मध्यप्रदेश विधान सभा


प्रश्नोत्तर-सूची
फरवरी-मार्च, 2018 सत्र


बुधवार, दिनांक 28 फरवरी, 2018


भाग-1
तारांकित प्रश्नोत्तर


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पम्पों का उर्जीकरण

[अनुसूचित जाति कल्याण]

1. ( *क्र. 197 ) श्री मुरलीधर पाटीदार : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विगत 03 वित्तीय वर्षों में पम्पों के उर्जीकरण योजनान्तर्गत आगर एवं शाजापुर जिला अंतर्गत कितने ट्रान्सफार्मर लगाये गये एवं कितने कृषकों को सिंचाई हेतु विद्युत की उपलब्धता सुनिश्चित की गई? (ख) प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्य में विधानसभा क्षेत्र सुसनेर अंतर्गत लाभान्वित कृषकों की सूची ग्रामवार, पते सहित उपलब्ध करावें (ग) प्रश्नांश (ख) अनुसार लाभान्वित कृषकों हेतु लगाए गए ट्रान्सफार्मर के भौतिक सत्यापन किसके द्वारा कब-कब किए गए? यदि भौतिक सत्यापन हेतु मौका पंचनामा बनाया गया हो तो पंचनामों की सत्यापित प्रति उपलब्ध करावें (घ) पम्प उर्जीकरण योजनान्तर्गत कृषकों को ट्रान्सफार्मर स्वीकृत होने परन्तु भौतिकीय रूप से लाभ नहीं मिलने संबंधी कितनी शिकायतें विगत 03 वर्षों में प्राप्त हुई हैं? प्राप्त शिकायतों पर क्या कार्यवाही की गई? शिकायतवार पूर्ण विवरण देवें

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) विगत तीन वर्षों में जिला आगर में 192 ट्रांसफार्मर लगाये जाकर 206 कृषकों तथा जिला शाजापुर में 124 ट्रांसफार्मर लगाये जाकर 224 कृषकों को लाभान्वित कर सिंचाई हेतु विद्युत की उपलब्‍धता कराई गयी है। (ख) सुसनेर विधानसभा क्षेत्र आगर जिले से संबंधित जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है एवं शाजापुर जिले से संबधित जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ग) आगर जिले द्वारा लाभान्वित कृषकों हेतु लगाये गए ट्रांसफार्मर के भौतिक सत्‍यापन वर्ष 2014-15 में अतिरिक्‍त मुख्‍य अभियंता वृत्‍त, म.प्र.क्षे.वि.वि.कं.लि.मि. शाजापुर द्वारा दिनांक 28.01.2015, 03.03.2015, 12.03.2015 एवं कार्यपालन यंत्री (संचा./संघा.) वृत्‍त म.प्र.क्षे.वि.वि.कं.लि.मि. सुसनेर द्वारा दिनांक 21.03.2016, 26.03.2016 एवं 18.05.2016 को किया गया है। शाजापुर जिले में दिनांक 11.02.2015, दिनांक 18.03.2015, दिनांक 23.03.2015, दिनांक 28.03.2015, दिनांक 30.03.2015, दिनांक 08.06.2015, दिनांक 30.07.2015, दिनांक 04.08.2015, दिनांक 09.10.2015, दिनांक 16.11.2015, दिनांक 10.12.2015 एवं दिनांक 19.03.2016 को कनिष्‍ट यंत्री तथा सहायक यंत्री द्वारा भौतिक सत्‍यापन किया गया है। भौतिक सत्‍यापन में कोई पंचनामा नहीं बनाया गया है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) विगत तीन वर्षों में पम्‍प उर्जीकरण योजनान्‍तर्गत कृषकों को ट्रांसफार्मर स्‍वीकृत होने परन्‍तु भौतिक रूप से लाभ नहीं मिलने संबंधित कोई शिकायत प्राप्‍त नहीं हुई है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

रीवा जिलांतर्गत फीडर विभक्ति‍करण

[ऊर्जा]

2. ( *क्र. 311 ) श्री सुखेन्‍द्र सिंह : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या रीवा जिले के अंतर्गत पू.क्षे.वि.वि.कं. के उत्‍तर संभाग में मेसर्स विन्‍ध्‍या टेली लिंक नई दिल्‍ली को निविदा उपरान्‍त 11 के.व्‍ही. के फीडरों के विभक्तिकरण के कार्य हेतु कार्यादेश जारी किये गये थे? (ख) यदि हाँ, तो क्‍या 11 के.व्‍ही. फीडर की संख्‍या 56 प्रावधान के विरूद्ध उपलब्धि 56, 11 के.व्‍ही.बे. के चार प्रावधान विरूद्ध उपलब्धि चार, 11 के.व्‍ही. लाइन प्रावधान 712 किलोमीटर के विरूद्ध उपलब्धि 712, वितरण ट्रांसफार्मर प्रावधान संख्‍या 961 के विरूद्ध उपलब्धि 961, एल.टी. केबिल प्रावधान 1207 किलोमीटर के विरूद्ध उपलब्धि 1207 किलोमीटर, मीटर प्रावधान 17966 संख्‍या के विरूद्ध उपलब्धि 17966 की प्रावधान के विरूद्ध 100 प्रतिशत उपलब्धि हासिल की गई है? (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के प्रकाश में उपरोक्‍त सभी प्रावधानित कार्यों की जानकारी फीडरवार विवरण पृथक-पृथक उपलब्‍ध करावें? (घ) प्रश्नांश (क), (ख) के प्रकाश में किन-किन फीडरों पर कितने किलोमीटर 11 के.व्‍ही. लाइन एवं एल.टी. केबिल तथा मीटर स्‍थापित किये गये, का विवरण फीडरवार पृथक-पृथक उपलब्‍ध करावें तथा बतावें कि योजनान्‍तर्गत हार्डराक या हार्ड या नार्मल जमीन पर पोल गाड़ने के लिये क्‍या प्रावधान हैं?

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) जी हाँ। (ख) प्रश्‍नाधीन 11 के.व्‍ही. के 56 फीडरों के विभक्तिकरण के कार्य हेतु ठेकेदार एजेंसी मेसर्स विन्‍ध्‍या टेलीलिंक, नई दिल्‍ली को अवार्ड जारी किया गया था। प्रश्‍नाधीन फीडर विभक्तिकरण के कार्य में 11 के.व्‍ही.बे, 11 के.व्‍ही. लाईन, एल.टी. केबिल, वितरण ट्रांसफार्मर तथा मीटर लगाए जाने के कार्यों की प्रावधानित मात्रा एवं प्रगति की फीडरवार जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। उक्‍त ठेकेदार एजेंसी द्वारा प्रावधान के अनुरूप शत-प्रतिशत कार्य पूर्ण किये गये हैं। (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के अनुसार प्रश्‍नाधीन फीडर विभक्तिकरण के कार्य में फीडरवार प्रावधानित कार्यों की जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट में समाहित है। (घ) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के अनुसार प्रश्‍नाधीन फीडर विभक्तिकरण के कार्य में फीडरवार पूर्ण किये गये 11 के.व्‍ही. लाईन एवं एल.टी. केबिल के कार्य तथा स्‍थापित किये गये मीटरों की संख्‍या का विवरण संलग्‍न परिशिष्‍ट में समाहित है। प्रश्‍नाधीन कार्य में ठेकेदार एजेंसी को हार्डराक या हार्ड या नार्मल जमीन पर पोल गाड़ने के लिए समान राशि रू. 1014.97 प्रति पोल दिये जाने का प्रावधान था।

परिशिष्ट - ''एक''

अनुसूचित जाति/जनजाति क्षेत्र विकास योजनांतर्गत प्राप्‍त आवंटन

[अनुसूचित जाति कल्याण]

3. ( *क्र. 1006 ) श्री फुन्‍देलाल सिंह मार्को : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अनूपपुर जिले को अनुसूचित जाति/जनजाति क्षेत्र विकास योजना के अंतर्गत वर्ष 2013-14 से प्रश्‍न दिनांक तक कितना आवंटन कब-कब प्राप्‍त हुआ? प्राप्‍त आवंटन का व्‍यय कब-कब किस आधार पर किया गया? वर्ष 2013-14 से प्रश्‍न दिनांक तक वर्षवार पृथक-पृथक जानकारी उपलब्‍ध करायें। (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार अनूपपुर जिले के विधानसभा क्षेत्र पुष्‍पराजगढ़ के किस-किस ग्राम में किस-किस कार्य के लिये कितनी राशि स्‍वीकृत की गई? स्‍वीकृत राशि के विरूद्ध कितना-कितना व्‍यय हुआ। इन कार्यों की निर्माण एजेंसी कौन है? पुष्‍पराजगढ़ विधानसभा क्षेत्र की जानकारी उपलब्‍ध करायें। (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में की गई अनियमितताओं से संबंधित उक्‍त अवधि में प्राप्‍त शिकायतों पर क्‍या कार्यवाही की गई? शिकायतवार कार्यवाहीवार विवरण उपलब्‍ध करायें।

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ग) प्रश्‍नांकित अवधि में प्रश्नांश (क) एवं () के परिप्रेक्ष्‍य में प्राप्‍त अनियमितताओं से संबंधित शिकायत पर संभागीय उपायुक्‍त, जनजातीय कार्य विभाग तथा अनुसूचित जाति विकास, शहडोल संभाग, शहडोल के पत्र क्रमांक 428, दिनांक 30.07.2016 के माध्‍यम से जाँच दल गठित कर जाँच कराई गई है। जाँच उपरांत आयुक्‍त, जनजातीय कार्य के पत्र क्रमांक 24859 दिनांक 3.10.2017 द्वारा संभागीय उपायुक्‍त, जनजातीय कार्य विभाग से आरोप पत्र एवं अभिलेख चाहे गये हैं। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है।

जले/खराब ट्रांसफार्मरों का सुधार

[ऊर्जा]

4. ( *क्र. 67 ) श्री निशंक कुमार जैन : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्नकर्ता के विधानसभा क्षेत्र बासौदा में कौन-कौन से ग्रामों के ट्रांसफार्मर कब से किस कारण से जले-बंद पड़े हुये हैं? ग्रामवार जानकारी उपलब्ध करावें (ख) उक्त ट्रांसफार्मर को बदलने की योजना क्या है? (ग) प्रश्नकर्ता द्वारा वर्ष 2017-18 में किस-किस ग्राम के जले व बंद पड़े ट्रांसफार्मर को सुधार कर पुनः रखने का अनुरोध प्रबंधक, म.प्र. विद्युत वितरण कम्पनी मध्य क्षेत्र संभाग विदिशा से किया गया था? उक्त अनुरोध पर कौन-कौन से ट्रांसफार्मर बदल दिये गये हैं और कौन-कौन से शेष हैं? कारण सहित बतावें

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) बासौदा विधानसभा क्षेत्रान्‍तर्गत 57 ग्रामों में 81 जले/खराब वितरण ट्रांसफार्मर संबद्ध उपभोक्‍ताओं द्वारा नियमानुसार विद्युत बिल की राशि जमा नहीं करने के कारण बदलने हेतु शेष हैं, जिनकी जलने/खराब होने की दिनांक सहित ग्रामवार जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) वर्तमान में लागू नियमानुसार जले/खराब ट्रांसफार्मर से संबद्ध 50 प्रतिशत उपभोक्‍ताओं द्वारा बकाया राशि जमा करने अथवा 20 प्रतिशत बकाया राशि जमा होने पर जले/खराब ट्रांसफार्मर को बदला जाता है। उक्‍तानुसार बकाया राशि जमा होने पर प्रश्‍नाधीन जले/खराब ट्रांसफार्मरों को बदला जा सकेगा। (ग) माननीय प्रश्‍नकर्ता विधायक महोदय द्वारा वित्‍तीय वर्ष 2017-18 में संचालन एवं संधारण वृत्‍त कार्यालय विदिशा को बासौदा विधानसभा क्षेत्रान्‍तर्गत जले/खराब वितरण ट्रांसफार्मरों को बदलने हेतु 4 पत्र प्रेषित किए गए हैं, जिनमें विभिन्‍न स्‍थानों के 20 जले/खराब वितरण ट्रांसफार्मरों को बदलने हेतु लेख किया गया है। उक्‍त वर्णित 20 ट्रांसफार्मरों में से 6 ट्रांसफार्मर स्‍थानीय स्‍तर पर सुधरवाकर स्‍थापित कर दिये गये हैं, जिनसे वर्तमान में विद्युत प्रदाय चालू है तथा शेष ट्रांसफार्मर संबद्ध उपभोक्‍ताओं द्वारा नियमानुसार बकाया राशि जमा नहीं करने के कारण नहीं बदले गए हैं। प्रश्‍नाधीन चाही गई ट्रांसफार्मरवार/ग्रामवार जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है।

परिशिष्ट - ''दो''

वेंचर फाइनेंस लिमिटेड द्वारा वितरित ऋण

[वित्त]

5. ( *क्र. 910 ) श्री जयवर्द्धन सिंह : क्या वित्त मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या म.प्र. शासन द्वारा 2014 में म.प्र. वेंचर फाइनेंस लिमिटेड का गठन किया जाकर 100 करोड़ रू. का वेंचर केपिटल फंड बनाया था? (ख) इस वेंचर फाइनेंस लिमिटेड ने विगत 03 वर्षों में प्रश्‍न दिनांक तक कितने उद्यमियों को ऋण और मदद दी है? ऐसे उद्यमियों के नाम और दी गई राशि बतायें। शासन के पास वेंचर फाइनेंस लिमिटेड कम्‍पनी के कितने प्रस्‍ताव किस-किस दिनांक से अनुमोदन के लिये लंबित हैं? (ग) क्‍या वेंचर फाइनेंस लिमिटेड कम्‍पनी के एम.डी./सी.ई.ओ. ने इस्‍तीफा दिया है? यदि हाँ, तो क्‍या कारण हैं? उनके द्वारा इस्‍तीफा देने के पूर्व लिख्‍ो गये पत्र में कौन से मुद्दे उठाये गए थे? पत्र की प्रति उपलब्‍ध करायें। शासन द्वारा, एम.डी./सी.ई.ओ. द्वारा लिखे गये पत्रों पर क्‍या कार्यवाही की गई है? वेंचर लिमिटेड को भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (सिडबी) और मल्‍टी नेशनल कम्‍पनियों से कितनी र‍ाशि मिलनी थी, कितनी मिली है?

वित्त मंत्री ( श्री जयंत मलैया ) : (क) जी नहीं। म.प्र. वेंचर फायनेंस लिमिटेड का निगमन प्रमाण पत्र दिनांक 31.03.2015 को जारी हुआ है। राज्‍य शासन द्वारा दिनांक 14.10.2014 को राज्‍य में सेबी नियमों के अंतर्गत वेंचर केपीटल फण्‍ड की स्‍थापना हेतु कार्यवाही प्रारंभ करने तथा प्रथमत: एम.एस.एम.ई. क्षेत्र हेतु रूपये 100 करोड़ का फण्‍ड निर्मित करने का निर्णय लिया गया था। (ख) म.प्र. वेंचर फायनेंस लिमिटेड द्वारा उद्यमियों को सीधे तौर पर ऋण और मदद् दी जानी अपेक्षित नहीं है। उद्यमियों को सहायता मध्‍यप्रदेश एम.एस.एम.ई. फण्‍ड ट्रस्‍ट द्वारा उपलब्‍ध कराया जाना आशायित है। शासन के पास म.प्र. वेंचर फायनेंस लिमिटेड का कोई प्रस्‍ताव अनुमोदन हेतु लंबित नहीं है। (ग) जी हाँ। कम्‍पनी के एम.डी./सी.ई.ओ. द्वारा पत्र दिनांक 10.01.2018 द्वारा इस्‍तीफा दिया गया है। उनके द्वारा किसी कारण का उल्‍लेख इस्‍तीफे में नहीं किया गया है। उनके द्वारा इस्‍तीफा देने के पूर्व राज्‍य शासन को इस संबंध में उनका कोई पत्र प्राप्‍त नहीं हुआ है। अत: शासन द्वारा कोई कार्यवाही करने का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (सिडबी) और मल्‍टी नेशनल कम्‍पनियों से योगदान अनुबंध नहीं होने से राशि का निर्धारण नहीं हुआ है और कोई राशि प्राप्‍त नहीं हुई है।

सामुदायिक वन अधिकार पत्रों का वितरण

[जनजातीय कार्य]

6. ( *क्र. 221 ) श्री शैलेन्‍द्र पटेल : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शासन द्वारा भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 4 में अधिसूचित भूमियों के संबंध में दिनांक 16 अप्रैल, 2015 को पत्र जारी कर किस-किस प्रारूप में कौन-कौन सी जानकारी संकलित कर किन कार्यवाहियों के आदेश निर्देश उपखण्‍ड स्‍तरीय वनाधिकार समिति के अध्‍यक्ष अनुविभागीय अधिकारी राजस्‍व को दिए हैं? पूर्ण ब्‍यौरा दें। (ख) विधानसभा प्रश्‍न क्रमांक 1077, दिनांक 11 दिसंबर, 2014 में किस जिले के अनुविभागीय अधिकारी के समक्ष कितने वनखण्‍डों में शामिल कितनी भूमियों को धारा 4 में अधिसूचित होना प्रतिवेदित किया गया है व इनमें से कितनी भूमियों की दिनांक 16 अप्रैल, 2015 को जारी पत्र में उल्‍लेखित प्रारूप में जानकारी का संकलन आवश्‍यक रहा है? (ग) दिनांक 16 अप्रैल, 2015 से प्रश्‍न दिनांक तक विभाग के जारी आदेश के अनुसार कितने वनखण्‍डों में शामिल कितनी भूमियों की जानकारी का प्रारूप में संकलन कर लिया है, जिलेवार ब्‍यौरा दें। (घ) सदन के पटल पर प्रस्‍तुत प्रश्‍न क्रमांक 1077 में बताए वनखण्‍ड एवं भूमियों के संबंध में 16 अप्रैल, 2015 के पत्र में बताए प्रारूप में कब तक जानकारियों का अंकलन करवाया जाकर सामुदायिक वन अधिकार पत्र वितरित कर दिए जाएंगे?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) वन विभाग द्वारा विधानसभा प्रश्‍न क्रमांक 1077 के उत्‍तर दिनांक 11.12.2014 में दी गई जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। वन विभाग द्वारा प्रतिवेदित भूमि को परीक्षण पश्‍चात् दिनांक 16 अप्रैल, 2015 को जारी पत्र में संकलित किया जाना है। (ग) एवं (घ) कार्यवाही प्रचलन में है। वन अधिकार अधिनियम 2006 की प्रक्रिया अर्द्ध न्‍यायिक स्‍वरूप की होने से समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

आयोजना एवं आयोजनेत्‍तर मद का विभेदीकरण

[वित्त]

7. ( *क्र. 629 ) श्री संजय उइके : क्या वित्त मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या भारत सरकार द्वारा लिये गये निर्णय के अनुक्रम में राज्‍य सरकार द्वारा वित्‍तीय वर्ष 2017-18 से आयोजना एवं आयोजनेत्‍तर मद के विभेदीकरण को समाप्‍त करने का निर्णय लिया गया है? (ख) यदि हाँ, तो भारत सरकार द्वारा लिये गये निर्णय के आदेश/निर्देश की प्रति उपलब्‍ध करावें? (ग) आयोजना एवं आयोजनेत्‍तर व्‍यय के विभेदीकरण की समाप्ति के फलस्‍वरूप आयोजना मद अन्‍तर्गत आदिवासी क्षेत्र उपयोजना तथा अनुसूचित जाति उपयोजना का पृथक-पृथक निर्धारण भी समाप्‍त हो गया है, जिसके कारण उक्‍त उपयोजना क्षेत्र के विकास हेतु पृथक से बजट आवंटन नहीं होने से गैर आदिवासी उपयोजना क्षेत्र एवं आदिवासी उपयोजना क्षेत्रों के विकास में जो अन्‍तर है, उसको पूरा करने में जो कठिनाई आवेगी उसको कैसे दूर किया जावेगा? (घ) आयोजना एवं आयोजनेत्‍तर मद के वि‍भेदीकरण की समाप्ति के पश्‍चात् भी यह सुनिश्चित करने की व्‍यवस्‍था की गई है कि सामाजिक एवं आर्थिक क्षेत्रों की योजनाओं अन्‍तर्गत अनुसूचित जनजाति एवं अनुसूचित जाति को प्रत्‍यक्ष लाभ पहुंचाने हेतु पृथक प्रावधान उपयोजना के रूप में किया गया है, तत्‍संबंध में व्‍यय हेतु जारी किये आदेश/निर्देश की प्रति उपलब्‍ध करावें।

वित्त मंत्री ( श्री जयंत मलैया ) : (क) जी हाँ। (ख) आदेश की प्रति विधानसभा के पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ग) जी नहीं। अनुसूचित जाति तथा जनजाति वर्ग के कल्याण हेतु अनुमानित व्यय के प्रावधानों का विवरण देने के लिए पृथक खण्ड-9 तैयार कर बजट साहित्य के रूप में विधान सभा के समक्ष प्रस्तुत किया जाता है, जिसकी शुरूआत वर्ष 2017-18 के बजट प्रस्तुति के दौरान की गई थी। इस संबंध में वित्त विभाग के परिपत्र क्र. 1130/1497/2016/ब-1/चार, दिनांक 17.11.2016 की कंडिका 4 में स्थिति स्पष्ट की गई है, जिसकी प्रति विधानसभा के पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (घ) जी हाँ। आदेश की प्रति विधानसभा के पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है।

संचालित योजनाओं का क्रियान्‍वयन

[ऊर्जा]

8. ( *क्र. 824 ) श्रीमती शकुन्‍तला खटीक : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) ऊर्जा विभाग द्वारा राजीव गांधी विद्युतीकरण योजना, फीडर सेपरेशन आदि क्‍या-क्‍या योजनाएं संचालित हैं व उनके क्रियान्‍वयन हेतु शासन ने क्‍या मापदण्‍ड व नियम प्रक्रियाओं का गठन किया है? (ख) क्‍या उपरोक्‍त गतिविधियां तहसील करैरा व नरवर जिला शिवपुरी में संचालित हैं व इस हेतु विभाग द्वारा विगत 03 वर्षों में किन-किन ऐजेंसियों के माध्‍यम से कार्य कराये गये, की जानकारी ग्राम, मजरे, टोले आदि सहित दी जावे व क्‍या सभी क्षेत्र के ग्रामों में उपरोक्‍त योजना पूर्ण हो चुकी है अथवा नहीं? यदि नहीं, तो कारण बतायें? शेष ग्रामों को कब तक योजना का लाभ मिल सकेगा?

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) ऊर्जा विभाग के अंतर्गत वर्तमान में दीनदयाल उपाध्‍याय ग्राम ज्‍योति योजना, राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना (वर्तमान में दीनदयाल उपाध्‍याय ग्राम ज्‍योति योजना में समाहित) फीडर विभक्तिकरण योजना, इंटीग्रेटेड पॉवर डेवलपमेंट स्‍कीम (आई.पी.डी.एस.), मुख्‍यमंत्री स्‍थाई कृषि पंप कनेक्‍शन योजना, स्‍वयं का ट्रांसफार्मर योजना (ओ.वाय.टी.) एवं प्रधानमंत्री सहज बिजली हर घर योजना (सौभाग्‍य) योजनाएं संचालित हैं। उक्‍त योजनाओं के क्रियान्‍वयन हेतु जारी दिशा निर्देश पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र क्रमश: अ-1, प्रपत्र अ-2, प्रपत्र अ-3, प्रपत्र अ-4, प्रपत्र अ-5, प्रपत्र अ-6, प्रपत्र अ-7 अनुसार है। (ख) प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में आई.पी.डी.एस. योजना को छोड़कर उक्‍त समस्‍त योजनाएं संचालित हैं। शिवपुरी जिले हेतु फीडर विभक्तिकरण योजनान्‍तर्गत क्रियान्‍वयन एजेन्‍सी मेसर्स एन.सी.सी, लिमिटेड, हैदराबाद, राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना (12वां प्‍लान) के अंतर्गत क्रियान्‍वयन एजेन्‍सी मेसर्स डी-कन्‍ट्रोल इलेक्ट्रिक (प्रा.) लिमिटेड, कानपुर एवं दीनदयाल उपाध्‍याय ग्राम ज्‍यो‍ति योजनान्‍तर्गत क्रियान्‍वयन एजेन्‍सी मेसर्स केटस्किल इन्‍फ्रा प्रोजेक्‍ट प्राईवेट लिमिटेड, पुणे है। प्रश्‍नाधीन क्षेत्रान्‍तर्गत मुख्‍यमंत्री स्‍थाई कृषि पम्‍प कनेक्‍शन योजना एवं सौभाग्‍य योजनांतर्गत कार्य मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा विभागीय तौर पर कराए गए हैं तथा स्‍वयं का ट्रांसफार्मर योजना के कार्य आवेदक द्वारा स्‍वयं लायसेंसी ठेकेदारों के माध्‍यम से कराए गए। मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा विगत् 3 वर्षों में फीडर विभक्तिकरण, राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना एवं दीनदयाल उपाध्‍याय ग्राम ज्‍योति योजनान्‍तर्गत ग्रामों/मजरों/टोलों के विद्युतीकरण से संबंधित कराए गए विभिन्‍न कार्यों की कार्य पूर्णता/अपूर्णता संबंधी, अपूर्ण होने के कारण सहित जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र क्रमश: '', प्रपत्र '' एवं प्रपत्र '' अनुसार है। प्रश्‍नाधीन शेष योजनाओं यथा-सौभाग्‍य योजना, मुख्‍यमंत्री स्‍थाई कृषि पम्‍प कनेक्‍शन योजना एवं स्‍वयं का ट्रांसफार्मर योजना के अंतर्गत प्रश्‍नाधीन अवधि एवं क्षेत्र में कराए गये कार्यों का प्रश्‍नाधीन चाहा गया विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-'' अनुसार है।

पूरक पोषण आहार का वितरण

[महिला एवं बाल विकास]

9. ( *क्र. 490 ) श्री सुन्‍दरलाल तिवारी : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) रीवा संभाग में वर्ष 2014 से प्रश्‍न दिनांक तक में कितने स्‍व-सहायता समूहों द्वारा आंगनवाड़ी केन्‍द्र में पूरक पोषण आहार के वितरण करने का उत्‍तरदायित्‍व किस शर्त पर सौंपा गया था, का विवरण परियोजनावार देवें? (ख) प्रश्नांश (क) के स्‍व-सहायता समूहों को परियोजना अधिकारियों द्वारा उचित मूल्‍य की दुकानों से खाद्यान्‍न उठाने का प्रदायगी आदेश कब-कब जारी किये गये? समूहों द्वारा उचित मूल्‍य की दुकानों से उठाव कब-कब किया गया, का विवरण परियोजनावार देवें। (ग) प्रश्नांश (ख) के संदर्भ में क्‍या वर्ष 2014 से वर्ष 2016 तक प्रदेश के सभी जिलों में गेहूँ एवं चावल की कमी थी, जिसके कारण समूहों को निर्धारित मात्रा व समय पर चावल एवं गेहूँ की आपूर्ति नहीं की गयी? (घ) प्रश्नांश (क) के समूहों को प्रश्नांश (ख) एवं (ग) अनुसार चावल एवं गेहूँ की कमी से उपलब्‍धता सुनिश्चित नहीं करायी गयी, जिससे हितग्राहियों को पूरक पोषण आहार का वितरण नहीं हो सका, इसके लिए जबावदारों की पहचान पर क्‍या कार्यवाही करेगें? साथ ही खाद्यान्‍न की पूर्ति पर क्‍या निर्णय लेंगे?

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( श्रीमती अर्चना चिटनिस ) : (क) रीवा संभाग में वर्ष 2014 से प्रश्न दिनांक तक स्व-सहायता समूहों को पूरक पोषण आहार वितरण करने का दायित्व विभागीय आदेश क्र.एफ 4-5/2014/50-2, भोपाल, दिनांक 24 फरवरी 2014 द्वारा जारी दिशा निर्देशों के अधीन सौंपा गया है। परियोजनावार स्व-सहायता समूहों का विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ग) प्रश्न अवधि में गेहूँ एवं चावल की कमी परिलक्षित नहीं हुई है। शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) प्रश्न अवधि में स्व-सहायता समूहों को निर्धारित मापदण्ड अनुसार गेहूँ एवं चावल उपलब्ध कराया गया है तथा हितग्राहियों को पूरक पोषण आहार नियमित वितरण सुनिश्चित किया गया है। शेष का प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता है।

आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं/सहायिकाओं को पद से पृथक किया जाना

[महिला एवं बाल विकास]

10. ( *क्र. 1074 ) श्रीमती चन्‍दा सुरेन्‍द्र सिंह गौर : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) खरगापुर विधान सभा क्षेत्र के विकासखण्‍ड बल्‍देवगढ़ में वर्ष 2016 से प्रश्‍न दिनांक तक कितनी आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं के विरूद्ध पद से पृथक किये जाने की कार्यवाही की गई? संपूर्ण कार्यवाही एवं सूची से अवगत करायें? (ख) क्‍या जिन सहायिकाओं एवं आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के विरूद्ध पद से पृथक करने की कार्यवाही की गई है, उनको नोटिस आदि दिये गये एवं उनके जवाब मांगे गये? यदि हाँ, तो नोटिस एवं जवाब पत्रों का विवरण उपलब्‍ध करायें? (ग) क्‍या पद से पृथक की गई सहायिकाओं एवं आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं पर मुख्‍यालय पर नहीं रहने के आरोप लगाये गये हैं तथा इसी आरोप को प्रमुख बिन्‍दु मानते हुये पद से पृथक करने की कार्यवाही की गई? यदि स्‍वयं जाँचकर्ता एवं ब्‍लॉक परियोजना अधिकारी मुख्‍यालयों पर निवास नहीं करते हों तो उनके विरूद्ध भी पद से पृथक किये जाने की कार्यवाही करेंगे? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्‍यों? (घ) क्‍या आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं के द्वारा दिये गये जवाब पत्रों पर जाँचकर्ता द्वारा समुचित कार्यवाही नहीं कर पद से पृथक किये जाने की अनुशंसा की है? क्‍या विकासखण्‍ड बल्‍देवगढ़ में इस प्रकार की दोषपूर्ण हुई कार्यवाही की जाँच करायेंगे? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्‍यों? कारण स्‍पष्‍ट करें तथा पद से पृथक कर्मचारियों पर हुई गलत कार्यवाही करने वाले अधिकारी के विरूद्ध वैधानिक कार्यवाही प्रस्‍तावित करेंगे?

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( श्रीमती अर्चना चिटनिस ) : (क) खरगापुर विधानसभा क्षेत्र के विकासखण्ड बल्देवगढ़ में वर्ष 2016 से प्रश्न दिनांक तक 19 आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं एवं 8 सहायिकाओं के विरूद्ध पद से पृथक किये जाने की कार्यवाही की गई। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) जी हाँ। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ग) जी हाँ। मुख्यालय पर नहीं रहने के कारण आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं/सहायिकाओं को हटाया गया है। जाँचकर्ता एवं परियोजना अधिकारी मुख्यालय पर निवासरत् हैं। अतः शेष का प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता है। (घ) जी नहीं। जो आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकायें मुख्यालय पर निवास नहीं करती थीं, उन्हें पद से पृथक करने की कार्यवाही शासन के निर्देशों के अनुसार नियमानुसार की गई है। अतः शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।

परासिया विकासखण्‍ड में निवासरत भारिया जनजाति को आरक्षण का लाभ

[जनजातीय कार्य]

11. ( *क्र. 504 ) श्री सोहनलाल बाल्‍मीक : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) छिन्‍दवाड़ा जिले के किन-किन विकासखण्‍डों में भारिया जनजाति के लोग निवासरत हैं? प्रत्‍येक विकासखण्‍ड में निवासरत भारिया जनजाति के लोगों की संख्‍या प्रत्‍येक विकास खण्‍डवार उपलब्‍ध करायें? (ख) क्‍या केवल छिन्‍दवाड़ा जिले के तामिया विकासखण्‍ड में निवासरत भारिया जनजाति के लोगों को ही शासकीय नौकरियों में शासन द्वारा आरक्षण सुविधा सीधी भर्ती का लाभ व शासन द्वारा संचालित अन्‍य योजनाओं का लाभ प्रदान किया जा रहा है? (ग) प्रश्नांश (ख) के अनुसार अगर हाँ तो छिन्‍दवाड़ा जिले के परासिया विकासखण्‍ड में निवासरत (ग्राम बुदलापठार, सूठिया व अन्‍य ग्रामों में निवासरत) भारिया जनजाति के लोगों को शासकीय नौकरियों में शासन द्वारा आरक्षण सुविधा सीधी भर्ती का लाभ व शासन द्वारा संचालित अन्‍य योजनाओं के लाभ से वंचित रखा जा रहा है, जिसका क्‍या कारण है, जबकि तामिया व परासिया दोनों ही विकासखण्‍ड छिन्‍दवाड़ा जिले के अंतर्गत आते हैं? (घ) जिस प्रकार छिन्‍दवाड़ा जिले के तामिया विकासखण्‍ड में निवासरत भारिया जनजाति के लोगों को शासकीय नौकरियों में शासन द्वारा आरक्षण सुविधा सीधी भर्ती का लाभ व शासन द्वारा संचालित अन्‍य योजनाओं का लाभ प्रदान किया जा रहा है, क्‍या उसी प्रकार छिन्‍दवाड़ा जिले के अन्‍य विकासखण्‍डों में निवासरत भारिया जनजाति के लोगों को लाभ प्रदान किया जायेगा?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख), (ग) एवं (घ) भारत सरकार जनजातीय कार्य विभाग की अधिसूचना के अनुरूप भारिया जनजाति, जो छिन्‍दवाड़ा जिले के तामिया विकासखण्‍ड में चिन्हित क्षेत्र में निवास करते हैं, उन्‍हें ही विशेष पिछड़ी जनजाति की मान्‍यता प्राप्‍त है। तदनुरूप मध्‍यप्रदेश शासन, सामान्‍य प्रशासन विभाग की अधिसूचना दिनांक 28.08.2002 एवं दिनांक 11.01.2010 द्वारा छिन्‍दवाड़ा जिले के तामिया विकासखण्‍ड के विभिन्‍न क्षेत्रों में निवासरत भारिया जनजाति को नौकरियों में सीधी भर्ती एवं भारत सरकार की विशेष पिछड़ी जनजाति की योजनाओं का लाभ मिल रहा है। साथ ही तामिया क्षेत्र से बाहर निवासरत परासिया विकासखण्‍ड के भारिया जनजाति को भी राज्‍य सरकार द्वारा विशेष पिछड़ी जनजाति के परिवारों को कुपोषण से मुक्ति हेतु रूपये एक हजार प्रतिमाह महिला मुखिया को दिये जाने वाली योजना का लाभ दिया जा रहा है। भारत सरकार जनजाति कार्य विभाग एवं मध्‍यप्रदेश शासन, सामान्‍य प्रशासन विभाग की अधिसूचना अनुसार वर्तमान प्रचलित नियमों के तहत चिन्हित क्षेत्रों के बाहर निवासरत भारिया जनजाति को शासकीय नौकरियों में भर्ती बावत् लाभ देय नहीं है।

परिशिष्ट - ''तीन''

टेंडर में अनियमितता

[नर्मदा घाटी विकास]

12. ( *क्र. 938 ) श्री सुरेन्‍द्र सिंह बघेल : क्या राज्‍यमंत्री, नर्मदा घाटी विकास महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍न क्रमांक 1292, दिनांक 28.11.2017 के (ग) उत्‍तर से जानकारी प्राप्‍त हुई कि इंदौर नगर निगम में अस्‍थायी टीन शेड का टेंडर निकाला। ऐसे और कितने कार्य हैं, जिनके टेंडर इंदौर नगर निगम द्वारा निकाले गए (डूब क्षेत्र, पुनर्वास संबंधित)? (ख) ऐसा किस नियम/लिखित आदेश से किया गया कि इंदौर नगर निगम द्वारा अपनी सीमा से दूरस्‍थ डूब क्षेत्र का टेंडर निकाला गया? नियम/लिखित आदेश की छायाप्रति देवें। (ग) ऐसा नियम विरूद्ध कार्य करने का आदेश देने वाले एवं उसका पालन करने वाले अधिकारियों के नाम, पदनाम सहित जानकारी देवें। (घ) शासन द्वारा कब तक इन पर कार्यवाही की जाएगी?

राज्‍यमंत्री, नर्मदा घाटी विकास ( श्री लालसिंह आर्य ) : (क) सरदार सरोवर परियोजना अंतर्गत प्रश्‍न क्रमांक 1292, दिनांक 28.11.2017 के प्रश्नांश (ग) के अनुरूप निसरपुर पुनर्वास स्‍थल पर अस्‍थाई आवास निर्माण हेतु टेन्‍डर के अतिरिक्‍त इंदौर नगर पालिक निगम द्वारा अस्‍थायी आवास स्‍थलों पर मूलभूत सुविधा उपलब्‍ध कराने हेतु निम्‍न दो टेंडर आमंत्रित किये गये :- 1. अस्‍थायी आवासों पर जल प्रदाय करना। 2. अस्‍थायी आवास स्‍थल पर बाह्य विद्युत व्‍यवस्‍था करना। (ख) सरदार सरोवर परियोजनाओं के पुनर्वास के संबंध में मुख्‍य सचिव की अध्‍यक्ष्‍ाता में उच्‍च स्‍तरीय साधिकार समिति की बैठक दिनांक 22.05.2017 के निर्णय अनुसार निसरपुर जिला धार में विस्‍थापितों हेतु 1500 अस्‍थाई आवास के निर्माण हेतु निर्देश दिये गये हैं। इस क्रम में आयुक्‍त, मध्‍य प्रदेश नगरीय प्रशासन एवं विकास द्वारा दिये गये निर्देश अनुसार प्रमुख अभियंता मध्‍यप्रदेश अर्बन डेव्‍हलपमेंट कंपनी लिमिटेड के द्वारा जारी पत्र क्रमांक पी.एम.यू./इंजी./2017/835, दिनांक 22.05.2017 एवं निगम द्वारा नगर पालिक निगम अधिनियम 1956 की कंडिका क्रमांक 68 ''शासन द्वारा निगम को कतिपय कार्यों का सौपा जाना'' के तहत कार्य किया गया। पत्र संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ग) एवं (घ) उत्‍तरांश (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थि‍त नहीं होता है।

परिशिष्ट - ''चार''

धरमपुरी विधानसभा क्षेत्रांतर्गत शालाओं का उन्नयन

[जनजातीय कार्य]

13. ( *क्र. 563 ) श्री कालुसिंह ठाकुर : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या आदिम जाति कल्याण विभाग अन्तर्गत संचालित विभिन्न शैक्षणिक संस्थाओं तथा प्राथमिक, माध्यमिक, हाईस्कूल आदि संस्थाओं का संस्था अथवा पोषक संस्थाओं में दर्ज छात्र/छात्राओं की संख्या के आधार पर उच्च कक्षा हेतु उन्नयन किया जाना होता है? (ख) यदि हाँ, तो म.प्र. के धार जिले की धरमपुरी विधानसभा क्षेत्र अन्तर्गत संचालित शैक्षणिक संस्थाओं तथा कन्या हाईस्कूल नालछा, मा.वि. बगडी, मा.वि. कछवानिया आदि संस्थाओं का उन्नयन उच्च कक्षा में करने हेतु प्रस्ताव मय आवश्यक जानकारी एवं अनुशंसा सहित तीन-चार वर्षों से सतत् प्रेषित करने के बावजूद उन्‍नयन नहीं किये जाने का क्या कारण है? (ग) विभाग को प्रेषित प्रस्ताव अनुसार भविष्य में उपरोक्त संस्थाओं का उन्नयन किया जावेगा अथवा नहीं? यदि उपरोक्त संस्थाओं का उन्नयन किया जावेगा तो कब तक?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जी हाँ। (ख) प्राथमिक एवं माध्‍यमिक विद्यालय राज्‍य शिक्षा केन्‍द्र द्वारा स्‍वीकृत किये जाते हैं। माध्‍यमिक शाला से हाई स्‍कूल उन्‍नयन राष्‍ट्रीय माध्‍यमिक शिक्षा अभियान अंतर्गत लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा कार्यवाही की जाती है। जनजातीय कार्य विभाग द्वारा हाई स्‍कूल से उ.मा.वि. में उन्‍नयन की कार्यवाही की जाती है। कन्‍या हाई स्‍कूल नालछा में निर्धारित मापदण्‍ड की प‍ूर्ति न होने से उन्‍नयन नहीं किया गया। (ग) मापदण्‍ड की पूर्ति होने पर निर्धारित प्राथमिकताओं के आधार पर उन्‍नयन की कार्यवाही की जाती है। अत: निश्चित समयावधि बताया जाना संभव नहीं।

वनाधिकार पट्टों का वितरण

[जनजातीय कार्य]

14. ( *क्र. 1082 ) श्री नारायण त्रिपाठी : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सतना जिले के मैहर विकासखण्‍ड में वर्ष 2014-15, 2015-16, 2016-17 एवं 2017-18 तक कितने वनाधिकार (वन भूमि के पट्टे) के आवेदन पत्र कब से किस स्‍तर पर लंबित हैं एवं क्‍यों? प्रकरणवार कारण बतावें। (ख) क्‍या वर्तमान में शासन द्वारा वन भूमि के पट्टा हेतु आवेदन करने पर रोक लगाई है? यदि हाँ, तो उक्‍त आदेश की प्रति दें? यदि नहीं, तो प्रश्नांश (क) में उल्‍लेखित वर्षों में कितने वनाधिकार (वन भूमि के पट्टे) वितरित किये गये हैं? ग्रामवार लाभांवित हितग्राहियों की सूची उपलब्‍ध करावें। (ग) कब तक मैहर विकासखण्‍ड के सभी पात्र हितग्राहियों को वनाधिकार पट्टे उपलब्‍ध करा दिये जावेंगे?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) सतना जिले के मैहर विकासखण्ड क्षेत्र अन्तर्गत वर्ष 2014-15, 2015-16, 2016-17 एवं 2017 -18 में वन अधिकार (वन भूमि पट्टे) के कोई भी आवेदन पत्र लंबित नहीं है। (ख) जी नहीं। प्रश्नांश (क) में उल्लेखित वर्षों में निम्नानुसार वन भूमि के पट्टे वितरित किये गये हैं :-

क्रमांक

वर्ष

वितरित पट्टों की संख्‍या

1

2014-15

24

2

2015-16

0

3

2016-17

31

4

2017-18

0

 

(ग) ग्रामवार लाभांवित हितग्राहियों/पट्टेधारियों की जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। प्रक्रिया अर्द्धन्‍यायिक स्वरूप की होने से समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

परिशिष्ट - ''पाँच''

विद्युत ग्रि‍ड/133 के.व्ही केन्द्र की स्‍थापना

[ऊर्जा]

15. ( *क्र. 919 ) श्रीमती झूमा सोलंकी : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या भीकनगाँव विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत झिरन्या विकासखण्ड अन्तर्गत क्षेत्रफल अधिक होने से ग्राम मारुगढ़ में 132 के.व्ही. केन्द्र की आवश्‍यकता है तथा क्या इसकी स्वीकृति‍ हेतु प्रस्ताव शासन स्तर पर प्रेषित किया गया है? अगर नहीं तो वर्तमान में सर्वे कर भेजा जायेगा? यदि भेजा गया है तो कहाँ पर लंबित है? (ख) क्या झिरन्या क्षेत्र की विद्युत व्यवस्था सुचारू रूप से संचालन हेतु शासन द्वारा 132 के.व्ही. केन्द्र मारुगढ़ में स्वीकृति‍ प्रदान की जायेगी तथा इसी प्रकार तितरान्या में ग्रिड की स्थापना हेतु शासन स्तर पर प्रस्ताव लंबित हैं? क्या कारण है कि वर्तमान तक स्वीकृति‍ प्रदान नहीं की गई है? (ग) कब तक तितरान्या में ग्रि‍ड की स्वीकृति‍ प्रदान की जायेगी?

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) जी हाँ, भीकनगाँव विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत झिरन्या विकासखण्ड में आने वाले ग्रामों की वोल्‍टेज की समस्‍या के निराकरण सहित विद्युत व्‍यवस्‍था के सुचारू रूप से संचालन हेतु ग्राम मारुगढ़ (धनवा) में अति उच्चदाब 132/33 के.व्ही. उपकेन्द्र के निर्माण की आवश्यकता है। उक्त उपकेन्‍द्र के निर्माण का प्रस्ताव म.प्र. पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड, इन्‍दौर के पत्र क्रमांक प्र.नि./प.क्षे./08-03/1354, दिनांक 19.01.2018 द्वारा म.प्र. पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड, जबलपुर को स्वीकृति हेतु प्रेषित किया गया है। उक्त उपकेन्‍द्र निर्माण का प्रस्ताव वर्तमान में म.प्र. पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड, जबलपुर में तकनीकी परीक्षण की प्रक्रिया में है। (ख) प्रश्‍नाधीन अति उच्चदाब 132/33 के.व्ही. उपकेन्द्र के निर्माण का प्रस्ताव तकनीकी रुप से साध्य पाये जाने पर म.प्र. पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड, जबलपुर द्वारा उक्त कार्य आगामी पारेषण योजना में सम्मिलित कर, वित्तीय संसाधनों की उपलब्‍धता अनुसार, इसी प्रकार के अन्‍य कार्यों की वरीयता/प्राथमिकता को दृष्टिगत रखते हुए निर्माण संबंधी कार्यवाही की जा सकेगी। ग्राम तितरान्या में नवीन 33/11 के.व्ही. उपकेन्द्र का निर्माण किया जाना तकनीकी दृष्टि से साध्य है, तथापि इस कार्य को वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता अनुसार इसी प्रकार के अन्य कार्यों की वरीयता/प्राथमिकता को दृष्टिगत् रखते हुए स्वीकृति प्रदान की जा सकेगी। (ग) उत्तरांश (ख) के परिप्रेक्ष्य में निश्चित समय-सीमा बताना संभव नहीं है।

आदिवासी वित्‍त विकास निगम द्वारा संचालित योजनाओं का क्रियान्‍वयन

[जनजातीय कार्य]

16. ( *क्र. 392 ) इन्जी. प्रदीप लारिया : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) आदिवासी वित्‍त विकास निगम सागर जिले में कौन सी योजनाएं चला रहा है? वर्ष 2016-17 से प्रश्‍न दिनांक तक लक्ष्‍य के विरूद्ध कितने हितग्राही लाभांवित हुए। (ख) बैंकों द्वारा ऋण स्‍वीकृत करने के पश्‍चात् विभाग से अनुदान कितने दिनों में प्राप्‍त होने पर हितग्राही अपना रोजगार प्रारंभ कर देता है? अनुदान देने की प्रक्रिया क्‍या है? (ग) क्‍या बैंकों को हितग्राही का अनुदान प्राप्‍त करने की प्रक्रिया संबंधित बैंकों द्वारा अपने रीजनल बैंक के माध्‍यम से भोपाल स्थित बैंकों से अनुदान प्राप्‍त करना होता है, जिससे हितग्राही को समय पर प्रश्नांश (क) में वर्णित योजना का लाभ प्राप्‍त नहीं होता तथा बैंक ऋण स्‍वीकृत करने में रूचि नहीं लेते? (घ) क्‍या प्रश्‍नांश (ग) में वर्णित स्थिति में सुधार के लिए प्रश्‍नांश (क) में वर्णित योजनाओं का हितग्राही को समय पर लाभ प्राप्‍त हो एवं लक्ष्‍य की पूर्ति के लिए अन्‍य विभागों की योजनाओं की तरह अनुदान की प्रक्रिया का सरलीकरण कर जिला स्‍तर पर सौंपने का निर्णय निगम लेगा?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) निगम द्वारा मुख्यमंत्री स्व-रोजगार योजना, मुख्यमंत्री आर्थिक कल्याण योजना एवं मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना बैंकों के माध्‍यम से संचालित की जा रही है। लाभांवित हितग्राहियों की सूची निम्‍नानुसार है :-

 

क्र.

योजना का नाम

भौतिक लक्ष्‍य

लाभांवित हितग्राही संख्‍या

 

2016-17

 

 

1

मुख्‍यमंत्री स्‍वरोजगार योजना

120

120

2

मुख्‍यमंत्री आर्थिक कल्‍याण योजना

80

80

3

मुख्‍यमंत्री युवा उद्यमी योजना

04

03

 

2017-18

 

 

1

मुख्‍यमंत्री स्‍वरोजगार योजना

145

90

2

मुख्‍यमंत्री आर्थिक कल्‍याण योजना

100

90

3

मुख्‍यमंत्री युवा उद्यमी योजना

04

03

 

 

 

386

 

(ख) बैक द्वारा ऋण वितरण के पश्‍चात् हितग्राही अपना रोजगार स्वयं के सुविधा अनुसार यथाशीघ्र प्रारंभ करता है। निगम द्वारा संचालित योजनान्तर्गत संबंधित बैंक के माध्यम से अनुदान राशि, ऋण स्वीकृति‍ उपरान्त संबंधित बैंक शाखा द्वारा मांग की जाने पर दी जाती है। संबंधित बैंक शाखा द्वारा नोडल बैंक से अनुदान राशि प्राप्त कर सीधे हितग्राही के खाते में जमा कर दी जाती है। (ग) संबंधित बैकों द्वारा अपने क्षेत्रीय बैंक के माध्यम से नोडल बैंक से अनुदान की मांग की जाती है। बैकों द्वारा सतत् कार्यवाही की जाती है। बैंक की निर्धारित प्रक्रिया है, उसका पालन होता है। वित्तीय वर्ष में सभी प्रकरणों पर कार्यवाही की जाती है, ताकि हितग्राहियों को समय पर लाभ मिल सके। (घ) प्रस्‍ताव परीक्षणाधीन है। समय-सीमा बताना संभव नहीं है।

प्री-मैट्रिक छात्रावास बरेला से छात्रों का निष्‍कासन

[जनजातीय कार्य]

17. ( *क्र. 241 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या जुलाई 2017 में विधान सभा क्षेत्र पनागर के बरेला स्थित प्री-मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास कक्षा छटवीं से आठवीं के 15 छात्रों को हटाया गया है? (ख) यदि हाँ, तो क्‍यों? (ग) हटाये गये छात्रों के रहने की क्‍या व्‍यवस्‍था की गई है?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) बरेला स्थित प्री-मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास से कक्षा छठवीं से आठवीं तक के किसी भी छात्र को नहीं हटाया गया। (ख) एवं (ग) प्रश्नांश (क) के उत्‍तर के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

द्वितीय उच्चतर समयमान वेतनमान में विसंगति

[वित्त]

18. ( *क्र. 909 ) श्री प्रहलाद भारती : क्या वित्त मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या सरकार के विभिन्न विभागों में कार्यरत सहायक ग्रेड 03 को द्वितीय उच्चतर समयमान वेतनमान 5200-20200+2800 स्वीकृत किया गया है? क्या मंत्रालय, विधानसभा सचिवालय, राज्यपाल के सचिवालय, विधि विधायी विभाग के सहायक ग्रेड 03 को द्वितीय उच्चतर समयमान वेतनमान रू 9300-34800+3600 दिया जा रहा है? (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार यदि हाँ, तो क्या मंत्रालय एवं सचिवालय में कार्यरत सहायक ग्रेड 03 को इसके पूर्व द्वितीय समयमान वेतनमान 5200-20200+2800 दिया जा रहा था? क्या प्रश्न दिनांक तक शासन के अन्य विभागों में कार्यरत सहायक ग्रेड 03 को द्वितीय उच्चतर समयमान वेतनमान रू. 5200-20200+2800 (ग्रेड-पे) स्वीकृत किया गया है? (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के अनुसार क्या शासन के सभी विभागों में कार्यरत सहायक ग्रेड 03 के पद पर सेवा भर्ती शर्तें एवं प्रारंभिक वेतनमान आदि एक समान हैं? यदि नहीं, तो स्पष्ट करें? सचिवालय एवं मंत्रालय की भांति अन्य विभागों के सहायक ग्रेड 03 को द्वितीय उच्चतर वेतनमान 9300-34800+3600 क्यों नहीं प्रदाय किया गया? सकारण उत्तर दें? अन्य विभागों में सहायक ग्रेड 03 को मंत्रालय एवं सचिवालय की भांति द्वितीय उच्चतर वेतनमान रू. 9300-34800+3600 दिए जाने हेतु आदेश किस दिनांक तक जारी कर दिए जावेंगे? यदि नहीं, तो कारण दें।

वित्त मंत्री ( श्री जयंत मलैया ) : (क) एवं (ख) जी हाँ। (ग) सामान्‍यत: समान है, मंत्रालय के सहायक ग्रेड-3 को दिया गया समयमान वेतनमान राज्‍य शासन के नीतिगत निर्णय के आधार पर है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

राजगढ़ विधान सभा क्षेत्रान्‍तर्गत मिनी आंगनवाड़ी केन्‍द्रों का उन्‍नयन

[महिला एवं बाल विकास]

19. ( *क्र. 729 ) श्री अमर सिंह यादव : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) शासन के नवीन आंगनवाड़ी एवं मिनी आंगनवाड़ी केन्‍द्र खोले जाने के क्‍या नियम हैं? निर्देश की प्रति उपलब्‍ध करावें। (ख) राजगढ़ जिले की विधान सभा क्षेत्र राजगढ़ में ऐसे कितने ग्राम हैं, जिनमें पूर्व की जनसंख्‍या के मान से मिनी आंगनवाड़ी केन्‍द्र संचालित हैं, परन्‍तु वे वर्तमान जनसंख्‍या के मान से आंगनवाड़ी केन्‍द्र खोले जाने की पात्रता रखते हैं? सूची उपलब्‍ध करावें (ग) ऐसे ग्रामों की मिनी आंगनवाड़ी केन्‍द्रों का कब तक आंगनवाड़ी केन्‍द्रों में उन्‍नयन किया जावेगा? (घ) वर्तमान में राजगढ़ जिले की विधान सभा क्षेत्र राजगढ़ में कौन-कौन सी आंगनवाड़ी/मिनी आंगनवाड़ी केन्‍द्रों में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका के पद रिक्‍त हैं? सूची उपलब्‍ध करावें तथा उक्‍त पदों की पूर्ति कब तक की जा सकेगी?

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( श्रीमती अर्चना चिटनिस ) : (क) आंगनवाड़ी केन्द्र स्वीकृति हेतु भारत सरकार द्वारा जारी निर्देशों की प्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''एक'' अनुसार है। (ख) राजगढ़ विधानसभा क्षेत्र के 11 मिनी आंगनवाड़ी केन्द्र ऐसे हैं, जिनकी जनसंख्या नवीन आंगनवाड़ी केन्द्र खोले जाने की पात्रता को पूरी करते हैं। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''दो'' अनुसार है। (ग) प्रश्नांश (ख) में दिये गये उत्तर के परिप्रेक्ष्य में उक्त ग्रामों के लिये नवीन आंगनवाड़ी केन्द्र खोले जाने हेतु विधिवत प्रस्ताव प्राप्त होने पर नवीन आंगनवाड़ी केन्द्र खोले जाने की स्वीकृति हेतु प्रस्ताव भारत सरकार को भेजा जावेगा। भारत सरकार के नियमों में मिनी आंगनवाड़ी केन्द्रों को आंगनवाड़ी केन्द्र में उन्नयन करने का कोई प्रावधान नहीं है। (घ) विधानसभा क्षेत्र राजगढ़ अन्तर्गत आंगनवाड़ी/मिनी आंगनवाड़ी केन्द्रों में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका तथा उप आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के रिक्त पदों की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''तीन'' अनुसार है। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका तथा मिनी आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के रिक्त पदों की पदपूर्ति की कार्यवाही एक सतत् प्रक्रिया है, अतः समय-सीमा दिया जाना संभव नहीं है।

केन्‍द्र प्रवर्तित योजनाओं में राज्‍य की हिस्‍सेदारी बढ़ायी जाना

[वित्त]

20. ( *क्र. 417 ) सुश्री हिना लिखीराम कावरे : क्या वित्त मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अप्रत्‍यक्ष केन्‍द्रीय करों में राज्‍यों की हिस्‍सेदारी 32 % से बढ़ाकर 42% करने के केन्‍द्र सरकार के निर्णय के बाद केन्‍द्र प्रवर्तित विषयांकित योजनाओं में राज्‍यों की हिस्‍सेदारी पूर्व में कितनी थी तथा अब कितनी हो गयी है? योजनाओं के नाम तथा प्रतिशत हिस्‍सेदारी सहित जानकारी दें। (ख) विषयांकित योजनाओं में राज्‍य की हिस्‍सेदारी बढ़ने के बाद राज्‍य पर आए अतिरिक्‍त भार की जानकारी वित्तीय वर्ष अनुसार दें। साथ ही केन्‍द्रीय अप्रत्‍यक्ष करों में बढ़ोत्‍तरी होने से होने वाली अतिरिक्‍त आय की जानकारी भी वित्‍तीय वर्ष अनुसार दें। (ग) क्‍या केन्‍द्र ने राज्‍य को एक हाथ से राशि देकर कई हाथों से उसे वापिस ले लिया? बढ़ोत्‍तरी से होने वाली आय तथा खर्चों की तुलनात्‍मक जानकारी देवें।

वित्त मंत्री ( श्री जयंत मलैया ) : (क) केन्द्र सरकार द्वारा अप्रत्यक्ष केन्द्रीय करों में राज्यों की हिस्सेदारी 42 प्रतिशत करने के बाद केन्द्र प्रवर्तित विषयांकित योजनाओं में राज्यों की हिस्सेदारी की पूर्व तथा वर्तमान स्थिति को दर्शाने वाली जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) वित्तीय वर्ष 2015-16 में केन्द्र प्रवर्तित कुछ योजनाओं के स्वरूप में परिवर्तन तथा कुछ नवीन योजनाएं प्रारंभ होने के कारण सभी योजनाओं की तुलनात्मक जानकारी दी जाना संभव नहीं है, परन्तु कुछ प्रमुख योजनाओं में राज्य की हिस्सेदारी बढ़ने से राज्य पर आए अतिरिक्त भार की जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। केन्द्रीय अप्रत्यक्ष करों से राज्य शासन को वित्तीय वर्ष 2014-15 एवं 2015-16 में प्राप्त आय की जानकारी निम्नानुसार है :-

(राशि रूपये करोड़ में)

 

अप्रत्यक्ष कर

 

2014-15

2015-16

0037-सीमा शुल्क

3898.80

6133.72

0038-संघ उत्पाद शुल्क

2201.53

5100.26

0044-सेवा कर

3553.91

6655.84

नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक द्वारा वित्तीय वर्ष 2016-17 के लेखों को अंतिम रूप दिया जाना शेष है। (ग) संघीय व्यवस्था अनुरूप कार्यवाही की गई है। आय तथा व्यय की जानकारी प्रतिवर्ष बजट अनुमान में रखी जाती है।

परिशिष्ट - ''छ:''

विधानसभा क्षेत्र निवाड़ी अंतर्गत पावर प्‍लांट की स्‍थापना

[ऊर्जा]

21. ( *क्र. 845 ) श्री अनिल जैन : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या विधानसभा क्षेत्र निवाड़ी के ग्राम देवरीकलरऊ, बीजौर में क्‍या कोई पावर प्‍लांट स्‍थापना करने हेतु जी.एम.आर. समूह द्वारा शासन से अनुमति प्राप्‍त की गयी है? यदि हाँ, तो अनुमति दिनांक सहित बताया जाये कि शासन द्वारा निर्धारित समयावधि में इस प्‍लांट को स्‍थापित एवं प्रारंभ क्‍यों नहीं किया जा सका है? (ख) प्रश्‍नगत पावर प्‍लांट कंपनी के द्वारा मौके पर कितनी भूमि क्रय की जाकर औद्योगिक प्रयोजन हेतु व्‍यपवर्तन कराया गया है और कितने रकबे का व्‍यपवर्तन शेष रह गया है? कारण सहित ग्रामवार जानकारी देते हुये बतावें कि कितने रकबे की प्रविष्टि कम्‍प्‍यूटरीकृत की जा चुकी है और कितनी शेष है? (ग) प्रश्नांश (क) के पावर प्‍लांट के लिये आवश्‍यक शासकीय भूमि का रकबा एवं प्‍लांट को उपलब्‍ध कराये गये रकबे की जानकारी पृथक से देते हुये बतावें कि भूमि संबंधी आवश्‍यकतायें कब तक पूरी करा ली जावेंगी।

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) जी हाँ, विधानसभा क्षेत्र निवाड़ी के ग्राम देवरीकलरऊ, बीजौर में पॉवर प्‍लांट स्‍थापित करने हेतु मेसर्स जी.एम.आर. बुन्‍देलखण्‍ड एनर्जी प्रा.लि. द्वारा राज्‍य शासन के साथ समझौता-ज्ञापन (एम.ओ.यू.) दिनांक 22.10.2010 को निष्‍पादित किया गया था। उक्‍त समझौता-ज्ञापन (एम.ओ.यू्.) दिनांक 31.12.2012 तक वैध था तथा इस दिनांक तक कंपनी को ऊर्जा विभाग, म.प्र. शासन के साथ एम.ओ.यू. के अनुसार निर्धारित लक्ष्‍य पूर्ण करने के उपरांत क्रियान्‍वयन अनुबंध हस्‍ताक्षरित करना था। निर्धारित तिथि से 16 माह के बाद भी उक्‍त कंपनी द्वारा एम.ओ.यू. के अनुसार निर्धारित लक्ष्‍य पूरा नहीं करने के कारण, ऊर्जा विभाग म.प्र. शासन द्वारा समझौता-ज्ञापन (एम.ओ.यू.) अमान्‍य कर दिया गया। उक्‍त के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न नहीं उठता। (ख) मेसर्स जी.एम.आर. बुन्‍देलखण्‍ड एनर्जी प्रा.लि. द्वारा यह जानकारी उपलब्‍ध कराई गई है कि उनके द्वारा मौके पर कुल 184.69 एकड़ निजी भूमि क्रय की गई है। उक्‍त भूमि में से 124.71 एकड़ रकबे का व्‍यपवर्तन कराया गया है तथा 59.01 एकड़ रकबे का व्‍यपवर्तन शेष है, जिसके व्‍यपवर्तन हेतु दिनांक 27.12.2017 को आवेदन किया गया है। ग्रामवार विवरण संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। प्राप्‍त जानकारी अनुसार समस्‍त क्रय किये गये रकबे की प्रविष्टि कम्‍प्‍यूटरीकृत की जा चुकी है। (ग) मेसर्स जी.एम.आर. बुन्‍देलखण्‍ड एनर्जी प्रा.लि. से प्राप्‍त जानकारी अनुसार प्रारंभिक दौर में ही कानूनी अड़चन उत्‍पन्‍न हो जाने से, कंपनी को किसी भी प्रकार का कोई शासकीय रकबा आवंटित नहीं हुआ है।

परिशिष्ट - ''सात''

मजरे टोलों का विद्युतीकरण

[ऊर्जा]

22. ( *क्र. 832 ) श्री गोवर्धन उपाध्‍याय : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या शासन द्वारा मजरा-टोलों में विद्युतीकरण किये जाने के नियम-निर्देश जारी किये गये हैं? यदि हाँ, तो सिरोंज एवं लटेरी विधानसभा क्षेत्रान्‍तर्गत जनवरी 2014 से अब तक किन-किन मजरा टोलों में कब-कब विद्युतीकरण के कार्य स्‍वीकृत किये गये हैं? सूची उपलब्‍ध करावें। (ख) प्रश्नांश (क) के अनुसार उक्‍त कार्यों में से कितने कार्य पूर्ण हुए एवं कितने अपूर्ण हैं? अपूर्ण कार्यों को कब तक पूर्ण किये जाने की संभावना है? (ग) प्रश्नांश (क) में से शेष रहे मजरा-टोलों को कब तक विद्युतीकरण के तहत जोड़े जाने की संभावना है?

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) जी हाँ, मुख्‍य आबाद राजस्‍व ग्राम के विद्युतीकरण के उपरान्‍त कालान्‍तर में निर्मित मुख्‍य ग्राम के मजरों/टोलों को वित्‍तीय उपलब्‍धता के अनुरूप विभिन्‍न योजनाओं में क्रमश: विद्युतीकृत किया जाता है। सिरोंज एवं लटेरी विधानसभा क्षेत्रान्‍तर्गत जनवरी-2014 से प्रश्‍नांश दिनांक तक 230 मजरों/टोलों के विद्युतीकरण के कार्य विभिन्‍न योजनाओं में स्‍वीकृत किए गए हैं, जिनकी प्रश्‍नाधीन चाही गई जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-'', प्रपत्र-'', प्रपत्र-'स-1', प्रपत्र-'स-2', प्रपत्र-'', प्रपत्र-'', प्रपत्र-'' एवं प्रपत्र-'' अनुसार है। (ख) उत्‍तरांश (क) में दर्शाए गए 230 कार्यों में से 175 कार्य विभिन्‍न योजनाओं में पूर्ण किए जा चुके हैं एवं शेष 55 कार्य प्रगति पर हैं, जिनके पूर्ण होने की संभावित तिथि पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-'अनुसार है। (ग) उत्‍तरांश (ख) अनुसार शेष मजरों/टोलों के विद्युतीकरण का कार्य पूर्ण किये जाने की संभावित तिथि पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-'स-2', प्रपत्र-'' एवं प्रपत्र-'' अनुसार है।

लाड़ली लक्ष्‍मी योजना के लक्ष्‍य की पूर्ति

[महिला एवं बाल विकास]

23. ( *क्र. 816 ) श्री रजनीश सिंह : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) सिवनी जिले के अंतर्गत लाड़ली लक्ष्‍मी योजना का शासन द्वारा वर्ष 2016-17 में कितना लक्ष्‍य निर्धारित किया गया था? (ख) उक्‍त लक्ष्‍य अनुसार अभी तक कितना लक्ष्‍य सिवनी जिले के विधान सभा क्षेत्र केवलारी में विकास खण्‍डवार प्राप्‍त किया गया? (ग) अगर लक्ष्‍य प्राप्‍त नहीं किया गया, तो कब तक प्राप्‍त कर लेंगे? (घ) लक्ष्‍य प्राप्‍त नहीं होने पर शासन क्‍या कार्यवाही करेगा?

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( श्रीमती अर्चना चिटनिस ) : (क) वर्ष 2016-17 में सिवनी जिले हेतु योजनान्‍तर्गत 6194 का लक्ष्‍य निर्धारित किया गया था। (ख) विधानसभा केवलारी के विकासखण्‍ड केवलारी में शत-प्रतिशत लक्ष्‍य प्राप्‍त किया गया। (ग) एवं (घ) प्रश्‍नांश (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

पेट्रोल/डीजल पर कर निर्धारण

[वाणिज्यिक कर]

24. ( *क्र. 512 ) श्री सचिन यादव : क्या वित्त मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में प्रति लीटर पेट्रोल एवं डीजल पर किस-किस प्रकार से कितने रूपये का टैक्‍स प्रदेश सरकार द्वारा लगाया गया है और क्‍यों? उक्‍त टैक्‍स में समय-समय पर वृद्धि करने के क्‍या कारण हैं? (ख) उक्‍त टैक्‍स से विगत पाँच वर्षों में कुल कितनी आय प्राप्‍त हुई? वर्षवार जानकारी दें। (ग) राज्‍य सरकार द्वारा मध्‍यप्रदेश में किन खाद्य सामग्रियों पर किस-किस प्रकार से कितनी राशि के टैक्‍स लगाये गये हैं? सूचीवार जानकारी दें। (घ) क्‍या उपरोक्‍त टैक्‍स निर्धारित टैक्‍सों से अधिक हैं? यदि हाँ, तो क्‍यों? सूचीवार जानकारी दें।

वित्त मंत्री ( श्री जयंत मलैया ) : (क) वर्तमान में राज्य सरकार द्वारा पेट्रोल पर 28 प्रतिशत् की दर से वेट, 4 रूपये प्रति लीटर की दर से अतिरिक्त कर एवं 1 प्रतिशत् की दर से उपकर लिया जाता है। डीजल पर 22 प्रतिशत् की दर से वेट एवं 1 प्रतिशत दर से उपकर लिया जाता है। दिनांक 14.10.2017 तक पेट्रोल पर 31 प्रतिशत् की दर से वेट एवं 4 रूपये प्रति लीटर की दर से अतिरिक्त कर लिया जाता था। डीजल पर 27 प्रतिशत की दर से वेट एवं 1.50 रूपये प्रति लीटर की दर से अतिरिक्त कर लिया जाता था। अतः वर्तमान में पेट्रोल तथा डीजल पर कर दर पूर्व में प्रचलित कर दर से कम है। डीजल एवं पेट्रोल पर लगाए जाने वाले कर में समय समय पर कमी/वृद्धि राज्य के राजस्व की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए की जाती है। दिनांक 29.01.2018 से पेट्रोल पर 1 प्रतिशत् की दर से उपकर राज्य में नगरीय परिवहन अधोसंरचना के विकास के लिए निधि उपलब्ध कराने के प्रयोजन अथवा उसके लिए प्राप्त किए गए ऋण के पुनर्भुगतान के लिए लगाया गया है। डीजल पर दिनांक 29.01.2018 से 1 प्रतिशत् की दर से उपकर राज्य में परिवहन अधोसंरचना के विकास के लिए निधि उपलब्ध कराने के प्रयोजन अथवा उसके लिए प्राप्त किए गए ऋण के पुनर्भुगतान के लिए लगाया गया है। (ख) पेट्रोल एवं डीज़ल से विगत 5 वर्षों में कुल रूपये 33236.42 करोड़ आय प्राप्त हुई है। विगत 5 वर्षों में प्राप्त आय की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिश्ष्टि के प्रपत्र "ए" अनुसार है। (ग) राज्य सरकार द्वारा माल और सेवा कर अधिनियम, 2017 दिनांक 01.07.2017 से लागू किया गया है। इस अधिनियम के अन्तर्गत निरंक कर दर से संबंधित अनुसूची में एच.एस.एन. कोड अनुसार उल्लेखित विभिन्न खाद्य सामग्रियों को करमुक्त श्रेणी में रखा गया है। इसके अतिरिक्‍त इस अधिनियम के अंतर्गत जारी अधिसूचना की अनुसूची 1 में एच.एस.एन. कोड के अनुसार उल्लेखित खाद्य सामग्रियों पर 2.5 प्रतिशत, अनुसूची 2 में एच.एस.एन. कोड के अनुसार उल्लेखित खाद्य सामग्रियों पर 6 प्रतिशत, अनुसूची 3 में एच.एस.एन. कोड के अनुसार उल्लेखित खाद्य सामग्रियों पर 9 प्रतिशत तथा अनुसूची 4 में एच.एस.एन. कोड के अनुसार उल्लेखित खाद्य सामग्रियों पर 14 प्रतिशत (SGST) कर दर रखी गई है। सेवाओं से संबंधित अनुसूची में चेप्टर, सेक्सन और हैडिंग के अनुसार खाद्य सामग्री संबंधी सेवाओं पर कर की दर (SGST) 2.5 प्रतिशत् तथा 9 प्रतिशत् की कर दर रखी गई है। खादय सामग्रियों पर कर की दर संबंधी जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र ''बी" अनुसार है। (घ) मध्यप्रदेश माल एवं सेवा कर अधिनियम, 2017 के तहत कर की दरों का निर्धारण जी.एस.टी. काउंसिल के द्वारा किया जाता है।

विद्युत क्षमता में वृद्धि

[ऊर्जा]

25. ( *क्र. 1010 ) डॉ. राजेन्‍द्र पाण्‍डेय : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रतलाम जिला अन्‍तर्गत जावरा एवं पिपलौदा तहसील में 01 अप्रैल-2016 से 31 जनवरी-2018 तक विद्युतीकरण संबंधी क्‍या-क्‍या कार्य सम्‍पादित किये गये हैं, निर्मित किये गये उच्‍चदाब, निम्‍नदाब लाईनों की लम्‍बाई, निर्मित किये गये 33/11 के.व्‍ही. उपकेन्‍द्र एवं विद्युत वितरण ट्रांसफार्मरों की संख्‍या बतावें? स्‍वीकृत कार्यों में से कितने कार्य पूर्ण हुए तथा कितने अपूर्ण हैं? वित्‍तीय वर्ष 2016-17 में किये गये संधारण कार्यों की मात्रा भी बतावें? (ख) प्रश्नांश (क) में उल्‍लेखित क्षेत्र एवं अवधि में कितने विद्युत वितरण ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि की गई, कितने किलोमीटर 33 के.व्‍ही. 11 के.व्‍ही. एवं निम्‍नदाब लाईनों के पुराने तार बदले गये? इस प्रकार के स्‍वीकृत कार्यों में से कितने पूर्ण हुए एवं कितने अभी भी अपूर्ण हैं? (ग) रतलाम जिला अन्‍तर्गत जावरा एवं पिपलौदा तहसील में दिनांक 01 अप्रैल, 2016 से 31 जनवरी-2018 तक सिंचाई पम्‍प कनेक्‍शन हेतु विभिन्‍न योजनाओं में कितने आवेदन प्राप्‍त हुए, उनमें से कितने कृषकों को विद्युत कनेक्‍शन प्रदान किये गये एवं कितने कार्य अपूर्ण हैं? (घ) अति उच्‍चदाब केन्‍द्र जावरा एवं माताजी बडायला (पिपलौदा) 220 के.व्‍ही. उपकेन्‍द्र हेतु स्‍वीकृत प्राक्‍कलन की राशि कितनी है एवं इनमें क्‍या कार्य किये जा रहे हैं अथवा किये जावेगें? साथ ही सौभाग्‍य योजनान्‍तर्गत कितने विद्युत संयोजन दिये जाकर विद्युत का उपभोग प्रारंभ हुआ है? क्‍या उपभोक्‍ताओं को विद्युत संयोजन दिये बिना ही बिल जारी किये गये हैं? विवरण देवें

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) रतलाम जिला अन्तर्गत जावरा एवं पिपलोदा तहसीलों में 01 अप्रैल, 2016 से 31 जनवरी, 2018 तक विद्युतीकरण संबंधी संपादित कराये गये विभिन्न कार्यों की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र 'अनुसार है। उक्‍त अवधि में प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में स्वीकृत विद्युतीकरण के कार्य तथा उनमें से पूर्ण/अपूर्ण कार्यों की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र 'अनुसार है। वित्तीय वर्ष 2016-17 में प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में किये गये संधारण कार्यों की मात्रा की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र 'अनुसार है। (ख) प्रश्‍नाधीन क्षेत्र एवं अवधि में वितरण ट्रान्सफार्मरों की क्षमता वृद्धि, 33 के.व्ही. लाईनों, 11 के.व्ही. लाईनों एवं निम्नदाब लाईनों के पुराने तार बदलने के स्वीकृत कार्य, पूर्ण कार्य एवं अपूर्ण कार्यों की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र 'अनुसार है। (ग) रतलाम जिले के अन्तर्गत जावरा एवं पिपलोदा तहसीलों में 01 अप्रैल, 2016 से 31 जनवरी, 2018 तक सिंचाई पम्प कनेक्शन हेतु विभिन्न योजनाओं में क्रमशः 480 एवं 243 आवेदन प्राप्त हुये थे। उक्‍त प्राप्त आवेदनों में से क्रमशः 293 एवं 198 आवेदकों को विद्युत कनेक्शन प्रदान कर दिये गये है एवं क्रमशः 187 एवं 45 आवेदकों के पम्प कनेक्शन के कार्य किये जाना शेष हैं। (घ) 132 के.व्ही. उपकेन्द्र जावरा का 220 के.व्ही. उपकेन्द्र में उन्नयन तथा संबंधित पारेषण लाईन के कार्य स्वीकृत हैं, जिसकी स्वीकृत प्राक्कलन की राशि क्रमश: रू. 40 करोड़ एवं रु. 5.14 करोड़ है। माताजी बडायला (पिपलौदा) में 220 के.व्ही. उपकेन्द्र स्वीकृत है। यह कार्य ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर के अंतर्गत 220 के.व्ही. उपकेन्द्र सैलाना के नाम से स्वीकृत है, जिसकी प्राक्कलन राशि उपकेन्द्र हेतु रु. 50.8 करोड़ एवं संबंधित पारेषण लाईन हेतु रू. 31.16 करोड़ है। सौभाग्य योजना के अन्तर्गत जावरा तहसील में 1543 एवं पिपलोदा तहसील में 1489 हितग्राहियों को विद्युत कनेक्शन प्रदाय कर दिये गये हैं तथा उपभोक्‍ताओं द्वारा विद्युत का उपयोग किया जा रहा है। बिना विद्युत कनेक्‍शन प्रदान किये किसी भी उपभोक्ता को विद्युत बिल जारी नहीं किये गये हैं।

 

 

 






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भाग-2

नियम 46 (2) के अंतर्गत अतारांकित प्रश्नोत्तर के रुप में परिवर्तित तारांकित प्रश्नोत्तर


इंदौर आबकारी विभाग में हुए घोटाले की जाँच

[वाणिज्यिक कर]

1. ( क्र. 5 ) डॉ. गोविन्द सिंह : क्या वित्त मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या भोपाल शहर स्थित माननीय मुख्‍यमंत्री जी के निवास के निकट भ्रष्‍टाचार के खिलाफ शिकायत पेटी में दिनांक 10 जनवरी 2018 से 15 जनवरी 2018 की अवधि में इंदौर आबकारी विभाग में करोड़ों रूपये के हुए घोटाले के संबंध में माननीय नेता प्रतिपक्ष, म.प्र. विधान सभा द्वारा शिकायत डाली गई थी? (ख) यदि हाँ, तो उक्‍त शिकायत में किन-किन बिन्‍दुओं की ओर शासन का ध्‍यान आकर्षित कराया गया था? बिन्‍दुवार जानकारी दें। (ग) उक्‍त उल्‍लेखित शिकायती बिन्‍दुओं में शासन द्वारा किन-किन बिन्‍दुओं पर प्रश्‍न दिनांक तक क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई? बिन्‍दुवार ब्‍यौरा दें। यदि कार्यवाही नहीं की गई तो इसके लिए कौन-कौन उत्‍तरदायी है और उनके विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की गई? (घ) क्‍या माननीय नेता प्रतिपक्ष द्वारा की गई शिकायत में की गई कार्यवाही से उन्‍हें अवगत कराया गया है? यदि हाँ, तो कब? यदि नहीं, तो क्‍यों?

वित्त मंत्री ( श्री जयंत मलैया ) : (क) जी हाँ। (ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-एक अनुसार है(ग) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-दो अनुसार है। (घ) माननीय नेता प्रतिपक्ष के शिकायती पत्र दिनांक 11.01.2018 पर उन्‍हें अवगत कराये जाने की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है।

परिशिष्ट - ''आठ''

विद्युतविहीन ग्रामों एवं ट्रांसफार्मरों की जानकारी

[ऊर्जा]

2. ( क्र. 39 ) श्री हितेन्द्र सिंह ध्‍यान सिंह सोलंकी : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बड़वाह विधान सभा क्षेत्र में ऐसे कितने मजरे टोले हैं जहां बिजली नहीं हैं? उसकी सूची दी जावें। (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार इन मजरे टोलों में विद्युतप प्रदाय हेतु विभाग द्वारा अभी तक क्या प्रयास किये गए हैं? किये गए प्रयासों की विस्तृत जानकारी देवें। मजरे टोले के अलावा और ऐसी कितनी बस्तियां हैं जहां विद्युत सुविधा नहीं हैं? (ग) विगत 01 वर्ष अर्थात 01/10/2016 से वर्तमान तक प्रश्नकर्ता द्वारा किसानों को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के लिए कहाँ-कहाँ पर ट्रांसफार्मर के प्रस्ताव विभाग के वरिष्ठ/कनिष्ठ कार्यालयों में प्रस्तुत किये गए हैं? उसकी सूची दी जावें। (घ) प्रश्नांश (ग) अनुसार विभाग द्वारा प्रस्ताव स्वीकृति हेतु सक्षम अधिकारी को कब-कब भेजा गया है उसके पत्र क्रमांक एवं दिनांक से अवगत करावें? क्या इन प्रस्तावों के साथ ही ढकलगांव,कोटल्या खेडी आदि ग्रामों के किसानों की सिंचाई सुविधा के लिए ट्रांसफार्मर की स्वीकृति के प्रस्ताव दिए थे? इन प्राप्त प्रस्तावों पर क्या कार्यवाही की गई? कब तक प्रस्‍ताव स्वीकृत हो जावेंगे? किसानों को सिंचाई सुविधा के लिए ट्रांसफार्मर स्थापित करने के लिए शासन की क्या योजना है? नियम की प्रति दी जावें।

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) बड़वाह विधानसभा क्षेत्र में राजस्व ग्रामों के समस्त चिन्हित 624 मजरों/टोलो में विद्युत सुविधा उपलब्ध है। (ख) उत्तरांश (क) के परिप्रेक्ष्य में मजरों/टोलों के संबंध में जानकारी दिया जाना अपेक्षित नहीं है। पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के अभिलेखों में उत्‍तरांश (क) में उल्‍लेखित चिन्हित मजरों/टोलो के अलावा अन्‍य कोई ऐसी बस्ती नहीं है जहाँ विद्युत सुविधा उपलब्ध नहीं है। (ग) बड़वाह विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत माननीय प्रश्‍नकर्ता विधायक महोदय द्वारा दिनांक 01/10/2016 से वर्तमान तक पत्र दिनांक 24/03/2017 के माध्यम से ऊर्जा मंत्री म.प्र. शासन को एवं पत्र दिनांक 04/10/2017 के माध्‍यम से अधीक्षण यंत्री (संचालन-संधारण) खरगोन तथा कार्यपालन यंत्री (संचालन-सधारण) बड़वाह को, किसानों को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के लिए निम्नलिखित स्थानों पर अतिरिक्‍त वितरण ट्रांसफार्मर स्थापित करने के प्रस्ताव प्रेषित किये गये है:- (1) ग्राम कोटल्याखेड़ी नहर के पासः- 1. श्री दिलीपसिंह 2. पृथ्वीराज के खेत के पास (2) ग्राम हिरापुर में (3) ग्राम ढकलगांव में:- 1. श्री महादेव भाई के खेत के पास 2. गौशाला के पास। (घ) उत्‍तरांश (ग) अनुसार प्राप्त पत्रों के संदर्भ में प्रबंध निदेशक पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी कार्यालय द्वारा पत्र क्रमांक 10726 दिनांक 27.05.2017 से कार्यपालक निदेशक (इंदौर क्षेत्र) को अतिरिक्‍त वितरण ट्रांसफार्मर लगाने हेतु प्राप्‍त प्रस्ताव की तकनीकी साध्यता प्रेषित करने के लिये निर्देशित किया गया। कार्यपालक निदेशक (इन्दौर क्षेत्र) द्वारा पत्र क्रमांक 11145 दिनांक 13.11.2017 के माध्यम से प्रबंध निदेशक पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी कार्यालय को प्रशासनिक अनुमोदन हेतु प्रस्ताव तकनीकी साध्यता सहित प्रेषित किया गया। परीक्षण उपरांत प्राप्त प्रस्ताव को त्रुटियों के निराकरण हेतु प्रबंध निदेशक पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी कार्यालय द्वारा पत्र क्रमांक 22043 दिनांक 17.11.2017 एवं पत्र क्रमांक 24191 दिनांक 14.12.2017 से कार्यपालक निदेशक (इन्दौर क्षेत्र) को प्रेषित किया गया। कार्यपालक निदेशक (इंदौर क्षेत्र) द्वारा त्रुटियों के निराकरण उपरांत उक्त प्रस्ताव पत्र क. 1453 दिनांक 12.02.2018 के माध्यम से पुनः प्रबंध निदेशक पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी कार्यालय को प्रेषित किये गये है, जिनका परीक्षण प्रक्रियाधीन है। उक्त प्रस्ताव के तकनीकी रूप से साध्य पाये जाने पर इसी वित्तीय वर्ष-2017-18 में अनुमोदन प्रदान किया जायेगा। किसानों को सिंचाई पम्प कनेक्शन उपलब्ध कराये जाने हेतु म.प्र.पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी सहित संपूर्ण प्रदेश में मुख्यमंत्री स्थायी कृषि पम्प कनेक्शन योजना एवं स्वयं का ट्रान्सफार्मर योजना लागू है, जिनकी प्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' एवं '' अनुसार है।

प्रदेश के कार्यालयों में शनिवार का अवकाश

[सामान्य प्रशासन]

3. ( क्र. 43 ) श्री यशपालसिंह सिसौदिया : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रदेश के शासकीय विभागों में कर्मचारियों को माह के दूसरे एवं तीसरे शनिवार को अवकाश की पात्रता हैं? यदि हाँ, तो आदेश की प्रतिलिपि उपलब्ध कराएं। (ख) प्रश्नांश (क) संदर्भित क्या केंद्र शासन के विभिन्न विभागों में दूसरे एवं चौथे शनिवार का अवकाश रहता हैं?, यदि हाँ, तो क्या राज्य शासन भी केंद्रीय कार्यालयों से एकरूपता लाने के लिए राज्य के कार्यालयों को भी दूसरे एवं चौथे शनिवार को अवकाश रखने पर विचार कर रहा है? यदि नहीं, तो कारण बताएं? (ग) क्या बैंकों (अन्य कन्द्रीय कार्यालयों) एवं राज्य शासन के शनिवार के अलग-अलग अवकाश के कारण नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है? क्योंकि प्रदेश के अधिकतर कार्यों का सीधा बैंक से सम्बन्ध होता है? (घ) क्या प्रदेश में प्रतिदिन कार्यालयीन समय में वृद्धि एवं सप्ताह में पाँच दिवसीय कार्य हेतु कोई योजना प्रस्तावित है? यदि हाँ, तो क्‍या गत 1 जनवरी 2013 के पश्चात विभाग द्वारा किस-किस बैठक में 5 दिवसीय कार्य दिवस एवं प्रतिदिन कार्य समय में वृद्धि पर क्या-क्या निर्णय लिए गए?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जी हाँ। आदेश की प्रति संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) केन्‍द्र शासन से संबंधित है। शेष के संबंध में राज्‍य शासन के पास कोई प्रस्‍ताव विचाराधीन नहीं है। (ग) भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा बैंकों में अवकाश घोषित किया जाता है। (घ) जी नहीं। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''नौ''

छात्रावासों में व्‍यवस्‍थाएं

[अनुसूचित जाति कल्याण]

4. ( क्र. 54 ) श्री नरेन्‍द्र सिंह कुशवाह : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भिण्‍ड जिले के अंतर्गत वर्ष 2013 से प्रश्‍नांश दिनांक तक अनुसूचित जाति कल्‍याण विभाग के अंतर्गत कहाँ-कहाँ पर छात्रावास संचालित हैं? छात्रावास में कितनी संख्‍या में छात्र रहते हैं? क्‍या उनको अतिरिक्‍त कक्षाओं को लाभ मिल रहा है? यदि हाँ, तो कौन शिक्षक कब किस छात्रावास में अध्‍ययन करा रहा है? (ख) क्‍या प्रश्नांश (क) छात्रावासों में अनुसूचित जाति/पिछड़ा वर्ग के छात्रावासों में इन्‍हीं जाति के अधीक्षक पदस्‍थ हैं? कौन से छात्रावास में सामान्‍य वर्ग के अधीक्षक पदस्‍थ हैं? इनके स्‍थानांतरण करने के लिए क्‍या मापदण्‍ड हैं? आदेश के विवरण सहित जानकारी दें। (ग) प्रश्नांश (क) और (ख) में ऐसे कितने छात्रावास हैं जिनमें अधीक्षक के पद रिक्‍त हैं? पद रिक्‍त होने के क्‍या कारण हैं? (घ) उक्‍त छात्रावासों हेतु किस मद में वर्ष 2013 से प्रश्‍न दिनांक तक कितना बजट प्राप्‍त हुआ तथा कितना व्‍यय किया गया?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-'' अनुसार है। जी हाँ। उत्‍कृष्‍ट छात्रावासों में छात्र-छात्राओं को अतिरिक्‍त कक्षाओं का लाभ मिल रहा है। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-'' अनुसार है। (ख) अनुसूचित जाति कल्‍याण विभाग के छात्रावासों की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-'' अनुसार है। भिण्‍ड जिले में पिछड़ा वर्ग कल्‍याण विभाग के कोई छात्रावास संचालित नहीं हैं। अधीक्षकों के स्‍थानान्‍तरण, सामान्‍य प्रशासन विभाग की स्‍थानान्‍तरण नीति तथा जनजातीय कार्य विभाग के निर्देशानुसार किये जाते हैं। नियम निर्देशों की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-'' अनुसार है। (ग) विभाग द्वारा संचालित 30 छात्रावासों में अधीक्षक के पद रिक्‍त हैं। वर्तमान में छात्रावासों में अधीक्षक के स्‍वीकृत पद संविदा शिक्षक संवर्ग के हैं। संविदा शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया न होने से छात्रावासों में अधीक्षक के पद रिक्‍त हैं। (घ) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-'' अनुसार है।

जिला कार्यक्रम अधिकारी द्वारा अभद्र व्‍यवहार

[महिला एवं बाल विकास]

5. ( क्र. 55 ) श्री नरेन्‍द्र सिंह कुशवाह : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या भिण्‍ड जिले में दिनांक 19.01.2018 को जिला कार्यक्रम अधिकारी द्वारा विभागीय समीक्षा बैठक में उपस्थित महिला कर्मचारियों से विभागीय और समाजिक अमर्यादित भाषा का प्रयोग कर अपमानित किया है। यदि हाँ, तो क्‍या कार्यवाही की गई? कार्यवाही विवरण सहित जानकारी दें? (ख) प्रश्नांश (क) अंतर्गत जिला कार्यक्रम अधिकारी ओर पर्यवेक्षकों से समीक्षा बैठक में विभागीय जानकारी पर कोई चर्चा क्‍यों नहीं की गई? महिला कर्मचारियों की पर्स तलाशी किसके द्वारा ली गई? गो‍पनीय चीजों (वस्‍तु) को क्‍यों फेका गया? जिला कार्यक्रम अधिकारी के साथ बाहरी व्‍यक्ति किस अधिकार से शामिल किया गया? (ग) प्रश्नांश (क) और (ख) में महिला कर्मचारियों द्वारा शिकायत आवेदन पत्र किन अधिकारियों को दिया गया? प्रश्‍न दिनांक तक उस पर क्‍या कार्यवाही की गई? क्‍या उक्‍त जिला कार्यक्रम अधिकारी पर विभाग द्वारा पूर्व में कोई जाँच विचाराधीन है? ऐसे कदाचार अधिकारी की भिण्‍ड में पदस्‍थापना क्‍यों की गई? (घ) प्रश्नांश (क) और (ख) में ऐसे अधिकारी के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही कब तक की जावेगी?

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( श्रीमती अर्चना चिटनिस ) : (क) एवं (ख) दिनांक 19.1.2018 को पर्यवेक्षकों द्वारा एक शिकायती आवेदन-पत्र प्रस्तुत किया गया तथा अपने कथन प्रस्तुत किये गये। उक्त शिकायती आवेदन-पत्र, उनके कथन एवं उस पर श्री विश्नोई, जिला कार्यक्रम अधिकारी, भिण्ड द्वारा प्रस्तुत उत्तर कलेक्टर, भिण्ड के अर्ध अशासकीय पत्र क्रं. 1038 दिनांक 25.1.2018 द्वारा विभाग को प्रेषित किया गया है, जिसके आधार पर आगामी कार्यवाही की जा रही है। (ग) शिकायती आवेदन-पत्र कलेक्टर, भिण्ड को दिया गया। कलेक्टर, भिण्ड से प्राप्त जानकारी के आधार पर आगामी कार्यवाही की जा रही है। जी हाँ। प्रशासकीय आधार पर श्री विश्नोई को दतिया से भिण्ड पदस्थ किया गया है। (घ) नियमानुसार कार्यवाही की जायेगी। समय-सीमा बताई जाना संभव नहीं है।

वेतनमान का उन्नयन

[वित्त]

6. ( क्र. 68 ) श्री निशंक कुमार जैन : क्या वित्त मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या वित्त विभाग के पत्र क्रमांक एफ 11-17/2014/नियम/चार, भोपाल दिनांक-30.09.14 की कंडिका 4 में उल्लेखित है कि राज्य शासन के ऐसे कर्मचारियों को जिनके मूल पद के वेतनमान का उन्नयन दिनांक 01.04.2006 एवं इसके पश्चात् किया गया, को तृतीय समयमान वेतन की पात्रता के लिए संशोधन वेतनमान में पूर्व नियुक्ति तिथि से काल्पनिक नियुक्ति मानी जाएगी? (ख) प्रश्नांश (क) का उत्तर हां, तो उक्त शर्त प्रथम व द्वितीय समयमान वेतनमान पर पर लागू की जा रही है या नहीं? नहीं तो कारण बतावें? (ग) प्रश्नांश (ख) का उत्तर हाँ तो उक्त शर्त का उल्लेखित प्रथम व द्वितीय समयमान वेतनमान स्वीकृति आदेश में क्यों उल्लेखित नहीं है? कब तक उक्त शर्त का उल्लेखित किया जावेगा?

वित्त मंत्री ( श्री जयंत मलैया ) : (क) जी हाँ। (ख) वित्‍त विभाग के परिपत्र दिनांक 24-01-2008 की कंडिका 6 के अनुसार सामान्‍य प्रशासन विभाग के आदेश दिनांक 5/17 अक्‍टूबर 2006 के द्वारा जिन सिविल सेवाओं के वेतनमानों का उन्‍नयन किया गया है उनके लिये संशोधित वेतनमान में काल्‍पनिक नियुक्ति पूर्व तिथि से मानी जाएगी। (ग) उत्‍तरांश '''' के प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

स्‍टाम्‍प शुल्‍क कम किया जाना

[वाणिज्यिक कर]

7. ( क्र. 72 ) श्री भारत सिंह कुशवाह : क्या वित्त मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्‍यप्रदेश में किसानों को कृषि जमीन ट्रांसफर करने पर स्‍टाम्‍प शुल्‍क वर्तमान में कितने प्रतिशत लगता है? (ख) क्‍या भविष्‍य में कृषकों को जमीन स्‍थानांतरण पर स्‍टाम्‍प शुल्‍क से छूट अथवा कमी की जावेगी?

वित्त मंत्री ( श्री जयंत मलैया ) : (क) कृषि भूमि के हस्‍तांतरण पर भारतीय स्‍टाम्‍प अधिनियम की अनुसूची (क) की कण्डिका 25 अनुसार 5 प्रतिशत स्‍टाम्‍प शुल्‍क लगता है। (ख) वर्तमान में ऐसी कोई छूट दिये जाने संबंधी कार्यवाही विचाराधीन नहीं है।

विद्युत का प्रदाय 24 घंटे

[ऊर्जा]

8. ( क्र. 74 ) श्री भारत सिंह कुशवाह : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या नगर पालिका निगम ग्‍वालियर के अंतर्गत आने वाले वार्ड क्र. 65 के अंतर्गत ग्रामों/मजरों/टोलों में विद्युत सप्‍लाई 10 घंटे सिंचाई हेतु एवं सिंगल फेस 24 घंटे प्रदाय की जा रही है? (ख) यदि हाँ, तो विद्युत देयकों का भुगतान फ्लैट रेट से किस नियम के तहत वसूला जा रहा है? (ग) नगर पालिका ग्‍वालियर की सीमा में आने वाले वार्डों में क्‍या ग्‍वालियर शहर की भांति 3 फेस विद्युत प्रदाय किये जाने की शासन की नीति है? वार्ड 65 के ग्रामों में विद्युत प्रदाय ग्रामीण क्षेत्रों में किस नियम के तहत की जा रही है? (घ) वार्ड 65 में जब शहर क्षेत्रानुसार विद्युत प्रदाय का लाभ नहीं दिया जा रहा है तो फ्लैट से विद्युत देयक क्‍यों जारी कर वसूली की जा रही है? क्‍या वार्ड 65 में वर्ष 2016 से जारी विद्युत देयकों में सुधार कर वार्ड 65 के निवासियों को राहत दी जावेगी? यदि हाँ, तो समय-सीमा बतायें।

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) नगर निगम, ग्वालियर के वार्ड क्रमांक 65 के अन्तर्गत ग्राम गोकुलपुर को छोड़कर शेष सभी क्षेत्रों में तीन फेस पर 24 घंटे विद्युत प्रदाय किया जा रहा है तथा ग्राम गोकुलपुर के उपभोक्ताओं को 10 घंटे तीन फेस पर एवं 14 घंटे सिंगल फेस पर विद्युत प्रदाय किया जा रहा है। (ख) 11 के.व्ही. कृषि फीडरों से संबद्ध कृषि उपभोक्ताओं, जिन्‍हें 10 घंटे 3 फेस पर विद्युत प्रदाय किया जा रहा है, को म.प्र. विद्युत नियामक आयोग द्वारा जारी टैरिफ आदेश के अनुसार फ्लेट रेट पर, राज्य शासन द्वारा देय सब्सिडी की राशि को समायोजित करते हुए, विद्युत बिल जारी किये जा रहे हैं। (ग) नगर निगम सीमा में आने वाले वार्डों को निर्धारित विनियमनों के अनुसार 3 फेस पर 24 घंटे विद्युत प्रदाय किया जाता है। उक्त विनियमन वार्ड क्रमांक 65 के विद्युत उपभोक्ताओं पर भी लागू है तथा वर्तमान में उत्तरांश (क) में दर्शाए अनुसार ग्राम गोकुलपुर को छोड़कर संपूर्ण वार्ड क्रमांक 65 में उक्तानुसार विद्युत प्रदाय किया जा रहा है। ग्राम गोकुलपुर को विद्युत प्रदाय कर रहे 11 के.व्ही. फीडर के विभक्तिकरण का कार्य पूर्ण होने के पश्चात् इस ग्राम को भी कृषि कार्य को छोड़कर 3 फेज पर 24 घंटे विद्युत प्रदाय उपलब्ध कराया जा सकेगा। (घ) वार्ड क्रमांक 65 के ग्राम गोकुलपुर के कृषि उपभोक्ताओं को शहरी क्षेत्र के अनुसार 24 घंटे 3 फेस पर विद्युत प्रदाय न कर ग्रामीण क्षेत्र अनुसार 3 फेस पर 10 घंटे एवं 1 फेस पर 14 घंटे विद्युत प्रदाय किया जा रहा है एवं उक्त विद्युत प्रदाय हेतु म.प्र. विद्युत नियामक आयोग द्वारा जारी टैरिफ आदेश के अनुसार फ्लेट रेट पर, राज्‍य शासन द्वारा देय सब्सिडी की राशि को समायोजित करते हुए बिल जारी किया जाना नियमों के अनुरूप है। अत: उक्‍त क्षेत्र में जारी विद्युत देयकों को पुनरीक्षित करने का प्रश्‍न नहीं उठता।

नहर निर्माण

[नर्मदा घाटी विकास]

9. ( क्र. 95 ) श्रीमती नंदनी मरावी : क्या राज्‍यमंत्री, नर्मदा घाटी विकास महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता के प्रश्‍न क्रमांक 1143 दिनांक 28.11.17 में अवगत कराया गया था, कि बरनू जलाशय एवं मडई जलाशय में बरगी परियोजना की दायी तट नहर से जोड़े जाने के प्रस्‍ताव का परीक्षण कर कार्यवाही की जावेगी? (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार बरगी परियोजना से अभी तक नहीं जोड़ा गया? कब तक जोड़ दिया जावेगा।

राज्‍यमंत्री, नर्मदा घाटी विकास ( श्री लालसिंह आर्य ) : (क) जी हाँ। (ख) हिरन जल संसाधन संभाग जबलपुर द्वारा कृषकों को तत्‍काल लाभ पहुँचाने हेतु बरनू जलाशय की महगंवा डिस्‍ट्रीब्‍यूटरी व मढ़ई जलाशय की नहरों के पाईप को काटकर रेग्‍युलेटिंग गेट लगाकार बरगी व्‍यपवर्तन परियोजना की दांयी तट नहर से जोड़ दिया गया है। जल संसाधन विभाग से जानकारी प्राप्‍त होने पर इन जलाशयों की तकनीकी रूप से जुड़ सकने वाली नहरों को स्‍थायी रूप से बरगी व्‍यपवर्तन परियोजना की दांयी तट नहर से पानी प्रदाय करने हेतु हेड रेग्‍युलेटर के निर्माण की डिजाईन, ड्रॉईंग, प्राक्‍कलन तथा निविदा की कार्यवाही किया जाना लक्षित है। यथाशीघ्र।

विद्युत बिल एजेन्‍सी द्वारा एवरेज बिल प्रदाय

[ऊर्जा]

10. ( क्र. 136 ) श्रीमती उमादेवी लालचंद खटीक : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला दमोह अंतर्गत किस कंपनी को विद्युत बिल वितरण का ठेका दिया गया है? एजेंसी के नाम सहित जानकारी दें। (ख) क्‍या यह सही है कि जिला दमोह अंतर्गत विधानसभा क्षेत्र हटा में ग्रामीण व नगर में भ्रमण उपरांत शिकायतें प्राप्‍त होती हैं कि बिल प्राप्‍त नहीं होता व एवरेज बिल हितग्राहियों को प्रदाय किया जाकर अवैध राशि वसूली जाती है तथा मीटर वाचक रीडिंग लेने नहीं जाते हैं, क्‍या उक्‍त एजेंसी की जाँच कराकर कार्यवाही प्रस्‍तावित की जावेगी? यदि हाँ, तो कब तक कार्यवाही होगी?

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) दमोह जिले में मेसर्स फीडबैक इन्फ्रा प्राइवेट लिमिटेड, गुड़गांव को मीटर रीडिंग, बिलिंग एवं बिल वितरण का कार्य ठेके पर दिया गया है, जिसके अन्तर्गत दमोह जिले में उक्त ठेकेदार एजेन्सी द्वारा निम्नदाब विद्युत उपभोक्ताओं के परिसर में लगे मीटरों की रीडिंग, स्‍पॉट बिलिंग एवं बिल वितरण का कार्य किया जा रहा है। (ख) दमोह जिले के अन्तर्गत विधानसभा क्षेत्र हटा के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत बिल संबंधी शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिनकी जाँच कराए जाने पर कुछ शिकायतें सही पाई गई हैं तथा इन सही पाई गई शिकायतों का निराकरण किया गया है। प्रश्नाधीन क्षेत्र में उपभोक्ता शिकायत निवारण शिविर लगाकर भी उपभोक्ताओं की शिकायतों का निराकरण किया जा रहा है। शिकायत प्राप्त होने पर अनुबंध के प्रावधानों के अनुसार ठेकेदार एजेन्सी के विरुद्ध कार्यवाही की जाती है। प्रश्नाधीन क्षेत्र में जिन उपभोक्ताओं के मीटर चालू हैं उन्हें औसत बिल नहीं दिये गये हैं तथा जिन उपभोक्ताओं के मीटर बंद हैं उन्हें विद्युत प्रदाय संहिता 2013 में निहित प्रावधानों अनुसार विगत 3 माह की औसत खपत के आधार पर बिल जारी किये गये हैं। बगैर मीटर वाले उपभोक्ताओं को म.प्र. विद्युत नियामक आयोग द्वारा जारी दर आदेश में निहित प्रावधानों के अनुसार बिल जारी किये गये हैं तथा जारी किये गये बिलों अनुसार ही राशि जमा कराई गई है। तथापि समय-समय पर प्राप्त विद्युत बिल संबंधी शिकायतों की जाँच कर सही पाए जाने पर संबंधितों के विरूद्ध कार्यवाही की जाती है। वर्तमान में मीटर वाचक द्वारा मीटर रीडिंग नहीं लेने की शिकायत पर मेसर्स फीडबैक इन्फ्रा प्राइवेट लिमिटेड द्वारा 5 मीटर वाचकों की सेवा समाप्ति की कार्यवाही की गई है एवं 15 मीटर वाचकों को नोटिस जारी किये गये हैं।

मा. मंत्री जी द्वारा दिये गये आश्‍वासन की जानकारी

[अनुसूचित जाति कल्याण]

11. ( क्र. 168 ) कुँवर विक्रम सिंह : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधान सभा प्रश्‍न क्र. 1630 दिनांक 9/3/16 के संबंध में मा. मंत्री जी ने सदन में स्‍वीकार किया गया कि स्‍वीकृति दी जावेगी, जिसके संबंध में प्रश्‍न दिनांक तक कितने पत्राचार किये गये? उनकी प्रमाणित प्रतियां दें। (ख) क्‍या म.प्र. शासन आदिम जाति कल्‍याण विभाग मंत्रालय क्र. F-23-30-2005/3-25 भोपाल दिनांक 5/1/2015 द्वारा म.प्र. अनुसूचित जनजाति बस्‍ती/विकास यथा संशोधित नियम 2014 रूप में, 2005 के कंडिका क्र. 3.3 में प्रावधान किया गया है। पूर्व में जो नियम प्रचलित एवं लागू थे उसी आधार पर स्‍वीकृति देना शासन पर बंधनकारी था? (ग) कार्यालय आयुक्त अनुसूचित जाति विकास म.प्र. शासन के पत्र क्रमांक आं.वि./17-18/8187 भोपाल दिनांक 26/8/17 के तहत मा. प्रभारी मंत्री छतरपुर द्वारा उक्‍त पत्रावली का अनुमोदन किया गया? प्रति दें। (घ) यदि हाँ, तो प्रशासकीय स्‍वीकृति जारी क्‍यों नहीं की गई? 2 वर्षों से केवल कागजी कार्यवाही चल रही कौन दोषी है?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) मध्‍यप्रदेश अनुसूचित जाति बस्‍ती विकास योजना नियम, 2014 के अनुसार अनुसूचित जाति की आबादी 40 प्रतिशत से कम होने के कारण छतरपुर जिले के 03 कार्य स्‍वीकृत नहीं किये गये हैं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) जी हाँ। जी हाँ। (ग) जी नहीं। मध्‍यप्रदेश अनुसूचित जाति/जनजाति बस्‍ती विकास एवं विद्युतिकरण योजना नियम 2017 की कंडिका 3.3 के प्रावधानों के अंतर्गत अनुसूचित जाति की जनसंख्‍या 40 प्रतिशत से कम होने के कारण यह प्रस्‍ताव नियम अंतर्गत न होने से स्‍वीकृति की पात्रता में नहीं पाया गया। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) नियमान्‍तर्गत न होने शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

अटल ज्योति अभियान अंतर्गत फीडर सेपरेशन के शेष कार्य

[ऊर्जा]

12. ( क्र. 198 ) श्री मुरलीधर पाटीदार : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या अटल ज्‍योति अभियान जून-2013 से प्रारम्‍भ किया गया है? जिसके तहत समस्‍त राजस्‍व ग्रामों में घरेलू उपभोक्‍ताओं को 24 घण्‍टे एवं कृषि उपभोक्‍ताओं को 10 घण्‍टे विद्युत प्रदाय देना निर्धारित किया गया था? यदि हाँ, तो सुसनेर विधानसभा क्षेत्रान्‍तर्गत कौन-कौन से राजस्‍व ग्रामों में फीडर सेपरेशन कर दिया गया है एवं कौन-कौन से ग्राम शेष हैं कृपया सूची उपलब्‍ध करावें? (ख) प्रश्नकर्ता के प्रश्न क्रमांक 217 उत्तर दिनांक 19.07.2016 के उत्तरांश (क) में विधानसभा क्षेत्र सुसनेर के 185 ग्रामों में फीडर सेपरेशन का कार्य पूर्ण एवं 19 ग्रामों में कार्य होना शेष बताया हैं? इन 185 ग्रामों में कार्य पूर्णता का भौतिक सत्यापन किया गया? यदि हाँ, तो कब-कब किन-किन अधिकारियों/कर्मचारियों द्वारा भौतिक सत्यापन किया गया? पूर्ण जानकारी देवें? (ग) शेष ग्रामों में फीडर सेपरेशन कार्य/अन्य योजना से विद्युत उपलब्धता हेतु क्या कार्यवाही की जा रही हैं एवं कार्य कब तक पूर्ण होगा?

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) जी हाँ, माह जून 2013 से आरंभ अटल ज्‍योति अभियान के तहत समस्त राजस्व ग्रामों में आकस्मिक अवरोधों को छोड़कर घरेलू उपभोक्‍ताओं सहित सभी गैर-कृषि उपभोक्‍ताओं को 24 घण्‍टे एवं कृषि उपभोक्‍ताओं को 10 घण्‍टे विद्युत प्रदाय करना निर्धारित किया गया था। सुसनेर विधानसभा क्षेत्रान्‍तर्गत कुल 204 राजस्‍व ग्रामों में से 189 राजस्व ग्रामों में फीडर विभक्तिकरण का कार्य पूर्ण कर दिया गया है एवं शेष 15 राजस्व ग्रामों में फीडर विभक्तिकरण का कार्य किया जाना शेष है, जिनकी ग्रामवार सूची पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) जी हाँ। सुसनेर विधानसभा क्षेत्रान्‍तर्गत कुल 204 राजस्व ग्रामों में से 190 राजस्व ग्रामों में फीडर विभक्तिकरण योजनान्‍तर्गत कार्य किया जाना था, जिसमें से 185 ग्रामों में फीडर विभक्तिकरण का कार्य पूर्ण किया जा चुका था एवं 5 ग्रामों में कार्य शेष था। उक्‍त के अतिरिक्‍त 14 ग्रामों में राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना के अन्तर्गत कार्य किया जाना शेष था। इस प्रकार कुल 19 ग्रामों के फीडर विभक्तिकरण का कार्य शेष रहने की जानकारी दी गई थी। जी हाँ, उक्‍त 185 ग्रामों में कार्य पूर्णता के भौतिक सत्यापन का कार्य नोडल अधिकारी फीडर विभक्तिकरण- श्री निशांत दर्शन सहायक यंत्री, तृतीय पक्ष निरीक्षण एजेन्‍सी मेसर्स यू.आर.एस. स्कॉट विल्सन दिल्ली तथा श्री राहुल राय सहायक यंत्री (एस.टी.सी.) शाजापुर द्वारा किया गया था, जिसकी दिनांकवार जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। (ग) उत्‍तरांश (क) में दर्शाए अनुसार शेष 15 राजस्व ग्रामों में फीडर विभक्तिकरण का कार्य दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना में स्‍वीकृत है। उक्त कार्य वर्तमान में प्रगति पर है एवं यह कार्य माह नवम्बर-2018 तक पूर्ण किया जाना संभावित है।

विद्युत बिलों में अनियमितता

[ऊर्जा]

13. ( क्र. 207 ) श्री यशपालसिंह सिसौदिया : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्नकर्ता के प्रश्न क्रमांक 41 दिनांक 28 नवम्बर 2017 के उत्तर के खंड "क" में बताया गया है कि रतलाम, मंदसौर, नीमच जिलों में 8 माह में 6093 शिकायतों में से 3679 शिकायतों में त्रुटी पायी गयी अर्थात लगभग 60% शिकायत में त्रुटी पाई गयी तथा प्रश्नकर्ता विधायक के अन्य प्रश्न क्रमांक 6 दिसम्बर 2016 के अतारांकित प्रश्न क्रमांक 1 के उत्तर में 1 वर्ष में 15884 शिकायतों में 12668 बिलों में सुधार किया गया अर्थात 75% के लगभग शिकायत सही पायी गयी, विभाग कैसे मान रहा है की इतनी बड़ी त्रुटियाँ मात्र मानवीय भूल है, कारण स्पष्ट करे? (ख) प्रश्नांश "क" के सन्दर्भ में क्या विभाग मानता है ये त्रुटियां तो मात्र वे उपभोक्ता है जो बढ़े हुए बिल की शिकायत लेकर विद्युत कार्यालय तक आये हैं ऐसे कई उपभोक्ता हैं, जिन्होंने ज्यादा बिल होने के बावजूद शिकायत नहीं की, क्या विभाग की मानवीय भूल दृष्टिगत 1 जनवरी 2016 के पश्चात सभी बिलों की जाँच विभाग करवाएगा, यदि नहीं, तो क्यों? (ग) 1 जनवरी 2014 से उज्जैन संभाग में विद्युत बिलों में अनियमितता की ऐसी कितनी शिकायतें, कहाँ-कहाँ की हैं जिनके प्रकरण मा.न्यायालय में चल रहे हैं और मा.न्यायालय द्वारा उपभोक्ता के हित में विद्युत बिलों में कितनी-कितनी राशि सुधार एवं अन्य निर्देश दिए?

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) जी हाँ, माननीय प्रश्‍नकर्ता विधायक महोदय के प्रश्न क्रमांक 41 दिनांक 28 नवंबर-2017 के प्रश्नांश (क) के उत्‍तर में जानकारी दी गई थी कि रतलाम, मंदसौर एवं नीमच जिलों में अधिक विद्युत बिल आने की क्रमशः 3052, 1301 एवं 1740 इस प्रकार कुल 6093 शिकायतें म.प्र.पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के संबंधित कार्यालयों को प्राप्त हुई जिनमें से क्रमशः 2107, 280 एवं 1292 इस प्रकार कुल 3679 शिकायतों में बिल की राशि में त्रुटि पाई गई। उल्‍लेखनीय है कि उक्त जानकारी 8 माह की अवधि की न होकर 10 माह (1 जनवरी-17 से अक्टूबर-17 तक) की अवधि की थी तथा इस अवधि में उक्‍त तीनों वृत्तों में वितरित किये गये विद्युत बिलों की संख्या क्रमश: 3705046, 3579788 एवं 2115414 थी, इस प्रकार कुल वितरित 94,00,248 बिलों की तुलना में बिल की राशि में त्रुटि पाए जाने वाले बिलों की संख्या 3679 हैं, जो कि वितरित बिलों का मात्र 0.039 प्रतिशत है। इसी तरह माननीय प्रश्‍नकर्ता विधायक महोदय के अन्य प्रश्न क्रमांक 1 दिनांक 6 दिसंबर-2016 के प्रश्नांश (क) के उत्तर में जानकारी दी गई थी कि रतलाम, मंदसौर एवं नीमच जिलों में अधिक विद्युत बिल आने की क्रमशः 4184, 6042 एवं 5658 इस प्रकार कुल 15,884 शिकायतें वितरण कंपनी के संबंधित कार्यालयों को प्राप्त हुई जिनमें से क्रमशः 3412, 4309 एवं 4947 इस प्रकार कुल 12,668 शिकायतों में बिल की राशि में त्रुटि पाई गई। इस 22 माह अवधि में (01 जनवरी-2015 से अक्टूबर-2016 तक) तीनों वृत्तों में वितरित किये गये विद्युत बिलों की संख्या क्रमशः 7582892, 7664874 एवं 4403169 थी, इस तरह कुल वितरित 1,96,50,935 बिलों की तुलना में बिल की राशि में त्रुटि पाए जाने वाले बिलों की संख्या 12,668 हैं, जो कि वितरित बिलों का मात्र 0.064 प्रतिशत है। अतः वितरित किये गये बिलों की तुलना में त्रुटिपूर्ण बिलों की संख्या नगण्य हैं जो कि मानवीय त्रुटिवश होना मानने योग्य है। (ख) जी नहीं, उपभोक्ताओं से बिलों में त्रुटि संबंधी शिकायत प्राप्‍त होने पर उनके बिलों में तत्काल नियमानुसार कार्यवाही की जाती है किन्तु जो उपभोक्ता बिल से संतुष्ट होते हैं उनके द्वारा शिकायत करने का प्रश्न नहीं उठता। अत: उक्‍त परिप्रेक्ष्‍य में तथा उत्‍तरांश (क) में दर्शाई गई वितरित विद्युत बिलों/उपभोक्‍ताओं की संख्‍या लाखों में होने के दृष्टिगत, इस संबंध में कोई जाँच कराया जाना आवश्‍यक/व्‍यवहारिक नहीं है। (ग) 01 जनवरी-2014 से उज्जैन संभाग में विद्युत बिलों की त्रुटि संबंधी ऐसी कुल 11 शिकायतें प्राप्‍त हुई हैं, जिनके प्रकरण माननीय न्यायालयों में चल रहे हैं। उक्‍त प्राप्‍त शिकायतों की सूची  संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार हैं। प्रश्‍नाधीन क्षेत्र हेतु माननीय न्यायालयों द्वारा उपभोक्ताओं के हित में अथवा अन्य दिये गये निर्देश वाले प्रकरणों की सूची संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है।

परिशिष्ट - ''दस''

ग्रामीण क्षेत्र में ग्रामों एवं मजरों का विद्युतीकरण

[ऊर्जा]

14. ( क्र. 210 ) श्रीमती संगीता चारेल : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सैलाना विधान सभा क्षेत्र के आदिवासी विकासखण्‍ड सैलाना एवं बायना में वर्ष 2014-15 से प्रश्‍न दिनांक तक ग्रामों एवं मजरों को किन-किन योजनाओं के माध्‍यम से विद्युतीकृत किया गया? इसमें कितना-कितना व्‍यय हुआ वर्षवार, योजनावार जानकारी प्रदान करें। (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में क्‍या ग्रामों तथा मजरों को विद्युतीकृत किए जाने के सभी कार्य पूर्ण हो गए हैं? यदि नहीं, तो समय-सीमा में कार्य पूर्ण नहीं किए जाने वाले अधिकारी/कर्मचारी तथा ठेकेदार के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की गई है? (ग) अपूर्ण कार्यों को कब तक पूर्ण कर लिया जावेगा?

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) सैलाना विधान सभा क्षेत्र के आदिवासी विकासखण्‍ड सैलाना एवं बाजना (बायना नहीं) में वर्ष 2014-15 एवं 2015-16 में राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना के अंतर्गत ग्रामों एवं मजरों/टोलों के विद्युतीकरण कार्य किया गया तथा उक्‍त क्षेत्रान्‍तर्गत वर्ष 2016-17 एवं 2017-18 में दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना के अंतर्गत मजरों/टोलों में विद्युतीकरण का कार्य किया गया एवं वर्तमान में भी प्रगति पर है। उक्त योजनाओं के तहत विद्युतीकरण का कार्य रतलाम जिले हेतु स्‍वीकृत हुआ है एवं तद्नुसार सम्पूर्ण रतलाम जिले का कार्य टर्न-की आधार पर कराए जाने हेतु अवार्ड जारी किये गये हैं, विधानसभा क्षेत्रवार/विकासखण्‍डवार नहीं। अत: राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना एवं दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना के अंतर्गत विधानसभा क्षेत्रवार/विकासखण्डवार योजना में व्यय की गई राशि की प्रश्‍नाधीन चाही गई जानकारी पृथक से देना संभव नहीं है। तथापि राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना के तहत सम्पूर्ण रतलाम जिले हेतु व्यय की गई राशि रू. 23.61 करोड़ एवं दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना के तहत सम्पूर्ण रतलाम जिले हेतु व्यय की गई राशि रू. 60.42 करोड़ है। कार्यों की वर्षवार/योजनावार जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) एवं (ग) सैलाना विधान सभा क्षेत्र के आदिवासी विकासखण्‍ड सैलाना एवं बाजना में मजरों/टोलों के विद्युतीकरण सहित ग्रामों के सघन विद्युतीकरण का राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना के तहत प्रावधानित कार्य पूर्ण कर लिया गया है। उक्त कार्य हेतु अवार्ड ठेकेदार एजेन्‍सी मेसर्स आनंद इलेक्ट्रिकल, नई दिल्ली को जारी किया गया था जिसे उक्‍त ठेकेदार एजेन्‍सी द्वारा निर्धारित समयावधि 12 माह में दिनांक 13.08.2015 तक पूर्ण कर लिया गया था। दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना के तहत टर्न-की ठेकेदार एजेन्‍सी मेसर्स निलशिखा इन्फ्रा. इंडिया लिमिटेड इन्दौर को जारी अवार्ड में 94 राजस्व ग्रामों के 106 चिन्हित मजरों/टोलों का कार्य किया जाना है इनमें से 49 राजस्व ग्रामों के 57 चिन्हित मजरों/टोलों का कार्य पूर्ण किया जा चुका एवं शेष 45 राजस्व ग्रामों के 49 चिन्हित मजरों/टोलों का कार्य किया जा रहा है। उक्त कार्य निविदा अनुबंध की शर्त के अनुसार दिनांक 23.11.2018 तक पूर्ण किया जाना है। उक्‍त परिप्रेक्ष्‍य में किसी भी अधिकारी/कर्मचारी तथा ठेकेदार के विरूद्ध कार्यवाही किये जाने का प्रश्न नहीं उठता। उल्‍लेखनीय है कि प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में आदिवासी उपयोजना के अन्तर्गत मजरों/टोलों के विद्युतीकरण कार्य हेतु जनजातिय कार्य विभाग से दिनांक 15.01.2018 को राशि रू. 151.72 लाख का अनुमोदन सम्पूर्ण रतलाम जिले के लिये पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी को प्राप्त हुआ है, जिसके अन्तर्गत सैलाना एवं बाजना विकासखण्ड हेतु राशि रू. 147.01 लाख का प्रावधान है। उक्‍त आवंटन के तहत प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में 18 राजस्व ग्रामों के 18 मजरों/टोलों के विद्युतीकरण का कार्य किया जाना है। उक्त कार्य पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा विभागीय तौर पर करवाया जायेगा जिसकी निर्धारित समयावधि 1 वर्ष अर्थात दिनांक 14.01.2019 तक है।

परिशिष्ट - ''ग्यारह''

आंगनवाड़ी भवन निर्माण

[महिला एवं बाल विकास]

15. ( क्र. 211 ) श्रीमती संगीता चारेल : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) सैलाना विधान सभाक्षेत्र अंतर्गत सैलाना एवं बायना में कुल कितने मुख्‍य तथा मिनी आंगनवाड़ी केन्‍द्र संचालित हैं? इनमें से कितने केन्‍द्र आंगनवाड़ी भवन विहीन हैं वर्ष 2014-15 से प्रश्‍न दिनांक तक कुल कितने भवन निर्माण कार्य स्‍वीकृत हुए वर्षवार, एजेंसीवार मय व्‍यय के पूर्ण/अपूर्ण सहित संपूर्ण जानकारी प्रदान करें। (ख) प्रश्नांश (क) के सदंर्भ में अपूर्ण भवन निर्माण के कार्य को पूर्ण किए जाने हेतु क्‍या कार्यवाही की जा रही है? इन्‍हें कब तक पूर्ण कर लिया जावेगा? (ग) शेष रहे आंगनवाड़ी केन्‍द्रों पर भवन निर्माण के संबंध में विभाग द्वारा क्‍या कार्यवाही की जा रही है?

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( श्रीमती अर्चना चिटनिस ) : (क) सैलाना विधान सभाक्षेत्र अंतर्गत सैलाना एवं बाजना अन्तर्गत कुल 546 आंगनवाड़ी एवं 168 मिनी आंगनवाड़ी केन्द्र संचालित है। इनमें से 232 आंगनवाड़ी केन्द्र भवन विहीन है। वर्ष 2014-15 से प्रश्न दिनांक तक कुल 70 भवन निर्माण कार्य स्वीकृत है। वर्षवार एजेंसीवार मय व्यय के पूर्ण अपूर्ण सहित विस्तृत जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट पर है। (ख) अपूर्ण अप्रारंभ भवनों को पूर्ण किये जाने हेतु जिला स्तर पर कलेक्टर मुख्य कार्यपालन अधिकारी निरंतर परियोजना अधिकारियों एवं सरपंच/सचिव की विकासखंड स्तर पर संयुक्त बैठकें आयोजित कर भवन निर्माण कार्य पूर्ण करने हेतु निर्देशित कर मॉनिटरिंग की जा रही है। आगामी तीन माह में भवन निर्माण कार्य पूर्ण किये जाने हेतु यथा संभव प्रयास किये जा रहें है। (ग) शेष रहे आंगनवाड़ी केन्द्रों पर भवन निर्माण के संबंध में विभाग द्वारा भवनविहीन आंगनवाड़ी केन्द्रों के लिये मनरेगा एवं राज्य आयोजनान्तर्गत आंगनवाड़ी भवन निर्माण की योजना है। आंगनवाड़ी भवनों का निर्माण कार्य वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता पर निर्भर करता है।

परिशिष्ट - '' बारह''

रियायती दर पर हवाई यात्राएं

[वित्त]

16. ( क्र. 222 ) श्री शैलेन्‍द्र पटेल : क्या वित्त मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या म.प्र. शासन और एयर इंडिया के मध्‍य हवाई यात्रा के संबंध में कोई अनुबंध किया गया है? यदि हाँ, तो अनुबंध के नियम शर्तों सहित पूर्ण ब्‍यौरा दें? (ख) क्‍या अनुबंध के अनुसार हवाई यात्रा के लिए वित्‍त विभाग द्वारा दिनांक 24 मई 2017 को कोई दिशा निर्देश जारी किए गए हैं, यदि हाँ, तो पूर्ण ब्‍यौरा दें? (ग) क्‍या अनुबंध में सरकार के सभी विभागों तथा संबद्ध संस्‍थानों के सेवायुक्‍तों एवं उनके परिवारिक सदस्‍यों को भी रियायती हवाई सुविधा दी जाने की व्‍यवस्‍था है? यदि हाँ, तो किन नियमों के तहत नियम सहित ब्‍यौरा दें? (घ) अनुबंध दिनांक 24 मई 2017 के बाद प्रश्‍न दिनांक तक किन-किन विभाग के कौन-कौन अधिकारियों ने किस-किस कार्य के लिए किस-किस स्‍थान तक रियायती दर पर हवाई यात्रा की है? पूर्ण ब्‍यौरा दें? (ड.) क्‍या अनुबंध अनुसार सेवायुक्‍तों के पारिवारिक सदस्‍यों ने भी रियायती दर पर हवाई यात्रा की है? यदि हाँ, तो किस-किस सेवायुक्‍त के किस-किस पारिवारिक सदस्‍यों ने किस-किस स्‍थान की यात्रा की? सेवायुक्‍त का नाम व पद यात्रा करने वाले से पारिवारिक संबंध सहित ब्‍यौरा दें?

वित्त मंत्री ( श्री जयंत मलैया ) : (क) जी हाँ, पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र "अ" अनुसार(ख) जी हाँ, पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र "ब" अनुसार(ग) उत्‍तरांश "ख" अनुसार। (घ) एवं (ड.) प्रश्‍नांश में चाही गई जानकारी विभाग द्वारा संधारित नहीं की जाती है अत: जानकारी दी जाना संभव नहीं है।

आधे अधूरे निर्माणाधीन आंगनवाड़ी भवनों पर व्‍यय राशि

[महिला एवं बाल विकास]

17. ( क्र. 242 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या विधानसभा क्षेत्र पनागर के अंतर्गत अधिकांश आंगनवाड़ी भवन आधे अधूरे निर्मित हैं? (ख) क्‍या प्रश्नांश (क) के अंतर्गत आधे अधूरे निर्मित भवनों की संपूर्ण राशि व्‍यय हो चुकी हैं? (ग) क्‍या प्रश्नांश (क) के अंतर्गत खिरिया सिमरा, टिंकू मोहनिया, पटेरा, सूखा एवं अन्‍य 08 आंगनवाड़ी भवनों की पूरी राशि व्‍यय हो चुकी है एवं भवन आधे अधूरे निर्मित है? कब तक इन भवनों का कार्य पूर्ण होगा? (घ) वर्ष 2010-11 से अद्यतन स्‍वीकृत, निर्मित, निर्माणाधीन आंगनवाड़ी भवनों पर कितनी राशि एवं व्‍यय की जानकारी देवें?

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( श्रीमती अर्चना चिटनिस ) : (क) विधानसभा क्षेत्र पनागर के अंतर्गत 156 आंगनवाड़ी भवन स्वीकृत है। जिनमें से 44 आंगनवाड़ी भवन निर्माणाधीन है। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) जिला पंचायत जबलपुर के द्वारा सम्पूर्ण राशि व्यय नहीं की गई है। (ग) पनागर विधान सभा क्षेत्र के अंतर्गत खिरिया सिमरा, टिंकू मोहनिया, पटेरा, सूखा एवं अन्य 08 आंगनवाड़ी भवन वर्तमान में निर्माणाधीन है। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। उक्त निर्माणाधीन भवनों का कार्य प्रगति पर है, निर्माण एजेंसी के द्वारा आश्वासन दिया गया है कि लगभग 4 माह में आंगनवाड़ी भवनों का निर्माण कार्य पूर्ण कर लिया जावेगा। समय-सीमा संभव नहीं है। (घ) वर्ष 2010-11 से अद्यतन स्वीकृत, निर्मित, निर्माणाधीन आंगनवाड़ी भवनों से सबंधित व्यय की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है।

लाड़ली लक्ष्‍मी योजना का क्रियान्‍वयन

[महिला एवं बाल विकास]

18. ( क्र. 282 ) श्री तरूण भनोत : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) शासन द्वारा संचालित ई-लाड़ली लक्ष्‍मी योजना के तहत जनवरी 2013 से प्रश्‍न दिनांक तक महिला बाल विकास विभाग ने जिला जबलपुर में कितनी बच्चियों का ऑनलाईन पंजीयन किया एवं बच्चियों की कितनी राशि स्‍वीकृत की तथा क्‍या ये राशि बैंक या पोस्‍ट ऑफिस में जमा करवाई गई है? जानकारी विधान सभा क्षेत्रवार बतायी जावें। (ख) वर्णित (क) के अनुसार पंजीकृत बच्चियों को कक्षा छठवीं से 12वीं तक 18000/- रूपये एवं 21 वर्ष पूर्ण होने पर विभाग इन बच्चियों को एक लाख रूपयों की राशि किस मद से सरकार देवेगी? (ग) इसी तरह क्‍या वर्ष 2007 से वर्ष 2012 तक वर्णित (क) की योजना का संचालन पोस्‍ट आफिस के माध्‍यम से किया गया था? यदि हाँ, तो कितनी बच्चियों का पंजीयन इस अवधि में करवाया गया एवं शासन के निर्देशानुसार नियमित पाँच वर्ष तक 6000/- रूपये की मान से कितनी राशि पोस्‍ट आफिस में जमा करवाया गया? जानकारी विधान सभा क्षेत्रवार जबलपुर जिले की देवें? (घ) क्‍या पोस्‍ट ऑफिस के माध्‍यम से पंजीकृत बच्चियों को वर्णित (ख) के अनुसार राशि का भुगतान पोस्‍ट आफिस करेगा अथवा विभाग?

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( श्रीमती अर्चना चिटनिस ) : (क) लाड़ली लक्ष्मी योजना के तहत जनवरी 2013 से प्रश्न दिनांक तक जिला जबलपुर में 50799 बच्चियों का ऑनलाईन पंजीयन किया जाकर रुपये 71,26,98,000/- राशि स्वीकृत की गयी, जनवरी 2013 से मार्च 2014 तक की अवधि में रूपये 8,10,84,000/- राशि पोस्ट आफिस में निवेशित की गई है तथा 01 अप्रैल 2014 से प्रश्न दिनांक तक रूपये 63,16,14,000/- राशि मध्यप्रदेश लाड़ली लक्ष्मी योजना निधि में जमा की गयी, विधान सभा क्षेत्रवार जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र '' पर है। (ख) 'मध्यप्रदेश लाड़ली लक्ष्मी योजना निधि' मद संख्या 8448-स्थानीय निधियों की जमा, 120-अन्य निधिया, 0120-लाड़ली लक्ष्मी योजना से भुगतान किया जावेगा। (ग) जी हाँ। इस अवधि में 57449 बालिकाओं का पंजीयन किया गया तथा रूपये 60,47,70,000/- पोस्ट आफिस में निवेशित किये गये एवं पंजीकृत बालिकाओं की पश्चातवर्ती वर्षों की शेष रही किश्तों की राशि रूपए 28,81,80,000/- मध्यप्रदेश लाड़ली लक्ष्मी योजना निधि में जमा की गयी। विधानसभा क्षेत्रवार जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र-ब पर है। (घ) प्रश्नांश (ख) में वर्णित (ख) अनुसार राशि का भुगतान महिला एवं बाल विकास विभाग करेगा।

परिशिष्ट - ''तेरह ''

प्रदेश में महिला आश्रम गृहों/स्‍वाधार गृहों की जानकारी

[महिला एवं बाल विकास]

19. ( क्र. 283 ) श्री तरूण भनोत : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) घरेलू हिंसा अधिनियम वर्ष 2005 के अंतर्गत प्रदेश में पंजीकृत सेवा प्रदाताओं की संख्‍या कितनी है? जानकारी वर्ष 2015 से प्रश्‍न दिनांक तक सूची सहित बतायी जावें? (ख) प्रदेश में सेवा प्रदाता संख्‍या परिवार परामर्श केन्‍द्रों ने कितने प्रकरणों को दर्ज किया प्रत्‍येक की अलग-अलग संख्‍या वर्ष 2015 से आज दिनांक तक सूची सहित दी जावें? (ग) प्रदेश में सेवा प्रदाता द्वारा संचालित महिला आश्रम गृहों/स्‍वाधार गृह कितने है एवं उन्‍हें कितना अनुदान प्रदाय किया जा रहा है? उक्‍त गृहों की सूची उपलब्‍ध करवाते हुये अनुदान की जानकारी वर्ष 2015 से दी जावें? (घ) क्‍या स्‍वाधार योजना में 60:40 केन्‍द्र व राज्‍य सरकार का अंश वर्ष 2015 से प्रस्‍तावित है? यदि हाँ, तो कितने स्‍वाधार गृह प्रदेश में स्‍वीकृत है एवं उन्‍हें केन्‍द्र एवं राज्‍य सरकार से कितना अंश प्रदाय किया गया है? पूर्ण जानकारी वर्ष 2015 से प्रश्‍न दिनांक तक दी जावें?

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( श्रीमती अर्चना चिटनिस ) : (क) वर्ष 2015 के पूर्व की सूची पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र 01 अनुसार है। वर्ष 2015 से प्रश्‍न दिनांक तक नवीन सेवा प्रदाताओं को पंजी नहीं किया गया है। (ख) जानकारी एकत्रित की जा रही है। (ग) वित्‍तीय वर्ष 2015-16 वर्ष 2016-17 की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-02 अनुसार है। उषा किरण योजनांतर्गत अशासकीय संस्‍थाओं द्वारा उषा किरण आश्रय गृह दिनांक 01 अप्रैल 2017 से संचालित नहीं किये जा रहे है। स्‍वाधार गृह की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परि‍शिष्‍ट के प्रपत्र-03 पर है। (घ) स्‍वाधार गृह योजनांतर्गत 60:40 केंद्र व राज्‍य सरकार का अंश वर्ष 2016 से प्रस्‍तावित किया गया है। वर्तमान में कुल 17 स्‍वाधार गृह संचालित किये जा रहे है। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-03 अनुसार है।

बरबटी उद्वहन सिंचाई योजना

[नर्मदा घाटी विकास]

20. ( क्र. 301 ) श्रीमती प्रतिभा सिंह : क्या राज्‍यमंत्री, नर्मदा घाटी विकास महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बरगी विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत निर्माणाधीन बर‍बटी उद्वहन सिंचाई योजना के कार्य की वर्तमान तिथि में क्‍या प्रगति है? दिनांक 30.6.17 के पुराना अनुबंध विच्‍छेद के बाद किस एजेंसी को कार्य दिया गया? (ख) विगत दो वर्षों में उक्‍त योजना में कार्य नहीं होने के लिये कौन-कौन दोषी है? उक्‍त उद्वहन सिंचाई योजना को शीघ्र पूर्ण कराने की शासन द्वारा क्‍या कार्यवाही की गयी?

राज्‍यमंत्री, नर्मदा घाटी विकास ( श्री लालसिंह आर्य ) : (क) 850 हेक्‍टेयर की बरबटी सिंचाई योजना की निविदा निरस्‍त कर नवीन 1200 हेक्‍टेयर की उद्वहन सिंचाई योजना बनाई गई है। बरबटी सिंचाई परियोजना उद्वहन परियोजना नहीं थी वरन् बांध की पाल में से टनल निकालकर ग्रेविटी से सिंचाई योजना थी परन्‍तु क्रियान्‍वयन के दौरान तकनीकी कठिनाइयों एवं केवल 850 हेक्‍टेयर क्षेत्र के लाभ को देखते हुए इसकी निविदा निरस्‍त कर अब 1200 हेक्‍टेयर में बड़ी परियोजना ली गई है। (ख) उत्‍तरांश '' के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

गुणवत्‍तापूर्वक बिजली आपूर्ति हेतु कार्य योजना में शामिल बाबत्

[ऊर्जा]

21. ( क्र. 312 ) श्री सुखेन्‍द्र सिंह : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रश्‍नकर्ता द्वारा पत्र क्रमांक क्‍यू दिनांक 13.11.2017 द्वारा माननीय ऊर्जा मंत्री महोदय से (तहसील हनुमना जिला रीवा अन्‍तर्गत) ग्राम पंचायत हाटा एवं पिपराही में नवीन 33/11 के.व्‍ही. विद्युत सबस्‍टेशन खोले जाने हेतु पत्र दिया गया था? (ख) यदि हाँ, तो क्‍या माननीय मंत्री जी द्वारा अपने पत्र क्रमांक 2640 दिनांक 21.11.2017 को पत्र लिखकर अवगत कराया गया है कि पत्र क्रमांक 2548 दिनांक 17.10.2017 को अवर सचिव ऊर्जा विभाग भोपाल को उत्‍तर उसके संबंध में प्रेषित किया गया है? (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के प्रकाश में यदि हाँ, तो क्‍या उस पत्र में लिखा गया है कि गुणवत्‍तापूर्वक विद्युत आपूर्ति हेतु प्रस्‍तावित 11 के.व्‍ही. पिपराही फीडर में 33/11 के.व्‍ही. नये उपकेन्‍द्र घोघम से ग्राम वीरादेई में 5.0 किलोमीटर लाईन का विस्‍तार का कार्य आगामी कार्य योजना में शामिल करने हेतु चिन्हित किया गया है? (घ) प्रश्नांश (ग) के प्रकाश में यदि हाँ, तो क्‍या मार्च 2018 के बजट में प्रावधान (ख) के पत्र अनुसार शामिल किया जा रहा है? यदि नहीं, तो क्‍यों? जबकि आपने पत्र में कहा है कि गुणवत्‍तापूर्वक बिजली आपूर्ति हेतु ऐसा आवश्‍यक है? यदि हाँ, तो अभी तक गुणवत्‍तापूर्वक बिजली वहां के लोगों को क्‍यों नहीं मिल रही है? क्‍या इसका निराकरण करेंगे?

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) प्रश्‍नाधीन उल्‍लेखित पत्र द्वारा माननीय प्रश्‍नकर्ता विधायक महोदय ने ग्राम पिपराही में नहीं अपितु ग्राम हाटा में 33/11 के.व्‍ही. विद्युत उपकेन्‍द्र की स्‍थापना हेतु कार्यवाही किये जाने का अनुरोध किया था। (ख) प्रश्‍नाधीन उल्‍लेखित पत्र क्रमांक 2640, दिनांक 21.11.2017 द्वारा ग्राम हाटा में 33/11 के.व्‍ही. विद्युत उपकेन्‍द्र स्‍थापित किये जाने के प्रस्‍ताव का परीक्षण किये जाने हेतु पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी को निर्देशित किया गया था। मुख्‍य महाप्रबंधक (कार्य) पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी, जबलपुर द्वारा उनके पत्र क्रमांक 2548, दिनांक 17.10.2017 से एक अन्‍य संदर्भ में प्रश्‍नाधीन कार्य के संबंध में वस्‍तुस्थिति की जानकारी अवर सचिव, ऊर्जा विभाग भोपाल को प्रेषित की गई थी। (ग) जी हाँ। (घ) प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में विद्युत प्रदाय की गुणवत्‍ता में सुधार के उद्देश्‍य से प्रश्नांश (ग) में उल्‍लेखित कार्य पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा वर्ष 2018-19 की कार्य योजना में सम्मिलित कर स्‍वीकृत किया जा चुका है। उक्‍त कार्य पूर्ण होने के पश्‍चात् निश्चित रूप से प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में विद्युत प्रदाय की गुणवत्‍ता में सुधार परिलक्षित होगा तथा कतिपय अवसरों पर फीडर के अंतिम छोर पर आने वाली लो वोल्‍टेज की समस्‍या का निराकरण हो जायेगा।

कुपोषित बच्‍चों का योजनाओं का क्रियान्‍वयन

[महिला एवं बाल विकास]

22. ( क्र. 362 ) श्री शैलेन्द्र जैन : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) वर्ष 2015 से प्रश्‍न दिनांक तक सागर विधानसभा क्षेत्रांतर्गत 0 से 5 वर्ष तक आयु के कुल कितने बच्‍चे कुपोषण के शिकार दर्ज किये गये हैं? वार्डवार विवरण देवें। (ख) प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में कुपोषण से प्रभावित बच्‍चों के स्‍वास्‍थ्‍य लाभ हेतु क्‍या-क्‍या कदम उठाये गये हैं? इस हेतु किस-किस योजना में कितनी-कितनी राशि व्‍यय की गई है वर्षवार, योजनावार एवं वार्डवार बताऍं। (ग) क्‍या विगत 3 वर्षों में दर्ज कुपोषित बच्‍चों की संख्‍या में कमी आई है? यदि नहीं, तो इसका क्‍या कारण है तथा इसके लिए कौन दोषी है? (घ) क्‍या कुपोषित बच्‍चों के स्‍वास्‍थ्‍य सुधार हेतु उन्‍हें पुनर्वास केन्‍द्र में भर्ती कराया गया है? यदि हाँ, तो कब-कब? संख्‍या सहित बतायें।

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( श्रीमती अर्चना चिटनिस ) : (क) सागर विधानसभा क्षेत्रांतर्गत 0 से 5 वर्ष तक आयु के कुल दर्ज कुपोषित बच्चों की संख्या वर्ष 2015-16 में 3871 वर्ष 2016-17 में 3687 एवं वर्ष 2017-18 में 3728 है। वार्डवार सूची पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) कुपोषण से बचाव हेतु एकीकृत बाल विकास सेवा अंतर्गत कुपोषित बच्चों को आंगनवाड़ी केन्द्रों में पोषण आहार के अतिरिक्त थर्ड मील का प्रदाय किया जा रहा है। अटल बिहारी वाजपेयी बाल आरोग्य एवं पोषण मिश्‍न अंतर्गत कुपोषित बच्चों को टिफिन का प्रदाय एवं स्नेह शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा कुपोषित बच्चों के अभिभावकों को स्वास्थ्य संबंधी परामर्श उपलब्ध कराया जा रहा है। स्नेह सरोकार योजना अंतर्गत कुपोषित बच्चों को गोद दिया जाकर उन्हें कुपोषण मुक्त कराने के प्रयास किए जा रहे है। प्रश्‍नांकित अवधि में योजनावार वर्षवार एवं वार्डवार व्यय की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ग) जी हाँ वर्ष 2015-16 की तुलना में वर्ष 2017-18 में दर्ज कुपोषित बच्चों की संख्या में कमी आई है। (घ) गंभीर कुपोषित बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार हेतु पोषण पुर्नवास केन्द्रों में भर्ती कराया गया है। वर्षवार जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है।

विद्युत वितरण कंपनी में संचालित योजनाएं

[ऊर्जा]

23. ( क्र. 363 ) श्री शैलेन्द्र जैन : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सागर विधान सभा क्षेत्र में RAPDRP योजना के तहत कौन-कौन से कार्य कितनी-कितनी राशि के कहाँ-कहाँ कराये गये हैं? 11 के.व्‍ही. फीडरवार विवरण देवें। (ख) सागर विधान सभा क्षेत्र में IPDS योजना अंतर्गत वर्तमान में कौन-कौन से कार्य कितनी-कितनी राशि के कराये गये हैं एवं क्‍या-क्‍या कार्य कराया जाना प्रस्‍तावित है तथा कब तक पूर्ण कर लिये जायेंगे? शहरवार विवरण देवें।

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) सागर विधानसभा क्षेत्र में आर.ए.पी.डी.आर.पी. योजना के तहत सागर शहर में 11 के.व्‍ही. के 21 फीडरों पर किए गए कार्यों के विवरण सहित व्‍यय की राशि का फीडरवार विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। उल्‍लेखनीय है कि उक्‍त के अतिरिक्‍त सागर शहर में आर.ए.पी.डी.आर.पी. योजना में 33 के.व्‍ही. लाईन एवं 33/11 के.व्‍ही. उपकेन्‍द्रों के कार्य भी कराए गए हैं, जिन पर रू. 5.82 करोड़ की राशि व्‍यय हुई। (ख) सागर विधानसभा क्षेत्र में आई.पी.डी.एस. योजना के अंतर्गत सागर शहर के सागर म्‍यूनिसिपल क्षेत्र में विद्युत अधोसंरचना का रू. 7.94 करोड़ की लागत राशि का कार्य किया जाना स्‍वीकृत है। उक्‍त कार्य टर्न-की आधार पर कराए जाने हेतु अवार्ड जारी किया जा चुका है। उक्‍त स्‍वीकृत कार्य का विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-2 अनुसार एवं वर्तमान में किये गये कार्य की अद्यतन जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-3 अनुसार है। उक्‍त कार्य अप्रैल 2019 तक पूर्ण किये जाने का लक्ष्‍य निर्धारित किया गया है। सागर विधानसभा क्षेत्र में आई.पी.डी.एस. योजना के अंतर्गत सागर शहर के अन्‍य क्षेत्रों में रू. 9.95 करोड़ लागत राशि के विद्युत अधोसंरचना के कार्यों की स्‍वीकृति मेसर्स पावर फाइनेंस कार्पोरेशन नई दिल्‍ली से प्राप्‍त हो चुकी है। उक्‍त कार्य टर्न-की आधार पर कराए जाने हेतु निविदा कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। उक्‍त स्‍वीकृत कार्यों का विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-4 अनुसार है। टर्न-की ठेकेदार एजेन्‍सी के चयन के उपरांत अवार्ड जारी होने के पश्‍चात् उक्‍त कार्य पूर्ण किये जाने की समय-सीमा बताया जाना संभव हो सकेगा।

प्रदेश के शासकीय कर्मचारी संघों की मांगों का निराकरण किया जाना

[सामान्य प्रशासन]

24. ( क्र. 379 ) डॉ. गोविन्द सिंह : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या 17 जनवरी 2018 को प्रदेश के शासकीय कर्मचारी संघों द्वारा मंत्रालय वल्‍लभ भवन भोपाल पर अपनी विभिन्‍न मांगों को लेकर एक दिवसीय हड़ताल की गई थी? (ख) यदि हाँ, तो उक्‍त कर्मचारी संगठनों के द्वारा कौन-कौन सी मांगे शासन के समक्ष रखी गई थी? (ग) क्‍या उक्‍त कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों को माननीय मुख्‍यमंत्री जी द्वारा कर्मचारियों की मांगों का निराकरण करने की घोषणा अथवा आश्‍वासन दिया गया था? (घ) यदि हाँ, तो शासन द्वारा कर्मचारियों की उक्‍त कौन-कौन सी मांगों के शासनादेश कब-कब जारी किये गये है और कौन-कौन सी मांगों के शासनादेश किन-किन कारणों से जारी नहीं किये जा सके है? यह आदेश कब तक जारी कर दिये जायेंगे?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जी नहीं। वरन क्रमिक भूख हड़ताल की गई थी। (ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट पर है। (ग) कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों से उनकी मांगों पर माननीय मुख्‍यमंत्री जी की चर्चा हुई थी। (घ) कार्यवाही प्रचलित है। समय-सीमा बताना संभव नहीं है।
परिशिष्ट - ''चौदह ''

प्रभारी जिला संयोजक की पदस्‍थापना

[जनजातीय कार्य]

25. ( क्र. 397 ) इन्जी. प्रदीप लारिया : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2015 से प्रश्‍न दिनांक तक जनजातीय कार्य/अनुसूचित जाति कल्‍याण विभाग में सागर संभाग अंतर्गत किन-किन सहायक आयुक्‍त, जिला संयोजकों के विरूद्ध विभागीय जाँच संस्‍थापित की गई वर्षवार जानकारी दें। (ख) क्‍या पन्‍ना जिले में (क) में वर्णित तत्‍कालीन प्रभारी जिला संयोजक के विरूद्ध वित्‍तीय अनियमितताओं की जाँच में दोषी होने पर भी दमोह जिला में प्रभारी जिला संयोजक के रूप में रखा गया है? (ग) यदि हाँ, तो वित्‍तीय अनियमितता करने पर (ख) में वर्णित अधिकारी के विरूद्ध विभाग द्वारा प्रश्‍न दिनांक तक क्‍या कार्यवाही की गई? (घ) यदि नहीं, की गई तो कब तक कार्यवाही होगी?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) जी हाँ। (ग) एवं (घ) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - '' पंद्रह ''

अनु.जाति बस्‍ती विकास योजना मद से आवंटित राशि

[अनुसूचित जाति कल्याण]

26. ( क्र. 400 ) श्री इन्‍दर सिंह परमार : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या शाजापुर जिला अंतर्गत वर्ष 2017-2018 में अनुसूचित जाति बस्‍ती विकास योजनांतर्गत विकास कार्यों के लिये राशि का आवंटन किया गया? यदि हाँ, तो कितनी राशि जिले को आवंटित की गई? (ख) प्रश्नांश (क) में उल्‍लेखित मद से किस-किस प्रकार के कार्य करवाये जा रहे हैं वर्ष 2017-2018 में प्रदान आवंटन से प्रश्‍न दिनांक तक निर्माण कार्यों की जारी प्रशासकीय स्‍वीकृति की जानकारी ब्‍लॉकवार देवें। (ग) प्रश्नांश (क) में उल्‍लेखित योजना में कालापीपल विधान सभा क्षेत्र के 40% से अधिक अनु.जाति आबादी के गांवों में विकास कार्यों हेतु राशि आवंटित की जावेगी? यदि हाँ, तो कब तक? (घ) प्रश्नांश (क) में उल्‍लेखित नियम के अंतर्गत क्‍या बस्‍ती विकास मद से अनुसूचित जाति के छात्रावासों में निर्माण कार्यों हेतु राशि का उपयोग किया गया है? यदि हाँ, तो जिले में कहाँ-कहाँ उपयोग किया गया? कार्यों का विवरण देवें।

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जी हाँ। वर्ष 2017-18 में रू. 149.56 लाख का आवंटन प्रदाय किया गया है। (ख) जिले द्वारा अनुसूचित जाति बस्‍ती विकास योजनान्‍तर्गत सामुदायिक भवन, सी.सी. रोड, नाली निर्माण एवं छात्रावासों में आवश्‍यक कार्य करवाए जा रहे हैं। जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ग) कालापीपल विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत स्‍वीकृत कार्यों एवं राशि की जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) जी हाँ। जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है।

परिशिष्ट - ''सोलह''

नर्मदा पावर्ती-नर्मदा कालीसिंध लिं‍क परियोजना

[नर्मदा घाटी विकास]

27. ( क्र. 401 ) श्री इन्‍दर सिंह परमार : क्या राज्‍यमंत्री, नर्मदा घाटी विकास महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नर्मदा पार्वती एवं नर्मदा कालीसिंध लिंक परियोजनाओं को कितने चरण में पूर्ण किया जावेगा? दोनों परियोजनाओं से शाजापुर जिले के किन-किन गांवों को लाभ मिलेगा? परियोजनावार चरणवार जानकारी देवें? (ख) प्रश्नांश (क) में उल्‍लेखित परियोजनाओं के कार्यों को कब तक पूर्ण करने का लक्ष्‍य रखा है? चरणवार जानकारी देवें।

राज्‍यमंत्री, नर्मदा घाटी विकास ( श्री लालसिंह आर्य ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। योजना के कमांड क्षेत्र में सम्मिलित ग्रामों की सूची पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''', ''ब-1'', ''ब-2'' एवं ''ब-3'' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है।

खजूरी वितरण प्रणाली के अंतर्गत निर्माण कार्य

[नर्मदा घाटी विकास]

28. ( क्र. 406 ) श्री नीलेश अवस्‍थी : क्या राज्‍यमंत्री, नर्मदा घाटी विकास महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नर्मदा घाटी विकास विभाग अंतर्गत संभाग क्रमांक-2 जबलपुर में खजूरी वितरण प्रणाली के तहत आने वाली कौन-कौन सी नहरों में कितनी लागत से वर्तमान समय में किसके द्वारा सीसी लाईनिंग निर्माण कार्य कब से कराया जा रहा है। (ख) प्रश्नांश (क) में उल्‍लेखित निर्माण कार्यों की निविदायें किस दर पर किन शर्तों के अधीन कब आमंत्रित की गईं तथा इन निर्माण कार्यों का ठेका कब किस निर्माण एजेंसी को किस नियम एवं शर्तों के तहत प्रदान किया गया तथा निर्माण कार्यों में किस गुणवत्‍ता की निर्माण सामग्री किस रेशों में प्रयोग की अनुमति निविदा की शर्तों के अधीन प्रदान की गई। (ग) क्‍या प्रश्नांश (ख) में उल्‍लेखित निर्माण कार्यों में गुणवत्‍ता वि‍हीन निर्माण सामग्री का प्रयोग कर ठेकेदारों द्वारा मनमाने तरीके से गुणवत्‍ता विहीन निर्माण कार्य कराये जा रहे हैं जिससे घटिया निर्माण हो रहा है इस प्रकार की शिकायतें समय-समय पर कृषकों द्वारा की जा रही है? (घ) क्‍या शासन द्वारा प्रश्नांश (क) में उल्‍लेखित निर्माण कार्यों के गुणवत्‍ता की जाँच उच्‍च स्‍तरीय समिति से करायेगी उत्‍तर में यदि हाँ, तो किस प्रकार से कब तक? यदि नहीं, तो क्‍यों नहीं।

राज्‍यमंत्री, नर्मदा घाटी विकास ( श्री लालसिंह आर्य ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है(ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। निविदायें विभाग द्वारा निर्धारित प्रतिशत दर, निविदा फार्म-ए की शर्तों के तहत आमंत्रित तथा स्‍वीकृत की गई। निर्माण सामग्री की गुणवत्‍ता एवं रेशों जल संसाधन विभाग द्वारा समय-समय पर जारी स्‍पेशिफिकेशन एवं एकीकृत दर सूची की शर्तों के अनुसार है। (ग) निर्माण कार्य में निर्धारित मापदंडों के अनुरूप निर्माण सामग्री का उपयोग कर गुणवत्‍तापूर्ण निर्माण कार्य कराये जा रहे हैं। निर्माण सामग्री एवं निर्माण कार्य की जाँच गुणवत्‍ता नियंत्रण अमले द्वारा की जाती है। निर्माण सामग्री की जाँच के उपयुक्‍त परिणाम प्राप्‍त होने के पश्‍चात ही निर्माण कार्य कराया जा रहा है। कृषकों द्वारा निर्माण कार्यों की गुणवत्‍ता से संबंधित कोई शिकायत विभाग को प्राप्‍त नहीं हुई है। (घ) उत्‍तरांश '''' के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

पाटन विधान सभा अंतर्गत संचालित आंगनवाड़ी केन्‍द्र

[महिला एवं बाल विकास]

29. ( क्र. 407 ) श्री नीलेश अवस्‍थी : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) पाटन विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत कहाँ-कहाँ पर कौन-कौन से आंगनवाड़ी केन्‍द्र संचालित हैं? दर्ज संख्‍यावार केन्‍द्र के नाम सहित सूची देवें एवं इनमें से कितने आंगनवाड़ी केन्‍द्र भवन विहीन हैं? (ख) प्रश्नांश (क) में उल्‍लेखित आंगनवाड़ी केन्‍द्रों में पोषण अहार वितरण हेतु वित्‍त वर्ष 2013-14 से प्रश्‍न दिनांक तक कितनी-कितनी राशि व्‍यय की गई तथा कहाँ कहाँ पर पोषण आहार वितरण में अनियमितताओं की शिकायत शासन स्‍तर पर प्राप्‍त हुई तथा उन पर क्‍या कार्यवाही की गई? केन्‍द्रवार वर्षवार सूची देवें? (ग) परियोजना अधिकारी महिला बाल विकास के पद पर एक ही स्‍थान पर कब तक पदस्‍थ रहने के नियम हैं? यह भी बतलावें कि परियोजना अधिकारी महिला बाल विकासखण्‍ड मझौली जिला जबलपुर के विरूद्ध नियम विरूद्ध कार्य करने तथा इनका स्‍थानांतरण करने की कब-कब, किस-किस के द्वारा मांग की गई तथा उन पर कब क्‍या कार्यवाही की गई? यह भी बतलावें कि मांग अनुसार परियोजना अधिकारी महिला बाल विकास मझौली जिला जबलपुर का स्‍थानांतरण अन्‍यत्र कब तक कर दिया जावेगा?

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( श्रीमती अर्चना चिटनिस ) : (क) पाटन विधानसभा क्षेत्र अन्तर्गत संचालित आंगनवाड़ी केन्द्रवार दर्ज संख्या तथा भवनविहीन केन्द्रों की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र- 01 अनुसार है। (ख) प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्य में उल्लेखित आंगनवाड़ी केन्द्रों में वित्तीय वर्ष 2013-14 से प्रश्न दिनांक तक पोषण आहार मद में व्यय की जानकारी तथा पोषण आहार वितरण में अनियमितताओं की शासन स्तर पर प्राप्त शिकायतों तथा उन पर की गई कार्यवाही का जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-02 अनुसार है। (ग) श्रीमती राखी सैयाम परियोजना अधिकारी मझौली जिला जबलपुर के विरूद्ध जिला एवं संचालनालय स्तर पर नियम विरूद्ध कार्य करने संबंधी कोई शिकायत नहीं है। शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

विद्युत उपकेन्‍द्र की जानकारी

[ऊर्जा]

30. ( क्र. 434 ) श्री दुर्गालाल विजय : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) श्‍योपुर विधान सभा क्षेत्रान्‍तर्गत ग्राम तलावदा व इसके आसपास बसे दर्जनभर से अधिक ग्रामों में प्रतिवर्ष कृषि सीजन में कृषि पम्‍पों का अतिरिक्‍त भार आने से विद्युत की मांग अधिक होती हैं इस कारण प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में लो वोल्‍टेज एवं विद्युत की समस्‍या स्थिति अक्‍सर निर्मित होती हैं तलावदा में नवीन 33/11 विद्युत उपकेन्‍द्र की स्‍थापना तकनीकी रूप से साध्‍य भी पाई गई हैं ये जानकारी प्रश्‍नकर्ता के अता.प्र.सं. 51 क्रमांक 602 दिनांक 28.11.2017 के (क), (ख) एवं (ग) में दी गई हैं? (ख) यदि हाँ, तो इसके बावजूद ग्राम तलावदा में विद्युत कम्‍पनी द्वारा उक्‍त विद्युत उपकेन्‍द्र स्‍वीकृत कर इसका निर्माण प्रारंभ कराने हेतु वित्‍तीय संसाधन जुटाने के प्रयास किये जाने की आढ़ ली जा रही है, ये कार्यवाही कृषकों के हित में नहीं हैं मात्र तथा इसी कारण से क्षेत्रीय कृषकों को विद्युत एवं वोल्‍टेज की समस्‍या से निजात नहीं मिल पा रही हैं। (ग) यदि हाँ, तो क्षेत्रीय कृषकों के हित में कार्यरत विद्युत कम्‍पनी क्‍या यथाशीघ्र वित्‍तीय संसाधनों की उपलब्‍धता सुनिश्चित करके ग्राम तलावदा में नवीन 33/11 विद्युत उपकेन्‍द्र अविलम्‍ब स्‍वीकृत कर इसका निर्माण कार्य प्रारंभ करवाएगी अथवा शासन इस हेतु विद्युत कम्‍पनी को निर्देशित करेगा? यदि नहीं, तो क्‍यों?

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) जी हाँ, प्रश्‍नांश में उल्‍लेखित पूर्व विधानसभा सत्र के प्रश्‍न के उत्‍तर में प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में कृषि सीजन में कृषि पंपों का भार एक साथ प्रणाली पर आने के कारण कतिपय अवसरों पर वोल्‍टेज की समस्‍या एवं विद्युत प्रदाय प्रभावित होने तथा ग्राम तलावदा में 33/11 के.व्‍ही. विद्युत उपकेन्‍द्र की स्‍थापना तकनीकी रूप से साध्‍य होने की जानकारी दी गई थी। (ख) विद्युत अधोसंरचना स्‍थापित करने के कार्य तकनीकी आवश्‍यकता एवं वित्‍तीय उपलब्‍धता अनुसार किये जाते हैं, जो कि एक सतत् प्रक्रिया है। प्रश्‍नाधीन कार्य हेतु वित्‍तीय संसाधन जुटाने के प्रयास वितरण कंपनी द्वारा किये जा रहे हैं। (ग) प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में सतत् रूप से गुणवत्‍तापूर्ण विद्युत प्रदाय उपलब्‍ध कराए जाने के उद्देश्‍य से वितरण कंपनी द्वारा ग्राम तलावदा में 33/11 के.व्‍ही. नवीन उपकेन्‍द्र का निर्माण वित्‍तीय उपलब्‍धता अनुसार आगामी योजनाओं में सम्मिलित करने के प्रयास किये जा रहे हैं। अत: वर्तमान में विद्युत उपकेन्‍द्र की स्‍थापना हेतु निश्चित समयावधि बताया जाना संभव नहीं है।

जिम्‍मेवारों पर कार्यवाही के साथ कार्यों की स्‍वीकृती

[सामान्य प्रशासन]

31. ( क्र. 491 ) श्री सुन्‍दरलाल तिवारी : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या विधान सभा प्रश्‍न क्रमांक 521 दिनांक 23.02.2017 एवं विधान सभा प्रश्‍न क्रमांक 1086 दिनांक 28.11.2017 के द्वारा प्रश्‍नकर्ता सदस्‍य द्वारा समय-समय पर लिखे गये पत्रों पर की गयी कार्यवाही की जानकारी चाही गयी थी? (ख) यदि प्रश्नांश (क) हाँ तो विधान सभा प्रश्‍न क्रमांक 521 दिनांक 23.02.2017 के उत्‍तर में संलग्‍न परिशिष्‍ट (ब) पर उपरोक्‍त वर्णित निर्माण कार्यों की स्‍वीकृत हेतु माननीय प्रभारी मंत्री से अनुमोदन प्राप्‍त करने की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है, बताया गया। (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के संबंध में मुख्‍य सचिव मध्‍यप्रदेश शासन को पत्र क्रमांक 969 दिनांक 28.08.2017 एवं पत्र क्रमांक 45 दिनांक 26.12.2017-18 के द्वारा झूठी जानकारी देने कार्यों को स्‍वीकृत न करने के दोषियों पर कार्यवाही हेतु लिखा गया, लेकिन कार्यवाही की जानकारी आज तक अप्राप्‍त है, क्‍यों? (घ) प्रश्नांश (ख) के उत्‍तर अनुसार प्रश्‍नकर्ता द्वारा कलेक्‍टर रीवा को पत्र क्रमांक 37 दिनांक 18.12.2017-18 के माध्‍यम से माननीय प्रभारी मंत्री के पास अनुमोदन हेतु भेजी गयी नस्‍ती की छाया प्रति जानकारी चाही गयी, जो अप्राप्‍त है, बल्कि जिला पंचायत रीवा द्वारा पत्र क्रमांक 5852, 5849 दिनांक 18.12.2017 द्वारा विभिन्‍न विभागों को पत्राचार किया जा कर स्‍वीकृत में विलम्‍ब किया जा रहा क्‍यों? (ड.) प्रश्नांश (क), (ख) अनुसार गलत एवं भ्रामक जानकारी बार-बार देने उत्‍तर अनुसार कार्यों को स्‍वीकृत न करने चाही गयी जानकारी न देने एवं प्रश्‍न (ग) एवं (घ) अनुसार कार्यवाही न करने के जिम्‍मेवारों की पहचान कर उन पर क्‍या कार्यवाही करेगें? साथ ही निर्माण कार्यों की स्‍वीकृत के आदेश कब तक जारी करावेगें बतावें? अगर नहीं तो क्‍यों?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) से (ड.) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

प्रचार्य के ऊपर अनुशंसात्‍मक कार्यवाही किया जाना

[सामान्य प्रशासन]

32. ( क्र. 505 ) श्री सोहनलाल बाल्‍मीक : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या सामान्‍य प्रशासन विभाग मंत्रालय वल्‍लभ भवन भोपाल के पत्र क्रमांक एफ. 19-76/2007/1/4, भोपाल, दिनांक 27/11/2015 के आदेशानुसार शासन के समस्‍त विभाग को माननीय विधायकगणों को शासकीय कार्यक्रमों में आमंत्रित करने के संबंध में निर्देश जारी किए गये हैं। यदि कोई अधिकारी/कर्मचारी इन निर्देशों की अवहेलना करता है तो उनका यह कृत्‍य उस पर लागू आचरण या सेवा नियमों के अधीन अवचार समझा जावेगा और उसके विरूद्ध नियमानुसार अनुशंसात्‍मक कार्यवाही की जावेगी? (ख) प्रश्नांश (क) के अनुसार यदि हाँ, तो क्‍या दिनांक 08/01/2018 को शासकीय पेन्‍चव्‍हेली स्‍नातकोत्‍तर महाविद्यालय परासिया (खिरसाडोह) की प्राचार्य श्रीमती पम्‍मी चावला द्वारा महाविद्यालय में शासन द्वारा संचालित योजनातंर्गत छात्र/छात्राओं को स्‍मार्टफोन का वितरण किये जाने हेतु शासकीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया? उक्‍त कार्यक्रम में प्रश्‍नकर्ता को आमंत्रित नहीं किया गया और ना ही कार्यक्रम की कोई जानकारी दी गई? क्‍या यह प्रश्नांश (क) में उल्‍लेखित शासन द्वारा जारी आदेश का उल्‍लंघन नहीं है? यदि आदेश का उल्‍लंघन है तो इस कृत्‍य के लिये विभाग द्वारा प्रचार्य के उपर क्‍या अनुशंसात्‍मक कार्यवाही की जावेगी? (ग) शासकीय पेन्‍चव्‍हेली स्‍नातकोत्‍तर महाविद्यालय परासिया (खिरसाडोह) की प्राचार्य द्वारा शासन द्वारा जारी दिशा निर्देशों की अवहेलना किये जाने के संबंध में प्रश्‍नकर्ता द्वारा प्रमुख सचिव, सामान्‍य प्रशासन विभाग को पत्र क्रमांक वि.स./परासिया/127/2018/926, दिनांक 10/01/2018 एवं उप सचिव, सामान्‍य प्रशासन का पत्र क्रमांक वि.स. परासिया 127/2018/928 दिनांक 10/01/2018 तथा प्रमुख सचिव, उच्‍च शिक्षा विभाग को पत्र क्रमांक वि.स./परासिया/127/2018/927 दिनांक 10/01/2018 को शिकायत पत्र प्रेषित किया गया था? उक्‍त शिकायत पत्रों पत्र संबंधित विभाग द्वारा अभी तक क्‍या कार्यवाही की गई है? जानकारी उपलब्‍ध करायें।

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जी हाँ। (ख) प्राचार्य, श्री श्री लक्ष्‍मीनारायण शासकीय पेंचव्‍हेली स्‍नातकोत्‍तर महाविद्यालय, परासिया (खिरसाडोह) द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार दिनांक 08/01/2018 को शासकीय कार्यक्रम के कोई न तो आमंत्रण पत्र छपवाए गए और न ही कोई शासकीय समारोह आयोजित किया गया। उच्‍च शिक्षा विभाग के अनुदेशों के पालन में अध्‍यक्ष, महाविद्यालयीन जनभागीदारी समिति के हस्‍ते छात्र छात्राओं को स्‍मार्ट फोन का वितरण किया गया है। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) जिला सतर्कता अधिकारी द्वारा जाँच कार्यवाही की जा रही है।

कैरियर कैनाल के कार्य की जाँच

[नर्मदा घाटी विकास]

33. ( क्र. 534 ) श्री यादवेन्‍द्र सिंह : क्या राज्‍यमंत्री, नर्मदा घाटी विकास महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दिनांक 23.02.2017 में मुद्रित प्रश्‍न क्रमांक 867 के प्रश्नांश (क) एवं (ख) का उत्‍तर जी हाँ शिकायत की जाँच अभिलेख और तथ्‍यों पर की गई तथा प्रश्‍नोत्‍तरी के पूर्व जाँच पूर्ण की जा चुकी थी। अत: जाँच करने का प्रश्‍न ही नहीं उठता दिया गया था तथा विधान सभा प्रश्‍न क्रमांक 708 दिनांक 21.07.2017 के प्रश्नांश (ग) में उत्‍तर दिया गया था कि जाँच अभिलेखों के आधार पर की गई है। (ख) प्रश्नांश (क) यदि हाँ, तो महालेखाकार द्वारा आपत्ति भी तो अभिलेखों के आधार पर ही ली गई थी। जाँच अधिकारी ने शिकायतकर्ता को बिना सुने क्‍यों जाँच की जबकि सामान्‍य प्रशासन विभाग के अनेकों निर्देश दिए गए हैं कि शिकायतकर्ता को अवश्‍य सुना जावे। माननीय राज्‍यपाल जी म.प्र. के अपर सचिव म.प्र. द्वारा अपने पत्र क्रमांक/251/आर बी/एस.ए./न.घा.वि.वि./17 दिनांक 19.07.2017 से प्रश्‍नकर्ता को सूचित किया है कि अपर मुख्‍य सचिव नर्मदा घाटी विकास विभाग मंत्रालय वल्‍लभ भवन भोपाल को निर्देश दिए हैं कि शिकायत में वर्णित बिन्‍दुओं पर परीक्षण कराकर नियमानुसार आवश्‍यक कार्यवाही करें। (ग) प्रश्नांश (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में क्‍या कार्यवाही की गई है बताएं? यदि नहीं, की गई तो कब तक की जावेगी। शिकायतकर्ता के समक्ष जाँच करने में क्‍या कठिनाई है? (घ) वर्ष 2016 से प्रश्‍न दिनांक तक बरगी व्‍यपवर्तन परियोजना की नहर की आर.डी. 104 कि.मी. से 129 कि.मी. तक के निर्माण में किस‍किस कार्य में कितनी राशि व्‍यय की गई है कार्यवार, राशिवार विवरण दें। (ड.) उक्‍त योजना में कितना कार्य किया जाना शेष है क्‍या आगे भी उक्‍त योजना के ठेकेदार को मूल्‍य वृद्धि दे कर कार्य अवधि बढ़ा कर शासन को क्षति पहुंचाई जावेगी?

राज्‍यमंत्री, नर्मदा घाटी विकास ( श्री लालसिंह आर्य ) : (क) जी हाँ। (ख) एवं (ग) महालेखाकर की आपत्तियों पर आधारित जाँच प्रश्‍नोत्‍तरी के पूर्व ही सम्‍पन्‍न की जा चुकी थी। पत्र क्रमांक 251/आर/बी/एसएस/नघाविवि/17 दिनांक 19.07.2017 अप्राप्‍त है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) बरगी व्‍यपवर्तन परियोजना की नहर की आर.डी. 104 कि.मी. से 129 कि.मी. में वर्ष जनवरी 2016 से प्रश्न दिनांक तक कार्यवार व्‍यय का विवरण निम्‍नानुसार है :- ओपन कट केनालशून्‍य, टनलरूपये 100.18 करोड़ (मूल्‍य वृद्धि सहित) कट एण्‍ड कवरशून्‍य (ड.) परियोजना में 67.32 प्रतिशत कार्य किया जाना शेष है। अनुबंध के प्रावधानों के अंतर्गत ही संबंधित निर्णय लिया जाता है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

अवैध शराब की बिक्री

[वाणिज्यिक कर]

34. ( क्र. 550 ) श्री मधु भगत : क्या वित्त मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला बालाघाट और जिले की सीमा से लगे हुए जिलों में अवैध शराब विक्रय परिवहन तथा अवैध बिक्री के कितने प्रकरण अथवा सूचनाएं प्राप्‍त हुई? तिथिवार ब्‍यौरा देवें। (ख) उपरोक्‍त पर अंकुश और नियंत्रण हेतु कितना अमला और कौन-कौन पदस्‍थ है तथा उनके दायित्‍व क्‍या हैं इस संबंध में आदेशों की प्रति बताते हुए यह भी बताये की उक्‍त अधिकारी कर्मचारी ने पिछले 3 वर्षों में कहाँ- कहाँ के दौरे किये? तिथि, स्‍थान तथा दौरे का उद्देश्‍य बताय। (ग) क्‍या विगत 3 वर्षों में विभाग के औचित्‍य और उद्देश्‍य के विरूद्ध जो भी पत्र अथवा शिकायतें जिलो में प्राप्‍त हुई हैं उन पर यथा समय कार्यवाही की गई? यदि हाँ, तो शिकायत का विवरण एवं प्राप्‍त होने की दिनांक और उसके निराकरण की दिनांक बतायें।

वित्त मंत्री ( श्री जयंत मलैया ) : (क) से (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

क्रमोन्‍नति वेतनमान में हुई त्रुटि का सुधार

[वित्त]

35. ( क्र. 551 ) श्री मधु भगत : क्या वित्त मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍न क्रमांक 6671 दिनांक 18/03/2016 में प्रश्नांश (ग) में शासन ने क्‍या निर्णय लिया, जब सहायक वर्ग 3/अनुरेखक और पदोन्‍नत पद क्रमश: सहायक वर्ग 2/सहायक मानचित्रकार के वेतनमान क्रमोन्‍नति योजना लागू होने की तिथि 17/03/1999- 19/04/99 में एक समान थे और योजना पदनाम के आधार पर लागू नहीं की गई थी बल्कि वेतनमान के आधार पर लागू की गई थी, तो मात्र सहायक वर्ग 2 को द्वितीय क्रमोन्‍नत वेतनमान 4500-7000 परिपत्र दिनांक 21/05/2015 द्वारा दिया जाना और सहायक मानचित्रकार को वंचित रखना क्‍या संविधान के अनुच्‍छेद 14 का उल्‍लंघन नहीं है जबकि दोनों पदों पर प्रथम नियुक्ति (3050-4590) समान वेतनमान में होती है और पदोन्‍नति भी समान वेतनमान (4000-6000) में होती है तो द्वितीय क्रमोन्‍नत सहायक वर्ग 2 को 4500-7000 और सहायक मानचित्रकार को 4000-6000 वेतनमान देकर भेद-भाव क्‍यों किया जा रहा है क्‍या परिपत्र दिनांक 21/05/2015 में सहायक मानचित्रकार पद को सामिल कर संशोधित या नवीन परिपत्र जारी किया जायेगा यदि हाँ, तो कब तक यदि? (ख) क्‍या यह सही है कि सहायक वर्ग 2 के समान सहायक मानचित्रकार को 4500-7000 रूपये द्वितीय क्रमोन्‍नत वेतनमान न दिए जाने की चूक को आयुक्‍त कोष एवं लेखा ने स्‍वीकार करते हुए वित्‍तीय विभाग से अपने पत्र दिनांक 08/01/2016 द्वारा संशोधित आदेश जारी करने हेतु अथवा सहायक मानचित्रकार पद हेतु मार्गदर्शन मांगा था और प्रश्‍न क्रमांक 6671 दिनांक 18/03/2016 के प्रश्नांश (ख) में स्‍वीकार किया गया था कि इस पत्र को विचार में लिया गया है यदि हाँ, तो 8 जनवरी 2016 से 2 वर्ष व्‍यतीत हो चुके है वित्‍त विभाग आदेश कब जारी करेगा अवधि बताएं यदि नहीं, तो दोनों पदों में आपस में असमानता क्‍या है और वेतनमान में असमानता क्‍या है उल्‍लेख करते हुए कारण बताएं? (ग) क्‍या ऐसे प्रकरणों में जिसमें संयुक्‍त संचालक कोष एवं लेखा ने वेतन निर्धारण के समय आपत्ति ली थी अर्थात स्‍वीकृति 4500-7000 वेतन मान के बजाए 4000-6000 वेतनमान जो कि उक्‍त सहायक मानचित्रकार क्रमोन्‍नति योजना लागू होने के पूर्व से ही वेतनमान 4000-6000 पा रहा था उसे 24 वर्ष की सेवा पूर्ण होने के बाद भी वही वेतनमान 4000-6000 देने के लिए निर्देश दिए है यह न्‍यायोचित न होने के कारण क्‍या ऐसे मामलों में जब तक वसूली पर रोक लगाई जाएगी तब तक संशोधित आदेश जारी नहीं हो जाते यह आयुक्‍त कोष एवं लेखा के शासन को सम्‍बोधित पत्र दिनांक 08/01/2016 के प्रकाश में बतायें?

वित्त मंत्री ( श्री जयंत मलैया ) : (क) प्रश्‍न क्रमांक 6671 के प्रश्‍नांश '''' में सदन को अवगत कराया गया था कि सहायक ग्रेड-2 के पद का वित्‍त विभाग के पत्र दिनांक 04-03-97 से तत्‍समय वेतनमान का पुनरीक्षण किये जाने से देय क्रमोन्‍नति में विसंगति का निराकरण वित्‍त विभाग के परिपत्र दिनांक 21-5-2015 से किया गया है। अन्‍य समान प्रकरण समक्ष में आने पर गुण-दोष के आधार पर परीक्षण कर यथा आवश्‍यक निर्णय लिया जाएगा। वित्‍त विभाग के निर्देश दिनांक 04-03-97 से सहायक वर्ग-2 के वेतनमान को ही संशोधित किया गया था, अत: आदेश दिनांक 21-5-2015 सहायक वर्ग-2 तक ही सीमित रहा है। अत: कोई भेदभाव नहीं है। (ख) उत्‍तरांश '''' अनुसार। आयुक्‍त कोष एवं लेखा के पत्र दिनांक 08-01-2016 पर उपर्युक्‍त उत्‍तरांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में पृथक से कोई निर्देश जारी किये जाने की आवश्‍यकता नहीं रही है। (ग) उत्‍तरांश '''' अनुसार।

कुपोषण की रोकथाम

[महिला एवं बाल विकास]

36. ( क्र. 586 ) श्री जितेन्‍द्र गेहलोत : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) विगत तीन वर्षों में उज्‍जैन संभाग में कुपोषण समाप्‍त करने की दिशा में शासन द्वारा कौन-कौन सी योजनाओं का क्रियान्‍वयन किया गया? उक्‍त योजनांतर्गत कितनी-कितनी राशि जिलों को किस-किस योजना में आवंटित होकर व्‍यय की गई? (ख) कुपोषण समाप्ति हेतु जिलों में कितनी-कितनी स्‍वच्‍छता किट क्रय कर वितरित की गई? प्रत्‍येक किट किस दर पर किस फर्म से किस प्रावधानअनुसार क्रय की गई? क्‍या खरीदी में उज्‍जैन संभाग में किसी जिले में अनियमितता पाई गई? यदि हाँ, तो तत्‍संबंधी ब्‍यौरा व कार्यवाही का विवरण दें। (ग) उज्‍जैन संभाग में दिसंबर 2017 तक की स्थिति में कुपोषित बच्‍चों का श्रेणीवार तहसीलवार ब्‍यौरा क्‍या है तथा कुपोषित बच्‍चों को क्‍या उपचार सुविधा प्रदान की गई?

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( श्रीमती अर्चना चिटनिस ) : (क) उज्जैन संभाग अंतर्गत कुपोषण समाप्त करने के लिये अटल बिहारी वाजपेयी बाल आरोग्य एवं पोषण मिशन, सुपोषण अभियान अंतर्गत आयोजित शिविर एवं एकीकृत बाल विकास सेवा योजनाओं का क्रियान्वयन किया जा रहा है। योजनाओं अंतर्गत आवंटन एवं व्यय की सूची पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-01 अनुसार है। (ख) उज्जैन संभाग में योजना अंतर्गत स्वच्छता किट स्वीकृत न होने से स्वच्छता किट क्रय संबंधी जानकारी निरंक है। (ग) उज्जैन संभाग के कुपोषित बच्चों की जिलेवार एवं तहसीलवार जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-02 अनुसार है। उज्जैन संभाग अंतर्गत कुपोषित बच्चों को एकीकृत बाल विकास सेवा योजना अंतर्गत पूरक पोषण आहार, स्वास्थ्य जाँच, टीकाकरण, पोषण एवं स्वास्थ्य शिक्षा का लाभ दिया जाता है। पात्रता अनुसार गंभीर कुपोषित बच्चों को पोषण पुर्नवास केन्द्र में 14 दिवस हेतु भर्ती किया जाता है। सुपोषण अभियान अंतर्गत 12 दिवसीय स्नेह शिविर में पात्रता अनुसार कुपोषित बच्चों को लाभान्वित किया जाता है।

अनुसूचित जाति बस्‍ती विकास योजना का क्रियान्‍वयन

[अनुसूचित जाति कल्याण]

37. ( क्र. 588 ) श्री जितेन्‍द्र गेहलोत : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) उज्‍जैन संभाग में म.प्र. अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति बस्‍ती विकास एवं विद्युतीकरण नियम 2017 अंतर्गत कितने एवं कौन-कौन से जिले/तहसील चिन्हित किये गये है? पूर्ण ब्‍यौरा दें। (ख) प्रश्नांश (क) में चिन्हित जिले/तहसीलों में विगत तीन वर्षों में योजनांतर्गत क्‍या-क्‍या सुविधायें प्रदान की गई? योजनांतर्गत राशि आवंटन एवं व्‍यय का वर्षवार, ब्‍यौरा दें। (ग) संभाग के किन-किन जिलों में पात्र ग्रामों अथवा शहरी वार्डों को अब तक योजना लाभ नहीं मिला? योजना का लाभ न मिलने के क्‍या कारण हैं?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) उज्‍जैन संभाग में म.प्र. अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति बस्‍ती विकास एवं विद्युतिकरण नियम, 2017 अंतर्गत वर्ष 2011 की जनगणना अनुसार जिन ग्रामों की अनुसूचित जाति की जनसंख्‍या 40 प्रतिशत या उससे अधिक है उन्‍हें अनुसूचित जाति बाहुल्‍य ग्राम एवं जिन ग्रामों में अनुसूचित जनजाति की जनसंख्‍या 50 प्रतिशत या अधिक है, उन्‍हें अनुसूचित जनजाति बाहुल्‍य ग्राम माना गया है। जिलेवार विस्‍तृत जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) उज्‍जैन संभाग अंतर्गत विगत तीन वर्षों में प्रदान की गई सुविधाओं की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-'' अनुसार है। (ग) जिलों द्वारा आवंटन की सीमा में एवं नियमानुसार कार्य स्‍वीकृत किये जाते हैं। योजना निरंतर है एवं योजना का लाभ देने की कार्यवाही बजट प्रावधान अनुसार निरंतर है। अत: शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

एक्सीडेन्ट में मृत तथा घायल को सहायता राशि का भुगतान

[सामान्य प्रशासन]

38. ( क्र. 594 ) श्री लाखन सिंह यादव : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) 2 जुलाई 2017 को ट्रैक्टर ट्रॉली से अलापूर गाँव से ग्वालियर जिले के बरौआ गाँव में जाते समय ग्राम निरावली के पास ट्रैक्टर ट्रोली तथा ट्रक के भयानक एक्सीडेन्ट में कौन-कौन व्यक्ति मृत तथा घायल हुये, उनके नाम, पिता/पति का नाम, ग्राम,उम्र स्पष्ट करें? (ख) क्या इस दुर्घटना में मृत तथा घायलों के परिजनों को ग्वालियर प्रशासन द्वारा घटना स्थल पर हजारों की भीड़ तथा सम्माननीय जनप्रतिनिधियों एवं नेताओं के समक्ष प्रत्येक मृतक के परिवारों कों 11-11 लाख रूपये की सहायता राशि उपलब्ध कराने हेतु कोई आश्‍वासन (वायदा) दिया था? यदि हाँ, तो किन-किन अधिकारियों द्वारा आश्‍वासन दिया था, उनका नाम, पद स्पष्ट करें? क्या दिये गये उक्त आश्‍वासन की पूर्ति हेतु म.प्र. शासन को पत्राचार किया गया था? यदि हाँ, तो कब-कब? पत्रों की प्रति उपलब्ध करावें। उक्त पत्रों पर प्रश्‍न दिनांक तक क्या-क्या कार्यवाही की गई? क्या दिये गये आश्‍वासन अनुसार उनको सहायता राशि उपलब्ध कराई गई? यदि हाँ, तो कितनी-कितनी? यदि नहीं, तो क्यों? (ग) क्या इतनी बड़ी वीभत्स दुर्घटना में मृत परिवारों के प्रति सरकार की कोई संवेदना नहीं बनती? यदि नहीं, तो उक्त घटना में मृत तथा घायल व्यक्तियों को घटना दिनांक से प्रश्‍न दिनांक तक क्या-क्या शासकीय सहायता राशि तथा अन्य लाभ (सहयोग) दिया गया है? प्रत्येक मृत तथा घायल व्यक्ति की अलग-अलग जानकारी बतावें?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) जिला प्रशासन द्वारा सड़क दुर्घटना में मृतक व्‍यक्तियों के परिजनों को तात्‍कालिक आर्थिक सहायता रूपये 15-15 हजार प्रदान की गई। जमा भीड द्वारा 11-11 लाख रूपये तथा घायलों को 50-50 हजार रूपये की सहायता राशि मुख्‍यमंत्री सहायता कोष से दिलवाने की मांग की गई थी। जिस पर कलेक्‍टर जिला ग्‍वालियर द्वारा प्रत्‍येक मतक के परिजन को 1-1 लाख रूपये तथा गंभीर घायल को 25-25 हजार रूपये की सहायता राशि मध्‍यप्रदेश शासन की ओर से दिलाई जाने का आश्‍वासन दिया गया। उक्‍त आश्‍वासन अनुसार मुख्‍यमंत्री स्‍वेच्‍छा अनुदान निधि से सहायता राशि देने हेतु प्रस्‍ताव भेजा गया था। जिसके अनुक्रम में प्रत्‍येक मृतक के परिजन को 2-2 लाख रूपये एवं प्रति घायल व्‍यक्ति को रूपये 25-25 हजार मान से कुल रूपये 21 लाख की सहायता राशि कलेक्‍टर मुरैना द्वारा प्रदान की गई। कलेक्‍टर मुरैना का पत्र पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ग) सहायता राशि प्रदान की जा चुकी है। शेष जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है।

दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति विद्युतीकरण योजनातंर्गत स्वीकृत कार्य

[ऊर्जा]

39. ( क्र. 599 ) श्री लाखन सिंह यादव : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भितरवार विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत 1 जनवरी 2015 से प्रश्‍न दिनांक तक दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना के तहत कितने ग्रामों एवं मजरा टोलों में विद्युतीकरण कार्य स्‍वीकृत किये गये है एवं इन किये गये कार्यों के लिये कितनी राशि का भुगतान किया गया है? कितने ग्रामों एवं मजरों के कार्य पूर्ण हुए एवं कितने अपूर्ण हैं? अपूर्ण रहने का क्‍या कारण है? संख्‍यात्‍मक जानकारी दें? (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार उक्त योजना में किस एजेन्सी के माध्यम से कार्य कराया जा रहा है? कार्य पूर्ण करने की समयावधि क्या थी? अपूर्ण कार्यों को कब तक पूर्ण किया जावेगा? समयावधि पूर्ण होने पर पुनः निविदाएं आमंत्रित की जावेंगी? यदि हाँ, तो कब तक? (ग) 31 जनवरी 2018 की स्थिति में उक्त योजना के तहत अभी तक कितने मजरे टोले में विद्युतीकरण कार्य किया जाना शेष है? उनके विद्युतीकरण कार्य कब तक किये जाने की संभावना है? संख्‍यात्‍मक जानकारी दें? अनियमितता संबंधी कितनी शिकायतें प्राप्‍त हुई है? शिकायतों की जाँच किस अधिकारी द्वारा की जा रही हैं?

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) पूर्ववर्ती राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजनान्तर्गत भितरवार विधानसभा क्षेत्र सहित ग्‍वालियर जिले में विद्युतीकरण कार्य हेतु टर्न-की ठेकेदार एजेन्‍सी मेसर्स एरा इन्फ्रा. ए.आर.के., नोएडा को दिनांक 27.01.2012 को रू. 28.70 करोड़ की राशि के कार्यों के लिये अवार्ड जारी किया गया था, किन्‍तु समय-सीमा में कार्य नहीं किये जाने के कारण मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के आदेश क्रमांक: 2031 दिनांक 06.02.2016 से ठेकेदार एजेन्‍सी के साथ किया गया अनुबंध निरस्त कर दिया गया था। उक्त ठेकेदार एजेन्‍सी द्वारा भितरवार विधानसभा क्षेत्र में मात्र 52 कि.मी. 11 के.व्ही. लाईन एवं 31 वितरण ट्रांसफार्मर स्थापित किये गये थे, जिसके लिये उसे रू. 137.25 लाख का भुगतान किया गया है। योजना अन्तर्गत शेष अपूर्ण कार्य किये जाने हेतु ठेकेदार एजेन्‍सी मेसर्स बजाज इलेक्ट्रिकल्स लि., मुंबई को दिनांक 03.08.2016 को रू.20.50 करोड़ की राशि के कार्यों के लिये अवार्ड जारी किया गया। जिसके द्वारा सर्वे उपरांत भितरवार विधानसभा क्षेत्र हेतु अनुमोदित बी.ओ.क्यू. के अनुसार 95 ग्रामों के सघन विद्युतीकरण एवं 2 मजरों/टोलों के विद्युतीकरण का कार्य किये जाने का प्रावधान है। इसमें से अभी तक 86 ग्रामों के सघन विद्युतीकरण एवं 2 मजरों/टोलों के विद्युतीकरण हेतु अधोसंरचना विस्तार का कार्य पूर्ण किया जा चुका है। शेष 9 ग्रामों में सघन विद्युतीकरण का कार्य प्रगति पर है एवं फरवरी-2018 के अंत तक यह कार्य पूर्ण होना संभावित है। भितरवार विधानसभा क्षेत्र में उक्‍त एजेन्‍सी द्वारा किये गये कार्यों के विरूद्ध राशि रू.1468.25 लाख का भुगतान किया गया है। उपरोक्त के अलावा नवीन दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना अन्तर्गत भितरवार विधानसभा क्षेत्र सहित संपूर्ण ग्वालियर जिले में ग्रामों के सघन विद्युतीकरण एवं मजरों/टोलों के विद्युतीकरण के कार्य हेतु ठेकेदार एजेन्‍सी मेसर्स बजाज इलेक्ट्रिकल्स लि. को वितरण कंपनी के पत्र क्रमांक : 1587 दिनांक 28.12.2016 से रू. 89.01 करोड़ की राशि का अवार्ड जारी किया गया है। उक्‍त अवार्ड के अंतर्गत भितरवार विधानसभा क्षेत्र के 163 ग्रामों के सघन विद्युतीकरण एवं 153 मजरों/टोलों के विद्युतीकरण के कार्य कराये जाने है। उक्‍त योजनान्तर्गत ठेकेदार एजेन्‍सी द्वारा कार्यों का क्रियान्वयन प्रारंभ कर दिया गया है, अभी तक किसी भी ग्राम/मजरे/टोले का कार्य पूर्ण नहीं हुआ है एवं किसी भी कार्य के लिये भुगतान नहीं किया गया है। उक्‍त योजना अन्तर्गत कार्यों के क्रियान्वयन हेतु निर्धारित अवधि दिसंबर-2018 है एवं निर्धारित अवधि में कार्य कराये जाने के प्रयास किये जा रहे है। (ख) उत्तरांश अनुसार पूर्ववर्ती राजीव ग