Top of Form

मध्यप्रदेश विधान सभा


प्रश्नोत्तर-सूची
जुलाई, 2016 सत्र


बुधवार, दिनांक 27 जुलाई, 2016


भाग-1
तारांकित प्रश्नोत्तर


 

( वर्ग 3 : गृह, जेल, पशुपालन, उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण, मछुआ कल्याण तथा मत्स्य विकास, कुटीर एवं ग्रामोद्योग, विधि और विधायी कार्य, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्‍ता संरक्षण, महिला एवं बाल विकास )


भिण्‍ड जिले में स्‍वीकृत आंगनवाड़ी केन्‍द्र

1. ( *क्र. 2828 ) श्रीमती इमरती देवी : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) भिण्‍ड जिले के ग्रामीण क्षेत्र में जनपदवार कुल कितने आंगनवाड़ी केन्‍द्र स्‍वीकृत होकर क्रियाशील हैं एवं इन सभी पर आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका के पद भरे हुए हैं? यदि नहीं, तो कौन-कौन से केन्‍द्रों पर किस-किस दिनांक से पद रिक्‍त हैं? सूची उपलब्‍ध करायी जाये (ख) अटेर विधान सभा क्षेत्र के अंतर्गत स्‍वीकृत आंगनवाड़ी केन्‍द्रों में कितने स्‍थानों पर आंगनवाड़ी के भवन बने हुये हैं एवं जिनके भवन नहीं बने हैं, उन आंगनवाड़ी केन्‍द्रों में कब तक भवन निर्माण स्‍वीकृत किये जावेंगे?

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( श्रीमती अर्चना चिटनिस ) : (क) भिण्ड जिले के अन्तर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में जनपदवार स्वीकृत एवं क्रियाशील आंगनवाड़ी केन्द्रों की सूची संलग्न परिशिष्‍ट के प्रपत्र ''एक'' अनुसार है। रिक्त पदों की रिक्तता दिनांक से सूची संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र ''दो'' अनुसार है। (ख) विधानसभा क्षेत्र अटेर अन्तर्गत कुल स्वीकृत 172 आंगनवाड़ी केन्द्रों में से 54 आंगनवाड़ी केन्द्रों के भवन बने हुये हैं तथा शेष 118 आंगनवाड़ी केन्द्र भवन विहीन हैं। आंगनवाड़ी भवन निर्माण वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता पर निर्भर करता है। सीमित वित्तीय संसाधनों के कारण शेष भवन विहीन आंगनवाड़ी केन्द्रों के भवन निर्माण हेतु समय-सीमा दिया जाना संभव नहीं है।

परिशिष्ट - ''एक''

गुना जिले में आवंटित बजट एवं सामग्री

2. ( *क्र. 3000 ) श्रीमती ममता मीना : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) गुना जिले में गत तीन वर्षों में विधानसभा क्षेत्रवार किस-किस योजना में कितना बजट दिया गया? कितना वर्षवार खर्च किया गया? यदि समानता नहीं है तो कारण सहित बतायें। (ख) गुना जिले में हैण्‍डपंपों की विधानसभा क्षेत्रवार आवंटित कितनी केसिंग गत तीन वर्षों में तकनीकी अधिकारियों को दी गई? कितनी केसिंग केन्‍द्रीय भण्‍डार द्वारा दी गई? किन तकनीकी अधिकारियों पर अभी भी केसिंग बकाया है? क्‍या विभाग उन पर कार्यवाही करेगा? (ग) प्रश्‍नांश (क) और (ख) में वर्णित ऐसे कितने तकनीकी अधिकारी मौजूद हैं या स्‍थानांतरित हो गये हैं, जिनके नाम विभाग की सामग्री बकाया है, वह वसूल की जायेगी? उनने क्‍यों खर्च नहीं की बतायें। (घ) प्रश्‍नांश (क) (ख) और (ग) में वर्णित तथ्‍यों की तकनीकी समूह से योजनावार जाँच करायी जावेगी कि‍ विधानसभा क्षेत्रवार प्राप्‍त बजट के आवंटन में पक्षपात किया है? कौन जिम्‍मेदार है? क्‍या उन पर कार्यवाही होगी एवं कब तक?

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) बजट विधानसभा क्षेत्रवार नहीं दिया जाता। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) केसिंग विधानसभा क्षेत्रवार आवंटित नहीं की जाती। केन्द्रीय भण्डार अस्तित्व में नहीं होने के कारण केसिंग नहीं दी गई है। तकनीकी अधिकारियों पर केसिंग बकाया नहीं होने से कार्यवाही का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) किसी भी तकनीकी अधिकारी के पास विभाग की सामग्री बकाया नहीं होने से शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) उत्तरांश (क) से () के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

चिट फण्ड कम्पनियों द्वारा धोखाधड़ी

3. ( *क्र. 3326 ) श्री मुरलीधर पाटीदार : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या भा.द.वि. की धोखाधड़ी, आपराधिक दुर्विनियोग आदि से संबंधित धाराओं तथा प्रकरण विशेष की आवश्यकतानुसार भा.द.वि. की अन्य संबंधित धाराओं के अलावा म.प्र. निक्षेपकों के हितों का संरक्षण अधिनियम, 2000, ईनामी चिट एवं धन परिचालन योजना पाबंदी अधिनियम, 1978 एवं चिट फण्ड अधिनियम, 1982, सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम 2000 आदि की संबंधित धाराओं में फर्जी, चिटफण्ड/अन्य कम्पनियों द्वारा धोखाधड़ी किए जाने पर कार्यवाही किए जाने के विधिक प्रावधान हैं? यदि हाँ, तो विगत 03 वर्षों में आगर जिले में ऐसी कितनी कार्यवाही की गई। (ख) विधानसभा क्षेत्र सुसनेर अंतर्गत कम्पनियों द्वारा धोखाधड़ी के कितने शिकायती आवेदन विगत 03 वर्षों में प्राप्त हुए? थानेवार विवरण देवें (ग) प्रश्नांश (ख) अनुसार प्राप्त आवेदनों में से कितनों में एफ.आई.आर. की जाकर प्रश्नांश (क) में उल्लेखित अनुसार कार्यवाही की गई? थानेवार विवरण देवें (घ) क्या स्वप्रेरणा से कम्पनियों द्वारा की जाने वाली धोखाधड़ियों पर प्रभावी कार्यवाही हेतु कोई कार्ययोजना बनाई जावेगी? यदि हाँ, तो क्या व कब तक?

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) जी हाँ। प्रश्नांकित अवधि में आगर जिले में भा.द.वि. की धोखाधड़ी, आपराधिक दुर्विनियोग आदि से संबंधित धाराओं के अलावा म.प्र. निक्षेपकों के हितों संरक्षण अधिनियम 2000 के अंतर्गत गैर बैंकिंग वित्तीय कम्पनियों के विरूद्ध 02 प्रकरण पंजीबद्ध किये गये हैं। उपरोक्तानुसार पंजीबद्ध प्रकरणों का विवरण संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) प्रश्नांकित अवधि में विधानसभा क्षेत्र सुसनेर अंतर्गत कम्पनियों द्वारा धोखाधड़ी करने संबंधी केवल एक शिकायत पत्र थाना नलखेड़ा में प्राप्त हुई है, जिसका विवरण संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ग) प्रश्नांश का विवरण संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र '''' एवं '''' अनुसार है। (घ) विभिन्न गैर बैंकिंग वित्तीय कम्पनियों एवं अन्य कम्पनियों द्वारा धोखाधड़ि‍यों पर प्रभावी कार्यवाही हेतु पर्याप्त प्रावधान भारतीय दण्ड विधान एवं विविध अधिनियमों में है। भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा ऐसी कम्पनियों पर निगरानी रखी जाती है। इसके अलावा संचालनालय संस्थागत वित्त, म.प्र.शासन तथा रजिस्ट्रार ऑफ कम्पनीज द्वारा भी इस संबंध में आपस में समन्वय स्थापित कर कार्यवाही कराई जाती है तथा समय-समय पर इस संबंध में राज्य शासन स्तर पर बैठक कर ऐसी कम्पनियों के विरूद्ध प्राप्त शिकायतों की समीक्षा उपरांत उचित वैधानिक कार्यवाही सुनिश्चित की जाती है।

परिशिष्ट - ''दो''

पेय-जल व्‍यवस्‍था हेतु आवंटित राशि

4. ( *क्र. 2844 ) श्री ओमकार सिंह मरकाम : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) वर्ष 2012-13, 2013-14, 2014-15, 2015-16 एवं 2016-17 में पेय-जल व्‍यवस्‍था हेतु केन्‍द्र सरकार ने कितनी राशि म.प्र. को दी, जिसमें कितनी खर्च हुई? राशिवार वर्षवार बतावें (ख) प्रश्‍नांश (क) के समय अनुसार म.प्र. सरकार ने पेय-जल व्‍यवस्‍था हेतु विभाग को कितनी-कितनी राशि आवंटित की तथा कितनी-कितनी खर्च हुई? वर्षवार जानकारी बतावें

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) वर्ष 2012-13, 2013-14, 2014-15, 2015-16 एवं 2016-17 में पेयजल व्यवस्था हेतु केन्द्र सरकार से म.प्र. को दी गई राशि एवं खर्च की गई राशि का विवरण संलग्न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्‍ट अनुसार है।

परिशिष्ट - ''तीन''

सिंहावल विधान सभा क्षेत्रांतर्गत संचालित नल-जल योजनाएं

5. ( *क्र. 3241 ) श्री कमलेश्‍वर पटेल : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) सिंहावल विधान सभा क्षेत्र में कितनी नल-जल योजनाएं संचालित हैं तथा किन-किन कारणों से कितनी बंद हैं? (ख) जो योजनाएं बंद हैं वे कब तक शुरू हो जायेंगी? (ग) कितने हैण्‍डपम्‍प खराब हैं एवं कब तक सुधारे जायेंगे?

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) 95 नल-जल प्रदाय योजनायें संचालित हैं, जिनमें से 5 योजनायें स्त्रोत असफल होने से, 2 योजनायें पंचायत द्वारा न चलाये जाने से, 6 योजनायें विद्युत अवरोध के कारण, 2 मोटरपंप जलने के कारण एवं 1 योजना पाईप लाइन क्षतिग्रस्त होने के कारण बंद है। (ख) स्त्रोत असफल होने से बंद योजनाओं में विभाग द्वारा नवीन स्त्रोत विकसित करने की कार्यवाही की जा रही है, शेष अन्य कारणों से बंद योजनाओं को चालू करने का दायित्व संबंधित ग्राम पंचायतों का है। निश्चित समयावधि नहीं बताई जा सकती। (ग) सिंहावल विधानसभा क्षेत्र में 47 हैण्डपंप सामान्य खराबी से बंद हैं, जिनका सुधार कार्य सतत् सुधार प्रक्रिया के अंतर्गत किया जाता है।

सशस्‍त्र बलों की वाहिनियों हेतु बैरक निर्माण

6. ( *क्र. 3397 ) श्री सुरेन्‍द्र सिंह बघेल : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या म.प्र. सशस्‍त्र बलों की वा‍हिनियों (बटालियन) के मुख्‍यालय के अतिरिक्‍त डी.आर.पी. सहित यह स्‍थल जहां सशस्‍त्र कंपनियों को बारी-बारी से तैनात किया जाता रहता है, वहां बैरक निर्माण किये जाने का प्रावधान है (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में उन स्‍थलों पर वर्ष 2012 से आज प्रश्‍न दिनांक तक जिलेवार कितने बैरक का निर्माण किया गया है? संख्‍यात्‍मक जानकारी बतावें (ग) क्‍या इन स्‍थलों पर सशस्‍त्र बलों की कंपनियों के रूकने के लिए बड़ी संख्‍या में बैरेक्स की कमी है तथा उपलब्‍ध बैरेक्स में शौचालय व पेयजल जैसी सुविधाओं का अभाव है? क्‍या शासन नये बैरक व मूलभूत सुविधाएं उपलब्‍ध कराने हेतु कार्य योजना बना रहा है? (घ) यदि नहीं, तो जिलेवार उपलब्‍ध बैरक व उनमें मूलभूत सुविधा तथा शौचालय व पेयजल आपूर्ति की स्थिति की सूची उपलब्‍ध करावें

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) जी हाँ। (ख) वर्ष 2012 से प्रश्न दिनांक तक प्रदेश के 07 जिलों में 18 बैरक का निर्माण कराया गया है। (ग) जी हाँ। उपलब्ध वित्तीय संसाधनों के अनुसार कार्यवाही की जाती है। (घ) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है।

परिशिष्ट - ''चार''

नल-जल योजनाओं का भौतिक सत्‍यापन

7. ( *क्र. 3248 ) श्री के. के. श्रीवास्‍तव : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) टीकमगढ़ जिले में स्‍वीकृत विभिन्‍न नल-जल योजनाओं की कितनी संख्‍या है? (ख) टीकमगढ़ विधान सभा क्षेत्र में उक्‍त नल-जल योजनाओं में से कितनी चालू, कितनी बंद एवं कितनी प्रगतिरत हैं? कब स्‍वीकृत हुईं? (ग) विभाग के स्‍टोर में कितनी खराब विद्युत मोटरें उपलब्‍ध हैं तथा कौन-कौन सी कंपनी की हैं? कितने समय बाद खराब हो गईं थीं? क्‍या इसका परीक्षण करायेंगे क्‍या मजबूरी है कि इन्‍हीं कंपनियों की मोटरें क्रय की जा रही हैं (घ) जो योजनायें इतनी लम्‍बी समयावधि बीत जाने के पश्‍चात् भी प्रगतिरत दर्शाई जा रही हैं, उन्‍हें निरस्‍त कर संबंधित ठेकेदारों के विरूद्ध कार्यवाही की जायेगी? यदि हाँ, तो क्‍या और कब तक?

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) 362 नल-जल योजनाएं स्वीकृत हैं। (ख) टीकमगढ़ विधानसभा क्षेत्र में 35 योजनाएं चालू, 30 योजनाएं बंद एवं 11 योजनाएं प्रगतिरत हैं। शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) विभागीय स्टोर में 43 खराब विद्युत मोटर पंपसेट उपलब्ध हैं। उक्त मोटर पंपसेट लघु उद्योग निगम के माध्यम से मेसर्स मोनिएग्रो इंडस्ट्रीज, मे. संगम पंप प्रा.लिमि., मे. एग्रो इक्यूपमेंट कंपनी प्रा. लिमि. एवं मे. सुपर पंप प्रा. लिमि. कंपनी द्वारा प्रदाय की गई हैं। मोटर पंपसेट गारंटी अवधि के बाद खराब हुए हैं। शासन के नियमानुसार मोटर पंपसेट का क्रय म.प्र. लघु उद्योग निगम के माध्यम से किया जाता है। (घ) जिन नल-जल योजनाओं के क्रियान्वयन में स्त्रोत प्राप्त न होने के कारण विलंब हुआ है, के स्त्रोत प्राप्त होने की संभाव्यता का परीक्षण कर उन्हें निरस्त किये जाने अथवा जारी रखने के संबंध में निर्णय लिया जायेगा। निश्चित समयावधि नहीं बताई जा सकती।

बिना डिग्रीधारी चिकित्‍सकों पर कार्यवाही

8. ( *क्र. 1175 ) श्री कालुसिंह ठाकुर : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) धरमपुरी विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत पुलिस थाना धामनोद, धरमपुरी, माण्‍डव एवं नालछा क्षेत्र में विगत 03 वर्षों में बिना डिग्रीधारी झोलाछाप बंगाली आदि प्रायवेट क्लीनि‍क संचालकों द्वारा गलत इलाज किये जाने से मरीजों की मृत्‍यु हो जाने संबंधी कितनी सूचनाएं प्राप्‍त हुईं व विवेचना उपरांत कितने प्रकरण दर्ज किये गये हैं? (ख) वर्षवार प्राप्‍त सूचना, दर्ज प्रकरण एवं दोषी फर्जी इलाजकर्ता के विरूद्ध किन-किन धाराओं में क्‍या-क्‍या कार्यवाही हुई है? प्रकरणवार बतावें

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) धरमपुरी विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत पुलिस थाना धामनोद, धरमपुरी, माण्डव एवं नालछा क्षेत्र में विगत तीन वर्षों (01.07.2013 से 30.06.2016) में बिना डिग्रीधारी झोलाछाप बंगाली आदि प्रायवेट क्लीनिक संचालकों द्वारा गलत इलाज किये जाने से मरीजों की मृत्यु हो जाने संबंधी कुल 04 सूचनाएं प्राप्त हुई हैं, जिनमें मर्ग पंजीबद्ध कर जाँच उपरांत 04 आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध किये गये हैं। (ख) प्रश्नांश की जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है।

परिशिष्ट - ''पाँच''

जबलपुर जिले में संचालित आंगनवाडी़ केन्‍द्र

9. ( *क्र. 2502 ) श्री अशोक रोहाणी : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) जबलपुर जिले में कितने आंगनवाड़ी केन्‍द्र स‍ंचालित हैं? इनमें से कितने केन्‍द्र भवनविहीन व किराये के भवनों में संचालित हैं। भवनों का निर्माण कराने की क्‍या योजना है? परियोजनावार पृथक-पृथक जानकारी दें (ख) शासन ने प्रश्‍नांकित आंगनवाड़ी केन्‍द्रों के लिए किस-किस योजना मद में कितनी-कितनी राशि आवंटित की है एवं कितनी-कितनी राशि किन-किन कार्यों में व्‍यय हुई है एवं किस-किस योजना मद की कितनी-कितनी राशि आंगनवाड़ी केन्‍द्रों को प्रदाय की गई है? वर्ष 2014-15 से 2016-17 की परियोजनावार जानकारी दें (ग) विधानसभा क्षेत्र केंट जबलपुर के तहत संचालित कितने आंगनवाड़ी केन्‍द्रों में शासन की गाईड लाइन के तहत कौन-कौन सी बुनियादी सुविधाएं नहीं हैं एवं क्‍यों? इसके लिए जिला प्रशासन ने क्‍या कार्यवाही की है? कितने आंगनवाड़ी केन्‍द्रों के भवनों का निर्माण कराना स्‍वीकृत/प्रस्‍तावित है? मूल कार्ययोजना क्‍या है? इसके लिए कितनी राशि का प्रावधान किया गया है?

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( श्रीमती अर्चना चिटनिस ) : (क) जबलपुर जिले में 2101 आंगनवाड़ी केन्द्र तथा 285 मिनी आंगनवाड़ी केन्द्र इस प्रकार कुल 2386 आंगनवाड़ी केन्द्र संचालित हैं, जिसमें से 383 आंगनवाड़ी केन्द्र विभागीय भवनों में, 974 आंगनवाड़ी केन्द्र किराये के भवनों में एवं 1029 अन्य शासकीय भवनों में संचालित हैं। विस्तृत जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। भवन विहीन आंगनवाड़ी केन्द्रों हेतु ग्रामीण क्षेत्र में मनरेगा योजना के अभिसरण से एवं शहरी क्षेत्रों में राज्य आयोजना मद से आंगनवाड़ी भवन निर्माण की स्वीकृति दिये जाने की योजना है। (ख) जिले को वर्ष 2014-15 से 2016-17 तक योजनावार उपलब्ध कराई गई राशि एवं व्यय हुई राशि की परियोजनावार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। (ग) विधानसभा क्षेत्र केन्ट के अन्तर्गत 104 आंगनवाड़ी केन्द्र संचालित हैं। इन आंगनवाड़ी केन्द्रों में पेयजल, शौचालय खेलकूद एवं बिजली इत्यादि बुनियादि सुविधाओं से संबंधित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। आंगनवाड़ी केन्द्रों पर बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता वित्तीय संसाधनों पर निर्भर करती है, अतः शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। विधानसभा क्षेत्र केन्ट के अन्तर्गत वर्तमान में 21 आंगनवाड़ी भवनों के निर्माण स्वीकृत/प्रस्तावित हैं, इनमें से 14 भवन पूर्ण हैं एवं 07 भवन निर्माणाधीन हैं। आंगनवाड़ी भवनों के निर्माण के लिये मूल कार्ययोजना का उल्लेख उत्तरांश () में किया गया है। नवीन आंगनवाड़ी भवनों के निर्माण हेतु ईकाई लागत रूपये 7.80 लाख में, मनरेगा से राशि रूपये 1.80 लाख की सीमा तक, महिला एवं बाल विकास विभाग अन्तर्गत आई.सी.डी.एस. से राशि रूपये 2.00 लाख तथा पंच परमेश्वर (14 वित्त आयोग, राज्य वित्त आयोग, स्टाम्‍प ड्यूटी) से शेष राशि 4.00 लाख स्वीकृत की जा सकेगी।

पुलिस थाने व चौकियों में पदों की पूर्ति

10. ( *क्र. 1895 ) श्री हरदीप सिंह डंग : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सुवासरा विधानसभा क्षेत्र में पुलिस थाने एवं पुलिस चौकियों में कितने पद हैं, कितने पद रिक्‍त हैं तथा कितने पूर्ति हैं? (ख) क्‍या शासन द्वारा कंजर प्रभावित क्षेत्र में अलग से पुलिस बल या अलग से बी.एस.एफ. या अन्‍य कंपनी की योजना बनाई है तो बतावें (ग) सुवासरा विधानसभा क्षेत्र में राजस्‍थान सीमा पर अंगारी, ढोढर, धतुरिया, डोकरखेड़ी में जाँच हेतु चौकी निर्मित की गई है या नहीं अगर नहीं तो कब तक जाँच चौकी निर्मित की जावेगी? (घ) सुवासरा विधानसभा क्षेत्र में कंजर प्रभावित क्षेत्रों में पुलिस को कितने वाहन एवं हथियार अतिरिक्‍त उपलब्‍ध हैं या नहीं?

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार(ख) परिस्थितियों के अनुसार स्थानीय स्तर पर पुलिस व्यवस्था लगाई जाती है। (ग) जी नहीं। समय-सीमा बताना संभव नहीं। (घ) सुवासरा विधान सभा क्षेत्र के अंतर्गत पुलिस थानों एवं चौकियों में कुल 12 वाहन प्रदान किये गये हैं, इसके अतिरिक्त चौकी रूनीजा थाना सुवासरा को छोड़कर 05 एफ.आर.बी. वाहन उपलब्ध कराये गये हैं। इसी प्रकार सुवासरा विधान क्षेत्र के अंतर्गत थानों/चौकियों को प्रदाय हथियार के अतिरिक्त 18 रायफल 5.56 एम.एम. इसास एवं ग्राम-बनी, बसई,खेताखेड़ा में लगे 1-4 विशेष सशस्त्र बल गार्ड को एम.एम. काबाईन-09,7.62 एम.एम. रायफल, एस.एल.आर.-08, 5.56 एम.एम. इंसास 08 प्रदान किये गये हैं।

परिशिष्ट - ''छ:''

बंद नल-जल योजनाएं

11. ( *क्र. 1937 ) श्री चैतराम मानेकर : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) आमला विधान सभा क्षेत्र अंतर्गत PHE विभाग द्वारा पिछले तीन वित्‍तीय वर्षों में कितनी नल-जल योजनाएं स्‍वीकृत की गई? अलग-अलग वर्षवार दिनांक सहित जानकारी देवें (ख) स्‍वीकृत नल-जल योजना में कितनी योजनाएं सुचारू रूप से संचालित हैं? ग्रामवार जानकारी देवें कितनी नल-जल योजनाएं बंद हैं? बंद होने का क्‍या कारण है? बंद योजनाएं कब तक प्रारंभ कर दी जायेंगी?

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) आमला विधानसभा क्षेत्र में विगत तीन वित्तीय वर्षों में 13 नल-जल योजनाएं स्वीकृत की गईं। जानकारी संलग्न परिशिष्‍ट अनुसार(ख) 12 नल-जल योजनाएं। जानकारी संलग्न परिशिष्‍ट अनुसार। एक नल-जल योजना स्त्रोत में पर्याप्त आवक क्षमता प्राप्त नहीं होने से बंद, जानकारी संलग्न परिशिष्‍ट अनुसार। निश्चित समयावधि नहीं बताई जा सकती।

परिशिष्ट - ''सात''

विधान सभा क्षेत्र पानसेमल में संचालित पुलिस थाना/चौकी

12. ( *क्र. 359 ) श्री दीवानसिंह विट्ठल पटेल : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधान सभा क्षेत्र पानसेमल में कुल कितने पुलिस थाने एवं पुलिस चौकियां हैं? (ख) कौन सा पुलिस थाना, चौकी कौन से पुलिस अनुविभाग के अधीन है? (ग) क्‍या प्रश्‍नकर्ता के क्षेत्र का पानसेमल, खेतिया एवं पलसूद पुलिस थाना राजपुर के अधीन है और निवाली सेंधवा के अधीन है? () क्‍या पानसेमल मुख्‍यालय पर SDOP कार्यालय प्रारंभ किया जावेगा? यदि हाँ, तो कब तक और नहीं तो कारण बतावें।

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) विधानसभा क्षेत्र पानसेमल में कुल 3 थाने पानसेमल, खेतिया एवं निवाली तथा पुलिस चौकी पलसूद है। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार(ग) उत्तरांश (ख) अनुसार। (घ) जी नहीं। थाना निवाली, खेतिया एवं पानसेमल के विगत पाँच वर्षों के अपराधों के आँकड़ों व जिले में पूर्व में स्वीकृत 1 अति. पु..3 एस.डी.ओ.पी. के पद के आधार पर एस.डी.ओ.पी. पानसेमल के पद की उपयोगिता प्रतीत न होने के कारण प्रस्ताव अमान्य किया गया है।

परिशिष्ट - ''आठ''

रीवा जिले में वेयर हाउस की संख्‍या

13. ( क्र. 2794 ) श्री सुखेन्‍द्र सिंह : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रीवा जिले में शासन द्वारा सब्सिडी उपलब्‍ध कराकर या स्‍वयं के द्वारा निर्मित किये गये वेयर हाउस (खाद्यान्‍न गोदाम) नगरीय एवं ग्रामीण की कुल संख्‍या बतावें? कुल संख्‍या के विस्‍तृत विवरण में विभिन्‍न विभागों द्वारा प्राप्‍त सब्सिडी की राशि, निर्माण की राशि, निर्माणकर्ता का नाम एवं पूर्ण पता, निर्मित किये गये स्‍थान, ग्राम पंचायत, ब्‍लॉक का नाम, वार्ड क्रमांक, नगरीय क्षेत्र के पृथक-पृथक विवरण उपलब्‍ध करावें (ख) प्रश्‍नांश (क) के संबंध में क्‍या शासन द्वारा कोई दिशा-निर्देश प्राप्‍त हैं कि एक तहसील में क्रय किये गये खाद्यान्‍न को उसी तहसील के वेयर हाउस में न रखकर दूसरे तहसील में स्थित वेयर हाउस में रखने का प्रावधान है? यदि हाँ, तो आदेश की प्रति उपलब्‍ध करायें तथा जिले में निर्मित सभी वेयर हाउस में खाद्यान्‍न रखने की क्षमता का विवरण उपलब्‍ध करावें (ग) प्रश्‍नांश (क), (ख) के प्रकाश में क्‍या वर्तमान में ग्रामीण क्षेत्रों की तहसीलों में क्रय किये गये खाद्यान्‍न को जिला मुख्‍यालय के वेयर हाउस में रखा गया है, जबकि हनुमना, मऊगंज, देव तालाब, मनगंवा, त्‍योंथर आदि में निर्मित वेयर हाउस खाली पड़े हुये हैं? प्रश्‍न दिनांक तक प्रत्‍येक वेयर हाउस में रखे हुये खाद्यान्‍न की कुल मात्रा एवं कहाँ से लाकर कितनी मात्रा में रखे गये, की सूची उपलब्‍ध करावें? (घ) प्रश्‍नांश (ग) के प्रकाश में खाद्यान्‍न ढुलाई में कितनी राशि खर्च की गई है? क्‍या तहसील में निर्मित वेयर हाउस में खाद्यान्‍न रखने से ढुलाई की राशि कम खर्च होती? यदि हाँ, तो क्‍या शासकीय राशि का ढुलाई में अपव्‍यय जिला मुख्‍यालय में निर्मित वेयर हाउस के मालिक को लाभ पहुँचने के लिये किया गया है? यदि हाँ, तो इसके लिये कौन दोषी है? क्‍या इसकी उच्‍च स्‍तरीय जाँच कराई जावेगी? यदि हाँ, तो किसके द्वारा, कब तक? समय-सीमा बतावें यदि नहीं, तो क्‍यों? कारण स्‍पष्‍ट करें

खाद्य मंत्री ( श्री ओम प्रकाश धुर्वे ) : (क) रीवा जिले में सब्सिडी उपलब्‍ध कराकर कोई गोदाम निर्मित नहीं किया गया है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) जी नहीं, परन्‍तु मध्‍यप्रदेश वेयरहाउसिंग एण्‍ड लॉजिस्टिक कार्पोरेशन के पत्र क्रमांक म.प्र.वे.ला.का/वाणिज्‍य/2016-17/319 भोपाल, दिनांक 18.04.2014 में निर्देश दिया गया है कि वर्ष 2015-16 की तुलना में वर्ष 2016-17 में गेहूं उपार्जन की अनुमानित मात्रा में बहुत कमी होने के कारण ''जिले को एक ही यूनिट मानते हुए'' जिले में संचालित विभिन्‍न शाखाओं की समस्‍त संयुक्‍त भागीदारी योजना के गोदामों पर भण्‍डारण तत्‍काल 'रोकते (बंद कराते) हुए' जिले की पी.ई.जी./शासकीय भण्‍डारण-क्षमता के गोदामों पर जिले के अन्‍य सेक्‍टरों से परिवहन कराकर शत-प्रतिशत भण्‍डारण कराया जावे। तत्‍पश्‍चात् प्राथमिकता सूची के तहत संयुक्‍त भागीदारी योजना के गोदामों में भण्‍डारण कराया जावे। जिले में निर्मित वेयर हाउसों में खाद्यान्‍न रखने की क्षमता की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ग) जी हाँ, परन्‍तु त्‍योंथर, देव तालाब एवं मऊगंज के किसी भी व्‍यवसायी द्वारा गेहूं भण्‍डारण हेतु अनुबंध नहीं किया गया है। इसी प्रकार मनगंवा के 03 वेयरहाउस में से केप्‍टन वेयरहाउस एवं सुदर्शन वेयरहाउस द्वारा मध्‍यप्रदेश वेयरहाउसिंग एण्‍ड लॉजिस्टिक कार्पोरेशन से अनुबंध नहीं किया गया है। जे.के. वेयरहाउस में गेहूं भण्‍डारित किया गया है। हनुमना स्थित एकमात्र गुप्‍ता वेयरहाउस का उपयोग मध्‍यप्रदेश वेयरहाउसिंग एण्‍ड लॉजिस्टिक कार्पोरेशन द्वारा किया जा रहा है। शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (घ) पी.ई.जी. एवं शासकीय/जेव्‍ही गोदामों में भण्‍डारण हेतु 122 लाख रूपये परिवहन व्‍यय म.प्र. राज्‍य सहकारी विपणन संघ मर्यादित द्वारा वहन किये गये। जी हाँ, परन्‍तु उस स्थिति में पी.ई.जी. के गोदाम और शासकीय गोदाम खाली रह जाते और शासन को गारंटी राशि के रूप में 305 लाख तथा निजी गोदाम मालिकों को रूपये 206 लाख का भुगतान करना पड़ता। इस प्रकार शासकीय राशि की बचत हुई है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

मछली पालन समिति का नियम विरूद्ध पंजीयन

14. ( *क्र. 3202 ) श्री अनिल फिरोजिया : क्या पशुपालन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) उज्‍जैन जिले के उण्‍डासा तालाब में मत्‍स्‍य पालन हेतु कौन सी मछली उद्योग समिति पंजीबद्ध एवं अधिकृत है? (ख) क्‍या उक्‍त तालाब में मछली पालन कार्य किसी अन्‍य संस्‍था को सौंपा जा रहा है? यदि हाँ, तो किस संस्‍था को किस नियम के तहत? (ग) क्‍या एक ही तालाब के कार्य क्षेत्र में एक से अधिक समिति को कार्यादेश देना, म.प्र. सहकारी समिति अधिनियम 1960 की धारा 9 का उल्‍लंघन नहीं है? (घ) क्‍या विभाग उक्‍त अधिनियम का पालन दृढ़ता से करायेगा?

पशुपालन मंत्री ( श्री अंतरसिंह आर्य ) : (क) प्रश्‍नाधीन तालाबों में मत्‍स्‍य पालन हेतु कोई भी सहकारी समिति पंजीबद्ध एवं अधिकृत नहीं है। (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार तालाब में मछली पालन का कार्य किसी भी संस्‍था को नहीं सौंपा गया है। (ग) एक ही तालाब के कार्यक्षेत्र में एक से अधिक समिति को कार्यादेश देना म.प्र. सहकारी समिति अधिनियम 1960 का उल्‍लंघन होता है। प्रश्‍नांश (क) के उत्‍तर के परिप्रेक्ष्‍य में उल्‍लंघन की स्थिति नहीं है। (घ) जी हाँ।

नल-जल योजना का क्रियान्‍वयन

15. ( क्र. 2438 ) श्री हरवंश राठौर : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) विधानसभा क्षेत्र बण्‍डा जिला सागर में वर्ष 2012 से प्रश्‍न दिनांक तक कितनी नल-जल योजना कितनी राशि की स्‍वीकृत की गई? वर्षवार बताएं। इनमें से कितनी बंद हैं एवं कितनी चालू हैं। ग्रामवार सूची दें (ख) प्रश्‍नांश (क) में वर्णित योजनाओं को किस वर्ष ग्राम पंचायत को चालू हालत में सौंपा गया एवं किस ग्राम की योजना का विभाग स्‍वयं संचालन कर रहा है? (ग) बंद नल-जल योजनाओं वाले ग्रामों में मार्च 2016 से प्रश्‍न दिनांक तक किस-किस ग्राम में विभाग द्वारा नलकूप खनन किया गया? ग्रामवार सूची दें (घ) प्रश्‍न दिनांक तक कितने ग्रामों में नलकूप खनन होना शेष है? ग्रामवार सूची दें

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) कुल 13 योजनाएं रूपये 195.79 लाख की लागत से स्वीकृत की गई। शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है।

राज्य उद्यानिकी मिशन योजना का क्रियान्‍वयन

16. ( *क्र. 3381 ) श्री सोहनलाल बाल्‍मीक : क्या राज्‍यमंत्री, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या वर्ष 2015-16 में राज्‍य उद्यानिकी मिशन योजना एवं राज्‍य पोषित योजना अंतर्गत मल्चिंग फिल्‍म लगाने के क्‍या प्रावधान थे? इस योजना में वर्ष 2015-16 में कितने हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया है? (ख) क्‍या विभाग द्वारा राज्‍य उद्यानिकी मिशन योजना एवं राज्‍य पोषित योजना अंतर्गत मल्चिंग फिल्‍म लगाने के लिए एम.पी. एग्रो या संबंधित कंपनी को अनुदान राशि भुगतान की गई है? अगर हाँ, तो उनकी जिलेवार सूची उपलब्‍ध करायें

राज्‍यमंत्री, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण ( श्री सूर्यप्रकाश मीना ) : (क) प्रश्‍नाधीन योजनाओं में मल्चिंग फिल्‍म लगाने के लिये प्रति हेक्‍टेयर इकाई लागत राशि रूपये 32,000/- का 50 प्रतिशत अधिकतम रूपये 16,000/- प्रति हेक्‍टेयर के मान से अधिकतम 2 हेक्‍टेयर तक पात्र कृषकों को अनुदान देने का प्रावधान है। योजनांतर्गत वर्ष 2015-16 में 14,117 कृषकों को लाभांवित किया गया। (ख) जी हाँ। 32 जिलों द्वारा अनुदान भुगतान किया गया है। जिलेवार सूची संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है।

परिशिष्ट - ''नौ''

मुरैना जिले में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की नियुक्ति‍

17. ( *क्र. 1731 ) श्री सत्‍यपाल सिंह सिकरवार : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) सुमावली विधानसभा क्षेत्र मुरैना में वर्ष 2014 से जून 2016 तक एकीकृत महिला बाल विकास सेवा परियोजना मुरैना ग्रामीण में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, उप कार्यकर्ता एवं सहायक कार्यकर्ताओं की नियुक्ति प्रक्रिया की प्रारंभिक एवं अंतिम सूची क्‍या थी? अभ्‍यर्थियों के नाम, प्राप्‍तांक सहित पूर्ण जानकारी दी जावे (ख) उक्‍त सूची के प्रथम दस अभ्‍यर्थियों के क्‍या-क्‍या दस्‍तावेज संलग्‍न थे? उनकी पूर्ण जानकारी दी जावे (ग) क्‍या वर्णित अवधि में हुई नियुक्तियों में प्राप्‍तांकों के आधार पर अभ्यर्थियों की सूची में रद्दों बदल कर चयन में अनियमितता की गई है? क्‍या शासन वरिष्‍ठ अधिकारियों से उसकी जाँच करायेगा? यदि हाँ, तो कब तक?

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( श्रीमती अर्चना चिटनिस ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ग) जी नहीं। अतः शेष जानकारी का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

सबलगढ़ विधानसभा क्षेत्र में पेयजल की समस्‍या

18. ( *क्र. 1975 ) श्री मेहरबान सिंह रावत : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) सबलगढ़ विधानसभा क्षेत्र में कितनी पेयजल, स्‍थल जल, नल-जल योजनाएं स्‍थापित हैं, उनमें से कितनी योजनाएं चालू एवं कितनी बंद हैं, बंद योजनाओं का कारण बतावें एवं उन्‍हें कब तक चालू कर दिया जाएगा? क्‍या विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों की लापरवाही से बंद हैं? क्‍या जाँच करायेंगे? (ख) सबलगढ़ विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत 01.04.2015 से प्रश्‍न दिनांक तक विभाग द्वारा नवीन हैण्‍डपंप खनन, नलकूप स्‍थापित किए गए हैं? ग्रामवार एवं खनन की गहराईवार जानकारी बतावें। वर्तमान में कितने नवीन हैण्‍डपंप स्‍वीकृत हैं एवं कितने स्‍थानों पर हैण्‍डपंपों में सिंगल फेस अथवा थ्रीफेस मोटर प्रस्‍तावित की गई है? उन्‍हें कब तक स्‍थापित करवा दिया जावेगा? (ग) क्‍या सबलगढ़ विधानसभा क्षेत्र में कार्यरत अनुविभागीय अधिकारी एवं उपयंत्री की लापरवाही से खराब हैण्‍डपंप एवं बंद नल-जल योजनाओं में रूचि न लेकर समयावधि में सही नहीं करवाया जाता? जिससे अधिकांशत: पेयजल समस्‍या बनी हुई है? क्‍या जाँच करवायेंगे? (घ) सबलगढ़ विधानसभा क्षेत्र में पेयजल समस्‍या में दोषी अनुविभागीय अधिकारी एवं उपयंत्री को पद से कब तक हटा दिया जाएगा एवं नवीन खनन जो कि पूर्ण हो चुके हैं, क्‍या उनकी गहराई से जाँच करवायेंगे?

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। स्त्रोत से बंद योजनाओं को छोड़कर अन्य कारणों से बंद नल-जल योजनाओं को चालू करने का दायित्व संबंधित ग्राम पंचायतों का है। निश्चित समयावधि नहीं बताई जा सकती है। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता। (ख) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। 33 बसाहटों में 49 हैण्डपंप प्रस्तावित हैं। सिंगलफेस एवं थ्रीफेस पंप प्रस्तावित नहीं हैं। निश्चित समयावधि नहीं बताई जा सकती। (ग) जी नहीं। जी नहीं। (घ) उत्तरांश (ग) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

राजगढ़ जिले में मुख्‍यमंत्री पेयजल योजना का क्रियान्‍वयन

19. ( *क्र. 2964 ) श्री जयवर्द्धन सिंह : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) मुख्‍यमंत्री पेयजल योजना के तहत राजगढ़ जिले के कौन-कौन से गांवों को जोड़ा गया है? (ख) उक्‍त ग्रामों में वर्तमान में कौन-कौन से गांवों की क्‍या स्थिति है? ग्रामवार बतायें (ग) मुख्‍यमंत्री पेयजल योजना के अंतर्गत राजगढ़ जिले के गांवों को जोडने के बारे में क्‍या प्रगति हुई है? यदि नहीं, तो क्‍यों और इस संबंध में कब तक कार्यवाही की जावेगी?

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) एवं (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) मुख्यमंत्री पेयजल योजना के तहत नवीन नल-जल योजनओं की स्वीकृति वर्तमान में नहीं की जा रही है। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता।

हरदा जिले में आंगनवाड़ी भवन की स्‍वीकृति

20. ( *क्र. 3127 ) श्री संजय शाह मकड़ाई : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) हरदा जिले में प्रश्न दिनांक तक कितने आंगनवाड़ी भवन सरकार द्वारा स्वीकृत हुए थे, कितने भवनों का कार्य पूर्ण हो चुका है और संचालित हो रहे कितने भवन प्रश्‍न दिनांक तक अपूर्ण हैं? भवन पूर्ण कराये जाने की समय-सीमा क्‍या थी? तहसीलवार सूची उपलब्‍ध करावें। (ख) हरदा जिले में आंगनवाड़ी भवन जो प्रश्‍न दिनांक तक पूर्ण नहीं हुए, इस सबंध में क्‍या किसी अधिकारी और संबंधित ऐजेंसी पर किसी प्रकार की कोई कार्यवाही की गई? यदि नहीं, तो क्‍यों? (ग) महिला एवं बाल विकास के प्रचार प्रसार एवं जन कल्‍याण हेतु कहाँ-कहाँ और कब दिनांकवार शिविर लगाए गए, कितना व्‍यय किया गया?

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( श्रीमती अर्चना चिटनिस ) : (क) हरदा जिले में कुल 341 आंगनवाड़ी भवन स्वीकृत हुये हैं। इनमें से 277 भवन पूर्ण हो चुके हैं एवं इन भवनों में आंगनवाड़ी केन्द्र संचालित हो रहे हैं। प्रश्न दिनांक तक 58 भवन निर्माणाधीन (अपूर्ण) हैं। इन आंगनवाड़ी केन्द्रों के भवन निर्माण के लिये स्वीकृत वित्तीय वर्ष में पूर्ण करने की समय-सीमा नियत थी। निर्माणाधीन इन आंगनवाड़ी भवनों की निर्माण ऐजेंसी ग्राम पंचायत है। स्थानीय परिस्थितियों एवं अन्य कारणों से आंगनवाड़ी भवन के निर्माण कार्य समय-सीमा में पूर्ण नहीं हो सके हैं, जो वर्तमान में निर्माणाधीन हैं। तहसीलवार सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। (ख) आंगनवाड़ी भवनों की निर्माण की ग्राम एजेंसी ग्राम पंचायत है। जिला पंचायत हरदा द्वारा निर्माण कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित की जाकर संबंधित एजेंसियों के सचिव एवं सरपंच को भवन निर्माण के निर्देश दिये जाते हैं। संबंधित तकनीकी अमले में आर.ई.एस./ए.ई. मनरेगा को समय-समय पर कार्यवाही पूर्ण करने के निर्देश दिये जाते हैं। इस प्रकार की कोई शिकायत ग्राम पंचायतों से नहीं होने के कारण कार्यवाही नहीं की गई है। (ग) अतिकम वजन के बच्चों के माता-पिता हेतु फेमिली ओरिएंटेशन के आयोजित शिविरों पर हुए व्यय की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है।

फर्जी पेंशन प्राप्‍त करने पर कार्यवाही

21. ( क्र. 3415 ) डॉ. गोविन्द सिंह : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या भिण्‍ड जिले के थाना मिहोना में पंजीबद्ध अपराध क्रमांक 74/13 में सुरेन्‍द्र सिंह छोटे भाई देवेन्‍द्र सिंह के फर्जी प्रमाण पत्रों के आधार पर फर्जी रूप से सेना में भर्ती होकर पेंशन प्राप्‍त कर रहे हैं? (ख) यदि हाँ, तो जिला सैनिक कल्‍याण ऑफिसर भिण्‍ड द्वारा दिनांक 03.07.2014 को तोपखाना अभिलेख आर्टीलरी रिकार्ड नासिक रोड केम्‍प 422102 ए.पी.एस., पिन-908802 को पत्र लिखकर पेंशन बंद करने को लिखा था? यदि हाँ, तो अभी तक पेंशन सुरेन्‍द्र सिंह उर्फ देवेन्‍द्र सिंह को भुगतान होने का कारण बतायें। (ग) जिला सैनिक कल्‍याण ऑफिसर भिण्‍ड में पेंशन बंद कराने बाबत् कब तक सैनिक मुख्‍यालय तथा पेंशन भुगतान करने वाली बैंक को पेंशन बंद करने हेतु पत्र लिखा गया? सभी पत्रों की प्रतियां दें। (घ) क्‍या सैनिक कल्‍याण ऑफिसर भिण्‍ड द्वारा अपराधों को संरक्षण देकर पेंशन का भुगतान कराया जा रहा है? यदि नहीं, तो प्रकरण की उच्‍च स्‍तरीय जाँच कराकर दोषियों के विरूद्ध वैधानिक कार्यवाही की जावेगी? यदि नहीं, तो क्‍यों

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) थाना मिहोना जिला भिण्ड में आरोपी सुरेन्द्र सिंह द्वारा स्वयं के छोटे भाई देवेन्द्र सिंह की अंकसूची के आधार पर सेना में नौकरी करने के संबंध में अप.क्र. 74/13 पंजीबद्ध किया गया था, जो कि सक्षम न्यायालय में विचाराधीन है। भूतपूर्व सैनिक नायक देवेन्द्र सिंह वर्तमान में पेंशन प्राप्त कर रहा है। (ख) जी हाँ। प्रकरण सक्षम न्यायालय में विचाराधीन होने के कारण पेंशन रोके जाने के संबंध में निर्णय नहीं लिया गया है। (ग) जिला सैनिक कल्याण अधिकारी, भिण्ड द्वारा प्रकरण में आवश्यक कार्यवाही हेतु तोपखाना अभिलेख आर्टीलरी रिकार्ड नासिक रोड को पत्र क्रमांक 337/70, दिनांक 03.07.2014 तथा पत्र क्रमांक 575 दिनांक 30.05.2016 को प्रेषित किये गये हैं जो क्रमशः संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र एवं अनुसार है। पेंशन बंद किये जाने के संबंध में प्रकरण सैनिक मुख्यालय, भारत सरकार स्तर पर निर्णय लिया जाकर बैंक को पत्र लिखा जाएगा। (घ) किसी भी व्यक्ति की पेंशन प्रारंभ एवं बंद करना सैनिक कल्याण अधिकारी भिण्ड के अधिकार क्षेत्र में न होने से उनके द्वारा किसी भी अपराध को संरक्षण नहीं दिया गया है। प्रकरण में कार्यवाही प्रक्रियाधीन है तथा अन्य उच्च स्तरीय जाँच की आवश्यकता नहीं है।

परिशिष्ट - ''दस''

योजनाओं की वित्‍तीय एवं भौतिक जानकारी

22. ( *क्र. 3146 ) श्रीमती संगीता चारेल : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) रतलाम जिले में वर्ष 2012-13 से प्रश्‍न दिनांक तक विभाग द्वारा संचालित हितग्राही मूलक एवं निर्माण कार्य से संबंधित योजनाएं भौतिक एवं वित्‍तीय प्रगति का मदवार कार्यवार ब्‍यौरा दें (ख) उपरोक्‍त (क) में संचालित योजनाओं में वर्ष 2012-13 से प्रश्‍न दिनांक तक सैलाना विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत किस मद से क्‍या-क्‍या सामग्री किन नियमों के तहत क्रय की गई? (ग) क्‍या उपरोक्‍त सामग्री क्रय एवं भुगतान के संबंध में शिकायतें प्राप्‍त हुईं? यदि हाँ, तो इसके लिए कौन-कौन अधिकारी कर्मचारी दोषी हैं तथा इनके विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की गई? यदि नहीं, तो क्‍यों? (घ) क्‍या विभागीय जिला अधिकारियों द्वारा क्षेत्र भ्रमण कर इन योजनाओं का निरीक्षण किया गया? यदि हाँ, तो निरीक्षण प्रतिवेदन का विवरण उपलब्‍ध करायें

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( श्रीमती अर्चना चिटनिस ) : (क) रतलाम जिले में वर्ष 2012-13 से प्रश्‍न दिनांक तक विभाग द्वारा संचालित हितग्राही मूलक एवं निर्माण कार्य से संबंधित योजनाओं की भौतिक एवं वित्‍तीय प्रगति का मदवार ब्‍यौरा पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 1 एवं '2' अनुसार है। (ख) उपरोक्‍त () में संचालित योजनाओं में वर्ष 2012-13 से प्रश्‍न दिनांक तक सैलाना विधान सभा अंतर्गत सामग्री क्रय नहीं की गई है। (ग) प्रश्‍नांश () के परिप्रेक्ष्‍य में शिकायत प्राप्‍त नहीं होने से जानकारी निरंक है। (घ) जी हाँ। विभागीय अधिकारियों द्वारा क्षेत्र भ्रमण किया गया है। निरीक्षण प्रतिवेदन का विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 3 अनुसार है।

राशन वितरण में अनियमितता पर कार्यवाही

23. ( *क्र. 14 ) श्री महेन्द्र सिंह कालूखेड़ा : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दिनांक 26 फरवरी 2016 के परि.अता. प्रश्न संख्या 1 (क्र. 16) तथा अतारांकित प्रश्न संख्या 4 (क्र. 102) के संदर्भ में बताएं कि प्रकरण दर्ज के बाद केविएट क्यों नहीं लगाई गई तथा जानबूझकर अधिकारियों ने ऐसे आदेश पारित किये व केविएट नहीं लगाई व स्टे वेकेट के प्रयास नहीं किये, ऐसे अधिकारियों की पहचान कर कब तक कार्यवाही करेंगे? (ख) खाद्य विभाग के अधिकारी सुकृति सिंह व श्री चंदेल की रिपोर्ट में जिन अधिकारियों व सहकारी समितियों के विरूद्ध राशन वितरण में अनियमितताओं के बावजूद ऐसे दोषियों को राशन वितरण से अलग क्यों नहीं किया गया? (ग) जब उपरोक्त रिपोर्ट में चंदेरी एस.डी.ओ. के विरूद्ध आयुक्त ग्वालियर को लिखने का जिलाधीश को लिखा तो उन्होंने क्यों रिपोर्ट नहीं की तथा चंदेरी व मुंगावली की एस.डी.ओ. जिन्होंने जिन गांवों में अलग सहकारिता समितियां होने के बाद भी जगदीश कुशवाह, नरेश यादव आदि की राशन माफिया समितियों से संलग्न कर उन्हें ब्लैक मार्केट करने का मौका दिया, उनकी पहचान कर उन्हें दण्डित क्यों नहीं किया गया?

खाद्य मंत्री ( श्री ओम प्रकाश धुर्वे ) : (क) जिले में प्राथमिकी दर्ज करने के प्रकरणों में स्‍टे की स्थिति पूर्व में निर्मित नहीं होने के कारण केविएट नहीं लगाई गई। स्‍टे वेकेट कराने हेतु वर्ष 2010 से प्रयास शुरू कर दिये गए थे। प्रभारी अधिकारी द्वारा माननीय उच्‍च न्‍यायालय खण्‍डपीठ ग्‍वालियर में दिनांक 12.10.2010, 05.05.2014, 23.08.2014 एवं 06.04.2016 को स्‍टे वैकेट कराने हेतु आवेदन लगाये गये हैं। अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ख) राशन वितरण में अनियमितताओं के दोषी कर्मचारियों को राशन वितरण से अलग करने हेतु कलेक्‍टर अशोकनगर द्वारा उप पंजीयक सहकारी संस्‍थाएं गुना/अशोकनगर का पत्र क्रमांक 584/खाद्य/2010 दिनांक 11.06.2010 लिखा गया। जिले में तत्‍समय अनियमितता पाए जाने वाली एक लीड एवं सात उचित मूल्‍य दुकानों के प्रबंधक एवं विक्रेता वर्तमान में इन समितियों में कार्यरत नहीं है। (ग) चंदेरी एस.डी.ओ. के विरूद्ध कार्यवाही हेतु कलेक्‍टर अशोकनगर द्वारा पत्र क्रमांक/709/खाद्य/2010, दिनांक 24.06.2010 द्वारा आयुक्‍त, ग्‍वालियर को लिखा गया है, किन्‍तु न्‍यायालयीन स्‍थगन के कारण आगामी कोई कार्यवाही नहीं की जा सकती है। चंदेरी व मुंगावली एस.डी.ओ. द्वारा जगदीश कुशवाह की राशन समितियों पर अवैध रूप से कोई दुकान संलग्‍न नहीं की गई। नरेश यादव नाम के व्‍यक्ति द्वारा वर्तमान में किसी भी उचित मूल्‍य दुकान का संचालन नहीं किया जा है। अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

लाठीचार्ज मामले की जाँच व कार्यवाही

24. ( *क्र. 3420 ) श्री हर्ष यादव : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या सागर में व्‍याप्‍त पेयजल संकट को लेकर माह जून में कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपने का कार्यक्रम आयोजित किया गया था? किन परिस्थितियों में पुलिस द्वारा शांतिपूर्वक ज्ञापन सौंपने जा रहे कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज किया। किसके आदेश से। (ख) क्‍या शांतिपूर्वक आंदोलन कर रहे कार्यकर्ताओं को बेरहमी से पीट कर पुलिस द्वारा घायल किया गया, जिससे कई कार्यकर्ताओं के सिर में गंभीर चोटें आईं? (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) में वर्णित पुलिस कार्यवाही की जाँच कब किसके द्वारा की गई? किसे दोषी पाया गया व उनके विरूद्ध क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई? नहीं तो क्‍यों? (घ) पुलिस लाठीचार्ज के मामले में कांग्रेस नेताओं द्वारा आई.जी. सागर को दिये ज्ञापन पर आज दिनांक तक क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई? नहीं तो क्‍यों?

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) दिनांक 13.06.2016 को जल संकट को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा बिना सक्षम अधिकारी की अनुमति के नगर निगम सागर का घेराव किया। समझाईश देने के पश्चात भी पुलिस द्वारा लगाये गये प्रथम एवं द्वितीय बेरीकेटिंग ध्वस्त कर दी एवं अंतिम बेरिकेटिंग को तोड़ने का प्रयास करने लगे व अपने साथ लाये मटके पुलिस कर्मियों पर फेंकने लगे एवं तृतीय बेरीकेटिंग को तोड़कर नगर निगम कार्यालय में प्रवेश कर तोड़-फोड़, मारपीट एवं आगजनी पर आमादा थे। समझाईश पर भी ना मानने पर अनुविभागीय दण्डाधिकारी द्वारा हल्का पुलिस बल (लाठी चार्ज) प्रयोग के लिखित आदेश पर न्यूनतम बल प्रयोग किया गया। (ख) जी नहीं। मौके पर जन-धन हानि रोकने हेतु पुलिस द्वारा सक्षम अनुविभागीय दण्डाधिकारी की लिखित अनुमति पश्चात ही हल्का बल प्रयोग (लाठी चार्ज) किया गया। पुलिस द्वारा कार्यकर्ताओं के सिर पर वार नहीं किया गया है। घटना की मजिस्ट्रियल जाँच जारी है। (ग) पुलिस द्वारा की गई कार्यवाही की मजिस्ट्रियल जाँच प्रारंभ की गई है जो प्रचलन में है। जाँच निर्णय उपरांत ही तदनुसार वैधानिक कार्यवाही की जावेगी। (घ) घटना की मजिस्ट्रियल जाँच जारी है। निर्णय उपरांत तद्नुसार वैधानिक कार्यवाही की जावेगी।

खाद्य सुरक्षा से वंचित परिवारों को केरोसिन का वितरण

25. ( क्र. 3375 ) कुँवर सौरभ सिंह : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में कौन-कौन श्रेणी के कितने परिवारों को खाद्य सुरक्षा दी गई है? क्‍या खाद्य सुरक्षा में केरोसिन की उपलब्‍धता शामिल है? (ख) क्‍या खाद्य सुरक्षा श्रेणी के ऊपर के ए.पी.एल. परिवारों को सफेद केरोसिन उपलब्‍ध कराया जा रहा है? यदि हाँ, तो विगत एक वर्ष में जिलेवार उपलब्‍धता एवं फुटकर बिक्री दर की जानकारी देवें (ग) सफेद केरोसिन वितरण और भण्‍डारण में अनियमितता रोकने के क्‍या प्रावधान शासन ने किये हैं? इन प्रावधानों के तहत 01.01.2016 से प्रदेश में कब-कब कार्यवाही की गई?

खाद्य मंत्री ( श्री ओम प्रकाश धुर्वे ) : (क) प्रदेश में अन्‍त्‍योदय एवं प्राथमिकता श्रेणी के कुल 1,19,38,554 परिवारों को खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत लाभान्वित किया जा रहा है। जी नहीं, परन्‍तु एकरूपता की दृष्टि से राष्‍ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत खाद्यान्‍न का लाभ लेने वाले सभी पात्र परिवारों (गैस कनेक्‍शनधारी परिवारों को छोड़कर) को लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत रियायती दर का केरोसीन उपलब्‍ध कराया जा रहा है। (ख) भारत सरकार ने केरोसीन (उपयोग पर निर्बन्‍धन और अधिकतम कीमत नियतन) आदेश, 1993 में संशोधन किया है। उक्‍त संशोधन के पूर्व राज्‍य सरकार ने उचित मूल्‍य दुकानों के माध्‍यम से गैर-पी.डी.एस. केरोसीन 6 जिलों- इन्‍दौर, भोपाल, सीहोर, जबलपुर, खण्‍डवा एवं सिवनी के जरूरतमंद परिवारों को उपलब्‍ध कराये थे, परन्‍तु मांग के अभाव में उसका वितरण उपभोक्‍ताओं को नहीं हो सका। भारत सरकार के उक्‍त संशोधन पश्‍चात् गैर-पी.‍डी.एस. केरोसीन की आपूर्ति के क्रियाकलाप, विपणन, व्‍यवसाय या वाणिज्‍य की गतिविधियों को केरोसीन (उपयोग पर निर्बन्‍धन और अधिकतम कीमत नियतन) आदेश, 1993 के प्रावधानों से मुक्‍त किया गया है। अब कोई भी व्‍यक्ति मध्‍यप्रदेश केरोसीन व्‍यापारी नियंत्रण आदेश, 1979 के तहत अनुज्ञप्ति प्राप्‍त कर गैर-पी.डी.एस. केरोसीन का व्‍यवसाय कर सकता है। शेष भाग का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) प्रश्‍नांश (ख) अनुसार। केरोसीन का भण्‍डारण पेट्रोलियम नियम, 2002 के अंतर्गत किया जाता है। प्रश्‍नांकित अवधि में गैर-पी.डी.एस. केरोसीन के वितरण एवं भण्‍डारण में अनियमितता का मामला प्रकाश में नहीं आया है।

 

 

 






 

 

 

Top of Form

भाग-2

नियम 46 (2) के अंतर्गत अतारांकित प्रश्नोत्तर के रुप में

परिवर्तित तारांकित प्रश्नोत्तर


राष्‍ट्रीय पेयजल सुरक्षा पायलट प्रोजेक्‍ट का क्रियान्‍वयन

1. ( क्र. 60 ) श्री महेन्द्र सिंह कालूखेड़ा : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि अता. प्रश्‍न संख्‍या 3 (क्रमांक 107) दिनांक 01 मार्च 2016 के संदर्भ में बताएं कि पिपलौदा ब्‍लॉक जिला रतलाम में पायलेट प्रोजेक्‍ट का कार्य कब प्रारंभ हुआ व कितनी धनराशि किस संस्‍था के माध्‍यम से अभी तक किस-किस कार्य के लिए ली गई व आगे कितनी धनराशि से किस-किस प्रकार के क्‍या कार्य किये जायेंगे, ताकि पिपलौदा ब्‍लॉक में जलस्‍तर ऊंचा हो?

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : 1 दिसम्बर 2012 से। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 एवं 2 के अनुसार है।

प्रधानमंत्री उज्‍जवला योजना का क्रियान्‍वयन

2. ( क्र. 112 ) श्री सुदेश राय : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला सिहोर के अंतर्गत विधानसभा क्षेत्र 159 सीहोर हेतु प्रधानमंत्री उज्‍जवला योजना में कितने गैस वितरण का लक्ष्‍य विभाग द्वारा रखा गया है कुल संख्‍या बतावें? (ख) प्रश्‍न (क) संदर्भ में प्रश्‍न दिनांक तक क्षेत्र की विभिन्‍न गैस एजेंसियों पर बी.पी.एल हितग्राहियों के कितने आवेदन-पत्र प्राप्‍त हो चुके है एजेंसीवार नाम बतावें? (ग) गैस वितरण का कार्य कब से प्रारंभ किया जावेगा?

खाद्य मंत्री ( श्री ओम प्रकाश धुर्वे ) : (क) प्रधानमंत्री उज्‍ज्‍वला योजनांतर्गत प्रदेश एवं जिले को कोई लक्ष्‍य निर्धारित नहीं है। (ख) जिला सीहोर अंतर्गत विधानसभा क्षेत्र-159 में प्रधानमंत्री उज्‍ज्‍वला योजनांतर्गत गैस कनेक्‍शन प्राप्‍त करने हेतु कुल 3,359 आवेदन प्राप्‍त हुए हैं। गैस एजेंसीवार जमा आवेदन पत्र की जानकारी संलग्न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ग) विधानसभा क्षेत्र-159 सीहोर में माह जून, 2016 से गैस कनेक्‍शन वितरण का कार्य प्रारम्‍भ किया गया है। विधानसभा क्षेत्र में 529 हितग्राहियों को गैस कनेक्‍शन वितरण किए जा चुके हैं, इसके अतिरिक्‍त चयनित हितग्राहियों को समारोहपूर्वक गैस कनेक्‍शन का वितरण किया जाएगा।

परिशिष्ट - ''ग्‍यारह''

आंगनवाड़ी केन्‍द्र का संचालन

3. ( क्र. 116 ) श्री सुदेश राय : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) जिला सिहोर के अंतर्गत विधानसभा क्षेत्र 159 सीहोर में वर्ष 2013-14 से आज दिनांक तक किन-किन स्‍थानों पर नवीन आंगनवाड़ी केन्‍द्र प्रारंभ किये गये है, स्‍थान सहित वर्षवार जानकारी देवें? (ख) कितने आंगनवाड़ी के स्‍वयं के भवन हैं तथा कितनी आंगनवाड़ी भवन विहीन है जो किराये पर लिये गये कक्षों में संचालित हो रही है, इनके स्‍वयं के भवन के निर्माण हेतु वर्तमान में क्‍या कार्यवाही प्रचलित है तथा भवनों का निर्माण कब तक करा लिया जावेगा?

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( श्रीमती अर्चना चिटनिस ) : (क) विधानसभा क्षेत्र-159 सीहोर में वर्ष 2013-14 से आज दिनांक तक कोई नवीन आंगनवाड़ी केन्‍द्र प्रारंभ नहीं किये गये है। शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) विधानसभा क्षेत्र-159 सीहोर में कुल 278 आंगनवाड़ी केन्‍द्र संचालित है। जिसमें से 93 आंगनवाड़ी केन्‍द्र विभागीय भवनों में तथा 152 आंगनवाड़ी केन्‍द्र किराये के भवनों में व 33 आंगनवाड़ी केन्‍द्र अन्‍य शासकीय भवनों में संचालित है। विधानसभा क्षेत्र-159 सीहोर में भवन विहीन आंगनवाड़ी केन्‍द्रों में से 30 भवनों के निर्माण हेतु प्रस्‍ताव प्राप्‍त हुआ है। इस प्रस्‍ताव पर मनरेगा योजना के अभिसरण से वर्ष 2016-17 में आंगनवाड़ी भवनों के निर्माण की स्‍वीकृति दी जाना विचाराधीन है।

राशन सामग्री की पात्रता पर्ची की उपलब्‍धता

4. ( क्र. 123 ) श्रीमती चन्‍दा सुरेन्‍द्र सिंह गौर : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या खरगापुर विधान सभा के पलेरा एवं बल्‍देवगढ़ विकासखण्‍डों के अंतर्गत ऐसी कितनी ग्राम पंचायतें शेष हैं जिनमें हितग्राहियों को राशन की पात्रता पर्ची उपलब्‍ध नहीं हो पाई है? ग्राम पंचायतवार जानकारी उपलब्‍ध करायें तथा पात्रता पर्ची जारी न होने का कारण स्‍पष्‍ट करें? (ख) क्‍या ग्राम पंचायतों में रोजगार सहायक पात्रता पर्ची बनाने में जाति प्रमाणित कराने में पक्षपात कर रहे हैं? ऐसी स्थिति में क्‍या रोजगार सहायकों के विरूद्ध कार्यवाही प्रस्‍तावित करेंगे? (ग) कौन-कौन सी ग्राम पंचायतों के हितग्राहियों को शत प्रतिशत पात्रता पर्ची उलपब्‍ध हो गई है और कौन सी ग्राम पंचायतें शेष हैं? जानकारी पंचायतवार उपलब्‍ध करायें?

खाद्य मंत्री ( श्री ओम प्रकाश धुर्वे ) : (क) खरगापुर विधानसभा क्षेत्र के पलेरा एवं बल्‍देवगढ़ के विकासखण्‍डों की समस्‍त ग्राम पंचायतों के सत्‍यापित समस्‍त परिवारों को राशन सामग्री प्राप्‍त करने हेतु पात्रता पर्ची जारी की जा चुकी है। पात्र परिवारों का सत्‍यापन एवं उनको जारी करना एक सतत् प्रक्रिया है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) ऐसा कोई प्रकरण प्रकाश में नहीं आने से प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) खरगापुर विधानसभा क्षेत्र के पलेरा एवं बल्‍देवगढ़ के विकासखण्‍डों की समस्‍त ग्राम पंचायतों के आवेदन करने वाले सत्‍यापित समस्‍त पात्र परिवारों को राशन सामग्री प्राप्‍त करने हेतु पात्रता पर्ची जारी की जा चुकी है। पंचायतवार जारी पात्रता पर्ची की जानकारी संलग्न परिशिष्‍ट अनुसार है।

परिशिष्ट - ''बारह''

 

केन्‍द्र सरकार एवं राज्‍य सरकार द्वारा प्रदत्‍त राशि का दुरूपयोग

5. ( क्र. 133 ) श्रीमती चन्‍दा सुरेन्‍द्र सिंह गौर : क्या पशुपालन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) ग्‍वालियर दुग्‍ध संघ एवं भोपाल दुग्‍ध संघ को वर्ष-2005 से 2016 तक केन्‍द्र सरकार एवं राज्‍य सरकार द्वारा वित्‍त पोषित एवं संचालित योजना, बुन्‍देलखण्‍ड, डेयरी विकास परियोजना प्रथम चरण एवं बुन्‍देलखण्‍ड डेयरी विकास, द्वितीय चरण, राष्‍ट्रीय कृषि विकास योजना (क्षे.सं.) राष्‍ट्रीय कृषि विकास योजना (प्रयोगशाला) संधारण एवं मुख्‍यमंत्री, संकल्‍प योजना, आचार्य विद्यासागर योजना, म.प्र. डेयरी संचालन एवं विकास विस्‍तार योजना के तहत अभी तक कितनी राशि प्राप्‍त हुई है एवं किन-किन कार्यों पर कहाँ-कहाँ कितनी-कितनी राशि व्‍यय की गई? योजनावार जानकारी उपलब्‍ध करायें? (ख) क्‍या बुन्‍देलखण्‍ड के अंतर्गत टीकमगढ़ जिले में जतारा में चिलिंग सेन्‍टर पर सोलर प्‍लांट लगाये जाने की सुविधा दी गई थी, परन्‍तु जतारा की राशि कहाँ पर व्‍यय की गई? पानी की टंकी बनाये जाने का भी प्रावधान था परन्‍तु आज दिनांक तक कार्य नहीं किया गया क्‍यों? कारण स्‍पष्‍ट करें एवं जतारा हेतु आवंटित संपूर्ण राशि का विवरण कार्य सहित देंगे? (ग) क्‍या जतारा के लिये आवंटित राशि का उपयोग कहीं अन्‍यत्र कर लिया गया है? किस सक्षम अधिकारी के आदेश से किया गया? आदेश की छायाप्रति उपलब्‍ध करायेंगे तथा दोषी पाये जाने वाले अधिकारी के विरूद्ध कार्यवाही करेंगे?

पशुपालन मंत्री ( श्री अंतरसिंह आर्य ) : (क) केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा वित्त पोषि‍त एवं संचालित विभि‍न्न योजना अंतर्गत वर्ष 2005 से 2016 तक सहकारी दुग्ध संघ ग्वालियर को प्राप्त राशि‍ एवं व्यय की जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार तथा सहकारी दुग्ध संघ भोपाल को प्राप्त राशि‍ एवं व्यय की जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र परिशिष्ट ''' अनुसार है। (ख) बुन्देलखण्ड के टीकमगढ़ जिले के दुग्ध शीतकेन्द्र जतारा पर राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत सोलर प्लांट लगाने की स्वीकृति दी गई थी। सौर गर्म जल संयंत्र स्थापित किये जाने हेतु म.प्र. ऊर्जा विकास निगम द्वारा कार्य जतारा में ही किया गया है। प्रावधानित समस्त राशि‍ ऊर्जा विकास निगम को हस्तांतरित की गई। स्वीकृत प्रावधान में हॉट वॉटर टैंक बनाने का प्रावधान है इसके अतिरिक्त पानी की कोई टंकी बनाये जाने का प्रावधान नहीं है। (ग) जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''तेरह''

खाचरौद में फूड प्रोसेसिंग प्‍लांट की स्‍थापना

6. ( क्र. 330 ) श्री दिलीप सिंह शेखावत : क्या राज्‍यमंत्री, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता के विधान सभा क्षेत्र खाचरौद शहर मटर उत्‍पादन में म.प्र. में अग्रणी तहसील है, यहां प्रतिदिन लगभग 200 ट्रक मटर का उत्‍पादन होता है। साथ ही टमाटर, फूल एवं अन्‍य सब्जियां भी प्रचुर मात्रा में उत्‍पादित होती हैं। (ख) यदि हाँ, तो क्‍या यहां लम्‍बे समय से फूट प्रोसेसिंग प्‍लांट की मांग उठती रही है तथा यदि खाचरौद में इस प्‍लांट की स्‍थापना की कार्य योजना प्रस्‍तावित की जाती है तो क्षेत्र के किसानों को इसका लाभ होगा? क्‍या इस बाबत् विभाग द्वारा क्‍या योजना पर अमल किया जा रहा है? मटर फल मण्‍डी में ही तुले इस बाबत् क्‍या कार्ययोजना बनाई जा रही है?

राज्‍यमंत्री, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण ( श्री सूर्यप्रकाश मीना ) : (क) जी हाँ। (ख) जी हाँ। फूड प्रोसेसिंग प्‍लांट की स्‍थापना विभाग द्वारा नहीं की जाती है। मध्‍यप्रदेश उद्योग संवर्धन नीति, 2014 के क्रम में विशिष्‍ट वित्‍तीय सहायताओं के प्रावधान अनुसार खाद्य प्रसंस्‍करण उद्योग लगाने हेतु निजी निवेशक लाभ ले सकता है। मंडी अधि‍नियम 1972 की धारा 6 में संशोधन अनुसार कृषक अपनी शीघ्र नश्‍वर होने वाली कृषि उपज का विक्रय मंडी प्रांगण में या मंडी प्रांगण के बाहर करने का निर्णय स्‍वविवेक से लेता है, अत: कार्य-योजना बनाने का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

ग्राम पंचायत मुख्‍यालय पर उचित मूल्‍य दुकान

7. ( क्र. 333 ) श्री दिलीप सिंह शेखावत : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता के विधान सभा क्षेत्र नागदा-खाचरौद में ग्रामीण क्षेत्रों में कुल कितनी उचित मूल्‍य की दुकानें संचालित हैं? (ख) क्‍या शासन द्वारा प्रत्‍येक पंचायत मुख्‍यालय पर उचित मूल्‍य दुकान खोलने का प्रावधान किया गया था? प्रत्‍येक पंचायत मुख्‍यालय पर कब तक उचित मूल्‍य दुकान खुल जावेगी? (ग) यदि ऐसा नियम नहीं है तो कब तक नियम बनाया जावेगा, ताकि ग्रामीणों को पैदल चलना न पड़े एवं पंचायत मुख्‍यालय पर ही सामान मिल सके?

खाद्य मंत्री ( श्री ओम प्रकाश धुर्वे ) : (क) विधान सभा क्षेत्र नागदा-खाचरौद में ग्रामीण क्षेत्र में कुल 58 शासकीय उचित मूल्‍य की दुकानें संचालित हैं। (ख) जी नहीं। सार्वजनिक वितरण प्रणाली (नियंत्रण) आदेश, 2015 के अंतर्गत प्रत्‍येक पंचायत मुख्‍यालय पर नहीं अपितु प्रत्‍येक पंचायत में उचित मूल्‍य की दुकानें खोले जाने का प्रावधान है। पंचायतों के अंतर्गत स्‍थान चयन करने का अधिकार जिला पंचायत को है। उचित मूल्‍य दुकानों का आवंटन कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। माननीय उच्‍च न्‍यायालय के स्‍थगन के प्रकाश में समय-सीमा बताना संभव नहीं है। (ग) उत्‍तरांश (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

पेयजल योजना की

8. ( क्र. 334 ) श्री दिलीप सिंह शेखावत : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या नागदा नगर के डाउन स्‍ट्रीम में चम्‍बल नदी के अशुद्ध पानी के कारण पेयजल संकट था। इसलिये विभाग द्वारा 22 ग्रामों में शुद्ध पेयजल उपलब्‍ध कराने हेतु 29.30 करोड़ की योजना बनाई गई थी? (ख) इस योजना की वर्तमान स्थिति क्‍या है? क्‍या योजना के टेंडर हो चुके हैं? यदि टेंडर हो चुके हैं तो कार्य कब तक प्रारंभ किया जावेगा?

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) जी हाँ। (ख) योजना की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई है। निविदायें प्राप्त होकर स्वीकृति की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। निश्चित समयावधि नहीं बताई जा सकती।

पानसेमल, राजपुर एवं ठीकरी वि.खं. में नलकूप खनन पर प्रतिबंध

9. ( क्र. 362 ) श्री दीवानसिंह विट्ठल पटेल : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या बड़वानी जिले के पानसेमल, राजपुर एवं ठीकरी वि.खं. में नलकूप खनन पर शासन द्वारा प्रतिबंध लगाया गया है? यदि हाँ, तो कारण बतावें। (ख) क्‍या शासकीय नलकूप खनन किए जा रहे हैं? यदि हाँ, तो निजी खनन पर रोक क्‍यों लगाई गई हैं? (ग) क्‍या इससे किसानों को काफी परेशानी हो रही है? यदि हाँ, तो क्‍या किसानों को नलकूप खनन की अनुमति प्रदान की जावेगी? यदि हाँ, तो कब तक यह छूट प्रदान की जावेंगी और नहीं तो कारण बतावें?

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) जी नहीं। शेष प्रश्नांश ही उपस्थित नहीं होता। (ख) जी हाँ। पेयजल के अतिरिक्त अन्य प्रयोजनों हेतु निजी नलकूपों के खनन पर रोक लगाई गई थी। (ग) पेयजल परीक्षण अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार सक्षम प्राधिकारी द्वारा अनुमति प्रदान की जाती है। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता।

पाटन विधान सभा अंतर्गत खाद्यान्‍न पात्रता पर्ची का वितरण

10. ( क्र. 824 ) श्री नीलेश अवस्‍थी : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) पाटन विधान सभा क्षेत्र अंतर्गत ऐसे कितने हितग्राही हैं, जो खाद्यान्‍न पात्रता पर्ची प्राप्‍त करने की पात्रता रखते हैं? ग्रामवार बतावें। (ख) प्रश्‍नांश (क) में उल्‍लेखित लोगों में से कितनो को प्रश्‍न दिनांक तक पात्रता पर्ची प्रदान कर दी गई है एवं कितने लोगों को किन कारणों से प्रश्‍न दिनांक तक पात्रता पर्ची प्रदान नहीं की गई? ग्रामवार, नामवार सूची देवें। (ग) पात्र लोगों को पात्रता पर्ची प्रदान न करने के क्‍या कारण हैं? समय पर पात्रता पर्ची प्रदान न करने वाले कर्मचारियों पर शासन कब तक क्‍या कार्यवाही करेगा एवं वंचित लोगों को कब तक पात्रता पर्ची प्रदान कर दी जावेगी?

खाद्य मंत्री ( श्री ओम प्रकाश धुर्वे ) : (क) पाटन विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत 60,285 परिवारों को सत्‍यापन उपरांत राशन सामग्री प्राप्‍त करने हेतु पात्रता पर्ची जारी की गई है। ग्रामवार पात्र परिवारों की संख्‍या पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) प्रश्‍नांश '' के उत्‍तर में उल्‍लेखित समस्‍त परिवारों को पात्रता पर्ची जारी कर दी गई है। पात्र परिवारों को सत्‍यापन एवं उनको पात्रता पर्ची जारी करना एक सतत् प्रक्रिया है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) प्रश्‍नांश '' एवं '' के उत्‍तर परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

 

 

नल-जल योजना को संचालन

11. ( क्र. 880 ) श्री रामपाल सिंह : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या शहडोल जिले के जयसिंह नगर तहसील अंतर्गत ग्राम नगनौड़ी एवं ब्‍यौहारी तहसील अंतर्गत ग्राम सपटा में सार्वजनिक पेयजल उपलब्‍धता हेतु नल-जल योजनान्‍तर्गत ओवर हैड टैंक की स्‍थापना की गई है? (ख) यदि हाँ, तो उक्‍त नल-जल योजना इस वर्ष ग्रीष्‍म ऋतु में बंद पड़ी हुई थी, जबकि उक्‍त क्षेत्र सूखा प्रभावित क्षेत्र है और यहां पेयजल की गंभीर समस्‍या निर्मित है? क्‍या उक्‍त समस्‍या के संबंध में संबंधित जिम्‍मेदार अधिकारी/कर्मचारी के विरूद्ध कार्यवाही की जावेगी? यदि हाँ, तो कब तक?

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) जी हाँ। (ख) ग्राम सपटा की नल-जल योजना ग्रीष्म ऋतु में भी चालू रही है। ग्राम नगनौड़ी की नल-जल प्रदाय योजना मोटरपंप खराब, विद्युत प्रदाय की अनियमितता एवं पंचायत की अरूचि के कारण बंद थी जिसे पेयजल समिति गठित कराकर चालू करा दिया गया है। ग्राम नगनौड़ी में ग्रीष्मकाल में 15 हैण्डपंपों के माध्यम से भी जलप्रदाय होता रहा है। किसी भी प्रकार की पेयजल समस्या नहीं रही है अतः किसी अधिकारी/कर्मचारी के विरूद्ध कार्यवाही का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

पाइप लाइन विस्‍तार

12. ( क्र. 881 ) श्री रामपाल सिंह : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या शहडोल जिले के जयसिंह नगर एवं ब्‍यौहारी तहसील अंतर्गत पेयजल उपलब्‍धता हेतु नल-जल योजना गांवों में संचालित की गई है? (ख) यदि हाँ, तो क्‍या उक्‍त तहसीलों के संचालित नल-जल योजनाओं में पाइप लाइन विस्‍तार किया जावेगा क्‍योंकि नल-जल योजना स्‍थापना के उपरांत पाइप लाइन का विस्‍तार नहीं किया गया है? आबादी तीव्र गति से बढ़ रही है? (ग) यदि विस्‍तारीकरण का प्रस्‍ताव है या कराया जा रहा है तो किस-किस नल-जल योजना में कितनी लंबी पाइप लाइन लगाये जाने का प्रस्‍ताव है या लगाया जा रहा है?

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) एवं (ख) जी हाँ। (ग) विस्तारीकरण का न तो प्रस्ताव प्राप्त है तथा न ही कराया जा रहा है परंतु संबंधित ग्राम पंचायत से प्रस्ताव एवं अंशदान की राशि प्राप्त होने पर पाइप लाइन विस्तार की कार्यवाही की जा सकेगी।

आगंनवाड़ी केन्‍द्रों में पूरक पोषण आहार

13. ( क्र. 1008 ) श्री नरेन्‍द्र सिंह कुशवाह : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) जिला भिण्‍ड में कौन सी परियोजना संचालित है? सांझा चूल्‍हा कार्यक्रम, आंगनवाड़ी/मिनी आंगनवाड़ी केन्‍द्रों में पूरक पोषण आहार किन स्‍वसहायता समूहों के माध्‍यम से जनवरी 2014 से प्रश्‍नांश दिनांक तक किया गया? (ख) भिण्‍ड जिले की आंगनवाड़ी केन्‍द्रों में पोषण आहार वितरण हेतु जनवरी 2016 से प्रश्‍नांश तक निविदा आमंत्रित की गई निविदा चयन प्रक्रिया क्‍या अपनाई गई? प्रावधान क्‍या है? (ग) प्रश्‍नांश (क) ओर (ख) के अंतर्गत समूहों का नाम एवं कार्यकारणी अध्‍यक्ष, सचिव का नाम, उद्देश्‍य और कार्यक्षेत्र क्‍या है? ऑडिट समयावधि में की गई? भौतिक रूप से संचालित है? (घ) पूरक पोषण आहार वितरण निविदा आंमत्रित और चयनित में गंभीर अनियमितता हुई? स्‍थानीय स्‍वसहायता समूहों को चयनित न करके अन्‍यत्र क्षेत्र को क्‍यों चयनित किया गया विगत तीन वर्षों में किस स्‍तर के अधिकारी द्वारा निरीक्षण किया गया? निरीक्षण प्रतिवेदन के साथ जानकारी दें?

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( श्रीमती अर्चना चिटनिस ) : (क) महिला एवं बाल विकास विभाग भिण्ड अंतर्गत 09 परियोजनाएं ग्रामीण क्षेत्र तथा 01 परियोजना शहरी क्षेत्र में कुल 10 परियोजनाएं संचालित है। सांझा चूल्हा कार्यक्रम के तहत् आंगनवाड़ी/मिनी आंगनवाड़ी केन्द्रों में पोषण आहार प्रदाय कर रहे स्व सहायता समूहों की सूची परियोजनावार पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र पर है। (ख) भिण्ड जिलें की शहरी बाल विकास परियोजना की आंगनवाड़ी केन्द्रों पर पोषण आहार वितरण हेतु जनवरी 2016 से प्रश्नांश दिनांक तक दो बार दिनांक 16/04/2016 एवं दिनांक 13/05/2016 को निविदा आमंत्रित की गई थी। कार्यालय जिला कार्यक्रम अधिकारी एकीकृत बाल विकास सेवा जिला भिण्ड के पत्र क्रमांक/आईसीडीएस/पोआ/ 16/1082, भिण्ड, दिनांक 07/04/2016 द्वारा जारी EOI (एक्सप्रेसन आफ इंट्रेस्ट) की शर्तों के तहत् नियमानुसार निविदा चयन प्रक्रिया अपनाई गई है। निर्देश की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र पर है। निविदा चयन प्रक्रिया पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र- पर है। चयन प्रक्रिया के प्रावधान पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र पर है। (घ) पूरक पोषण आहार वितरण निविदा आमंत्रित और चयनित में किसी भी प्रकार की अनियमितता नहीं हुयी है। संपूर्ण प्रक्रिया पूर्ण निष्पक्षता तटस्थता, पारदर्शिता एवं विभाग द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार सक्षम अधिकारी द्वारा गठित जिला स्तरीय पोषण समिति द्वारा सम्पन्न की गई है। प्रथम विज्ञप्ति में समिति द्वारा चयनित समूह/महिला मण्डलों का कार्यक्षेत्र सम्पूर्ण मध्यप्रदेश है। गत तीन वर्षों में आंगनवाड़ी केन्द्रों पर पोषण आहार प्रदाय व्यवस्था का समय-समय पर संभागीय संयुक्त संचालक/ जिला कार्यक्रम अधिकारी/परियोजना अधिकारी/पर्यवेक्षक एवं गठित टीमों द्वारा निरीक्षण किया गया। निरीक्षण प्रतिवेदन पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र पर है।

नगर एवं ग्राम रक्षा समिति सदस्यों को मिलने वाली सुविधा

14. ( क्र. 1273 ) श्री विजय सिंह सोलंकी : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) यातायात वार्डन नियुक्त करने तथा सामग्री प्रदान करने संबंधी नीति, निर्देश की प्रति देवें। खरगोन जिले में कितने यातायात वार्डन कहां-कहां पर नियुक्त किये गये हैं। (ख) . इंदौर संभाग के कितने जिलो में यातायात पार्क का निर्माण किया गया है, कितने स्थानों पर यह पार्क पूर्ण, अपूर्ण या अप्रारम्भ हैं। कारण सहित बतायें?

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार। वर्तमान में 04 यातायात वार्डन कार्यरत है। स्थान निश्चित नहीं है। (ख) इन्दौर जिले में रेसीडेंसी एरिया रेडियों कालोनी के पास एक यातायात पार्क तथा उप पुलिस महानिरीक्षक शहर कार्यालय रानी सराय में परिसर में एक यातायात पार्क बना हुआ है। जिला झाबुआ में एक यातायात पार्क पूर्ण होकर संचालित है। इन्दौर संभाग के शेष अन्य किसी जिले में यातायात पार्क वित्तीय अनुशासन के कारण उपलब्ध नहीं है।

सिरीगुरू सिंघ सभा कटनी की जाँच बाबत्

15. ( क्र. 1288 ) श्रीमती शीला त्‍यागी : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या सिरीगुरू सिंघ सभा कटनी के प्रबंधक एवं सचिव द्वारा गुरूजी सिंघ सभा की चल एवं अचल संपत्ति को फर्जी तरीके के खुर्द-बुर्द करने की शिकायत पुलिस अधीक्षक, कटनी एवं थाना प्रभारी कोतवाली कटनी को दिनांक 30.05.2016 को सिक्‍ख समाज के नागरिकों द्वारा दी तथा फर्जी चुनाव को रोकने एवं पंजीयन निरस्‍त करने तथा विधि संगत चुनाव कराने हेतु एक पत्र अनुविभागीय अधिकारी राजस्‍व कटनी तथा कलेक्‍टर कटनी को भी दिया है? (ख) यदि प्रश्‍नांश (क) हाँ तो आज दिनांक तक क्‍या कार्यवाही की गई? यदि नहीं, तो क्‍यों तथा कब तक कार्यवाही करेंगे? (ग) दिनांक 19.06.2016 को अवैधानिक चुनाव को निरस्‍त किए जाने हेतु कलेक्‍टर कटनी को दिनांक 21.06.2016 को दिए गए पत्र पर क्‍या कार्यवाही की गई?

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) जी हाँ। (ख) उक्त आवेदन पत्र की जाँच की गई जिसमें किसी भी प्रकार का जुर्म दस्तंदाजी अपराध घटित होना नहीं पाया गया। साथ ही न्यायालय अनुविभागीय अधिकारी कटनी द्वारा उक्त आवेदन पत्रों पर कार्यवाही करते हुए रा.प्र.क्र. 460/बी. 121/2015-16 दर्ज कर अनावेदक पक्ष को सूचना पत्र जारी कर जाँच प्रचलित है। प्रकरण में प्रथमतः अधिकार क्षेत्र का निर्णय किया जाएगा, इसके बाद आवश्यकता पड़ने पर दोनों पक्षों को सुनकर प्रकरण का निर्णय किया जाएगा। न्यायालयीन प्रकरण है, इसलिए समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ग) आवेदक द्वारा प्रस्तुत शिकायत आवेदन पत्रों के आधार पर न्यायालय अनुविभागीय अधिकारी कटनी में कार्यवाही प्रचलित है।

परिशिष्ट - ''चौदह''

नल-जल योजना की शिकायत

16. ( क्र. 1320 ) श्री यादवेन्‍द्र सिंह : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) प्रश्‍नोत्‍तरी दिनांक 30.3.2016 में मुद्रित परि.अता. प्रश्‍न संख्‍या 38 (क्रमांक 6057) के उत्‍तर के परिप्रेक्ष्‍य में क्‍या शिकायतकर्ता को बिना सुने जाँच की गई है? जाँच प्रतिवेदन को प्रति सहपत्रों सहित उपलब्‍ध कराये। बिना सुने जाँच करना तथा असत्‍य जाँच प्रतिवेदन देने वाले के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की जावेगी? (ख) क्‍या शिकायतकर्ता द्वारा पुन: मई 2016 से प्रश्‍न दिनांक की अवधि में मुख्‍यमंत्री, अधीक्षण यंत्री रीवा, सरपंच, सचिव, ग्राम पंचायत खाद्य को शिकायत की गई व शिकायतकर्ता को पुन: सुना जाकर शिकायत में उल्‍लेखित बिन्‍दुओं को जाँच कराई जावेगी? यदि हाँ, तो कब तक? (ग) पूर्व में की गई शिकायत में सचिव एवं सरपंच ने विषयांकित शिकायत में क्‍या प्रतिवेदन दिया है? उसका भी विवरण उपलब्‍ध करायें।

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) जी हाँ। शिकायत में वर्णित तथ्यों का परीक्षण, अभिलेखों एवं स्थल सत्यापन द्वारा किया गया। शिकायत एवं जाँच प्रतिवेदन संलग्न परिशिष्‍ट अनुसार है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) प्रश्नाधीन अवधि में कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता। (ग) जी नहीं। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''पंद्रह''

विधान सभा क्षेत्र गोटेगांव अंतर्गत हैण्‍डपंप खनन

17. ( क्र. 1340 ) डॉ. कैलाश जाटव : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) वर्तमान में विधान सभा क्षेत्र गोटेगांव अंतर्गत जनपद पंचायत गोटेगांव एवं जनपद पंचायत नरसिंहपुर में वित्‍त वर्ष 2015-16 एवं 2016-17 में कितने स्‍थानों पर हैण्‍डपम्‍प लगाने हेतु गड्ढे खोदे गये? ग्राम वार सूची उपलब्‍ध करावें। (ख) विधान सभा क्षेत्र गोटेगांव अंतर्गत वित्‍त वर्ष 2015-16 एवं 2016-17 में नल-जल योजना हेतु मध्‍यप्रदेश शासन द्वारा कितनी राशि स्‍वीकृत की गई?(ग) प्रश्‍नांश (ख) अनुसार ग्रामों में जो नल-जल योजना संचालित की जा रही हैं उनमें से कितनी नल-जल योजना वर्तमान में सुचारू रूप से चालू हैं एवं कितनी बंद हैं? जो नल-जल योजना बंद है उनके बंद होने का कारण स्‍पष्‍ट करें। (घ) प्रश्‍नांश (ग) अनुसार जो नल-जल योजना बंद है उन्‍हें चालू करने की शासन की कोई मंशा है? यदि हां, तो कब तक चालू करा दी जावेगी?

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 एवं 2 अनुसार है। (ख) विधानसभा क्षेत्र गोटेगांव अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2015-16 एवं 2016-17 में नल-जल योजना हेतु राशि स्वीकृत नहीं की गई। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट प्रपत्र-3 के अनुसार है। (घ) 3 नल-जल योजनाएं पाइप लाइन में टूट-फूट के कारण बंद हैं जिन्हें चालू करने का दायित्व संबंधित ग्राम पंचायतों का है। निश्चित समयावधि नहीं बताई जा सकती।

गोटेगांव में एस.डी.ओ.पी. (पुलिस) कार्यालय एवं अमले

18. ( क्र. 1344 ) डॉ. कैलाश जाटव : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) गोटेगांव में एस.डी.ओ.पी. (पुलिस) कार्यालय शासन की मंशानुसार स्‍वीकृत किया जा चुका है। इसकी वर्तमान स्थिति क्‍या है? (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार गोटेगांव में एस.डी.ओ.पी. (पुलिस) कार्यालय की स्‍थापना कब तक की जावेगी?

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) एवं (ख) प्रस्ताव परीक्षणाधीन है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

खुजराहो में पदस्‍थ ABFO श्री अहिरवार को हटाये जाने अथवा निलंबित किया जाना

19. ( क्र. 1379 ) कुँवर विक्रम सिंह : क्या पशुपालन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) छतरपुर जिलांतर्गत खजुराहो में पदस्‍थ पशु औषधालय में ABFO श्री अहिरवार द्वारा शासकीय कर्तव्‍यों को निर्वहन नहीं किया जा रहा है और लंबे समय से कार्यरत है? (ख) क्‍या नगर खजुराहो के रहने वाले अन्‍य लोगों ने स्‍पष्‍ट रूप से कहा कि उक्‍त ABFO श्री अहिरवार द्वारा पशुओं के उपचार हेतु खुले आम सुकराना शुल्‍क की मांग की जाती है? (ग) क्‍या लंबे समय से पदस्‍थ ABFO श्री अहिरवार को जिले से बाहर स्‍थानांतरण की कार्यवाही की जावेगी? (घ) क्‍या जाँचकर निलंबित किया जावेगा?

पशुपालन मंत्री ( श्री अंतरसिंह आर्य ) : (क) जी नहीं। जी हाँ। (ख) जी नहीं। (ग) वर्तमान में शासन द्वारा स्थानांतरण पर प्रतिबंध है। (घ) शि‍कायत प्राप्त होने पर जाँच कर नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी।

शस्‍त्र लाईसेंस की स्‍वीकृति के संबंध में

20. ( क्र. 1380 ) कुँवर विक्रम सिंह : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला छतरपुर में वर्ष 2015-16 से प्रश्‍न दिनांक तक कितने शस्‍त्र लाईसेंस के प्रकरण लंबित पड़े हैं जिनकी अनुविभागीय अधिकारी राजस्‍व एवं पुलिस विभाग से रिपोर्ट लगाकर भेजी गई? (ख) क्‍या प्रश्‍नकर्ता द्वारा शस्‍त्र लाईसेंस के स्‍वीकृत हेतु पत्र कलेक्‍टर महोदय छतरपुर को दिये गये यदि हाँ, तो कब तक स्‍वीकृति की जावेगी?

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) जिला छतरपुर में आलोच्य अवधि में नवीन शस्त्र लायसेंस आवेदन पत्रों पर पुलिस तथा अ.वि.दण्डा. से 275 प्रतिवेदन प्राप्त हुए हैं। विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। (ख) प्रश्नकर्ता द्वारा शस्त्र लायसेंस स्वीकृत करने हेतु 12 पत्र 12 व्यक्तियों को शस्त्र लायसेंस स्वीकृत करने हेतु दिये गये हैं। सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। 03 प्रकरणों का निराकरण किया जा चुका है। शेष प्रकरणों का परीक्षण किया जा रहा है। परीक्षण उपरांत गुण-दोष के आधार पर प्रकरणों का निराकरण किया जायेगा। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

शिवपुरी जिले में यंत्रियों एवं कर्मचारियों के रिक्‍त पदों की अविलंब पूर्ति

21. ( क्र. 1568 ) श्री रामसिंह यादव : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या शिवपुरी जिले में जून-2016 की स्थिति में सहायक यंत्री/उपयंत्री/कर्मचारियों एवं मैकेनिकों के पद रिक्‍त है? यदि हाँ, तो कौन-कौन से पद कहाँ-कहाँ पर कब से रिक्‍त है? उक्‍त रिक्‍त पद कब तक भरे जाएंगे? (ख) क्‍या विकासखण्‍ड बदरवास में वर्तमान में पदस्‍थ उपयंत्री द्वारा कार्य में लापरवाही बरतने, जनसुनवाई न करने एवं हैण्‍डपंपों के पाइप एवं सामग्री खुर्द-बुर्द करने की शिकायतें प्राप्‍त हुई है? यदि हाँ, तो किन-किन शिकायतों पर क्‍या-क्‍या कार्यवाही कब-कब किस-किस के द्वारा की गई? (ग) क्‍या बदरवास विकासखण्‍ड के पदस्‍थ उपयंत्री कार्य के प्रति लापरवाह है, जिसकी जानकारी वरिष्‍ठ अधिकारियों को है? कार्य सुचारू रूप से चलें? इसके लिये क्‍या इन्‍हें बदरवास विकासखण्‍ड से हटाकर किसी सक्षम उपयंत्री की पदस्‍थापना की जाएगी? यदि हाँ, तो कब तक? (घ) बदरवास विकासखण्‍ड में विभाग द्वारा जनवरी-2015 से जून-2016 तक क्‍या-क्‍या सामग्री, मशीनें आदि कब-कब प्रदाय की गई तथा उक्‍त सामग्री, मशीनें आदि कहाँ-कहाँ लगाई गई? कौन-कौन सी कितनी-कितनी पुरानी सामग्री और मशीनें आदि पुराने हैण्‍डपंपों/नलकूपों से निकालकर कितनी-कितनी कहाँ-कहाँ लगाई गई?

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) जी हाँ। नियमित स्थापना के रिक्त पदों का विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 एवं कार्यभारित स्थापना के रिक्त पदों का विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार। निश्चित समय-सीमा बतलाना संभव नहीं है। (ख) जी नहीं। प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) ऐसी कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है, शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) प्रदाय की गई सामग्री का विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2, लगाई गई जानकारी का विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2, विद्युत मोटर पम्प स्थापित करने संबंधी विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 एवं पुरानी सामग्री निकाल कर लगाने संबंधी विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 द अनुसार है।

गौशालाओं के पंजीयन हेतु लंबित आवेदन

22. ( क्र. 1569 ) श्री रामसिंह यादव : क्या पशुपालन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या शिवपुरी जिले में गौशालाओं के पंजीयन हेतु जून 2016 की स्थिति में आवेदन लंबित हैं? यदि हाँ, तो कौन-कौन सी गौशालाओं के आवेदन कब से एवं क्‍यों लंबित है? इनका पंजीयन एवं मान्‍यता कब तक कर दी जाएगी? (ख) क्‍या प्रदेश में गौशालाओं के पंजीयन में अनावश्‍यक रूप से विलंब किया जा रहा है? यदि हाँ, तो क्‍यों? यदि नहीं, तो गौशालाओं के पंजीयन क्‍यों लंबित है? (ग) क्‍या शिवपुरी जिले में शासकीय गौशालाएं संचालित हैं? यदि हाँ, तो कौन-कौन सी गौशालाएं कहाँ-कहाँ पर संचालित हैं तथा कितनी गौ-माताएं हैं? (घ) क्‍या शिवपुरी की गौशाला की भूमि पर अतिक्रमण है? यदि हाँ, तो गौशाला की कुल कितनी भूमि किस खसरा नंबर की है एवं गौशाला की कितनी भूमि पर किसका कितनी भूमि पर कब से अतिक्रमण है एवं क्‍यों?

पशुपालन मंत्री ( श्री अंतरसिंह आर्य ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार(ख) जी नहीं। परीक्षण के पात्र होने पर गौशालाओं के पंजीयन की कार्यवाही निरंतर की जा रही है। (ग) जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''सोलह''

पशुपालन विभाग द्वारा फर्जी हितग्राहियों को लांभावित करना

23. ( क्र. 1622 ) डॉ. योगेन्‍द्र निर्मल : क्या पशुपालन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) पशुपालन विभाग के द्वारा संचालित हितग्राही मूलक योजनाएं क्‍या-क्‍या हैं? योजनाओं का लाभ किन पात्र व्‍यक्तियों को शासन/विभाग के दिशा निर्देश द्वारा दिये जाने के प्रावधान हैं? दिशा निर्देश/नियम की जानकारी देवें? (ख) बालाघाट जिले की वारासिवनी विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत वर्ष २०१३-१४, २०१४-१५, २०१५-१६ एवं प्रश्‍न दिनांक तक कितने हितग्राहियों को किन-किन योजनाओं के तहत् किस-किस प्रयोजन हेतु कितनी-कितनी राशि से लाभांवित किया गया है? (ग) क्‍या प्रश्‍नांश (ख) में वर्णित वर्षों में विभाग के अधिकारियों द्वारा फर्जी हितग्राहियों से सांठ-गांठ कर योजनाओं का लाभ बताकर विभाग/शासन को आर्थिक नुकसान पहुँचाया गया हैं? यदि नहीं, तो क्‍या उपरोक्‍त वर्षों में अधिकारियों द्वारा स्‍वीकृत किये गये प्रकरणों की जाँच करायी जायेगी? यदि हाँ, तो किस किस स्‍तर के सक्षम अधिकारियों से कब तक जाँच करा ली जायेगी? जाँच उपरांत दोषी पाये गये अधिकारी/कर्मचारियों के विरूद्ध शासन/विभाग द्वारा क्‍या कार्यवाही की जावेगी?

पशुपालन मंत्री ( श्री अंतरसिंह आर्य ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ग) जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।

कुटीर एवं ग्रामोद्योग

24. ( क्र. 1624 ) श्री विष्‍णु खत्री : क्या पशुपालन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बैरसिया विधानसभा क्षेत्रांतर्गत वित्‍तीय वर्ष 2014-15, 2015-16 एवं 2016-17 में 15/जून/2016 तक कितने व्‍यक्ति कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग की योजनाओं से लाभांवित हुये, सूची उपलब्‍ध करावें? (ख) बैरसिया विधानसभा क्षेत्र में विभाग द्वारा कुटीर एवं ग्रामोद्योग से जुड़ने हेतु प्रशिक्षण अथवा मार्गदर्शन के कार्यक्रम कब-कब संचालित किये गये हैं? तिथिवार पूर्ण विवरण उपलब्‍ध करावें? (ग) बैरसिया विधानसभा क्षेत्र में कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग की योजनाओं से ज्‍यादा से ज्‍यादा व्‍यक्ति लाभांवित हो, इस हेतु विभाग कोई कार्ययोजना तैयार कर रहा है, यदि नहीं, तो क्‍यों?

पशुपालन मंत्री ( श्री अंतरसिंह आर्य ) : (क) बैरसिया विधानसभा क्षेत्रांतर्गत वित्तीय वर्ष 2014-15, 2015-16 एवं 2016-17 में 15 जून 2016 तक 101 व्यक्ति लाभान्वित हुये। सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''एक'' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''दो'' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''तीन'' अनुसार है।

पॉली हाउस/नेट हाउस के लिए अनुदान

25. ( क्र. 1625 ) श्री विष्‍णु खत्री : क्या राज्‍यमंत्री, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बैरसिया विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत केन्‍द्र/राज्‍य शासन की अनुदान योजनाओं के तहत वित्‍तीय वर्ष 2014-15, 2015-16 एवं 2016-17 में कितने हितग्राहियों के पॉली हाउस/नेट हाउस कितनी-कितनी राशि के स्‍वीकृत हुये हैं? विवरण सूची सहित उपलब्‍ध करावें? (ख) प्रश्‍नांश (क) में दर्शित हितग्राहियों के पॉली हाउस/नेट हाउस बनाये जाने हेतु कौन-कौन सी एजेंसी अधिकृत की गयी थी, सूची उपलब्‍ध करावें?

राज्‍यमंत्री, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण ( श्री सूर्यप्रकाश मीना ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) एजेंसी का चयन हितग्राही स्‍वयं करता है। कार्य करने वाली एजेंसियों की जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है।

परिशिष्ट - ''सत्रह''

पुलिस अधिकारियों की पदस्‍थापना नियम

26. ( क्र. 1745 ) श्री रामेश्‍वर शर्मा : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) किसी जिले में उपनिरीक्षक, निरीक्षक स्‍तर के एवं इससे उच्‍च स्‍तर के पुलिस अधिकारियों की पोस्टिंग नियमानुसार अधिकतम कितने समय तक की जा सकती है? (ख) भोपाल जिले में वर्तमान में पदस्‍थ उक्‍त स्‍तर के सभी पुलिस अधिकारियों की पोस्टिंग क्‍या अधिकतम समय-सीमा के अंदर है? अधिकारी का नाम वर्तमान पदस्‍थापना स्‍थल, जिले में पोस्टिंग की तिथि सहित सूची भी उपलब्‍ध करवायें? (ग) क्‍या उक्‍त स्‍तर के अधिकारियों में ऐसे भी अधिकारी शामिल हैं जो भोपाल जिले के मूल निवासी हैं? अगर हाँ, तो इनकी सूची भी उपलब्‍ध करवायें? (घ) इन अधिकारियों में से ऐसे कौन से अधिकारी हैं जो दो एवं अधिक बार स्‍थानांतरण होने के बाद पुन: भोपाल जिले में वापस आ गए हैं?

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) म.प्र.शासन सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी स्थानान्तरण नीति क्रमांक एफ-6-एक/2015/एक/9 भोपाल दिनांक 15.04.15 की कण्डिका 8.7 में निर्धारित नीति अनुसार। (ख) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार(ग) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार(घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-स अनुसार

आंतरी थाना प्रभारी के विरूद्ध शिकायत

27. ( क्र. 1853 ) श्री लाखन सिंह यादव : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) थाना प्रभारी आंतरी श्री जय किशोर राजौरिया की अनियमितताओं जैसे (1) महिलाओं के साथ बदसलूकी करना. (2) रेत का अवैध कारोबार कराना. (3) रेल की रेक से डीजल-पेट्रोल की चोरी करना. (4) आंतरी थाना क्षेत्र में सट्टा तथा जुआ खिलवाना. (5) दामोदर सेन एवं उनकी पत्नी की लूट में अपराधियों से अवैध वसूली करना इत्‍यादि। बिंदुओं पर युवा कांग्रेस ग्‍वालियर के लोकसभा अध्‍यक्ष संजय सिंह यादव द्वारा दिनांक 23.06.2016 को वरिष्‍ठ कांग्रेस पदाधिकारियों के साथ पुलिस अधीक्षक ग्‍वालियर को ज्ञापन दिया था? यदि हाँ, तो उक्‍त पत्र की प्रति उपलब्‍ध करावें? क्‍या उक्‍त बिंदुओं की जाँच कराई? यदि हाँ, तो प्रत्‍येक बिंदुवाईज़ जाँच रिपोर्ट स्‍पष्‍ट करें? क्‍या थाना प्रभारी आंतरी के विरूद्ध कोई दण्‍डात्‍मक कार्यवाही की गई है? यदि हाँ, तो क्‍या? स्‍पष्‍ट करें। यदि नहीं, तो क्‍या उक्‍त थाना प्रभारी को भारी लूट खसोट तथा सम्‍मानीय व्‍यक्तियों को अपमानित करना तथा झूठे केस दर्ज कराने की छूट दे रखी है? यदि नहीं, तो फिर उक्‍त थाना प्रभारी के प्रति कठोर कार्यवाही क्‍यों नहीं की जा रही है? (ख) पत्र क्र./प्र.क्र.क्‍यू./आर.डी.एम./नौ-5/14, 15 एवं 16 ग्‍वालियर, दिनांक 15.06.2016 जो डॉ.संजय गोयल जिला दण्‍डाधिकारी जिला ग्‍वालियर द्वारा पुलिस अधीक्षक ग्‍वालियर को लिखा था, उसमें अपराध क्र. 52/16 थाना आंतरी आरोपी (1) पंजाब सिंह पुत्र श्री नारायण सिंह. (2) जगदीश सिंह पुत्र श्री रामजीलाल. (3) मोहन सिंह पुत्र श्री रामनाथ सिंह ग्राम तोंडा थाना आंतरी के शस्‍त्र लाइसेंस तत्‍काल प्रभाव से निलंबित कर संबंधित थाने में जमा कराने हेतु आदेश दिये थे? यदि हाँ, तो आदेश की प्रति उपलब्‍ध करावें? प्रश्‍न दिनांक तक उक्‍त पत्र पर क्‍या कार्यवाही की गई है? क्‍या शस्‍त्र संबंधित थाने में जमा कर लिये गये हैं? यदि हाँ, तो किस दिनांक को? यदि नहीं, तो क्‍यों? कारण सहित स्‍पष्‍ट करें।

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) जी हाँ। पुलिस अधीक्षक ग्वालियर को दिया गया ज्ञापन पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार। उपरोक्त ज्ञापन की जाँच अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, देहात, ग्वालियर से कराई गई। जिसमें क्रमांक 1 से 5 तक बिन्दु प्रमाणित नहीं पाये गये। यद्यपि थाना प्रभारी आंतरी के द्वारा उपरोक्त वर्णित ज्ञापन के प्रत्येक बिन्दु पर विधिवत कार्यवाही की गई है इसके बावजूद उन्हें अपना आचरण सुधारने एवं जनता के प्रति संवेदनशील रवैया अपनाने के निर्देश दिये गये हैं। पुलिस अधीक्षक, ग्वालियर के द्वारा थाना प्रभारी आंतरी जयकिशोर राजौरिया को प्रशासनिक कारणों से आंतरी थाने से स्थानान्तरित किया जा चुका है। (ख) दिनांक 21.06.2016 को जिला दण्डाधिकारी, ग्वालियर के द्वारा आदेश क्रमांक क्यू/9/14/15/ 16/2016 दिनांक 21.06.2016 से पंजाब सिंह, जगदीश सिंह, मोहन सिंह के लायसेंस निरस्त करने के आदेश जारी किये गये थे, आदेश की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार। उपरोक्त आदेश के पालन में दिनांक 08.07.2016 को उपरोक्त तीनों व्यक्तियों के लायसेंस व आर्म्‍स थाना आंतरी जिला ग्वालियर में लायसेंस व आर्म्‍स जमा करा लिये गये हैं। जमा की रसीद पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार।

 

 

हैण्‍डपंपों सेट तथा प्‍लेटफार्म का निर्माण

28. ( क्र. 1854 ) श्री लाखन सिंह यादव : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) ग्‍वालियर जिले में विभाग को सिंगल फेस कनेक्‍शन की विद्युत मोटर 1 अप्रैल 2016 से प्रश्‍न दिनांक तक कितनी उपलब्‍ध हुई थी? कुल उपलब्‍ध विद्युत मोटरों में से ग्‍वालियर ग्रामीण, डबरा एवं भितरवार विधान सभा क्षेत्र में कितनी-कितनी उपलब्‍ध कराई अलग-अलग संख्‍यावार स्‍पष्‍ट करें? भितरवार विधान सभा क्षेत्र में प्राप्‍त विद्युत मोटरें किस-किस पंचायत में किस-किस स्‍थान पर डाली गई है? (ख) 1 जनवरी 2015 से प्रश्‍न दिनांक तक पी.एच.ई. विभाग द्वारा घाटीगाँव (बरई एवं भितरवार) विकासखण्‍ड में पेयजल की पूर्ति के लिये कितने नवीन खनन किये हैं? नवीन खनन में ऐसे कितने-कितने खनन हैं जहां उक्‍त अवधि में खनन हुये पाईन्‍टों में न हैण्‍डपंप सेट लगे है न उनका प्‍लेट फार्म निर्माण हुआ है ऐसी खननों की सूची ग्राम पंचायत का नाम, खनन का स्‍थान, खनन दिनांक एवं हैण्‍डपंप सेट पर प्‍लेटफार्म न बनाने का क्‍या कारण हैं? (ग) इस लापरवाही के लिये कौन-कौन कर्मचारी/अधिकारी दोषी है? दोषियों के प्रति क्‍या कोई दण्‍डात्‍मक कार्यवाही की जावेगी? यदि हाँ, तो क्‍या और कब तक? यदि नहीं, तो क्‍यों? अब कब तक हैण्‍डपंप सेट डालकर तथा प्‍लेटफार्म तैयार कर पेयजल की पूर्ति हेतु प्रदाय करा दिया जावेगा?

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) 45 सिंगलफेस मोटरपंप। ग्वालियर ग्रामीण एवं भितरवार विधानसभा क्षेत्र में क्रमशः 27 एवं 18 विद्युत मोटरें उपलब्ध कराई गई। शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) 458 नलकूप खनन कराये गये। समस्त सफल नलकूपों पर हैण्डपंप लगाये जा चुके हैं प्लेटफार्म निर्माण का कार्य ठेकेदार द्वारा नहीं किये जाने के कारण शेष है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ग) प्लेटफार्म निर्माण में हुये विलंब हेतु अधिकारी/कर्मचारी दोषी नहीं है अपितु दोषी ठेकेदार के विरूद्ध अनुबंध की शर्तों के अनुसार कार्यवाही की जा रही है। निश्चित समयावधि नहीं बताई जा सकती।

खाद्यान्‍न पर्चियों का वितरण

29. ( क्र. 1867 ) श्री महेन्‍द्र सिंह : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या नागरिकों की सुविधाओं एवं खाद्य आपूर्ति हेतु विभिन्‍न श्रेणी के उपभोक्‍ताओं को पर्ची जारी किये जाने का प्रावधान है? यदि बी.पी.एल. कार्ड धारक उपभोक्‍ता को किसी कारणवश खाद्यान्न पर्ची जारी नहीं की गई है, तो क्‍या उसे खाद्यान्न दिये जाने हेतु वैकल्पिक व्‍यवस्‍था बाबत् विभाग द्वारा निर्देश जारी किये गये हैं? प्रावधानों की प्रतियां उपलब्‍ध करावें। (ख) प्रश्‍नांश (क) के अनुसार यदि हाँ, तो किन-किन श्रेणी के उपभोक्‍ताओं को पर्ची जारी किये जाने के निर्देश है? खाद्यान्न पर्ची जारी न करने के लिये कौन दोषी है? दोषियों पर क्‍या कार्यवाही की जावेगी? (ग) क्‍या विक्रेता राशन दुकान द्वारा पात्र बी.पी.एल. कार्डधारक को कार्ड होने के बावजूद खाद्यान प्रदाय न करने पर विक्रेता के विरूद्ध कार्यवाही की जावेगी? यदि हाँ, तो कब तक बतावें? (घ) प्रश्‍नांश (क) के अनुसार विधान सभा क्षेत्र गुनौर में पूर्व वित्‍तीय वर्ष से प्रश्‍न दिनांक तक खाद्यान्न वितरण से संबंधित कितनी शिकायतें विभिन्‍न माध्‍यमों से प्राप्‍त हुई? प्राप्‍त शिकायत में से कितनी शिकायतों की जाँच करवाई गई एवं कितने शिकायतें सही पाई गई और सही पाई गई शिकायतों में क्‍या कार्यवाही की गई?

खाद्य मंत्री ( श्री ओम प्रकाश धुर्वे ) : (क) राष्‍ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 के अन्‍तर्गत पात्र परिवार की श्रेणियों के सत्‍यापित परिवारों को जारी पात्रता पर्ची (ई-राशन कार्ड) के आधार पर लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत राशन सामग्री वितरण किए जाने का प्रावधान है। आवेदन करने वाले पात्र उपभोक्‍ता को सत्‍यापन उपरांत पात्रता पर्ची उपलब्‍ध कराने की व्‍यवस्‍था होने से वैकल्पिक व्‍यवस्‍था करने का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। पात्र परिवार के रूप में सम्मिलित परिवारों को स्‍थानीय निकाय/संबंधित विभाग द्वारा सत्‍यापन किए जाने उपरांत जारी पात्रता पर्ची के आधार पर राशन वितरण किया जाता है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) पात्र परिवार के रूप में सम्मिलित परिवारों की श्रेणी की सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। पात्र परिवारों का सत्‍यापन एवं पात्रता पर्ची जारी करने का कार्य स्‍थानीय निकाय/संबंधित विभाग द्वारा किया जाता है। पोर्टल पर सत्‍यापित समस्‍त पात्र परिवारों की पात्रता पर्ची जारी की जा चुकी है। इसमें कोई दोषी नहीं होने के कारण कार्यवाही का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) प्रत्‍येक माह पात्र परिवार का विवरण एवं उनकी राशन पात्रता पी.ओ.एस. मशीन पर अपलोड की जाती है तथा उन्‍हीं परिवारों हेतु उचित मूल्‍य दुकान को राशन सामग्री का आवंटन जारी किया जाता है। यदि उचित मूल्‍य दुकानदार द्वारा इन परिवारों में से किसी को राशन सामग्री प्रदाय करने से इंकार किया जाता है तो उसके विरूद्ध नियमानुसार कार्यवाही की जाती है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) गुनौर विधानसभा क्षेत्र में पूर्व वित्‍तीय वर्ष से प्रश्‍न दिनांक तक कुल 11 शिकायतें प्राप्‍त हुई। प्राप्‍त शिकायतों पर की गई कार्यवाही की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है।

आंगनवाड़ी भवन निर्माण

30. ( क्र. 1881 ) श्री रणजीतसिंह गुणवान : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या आष्‍टा विधान सभा क्षेत्र में आंगनवाड़ी विहीन केन्‍द्रों के लिये नाबार्ड से वर्ष 2012-13 एवं 2013-14 में आंगनवाड़ी भवन स्‍वीकृत हुये थे? (ख) यदि हाँ, तो तीन चार वर्ष बीत जाने के बाद भी भवन बनकर तैयार क्‍यों नहीं हुये? इसके लिये कौन जिम्‍मेदार है? विलंब के लिये कौन सा विभाग जिम्‍मेदार है? (ग) कब तक आंगनवाड़ी भवन विभाग को हस्‍तांतरित हो जायेंगे?

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( श्रीमती अर्चना चिटनिस ) : (क) एवं (ख) जी हाँ। आष्‍टा विधानसभा क्षेत्र में वर्ष 2012-13 में नाबार्ड योजना अंतर्गत प्री-फेब पफ पैनल तकनीक से (प्री-फेब) निर्माण हेतु कुल 115 आंगनवाड़ी भवन स्‍वीकृत किये गये थे। प्री-फेब तकनीक से आंगनवाड़ी भवनों के निर्माण में लागत अधिक होने एवं भवन निर्माण में परंपरागत भवन निर्माण पद्धति के समान ही समय लगने के कारण आष्‍टा विधानसभा क्षेत्र में प्री-फेब तकनीक से निर्मित होने वाले कुल 115 आंगनवाड़ी भवनों के स्‍थान पर केवल 53 आंगनवाड़ी भवनों के निर्माण ही प्री-फेब तकनीक से कराये जाने का निर्णय विभाग द्वारा लिया गया है। इनमें से 48 आंगनवाड़ी भवनों का निर्माण पूर्ण है, 05 आंगनवाड़ी भवन निमार्णाधीन है। परिस्थितिजन्‍य निर्णय एवं विलंब के लिये कोई जिम्‍मेदार नहीं है। (ग) 48 पूर्ण आंगनवाड़ी भवनों का हस्‍तांतरण महिला बाल विकास विभाग को प्राप्‍त हो चुका है। शेष निर्माणाधीन 05 आंगनवाड़ी भवन का निर्माण कार्य माह सितंबर 2016 तक पूर्ण होगा। तदुपरांत इन भवनों के हस्‍तांतरण की कार्यवाही की जा सकेगी।

मछली पकड़ने का ठेका

31. ( क्र. 1896 ) श्री हरदीप सिंह डंग : क्या पशुपालन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मंदसौर जिले में मछली पकड़ने का कार्य कितने ठेकेदारों के द्वारा किया जा रहा है। (ख) जिले में किस ठेकेदार द्वारा किस जगह मछली पकड़ने का कार्य किया जा रहा है ठेकेदार का नाम व स्‍थान बतावें तथा किस ठेकेदार का कहाँ तक का क्षेत्र है जानकारी देवें? (ग) किस स्‍थान का कितनी राशि में ठेका दिया? (घ) मंदसौर जिले में विगत दो वर्षों में ठेकेदारों से कितनी राशि प्राप्‍त हुई है?

पशुपालन मंत्री ( श्री अंतरसिंह आर्य ) : (क) प्रश्‍नाधीन जिले में मछली पकड़ने का कार्य ठेकेदारों के द्वारा नहीं किया जा रहा है। (ख) प्रश्‍नांश "क" के उत्‍तर के परिप्रेक्ष्‍य में जानकारी निरंक है। (ग) प्रश्‍नांश "क" के उत्‍तर के परिप्रेक्ष्‍य में जानकारी निरंक है। (घ) मंदसौर जिले में महासंघ के अधीन गांधी सागर जलाशय से मत्‍स्‍य विक्रय अनुबंध ग्रहीता से वर्ष 2014-15 में रूपये 7,57,27,760.00 (सात करोड़ सत्‍तावन लाख सत्‍ताईस हजार सात सौ साठ ) एवं वर्ष 2015-16 में रूपये 20,17,56,000.00 (बीस करोड़ सत्रह लाख छप्‍पन हजार) की राशि प्राप्‍त हुई है। जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है।

परिशिष्ट - ''अठारह''

जिला नरसिंहपुर में संचालित गोदामों की जानकारी

32. ( क्र. 1928 ) श्री संजय शर्मा : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला नरसिंहपुर में वेयर हाउस एण्‍ड लॉजिस्टिक कार्पोरेशन द्वारा वर्ष 2014 से प्रश्‍न दिनांक तक कितने गोदाम किस-किस दर से, किन-किन लोगों से, कब से कब तक किराये से लिये गये हैं? (ख) भंडार गृह किराये पर लेने के क्‍या मापदण्‍ड हैं? (ग) वेयर हाउस एण्‍ड लॉजिस्टिक कार्पोरेशन के जिला नरसिंहपुर में कितने गोदाम कहाँ-कहाँ, कितनी-कितनी क्षमता के संचालित हैं?

खाद्य मंत्री ( श्री ओम प्रकाश धुर्वे ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'' अनुसार है। (ख) शासकीय गोदामों में भण्‍डारण पश्‍चात् आवश्‍यकतानुसार निजी गोदामों को विभिन्‍न संयुक्‍त भागीदारी योजनाओं/किराये के तहत गोदाम संचालकों से ऑनलाईन ऑफर प्राप्‍त कर 'प्रथम आओ प्रथम पाओ' के मापदण्‍डों के तहत लिए जाते हैं। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'' अनुसार है।

उचित मूल्‍य की दुकानों का संचालन

33. ( क्र. 1929 ) श्री संजय शर्मा : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शासन के नियमानुसार ग्रामीण क्षेत्रों में कितनी आबादी पर दुकान संचालित किये जाने के शासन के निर्देश हैं? आदेश की प्रति उपलब्‍ध करावें? (ख) क्‍या वर्तमान में तेंदूखेड़ा विधान सभा क्षेत्र में उचित मूल्‍य की दुकानों की संख्‍या पर्याप्‍त है? यदि नहीं, तो नवीन उचित मूल्‍य की दुकानें खोलना कहाँ-कहाँ प्रस्‍तावित है? ग्रामवार जानकारी प्रदान करें? (ग) क्‍या शासन द्वारा उचित मूल्‍य की दुकानों का संचालन समूहों को दिये जाने का प्रावधान है? (घ) यदि हाँ, तो कब तक समूहों के संचालन करने के आदेश हो जावेंगे?

खाद्य मंत्री ( श्री ओम प्रकाश धुर्वे ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-'' अनुसार है। (ख) जी नहीं, प्रश्‍नांकित विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत जिन पंचायतों में नवीन उचित मूल्‍य दुकानें खोलना प्रस्‍तावित है, उनकी सूची संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-'' अनुसार है। (ग) उचित मूल्‍य की दुकान का संचालन महिला स्‍व-सहायता समूहों को किए जाने का प्रावधान है। (घ) उचित मूल्‍य दुकान आवंटन की कार्यवाही चल रही है। उच्‍च न्‍यायालय से प्राप्‍त स्‍थगन के प्रकाश में समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

परिशिष्ट - ''उन्नीस''

हत्‍या के आरोप में जमानती द्वारा सार्वजनिक रूप से अवैध शस्‍त्र लहराना

34. ( क्र. 1948 ) श्रीमती नीना विक्रम वर्मा : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या इन्‍दौर से प्रकाशित दैनिक समाचार पत्र इन्‍दौर समाचार के मुख्‍य पृष्‍ठ पर दिनांक 19 जून 2016 को प्रकाशित खबर अनुसार इन्‍दौर बाय-पास पर आर-9 रेस्‍टोरेंट में दिनांक 16 जून को हत्‍या के आरोपी, ग्राम लेबड, जिला धार निवासी राकेश सिंह गौतम द्वारा अपने जन्‍मदिन की पार्टी का आयोजन किया था तथा क्‍या उक्‍त पार्टी में समाचार पत्र में छपे फोटो व समाचार अनुसार इन्‍दौर शहर के अनेक गुण्‍डे एवं अपराधी तत्‍वों का जमावड़ा हुआ था? (ख) क्‍या राकेश सिंह गौतम, कैलाश अग्रवाल व दिनेश मकवाना हत्‍याकाण्‍ड में आरोपी के रूप में धार न्‍यायालय द्वारा दो आजन्‍म कारावास की सजा से दण्डित किया गया है एवं वर्तमान में जमानत पर है तथा क्‍या जमानत एवं जन्‍मदिन की खुशी में राकेश सिंह गौतम द्वारा हंगामा एवं रिवाल्‍वर से हवा में फायरिंग की गई तथा सूचना पर कनाडि़या पुलिस भी मौके पर पहुंची थी? क्‍या हवाई फायर किये जाने पर इन्‍दौर पुलिस अथवा कनाडि़या पुलिस द्वारा कोई प्रकरण पंजीबद्ध किया गया है? क्‍या इसकी जानकारी वर्तमान में पदस्‍थ आई.जी. इन्‍दौर को उपलब्‍ध हो चुकी थी? (ग) क्‍या इस प्रकार सार्वजनिक रूप से अवैध हथियार को हवा में लहराना व हवाई फायर करना, जमानत शर्तों का उल्‍लंघन है तथा क्‍या शासन इस प्रकरण के पश्‍चात् माननीय उच्‍च न्‍यायालय इन्‍दौर में जमानत निरस्‍त करने की अपील करेगा तथा अवैध रूप से रिवाल्‍वर रखने एवं हवाई फायर करने के अपराध में आर्म्‍स एक्‍ट एवं आई.पी.सी. स के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध करेगा?

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) जी हाँ। दिनांक 16.06.2016 को इंदौर बायपास पर स्थित आर-9 रेस्टोरेन्ट में राकेश सिंह गौतम के जन्मदिन की पार्टी का आयोजन किया गया था। इस संबंध में की गई जाँच में घटना स्थल पर शहर के गुण्डों एवं अपराधिक तत्वों का जमावड़ा होने के कोई साक्ष्य नहीं मिले हैं। (ख) राकेश सिंह गौतम व अन्य को कैलाश अग्रवाल व दिनेश मकवाना हत्या काण्ड में न्यायालय द्वारा दिनांक 14.12.2015 को दौहरी आजीवन कारावास एवं 20-20 हजार रूपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया है एवं आरोपी राकेश सिंह गौतम को माननीय उच्च न्यायालय खण्डपीठ इंदौर द्वारा दिनांक 13.05.2016 को जमानत पर रिहा किये जाने के आदेश पारित किये गये। दिनांक 16.06.2016 को घटना के संबंध में कोई भी सूचना थाना कनाडि़या पर प्राप्त न होने के कारण पुलिस घटना स्थल पर नहीं गई थी बल्कि दिनांक 19.06.2016 को दैनिक समाचार पत्र में प्रकाशित समाचार के संबंध में जाँच थाना कनाडि़या द्वारा की गई है। जाँच में आये तथ्य एवं साक्ष्य के आधार पर राकेश गौतम द्वारा रिवाल्वर से हवा में फायर किये जाने के तथ्य की पुष्टि नहीं हुई है। राकेश गौतम द्वारा पार्टी में उपस्थित विरेन्द्र दीखित से उसकी लायसेंसी रिवाल्वर अवैध रूप से अपने कब्जे में रखना पाये जाने के कारण राकेश गौतम एवं विरेन्द्र दीखित के विरूद्ध दिनांक 28.06.2016 को थाना कनाडि़या पर अपराध क्रमांक 280/16 धारा 25, 30 आर्म्‍स एक्ट के अंतर्गत पंजीबद्ध किया गया है। वर्तमान अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक/पुलिस महानिरीक्षक इंदौर जोन तत्समय प्रशिक्षण पर राज्य से बाहर थे। घटना के समय कार्यभार धारित करने वाले अति.पुलिस महानिदेशक, इंदौर जोन को घटना की सूचना दी गई थी। (ग) श्री राकेश गौतम द्वारा जमानत शर्तों का उल्लंघन किये जाने के संबंध में परीक्षण कर जमानत निरस्त कराये जाने हेतु पुलिस अधीक्षक, धार द्वारा नगर पुलिस अधीक्षक, धार श्री विक्रम सिंह को प्रभारी अधिकारी नियुक्त किया गया है। प्रभारी अधिकारी द्वारा जमानत निरस्तीकरण की कार्यवाही सक्षम न्यायालय में की जा रही है। शेष उत्तर प्रश्नांश में समाहित है।

नवीन स्‍त्रोत का निर्माण

35. ( क्र. 1953 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या नल-जल की जो योजनायें स्‍त्रोत सूख जाने के कारण बंद हैं, के नवीन स्‍त्रोत निर्माण लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकी विभाग द्वारा कराये जायेंगे? (ख) यदि हाँ, तो विगत दो वर्षों में विधान सभा क्षेत्र पनागर के अंतर्गत नल-जल योजनाओं के स्‍त्रोत सूख जाने के कारण कितने नवीन स्‍त्रोत निर्माण कराये गये? कितने सफल एवं असफल हैं? सूची देवें? (ग) यदि असफल हैं तो पुन: नये स्‍थान पर खनन कराया गया है या नहीं? यदि नहीं, कराया गया है तो क्‍यों?

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) जी हाँ। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ग) योजनाओं के सभी स्त्रोत सफल हैं। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''बीस''

नलकूप खनन हेतु ग्रामों की चयन प्रक्रिया

36. ( क्र. 1954 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या विभाग द्वारा प्रति वर्ष नलकूप खनन हेतु टेण्‍डर आमंत्रित किये जाते हैं? (ख) क्‍या विभाग द्वारा स्‍वीकृत टेण्‍डर के अनुसार ग्रामों में नलकूप खनन के वर्क आर्डर जारी किये जाते हैं? (ग) क्‍या विभाग द्वारा ग्राम पंचायतों की आवश्‍यकता/मांग के आधार पर ग्रामों का चयन नहीं किया गया है? (घ) यदि हाँ, तो क्‍या ग्राम पंचायत की मांग अनुसार खनन कराया जावेगा? यदि नहीं, तो क्‍यों?

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) जी हाँ। (ख) जी हाँ। (ग) एवं (घ) विभाग द्वारा आंशिक पूर्ण श्रेणी बसाहटों, पेयजल विहीन शालाओं एवं पेयजल विहीन शासकीय भवनुयक्त आँगनवाड़ी में पेयजल व्यवस्था की जाती है।

आरक्षक एवं प्रधान आरक्षक को गृह नगर में पदस्‍थ के नियम

37. ( क्र. 1955 ) श्री मनोज निर्भय सिंह पटेल : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) आरक्षक एवं प्रधान आरक्षक को गृह जिले में पदस्‍थ करने के क्‍या नियम प्रावधान हैं। (ख) इन्‍दौर जिलांतर्गत वर्तमान में कितने आरक्षक एवं प्रधान आरक्षक गृह जिले में पदस्‍थ हैं। (ग) आरक्षक एवं प्रधान आरक्षक को किन कारणों से गृह जिलों में पदस्‍थ नहीं किया जा सकता? (घ) क्‍या आरक्षक एवं प्रधान आरक्षक को जिला पुलिस बल को छोड़कर अन्‍य स्‍थानों पर गृह जिले में पदस्‍थ किया जा सकता है?

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) म.प्र. शासन सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी नीति एफ- 6- 1/2015/ एक/9 दिनांक 15.04.15 की कण्डिका 8.16 अनुसार। (ख) जिला इंदौर में 356 आरक्षक एवं 317 प्र.आर. पूर्व से ही गृह जिले में पदस्थ है। पुलिस मुख्यालय के आदेश दिनांक 17.02.16 संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार के पश्चात् कोई भी आरक्षक/प्रधान आरक्षक गृह जिले में पदस्थ नहीं किया गया है। (ग) प्रश्नांश एवं के उत्तर के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) जी नहीं।

परिशिष्ट - ''इक्कीस''

नलकूप/हैण्‍डपंप की जानकारी

38. ( क्र. 1960 ) श्री मनोज निर्भय सिंह पटेल : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) देपालपुर विधान सभा क्षेत्रांतर्गत कितने-कितने नलकूप/हैण्‍डपंप लगे हुए हैं इनमें से कितने चालू अवस्‍था में हैं और कितने बंद हैं, बंद होने का कारण स्‍पष्‍ट करें? विगत तीन वर्षों में खनित नलकूपों की जानकारी देवें? (ख) बंद होने का कारण भू-जल स्‍तर गिरना है या तकनीकी त्रुटि हैं? यदि तकनीकी त्रुटि है तो कब तक सुधार कर दिया जायेगा? (ग) कितने ग्रामों में पेयजल संकट की स्थिति है और उससे निपटने के लिए क्‍या-क्‍या प्रयास किये गये हैं? (घ) क्षेत्र के अंतर्गत कितने गाँवों में नल-जल योजना लागू है एवं कितने में नहीं, जिनमें नहीं है उनमें कब तक योजना लागू कर दी जायेगी?

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) 2173 हैण्डपंप स्थापित हैं जिनमें से 1592 चालू एवं 581 जलस्तर नीचे जाने के कारण बंद हैं। विगत 3 वर्षों में 554 नलकूप खनित किये गये (ख) उत्तरांश- अनुसार। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) वर्तमान में पेयजल संकट की स्थिति नहीं है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) 115 ग्रामों में नल-जल योजना संचालित है एवं 69 ग्रामों में नहीं है। निश्चित समयावधि नहीं बताई जा सकती।

विधानसभा क्षेत्र में नल-जल योजनाओं का संचालन

39. ( क्र. 1995 ) श्री गोपालसिंह चौहान (डग्‍गी राजा) : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) जिला अशोक नगर के विकासखण्‍ड चंदेरी एवं ईसागढ़ में वर्ष 2015-16 में किन-किन ग्रामों में नल-जल योजना के तहत कितनी राशि खर्च की गई? (ख) किन-किन ग्रामों में नल-जल योजना कार्य कर रही है और किन-किन ग्रामों में नल-जल योजना बंद पड़ी है सूची उपलब्‍ध करावें? (ग) बंद पड़ी नल-जल योजना चालू करने के लिये शासन द्वारा क्‍या कार्यवाही की जा रही है?

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है।

आंगनवाडि़यों के स्‍वयं के भवन

40. ( क्र. 2054 ) श्री फुन्‍देलाल सिंह मार्को : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) शहडोल संभाग अंतर्गत आने वाले जिले शहडोल अनूपपुर एवं उमरिया में ऐसी कितनी आंगनवाडि़यां हैं जिनके पास स्‍वयं के भवन हैं एवं ऐसी कितनी आंगनवाडि़यां हैं जो किराये के भवन में संचालित हैं? (ख) उपरोक्‍त जिले में जो आंगनवाडि़यां किराये के भवन में संचालित हैं उसके लिये विगत् 3 वर्षों में कितने किराये का भुगतान किया गया है। प्रति वर्ष व्‍यय की राशि का विवरण दें? (ग) अनूपपुर जिले में जनवरी 2015 से प्रश्‍न दिनांक तक कितने आंगनवाडि़यों को अपने भवन बनाने की अनुमति प्रदान की जाकर आवंटन जारी किया गया है। उक्‍त अवधि की जानकारी उपलब्‍ध करायें? (घ) उपरोक्‍त वर्षों में जारी की गई राशि में से कितने निर्माण कार्य पूर्ण हो चुके हैं तथा कितने अधूरे हैं तथा अधूरे निर्माण कार्य की दशा में भवन निर्माण लागत में वृद्धि हुई है। यदि हाँ, तो कितनी?

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( श्रीमती अर्चना चिटनिस ) : (क) शहडोल संभाग अन्तर्गत कुल 3377 आंगनवाडि़या (मिनी सहित) संचालित है। इनमें से 2438 विभागीय भवनों में, 533 किराये के भवनों में एवं 406 अन्य शासकीय भवनों में संचालित है। (ख) शहडोल संभाग अन्तर्गत सम्मिलित जिलों में किराये के भवनों में संचालित आंगनवाड़ी भवनों के लिये विगत तीन वर्षों में किराया भुगतान कि स्थिति निम्नानुसार हैः-

क्र.

जिले का नाम

विगत तीन वर्षों में किराया भुगतान का विवरण

योग

2013-14

2014-15

2015-16

1

शहडोल

12,02,150

14,93,350

28,27,565

55,23,065

2

अनुपपुर

4,25,400

3,98,850

44,84,400

12,72,650

3

उमरिया

2,03,100

5,44,300

4,66,600

12,14,000

 

कुल

18,30,650

24,36,500

37,42,565

80,09,715

(ग) अनूपपुर जिलें में जनवरी 2015 से प्रश्न दिनांक तक मनरेगा योजना के अभिसरण से 25 आंगनवाड़ी भवनों के निर्माण की स्वीकृति जारी की गई है। इस हेतु राशि रू. 42.00 लाख (प्रथम किश्त) का आवंटन जारी किया गया है। (घ) अनूपपुर जिले में जनवरी 2015 से प्रश्न दिनांक तक मनरेगा योजना के अभिसरण से 25 आंगनवाड़ी भवनों के निर्माण के लिये राशि, वित्तीय वर्ष 2016-17 में ही जारी की गई है। इस राशि से प्रस्तावित भवनों का निर्माण कार्य प्रारंभ किया जा चुका है। इन भवनों में लागत वृद्धि नहीं हुई है। शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।

अस्‍पतालों हेतु क्रय सामग्री पर भारी भ्रष्‍टाचार पर प्राथमिकी दर्ज

41. ( क्र. 2075 ) श्री तरूण भनोत : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या जबलपुर संभाग के समस्‍त मुख्‍य चिकित्‍सा एवं स्‍वास्‍थ्‍य अधिकारी एवं सिविल सर्जन जबलपुर कटनी, नरसिंहपुर, मण्‍डला, बालाघाट, सिवनी, डिण्‍डौरी के द्वारा अस्‍पतालों के लिये सामग्री क्रय करने हेतु सहकारियों समितियों के साथ सांठ-गांठ कर शासकीय धनराशि का गबन करने संबंधी शिकायत पुलिस अधीक्षक आर्थिक अपराध अन्‍वेषण ब्‍यूरो जबलपुर को दिनांक 12.5.15 को प्राप्‍त हुई थी? (ख) उक्‍त शिकायत में मुख्‍य चिकित्‍सा एवं स्‍वास्‍थ्‍य अधिकारी नरसिंहपुर द्वारा 4.4.014 को आहरित बिल क्र. (1) में राशि 40,78,233.00 में पलंग, स्‍टूल एवं अन्‍य सामग्री बाजार मूल्‍य से अधिक राशि पर क्रय दर्शाकर भारी मात्रा में भ्रष्‍टाचार की शिकायतें प्राप्‍त हुई थी? क्‍या उक्‍त शिकायत की जाँच कर संबंधित अधिकारियों पर एफ.आई.आर. दर्ज की जावेगी? यदि हाँ, तो कब तक?

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) एवं (ख) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

उद्यानिकी योजनाएं

42. ( क्र. 2084 ) श्री रजनीश सिंह : क्या राज्‍यमंत्री, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) केवलारी विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत सभी विकासखण्‍डों वर्ष 2013-14 से बीज वितरण, खाद वितरण फलदार, फूलदार पौध रोपण संबंधी योजनाओं में क्‍या-क्‍या सामग्री वितरित की गई है? (ख) सिवनी जिले में प्रश्‍नांश (क) की अवधि में कितने उद्यान विकसित किये गये तथा उनके विकास व विस्‍तार के लिये 2013-14 से प्रश्‍न दिनांक तक कितना बजट उपलब्‍ध कराया गया है? उद्यानवार जानकारी देवें? (ग) क्‍या प्रश्‍नकर्ता द्वारा लम्‍बे अर्से से सिवनी जिले के उद्यानिकी मिशन से जोड़े जाने हेतु मांग की जा रही है? सिवनी जिले को उद्यानिकी मिशन से जोड़ने हेतु अभी तक विभाग द्वारा की गई कार्यवाही से अवगत करावें एवं सिवनी जिले को उद्यानिकी मिशन से जोड़े जाने की समय-अवधि बतावें?

राज्‍यमंत्री, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण ( श्री सूर्यप्रकाश मीना ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ग) जी हाँ। सिवनी जिले को एन.एच.एम. में शामिल करने हेतु प्रस्‍ताव भारत सरकार को भेजा गया जिसे भारत सरकार ने सीमित संसाधनों के कारण मान्‍य नहीं किया है, अत: समय-सीमा बताने का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

मत्स्‍य बीज उत्‍पादन केन्‍द्रों की जानकारी

43. ( क्र. 2085 ) श्री रजनीश सिंह : क्या पशुपालन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सिवनी जिले में कितने मत्स्य बीज उत्‍पादन केन्‍द्र हैं? इन केन्‍द्रों में कितना मत्‍स्‍य बीज उत्‍पादन होता है? मत्स्‍य पालन एवं बीज उत्‍पादन का कार्य कौन-कौन से तालाब में किया जा रहा है? तालाबवार जानकारी देवें। (ख) मध्‍यप्रदेश शासन द्वारा मत्स्‍य पालन एवं बीज उत्‍पादन को प्रोत्‍साहन देने हेतु सिवनी जिले में क्‍या-क्‍या प्रयास किये गये? यदि नहीं, तो क्‍यों? (ग) सिवनी जिले में विगत तीन वर्षों में शासन द्वारा कितने ठेकेदारों को तालाब में मछली पकड़ने का ठेका दिया गया है एवं शासन को इससे कितना राजस्‍व प्राप्‍त हुआ है? (घ) क्‍या एशिया के सबसे बड़े मिट्टी के डेम संजय सरोवर बांध भीमगढ़ (छपारा) में मत्स्‍य बीज उत्‍पादन प्रक्षेत्र खोलने हेतु विभाग के पास कोई योजना है? यदि हाँ, तो इस योजना को कब तक कार्य रूप में वर्णित किया जायेगा?

पशुपालन मंत्री ( श्री अंतरसिंह आर्य ) : (क) सिवनी जिले में तीन विभागीय एवं आठ निजी मत्‍स्‍य बीज प्रक्षेत्र है। प्रक्षेत्रों का विवरण एवं उत्‍पादित मत्‍स्‍य बीज की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। तालाबों में मत्‍स्‍य बीज उत्‍पादन का कार्य नहीं होता है तालाबो में मत्‍स्‍य पालन की तालाबवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। (ख) जिले में मत्‍स्‍य पालन एवं मत्‍स्‍यबीज उत्‍पादन को प्रोत्‍साहन देने हेतु विभागीय योजनाएं संचालित है। मत्‍स्‍यबीज उत्‍पादन हेतु निजी क्षेत्र में मत्‍स्‍य बीज संवर्धन क्षेत्र निर्माण हेतु ऋण स्‍वीकृति पर अनुदान दिये जाने का प्रावधान है। (ग) संजय सरोवर बांध भीमगढ़ जलाशय में उत्‍पादित मछली के विक्रय हेतु श्रीमती नीता डेग द्वारा दिनांक 20.12.2011 से 15.06.2021 तक के लिये अनुबंध निष्‍पादन किया गया है जिससे वर्ष 2013-14 में रूपये 13.64 लाख 2014-15 में रूपये 13.64 लाख एवं वर्ष 2015-16 में रूपये 15.13 लाख की राशि प्राप्‍त हुई है। (घ) जी नहीं। शेष प्रश्‍नांश उपस्थित नहीं होता है।

नलकूप खनन कर हैंडपंप स्‍थापित करना

44. ( क्र. 2270 ) चौधरी मुकेश सिंह चतुर्वेदी : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या भिण्‍ड जिले में विकासखण्‍ड मेहगांव में वर्ष 2015-16 में प्राप्‍त लक्ष्‍य अनुसार नलकूप खनन कर हैण्‍डपंप स्‍थापित करने हेतु स्‍थान चिन्हित कर खनन कर हैण्‍डपंप स्‍थापित करने हेतु कार्यपालन यंत्री लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकी विभाग खण्‍ड भिण्‍ड द्वारा कार्यपालन यंत्री लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकी विभाग मैकेनिकल शाखा ग्‍वालियर को लिखा गया है? यदि हाँ, तो पत्र की प्रति उपलब्‍ध करावें। (ख) क्‍या उक्‍त चिन्हित स्‍थानों में ग्राम बहुआ में जयनारायण कुशवाह के दरवाजे पर व ग्राम नुन्‍हड में विमलेश सिंह नरवरिया के दरवाजे पर पूर्व से ही हैण्‍डपंप विधायक मद से लगे हुए हैं और जिनका भुगतान संबंधित एजेंसी को पूर्व में ही किया जा चुका है? ग्राम नुन्‍हड में चिन्हित स्‍थान से अन्‍य स्‍थान शिवचरण के दरवाजे पर खनन कार्य कराया जाकर हैण्‍डपंप स्‍थापित कराये जाने की प्रक्रिया की जा रही है जिसकी दूरी लगभग 100 फुट है? यदि हाँ, तो उक्‍त त्रुटिपूर्ण कार्यवाही के लिये कौन-कौन अधिकारी व कर्मचारी दोषी है, नाम बतायें। (ग) क्‍या विभाग उक्‍त दोषी अधिकारी/कर्मचारी के विरूद्ध कोई कार्यवाही करेंगा? यदि हाँ, तो क्‍या और कब तक समय-सीमा बतायें।

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) जी हाँ। पत्र की छायाप्रति संलग्न परिशिष्‍ट अनुसार(ख) ग्राम बहुआ में जयनारायण कुशवाहा के दरवाजे पर पूर्व से ही विधायक मद में हैण्डपंप लगा है। विभाग द्वारा ग्राम बहुआ में इस वर्ष कोई हैण्डपंप खनन नहीं किया गया। ग्राम नुन्हड़ में विमलेश सिंह नरवरिया के दरवाजे पर पूर्व में विधायक मद से कोई हैण्डपंप नहीं लगा है। जी नहीं। शेष प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता। (ग) उत्तरांश- के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''बाईस''

बाछड़ा जाति समुदाय की महिलाओं का उत्‍थान

45. ( क्र. 2293 ) श्री दिलीप सिंह परिहार : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) वर्ष 2014-15 से प्रश्‍न दिनांक तक उज्‍जैन संभाग में बाछड़ा जाति समुदाय की महिलाओं को उन्‍हें समाज की मूल धारा से जोड़ने के लिये क्‍या कोई योजना बनाई गई है? (ख) प्रश्‍नांश (क) में बनाई गई योजना के क्रियान्‍वयन हेतु संभाग को कितनी-कितनी राशि किस-किस मद में प्राप्‍त हुई है तथा उसका व्‍यय किस प्रकार से किया गया है? जिलेवार मदवार ब्‍यौरा दें। (ग) योजना क्रियान्‍वयन के पूर्व कार्य योजना एवं व्‍यय की जाने वाली राशि के संबंध में स्‍थानीय जनप्रतिनिधियों से अनुमोदन लिया गया है? यदि नहीं, तो क्‍यों?

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( श्रीमती अर्चना चिटनिस ) : (क) जी नहीं। जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है (ख) (क) के परिप्रेक्ष्‍य में जानकारी निरंक है। (ग) (क) के परिप्रेक्ष्‍य में जानकारी निरंक है।

परिशिष्ट - ''तेईस''

पशु औषधालय की स्‍थापना

46. ( क्र. 2317 ) श्रीमती सरस्‍वती सिंह : क्या पशुपालन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) चितरंगी विधान सभा अंतर्गत कितने पशु औषधा‍लय स्‍वीकृत हैं तथा कितने पद रिक्‍त हैं? पदवार जानकारी उपलब्‍ध करावें? (ख) क्‍या ग्राम पंचायत सिधार में नवीन पशु औषधालय खोलने हेतु प्रस्‍ताव कलेक्‍टर सिंगरौली के माध्‍यम से प्राप्‍त हुआ है? यदि हाँ, तो कब तक में स्‍वीकृत करा दी जावेगा? (ग) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में रिक्‍त पदों की पूर्ति कब तक पूर्ण करा दी जायेगा?

पशुपालन मंत्री ( श्री अंतरसिंह आर्य ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी हाँ। वर्ष 2016-17 हेतु प्राप्त वित्तीय प्रावधानों के अनुसार नवीन औषधालय स्थापना की लक्ष्य पूर्ति होने के पश्चात् ग्राम पंचायत सिधार में पशु औषधालय खोलने का प्रस्ताव प्राप्त हुआ है। उक्त प्रस्ताव परीक्षणाधीन होने से समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ग) रिक्त पदों की पूर्ति निरंतर प्रक्रिया हैं। समय-सीमा बताना संभव नहीं है।

परिशिष्ट - ''चौबीस''

जिला बदल की कार्यवाही

47. ( क्र. 2329 ) श्री प्रदीप अग्रवाल : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) यह कि दतिया जिले में 1 जनवरी 2016 से प्रश्‍न दिनांक तक कुल कितने लोगों पर जिला बदल की कार्यवाही हेतु थानों द्वारा अनुशंसा की गयी है। उनके नाम/उन पर चल रहे अपराध क्र. व दिनांक/उनके पते सहित जानकारी उपलब्‍ध करायें? (ख) किसी भी व्‍यक्ति को जिला बदल करने के शासन के क्‍या नियम हैं, नियम की छायाप्रति उपलब्‍ध करायें? (ग) दतिया जिले में ऐसे कितने व्‍यक्ति शेष है जिन पर पिछले 3 या 4 वर्षों में 2 या उससे ज्‍यादा केस दर्ज हुये हैं एवं उन पर पहले के भी केस चल रहे है। लेकिन उन पर जिला बदल की कार्यवाही नहीं की गयी। साथ ही जिन व्‍यक्तियों पर जिला बदल की कार्यवाही की गयी है उनमें ऐसे कितने व्‍यक्ति है जिन पर पिछले 3 वर्षों में एक भी केस दर्ज नहीं हुआ है? (घ) उक्‍त कंडिका (क), (ख), (ग) में वर्णित जानकारी से क्‍या ऐसा प्रतीत नहीं होता है कि उक्‍त कार्यवाही व्‍यक्तिगत द्वेष के कारण की गयी है जबकि जो वास्‍तविक अपराधी है उन्‍हें इस प्रक्रिया से दूर रखा गया है?

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) जिला दतिया में 1 जनवरी, 2016 से प्रश्न दिनांक 06.07.2016 तक 226 व्यक्तियों के विरूद्ध जिलाबदर प्रकरणों में अनुशंसा की गई है। उन पर पर चल रहे अपराधों का विवरण दिनांकवार पते सहित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) जिलाबदर करने के संबंध में म.प्र. राज्य सुरक्षा अधिनियम 1990 के तहत कार्यवाही की जाती है। नियम की छायाप्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ग) दतिया जिले में कुल 880 व्यक्ति है जिन पर विगत 3-4 वर्षों में 2 या उससे अधिक प्रकरण दर्ज हुए है एवं उन पर पहले के केस चल रहे हैं परन्तु उन पर जिला बदर की कार्यवाही नहीं की गयी है। ऐसे 10 प्रकरण है जिनमें जिलाबदर की कार्यवाही की गयी है जिन पर विगत 3 वर्ष में एक भी प्रकरण दर्ज नहीं है। (घ) जी नहीं। म.प्र. राज्य सुरक्षा अधिनियम 1990 की मंशानुसार राज्य की सुरक्षा व्यवस्था एवं लोक शांति बनाये रखने हेतु विधि अनुरूप आवश्यक कार्यवाही की गयी है। यह कहना सही नहीं है कि कार्यवाही व्यक्तिगत द्वेष से की गयी है एवं वास्तविक अपराधी को प्रक्रिया से दूर रखा गया है।

पशु नस्‍ल सुधार के कार्य

48. ( क्र. 2337 ) श्री गोविन्‍द सिंह पटेल : क्या पशुपालन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) गाडरवारा विधान सभा क्षेत्र में कितने पशु चिकित्‍सा केन्‍द्र, कितने पशु नस्‍ल सुधार केन्‍द्र विभाग द्वारा संचालित किये जा रहे हैं? (ख) पशुपालन विभाग द्वारा पशु नस्‍ल सुधार हेतु कौन-कौन सी योजना एवं उपाय किये जा रहे हैं? (ग) वर्ष 2013 से प्रश्‍न दिनांक तक पशुपालन एवं पशु चिकित्‍सा आदि हेतु समय-समय पर विभाग ने क्‍या कार्यक्रम बनाये एवं उनका क्रियान्‍वयन किस प्रकार किया गया? बिन्‍दुवार बतावें? (घ) नरसिंहपुर जिले में कितने डॉक्‍टर एवं कितने अन्‍य कर्मचारी विभाग द्वारा कहाँ-कहाँ पर कार्यरत हैं एवं कितने पद कहाँ-कहाँ रिक्‍त है इन पदों को भरने हेतु विभाग क्‍या कार्यवाही कर रहा है?

पशुपालन मंत्री ( श्री अंतरसिंह आर्य ) : (क) गाडरवारा विधानसभा क्षेत्र में विभाग द्वारा 04 पशु चिकित्सालय, 04 पशु औषधालय, कुल 08 पशु चिकित्सा संस्थाएं एवं पशु नस्ल सुधार हेतु 01 कृत्रिम गर्भाधान केन्द्र तथा 08 उपकेन्द्र कुल 09 कृत्रिम गर्भाधान संस्थाएं संचालित की जा रही है। (ख) पशुपालन विभाग द्वारा पशु नस्ल सुधार दो प्रकार से किया जा रहा है -1. प्राकृतिक गर्भाधान के माध्यम से 2. कृत्रिम गर्भाधान के माध्यम से। प्राकृतिक गर्भाधान के माध्यम से नस्ल सुधार हेतु गौ वंशीय पशुओं हेतु नंदीशाला योजना, भैंसों में मुर्रा पाडा प्रदाय योजना (समुन्नत योजना) एवं बकरी में नस्ल सुधार हेतु जमनापारी/बारबरी/सिरोही नर बकरा प्रदाय, योजनाओं द्वारा नस्ल सुधार किया जा रहा है। कृत्रिम गर्भाधान के माध्यम से उन्नत देशी नस्ल एवं जर्सी तथा एच.एफ. (विदेशी नस्ल) के हिमीकृत वीर्य द्वारा गायों एवं भैंसो में कृत्रिम गर्भाधान कर नस्ल सुधार किया जा रहा है। (ग) वर्ष 2013 से प्रश्न दिनांक तक विभाग द्वारा पशु पालन एवं पशु चिकित्सा के क्षेत्र में विभिन्न कार्यक्रम चलाये जा रहे है जिनका क्रियान्वयन विभागीय संस्थाओं के माध्यम से किया जा रहा है। विस्तृत जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। समय-समय पर रिक्त पदों को भरने हेतु द्वितीय श्रेणी पदो हेतु म.प्र. लोक सेवा आयोग के माध्यम से तथा तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के पदों हेतु कार्यवाही प्रोफेशनल एग्‍जामिनेशन बोर्ड के माध्यम से की जाती है।

गेहूं की खरीदी के बाद परिवहन व्‍यवस्‍था

49. ( क्र. 2338 ) श्री गोविन्‍द सिंह पटेल : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) समर्थन मूल्‍य पर धान एवं गेहूं की खरीदी के बाद परिवहन की व्‍यवस्‍था किस तरीके से की जाती है इसके लिये क्‍या प्रक्रिया अपनायी जाती है? (ख) क्‍या परिवहन का खर्च किसान को दिया जा सकता है इसके लिये क्‍या विभाग विचार कर रहा है? (ग) किसानों को गेहूं एवं धान उपार्जन के बाद परिवहन का खर्च दिये जाने के संबंध में विभाग क्‍या विचार कर रहा है? यदि यह व्‍यवस्‍था लागू होती है जो राशि बिचौलियों के पास जाति है वह किसानों के पास आ सकती है इन्‍हें रोकने हेतु विभाग ने अभी तक क्‍या कार्यवाही की?

खाद्य मंत्री ( श्री ओम प्रकाश धुर्वे ) : (क) उपार्जन एजेंसियों द्वारा समर्थन मूल्‍य पर उपार्जित धान एवं गेहूं को उपार्जन केन्‍द्र से गोदामों तक परिवहन करने हेतु ई-टेण्‍डर के माध्‍यम से निविदा आमंत्रित कर सेक्‍टरवार परिवहनकर्ताओं की नियुक्ति की जाती है। (ख) किसानों की सुविधा की दृष्टि से जिला स्‍तरीय समिति द्वारा निर्धारित उपार्जन केन्‍द्रों पर समर्थन मूल्‍य पर खाद्यान्‍न का उपार्जन किया जाता है ताकि किसानों को अपनी उपज विक्रय करने हेतु अधिक दूरी तय न करना पड़े। उपार्जित खाद्यान्‍न को शासन द्वारा निर्धारित मापदण्‍ड अनुसार नियत गोदामों में भंडारित किया जाता है, जो कि सामान्‍यत: उपार्जन केन्‍द्रों से अधिक दूरी पर स्थित होते हैं, जहां तक खाद्यान्‍न परिवहन करने हेतु सभी किसानों के पास परिवहन के साधन न होने तथा विक्रय की जाने वाली मात्रा में भिन्‍नता होने के कारण गोदाम तक परिवहन का दायित्‍व किसानों को सौंपा जाना व्‍यवहारिक रूप से उचित नहीं है। (ग) प्रश्‍नांश (ख) के उत्‍तर अनुसार। समर्थन मूल्‍य पर उपार्जित खाद्यान्‍न के परिवहन हेतु निर्धारित शर्तों के अनुसार कोई भी व्‍यक्ति निविदा में भाग ले सकता है।

पात्रता पर्ची का वितरण

50. ( क्र. 2347 ) श्री मानवेन्द्र सिंह : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला छतरपुर में कितनी गरीबी रेखा, अति गरीबी रेखा, मुख्‍यमंत्री मजदूर सुरक्षा योजना कर्मकार मण्‍डल में पंजीकृत हितग्राही हैं? जनपद पंचायत, अनुसार जानकारी दें? इनमें से कितनों को राशन की पर्ची नहीं दी गई? (ख) जिले में 31 मई 2016 की स्थिति में कितने पात्र परिवारों को राशन की पर्ची नहीं दी गई तथा क्‍यों कारण बतायें तथा कब तक राशन की पर्ची देंगे? (ग) जिला छतरपुर में फसल क्षति वाले पात्र कितने किसानों को खाद्यान्‍न पर्ची का वितरण होना है तथा 31 मई, 2016 की स्थिति में कितने किसानों को पर्ची दी गई? शेष किसानों को कब तक पर्ची दी जायेगी? (घ) पात्र परिवारों को राशन पर्ची के संबंध में प्रश्‍न दिनांक तक विभाग तथा जिला प्रशासन द्वारा क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई? की गई कार्यवाही का विवरण देवें?

खाद्य मंत्री ( श्री ओम प्रकाश धुर्वे ) : (क) छतरपुर जिले में गरीबी रेखा, अन्‍त्‍योदय अन्‍न योजना मुख्‍यमंत्री मजदूर सुरक्षा योजना एवं कर्मकार मण्‍डल की श्रेणी अंतर्गत पंजीकृत हितग्राहियों के सत्‍यापन उपरांत जारी पात्रता पर्ची की जनपदवार जानकारी संलग्न परिशिष्‍ट अनुसार है। आवेदन करने वाले सत्‍यापित सभी पात्र परिवार को पात्रता पर्ची जारी की गई है। अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। पात्र परिवारों का सत्‍यापन एवं उन्‍हें पात्रता पर्ची जारी करना एक सतत् प्रक्रिया है। (ख) जिले में 31 मई, 2016 की स्थिति में सत्‍यापित 26,354 परिवारों को पात्रता पर्ची जारी की जाना शेष थी जिनमें उचित मूल्‍य दुकानों से मैप किए गए 19,562 परिवारों को 22 जून, 2016 को पात्रता पर्ची जारी की जा चुकी है। 6,792 शेष परिवार एवं दिनांक 31 मई, 2016 के बाद 12,734 सत्‍यापित एवं मैप किए गए कुल 19,526 परिवारों की पात्रता पर्ची जारी की जाना शेष है। जिले में माह जून, 2016 की स्थिति में लगभग 79 प्रतिशत जनसंख्‍या को राष्‍ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 के अंतर्गत लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत लाभांवित किया गया है, उसके उपरांत भी जिले में नवीन परिवारों को सत्‍यापन किया गया है। शेष रहे परिवारों का परीक्षण उपरांत पात्रता पर्ची जारी की जाएगी। (ग) छतरपुर जिले में सूखे के कारण 50 प्रतिशत से अधिक फसल नुकसान वाले 59,338 किसान हैं जिनमें से दिनांक 31 मई, 2016 की स्थिति में 36,018 एवं दिनांक 22.06.2016 को 18,045 किसानों को सत्‍यापन उपरांत पात्रता पर्ची जारी की गई है। शेष 5,248 किसानों को पात्रता पर्ची परीक्षण उपरांत जारी की जाएगी। (घ) पात्र परिवार श्रेणी में सम्मिलित परिवारों का सत्‍यापन स्‍थानीय निकाय द्वारा सतत् प्रक्रिया के रूप में किया जा रहा है। परिवार के सत्‍यापन उपरांत विभागीय अमले द्वारा परिवार की मैपिंग संबंधित उचित मूल्‍य दुकान से की जाती है। तदुपरांत माह के प्रथम सप्‍ताह में नवीन/संशोधित परिवारों की पात्रता पर्ची जारी की जाती है किन्‍तु राष्‍ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 के अंतर्गत भारत सरकार द्वारा प्रदेश हेतु निर्धारित जनसंख्‍या एवं खाद्यान्‍न आवंटन सीमा से अधिक पात्र परिवारों का सत्‍यापन होने तथा उनके लिए अतिरिक्‍त खाद्यान्‍न आवंटन की आवश्‍यकता होने के कारण माह अप्रैल से जून, 2016 तक की अवधि में सत्‍यापित परिवारों में से बोगस एवं दोहरे परिवारों का विलोपन की कार्यवाही किए जाने के कारण उक्‍त अवधि में नवीन सत्‍यापित पात्र परिवारों को पात्रता पर्ची जारी नहीं की जा सकी थी, जिनकी पात्रता पर्ची 22 जून, 2016 को जारी की जाकर माह जुलाई, 2016 से राशन का वितरण किया जा रहा है।

परिशिष्ट - ''पच्चीस''

अपराधी को गिरफ्तार कर चालान पेश किया जाना

51. ( क्र. 2362 ) श्रीमती ऊषा चौधरी : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या सतना जिले के थाना उचेहरा अंतर्गत दिनांक 28/01/2015 को ट्रक क्र. एम.पी. 19 एच.ए. 1917 के चालक द्वारा खड़े हुए लोगों पर लापरवाही व उपेक्षा पूर्वक टक्‍कर मार दिये जाने से बेलहटा निवासी सत्‍यवती व राजेन्‍द्र नगर (खूँथी) सतना निवासी सुखराज चौधरी की मौके पर ही मृत्‍यु हो गई थी? (ख) यदि हाँ, तो क्‍या उक्‍त घटना की रिपोर्ट मृतकों के परिजनों द्वारा दिनांक 31/01/2015 को थाना उचेहरा में दर्ज कराई गई थी? यदि हाँ, तो क्‍या पुलिस द्वारा अपराध क्र. 66/15 पंजीबद्ध किया गया था? (ग) क्‍या पुलिस द्वारा प्रश्‍नांश (क) में वर्णित ट्रक की जप्‍ती कर ट्रक ड्राइवर व ट्रक मालिक को घटना दिनांक से आज दिनांक तक गिरफ्तार नहीं किया गया और न ही चालान पेश किया गया? कारण सहित विवरण देवें? (घ) यदि प्रश्‍नांश (ग) का उत्‍तर हाँ, तो ट्रक को कब तक जप्‍त करते हुए ट्रक ड्राइवर व ट्रक मालिक को गिरफ्तार कर चालान पेश किया जायेगा? पुलिस द्वारा समय पर कार्यवाही न करने पर क्‍या कार्यवाही अमल में लाई जायेगी?

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) जी हाँ। (ख) दिनांक 31.01.2015 को थाना उचेहरा में मृतकों के परिजनों द्वारा सूचना दी गई थी। जिला चिकित्सालय में दिनांक 28.01.2015 को मृतकों की मृत्यु की सूचना पर मर्ग 08/201509/2015 कायम किया गया। जाँच पर से दिनांक 26.03.2015 को फरियादी अपराध क्रमांक 66/2015 धारा 304, 279, 337 भा.द.वि. का पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। (ग) ट्रक क्रमांक एम.पी.19 एच..-1917 को दिनांक 05.07.2016 को जब्त किया गया। ट्रक चालक इन्द्रभान तनय लोली प्रजापति उम्र 30 वर्ष निवासी तेंदूहटा थाना मैहर को दिनांक 12.07.2016 को गिरफ्तार किया गया एवं दिनांक 07.07.2016 को ट्रक मालिक अभिषेक तिवारी तनय सभाजीत तिवारी निवासी महाराणा प्रताप नगर, थाना कोतवाली सतना को दिनांक 07.07.2016 को न्यायालय में उपस्थित होने के लिये नोटिस तामिल कराई गई है। दिनांक 08.07.2016 को न्यायालय जे.एम.एफ.सी. उचेहरा में चालान क्रमांक 180/2016 तैयार कर न्यायालय प्रस्तुत किया गया है। आरोपी चालक इन्द्रभान प्रजापति के विरूद्ध पूरक चालान 180-ए/2016 दिनांक 12.07.2016 को तैयार कर दिनांक 15.07.2016 को न्यायालय प्रस्तुत किया गया है। प्रकरण क्रमांक 220/16 दिनांक 08.07.2016 न्यायालय में विचाराधीन है। (घ) दिनांक 05.07.2016 को ट्रक क्रमांक एम.पी.19 एच..-1917 को दिनांक 05.07.2016 को जब्त किया गया, दिनांक 08.07.2016 को चालान मान. न्यायालय में प्रस्तुत किया गया है। अनुसंधान अनावश्यक रूप से लंबित रखने के फलस्वरूप उप निरीक्षक एस.बी.चौधरी, तत्कालीन थाना प्रभारी उचेहरा, प्रधान आरक्ष‍क-635 सियाशरण एवं प्रधान आरक्ष‍क 664 कल्लू रावत थाना उचेहरा को दिनांक 13.07.2016 को निलंबित किया गया है।

सतना जिले में संचालित नल-जल योजनाएं

52. ( क्र. 2363 ) श्रीमती ऊषा चौधरी : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या सतना जिले के लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकी विभाग द्वारा जल समस्‍या ग्रस्‍त ग्रामों में नवीन नल-जल प्रदाय योजना स्‍वीकृ‍त कराई जाएगी? यदि हाँ, तो प्रस्‍तावित नल-जल योजना विधान सभा क्षेत्र व ग्राम पंचायतवार बताएं? (ख) क्‍या पुरानी नल-जल योजनाओं का विस्‍तारीकरण करने की कोई कार्य योजना है? यदि हाँ, तो क्या सतना जिले के अंतर्गत रैगांव विधान सभा क्षेत्र के ग्राम छुलहनी (सायडिंग) में नल-जल योजना संचालित है? यदि है तो क्‍या टंकी निर्माण कराये जाने हेतु विभाग द्वारा स्‍वीकृत कराया गया था? (ग) क्‍या उक्‍त ग्राम में स्‍वीकृत टंकी का निर्माण कार्य पूर्ण हो गया है? यदि नहीं, तो क्‍यों? कब तक पूर्ण होगा समय-सीमा बताएं? (घ) सतना जिले में विभिन्‍न विकास खण्‍डों में वर्तमान समय में कितनी नल-जल योजनायें किन कारणों से बंद पड़ीं हैं? कब तक चालू करा दी जाएंगी?

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) जी नहीं। वर्तमान में नवीन योजनाओं की स्वीकृति पर प्रतिबंध है। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता। (ख) जी हाँ। जी हाँ। जी हाँ। (ग) जी नहीं। न्यायालय में प्रकरण विचाराधीन होने के कारण। निश्चित समय-सीमा नहीं बताई जा सकती। (घ) 35 नल-जल योजनाएं विभिन्न कारणों से बंद हैं। स्त्रोत असफल होने के कारण बंद योजनाओं में स्त्रोत विकसित करने की कार्यवाही विभाग द्वारा की जा रही है। अन्य कारणों से बंद योजनाओं के संचालन संधारण का दायित्व संबंधित ग्राम पंचायत का है। निश्चित समय-सीमा नहीं बताई जा सकती।

बिना अभियोजन के अभियोग पत्र प्रस्‍तुत करना

53. ( क्र. 2411 ) श्री घनश्‍याम पिरोनियाँ : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी भाण्‍डेर ने पत्र क्र. 51 दि. 08.09.15, 52 दि. 08.09.15, 53 दि. 11.09.15, 54 दि. 11.09.15, 60 दि. 07.10.15 पुलिस अधीक्षक दतिया को लिखे थे? (ख) क्‍या उक्‍त पत्रों में यह उल्‍लेख था कि थाना भाण्‍डेर द्वारा आरोपियों से सांठ-गांठ कर सीधे लाभ पहुंचाने के लिए प्रकरणों में बिना अभियोजन के विधिक परामर्श के व विवेचना में की विधिक त्रुटियों की पूर्ति के बिना अभियोग पत्र मा. न्‍यायालय में प्रस्‍तुत किए जा रहे हैं? (ग) क्‍या इसके बाद सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी को निलंबित कर दिया गया और थाना भाण्‍डेर के इस गंभीर कृत्‍य के लिए कोई कार्यवाही नहीं की गई? (घ) प्रश्‍नांश (क) में अंकित सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी भाण्‍डेर के पत्रों के संबंध में अभी तक क्‍या कार्यवाही हुई?

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) एवं (ख) जी हाँ। (ग) जी नहीं। सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी श्री प्रदीप कुमार मिश्रा के विरूद्ध गंभीर कदाचरण की शिकायत पाये जाने पर संचालक लोक अभियोजन मध्यप्रदेश भोपाल द्वारा निलंबित किया गया था। प्रश्नांश में वर्णित पत्रों में उल्लेखित अपराधों की विवेचना की समीक्षा उपरांत 02 प्रकरणों में थाना प्रभारीगण भांडेर एवं विवेचकों की लापरवाही पाये जाने पर दण्डित किया गया है। (घ) प्रश्नांश की जानकारी प्रश्नांश में समाहित है।

महिला बाल विकास विभाग की विभिन्‍न योजनाएं

54. ( क्र. 2414 ) श्री घनश्‍याम पिरोनियाँ : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) दतिया जिले में महिला बाल विकास विभाग द्वारा वर्ष 2014-15, 2015-16 एवं 2016-17 में किन-किन योजनाओं पर कितनी-कितनी राशि व्‍यय की गई, तहसीलवार एवं मदवार संपूर्ण जानकारी उपलबध कराई जावे? (ख) अटल बाल आरोग्‍य एवं पोषण मिशन के क्रियान्‍वयन हेतु समिति का गठन कब किया गया है और उसमें कौन-कौन सम्मिलित हैं? बैठकें कब-कब हुई प्रोसीडिंग की जानकारी उपलब्‍ध कराई जाए? (ग) पंजीयत समिति के पदाधिकारियों की विस्‍तृत जानकारी दी जाए वर्ष 2014-15 से 31 मई, 2016 तक समितियों द्वारा क्‍या-क्‍या कार्य किए गए और उन पर किस-किस मद में कितनी राशि व्‍यय की गई है, जानकारी दी जावे?

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( श्रीमती अर्चना चिटनिस ) : (क) दतिया जिले में महिला एवं बाल विकास विभाग अंतर्गत वर्ष 2014-15, 2015-16 एवं 2016-17 में योजनाओं पर किये गये व्‍यय की जानकारी परियोजनावार एवं मदवार पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र पर है। महिला एवं बाल विकास विभाग में प्रशासकीय इकाई बाल विकास परियोजना होने से विभागीय योजनाओं पर किये व्‍यय की जानकारी परियोजनावार दी गयी है। (ख) दतिया जिले में अटल बाल आरोग्‍य एवं पोषण मिशन के क्रियान्‍वयन हेतु समिति का गठन पंजीयन क्रमांक-02/39/01/13958/10 दिनांक 15/09/2010 से किया गया। उक्‍त समिति में सम्मिलित पदाधिकारियों की सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र पर है। दिनांक 27/01/2014 एवं 09/06/2015 को समिति की बैठक का आयोजन किया गया, जिसके प्रोसिडिंग की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र पर है। जिला कलेक्‍टर, दतिया द्वारा नियमित विभागीय प्रगति समीक्षा बैठकों में भी अटल बाल मिशन की गतिविधियों की समीक्षा की जाती है। (ग) पंजीयन समिति के पदाधिकारियों की विस्‍तृत जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र पर है। वर्ष 2014-15 से 31 मई 2016 तक समितियों द्वारा किये गये कार्यों में व्‍यय की गई राशि की मदवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र पर है।

तदर्थ रूप से नियुक्‍त अलिपि‍कीय पदों पर कार्यरत कर्मचारियों को नियमित

55. ( *क्र. 2437 ) श्री हरवंश राठौर : क्या पशुपालन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) म.प्र. शासन, कार्मिक प्रशासनिक सुधार एवं प्रशिक्षण विभाग के परिपत्र क्र./सी-3-4/89/3/49 भोपाल, दिनांक 24/01/1989 में 31/03/1986 के पूर्व तदर्थ रूप से नियुक्‍त अलिपिकीय पदों पर कार्यरत कर्मचारियों को नियमित नियुक्ति देने के निर्देश होने के बाद भी संचालक पशु चिकित्‍सा सेवाएं म.प्र. ने आदेश क्र./10776, दिनांक 31.08.89 के द्वारा 77 कर्मचारियों को 31/08/89 से किन नियमों के तहत नियुक्‍त किया गया है? (ख) विभाग में पदस्‍थ प्रगति सहायक/संगणक से सहायक सांख्यिकी अधिकारी एवं सहा. सांख्यिकी अधिकारी से सांख्यिकी अधिकारी के पद पर कब से पदोन्‍नति नहीं की गई है एवं कब तक पदोन्‍नति की जावेगी?

पशुपालन मंत्री ( श्री अंतरसिंह आर्य ) : (क) मध्यप्रदेश शासन कार्मिक प्रशासनिक सुधार एवं प्रशिक्षण विभाग के परिपत्र क्रमांक सी-3-4/89/3/49/भोपाल दिनांक 24.01.89 में दिनांक 24.01.89 से तदर्थ रूप से अलिपिकीय पदों पर कार्यरत कर्मचारियों को नियमित किये जाने के दिशा निर्देश जारी किये गये थे। संचालनालय पशु चिकित्सा सेवायें के आदेश क्रमांक 10776/दिनांक 31.08.89 द्वारा उक्त प्रसारित दिशा निर्देशानुसार ही 77 तदर्थ कर्मचारियों (अलिपिकीय) का नियमितीकरण किया गया था। (ख) संगणक/प्रगति सहायक से सहायक सांख्यिकीय अधिकारी के पद पर 2015 से पदोन्नती नहीं की गई एवं सहायक सांख्यिकीय अधिकारी से सांख्यिकीय अधिकारी के पद पर पदोन्नती वर्ष 2014 से नहीं की गई है। समय-सीमा बताना संभव नहीं है।

इंदौर में बढ़ते अपराध एवं घटनाएं

56. ( क्र. 2455 ) श्री राजेन्द्र फूलचं‍द वर्मा : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या इंदौर जैसे महानगर में पुलिस विभाग के कर्मचारी अधिकारी अपने कार्यों के प्रति जवाबदार नहीं है या उन्‍हें क्षेत्र में हो रही घटनाओं की जानकारी नहीं होती है? (ख) क्‍या गत दिवस इंदौर के एम.वाय. अस्‍पताल से सरेआम 12 वर्ष के बच्‍चे का अचानक लापता हो जाना पुलिस की निष्‍क्रीयता का दर्शाता है या नहीं? (ग) पुलिस बढ़ते अपराधों व घटनाओं को रोकने में नाकाम साबित हो रही है? गुण्‍डे बदमाशों में पुलिस का खोफ नहीं है क्‍या उपरोक्‍त घटना की उच्‍च स्‍तरीय जाँच कराई जावेगी या नहीं?

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) जी नहीं। इंदौर जिले में पुलिस विभाग के अधिकारी/कर्मचारी अपने कर्तव्यों के प्रति पूर्ण रूप से जवाबदार हैं तथा उन्हें क्षेत्र में हो रही घटनाओं की जानकारी रहती है। (ख) इंदौर के एम.वाय. अस्पताल से दिनांक 17.06.2016 के सायं 17.30 बजे फरियादिया सुलोचना पति मुकेश दीवान निवासी सोमनाथ की जूनी चाल, एम.आई.जी. इंदौर अपने 12 वर्षीय पुत्र रोहित के लापता हो जाने की रिपोर्ट दिनांक 18.06.2016 को संयोगितागंज थाने में किये जाने पर अपराध क्रमांक 371/16, धारा 363 भा.द.वि. का पंजीबद्ध कर अनुसंधान में लिया गया है। इसमें पुलिस की निष्क्रियता नहीं है। (ग) जी नहीं। पुलिस अपराधों एवं घटनाओं को रोकने में नाकाम साबित नहीं हो रही है अपितु पुलिस की सक्रियता तथा गुण्डे बदमाशों पर की गई प्रभावी कार्यवाही से अधिकतर अपराधों में कमी आई है। उपरोक्त अपराध का अनुसंधान किया जा रहा है, उच्च स्तरीय जाँच की आवश्यकता नहीं है।

म.प्र. में नोटरी नियुक्ति प्रक्रिया लंबित होना

57. ( क्र. 2462 ) एडवोकेट सत्‍यप्रकाश सखवार : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या यह सही है कि म.प्र. में नोटरी नियुक्ति की प्रक्रिया काफी लंबे समय से लंबित होने से आम जनता को परेशानी के साथ-साथ राजस्‍व की हानि भी हो रही है? (ख) यदि प्रश्‍नांश (क) का उत्‍तर हां, है तो ऐसा क्‍यों हो रहा है? शासन की इसमें क्‍या मंशा है स्‍पष्‍ट करें? (ग) क्‍या शासन नोटरी नियुक्ति करने पर विचार करेगा? यदि हाँ, तो कब तक नहीं तो क्‍यों नहीं?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी नहीं नोटरी नियुक्ति की कार्यवाही चल रही है अभी तक कुल 29 जिलों एवं तहसीलों के लिए नोटरी नियुक्ति की कार्यवाही पूर्ण की जा चुकी है। (ख) एवं (ग) प्रश्‍नांश '''' के उत्‍तर के आलोक में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

नवीन हैण्‍डपंप खनन

58. ( क्र. 2466 ) एडवोकेट सत्‍यप्रकाश सखवार : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) पी.एच.ई. मुरैना द्वारा जिलान्‍तर्गत कुल कितने नवीन हैण्‍डपंप खनन कराये गये हैं? 01.04.2015 से 31.05.2016 तक की स्थिति में जानकारी मय ग्राम, मजरा, मोहल्‍ला सहित दी जावें? (ख) पी.एच.ई. मुरैना द्वारा कुल कितनी हैण्‍डपंपों का प्रस्‍ताव शासन को भेजा गया था, उसमें से कितनों का स्‍वीकृत हुआ? (ग) स्‍वीकृत प्रस्‍ताव में से किस-किस की अनुशंसा से कितने-कितने हैण्‍डपंप खनन हुए? (घ) क्‍या विधानसभा क्षेत्र अम्‍बाह के लिये नवीन हैण्‍डपंप खनन के प्रस्‍ताव शासन को भेजने एवं विधानसभा क्षेत्र अम्‍बाह में खनन कराने में पक्षपात हुआ है, यदि हाँ, तो ऐसा क्‍यों? (ड.) क्‍या शासन पक्षपातपूर्ण रवैया समाप्‍त कर विधायक अम्‍बाह की मांग के अनुसार जरूरत मंद ग्रामों, मजरों में हैण्‍डपंप खनन कराने पर विचार करेगा?

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) कुल 499 नलकूप खनन कराये गये। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) वर्ष 2015-16 में 350 आंशिक पूर्ण बसाहटों के प्रस्ताव के विरूद्ध 110 एवं वर्ष 2016-17 में 350 आंशिक पूर्ण बसाहटों के प्रस्ताव के विरूद्ध आवंटन की उपलब्धता के अनुसार 150 आंशिक पूर्ण बसाहटों का लक्ष्य दिया गया। (ग) आंशिक पूर्ण श्रेणी की बसाहटों में जनप्रतिनिधियों से प्राथमिकता ज्ञात कर वर्ष 2015-16 में 367 एवं वर्ष 2016-17 में 132 नलकूप खनन किये गये हैं (घ) जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ड.) उत्तरांश- अनुसार। विभागीय कार्य योजना के अनुसार कार्य किया जायेगा।

बुनकरों की सुविधाएं

59. ( क्र. 2511 ) श्री राजकुमार मेव : क्या पशुपालन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में हस्‍तकरघा बुनाई कार्य कहाँ-कहाँ होता है एवं क्‍या-क्‍या उत्‍पादन किया जाता है? (ख) खरगोन जिले की विधानसभा क्षेत्रवार कितने परिवार एवं सदस्‍य हस्‍थकरघा बुनाई के माध्‍यम से साड़ी निर्माण, अन्‍य वस्‍त्रों का निर्माण कर रहे है? क्‍या शासन द्वारा सर्वे किया जाकर पंजीकृत किया गया? यदि हाँ, तो विवरण उपलब्ध कराया जावें? (ग) क्‍या विधानसभा क्षेत्र महेश्‍वर की महेश्‍वरी साड़ी के उत्‍पादन का अन्‍य क्षेत्र में साड़ी का निर्माण कर महेश्‍वरी साड़ी का नाम से निकली महेश्‍वर साड़ी विक्रय की जा रही है? यदि हाँ, तो इसे रोकने हेतु क्‍या नियम बनाये गये? क्‍या कार्यवाही की गई बतावें? (घ) महेश्‍वर के हस्‍तकरघा बुनकर परिवारों के सदस्‍यों के आर्थिक विकास हेतु रोजगार मूलक कोई कार्य योजना आवास सुविधा हेतु सामाजिक उत्‍थान हेतु योजना बनाई गई है, यदि हाँ, तो क्‍या-क्‍या एवं इसका क्रियान्‍वयन कब तक होगा?

पशुपालन मंत्री ( श्री अंतरसिंह आर्य ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) 2701, जी नहीं। (ग) जी नहीं। (घ) महेशवर में निम्न योजनाएं संचालित की जा रही है:- एकीकृत क्‍लस्टर विकास योजना, उद्यमी स्व-सहायता समूह योजना/अशासकीय संस्थाओं को सहयोग, अनुसंधान विकास योजना, हाथकरघा विकास योजना, प्रमोशन एवं अभिलेखीकरण, स्पेशल प्रोजेक्ट योजना, शिल्पी कल्याण योजना प्रदर्शनी एवं मेला योजनाओं से लाभान्वित किया जाता है।

परिशिष्ट - ''छब्बीस''

महेश्‍वर में हार्टिकल्‍चर हब की घोषणा का क्रियान्‍वयन

60. ( क्र. 2512 ) श्री राजकुमार मेव : क्या राज्‍यमंत्री, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या दिनांक 29/06/2012 के खरगोन जिले के महेश्‍वर विधानसभा क्षेत्र में भ्रमण के दौरान माननीय मुख्‍यमंत्रीजी द्वारा कृषि को लाभ का धंधा बनाने हेतु महेश्‍वर में हार्टिकल्‍चर कब की स्‍थापना किये जाने हेतु घोषणा की गई थी? (ख) यदि हाँ, तो क्‍या घोषणा के क्रियान्‍वयन हेतु विभाग द्वारा भूमि का चिन्‍हांकन, सीमांकन, भूमि आधिपत्‍य इत्‍यादि कार्यवाही कर ली गई है यदि हाँ, तो भूमि का सर्वे नं., रकबा, ग्राम का नाम, आदि बतावें? (ग) क्‍या दिनांक 09 दिसम्‍बर 2015 को तरांकित प्रश्‍न क्रमांक 615 के संबंध में माननीय मंत्रीजी द्वारा महेश्‍वर में हार्टिकल्चर हब की स्‍थापना के संबंध में माननीय मुख्‍यमंत्रीजी की घोषणा के क्रियान्‍वयन एवं पालन करने हेतु माननीय मुख्‍यमंत्रीजी से चर्चा कर अवगत कराने हेतु सदन में आश्‍वस्‍त किया गया था? माननीय मुख्‍यमंत्री जी से क्‍या चर्चा हुई अवगत करावे एवं महेश्‍वर में माननीय मुख्‍यमंत्री जी की घोषणा का क्रियान्‍वयन कब तक किया जाकर हार्टिकल्‍चर हब की स्‍वीकृति प्रदान की जावेगी?

राज्‍यमंत्री, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण ( श्री सूर्यप्रकाश मीना ) : (क) जी हाँ। (ख) जी नहीं। (ग) जी हाँ। हार्टिकल्‍चर हब के अंतर्गत उद्यानिकी विकास से संबंधित गतिविधियां आवश्‍यकता अनुसार महेश्‍वर विधानसभा क्षेत्र में चयनित क्‍लस्‍टर के ग्रामों में की जाना है। इस संबंध में संचालक, उद्यानिकी एवं प्रक्षेत्र वानिकी के पत्र क्रमांक 3021 दिनांक 19/05/2016 द्वारा कलेक्‍टर खरगोन को निर्देश जारी किये गये है। क्‍लस्‍टर के ग्रामों में उद्यानिकी विकास एक सतत प्रक्रि‍‍या है, अत: समय-सीमा बताना संभव नहीं है।

धान खरीदी, मिलिंग भुगतान में अनियमितता

61. ( क्र. 2556 ) श्री मधु भगत : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रश्‍न क 1008 दि. 26 फरवरी 2016 का उत्‍तर सही दिया गया था, जिसमें स्‍वीकार किया गया है कि 3026061.74 क्विंटल धान खरीदी गई थी, यदि हाँ, तो बतायें कि (1) धान किस-किस गोदाम ओपन केब में रखी गई (2) किस-किस मिलर्स को कितनी-कितनी दी गई (3) मिलर्स ने कितना चावल किस-किस ने कितना लौटाया (4) और उक्‍त मात्रा खरीदी का भुगतान किस-किस सोसायटी को कितना-कितना दिया गया? (ख) क्‍या धान महाराष्‍ट्र छत्‍तीसगढ़ के मिलर्स को दी गई और वर्तमान में भी दी जा रही है, जबकि बालाघाट जिले के मिलर्स की क्षमता 2-3 गुना बड़ी है, क्‍या कारण, सप्रमाण बतावें, इसका प्रस्‍ताव तथा अनुमोदन किसने दिया? (ग) क्‍या वर्ष 2013-14 धान खरीदी, भण्‍डारण, मिलिंग, चावल वापसी के आंकड़े सुरक्षित है, यदि हाँ, तो ब्‍यौरा दें कि उसमें अनियमितता नहीं है? (घ) वर्ष 2014-15 का किस-किस मिलर्स द्वारा चावल जमा नहीं कराया गया है, उनके नाम, पते, चावल की मात्रा, उसकी कीमत बताते हुए यह भी बतायें कि उनके खिलाफ पुलिस में रिपोर्ट क्‍यों नहीं की गई?

खाद्य मंत्री ( श्री ओम प्रकाश धुर्वे ) : (क) जी हाँ। बालाघाट जिले में वर्ष 2014-15 में समर्थन मूल्‍य पर उपार्जित धान के गोदामवार एवं केपवार भंडारण मात्रा की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ पर दर्शित है। मिलिंग हेतु मिलर्स को प्रदाय धान की मात्रा एवं उनके द्वारा जमा चावल मात्रा की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब पर दर्शित है। उपार्जित धान की राशि का सोसायटीवार किये गये भुगतान की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-स पर दर्शित है। (ख) जी हाँ। बालाघाट जिले में खरीफ विपणन वर्ष 2015-16 में समर्थन मूल्‍य पर 277303 मे.टन धान का उपार्जन हुआ है। इसके पूर्व जिले में वर्ष 2011-12, 2012-13, 2013-14 एवं 2014-15 में भी बालाघाट जिले में उपार्जित धान को बालाघाट जिले के अतिरिक्‍त अन्‍य जिलों के मिलर्स से मिलिंग कराने के बावजूद शत्-प्रतिशत मिलिंग वर्ष 2014-15 को छोड़कर कभी नहीं हो पाई है। राज्‍य शासन द्वारा मिलिंग की निर्धारित समय-सीमा में भारत सरकार से वृद्धि कराए जाने के उपरांत भी वर्ष 2014-15 की मिलिंग 31.10.2015 तक पूर्ण हो सकी तथा वर्ष 2011-12, 2012-13 एवं 2013-14 में उपार्जित धान की सम्‍पूर्ण मिलिंग नहीं हो सकी है। खरीफ विपणन वर्ष 2015-16 में उपार्जित धान की कस्‍टम मिलिंग समय-सीमा में कराने हेतु बालाघाट जिले के साथ-साथ समीपस्‍थ जिला मण्‍डला की न्‍यूनतम दूरी पर स्थित राईस मिल एवं जिले की सीमा से लगे महाराष्‍ट्र एवं छत्‍तीसगढ़ राज्‍य के कस्‍टम मिलर्स से मिलिंग समय-सीमा में पूर्ण कराये जाने हेतु प्रथमत: दिनांक 30.06.2016 नियत की गई थी किन्‍तु इस समय-सीमा में भी जिले में उपार्जित धान की मिलिंग का कार्य पूर्ण न होने से मिलिंग कराए जाने हेतु समय-सीमा में एक माह अर्थात् दिनांक 31.07.2016 तक की वृद्धि की गई है। महाराष्‍ट्र एवं छत्‍तीसगढ़ राज्‍य के मिलर्स से मिलिंग हेतु भारत शासन द्वारा जारी निर्देश की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-द पर दर्शित है। (ग) जी हाँ। वर्ष 2013-14 में उपार्जित धान, भण्‍डारण, मिलिंग एवं चावल वापसी के आंकड़े सुरक्षित हैं, इस संबंध में कोई शिकायत प्रकाश में नहीं आई है। (घ) वर्ष 2014-15 में‍ 128 मिलर्स द्वारा 8282.76 क्विंटल चावल जमा नहीं कराया गया। जिसकी राशि रू. 24073121.49 होती है। इनमें से 125 मिलर्स से राशि रू. 7965945.49 उनके देयकों से काटकर एवं नगद राशि जमा कराई जा चुकी है। शेष 03 मिलर्स से उनके देयकों से राशि रू. 5204304 की कटौती किए जाने के पश्‍चात् भी राशि रू. 16107176 की वसूली नहीं हो पाने के कारण पत्र क्र. उपा.एवंमि./940 बालाघाट दिनांक 28.06.2016 द्वारा पुलिस अधीक्षक, बालाघाट को एफ.आई.आर. दर्ज करने हेतु लिखा गया है साथ ही उक्‍त में से 02 मिलर्स के विरूद्ध उनके चैक बैंक में अनादृत हो जाने के कारण उनके विरूद्ध माननीय जिला न्‍यायालय, बालाघाट में प्रकरण दायर किया गया है। चावल जमा न करने वाले मिलर्स की सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ई अनुसार है।

विभाग द्वारा सीधे सामग्री क्रय करना

62. ( क्र. 2582 ) श्री ठाकुरदास नागवंशी, श्रीमती इमरती देवी : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या विभाग द्वारा म.प्र. लघु उद्योग निगम के स्‍थान पर अब विभाग द्वारा सीधे सामग्री क्रय करने के आदेश प्रदायकर्ता एजेंसियों को दिये जाते हैं? (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में 01 जनवरी 2015 से आज दिनांक तक किन-किन सामग्री यथा पाइप, पम्‍प एवं अन्‍य उपकरणों के लिये किन-किन एजेंसियों को कितनी कितनी लागत के कार्य आदेश दिये गये हैं जिलेवार एवं दिनांकवार जानकारी प्रदान की जावे? (ग) क्‍या जिन कार्य एजेंसियों को कार्य आदेश दिये गये हैं वह स्‍वयं सामग्री का उत्‍पादन नहीं कर अन्‍य स्‍थानों से सामग्री क्रय कर उपलब्‍ध कर