मध्यप्रदेश विधान सभा


प्रश्नोत्तर-सूची
फरवरी-मार्च 2017 सत्र


सोमवार, दिनांक 27 फरवरी 2017


भाग-1
तारांकित प्रश्नोत्तर



मकसूदनगढ़ तहसील में लिंक न्यायालय की घोषणा

[राजस्व]

1. ( *क्र. 1523 ) श्रीमती ममता मीना : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या गुना जिले के मकसूदनगढ़ कस्बे में तहसील स्थापित है? उक्त तहसील का परगना क्या चाचौड़ा विधानसभा छोड़कर अन्य विधानसभा राघौगढ़ में एस.डी.ओ. राजस्व न्यायालय लगता है? (ख) यदि हाँ, तो क्या राघौगढ़ से मकसूदनगढ़ की दूरी 50 कि.मी. से अधिक है? क्या मकसूदनगढ़ में एस.डी.ओ. राजस्व न्यायालय के लिए दो दिवसीय लिंक न्यायालय बनाई जा सकती है। (ग) यदि प्रश्नांश (क), (ख) के तथ्य सत्य हैं तो कब तक परगना राघौगढ़ के एस.डी.ओ. राजस्व न्यायालय को सप्ताह में दो दिवस के लिए लिंक न्यायालय घोषित करायेंगे।

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) जी हाँ। उक्‍त तहसील परगना राघौगढ़ अंतर्गत आती है जिसका विधानसभा क्षेत्र चाचौड़ा है। इसका एस.डी.ओ. न्‍यायालय राघौगढ़ में लगता है। (ख) जी हाँ। लिंक न्‍यायालय बनाई जा सकती है। (ग) समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

शासकीय/गैर खातेदार भूमि का आबादी भूमि में परिवर्तन

[राजस्व]

2. ( *क्र. 1312 ) श्री राजकुमार मेव : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भू-राजस्‍व संहिता के अंतर्गत शासकीय भूमि/गैर खातेदार भूमि को आबादी भूमि में परिवर्तन किये जाने के क्‍या नियम हैं एवं इसकी क्‍या प्रक्रिया है? (ख) प्रश्नांश (क) के संबंध में वर्तमान में इंदौर संभाग की तहसीलवार कितनी भूमि शासकीय/गैर खातेदार भूमि दर्ज है? कितनी भूमि को आबादी भूमि में परिवर्तन किया गया है एवं वर्तमान में कितनी शेष है? (ग) वर्ष 2013 से प्रश्‍न दिनांक तक खरगोन जिले में तहसीलवार कितने आवेदकों एवं ग्राम पंचायतों द्वारा शासकीय भूमि/गैर खातेदार भूमि को आबादी भूमि में परिवर्तन करने हेतु आवेदन/प्रस्‍ताव प्रस्‍तुत किये गये? प्राप्‍त प्रस्‍तावों में क्‍या कार्यवाही की गई? आवेदन एवं प्रस्‍ताववार जानकारी से अवगत करावें(घ) क्‍या विधान सभा क्षेत्र महेश्‍वर की तहसील महेश्‍वर एवं तहसील बड़वाह क्षेत्रान्‍तर्गत शासकीय/गैर खातेदार भूमि पर ग्रामवासी मकान बनाकर निवास कर रहे हैं? यदि हाँ, तो उन्‍हें कब तक उक्‍त भूमि को परिवर्तन कर आबादी भूमि में आवासीय पट्टे स्‍वीकृत कर पट्टे आवंटित किये जावेंगे?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।


मेला मैदान की भूमि पर अवैध निर्माण

[राजस्व]

3. ( *क्र. 2151 ) श्री वेलसिंह भूरिया : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या धार जिले के राजगढ़ नगर पंचायत द्वारा मेला मैदान की राजस्‍व भूमि पर अवैध रूप से दुकानें आदि निर्मित कर धनाढ्य व्‍यक्तियों को बेच कर अनियमितता की है? (ख) यदि हाँ, तो क्‍या शासन उक्‍त अवैध निर्माणों एवं दुकानों को तोड़कर मेला मैदान को समतल कर पुराने स्‍वरूप में स्‍थापित करेगा? यदि हाँ, तो कब तक, नहीं तो क्‍यों? (ग) प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में अवैध निर्माण करने वाले अधिकारियों/कर्मचारियों के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की जायेगी?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) से (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

धरमपुरी विधान सभा क्षेत्र में पदस्‍थ कर्मचारी

[पशुपालन]

4. ( *क्र. 1906 ) श्री कालुसिंह ठाकुर : क्या पशुपालन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) धार जिले में व धरमपुरी विधान सभा क्षेत्र में पशु चिकित्सा विभाग अंतर्गत कितने कर्मचारी कार्यरत हैं तथा कार्यरत कर्मचारी कब से पदस्थ हैं? (ख) क्या शासन नियमानुसार प्रत्येक शासकीय कर्मचारी को एक स्थान पर कार्य करते हुए तीन वर्ष अथवा अधिकतम पाँच वर्ष की अवधि पूर्ण कर लेने पर उन्हें अन्यत्र स्थानांतरित किये जाने के नियम हैं? (ग) यदि हाँ, तो विभाग द्वारा विगत 5 वर्ष में उक्त नियमों का कितना पालन किया गया है व किन-किन संस्थाओं से कितने कर्मचारि‍यों का उक्त नियम के तहत स्थानांतरण किया गया है? यदि नहीं, तो उसका कारण बतावें?

पशुपालन मंत्री ( श्री अंतर सिंह आर्य ) : (क) धार जिले में कुल 262 अधि‍कारी/कर्मचारी एवं धरमपुरी विधानसभा क्षेत्र में कुल 35 अधि‍कारी/कर्मचारी कार्यरत हैं। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी नहीं। (ग) प्रश्नांश (ख) के उत्तर के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थि‍त नहीं होता।

सागर जिले में डायवर्सन के लंबित प्रकरण

[राजस्व]

5. (*क्र. 2220 ) श्री शैलेन्द्र जैन : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सागर जिले में वर्ष 2012-13 से प्रश्‍न दिनांक तक डायवर्सन के कितने प्रकरण लंबित हैं? तहसीलवार बतायें (ख) एक वर्ष से अधिक समय तक डायवर्सन के कितने प्रकरण लंबित हैं तथा लंबित होने के क्‍या कारण हैं? तहसीलवार बतायें (ग) क्‍या डायवर्सन के प्रकरण अधिक समय तक लंबित रखने के कारण शासन को राजस्‍व की हानि होती है तथा आवेदकों को अनावश्‍यक परेशानी होती है? यदि हाँ, तो लोगों की परेशानी दूर करने के लिये शासन क्‍या कार्यवाही कब तक करेगा? (घ) एक वर्ष से अधिक समय वाले लंबित डायवर्सन के प्रकरणों का निराकरण कब तक कर दिया जायेगा?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) सागर जिले में वर्ष 2012-13 से प्रश्न दिनांक तक डायवर्सन के कुल 596 प्रकरण लंबित हैं। तहसीलवार जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) सागर जिले में एक वर्ष से अधिक समय तक डायवर्सन के कुल 172 प्रकरण लंबित हैं। उपरोक्त प्रकरणों में म.प्र. भू-राजस्व संहिता की 1959 की धारा 172 के प्रावधान अनुसार आवेदकों द्वारा नगर निगम, नगर पालिका, ग्राम पंचायत की एन.ओ.सी. एवं संयुक्त संचालक नगर तथा ग्रामीण निवेश का ले आउट एवं नक्शा प्लाट का नक्शा बटांकन प्रस्तुत नहीं किये जाने के कारण लंबित हैं। शेष जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ग) ऐसे डायवर्सन के प्रकरणों में जाँच की कार्यवाही की जाती है, जिसमें नियमानुसार समय लगना स्वाभाविक है। (घ) शीघ्र निराकरण हेतु निर्देश जारी किये गये हैं।

परिशिष्ट - ''एक''

कालाबाजारी में लिप्‍त दोषियों के विरूद्ध कार्यवाही

[गृह]

6. ( *क्र. 522 ) श्री सुन्‍दरलाल तिवारी : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या विधान सभा प्रश्‍नोत्‍तरी दिनांक 07 दिसम्‍बर, 2016 के प्रश्‍न क्र. 1434 के उत्‍तर (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है, उत्‍तर दिया गया है? क्‍या संबंधित जानकारी एकत्रित कर ली गई? जानकारी अनुसार किन-किन को दोषी मानकर उनके ऊपर किस-किस तरह की कार्यवाही प्रस्‍तावित की गई? कार्यवाही की प्रति देवें (ख) यदि कार्यवाही समय पर पूर्ण नहीं की गई तो इसके लिए दोषियों की पहचान कर क्‍या कार्यवाही प्रस्‍तावित की गई? उसकी प्रति देवें अगर कार्यवाही किसी भी स्‍तर से नहीं की गई तो इसके लिए कौन-कौन दोषी हैं, इन दोषियों के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही करेंगे? अगर नहीं तो क्‍यों? (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के संदर्भ में 05 अक्‍टूबर, 2016 को कालाबाजारी हेतु ले जाया जा रहा जो खाद्यान्‍न पकड़ा गया, वह खाद्यान्‍न जिस वाहन में लोड किया गया था, उस वाहन मालिक का नाम वाहन क्रमांक के साथ बतावें? क्‍या उक्‍त वाहन मालिक के संबंध रीवा जिले में पदस्‍थ खाद्य विभाग के जिम्‍मेदार अधिकारी से हैं, जिसकी मिलीभगत से खाद्यान्‍न/शक्‍कर एवं तेल की कालाबाजारी जिले भर में आये दिन हो रही है? संबंधित जिम्‍मेदार अधिकारी के साथ अन्‍य संबंधित विभागीय अधिकारियों के विरूद्ध खाद्यान्‍न की कालाबाजारी में संलिप्‍त होने के प्रकरण पुलिस थानों में पंजीबद्ध करायेंगे? हाँ, तो कब तक, अगर नहीं तो क्‍यों?

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) जी हाँ, जी नहीं। प्रकरण में मध्यप्रदेश स्टेट सिविल सप्लाईज कार्पोरेशन के कर्मचारियों एवं अन्य संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध अभियोजन की कार्यवाही की गई है। जिसका विवरण संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। मध्यप्रदेश स्टेट सिविल सप्लाईज कार्पोरेशन के कर्मचारियों पर की गई विभागीय कार्यवाही की जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) प्रश्नांश (क) के उत्तर में की गई कार्यवाही के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के संदर्भ में 05 अक्टूबर, 2016 को कालाबाजारी हेतु ले जाया जा रहा खाद्यान्न पकड़ा गया, वह खाद्यान्न ट्रक क्र. एम.पी. 17 एच.एच. 2529 जिसके मालिक श्री कृष्णमुरारी यादव निवासी मिर्जापुर उत्तरप्रदेश तथा ट्रक क्र. एम.पी. 17 एच.एच. 2465 के ट्रक मालिक एवं चालक श्री जय सिंह साकेत निवासी ग्राम महेवा पोस्ट नई बाजार जिला सोनभद्र उत्तर प्रदेश है। इस कालाबाजारी प्रकरण में प्रथम दृष्टया मध्यप्रदेश स्टेट सिविल सप्लाईज कार्पोरेशन के कर्मचारियों के विरुद्ध अभियोजन की कार्यवाही हेतु अपराध क्रमांक 266/16 दिनांक 07.10.2016 पुलिस थाना हनुमना में दर्ज होकर विवेचनाधीन है।

परिशिष्ट - ''दो''

तहसील कार्यालय के भवन का निर्माण

[राजस्व]

7. ( *क्र. 2004 ) श्री सचिन यादव : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) कसरावद विधान सभा क्षेत्र की तहसील कसरावद का कार्यालय पूर्ण रूप से जर्जर एवं आवागमन की अव्‍यवस्‍था के कारण भी अन्‍य प्रस्‍तावित स्‍थान पर भवन निर्माण क्‍यों नहीं किया जा रहा है? (ख) उक्‍त कार्यालय में जनहित के कार्यों से संबंधित स्‍थानीय लोगों को आये दिन हो रही परेशानियों को मद्देनज़र रखते हुए उक्‍त भवन का निर्माण कार्य प्रस्‍तावित स्‍थान पर कब तक कर दिया जायेगा? (ग) उक्‍त कार्य में लापरवाही क्‍यों की जा रही है? क्‍या संबंधित उच्‍चाधिकारी इस मामले पर संज्ञान लेगें? यदि हाँ, तो किस प्रकार? यदि नहीं, तो क्‍यों?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) भवन की ड्राइंग, डिजाइन तैयार करने पर, प्राक्‍कलन स्‍वीकृत राशि से अधिक होने के कारण निर्माण प्रारंभ नहीं किया जा सका। (ख) समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ग) उत्तरांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में कोई लापरवाही नहीं की जा रही है। जी हाँ अधिक प्राक्‍कलन का परीक्षण कर।

किसानों को मुआवजा राशि का भुगतान

[राजस्व]

8. ( *क्र. 1136 ) श्री गोविन्‍द सिंह पटेल : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या नरसिंहपुर जिले की गाडरवारा तहसील में विगत 8-10 दिन पूर्व शीतलहर के कारण तुअर की फसल पाला पड़ने से नष्‍ट हो गई है? (ख) क्‍या शासन पाला पड़ने के कारण हुए नुकसान का सर्वे कराकर राहत राशि देने का विचार करेगा? यदि हाँ, तो कब तक? (ग) पाला पड़ने से कितने ग्राम तथा कितने हेक्‍टेयर की फसल प्रभावित हुई है तथा इस हेतु हेक्‍टेयरवार कितना मुआवजा राष्‍ट्रीय फसल योजना के लिए किसानों को दिया जाएगा? (घ) क्‍या राष्‍ट्रीय फसल बीमा योजना में किसानों के हुए नुकसान के आंकलन अनुसार विभाग मुआवजा राशि प्रदान करेगा?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

भंडारण नियमों का उल्‍लंघन

[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्‍ता संरक्षण]

9. ( *क्र. 2643 ) श्री रजनीश सिंह : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सिवनी जिले में वर्ष 2015-16 में रबी एवं खरीफ उपार्जन सीजन में कृषकों से क्रय की गई कृषि उपज में क्‍या समस्‍त पंजीकृत कृषकों को एस.एम.एस. द्वारा खाद्यान्‍न केन्‍द्र में लाने की सूचना दी गई है तथा क्‍या समस्‍त खरीदी एस.एम.एस. शेडयूलिंग के अनुसार ही की गई है? अगर ऐसा नहीं है तो इसके लिए कौन जिम्‍मेदार है? (ख) क्‍या उपार्जन के परिवहन हेतु जिला स्‍तर पर वाहनों का मूवमेंट मेपिंग प्‍लान तैयार किया गया है? यदि हाँ, तो क्‍या मूवमेंट का पालन किया गया है? अगर ऐसा नहीं है तो इसके लिए कौन जिम्‍मेदार है? (ग) क्‍या सिवनी जिले में उपार्जन केन्‍द्र के पास के गोदाम में खाद्यान्‍न का परिवहन न कर क्रॉस (cross) मूवमेंट से दूर के गोदाम में परिवहन कर मूवमेंट प्‍लान का उल्‍लंघन किया गया है? यदि हाँ, तो इसका जिम्‍मेवार कौन है? (घ) प्रश्नांश (ग) के परिप्रेक्ष्य में क्‍या विभाग दोषियों पर कार्यवाही करेगा? यदि हाँ, तो क्‍या और कब तक?

खाद्य मंत्री ( श्री ओम प्रकाश धुर्वे ) : (क) जी हाँ। ई-उपार्जन परियोजनांतर्गत पंजीकृत किसानों से समर्थन मूल्‍य पर खाद्यान्‍न उपार्जन हेतु निर्धारित शेडयूलिंग अनुसार एस.एम.एस. किए गए हैं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) जी हाँ। मूवमेंट मेपिंग प्‍लान का पालन किया गया है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) भंडारण की नीति अनुसार परिवहन कर भंडारण कराया गया है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) प्रश्नांश (ग) के उत्‍तर के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

भोपाल सेंट्रल जेल का निरीक्षण

[जेल]

10. ( *क्र. 2085 ) श्री शैलेन्‍द्र पटेल : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या शासन द्वारा जिला जेलों के निरीक्षण के लिए पूर्व से कोई नियम बनाये हैं? यदि हाँ, तो पूर्ण ब्‍यौरा दें? क्‍या उक्‍त नियमों में हाल ही में कोई संशोधन किया गया है? यदि हाँ, तो ब्‍यौरा दें? (ख) भोपाल कलेक्‍टर अथवा उनके प्रतिनिधि द्वारा प्रश्‍न दिनांक से दो वर्ष पूर्व दिनांक तक सेंट्रल जेल भोपाल का किन-किन दिनांकों में निरीक्षण किया? ब्‍यौरा दें यदि नहीं, तो क्‍यों? (ग) क्‍या सेन्‍ट्रल जेल का नियमित निरीक्षण नहीं होने से जेल ब्रेक की घटना घटित हुई? यदि हाँ, तो क्‍या इसके लिए कलेक्‍टर अथवा नामित प्रतिनिधि को जिम्‍मेदार बनाया गया है? यदि नहीं, तो क्‍यों? (घ) क्‍या भोपाल कलेक्‍टर को जेल ब्रेक मामले में क्‍लीन चिट दी गई है? यदि हाँ, तो क्‍यों?

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार। जी नहीं। उक्‍त नियमों में कोई संशोधन नहीं किया गया है। (ख) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार। (ग) जी नहीं। जेल ब्रेक मामले की न्‍यायिक जाँच आयोग द्वारा की जा रही है। रिपोर्ट प्राप्‍त होने पर स्थिति स्‍पष्‍ट हो सकेगी। (घ) जी नहीं। जेल ब्रेक मामले की न्‍यायिक जाँच आयोग द्वारा की जा रही है। रिपोर्ट प्राप्‍त होने पर स्थिति स्‍पष्‍ट हो सकेगी।

दान-पत्र द्वारा भूमि का नामान्‍तरण

[राजस्व]

11. ( *क्र. 1400 ) श्री सत्‍यपाल सिंह सिकरवार : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या जिला तहसील मुरैना के वृत्‍त-2 मृगपुरा के प्रकरण क्रमांक/2/2015-16/6 में पिता द्वारा पुत्र को भूमि का दान-पत्र के आधार पर किस सर्वे नम्‍बरों की भूमि का नामान्‍तरण किया गया है। (ख) आदेश पारित दिनांक 23.05.2016 में दान-पत्र का क्‍या प्रयोजन था? क्‍या राजस्‍व कानून में पालकों को दान-पत्र के द्वारा सम्‍पत्ति हस्‍तांतरण करने का प्रावधान सार्वजनिक उपयोग के अलावा संतानों को भूमि नामान्‍तरण के प्रावधान हैं? (ग) मुरैना तहसील में पिछले पाँच वर्षों में पिता द्वारा अपने पुत्रों को भूमि दान पत्रों के माध्‍यम से कितने प्रकरणों में भूमि नामान्‍तरण किया गया है? समय, संख्‍या, नाम सहित पूर्ण जानकारी दी जावे (घ) क्‍या यह पिता की एक से अधिक संतानों का भूमि, सम्‍पत्ति से स्‍वामित्‍व (हक) समाप्‍त करने का अनुचित प्रयोग तो नहीं है, तथ्‍यों सहित किन परिस्‍थति में उक्‍त प्रकरण में आदेश किया गया? पूर्ण जानकारी दी जावे।

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) जी हाँ। (ख) जी हाँ आदेश पारित दिनांक 23.05.2016 में दान पत्र का प्रयोजन दान है। (ग) जिला मुरैना की तहसील मुरैना के वृत्‍त 02 मृगपुरा में 02 प्रकरणों में पिछले पाँच वर्षों में दान पत्र के आधार पर नामांतरण किये गये हैं। शेष जानकारी संलग्न परिशिष्‍ट अनुसार है। (घ) नामांतरण की कार्यवाही अभिलेख अद्यतन करने की प्रक्रिया है न कि स्‍वत्‍व प्रदाय करने की एवं उप पंजीयक कार्यालय से पंजीकृत दान पत्र (विलेख) प्राप्‍त होने पर भू-राजस्‍व संहिता के प्रावधानों के तहत राजस्‍व न्‍यायालय द्वारा पंजीकृत विलेख की वैधता की जाँच एवं स्‍वत्‍व संबंधी प्रश्‍न के निराकरण की अधिकारिता राजस्‍व न्‍यायालय को नहीं है।

परिशिष्ट - ''तीन''

राजस्व ग्राम घोषित किया जाना

[राजस्व]

12. ( *क्र. 2394 ) श्रीमती संगीता चारेल : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सैलाना विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत कितने मजरे टोले हैं जो राजस्व ग्राम नहीं हैं? क्या इन्हें राजस्व ग्राम घोषित किए जाने हेतु कार्यवाही प्रचलित है? यदि हाँ, तो कब तक इन मजरे टोलों को राजस्व ग्राम घोषित कर दिया जावेगा? इसके क्या नियम हैं? (ख) प्रश्नांश (क) के सम्बन्ध में क्या सैलाना विधानसभा क्षेत्र के मजरों को राजस्व ग्राम घोषित किए जाने हेतु क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों द्वारा जिला स्तर पर पत्राचार किया गया? यदि हाँ, तो शासन द्वारा क्या कार्यवाही की गई? यदि नहीं, तो क्यों? (ग) उपरोक्त मजरों के समय पर राजस्व ग्राम घोषित नहीं होने से यहाँ के लोगों को मूलभूत सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पाया, इसके लिए कौन-कौन अधिकारी कर्मचारी दोषी हैं।

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) सैलाना विधान सभा क्षेत्र अन्तर्गत कुल 75 मजरे टोले हैं, जो राजस्व ग्राम नहीं हैं। उक्त मजरे टोलों में से 02 मजरे धावड़‍िया एवं सोहनगढ़ तहसील सैलाना को राजस्व ग्राम बनाने की कार्यवाही अन्तर्गत राजस्व ग्राम घोषणा संबंधी आदेश जारी हो चुके हैं। शेष जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जन प्रतिनिधियों के पत्राचार के परिप्रेक्ष्य में उत्तरांश (क) अनुसार कार्यवाही की गयी। (ग) मजरे पृथक राजस्व घोषित किये गये हैं। अधिकार अभिलेख बनाये जाने की कार्यवाही प्रचलित है। यह कार्य वृहद स्वरूप होने एवं अमले की कमी होने से अधिकार अभिलेख बनाया जाना शेष है। मजरे टोलों को राजस्व ग्राम की भांति मूलभूत सुविधाएँ उपलब्ध करायी जाती हैं।

परिशिष्ट - ''चार''

वन ग्रामों का राजस्‍व ग्रामों में परिवर्तन

[राजस्व]

13. ( *क्र. 156 ) श्री हितेन्द्र सिंह ध्‍यान सिंह सोलंकी : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) खरगोन जिले में बड़वाह/सनावद तहसील में कितने राजस्‍व ग्राम हैं, कितने वन ग्राम हैं एवं कितने वीरान ग्राम हैं? इसकी पृथक-पृथक जानकारी दी जावे। (ख) तहसील/बड़वाहा/सनावद के वन ग्रामों में निवासरत परिवारों को शासन के द्वारा किन योजनाओं का लाभ प्राप्‍त होता है? क्‍या इन ग्रामों में किसी भी प्रकार का निर्माण या योजनाएं जो राजस्‍व ग्राम में तो हैं, किन्‍तु वन ग्राम में स्‍वीकृत नहीं की जा सकती है? (ग) क्‍या प्रश्‍नकर्ता द्वारा प्रश्नांश (क) में उल्‍लेखित वनग्रामों को राजस्‍व ग्राम में परिवर्तन करने हेतु प्रस्‍ताव प्रस्‍तुत किये गये हैं? यदि हाँ, तो प्राप्‍त प्रस्‍ताव पर विभाग द्वारा क्‍या कार्यवाही की गई है? क्‍या विभाग वन ग्रामों को राजस्‍व ग्राम में परिवर्तन हेतु कोई कार्यवाही कर रहा है? यदि हाँ, तो वर्तमान तक क्‍या कार्यवाही की गई है? यदि कोई कार्यवाही नहीं की गई तो कब तक की जावेगी? (घ) क्‍या वन भूमि के आवंटित पट्टे को भूमि स्‍वामी की मृत्‍यु उपरांत उनके वैध वारिसों के नामांतरण हो रहे हैं? यदि हाँ, तो विगत 5 वर्षों में कितने नामांतरण हो चुके हैं और कितने नामांतरण होना शेष हैं? शेष कब तक हो जावेंगे?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) खरगौन जिले के बड़वाह तहसील में 181 राजस्व ग्राम 09 वन ग्राम एवं 55 वीरान ग्राम एवं सनावद तहसील में 129 राजस्व ग्राम 27 वीरान ग्राम हैं तथा वन ग्राम नहीं हैं। (ख) वन मंडल तहसील के बड़वाह के वनग्रामों में निवासरत परिवारों को शासन योजनाओं की मूलभूत सुविधाओं का लाभ प्राप्त होता है तथा वन संरक्षण अधिनियम 1980 के तहत सभी वनग्रामों में निर्माण या योजनाएं स्वीकृत की जाती हैं। (ग) जी हाँ। वन विभाग से मार्गदर्शन चाहा गया है। मार्गदर्शन अपेक्षित है। (घ) जी हाँ। विगत 5 वर्षों में कोई भी आवेदन नामांतरण हेतु प्राप्त नहीं हुआ है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

सिरोंज एवं लटेरी में स्‍वीकृत नल-जल योजनाएं

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

14. ( *क्र. 2176 ) श्री गोवर्धन उपाध्‍याय : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) विदिशा जिले के विधान सभा क्षेत्र सिरोंज एवं लटेरी में प्रश्‍न दिनांक तक कितनी नल-जल योजनाएं स्‍वीकृत हैं, कितनी-कितनी लागत में स्‍वीकृत हुईं हैं, स्‍वीकृति वर्ष सहित जानकारी देवें, जिसमें से कितनी चालू हैं और कितनी बंद पड़ी हैं? बंद रहने का क्‍या कारण है? (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार बंद पड़ी नल-जल योजनाओं को पुन: चालू करने हेतु शासन की क्‍या योजनाएं हैं? प्रश्‍न दिनांक तक कितनी नल-जल योजनाएं कार्य पूर्ण होने के बाद भी ट्रांसफार्मर न लगने के कारण बंद हैं? उन ग्रामों की जानकारी देवें क्‍या उक्‍त संबंध में विद्युत विभाग को ट्रांसफार्मर लगवाये जाने हेतु पत्र जारी किये गये थे? यदि हाँ, तो आज दिनांक तक विद्युत विभाग द्वारा ट्रासंफार्मर क्‍यों नहीं रखा गया? इसके लिये कौन जिम्‍मेदार है? (ग) क्‍या जनपद पंचायत लटेरी क्षेत्र के ग्राम पंचायत आनंदपुर में जनभागीदारी मद से नल-जल योजनाएं निर्माणाधीन हैं? निर्माण कार्य कब तक पूर्ण किया जाकर ग्रामवासियों को लाभांवित किया जावेगा? पानी टंकी निर्माण कार्य में काफी कमजोर एवं गुणवत्‍ताहीन सामग्री का उपयोग किया गया है, जिसमें एक ओवर हेड टैंक का निर्माण हुआ है, पाईप लाईन कमजोर है, क्‍या उक्‍त संबंध में विगत वर्षों में ग्रामवासियों के माध्‍यम से शिकायतें प्राप्‍त हुई हैं? यदि हाँ, तो शिकायतों की जाँच किस अधिकारी के द्वारा की गई एवं दोषियों के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की जा रही है?

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) 53 योजनाएँ स्वीकृत हैं। विस्तृत जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जीर्ण-शीर्ण बंद नल-जल योजनाओं को छोड़कर अन्य बंद नल-जल योजनाओं को चालू करने की योजना है। कोई भी नल-जल योजना ट्रांसफार्मर के अभाव में बंद नहीं है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी हाँ। 31 मार्च, 2018 तक निर्माण कार्य पूर्ण होना संभावित है। जी नहीं, कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''पाँच''

प्रश्‍नकर्ता के पत्र पर कार्यवाही

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

15. ( *क्र. 174 ) श्री रामकिशन पटेल : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) जनवरी, 2016 से प्रश्न दिनांक तक प्रश्‍नकर्ता द्वारा जिलाधीश व लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकी विभाग के रायसेन जिले के अधिकारियों को जिले में गिरते हुए भू-जल स्‍तर के कारण अभी से अधिकांश नलकूप सूखने से आगामी महीनों में मनुष्‍यों व पशुओं को जबर्दस्‍त पीने के पानी के संकट के संदर्भ में हैण्‍डपंप मेकेनिकों व स्‍टाफ की संख्‍या व गाड़ी, मोटरसाईकिल बढ़ाने तथा नीचे से पानी ऊपर खींचने के लिये विद्युत मोटर देने की योजना के लिये पत्र लिखा था? यदि हाँ, तो शासन ने क्‍या कार्यवाही की है? (ख) प्रश्‍नकर्ता ने किस-किस गांव के लोगों के हैण्‍डपंप लगाने के आवेदनों को पिछले एक वर्ष में विभाग के रायसेन जिले व भोपाल स्‍तर के अधिकारियों को अग्रेषित किये? उसमें से कितने व किस गांव में हैण्‍डपंप लग गये हैं व सुधर गये हैं व आगामी योजना क्‍या है?

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) एवं (ख) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

बंद नल-जल योजनाओं को प्रारंभ किया जाना

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

16. ( *क्र. 2631 ) चौधरी मुकेश सिंह चतुर्वेदी : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या विभाग द्वारा बंद नल-जल योजनाओं को पुन: चालू कराये जाने के दिशा निर्देश जारी किये गये हैं? यदि हाँ, तो उसकी छायाप्रति उपलब्‍ध कराते हुए जानकारी दें। (ख) भिण्‍ड जिले के अंतर्गत कुल कितनी नल-जल योजनाएं वर्तमान में चालू हैं एवं कितनी बंद हैं? विधानसभा क्षेत्रवार जानकारी दें। (ग) क्‍या विभाग द्वारा मेहगांव विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत बंद पड़ी नल-जल योजनाओं को चालू कराये जाने हेतु कोई कार्यवाही नहीं की गई है? यदि नहीं, तो किस नल-जल योजना को चालू कराये जाने के लिये कार्यवाही की जा रही है? ग्राम पंचायतवार जानकारी उपलब्‍ध करावें।

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) जी हाँ। दिशा निर्देशों की छायाप्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) 58 चालू, 149 बंद। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ग) जी नहीं। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है।

दोषी के विरूद्ध कार्यवाही

[गृह]

17. ( *क्र. 984 ) डॉ. मोहन यादव : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता के परि.अता. प्रश्‍न संख्‍या 69 (क्रमांक 1266), दिनांक 26.02.2016 में प्रदत्‍त जानकारी के प्रकाश में प्रश्‍नकर्ता द्वारा पुलिस अ‍धीक्षक उज्‍जैन जिला उज्‍जैन को प्रेषित पत्र क्र. ए-1323/उ.द./16, दिनांक 12.06.2016 जो कि दिनांक 20.06.2016 को प्राप्‍त हुआ, के संबंध में विभाग द्वारा क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई तथा प्रश्‍न दिनांक तक प्रश्‍नकर्ता को संबंधित जानकारी कब उपलब्‍ध कराई गई तथा चाही गई जानकारी मय दस्‍तावेजों के उपलब्‍ध करावें? चिमनगंज मण्‍डी पुलिस थाना उज्‍जैन द्वारा अपराध क्र. 1065/12 में चालान किस दिनांक को प्रस्‍तुत किया गया। उक्‍त अपराध में फरियादिया तस्‍नीन तथा साक्षी असगर हुसैन द्वारा किस दिनांक को शपथ-पत्र प्रस्‍तुत किया गया। (ख) प्रश्नांश (क) की जानकारी अनुसार फरियादिया एवं साक्षी द्वारा चालान प्रस्‍तुत करने के पूर्व शपथ-पत्र प्रस्‍तुत करने के उपरांत भी दोषी व्‍यक्ति के विरूद्ध कार्यवाही नहीं करते हुये निर्दोष के विरूद्ध कार्यवाही करने पर अनुसंधानकर्ता अधिकारी के विरूद्ध क्‍या कार्यवही की गई? (ग) अनुसंधानकर्ता अधिकारी के विरूद्ध दिनांक 10.02.2016 को प्रारंभिक जाँच हेतु दिये गये, आदेश की प्रमाणित प्रति उपलब्‍ध करावें तथा पत्र दिनांक से प्रश्‍न दिनांक तक जाँच में क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई? जाँच पूर्ण हुई अथवा नहीं? यदि नहीं, तो कब तक पूर्ण कर ली जावेगी? जाँच प्रतिवेदन की प्रति उपलब्‍ध करावें?

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) पुलिस अधीक्षक, उज्जैन द्वारा पत्र क्रमांक ए-1323/उद/16, दिनांक 12.06.2016 जो कि दिनांक 20.06.2016 को प्राप्त हुआ जिसकी जाँच करवाई गई। उक्त पत्र के संबंध में की गई कार्यवाही की जानकारी विधानसभा सचिवालय को विभागीय पत्र क्रमांक एफ 13-06/2016/बी-1/दो, दिनांक 09.02.2017 को उपलब्ध कराई गई है। थाना चिमनगंज मण्डी के अपराध क्र. 1065/12 में चालान दिनांक 31.12.2012 को सी.जे.एम. उज्जैन में प्रस्तुत किया गया। उक्त अपराध में फरियादी तस्नीन तथा साक्षी असगर हुसैन द्वारा दिनांक 17.12.2012 को शपथ-पत्र प्रस्तुत किया गया। (ख) प्रश्नांश (क) में वर्णित अपराध की विवेचना के दौरान प्रस्तुत किये गये शपथ-पत्र का उल्लेख केस-डायरी में नहीं करने पर प्राथमिक जाँच नगर पुलिस अधीक्षक, जीवाजीगंज, उज्जैन से कराई गई। विवेचक की लापरवाही पाये जाने पर आदेश दिनांक 01.07.2016 के द्वारा रूपये 500/- के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया है। (ग) प्रारम्भिक जाँच के आदेश दिनांक 10.02.2016 नगर पुलिस अधीक्षक, जीवाजीगंज, उज्जैन का जाँच प्रतिवेदन दिनांक 30.05.2016 एवं दण्डादेश दिनांक 01.07.2016 की छायाप्रतियां पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '', '' एवं '' अनुसार है।

अपूर्ण पेयजल योजनाओं को पूर्ण किया जाना

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

18. ( *क्र. 2236 ) श्री चन्‍द्रशेखर देशमुख : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) मुलताई विधानसभा क्षेत्र के ग्राम सिरडी, सहनगाँव, घाटपिपरिया ग्राम पंचायतों/जल समितियों से विभाग द्वारा (तीन प्रतिशत) पेयजल योजना के लिये कितनी-कितनी राशि वसूली गयी? ग्रामवार राशि दिनांक सहित बतायें। (ख) क्या ग्राम सिरडी, सहनगाँव एवं घाटपिपरिया की पंचायतों/जल समितियों से राशि जमा करवाने के उपरान्त भी संबंधित योजनाओं के कार्य नहीं करवाये गये? यदि हाँ, तो कारण स्पष्ट करें? (ग) मुलताई विधानसभा क्षेत्र के ग्राम निमनवाड़ा एवं दुनावा की पेयजल योजना के लिये विभाग द्वारा स्वजल धारा योजना के तहत कब (दिनांक) कितनी राशि स्वीकृत की गयी? ग्रामवार जानकारी दें। दोनों ग्रामों की स्वजल धारा योजना का वर्क आर्डर जारी करने का दिनांक एवं कार्य समाप्त करने का दिनांक दें। इन दोनों ग्रामों की स्वजल धारा योजना में विभाग द्वारा अब तक कितनी राशि का व्यय किन-किन कार्यों में किया गया है? कार्यवार व्यय की विस्तृत जानकारी दें क्या दोनों योजनायें अब तक अपूर्ण हैं? यदि हाँ, तो कारण स्पष्ट करें। (घ) मुलताई विधानसभा क्षेत्र के ग्राम सिरडी, सहनगाँव, घाटपिपरिया, निमनवाडा एवं दुनावा की बिन्‍दु '', '' एवं '' के अनुसार दी गयी पेयजल योजनायें विभाग द्वारा कब तक पूर्ण कर ली जायेंगी? ग्रामवार दिनांक स्पष्ट करें तथा इन पेयजल योजनाओं के कार्य में विलंब के लिये कौन-कौन से अधिकारी दोषी हैं? दोषी अधिकारि‍यों के विरुद्ध शासन कब तक कार्यवाही करेगा?

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) मुलताई विधानसभा क्षेत्र के ग्राम पंचायत सिरडी के द्वारा राशि रू. 73,350.00 दिनांक 28.02.2016 एवं ग्राम पंचायत सहनगांव के द्वारा राशि रू. 18,600.00 दिनांक 30.10.2015 को अंशदान के रूप में जमा की गई है तथा ग्राम घाट पिपरिया द्वारा कोई राशि जमा नहीं की गई। (ख) जी हाँ, भारत शासन पेयजल एवं स्वच्छता मंत्रालय द्वारा नवीन नल-जल योजनाओं की स्वीकृति पर प्रतिबंध लगाये जाने के कारण। (ग) मुलताई विधानसभा क्षेत्र के ग्राम निमनवाड़ा एवं दुनावा की पेयजल योजना के लिये विभाग के द्वारा स्वजल धारा योजना के अंतर्गत कोई योजना स्वीकृत नहीं की गई है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) उत्तर (ख) एवं () के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।

वाहनों की बीमा अवधि में वृद्धि

[परिवहन]

19. ( *क्र. 1369 ) श्री हरवंश राठौर : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विभिन्न प्रकार के स्वचलित वाहनों के बीमा के निर्धारण का आधार क्या है तथा वाहनों का बीमा कितने प्रकार से किया जाता है? (ख) क्या विभिन्न बीमा कंपनियों द्वारा वाहनों के बीमा की दरों में भिन्नता है या समान दरें हैं? (ग) क्या वाहनों के बीमा की अवधि अभी एक वर्ष से अधिक अवधि तक का किया जाता है? यदि नहीं, तो भविष्य में क्या शासन की इसको लागू करने की कोई योजना है।

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) से (ग) मोटरयान अधिनियम 1988 की धारा 146 के तहत प्रत्येक वाहन को पर व्यक्ति जोखिम बीमा की आवश्‍यकता संबंधी प्रावधान है। धारा 146 की प्रति संलग्न परिशिष्‍ट अनुसार है। बीमा कंपनियों का विषय भारत-सरकार से संबंधित है। अतएव शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - ''छ:''

ओवरहैड टैंको का संचालन

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

20. ( *क्र. 1944 ) श्री रामपाल सिंह : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) शहडोल जिले के ब्यौहारी जनपद पंचायत अंतर्गत ग्रामों में पेयजल सुविधा हेतु ओवरहेड टैंकों के संचालन से संबंधित परि.अता. प्रश्न संख्‍या 41 (क्रमांक 1042) दिनांक 01 मार्च, 2016 को परिशिष्ट 15 में संलग्न कर दी गई थी, जिसमें 08 ओवरहैड टैंक बंद बताये गये थे, 02 के कार्य प्रगति पर तथा 03 टैंकों को चालू बताया गया है। (ख) क्या उक्त प्रश्नांश के परिशिष्ट 15 की सूची मुताबिक समस्त ओवर हैड टैंको से पेयजल प्रदान किया जा रहा है? यदि हाँ, तो कब से प्रारंभ किया गया है? यदि नहीं, तो क्यों?

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) जी नहीं। प्रश्न क्रमांक 1042 के उत्तर में 8 ओवर हैड टैंक योजनाएं बंद, 2 प्रगतिरत तथा 5 चालू होने की जानकारी दी गई थी। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है।

परिशिष्ट - ''सात''

अधिग्रहीत भूमि का त्रुटिपूर्ण मूल्‍यांकन

[राजस्व]

21. ( *क्र. 2273 ) श्री सुखेन्‍द्र सिंह : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रीवा संभाग में निर्माणाधीन हाईवे के लिये जमीनों के अधिग्रहण में त्रुटिपूर्ण मूल्‍यांकन के चलते भू-स्‍वामियों के 50 करोड़ से अधिक की मुआवजा राशि आर्बीट्रेटर के समक्ष ढाई हजार से ज्‍यादा किसानों की सुनवाई चल रही है? (ख) प्रश्नांश (क) के प्रकाश में क्‍या संभागायुक्‍त द्वारा प्रकरणों की कराई गई जाँच में ज्‍यादा प्रकरणों में गलत मूल्‍यांकन के चलते किसी को अधिक पर ज्‍यादातर भू-स्‍वामियों को कम मुआवजा दिया जाना परिलक्षित हुआ है। (ग) क्‍या प्रश्नांश (क), (ख) के प्रकाश में जाँच के बाद संभागायुक्‍त ने तर्क के लिये जाँच अधिकारियों की रिपोर्ट मांगी है? यदि हाँ, तो रिपोर्ट का विवरण उपलब्‍ध करावें? (घ) क्‍या प्रश्नांश (क), (ख), (ग) में प्रकरणों का निराकरण कर दिया गया है? इन्‍हें कब तक दर्ज किया जाकर अवार्ड पारित किया जावेगा? यदि नहीं, तो क्‍यों? गलत मूल्‍यांकन कम या ज्‍यादा करने वाले कर्मचारी या अधिकारी का नाम, पद सहित सूची उपलब्‍ध करावें। उनके खिलाफ क्‍या कार्यवाही प्रस्‍तावित की गई? नहीं की गई तो क्‍यों?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

तकनीकी शिक्षा महाविद्यालय में शिक्षा की गुणवत्‍ता में सुधार

[तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास]

22. ( *क्र. 1359 ) श्री यशपालसिंह सिसौदिया : क्या राज्‍यमंत्री, तकनीकी शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्नकर्ता के परि.अता.प्रश्न संख्‍या 9 (क्रमांक 112), दिनांक 7 दिसम्बर 2016 के प्रश्न के खण्‍ड (ख) के उत्तर में बताया गया कि‍ वर्ष 2016-17 में निजी अभियांत्रिकी महाविद्यालयों की लगभग 60% सीटें रिक्त हैं, क्या विभाग स्तर पर इसकी समीक्षा वर्तमान में की गई है? यदि हाँ, तो समीक्षा निर्णय की प्रतिलिपि उपलब्ध करायें? (ख) 1 जनवरी, 2014 के पश्चात किन-किन तकनीकी शिक्षा महाविद्यालयों ने भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद्, नई दिल्ली से अनुमति लेकर कौन-कौन से नवीन संकाय कहाँ-कहाँ खोले? उज्जैन इंदौर संभाग की जानकारी देवें? (ग) प्रदेश में 1 जनवरी 2015 के पश्चात् कितने निजी अभियांत्रिकी महाविद्यालय किन-किन कारणों से बंद हुये, बंद महाविद्यालयों को पुन: प्रारम्भ किये जाने हेतु विभाग स्तर पर क्या प्रयास किये? (घ) क्या प्रदेश के अभियांत्रिकी महाविद्यालयों में अध्ययन करने वाले विद्यार्थियों की देश स्तर पर योग्यता कमजोर सिद्ध हो रही है, जिससे प्रदेश के अभियांत्रिकी महाविद्यालों के प्रति विद्यार्थियों का रुझान कम हुआ है, जिसके परिणाम स्वरूप प्रदेश के कई महाविद्यालय बंद हुए हैं? इसकी समीक्षा विभाग द्वारा कब-कब की गई, उसमें अभियांत्रिकी महाविद्यालयों के प्रति मध्यप्रदेश में विद्यार्थियों की गत वर्षों में कम रूचि का कारण क्या रहा?

राज्‍यमंत्री, तकनीकी शिक्षा ( श्री दीपक जोशी ) : (क) जी हाँ। कार्यवाही विवरण की जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) 1 जनवरी, 2014 के पश्चात् तकनीकी महाविद्यालयों में इन्दौर एवं उज्जैन संभाग के अन्तर्गत खोले गये नवीन संकाय की जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ग) प्रदेश में 1 जनवरी, 2015 के पश्चात् बंद अथवा काउंसलिंग से पृथक हुये इंजीनियरिंग महाविद्यालय की सूची की जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है। अभियांत्रिकी महाविद्यालय बंद किये जाने की कार्यवाही भारत शासन के अधीनस्थ अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद्, नई दिल्ली द्वारा की जाती है। राष्ट्रीय एवं प्रदेश स्तर पर छात्रों का पाठ्यक्रम में रुझान कम होने के फलस्वरूप सीटें नहीं भरने के कारण महाविद्यालय बंद हुये हैं। सभी संस्थायें निजी क्षेत्र की हैं एवं संस्थायें प्रारंभ एवं बंद करने के सम्पूर्ण अधिकार अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद्, नई दिल्ली के होते हैं, अतः महाविद्यालयों को पुनः प्रारंभ करने हेतु शासन के प्रयास का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) जी नहीं। राष्ट्रीय स्तर पर आवश्यकता एवं मांग पर विद्यार्थियों का अन्य पाठ्यक्रमों में रुझान होने के कारण अभियांत्रिकी महाविद्यालय में रुझान कम हुआ है।

परिशिष्ट - ''आठ''

पी.ए.सी.एल. कम्पनी की घोषित अचल सम्पत्ति

[राजस्व]

23. ( *क्र. 749 ) श्री मुरलीधर पाटीदार : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या जिला आगर अंतर्गत कलेक्टर महोदय के पत्र दिनांक 22.09.2016 के परिपालन में पी.ए.सी.एल. कम्पनी की सम्पत्ति होने से जिले की कुछ जमीनों के नामान्तरण, पंजीयन पर रोक लगाई है? यदि हाँ, तो ग्रामवार जानकारी देते हुए तद्संबंधी दस्तावेजों की प्रमाणित प्रति उपलब्ध करावें? (ख) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित जमीन को पी.ए.सी.एल. कम्पनी की सम्पत्ति घोषित की गई है तो उसका आधार क्या है? क्या विधिक रूप से विज्ञप्ति निकाली गई, जमीनी कर्मचारी पटवारी आदि से प्रतिवेदन लिया गया? यदि हाँ, तो तद्संबंधी दस्तावेजों की प्रमाणित प्रति प्रस्तुत करें। (ग) रिटायर्ड जस्टिस लोढ़ा कमेटी द्वारा क्‍या उक्त के संबंध में कोई निर्णय/निर्देश दिये गये थे? यदि हाँ, तो निर्णय की सत्यापित प्रति उपलब्ध करायें? पी.ए.सी.एल. कम्पनी द्वारा लोढ़ा कमेटी/तद्संबंधी नोडल आफिसर को प्रस्तुत दस्तावेजों की जानकारी उपलब्ध करावें? (घ) प्रश्नांश (ख) अनुसार यदि पूर्ण विधिक कार्यवाही के बिना ही जमीन के नामांतरण/पंजीयन/क्रय-विक्रय पर रोक लगाई है तो क्या समीक्षा की जाकर उचित एवं कृषकों के हित में कार्यवाही की जावेगी? यदि हाँ, तो क्या व कब तक?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

अभिवादन स्‍वरूप जय हिन्द शब्‍द का प्रयोग

[गृह]

24. ( *क्र. 1791 ) श्री अनिल फिरोजिया : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या भारतीय सेना एवं मध्‍य प्रदेश होमगार्ड (नगर सेना) में वरिष्‍ठ अधिकारियों को अभिवादन स्‍वरूप जय हिन्द बोलने का प्रावधान है अथवा नहीं? यदि हाँ, तो, परिपत्र की प्रति उपलब्‍ध करावें? (ख) मध्‍यप्रदेश पुलिस/मध्‍यप्रदेश सशस्‍त्र बल एवं अन्‍य पुलिस इकाइयों में वरिष्‍ठ अधिकारियों को अभिवादन स्‍वरूप किस शब्‍द का उपयोग किया जाता है? (ग) क्‍या मध्‍यप्रदेश पुलिस/मध्‍यप्रदेश सशस्‍त्र बल एवं अन्‍य पुलिस इकाइयों में वरिष्‍ठ अधिकारियों को अभिवादन स्‍वरूप जय हिन्द शब्‍द का उपयोग किया जाता है? यदि नहीं, किया जाता है तो क्‍यों? (घ) क्‍या शासन मध्‍यप्रदेश पुलिस/मध्‍यप्रदेश सशस्‍त्र बल एवं अन्‍य पुलिस इकाइयों में जय हिन्द शब्‍द का उपयोग अभिवादन स्‍वरूप किया जाना लागू करेगा? यदि हाँ, तो कब तक और यदि नहीं, तो क्‍यों?

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) भारतीय सेना के संबंध में जानकारी केंद्र सरकार से संबंधित है। मध्यप्रदेश नगर सेना में जय हिन्द बोलने की परंपरा पूर्व से चली जा रही है। इसके पृथक से कोई आदेश/निर्देश उपलब्ध नहीं हैं। (ख) कनिष्ठ अधिकारियों द्वारा वरिष्ठ अधिकारियों को अभिवादन करते समय सैल्यूट किया जाता है। (ग) सैल्यूट करते समय जय हिन्द शब्द का उपयोग करना अनिवार्य नहीं है। लेकिन अभिवादन के समय जय हिन्द, नमस्ते अथवा नमस्कार जैसे शब्दों का उपयोग अनेक वर्षों से परम्परा में है। (घ) दीर्घकाल से प्रचलित परम्पराओं में परिवर्तन की आवश्यकता प्रतीत नहीं होती।

मण्‍डी सोसायटी बगौता में गेहूँ की जप्‍ती

[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्‍ता संरक्षण]

25. ( *क्र. 1298 ) श्रीमती रेखा यादव : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या जिला छतरपुर के खरीदी केन्‍द्र सोसायटी बगौता मण्‍डी छतरपुर में गेहूँ जप्‍त कर तहसीलदार द्वारा दिनांक 04.05.2012 को अपने वरिष्‍ठ अधिकारी को कार्यवाही प्रतिवेदन दिया गया था। उक्‍त प्रतिवेदन में किसके द्वारा किस नियम व धारा का उल्‍लंघन किया गया था, लेख किया था या नहीं? यदि नहीं, तो क्‍यों? कारण सहित उल्‍लेख करें (ख) प्रश्नांश (क) के अनुसार क्‍या खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम नियम एवं रेव्‍यूलेशन की धारा 38 से 47 तक की उपधाराओं में खाद्य पदार्थ की गुणवत्‍ता की जाँच हेतु सेम्‍पल भरकर रसायनिक विश्‍लेषण के लिये भेजने का प्रावधान है? यदि हाँ, तो प्रश्‍नकर्ता के परि.अता.प्र.सं. 74 (क्र. 818), दिनांक 07.12.2016 को रसायनिक परीक्षण का प्रावधान नहीं है, उत्‍तर क्‍यों दिया गया था? (ग) क्‍या म.प्र. शासन के नियम व निर्देशों के अनुसार किसी वाहन में संदिग्‍ध माल लदते एवं लदे हुये पकड़ा जाता है तो उक्‍त माल के साथ वाहन को जप्‍त करने का प्रावधान है? यदि हाँ, तो प्रश्‍नकर्ता के प्रश्‍न का यह उत्‍तर क्‍यों दिया गया था कि ट्रक को संदिग्‍ध नहीं माना गया था? (घ) प्रश्‍नकर्ता के प्रश्‍न के उत्‍तर में उल्‍लेख किया गया था कि गोविन्‍द प्रसाद गुप्‍ता द्वारा सूचना पत्र लेने से इंकार किया गया था, क्‍या तहसीलदार द्वारा सूचना पत्र तामीली में सिविल प्रक्रिया संहिता के आदेश-5 नियम 17 के अन्‍तर्गत तामीली प्रक्रिया का पूर्णरूपेण परिपालन किया गया था या नहीं? यदि हाँ, तो प्रतिवादी के तामीली का प्रतिग्रहण करने से इंकार करने संबंधी नियम व निर्देशों की प्रति उपलब्‍ध करायें।

खाद्य मंत्री ( श्री ओम प्रकाश धुर्वे ) : (क) जी हाँ, तहसीलदार द्वारा दिनांक 04.05.2012 को प्रतिवेदन प्रस्‍तुत किया गया था। उक्‍त जाँच प्रतिवेदन में श्री मंजू अग्रवाल का नाम उल्‍लेख किया गया था, जाँच में गेहूँ उपार्जन के दौरान खरीदी केन्‍द्र-बगौता में श्री मंजू अग्रवाल का पंजीयन नहीं होने एवं उनके द्वारा उपार्जन केन्‍द्र में परिवहन हेतु लगाये गये ट्रक में लदवाया जा रहा गेहूँ पुराना एवं संदिग्‍ध होने के कारण न्‍यायालय कलेक्‍टर छतरपुर में दंडात्‍मक कार्यवाही किये जाने हेतु तहसीलदार द्वारा दिनांक 04.05.2012 को कलेक्‍टर, जिला छतरपुर को प्रतिवेदित किया गया। (ख) जी हाँ। उपार्जन नीति अंतर्गत उपार्जित गेहूँ के रसायनिक परीक्षण का अनिवार्य प्रावधान न होने से विधानसभा प्रश्‍न क्रमांक 818 में रसायनिक परीक्षण का प्रावधान नहीं होने का लेख किया गया था। (ग) वाहन की जप्‍ती अनिवार्यत: की ही जाएगी, ऐसा कोई विधिक प्रावधान नहीं है। प्रकरण विशेष की परिस्थितियों के आधार पर माल के साथ-साथ वाहन जप्‍ती की कार्यवाही की जा सकती है। इस प्रकरण में कार्यवाही तत्‍समय की परिस्थिति के अनुसार जाँचकर्ता अधिकारी द्वारा की गई। (घ) जी हाँ, राजस्‍व न्‍यायालयों में सूचना पत्र की तामीली का प्रावधान सिविल प्रकिया संहिता के आदेश-5 नियम 17 के अंतर्गत न होकर म.प्र. भू-राजस्‍व संहिता 1959 की अनुसूची-एक के अंतर्गत है, जिसका पूर्णरूपेण परिपालन किया गया था। तामीली का प्रतिग्रहण करने से इन्‍कार करने संबंधी निर्देश की प्रति संलग्‍न संलग्न परिशिष्ट अनुसार है।

परिशिष्ट - ''नौ''

 

 


 

 

 

 

 

 

 

 

भाग-2

नियम 46 (2) के अंतर्गत अतारांकित प्रश्नोत्तर के रुप में

परिवर्तित तारांकित प्रश्नोत्तर


अशोकनगर जिले की भूमियों पर अतिक्रमण

[राजस्व]

1. ( क्र. 16 ) श्री महेन्द्र सिंह कालूखेड़ा : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रश्नकर्ता ने मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, राजस्व मंत्री को पत्र लिखकर राजस्व मण्डल ग्वालियर के एक सदस्य द्वारा अशोकनगर शहर की शासकीय भूमि खसरा क्रमांक 555 रक्बा 6 बीघा तथा खसरा क्रमांक 558572 की करोड़ों की भूमि में शासन के विरूद्ध निजी व्यक्तियों के हक में फैसले देने की शिकायत की है तो शिकायत का विवरण देते हुए बताएं कि क्‍या राजस्व मण्डल के शासन के विरूद्ध दिये फैसलों की जाँचकर विभाग शासन के हितों का संरक्षण करेगा? (ख) क्या अशोकनगर शहर के मध्य भोसलें का बाड़ा की करोड़ों की शासकीय भूमि जिस पर तत्कालीन गुना कलेक्टर श्रीमति नीलम राव द्वारा कब्जा हटा दिया गया था, पुनः गजराजसिंह पुत्र अमोलसिंह खासखेड़ा चंदेरी द्वारा बेनामी कब्जा कर लिया है का प्रकरण भी इसी राजस्व मण्डल के सचिव के पास है व यहाँ भी निजी व्यक्ति के पक्ष में यह सदस्य उपरोक्त दो प्रकरणों की तरह निर्णय कर सकते है। (ग) इस सदस्य को इस प्रकरण से हटाने व उनकी उपरोक्त 2 अन्य फैसले जो शासन विरूद्ध दिये है, की समीक्षा करने का पत्र प्रश्‍नकर्ता ने मुख्यमंत्री जी, राजस्व मंत्री जी, मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव राजस्व को नवम्बर एवं दिसम्बर 2016 में दिया है उस पर क्या कार्यवाही हुईं?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) से (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

पालकटोरी जिला अशोकनगर में हुए अवैध खनन के आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होना

[गृह]

2. ( क्र. 45 ) श्री महेन्द्र सिंह कालूखेड़ा : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) 8 दिसम्बर 2016 के अता. प्रश्न संख्या 13 ( क्रमांक 93 ) के संदर्भ में बताएं कि पलकटोरी जिला अशोकनगर में अवैध खनन पर किन लोगों पर दस करोड़ का जुर्माना किया गया तथा पुलिस रिपोर्ट में नामजद अपराधी आरोपी जिन्हें फरार घोषित किया उन्हें गिरफ्तार न कर उन्हें कोर्ट से स्टे प्राप्त करने का मौका क्यों दिया गया? (ख) यादवेन्द्र व अजय ने वर्ष 2016 में दिसम्बर माह में कई वाहनों से जुलूस निकालकर पर्चे वितरित कर आमसभा की व इसके पूर्व 15 अगस्त को मण्डी अशोकनगर में झण्डावंदन किया तथा ईसागढ़ नगर परिषद् में एक सांसद के साथ चुनाव प्रचार किया तो इन तीन मौका पर फरार घोषित दोनों आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार क्यों नहीं किया? (ग) कब तक गिरफ्तार हो जाएगी तथा जिन 15-20 अज्ञात व्यक्तियों के नाम लोगों ने दिये उन पर कार्यवाही क्यों नहीं हो रही है?

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) कलेक्टर, जिला अशोकनगर द्वारा पत्र दिनांक 25.06.2016 से यादवेन्द्र सिंह पुत्र श्री देशराज सिंह यादव, अजय पुत्र श्री देशराज सिंह यादव, निवासी तायडे कॉलोनी अशोकनगर मनोज दांगी, लखन यादव निवासीगण अशोकनगर के विरुद्ध अवैध खनन पर रुपये 10 करोड़ 26 लाख 40 हजार रुपये के जुर्माना हेतु नोटिस जारी किया गया है। पुलिस द्वारा अप.क्र. 266/16 में किसी को फरार आरोपी घोषित नहीं किया गया है। प्रकरण में आरोपियों की गिरफ्तारी के संबंध में किसी भी न्यायालय द्वारा स्टे प्राप्त नहीं हुआ है। (ख) प्रश्नांश के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) प्रकरण में नामजद आरोपियों में से 02 आरोपी मनोज दांगी व लखन यादव को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। प्रकरण वर्तमान में विवेचनाधीन है। विवेचना में आई साक्ष्य अनुसार विधि अनुरुप कार्यवाही की जावेगी।

अथाईखेड़ा जिला अशोकनगर की भूमि सर्वे क्रमांक 696/2 का पट्टे पर दिया जाना

[राजस्व]

3. ( क्र. 46 ) श्री महेन्द्र सिंह कालूखेड़ा : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सर्वे क्रमांक 696/2 अथाईखेड़ा की भूमि को आत्मसमर्पित डाकू छोटेसिंह भदौरिया को पट्टे पर कब दी गई थी तथा क्या उस भूमि को शर्तों के विरूद्ध बिना जिलाधीश की अनुमति के राजेन्द्र शर्मा को बेची गई? इस संबंध में पिछले 3 वर्षों में कितनी शिकायतें मिली व राजेन्द्र शर्मा के पक्ष में की गई उक्‍त भूमि की रजिस्ट्री क्यों निरस्त नहीं की गई? (ख) मुंगावली खुली जेल में कितने आत्मसमर्पित डाकुओं को कितनी-कितनी भूमि का पट्टा अशोकनगर जिले में प्रदाय किया गया? उनके नाम व भूमि का क्षेत्रफल बताएं तथा यह भी बताएं कि जिन को यह भूमि पट्टे पर दी गई थी क्‍या उसमें यह शर्त थी कि वे स्वयं खेती करेंगे लेकिन पिछले एक वर्ष में इन भूमि पर दस से पन्द्रह वर्ष तक कोई वहा रहकर खेती नहीं करता तथा अन्य लोग खेती कर रहे है व शिकायत के बाद भी यह पट्टे निरस्त क्यों नहीं हुए व बिना जिलाधीश की अनुमति के कितनी-कितनी भूमि की रजिस्ट्री किस-किस को की गई विवरण दें। प्रश्‍नकर्ता द्वारा इस संबंध में जिलाधीश, राजस्व मंत्री, प्रमुख सचिव को लिखे पत्र पर क्या कार्यवाही हुई।

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) एवं (ख) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

बंधुआ मजदूरों की मुक्ति

[श्रम]

4. ( क्र. 51 ) श्री जितेन्‍द्र गेहलोत : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में बंधुआ मजदूरों के हितों की रक्षा के लिए सरकार ने क्‍या-क्‍या कार्यवाही की? (ख) क्‍या उज्‍जैन संभाग में शासन ने जिला स्‍तर पर निगरानी समितियां गठित की है. यदि हाँ, तो जिलेवार- नाम सहित ब्‍यौरा दें? (ग) उज्‍जैन संभाग में विगत पाँच वर्षों में कितने एवं कौन-कौन से बंधुआ मजदूर मुक्‍त हुए?

खाद्य मंत्री ( श्री ओम प्रकाश धुर्वे ) : (क) प्रदेश में बंधुआ मजदूरों के हितों की रक्षा के लिये सरकार द्वारा की गई कार्यवाही संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-अ पर है। (ख) जी, हाँ उज्जैन संभाग में शासन ने जिला स्तर पर निगरानी समितियां गठित की है। जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-ब पर है। (ग) उज्जैन संभाग में विगत पाँच वर्षों में कोई बंधुआ मजदूर मुक्त नहीं कराया गया है।

परिशिष्ट - ''एक''

राजस्‍व भूमि की जानकारी विषयक

[राजस्व]

5. ( क्र. 54 ) श्री जितेन्‍द्र गेहलोत : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍न संख्‍या 99 (क्र.२७१६) दिनांक २०१६ एवं प्रश्‍न क्र.४८ दिनांक ०७ दिसम्‍बर २०१६ को उत्‍तर विगत दो सत्रों में नहीं दिये जाने का क्‍या कारण है? (ख) क्‍या विभाग को प्रश्‍न के उत्‍तर संबंधी जानकारी जुलाई २०१६ में प्राप्‍त हो गई थी? फिर यह उत्‍तर २९ जुलाई एवं ०७ दिसम्‍बर को क्‍यों दिया गया कि ''जानकारी एकत्र की जा रही है''? (ग) सदन को गुमराह करने वालों पर क्‍या कार्यवाही की गई? एवं संबंधित प्रश्‍न का पूर्ण उत्‍तर दें .

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) से (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

पनागर विधानसभा में हैण्डपंप खनन

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

6. ( क्र. 93 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या लोक स्वा‍स्थ्‍य यांत्रिकी विभाग द्वारा विभागीय एवं ठेके पर नलकूप खनन किये जाते हैं? (ख) यदि हाँ, तो नलकूप खनन के स्थान का चयन किस आधार पर किया जाता हैं? (ग) क्या यह सही है कि ग्राम पंचायत की मांग के अनुसार नलकूप खनन नहीं किये जाते हैं? (घ) पनागर विधानसभा क्षेत्रान्‍तर्गत गत ३ वर्षों में ग्रामवार किये गये नलकूप खनन की जानकारी देवें?

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) जी हाँ। (ख) आंशिक पूर्ण श्रेणी की बसाहटों में नलकूप खनन के स्थान का चयन ग्रामवासियों की सहमति से भू-जलविद् की अनुशंसा अनुसार किया जाता है। (ग) पूर्ण श्रेणी के ग्रामों में ग्राम पंचायत की मांग के अनुसार नलकूप खनन नहीं किये जा सकते है। (घ) पनागर विधानसभा क्षेत्रांतर्गत गत 3 वर्षों में ग्रामवार किये गये नलकूप खनन की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है।

नल जल योजना

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

7. ( क्र. 94 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या शासन द्वारा नई नल-जल योजनायें बंद कर दी गई हैं, जिसके कारण पेयजल की गंभीर समस्या बन गई हैं? (ख) क्या गर्मी के दिनों में जलस्तर कम हो जाने से हैण्डपंपों से पानी आना बंद हो जाता हैं? (ग) क्या जिन ग्रामों में नल-जल योजनायें चल रही हैं, उन ग्रामों में पानी की उपलब्धता बनी रहती हैं? (घ) यदि हाँ, तो क्या प्रश्नांश (क) एवं (ग) के अधीन शासन नल-जल योजनायें विशेषकर ड्राई क्षेत्रों जैसे बैरागी, धनपुरी, मलारा, तिलहरी, पहाड़ीखेड़ा, रिछाई शारदानगर, डूंगा महगांव, सिलपुरी, सलैया, पिपरिया, बम्हनी पुरवा, नगना, मटामर, पहरहा टोला, कंदराखेड़ा, पड़रिया, तिवारीखेड़ा, टिकारी, इमलिया, हथना में चालू करने हेतु विचार करेगा? यदि नहीं, तो क्या ऐसे ड्राई क्षेत्रों में गहरे नलकूप उत्खनन किये जा सकेंगे?

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) जी, नहीं। (ख) जी हाँ, कुछ हैण्डपंपों में। (ग) जी, हाँ। (घ) प्रश्नांश में उल्लेखित ग्रामों में से अधिकांश ग्रामों के लिये बरगी बाँध स्त्रोत आधारित समूह नल-जल प्रदाय योजना की डी.पी.आर. बनाने की कार्यवाही की जा रही है। जी हाँ, ऐसे क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था हेतु भूजलविद् की अनुशंसित गहराई तक नलकूप खनन भी किये जा सकेंगे।

मजरे टोलों को राजस्‍व ग्राम घोषित किया जाना

[राजस्व]

8. ( क्र. 136 ) श्री लखन पटेल : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधान सभा क्षेत्र पथरिया में ऐसे कितने मजरे टोले हैं, जिनकी आबादी 100 से ज्‍यादा है और वह राजस्‍व ग्राम घोषित नहीं है, नाम सहित जानकारी प्रदाय करें? (ख) मजरे टोलों को राजस्‍व ग्राम घोषित करने के लिये नियम व प्रक्रिया क्‍या है? (ग) प्रश्नांश (क) के अनुक्रम में उपरोक्‍त मजरा टोला को राजस्‍व ग्राम घोषित करने हेतु क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई? यदि नहीं, की गई, तो क्‍यों और इन्‍हें कब तक राजस्‍व ग्राम घोषित कर दिया जावेगा?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क)   कुल 28 मजरे टोले है जो निम्नानुसार है- 1. पिपरिया तिगड्डा, 2.आदिवासी टोला,3.अम्मामोटा, 4.लमनया, 5.सड़क की टपरिया, 6. मढाटोला, 7.शहपुरा खुर्द की टपरिया, 8.हरदुटोला,  9.झुनारी की टपरिया,  10.गुलाब की टपरिया 11.  सुनुवा की टपरिया, 12.हरदुआखुर्द 13.सिमरी बरोदा  14.इन्द्रा कालोनी कनोरा 15. इन्द्रा कालोनी घूघस 16. फालतु की टपरिया   17. नोना की टपरिया  18. हिम्मतपुरा   19. बमनपुरा 20. धरम की टपरिया 21.पारदी की टपरिया 22. मुरकिल की टपरिया 23. प्रेम नगर 24.आदिवासी की टपरिया 25.कंचनपुरा 26.चैपरा वरखेरा 27.खैरो हिंगवानी 28.हअदुआ टोला। (ख)   जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार। (ग)  उपरोक्त मजरे टोले राजस्व ग्राम बनने के मापदण्डों को पूर्ण नहीं करते हैं, शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''दो''

प्रधानमंत्री उज्‍जवला योजनांतर्गत कनेक्‍शन प्रदाय

[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्‍ता संरक्षण]

9. ( क्र. 137 ) श्री लखन पटेल : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रधानमंत्री उज्‍जवला योजना के क्‍या नियम व प्रावधान है, योजना में कौन-कौन पात्रता रखता है? योजना से संबंधित नियमावली एवं प्रावधान की जानकारी उपलब्‍ध करायी जावे? (ख) दमोह जिले में विधानसभा पथरिया क्षेत्रांतर्गत कौन-कौन सी एवं कहाँ-कहाँ गैस कंपनियां संचालित की जा रही है एवं इसके प्रोप्राईटर का नाम, पता एवं मोबाईल नं. सहित जानकारी दी जावे? (ग) पथरिया विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत प्रधानमंत्री योजना तहत गैस एजेंसियों को कितने आवेदन प्राप्‍त हुए एवं कितने स्‍वीकृत किए गए व कितने गैस कनेक्‍शन वितरण किए गए व कितने वितरण किया जाना शेष हैं? (घ) प्रधानमंत्री उज्‍जवला योजना तहत गैस एजेंसियों ने कितने आवेदन अस्‍वीकृत किए? अस्‍वीकृत किए जाने का कारण स्‍पष्‍ट करें?

खाद्य मंत्री ( श्री ओम प्रकाश धुर्वे ) : (क) भारत सरकार द्वारा सामाजिक-आर्थिक एवं जाति जनगणना, 2011 में सर्वेक्षित परिवार के अंतर्गत ऐसे परिवार जो निर्धारित 7 श्रेणियों में से किसी भी एक वंचित श्रेणी में आते हैं, उन्‍हें प्रधानमंत्री उज्‍जवला योजनांतर्गत गैस कनेक्‍शन प्रदाय करने का प्रावधान है। योजनांतर्गत लाभांवित होने वाले परिवारों की श्रेणी की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है एवं नियमावली एवं प्रावधान की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ग) पथरिया विधानसभा क्षेत्रांतर्गत प्रधानमंत्री उज्‍जवला योजनांतर्गत 6,771 आवेदन प्राप्‍त हुए जिसमें से 6,023 आवेदन स्‍वीकृत एवं 5,728 गैस कनेक्‍शन वितरित एवं 295 गैस कनेक्‍शन वितरण हेतु शेष हैं। (घ) प्रधानमंत्री उज्‍जवला योजनांतर्गत प्राप्‍त आवेदनों में से 461 आवेदन उपभोक्‍ता के पास पूर्व से गैस कनेक्‍शन होने, सूची में नाम भिन्‍न होने आदि कारणों से अस्‍वीकृत किए गए हैं।

सिंगरौली जिले के चितरंगी तहसील में राजस्‍व नामांतरण के प्रकरण

[राजस्व]

10. ( क्र. 146 ) श्रीमती सरस्‍वती सिंह : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सिंगरौली जिले की चितरंगी तहसील में वर्ष 2015-16 से प्रश्‍न दिनांक तक कितने प्रकरण नामांतरण एवं बंटवारा के प्राप्‍त हुए? इनमें से कितने प्रकरण नामांतरण एवं बंटवारा के स्‍वीकृत किये गये? कितने शेष है, उन पर कब तक कार्यवाही की जाएगी तथा शेष है तो क्‍यों? (ख) प्रश्नांश (क) चितरंगी तहसील में नामांतरण एवं बंटवारा की कार्यवाही हेतु क्‍या ग्राम पंचायतों को कोई अधिकार दिए गए हैं? यदि हाँ, तो ग्राम पंचायतों से उपरोक्‍त वर्ष में कितने प्रकरणों का निराकरण कराया गया है, सूची सहित जानकारी देवें तथा निराकरण नहीं किया गया तो क्‍यों व लंबित प्रकरणों को कब तक निराकृत करा लिया जाएगा?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) एवं (ख) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

प्रधानमंत्री उज्‍जवला योजना का क्रियान्‍वयन

[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्‍ता संरक्षण]

11. ( क्र. 147 ) श्रीमती सरस्‍वती सिंह : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रधानमंत्री उज्‍जवला योजना के क्‍या नियम व प्रावधान हैं? योजना में कौन-कौन पात्रता रखता है, योजना से संबंधित नियमावली एवं प्रावधान की एक प्रति उपलब्‍ध कराई जावें? (ख) सिंगरौली जिले में विधानसभा क्षेत्रवार कौन-कौन सी एवं कहाँ-कहाँ गैस कंपनियां संचालित की जा रही है एवं उनके प्रोपराइटर का नाम पता सहित जानकारी दी जावे? (ग) प्रश्नांश (क) (ख) के संदर्भ में प्रधानमंत्री उज्‍जवला योजना के तहत गैस एजेन्सियों को कितने-कितने आवेदन प्राप्‍त हुए और कितने-कितने स्‍वीकृत किये गये? कितने वितरण किये गये? कितने वितरण किया जाना शेष है एवं कितने आवेदन अस्‍वीकृत किये गये? पंचायतवार जानकारी उपलब्‍ध कराई जाय? अस्‍वीकृत करने का कारण स्‍पष्‍ट करें? (घ) चितरंगी विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत प्रधानमंत्री उज्‍जवला योजना के तहत गैस चूल्‍हा वितरण का लक्ष्‍य तथा कितने स्‍वीकृत, वितरण, लंबित एवं अस्‍वीकृत किये गये हैं? पंचायतवार जानकारी उपलब्‍ध करायी जाये?

खाद्य मंत्री ( श्री ओम प्रकाश धुर्वे ) : (क) भारत सरकार द्वारा सामाजिक-आर्थिक एवं जाति जनगणना, 2011 में सर्वेक्षित परिवारों में से परिवार निर्धारित 7 श्रेणियों में से किसी भी एक वंचित श्रेणी में आते हैं, उन्‍हें प्रधानमंत्री उज्‍जवला योजनांतर्गत गैस कनेक्‍शन प्रदाय करने का प्रावधान है। योजनांतर्गत नवीन गैस कनेक्‍शन प्राप्‍त करने की पात्रता रखने वाले परिवारों की श्रेणी की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। योजना के नियम एवं प्रावधान की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ग) सिंगरौली जिले में प्रधानमंत्री उज्‍जवला योजना के तहत गैस कनेक्‍शन हेतु प्राप्‍त आवेदन 35,049, स्‍वीकृत आवेदन 31,219, वितरित गैस कनेक्‍शन 25,624 एवं वितरण से शेष 5,595, एवं अस्‍वीकृत आवेदन संख्‍या 1,019 हैं। हितग्राही के पास पूर्व से गैस कनेक्‍शन होने या एक से अधिक बार आवेदन करने आदि कारणों से आवेदनों को निरस्‍त किया गया है। पंचायतवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (घ) प्रधानमंत्री उज्‍जवला योजनांतर्गत गैस चूल्‍हा वितरण का कोई लक्ष्‍य निर्धारित नहीं किया गया है। चितरंगी विधानसभा क्षेत्रांतर्गत गैस कनेक्‍शन हेतु प्राप्‍त आवेदन, स्‍वीकृत, गैस कनेक्‍शन जारी, लंबित एवं अस्‍वीकृत आवेदनों की पंचायतवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' के क्रमांक 1 से 134 अनुसार है।

निजी यात्री बसों में ई-टिकिट की व्‍यवस्‍था

[परिवहन]

12. ( क्र. 157 ) श्री हितेन्द्र सिंह ध्‍यान सिंह सोलंकी : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या मध्‍यप्रदेश राज्‍य सरकार द्वारा राज्‍य परिवहन निगम को भंग कर यात्री परिवहन हेतु निजी यात्री बसों को नियम शर्तों के अधीन संचालन हेतु दिया गया है? यदि हाँ, तो किन शर्तों/नियम के अधीन दिया गया है? नियम की जानकारी उपलब्‍ध कराई जावे। (ख) क्‍या इन नियम शर्तों में यह भी उल्‍लेखित है कि यात्री सुविधा के लिये किन नियम के अंतर्गत दो सीटों के मध्‍य कितना अंतर होना चाहिये? वाहन चालक के लिये पृथक से केबिन होना चाहिये, इसी प्रकार क्‍या यात्रियों को ई-टिकिट प्रदान किये जाने के संबंध में कोई प्रकरण विचाराधीन है, जिससे कि यात्रियों को निर्धारित यात्री किराये से अधिक की वसूली न हो। क्‍या शासन ई-टिकिट की व्‍यवस्‍था करेगा, जिसमें कि बस क्रमांक, वाहन मालिक का पूर्ण पता, निर्धारित यात्री किराया, यात्रा की दूरी एवं टिकिट क्रमांक सहित उल्‍लेख हो। यह सुविधा कब तक उपलब्‍ध कराई जावेगी? यदि नहीं, तो क्‍यों? यदि हाँ, तो कब तक? (ग) यात्री परिवहन के कर्मचारियों के द्वारा अधिक किराया लिये जाने की शिकायतें, शासन द्वारा दर कम करने के उपरांत भी पुरानी दरों पर किराया वसूला जाने तथा वाहन संचालनकर्ताओं के द्वारा यात्रियों के साथ दुव्‍यवहार की शिकायतों पर क्‍या शासन इस कोई कार्यवाही करेगा? दो सीटों के अंतराल के ऐसे कितने प्रकरण विगत 6 माह में पाये गये एवं उनके विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की गई? आरोपित अर्थदण्‍ड सहित जानकारी दी जावे।

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) यह सही है कि मध्यप्रदेश सड़क परिवहन निगम को परिसमापन का निर्णय फरवरी 2005 में लिया गया था। तदोपरांत सितम्‍बर 2009 से मध्यप्रदेश सड़क परिवहन निगम द्वारा संचालित यात्री बसों का संचालन पूर्णत: बंद कर दिया गया है। निजी यात्री बसों को संचालन हेतु परमिट मोटरयान अधिनियम 1988 में वर्णित प्रावधानों के अनुरूप प्रदाय किये जाते है। सुसंगत मोटरयान अधिनियम 1988 के अध्याय-5 की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्टि के प्रपत्र '' अनुसार है (ख) मध्य प्रदेश मोटरयान नियम 1994 के नियम 158 में दो सीटों के मध्य अंतर का प्रावधान वर्णित है जिसकी प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। इसी प्रकार वाहन चालक के बैठने के स्थान बावत प्रावधान मध्यप्रदेश मोटरयान नियम 1994 के नियम 163 में वर्णित है। जिसके अनुसार मोटर-कैब से भिन्‍न प्रत्येक लोकसेवायान में चालक को बैठने के लिये अलग से एक कंपार्टमेंट होना चाहिए। जी नहीं। मध्यप्रदेश सड़क परिवहन निगम द्वारा बसों का संचालन नहीं किये जाने के कारण यात्रियों के ई-टिकिट के संबंध में कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। शेषांश का प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता है। (ग) शासन द्वारा निर्धारित किराये से अधिक किराया लिए जाने एवं संचालनकर्ताओं के द्वारा यात्रियों के साथ दुर्व्‍यवहार की शिकायतें प्राप्त होने पर तत्काल कार्यवाही की जाती है। दो सीटों के अंतराल के संबंध में विगत छ: माह में कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।

नीमच जिले के रामपुरा आई.टी.आई. का निरीक्षण

[तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास]

13. ( क्र. 182 ) श्री कैलाश चावला : क्या राज्‍यमंत्री, तकनीकी शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नीमच जिले के रामपुरा आई.टी.आई. का निरीक्षण करने के उपरान्‍त प्रश्‍नकर्ता द्वारा पत्र क्रमांक 481-482 दिनांक 15-09-2016 प्रमुख सचिव तकनीकी शिक्षा एवं माननीय तकनीकी शिक्षा मंत्री जी को प्रे‍षित कर उक्‍त संस्‍था की कठिनाईयों को हल करने हेतु लिखा गया था। (ख) उक्‍त पत्र में जिन क‍मियों की ओर ध्‍यान आकर्षित किया गया उन पर प्रश्‍न दिनांक तक विभाग द्वारा क्‍या कार्यवाही की गई है। प्रश्‍न में उल्‍लेखित समस्‍यावार की गई कार्यवाही की जानकारी देवें।

राज्‍यमंत्री, तकनीकी शिक्षा ( श्री दीपक जोशी ) : (क) जी हाँ। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है।

परिशिष्ट - ''तीन''

राजस्‍व विभाग द्वारा अतिक्रमणों के निराकरण हेतु कार्यवाही

[राजस्व]

14. ( क्र. 191 ) श्री कैलाश चावला : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) परि.अता.प्रश्‍न संख्‍या-11 (क्रमांक 213) दिनांक 24-02-2016 को प्रश्‍नकर्ता द्वारा किए गए प्रश्‍न के जवाब में दी गई सूची में दिनांक 28-04-15, 29-06-2015, 22-07-2015 एवं 19-07-2015 को कितने अतिक्रमणकर्ता के विरूद्ध दायर प्रकरण का निराकरण किया गया, किन-किन पर अर्थदण्‍ड आरोपित किया गया। दिनांकवार जानकारी बतावें। (ख) इन प्रकरणों के निराकरण हेतु अतिक्रमणकर्ता द्वारा किस दिनांक को नोटिस दिया गया। किस तारीख को तामील हुआ? जिस तारीख को तहसील न्‍यायालय से राजस्‍व पुस्‍तक परिपत्र खण्‍ड 2 क्रमांक 4 की कण्डिका 7 में नियत आदेशिका पंजी में अंकित किया गया है। उसकी जानकारी दें। (ग) प्रश्नांश (क) में उल्‍लेखित अतिक्रमणों के निराकरण हेतु केम्‍प आयोजित करने का आदेश किस तारीख को किया, नोटिस कब जारी हुआ मुनादी पिटने के बाद पंचनामा किस तारीख को बनाया गया।

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) से (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

ग्‍वालियर शहर के लश्‍कर क्षेत्र में संचालित तिल्‍ली व धान की फैक्ट्रियां

[पर्यावरण]

15. ( क्र. 198 ) श्री नारायण सिंह कुशवाह : क्या पशुपालन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या ग्‍वालियर शहर के लश्‍कर क्षेत्र में गिरवाई, हारकोटा, बेलदारपुरा, हारकोटासीर में तिल्‍ली व धान साफ करने की फैक्ट्रियां संचालित है? (ख) यदि हाँ, तो क्‍या इन फैक्ट्रियों का दूषित पानी वहां के नालों में जाता है? जिससे नाले दूषित हो रहे है? (ग) क्‍या गिरवाई नाला, हारकोटासीर, कालासैयद नाला और हनुमान बांध नदी में तिल्‍ली के छिलकों व दूषित पानी भरा रहता है तथा इससे कोई अप्रिय घटना हो सकती है? क्‍या यह सही है कि दूषित जल से आस-पास के ट्यूबवेलों में भी दूषित पानी हो रहा है? जिससे लोग बीमार पड़ रहे है? (घ) क्‍या विगत 5 वर्षों में इन फैक्टियों पर शासन/प्रशासन द्वारा कोई कार्यवाही की गई है? यदि नहीं, तो क्‍यों कारण बतावें? यदि हाँ, तो कब तक कार्यवाही की जावेगी?

पशुपालन मंत्री ( श्री अंतर सिंह आर्य ) : (क) केवल तिल्ली सफाई करने की फैक्ट्रियां संचालित है। (ख) तिल्ली उद्योगों द्वारा धुलाई से उत्पन्न निस्त्राव के उपचार हेतु उपचार संयंत्र स्थापित किये गये है, उपचारित दूषित जल को परिसर के अंदर उपयोग किया जाता है तथा परिसर के बाहर निस्सारण नहीं होता है। अतः शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) जी नहीं। आसपास के ट्यूबवेल/बोरवेल के जल नमूनों की गुणवत्ता निर्धारित मानकों के अनुरूप पाई गई है। दूषित पानी से लोगों में बीमारी फैलने की कोई सूचना नहीं है। (घ) जी हाँ। मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से बिना सम्मति उद्योग संचालन करने के संबंध में बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय, ग्वालियर द्वारा 03 तिल्ली उद्योगों के विरूद्ध जल अधिनियम,1974 की धारा 25 (1) के उल्लघंन के कारण धारा-44 के अंतर्गत न्यायालय में प्रकरण दायर किये गये है, जो माननीय सीजेएम न्यायालय, ग्वालियर में विचाराधीन है।

शासकीय भूमि पर अतिक्रमण

[राजस्व]

16. ( क्र. 203 ) श्री चम्पालाल देवड़ा : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) 29 जुलाई 2016 के प्रश्‍न स.क्र.123 (क्र.3215) में बताया गया कि रिर्सोट संचालक द्वारा अवैध रूप से भूमि सर्वे. क्र. 60 के रकबा 6.65 हेक्‍टेयर व वन भूमि पर 0.196 हेक्‍टेयर अतिक्रमण कर रिर्सोट का संचालन 2009-10 से किया जा रहा है, 1 अगस्‍त 2016 के बाद उक्‍त भूमि से अवैध अतिक्रमण हटाने हेतु विभाग ने प्रश्‍नांकित दिनांक तक क्‍या किया, कार्यवाही की बतावें। (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में क्‍या उक्‍त शासकीय सर्वे नंबर की भूमियों का सीमांकन किया जाकर अतिक्रमण मुक्‍त किया जा चुका है, वर्तमान स्थिति बतावें। रिर्सोट संचालक द्वारा उक्‍त शासकीय भूमि का उपयोग व्‍यावसायिक प्रयोजन हेतु कैसे किया जा रहा है? (ग) प्रश्नांश (क) (ख) में अतिक्रमण कब तक हटा दिया जावेगा।

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) से (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

जलाशयों की मछली (मत्‍स्‍य) समितियों का गठन

[मछुआ कल्याण तथा मत्स्य विकास]

17. ( क्र. 205 ) श्री चम्पालाल देवड़ा : क्या पशुपालन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) देवास जिले के बागली एवं कन्‍नौद विकासखण्‍ड में कुल कितने जलाशयों पर विभाग द्वारा मछली (मत्‍स्‍य) समितियों का गठन किया गया है? समितियों का गठन किस प्रकार किया जाता है? समिति में किन-किन व्‍यक्तियों को लिया जाता है? नियम बतावें। (ख) प्रश्‍नांकित (क) समितियों का गठन दिनांक, समिति सदस्‍यों की जानकारी समितिवार देवें? विगत तीन वर्षों में प्रश्‍नांकित समितियों में से कितनी समितियों की शिकायतें, आर्थिक, गठन के संदर्भ में प्राप्‍त हुईं। विभाग ने अब तक क्‍या कार्यवाही की? (ग) क्‍या प्रश्‍नांकित समितियों में जिन लोगों की भूमि बांध बनाते वक्‍त डूब में गई थी उन्‍हें न लेकर अन्‍य व्‍यक्तियों को लिया गया है? क्‍या समितियों के पदाधिकारियों ने डूब प्रभावितों से राशि ली है? अगर हां, तो विभाग ने क्‍या कार्यवाही की?

पशुपालन मंत्री ( श्री अंतर सिंह आर्य ) : (क) प्रश्‍नाधीन विकासखण्‍डों में 14 जलाशयों पर 16 समितियां गठित है। समितियों के गठन एवं व्‍यक्तियों के लिये जाने के नीति एवं निर्देश की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ख) पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। विगत 3 वर्षों में प्राप्‍त तीन शिकायतों की जाँच कराई जाकर निराकरण किया गया। (ग) प्रश्‍नांकित समितियों में डूब प्रभावित/विस्‍थापित व्‍यक्तियों के साथ अन्‍य स्‍थानीय मछुआ व्‍यक्तियों को भी शामिल किया गया है। समिति पदाधिकारियों द्वारा डूब प्रभावित से राशि लिये जाने के संबंध में विभाग के पास कोई शिकायत प्राप्‍त नहीं है।

खाद्यान्‍न हेतु पात्रता पर्ची का वितरण

[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्‍ता संरक्षण]

18. ( क्र. 237 ) श्री निशंक कुमार जैन : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या राष्‍ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 के अन्‍तर्गत म.प्र. के निवासरत समस्‍त अनुसूचित जाति एवं जनजाति के परिवारों को इस योजना से जोड़ा गया है? (ख) प्रश्नांश (क) यदि हाँ, तो भोपाल संभाग में विधान सभा क्षेत्रवार अनुसूचित जाति एवं जनजाति परिवारों की संख्‍या बतावें? इन परिवारों के लिए खाद्यान्‍न हेतु ''पात्रता पर्ची'' किस श्रेणी (अ.जा./अ.ज.जा.) परिवार, बी.पी.एल. परिवार, श्रमिक संवर्ग के पंजीकृत परिवार आदि में जारी की गई है? विधान सभा क्षेत्रवार जानकारी देवें? (ग) प्रश्नांश (ख) उल्‍लेखित परिवारों की पात्रता पर्ची भोपाल संभाग के जिलों में इसी श्रेणी में जारी न करते हुये अन्‍य श्रेणी में पात्रता पर्ची दिनाँक 01.01.2014 से 31.12.2016 की अवधि में जारी करने के लिए कौन दोषी है, बतावें? इसी श्रेणी में पात्रता पर्ची जारी करने के लिये निर्देश जारी किये जावेंगे या नहीं?

खाद्य मंत्री ( श्री ओम प्रकाश धुर्वे ) : (क) जी हाँ। राष्‍ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 के अन्‍तर्गत प्राथमिकता परिवार में प्रदेश में निवासरत समस्‍त अनुसूचित जाति एवं जनजाति के (प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय श्रेणी के अधिकारी/कर्मचारी एवं आयकरदाताओं को छोड़कर) परिवारों को सम्मिलित किया गया है। (ख) भोपाल संभाग में अनुसूचित जाति एवं जनजाति परिवारों की विधानसभा क्षेत्रवार जानकारी संलग्न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। जी हाँ। अनुसूचित जाति एवं जनजाति श्रेणी अंतर्गत जारी पात्रता पर्चीधारी परिवारों की जानकारी संलग्न परिशिष्‍ट के प्रपत्र अनुसार है। अनुसूचित जाति एवं जनजाति के ऐसे परिवार जिनको अन्‍य पात्र परिवार श्रेणी के अंतर्गत सत्‍यापन उपरांत पात्रता पर्ची जारी नहीं की गई थी, उन्‍हें अनुसूचित जाति एवं जनजाति श्रेणी के अंतर्गत सत्‍यापन उपरांत पात्रता पर्ची जारी किये जाने के कारण इस श्रेणी के कितने परिवारों को गरीबी रेखा से नीचे एवं श्रमिक संवर्ग श्रेणी के अंतर्गत सत्‍यापन उपरांत पात्रता पर्ची जारी की गई है की जानकारी उपलब्‍ध कराया जाना संभव नहीं है। अनुसूचित जाति एवं जनजाति के परिवारों को अन्‍य प्राथमिकता परिवार श्रेणी के अंतर्गत सत्‍यापन उपरांत पात्रता पर्ची जारी करने से उनके खाद्यान्‍न पात्रता में कोई परिवर्तन नहीं होगा लेकिन अन्‍त्‍योदय अन्‍न योजना श्रेणी अंतर्गत सत्‍यापन उपरांत पात्रता पर्ची जारी करने पर उनके खाद्यान्‍न की पात्रता कम (परिवार में 7 से कम सदस्‍य होने पर) हो जाएगी। (ग) प्रश्नांश (ख) के उत्‍तर के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। पृथक से निर्देश जारी करने की आवश्‍यकता प्रतीत नहीं होती है।

परिशिष्ट - ''चार''

इंदौर उज्‍जैन संभाग में सहायक ग्रेड तीन के रिक्‍त पदों की पूर्ति

[राजस्व]

19. ( क्र. 257 ) श्री जितेन्‍द्र गेहलोत : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) उज्‍जैन संभाग में राजस्‍व विभाग में सहायक ग्रेड तीन के कर्मचारीयों के कितने पद रिक्‍त है? जिलेवार, ब्‍यौरा दें। (ख) प्रश्नांश (क) में अनुसूचित जाति, अनु.जनजाति. पिछड़ावर्ग व सामान्‍य वर्ग श्रेणी के रिक्‍त पदों का अलग-अलग ब्‍यौरा दें. (ग) पद पूर्ति हेतु शासन द्वारा की गई कार्यवाही का ब्‍यौरा दें.

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) से (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

प्रदेश में आत्महत्या की घटनाएँ

[गृह]

20. ( क्र. 276 ) श्री रामनिवास रावत : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रश्नकर्ता के अतारांकित प्रश्‍न संख्‍या 150 ( क्र.1518) दिनांक 07.12.16 के उत्तर में दिनांक 01 जुलाई 2016 से 15 नवम्बर 2016 तक प्रदेश में कुल 3469 आत्महत्या की घटनाएँ घटित होने जिनमें से 531 (कृषक एवं कृषक मजदूर) तथा 281 छात्र थे, की जानकारी दी गई थी? (ख) यदि हाँ, तो दिनांक 16 नवम्बर 2016 से प्रश्नांकित तिथि तक की अवधि में प्रदेश में आत्महत्या की कुल कितनी घटनाएँ घटित हुई? जिलेवार बतावें? उक्त आत्महत्याओं के क्या क्या कारण रहे? (ग) प्रश्नांश (ख) अवधि में आत्महत्या करने वालों में से कितने कृषक, कृषि मजदूर व छात्र थे? जिलेवार जानकारी दें? (घ) आत्महत्या करने वाले कृषक, कृषि मजदूर एवं छात्रों के परिवारों के स्वावलंबन के लिए सरकार द्वारा क्या प्रयास किये हैं?

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) जी हाँ। (ख) प्रश्नांश अवधि 16 नवंबर 2016 से प्रश्नांकित दिनांक तक प्रदेश में कुल 1761 आत्महत्या की घटनाएं घटित हुई हैं। जिलेवार जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है एवं आत्महत्याओं के कारणों की जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। (ग) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। (घ) शासन के विभिन्न विभागों द्वारा संचालित हितग्राही मूलक योजनाओं का लाभ दिया जाता है।

परिशिष्ट - ''पाँ''

जमीन आवंटन एवं तहसील का दर्जा मिलना

[राजस्व]

21. ( क्र. 300 ) श्री जतन उईके : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) पांढुर्णा विधानसभा अंतर्गत क्‍या नांदनवाडी को तहसील का दर्जा दिया जायेगा? क्‍या तत्‍संबंध में शासन स्‍तर से उक्‍त तहसील से निर्माण की पृष्‍ठ भूमि विचाराधीन है या नहीं? यदि हाँ, तो कब तक तहसील का दर्जा दिया जायेगा? यदि नहीं, तो क्‍यों? (ख) नांदनवाडी में उक्‍त तहसील कार्यालय भवन कब तक स्‍वीकृत हो जायेगा? तत्‍संबंध में क्‍या योजना प्रस्‍तावित है? (ग) उप तहसील नांदनवाडी में नामान्‍तरण बंटवारे के कितने प्रकरण विचाराधीन हैं तथा कितने प्रकरण का निराकरण किया गया?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) ऐसा कोई प्रस्‍ताव विचाराधीन नहीं है। (ख) उत्‍तरांश '''' के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) उप तहसील नांदनवाडी में नामांतरण, बटवारे की जानकारी संलग्न परिशिष्‍ट अनुसार

परिशिष्ट - ''छ:''

प्रदेश के नौनिहालों के हित में कार्यवाही

[गृह]

22. ( क्र. 301 ) श्री जतन उईके : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि क्‍या पुलिस मुख्‍यालय से प्राप्‍त जानकारी के अनुसार वर्ष 2011-12 से प्रश्‍न दिनांक की स्थिति में छिन्‍दवाड़ा के पांढुर्णा विधान सभा क्षेत्र में कितने छात्र/छात्राओं द्वारा आत्‍महत्‍या व हत्‍या के प्रयास किये गये वर्षवार अवगत करावें?

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : पांढुर्णा विधान सभा क्षेत्र में, वर्ष 2011-12 से प्रश्न दिनांक तक 2 छात्र/छात्रा द्वारा आत्महत्या की गई है। पांढुर्णा विधानसभा क्षेत्र में उक्त अवधि में छात्र/छात्राओं द्वारा आत्महत्या के प्रयास एवं हत्या के प्रयास की जानकारी निरंक है। वर्षवार जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है।

परिशिष्ट - ''सात ''

जिला अनूपपुर में संचालित गौशाला

[पशुपालन]

23. ( क्र. 406 ) श्री रामलाल रौतेल : क्या पशुपालन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अनूपपुर जिले में कुल कितनी गौशाला संचालित हैं, गौशाला संचालित करने का वर्ष एवं स्‍थान बतायें तथा प्रति गौशाला पशुओं की जानकारी वर्षवार प्रदान करें? (ख) प्रश्नांश (क) अंतर्गत वित्‍तीय वर्ष 2014-15 एवं 2016-17 में राज्‍य सरकार एवं जिला प्रशासन द्वारा कितनी राशि अनुदान के रूप में किस-किस मद से प्रदान की गई? उपलब्‍ध राशि का उपयोग किस एजेंसी के माध्‍यम से किस प्रयोजन हेतु किया तथा कितनी-कितनी राशि खर्च की गई?

पशुपालन मंत्री ( श्री अंतर सिंह आर्य ) : (क) अनूपपुर जिले में कुल 02 गौशालायें संचालित है। शेष जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार(ख) प्रश्नांश (क) अंतर्गत वर्ष 2014-15 से 2016-17 में राज्य सरकार म.प्र.गौपालन एवं पशुधन संवर्धन बोर्ड, म.प्र. भोपाल द्वारा जिला गौपालन एवं पशुधन संवर्धन समिति, जिला अनूपपुर के माध्यम से गौशालाओं को राशि‍ प्रदाय की जाती है। प्रदाय राशि‍ की जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार

परिशिष्ट - ''आठ''

अति ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों को राहत राशि का वितरण

[राजस्व]

24. ( क्र. 416 ) श्री भारत सिंह कुशवाह : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या विधान सभा क्षेत्र 14 ग्‍वालियर ग्रामीण क्षेत्र अंतर्गत मार्च 2016 में अति ओलावृष्टि हुई थी? (ख) कितने ग्राम ओला से प्रभावित हुये, कितने किसानों को राहत राशि दी गई और कितने शेष है? शेष किसानों को राशि कब तक दी जावेगी? (ग) शासन द्वारा ओला प्रभावित किसानों को अभी तक कितनी राशि का भुगतान किया गया है? शेष कितनी राशि किसानों को दी जाना शेष है?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) जी हाँ। (ख) तहसील ग्वालियर (गिर्द) अंतर्गत कुल 55 ग्राम ओलावृष्टि से प्रभावित हुये थे। जिनमें कुल 9611 हितग्राहियों को राशि 10,63,74,887/- (राशि रुपये दस करोड़ तिरेसठ लाख चौहत्तर हजार आठ सौ सतासी) स्वीकृत की जाकर भुगतान किया गया है। ग्वालियर ग्रामीण क्षेत्र में भुगतान हेतु कोई राशि शेष नहीं है। (ग) तहसील ग्वालियर (गिर्द) से राशि 10,63,74,887/- (राशि रुपये दस करोड़ तिरेसठ लाख चौहत्तर हजार आठ सौ सतासी) का भुगतान किया जा चुका है। भुगतान हेतु कोई राशि शेष नहीं है।

भू-राजस्‍व अधिकार आवासीय पट्टों का वितरण

[राजस्व]

25. ( क्र. 419 ) श्री भारत सिंह कुशवाह : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रदेश के शहरी नगरीय क्षेत्र से 8 कि.मी. की सीमा में बसे हुये ग्रामों के निवासियों को भू-अधिकार आवासीय पट्टे दिये जाने पर शासन ने कोई प्रतिबंध लगाया है? (ख) शहरी नगरीय क्षेत्र से 8 कि.मी. की दूरी में बसे हुये ग्रामों के निवासियों को भू-अधिकार आवासीय पट्टे नहीं होने से मुख्‍यमंत्री आवास योजनान्‍तर्गत का लाभ कैसे मिलेगा? (ग) क्‍या शहरी क्षेत्र से 8 कि.मी. के अंदर आने वाले ग्रामों के ग्रामवासियों को भू-राजस्‍व अधिकार पट्टे सरकार देगी?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) से (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

कर्रापुर नल-जल आवर्धन योजना

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

26. ( क्र. 455 ) इन्जी. प्रदीप लारिया : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) कर्रापुर में नल-जल योजना की स्‍वीकृति की घोषणा मा. मुख्‍यमंत्री द्वारा कब की गई थी? इस घोषणा के परिपालन में विभाग द्वारा क्‍या कार्यवाही की गई? (ख) मा. मुख्‍यमंत्री की घोषणा के उपरांत कर्रापुर नल-जल आवर्धन योजना प्रारंभ होने में विलम्‍ब का क्‍या कारण है? (ग) विभाग द्वारा नल-जल योजना में स्‍त्रोत जैसे कुआं, स्‍कीम बोर एवं अन्‍य साधनों का खनन कार्य एवं निर्माण कार्य करा लिया गया है तथा नल-जल योजना में पर्याप्‍त पानी है तो नल-जल योजना प्रारंभ कराने में विलम्‍ब का क्या कारण है? (घ) कर्रापुर नल-जल आवर्धन योजना कब तक प्रारंभ की जावेगा?

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) दिनांक 26 जनवरी 2013 को योजना की प्रशासकीय स्वीकृति उपरांत जलस्रोत तैयार कर अन्य कार्यों हेतु निविदा आमंत्रित की गई जो अधिक दरें आने के कारण निरस्त हुई। पुनः निविदा आमंत्रित की गई है जो दिनांक 08.02.2017 को प्राप्त हो चुकी है एवं स्वीकृति हेतु परीक्षणाधीन है। (ख) योजना में सफल स्रोत विलंब से प्राप्त होने, परीक्षण उपरांत पुनरीक्षित प्राक्कलन तैयार किये जाने में विलंब होने के कारण योजना क्रियान्वयन में विलंब हुआ। (ग) उत्तरांश एवं अनुसार। (घ) उत्तरांश अनुसार परीक्षणाधीन निविदा की स्वीकृति पश्चात् क्रियान्वयन किया जा सकेगा। निश्चित समयावधि नहीं बताई जा सकती।

कौशल विकास केन्‍द्र प्रारंभ किया जाना

[तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास]

27. ( क्र. 456 ) इन्जी. प्रदीप लारिया : क्या राज्‍यमंत्री, तकनीकी शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नरयावली विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत कितने शासकीय कौशल विकास केन्‍द्र (आई.टी.आई.) संचालित किये जा रहे हैं? (ख) क्‍या नरयावली विधान सभा क्षेत्र की वृहद ग्राम पंचायतें नरयावली, जरूआखेड़ा, कर्रापुर, परसोरिया में कौशल विकास केन्‍द्र (आई.टी.आई.) प्रारंभ करने की कोई नीति विभाग द्वारा बनाई जा रही है? (ग) यदि हाँ, तो समय-सीमा बतायें?

राज्‍यमंत्री, तकनीकी शिक्षा ( श्री दीपक जोशी ) : (क) वर्तमान में नरयावली विधानसभा क्षेत्रान्‍तर्गत कोई भी शासकीय कौशल विकास केन्‍द्र अथवा आई.टी.आई. संचालित नहीं है। (ख) जी नहीं। (ग) प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

3 वर्ष से अधिक अवधि से पदस्‍थ अधिकारियों के स्‍थानांतरण

[राजस्व]

28. ( क्र. 470 ) श्री सतीश मालवीय : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) उज्जैन जिले में तहसीलदार/अपर तहसीलदार/नायब तहसीलदार के पद पर कौन-कौन अधिकारी कब से कहाँ-कहाँ पदस्थ है? (ख) उज्जैन में तहसीलदार/अपर तहसीलदार/नायब तहसीलदार के कितने पद स्वीकृत हैं? पदों के अभाव से कितने तहसीलदार/अपर तहसीलदार/नायब तहसीलदार अधिक अथवा कम हैं? तहसीलदार/अपर तहसीलदार/नायब तहसीलदार की जानकारी पदस्‍थापना दिनांक से उपलब्ध करावें। (ग) तहसीलदार/अपर तहसीलदार/नायब तहसीलदार के स्थानांतरण के सम्बंध में शासन की क्या नीति है? ऐसे कितने तहसीलदार/अपर तहसीलदार/नायब तहसीलदार हैं जो ३ वर्ष से अधिक अवधि से एक ही जिले में पदस्थ हैं? नाम सहित सूची उपलब्ध करावें। (घ) तीन साल से अधिक समय से पदस्थ तहसीलदार/अपर तहसीलदार/नायब तहसीलदार को नियमानुसार क्या स्थानांतरित किया जावेगा? यदि किया जावेगा तो कब तक? यदि नहीं, किया जावेगा तो बिंदुवार कारण स्पष्ट करें।

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र "क" एवं "ख" अनुसार(ख) उज्जैन जिले में तहसीलदार/अपर तहसीलदार/नायब तहसीलदार के स्वीकृत/भरे/रिक्त पदों की स्थिति निम्नानुसार है-

पदनाम

स्वीकृत

भरे

रिक्त (कम)

तहसीलदार/अपर तहसीलदार

17

13

04

नायब तहसीलदार

14

07

07

पदस्थापना दिनांक की जानकारी उत्तरांश (क) के संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र "क" एवं "ख" अनुसार(ग) सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा निर्धारित स्थानान्तरण नीति अनुसार। उज्जैन जिलें में तीन वर्ष से अधिक अवधि से 03 तहसीलदार एवं 02 नायब तहसीलदार पदस्थ हैं-

क्र.

तहसीलदार

नायब तहसीलदार

1

श्री डी. के. वर्मा

श्री शेखर चौधरी (परि.)

2

श्री विवेक सोनर

श्रीमती सुनीता साहनी (परि.)

3

श्रीमती मीना पाल

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(घ) जी हाँ। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

परिशिष्ट - ''नौ''

घट्टिया विधानसभा क्षेत्र में संचालित राशन दुकान

[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्‍ता संरक्षण]

29. ( क्र. 471 ) श्री सतीश मालवीय : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) घट्टिया विधानसभा क्षेत्र में कितनी राशन की दुकानें हैं व कितने वर्षों से संचालित की जा रही हैं? ग्रामीण क्षेत्रों में किस नीति अंतर्गत कितने किलोमीटर के दायरे के ग्रामीणों को राशन दुकान से उपलब्ध कराया जाता है? (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में प्रत्येक राशन दुकान पर कितने हितग्राहियों को राशन उपलब्ध कराया जाता हैएवं कितना-कितना राशन प्रत्येक दुकानों को आवंटित किया जाता है? (ग) प्रश्नांश (ख) के संदर्भ में विभाग द्वारा राशन दुकानों पर अनाज आदि पहुंचाने हेतु किस माध्यम से राशन/अनाज का परिवहन कराया जाता है व क्या नियमों, शर्तों के तहत कराया जाता है? (घ) प्रश्नांश (ख) के संदर्भ में पिछले ३ वर्षों में विभाग द्वारा किन-किन फर्मों/कम्पनियों से उक्त राशन/अनाज का परिवहन कराया गया है?

खाद्य मंत्री ( श्री ओम प्रकाश धुर्वे ) : (क) घट्टिया विधानसभा क्षेत्र में कुल 98 उचित मूल्‍य की दुकानें हैं, जो लगभग 25 वर्षों से संचालित की जा रही हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में सार्वजनिक वितरण प्रणाली नियंत्रण आदेश, 2015 के अंतर्गत दूरी का मापदण्‍ड न होकर प्रत्‍येक पंचायत में एक उचित मूल्‍य दुकान खोलने का प्रावधान है। (ख) उचित मूल्‍य दुकानों को उनमें संलग्‍न पात्र अन्‍त्‍योदय परिवारों की संख्‍या एवं प्राथमिकता परिवारों के सदस्‍यों की संख्‍या के आधार पर प्रति माह राशन सामग्री आवंटित की जाती है। घट्टिया विधानसभा की उचित मूल्‍य दुकानों में संलग्‍न परिवारों एवं उन्‍हें फरवरी माह में आवंटित राशन सामग्री की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ग) घट्टिया विधानसभा में शासन द्वारा 'द्वार प्रदाय योजना' के अंतर्गत मध्‍यप्रदेश स्‍टेट सिविल सप्‍लाईज कार्पोरेशन के अनुबंधित परिवहनकर्ताओं के माध्‍यम से खाद्यान्‍न, शक्‍कर एवं नमक तथा केरोसीन के थोक विक्रेताओं के माध्‍यम से केरोसीन का परिवहन कराया जाता है। शेष भाग की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है।

हैण्‍डपंप एवं नल-जल प्रदाय योजनाएं

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

30. ( क्र. 488 ) श्री रामसिंह यादव : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) कोलारस विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत जनवरी 2017 तक हैण्‍डपंप एवं नल-जल प्रदाय योजनाएं कौन-कौन सी कहाँ-कहाँ पर स्‍थापित हैं एवं इनमें से कौन-कौन से हैण्‍डपंप एवं नल-जल प्रदाय योजनाएं प्रश्‍न दिनांक की स्थिति में बंद हैं? बंद हैण्‍डपंप एवं नल-जल प्रदाय योजनाएं कब तक चालू हो जावेगी? (ख) कोलारस विधानसभा क्षेत्र में हैण्‍डपंप संधारण का कार्य किस एजेंसी को दिया गया है? 31 जनवरी, 2017 की स्थिति में उक्‍त एजेंसी को वर्ष 2016-17 का कितना भुगतान किया जाना था? उक्‍त भुगतान कब तक किया जावेगा? (ग) जनवरी 2016 से जनवरी 2017 तक कोलारस विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत कौन-कौन सी हैण्‍डपंप/नल-जल प्रदाय योजनाओं की शिकायतें उपयंत्री/सहायक यंत्री को प्राप्‍त हुई एवं कौन-कौन सी शिकायतें सी.एम. हैल्‍पलाईन में प्राप्‍त हुई? इनका निराकरण कब-कब किया गया? (घ) क्‍या कोलारस विधान सभा क्षेत्र अंतर्गत उपयंत्री/सहायक यंत्री को हैण्‍डपंप संधारण हेतु एवं नल-जल प्रदाय योजनाओं के सुधार हेतु वर्ष 2015-16 एवं वर्ष 2016-17 में कोई सामग्री/मशीनरी प्रदाय की गई थी? यदि हाँ, तो कौन-कौन सी कितनी-कितनी कब-कब प्रदाय की गई एवं उसका उपयोग कब-कब कहाँ-कहाँ किया गया?

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट प्रपत्र के प्रपत्र-01 एवं 02 अनुसार। (ख) मेसर्स पुष्पेन्द्र शर्मा, राघवेन्द्र नगर शिवपुरी, रू. 5.31 लाख, दिनांक 14.02.2017 को भुगतान कर दिया है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-03 एवं 04 अनुसार(घ) जी हाँ, जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र- 05 एवं 06 अनुसार

फूटे तालाबों की मरम्‍मत

[राजस्व]

31. ( क्र. 495 ) श्री रामसिंह यादव : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) कोलारस विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत राजस्‍व विभाग के कहाँ-कहाँ पर कौन-कौन से तालाब हैं? इन तालाबों का भूमि खसरा नम्‍बर एवं रकबा कितना है? क्‍या इन तालाबों में वर्तमान में फसल उगाई जा रही है? यदि हाँ, तो उक्‍त फसल कितने-कितने रकबा में किन-किन के द्वारा कब से उगाई जा रही है? (ख) उक्‍त तालाबों में से किन-किन तालाबों की पार/दीवार आदि फूटी है, जिसके कारण तालाब की क्षमता अनुसार वर्षा ऋतु का पानी संग्रहित नहीं हो पाता है? इन तालाबों की पार/दीवार आदि की मरम्‍मत/निर्माण कब तक की जावेगी, जिससे इनमें वर्षा जल संग्रहित हो सके एवं ग्रामों का भू-जल स्‍तर बढ़ सके? (ग) क्‍या शासन नवीन तालाबों का निर्माण नहीं करा पा रहा है और जो पुराने तालाब बने हुए हैं, उनकी अनदेखी कर रहा है? यदि नहीं, तो राजस्‍व तालाबों की फूटी दीवार/पार आदि की निर्माण/मरम्‍मत क्‍यों नहीं करायी जा रही है? (घ) कोलारस विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत राजस्‍व तालाब चन्‍दौरिया-सांडर, आमखेड़ा, अजलपुर, बड़ोखरा, बामौरकलां, मथना का किदरन एवं नाहरसिंह तालाब, बि‍जरौनी का पीर वाला एवं अटारई आदि के तालाबों की पार/दीवार आदि फूटी है? इनका निर्माण/मरम्‍मत कब तक कराया जावेगा?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

मकान के नुकसानी का मुआवजा न देने के लिए दोषियों पर कार्यवाही

[राजस्व]

32. ( क्र. 523 ) श्री सुन्‍दरलाल तिवारी : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दिनांक 07.12.2016 में मुद्रित परि.तारांकित प्रश्‍न संख्‍या 132 (क्रमांक 1435) के दिये गये उत्‍तर के संदर्भ में बतायें कि आर.बी.सी. 6-4 की कण्डिका (तीन) के भाग 0102 (पूर्ण नष्‍ट आगे मरम्‍मत योग्‍य नहीं) गंभीर रूप से क्षतिग्रस्‍त (जहां क्षति 50 प्रतिशत) को रूपये 95100 प्रति मकान सहायता राशि देने का प्रावधान है, परिशिष्‍ट (क) अनुसार क्‍या नायब तहसीलदार वित्‍त गोविंदगढ़ तहसील हुजूर द्वारा बाढ़ प्रभावित/अतिवृष्टि के कारण 50 प्रतिशत से अधिक प्रभावित मकानों की सूची 46 लोगों की प्रस्‍तुत की है, ज‍बकि तहसील गुढ़, त्‍योंथर, सहित रीवा जिले के अन्‍य तहसीलों द्वारा 50 प्रतिशत से अधिक मकानों के नुकसानी की जानकारी नहीं दी गई क्‍यों? (ख) परिशिष्‍ट (क) अनुसार जिनके मकानों की क्षति 50 प्रतिशत से अधिक हुई उनको आर.बी.सी. एक्‍ट के तहत 95100 रूपये क्‍यों प्रदान नहीं किये गये, इसके लिए कौन-कौन अधिकारी/कर्मचारी दोषी हैं? दोषियों के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही कब तक, करेंगे अगर नहीं तो क्‍यों? (ग) परिशिष्‍ट (क) अनुसार क्‍या 50 प्रतिशत से अधिक हुए नुकसानी के लिए वंचितों को नियमानुसार मुआवजे का भुगतान पुन: अतिरिक्‍त करायेंगे? हाँ तो कब तक, अगर नहीं तो क्‍यों? शेष अन्‍य तहसीलों से 50 प्रतिशत से अधिक नुकसानी की सूची प्राप्‍त कर के संबंधितों को भी आर.बी.सी के तहत 95100 रूपये प्रदान करायेंगे?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) आर.बी.सी. छ:-4 के प्रावधानों में 50 प्रतिशत से अधिक म‍कान क्षति होने पर क्षति के वास्‍तविक आंकलन के आधार पर अधिकतम रूपये 95,100 प्रति मकान अनुदान सहायता राशि देने का प्रावधान है। यह सही है कि दिसम्बर 2016 सत्र के संशो‍धित प्रश्‍न क्रमांक 1435 के उत्‍तर के साथ परिशिष्‍ट क में 46 लोगों की सूची प्रदाय की गई थी। चूंकि उक्‍त प्रश्‍न क्रमांक 1435 (संशोधित) में गुढ़ विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले तहसीलों के प्रभावितों की जानकारी चाही गई थी, इस कारण जिले के अन्‍य तहसीलों की जानकारी तत्‍समय प्रदाय नहीं की गई थी। (ख) पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र- क अनुसार जिन प्रभावितों के मकानों की क्षति 50 प्रतिशत से अधिक हुई उनको आर.बी.सी 6-4 के प्रावधान अनुसार जनप्रतिनिधि, वार्ड मेम्‍बर, सरंपच आदि की उपस्थिति में वास्‍तविक क्षति आंकलन के आधार पर ही राहत राशि प्रदाय की गई है। इसमें कोई भी अधिकारी/कर्मचारी दोषी नहीं है। अत: कार्यवाही का प्रश्‍न उद्भूत नहीं होता। (ग) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-क अनुसार सभी पात्र प्रभावितों को राजस्‍व पुस्‍तक परिपत्र 6-4 के प्रावधान अनुसार वास्‍तविक क्षति के आं‍कलन के आधार पर पात्रता अनुसार राहत राशि प्रदाय की जा चुकी है। अत: अतिरिक्‍त राहत राशि प्रदाय किये जाने का प्रश्‍न उत्‍पन्‍न नहीं होता। रीवा जिले के शेष तहसीलों के 50 प्रतिशत से अधिक क्षतिग्रस्‍त मकानों के लिए प्रभावितों को राहत राशि प्रदाय की जा चुकी है। तहसीलवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अ अनुसार है।

रीवा जिले में भू-धारक प्रमाण-पत्र जारी किये जाना

[राजस्व]

33. ( क्र. 623 ) श्री गिरीश गौतम : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रीवा जिले की सभी तहसीलों में भू-धारक प्रमाण-पत्र प्राप्‍त करने के लिए कितने आवेदन पत्र लंबित हैं? तहसीलवार जानकारी उपलब्‍ध करायें तथा लंबित आवेदनों में अनुसूचित जाति एवं जनजाति की संख्‍या क्‍या है? (ख) प्रश्नांश (क) प्रकरण कब से लंबित हैं कि तथा प्रकरणों का निराकरण कब तक कर दिया जायेगा? क्‍या कैम्‍प लगाकर प्रकरणों का निराकरण किया जायेगा, जिससे गरीबों को भू-धारक प्रमाण-पत्र मिल सके और शासन की योजनाओं का लाभ प्राप्‍त कर सकें?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) एवं (ख) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

राजस्‍व अभिलेखों की नकल हेतु साफ्टवेयर व्‍यवस्‍था

[राजस्व]

34. ( क्र. 655 ) श्रीमती इमरती देवी, श्री ठाकुरदास नागवंशी : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रदेश की कृषि भूमि के खसरा राजस्‍व अभिलेखों की नकल देने साफ्टवेयर की व्‍यवस्‍था की गई है? उक्‍त साफ्टवेयर का निर्माण जब एन.आई.सी. के द्वारा किया गया है तब उक्‍त साफ्टवेयर से सेवा देने हेतु अशासकीय संस्‍थाओं को कार्य करने की अनुमति कब-कब किस किस साफ्टवेयर कम्‍पनी को दी गई है? (ख) क्‍या साफ्टवेयर कम्‍पनी बदलने से प्रदेश में अनेक स्‍थानों पर राजस्‍व अभिलेख की प्र‍विष्टि में अनियमितता की गई है अथवा समय पर प्रविष्टि नहीं करने से प्रदेश के किसान परेशान हो रहे हैं? (ग) विगत ५ वर्षों में शासन द्वारा किस किस साफ्टवेयर कम्‍पनी को उक्‍त कार्य किस अवधि में कितनी लागत में सौंपा गया एवं कितनी राशि का भुगतान किया गया? यदि इस कार्य में अनियमितता हुई है तो उत्‍तरदायी कौन है? क्‍या उक्‍त जनहित का कार्य एन.आई.सी. या किसी सरकारी संस्‍था से नहीं कराया जा सकता है? यदि नहीं, तो क्‍यों?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) जी हाँ। NIC सॉफ्टवेयर से सेवा देने का कार्य विभागीय अमले तथा लोक सेवा गारण्टी केन्द्रों के माध्यम से किया जा रहा है। NIC सॉफ्टवेयर से सेवा देने की अनुमति कभी भी किसी भी अशासकीय संस्था को नहीं दी गई है। (ख) जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता (ग) शासन द्वारा मे. भोपाल ई-गवर्नेंस लि. को पी.पी.पी बूट मॉडल पर फरवरी 2013 में कार्य प्रारंभ करने हेतु कार्यादेश जारी किए गए। इस हेतु किसी राशि का भुगतान कम्पनी को नहीं किया गया है। इस कार्य में कोई अनियमितता नहीं हुई है। अतः कोई उत्तरदायी नहीं है। वर्तमान में उक्त कार्य आयुक्त, भू-अभिलेख के नियंत्रण व निर्देशन में किया जा रहा है। अतः अन्य सरकारी संस्था से इसे कराए जाने की आवश्यकता नहीं है।

कार्यों की जानकारी एवं अनियमितता की जाँच

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

35. ( क्र. 704 ) श्री मधु भगत : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकि विभाग जिला बालाघाट में वर्ष 2014-15 से प्रश्‍न दिनांक तक कौन-कौन से कार्य कितनी-कितनी राशि के किस-किस मद से कब-कब करवाये गये, नियुक्‍त कार्य एजेंसी के नाम सहित विकासखण्‍डवार एवं वर्षवार पूर्ण ब्‍यौरा देवें? (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार कार्य में से कौन-कौन से कार्य पूर्ण है कितने अपूर्ण है, उक्‍त में से किस-किस कार्य के लिये किस-किस को कितनी-कितनी राशि का भुगतान किस दिनांक का चैक/ड्राफ्ट क्रमांक एवं नगद राशि के रूप में किया गया वर्षवार कार्यवार भुगतान की गई राशि का पूर्ण ब्‍यौरा देवें। (ग) प्रश्‍नांश (क) में वर्णित कार्यों में से कौन-कौन से कार्य है जिनके पूर्ण किये बिना कार्य से अधिक राशि का भुगतान किया गया कार्यवार किये गये भुगतान का पूर्ण ब्‍यौरा देवें। अपूर्ण कार्य होने की स्थिति में संबधित कार्य एजेंसी पर क्‍या दण्‍डात्‍मक कार्यवाही की गई। (घ) परसवाड़ा विधानसभा क्षेत्रान्‍तर्गत वर्ष 2015-16 एवं वर्ष 2016-17 में कुल कितने हैण्‍डपंप खनन किये गये? ग्रामवार, दिनांकवार, विकासखण्‍डवार किनके अनुशंसा पर खनन कार्य किया ब्‍यौरा देवें? स्‍थानीय विधायक की कितनी अनुशंसा प्राप्‍त हुई एवं उक्‍त कितनी अनुशंसाओं पर हैण्‍डपंप खनन कार्य किया गया बतायें? जिन अनुशंसा पर कार्यवाही नहीं की गई कारण स्‍पष्‍ट करें?

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार वर्णित कार्यों में से किसी भी कार्य एजेन्सी को कार्य पूर्ण किये बिना अधिक राशि का भुगतान नहीं किया गया। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता। (घ) वर्ष 2015-16 में 65 एवं वर्ष 2016-17 में 104 कुल 169 नलकूप खनित किये गये। शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। वर्ष 2015-16 एवं 2016-17 में स्थानीय माननीय विधायक के 19 पत्रों के माध्यम से कुल 172 हैण्डपम्पों की अनुशंसाएं प्राप्त हुई जिसके अंतर्गत क्रमशः 27 एवं 13 आंशिकपूर्ण श्रेणी की बसाहटों में अनुशंसा अनुसार कार्य करवाया गया। शेष अनुशंसित ग्राम पूर्ण श्रेणी में होने के कारण कार्य नहीं कराया गया।

राईस मिंलिग अनियमितता की जाँच एवं कार्यवाही

[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्‍ता संरक्षण]

36. ( क्र. 705 ) श्री मधु भगत : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या जिला बालाघाट के राईस मिलर्स के आलाव अन्‍य जिले/राज्‍य के राईस मिलर्स को कस्‍टम मिलिंग का कार्य दिया गया है तथा अनियमितता के चलते उनमें से कुछ राईस मिलर्स बैंक/विद्युत विभाग एवं शासन की ओर से ब्‍लैक लिस्‍टेड किया जा चुका है? (ख) बालाघाट जिले के अंतर्गत वर्ष 2015 एवं 2016 में कौन-कौन से केन्‍द्रों से कितनी मात्रा में धान की मात्रा क्रय की गई केन्‍द्रवार मात्रा बताये? उपरोक्‍त धान कहाँ-कहाँ, कौन-कौन से गोदाम में भंडारित की गई थी? गोदाम का स्‍थान गोदाम मालिक का नाम भंडारण की मात्रा गोदाम की अवधि सहित बताये तथा ये बतायें कि बालाघाट जिले के अंतर्गत कौन-कौन से गोदाम है जहां पर धान भंडारित नहीं की गई? उसका क्‍या कारण है इसके लिए जिम्‍मेदार कौन है जबकि अन्‍य जिले या अन्‍य प्रदेश के जिलों के गोदामों में धान का भंडारण किया गया? (ग) जिले में उत्‍पन्‍न होने वाली धान अन्‍य जिलों में मिलिंग के लिये भेजी गई क्‍यों? सभी गोदामों में धान के परिवहन में कुल कितनी राशि का व्‍यय हुआ? धान परिवहन कार्य के लिये किस-किस को कितनी-कितनी राशि का भुगतान किस दिनांक का चैक/ड्राफ्ट क्रमांक एवं नगद राशि के रूप में किया गया वर्षवार कार्यवार भुगतान की गई राशि का पूर्ण ब्‍यौरा देवें?

खाद्य मंत्री ( श्री ओम प्रकाश धुर्वे ) : (क) जी हाँ, राईस मिलर्स से अनुबंध निष्‍पादन करने के पूर्व कस्‍टम मिलर्स से नियमानुसार विद्युत बिल एवं अन्‍य आवश्‍यक अभिलेख प्राप्‍त कर अनुबंध निष्‍पादित किए गए हैं, किन्‍तु विपणन संघ से अनुबंधित राईस मिलर्स में से किसी भी राईस मिलर्स को बैंक/विद्युत विभाग द्वारा ब्‍लैक लिस्‍टेड करने की जानकारी प्रकाश में नहीं आई है। राईस मिलर्स से किए गए अनुबंध की शर्त अनुसार निर्धारित मात्रा में चावल जमा न कराने के कारण वित्‍तीय वर्ष 2015-16 में साईंबाबा राईस मिल, बगरदा, वैनगंगा राईस मिल, गर्रा एवं बाबा सालासर एग्रो टेक मिल, गोंदिया को ब्‍लैक लिस्‍टेड किया गया है एवं वित्‍तीय वर्ष 2016-17 में मेसर्स ओम राईस मिल, मेंहदीवाड़ा को ब्‍लैक लिस्‍टेड करने की कार्यवाही की जा रही है। (ख) बालाघाट जिले में वर्ष 2015 में समर्थन मूल्‍य पर उपार्जित धान की केन्‍द्रवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ एवं वर्ष 2016 में समर्थन मूल्‍य पर उपार्जित धान की केन्‍द्रवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। उपार्जित धान के गोदामवार भंडारण, मात्रा, गोदाम का स्‍थान, मालिक का नाम एवं भंडारण अवधि की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-स अनुसार है। वर्ष 2015 में भंडारण नीति के अनुसार जारी निर्देश के तहत प्राथमिकता सूची अनुसार गोदामों में धान का भंडारण कराया गया है। वर्ष 2016-17 में धान भंडारण हेतु पृथक से निजी गोदाम संचालकों से ऑनलाईन ऑफर प्राप्‍त करते हुए निरीक्षण में उपयुक्‍त पाए गए गोदामों की शाखावार 0-20 कि.मी. एवं 20 कि.मी. से अधिक दूरी पर स्थित गोदामों में जिला स्‍तरीय समिति द्वारा लॉटरी के माध्‍यम से गोदामों का प्राथमिकता क्रम निर्धारित कर धान का भंडारण कराया गया। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) खरीफ विपणन वर्ष 2014-15 में 3,02,606.17 मे.टन एवं वर्ष 2015-16 में 2,77,327.68 मे.टन धान का उपार्जन किया गया था। इसके पूर्व वर्षों में उपार्जित धान की मात्रा कम होने के बावजूद स्‍थानीय मिलर्स द्वारा दीर्घ समयावधि में ही मिलिंग न करने से शेष धान निविदा द्वारा विक्रय करने के लिए विवश होना पड़ा। सर्वप्रथम प्राथमिकता के आधार पर मिलिंग हेतु स्‍थानीय कस्‍टम मिलर्स से अनुबंध निष्‍पादित किए गए। भारत सरकार द्वारा निर्धारित समयावधि में कस्‍टम मिलिंग कराए जाने हेतु जिले की सीमा से लगे जिले मण्‍डला एवं गोंदिया (महाराष्‍ट्र) के मिलर्स से कस्‍टम मिलिंग का कार्य कराया गया। भारत सरकार द्वारा केन्‍द्रीय पूल में निर्धारित लक्ष्‍य अनुसार चावल जमा कराने हेतु खरीफ विपणन वर्ष 2015-16 में उपार्जित धान की उसना चावल हेतु छत्‍तीसगढ़ एवं महाराष्‍ट्र राज्‍य से कस्‍टम मिलिंग के अनुबंध निष्‍पादित किए गए। धान परिवहन पर वर्ष 2015-16 एवं वर्ष 2016-17 में भुगतान प्राप्‍त करने वाले परिवहनकर्ताओं के नाम, भुगतान की गई राशि एवं भुगतान हेतु जारी चैक की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-द अनुसार है।

नरसिंहपुर जिले में तुषार (पाला) से प्रभावित फसलें

[राजस्व]

37. ( क्र. 744 ) श्री जालम सिंह पटेल : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नरसिंहपुर जिले में जनवरी 2017 में किस तहसील के कौन कौन से ग्रामों की फसलें पाला से प्रभावित हुई हैं? कितने किसानों की कौन-कौन सी फसलें कितने प्रतिशत तुषार (पाला) से प्रभावित हुई हैं? ग्रामवार जानकारी प्रदान करें? (ख) क्या तुषार (पाला) से पीडि़त किसान को मुआवजा दिया जावेगा अगर दिया जावेगा तो कब तक?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) जी हाँ, नरसिंहपुर जिले में जनवरी 2017 में तहसील नरसिंहपुर, गोटेगांव, गाडरवारा, करेली एवं तेन्‍दूखेड़ा तहसीलों के कुल 1064 ग्रामों की फसले पाला से प्रभावित हुई है। कुल 27629 किसानों की अरहर/मसूर की फसलें 5 से 20 प्रतिशत फसल तुषार से प्रभावित हुई है। तहसीलवार एवं ग्रामवार सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है (ख) सर्वे के अनुसार तुषार (पाला) से 5 से 20 प्रतिशत फसल प्रभावित होने के कारण आर.बी.सी. 6-4 के तहत आर्थिक सहायता की पात्रता नहीं होने के कारण पीडि़त किसान को मुआवजा दिया जाना संभव नहीं है।

आगर जिला अंतर्गत नवीन पॉलिटेक्निक कॉलेज की स्थापना

[तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास]

38. ( क्र. 750 ) श्री मुरलीधर पाटीदार : क्या राज्‍यमंत्री, तकनीकी शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रत्येक जिले में पॉलिटेक्निक महाविद्यालय संचालित किया जाना नीति निर्धारित हैं? यदि हाँ, तो नवगठित आगर जिले में पॉलिटेक्निक महाविद्यालय स्वीकृति की क्या स्थिति हैं? (ख) क्‍या प्रश्नकर्ता द्वारा विधानसभा क्षेत्र सुसनेर अंतर्गत सोयतकलां में पॉलिटेक्निक महाविद्यालय प्रारंभ करने हेतु पत्र लिखा था या मांग की थी? यदि हाँ, तो क्या कार्यवाही की गई? (ग) सोयतकलां में माईनिंग एरिया की अधिकता होने व आगर जिले में समग्र रूप से साध्य होने की स्थिति को दृष्टिगत रखते हुए नवीन पॉलिटेक्निक महाविद्यालय सोयतकलां में प्रारम्भ करने हेतु कोई प्रस्ताव प्रक्रियाधीन हैं? यदि हाँ, तो स्वीकृति कब तक होगी? (घ) क्या आगर जिला अंतर्गत नवीन पॉलिटेक्निक महाविद्यालय प्रारंभ करने हेतु इंजीनियरिंग महाविद्यालय उज्जैन से प्रतिवेदन/अभिमत चाहा था? यदि हाँ, तो प्राप्त अभिमत की सत्यापित प्रति उपलब्ध करावें। क्या सोयतकलां में महाविद्यालय स्वीकृति हेतु कोई प्रभावी कार्यवाही की जावेगी? यदि हाँ, तो क्या व कब तक?

राज्‍यमंत्री, तकनीकी शिक्षा ( श्री दीपक जोशी ) : (क) जी हाँ। परियोजना परीक्षण समिति से अनुमोदन उपरांत मंत्रि-परिषद् अनुमोदन हेतु प्रस्‍तुत। (ख) जी हाँ। जिला मुख्‍यालय आगर में पॉलिटेक्निक महाविद्यालय स्‍थापित किया जा रहा हैं। अत: सोयतकला में पॉलिटेक्निक महाविद्यालय की स्‍थापना का कोई प्रस्‍ताव विचाराधीन नहीं हैं। (ग) जी नहीं। (घ) जी नहीं। अपितु प्राचार्य, इंजीनियरिंग महाविद्यालय उज्‍जैन की अध्‍यक्षता में आगर में पॉलिटेक्निक महाविद्यालय की स्‍थापना हेतु डीपीआर तैयार करने हेतु स‍मिति का गठन किया गया था। जी नहीं।

 

नल-जल योजना का संचालन

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

39. ( क्र. 773 ) श्री मुकेश नायक : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) पी.एच.ई विभाग के द्वारा बुन्‍देलखण्‍ड पैकेज में ब्‍लॉक शाहनगर एवं ब्‍लॉक पवई में कितनी नल-जल योजनायें स्‍वीकृत की गई हैं? (ख) इस योजना पर कितनी राशि व्‍यय की गई? (ग) कितनी नल-जल योजनाएं चालू हैं एवं कितनी बंद हैं? यदि नल-जल योजनाएं बंद है तो क्‍यों?

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) बुंदेलखण्‍ड पैकेज के अंतर्गत ब्लॉक शाहनगर में 56 एवं ब्लॉक पवई में 56 योजनाएं स्वीकृत की गई हैं। (ख) इन योजनाओं पर रू. 721.08 लाख की राशि व्यय की गई है। (ग) बुंदेलखण्‍ड पैकेज के अंतर्गत ब्लॉक शाहनगर एवं ब्लॉक पवई में कुल 36 योजनाएं चालू एवं 48 योजनाएं बंद हैं। शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है।

छात्रावासों में सुधार कार्य

[तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास]

40. ( क्र. 841 ) श्री अशोक रोहाणी : क्या राज्‍यमंत्री, तकनीकी शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शासकीय इंजीनियरिंग महाविद्यालय जबलपुर में छात्र/छात्राओं के लिए कितने छात्रावास हैं। छात्रावासों में कौनकौन सी सुविधाएं व व्‍यवस्‍थाएं हैं। किनकिन छात्रावासों में कब से रसोई (मैस) शुद्ध पेयजल की व्‍यवस्‍था नहीं है एवं क्‍यों? पानी की टंकियों की सफाई कराने की क्‍या व्‍यवस्‍था है? (ख) प्रश्‍नांकित किनकिन छात्रावासों की मरम्‍मत सुधार कार्य कब से नहीं कराया गया है एवं क्‍यों? कौनकौन से छात्रावासों के कौनकौन से ब्‍लॉक खस्‍ताहाल, जर्जर हो गये हैं? इनका पुनर्निर्माण कराने की क्‍या योजना है? (ग) प्रश्नांश (क) स्थित आवासों के रखरखाव, मरम्‍मत व सुधार कार्य हेतु कितनी-कितनी राशि आवंटित की गई एवं कितनी राशि व्‍यय हुई वर्ष 201314 से 201617 तक की जानकारी दें। (घ) प्रश्‍नांकित छात्रावासों के रखरखाव, मरम्‍मत व सुधार कार्य हेतु कितनीकितनी राशि आवंटित की गई एवं कितनीकितनी राशि किनकिन कार्यों में व्‍यय हुई वर्ष 201314 से 2016 17 की जानकारी दें।

राज्‍यमंत्री, तकनीकी शिक्षा ( श्री दीपक जोशी ) : (क) संस्‍था में नौ बालक छात्रावास एवं दो कन्‍या छात्रावास हैं। छात्रावासों में आधारभूत सुविधाएं यथा सामाचार पत्र (हिन्‍दी एवं अग्रेंजी) रंगीन टीवी छात्रावासों में खेलकूद की सुविधाएं उपलब्‍ध हैं समस्‍त छात्रावासों की रसोई (मैस) में शुद्ध पेयजल (वाटर कूलर विथ आर ओ) की व्‍यवस्‍था हैं। छात्रावास की रसोई में पानी की टंकियों की सफाई पी.डब्‍ल्‍यू.डी. द्वारा की जाती हैं। (ख) छात्रावास क्रमांक 07 की मरम्‍मत का कार्य विगत 02 वर्षों से नहीं कराया गया हैं, उपलब्‍ध बजट एवं कार्यों की प्राथमिका के आधार पर मरम्‍मत कार्य प्रतिवर्ष कराये जाते हैं। सभी छात्रावास लगभग 60 वर्ष पुराने हो चुके हैं। पृथक से आवंटन प्राप्‍त नहीं होने से पुनर्निर्माण की योजना नहीं हैं। (ग) वर्षवार व्‍यय की गई राशि की जानकारी-2013-14 रूपये 7,52,778/-, 2014-15 रूपये 10,18,120/-, 2015-16 रूपये 27,54,626/-, 2016-17 रूपये 1,99,500/- (घ) छात्रावासों के रख-रखाव हेतु पृथक से कोई आवंटन नहीं होता हैं। छात्रावासों की मरम्‍मत हेतु किये गये व्‍यय की सूची की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है।

परिशिष्ट - ''दस''

पुलिस थाना भवनों का निर्माण

[गृह]

41. ( क्र. 842 ) श्री अशोक रोहाणी : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जबलपुर शहर में स्थित किन किन पुलिस थानों के भवन कमजोर व खण्‍डहर हो गये हैं? उक्‍त भवन कितने वर्ष पुराने हैं। इन थाना भवनों का पुनर्निर्माण कराने की शासन की क्‍या योजना है? (ख) प्रश्‍नांकित किनकिन पुलिस थानों के अंतर्गत पुलिस कर्मियों के आवास हेतु कहाँ कहाँ पर कितनेकितने शासकीय आवास निर्मित हैं? इनमें से कितने आवास जर्जर/कमजोर व खण्‍डहर व उपयोगहीन हो गये हैं। इसकी जाँच कब किसने की है? इनकी मरम्‍मत व पुनर्निर्माण न कराने का क्‍या कारण है? (ग) प्रश्नांश (क) में स्थित आवासों के रखरखाव, मरम्‍मत व सुधार कार्य हेतु कितनी कितनी राशि आवंटित की गई एवं कितनी राशि व्‍यय हुई वर्ष 2013 14 से 2016 17 तक की जानकारी दें। (घ) प्रश्नांश (क) में किनकिन थाना भवनों व कहाँकहाँ के कितने-कितने आवासीय भवनों का कब कब कितनी कितनी राशि में कौनकौन सा कार्य किस एजेन्‍सी से कराया गया है वर्ष 2013 14 से 2016 17 तक की जानकारी दें। (ड.) प्रश्नांश (क) में स्थित कहाँकहाँ के किनकिन आवासों में कब से कौनकौन अनाधिकृत रूप से निवासरत है एवं क्‍यों? किन-किन आवासों पर कब से किस-किस का अवैध कब्‍जा/अतिक्रमण है व अवैध निर्माण कराया है?

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार। थाना भवनों के निर्माण की कार्ययोजना स्वीकृति के लिये प्रक्रियाधीन है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार। पुलिस आवास-गृहों की मरम्मत का कार्य प्रत्येक वित्तीय वर्ष में विभाग को एम.ओ.डब्ल्यु/ पी.सी.एण्ड.आर (प्रशासकीय/आवासीय) मद में उपलब्ध कराये गये बजट के अनुसार कराया जाता है। पुलिस को हर वर्ष प्राप्त होने वाले बजट से प्रत्येक इकाई के पुलिस आवास-गृह की मरम्मत का कार्य किया जाना संभव नहीं हो पाता है। फिर भी इकाई प्रमुखों द्वारा नियमों के परिप्रेक्ष्य व उपलब्ध बजट के अनुसार आवास-गृहों की मरम्मत का कार्य शीघ्रतापूर्वक कराये जाने का भरसक प्रयास किया जाता है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार। परिशिष्ट में दर्शित निर्माण कार्य पुलिस विभाग के लिए अधिकृत निर्माण एजेन्सी मध्यप्रदेश पुलिस हाउसिंग कार्पोरेशन लिमिटेड के माध्यम से कराये गये है। (ड.) जी नहीं। जी नहीं।

प्रताडि़त करने वालों पर अपराध पंजीबद्ध करना

[गृह]

42. ( क्र. 869 ) श्री यादवेन्‍द्र सिंह : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या हाजी सहाबुद्दीन जिला सतना द्वारा माननीय मुख्‍यमंत्री को दिनांक 10/01/2017 को सी.एस.पी. सीताराम यादव एवं नगर दण्‍डाधिकारी बलबीर रमन के विरूद्ध शिकायत कर स्‍थानान्‍तरित करने और निष्‍पक्ष जाँच करने का निवेदन किया गया है। (ख) यदि हाँ, तो प्रश्नांश (क) के अधिकारियों को हटाकर किसी अन्‍य अधिकारियों से शिकायत की निष्‍पक्ष जाँच कराई जायेगी? यदि हाँ, तो कब तक यदि नहीं, तो कारण बताएं? (ग) विधान सभा परि.अता. प्रश्‍न संख्‍या 73 (क्रमांक 2739) दिनांक 27/07/2016 के प्रश्नांश (ग) के उत्‍तर में बताया है कि आरोपों को दृष्टिगत रखते हुये अनुविभागीय अधिकारी पुलिस को जाँच हेतु नियुक्‍त किया गया है, क्‍या जाँच पूर्ण हो गई? यदि हाँ, तो जाँच में क्‍या तथ्‍य पाये गये? उन तथ्‍यों के आधार पर क्‍या कार्यवाही की गई? यदि नहीं, तो कब तक जाँच पूर्ण कर ली जायेगी?

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) जी हाँ। (ख) प्रश्नांश में वर्णित शिकायत की निष्पक्ष जाँच अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सतना से करायी गयी है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) नागौद श्री संतोष डहेरिया को थाना जसो जिला सतना के मर्ग क्र0 2/16 की जाँच हेतु नियुक्त किया गया है। मर्ग की जाँच जारी है, जाँच की समय-सीमा बताई जाना संभव नहीं है।

कस्‍टम मिलिंग

[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्‍ता संरक्षण]

43. ( क्र. 870 ) श्री यादवेन्‍द्र सिंह : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सतना एवं कटनी में किन-किन राइस मिलों को कितनी-कितनी धान वर्ष 2016 में मिलिंग हेतु दी गई पृथक-पृथक विवरण दें। (ख) प्रश्नांश (क) की मिलों द्वारा वर्ष 2016 में कितना-कितना चावल जमा किया गया? जमा किये गये चावल में से किन-किन राइस मिलों के कितने-कितने लाट अमानक/रिजेक्‍ट किये गये/पाये गये राइस मिलवार विवरण दें। क्‍या तीन लाट फेल होने पर/रिजेक्‍ट होने पर राइस मिल को ब्‍लैक लिस्‍टेड किये जाने का प्रावधान है? यदि हाँ, तो उक्‍त प्रावधान अनुसार किन-किन राइस मिलों को ब्‍लैक लिस्‍टेड किया गया है? यदि नहीं, तो कब तक किया जावेगा? (ग) क्‍या सतना एवं कटनी जिले से कस्‍टम मिलिंग का चावल अन्‍य जिलों में भेजा गया है और उस भेजे गये चावल को रिजेक्‍ट/अमानक किया गया है? ऐसा किन राइस मिलों के चावल को किया गया है? उसके चावल को उठाने और पुन: जमा करने में परिवहन व्‍यय किसके द्वारा वहन किया जावेगा? यदि उक्‍त परिवहन व्‍यय नागरिक आपूर्ति विभाग द्वारा वहन किया जावेगा तो विभाग को कितनी आर्थिक क्षति होगी? उसकी वसूली का दायित्‍व किसका होगा और उसके लिये दोषी के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की जावेगी? (घ) प्रश्‍नांकित अवधि में घटिया चावल को लेकर किसके द्वारा कब शिकायत की गई? शिकायतवार, कार्यवाहीवार विवरण दें?

खाद्य मंत्री ( श्री ओम प्रकाश धुर्वे ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) वर्ष 2016 में मिलर्सवार जमा चावल की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। मिलर्सवार अमानक/रिजेक्‍ट किये गये चावल की मात्रा की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। जी हाँ। सतना एवं कटनी जिले के किसी भी मिलर को उल्‍लेखित अवधि में ब्‍लैक लिस्‍टेड नहीं किया गया है। चावल के रिजेक्‍ट लॉट को राईस मिलर्स द्वारा पुन: अपग्रेड कराकर मानक स्‍तर का चावल दिए जाने से मिलर्स को ब्‍लैक लिस्‍टेड करने की आवश्‍यकता नहीं है। (ग) जी हाँ। कटनी जिले से बाहर भेजे गए कस्‍टम मिल चावल में से मेसर्स गुरूनानक इण्‍डस्‍ट्रीज, कटनी; मेसर्स सतनाम इण्‍डस्‍ट्रीज, कटनी; मेसर्स सतराम दास, करमचन्‍द, कटनी; मेसर्स साईंकृपा इण्‍डस्‍ट्रीज, कटनी एवं मेसर्स अमनफूड कटनी राईस मिल का चावल अमानक स्‍तर का पाए जाने से रिजेक्‍ट किया गया था। अमानक चावल को राईस मिलर्स से पुन: अपग्रेड कराया जाकर जमा कराने पर परिवहन व्‍यय की राशि रू. 1.97 लाख का कटौत्रा राईस मिलर्स से किया गया। इस प्रकार कार्पोरेशन को परिवहन व्‍यय में कोई हानि नहीं हुई है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) सतना एवं कटनी जिले में प्रश्‍नांकित अवधि में कोई शिकायत प्राप्‍त नहीं हुई है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

पीपलरांवा अन्‍तर्गत बालौन चौकी का निर्माण

[गृह]

44. ( क्र. 890 ) श्री राजेन्द्र फूलचं‍द वर्मा : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सोनकच्‍छ विधान सभा क्षेत्र पीपलरांवा अन्‍तर्गत बालौन चौकी का भवन उपलब्‍ध है हाँ या नहीं? नहीं, तो कब से नहीं? (ख) भवन के आभाव में चौकी कहाँ पर लग रही है? क्‍या भवन के अभाव में पुलिस कर्मियों एवं आमजन को समस्‍याएँ नहीं होती हैं? (ग) क्‍या उक्‍त चौकी के लिए भवन निर्माण की कोई प्रक्रिया चल रही है? हाँ तो क्‍या, नहीं तो क्‍यों नहीं?

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) जी नहीं। दिनांक 13.03.1980 से उपलब्ध नहीं है। (ख) पुलिस चौकी शासकीय प्राईमरी स्कूल के एक बड़े कक्ष से संचालित की जा रही है। जी हाँ। (ग) चौकी भवन निर्माण की स्वीकृति प्रक्रियाधीन है।

पिपलरांवा को टप्‍पा तहसील का दर्जा देना

[राजस्व]

45. ( क्र. 891 ) श्री राजेन्द्र फूलचं‍द वर्मा : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या शासन द्वारा आम नागरिकों की राजस्‍व व अन्‍य तहसील संबंधी समस्‍या के निराकरण हेतु प्रदेश के ग्रामों व नगरों में टप्‍पा तहसील का दर्जा दिया जा रहा है? यदि हाँ, तो किस आधार पर? (ख) क्‍या शासन द्वारा सोनकच्‍छ तहसील से 30 किलोमीटर की दूरी पर स्थित सन् 2002 से नगर पंचायत का दर्जा प्राप्‍त नगर पिपलरांवा को तहसील, उपतहसील या टप्‍पा आदि दर्जा देने हेतु कोई कार्यवाही प्रचलित है या नहीं यदि हाँ, तो क्‍या? नहीं तो क्‍यों नहीं? (ग) क्‍या शासन पिपलरांवा क्षेत्र में लगभग 20-25 ग्रामों के सैकड़ों-हजारों क्षेत्रवासियों की समस्‍या के निराकरण हेतु पिपलरांवा को टप्‍पा तहसील का दर्जा देने हेतु कोई कार्यवाही करेगा? यदि नहीं, तो इन हजारों ग्रामीणों को हो रही परेशानियों का जिम्‍मेदार कौन होगा?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) आवश्‍यकता एवं उपयोगिता अनुसार टप्‍पा, तहसील का दर्जा देने की कार्यवाही की जाती है। (ख) एवं (ग) जी नहीं। कोई प्रस्‍ताव विचाराधीन नहीं है।

मछुआ कल्‍याण बोर्ड का पुनर्गठन

[मछुआ कल्याण तथा मत्स्य विकास]

46. ( क्र. 915 ) श्री मोती कश्यप : क्या पशुपालन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या किन्‍हीं वर्षों में विभागीय किन्‍हीं आदेश के अधीन मध्‍यप्रदेश मछुआ कल्‍याण बोर्ड का गठन एवं पुनर्गठन किया गया है? (ख) प्रश्नांश (क) में किनको किन पदों पर मनोनीत किया गया है? (ग) क्‍या किन्‍हीं कार्यकाल की समाप्ति के बाद प्रश्नांश (क) का पुनर्गठन किन कारणों से नहीं किया गया है? (घ) किस अवधि तक प्रश्नांश (क) का पुनर्गठन कर दिया जावेगा?

पशुपालन मंत्री ( श्री अंतर सिंह आर्य ) : (क) जी हाँ। वर्ष २०१२ से विभागीय आदेश दिनांक 21 मई 2012 से मछुआ कल्‍याण बोर्ड का गठन किया गया। (ख) प्रश्नांश (क) में अध्‍यक्ष, दो उपाध्‍यक्ष तथा दो सदस्‍यों को मनोनीत किया गया है। श्री मोती कश्‍यप विधायक को अध्‍यक्ष पद पर, डॉ कैलाश विनय एवं श्री सीताराम बाथम को उपाध्‍यक्ष पद पर एवं श्री विजय मांझी तथा श्री रजूलाल रैकवार को सदस्‍य पद पर मनोनीत किया गया। सामान्‍य प्रशासन विभाग के परिपत्र दिनांक 03-01-2014 के बिन्‍दु क्रमांक 01 अनुसार वर्तमान में मंत्री मछुआ कल्‍याण तथा मत्‍स्‍य विकास विभाग म.प्र.शासन के पास अध्‍यक्ष पद का प्रभार है। (ग) पुनर्गठन की कार्यवाही प्रचलन में होने के कारण शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (घ) समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं।

नल-जल योजनाओं का संधारण

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

47. ( क्र. 916 ) श्री मोती कश्यप : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) वित्‍तीय वर्ष 2014-15 से वि.स.क्षे. बड़वारा के वि.खं. बड़वारा, कटनी, ढीमरखेड़ा के किन ग्रामों में नल-जल योजनायें स्‍वीकृत हुई हैं और उनमें से कितनी पूर्ण एवं कितने अपूर्ण हैं? (ख) प्रश्नांश (क) में से कौन सी योजना सम्‍पूर्ण ग्राम में विस्‍तारित नहीं है और कौन सी योजना की पाईप लाईनें टूट-फूट गई हैं? (ग) प्रश्नांश (क), (ख) में कौन-सी योजना के बोर असफल हो गये हैं और कहाँ नये बोरों का खनन आवश्‍यक है और उनमें से कहाँ नये बोर कर दिये गये हैं? (घ) प्रश्नांश (क), (ख), (ग) में कौन-सी योजनायें किन कारणों से ग्राम पंचायतों को हस्‍तांतरित नहीं की जा सकी हैं और कब तक निराकरण कर हस्‍तांतरित कर दी जावेगी?

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) से (ग) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। (घ) प्रश्नांश (क), (ख), (ग) में उल्लेखित योजनाओं को पूर्ण करने के उपरांत ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित कर दिया जावेगा। हस्तांतरण की निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

परिशिष्ट - ''ग्‍यारह''

नेटवर्किंग सर्वर डाउन होने के कारण गरीबों को राशन उपलब्‍ध न होना

[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्‍ता संरक्षण]

48. ( क्र. 937 ) श्री आरिफ अकील : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रश्‍नकर्ता द्वारा माह जनवरी 2017 को भोपाल सहित अन्‍य जिलों में गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले परिवार को राशन उपलब्‍ध नहीं हो पाने की शिकायत माननीय मुख्‍यमंत्री एवं प्रमुख सचिव मध्‍यप्रदेश शासन खाद्य विभाग को प्रेषित की गई है? (ख) यदि हाँ, तो अवगत करावें कि प्रदेश सरकार द्वारा किस-किस जिले में कितने-कितने परिवार को गरीबी रेखा के राशन कार्ड जारी किए गए और उसमें से कितने गरीब राशन कार्डधारियों को नियमित रूप से राशन प्राप्‍त नहीं हो रहा है तथा कितने गरीब परिवार को केन्‍द्र से राशन का आवंटन प्राप्‍त नहीं होने के कारण विगत 1 वर्ष से राशन पर्ची उपलब्‍ध नहीं होने की स्थिति में क्‍या प्रदेश के माननीय मुख्‍यमंत्री जी द्वारा प्रदेश के गरीबों को राशन उपलब्‍ध कराने की कार्यवाही करेंगे? यदि हाँ, तो कब तक जिलेवार जानकारी उपलब्‍ध करावें? (ग) प्रश्‍न दिनांक की स्थिति में अवगत करावें कि यदि नेटवर्किंग सर्वर डाउन होने की स्थिति में गरीबों को राशन उपलब्‍ध नहीं होता तो क्‍या पूर्व की भांति रजिस्‍टर पर अंगूठा या हस्‍ताक्षर कराकर राशन उपलब्‍ध कराने के निर्देश जारी करेंगे? यदि हाँ, तो कब तक और यदि नहीं, तो क्‍यों कारण सहित बतावें?

खाद्य मंत्री ( श्री ओम प्रकाश धुर्वे ) : (क) जी हाँ। (ख) राष्‍ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 के अंतर्गत प्राथमिकता परिवार में सम्मिलित बी.पी.एल. श्रेणी के परिवारों की जिलेवार जानकारी संलग्न परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। माह अगस्‍त, 2016 के पश्‍चात् स्‍थानीय निकाय द्वारा बी.पी.एल. श्रेणी के अंतर्गत सत्‍यापित परिवार जिनकी पात्रता पर्ची जारी नहीं की गई है, की जिलेवार जानकारी संलग्न परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। भारत सरकार द्वारा अधिनियम, 2013 के अंतर्गत खाद्यान्‍न आवंटन प्रतिमाह की अधिकतम सीमा निर्धारित की गई है। प्रदेश में खाद्यान्‍न आवंटन की सीमा से अधिक खाद्यान्‍न की आवश्‍यकता होने के कारण माह सितम्‍बर, 2016 से सत्‍यापित नवीन परिवारों को पात्रता पर्ची जारी नहीं की जा सकी है। पात्र परिवार के रूप में सम्मिलित परिवारों के डी-डुप्‍लीकेशन की कार्यवाही प्रचलित है उसके उपरांत अपात्र परिवारों को हटाया जाकर निर्धारित खाद्यान्‍न आवंटन की सीमा के अंतर्गत ही नवीन सत्‍यापित परिवारों को सम्मिलित कर पात्रता पर्ची जारी की जा सकेगी। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) खण्‍डवा नगर निगम क्षेत्र को छोड़कर शेष प्रदेश में पात्र परिवारों की हकदारी पीओएस मशीन में डाउनलोड कर राशन सामग्री का वितरण किए जाने से एन.आई.सी. का सर्वर डाउन होने पर भी पी.ओ.एस. मशीन से राशन सामग्री वितरण करने में कोई कठिनाई नहीं है। इंदौर, भोपाल, खण्‍डवा, बुरहानपुर, देवास, छिन्‍दवाड़ा नगर निगम क्षेत्र में आधार प्रमाणीकरण के आधार पर राशन वितरण किया जा रहा है। इन क्षेत्रों में यदि किसी परिवार का बायोमेट्रिक सत्‍यापन सफल न होने अथवा सत्‍यापन में विलम्‍ब होने पर हितग्राही से पहचान स्‍वरूप दस्‍तावेज प्राप्‍त कर निगरानी समितियों के सदस्‍यों की उपस्थिति में वितरण पंजी के माध्‍यम से राशन सामग्री वितरण के निर्देश पूर्व से ही जारी हैं। जारी निर्देश की प्रति संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है।

परिशिष्ट - ''बारह''

जेल में कैदियों को सुविधाएं

[जेल]

49. ( क्र. 983 ) डॉ. मोहन यादव : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) 1 जनवरी 2015 से प्रश्‍न दिनांक तक कैदियों के खाद्यान्‍न एवं रहन-सहन के संबंध में जेल विभाग द्वारा कौन-कौन से पत्र परिपत्र एवं निर्देश जारी किये गये? सभी की प्रति उपलब्ध करावें? (ख) प्रश्नांश (क) की जानकारी अनुसार जारी निर्देशों के अनुरूप कैदियों को सुविधाएं नहीं मिलने के संबंध में उक्‍त समयावधि में उज्‍जैन जिले की जेलों के संबंध में कितनी शिकायतें प्राप्‍त हुई? उक्‍त शिकायतों की तहसीलवार, जेलवार जानकारी उपलब्‍ध करावें? निर्देशों का पालन नहीं करने के लिए कौन अधिकारी दोषी है?

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) प्रश्‍नाधीन अवधि में कैदियों के खाद्यान्‍न एवं रहन-सहन के संबंध में कुल 04 परिपत्र जारी किये गए हैं। इन परिपत्रों की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ, , स एवं द अनुसार है। (ख) जारी निर्देशों के अनुरूप कैदियों को सुविधाएं नहीं मिलने के संबंध में उज्‍जैन जिले की जेलों के संबंध में प्रश्‍नाधीन अवधि में कोई शिकायत प्राप्‍त नहीं हुई है। अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

मुआवजे का भुगतान

[राजस्व]

50. ( क्र. 1019 ) श्री दुर्गालाल विजय : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) श्‍योपुर विधानसभा क्षेत्रान्‍तर्गत दिनांक 10.10.2016 को चक्रवर्ती तूफान, तेज हवा व वर्षा से किन 2 ग्रामों के कितने कितने कृषकों की धान की फसलों में कितना कितना नुकसान हुआ तत्‍समय कराये गये सर्वे सूचीनुसार ग्रामवार पीडि़त कृषकों की संख्‍या बतावें? (ख) उक्‍त में से ग्रामवार कितने-कितने पीडि़त कृषकों को वर्तमान तक मुआवजा राशि का भुगतान कर दिया गया व कितने कितने को नहीं व क्‍यों? (ग) क्‍या यह सच है कि तत्‍समय सर्वे दलों ने सर्वे सूची में मनमानी बरतते हुए ग्राम राड़ेप के मौजा, खेड़ली, खानपुरा सहित आपदा प्रभावित उक्‍त ग्रामों के सैकड़ों कृषकों के नाम नहीं जोड़े गये नतीजन वे वर्तमान तक मुआवजा राशि से वंचित बने हुए है क्‍या शासन इसकी जाँच कराकर दोषियों के विरूद्ध कार्यवाही करेगा तथा छूटे हुए कृषकों को अविलम्‍ब मुआवजा राशि का भुगतान कराएगा, यदि नहीं, तो क्‍यों? (घ) फसल बीमा धारक जिन 762 पीडि़त कृषकों की रिपोर्ट एग्रीकल्‍चर इन्‍श्‍योरेंस कंपनी को भेजी है उसे स्‍वीकृत कराने हेतु शासन द्वारा क्‍या कार्यवाही की गई कब तक बीमा राशि स्‍वीकृत कराकर पीडि़तों को दिलाई जावेगी? समय-सीमा बतावें।

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) श्‍योपुर विधानसभा क्षेत्रान्‍तर्गत दिनांक 10.10.2016 को चक्रवर्ती तूफान, तेज हवा व वर्षा से तत्‍समय कराये गये सर्वे अनुसार धान फसल क्षति वाले कृषकों की ग्रामवार सूची संलग्न परिशिष्‍ट के प्रपत्र अ अनुसार है। (ख) जिले श्‍योपुर में 17 ग्राम के 947 प्रभावित कृषकों को राहत राशि वितरित की जा चुकी है। ग्रामवार जानकारी संलग्न परिशिष्‍ट के प्रपत्र ब अनुसार है। उक्‍त 17 ग्राम के 780 प्रभावित कृषकों को राहत राशि का वितरण नहीं किया गया है। ग्रामवार जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र ब अनुसार है। उपरोक्‍त आपदा के दौरान सर्वे पश्‍चात् जिला कलेक्‍टर द्वारा दिनांक 17-10-2016 को राशि रूपये 244.20 लाख (रू. दो करोड़ चौवालिस लाख बीस हजार) की मांग की गई थी। जिले को तत्‍समय दिनांक 22.10.2016 को आवंटन उपलब्‍ध करा‍ दिया गया था। पुन: जिला कलेक्‍टर द्वारा विलम्‍ब से राशि रूपये 246.54 लाख (रू. दो करोड़ छयालिस लाख चौवन हजार) की मांग की गई है। विलम्‍ब से की गई मांग के संबंध में आयुक्‍त चम्‍बल संभाग को जाँच कर स्‍पष्‍ट अभिमत सहित प्रतिवेदन प्रस्‍तुत करने हेतु लिखा गया है। (ग) जी नहीं। श्‍योपुर विधानसभा क्षेत्र में तहसील बडौदा में सर्वे दलों का गठन कर प्रभावित ग्रामों सहित राडेप के मौजा, खेडली, खानपुरा का भी सर्वे कराया गया था जिसमें खानपुरा एवं खेडली में धान की फसल में 10-15 प्रतिशत क्षति होने से उन्‍हें सहायता राशि प्रदाय नहीं की गई। सर्वे दलों द्वारा किसी प्रकार की मनमानी नहीं की गई न ही किसी पात्र कृषक को सर्वे सूची में छोड़ा गया है। अत: शेष प्रश्‍न उद्भूत नहीं होता। (घ) संचालनालय किसान कल्‍याण एवं कृषि विकास विभाग से प्राप्‍त जानकारी अनुसार प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना खरीफ 2016 के अंतर्गत श्‍योपुर तहसील से धान सिंचित फसल के नुकसानी हेतु तूफान/ओलावृष्टि आपदा के लिए जिला स्‍तर पर गठित समिति द्वारा कुल 408 कृषकों के लिये मौसम के मध्‍य प्रतिकूलता क्षतिपूर्ति विकल्‍प के अंतर्गत सामान्‍य सर्वे किया गया है एवं क्षतिपूर्ति निर्धारण हेतु कार्यवाही प्रगति पर है। इसके अतिरिक्‍त अंतिम दावा निर्धारण फसल कटाई प्रयोगों से प्राप्‍त परिणामों के आधार पर किया जावेगा।

परिशिष्ट - ''तेरह''

पेयजल प्रस्‍ताव की स्‍वीकृति

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

51. ( क्र. 1020 ) श्री दुर्गालाल विजय : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) प्रश्‍नकर्ता के परि.अता. प्रश्‍न संख्‍या 82 (क्रमांक 2884) दिनांक 27.07.2016 में श्‍योपुर जिले में 280 पेयजल समस्‍या मूलक ग्रामों में चंबल नदी से पेजजल आपूर्ति के स्‍थाई समाधान हेतु ई.ई पी.एच.ई श्‍योपुर द्वारा 1395.74 करोड़ का प्रथम चरण प्रस्‍ताव शासन से परीक्षणाधीन हैं बताया था तथा प्रश्‍नकर्ता के ही परि.अता. प्रश्‍न संख्‍या 94 (क्रमांक 1028) दिनांक 07.12.2016 के प्रश्नांश (क) एवं (ख) के उत्‍तर में बताया है कि योजना प्रस्‍ताव की संभाव्‍यता का परीक्षण किया जा रहा है संभाव्‍यता एवं आवंटन की उपलब्‍धतानुसार कार्यवाही की जा सकेगी? (ख) प्रश्नांश (क) के अनुक्रम में क्षेत्र हित में क्‍या शासन प्रस्‍ताव की संभाव्‍यता का परीक्षण कार्य यथाशीघ्र पूर्ण कराकर इसे केन्‍द्र को स्‍वीकृत हेतु भेजेगा व स्‍वीकृत करवाएगा केन्‍द्र सरकार द्वारा स्‍वीकृत नहीं करने की स्थिति में क्‍या शासन इस प्रस्‍ताव को बजट में शामिल करके स्‍वीकृति प्रदान करेगा व कब तक यदि नहीं, तो क्‍यों?
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) जी हाँ। (ख) योजना प्रस्ताव परीक्षणाधीन है। संभाव्यता होने पर एवं आवंटन की सहमति प्राप्त होने पर कार्यवाही की जा सकेगी। निश्चित समय-सीमा नहीं बताई जा सकती है।

खरगापुर विधानसभा क्षेत्र में स्‍वीकृत समूह जल प्रदाय योजना का कार्य प्रांरभ किया जाना

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

52. ( क्र. 1075 ) श्रीमती चन्‍दा सुरेन्‍द्र सिंह गौर : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या खरगापुर विधानसभा क्षेत्र सहित म.प्र. में 47 समूह जल प्रदाय योजनाओं की प्रशासकीय स्‍वीकृति मंत्री परिषद की बैठक में दिनांक 8.6.2016 को की जा चुकी है? (ख) क्‍या खरगापुर विधानसभा क्षेत्र में वान सुजारा से समूह जल प्रदाय योजना 155 ग्रामों हेतु रूपये 974.52 करोड़ तथा पलेरा-गर्रोली (धसान) समूह जल प्रदाय योजना59 ग्रामों हेतु रूपये 5,25,11 करोड़ की प्रशासकीय स्‍वीकृति प्राप्‍त हो चुकी है। इन दोनों जल प्रदाय योजनाओं का कार्य कब से प्रांरभ किया जा रहा है तथा सर्वेक्षण का कार्य एवं किस प्रकार से इसका संचारण संधारण किया जाना है स्‍पष्‍ट करें? (ग) क्‍या शामिल ग्रामों को समूह जल प्रदाय योजना से 2018 तक पेयजल उपलब्‍ध करा दिया जावेगा? यदि नहीं, तो कारण स्‍पष्‍ट करें तथा क्‍या जनहित में शीघ्र कार्य प्रांरभ करा दिया जावेगा यदि हाँ, तो कब तक यदि नहीं, तो क्‍यों?

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) जी, हाँ। अनुमोदन किया गया है। (ख) जी, नहीं। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता है। (ग) उत्तरांश के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित ही नहीं होता है।

खरगापुर विधानसभा में खाद्यान्‍न का बंटन

[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्‍ता संरक्षण]

53. ( क्र. 1076 ) श्रीमती चन्‍दा सुरेन्‍द्र सिंह गौर : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या खरगापुर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम डूबदेई ग्राम पंचायत में विगत 3 माह से जनता को खाद्यान्‍न गेहूँ नहीं बांटा जा रहा है और सेल्‍समेन के द्वारा अक्‍टूबर, नवम्‍बर, दिसम्‍बर का खाद्यान्‍न कालाबाजारी कर बेच दिया गया यदि खाद्यान्‍न बांटा गया है तो अवगत कराये यदि नहीं, बांटा गया है तो क्‍यो? कारण स्‍पष्‍ट करें? (ख) क्‍या हीरापुर सोसायटी से ग्राम डूबदेई का खाद्यान्‍न बांटा जाता है क्‍या शासन द्वारा यह खाद्यान्‍न हीरापुर से न बांट कर हर माह ग्राम डूबदेई से ही बांटा जाए? इस प्रकार के आदेश करेगे यदि हाँ, तो कब तक यदि नहीं, तो क्‍यों कारण स्‍पष्‍ट करें? (ग) क्‍या प्रश्‍नकर्ता के भ्रमण के दौरान ग्राम पिपरा, मड़ोरी, गुना डूबदेई आदि स्‍थानों पर खाद्यान्‍न नहीं बांटे जाने की शिकायत आम जनता द्वारा की गई जिसका कारण खाद्यान्‍न बांटने हेतु जिस मशीन उपकरण को प्रयोग में लाया जाता वह खराब होना है एवं सेल्‍समेन 8-10 दिन तक मुख्‍यालय टीकमगढ़ के चक्‍कर लगाते है मशीनें ठीक नहीं होती है। हां, तो इसका क्‍या कारण है? (घ) क्‍या खाद्यान्‍न बांटने वाले उपकरण मशीनें खराब क्रय की गई हैं? यदि शासन ने क्रय की है तो किस सन में क्रय की गई? खरगापुर विधान सभा क्षेत्र में खाद्यान्‍न सही बांटे जाने की देखरेख किस सक्षम अधिकारी द्वारा की जाती है? विकासखण्‍डवार एवं ग्रामवार सूची सक्षम अधिकारी के नाम सहित देवें?

खाद्य मंत्री ( श्री ओम प्रकाश धुर्वे ) : (क) जी नहीं, ग्राम पंचायत दूबदेई में खाद्यान्‍न की कालाबाजारी न की जाकर खाद्यान्‍न का वितरण किया जा रहा है। माह अक्‍टूबर, नवम्‍बर, दिसम्‍बर, 2016 में खाद्यान्‍न वितरण की जानकारी संलग्न परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) जी हाँ, हीरापुर समिति से ग्राम दूबदेई का खाद्यान्‍न वितरण किया जाता था। कार्यालय अनुविभागीय अधिकारी बल्‍देवगढ़ जिला टीकमगढ़ के आदेश दिनांक 08-02-2017 के द्वारा ग्राम दूबदेई का खाद्यान्‍न वितरण हीरापुर समिति से न किया जाकर ग्राम पंचायत ग्राम दूबदेई से ही किया जाने संबंधी निर्देश संबंधित समिति प्रबंधक एवं विक्रेता को जारी किये जा चुके है। वर्तमान में ग्राम दूबदेई का खाद्यान्‍न वितरण उचित मूल्‍य दुकान दूबदेई से ही किया जा रहा है। (ग) प्रश्‍नकर्ता के भ्रमण के दौरान ग्राम पिपरा, मड़ोरी, गुना डूबदेई आदि स्‍थानों पर खाद्यान्‍न नहीं बांटे जाने की शिकायत की जानकारी कार्यालय कलेक्‍टर (खाद्य) जिला टीकमगढ़ में नहीं है। राशन सामग्री का वितरण पी.ओ.एस. मशीन के माध्‍यम से किया जाता है, जिसमें मशीनों के सुधार हेतु कॉल रजिस्‍टर करने बाबत नि:शुल्‍क कॉल सेन्‍टर स्‍थापित किया गया है। मशीन खराब होने की स्थिति में दुकानदार द्वारा शिकायत दर्ज करने के 48 कार्यालयीन घण्‍टों में शिकायत निराकरण का प्रावधान है एवं निर्धारित समयावधि में निराकरण न किये जाने पर सेवा प्रदाता पर पेनाल्‍टी अरोपित किये जाने का प्रावधान है। मशीन के सुधार हेतु जिले में तकनीकी विशेषज्ञ पदस्‍थ है, जोकि यथासंभव मौके पर जाकर ही पी.ओ.एस. मशीन की त्रुटि में सुधार करते है। (घ) जी नहीं। शासन ने मशीनें क्रय नहीं की है बल्कि यह मशीनें निविदा के आधार पर अलग-अलग समूहों के सेवाप्रदाता जिलों में मेसर्स डी.एस.के. डिजिटल टेक्‍नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड तथा मेसर्स लिंकवेल टेली सिस्‍टम प्राइवेट लिमिटेड द्वारा लगाई गई है। खरगापुर विधानसभा क्षेत्र में खाद्यान्‍न वितरण की देखरेख के लिये क्षेत्र में पदस्‍थ खाद्य, सहकारिता एवं राजस्‍व विभाग के अधिकारीगण सक्षम अधिकारी है। विकासखण्‍ड की समस्‍त ग्राम पंचायतों को सम्मिलित कर विकासखण्‍डवार सक्षम अधिकारियों की सूची संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है।

परिशिष्ट - ''चौदह''

ग्रामोद्योग द्वारा जनहित में किये जाने वाले कार्य

[कुटीर एवं ग्रामोद्योग]

54. ( क्र. 1096 ) श्री बलवीर सिंह डण्‍डौतिया : क्या पशुपालन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) म.प्र. शासन ग्रामोद्योग द्वारा विगत तीन वर्ष में बजट में कितनी राशि का प्रावधान होकर प्रदेश के सभी जिलों को कितना आवंटित किया गया? (ग) प्रश्नांश (ख) में आवंटित राशि में से मुरैना जिले को कितनी राशि आवंटित की गई व उक्‍त राशि में से किन-किन जनपद पंचायतों में राशि वितरण की गई, वर्षवार जानकारी दी जावे? (घ) विधानसभा क्षेत्र 07 दिमनी जिला मुरैना में प्राप्‍त राशि में से कितने हितग्राहियों को कितनी-कितनी राशि किन-किन कार्यों हेतु दी गई?

पशुपालन मंत्री ( श्री अंतर सिंह आर्य ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र 'एक' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'दो' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र 'तीन' अनुसार है।

पशुपालन विभाग द्वारा किये जाने वाले कार्य

[पशुपालन]

55. ( क्र. 1097 ) श्री बलवीर सिंह डण्‍डौतिया : क्या पशुपालन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) पशुपालन विभाग के क्‍या-क्‍या उद्देश्‍य जनहित में है व उनके क्रियान्‍वयन हेतु क्‍या-क्‍या प्रक्रियाएं निर्धारित है की प्रति उपलब्‍ध करावें? (ख) म.प्र. शासन द्वारा विगत तीन वर्ष में बजट में कितनी राशि आवंटित होकर प्रदेश के जिलों को दी गई? (ग) प्रश्नांश (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में मुरैना जिला को आंवटित राशि में से किन-किन जनपद पंचायतों को राशि दी गई अलग-अलग बतावें? (घ) प्रश्नांश (ग) में जनपदवार राशि में से जनपद पंचायत अंबाह व मुरैना को राशि दी जाकर जनहित कार्यों में व्‍यय की गई की जानकारी ग्राम का नाम हितग्राही की संख्‍या कार्य विवरण वर्ष व दिनांक इत्‍यादि सहित दी जावे?

पशुपालन मंत्री ( श्री अंतर सिंह आर्य ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है।

ग्राम पंचायत कोहदड़ की पेयजल योजना की स्‍वीकृति

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

56. ( क्र. 1197 ) श्रीमती योगिता नवलसिंग बोरकर : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) पंधाना विधानसभा क्षेत्र अतंर्गत ग्राम पंचायत कोहदड़ में 3 वर्ष पूर्व लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकी विभाग द्वारा 48 लाख रूपये की पेयजल योजना स्‍वीकृति हुई थी? जिसमें ग्रामीणों द्वारा 50,000 रूपये जन सहयोग भी विभाग को दिया गया व टेंडर भी हो चुका था लेकिन आज दिनांक तक कार्य प्रांरभ क्‍यों नहीं हुआ है? (ख) क्‍या लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकी विभाग द्वारा इस पेयजल योजना का कार्य किया जायेगा या नहीं? (ग) यदि किया जायेगा तो कब तक एवं इस पर अभी तक क्‍या कार्यवाही की गई है? (घ) यदि नहीं, किया जायेगा तो क्‍यों?

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) पंधाना विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम कोहदड़ की पेयजल योजना जनवरी 2016 में रूपये 48.81 लाख की स्वीकृत हुई थी। जी हाँ रूपये 48,810.00 की राशि जमा की गई है। निविदा में अधिक दरें प्राप्त होने के कारण निविदा स्वीकृत नहीं की गई तथा सीमित वित्तीय संसाधनों को दृष्टिगत रखते हुए पुनः निविदाएँ आमंत्रित नहीं की गई। (ख) जी हाँ, कार्य किया जाएगा। (ग) वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता के अनुसार कार्य किया जाएगा। निश्चित समयावधि नहीं बताई जा सकती है। शेष उत्तरांश अनुसार। (घ) उत्तरांश के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।

राजगढ़ जिला मुख्‍यालय पर नवीन स्‍थान पर जिला जेल का भवन का निर्माण

[जेल]

57. ( क्र. 1216 ) श्री अमर सिंह यादव : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या राजगढ़ जिला मुख्‍यालय पर स्थित जेल भवन वर्तमान में बीच बाजार में रहवासी क्षेत्र में स्थित है जिससे कैदियों से आस-पास में रहने वाले व्‍यक्तियों को हमेशा भय बना रहता है? क्‍या उक्‍त जिला जेल से आज दिनांक तक कैदियों के भागने की कोई घटना हुई है? हाँ तो कब-कब बतावें (ख) क्‍या राजगढ़ जिला मुख्‍यालय पर वर्तमान में जिला जेल का भवन अत्‍यन्‍त जीर्ण शीर्ण अवस्‍था में है? (ग) क्‍या जिला राजगढ़ हेतु शासन द्वारा कोई भूमि आंवटित की गई है यदि हाँ, तो कहाँ पर, कितनी और कब? आदेश की प्रति उपलब्‍ध करावें (घ) क्‍या शासन जिला जेल के निर्माण हेतु राशि स्‍वीकृत कर जिला जेल का नवीन भवन निर्माण करेगा? यदि हाँ, तो कब तक।

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) राजगढ़ जिला मुख्‍यालय पर स्थित जेल भवन वर्तमान में बीच बाजार में स्थित है। जेल के आसपास रहने वाले रहवासियों द्वारा कैदियों से भयभीत होने की कोई शिकायत नहीं की गई है। जी हाँ। दिनांक 13/05/2009 को 04 कैदी फरार हुए थे। (ख) जी हाँ। (ग) जी हाँ। नवीन जेल के निर्माण हेतु राजगढ़ नगर में (संकट मोचन बड़ली) में 10 हैक्‍टेयर भूमि दिनांक 10/05/2001 को आवंटित की गई है। आदेश की प्रति संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (घ) राजगढ़ में नवीन जेल भवन निर्मित किये जाने हेतु पर्सपेक्टिव प्‍लान के द्वितीय चरण की योजनांतर्गत भारत सरकार को वर्ष, 2013 में प्रस्‍ताव प्रेषित किया गया था, जो मान्‍य नहीं किया गया।

परिशिष्ट - ''पन्‍द्रह''

राजगढ़ जिले की विधानसभा राजगढ़ में 200 नवीन हैण्‍डपम्‍प की स्‍वीकृति

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

58. ( क्र. 1217 ) श्री अमर सिंह यादव : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) राजगढ़ जिले की विधानसभा क्षेत्र राजगढ़ में वर्तमान में किन किन ग्रामों में किन-किन स्‍थानों पर कितने-कितने हैण्‍डपम्‍प लगे हुये है? (ख) उक्‍त में से प्रश्‍न दिनांक तक कितने ग्रामों में किन-किन स्‍थानों पर हैण्‍डपम्‍प चालू अवस्‍था में है? (ग) राजगढ़ विधानसभा क्षेत्र में जिन ग्रामों अथवा स्‍थानों पर हैण्‍डपम्‍प बन्‍द अथवा खराब पड़े हुये हैं, वहाँ पर पीने के पानी की क्‍या व्‍यवस्‍था है? (घ) क्‍या शासन गर्मी के पूर्व उक्‍त स्‍थानों पर पीने के पानी के लिये 200 हैण्‍डपम्‍प स्‍वीकृत करेगा? यदि हाँ, तो कब तक?

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) राजगढ़ विधानसभा क्षेत्र के 573 ग्रामों की 774 बसाहटों में 2760 स्थानों पर हैण्डपंप लगे हैं। विस्तृत जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) प्रश्न दिनांक तक 2526 हैण्डपंप चालू अवस्था में हैं। विस्तृत जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) खराब हैण्डपंपों का नियमित सुधार किया जाता है। हैण्डपंप बंद की स्थिति में ग्राम में स्थित अन्य हैण्डपंपों/अन्य स्त्रोतों से पेयजल उपलब्ध होता है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (घ) जी नहीं, केवल निर्धारित मापदण्ड अनुसार पात्रता में आने वाली बसाहटों में अतिरिक्त हैंडपंप लगाए जाने का कार्य किया जा सकेगा।

शासकीय भूमि पर अतिक्रमण

[राजस्व]

59. ( क्र. 1235 ) श्री संजय उइके : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या ग्राम पंचायत मानेगाँव जनपद बिरस&