मध्यप्रदेश विधान सभा


प्रश्नोत्तर-सूची
फरवरी-मार्च, 2018 सत्र


मंगलवार, दिनांक 27 फरवरी, 2018


भाग-1
तारांकित प्रश्नोत्तर


Top of Form


प्रतिनियुक्ति पर पदस्‍थ कर्मचारी

[स्कूल शिक्षा]

1. ( *क्र. 204 ) श्री दिनेश राय (मुनमुन) : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सिवनी जिले में सर्वशिक्षा अभियान अंतर्गत कर्मचारियों को प्रतिनियुक्ति पर रखने के क्‍या नियम हैं व कितनी अवधि के लिये प्रतिनियुक्ति पर रखा जाता है? नियम की प्रति उपलब्‍ध करावें। (ख) सिवनी जिले में बी.आर.सी., बी..सी., .पी.सी., बी.जी.सी., सी..सी. के पदों पर सर्वशिक्षा अभियान में कितने कर्मचारियों को प्रतिनियुक्ति पर कितनी अवधि में रखा हुआ है? कर्मचारी का नाम, प्रतिनियुक्ति पर पदस्‍थी का दिनांक, ब्‍लॉक का नाम, पद सहित पूर्ण जानकारी दें? (ग) प्रश्‍नांश (क) की उपलब्‍ध जानकारी अनुसार जिन पदों पर प्रतिनियुक्ति पूर्ण हो चुकी है? क्‍या ऐसे कर्मचारियों को उनके मूल पद पर पदस्‍थी कर दी गई है? नहीं तो क्‍यों? कारण सहित जानकारी दें। (घ) प्रश्‍नांश () एवं () की उपलब्‍ध जानकारी अनुसार प्रतिनियुक्ति पर अवधि से अधिक बने रहने के लिये कितने कर्मचारियों द्वारा माननीय न्‍यायालय से स्‍थगन आदेश लिया गया है? नाम, पद नाम सहित सूची उलपब्‍ध करावें, जिन कर्मचारियों ने माननीय न्‍यायालय से स्‍थगन नहीं लिया है और शेष कर्मचारियों को कब तक उनके मूल पद पर भेजा जायेगा? (ड.) प्रतिनियुक्ति अवधि पूर्ण होने के बाद भी अभी तक कर्मचारियों को क्‍यों नहीं हटाया गया है? इसके लिये जिम्‍मेदार अधिकारी के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की जावेगी?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) सर्वशिक्षा अभियान मिशन अंतर्गत जिलों में प्रतिनियुक्ति पर रखने के निर्देश पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। सामान्‍य प्रशासन विभाग के पत्र क्रमांक सी-18/94/3/1, दिनांक 12.12.1994 में प्रतिनियुक्ति अवधि सामान्‍यत: चार वर्ष है। इससे अधिक अवधि तक रखा जाना आवश्‍यक हो तो दोनों विभागों की आपसी सहमति से अवधि बढ़ाई जा सकती है। नियम की प्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) सिवनी जिलें में 05 बी.आर.सी.सी., 19 बी.ए.सी. 04 ए.पी.सी. एवं 73 सी.ए.सी. प्रतिनियुक्ति पर पदस्‍थ हैं, शेषांश की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ग) 68 कर्मचारियों की प्रतिनियुक्ति अवधि पूर्ण हो जाने से उन्‍हें मूल पद पर पदस्‍थ कर दिया गया। इनमें से 17 कर्मचारियों ने 04 वर्ष की अवधि पूर्ण होने के पश्‍चात् नवीन प्रतिनियुक्ति हेतु की जा रही काउंसलिंग में शामिल किये जाने हेतु माननीय न्‍यायालय में डब्‍ल्‍यू.पी. क्रमांक 2222/16, डब्‍ल्‍यू.पी. क्रमांक 8409/16 एवं डब्‍ल्‍यू.पी. क्रमांक 6949/16 याचिका दायर की गई थी, माननीय न्‍यायालय द्वारा आदेश दिनांक 09.12.2016 में निर्देश दिये गये कि जिनकी प्रतिनियुक्ति पूर्ण हो चुकी है, उन्‍हें भी काउंसलिंग में सम्मिलित किया जाए। माननीय न्‍यायालय के उक्‍त पारित आदेश के विरूद्ध इन प्रकरणों पर रिट अपील क्रमांक 719, 720 एवं 717 दायर की गई। माननीय न्‍यायालय द्वारा प्रकरण क्रमांक 719 एवं 717 में दिनांक 23.10.2017 को रिट अपील खारिज कर दी गई है। सर्वशिक्षा अभियान मिशन की गतिविधियों का संचालन सुचारू रूप से हो सके एवं कर्मचारियों की कमी को देखते हुये 34 बी.ए.सी./जनशिक्षक तथा 05 बी.आर.सी.सी. एवं 04 ए.पी.सी की जिला स्‍तरीय नियुक्‍ति समिति के निर्णयानुसार संबंधितों की सेवायें मूल विभाग वापिस नहीं की गई है। (घ) निरंक। उत्‍तरांश () के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ड.) उत्‍तरांश () के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

फसल बीमा राशि का भुगतान

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

2. ( *क्र. 628 ) श्री संजय उइके : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) फसल बीमा योजना के प्रारम्‍भ दिनांक से प्रश्‍न दिनांक तक कितनी-कितनी बीमे की राशि कृषकों से वसूली गई, कितनी-कितनी राशि  प्रीमियम के रूप में जमा कराई गई एवं किस-किस बीमा कंपनी द्वारा कितनी-कितनी राशि का बीमा किया गया? (ख) प्रदेश के किन-किन जिलों में फसल नुकसानी का कृषकों को कितनी-कितनी राशि का बीमा भुगतान किया गया ? (ग) बालाघाट जिले की बैहर विधानसभा क्षेत्र की तहसीलों के कितने कृषकों को कितनी-कितनी राशि का किस-किस वर्ष का फसल नुकसान का कितना-कितना भुगतान किया गया?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र 1 अनुसार है। (ख) खरीफ 2016 में कृषकों को भुगतान राशि की जिलेवार जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र 2 अनुसार है। (ग) खरीफ 2016 मौसम में बालाघाट जिले की बैहर विधानसभा क्षेत्र                      (बैहर एवं बिरसा तहसील) में फसल कटाई प्रयोग के आधार पर किसी भी अधिसूचित क्षेत्र की अधिसूचित फसल हेतु उपज में कोई कमी नहीं पायी गयी थी, अतः कोई भी क्षतिपूर्ति राशि देय नहीं थी। तथापि उक्त मौसम में उक्त विधानसभा क्षेत्र में हानि मूल्‍यांकन समिति द्वारा किए गए सर्वे के आधार पर तथा योजनानुसार जो सूचनाएँ क्षतिपूर्ति आंकलन हेतु योग्य पायी गयी थी, उसके आधार पर बिरसा तहसील के 1 कृषक हेतु क्षतिपूर्ति राशि रु. 5151/- का भुगतान प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के व्यक्तिगत क्षतिपूर्ति के प्रावधानों अनुसार किया गया है। रबी 2016-17 मौसम की जानकारी संकलित की जा रही है।

परिशिष्ट - ''एक''

 

 

जौरा विधान सभा क्षेत्र अंतर्गत विद्यालयों का उन्‍नयन

[स्कूल शिक्षा]

3. ( *क्र. 737 ) श्री सूबेदार सिंह रजौधा : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या जौरा विधान सभा क्षेत्र के ग्राम देवकच्‍छ में माननीय मुख्‍यमंत्री जी द्वारा प्राथमिक विद्यालय खोलने की घोषणा की गई थी? यदि हाँ, तो घोषणा का क्रियान्‍वयन कर विद्यालय कब तक खोला जा सकेगा? (ख) ग्राम देवकच्‍छ लगभग 2000 की जनसंख्‍या का राजस्‍व ग्राम है, जो विद्यालयविहीन है। यहां पर विद्यालय खोलने हेतु अब तक क्‍या-क्‍या कार्यवाहियां संपादित की गई हैं और विद्यालय खोलने में कौन-कौन सी परेशानियां आ रही हैं? (ग) माननीय मुख्‍यमंत्री जी की घोषणा के पालन में विद्यालय खोलने में आ रही परेशानियों को विभाग विशेष प्रयासों द्वारा दूर कर विद्यालय खोल सकेगा? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्‍यों? (घ) क्‍या विधान सभा क्षेत्र जौरा के ग्राम भर्रा में माध्‍यमिक विद्यालय का उन्‍नयन कर हाई स्‍कूल किये जाने की घोषणा माननीय मुख्‍यमंत्री जी के द्वारा की गई थी? यदि हाँ, तो घोषणा के पालन में विद्यालय का उन्‍नयन कब तक किया जा सकेगा? अब तक की गई कार्यवाही से अवगत करावें।

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) एवं (ख) जी हाँ। ग्राम देवकच्छ से 400 मीटर की परिधि में शासकीय प्राथमिक शाला आदिवासी कॉलोनी देवकच्छ पूर्व से संचालित होने के कारण नवीन प्राथमिक शाला प्रारंभ करने हेतु प्रकरण विचाराधीन है। (ग) उत्तरांश (क) एवं (ख) अनुसार।  (घ) जी हाँ। विभाग के आदेश क्र./एफ 44-9/20-2/2018 दिनांक 29.01.2018 द्वारा माध्यमिक विद्यालय भर्रा जिला मुरैना का हाई स्कूल में उन्नयन आदेश जारी किया जा चुका है।

औषधि‍ उत्पादन के विकास हेतु अनुदान वितरण

[उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण]

4. ( *क्र. 561 ) श्री कालुसिंह ठाकुर : क्या राज्‍यमंत्री, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या विभाग द्वारा प्रदेश में टपक/ड्रिप सिंचाई योजना, टिशुकल्चर, फल व औषधि‍ उत्पादन के विकास एवं प्रोत्साहन हेतु कृषकों को अनुदान दिया जाता है? यदि हाँ, तो धार जिले में विगत 5 वर्षों में उपरोक्त मदों में कितना-कितना अनुदान वितरित किया गया? वर्षवार बतावें। (ख) अनुदान वितरण के क्या-क्या मापदण्ड हैं तथा विभाग द्वारा जिले में                        किन-किन योजनाओं में कितने-कितने कृषकों के प्राप्त आवेदन पत्रों में से कितने कृषकों को वर्षवार, कितने-कितने रकबे हेतु कितना-कितना अनुदान दिया गया है? विधानसभा क्षेत्रवार, वर्षवार लाभांवित कृषकों की संख्‍यात्‍मक जानकारी उपलब्ध करावें।

राज्‍यमंत्री, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण ( श्री सूर्यप्रकाश मीना ) : (क) जी हाँ। धार जिले में विगत पाँच वर्षों में प्रश्‍नाधीन मदों में वितरित अनुदान की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-2 अनुसार है।

बरगी विधानसभा क्षेत्रांतर्गत शालाओं का उन्‍नयन

[स्कूल शिक्षा]

5. ( *क्र. 302 ) श्रीमती प्रतिभा सिंह : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बरगी विधानसभा क्षेत्र के ग्राम रमखिरिया, निगरी, सुन्‍दरादेही, सूखा, दामन खमरिया मा.शालाओं को हाई स्‍कूल में उन्‍नयन एवं ग्राम-मनकेड़ी, शहजपुर, कालादेही, गंगई, डगडगा हिनोता, बरखेड़ा हाई स्‍कूलों को हा.सेकेन्‍ड्री स्‍कूलों में उन्‍नयन करने का प्रस्‍ताव अधोहस्‍ताक्षरकर्ता द्वारा शासन/विभाग को दिया गया था? (ख) यदि हाँ, तो उक्‍त शालाओं का हाई स्‍कूल एवं हा.से. स्‍कूलों में उन्‍नयन कब तक किया जावेगा, ताकि ग्रामीण क्षेत्र के छात्र-छात्राएं स्‍कूली पढ़ाई बीच में न छोड़े।

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जी हाँ। (ख) शालाओं के उन्‍नयन की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। शालाओं का उन्‍नयन बजट की उपलब्‍धता पर निर्भर करेगा।

सिविल न्‍यायालय की स्‍थापना

[विधि और विधायी कार्य]

6. ( *क्र. 795 ) श्री मुकेश नायक : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या शाहनगर जिला पन्‍ना में व्‍यवहार न्‍यायालय की स्‍थापना के संबंध में मध्‍यप्रदेश उच्‍च न्‍यायालय जबलपुर का पत्र दिनांक 29.06.2013 प्राप्‍त हुआ था? यदि हाँ, तो बतायें कि कब तक न्‍यायालय प्रारंभ कर दिया जायेगा? (ख) यदि न्‍यायालय स्‍थापित करने में कोई कठिनाईयां या असुविधाएं हैं, तो वे क्‍या-क्‍या हैं और उनकी पूर्ति किस प्रकार किस संस्‍था द्वारा अथवा किस प्राधिकारी द्वारा की जायेगी? (ग) क्‍या उपरोक्‍त न्‍यायालय प्रारंभ करने हेतु जो कठिनाईयां, असुविधाएं, बताई गई हैं, वे प्रदेश के अन्‍य कई न्‍यायालयों में हैं फिर भी न्‍यायालय जनता के हित को देखते हुए प्रारंभ किए गए हैं, और चल रहे हैं? (घ) अपर सत्र न्‍यायाधीश पवई एवं प्रभारी अधिकारी नजारत अनुभाग पवई जिला पन्‍ना के पत्र दिनांक 22.03.2017 और कार्यालय कलेक्‍टर पन्‍ना के पत्र क्रमांक 449/प्रवाचक 2014, दिनांक 08.07.2014 के अनुसार भवन की उपलब्‍धता और जो कमी है, उसकी अस्‍थायी व्‍यवस्‍था कर जनहित में न्‍यायालय क्‍यों नहीं प्रारंभ किया जा सकता है?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

भवन विहीन शालाओं का भवन निर्माण

[स्कूल शिक्षा]

7. ( *क्र. 682 ) डॉ. राजेन्‍द्र पाण्‍डेय : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या विगत कई वर्षों से जावरा एवं पिपलोदा विकासखण्‍ड अंतर्गत अनेक हाई स्कूल एवं हायर सेकेण्‍डरी स्कूल के स्वयं के भवन नहीं होकर अन्य शालाओं, अतिरिक्त कक्षों अथवा अन्य सामान्य व्यवस्थाओं के माध्यम से संचालित किये जा रहे हैं? (ख) यदि हाँ, तो उपरोक्त दोनों विकासखण्‍डों में कुल कितने हाई स्कूल व हायर सेकेण्‍डरी स्कूल भवन विहीन होकर विगत कई वर्षों से अन्य व्यवस्थाओं के माध्यम से संचालित किये जा रहे हैं तथा बढ़ती छात्र-छात्राओं की संख्या के कारण किस प्रकार की कठिनाई सामने आ रही हैं? (ग) क्या प्रश्‍नकर्ता द्वारा लगातार माननीय मंत्री जी माननीय वरिष्ठ अधिकारियों एवं प्रश्नों के माध्यम से भी इन कमियों को दूर किये जाने हेतु ध्यान आकृष्ट किया जा रहा है? (घ) यदि हाँ, तो उपरोक्त उल्लेखित जावरा विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत दोनों विकासखंडों में विगत कई वर्षों से स्वयं के भवन नहीं होने की स्थिति में संचालित हाई स्कूल एवं हायर सेकेण्‍डरी स्कूलों के स्वयं के भवनों का निर्माण किये जाने की स्वीकृति दी जाकर बजट में सम्मिलित किया जाएगा एवं शैक्षणिक गुणवत्ता की और ध्यान दिया जाएगा? यदि हाँ, तो कब तक?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जी हाँ। (ख) विधानसभा क्षेत्र जावरा एवं पिपलौदा विकासखण्‍ड में कुल 13 हाईस्‍कूल एवं 04 हायर सेकेण्‍डरी स्‍कूल भवन विहीन होकर प्राथमिक/माध्‍यमिक विद्यालयों के अतिरिक्‍त कक्षों में संचालित हैं। जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार(ग) जी हाँ। (घ) हाईस्‍कूल/हायर सेकेण्‍डरी स्‍कूलों के भवनों का निर्माण बजट उपलब्धता पर निर्भर करता है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

परिशिष्ट - ''दो''

मार्ग निर्माण में अनियमितता

[लोक निर्माण]

8. ( *क्र. 865 ) श्री बहादुर सिंह चौहान : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍न क्रमांक 874, दिनांक 27.11.2017 में निर्माणाधीन मार्ग की अद्यतन स्थिति बतावें? (ख) यह मार्ग कब तक पूर्ण होगा? (ग) इस मार्ग के गुणवत्‍ताहीन होने एवं निर्धारित मापदण्‍डों का पालन न होने की जाँच शासन द्वारा कब तक कराई जाएगी?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) प्रश्‍न क्रमांक 874, दिनांक 27.11.2017 में वर्णित मार्ग महिदपुर-पानबिहार-जीवाजीनगर मार्ग का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है। (ख) मार्ग का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है। (ग) मार्ग का निर्माण निर्धारित मानकों अनुरूप ए.डी.बी. द्वारा अनुमोदित सुपरविजन क्‍वालिटी कन्‍सलटेन्‍ट की देखरेख में किया गया है। अत: जाँच का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

चिकली से गिरोता मार्ग निर्माण में विलम्ब

[लोक निर्माण]

9. ( *क्र. 679 ) श्री मुकेश पण्‍ड्या : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दिनांक 29.02.2016 को तारांकित प्रश्न क्रमांक 678 द्वारा ग्राम चिकली से गिरोता मार्ग निर्माण के संदर्भ में जानकारी चाही गई थी, आज दिनांक तक गिरोता से चिकली मार्ग का कितना कार्य हुआ है तथा कितना शेष है? शेष कार्य की क्या स्थिति है, कार्य समय-सीमा में पूर्ण हो गया या नहीं हुआ? यदि कार्य अपूर्ण है तो क्या कारण हैं? (ख) संदर्भित प्रश्‍न के खण्ड (ख) में बताया गया था कि मार्ग की चिकली तक कुल लम्बाई 7.40 कि.मी. होकर 5.50 मी. का सीमेंट क्रांक्रीट का मार्ग स्वीकृत है, उपरोक्त कार्य की क्या स्थिति है? इस मार्ग की स्वीकृति कब की है तथा अभी तक कितना कार्य पूर्ण हो चुका है तथा कितना भुगतान किया जा चुका है? यह कार्य कब तक पूर्ण किया जायेगा? (ग) गिरोता से चिकली बस स्टैण्ड जो स्टेट हाईवे 18 (उज्जैन-बड़नगर मार्ग) तक कब तक पूर्ण कर दिया जायेगा, कार्य में विलम्ब के लिये कौन-कौन जवाबदार हैं? उन पर क्या कार्यवाही की गई व विलम्ब से कार्य की लागत में कितना अधिक व्यय होगा? उसका जवाबदार कौन है?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ। 5.50 कि.मी. लंबाई में कार्य पूर्ण हो गया है। स्‍वीकृति अनुसार 1.9 कि.मी. शेष जो प्रगतिरत है। नहीं हुआ। ठेकेदार द्वारा विलंब करने के कारण। (ख) प्रश्नांश (क) के उत्‍तर के अनुसार। प्रशासकीय स्‍वीकृति दिनांक 27.03.2015 को प्राप्‍त हुई थी तथा मार्ग पर 1330.95 लाख का भुगतान किया जा चुका है। वर्तमान में समय-सीमा बताना संभव नहीं। (ग) ठेकेदार द्वारा कार्य की धीमी गति के कारण कार्य में विलंब हुआ है। विलंब के लिये ठेकेदार के चलि‍त देयकों से राशि रोकी गई है। स्‍वीकृत राशि के अंतर्गत ही कार्य पूर्ण हो जावेगा। विलंब से कार्य की लागत में कोई अतिरिक्‍त व्‍यय नहीं होगा।

रीवा जिलांतर्गत सड़क निर्माण

[लोक निर्माण]

10. ( *क्र. 119 ) श्रीमती शीला त्‍यागी : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला रीवा के उपखण्‍ड-मनगवां एवं नईगढ़ी की प्रमुख रोड गढ़ से नईगढ़ी का निर्माण व मजबूतीकरण का कार्य पिछले 10 वर्षों में किन-किन वर्षों में किस-किस संविदाकार द्वारा                        कितनी-कितनी राशि से किन शर्तों के आधार पर कराया गया था? बिन्‍दुवार जानकारी दें।                                          (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में रोड के सुगम व मजबूतीकरण हेतु प्रश्‍नकर्ता तथा अन्‍य लोगों एवं जनता द्वारा कब-कब कितनी बार मांग की गई? (ग) प्रश्‍नांश (ख) के संदर्भ में उक्‍त रोड के निर्माण में तथा मांग व शिकायत के निराकरण न करने के लिए कौन अधिकारी एवं संविदाकार दोषी हैं? (घ) प्रश्‍नांश (ग) के संदर्भ में दोषियों के खिलाफ कौन सी दण्‍डात्‍मक कार्यवाही की जावेगी तथा रोड के निर्माण का कार्य कब चालू कर दिया जावेगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) विवरण संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) इस विभाग में कोई मांग पत्र प्राप्‍त नहीं। (ग) उत्‍तरांश () के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) उत्‍तरांश (ग) अनुसार। शेष विवरण संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है।

परिशिष्ट - ''तीन''

डिंडोरी जिलांतर्गत संचालित विद्यालय  

[स्कूल शिक्षा]

11. ( *क्र. 713 ) श्री ओमकार सिंह मरकाम : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) डिंडोरी जिले में वर्ष 2012-13 से 2017-18 तक कहाँ-कहाँ प्रा.शा., मा.शा. एवं सेटेलाईट प्रा.शा. खोलने का प्रस्‍ताव भारत सरकार को भेजा था? वर्षवार जानकारी देवें। (ख) डिंडोरी जिले में सत्र 2012-13 से 2017-18 तक भारत सरकार ने कहाँ-कहाँ प्रा.शा., मा.शा. एवं सेटेलाईट प्रा.शा. खोलने की अनुमति प्रदान की? (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) अनुसार क्‍या खोले गये सभी विद्यालय संचालित हैं? अगर नहीं तो कौन-कौन से विद्यालय संचालित नहीं हैं? (घ) डिंडोरी जिले में वर्ष 2012-13 से 2017-18 तक प्रदेश सरकार ने कितने प्रा.शा. एवं मा.शा. एवं अन्‍य विद्यालयों को बंद किया है? शालावार जानकारी देवें

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) एवं (ख) डिंडोरी जिले में वर्ष 2012-13 से 2017-18 तक 05 प्राथमिक एवं 36 माध्‍यमिक शाला खोला जाना प्रस्‍तावित था। सेटेलाईट प्रा.शा. खोला जाना प्रस्‍तावित नहीं थी। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ग) नवीन प्राथमिक शाला पकरीटोला दर्ज संख्‍या कम होने के कारण एवं माध्‍यमिक शाला बिलगढ़ा डूब क्षेत्र में आने के कारण वर्तमान में संचालित नहीं है। (घ) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है।

विधानसभा क्षेत्र पनागर अंतर्गत स्‍कूलों का उन्‍नयन

[स्कूल शिक्षा]

12. ( *क्र. 231 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या विधानसभा क्षेत्र पनागर के अंतर्गत शा.मा.शा. गधेरी, शा.मा.शा. बैरागी (खैरी) एवं शासकीय हाईस्‍कूल कैलवास के उन्‍नयन हेतु निर्धारित मापदण्‍डों की पूर्ति होती है? (ख) यदि हाँ, तो क्‍या इन शालाओं का उन्‍नयन बजट प्रावधान न होने के कारण लंबित है? (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के अनुसार यदि हाँ, तो क्‍या विशेषकर छात्राओं के भविष्‍य को देखते हुये वैकल्पिक व्‍यवस्‍था करते हुये उन्‍नयन की कार्यवाही की जा सकेगी? (घ) प्रश्‍नांश (ग) के अनुसार यदि नहीं, तो क्‍या इन शालाओं की छात्राओं की शिक्षा रूक नहीं जावेगी?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) से (ग) जी नहीं। शेषांश का प्रश्‍न उपस्‍िथत नहीं होता। (घ) माध्‍यमिक शाला गधेरी एवं माध्‍यमिक शाला बैरागी (खैरी) के छात्र/छात्राएं क्रमश: उ.मा.वि. पिपरिया (उमरिया) शा. कन्‍या उ.मा.वि. पडवार में अध्‍ययन हेतु जाते हैं एवं हाईस्‍कूल कैलवास के छात्र/छात्राएं समीपस्‍थ उ.मा.वि. नरईनाला अध्‍ययन हेतु जाते हैं। शेषांश का प्रश्‍न उपस्‍िथत नहीं होता।

ग्राम प्रेमसर से मूंढला मार्ग निर्माण की स्‍वीकृति

[लोक निर्माण]

13. ( *क्र. 431 ) श्री दुर्गालाल विजय : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता के तारांकित प्रश्‍न क्रमांक 587, दिनांक 27.11.2017 के प्रश्नांश (क) एवं (ख) के उत्‍तर में जानकारी दी है, कि श्‍योपुर विधान सभा क्षेत्रान्‍तर्गत प्रेमसर मूंढला मार्ग मुख्‍य जिला मार्ग होकर यातायात के लायक नहीं होने से तथा इसके बार-बार क्षतिग्रस्‍त होने से नागरिकों को आवागमन में कठिनाइयां आती है, इसके निवारण हेतु ई.ई. लो.नि.वि. श्‍योपुर ने मार्ग के उन्‍नतीकरण हेतु 45 करोड़ रूपये का प्राक्‍कलन भी शासन को स्‍वीकृति हेतु भेज दिया है?                                                     (ख) यदि हाँ, तो उक्‍त मार्ग के उन्‍नतीकरण कार्य को विभाग में संचालित योजनाओं में इसे शामिल किये जाने में विलम्‍ब क्‍यों किया जा रहा है? (ग) क्‍या शासन क्षेत्रीय नागरिकों की आवागमन की सुविधा हेतु अब उक्‍त मार्ग के उन्‍नतीकरण कार्य को वर्ष 2018-19 के बजट में शामिल करके विभाग में संचालित एन.डी.बी. योजना अथवा अन्‍य योजनांतर्गत इसकी डी.पी.आर. को यथाशीघ्र स्‍वीकृति प्रदान करेगा? यदि नहीं, तो क्‍यों?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ। जी नहीं। (ख) उत्‍तरांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) ए.डी.बी. 6 योजना में प्रस्‍तावित है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

विधान सभा क्षेत्र केवलारी अंतर्गत सड़क निर्माण

[लोक निर्माण]

14. ( *क्र. 814 ) श्री रजनीश सिंह : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता के विधान सभा क्षेत्र केवलारी अंतर्गत विकासखण्‍ड केवलारी के ग्राम पाड़ि‍या छपारा से ऐवनारा तक लोक निर्माण विभाग की क्षतिग्रस्‍त सड़क निर्माण का कार्य विगत कई वर्षों से लंबित है, यह कार्य कब तक पूर्ण होगा? कारण स्‍पष्‍ट करें। (ख) इसी प्रकार केवलारी विधान सभा क्षेत्र में किन-किन क्षेत्रों में सड़क क्षतिग्रस्‍त हैं? विगत् 05 वर्षों में कब-कब सड़कों का निर्माण हुआ है या नहीं हुआ है? कारण स्‍पष्‍ट करें।

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) विस्‍तृत जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) म.प्र. सड़क विकास निगम अंतर्गत बरघाट-कान्‍हीवाडा मार्ग का निर्माण ए.डी.बी. फेस-5 के पैकेज-11 अंतर्गत किया जा रहा है। किये गये निर्माण कार्य की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' तथा निर्माणाधीन एवं प्रस्‍तावित कार्य की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र 'ब-1' अनुसार है।

भावांतर योजना का क्रियान्‍वयन

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

15. ( *क्र. 841 ) श्री जितू पटवारी : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भावांतर योजना के तहत अभी तक कितने किसानों को कितनी राशि का भुगतान किया गया तथा कितने किसानों को कितनी राशि का भुगतान किया जाना शेष है? (ख) भावांतर योजना के तहत संभावित भुगतान की जाने वाली राशि कितनी है तथा केन्‍द्र सरकार से इस मद हेतु कितनी राशि की मांग की गई तथा अभी तक कितनी राशि केन्‍द्र से प्राप्‍त हो चुकी है? केन्‍द्र को भेजे गये पत्र की प्रति भी देवें। (ग) भावांतर योजना के अंतर्गत अभी तक की गई भुगतान राशि किस विभाग से आहरण की गई है? वित्‍त मंत्रालय से इस संदर्भ में किये गये पत्र व्‍यवहार की प्रति उपलब्‍ध करावें तथा बतावें कि केबिनेट की बैठक में किस-किस दिनांक को भावांतर योजना के संदर्भ में क्‍या-क्‍या निर्णय लिया गया? (घ) वर्ष 2016 तथा वर्ष 2017 में प्‍याज खरीदी में कुल कितनी राशि की हानि हुई? इस राशि का समायोजन किस विभाग के किस मद से किया गया? इस हेतु केन्‍द्र सरकार से कितनी राशि की मांग की गई तथा कितनी प्राप्‍त हुई?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

दलहन फसलों की खरीदी में अनियमितता

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

16. ( *क्र. 647 ) श्री जयवर्द्धन सिंह : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में कितने जिलों में वर्ष 2016-17 और 2017-18 में कितनी राशि की तुअर एवं अन्‍य दलहनें खरीदी गई थीं? क्‍या तुअर एवं अन्‍य दलहन फसलों की खरीदी में अनियमितताएं सामने आई थी? यदि हाँ, तो विभाग ने क्‍या कार्यवाही की है? (ख) नरसिंहपुर, रायसेन, होशंगाबाद और श्‍योपुर जिलों में वर्ष 2016-17 और 2017-18 में तुअर की खरीदी में किस अधिकारी दल द्वारा जाँच की गई थी। जाँच रिपोर्ट प्रस्‍तुत कर बतायें कि जाँच रिपोर्ट पर क्‍या कार्यवाही की गई है?                              (ग) प्रश्नांश (क) अनुसार वर्षों से गड़बड़ी करने वाले मार्कफेड सहित कृषि विभाग, मण्‍डी एवं अन्‍य विभागीय कर्मचारियों पर अब तक क्‍या कार्यवाही की गई है?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) से (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

अध्‍यापकों की मांगों की पूर्ति

[स्कूल शिक्षा]

17. ( *क्र. 478 ) श्री आरिफ अकील : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या माननीय मुख्‍यमंत्री जी द्वारा दिनांक 21 जनवरी, 2018 को आंदोलनरत अध्‍यापकों की मांगों की पूर्ति किए जाने की घोषणा की है? यदि हाँ, तो क्‍या-क्‍या मांगे थीं तथा कब तक पूर्ति की जावेगी? (ख) क्‍या प्रदेश के अधिकांश स्‍कूलों में अतिथि शिक्षक मजदूरों से भी कम मानदेय पर सेवारत हैं? यदि हाँ, तो उनका वेतन नहीं बढ़ाने के क्‍या कारण हैं और कब तक बढ़ाया जावेगा? यदि नहीं, तो क्‍यों? कारण सहित बतावें (ग) क्‍या 05 वर्ष से अधिक समय से निरंतर रूप से सेवारत अतिथि शिक्षकों को नियमित किए जाने की योजना है? यदि नहीं, तो क्‍या नैसर्गिक न्‍याय को दृष्टिगत रखते हुए 05 वर्ष या उससे अधिक समय से निरंतर सेवारत महिला अतिथि शिक्षिकाओं को बिना परीक्षा के नियमित किया जावेगा? यदि हाँ, तो कब तक और यदि नहीं, तो क्‍यों? कारण सहित बतावें  

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) अध्‍यापक संवर्ग की सेवाओं को शिक्षा, जनजातीय कार्य विभाग के अधीनस्‍थ करने के संबंध में समुचित प्रस्‍ताव तैयार किया जा रहा है। निश्‍चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ख) अतिथि शिक्षकों को मानदेय का भुगतान म.प्र. शासन स्‍कूल शिक्षा विभाग के आदेश दिनांक 09.11.2016 के बिंदु क्रमांक 6 के अनुसार किया जाता है। समग्र स्‍थिति के प्रकाश में मानदेय बढ़ाने का प्रकरण विचाराधीन नहीं है। (ग) जी नहीं। सीधी भर्ती अंतर्गत संविदा शाला शिक्षकों के रिक्‍त पदों में से 25 प्रतिशत पद को अतिथि शिक्षकों के लिए आरक्षित करने का निर्णय है, जिसके संबंध में कार्यवाही प्रचलित है। पात्रता परीक्षा में अर्हता प्राप्‍त करना एवं निर्धारित शैक्षणिक एवं शिक्षण प्रशिक्षण योग्‍यता धारित करना अनिवार्य है। अत: शेषांश का प्रश्‍न उपस्‍िथत नहीं होता।

मॉडल स्कूलों में प्रदत्‍त सुविधाएं

[स्कूल शिक्षा]

18. ( *क्र. 315 ) श्री कुँवरजी कोठार : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या राजगढ़ जिले के प्रत्येक विकासखण्ड में नवीन मॉडल स्कूल निर्मित किये गये हैं एवं नवीन निर्मित मॉडल स्कूल में कक्षाएं लगाना प्रारम्भ कर दिया गया है? यदि हाँ, तो विकासखण्डवार चालू किये गये मॉडल स्कूलों से अवगत करावें (ख) क्या प्रश्नांश (क) में दर्शित नवीन मॉडल स्कूल पर बच्चों को रहने के लिए छात्रावास की सुविधा दी गयी है? यदि हाँ, तो किस-किस स्थान पर छात्रावास संचालित हैं, जिन स्थानों पर छात्रावास संचालित नहीं हैं, वहाँ पर कब से छात्रावास संचालित कराये जावेंगे? (ग) क्या राजगढ़ जिले के सारंगपुर विधानसभा क्षेत्र के नगर सारंगपुर में बनाये गये मॉडल स्कूल की बाउण्ड्रीवाल, एप्रोच रोड एवं खेल मैदान नहीं होने से विद्यार्थियों को काफी असुविधा का सामना करना पड़ता है? विद्यार्थियों को होने वाली असुविधा से बचाने के लिए क्या शासन उक्त कार्य हेतु राशि उपलब्ध कराएगा? यदि नहीं, तो क्यों नहीं?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जी हाँ। जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है।                                    (ख) जी नहीं। मॉडल स्‍कूलों में छात्रावास निर्माण बजट उपलब्‍धता पर निर्भर करेगा। अत: निश्‍िचत समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ग) बाउंड्रीवाल निर्माण बजट की उपलब्‍धता पर निर्भर करेगा। (पहुँच मार्ग) एप्रोच रोड का निर्माण स्‍कूल शिक्षा विभाग द्वारा नहीं किया जाता है। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - ''चार''

भीकनगांव विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत स्कूलों का उन्नयन

[स्कूल शिक्षा]

19. ( *क्र. 666 ) श्रीमती झूमा सोलंकी : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या भीकनगांव विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत वर्ष 2013 के पश्‍चात् हाई स्कूल का हायर सेकण्डरी स्कूल में उन्नयन तथा माध्यमिक स्कूल का हाई स्कूल में उन्‍नयन हेतु क्षेत्रीय विधायक से प्रस्ताव की मांग शासन द्वारा की गई थी? यदि हाँ, तो भीकनगांव विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत उन्नयन हेतु कौन-कौन से प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं तथा वर्तमान तक प्रस्तावों पर क्या कार्यवाही हुई है? क्या सभी प्रस्ताव स्वीकृत हो गये हैं? नहीं तो क्या कारण हैं? (ख) क्या उपरोक्त समयावधि में विधायक के प्रस्ताव के अतिरिक्त स्कूलों का उन्नयन किया गया है? यदि हाँ, तो कौन-कौन सी उन्नयन की स्वीकृति‍यां प्रदाय की गई हैं? सूची उपलब्ध करावें। विधायक द्वारा प्रदत्त स्कूल उन्नयन हेतु प्रस्तावों की स्वीकृति‍ कब तक प्रदाय की जायेगी?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) एवं (ख) शालाओं के उन्‍नयन प्रस्‍ताव जिलों से प्राप्‍त किये जाते हैं, जिनमें माननीय जन प्रतिनिधियों की मांग भी सम्‍मिलित होती है। 2013 से आज दिनांक तक भीकनगांव विधानसभा में माध्‍यमिक विद्यालय राजपुरा, पुनासला एवं मोहनखेड़ी के उन्‍नयन हाईस्‍कूल में किया गया है। वर्ष 2017-18 में शालाओं की उन्‍नयन की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। शालाओं का उन्‍नयन मापदण्‍डों की पूर्ति, बजट की उपलब्‍धता पर निर्भर करता है। निश्‍िचत् समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

किसानों को बीमा राशि का भुगतान

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

20. ( *क्र. 63 ) श्री निशंक कुमार जैन : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विदिशा जिले में वर्ष 20152016 में कितने ऋणी व अऋणी किसानों का बीमा किया गया था? तहसीलवार ऋणी व अऋणी किसानों की संख्यात्मक जानकारी देवें (ख) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित कितने किसानों को बीमा का लाभ दिया गया है, कितने किसान शेष हैं? शेष किसानों (ऋणी व अऋणी) की तहसीलवार संख्‍यात्‍मक जानकारी देवें (ग) किसानों को बीमा राशि का भुगतान नहीं होने से कितने किसानों के आवेदन पत्र/शिकायत आवेदन उप संचालक कृषि विदिशा को प्राप्त हुये हैं? इन प्राप्त आवेदनों में से कितने किसानों को वास्तविक रूप से भुगतान हो चुका है, कितने किसानों को भुगतान किया जाना शेष है, की संख्‍यात्‍मक जानकारी उपलब्ध करावें। (घ) शेष पात्र किसानों को बीमा का भुगतान कब तक कर दिया जावेगा?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र 1 अनुसार है। (ख) प्रश्‍नांश (क) में उल्‍लेखित अनुसार खरीफ 2015 मौसम में विदिशा जिले के 108096 कृषकों को 310.52 करोड़ रूपये का बीमा दावा वितरित किया गया। मौसम रबी                           2015-16 में 5143 कृषकों को 2.57 करोड़ रूपये का बीमा दावा वितरित किया गया है। मौसम खरीफ 2016 में 152815 कृषकों को 402.08 करोड़ रूपये का बीमा दावा भुगतान एग्रीकल्‍चर इन्‍श्‍योरेंस कम्‍पनी द्वारा नोडल बैंकों के माध्‍यम से फसल बीमा के लिये पात्र कृषकों को दिया गया है। शेष किसानों (ऋणी व अऋणी) की तहसीलवार संख्‍यात्‍मक जानकारी संकलित की जा रही है। (ग) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र 2 अनुसार है। (घ) राष्‍ट्रीय कृषि बीमा योजना एवं प्रधानमंत्री फसल बीमा योजनांतर्गत विदिशा जिले में खरीफ 2015, रबी 2015-16 व खरीफ 2016 मौसम हेतु क्षतिपूर्ति राशि का भुगतान पात्र कृषकों के लिए नोडल बैंकों के माध्‍यम से किया जा चुका है।

भावान्‍तर योजना हेतु बजट का प्रावधान   

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

21. ( *क्र. 883 ) श्री हर्ष यादव : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भावान्‍तर योजना क्‍या है? इस योजना के लिए कुल कितने बजट का प्रावधान रखा गया है तथा इस योजना के तहत इसमें कौन-कौन सी फसलों को लिया गया है? सागर जिले में योजना आरंभ दिनांक से देवरी विधान सभा क्षेत्र अंतर्गत तहसीलों के कुल कितने रजिस्‍ट्रेशन किसानों द्वारा कराये गये हैं? जिले की जानकारी उपलब्‍ध करावें। (ख) सागर जिले के देवरी विधान सभा क्षेत्र अंतर्गत तहसीलों में योजना आरंभ से लेकर के प्रश्‍न दिनांक तक किसानों द्वारा फसल बेचने के उपरांत उनके द्वारा बेची गई फसलों के मूल्‍य एवं समर्थन मूल्‍य के अंतर की कितनी राशि सरकार द्वारा किसानों को प्रदान की गई है? उक्‍त तहसीलों के किसानों की संख्‍या, बेची गई फसल का नाम व मात्रा, फसल का विक्रय मूल्‍य 37/1 की पर्ची के अनुसार, न्‍यूनतम समर्थन मूल्‍य से अंतर की राशि एवं भावान्‍तर योजना के तहत किसान को प्रदाय की गई राशि की जानकारी उपलब्‍ध करायें।

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) मध्‍यप्रदेश के किसानों को खरीफ 2017 के लिए चयनित कृषि उपज का मण्‍डी प्रांगण में विक्रय करने पर न्‍यूनतम समर्थन मूल्‍य तथा घोषित मॉडल (होलसेल) विक्रय दर से निर्धारित प्रक्रिया अनुसार शासन द्वारा भावांतर की राशि पंजीकृत किसान को प्रदाय करना भावांतर भुगतान योजना है। इस योजना के लिए राशि रू. 4000.00 करोड़ का बजट प्रावधान रखा गया है। खरीफ 2017 के लिए भावांतर भुगतान योजना के तहत सोयाबीन, मूंगफली, तिल, रामतिल, मक्‍का, मूंग, उड़द, तुअर को लिया गया है। खरीफ 2017 की भावांतर भुगतान योजना में सागर जिले की देवरी विधानसभा क्षेत्र में कृषि उपज मण्‍डी समिति देवरी द्वारा 43 एवं मण्‍डी समिति केसली द्वारा 33 कृषकों का पंजीयन भावांतर भुगतान योजना के अंतर्गत किया गया है एवं विभिन्‍न प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों के द्वारा 4087 कृषकों के पंजीयन किये गये हैं। सागर जिले में कुल 70654 कृषकों का पंजीयन किया गया है। (ख) सागर जिले के देवरी विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत किसानों को फसल के मूल्‍य एवं समर्थन मूल्‍य के अन्‍तर की राशि का भुगतान नहीं किया गया है, अपितु शासन द्वारा निर्धारित मॉडल दर एवं समर्थन मूल्‍य के आधार पर चयनित फसलों के मण्‍डी में विक्रय संव्‍यवहारों में योजना अंतर्गत निर्धारित प्रक्रिया एवं पात्रता अनुसार भावांतर राशि की गणना एवं भुगतान किया गया है, जिसमें देवरी विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत कृषि उपज मण्‍डी समिति देवरी में माह अक्‍टूबर 2017 में 114 कृषक एवं माह नवम्‍बर 2017 में 1452 कृषक, कुल 1566 कृषकों को भावांतर भुगतान योजना के तहत कुल रूपये 2,25,31,586/- प्रदाय किये गये हैं एवं कृषि उपज मण्‍डी समिति केसली में माह अक्‍टूबर 2017 में 11 कृषक एवं माह नवम्‍बर 2017 में 361 कृषक, कुल 372 कृषकों को भावांतर भुगतान योजना के तहत कुल रूपये 76,83,979/- प्रदाय किये गये हैं।

मुरैना जिलांतर्गत स्‍कूल भवनों का निर्माण

[स्कूल शिक्षा]

22. ( *क्र. 859 ) श्री सत्‍यपाल सिंह सिकरवार : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मुरैना जिले में वर्ष 2015, 2016 एवं 2017 में कितने हाई स्‍कूल, हायर सेकेण्‍ड्री स्‍कूलों को भवन सहित स्‍वीकृति प्रदान की गई थी? विधान सभा क्षेत्रवार जानकारी दी जावे। (ख) सुमावली विधान सभा क्षेत्र में जिन स्‍कूलों के भवन निर्माण को स्‍वीकृति प्रदान की गई थी, उसमें से                  किन-किन ग्रामों के भवन निर्मित हो चुके हैं? कितने निर्माणाधीन तथा किन स्‍कूलों के भवन निर्माण का कार्य प्रारंभ नहीं हो सका है? कार्य प्रारंभ नहीं होने के क्‍या कारण रहे, तथ्य सहित पूर्ण जानकारी दी जावे। (ग) जिन विद्यालयों का कार्य प्रारंभ नहीं हो सका है, शिक्षा विभाग के अधिकारियों द्वारा कार्य प्रारंभ कराने के क्‍या-क्‍या प्रयास किये गये? किन-किन अधिकारियों को कब-कब पत्राचार किया गया? पत्र क्रमांक, दिनांक सहित अधिकारियों के नाम सहित पूर्ण जानकारी दी जावे।

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' एवं '''' अनुसार है।

अनुदान योजनांतर्गत लाभान्वित कृषक

[उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण]

23. ( *क्र. 193 ) श्री मुरलीधर पाटीदार : क्या राज्‍यमंत्री, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वित्तीय वर्ष 2017-18 अंतर्गत विभाग अंतर्गत प्रचलित अनुदान योजनाओं में आगर एवं शाजापुर जिला अंतर्गत कितना-कितना लक्ष्य उपलब्ध था या कुल लक्ष्य में से आगर एवं शाजापुर जिला अंतर्गत कितने लक्ष्य की उपलब्धि हो पाई? योजनावार विवरण देवें (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में विधानसभा क्षेत्र सुसनेर अंतर्गत लाभान्वित कृषकों की संख्‍यात्‍मक जानकारी उपलब्‍ध करावें? (ग) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत कम्पनियों/फर्मों द्वारा कृषकों के लिये कार्य किया हो तो कम्पनीवार/फर्मवार किए गए कार्य एवं लाभान्वित कृषकों की संख्‍यात्‍मक जानकारी उपलब्ध करावें? (घ) अनुदान योजना अंतर्गत विभाग द्वारा विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत लक्ष्य पूर्ति कितने प्रतिशत है? क्या लक्ष्य पूर्ति संतोषप्रद है? यदि नहीं, तो क्या कार्यवाही की जावेगी?

राज्‍यमंत्री, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण ( श्री सूर्यप्रकाश मीना ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) कुल 05 कृषक लाभांवित हुये। (ग) जी नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (घ) विधानसभा क्षेत्रवार लक्ष्‍य आवंटित नहीं किये जाते हैं, अपितु जिलेवार आवंटित किये जाते हैं, जो संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है।

परिशिष्ट - ''पाँच''

आवना व शिवना नदी पर पुल निर्माण

[लोक निर्माण]

24. ( *क्र. 635 ) श्री कैलाश चावला : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता द्वारा विभाग अंतर्गत म.प्र. रोड डेव्‍हलपमेंट कार्पोरेशन के महाप्रबंधक/प्रबंध संचालक मुख्‍यमंत्री महोदय को मनासा विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली रेतम नदी व मल्‍हारगढ़ क्षेत्र में आने वाली आवना एवं शिवना नदी पर पुल बनाए जाने हेतु विगत दो वर्ष में कितने पत्र लिखे गए थे? (ख) उक्‍त पत्रों के प्रकाश में सर्वे कार्य किस दिनांक को विभाग द्वारा किया गया व स्‍वीकृति हेतु मुख्‍य अभियंता कार्यालय को भेजे गए थे? प्राप्‍त दिनांक के पश्‍चात् इन पुलियों का निर्माण करने हेतु क्‍या-क्‍या कार्यवाही की, इन्‍हें कब तक स्‍वीकृत कर लिया जावेगा। (ग) क्‍या पुलिया निर्माण हो जाने से मनासा तहसील से सुवासरा श्‍यामगढ़ जाने हेतु वैकल्पिक मार्ग उपलब्‍ध होगा व इस पुलिया को बनने से लगभग 40 किलोमीटर दूरी भी कम हो जावेगी? इस महत्‍वपूर्ण मार्ग को जनहित में प्राथमिकता के आधार पर कब तक स्‍वीकृति प्रदान कर दी जावेगी।

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) महाप्रबंधक/प्रबंध संचालक मुख्‍यमंत्री जी के माध्‍यम से नहीं अपितु मान. मुख्‍यमंत्री जी के माध्‍यम से एक पत्र प्राप्‍त हुआ। (ख) प्रश्नांश (क) में उल्‍लेखित पत्र के परिप्रेक्ष्‍य में आवना नदी पर पुल कार्य का सर्वे दिनांक 17.01.2017 को किया गया है। वर्तमान में प्रस्‍ताव स्‍थाई वित्‍तीय समिति से अनुमोदन उपरांत प्रशासकीय स्‍वीकृति की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। शिवना एवं रेतम नदी पर पुल निर्माण हेतु सर्वेक्षण किया जा रहा है।                                  (ग) जी हाँ, वित्‍तीय संसाधनों की उपलब्‍धतानुसार कार्यवाही की जा सकेगी, निश्चित तिथि बताना संभव नहीं है।

कार्यों का शिलान्‍यास एवं लोकार्पण

[लोक निर्माण]

25. ( *क्र. 821 ) श्रीमती शकुन्‍तला खटीक : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जनवरी 2014 से प्रश्‍न दिनांक तक लोक निर्माण विभाग खण्‍ड करैरा व नरवर जिला शिवपुरी में कितने नवीन रोड एवं भवनों के कार्य कराये गये? क्‍या सभी कार्यों के शिलान्‍यास एवं लोकार्पण कार्य हेतु क्षेत्रीय विधायक करैरा को आमंत्रित किया गया? यदि हाँ, तो आमं‍त्रण पत्र की प्रति उपलब्‍ध करावें। (ख) क्‍या उपरोक्‍त उल्‍लेखित कई कार्यक्रमों में स्‍थानीय विधायक को प्रोटोकॉल के‍ नियमों का उल्‍लंघन करते हुये नहीं बुलाया गया? यदि हाँ, तो क्‍यों? (ग) उपरोक्‍त (क) में वर्णित सभी कार्यों के शिलान्‍यास व लोकार्पण की पट्टिकाओं की फोटो सहित प्रमाणित प्रति उपलब्‍ध करावें।

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) सड़क कार्यों की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' एवं 'अ-1' अनुसार है। भवन निर्माण कार्यों की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' एवं 'ब-1' अनुसार है। आमंत्रण पत्र विभाग द्वारा न तो छपवाये गये हैं और न ही बनवाये गये हैं। अत: आमंत्रण पत्र देने का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) शिलान्‍यास एवं लोकार्पण हेतु आमंत्रण पत्र विभाग द्वारा नहीं छपवाये गये। (ग) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-1 अनुसार है।

 

 

 








भाग-2

नियम 46 (2) के अंतर्गत अतारांकित प्रश्नोत्तर के रुप में परिवर्तित तारांकित प्रश्नोत्तर


विद्यालयों का खेल कैलेंडर

[स्कूल शिक्षा]

1. ( क्र. 2 ) श्री यशपालसिंह सिसौदिया : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विद्यालयों में वार्षिक खेल कैलेंडर किस आधार पर बनाया जाता है? क्‍या सत्र 2010-11 के पश्चात इस कैलेंडर का पालन किया जा रहा है? यदि हाँ, तो ऐसी कितनी राष्ट्रीय प्रतियोगिता है जो जनवरी, फरवरी माह में आयोजित की जा रही हैं जबकि फरवरी माह से विद्यालयों की परीक्षा आयोजित की जा रही है? (ख) स्कूल शिक्षा विभाग ने कब-कब पत्र या अन्य माध्यम से केन्द्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं को (फरवरी में परीक्षा दृष्टिगत) 15 जनवरी के पूर्व में ही सम्पन्न कराये जाने हेतु राष्‍ट्रीय स्तर पर चर्चा की? पत्र की प्रतिलिपि उपलब्ध करायें। यदि नहीं, तो क्या पत्र व्यवहार किया जाएगा? (ग) क्या विभाग द्वारा शासकीय विद्यालयों के खेल मैदानों में 1 फरवरी से किसी भी खेल मैदान पर कोई भी शासकीय/अशासकीय खेल प्रतियोगिता न हो, ऐसे आदेश प्रसारित किये जायेंगे? यदि नहीं, तो क्यों? यदि हाँ, तो कब तक? (घ) गत 1 जनवरी 2014 के पश्चात उज्जैन, इंदौर संभाग में निजी खेल गतिविधियों को लेकर किन-किन संस्थाओं के पत्र पर किस-किस जिला शिक्षा अधिकारी ने कहाँ-कहाँ विद्यालयों के बच्चों एवं खेल शिक्षकों को (26 जनवरी के बाद) प्रतियोगिता में जाने की अनुमति दी? सूची उपलब्ध करायें।

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) शालेय खेल कैलेण्डर, स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इण्डिया द्वारा राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता की जारी समय सारणी के आधार पर बनाया जाता है। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है। (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

अध्‍यापकों के संबंध में की गई घोषणा का पालन

[स्कूल शिक्षा]

2. ( क्र. 3 ) डॉ. गोविन्द सिंह : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                    (क) क्‍या दिनांक 21 जनवरी 2018 को प्रदेश के माननीय मुख्‍यमंत्री जी ने भोपाल स्थित श्‍यामला हिल्‍स निवास पर प्रदेश के आंदोलनकारी अध्‍यापकों की मांगों को स्‍वीकार करते हुए घोषणाएं की थीं? (ख) यदि हाँ, तो माननीय मुख्‍यमंत्री जी ने कौन-कौन सी घोषणाएं की थीं? इन घोषणाओं में से किन-किन घोषणाओं के संबंध में शासनादेश कब-कब जारी किये गये एवं किन-किन घोषणाओं का अक्षरश: पालन प्रश्‍न दिनांक तक किन कारणों से नहीं किया जा सका है तथा शेष घोषणाओं की पूर्ति कर शासनादेश कब तक जारी कर दिये जायेंगे? (ग) क्‍या अध्‍यापक संघों द्वारा की गई मांगों में से अधिकांश जायज मांगों पर शासनादेश जारी नहीं किया जाकर वादाखिलाफी की गई है? यदि नहीं, तो ऐसे क्‍या कारण हैं कि उक्‍त सभी मांगों की पूर्ति नहीं की जा रही है?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) एवं (ख) अध्‍यापक संवर्ग की सेवाएँ शिक्षा, जनजातीय कार्य विभाग के अधीनस्‍थ करने के संबंध में समुचित प्रस्‍ताव तैयार किया जा रहा है। निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ग) जी नहीं। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

के.सी.सी. ऋण वितरण में आर्थिक अनियमितता की जाँच

[सहकारिता]

3. ( क्र. 4 ) डॉ. गोविन्द सिंह : क्या राज्‍यमंत्री, सहकारिता महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि               (क) क्‍या प्रश्‍नकर्ता द्वारा जिला केन्द्रीय सहकारी बैंक, छतरपुर में के.सी.सी. ऋण वितरण में हुये भ्रष्‍टाचार की जाँच उच्‍च स्‍तरीय एजेंसी से कराये जाने के संबंध में प्रमुख सचिव, म.प्र. शासन, सहकारिता विभाग मंत्रालय भोपाल को दिनांक 13 जनवरी 2018 को पत्र लिखा था? (ख) यदि हाँ, तो उक्‍त पत्र के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न दिनांक तक क्‍या कार्यवाही की गई? यदि नहीं, तो क्‍यों?                                    (ग) जिला सहकारी केन्‍द्रीय बैंक छतरपुर शाखा बड़ामलहरा के अंतर्गत सेवा सहकारी समिति बीरो एवं ढिकौली, घुवारा, सैंधपार, मुंगावली, भगवान रामटोरिया, सरकना में वर्ष 2017-18 में के.सी.सी. ऋण वितरण में गंभीर अनियमितताओं की शिकायत किस-किस स्‍तर पर प्राप्‍त हुई है? उन शिकायतों की जाँच किस-किस अधिकारी से कब-कब करायी गयी एवं जाँच निष्‍कर्षों के आधार पर किस-किस के विरूद्ध क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई? (घ) उपरोक्‍त प्रश्‍नांश के परिप्रेक्ष्‍य में वर्ष 2014 से अक्‍टूबर 2016 तक जिला सहकारी केन्‍द्रीय बैंक मर्यादित, छतरपुर में किसी भी महाप्रबंधक की नियुक्ति नहीं किये जाने के क्‍या कारण हैं? क्‍या इसी अवधि में महाप्रबंधक की नियुक्ति न होने से समिति ने मनमाने तरीके से क‍थित किसानों के नाम से पात्रता से अधिक फर्जी ऋण दर्शाकर घोर आर्थिक अनियमितता की गई है एवं समितियों को आर्थिक क्षति पहुंचाई गई है? क्‍या इस बिन्‍दु की भी उच्‍च स्‍तरीय जाँच करायी जायेगी? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्‍यों?

राज्‍यमंत्री, सहकारिता ( श्री विश्वास सारंग ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

विद्यालयों की भूमि का सीमांकन

[स्कूल शिक्षा]

4. ( क्र. 30 ) श्री यशपालसिंह सिसौदिया : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मंदसौर रतलाम एवं नीमच जिले के कितने विद्यालयों की भूमि का सीमांकन वर्तमान स्थिति में किया जा चुका है कितनों का किन-किन कारणों से शेष है ? जिले के सम्‍पूर्ण विद्यालयों का सीमांकन कब तक पूर्ण कर लिया जावेगा? (ख) प्रश्‍नांश (क) जिलों में ऐसे कितने भवन विहीन विद्यालय है जिनका भूमि के अभाव में निर्माण नहीं किया जा रहा है? उसके लिये विभाग की क्‍या नीति है ? (ग) क्या विभाग द्वारा दिसंबर 2017 में हाईस्कूल, हायर सेकेंडरी के लिए भूमि की मांग की गई है? यदि हाँ, तो उक्त जिलों में कितने स्कूलों के लिए? नाम सहित जानकारी देवें। कितने विद्यालयों के नवीन भवन हेतु भूमि उपलब्ध करा दी है एवं कितनों के लिये नहीं कराई है?                                 (घ) प्रश्नांश (ग) अन्‍तर्गत मंदसौर विधान सभा क्षेत्र के नवीन भवन हेतु प्रस्‍तावित विद्यालयों को क्‍या बजट उपलब्‍ध करा दिया गया है? यदि नहीं, तो कब तक उपलब्‍ध करा दिया जाएगा? नवीन भवन निर्माण प्रक्रिया की सम्‍पूर्ण स्थिति से अवगत कराए?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) मंदसौर, रतलाम एवं नीमच जिले के 2600 शासकीय प्राथमिक/माध्यमिक विद्यालयों की भूमि का सीमांकन किया जा चुका है एवं 2158 शासकीय प्राथमिक/माध्यमिक शालाओं की भूमि का सीमाकंन शेष है। जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार। सम्पूर्ण शासकीय प्राथमिक/माध्यमिक विद्यालयों की भूमि के सीमांकन की कार्यवाही प्रचलन में है। निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। हाई/हायर सेकेण्डरी विद्यालयों की जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अ अनुसार है सीमाकंन हेतु राजस्व विभाग को लिखा गया है। (ख) प्रश्‍नांश () के जिलों में कोई भी शासकीय विद्यालय के भवन निर्माण का कार्य भूमि के अभाव में लबिंत नहीं है। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी नहीं। (घ) उत्‍तरांश () के संदर्भ में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''छ:''

निराश्रित शुल्‍क की वसूली

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

5. ( क्र. 32 ) श्री यादवेन्‍द्र सिंह : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍न दिनांक तक कृषि उपज मंडी समिति कटनी में कुल कितने लाइसेंस हैं। अनुज्ञप्ति प्राप्‍त दिनांक सहित सूची दें। दिनांक 14.08.2015 से प्रश्‍न दिनांक तक उक्‍त लाइसेंस में से किन-किन दाल मिलों द्वारा कितनी-कितनी मात्रा में दलहन प्रदेश के बाहर से आयात किया गया है? मात्रा सहित मंडी शुल्‍क देय एवं जमा के विवरण की जानकारी दें। (ख) प्रश्‍नांश (क) की किन दाल मिलों द्वारा प्रदेश के बाहर से आयातित दलहन पर कितना निराश्रित शुल्‍क प्रश्‍न दिनांक तक देय था, कितना जमा किया, कितना शेष है? विवरण दें। शेष रहते फर्मों की अनुज्ञप्ति नवीनीकरण क्‍यों किए गए? (ग) क्‍या कृषि उपज मंडी समिति कटनी द्वारा कलेक्‍टर कटनी को पत्र क्रमांक/मंडी/न्‍यायालय/2016-17/5678 दिनांक 31.03.2017 लिख कर निराश्रित शुल्‍क की वसूली की कार्यवाही किए जाने का अनुरोध किया था? यदि हो तो कलेक्‍टर कटनी द्वारा अभी तक क्‍या कार्यवाही की गई? यदि नहीं, की गई तो अब तक कार्यवाही न करने के लिए कौन दोषी है और उसके विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की जावेगी? (घ) क्‍या कृषि उपज मंडी कटनी के वर्तमान सचिव की उनकी पदस्‍थापना अवधि की प्रश्‍न दिनांक तक प्राप्‍त शिकायतों की जाँच संबंधित को हटाकर/निलम्बित कर कराएंगे, ताकि जाँच कार्य प्रभावित न हो वर्ष 2017 में मंडी बोर्ड जबलपुर द्वारा जिन शिकायतों की जाँच पूर्ण कर प्रतिवेदन भोपाल मुख्‍यालय को भेजा है, उन दोषियों के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की गई?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) कृषि उपज मंडी समिति कटनी में 675 अनुज्ञप्तिधारी व्‍यापारी के लाइसेंस है। अनुज्ञप्तिधारी व्‍यापारियों की सूची की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। शेष प्रश्‍न अंश की जानकारी वृहद स्‍वरूप होने से सं‍कलित की जा रही है। (ख) प्रश्‍नांश (क) की दाल मिलों पर देय निराश्रित शुल्‍क की जानकारी विस्‍तृत होने के कारण संकलित की जा रही है। दिनांक 14.08.2015 से दिनांक 31.01.2018 तक की स्थिति में 61 अनुज्ञप्तिधारी व्‍यापारियों के लाइसेंस का नवीनीकरण किया गया है। दाल मिलों की अनुज्ञप्ति नवीनीकरण के संबंध में प्रकरणवार शेष रह गये निराश्रित शुल्‍क का परीक्षण किया जा रहा है। अनियमितता पाये जाने पर गुण-दोष के आधार पर कार्यवाही की जावेगी। (ग) जी हाँ। कलेक्‍टर कार्यालय में प्रकरण प्रक्रियाधीन होने से किसी पर कार्यवाही का प्रश्‍न उद्भूत नहीं होता। (घ) कृषि उपज मंडी कटनी के वर्तमान सचिव की शिकायतें मंडी बोर्ड भोपाल को प्राप्‍त हुई, जिसके संबंध में मुख्‍यालय के पत्र दिनांक 18.01.18, 25.01.18 एवं 08.02.18 से आंचलिक कार्यालय जबलपुर से तथ्‍यात्‍मक प्रतिवेदन चाहा गया है। वर्ष 2017 में मंडी बोर्ड जबलपुर से प्राप्‍त प्रतिवेदन का परीक्षण प्रचलित है, जिसके गुण-दोष के आधार पर कार्यवाही की जावेगी।

इंदौर इच्छापुर मार्ग का निर्माण

[लोक निर्माण]

6. ( क्र. 35 ) श्री हितेन्द्र सिंह ध्‍यान सिंह सोलंकी : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या इंदौर इच्छापुर मार्ग को पूर्व में बी.ओ.टी. में दिया गया था तथा क्‍या इंदौर इच्छापुर मार्ग के बी.ओ.टी.की अवधि 18 फरवरी 17 को समाप्त हो गई है? यदि हाँ, तो उक्त अवधि समाप्त होने के बाद इस मार्ग का रख-रखाव किसके द्वारा किया जावेगा? क्या टोल बंद होने के बाद इस मार्ग पर परिवहन में वृद्धि हुई है. तथा भारी वाहनों की भी संख्या बढ़ी है. (ख) यदि हाँ, तो क्या मार्ग भी खराब हुआ है? टोल अवधि बाद इस मार्ग के रख-रखाव पर विभाग द्वारा कितनी राशि व्‍यय की गई है? यदि दो साल तक फोर लेन मार्ग का निर्माण नहीं होता है तो इस मार्ग के रख-रखाव में शासन द्वारा चालू वित्त वर्ष में कितनी राशि व्‍यय करने हेतु प्रावधान किया गया है? (ग) क्‍या इंदौर से इच्छापुर मार्ग दो राज्यों को जोड़ने वाला होने के साथ ही साथ सम्पूर्ण दक्षिण राज्य को जोड़ने वाला मार्ग है यदि हाँ, तो इतने महत्व के मार्ग को शासन शीघ्र पूर्ण कराये जाने के सम्बन्ध में क्या कार्यवाही कर रहा है. क्या शासन द्वारा केंद्रीय सरकार को फोर-लेन का (विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट) प्रस्ताव प्रेषित किया गया है? यदि हाँ, तो प्रस्ताव कब कितनी राशि का भेजा है तथा स्वीकृति के सम्बन्ध में अभी तक क्या कार्यवाही की गई है? विस्तृत रिपोर्ट देवें।

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ। जी हाँ। उक्त अवधि समाप्त होने के बाद मार्ग का रखरखाव म.प्र. सड़क विकास निगम के द्वारा किया जा रहा है। जी हाँ। (ख) जी हाँ। टोल अवधि बाद इस मार्ग के रख-रखाव पर कुल रू. 7927660/- की राशि व्यय की गई एवं चालु वित्तीय वर्ष में मार्ग के नवीनीकरण हेतु कि.मी. 2.6 से 104 तक का अनुबंध मेसर्स एस.आर. कन्स्ट्रक्शन दिल्ली से किया गया है, अनुबंधित राशि 2347.9 लाख है एवं कि.मी. 104 से 203.6 कि.मी. तक रिन्युवल कार्य हेतु अनुबंध मेसर्स श्री कन्स्ट्रक्शन, छतरपुर से किया गया है, अनुबंधित राशि 2306.22 लाख रूपये है। (ग) जी हाँ। संपूर्ण मार्ग के नवीनीकरण हेतु एजेंसी नियुक्त की गई है। जी नहीं। भूतल परिवहल एवं हाईवे मंत्रालय भारत सरकार नई दिल्ली के पत्र क्र. 07.06.2016 के द्वारा एन.एच.-6, एदलाबाद के पास महाराष्ट्र बार्डर-बुरहानपुर-बोरगाँव-छेगाँवमाखन-देशगाँव-बड़वाह-इन्दौर-उज्जैन-आगर एवं झालावाड एन.एच.-12 राजस्थान कुल लम्बाई 376 कि.मी. को नवीन राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित किये जाने हेतु सैद्धान्तिक स्वीकृति दी गई है एवं एन.एच.ए.आई. द्वारा प्रस्तावित 4 लेन की डी.पी.आर. तैयार की जा रही है। शेष इस विभाग से संबंधित नहीं है।

 

100 बिस्तर अस्पताल के निर्माण

[लोक निर्माण]

7. ( क्र. 37 ) श्री हितेन्द्र सिंह ध्‍यान सिंह सोलंकी : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बड़वाह नगर में 100 बिस्‍तर अस्पताल के लिये कितनी राशि कब स्वीकृत हुई है, कब निविदा खुली, कब कार्यादेश दिया गया कब भवन का कार्य प्रारंभ किया गया? भवन का कार्य किन किन कारणों से कब-कब रोका गया है? विस्तृत जानकरी देवें। निविदा के अनुसार कार्य की अवधि क्या थी? कितनी बार अवधि बढ़ायी गई है, कितनी बार ठेकेदार को कितनी-कितनी पेनल्टी लगाई है? (ख) क्या अस्पताल में आवश्यक सुधार एवं स्टॉफ के आवास हेतु कोई विभागीय प्रस्ताव राशि हेतु भेजा गया ह ? यदि हाँ, तो प्राप्त प्रस्ताव पर विभाग प्रमुख द्वारा क्या कार्यवाही की गई है? राशि कब तक स्वीकृत की जावेगी? अस्पताल का कार्य विगत 2 वर्षों से चल रहा है तथा                 बार-बार कार्य बंद हो रहा है? क्या प्रश्नकर्ता द्वारा 1080 लाख की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति हेतु लिखा गया है? यदि हाँ, तो क्या कार्यवाही की गई?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) विवरण संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) जी नहीं। प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। जी हाँ परिशिष्‍ट के स्‍तंभ 8 में उल्‍लेखित कारण अनुसार कार्य अस्‍थायी तौर पर आंशिक बंद किया गया। जी हाँ। रूपये 1079.00 लाख की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्‍वीकृति म.प्र. शासन लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण विभाग के पत्र दिनांक 03.02.2018 से प्रदान की गई है।

परिशिष्ट - ''सात''

सड़क निर्माण

[लोक निर्माण]

8. ( क्र. 45 ) श्री जितेन्‍द्र गेहलोत : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रतलाम एवं उज्‍जैन जिले में वर्ष 2014-15 से प्रश्‍न दिनांक तक कितने एवं कौन-कौन सी सड़कों के प्रस्‍ताव (जो नई सड़क निर्माण, जर्जर सड़क निर्माण संबंधी है) कितने समय से स्‍वीकृति हेतु लंबित हैं? सड़कवार, तहसीलवार ब्‍यौरा दें। (ख) कितनी सड़कों की स्‍वीकृति एवं टेंडर व वर्कऑर्डर उपरांत भी दिसम्‍बर 2017 व अब तक किस कारण से कार्य प्रारंभ नहीं हुए? तहसीलवार सड़कवार ब्‍यौरा दें. (ग) आलोट तहसील की ताल-महिदपुररोड सड़क का कार्य जो अति आवश्‍यक है, अभी तक प्रारंभ क्‍यों नहीं किया जा रहा है?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) एवं (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। (ग) जी हाँ, कार्य प्रारंभ किया जा चुका है।

विद्यालय भवनों की बाउंड्रीवॉल निर्माण

[स्कूल शिक्षा]

9. ( क्र. 46 ) श्री जितेन्‍द्र गेहलोत : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि            (क) उज्‍जैन एवं रतलाम जिले में किन-किन स्‍थानों पर सड़क मार्ग पर प्राथमिक, माध्‍यमिक एवं हाई स्‍कूल स्‍थापित हैं. सड़कों के पास स्थित इन विद्यालयों का तहसीलवार ब्‍यौरा दें. (ख) उपरोक्‍त (क) प्रश्‍नांश के कितने विद्यालय बाउंड्रीवॉल रहित होकर छात्र-छात्राओं के लिए खतरनाक हैं?                      (ग) सड़क किनारे स्थित विद्यालयों में विद्यार्थियों की सुरक्षा की दृष्टि से शासन बाउंड्रीवॉल बनवाने हेतु क्‍या कदम उठा रहा है? यदि नहीं, तो क्‍यों नहीं?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) उज्जैन एवं रतलाम जिले में सड़क मार्ग पर प्रायः समस्त शासकीय प्राथमिक/माध्यमिक शालाएं स्थापित है किन्तु राष्ट्रीय/राज्‍य सड़क मार्ग के पास स्थापित शासकीय प्राथमिक/माध्यमिक विद्यालयों की संख्‍या 92 है। उपरोक्त जिलों में 59 हाई स्कूल सड़क मार्ग पर स्थित है। तहसीलवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार। (ख) राष्ट्रीय एवं राज्य सड़क मार्ग पर स्थित 120 शासकीय प्राथमिक/माध्यमिक विद्यालय एवं हाई स्कूल परिसर बाउण्ड्रीवॉल विहीन है जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार, जिनमें से उज्जैन जिले के 6 हाईस्कूल/उ.मा.वि. राष्ट्रीय एवं राज्य सड़क मार्ग के ज्यादा समीप स्थित होने से खतरे की आंशका रहती है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'' अनुसार। (ग) उत्तरांश (क) में उल्लेखित विद्यालयों की सुरक्षा हेतु सर्व शिक्षा अभियान अन्तर्गत बाउण्ड्रीवॉल की मांग वार्षिक कार्ययोजना में प्रस्तावित की जाती है। इसके अतिरिक्‍त राज्य मद अन्तर्गत शासकीय प्राथमिक/माध्यमिक एवं हाईस्कूलों में बाउण्ड्रीवॉल निर्माण की योजना है। बाउण्ड्रीवॉल का निर्माण वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता पर निर्भर करता है। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

कम्प्यूटर खरीदी में अनियमितता

[सहकारिता]

10. ( क्र. 49 ) श्रीमती ऊषा चौधरी : क्या राज्‍यमंत्री, सहकारिता महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या सतना जिले के जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित सतना के अधीन समस्त शाखाओं/समस्त समितियों के लिए कंप्यूटर खरीदी हेतु संस्था की संचालक मंडल की बैठक दिनांक 25/01/20016 के प्रस्ताव क्रमांक 01 में उपपंजीयक से अनुमति लेने का प्रस्ताव पारित किया गया था? यदि हाँ, तो क्या अनुमति प्रदान की गई थी? यदि नहीं, तो किसकी अनुमति से कंप्यूटर क्रय करने के आदेश जारी किये गए थे? (ख) क्या प्रश्नांश (क) अनुसार कंप्यूटर खरीदी में व्‍यापक अनियमितता करते हुए लगभग 70 लाख का घोटाला किया गया है? यदि हाँ, तो दोषी अधिकारी/कर्मचारी का नाम बताएं? क्‍या इनके विरुद्ध आपराधिक प्रकरण दर्ज कराया गया? यदि नहीं, तो क्यों? क्या विभाग द्वारा अनिमितता के प्रकरणों में एफ.आई.आर. करायी जाती है? यदि हाँ, तो इस प्रकरण में एफ.आई.आर. क्यों नहीं कराई गई? (ग) क्या उक्त घोटाले में अतिरिक्त महाप्रबंधक अवध बिहारी शुक्ला/अन्य कर्मचारियों को दोषी पाया गया था? यदि हाँ, तो दोषियों के विरुद्ध आज दिनांक तक आपराधिक प्रकरण दर्ज न करने के क्या कारण हैं? विवरण सहित जानकारी देवें। (घ) क्या संयुक्त पंजीयक सहकारी संस्थान रीवा द्वारा जाँच पश्चात प्रकरण लोकायुक्त भोपाल को स्थानांतरित किया गया है? यदि हाँ, तो उसमें क्या कार्यवाही की गई? 58 बी का प्रकरण दोषियों के ऊपर दर्ज होने के बाद एफ.आई.आर. दर्ज होती है या नहीं? यदि हाँ, तो क्या छोटे कर्मचारियों के ऊपर ही एफ.आई.आर. दर्ज करने के आदेश हैं सक्षम अधिकारियों के ऊपर क्यों नहीं?

राज्‍यमंत्री, सहकारिता ( श्री विश्वास सारंग ) : (क) विधानसभा तारांकित प्रश्न क्रमांक 3674 दिनांक 29.07.2016 के संदर्भ में जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित, सतना से संबद्ध प्राथमिक कृषि साख सहकारी संस्थाओं द्वारा कम्प्यूटर हार्डवेयर एवं साफ्टवेयर क्रय करने के संबंध में जाँच कराई गई। जाँच प्रतिवेदन अनुसार 56 संस्थाओं द्वारा प्रस्ताव पारित किये गये हैं। जिनमें से मात्र 01 संस्था डेगरहट संस्था के संचालक मंडल द्वारा बैठक दिनांक 25.01.2016 के प्रस्ताव क्रमांक 01 अनुसार कम्प्यूटर क्रय करने हेतु उप पंजीयक से अनुमति प्राप्त करने का प्रस्ताव ठहराव पारित किया गया है। उप पंजीयक से उक्त संस्था को अनुमति प्राप्त नहीं हुई है, न ही संस्था द्वारा क्रय आदेश जारी किये गये हैं। (ख) उत्तरांश '' में उल्लेखित जाँच प्रतिवेदन अनुसार जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित, सतना की 08 शाखाओं से संबद्ध 68 प्राथमिक कृषि साख सहकारी संस्थाओं में लगभग राशि रू. 69,48,950/- के कम्प्यूटर हार्डवेयर एवं साफ्टवेयर क्रय किये गये हैं, जिसमें प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया है। कुछ प्रकरणों में बैंक के अतिरिक्त प्रबंधक, कुछ प्रकरणों में बैंक के महाप्रबंधक, कुछ प्रकरणों में संबंधित संस्था के संचालक मंडल तथा कुछ प्रकरणों में उपायुक्त सहकारिता, सतना की अनुमति से खरीदी की गई है। दोषियों की सूची संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। जी नहीं। क्रय करने में प्रक्रियात्मक त्रुटि की गई। आर्थिक अनियमितता/गबन धोखाधड़ी के प्रकरणों में एफ.आई.आर. कराई जाती है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) जी हाँ। शेष उत्तरांश '' अनुसार। (घ) जी नहीं। प्रश्न उपस्थित नहीं होता। प्रकरण की प्रकृति एवं परिस्थितियों के अनुसार एफ.आई.आर. दर्ज कराई जाती है। जी नहीं। सभी कर्मचारियों/अधिकारियों के विरूद्ध समान रूप से कार्यवाही की जाती है।

परिशिष्ट - ''आठ''

विद्यालय भवन का निर्माण

[लोक निर्माण]

11. ( क्र. 52 ) श्री नरेन्‍द्र सिंह कुशवाह : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला भिण्‍ड में लोक निर्माण विभाग के पी.आई.यू. द्वारा किस किस स्‍थान पर माध्‍यमि‍क, हाई स्‍कूल भवन का निर्माण किया जा रहा है? किस संस्‍था द्वारा कब अनुबंध किया गया? कितनी राशि किस बजट में शासन से भेजी गई है? प्रश्‍न दिनांक तक कितना व्‍यय हो चुका है? कौन सा भवन का निर्माण कब पूर्ण होगा? (ख) प्रश्‍नांश (क) में वर्णित निर्माण कार्यों को किस दिनांक को किस स्‍तर के अधिकारी द्वारा कब निरीक्षण किया गया? निरीक्षण प्रतिवेदन की जानकारी दें? (ग) भिण्‍ड विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत वर्ष 2013 से प्रश्‍न दिनांक तक माध्‍यमिक विद्यालय और हाई स्‍कूल भवन का निर्माण कहाँ पर चल रहा है? निर्माण कहाँ-कहाँ पर प्रस्‍तावित है? कब तक पूर्ण हो जायेंगे? (घ) भिण्‍ड विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत हवलदारसिंह का पुरा, नयागांव, लहरोली, पाण्‍डरी, टेहनगर, ढोचसा, बिलाव, चन्‍दूपुरा सनावई में निर्माण कार्य चल रहे हैं, स्‍थल का सीमांकन स्‍थल का भूमि पूजन कब किस अधिकारी द्वारा किया गया?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र- '' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र- '' अनुसार है। निरीक्षण प्रतिवेदन की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-1 एवं 2 अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है।

सी.सी.रोड निर्माण

[लोक निर्माण]

12. ( क्र. 53 ) श्री नरेन्‍द्र सिंह कुशवाह : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला भिण्‍ड में सी.सी. रोड निर्माण किला गेट भिण्‍ड से लहार रोड चौराहा तक 1.30 किमी की प्रशासकीय स्‍वीकृति दिनांक 2.04.2016 राशि रूपये 361.36 लाख में स्‍वीकृति की गई? यदि हाँ, तो प्रश्‍न दिनांक तक कितना प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है? कार्य अपूर्ण होने के क्‍या कारण हैं? क्‍या उपयंत्री/सहायक यंत्री दोषी है? यदि हाँ, तो उनकों निलम्बित किया जावेगा? यदि हाँ, तो कब तक? (ख) क्‍या प्रश्‍नांश (क) में अनुबंधानुसार कार्य पूर्ण करने का दिनांक 29/06/217 था तथा कार्यादेश अवधि में वृद्धि कर 31 जनवरी 2018 किया गया? क्‍या प्रश्‍न दिनांक तक 50 प्रतिशत कार्य पूर्ण नहीं हुआ है? क्‍या कार्यवाही की जावेगी? (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) में कार्य अपूर्ण होने के कारण शासन की कितनी क्षति होगी? क्‍या लागत में वृद्धि की जावेगी? क्षतिपूर्ति किस नियम और किससे कब की जावेगी वर्णित मार्ग में नाले पर पुलिया का निर्माण कितनी लागत से किस एजेंसी से कब प्रारंभ किया जावेगा तथा कब तक पूर्ण हो जायेगा? (घ) प्रश्‍नांश (क) में वर्णित मार्ग पर कार्य धीमी गति से संबंधित अधिकारियों द्वारा क्‍यों करवाया जा रहा है? प्रश्‍न दिनांक तक किस बजट से कितनी राशि का व्‍यय किसको कब किया गया? किस स्‍तर के अधिकारी से अनुमति लेकर भुगतान किया गया? आदेश के विवरण सहित जानकारी दें?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ। प्रश्‍न दिनांक तक 60 प्रतिशत कार्य पूर्ण। मुख्‍य कारण सघन बस्‍ती भाग में मार्ग निर्माण हेतु स्‍वीकृत चौड़ाई 07 मीटर में अतिक्रमण एवं बिजली के पोल होने से। जी नहीं, शेष का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता है। (ख) जी हाँ। जी नहीं, 60 प्रतिशत पूर्ण किया। कार्य पूर्ण उपरांत अनुबंधानुसार गुणदोष के आधार पर कार्यवाही की जावेगी। (ग) कोई नहीं, लागत में संभवत: वृद्धि नहीं होगी। अनुबंध की धारा अनुसार, कार्यवाही की जायेगी। वर्णित मार्ग में नाले की पुलिया की लागत लगभग रू. 20.00 लाख है, पुलिया का निर्माण, वर्तमान में प्रगतिरत अनुबंध में सम्मिलित है, तीन माह में कार्य पूर्ण किये जाने का लक्ष्‍य नियत किया गया है। (घ) जी नहीं उत्‍तरांश '' में कारण वर्णित है। प्रश्‍न दिनांक तक बजट में ठेकेदार को राशि रू. 6009994/- का एवं एम.पी.ई.बी. भिण्‍ड को पोल शिफ्टिंग हेतु राशि रू. 40.54 लाख का भुगतान किया गया है। उक्‍त भुगतान, प्राप्‍त प्रशासकीय स्‍वीकृति के अनुसार सक्षम अधिकारी द्वारा किया गया है, इसलिए प्रथक से अनुमति की आवश्‍यकता नहीं है। शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

उन्नयन शालाओं के लिए भूमि का चिन्हांकन एवं भवन निर्माण

[स्कूल शिक्षा]

13. ( क्र. 64 ) श्री निशंक कुमार जैन : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विदिशा स्थित स्कूल शिक्षा विभाग ने वर्ष 2014-15, 2015-16, 2016-17 एवं 2017-18 में प्रश्नकर्ता के विधानसभा क्षेत्र बासौदा के किस-किस प्राथमिक शाला का माध्यमिक शाला, माध्यमिक शाला का हाईस्कूल तथा हाईस्कूल का उ.मा.वि. में उन्नयन किया गया है, उन्नयन आदेश की प्रति सहित जानकारी उपलब्ध करावें? (ख) प्रश्‍नांश (क) में उन्नयित शालाओं में से कितनी शालाओं के भवन निर्माण, किस वर्ष में कितनी लागत से पूर्ण हो चुके हैं, कितनी शालाओं कें भवन निर्माण होना शेष हैं तथा कितनी शालाओं के भवन निर्माण हेतु भूमि का चिन्हांकन शेष है, की जानकारी कारण सहित उपलब्ध करावें। (ग) प्रश्‍नांश (ख) में कितने निर्मित शाला भवनों के कार्यपूर्णता प्रमाण पत्र जारी किये हैं, कितनों के शेष हैं? कार्यपूर्णता प्रमाण पत्र की प्रति उपलब्ध करावें। शेष निर्मित भवनों के कार्यपूर्णता प्रमाण पत्र कब तक जारी किये जावेंगे? (घ) उन्नयित शेष शालाओं के भवन निर्माण एवं भूमि का चिन्हांकन कब तक करा लिया जावेगा?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) वर्ष 2014-15 में शासकीय प्राथमिक शाला घटेरा का माध्यमिक शाला घटेरा में उन्नयन किया गया। वर्ष 2014 से 2018 तक की अवधि में शासकीय माध्यमिक शाला मेनवाडा, माध्यमिक शाला लगघा, माध्यमिक शाला भिलायं का हाईस्कूल में उन्नयन किया गया। उन्नयन आदेश की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-एक अनुसार है। (ख) उत्तरांश (क) में उल्लेखित माध्यमिक शाला हेतु भवन स्वीकृति की कार्यवाही प्रचलन में है। शासकीय हाईस्कूल भवनों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-दो अनुसार है। इन हाईस्कूलों के लिए भवन निर्माण एवं भूमि चिन्हांकन शेष नहीं है। अतः शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) एवं (घ) हाईस्कूल भवन निर्माण कार्य प्रगतिरत है। अतः शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। माध्यमिक शाला भवन हेतु कार्यवाही प्रचलित है। निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। 

मजिस्‍ट्रेट र्क्‍वाटरों का निर्माण

[लोक निर्माण]

14. ( क्र. 137 ) श्रीमती उमादेवी लालचंद खटीक : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला दमोह अंतर्गत हटा नगर में ए.डी.जे.कोर्ट के मजिस्‍ट्रेट आवास निर्माण हेतु किस कार्य एजेंसी को कार्य आदेश जारी किया गया था? राशि सहित आदेश की छायाप्रति उपलब्‍ध करायें। (ख) क्‍या मजिस्‍ट्रेटों के क्‍वार्टर आधे अधूरे हैं? लाईट फिटिंग, बाउण्‍ड्रीवॉल, फिनिशिंग आदि कार्य नहीं हुआ? प‍रिणामत: आवास रहने योग्‍य नहीं है, लेकिन कार्य पूर्णता प्रमाण पत्र जारी हो गया? उक्‍त आवासों हेतु कब त‍क और राशि स्‍वीकृत करायी जाकर रहने योग्‍य बनाया जायेगा।

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) , जी, एच एवं आई टाईप आवास गृह के निर्माण हेतु श्री महेन्‍द्र प्रताप जैन ठेकेदार दमोह एवं डी टाईप आवास गृह निर्माण हेतु श्री नीरज असाटी ठेकेदार दमोह को। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-1 एवं 2 अनुसार है। (ख) जी हाँ। ई, जी, एच एवं आई टाईप आवास गृहों में लाईट फिटिंग, फिनिशिंग कार्य शेष है, डी टाईप आवास गृह में लाईट फिटिंग एवं फिनिशिंग कार्य कर दिया गया है। बाउण्‍ड्रीवॉल का कार्य किसी भी आवास गृह हेतु स्‍वीकृत नहीं है। ई, जी, एच एवं आई टाईप आवास गृहों का कार्य पूर्ण न होने से रहने योग्‍य नहीं है, डी टाईप आवास गृह का कार्य पूर्ण होने से रहने योग्‍य है। ई, जी, एच एवं आई टाईप आवास गृहों का पूर्णता प्रमाण पत्र जारी नहीं किया गया है डी टाईप आवास गृह का पूर्णता प्रमाण पत्र जारी कर दिया है। ई, जी, एच एवं आई टाईप आवास गृहों को पूर्ण करने हेतु रू. 184.55 लाख का पुनरीक्षित प्राक्‍कलन प्रशासकीय विभाग को प्रेषित किया गया है पुनरीक्षित प्रशासकीय स्‍वीकृति प्राप्‍त होने पर कार्य शीघ्र पूर्ण कराया जावेगा।

कम्‍प्‍यूटर खरीदी हेतु राशि का आवंटन

[स्कूल शिक्षा]

15. ( क्र. 172 ) कुँवर विक्रम सिंह : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) म.प्र. में वर्ष 2017-18 में विभाग में प्रत्‍येक स्‍कूल के लिए कम्‍प्‍यूटर खरीदी हेतु कितनी राशि आवंटित की गई? (ख) किस संस्‍था से किन-किन जिलों में कितने-कितने कम्‍प्‍यूटर कितनी-कितनी लागत के क्रय किये गये? (ग) क्‍या प्रदेश के प्रत्‍येक स्‍कूल के लिए राशि रू. 2 लाख 60 हजार का सामान खरीदा जाना है? प्रत्‍येक नग कम्‍प्‍यूटर की खरीदी 29 से 33 हजार रूपये निर्धारित की गई है ज‍‍बकि बाजार में कीमत 22 से 25 हजार रूपये है? यदि हाँ, तो क्‍यों?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) सत्र 2017-18 में मध्यप्रदेश में राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के तहत व्यावसायिक शिक्षा योजना अंतर्गत 317 विद्यालयों को प्रति विद्यालय राशि रु. 33000/- तथा 259 विद्यालयों में प्रति विद्यालय राशि रु. 264000/- के मान से राशि कम्प्यूटर लैब हेतु आवंटित की गई है। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है।         (ग) प्रस्तावित दरें अनुमानित एवं अधिकतम हैं। कम्प्यूटर की दरें स्पेसिफिकेशन के आधार पर तय होती हैं। IT ट्रेड के पाठ्यक्रम के आधार पर भारत शासन द्वारा निर्धारित एजेंसी पंडित सुंदर लाल शर्मा केन्द्रीय व्यावसायिक शिक्षा संस्थान भोपाल द्वारा स्पेसिफिकेशन अनुमोदित दिये गए हैं। GEM पोर्टल पर निर्धारित स्पेसिफिकेशन की उपलब्ध सामग्री के तुलनात्मक अध्ययन के उपरांत अनुमानित एवं अधिकतम दरें तय की गई हैं जो टेक्स (18%) सहित दी गई है। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। 

रबी फसलों में किसानों को उपलब्‍ध योजनावार डी.बी.टी.

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

16. ( क्र. 173 ) कुँवर विक्रम सिंह : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वित्‍तीय वर्ष 2016-17 से प्रश्‍न दिनांक तक छतरपुर जिले में खरीफ एवं रबी फसलों में किसानों को डी.बी.टी. प्रक्रिया के तहत बीज जिन्‍सवार कितने कृषकों को उपलब्‍ध कराया गया? विकासखण्‍ड राजनगर,लबकुश नगर,बारीगढ़,बिजावर,छतरपुर तथा नौगांव की जानकारी दें ? (ख) क्‍या प्रश्‍नांश (क) के तहत किसानों के खातों में शासन द्वारा दी जा रही विभिन्‍न योजनाओं की सब्सिडी उपलब्‍ध कराई गई है? (ग) यदि हाँ, तो बैंक में अंतरण की गई राशि की जानकारी विकासखण्‍डवार एवं योजनावार हितग्राही संख्‍या सहित जानकारी देंयदि नहीं, तो क्‍यों ?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) वित्‍तीय वर्ष 2016-17 से प्रश्‍न दिनांक तक छतरपुर जिले में खरीफ फसलों में 596 एवं रबी फसलों में 6710 (कुल 7306) किसानों को डी.बी.टी. प्रक्रिया के तहत कृषकों को बीज उपलब्‍ध कराया गया। विकासखण्‍डवार एवं फसलवार की जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ख) जी हाँ। (ग) छतरपुर जिले में वित्‍तीय वर्ष 2016-17 से प्रश्‍न दिनांक तक हितग्राहियों के बैंक खातों में अन्‍तरण की गई राशि की जानकारी विकासखण्‍डवार एवं योजनावार हितग्राही संख्‍या सहित की जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। शेष प्रश्‍नांश उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - ''नौ''

हलधर योजना के क्रियान्वन

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

17. ( क्र. 194 ) श्री मुरलीधर पाटीदार : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या कृषकों को हकाई/जुताई कार्य में सहायता उपलब्ध कराने हेतु हलधर योजना संचालित हैं? यदि हाँ, तो योजना क्रियान्वन हेतु मापदण्ड, पात्रता की क्‍या प्रक्रिया हैं? (ख) जिला आगर एवं शाजापुर अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2014-15, 15-16, 16-17 एवं 17-18 में प्रश्नांश '''' में उल्लेखित योजना एवं आत्मा अंतर्गत प्रचलित योजनाओं के क्रियान्वन हेतु कितना-कितना लक्ष्य प्राप्त हुआ था एवं प्राप्त लक्ष्य के विरूद्ध कितनी उपलब्धि हुई? (ग) प्रश्नांश '''' में उल्लेखित उपलब्धि के संदर्भ में विधानसभा क्षेत्र सुसनेर अंतर्गत लाभान्वित कृषकों की संख्‍यात्‍मक जानकारी उपलब्ध करावे?                        (घ) प्रश्नांश '''' में उल्लेखित कृषकों को कितनी राशि प्राप्त हुई बतावें?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) जी हाँ, हलधर योजना संचालित है। अ.जा., अ.ज.जा. कृ‍षक एवं लघु सीमांत सामान्‍य कृषक को प्रति हेक्‍टेयर 2000 रू. के अनुदान की पात्रता है। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-01 अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-02 अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-03 अनुसार है।

नियुक्ति/पदोन्नति तथा पुष्टि की जानकारी

[सहकारिता]

18. ( क्र. 201 ) श्री घनश्‍याम पिरोनियाँ : क्या राज्‍यमंत्री, सहकारिता महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या दतिया जिले की प्राथमिक कृषि साख संस्थाओं में 1 जनवरी 2015 से प्रश्न दिनांक तक नियुक्तियाँ एवं पदोन्नतियाँ की गई है? यदि हाँ, तो क्या कार्यालय सहायक पंजीयक दतिया द्वारा उनकी अनुमोदन/पुष्टि की गई है? (ख) क्या उक्त संस्थाओं में हुई नियुक्तियों/पदोन्नतियों तथा विभाग द्वारा पुष्टि की कार्यवाही नियमानुसार हुई अथवा नहीं? नियुक्ति पदोन्नति एवं पुष्टि के नियमों की प्रतियां उपलब्ध करायी जाएं? (ग) उपरोक्त नियुक्ति/पदोन्नति तथा पुष्टि की कार्यवाही वैध नहीं है तो दोषियों के खिलाफ क्या कार्यवाही की गई है? (घ) क्या‍ विभाग के मुख्यालय, संभागीय एवं जिला कार्यालय को उक्त नियुक्ति/पदोन्नति तथा पुष्टि के संबंध में शिकायतें प्राप्त हुई हैं? यदि हाँ, तो उन पर क्या कार्यवाही की गई?

राज्‍यमंत्री, सहकारिता ( श्री विश्वास सारंग ) : (क) जी हाँ। जी हाँ। (ख) जी नहीं। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ग) नियुक्तियां/पदोन्नतियां की कार्यवाही वैध नहीं होने से सभी कर्मचारियों की नियुक्ति/पदोन्नति एवं अनुमोदन/पुष्टि निरस्त करते हुये उनके वेतन/पारिश्रमिक वसूली के आदेश जारी किये गये हैं। पुष्टि/अनुमोदन करने वाले अधिकारी के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही प्रारंभ करते हुये म.प्र. सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम 10 एवं 14 के अंतर्गत कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया है। (घ) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है।

दतिया जिले में शिक्षकों के साथ भेदभावपूर्ण कार्यवाही

[स्कूल शिक्षा]

19. ( क्र. 202 ) श्री घनश्‍याम पिरोनियाँ : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या दिनांक 04-08-2016 को शा.उ.मा.वि. जौहरिया में 02 अध्यापक विधिवत अवकाश स्वीकृत कराकर आधा दिवस अवकाश पर गये थे? (ख) क्या प्रश्नांश (क) के अवकाश पर गये 02 अध्यापकों में से एक अध्यापक वेदप्रकाश यादव को बगैर सूचना के अनुपस्थित दर्शाकर निलंबित किया गया था? (ग) क्या अतारांकित प्रश्न क्रमांक 3534 दिनांक 8-12-17 के उत्तर में अपूर्ण जानकारी देकर सदन को गुमराह किया गया? क्योकि जब 02 अध्यापक विधिवत आधा दिवस अवकाश स्वीकृत कराकर अवकाश पर गये थे तो मात्र एक को ही अनाधिकृत अनुपस्थित बताकर निलंबित किया गया तथा दूसरे के संबंध में तथ्य छिपाये गये? यदि हाँ, तो ऐसी गलत जानकारी विधानसभा को प्रेषित करने वाले अधिकारी कर्मचारियों के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की जायेगी एवं कब तक? (घ) श्री वेदप्रकाश यादव, अध्यापक जब अवकाश स्वीकृत कराकर अवकाश पर गये थे, तो उन्हें किसने अनाधिकृत अनुपस्थित दर्शाया और निलंबित किया? ऐसे अधिकरियों/कर्मचारियों के खिलाफ क्या कार्यवाही की गई?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जी नहीं। (ख) जी हाँ। (ग) जी नहीं। अनुविभागीय मजिस्ट्रेट दतिया द्वारा किये गये आकस्मिक निरीक्षण के दौरान मात्र श्री वेद प्रकाश यादव अध्यापक को बिना सूचना के अनुपस्थित पाये जाने पर प्रतिवेदन के आधार पर निलंबित किया गया था। अतः शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) प्रश्‍नांश (ग) उत्‍तर के अनुसार। अतः शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

भावांतर योजना का क्रियान्‍वयन

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

20. ( क्र. 205 ) श्री दिनेश राय (मुनमुन) : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भावांतर योजना में महाकौशल के अंतर्गत सभी जिलेवार पंजीकरण की फसल अनुसार संख्‍या बतावें। फसलों का समर्थन मूल्‍य बतावें। कृषकों को उनकी फसल की मंडी में विक्रय के मूल्‍य को भावांतर योजना में किस प्रकार समायोजित किया जायेगा? (ख) प्रश्‍न दिनांक तक जिलेवार प्रश्‍नांश '''' में पंजीकृत कृषकों की संख्‍या बतावें, जिन्‍होंने अपनी फसल का विक्रय किया तथा योजना के अंतर्गत विक्रित फसलों की जिले वार मात्रा बतावें, प्रत्‍येक विक्रित फसल के न्‍यूनतम तथा अधिकतम मूल्‍य बतावें। सिवनी जिले में मक्‍का एवं गेहूँ में घोटाले को देखते हुये बतावें कि भावांतर योजना में किस प्रकार के घोटाले संभावित हैं तथा उसे रोकने की क्‍या नीति है? (ग) उत्‍तर दिनांक तक भावांतर योजना में भुगतान की गई राशि का फसल अनुसार तथा प्राप्‍तकर्ता कृषक की संख्‍या सहित सिवनी जिले की जानकारी दें, तथा लगभग कितनी राशि का भुगतान शेष है?                       (घ) भावांतर योजना लागू करते समय क्‍या इस बिन्‍दु पर चिंतन हुआ है कि किस-किस फसल में कितनी-कितनी राशि का भुगतान संभावित है तथा कुल कितना भुगतान संभावित है? यदि नहीं, तो क्‍यों? योजना लागू करने संबधी केबिनेट में प्रस्‍तुत तथा केबिनेट द्वारा स्‍वीकृत प्रति समस्‍त संलग्‍न दस्‍तावेज सहित देवें। (ड.) भावांतर योजना की जिलेवार फसल संचालन की जिम्‍मेदारी किस अधिकारी की है?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) महाकौशल के अंतर्गत जबलपुर संभाग का जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। खरीफ 2017 में भावांतर भुगतान योजना में चयनित आठ फसलों-सोयाबीन, मक्‍का, तिल, रामतिल, उड़द, मूंग, तुअर, मूंगफली के समर्थन मूल्‍य की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। इस योजना में पंजीकृत कृषकों को चयनित फसलों का मंडी में देय विक्रय मूल्‍य को भावांतर राशि में समायोजित नहीं किया गया है, अपितु पंजीकृत किसानों को प्राप्‍त विक्रय मूल्‍य के अतिरिक्‍त योजना अंतर्गत निर्धारित मापदण्‍ड के आधार पर भावांतर की गणना कर पात्रता अनुसार भावांतर राशि का भुगतान किया जाता है। (ख) दिनांक 10 फरवरी 2018 तक की प्रश्‍नागत जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है तथा योजना प्रारंभ दिनांक 16/10/2017 से 30/01/2018 तक फसलवार न्‍यूनतम तथा अधिकतम भाव की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। भावांतर भुगतान योजना में पारदर्शी एवं उत्‍तरदायित्‍व पूर्ण प्रक्रियाएं तथा व्‍यवस्‍थाएं सुनिश्चित की गई है ताकि किसी प्रकार के घोटाले संभावित नहीं हों। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) सिवनी जिले में दिनांक 13.02.18 तक भावांतर भुगतान योजना अंतर्गत 18,901 पंजीकृत कृषकों को भावांतर राशि रू. 46,74,75,968/-का भुगतान किया गया है तथा लगभग राशि                रू. 4,38,36,017/- का भुगतान शेष है। (घ) जी नहीं। कृषि जिंसों के मंडी भाव राष्‍ट्रीय-अंतराष्‍ट्रीय उत्‍पादन एवं मांग के आधार पर प्रतिस्‍पर्धात्‍मक एवं पारदर्शी व्‍यवस्‍था के तहत क्रेता-विक्रेता के मध्‍य स्‍वतंत्र रूप से नियत होते हैं साथ ही कितना मार्केटेबल सरप्‍लस कितने पंजीकृत किसानों द्वारा विक्रय अवधि में मण्डियों में विक्रय किया जावेगा की पूर्व में आं‍कलित किया जाना संभव नहीं है। इस प्रकार कृषि जिन्‍सों के मंडी भाव का सटीक पूर्वानुमान संभव न होने से योजनान्‍तर्गत किसानों को भुगतान की जाने वाली संभाव्‍य राशि की गणना विक्रय अवधि के पूर्व नहीं की जाएगी। मंत्रि-परिषद् निर्णय उपरान्‍त जारी आदेश की प्रति की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ड.) भावांतर भुगतान योजना के जिलेवार संचालन हेतु जिला क्रियान्‍वयन समिति के अध्‍यक्ष जिला कलेक्‍टर है।

सड़क का निर्माण

[लोक निर्माण]

21. ( क्र. 212 ) श्रीमती संगीता चारेल : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2014-15 से प्रश्‍न दिनांक तक सैलाना विधान सभा क्षेत्र अंतर्गत कितनी-कितनी लंबाई के कौन-कौन से सड़क निर्माण कार्य स्‍वीकृत हुए वर्षवार, कार्यवार स्‍वीकृत राशि एवं व्‍यय तथा वर्तमान स्थिति की जानकारी प्रदान करें। (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में क्‍या स्‍वीकृत सभी सड़क निर्माण कार्य पूर्ण हो गये है? यदि नहीं, तो कार्य अपूर्ण रहने का क्‍या कारण है? कब तक अपूर्ण कार्य पूर्ण कर लिये जाएंगे? (ग) अपूर्ण कार्य के लिए कौन-कौन अधिकारी कर्मचारी/ठेकेदार दोषी हैं? ठेकेदार द्वारा टेण्‍डर उपरांत कार्य में लापरवाही बरते जाने पर क्‍या उसे ब्‍लेक लिस्‍ट कर ठेका निरस्‍त करने की कार्यवाही की गई? यदि नहीं, तो क्‍यों?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) एवं (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। (ग) कोई दोषी नहीं है। जी नहीं। प्रश्‍न ही नहीं उठता।

कृषि संगोष्‍ठी का आयोजन

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

22. ( क्र. 213 ) श्रीमती संगीता चारेल : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सैलाना विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत वर्ष 2014-15 से प्रश्‍न दिनांक तक कब-कब कहाँ-कहाँ कृषि संगोष्‍ठी आयोजित की गई वर्षवार विवरण प्रदान करें। (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में आयोजित संगोष्‍ठी में किसानों को किन-किन विषय विशेषज्ञों द्वारा क्‍या-क्‍या जानकारी दी गई? संगोष्‍ठी के आयोजन में कितना-कितना खर्च हुआ? मदवार, कार्यवार जानकारी प्रदान करें? (ग) क्‍या संगोष्‍ठी के आयोजन में किए गए व्‍यय के लिए विज्ञप्ति या टेण्‍डर निकाले गए थे? यदि नहीं, तो क्‍यों? इसके क्‍या नियम थे?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) संगोष्‍ठी में विषय वस्‍तु विशेषज्ञों द्वारा किसानों को दी गई जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। संगोष्‍ठी के आयोजन के व्‍यय का विवरण की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-3 अनुसार है। (ग) जी हाँ।

रेस्‍ट हाउस में फर्नीचर की व्‍यवस्‍था

[लोक निर्माण]

23. ( क्र. 219 ) श्री शैलेन्‍द्र पटेल : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) इछावर स्थित रेस्‍ट हाउस का निर्माण विभाग द्वारा कब कराया गया था तथा निर्माण एजेंसी द्वारा विभाग को कब हस्‍तांतरित किया गया है? (ख) क्‍या रेस्‍ट हाउस में विभाग द्वारा फर्नीचर भी उपलब्‍ध कराया गया है? यदि हाँ, तो वर्तमान में कौन-कौन सा फर्नीचर है? यदि नहीं, तो क्‍यों?                   (ग) क्‍या रेस्‍ट हाउस में फर्नीचर उपलब्‍ध कराने के लिए विभाग द्वारा शासन से मांग की गई है? यदि हाँ, तो कब और कौन-कौन से फर्नीचर की मांग की गई? (घ) प्रश्‍नांश (ग) अनुसार फर्नीचर कब तक उपलब्‍ध करा दिया जाएगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) दिनांक 12.12.2013 को पूर्ण किया गया है एवं दिनांक 12.12.2013 से विभाग के पास है। (ख) जी नहीं। प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता है। फर्नीचर हेतु प्राक्‍कलन तैयार किया जा रहा है। (ग) जी नहीं। प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता। (घ) प्रश्‍नांश '' के उत्‍तर के परिप्रेक्ष्‍य में वर्तमान में समय सीमा बताया जाना संभव नहीं।

स्‍कूल भवन निर्माण

[स्कूल शिक्षा]

24. ( क्र. 220 ) श्री शैलेन्‍द्र पटेल : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                   (क) इछावर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम ब्रिजिशनगर में हायर सेकेण्‍डरी स्‍कूल कब से संचालित है तथा हायर सेकेण्‍डरी स्‍कूल के भवन का निर्माण कब हुआ था? भवन में कुल कितने कक्ष हैं वर्तमान में भवन की क्‍या स्थिति है? (ख) ब्रिजिशनगर विद्यालय परिसर में हायर सेकेन्‍डरी हाई स्‍कूल तथा माध्‍यमिक स्‍तर की शालाओं के लिए कितने-कितने कक्ष हैं तथा कक्षों की वर्तमान स्थिति कैसी है? (ग) ब्रिजिशनगर हायर सेकेंडरी स्‍कूल का भवन का कितना हिस्‍सा पूरी तरह से क्षतिग्रस्‍त है? क्‍या क्षतिग्रस्‍त हिस्‍से को जमींदोज किया जाना है? यदि हाँ, तो इस संबंध में क्‍या कार्यवाही प्रचलित है? (घ) क्‍या शासन द्वारा ब्रिजिशनगर हायर सेकेंडरी स्‍कूल के लिए नवीन भवन का निर्माण किया जाना प्रस्‍तावित है? यदि हाँ, तो कब तक निर्माण करा लिया जाएगा? यदि नहीं, तो क्‍यों?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) एवं (ख) हायर सेकेण्डरी स्कूल (कक्षा-11वीं) ब्रिजिशनगर वर्ष-1978 से संचालित है। वर्ष 1986 में 10+2 पद्धति लागू होने पर हाईस्कूल में परिवर्तित कर दिया गया था। पुनः वर्ष-2008 में हाईस्कूल से हायर सेकेण्डरी स्कूल में उन्नयन किया गया है। भवन में कुल 10 कक्ष उपलब्‍ध है, जिसमें 03 कक्ष क्षतिग्रस्‍त है। 07 कक्ष अच्‍छी स्थिति में है। उपलब्‍ध 07 कक्षों में तथा निकटस्‍थ प्राथमिक शाला के 02 कक्षों, इस प्रकार 09 कक्षों में कक्षा 6वीं से 12वीं की कक्षाएं एक पाली में संचालित हो रही है। (ग) जी नहीं। शाला परिसर में 03 कक्ष एवं निकटस्‍थ प्राथमिक शाला के 06 जर्जर कक्षों को गिराने हेतु ग्राम पंचायत द्वारा प्रस्‍ताव जनपद पंचायत को भेजा गया है। (घ) हायर सेकेण्डरी स्कूल ब्रिजीशनगर हेतु भवन निर्माण बजट की उपलब्धता पर निर्भर करेगा। निश्चित सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

भावान्तर भुगतान योजनान्तर्गत किसानों को भुगतान की गयी राशि

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

25. ( क्र. 254 ) श्री रामनिवास रावत : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में भावान्तर भुगतान योजनान्तर्गत निर्धारित तिलहन व दलहन की फसलों का, योजना घोषित (दिनांक) करने से पूर्व के 15 दिनों में किस मूल्य पर विक्रय हो रहा था व योजना लागू होने की दिनांक से 15 दिन बाद उक्त फसलों का मंडियों में विक्रय मूल्य क्या रहा? दिनांकवार, जिलेवार बतावें? (ख) योजना लागू होने के दिनांक से प्रश्न दिनांक तक किस-किस फसल को इस योजनान्तर्गत कितने किसानों द्वारा किस दर पर बेचा गया है? जिलेवार बतावें? यह भी बतावें की उक्त अवधि में सरकार द्वारा प्रावधानित फसलों के मॉडल दर कब-कब व क्या-क्या घोषित की? आदेशों की प्रति उपलब्ध करावें? (ग) प्रश्न दिनांक तक भावान्तर भुगतान योजनान्तर्गत कितने किसानों को कितनी-कितनी राशि भावान्तर की दी जा चुकी है? जिलेवार बतावें?                             (घ) भावान्तर भुगतान योजना लागू होने के दिनांक से प्रश्नांकित तक प्रचार, प्रसार, विज्ञापन व योजना लागू करने के आयोजनों व राशि वितरणों के आयोजन पर (उज्जैन आदि) कितनी राशि किस-किस कार्य पर व्यय की गयी?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) भावांतर भुगतान योजनान्‍तर्गत निर्धारित आठ फसलों का प्रदेश स्‍तर के न्‍यूनतम, उच्‍चतम, मॉडल भाव का दिनांकवार विवरण की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है, परन्‍तु जिलेवार विक्रय मूल्‍य की जानकारी संधारित नहीं होती है। (ख) अत्‍यंत वृहद स्‍वरूप की जानकारी होने से संकलित की जा रही है। इस योजना अन्‍तर्गत किसान कल्‍याण तथा कृषि विकास विभाग द्वारा माह अक्‍टूबर, नवम्‍बर, दिसम्‍बर 2017 तथा जनवरी 2018 के लिए ''औसत मॉडल (होलसेल) विक्रय दर'' क्रमश: आदेश दिनांक 09 नवम्‍बर 2017 दिनांक 04 दिसम्‍बर 2017, दिनांक 10 जनवरी 2018 एवं दिनांक 05 फरवरी 2018 से घोषित किये गये है, जिनके विवरण की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र ''बी'' अनुसार है। संबंधित आदेशों की प्रति की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र ''सी'' अनुसार है। (ग) प्रश्‍नागत की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र ''डी'' अनुसार है।          (घ) भावांतर भुगतान योजना के प्रचार-प्रसार पर मंडी बोर्ड एवं मंडी समितियों के स्‍तर पर किये गये व्‍यय की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। 

प्रदेश में प्याज की फसल खरीदी एवं विक्रय में अनियमितता

[सहकारिता]

26. ( क्र. 256 ) श्री रामनिवास रावत : क्या राज्‍यमंत्री, सहकारिता महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2017 में प्रदेश में प्याज की फसल कुल कितने रकबे में बोई गई थी? कुल कितना उत्पादन हुआ? (ख) शासन द्वारा वर्ष 2017 में कितने कृषकों से कितनी राशि की प्याज कितनी मात्रा में खरीदी गई? जिलेवार कृषक संख्या, खरीद मात्रा, राशि, भण्डारण व्यय, हम्माली, तुलाई, परिवहन व्यय सहित बतावें? (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के परिप्रेक्ष्य में कितनी प्याज नीलाम की गई व किस दर पर? नीलामी से कितनी राशि प्राप्त हुई? कितनी प्याज राशन दुकान या अन्यत्र वितरण हेतु दी गई? क्या‍ शासन द्वारा खरीदी गई प्याज को नष्ट किया गया है? यदि हाँ, तो कितनी प्याज किस कारण से नष्ट की गई? नष्ट हुई प्याज का शासन द्वारा क्या किया गया?                  (घ) क्या वर्ष 2017 में शासकीय दर पर हुई प्याज खरीदी एवं विक्रय में अनियमितताओं के प्रकरण प्रकाश में आने के बाद जाँच संस्थित की गयी? यदि हाँ, तो किस के द्वारा जाँच की गयी? जाँच के क्या निष्कर्ष रहे? कौन-कौन दोषी पाए गए? दोषियों के विरूद्ध क्या कार्यवाही की गयी? यदि नहीं, तो क्यों?

राज्‍यमंत्री, सहकारिता ( श्री विश्वास सारंग ) : (क) 150839 हेक्‍टेयर रकबे में 3821046 मे.टन उत्‍पादन। (ख) 1,53,685 कृषकों से 87,35,339.83 क्विंटल राशि रू. 698.83 करोड़ के प्‍याज की खरीदी की गई, जिलेवार कृषक संख्‍या, खरीदी मात्रा, राशि व प्रासंगिक व्यय (हम्‍माली, तुलाई) की जानकारी संलग्न परिशिष्‍ट अनुसार है, भंडारण एवं परिवहन व्‍यय की जानकारी एकत्रित की जा रही है। (ग) एवं (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

परिशिष्ट - ''दस''

नवीन कन्‍या हाई स्‍कूल एवं हायर सेकेण्‍डरी स्‍कूल खोलना

[स्कूल शिक्षा]

27. ( क्र. 266 ) श्री भारत सिंह कुशवाह : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2004 में प्रदेश में कितने नवीन कन्‍या हाई स्‍कूल एवं हायर सेकेण्‍डरी स्‍कूल स्‍वीकृत हुये हैं? ग्‍वालियर जिले में कितने नवीन कन्‍या हाई स्‍कूल एवं हायर सेकेण्‍डरी स्‍कूल स्‍वीकृत किये गये स्‍थान एवं नाम सहित बतायें। (ख) इस वर्ष 2018-19 में कितने कन्‍या नवीन हाई स्‍कूल एवं हायर सेकेण्‍डरी स्‍कूल पृथक से खोले जा रहे हैं?ग्‍वालियर जिले में कहाँ-कहाँ कितने खोले जा रहे हैं? यदि नहीं, तो क्‍यों? कराण बतायें? क्‍या ग्‍वालियर जिले में नवीन कन्‍या हाई स्‍कूल एवं हायर सेकेण्‍डरी स्‍कूल की आवश्‍यकता नहीं है? (ग) क्‍या प्रदेश में जहां पर कक्षा 9 से 12 तक बालक बालिकायें साथ-साथ शिक्षा ग्रहण करते हैं। उनके लिये पृथक से कन्‍या विद्यालय के रूप में शिक्षा प्रदान करने की व्‍यवस्‍था की गई? यदि की गई है तो किन-किन जिलों में और कौन-कौन से विद्यालयों में? पूर्ण जानकारी दें। (घ) यदि वर्तमान में नहीं की गई है तो क्‍या बालकों से पृथक बालिकाओं की शिक्षा के लिये व्‍यवस्‍था की जायेगी? यदि की जायेगी तो कब तक? क्‍या ग्‍वालियर जिले के अंतर्गत शा.उ.मा.विद्यालय बेहट एवं पुरानी छावनी में भी इस प्रकार की व्‍यवस्‍था की जा सकती है? यदि की जा सकती है तो कब तक?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) वर्ष 2004 में प्रदेश में किसी भी हाईस्कूल/हायर सेकेण्डरी स्कूल में उन्नयन के आदेश जारी नहीं हुए हैं। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।                     (ख) वर्ष 2018-19 हेतु शाला उन्नयन की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) एवं (घ) वर्तमान में पृथक से कन्या शाला खोलने का प्रावधान नहीं है। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

विद्यालयों के भवन निर्माण

[स्कूल शिक्षा]

28. ( क्र. 267 ) श्री भारत सिंह कुशवाह : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) 14 ग्‍वालियर ग्रामीण विधान सभा क्षेत्रान्‍तर्गत कितने शासकीय प्राथमिक/माध्‍यमिक/हाई स्‍कूल/हायर सेकेण्‍डरी विद्यालय स्‍वीकृत हैं? सूची उपलब्‍ध कराई जाये। (ख) प्रश्‍नांश (क) विधान सभा क्षेत्रानुसार स्‍वीकृत विद्यालयों में से कितने विद्यालय भवन विहीन हैं? सूची उपलब्‍ध करायें। (ग) भवन विहीन विद्यालयों में से कितने विद्यालयों के निर्माण हेतु भवन स्‍वीकृत किये गये हैं? स्‍वीकृति हेतु लम्बित विद्यालयों के भवन कब स्‍वीकृत किये जावेंगे? समय-सीमा के साथ-साथ पृथक-पृथक सूची उपलब्‍ध कराई जाये।

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) विधानसभा क्षेत्र-14 ग्वालियर ग्रामीण अन्तर्गत स्‍वीकृत शासकीय प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार। हाई स्कूल एवं हायर सेकेण्डरी स्कूलों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार। (ख) प्रश्नांश (क) के अन्तर्गत विधानसभा क्षेत्र में भवनहीन शासकीय माध्यमिक विद्यालयों की जानकारी पुस्तकालय में रखे  परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार। हाई स्कूल एवं हायर सेकेण्डरी स्कूलों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार। (ग) शासकीय माध्यमिक विद्यालयों की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब में सम्मिलित है। हाईस्कूल एवं हायर सेकेण्डरी स्कूलों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है। भवन निर्माण बजट की उपलब्धता पर निर्भर करेगा। निश्चित समय-सीमा बताना संभव नहीं है।

नि:शुल्‍क साईकिल वितरण में अनियमिता की जाँच

[स्कूल शिक्षा]

29. ( क्र. 278 ) श्री तरूण भनोत : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                 (क) क्‍या नि:शुल्‍क साईकिल वितरण योजना के तहत विगत वर्ष मई 2017 में जबलपुर सहित संभाग के अन्‍य जिलों के स्‍कूली बच्‍चों को साईकिल बांटने के लिये हजारों साईकिलें भेजी गई थीं? क्‍या जबलपुर में 1534 रिजर्व साईकिलों में से 1414 साईकिलों को 6 महीने बाद वितरित कर दी गई लेकिन शेष 120 साईकिलें शिक्षा विभाग जबलपुर द्वारा 9 महीने बाद भी नहीं बाट पाया एवं साईकिलें एम.एल.बी. स्‍कूल के तीन कमरों में रखी रही और ये साईकिलें धीरे-धीरे कबाड़ हो गयी? पूर्ण जानकारी देवें। (ख) यदि वर्णित (क) हाँ तो क्‍या मान. मंत्री महोदय को भी इसकी जानकारी नहीं हैं एवं कलेक्‍टर जबलपुर को भी आधी अधूरी जानकारी देकर गुमराह किया गया है तथा अब मामला संज्ञान में आने पर जिला प्रशासन ने पूर्ण जाँच के निर्देश दिये हैं? (ग) वर्णित (क), (ख) सही है तो क्‍या उक्‍त प्रकरण की पूर्ण जाँच करायी जाकर संबंधित दोषियों पर कार्यवाही की जावेगी?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जबलपुर जिले में 18 इंच की 500 एवं 20 इंच की 1918 साईकिलें रिजर्व रखी गई थी, जिसमें से 20 इंच की सभी साईकिलों का वितरण किया जा चुका है। 18 इंच की 382 साईकिलें जबलपुर ग्रामीण शहपुरा एवं सिहोरा विकासखण्ड में पात्र छात्र/छात्राओं को वितरित किया जा रहा है। (ख) सत्र 2016-17 में जबलपुर संभाग मुख्यालय में साईकिल रिजर्व में रखी गई थी। कलेक्टर जबलपुर के द्वारा अपर कलेक्टर को रिजर्व साईकिल के वितरण संबंधी परीक्षण करने के निर्देश दिये गये थे। (ग) प्रकरण की जाँच कराई जा रही है। गुण दोष के आधार पर कार्यवाही की जाएगी।

नियम विरूद्ध अध्‍यापक की पदस्‍थापना एवं आवास आवंटन की जाँच

[स्कूल शिक्षा]

30. ( क्र. 279 ) श्री तरूण भनोत : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि              (क) क्‍या स्‍कूल शिक्षा विभाग द्वारा संचालित प्रशिक्षण संस्‍थाओं में (जैसे-पी.एस.एम. महाविद्यालय) अध्‍यापक संवर्ग के कर्मचारी की नियुक्ति/पदस्‍थापना के कोई नियम हैं? यदि नहीं, तो क्‍या जबलपुर में पी.एस.एम. महाविद्यालय में किसी अध्‍यापक को नियम विरूद्ध नियुक्‍त किया गया है? क्‍या यह भी सही है कि संबंधित अध्‍यापक को शासकीय आवास की पात्रता न होने पर भी उसे शासकीय आवास भी आवंटित किया गया है? (ख) क्‍या पी.एस.एम. महाविद्यालय में पूर्व से ही पदस्‍थ स्‍थाई कर्मचारी के शासकीय आवास हेतु आवेदन लंबित होने पर भी संबंधित अध्‍यापक को संस्‍था प्राचार्य द्वारा नियम विरूद्ध आवास उपलब्‍ध हेतु कार्यवाही की गई थी एवं उक्‍त आवास के मरम्‍मत हेतु प्राचार्य द्वारा पी.डब्‍ल्‍यू.डी. के अधिकारियों से मिलकर प्राक्‍कलन तैयार कर शासन को लाखों रूपये की राशि की क्षति पहुंचाई गई थी? (ग) यदि वर्णित (क) (ख) सही तो क्‍या वर्णित (क) के अध्‍यापक के आवास आवंटन एवं पदस्‍थापना में हुई अनियमितताओं की जाँच करवाते हुये संबंधित दोषियों पर कार्यवाही की जावेगी?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जी नहीं। शिक्षण प्रशिक्षण संस्‍थानों में रिक्‍त पदों पर अध्‍यापक संवर्ग की प्रतिनियुक्ति पर सेवाएं लिए जाने के निर्देश है। विभागीय आदेश क्रमांक एफ 1-10/2013/20-1 दिनांक 24/07/2013 द्वारा प्रतिनियुक्ति पर पदस्‍थापना की गई है। राज्‍य शिक्षा केन्‍द्र द्वारा आवास आवंटन हेतु संस्‍था प्रमुख को अधिकृत किया गया है। आवास रिक्‍तता के आधार पर प्राचार्या द्वारा महिला कर्मचारी को आवास आवंटित किया गया है।                         (ख) महाविद्यालय में पूर्व से पदस्‍थ किसी भी कर्मचारी का आवेदन लंबित न होने के कारण संबंधित कर्मचारी को आवास आवंटित किया गया। आवास की मरम्‍मत हेतु प्राक्‍कलन पी.डब्‍ल्‍यू.डी. द्वारा तैयार कर सक्षम प्राधिकारी को भेजा गया, राशि स्‍वीकृत नहीं होने से शासन को क्षति पहुँचाने का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता। (ग) प्रश्‍नांश '' एवं '' के उत्‍तर के प्रकाश में प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता। 

स्कूलों में बाउण्ड्रीवॉल निर्माण

[स्कूल शिक्षा]

31. ( क्र. 316 ) श्री कुँवरजी कोठार : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) राजगढ़ जिले की विधानसभा क्षेत्र सारंगपुर अंतर्गत ऐसे कौन-कौन से प्राथमिक, माध्यमिक, हाईस्कूल एवं हायर सेकेण्ड्री स्कूल हैं जिनकी बाउण्ड्रीवॉल नहीं है? (ख) प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्य में उक्त स्कूलों की बाउण्ड्रीवॉल निर्माण हेतु शिक्षा विभाग द्वारा क्या कार्यवाही प्रश्‍न दिनांक तक की गई है? (ग) क्या शासन उपरोक्त स्कूलों की बाउण्ड्रीवॉल निर्माण हेतु इस वित्तीय सत्र में स्वीकृति प्रदान करेगा? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्यों?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) राजगढ़ जिले की विभानसभा क्षेत्र सांरगपुर अंतर्गत 166 प्राथमिक शाला एवं 74 माध्‍यमिक शालाएं बाउण्‍ड्रीवॉल विहीन है। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अ अनुसार। हाईस्‍कूल एवं हायर सेकेण्‍डरी स्‍कूलों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार। (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में प्राथमिक/माध्यमिक शालाओं की बाउण्‍ड्रीवॉल निर्माण हेतु सर्व शिक्षा अभियान के तहत वार्षिक कार्य योजना वर्ष 2017-18 में प्रस्‍ताव भेजा गया था। भारत सरकार से स्वीकृति प्राप्त नहीं हुई। पुनः वर्ष 2018-19 में भेजा जाना प्रस्तावित है। राज्‍य मद से शालाओं में बाउण्‍ड्रीवॉल निर्माण की कार्यवाही प्रचलन में है। हाई/हायर सेकेण्डरी स्कूलों में बाउण्ड्रीवॉल का निर्माण बजट की उपलब्धता पर निर्भर करेगा। निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ग) राज्‍य मद से शालाओं में बाउण्ड्रीवॉल निर्माण बजट उपलब्‍धता के अनुसार स्वीकृत किया जा सकेगा। समय सीमा बताना संभव नहीं है। 

खरीफ फसल के बीमा क्लेम का भुगतान

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

32. ( क्र. 344 ) श्री हरवंश राठौर : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की खरीफ 2017-18 के लिए बण्‍डा विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत आने वाले किन-किन तहसीलों में कितने कृषकों को बीमा क्लेम मिला है एवं कितने शेष हैं? कितने दावा आंकलन प्रक्रियाधीन हैं? (ख) क्या प्रश्‍नांश (क) की तहसील के अधिकांश ग्रामों के कृषकों के क्‍लेम प्रकरण सोसायटियों द्वारा समय सीमा में बैंकों में प्रस्‍तुत न करने के कारण प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से लाभ नहीं मिला? (ग) निर्धारित समय पर बीमा क्लेम ना देने एवं प्रकरण तैयार कर प्रस्तुत न करने वाले सोसायटियों/अधिकारियों पर शासन कब तक कार्यवाही करेगा तथा जाँच उपरांत पुन: भुगतान की कार्यवाही करेगा?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना खरीफ वर्ष 2017 अंतर्गत बीमांकन एवं बीमा दावों की गणना का कार्य प्रक्रियाधीन है। अत: खरीफ 2017-18 के लिये पात्र कृषकों को फसल बीमा दावों का भुगतान प्रक्रिया पूरी होने पर किया जावेगा। (ख) जी नहीं। (ग) प्रश्‍न ही नहीं उठता।

सागर स्थित विश्राम गृह क्रमांक 1 में अतिरिक्‍त ब्‍लॉक का निर्माण

[लोक निर्माण]

33. ( क्र. 360 ) श्री शैलेन्द्र जैन : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                     (क) सागर नगर के विश्राम गृह क्र. 01 में अतिरिक्‍त ब्‍लॉक निर्माण हेतु प्रश्‍नकर्ता के प्रश्‍न क्र. 160 दिनांक 27.11.2017 के उत्‍तरांश में बताया गया था कि मान. मंत्री जी के निर्देश पर प्रस्‍ताव तैयार किया जा रहा है? क्‍या प्रस्‍ताव तैयार कर लिया गया है? यदि हाँ, तो कितनी राशि का है?                           (ख) प्रश्‍नाधीन ब्‍लॉक का निर्माण कार्य कब तक प्रारम्‍भ किया जायेगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ। जी हाँ। राशि रू. 97.06 लाख। (ख) समय-सीमा बताना संभव नहीं।

धर्मश्री भोपाल बायपास मार्ग निर्माण

[लोक निर्माण]

34. ( क्र. 361 ) श्री शैलेन्द्र जैन : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि            (क) प्रश्‍नकर्ता के प्रश्‍न क्र. 1107 दिनांक 04.12.2017 के उत्‍तर में बताया था कि धर्मश्री-भोपाल बायपास मार्ग निर्माण में भूमि उपलब्‍ध नहीं होने के कारण कार्य पूर्ण नहीं किया जा सका है तथा धारा 6 की कार्यवाही राजस्‍व विभाग में लंबित है। क्‍या धारा 6 के अंतर्गत भू-अर्जन की कार्यवाही राजस्‍व विभाग द्वारा पूर्ण कर ली गई है? यदि नहीं, तो इसका क्‍या कारण है तथा कब तक पूर्ण कर ली जायेगी? (ख) उपरोक्‍त प्रश्‍न के जवाब में बताया गया था कि, नवीन एक-रेखण का प्रस्‍ताव तथा पुनरीक्षित प्राक्‍कलन तैयार किया गया है जो कि परीक्षणाधीन है। क्‍या उक्‍त प्राक्‍कलन का परीक्षण पूर्ण हो चुका है? परीक्षण के उपरांत प्रश्‍न दिनांक तक क्‍या कार्यवाही की गई? (ग) क्‍या शासन प्रश्‍नाधीन बायपास के निर्माण कार्य को अविलम्‍ब पूर्ण कराने के लिये निश्चित समयावधि में कोई ठोस कार्यवाही करेगा? यदि हाँ, तो कब तक?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ। जी नहीं, एक-रेखण में परिवर्तन एवं लागत में बढोतरी के कारण, एक-रेखण परिवर्तन की सैद्धांतिक स्‍वीकृति एवं पुनरीक्षित स्‍वीकृति जारी होने के पश्‍चात पुन: भू-अर्जन के संबंध में नये सिरे से कार्यवाही की जावेगी। अत: वर्तमान में              समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं। (ख) जी हाँ। जी नहीं। नवीन एक-रेखण एवं स्‍वीकृत       एक-रेखण में भू-अर्जन की अत्‍याधिक लागत आने के कारण एक-रेखण परिवर्तन की सैद्धांतिक स्‍वीकृति का प्रस्‍ताव परीक्षणाधीन है। (ग) एक-रेखण में परिवर्तन की सैद्धांतिक स्‍वीकृति जारी होने के पश्‍चात कार्यवाही की जावेगी। वर्तमान में समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता

[स्कूल शिक्षा]

35. ( क्र. 396 ) इन्जी. प्रदीप लारिया : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सागर जिले में वर्ष 2016-17 में कौन-कौन सी शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिताएं संपन्‍न हुई? (ख) इन प्रतियोगिताओं में मध्‍यप्रदेश शासन द्वारा क्रीड़ा प्रतियोगिता संपन्‍न कराने हेतु जिले के लिए                क्‍या-क्‍या सुविधाएं एवं आवंटन प्रदाय किया गया था? (ग) क्रीड़ा प्रतियोगिता में प्राप्‍त आवंटन राशि का विभाग द्वारा किस-किस मद में कितनी कितनी राशि व्‍यय की गई? (घ) क्‍या उपरोक्‍त राशि के खर्च हेतु विभाग द्वारा कोई समिति बनाई गई है?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र-एक अनुसार है। (ख) एवं (ग) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र-दो अनुसार है। (घ) जी हाँ। स्थानीय स्तर पर समितियाँ गठित की गई है। 

परिशिष्ट - ''ग्यारह''

पात्र को परिवार पेंशन का लाभ

[स्कूल शिक्षा]

36. ( क्र. 398 ) श्री इन्‍दर सिंह परमार : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या शाजापुर जिले के मोहन बडोदिया ब्‍लॉक के सेवानिवृत्‍त सहायक जिला शाला निरीक्षक स्‍व. श्री कालीचरण जी शर्मा के विकलांग पुत्र प्रवीण शर्मा द्वारा पारिवारिक पेंशन के अंतर्गत 02/09/2016 को पेंशन स्‍वीकृति हेतु आवेदन किया गया था? यदि हाँ, तो आवेदन के संलग्‍न किये गये 13 प्रकार के दस्‍तावेजों की प्रति उपलब्‍ध करायें। (ख) प्रश्‍नांश (क) में उल्‍लेखित प्रकरण में विकासखण्‍ड शिक्षा अधिकारी मोहन बडोदिया द्वारा दिनांक 02/09/2016 का प्रवीण शर्मा पिता स्‍व. श्री कालीचरण जी शर्मा को जारी किया गया प्रमाणीकरण जिसमें पारिवारिक पेंशन स्‍वीकृति की अनुशंसा की गई है सही है अथवा दिनांक 30/12/2017 को विकासखण्‍ड शिक्षा अधिकारी कार्यालय द्वारा जारी प्रमाणीकरण पत्र क्रमांक/वि.प./2017/284 सही है? वित्‍त विभाग के पत्र क्रमांक/बि-25/11/1997 p.w.c./चार/दिनांक 27/02/1997 की प्रति उपलब्‍ध करायें। (ग) प्रश्‍नांश (क) में उल्‍लेखित प्रकरण में संलग्‍न विकलांगता का प्रमाण-पत्र दिनांक 04/04/2008 जो जिला मेडिकल बोर्ड शाजापुर द्वारा जारी किया गया तथा 07/09/2017 को सिविल-सर्जन द्वारा जारी प्रमाण-पत्र की आवेदक द्वारा प्रति दी गयी है, जिसमें स्‍पष्‍ट रूप से 45% से अधिक स्‍थायी (Permanent) विकलांगता का उल्‍लेख किया गया है? क्‍या दोनों प्रमाण-पत्र गलत है? (घ) प्रश्‍नांश (ग) में उल्‍लेखित प्रमाण-पत्रों की वैधता को जाँचने की तकनीकी अधिकार क्‍या मोहन बडोदिया विकासखण्‍ड शिक्षा अधिकारी को है? वैध प्रमाण-पत्रों के आधार पर किये गये आवेदन को किस आधार पर निरस्‍त कर दिया गया? क्‍या सक्षम अधिकारी से संपूर्ण प्रकरण की जाँच कराई जावेगी?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जी नहीं। अपितु संबंधित द्वारा दिनांक 9.9.2016 को प्रस्तुत आवेदन पत्र जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय को प्राप्त हुआ है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-एक अनुसार। (ख) विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी, मोहन बडोदिया के पत्र दिनांक 2.9.2016 एवं पत्र दिनांक 30.12.2017 द्वारा जारी प्रमीणीकरण में विरोधाभाष होने के कारण संचालनालय के पत्र दिनांक 16.2.2018 द्वारा संयुक्त संचालक लोक शिक्षण उज्जैन संभाग उज्जैन से जारी प्रमाणीकरण की वैधता की जाँच कर जाँच प्रतिवदेन चाहा गया है। जाँच प्रतिवेदन प्राप्त होने पर नियमानुसार कार्यवाही की जावेगी। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-दो एवं तीन अनुसार। (ग) विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी, मोहन बडोदिया के पत्र दिनांक 12 फरवरी 2018 द्वारा संयुक्त संचालक, स्वास्थ सेवाएं उज्जैन संभाग उज्जैन से प्रश्‍नांश में अंकित जिला मेडिकल बोर्ड एवं सिविल सर्जन द्वारा जारी प्रमाण पत्रों की वैधता एवं असक्षमता के संबंध में मार्गदर्शन चाहा गया है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-चार अनुसार। मार्गदर्शन प्राप्त होने पर नियमानुसार कार्यवाही की जावेगी। (घ) प्रश्‍नांश '' एवं '' के उत्तर के प्रकाश में प्रश्‍न उपस्‍थित नहीं होता।

भू-अर्जन का मुआवजा

[लोक निर्माण]

37. ( क्र. 399 ) श्री इन्‍दर सिंह परमार : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या अरनिया कलॉ-कोठडी कलॉ मार्ग से अलिसरिया-रोलाखेड़ी पहुँच मार्ग की सड़क निर्माण में उपयोग की गई भूमि का मुआवजा शेष रहे किसानों को प्रदान कर दिया गया है? यदि नहीं, तो क्‍यों? (ख) प्रश्‍नांश (क) में उल्‍लेखित सड़क के शेष रहे किसानों की भूमि के मुआवजा प्रकरण में धारा 11 में अधिसूचित करने के बाद अवार्ड पारित करने हेतु संभावित राशि की मांग भू-अर्जन अधिकारी शुजालपुर द्वारा की गई है? यदि हाँ, तो कुल कितनी राशि? (ग) प्रश्‍नांश (ख) में उल्‍लेखित मुआवजे की संभावित राशि की मांग ई.एन.सी. लोक निर्माण विभाग भोपाल से किस दिनांक को कर ली गई थी और मांग के अनुसार भू-अर्जन अधिकारी, शुजालपुर को क्‍या राशि का आवंटन कर दिया गया है? यदि नहीं, किया गया तो कब तक राशि आवंटित की जावेगी?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी नहीं। प्रकरण प्रक्रियाधीन है। (ख) जी हाँ। राशि रू. 59,45,400/- (ग) दिनांक 23/11/2016 एवं दिनांक 02/12/2016. जी नहीं। प्रकरण प्रक्रियाधीन है। निश्चित तिथि बताना संभव नहीं है।

लोक निर्माण विभाग जबलपुर द्वारा कराये निर्माण कार्य

[लोक निर्माण]

38. ( क्र. 405 ) श्री नीलेश अवस्‍थी : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वित्‍त वर्ष 2014-15 से प्रश्‍न दिनाँक परियोजना क्रियान्‍वयन ईकाई (पी.आई.यू.) क्रमांक-8 लोक निर्माण विभाग जबलपुर द्वारा कौन-कौन से कितनी-कितनी लागत के भवनों के निर्माण की स्‍वीकृति किन-किन निर्माण एजेंसियों को किन शर्तों के अधीन प्रदान की गई वर्षवार सूची देवें।            (ख) प्रश्‍नांश (क) में उल्‍लेखित निर्माण कार्य किस-किस दिनाँक को पूर्ण हुये तथा कौन-कौन से निर्माण कार्य प्रश्‍न दिनाँक तक किन कारणों से अपूर्ण हैं? निर्माण कार्यवार सूची देवें। इन पूर्ण हो चुके किन-किन निर्माण कार्यों का कितना-कितना भुगतान किन कारणों से प्रश्‍न दिनाँक तक निर्माण एजेंसियों को प्रदान किया जाना शेष है? (ग) प्रश्‍नांश (ख) में उल्‍लेखित पूर्ण हो चुके किन-किन निर्माण कार्यों के शेष भुगतान हेतु निर्माण एजेंसियों द्वारा कब-कब शासन स्‍तर पर अनुरोध पत्र कार्यालय संभागीय परियोजना यंत्री लोक निर्माण विभाग (पी.आई.यू.) क्रमांक-8 जबलपुर प्रेषित किये गये तथा शासन द्वारा प्रति उत्‍तर में किन कारणों से भुगतान लंबित होना बतलाया गया। प्रति उत्‍तर की छाया प्रति सहित बतलावें। (घ) क्‍या कार्यालय संभागीय परियोजना यंत्री लोक निर्माण विभाग (पी.आई.यू.) क्रमांक-8 जबलपुर द्वारा अपने पत्र क्रमांक/526/अंकेक्षक/1/2 जबलपुर दिनाँक 12.03.2015 द्वारा निर्माण कार्यों का पुनरीक्षित प्राक्‍कलन शासन स्‍तर पर ज्ञाप क्रमांक 2388/त.क्र./1/दिनाँक 24.09.2014 को स्‍वीकृति हेतु भेजा गया तथा स्‍वीकृति प्राप्‍त होते ही निर्माण एजेंसियों के देयकों का भुगतान कर दिया जावेगा, का उल्‍लेख किया था तथा निर्माण एजेंसियों द्वारा बकाया भुगतान प्राप्‍त न होने पर बार-बार अनुरोध पत्र अग्रेषित करने पर कार्यालय संभागीय परियोजना यंत्री लोक निर्माण (पीआईयू) क्रमांक-8 जबलपुर द्वारा उन्‍हें अपने पत्र क्रमांक/487/ अंकेक्षक/जबलपुर दिनाँक 11.09.2017 में उक्‍त निर्माण कार्यों की पुनरीक्षित शासकीय स्‍वीकृति/बढ़ी हुई राशि की स्‍वीकृति प्राप्‍त होते ही शेष भुगतान करने का आश्‍वासन दिया गया है? (ड.) प्रश्‍नांश (घ) के संबंध में वित्‍त वर्ष 2014-15 से प्रश्‍न दिनाँक तक प्रश्‍नांश (घ) में उल्‍लेखित निर्माण कार्यों की पुनरीक्षित शासकीय स्‍वीकृति/बढ़ी हुई राशि की स्‍वीकृति शासन स्‍तर से प्राप्‍त न होने के क्‍या कारण है? इसका दोषी कौन है, क्‍या शासन इसकी जाँच कराकर दोषियों पर कार्यवाही करते हुये निर्माण एजेंसियों के शेष भुगतान की राशि का शीघ्र भुगतान करेगा? यदि हाँ, तो किस प्रकार से कब तक यदि नहीं, तो क्‍यों नहीं?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) निर्माण की स्‍वीकृति नहीं, अपितु निविदा की स्‍वीकृति प्रदाय की गई, जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है।                      (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ग) जी नहीं। शेष प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता। (घ) जी हाँ। जी हाँ। (ड.) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है।

पी.एम.जी.एस.वाय. द्वारा ली गयी सड़कों के टेंडर

[लोक निर्माण]

39. ( क्र. 414 ) सुश्री हिना लिखीराम कावरे : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बालाघाट जिले में लोक निर्माण विभाग की ऐसी कितनी ग्रामीण सड़कें हैं जिन्‍हें पी.एम.जी.एस.वाय. द्वारा लिया गया है तथा उसकी म.प्र. ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण के G.M. द्वारा या अन्‍य अधिकारियों द्वारा विभाग को सूचना दी गयी है? ये सूचनाएँ विभाग को कब प्राप्‍त हुई? सड़कों के नाम तथा प्राप्‍त सूचना की तिथि के अनुसार जानकारी दें। (ख) क्‍या पी.एम.जी.एस.वाय. के द्वारा सूचना देने के बावजूद मुख्‍य अभियंता जबलपुर द्वारा उन्‍हीं सड़कों के रिनीवल के टेंडर निकाल दिये गये? यदि हाँ, तो क्‍या इन टेंडरों पर वर्क आर्डर जारी हो चुका है?       (ग) जबलपुर संभाग के अन्‍य जिलों में भी विगत 3 वर्षों में पी.एम.जी.एस.वाय. द्वारा सूचना देने के बावजूद भी यदि इन सड़कों के रिनीवल के टेंडर निकले हों तो उसकी भी जानकारी दें तथा शासन इसके लिए जिम्‍मेदार अधिकारियों पर क्‍या कार्यवाही करेगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) जी नहीं। प्रश्‍न ही नहीं उठता। (ग) जबलपुर संभाग के अन्‍य जिलों में विगत 3 वर्षों में पी.एम.जी.एस.वाय. द्वारा सूचना देने के बाद सूचित सड़कों के रिनीवल के टेण्‍डर नहीं निकाले गये। प्रश्‍न ही नहीं उठता।

परिशिष्ट - ''बारह''

शिक्षा के अधिकार के तहत प्रदाय शुल्‍क की जानकारी

[स्कूल शिक्षा]

40. ( क्र. 415 ) सुश्री हिना लिखीराम कावरे : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शिक्षा का अधिकार अधिनियम प्रदेश में कब से लागू हुआ है? इस अधिकार के तहत अशासकीय विद्यालयों में प्रवेशित बी.पी.एल. परिवार के बच्‍चों को दी जाने वाली शुल्‍क की अधिकतम सीमा प्रतिवर्ष के हिसाब से कितनी तय की गयी है तथा इसमें कब-कब परिवर्तन किया गया है?         (ख) क्‍या बालाघाट जिले में अनेकों मामले में स्‍कूलों की सालाना फीस निर्धारित अधिकतम फीस से कम होने के बावजूद उन्‍हें अधिकतम फीस का लाभ देकर प्रदेश में भारी भ्रष्‍टाचार किया गया है? इस संबंध में प्राप्‍त शिकायतों तथा उन पर की गई कार्यवाहियों के संबंध में जानकारी दें? (ग) जबलपुर संभाग के अंतर्गत अधिकतम शुल्‍क दिये जाने वाले तथा अधिकतम शुल्‍क से कम शुल्‍क जिन स्‍कूलों द्वारा निर्धारित है ऐसे स्कूलों के नाम, गांव अथवा शहर जिले के नाम सहित जानकारी दें।

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) शिक्षा का अधिकार अधिनियम प्रदेश में दिनांक 01 अप्रैल 2010 से लागू हुआ है। शिक्षा का अधिकार अधिनियम की धारा 12 (1) (सी) के तहत गैर अनुदान प्राप्‍त अशासकीय विद्यालयों में नि:शुल्‍क अध्‍ययनरत् बच्‍चों को दी जाने वाली शुल्‍क की अधिकतम सीमा वर्ष 2011-12, 2012-13, 2013-14, 2014-15 तथा 2015-16 में क्रमश: रूपये 2607, रूपये 3065, रूपये 3478, रूपये 3826 तथा रूपये 4209 रही है। (ख) बालाघाट जिले में अशासकीय शालाओं को निर्धारित नियमों के विरूध्द फीस प्रतिपूर्ति करने की शिकायत प्राप्त नहीं हुई है, अत: शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) जबलपुर संभाग के अंतर्गत सत्र 2015-16 में अधिकतम शुल्‍क दिये जाने वाले स्‍कूलों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र- '' अनुसार एवं ऐसे स्‍कूल जिसका अधिकतम शुल्‍क से कम शुल्‍क निर्धारित है, की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-'' अनुसार है। 

ग्रेज्‍युटी भुगतान एवं पेंशन पुनरीक्षण लंबित प्रकरण

[लोक निर्माण]

41. ( क्र. 424 ) श्री कमलेश शाह : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या कारण है कि श्री सुंदरलाल शुक्‍ला जो लो.नि.वि.भ./स. सतपुड़ा संभाग छिंदवाड़ा से दिनांक 31/08/2014 को स्‍थल सहायक पद से सेवानिवृत्‍त हुए का वर्ष 1963 से 1981 तक का ग्रेज्‍युटी भुगतान एवं पेंशन पुनरीक्षण अभी तक लंबित है? (ख) छिंदवाड़ा कार्यालय के पत्र क्रमांक 3209 दिनांक 19/06/2017 पर प्रमुख अभियंता लो.नि.वि. निर्माण भवन भोपाल में प्रश्‍न दिनांक तक क्‍या कार्यवाही की है? समस्‍त पत्राचार की छायाप्रति देवें। (ग) इसे लंबित रखने वाले अधिकारियों पर शासन कब तक कार्यवाही करेगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) श्री सुंदरलाल शुक्ला सेवानिवृत्त स्थल सहायक के माह फरवरी 1981 से वर्ष 1994 तक अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित रहने के कारण इनका ग्रेज्युटी भुगतान एवं पेंशन प्रकरण लंबित है। (ख) प्रकरण प्रक्रियाधीन है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) प्रकरण कर्मचारी की अनाधिकृत अनुपस्थिति के कारण लंबित है। अतः कार्यवाही का प्रश्न ही नहीं उठता।

दलहन खरीदी में अनियमितता

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

42. ( क्र. 427 ) श्री बाला बच्‍चन : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) परि. अता. प्र.क्रं. 53 दिनांक 04.12.17 के (क) उत्‍तर में वर्ष 2017-18 में दर्शाई गई अरहर, मूँग, उड़द, मसूर, चना का भुगतान जिनकों किया गया, उनके नाम, अकांउट नंबर, बैंक नाम, भुगतान राशि सहित दलहनवार जानकारी देवें। (ख) उपरोक्‍तानुसार (ग) उत्‍तर में दोषी कर्मचारियों पर कार्यवाही की जानकारी शासन ने दी लेकिन क्‍या उपरोक्‍त भुगतान प्राप्‍तकर्ताओं एवं दोषी अधिकारियों से वसूली के लिए कोई कार्यवाही की है? यदि हाँ, तो समस्‍त पत्राचार की छायाप्रति देवें। (ग) यदि नहीं, तो कारण बतावें। वसूली की कार्यवाही कब की तक की जावेगी? (घ) क्‍या कारण है कि लगभग 400 करोड़ रू. के इस भ्रष्‍टाचार पर विभाग के उच्‍चाधिकारियों की कोई जवाबदेही शासन ने तय नहीं की? जाँच प्रतिवेदन (प्रश्‍न में वर्णित) की प्रमाणित प्रति भी देवें।

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

फसल बीमा प्रीमियम

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

43. ( क्र. 428 ) श्री बाला बच्‍चन : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्र.क्र. 5379 दिनांक 23.3.17 में खरीफ 2016 में बड़वानी जिले के 1,35,620 किसानों द्वारा 12.72 करोड़ रू. प्रीमियम जमा करना बताया लेकिन प्र.क्र. 891 दिनांक 27.11.17 में खरीफ 2016 में बड़वानी जिले में 41,646 किसानों द्वारा 1.15 करोड़ रू. प्रीमियम जमा करना बताया (फसल बीमा) क्‍या यह सच है? (ख) मार्च 2017 से नवंबर 2017 के दौरान 93,974 किसान व उनके द्वारा जमा 11.5 करोड़ रू. राशि कम कैसे हो गई? (ग) राजपुर विधानसभा क्षेत्रान्‍तर्गत आने वाली तहसील के किसानों द्वारा खरीफ 2016 के प्रधानमंत्री फसल बीमा प्रीमियम राशि की जानकारी किसानों की संख्‍या, जमा राशि सहित देवें। (घ) किसान संख्‍या कम करके बीमा कंपनी को लाभ पहुँचाने वाले अधिकारियों पर शासन कब तक कार्यवाही करेगा?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

मण्‍डी समितियों में उपयंत्रियों की नियुक्ति एवं नियमितीकरण

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

44. ( क्र. 430 ) श्रीमती प्रमिला सिंह : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्‍यप्रदेश की कृषि उपज मण्‍डी समितियों द्वारा मंडियों की स्‍थापना दिनांक से किस दिनांक तक दैनिक वेतन भोगी/तदर्थ में कितने उपयंत्रियों की नियुक्‍त की गई? उपयंत्री का नाम, मण्‍डी समिति का नाम एवं नियुक्ति दिनांक बतावें। (ख) प्रश्‍नांश (क) में किन-किन उपयंत्रियों को किस आदेश व दिनांक से किसके निर्देश पर किसके द्वारा नियमित किया गया? विवरण दें। (ग) क्‍या मध्‍यप्रदेश राजपत्र प्रकाशन दिनांक 21 नवम्‍बर 1986 से मण्‍डी समितियों के उपयंत्री एवं लेखापाल का पद राज्‍य विपणन सेवा में शामिल कर लिया गया है? (घ) यदि हाँ, तो 21 नवम्‍बर 1986 के बाद मण्‍डी समिति के कितने उपयंत्रियों को राज्‍य विपणन सेवा में लिया गया? उनका नाम बतावें। उक्‍त दोषपूर्ण कार्यवाही के लिए कौन दोषी है तथा किन उपयंत्रियों का नाम राज्‍य विपणन सेवा में शामिल नहीं किया गया है? उन्‍हें कब तक शामिल किया जावेगा? यदि नहीं, तो कारण बताएं।

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) एवं (ख) जानकारी एकत्रित की जा रही है। (ग) म.प्र. राजपत्र प्रकाशन दिनांक 21 नवम्‍बर 1986 के द्वारा कॉलम (एक) में उल्‍लेखित अन्‍य अधिकारियों के साथ उपयंत्री ऐसी मंडी समिति जिसकी वार्षिक आय पाँच लाख रूपयें से अधिक हो किंतु पंद्रह लाख रूपयें से अधिक न हो और लेखापाल प्रथम श्रेणी, प्रथम श्रेणी की मंडी समिति को उसके (अनुसूची के) कालम (2) की तत्‍स्‍थानी प्रविष्टियों में विनिर्दिष्‍ट मंडी समिति के लिये राज्‍य विपणन सेवा सदस्‍यों के रूप में अव‍धारित किया गया है। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (घ) 34 उपयंत्रियों को राज्‍य विपणन सेवा में लिया गया। नाम की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। वर्तमान में राज्‍य विपणन सेवा अस्तित्‍व में नहीं है। इस स्थिति में शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

मेटरनिटी वार्ड भवन निर्माण

[लोक निर्माण]

45. ( क्र. 432 ) श्री दुर्गालाल विजय : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) श्‍योपुर जिला चिकित्‍सालय केम्‍पस में निर्माणाधीन मेटरनिटी वार्ड भवन का निर्माण कार्य कब स्‍वीकृत/प्रारंभ हुआ? इस की लागत, निर्माण एजेन्‍सी/ठेकेदार का नाम कार्य पूर्ण करने की अवधि क्‍या है? (ख) उक्‍त भवन का निर्माण कार्य क्‍या पूर्ण हो चुका है? यदि नहीं, तो निर्धारित अवधि के पश्‍चात भी इसके अपूर्ण रहने का कारण व कब पूर्ण होगा इस हेतु विभाग द्वारा कब-कब ठेकेदार को नोटिस दिये गये व अन्‍य कार्यवाही की गई? यदि नहीं, तो क्‍यों? (ग) भवन का निर्माण प्रारंभ होने के दिनांक से प्रश्‍न दिनांक तक कब व किन-किन अधिकारियों ने निर्माण कार्य का निरीक्षण किया? इनके द्वारा क्‍या निर्देश दिए गए? क्‍या उनका पालन भवन ठेकेदार/विभाग अधिकारियों द्वारा किया गया? नहीं तो क्‍यों? (घ) क्‍या उक्‍त भवन का निर्माण कार्य बहुत ही गुणवत्‍ताहीन कराया गया अथवा कराया जा रहा है? यदि हाँ, तो इस हेतु कौन उत्‍तरदायी है? यदि नहीं, तो क्‍या शासन भवन निर्माण कार्य की गुणवत्‍ता की व निर्माण कार्य में हो रहे विलम्‍ब के कारणों की जाँच करायेगा? यदि नहीं, तो क्‍यों?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) स्‍वीकृत दिनांक 16.01.2012, प्रारंभ दिनांक 02.05.2012। लागत रू. 476.50 लाख। निर्माण एजेन्‍सी मेसर्स लक्ष्‍मीचन्‍द एण्‍ड कंपनी ग्‍वालियर। कार्य पूर्ण अवधि 16 माह। (ख) जी हाँ। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (घ) जी नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''तेरह''

जिम्‍मेदारों की पहचान कर कार्यवाही

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

46. ( क्र. 482 ) श्री सुन्‍दरलाल तिवारी : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रीवा जिले में राष्‍ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन के तहत मिशन के कार्यक्रमों को लागू करने के लिए जिले को वर्ष 2012 से प्रश्‍नांश दिनांक तक वर्षवार कितनी-कितनी राशि प्रदान की गयी का विवरण देते हुये जानकारी विकास खंडवार देवें?(ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में राष्‍ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन के तहत प्राप्‍त राशि के उपयोग की स्थिति वर्ष 2012-13 से लेकर 2015-16 में क्‍या थी? कितने प्रतिशत राशि का उपयोग हुआ एवं कितने प्रतिशत राशि शेष थी? (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) अनुसार प्राप्‍त राशि का उपयोग न किये जाने से उद्देश्‍य की पूर्ति नहीं हुई उत्‍पादन क्षमता भी नहीं बढ़ी? इसके लिए कौन दोषी है?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) रीवा जिले को राष्‍ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन के तहत जिलेवार एवं वर्षवार प्रश्‍नांश दिनांक तक प्राप्‍त राशि का विवरण की जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। विकासखंड स्‍तर पर राशि प्रदाय नहीं की जाती है। (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में राष्‍ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन के तहत वर्ष 2012-13 से वर्ष 2015-16 तक प्राप्‍त राशि, व्‍यय राशि का प्रतिशत एवं शेष राशि का प्रतिशत विवरण की जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) अनुसार प्राप्‍त राशि का उपयोग प्रतिकूल मौसम होने से भौतिक लक्ष्‍यों के अनुरूप पूर्ति नहीं की जा सकी। अपितु कृषकों की उत्‍पादन क्षमता में वृद्धि हुई है। इसके लिये कोई दोषी नहीं है।

परिशिष्ट - ''चौदह''

सड़कों के निर्माण

[लोक निर्माण]

47. ( क्र. 489 ) श्री सुन्‍दरलाल तिवारी : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रश्‍नकर्ता सदस्‍य द्वारा समय-समय पर माननीय लोक निर्माण मंत्री मुख्‍य अभियंता लोक निर्माण विभाग, अधीक्षण यंत्री, लोक निर्माण विभाग एवं कार्यपालन यंत्री लोक निर्माण विभाग सम्‍भाग क्रमांक-01 को रीवा जिले अन्‍तर्गत विभाग द्वारा सड़कों के निर्माण बाबत् पत्र लिखे गये? (ख) प्रश्‍नांश (क) के पत्रों अनुसार किन-किन सड़कों के निर्माण बाबत् स्‍वीकृति प्रदान की गयी, का विवरण देवें एवं कितनी सड़कें स्‍वीकृति बाबत् लम्बित हैं? इनके कब तक स्‍वीकृति आदेश जारी किये जायेंगे? (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) सड़कों के निर्माण एवं प्राक्कलन तैयार कर शासन को स्‍वीकृत हेतु भेजे गये है, की जानकारी बार-बार विधान सभा के प्रश्‍नों के उत्‍तर में दी जा रही है, जिसके संबंध में मुख्‍य सचिव म.प्र. शासन को भी दिनाँक 30.12.2017-18 को पत्र क्र. 52 गुढ़ 75/2017-18 से कार्यवाही बाबत् प्रश्‍नकर्ता सदस्‍य द्वारा लिखा गया, लेकिन की गयी कार्यवाही की जानकारी अप्राप्‍त है? (घ) प्रश्‍नांश (क) अनुसार सड़कों के निर्माण की स्‍वीकृत प्रदान न करने प्रश्‍नांश (ग) अनुसार कार्यवाही न किये जाने के लिए जिम्‍मेवारों पर क्‍या कार्यवाही करेंगे? बतावें अगर नहीं तो क्‍यों?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ग) विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है।                     (घ) प्रश्‍नांश '' की सड़कों के निर्माण की स्‍वीकृत एवं कार्यवाही का विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' के कॉलम नं. 6, 7, 8, 9, 10 एवं प्रपत्र '' के कॉलम नं. 4 अनुसार है। अत: कोई जिम्‍मेदार नहीं। शेष प्रश्‍नांश का प्रश्‍न नहीं उठता।

अतिरिक्‍त सत्र न्‍यायालय हेतु नगर चांदमेटा बुटरिया में स्थित भूमि का चयन

[विधि और विधायी कार्य]

48. ( क्र. 503 ) श्री सोहनलाल बाल्‍मीक : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या परसिया में अतिरिक्‍त सत्र न्‍यायालय प्रारंभ करने हेतु भूमि (स्‍थल) का चयन ग्राम खिरसाडोह पॉलिटेक्निक कॉलेज के सामने विभाग द्वारा किया गया है? यदि हाँ, तो क्‍या यह उचित है। क्‍या यह सही है कि ग्राम खिरसाडोह शहर से लगभग 4 किमी दर अंतिम छोर पर स्थित है एवं जिला न्‍यायायलीन सीमा छिन्‍दवाड़ा से ग्राम खिरसाडोह की दूरी लगभग 10 से 12 कि.मी. बचेगी। जिसके कारण आमजनों को आवागमन व सस्‍ता, सुलभ न्‍याय प्राप्‍त करने में बहुत अधिक असुविधाओं का सामना करना पड़ेगा? (ख) क्‍या परासिया शहर के मध्‍य में स्थित नगर चांदामेटा बुटरिया में स्थित शासकीय भूमि, जिसका खसरा क्रमांक 35/1 रकबा 19.866 में से लगभग 9 हेक्‍टेयर शासकीय भूमि शेष है जो स्‍टेट हाईवे से 100 से 200 मीटर की दूरी पर सिविल अस्‍पताल चांदामेटा के सामने स्थित है तथा अगर उपरोक्‍त वर्णित भूमि पर अतिरिक्‍त सत्र न्‍यायालय का भवन बनाकर न्‍यायालय प्रारंभ किया जाता है, तो निश्चित ही परासिया विधान सभा क्षेत्र के आमजनों व जनता को अत्‍याधिक सुविधा प्राप्‍त हो सकेगी? (ग) क्‍या नगर चांदामेटा बुटरिया में स्थित शासकीय भूमि पर अतिरिक्‍त सत्र न्‍यायालय का भवन बनाकर न्‍यायालय प्रारंभ किये जाने हेतु व्‍यापारी मण्‍डल चांदामेटा द्वारा नगर परिषद चांदामेटा के अनापत्ति प्रमाण पत्र व अधिवक्‍ता संघ परासिया द्वारा भूमि के चयन हेतु सहमति पत्र व अन्‍य दस्‍तावेजों सहित ज्ञापन पत्र अनुविभागीय अधिकारी (राजस्‍व) परासिया को देते हुए, निवेदन किया जा चुका है। फिर भी अतिरिक्‍त सत्र न्‍यायालय हेतु भूमि का चयन ग्राम खिरसाडोह में किया गया है। (घ) यदि हाँ, तो क्‍यों? प्रश्‍नांश (क) से (ग) में उल्‍लेखित कारणों को देखते हुए क्‍या परासिया क्षेत्र की आमजनों व जनता की सुविधा को देखते हुए, उपरोक्‍त अतिरिक्‍त सत्र न्‍यायालय की स्‍थापना हेतु ग्राम खिरसाडोह में चयनित भूमि (स्‍थल) को परिवर्तित करते हुए, नगर चांदामेटा बुटरिया में स्थित शासकीय भूमि खसरा क्रमांक 35/1 रकबा 19.866 में से शेष बची लगभग 9 हेक्‍टेयर शासकीय भूमि पर अतिरिक्‍त सत्र न्‍यायालय प्रारंभ किया जायेगा? यदि नहीं, तो क्‍यों?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

किसानों हेतु संचालित योजनाएं

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

49. ( क्र. 510 ) श्री सचिन यादव : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) राज्‍य सरकार द्वारा प्रदेश के किसानों को लाभान्वित करने के लिए कौन-कौन सी योजनाएं संचालित की जा रही हैं? उक्‍त योजनान्‍तर्गत किसानों को किस-किस प्रकार से लाभान्वित किया जा रहा है? (ख) खरगोन जिले में भावांतर योजना अंतर्गत अब तक कितनी राशि का आवंटन प्राप्‍त हुआ और कितनी राशि का वितरण किया गया? (ग) प्रश्नांश (क) अनुसार खरगोन जिले के कितने किसानों को लाभान्वित किया गया? कितने वंचित है? इन्‍हें कब तक लाभन्वित किया जावेगा? क्‍या तत्‍संबंध में किसी प्रकार की लापरवाही या अनिय‍मितताएं हुई हैं? हाँ, तो कितनी शिकायतें प्राप्‍त हुई और उस पर अब तक क्‍या कार्यवाही की गई? (घ) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के संदर्भ में प्रश्‍नकर्ता द्वारा कितने पत्र जिला स्‍तर पर संबंधित अधिकारियों को प्राप्‍त हुए हैं? तत्‍संबंध में की गई कार्यवाही से अवगत करावें। (ड.) खरगोन जिले में किसानों को समर्थन मूल्‍य पर बेची गई उपज का अब तक भुगतान समय पर नहीं करने में कौन-कौन जिम्‍मेदार हैं? जानकारी दें।

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) विभाग द्वारा किसानों को लाभान्वित करने की योजनाओं की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। केंद्र प्र‍वर्तित योजनाओं एवं राज्‍य पोषित योजनाओं के प्रावधान अनुसार किसानों को लाभान्वित किया जा रहा है। (ख) खरगोन जिले में भावांतर भुगतान योजना अंतर्गत 154553087/- रू. का आवंटन प्राप्‍त हुआ है तथा 151243057/- रू. का भुगतान किसानों को किया जा चुका है। (ग) खरगोन जिले में अब तक 24477 किसानों को लाभांवित किया गया है। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-2 अनुसार है तथा तत्‍संबंध में किसी प्रकार की लापरवाही या अनियमितताएं नहीं हुई है। जिले में भावांतर भुगतान योजनांतर्गत कुल 15117 किसानों को लाभ दिया गया है तथा 32 किसानों को पंजीयन में रकबे संबंधित त्रुटि के कारण भावांतर राशि का भुगतान नहीं किया है। मुख्‍यमंत्री कृषक कल्‍याण जीवन कल्‍याण योजना 2008 अंतर्गत 23 किसान, कृषक विपणन पुरस्‍कार योजना 2006 में 286 किसान तथा मंडी प्रांगण में कृषि उपज की विक्रय के लिये आने वाले किसानों को 5 रू. प्रति थाली दर से भोजन प्रदाय करने संबंधी योजनांतर्गत 1,92,658 किसान लाभान्वित हुये हैं। सी.एम. हेल्‍प-लाईन के अंतर्गत मंडी बोर्ड में खरगोन जिले की भावांतर भुगतान योजना से संबंधित एल-4 में 79 शिकायतें तथा एल-3 में 101 शिकायतें दर्ज होकर कार्यवाही प्रचलित है। सी.एम. हेल्‍प-लाईन से संबंधित शिकायतें ऑन-लाईन प्राप्‍त होती है, जिनका निराकरण मंडी से प्राप्‍त प्रतिवेदन के आधार पर किया जाता है। (घ) प्रश्‍नकर्ता द्वारा प्रश्नांश (क) एवं (ख) के संदर्भ में एक पत्र जिला स्‍तर पर प्राप्‍त हुआ है, जिसका प्रति उत्‍तर कार्यालय, कृषि उपज मंडी समिति, खरगोन के पत्र क्रमांक 2551, दिनांक 08.02.2018 द्वारा दिया जा चुका है। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-3 अनुसार है। (ड.) खरगोन जिले में किसानों द्वारा समर्थन मूल्‍य पर बेची गई उपज का भुगतान किया जा चुका है। शेष का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता।

रिक्‍त पदों की पूर्ति

[स्कूल शिक्षा]

50. ( क्र. 511 ) श्री सचिन यादव : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि       (क) खरगोन जिले के शासकीय विद्यालयों में कर्मचारियों एवं शिक्षकों के कितने पद कब से और क्‍यों रिक्‍त हैं? कारण सहित विधान सभा क्षेत्रवार जानकारी दें। (ख) प्रश्नांश (क) में दर्शित विद्यालयों में उक्‍त रिक्‍त पदों की पूर्ति नहीं होने से शैक्षणिक सत्र क्‍या प्रभावित नहीं हो रहा है? हाँ, तो उक्‍त विद्यालयों में शैक्षणिक सत्र का संचालन एवं छात्र-छात्राओं को किस प्रकार शिक्षा प्रदान की जा रही है? (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के संदर्भ में हो रही लापरवाही के खिलाफ जवाबदेही सुनिश्चित कर किस प्रकार की कार्यवाही की जायेगी? (घ) प्रश्नांश (क) में दर्शित रिक्‍त पदों की पूर्ति कब तक कर दी जायेगी? (ड.) विगत 4 वर्षों में प्रश्‍नकर्ता द्वारा उक्‍त रिक्‍त पदों की पूर्ति करने हेतु प्रेषित कितने पत्र कब-कब प्राप्‍त हुए? तत्‍संबंध में क्‍या कार्यवाही की गई? की गई कार्यवाही से अवगत करावें।

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-एक अनुसार। (ख) रिक्‍त पदों के विरूद्ध अतिथि शिक्षकों से शैक्षणिक कार्य कराए जाने के कारण शैक्षणिक सत्र प्रभावित नहीं होता है। शेषांश का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता। (ग) प्रश्नांश (ख) के उत्‍तर के प्रकाश में प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता। (घ) पदपूर्ति एक सतत् प्रक्रिया है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ड.) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-दो अनुसार।

सड़क निर्माण कार्य में अनियमितता

[लोक निर्माण]

51. ( क्र. 524 ) श्री आर.डी. प्रजापति : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) छतरपुर जिले के अंतर्गत लोक निर्माण विभाग द्वारा कितने सड़क निर्माण कार्य वर्ष 2016-17 से प्रश्‍न दिनांक तक चल रहे है? (ख) छतरपुर जिले की मातगुवा से बिजावर के बीच चल रहे सड़क निर्माण कार्य में कितनी राशि का कार्य स्‍वीकृत हुआ एवं वर्तमान में कितनी राशि व्‍यय की गयी एवं कितनी शेष है? (ग) प्रश्नांश (ख) अनुसार पैंच वर्क के नाम पर कितनी राशि व्‍यय की गयी क्‍या उक्‍त सड़क निर्माण कार्य में पुरानी तकनीक का उपयोग किया जा रहा है? क्‍या उक्‍त सड़क निर्माण में बैच मिक्‍स प्‍लांट और सेंसर पेवर फिनिशर वाली मशीनों का उपयोग ठेकेदार द्वारा किया जा रहा है? (घ) संबंधित विभाग के अधिकारी द्वारा क्‍या कार्यवाही की गयी है? यदि हाँ, तो की गयी कार्यवाही की सत्‍यापित प्रति उपलब्‍ध करावें। यदि नहीं, तो क्‍यों एवं दोषी के विरूद्ध कार्यवाही कब तक की जावेगी ?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) 20 कार्य। विवरण संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र '', 'अ-1', 'अ-2' अनुसार है। (ख) स्‍वीकृत राशि रू. 558.04 लाख। कोई राशि व्‍यय नहीं की गई है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) पैंच वर्क पर रू. 2.00 लाख व्‍यय की गई। मार्ग निर्माण हेतु पुरानी तकनीकी का उपयोग नहीं किया जा रहा है। जी हाँ। (घ) उत्‍तरांश (ग) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''पंद्रह''

रेलवे फाटक पर ब्रिज निर्माण कार्य

[लोक निर्माण]

52. ( क्र. 533 ) श्री यादवेन्‍द्र सिंह : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सतना जिले के उचेहरा से सतना रेलवे फाटक पर रेलवे ब्रिज निर्माण कब स्‍वीकृत किया गया था? स्‍वीकृत आदेश की प्रति उपलब्‍ध कराते हुये तकनीकी एवं प्रशासनिक स्‍वीकृत आदेश की प्रति उपलब्‍ध करावें। (ख) प्रश्नांश (क) के ब्रिज निर्माण हेतु रेलवे अंशदान की राशि लोक निर्माण विभाग को कब और कितनी प्राप्‍त हुई थी? म.प्र. शासन की अंशदान की राशि क्‍या निर्माण एजेंसी को प्राप्‍त हो गई है? यदि नहीं, तो कब तक राशि आवंटित की जा सकेगी और अब तक क्‍यों नहीं भेजी गई कारण बताएं? (ग) प्रश्नांश (क) की ब्रिज निर्माण न होने से आए दिन रेलवे फाटक के खराब होने से यातायात कई घण्‍टों तक जाम होकर अवरूद्ध रहता है। क्‍या शासन इसे शीघ्र दूर करने के उपाय करेगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) स्‍वीकृत नहीं है। शेष प्रश्‍नांश का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता है। (ख) प्रश्नांश (क) के उत्‍तर के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता है। (ग) जी हाँ। वित्‍तीय संसाधनों की उपलब्‍धतानुसार कार्यवाही की जा सकेगी।

स्‍कूल चलो अभियान अंतर्गत भुगतान की जानकारी

[स्कूल शिक्षा]

53. ( क्र. 548 ) श्री मधु भगत : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि    (क) सर्व शिक्षा अभियान के अंतर्गत स्‍कूल चलो अभियान के प्रचार-प्रसार हेतु जबलपुर संभाग के अंतर्गत किस-किस जिले को विगत तीन वित्‍तीय वर्षों में कितनी राशि आवंटित की गई? यह राशि कौन-कौन से कार्यों में खर्च की गई? (ख) भण्‍डार क्रय नियमों के निर्देश अनुसार कितनी-कितनी राशि हस्‍तपावती से सीमित निविदा के माध्‍यम से और कितनी राशि खुली निविदा के माध्‍यम से व्‍यय की गई? प्रत्‍येक जिले का प्रत्‍येक वित्‍तीय वर्ष का अलग-अलग ब्‍यौरा देवें। (ग) बालाघाट जिले के अंतर्गत प्रचार-प्रसार, पोस्‍टर, बैनर, वाहन, नाश्‍ता, खाना, कैंप, सामग्री क्रय, किराया तथा अन्‍य मदों में कितनी-कितनी राशि का भुगतान किस माध्‍यम से किया गया? नगद भुगतान तथा चेक से किये गए भुगतान का अलग-अलग ब्‍यौरा देवें। (घ) क्‍या जो भुगतान किया गया है वह आवश्‍यक वाऊचर इत्‍यादि की पुष्टि करने के बाद किया गया है? यदि हाँ, तो 25 हजार रूपये से कम की राशि के जो भुगतान किये गए उन वाऊचरों की प्रति बतायें? (ड.) बालघाट जिले के अंतर्गत ही सीमित निविदा के माध्‍यम से जो राशि उक्‍त अवधि में भुगतान की गई है, उक्‍त राशि किस-किस को        कितनी-कितनी किस तिथि में किस कार्य हेतु दी गयी?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जिलेवार जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र- '1' अनुसार है। (ख) जिलेवार जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र- '2' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र- '3' अनुसार है। (घ) जी हाँ, जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र- '4' अनुसार है। (ड.) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र- '5' अनुसार है।

कार्यों की वित्‍तीय जानकारी

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

54. ( क्र. 549 ) श्री मधु भगत : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या वित्‍तीय वर्ष 2014-15 से प्रश्‍न दिनांक तक बालाघाट जिले में कृषि महोत्‍सव कृषक मेला, कृषक संगोष्‍ठी, कृषि विज्ञान मेला, सह प्रदर्शनी, फसल बीमा के दावा, राशि व प्रमाण-पत्र वितरण किसान महासम्‍मेलन, कृषि विज्ञान मेला, सह-प्रदर्शनी, खाद्य प्रसंस्‍करण, ग्राम किसान महोत्‍सव बालाघाट जैसे, कार्यक्रम विभाग द्वारा आयोजित किए गए? यदि हाँ, तो उल्‍लेखित कार्यक्रमों में किस-किस योजना तथा मद से कितनी-कितनी राशि किन-किन कार्यक्रमों के लिये खर्च की गई और इसका क्‍या औचित्‍य था? (ख) उक्‍त व्‍यय भण्‍डार कूप नियमों के अंतर्गत हस्‍त पावती, समिति निविदा और खुली निविदा से कितनी-कितनी राशि किन-किन कार्यों/खरीदी में व्‍यय की गई? तिथि सहित राशि बतायें तथा किस-किस को भुगतान की गई?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। तिथिवार भुगतान की जानकारी एकत्रित की जा रही है।

परिशिष्ट - ''सोलह''

व्यवहार न्यायालय की स्थापना

[विधि और विधायी कार्य]

55. ( क्र. 575 ) श्री दिव्‍यराज सिंह : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या जिला रीवा के विकासखण्ड जवा में व्यवहार न्यायालय की स्थापना एवं भवन निर्माण तथा विकासखण्ड सिरमौर में अपर सत्र न्यायालय की स्थापना किये जाने संबंधी निर्णय विभाग के द्वारा लिया गया है? यदि हाँ, तो उक्त उल्लेखित न्यायालयों की स्थापना में विलंब का क्या कारण है? (ख) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित न्यायालयों की स्थापना तथा न्यायालय भवनों का निर्माण कब तक सुनिश्चित किया जा सकेगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी नहीं। जिला रीवा के विकासखण्‍ड जवा में व्‍यवहार न्‍यायालय की स्‍थापना एवं भवन निर्माण संबंधी कोई प्रस्‍ताव शासन के विचाराधीन नहीं है। रीवा जिले की तहसील सिरमौर में अपर जिला एवं सत्र न्‍यायालय का न्‍यायालय स्‍थापित किया जा चुका है। (ख) शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

प्रश्‍नकर्ता के पत्र पर कार्यवाही

[स्कूल शिक्षा]

56. ( क्र. 595 ) श्री लाखन सिंह यादव : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रश्‍नकर्ता द्वारा ग्वालियर जिले में अध्यापकों के लिये रास्तों में उपस्थिति के लिये लगाये गये अवैध चैक-पोस्टों को तुरन्त बन्द कराने एवं डी.पी.सी. के विरूद्ध कार्यवाही कराने बाबत् पत्र क्र/शिक्षा/2017-18/213 दि. 18/1/2018 को माननीय मंत्री महोदय स्कूल शिक्षा विभाग भोपाल को दिया था? पत्र दिनांक से प्रश्‍न दिनांक तक उक्त पत्र में उल्लेखित बिन्दुओं पर क्या-क्या कार्यवाही की गई है सम्पूर्ण जानकारी स्पष्ट करें। (ख) डी.पी.सी. के पद की नियुक्ति हेतु शासन के क्या नियम हैं? क्या हायर सेकेण्डरी प्राचार्य एवं सहायक संचालक स्तर के अधिकारियों की उपलब्धता के बावजूद हाई स्कूल के प्राचार्य को डी.पी.सी. जैसे महत्वपूर्ण पद पर प्रभारी के रूप में नियुक्त किया जाना गलत है? यदि हाँ, तो ग्वालियर जिले में पदस्त डी.पी.सी. का मूल पद क्या है? क्या उनको नियम विरूद्ध वरिष्ठ अधिकारियों को अपमानित कर अवैध रूप से डी.पी.सी. पद पर नियुक्त किया गया है? यदि हाँ, तो क्यों और किस के आदेश से? आदेश की प्रति उपलब्ध करावें। (ग) क्या ग्वालियर डी.पी.सी. पर विभागीय जाँच लंबित है? यदि हाँ, तो किस कारण से? सम्पूर्ण जानकारी बतावें। क्या विभागीय जाँच लम्बित होने पर भी ऐसे महत्वपूर्ण डी.पी.सी. के पद पर नियुक्ति नियमानुसार है? यदि नहीं, तो क्या कोई कार्यवाही की जावेगी? यदि हाँ, तो क्या और कब तक?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) प्रश्‍नकर्ता का पत्र माननीय मुख्‍यमंत्री को संबोधित है, कि पृष्‍ठाकंन प्रति क्रमांक/शिक्षा/2017-18/214, दिनांक 18.1.2018 जो म.प्र. शासन, स्‍कूल शिक्षा विभाग के माध्‍यम से राज्‍य शिक्षा केन्‍द्र को दिनांक 23.1.2018 को प्राप्‍त हुआ। राज्‍य शिक्षा केन्‍द्र द्वारा पत्र क्रमांक/राशिके/सतर्कता/2018/918, दिनांक 12 फरवरी, 2018 के माध्‍यम से शिकायत पर समुचित कार्यवाही हेतु कलेक्‍टर, ग्‍वालियर को लिखा गया है। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-'1' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-'2' अनुसार है। जी नहीं। सर्व शिक्षा अभियान अंतर्गत विभिन्‍न घटकों के कार्य सर्वोच्‍च प्राथमिकता के होने è