921 ) श्री राजेश सोनकर : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या महाराजा यशवंत राव चिकित्‍सालय इन्‍दौर में लिफ्ट आदि का वार्षिक मेंटेनेंस कार्य किया जाता है? यदि हाँ, तो मेंटेनेंस कार्य किसी बाह्य संस्‍था द्वारा किया जाता है? यदि हाँ, तो किन शर्तों पर एवं किस एजेन्‍सी द्वारा मेंटेनेंस कार्य किया जाता है? (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में क्‍या म.य.चि. में पिछले दिनों लिफ्ट बंद होने के कारण किसी मरीज की मृत्‍यु हुई थी? क्‍या उक्‍त लिफ्ट का मेंटेनेंस कार्य नियमित किया गया था? उक्‍त लिफ्ट कितने वर्षों पुरानी थी? (ग) प्रश्‍नांश (ख) के संदर्भ में क्‍या जिले के प्रभारी मंत्री महोदय द्वारा महाराजा यशवंतराव चिकित्‍सालय का निरीक्षण इस दुखद घटना के बाद तत्‍काल किया गया था? माननीय मंत्री महोदय द्वारा निरीक्षण के दौरान क्‍या-क्‍या निर्देश दिये गये थे? उक्‍त निरीक्षण में कौन-कौन से विभागीय अधिकारी मौजूद थे? (घ) प्रश्‍नांश (ग) के संदर्भ में क्‍या इस निरीक्षण के दौरान माननीय मंत्री महोदय द्वारा तत्‍काल नई लिफ्ट लगाई जाने हेतु संबंधितों को कोई निर्देश दिया था? यदि हाँ, तो कितने दिनों में (किस दिनांक तक) लिफ्ट लगाने के निर्देश दिये थे? क्‍या प्रश्‍न दिनांक तक लिफ्ट लगाई? यदि नहीं, तो लिफ्ट न लगाने के क्‍या कारण है? संबंधित अधिकारियों द्वारा माननीय प्रभारी मंत्री महोदय के आदेशों का पालन भी नहीं किया गया? क्‍या 15 जनवरी 2016 तक लिफ्ट लगाने की समय-सीमा तय थी?

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) जी हाँ। म.य. चिकित्‍सालय, इन्‍दौर में लिफ्ट का वार्षिक मेंटेनेंस का कार्य मेसर्स टाटा एलिवेटर, इन्‍दौर द्वारा किया जाता हैा शर्तों की छायाप्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ख) म.य. चिकित्‍सालय, इन्‍दौर में जिस मरीज की मृत्‍यु हई थी उसे गंभीर स्थिति में लाया गया था। आकस्मिक चिकित्‍सा विभाग द्वारा उपचार के पश्‍चात उसे आई.सी.सी.यू. मेडिसिन विभाग में भर्ती हेतु लिफ्ट के द्वारा शिफ्ट किया जा रहा था। लिफ्ट का मेंटेनेंस कार्य नि‍यमित किया जाता है। चिकित्‍सालय में स्‍थापित लिफ्ट 12 वर्ष से अधिक पुरानी है। (ग) इन्‍दौर के माननीय प्रभारी मंत्रीजी द्वारा म.य. चिकित्‍सालय का निरीक्षण किया गया था। माननीय प्रभारी मंत्रीजी द्वारा निरीक्षण के दौरान नई लिफ्ट लगाने के निर्देश दिये गये थे। उक्‍त निरीक्षण में प्रभारी अधिष्‍ठाता, मेडिकल कालेज, इन्‍दौर, अधीक्षक म.य.चिकित्‍सालय एवं लोक निर्माण विभाग के अधिकारीगण उपस्थित थे। (घ) जी हाँ। निरीक्षण के दौरान माननीय प्रभारी मंत्रीजी द्वारा नई लिफ्ट लगाने हेतु निर्दे‍श दिये गये थे। माननीय प्रभारी मंत्रीजी द्वारा नई लिफ्ट लगाने हेतु जनवरी, 2016 तक लिफ्ट लगाने के निर्देश दिये गये थे। जी नहीं। प्रश्‍न दिनांक तक नई लिफ्ट स्‍थापित नहीं की गई है। लिफ्ट लगाने के लिये म.य.चिकित्‍सालय, इन्‍दौर द्वारा अधिष्‍ठाता, मेडिकल कालेज, इन्‍दौर को एक मांग पत्र प्रेषित किया गया एवं उनके द्वारा इसे लोक निर्माण विभाग (ई. एवं एम.) की ओर अग्रेषित किया गया था। लोक निर्माण विभाग द्वारा प्राक्‍कलन अधिष्ठाता कार्यालय को प्रेषित किया गया। तदुपरांत अधिष्‍ठाता, कार्यालय ने शासन को प्राक्‍कलन पत्र दिनांक 01.12.2015 द्वारा प्रेषित किया गया था। शासन ने पत्र दिनांक 07.12.2015 द्वारा प्राक्‍कलन पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र 1 एवं 2 में भेजने हेतु अधिष्‍ठाता, इन्‍दौर को निर्देशित किया तदुपरांत वित्‍त विभाग के पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र 1 एवं 2 अनुसार प्राक्‍कलन संचालनालय चिकित्‍सा शिक्षा को अधिष्‍ठाता के पत्र दिनांक 08.01.2016 के द्वारा भेजे गये थे। उक्‍त संबंध में प्राप्‍त प्रस्‍ताव संचालनालय चिकित्‍सा शिक्षा द्वारा अपनी टीप दिनांक 08.02.2016 द्वारा शासन को प्रेषित किया गया है। जिस पर कार्यवाही प्रचलित है। माननीय प्रभारी मंत्रीजी द्वारा जनवरी, 2016 तक लिफ्ट लगाने के निर्देश दिये गये थे।

थाना हनुमानताल जबलपुर में बम काण्‍ड 2015

11. ( क्र. 3559 ) श्री अंचल सोनकर : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जबलपुर जिले के अंतर्गत थाना हनुमानताल में वर्ष 2015 में कितने बम कांड हुये? इन बम कांड से कितने लोग घायल हुये, कितनों की मृत्‍यु हुई? बम काण्‍ड करने वाले कितने अपराधियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया? (ख) क्‍या वर्ष 2015 में थाना हनुमानताल के अंतर्गत रहीस उर्फ चपटा द्वारा बम कांड किया गया था? यदि हाँ, तो इस बम कांड में कितने लोग घायल हुये, कितने लोगों की मृत्‍यु हुई? क्‍या बम कांड अपराधी रहीस उर्फ चपटा पकड़ा गया, उस पर कौन-कौन सी धारायें लगाई गई? (ग) प्रश्‍नांश (ख) का आरोपी की क्‍या मा. न्‍यायालय से जमानत हो गई है? यदि हाँ, तो किस आधार पर जमानत हुई वर्तमान में क्‍या रहीस उर्फ चपटा के बम कांड प्रकरण की जाचं चल रही है? यदि हाँ, तो जाँच अधिकारी का नाम बतावे एवं जाँच अधिकारी द्वारा अब तक किन-किन तथ्‍यों पर जाँच की? (घ) क्या रहीस उर्फ चपटा पर विभिन्‍न प्रकार के अनेकों केस चल रहे हैं, जिनकी विभाग द्वारा समय-सीमा में जाँच, केस डायरी एवं रिर्पोट न सौंपने के कारण मा. न्‍यायालय से जमानत का लाभ ले कर पुन: आपराधिक कृत्‍य करता है? यदि हाँ, तो ऐसे अपराधी के प्रकरण में जाँच में हीला हवाली करने वाले अधिकारी पर शासन क्‍या कार्यवाही कब तक करेगा? रहीस पर अनेकों केस होने के उपरांत भी मीसा अथवा जिला बदर जैसी कार्यवाही प्रस्‍तावित क्‍यों नहीं की गई?

गृह मंत्री ( श्री बाबूलाल गौर ) : (क) जबलपुर जिले के अंतर्गत थाना हनुमानताल में वर्ष 2015 में विस्फोटक पदार्थ अधिनियम के कुल 07 प्रकरण पंजीबद्ध किये गये हैं। इन प्रकरणों में न तो कोई व्यक्ति घायल हुआ है और न ही किसी व्यक्ति की मृत्यु हुई है। इन प्रकरणों में 12 अपराधियों को गिरफ्तार कर न्यायालय के आदेश से जेल भेजा गया है। (ख) दिनांक 03.09.2015 को श्री मंसूर अहमद के घर पर बम फेंकने की रिपोर्ट पर थाना हनुमानताल में आरोपी रहीस उर्फ चपटा के विरूद्ध अपराध क्रमांक 608/15, धारा 3/5 विस्फोटक पदार्थ अधिनियम पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है। इस घटना में न तो कोई व्यक्ति घायल हुआ है और न ही किसी व्यक्ति की मृत्यु हुई है। प्रकरण में साक्ष्य के अभाव में खात्मा कता किया गया है। (ग) प्रश्नांश के आरोपी रहीस उर्फ चपटा की जमानत के संबंध में माननीय न्यायालय से कोई आदेश पुलिस को प्राप्त नहीं हुआ है। आरोपी श्री रहीस उर्फ चपटा द्वारा प्रकरण की जाँच कराये जाने हेतु आवेदन पत्र पुलिस अधीक्षक, जबलपुर को दिया गया था जिसकी जाँच नगर पुलिस अधीक्षक, ओमती श्री अजीम खान द्वारा की गई। जाँच के आधार पर साक्ष्य के अभाव में अपराध में खात्मा क्रमांक 1/16 कता किया गया है। (घ) श्री रहीस उर्फ चपटा पर वर्ष 1986 से कुल 32 प्रकरण पंजीबद्ध किये गये जिनमे वर्तमान में 01 प्रकरण पुलिस विवेचना में है। शेष प्रकरणों में पुलिस द्वारा नियमानुसार विवेचना कर माननीय न्यायालयों में चालान प्रस्तुत किये गये हैं। उक्त प्रकरणों में जमानत का लाभ पुलिस की लापरवाही से नहीं मिला है। किसी भी अधिकारी का इस संबंध में दोष नहीं पाया गया है। श्री रहीस उर्फ चपटा पर वर्ष 1992 में एन.एस.ए. की कार्यवाही की गई थी। वर्ष 2007 के बाद 7-8 वर्षों तक अपराध घटित न करने के कारण जिला बदर की कार्यवाही प्रस्तावित नहीं की गई।

भिण्‍ड जिले में गायब हुए बच्‍चे-बच्चियां

12. ( क्र. 4374 ) डॉ. गोविन्द सिंह : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भिण्‍ड जिले में 01 जनवरी 2012 से 31 जनवरी 2016 तक 18 वर्ष से कम उम्र के कितने बच्‍चे, बच्चियां गायब हुए? गायब हुए बच्‍चे-बच्चियों में से पुलिस द्वारा किन-किन को बरामद किया गया? यदि नहीं, तो क्‍यों? (ख) उपरोक्‍त प्रश्‍नांश के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍नकर्ता के पत्र क्रमांक 15-16/116 दिनांक 19.07.2015 के संदर्भ में पुलिस महानिरीक्षक चम्‍बल जोन ने पत्र क्र./पुमनि/चजोन/रीडर/एल/3154-सी/15 दिनांक 22.12.2015 के द्वारा दी गई जानकारी में गायब हुए बच्‍चे-बच्चियों के नाम-पता एवं गायब होने के संबंध में दर्ज अपराध क्रमांक व दिनांक सहित पूर्ण विवरण दें?

गृह मंत्री ( श्री बाबूलाल गौर ) : (क) भिण्ड जिले में 01 जनवरी, 2012 से 31 जनवरी, 2016 तक 18 वर्ष से कम उम्र के गुमशुदा बालक/बालिकाओं की कुल संख्या 359 है। बरामद हुए बालक/बालिकाओं के नाम तथा अदम बारामदगी के कारण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार हैं। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है।

शस्‍त्र लायसेंस जारी किया जाना

13. ( क्र. 4375 ) डॉ. गोविन्द सिंह : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भिण्‍ड जिले में 1 जनवरी 2015 से 31 जनवरी 2016 तक कितने व्‍यक्तियों के नवीन, फौती, वृद्धावस्‍था एवं स्‍थानांतर के आवेदन पुलिस अधीक्षक व अनुशंसा सहित जिला दण्‍डाधिकारी कार्यालय में प्राप्‍त हुए? सूची देवें? (ख) उक्‍त अवधि में जिला दण्‍डाधिकारी भिण्‍ड द्वारा कितने आवेदन लायसेंस जारी किए गए एवं कितने आवेदन निरस्‍त किए गए एवं किन-किन के आवेदन विचाराधीन हैं? क्‍या म.प्र. शासन गृह द्वारा मंत्रालय फौती, वृद्धावस्‍था एवं स्‍थानांतर शस्‍त्र लायसेंस बनाने के निर्देश दिए थे? यदि हाँ, तो उक्‍त अवधि में शस्‍त्र लायसेंस स्‍वीकृत न करने के क्‍या कारण हैं? (ग) ग्‍वालियर एवं चंबल संभाग के किन-किन जिला पंचायत अध्‍यक्ष/उपाध्‍यक्ष को वर्ष 2015-16 में रिवाल्‍वर/पिस्‍टल शस्‍त्र लायसेंस प्राप्‍त करने का आवेदन कलेक्‍टर की अनुशंसा सहित म.प्र. शासन गृह मंत्रालय को भेजे गये? उनमें से किन-किन के शस्‍त्र लायसेंस स्‍वीकृत किए गए? नाम पता सहित बताएं? (घ) क्‍या रिवाल्‍वर/पिस्‍टल लायसेंस स्‍वीकृति के बाद पूर्व स्‍वीकृत एन.पी.बोर/12 बोर शस्‍त्र लायसेंस को जमा करने एवं शस्‍त्र की सीमा कम करने का भारत सरकार/म.प्र. सरकार को कोई आदेश हैं? यदि हाँ, तो आदेश की प्रति दें? (ड.) क्‍या प्रदेश की राजधानी भोपाल मुख्‍यालय पहुंचने हेतु प्रदेश के अनेक नागरिकों को उ.प्र. की सीमा से गुजर कर जाना पड़ता है? यदि हाँ, तो बीच में उ.प्र. या अन्‍य प्रांत की सीमा से गुजरने हेतु रिवाल्‍वर/पिस्‍टल/एन.पी. बोर शस्‍त्र लायसेंस की सीमा वृद्धि की जाएगी? यदि नहीं, तो क्‍यों?

गृह मंत्री ( श्री बाबूलाल गौर ) : (क) भिण्ड जिले में 01 जनवरी, 2015 से 31 जनवरी 2016 तक नवीन 31, फौती-257, वृद्धावस्था के 90, इस प्रकार कुल 378 आवेदन पत्र पुलिस अधीक्षक व अनुशंसा सहित जिला दण्डाधिकारी कार्यालय को प्राप्त हुए। सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। (ख) उक्त अवधि में उक्त आवेदनों में से 83 आवेदकों को शस्त्र लायसेंस जारी किये गये हैं तथा 09 आवेदकों के पिस्टल/रिवाल्वर शस्त्र लायसेंस हेतु प्रस्ताव इस विभाग को अग्रेषित किये गये हैं व उक्त अवधि में कोई भी आवेदन निरस्त नहीं किये गए हैं। विभाग द्वारा 09 प्रकरणों में से 03 में सहमति आदेश दिया गया है, 06 विचाराधीन हैं। जी हाँ। उक्त अवधि में 62 फौती एवं 07 वृद्धावस्था/ट्रांसफर के लायसेंस जारी किये गये हैं। शेष प्रकरण आवेदकों द्वारा वांछित दस्तावेज पेश न करने व औपचारिकताएं पूर्ण नहीं होने से विचाराधीन हैं। (ग) ग्वालियर संभाग के किसी भी जिला पंचायत के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष को शस्त्र लायसेंस जारी नहीं किये गये। चंबल संभाग के जिला भिण्ड के जिला पंचायत अध्यक्ष श्री रामनारायण हिण्डोलिया को आत्मरक्षार्थ एक अवर्जित बोर पिस्टल/रिवाल्वर शस्त्र लायसेंस स्वीकृत किये जाने की सहमति प्रदान की गई है। (घ) जी हाँ। प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। (ड.) जी हाँ। लायसेंस की सीमाक्षेत्र का निर्धारण सुरक्षा की आवश्यकताओं के दृष्टिगत प्रकरणवार आवेदन पर निर्धारित प्रारूप में जिला दण्डाधिकारी से रिपोर्ट प्राप्त कर कार्यवाही की जाती है।

बैरसिया अंतर्गत उचित मूल्‍य की दुकान

14. ( क्र. 4526 ) श्री विष्‍णु खत्री : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बैरसिया विधानसभा क्षेत्रांतर्गत कितनी शासकीय उचित मूल्‍य की दुकानें हैं एवं इनके कार्य क्षेत्रांतर्गत कितने ग्राम प्रत्‍येक सोसायटी अंतर्गत आते हैं? दुकानवार व ग्रामवार विवरण उपलब्‍ध करावें? (ख) शासन के नियमों के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों में कितनी आबादी पर दुकान संचालित किये जाने के शासन के निर्देश हैं, आदेश की जानकारी उपलब्‍ध करायें? (ग) क्‍या वर्तमान में बैरसिया क्षेत्र में उचित मूल्‍य की दुकानों की संख्‍या पर्याप्‍त है? यदि नहीं, तो क्‍या दुकानों की संख्‍या को बढ़ाने का प्रस्‍ताव विभाग के समक्ष विचाराधीन है? यदि हाँ, तो स्‍पष्‍ट करें और नहीं तो कारण बतायें?

खाद्य मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) प्रश्‍नांकित विधानसभा क्षेत्रांतर्गत कुल 100 शासकीय उचित मूल्‍य की दुकानें संचालित हैं। शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। (ख) मध्‍यप्रदेश सार्वजनिक वितरण प्रणाली (नियंत्रण) आदेश, 2015 में ग्रामीण क्षेत्र में प्रत्‍येक पंचायत में एक शासकीय उचित मूल्‍य दुकान खोले जाने का प्रावधान है। ऐसी पंचायतें जहां पात्र परिवारों की संख्‍या 800 से अधिक है, वहां एक अतिरिक्‍त उचित मूल्‍य दुकान खोले जाने का प्रावधान है। शासन द्वारा जारी निर्देश की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। (ग) जी नहीं, मध्‍यप्रदेश सार्वजनिक वितरण प्रणाली (नियंत्रण) आदेश, 2015 के प्रावधानानुसार बैरसिया विधानसभा क्षेत्र में 46 नई शासकीय उचित मूल्‍य की दुकानें खोलने की कार्यवाही प्रारंभ की गई थी, परन्‍तु मध्‍यप्रदेश सार्वजनिक वितरण प्रणाली (नियंत्रण) आदेश, 2015 में संशोधन प्रक्रियाधीन है, संशोधन उपरांत उक्‍त दुकानों को खोलने की कार्यवाही पुन: प्रारंभ की जायेगी।

चिरायु मेडिकल कॉलेज भोपाल को भूमि आवंटन

15. ( क्र. 4715 ) श्री मुकेश नायक : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) चिरायु मेडिकल कॉलेज, संत हिरद्याराम नगर (बैरागढ़) भोपाल के लिए शासन द्वारा आवंटित तथा कॉलेज द्वारा खरीदी गयी निजी भूमि का क्षेत्रफल बतावें? (ख) इस कॉलेज के भवन निर्माण, चिकित्‍सालय निर्माण आदि के लिये शासन द्वारा दिया गया अनापत्ति प्रमाण पत्र और निर्माण प्‍लान की स्‍वीकृति कब दी गयी और क्‍या सभी निर्माण कार्य स्‍वीकृत प्‍लान के अनुसार ही हो रहे है? (ग) विगत दो वर्षों में इस कॉलेज का निरीक्षण शासन और मेडिकल कौसिंल द्वारा कब-कब किया गया और उसके क्‍या निष्‍कर्ष निकले?

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) शासन द्वारा आवंटित भूमि 31.90 एकड़ तथा संस्था द्वारा क्रय की गई निजी भूमि 4.25 एकड़ है। (ख) चिरायु मेडिकल कॉलेज भोपाल को महाविद्यालय भवन निर्माण हेतु नगर निगम की अनुमति दिनांक 30 अक्टूबर, 2009 एवं दिनांक 16 अगस्त, 2010, चिकित्सालय भवन निर्माण हेतु दिनांक 03 जून, 2009 को स्वीकृति दी गई, महाविद्यालय भवन निर्माण एवं चिकित्सालय भवन निर्माण दिनांक 09 मार्च, 2011 को पूर्ण किया गया। निर्माण कार्य दी गई समय-सीमा के अन्दर पूर्ण किये गये हैं। (ग) चिरायु मेडिकल कॉलेज भोपाल द्वारा संचालित स्नातक एवं स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों के परिप्रेक्ष्य में विगत 2 वर्षों में शासन एवं एम.सी.आई. द्वारा किये गये निरीक्षण की तिथियां निम्नानुसार है :-

 

 

 

स्नातक/स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम

एम.सी.आई. द्वारा किये गये निरीक्षण की तिथि

निष्कर्ष

1

2

3

 एम.बी.बी.एस. वर्ष 2014-15

 29 एवं 30 अप्रैल, 2014 में चतुर्थ बैच हेतु एवं 05 तथा 06 दिसम्बर, 2014 में पंचम बैच हेतु निरीक्षण किया गया।

 प्रतिवर्ष 150 छात्रों को एम.बी.बी.एस. पाठ्यक्रम में प्रवेश की अनुमति दी गई है।

 एम.डी./एम.एस.

 संचालक, चिकित्सा शिक्षा द्वारा स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम प्रारंभ करने हेतु दिनांक 08 फरवरी, 2014 को निरीक्षण किया गया। मेडिकल कौंसिल ऑफ इण्डिया द्वारा दिनांक 13 से 15 अक्टूबर, 2014 दिनांक 07 जनवरी, 2015 एवं 07 दिसम्बर, 2015 तथा 18 दिसम्बर, 2015

 एम.डी. एनाटॉमी, बायोकेमेस्ट्री, फिजियोलॉजी, माईक्रोबायोलॉजी, फामोकोलॉजी, पैथोलॉजी एवं कम्युनिटी मेडिसिन पाठ्यक्रम संचालन हेतु अनुमति प्रदान की गई हैं।

 

जिला चिकित्‍सालय में नेत्र रोग ऑपरेशन

16. ( क्र. 4786 ) श्री अंचल सोनकर : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शासकीय सेठ गोविंददास जिला चिकित्‍सालय जबलपुर में कुल कितने डॉक्‍टर किस-किस विभाग में कब से पदस्‍थ है? पदस्‍थ डॉक्‍टरों का अस्‍पताल आने एवं जाने का क्‍या समय निर्धारित है? डॉ.डी.पी. गूजर किस विभाग के विशेषज्ञ हैं एवं जिला चिकित्‍सालय में कब से पदस्‍थ हैं? (ख) क्‍या डॉ.डी.पी.गूजर को शासन द्वारा ट्रेनिंग हेतु चित्रकूट भेजा गया था? यदि हाँ, तो इनकी ट्रेनिंग में शासन की कितनी राशि व्‍यय हुई? क्‍या ट्रेनिंग से वापिस आने के उपरांत इनके द्वारा जिला चिकित्‍सालय में ऑपरेशन नहीं किये जा रहे हैं? यदि हाँ, तो क्‍यों? (ग) प्रश्‍नांश (ख) में पदस्‍थ डॉक्‍टर की उपयोगिता हेतु क्‍या शासन द्वारा जिला चिकित्‍सालय में लगभग 20.00 लाख रूपये की मशीन खरीदी है? यदि हाँ, तो जिला चिकित्‍सालय में स्‍थापित मशीन दिनांक से प्रश्‍न दिनांक तक डॉ. गूजर द्वारा कितने ऑपरेशन किये गये? मरीजों की सूची मय पते के देवें। (घ) क्‍या डॉ. गूजर के व्‍यवहार के संबंध में विगत दो वर्षों में किसी मरीज द्वारा शिकायत की गई है तो उस शिकायत पर क्‍या कार्यवाही की गई?

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार। चिकित्सकों के आने-जाने का समय सुबह 08.00 बजे से दोपहर 01.00 बजे तक एवं सायं 05.00 बजे से 06.00 बजे तक निर्धारित है। डॉ. डी. पी. गूजर नेत्र रोग विशेषज्ञ है एवं जिला चिकित्सालय जबलपुर में दिनांक 29.07.2010 से पदस्थ है। (ख) जी, हां। प्रशिक्षण में रूपये 68,000/- का व्यय हुआ। जी नहीं 03 ऑपरेशन किये गए। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी हाँ। आमजन की सुविधा हेतु जिला चिकित्सालय, जबलपुर में फेको मशीन स्थापित है। डॉ. डी.पी. गुर्जर द्वारा उपरोक्त अवधि में 03 ऑपरेशन किये गए। जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार। (घ) डॉ. डी.पी. गुर्जर के व्यवहार के संबंध में 04 मरीजों द्वारा लिखित शिकायत की गई। संचालनालय के आदेश क्रमांक 481, दिनांक 14.03.2016 द्वारा कर्तव्यों के प्रति उदासीनता बरतने, सन्निष्ठ न रहने एवं निर्देशों की अवहेलना के कारण डॉ. डी.पी. गुर्जर को निलंबित किया गया।

परिशिष्ट ''बारह''

दोषियों के विरूद्ध पुलिस अधीक्षक सतना द्वारा कार्यवाही

17. ( क्र. 5060 ) श्रीमती ऊषा चौधरी : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या पुलिस अधीक्षक सतना के पत्र क्रमांक 161 दिनांक 23.12.2015 द्वारा सेवानिवृत्‍त आर.आई., रजनीश शर्मा, अखिलेख कुमार उर्फ फर्जी, त्रिवेणी प्रसाद एवं बद्री प्रसाद उर्फ फर्जी, राजाभाई तनय दादाभाई के विरूद्ध जालसाजी कर करोड़ों की भूमि बेचने की जाँच की जा रही है, यदि हाँ, तो उक्‍त प्रकरण की एफ.आई.आर. किस थाने में दर्ज की गई है? (ख) उक्‍त जालसाजी के प्रकरण में क्‍या आरोपियों को गिरफ्तार किया गया? यदि हाँ, तो प्रकरण न्‍यायालय के समक्ष प्रस्‍तुत किया गया या नहीं? यदि नहीं, तो कब तक कार्यवाही पूर्ण की जावेगी? (ग) सेवानिवृत्‍त आर.आई. लक्ष्‍मीकांत त्रिपाठी द्वारा एग्रीमेंट कर के जिन लोगों से पैसा लिया गया है, उनकी राशि वापस किये जाने बाबत् क्‍या कार्यवाही की गई? प्रकरण वार जवाब देवें? (घ) क्‍या श्री बद्रीप्रसाद के नाम से फर्जी बद्रीप्रसाद, लक्ष्‍मण सिंह तनय होरिल सिंह को 24.10.2009 को बिक्री (रजिस्‍ट्री) करा दिया तथा लक्ष्‍मण सिंह ने अन्‍य 20 लोगों को प्‍लाटिंग कर विक्रय कर दिया के संबंध में पुलिस अधीक्षक सतना के द्वारा क्‍या कार्यवाही की गई? प्रकरण वार जवाब देवें?

गृह मंत्री ( श्री बाबूलाल गौर ) : (क) जी हाँ। थाना कोलगवां पर अपराध क्र. 168/2016 पंजीबद्ध किया गया है। (ख) प्रकरण वर्तमान में विवेचनाधीन है, विवेचना में आये साक्ष्य के आधार पर विधि अनुरूप कार्यवाही की जावेगी। समय-सीमा बताना संभव नहीं है। (ग) प्रश्नांश के तथ्य भी विवेचना का अंग है। विवेचना में आये साक्ष्य के आधार पर विधि अनुरूप कार्यवाही की जावेगी। (घ) घटना से संबंधित प्रकरण विवेचनाधीन है, उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर प्रकरण में विधि अनुसार कार्यवाही की जावेगी।

सोनकच्‍छ शासकीय अस्‍पताल में स्‍वीकृत पद

18. ( क्र. 5151 ) श्री राजेन्द्र फूलचं‍द वर्मा : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सोनकच्‍छ, भौरासा, पीपलरावा, टोंकखुर्द के शा.अस्‍पतालों में कुल कितने लोगों का स्‍टॉफ स्‍वीकृत है? पद नाम सहित जानकारी देवें। (ख) स्‍वीकृत पदों में से कितने पद रिक्‍त है? पद नाम व संस्‍था नाम सहित जानकारी देवें। (ग) रिक्‍त पदों पर कब तक पूर्ति की जावेगी?

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार(ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार(ग) विभाग सीधी भर्ती एवं पदोन्नति के माध्यम से पद पूर्ति हेतु निरंतर प्रयासरत है। लोक सेवा आयोग के माध्यम से चिकित्सा अधिकारियों के 1896 रिक्त पदों हेतु प्रक्रिया प्रचलित है। निश्चित समय-सीमा बताई जाना संभव नहीं है।

ट्रक कटिंग की शिकायतें

19. ( क्र. 5152 ) श्री राजेन्द्र फूलचं‍द वर्मा : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) देवास जिले के भौरासा फाटे से सरद्दी के बीच में वर्ष 2014 से 2015 तक कुल कितने ट्रकों की कटिंग की शिकायतें प्राप्‍त हुई है तथा उनके उपर क्‍या कार्यवाही की गई है? (ख) पुलिस विभाग द्वारा इस कटिंग को रोकने के लिए क्‍या प्रयास किये जा रहे हैं क्‍या विभाग अपने प्रयासों में सफल साबित हो पाया है? हाँ या नहीं? यदि हाँ, तो अभी तक कितने चोरों को पकड़ा गया है?

गृह मंत्री ( श्री बाबूलाल गौर ) : (क) प्रश्नांकित अवधि में जिला देवास के भौरासा फाटे से सरद्दी के बीच ट्रक की कटिंग की कुल 45 घटनाओं की सूचना/शिकायत प्राप्त होने पर अपराध पंजीबद्ध कर विधि अनुसार विवेचना की गई है। कार्यवाही का विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) ट्रक कटिंग की घटनाओं के नियंत्रण के लिये प्रभावी क्षेत्र में हाईवे पेट्रोलिंग की प्रभावी व्यवस्था की गई है। आम नागरिकों की सूचना पर त्वरित प्रभावी कार्यवाही हेतु क्षेत्र में डायल 100 योजना के अंतर्गत 02 एफ.आर.वी. तैनात किये गये है। संदिग्ध अपराधियों की नियमित चेकिंग व उनके विरूद्ध प्रतिबंधात्मक कार्यवाही की गई है। वर्ष 2014 की तुलना में वर्ष 2015 के ट्रक कटिंग की घटनाओं में अपेक्षाकृत कमी हुई है। प्रश्नांश में उल्लेखित अपराधों में से कुल 05 अपराधों में कुल 08 अपराधियों की गिरफ्तारी की गई है।

गेहूँ/धान भंडारण

20. ( क्र. 5249 ) श्री मधु भगत : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या शासकीय तौर पर उपार्जन की जाने वाली फसलें, गेहूँ, धान इत्‍यादि को भण्‍डारण करने हेतु गोदाम, स्‍थान का चयन, निर्धारण करने में मापदण्‍डों, दिशा निर्देशों का पालन किया जा रहा है? (ख) गोदाम, वेयरहाउस, ओपन प्‍लेटफार्म के निर्माण, नियंत्रण, संचालन, निविदा दर निर्धारण, सामग्री रखने के मापदण्‍ड, गोदाम पर मूलभूत सुविधाएं इत्‍यादि के संबंध में कौन-कौन से अधिनियम/नियम/निर्देश/परिपत्र वर्तमान में प्रभावशील एवं लागू है? क्‍या इनका पालन वेयर हाउस कारपोरेशन/या सक्षम प्राधिकारी द्वारा पालन किया गया है? (ग) यह किस विभाग का कौन सा प्राधिकारी किस आधार पर, किस प्रक्रिया का पालन कर चयन और निर्धारित करता है कि शासकीय तौर पर उर्पाजित की जाने वाले गेहूँ, धान, चावल, जिन्‍स, कहाँ-कहाँ, किस गोदाम में भण्‍डारण की जायेगी? इसका मापदण्‍ड क्‍या है? (घ) उक्‍त फसल को विक्रय करने की प्रक्रिया, प्राधिकार, क्‍या है किसे है?
खाद्य मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जी हाँ। शासन द्वारा निर्धारित मापदण्‍ड/दिशा निर्देश के अनुसार गोदामों का चयन कर समर्थन मूल्‍य पर उपार्जित गेहूं एवं धान इत्‍यादि का भण्‍डारण उपार्जन एवं भण्‍डारण एजेन्‍सी द्वारा किया जाना सुनिश्चित किया जाता है।, (ख) समर्थन मूल्‍य पर उपार्जित खाद्यान्‍न एवं सार्वजनिक वितरण प्रणाली की सामग्री के भण्‍डारण हेतु गोदामों का निर्माण केन्‍द्रीय भण्‍डारण निगम के निर्धारित मापदण्‍ड अनुसार करवाया जाता है जो कि IS Code 607-1971: Code of practice for constrution of bagged foodgrain storage Structures पर आधारित है। प्रदेश में कवर्ड भण्‍डारण क्षमता पर्याप्‍त होने के कारण ओपन प्‍लेटफार्म के निर्माण एवं उसमें समर्थन मूल्‍य पर खाद्यान्‍न का भण्‍डारण नहीं किया जा रहा है। गोदाम निर्माण की निविदा दर लोक निर्माण विभाग की दर सूची के आधार पर समाचार पत्रों में निविदा जारी कर प्रतिस्‍पर्धात्‍मक दर पर निविदा स्‍वीकृत की जाती है। इसका पालन मध्‍यप्रदेश वेयरहाउसिंग एण्‍ड लॉजिस्टिक्‍स कार्पोरेशन द्वारा किया गया है।, (ग) उपार्जित स्‍कंध की भण्‍डारण व्‍यवस्‍था हेतु मध्‍यप्रदेश वेयरहाउसिंग एण्‍ड लॉजिस्टिक्‍स कार्पोरेशन को नोडल भण्‍डारण एजेन्‍सी बनाया गया है। मध्‍यप्रदेश वेयरहाउसिंग एण्‍ड लॉजिस्टिक्‍स कार्पोरेशन द्वारा निजी गोदामों को भण्‍डारण हेतु किराए पर लेने हेतु संयुक्‍त भागीदारी योजनांतर्गत गोदाम संचालक द्वारा प्रदत्‍त की जाने वाली आवश्‍यक सामग्री, सुविधा एवं संसाधनों के आधार पर उनके गोदाम लिए जाते है। उपार्जित स्‍कंध का भण्‍डारण करने हेतु शासकीय/निजी गोदामों की प्राथमिकता निर्धारित की गयी है, जिसमें शासकीय क्षमता के गोदामों में शत्-प्रतिशत भण्‍डारण करने के पश्‍चात् निजी क्षेत्र के गोदामों में वरीयत: क्रम में अनुबंध कर भण्‍डारण किये जाने का प्रावधान है। (घ) उपार्जित खाद्यान्‍न का निराकरण भारतीय खाद्य निगम एवं मध्‍यप्रदेश स्‍टेट सिविल सप्‍लाईज कॉर्पोरेशन द्वारा भारत सरकार के निर्देशों के अनुसार किया जाता है।

खाद्य निरीक्षण की पदस्‍थापना एवं गतिविधियां स्‍पष्‍ट करने बाबत्

21. ( क्र. 5330 ) कुँवर विक्रम सिंह : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या पन्‍ना जिले में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग में पदस्‍थ खाद्य निरीक्षक श्री नरेश आर्य है? यदि हाँ, तो उनकी मूल पद स्‍थापना कहाँ है? (ख) प्रश्‍नांश (क) के अनुसार खाद्य निरीक्षक नरेश आर्या को कौन-कौन से कार्य सौंपे गये हैं? क्‍या इनके द्वारा अपने मूलत: कर्तव्‍यों का निर्वहन किया जाता है? यदि हाँ, तो उन कर्तव्‍यों को स्‍पष्‍ट करें? (ग) क्‍या उक्‍त निरीक्षक को पात्र उपभोक्‍ताओं की पर्ची बनवाने हेतु निर्देशित किया गया है एवं क्‍या इन्‍हें उपभोक्‍ताओं की पर्ची जप्‍त कर दुकान बंद कराने की शक्तियां शासन द्वारा प्रदान की गई? यदि नहीं, तो क्‍या इनके द्वारा पर्चियां जप्‍त की गई? (घ) प्रश्‍नांश (ग) के अनुसार यदि हाँ, तो उक्‍त खाद्य निरीक्षक के द्वारा ग्राम कमताना वि.ख. गुनौर के पात्र हितग्राही खासकर अनु.जा., अनु.ज.जाति के लोगों की पर्ची बनवाने में रूची नहीं ली गई? खाद्य निरीक्षक के विरूद्ध कार्यवाही तथा पात्र हितग्राहियों को ग्राम कमताना में कब तक पर्चियां जारी की जावेगी?

 

खाद्य मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जी हाँ। श्री नरेश कुमार आर्य, कनिष्‍ठ आपूर्ति अधिकारी की पदस्‍थापना पन्‍ना जिले के विकासखण्‍ड गुनौर में है। (ख) श्री नरेश कुमार आर्य, कनिष्‍ठ आपूर्ति अधिकारी को विकासखण्‍ड गुनौर क्षेत्रांतर्गत खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग से संबंधित कार्य यथा सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत भारत सरकार एवं राज्‍य सरकार द्वारा आवंटित सामग्री के उठाव एवं वितरण का पर्यवेक्षण, आवश्‍यक वस्‍तु अधिनियम, 1955 अंतर्गत बने नियंत्रण आदेशों का परिपालन, समर्थन मूल्‍य पर खाद्यान्‍न उपार्जन की व्‍यवस्‍था एवं उपभोक्‍ता संरक्षण संबंधी गतिविधियों संबंधी आदि कार्य सौंपे गए हैं। (ग) राष्‍ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 के अंतर्गत मुख्‍यमंत्री अन्‍नपूर्णा योजना के तहत सम्मिलित पात्र परिवारों के सत्‍यापन उपरांत पात्रता पर्ची पर स्‍थानीय निकाय के अधिकृत अमले के साथ-साथ क्षेत्रीय कनिष्‍ठ आपूर्ति अधिकारी के हस्‍ताक्षर से पात्रता पर्ची जारी करने का दायित्‍व सौंपा गया है। साथ ही, अपात्र परिवारों को समग्र पोर्टल से विलोपित कर जारी पात्रता पर्चियों को निरस्‍त करने के निर्देश भी दिए गए हैं। मध्‍यप्रदेश सार्वजनिक वितरण प्रणाली (नियंत्रण) आदेश, 2015 के प्रावधानों का पालन कराने हेतु उचित मूल्‍य दुकानों के निरीक्षण करने तथा उल्‍लंघन करने की स्थिति में प्रकरण बनाकर सक्षम अधिकारी के समक्ष प्रस्‍तुत करने की शक्तियां दी गई हैं। कनिष्‍ठ आपूर्ति अधिकारी द्वारा किसी पात्र परिवार को जारी पात्रता पर्ची जप्‍त नहीं की गई है, अपितु ग्राम पंचायत कमताना के 222 ऐसे परिवार जो कि अन्‍त्‍योदय अन्‍न योजना की श्रेणी के न होने पर भी सत्‍यापित किये जाने के कारण उन्‍हें पोर्टल से विलोपित कराया गया। (घ) जी नहीं। ग्राम पंचायत कमताना के 872 परिवारों में से 715 परिवारों को पात्र परिवार के रूप में सत्‍यापन उपरांत पात्रता पर्ची जारी की गई है। ग्राम पंचायत कमताना के अनुसूचित जाति/जनजाति के परिवार अन्‍य पात्रता श्रेणी में सत्‍यापित होने के कारण इस श्रेणी में 04 परिवारों को पात्रता पर्ची जारी की गई है। पात्र परिवारों का सत्‍यापन एवं पात्रता पर्ची जारी करना एक सतत् प्रक्रिया है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

रिश्‍वत के शिकायतकर्ताओं पर फर्जी अपराध की कायमी की जाँच

22. ( क्र. 5408 ) श्री मोती कश्यप : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या जिला अशोक नगर के विकासखण्‍ड मुंगावली थाना बहादुरपुर की मछुआ समिति के किसी अध्‍यक्ष व सदस्‍य ने सहायक मत्‍स्‍य अधिकारी एवं प्रभारी सहायक संचालक मत्‍स्‍योद्योग अशोक नगर के विरूद्ध किसी राशि की रिश्‍वत मांगे जाने की शिकायत माह दिसम्‍बर 2015 की किसी तिथि में की गई है और किन्‍हीं पुलिस अधिकारियों द्वारा कोई प्रक्रिया अपनाकर किसी की व्‍हाइस (आवाज) रिकार्डिंग की है और उसमें किसकी आवाज व क्‍या पाया गया है? (ख) क्‍या प्रश्‍नांश (क) अधिकारी को किसके हाथों कितनी रिश्‍वत देते हुये किनके द्वारा किस दिनांक को रंगे हाथ पकड़ा गया है और किस प्रकार की कार्यवाही की गई है? (ग) क्‍या प्रश्‍नांश (क) रिश्‍वतकाण्‍ड के शिकायतकर्ता एवं उसके सहयोगियों के विरूद्ध किसी मत्‍स्‍य अधिकारी के द्वारा की गई किसी प्रकार की शिकायत पर उनके विरूद्ध कोई अपराध कायम किया गया है? (घ) प्रश्‍नांश (ग) शिकायत व अपराध कायमी क्‍या प्रश्‍नांश (क), (ख) के प्रकरण की प्रतिक्रिया और साजिश निरूपित करती है और क्‍या प्रकरण जाँच योग्‍य बनता है? (ड.) क्‍या प्रश्‍नांश (क) से (घ) पर किसी वरिष्‍ठ पुलिस अधिकारी द्वारा जाँच कराकर रिश्‍वत के शिकायतकर्ताओं को संरक्षण व न्‍याय प्रदान किया जायेगा और साजिशकर्ता व रिश्‍वत के आरोपी के विरूद्ध कार्यवाही की जावेगी?

गृह मंत्री ( श्री बाबूलाल गौर ) : (क) से (ड.) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

ट्रामा सेन्‍टर की स्‍वीकृत

23. ( क्र. 5584 ) एडवोकेट सत्‍यप्रकाश सखवार : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अम्‍बाह एवं पोरसा सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्रों पर दुर्घटना के औसतन प्रतिमाह कितने मरीज आ जाते हैं? दोनों स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्रों की जानकारी अलग-अलग जनवरी 2015 से प्रश्‍न दिनांक तक दी जावे? (ख) क्‍या अम्‍बाह एवं पोरसा स्‍वास्‍थ्य केन्‍द्र पर ट्रामा सेन्‍टर की सुविधा नहीं होने से दुर्घटनाग्रस्‍त मरीजों को मुरैना, ग्‍वालियर रैफर करना पड़ता है जिसके कारण रास्‍ते में ही अधिकांश मरीजों की मृत्‍यु हो जाती है? (ग) प्रश्‍नांश (ख) यदि हाँ, तो क्‍या शासन इस गंभीर समस्‍या से निजात दिलाने हेतु अम्‍बाह सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र पर ट्रामा सेन्‍टर स्‍वीकृत करेगा? यदि हाँ, तो कब तक नहीं तो क्‍यों नहीं?

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) सिविल अस्पताल अम्बाह एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पोरसा में जनवरी 2015 से प्रश्‍न दिनांक तक औसतन प्रतिमाह क्रमश: दुर्घटना के 2125 मरीज आते है। (ख) जी नहीं। सिविल अस्पताल अम्बाह एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पोरसा से केवल गंभीर आवश्‍यकतानुसार दुर्घटनाग्रस्त मरीजों को मुरैना एवं ग्वालियर रैफर किया जाता है। जिले में मरीजों को रैफर होने पर रेफर की गयी स्वास्थ्य संस्था तक सुरक्षित पहुँचाने के लिए जिले में उपलब्ध संसाधनों जैसे आवश्‍यक संसाधन युक्त एम्बुलेंस एवं 108 एम्बुलेंस की व्यवस्था संचालित की गयी है। (ग) वर्तमान में केवल भारत शासन की गाईड लाईन अनुसार जिला चिकित्सालय स्तरीय संस्थाओं में ट्रामा सेन्टर प्रारंभ किये जा रहे है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

स्‍वीकृत बिस्‍तरों के अनुरूप चिकित्‍सा एवं नर्सिंग स्टॉफ की पदस्थापना

24. ( क्र. 5608 ) श्री शैलेन्द्र जैन : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सागर जिला चिकित्‍सालय कितने बिस्‍तरों का स्‍वीकृत है एवं वर्तमान में कितने बिस्‍तर उपयोग में लाये जा रहे हैं? इस चिकित्‍सालय में कितने चिकित्‍सक एवं नर्सिंग स्टॉफ के पद स्‍वीकृत हैं? इनमें से कितने पद रिक्‍त हैं? (ख) उक्‍त प्रश्‍नांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में जिला मुख्‍य चिकित्‍सालय सागर में रोगियों के उपचार हेतु जो चिकित्‍सक, नर्सिंग स्टॉफ की पदस्‍थापना की गई है? क्‍या वह स्‍वीकृत बिस्‍तरों के या वर्तमान में क्रियाशील बिस्‍तरों के मान से की गई है? (ग) प्रश्‍नांश (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में यदि स्‍वीकृत बिस्‍तरों के मान से पदस्‍थापना की गई है तो क्‍या शासन वर्तमान में क्रियाशील बिस्‍तरों के मान से चिकित्‍सक एवं नर्सिंग स्टॉफ की पदस्‍थापना करेंगा एवं लोकहित में बढ़ी हुई आबादी के मान से 550 बिस्‍तरों की स्‍वीकृति एवं चिकित्‍सकों तथा नर्सिंग पदों की स्‍वीकृति देकर पदस्‍थापना करने पर विचार करेगा तथा कब तक?

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) सागर में 320 शैयायुक्त जिला चिकित्सालय स्वीकृत है। भरती मरीजों की संख्या को दृष्टिगत रखते हुए 124 अतिरिक्त बिस्तरों की व्यवस्था कर मरीजों को स्वास्थ्य सुविधायें उपलब्ध कराई जा रही है। विशेषज्ञों के 34 एवं चिकित्सा अधिकारी के 15 पद स्वीकृत एवं 26 विशेषज्ञ व 15 चिकित्सक पदस्थ होकर कार्यरत हैं, विशेषज्ञ के 08 पद रिक्त हैं। नर्सिंग संवर्ग के 120 पद स्वीकृत एवं 80 कर्मचारी कार्यरत है, 40 पद रिक्त हैं। (ख) जी हाँ, 320 बिस्तरीय जिला चिकित्सालय के मान से पर्याप्त मात्रा में स्टॉफ उपलब्ध हैं। अतिरिक्त बिस्तरों हेतु उक्त स्टॉफ की सेवाओं का उपयोग किया जाता है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) वर्ष 2011 में पद स्वीकृति हेतु निर्धारित मापदण्ड अनुसार विशेषज्ञ/चिकित्सकों के पदों का पुर्नआवंटन/पुर्नवितरण किया गया है। 320 बिस्तर से 550 बिस्तरों के चिकित्सालय के उन्नयन हेतु स्वीकृति के संबंध में निर्धारित प्रक्रिया अनुसार प्रस्ताव प्राप्त होने पर यथोचित कार्यवाही की जावेगी।

बुन्‍देलखण्‍ड शास.मेडिकल कॉलेज में दवाओं की आपूर्ति

25. ( क्र. 5609 ) श्री शैलेन्द्र जैन : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्तमान में बुन्‍देलखण्‍ड शास. मेडिकल कॉलेज सागर में दवाएं खरीदने की क्‍या व्‍यवस्‍था है? कितने प्रतिशत हिस्‍सा केन्‍द्रीयकृत खरीदी के तहत प्रदान किया जाता है? कितने प्रतिशत स्‍थानीय स्‍तर पर खरीदी करने का अधिकार है? (ख) सागर नगर स्थित बुंदेलखण्‍ड शास.मेडिकल कॉलेज सागर में विगत 5 वर्षों में कितनी दवाएं केन्‍द्रीयकृत खरीदी के तहत प्राप्‍त हुई तथा कितनी दवाइयां स्‍थानीय स्‍तर पर खरीदी की गई है? (ग) क्‍या विगत काफी समय से बुन्‍देलखण्‍ड शास.मेडिकल कॉलेज सागर को कोई दवाइयां प्रदान नहीं की गई हैं? यदि हाँ, तो इसके क्‍या कारण है? (घ) प्रश्‍नांश (ग) के परिप्रेक्ष्‍य में क्‍या शासन स्‍तर पर दवाओं की आपूर्ति निरंतर सुनिश्चित की जायेगी और कब तक?

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) वर्तमान में बुन्देलखण्ड शासकीय मेडिकल कॉलेज सागर में दवायें म.प्र. हेल्थ कार्पोरेशन के माध्यम से खरीदी के तहत की जाती हैं। 100 प्रतिशत केन्द्रीयकृत खरीदी के तहत की जाती हैं। किन्तु केन्द्रीयकृत व्यवस्था से औषधि प्राप्त न होने पर एवं चिकित्सालय में आपातकालीन स्थिति निर्मित होने की अवस्था में कुल उपलब्ध बजट का 20 प्रतिशत तक स्थानीय स्तर पर खरीदी की जा सकती हैं। (ख) बुन्देलखण्ड शासकीय मेडिकल कॉलेज सागर में विगत 5 वर्षों में दवाइयों की जानकारी निम्नानुसार हैं :-

 

वर्ष

प्राप्त आवंटन

स्थानीय क्रय

सी.पी.सी./मेडिकल कार्पोरेशन

व्यय

2011-12

180 लाख

159.32 लाख

19.73 लाख

179.05 लाख

2012-13

239.20 लाख

239.20 लाख

निरंक

239.20 लाख

2013-14

400 लाख

127.25 लाख

निरंक

127.25 लाख

2014-15

150 लाख

126.36 लाख

निरंक

126.36 लाख

2015-16

160 लाख

71.2 लाख

32.16 लाख

103.36 लाख

(ग) मेडिकल कॉलेज में दवाइयों को उपलब्ध कराने हेतु म.प्र. हेल्थ कार्पोरेशन आपूर्ति हेतु क्रय आदेश जारी किये जाते हैं एवं समय-समय पर कार्पोरेशन से चिकित्सालय में औषधियाँ प्राप्त हुई तथा समस्त मरीजों को निःशुल्क वितरित की गई। (घ) औषधियाँ समस्त मरीजों को निःशुल्क रूप से निरन्तर प्रदाय की जा रही हैं शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

बरगी के स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्रों में रिक्‍त चिकित्‍सकों के पदों की पूर्ति

26. ( क्र. 5628 ) श्रीमती प्रतिभा सिंह : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बरगी विधान सभा क्षेत्र के अंतर्गत कौन-कौन से स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र संचालित हैं? उक्‍त स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्रों में केन्‍द्रवार कितने-कितने चिकित्‍सकों, चिकित्‍सा विशेषज्ञों के कितने पद स्‍वीकृत हैं? (ख) कितने पद एवं कौन-कौन सी विधा के रिक्‍त हैं? रिक्‍त चिकित्‍सकों एवं विशेषज्ञ चिकित्‍सकों के पदों की पूर्ति कब तक की जावेगी?

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट में वर्णित है। विभाग विशेषज्ञों के रिक्त पदों की पूर्ति हेतु निरंतर पदोन्नति की कार्यवाही कर रहा है एवं चिकित्सकों की पदपूर्ति हेतु मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग के माध्यम से 1896 पदों हेतु भर्ती प्रक्रिया प्रचलन में है। चयन सूची प्राप्त होने पर उपलब्धता अनुसार पदस्थापना संबंधी कार्यवाही की जावेगी। विशेषज्ञों की अत्यधिक कमी के कारण विशेषज्ञ के पदों की पदपूर्ति हेतु निश्चित समयावधि बताई जाना संभव नहीं है।

परिशिष्ट ''तेरह''

शास.अस्‍पतालों हेतु औषधी क्रय हेतु प्राप्‍त आवंटन व व्‍यय बाबत्

27. ( क्र. 5668 ) श्री कालुसिंह ठाकुर : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शासकीय अस्‍पतालों से मरीजों को वि‍तरित की जा रही नि:शुल्‍क दवाइयां आदि विभागीय इकाइयों द्वारा निर्मित की जाती है अथवा निर्माता कम्‍पनियों से क्रय कर वितरित की जाती है? यदि क्रय की जाती है तो किस स्‍तर पर कितनी मात्रा में क्रय करने के अधिकार किस स्‍तर की क्रय समिति को है व औषधी की दर के निर्धारण व सत्‍यापन संबंधी क्‍या मापदण्‍ड निर्धारित हैं? (ख) क्रय समिति का कार्यकाल कितने समय का रहता है व उसमें कितने सदस्‍य शासकीय कर्मचारी व कितने गैर शासकीय सदस्‍य रहते हैं? गैर शासकीय सदस्‍य के नामांकन का अधिकार किसे है व उसकी योग्‍यता व चयन के क्‍या मापदण्‍ड निर्धारित है? (ग) धार जिले में वर्ष 2013 से अब तक प्रतिवर्ष औषधी क्रय हेतु किस-किस संस्‍था को कितनी-कितनी राशि प्रदाय की गयी? संस्‍थाओं द्वारा किस-किस दर पर किन-किन फर्मों से औषधियां क्रय की गई?

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) शासकीय अस्पतालों से मरीजों को वितरित की जाने वाली निःशुल्क दवाइयां निर्माता कंपनियों से क्रय कर वितरित की जाती है। क्रय की प्रक्रिया जिला स्तर पर कुल वार्षिक मरीजों की संख्या के आंकलन पर आवश्यकता एवं मांग अनुसार कुल आवंटित बजट का 80 प्रतिशत शासन स्तर पर अनुबंधित दरों पर अनुबंधित फर्मो से एवं 20 प्रतिशत स्थानीय स्तर पर क्रय किये जाने का प्रावधान है। क्रय किये जाने का अधिकार जिला स्तर पर सक्षम अधिकारी को जिला स्तर की तकनीकी समिति अनुशंसा पश्चात एक इंडेट हेतु कुल राशि बीस लाख रूपये तक खर्च किये जाने का प्रावधान है। औषधि की दरों का निर्धारण संचालनालय स्वास्थ्य सेवाओं अथवा म.प्र.पब्लिक हेल्थ कारपोरेशन द्वारा ई-निविदा के माध्यम से किया जाता हैं इसके अतिरिक्त अन्य दवाइयों की आवश्यकता होने पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी/सिविल सर्जन द्वारा स्थानीय क्रय किया जाता है। औषधियां के सत्यापन संबंधी कार्य दवा नीति 2009 के अंतर्गत जिला स्तर पर स्टोर अधिकारी, स्टोर कीपर, फर्मासिस्ट के द्वारा औषधियों के डब्ल्यू.एच.ओ. व जी.एम.पी. सर्टिफाइड होने संबंधी सत्यापन कार्य किया जाता है व औषधि की गुणवत्ता संबंधी सत्यापन कार्य शासन स्तर से अनुबंधित राष्ट्रीयकृत एन.ए.बी.एल. प्रयोगशालाओं व स्थानीय औषधि निरीक्षक से जाँच कराई जाती है। (ख) क्रय समिति का कार्यकाल 01 वित्तीय वर्ष (अप्रैल से मार्च) तक रहता हैं जिसमें सभी सदस्य शासकीय होते है। अतः शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) औषधि बजट आवंटन मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकरी/सिविल सर्जन को किया जाता है जो निम्नानुसार हैः-

वर्ष

आवंटन

वर्ष 2013-14

43526395

वर्ष 2014-15

29204646

वर्ष 2015-16

27173560

क्रय की गई औषधि की सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार

अस्‍पतालों की सफाई व्‍यवस्‍था

28. ( क्र. 5670 ) श्री कालुसिंह ठाकुर : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शासकीय अस्‍पतालों में पूर्व में संस्‍था द्वारा सफाई आदि कार्य हेतु नमेत्तिक सफाईकर्मियों की नियुक्तियां कर उन्‍हें अंशकालीन कलेक्‍टर दर पर वेतन/मानदेय का भुगतान कर उनसे सफाई आदि कार्य करवाया जाता था? (ख) क्‍या विगत कुछ वर्षों से उक्‍त कार्य शासन निर्देशों के तहत विभाग द्वारा समाज सेवी संस्‍थाओं (एन.जी.ओ.) को टेण्‍डर पर नियत अवधि के लिये सौंपा जा रहा है? (ग) क्‍या विभाग स्‍तर से टेण्‍डर पर कार्यरत अधिकांश संस्‍थाओं द्वारा सफाईकर्मियों को अत्‍यन्‍त न्‍यून दर पर मजदूरी का भुगतान किया जाकर उनका आर्थिक शोषण किया जा रहा है तथा संस्‍था का कोई नियंत्रण नहीं होने से सफाई कार्य भी व्‍यवस्थित नहीं किया जाता है? (घ) यदि हाँ, तो क्‍या विभाग इस अव्‍यवस्‍था एवं सफाईकर्मियों के साथ किये जा रहे आर्थिक/सामाजिक शोषण की ओर ध्‍यान देकर एवं वस्‍तुस्थिति ज्ञात करने हेतु विस्‍तृत जाँच करवाकर व्‍यवस्‍था परिवर्तन की दिशा में कोई ठोस कदम उठायेगा? यदि हाँ, तो समयावधि बतावें?

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) जी हाँ। (ख) जी नहीं। निजी संस्थाओं को खुली निविदा कर नियत अवधि के लिये अनुबंध कर सौंपा गया है। (ग) जी नहीं। टेण्डर संचालनालय स्तर से जारी नहीं किये गये विभाग द्वारा समस्त मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी/सिविल सर्जन को स्पष्ट निर्देश दिये गये है कि आउटसोर्स एजेन्सी के माध्यम से साफ-सफाई कार्य हेतु नियुक्त कर्मियों को निर्धारित कलेक्टर दर पर ई-पेमेंट के माध्यम से मजदूरी (वेतन) का भुगतान किया जाये। टेण्डर जिला स्तर से जारी किये गये है। विभाग द्वारा साफ-सफाई कार्य की समीक्षा के दौरान यह बात ध्यान में आई है कि कुछ जिलों में एजेन्सी द्वारा साफ-सफाई कर्मियों को निर्धारित कलेक्टर दर पर ई-पेमेंट के माध्यम से वेतन का भुगतान नहीं किया जा रहा हैं। इस संबंध में संबंधित सी.एम.ओ को कारण बताओ नोटिस जारी किये गये है। साफ-सफाई व्यवस्था की समीक्षा संस्था प्रमुख, आर.एम.ओ. द्वारा की जाती है। (घ) जाँच की जा रही है। यथासंभव शीघ्र। समयावधि बताई जाना संभव नहीं।

स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्रों में जाँच की सुविधा

29. ( क्र. 5792 ) श्री सूर्यप्रकाश मीना : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या जिला विदिशा अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में कितने प्राथमिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र एवं सी.एस.सी. केन्‍द्रों में सोनोग्राफी एवं एक्‍सरे, पैथोलॉजी की सुविधा है? (ख) क्‍या ऐसे स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र जो ग्रामीण क्षेत्र में संचालित हैं में एक्‍सरे, पैथोलॉजी, सोनोग्राफी की सुविधा नहीं होने से ग्रामीण क्षेत्र की जनता को गंभीर रूप से परेशानियों का सामना करना पड़ता है? (ग) प्रश्‍नांश (ख) यदि हाँ, तो शासन ग्रामीण क्षेत्रों में एवं तहसील मुख्‍यालयों पर उक्‍त जांचों की सुविधा उपलब्‍ध कराये जाने की कार्यवाही करेगा? यदि हाँ, तो कब तक, नहीं तो क्‍यों?

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) विदिशा जिले के समस्त प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में पैथालॉजी की सुविधा उपलब्ध है एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र स्तरीय संस्थाओं में एक्सरे एवं सोनोग्राफी सुविधा का प्रावधान नहीं है। जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों पीपलखेड़ा, ग्यारसपुर, शमशाबाद, त्‍यौंदा, लटेरी, कुरवाई, नटेरन में एक्सरे एवं पैथालॉजी की सुविधा उपलब्ध है। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र स्तरीय संस्थाओं में सोनोग्राफी सुविधा का प्रावधान नहीं है। (ख) जी नहीं। प्रश्‍नांश (क) के उत्तर के परीप्रेक्ष्य में मरीजों की जाँच अन्य चिकित्सा संस्थानों में कराई जाती है। (ग) प्रश्‍नांश (ख) के उत्तर के परीप्रेक्ष्य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। 

आँगनवाड़ी भवनों के निर्माण कार्य

30. ( क्र. 5800 ) श्री सूर्यप्रकाश मीना : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) जिला विदिशा अंतर्गत वर्ष 2011 से वर्ष 2016 31 जनवरी तक कितने आँगनवाड़ी भवन निर्माण कार्य स्‍वीकृत किये गये? विकासखण्डवार जानकारी उपलब्‍ध करायें? कितने आँगनवाड़ी केन्‍द्र भवन विहीन हैं? (ख) प्रश्‍नांश (क) क्रम में स्‍वीकृत आँगनवाड़ी भवनों में से कितने पूर्ण एवं कितने अपूर्ण एवं कितने अप्रारंभ है? (ग) प्रश्‍नांश (ख) में कार्य अपूर्ण एवं अप्रारंभ रहने के कारण सहित जानकारी दें एवं कार्य कब तक प्रारंभ अथवा पूर्ण किये जायेगें?

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) विदिशा जिले के अंतर्गत वर्ष 2011 से 31 जनवरी वर्ष 2016, तक कुल 48 आँगनवाड़ी भवन के निर्माण कार्य स्‍वीकृत किये गये है। विदिशा जिले में कुल 1855 संचालित आँगनवाड़ी केन्‍द्रों में 563 आँगनवाड़ी भवन विभागीय, 643 आँगनवाड़ी भवन अन्‍य शासकीय, एवं 650 आँगनवाड़ी भवन किराये के भवनों (भवन विहीन) में संचालित है। विस्‍तृत जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट पर है। (ख) कुल स्‍वीकृत 48 आँगनवाड़ी भवनों में से 40 आँगनवाड़ी भवन पूर्ण, 07 आँगनवाड़ी भवन निर्माणाधीन है। 01 आँगनवाड़ी भवन के निर्माण कार्य की प्रक्रिया प्रचलन में है। (ग) प्रश्‍नांश के उत्‍तरांश में उल्‍लेखित सभी 08 अपूर्ण/अप्रारंभ आँगनवाड़ी भवन वित्‍तीय वर्ष 2015-16 में स्‍वीकृत किये गये है। जिसमें से 07 आँगनवाड़ी भवनों का निर्माण कार्य प्रगतिरत है एवं 01 अप्रारंभ आँगनवाड़ी भवन निर्माण की कार्यवाही प्रचलन में है।

परिशिष्ट ''चौदह''

पाटन अंतर्गत स्‍वास्‍थ्‍य सेवाओं के रिक्‍त पद

31. ( क्र. 5931 ) श्री नीलेश अवस्‍थी : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) पाटन विधानसभा अंतर्गत सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र पाटन एवं मझौली तथा प्राथमिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र कंटगी, लमकना, इन्‍द्राना, जिला जबलपुर में कौन-कौन से पद स्‍वीकृत है? स्‍वीकृत पदों के अनुरूप कौन-कौन पदस्‍थ है तथा कौन-कौन से पद कब से रिक्‍त है? बतलावें केन्‍द्रवार सूची देवें? (ख) क्‍या प्रश्‍नकर्ता द्वारा 4 जुलाई 2014 को विधानसभा में पूछे गये अतारांकित प्रश्‍न संख्‍या 41 ( क्रमांक 984) के उत्‍तर में आर.सी.एच. कार्यक्रम अंतर्गत स‍ंविदा चिकित्‍सकों की भर्ती की कार्यवाही जिलास्‍तर पर निरंतर जारी होने की जानकारी दी गई एवं प्रश्‍नकर्ता द्वारा विधानसभा में 24 जुलाई 2015 को पूछे गये परि.अता. प्रश्‍न संख्‍या 65 (क्रमांक 1077) के उत्‍तर में पाटन स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र हेतु 2 तथा मझौली हेतु 03 रिक्तियों पर चिकित्‍सकों की शीघ्र नियुक्ति करने हेतु कहाँ गया था तथा इसी प्रश्‍न के कंडिका (घ) का उत्‍तर में बतलाया गया कि चिकित्‍सा महाविद्यालयों में कैम्‍पस सेलेक्‍शन की कार्यवाही की गई है एवं राष्‍ट्रीय स्‍वास्‍थ्‍य मिशन के आदेश क्रमांक एन.एच.एम/एच.आर/2015/7143 दिनांक 04.07.2015 के द्वारा एक निश्‍चेतना योग्‍यता चिकित्‍सक की पदस्‍थापना की गई है? (ग) यदि हाँ, तो मांग अनुसार अभी तक एक भी डॉक्‍टर की पदस्‍थापना न होने के क्‍या कारण है? प्रश्‍नांश (ख) के संदर्भ में हुई प्रगति से अवगत करावें एवं शासन ग्रामीणजनों की आवश्‍यकताओं को देखते हुए क्‍या प्रश्‍नांश (क) में उल्‍लेखित रिक्‍त पदों के अनुरूप चिकित्‍सकों एवं मैदानी अमले की नियुक्ति करेगा? यदि हाँ, तो किस प्रकार से कब तक? यदि नहीं, तो क्‍यों?

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार। (ख) जी हाँ, एन.एच.एम. अंतर्गत स्‍नातक चिकित्‍सा अधिकारियों की भर्ती प्रक्रिया जिला स्‍तर पर जारी है एवं स्‍नात्‍कोत्‍तर चिकित्‍सकों की पदस्‍थापना एन.एच.एम मुख्‍यालय द्वारा निरंतर की जा रही है। जी हाँ। जी हाँ। जी हाँ, निश्‍चेतना योग्‍यता के चिकित्‍सक की पदस्‍थापना की गई थी परन्‍तु इनके द्वारा कार्यग्रहण नहीं किया गया। (ग) जी नहीं, वर्ष 2015 में लोक सेवा आयोग के चयन पश्‍चात एक चिकित्‍सक डॉ. निधि शर्मा, की पदस्‍थापना सा‍मुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र मझौली में की गई है। विशेषज्ञों की अत्‍यधिक कमी के कारण पदपूर्ति किये जाने में कठिनाई हो रही है। प्राथमिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र पडवार, कटंगी, इन्‍द्राना, बोरिया में एक-एक चिकित्‍सक पदस्‍थ होकर कार्यरत हैं। विशेषज्ञों/चिकित्‍सकों/पैरामेडिकल स्‍टॉफ के रिक्‍त पदों की कार्यवाही निरंतर जारी है। लोक सेवा आयोग के माध्‍यम से 1896 चिकित्‍सकों की भर्ती की कार्यवाही प्रचलन में है, उपलब्‍धता अनुसार पदपूर्ति संबंधी कार्यवाही की जावेगी।

परिशिष्ट '' पंद्रह''

मृतक अमित साकेत की जाँच

32. ( क्र. 5970 ) श्रीमती शीला त्‍यागी : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या रीवा‍जिले के थाना बिछिया में मर्ग क्र. 14/15 धारा 174/जा.फौ./दर्ज है? मर्ग सदर में मृतक दीपू उर्फ अमित साकेत पिता श्री शारदा प्रसाद साकेत उम्र 19 वर्ष निवासी सिलपरा का पी.एम. कराया गया था तथा मृतक का मृत्‍यु प्रमाण पत्र अनु. क्र. 28 रजिस्‍ट्रीकरण क्र. 23/639 दिनांक 27.11.15 को कार्यालय संयुक्‍त संचालक अधीक्षक गांधी स्‍मारक चिकित्‍सालय हुजूर रीवा म.प्र. द्वारा जारी किया गया था? (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में यदि हाँ, तो उक्‍त मृतक के पिता श्री शारदा प्रसाद साकेत द्वारा पोस्‍टमार्टम की कापी सूचना के अधिकार अंतर्गत चाही गयी थी जिसके बारे में कार्यालय संयुक्‍त संचालक गांधी स्‍मारक एवं अधीक्षक कार्यालय द्वारा पत्र क्र. 610 दिनांक 20.01.16 के द्वारा दिनांक 27 एवं 28.11.15 को पोस्‍टमार्टम न होना बताया गया है जबकि पोस्‍टमार्टम की कापी में 27.11.15 दर्ज होना पाया गया तथा सी.एम.हेल्‍प लाइन की शिकायत क्र. 1115626 दिनांक 11.01.16 के निराकरण बताया गया है कि डॉ. रिपोर्ट में पानी में डूबने से उक्‍त मृतक की मृत्‍यु होने का लेख किया गया है? (ग) प्रश्‍नांश (क), (ख) के संदर्भ में यदि हाँ, तो क्‍या पीड़ित पिता श्री शारदा साकेत के द्वारा की गई शिकायत, पुलिस अधीक्षक, कलेक्‍टर रीवा डी.जी.पी. भोपाल आदि अधिकारियों को दिये गये आवेदन पत्रों की जाँच कराई गई है? यदि हाँ, तो पीड़ित पिता को न्‍याय दिलाने हेतु कब तक उच्‍च स्‍तरीय जाँच कराई जावेगी तथा थाना एवं अस्‍पताल के लापरवाह दोषी अधिकारियों के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही करेंगे?

गृह मंत्री ( श्री बाबूलाल गौर ) : (क) जी हाँ। दिनांक 25.11.2015 को चिकित्सालय में एक अज्ञात व्यक्ति का शव बिछिया पुलिस द्वारा पोस्टमार्टम हेतु लाया गया जिसे पोस्टमार्टम पंजी में अज्ञात व्यक्ति के नाम से प्रविष्ट किया गया तथा प्रभारी अधिकारी आकस्मिक चिकित्सा विभाग के पत्र क्र. 676 दिनांक 14.03.2016 द्वारा दी गई जानकारी अनुसार दिनांक 27.11.2015 को अज्ञात शव की पहचान बिछिया पुलिस द्वारा दीपू उर्फ अमित साकेत पिता श्री शारदा प्रसाद साकेत निवासी सिलपरा थाना बिछिया की गई। मृतक का नाम ज्ञात होने पर ही दिनांक 27.11.2015 को पोस्टमार्टम किया गया किंतु लिपिकीय त्रुटिवश अज्ञात के स्थान पर मृतक का नाम प्रविष्ट नहीं किया गया। मृतक के परिजन द्वारा दिनांक 04.02.2016 को मृत्यु प्रमाण पत्र हेतु आवेदन दिए जाने पर रजिस्ट्रीकरण क्रमांक 23/639 दिनांक 04.02.2016 जन्म मृत्यु गांधी स्मारक चिकित्सालय रीवा द्वारा जारी किया गया है। (ख) उपरोक्त में दर्शाए अनुसार लिपिकीय त्रुटि की स्थिति में प्रभारी अधिकारी आकस्मिक चिकित्सा विभाग के पत्र क्रमांक 592 दिनांक 14.01.2016 द्वारा सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत दी गई जानकारी अनुसार संयुक्त संचालक एवं अधीक्षक, संजय गांधी चिकित्सालय के पत्र क्रमांक 610 दिनांक 20.01.2016 द्वारा जानकारी दी गई थी जिसे बाद में संशोधित कर जानकारी आवेदक को उपलब्ध करा दी गई है। (ग) जी हाँ। शिकायत पत्रों की जाँच पर मृतक की मृत्यु के संबंध में किसी प्रकार का संज्ञेय अपराध घटित होना नहीं पाया गया। मृतक के पिता श्री शारदा प्रसाद साकेत द्वारा पुलिस अधीक्षक रीवा को प्रस्तुत शिकायत पत्रों की जाँच नगर पुलिस अधीक्षक, रीवा से कराई गई, जाँच में थाना स्तर पर किसी प्रकार की लापरवाही नहीं पाई गई। उपरोक्त एवं प्रश्नांश में दी गई जानकारी के आधार पर अधिकारियों के विरूद्ध कार्यवाही के कोई आधार नहीं हैं।

जनसुनवाई के आए लोगों के विरूद्ध कार्यवाही

33. ( क्र. 6002 ) श्री दिनेश राय : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या सिवनी जिले अंतर्गत दिनांक 9 फरवरी, 2016 दिन मंगलवार को एसपी ऑफिस में जनसुनवाई के दौरान आए 33 शिकायकर्ताओं को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था? यदि हाँ, तो कारण बताये? (ख) प्रश्‍नांश (क) मामले की जानकारी प्राप्‍त करने पहुंचे मीडियाकर्मियों को भी तस्‍वीरें लेने और अंदर आने से रोका गया? यदि हाँ, क्‍यों? (ग) प्रश्‍नांश (ख) प्रकरण में किन-किन व्‍यक्तियों के विरूद्ध कौन-कौन सी धाराएं लगाई गई अवगत करावें?

गृह मंत्री ( श्री बाबूलाल गौर ) : (क) जी नहीं, दिनांक 09.02.2016 दिन मंगलवार को एसपी आफिस में जन सुनवाई के दौरान आए किसी भी शिकायतकर्ता को गिरफ्तार नहीं किया गया है। लेकिन उक्त दिनांक को जन सुनवाई की कार्यवाही के बाद थाना कोतवाली, सिवनी के अपराध क्र0 112/16 धारा 147, 148, 149, 294, 323, 307 भा.द.वि. एवं 3 (1) (द) (ध) एवं 3 (2) (अक) अनु.जाति/जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम, 1989 के आरोपीगण के समर्थन में ग्राम लुघरवाड़ा के लोग एवं विधि विरूद्ध जमाव के रूप में प्रदर्शन व नारेबाजी करते हुए पुलिस अधीक्षक कार्यालय पर आये थे। उक्त भीड़ के द्वारा इस तरह प्रदर्शन के लिए कोई वैध पूर्वानुमति पुलिस अधिनियम, 1861 के संबंधित प्रावधान के अनुसार प्राप्त नहीं की गई थी। उक्त अनियंत्रित भीड़ के 33 व्यक्तियों के विरूद्ध थाना कोतवाली पर अपराध क्रमांक 124/15 धारा 143 भा.द.वि. के अंतर्गत पंजीबद्ध किया गया तथा उपरोक्त भीड़ के द्वारा लोक परिशांति भंग कर संज्ञेय अपराध घटित किए जाने की संभावना के दृष्टिगत उपरोक्त 33 व्यक्तियों को धारा 151 द.प्र.सं. के अंतर्गत गिरफ्तार भी किया गया था। थाना कोतवाली सिवनी के अपराध क्रमांक 112/16 व प्रतिबंधात्मक कार्यवाही का विवरण संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी नहीं किसी भी मीडियाकर्मी को तस्वीरें लेने से तथा अंदर आने से नहीं रोका गया था। (ग) प्रश्नांश की वांछित जानकारी संलग्न परिशिष्ट में समाहित है।

परिशिष्ट ''सोलह''

महिला कार्यकर्ताओं की नियुक्ति

34. ( क्र. 6051 ) श्री दुर्गालाल विजय : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) श्‍योपुर जिले में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा दिनांक 01.01.2015 से वर्तमान तक किन-किन आँगनवाड़ी केन्‍द्रों के रिक्‍त पदों पर महिला कार्यकर्ताओं की नियुक्ति की? इस हेतु जारी विज्ञप्ति एवं नियुक्तियों हेतु अमल में लाई गई प्रक्रिया से संबंधित अभिलेखों की जानकारी उपलब्‍ध करावें? (ख) विभाग द्वारा उक्‍त नियुक्तियां करने उपरांत जारी अंतिम सूची में नगर पालिका श्‍योपुर के वार्ड क्रमांक 12 के केन्‍द्र के रिक्‍त पद पर रेहाना अंसारी का नाम वरीयता क्रमांक एक पर अंकित था के संबंध में समीम बानों द्वारा आपत्ति दर्ज कराई थी? (ग) यदि हाँ, तो रेहाना अंसारी का नियुक्ति पत्र जारी करने के पूर्व उक्‍त आपत्ति का निराकरण जिला स्‍तरीय चयन समिति से कराकर अनुमोदन करा लिया गया था? यदि हाँ, तो किस दिनांक को? यदि नहीं, तो बिना अनुमोदन रेहाना अंसारी का नियुक्ति आदेश किस आधार पर, किसके द्वारा कैसे जारी किया गया? (घ) क्‍या प्रश्‍नांश (क) में वर्णित अवधि में की गई नियुक्तियों में कई पात्र आवेदिकाओं को अनदेखा कर अपात्र आवेदिकाओं की नियुक्ति अनियमित रूप से की गई? यदि नहीं, तो क्‍या शासन उक्‍त नियुक्तियों में बरती गई अनियमितताओं की जाँच करवायेगा तथा पात्र आवेदिकाओं को नियुक्ति का अवसर देगा? यदि नहीं, तो क्‍यों?

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) श्योपुर जिले में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा दिनांक 01.01.2015 से वर्तमान तक 08 आँगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं 09 सहायिका तथा 02 उप आँगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के रिक्त पदों की पूर्ति हेतु विज्ञप्ति जारी कर आवेदन पत्र प्राप्त किये गये तथा खंड स्तरीय चयन समिति द्वारा प्राप्त आवेदनों का परीक्षण कर अंतिम सूची जारी की गई है। जिस पर नियमानुसार प्राप्त दावे/आपत्ति की जाँच कराई गई है। दावे/आपत्तियों के निराकरण हेतु जिला स्तरीय समिति की बैठक होना शेष है। (ख) जी हाँ। जी हाँ। (ग) रेहाना अंसारी का नियुक्ति आदेश अभी जारी नहीं किया गया है। जिला स्तरीय दावे आपत्ति निराकरण समिति की बैठक होना शेष है। निराकरण उपरान्त ही नियुक्ति आदेश जारी किया जाएगा। (घ) जी नहीं। आँगनवाड़ी कार्यकर्ता/सहायिकाओं के शासन द्वारा निर्धारित नियुक्ति निर्देशानुसार ही नियुक्ति प्रक्रिया का पालन किया गया है। अतः शेष का प्रश्न ही नहीं होता।

स्‍वास्‍थ्‍य विभाग में कार्यरत सेवानिवृत्‍त अधिकारी/कर्मचारी

35. ( क्र. 6224 ) श्री प्रहलाद भारती : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) ग्‍वालियर संभाग के स्‍वास्‍थ्‍य विभाग में किस-किस अधिकारी/कर्मचारी की सेवायें सेवानिवृत्ति उपरांत पुन: विभाग द्वारा वर्तमान में ली जा रही है व कब से? (ख) क्‍या उन्‍हें वर्तमान में देय वेतन/मानदेय की राशि नियमानुसार उन्‍हें देय पेंशन राशि को काटकर भुगतान की जानी चाहिए? यदि हाँ, तो क्‍या उक्‍त नियम का पालन किया जा रहा है यदि नहीं, तो कारण स्‍पष्‍ट करें? क्‍या किसी अधिकारी/कर्मचारी को बिना पेंशन काटे ही वेतन/मानदेय राशि का भुगतान किया जा रहा है? यदि हाँ, तो उनके नाम, पद सहित जानकारी उपलब्‍ध करावें एवं कारण स्‍पष्‍ट करें? (ग) पेंशन सहित वेतन/मानदेय का भुगतान किए जाने हेतु कौन-कौन दोषी है व उनके विरूद्ध शासन क्‍या कार्यवाही करेगा? अतिरिक्‍त भुगतान की गयी राशि को शासन संबंधितों से कब तक मय ब्‍याज के वसूल करने की कार्यवाही करेगा?

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी हाँ। जी हाँ। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) उत्तरांश अनुसार प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट '' सत्रह ''

विचाराधीन सजायाप्‍ता कैदी

36. ( क्र. 6267 ) श्री गिरीश गौतम : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) केन्‍द्रीय जेल रीवा की कैदी (विचाराधीन, सजायाप्‍ता) रखने की क्षमता क्‍या है तथा वर्तमान में कितने कैदी (विचाराधीन, सजायाप्‍ता) निरूद्ध हैं? 02 वर्ष से प्रश्‍न दिनांक तथा निरूद्ध कैदियों की संख्‍या औसतन प्रतिदिन कितनी है? (ख) क्‍या कैदियों को निरूद्ध रखने की क्षमता वृद्धि हेतु नए बैरक बनाए जाने की कार्यवाही हुई है जिसमें कार्य भी शुरू किया गया है? यदि हाँ, तो कुल कितने बैरक बनाए जाने हैं तथा कितनी राशि का प्रावधान किया गया है तथा कितने बैरक का कार्य शुरू होकर कार्य बंद कर दिया गया है? कार्य कब से बंद है और क्‍यों? कारण बताएं तथा बैरक बनाने का कार्य कब तक शुरू कर दिया जायेगा तथा कब तक बैरक बनाकर कैदियों को निरूद्ध करने की क्षमता में वृद्धि कर दी जायेगी?

गृह मंत्री ( श्री बाबूलाल गौर ) : (क) एवं (ख) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

प्रहरी एवं अन्‍य स्‍टॉफ

37. ( क्र. 6271 ) श्री गिरीश गौतम : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) केन्‍द्रीय जेल रीवा में कुल कितने प्रहरी एवं अन्‍य स्‍टॉफ के पद सृजित हैं? पदवार संख्‍या बतावें। (ख) केन्‍द्रीय जेल रीवा में वर्तमान में कितने प्रहरी तैनात हैं तथा अन्‍य पदों में भी सृजित पदों में कितनी संख्‍या कम है तथा प्रहरी एवं अन्‍य पदों में भी पद पूर्ति कब तक की जायेगी?

गृह मंत्री ( श्री बाबूलाल गौर ) : (क) केन्‍द्रीय जेल रीवा में प्रहरी के 134 पद तथा 69 अन्‍य पद सृजित हैं। पदवार संख्‍या संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) केन्‍द्रीय जेल रीवा में 60 प्रहरी पदस्‍थ हैं तथा प्रहरी सहित अन्‍य कुल 90 पद रिक्‍त हैं। इन पदों की पूर्ति मध्‍यप्रदेश लोक सेवा आयोग/मध्‍यप्रदेश व्‍यावसायिक परीक्षा मण्‍डल एवं पदोन्‍नति के माध्‍यम से की जावेगी। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं। 

परिशिष्ट - ''अठारह''

मुरैना देवगढ़ पुलिस द्वारा जप्‍त ट्रेक्‍टर

38. ( क्र. 6279 ) श्री सत्‍यपाल सिंह सिकरवार : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या देवगढ़ पुलिस मुरैना द्वारा जप्‍त ट्रैक्‍टर क्रमांक MP 06 AA 5009 को वन विभाग को सुपुर्द किया गया था? पुलिस द्वारा वन विभाग को कब सूचना दी गई। सूचना लिखित वायरलैस, मोबाईल फोन से किस दिनांक, समय पर दी गई? (ख) क्‍या उक्‍त ट्रैक्‍टर को वन विभाग की टॉस्‍क फोर्स द्वारा राष्‍ट्रीय चम्‍बल अभ्‍यारण्‍य की सीमा से जप्‍त ना कर देवगढ़ थाना परिसर से ही राजसात की कार्यवाही की गई? क्‍यों? (ग) क्‍या उक्‍त ट्रैक्‍टर दुर्घटना में पकड़कर ग्राम खुलावली से रेत भरा गया था, जो वहां पहले से डम्‍प किया जाता रहा है। (घ) क्‍या वन विभाग द्वारा थाना देवगढ़ परिसर में पुलिस द्वारा दुर्घटना में जप्‍त ट्रैक्‍टर के खिलाफ राजसात की कार्यवाही करना गैर कानूनी नहीं है?

गृह मंत्री ( श्री बाबूलाल गौर ) : (क) जी नहीं। ट्रैक्‍टर क्रमांक एम.पी. 06 एए 5009 पुलिस द्वारा वन विभाग को सुपुर्दगी पर नहीं दिया गया है। थाना देवगढ़, जिला मुरैना के अपराध क्रमांक 89/15 धारा 304-, भा.द.वि. की विवेचना के संबंध में उक्त ट्रैक्‍टर दिनांक 01.12.2015 को ग्राम खुलावली में उपरोक्त प्रकरण के घटना स्थल से जब्त किया गया था। उक्त ट्रैक्‍टर की ट्राली में रेत भरी होने से प्रकरण की विवेचना के दौरान थाना प्रभारी देवगढ़ द्वारा पत्र दिनांक 01.12.2015 के द्वारा माइनिंग अधिकारी, मुरैना तथा पत्र दिनांक 12.12.2015 के द्वारा राष्ट्रीय चंबल अभ्यारण (वन विभाग) देवरी, जिला मुरैना के रेंजर को पत्र लिखकर जब्तशुदा ट्रैक्‍टर में भरी रेत के संबंध में आवश्यक कार्यवाही हेतु लिखा गया था। (ख) जी हाँ। देवगढ़ थाना प्रभारी के प्रश्नांश (क) में उल्लेखित पत्र से गेम रेंजर राष्ट्रीय चंबल अभ्यारण्य को कार्यवाही हेतु लेख किया गया था जिस पर वन अपराध प्रकरण क्रमांक 9862 /07 दिनांक 12.12.2015 दर्ज किया गया। वन विधि अनुसार वन अपराध में लिप्त वाहन के राजसात की कार्यवाही वन विभाग द्वारा की जा रही है। (ग) जी नहीं, घटना दिनांक 01.12.2015 को ट्रैक्‍टर क्रमांक एम.पी. 06एए 5009 की ट्राली में दुर्घटना घटित करने के पूर्व से ही रेत भरी हुई थी। (घ) प्रकरण में जब्त ट्रैक्‍टर में लगी ट्राली में पूर्व से ही रेत भरा हुआ था जिस पर विधि अनुसार कार्यवाही की जा रही है।

राजगढ़ में सं‍चालित सोसायटी उपभोक्‍ता

39. ( क्र. 6335 ) श्री अमर सिंह यादव : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सहकारिता विभाग अंतर्गत राजगढ़ विधानसभा क्षेत्र में कहाँ-कहाँ पर सोसायटी, उपभोक्‍ता भण्‍डार एवं उचित मूल्‍य की दुकानें संचालित है? (ख) उक्‍त सोसायटी, उपभोक्‍त भण्‍डार एवं उचित मूल्‍य की दुकानें किनके द्वारा और कब से संचालित की जा रही है? प्रत्‍येक सोसायटी, उपभोक्‍ता भण्‍डार एवं उचित मूल्‍य की दुकानों पर कौन-कौन सी, कितनी-कितनी सामग्री उपलब्‍ध कराई जा रही है सचिव एवं सेल्‍समेन के नाम सहित सामग्री की जानकारी देवें। (ग) क्‍या पात्र हितग्राहियों को राशन अब मशीनों के माध्‍यम से उपलब्‍ध कराया जा रहा है? यदि हाँ, तो उन उचित मूल्‍य की दुकानों की जानकारी उलब्‍ध करावें जहाँ मशीनों से वितरण हो रहा है? क्‍या मशीनों के वितरण किये जाने की कोई शिकायत प्राप्‍त हुई है? यदि हाँ, तो क्‍या? उनका क्‍या निराकरण किया गया? (घ) क्‍या राजगढ़ विधानसभा में प्रश्‍न दिनांक तक ऐसे कोई हितग्राही है जिनके पास राशन की पात्रता पर्ची होते हुये भी उन्‍हें राशन उपलब्‍ध नहीं कराया जा रहा है? यदि हाँ, तो क्‍यों? कारण सहित जानकारी उपलब्‍ध करावें?

खाद्य मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। (ग) जी हाँ। समस्‍त दुकानों पर। जी हाँ। नवीन वितरण व्‍यवस्‍था के प्रारम्‍भ में पी.ओ.एस. मशीन के माध्‍यम से वितरण में छोटी-छोटी कमी परिलक्षित हो रही हैं। जिसे यथासमय दूर की जा रही है। (घ) पात्रता पर्ची धारी सभी हितग्राहियों के लिए राशन उपलब्‍ध कराया जा रहा है। शेष भाग का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता।

वेयर हाउस में धान भण्‍डारण

40. ( क्र. 6377 ) श्री संदीप श्री प्रसाद जायसवाल : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) कटनी जिले में वर्ष 2015-16 में किन स्‍थानों पर धान उपार्जन केन्‍द्र बनाये गये? प्रत्‍येक केन्‍द्र से 10 किलोमीटर की सीमा में कौन-कौन शासकीय, अशासकीय वेयर हाउस, केन्‍द्रों से कितनी-कितनी दूरी पर स्थित है। (ख) प्रश्‍नांश (क) में कौन-कौन वेयर हाउसों में किन-किन खरीद केन्‍द्रों की धान का कब-कब भंडारण किया गया? केन्‍द्रों से वेयर हाउसों की कितनी-कितनी दूरी थी एवं इस भंडारण में कितना-कितना परिवहन व्‍यय का भुगतान किया गया? (ग) प्रश्‍नांश (ख) में भंडारण के क्‍या-क्‍या आदेश, किस सक्षम प्राधिकारी ने कब-कब किये और अनुबंध के बाद कौन-कौन वेयर हाउस भंडारण से कितने खाली रह गये एवं कौन-कौन वेयर हाउसों में, किन-किन कारणों से धान का भंडारण नहीं किया गया? (घ) खरीदी केन्‍द्र से वेयर हाउस तक और वेयर हाउस से राइस मिलों का परिवहन व्‍यय का निर्धारण किस प्रक्रिया नियमों के तहत, कितना-कितना किया गया? (ड.) क्‍या कई वेयर हाडस जो केन्‍द्रों एवं राईस मिलों से अन्‍य वेयर हाउसों की अपेक्षा अधिक दूरी पर है उनमें धान भंडारण किया गया है? यदि हाँ, तो किस नियम, आदेश के तहत, यदि नहीं, तो, सक्षम प्राधिकारी ऐसा न होने का सत्‍यापन करेंगे।

खाद्य मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) कटनी जिले में वर्ष 2015-16 में धान उपार्जन हेतु बनाये गये केन्‍द्रों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। उपार्जन केन्‍द्र से शासकीय/अशासकीय वेयरहाउस दूरी की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है।, (ख) समर्थन मूल्‍य पर उपार्जित धान को गोदामवार, भण्‍डारण दिनांकवार एवं उपार्जन केन्‍द्र से वेयरहाउस की दूरी की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। उपार्जित धान के परिवहन में हुए व्‍यय की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है।, (ग) समर्थन मूल्‍य पर उपार्जित धान के भण्‍डारण हेतु मध्‍यप्रदेश वेयर हाउसिंग एण्‍ड लॉजिस्टिक्‍स कार्पोरेशन एवं जिला स्‍तरीय समिति द्वारा जारी निर्देश/निर्णय की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। कटनी जिले में जिन वेयरहाउस में धान का भंडारण नहीं किया गया एवं भंडारण से रिक्‍त क्षमता की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। गोदाम में भंडारण न करने एवं भंडारण क्षमता रिक्‍त रहने का कारण भंडारण क्षमतानुसार धान का उपार्जन न होना है।, (घ) समर्थन मूल्‍य पर उपार्जित धान को उपार्जन केन्‍द्र से गोदाम तक के परिवहन दर का निर्धारण ई-निविदा के माध्‍यम से तथा वेयर हाउस से राईस मिलों तक की परिवहन दर का निर्धारण राज्‍यस्‍तरीय स्‍टेंडिंग कमेटी द्वारा किया गया है। वर्ष 2015-16 में समर्थन मूल्‍य पर उपार्जित धान को खरीदी केन्‍द्र से वेयर हाउस तक परिवहन करने में हुए व्‍यय की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है।, (ड.) मध्‍यप्रदेश वेयर हाउसिंग एण्‍ड लॉजिस्टिक्‍स कार्पोरेशन द्वारा धान भण्‍डारण हेतु निजी गोदामों का चयन 'प्रथम आओं प्रथम पाओ' के सिद्धांत पर निर्धारित प्राथमिकता क्रम अनुसार शासकीय/पी.ई.जी. गोदामों के भरने के बाद किया गया है। उपार्जन केन्‍द्र एवं राईस मिलर्स से गोदाम की दूरी प्राथमिकता क्रम निर्धारण करने हेतु मुख्‍य आधार नहीं है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

 

 

राज्‍य बीमारी सहायत अतंर्गत चिहिन्‍त बीमारियों में सहायता राशि स्‍वीकृत करने

41. ( क्र. 6428 ) श्री राजकुमार मेव : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) म.प्र. शासन द्वारा राज्‍य बीमारी सहायता योजनान्‍तर्गत कौन-कौन सी गंभीर बीमारियों को चिन्‍हाकिंत किया गया है एवं कौन-कौन सी बीमारियों के लिए कौन-कौन से निजी चिकित्‍सालयों को उपचार हेतु अधिकृत किया गया है? (ख) राज्‍य बीमारी सहायता योजनान्‍तर्गत चिहिन्‍त बीमारियों में लकवा (पैरालाईसीस) बीमारी को भी सम्मिलित किया गया है यदि नहीं, तो क्‍यों नहीं? क्‍या इस बीमारी को चिहिन्‍त बीमारियों में सम्मिलित किये जाने पर विचार किया जावेगा? यदि हाँ, तो कब? (ग) खरगौन जिले में विधानसभा क्षेत्रवार वर्ष 2013-14 से प्रश्‍न दिनांक तक राज्‍य बीमारी सहायता योजनार्न्‍गत कितने मरीजों के प्रस्‍ताव एवं कितनी राशि के किस-किस बीमारियों के लिए प्राप्‍त हुये? उनमें से किन-किन बीमारियों के लिए कितनी-कितनी राशि के किस-किस चिकित्‍सालय को स्‍वीकृत करते हुऐ राशि उपलब्‍ध कराई गई?

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार। (ख) जी नहीं। शासकीय अस्‍पतालों नि:शुल्‍क उपचार की व्‍यवस्‍था उपलब्‍ध है। वर्तमान में ऐसा कोई प्रस्‍ताव विचाराधीन नहीं है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार।

उप स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र खोलने एवं स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्रों का उन्‍नयन

42. ( क्र. 6435 ) श्री राजकुमार मेव : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विभाग द्वारा वर्ष 2013-14 से प्रश्‍न दिनांक तक खरगोन जिले में विधानसभा क्षेत्रवार कहाँ-कहाँ, कितने नये, उप स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र खोलने, कितने उप स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र से प्राथमिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र में उन्‍नयन एवं कितने प्राथमिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र से सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र में उन्‍नयन किये जाने की स्वीकृति प्रदान कर खोले गये? (ख) वर्ष 2013-14 से प्रश्‍न दिनांक तक विधानसभा क्षेत्र महेश्‍वर के अंतर्गत कहाँ-कहाँ, कितने नये, उप स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र खोलने, कितने उप स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र से प्राथमिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र में उन्‍नयन एवं कितने प्राथमिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र से सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र में उन्‍नयन किये जाने के प्रस्‍ताव पर शासन, आयुक्‍त स्‍वास्‍थ्‍य विभाग द्वारा क्‍या कार्यवाही की गई? क्‍या वर्ष 2016-17 के बजट में प्रस्‍तावों को सम्मिलित कर स्‍वीकृति की कार्यवाही की जावेगी? (ग) यदि हाँ, तो कौन-कौन से उप स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र एवं उन्‍नयन के प्रस्‍तावों को सम्मिलित किये जावेगे? बतावें? यदि नहीं, तो कारण स्‍पष्‍ट करें?

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) प्रश्‍न भाग की जानकारी निरंक है। (ख) प्रश्‍नावधि में विधान सभा क्षेत्र महेश्‍वर के अंतर्गत ग्राम बाकानेर, ग्राम समराज, ग्राम गुजरमोहना, ग्राम करोंदिया माताजी में नवीन उप स्वास्थ्य केन्द्र की स्वीकृति की कार्यवाही प्रचलन में है। नवीन उप स्वास्थ्य केन्द्रों की प्रशासकीय स्वीकृति उपरांत बजट प्रावधान किया जावेगा। (ग) प्रश्‍नांश (ख) के उत्तर के अनुसार। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र का सिविल अस्‍पताल में उन्‍नयन

43. ( क्र. 6532 ) कुँवर हजारीलाल दांगी : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) राजगढ़ जिले की विधानसभा क्षेत्र खिलचीपुर अन्‍तर्गत सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र खिलचीपुर एवं जीरापुर का सिविल अस्‍पताल में उन्‍नयन हेतु शासन स्‍तर पर क्‍या कार्यवाही प्रचलन में है? (ख) क्‍या सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र खिलचीपुर एवं जीरापुर का उन्‍नयन सिविल अस्‍पताल में होगा? यदि हाँ, तो कब तक? (ग) सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र खिलचीपुर एवं जीरापुर के सिविल अस्‍पताल में उन्‍नयन हेतु प्रश्‍नकर्ता द्वारा कई बार पत्र व्‍यवहार किया गया है, परन्‍तु आज पर्यन्‍त तक सिविल अस्‍पताल में उन्‍नयन हेतु कोई पहल क्‍यों शुरू नहीं हो पाई है?

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) जी नहीं। (ख) जी हाँ। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी हाँ। इस संदर्भ में प्रकरण का परीक्षण किया गया है। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र खिलचीपुर की बाह्य रोगियों एवं आंतरिक रोगियों की संख्या क्रमश: 115-12020-22 एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र जीरापुर की बाह्य रोगियों एवं आंतरिक रोगियों की संख्या क्रमश: 100-11017-18 लगभग प्रतिदिन की है। वर्तमान संस्थाओं का पूरा उपयोग नहीं हो रहा है। प्रदेश में चिकित्सकों की निरंतर कमी भी है। अतः सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र खिलचीपुर एवं जीरापुरा का सिविल अस्पताल में उन्नयन किया जाना संभव नहीं है। इससे माननीय विधायक महोदय को संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं के पत्र क्रमांक 83 दिनांक 27.02.2016 को अवगत भी कराया गया है।

आगनवाड़ी केन्‍द्रों का संचालन

44. ( क्र. 6534 ) कुँवर हजारीलाल दांगी : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) राजगढ़ जिले की विधानसभा क्षेत्र खिलचीपुर अतंर्गत विकासखण्‍ड जीरापुर एवं खिलचीपुर में एकीकृत महिला एवं बाल विकास परियोजना में कितने आँगनवाड़ी केन्‍द्र एवं मिनी आँगनवाड़ी केन्‍द्र संचालित हैं? आँगनवाड़ी केन्‍द्रों में पदस्‍थ कार्यकर्ता एवं सहायिका के नाम एवं शैक्षणिक योग्‍यता सहित जानकारी उपलब्‍ध करावें? (ख) क्‍या विधानसभा क्षेत्र खिलचीपुर जीरापुर अतंर्गत संचालित समस्‍त आँगनवाड़ी केन्‍द्रों के पास विभागीय भवन उपलब्‍ध है तथा कितने केन्‍द्र भवन विहीन है तथा कितने केन्‍द्र किराये के भवनों में संचालित है? (ग) क्‍या विधानसभा क्षेत्र खिलचीपुर जीरापुर अतंर्गत संचालित समस्‍त आँगनवाड़ी केन्‍द्रों को शासन विभागीय भवन निर्मित करा देगा? यदि हाँ, तो कब तक समय-सीमा बतावें?

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) राजगढ़ जिले की विधान सभा क्षेत्र खिलचीपुर में कुल 418 आँगनवाड़ी केन्द्र एवं 76 मिनी आँगनवाड़ी केन्द्र संचालित है। विकासखंड जीरापुर में 256 आँगनवाड़ी केन्द्र 53 मिनी आँगनवाड़ी केन्द्र तथा विकासखंड खिलचीपुर में 162 आँगनवाड़ी केन्द्र एवं 23 मिनी आँगनवाड़ी केन्द्र संचालित है। आँगनवाड़ी केन्द्रों में पदस्थ कार्यकर्ता एवं सहायिका के नाम एवं शैक्षणिक योग्यता की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। (ख) विधानसभा क्षेत्र खिलचीपुर, जीरापुर अन्तर्गत संचालित 418 आँगनवाड़ी केन्द्रों में से 125 आँगनवाड़ी भवन विभागीय भवनों में, 113 आँगनवाड़ी भवन किराये के भवनों में तथा 180 अन्य शासकीय भवनों में संचालित है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। (ग) भवन विहीन आँगनवाड़ी केन्द्रों के लिये ग्रामीण क्षेत्र में मनरेगा योजना के अभिसरण से (आई.पी.पी.ई./गैर आई.पी.पी.ई. विकासखंड में) आँगनवाड़ी भवन निर्माण की कार्य-योजना विचाराधीन हैं एवं शहरी क्षेत्र में राज्य आयोजना मद में राशि उपलब्ध होने पर आँगनवाड़ी भवन निर्माण की स्वीकृति दिए जाने की योजना हैं। आँगनवाड़ी भवनों का निर्माण वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता पर निर्भर करता हैं। अतः समय-सीमा दी जाना संभव नहीं हैं।

वेयर हाउस में नियम विपरीत भण्‍डारन

45. ( क्र. 6585 ) श्री गोपीलाल जाटव : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मेसर्स शहीद चन्‍द्रावत लाजि‍स्‍टक्‍स ग्राम वरगढ़ फण्‍डा कुम्‍हारी तहसील जावरा जिला रतलाम को वेयर हाऊस संचालन अनुज्ञप्ति क्रमांक 2564 प्रदान की गई थी क्‍या जिस की भण्‍डारन क्षमता 5060 थी? (ख) यदि हाँ, तो उक्‍त वेयर हाऊस में अनाज तिलहन एवं कच्‍चे मसाले भण्‍डारन की अनुमति दी गई थी क्‍या पृथक से अन्‍य वस्‍तु की अनुमति नहीं दी जाती है क्‍यों? (ग) यदि हाँ, तो मेसर्स शहीद चन्‍द्रावत द्वारा किस व्‍यक्ति/कंपनी को किस अखाद्य नियम विरूद्ध दी गई है? (घ) यदि वेयर हाऊस जिस प्रयोजन के लिए दिया गया है उसके विपरीत नियमों का उल्‍लघंन किया जाता है तो उक्‍त व्‍यक्ति मेसर्स पर वैधानिक कार्यवाही करेगें क्‍या?

खाद्य मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जी हाँ। (ख) जी हाँ। मध्‍यप्रदेश कृषि गोदाम अधिनियम, 1947 के प्रावधान अनुसार कृषि उपज से इतर अन्‍य वस्‍तु के भण्‍डारण हेतु अनुज्ञप्ति जारी नहीं की जाती है। (ग) मेसर्स शहीद चन्‍द्रावत द्वारा अखाद्य वस्‍तु के भण्‍डारण संबंधी तथ्‍य की जाँच की जायेगी। (घ) जाँच प्रतिवेदन प्राप्‍त होने पर नियमानुसार कार्यवाही की जायेगी।

स्‍वास्‍थ्‍य सेवाएं एन.जी.ओ. को देने के बारे में

46. ( क्र. 6603 ) श्री महेन्द्र सिंह कालूखेड़ा : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या म.प्र. शासन स्‍वास्‍थ्‍य सेवाओं को एन.जी.ओ. को देने हेतु कोई योजना बना रहा है यदि हाँ, तो क्‍या साथ ही यह भी बताए कि एन.जी.ओ की योग्‍यता, मापदण्‍ड एवं शर्तें क्‍या होगी? (ख) क्‍या अलीराजपुर जिले की स्‍वास्‍थ्‍य सेवाओं के संबंध में गुजरात के दीपक फाउंडेशन एवं राज्‍य स्‍वास्‍थ्‍य सोसायटी के मध्‍य कोई अनुबंध हुआ है यदि हाँ, तो किन-किन शर्तों पर विवरण उपलब्‍ध करावें?

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) एवं (ख) जी हाँ। जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है।

परिशिष्ट ''उन्नीस''

रतलाम तथा अशोकनगर की आँगनवाड़ी का उन्‍नयन

47. ( क्र. 6604 ) श्री महेन्द्र सिंह कालूखेड़ा : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) प्रश्‍न दिनांक 29.07.2015 अता. 1 (59) में रतलाम तथा अशोकनगर जिले में आँगनवाडि़यों के उन्‍नयन के लिए वित्‍तीय वर्ष 2012-13 में आवंटित धन राशि रूपयें 2,44,25,000/- में से किस-किस विकासखण्‍ड में कितनी राशि के कार्य करवाए गये (ख) प्रश्‍नांश (क) के संबंधित रतलाम तथा अशोकनगर जिले में कितने आँगनवाड़ी भवन विभागीय कितने अन्‍य व कितने किराये के भवन में है किराये एवं अन्‍य भवनों का नाम पते सहित विवरण दें?

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) प्रश्‍नांश के परिप्रेक्ष्‍य में रतलाम जिले में आँगनवाडि़यों के उन्‍नयन के लिये वर्ष 2012-13 से प्रश्‍न दिनांक तक जिले को उपलब्‍ध 2,44,25,000/- आवंटन से में से राशि रूपये 67,24,423/- व्‍यय कर कार्य कराये गये। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। अशोकनगर जिले अंतर्गत वित्‍तीय वर्ष 2012-13 में आँगनवाडि़यों के उन्‍नयन के लिये आवंटन प्रदाय नहीं किया गया। (ख) रतलाम जिले में कुल 1672 आँगनवाड़ी केन्‍द्र संचालित है। जिसमें से 436 केन्‍द्र विभागीय भवन, 553 किराये के भवनों में एवं 683 अन्‍य शासकीय भवनों में संचालित है। विस्‍तृत जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। अशोकनगर जिले में कुल 876 आँगनवाड़ी केन्‍द्र संचालित है। जिसमें से 253 केन्‍द्र विभागीय भवन, 206 किराये के भवनों में एवं 417