मध्यप्रदेश विधान सभा


प्रश्नोत्तर-सूची
फरवरी-मार्च, 2018 सत्र


मंगलवार, दिनांक 27 मार्च, 2018


भाग-1
तारांकित प्रश्नोत्तर



सड़क निर्माण एवं उन्‍नतीकरण

[लोक निर्माण]

1. ( *क्र. 5952 ) पं. रमाकान्‍त तिवारी : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रीवा जिले की त्‍योंथर एवं जवा तहसील में लोक निर्माण विभाग द्वारा वित्‍तीय वर्ष  2014-15 से वित्‍तीय वर्ष 2017-18 तक कुल कितनी नवीन सड़कें बनाई गईं एवं कितनी सड़कों का उन्‍नतीकरण किया गया? (ख) प्रश्नांश (क) से संबंधित कार्यों की एजेन्‍सी का नाम बतायें। क्‍या उक्‍त कार्य शासन द्वारा निर्धारित मापदण्‍ड के अनुसार एवं निर्धारित समयावधि में कराये गये?  (ग) वित्‍त‍ीय वर्ष 2017-18 में त्‍योंथर एवं जवा तहसील में कुल कितने कार्य स्‍वीकृत हैं? नवीन कार्य एवं मरम्‍मत कार्य तथा उन्‍नतीकरण कार्य का पृथक-पृथक विवरण दें। (घ) प्रश्‍नांश (ग) में वर्णित कार्यों की एजेन्‍सी लागत एवं समयावधि स्‍पष्‍ट करें?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। म.प्र. सड़क विकास निगम लिमिटेड अंतर्गत केवल एक मुख्‍य जिला मार्ग हरदुआ-चाकघाट मार्ग का उन्‍नयन कार्य एम.पी.डी.सी. एस.पी. (ए.डी.बी.) वित्‍त पोषित परियोजनांतर्गत किया गया है, जो कि रीवा जिले के जवा एवं त्‍योंथर तहसील से गुजरता है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। जी हाँ। समयावधि संबंधित कार्यवाही की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' के कॉलम-13 अनुसार है। हरदुआ-चाकघाट मार्ग हेतु एजेन्‍सी म.प्र. सड़क विकास निगम है। उक्‍त कार्य अनुबंधानुसार निर्धारित एम.ओ.आर.टी. एण्‍ड एच एवं आई.आर.सी. के मापदण्‍डों के अनुसार किया जा रहा है। जी नहीं, कार्य निर्धारित समयावधि में नहीं हुआ है। (ग) वर्ष 2017-18 में स्‍वीकृत कार्यों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। म.प्र. सड़क विकास निगम अंतर्गत वित्‍तीय वर्ष 2017-18 के कुल 2 मार्गों यथा त्‍योंथर एवं जवा तहसील में ए.डी.बी. एम.पी.डी.आर. - II एस.पी. में स्‍वीकृति हुई है। उक्‍त दोनों मार्गों की निविदा प्रक्रियाधीन है। (1) सारंगी-त्‍योंथर-पनवार-डबोरा मार्ग (2) चाकघाट-सौमारी मार्ग। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। म.प्र. सड़क विकास निगम के उत्‍तर (ग) में उल्‍लेखित दोनों कार्यों हेतु एजेन्‍सी म.प्र. सड़क विकास निगम लिमिटेड है। दोनों कार्यों की लागत क्रमश: राशि रू. 25.70 करोड़ एवं रू. 79.71 करोड़। कार्य करने हेतु प्रस्‍तावानुसार नियत संयुक्‍त पैकेज का समय 18 माह है।

हलधर योजनांतर्गत अनियमितता की जाँच

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

2. ( *क्र. 1566 ) श्री कमलेश्‍वर पटेल : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2013-142014-15 में जिला सिंगरौली में हलधर योजनांतर्गत गहरी जुताई के कुल कितने कृषकों का लक्ष्‍य अनुसार पंजीयन हुआ? अनुदान राशि का विवरण एवं लाभान्वित कृषकों की जानकारी देवें (ख) क्या प्रश्नांश (क) अनुसार शासन की गाईड लाईन के विरूद्ध सामान्य वर्ग के 02 हेक्टेयर से अधिक धारित भूमि वाले अपात्र कृषकों तथा कृषि विभाग में कार्यरत शासकीय कर्मचारी जो सिंगरौली जिले के बाहर के निवासी तथा भूमिहीन हैं, उनको तथा उनके परिजन को भी अपात्र होने के बावजूद योजना में अनुदान का लाभ दिया गया है? ऐसे स्वीकृत अनुदान भुगतान की वर्षवार संख्‍यात्‍मक जानकारी दें इस संबंध में प्राप्‍त शिकायतों एवं उन पर हुई कार्यवाही का विवरण भी दें? (ग) प्रश्नांश (ख) संलिप्त जिम्मेदार उप संचालक कृषि तथा कर्मचारी कौन-कौन हैं? उनके नाम, पद नाम सहित बतावें क्या योजना में की गई गंभीर वित्तीय अनियमितता तथा व्यापक भ्रष्टाचार के आरोप में कार्यवाही की जावेगी?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) वर्ष 2013-14 में 3400 हेक्‍टेयर का लक्ष्‍य प्राप्‍त हुआ था। लक्ष्‍य के विरूद्ध 1477.63 हेक्‍टेयर 1151 कृषकों को योजना का लाभ दिया गया है। वर्ष 2014-15 में 1440 हेक्‍टेयर का लक्ष्‍य प्राप्‍त हुआ था। लक्ष्‍य के विरूद्ध 803.55 हेक्‍टेयर 663 कृषकों को योजना का लाभ दिया गया है। उपलब्‍ध अभिलेखों के आधार पर गहरी जुताई भुगतान की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) विकासखण्‍डों से गहरी जुताई के प्राप्‍त आवेदन पत्रों के आधार पर अनुदान भुगतान की कार्यवाही की गई है। कुछ कर्मचारियों को अनुदान लाभ दिया गया था, जिनसे राशि वापस ली जाकर शासन के खजाने में जमा कर दी गई है व संबंधितों की आगामी वार्षिक वेतन वृद्धि असंचयी प्रभाव से रोक दी गई है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ग) दिनांक 20.06.2012 से 20.11.2014 तक प्रभारी उप संचालक श्री के.के. पाण्‍डेय द्वारा आहरण संवितरण का कार्य संपादन किया गया एवं शाखा प्रभारी के रूप में श्री आर.के. दीपांकर तत्‍कालीन ग्रा.कृ.वि.अधि. द्वारा किया गया है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-3 अनुसार है।

गेहूं उपार्जन केन्द्रों पर की गई खरीदी

[सहकारिता]

3. ( *क्र. 5908 ) श्री मुकेश पण्‍ड्या : क्या राज्‍यमंत्री, सहकारिता महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) उज्जैन जिले में कितने गेहूं उपार्जन केन्द्र हैं, उन केन्द्रों पर वर्ष 2017-18 में बैंक द्वारा कितनी सी.सी. लिमिट स्वीकृत की गई है? इन केन्द्रों पर खरीदी के समय क्या-क्या सामग्री की आवश्‍यकता होती है? (ख) उक्त सामान की खरीदी प्रधान कार्यालय द्वारा की गई या उपार्जन केन्द्र द्वारा पृथक-पृथक खरीदी गई? यदि प्रधान कार्यालय से खरीदी गई तो कुल राशि कितनी व्यय की गई व उपार्जन केन्द्रों में कितनी-कितनी राशि समिति के नामे की गई? क्या उक्त सामान हेतु टेण्डर बुलाये गये? यदि हाँ, तो किन-किन कंपनियों ने टेण्डर डाले, उनके नाम एवं उनके द्वारा दिये गये भाव पत्र एवं तुलनात्मक पत्रक प्रदान करें। (ग) क्या उक्त सामान को बैंक के प्रधान कार्यालय द्वारा खरीद कर उपार्जन केन्द्र को देने का प्रावधान है? यदि हाँ, तो किस नियम के आधार पर, उस नियम की कॉपी प्रदान करें तथा उपरोक्त सामग्री का सत्यापन किन-किन अधिकारियों के द्वारा किया गया?

राज्‍यमंत्री, सहकारिता ( श्री विश्वास सारंग ) : (क) 71 उपार्जन केन्‍द्र, रूपये 69.00 करोड़ साख सीमा स्‍वीकृत की गई, खरीदी के समय आवश्‍यक सामग्री की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) जिला सहकारी केन्‍द्रीय बैंक उज्‍जैन के प्रधान कार्यालय स्‍तर से, कुल व्‍यय राशि रूपये 73,33,580.00 एवं संस्‍थाओं को कुल नामे राशि रूपये 73,33,580.00, जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-2 अनुसार, जी नहीं शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी नहीं, जाँच कराई जा रही है, जाँच पश्‍चात् समग्र तथ्‍यों के परीक्षण उपरांत स्थिति स्‍पष्‍ट हो सकेगी।

प्राथमिक विद्यालय के शिक्षकों को वेतन का नियमित भुगतान

[स्कूल शिक्षा]

4. ( *क्र. 5145 ) श्री मनोज निर्भय सिंह पटेल : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या कर्मचारियों/अधिकारियों को प्रतिमाह नियमित वेतन भुगतान किए जाने की समय-सीमा निर्धारित है? क्‍या इन्‍दौर जिले के प्राथमिक शालाओं में पदस्‍थ सहायक शिक्षकों के माह जनवरी 2018 के वेतन के भुगतान में विलंब हुआ है? यदि हाँ, तो किन कारणों से विलंब हुआ?                         (ख) क्‍या बजट के अभाव में नियमित वेतन के भुगतान में विलंब हुआ है तो बजट किन-किन मदों में व्‍यय किया गया है, ऐसे वांछित कारण स्‍पष्‍ट करें। क्‍या वेतन के बजट से तृतीय क्रमोन्‍नत वेतनमान का एरियर का भुगतान करने के कारण वेतन के लिए बजट राशि में कमी हुई, जिससे अनेकों सहायक शिक्षकों को नियमित वेतन भुगतान नहीं हो सका? यदि हाँ, तो ऐसे जिम्‍मेदार अधिकारी/कर्मचारियों जिन्‍होंने वेतन के बजट से क्रमोन्‍नत वेतनमान एरियर का भुगतान किया, उनके विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की जायेगी? यदि नहीं, तो क्‍यों? ऐसे अधिकारी/कर्मचारी के नाम सहित विवरण प्रस्‍तुत करें। (ग) क्‍या लोक शिक्षण संचालनालय भोपाल के पत्र क्रमांक/बजट/2017-18/465, दिनांक 12.02.2018 के द्वारा योजनाओं में वेतन मद से पुनर्विनियोजन कर बजट उपलब्‍ध कराया गया है? यदि हाँ, तो इंदौर जिले के इन्‍दौर विकासखण्‍ड अंतर्गत कार्यरत सहायक शिक्षकों को जनवरी 2018 का नियमित वेतन भुगतान फरवरी 2018 के अंतिम सप्‍ताह तक भी नहीं हो सका? कारण स्‍पष्‍ट करें। विलंब के लिए दोषी अधिकारी/कर्मचारी के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की जावेगी? की गई कार्यवाही से अवगत करावें। (घ) क्‍या भविष्‍य में अथवा फरवरी 2018 के वेतन भुगतान में इस प्रकार के विलंब नहीं होने के लिए शासन कोई स्‍पष्‍ट दिशा-निर्देश जारी करेगा, ताकि नियमित वेतन भुगतान समय पर हो सके? शेष बचे हुए शिक्षकों को तृतीय क्रमोन्‍नत वेतनमान के एरियर के लिए बजट उपलब्‍धता की स्थिति से अवगत करावें।

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जी नहीं, अपितु कोषालय संहिता के प्रावधान अनुसार आहरण संवितरण अधिकारी को वेतन संवितरण दिवस के पूर्वगामी अंतिम कार्य दिवस के सात दिन पूर्व कोषालय को बिल प्रस्तुत करने के निर्देश हैं। कुछ सहायक शिक्षकों के वेतन देयक संबंधित विस्तृत शीर्ष में पर्याप्त आवंटन के अभाव में लंबित रहे। (ख) वेतन भत्ते मद में उपलब्ध राशि वेतन, मंहगाई भत्ता, आवास गृह भाड़ा, अन्य भत्ते, ग्रेड-पे पर व्यय की गई है। नियमित वेतन भत्ते तथा एरियर राशि भुगतान हेतु पृथक से कोई मद/आवंटन का प्रावधान नहीं है। क्रमोन्नत वेतनमान के एरियर का भुगतान भी वेतन मद से ही विकलनीय है। अतः शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी हाँ। पुनर्विनियोजन के फलस्वरूप अतिरिक्त आवंटन के विरूद्ध वेतन देयकों के हुए आहरण के पश्चात् 008-अन्य भत्ते मद से आवंटन पर्याप्त न होने से इस मद को छोड़कर वेतन देयक जनरेट कर आहरित करने के कारण विलंब हुआ है। अतः कोई कर्मचारी/अधिकारी दोषी नहीं है। अतः शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) माह फरवरी 2018 का वेतन भुगतान किया जा चुका है। नियमित वेतन भुगतान कोषालय संहिता के प्रावधानुसार किये जाने की स्थायी व्यवस्था निर्धारित है। क्रमोन्नत वेतनमान के एरियर संबंधित योजना के अंतर्गत बजट की उपलब्धतानुसार आहरण किया जाता है।

विभागीय योजनाओं का क्रियान्‍वयन

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

5. ( *क्र. 5777 ) डॉ. राजेन्‍द्र पाण्‍डेय : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या शासन/विभाग द्वारा खेती को लाभ का धंधा बनाए जाने हेतु निरंतर प्रयास किये जा रहे हैं, जिसके अंतर्गत विभिन्‍न योजनाओं का क्रियान्‍वयन रतलाम जिले में किया जा रहा है?                   (ख) यदि हाँ, तो वर्ष 2015-16 से लेकर प्रश्‍न दिनांक तक किन-किन योजनाओं का क्रियान्‍वयन किया गया? क्रियान्वित योजना पर वर्षवार कितना व्‍यय किया गया (ग) उपरोक्‍त उल्‍लेखित वर्षों में जिले में खाद-बीज, कृषि उपकरण आदि कहाँ-कहाँ वितरित किये गये? इनमें कितना-कितना अनुदान दिया गया? (घ) उपरोक्‍त उल्‍लेखित वर्षों में वर्षवार कितना बजट प्राप्‍त होकर कितना व्‍यय हुआ? लाभान्वित हितग्राहियों की योजनावार संख्‍यात्‍मक जानकारी दें

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र 01 अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र 02 अनुसार है।                    (ग) रतलाम जिले में खाद, बीज एवं कृषि उपकरणों का वितरण पात्र हितग्राहियों को जिले के 6 विकासखण्‍डों में वितरित किये गये हैं। अनुदान की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र 03 अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र 04 अनुसार है।

नेशनल हाईवे-12 पर निर्मित सड़क की गुणवत्‍ता

[लोक निर्माण]

6. ( *क्र. 3078 ) प्रो. संजीव छोटेलाल उइके : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या मण्‍डला जिला अन्‍तर्गत नगर परिषद भुआ-बिछिया क्षेत्रान्‍तर्गत एन.एच. 12 राष्‍ट्रीय राजमार्ग में बंजारी से भंडगा तक दोनों ओर नल-जल योजना की मेन पाईप लाईन मे. दिलीप बिल्‍डकॉन कंपनी द्वारा डाली जानी थी? क्‍या नगरवासियों द्वारा एस.डी.एम. बिछिया को कलेक्‍टर मण्‍डला के नाम से ज्ञापन सौंप कर शिकायत की जाँच करने का आग्रह किया गया है? (ख) यदि हाँ, तो क्‍या नगरवासियों की मौखिक शिकायत पर निर्माण एजेंसी द्वारा रातोंरात चोरी छिपे पाईप लाईन बिछाने का कार्य किया गया है, जिसकी जानकारी प्राप्‍त होने पर निकाय अध्‍यक्ष द्वारा परिषद के पदाधिकारियों एवं अमले के साथ मौके पर k-7 (100 mm) के पाईप पाये गये, ज‍बकि नई पाईप लाईन के पाईप प्राक्‍कलन अनुसार k-9 (100 mm) के डाले जाने थे, जिसकी सूचना पर अनुविभागीय अधिकारी, बिछिया द्वारा पंचनामा तैयार कर पाईप जप्‍त किये गये हैं? (ग) यदि हाँ, तो, मे. दिलीप बिल्‍डकॉन द्वारा पूर्व प्रस्‍तुत प्राक्‍कलन के विपरीत ये कार्य किसकी सहमति, आदेश के द्वारा रातोंरात डाले जा रहे थे? क्‍या इसकी जाँच हेतु जिला प्रशासन अथवा स्‍थानीय स्‍तर पर कोई कार्यवाही की है? इस अवैधानिक कृत्‍य पर भुगतान कब और कितना किया गया और क्‍यों? (घ) प्रश्नांश (क) (ख) अनुसार नागारिकों के मूलभूत सुविधा की दृष्टि से बिछिया नगर निकाय में पाईप लाईन प्राक्‍कलन के विरूद्ध क्‍यों डाली जा रही थी? दोषी के विरूद्ध अब तक क्‍या कार्यवाही की गई है? नहीं तो क्‍यों नहीं? कार्यवाही कब पूर्ण की जावेगी?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ। जी हाँ। (ख) जी नहीं। कोई भी कार्य चोरी छि‍पे या रातोंरात नहीं किया गया है। जी हाँ। पत्रकार संघ द्वारा कलेक्टर मंडला को ज्ञापन सौंपकर जाँच करने का आग्रह किया गया है। निकाय के अध्यक्ष द्वारा अपने परिषद के पदाधिकारियों के साथ मौके पर जाकर पंचनामा तैयार किया गया, जिसमें कुछ पाईप के-7 (100 एम.एम.) के पाये गये। अनुविभागीय अधिकारी बिछिया द्वारा पंचनामा तैयार कर पाईप जब्त नहीं किये गये हैं।        (ग) जी नहीं। कार्य रातोंरात नहीं किया गया, बल्कि लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, नगर परिषद बिछिया तथा अथॉरिटी इंजीनियर की देखरेख में कराया गया। कलेक्टर मंडला के द्वारा दिनांक 13.10.2017 को जाँच दल का गठन किया गया है, जिसकी कार्यवाही प्रचलन में है। अवैधानिक कृत्य का नहीं वरन् किये गये कार्य का भुगतान अनुबंधक को दो बार दिनांक 31.03.2017 को रू. 74.29 लाख तथा 21.06.2017 को रू. 73.05 लाख का भुगतान किया गया है। किये गये भुगतान में से राशि रू. 15 लाख रोके गये हैं। किये गये कार्य का भुगतान मुख्य नगर पालिका अधिकारी बिछिया एवं सहायक यंत्री, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सत्यापन के उपरांत किया गया है। (घ) कार्य लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, नगर परिषद बिछिया तथा आथॉरिटी इंजीनियर की देखरेख में भारतीय मानक अनुसार उचित गुणवत्ता का कराया गया है। जिला प्रशासन द्वारा जाँच प्रचलन में है। शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

मुरैना जिले में जिला शिक्षाधिकारी के पद का प्रभार

[स्कूल शिक्षा]

7. ( *क्र. 3009 ) एडवोकेट सत्‍यप्रकाश सखवार : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या मुरैना जिले में जिला शिक्षाधिकारी के पद पर शिक्षा विभाग का डी.ई.ओ. होने के बावजूद भी राजस्‍व विभाग के डिप्‍टी कलेक्‍टर से जिला शिक्षाधिकारी का कार्य कराया जा रहा है? यदि हाँ, तो ऐसा क्‍यों? (ख) क्‍या श्री बी.एस. सिकरवार डी.ई.ओ. मुरैना के द्वारा उन्‍हें डी.ई.ओ. का प्रभार नहीं मिलने से वरिष्‍ठ अधिकारियों के प्रति अवमानना दायर की गई है? (ग) क्‍या शासन मान. उच्‍च न्‍यायालय के आदेश के पालन में डी.ई.ओ. सिकरवार को जिला शिक्षाधिकारी का कार्य कराने हेतु आदेश जारी करेगा? यदि हाँ, तो कब तक नहीं, तो क्‍यों नहीं?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जी हाँ। प्रशासनि‍क कारणों से श्री सुरेश जादव, डि‍प्‍टी कलेक्‍टर, जि‍ला मुरैना को अपने कार्य के साथ-साथ जि‍ला शि‍क्षा अधि‍कारी, जि‍ला मुरैना का कार्य संपादि‍त करने हेतु आदेशि‍त कि‍या गया। (ख) जी हाँ। (ग) विभागीय आदेश दि‍नांक 08.02.2018 द्वारा श्री व्‍ही.एस. सि‍करवार को प्रभारी जि‍ला शि‍क्षा अधि‍कारी भि‍ण्‍ड के पद पर समान सामर्थ्‍य एवं वेतनमान में पदस्‍थ कि‍या गया है। श्री सि‍करवार द्वारा दि‍नांक 21.02.2018 को प्रभारी जि‍ला शि‍क्षा अधि‍कारी भि‍ण्‍ड का प्रभार ग्रहण कि‍ये जाने से शेषांश का प्रश्‍न उपस्‍ि‍थत नहीं होता।

दोषी अधिकारियों पर कार्यवाही

[सहकारिता]

8. ( *क्र. 5914 ) श्री मधु भगत : क्या राज्‍यमंत्री, सहकारिता महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बालाघाट जिले में किस-किस आदिम जाति सेवा सहकारी समिति के अंतर्गत वर्ष 2016 से गबन/अनियमितता के आरोप में प्रकरण दर्ज हुए थे तथा क्‍या-क्‍या दण्‍ड दिये गये? (ख) कार्यालय आदिम जाति सेवा सहकारी समिति बघोली विकास खण्‍ड परसवाड़ा में वर्ष 2013-14 में गबन प्रकरण पर उच्‍च न्‍यायालय जबलपुर द्वारा पारित याचिका 20840/15, दिनांक 15.02.2016 के पालन में क्‍या-क्‍या कार्यवाही किस-किस के विरूद्ध कब-कब की गई? यदि नहीं, तो क्‍यों? (ग) गबन या शासकीय दस्‍तावेजों में हेरा-फेरी में लिप्‍त पाये गये न्‍यायालय में विचाराधीन और निलम्बित किये गये तथा निलम्‍बित अवधि में पुन: उसी कर्मचारी से कार्य लिया जा सकता है? यदि हाँ, तो किस नियम के आधार पर यदि नहीं, तो क्‍यों लिया गया? (घ) क्‍या उक्‍त गबन के दोषियों को कोई दण्‍ड कभी नहीं दिया गया? कब तक दिया जावेगा? विलंब के लिये कौन जिम्‍मेदार है? (ड.) जिले में और किस-किस के खिलाफ अनुशासनिक कार्यवाही प्रचलित है? नाम एवं कार्यालय सहित बतावें

राज्‍यमंत्री, सहकारिता ( श्री विश्वास सारंग ) : (क) जानकारी  संलग्न परिशिष्ट  अनुसार है।                     (ख) प्रश्नांकित याचिका में माननीय उच्च न्यायालय द्वारा समिति बघोली के 4 कर्मचारियों को अग्रिम जमानत दी गई है। अग्रिम जमानत के संबंध में समिति स्तर से कोई कार्यवाही अपेक्षित नहीं थी।               (ग) जी नहीं। नियम विरूद्ध कार्य लिये जाने हेतु प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति, बघोली के प्रशासक एवं समिति प्रबंधक को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किये गये हैं। (घ) उक्त गबन में लिप्त छः कर्मचारियों में से दो कर्मचारी को सेवा से पृथक किया जा चुका है तथा शेष 4 कर्मचारियों को निलंबित किया जाकर विभागीय जाँच संस्थित की गई। आपराधिक प्रकरण माननीय अपर सत्र न्यायाधीश, बालाघाट में विचाराधीन है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ड.) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है।

परिशिष्ट - ''एक''

किसानों के अंश पूंजी की वापसी

[सहकारिता]

9. ( *क्र. 5453 ) श्री सुखेन्‍द्र सिंह : क्या राज्‍यमंत्री, सहकारिता महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या मध्‍यप्रदेश के सहकारी समितियों में किसानों द्वारा सदस्‍य बनने हेतु अंशपूंजी जमा की जाती है? (ख) यदि हाँ, तो रीवा जिले में विगत 3 वर्षों में कितने किसानों ने सहकारी समिति में सदस्‍यता ली? किसान समितिवार पृथक-पृथक वर्षवार, पिछले तीन वर्षों की संख्‍या बतावें                            (ग) प्रश्नांश (क), (ख) के प्रकाश में पिछले तीन वर्षों में कितने किसानों द्वारा सदस्‍यता छोड़ी गई? समितिवार, वर्षवार छोड़े गये सदस्‍यों की संख्‍या बतावें। (घ) प्रश्नांश (क), (ख), (ग) के प्रकाश में सदस्‍यता छोड़े गये किसानों को क्‍या उनकी अंशपूंजी वापस की गई? यदि हाँ, तो समितिवार, वर्षवार, संख्‍या बतावें? यदि नहीं, तो वापस क्‍यों नहीं की गई? यदि वापस की जावेगी तो कब तक?

राज्‍यमंत्री, सहकारिता ( श्री विश्वास सारंग ) : (क) जी हाँ। (ख) एवं (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (घ) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

शिक्षा के अधिकार अधिनियम का पालन

[स्कूल शिक्षा]

10. ( *क्र. 1432 ) श्री रामलाल रौतेल : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अनूपपुर जिलान्‍तर्गत कुल कितनी निजी शैक्षणिक संस्‍थाएं संचालित हैं? विद्यालय का नाम, पता, संचालित कक्षा का उल्‍लेख करें (ख) क्‍या संचालित संस्‍था में शिक्षा का अधिकार अधिनियम लागू है? यदि हाँ, तो कुल कितने गरीब परिवार के बच्‍चों को अध्‍ययन कराया जा रहा है? संस्‍थावार, कक्षावार बताएं।

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) अनूपपुर जिला अंतर्गत प्राथमिक एवं माध्‍यमिक स्‍तर की 210 अशासकीय शै‍क्षणिक संस्‍थाएं संचालित हैं। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) माननीय सर्वोच्‍च न्‍यायालय के निर्णय दिनांक 12.04.2012 के अनुसार अल्‍प संख्‍यक शिक्षण संस्‍थाओं को शिक्षा का अधिकार अधिनियम से बाहर रखा गया है। अत: उक्‍त संस्‍थाओं को छोड़कर शेष संस्थाओं पर यह अधिनियम लागू है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है।

शासकीय प्राथमिक शालाओं का उन्‍नयन

[स्कूल शिक्षा]

11. ( *क्र. 4991 ) श्री के.डी. देशमुख : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या विधान सभा क्षेत्र कटंगी जिला बालाघाट की शा.प्रा. शाला जमुनियां, कोड़मी, कामठी, कोहका, कोसमी, मोहगांव, नन्‍दलेसरा, सोनेगांव, चम्‍बूटोला, नांगोटोला, हरिटोला, तिजूटेकाड़ी, गर्रावोड़ी, दैतबर्रा, पटेलटोला झरिया, मुरझड़टोला शा.मा. शाला में उन्‍नयन होने की अर्हतायें रखती हैं? (ख) यदि हाँ, तो क्‍या विधान सभा क्षेत्र कटंगी की शा.प्रा. शालाओं का शा.मा. शालाओं में उन्‍नयन होने की अर्हता रखने के बाद भी उन्‍नयन नहीं हुआ है? (ग) क्‍या तत्‍कालीन माननीय शिक्षा मंत्री ने उन्‍नयन हेतु पत्र क्रमांक 1541/मंत्री/स्‍कूल/शिक्षा क्र. भोपाल दिनांक 31.12.2016 को पत्र द्वारा राज्‍य शिक्षा केन्‍द्र भोपाल को लिखा था। (घ) कब तक अर्हता प्राप्‍त शा.प्रा. शालाओं का शा.मा. शालाओं में उन्‍नयन कर दिया जावेगा?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित शालाओं में से शासकीय प्राथमिक शाला कोड़मी अर्ह होने से वर्ष 2013-14 में उन्‍नयन किया गया, शेष शालाएं आर.टी.ई. के मापदण्‍डों के अनुसार माध्यमिक शाला में उन्नयन हेतु अर्ह नहीं है। (ख) उत्तरांश (क) अनुसार प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी हाँ। इस पत्र में प्रश्नांश (क) में उल्लेखित शालाओं में से 09 शासकीय प्राथमिक शालाओं जमुनियां, कोड़मी, कामठी, कोहका, कोसमी, मोहगांव, नन्दलेसरा, सोनेगांव, चम्बूटोला, के उन्नयन का उल्लेख था। (घ) उत्तरांश () अनुसार अर्हता न रखने वाली शालाओं के उन्‍नयन किये जाने का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

विधान सभा क्षेत्र खिलचीपुर के अंतर्गत विश्राम गृह की स्‍वीकृति

[लोक निर्माण]

12. ( *क्र. 1275 ) कुँवर हजारीलाल दांगी : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या विधान सभा क्षेत्र खिलचीपुर के अंतर्गत नगर छापीहेड़ा एवं नगर माचलपुर में विश्राम गृह नहीं होने से संभागीय परियोजना यंत्री लोक निर्माण विभाग पी.आई.यू. जिला राजगढ़ द्वारा नवीन विश्राम गृह निर्माण हेतु विस्‍तृत कार्ययोजना प्राक्‍कलन तैयार कर गत वर्ष स्‍वीकृति हेतु वरिष्‍ठालय को प्रेषित किया गया है? यदि हाँ, तो प्रश्‍न दिनांक तक उक्‍त वर्णित विश्राम गृह की स्‍वीकृति हेतु शासन द्वारा क्‍या कार्यवाही की गई? (ख) क्‍या विधान सभा क्षेत्र खिलचीपुर के नगर छापीहेड़ा एवं माचलपुर राष्‍ट्रीय राजमार्ग के समीपस्‍थ स्थि‍त होकर टप्‍पा क्षेत्र है, लेकिन विश्राम गृह की सुविधा नहीं होने से अतिविशिष्‍ट एवं विशिष्‍ट अतिथियों, जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारीगणों के रात्रि विश्राम व्‍यवस्‍था में काफी कठिनाइयां उत्‍पन्‍न होती हैं? यदि हाँ, तो क्‍या शासन उक्‍त वर्णित नगरों में विश्राम गृह की स्‍वीकृति प्रदान करेगा? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्‍यों?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ। प्रकरण परीक्षणाधीन है। (ख) जी नहीं, निजी क्षेत्र की अन्‍य सुविधायें उपलब्‍ध हैं। वित्‍तीय संसाधनों के दृष्टिगत स्‍वीकृति की समय-सीमा बताना संभव नहीं है।

हलधर योजना का संचालन

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

13. ( *क्र. 5869 ) सुश्री मीना सिंह : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या कृषकों को हकाई/जुताई कार्य में सहायता उपलब्‍ध कराने हेतु हलधर योजना संचालित है? यदि हाँ, तो योजना के क्रियान्‍वयन हेतु मापदण्‍ड, पात्रता की क्‍या प्रक्रिया है? नियम प्रक्रिया की प्रति उपलब्‍ध करावें (ख) जिला उमरिया अंतर्गत वित्‍तीय वर्ष 2015-16 से प्रश्‍न दिनांक तक प्रश्नांश (क) में उल्‍लेखित योजना एवं आत्‍मा योजना के क्रियान्‍वयन हेतु कितना लक्ष्‍य प्राप्‍त हुआ था एवं प्राप्‍त लक्ष्‍य के विरूद्ध कितनी उपलब्धि हुई? (ग) प्रश्नांश (ख) में उल्‍लेखित उपलब्धि के संदर्भ में विधानसभा क्षेत्र मानपुर अंतर्गत लाभांवित कृषकों की संख्‍यात्‍मक जानकारी उपलब्‍ध करावें?                    (घ) प्रश्‍नांश (ग) में उल्‍लेखित कृषकों को कितनी राशि प्राप्‍त हुई?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र 1 अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र 2 अनुसार है।                (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र 3 अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र 4 अनुसार है।

भावान्‍तर भुगतान योजना अंतर्गत राशि का भुगतान

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

14. ( *क्र. 3160 ) श्री प्रताप सिंह : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मुख्यमंत्री भावान्‍तर भुगतान योजना के तहत् दमोह जिले में कौन सी फसलों को शामिल किया गया है? उनके क्या भाव निर्धारित किये गये हैं? सूची उपलब्ध करायें (ख) इस योजना के तहत दमोह जिले में कितने खरीदी केंद्र बनाये गये थे, संख्‍या बतावें एवं दमोह जिले में कितने किसानों को कितनी भावान्‍तर राशि का भुगतान किया गया? (ग) जबेरा विधानसभा में मूंग एवं उड़द की फसल का ही मुख्यमंत्री भावान्‍तर भुगतान योजना के तहत कितने कृषकों को कुल कितनी राशि का भुगतान किया गया है? (घ) प्रश्‍नांश (ग) अनुसार क्या किसानों को नियमानुसार उक्त योजना के तहत राशि का भुगतान किया गया है? यदि नहीं, तो क्या अधिकारियों की मिली भगत से व्यापारियों को लाभ पहुंचाने के लिए उक्त किसानों को फर्जी तरीके से योजना का लाभ दिया गया? यदि हाँ, तो क्या इसमें दोषी अधिकारि‍यों एवं किसानों पर कोई कार्यवाही की जावेगी? यदि हाँ, तो क्या और कब तक?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) खरीफ 2017 के लिये भावान्‍तर भुगतान योजना अंतर्गत दमोह जिले में भी मक्‍का, सोयाबीन, मूंग, उड़द, मूंगफली, तिल, रामतिल एवं तुअर को शामिल किया गया। योजनांतर्गत राज्‍य शासन द्वारा समय-समय पर घोषित मॉडल (होलसेल) विक्रय दर की जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) खरीफ 2017 के लिए भावान्‍तर भुगतान योजना अंतर्गत शासन द्वारा खरीदी केन्‍द्र नहीं बनाए गये हैं, अपितु इस योजना की कंडिका 2 के अनुसार भावान्‍तर का लाभ लेने हेतु पंजीकृत किसान को चयनित जिंस का अधिसूचित कृषि उपज मण्‍डी प्रांगण में विक्रय करने का प्रावधान है। दमोह जिले में कृषि उपज मण्‍डी समिति दमोह,पथरिया, हटा, जबेरा एवं उपमण्‍डी प्रागंण तेंदुखेड़ा में योजनांतर्गत विक्रय हेतु व्‍यवस्‍था है। दमोह जिलें में दिनांक 16.10.2017 से 31.12.2017 तक विक्रय संव्‍यवहारों में 27,321 पंजीकृत किसानों को भावान्‍तर राशि रू. 75,35,37,448/- का भुगतान किया गया है। (ग) खरीफ 2017 के लिये भावान्‍तर भुगतान योजना के अंतर्गत जबेरा विधान सभा में मूंग के 9 पंजीकृत किसानों को भावान्‍तर राशि रू. 77,829/- एवं उड़द के 1,810 पंजीकृत किसानों को भावान्‍तर राशि रू. 4,59,42,853/- का भुगतान किया गया है। (घ) जी हाँ, उक्‍त योजना के तहत किसानों को नियमानुसार भावान्‍तर राशि का भुगतान किया गया है। अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''दो''

अतिथि शिक्षक का नियम विरूद्ध संलग्नीकरण

[स्कूल शिक्षा]

15. ( *क्र. 5590 ) श्रीमती ऊषा चौधरी : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या सतना जिले की विकासखण्‍ड रामपुर बघेलान अंतर्गत शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सिजहटा में प्रभारी प्राचार्य द्वारा नियम विरुद्ध अतिथि शिक्षक वर्ग-1 (अंग्रेजी) में शिक्षण सत्र 2016-17 एवं 2017-18 में शासन के प्रचलित नियमों के विपरीत अपात्र को आमंत्रित करने एवं एक शिक्षक को संकुल में संलग्न रखने की शिकायत जिला पंचायत सतना को की गई थी? (ख) क्या प्रश्नांश (क) अनुसार शिकायत की जाँच कराई गई थी? यदि हाँ, तो जाँच प्रतिवेदन में क्या निष्कर्ष प्राप्त हुआ है? (ग) प्रश्नांश (ख) में प्राप्त प्रतिवेदन अनुसार दोषी प्रभारी प्राचार्य के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही की गई है अथवा नहीं? यदि हाँ, तो विवरण दें? (घ) क्या जाँच प्रतिवेदन अनुसार दोषी प्रभारी प्राचार्य से अपात्र अतिथि शिक्षक को किये गये मानदेय भुगतान की वसूली एवं संलग्नीकरण शिक्षक को भारमुक्त न करने के प्रमाणित आरोपों में निलंबित किया जाकर विभागीय जाँच कराई जायेगी? यदि नहीं, तो क्यों? यदि हाँ, तो कब तक?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जी हाँ। (ख) जी हाँ। जाँच उपरांत श्री घनश्याम दास वर्मा वरिष्ठ अध्यापक को दोषी पाया गया। (ग) जी हाँ। आदेश की प्रति संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (घ) संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार जारी आदेश के अनुक्रम में नियमानुसार आगामी कार्यवाही की जाएगी। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''तीन''

जिला शिक्षा केन्‍द्र जबलपुर में व्‍याप्‍त अनियमितताओं की जाँच

[स्कूल शिक्षा]

16. ( *क्र. 5339 ) श्री अंचल सोनकर : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला शिक्षा केन्‍द्र जबलपुर के अंतर्गत वर्ष 2015 से प्रश्‍न दिनांक तक कब-कब कितना-कितना आवंटन किस-किस मद में प्राप्‍त हुआ? (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में अन्‍य आकस्मिक मद में प्राप्‍त आवंटन का व्‍यय डी.पी.सी. एवं जी.पी., सी.ई.ओ. ने अपनी मर्जी से बिना सक्षम अधिकारी समिति के अनुमोदन से व्‍यय किया गया है? विभिन्‍न मदों से प्राप्‍त आवंटन उस मद में खर्च न कर अन्‍य मदों में खर्च क्‍यों किया गया है? (ग) क्‍या प्रश्नांश (क) में व्‍यय की गई राशि का भुगतान बिना किसी टेन्‍डर (कोटेशन) मात्र देयक के आधार पर किया गया है? यदि हाँ, तो संबंधित फर्मों को भुगतान की क्‍या प्रक्रिया अपनाई गई है? भुगतान के संबंध में शासन के क्‍या नियम हैं?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) जी नहीं। सत्र 2015 से अद्यतन स्थिति तक अन्य आकस्मिक मद में प्राप्त आवंटन के विरूद्ध राशि रू. 40.136 लाख का व्यय हुआ। जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। अन्य आकस्मिक मद में प्राप्त आवंटन का व्यय कार्यालयीन दूरभाष, विद्युत देयक, समीक्षा बैठक आयोजन, मॉनीटरिंग एण्ड सुपरविजन, डीजल देयक, वाहन किराया, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के मानदेय भुगतान एवं आकस्मिक प्रवृत्ति के व्यय म.प्र. भंडार क्रय सह सेवा उपार्जन नियम 2015 के अंतर्गत सीमा अनुसार नियमों का पालन करते हुए सक्षम अधिकारी, समिति के अनुमोदन से डी.पी.सी. एवं जेड.पी. सी.ई.ओ. की स्वीकृति से किया गया है। प्राप्त आवंटन का व्यय उसी मद में किया गया है, जिस मद हेतु आवंटन प्रदाय किया गया है। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) जी नहीं। म.प्र. भंडार क्रय सह सेवा उपार्जन नियम 2015 का पालन करते हुए किया गया है। भुगतान शासन के नियमानुसार संबंधित फर्म/व्यक्ति/संस्था को सीधे ई-पेमेंट के माध्यम से सीधे संबंधित के बैंक खाते में किए गए।

परिशिष्ट - ''चार''

न्‍यायालय में भर्ती प्रक्रिया का आयोजन

[विधि और विधायी कार्य]

17. ( *क्र. 840 ) श्री जितू पटवारी : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2017-18 में न्‍यायालयों में वर्ग 4 में चपरासी/ड्रायवर, चौकीदार व अन्‍य पदों की संविदा नियुक्ति के लिये प्रदेश के जिलेवार कुल कितने पद थे तथा कुल कितने आवेदन आये? आवेदनकर्ता में स्‍नातकोत्‍तर एवं एम.फिल., पी.एच.डी. इंजीनियर, एम.बी.ए., एल.एल.बी. की संख्‍या बतावें।                (ख) सरकार ने वर्ग 3 तथा वर्ग 4 की भर्ती हेतु साक्षात्‍कार समाप्‍त कर दिया है तो फिर प्रश्नांश (क) में उल्‍लेखित वर्ग 4 के पद हेतु साक्षात्‍कार क्‍यों लिया गया? लिखित परीक्षा क्‍यों नहीं आयोजित की गई। (ग) प्रदेश के न्‍यायालयों में जहां लाखों की संख्‍या में प्रकरण लंबित हैं, ऐसे में न्‍यायालय को इस तरह के गैर न्‍यायिक कार्य में क्‍यों लगाया गया? स्‍पष्‍ट टिप्‍पणी देवें तथा बतावें कि इससे न्‍याय प्रक्रिया विलंबित नहीं होगी?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) से (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

सिवनी जिले में कृषि महोत्‍सव का आयोजन

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

18. ( *क्र. 5865 ) श्री कमल मर्सकोले : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या वित्‍तीय वर्ष 2014-15 से प्रश्‍न दिनांक तक सिवनी जिले में कृषि महोत्‍सव, कृषक मेला, कृषक संगोष्‍ठी, विज्ञान मेला विभाग द्वारा किन-किन स्‍थानों में आयोजित किये गये हैं?              (ख) प्रश्नांश (क) में अंकित कृषि महोत्‍सव, कृषक मेला, कृषक संगोष्‍ठी पर कितनी-कितनी राशि व्‍यय की गई?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) जी हाँ। सचिव, कृषि उपज मण्‍डी समिति कटनी द्वारा कृषि विपणन पुरूस्‍कार योजना के कूपन जारी करने के निर्देश दिये गये थे। उक्‍त पत्र में बिंदुओं का उल्‍लेख नहीं होने से कार्यवाही का प्रश्‍न उद्भूत नहीं होता है। (ख) फर्म फेयर फूड प्राईवेट लिमिटेड कंपनी कटनी द्वारा कृषि उपज मण्‍डी समिति कटनी के विरूद्ध माननीय न्‍यायालय व्‍यवहार न्‍यायाधीश वर्ग-2 कटनी के न्‍यायालय में प्रकरण क्रमांक आर.सी.. 234/2017 दायर किया गया था, जिसमें दिनांक 29.09.2017 को माननीय न्‍यायालय द्वारा मण्‍डी समिति कटनी के पक्ष में निर्णय पारित किया गया है। माननीय न्‍यायालय के निर्णय के पश्‍चात् फर्म फेयर फूड प्राईवेट लिमिटेड पर देय मण्‍डी शुल्‍क की राशि रसीद क्रमांक 1549/22, दिनांक 28.02.2018 राशि 50,000/- एवं रसीद क्रमांक 1549/23, दिनांक 28.02.2018 राशि 1,11,638/-  रूपये जमा की गई है एवं निराश्रित शुल्‍क रसीद क्रमांक 526/34, दिनांक 27.02.2018 द्वारा राशि रूपये 3233/-  रूपये कुल राशि 1,61,638/- जमा की गई है, राशि जमा हो जाने से शेष प्रश्‍न उद्भूत नहीं होता।

बैनगंगा नदी पर पुल निर्माण

[लोक निर्माण]

19. ( *क्र. 3631 ) श्री रजनीश सिंह : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या केवलारी विधान सभा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम सुनवारा एवं तिलवारा के मध्‍य बैनगंगा नदी पर, ग्राम कान्‍हीवाड़ा एवं ग्राम बम्‍हनी के मध्‍य सागर नदी पर, ग्राम गुबरिया एवं ग्राम पिंडरई के मध्‍य चकरघटा घाट पर एवं पलारी से बिछुआ मार्ग पर पुल निर्माण किये जाने हेतु क्‍या विभाग के पास कोई प्रस्‍ताव या कार्ययोजना लंबित है? (ख) यदि हाँ, तो क्‍या? क्‍या इस वित्‍तीय वर्ष में इन्‍हे बजट में शामिल कर इनका निर्माण कार्य पूर्ण कर लिया जावेगा? (ग) क्‍या उक्‍त पुलों के निर्माण हेतु प्रश्‍नकर्ता द्वारा लगातार विधानसभा प्रश्‍न के माध्‍यम से निरंतर मांग भी की जा रही है? यदि हाँ, तो इस पर विभाग द्वारा क्‍या कार्यवाही की गई?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी नहीं। (ख) उत्‍तरांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) जी हाँ। प्रश्‍न में उल्‍लेखित कार्य ग्राम सुनवारा एवं तिलवारा के मध्‍य बैनगंगा नदी पर, ग्राम गुबरिया एवं पिडरई के मध्‍य चकराघाट एवं पलारी से बिछुआ मार्ग पर पुल निर्माण लोक निर्माण विभाग के मार्ग में नहीं होने से कोई कार्यवाही नहीं की गई है। ग्राम कान्‍हीवाड़ा एवं बम्‍हनी के मध्‍य सागर नदी पर पुल निर्माण लोक निर्माण के मार्ग में है, वर्तमान में सीमित वित्‍तीय संसाधन होने से प्रस्‍तावित नहीं है।

शासकीय विद्यालयों में वाटर हार्वेस्टिंग की सुविधा

[स्कूल शिक्षा]

20. ( *क्र. 5905 ) श्री संदीप श्री प्रसाद जायसवाल : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या मुडवारा विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत निर्मित शासकीय विद्यालयों में वाटर हार्वेस्टिंग इकाई की स्थापना नहीं की गई है और कई विद्यालयों में पहुंच मार्ग निर्मित नहीं है? (ख) प्रश्नांश (क) यदि हाँ, तो वर्ष 2013-14 से निर्मित विद्यालयों के निर्माण में वाटर हार्वेस्टिंग इकाई की स्थापना का प्रावधान ना होने का कारण बताएं और पहुंच मार्ग विहीन विद्यालयों में रामसा द्वारा जारी पत्र क्रमांक/भवन/आरएमएसए/भोपाल 2013-14 दिनांक 2/04/2013 के निर्देशानुसार प्रश्न दिनांक तक क्या-क्या कार्यवाही किस सक्षम प्राधिकारी द्वारा की गई? विद्यालयवार बताएं। (ग) मुडवारा विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत संचालित शासकीय विद्यालयों में विगत 3 वर्षों में किस मद की राशि से क्या सामग्री प्रदाय की गई एवं रख-रखाव के क्या कार्य कितनी लागत से कब-कब कराए गए? विद्यालयवार बताएं। (घ) प्रश्नांश (ख) से (ग) के परिप्रेक्ष्य में विद्यालयों में वाटर हार्वेस्टिंग इकाई की स्थापना और पहुंच मार्ग निर्माण हेतु क्या कोई कार्यवाही की जाएगी? यदि हाँ, तो क्या एवं किस प्रकार? विद्यालयवार बताएं? यदि नहीं, तो क्यों?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) मुडवारा विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत निर्मित हाई व हायर सेकेण्डरी शासकीय विद्यालयों में वाटर हार्वेस्टिंग ईकाई की स्थापना एवं पंहुच मार्ग की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र "एक" अनुसार है। शासकीय प्राथमिक व माध्यमिक विद्यालयों संबंधी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र "अ" अनुसार है। (ख) वर्ष  2013-14 से हाई व हायर सेकेण्डरी विद्यालयों में वाटर हार्वेस्टिंग का प्रावधान है, जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''दो'' एवं ''तीन'' अनुसार है। वर्ष 2013-14 से कोई भी शास. प्राथमिक/माध्यमिक विद्यालय भवन निर्माण न किए जाने से जानकारी निरंक है। (ग) वर्ष           2013-14 से हाई व हायर सेकेण्डरी संबंधी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''चार'' अनुसार है। प्राथमिक/माध्यमिक शालाओं संबंधी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (घ) वॉटर हार्वेस्टिंग की जानकारी उत्तरांश (ख) अनुसार। पहुँच मार्ग निर्माण हेतु विभाग के पास कोई बजट उपलब्ध नहीं होने से प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

शासकीय योजनाओं का कृषकों को लाभ 

[सहकारिता]

21. ( *क्र. 4409 ) श्री संजय शर्मा : क्या राज्‍यमंत्री, सहकारिता महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रायसेन जिले के विकासखण्‍ड बेगमगंज में तीन सोसायटी-बसिया, मरखेड़ाटप्‍पा, भुरेरू में घोटाला (गबन) कब हुआ था, वर्तमान में उक्‍त प्रकरण की क्‍या स्थिति है? (ख) उक्‍त संस्‍थाओं के कितने किसानों पर कितना ऋण बकाया है, मूलधन-ब्‍याज राशि सहित पूर्ण विवरण दें तथा उक्‍त संस्‍थाओं में कितने अऋणी तथा गैर बकायावार कृषक हैं? उनको शासन की योजनाओं का लाभ क्‍यों नहीं मिल पा रहा है? (ग) प्रश्नांश (ख) के किसानों को शासन की योजनाओं का लाभ मिले इस संबंध में विभाग के अधिकारियों ने क्‍या-क्‍या कार्यवाही की? (घ) प्रश्‍नांश (ग) के किसानों को शासन की योजनाओं का लाभ मिले इस संबंध में किन-किन सांसद विधायकों के पत्र विभाग के अधिकारियों को विगत 5 वर्षों में कब-कब मिले तथा उन पर क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई?

राज्‍यमंत्री, सहकारिता ( श्री विश्वास सारंग ) : (क) वर्ष 2008-09 में। वर्तमान में प्रकरण माननीय जिला एवं सत्र न्यायालय रायसेन में विचाराधीन है। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। समितियों का कार्य व्यवसाय बंद होने के कारण शासन की योजनाओं का लाभ समितियों के कृषकों को नहीं मिल पा रहा है। (ग) समितियों के पुनर्गठन की कार्यवाही की जा रही है। इस संबंध में न्यायालयीन प्रकरण म.प्र. राज्य सहकारी अधिकरण भोपाल में विचाराधीन है।     (घ) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है।

परिशिष्ट - ''पाँच''

सड़कों का भौतिक निरीक्षण किये बिना राशि का आहरण 

[लोक निर्माण]

22. ( *क्र. 4175 ) श्री आर.डी. प्रजापति : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) छतरपुर जिले के अन्‍तर्गत लोक निर्माण विभाग की कितनी सड़कों की मरम्‍मत बाबत् राशि वर्ष 2015-16 से प्रश्‍न दिनांक तक कितनी-कितनी, किन-किन किलोमीटर व किन-किन रोडों हेतु प्रदान की गयी है? प्रदान राशि अनुसार कार्य कराने हेतु निविदा कब-कब बुलायी गयी एवं  किन-किन ठेकेदारों/संविदाकारों को कार्यादेश जारी किये गये? क्‍या ठेकेदारों की कार्यावधि भी बढ़ाई गयी? हाँ तो किन शर्तों/नियमों के तहत? (ख) प्रश्नांश (क) की सड़कों की मरम्‍मत हेतु शासन द्वारा क्‍या नीति निर्धारित की गयी? कितने अन्‍तराल/समय बाद सडकों की मरम्‍मत करने का प्रावधान निहित है? (ग) प्रश्नांश (क) अनुसार छतरपुर जिले की ऐसी कितनी सडकें हैं जिनकी मरम्‍मत एवं निर्माण हेतु प्रस्‍ताव शासन को भेजे गये हैं? इनमें से कितनी लागत के प्राक्‍कलन किन-किन सड़कों के तैयार कर शासन के पास स्‍वीकृति‍ हेतु लम्बित हैं तथा कितने स्‍वीकृत हो चुके हैं? (घ) क्‍या सड़कों के निर्माण कार्य का मौके पर निरीक्षण किये बिना राशि आहरित कर ली गयी है? यदि हाँ, तो निरीक्षण कर्ता अधिकरी/कर्मचारी का नाम व पद, दिनांक, कार्य का नाम सहित ब्‍यौदा देवें?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' एवं 'अ-1' अनुसार है। (ख) जी नहीं। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (घ) जी नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

माध्‍यमिक शाला का उन्‍नयन

[स्कूल शिक्षा]

23. ( *क्र. 5931 ) श्री जय सिंह मरावी : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या जिला शहडोल अंतर्गत विधान सभा क्षेत्र जैतपुर में माननीय मुख्‍यमंत्री जी द्वारा जनदर्शन कार्यक्रम के दौरान मा.शा. खैरहनी एवं कन्‍या मा.शा. रसमोहनी को हाई स्‍कूल में उन्‍नयन किये जाने की घोषणा की गई थी? (ख) यदि हाँ, तो प्रश्‍नांकित की गई घोषणा के क्रियान्‍वयन हेतु विभाग द्वारा क्‍या कार्यवाही की गई तथा उक्‍त मा.शा. का उन्‍नयन हाई स्‍कूल में कब तक कर दिया जायेगा?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जी हाँ। (ख) माध्‍यमिक शाला खैरहनी का हाईस्‍कूल में उन्‍नयन विभागीय आदेश दिनांक 20.03.2018 के द्वारा किया गया। कन्‍या माध्‍यमिक शाला रसमोहनी को कन्‍या हाई स्‍कूल में उन्‍नयन की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

भिण्‍ड जिलान्‍तर्गत टोल पर अवैध वसूली

[लोक निर्माण]

24. ( *क्र. 2803 ) श्री नरेन्‍द्र सिंह कुशवाह : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भिण्‍ड जिले के अन्‍तर्गत सड़क मार्ग पर कहाँ पर टोल स्‍थापित किए गए हैं? कौन से वाहन कितनी राशि लेने के लिए अधिकृत किए गए हैं? 24 घंटे के अन्‍तर्गत आने जाने वाले वाहनों से कितनी राशि वसूल की जावेगी? क्‍या मापदण्‍ड निर्धारित किए गए हैं? (ख) प्रश्नांश (क) के अन्‍तर्गत भिण्‍ड उमरी टोल पर 20 कि.मी. के अन्‍तर्गत वाहन आने जाने वालों पर कितनी राशि वसूल की जा रही है? क्‍या स्‍थानीय लोगों को परेशान कर जबरिया राशि की वसूली हो रही है? क्‍या 20 कि.मी. के अंदर आवागमन करने वाले स्‍थानीय लोगों से राशि वसूल होगी, यदि हाँ, तो क्‍यों? (ग) प्रश्नांश (ख) के अन्‍तर्गत कब तक के लिए टोल स्‍थापित किया गया है? कितना राजस्‍व कब तक वसूल किया जावेगा? पूर्व में राजस्‍व प्राप्‍त होने के कारण क्‍या टोल समाप्‍त किया जावेगा? विगत एक वर्ष में टोल का निरीक्षण कब और किस स्‍तर के अधिकारी द्वारा किया गया? क्‍या कमियां पाई गईं? क्‍या टोल पर अनि‍यमितता के विरूद्ध कार्यवाही की गई? यदि नहीं, तो क्‍यों?              (घ) प्रश्नांश (क) (ख) और (ग) में क्‍या अत्‍यधिक क्षमता वाले वाहनों से अतिरिक्‍त राशि लेकर वाहन निकाले जाते हैं? ऐसा क्‍यों? लो.नि.वि. की ग्‍वालियर, इटावा और भिण्‍ड गोपालपुरा क्षतिग्रस्‍त मार्ग की कब-कब कहाँ पर मरम्‍मत की गयी दुर्घटना होने पर टोल वालों का क्‍या दायित्‍व है? नि:शुल्‍क सहायता कहाँ पर कब दी गई? यदि नहीं, तो क्‍यों? क्‍या टोल पर जन सुविधा लोगों को दी जा रही है? यदि नहीं, तो क्‍यों?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) उमरी टोल पर 20 कि.मी. के अन्तर्गत आने-जाने वाले वाहनों से वसूल की जा रही राशि की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है एवं स्थानीय लोगों को परेशान कर जबरदस्ती राशि वसूल नहीं की जा रही है। जी हाँ। प्राईवेट कार/जीप या समतुल्य वाहन जो ऐसे व्यक्ति के स्वामित्व के हो जो पथकर प्लाजा से 20 कि.मी. की दूरी के अन्दर निवास करता हो, के आवागमन करने पर कंसेशनायर द्वारा अनुबंधानुसार मासिक पास उपलब्ध कराया जाता है। भिण्ड उमरी टोल पर वर्तमान में जिसकी राशि 80 रूपये है। (ग) टोल स्थापना की अवधि एवं राजस्व वसूलने संबंधित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। एक्चुअल ट्रैफ्रिक, टारगेट ट्रेफ्रिक से ज्यादा होने की दशा में कंसेशन अवधि अनुबंध के आर्टिकल-29 अनुसार कम करने संबंधी प्रावधान है जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' एवं '' अनुसार है। विगत एक वर्ष में म.प्र. सड़क विकास निगम चंबल संभाग के संभागीय प्रबंधक एवं सहायक महाप्रबंधक द्वारा समय-समय पर टोल का निरीक्षण किया गया है। कोई कमियां नहीं पाई गयी। अतः किसी के विरूद्ध कार्यवाही का प्रश्न उत्पन्न नहीं होता। (घ) जी नहीं, अत्यधिक क्षमता वाले वाहनों से अनुबंधानुसार टोल राशि ली जाती है। ग्वालियर-भिण्ड-इटावा मार्ग एवं भिण्ड-मिहोना-गोपालपुरा मार्ग पर किये गए मरम्मत कार्य की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' एवं '' अनुसार है। दुर्घटना की सूचना प्राप्त होने पर कंशेसनायर द्वारा दुर्घटना स्थल की साफ सफाई की जाना, घायल व्यक्ति को प्राथमिक उपचार दिया गया, पास के अस्पताल तक पीड़ित को पहुंचाना, मार्ग को यातायात हेतु सुरक्षित करना इत्यादि कार्य किया जाना है। ग्वालियर-भिण्ड-इटावा मार्ग एवं भिण्ड-मिहोना-गोपालपुरा मार्ग पर प्रदाय निःशुल्क सहायता की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' से '' अनुसार है तथा टोल पर अनुबंधानुसार जनसुविधा प्रदान की जा रही है। अतः शेष प्रश्न उत्पन्न नहीं होता।

फसलों के समर्थन मूल्‍य का निर्धारण

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

25. ( *क्र. 5853 ) श्री गोविन्‍द सिंह पटेल : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) किन-किन फसलों का समर्थन मूल्‍य वर्ष 2018-19 के लिए क्‍या निर्धारित किया गया है? ब्‍यौरेवार जानकारी दें। (ख) किसानों की सम्‍पूर्ण फसलों की खरीदी हेतु विभाग की क्‍या व्‍यवस्‍था है? किसान की फसल समर्थन मूल्‍य से कम न बिके, इसके लिए क्‍या नीति बनाई गई है? (ग) क्‍या हाल ही में हाई कोर्ट के आये इस निर्णय के परिप्रेक्ष्‍य में कि किसानों की फसल का पूर्ण दाना खरीदा जाएगा, के लिए विभाग ने क्‍या नीति तैयार की है?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) वर्ष 2018-19 के लिये खरीफ एवं रबी फसलों का समर्थन मूल्‍य का निर्धारण अभी भारत सरकार द्वारा नहीं किया गया है। वर्ष 2017-18 में खरीफ/रबी के एम.एस.पी. की जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) विभाग द्वारा कृषि जिंसों की खरीदी नहीं की जाती है। खाद्य एवं सहकारिता विभाग द्वारा एजेंसि‍यों के माध्‍यम से न्‍यूनतम समर्थन मूल्‍य पर आवश्‍यकतानुसार खरीदी की जाती है। खरीफ 2017 में भावान्‍तर भुगतान योजना लागू की गई है। (ग) उत्‍तरांश (ख) अनुसार।

परिशिष्ट - ''छ:''

 

 

 








भाग-2

नियम 46 (2) के अंतर्गत अतारांकित प्रश्नोत्तर के रुप में परिवर्तित तारांकित प्रश्नोत्तर


उद्यानिकी विभाग की जमीनों का उपयोग

[उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण]

1. ( क्र. 192 ) श्री दिनेश कुमार अहिरवार : क्या राज्‍यमंत्री, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नगर परिषद् जतारा के बीचों-बीच स्थित उद्यानिकी विभाग की कई हेक्‍टेयर जमीन से किसानों को क्‍या-क्‍या लाभ प्राप्‍त हो रहा है? (ख) प्रश्‍नांश (क) स्‍थान पर उद्यानिकी विभाग द्वारा वर्ष 2015 से 2017 के बीच कितने किसानों को उनकी जरूरत के हिसाब से विभाग द्वारा जानकारियां दी गई जिससे किसान उन्‍नत खेती कर सकें? (ग) क्‍या विभाग की ऐसी जमीन जिसका उपयोग नहीं हो रहा है उन्‍हें अन्‍य विभाग या नगर परिषद् जतारा को सौंप (हस्‍तांतरित) देंगे जिससे उस जमीन का सही जन उपयोग हो सकें?

राज्‍यमंत्री, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण ( श्री सूर्यप्रकाश मीना ) : (क) टीकमगढ़ जिले की नगर परिषद् जतारा में विभाग की 6.519 हेक्‍टेयर भूमि है, शेष जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) प्रश्‍नाधीन अवधि में 1905 किसानों को उन्‍नत खेती हेतु विभाग द्वारा जानकारियां/सहयोग दिया गया। (ग) विभाग के पास उपलब्‍ध उत्‍तरांश क की जमीन का पूर्ण जन उपयोग विभागीय गतिविधियों के माध्‍यम से हो रहा है, अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - ''सात''

फसल बीमा राशि का भुगतान 

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

2. ( क्र. 456 ) श्री दुर्गालाल विजय : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या श्‍योपुर जिले में दिनांक 15.09.2017 को मा. प्रभारी मंत्री जी के प्रवास के दौरान तहसील बड़ौदा के पटवारी हल्‍का नं. 17, 18 के ग्राम नयागांव, ढोढपुर एवं लाथ के कृषकों ने स्‍वयं की खरीफ फसलें वर्ष 2016 की चक्रवाती तूफान से नष्‍ट हुई, धान की फसलों का विधिवत बीमा कराने उपरांत फसल बीमा दावा राशि के भुगतान हेतु आवेदन दिया था? (ख) यदि हाँ, तो उक्‍त आवेदन पर उप संचालक कृषि श्‍योपुर द्वारा क्‍या कार्यवाही की गई? जिले के समस्‍त ग्रामों के समस्‍त बीमित कृषकों को फसल बीमा दावा राशि का भुगतान हो चुका है? इसके बावजूद उक्‍त ग्रामों के 232 कृषक फसल बीमा दावा राशि से वर्तमान तक क्‍यों वंचित रह गये? (ग) क्‍या शासन उक्‍त कृषकों को बीमा दावा राशि से वंचित रहने के कारणों की जाँच कराएगा व पाए गए दोषियों के विरूद्ध कार्यवाही करेगा तथा समस्‍त 232 कृषकों को अविलंब बीमा दावा राशि का भुगतान एक निश्चित समय-सीमा में करवाएगा, यदि नहीं, तो क्‍यों?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) जी हाँ। (ख) उप संचालक कृषि जिला श्‍योपुर द्वारा निम्‍नानुसार कार्यवाही की गई है:- उक्‍त आवेदन पर उप संचालक कृषि जिला श्‍योपुर के द्वारा कार्यालयीन पत्र क्र.4661 दिनांक 12.10.2017, 5248 दिनांक 15.11.2017 एवं कलेक्‍टर श्‍योपुर के पत्र क्र.4707, 4709 दिनांक 12.10.2017, 941 दिनांक 22.01.2018 से ए.आई.सी. बीमा कंपनी भोपाल को श्‍योपुर जिले की बड़ौदा तहसील के पटवारी हल्‍का नं.15,17,18 के ग्राम नयागांव ढोढपुर एवं लाथ के 232 कृषकों को फसल बीमा दावा राशि के भुगतान हेतु चाही गई जानकारी भेजी गई है। जिले में खरीफ 2016 के 4231 बीमित कृषकों को 43642674/- रू. बीमा दावा राशि का भुगतान बैंकों के माध्‍यम से किया गया है। उक्‍त ग्रामों के 232 कृषकों को फसल बीमा दावा राशि भुगतान के संबंध में ए.आई.सी. बीमा कंपनी ने अपने पत्र क्र.154 दिनांक 04.01.2018 एवं पत्र क्र. 224, दिनांक 24.01.2018 से अवगत कराया गया है कि श्‍योपुर जिले की बड़ौदा तहसील के पटवारी हल्‍का नं. 15,17,18 में फसल धान सिंचित सर्वे रिपोर्ट के आधार पर क्षति 50 प्रतिशत से कम आने के कारण ऑन एकाउंट पेमेंट क्षतिपूर्ति अंतर्गत दावा राशि देय नहीं है। परंतु उक्‍त हल्‍कों में उपज कमी पाई गई है। योजना अनुसार क्षतिपूर्ति का भुगतान किया जावेगा। बीमा कंपनी के अनुसार पटवारी हल्‍का नं.17 एवं 18 में धान सिंचित फसल हेतु उपज में कमी पाई गई थी एवं क्षतिपूर्ति देय राशि का भुगतान बीमित कृषकों को नोडल बैंकों के माध्‍यम से किया गया है। इसके अतिरिक्‍त जिला सहकारी बैंक मर्यादित मुरैना ने प्रथमत: केवल डी.डी. व किसानों की सूची बीमा कंपनी को भेजी थी किन्‍तु घोषणा पत्र नहीं भेजे थे। तदुपरांत उप संचालक कृषि श्‍योपुर एवं जिला सहकारी बैंक मर्यादित मुरैना से प्राप्‍त घोषणा पत्रों के आधार पर पुन: क्षतिपूर्ति का आंकलन कर पात्र कृषकों को दावा राशि का भुगतान बीमा कंपनी द्वारा किया जावेगा। (ग) उत्‍तरांश (ख) अनुसार। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

खरगापुर विधानसभा क्षेत्र के नगर खरगापुर में विश्राम गृह निर्माण किये जाना

[लोक निर्माण]

3. ( क्र. 876 ) श्रीमती चन्‍दा सुरेन्‍द्र सिंह गौर : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या खरगापुर विधानसभा क्षेत्र में खरगापुर नगर सम्‍पूर्ण विधानसभा क्षेत्र के मध्‍य में स्थित हैं एवं विधान सभा खरगापुर के नाम से हैं, जो मुख्‍यालय भी हैं परंतु नगर खरगापुर में बाहर से आने वाले उच्‍च अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों को रात्रि में ठहरने हेतु कोई भी शासन का विश्राम गृह नहीं है क्‍या नगर खरगापुर में लोक निर्माण विभाग के द्वारा विश्राम गृह निर्माण कराये जाने की कोई योजना है? यदि हाँ, तो उक्‍त योजना को लागू कर नगर खरगापुर में विश्राम गृह का निर्माण कब तक करा दिया जावेगा? (ख) यदि नहीं, तो कारण स्‍पष्‍ट करें की विश्राम गृह का निर्माण क्‍यों नहीं कराया जा सकता है? (ग) क्‍या प्रश्‍नकर्ता द्वारा लगातार मांग पत्र विभाग में भेजा गया, परंतु विश्राम गृह के निर्माण संबंधी कोई भी निराकरण क्‍यों नहीं किया गया? कारण स्‍पष्‍ट करें।

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ, जी नहीं। शेष प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता। (ख) वर्तमान में सीमित वित्‍तीय संसाधन होने के कारण। (ग) उत्‍तरांश '' अनुसार।

आर्थिक अनियमितता की जाँच

[सहकारिता]

4. ( क्र. 1039 ) श्री हितेन्द्र सिंह ध्‍यान सिंह सोलंकी : क्या राज्‍यमंत्री, सहकारिता महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अवन्ति मिल वर्कर्स इंडस्ट्रियल को.आप. सोसायटी लिमिटेड सनावाद के पूर्व अध्यक्ष एव प्रबंध संचालक के विरूद्ध सहकारिता विभाग के सयुक्त आयुक्त स्तर के अधिकारी द्वारा क्या जाँच की गई थी? यदि हाँ, तो क्या जाँच प्रतिवेदन में हुए आर्थिक अनियमितताओं के लिए किन-किन संस्था के पदाधिकारियों व जिला सहकारी बैंक के पदाधिकारियों/अधिकारियों को दोषी पाया गया था? (ख) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित जाँच में दोषियो के विरूद्ध पृथक-पृथक रूप से क्या कार्यवाही सहकारिता विभाग द्वारा की गई है? आर्थिक अनियमितता की कितनी राशि सम्बन्धितों से वसूल की गई व शेष राशि भी वसूली हेतु सहकारिता विभाग द्वारा क्या कार्यवाही की गई? (ग) इसी प्रकार जिला सहकारी बैंक खरगोन द्वारा जाँच प्रतिवेदन में दोषी पदाधिकारियों बैंक अधिकारियों कर्मचारियों के विरूद्ध क्या कार्यवाही की जा रही है एवं कितनी राशि इनसे वसूल कर संस्था के बकाया ऋण खाते में जमा की गई है? (घ) क्या वर्तमान संचालक मण्डल द्वारा संस्था की उत्पादन को निरंतर चालू रखने के लिए ऋण पुनर्गठन का प्रस्ताव सहकारिता विभाग/जिला सहकारी बैंक खरगोन को दिया है, तो संबन्धित विभाग द्वारा क्या कार्यवाही की गई?

राज्‍यमंत्री, सहकारिता ( श्री विश्वास सारंग ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

जाँच प्रतिवेदन में आर्थिक अनियमितता

[सहकारिता]

5. ( क्र. 1040 ) श्री हितेन्द्र सिंह ध्‍यान सिंह सोलंकी : क्या राज्‍यमंत्री, सहकारिता महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अवन्ति मिल वर्कर्स इंडस्ट्रियल को-ऑपरेटिव सोसायटी लिमिटेड सनावाद के पूर्व अध्यक्ष एव प्रबंध संचालक के विरूद्ध सहकारिता विभाग के संयुक्त आयुक्त स्तर के अधिकारी द्वारा क्या जाँच की गई थी? यदि हाँ, तो क्या जाँच प्रतिवेदन में हुए आर्थिक अनियमितता के संबंध में नगर सनावाद के थाने पर दर्ज प्राथमिकी पर थाना सनावाद द्वारा प्रकरण में क्या कार्यवाही की गई? (ख) नगर सनावाद थाना में प्राथमिकी करने पर अभी तक थाना सनावाद द्वारा क्या कार्यवाही की गई? उसकी विस्तृत जानकारी देवें? (ग) क्या उक्त प्रकरण में कोई कार्यवाही नहीं की गई है? यदि हाँ, तो क्यों यदि हाँ, तो जानकारी देवें?

राज्‍यमंत्री, सहकारिता ( श्री विश्वास सारंग ) : (क) जी हाँ। अपराध क्रमांक 310/2016 धारा 409, 420, 465, 467, 468, 471 भा.द.वि. पंजीबद्ध किया गया है, जिसकी विवेचना जारी है। (ख) थाना सनावद द्वारा की गई कार्यवाही की विस्तृत  जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है(ग) प्रश्नांश "ख" के उत्तर के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - ''आठ''

खाचरोद मण्डी में उद्यानिकी फसलों के व्यापार की सुविधा

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

6. ( क्र. 1126 ) श्री दिलीप सिंह शेखावत : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या माननीय मुख्यमंत्री महोदय के दिनांक 10.01.216 को खाचरोद प्रवास के दौरान यह घोषणा कि थी कि खाचरोद मण्डी में उद्यानिकी फसलों के व्यापार की सुविधा विकसित की जावेगी। (ख) यदि हाँ, तो उक्त प्रोजेक्ट कि क्या प्रक्रिया चल रही है, यह कब तक स्वीकृत हो जावेगा?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) जी हाँ। कलेक्‍टर महोदय उज्‍जैन द्वारा पत्र क्रमांक 121-122 उज्‍जैन दिनांक 15.05.17 से कृषि उपज मंडी समिति खरगोन में उद्यानिकी फसलों के व्‍यापार हेतु ग्राम दुपड़ावदा में शासकीय भूमि के सर्वे क्रमांक 7/1 रकबा 9.63 हेक्‍टेयर में से रकबा 3.17 हेक्‍टेयर, के स्‍वीकृति का प्रस्‍ताव राजस्‍व आयुक्‍त भोपाल को प्रेषित किया गया है। शासन स्‍तर से भूमि की स्‍वीकृति मिलने के उपरांत ही अग्रिम कार्यवाही संभव हो सकेगी।                  (ख) उपरोक्‍तानुसार शेष कार्यवाही पूर्ण होने के उपरांत ही अग्रिम कार्यवाही संभव हो सकेगी।

अतिरिक्त कार्य के भुगतान में विलम्‍ब

[लोक निर्माण]

7. ( क्र. 1329 ) श्री विजय सिंह सोलंकी : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विगत 3 वर्षों में खरगोन मुख्यालय में कब-कब, क्या निर्माण कार्य किस निविदाकर्ता/ठेकेदार के माध्यम से कराये गये? कार्यवार नाम, ठेकेदार का नाम, सहित सूची देवें। (ख) उक्त कार्यों में से किस-किस कार्य में स्वीकृत राशि से अधिक राशि का कार्य किसके निर्देश पर कराया गया? इस अतिरिक्त कार्य का भुगतान किस मद से किया गया? यदि नहीं, किया गया है, तो कारण बतायें। (ग) उक्त अतिरिक्त कार्य एवं ठेकेदार को भुगतान में अत्यधिक विलंब का दोषी कौन है तथा इनके विरूद्ध कार्यवाही कब की जावेगी।

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '', 'अ-1' एवं 'अ-2' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '', 'अ-1' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' एवं 1, 2, 3 अनुसार है।

जबलपुर एवं म. प्र. के अन्‍य जिलों में फसल बीमा की इकाई निर्धारण

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

8. ( क्र. 1424 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या फसल बीमा में फसलों में हुये नुकसान का मुआवजा निर्धारित करने की इकाई पटवारी हल्‍का है? (ख) प्रश्‍नांश (क) के अनुसार क्‍या एक पटवारी हल्‍का में लगभग 30-35 गांव आते हैं? क्‍या इन सभी ग्रामों की फसलों में नुकसान होने पर ही कृषकों को मुआवजा देने का नियम है? (ग) क्‍या पटवारी हल्‍के के कुछ ग्रामों में नुकसान होने पर किसानों को मुआवजा नहीं दिया जाता है? (घ) यदि नहीं, तो क्‍यों? क्‍या ग्राम को इकाई निर्धारित करने पर शासन विचार करेगा? यदि हाँ, तो कब तक? नहीं तो क्‍यों?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) मध्‍यप्रदेश में राज्‍य स्‍तरीय फसल बीमा समन्‍वय समिति द्वारा पटवारी हल्‍का स्‍तर, तहसील स्‍तर एवं जिला स्‍तर पर अधिसूचित की जाने वाली फसलें निर्धारित की गई है। जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-एक अनुसार है। (ख) जी नहीं। मध्‍यप्रदेश में एक पटवारी हल्‍का में लगभग 30-35 ग्राम नहीं आते है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजनांतर्गत क्षतिपूर्ति की प्रक्रिया की जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-दो अनुसार है। (ग) जी नहीं। उत्‍तरांश '' अनुसार। (घ) उत्‍तरांश '' अनुसार। प्रदेश में बीमित इकाई वार एवं फसलवार पिछले 7 वर्षों के औसत उत्‍पादकता के आंकड़ों के आधार पर बीमित इकाईयों का निर्धारण किया गया है। योजना के अनुसार प्रत्‍येक बीमित इकाई में फसलवार निर्धारित संख्‍या में फसल कटाई प्रयोग किये जाने अनिवार्य है तथा उपलब्‍ध बीमित इकाईवार, फसलवार औसत उत्‍पादकता के आंकड़ों के आधार पर ग्राम को ईकाई निर्धारित करने पर शासन द्वारा विचार किया जाकर ही उपरोक्‍तानुसार राज्‍य स्‍तरीय फसल बीमा समन्‍वय समिति द्वारा संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-एक अनुसार इकाई निर्धारित की गई है।

परिशिष्ट - ''नौ''

प्रदेश में ऋणी एवं अऋणी कृषकों के फसल बीमा बावत् 

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

9. ( क्र. 1425 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में ऋणी एवं अऋणी कृषकों का बीमा बैंकों के माध्‍यम से किया जाता है? (ख) यदि हाँ, तो विगत तीन वर्षों में कितने कृषकों से कितनी प्रीमियम राशि ली गई? (ग) प्रश्नांश (ख) के अनुसार फसलों का नुकसान होने पर कितने कृषकों को कितनी बीमित राशि का भुगतान किया गया? (घ) प्रश्‍नांश (ग) के अनुसार कितने ऋणी एवं अऋणी कृषकों के नुकसान का बीमा भुगतान शेष है? कारण बतायें?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) जी हाँ। (ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ग) राष्‍ट्रीय कृषि बीमा योजनांतर्गत खरीफ 2015 मौसम में 21.71 लाख कृषकों को दावा राशि रू. 4660.99 करोड़, रबी 2015-16 मौसम में 1.13 लाख कृषकों को दावा राशि रू. 66.16 करोड़ एवं प्रधानमंत्री फसल बीमा योजनांतर्गत खरीफ 2016 मौसम में 8.19 लाख कृषकों को दावा राशि रू.1686.15 करोड़ का भुगतान किया गया। बीमा कंपनियों के अनुसार आंकड़े अनंतिम हैं।   (घ) रबी 2016-17, खरीफ 2017 एवं रबी 2017-18 की अग्रिम राज्‍यांश प्रीमियम अनुदान राशि का भुगतान बीमा कंपनी को कर दिया गया है तथा प्राकृतिक आपदाओं के कारण फसल क्षति होने के एवज में बीमा कंपनी द्वारा क्षतिपूर्ति भुगतान बीमा कंपनी द्वारा किये जाने का प्रावधान है। इसके अतिरिक्‍त प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत खरीफ 2017 मौसम हेतु औसत पैदावार के आंकड़े बीमा कंपनी को दिनांक 31.01.2018 एवं रबी 2017-18 मौसम हेतु औसत पैदावार के आंकड़े राज्य शासन द्वारा दिनांक 30.06.2018 तक उपलब्‍ध कराये जाने के पश्‍चात प्राप्‍त उपज के आंकड़ों के आधार पर दावों की गणना कर यदि किसी अधिसूचित क्षेत्र के अधिसूचित फसल हेतु उपज में कमी पायी जाएगी तो योजना के अनुसार क्षतिपूर्ति राशि का भुगतान पात्र कृषकों को नोडल बैंकों के माध्यम से किये जाने का प्रावधान है। खरीफ 2016 में जिन बैंकों द्वारा कुछ बीमित कृषकों की जानकारी बीमा कंपनी को त्रुटिपूर्ण भेजी गई है उनमें त्रुटि सुधार एवं दावा भुगतान की गणना की जा रही है तथा जिलों से संशोधित बोया गया रकबा प्राप्‍त होने पर बीमा कंपनी द्वारा क्षतिपूर्ति का नवीन आंकलन किया जा रहा है। रबी 2016-17 मौसम हेतु दावा भुगतान प्रक्रियाधीन है।

परिशिष्ट - ''दस''

माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा दस्तावेजों का सत्यापन

[स्कूल शिक्षा]

10. ( क्र. 1617 ) श्री यशपालसिंह सिसौदिया : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) माध्यमिक शिक्षा मंडल भोपाल में दिनांक 1 जनवरी 2017 के पश्चात कितने आवेदन विभाग को अंकतालिका सत्यापन एवं अन्य हेतु प्राप्त हुए, विभागीय नियमावली के अनुसार दस्तावेजों का सत्यापन कितनी अवधि में किये जाने का नियम है? (ख) उक्त अवधि के पश्चात ऐसे कितने ऑनलाइन एवं डाक द्वारा आवेदन है जिन्हें समयावधि में आवेदन सत्यापन हेतु      किन-किन कारणों से लंबित रखा है? सूची प्रस्तुत करें, समयवधि में आवेदन का निराकरण नहीं होने की मानीटिरिंग विभाग का कौन अधिकारी करता है, नाम सहित जानकारी देवें? (ग) क्या सचिव राजस्थान लोक सेवा आयोग द्वारा अपने पत्र क्र. एफ.23 आर.टी.आई./आर.पी.एस.सी./17-18/3003 दिनांक 13/07/17 के माध्‍यम से बोर्ड कार्यालय को डी.एड. अंक तालिका एवं प्रमाण पत्र के सत्यापन की जानकारी चाही थी, उसे प्रश्न दिनांक तक नहीं देने क्या कारण है? इस संबंध में क्या आवेदक ने भी अपनी 1999 की डी.एड. प्रमाण पत्र रोल नं. 4975158, केंद्र क्रमांक 7101, नामांकन क्र. 0420143 के एवं अंक तालिका रोल नं. 4975158 के सत्यापन के लिए भी आवेदन किया था किन्तु 7 माह पश्चात आवेदक को सत्यापन प्रदान नहीं करने के क्या कारण हैं? (घ) क्या बोर्ड के अधिकारी द्वारा लगातार सत्यापन कार्य में अनियमितता की जा रही है, जिससे युवाओं को नौकरी में समय पर दस्तावेज उपलब्ध नहीं होने से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) मा.शि.मण्‍डल, म.प्र., भोपाल में दिनांक 01 जनवरी 2017 से कुल 5745 प्रकरण अंक तालिका/प्रमाण-पत्र सत्‍यापन हेतु प्राप्‍त हुए। कार्यालयीन आदेश क्रमांक/1489/अभि./सामान्‍य 2001 दिनांक 14.01.2001 के अनुसार सत्‍यापन की प्रक्रिया निर्धारित है, जिसमें सत्‍यापन की अवधि का उल्‍लेख नहीं है। आदेश प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार(ख) दिनांक 01-01-17 एवं इसके पश्‍चात् प्रश्न दिनांक तक डाक से प्राप्‍त 5745 आवेदन पत्रों में से 5541 प्रकरणों का सत्‍यापन कर भेजा गया है तथा 204 प्रकरण आवेदन पत्र शुल्‍क प्राप्‍त नहीं होने के कारण, दस्‍तावेजों की स्‍पष्‍ट पठनीय छायाप्रतियाँ प्राप्‍त नहीं होने के कारण एवं कार्यवाही प्रचलन में होने के कारण लंबित है। वर्तमान में लंबित 204 प्रकरणों की सूची  पुस्तकालय में रखे  परिशिष्‍ट के प्रपत्र 'पर है। मण्‍डल में सत्‍यापन हेतु ऑनलाईन आवेदन-पत्र प्राप्‍त नहीं होते है। माध्‍यमिक शिक्षा मण्‍डल, म.प्र., भोपाल में सत्‍यापन कक्ष की मॉनिटरिंग का कार्य श्रीमती ज्‍योति मेघावाले पंजीयक एवं श्री पी.एन.पंचोरे, सहायक सचिव द्वारा संपादित किया जाता है। (ग) सचिव, राजस्‍थान लोक सेवा आयोग का पत्र क्रमाक/एफ/23 आर.टी.आई./आर.पी.एस.सी./17-18/3003 दिनांक 13/07/17 जो कि मा.शि.मण्‍डल, म.प्र., भोपाल को प्राप्‍त होना नहीं पाया गया है। सचिवराजस्‍थान लोक सेवा आयोग से श्री मांगीलाल गाच्‍छा, परीक्षा वर्ष 1999 अनुक्रमांक 4975158 केन्‍द्र क्रमांक 7101, नामांकन क्रमांक 043147 का प्रमाण-पत्र स.क्र. 02007009 का सत्‍यापन प्रकरण पूर्ति उपरान्‍त मण्‍डल को दिनांक 03-07-2017 को प्राप्‍त हुआ। इस पर कार्यवाही उपरान्‍त सत्‍यापन प्रतिवेदन दिनांक 17-01-18 को सचिव, राजस्‍थान लोक सेवा आयोग, जयपुर रोड, अजमेर को भेजा गया। इसके पूर्व समय-समय पर सचिव, राजस्‍थान लोक सेवा आयोग को प्रकरण में सत्‍यापन हेतु शुल्‍क प्राप्‍त नहीं होने के कारण, प्रमाणित दस्‍तावेज प्राप्‍त नहीं होने के कारण तथा सत्‍यापन हेतु प्रमाणित अंकसूची प्राप्‍त नहीं होने के कारण मण्‍डल द्वारा कार्यालयीन पत्र दिनांक 21-07-16, 21-09-16, 18-01-17, 13-02-17, 09-03-17 तथा दिनांक 01-06-17 के द्वारा विभाग को त्रुटिपूर्ति हेतु पत्र भेजे गये। सत्‍यापन प्रतिवेदन पूर्ति पश्‍चात् दिनांक 17-01-18 को सचिव, राजस्‍थान लोक सेवा आयोग, जयपुर रोड, अजमेर को प्रेषित किया जा चुका है। मांगीलाल गाच्‍छा ने अपनी वर्ष 1999 डी.एड. प्रमाण-पत्र रोल नंबर 4975158 केन्‍द्र 7101 नामांकन क्रमांक 0420143 एवं अंक तालिका अनुक्रमांक 4975158 अपने पत्र के साथ प्रेषित करते हुए मण्‍डल से यह अपेक्षा की गयी थी कि मण्‍डल सत्‍यापन की कार्यवाही कर सचिव, राजस्‍थान लोक सेवा आयोग, अजमेर को भेजें। कार्यालयीन आदेश/निर्देश दिनांक 14-01-2001 अनुसार सत्‍यापन की निर्धारित प्रक्रिया अनुसार मण्‍डल के द्वारा व्‍यक्तिगत रूप से किसी को सत्‍यापन की जानकारी नहीं दी जा सकती है। अतः शेषांश उपस्थित नहीं होता। (घ) उत्तरांश '' एवं '' के प्रकाश में जी नहीं।

मुख्‍यमंत्री किसान दर्शन योजना

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

11. ( क्र. 1928 ) श्री रामलाल रौतेल : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला अनूपपुर अंतर्गत वित्‍तीय वर्ष 2016-17, वर्ष 2017-18 में कुल कितने किसानों को मुख्‍यमंत्री किसान दर्शन योजनान्‍तर्गत किन-किन स्‍थानों का पर्यटन कराया गया? विकासखण्‍डवार, ग्रामवार हितग्राहियों का नाम का उल्‍लेख करें। (ख) प्रत्‍येक यात्रा में कुल कितनी राशि व्‍यय की गई है? यात्रा करने के पश्‍चात् उन हितग्राहियों को क्‍या क्‍या विभाग ने लाभ प्रदान किया है? अलग- अलग विवरण प्रदान करें।

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) मुख्‍यमंत्री किसान दर्शन योजना विभाग में संचालित नहीं है। शेष का प्रश्‍न ही नहीं उठता। (ख) उत्‍तरांश '' अनुसार।

मुख्‍यमंत्री महोदय द्वारा की गई घोषणाएं 

[स्कूल शिक्षा]

12. ( क्र. 2014 ) श्री अजय सिंह : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि माननीय मुख्‍यमंत्री के द्वारा अध्‍यापक संवर्ग के  स्‍कूल शिक्षा विभाग में संविलियन की घोषणा की गई है? यदि हाँ, तो उक्‍त घोषणा पर सामान्‍य प्रशासन विभाग के द्वारा प्रश्‍न तिथि तक कब-कब आदेश जारी किये है? घोषणाओं का पूर्ण विवरण जारी आदेश की प्रति उपलब्‍ध करायें? उक्‍त घोषणा के कारण राज्‍य पर कितनी राशि का अतिरिक्‍त व्‍यय होगा? जानकारी उपलब्‍ध करायें?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) अध्‍यापक संवर्ग की सेवाएं शिक्षा, जनजातीय कार्य विभाग के अधीनस्‍थ करने के संबंध में समुचित प्रस्‍ताव तैयार किये जाने की प्रक्रिया प्रचलन में है। अत: शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

कन्‍या हाईस्‍कूल राहतगढ़ का उन्‍नयन

[स्कूल शिक्षा]

13. ( क्र. 2117 ) श्रीमती पारूल साहू केशरी : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या स्‍कूल शिक्षा विभाग द्वारा प्रश्‍न दिनांक तक नगरीय क्षेत्र में हाईस्‍कूल एवं हायर सेकेण्‍डरी स्‍कूल उन्‍नयन हेतु कोई नियम एवं मापदंड बनाये गये हैं? (ख) यदि नहीं, तो प्रश्‍नकर्ता के द्वारा नगरीय क्षेत्र की हाईस्‍कूल/हायर सेकेण्‍डरी स्‍कूलों के उन्‍नयन हेतु भिजवाये गये प्रस्‍तावों पर ''उक्‍त शाला दूरी के मापदंड की पूर्ति नहीं करती है'' लेख कर किस आधार पर प्रस्‍ताव अमान्‍य कर दिया जाता है? (ग) बतावें कि प्रश्‍नकर्ता द्वारा नगर परिषद् राहतगढ़ अंतर्गत शासकीय कन्‍या हाईस्‍कूल राहतगढ़ के हायर सेकेण्‍डरी स्‍कूल में उन्‍नयन हेतु भेजे गये प्रस्‍ताव को ग्राह्य कर कब तक उक्‍त कन्‍या हाईस्‍कूल का हायर सेकेण्‍डरी स्‍कूल में उन्‍नयन किया जावेगा?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जी नहीं। शहरी क्षेत्र के लि‍ये पृथक से मापदंड नहीं है। नि‍र्धारि‍त मापदंड संलग्‍न परि‍शि‍ष्‍ट अनुसार है। (ख) सभी प्रस्‍ताव पर नि‍र्धारि‍त मापदंड अनुसार ही परीक्षण कि‍या जाता है। (ग) वर्ष 2017-18 में उन्‍नयन की कार्यवाही प्रक्रि‍याधीन है। शालाओं का उन्‍नयन मापदण्‍डों की पूर्ति, बजट की उपलब्‍धता पर निर्भर है। निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

परिशिष्ट - ''ग्यारह''

लोक निर्माण विभाग द्वारा गत 5 वर्षों में बने रोडों का भौतिक सत्यापन

[लोक निर्माण]

14. ( क्र. 2320 ) श्रीमती ममता मीना : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) गुना जिले में गत 5 वर्षों में लोक निर्माण विभाग द्वारा कितने रोड, कौन-कौन सी एजेन्सियों से निर्माण कराये, कितने पूर्ण हो गये, कितने अधूरे हैं? प्रश्न दिनांक तक कौन-कौन से रोड भौतिक सत्यापन के दौरान गुणवत्‍ता विहिन होने से घटिया निर्माण के कारण क्षतिग्रस्त हो गये हैं।                  (ख) प्रश्नांश (क) में वर्णित रोड स्वीकृत मानक अनुसार कौन-कौन से रोड निर्मित नहीं हुए हैं, क्‍या जंजाली से मक्सूदनगढ़ मार्ग का भौतिक सत्यापन  कराकर गुणवत्ता अनुसार रोड का निर्माण नहीं पाया गया तो क्या विभाग द्वारा निर्माण एजेन्सी से वसूली करेगी या नहीं? क्‍या विभाग शेष रोडों का भी भौतिक सत्‍यापन कराऐगा? (ग) प्रश्नांश (क) और (ख) में वर्णित रोडों की जाँच और कार्यवाही जिम्मेदार अधिकारियों के विरूद्ध क्या विभाग द्वारा अभी तक कोई जाँच और कार्यवाही की है? यदि नहीं, तो कौन-कौन किस रोड के लिए दोषी हैं?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) विस्‍तृत जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' एवं 'अ-1' अनुसार है। (ख) एवं (ग) उत्‍तरांश '' अनुसार।

किसानों को बीमा प्रीमियम एवं बीमा क्लेम का भुगतान 

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

15. ( क्र. 2328 ) श्रीमती ममता मीना : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या वर्ष 2016 खरीफ फसल के लिये फसल बीमा योजना लागू होने के उपरांत किसानों को प्रीमियम का आच्छादन करना बैंक और कम्पनी के लिये बंधनकारी होकर उनका उत्तरदायित्व था? गाईडलाईन अनुसार बैंकों द्वारा घोषित किसानों के के.सी.सी. खाते से आहरण नहीं किया या कम दर पर किया गया है तो ऋणी किसानों की फसलें खराब हो गई थी,तो क्या बैंक और कम्पनी उस क्षेत्र के किसानों को क्लेम के भुगतान के लिए बंधनकारी है? (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार गुना जिले के यूनियन बैंक गुना में ऐसे कितने ऋणी किसान हैं, जिनके प्रीमियम बैंक ने वर्ष 2016 खरीफ सोयाबीन फसल का ऋणी भूमि पर प्रति हेक्टेयर के मान से कम काटकर बीमा कम्पनी को भेजा है और ऐसे कितने ऋणी किसान है, जिनका प्रीमियम काटा ही नहीं है, इसके लिए कौन जिम्मेदार है? (ग) बैंक के ऋणी किसानों की खरीफ वर्ष 2016 की फसल खराब होने पर शासन द्वारा क्रापकटिंग अनुसार उस क्षेत्र के अन्य किसानों को क्लेम का भुगतान कम्पनी के द्वारा किया गया,किन्तु बैंक के ऋणी किसानों को भूमि में प्रति हेक्टेयर की दर से बीमित और बिना बीमित किसानों को क्यों नहीं किया? इसका कौन उत्तरदायी है? कब तक भुगतान करेंगे? बैंक के ऋणी किसानों को फसल बीमा योजना के तहत छूटे गये एवं कम राशि मिलने वालों को शेष राशि का बीमा क्लेम का भुगतान कब तक करा दिया जावेगा?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना खरीफ 2016 से लागू की गई है, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की गाईड लाईन अनुसार ऋणी कृषकों के लिये अनिवार्य एवं अऋणी कृषकों के लिये ऐच्छिक है। योजनांतर्गत प्रीमियम राशि आच्‍छादन बैंक शाखाओं द्वारा किये जाने का प्रावधान है। योजना की प्रचालन मार्गदर्शिका अनुसार ऋणी एवं अऋणी कृषकों से मौसम खरीफ हेतु बीमित राशि का 2 प्रतिशत एवं रबी हेतु बीमित राशि का 1.5 प्रतिशत प्रीमियम आहरित करने का प्रावधान है। संबंधित बैंक द्वारा जिले के लिये निर्धारित स्‍केल ऑफ फायनेंस पर प्रीमियम राशि के.सी.सी. खाते से काटकर संबंधित बीमा कंपनी को भेजी जाती है। (ख) यूनियन बैंक ऑफ इंडिया शाखा गुना के अनुसार जिले के 3083 पात्र कृषकों का प्रधानमंत्री फसल बीमा योजनांतर्गत खरीफ 2016 में सही दर पर बीमा किया गया है, एक भी पात्र ऋणी कृषक शेष नहीं है। बैंक द्वारा प्रीमियम राशि 5515321.20/- रूपये बीमा कंपनी को भेजी गई है। जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ग) प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की गाईड लाईन अनुसार फसल कटाई प्रयोगों के आधार पर प्राप्‍त वास्‍तविक उपज थ्रे-शोल्‍ड उपज से कम प्राप्‍त होने पर बीमा कंपनी द्वारा क्लेम का भुगतान किया जाता है। बैंक से प्राप्‍त जानकारी अनुसार उक्‍त अवधि में यूनियन बैंक ऑफ इंडिया शाखा गुना के पात्र किसानों के खाते में रू. 127574402.60/- जमा कराये गये है, कोई भी पात्र कृषक शेष नहीं है। यूनियन बैंक में कुछ कृषकों द्वारा बीमा कम मिलने की शिकायत प्रस्‍तुत की गई है, जिसकी जाँच एवं निपटान केन्‍द्रीय कार्यालय मुम्‍बई द्वारा किया जाना है, इन्‍हीं कुछ आवेदनकर्ता (08) ने अंबुडसगेन (आर.बी.आई) तथा उपभोक्‍ता फोरम गुना में वाद दायर किया है। जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है।

परिशिष्ट - ''बारह''

सिटी लिंक मार्ग का निर्माण

[लोक निर्माण]

16. ( क्र. 2716 ) श्री शैलेन्द्र जैन : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि     (क) लोक निर्माण विभाग की सागर नगर के सिटी लिंक मार्ग (जीरो माइल से मकरोनिया) के निर्माण हेतु कितनी राशि स्‍वीकृत की गयी है? इसमें कौन-कौन से कार्य कराया जाना शामिल है? (ख) क्‍या उक्‍त निर्माण कार्य हेतु, निविदा स्‍वीकृत हो गयी हैं? यदि हाँ, तो निर्माण एजेंसी कौन है एवं कितनी राशि स्‍वीकृत की गयी है? क्‍या निर्माण एजेंसी द्वारा कार्य प्रारंभ कर दिया है? यदि हाँ, तो कब तक कार्य पूर्ण होगा? (ग) क्‍या निर्माण कार्य निर्धारित मापदण्‍डानुसार कराया जा रहा है? यदि हाँ, तो कब-कब किस सक्षम अधिकारी द्वारा स्‍थल निरीक्षण किया गया? दिनांक सहित बतायें। (घ) क्‍या प्रश्‍नाधीन मार्ग पर होने वाली सड़क दुर्घटनाओं को दृष्टिगत रखते हुए, मार्ग पर बने डिवाईडर की ऊंचाई बढ़ाई जायेगी? यदि हाँ, तो कितनी/यदि नहीं, तो क्‍यों?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) एवं (ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट  अनुसार है।      (ग) जी हाँ। जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट  अनुसार है। (घ) जी हाँ। आई.आर.सी. के मापदण्‍डानुसार एवं स्‍थल आवश्‍यकतानुसार। अधिकतम 50 से.मी.। शेष प्रश्‍न उ‍पस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''तेरह''

सागर शहर के व्‍यस्‍तम आंतरिक बायपास मार्ग का चौड़ीकरण/पूर्ण निर्माण 

[लोक निर्माण]

17. ( क्र. 2717 ) श्री शैलेन्द्र जैन : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि  (क) क्‍या लोक निर्माण विभाग अंतर्गत सागर शहर का आंतरिक बायपास भोपाल रोड, बीना रोड एवं एन.एच. 26 राष्‍ट्रीय राजमार्गों को जोड़ता है? क्‍या यह मार्ग क्षतिग्रस्‍त है तथा इसकी चौड़ाई मात्र 5 मीटर एवं लम्‍बाई 6 कि.मी. है? (ख) क्‍या इस सकरे मार्ग पर यातायात का भारी दबाव रहता है तथा दुर्घटनायें घटित होने की संभावना बनी रहती है? (ग) क्‍या शासन इस क्षतिग्रस्‍त मार्ग पर यातायात के दबाव एवं दुर्घटनाओं की आशंका को दृष्टिगत रखते हुए इस मार्ग की चौड़ाई में वृद्धि कर पुन: निर्माण कराने हेतु स्‍वीकृति प्रदान करेगा? यदि नहीं, तो क्‍यों?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ। कुछ भाग आंशिक रूप से क्षतिग्रस्‍त है। जी नहीं। मार्ग की कुल लंबाई 6.40 कि.मी. एवं चौड़ाई क्रमश: 5.50, 7.00 मीटर है। (ख) जी नहीं                  (ग) बजट वर्ष 2018-19 में शामिल, प्रशासकीय स्‍वीकृति की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। शेष प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता।

उज्जैन जिले में लोक निर्माण विभाग द्वारा किये गये कार्य

[लोक निर्माण]

18. ( क्र. 2937 ) श्री सतीश मालवीय : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) उज्जैन जिले में विगत चार वर्षों में सरकार द्वारा लोक निर्माण विभाग को सड़कों, पुलों, भवनों इत्यादि के रख-रखाव हेतु कहाँ-कहाँ से कितनी-कितनी धनराशि उपलब्ध कराई गई है? (ख) उज्जैन जिले में विगत चार वर्षों सें प्रश्न दिनांक तक इस धनराशि में से कितना व्यय कहाँ-कहाँ किया गया? स्थानवार जानकारी उपलब्ध करावें। (ग) वर्ष 2015 से प्रश्न दिनांक तक वर्षा, बाढ़ एवं प्राकृतिक आपदाओं से उज्जैन जिले के अन्तर्गत किन-किन सड़कों को कितनी आर्थिक क्षति हुई है? सड़कवार जानकारी उपलब्ध करावें।

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) प्रश्‍नांश '' के संबंध में उज्‍जैन जिले हेतु रख-रखाव हेतु पृथक से कोई राशि प्राप्‍त नहीं होती है, किन्‍तु विभाग को प्राप्‍त राशि में से उज्‍जैन जिले को सड़क, पुल एवं भवनों हेतु प्रदाय राशि रू. 1056.78 लाख है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे  परिशिष्‍ट के प्रपत्र '', 'अ-1' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है।

व्‍यायाम निर्देशकों की क्रमोन्‍नति के अधिकार जिला शिक्षा अधिकारी को दिलाना 

[स्कूल शिक्षा]

19. ( क्र. 3010 ) एडवोकेट सत्‍यप्रकाश सखवार : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला शिक्षाधिकारियों को किन-किन कर्मचारियों के क्रमोन्‍नति आदेश जारी करने के अधिकार हैं? (ख) क्‍या यू.डी.टी. व पी.टी.आई. समकक्ष पद हैं? लेकिन यू.डी.टी. की क्रमोन्‍नति के आदेश तो जिला शिक्षाधिकारियों द्वारा किये जाते हैं, जबकि पी.टी.आई. की क्रमोन्‍नति आदेश भोपाल से किये जाते हैं, ऐसा क्‍यों है? (ग) क्‍या शासन पी.टी.आई. ( व्‍यायाम निर्देशक) की क्रमोन्‍नति समय-सीमा में हो जाया करें, अनावश्‍यक भोपाल के लिये लिखा-पड़ी व भागदौड़ न करनी पड़े, इस समस्‍या के निदान हेतु पी.टी.आई. की क्रमोन्‍नति करने के अधिकार कब तक जिला शिक्षाधिकारियों को दे दिये जावेंगे? यदि नहीं, तो क्‍यों नहीं? (घ) अम्‍बाह विधानसभान्‍तर्गत पदस्‍थ पी.टी.आई. में से जिन पी.टी.आई. की द्वितीय क्रमोन्‍नति देय है, ऐसे कर्मचारी को कब तक द्वितीय क्रमोन्‍नति देने के आदेश दिये जावेंगे?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जिला शिक्षा अधिकारी को सहायक शिक्षक/भृत्य संवर्ग को क्रमोन्नति दिये जाने का अधिकार है। (ख) जी नहीं। म.प्र.शासन राजपत्र (असाधारण) दिनांक 04.08.2012 एवं दिनांक 19.10.1973 अनुसार क्रमोन्नति आदेश जारी किये जाते है। जानकारी  संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र 'एकएवं 'दोअनुसार। (ग) उत्तरांश (ख) के प्रकाश में प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता। (घ) जिला शिक्षा अधिकारी जिला मुरैना के पत्र दिनांक 13.03.18 द्वारा              श्री दिनेशचंद्र बंसल व्यायाम निर्देशक शा.उत्कृष्ट उ.मा.वि. अम्बाह मुरैना का 24 वर्ष सेवा पूर्ण होने पर द्वितीय क्रमोन्नति प्रस्ताव प्राप्त हुआ है। उक्त प्रस्ताव पर कार्यवाही प्रक्रियाधीन है।

परिशिष्ट - ''चौदह''

बी.ओ.टी. सड़क मार्ग पर स्थित ग्रामों में नाली निर्माण

[लोक निर्माण]

20. ( क्र. 3319 ) श्री दिलीप सिंह शेखावत : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या उज्जैन से जावरा की बी.ओ.टी. सड़क मार्ग पर कई ग्राम बसे हुए हैं सड़क निर्माण से इस रोड की उंचाई अधिक होने के कारण ग्रामीण क्षैत्रों में वर्षाकाल में घरों में पानी भर जाता है, जिससे ग्रामीणों का आवागमन दुश्‍कर हो जाता है? (ख) क्‍या इस रौड के डी.पी.आर. एवं टेण्डर में सड़क के दोनों और जहां तक बसाहट है वहां तक नाली निर्माण का प्रावधान होने के बावजूद भी संबंधित ठेकेदार के द्वारा नालियों का निर्माण नहीं कराया गया एवं अधिकारियों के द्वारा भी इनके विरूद्ध कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है? इस कार्य के लिये कौन-कौन दोषी हैं? दोषियों के विरूद्ध क्या कार्यवाही की जा रही है? उक्त नालियों का निर्माण कब तक करा दिया जावेगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ। जी नहीं। शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) जी हाँ। जी नहीं। कन्‍शेसनायर द्वारा नाली निर्माण न किये जाने के एवज में नेगेटिव चेंज ऑफ स्‍कोप की कार्यवाही की गई है। अनुबंधानुसार नाली निर्माण नहीं किये जाने पर नेगेटिव चेंज ऑफ स्‍कोप किया गया है। कोई अधिकारी दोषी नहीं है। कार्यवाही का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता है। कार्य निर्माण के दौरान स्‍वतंत्र सलाहकार की देखरेख एवं अनुबंधानुसार अनुशंसा पर नाली निर्माण कार्यस्‍थल की आवश्‍यकतानुसार नहीं किया गया। नाली निर्माण की अभी कोई योजना नहीं है।

चार्टड एकाउन्टेन्ट से स्टॉक सत्यापन एवं ऋण वसूली

[सहकारिता]

21. ( क्र. 3342 ) डॉ. रामकिशोर दोगने : क्या राज्‍यमंत्री, सहकारिता महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अवंति मिल वर्कर्स को-ऑपरेटिव सोसायटी सनावद को प्रदान ऋण के तारतम्य में संस्था के स्टॉक की जाँच हेतु चार्टड एकाउन्टेन्ट चांगल एण्ड एसोसिएट्स खरगोन को नियुक्त किया गया था, जिसके द्वारा दिनांक 18.01.2016 को स्टॉक की जाँच की गई? (ख) यदि हाँ, तो क्या संस्था के स्टॉक पत्रक अनुसार स्टॉक सही पाये जाने पर संस्था के तात्कालिक प्रशासक/संयुक्त आयुक्त सहकारिता इन्दौर द्वारा दिनांक 21.01.2016 एवं 27.01.2016 को प्रेषित अनुरोध पत्र पर कार्यवाही कर बैंक प्रबन्धन द्वारा संस्था पर राशि रूपये 15 करोड़ के पश्चात शेष कार्यशील पूंजी के आहरण पर लगी रोक हटाई गई थी? अथवा जाँच में कम स्टॉक होने के बावजूद बैंक प्रबन्धन द्वारा कार्यशील पूंजी के आहरण पर लगी रोक हटा ली गई थी? (ग) संस्था द्वारा प्रारम्भ वर्ष 2012 से लेकर 20 अक्टूबर 2016 तक मूल धन में कितनी राशि एवं ब्याज में कितनी राशि बैंक में जमा की गई है तथा 21 अक्टूबर 2016 से लेकर 31 जनवरी 2018 तक मूल धन में कितनी राशि एवं ब्याज में कितनी राशि बैंक में जमा की गई?

राज्‍यमंत्री, सहकारिता ( श्री विश्वास सारंग ) : (क) एवं (ख) जाँच हेतु संयुक्‍त आयुक्‍त सहकारिता, संभाग इंदौर को निर्देशित किया गया है। (ग) जानकारी  संलग्न परिशिष्ट अनुसार है

परिशिष्ट - ''पंद्रह''

कृषि वैज्ञानिकों और अधिकारियों को विदेश जाने हेतु नामांकित किया जाना 

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

22. ( क्र. 3344 ) डॉ. रामकिशोर दोगने : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्‍वविद्यालय जबलपुर से विगत 05 वर्षों में उद्यानिकी विभाग से किन-किन वैज्ञानिक और अधिकारियों को स्टडी/विजिट हेतु विदेश जाने हेतु नामांकित किया गया है? अनुशंसा का आधार क्या रखा गया था? कमेटी की अनुशंसा की प्रति उपलब्ध करावें।               (ख) क्या स्टडी/विजिट हेतु भेजे गये अधिकारियों का तत्कालीन कुलपति से कोई संबंध है? अगर हाँ, तो क्या? (ग) क्या आदिवासी जिले में कृषि महाविद्यालय बालाघाट (वारासिवनी) में नियुक्ति उपरान्त कृषि विषय के सह-प्राध्यापक के पद पर नियुक्ति के बाद जबलपुर मुख्यालय पर             पद-स्थापना का प्रावधान है? यदि हाँ, तो किन-किन सह-प्राध्यापकों की जबलपुर मुख्यालय पर पदस्थापना की गई? क्या इससे आदिवासी जिले में अध्ययनरत विद्यार्थियों की पढ़ाई पर कोई विपरीत प्रभाव पड़ेगा?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) जी नहीं, जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्‍वविद्यालय जबलपुर द्वारा विगत 5 वर्षों में उद्यानिकी विभाग से किसी भी वैज्ञानिक और अधिकारी को स्‍टडी/विजिट हेतु विदेश जाने के लिए नामांकित नहीं किया गया है। (ख) उत्‍तरांश '' अनुसार शेष का प्रश्‍न ही नहीं उठता। (ग) जी नहीं, पदस्‍थापना का कोई प्रावधान नहीं है, किन्‍तु प्रशासनिक स्‍तर पर परिस्थिति जन्‍य आवश्‍यकतानुसार स्‍थानांतरण किया जा सकता है। डॉ. बी.पी.बिसेन, उद्यानिकी विभाग, डॉ. वाई.एस. शर्मा, मृदा विज्ञान एवं डॉ. डी.एस. तोमर, पौध रोग विभाग के सह प्राध्‍यापकों का स्‍थानांतरण जबलपुर मुख्‍यालय में किया गया है। स्‍थानांतरण से अध्‍ययनरत विद्यार्थियों की पढ़ाई पर कोई विपरीत प्रभाव नहीं पड़ेगा।

अभाना-तेंदूखेड़ा-पाटन मार्ग के खराब होने संबंधी

[लोक निर्माण]

23. ( क्र. 3421 ) श्री प्रताप सिंह : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि  (क) लोक निर्माण विभाग अंतर्गत क्‍या दमोह जिले के अभाना- तेंदूखेडा- पाटन मार्ग खराब हो गया है? यदि हाँ, तो उक्त मार्ग के निर्माण हेतु विभाग की क्या प्रक्रिया चल रही है? क्या उक्त मार्ग बनाये जाने के लिए ठेका हो चुका है? यदि हाँ, तो कब तक और किस कंपनी को, रोड बनाने का ठेका दिया गया है? क्‍या प्रश्‍न दिनांक तक उक्त मार्ग का निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं किया गया, क्यों? (ख) क्या प्रश्‍नांश (क) में वर्णित मार्ग सी.सी. रोड का निर्माण होना है? यदि हाँ, तो क्या शासन के द्वारा मुख्य राज्य मार्ग में सी.सी.रोड के निर्माण पर रोक लगाये जाने संबंधी आदेश शासन जारी किये गए हैं? यदि हाँ, तो उक्त आदेश की प्रति उपलब्ध करायें? (ग) क्या प्रश्नांश (ख) में सीसी रोड संबंधी आदेश के बाद भी नियम विरूद्ध टेंडर निकाले गए हैं? यदि हाँ, तो क्यों? (घ) उक्त मार्ग का निर्माण कब तक प्रारंभ कराया जायेगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ। एजेन्‍सी चयन की प्रक्रिया एन.बी.डी. योजना में चलन में है। जी नहीं। प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता। कार्य एजेन्‍सी का निर्धारण नहीं होने के कारण। (ख) जी हाँ। जी नहीं। प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता। (ग) जी नहीं। प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता। (घ) निविदा कार्यवाही प्रक्रिया में है। वर्तमान में निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

नागदा गूजरी रोड निर्माण अंतर्गत भारूडपुरा घाट में सुधार कार्य 

[लोक निर्माण]

24. ( क्र. 3436 ) श्री कालुसिंह ठाकुर : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या लोक निर्माण विभाग के नागदा से गूजरी तक बनाये गये सीमेंटेड रोड निर्माण अन्तर्गत भारूडपुरा घाट को लगभग 30 से 40 फीट तक काट कर चढ़ाई को काफी कम कर दिया गया है? (ख) क्या पहाड को सीधा काटने से वर्षाकाल में नमी से भू-स्खलन आदि होने पर पहाड से मिट्टी, पत्थर, मुरम आदि धंसने पर सीधे रोड पर चल रहे वाहन आदि पर गिरने से जान-माल के भारी नुकसान की संभावना भी बढ़ गई है? (ग) क्या घाट के काटे गये भाग के ऊपरी हिस्से को तिरछा काट कर भू-स्खलन की संभावना को कम किये जाने के निर्देश निरीक्षणकर्ता अधिकारियों द्वारा निर्माण एजेंसी को दिये गये हैं, अथवा नहीं? यदि दिये गये हैं तो घाट के काटे गये भाग में ऊपरी हिस्से को कब तक तिरछा काट कर भू-स्खलन की संभावना को कम किया जावेगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) जी नहीं। भारूडपुरा घाट में की गई कटिंग उपलब्ध आर.ओ.डब्ल्यू., भारत सरकार सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के मापदण्ड एवं नियुक्त अथॉरिटी इंजीनियर के अनुमोदन के अनुसार कराया गया है। (ग) जी नहीं। भारूडपुरा घाट में की गई कटिंग उपलब्ध आर.ओ.डब्ल्यू., भारत सरकार सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के मापदण्ड एवं नियुक्त अथॉरिटी इंजीनियर के अनुमोदन के अनुसार कराया गया है। निरीक्षणकर्ता अधिकारियों द्वारा निर्माण एजेन्सी को पृथक से कोई निर्देश जारी नहीं किये गये। शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

कृषि उपज मण्डी समिति उज्जैन को प्राप्‍त आय

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

25. ( क्र. 3564 ) श्री सतीश मालवीय : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) कृषि उपज मण्डी समिति उज्जैन को विगत चार वर्षों में विभिन्न मदों में कितनी-कितनी आय प्राप्त हुई हैं वर्षवार जानकारी उपलब्ध करावें। (ख) कृषि उपज मण्डी समिति उज्जैन द्वारा विगत चार वर्षों में कितना व्यय किस-किस कार्य हेतु किया गया वर्तमान में कितने कार्य पूर्ण हैं एवं कितने कार्य अपूर्ण हैं एवं कितने कार्य पर कितनी राशि व्यय कर दी गई है वर्षवार, कार्यवार जानकारी उपलब्ध करावें। (ग) मण्डी समिति उज्जैन द्वारा कितने सुरक्षा गार्ड कहाँ-कहाँ तैनात हैं और प्रतिवर्ष सुरक्षा के नाम पर कितना व्यय किया जा रहा है वर्तमान में कितने सुरक्षा गार्ड कार्यरत् हैं? गार्ड के नामवार, पतावार जानकारी उपलब्ध करावें। (घ) जनवरी, 2016 से प्रश्न दिनांक तक कृषि उपज मण्डी समिति प्रांगण उज्जैन में कितनी लूट एवं चोरी की घटनायें हुई हैं? घटनावार, दिनांकवार जानकारी उपलब्ध करावें एवं मण्डी समिति द्वारा प्रश्न दिनांक तक क्या-क्या कार्यवाही हुई है एवं भविष्य में कोई लूट की घटना न हो, इस संबंध में क्या-क्या प्रबंध कृषि उपज मण्डी समिति उज्जैन द्वारा किये गये हैं?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है।                     (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' तथा प्रतिवर्ष किए गए व्‍यय की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (घ) चोरी के 02 प्रकरण हुए है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। भविष्‍य में लूट/चोरी की घटना रोकने के लिये समिति द्वारा सुरक्षा गार्ड लगाए गए है तथा सी.सी.टी.वी. स्‍थापन की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है।

पुल निर्माण के लंबित प्रस्‍ताव

[लोक निर्माण]

26. ( क्र. 3632 ) श्री रजनीश सिंह : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) केवलारी विधन सभा क्षेत्र अंतर्गत विगत दो वर्षों में कौन-‍कौन से पुल कितनी-कितनी राशि के स्‍वीकृत हुये हैं एवं इन पुलों की भौतिक स्थिति क्‍या है? (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार छपारा चमरया नाला पुल निर्माण की स्थिति क्‍या है? इसके निर्माण में विलंब के क्‍या कारण हैं? (ग) क्‍या विभाग द्वारा पांडिया छपारा गोकलपुर (डूटी केम्‍प) मार्ग पर धनई नदी में पुल निर्माण का कोई प्रस्‍ताव लंबित? यदि हाँ, तो कब तक इसे पूर्ण कर लिया जावेगा? यदि नहीं, तो क्‍यों?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) विस्‍तृत जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ग) जी नहीं। प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। वर्तमान में न तो स्‍वीकृत है और न ही प्रस्‍तावित है।

परिशिष्ट - ''सोलह''

किसान कल्‍याण कोष बनाना

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

27. ( क्र. 3805 ) श्री संजय शाह मकड़ाई : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (‍क) जिस प्रकार सेना हेतु सेना कल्‍याण कोष होता है, जिसमें आम जनता से लेकर शासकीय तंत्र के साथ साथ सभी की सहभागिता होती है ओर उस कोष की राशि का उपयोग सेना के कल्‍याण हेतु उपयोग किया जाता है, इसी प्रकार किसान कल्‍याण कोष बनाये जाने हेतु शासन विचार करेगी? यदि हाँ, तो कब तक? (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में यदि किसान कल्‍याण कोष बनता है तो जनप्रतिनिधियों जैसे मंत्रीगण, सांसद, विधायकों आदि के वेतन का कुछ भाग किसान कल्‍याण कोष हेतु काटने का प्रावधान करेंगे?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) वर्तमान में प्रस्‍ताव विचाराधीन नहीं है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) उत्‍तरांश (क) अनुसार।

सड़क का निर्माण 

[लोक निर्माण]

28. ( क्र. 3808 ) श्री राजेन्द्र फूलचं‍द वर्मा : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या सोनकच्‍छ विधानसभा क्षेत्र में खुंटखेडा से बीसुखेडी, इन्‍दौर-भोपाल रोड सोनकच्‍छ से सोनकच्‍छी तक सड़क निर्माण की कोई कार्यवाही चल रही है? यदि हाँ, तो किस स्‍तर पर कार्यवाही प्रचलित हैं? नहीं तो क्‍यों नहीं? (ख) उक्‍त सड़कों में से कौन-कौन सी सड़क स्‍वीकृत है तथा                कौन-कौन सी सड़क के प्रस्‍ताव लंबित हैं? (ग) क्षेत्रवासियों को कब तक उक्‍त सड़कों का लाभ मिल सकेगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी नहीं। प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। सीमित वित्‍तीय संसाधन के कारण। (ख) कोई स्‍वीकृत नहीं। कोई प्रस्‍ताव लंबित नहीं। (ग) उत्‍तरांश '' एवं '' के परिप्रेक्ष्‍य में निश्चित तिथि बताना संभव नहीं।

सड़क निर्माण विषयक 

[लोक निर्माण]

29. ( क्र. 3809 ) श्री राजेन्द्र फूलचं‍द वर्मा : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सोनकच्‍छ विधानसभा क्षेत्र के ग्राम भौंरासा से झोकर तक सड़क निर्माण का कोई प्रस्‍ताव विचाराधीन है या नहीं? (ख) क्‍या ग्राम भौंरासा से झोकर तक, सड़क निर्माण में विभाग द्वारा आगामी कोई प्रस्‍ताव सम्मिलित किया जायेगा? हाँ या नहीं? (ग) ग्राम भौंरासा से झोकर तक सड़क निर्माण में विभाग द्वारा आगामी कार्यवाही कब तक की जायेगी?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी नहीं। (ख) वर्तमान में जी नहीं। (ग) प्रश्‍नांश '' के उत्‍तर के परिप्रेक्ष्‍य में, समय-सीमा बताना संभव नहीं है।

बड़वारा के निर्माण कार्यों को बजट में सम्मिलित करना

[लोक निर्माण]

30. ( क्र. 4029 ) श्री मोती कश्यप : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या वि.खं. कटनी के ग्राम कौडिया हीरापुर से छहरी को जोड़ने वाले मार्ग को लगभग 5 वर्ष पूर्व एनुअल रिपेयर मद से किसी विभागीय स्‍वीकृति उपरान्त प्रश्नकर्त्ता से भूमिपूजन कराने के उपरान्त बिना कारण बताये कार्य को निरस्त कर दिया गया है और पुन: स्वीकृति प्रदान नहीं की गई है? (ख) क्या प्रश्नकर्त्ता ने अपने पत्र दिनांक 15-10-2016 व दिनांक 11-9-2016 द्वारा मा. मुख्यमंत्री जी तथा पत्र दिनांक 19-1-2018 द्वारा मा. विभागीय मंत्री को प्रश्नांश (क) मार्ग एवं उसकी विभाग स्तर पर लम्बित डी.पी.आर. पर ध्यान आकर्षित करते हुये प्रशासकीय स्वी‍कृति प्रदान करने का अनुरोध किया है? (ग) क्या प्रश्नरकर्त्ता द्वारा प्रश्नांश (ख) में दर्शित विभागीय मंत्रीजी को सम्बोधित पत्र में किन-किन निर्माण कार्यों को बजट में सम्मिलित करने हेतु अनुरोध किया है? (घ) क्या प्रश्नांश (क) से (ग) के कार्यों को बजट में सम्मिलित कर लिया गया है और निर्माण कराया जाना सुनिश्चित कर दिया गया है?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) एवं (ख) जी हाँ। (ग) एवं (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है।

वितरित संदिग्‍ध वसूली न होने से उत्‍पन्‍न स्थिति

[सहकारिता]

31. ( क्र. 4201 ) डॉ. गोविन्द सिंह : क्या राज्‍यमंत्री, सहकारिता महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या जिला सहकारी केन्‍द्रीय बैंक मर्यादित छतरपुर द्वारा वितरित संदिग्‍ध वसूली न होने वाली डूबत राशि 12.55 करोड़ रूपये के संबंध में उपपंजीयक सहकारी संस्‍थाएं छतरपुर द्वारा अपने पत्र क्रमांक/विधि/2014/692 छतरपुर दिनांक 28.05.2014 सें संयुक्‍त आयुक्‍त एवं आयुक्‍त सहकारिता भोपाल को सूचित किया गया था? (ख) यदि हाँ, तो उक्‍त अधिकारियों द्वारा क्‍या कार्यवाही की गई? यदि नहीं, की गई तो क्‍यों? (ग) क्‍या न्‍यायालय वसूली अधिकारी एवं अतिरिक्‍त तहसीलदार सहकारी संस्‍थाएं जिला छतरपुर द्वारा उपायुक्‍त सहकारिता छतरपुर से पत्र क्रमांक वसूली/2014/46 छतरपुर दिनांक 02.02.2014 में पत्र लिखा था अगर हाँ, तो उस पत्र में बैंक के 12,55,460.00 करोड़ रूपये डूब रहे हैं, जिसमें एक करोड़ रूपये तत्‍कालीन बैंक अध्‍यक्षों के परिजनों के पास वसूली हेतु लंबित हैं? यदि हाँ, तो किन-किन से कितनी राशि की वसूली लंबित है? (घ) प्रश्‍नांश (ग) के परिप्रेक्ष्‍य में क्‍या वसूली हुई, उनके नाम की रकम कब वसूल की गई? (ड.) क्‍या बैंक का 2007 से 2011 तक का विशेष ऑडिट हुआ था, यदि नहीं, तो क्‍यों क्‍या यदि ऑडिट हुआ होता तो बडामलहरा ब्रांच एवं धुवारा में इतना बड़ा घोटाला संभव होता? क्‍या इस घोटाले में बैंक के पूर्व अध्‍यक्षों के समय की जाँच कराई जावेंगी और जाँच कब तक होगी? (च) क्‍या उक्‍त पत्र में वसूली अधिकारी द्वारा प्रकरणों की जाँच आर्थिक अपराध अन्‍वेषण ब्‍यूरो से कराई जाने की मांग की गई थी? यदि हाँ, तो शासन द्वारा जाँच क्‍यों नहीं कराई गई?

राज्‍यमंत्री, सहकारिता ( श्री विश्वास सारंग ) : (क) जी हाँ, उप पंजीयक सहकारी संस्था, जिला छतरपुर द्वारा अपने पत्र क्रमांक/साख/विधि/2014/592 दिनांक 28.03.2014 से अवगत कराया गया था।           (ख) संयुक्त आयुक्त सहकारिता, सागर संभाग, सागर द्वारा पत्र दिनांक 19.05.2014 से उपायुक्त सहकारिता जिला छतरपुर से सहकारी अधिनियम की धारा-60 के अंतर्गत किये गये निरीक्षण का प्रतिवेदन चाहा गया था। आयुक्त सहकारिता स्तर से पत्र दिनांक 05.08.2014 से उपायुक्त सहकारिता, जिला छतरपुर से बैंक के संदिग्ध एवं डूबत ऋणों की समीक्षा कर कार्यवाही प्रस्तावित कर प्रतिवेदन चाहा गया था, पत्र दिनांक 07.05.2014 से मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित, छतरपुर से संदिग्ध ऋणों की वसूली न होने के संबंध में अभिमत एवं विस्तृत प्रतिवेदन चाहा गया था तथा पत्र दिनांक 06.04.2015 से सयुक्त आयुक्त सहकारिता, सागर संभाग, सागर से प्रकरण में कार्यवाही कर अभिमत सहित प्रतिवेदन चाहा गया था। (ग) जी हाँ, वसूली अधिकारी द्वारा अपने पत्र क्रमांक/वसूली/2014/40 दिनांक 02.02.2014 से लिखा था। तत्कालीन बैंक अध्यक्ष के परिजनों को वितरित एवं बकाया अकृषि एवं कृषि ऋण की  जानकारी  संलग्न परिशिष्ट  के प्रपत्र-1 एवं 2 अनुसार है(घ) जानकारी संलग्न परिशिष्ट  के प्रपत्र-1 एवं 2 अनुसार है(ड.) जी नहीं, अंकेक्षण अथवा अन्य किसी माध्यम से विशेष अंकेक्षण कराये जाने के तथ्य प्रकाश में आने पर विशेष अंकेक्षण कराया जाता है। उत्तरांश '' अनुसार चाहे गये प्रतिवेदनों में यदि कोई तथ्य इस संबंध में पाये जाते है, तो जाँच कराई जा सकेगी। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (छ) जी हाँ। वसूली अधिकारी द्वारा उपायुक्त सहकारिता, जिला छतरपुर को पत्र लिखा गया था। उत्तरांश '' अनुसार उपायुक्त सहकारिता, जिला छतरपुर से प्रतिवेदन प्राप्त होने पर निर्णय लिया जा सकेगा।

परिशिष्ट - ''सत्रह''

विद्यालयीन भवन/अतिरिक्‍त कक्ष निर्माण 

[स्कूल शिक्षा]

32. ( क्र. 4230 ) डॉ. कैलाश जाटव : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या विधानसभा क्षेत्र गोटेगांव अंतर्गत विद्यालयीन भवन/अतिरिक्त कक्ष निर्माण के कार्य स्वीकृत किये गये हैं? यदि हाँ, तो विधानसभा क्षेत्र गोटेगांव अंतर्गत वर्ष 2010 से प्रश्‍न दिनांक तक कितने विद्यालयों के विद्यालयीन भवन/अतिरिक्त कक्ष कब-कब, स्वीकृत किये गये हैं वर्षवार, पंचायतवार, विद्यालयवार, राशिवार, कार्यपूर्णता की समय-सीमा सहित सूची प्रदान करें। (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार यदि हाँ, तो जो भवन/अतिरिक्त कक्ष निर्माण स्वीकृत किये गये उनमें से कितने भवन/अतिरिक्त कक्ष समय-सीमा में पूर्ण हो चुके है? कितने भवन का निर्माण अभी भी अपूर्ण है वर्षवार, पंचायतवार, विद्यालयवार, राशि वार, सूची उपलब्ध करावें। (ग) प्रश्नांश (ख) अनुसार जिन भवनों का कार्य अपूर्ण है उसका क्या कारण है? क्या शासन इन अपूर्ण भवनों की जाँच कर जिम्मेदार अधिकारियों के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही करेगा? यदि हाँ, तो क्या एवं कब तक। (ग) प्रश्नांश (ख) अनुसार अपूर्ण भवनों का निर्माण कब तक पूर्ण कर दिया जावेगा?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र- 'अनुसार है। (ख) उत्तरांश '''' अनुसार स्वीकृत शासकीय प्राथमिक/माध्यमिक विद्यालय के  14 भवन एवं 175  अतिरिक्त कक्ष पूर्ण हो चुके है। 13  भवन एवं  20 अतिरिक्त कक्ष का निर्माण अपूर्ण है। पूर्ण/अपूर्ण की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र- 'अनुसार है। हाई/हायर सेकेण्‍डरी विद्यालयों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र- 'में समाहित है।                    (ग) निर्माण एजेंसी की उदासीनता एवं अनियमितता के कारण शासकीय प्राथमिक/माध्यमिक विद्यालय के भवनों/अतिरिक्त कक्ष के कार्य अपूर्ण है। अतः निर्माण एजेंसियों को नोटिस जारी किये गये। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र- 'अनुसार है। हाई/हायर सेकेण्‍डरी विद्यालयों के निर्माण में विलंब का कारण की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र- 'अनुसार है। अतः शेषांश का प्रश्‍न ही उपस्थित ही नहीं होता। (ग) मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत के समक्ष निर्माण एजेंसियों की सुनवाई कर अपूर्ण कार्यों पूर्ण करने हेतु कार्यवाही की जा रही हैनिश्चित समय-सीमा बताना संभव नहीं है। हाई/हायर सेकेण्‍डरी विद्यालयों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र- 'अनुसार।

भोपाल गैस त्रासदी में पीडितों को प्रदान राहत एवं पुनर्वास 

[भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास]

33. ( क्र. 4348 ) श्री जितेन्‍द्र गेहलोत : क्या राज्‍यमंत्री, सहकारिता महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भोपाल गैस त्रासदी से पीड़ि‍त व्‍यक्तियों का पीड़ि‍त श्रेणीवार, संख्‍यात्‍मक ब्‍यौरा क्‍या है(ख) गैस त्रासदी के पश्‍चात वर्ष 2013 से अब तक कितनी राशि राहत एवं पुनर्वास पर व्‍यय की गई? (ग) गैस पीड़ि‍त किस-किस बीमारियों से ग्रसित हैं? कितने पीड़ि‍तों की मृत्‍यु हो गई? कितने गंभीर हैं? विगत वर्ष 2013 से प्रश्‍न दिनांक तक उक्‍त पीड़ि‍तों की सहायता हेतु केन्‍द्र अथवा विश्‍व संस्‍थाओं से क्‍या सहायता प्राप्‍त हुई?

राज्‍यमंत्री, सहकारिता ( श्री विश्वास सारंग ) : (क) कार्यालय कल्याण आयुक्त, भोपाल गैस पीड़ि‍त, भोपाल भारत सरकार के नियंत्रण में संचालित है, के द्वारा उपलब्ध जानकारी निम्नानुसार है:-

प्रवर्ग

अवार्डेड प्रकरण

01 प्रवर्ग (व्यक्तिगत क्षति)

558262

02 प्रवर्ग (पशुधन हानि)

233

03 प्रवर्ग (व्यवसायिक हानि)

547

04 प्रवर्ग (मृत्यु प्रकरण)

15342

05 प्रवर्ग (शासकीय उपक्रमों के प्रकरण)

08

कुल योग

574392

कुल 574392 प्रकरणों में से 573955 प्रकरणों में रू. 1549.32 करोड़ मूल मुआवजा वितरित किया गया एवं 437 प्रकरण शेष हैं तथा प्रोरेटा मुआवजा में 563058 प्रकरणों में रूपए 1517.13 करोड़ मुआवजा वितरित किया गया जिसमें से 11334 प्रकरण शेष हैं। (ख) 1. वर्ष 2013-14 में 7726.42 लाख 2. वर्ष 2014-15 में 7487.22 लाख 3. वर्ष 2015-16 में 7749.03 लाख 4. वर्ष 2016-17 में 8587.15 लाख 5. वर्ष 2017-18 (जनवरी 18 तक का व्यय) में 7665.27 लाख राशि व्यय की गयी (ग) हृदय, किडनी, कैंसर, श्वसनतंत्र, मानसिक, नेत्र रोग आदि बीमारियों से ग्रसित हैं जो सामान्य जनसंख्या में हैं। मृतकों की जानकारी उत्तरांश '' में दी गई है। शेष वर्गीकृत नहीं हैं। वर्ष-2013 के पश्चात् केन्द्र एवं विश्व संस्थाओं से कोई सहायता प्राप्त नहीं हुई है।

लोक अदालतों का आयोजन

[विधि और विधायी कार्य]

34. ( क्र. 4351 ) श्री जितेन्‍द्र गेहलोत : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) उज्‍जैन संभाग में वर्ष २०१६-१७ वर्ष २०१७-१८ में कितनी लोक अदालतें आयोजित की गई(ख) रतलाम जिले में आयोजित लोक अदालतों में कितने प्रकरण प्रश्‍नांश (क) अवधि में निराकृत हुए? तहसीलवार ब्‍यौरा दें. (ग) क्‍या संभाग में लोक अदालतें और बढ़ाई जाने की आवश्‍यकता है? कितने प्रकरण पारिवारिक एवं विभागों व राजस्‍व के लोक अदातल हेतु कब से लंबित हैं? उज्‍जैन व रतलाम जिले का ब्‍यौरा दें।

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) उज्जैन संभाग के अंतर्गतजिला न्यायालयों एवं तालुका न्यायालयों में वर्ष 2016-17 एवं वर्ष 2017-18 (अप्रैल 2017 से फरवरी 2018 तक) कुल आयोजित विभिन्न लोक अदालतों का विवरण निम्नानुसार हैः-

वर्ष 2016-17

क्र.

लोक अदालत का प्रकार

कुल आयोजित लोक अदालतों की संख्या

1.            

नेशनल लोक अदालत

09

2.            

स्थाई एवं निरंतर लोक अदालत

355

3.            

लोकोपयोगी सेवाओं के लिये स्थाई लोक अदालत

60

4.            

मनरेगा के अंतर्गत लोक अदालत

15

5.            

जेल लोक अदालत

13

6.            

मोबाईल/फील्ड लोक अदालत

53

7.            

विशेष लोक अदालत

01

 

योग

506

 

वर्ष 2017-18
 (
अप्रैल 2017 से फरवरी 2018 तक)

   क्र.

लोक अदालत का प्रकार

कुल आयोजित लोक अदालतों की संख्या

1.       

नेशनल लोक अदालत

05

2.     

स्थाई एवं निरंतर लोक अदालत

182

3.     

लोकोपयोगी सेवाओं के लिये स्थाई लोक अदालत

45

4.     

मनरेगा के अंतर्गत लोक अदालत

07

5.     

जेल लोक अदालत

10

6.     

मोबाईल/फील्ड लोक अदालत

20

 

योग

269

(ख) रतलाम जिले में प्रश्‍नांश (क) में उल्लेखित अवधि में आयोजित समस्त प्रकार की लोक अदालतों में निराकृत हुए प्रकरणों का तहसीलवार ब्यौरा निम्नानुसार हैः-

वर्ष 2016-2017

  क्र.

तहसील का नाम

निराकृत प्रकरण

  1.  

रतलाम

4428

  1.  

जावरा

1328

  1.  

सैलाना

390

  1.  

आलोट

521

 

योग

6667

 

वर्ष 2017-2018
 (
अप्रैल 2017 से फरवरी 2018 तक)

क्र.

तहसील का नाम

निराकृत प्रकरण

  1.  

रतलाम

2120

  1.  

जावरा

1000

  1.  

सैलाना

274

  1.  

आलोट

728

 

योग

4122

(ग) राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरणनई दिल्ली के निर्देशानुसार समस्त प्रकार के प्रकरणों के निराकरण हेतु प्रत्येक दो माह में एक बार नेशनल लोक अदालतें आयोजित की जा रही हैइसके साथ ही जिला विधिक सेवा प्राधिकरणों/तालुका समितियों द्वारा प्रत्येक माह के अंतिम शनिवार में अन्य मासिक लोक अदालतें जैसे- स्थाई एवं निरंतर लोक अदालतलोकोपयोगी सेवाओं की स्थाई लोक अदालतमनरेगा लोक अदालतजेल लोक अदालत तथा मोबाईल लोक अदालत इत्यादि आयोजित की जा रही है। जिनमें राजीनामा योग्य न्यायालयों में लंबित/प्री-लिटिगेशन (मुकदमा पूर्व) के प्रकरणों को निराकरण हेतु रखा जाता है और इन लोक अदलतों में अधिक से अधिक प्रकरणों का निराकरण किया जाकर पक्षकारों को लाभांवित कराया जाता है। इसलिये संभाग में पृथक से अन्य लोक अदालतें और बढ़ाई जाने की आवश्‍यकता नहीं है। लोक अदालतों के आयोजन के पूर्व समस्त न्यायालयों/विभागों के राजीनामा योग्य सभी प्रकार के प्रकरणों को चिन्हित किया जाकर पक्षकारों की सहमति लेकर लोक अदालत में प्रस्तुत किया जाता है और ऐसे प्रकरण जो अदालत में निराकृत नहीं होते हैउन्हें संबंधित न्यायालय/विभाग में वापिस किये जाते है और उनका निराकरण रेगुलर कोर्ट में ही प्रक्रिया अनुसार होता है। अतः लोक अदालत खण्डपीठ के पास कोई भी लंबित प्रकरण शेष नहीं रह जाते है। अतः जानकारी निरंक है।

अनुदान योजना अंतर्गत प्‍याज का भण्‍डार गृह निर्माण 

[उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण]

35. ( क्र. 4407 ) श्री अरूण भीमावद : क्या राज्‍यमंत्री, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शासन द्वारा अनुदान योजना अंतर्गत शाजापुर जिले में सत्र              2017-18 में प्‍याज का भण्‍डार गृह निर्माण हेतु कितने किसानों ने आवेदन प्रस्‍तुत किये? सूची उपलबध कराई जावे एवं कितने किसानों को पात्र मानकर प्‍याज भण्‍डार गृह निर्माण की स्‍वीकृति दी गई? सूची देवें? (ख) शासन का जिलेवार कितने प्‍याज का भण्‍डार गृह निर्माण की स्‍वीकृति सत्र 2016-17 में हुई? जिसमें शाजापुर जिले के उक्‍त योजना के अन्‍तर्गत स्‍वीकृत हुए? संख्‍या प्रस्‍तुत करें। (ग) शासन द्वारा सत्र 2018-19 में प्‍याज का भण्‍डार गृह निर्माण हेतु क्‍या प्रावधान है तथा शाजापुर जिले में कितने प्‍याज का भण्‍डार गृह निर्माण का लक्ष्‍य निर्धारित किया गया है? (घ) क्‍या शासन द्वारा जिला शाजापुर प्‍याज उत्‍पादन में अग्रणी जिला होने पर प्‍याज का भण्‍डार गृह निर्माण में अन्‍य जिलों से ज्‍यादा भण्‍डार गृह निर्माण की स्‍वीकृति करने का प्रावधान किया जायेगा?

राज्‍यमंत्री, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण ( श्री सूर्यप्रकाश मीना ) : (क) शाजापुर जिले में वर्ष 2017-18 में प्‍याज भण्‍डार गृह निर्माण हेतु 514 किसानों द्वारा ऑनलाईन आवेदन प्रस्‍तुत किये, जिनमें से 431 पात्र किसानों को स्‍वीकृति जारी की गई है। शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अ एवं ब अनुसार है। (ख) वर्ष 2016-17 में जिलेवार 5880 प्‍याज भण्‍डार गृह स्‍वीकृत किये गये जिसकी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-स अनुसार है। शाजापुर जिले में 755 प्‍याज भण्‍डार गृह स्‍वीकृत किये गये हैं। (ग) विभाग में संचालित योजना में 25 एवं 50 मीट्रिक टन क्षमता के प्‍याज भण्‍डार गृह निर्माण का प्रावधान है। कृषकों द्वारा योजना के प्रावधान अनुसार ऑनलाईन आवेदन करने पर प्रथम आओ प्रथम पाओ के आधार पर स्‍वीकृत जारी कर अनुमोदित डिजाइन अनुसार प्‍याज भण्‍डार गृह निर्माण कराये जाने का प्रावधान है। वर्ष             2018-19 हेतु जिलेवार लक्ष्‍यों का निर्धारण अभी नहीं किया गया है। (घ) उत्‍तरांश (ख) अनुसार ऑनलाईन आवेदन करने पर पात्र आवेदन की स्‍वीकृति का प्रावधान है। योजना में जिलों को न्‍यूनतम लक्ष्‍य आवंटित किया जाता है तथा शेष लक्ष्‍य राज्‍य स्‍तर पर पूल के रूप में रखा जाता है जो जिला न्‍यूनतम लक्ष्‍य प्राप्‍त कर लें, वह मांग अनुसार पूल से लक्ष्‍य स्‍वत: ले सकता है। अत: किसी जिला विशेष के लिये अतिरिक्‍त लक्ष्‍य के प्रावधान की पृथक से आवश्‍यकता नहीं है।

अध्यापक संवर्ग के निकाय/जिले के अन्दर स्थानान्तरण

[स्कूल शिक्षा]

36. ( क्र. 4430 ) श्री मुरलीधर पाटीदार : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या स्कूल शिक्षा विभाग के परिपत्र दिनांक 28.06.2008 के द्वारा अध्यापक संवर्ग हेतु 25 जुलाई 2008 तक स्वैच्छिक स्थानांतरण के निर्देश जारी किये गये थे? यदि हाँ, तो इस निर्देश के परिपालन में शाजापुर एवं आगर मालवा जिले में कितने अध्‍यापक संवर्ग के कर्मचारी लाभान्वित हुए जानकारी दे? (ख) क्या वर्तमान में अध्यापक संवर्ग हेतु अंतर्निकाय संविलियन नीति जारी की गई हैं, जिसमें नगरीय निकाय से जिले के अन्दर ही ग्रामीण क्षेत्र में एवं एक जिले से दूसरे जिले में स्थानान्तरण का प्रावधान, कुछ बन्धनों के साथ, किया गया हैं? यदि हाँ, तो क्या इस नीति से स्थानान्तरण चाहने वाले सभी कर्मचारी लाभान्वित होगें? यदि नहीं, तो क्या प्रश्नांश (क) में उल्लेखित स्वैच्छिक स्थानान्तरण नीति पुनः जारी की जावेगी? (ग) माननीय मुख्यमंत्रीजी की घोषणा अनुसार अध्यापक संवर्ग का शिक्षा विभाग में संविलियन के आदेश कब तक जारी होने की संभावना है? आदेश जारी होने उपरांत शिक्षक संवर्ग एवं अध्यापक संवर्ग की एक समान स्थानान्तरण नीति होगी या पृथक से स्थानान्तरण नीति जारी की जावेगी? (घ) प्रश्नांश (ग) में उल्लेखित कार्यवाही नहीं होने तक क्या स्वप्रेरणा से छात्र एवं शिक्षक हित में प्रश्नांश (क) में उल्लेखित स्वैच्छिक स्थानान्तरण नीति पुनः प्रारम्भ की जावेगी एवं अंतर्निकाय संविलियन नीति बंधनमुक्त की जावेगी?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जी हाँ। शिक्षा जिला शाजापुर में (वर्तमान आगर मालवा सहित) 197 अध्यापकों को स्वैच्छिक स्थानांतरण का लाभ प्राप्त हुआ है। (ख) वर्तमान में अध्‍यापक संवर्ग हेतु अंतर्निकाय संविलियन नीति जारी की गई है न कि स्‍थानांत‍रण की। केवल नीति के प्रावधान अनुसार पात्र पाये जाने एवं रिक्तियों के उपलब्‍ध होने पर ही लाभ प्राप्त होगा। वर्तमान में निकाय के भीतर स्वैच्छिक स्थानान्तरण की नीति नहीं है। अतः शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) अध्यापक संवर्ग की सेवाओं को शिक्षा विभाग, जनजातीय कार्य विभाग के अधीनस्थ करने के संबंध में समुचित प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। अतः शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) जी नहीं। जी नहीं।

पी.आई.यू. के माध्यम से निर्माण कार्यों

[लोक निर्माण]

37. ( क्र. 4431 ) श्री मुरलीधर पाटीदार : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) आगर जिला अंतर्गत पी.आई.यू. के माध्यम से जिला गठन से लेकर वर्तमान तक            कौन-कौन से निर्माण कार्य स्वीकृत किए गए हैं? लागत, कार्यपूर्णता दिनांक आदि सहित जानकारी देवे? (ख) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित कार्यों की पूर्णता की क्या स्थिति है? इसके अलावा मरम्मत के कार्यों का भी पूर्ण विवरण देवे? (ग) क्या सुसनेर विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत शासकीय हाईस्कूल एवं हायर सेकेण्डरी विद्यालयों के शाला भवन या अतिरिक्त कक्ष स्वीकृत हुए हैं? यदि हाँ, तो इनके निविदा निकालने एवं कार्य प्रारम्भ होने की क्या स्थिति है? (घ) प्रश्नांश (ग) में उल्लेखित कार्यों के शीघ्र प्रारम्भ करने एवं पूर्ण करने हेतु विभाग की क्या कार्ययोजना हैं? क्या आगामी शैक्षणिक सत्र से पहले कार्य प्रारम्भ होने या पूर्ण होने की संभावना है?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। मरम्‍मत कार्यों की जानकारी पुस्तकालय में रखे  परिशिष्‍ट के प्रपत्र 'अ-1' अनुसार है। (ग) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (घ) जी हाँ। आगामी शैक्षणिक सत्र वर्ष  2019-20 में पूर्ण करने का लक्ष्‍य रखा गया है।

अनुविभागीय अधिकारी दतिया द्वारा अनियमितता कार्यवाही

[स्कूल शिक्षा]

38. ( क्र. 4558 ) श्री घनश्‍याम पिरोनियाँ : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या एस.डी.एम. राजस्‍व दतिया द्वारा दिनांक 04/8/16 को शासकीय माध्‍यमिक विद्यालय जौहरिया का निरीक्षण किया गया था और निरीक्षण के समय दो अध्‍यापक बिना अवकाश स्‍वीकृति के अनुपस्थित मिले थे जिस हेतु उनके द्वारा एक अध्‍यापक को बिना नोटिस दिये बिना पक्ष सुने निलंबित कराया गया जबकि दूसरे के बारे में निरीक्षण प्रतिवेदन में भी उल्‍लेख करना उचित नहीं समझा गया यदि हाँ, तो क्‍यों? (ख) क्‍या विद्यालय के प्राचार्य ने निरीक्षण के दौरान एस.डी.एम. दतिया को दोनों अध्‍यापकों के विधिवत अवकाश स्‍वीकृत कराकर जाने के दस्‍तावेजों का निरीक्षण कराया था? यदि हाँ, तो फिर केवल एक ही अध्‍यापक को ही क्‍यों निलंबित कराया और समाचार पत्रों में समाचार प्रकाशित कराया, जबकि दूसरे अध्‍यापक के ऊपर कार्यवाही क्‍यों नहीं की गयी? क्‍या यह सोची समझी योजना के तहत कार्यवाही की गई? यदि हाँ, तो इसके लिये कौन जिम्‍मेदार है? (ग) क्‍या इस सबंध में पीड़ि‍त अध्‍यापक ने कई स्‍तरों पर न्‍याय हेतु आवेदन दिये थे,उन पर अभी तक क्‍या कार्यवाही हुई? क्‍या अतारांकित प्रश्‍न क्रमांक 3534 दिनांक 08/12/17 के जबाव में अपूर्ण जानकारी जिसमे (ख) में यह असत्‍य उल्‍लेख किया कि मात्र एक ही अध्‍यापक बिना सूचना के अनाधिकृत अनुपस्थित की जानकारी देकर सदन को गुमराह करने के लिये कौन जिम्‍मेदार है?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जी नहीं। शासकीय माध्यमिक शाला जौहरिया का नहीं अपितु दिनांक 04.08.2016 को शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय जौहरिया का निरीक्षण किया गया था। एस.डी.एम. राजस्व दतिया द्वारा किये गये आकस्मिक निरीक्षण के दौरान श्री वेद प्रकाश यादव अध्यापक को बिना सूचना के अनुपस्थित पाये जाने पर प्रतिवेदन के आधार पर निलंबित किया गया था। अतः शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) कलेक्टर दतिया को प्रकरण की जाँच कराकर तथ्यात्मक स्थिति से अवगत कराने हेतु पत्र लिख गया है। समाचार पत्र में खबर के प्रकाशन बाबत् कोई विज्ञप्ति जारी नहीं की गई। जाँच उपरांत गुण-दोष के आधार पर कार्यवाही की जावेगी। अतः शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) श्री वेदप्रकाश यादव अध्‍यापक के निलंबन से बहाल करने हेतु आवेदन जिला शिक्षा अधिकारी को प्राप्‍त होने पर संबंधित अध्‍यापक का जिला शिक्षा अधिकारी के आदेश दिनांक 22-08-2016 द्वारा निलंबन से बहाल कर दिया गया है। अतः शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

नगर पंधाना की उत्‍कृष्‍ट विद्यालय के नवीन भवन का आवंटन

[स्कूल शिक्षा]

39. ( क्र. 4623 ) श्रीमती योगिता नवलसिंग बोरकर : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता के विधानसभा क्षेत्र पंधाना के नगर पंधाना को उत्‍कृष्‍ट विद्यालय के नवीन भवन हेतु विगत 16 माह पूर्व ही राशि स्‍वीकृत हो चुकी है तथा जिसका लोक निर्माण विभाग द्वारा नक्‍शा बनकर तैयार भी किया जा चुका है, लेकिन आज दिनांक तक भवन की आवंटन राशि अप्राप्‍त क्‍यों हैं? (ख) आवंटन क्‍यों नहीं जारी किया जा रहा है? जबकि‍ भवन पूरी तरह जीर्ण-शीर्ण होकर आये दिन छत के कवेलू एवं लकड़ि‍यां गिरती रहती हैं, जिससे छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकों के चोटिल होने का भय बना रहता है? (ग) क्‍या भवन का आवंटन जारी किया जायेगा या नहीं यदि किया जायेगा तो कब तक? यदि नहीं, किया जायेगा तो क्‍यों?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जी नहीं। कार्य की स्वीकृति विभाग द्वारा जारी नहीं की गई है। अतः शेषांश उद्भूत नहीं होता है। (ख) प्रश्नांश (क) के उत्तर में प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता। प्रश्नाधीन विद्यालय में 561 विद्यार्थी अध्ययनरत है। राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान से निर्मित 06 कक्ष तथा पुराने भवन के अच्छी स्थिति के 13 कक्षों में इस प्रकार 19 कक्षों में विद्यालय का संचालन किया जा रहा है। अतः शेषांश उद्भूत नहीं होता। (ग) विद्यार्थी संख्या तथा उपलब्ध कक्षों के मान से नवीन भवन की आवश्यकता प्रतीत नहीं होती। शेषांश उद्भूत नहीं होता।

सार्वजनिक वितरण प्रणाली की दुकानों का संचालन

[सहकारिता]

40. ( क्र. 4783 ) डॉ. गोविन्द सिंह : क्या राज्‍यमंत्री, सहकारिता महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि   (क) वर्तमान में भिण्‍ड जिले की लहार, मिहोना, रौन तहसील के कौन-कौन से ग्रामों में किन-किन सहकारी उपभोक्‍ता भण्‍डारों को सार्वजनिक वितरण प्रणाली की दुकानें आवंटित की गई हैं? ग्रामीण क्षेत्र में सार्वजनिक वितरण प्रणाली की दुकानें चलाने वाले उपभोक्‍ता भण्‍डार ग्रामीण महिला उद्योग कल्‍याण संस्‍था रौन एवं आजी मां उपभोक्‍ता भण्‍डार कब-कब से मध्‍यप्रदेश राज्‍य सहकारी उपभोक्‍ता भण्‍डार से संबंद्ध है? संबंद्धता का दिनांक बतायें? (ख) उपरोक्‍त तहसीलों के ग्रामीण क्षेत्र में सार्वजनिक वितरण प्रणाली की दुकानें चलाने वाले भण्‍डारों का पंजीयन क्रमांक, सदस्‍य संख्‍या, पदाधिकारियों के नाम एवं पता, कार्यशील पूंजी, भण्‍डारों के निर्वाचन की दिनांक तथा भण्‍डारों के आडिट का अंतिम वर्ष एवं भण्‍डारों के उद्देश्‍यों का विवरण दें। (ग) उपरोक्‍त तहसीलों के अंतर्गत कौन-कौन सी प्राथमिक कृषि सहकारी संस्‍था कार्यक्षेत्र के बाहर सार्वजनिक वितरण प्रणाली की दुकानें संचालित कर रही हैं? (घ) क्‍या भिण्‍ड जिले में पंजीकृत उपभोक्‍ता भण्‍डार उद्देश्‍यों के विपरीत अपने कार्यक्षेत्र से बाहर जाकर सार्वजनिक वितरण प्रणाली की दुकानें संचालित कर रहे हैं? यदि नहीं, तो क्‍या इसकी जाँच कराकर संबंधितों के खिलाफ कार्यवाही की जायेगी? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्‍यों?

राज्‍यमंत्री, सहकारिता ( श्री विश्वास सारंग ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

धार जिले में स्‍कूलों के कार्य संबंधी 

[स्कूल शिक्षा]

41. ( क्र. 4828 ) श्री सुरेन्‍द्र सिंह बघेल : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दिनांक 01.01.14 से दिनांक 31.01.17 तक धार जिले में कितने स्‍कूलों में कितने निर्माण कार्य स्वीकृत किए गए? कार्य का नाम, लागत, कार्य पूर्ण/अपूर्ण सहित वर्षवार, विधानसभावार जानकारी देवें। (ख) अपूर्ण कार्यों में कितनी राशि व्‍यय की जा चुकी है? (ग) ये कार्य कब तक पूर्ण होंगे। (घ) क्‍या किसी निर्माण कार्य में टी.डी.एस. न काटे जाने की शिकायत प्राप्‍त हुई है? यदि हाँ, तो क्‍या कार्यवाही की गई है?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार। (ख) अपूर्ण कार्यों की व्यय राशि की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' में समाहित है। (ग) उत्तरांश '' में दर्शित प्राथमिक/माध्यमिक शालाओं से संबंधित अपूर्ण कार्यों को पूर्ण करने की संभावित तिथि पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' में समाहित है। हाई व हायर सेकेण्डरी शालाओं के निर्माण की संभावित तिथि  पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र  '' अनुसार। समग्र निर्माण कार्यों की पूर्णता की निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।                (घ) कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है, अतः शेषांश प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

हाई स्कूलों के उन्नयन

[स्कूल शिक्षा]

42. ( क्र. 4870 ) श्री आशीष गोविंद शर्मा : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या स्कूल शिक्षा विभाग के पास हाई स्कूल को हायर सेकेण्डरी में उन्नयन करने के प्रस्ताव लंबित हैं? (ख) खातेगांव विधानसभा क्षेत्र के कितने स्कूल का उन्नयन होना है? ग्रामवार स्कूलवार जानकारी देवें। (ग) क्या खातेगांव विधानसभा के हाईस्कूल कांजीपुरा, बुराडा, संदलपुर के हाईस्कूल के उन्नयन के प्रस्ताव सम्मलित है यदि नहीं, तो क्यों? कब तक कार्यवाही कर उन्‍नयन कर दिया जावेगा?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) से (ग) वर्ष 2017-18 में शालाओं के उन्‍नयन की कार्यवाही प्रक्रि‍याधीन है। शालाओं का उन्‍नयन बजट की उपलब्‍धता एवं नि‍र्धारि‍त मापदंडों की पूर्ति पर निर्भर करेगा। निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

जिला स्तरीय कृषि महोत्सव कार्यक्रम में प्रोटोकॉल का उल्लंघन

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

43. ( क्र. 4958 ) श्रीमती झूमा सोलंकी : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या खरगोन जिले के अन्तर्गत दिनांक 12 फरवरी को आयोजित कृषि महोत्सव कार्यक्रम के दौरान उपसंचालक किसान कल्याण तथा कृषि विकासखण्‍ड विभाग जिला खरगोन एवं सचिव कृषि उपज मण्डी समिति खरगोन द्वारा वितरित आमंत्रण पत्र में विधायकों का स्थान वारंट ऑफ प्रेसिडेन्स के आधार पर पद की गरिमा के अनुकूल है? हाँ तो क्या उक्त कार्यक्रम में एक निर्वाचित सांसद सदस्य के प्रतिनिधी की अध्यक्षता कराकर आमंत्रण कार्ड में ऊपर स्थान देना एवं विधायकों को विशेष अतिथि बनाकर नीचे स्थान देना, विधायकों की पद एवं गरिमा के अनुकूल है। हाँ तो कैसे? इस सम्बंध में शासन द्वारा जारी निर्देश कि प्रति उपलब्ध करावें। और नहीं तो क्या उपरोक्त कार्यक्रम में जानबूझकर विधायकों की पद एवं गरिमा की चिंता न करते हुए कार्यक्रम के आयोजक उपसंचालक किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग जिला खरगोन एवं सचिव कृषि उपज मण्डी समिति खरगोन द्वारा इस प्रकार का आयोजन किया गया है। (ख) इन पर प्रोटोकॉल के उल्‍लंघन एवं अपने पदीय कर्तव्यों के निर्वाहन में गंभीर लापरवाही बरतने पर कोई कार्यवाही प्रस्तावित की जावेगी? जिससे भविष्य में इस प्रकार कि पुनरावृत्ति न हो?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) खरगोन जिले के अन्‍तर्गत 12 फरवरी 2018 को आयोजित कृषि महोत्‍सव कार्यक्रम के दौरान उप संचालक किसान कल्‍याण तथा कृषि विकास एवं सचिव कृषि उपज मण्‍डी समिति खरगोन द्वारा वितरित आमंत्रण पत्र में मान. विधायकगणों का स्‍थान पद के गरिमा के अनुकूल है। जिला स्‍तरीय कृषि महोत्‍सव कार्यक्रम के आमंत्रण पत्र में मुख्‍य अथिति मान. श्री बालकृष्‍णजी पाटीदार श्रम मंत्री (स्‍वतंत्र प्रभार) एवं राज्‍य मंत्री किसान कल्‍याण तथा कृषि विकास विभाग म.प्र.शासन थे तथा अध्‍यक्षता मान. श्री नन्‍दकुमार सिंह चौहान सांसद लोकसभा क्षेत्र खरगोन, खण्‍डवा थे तथा विशेष अतिथि माननीय विधायकगण, मान. जिला पंचायत अध्‍यक्ष मण्‍डी अध्‍यक्ष थे। कार्यक्रम में अतिथिगण किसी कारणवश नहीं आ सकें। ऐसी स्थिति में मुख्‍य अतिथि श्री एडिया जी पटेल अध्‍यक्ष कृषि उपज मण्‍डी स‍मिति खरगोन तथा अध्‍यक्षता श्रीमती नंदा ब्राहम्‍णें सांसद प्रतिनिधि से कराई गई थी। कार्यक्रम के तीन दिवस पूर्व दिनांक 10.02.2018 को प्रिंटिग प्रेस की त्रुटी के कारण आंमत्रण पत्र में प्रोटोकॉल का पालन नहीं हो पाया था। किन्‍तु  जैसे ही पता चला उसी दिन दिनांक 10.02.2018 को ही आमंत्रण पत्र को निरस्‍त करते हुए नवीन आमंत्रण पत्र जारी कर अतिथियों को वितरण कर पूर्णरूप से प्रोटोकॉल का पालन किया गया है। जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) प्रोटोकॉल का पालन किया गया है। शेष का प्रश्‍न नहीं उठता।

परिशिष्ट - ''अठारह''

स्‍थापना शाखा के अधिकारी एवं कर्मचारियों का स्‍थानांतरण

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

44. ( क्र. 5027 ) श्री राम लल्लू वैश्य : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या मध्‍यप्रदेश शासन द्वारा आदेश जारी किये गये हैं कि स्‍थापना शाखा, सी.आर. शाखा एवं विभागीय जाँच शाखा में तीन वर्षों से अधिक समय से कार्यरत अधिकारियों एवं कर्मचारियों को अन्‍यत्र स्‍थानांतरित किया जायेगा? यदि हाँ, तो संचालनालय किसान कल्‍याण तथा कृषि विकास विभाग, विंध्‍याचल भवन की स्‍थापना सी.आर., विभागीय जाँच शाखा में कौन-कौन कितने समय पदस्‍थ है? नाम, पदनाम बतावें। (ख) क्‍या मा. विधायक श्री नारायण त्रिपाठी एवं प्रश्‍नकर्ता द्वारा स्‍थापना शाखा, विभागीय जाँच शाखा एवं सी.आर.शाखा से तीन वर्षों से अधिक समय से पदस्‍थ अधिकारियों एवं कर्मचारियों को अन्‍यत्र शाखा में स्‍थानांतरण करने हेतु विगत समय लिखा गया था? यदि हाँ, तो उस पर क्‍या कार्यवाही की गई? की गई कार्यवाही की प्रति देवें? यदि कार्यवाही नहीं हुई तो कारण बतावें। क्‍या दोषी अधिकारियों के विरूद्ध कार्यवाही की जावेगी? यदि नहीं, तो क्‍यों? (ग) विगत तीन वर्षों से अधिक समय से स्‍थापना शाखा, सी.आर.शाखा एवं विभागीय जाँच शाखा में कार्यरत कर्मचारियों एवं अधिकारियों को कब तक अन्‍य शाखाओं में स्‍थानांतरण कर दिया जावेगा?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) स्थानांतरण नीति वर्ष 2017-18 के कण्डिका 8.22 अनुसार ''क्रय/स्टोर/स्थापना शाखा में कार्यरत अधिकारियों/कर्मचारियों को समान्यतः 3 वर्ष की अवधि पूर्ण होने पर अन्य शाखा में/अन्य स्थान पर पदस्थ किया जाए। जो अधिकारी/कर्मचारी वित्तीय अनियमितताओं एवं शासकीय धन के दुरूपयोग/गबन आदि के प्रकरणों में प्रथम दृष्टया दोषी पाये जाएं, उन्हें ऐसे पदों से हटाये जाने के निर्देश है। नियमानुसार कार्यवाही की जाती है, शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) माननीय विधायक श्री नारायण त्रिपाठी एवं माननीय प्रश्नकर्ता द्वारा इस विषय में पत्र माननीय मुख्यमंत्री म.प्र. शासन को संबोधित है विभाग को प्राप्त हुआ जिसकी  जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार हैअतः शेष प्रश्न ही नहीं उठता। (ग) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित स्थानांनतरण नीति अनुसार 3 वर्ष की अवधि पूर्ण होने पर सामान्यतः अन्य शाखा में पदस्थ किये जाने के निर्देश है। आवश्यकता एवं परिस्थिति अनुसार स्थानांतरण नीति के अंर्तगत दिये निर्देशों का पालन किया जाता है। अतः शेष का प्रश्न नहीं उठता है।

परिशिष्ट - ''उन्नीस''

अनुदान प्राप्‍त संस्‍कृत विद्यालयों के कर्मचारियों/अधिकारियों का वेतन

[स्कूल शिक्षा]

45. ( क्र. 5029 ) चौधरी चन्‍द्रभान सिंह : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या स्‍कूल शिक्षा विभाग द्वारा संस्‍कृत शिक्षा को बढ़ावा देने हेतु जबलपुर एवं रीवा संभाग में  अनुदान प्राप्‍त संस्‍कृत विद्यालय संचालित है? यदि हाँ, तो उनकी सूची प्रदान करें।                      (ख) क्‍या जबलपुर एवं रीवा संभाग के अनुदान प्राप्‍त संस्‍थाओं के अधिकारियों/कर्मचरियों के वेतन/अन्‍य भत्‍तों का पूर्ण भुगतान नहीं किया गया है? यदि हाँ, तो क्‍यों? शेष भुगतान कब तक कर दिया जावेगा? (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के संदर्भ में जबलपुर एवं रीवा संभाग में संचालित अनुदान प्राप्‍त संस्‍कृत विद्यालयों के कर्मचारियों/अधिकारियों के वेतन/अन्‍य भत्‍तों की आज दिनांक तक कितनी राशि लंबित है एवं उसका भुगतान कब तक कर दिया जावेगा।

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जी हाँ। अनुदान प्राप्त अशासकीय संस्कृत विद्यालयों की सूची संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार(ख) वेतन/अन्य भत्तों का पूर्ण भुगतान कर दिया गया है। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) उत्तरांश '''' के प्रकाश में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''बीस''

सीवर लाईन आदि विकास कार्य नहीं कराये जाना

[सहकारिता]

46. ( क्र. 5058 ) श्री हेमन्‍त सत्‍यदेव कटारे : क्या राज्‍यमंत्री, सहकारिता महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या लावण्‍य गुरूकुल गृह निर्माण सहकारी समिति मर्यादित के अनामिका नगर (शाहपुरा) भोपाल में क्षतिग्रस्‍त सीवर लाईन की मरम्‍मत कराने व अन्‍य विकास कार्य कराने संबंधी शिकायत रहवासियों द्वारा उपायुक्‍त सहकारिता, भोपाल सहित समिति को की गई है? यदि हाँ, तो उस पर क्‍या कार्यवाही हुई सीवर लाईन की मरम्‍मत कार्य के लिये कौन उत्‍तरदायी है? (ख) क्‍या समिति द्वारा विकसित अनामिका नगर (शाहपुरा) की क्षतिग्रस्‍त सीवर लाईन की गंदगी से क्षेत्र में भारी गंदगी का साम्राज्‍य है? यदि हाँ, तो क्षतिग्रस्‍त सीवर लाईन को कब तक ठीक करा दिया जावेगा? (ग) क्‍या समिति द्वारा विकसित उक्‍त सोसायटी को नगर निगम को नहीं सौंपने से रहवासियों को नल कनेक्‍शन व साफ-सफाई की सुविधा नहीं मिल रही है? य‍ह समिति को नगर निगम कब सौंप दी जायेगी?

राज्‍यमंत्री, सहकारिता ( श्री विश्वास सारंग ) : (क) जी हाँ। संस्‍था में निर्वाचित संचालक मण्‍डल होने से कार्यवाही हेतु शिकायत संस्था के अध्‍यक्ष को प्रेषित की गई। संस्‍था अध्‍यक्ष द्वारा अवगत कराया गया है कि क्षतिग्रस्‍त सीवर लाईन की मरम्‍मत का कार्य, संस्‍था के सदस्‍यों से प्राप्‍त होने वाले मासिक रख-रखाव शुल्क से किया जाना है, मासिक रख-रखाव शुल्‍क संस्‍था के सदस्‍यों द्वारा नहीं दिया जा रहा है। (ख) उत्तरांश '''' अनुसार। (ग) नगर निगम भोपाल द्वारा नल कनेक्‍शन प्रदान किये गये है। संस्‍था को नगर निगम में हस्तांतरित नहीं किया गया है। संस्‍था द्वारा हस्‍तांतरण हेतु नगर निगम की शर्तों एवं निर्धारित शुल्‍क के अदायगी उपरान्‍त ही कार्यवाही की जा सकेगी। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

स्‍कूल शिक्षा विभाग के सभी स्‍तर के विद्यालयों में शौचालय एवं पेयजल व्‍यवस्‍था

[स्कूल शिक्षा]

47. ( क्र. 5060 ) श्री हेमन्‍त सत्‍यदेव कटारे : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भिण्‍ड जिले में अंतर्गत स्‍कूल शिक्षा विभाग के सभी स्‍तर के कुल कितने उच्‍चतर माध्‍यमिक, माध्‍यमिक, प्राथमिक बालक एवं कन्‍या विद्यालय स्‍थापित एवं कार्यशील हैं? विधानसभा क्षेत्रवार जानकारी दी जायें? (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में सभी स्‍तर के स्‍थापित विद्यालयों में विद्यार्थियों के लिये शौचालय एवं पेयजल की क्‍या व्‍यवस्‍था है? ऐसे कितने विद्यालय हैं जिनमें इन सुविधाओं का अभाव है अथवा उपयोग की स्थिति में नहीं है? विधानसभा क्षेत्रवार जानकारी दी जायें। (ग) अटेर विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र अंतर्गत सभी स्‍तर के विद्यालयों में पेयजल व्‍यवस्‍था, शौचालय की व्‍यवस्‍था एवं विद्युत कनेक्‍शन की व्‍यवस्‍था की गई है