मध्यप्रदेश विधान सभा


प्रश्नोत्तर-सूची
जुलाई, 2017 सत्र


बुधवार, दिनांक 26 जुलाई, 2017


भाग-1
तारांकित प्रश्नोत्तर


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स्कीम बोर के अपूर्ण कार्यों को पूर्ण किया जाना

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

1. ( *क्र. 2504 ) श्री दिव्‍यराज सिंह : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) सत्र 2013-14 में विभाग के द्वारा विधानसभा क्षेत्र सिरमौर में स्कीम बोर के तहत 6 इंच के कुल कितने हैण्डपंप खनन कार्य कराए गये थे? क्‍या चिन्हित स्थलों में किये गए खनन में आज तक राइजर पाईप, मोटरपंप एवं हैण्डल नहीं लगाये गये, जिस कारण से क्षेत्रवासियों को उक्त योजना का लाभ नहीं मिल सका? उक्त लंबित कार्य कब तक पूर्ण करा लिया जावेगा? (ख) इतने वर्ष व्यतीत हो जाने के पश्चात् भी उक्त योजना का लाभ जनता को क्‍यों नहीं मिल पाया? क्‍या विभाग के अधिकारियों/कर्मचारियों की उदासीनता के कारण शासन द्वारा जल संकट को दूर करने के प्रयासों पर गतिरोध उत्पन्न हो रहा है? क्या विभाग द्वारा ऐसे मामलों की निष्पक्ष जाँच कराई जावेगी तथा दोषी अधिकारी/कर्मचारी/ठेकेदारों के विरुद्ध दण्डात्मक कार्यवाही की जावेगी?

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) 21 नलकूप। जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ख) उत्तरांश (क) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - ''एक''

नल-जल योजनाओं का क्रियान्‍वयन

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

2. ( *क्र. 2980 ) श्री बहादुर सिंह चौहान : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) उज्‍जैन जिले के महिदपुर विधानसभा क्षेत्र में दिनांक 01.01.2016 से 30.06.2017 तक कितने बोर खनन किए गए? विधान सभा क्षेत्रवार बतावें। (ख) इनमें से निर्धारित मापदण्‍डों के अनुसार केसीन पाईप कितने लगाये, कितनी गहराई के किए गए? (ग) महिदुपर विधान सभा क्षेत्र में प्रश्‍नांश (क) अनुसार समयावधि में कितनी नल-जल योजनाओं के कार्य स्‍वीकृत हुए? कितने कार्यों के टेंडर स्‍वीकृत हुए एवं कितने कार्य प्रारंभ हुए? सूची देवें। (घ) टेंडर स्‍वीकृत होकर कितने कार्य प्रारंभ नहीं हुए या रूके हुए हैं? सूची देवें। इसके कारण बतावें। इसके दोषियों पर कब तक कार्यवाही की जायेगी?

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) 163 नलकूप (बोर)l जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार हैl (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार हैl (ग) 16 नल-जल योजनाओं के कार्य स्वीकृत किए गए, शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार हैl (घ) 6 टेंडर स्वीकृत हुए हैं, जिनके कार्य आदेश जारी किए जा चुके हैं, सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार हैl शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता हैl

पी.ई.जी.वाय. स्‍कीम अंतर्गत गोदाम निर्माण

[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्‍ता संरक्षण]

3. ( *क्र. 2794 ) श्री जालम सिंह पटेल : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या मध्‍यप्रदेश में पी.ई.जी.वाय. Private Enterpreneur Guarantee Scheme लागू है? यदि हाँ, तो इसके अंतर्गत कितने गोदाम किन-किन स्‍थानों पर किस-किस क्षमता के निर्मित किये गये हैं। (ख) उक्‍त योजना में नोडल एजेंसी कौन है एवं उनके क्‍या उत्‍तरदायित्‍व हैं। (ग) उक्‍त योजनांतर्गत किन-किन स्‍थानों पर गोदाम निर्माण कर लिये गये हैं। निर्माण पूर्ण होने की तिथिवार, निवेशकवार जानकारी देवें। (घ) उक्‍त निर्मित गोदामों में से किन-किन गोदामों के अनुबंध नोडल एजेंसी द्वारा प्रश्‍न दिनांक तक कर लिये गये हैं एव‍ं किन-किन गोदामों के अनुबंध किन कारणों से नहीं हुए हैं। (ड.) अनुबंधित गोदामों की ग्‍यारंटीड किराया राशि में कटौतियां, अर्थदण्‍ड हेतु कोई नीति है। क्‍या यह निविदा शर्तों एवं अनुबंध में उल्‍लेखित है? यदि हाँ, तो संपूर्ण विवरण देवें। (च) क्‍या निर्माणाधीन गोदामों का निरीक्षण निविदानुसार किया गया था? यदि हाँ, तो निरीक्षण रिर्पोट किनके द्वारा बनाई गई? निरीक्षण रिपोर्ट में निवेशकों के हस्‍ताक्षर कराए गए या नहीं? यदि नहीं, तो क्‍यों?

खाद्य मंत्री ( श्री ओम प्रकाश धुर्वे ) : (क) जी हाँ। गोदाम निर्माण की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) मध्‍यप्रदेश वेयर हाउसिंग एण्‍ड लॉजिस्टिक्‍स कार्पोरेशन भोपाल नोडल एजेन्‍सी है। कार्पोरेशन का उत्‍तरदायित्‍व प्रदेश में उपयुक्‍त स्‍थानों पर एच.एल.सी. की स्‍वीकृति उपरांत, निविदा के माध्‍यम से एम.टी.एफ. के प्रावधान अनुसार भण्‍डारण हेतु क्षमता निर्मित करवाया जाना है। खाद्यान्‍न भण्‍डारण के पी.एम.एस. (प्रिजरवेशन मेंटेनेंस एंड सिक्‍योरिटी ऑफ स्‍टाक्‍स) हेतु निवेशकों से लीज़ अनुबंध निष्‍पादित करवाया जाना है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' एवं '' अनुसार है। (ड.) निर्माण अनुबंध के शैड्यूल-I, 8 (C) में रोड पर 40 M.M. थिक डामरीकरण एवं अनुबंध की कंडिका 35 में ''इन्‍फ्रास्‍ट्रक्‍चर्स'' के अंतर्गत वुडन क्रेट्स का प्रावधान है। निवेशकों को गारंटी अनुबंध दिनांक से एक वर्ष में डामरीकरण करवाने एवं दिनांक 26.11.2016 तक वुडन क्रेट्स रूपये 0.37 प्रति क्विंटल प्रतिमाह ''गारंटी किराये'' से कटोत्री के आधार पर एच.एल.सी. द्वारा शिथिलता दी गई है। निर्धारित समय-सीमा में कार्य नहीं करवाने पर एच.एल.सी. (उच्‍च स्‍तरीय समिति) की बैठक दिनांक 28.03.2017 द्वारा क्षतिपूर्ति एवं अनुबंध सीज करने का निर्णय लिया गया है। (1) अनुबंध की कंडिका 31 के अनुसार 1+1=2 वर्ष में कार्य पूर्ण नहीं करवाने पर अनुबंध निरस्‍ती का प्रावधान है तथा कंडिका 32 में विलंब से पूर्ण हुए गोदामों को गृहीत न करने तथा जमा सुरक्षा राशि जब्‍त करने का प्रावधान है। (2) अनुबंध की कंडिका 53 (ii) में निर्धारित मापदण्‍ड के गोदाम निर्माण नहीं करवाने पर अनुबंध निरस्‍त करने, कम रेन्‍ट करने, लीज अवधि कम करने का प्रावधान है। (3) एच.एल.सी. दिनांक 16.04.2013 द्वारा माईनर एवं मेजर डेवियेशन का निर्धारण एवं माईनर डेवियेशन को स्‍वीकृत करने के अधिकार एस.एल.सी. को दिये गये हैं। निवेशकों के हित में एच.एल.सी. द्वारा माईनर डेवियेशन वाले गोदामों को डबल सी.एस.ए. (क्षतिपूर्ति) लगाते हुऐ गारंटी का निर्णय लिया गया है। (च) अनुबंध की कंडिका 52 में चार स्‍तरों पर निवेशक द्वारा नोडल एजेन्‍सी को सूचित करने पर भारतीय खाद्य निगम एवं मध्‍यप्रदेश वेयर हाउसिंग एण्‍ड लॉजिस्टिक्‍स कार्पोरेशन के इंजीनियरों की संयुक्‍त समिति द्वारा निरीक्षण का प्रावधान है। उक्‍त कंडिका में निरीक्षण रिपोर्ट पर निवेशक के हस्‍ताक्षर करवाने का प्रावधान नहीं है।

तकनीकी स्वीकृति‍ की समय-सीमा

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

4. ( *क्र. 2061 ) श्रीमती योगिता नवलसिंग बोरकर : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) पंचायत या अन्य विभागों की पेयजल संबंधित तकनीकी स्वीकृति‍ विभाग द्वारा कितने कार्य दिवस में दी जाती है? क्या अवधि का प्रावधान है? (ख) क्या विभाग के जिला अधिकारी पेयजल जैसी गंभीर विषयों की तकनीकी स्वीकृति‍ अपनी मर्जी से 4-5 माह या 1 वर्ष तक कभी भी दे सकते हैं? (ग) विधानसभा क्षेत्र पंधाना की कितनी पंचायतों की तकनीकी स्वीकृतियाँ‍ कितने समय से लंबित पड़ी हैं व कितनी स्वीकृतियाँ दी जा चुकी हैं? (घ) क्‍या ग्रीष्मकाल के भीषण पेयजल संकट के बावजूद तकनीकी स्वीकृति‍ को अनावश्यक रोके रखने वाले अधिकारियों पर विभाग कोई कार्यवाही करता है?

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) निश्चित समयावधि का कोई प्रावधान नहीं है। (ख) जी नहीं। प्रस्तावित कार्य स्थल के निरीक्षण पश्चात् तकनीकी मापदण्ड एवं आवश्यकता के आधार पर यथाशीघ्र तकनीकी स्वीकृति प्रदान की जाती है। (ग) विधानसभा प्रश्न प्राप्ति दिनांक 04.7.2017 तक खण्ड कार्यालय को प्राप्त सभी प्रस्तावित कार्यों की तकनीकी स्वीकृतियाँ दी जा चुकी हैं। कोई लंबित नहीं हैं। प्रश्न प्राप्ति तक कुल 11 कार्यों की तकनीकी स्वीकृतियाँ इस वित्तीय वर्ष में दी जा चुकी हैं। (घ) उत्तरांश (ख) एवं (ग) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।

उचित मूल्‍य दुकानों के कमीशन का निर्धारण

[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्‍ता संरक्षण]

5. ( *क्र. 3045 ) श्री आर.डी. प्रजापति : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या मध्‍यप्रदेश शासन खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्‍ता संरक्षण विभाग मंत्रालय के पत्र क्रमांक/एफ-3-49/2012/29-2, भोपाल दिनांक 04.05.2015 को राष्‍ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 के प्रावधान के तहत सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत वितरित किये जाने वाले खाद्यान्‍न के लिये उचित मूल्‍य की दुकान के कमीशन का पुनर्निर्धारण करने के आदेश जारी किये गये थे? (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार यदि हाँ, तो क्‍या नगरीय क्षेत्र में खाद्यान्‍न पर उचित मूल्‍यों की दुकानों को 70 रूपये प्रति क्विंटल की दर से कमीशन दिया जावेगा एवं ग्रामीण क्षेत्रों में पृथक विक्रेता होने पर प्रत्‍येक दुकान को केवल खाद्यान्‍न पर 8400 रूपये प्रति दुकान कमीशन दिया जावेगा? (ग) प्रश्‍नांश (ख) के अनुसार यदि हाँ, तो नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्र में भिन्‍नता क्‍यों रखी गयी है? कारण सहित बतावें। क्‍या शासन उक्‍त आदेश को निरस्‍त कर एक समानता पूर्वक कमीशन के आदेश जारी करेगा? यदि हाँ, तो कब तक?

खाद्य मंत्री ( श्री ओम प्रकाश धुर्वे ) : (क) एवं (ख) जी हाँ। (ग) नगरीय क्षेत्र की उचित मूल्‍य दुकानों को रू. 70/- प्रति क्विंटल तथा ग्रामीण क्षेत्र की उचित मूल्‍य दुकानों को 200 या 200 से अधिक राशनकार्ड वाली प्रत्‍येक दुकान को एक मुश्‍त प्रतिमाह रू. 8,400/- खाद्यान्‍न पर कमीशन दिया जा रहा है। यह कमीशन पृथक विक्रेता रखने पर ही देय होगा, अन्‍यथा एक विक्रेता द्वारा ही एक से अधिक दुकानों का संचालन करने पर अतिरिक्‍त दुकानों एवं 200 से कम राशनकार्ड वाली दुकानों के लिए रू. 2,400/- प्रति दुकान कमीशन दिया जा रहा है। 200 से कम राशनकार्ड वाली दुकानों के लिए पृथक से विक्रेता रखना आवश्‍यक नहीं है। भारत सरकार द्वारा खाद्यान्‍न वितरण पर उचित मूल्‍य दुकानों को रू. 70/- प्रति क्विंटल की दर से कमीशन निर्धारित किया गया है। तदानुसार नगरीय क्षेत्र की उचित मूल्‍य दुकानों को कमीशन दिया जा रहा है। नगरीय क्षेत्र में उचित मूल्‍य दुकानों की संख्‍या का निर्धारण 800 पात्र परिवारों की संख्‍या के आधार पर करने के कारण प्रति दुकान खाद्यान्‍न की मात्रा ग्रामीण क्षेत्र की तुलना में अधिक है, साथ ही चरणबद्ध तरीके से प्रदेश के नगरीय क्षेत्र में ''असर'' व्‍यवस्‍था लागू की जाने के कारण जिस उचित मूल्‍य दुकानदार द्वारा उपभोक्‍ताओं को बेहतर सुविधा दी जाएगी, उसके खाद्यान्‍न आवंटन में भी वृद्धि होने से कमीशन राशि भी अधिक प्राप्‍त होगी, जो कि एक मुश्‍त कमीशन देने पर संभव नहीं है। ग्रामीण क्षेत्र में प्रत्‍येक ग्राम पंचायत में उचित मूल्‍य दुकान खोली जाने के कारण नगरीय क्षेत्र की तुलना में प्रति दुकान पात्र परिवारों की संख्‍या कम होने से खाद्यान्‍न आवंटन की मात्रा कम होगी, जिस पर प्रति क्विंटल की दर से कमीशन निर्धारित करने पर कमीशन कम प्राप्‍त होता। ग्रामीण क्षेत्र की उचित मूल्‍य दुकानों को भी आर्थिक रूप से सक्षम बनाने तथा कम पात्र परिवार संख्‍या वाली पंचायतों में दुकानों का संचालन सुनिश्चित करने के लिए खाद्यान्‍न पर प्रति क्विंटल के स्‍थान पर एक मुश्‍त कमीशन निर्धारित किया गया है। उपरोक्‍त के परिप्रेक्ष्‍य में कमीशन निर्धा‍रण हेतु जारी आदेश में संशोधन/निरस्‍त करने की कोई आवश्‍यकता प्रतीत नहीं होती। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

आपदा राहत मद से वितरित राशि

[राजस्व]

6. ( *क्र. 2621 ) श्री सुखेन्‍द्र सिंह : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता द्वारा तारांकित प्रश्‍न क्रमांक 2786, दिनांक 17.03.2016 में बताया गया था कि मध्‍यप्रदेश शासन द्वारा आपदा राहत मद से दुर्घटना प्राकृतिक प्रकोप से शारीरिक क्षति/मृत्‍यु हो जाने से पीड़ि‍तों के आश्रितों को राहत राशि प्रदान की जाती है तथा 17.03.2016 तक के दो वर्ष में 51 व्‍यक्तियों को 61 लाख रूपये की राहत राशि प्रदान की गई है? (ख) प्रश्नांश (क) एवं प्र.क. 7394, दिनांक 27.3.2017 के प्रकाश में प्रश्‍न दिनांक तक मऊगंज विधान सभा क्षेत्र में आग लगने की घटना से (मकान, दुकान, खलिहान) नाम, पूर्ण पता, स्‍वीकृत राशि का विवरण देवें? संबंधितों को आर्थिक सहायता दिये जाने के प्रावधान के अनुरूप किसे-किसे आर्थिक सहायता दी गयी, की सूची विगत तीन वर्षों की पूर्ण पता, घटना स्‍थल का नाम एवं स्‍वीकृत राशि का विवरण पृथक-पृथक उपलब्‍ध करावें? (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के प्रकाश में प्रश्‍न दिनांक तक दुर्घटना प्राकृतिक प्रकोप/दुर्घटना से शारीरिक क्षति/मृत्‍यु हो जाने से शासन द्वारा राहत राशि प्राप्‍त लोगों के मृतक का नाम, आश्रित का नाम, पूर्ण पता तथा प्रदान की गई राहत राशि का विवरण प्रकोप का प्रकार सहित पृथक-पृथक देवें?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) जी हाँ, मध्‍यप्रदेश शासन द्वारा आपदा राहत मद से नाव दुर्घटना अथवा बस या अधिकृत अन्‍य पब्लिक ट्रांसपोर्ट के नदी या जलाशय में गिरने या पहाड़ी आदि से खड्ड में गिरने के कारण इन वाहनों पर सवार व्‍यक्तियों के मृत्‍यु या शारीरिक क्षति एवं प्राकृतिक आपदाओं से शरीरिक क्षति/मृत्‍यु होने पर पीड़ि‍तों के परिवार को राहत राशि प्रदान की जाती है। जी हाँ, प्रश्‍न क्रमांक 2786, दिनांक 17.03.2016 में दिये गये उत्‍तर में दो वर्षों में 51 व्‍यक्तियों को राशि रूपये 40-00 लाख तथा अग्नि पीड़ि‍तों एवं अन्‍य मद में रूपये 21-00 लाख की राहत राशि का वितरण किया गया है। (ख) प्रश्नांश (क) एवं प्र.क. 7394, दिनांक 27.03.2017 के प्रकाश में प्रश्‍न दिनांक तक मउगंज विधानसभा क्षेत्र में आग लगने की घटना से (मकान, दुकान, खलिहान) नाम, पूर्ण पता, स्‍वीकृत राशि का विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के उत्‍तर के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न दिनांक तक अग्नि दुर्घटना, प्राकृतिक प्रकोप से शारीरिक क्षति नहीं हुई है। मृत्‍यु हो जाने से शासन द्वारा निर्धारित मापदण्‍डों (आर.बी.सी. 6-4) के प्रावधानानुसार मृतक व्‍यक्ति आश्रितों को राहत राशि प्रदान की गई है। प्रदान की गई राहत राशि का व्‍यक्तिवार/ग्रामवार विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है।

राजस्‍व निरीक्षकों को स्‍थानांतरित/आसंजन करने के नियम

[राजस्व]

7. ( *क्र. 3035 ) श्री हेमन्‍त सत्‍यदेव कटारे : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या म.प्र. राजपत्र (असाधारण) क्रमांक 207, दिनांक 12.05.2016 से राजस्‍व निरीक्षकों को सशक्‍त कर नायब तहसीलदार की शक्तियां प्रदत्‍त की गई हैं? कौन से राजस्‍व निरीक्षकों को सशक्‍त किया जाना है? क्‍या सशक्‍त राजस्‍व निरीक्षकों को स्‍थानांतरित अथवा आसंजन करने के भी नियम हैं? (ख) भिण्‍ड जिले में कितने राजस्‍व निरीक्षकों को सशक्‍त राजस्‍व निरीक्षक (नायब तहसीलदार) माना गया व इनमें से कितने नायब तहसीलदार के रूप में कार्यरत हैं? नाम व पूर्व एवं वर्तमान पदस्‍थापना स्‍थान सहित जानकारी दी जाये। क्‍या जिले में सशक्‍त निरीक्षकों को नायब तहसीलदार के साथ-साथ अपने मूल पद का कार्य भी करने हेतु आदेशित किया गया है? (ग) विगत तीन वर्ष में भिण्‍ड जिले में कौन-कौन नायब तहसीलदारों को एक से दूसरे स्‍थान पर कब-कब स्‍थानांतरित/आसंजित किया गया? जिले के वृत्‍त फूप व उमरी पर कौन-कौन राजस्‍व निरीक्षक पदस्‍थ हैं? क्‍या राजस्‍व निरीक्षक पदस्‍थ होते हुये भी जिला भू-अभिलेख शाखा में पदस्‍थ राजस्‍व निरीक्षकों से यहां कार्य कराया जा रहा है? यदि हाँ, तो किस कारण से क्‍या इन्‍हें हटाया जायेगा? सभी की नामजद जानकारी दी जाये। (घ) गोरमी वृत्‍त के प्रभारी राजस्‍व निरीक्षक को नायब तह. गोहद के रूप में स्‍थानांतरण/आसंजन किया था, जहां से इनको बिना स्‍थानांतरण नियम के भिण्‍ड तहसील के वृत्‍त फूप पर पदस्‍थ किया गया है? यदि हाँ, तो क्‍यों? नाम सहित जानकारी दी जाये? क्‍या नियम विरूद्ध होने से हटाया जायेगा?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) जी हाँ। जिले के अंदर वरिष्ठ राजस्व निरीक्षक को सशक्त किया गया है। जी हाँ। (ख) भिण्ड जिले में 19 राजस्व निरीक्षकों को सशक्त माना है। इनमें से 11 नायब तहसीलदार के रूप में कार्यरत हैं। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। जिले में सशक्त राजस्व निरीक्षकों को नायब तहसीलदार के साथ-साथ अपने मूल पद का कार्य भी करने हेतु आदेशित किया है। (ग) भिण्ड जिले में आदेश दिनांक 29.12.2016 द्वारा निम्नलिखित राजस्व निरीक्षकों को एक से दूसरे स्थान पर पदस्थ किया गया है :-

स.क्र.

नाम

वर्तमान पदस्थापना

नवीन पदस्थापना

(1)

(2)

(3)

(4)

1.

श्री बलवीर सिंह भदौरिया

तह. मौ

वृत्त फूप

2.

श्री विनोद सिंह तोमर

तह. मेहगांव

वृत्त पीपरी

3.

सुश्री माला शर्मा

वृत्त पीपरी

तह. मौ

 

जिले में वृत्त फूप पर श्री आलोक सिंह भदौरिया एवं वृत्त उमरी पर श्री अनिल सिंह भदौरिया राजस्व निरीक्षक पदस्थ हैं। वृत्त फूप पर श्री आलोक सिंह भदौरिया रा.नि. को कार्य सुविधा की दृष्टि से पूर्व से ही पदस्थ किया गया है। बलवीर सिंह भदौरिया रा.नि. को नायब तहसीलदार के रूप में बाद में पदस्थ किया गया है। उनकी मूल पदस्थापना भू-अभिलेख कार्यालय में ही है। (घ) श्री बलवीर सिंह भदौरिया प्रभारी रा.नि. गोरमी को नायब तहसीलदार गोहद के रूप में पदस्थ किया गया था। बाद में इनको कार्य सुविधा की दृष्टि से वृत्त फूप पर पदस्थ किया गया है। इनका स्थानान्तरण नहीं किया गया है। इनकी मूल पदस्थापना भू-अभिलेख भिण्ड में ही है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

मौजा खुथी (राजेन्द्र नगर) में दर्ज आबादी

[राजस्व]

8. ( *क्र. 1760 ) श्रीमती ऊषा चौधरी : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या सतना जिले की तहसील रघुराजनगर अंतर्गत मौजा खुथी (राजेन्द्र नगर) राजस्व निरीक्षक मण्‍डल सतना प्रथम की आराजी न. 59/1 में अर्सा पूर्व से बस्ती बसी है? यदि हाँ, तो राजस्व रिकॉर्ड में क्या आबादी दर्ज है या नहीं बताएं? (ख) प्रश्नांश (क) यदि हाँ, तो क्या बस्ती की आबादी के विक्रय-पत्र खाली भू-खण्‍ड दर्शाकर कराए गए हैं? यदि हाँ, तो किस नियम के तहत विवरण सहित बताएं? (ग) प्रश्‍नांश (ख) अनुसार यदि विक्रय-पत्र निष्पादित हुए हैं तो किन-किन नियमों का उल्लंघन करते हुए यह कृत्य किया गया है? इसमें कौन-कौन दोषी हैं, दोषियों के विरुद्ध कार्यवाही की गई या नहीं? (घ) मौजा खुथी (राजेन्द्र नगर) की आराजी न. 59/1 वर्ष 1924 से 1958-59 के बाद कब-कब किसके नाम दर्ज हुई? आराजी किस प्रावधान अनुसार बंटन हुई? क्या पूर्व से बसे व्यक्तियों का कब्ज़ा अनुसार डायवर्सन है या नहीं? यदि है तो भूमि स्वामी सुधार क्यों नहीं हुआ? उक्त आराजी में बसी आबादी नगर निगम का वार्ड कब से निर्मित है व कितने मकान न. आवंटित हैं तथा क्‍या शासकीय राशि से निर्माण कार्य भी हुए हैं? यदि हाँ, तो कब-कब क्या-क्या निर्माण कार्य हुए हैं?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) जी हाँ। मौजा खुथी की प्रश्नाधीन भूमि में काफी समय से बस्ती बसी है, किन्तु राजस्व रिकॉर्ड अनुसार आबादी के रूप में दर्ज नहीं है। (ख) उत्तरांश (क) अनुसार आराजी नं. 59/1 में म.प्र. शासन आबादी की भूमि नहीं है। उक्त भूमि स्वामी के नाम से है, उक्त भूमि में अधिकांशतः मकान दर्शाये जाकर विक्रय एवं पंजीयन कराये गये हैं। पंजीयन अधिनियम 1908 की धारा 34, 35, 58, 59, 60 के अंतर्गत दस्तावेजों का पंजीयन किया जाता है। (ग) जिला पंजीयक सतना द्वारा दी गई जानकारी अनुसार विक्रय पत्रों के निष्पादन में किसी नियम का उल्लंघन नहीं किया गया है। अतः किसी के विरूद्ध कार्यवाही किये जाने का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है।

परिशिष्ट - ''दो''

गुना जिले में परिवहन कर/राजस्‍व कर की वसूली

[परिवहन]

9. ( *क्र. 1521 ) श्रीमती ममता मीना : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) गुना जिले में वर्ष 2013-14 से प्रश्न दिनांक तक कौन-कौन से परिवहन अधिकारी नियुक्त रहे? क्या परिवहन वसूली का उत्तरदायित्व इनको था? यदि हाँ, तो वर्षवार परिवहन कर की वसूली की दिन प्रतिदिन कमी के कारण क्या हैं, कौन जिम्मेदार है? (ख) क्‍या परिवहन विभाग के कार्यों की वर्ष 2013 से प्रश्न दिनांक तक विभाग किसी सक्षम अधिकारी से जाँच कराकर कार्यवाही करेगा? यदि हाँ, तो कब तक। (ग) क्या प्रश्नांश (क) (ख) में वर्णित तथ्यों के अनुसार यदि‍ विभाग की योजनाओं में परिवर्तन या परिवहन कर की औसत वृद्धि अनुसार कर वसूली में कमी के लिए अधिकारी उत्तरदायी हैं तो उन पर कार्यवाही कब तक होगी? (घ) प्रश्नांश (क) एवं (ग) में वर्णित तथ्यों की समीक्षा में यदि कोई दोषी है तो क्या विभाग परिवहन नीति में परिवर्तन करेगा या परिवहन अधिकारी को हटायेगा और कार्यवाही करेगा?

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) गुना जिले में पदस्‍थ अधिकारी का नाम, पदनाम एवं अवधि की जानकारी निम्‍नानुसार है :-

क्र.

पदस्‍थ अधिकारी का नाम एवं पदनाम

अवधि

1.

श्री एस.एल. बरेलिया, जिला परिवहन अधिकारी

02.06.2012 से 27.11.2014

2.

श्रीमती मधु सिंह, जिला परिवहन अधिकारी

28.11.2014 से 16.12.2015

3.

श्री विक्रमजीत सिंह कंग, जिला परिवहन अधिकारी

17.12.2015 से 28.08.2016

4.

श्री कालीचरण अग्निहोत्री, प्रभारी जिला परिवहन अधिकारी

29.08.2016 से 26.09.2016

5.

श्री विवेक दांते, प्रभारी जिला परिवहन अधिकारी

27.09.2016 से आज दिनांक तक

जी हाँ, वर्षवार परिवहन कर/राजस्‍व की वसूली का विवरण निम्‍नानुसार है :-

(राशि करोड़ों में)

क्र.

वित्‍तीय वर्ष

प्राप्‍त परिवहन कर/राजस्‍व

1.

2013-14

16.92

2.

2014-15

17.56

3.

2015-16

16.73

4.

2016-17

19.06

5.

2017-18
(01.04.2017
से 30.06.2017

प्रश्‍न दिनांक तक)

7.13

 

जी नहीं, यह कहना सही नहीं है कि उल्लेखित अवधि में परिवहन कर/राजस्व की वसूली में दिन प्रतिदिन कमी हुई है। प्रथम तिमाही में गत वर्ष की इसी अवधि की तुलना में गुना जिले का वृद्धि का प्रतिशत 60 है। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता हैं। (ख) से (घ) जी नहीं, शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

पॉलीटेक्‍नि‍क पवई को उपलब्‍ध बजट राशि

[तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास]

10. ( *क्र. 2439 ) श्री मुकेश नायक : क्या राज्‍यमंत्री, तकनीकी शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या कार्यालय प्राचार्य शासकीय पॉलीटेक्‍नि‍क पवई जिला पन्‍ना का पत्र क्रमांक भवन/2017/190, दिनांक 06.06.2017 संचालक तकनीकी शिक्षा को प्राप्‍त हुआ था? यदि हाँ, तो इस पर क्‍या कार्यवाही की गई? तिथिवार ब्‍यौरा दें और कब-तक वांछित चाही गई राशि जारी हो जायेगी। (ख) क्‍या इस्‍टीमेट और डी.पी.आर. में बाह्य विद्युतीकरण हेतु राशि का प्रावधान नहीं रखा गया था? यदि हाँ, तो ऐसी गलती किस प्राधिकारी ने की, उसका नाम पद बतायें। (ग) क्‍या भवन हेतु जब डी.पी.आर इस्‍टीमेट बनाये जाते हैं तो बाह्य विद्युतीकरण हेतु आवश्‍यक राशि का प्रावधान किया जाता है? यदि हाँ, तो इस मामले में यह लापरवाही क्‍यों की गई। (घ) विभाग में आज की स्थिति में कितना फंड किस-किस मद में इस वित्‍तीय वर्ष हेतु उपलब्‍ध है, शीर्ष सहित राशि बतायें और चाही गई राशि किस मद और शीर्ष से स्‍वीकृत की जायेगी? उस मद में कितना फंड उपलब्‍ध है

राज्‍यमंत्री, तकनीकी शिक्षा ( श्री दीपक जोशी ) : (क) जी हाँ। प्रकरण में पुनरीक्षित प्राक्‍कलन भेजे जाने हेतु दिनांक 07.07.2017 को पत्र जारी किया गया है। प्रकरण में कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। (ख) जी नहीं। प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) जी हाँ। उत्‍तरांश (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है।

सांवेर रोड स्थित जेल के निर्माण कार्य को पुन: प्रारंभ किया जाना

[जेल]

11. ( *क्र. 2041 ) श्री राजेश सोनकर : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) परि. अता. प्रश्न क्र. 472, दिनांक 22.07.2015 में सांवेर रोड पर वर्षों से निर्माणाधीन जेल के लिए क्या भारत शासन द्वारा राशि पूर्ति के लिए राज्य स्‍तर पर व्‍यवस्‍था कर जेल निर्माण किये जाने हेतु कहा गया था, तो क्‍या शासन स्तर पर जेल निर्माण हेतु पी.आई.यू. इन्दौर से कोई प्राक्कलन भेजा गया था? यदि हाँ, तो उस पर क्या कार्यवाही की जा रही है? (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में राज्य स्तर पर वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता कब तक कराई जायेगी? (ग) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में कब तक रूके हुए निर्माण कार्यों को वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता कराकर कार्य कब तक पूर्ण करा लिया जायेगा एवं निर्माण कार्य पुन: कब तक प्रारंभ किया जायेगा?

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) जी हाँ, पी.आई.यू., इन्‍दौर द्वारा तैयार प्राक्‍कलन पर शासन द्वारा आवश्‍यक कार्यवाही की गई है। (ख) राज्‍य के वित्‍तीय संसाधनों से वर्ष 2017-18 के बजट में राशि रूपये 30.00 करोड़ प्रावधानित किये गए हैं। (ग) निर्माण कार्य इसी वित्‍तीय वर्ष में प्रारंभ होकर आगामी 03 वर्षों में पूर्ण होना संभावित है।

तकनीकी महाविद्यालयों के शिक्षण शुल्‍क का निर्धारण

[तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास]

12. ( *क्र. 2826 ) श्री दिनेश राय (मुनमुन) : क्या राज्‍यमंत्री, तकनीकी शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जबलपुर संभाग में कितने शासकीय, अर्द्ध शासकीय, निजी इंजीनियरिंग कॉलेज हैं व कितने विगत 5 वर्षों में बंद हुए हैं? वर्षवार जानकारी देवें। (ख) प्रश्नांश (क) अंतर्गत तीनों प्रकार के कॉलेजों का प्रतिवर्ष क्‍या शिक्षण शुल्‍क है? शिक्षण शुल्‍क निर्धारण करने हेतु क्‍या-क्‍या पैरामीटर है व किस-किस श्रेणी के लिये क्‍या-क्‍या शुल्‍क फीस नियामक आयोग द्वारा तय की गई है? (ग) प्रश्नांश (ख) के संदर्भ में बतायें कि सर्वाधिक फीस लेने के लिये कौन-कौन से निजी इंजीनियरिंग कॉलेजों को शासन से अनुमति प्राप्‍त है? 25 सर्वाधिक फीस लेने वाले कॉलेजों का नाम, पता संचालकों के नाम सहित जानकारी देवें (घ) प्रश्नांश (ग) के अनुसार सर्वाधिक फीस लेने वाले 25 कॉलेजों में पढ़ाने वाले लेक्‍चर, रीडर, प्रोफेसर जो आज दिनांक तक कार्यरत हैं, मय नाम, शिक्षा व अनुबंध, उन्‍हें दी जा रही मासिक तनख्वाह, पी.एफ. कटौत्रा की जानकारी टेबल में देवें? (ड.) प्रश्नांश (ग) के संदर्भ में बतायें कि कॉलेजों में शिक्षक, विद्यार्थी का प्रतिशत क्‍या निर्धारित है? कितने विदयार्थी पर कितने शिक्षक होना चाहिए एवं इस प्रतिशत को शासन कैसे सुनिश्चित करवाता है?

राज्‍यमंत्री, तकनीकी शिक्षा ( श्री दीपक जोशी ) : (क) से (ड.) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

ग्रामों के भू-अभिलेख एवं नक्‍शों का कम्‍प्‍यूटरीकरण

[राजस्व]

13. ( *क्र. 1791 ) श्री नारायण सिंह पँवार : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या शासन द्वारा प्रदेश के सभी ग्रामों की भूमि संबंधी जानकारी को पूर्णत: कम्‍प्‍यूटरीकृत किये जाने हेतु निर्णय लिया गया था? यदि हाँ, तो शासनादेश की प्रति उपलब्‍ध करावें? (ख) प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में राजगढ़ जिले की विधानसभा क्षेत्र ब्‍यावरा के अंतर्गत कितने ग्रामों का भू-अभिलेख एवं ग्राम का नक्‍शा विभागीय साईड पर उपलब्‍ध है तथा प्रश्‍न दिनांक तक कौन-कौन से ग्रामों का भू-अभिलेख एवं नक्‍शा साईड पर किन कारणों से उपलब्‍ध नहीं है तथा ग्रामों के भू-अभिलेख एवं नक्‍शे को कम्‍प्‍यूटरीकृत करने के लिये किस एजेन्‍सी के माध्‍यम से कार्य कराया जा रहा है? अनुबंध शर्त, भुगतान की स्थिति कार्यपूर्णता प्रमाण-पत्र सहित बतावें? (ग) उपरोक्‍तानुसार क्‍या विधानसभा क्षेत्र ब्‍यावरा के अंतर्गत वर्तमान में लगभग 18 ग्रामों के नक्‍शे विभागीय साईड पर उपलब्‍ध नहीं होने से कृ‍षकों को खसरा नकल, रजिस्‍ट्री, नामांतरण, बंटवारे व अन्‍य प्रयोजन में आवश्‍यकता होने पर कोई रिकॉर्ड नहीं होने से अत्‍यधिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है? यदि हाँ, तो इसके लिये कौन दोषी है तथा क्‍या शासन दोषियों के विरूद्ध कार्यवाही करेगा? (घ) यदि हाँ, तो क्‍या तथा कब तक उक्‍त ग्रामों के भू-अभिलेख व नक्‍शों का पूर्ण विवरण कम्‍प्‍यूटरीकृत करा दिया जावेगा?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

नवीन भू-अर्जन अधिनियम के तहत मुआवजा भुगतान

[राजस्व]

14. ( *क्र. 2171 ) पं. रमेश दुबे : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रश्‍नकर्ता के प्रश्‍न क्रमांक 4601, दिनांक 06.03.2017 के उत्‍तर में यह बताया गया है कि पेंच बांध के डूब क्षेत्र ग्राम सिहोरामगढ़ का एवं केवलारीसंभा जिला छिन्‍दवाड़ा की भूमियों का अवार्ड दिनांक 20.12.2013 को पारित किया जाकर दिनांक 25.01.2014 को कमिश्‍नर जबलपुर द्वारा अनुमोदित किया गया है तथा सिहोरामगढ़ के भू-धारकों को मार्च 2014 में और केवलारीसंभा के भू-धारकों को जून 2015 में मुआवजा राशि भुगतान किया गया है? (ख) क्‍या भू-अर्जन अधिकारी द्वारा पारित उक्‍त अवार्ड बिना कमिश्‍नर के अनुमोदन के विधि सम्‍यक रूप से मान्‍य है? यदि हाँ, तो कमिश्‍नर से अनुमोदन का क्‍या औचित्‍य है? (ग) यदि नहीं, तो क्‍या शासन यह मानता है कि कमिश्‍नर द्वारा अनुमोदन दिनांक 25.01.2014 के पश्‍चात् ही भू-अर्जन अधिकारी द्वारा उक्‍त ग्रामों का पारित अवार्ड विधि सम्‍यक रूप से मान्‍य हुआ और उसके पश्‍चात् ही भू-अर्जन की कार्यवाही पूर्ण होकर मुआवजा राशि का भुगतान विधि अनुकूल किया गया? (घ) क्‍या शासन उक्‍त दोनों ग्रामों की भूमियों का नई भू-अर्जन नीति जो दिनांक 01.01.2014 से प्रभावाशील हुई, के पश्‍चात् उक्‍त दोनों ग्रामों की भू-अर्जन अवार्ड अनुमोदन होने के कारण अनुमोदन दिनांक 25.01.2014 से अर्थात नयी भू-अर्जन नीति प्रभावशील होने के पश्‍चात् भू-अर्जन की कार्यवाही पूर्ण होना मानकर उक्‍त दोनों ग्रामों का नये सिरे से वर्तमान दर पर अवार्ड पारित कर भू-धारकों को भुगतान करने का आदेश देगा? यदि नहीं, तो क्‍यों?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) जी हाँ। (ख) ग्राम सिहोरामगढ़ के अवार्ड को दिनांक 25.1.2014 को एवं ग्राम केवलारी के पारित अवार्ड को दिनांक 7.1.2014 को कमिश्‍नर जबलपुर द्वारा अनुमोदित किया गया है। जो विधि सम्‍यक है। राज्‍य शासन द्वारा प्रशासनिक अधिकारों एवं विधिसम्‍यक प्रक्रियाओं के अंतर्गत प्रदत्‍त प्राधिकार के अंतर्गत साधारण मामलों में रूपये एक करोड़ से अधिक तथा परियोजनाओं के मामले में पाँच करोड़ से अधिक के अवार्ड का अनुमोदन करने हेतु अधिकार संभागीय आयुक्‍त को प्रत्‍यायोजित किये गये हैं। वृहद परियोजनाओं के मामले में 05 करोड़ से अधिक राशि का अवार्ड होने के कारण कमिश्‍नर जबलपुर से अनुमोदन कराया गया है। (ग) जी हाँ। उत्‍तरांश (ख) अनुसार यह निर्धारित विधिक प्रक्रिया है। (घ) जी नहीं भू-अर्जन अधिनियम 1894 के अंतर्गत किया गया है। जिसका अवार्ड भी उसी पुराने अधिनियम के अंतर्गत पारित किया गया है। अत: नये सिरे से भू-अर्जन की कार्यवाही अथवा अवार्ड पारित करने का प्रश्‍न उद्भूत नहीं होता।

परियट नदी के संरक्षण हेतु कार्यवाही

[पर्यावरण]

15. ( *क्र. 222 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या पशुपालन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या आर्डि‍नेंस फैक्‍ट्री, डेयरी एवं गांव के नाली नालों का गंदा पानी पनागर विधान सभा क्षेत्र की परियट नदी में जा रहा है? (ख) क्या परियट नदी का पानी पूर्णत: दूषित हो चुका है, जिसके कारण जलीय जीव जंतुओं के जीवन को खतरा पैदा हो गया है? (ग) क्या शासन द्वारा परियट नदी के संरक्षण के लिये कोई प्रयास नहीं किये जा रहे हैं? (घ) क्या परियट नदी के संरक्षण हेतु कार्यवाही की जावेगी? यदि हाँ, तो कब तक? नहीं तो क्यों?

पशुपालन मंत्री ( श्री अंतर सिंह आर्य ) : (क) आर्डिनेंस फैक्ट्री से दूषित जल का निस्सारण परियट नदी में नहीं होता है, किन्तु ग्राम-इमलिया, परियट, कंदराखेड़ा एवं खैरी स्थित डेयरियों का दूषित जल परियट नदी में मिलता है। जबलपुर के राँझी क्षेत्र का घरेलू दूषित जल नाले के माध्यम से परियट नदी में मिलता है, परन्तु परियट नदी के आसपास स्थित गांव मटामर, महगवा एवं इमलिया का घरेलू दूषित जल परियट नदी में नहीं मिलता है। (ख) जी हाँ। (ग) एवं (घ) माननीय मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय जबलपुर द्वारा जनहित याचिका क्रमांक 1219/1998 (नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शन मंच विरूद्ध म.प्र. शासन) में दिनांक 15.02.2017 को पारित आदेशानुसार डेयरियों में उपचार संयंत्र कार्यरत् करने के लिए 06 माह का समय दिया गया है तथा दूषित जल का निस्त्राव परियट नदी में रोकने हेतु बोर्ड द्वारा परियट नदी में दूषित जल का निस्सारण रोकने एवं दूषित जल का उपचार करने हेतु जल (प्रदूषण निवारण तथा नियंत्रण) अधिनियम 1974 के प्रावधान अन्तर्गत डेयरियों को नोटिस/निर्देश जारी किये गये हैं।

आग से हुई क्षति पर मुआवजा

[राजस्व]

16. ( *क्र. 2230 ) श्री रजनीश सिंह : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला सिवनी अंतर्गत विधानसभा क्षेत्र केवलारी में वर्ष 2014-15 से प्रश्‍न दिनांक तक आग लग जाने से कितनी क्षति हुई है? आग लगने के कारण हुई क्षति से कितनी हेक्‍टयर कृषि भूमि एवं कितने घर जलकर नष्‍ट हुये? विवरण विकासखण्‍डवार अलग-अलग देवें (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार उक्‍त पीड़ित परिवारों को कितनी-कितनी क्षति पूर्ति का आंकलन कर कितने पीड़ित परिवारों को कितना-कितना मुआवजा प्रदान किया गया? (ग) क्‍या विधानसभा क्षेत्र केवलारी अंतर्गत ग्राम झितर्रा, कोहका, सोनखार, छपारा में घर में आग लग जाने से एवं ग्राम लोपा, पांजरा, झगरा, अलौनीखापा, छपारा में माह अप्रैल-मई कृषकों की खड़ी फसल में आग लग जाने से हुई क्षति की मुआवजा राशि कृषकों एवं पीड़‍ित परिवारों को दे दी गई है? यदि हाँ, तो कितनी राशि पीड़‍ित परिवारों को दी गई है? नाम सहित बतावें?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) सिवनी जिले के अंतर्गत विधानसभा क्षेत्र केवलारी में वर्ष 2014- 2015 से प्रश्‍न दिनांक तक आग लग जाने से फसल नष्‍ट होने पर कुल 166 पीड़ि‍तों को राशि रूपये 18,75,359/- एवं घर जल कर नष्‍ट होने पर 53 पीड़ि‍तों को राशि 8,76,700/- की सहायता राशि स्‍वीकृत की गई है तथा आग लगने के कारण हुई क्षति संबंधी विकासखण्‍डवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र "क" अनुसार है। (ख) प्रश्‍नांश (क) के अनुसार उक्‍त पीड़ि‍त परिवारों में 166 के फसल क्षति होने पर एवं 53 के मकानों में आग से क्षति होने के कारण पीड़ि‍त परिवारों को क्रमश: राशि रू. 18,75,359/- एवं राशि रू. 8,62,500/- कुल राशि रूपये 27,52,059/- की राहत राशि प्रदान की गई है। (ग) विधानसभा क्षेत्र केवलारी अंतर्गत ग्राम झितर्रा में घर में आग लग जाने से कुल 4 पीड़ि‍त व्‍यक्तियों को कुल राशि रू. 4,07,600/- की राहत राशि राजस्‍व पुस्‍तक परिपत्र 6-4 के प्रावधानों के तहत वितरित की जा चुकी है। शेष ग्राम सोनखार एवं छपारा में घर में आग लगने से कोई क्षति नहीं हुई है। ग्राम कोहका में विद्युत शार्ट से मकान (श्री राजेन्‍द्र सिंह आ. कन्‍हैया सिंह) में आग लग जाने से आर.बी.सी. 6-4 में राहत राशि प्रदान किये जाने का प्रावधान नहीं होने से आर्थिक सहायता प्रदाय नहीं की जा सकी है। पीड़ि‍त व्‍यक्तियों की सूची पृथक से पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र "ख" अनुसार है। माह अप्रैल-मई 2017 में कृषकों की खड़ी फसल में आग लग जाने से हुई क्षति अनुसार ग्राम लोपा में कुल 20 पीड़ि‍त कृषकों को राशि रू. 3,58,620/- ग्राम झगरा में कुल 12 कृषकों को राशि रू. 1,38,400/- ग्राम छपारा में कुल 08 कृषकों को राशि रू. 1,57,300/- का भुगतान किया गया। ग्राम अलौनीखापा में कुल 01 पीड़ि‍त कृषक (श्री शेख आमिद आ. शेख मोहम्‍मद) को कुल राशि रू. 10,000/- की क्षति का भुगतान किया जा चुका है। ग्राम पांजरा में खड़ी फसल में आग लग जाने से कोई क्षति नहीं हुई है। इस प्रकार अप्रैल-मई 2017 में कुल 41 पीड़ि‍त कृषकों को राशि रू. 6,64,320/- का भुगतान किया गया। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र "ग" अनुसार है।

गाडरवारा विधान सभा क्षेत्रांतर्गत संचालित पेयजल योजनाएं

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

17. ( *क्र. 2306 ) श्री गोविन्‍द सिंह पटेल : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) गाडरवारा विधान सभा क्षेत्र अंतर्गत प्रत्‍येक गांव में पेयजल की समुचित व्‍यवस्‍था हो, सबको पानी मिले, इसके लिये शासन की क्‍या योजना है? (ख) गाडरवारा विधान सभा क्षेत्र में वर्तमान में किन-किन गांवों में पेयजल योजनाएं संचालित हैं तथा जहां पर योजना संचालित नहीं है, वहां पर योजना संचालित किये जाने हेतु क्‍या शासन स्‍तर पर कोई प्रस्‍ताव लंबित है? यदि हाँ, तो लंबित प्रस्ताव को कब तक स्‍वीकृत कर पेयजल की व्‍यवस्‍था की जावेगी? (ग) गाडरवारा क्षेत्र के दूर-दराज के ऐसे ग्राम जो जंगली एरिया में स्‍थापित हैं वहां पर पेयजल की समुचित व्‍यवस्‍था के लिये शासन की क्‍या योजना है?

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) ग्रामों में पेयजल व्यवस्था हेतु हैण्डपंपों के माध्यम से 55 लीटर प्रति व्यक्ति प्रतिदिन एवं नल-जल योजना के माध्यम से 70 लीटर प्रति व्यक्ति प्रतिदिन के मान से पेयजल उपलब्ध कराने की योजना है। (ख) 89 ग्रामों में नल-जल योजना संचालित है। शेष जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। नल-जल योजना स्वीकृति का कोई प्रस्ताव लंबित नहीं है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) आंशिक पूर्ण श्रेणी की बसाहटों में निर्धारित मापदण्ड 55 लीटर प्रति व्यक्ति प्रतिदिन के मान से पेयजल उपलब्ध करवाने हेतु नलकूप खनन कर हैण्डपंप स्थापना की योजना है।

परिशिष्ट - ''तीन''

कृषि भूमि का समय-सीमा में सीमांकन

[राजस्व]

18. ( *क्र. 2943 ) श्री कमलेश शाह : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) राजस्‍व निरीक्षक वृत-1 नागदा में 1 जनवरी, 2015 से 30 जून, 2017 तक कितनी कृषि भूमि के सीमांकन, नामांतरण, बंटवारे के आवेदन नागदा तहसील में प्राप्‍त हुए? दिनांकवार पृथक-पृथक विवरण दें। (ख) प्राप्‍त आवेदनों में से कितनी भूमि का सीमांकन (नपती) किस दिनांक को किया गया? सीमांकन प्रतिवेदन तहसील में किस दिनांक को जमा किए गए तथा कितनी भूमि का सीमांकन शेष है? कारण सहित पृथक-पृथक विवरण दें। (ग) क्‍या सीमांकन प्रतिवेदन में पटवारियों द्वारा स्‍पष्‍ट न लिखते हुए गोलमाल लिखा गया है? (घ) प्राप्‍त आवेदनों में से कितने प्रकरणों का बंटवारा स्‍वीकृत हुआ तथा राजस्‍व रिकॉर्ड में अमल दरामत हुआ है? पटवारी ने कितने प्रकरण में बंटवारा फर्द बनाकर पेश की? दिनांकवार विवरण दें तथा कितने प्रकरण अभी लंबित हैं? कारण सहित विवरण दें।

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) राजस्‍व निरीक्षक वृत्‍त 01 नागदा में 1 जनवरी, 2015 से 30 जून, 2017 तक कृषि भूमि के सीमांकन, नामांतरण, बंटवारा के नागदा तहसील में निम्‍नानुसार आवेदन प्राप्‍त हुए है :-

क्र.

अवधि

नामांतरण

बंटवारा

सीमांकन

1.

जनवरी 2015 से 30.09.15 तक

94

61

90

2.

01.10.2015 से 30.9.2016 तक

64

61

75

3.

01.10.2016 से 30.9.2017 तक

134

123

160

 

आवेदन प्राप्ति की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) प्रश्‍नांश (क) के परिशिष्‍ट अनुसार है। (ग) जी नहीं। (घ) कुल 231 प्रकरणों का निराकरण किया गया। 123 प्रकरणों में अमल किया गया है। शेष दिनांक 01.07.2017 की स्थिति में 99 प्रकरण लंबित हैं। माह सितंबर 2016 से वेब जी.आई.एस. सॉफ्टवेयर से अमल दरामद शेष है।

तहसील मुख्‍यालय जीरापुर में शासकीय आई.टी.आई. की स्‍थापना

[तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास]

19. ( *क्र. 1012 ) कुँवर हजारीलाल दांगी : क्या राज्‍यमंत्री, तकनीकी शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या माननीय मुख्‍यमंत्री महोदय मध्‍यप्रदेश शासन के विजन 2018 में प्रदेश के सभी विकासखण्‍ड़ों में अनिवार्य रूप से शासकीय आई.टी.आई. प्रारंभ करने का निर्णय लिया गया है? (ख) प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्य में क्‍या कलेक्‍टर राजगढ़ द्वारा दिनांक 27.12.2010 को आई.टी.आई. जीरापुर हेतु भवन निर्माण के लिये शासकीय भूमि सर्वे क्रमांक 1521/2 रकबा 1.902 हेक्‍टेयर भूमि में से तीन एकड़ भूमि सुरक्षित कर विभाग के आधिपत्‍य में सौंपी जा चुकी है तथा क्‍या जीरापुर में स‍ंचालित प्रायवेट आई.टी.आई. का शुल्‍क शासकीय आई.टी.आई. की तुलना में चार गुना अधिक होने से क्षेत्र के गरीब एवं मध्‍यम वर्गीय परिवारों के छात्र-छात्राएं तकनीकी शिक्षा से वंचित रह जाते हैं? यदि हाँ, तो क्‍या शासन जीरापुर में माननीय मुख्‍यमंत्री जी के विजन 2018 के निर्णय अनुसार शासकीय आई.टी.आई. प्रारंभ करेगा? यदि हाँ, तो कब तक। यदि नहीं, तो क्‍यों?

राज्‍यमंत्री, तकनीकी शिक्षा ( श्री दीपक जोशी ) : (क) जी नहीं। (ख) जी नहीं। राजगढ़ जिले में 05 शासकीय आई.टी.आई. संचालित हैं, जिनमें जीरापुर के पात्र आवेदक प्रवेश प्राप्‍त कर सकते हैं। वर्तमान में जीरापुर में शासकीय आई.टी.आई. खोलने की योजना नहीं है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

सिहोरा विकासखण्‍ड में आई.टी.आई. की स्‍थापना

[तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास]

20. ( *क्र. 1426 ) श्रीमती नंदनी मरावी : क्या राज्‍यमंत्री, तकनीकी शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या सिहोरा विकासखण्‍ड मुख्‍यालय में आई.टी.आई. खोले जाने के संबंध में प्रश्‍नकर्ता के पत्र पर मंत्री जी द्वारा पत्र क्र. 9650, दिनांक 04.8.2016 के माध्‍यम से संचालक कौशल विकास भोपाल को निर्देश दिये गये थे? (ख) क्‍या सिहोरा विकासखण्‍ड कृषि आधारित विकासखण्‍ड है तथा यहां के बच्‍चे निजी आई.टी.आई. में अध्‍ययन करने में सक्षम नहीं हैं? क्‍या सिहोरा में निजी आई.टी.आई. का उल्‍लेख करते हुये शासकीय आई.टी.आई. अभी तक आरंभ नहीं की गई, जिससे अनेकों छात्र तकनीकी शिक्षा से वंचित रह जाते हैं। (ग) यदि हाँ, तो कब तक शासकीय आई.टी.आई. आरंभ कर दी जायेगी?

राज्‍यमंत्री, तकनीकी शिक्षा ( श्री दीपक जोशी ) : (क) जी हाँ। (ख) विभाग की नीति में प्रत्‍येक विकासखण्‍ड में 01 शासकीय अथवा प्रायवेट आई.टी.आई. खोलने की योजना है। जबलपुर जिले में 07 विकासखण्‍ड हैं, जिनमें 06 शासकीय तथा 32 प्रायवेट आई.टी.आई. संचालित हैं। वर्तमान में सीहोरा विकासखण्‍ड में शासकीय आई.टी.आई. खोलने की योजना नहीं है। (ग) प्रश्नांश (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

मुख्‍यमंत्री नल-जल योजना का क्रियान्‍वयन

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

21. ( *क्र. 1921 ) श्री नागर सिंह चौहान : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) वर्ष 2008 से 2017 तक अलीराजपुर जिले में किन-किन ग्रामों में मुख्‍यमंत्री नल-जल योजना की प्रशासकीय स्‍वीकृति की गई है? (ख) क्‍या जिन ग्रामों में मुख्‍यमंत्री नल-जल योजना स्‍वीकृत की गई, उन ग्रामों में ग्रामीणों को पानी उपलब्‍ध हो रहा है? यदि हाँ, तो ग्रामों के नाम बतावें? यदि नहीं, तो क्‍यों? (ग) जिन ग्रामों में निर्माण कार्य अधूरे हैं, उनकी सूची उपलब्‍ध करावें? साथ ही कार्य पूर्ण नहीं होने का कारण बतावें। (घ) अधूरे कार्य कब तक पूर्ण होंगे? समय-सीमा बतावें।

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) 51 योजनाएं स्वीकृत की गईं, जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) किसी भी मुख्यमंत्री नल-जल योजनाओं के कार्य अधूरे नहीं है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) उत्तरांश (ग) अनुसार प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - ''चार''

राजनगर क्षेत्र में राशन की आपूर्ति

[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्‍ता संरक्षण]

22. ( *क्र. 2256 ) कुँवर विक्रम सिंह : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या विधान सभा परि. अतारांकित प्रश्‍न क्र. 2336, दिनांक 27.2.2017 के परिशिष्‍ट (ब) एवं (स) में पाई गई अनियमितताओं का उल्‍लेख किया गया? (ख) क्‍या कनिष्‍ठ आपूर्ति अधिकारी प्रतिमाह निरीक्षण करते हैं और निरीक्षण प्रतिवेदनों को बदल कर अनियमितता करते हैं? क्‍या मिट्टी का तेल प्रतिमाह लोगों को नहीं मिलने के संबंध में राजनगर क्षेत्र के ग्रामीण जन आये दिन शिकायतें करते हैं? (ग) क्‍या कनिष्‍ठ आपूर्ति अधिकारी जिला आपूर्ति अधिकारी छतरपुर से सांठ-गांठ करके क्षेत्र में की जा रही अनियमितताओं का पंचनामा लिखवाकर समाप्‍त कराते हैं? यदि नहीं, तो राजनगर क्षेत्र के विधान सभा क्षेत्र में ग्रामीणजन अपने हक के लिए क्‍यों परेशान हैं एवं उनको प्रतिमाह राशन पूर्ण रूप से क्‍यों नहीं मिलता और न ही मिट्टी का तेल एवं शक्‍कर मिलती है?

खाद्य मंत्री ( श्री ओम प्रकाश धुर्वे ) : (क) प्रश्‍नांश में उल्‍लेखित प्रश्‍न के परिशिष्ट '' में निरीक्षण में पाई गई अनियमितताओं एवं परिशिष्ट '' में प्रस्‍तावित भ्रमण कार्यक्रम की जानकारी का उल्‍लेख किया गया था। (ख) कनिष्‍ठ आपूर्ति अधिकारी द्वारा सामान्‍यत: प्रतिमाह निरीक्षण किया जाता है, किन्‍तु निरीक्षण प्रतिवेदनों को बदल कर अनियमितता करने संबंधी तथ्य प्रकाश में नहीं आया है। राजनगर क्षेत्रांतर्गत केरोसीन संबंधी शिकायतें आये दिन प्राप्‍त नहीं होती हैं, अपितु यदा कदा केरोसीन संबंधी कोई शिकायत प्राप्त होती है, जिसका त्वरित निराकरण किया जाता है। (ग) जी नहीं, राजनगर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत निर्धारित पात्रता अनुसार पात्र परिवारों को केरोसीन एवं शक्‍कर का आवंटन प्रतिमाह उपलब्ध कराया गया है। भारत शासन से पात्र परिवारों हेतु सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत शक्कर की सब्सिडी प्राप्‍त न होने से वर्तमान में शक्‍कर का आवंटन प्रदेश में माह मई 2017 से नहीं दिया जा रहा है। उचित मूल्य दुकानों की जाँच उपरांत पाई गई अनियमितताओं के संबंध में संबंधितों के विरूद्ध प्रकरण नियमानुसार पंजीबद्ध करते हुये वैधानिक कार्यवाही की जाती है, अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

तहसील इटारसी अंतर्गत नामांतरण के लंबित प्रकरण

[राजस्व]

23. ( *क्र. 1249 ) चौधरी मुकेश सिंह चतुर्वेदी : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला होशंगाबाद तहसील इटारसी के अंतर्गत नामांतरण के कितने प्रकरण लंबित हैं? अद्यतन स्थिति बताएं। (ख) क्‍या ग्राम पीपलढाना तहसील इटारसी में स्थित कृषि भूमि खसरा नं. 381/1, 381/2 एवं खसरा नं. 409 जुमला रकबा 2.257 हेक्‍टेयर मध्‍यप्रदेश शासन के नाम राजस्‍व अभिलेख में दर्ज करने हेतु दिनांक 21.03.2017 को नायब तहसीलदार इटारसी ने निर्णय दिया है? (ग) प्रश्‍नांश (ख) के प्रकाश में क्‍या आदेश का पालन हो चुका है? यदि नहीं, तो क्‍यों? (घ) क्‍या प्रश्‍नाधीन भूमि पर अभी भी किन्‍हीं व्‍यक्तियों का कब्‍जा है? यदि हाँ, तो इस पर क्‍या त्‍वरित कार्यवाही की गई है? कब तक राजस्‍व अभिलेख में म.प्र. शासन अंकित कर दिया जायेगा?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

कौशल विकास संचालनालय में पदस्‍थ अमला

[तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास]

24. ( *क्र. 1982 ) श्री तरूण भनोत : क्या राज्‍यमंत्री, तकनीकी शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या कौशल विकास संचालनालय का कार्यालय जबलपुर में है? यदि हाँ, तो संचालनालय, जबलपुर में पदस्‍थ अधिकारियों/कर्मचारियों के नाम एवं पद बतावें? जानकारी वर्ष 2013 से प्रश्‍न दिनांक तक देवें। (ख) क्‍या उक्‍त अधिकारी/कर्मचारी जबलपुर में रहकर कार्य करने के बजाय भोपाल में अपनी सुविधा के अनुसार कार्यालयों में बैठकर कार्य कर रहे हैं? क्‍या इस हेतु शासन के आदेश हैं? यदि हाँ, तो आदेश की प्रति उपलब्‍ध करायी जावे? यदि नहीं, है तो संबंधितों पर शासन क्‍या कार्यवाही करेगा? (ग) वर्णित (क) में उल्‍लेखित वर्ष 2013 से प्रश्‍न दिनांक तक भोपाल जबलपुर एवं जबलपुर से भोपाल के दौरान आने जाने वाले अधिकारियों/कर्मचारियों पर किये गये यात्रा का ब्‍यौरा, व्‍यय की गई राशि का विवरण नाम पद सहित दी जावे? (घ) क्‍या संचालनालय के समस्‍त स्‍वीकृत पद भर गये हैं? यदि नहीं, तो क्‍यों? क्‍या एम.पी.एस.एस.डी.एम. का कार्यालय भोपाल में है? यदि हाँ, तो पदस्‍थ संलग्‍न किये गये अधिकारियों/कर्मचारियों के आदेश की प्रति उपलब्‍ध करावें? क्‍या शासन द्वारा संलग्‍नीकरण समाप्‍त किया गया? यदि हाँ, तो पदस्‍थ करने वाले अधिकारियों पर शासन क्‍या कार्यवाही करेगा?

राज्‍यमंत्री, तकनीकी शिक्षा ( श्री दीपक जोशी ) : (क) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) जी नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (घ) जी नहीं। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है। जी हाँ। एम.पी.एस.एस.डी.एम. कार्यालय भोपाल में है। कार्यरत एवं संलग्‍न किये अधिकारियों/कर्मचारियों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-4 एवं 5 अनुसार है। जी हाँ। एम.पी.एस.एस.डी.एम. द्वारा आई.टी.आई. की सेमेस्‍टर परीक्षा ऑनलाईन, एप्रेन्टिसशिप ट्रेनिंग का क्रियान्‍वयन एवं मॉनिटरिंग, प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना, मुख्‍यमंत्री कौशल संवर्धन योजना, मुख्‍यमंत्री कौशल्‍या योजना, पी.पी.पी. मोड की संस्‍थाओं की मॉनिटरिंग, कौशल के क्षेत्रों में संलग्‍न म.प्र. शासन के अन्‍य विभागों के साथ समन्‍वय, स्किल के क्षेत्र में सेमीनार वर्कशॉप समिट का आयोजन इत्‍यादि कार्य किये जा रहे हैं, इसीलिये उक्‍त कार्यों के क्रियान्‍वयन एवं मॉनि‍टरिंग के लिये अन्‍य संस्‍थाओं से अधिकारियों/कर्मचारियों को एम.पी.एस.एस.डी.एम. कार्यालय में कार्य करने के लिये बुलाया गया है। अत: कार्यवाही करने का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

जेलों की सुरक्षा व्‍यवस्‍था हेतु आवंटित बजट

[जेल]

25. ( *क्र. 1410 ) श्री शैलेन्‍द्र पटेल : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या प्रदेश की जेलों की सुरक्षा व्‍यवस्‍था ठीक करने के लिए मुख्‍यमंत्री की अध्‍यक्षता में माह दिसम्‍बर 2016 में कोई बैठक आयोजित हुई थी? यदि हाँ, तो उक्‍त बैठक में क्‍या-क्‍या निर्णय लिए गए थे? ब्‍यौरा दें (ख) क्‍या मुख्‍यमंत्री के आदेशानुसार केन्‍द्रीय जेलों में जैमर और सी.सी.टी.वी. कैमेरा लगाने सहित प्रहरियों को अत्‍याधुनिक शस्‍त्रों से लैस करने का भी निर्णय लिया गया था? यदि हाँ, तो उक्‍त कार्य हेतु कितना बजट का प्रावधान किया गया है? (ग) क्‍या प्रश्‍नांश (ख) अनुसार प्रदेश की सभी केन्‍द्रीय जेलों में सुरक्षा व्‍यवस्‍था कर दी गई है? यदि हाँ, तो केन्‍द्रीय जेलवार ब्‍यौरा दें? यदि नहीं, तो क्‍यों एवं कब तक किए जाने की योजना है? (घ) क्‍या प्रश्नांश (क) अनुसार व्‍यवस्‍थाओं हेतु वित्‍त विभाग ने बजट नहीं दिया है? यदि हाँ, तो ब्‍यौरा दें क्‍या वित्‍त विभाग ने चालू वर्ष में जेलों के बजट में कटौती की है? यदि हाँ, तो कितनी? बजट कटौती के कारणों का ब्‍यौरा दें।

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) जी हाँ, दिनांक 19.12.2016 को माननीय मुख्‍यमंत्री की अध्‍यक्षता में बैठक आयोजित की गई थी। बैठक में लिये गए निर्णयों का ब्‍यौरा पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ख) जी हाँ, सुरक्षा उपकरण एवं सुरक्षा संबंधी निर्माण कार्यों हेतु वर्ष 2016-17 में राशि रूपये 2054.70 लाख का बजट प्रावधान किया गया था। (ग) प्रदेश की सभी केन्‍द्रीय जेलों में सुरक्षा व्‍यवस्‍था संबंधी कार्य प्रगति पर है। केन्‍द्रीय जेलवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। (घ) वर्ष 2017-18 में इन्‍दौर में नवीन केन्‍द्रीय जेल निर्माण हेतु राशि रूपये 30.00 करोड़, बुरहानपुर में नवीन जेल निर्माण हेतु राशि रूपये 9.00 करोड़ एवं वर्तमान जेल भवनों में रिजर्व गार्ड रूम, सी.सी.टी.व्‍ही. कंट्रोल रूम, बैरक निर्माण, आब्‍जर्वेशन टावर एवं जेलों की बाउंड्रीवाल निर्माण हेतु राशि रूपये 20.00 करोड़ का प्रावधान लोक निर्माण विभाग बजट में रखा गया है। इसी तरह शस्‍त्र गोला बारूद के लिए राशि रूपये 10.00 लाख जेल बजट में प्रावधानित है। आवश्‍यकता पड़ने पर अनुपूरक बजट में अतिरिक्‍त मांग की जाएगी।

 

 



भाग-2

नियम 46 (2) के अंतर्गत अतारांकित प्रश्नोत्तर के रुप में

परिवर्तित तारांकित प्रश्नोत्तर


बालाघाट जिले में फटाखा फैक्‍ट्री में हुये विस्‍फोट की जाँच/कार्यवाही

[गृह]

1. ( क्र. 13 ) श्री बाबूलाल गौर : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बालाघाट जिले के ग्राम खेरी में फटाखा फैक्‍ट्री में हुये विस्‍फोट में कितने व्‍यक्तियों की मृत्‍यु हुई एवं कितने व्‍यक्ति घायल हुये? नाम, पते सहित बताया जाये। (ख) शासन द्वारा मृत व्‍यक्तियों/घायलों के परिवारों को कितनी-कितनी आर्थिक सहायता दी गई? (ग) फटाखा फैक्‍ट्री खोलने की अनुमति किस विभाग द्वारा किस दिनांक को दी गई थी? अनुमति देने वाले अधिकारी का नाम, पद सहित बताया जाये। (घ) क्‍या फटाखा फैक्‍ट्री खोलने की अनुमति देने से पूर्व फैक्‍ट्री का स्‍थल निरीक्षण किया गया था? यदि हाँ तो निरीक्षण का दिनांक, निरीक्षणकर्ता अधिकारी का नाम, पद सहित बताया जाये। (ड.) फटाखा फैक्‍ट्री में क्‍या सुरक्षा के पूरे उपाय किये गये थे? यदि हाँ, तो क्‍या-क्‍या उपाय किये गये थे?

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) बालाघाट जिले के ग्राम खैरी में फटाखा फैक्‍ट्री में हुए विस्फोट में 26 व्यक्तियों की मृत्यु हुई तथा 05 व्यक्ति घायल हुए। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार। (ग) फटाखा निर्माण की अनुज्ञप्ति जिला दण्डाधिकारी बालाघाट के अनुमोदन से दिनांक 21.07.2017 को जारी की गई थी। तत्कालीन पुलिस अधीक्षक बालाघाट एवं अनुविभागीय दण्डाधिकारी बालाघाट के प्रतिवेदन के आधार पर विनिर्माण की अनुज्ञप्ति श्री व्ही. किरण गोपाल राव, तत्कालीन कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी बालाघाट के अनुमोदन उपरांत श्री संजय जैन, तत्कालीन संयुक्त कलेक्टर एवं प्रभारी अधिकारी (अनुज्ञप्ति शाखा) बालाघाट द्वारा जारी की गई। (घ) जी हाँ। निरीक्षण दिनांक 01.08.2013 को श्री राजेश शर्मा तत्कालीन अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बालाघाट एवं दिनांक 05.07.2014 को सुश्री सुमनलता माहौर तत्कालीन अनुविभागीय अधिकारी एवं अनुविभागीय दण्डाधिकारी अनुभाग बालाघाट द्वारा किया गया था। (ड.) जी हाँ। फटाखा फैक्‍ट्री में एक पक्का कुआं, पानी का टैंक, रेत एवं अग्निशमन यंत्र की व्यवस्था की गई थी।

थाना लहार जिला भिण्‍ड में फरियादी का प्रकरण पंजीबद्ध किया जाना

[गृह]

2. ( क्र. 45 ) डॉ. गोविन्द सिंह : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दिनांक 23.04.2017 को मुख्‍य नगर पालिका अधिकारी नगर परिषद् जिला भिण्‍ड ने थाना लहार में नगर निरीक्षक पुलिस को कमलेश कुमार (सफाई जमादार) नगर परिषद् लहार के आवेदन पर कार्यवाही करने हेतु पत्र क्रमांक क्‍यू/राजस्‍व/2017 दिनांक 23.04.2017 प्रस्‍तुत किया था? (ख) यदि हाँ, तो आवेदन पत्र में उल्‍लेखित बिन्‍दुओं की जाँच कब और किसके द्वारा कराई जाकर किस धारा में प्रकरण पंजीबद्ध किया यदि नहीं, तो क्‍यों? (ग) क्‍या नगर परिषद् के कार्य में बाधा पहुंचाने एवं सफाई सभागार को धमकाने के दोषियों को पुलिस संरक्षण दिया जा रहा है? यदि नहीं, तो अभी तक प्रकरण पंजीबद्ध न करने का कारण बतायें? (घ) दोषी व्‍यक्तियों के विरूद्ध प्रकरण कब तक पंजीबद्ध किया जाकर गिरफ्तार किया जावेगा? यदि नहीं, तो क्‍यों?

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) प्रश्नांश में वर्णित पत्र दिनांक 24.04.2017 को थाना लहार में प्राप्त हुआ है। (ख) उक्त आवेदन पत्र की जाँच दिनांक 24.04.2017 को उप निरीक्षक बी.एस. परिहार थाना लहार द्वारा की गई। जाँच पर किसी प्रकार का संज्ञेय अपराध घटित होना नहीं पाये जाने से अपराध पंजीबद्ध नहीं किया गया। (ग) जी नहीं। शेष उत्तर प्रश्नांश (ख) के उत्तर में समाहित है। (घ) उत्तरांश '''' के प्रकाश में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

रिक्‍त पदों की पूर्ति एवं भवन का जीर्णोद्धार

[तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास]

3. ( क्र. 46 ) डॉ. गोविन्द सिंह : क्या राज्‍यमंत्री, तकनीकी शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्‍था (आई.टी.आई.) लहार जिला भिण्‍ड में कितने पद स्‍वीकृत हैं और स्‍वीकृ‍त पदों में से कौन-कौन से पद कब-कब से रिक्‍त हैं? रिक्‍त पदों की पूर्ति कब तक कर दी जायेगी? (ख) क्‍या लहार (आई.टी.आई.) में स्‍वीकृत एवं पदस्‍थापना किये गये कर्मचारियों को अन्‍य संस्‍थाओं में संलग्‍न किया गया है? यदि हाँ, तो अन्‍य संस्‍थाओं में संलग्‍न किये जाने का कारण बताये? (ग) वर्ष 2014-15, 2015-16 एवं 2016-17 में जीर्णशीर्ण आई.टी.आई. भवन लहार की मरम्‍मत एवं उपकरणों की खरीदी में कितनी राशि व्‍यय की गई? वर्षवार ब्‍यौरा दें। (घ) क्‍या यह सच है कि आई.टी.आई. भवन पूर्णत: जीर्णशीर्ण होकर छात्रों को बैठने में उपयुक्‍त न होने से छात्रों को प्रशिक्षण में व्‍यवधान होता है? यदि हाँ, तो भवन का निरीक्षण कराकर भवन की मरम्‍मत तथा बाउण्‍ड्रीवॉल का निर्माण कब तक करा दिया जावेगा? (ड.) प्रश्‍नकर्ता द्वारा 01 जनवरी 2016 से प्रश्‍न दिनांक तक माननीय तकनीकी शिक्षा मंत्री एवं प्रमुख सचिव/सचिव को लहार आई.टी.आई. की समस्‍याओं के निराकरण हेतु कब-कब पत्र लिखे गये और उन पत्रों पर क्‍या-क्‍या कार्यवाही हुई पूर्ण विवरण दें?

राज्‍यमंत्री, तकनीकी शिक्षा ( श्री दीपक जोशी ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। समयावधि बताया जाना संभव नहीं है। (ख) जी नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-2, 3 एवं 4 अनुसार है। (घ) आई.टी.आई. लहार का निरीक्षण करा लिया गया है। राशि रूपये 15.589 लाख के व्‍यय से मरम्‍मत के कार्य कराये गये है, जिनका विवरण जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। इसके अतिरिक्‍त अन्‍य मरम्‍मत कार्यों के लिए राशि रूपये 12.53 लाख का आवंटन किया गया है, जिसका विवरण जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-3 अनुसार है। बाउण्‍ड्रीवॉल का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है। (ड.) माननीय विधायक द्वारा 01.01.2016 के बाद लिखे गये पत्र क्रमश: क्रमांक 2015-16/8 दिनांक 05.02.2016 एवं दिनांक 03.03.2016 के परिप्रेक्ष्‍य में संचालनालय द्वारा निम्‍नानुसार कार्य किये गये:- 1. संस्‍था के निम्‍न कार्यों को कराने के लिए डी.पी.आर. प्राप्‍त करने हेतु कलेक्‍टर भिण्‍ड को पत्र लिखा गया है: 1.1 संस्‍था के मुख्‍य भवन एवं छात्रावास भवन रंगाई-पुताई। 1.2 संस्‍था के मुख्‍य भवन एवं छात्रावास भवन में शौचालय एवं ड्रेनेज सिस्‍टम की मरम्‍मत। 1.3 संस्‍था भवन के चारों ओर मैदान का समतलीकरण, जिससे वर्षा ऋतु में पानी जमा न हो पाये। 1.4 छात्रावास भवन के हॉल के फ्लोर की मरम्‍मत। 1.5 मुख्‍य भवन की छत की मरम्‍मत। 1‌‌.6 मुख्‍य भवन के प्रवेश द्वार एवं दीवार की मरम्‍मत। 1.7 मुख्‍य भवन में थ्‍योरी कक्ष की मरम्‍मत। 1.8 प्राचार्य कक्ष की मरम्‍मत। 1.9 कोपा व्‍यवसाय हेतु लैब का निर्माण। 1.10 मुख्‍य भवन के खिड़की-दरवाजों की मरम्‍मत। 1.11 संस्‍था परिसर में चौकीदार कक्ष का निर्माण। 1.12 संस्‍था के छात्रावास भवन की गैलरी एवं पोर्च के फर्श की मरम्‍मत। 1.13 संस्‍था के समस्‍त कक्षों के वेंटिलेशन की मरम्‍मत। 1.14 संस्‍था के मुख्‍य भवन एवं छात्रावास भवन में सेनेट्री फिटिंग।

आवर्धन नल-जल प्रदाय योजना को पूर्ण कराना

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

4. ( क्र. 134 ) श्री हरवंश राठौर : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या ग्राम कंदवा में जल आवर्धन योजनान्तर्गत जलप्रदाय योजना का कार्य निविदा होने के पूर्व स्थल पर पुरानी पाइप लाईन से पानी का प्रदाय किया जाता था, जिसे विभागीय इंजीनियरों ने जे.सी.बी. मशीन से खुदवाकर नई पाइप लाईन पुन: बिछाई है? जबकि प्राक्‍कलन अनुसार यह कार्य ठेकेदार को करना था। (ख) यदि हाँ तो क्या ठेकेदार को प्रत्येक तौर पर इस कार्य की लागत का लाभ विभाग ने ठेकेदार को नहीं दिया और विभागीय राशि का दुरूपयोग नहीं हुआ है? इसके लिए कौन दोषी है? दोषियों के विरूद्ध क्या कार्यवाही की जाएगी। (ग) कार्य एजेन्सी से किए जाने वाले अनुबंध की किस कंडिका में कितने समय में कार्य पूर्ण करने का प्रावधान निहित है। (घ) ग्राम कंदवा की इस योजना को अनुबन्ध अनुसार कब तक पूर्ण हो जाना था, विलम्ब के लिए कौन दोषी है?

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) जी हाँ जलप्रदाय किया जाता था, परंतु विभागीय इंजीनियरों ने पुरानी पाइपलाइन खुदवाकर नई पाइप लाइन बिछाने का कार्य नहीं किया हैl (ख) उत्तरांश (क) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता हैl (ग) अनुबंध की कंडिका-34 के अनुसार कार्यादेश दिनांक 23.12.2016 से 2 माह में कार्य पूर्ण करने का प्रावधान निहित हैl (घ) उत्तरांश (ग) अनुसार दो माह में विलंब हेतु दोषी ठेकेदार के विरुद्ध नियमानुसार शास्ति अधिरोपित करने की कार्यवाही की जाएगीl

पुलिस थाने में प्राथमिकी दर्ज की जाना

[गृह]

5. ( क्र. 283 ) श्री यादवेन्‍द्र सिंह : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या कटनी कलेक्‍टर (खनिज शाखा) द्वारा पत्र क्रमांक 3999/खनिज/2016 दिनांक 26/11/2016 को पुलिस अधीक्षक कटनी को पत्र लिखकर दस्‍तावेज संलग्‍न कर फर्जी अभिवहन पास पाए जाने पर दोषियों के विरूद्ध पुलिस थाने में प्राथमि‍की दर्ज किए जाने हेतु लिखा गया था? (ख) प्रश्नांश (क) यदि हाँ, तो उक्‍त पत्र पर पुलिस थाने में प्राथमिकी दर्ज करने के निर्देश पुलिस अधीक्षक कटनी द्वारा क्‍यों नहीं दिए गए? कब तक दिए जायेंगे? (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में दिनांक 15.6.2017 को रचनानगर निवासी, कटनी के किस व्‍यक्ति द्वारा पुलिस अधीक्षक कटनी एवं कलेक्‍टर कटनी को दिनांक 19.6.2017 को कार्यालय में पावती प्राप्‍त कर शिकायत की गई है? उक्‍त शिकायत पर कार्यवाही करते हुए धोखाधड़ी, फर्जी परिवहन पास बनाने वालों के विरूद्ध पुलिस थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई जावेगी?

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) जी हाँ। (ख) प्रश्नांश (क) में वर्णित पत्र के आधार पर थाना माधव नगर जिला कटनी में अपराध क्रमांक 662/17, धारा 467, 468, 471, 420, 34 भा.द.वि. का अपराध पंजीबद्ध किया गया है। (ग) रचनानगर निवासी श्री चन्द्रशेखर अग्निहोत्री का पत्र दिनांक 15.06.2017 जो पुलिस अधीक्षक एवं कलेक्टर कार्यालय कटनी में दिनांक 20.06.2017 को प्राप्त हुआ था, जिसमें प्रश्नांश (क) में वर्णित पत्र के संबंध में कार्यवाही हेतु लिखा गया था। शेष जानकारी प्रश्नांश (ख) के उत्तर में समाहित है।

मुख्‍यमंत्री भवन एवं अन्‍य संनिर्माण कर्मकार आवास योजना (नगरीय) का क्रियान्‍वयन

[श्रम]

6. ( क्र. 399 ) श्री शैलेन्द्र जैन : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या सागर नगर में श्रम विभाग की मुख्‍यमंत्री भवन एवं अन्‍य संनिर्माण कर्मकार आवास योजना (नगरीय) के अंतर्गत विगत पाँच वर्षों में कितने हितग्राहियों को इस योजना का लाभ दिया गया है? वर्षवार बताएं? (ख) यदि योजनांतर्गत हितग्राहियों को इस योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है तो इसका क्‍या कारण है तथा इसके लिए कौन दोषी है? (ग) क्‍या शासन प्रश्नांश (क) में वर्णित योजना का लाभ हितग्राहियों को दिलाये जाने हेतु कोई ठोस कार्यवाही करेगा? यदि हाँ तो कब तक?

खाद्य मंत्री ( श्री ओम प्रकाश धुर्वे ) : (क) जानकारी निरंक। (ख) सागर नगर में म.प्र. भवन एवं संनिर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल की मुख्यमंत्री भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार आवास योजना (नगरीय) के अंतर्गत प्रश्नांकित अवधि में किसी भी निर्माण श्रमिक का आवेदन प्राप्त नहीं होने से योजना में लाभ नहीं दिया जा सका है। अतः प्रश्नांश की शेष जानकारी के संबंध में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्य में मुख्यमंत्री भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार आवास योजना (नगरीय) का लाभ दिलाने हेतु मण्डल द्वारा समय-समय पर प्रचार-प्रसार, जिला स्तरीय प्रशिक्षण एवं कार्यशाला का आयोजन कर श्रमिकों को योजनाओ की जानकारी प्रदान की जाती है।

सागर के संभागीय श्रम कार्यालय के शासकीय भवन निर्माण एवं निरीक्षकों के पदों की स्‍वीकृति

[श्रम]

7. ( क्र. 400 ) श्री शैलेन्द्र जैन : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या सागर संभाग अंतर्गत श्रम विभाग के सागर, दमोह, छतरपुर, पन्‍ना, टीकमगढ़ के कार्यालय शासकीय भवन में संचालित हैं या किराये के भवन में। (ख) यदि किराये के भवन में संचालित है तो क्‍या सागर के संभागीय श्रम कार्यालय के शासकीय भवन निर्माण हेतु कोई प्रस्‍ताव शासन के समक्ष विचाराधीन है? यदि हाँ तो यह कितनी राशि का है एवं कब तक स्‍वीकृति प्राप्‍त हो पायेगी? (ग) सागर संभागीय श्रम कार्यालय में निरीक्षकों के कितने पद स्‍वीकृत हैं एवं वर्तमान में कितने भरे तथा कितने रिक्‍त हैं? शासन स्‍तर पर रिक्‍त पदों की पूर्ति कब तक करा दी जायेगी?

खाद्य मंत्री ( श्री ओम प्रकाश धुर्वे ) : (क) सागर संभाग के अंतर्गत श्रम विभाग के कार्यालय निम्नानुसार संचालित हैः-

क्र. कार्यालय का नाम भवन शासकीय/निजी

1. सहायक श्रमायुक्त, सागर निजी भवन में

2. श्रम पदाधिकारी, दमोह शासकीय भवन में

3. श्रम पदाधिकारी, छतरपुर शासकीय भवन में

4. श्रम पदाधिकारी, पन्‍ना शासकीय भवन में

5. श्रम पदाधिकारी, टीकमगढ़ शासकीय भवन में

(ख) श्रमायुक्त कार्यालय से इस आशय का कोई प्रस्ताव नहीं है। (ग) सागर संभागीय कार्यालय में निरीक्षकों के 10 पद स्वीकृत हैं एवं वर्तमान में 4 पद भरे तथा 6 पद रिक्त है। रिक्त पदों की पूर्ति की प्रक्रिया में प्रोफेशनल एग्जामिनेशन बोर्ड से श्रम निरीक्षक पद हेतु चयनित अभ्यार्थियों की सूची कार्यालय को प्राप्त हुई है। इनकी नियुक्ति के पूर्व चयनित अभ्यर्थियों के दस्तावेजों के परीक्षण की कार्यवाही प्रचलित है। जिसके उपरांत नियुक्ति‍ हेतु नियमानुसार पात्रता रखने वाले अभ्यार्थियों की विभिन्‍‍‍न कार्यालयों में रिक्त पदों के विरूद्ध पदस्थापना की कार्यवाही की जाएगी।

जंगली जानवरों से हुई फसल क्षति का मुआवजा

[राजस्व]

8. ( क्र. 408 ) इन्जी. प्रदीप लारिया : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या सागर जिले में जंगली जानवरों से हुई फसल क्षति के मुआवजा प्रकरण राजस्‍व विभाग द्वारा स्‍वीकृति उपरांत विभाग को भेजे गये है? (ख) यदि हाँ, तो कितने किसानों को मुआवजा वितरण किया जाना है एवं कितनी राशि का मुआवजा दिया जाएगा? (ग) उक्‍त मुआवजा राशि राजस्‍व विभाग को वन विभाग द्वारा कब भेजी जावेगी?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) जी नहीं। (ख) सागर जिले के अंतर्गत तहसील मालथौन के केवल 51 किसानों को मुआवजा वितरण किया जाना था। तहसील मालथौन में 9 विपत्तिग्रस्‍त किसानों को 3200/- भुगतान किया जा चुका है। 42 कृषकों को राशि रूपये 2,26,335/- राशि रूपये दो लाख छब्‍बीस हजार तीन सौ पैंतीस की राशि राहत का भुगतान की कार्यवाही की जा रही है। (ग) वन विभाग द्वारा राशि राजस्‍व विभाग को नहीं भेजी जाती। जंगली जानवरों से हुई फसल क्षति के लिये राहत राशि राजस्‍व विभाग द्वारा राजस्‍व पुस्‍तक परिपत्र 6-4 के प्रावधान अनुसार प्रभावितों को प्रदाय की जाती है।

परिशिष्ट - ''एक''

हत्‍या की गुत्‍थी सुलझाने में पुलिस निष्‍क्रिय

[गृह]

9. ( क्र. 488 ) श्री नरेन्‍द्र सिंह कुशवाह : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भिण्‍ड में 25 अक्‍टूबर 2016 को 62 वर्षीय शान्ति देवी एवं 38 वर्षीय मनोज दुबे चतुर्वेदी की नगर भिण्‍ड में धारदार हथियार से गला रेत कर की गई हत्‍या दिनांक 2 दिसम्‍बर 2016 को प्रात: लालजी सिंह कुशवाह की गोली मार कर की गई हत्‍या तथा भीमनगर में वर्ष 2012 से 65 वर्ष की महिला आशा देवी जैन की हत्‍या के प्रकरणों में पुलिस द्वारा अभी तक क्‍या कार्यवाही की गई? छाया प्रति सहित जानकारी दें। लहार जिला भिण्‍ड के मुहिमखान जो कि 22 सितम्‍बर 2015 को घर से निकला था तथा जिसकी दिनांक 25 सितम्‍बर को लाश रूहानी रोड पर मिली इसमें पुलिस द्वारा अभी तक क्‍या कार्यवाही की गई जानकारी दें? (ख) भिण्‍ड जिले के अंतर्गत हत्‍या के प्रकरणों में वृद्धि होने पर भी प्रकरण सुलझाए बिना या हत्‍या का खुलासा किए बिना प्रकरण बंद कर दिया जाता है ऐसा क्‍यों? क्‍या भिण्‍ड पुलिस कार्यवाही करने में अक्षम है यदि नहीं, तो क्‍या कार्यवाही की जायेगी? क्‍या वरिष्‍ठ अधिकारियों को प्रकरण निराकरण हेतु भेजा जावेगा? यदि हाँ, तो कब तक? (ग) क्‍या भिण्‍ड पुलिस गंभीर प्रकरणों का निराकरण न करके रेत वाहनों की धर पकड़ में है तो विगत पाँच वर्षों में भिंड में अपराध में वृद्धि क्‍यों हो रही है? भिण्‍ड में क्‍या वरिष्‍ठ अधिकारियों द्वारा कब किस थाने का निरीक्षण किया गया क्‍या कमियां पाई गई कमियों की पूर्ति समय पर की गई? विगत पाँच वर्षों में डी.जी.पी. भोपाल ने किस दिनांक को भ्रमण किया यदि नहीं, तो क्‍यों? विगत पाँच वर्षों में किस माह में पुलिस महानिरीक्षक द्वारा निरीक्षण किया गया? निरीक्षण प्रतिवेदन की छायाप्रति सहित जानकारी दें? (घ) प्रश्नांश (क), (ख) और (ग) में पुलिस विभाग द्वारा क्‍या कार्यवाही की जावेगी क्‍या वर्णित प्रकरण सी.बी.आई. को सुपुर्द किए जायेगे, यदि हाँ, तो कब तक?

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) 25.10.2016 को शांति देवी एवं मनोज दुबे की हत्या के संबंध में थाना कोतवाली जिला भिण्ड में अप.क्र.477/16 धारा 302 भा.द.वि. का प्रकरण, दिनांक 02.12.2016 को लाल जी सिंह कुशवाह की हत्या के संबंध में थाना कोतवाली जिला भिण्ड में अप.क्र. 543/16 धारा 302 भा.द.वि. का प्रकरण तथा दिनांक 23.09.15 को मुहीन खॉ के अपहरण के सम्बंध में थाना लहार जिला भिण्ड में अप.क्र. 241/15 धारा 363 भा.द.वि. का प्रकरण पंजीबद्ध किया गया है। अज्ञात आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विभाग द्वारा तीनों प्रकरणों में ईनाम की घोषणा भी की गई है। उपरोक्त तीनों प्रकरण वर्तमान में विवेचना में हैं। विवेचनाधीन होने से अनुसंधान संबंधी जानकारी दी जाना न्याय संगत नहीं है। भीमनगर में वर्ष 2012 में आशादेवी जैन की हत्या का कोई भी प्रकरण थाना कोतवाली तथा थाना देहात भिण्ड में नहीं होना पाया गया। (ख) यह कहना सही नहीं है कि हत्या के प्रकरणों में वृद्धि होने पर भी प्रकरण सुलझाये बिना बंद कर दिया जाता है। भिण्ड पुलिस द्वारा हत्या के प्रकरणों में पूर्व के वर्षों के लम्बित हत्या के अज्ञात आरोपियों की पतारसी हेतु हर सम्भव प्रयास किये जा रहे हैं एवं वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा भी लगातार विवेचना प्रगति की समीक्षा की जाती है। (ग) भिण्ड पुलिस द्वारा राजस्व व खनिज विभाग के साथ संयुक्त रूप से अवैध रेत के उत्खनन व परिवहन के विरूद्ध समय-समय पर कार्यवाही की गई है। विगत पाँच वर्षों में जिला भिण्ड में अपराधों में कमी आई है। भिण्ड जिले का दिनांक 28.10.12 को तथा दिनांक 03.02.16 को तत्कालीन पुलिस महानिदेशक द्वारा भ्रमण किया गया था। भ्रमण के दौरान परिलक्षित कमियों को उनके द्वारा दिये गये निर्देशानुसार दूर किया गया है। विगत पाँच वर्षों में भिण्ड जिले का निरीक्षण पुलिस महानिरीक्षक द्वारा दिनांक 30.12.12, 22.04.15, 29/30.12.16 तथा 21.01.17 को किया गया है। निरीक्षण प्रतिवेदन विभागीय गोपनीय दस्तावेज होने से संलग्‍न नहीं किया जा रहा है। (घ) प्रश्नांश (क), (ख) व (ग) के सम्बंध में पुलिस विभाग द्वारा विधिवत विवेचना कार्यवाही की जा रही है। अपराध क्रमांक 477/16 तथा 543/16 की विवेचना विशेष गठित अनुसंधान दल द्वारा की जा रही है। पतासाजी के प्रयास किये जा रहे हैं, अतः प्रकरण सी.बी.आई. को सुपुर्द करने की आवश्यकता नहीं है।

जाति प्रमाण पत्र की सत्‍यता की जाँच

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

10. ( क्र. 489 ) श्री नरेन्‍द्र सिंह कुशवाह : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) तारांकित प्रश्‍न क्रमांक 3033 दिनांक 27.03.2017 में बताया गया है कि श्री एम.के. उमरिया सहायक यंत्री पी.एच.ई. को अनुसूचित जनजाति का प्रमाण पत्र के आधार पर नियुक्ति प्रदान की गई तथा श्री उमरिया के जाति प्रमाण पत्र का परीक्षण प्रमुख अभियन्‍ता कार्यालय द्वारा किया जा रहा है यदि हाँ, तो प्रश्‍नांश दिनांक तक क्‍या कार्यवाही हुई छायाप्रति सहित जानकारी दें? (ख) क्‍या श्री एम.के.उमरिया ने असत्‍य जानकारी के आधार पर अनुसूचित जनजाति प्रमाण पत्र प्राप्‍त कर पदोन्‍नति का लाभ लिया गया है यदि हाँ, तो उनके विरूद्ध कार्यवाही कब तक की जावेगी? (ग) प्रश्नांश (क) और (ख) अनुसार विभाग के आदेश क्र. एफ 2-8/2004/1/34 दिनांक 25.08.2005 में पदोन्‍नति का लाभ देने से पूर्व परीक्षण किसके द्वारा कब किया गया है? इसके लिए कौन दोषी हैं?

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) श्री एम.के.उमरिया की नियुक्ति उपयंत्री के पद पर एवं सहायक यंत्री के पद पर पदोन्नति अनुसूचित जनजाति वर्ग के अंतर्गत हुई थी। प्रमुख अभियंता से प्राप्त टीप दिनांक 30.5.2016 की छायाप्रति संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) श्री एम.के. उमरिया को सहायक यंत्री के पद पर अनुसूचित जनजाति वर्ग के अन्तर्गत पदोन्नति प्रदान की गई है। इस संबंध में कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। (ग) दिनांक 1.4.2003 की स्थिति में प्रमुख अभियंता द्वारा जारी उपयंत्री की वरिष्ठता सूची के आधार पर विभागीय पदोन्नति समिति की बैठक आयोजित करने हेतु प्रमुख अभियंता से प्राप्त प्रस्तावानुसार विभाग द्वारा प्रस्ताव लोक सेवा आयोग भेजे गए। चूंकि श्री उमरिया की नियुक्ति अनुसूचित जनजाति वर्ग के अन्तर्गत हुई थी इसलिए पदोन्नति भी अनुसूचित जनजाति वर्ग के अन्तर्गत हुई, अतः पदोन्नति हेतु कोई दोषी नहीं है।

परिशिष्ट - ''दो''

स्‍वत्‍वों का भुगतान एवं अनुकंपा नियुक्ति

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

11. ( क्र. 652 ) श्री बलवीर सिंह डण्‍डौतिया : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) स्‍वर्गीय श्री विनोद शर्मा के स्‍वत्‍वों का भुगतान व पत्‍नी श्रीमती रचना शर्मा को अनुकंपा नियुक्ति से संबंधित कितने आवेदन पी.एच.ई.डी. खण्‍ड शिवपुरी सर्किल ग्‍वालियर ई.एन.सी. भोपाल म.प्र. शासन व माननीय संबंधित मंत्री व मुख्‍यमंत्री को प्रस्‍तुत किये की जानकारी आवेदनों की फोटो प्रति सहित उपलब्‍ध करावे। (ख) क्‍या उपरोक्‍त प्रश्नांश (क) में उल्‍लेखित पत्रों पर प्रश्‍न दिनांक तक की गई कार्यवाही, स्‍वत्‍वों का भुगतान एव अनुकंपा नियुक्ति का विवरण देवें।

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) कार्यपालन यंत्री खण्ड शिवपुरी को 1, माननीय मंत्री महोदय को 1 एवं माननीय मुख्यमंत्री महोदय को 1 तथा सी.एम.हेल्पलाईन में 1 आवेदन प्रस्तुत किये गए हैं। इस प्रकार कुल 4 आवेदनपत्र प्राप्त हुये है। पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार। (ख) कार्यालय कार्यपालन यंत्री, खण्ड शिवपुरी के आदेश क्रमांक 40 दिनांक 10.2.2014 एवं केशबुक. व्हाउचर क्रमांक 33 दिनांक 21.2.2014 के द्वारा स्व.श्री विनोद शर्मा दैनिक वेतन भोगी पंप आपरेटर की पत्नी श्रीमती रचना शर्मा को रूपये 1,25,000.00 (एक लाख पच्चीस हजार मात्र) का अनुकम्पा अनुदान का भुगतान किया गया है। नियमानुसार दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों के आश्रितों को अनुकंपा नियुक्ति का प्रावधान नहीं होने के कारण श्रीमती रचना शर्मा अनुकम्पा नियुक्ति हेतु पात्र नहीं है

हैण्‍डपम्‍पों के खनन हेतु मांगे गये प्रस्‍तावों अनुसार हैण्‍डपम्‍प खनन

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

12. ( क्र. 915 ) श्रीमती चन्‍दा सुरेन्‍द्र सिंह गौर : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या कार्यपालन यंत्री टीकमगढ़ के लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकी विभाग द्वारा नवीन हैण्‍डपम्‍प खनन कराये जाने के संबंध में समस्‍त विधायकों, सांसदों तथा अन्‍य जनप्रतिनिधियों से प्रस्‍ताव मांगे गये थे? उसी क्रम में खरगापुर विधानसभा में भी 30 स्‍थानों पर हैण्‍डपम्‍प खनन हेतु प्रस्‍ताव मांगे गये थे, परंतु प्रश्‍न दिनांक तक कोई भी हैण्‍डपम्‍प खनन नहीं कराया गया ऐसा क्‍यों किया गया कारण स्‍पष्‍ट करें? (ख) क्‍या दिनांक 20/4/17 को विकासखण्‍ड बल्‍देवगढ़ में पेयजल संकट के संबंध में आहूत बैठक जिसमें लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकी विभाग के अनुविभागीय अधिकारी उपस्थित नहीं हुये क्‍या रोजगार सहायकों के द्वारा यह जानकारी दी गई कि क्‍या जिन स्‍थानों के हैण्‍डपम्‍प खराब हैं, उनका सुधार करा दिया जाने के संबंध में निर्देश देने पर बैठक में उपस्थित हैण्‍डपम्‍प मैकेनिकों द्वारा बताया गया कि कार्यपालन यंत्री एवं एस.डी.ओ. पाईप तथा अन्‍य सामग्री नहीं देते है, इसलिये हैण्‍डपम्‍प ठीक नहीं हो पायेंगे तथा जिसकी जानकारी कलेक्‍टर टीकमगढ़ को 26/4/17 को पत्र के माध्‍यम से दी गई, परंतु आज तक कोई भी कार्यवाही नहीं की गई। क्‍या ऐसे लापरवाह एस.डी.ओ. के विरूद्ध वैधानिक कार्यवाही करेंगे यदि हाँ, तो कब तक यदि नहीं, तो क्‍यों कारण स्‍पष्‍ट करें।

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) जी नहीं मात्र आंशिकपूर्ण बसाहटों की सूची प्राथमिकता निर्धारण हेतु उपलब्ध कराई गई थी। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ख) जी हाँ उपस्थित नहीं हुये थे। जी नहीं, पर्याप्त पाईप एवं अन्य सामग्री दी जाती है। जी हाँ, कलेक्टर टीकमगढ़ को जानकारी दी गई थी। जी नहीं, हैंडपंप संधारण नहीं होने पर संबंधित मैकेनिक से स्पष्टीकरण मांगा जाकर एस.डी.ओ., उपयंत्री एवं मैकेनिकों के विरूद्ध नियमानुसार कार्यवाही की गई है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।

यातायात व्यवस्था

[गृह]

13. ( क्र. 1061 ) श्री हरवंश राठौर : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष में 2016-17 में यातायात विभाग द्वारा दो पहिया वाहनों के बिना हेलमेट के प्रकरणों में कितने चालान किए गए एवं इस अवधि में कितनी आय हुई? (ख) यातायात विभाग एवं पेट्रोल पंप मालिकों द्वारा माननीय उच्च न्यायालय के निर्णयानुसार बिना हेलमेट दो पहिया वाहनों के सड़कों पर चलने एवं पेट्रोल पंप मालिकों द्वारा बिना हेलमेट के पेट्रोल दिए जाने पर क्या कार्यवाही प्रस्तावित की जा रही है। (ग) शासन द्वारा हूटर लगाने की पात्रता किस-किस को है क्‍या अनाधिकृत व्यक्ति के वाहन पर लगे हूटरों एवं अवैध रंग-बिरंगी लाईटों को हटाने के लिए अभियान चलाकर हटाने संबंधी कार्यवाही प्रस्तावित की जाएगी?

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) वर्ष 2016-17 में यातायात विभाग द्वारा दो पहिया वाहनों के बिना हेलमेट प्रकरण के 8,61,265 चालान कर 20,32,88,500 रुपये समन शुल्क की राशि जमा की गई है। (ख) माननीय उच्च न्यायालय के निर्णय अनुसार यातायात विभाग द्वारा बिना हेलमेट दो पहिया वाहनों के सड़कों पर चलने के विरुद्ध नियमित एवं समय-समय पर अभियान चलाकर कार्यवाही की जा रही है। पेट्रोल पम्प मालिकों द्वारा दो पहिया वाहन चालकों को बिना हेलमेट लगाकर आने पर पेट्रोल प्रदाय नहीं किये जाने के संबंध में खादय् नागरिक आपूर्ति उपभोक्ता संरक्षण संचालनालय म.प्र. द्वारा समस्त कलेक्टर म.प्र. को निर्देशित किया गया है। (ग) हूटर लगाने की पात्रता के संबंध में मध्य प्रदेश राजपत्र क्रमांक 395 दिनांक 31 अगस्त 2013 संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। जी हाँ, नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी।

परिशिष्ट - ''तीन''

शासकीय पॉलिटे‍क्निक महाविद्यालय के प्रभारी प्रचार्य को हटाया जाना

[तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास]

14. ( क्र. 1072 ) श्रीमती शीला त्‍यागी : क्या राज्‍यमंत्री, तकनीकी शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शासकीय पॉलिटे‍क्निक महाविद्यालय शहडोल के प्रभारी प्राचार्य श्री शक्ति सिंह खटीक के खिलाफ जाँच व शिकायत प्रचलित है जिसका पूर्व में भी प्रश्‍नकर्ता के विधानसभा प्रश्‍न क्र. 3558, दिनांक 22/07/2014 के उत्तर में जानकारी हाँ देकर पद से हटाया जाना बताया गया था। (ख) प्रश्नांश (क) यदि हाँ तो उक्‍त अक्षम प्रभारी प्राचार्य को पुन: से प्राचार्य के पद पर क्‍यों पदांकित किया गया है कारण बतायें। (ग) प्रश्‍नांश (ख) के संदर्भ में श्री खटिक को किसके आदेश से पुन: प्रभारी प्राचार्य बनाया गया है बतायें कि कब तक पद से हटा दिया जायेगा। (घ) प्रश्‍नांश (ग) के संदर्भ में पदस्‍थापना के लिए दोषी अधिकारी के विरूद्ध कौन-सी कार्यवाही कब तक की जावेगी।

राज्‍यमंत्री, तकनीकी शिक्षा ( श्री दीपक जोशी ) : (क) जी नहीं। (ख) '' के अनुक्रम में प्रश्‍न उद्भूत नहीं होता। (ग) विभागीय आदेश दिनांक 12.05.2017 के द्वारा प्राचार्य शहडोल का प्रभार सौंपा गया। प्रशासकीय सामान्‍य प्रक्रिया के अंतर्गत प्राचार्य का प्रभार सौंपा गया। (घ) उत्‍तरांश '' के अनुक्रम में शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

पेय जल हेतु नल-जल योजना की स्‍वीकृति

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

15. ( क्र. 1155 ) श्री शान्तिलाल बिलवाल : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) झाबुआ विधानसभा क्षेत्र अतंर्गत पेयजल हेतु कितनी नल-जल योजना की स्‍वीकृति शासन स्‍तर पर लंबित है? (ख) उक्‍त योजना की स्‍वीकृति से कौन-कौन से गांवों में नल-जल योजना का लाभ ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को कब तक प्राप्‍त हो सकेगा?

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) कोई भी नहीं। (ख) उत्तरांश-'' के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।

अशोकनगर जिले में नामांतरण एवं सीमांकन

[राजस्व]

16. ( क्र. 1185 ) श्री महेन्द्र सिंह कालूखेड़ा : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अशोकनगर जिले के किस-किस व्‍यक्ति ने पिछले 2 साल में सीमांकन नामांतरण के लिये आवेदन शासन को किस-किस तिथि को दिये तथा कितने प्रकरणों में नामांतरण, सीमांकन हो गया तथा यदि नहीं, हुआ तो क्‍यों? (ख) कानून के तहत समय पर नामांतरण व सीमांकन नहीं होने पर किस-किस कर्मचारी पर कार्यवाही हुई?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) एवं (ख) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

कौशल विकास आई.टी.आई. परीक्षा

[तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास]

17. ( क्र. 1263 ) डॉ. रामकिशोर दोगने : क्या राज्‍यमंत्री, तकनीकी शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रोफेशनल एक्‍जाम बोर्ड द्वारा वर्ष 2016 में आयोजित कौशल विकास आई.टी.आई परीक्षा में वेल्‍डर ट्रेड की परीक्षा में गलत प्रश्‍नों पर कितने उम्‍मीदवारों द्वारा समय-सीमा में आपत्ति दर्ज की गई थी? आपत्तियों पर कुंजी समिति द्वारा किस आधार पर परीक्षण किया गया, कुंजी समिति के सदस्‍यों के चयन का क्‍या मापदण्‍ड है? वर्तमान में इस समिति में कौन-कौन से सदस्‍य है और कब से पदस्‍थ है इनके चयन का क्‍या आधार है इन्‍हें कितना मानदेय (भत्‍ता) दिया जाता है? (ख) क्‍या इस कुंजी समिति के द्वारा प्रश्‍नों के उत्‍तर पर दिये गये निर्णय को अंतिम किस आधार से माना जाता है यदि समिति द्वारा गलत उत्‍तर को ही सही माना जाता है तो बोर्ड के द्वारा इनके विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की जाती है? (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के अतंर्गत प्रश्‍न क्रमांक 38 एवं 40 पर दर्ज आपत्ति पर गलत उत्‍तर को ही कुंजी समिति द्वारा किस आधार पर आवेदकों की आपत्ति को अमान्‍य किया गया है उसका आधार बताया जावें? (घ) भारत सरकार रोजगार एवं प्रशिक्षण महानिदेशालय, श्रम एवं रोजगार मंत्रालय द्वारा एवं Trade Theory and assignment/Test by G.S. Sethi द्वारा जारी पुस्‍तक में अंकित उत्‍तर को अमान्‍य करने का क्‍या कारण है?

राज्‍यमंत्री, तकनीकी शिक्षा ( श्री दीपक जोशी ) : (क) जी हाँ। कुल 06 उम्‍मीदवारों ने समय-सीमा में वेल्‍डर ट्रेड के प्रश्‍नों पर आपत्ति दर्ज की थी। कुंजी समिति सदस्‍यों ने उम्‍मीदवारों द्वारा उपलब्‍ध कराये गये साक्ष्‍य का परिक्षण पाठ्यक्रम पुस्‍तकों का अवलोकन एवं विचार विर्मश कर परीक्षण किया। कुंजी समिति के सदस्‍यों के चयन हेतु महाविद्यालय स्‍तर पर कार्यरत् योग्‍य एवं अनुभवी शिक्षकों का चयन किया जाता है। प्रत्‍येक परीक्षा हेतु विषयवार अलग-अलग विषय विशेषज्ञों का चयन किया जाता है। कुंजी समिति के सदस्‍यों हेतु शासकीय संस्‍था में कार्यरत शिक्षकों को प्राथमिकता दी जाती है। वेल्‍डर ट्रेड हेतु निम्‍न विशेषज्ञ सदस्‍य थे:- श्री आशीष तिवारी, श्री संतोष कुमार पटेल, व्‍याख्‍यात मैकेनिकल, स.व.पोली.महाविद्यालय, भोपाल, श्री जितेन्‍द्र हेमवानी, विभागाध्‍यक्ष मैकेनिकल, शासकीय पॉलिटे‍क्निक महाविद्यालय, बैतूल, डॉ. अजय कुमार जैन, विभागाध्‍यक्ष मैकेनिकल, पॉलिटे‍क्निक महाविद्यालय, ग्‍वालियर, डॉ. राजीव जैन, विभागाध्‍यक्ष मैकेनिकल, शासकीय पॉलिटे‍क्निक महाविद्यालय, जबलपुर। इस परीक्षा में वेल्‍डर ट्रेड से संबंधित कुंजी समिति के सदस्‍यों को 5000/- रूपये मानदेय का भुगतान किया गया है। (ख) कुंजी समिति के सदस्‍य संबंधित विषय के विशेषज्ञ होते है, इस आधार पर उनके निर्णय को अंतिम मानकर कार्यवाही की जाती है। संबंधित विषय के विशेषज्ञों के निर्णय पर किसी प्रकार की कार्यवाही करने का प्रावधान नियमों में नहीं है। (ग) कुंजी समिति के विषय विशेषज्ञों ने उम्‍मीदवारों द्वारा उपलब्‍ध कराये गये साक्ष्‍य, पाठ्यक्रम, पुस्‍तकों का अवलोकन एवं गहन विचार-विर्मश कर आवेदकों की आपत्तियों को अमान्‍य किया गया। (घ) कुंजी समिति के विषय-विशेषज्ञों द्वारा लिया गया निर्णय उल्‍लेखित पुस्‍तक में अंकित उत्‍तर को अमान्‍य करता है।

नागदा को जिला बनाने के लिये की गयी मांग

[राजस्व]

18. ( क्र. 1353 ) श्री दिलीप सिंह शेखावत : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) पूर्व विधायक श्री दिलीप सिंह गुर्जर के द्वारा वर्ष 2008 से वर्ष 2013 तक नागदा को जिला बनाने के लिये कितनी बार माननीय मुख्यमंत्री महोदय को पत्र लिखे एवं कितनी बार प्रतिनिधि मण्डल के साथ ज्ञापन दिये गये थे? (ख) यदि हाँ तो पत्र एवं ज्ञापन की छाया प्रति उपलब्ध करावें।

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) एवं (ख) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

तुलसीनगर स्थित एफ टाइप शासकीय आवासों का आवंटन

[गृह]

19. ( क्र. 1411 ) श्री शैलेन्‍द्र पटेल : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या तुलसीनगर स्थित एफ टाइप शासकीय आवास गृह क्रमांक 88/45 से 88/56 तक रिक्‍त रखे जाने की विभाग की कोई योजना है? यदि नहीं, तो प्रश्‍न दिनांक तक आवंटित न होने के क्‍या कारण है? (ख) यदि उक्‍त आवास गृह आवंटित हो गए हैं तो आवंटितों द्वारा आधिपत्‍य क्‍यों नहीं लिया गया? (ग) क्‍या प्रश्‍नांश (ख) अनुसार आवासों का आधिपत्‍य ले लिया गया है? यदि हाँ, तो आवास रिक्‍त रहने के क्‍या कारण है? (घ) क्‍या आवास (रिक्‍तता के कारण) शीघ्र आवंटित किए जाएंगे यदि आवंटित हो चुके हैं तो क्‍या संबंधितों का आवंटन निरस्‍त किया जाकर अन्‍य पात्रों को आवंटित किए जाएंगे?

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) जी नहीं। प्रश्‍नांश में दर्शित आवास रिक्‍त रखने की विभाग की कोई योजना वर्तमान में नहीं है। सभी आवास नियमित रूप से आवंटित किये गए है। (ख) जी नहीं। प्रश्‍नांश (क) अंतर्गत आवासों का अधिपत्‍य आवंटिती द्वारा समय-समय पर प्राप्‍त किया गया है। (ग) प्रश्नांश (क) अनुसार आवास रिक्‍तता की दशा में आवंटन समिति की आगामी बैठक में पुन: आवंटित किये जायेंगे। (घ) जी नहीं। प्रश्नांश (ख) के संदर्भ में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

नवीन बोर खनन एवं सिंगल फेस मोटरों का प्रदाय

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

20. ( क्र. 1448 ) श्री सुदेश राय : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) विधानसभा क्षेत्र सीहोर अंतर्गत वर्ष 2017-18 में शासन द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में कितने नवीन बोर खनन की स्‍वीकृति दी तथा उक्‍त के विरूद्ध कितने स्‍थानों पर बोर खनन कर हैण्‍डपंप स्‍थापित कर दिये गये हैं तथा कितने स्‍थानों पर बोर खनन किये जाने शेष हैं? जानकारी स्‍थान सहित पृथक-पृथक देवें? (ख) शासन से कितनी सिंगल फेस मोटर की स्‍वीकृति प्राप्‍त हुई तथा उक्‍त स्‍वीकृति के विरूद्ध कितनी सिंगल फेस मोटर का प्रदाय विभाग द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में किया तथा कितनी प्रदाय की जाना शेष हैं? जानकारी स्‍थान सहित पृथक-पृथक बतावें?

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) 26 नवीन नलकूप बोर खनन की स्वीकृति दी गई, शेष जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-01 अनुसार है। (ख) 18 सिंगल फेस मोटर पंप की स्वीकृति दी गई, शेष जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-02 अनुसार है।

परिशिष्ट - ''चार''

उज्‍जवला योजना

[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्‍ता संरक्षण]

21. ( क्र. 1450 ) श्री सुदेश राय : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) उज्‍जवला योजना अंतर्गत विधानसभा क्षेत्र सीहोर में कितने हितग्र‍हियों को योजना का लाभ योजना के प्रारम्‍भ होने से आज दिनांक तक दिया गया हैं? हितग्राहियों की सूची बतावें। (ख) प्रश्नांश (क) क्षेत्र अंतर्गत किस-किस एजेंसी को कितने-कितने कनेक्‍शन प्रदाय किये जाने का लक्ष्‍य दिया गया तथा एजेंसी द्वारा उक्‍त लक्ष्‍य के विरूद्ध कितने कनेक्‍शन का प्रदाय किया गया तथा कितने प्रदाय किये जाने शेष हैं? एजेंसीवार प्रदाय तथा शेष की जानकारी देवें?

खाद्य मंत्री ( श्री ओम प्रकाश धुर्वे ) : (क) उज्‍जवला योजना अंतर्गत विधान सभा क्षेत्र सीहोर में 07 गैस एजेन्सियों से 14367 हितग्राहियों को योजना का लाभ योजना के प्रारंभ होने से आज दिनांक तक दिया है। गैस एजेंसीवार जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) सामाजिक-आर्थिक एवं जाति जनगणना, 2011 में सर्वेक्षित परिवारों में से ऐसे परिवार जो निर्धारित 7 श्रेणियों में से किसी भी एक वंचित श्रेणी के अंतर्गत आने वाले सीहोर जिले के 124290 परिवारों को पात्रतानुसार प्रधानमंत्री उज्‍जवला योजनांतर्गत गैस कनेक्‍शन प्रदाय किया जाना है। एक क्षेत्र में एक से अधिक गैस एजेन्‍सी होने पर पात्र हितग्राही को किसी भी गैस एजेन्‍सी से गैस कनेक्‍शन प्राप्‍त करने की सुविधा होने के कारण जिले में गैस एजेंसीवार गैस कनेक्‍शन जारी करने का लक्ष्‍य निर्धारित नहीं किया गया है। जिले में योजनांतर्गत 68758 हितग्राहियों को गैस कनेक्‍शन जारी किये जा चुके है एवं 55532 हितग्राहियों को गैस कनेक्‍शन जारी किये जाने शेष है शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

अभिलेखों का कम्‍प्‍यूटरीकरण

[राजस्व]

22. ( क्र. 1473 ) श्री राम लल्लू वैश्य : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला सिंगरौली अंतर्गत किस तरह से खसरा-खतौनी कम्‍प्‍यूटराईज्‍ड क्‍या की जायेगी? क्‍या कम्‍प्‍यूटरीकृत की आवश्‍यकता है? इसे कब तक में पूरा किया जावेगा? भूमि की रजिस्‍ट्री पंजीयन किया जाना है, तो नामांतरण के लिये किसानों को अन्‍य विभागों में भी नहीं भटकना पड़ेगा? (ख) क्‍या 1958, 1959 की वार्षिक खतौनी को कम्‍प्‍यूटराईज कराया जायेगा, क्‍योंकि खतौनी मुख्‍य अभिलेख है (जो फटे जा रहे है) यदि हाँ, तो कब तक।

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) जी हाँ। जिला सिंगरौली के सभी ग्रामों के खसरा खतौनी को कम्‍प्‍यूटराईज्‍ड करा लिया गया है। वर्तमान में भूमि की रजिस्‍ट्री के लिए किसान को पंजीयन विभाग एवं नामांतरण के लिए तहसील कार्यालय में जाना होता है। (ख) तहसील स्थित अभिलेखागारों के आधुनिकीकरण के अंतर्गत गत बन्‍दोबस्‍त के समय तैयार कराए गए खसरा, खतौनी तथा उसके बाद के नामांतरण एवं संशोधन पंजी की स्‍केनिंग करायी जा रही है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

नल-जल योजना का क्रियान्‍वयन

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

23. ( क्र. 1477 ) श्री राम लल्लू वैश्य : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या सौर ऊर्जा नल-जल योजना की पिछले वर्ष (2016) में घोषणा हुई थी, यदि हाँ तो सिंगरौली जिले के किन-किन ग्रामों का सर्वेक्षण तैयार किया गया है? क्‍या निविदा तैयार हुई है? (ख) वर्ष 2017-18 में इन कार्यों को कब तक पूर्ण किया जायेगा? यदि नहीं, तो स्‍पष्‍ट जानकारी दें।

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ख) उत्तरांश-'' के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।

आदिवासी महिला अधीक्षिका से छेड़छाड़

[गृह]

24. ( क्र. 1522 ) श्रीमती ममता मीना : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या विभाग के जिला अधिकारी श्री आर.एस. परिहार गुना के विरूद्ध आदिवासी महिला अधीक्षिका से छेड़छाड़ एवं उत्पीड़न का आपराधिक प्रकरण क्रमांक 206/2017 गुना केन्ट थाने में दिनांक 01-04-2017 को दर्ज हुआ है? (ख) यदि हाँ तो आज दिनांक तक श्री परिहार की गिरफ्तारी पुलिस द्वारा क्यों नहीं की गई? (ग) क्या श्री परिहार द्वारा जाँच को लंबित रखकर जाँच प्रभावित की जा रही है, जाँच में आज दिनांक तक श्री परिहार को घटना की निशानदेही को पुलिस द्वारा नहीं बुलाया गया है और न ही आज दिनांक तक प्रकरण में इनके कथन आदि भी पुलिस नहीं ले पाई है, कारण बतायें? (घ) क्या माननीय उच्च न्यायालय द्वारा रिट पिटीशन क्रमांक 3229/2017 में माननीय उच्च न्यायालय खण्डपीठ ग्वालियर द्वारा प्रकरण में आज दिनांक तक कार्यवाही क्यों नहीं की गई है? प्रकरण में पुलिस द्वारा आज दिनांक तक क्या कार्यवाही की गई? प्रकरण में जाँच कब तक पूरी की जावेगी एवं प्रकरण में माननीय उच्च न्यायालय को उत्तर कब तक प्रस्तुत किया जावेगा तथा प्रकरण में चालान माननीय न्यायालय को कब तक प्रस्तुत किया जावेगा? चालान प्रस्तुत करने की समय अवधि क्या है?

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) जी हाँ। (ख) आवेदिका की रिपोर्ट पर प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया व अनावेदक आर.एस.परिहार द्वारा भी विवेचना के दौरान आवेदन पत्र प्रस्तुत किया गया है। सभी बिन्दुओं को दृष्टिगत रखते हुये विवेचना जारी है, प्रकरण में उपलब्ध साक्ष्य अनुसार अग्रिम कार्यवाही की जावेगी। (ग) अनावेदक आर.एस. परिहार द्वारा जाँच प्रभावित नहीं की जा रही है। घटना की निशानदेही का नक्शा मौका नियमानुसार फरियादिया के बताये अनुसार बनाया गया है। अनावेदक आर.एस.परिहार के कथन दिनांक 26.04.2017 को लिये गये हैं। (घ) माननीय उच्च न्यायालय खण्डपीठ ग्वालियर में रिट पिटीशन क्रमांक 3229/2017 दायर की गई है। उक्त रिट पिटीशन में जबाव दावा प्रस्तुत करने हेतु नगर पुलिस अधीक्षक गुना बाय.पी.सिंह को प्रभारी अधिकारी दिनांक 01.06.2017 को नियुक्त किया गया है, उनके द्वारा माननीय उच्च न्यायालय में अतिरिक्त महाधिवक्ता से सम्पर्क कर जबाव दावा प्रस्तुत करने की कार्यवाही की जा रही है। प्रकरण में पुलिस द्वारा आज दिनांक तक फरियादिया एवं 03 साक्षीगणों के कथन लेखबद्ध किये गये हैं व फरियादिया की निशानदेही से घटना स्थल का नक्शा मौका तैयार किया गया। प्रकरण में जबाव दावा प्रस्तुत करने के लिए दिनांक 10.08.2017 नियत है जिसके पूर्व ही यथासंभव माननीय उच्च न्यायालय में जबाव दावा प्रस्तुत किया जावेगा। प्रकरण वर्तमान में अनुसंधान में है, विवेचना में प्राप्त साक्ष्यों के अनुसार प्रकरण का निराकरण किया जायेगा। प्रकरण में विवेचना जारी है। समय-सीमा बताना संभव नहीं।

प्रश्‍नकर्ता के विधानसभा प्रश्न पर कार्यवाही

[राजस्व]

25. ( क्र. 1539 ) श्री महेन्द्र सिंह कालूखेड़ा : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे किअशोकनगर में राजस्व भूमि पर अतिक्रमण के संबंध में 27 फरवरी 2017 को प्रश्‍नकर्ता के परि.अता. प्रश्न क्रमांक 16, 27 मार्च 2017 प्रश्न क्रमांक 4831, 7 दिसम्बर 2016 के परि. अतारांकित प्रश्न क्रमांक 82 तथा 27 फरवरी 2017 के प्रश्न क्रमांक 46 अथाईखेडा की सर्वे क्रमांक 696/2 के बारे में प्रत्येक प्रकरण में अभी तक क्या कार्यवाही हुई है विवरण देवें।

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) श्री बाबूलाल यादव एडवोकेट प्रदेश महासचिव भा.कम्‍प्‍यूनिस्ट पार्टी द्वारा शिकायत में अंकित, कस्‍बा अशोकनगर की भूमि सर्वे नं.497/1 मिन.1 रकबा 0.011 हे. सर्वे नं. 501/1 रकबा 0.366 हे.505/1 रकबा 0.418 हे. 518/1 रकबा 0.010 हे. 520, 521 रकबा 0.806 हे. 530 मि. 531 मि. 532, 533 मि. 534 मि.2 535/2 538 मि. रकबा 1.432 हे. सर्वे नं. 555/2 मि.1 रकबा 1.045 हे. 560/2 रकबा 0.188 हे. 564/1 मि.2 रकबा 0.094 हे. 572/2 मि.1 रकबा 1.077 हे. 582/3 रकबा 0.026 हे. 583/1 रकबा 0.104 हे. 584/2 मि.1 रकबा 0.175 हे. 585/1 मि.2 रकबा 0.264 हे. 586 मि.1 587 मि. 589, 590 मि. 591 मि. 592 मि. 594 मि. रकबा 0.063 हे. वर्तमान राजस्‍व अभिलेख में खाना नं. 3 में भालचंदराव, शिवाजीराव, लीला आत्‍मज केशवराव मराठा के नाम अंकित है एवं खसरे के खाना नं. 12 में तहसीलदार के प्रकरण क्र.32 अ-6/08-09 आदेश दिनांक 8.7.2009 से भूमि शासकीय दर्ज है। इन सर्वे नम्‍बरों में कॉफी संख्‍या में 30 से 40 वर्ष पूर्व से मकान बने है। यह भूमि पूर्व में भालचन्‍द राव, शिवाजी राव, लीला आत्‍मज केशवराव मराठा के नाम भूमि भू-स्‍वत्‍व पर दर्ज थी। भूमि सर्वे नं. 555 में से 6 बीघा 558 में से 2 बीघा 572 में से 1 बिस्‍बा पर गजराम सिंह पुत्र अलोल सिंह यादव द्वारा विक्रय पत्र दिनांक 5.11.1955 के आधार पर केशवराव बल्‍द सीताराम भौसले के स्‍थान पर नामांतरण हेतु आवेदन प्रस्‍तुत किया जो न्‍यायालय तहसीलदार अशोकनगर के प्र.क्र.110 अ-6/14-15 में पारित आदेश दिनांक 20.8.2015 से नामांतरण का आदेश निरस्‍त किया गया। मान.राजस्‍व मण्‍डल के प्रकरण क्र.निगरानी-788-एक-16 में पारित आदेश दिनांक 14.3.2016 से उक्‍त भूमि पर विक्रय पत्र दिनांक 5.11.1955 के आधार पर क्रेता गजराम सिंह पुत्र अलोल सिंह का नामांतरण किये जाने का आदेश पारित किया गया। नामांतरण आदेश को राजस्‍व मण्‍डल के पुनर्विलोकन में प्रकरण दर्ज कर कार्यवाही की जा रही है। ग्राम अथाईखेडा की शासकीय भूमि सर्वे क्र.696/2 को कलेक्‍टर के न्‍यायालयीन प्र.क्र. 02/स्‍वमेव निगरानी/2015-16 में पारित आदेश 20.2.2017 से उक्‍त भूमि शासकीय घोषित की जा चुकी है। जिसका अमल राजस्‍व अभिलेख में कर दिया गया है।

भू-अभिलेख में कम्प्यूटर त्रुटि का सुधार

[राजस्व]

26. ( क्र. 1548 ) श्री प्रहलाद भारती : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या शिवपुरी जिले की पोहरी एवं बैराढ़ तहसील में कम्प्यूटर की त्रुटि से सैकड़ों कृषकों की निजी भूमि को शासकीय भूमि दर्शाया जा रहा है? प्रश्नकर्ता के 17 मई 2014 के पत्र के संदर्भ में आयुक्त भू-अभिलेख एवं बन्दोबस्त मध्यप्रदेश द्वारा कलेक्टर शिवपुरी को जारी पत्र क्रमांक 219/कम्प्यूटर-9/2014 ग्वालियर दिनांक 27.5.2014 में उक्त कम्प्यूटर त्रुटियों की जाँच कर कृषकों के भू-अभिलेख सुधार के लिए लिखा गया था। उक्त पत्र के पालन में किन किन पटवारी हल्कों में किन किन कृषकों के भू-अभिलेख में सुधार कर दिया गया था? ऐसे खातेदारों की सूची उपलब्ध करावें। (ख) क्‍या प्रश्नांश (क) के संदर्भ में पोहरी तथा बैराढ़ तहसील के पटवारी हल्का घौरिया, गोवर्धन, गुरीच्छा व अन्य पटवारी हल्कों में भी सैकड़ों खातों में वर्तमान में भी कम्प्यूटर की त्रुटि से भू-अभिलेख निजी भूमि को शासकीय भूमि दर्शाया जा रहा है। क्‍या विभागीय एवं कम्प्यूटर की त्रुटि को विभाग संज्ञान में लेकर, पुराने रिकार्ड के आधार पर कब तक सुधार कर लेगा? तहसीलों में कम्प्यूटर त्रुटि से संबंधित लंबित प्रकरणों की सूची पटवारी हल्कावार एवं खातेदारों के नाम सहित उपलब्ध करावें उक्त त्रुटियों का संशोधन कब तक कर दिया जावेगा?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) एवं (ख) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

मुआवजे का वितरण

[राजस्व]

27. ( क्र. 1583 ) डॉ. कैलाश जाटव : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या विधानसभा क्षेत्र गोटेगांव में विगत तीन वर्षों में ओला, पाला एवं अतिवृष्टि से फसलों को हुए नुकसान का मुआवजा वितरित किया गया है? यदि हाँ तो कितने लोगों को कब-कब वितरित किया गया। (ख) प्रश्नांश (क) के अनुसार क्‍या जिन हितग्राहियों का नाम मुआवजा सूची में आया था एवं उन्हे मुआवजा प्राप्त नहीं हुआ? ऐसे हितग्राहियों को चिन्हित किया गया है? यदि हाँ, तो उनकी संख्‍या प्रदान करें। (ग) प्रश्नांश (ख) के अनुसार ऐसे हितग्राहियों को मुआवजा नहीं दिये जाने का क्या कारण था? इन्हे कब तक मुआवजा प्रदान कर दिया जावेगा?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्‍ट पर है। (ख) प्रश्‍नांश '' अनुसार सभी प्रभावित कृषकों को मुआवजा राशि का वितरण उनके बैंक खातें में कर दिया गया है। कोई भी प्रभावित कृषक राहत राशि के लिये शेष नहीं है। (ग) प्रश्‍नांश '' अनुसार जानकारी निरंक है।
परिशिष्ट - ''पाँच''

लोकसभा/विधानसभा निर्वाचन व अन्य कार्य हेतु नियमित पदों पर नियुक्ति

[राजस्व]

28. ( क्र. 1604 ) श्री निशंक कुमार जैन : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या वर्ष 2011 से लोकसभा, विधानसभा निर्वाचन व अन्य कार्य हेतु नियुक्त कर्मचारियों को नियमित पदों पर नियुक्ति नहीं दिये जाने से विदिशा जिले के कर्मचारियों द्वारा माननीय उच्च न्यायालयो में याचिका दायर की है यदि हाँ तो जानकारी देवें? (ख) उक्त याचिकाओं पर माननीय न्यायालय द्वारा किस दिनांक को क्या आदेश दिये गये हैं तथा क्‍या आदेश का पालन किया है? (ग) कलेक्टर विदिशा द्वारा दिनांक 01.01.2011 से प्रश्‍नांकित तिथि तक कितने सहायक ग्रेड-3 के पदों पर किस किस संवर्ग में नियुक्तियां की गई हैं? वर्तमान में सहायक ग्रेड-3 के कितने पद किस किस संवर्ग के कब से रिक्त हैं? बतावें? (घ) क्‍या अवर सचिव, म.प्र. शासन, राजस्व विभाग भोपाल ने पत्र क्रमांक/515/365/2011/दिनांक-25.02.2011 में किस न्यायालीयन निर्णय के क्रम में कलेक्टर विदिशा को किस किस याचिकाकर्ताओं को अन्य जिलों की भांति जो भी पद रिक्त हो उस पर नियमित नियुक्ति के संबंध में आदेश दिये थे? यदि हाँ तो आदेश का पालन 6 वर्ष बाद भी नहीं होने के लिये कौन जिम्मेदार है? कब तक नियमित पद पर नियुक्ति की जा रही है?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

आरोन गुना बायपास में अधिग्रहीत भूमि के मुआवजा वितरण में फर्जीवाड़ा

[राजस्व]

29. ( क्र. 1643 ) श्री जयवर्द्धन सिंह : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) म.प्र. के गुना जिले के अंतर्गत आरोन-गुना बायपास का निर्माण किस कंपनी द्वारा किया गया हैं? उक्‍त सड़क निर्माण में जिले के कितने किसानों की कितनी जमीन अधिग्रहीत की गई है तथा अधिग्रहीत जमीन का कितना मुआवजा किसानों को दिया गया है? मुआवजा प्राप्‍त व्‍यक्तियों की सूची, मुआवजे की रकम सहित उपलब्‍ध करावें? (ख) क्‍या ऐसे लोग भी मुआवजा सूची में शामिल हैं जिनकी जमीन अधिग्रहीत नहीं की गई है? यदि हाँ तो वे लोग कौन हैं जिन्‍हें मुआवजा दिया गया है। उन व्‍यक्तियों के नाम एवं दी गई मुआवजा राशि की सूची उपलब्‍ध करावे? (ग) लोगों को बगैर जमीन अधिग्रहण किये मुआवजा देने के लिये कौन अधिकारी एवं हितग्राही जिम्‍मेदार हैं? गलत तरीके से मुआवजा लेने वाले व्‍यक्तियों एवं संबंधित अधिकारी/कर्मचारियों के विरूद्ध शासन द्वारा अभी तक क्‍या कार्यवाही की गई? यदि नहीं, तो क्‍यों तथा उनके विरूद्ध कब तक कार्यवाही की जायेंगी?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) गुना जिले के अंतर्गत गुना आरोन-सिरोंज मार्ग पर आरोन बायपास टू-लेन का निर्माण म.प्र.सड़क विकास निगम भोपाल द्वारा मेसर्स बंसल पथवे कंपनी से कराया गया है। उक्‍त सड़क में तहसील आरोन अंतर्गत कस्‍बा आरोन के 94 खातेदारों की 22.789 हेक्‍टेयर भूमि अधिग्रहित की गई है। अधिग्रहित की गई भूमि की मुआवजा राशि 28,73,92,810/- रूपये स्‍वीकृत की जाकर प्रशासकीय शुल्‍क सहित कुल राशि 30,17,62,451/- का अवार्ड पारित किया गया है। अवार्ड की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार। (ख) जी नहीं। शेष प्रश्‍न उद्भूत नहीं होता (ग) प्रश्नांश (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उद्भूत नहीं होता।

अस्थाई होम गार्डों की नियुक्ति

[गृह]

30. ( क्र. 1741 ) डॉ. रामकिशोर दोगने : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता द्वारा मा. गृह मंत्री म.प्र. शासन भोपाल को लिखे गये पत्र क्रमांक 357 दिनांक 08/04/2017 जिसकी प्रतिलिपि मा. मुख्यमंत्री म.प्र., मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव गृह विभाग म.प्र. शासन भोपाल को प्रेषित की गई थी, पर क्या कार्यवाही की गई? स्पष्ट करें। (ख) म.प्र. में सिंहस्थ महाकुम्भ के दौरान भर्ती किये गये होमगार्ड सैनिकों को प्रशिक्षण एवं ड्यूटी में लगभग दो वर्ष का समय लगा व सिंहस्थ ड्यूटी एवं बाढ़ आपदा के बाद उनकी सेवायें समाप्त कर दी गई? इस दौरान बहुत से होमगार्ड ओवर ऐज हो गये तो क्या उन्हें पुलिस भर्ती में प्राथमिकता दी जावेगी? (ग) क्या उक्त प्रशिक्षित सैनिक जो सिंहस्थ महाकुम्भ में अपनी सेवाएं दे चुके हैं को पुनः सेवा में रखे जाने के संबंध में विभाग द्वारा कोई योजना अथवा प्रस्ताव पारित किया गया है? (घ) यदि हाँ तो जानकारी उपलब्ध करावें। यदि नहीं, तो उसका क्या कारण है?

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) मान. विधायक के पत्र दिनांक 8.4.2017 पर महानिदेशक, होमगार्ड तथा नागरिक सुरक्षा मुख्यालय से अभिमत प्राप्त किया गया है, जिसका परीक्षण किया जा रहा है। (ख) जी हाँ। ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। (ग) जी नहीं। सिंहस्थ मेला 2016 के लिए अस्थाई स्वयंसेवक केवल सिंहस्थ के विशेष प्रयोजन हेतु सीमित समयावधि के लिए नामांकित किए गए थे तथा जारी निर्देश में यह भी लेख किया गया था कि इसके बाद इन्हें अन्य कोई क्लेम नहीं दिया जाएगा। (घ) उत्तरांश '''' के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।

गेहूँ परिवहन में अनियमितता

[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्‍ता संरक्षण]

31. ( क्र. 1792 ) श्री नारायण सिंह पँवार : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) उपार्जन वर्ष 2017-18 में गेहूँ परिवहन के संबंध में शासन द्वारा क्‍या-क्‍या प्रावधान रखे गये थे? प्रावधानित नियम की प्रति उपलब्‍ध करावें? (ख) क्‍या राजगढ़ जिले में उपार्जन वर्ष 2017-18 में गेहूँ परिवहन के नियमों का अक्षरश: पालन कराया गया है? यदि हाँ, तो क्‍या शासन द्वारा निर्धारित मापदंडों के अनुसार समितियों का उपार्जित गेहूँ संबंधित वेयर हाउस में तय परिवहन रूट चार्ट अनुसार पहुचाया गया? यदि हाँ तो तय परिवहन  रूट चार्ट एवं संबंधित वेयर हाउस की आवक पंजी की प्रति सहित जानकारी देवें? (ग) क्‍या राजगढ़ जिले में शासन के तय मानकों व नियमों के विपरीत उपार्जन वर्ष 2017-18 में गेहूँ का ओव्‍हर लोड परिवहन किया गया है तथा शासन द्वारा निर्धारित परिवहन रूट चार्ट का भी उल्‍लंघन किया गया है? (घ) यदि हाँ तो इसमें कौन अधिकारी दोषी है एवं क्‍या शासन दोषी अधिकारी के विरूद्ध कोई कार्यवाही करेगा एवं परिवहन कर्ताओं की जमा राशि को राजसात करेगा? यदि हाँ तो कब तक? यदि नहीं, तो क्‍यों?

खाद्य मंत्री ( श्री ओम प्रकाश धुर्वे ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

नवीन खाद्यान्न पर्चियां जनरेट कर वितरण करना

[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्‍ता संरक्षण]

32. ( क्र. 1807 ) श्री दिलीप सिंह शेखावत : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता के विधानसभा क्षेत्रांतर्गत नागदा एवं खाचरौद की वंचित परिवारों की कितनी खाद्यान्‍न पर्चियां स्थानीय खाद्य विभाग द्वारा अप लोड कर दी गयी हैं? उनमें से कितनी पर्चियां भोपाल कार्यालय के द्वारा अपलोड होना शेष है? शेष रहने का क्या कारण है? (ख) ये पर्चियां कितने समय से लंबित हैं? सूची उपलब्ध करावें। (ग) उक्त पर्चियां कब तक अपलोड होकर हितग्राहियों को वितरीत करा दी जावेगी?

खाद्य मंत्री ( श्री ओम प्रकाश धुर्वे ) : (क) विधानसभा क्षेत्रांतर्गत नागदा एवं खाचरौद में स्‍थानीय निकाय द्वारा 653 नवीन परिवारों को राष्‍ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 के अंतर्गत पोर्टल पर पात्र परिवार के रूप में सत्‍यापित किया गया है, जिनकी पात्रता पर्ची जारी की जाना शेष है। भारत सरकार द्वारा निर्धारित खाद्यान्‍न आवंटन की सीमा से अधिक खाद्यान्‍न की आवश्‍यकता होने के कारण माह सितम्‍बर, 2016 से सत्‍यापित नवीन पात्र परिवारों की पात्रता पर्ची जारी नहीं की जा सकी है। जिला कलेक्‍टर को निर्देश दिए गए हैं कि जिले में 01 मई, 2017 की स्थिति में हितग्राहियों की संख्‍या के विरूद्ध जितनी संख्‍या में अपात्र व्‍यक्तियों के नाम पोर्टल पर विलोपित किए जाएंगे उतनी ही संख्‍या में संबंधित जिले के नवीन सत्‍यापित व्‍यक्तियों के नाम सम्मिलित किए जा सकेंगे। जिले में जुड़ने वाले नवीन हितग्राही के लिए पात्र बी.पी.एल. परिवारों को प्राथमिकता दी जाए, इसके पश्‍चात् अनुसूचित जाति/जनजाति के नवीन सत्‍यापित व्‍यक्तियों को प्राथमिकता दी जाए। उक्‍त दोनों श्रेणियों के परिवारों को पात्रता पर्ची जारी होने के उपरांत अन्‍य श्रेणी के परिवारों के नाम जोड़े जाने की कार्यवाही की जाए। जिलों में पात्रता पर्ची जारी करने की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। (ख) माह सितम्‍बर, 2016 से सत्‍यापित नवीन परिवारों की पात्रता पर्ची जारी नहीं हुई है। जिन परिवारों की पात्रता पर्ची जारी नहीं की जा सकी है, उनकी सूची पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। (ग) प्रश्नांश (क) के उत्‍तर अनुसार।

पंजीबद्ध प्रकरण में कार्यवाही

[गृह]

33. ( क्र. 1841 ) श्री इन्‍दर सिंह परमार : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या सीहोर जिले के थाना अहमदपुर में दिनांक 17.04.2013 को अपराध क्रमांक 37/13 पर प्रकरण पंजीबद्ध किया गया है? यदि हाँ तो आरोपी कौन है? चालान किसके विरूद्ध कोर्ट में पेश किया गया? (ख) प्रश्नांश (क) में उल्‍लेखित प्रकरण में क्‍या फरियादी की शिकायत के जाँच प्रतिवेदन क्रमांक अति.पु.अ./सीहोर/रीडर/17 (शि.पु.-06) दिनांक 30.03.2017 में प्रथम सूचना प्रतिवेदन के प्रतिपर्ण कॉपी में आरोपी के नाम के सम्‍मुख विनोद मीना लेख किया गया एवं अभियोग पत्र में संलग्‍न कॉपी में रवि मीना लेख किया गया है? यदि हाँ, तो इस विरोधाभास स्थिति के लिए दोषी कौन है? (ग) क्‍या प्रतिवेदन के प्रतिपर्ण कॉपी में लेख आरोपी एवं अभियोग पत्र के संलग्‍न कॉपी में लेख आरोपी के विरूद्ध न्‍यायालय में चालान पेश किया गया है? यदि नहीं, तो चालान किसके विरूद्ध पेश किया गया है और क्‍यों? (घ) क्‍या प्रश्नांश (क) में उल्‍लेखित प्रकरण कि एफ.आई.आर. में विरोधाभासी स्थिति एवं एफ.आई.आर. से भिन्‍न चालान पेश करने वाले अधिकारी का कोई दोष नहीं है? क्‍या न्‍यायालय में प्रकरण विचाराधीन होने से दोषी के विरूद्ध विभागीय कार्यवाही नहीं की जा सकती है?

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) जी हाँ। अप.क्र.-37/13 धारा 279, 337, 338 भा.द.वि. प्रकरण के प्रथम सूचना पत्र में आरोपी रवि मीना पिता रामस्वरुप मीना निवासी महुआखेडी थाना दोराहा अंकित है। प्रकरण के अनुसंधान में आरोपी संतोष पिता घूडेलाल निवासी ग्राम सांकला के विरुद्ध साक्ष्य अनुरुप अभियोग पत्र वर्ष 2013 में सक्षम न्यायालय में पेश किया गया है। (ख) जी हाँ। विरोधाभास के लिये विभागीय कार्यवाही के अंतर्गत जाँच अति.पुलिस अधीक्षक सीहोर द्वारा की जा रही है। (ग) जी नहीं। प्रकरण में अनुसंधान उपरांत साक्ष्य के आधार पर आरोपी संतोष पिता घूडेलाल के विरुद्ध अभियोग पत्र न्यायालय में पेश किया गया है। (घ) प्रकरण में अनुसंधान में आये साक्ष्य अनुरुप कार्यवाही की जाकर एफ.आई.आर. से भिन्न आरोपी के विरुद्ध अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया है। प्रकरण न्यायालय में विचाराधीन है। माननीय न्यायालय द्वारा प्रकरण में दिये गये निर्णय अनुसार कार्यवाही की जावेगी। शेष उत्तर प्रश्नांश (ख) के उत्तर में समाहित है।

प्राप्‍त शिकायतों पर कार्यवाही

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

34. ( क्र. 1844 ) श्री रामलाल रौतेल : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या वित्‍तीय वर्ष 2008 से 2014 तथा 2015 से 2016 अनूपपुर खण्‍ड में हुए विभागीय कार्य एवं संविदाकारों से कराये गये कार्यों की शिकायतें प्राप्‍त हुई हैं? यदि हाँ तो शिकायत का प्रकार क्‍या है? प्राप्‍त शिकायत पर अभी तक क्‍या कार्यवाही हुई है? (ख) क्‍या भौतिक सत्‍यापन शिकायतकर्ता एवं उसके प्रतिनिधि की अनुपस्थिति में किया गया है? यदि हाँ तो सम्मिलित न करने का कारण क्‍या है? (ग) क्‍या दोषी अधिकारी के विरूद्ध कार्यवाही की जावेगी, यदि हाँ तो कब तक?
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) जी हाँ। विवरण संलग्न परिशिष्ट अनुसार। (ख) विभाग के दक्ष अधीक्षण यंत्री की अध्यक्षता में जाँच दल का गठन कर भौतिक सत्यापन कराया गया है अतः शिकायतकर्ता एवं जनप्रतिनिधि को सम्मिलित नहीं किया गया। (ग) प्रथम दृष्टया उत्तरदायी पाये गये अधिकारी/कर्मचारियों श्री आर.वाय.तिवारी, श्री यू.एस.नामदेव, श्री हीरा सिंह धुर्वे तत्कालीन कार्यपालन यंत्री खण्ड अनूपपुर, श्री के.के.गुप्ता प्रभारी सहायक यंत्री, श्री आर.पी.अहिरवार श्री एस.पी.द्विवेदी उपयंत्री में से श्री हीरा सिंह धुर्वे, कार्यपालन यंत्री, श्री आर.पी.अहिरवार एवं श्री एस.पी.द्विवेदी उपयंत्रियों के विरूद्ध शासन के पत्र क्रमांक एफ-5-6/17/1/34 दिनांक 4.3.2017 द्वारा एवं श्री के.के.गुप्ता, सेवानिवृत्त प्रभारी सहायक यंत्री को शासन के समसंख्यक पत्र दिनांक 30.6.2017 द्वारा आरोप पत्र जारी कर दिए गए हैं। शेष सेवानिवृत्त उत्तरदायी अधिकारी श्री आर.वाय.तिवारी एवं श्री यू.एस.नामदेव कार्यपालन यंत्री की सेवानिवृत्ति तथा अपचार की घटना चार वर्ष से अधिक होने के कारण इनके विरूद्ध मध्यप्रदेश सिविल सेवा (पेंशन) नियम 1976 के तहत कार्यवाही की जाना संभव नहीं है।

परिशिष्ट - ''छ:''

लीज भूमि का दुरूपयोग

[राजस्व]

35. ( क्र. 1860 ) श्री देवेन्द्र वर्मा : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) खंडवा जिले में किन-किन शैक्षणिक संस्‍थाओं को शिक्षा के प्रचार-प्रसार हेतु कितनी-कितनी शासकीय भूमि किस ग्राम/शहर में भूमि लीज पर दी गई है? (ख) खंडवा नगरीय क्षेत्र में निमाड़ एजुकेशन सोसायटी को किस खसरा नम्‍बर की कितनी भूमि किस प्रयोजन हेतु लीज पर कब दी गई है? लीज शर्तों की प्रति उपलब्‍ध कराएं? (ग) क्‍या लीजधारक संस्‍था द्वारा लीजभूमि पर नियम विरूद्ध निर्माण कार्य करवाए गये है? क्‍या संस्‍था द्वारा लीज भूमि पर गत 15 में किये गये सभी निर्माण कार्यों की अनुमति प्राप्‍त की है? यदि हाँ तो आदेश प्रति उपलब्‍ध कराएं? (घ) क्‍या शिक्षा के प्रचार प्रसार हेतु मिली भूमि पर लीजधारक द्वारा बड़ा होटल एवं मैरिज गार्डन बनाकर व्‍यावसायिक उपयोग किया जा रहा है? यदि हाँ तो इनके निर्माण की अनुमति किसके द्वारा दी गई आदेश प्रति उपलब्‍ध कराएं? (ड.) राजस्‍व विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से मूल लीज शर्तों में परिवर्तन कर फ्री होल्‍ड की गई भूमि का वर्तमान बाजार मूल्‍य क्‍या है? क्‍या अब इसका भू-भाटक उस दर से वसूला जा रहा है? (च) क्‍या इस फ्री होल्‍ड अनुमति प्रकरण की उच्‍च स्‍तरीय जाँच करवाई जाएगी? क्‍या जनहित में ऐसी लीज भूमि को शासन अपने आधिपत्‍य में लेगा? यदि हाँ तो कब?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) खण्‍डवा जिले के शहर खण्‍डवा में दि निमाड एजुकेशन सोसायटी खण्‍डवा शैक्षणिक संस्‍था को शिक्षा हेतु नजूल ब्‍लॉक नं. 73 प्‍लाट नं. 01 क्षेत्रफल 34834 वर्गफिट भूमि एवं ब्‍लॉक नं. 70 प्‍लाट नं. 17 क्षेत्रफल 218210 वर्गफिट खण्‍डवा शहर में लीज पर दी गई है। (ख) खण्‍डवा नगरीय क्षेत्र में दि निमाड एजुकेशन सोसायटी खण्‍डवा को खण्‍डवा शहर स्थित नजूल ब्‍लॉक नं. 70 प्‍लाट नं. 17 क्षेत्रफल 218210 वर्गफिट ब्‍लॉक नं. 73 प्‍लाट नं. 01 क्षेत्रफल 34834 वर्गफिट भूमि ''लीज ऑफ इन्‍ट्रा म्‍युनिसिपल नजूल फार बिल्‍डिंग परपज'' प्रयोजन हेतु दिनांक 08.10.1948 को लीज पर दी गई थी। पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार। (ग) लीजधारक संस्‍था द्वारा लीज भूमि पर नि‍यम विरूद्ध निर्माण कार्य किये जाने एवं संस्‍था द्वारा लीज भूमि पर निर्माण कार्यों की अनुमति के संबंध में तात्‍कालीन कलेक्‍टर खण्‍डवा द्वारा प्रकरण की जाँच कर प्रतिवेदन भेजा गया है जिस पर कार्यवाही प्रचलित है। संस्‍था द्वारा क्षेत्रफल 1473.32 वर्गमीटर पर शैक्षणिक प्रयोजनार्थ एवं कार्यालय निर्माण की अनुमति आयुक्‍त, नगर पालिक निगम खण्‍डवा से ली गई है। पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार। (घ) जी हां, लीज भूमि पर शिक्षण संस्‍थान '' दि निमाड एजुकेशन सोसायटी खण्‍डवा'' के नाम से लीज दी गई भूमि पर संचालित होटल एवं फ्री-होल्‍ड की गई भूमि के संबंध में जाँच प्रतिवेदन प्रमुख राजस्‍व आयुक्‍त, भोपाल को प्रेषित किया गया है। पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार। (ड.) मूल लीज शर्तों में परिवर्तन कर फ्री-होल्‍ड की गई भूमि का वर्तमान बाजार मूल्‍य राशि रूपये 52,67,80,800.00 रूपये है। उक्‍त लीज भूमि का वार्षिक भू-भाटक राशि रूपये 296569.00 निर्धारित किया गया है। (च) संस्‍था को फ्री-होल्‍ड अनुमति के प्रकरण की वस्‍तु‍स्थिति की जाँच कर तत्‍कालीन कलेक्‍टर, खण्‍डवा द्वारा प्रतिवेदन भेजा गया है, जिस पर कार्यवाही प्रक्रियाधीन है।

नल-जल योजना के नलकूप खनन

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

36. ( क्र. 1881 ) श्री सत्‍यपाल सिंह सिकरवार : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) विगत 2 वर्ष में सुमावली विधानसभा क्षेत्र मुरैना के कितने गांवों में नल-जल योजना के नलकूप खनन कब-कब किये गये। गावों के नाम, खनन का वर्ष सहित जानकारी दी जावे? (ख) क्‍या नल-जल योजना के कार्य काफी अतंराल के बाद भी अधूरे पड़े हैं। न ही पाईप लाईन बिछी है और न ही टंकियां निर्मित की है? उक्‍त नल-जल योजना का कार्य कब तक पूर्ण किया जावेगा? (ग) क्‍या शासन के बार-बार निर्देशों के बावजूद भी नल-जल योजनाओं पर कार्य प्रांरभ नहीं किया है तथा ऐसी कितनी नल-जल योजनाएं है जो पूर्ण होने के बाद भी जून 2017 तक टूटी-फूटी पड़ी हैं, उनका निर्माण वर्ष एवं जून 2017 की स्थिति की पूर्ण जानकारी दी जावें।

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) वर्ष 2015 में 01 ग्राम मुंगावली में नल-जल योजना का नलकूप खनन किया गया। (ख) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। स्वीकृत योजना अंतर्गत पर्याप्त स्त्रोत का अभाव, टंकी निर्माण स्थल विवाद एवं ठेकेदार द्वारा कार्य नहीं करने के कारण कार्य अपूर्ण हैं। योजनाओं के कार्य पूर्ण करने की कार्यवाही की जा रही है। निश्चित समय-सीमा नहीं बताई जा सकती है। (ग) जी नहीं, बंद योजनाओं को पुनः चालू करने हेतु ''नल से जल आज और कल'' कार्यक्रम अंतर्गत लघु सुधारवाली (2.00 लाख से कम लागत) बंद नल-जल योजनाओं को पंचायत के माध्यम से चालू करने हेतु राशि उपलब्ध करवायी गई है एवं वृहद सुधार वाली (रू. 2.00 लाख से अधिक लागत) बंद नल-जल योजनाओं को चालू करने हतु विभाग द्वारा निविदा आमंत्रण की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है।

अल्‍ट्राटेक सीमेंट हेतु भूमि अधिग्रहण

[राजस्व]

37. ( क्र. 1895 ) श्री उमंग सिंघार : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) धार जिले में अल्‍ट्राटेक सीमेंट के लिये भूमि का अधिग्रहण किस भूमि अधिग्रहण अधिनियम के तहत किया गया? (ख) आदिवासी एवं गैर अ‍ादिवासियों की भूमि खरीदी या लीज पर ली गई भूमि कितनी अधिग्रहित की गई और कितना मुआवजा दिया गया? प्रति हेक्‍टेयर किस रेट से खरीदी गई तथा लीज पर ली गई, गांववार राशि की जानकारी देवें? (ग) क्‍या नवीन भूमि अधिग्रहण अधिनियम 2013 के अनुसार अधिग्रहित आदिवासियों एवं गैर आदिवासियों की भूमि का मुआवजा भूमि के बाजार मूल्‍य से 04 (चार) गुना अधिक मुआवजा दिये जाने का प्रावधान है? ऐसे कितने आदिवासी व गैर आदिवासी किसानों को भूमि के बाजार मूल्‍य से 04 (चार) गुना अधिक मुआवजा दिया? किसानों की सूची नाम, गांव एवं राशिवार ब्‍यौरा देवें?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) धार जिले में अल्ट्राटेक सीमेंट प्‍लांट के लिये भूमि का अधिग्रहण वर्ष 2012-13 में होने से भूमि अर्जन अधिनियम 1894 के तहत भूमि का अधिग्रहण किया गया है। (ख) धार जिले में अल्ट्राटेक सीमेंट प्‍लांट के लिये 8 ग्रामों की कुल 90.611 हे. निजी भूमि का अधिग्रहण किया गया है जिसमें आदिवासी वर्ग की 50.079 हे. भूमि तथा गैर आदिवासी वर्ग की 40.532 हे. भूमि का अधिग्रहण किया गया है। जिसमें प्रत्‍येक ग्राम की पृथक-पृथक दरें होने से तदानुसार अवार्ड राशि का भुगतान किया गया है। ग्रामवार प्रकरणों का विवरण संलग्न परिशिष्‍ट के प्रपत्र अ अनुसार है। उक्‍त के अतिरिक्‍त अल्ट्राटेक कंपनी को सतही अधिकार के तहत 9 ग्रामों की 774.625 हे. भूमि लीज पर दी गई है जिसमें आदिवासी वर्ग की 752.945 हे. भूमि तथा गैर आदिवासी वर्ग की 21.680 हे. भूमि लीज पर दी गई है। ग्राम चिराखान में गैर आदिवासी वर्ग के एक कृषक खातेदार की 2.705 हे. भूमि अल्ट्राटेक कंपनी द्वारा सीधे क्रय की गई है। ग्रामवार विवरण का संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-ब पर है। (ग) जी नहीं। प्रावधान नहीं होने से किसी को भी चार गुना प्रतिकर नहीं दिया गया है। शेष प्रश्‍न उद्भूत‍ नहीं होता।

परिशिष्ट - ''सात''

अल्‍ट्राटेक सीमेंट प्‍लांट द्वारा धार जिले में भूमि अधिग्रहण

[राजस्व]

38. ( क्र. 1896 ) श्री उमंग सिंघार : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) धार जिले में प्रस्‍तावित अल्‍ट्राटेक सीमेंट प्‍लांट के लिये कौन-कौन से ग्रामों में सरकारी भूमि शासन के द्वारा दी गई? उक्‍त प्‍लांट के लिये कितनी भूमि आदिवासी एवं गैर आदिवासी की खरीदी एवं लीज पर ली गई? सभी भूमि का खाता, खसरा नंबर हल्‍के सहित उपलब्‍ध करावें? (ख) प्रश्‍नांकित (क) अनुसार जिन आदिवासी एवं गैर आदिवासी एवं सरकारी भूमि अल्‍ट्राटेक सीमेंट प्‍लांट के लिये ली गई है? क्‍या उक्‍त भूमि के लिये पंचायत द्वारा प्रस्‍ताव ठहराव किये गये? (ग) क्‍या अल्‍ट्राटेक सीमेंट द्वारा जो भूमि का अधिग्रहण किया गया, आदिवासी या गैर आदिवासी की जो भूमि ली गई है? भूमि स्‍वामी के प्रत्‍येक परिवार के सदस्‍य को रोजगार दिया गया? ऐसे कितने भूमि अधिग्रहण से प्रभावित परिवारों के सदस्‍यों को रोजगार दिया गया? (घ) प्रश्‍नांकित (क) अनुसार क्‍या उक्‍त परियोजना के लिये भू-अर्जन की तथा खनन की अनुमति ग्राम सभा से ली गई?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) धार जिले में प्रस्‍तावित अल्ट्राटेक सीमेंट प्‍लांट के लिये तहसील मनावर के ग्राम टोंकी, टेमरनी, सोण्‍डूल, गोलपुरा, उदियापुर, बोरलाई, चिराखान, सीतापुरी, अवराल, अण्डियाव एवं तहसील गंधवानी के ग्राम बडिया,करोंदिया एवं धुरसल की शासकीय भूमि लीज पर दी गई है। उक्‍त प्‍लांट के लिये मनावर तहसील के 6 ग्राम एवं गंधवानी तहसील के 3 ग्राम इस प्रकार कुल 9 ग्रामों की कुल 774.625 हे. भूमि सतही अधिकार के तहत लीज पर दी गई है। जिसमें आदिवासी वर्ग की 752.945 है. भूमि शामिल है। उक्‍त के अतिरिक्‍त अल्‍ट्राटेक कंपनी द्वारा ग्राम चिराखान (मनावर) में सामान्‍य वर्ग के एक कृषक की 2.705 हे. भूमि सीधे रजिस्‍टार विक्रय पत्र से क्रय की गई है। ग्रामवार खसरा नं. हल्‍के सहित विवरण हेतु सतही अधिकार के संबंध में अनुमोदन गणना पत्रक पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) जी हाँ। (ग) म.प्र.शासन पुनर्वास विभाग के आदेश दिनांक 21.3.2014 द्वारा अल्‍ट्राटेक सीमेंट संयत्र से प्रभावित परिवारों के लिये पुनर्वास नीति प्रसारित की गई जिसके बिन्‍दु क्रमांक 7.13.1 अनुसार प्रत्‍येक प्रभावित खातेदार के परिवार के एक सदस्‍य को कंपनी में सीधे रोजगार अथवा प्रभावित सदस्‍य के रोजगार करने के इच्‍छुक नहीं होने पर विकल्‍प के रूप एक मुश्‍त रूपये 3 लाख रोजगार अनुदान के रूप में देने का प्रावधान किया गया है। कंपनी द्वारा प्रदत्‍त जानकारी अनुसार उक्‍त निर्देश दिनांक 21.3.2014 के अनुक्रमांक में प्रभावित 77 सदस्‍यों द्वारा रोजगार अनुदान का विकल्‍प चुनने से प्रति सदस्‍य को रूपये 3-3 लाख का नगद भुगतान किया गया है। 5 खातेदार जो नौकरी के इच्‍छुक होने पर रोजगार प्रदान किया गया। शेष प्रभावित कृषकों के विकल्‍प/योग्‍यता अनुसार रोजगार अथवा अनुदान की कार्यवाही प्रचलित है। (घ) जी हाँ।

उर्मिल बांध हेतु भूमियों/परिसम्‍पत्तियों का अधिग्रहण

[राजस्व]

39. ( क्र. 1938 ) श्री मानवेन्द्र सिंह : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) उर्मिल बांध जिला छतरपुर हेतु ग्राम सिंहपुर, मुर्खरा, खिरवा, टटम राजस्‍व हल्‍कों के किन-किन व्‍यक्तियों की कितनी भूमियों/परिसम्‍पत्तियों का अधिग्रहण किया गया है? अधिग्रहण से प्रभावित व्‍यक्तियों के पास मौके पर कितनी भूमि शेष बची है? प्रकरणवार पारित आदेश व प्रतिकर निर्धारण पत्रक व प्रभावित व्‍यक्तियों की शेष बची भूमि का ब्‍यौरा संलग्‍न करें? (ख) प्रश्नांश (क) में उल्‍लेखित ग्रामों के किसानों की अधिग्रहित भूमियों के पश्‍चात उनके पास बहुत ही कम भूमि बची है? बांध में जल भराव के पश्‍चात इन किसानों के मकान व शेष बची भूमि के चारों ओर पानी भर जाने से शेष बची भूमि व भवन का किसानों द्वारा उपयोग नहीं कर पाने की शिकायतें प्रकाश में आयी हैं? (ग) क्‍या ग्रामों के निर्वाचित सरपंच, जनप्रतिनिधियों के द्वारा जिला प्रशासन छतरपुर को ज्ञापन के माध्‍यम से शिकायतों के संबंध में ध्‍यानाकर्षित किया है? यदि हाँ तो ज्ञापन/शिकायतों पर जिला प्रशासन द्वारा क्‍या कार्यवाही की गई? कार्यवाही प्रतिवेदन देवें। (घ) क्‍या राज्‍य शासन/जिला प्रशासन उक्‍त तथ्‍यों पर विचार कर डूब क्षेत्र में प्रभावित नागरिकों की शेष बची कम भूमियों एवं मकानों, जो जल भराव के कारण उनके उपयोग में नहीं आ रही हैं का सर्वे करवाकर ऐसी भूमियों/भवनों का अधिग्रहण कर मुआवजा भुगतान का आदेश देगा? यदि नहीं, तो क्‍यों?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

महिला/पुरूष/अवयस्‍क बच्‍चों के गुमशुदगी के दर्ज प्रकरण

[गृह]

40. ( क्र. 1939 ) श्री मानवेन्द्र सिंह : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला छतरपुर के पुलिस थाना नौगांव, हरपालनपुर, गढ़ीमलहरा, महाराजपुर, लवकुशनगर, गौरिहार, चंदला, सरबई में 01 जनवरी 2013 से प्रश्‍न दिनांक तक कितने महिला/पुरूष अवयस्‍क लड़के/लड़कियों के गुमशुदगी प्रकरण दर्ज हुए? उनके नाम, पता तथा प्रकरण दर्ज होने की तारीख बतलावें? (ख) कितनी महिलाओं एवं अवयस्‍क लड़कियों के साथ गैंग रेप किया गया तथा कितनी पीड़ि‍त महिला/लड़कियों ने आत्‍महत्‍या कर ली एवं कितनों की हत्‍या कर दी गई? (ग) गुमशुदा बच्‍चें एवं बच्चियों तथा महिलाओं को तलाशने के लिए पुलिस विभाग द्वारा पुलिस थाना नौगांव के अपराध क्रमांक 34/14 धारा 365 में गुमशुदा व्‍यक्ति की तलाश के संदर्भ में माननीय मुख्‍यमंत्री, मुख्‍य सचिव को दिनांक 25.06.2015 में कार्यवाही से संबंधित शिकायती आवेदन में क्‍या कार्यवाही हुई? कार्यवाही विवरण उपलब्‍ध करावें? कार्यवाही नहीं होने की स्थिति में दोषी अधिकारियों के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की जावेगी? (घ) प्रश्नांश (क) एवं (ख) में दर्शाये पीड़ि‍त महिला/पुरूष एवं अवयस्‍‍क लड़के/लड़कियों को शासन स्‍तर से क्‍या कोई सहायता दी गई है? यदि हाँ, तो क्‍या सहायता दी गयी? इस प्रकार की घटनाओं को रोकने के लिए क्‍या पुलिस विभाग द्वारा कोई ठोस कार्ययोजना बनायी गई है? यदि हाँ तो क्‍या? यदि नहीं, तो क्‍यों?

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे गये परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' में महिलाओं के नाम प्रकटन के संबंध में भारतीय दण्डविधान की धारा 228-ए में प्रतिषेध होने से महिलाओं के नाम परिशिष्‍ट में उल्‍लेख नहीं किये गये हैं। इसी प्रकार अवयस्क लड़के एवं लड़कियों के मामलों में भी किशोर न्याय (बालकों की देखरेख और संरक्षण) अधि. 2015 की धारा-74 के अनुसार नामों का प्रकटन प्रतिषेध होने से परिशिष्‍ट में उल्‍लेख नहीं किये गये। (ख) प्रश्नांश अवधि में 17 महिलाओं एवं 17 अवयस्क लड़कियों के साथ गैंग रेप घटना प्रकाश में आये है। किसी भी पीड़ि‍त महिला/लड़की द्वारा न तो आत्महत्या की गई ओर न ही हत्या हुई। (ग) थाना नौगांव के अप.क्र. 34/14 धारा-365 भा.द.वि. के आवेदक करोडी लाल रैकवार द्वारा मान. मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव को दिनांक 25.06.15 को प्रस्तुत आवेदन पत्र की जाँच एस.डी.ओ.पी. नौगांव द्वारा की गई। घटना के संबंध में दिनांक 26.03.2013 को आवेदक की रिपोर्ट पर गुम इंसान क्र. 15/13 कायम कर जाँच की गई। जाँच के दौरान संदेही द्वारा बहला फुसला कर अपहरण का संदेह पाये जाने पर अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना के दौरान संदेहीयान पडोसीयान से पूछताछ की गई। इससे संबंधित पेम्पलेट सार्वजनिक स्थलों पर चस्पा कराया गया एवं दूरदर्शन/गजट प्रकाशन कराया गया। आरोपी एवं अपहृत के संबंध में सूचना देने वाले को 10,000/- का ईनाम घोषित किया गया। शिकायत पत्र में दर्ज संदेहीयान आर.के. माझी एवं असरदार धीरज सिंह के विरुद्ध लगाये गये आरोप अबतक प्रमाणित नहीं पाये गये है। प्रकरण में आरोपी एवं अपहृत की तलाश के प्रयास जारी है। प्रश्नांश के उत्तर के तारतम्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) प्रश्नांश (क) एवं '''' में दर्शाये पीड़ि‍त महिला/पुरुष एवं अवयस्क लड़के/लड़कियों को शासन स्तर से कुल-15 प्रकरणों में आर्थिक सहायता दी गई है जिसकी जानकारी पुस्तकालय में रखे गये परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। इस प्रकार की घटनाओं को रोकने के लिये क्षेत्र में जन शिकायत निवारण, जन शिविरों को आयोजन कर आम जन मानस को जागृत किया जा रहा है।

खाद्य पर्चियों में गड़बड़ी करने वाले अधिकारियों/कर्मचारियों के विरूद्ध कार्यवाही

[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्‍ता संरक्षण]

41. ( क्र. 1958 ) श्री लखन पटेल : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता द्वारा पूछे गए तारांकित प्रश्‍न क्रमांक 144 दिनांक 20 मार्च 17 के उत्‍तर में स्‍वीकार किया है कि 619 परिवारों को पात्रता पर्ची जारी करना शेष हैं? तो क्‍या अन्‍य ग्रामों में इसके अलावा पात्रता पर्ची जारी करना शेष है और यह कब तक जारी कर दी जावेगी? (ख) उपरोक्‍त प्रश्‍न में सदन में मौखिक चर्चा के दौरान मंत्री जी द्वारा स्‍वीकार किया था कि नगर पंचायत में गड़बड़ी हुई तो अभी तक गड़बड़ी करने वाले कर्मचारियों-अधिकरियों पर क्‍या कार्यवाही की गई? यदि नहीं, तो कब तक करेंगे, जिन्‍होने जनसंख्‍या से अधिक पर्ची जारी की थी?

खाद्य मंत्री ( श्री ओम प्रकाश धुर्वे ) : (क) जी हाँ। विधान सभा प्रश्न क्रमांक 144 तारांकित के उत्तर में पथरिया नगर एवं ग्रामीण क्षेत्र के 619 पात्र परिवारों को पात्रता पर्ची जारी किया जाना शेष होने की जानकारी दी गई थी वर्तमान में पथरिया विधान सभा क्षेत्र के 1586 एवं दमोह जिले के कुल 7263 नवीन सत्‍यापित परिवारों को पात्रता पर्ची जारी की जाना शेष है। भारत सरकार द्वारा निर्धारित खाद्यान्‍न आवंटन की सीमा से अधिक खाद्यान्‍न की आवश्‍यकता होने के कारण माह अगस्‍त, 2016 के पश्‍चात् सत्‍यापित नवीन पात्र परिवारों की पात्रता पर्ची जारी नहीं की जा सकी है। जिला कलेक्‍टर को निर्देश दिए गए हैं कि जिले में 01 मई, 2017 की स्थिति में हितग्राहियों की संख्‍या के विरूद्ध जितनी संख्‍या में अपात्र व्‍यक्तियों के नाम पोर्टल पर विलोपित किए जाएंगे उतनी ही संख्‍या में संबंधित जिले के नवीन सत्‍यापित व्‍यक्तियों के नाम सम्मिलित किए जा सकेंगे। जिले में जुड़ने वाले नवीन हितग्राही के लिए पात्र बी.पी.एल. परिवारों को प्राथमिकता दी जाए, इसके पश्‍चात् अनुसूचित जाति/जनजाति के नवीन सत्‍यापित व्‍यक्तियों को प्राथमिकता दी जाए। उक्‍त दोनों श्रेणियों के परिवारों को पात्रता पर्ची जारी होने के उपरांत अन्‍य श्रेणी के परिवारों के नाम जोड़े जाने की कार्यवाही की जाए। (ख) नगर पंचायत पथरिया में जनसंख्या से अधिक पात्रता पर्ची जारी होने के संदर्भ में जाँच कराई गई जिसमें जनसंख्या से अधिक पात्र सदस्य संख्या होना नहीं पाई गई है।

सौर ऊर्जा प्लांट हेतु आवंटित भूमि

[राजस्व]

42. ( क्र. 2018 ) श्री हरदीप सिंह डंग : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) ग्राम सेमली कांकड में मेसर्स एवेजर्स सोलर प्रा.लि. को कौन से सर्वे नं. की भूमि पर प्लांट लगाने हेतु स्वीकृति प्रदान की गई है एवं कितने हेक्टेयर भूमि पर सोलर प्लांट का कार्य किया जा रहा है तथा प्लांट हेतु कितने हेक्टयर भूमि पर बाउण्ड्रीवॉल का निर्माण कार्य किया जा रहा है? (ख) उपरोक्त सर्वे क्रं. की भूमि जिस पर सोलर प्लांट द्वारा निर्माण कार्य किया जा रहा है वर्ष 1947 के बाद से उपरोक्त सर्वे नं. की भूमि प्रश्न दिनांक तक किस-किस के नाम रही? (ग) पुराना सर्वे क्रं. 749/5, नवीन सर्वे (751), 749/11 नवीन सर्वे (752), 749/7 नवीन सर्वे (769), 749/8 नवीन सर्वे (770) का वर्ष 1975 से 1990 नक्शा तथा खसरा नकल उपलब्ध करावें। (घ) यदि नक्शे उपलब्ध नहीं है तो इसका मूल कारण स्पष्ट‍ करते हुए जानकारी देवें।

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) जिला मंदसौर की तहसील सुवासरा के ग्राम सेमलीकांकड में मेसर्स एवेंजर्स सोलर प्रा.लि.ने निजी भूमि खसरा नं. 747 रकबा 1.04 हे. 748 रकबा 1.09 हे. 751 रकबा 8.31 हे. एवं 752 रकबा 10.22 हे. कुल किता 04 कुल रकबा 20.66 हे. क्रय की है। उक्‍त भूमि पर सौर परियोजना लगाने की अनुमति नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग द्वारा दी गई है। उक्‍त खसरा नं. की भूमि को चारों ओर से घेरने हेतु वर्तमान में बाउण्‍ड्रीवॉल निर्माण प्रगति पर है। (ख) तहसील सुवासरा के ग्राम सेमलीकांकड की खसरा नं. 747 748 751 एवं 752 की भूमि प्रश्‍न दिनांक तक जिन जिन भूमिस्‍वामियों के नाम रिकार्ड में अंकित रही उसकी जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। (ग) प्रश्‍नांश (क) में उल्‍लेखित सर्वे नंबरों का बंदोबस्‍त वर्ष 1993-94 का नक्‍शा वर्तमान में उपलब्‍ध है इसके पूर्व का बन्‍दोबस्‍त वर्ष 1938-39 का नक्‍शा प्रचलित था। प्रत्येक वर्ष नवीन नक्‍शा बनाने के प्रावधान नहीं है अत वर्ष 1975 से 1990 के बीच का नक्‍शा उपलब्‍ध कराने का प्रश्‍न उद्भूत नहीं होता। खसरा पंचसाला वर्ष 1976-77 से वर्ष 1980-81 लगायत वर्ष 2016-17 तक की खसरा प्रतिलिपि पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। (घ) प्रत्‍येक वर्ष नवीन नक्‍शा बनाने के प्रावधान नहीं है।

बड़वानी निवासी व्‍यक्ति की गिरफ्तारी

[गृह]

43. ( क्र. 2020 ) श्री हरदीप सिंह डंग : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) घनश्याम धाकड़ पिता दुर्गालाल धाकड़ निवासी बडवन जिला मंदसौर को पुलिस द्वारा किस दिनांक व किस समय किस स्थिति में गिरफ्तार किया था? (ख) घनश्याम को कौन से थाने में रखा गया था? वहां के टी.आई. एवं पुलिस स्टॉफ का नाम व पद एवं कितने घण्टे/दिन तक घनश्याम को रखा गया था? (ग) क्या पुलिस द्वारा घनश्याम को उपचार के लिए मंदसौर जिला चिकित्सालय लाया गया था या अन्य चिकित्सालय में चिकित्सीय परीक्षण (मेडिकल) करवाकर अग्रिम उपचार हेतु आगे रेफर कर दिया गया था? यदि हाँ तो चिकित्सीय परीक्षण प्रतिवेदन (मेडिकल रिपोर्ट) तथा किस चिकित्सालय में ले जाया गया था, की जानकारी देवें।

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) घनश्याम पिता दुर्गालाल धाकड़ निवासी बड़वन जिला मंदसौर को पुलिस द्वारा गिरफ्तार नहीं किया गया है। (ख) घनश्याम धाकड़ को किसी भी थाने में नहीं रखा गया था। (ग) दिनांक 08.06.2017 को ग्राम दलौदा रेल में घनश्याम धाकड़ घायल अवस्था में मिला था जिसे पुलिस द्वारा इलाज हेतु जिला चिकित्सालय मंदसौर भेजा गया था। जिला चिकित्सालय मंदसौर के डिस्चार्ज टिकिट की छायाप्रति संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। जिला चिकित्सालय मंदसौर द्वारा घनश्याम धाकड़ को इलाज हेतु एम.वाय. अस्पताल इंदौर रेफर किया गया। एम.वाय अस्पताल इंदौर में इलाज के दौरान घनश्याम धाकड़ की मृत्यु हो गई। एम.वाय. अस्पताल इंदौर की बाह्य रोगी पर्ची (ओ.पी.डी.) की छायाप्रति संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है।

परिशिष्ट - ''आठ''

खाद्यान्न वितरण व्यवस्था

[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्‍ता संरक्षण]

44. ( क्र. 2027 ) श्री अनिल फिरोजिया : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले परिवार को खाद्यान्न उपलब्ध कराने की विभाग की क्या योजना है? (ख) क्या खाद्यान्न वितरण हेतु पात्रता पर्ची जारी करने का कोई प्रावधान है? यदि हाँ तो क्या? (ग) क्या उक्‍त व्यवस्था कम्प्यूटरीकृत की गई है? यदि हाँ तो क्या कारण है कि उज्जैन जिले की तराना तहसील में 1 -1 वर्ष बीत जाने पर भी खाद्यान्न पात्रता पर्ची जारी नहीं की जाती? (घ) इसके लिये कौन दोषी है? क्या विभाग पात्रता पर्ची शीघ्र जारी करने के प्रबन्ध करेगा? यदि हाँ तो कब तक?

खाद्य मंत्री ( श्री ओम प्रकाश धुर्वे ) : (क) गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले परिवारों के नाम प्राधिकृत अधिकारी द्वारा गरीबी रेखा की सूची में सम्मिलित करने के उपरांत उन्‍हें राष्‍ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 के तहत स्‍थानीय निकाय द्वारा प्राथमिकता परिवार के रूप में सत्‍यापन एवं उचित मूल्‍य दुकान से मैपिंग उपरांत उपलब्‍ध खाद्यान्‍न आवंटन सीमांतर्गत पात्रता पर्ची जारी कर खाद्यान्‍न उपलब्‍ध कराया जाता है। (ख) जी हाँ। शेष भाग का उत्‍तर प्रश्नांश (क) के उत्‍तर अनुसार। (ग) जी हाँ। भारत सरकार द्वारा निर्धारित खाद्यान्‍न आवंटन की सीमा से अधिक खाद्यान्‍न की आवश्‍यकता होने के कारण माह अगस्‍त, 2016 के पश्‍चात् सत्‍यापित नवीन पात्र परिवारों की पात्रता पर्ची जारी नहीं की जा सकी है। जिला कलेक्‍टर को निर्देश दिए गए हैं कि जिले में 01 मई, 2017 की स्थिति में हितग्राहियों की संख्‍या के विरूद्ध जितनी संख्‍या में अपात्र व्‍यक्तियों के नाम पोर्टल पर विलोपित किए जाएंगे उतनी ही संख्‍या में संबंधित जिले के नवीन सत्‍यापित व्‍यक्तियों के नाम सम्मिलित किए जा सकेंगे। जिले में जुड़ने वाले नवीन हितग्राही के लिए पात्र बी.पी.एल. परिवारों को प्राथमिकता दी जाए, इसके पश्‍चात अनुसूचित जाति/जनजाति के नवीन सत्‍यापित व्‍यक्तियों को प्राथमिकता दी जाए। उक्‍त दोनों श्रेणियों के परिवारों को पात्रता पर्ची जारी होने के उपरांत अन्‍य श्रेणी के परिवारों के नाम जोड़े जाने की कार्यवाही की जाए। जिलों में पात्रता पर्ची जारी करने की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। (घ) प्रश्‍नांश (ग) के उत्‍तर के परिप्रेक्ष्‍य में किसी के दोषी होने का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। प्रश्‍न के शेष भाग का उत्‍तर प्रश्‍नांश (ग) के उत्‍तर अनुसार।

कम्प्यूटरीकृत खसरा नकल व्यवस्था में सुधार

[राजस्व]

45. ( क्र. 2028 ) श्री अनिल फिरोजिया : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) कृषकों को कृषि भूमि के दस्तावेज खसरा, बी-1 नकल उपलब्ध कराये जाने की क्या व्यवस्था है? (ख) क्या विभाग द्वारा कम्प्यूटरीकृत खसरा बी-1 दस्तावेज प्रतिवर्ष किसानों को निःशुल्क वितरण का प्रावधान है? यदि हाँ तो क्या उक्त दस्तावेज किसानों को ग्रामों में निःशुल्क वितरित किये जा रहे हैं? (ग) उज्जैन जिले की तराना तहसील में विगत कई माह से सर्वर बन्द होने का हवाला देकर कम्प्यूटरीकृत खसरा बी-1 नकल नहीं दी जा रही है इसके लिये कौन दोषी है? (घ) क्या विभाग कम्प्यूटरीकृत व्यवस्था में सुधार करेगा? यदि हाँ तो कब तक?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

बंदोबस्त में हुई त्रुटियों का निराकरण

[राजस्व]

46. ( क्र. 2054 ) श्री मुरलीधर पाटीदार : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या 1995-96 में किए गए बंदोबस्त में बहुत से ग्राम एवं नगरीय निकाय छोड़ दिया गया था? यदि हाँ, तो जिला आगर एवं शाजापुर के संदर्भ में विस्तृत जानकारी कारण सहित देवे? (ख) क्या विधानसभा क्षेत्र सुसनेर अंतर्गत ग्राम पडाना एवं अन्य भी कई ग्राम एवं नगरीय निकायों में बंदोबस्त नहीं किया गया था? यदि हाँ, तो क्या कोई प्रभावी रणनीति तय कर कृषक हित में प्रक्रिया का सरलीकरण कर बंदोबस्त किया जावेगा? यदि हाँ, तो कब तक? (ग) क्या 1995-96 में किए गए बंदोबस्त में बहुत सी त्रुटियाँ इंगित हुई थी? यदि हाँ, तो त्रुटियों के समाधान हेतु क्या नियम एवं निर्देश हैं? जारी निर्देशों की सत्यापित प्रति उपलब्ध करावें? (घ) विधानसभा क्षेत्र सुसनेर अंतर्गत प्रश्‍नांश (ग) में उल्लेखित त्रुटि सुधार हेतु विगत 03 वर्षों में कितने आवेदन प्राप्त हुये हैं या मांग मिली हैं? प्राप्त मांग/आवेदन पर क्या कार्यवाही की गई? क्या स्वप्रेरणा से शिविर आयोजित कर या अन्य सरलीकृत प्रक्रिया से बंदोबस्त में हुई त्रुटियों का सुधार किया जावेगा? यदि हाँ, तो कब तक?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) जी हाँ। जिला शाजापुर में वर्ष 1991-92 से बन्दोबस्त का कार्य प्रारम्भ हुआ था। जो 7 जून 2000 तक प्रभावशील रहा। म.प्र. राजपत्र दिनांक 9 जून 2000 में प्रकाशित अधिसूचना से राजस्व सर्वेक्षण की संक्रियाएं शासन द्वारा समाप्त की गई जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''एक'' अनुसार। तत्समय के जिला शाजापुर में कुल 1108 ग्राम थे जिसमें से 805 ग्रामों का बन्दोबस्त पूर्ण कर लिया गया था। 303 ग्रामों का बन्दोबस्त होना शेष था। वर्तमान स्थिति अनुसार जिला शाजापुर में 629 ग्रामों में से 363 ग्रामों का बन्दोबस्त कार्य हुआ है। जिले के 266 ग्राम बन्दोबस्त से शेष है। जिले के किसी भी नगरीय निकाय में बन्दोबस्त कार्य नहीं हुआ है। वर्ष 2014 में आगर-मालवा जिले का गठन हुआ। जिसमे कुल ग्राम 503 है। 472 ग्राम में बन्दोबस्त पूर्ण है शेष 31 नगरेत्तर एवं नगरीय ग्रामों का बन्दोबस्त का कार्य नहीं हो पाया है। ग्रामों की संख्या में अन्तर का कारण मजरे टोलो को पृथक राजस्व ग्राम बनाया जाना है। (ख) जी हाँ। विधान सभा क्षेत्र सुसनेर अन्तर्गत जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''दो'' अनुसार। कुल 27 ग्रामों का बन्दोबस्त नहीं हुआ है। जिसमे ग्राम पडाना भी सम्मिलित है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी हाँ। म.प्र. भू-राजस्व संहिता की धारा 89 एवं 107 (5) में विहित प्रावधान अनुसार बन्दोबस्त में हुई त्रुटियों में सुधार किये जा रहे है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''तीन'' अनुसार। (घ) जिला आगर-मालवा के अंतर्गत विधान सभा क्षेत्र सुसनेर में बन्दोबस्त शुदा ग्रामों में बन्दोबस्त त्रुटि के संबंध में वर्ष 2014-15 से वर्ष 2017-18 तक कलेक्टर एवं अनुभाग स्तर पर निम्नानुसार प्रकरण दर्ज हुए है:-

न्यायालय 2014-15 2015-16 2016-17
प्राप्त निराकृत प्राप्त निराकृत प्राप्त निराकृत
कलेक्टर 8 0 21 1 4 2
उप खण्ड अधिकारी 35 2 41 16 24 18
योग्य 43 2 62 17 28 20
ऐसे प्राप्त आवेदनों में सम्बधित तहसीलदार एवं संबंधित राजस्व निरीक्षक से स्थल निरीक्षण प्रतिवेदन प्राप्त कर प्रकरणों का निराकरण किया जाता है बन्दोबस्त त्रुटि के संबंध में तहसीलदार एवं हल्का पटवारी को जिला स्तर से निर्देशित किया गया है कि बन्दोबस्त संबंधी त्रुटि संज्ञान में आने पर तत्काल अनुविभागीय