मध्यप्रदेश विधान सभा


प्रश्नोत्तर-सूची
जून, 2018 सत्र


मंगलवार, दिनांक 26 जून, 2018


भाग-1
तारांकित प्रश्नोत्तर



बहेलिया जाति को संपूर्ण प्रदेश में आरक्षण का लाभ

[जनजातीय कार्य]

1. ( *क्र. 657 ) श्री यादवेन्‍द्र सिंह : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्‍यप्रदेश के बहेलिया जाति को किन-किन जिलों में आदिवासी जा‍ति (जनजाति) मानकर शासकीय सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं और किन-किन जिलों में नहीं? ऐसा किस कारण से किया जा रहा है? (ख) प्रश्नांश (क) में उल्‍ल‍ेखित बहेलिया जाति के व्‍यक्तियों को जिन जिलों में अनुस‍ूचित जनजाति का दर्जा दिये जाने की मांग, समय-समय पर शासन स्‍तर पर की जाती रही है, तत्‍संबंध में राज्‍य सरकार की क्‍या मंशा है एवं बहेलिया जाति को उन जिलों में अनुसूचित जनजाति का दर्जा किस प्रकार से एवं कब तक दे दिया जायेगा?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) अनुसूचित जातियां तथा अनुसूचित जनजातियां आदेश (संशोधन) अधिनियम 2002 जो भारत का राजपत्र दिनांक 08 जनवरी, 2003 को प्रकाशित है, में जारी म.प्र. राज्‍य की अनुसूचित जनजाति सूची में क्रमांक 40 पर पारधी, जनजाति के साथ बहेलिया, बहेल्लिया कुछ जिलों यथा छिंदवाड़ा, मण्‍डला, डिण्‍डौरी और सिवनी एवं नरसिंहपुर जिलों में पूर्ण रूप से तथा बालाघाट, बैतूल, जबलपुर, कटनी, होशंगाबाद, खण्‍डवा जिलों में आंशिक रूप से क्षेत्रीय बंधन के साथ अनुसूचित जनजाति अधिसूचित है। राजपत्र में जारी अनुसूचित जनजाति सूची में क्रमांक 40 अन्‍तर्गत अधिसूचित क्षेत्र में बहेलिया जनजाति को शासन द्वारा जनजाति को प्रदत्‍त समस्‍त सुविधायें देय हैं। उल्‍लेखित जिलों के अलावा शेष जिलों के लिये भी बहेलिया जाति को जब तक भारत सरकार द्वारा प्रदेश की अनुसूचित जनजाति की सूची में शामिल नहीं‍ किया जाता है, तब तक उक्‍त क्षेत्र में निवासरत बहेलिया जाति के व्‍यक्तियों को अनुसूचित जनजाति की सुविधायें नहीं दी जा सकतीं। (ख) प्रश्नांश (क) में उल्‍लेखित अनुसूचित जनजाति सूची में क्रमांक 40 पर अधिसूचित क्षेत्र को छोड़कर शेष क्षेत्र में बहेलिया जाति को अनुसूचित जनजाति मान्‍य करने विषयान्‍तर्गत पारधी जाति, बहेलिया आदि इसकी उपजातियों को सम्‍पूर्ण म.प्र. के लिये अनुसूचित जनजाति की सूची में शामिल किये जाने हेतु राज्‍य सरकार द्वारा प्रस्‍ताव भारत सरकार को प्रेषित किया गया था, जिस पर भारत सरकार द्वारा दिनांक 31.08.2005 के पत्र द्वारा असहमति व्‍यक्‍त की गई है। बहेलिया जाति के व्‍यक्तियों द्वारा समय-समय पर की गई मांग के परिप्रेक्ष्‍य में बहेलिया जाति के अध्‍ययन संबंधी कार्यवाही प्रचलन में है। जहाँ तक सूची में मान्‍य क्षेत्र के अलावा शेष क्षेत्र के लिये बहेलिया जाति को जनजाति का दर्जा दिये जाने का प्रश्‍न है, इस संबंध में उल्‍लेख है कि किसी जाति/समाज को अनुसूचित जनजाति सूची में मान्‍य करने अथवा न करने का क्षेत्राधिकार भारत सरकार का है। अतएव समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

कटनी जिला अंतर्गत आंगनवाड़ी भवनों का निर्माण

[महिला एवं बाल विकास]

2. ( *क्र. 486 ) कुँवर सौरभ सिंह : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) कटनी जिले की विधानसभा क्षेत्र बहोरीबंद के अंतर्गत बहोरीबंद एवं रीठी विकासखण्‍ड में कुल कितने मुख्‍य तथा मिनी आंगनवाड़ी केन्‍द्र संचालित हैं? इनमें से कितने केन्‍द्र भवन विहीन हैं? वर्ष 2014-15 से प्रश्‍न दिनांक तक कुल कितने मुख्‍य एवं मिनी आंगनवाड़ी केन्‍द्र खोले गये? विकासखण्‍डवार, ग्रामवार, वर्षवार पृथक-पृथक विवरण दें (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार वर्ष 2014-15 से प्रश्‍न दिनांक तक कुल कितने आंगनवाड़ी केन्‍द्र भवन किस-किस मद से कितनी-कितनी राशि के कब-कब स्‍वीकृत हुये? स्‍वीकृत भवनों का निर्माण कब-कब किस एजेन्‍सी द्वारा कराया गया है? कार्य की तकनीकी स्‍वीकृति/प्रशासकीय स्‍वीकृति, कार्य का मूल्‍यांकन/सत्‍यापन सहित वर्षवार, विकासखण्‍डवार, एजेंसीवार मय व्‍यय के पूर्ण/अपूर्ण सहित विवरण दें? (ग) प्रश्‍नांश (ख) अनुसार अपूर्ण भवन निर्माण के कार्य को पूर्ण किये जाने हेतु क्‍या कार्यवाही की गई है? इन्‍हें कब तक पूर्ण करा लिया जावेगा? शेष भवन विहीन आंगनवाड़ी हेतु भवनों का निर्माण कराये जाने हेतु शासन/विभाग द्वारा क्‍या कार्यवाही की गई है? (घ) प्रश्‍नकर्ता सदस्‍य द्वारा ग्राम कछारगॉंव छोटा, पिपरिया शांतिनगर, मंगेला, कुऑं भिडकीहार, सुहास, लालपुर सहित अन्‍य मिनी आंगनवाड़ी केन्‍द्र खोलने एवं ग्राम पाली, चिखला, खुसरा, भदनपुर, मझगवां, किर.पिपरिया, भरतपुर, बाँधा सहित अन्‍य आंगनवाड़ी केन्‍द्र हेतु भवनों का निर्माण कराये जाने के संबंध में प्रेषित पत्रों पर विभाग द्वारा क्‍या कार्यवाही की गई? वर्ष 2014-15 से विकासखण्‍डवार, पत्रवार, तिथिवार, कार्यवाहीवार विवरण दें

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( श्रीमती अर्चना चिटनिस ) : (क) विकासखण्‍डवार, ग्रामवार एवं वर्षवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' 'एवं 'अनुसार है। (ग) प्रश्नांश (ख) अनुसार अपूर्ण भवनों को पूर्ण करने का दायित्व संबंधित ग्राम पंचायत का है। राज्य स्तर पर आयुक्त, महिला एवं बाल विकास एवं संभाग स्तर पर संभागीय संयुक्त संचालक, महिला एवं बाल विकास द्वारा आँगनवाड़ी भवन निर्माण की समीक्षा समय-समय पर की जाती है। जिला स्तर पर जिला कलेक्टर एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत द्वारा आँगनवाड़ी भवन निर्माण की नियमित समीक्षा की जाती है। आँगनवाड़ी भवनों का निर्माण कार्य निर्माण ऐजेन्सी तथा स्थानीय परिस्थितियों पर निर्भर करता है। अतः समय-सीमा दिया जाना संभव नहीं है। शेष भवन विहीन आँगनवाड़ी भवनों के निर्माण हेतु जिला स्तर से प्राप्त प्रस्तावों के आधार पर संचालनालय स्तर से वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता अनुसार चरणबद्ध रूप से आँगनवाड़ी भवनों के निर्माण की स्वीकृतियां जारी की जाती हैं। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'अनुसार है।

जनजातीय छात्रावासों का सुदृढ़ीकरण/उन्नयन

[जनजातीय कार्य]

3. ( *क्र. 565 ) श्रीमती ममता मीना : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या छात्रावासों के सुदृढ़ीकरण एवं उन्नयन हेतु विभाग से छात्रावासों की संख्या के मान से आवंटन जिलों को दिया जाता है? (ख) यदि हाँ, तो जिला स्तर पर आवंटन को निर्माण एजेंसी को अंतरण की क्या नीति है? (ग) प्रश्नांश (ख) अनुसार यदि नीति नहीं है तो जिन जिलों में विभागीय तकनीकी अमला नहीं है, उन जिलों द्वारा इस आवंटन का उपयोग किस प्रकार किया जाएगा? (घ) इस संबंध में विभाग वित्त विभाग की सहमति से जिला स्तर पर आवंटन निर्माण एजेंसी को अंतरण की प्रक्रिया तय करेगा अथवा विभाग के पास कोई और विकल्प है?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जी हाँ। (ख), (ग) एवं (घ) निर्माण कार्य के संबंध में व्‍यय राशि का ठेकेदार/प्रदायकर्ता को उनके कोर बैंकिंग बैंक खाते में कोषालय इलेक्‍ट्रॉनिक प्रणाली (ई-पेमेन्‍ट) से भुगतान की नीति है। आवंटन का उपयोग वित्‍त विभाग के नियम निर्देशानुसार किया जाता है। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

बरगी विधान सभा क्षेत्रांतर्गत अम्‍बेडकर मंगल भवन का निर्माण

[अनुसूचित जाति कल्याण]

4. ( *क्र. 300 ) श्रीमती प्रतिभा सिंह : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बरगी विधान सभा क्षेत्र के अंतर्गत स्‍वीकृत अम्‍बेडकर मंगल भवन बेलखेड़ा एवं बरगी के लिए आवंटित राशि रूपये 41.80 लाख व्‍यय होने के पश्‍चात् अपूर्ण कार्यों को पूर्ण कराने परियोजना क्रियान्‍वयन इकाई जबलपुर द्वारा शेष कार्यों को पूर्ण कराने, पुनरीक्षित प्राक्‍कलन एवं राशि स्‍वीकृत हेतु प्रकरण विभागीय मुख्‍यालय कब-कब प्रेषित किया गया? (ख) उपरोक्‍त बेलखेड़ा एवं बरगी के अम्‍बेडकर मंगल भवनों के निर्माण पूर्ण करने हेतु चाही गयी अतिरिक्‍त राशि की स्‍वीकृति कब तक प्रदान की जावेगी?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) अम्‍बेडकर मंगल भवन बेलखेड़ा एवं बरगी के लिए पुनरीक्षित प्राक्‍कलन एवं राशि स्‍वीकृति हेतु प्रकरण विभागीय मुख्‍यालय में अप्राप्‍त है। (ख) प्रस्‍ताव प्राप्‍त होने पर नियमानुसार कार्यवाही की जायेगी। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

विधानसभा क्षेत्र पनागर के अंतर्गत विद्युत प्रदाय

[ऊर्जा]

5. ( *क्र. 194 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या बड़खेरा, बड़खेरी, बड़ेराकला, कटैया, पठरा, उमरिया, मोहारी, सुरमावाह, बिझुआ, इमलई, नरगवां, पोनिया, पड़री, निभौरी, निभौरा, लीलखेड़ा आदि ग्रामों में सिंचाई पंप एवं घरेलू विद्युत कनेक्शन के फीडर एक ही हैं? (ख) प्रश्नांश (क) के अंतर्गत क्या एक ही फीडर होने के कारण रहवासी क्षेत्र के घरेलू उपभोक्ताओं को 8-10 घंटे ही बिजली मिलती है? (ग) यदि हाँ, तो क्या अलग-अलग फीडर करने की योजना है? यदि हाँ, तो कब तक की जायेगी? (घ) यदि नहीं, तो क्यों?

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) प्रश्‍नांश में उल्‍लेखित ग्रामों में से मात्र 1 ग्राम यथा-लीलखेड़ा को प्रश्‍न दिनांक की स्थिति में कृषि फीडर से विद्युत प्रदाय किया जा रहा था तथा शेष सभी ग्रामों को गैर-कृषि कार्य हेतु घरेलू फीडर से तथा कृषि कार्य हेतु कृषि फीडर से पृथक-पृथक विद्युत प्रदाय किया जा रहा था। तथापि वर्तमान में ग्राम लीलखेड़ा को विद्युत प्रदाय कर रहे फीडर को मिश्रित फीडर मानते हुए 24 घण्‍टे विद्युत प्रदाय करने हेतु निर्देशित कर दिया गया है तथा अब उक्‍त फीडर से 24 घण्‍टे ही विद्युत प्रदाय किया जा रहा है। (ख) उत्‍तरांश (क) में उल्‍लेखानुसार वर्तमान में ग्राम लीलखेड़ा के रहवासी क्षेत्र को मिश्रित फीडर के माध्‍यम से 24 घण्‍टे विद्युत प्रदाय किया जा रहा है। (ग) एवं (घ) जी हाँ। ग्राम लीलखेड़ा में विद्यमान 3 घरेलू एवं 2 गैर-घरेलू उपभोक्‍ताओं को 24 घण्‍टे विद्युत प्रदाय उपलब्‍ध कराने के लिये दीनदयाल उपाध्‍याय ग्राम ज्‍योति योजनान्‍तर्गत 1.5 कि.मी. 11 के.व्‍ही.लाईन, 25 के.व्‍ही.ए. क्षमता के एक वितरण ट्रांसफार्मर तथा 0.6 कि.मी. निम्‍नदाब लाईन का कार्य दिसम्‍बर, 2018 तक पूर्ण कराया जायेगा।

पेट्रोल/डीजल/शराब से प्राप्‍त राजस्‍व

[वाणिज्यिक कर]

6. ( *क्र. 652 ) श्री जितू पटवारी : क्या वित्त मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या शासन यह मानता है कि पूर्ण शराब बंदी से अवैध तथा नकली शराब भारी मात्रा में बिकेगी तथा शराब बंदी से लाभ कम तथा हानि ज्‍यादा है? यदि हाँ, तो बतावें कि उक्‍त निष्‍कर्ष किन-किन राज्‍यों की यथा गुजरात, बिहार की पूर्ण शराब बंदी का अध्‍ययन कर लिया गया? उस तुलनात्‍मक अध्‍ययन की सम्‍पूर्ण जानकारी दस्‍तावेज सहित देवें। (ख) शराब पर प्रति वर्ष हुए शुद्ध लाभ यानि‍ प्राप्तियां में से खर्च घटाने के बाद शेष की पिछले 7 साल की राशि बतावें तथा यह उस वर्ष के कुल राजस्‍व प्राप्तियां का कितने प्रतिशत है? यदि यह प्रतिशत काफी कम है तो शासन पूर्ण शराबबंदी क्‍यों नहीं करता है? (ग) पेट्रोल डीजल से प्राप्‍त कर राजस्‍व की पिछले सात साल की राशि बतावें तथा बतावें कि वर्ष 2003-04 में एवं 2017-18 में यह राशि क्‍या क्‍या है तथा वर्ष 2018-19 में कितनी प्राप्ति संभावित/प्रस्‍तावित है। (घ) क्‍या शासन शराब तथा पेट्रोल डीज़ल को जी.एस.टी. के दायरे में लाने के पक्ष में है या नहीं? यदि नहीं, तो कारण बतावें तथा बतावें कि पेट्रोल डीजल पर मध्‍यप्रदेश शासन टैक्‍स कम करना क्‍यों नहीं चाहता? यदि चाहता है तो कम क्‍यों नहीं करता?

वित्त मंत्री ( श्री जयंत मलैया ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र 'एक' अनुसार है। (ख) गत 07 वर्षों में कुल प्राप्‍त आबकारी आय से शुद्ध प्राप्‍त आय के प्रतिशत संबंधी जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र 'दो' अनुसार है। पुस्‍तकालय परिशिष्‍ट के प्रपत्र 'दो' में वर्णित जानकारी से यह स्‍पष्‍ट है कि शासन को पर्याप्‍त आय प्राप्‍त हो रही है और आय में प्रत्‍येक वर्ष वृद्धि हो रही है। वर्तमान में शराब बंदी संबंधी कोई प्रस्‍ताव विचाराधीन नहीं है। (ग) पिछले सात साल में पेट्रोल एवं डीजल से प्राप्‍त राजस्‍व की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र 'तीन' अनुसार है। वित्‍तीय वर्ष 2003-04 में पेट्रोल, डीजल एवं ए.टी.एफ. से 1078.45 करोड़ का राजस्‍व प्राप्‍त हुआ था। वित्‍तीय वर्ष 2018-19 में 01 अप्रैल 2018 से 13 जून, 2018 तक पेट्रोल एवं डीजल से लगभग 1997.37 करोड़ का राजस्‍व प्राप्‍त हुआ है। पेट्रोल, डीजल के विक्रय पर वेट एवं केन्‍द्रीय विक्रय कर प्राप्‍त होता है। पेट्रोल, डीजल का कितना विक्रय वर्ष 2018-19 में होगा इसका आंकलन विभाग के पास संधारित नहीं है। (घ) शराब जी.एस.टी के दायरे में नहीं है। पेट्रोल, डीजल, को जी.एस.टी. के दायरे में लाने का निर्णय जी.एस.टी. काउंसिल के द्वारा लिया जाना है। टैक्‍स की दरों में परिवर्तन राज्‍य की वित्‍तीय आवश्‍यकताओं को दृष्टिगत रखते हुए राजस्‍व संग्रहण के उद्देश्‍य से किया जाता है। प्रदेश शासन द्वारा दिनांक 14.10.2017 से पेट्रोल के विक्रय मूल्‍य पर 3 प्रतिशत की कर दर से वेट की दर में कमी की गई। इसी प्रकार डीजल के विक्रय मूल्‍य पर 5 प्रतिशत की दर से वेट में कमी की गई है तथा 1.50 रूपये प्रतिलीटर वसूल किए जा रहे अतिरिक्‍त कर को भी समाप्‍त किया गया है।

राजगढ़ विधानसभा क्षेत्रान्‍तर्गत फीडर विभक्तीकरण कार्यों की स्थिति

[ऊर्जा]

7. ( *क्र. 581 ) श्री अमर सिंह यादव : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या राजगढ़ विधानसभा क्षेत्र के अन्‍तर्गत ग्रामों में फीडर विभक्तीकरण का कार्य कराया गया है? यदि हाँ, तो किन-किन ग्रामों में, उनके नाम बतावें? (ख) क्‍या उक्‍त सभी ग्रामों में कार्य पूर्ण हो गये हैं? यदि नहीं, तो कहाँ-कहाँ नहीं हुये? कारण सहित बतावें। (ग) उक्‍त कार्य किस कम्‍पनी द्वारा करवाया गया है उस कम्‍पनी का नाम,पता तथा किस दर पर करवाया गया है? (घ) क्‍या कम्‍पनी द्वारा कई ग्रामों में कार्य अधूरा छोड़ दिया है त‍था कई ग्रामों में कार्य अत्‍यन्‍त घटिया स्‍तर का किया गया है, जिससे कई ग्रामों में लाईट नहीं मिल पा रही है? यदि हाँ, तो इसके लिये कौन दोषी है? क्‍या कम्‍पनी को पूरा भुगतान कर दिया गया है?

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) जी हाँ, राजगढ़ विधानसभा क्षेत्र के 572 ग्रामों में फीडर विभक्तीकरण का कार्य किया गया है, जिनकी ग्रामवार सूची पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र 'अनुसार है। (ख) राजगढ़ विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत सभी 572 ग्रामों में फीडर विभक्तीकरण का कार्य पूर्ण हो गया है। अत: प्रश्‍न नहीं उठता। (ग) फीडर विभक्तीकरण योजनान्‍तर्गत 87 ग्रामों का कार्य ठेकेदार एजेंसी मेसर्स एस्‍टर प्राइवेट लिमिटेड से तथा 240 ग्रामों का कार्य ठेकेदार एजेंसी मेसर्स ऑफशोर इन्‍फ्रास्‍ट्रक्‍चर्स लिमिटेड से कराया गया है एवं 245 ग्रामों का कार्य मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा विभागीय स्‍तर पर किया गया है, जिनकी क्रियान्‍वयन एजेन्‍सीवार सूची पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '', प्रपत्र '' एवं प्रपत्र '' अनुसार है। ठेकेदार एजेन्‍सी मेसर्स एस्‍टर प्राइवेट लिमिटेड, हैदराबाद का पता-भवानी आरकेड़ 2, फ्लोर, ए.एस. राव नगर हैदराबाद-500062 एवं किये गए कार्यों की लागत रू. 18.02 करोड़ है, ठेकदार एजेन्‍सी मेसर्स ऑफशोर इन्‍फ्रास्‍ट्रक्‍चर्स लिमिटेड, मुम्‍बई का पता-22, उद्योग क्षेत्र, मुलुंद गोरेगांव लिंक रोड़, मुलुंद (पश्चिम) मुम्‍बई-400080 एवं किये गए कार्यों की लागत रू. 37.8 करोड़ है तथा मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा विभागीय स्‍तर पर किए गए कार्यों की लागत रू. 1.86 करोड़ है। (घ) राजगढ़ विधानसभा क्षेत्र सहित मेसर्स एस्‍टर प्राइवेट लिमिटेड, हैदराबाद को रू. 63.85 करोड़ लागत राशि के कार्य का राजगढ़-1 लॉट हेतु अवार्ड दिनांक 05.08.2011 को जारी किया गया। उक्‍त ठेकेदार कंपनी द्वारा धीमी गति से कार्य करने के कारण उसे जारी अवार्ड दिनांक 25.11.2014 को निरस्‍त कर दिया गया है। कंपनी के देयकों में से लिक्विडेटेड डैमेज के रूप में राशि रू. 88.04 लाख की कटौती की गई है एवं कंपनी की बैंक गारंटी राशि रू. 11.60 करोड़ राजसात कर ली गई है। अवार्ड निरस्‍त किये जाने तक उक्‍त ठेकेदार कंपनी द्वारा राजगढ़ विधानसभा क्षेत्र के 87 ग्रामों में फीडर विभक्तीकरण का कार्य पूर्ण किया गया था। उक्‍त कंपनी द्वारा अधूरे छोड़े गये कार्य हेतु ठेकेदार एजेन्‍सी मेसर्स ऑफशोर इन्‍फ्रास्‍ट्रक्‍चर्स लिमिटेड, मुम्‍बई को दिनांक 19.02.2016 को रू. 60.03 करोड़ की लागत राशि का अवार्ड जारी किया गया था, जिसके अंतर्गत 240 ग्रामों में कार्य पूर्ण किया गया, जिसकी कार्यपूर्णता दिनांक 02.12.2017 थी, जो कि निविदा की शर्तों के अनुरूप विस्‍तारित अवधि सहित निर्धारित समयावधि के भीतर ही है। इसके अतिरिक्‍त 245 ग्रामों में ठेकेदार एजेन्‍सी मेसर्स एस्‍टर प्राइवेट लिमिटेड द्वारा छोड़े गये/अपूर्ण कार्यों को मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा विभागीय स्‍तर पर पूर्ण किया गया है। वर्तमान में राजगढ़ विधानसभा क्षेत्रान्‍तर्गत समस्‍त ग्रामों में फीडर विभक्तीकरण का कार्य पूर्ण हो चुका है एवं सभी कार्य मानक स्‍तर के अनुरूप किये गये हैं। कार्यों का निरीक्षण मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा नियुक्‍त तृतीय पक्ष निरीक्षण एजेन्‍सी एवं वितरण कंपनी के नोडल अधिकारी द्वारा किया गया है। मेसर्स एस्‍टर प्राइवेट लिमिटेड, हैदराबाद के कार्यों के निरीक्षण हेतु तृतीय पक्ष निरीक्षण एजेन्‍सी मेसर्स आई.सी.टी. एवं मेसर्स ऑफशोर इन्‍फ्रास्‍ट्रक्‍चर्स लिमिटेड, मुम्‍बई के कार्यों के निरीक्षण हेतु तृतीय पक्ष निरीक्षण एजेन्‍सी मेसर्स एस.जी.एस. को नियुक्‍त किया गया। निरीक्षण हेतु नियुक्‍त तृतीय पक्ष एजेन्‍सी द्वारा ठेकेदार एजेन्‍सी के कार्य का भौतिक सत्‍यापन किया गया एवं निरीक्षण के दौरान त्रुटि पाए जाने पर ठेकेदार एजेन्‍सी से उसका निराकरण कराने के उपरांत ठेकेदार एजेन्‍सी को उनके द्वारा किये गये कार्यों हेतु निविदा की शर्तों अनुसार भुगतान किया गया है। वर्तमान में प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में सभी राजस्‍व ग्रामों में घरेलू एवं कृषि फीडरों पर निर्धारित विनियमानुसार विद्युत प्रदाय किया जा रहा है। अत: किसी के दोषी होने का प्रश्‍न नहीं उठता।

पाटन विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत संचालित सिंचाई परियोजनाएं

[नर्मदा घाटी विकास]

8. ( *क्र. 923 ) श्री नीलेश अवस्‍थी : क्या राज्‍यमंत्री, नर्मदा घाटी विकास महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रानी अवंति बाई लोधी सागर सिंचाई परियोजना अंतर्गत पाटन विधानसभा क्षेत्र में कहाँ-कहाँ पर कौन-कौन से निर्माण कार्य कर किन-किन ग्रामों की कितनी-कितनी कृषि भूमि में सिंचाई प्रस्‍तावित थी? उपनहरवार सूची देवें। (ख) प्रश्नांश (क) में उल्‍लेखित किन-किन ग्रामों की कितनी-कितनी कृषि भूमि प्रश्‍न दिनांक तक सिंचित हो रही है? प्रश्नांश (क) में उल्‍ल‍ेखित कौन-कौन से निर्माण कार्य किन-किन कारणों से प्रश्‍न दिनांक तक अपूर्ण या अप्रारंभ हैं? (ग) प्रश्‍नांश (ख) में उल्‍लेखित अपूर्ण एवं अप्रारंभ निर्माण कार्यों का दोषी कौन है एवं उन पर क्‍या कार्यवाही की गई है एवं यह भी बतलावें कि उल्‍लेखित अपूर्ण एवं अप्रारंभ निर्माण कार्यों को किस प्रकार कितनी लागत से कब प्रारंभ कर कब तक पूर्ण कर लिया जावेगा?

राज्‍यमंत्री, नर्मदा घाटी विकास ( श्री लालसिंह आर्य ) : (क) एवं (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ग) अनुबंधित कार्यों में विलंब के लिये ठेकेदारों पर अनुबंध की कंडिकाओं के अनुसार कार्यवाही की जाती है। अप्रारंभ कार्यों में निविदा आमंत्रण कर एजेन्‍सी निर्धारण में विलंब प्रक्रियात्‍मक है, जिसके लिऐ कोई दोषी नहीं है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' एवं '''' अनुसार है।

विधानसभा क्षेत्र गंजबासौदा में विद्युत सप्लाई

[ऊर्जा]

9. ( *क्र. 344 ) श्री निशंक कुमार जैन : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या माननीय मुख्यमंत्री जी की घोषणा व विभाग की नीति के अनुसार प्रदेश का कोई भी गांव, गलियां, मोहल्ला, मजरा व टोला विद्युत विहीन नहीं रहेगा? (ख) यदि हाँ, तो क्या विधानसभा क्षेत्र गंजबासौदा जिला विदिशा के समस्त शहरी व ग्रामीण क्षेत्र में प्रश्‍नांकित दिनांक तक बिजली सप्‍लाई हो रही है अथवा कुछ शहरी व ग्रामीण क्षेत्र शेष हैं? यदि हाँ, तो उनके नाम एवं विद्युत सप्‍लाई न होने के कारण बतावें? (ग) प्रश्नकर्ता द्वारा विगत दो वर्षों में प्रस्तुत किए गये प्रस्तावों में से कितने ग्रामों व बस्तियों, मोहल्लों की गलियों में विद्युत पोल लगा दिये गये हैं, कितने शेष हैं, की जानकारी उपलब्ध करावें, शेष में कब तक विद्युत पोल लगाने की कार्यवाही की जावेगी?

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) ऐसे सभी घर अथवा अयोग्‍य (डिफाल्‍टर) कनेक्‍शनधारी जिनका विद्युत कनेक्‍शन बकाया राशि होने के कारण विच्‍छेदित किया गया है तथा मुख्‍य ग्राम से दूर खेतों में बने हुए आवासों एवं शहरी क्षेत्रों में गरीबी रेखा के ऊपर (नॉन-पुअर) घरों को छोड़कर प्रधानमंत्री सहज‍ बिजली हर घर योजना (सौभाग्‍य योजना) में सभी घरों को विद्युत कनेक्‍शन प्रदान करने का प्रावधान है। (ख) विधानसभा क्षेत्र गंजबासौदा, जिला विदिशा के समस्‍त विद्युतीकृत शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में नियमानुसार विद्युत प्रदाय किया जा रहा है। विधानसभा क्षेत्र गंजबासौदा के अन्‍तर्गत समस्‍त शहरी क्षेत्र में विद्युतीकरण का कार्य पूर्ण हो चुका है तथा ग्रामीण क्षेत्र में पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र 'में दर्शाए स्‍थानों/ग्रामों में विद्युतीकरण का कार्य नहीं होने से विद्युत प्रदाय नहीं किया जा रहा है। उक्‍त ग्रामों में से पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र 'अनुसार कुछ ग्राम वीरान हैं तथा शेष स्‍थानों/ग्रामों के विद्युतीकरण का कार्य दीनदयाल उपाध्‍याय ग्राम ज्‍योति योजना में टर्न-की आधार पर कराया जा रहा है, वर्तमान में कार्य प्रगति पर है। (ग) माननीय प्रश्‍नकर्ता विधायक महोदय से मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी में विगत 2 वर्षों में पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र 'में दर्शाए अनुसार 26 पत्र प्राप्‍त हुये हैं, जिनमें 191 अविद्युतीकृत बस्तियों/बसाहटों के विद्युतीकरण के कार्य प्रस्‍तावित किये गये हैं। उक्‍त 191 में से 51 अविद्युतीकृत बस्तियों/‍बसाहटों के विद्युतीकरण का कार्य पूर्ण किया जा चुका है, 21 बस्तियां/बसाहटें वीरान हैं तथा शेष 119 बस्तियों/बसाहटों के विद्युतीकरण का कार्य प्रगति पर है। कार्य पूर्णता वाली बस्तियों/बसाहटों की सूची पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार एवं विद्युतीकरण हेतु शेष स्‍थानों/वीरान ग्रामों की सूची पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र 'अनुसार है। उक्‍त समस्‍त अविद्युतीकृत बस्तियों/बसाहटों के विद्युतीकरण हेतु दिसम्‍बर, 2018 तक की समय-सीमा निर्धारित की गई है।

प्रश्‍नकर्ता के पत्रों पर क्रियान्‍वयन

[ऊर्जा]

10. ( *क्र. 524 ) श्री सुखेन्‍द्र सिंह : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रश्‍नकर्ता के विभिन्‍न पत्रों पर अधीक्षण अभियंता सं./सं. म.प्र.पू.क्षे.वि.वि.कं.लिमि. रीवा द्वारा पत्रों के निराकरण हेतु जारी किये गये पत्र क्रमश: 3336 दिनांक 11.07.2017, 1454 दिनांक 19.05.2017, 8309 दिनांक 18.11.2017, 8031 दिनांक 13.11.2017, 5938 दिनांक 19.10.2016, 5940 दिनांक 19.10.2016, 1021 दिनांक 07.05.2016, 9702 दिनांक 16.01.2018, 10048 दिनांक 31.01.2018, 9363 दिनांक 03.01.2018, 11222 दिनांक 15.03.2018, 9030 दिनांक 18.12.2017 संबंधित अधिकारियों को जारी किये गये थे, जिसकी सूचना से अवगत कराया गया था? (ख) क्‍या प्रश्‍नकर्ता द्वारा पत्र क्र. 7 दिनांक 12.01.2018 द्वारा अधीक्षण यंत्री म.प्र.पू.क्षे.वि.वि.कं.लिमि. रीवा जिला रीवा को दिनांक 04.01.2018 को मऊगंज में जेल भरो आंदोलन के दौरान प्राप्‍त विद्युत समस्‍याओं के आवेदन क्रमांक 01 से लेकर 454 तक के निराकरण हेतु भेजा गया था? (ग) कार्यपालन अभियंता सं/सं. म.प्र.पू.क्षे.वि.वि.कं.लिमि. मऊगंज द्वारा घातक विद्युत दुर्घटनाग्रस्‍त श्रीमती सोनिया सिंह गोंड एवं कुमारी पूनम सिंह गोंड के आश्रितों को सहायता राशि प्रदान करने हेतु पत्र क्र. क्रमश: 2636 दिनांक 16.10.2017 एवं 757 दिनांक 03.06.2017 पर प्रश्‍नकर्ता द्वारा कलेक्‍टर रीवा, एस.डी.एम. मऊगंज को आश्रित चिन्हित करने हेतु क्‍या पत्र लिखा गया था, जिससे आश्रितों को आर्थिक सहायता राशि उपलब्‍ध कराई जा सके? (घ) प्रश्नांश (क), (ख) एवं (ग) के प्रकाश में प्रश्‍न दिनांक तक क्‍या कार्यवाही की गई? कार्यवाही से पृथक-पृथक अवगत करावें? कार्यवाही नहीं की गई तो क्‍यों? की जावेगी तो कब तक?

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) से (ग) जी हाँ। (घ) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित पत्रों पर की गई कार्यवाही का विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है एवं प्रश्‍नांश (ख) में उल्लेखित विद्युत समस्याओं के आवेदन क्रमांक 1 से 454 तक में की गई कार्यवाही का विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। प्रश्‍नांश (ग) में उल्लेखित मृतका कुमारी पूनम सिंह गोंड एवं श्रीमती सोनिया सिंह गोंड के आश्रित/वारिस को आर्थिक सहायता राशि क्रमश: आदेश क्रमांक 1125-26, दिनांक 15.05.2018 एवं पत्र क्रमांक 1122-23, दिनांक 15.05.2018 (पुनरीक्षित) से स्वीकृत कर दिनांक 18.06.2018 को भुगतान कर दिया गया है।

सहरिया जनजाति विकास के लिये मुख्‍यमंत्री जी द्वारा की गयी घोषणाओं का क्रियान्‍वयन

[जनजातीय कार्य]

11. ( *क्र. 157 ) श्री महेन्‍द्र सिंह यादव "खतौरा" : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या माननीय मुख्‍यमंत्री जी द्वारा सहरिया जनजाति विकास के लिये वर्ष 2017 में घोषणाएं की गयीं थीं? यदि हाँ, तो कौन-कौन सी घोषणाएं की गयीं थीं? विवरण सहित जानकारी देवें। उक्‍त घोषणाओं में से कौन-कौन सी घोषणाएं कितनी-कितनी मई 2010 तक पूर्ण की गयीं? (ख) क्‍या मान. मुख्‍यमंत्री जी द्वारा की गयी घोषणा के अनुसार प्रत्‍येक सहरिया परिवार को कुपोषण से मुक्‍ति‍ हेतु प्रतिमाह रूपये 1000/- की राशि दी जायेगी और वह परिवार की महिला मुखिया के खाते में जमा की जायेगी? यदि हाँ, तो कोलारस विधान सभा क्षेत्र में कितनी महिला मुखिया के खाते में कितने महीने की राशि जमा की गयी? यदि सभी परिवारों की महिला मुखिया के खाते में राशि जमा नहीं की गयी तो क्‍यों? (ग) कोलारस विधान सभा क्षेत्र के अंतर्गत विकासखण्‍ड कोलारस एवं बदरवास में कुल कितने सहरिया परिवार हैं, जिनके खाते में रू. 1000/- की राशि जमा करायी जायेगी? इन कुल परिवारों में से प्रश्‍न दिनांक तक कितने सहरिया परिवारों को राशि नहीं दी गयी है? इसका क्‍या कारण है? उक्‍त राशि कब तक प्रदान कर दी जायेगी? (घ) कोलारस विधान सभा क्षेत्र में मान. मुख्‍यमंत्री जी की घोषणानुसार कितने सहरिया युवकों को शासकीय नौकरी दी गयी? कितने परिवारों को आवास हेतु जमीन के पट्टे दिये गये? क्‍या सभी सहरिया बस्तियों (सहरा) में पेयजल हेतु हैण्‍डपंप/ट्यूबवैल लगाये गये? विगत 06 माह में कितने वन अधिकार पट्टे दिये गये?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जी हाँ। जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ख) जी हाँ। कोलारस विधानसभा में कुल 6988 महिला मुखिया के खातों में तीन महीनों की राशि जमा की गई। शेष महिला मुखिया परिवारों के खाते में राशि जमा नहीं की जा सकी, क्‍योंकि महिला हितग्राहियों के चिन्‍हांकन एवं राशि वितरण की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। (ग) कोलारस विधानसभा क्षेत्र के विकासखण्‍ड कोलारस एवं बदरवास अंतर्गत सहरिया जनजाति के प्रश्‍न दिनांक तक चिन्‍हांकित 9843 सहरिया परिवार में से 6988 महिला मुखियाओं के खातों में रू. 1000/- के मान से राशि प्रदाय की जा रही है, चिन्हित शेष 2854 महिला मुखियाओं के खातों में शीघ्र ही राशि प्रदाय की जावेगी। (घ) जानकारी संकलित की जा रही है।

परिशिष्ट - ''एक''

मुरैना जिले में संचालित तेल रिफाइनरियां

[वाणिज्यिक कर]

12. ( *क्र. 704 ) श्री सत्‍यपाल सिंह सिकरवार : क्या वित्त मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मुरैना जिले में कितनी तेल रिफाइनरियां संचालित हैं? उनके नाम, मालिक का नाम, स्‍थान सहित पूर्ण जानकारी दी जावें (ख) क्‍या उक्‍त रिफाइनरियों में बाहर से क्रूड ऑयल, पामोलीन सोया डीगम, रेपसीड, सरसो डीगम आदि खाद्य तेलों की कितनी मात्रा में क्रूड ऑयल मंगाया जाता है? वर्ष 2016-17 से मई 2018 तक की पूर्ण जानकारी दी जावे। (ग) क्‍या प्रदेश से प्रदेश के अंदर खाद्य तेल बेचने पर सी.जी.एस.टी. (केन्‍द्रीय गुड्स सर्विस टैक्‍स) एवं एस.जी.एस.टी. (स्‍टेट गुड्स सर्विस टैक्‍स) देना पड़ता है? यदि हाँ, तो उक्‍त तेल व्‍यापारी प्रदेश के अंदर खाद्य तेल बेचने पर आई.जी.एस.टी. (इन्‍टीग्रेटेड गुड्स सर्विस टैक्‍स) देकर व्‍यापार करते हैं, जो रिफण्‍डेबल होता है? क्‍या शासन उक्‍त अनियमितताओं को समाप्‍त कर कर चोरी को रोकने की नीति बनायेगा?

वित्त मंत्री ( श्री जयंत मलैया ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) प्रश्नांश (क) के उत्‍तर में उल्‍लेखित रिफाइनरियों द्वारा आयात किये गये तेल की जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र ''बी'' अनुसार है। 01 जुलाई, 2017 से जी.एस.टी. लागू होने के बाद से मई, 2018 तक इन रिफाईनरियों के द्वारा आयातित क्रूड ऑयल, पामो‍लीन सोया डीगम, रेपसीड, सरसों डीगम आदि खाद्य तेलों की मात्रात्‍मक जानकारी विभाग में संधारित नहीं है। (ग) केन्‍द्रीय माल और सेवा कर अधिनियम, 2017 तथा मध्‍यप्रदेश माल और सेवा कर अधिनियम, 2017 के अंतर्गत प्रदेश से प्रदेश के अंदर खाद्य तेल बेचने पर व्‍यापारी को एस.जी.एस.टी. तथा सी.जी.एस.टी. देय है। प्रदेश से प्रदेश के अंदर खाद्य तेल विक्रय करने पर आई.जी.एस.टी. देकर व्‍यापार करने जैसी कोई अनियमितता/जानकारी विभाग के संज्ञान में नहीं आई है।

परिशिष्ट - ''दो''

जनप्रतिनिधियों के पत्रों पर कार्यवाही

[सामान्य प्रशासन]

13. ( *क्र. 372 ) श्री बलवीर सिंह डण्‍डौतिया : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या सामान्य प्रशासन विभाग के अनेकों बार निर्देश व आदेशों में यह सूचना संपूर्ण प्रदेश में दी जा चुकी है कि माननीय सांसद एवं विधायकों के क्षेत्र से संबंधित जानकारी प्राप्त करने हेतु पत्रों को अलग से रजिस्टर में पंजीयन किया जाकर उनके उत्तर समय कर दिए जावें? (ख) यदि हाँ, तो क्‍या प्रश्नकर्ता विधायक द्वारा (एम.एल.ए. दिमनी) जनवरी 2018 से प्रश्‍न दिनांक तक विधानसभा दिमनी से संबंधित जानकारी हेतु सभी विभागों से पत्राचार किया एवं सभी विभागों को कार्यालय द्वारा जानकारी से संबंधित पत्र प्रस्तुत कर प्राप्ति भी ले चुके हैं, परंतु लोक निर्माण विभाग को छोड़कर अन्य विभागों ने जानकारी प्रस्तुत नहीं की है? कारण बतावें। (ग) यदि उपरोक्त (क), (ख) सच है तो प्रश्नकर्ता के पत्रों का एक लंबी अवधि के बाद उत्तर न देने के क्या कारण हैं व इसमें कौन-कौन अधिकारी/कर्मचारी दोषी हैं व शासन के आदेश व निर्देशों का पालन न करने वाले संबंधितों के खिलाफ शासन क्या कार्यवाही करेगा व कब तक, जिससे भविष्य में पुनरावृत्ति रोकी जा सके?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जी हाँ। (ख) प्रश्‍नाधीन अवधि में प्रश्‍नकर्ता माननीय सदस्‍य के दो पत्र कार्यालय कलेक्‍टरमुरैना में प्राप्‍त हुए हैं। पहला पत्र ग्राम व ग्राम पंचायत जीगनी जनपद मुरैना में हैण्‍डपम्‍प खनन स्‍वीकृत करने से संबंधित है। इसमें जिला योजना अधिकारी मुरैना ने कार्यपालन यंत्रीलोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकीजिला मुरैना को दिनांक 23.04.2018 को पत्र भेजकर टी.एस./प्राक्‍कलन भेजने हेतु लिखा थाजो कार्यपालन यंत्रीलोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकीजिला मुरैना ने अपने पत्र दिनांक 07.06.2018 के माध्‍यम से जिला योजना अधिकारी मुरैना को भेज दिया है। दूसरा पत्र मनफूल के पुरा की ग्रेवल रोड स्‍वीकृत करने से संबंधित है। इसमें जिला योजना अधिकारी,जिला मुरैना ने अपने पत्र दिनांक 08.06.2018 के माध्‍यम से माननीय विधायक को सूचित किया है कि मनफूल के पुरा रोड का निर्माण कार्य वे अपनी विधायक निधि से कराना चाहते हैं या किसी अन्‍य शासकीय एजेंसी से। इस संबंध में विधायक द्वारा स्‍वीकृति की अनुशंसा नहीं दी गई है। जिले के अन्‍य विभागोंअनुविभागीय अधिकारी, राजस्‍व मुरैनाअम्‍बाह/सहायक श्रमायुक्‍तचंबल सम्‍भाग मुरैना एवं कार्यपालन यंत्री जल संसाधन मुरैना में माननीय विधायक का पत्र प्राप्‍त नहीं हुआ है। (ग) माननीय विधायक से प्राप्‍त पत्रों पर नियमानुसार कार्यवाही की जाती है। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

विभाग द्वारा संचालित योजनाओं का क्रियान्‍वयन

[अनुसूचित जाति कल्याण]

14. ( *क्र. 612 ) श्री मुकेश नायक : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) पन्‍ना जिले में अनुसूचित जाति कल्‍याण विभाग को कितनी राशि किस-किस कार्य हेतु पिछले तीन वर्षों में आवंटित की गई? वर्षवार आवंटित राशि एवं खर्च की गई राशि बतायें। (ख) विभाग द्वारा उक्‍त अवधि में कितनी-कितनी राशि के चेक किसे-किसे जारी किये गये? उनके नाम, पते, राशि दिनांक सहित बताएँ। यह भी बताएं कि वह राशि किस कार्य के लिए दी गई थी। (ग) जिले में विभाग की उक्‍त राशि से विभाग द्वारा चलाई गई? योजनाओं/कार्यों/शालाओं/संस्‍थाओं/ छात्रावास/कर्ज/अनुदान इत्‍यादि द्वारा जिले के किस-किस हितग्राही को क्‍या-क्‍या लाभ पहुंचा? वर्षवार बतायें। (घ) विभाग द्वारा उक्‍त राशि से जो भी सामग्री सेवाएं खरीदी गई हों/ली गईं हों, उन एजेंसी/फर्मों/संस्‍थाओं/व्‍यक्तियों को कितनी-कितनी राशि का भुगतान कब-कब किस-किस कार्य हेतु किया गया? नाम, पता, राशि, तिथि कार्य सहित बताएं।

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) चेक प्रक्रिया लागू नहीं होने से विगत तीन वर्षों से चेक के माध्‍यम से भुगतान नहीं किया गया है। राशि का भुगतान सीधे हितग्राही के बैंक खाते में ई-पेमेंट से किया जाता है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है।

फल, सब्जियों से मंडी शुल्‍क खत्‍म किया जाना

[सामान्य प्रशासन]

15. ( *क्र. 719 ) श्री हर्ष यादव : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या माननीय मुख्‍यमंत्री जी द्वारा यह घोषणा की थी कि सब्‍जी, फल से मंडी शुल्‍क खत्‍म कर दिया जायेगा तथा किसान सब्जियां व फल कहीं भी बेचने के लिये स्‍वतंत्र रहेगा? (ख) यदि हाँ, तो फल सब्जियों से अब तक मंडी शुल्‍क खत्‍म क्‍यों नहीं किया गया है?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) संधारित अभिलेख अनुसार उक्‍त घोषणा दर्ज होना नहीं पाई गई है। (ख) उत्‍तरांश () के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण ज्योति‍ योजनांतर्गत बस्ति‍यों को जोड़ा जाना

[ऊर्जा]

16. ( *क्र. 543 ) श्री मुकेश पण्‍ड्या : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बड़नगर विधानसभा क्षेत्र में दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण ज्योति‍ योजना के अंतर्गत कितने ग्रामों की कितनी बस्ति‍यों को जोड़ा गया है एवं कितनी बस्ति‍यों को छोड़ा गया है? जोड़ी हुई बस्ति‍यों पर कितनी राशि कार्यवार व्यय की जाना है? ग्रामवार, स्थानवार सम्पूर्ण जानकारी उपलब्ध करावें। (ख) कितने कार्य पूर्ण किये जा चुके हैं, कितने कार्य अपूर्ण हैं, कितने कार्य प्रारंभ नहीं किये गये हैं? कार्यवार पूर्ण, अपूर्ण कार्यों की जानकारी उपलब्ध करावें (ग) कार्यों में विलम्ब के लिये कौन-कौन अधिकारी दोषी हैं एवं विभाग द्वारा क्या-क्या कार्यवाही की गई? (घ) अपूर्ण कार्यों को कब तक पूर्ण किया जावेगा?

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) बड़नगर विधानसभा क्षेत्र में दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना के अंतर्गत 125 ग्रामों की 136 बस्तियों को योजना में शामिल किया गया है। बड़नगर विधानसभा क्षेत्र के समस्त 190 राजस्व ग्रामों की कुल 256 बस्तियों में से 120 बस्तियों को उपरोक्त योजना में शामिल नहीं किया गया है। योजना में शामिल उक्‍त बस्तियों पर कुल राशि रू. 9.23 करोड़ के व्यय से योजना में ग्रामवार किये जाने वाले कार्यों की मात्रा का विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। दीनदयाल उपाध्‍याय ग्राम ज्‍योति योजना की स्‍वीकृति जिलेवार प्रदान की गई है, अत: कार्यवार/ग्रामवार स्‍वीकृति/व्‍यय संबंधी जानकारी देना संभव नहीं है। (ख) बड़नगर विधानसभा क्षेत्र में दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना के अंतर्गत 18 बस्तियों के कार्य पूर्ण किये जा चुके हैं, 27 बस्तियों के कार्य अपूर्ण (प्रगति पर) हैं तथा 91 बस्तियों में कार्य प्रारंभ नहीं किये गये हैं। ग्रामवार/बस्तीवार कार्य पूर्ण, अपूर्ण अथवा अप्रारंभ की जानकारी सहित कार्य की स्थिति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) टर्न-की ठेकेदार एजेन्‍सी के साथ किये गये निविदा अनुबंध की शर्तों के अनुसार उक्त कार्य दिनांक 23.11.2018 तक पूर्ण किया जाना निर्धारित है। अत: प्रश्‍न नहीं उठता। (घ) निविदा अनुबंध की शर्तों के अनुसार प्रश्‍नाधीन कार्य दिनांक 23.11.2018 तक पूर्ण किया जावेगा।

घोषणाओं का क्रियान्‍वयन

[सामान्य प्रशासन]

17. ( *क्र. 670 ) डॉ. गोविन्द सिंह : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रदेश के माननीय मुख्‍यमंत्री जी द्वारा समय-समय पर राज्‍य में प्रवास के दौरान एवं राजधानी भोपाल में सार्वजनिक स्‍थलों पर की जाने वाली घोषणाओं को जिला कलेक्‍टर द्वारा‍ लिपिबद्ध कर मुख्‍यमंत्री कार्यालय में दर्ज किये जाने हेतु भेजी जाती हैं, तत्‍पश्‍चात संबंधित विभागों को उक्‍त घोषणाओं का परीक्षण कर पूर्ति किये जाने हेतु निर्देशित किया जाता है? (ख) यदि हाँ, तो क्‍या माननीय मुख्‍यमंत्री जी द्वारा की गई घोषणाओं में से अधिकांश घोषणाएं जनसंपर्क विभाग द्वारा प्रेसनोट जारी किये जाने के बावजूद मुख्‍यमंत्री कार्यालय में उक्‍त घोषणाएं दर्ज नहीं की जाती हैं, जिससे इस कारण घोषणाओं का पालन नहीं हो पाता है? (ग) उपरोक्‍त प्रश्‍नांश के परिप्रेक्ष्‍य में माह दिसम्‍बर 2013 से प्रश्‍न दिनांक तक माननीय मुख्‍यमंत्री जी द्वारा की गई कितनी घोषणाएं मुख्‍यमंत्री कार्यालय में दर्ज की गई हैं? उन दर्ज घोषणाओं में से प्रश्‍न दिनांक तक किन-किन घोषणाओं का किन कारणों से अक्षरश: पालन नहीं किया जा सका है?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जी हाँ। (ख) उत्‍तरांश (क) के अनुसार प्रश्‍न उद्भूत नहीं होता। (ग) प्रश्‍नांकित अवधि में कुल 5052 घोषणाएं दर्ज की गई हैं। शेष प्रश्‍नांश के संबंध में घोषणाओं के क्रियान्‍वयन की कार्यवाही एक सतत् प्रक्रिया है। अत: निश्चित समय-सीमा बताई जाना सम्‍भव नहीं है।

जावरा विधानसभा क्षेत्रांतर्गत निकायों/पंचायतों के बकाया विद्युत बिल

[ऊर्जा]

18. ( *क्र. 379 ) डॉ. राजेन्‍द्र पाण्‍डेय : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या जावरा विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत वित्‍तीय वर्ष 2013-14 से लेकर प्रश्‍न दिनांक 31 मई, 2018 तक ग्राम पंचायतों, नगर पालिका परिषद जावरा, नगर परिषद पिपलौदा सहित अन्‍य शासकीय विभागीय कार्यालयों को विद्युत कनेक्‍शन दिये गये हैं? (ख) यदि हाँ, तो जावरा विधानसभा क्षेत्रान्‍तर्गत विभिन्‍न स्‍थानीय निकायों एवं शासकीय कार्यालयों पर दिनांक 30.04.2018 तक की स्थिति में कितनी राशि विद्युत बिलों की बकाया है, की स्‍थानीय निकायवार, शासकीय विभागवार जानकारी देवें? (ग) बकाया बिलों के समाधान के लिए क्या शासन/विभाग अथवा विद्युत वितरण कंपनी के द्वारा कोई समाधान योजना के प्रस्ताव पर विचार किया जा रहा है। (घ) जावरा विधानसभा क्षेत्र अन्‍तर्गत किन-किन शासकीय विभागों, स्‍थानीय निकायों पर कब से विद्युत बिलों की दिनांक 30.04.2018 तक की स्थिति में कितनी-कितनी राशि बकाया है? इनकी वसूली हेतु विद्युत कंपनी द्वारा क्‍या कार्यवाही की जा रही है?

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) जी हाँ। (ख) जावरा विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत विभिन्न स्थानीय निकायों एवं शासकीय कार्यालयों पर दिनांक 30.04.2018 तक की स्थिति में क्रमशः रु. 1,71,69,755/- एवं रु. 17,55,435/- की विद्युत बिलों की राशि बकाया है, जिसकी स्थानीय निकायवार एवं शासकीय विभागवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' एवं '' अनुसार है। (ग) मुख्‍यमंत्री जनकल्‍याण योजना (संबल) में पंजीकृत श्रमिक एवं सभी बी.पी.एल. उपभोक्‍ताओं के घरेलू संयोजनों के विद्युत बिलों की बकाया राशि के निपटारे हेतु ''मुख्‍यमंत्री बकाया बिजली बिल माफी स्‍कीम, 2018'' दिनांक 5 जून, 2018 को राज्‍य शासन द्वारा स्‍वीकृत कर दी गई है। (घ) जावरा विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत विभिन्‍न स्‍थानीय निकायों एवं शासकीय कार्यालयों पर दिनांक 30.04.2018 की स्थिति में विद्युत देयकों की बकाया राशि की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' एवं 'अनुसार है। सामान्यतः बकाया राशि की वसूली हेतु विद्युत कनेक्शन विच्छेदित किये जाने का नियम है, किन्तु जनोपयोगी कनेक्‍शन होने से जल प्रदाय के एवं शासकीय कार्यालयों के कनेक्‍शन सामान्‍यतया विच्छेदित नहीं किये जाते। तथापि विद्युत कंपनी के वितरण केन्द्र कार्यालय स्तर से एवं संभागीय कार्यालय स्तर से बकाया राशि जमा कराने हेतु संबंधित स्‍थानीय निकाय/शासकीय कार्यालय को समय-समय पर सूचना पत्र जारी किये जाते हैं एवं समय-समय पर संबंधित विभाग के वरिष्ठ कार्यालयों को भी पत्र लिखकर बकाया विद्युत बिल की राशि जमा करने हेतु अनुरोध किया जाता है।

राज्‍य सेवा प्रारंभिक परीक्षा में आरक्षण नियमों का पालन

[सामान्य प्रशासन]

19. ( *क्र. 711 ) श्री रामनिवास रावत : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्‍यप्रदेश राज्‍य सेवा प्रारंभिक परीक्षा 2010 से 2017 तक के वर्ग अनुसार (हॉरिजेन्‍टल तथा वर्टिकल) कट ऑफ पॉईंट बतावें तथा प्रत्‍येक वर्ग के प्रथम तथा अंतिम सफल अभ्‍यर्थी के प्राप्‍तांक बतावें? साथ ही बतावें कि किस-किस वर्ग में कितने रिक्‍त पद थे तथा उसके लिए कितने अभ्‍यर्थियों को प्रारंभिक परीक्षा में सफल घोषित किया गया? (ख) राज्‍य सेवा मुख्‍य परीक्षा 2010 से 2017 में अंतिम रूप से चयनित उम्‍मीदवार की वर्ग अनुसार संख्‍या बतावें (हॉरिजेन्‍टल आरक्षण सहित) उक्‍त परीक्षा के विषयवार कट आफ पाईंट तथा अंतिम तथा प्रथम सफल के प्राप्‍तांक वर्ग अनुसार क्‍या थे? (ग) क्‍या प्रश्नांश (क) की परीक्षाओं में आरक्षण के नियमों का क्‍या पूर्णत: पालन किय गया? यदि हाँ, तो बतावें कि आरक्षित वर्ग द्वारा सामान्‍य से ज्‍यादा अंक लाने पर उसे किस वर्ग में शामिल किया गया? प्रार‍ंभिक और अंतिम परीक्षा में प्रत्‍येक वर्ग में सफल रहने वाली महिलाओं के नाम, अनुक्रमांक तथा प्राप्‍तांक एवं सूची में स्‍थान तथा किस वर्ग के सफल उम्‍मीदवारों की सूची में उनका नाम है, बतावें। (घ) पिछले पाँच वर्षों में म.प्र. लोक सेवा आयोग द्वारा विज्ञापित पद आरक्षण सहित, कुल पद में आरक्षित पद का प्रतिशत सहित सूची प्रस्‍तुत करें तथा किसी में अनुसूचित जाति, जनजाति का प्रतिशत नियम से ज्‍यादा अथवा कम है तो उसका स्‍पष्‍ट कारण दस्‍तावेज सहित देवें (ड.) क्‍या आयोग, विभाग द्वारा दी गई वर्ग अनुसार रिक्तियों को मानकर विज्ञापन करता है या आरक्षित पद नियमानुसार न होने पर कोई आपत्ति विभाग को भेजता है, आरक्षण के पालन की जिम्‍मेदारी किसकी है?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) वर्ष 2010 से 2017 तक के शेष वर्षों में आयोजित मध्यप्रदेश राज्य सेवा प्रारंभिक परीक्षा की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''1'', ''2'' एवं ''3'' अनुसार है। वर्ष 2011 में मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा राज्य सेवा परीक्षा आयोजित न किये जाने के कारण इस वर्ष की जानकारी दी जाना संभव नहीं है। (ख) वर्ष 2010 से 2017 तक के शेष वर्षों में आयोजित राज्य सेवा मुख्य परीक्षा में अंतिम रूप से चयनित उम्मीदवारों की वर्ग अनुसार (हॉरिजेंटल आरक्षण सहित) परीक्षा के कटऑफ पॉईंट की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''4'' अनुसार है। अंतिम तथा प्रथम सफल के वर्ग अनुसार प्राप्तांक की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''5'' अनुसार है। वर्ष 2011 में मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा राज्य सेवा परीक्षा आयोजित न किये जाने के कारण इस वर्ष की जानकारी दी जाना संभव नहीं है। (ग) जी हाँ। आरक्षित वर्ग द्वारा सामान्य से ज्यादा अंक लाने पर अनारक्षित वर्ग में शामिल किया गया है, बशर्ते आवेदक द्वारा किसी भी स्तर पर आयु एवं अंकों की छूट का लाभ न लिया हो। प्रारंभिक परीक्षा में प्रत्येक वर्ग में सफल रहने वाली महिलाओं के नाम, अनुक्रमांक, प्राप्तांक एवं सूची में स्थान की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''6'' अनुसार है एवं मुख्य परीक्षा में प्रत्येक वर्ग में सफल रहने वाली महिलाओं के नाम, अनुक्रमांक, प्राप्तांक एवं सूची में स्थान की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''7'' अनुसार है। (घ) विगत पाँच वर्षों में मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा विज्ञापित पद आरक्षण सहित, कुल पद में आरक्षित पद की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''8'' अनुसार है। (ड.) जी हाँ। आरक्षण नियमों के पालन की जिम्‍मेदारी संबंधित विभाग की होती है।

शासकीय सेवक द्वारा राजनैतिक गति‍विधि में शामिल होने पर कार्यवाही

[जनजातीय कार्य]

20. ( *क्र. 700 ) श्री सुरेन्‍द्र सिंह बघेल : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) म.प्र. सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम 5 में उल्‍लेख है कि शासकीय सेवक राजनीतिक दल के कार्यक्रम या गतिविधि में शामिल नहीं हो सकते तो फिर किस आधार पर श्री शांतिलाल मोरी, निवासी अन्‍जनमल्‍हार जनपद कुक्षी जो प्रा.वि. उजाडि़यापुरा संकुल केन्‍द्र रिंगनोद विकासखण्‍ड सरदारपुर जिला धार में पदस्‍थ है, राजनीतिक गतिविधि में संलग्‍न है? (ख) प्रश्‍नकर्ता के पत्र क्र. DN/161/MLA/KUKSHI/2018, दिनांक 06.05.2018 जो प्रमुख सचिव जनजातीय कार्य म.प्र.शासन को लिखा गया पर अभी तक की गई कार्यवाही का विवरण देवें। (ग) यदि कार्यवाही नहीं की गई है तो क्‍यों? कब तक कार्यवाही की जाकर ऐसी गतिविधियों को हतोत्‍साहित किया जाएगा?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) से (ग) श्री शांतिलाल मोरी, सहायक अध्‍यापक के राजनीतिक गतिविधियों में संलग्‍न होने संबंधी शिकायत पर सहायक-परियोजना प्रशासक कुक्षी की अध्‍यक्षता में तीन सदस्‍यों की समिति का जाँच दल गठित किया जाकर, प्रारंभिक जाँच कराई गई, जाँच सत्‍य पाये जाने पर श्री शांतिलाल मोरी, सहायक अध्‍यापक को निलंबित किया गया है। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

आंगनवाड़ी भवनों के निर्माण हेतु स्‍वीकृत राशि का अंतरण

[महिला एवं बाल विकास]

21. ( *क्र. 679 ) श्री हरवंश राठौर : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या बण्‍डा विधान सभा क्षेत्रान्‍तर्गत आयुक्‍त पंचायत राज संचालनालय म.प्र. शासन भोपाल के आदेश क्र. 4340, दिनांक 28.03.2018 द्वारा प्रदेश में 2860 आंगनवाड़ी भवनों के निर्माण की स्‍वीकृति प्रदान कर कार्यों को प्रारंभ कराने हेतु विभाग द्वारा 2.00 लाख रूपये की राशि एजेंसी को प्रदाय की गई है? (ख) प्रशासकीय स्‍वीकृति‍ उपरांत कितने समय में एजेंसी को राशि जारी करने का प्रावधान है? यदि विलम्‍ब हुआ है तो विलंब का क्‍या कारण रहा? (ग) उक्‍त विधान सभा क्षेत्रान्‍तर्गत स्‍वीकृत भवनों में कब तक विभाग की राशि एजेंसियों के खाते में अंतरित की जाएगी?

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( श्रीमती अर्चना चिटनिस ) : (क) जी हाँ। आयुक्त पंचायत राज संचालनालय के आदेश क्रमांक 4340, दिनांक 28.03.2018 द्वारा बण्डा विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत बाल विकास परियोजना बण्डा में 22 एवं शाहगढ़ में 07 कुल 29 आँगनवाड़ी भवनों की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। पंचायत राज संचालनालय म.प्र. द्वारा आँगनवाड़ी भवनों के निर्माण हेतु निर्माण ऐजेंसियों को दिनांक 08.06.2018 को राशि रू. 2.00 लाख प्रति केन्द्र के मान से अन्तरित की गई है। (ख) प्रशासकीय स्वीकृति के उपरांत निर्माण एजेन्सी को राशि वित्तीय स्वीकृति के उपरान्त दिये जाने का प्रावधान है। संचालनालय कोष एवं लेखा विभाग द्वारा अतिरिक्त सॉफ्टवेयर निर्माण होने से तथा सॉफ्टवेयर के तकनीकी कारणों से राशि अन्तरण में विलंब हुआ है। (ग) पंचायत राज संचालनालय म.प्र. द्वारा आँगनवाड़ी भवन निर्माण हेतु निर्माण एजेन्सी ग्राम पंचायतों के खातों में दिनांक 08.06.2018 को राशि अन्तरित की गई है।

भाषाई शिक्षकों की सेवा में बहाली

[जनजातीय कार्य]

22. ( *क्र. 552 ) श्री लाखन सिंह यादव : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) ग्वालियर जिले में किन-किन भाषाई शिक्षकों को कब-कब सेवा से हटाया गया था? उनका नाम,पद तथा सेवा से हटाते समय मूल संस्था (विद्यालय का नाम) के पते सहित सूची दें प्रश्‍नकर्ता विधायक द्वारा हर सत्र में लगाए गए तारांकित प्रश्‍न में इन हटाये गये शिक्षकों को सेवा में वापिस लेकर समायोजन कर लिये जाने के संबंध में यही जबाव दिया जाता है कि सेवा में वापिस लेकर समायोजन की प्रक्रिया चल रही है, तो यह प्रक्रिया कितने वर्षों तक चलेगी? क्या इस प्रक्रिया की कोई समय-सीमा है? (ख) ग्वालियर जिले को वर्ष 2018-19 वित्तीय वर्ष में अनु. जनजाति बस्ती विकास योजना के लिये कितना-कितना वित्तीय आवंटन प्राप्त हुआ है? क्या प्राप्त आवंटन के उपयोग हेतु प्रश्‍न दिनांक तक आवंटन जारी किया है? यदि हाँ, तो कहाँ-कहाँ किन-किन निर्माण कार्यों के लिये किस-किस जनप्रतिनिधि की अनुशंसा पर किया है? यदि नहीं, किया तो क्यों? कारण सहित स्पष्ट करें।

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। भाषाई शिक्षकों के पद सृजन की कार्यवाही अन्तिम चरण में है। समय-सीमा बताना संभव नहीं है। (ख) ग्‍वालियर जिले को वर्ष 2018-19 में अनुसूचित जनजाति की बस्तियों का विकास योजना अंतर्गत रूपये 62.16 लाख का आवंटन प्राप्‍त हुआ है। जिला कार्यालय से प्राप्‍त आवंटन के उपयोग हेतु अभी आवंटन जारी नहीं हुआ है। प्राप्‍त आवंटन के विरूद्ध माननीय जनप्रतिनिधियों एवं स्‍थानीय निकायों से प्राप्‍त प्रस्‍तावों से कार्यों का अनुमोदन शासन द्वारा गठित समिति से कराये जाने की प्रक्रिया प्रचलन में है।

परिशिष्ट - ''तीन''

जिला अनूपपुर अंतर्गत 660 मेगावाट ताप विद्युत गृह की स्‍थापना

[ऊर्जा]

23. ( *क्र. 634 ) श्री रामलाल रौतेल : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अमरकंटक ता‍प विद्युत गृह चचाई जिला अनूपपुर में 660 मेगावाट क्षमता की सुपर क्रिटिकल इकाई की स्‍थापना में विलंब का क्‍या कारण है? पूर्ण विवरण दें। (ख) प्रश्‍नांकित सुपर क्रिटिकल इकाई के निर्माण कार्य में कितनी राशि व्‍यय होगी तथा निर्माण कार्य कब से प्रारंभ किया जायेगा?

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) अमरकंटक ताप विद्युत गृह चचाई, जिला अनूपपुर में प्रस्‍तावित 1x660 मेगावाट क्षमता की सुपर क्रिटिकल इकाई की स्‍थापना से संबंधित कार्य में किसी भी प्रकार का विलम्‍ब नहीं हो रहा है। किसी भी परियोजना की स्‍थापना के लिए विभिन्‍न वैधानिक स्‍वीकृतियां तथा अन्‍य कार्यवाहियां किया जाना आवश्‍यक होता है। परियोजना की स्‍थापना से संबंधित सभी कार्यों में आवश्‍यकतानुसार कार्यवाही की जा रही है। मुख्‍य वैधानिक स्‍वीकृतियों तथा अन्‍य कार्यवाहियों का विवरण तथा वर्तमान में परियोजना स्‍थापना से संबंधित किये जाने वाले कार्यों की वस्‍तुस्थिति संलग्‍न परिशिष्‍ट में दर्शाये अनुसार है। (ख) सलाहकार द्वारा प्रस्‍तुत विस्‍तृत परियोजना प्रतिवेदन के आधार पर अमरकंटक ताप विद्युत गृह चचाई, जिला अनूपपुर में 1x660 मेगावाट की इकाई के निर्माण कार्य में लगभग रूपये 4580.00 करोड़ का व्‍यय होना संभावित है। परियोजना हेतु भारत सरकार से पर्यावरणीय स्‍वीकृति एवं अन्‍य वांछित स्‍वीकृतियां प्राप्‍त होने के उपरांत वर्तमान स्थिति अनुसार निर्माण कार्य प्रारंभ हो सकेगा।

परिशिष्ट - ''चार''

जिला बालाघाट अंतर्गत संचालित ग्रामीण विद्युतीकरण योजनाएं

[ऊर्जा]

24. ( *क्र. 31 ) डॉ. योगेन्‍द्र निर्मल : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला बालाघाट क्षेत्रान्‍तर्गत दिनांक 01.04.2015 से प्रश्‍न दिनांक तक विभाग द्वारा ग्रामीण विद्युतीकरण की कौन-कौन सी योजनायें संचालित हैं? वारासिवनी विधानसभा क्षेत्र की योजना के तहत किन-किन एजेन्सियों के द्वारा कब-कब कितनी-कितनी लागत से ग्रामीण विद्युतीकरण कार्य कराया गया है? वर्षवार सूची देवें (ख) प्रश्नांश (क) के अनुसार वर्ष 2016-17 से ग्रामीण विद्युतीकरण कार्यों में कब-कब विद्युत पोल प्राकृतिक आपदा/वाहन व अन्‍य कारणों से क्षतिग्रस्‍त हुए, जिनके मेंटेनेंस हेतु विभाग द्वारा कितनी-कितनी राशि उपलब्‍ध करायी गयी? प्राथमिकता के अनुसार किन-किन कार्यों में विभाग द्वारा उपलब्‍ध राशि खर्च की गई? उपलब्‍ध करायी गई राशि व कार्यों की सूची देवें। (ग) विधानसभा क्षेत्र वारासिवनी अंतर्गत शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में विगत 3 वर्षों में वितरण केन्‍द्रवार कितनी-कितनी यूनिट विद्युत प्रदाय किया गया है? वितरण केन्‍द्रवार, माहवार जानकारी देवें। (घ) वारासिवनी विधानसभा क्षेत्रान्‍तर्गत विगत 3 वर्षों से विद्युतीकरण लाईनों के मेंटेनेंस हेतु जिन क्षेत्रों में कार्य किये गये, क्‍या वहां ग्रामीणों को जानकारी दी गई? यदि हाँ, तो किन माध्‍यमों से? क्‍या विभाग द्वारा अपने कार्यालय के रजिस्‍टर में मेंटेनेंस का उल्‍लेख किया गया है? यदि हाँ, तो माहवार विवरण देवें? यदि नहीं, तो विभाग संबंधित अधिकारी/कर्मचारियों के खिलाफ क्‍या कार्यवाही कब तक करेगा?

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) जिला बालाघाट में दिनांक 01.04.2015 से प्रश्‍न दिनांक तक 11वीं पंचवर्षीय योजना में स्‍वीकृत राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना, 11वीं पंचवर्षीय योजना में स्‍वीकृत राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण (पूरक) योजना, 12वीं पंचवर्षीय योजना में स्‍वीकृत राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना, दीनदयाल उपाध्‍याय ग्राम ज्‍योति योजना एवं सौभाग्‍य योजना का संचालन किया गया/किया जा रहा है। वर्तमान में बालाघाट जिले में 11वीं पंचवर्षीय योजना में स्‍वीकृत राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना, 12वीं पंचवर्षीय योजना में स्‍वीकृत राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना एवं सौभाग्‍य योजना चल रही है। विधानसभा क्षेत्र वारासिवनी अन्‍तर्गत उक्‍त अवधि में ग्रामीण विद्युतीकरण की संचालित योजनाओं एवं कार्य संपादित करने वाली एजेंसियों द्वारा वर्षवार कराये गये कार्यों तथा इनकी लागत की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार वारासिवनी विधान सभा क्षेत्रान्‍तर्गत कराये गये विद्युतीकरण के कार्यों में से वर्ष 2016-17 में दिनांक 15.06.2018 तक प्राकृतिक आपदा/वाहन दुर्घटना व अन्‍य कारणों से क्षतिग्रस्‍त हुए विद्युत पोलों की दिनांकवार/कारणवार सूची एवं इनके मेन्‍टेनेंस हेतु पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा वितरण केन्‍द्रवार कराये गये कार्यों की जानकारी सहित उपलब्‍ध कराई गई/व्‍यय की गई राशि का विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ग) विधान सभा क्षेत्र वारासिवनी के अन्‍तर्गत शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में विगत तीन वर्षों में माहवार किये गये विद्युत प्रदाय की वितरण केन्‍द्रवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (घ) जी हाँ, संबंधित अधिकारियों द्वारा ग्रामवासियों को समय-समय पर मौखिक तथा समाचार पत्रों के माध्‍यम से जानकारी दी जाती रही है तथा वितरण कंपनी द्वारा मेन्‍टेनेंस रजिस्‍टर में मेन्‍टेनेंस का उल्‍लेख किया गया है। विगत तीन वर्षों यथा-2015-16, 2016-17 एवं 2017-18 में वितरण केन्‍द्रवार ग्रामीणों को मेन्‍टेनेंस के कार्यों की दी गई जानकारी के माध्‍यमों एवं कार्यालय के रजिस्‍टर में मेन्‍टेनेंस के उल्‍लेख क्रमांक के विवरण सहित प्रश्‍नाधीन चाही गई जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। उक्‍त कार्यवाही नियमानुसार की गई है, अत: किसी के विरूद्ध कार्यवाही करने का प्रश्‍न नहीं उठता।

मंदसौर गोलीकांड की जाँच

[सामान्य प्रशासन]

25. ( *क्र. 624 ) श्री आरिफ अकील : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या माह जून 2017 में किसान संघ द्वारा आयोजित आंदोलन के दौरान जिला मंदसौर में हुई गोली कांड से किसानों की हुई हत्‍या की जाँच हेतु जैन जाँच आयोग गठित किया गया था? यदि हाँ, तो किन-किन बिन्‍दुओं की जाँच हेतु जाँच आयोग गठित किया गया था? (ख) प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में कितनी अवधि में जाँच पूर्ण करने हेतु जाँच आयोग गठित किया गया था और कितनी अवधि में जाँच पूर्ण हुई तथा जाँच रिपोर्ट प्रदान करते हुए यह अवगत करावें कि जाँच में किन-किन लोगों को दोषी पाया गया, उनके विरूद्ध क्‍या तथा कब तक कार्यवाही की जावेगी? यदि नहीं, तो क्‍यों?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जी हाँ। संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार(ख) 03 माह। 11 माह। जाँच आयोग अधिनियम 1952 के प्रावधान अनुसार जाँच प्रतिवेदन संकल्‍प सहित विधानसभा के पटल पर रखे जाने के पूर्व जानकारी दी जाना संभव नहीं है।

परिशिष्ट - ''पाँच''

 

 

 

 






भाग-2

नियम 46 (2) के अंतर्गत अतारांकित प्रश्नोत्तर के रुप में परिवर्तित तारांकित प्रश्नोत्तर

कुपोषण से मृत्‍यु

[महिला एवं बाल विकास]

1. ( क्र. 13 ) श्री बाबूलाल गौर : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) प्रदेश के किन-किन जिलों में वर्ष 2015 से प्रश्‍न दिनांक तक कुपोषण से मौतें हुई हैं एवं किन-किन जिलों में कितने-कितने बच्‍चे कम वजन के पाये गये? जिलेवार संख्‍या बताई जाए। (ख) कुपोषण से प्रभावित जिलों में शासन द्वारा संचालित आंगनवाड़ि‍यों में प्रति बच्‍चा प्रतिदिन के मान से कितना-कितना पौष्टिक खाद्य पदार्थ दिया जा रहा है? इसमें प्रति बच्‍चा प्रतिदिन कितनी राशि व्‍यय की जाती है? (ग) शासन द्वारा कुपोषण रोकने के लिए क्‍या कार्यवाही की जा रही है?

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( श्रीमती अर्चना चिटनिस ) : (क) स्वास्थ्य विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रश्नावधि में प्रश्नांकित जानकारी निरंक है। प्रश्नांकित अवधि में चिन्हांकित कम वजन एवं अति कम वजन के बच्चों की जिलेवार जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट  के प्रपत्र '''' पर है। (ख) जानकारी  संलग्‍न परिशिष्ट  के प्रपत्र '''' पर है। (ग) बच्चों के पोषण स्तर में सुधार हेतु विभिन्न कार्यक्रम/योजना संचालित किये जा रहे है। वृद्धि निगरानी के माध्यम से कम वज़न एवं अतिकम वज़न वाले बच्चों का चिन्हांकन किया जाता है तथा चिन्हांकित गंभीर कुपोषित बच्चों को पोषण प्रबंधन हेतु पोषण पुनर्वास केन्द्र में संदर्भित किया जाता है। बच्चों की पोषण स्थिति में सुधार हेतु एकीकृत बाल विकास सेवा योजना अंतर्गत नियमित पूरक पोषण आहार प्रदाय एवं थर्डमील उपलब्ध कराया जाता है। कुपोषण निवारण हेतु अटल बिहारी बाजपेयी बाल आरोग्य एवं पोषण मिशन का क्रियान्वयन किया जा रहा है, जिसके अंतर्गत जिले की आवश्यकता अनुसार कार्ययोजना का क्रियान्वयन किया जा रहा है। स्नेह सरोकार कार्यक्रम में स्थानीय प्रबुध्द नागरिकों द्वारा देखभाल की जिम्मेदारी ली जाकर, उनके माता-पिता को नियमित पोषण परामर्श दिया जाता है। इसके साथ ही पंचवटी से पोषण कार्यक्रम का क्रियान्वयन, चिन्हित ग्रामों में सुपोषण अभियान का आयोजन एवं चिन्हित जिलों में डे-केयर सेन्टर प्रारंभ किये गये है। इसके अतिरिक्त स्वास्थ्य विभाग द्वारा कुपोषण कम करने हेतु सम्पादित की जा रही गतिविधियों की जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट  के प्रपत्र  '''' पर है।

परिशिष्ट - ''छ:''

बिना बिजली कनेक्‍शन के ही विद्युत देयकों का प्रदाय

[ऊर्जा]

2. ( क्र. 27 ) श्रीमती प्रमिला सिंह : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या विधानसभा क्षेत्र जयसिंहनगर के कई मजरे टोले में राजीव गांधी विद्युतीकरण योजना के तहत सिर्फ बिजली के खम्‍भे गाड़ दिए गये हैं किन्‍तु बिजली के तार नहीं लगाए गए है? (ख) यदि हाँ, तो ऐसे घरों में जहां बिजली के तार ही नहीं पहुँचे हैं फिर भी ग्रामवासियों को बिजली के बिल क्‍या दिए जा रहे है, यदि हाँ, तो क्‍यों? (ग) क्‍या बिजली कनेक्‍शन नहीं होने पर बिजली का देयक प्रदाय किया जाता है तथा देयक का भुगतान नहीं करने पर उस ग्राम के ऐसे घरों के कनेक्‍शन भी काट दिये जाते हैं जिनके यहां कनेक्‍शन है तथा उनके द्वारा देयक का नियमित भुगतान किया जाता है? (घ) उक्‍त कृत्‍यों के लिए दोषी कौन है तथा दोषी के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही कब तक की जावेगी?

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) जी नहीं वर्तमान में राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजनांतर्गत विधानसभा क्षेत्र जयसिंहनगर में ऐसा कोई भी मजरा/टोला नहीं है, जहाँ मात्र खम्‍बे गाड़ दिये गये हैं, परन्‍तु तार नहीं खींचें गये हैं। (ख) उत्‍तरांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न नहीं उठता। उल्‍लेखनीय है कि विद्युत उपभोक्‍ताओं को किये गये विद्युत उपभोग के ही बिल जारी किये जा रहे हैं। (ग) जी नहीं, विद्युत कनेक्‍शन नहीं होने पर विद्युत देयक प्रदान करने का प्रश्‍न नहीं उठता। नियमित बिल जमा करने वाले उपभोक्‍ताओं के नहीं अपितु विद्युत देयकों का भुगतान नहीं करने वाले उपभोक्‍ताओं के कनेक्‍शन विच्‍छेदित किये जाते हैं। (घ) उत्‍तरांश '''' एवं '''' के परिप्रेक्ष्‍य में वितरण कंपनी में कोई शिकायत प्राप्‍त नहीं हुई है, अत: किसी के दोषी होने अथवा किसी के विरूद्ध कार्यवाही करने का प्रश्‍न नहीं उठता। तथापि यदि प्रश्‍नाधीन आशय की कोई विशिष्‍ट शिकायत प्राप्‍त होती है, तो नियमानुसार जाँच करवाकर आवश्‍यक कार्यवाही की जाएगी।

मुख्‍यमंत्री की घोषणाओं का क्रियान्‍वयन

[सामान्य प्रशासन]

3. ( क्र. 61 ) श्री शैलेन्‍द्र पटेल : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मुख्‍यमंत्री द्वारा सीहोर जिले के लिए पिछले 5 वर्षों में कौन-कौन सी घोषणाएं कब-कब और कहाँ-कहाँ की गई वर्षवार, घोषणावार, विभागवार, दिनांकवार ब्‍यौरा दें। उक्‍त योजनाओं की लागत की लागत का भी ब्‍यौरा दें। (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार उक्‍त घोषणाओं की वर्तमान स्थिति क्‍या है? कितनी संपूर्ण हुई, कितनी पर कार्य प्रगति पर है एवं कितने पर कार्य शुरूआत होना बाकी है? (ग) मुख्‍यमंत्री की घोषणाओं के ऐसे कितने कार्य हैं जो तकनीकी स्‍वीकृति और बजट आभाव के कारण विलंबित हैं? प्रकरणवार ब्‍यौरा दें।

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जिला सीहोर में वर्ष 2013 से प्रश्‍न दिनांक तक माननीय मुख्‍यमंत्रीजी द्वारा कुल 572 घोषणाएं की गई हैं, जिनमें से 120 घोषणा पूर्ण की जा चुकी हैं एवं 325 घोषणाएं पूर्ण सतत् हैं जिनमें कार्यवाही प्रचलित है एवं 119 घोषणाएं शेष हैं। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है।

सोलर ऊर्जा सयंत्र

[नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा]

4. ( क्र. 62 ) श्री शैलेन्‍द्र पटेल : क्या नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या भोपाल संभाग में निजी सोलर ऊर्जा संयंत्र स्‍थापित किए गए हैं? यदि हाँ, तो कहाँ-कहाँ, कब-कब, कितनी क्षमता वाले संयंत्र स्‍थापित हैं तथा इनसे कितनी बिजली का उत्‍पादन प्रवितर्ष हो रहा है? संयंत्रवार ब्‍यौरा दें। (ख) क्‍या शासन द्वारा निजी सोलर ऊर्जा संयंत्रों से बिजली की खरीदी की जा रही है? यदि हाँ, तो भोपाल संभाग में किन-किन संयंत्रों से प्रतिमाह किस दर पर बिजली खरीदी जा रही है? 5 वर्ष का माहवार, संयंत्रवार ब्‍यौरा दें। (ग) भोपाल संभाग में स्‍थापित सोलर ऊर्जा संयंत्रों की स्‍थापना किस-किस कंपनी अथवा फर्म द्वारा की गई है? संयंत्रवार ब्‍यौरा दें। (घ) सोलर ऊर्जा संयंत्र स्‍थापना के लिए क्‍या शासन द्वारा भूमि उपलब्‍ध कराई गई है? यदि हाँ, तो किस-किस संयंत्र को कितनी-कितनी शासकीय भूमि किस दर पर उपलब्‍ध कराई गई है? क्‍या संयंत्रों के लिए निजी भूमि भी क्रय की गई है? यदि हाँ, तो किस-किस संयंत्र के लिए किस-किस दर पर भूमि क्रय की गई है?

नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री ( श्री नारायण सिंह कुशवाह ) : (क) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्रअ अनुसार है। संयंत्रवार बिजली उत्‍पादन की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र ब अनुसार है। (ख) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र- ब अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र अ अनुसार है। (घ) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र स अनुसार है।

अटल ज्‍योति अभियान अंतर्गत किए गए कार्य

[ऊर्जा]

5. ( क्र. 81 ) श्री मुरलीधर पाटीदार : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या जून 2013 से अटल ज्‍योति अभियान प्रारम्‍भ किया गया है, जिसके तहत समस्‍त राजस्‍व ग्रामों में घरेलू उपभोक्‍ताओं को 24 घण्‍टे एवं कृषि उपभोक्‍ताओं को 10 घण्‍टे विद्युत प्रदाय सुनिश्चित करने हेतु फिडर सेपरेशन किया जाना है? यदि हाँ, तो विधानसभा क्षेत्रान्‍तर्गत कौन-कौन से राजस्व ग्रामों में फिडर सेपरेशन कर दिया गया है एवं कौन-कौन ग्राम शेष हैं? सूची देवें। (ख) प्रश्‍नकर्ता के प्रश्‍न क्रमांक 217 दिनांक 19.07.2016 के उत्‍तरांश (क) में विधानसभा क्षेत्र सुसनेर के 185 ग्रामों में फिडर सेपरेशन का कार्य पूर्ण एवं 19 ग्रामों में कार्य शेष बताया है? इन 185 ग्रामों में कार्य पूर्णता का भौतिक सत्‍यापन किया गया? यदि हाँ, तो कब-कब किन-किन अधिकारियों/कर्मचारियों द्वारा कार्य किया गया है? (ग) शेष ग्रामों में फिडर सेपरेशन कार्य/अन्‍य योजना से विद्युत उपलब्‍धता हेतु क्‍या कार्यवाही की जा रही है? कार्य कब तक पूर्ण होगा? विवरण देवें।

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) म.प्र. पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड, इंदौर के अंतर्गत उज्जैन क्षेत्र में अटल ज्‍योति अभियान अप्रैल-2013 से प्रारंभ किया गया था, जिसके तहत समस्त राजस्व ग्रामों में गैर-कृषि उपभोक्ताओं को 24 घण्टे एवं कृषि उपभोक्ताओं को 10 घण्टे विद्युत प्रदाय किया जाना सुनिश्चित किया गया था। उक्‍तानुसार विद्युत प्रदाय किये जाने हेतु माननीय प्रश्‍नकर्ता विधायक महोदय के विधानसभा क्षेत्र सुसनेर के अन्‍तर्गत कुल 204 राजस्व ग्रामों में से 189 राजस्व ग्रामों में 11 के.व्‍ही. फीडरों के विभक्तिकरण का कार्य पूर्ण कर दिया गया है एवं 15 राजस्व ग्रामों में फीडर विभक्तिकरण का कार्य किया जाना शेष है। तथापि इन शेष 15 ग्रामों में  पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'में दर्शाए अनुसार 24 घंटे विद्युत प्रदाय उपलब्‍ध कराया जा रहा है। सुसनेर विधानसभा क्षेत्र के 204 राजस्व ग्रामों में कार्य पूर्णत/कार्य शेष होने की जानकारी सहित ग्रामवार सूची  पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'अनुसार है। (ख) जी हाँ, माननीय प्रश्‍नकर्ता विधायक महोदय के विधानसभा सत्र जुलाई-2016 के प्रश्न क्रमांक 217 दिनांक 19.07.2016 के उत्तरांश (क) में विधानसभा क्षेत्र सुसनेर के 185 राजस्व ग्रामों में फीडर विभक्तिकरण का कार्य पूर्ण एवं 19 राजस्व ग्रामों में फीडर विभक्तिकरण का कार्य शेष बताया गया था। जी हाँ, उक्‍त 185 राजस्व ग्रामों में कार्य पूर्णता का भौतिक सत्यापन कराया गया था। उक्‍त कार्यों का भौतिक सत्‍यापन श्री निशांत दर्शन, सहायक यंत्री आगर एवं नोडल अधिकारी (फीडर वि‍भक्तिकरण) श्री राहुल राय, सहायक यंत्री (एसटीसी) शाजापुर एवं तृतीय पक्ष निरीक्षण एजेन्‍सी मेसर्स यू.आर.एस. स्कॉटविल्सन, दिल्ली द्वारा किया गया था, जिसकी दिनांकवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-'अनुसार है। (ग) विधानसभा क्षेत्र सुसनेर के शेष 15 राजस्व ग्रामों में फीडर विभक्तिकरण का कार्य दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना में स्‍वीकृत है तथा वर्तमान में यह कार्य प्रगति पर है। उक्त कार्य टर्न-की ठेकेदार एजेन्‍सी से किये गये निविदा अनुबंध की शर्तों के अनुसार दिनांक 03.11.2018 तक पूर्ण किया जाना है। उक्त योजना के अतिरिक्त फीडर वि‍भक्तिकरण कार्य हेतु वर्तमान में अन्य कोई योजना सुसनेर विधानसभा क्षेत्र में प्रस्तावित नहीं है। तथापि उत्‍तरांश (क) में उल्‍लेखानुसार उक्‍त सभी शेष 15 ग्रामों में  पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-'' में दर्शाए अनुसार 24 घंटे विद्युत प्रदाय किया जा रहा है।

बिना टेस्टिंग कार्यों के भुगतान

[नर्मदा घाटी विकास]

6. ( क्र. 102 ) श्री विजय सिंह सोलंकी : क्या राज्‍यमंत्री, नर्मदा घाटी विकास महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) खरगोन उद्वहन सिंचाई परियोजना एवं बिस्टान उद्वहन सिंचाई परियोजना में वर्तमान दिनांक तक निविदाकर्ता/ठेकेदार को कुल कितना भुगतान किन-किन कार्यों का हुआ है तथा कितनी राशि किन-किन कार्यों की बकाया है, कितनी पेनल्टी राशि वसूली जाना है? (ख) उक्त परियोजनाओं में क्या अवर नदी, वेदा नदी, कुंदा नदी क्रासिंग का डिजाईन ड्राईंग अप्रुवल मुख्य अभिंयता (आईएसपी) से कराया गया है? निविदाकर्ता द्वारा कितने कार्यों का डिजाइन बदला गया या मूल डिजाईन अनुसार नहीं किया गया? इन बदले हुए कार्यों के अनुमोदन हेतु भेज गये पत्रों की प्रति देवे। कितने कार्यों के अनुमोदन प्राप्त हुए? (ग) डी.पी.आर. अनुसार कितने एक्वाडक्ट एवं तालाब बनने थे वर्तमान में कितने बने है? परियोजना में विद्युतीकरण कार्य कहाँ-कहाँ पर कितना हुआ है? SCADA सिस्टम की वर्तमान स्थिति क्या है? बीआर-1, बीआर-2 एवं बीआर-3 तक विद्युत लाईन बिछाने के कार्य की वर्तमान स्थिति क्या है? इस संबंध में प्रश्नकर्ता के खरगोन कलेक्टर के माध्यम से दिये गये पत्र के जवाब की प्रति देवे। (घ) उक्त दोनों परियोजनाओं में भुमिगत पाईपलाइन बिछाने के बाद बिना टेस्टिंग कराये निविदाकर्ता को इस कार्य का भुगतान क्यों एवं किन कारणों से कितना किया गया? बिना टेस्टिंग कार्यों के भुगतान के जिम्मेदार अधिकारियों के नाम व पद बतायें?

राज्‍यमंत्री, नर्मदा घाटी विकास ( श्री लालसिंह आर्य ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-'''' अनुसार है। (ख) खरगोन उद्वहन सिंचाई योजना अंतर्गत कुंदा नदी क्रासिंग की डिजाईन/ड्राईंग का अनुमोदन मुख्‍य अभियंता द्वारा इस शर्त के साथ किया गया है कि ठेकेदार को सिंगल लेन ब्रिज बनाना है। ठेकेदार द्वारा सिंगल लेन ब्रिज नहीं बनाया गया अपितु अन्‍डर ग्राउंड पाईप क्रासिंग की है, इस कारण ठेकेदार को उक्‍त कार्य का भुगतान नहीं किया गया। ठेकेदार को कुंदा, वेदा एवं अवर नदी पर सिंगल लेन ब्रिज बनाने हेतु डिजाईन/ड्राईंग प्रस्‍तुत करने हेतु निर्देशित किया गया है। जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-'''' अनुसार है। बिस्‍टान उद्वहन सिंचाई योजना में कुंदा, वेदा एवं अवर नदी नहीं आती है। (ग) खरगोन उद्वहन सिंचाई योजना के अनुबंध में एक्‍वाडक्‍ट बनाने का कोई प्रावधान नहीं था। योजना में तीन तालाब बनाने का प्रावधान था जिसमें से 02 तलाबों का निर्माण किया जा चुका है। एक तालाब का निर्माण प्रक्रियाधीन है। योजना में विद्युतीकरण के तहत पंप हाउस-1 एवं पंप हाउस-2 पर सब स्‍टेशन का निर्माण किया जा चुका है विद्युत लाईन बिछाने का कार्य शेष है। स्‍काडा सिस्‍टम का कार्य प्रगति पर है। जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र'''' अनुसार है। (घ) खरगोन उद्वहन सिंचाई योजना में तीनों चरणों में भूमिगत पाईप लाईन बिछाने के बाद अनुमोदित पेमेंट शेडयूल अनुसार भुगतान किया गया। ठेकेदार को टेस्टिंग कार्य का कोई भुगतान नहीं किया गया। वर्तमान में टे‍स्टिंग कार्य प्रगति पर है। टेस्टिंग कार्य सफलता पूर्वक पूर्ण होने के पश्‍चात अनुबंध में निहित प्रावधानों के अनुसार कार्यवाही की जावेगी। बिस्‍टान उद्वहन योजना अंतर्गत भूमिगत पाईप लाईन बिछाने का कार्य प्रारंभिक स्‍तर पर है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''सात''

अनुसूचित जाति/जनजाति बस्ती विकास योजनान्तर्गत स्वीकृत कार्यों की जानकारी

[अनुसूचित जाति कल्याण]

7. ( क्र. 107 ) श्री कुँवरजी कोठार : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला राजगढ़ अंतर्गत वर्ष 2014-15 से 2017-18 तक अनुसूचित जाति/जनजाति बस्ती विकास योजनान्तर्गत कितने कार्य स्वीकृत हुये है? अनुसूचित जाति एवं जनजाति बस्ती विकास योजनान्तर्गत वर्षवार स्वीकृत हुये कार्यों का नाम, स्वीकृत राशि, प्रदाय राशि, व्यय राशि, कार्य पूर्ण, अपूर्ण तथा प्रगतिरत कार्य की स्थिति विधानसभा क्षेत्रवार अवगत करावें? (ख) जिला राजगढ़ अंतर्गत अनुसूचित जाति/जनजाति बस्ती विकास योजनान्तर्गत वर्ष 2014-15 से 2017-18 तक प्रत्येक वर्ष कितना आंवटन किस-किस मद से प्राप्त हुआ एवं उसके विरुद्ध कितनी-कितनी राशि व्यय की गयी तथा राशि व्यय न करने के कारण वर्ष 2014-15 से 2017-18 तक प्रतिवर्ष कितना-कितना आंवटन लैप्स/वापस किया गया वर्षवार अवगत करावें?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) विधानसभा क्षेत्रवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है।

प्रदेश पर एक लाख पचहत्‍तर हजार करोड़ रूपयों का कर्जा हो जाने विषयक

[वित्त]

8. ( क्र. 135 ) श्री अजय सिंह : क्या वित्त मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) म.प्र. शासन पर दिनांक 31 मार्च 2018 तक कुल कितना कर्ज था? प्रदेश के ऊपर 31 मार्च 2002 एवं 31 मार्च 2003 तक कितना-कितना कर्ज था? (ख) दिनांक 31 मार्च 2018 की स्थिति में प्रदेश के द्वारा किस-किस संस्‍था अथवा एजेंसी से किस दर पर (ब्‍याज राशि) किन शर्तों के तहत कितनी-कितनी राशि का कर्ज लिया गया है? (ग) दिनांक 31 मार्च 2017 एवं 2018 तक म.प्र. को केन्‍द्र सरकार से कितनी-कितनी राशि केन्‍द्रीय करों के हिस्‍सों के रूप में एवं कितनी-कितनी राशि किस-किस मद में अनुदान/मदद के रूप में प्राप्‍त हुई? प्रदेश को केन्‍द्र से दिनांक 31 मार्च 2017 एवं 2018 तक कितने प्रतिशत केन्‍द्रीय करों का हिस्‍सा प्राप्‍त होता था? कितनी राशि 2017 एवं 2018 में प्राप्‍त हुई? (घ) दिनांक 31 मार्च 2002 एवं 2003 तक म.प्र. को केन्‍द्र सरकार से कितनी-कितनी राशि केन्‍द्रीय करों के हिस्‍सों के रूप में एवं कितनी-कितनी राशि किस-किस मद में अनुदान/मदद के रूप में प्राप्‍त हुई? प्रदेश को केन्‍द्र से दिनांक 31 मार्च 2002 एवं 2003 तक कितने प्रतिशत केन्‍द्रीय करों का हिस्‍सा प्राप्‍त होता था? कितनी राशि 2002 एवं 2003 में प्राप्‍त हुई?

वित्त मंत्री ( श्री जयंत मलैया ) : (क) 31 मार्च 2018 की स्थिति में वित्त लेखे नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक द्वारा वर्तमान में जारी नहीं किये गये हैं। अतः जानकारी दी जाना संभव नहीं है। वित्तीय वर्ष 2001-02 एवं वित्तीय वर्ष 2002-03 तक के कर्ज की जानकारी नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक द्वारा संबंधित वर्ष के वित्त लेखे के परिशिष्ट पर निम्नानुसार दृष्टव्य हैं, जो विधानसभा के पुस्तकालय में उपलब्ध हैं : -

वित्तीय वर्ष

वित्त लेखे में दृष्टव्य परिशिष्ट की संख्या

2001-02

भाग-1, विवरण पत्रक संख्या-4, भाग2, विवरण पत्रक संख्या-17

2002-03

भाग-1, विवरण पत्रक संख्या-4, भाग2, विवरण पत्रक संख्या-17

(ख) 31 मार्च 2018 की स्थिति में वित्त लेखे नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक द्वारा वर्तमान में जारी नहीं किये गये हैं। अतः जानकारी दी जाना संभव नहीं है। (ग) दिनांक 31 मार्च 2017 तक मध्य प्रदेश को केन्द्र सरकार से केन्द्रीय करों के हिस्सों के रूप में एवं विभिन्न मदों में अनुदान/मदद के रूप में प्राप्त राशि की जानकारी वित्तीय वर्ष 2018-19 के बजट साहित्य के खण्ड-2 में दृष्टव्य है जो विधानसभा के पुस्तकालय में उपलब्ध है। 31 मार्च 2018 की स्थिति में वित्त लेखे नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक द्वारा वर्तमान में जारी नहीं किये गये हैं। अतः जानकारी दी जाना संभव नहीं है। प्रदेश को केन्द्र से 31 मार्च 2017 एवं 2018 की स्थिति में केन्द्रीय करों के हिस्से के रूप में 14वें वित्त आयोग की अनुशंसा अनुसार वितरण योग्य कर (सेवा कर को छोड़कर) का 7.548 प्रतिशत तथा वितरण योग्य सेवा कर का 7.727 प्रतिशत अंश प्राप्त होता था।
दिनांक 31 मार्च 2002 एवं 2003 तक मध्य प्रदेश को केन्द्र सरकार से केन्द्रीय करों के हिस्सों के रूप में एवं विभिन्न मदों में अनुदान/मदद के रूप में प्राप्त राशि की जानकारी वित्तीय वर्ष 2003-04 एवं वित्तीय वर्ष 2004-05 के बजट साहित्य के खण्ड-2 में दृष्टव्य है जो विधानसभा के पुस्तकालय में उपलब्ध है। दिनांक 31 मार्च 2002 एवं 2003 की स्थिति में केन्द्रीय करों के हिस्से के रूप में 11वें वित्त आयोग की अनुशंसा अनुसार वितरण योग्य कर का 8.838 प्रतिशत अंश प्राप्त होता था। यह अनुशंसा अविभाजित मध्य प्रदेश के लिये की गई थी।

लोकायुक्‍त एवं ई.ओ.डब्‍ल्‍यू. के द्वारा की गई कार्यवाही 

[सामान्य प्रशासन]

9. ( क्र. 136 ) श्री अजय सिंह : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दिनांक 1 अप्रैल 2014 से प्रश्‍न तिथि तक भारतीय प्रशासनिक सेवा एवं भारतीय पुलिस सेवा के किन अधिकारियों पर लोकायुक्‍त एवं ई.ओ.डब्‍ल्‍यू. के द्वारा किस-किस स्‍थान पर आय से अधिक संपत्ति एवं रंगे हाथ ट्रेप के कितने प्रकरण/छापे मारे गए? प्रकरणवार जानकारी दें। (ख) प्रश्‍नांश (क) में उल्‍लेखित नियमानुसार भारतीय प्रशासनिक सेवा एवं भारतीय पुलिस सेवा के किन-किन अधिकारियों की क्‍या-क्‍या शिकायतें शासन के समक्ष आईं? प्रकरणवार/शिकायतवार एक-एक प्रति उपलब्‍ध करावें। (ग) आर्थिक अनियमितताओं के कारण प्रश्‍नांश (क) में वर्णित समयानुसार किन-किन आई.ए.एस. की कितनी-कितनी एवं कौन-कौन सी शिकायतें लोकायुक्‍त एवं ई.ओ.डब्‍ल्‍यू. के पास चल रही हैं? (घ) प्रश्‍नांश (क) में उल्‍लेखित समयानुसार एवं (ग) में उल्‍लेखित जांचों में किस-किस अधिकारियों की जाँच प्रश्‍नतिथि तक किस-किस कारण से बंद/नस्‍तीबद्ध कर दी गई है? प्रश्‍नांश (क) में उल्‍लेखित नियमानुसार प्रकरणवार जानकारी दें। जाँच बंद करने/नस्‍तीबद्ध करने के कारण प्रकरणवार दें। बंद जाँच एवं नस्‍तीबद्ध प्रकरणों के जाँच प्रतिवेदनों की एक-एक प्रति उपलब्‍ध करायें।

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) लोकायुक्‍त संगठन की विशेष पुलिस स्‍थापना में प्रश्‍नांकित तिथि तक डॉ. मयंक जैन (भारतीय पुलिस सेवा) तत्‍कालीन पुलिस महानिरीक्षक, उज्‍जैन के विरूद्ध आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के संबंध में अपराधिक प्रकरण क्रमांक 188/2014 पंजीबद्ध किया गया है। लोकायुक्‍त संगठन में भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारियों के विरूद्ध रंगेहाथ ट्रेप के प्रकरणों की जानकारी निरंक है। लोकायुक्‍त संगठन में भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों के विरूद्ध आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने एवं रंगे हाथ ट्रेप प्रकरणों की जानकारी निरंक है। आर्थिक अपराध प्रकोष्‍ठ में भारतीय पुलिस सेवा एवं भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों के विरूद्ध आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने एवं रंगे हाथ ट्रेप प्रकरणों की जानकारी निरंक है। (ख) जानकारी एकत्रित की जा रही है। (ग) लोकायुक्‍त संगठन की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार एवं आर्थिक अपराध प्रकोष्‍ठ की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (घ) लोकायुक्‍त संगठन में प्रश्‍नांकित तिथि तक समाप्‍त प्रकरणों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र- '' अनुसार है। लोकायुक्‍त संगठन में समाप्‍त/नस्‍तीबद्ध किए गए प्रकरणों के जाँच प्रतिवेदनों की प्रति एवं इन प्रकरणों को बंद/समाप्‍त करने के कारण की जानकारी गोपनीयता एवं साक्ष्‍य प्रभावित होने के कारण बताया जाना संभव नहीं है। आर्थिक अपराध प्रकोष्‍ठ में समाप्‍त किए गए प्रकरणों की जानकारी निरंक है।

कोलारस विधान सभा क्षेत्र के अंतर्गत भवन विहीन आंगनवाड़ी केन्‍द्र खोलने 

[महिला एवं बाल विकास]

10. ( क्र. 158 ) श्री महेन्‍द्र सिंह यादव "खतौरा" : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) कोलारस विधान सभा क्षेत्र के अंतर्गत कौन-कौन से आंगनवाड़ी केन्‍द्र भवन विहीन हैं तथा कौन-कौन से आंगनवाड़ी केन्‍द्र निजी मकानों में संचालित हैं? भवन विहीन आंगनवाड़ी केन्‍द्रों पर नवीन आंगनवाड़ी भवन कब तक बनाये जायेंगे? (ख) क्‍या शासन द्वारा स्‍वर्गीय विधायक कोलारस श्री रामसिंह जी की अनुशंसा पर कोलारस एवं बदरवास परियोजना के अंतर्गत 05-05 आंगनवाड़ी भवन स्‍वीकृत किये जाने की कार्यवाही की गयी है? यदि हाँ, तो उक्‍त आंगनवाड़ी केन्‍द्र कहाँ-कहाँ पर किस-किस भूमि सर्वे नम्‍बर पर बनाये जायेंगे? उक्‍त प्रस्‍तावित आंगनवाड़ी भवन हेतु क्‍या भूमि आवंटित की जा चुकी है? यदि हाँ, तो कौन-कौन सी कहाँ-कहाँ की भूमि आवंटित की गयी है? यदि नहीं, की गयी तो क्‍यों? (ग) क्‍या भारत शासन द्वारा आई.सी.डी.एस., विस्‍तार चरण तृतीय के अंतर्गत नवीन आंगनवाड़ी केन्‍द्र खोलने हेतु मापदण्‍ड निर्धारित किये गये हैं? यदि हाँ, तो बदरवास शहरी क्षेत्र में किस-किस आंगनवाड़ी केन्‍द्र की कितनी-कितनी जनसंख्‍या है? इनमें से निर्धारित आवश्‍यक जनसंख्‍या से अधिक जनसंख्‍या वाले आंगनवाड़ी केन्द्र कौन-कौन से हैं? जिनमें से अतिरिक्‍त नवीन आंगनवाड़ी केन्‍द्र/मिनी आंगनवाड़ी केन्‍द्र खोला जा सकता है? इनमें अतिरिक्‍त केन्‍द्र कब तक खोले जायेंगे? (घ) क्‍या बदरवास नगर में वार्ड क्रमांक 14 के आंगनवाड़ी केन्‍द्र की जनसंख्‍या निर्धारित आवश्‍यक जनसंख्‍या से अधिक है? यदि हाँ, तो इस केन्‍द्र में से एक अतिरिक्‍त नवीन आंगनवाड़ी केन्‍द्र/मिनी आंगनवाड़ी केन्‍द्र कब तक स्‍वीकृत किया जायेगा? जिले से अतिरिक्‍त केन्‍द्र खोलने हेतु भेजे गये प्रस्‍ताव पर क्‍या कार्यवाही की गयी? अतिरिक्‍त केन्‍द्र की स्‍वीकृति कब तक प्रदान कर दी जायेगी?

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( श्रीमती अर्चना चिटनिस ) : (क) कोलारस विधानसभा क्षेत्र के अन्तर्गत 163 आँगनवाड़ी केन्द्र भवन विहीन हैं तथा निजी भवनों में संचालित है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र -अनुसार है। आँगनवाड़ी भवनों का निर्माण वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता पर निर्भर होता है। अतः समय-सीमा दिया जाना संभव नहीं है। (ख) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र -अनुसार है। (ग) जी हाँ। बदरवास शहरी क्षेत्र के आँगनवाड़ी केन्द्रों की जनसंख्या की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र -अनुसार है। बदरवास शहरी क्षेत्र में आवश्यक जनसंख्या से अधिक जनसंख्या वाले कोई आँगनवाड़ी केन्द्र नहीं है। अतः शेष का प्रश्न ही उत्पन्न नहीं होता है। (घ) बदरवास नगर में वार्ड क्रमांक 14 के आँगनवाड़ी केन्द्र की जनसंख्या निर्धारित आवश्यक जनसंख्या से अधिक नहीं है। अतः शेष का प्रश्न ही उत्पन्न नहीं होता है।

अंग्रेजी शराब दुकान के संचालन में

[वाणिज्यिक कर]

11. ( क्र. 174 ) श्री रामपाल सिंह : क्या वित्त मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या शहडोल जिले के जयसिंहनगर शहरी क्षेत्र में संचालित शराब दुकान बस स्‍टैण्‍ड के बीचों-बीच, भगवान शिव के मंदिर से लगी हुई तथा हायर सेकेण्‍डरी स्‍कूल तथा आदिवासी कन्‍या छात्रावास से ६० मीटर के अंदर संचालित है? (ख) यदि प्रश्‍नांश (क) हाँ तो क्‍या यह आबकारी नीति अंतर्गत विधि संगत है? (ग) क्‍या दुकान संचालन में स्‍थल चयन हेतु नगरीय निकाय की एन..सी. का प्रावधान है? यदि हाँ, तो एन..सी. की प्रति उपलब्‍ध करायी जावे तथा स्‍थल पर स्‍वीकृति हेतु समस्‍त दस्‍तावेज उपलब्‍ध कराएं जावें। (घ) क्‍या दुकान संचालन में स्‍थल चयन में की गई लापरवाही के खिलाफ संबंधित अधिकारी कर्मचारी के खिलाफ कार्यवाही की जावेगी? यदि हाँ, तो कब तक तथा दुकान को अन्‍यत्र स्‍थापित कराये जानें की कार्यवाही की जावेगी?

वित्त मंत्री ( श्री जयंत मलैया ) : (क) शहडोल जिले के जयसिंहनगर में संचालित शराब दुकान परम्‍परागत रूप से 31 मार्च 2010 के पूर्व से बस स्‍टैण्‍ड के बगल में आपत्ति रहित स्‍थान पर संचालित है। बस स्‍टैण्‍ड के बीचों-बीच भगवान शिव के स्‍थापित मंदिर ट्रस्‍टी नहीं है। हायर सेकेण्‍ड्री स्‍कूल तथा आदिवासी कन्‍या छात्रावास शराब दुकान से 60 मीटर से अधिक दूर पर संचालित है। (ख) जी हाँ। (ग) नगरीय निकाय की एन.ओ.सी. का प्रावधान नहीं है। अतएव शेष प्रश्‍नांश उपस्थित नहीं होता। (घ) दुकान संचालन में स्‍थल चयन में किसी भी अधिकारी द्वारा कोई लापरवाही नहीं की गई है। अतएव शेष प्रश्‍नांश उपस्थित नहीं होता।

मुख्‍यमंत्री घोषणाओं की जानकारी

[सामान्य प्रशासन]

12. ( क्र. 175 ) श्री रामपाल सिंह : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2014 से प्रश्‍न दिनांक तक माननीय मुख्‍यमंत्री द्वारा शहडोल संभाग में कितनी घोषणाएं की गई? (ख) उक्‍त में से कितनी घोषणाएं पूर्ण की गई? कितनी शेष हैं तथा शेष होने का कारण बताया जाये? (ग) क्‍या घोषणाओं की पूर्ति समय-सीमा में न होने वाले जिम्‍मेदार व्‍यक्तियों पर कार्यवाही की जावेगी? यदि हाँ, तो कब तक?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) प्रश्‍नांकित अवधि में माननीय मुख्‍यमंत्रीजी द्वारा शहडोल संभाग में कुल 534 घोषणाएं की गई। (ख) उक्‍त 534 घोषणाओं में से 432 पूर्ण एवं 102 शेष हैं। घोषणाओं के क्रियान्‍वयन की कार्यवाही एक सतत् प्रक्रिया है, अत: कारण बताया जाना सम्‍भव नहीं है। (ग) शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

प्रोटोकॉल की जानकारी एवं पालन

[सामान्य प्रशासन]

13. ( क्र. 181 ) श्री हरदीप सिंह डंग : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शासन द्वारा मंदसौर जिले में प्रोटोकॉल का पालन करने हेतु विगत 5 वर्षों में कितने पत्र जारी किये एवं उनकी प्रतिलिपि उपलब्ध करावें। (ख) क्या शासन द्वारा निर्देशित प्रोटोकॉल का पालन मंदसौर जिले की संपूर्ण विधानसभाओं में एक जैसा कराया जाता है या नहीं? (ग) विगत 5 वर्षों में मंदसौर जिले में ऐसे कितने शासकीय (भूमिपूजन, लोकार्पण आदि) कार्यक्रम हुए जिनमें मंत्रीगण, सांसद की बिना उपस्थिति के केवल क्षेत्रीय विधायक कि उपस्थित में कार्यक्रम सम्पन्न कराये गये विधानसभा क्षेत्रवार जानकारी देवें? (घ) मंदसौर जिले में नियम के विरुद्ध अशासकीय सदस्य की नियुक्ति के स्थान पर दो व्यक्तियों कि नियुक्ति का क्या कारण है? (ड.) विगत 5 वर्षों में शासन द्वारा मंदसौर जिले में शासकीय कार्यक्रमों में अशासकीय सदस्यों को कहाँ-कहाँ पर आमंत्रण कार्ड व शिलालेख पर नाम अंकित कर अतिथि बनाया गया है? विधानसभावार जानकारी देवें।

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) जी हाँ। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (घ) मध्‍यप्रदेश शासन, योजना आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के पत्र क्रमांक एफ 10-70/07/23/ योआसां दिनांक 09.10.2009 में उल्‍लेखित मध्‍यप्रदेश जिला योजना समिति अधिनियम 1995 यथा संशोधित अधिनियम 1999 की धारा 4 उपधारा (3) के खण्‍ड (ग) (एक) पन्‍द्रह है तो एक सदस्‍य या (दो) बीस है तो दो सदस्‍य संशोधित किए जाने से जिला योजना समिति मंदसौर में दो अशासकीय सदस्‍यों का नाम निर्दिष्‍ट किया गया है। योजना आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के पत्र की प्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ड.) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है।

विकास कार्यों हेतु राशि वितरण की जानकारी

[अनुसूचित जाति कल्याण]

14. ( क्र. 182 ) श्री हरदीप सिंह डंग : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विगत 5 वर्षों में विभाग द्वारा मंदसौर जिलें में क्या-क्या विकास कार्य कराये गये हैं वर्षवार एवं विधानसभा क्षेत्रवार जानकारी देवें। (ख) विगत 5 वर्षों में सुवासरा विधानसभा क्षेत्र के ऐसे कितने अजा बाहुल्य ग्राम एवं बस्ती हैं, जिनमें विकास कार्य हेतु राशि उपलब्ध नहीं कराई गई है? ग्रामों के नाम सहित सूची उपलब्धी करावें। (ग) विगत 5 वर्षों में सुवासरा विधानसभा क्षेत्र के ऐसे कितने ग्राम हैं, जिनमें विभाग द्वारा एक से अधिक बार विकास कार्य हेतु राशि जारी कि गई है? ग्रामों के नाम सहित सूची उपलब्ध करावें। (घ) प्रश्नांश (ख), (ग) अनुसार एक बार भी राशि उपलब्ध नहीं कराये जाने एवं एक से अधिक बार उपलब्ध कराये जाने का क्या कारण है?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रप्रत्र '' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रप्रत्र '' अनुसार है। (ग) प्रश्‍नांश अवधि में कुल 17 ग्रामों में एक से अधिक बार राशि जारी की गई है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रप्रत्र '' अनुसार है। (घ) योजनाओं के अंतर्गत जिले हेतु प्रावधानित बजट आवंटन से योजनाओं के नियमों में प्रावधान अनुसार एवं जिला स्‍तरीय गठित समिति द्वारा अनुमोदन अनुसार कार्य कराये जाते हैं।

चोरी गये ट्रांसफार्मर के स्थान पर दूसरे ट्रांसफार्मर बदले जाना

[ऊर्जा]

15. ( क्र. 195 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र पनागर के अंतर्गत गत 1 वर्ष में कितने ट्रांसफार्मर चोरी गये है? चोरी की तारीख एवं ग्राम का नाम बतावें? (ख) प्रश्नांश (क) के अंतर्गत कितने ट्रांसफार्मर बदले गये? (ग) क्या चोरी गये 20 ट्रांसफार्मर अभी तक नहीं बदले गये है? (घ) यदि हाँ, तो कारण बतावें? इसके लिये कौन जवाबदार है?

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) पनागर विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत विगत वर्ष 2017-18 में 7 वितरण ट्रांसफार्मर चोरी हुए हैं, जिनकी प्रश्नाधीन चाही गई जानकारी संलग्न परिशिष्ट  अनुसार है। (ख) प्रश्‍नांश (क) में उल्लेखित सभी 7 चोरी गये वितरण ट्रांसफार्मरों की जगह दूसरे ट्रांसफार्मर स्थापित कर दिए गए हैं। (ग) एवं (घ) दिनांक 04.06.18 की स्थिति में पनागर विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत चोरी गये कुल 20 वितरण ट्रांसफार्मर पुनर्स्थापित करने हेतु शेष थे। अद्यतन स्थिति में उक्त चोरी गये सभी 20 वितरण ट्रांसफार्मरों के स्थान पर 20 दूसरे वितरण ट्रांसफार्मर स्थापित कर दिए गए हैं। उक्त चोरी गये वितरण ट्रांसफार्मरों से सम्बद्ध उपभोक्ताओं को ट्रांसफार्मर पुनर्स्थापित किये जाने के पूर्व वैकल्पिक व्यवस्था कर सतत् रुप से विद्युत प्रदाय किया जा रहा था, अतः किसी के दोषी होने का प्रश्‍न नहीं उठता।

परिशिष्ट - ''आठ''

सी.ई.ओ. जिला पंचायत के ग्रामीण क्षेत्रों में रात्रि विश्राम

[सामान्य प्रशासन]

16. ( क्र. 198 ) श्री दिनेश राय (मुनमुन) : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या शासन द्वारा प्रारंभ की गई अधिकारियों की ग्रामों में रात्रि विश्राम पहल बंद कर दी गई है? यदि हाँ, तो क्‍यों? यदि नहीं, तो सिवनी जिले के कौन-कौन अधिकारियों ने किन-किन ग्रामों में रात्रि विश्राम किया? प्रश्‍नांकित दिनांक तक विगत एक वर्ष का अधिकारीवार, दिनांकवार, ग्रामवार विवरण दें, क्‍या रात्रि विश्राम के दौरान ग्रामीणजनों की समस्‍याओं को जाना, यदि हाँ, तो कितनी समस्‍याएं सामने आई तथा कितनों का निराकरण किया गया? (ख) क्‍या सिवनी जिले के अन्‍तर्गत सी.ई.ओ. जिला पंचायत सिवनी श्री स्‍वरोचिष सोमवंशी द्वारा विगत एक वर्ष के दौरान ग्रामों में रात्रि विश्राम कर ग्रामीणों की समस्‍याओं को जाना है? यदि हाँ, तो वर्षवार, माहवार, ग्रामवार विवरण दें, यदि नहीं, तो क्‍यों? कारण स्‍पष्‍ट करें?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जिले के अधिकारियों को ग्रामों में रात्रि विश्राम किये जाने के निर्देश नहीं है। केवल संभागायुक्तों एवं कलेक्टरों को मुख्यालय से बाहर रात्रि विश्राम किये जाने के निर्देश है। अत: शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता। (ख) जी नहीं। ग्रामों में रात्रि विश्राम के निर्देश नहीं होने के कारण।

जनप्रतिनिधियों की जानकारी प्रदान की जाना

[सामान्य प्रशासन]

17. ( क्र. 199 ) श्री दिनेश राय (मुनमुन) : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या शासन द्वारा विधानसभा स्‍तर पर जनप्रतिनिधियों को उनके द्वारा चाही गई जानकारी अनिवार्यत: प्रदान की जाने के संबंध में कोई स्‍पष्‍ट निर्देश प्रदान किये गये हैं? यदि हाँ, तो विभाग द्वारा जारी निर्देश की प्रति उपलब्‍ध करावें? (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार यदि हाँ, तो विभाग द्वारा जनप्रतिनिधि के द्वारा मांगी गई जानकारी कितने दिवस में उपलब्‍ध कराये जाने का प्रावधान है? क्‍या विभागों को निर्देश दिये गये हैं कि विभाग में जो भी कार्य स्वीकृत हो उनसे जनप्रतिनिधियों को अवगत कराया जावे? यदि हाँ, तो आदेश की प्रतिलिपि प्रदान करें? (ग) क्‍या प्रश्‍नकर्ता को विधानसभा क्षेत्र सिवनी में जिला पंचायत कार्यालय सिवनी द्वारा उनके विभाग की प्रस्‍तावित योजनाओं/कार्यों की जानकारी/आवंटित बजट एवं व्‍यय इत्‍यादि की जानकारी उपलब्‍ध नहीं कराई जाती है? यदि प्रश्‍नकर्ता द्वारा वांछित जानकारी, विधानसभा से संबंधित अपूर्ण जानकारी अथवा प्रस्‍तावित कार्य के संबंध में पत्राचार किया जाता है तो संबंधित कार्यालय प्रमुख श्री स्‍वरोचिष सोमवंशी द्वारा की गई कार्यवाही की जानकारी प्रदान नहीं की जाती, कभी-कभार जानकारी दी भी जाती है तो समय-सीमा निकल जाने के पश्‍चात उपलब्‍ध कराई जाती है? इस संबंध में क्‍या शासन कोई ठोस कार्यवाही अथवा निर्देश संबंधित अधिकारी को प्रदान करेगा? यदि हाँ, तो किस प्रकार एवं कब तक?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) जनप्रतिनिधियों को जानकारी उपलब्‍ध कराये जाने के संबंध में सामान्‍य प्रशासन विभाग द्वारा जारी निर्देश की प्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। विभाग में जो भी कार्य स्‍वीकृत हो उनसे जनप्रतिनिधियों को अवगत कराये जाने के संबंध में सामान्‍य प्रशासन विभाग द्वारा कोई आदेश जारी नहीं किये गए हैं। (ग) जिला पंचायत की सामान्‍य प्रशासन समिति एवं सामान्‍य सभा समिति की बैठकों के एजेंडा अनुसार संबंधित जानकारी उपलब्‍ध कराई जाती है। जिसमें प्रश्‍नकर्ता भी आमंत्रित होते हैं। पत्राचार के माध्‍यम से चाही गई जानकारी समय-सीमा में उपलब्‍ध कराई जाती है। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

अनुसूचित जाति कल्‍याणकारी योजना की जानकारी

[अनुसूचित जाति कल्याण]

18. ( क्र. 242 ) श्री जितेन्‍द्र गेहलोत : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अनुसूचित जाति वर्ग के शैक्षणिक विकास,स्‍वरोजगार प्रशिक्षण, स्‍वरोजगार हेतु आर्थिक सहायता एवं सामान्‍य अधोसंरचना विकास योजनाओं की वर्ष २०१५-१६, २०१६-१७ एवं २०१७-१८ व लाभान्वितों का रतलाम, उज्‍जैन मंदसौर व शाजापुर जिलों का ब्‍यौरा क्‍या है? (ख) अनुसूचित जाति वर्ग के कितने लोगों के आवेदन स्‍वरोजगार योजना एवं अन्‍य आर्थिक सहायता योजना के कितने समय से, किस कारण से लंबित हैं?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) अनुसूचित जाति विकास से संबंधित शैक्षणिक विकास/सामान्‍य अधोसरंचना विकास संबंधी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है तथा स्‍वरोजगार प्रशिक्षण, स्‍वरोजगार की  जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) कोई आवेदन लंबित‍ नहीं है।

रहवासी क्षेत्रों में मदिरा दुकानों को हटाये जाने हेतु जन विरोध प्रदर्शन पर की गई कार्यवाही

[वाणिज्यिक कर]

19. ( क्र. 244 ) श्री जितेन्‍द्र गेहलोत : क्या वित्त मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) उज्‍जैन जिले एवं रतलाम जिले में वर्ष २०१७ एवं २०१८ में कहाँ-कहाँ घनी आबादी से शराब दुकान/अहाते हटाने हेतु विरोध,प्रदर्शन ज्ञापन दिये गये? पूर्ण ब्‍यौरा जिलेवार, शहरवार दें. तथा विरोध पर की गई कार्यवाहियों से अवगत करावें? (ख) मदिरा दुकानों के निष्पादन हेतु जिलों में गठित समितियों की नियमानुसार वर्ष २०१७ एवं २०१८ में अब तक कितनी व कब-कब बैठकें हुई? कितने विरोध व आन्‍दोलनों का निराकरण किया गया? कितने मामले किस कारण लंबित है? (ग) मध्‍यप्रदेश राजपत्र (असाधारण) क्रमांक ८० दिनांक ०१-०२-२०१८ की कंडिका (६.१) के परिपालन में जन विरोध उपरांत सार्वजनिक स्‍थलों, धार्मिक स्‍थलों के पास खुल में शराब पिलाने के कार्य को अब तक बंद क्‍यों नहीं किया जा रहा है? नागदा व रतलाम का सकारण ब्‍यौरा दें?

वित्त मंत्री ( श्री जयंत मलैया ) : (क) उज्‍जैन जिले में वर्ष 2017 एवं वर्ष 2018 में घनी आबादी के क्षेत्र में निम्‍न मदिरा दुकानों को हटाने हेतु पत्र/आवेदन प्राप्‍त हुए:- 1. देशी मदिरा दुकान के.डी. गेट उज्‍जैन, 2. देशी मदिरा दुकान पंवासा, उज्‍जैन, 3. देशी मदिरा दुकान मेहतवास, नागदा, 4. विदेशी मदिरा दुकान मेहतवास, नागदा, 5. देशी मदिरा दुकान पाडलिया, नागदा, 6. देशी मदिरा दुकान कोटाफाटक, नागदा, 7. देशी मदिरा दुकान बड़नगर एवं 8. विदेशी मदिरा दुकान बड़नगर। देशी मदिरा दुकान के.डी. गेट को हटाने हेतु प्राप्‍त शिकायतों के मद्देनजर कलेक्‍टर, जिला उज्‍जैन द्वारा अन्‍य आपत्तिरहित स्‍थल पर स्‍थानांतरित करने हेतु निर्देशित किया गया था। जिसके विरूद्ध अनुज्ञप्तिधारी द्वारा माननीय न्‍यायालय प्रथम अतिरिक्‍त व्‍यवहार न्‍यायाधीश श्री गौरव अग्रवाल के समक्ष सिविल याचिका प्रस्‍तुत कर स्‍थगन आदेश प्राप्‍त किया गया था। जिसके कारण दुकान स्‍थानांतरित करने की कार्यवाही नहीं की जा सकी। दिनांक 01.04.2018 से अनुज्ञप्तिधारी द्वारा स्‍वयं ही अन्‍यत्र स्‍थान पर स्‍थानांतरित कर ली गई है। देशी मदिरा दुकान पंवासा को अनुज्ञप्तिधारी द्वारा कार्यवाही के पूर्व स्‍वयं ही अन्‍यत्र स्‍थान पर स्‍थानांतरित कर लिया गया था। देशी मदिरा दुकान मेहतवास, देशी मदिरा दुकान पाडलिया, कोटाफाटक एवं विदेशी मदिरा दुकान मेहतवास वृत्‍त प्रभारी अधिकारी एवं सहायक जिला आबकारी अधिकारी के प्रतिवेदन अनुसार उपरोक्‍त दुकानें सामान्‍य प्रयुक्ति नियम-1 (दुकान की अवस्थिति) के अनुरूप संचालित पाई गई हैं। इन दुकानों के संबंध में माननीय जनप्रतिनिधियों के अनुरोध पर पुन: जाँच करवाने हेतु कलेक्‍टर, उज्‍जैन द्वारा दिनांक 05.06.2018 को अनुविभागीय अधिकारी राजस्‍व नागदा के नेतृत्‍व में एक जाँच समिति का गठन किया गया है। जाँच प्रतिवेदन प्राप्‍त होने पर आगामी कार्यवाही की जावेगी। देशी मदिरा दुकान बड़नगर एवं विदेशी मदिरा दुकान बड़नगर नियमानुसार संचालित पाई गई। जिसके संबंध में शिकायतकर्ताओं को अवगत कराया गया। रतलाम जिले में वर्ष 2017-18 में विदेशी मदिरा दुकान चांटनी चौक (लक्‍कड़पीठा), सज्‍जनमील रोड़ (बिरियाखेड़ी रोड़), देशी मदिरा दुकान लक्ष्‍मणपुरा एवं सैलाना नगर में स्‍थापित मदिरा दुकान सैलाना को हटाने बाबत् जनविरोध, प्रदर्शन एवं ज्ञापन दिये गये थे। प्राप्‍त शिकायत की जाँच हेतु संबंधित प्रभारी अधिकारियों को जाँच हेतु निर्देशित किया गया तथा जाँच प्रतिवेदन अनुसार नियमानुसार कार्यवाही की गई। (ख) उज्‍जैन जिले में वर्ष 2017 में दिनांक 31.01.2017, 09.02.2017, 23.02.2017, 07.03.2017, 09.03.2017, 16.03.2017, 17.03.2017, 22.03.2017, 28.03.2017, 29.03.2017, 31.03.2017 एवं 04.04.2017 को आयोजित बैठक में मदिरा दुकानों के निष्‍पादन की कार्यवाही की गई। इनमें से दिनांक 09.02.2017 को वर्ष 2017-18 को जिले की मदिरा दुकानों की अवस्थिति निर्धारित की गई। दिनांक 16.10.2017 को दुकानों के विरोध के सबंध में बैठक आहूत की गई। जिसमें समिति द्वारा देशी मदिरा दुकान के.डी.गेट को अन्‍यत्र स्‍थानांतरित करने हेतु कलेक्‍टर, जिला उज्‍जैन द्वारा जारी निर्देश क्रमांक 2197 दिनांक 03.08.2017 को अनुमोदित किया गया। वर्ष 2018 में दिनांक 03.02.2018 को जिला समिति द्वारा वर्ष 2018-19 हेतु मदिरा दुकानों के अवस्‍थान की स्थिति हेतु भौगोलिक सीमा निर्धारित करने का निर्णय लिया गया। दिनांक 09.02.2018, 15.02.2018, 01.03.2018, 14.03.2018, 21.03.2018, 26.03.2018, 28.03.2018, 30.03.2018, 31.03.2018 एवं 03.04.2018 को समिति द्वारा मदिरा दुकानों के निष्‍पादन का कार्य किया गया। वर्तमान में नागदा में नागदा नगर की चार मदिरा दुकानों के संबंध में निर्णय लिया जाना है। जिसके लिये अनुविभागीय अधिकारी राजस्‍व के नेतृत्‍व में गठित समिति के जाँच प्रतिवेदन के आधार पर आगामी कार्यवाही की जायेगी। रतलाम जिले में वर्ष 2017 एवं वर्ष 2018 में जिला समिति की कुल 02 बैठकें आयोजित की गई जिनका विवरण निम्‍नानुसार है:- दिनांक 30.01.2017 को जिला समिति की बैठक में दुकानों के अवस्‍थापना संबंधी चर्चा की गई तथा नवीन अवस्‍थापना अनुमोदित की गई। दिनांक 06.05.2017 को आबकारी आयुक्‍त, मध्‍यप्रदेश ग्‍वालियर के पत्र क्रमांक 7-ठेका/2017-18/184 दिनांक 03.05.2017 के अनुक्रम में जिला समिति बैठक आयोजित की गई थी। (ग) उज्‍जैन जिले में मध्‍यप्रदेश राजपत्र (असाधारण) क्रमांक 80 दिनांक 01.02.2018 की कण्डिका (6.1) अनुसार जिले में कोई भी मदिरा दुकान बंद करने की श्रेणी में न आने से कोई भी दुकान वर्ष 2018-19 हेतु बंद नहीं की गई। वर्ष 2018-19 में दिनांक 01.04.2018 से जिले में 05 शॉपबार बंद किये गये हैं। सार्वजनिक स्‍थलों, धार्मिक स्‍थलों के पास खुले में शराब पीने/पिलाने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्यवाही की जा रही है। रतलाम जिले में मध्‍यप्रदेश राजपत्र (असाधारण) क्रमांक 80 दिनांक 01.02.2018 की कण्डिका (6.1) के परिपालन में देशी मदिरा दुकान लक्ष्‍मणपुरा शासकीय माध्‍यमिक विद्यालय गांधीनगर, रतलाम से 50 मीटर से कम दूरी पर स्‍थापित होने से दिनांक 01.04.2018 से बंद कर दी गई है।

केन्‍द्र सरकार की योजना विशेष केन्‍द्रीय सहायता मद एवं अनुच्‍छेद 275 (1)

[जनजातीय कार्य]

20. ( क्र. 254 ) श्री संजय उइके : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या केन्‍द्र सरकार द्वारा अनुसूचित जनजाति एवं विशेष पिछड़ी जनजाति के विकास हेतु योजना विशेष केन्‍द्रीय सहायता मद एवं अनुच्‍छेद 275 (1) के तहत राज्‍य सरकार को राशि प्राप्‍त होती है? यदि हाँ, तो वित्तीय वर्ष 2014-15 से प्रश्‍न दिनाँक तक बालाघाट जिले में कितनी-कितनी राशि कब-कब प्राप्‍त हुई? प्राप्‍त राशि से आयुक्‍त जनजातीय कार्य विभाग द्वारा किन-किन एकीकृत परियोजना, मध्‍यम परियोजना एवं कलस्‍टर, बैगा विकास प्राधिकारणों को कब-कब, कितनी-कितनी राशि जारी की गई? (ख) क्‍या प्रश्‍नकर्ता द्वारा प्रमुख सचिव जनजातीय कार्य विभाग को दिनाँक 18/01/2018 को अपने पत्र क्रमांक 1109 के माध्‍यम से आदिवासी उपयोजना क्षेत्र के विकास हेतु विशेष केन्‍द्रीय सहायता एवं अनुच्‍छेद 275 (1) के अन्‍तर्गत भारत सरकार से प्राप्‍त राशि की व्‍यय की वास्‍तविक जानकारी मांगी गई थी? किन कारणों से आज दिनाँक तक नहीं दी गई एवं वह कब तक उपलब्‍ध करायी जावेगी? (ग) प्रश्‍नांश (क) में उल्‍लेखित योजना एवं मद की राशि किन-किन विभागों को कितनी-कितनी, कब-कब जारी की गई है? इन विभागों को मांग संख्‍या 41 एवं उसके उपरान्‍त अनुसूचित जनजाति क्षेत्रों के विकास हेतु अलग बजट प्रावधान से राशि जारी की जाती है तब उपरोक्‍त योजना में राशि जारी करने का क्‍या उदेश्‍य है? वित्तिय वर्ष 2013-14 से प्रश्‍न दिनाँक तक बैगा विकास प्राधिकरण की राशि सहित जानकारी उपलब्‍ध करावें?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) जी हाँ। इस विभाग के पत्र क्रमांक आर-427/169/2018/3-25 दिनांक 24/05/2018 द्वारा माननीय विधायक को जानकारी प्रेषित की गई। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। आदिवासी उपयोजना विशेष केन्द्रीय सहायता अन्तर्गत भारत सरकार जनजातीय कार्य मंत्रालय द्वारा दिनांक 17.06.2016 को एवं संविधान के अनुच्छेद 275 (1) अन्तर्गत दिनांक 20.6.2016 को जारी नवीन दिशा निर्देश अनुसार अनुसूचित जनजाति के हितग्राहियों को परिवार/स्व-सहायता समूह/समुदाय मूलक रोजगार सह आय सृजित योजनाओं में तथा अधोसंरचना विकास कार्यों में निर्माण कार्यों के लिये अनुदान/सहायता उपलब्ध कराये जाने का प्रावधान है। उक्त दोनों योजनाओं में आदिवासी क्षेत्रों में क्रिटिकल गेप की पूर्ति हेतु राशि व्यय की जाती है। बैगा विकास प्राधिकरण को वित्तीय वर्ष 2013-14 में विशेष केन्‍द्रीय सहायता योजना अन्‍तर्गत राशि रू. 19.14 लाख एवं केन्‍द्र क्षेत्र योजना (सी.सी.डी. प्‍लान) के अन्‍तर्गत वित्‍तीय वर्ष 2013-14 में राशि रू. 139.00 लाख का आवंटन दिया गया था। शेष  जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है।

आदिवासी उपयोजना क्षेत्र की राशि को गैर आदिवासी उपयोजना क्षेत्र में व्‍यय करना

[जनजातीय कार्य]

21. ( क्र. 255 ) श्री संजय उइके : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रश्‍नकर्ता द्वारा पत्र क्रमांक 1032 दिनाँक 8/12/2017 के द्वारा प्रमुख सचिव को आदिवासी उपयोजना क्षेत्र की राशि को गैर आदिवासी उपयोजना क्षेत्र में व्‍यय करने संबंधी शिकायत पत्र प्राप्‍त हुआ है। (ख) यदि हाँ, तो शिकायत पत्र पर क्‍या कार्यवाही की गई? (ग) क्‍या प्रश्‍नकर्ता के शिकायत पत्र में उल्‍लेखित सड़क एवं पुलों की स्‍वीकृति स्‍थायी वित्तिय समिति जिसके मुखिया प्रमुख सचिव लोक निर्माण विभाग होने के कारण सही जाँच नहीं की जा रही है? (घ) जनजातीय कार्य विभाग प्रश्‍नकर्ता के शिकायत की जाँच विभागीय उच्‍चाधिकारियों से करवाने में विचार करेगा?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जी हाँ। (ख) से (घ) प्राप्‍त शिकायत पत्र लोक निर्माण विभाग के साथ ही संभागीय आयुक्‍त जबलपुर को जाँच कर प्रतिवेदन भेजने हेतु प्रेषित किया गया है। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

विद्युतीकरण योजना का क्रियान्‍वयन सही नहीं होने से जिम्‍मेदारों पर कार्यवाही

[ऊर्जा]

22. ( क्र. 268 ) श्री सुन्‍दरलाल तिवारी : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा वर्ष 2017-18 में ट्रांसफार्मरों की उपलब्‍धता सुनिश्चित कराये जाने बावत कार्य योजना तैयार की थी? तो रीवा जिले में योजना संचालन दिनांक 01.04.17 से प्रश्‍नांश दिनांक तक में कितने वितरण ट्रांसफार्मर अतिरिक्‍त एवं कितने वितरण ट्रांसफार्मर क्षमता की वृद्धि बावत बदले गये? का विवरण जिले का देवें? साथ ही ओव्‍हर लोडिंग के कारण कितने वितरण ट्रांसफार्मर जले एवं बदले गये का विवरण पृथक से देवें? (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार बदले गये वितरण ट्रांसफार्मरों में से कितने राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना, आदिवासी उपयोजना, अनुसूचित जाति उपयोजना, ए.डी.बी. योजना एवं आर.ए.पी.डी.आर.पी. योजना के तहत बदले एवं नवीन लगाये गये? इनमें से कितने ओव्‍हर लोडिंग के कारण बदले गये एवं कितने विद्युत क्षमता बढ़ाने के लिए बदले गये का विवरण देवें? साथ ही यह भी बतावें कि रीवा जिले में वर्तमान में कितने वितरण ट्रांसफार्मर जले हुये है और उनके बदलने की कार्यवाही कब से नहीं की गयी और क्‍यों? (ग) प्रश्‍नांश (ख) के तारतम्‍य में राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना, दीनदयाल उपाध्‍याय ग्राम ज्‍योति योजना आई.पी.डी.एस. योजना, सौभाग्‍य योजना के तहत किन-किन ग्रामों में विद्युतीकरण कराया गया की जानकारी पृथक-पृथक योजनावार देवें? (घ) प्रश्‍नांश (ख) एवं (ग) अनुसार संचालित योजनाओं का सही ढंग से क्रियान्‍वयन न कर फर्जी बिल व्‍हाउचर तैयार कर संबंधितों द्वारा ठेकेदारों से सांठ-गांठ कर राशि आहरित कर ली गयी, कार्य मौके पर नहीं किये गये, उन्‍हीं कार्यों को भिन्‍न-भिन्‍न योजना में दिखाकर राशि आहरण की कार्यवाही की जा रही है, कार्य नहीं कराये गये जिससे बिजली की आपूर्ति जिले में बाधित है, इसके लिए दोषी जिम्‍मेदारों से राशि वसूली के साथ उन पर आपराधिक प्रकरण दर्ज करावेगे? अगर नहीं तो क्‍यों?

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) जी हाँ। रीवा जिले में वर्ष 2017-18 की कार्य योजना अनुसार दिनांक 01.04.17 से दिनांक 10.06.18 तक 8 अतिरिक्‍त वितरण ट्रांसफार्मर स्‍थापित किये गये एवं 64 वितरण ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि का कार्य किया गया, जिनका विवरण  पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। ओव्‍हर लोडिंग के कारण जले वितरण ट्रांसफार्मरों की संख्‍या निरंक है। (ख) उत्‍तरांश (क) के अनुसार 64 ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि तथा 8 अतिरिक्‍त ट्रांसफार्मर स्‍थापित करने के कार्य पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी की विभागीय कार्य योजना के तहत किये गये हैं, उक्‍त में से कोई भी ट्रांसफार्मर अन्‍य किसी दूसरी योजना अंतर्गत नहीं बदला/लगाया गया है। उक्‍त समस्‍त 64 ट्रांसफार्मरों को बदलने के कार्य विद्युत क्षमता बढ़ाने के लिये किये गये हैं। रीवा जिले में दिनांक 10.06.2018 की स्थिति में 181 वितरण ट्रांसफार्मर जले/खराब हैं। उक्‍त जले/खराब वितरण ट्रांसफार्मरों से कोई भी नल-जल योजना प्रभावित नहीं है अत: इन पर बकाया राशि जमा करने संबंधी प्रावधान लागू है। इन ट्रांसफार्मरों से सम्‍बद्ध उपभोक्‍ताओं द्वारा नियमानुसार विद्युत बिलों का भुगतान नहीं किये जाने के कारण इनके बदलने की कार्यवाही नहीं की जा सकी है। उक्‍त ट्रांसफार्मरों से फेल/खराब होने की दिनांक सहित बकाया राशि का विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-ब अनुसार  है। वर्तमान में लागू नियमानुसर जले/खराब ट्रांसफार्मर बकाया राशि का 20 प्रतिशत जमा करने पर अथवा 50 प्रतिशत उपभोक्‍ताओं द्वारा विद्युत बिलों का भुगतान करने पर बदला जाता है। तथापि उक्‍तानुसार बकाया राशि जमा होने के बाद बदला गया ट्रांसफार्मर यदि 3 माह अवधि में पुन: फेल हो जाता है तो उसे बकाया राशि जमा करने की बाध्‍यता को शिथिल कर निर्धारित समय-सीमा में बदलने के निर्देश है। (ग) जिला रीवा में दिनांक 10.06.18 तक 12वीं पंचवर्षीय योजना में स्‍वीकृत राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना के अंतर्गत 1640 विद्युतीकृत ग्रामों के सघन विद्युतीकरण, दीनदयाल उपाध्‍याय ग्राम ज्‍योति योजना के अंतर्गत 64 विद्युतीकृत ग्रामों के सघन विद्युतीकरण एवं सौभाग्‍य योजनांतर्गत 84 विद्युतीकृत ग्रामों में अविद्युतीकृत घरों के विद्युतीकरण का कार्य पूर्ण किया जा चुका है। योजनावार उक्‍त ग्रामों की सूची  पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र ब-1,ब-2 एवं ब-3 अनुसार है। आई.पी.डी.एस. योजना शहरी क्षेत्र हेतु लागू है, अत: इस योजनांतर्गत किसी ग्राम में विद्युतीकरण कार्य किये जाने का प्रश्‍न नहीं उठता। (घ) प्रश्‍नांश (ख) एवं (ग) अनुसार संचालित योजनाओं का क्रियान्‍वयन योजना अंतर्गत दिये गये प्रावधानों/निर्देशों के अनुसार किया जा रहा है तथा क्रियान्‍वयन उपरांत नियमानुसार संबंधित ठेकेदार एजेन्सियों द्वारा प्रस्‍तुत बिलों का सत्‍यापन संबंधित योजनांतर्गत निर्धारित प्र‍क्रिया/नियमों के अनुसार किया जा रहा है। तत्‍संबंध में कोई शिकायत प्राप्‍त नहीं हुई है। तथापि इस संबंध में कोई विशिष्‍ट शिकायत प्राप्‍त होती है तो उसकी जाँच करवाकर नियमानुसार कार्यवाही की जायेगी। जिले में निर्धारित विनियमनों के अनुसार बिजली आपूर्ति की जा रही है।

संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण, अनुकम्‍पा नियुक्ति‍ के साथ समान कार्य समान वेतन

[सामान्य प्रशासन]

23. ( क्र. 269 ) श्री सुन्‍दरलाल तिवारी : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या म.प्र. की सरकार द्वारा संविदा पर कार्यरत कर्मचारियों की संविदा नीति बदल कर उनकों नियमित कर्मचारियों की भांति सेवा शर्तें एवं वेतन विसंगति दूर करने के नियम व आदेश जारी करने बाबत् कार्यवाही की जा रही है? अगर नहीं तो क्‍यों? (ख) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के संविदा कर्मचारी जो प्रदेश के विभिन्‍न कार्यालयों में कार्यरत हैं, उनके सेवा पूर्ण होने के बाद पद से पृथक होने एवं उनकी मृत्‍यु की दशा पर उनके परिवार के भरण पोषण के साथ अनुकम्‍पा नियुक्ति के प्रावधान क्‍या सरकार ने तय किये हैं? (ग) प्रश्‍नांश (क), (ख) एवं (ग) के विभिन्‍न विभागों में कार्यरत संविदा कर्मचारियों के नि‍यमितीकरण व संविदा नीति बदलने व उनके परिवार के भरण पोषण व अनुकम्‍पा नियुक्ति बाबत् आदेश व निर्देश जारी करेंगे तो कब तक, अगर नहीं तो क्‍यों?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जी नहीं। कोई प्रस्‍ताव विचाराधीन नहीं है। (ख) एवं (ग) उत्‍तरांश '''' के प्रकाश में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

बरबटी उद्वहन सिंचाई योजना का कार्य 2 वर्ष में प्रारंभ नहीं होना 

[नर्मदा घाटी विकास]

24. ( क्र. 301 ) श्रीमती प्रतिभा सिंह : क्या राज्‍यमंत्री, नर्मदा घाटी विकास महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बरगी वि.सभा क्षेत्र के अंतर्गत बरबटी उद्वहन सिंचाई योजना का कार्य कब से स्‍वीकृत है? डी.पी.आर. संशोधन के पश्‍चात् उक्‍त कार्य की निविदा स्‍वीकृति एवं कार्यादेश एवं निर्माण कार्य की वर्तमान स्थिति क्‍या है? लगभग 2 वर्षों में भी उक्‍त निर्माण कार्य का कार्य लम्बित रहने के लिए कौन-कौन अधिकारी जिम्‍मेदार है? उक्‍त उद्वहन सिंचाई योजना से किसानों को पानी कब तक मिलेगा?

राज्‍यमंत्री, नर्मदा घाटी विकास ( श्री लालसिंह आर्य ) : (क) दिनांक 24/05/2013 से। दिनांक 26/02/2018 को इस योजना के स्‍थान पर रानी दुर्गावती माईक्रो उद्वहन सिंचाई योजना स्‍वीकृत हुई है। इसकी निविदा दिनांक 17/05/2018 को आमंत्रित की गई है। मूल्‍य दर निविदा दिनांक 27/06/2018 को खोला जाना नियत है। बरबटी परियोजना के क्रियान्‍वयन के दौरान तकनीकी कठिनाईयां उपस्थित होने के कारण कार्य संपादित नहीं हो सका। अत: कार्य लंबित होने के लिए कोई जिम्‍मेदार नहीं है। रानी दुर्गावती माईक्रो उद्वहन सिंचाई योजना को पूर्ण करने के लिये समयावधि 02 वर्ष रखी गई है। निर्माण एजेंसी निर्धारित होने के बाद उक्‍त अवधि के पश्‍चात् किसानों को पानी मिलना संभावित है।

अपात्र को पारिवारिक पेंशन एवं उपादान प्रदान किया जाना

[वित्त]

25. ( क्र. 316 ) श्री के.पी. सिंह : क्या वित्त मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या शिकायती पत्र दिनांक 21.02.2018 के द्वारा अपर मुख्‍य सचिव म.प्र. शासन वित्‍त विभाग मंत्रालय एवं संचालक पेंशन, भोपाल को स्पीड सेवा, भारत सरकार के माध्‍यम से भेजकर कई गंभीर अनियमिततायें करते हुए नियम/निर्देशों के विरूद्ध एवं बिना दस्‍तावेजों की जाँच किये अपात्र व्यक्ति को पारिवारिक पेंशन स्‍वीकृत कर लाखों रूपये की वित्‍तीय हानि पहुंचाई जाने के संबंध में संगठन मंत्री शिवसेना द्वारा बिन्‍दुवार मय दस्‍तावेजी साक्ष्‍यों सहित अवगत कराते हुए अपात्र व्‍यक्ति को पेंशन एवं उपादान की राशि पर तत्काल रोक लगाने का अनुरोध किया गया? (ख) प्राप्‍त शिकायत के बिन्‍दुओं का बिन्‍दुवार उल्‍लेख करते हुए उन पर किस-किस के द्वारा क्‍या-क्‍या निर्देश दिये गये/प्राप्‍त हुए? प्रश्‍न दिनांक तक प्राप्‍त निर्देशों/शिकायत पर क्‍या-क्‍या कार्यवाही किस-किस के द्वारा कब-कब की गई? उसके क्‍या निष्‍कर्ष निकले? यदि कार्यवाही नहीं की गई है तो कारण बतावें। (ग) क्‍या शिकायतकर्ता की शिकायत में जिन अधिकारियों/कर्मचारियों की मिलीभगत से अपात्र को लाभ प्रदान किये जाने हेतु आरोप लगाए गए हैं, उन्‍हीं से जाँच प्रतिवेदन चाहा गया है? उनसे जाँच प्रतिवेदन चाहे जाने के कारण बतावें। (घ) क्‍या शासन/विभाग अपात्र व्‍यक्ति को प्रदान किये जाने वाले पेंशन व उपादान की राशि रोकते हुए/वसूल करते हुए प्रकरण की तत्‍काल जाँच शासन/संचालनालय या अधिकृत जाँच एजेंसियों से कराते हुए दोषियों के विरूद्ध अनुशासनात्‍मक कार्यवाही के साथ-साथ पुलिस प्रकरण पंजीबद्ध कराते हुए प्रश्‍नांश (क) से (घ) का उत्‍तर अतिरिक्‍त मुख्‍य सचिव, वित्‍त विभाग के अभिमत सहित दिया जाना सुनिश्चित करेगा? यदि नहीं, तो क्‍यों?

वित्त मंत्री ( श्री जयंत मलैया ) : (क) जी हाँ। (ख) मुख्‍य चिकित्‍सा एवं स्‍वास्‍थ्‍य अधिकारी (गैस राहत) द्वारा श्रीमती दुर्गा बाई कटारे के पक्ष में किए गए नामांकन के साक्ष्‍य सहित प्रेषित प्रकरण के आधार पर संभागीय पेंशन अधिकारी भोपाल द्वारा श्रीमती दुर्गा बाई कटारे के पक्ष में पी.पी.ओ./जी.पी.ओ.जारी किया गया है। (ग) जी हाँ। (घ) शिकायत के संदर्भ में दिनांक 27.4.2018 द्वारा वित्‍तीय नियमों का उल्‍लेख करते हुए मुख्‍य चिकित्‍सा स्‍वास्‍थ्‍य अधिकारी (गैस राहत) भोपाल से वस्‍तुस्थिति चाही गई है तथा आवश्‍यक कार्यवाही के निर्देश दिए गए है अन्‍य बिन्‍दुओं पर सी.एम.ओ.गैस राहत से कार्यवाही अपेक्षित है। अग्रिम कार्यवाही संबंधित कार्यालय/विभाग द्वारा की जानी है।

आंगनवाड़ी केन्‍द्रों का रख-रखाव 

[महिला एवं बाल विकास]

26. ( क्र. 325 ) श्रीमती चन्‍दा सुरेन्‍द्र सिंह गौर : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या खरगापुर विधानसभा क्षेत्र में महिला बाल विकास विभाग परियोजना बल्देवगढ़ के अंतर्गत विकासखंड मुख्यालय पर निर्मित शौचालय खंडहर में तब्दील हो गया है और कितने ऐसे आंगनवाड़ी केंद्र हैं जो महिला बाल विकास के भवन हो या किराए के भवनों में संचालित हैं वहां शौचालय सही ढंग से बने हैं तथा इसका बच्चों द्वारा उपयोग किया जाता है? इनमें कितने जीर्ण-शीर्ण हालात में है? (ख) क्या परियोजना अधिकारी ब्लॉक बल्देवगढ़ एवं सभी आंगनवाड़ी केंद्रों की मॉनिटरिंग करने वाली सेक्टर अधिकारी मुख्यालय पर निवास नहीं करती है उसके संबंध में जिला स्तर के किसी अधिकारी द्वारा कब कब जाँच की जाती है? (ग) विगत एक वर्ष में आंगनवाड़ी केंद्रों के शौचालय की सफाई की मॉनीटरिंग किसी जिम्मेदार अधिकारी द्वारा कब-कब, किन-किन दिनांकों को की गई? यदि नहीं, तो कारण स्पष्ट करें तथा लापरवाही करने वाले अधिकारियों एवं मुख्यालय पर निवास नहीं करने वालों के विरुद्ध कार्यवाही सुनिश्चित करेंगे? यदि हाँ, तो कब तक यदि नहीं, तो क्‍यों?

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( श्रीमती अर्चना चिटनिस ) : (क) खरगापुर विधानसभा क्षेत्र में महिला बाल विकास विभाग परियोजना के कार्यालय हेतु विभागीय कार्यालय भवन उपलब्ध नहीं है। कार्यालय का संचालन विकासखण्ड कार्यालय के पुराने शासकीय भवन में हो रहा है। जिसमें शौचालय का कुछ हिस्सा टूटा हुआ है एवं कार्यालयीन कर्मचारियों द्वारा इसका उपयोग नहीं किया जा रहा है। कार्यालय के नजदीक में स्थित रेस्ट हाउस का शौचालय उपयोग किया जा रहा है। बल्देवगढ़ परियोजना अन्तर्गत शासकीय एवं किराये के भवनों में संचालित आंगनवाड़ी केन्द्रों की जानकारी तथा उनमें उपलब्ध शौचालयों की जानकारी पुस्तकालय में रखे  परिशिष्ट  के प्रपत्र 'अनुसार है। (ख) परियोजना अधिकारी बल्देवगढ़ एवं सभी आंगनवाड़ी केन्द्रों की मॉनीटरिंग करने वाली सेक्टर पर्यवेक्षक मुख्यालय पर निवास करती है। निवास संबंधी जानकारी पुस्तकालय में रखे  परिशिष्ट के प्रपत्र 'अनुसार है। जिला स्तरीय अधिकारी द्वारा दिनांक 18/10/2017 एवं 23/01/2018 को निरीक्षण के दौरान मुख्यालय पर निवास करने की जाँच की गई। (ग) टीकमगढ़ जिलें में बल्देवगढ़ परियोजना अन्तर्गत संचालित आंगनवाड़ी केन्द्रों का निरीक्षण जिला अधिकारी द्वारा दिनांक 10/10/2017 एवं 23/01/2018 को किया गया। जिले में सभी मैदानी अधिकारी मुख्यालय पर निवास करते है इसलिये उनके विरूद्ध कार्यवाही का प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता।

विद्युतीकरण से वंचित ग्रामों में विद्युतीकरण

[ऊर्जा]

27. ( क्र. 337 ) श्री महेन्‍द्र सिंह बागरी : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र गुनौर में ऐसे कितने ग्राम हैं जो विद्युतीकरण से वंचित हैं? सूची उपलब्ध करावें। इन ग्रामों में विद्युतीकरण का कार्य कब तक किया जावेगा? (ख) क्या इन ग्रामों को दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना में विद्युतीकरण हेतु शामिल कर लिया गया है? यदि हाँ, तो इनका विद्युतीकरण कार्य कब तक हो जावेगा? उक्त योजना में प्रश्‍नांश (क) के ग्रामों को शामिल न करने का क्या कारण है? (ग) विधानसभा क्षेत्र गुनौर में सौभाग्य योजना अन्तर्गत कौन-कौन से ग्राम जोड़े गये हैं, उन ग्रामों के नाम सहित सूची उपलब्ध करावें? (घ) क्या जो ग्राम उक्त योजना में जोड़े गये हैं, उनमें से कितने ग्रामों में विद्युतीकरण कार्य पूर्ण हो चुका है एवं कितने ग्रामों का कार्य अपूर्ण है?

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) विधानसभा क्षेत्र गुनौर में कार्य-योग्य सभी ग्राम विद्युतीकृत है, कोई भी ग्राम विद्युतीकरण से वंचित नहीं है। अतः प्रश्न नहीं उठता। (ख) उत्तरांश (क) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न नहीं उठता। (ग) विधानसभा क्षेत्र गुनौर में सौभाग्य योजना के अन्तर्गत शामिल ग्रामों की सूची  संलग्न परिशिष्ट  अनुसार है। (घ) विधानसभा क्षेत्र गुनौर में सौभाग्य योजना अन्तर्गत सम्मिलित 357 ग्रामों में से 160 ग्रामों के सभी घरों के विद्युतीकरण का कार्य पूर्ण किया जा चुका है एवं शेष 197 ग्रामों में उक्त योजना का कार्य किया जाना शेष है।

परिशिष्ट - ''नौ''

छात्रावास की जानकारी एवं छात्रावासों में सी.सी.टी.व्ही. कैमरे लगवाये जाना

[अनुसूचित जाति कल्याण]

28. ( क्र. 339 ) श्री महेन्‍द्र सिंह बागरी : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) गुनौर विधानसभा क्षेत्र अन्तर्गत जनपद पंचायत पन्ना एवं गुनौर में वर्तमान में कितने छात्रावास संचालित हैं? संचालित छात्रावासों में छात्र/छात्राओं की कुल संख्या कितनी है? प्रत्येक छात्रावास में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के छात्र/छात्राओं की कितनी संख्या स्वीकृत है एवं स्वीकृत संख्या के विरूद्ध कितने छात्र/छात्राएं रहकर अध्ययन कर रहे हैं? छात्रावासवार नामवार बतावें? (ख) प्रश्नांश (क) से संबंधित छात्रावासों में छात्रों को कौन-कौन सी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं? क्या छात्रावासों में दर्ज संख्या के विरूद्ध रहवासी छात्रों की संख्या नहीं पाई जाती है? क्या उक्त छात्रावासों में प्रवेश देते समय संबंधित शालाओं के प्रधानाध्यापक से अनुमति ली जाती है? (ग) क्या जिन जरूरत मंद छात्रों को प्रवेश की अवश्‍यकता होती है, उन्हें प्रवेश न देकर फर्जी छात्रों की संख्या दिखाकर भ्रष्टाचार किया जाता है? (घ) रहवासी छात्रों का पता लगाने के उद्देश्य से छात्रावासों में शासन द्वारा सी.सी.टी.व्ही. कैमरे क्यों नहीं लगाये जा रहे हैं? क्या कई छात्रों की उपस्थिति का सही ध्यान न रखने के कारण जो घटनाएं होती हैं उन्हें रोकने के लिये सी.सी.टी.व्ही. कैमरे लगाये जाने का प्रावधान है? यदि हाँ, तो कब तक सी.सी.टी.व्ही.कैमरे लगाए जाएगें?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) गुनौर विधानसभा क्षेत्रान्‍तर्गत जनपद पंचायत पन्‍ना एवं गुनौर में 14 छात्रावास संचालित हैं। शेष प्रश्‍नांश की  जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) छात्रावास में छात्रों को नि:शुल्‍क चाय नास्‍ता, भोजन एवं आवासीय सुविधा, पलंग, बिस्‍तर, उत्‍कृष्‍ट छात्रावासों में कोचिंग स्‍टेशनरी आदि की सुविधाएं उपलब्‍ध कराई जा रही है। जी नहीं। छात्रावासों में दर्ज संख्‍या के विरूद्ध रहवासी छात्रों की संख्‍या पाई जाती है। जी हाँ। छात्रावासों में प्रवेश देते समय संबंधित शालाओं के प्रधानाध्‍यापक से विद्यालयों में प्रवेश के प्रमाणीकरण लिये जाने के पश्‍चात ही प्रवेश दिया जाता है। (ग) जी नहीं। छात्रावास में जिला स्‍तरीय प्रवेश समिति के माध्‍यम से छात्रों को प्रवेश दिया जाता है। (घ) छात्रावासों में छात्रों की उपस्थिति का सही पता लगाने के उददेश्‍य से सी.सी.टी.वी. कैमरे लगाने का नियम में कोई प्रावधान नहीं है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''दस''

प्रश्नकर्ता द्वारा लिखे गए पत्रों पर मार्गदर्शन जारी न करना

[सामान्य प्रशासन]

29. ( क्र. 345 ) श्री निशंक कुमार जैन : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रश्नकर्ता द्वारा दिनांक 22.07.2017 एवं 24.08.2017 को मुख्य सचिव म.प्र.शासन को लिखे गये पत्र क्रमांक 7132 एवं 7868 उनके कार्यालय के ई-मेल पर प्राप्त हुए हैं? (ख) यदि हाँ, तो प्रश्नकर्ता द्वारा लिखे गये पत्र में किस-किस विषय पर मार्गदर्शन जारी कराए जाने हेतु मुख्य सचिव म.प्र. शासन से अनुरोध किया गया था। क्या प्रश्नकर्ता के अनुरोध पर मार्गदर्शन जारी कराया गया है या नहीं? यदि नहीं, तो इसके लिए कौन अधिकारी जिम्मेदार है? (ग) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित पत्रों पर कब तक मार्गदर्शन जारी करा दिया जावेगा? यदि नहीं, तो क्यों?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जी हाँ। (ख) एवं (ग) प्रश्‍नकर्ता द्वारा मुख्‍य सचिव को प्रेषित पत्र दिनांक 22/07/2017, 24/08/2017 एवं 29/07/2017 में लेखापाल के पद पर पदो‍न्‍नति के संबंध में वेतन विसंगति दूर करने का अनुरोध किया गया है। इस संबंध में वित्‍त विभाग द्वारा दिनांक 12 जून 2018 को जारी निर्देशों के अनुसार अब सहायक वर्ग-2 से समान वेतनमान में लेखापाल/लेखा परीक्षक पद पर पदोन्‍नति, पदोन्‍नति न मानते हुये समयमान वेतन की पात्रता निर्धारित की गई है जिसके आदेश की प्रति संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है।

परिशिष्ट - ''ग्यारह

प्रारम्‍भिक जाँच 09/2011 में कार्यवाही

[सामान्य प्रशासन]

30. ( क्र. 357 ) श्री नरेन्‍द्र सिंह कुशवाह : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) तारांकित प्रश्‍न क्रमांक 57 क्र. 2089 दिनांक 13 मार्च 2018 में प्रारम्भिक जाँच क्रमांक 09/2011 में क्‍या जाचं पूर्ण हो चुकी है? यदि हाँ, तो छायाप्रति सहित जानकारी दें। (ख) प्रश्‍नांश (क) में वर्णित आरोप क्‍या सिद्ध पाया गया है? यदि हाँ, तो अपराध पंजीबद्ध क्‍यों नहीं किया गया? (ग) कलेक्‍टर भिण्‍ड की जानकारी के आधार पर प्रारम्भिक जाँच 09/11 कब पूर्ण हुई उसी समय अपराध प्रकरण पंजीबद्ध क्‍यों नहीं किया गया?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) से (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

अपराध प्रकरण दर्ज किया जाना

[सामान्य प्रशासन]

31. ( क्र. 358 ) श्री नरेन्‍द्र सिंह कुशवाह : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) तारांकित प्रश्‍न क्रमांक 478 दिनांक 18 जुलाई 2017 के क्‍या आर्थिक अपराध प्रकोष्‍ठ ग्‍वालियर में प्राथमिक जाँच प्रकरण 9/2011 पंजीबद्ध किया गया? यदि हाँ, तो प्रश्‍नांश दिनांक तक अपराध प्रकरण पंजीबद्ध क्‍यों नहीं किया गया? इसके लिए कौन दोषी है क्‍या कार्यवाही की जावेगी? (ख) सांसद निधि से 23 विद्यालयों में कम्‍प्‍यूटर प्रोजेक्‍टर लगाने में गम्‍भीर अनियमितता होने के उपरांत उसके विरूद्ध अभी तक क्‍या कार्यवाही की गई? छायाप्रति सहित जानकारी दें। कार्यवाही न करने के क्‍या कारण है? (ग) जिला कलेक्‍टर भिण्‍ड के प्रशासकीय स्‍वीकृति आदेश क्रमांक 794/04.11.99835/16.11.9971/29.1.20001605/22.12.2000 के निहित शर्तों का पालन न करने के उपरांत अभी तक कार्यवाही शिथिल क्‍यों की जा रही है? कार्यवाही पूर्ण करने में कितना समय और व्‍यतीत होगा? (घ) प्रश्‍नांश (क) (ख) और (ग) में तत्‍परता से कार्यवाही नहीं हो रही है इसके लिए कौन दोषी है?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

विभागीय कार्यवाही मूलक योजना एवं अनुदान 

[नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा]

32. ( क्र. 380 ) डॉ. राजेन्‍द्र पाण्‍डेय : क्या नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या केंद्र/राज्य प्रवर्तित योजनाओं के माध्यम से शासन/विभाग द्वारा नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा के कार्यों को प्रदेश के साथ ही जावरा विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत क्रियान्वयन किया जा रहा है? (ख) यदि हाँ, तो उपरोक्त शासनाधीन विभागीय किन-किन योजनाओं का क्रियान्वयन किन वर्षों से विधानसभा क्षेत्र में प्रारंभ होकर क्या क्या विभागीय कार्य किए गए तथा हितग्राही मूलक योजना के कितने आवेदन प्राप्त होकर उन पर क्या कार्यवाही की गई एवं कितनों को योजना अंतर्गत कितना अनुदान प्राप्त हुआ? (ग) क्या मुख्यमंत्री सोलर पंप योजना अंतर्गत जावरा ब्लॉक एवं पिपलौदा ब्लॉक में आवेदकों द्वारा इस हेतु आवेदन किए गए तो कुल कितने आवेदन प्राप्त हुए, उनमें से कितनों पर कार्यवाही हुई कितने शेष रहे? (घ) साथ ही उपरोक्त प्रश्‍नगत उल्लेखित जानकारियां वर्ष 2013-14 से लेकर प्रश्न दिनांक तक की जावरा विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत क्रियान्वित की गई, विभागीय समस्त योजनाएं हितग्राही मूलक योजना दिए जाने वाले अनुदान सहित ब्लॉकवार, ग्रामवार, योजना के नामवार बताएं।

नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री ( श्री नारायण सिंह कुशवाह ) : (क) जी हाँ। नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा के कार्यों का प्रदेश के साथ ही जावरा विधानसभा क्षेत्र अन्‍तर्गत भी क्रियान्‍वयन किया जा रहा है। (ख) विधान सभा क्षेत्र जावरा में हितग्राही मूलक योजना अन्‍तर्गत नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग द्वारा अप्रैल 2017 से प्रारंभ की गई ''मुख्‍यमंत्री सोलर पम्‍प योजना'' में वर्ष 2017-18 में कुल 56 आवेदकों द्वारा ऑनलाईन पंजीयन कराया गया है, जिसकी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-ब एवं स अनुसार है। इनमें से 09 कृषकों के यहां सोलर पम्‍प स्‍थापना पूर्ण की जा चुकी है, जिसकी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अ, ब एवं स अनुसार है। 1 से 3 एच.पी. तक क्षमता के सोलर पम्‍प की स्‍थापना के लिये 90 प्रतिशत तथा 5 एच.पी. के सोलर पम्‍प की स्‍थापना के लिये 85 प्रतिशत अनुदान कृषकों को प्रदान किया जा रहा है। सौर फोटोवोल्‍टेइक पॉवर प्‍लांट योजनान्‍तर्गत विभिन्‍न शासकीय संस्‍थानों व निजी हितग्राही के भवनों पर सौर ऊर्जा के माध्‍यम से विद्युत प्रदाय करने के संयंत्र स्‍थापित किये गये है, जिसकी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-द अनुसार है। इसके अतिरिक्‍त विधान सभा क्षेत्र जावरा में पवन ऊर्जा परियोजनाएं निजी विकासकों द्वारा लगाई गई है, जिसकी सूची पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-इ अनुसार है। इन योजनाओं में कोई अनुदान देय नहीं है। (ग) मुख्‍यमंत्री सोलर पम्‍प योजना के अन्‍तर्गत जावरा विधानसभा क्षेत्र में जावरा ब्‍लॉक में 15 एवं पिपलौदा ब्‍लॉक में 41 अर्थात कुल 56 आवेदन प्राप्‍त हुये है, जिसकी विस्‍तृत जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र ब एवं स अनुसार है। मुख्‍यमंत्री सोलर पम्‍प योजना के अन्‍तर्गत वर्तमान में पूरे प्रदेश में ऑनलाईन आवेदन प्रक्रिया जारी है। (घ) उत्‍तरांश (ख) में उल्‍लेख अनुसार।

दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को सातवें वेतन मान का लाभ देना 

[वित्त]

33. ( क्र. 430 ) श्री आर.डी. प्रजापति : क्या वित्त मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्‍यप्रदेश में दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को 1 जनवरी 2016 से सातवें वेतनमान का लाभ प्रदान क्‍यों नहीं किया गया? (ख) यदि नियमित कर्मचारी व अस्‍थाई कर्मचारी में कार्य की समानता है तो वेतन में चार गुनी असमानता क्‍यों है प्रदेश में शासकीय कार्यालयों में कार्यरत अस्‍थाई कर्मचारियों का ई.पी.एफ क्‍यों नहीं काटा जा रहा है? (ग) प्रदेश में न्‍यूनतम वेतन अधिनियम 1948 के तहत केन्‍द्र के समान श्रमिकों का न्‍यूनतम वेतन 2400/- निर्धारित क्‍यों नहीं किया जा रहा है? (घ) छतरपुर जिले के विभिन्‍न विभागों में एवं विभिन्‍न बोर्डों जैसे मण्‍डीबोर्ड में कार्यरत दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को कब तक सातवें वेतनमान का लाभ दिया जावेगा?

वित्त मंत्री ( श्री जयंत मलैया ) : (क) दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को वेतनमान आधारित वेतन नहीं दिया जाता अपितु कलेक्‍टर द्वारा निर्धारित दर से पारिश्रमिक दिया जाता है। अत: सातवें वेतनमान की पात्रता की स्थिति नहीं बनती है। (ख) नियमित व नियमित स्‍थापना के अस्‍थायी कर्मचारियों को वेतनमानों में असमानता नहीं है एवं राष्‍ट्रीय पेंशन योजना में अंशदान का समायोजन भी समान रूप से किया जा रहा है। (ग) राज्‍य के श्रम कानूनों के तहत न्‍यूनतम वेतन का निर्धारण रहता है। (घ) उपर्युक्‍त (क) अनुसार।

विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र तेरी अंतर्गत फीडर सेपरेशन पर कार्ययोजना

[ऊर्जा]

34. ( क्र. 454 ) श्री हेमन्‍त सत्‍यदेव कटारे : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भिंड जिले के अटेर विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र में फीडर सेपरेशन की क्या कार्य योजना स्वीकृत है? विगत 3 वर्षों में स्वीकृत कार्य योजना के अनुसार किस-किस क्षेत्र में फीडर सेपरेशन का कार्य किया गया है? किए गए कार्य की लागत एवं भुगतान राशि तथा कार्य एजेंसी के नाम सहित जानकारी उपलब्ध कराई जावे? (ख) क्या फीडर सेपरेशन के नाम पर मनमाने ढंग से कतिपय प्रभावशाली व्यक्तियों को लाभान्वित करने हेतु स्वीकृत कार्ययोजना के विपरीत लाइन विस्तार का कार्य किया गया? यदि हाँ, तो किन-किन स्थानों पर यह कार्यवाही की गई और क्या इन कार्यों के लिए सक्षम प्राधिकारी द्वारा अनुमति प्रदान की गई थी? यदि नहीं, तो क्या संबंधित दोषियों के विरुद्ध कार्यवाही की जावेगी? यदि हाँ, तो कब तक? (ग) क्षेत्र की पुरानी विद्युत लाइनें जो खराब हो गए हैं उनको बदलने एवं जले हुए ट्रांसफॉर्मरों को बदलने की क्या लक्ष्य नियत हैं? विगत 2 वर्षों में किन-किन ग्रामों में यह कार्यवाही की गई ग्रामवार जानकारी उपलब्ध कराई जावे?

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) भिण्‍ड जिले के अटेर विधानसभा क्षेत्रान्‍तर्गत फीडर विभक्तिकरण योजना में 11 के.व्‍ही. के 24 फीडरों के विभक्तिकरण का कार्य कर कृषि एवं गैर-कृषि उपभोक्‍ताओं को पृथक-पृथक 11 के.व्‍ही. फीडरों के माध्‍यम से विद्युत प्रदाय उपलब्‍ध कराए जाने का कार्य स्‍वीकृत है। विगत तीन वर्षों में इन 24 फीडरों में से 11 के.व्‍ही. के 2 फीडरों यथा-हेतपुरा तथा बरकापुरा के विभक्तिकरण का कार्य मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा विभागीय स्‍तर पर पूर्ण किया जा चुका है। शेष 11 के.व्‍ही. के 22 फीडरों के विभक्तिकरण के कार्य हेतु ठेकेदार एजेन्‍सी मेसर्स एम.डी.पी., ग्‍वालियर को अवार्ड जारी किया गया है, जिसमें से 14 फीडरों के इलेक्ट्रिकल सेपरेशन का कार्य पूर्ण हो चुका है, जिनका विवरण  पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-'' अनुसार है। उक्‍त 14 फीडरों से संबंधित ग्रामों में निम्‍नदाब लाईन का कार्य एवं शेष 8 फीडरों के विभक्तिकरण का कार्य प्रगति पर है। 11 के.व्‍ही. के 2 फीडरों यथा-हेतपुरा तथा बरकापुरा के मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा विभागीय तौर पर पूर्ण किये गये कार्य की लागत राशि रू. 55.39 ल&#