मध्यप्रदेश विधान सभा


प्रश्नोत्तर-सूची
फरवरी-मार्च, 2018 सत्र


सोमवार, दिनांक 26 मार्च, 2018


भाग-1
तारांकित प्रश्नोत्तर



ग्रामीण क्षेत्रों में क्षतिपूर्ति भत्‍ते का प्रदाय

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

1. ( *क्र. 5462 ) श्रीमती शकुन्‍तला खटीक : क्या लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या जिला शिवपुरी में ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत चिकित्‍सा अधिकारी को व्‍यवसायिक दक्षता अवरोध क्षतिपूर्ति भत्‍ता जुलाई 2017 देय वेतन का 20 प्रतिशत दिया जाना था? (ख) यदि हाँ, तो प्रश्नांश (क) के प्रकाश में क्षतिपूर्ति भत्‍ता कब तक भुगतान कर दिया जायेगा? (ग) इस हेतु कौन अधिकारी कर्मचारी जिम्‍मेदार हैं व उन पर कब तक कार्यवाही की जावेगी?

लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) यथा शीघ्र, समय-सीमा बताना संभव नहीं है। (ग) कोई नहीं, शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

क्षतिग्रस्‍त बांध की मरम्‍मत

[जल संसाधन]

2. ( *क्र. 4578 ) श्री मुकेश नायक : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विभाग में प्रमुख अभियंता के पद का औचित्‍य क्‍या है और दायित्‍व तथा शक्तियां क्‍या-क्‍या हैं? संविदा पर नियुक्‍त प्रमुख अभियंता के कार्यकाल में हुए कृत्‍यों के लिये उसके विरूद्ध अनुशासनिक कार्यवाही/अपराधिक कार्यवाही किस नियम के अन्‍तर्गत की जाती है? किये जाने का प्रावधान जिन नियमों के अन्‍तर्गत है, उन नियमों को बतायें (ख) बिलखुरा बांध, सिरस्‍वाहा बांध टूटने के कारण ठेकेदार से वसूली, तकनीकी अधिकारियों के विरूद्ध पुलिस में एफ.आई.आर. दर्ज करने के संबंध में कलेक्‍टर पन्‍ना के पत्र क्रमांक 267/2016, दिनांक 11.07.2016 और 268 स्‍टेनो दिनांक 11.07.2016 अपर मुख्‍य सचिव जल संसाधान विभाग को जिस तिथि को प्राप्‍त हुए थे, उस तिथि से प्रश्‍न दिनांक तक तत्‍कालीन प्रमुख अभियंता के विरूद्ध कर्तव्‍य और दायित्‍व के निर्वहन में असफल रहने पर क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई एवं उसके विरूद्ध पुलिस में एफ.आई.आर. दर्ज क्‍यों नहीं करायी गयी? (ग) प्रमुख अभियंता को कलेक्‍टर के पत्र के संदर्भ में जो पत्र जारी किये गये हों, उनकी प्रति बताते हुये यह भी बतायें कि तत्‍कालीन प्रमुख अभियंता के विरूद्ध अनुशासनिक कार्यवाही क्‍यों नहीं की गई? उसे संरक्षण क्‍यों दिया गया? (घ) क्‍या सिरस्‍वाहा बांध और बिलखुरा बांध की मरम्‍मत होने में करोड़ों का नुकसान हुआ? जनहानि हुई, जनता प्रभावित हुई तथा कलेक्‍टर पन्‍ना ने शासन को यह भी सूचित किया कि जल संसाधन द्वारा बनाये गये बांधों की गुणवत्‍ता ठीक नहीं है? यदि हाँ, तो कलेक्‍टर का पत्र संज्ञान में आने की तिथि से प्रश्‍न दिनांक तक एफ.आई.आर. दर्ज क्‍यों नहीं करायी गई और कब तक करायी जाएगी? यदि नहीं, तो क्‍यों?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) से (ग) विभाग की तकनीकी कार्यों एवं तकनीकी अमले से कार्य लेने के लिए प्रमुख अभियंता का पद सृजित है। प्रमुख अभियंता को विभागाध्‍यक्ष की शक्तियां/दायित्‍व प्रदत्‍त हैं। प्रमुख अभियंता के पद पर संविदा से नियुक्त व्‍यक्ति के विरूद्ध कार्यवाही म.प्र. सिविल (आचरण) नियम, 1965 से शासित होती है। आपराधिक प्रकरण में कार्यवाही भारतीय दण्‍ड विधान के तहत करने की व्‍यवस्‍था है। प्रश्‍नाधीन पत्र दिनांक 19.07.2016 को विभाग में प्राप्‍त हुआ है। कलेक्‍टर को एफ.आई.आर. दर्ज कराने के लिए विभाग की अनुमति आवश्‍यक नहीं है। प्रमुख अभियंता के कर्तव्‍य/दायित्‍व निर्वहन में विफलता की स्थिति नहीं है। दोषी अधिकारी श्री धीरेन्द्र कुमार खरे, कार्यपालन यंत्री, श्री गोविन्द प्रसाद उपाध्याय, सहायक यंत्री एवं श्री रमाकांत उपाध्याय, उपयंत्री के विरूद्ध विभागीय जाँच संस्थित की गई है। (घ) बिलखुरा जलाशय का निर्माण (मरम्‍मत सहित) एजेंसी मे. देवी कंस्‍ट्रक्‍शन, रीवा के व्‍यय पर पूर्ण कराया गया है। सिरस्‍वाह जलाशय की मरम्‍मत एवं निर्माण पूर्ण कराने के लिए रू. 02.00 करोड़ का व्‍यय हुआ है, जिसकी वसूली दोषी निर्माण एजेंसी मे. त्रिशुल कंस्‍ट्रक्‍शन कंपनी, जबलपुर पर आरोपित की गई है। जनहानि की स्थिति नहीं है। विभाग द्वारा निर्मित बांधों की गुणवत्‍ता में आवश्‍यकतानुसार सुधार कराए जाने के उपरांत गुणवत्‍ता अच्‍छी है। जानकारी उत्‍तरांश (क) में दी गई है।

त्‍यौंथर एवं जवा तहसील में नहरों का निर्माण

[जल संसाधन]

3. ( *क्र. 5821 ) पं. रमाकान्‍त तिवारी : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रीवा जिले के त्‍यौंथर एवं जवा तहसील में वित्‍तीय वर्ष 2014-15 से प्रश्‍न दिनांक तक कुल कितनी नई नहरों का निर्माण कार्य किन-किन एजेन्सियों द्वारा कराया गया? (ख) उक्‍त सभी कार्यों की शासन द्वारा निर्धारित की गई लागत, समयावधि एवं गुणवत्‍ता की जानकारी दें। (ग) क्‍या उक्‍त कार्य शासन द्वारा निर्धारित समय-सीमा पर पूर्ण किया गया एवं गुणवत्‍ता शासन द्वारा निर्धारित मापदण्‍डों के हिसाब से सही है अथवा नहीं?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) से (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

सुवासरा विधानसभा क्षेत्र में संचालित उपस्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

4. ( *क्र. 4839 ) श्री हरदीप सिंह डंग : क्या लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सुवासरा विधानसभा क्षेत्र में विगत तीन वर्षों में कितने उप स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र स्‍वीकृत किये गये हैं? (ख) वर्तमान में उपरोक्‍त उप स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्रों में कितने-कितने कर्मचारी कार्यरत हैं? नाम, पद एवं स्‍थान की जानकारी देवें। (ग) विगत एक वर्ष में उप स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्रों में ओ.पी.डी. की जानकारी देवें। (घ) उपरोक्‍त उप स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र वर्तमान में किस स्‍थान पर संचालित हैं?

लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) विगत तीन वर्षों में 12 नवीन उप स्वास्थ्य केन्द्र (धामनीया, गेलाना, दलावदा, खड़धमनिया, देवरिया विजय, टोकड़ा, सेमली काकड़, साताखेड़ा, शिवगढ़, रावटी, कचनारा एवं गागसी) स्वीकृत किये गये हैं। (ख) वर्तमान में उपरोक्त उप स्वास्थ्य केन्द्र प्रारंभ नहीं किये गये हैं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) उप स्वास्थ्य केन्द्रों में ओ.पी.डी. का संचालन नहीं किया जाता है। (घ) प्रश्नांश (ख) के उत्तर के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

डूब क्षेत्र वाले मार्गों पर पुलिया निर्माण

[जल संसाधन]

5. ( *क्र. 5649 ) श्री नारायण सिंह पँवार : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या राजगढ़ जिले की विधानसभा क्षेत्र ब्‍यावरा के अंतर्गत बांकपुरा बांध से ग्राम कांदलियाखेड़ी एवं ग्राम सारस्‍याबें तथा मूण्‍डला बांध से ग्राम बिन्‍याखेड़ी के निवासियों का अपने खेत-खलिहानों पर आने-जाने वाला एक मात्र आम रास्‍ता बांध के पानी से डूब क्षेत्र में आने से आवागमन पूर्णत: अवरूद्ध हो जाता है, जिससें किसानों को अपने खेत-बाड़ी के कार्य एवं आवागमन अवरूद्ध हो जाता है? यदि हाँ, तो क्‍या प्रश्‍न दिनांक तक बांध के डूब क्षेत्र में आने से बंद हुये रास्‍तों को पुन: आवागमन योग्‍य बनाने हेतु विभाग द्वारा पुल/पुलिया निर्माण कराये जाने का कोई प्रावधान किया है? (ख) प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में क्‍या शासन उपरोक्‍त डूब क्षेत्र वाले मार्गों पर सुचारू आवागमन प्रदान करने हेतु पुलियाओं का निर्माण कार्य करवाएगा? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्‍यों?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) एवं (ख) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

रजिस्‍ट्रार महाकौशल नर्सिंग द्वारा की गई अनियमितताओं की जांच

[चिकित्सा शिक्षा]

6. ( *क्र. 4481 ) श्री के.डी. देशमुख : क्या राज्‍यमंत्री, चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या आई.एन.सी. के नॉर्म्‍स अनुसार रजिस्‍ट्रार के पद हेतु क्‍या योग्‍यता/मापदण्‍ड शासन द्वारा निर्धारित हैं? (ख) क्‍या वर्तमान पदस्‍थ रजिस्‍ट्रार वर्ष 2012 में शासन द्वारा इस पद हेतु निर्धारित अर्हता पूर्ण करती थी? यदि नहीं, तो आदेश किस आधार पर प्रसारित किये गये? (ग) वर्तमान में पदस्‍थ रजिस्‍ट्रार पद की लोकायुक्‍त/ई.ओ.डब्‍ल्‍यू. को कब-कब कितनी शिकायतें प्राप्‍त हुईं? जाँच में विलम्‍ब अथवा दोषी अधिकारियों/कर्मचारियों के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही होगी? जाँच दल द्वारा की गई कार्यवाही की सम्‍पूर्ण जानकारी देवें। (घ) रजिस्‍ट्रार द्वारा अपने कार्यकाल में वर्ष 2015-16 वर्ष 2016-17 दिसम्‍बर, 2017 तक परीक्षा नामांकन बार-बार एम.पी. ऑनलाईन से सांठ-गांठ कर लाईन खोली गई? अध्‍यक्ष महाकौशल नर्सिंग के द्वारा कितने अभ्‍यर्थियों को नामांकन भरने की विशेष अनुमति प्रदान की गई? जाँच दल में तकनीकी (आई.टी.) कर्मचारी शामिल हैं या नहीं? यदि नहीं, तो क्‍यों? (ड.) क्‍या शासन द्वारा प्रचलित जाँच प्रभावित न हो इस हेतु रजिस्‍ट्रार को हटाया जावेगा? यदि हाँ, तो कब तक? क्‍या डॉ. पटने द्वारा की गई जाँच के जाँच प्रतिवेदन पर शासन स्‍तर पर कार्यवाही लम्बित रखी है, क्‍यों? दोषी अधिकारी/कर्मचारी पर शासन द्वारा किस प्रकार की कार्यवाही की जावेगी? वर्ष 2013 जून में रजिस्‍ट्रार द्वारा जी.एन.एम. परीक्षा परिणाम बार-बार बदले गये, हेरा फेरी की गई है? क्‍या विभाग जाँच कमेटी गठित कर उपरोक्‍त परीक्षा परिणाम की पुन: जाँच करवाना सुनिश्चित करेगा? उक्‍त परीक्षा परिणाम को नष्‍ट करने की कार्यवाही पर रोक लगाई जावेगी?

राज्‍यमंत्री, चिकित्सा शिक्षा ( एडवोकेट शरद जैन ) : (क) से (ड.) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

हमीदिया चिकित्सालय भोपाल में नवीन ओ.पी.डी. ब्लॉक प्रारंभ किया जाना

[चिकित्सा शिक्षा]

7. ( *क्र. 4534 ) श्रीमती ममता मीना : क्या राज्‍यमंत्री, चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) हमीदिया चिकित्सालय, भोपाल में न्यू ओ.पी.डी. ब्लॉक का प्रस्ताव कब प्रारंभ हुआ था? प्रथम प्रस्ताव में उसकी कुल लागत कितनी थी? प्रथम प्रस्ताव में प्रश्न दिनांक तक कितनी-कितनी राशि का प्रस्ताव कब कब रिवाइज़ किया गया है? वर्षवार जानकारी दें। (ख) विगत एक वर्ष में उक्त प्रस्ताव अनुसार क्या-क्या कार्यवाही की गई? प्रस्ताव में शीट नं. 1 से 8 तक कौन-कौन से उपकरण/हॉस्पिटल फर्नीचर/सामग्री स्वीकृत हैं एवं उसके विरूद्ध कौन-कौन से उपकरण/फर्नीचर सामग्री क्रय किये गए? योजना अन्तर्गत स्वीकृत हॉस्पिटल फर्नीचर के स्थान पर अन्य हॉस्पिटल फर्नीचर क्यों क्रय किये गये? (ग) क्या चिकित्सा महाविद्यालय भोपाल के डीन द्वारा जानबूझकर प्रायवेट हॉस्पिटलों को फायदा पहुंचाने के लिए उक्त ओ.पी.डी. ब्लॉक प्रारंभ नहीं कराया जा रहा है? यदि नहीं, तो उक्त ओ.पी.डी. ब्लॉक को प्रश्न दिनांक तक क्यों प्रारंभ नहीं किया गया? (घ) उपरोक्त प्रकरण विभागीय प्रमुख सचिव (अपर मुख्य सचिव) के संज्ञान में है एवं माननीय मुख्यमंत्री जी के एक वर्ष पूर्व औचक निरीक्षण के दौरान दिए गए निर्देशों के एक वर्ष बाद भी कार्यवाही नहीं करने वाले डीन डॉ. सोनगरा पर प्रश्न दिनांक तक कार्यवाही क्यों नहीं की गई, कार्यवाही कब तक की जावेगी?

राज्‍यमंत्री, चिकित्सा शिक्षा ( एडवोकेट शरद जैन ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

हमीदिया चिकित्‍सालय भोपाल के अधीक्षक के विरूद्ध प्राप्‍त शिकायतों की जांच

[चिकित्सा शिक्षा]

8. ( *क्र. 4338 ) श्री सुदेश राय : क्या राज्‍यमंत्री, चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या माननीय विभागीय मंत्री द्वारा अपने पत्र क्रमांक 2993, दिनांक 12.06.2017 द्वारा हमीदिया चिकित्‍सालय भोपाल के अधीक्षक के विरूद्ध प्राप्‍त शिकायतों की उच्‍च स्‍तरीय जाँच कराने के निर्देश विभागीय प्रमुख सचिव को दिये गये हैं? (ख) उपरोक्‍तानुसार क्‍या उक्‍त पत्र में विभागीय प्रमुख सचिव को स्‍वयं शासन स्‍तर पर वरिष्‍ठ अधिकारियों की समिति बनाकर उल्‍लेखित बिन्‍दुओं की जाँच कराकर अभिमत सहित जाँच रिपोर्ट 07 दिवस में उपलब्‍ध कराने के निर्देश दिये गये हैं? (ग) उपरोक्‍तानुसार माननीय विभागीय मंत्री जी द्वारा दिये गये निर्देशों पर प्रश्‍न दिनांक तक क्‍या कार्यवाही की गई, उच्‍च स्‍तरीय जाँच समिति क्‍यों नहीं बनाई गई? माननीय विभागीय मंत्री के निर्देशों का पालन कब तक सुनिश्चित कर लिया जावेगा?

राज्‍यमंत्री, चिकित्सा शिक्षा ( एडवोकेट शरद जैन ) : (क) से (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

चिकित्‍सकों के पदों की पूर्ति

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

9. ( *क्र. 5360 ) श्री सचिन यादव : क्या लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में विशेषज्ञ चिकित्‍सकों एवं चिकित्‍सकों की कमी के क्‍या कारण हैं? प्रदेश में स्‍वास्‍थ्‍य संस्‍थाओं में शत-प्रतिशत पदों की पूर्ति के लिए राज्‍य सरकार द्वारा तत्‍संबंध में क्‍या कार्यवाही की जा रही है? (ख) विधानसभा प्रश्‍न क्रमांक 76, दिनांक 18 जुलाई, 2016 के विभागीय उत्‍तर (ख) एवं (ग) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न दिनांक तक क्‍या कार्यवाही की गई? (ग) उक्‍त चिकित्‍सालय में गंभीर रोगियों को आकस्मिक चिकित्‍सा सुविधा उपलब्‍ध नहीं कराने के क्‍या कारण हैं? इन्‍हें कब तक उक्‍त सुविधाएं उपलब्‍ध कराई जायेगी? क्‍या उक्‍त सुविधाओं के अभाव में अन्‍य जिलों में रेफर किया जा रहा है? हाँ तो क्‍यों? (घ) वर्तमान में उक्‍त चिकित्‍सालय में कितने चिकित्‍सक, चिकित्‍सा अधिकारी एवं कर्मचारी पदस्‍थ हैं तथा रोगियों को क्‍या-क्‍या सुविधाएं एवं संसाधन उपलब्‍ध हैं? सूचीवार जानकारी दें।

लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) विशेषज्ञ चिकित्‍सकों के समस्त पद पदोन्नति के माध्यम से भरे जाने का प्रावधान है, वर्तमान में मान. उच्चतम न्यायालय में लगभग 02 वर्षों से पदोन्नति के संदर्भ में प्रचलित प्रकरण के कारण प्रक्रिया लंबित है। चिकित्सा अधिकारियों के स्वीकृत 5016 पदों के विरूद्ध 3594 चिकित्सक पदस्थ हैं तथा 1422 पद रिक्त हैं, वर्ष 2015 में 1896 चिकित्सकों हेतु मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग को मांग पत्र प्रेषित किया गया था, जिसके विरूद्ध 2017 में मात्र 726 चिकित्सकों की चयन सूची प्राप्त हुई। मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग के माध्यम से चिकित्सकों के 1397 रिक्त पदों की मांगपत्र प्रेषित की गई है। एन.एच.एम. के माध्यम से प्रत्येक बुधवार को चिकित्सकों की संविदा नियुक्ति वॉक इन इन्टरव्यू के माध्यम से किए जाने की कार्यवाही जारी है। (ख) विधानसभा अतारांकित प्रश्न क्रमांक 76 के उत्तरांश (ख) के परिप्रेक्ष्य में कोई कार्यवाही लंबित नहीं है। उत्‍तरांश (ग) के परिप्रेक्ष्य में संस्था में नवीन पोस्टमार्टम कक्ष स्वीकृत कर पूर्ण होने की स्थिति में है। (ग) संस्था में गंभीर मरीजों को आकस्मिक सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। प्रश्न उपस्थित नहीं होता। जी नहीं। केवल अत्यन्त गंभीर मरीजों को ही उच्च स्तरीय चिकित्सालय में रेफर किया जाता है। (घ) सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र कसरावद में 03 चिकित्सा अधिकारी, एक दन्त चिकित्सक तथा 64 कर्मचारी पदस्थ हैं। संस्था में मरीजों की जाँच, उपचार, निःशुल्क औषधि, आकस्मिक चिकित्सा प्रसव सुविधा, एक्सरे जाँचें, टीकाकरण व राष्ट्रीय कार्यक्रमों की सुविधा उपलब्ध है। उपलब्ध उपकरणों की सूची संलग्न परिशिष्ट अनुसार है।

परिशिष्ट - ''एक''

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के विरूद्ध कार्यवाही

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

10. ( *क्र. 5414 ) श्री निशंक कुमार जैन : क्या लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या तत्कालीन मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जिला दतिया श्री आर.सी. गुप्ता के विरूद्ध फर्जी नियुक्ति व अन्य गंभीर अनियमितता की शिकायत दर्ज है? यदि हाँ, तो शिकायत दर्ज होने का दिनांक बतावें? (ख) उक्त शिकायत की जाँच किस अधिकारी व किस टीम से कराई गई? जाँच प्रतिवेदन की प्रति उपलब्ध करावें यदि नहीं, तो क्यों? कब तक मामले की जाँच कराई जावेगी? (ग) प्रश्नांश (ख) का उत्तर हाँ तो जाँच प्रतिवेदन के आधार पर प्रश्नांश (क) में उल्लेखित तत्कालीन अधिकारी के विरूद्ध क्या कार्यवाही की गई? यदि नहीं, तो इसके लिए कौन दोषी है? कब तक जाँच प्रतिवेदन के आधार पर कार्यवाही की जावेगी?

लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) डॉ. आर.सी. गुप्ता नहीं बल्कि डॉ. आर.एस. गुप्ता के विरूद्ध फर्जी नियुक्ति व अन्य गंभीर अनियमितता की शिकायत लोकायुक्त संगठन भोपाल में प्राप्त होने पर उनके विरूद्ध प्रकरण क्र. 636/17, दिनांक 02.06.2017 दर्ज कर जाँच की जा रही है। (ख) संचालनालय के आदेश क्र./02/अवि./सेल-09/2017/815-सी, दिनांक 24.08.2017 द्वारा श्री राकेश मुंशी, संयुक्त संचालक स्वास्थ्य सेवायें को प्रकरण की जाँच करने हेतु आदेशित किया गया। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) उत्तरांश (ख) के उल्लेख अनुसार जाँच प्रतिवेदन प्राप्त होने पर प्रशासकीय अनुमोदन प्राप्त कर विभागीय जाँच प्रारंभ कर संचालनालय के पत्र क्र.04/शिका./सेल-7/दतिया/2018/372-373, दिनांक 20.02.2018 द्वारा अपचारी अधिकारी डॉ. गुप्ता को आरोप पत्र जारी किये गये हैं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

M.B.B.S. सीटों पर प्रदेश के बाहर के अभ्‍यर्थियों का प्रवेश

[चिकित्सा शिक्षा]

11. ( *क्र. 4495 ) श्री तरूण भनोत : क्या राज्‍यमंत्री, चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रदेश के शासकीय एवं निजी मेडिकल कॉलेजों में M.B.B.S. की सीटों पर प्रवेश नीट परीक्षा के बाद शासन प्रतिलिपि संचालक चिकित्‍सा शिक्षा के द्वारा जारी सीट आवंटन पत्र के द्वारा दिये जाते हैं? यदि हाँ, तो प्रदेश के निजी मेडिकल कॉलेजों में वर्ष 2017-18 में मेडिकल कॉलेजवार म.प्र. के कोटे की सीटों पर प्रदेश के बाहर के कितने एवं किन-किन छात्रों को प्रवेश दिये गये थे? नाम, पता, कॉलेज सहित जानकारी देवें (ख) विगत तीन शैक्षणिक वर्ष में प्रदेश कि निजी मेडिकल कॉलेजों की कुल M.B.B.S. सीटों में से म.प्र. कोटे की कितनी M.B.B.S. सीटों पर प्रदेश के बाहर के छात्रों को प्रवेश दिया गया? (ग) क्‍या माननीय उच्‍च न्‍यायालय म.प्र. द्वारा म.प्र. कोटे की M.B.B.S. सीटों पर प्रदेश के बाहर के छात्रों के प्रवेश पर रोक लगाई गई थी? यदि हाँ, तो प्रदेश सरकार/विभाग मान. उच्‍च न्‍यायालय के उक्‍त निर्णय के विरूद्ध मान. सर्वोच्‍च न्‍यायालय में कब और क्‍यों गयी?

राज्‍यमंत्री, चिकित्सा शिक्षा ( एडवोकेट शरद जैन ) : (क) से (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

हिरवार सूक्ष्‍म सिंचाई परियोजना की प्रशासकीय स्‍वीकृति

[जल संसाधन]

12. ( *क्र. 5637 ) श्री रामपाल सिंह : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या शहडोल जिले के ब्‍यौहारी तहसील के उप तहसील पपौंध क्षेत्र के ग्रामों में सिंचाई सुविधा उपलब्‍ध कराने के लिये शासन स्‍तर से हिरवार जलाशय योजना की स्‍वीकृति प्रदान की गई है? (ख) प्रश्नांश (क) हाँ तो प्रश्‍नांकित योजना हेतु किस-किस कार्य के लिये कितनी-कितनी राशि स्‍वीकृत की गई है? तकनीकी प्रशासकीय स्‍वीकृति, कार्य योजना, नक्‍शा सहित जानकारी उपलब्‍ध करायी जावे। (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) अनुसार प्रश्‍नांकित कार्य निर्माण हेतु प्रश्‍नांकित दिनांक तक किस किस स्‍तर की प्रक्रिया की जा चुकी है?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) एवं (ख) हिरवार जलाशय नाम की कोई परियोजना नहीं है। बाणसागर जलाशय से प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में सिंचाई के लिए हिरवार सूक्ष्‍म सिंचाई परियोजना की प्रशासकीय स्‍वीकृति दिनांक 01.06.2017 को रू. 116.78 करोड़ की प्रदाय की गई है। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र 1, 2, 3, 4 अनुसार है। (ग) निविदा आमंत्रित की गई है, जिसमें निविदा प्राप्‍त करने की अंतिम तिथि 28 मार्च, 2018 निर्धारित है।

अनूपपुर जिलांतर्गत लघु सिंचाई योजना की स्‍वीकृति

[जल संसाधन]

13. ( *क्र. 4413 ) श्री फुन्‍देलाल सिंह मार्को : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या जिला अनूपपुर क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली सिंचाई विहीन ग्राम पंचायतों में नवीन मध्‍यम सिंचाई योजना एवं लघु सिंचाई योजना शासन की प्राथमिकता में शामिल हैं? यदि हाँ, तो क्‍या वर्ष 2013-14 से प्रश्‍न दिनांक तक पुष्‍पराजगढ़ विधानसभा क्षेत्र में नवीन मध्‍यम सिंचाई योजना एवं लघु सिंचाई योजना स्‍वीकृत की गई है? (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में किसानों को सिंचाई हेतु पानी देने का लक्ष्‍य क्‍या है? क्‍या निर्धारित समयावधि में कार्य पूर्ण कर लिये जायेंगे। (ग) प्रश्नांश (क) में संदर्भित योजनाओं हेतु कितनी राशि कब-कब स्‍वीकृत की गई एवं उक्‍त क्षेत्र की कितनी कृषि भूमि सिंचित होगी?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) एवं (ग) प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में स्‍वीकृत परियोजनाओं की जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। तकनीकी एवं वित्‍तीय आधार पर साध्‍य परियोजनाएं प्राथमिकता से स्‍वीकृत कर प्रदेश में सिंचाई क्षमता बढ़ाने के लिए शासन कृतसंकल्पित है। (ख) लघु सिंचाई परियोजनाएं स्‍वीकृति से 03 वर्ष के भीतर पूर्ण कराई जाती हैं। निर्माणाधीन परियोजना वर्ष 2018-19 में पूर्ण होना लक्षित है।

परिशिष्ट - ''दो''

जिला चिकित्सालय नीमच में संसाधनों की पूर्ति

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

14. ( *क्र. 3555 ) श्री दिलीप सिंह परिहार : क्या लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या शासन प्रदेश के नागरिकों को बेहतर चिकित्सा सुविधा मुहैया करवा रही है? यदि हाँ, तो जनवरी 2016 से दिसम्बर 2017 तक की अवधि में जिला चिकित्सालय नीमच में कितने रोगी उपचार के लिये भर्ती किये गये हैं? (ख) प्रश्नांश (क) में भर्ती किये गये कितनें मरीजों को किन-किन रोगों के उपचार के अभाव में रेफर किया गया? (ग) प्रश्नांश (ख) में रेफर किये गये कितने मरीजों की मार्ग में ही मृत्यु हुई? क्या शासन जिला स्तर पर नागरिकों को बेहतर चिकित्सा सुविधा मुहैया कराये जाने हेतु कोई ठोस कार्यवाही करेगा? यदि हाँ, तो ब्यौरा दें।

लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) जी हाँ। जनवरी 2016 से दिसम्बर 2017 तक की अवधि में 44827 मरीज भर्ती किये गये। (ख) उत्‍तरांश (क) में उल्लेखित अवधि में 2566 मरीजों को रेफर किया गया। चिकित्सालय में सभी विधाओं की बीमारियों का सेकेण्‍डरी स्तर का उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। अत्यन्त गंभीर व टरशरी स्तर के उपचार हेतु मरीजों को रेफर किया गया। (ग) उत्‍तरांश (क) में उल्लेखित अवधि में रेफर होने के पश्चात् अत्यत गंभीर होने के कारण 03 मरीजों की मृत्यु मार्ग में हुई। जी हाँ। जिला चिकित्सालय में विगत तीन वर्षों में ओ.पी.डी./आई.पी.डी., ई.सी.जी., पैथालॉजी जाँच, डायलिसिस, प्रसव की सुविधायें उपलब्ध कराई गई हैं। जिला चिकित्सालय में ट्रामा सेन्टर स्वीकृत कर भवन पूर्ण हो चुका है। ट्रामा सेन्टर हेतु विशेषज्ञों के 07, चिकित्सा अधिकारी के 06 एवं पैरामेडिकल स्टाफ के 47 पद स्वीकृत किये गये हैं। उपकरण हेतु रूपये 76 लाख की राशि भी स्वीकृत की जा चुकी है।

हरदा जिलांतर्गत पर्यटन स्‍थलों का संरक्षण/रख-रखाव

[पर्यटन]

15. ( *क्र. 4232 ) डॉ. रामकिशोर दोगने : क्या राज्‍यमंत्री, संस्कृति महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) पर्यटन विभाग अंतर्गत हरदा जिले के कौन-कौन से स्थान शामिल किये गये हैं? (ख) हरदा जिलान्तर्गत आने वाले पर्यटन स्थलों को संरक्षित किये जाने हेतु क्या-क्या प्रयास किये गये व वर्ष 2014-15 से वर्ष 2017-18 में प्रश्‍न दिनांक तक उनके संरक्षण, रख-रखाव आदि पर कितनी-कितनी राशि स्वीकृत व व्यय की गई? (ग) क्या हरदा जिले में अनेक ऐसे स्थान हैं, जिन्हें पर्यटन विभाग द्वारा सूची में शामिल नहीं किया गया है? (घ) क्या पर्यटन विभाग द्वारा हरदा जिले की विभिन्न ऐतिहासिक धरोहरों का सर्वेक्षण करवाकर पर्यटन विभाग में शामिल किया जावेगा? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो उसका क्या कारण है?

राज्‍यमंत्री, संस्कृति ( श्री सुरेन्द्र पटवा ) : (क) पर्यटन नीति 2016 के अधीन किसी स्‍थल विशेष को पर्यटन स्‍थल घोषित करने या शामिल करने का प्रावधान नहीं है। (ख) निरंक. (ग) प्रश्‍नांश (क) अनुसार। (घ) प्रश्‍नांश (क) अनुसार प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

संशोधित वेतनमान का प्रदाय

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

16. ( *क्र. 5706 ) श्री नथनशाह कवरेती : क्या लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला छिंदवाड़ा अंतर्गत वर्तमान में एम.पी.डब्‍लू./ए.एन.एम., एम.पी.एस./एल.एच.व्‍ही., बी.ई.ई./एम.आई. के कितने पद स्‍वीकृत हैं तथा कितने लोग कार्यरत हैं? (ख) क्‍या एम.पी.डब्‍लू./ए.एन.एम. वर्तमान वेतनमान रूपये 5200-20200 + ग्रेड पे 2100 जो कि संशोधित वेतनमान रूपये 9300-34800 + ग्रेड पे 3200 एवं एम.पी.एस./एल.एच.व्‍ही. वर्तमान वेतनमान रूपये 5200-20200 + ग्रेड पे 2400 संशोधित वेतनमान रूपये 9300-34800 + ग्रेड पे 3600 तथा बी.ई.ई./एम.आई. रूपये 5200-20200 + ग्रेड पे 2800 संशोधित वेतनमान रूपये 9300-34800 + ग्रेड पे 4200 की मांग की जा रही है? (ग) यदि हाँ, तो क्‍या शासन द्वारा दिनांक 16.03.2016 को वेतन संशोधित करने के संबंध में लिखित आश्‍वासन दिया गया था, जिसकी समय-सीमा तीन माह थी? यदि हाँ, तो प्रश्नांश (क) अनुसार क्‍या मलेरिया वर्कर के आधार पर नियुक्‍त कर्मचारियों को शीघ्र नियमित कर्मचारियों के समान भर्ती दिनांक से संशोधित वेतनमान का लाभ दिया जायेगा? यदि हाँ, तो कब तक?

लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) जानकारी निम्नानुसार है :-

क्र.

पदनाम

स्वीकृत

कार्यरत

1

एम.पी.डब्ल्यू.

222

135

2

ए.एन.एम.

401

385

3

एम.पी.एस.

71

50

4

एल.एच.व्ही.

82

31

5

बी.ई.ई.

12

11

6

एम.आई.

8

6

 

(ख) जी हाँ। (ग) जी नहीं। प्रश्नांश (क) के उत्तर के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

सतना जिलांतर्गत रामायणम् के विकास हेतु राशि की स्‍वीकृति‍

[संस्कृति]

17. ( *क्र. 1467 ) श्री नीलांशु चतुर्वेदी : क्या राज्‍यमंत्री, संस्कृति महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सतना जिले की चित्रकूट विधानसभा क्षेत्र में रामायणम् की घोषणा मान. मुख्‍यमंत्री द्वारा की जाकर इस कार्य हेतु बजट राशि भी स्‍वीकृत की गई थी? कार्यवार, राशिवार विवरण दें। (ख) क्‍या रामायणम् हेतु स्‍वीकृत बजट राशि रामवन, विधानसभा क्षेत्र रामपुर बघेलान के लिए स्‍थानां‍तरित की गई है? (ग) प्रश्नांश (ख) यदि हाँ, है तो रामवन हेतु रामायणम् की कितनी राशि स्‍थानांतरित की गई और क्‍यों की गई? कारण बताएं तथा रामायणम् के विकास हेतु मा. मुख्‍यमंत्री की घोषणानुसार कितनी राशि स्‍वीकृत की जावेगी?

राज्‍यमंत्री, संस्कृति ( श्री सुरेन्द्र पटवा ) : (क) जी हाँ। घोषणा क्रमांक बी-3658. बजट राशि स्‍वीकृत न होने से प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) प्रश्‍नांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

मरीजों को उपचार सुविधा

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

18. ( *क्र. 5470 ) श्री बलवीर सिंह डण्‍डौतिया : क्या लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या राज्‍य शासन स्‍वास्‍थ्‍य विभाग के माध्‍यम से राज्‍य बीमारी सहायता, कैंसर रोगी की चिकित्‍सा, बालकों एवं महिलाओं से संबंधित रोगियों को उपचार हेतु नगद (केश) व अस्‍पतालों में चिकित्‍सा सुविधा उपलब्‍ध कराये जाने का प्रावधान है? (ख) यदि हाँ, तो उपरोक्‍त के अनुसार किन-किन बीमारियों को किस-किस प्रकार की सुविधा दिए जाने के नियम/नीति प्रचलन में है, बतावें। (ग) उपरोक्‍त (क) (ख) के अनुसार रोगी (मरीज) सेवाओं का लाभ लेने के लिए आवेदन व अन्‍य कागजात दिए जाने हेतु क्या-क्‍या नियम व प्रक्रिया प्रचलन में हैं, उपरोक्‍त मरीजों के उपचार हेतु जिला मुरैना में किस-किस अधिकारी स्‍वास्‍थ्‍य विभाग एवं आयुक्‍त व कलेक्‍टर आदि को अधिकार है? यदि हाँ, तो अवगत करावें? (घ) उपरोक्‍त प्रश्‍नांश के संबंध में विगत दो वर्ष में कितने मरीजों को लाभांवित किया गया।

लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) जी नहीं। प्रश्‍न में उल्‍लेखित बीमारियों एवं रोगियों के उपचार हेतु नगद राशि देने का प्रावधान नहीं है। बल्कि चिन्हित बीमारियों के उपचार हेतु सीधे मान्‍यता प्राप्‍त अस्‍पताल को राशि स्‍वीकृत किये जाने का प्रावधान है। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' एवं '''' अनुसार है। राज्‍य बीमारी सहायता निधि योजनांतर्गत गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले परिवारों को चिन्हित 21 बीमारियों के उपचार हेतु पैकेज अनुसार राशि रूपये 25 हजार राशि रूपये 2.00 लाख तक की सहायता दिये जाने का प्रावधान है। राष्‍ट्रीय बाल स्‍वास्‍थ्‍य कार्यक्रम के अंतर्गत सभी ए.पी.एल. एवं बी.पी.एल. को 0 से 18 वर्ष के बच्‍चों की स्‍क्रीनिंग कर 4 डी के अंतर्गत चिन्‍हित बीमारियों के उपचार हेतु पैकेज अनुसार सहायता दिये जाने का प्रावधान है। (ग) राज्‍य बीमारी सहायता निधि अंतर्गत चिन्हित बीमारियों के उपचार हेतु मरीज द्वारा बी.पी.एल. कार्ड, आधार कार्ड एवं मान्‍यता प्राप्‍त अस्‍पताल द्वारा बीमारी हेतु प्राक्‍कलन प्रस्‍तुत करना अनिवार्य है एवं राष्‍ट्रीय बाल स्‍वास्‍थ्‍य कार्यक्रम के अंतर्गत चिन्हित बच्‍चों को आयु प्रमाण पत्र, मूल निवासी प्रमाण पत्र एवं मान्‍यता प्राप्‍त अस्‍पताल का चिन्हित बीमारी का प्राक्‍कलन प्रस्‍तुत करना अनिवार्य है। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। जिला मुरैना में मुख्‍य चिकित्‍सा एवं स्‍वास्‍थ्‍य अधिकारी को बीमारी के प्रकरण को स्‍वीकृत करने हेतु अधिकृत किया गया है। (घ) प्रश्‍नावधि में राज्‍य बीमारी सहायता निधि योजनांतर्गत 116 एवं राष्‍ट्रीय बाल स्‍वास्‍थ्‍य कार्यक्रम अंतर्गत 519 मरीजों को लाभांवित किया गया।

शासकीय यूनानी फार्मेसी भोपाल में विशेषज्ञों के स्‍वीकृत पद

[आयुष]

19. ( *क्र. 5823 ) श्री आरिफ अकील : क्या राज्यमंत्री, आयुष महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रदेश की राजधानी भोपाल में एक मात्र शासकीय यूनानी फार्मेसी संचालित है? यदि हाँ, तो कब से संचालित है? ड्रग्‍स एवं कॉस्‍मेटिक अधिनियम के मापदण्‍ड के अनुसार गुणवत्‍ता निरीक्षण अधिकारी, औषधि निर्माण अधिकारी तथा यूनानी चिकित्‍सा अधिकारी के कितने-कितने पद स्‍वीकृत हैं? यदि नहीं, तो पद स्‍वीकृत नहीं करने के क्‍या कारण और कब तक स्‍वीकृत कर दिये जावेंगे? (ख) क्‍या विभाग में स्‍नातकोत्‍तर उपाधि‍धारी यूनानी की अपेक्षा आयुर्वेद एवं होम्‍योपैथिक विशेषज्ञ के पद स्‍वीकृत हैं? यदि हाँ, तो यूनानी विशेषज्ञ के पद कब तक स्‍वीकृत किए जावेंगे? यदि नहीं, तो कारण सहित बतावें। (ग) क्‍या विधायक विश्राम गृह परिसर में यूनानी, होम्‍योपैथिक और आयुर्वेद औषधालय संचालित हैं? यदि हाँ, तो क्‍या उक्‍त औषधालयों में यूनानी की अपेक्षा आयुर्वेद एवं होम्‍योपैथिक औषधालयों में संपूर्ण पद स्‍वीकृत हैं? यदि हाँ, तो यूनानी औषधालय के संपूर्ण पद कब तक स्‍वीकृत किए जावेंगे? यदि नहीं, तो कारण सहित बतावें।

राज्यमंत्री, आयुष ( श्री जालम सिंह पटेल ) : (क) जी हाँ, वर्ष 1981 से। कोई नहीं। फार्मेसी में कार्यरत चिकित्सा अधिकारियों से कार्य लिया जा रहा है। अतः प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) जी हाँ। विशेषज्ञ के समकक्ष अधीक्षक का पद स्वीकृत होने से। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी हाँ। आयुर्वेद, होम्योपैथी औषधालय स्थायी रूप से तथा यूनानी औषधालय अस्थायी रूप से संचालित है। जी हाँ, यूनानी औषधालय अस्थायी रूप से है, अतः शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

मैहर नगर का पर्यटन नगरी के रूप में विकास

[पर्यटन]

20. ( *क्र. 5833 ) श्री नारायण त्रिपाठी : क्या राज्‍यमंत्री, संस्कृति महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सतना जिले में स्थित माँ शारदा की नगरी मैहर में प्रतिदिन आने वाले श्रद्धालुओं/पर्यटकों की बड़ी संख्‍या को देखते हुए पर्यटन विभाग द्वारा पर्यटन संबंधी सुविधाओं के विस्‍तार हेतु क्‍या योजना बनाई जा रही है? (ख) क्‍या विभाग मैहर के आस-पास स्थित ऐतिहासिक स्‍थलों को सम्मिलित कर मैहर धार्मिक स्‍थल को केन्‍द्र सरकार की पर्यटन सर्किट योजना में सम्मिलित कराने हेतु प्रस्‍तावित करेगा? यदि हाँ, तो कब?

राज्‍यमंत्री, संस्कृति ( श्री सुरेन्द्र पटवा ) : (क) वर्तमान में कोई योजना प्रस्‍तावित नहीं है। (ख) वर्तमान में कोई योजना प्रस्‍तावित नहीं है। शेष प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता। 

राज्‍य बीमारी सहायता निधि की राशि का समय पर भुगतान

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

21. ( *क्र. 5689 ) श्रीमती पारूल साहू केशरी : क्या लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दिनांक 01.04.2016 से प्रश्‍न दिनांक तक मुख्‍य चिकित्‍सा एवं स्‍वास्‍थ्‍य अधिकारी सागर कार्यालय से कितने आवेदकों को म.प्र. राज्‍य बीमारी सहायता निधि से सहायता राशि स्‍वीकृत की जाकर भुगतान करायी गयी और कितने प्रकरणों में स्‍वीकृति उपरांत भी प्रश्‍न दिनांक तक सहायता राशि नहीं दी गयी? आवेदक, चिकित्‍सालय के नाम सहित, स्‍वीकृति आदेश, राशि भुगतान की जानकारी सहित पूरी जानकारी दी जावे (ख) क्‍या प्रश्‍नकर्ता द्वारा संबंधित आवेदकों को स्‍वीकृति उपरांत सहायता राशि न दिये जाने संबंधी प्रकरणों में सहायता राशि दिये जाने हेतु कलेक्‍टर सागर/मुख्‍य चिकित्‍सा एवं स्‍वास्‍थ्‍य अधिकारी सागर को पत्र लिखे हैं, जिन पर प्रश्‍न दिनांक तक कोई कार्यवाही नहीं की गयी है? (ग) इलाज हेतु स्‍वीकृत सहायता राशि न दिये जाने के लिये कौन दोषी है और इस प्रकार की लापरवाही के लिये उस पर कब तक क्‍या कार्यवाही की जावेगी तथा स्‍वीकृत सहायता राशि कब तक संबंधित आवेदक को इलाज हेतु लिये गये कर्जे के ब्‍याज सहित दे दी जावेगी?

लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) 1142 आवेदकों को सहायता राशि स्वीकृत की गई है, जिसमें से 501 हितग्राहियों के स्वीकृत प्रकरणों का भुगतान संबंधित अस्पताल को किया गया है एवं 641 हितग्राहियों के प्रकरण भुगतान हेतु शेष हैं। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी हाँ। जी नहीं, कार्यवाही की गयी है। (ग) उत्‍तरांश (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में बताना संभव नहीं है। बजट उपलब्‍धता अनुसार प्रदेश के जिलों को उनकी आवश्यकता/मांग अनुसार बजट राशि समय-समय पर प्रदाय की जाती है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

कुंडालिया परियोजना अंतर्गत डूब क्षेत्र में जमीनों का विक्रय

[जल संसाधन]

22. ( *क्र. 4016 ) श्री मुरलीधर पाटीदार : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सुसनेर विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत कुंडालिया बांध परियोजना अंतर्गत कौन-कौन से ग्रामों की जमीन डूब क्षेत्र में आ रही है? ग्रामवार, सर्वे नम्बर सहित पूर्ण जानकारी देवें क्या इस वर्ष बांध में पानी रोका जावेगा? यदि जल संसाधन विभाग से इस आशय की जानकारी मिली है तो डूब क्षेत्र के लोगों के पुनर्वास एवं मुआवजा वितरण की क्या स्थिति है? (ख) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित डूब क्षेत्र की जमीन विगत 10 वर्षों में किन-किन लोगों ने खरीदी है? खरीदी गई जमीनों के नामान्तरण की क्या स्थिति है? सर्वे नम्बरवार पूर्ण सूची उपलब्ध करावें (ग) प्रश्नांश (ख) में उल्लेखित क्रेताओं में से कौन-कौन से क्रेता विधानसभा क्षेत्र से बाहर के हैं? सम्पर्क नम्बर सहित पूर्ण जानकारी देवें (घ) डूब क्षेत्र अंतर्गत राजस्व रिकॉर्ड में सिंचित जमीन होने के उपरांत भी असिंचित जमीन के मान से मुआवजा निर्धारण या वितरण की कितनी शिकायतें प्राप्त हुईं हैं एवं प्राप्त शिकायतों पर क्या कार्यवाही की गई? शिकायतवार पूर्ण विवरण देवें

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। जी हाँ। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) एवं (ग) डूब क्षेत्र में विगत 10 वर्षों में किए क्रय-विक्रय की जानकारी विभाग द्वारा संधारित की जाना अपेक्षित नहीं है। शेष प्रश्‍न उत्‍पन्‍न नहीं होते हैं। (घ) विभाग को कोई शिकायत प्राप्‍त नहीं हुई है। जिला कलेक्‍टर द्वारा भू-अर्जन के प्रकरणों में मौका सत्‍यापन कराकर भूमि के स्‍वरूप के आधार पर मुआवजा निर्धारण करने की व्‍यवस्‍था है। शेष प्रश्‍नांश उत्‍पन्‍न नहीं होते हैं।

विधानसभा क्षेत्र मानपुर में स्‍टॉप डेम का निर्माण 

[जल संसाधन]

23. ( *क्र. 4417 ) सुश्री मीना सिंह : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2013-14 से प्रश्‍न दिनांक तक विधानसभा क्षेत्र मानपुर में कितने स्‍टॉप डेम कहाँ-कहाँ पर स्‍वीकृत हुये हैं? (ख) उक्‍त स्‍वीकृत स्‍टॉप डेम के निर्माण कार्यों की क्‍या स्थिति है? किन-किन स्‍टॉप डेम का निर्माण पूर्ण हो चुका है तथा कौन-कौन से स्‍टॉप डेम निर्माणाधीन हैं? (ग) निर्माणाधीन स्‍टॉप डेम का निर्माण कार्य कब तक पूर्ण हो जायेगा? क्‍या ऐसे स्‍टॉप डेम भी सामने आये हैं, जिनका निर्माण कार्य पूर्ण होने के बाद वर्षा के पानी को स्‍टॉप डेम नहीं रोक पाये तथा स्‍टॉप डेम टूटने लगे हैं? यदि हाँ, तो कौन-कौन से स्‍टॉप डेम हैं तथा ऐसे स्‍टॉप डेम को कब तक सुधार दिया जायेगा?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) से (ग) प्रश्‍नाधीन अवधि में विधानसभा क्षेत्र मानपुर में स्‍टॉप डेम स्‍वीकृत नहीं किए गए हैं। शेष प्रश्‍न उत्‍पन्‍न नहीं होते हैं।

बडौदा सी.एच.सी. का उन्‍नयन

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

24. ( *क्र. 455 ) श्री दुर्गालाल विजय : क्या लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या श्‍योपुर विधानसभा क्षेत्रान्‍तर्गत सी.एच.सी. बडौदा पर क्षेत्र की लगभग डेढ़ लाख जनसंख्‍या के स्‍वास्‍थ्‍य का दायित्‍व है, सी.एच.सी. में प्रतिदिन लगभग 200 से 400 मरीज उपचारार्थ आते हैं, में से कम से कम 25 प्रतिशत नाजुक मरीजों को तो भर्ती कराना ही पड़ता है। (ख) यदि हाँ, तो क्‍या उक्‍त स्थिति में 30 बिस्‍तरीय सी.एच.सी. में जगह के अभाव में अतिरिक्‍त भर्ती मरीज भवन की गैलरी में लेटकर उपचार कराते हैं, व उन्‍हें व उनके परीजनों को बहुत कठिनाइयां आती हैं। (ग) क्‍या उक्‍त कठिनाई के निवारण हेतु सी.एच.सी. को 50 बिस्‍तरीय सिविल चिकित्‍सालय में उन्‍नयन किये जाने की आवश्‍यकता है तथा इस हेतु क्षेत्रीय जनता निरंतर मांग भी कर रही है। (घ) यदि हाँ, तो शासन क्षेत्रीय मरीजों की कठिनाइयों के निवारण हेतु बडौदा सी.एच.सी. को सिविल चिकित्‍सालय का दर्जा प्रदान करने हेतु गंभीरता से विचार करेगा व इस हेतु प्रस्‍ताव तैयार करवाकर, इसे वर्ष 2018-19 के बजट में शामिल कर स्‍वीकृति प्रदान करेगा? यदि नहीं, तो क्‍यों?

लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) जी हाँ। जी नहीं, प्रतिदिन लगभग 100 से 150 मरीज उपचार कराने आते हैं। गंभीर मरीजों को उपचार हेतु भर्ती किया जाता है। (ख) जी हाँ, मौसमी बीमारियों के समय अधिक मरीज होने के कारण अतिरिक्त पलंगों की वैकल्पिक व्यवस्था कर उपचार किया जाता है। जी नहीं। (ग) जी नहीं, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र बडौदा में सभी स्वास्थ्य सुविधाएं, जैसे निःशुल्क भोजन, प्रसव, औषधि, उपचार, परिवहन 28 प्रकार की पैथॉलाजी जाँच एवं एक्स-रे मशीन की सुविधाएं उपलब्ध हैं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) प्रश्नांश (ग) के उत्तर के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

नहर निर्माण हेतु अर्जित भूमि में स्थित कूप एवं वृक्षों का मुआवजा भुगतान

[जल संसाधन]

25. ( *क्र. 4638 ) श्री दिव्‍यराज सिंह : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या जिला रीवा अंतर्गत त्योंथर फ्लो सिंचाई परियोजना में नहर निर्माण हेतु भूमि अर्जन किया गया था? क्या अर्जित भूमि में कूप एवं फलदार वृक्षों का मुआवजा दिये जाने का प्रावधान किया गया है? यदि हाँ, तो उक्त परियोजना में अधिगृहीत भूमि में कितने ऐसे प्रकरण प्रस्तावित किये गये थे? (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में ऐसे कितने प्रकरण हैं, जिनमें अर्जित भूमि में कूप एवं फलदार वृक्षों का मुआवजा वितरित नहीं किया जा सका है? लंबित मुआवजा प्रकरणों का निराकरण कब तक कर दिया जावेगा?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) एवं (ख) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

 

 

 

 





भाग-2


नियम 46 (2) के अंतर्गत अतारांकित प्रश्नोत्तर के रुप में परिवर्तित तारांकित प्रश्नोत्तर


नहरों के निर्माण के समय पुल/पुलियों का निर्माण

[जल संसाधन]

1. ( क्र. 71 ) श्री भारत सिंह कुशवाह : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में नहरों के निर्माण कराते समय क्‍या क्रास रोड (कर्वाकार घुमावदार सड़कों) के अनुसार पुल/पुलियों का निर्माण विभाग द्वारा करवाया जाता है? (ख) ग्‍वालियर जिले में नहरों के निर्माण कराते समय क्रॉस रोड़ के अनुसार कहाँ-कहाँ पु‍ल/पुलियों का निर्माण कराया गया? कहाँ-कहाँ कराया जाना शेष है? कब तक कहाँ कराया जावेगा? (ग) उन स्‍थानों के नाम बतायें जहां पुल/पुलियों का निर्माण शेष है? शेष रहने के कारण भी बतायें।

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) से (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

आर्थिक भ्रष्‍टाचार की सूक्ष्‍म जाँच एवं कार्यवाही

[जल संसाधन]

2. ( क्र. 380 ) डॉ. गोविन्द सिंह : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या जल संसाधन संभाग राजगढ़ में किये गये भ्रष्‍टाचार का सूक्ष्‍म परीक्षण कर पुन: जाँच करवाकर जाँच निष्‍कर्षों के आधार पर सभी दोषियों के विरूद्ध विधिसम्‍मत कार्यवाही करने के संबंध में श्री हरिशंकर चौरसिया, पत्रकार ब्‍यावरा जिला राजगढ़ की ओर से प्राप्‍त शिकायती पत्र एवं सहपत्र संलग्‍न कर प्रश्‍नकर्ता द्वारा अपर मुख्‍य सचिव, म.प्र.शासन, जल संसाधन विभाग, मंत्रालय भोपाल को दिनांक 13.01.2018 को प्रेषित किया गया? (ख) यदि हाँ, तो प्रश्‍नकर्ता के पत्र के साथ संलग्‍न शिकायती पत्र एवं दस्‍तावेजों का परीक्षण कर पुन: सूक्ष्‍म जाँच कराये जाने के आदेश दिये गये थे? यदि हाँ, तो जाँच निष्‍कर्षों के आधार पर किन-किन दोषियों के विरूद्ध क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई? (ग) प्रश्नांश (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में यदि सूक्ष्‍म जाँच नहीं करायी गई तो इसके क्‍या कारण हैं और कब तक सूक्ष्‍म जाँच करायी जाकर संबंधित दोषियों के विरूद्ध कार्यवाही की जायेगी?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) से (ग) मा. प्रश्‍नकर्ता से प्राप्‍त शिकायत की जाँच उपरांत सहायक यंत्री, श्री अजय वर्मा द्वारा व्‍यय की गई राशि रू.7.59 लाख 24 समान किश्‍तों में वसूलने और उनकी एक वेतन वृद्धि असंचयी प्रभाव से रोकने की शास्ति दिनांक 20.07.2016 को अधिरोपित की गई। श्री वर्मा की अपील पर वसूली राशि रू.7.59 लाख से कम करते हुए रू.1.897 लाख निर्धारित की गई तथा एक वेतनवृद्धि असंचयी प्रभाव से रोकने का दण्‍ड यथावत रखा गया। शेष प्रश्‍नांश उत्‍पन्‍न नहीं होता है।

विमुक्‍त घुमक्‍कड़ एवं अर्द्ध घुमक्‍कड़ जाति की जनसंख्‍या की जानकारी

[विमुक्त, घुमक्कड़ एवं अर्द्धघुमक्कड़ जाति कल्याण]

3. ( क्र. 928 ) श्री भारत सिंह कुशवाह : क्या राज्‍यमंत्री, पिछड़ा वर्ग महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) विधान सभा क्षेत्र ग्‍वालियर ग्रामीण में विमुक्‍त, घुमक्‍कड़ एवं अर्द्ध घुमक्‍कड़ समाज की कितनी जनसंख्‍या है तथा किस-किस गांव एवं कहाँ-कहाँ निवासरत है? (ख) इस समाज के कितने नागरिकों को शासन की योजनाओं का लाभ प्रश्‍न दिनांक तक दिया गया तथा भविष्‍य में इनकी सुविधा हेतु क्‍या-क्‍या योजनाएं प्रस्‍तावित हैं अथवा दी जायेगी? (ग) क्‍या बजट में विमुक्‍त, घुमक्‍कड़ समाज के ग्रामों को पक्‍की रोड़ एवं आंतरिक सड़कें बनाने का प्रावधान किया है?

राज्‍यमंत्री, पिछड़ा वर्ग ( श्रीमती ललिता यादव ) : (क) जानकारी एकत्रित की जा रही है। (ख) योजनाओं की जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है, शेष जानकारी एकत्रित की जा रही है। (ग) जी हाँ।

परिशिष्ट - ''तीन''

शासकीय चिकित्‍सालय में रोगी कल्‍याण समिति का गठन

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

4. ( क्र. 1872 ) श्री जतन उईके : क्या लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रोगी कल्‍याण समिति गठन के संबंध में विभाग के क्‍या नियम हैं? समिति के अध्‍यक्ष की नियुक्ति/मनोनीत करने का अधिकार किसे है? अध्‍यक्ष हेतु अर्हतायें क्‍या-क्‍या हैं? नियम की प्रति उपलब्‍ध करायें। (ख) छिन्‍दवाड़ा जिले के पांढुर्णा चिकित्‍सालय में विगत 2013 से 2016 तक रोगी कल्‍याण समिति को कितनी राशि प्राप्‍त हुई है? प्राप्‍त राशि को व्‍यय करने के संबंध में शासन के क्‍या निर्देश हैं? निर्देशों की प्रति उपलब्‍ध करावें। (ग) पांढुर्णा विधान सभा क्षेत्र में रोगी कल्‍याण समिति की राशि से विगत वर्षों में कौन-कौन से निर्माण कार्य कितनी सामग्रियों का क्रय किया गया है वर्षवार जानकारी देवें?

लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। समिति के अध्यक्ष नियुक्त/मनोनीत नहीं किये जाते है, यह पदेन दायित्व है। प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) रूपये एक करोड़ तेईस लाख बयासी हजार ग्यारह। रोगी कल्याण समिति नियमावली -2010 के प्रावधानों के अनुरूप। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है।

जिला चिकित्‍सालय एवं बी.एम.सी. का मर्जर समाप्‍त करना

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

5. ( क्र. 2726 ) श्री शैलेन्द्र जैन : क्या लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या जिला चिकित्‍सालय सागर एवं बुन्‍देलखण्‍ड मेडिकल कॉलेज सागर का मर्जर समाप्‍त कराने हेतु सागर जिले के जनप्रतिनिधियों ने माननीय मुख्‍यमंत्री महोदय से मुलाकात कर मांग की थी और क्‍या माननीय मुख्‍यमंत्री महोदय ने मर्जर समाप्‍त करने हेतु आश्‍वासन दिया था? (ख) यदि हाँ, तो प्रश्‍न दिनांक तक इस संबंध में क्‍या कार्यवाही की गयी? (ग) क्‍या शासन माननीय मुख्‍यमंत्री महोदय के आश्‍वासन एवं मरीजों को होने वाली परेशानियों को दृष्टिगत रखते हुए, जिला चिकित्‍सालय सागर एवं बी.एम.सी. सागर का मर्जर शीघ्र समाप्‍त करेगा? यदि हाँ, तो कब तक?

लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) से (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है। 

जिला चिकित्‍सालय में सुविधाओं की जानकारी

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

6. ( क्र. 2727 ) श्री शैलेन्द्र जैन : क्या लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या जिला चिकित्‍सालय सागर में ओवर हेड टैंक निर्माण एवं ट्यूबवेल खनन कराया जाना स्‍वीकृत हैं? यदि हाँ, तो दोनों कार्यों की लागत बतायें। (ख) क्‍या प्रश्नांश (क) में वर्णित कार्य प्रारंभ किये जा चुके हैं? यदि हाँ, तो वर्तमान में कार्यों की क्या प्रगति है एवं उक्‍त कार्य कब तक पूर्ण कर लिये जायेंगे? (ग) प्रश्‍नाधीन चिकित्‍सालय में जिला रोगी कल्‍याण समिति सागर द्वारा प्रश्‍न दिनांक तक कौन-कौन से कार्य कराये जा रहे हैं? (घ) जिला रोगी कल्‍याण समिति सागर को वर्ष 2015-16 से प्रश्‍न दिनांक तक कितनी आय हुई एवं किन-किन कार्यों पर कितना-कितना व्‍यय हुआ वर्षवार बतायें।

लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) जी हाँ। लागत राशि रू. 25.36 लाख। (ख) जी नहीं। प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं। (ग) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (घ) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है।

परिशिष्ट - ''चार''

महाराजा यशवंतराव चिकित्सालय में साफ-सफाई/सुरक्षा के ठेके

[चिकित्सा शिक्षा]

7. ( क्र. 2849 ) श्री राजेश सोनकर : क्या राज्‍यमंत्री, चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) महाराजा यशवंतराव चिकित्सालय इन्दौर में साफ-सफाई/सुरक्षा के ठेके पिछले 02 वर्षों से प्रश्न दिनांक तक किस-किस कम्पनी को दिये गये है? (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में सफाई/सुरक्षा आदि के ठेके कब हुए किन-किन कम्पनियों द्वारा टेण्डर प्रक्रिया में भाग लिया गया? ठेका प्राप्त करने वाली कम्पनी द्वारा क्या दर डाली गयी थी व अन्य द्वारा क्या दरें डाली गई? (ग) प्रश्नांश (ख) के संदर्भ में ठेके की क्या-क्या शर्तें थी? एम.वाय. में कम्पनी द्वारा कब से व किन शर्तों पर कार्य प्रारंभ किया गया? क्‍या वर्तमान में कम्पनी द्वारा एम.वाय.एच. में ठेका लेने के पश्चात् किसी अन्य कम्पनी के माध्यम से कार्य कराया जा रहा है? यदि हाँ, तो क्या उक्त कम्पनी नियमानुसार ठेका लेने के बाद भी अन्य किसी सब कान्ट्रेक्टर को कार्य करने का ठेका दे सकती है? हाँ या नहीं? (घ) प्रश्नांश (ग) के संदर्भ में क्या पिछले दिनों वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा एच.एल.एल. ठेकेदार कम्पनी को कार्य ठीक से नहीं करने पर नोटिस आदि जारी किया गया? यदि हाँ, तो क्या कम्पनी द्वारा कार्य में सुधार नहीं किया जा रहा है? एच.एल.एल. कम्पनी द्वारा कितने कर्मचारियों से कार्य करा रही है? इसमें से कितने नये व कितने पुराने हैं? इन्हें कितना-कितना वेतन किस-किस कर्मचारी को दिया जा रहा है?

राज्‍यमंत्री, चिकित्सा शिक्षा ( एडवोकेट शरद जैन ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

कालीसिंध नदी पर बैराज निर्माण

[जल संसाधन]

8. ( क्र. 2851 ) श्री जितेन्‍द्र गेहलोत : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) आगर-महिदपुर से होकर गुजरने वाली छोटी कालीसिंध नदी जो आलोट विधानसभा के कलसिया व अन्‍य ग्रामों से आधा किलोमीटर दूर है, उक्‍त नदी पर इन्‍दोख के पास बैराज निर्माण की स्‍वीकृति का ब्‍यौरा व वर्तमान स्थिति का ब्‍यौरा दें? स्‍वीकृति किस स्‍तर पर है? कार्य कब प्रारंभ होगा? . (ख) क्‍या विभाग इस बैराज निर्माण का स्‍थल आधा किलोमीटर अप स्‍ट्रीप में करने का पक्षधर है? क्‍यों कि अप स्‍ट्रीम में बैराज निर्माण से नदी के ब्रेक वाटर (जल भराव) का लाभ आलोट विधानसभा क्षेत्र के गांवों को भी मिल सकेगा यदि उत्‍तर हाँ है तो कब तक नयी स्‍वीकृति जनहित व किसान हित में होगी एवं यदि नहीं, तो क्‍यों नहीं? ब्‍यौरा दें? (ग) क्‍या विभाग सिंचित रकबा बढ़ाने की शासन की नीति के अनुसरण में नया बैराज इस क्षेत्र में निर्मित करेगा?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) से (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

मिलावट खोरों पर कार्यवाही में सुस्‍त विभाग

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

9. ( क्र. 2980 ) श्री देवेन्द्र वर्मा : क्या लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) खंडवा जिले में विगत 3 वर्षों में खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा कितने दवा व्‍यवसायी एवं खाद्य पदार्थ विक्रय करने वाली दुकान/संस्‍थाओं के प्रकरण बनाकर चालानी कार्यवाही की गई? (ख) क्‍या विभाग के अधिकारियों द्वारा औषधि विक्रय/स्‍टाकिस्‍टों तथा खाद्य पदार्थ विक्रय केन्‍द्रों/होटलों पर अनियमितता की अनदेखी कर उनके विरूद्ध कार्यवाही करने में कोताही बरती जा रही है? (ग) खंडवा जिले में विगत तीन वर्षों में कितने दवा व्यवसायियों पर दण्‍डात्‍मक/पुलिस/आर्थिक दण्‍ड जुर्माने की कार्यवाही की जाकर कितनी राशि वसूल की गई वर्षवार जानकारी दें? (घ) व्यवसायियों की तुलना में कार्यवाही का प्रतिशत अत्‍यंत कम क्‍यों हैं? क्‍या आम जनता के जीवन से खिलवाड़ कर मिलावट करने वाले व्‍यापारियों के विरूद्ध लगातार कार्यवाही की जाएगी? अब तक कितने प्रकरणों में मिलावटखोरों को सजा हुई है?

लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) खाद्य पदार्थ से संबंधित  जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अ अनुसार औषधि से संबंधित जानकारी निरंक है। (ख) जी नहीं खाद्य एवं औषधि विभाग जिला खण्‍डवा के अधिकारियों द्वारा नियमित निरीक्षण एवं खाद्य पदार्थों एवं औषधियों के नमूनें जांच हेतु लिये जाते हैं एवं अधिनियमानुसार कार्यवाही की जाती है। विगत तीन वर्षों में औषधि निरीक्षक द्वारा की गई कार्यवाही  पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ग) औषधि से संबंधित जानकारी निरंक है। (घ) जी नहीं खाद्य सुरक्षा अधिकारियों एवं औषधि निरीक्षकों द्वारा उन्‍हें दिये गये निर्देश एवं लक्ष्‍य अनुसार कार्यवाही की जाती है। विगत तीन वर्षों में 445 औषधि संस्‍थानों का निरीक्षण किया गया एवं 123 औषधियों के नमूने लिए गए हैं। प्रश्‍नांश (घ) में वर्णित खाद्य से संबंधित  जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अ अनुसार है।

प्रस्‍तावानुसार शेष राशि जारी करना

[विमुक्त, घुमक्कड़ एवं अर्द्धघुमक्कड़ जाति कल्याण]

10. ( क्र. 3026 ) श्री विष्‍णु खत्री : क्या राज्‍यमंत्री, पिछड़ा वर्ग महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या प्रश्‍नकर्ता के तारांकित प्रश्‍न क्रमांक 759 दिनांक 11 दिसम्‍बर 2015 के तारतम्‍य में माननीय मंत्री जी द्वारा चर्चा के दौरान प्रश्‍नकर्ता द्वारा दिये गये प्रस्‍ताव के तारतम्‍य में द्वितीय त्रैमासिक में राशि आवंटित करने का आश्‍वासन दिया गया था? क्‍या विभाग द्वारा प्रश्‍नकर्ता द्वारा दिये गये प्रस्‍ताव में से लगभग 50 प्रतिशत राशि जारी की गयी है? (ख) प्रश्नांश (क) में दर्शित मेरे प्रस्‍तावानुसार शेष 50 प्रतिशत राशि के प्रस्‍तावों को कब तक स्‍वीकृत कर बकाया राशि विभाग जारी करेगा?

राज्‍यमंत्री, पिछड़ा वर्ग ( श्रीमती ललिता यादव ) : (क) जानकारी एकत्रित की जा रही है। (ख) समयावधि बताया जाना संभव नहीं है।

जिम्‍मेदारों से राशि वसूली एवं आपराधिक प्रकरण दर्ज कराना

[जल संसाधन]

11. ( क्र. 3034 ) श्री सुन्‍दरलाल तिवारी : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या जल संसाधन विभाग में कार्य करने वाले ठेकेदारों से खनिज विभाग ने लघु खनिज अधिनियम का पालन कर रीवा संभाग में ठेकेदार से निर्धारित दर पर रायल्‍टी प्रभार की कटौती की गई? का विवरण वर्ष 2013 से प्रश्‍नांश दिनांक तक का राशि एवं ठेकेदार के नाम सहित देवें? क्‍या ठेकेदार के अंतिम भुगतान के पहले खनिज विभाग से अदेयता प्रमाण पत्र विभाग द्वारा प्राप्‍त किए गये? यदि हाँ, तो विवरण देवें? अगर नहीं तो क्‍यों? (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में कितने ठेकेदारों के अदेयता प्रमाण पत्र रायल्‍टी की राशि जमा न किए जाने पर भुगतान रोके गये। अगर भुगतान नहीं रोके गये तो क्‍यों? (ग) प्रश्नांश (क) के संदर्भ कराये गये कार्यों में ठेके की शर्त में धारा 13 के अनुसार ठेकेदार को ठेके में विभिन्‍न जोखिमों को कवर करने हेतु निर्धारित राशियों पर ठेके के प्रारम्‍भ दिनांक से कार्य पूर्ण अवधि तक बीमा कवर प्रदान करना आवश्‍यक होता है, इन में से कितने कार्यों पर बीमित प्रीमियम राशि ठेकेदार से वसूली गयी का विवरण दें एवं इस राशि का उपयोग कहाँ-कहाँ किया गया? (घ) प्रश्नांश (क) से (ग) के परिप्रेक्ष्‍य में जिम्‍मेदारों से राशि की वसूली के साथ उन पर गबन का प्रकरण पंजीबद्ध करावेंगे? तो कब तक अगर नहीं तो क्‍यों?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) एवं (ख) जी हाँ। जानकारी  पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'''' अनुसार है। मान. उच्‍च न्‍यायालय खण्‍डपीठ, इंदौर द्वारा रिट याचिका क्र. 12614/2013 में पारित आदेश दिनांक 25.10.2013 अनुसार प्रयुक्‍त गौण खनिज की रायल्‍टी देय हेतु अनापत्ति प्रमाण पत्र की बाध्‍यता हटा दी जाने से शेष प्रश्नांश उत्पन्न नहीं होते हैं। (ग) विभाग में लागू निविदा प्रपत्र में धारा 13 के अंतर्गत बीमा कवर करने का प्रावधान नहीं है। ठेके से संबंधित समस्‍त जोखिम अनुबंध की कण्डिका 8 अनुसार ठेकेदार द्वारा वहन करना अपेक्षित है। (घ) जी नहीं। शेष प्रश्न उत्पन्न नहीं होते हैं।

ग्रामों में सिंचाई सुविधा उपलब्‍ध कराना

[जल संसाधन]

12. ( क्र. 3270 ) श्री विष्‍णु खत्री : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बैरसिया विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत ललरिया एवं नरेला दामोदर के आसपास ग्राम चंदनखेड़ी, लतीफपुर, खेजडा कमाल, झिकरिया खुर्द, दामखेड़ा, लंगरपुर, डंगरौली, चारपहाड़ी, कुल्‍होर, बैरागढ़, बिनेका, छपरयाई, उमरिया, खजूरी रांकू, मूडलाचंद, लहारपुर, बावचिया, बरखेड़ा याकूब, सोहाया, दोहाया, हमीदखेड़ी, परसोरिया अर्राई, रायसिंह, बर्राई में संजय सागर बांध एवं हलाली बांध में नहर के माध्‍यम से सिंचाई की जा रही है अथवा नहीं? (ख) प्रश्नांश (क) यदि नहीं, तो उपरोक्‍त ग्रामों में संजय सागर अथवा हलाली बांध से नहर अथवा लिफ्ट ऐरीगेशन के माध्‍यम से सिंचाई सुविधा विकसित किये जाने हेतु विभाग कोई कार्ययोजना तैयार कर रहा है? ग्रामवासियों को इसका लाभ कब से देना प्रारंभ कर देगा?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) जी नहीं। (ख) जी नहीं। शेष प्रश्नांश उत्पन्न नहीं होते हैं।

डूब प्रभावितों को आवास निर्माण हेतु प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ

[जल संसाधन]

13. ( क्र. 3439 ) श्री कालुसिंह ठाकुर : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या शासन द्वारा डूब प्रभावितों को अधिग्रहित भूमि के मुआवजे के साथ-साथ किसी उपयुक्त स्थान पर विस्थापित किये जाने हेतु आवास निर्माण के लिए विशेष आर्थिक पैकेज भी प्रदान किया जाता है? यदि हाँ, तो फिर धरमपुरी विधानसभा क्षेत्र के ग्राम भारूडपुरा में कारम नदी पर बनने वाले डेम के डूब क्षेत्र में आने वाली ग्राम पंचायत उतावली एवं ग्राम पंचायत कोठीदा में निवास करने वाले ग्रामीणों को पात्रता होने के बावजूद प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ क्यों नहीं दिया जा रहा है? (ख) क्या शासन भारूडपुरा में कारम नदी पर बनने वाले डेम में डूब प्रभावित ग्राम पंचायत उतावली एवं ग्राम पंचायत कोठीदा में निवास करने वाले ग्रामीणों को डूब क्षेत्र से दूर अपने आवास बनाने हेतु पात्रतानुसार प्राथमिकता से प्रधानमंत्री आवास एवं भूमि आवंटन की स्वीकृति प्रदान करेगा? यदि हाँ, तो अवधि बतावें?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) परियोजना विशेष का नाम उल्‍लेखित नहीं होने के कारण जानकारी दी जाना संभव नहीं है। कारम परियोजना के लिए विशेष सहायता पैकेज स्‍वीकृत नहीं किया गया होने से प्रश्‍नांश उत्‍पन्‍न नहीं होता है। (ख) प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत भारत-सरकार द्वारा सिंचाई परियोजना के डूब क्षेत्र से विस्‍‍थान आधार पर आवास स्‍वीकृत करने की व्‍यवस्‍था नहीं है। प्रश्‍नांश उत्‍पन्‍न नहीं होता है।

जबलपुर जिले में कन्या भ्रूण हत्या 

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

14. ( क्र. 3461 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जबलपुर जिले में कन्‍या भ्रूण हत्‍या के गत तीन वर्षों में कितने प्रकरण पाये गये? (ख) क्‍या गर्भधारण पूर्व एवं प्रसव पूर्व नैदानिक तकनीक अधिनियम के तहत अल्‍ट्रासाउंड मशीनों को जब्‍त किया गया? (ग) प्रश्नांश (ख) के अंतर्गत दोषी चिकित्‍सकों के विरूद्ध कार्यवाही की गई है? (घ) यदि हाँ, तो प्रश्नांश (ख) एवं (ग) के अंतर्गत नाम सहित जानकारी देवें?

लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) जी नहीं। (ख) जी हाँ। (ग) जी हाँ। (घ) वर्ष 2017 में डॉ.पी.सी.मिनोचा, मिनोचा एक्सरे अल्ट्रासांउड एण्ड इकोडॉप्लर क्लीनिक,11 गोलाटी कॉम्पलेक्स नेपियर टाउन, जबलपुर, के विरूद्ध गर्भाधारण पूर्व एवं प्रसव पूर्व निदान तकनीक (लिंग चयन प्रतिषेध) अधिनियम एवं नियम के अंतर्गत कार्यवाही की गई एवं प्रकरण माननीय मुख्य न्यायायिक दण्डाधिकारी के न्यायालय, जबलपुर में प्रकरण क्रमांक 1157/2017 लंबित है।

प्रदेश में सरदार वल्‍लभ भाई पटेल नि:शुल्‍क दवा वितरण योजना 

[चिकित्सा शिक्षा]

15. ( क्र. 3462 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या राज्‍यमंत्री, चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या सरदार वल्‍लभ भाई पटेल नि:शुल्‍क दवा वितरण योजना के तहत राज्‍य के सभी मेडि‍कल कॉलेजों से संबंध चिकित्‍सालयों में नि:शुल्‍क दवाई का वितरण किया जाता है? (ख) क्‍या कुछ दवाईयों का स्‍टॉक चिकित्‍सालय में न होने के कारण मरीज को बाजार से क्रय करना पड़ता है? (ग) क्‍या शासन ऐसी दवाईयों की व्‍यवस्‍था करेगा? (घ) यदि हाँ, तो कब तक? नहीं तो क्‍यों?

राज्‍यमंत्री, चिकित्सा शिक्षा ( एडवोकेट शरद जैन ) : (क) जी हाँ। (ख) जी नहीं। (ग) एवं (घ) उतरांश '' के सन्‍दर्भ में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

बांछड़ा समुदाय के उत्थान हेतु प्रयास 

[विमुक्त, घुमक्कड़ एवं अर्द्धघुमक्कड़ जाति कल्याण]

16. ( क्र. 3561 ) श्री दिलीप सिंह परिहार : क्या राज्‍यमंत्री, पिछड़ा वर्ग महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या नीमच जिला अंतर्गत अनेक ग्रामों में बांछड़ा समुदाय जाति के परिवार निवासरत होकर अपना जीवनयापन कर रहे हैं? यदि हाँ, तो क्या इस समुदाय का सर्वे कराया गया है? तहसीलवार, ग्रामवार ब्यौरा दें। (ख) विगत चार वर्षों में प्रश्नांश (क) स्‍थान पर शासन/विभाग द्वारा केंद्र/राज्य प्रवर्तित योजनाओ के माध्यम से कितना बजट प्राप्त कर कितना-कितना, किन-किन कार्यों पर व्यय किया गया है? (ग) प्रश्नाधीन अवधि में बांछड़ा समुदाय के कल्याण हेतु शासन/विभाग एवं गैर सरकारी संगठनों के माध्यम से क्या-क्या कार्य किये गये हैं तथा इन्हें कितनी-कितनी राशि का भुगतान किया गया है वर्षवार घटकवार ब्यौरा दें। (घ) क्या शासन इस समुदाय को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिये अन्य कोई प्रयास करेगा? यदि हाँ, तो ब्यौरा देवें।

राज्‍यमंत्री, पिछड़ा वर्ग ( श्रीमती ललिता यादव ) : (क) से (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है। (घ) जी हाँ। शासन द्वारा चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट  अनुसार है।

परिशिष्ट - ''पाँच''

स्‍टॉप डेम निर्माण 

[जल संसाधन]

17. ( क्र. 3814 ) श्री राजेन्द्र फूलचं‍द वर्मा : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या सोनकच्‍छ विधानसभा क्षेत्र में देहरिया, पेठ, भलाईकला, जामगोद टुंगनी, कुमारिया बनवीर, तालोद एवं पटाडिया तथा जामली साधुखेड़ी खरसी, पारदीखेड़ा, खोयरा, बडिया रायसल में स्‍टॉप डेम निर्माण की कोई कार्यवाही चल रही है। यदि हाँ, तो किस स्‍तर पर कार्यवाही प्रचलित हैं? नहीं तो क्‍यों नहीं? (ख) उक्‍त स्‍टॉप डेमों में से कौन-कौन से स्‍टॉप डेम स्‍वीकृत हैं तथा कौन-कौन डेम के प्रस्‍ताव लंबित हैं? (ग) उक्‍त स्‍टॉप डेमों का निर्माण कब तक हो सकेगा?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) से (ग) जी नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होते हैं।

बांध के निर्माण से प्रभावित ग्रामीणों की समस्‍याओं का निराकरण

[जल संसाधन]

18. ( क्र. 3851 ) पं. रमेश दुबे : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रश्‍नकर्ता ने विकासखण्‍ड चौरई जिला छिन्‍दवाड़ा के पेंच बांध के डूब प्रभावित ग्रामों का भ्रमण कर ग्रामीणों से प्राप्‍त शिकायतों/समस्‍याओं की एक टीप लेखबद्ध कर माननीय मंत्री महोदय जल संसाधन, प्रमुख सचिव, जल संसाधन, कलेक्‍टर छिंदवाड़ा और अधीक्षण यंत्री छिन्‍दवाड़ा को पत्र क्रमांक 128 दिनांक 26.10.2017 प्रेषित किया है? उक्‍त पर क्‍या कार्यवाही की गयी है? जिन समस्‍याओं और शिकायतों का अब तक निराकरण नहीं किया जा सका है उसके लिए कौन लोग जिम्‍मेदार हैं? (ख) क्‍या उक्‍त समस्‍याओं में महत्‍वपूर्ण समस्‍या ग्रामीणों के शेष बचे भूमियों की सिंचाई हेतु विद्युत व्‍यवस्‍था, शेष बचे भूमियों एवं पुनर्वास कालोनी में आवागमन हेतु मार्ग/पुल-पुलियों का निर्माण, पेयजल समस्‍या, शेष बची भू-खण्‍डों एवं आवासीय मकानों का अधिग्रहण किया जाना है? यदि हाँ, तो ग्रामीणों की शिकायतों/समस्‍याओं के निराकरण की दिशा में किस स्‍तर से अब तक क्‍या सार्थक कार्यवाही की गयी है? नहीं तो क्‍यों? (ग) क्‍या शासन पेंच बांध के डूब क्षेत्र के ग्रामीणों की उक्‍त महत्‍वपूर्ण समस्‍याओं एवं प्रश्‍नकर्ता द्वारा प्रेषित टीप में उल्‍लेखित बिंदुओं के निराकरण हेतु समय-सीमा नियत कर नियत समय-सीमा में कार्य कराने/समस्‍याओं का निराकरण कराने का आदेश देगा? यदि नहीं, तो क्‍यों?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) मा. प्रश्‍नकर्ता द्वारा प्रेषित पत्रों की जानकारी विभाग द्वारा संधारित करना अपेक्षित नहीं है। अभिलेखों के मुताबिक विगत 03 माह में मा. प्रश्‍नकर्ता से विषयाधीन कोई पत्र प्राप्‍त नहीं हुआ है। (ख) से (घ) कलेक्‍टर छिंदवाड़ा की अध्‍यक्षता में अधिकारियों की बैठक दिनांक 02.11.2017 में कार्य योजना तैयार कर उस पर कार्यवाही की अद्यतन स्थिति की जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। 

परिशिष्ट - ''छ:''

अपर तिलवारा नहरों में गुणवत्‍ताविहीन कार्य

[जल संसाधन]

19. ( क्र. 3929 ) श्री रजनीश सिंह : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र केवलारी के विकासखण्‍ड धनौरा में 110 करोड़ की लागत से 35 किलोमीटर अपर तिलवारा नहर के निर्माण में क्‍या पूर्व के सर्वे अनुसार नहरों का निर्माण हो रहा है? (ख) यदि हाँ, तो वर्तमान में क्‍या उक्‍त परियोजना से कुछ गांव छूट गये है? यदि हाँ, तो कब तक उक्‍त छूटे हुये गांवों को परियोजना से जोड़ कर लाभ दिया जावेगा? यदि नहीं, तो क्‍यों? (ग) क्‍या अपर तिलवारा नहर के अंतर्गत बी.आर.एस. कम्‍पनी द्वारा जरीब क्रमांक 07 में कुल चार किलोमीटर डक्‍ट बनाया गया था जिसमें विभिन्‍न प्रकार के लीकेज हैं? यदि हाँ, तो कब तक ठीक कर लिया जावेगा? गुणवत्‍ता विहीन कार्य करने पर विभाग द्वारा उक्‍त कम्‍पनी पर क्‍या कार्यवाही की गई? (घ) उक्‍त परियोजना के अंतर्गत तिलवारा ग्राम के पास बैनगंगा नदी पर निर्मित सायफन जोन निर्माण के बाद से ही लीकेज हैं जिसका निरीक्षण विभागीय प्रमुख ने स्‍वयं कर इसे दुरूस्‍त करने के निर्देश दिये थे, किन्‍तु आज दिनांक तक इसे क्‍यों दुरूस्‍त नहीं किया गया है?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) परियोजना की स्‍वीकृत लागत रू.120.02 करोड़ होकर नहर की लंबाई 35.82 कि.मी. है। नहर निर्माण के रूपांकन में भौगोलिक परिस्थितियों के अनुसार यथोचित परिवर्तन किया गया है। (ख) जी नहीं। प्रश्‍न उत्‍पन्‍न नहीं होते है। (ग) एवं (घ) निर्माण के उपरांत डक्‍ट एवं सायफन में लीकेज होना एक सामान्‍य परिस्थिति है जिसकी दुरूस्‍ती का कार्य निर्माण एजेंसी द्वारा प्रगति पर है। कार्य गुणवत्‍ताविहीन नहीं है। शेष प्रश्‍न उत्‍पन्‍न नहीं होते हैं।

संजय सरोवर बांध की नहरों का सीमेंट्रीकरण

[जल संसाधन]

20. ( क्र. 3930 ) श्री रजनीश सिंह : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रश्‍नकर्ता द्वारा विधानसभा क्षेत्र केवलारी अंतर्गत‍ संजय सरोवर परियोजना भीमगढ़ बांध की नहरों में सीमेंट कांक्रीटीकरण एवं लाईनिंग कार्य विधान सभा में प्रश्‍न एवं ध्‍यानाकर्षण के माध्‍यम से ध्‍यानाकर्षित किया गया था? हाँ तो प्रश्‍न दिनांक तक नहरों के सीमेंट कांक्रीटीकरण एवं लाईनिंग कार्य के लिए शासन द्वारा क्‍या-क्‍या कार्य किये गये? (ख) क्‍या विभाग द्वारा संजय सरोवर बांध की माइनर एवं नहरों का सीमेंट्रीकरण हेतु सर्वे किया गया है? यदि हाँ, तो कब? (ग) प्रश्नांश (ख) अनुसार यदि क्‍या उक्‍त माइनर एवं नहरों में सर्वे अनुसार सीमेंट्रीकरण एवं लाईनिंग कार्य होना है तो? कितनी धन राशि से कब तक होगा? यदि नहीं, तो क्‍यों?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) से (ग) प्रश्‍नाधीन विधान सभा प्रश्‍न एवं ध्‍यानाकर्षण की तिथि अथवा नंबर नहीं होने से जानकारी दी जाना संभव नहीं है। संजय सरोवर परियोजना की मुख्‍य नहर की 19.29 कि.मी. एवं शाखा नहर की 20.03 कि.मी. तथा ढूटी मुख्‍य नहर की 37.80 कि.मी. एवं वितरिका नहर की 159.139 कि.मी. की लाईनिंग कराई जा चुकी है। परियोजना की कच्‍ची नहरों में जल प्रवाह में होने वाली जल की हानि का प्रावधान करते हुए परियोजना का सैच्‍य क्षेत्र निर्धारित किया गया है। यद्यपि परियोजना की नहरों के सुदृढ़ीकरण के लिए वर्ष 2015 में सर्वेक्षण कराया गया, परियोजना के संपूर्ण रूपांकित सैच्‍य क्षेत्र में सिंचाई होने तथा उपलब्‍ध वित्‍तीय संसाधन निर्माणाधीन एवं पूर्व से स्‍वीकृ‍त परियोजनाओं के लिए आबद्ध होने से परियोजना की शेष नहरों की लाईनिंग कराना वर्तमान में विचाराधीन नहीं हैं।

मंदिर का जीर्णोद्धार

[पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण]

21. ( क्र. 4045 ) डॉ. योगेन्‍द्र निर्मल : क्या राज्‍यमंत्री, पिछड़ा वर्ग महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या विधानसभा अतारांकित प्रश्‍न क्रमांक 1602 दिनांक 08.03.2017 के उत्‍तर में आगामी वर्ष 2017-18 में योजना में बजट प्रावधान स्‍वीकृत होने पर दिगम्‍बर जैन मंदिर वारासिवनी का जीर्णोध्‍दार किये जाने की कार्यवाही की गई थी? यदि हाँ, तो प्रश्‍न दिनांक तक विभाग द्वारा क्‍या कार्यवाही की गई? (ख) बालाघाट जिले के दिगम्‍बर जैन मंदिर वारासिवनी के जीर्णोध्‍दार की स्‍वीकृति हेतू क्‍या अधिकारियों द्वारा लापरवाही बरती गई? यदि हाँ, तो उन अधिकारी/कर्मचारियों के खिलाफ विभाग क्‍या कार्यवाही कब तक करेगा? (ग) दिगम्‍बर जैन मंदिर वारासिवनी के जीर्णोद्धार हेतु राशि कब तक उपलब्‍ध करा दी जावेगी?

राज्‍यमंत्री, पिछड़ा वर्ग ( श्रीमती ललिता यादव ) : (क) एवं (ख) जी नहीं। प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) वित्‍तीय वर्ष 2017-18 में प्रावधान शेष नहीं होने से तृतीय अनुपूरक अनुमान 2017-18 में बजट स्‍वीकृति हेतु प्रेषित किया गया। अत: राशि स्‍वीकृति की जानकारी दी जाना संभव नहीं है।

बांध का निर्माण कराना

[जल संसाधन]

22. ( क्र. 4110 ) श्री सुखेन्‍द्र सिंह : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रश्‍नकर्ता के विधानसभा क्षेत्र द्वारा मऊगंज में बौलिहा बांध (सिंचाई तालाब) का सर्वेक्षण कार्य कराया जाकर सिंचाई हेतु निर्माण के लिये विधानसभा प्रश्‍न एवं ध्‍यानाकर्षण के माध्‍यम से शासन प्रशासन का ध्‍यान आकृष्‍ट कराया गया था? जिस पर शासन-प्रशासन द्वारा साध्‍यता हेतु परीक्षण कराये जाने का आश्‍वासन दिया गया था? (ख) क्‍या प्रश्नांश (क) के प्रकाश में साध्‍यता का परीक्षण हो चुका है? यदि हाँ, तो क्‍या साध्‍य पाया गया है? यदि हाँ, तो डी.पी.आर. कब तक तैयार किया जावेगा?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) मान. प्रश्‍नकर्ता द्वारा प्रश्‍नांश में विधानसभा प्रश्‍न एवं ध्‍यानाकर्षण क्रमांक का उल्‍लेख नहीं करने के कारण जानकारी दी जाना संभव नहीं है। (ख) प्रश्‍नाधीन बौलिया तालाब की लागत अधिक होने तथा डूब क्षेत्र का प्रतिशत सैच्‍य क्षेत्र की तुलना में निर्धारित मापदण्‍ड से अधिक होने के कारण परियोजना तकनीकी एवं वित्‍तीय मापदण्‍डों पर साध्‍य नहीं पाई गई है। शेष प्रश्नांश उत्पन्न नहीं होते हैं।

सिंचाई विभाग के तालाबों पर अतिक्रमण 

[जल संसाधन]

23. ( क्र. 4177 ) श्री आर.डी. प्रजापति : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) छतरपुर जिले एवं चन्‍दला विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत कितने सिंचाई तालाब हैं और उनकी जलभराव क्षमता कितनी है? देवें, क्‍या बैराज भी बनाये गये है? (ख) कितने सिंचाई तालाब जल संसाधान विभाग के अधिपत्‍य में है? (ग) प्रश्नांश (क) अनुसार तालाबों से कितने हेक्‍टेयर भूमि पर सिंचाई की जा रही है? तालाबवार ब्‍यौरा देवें एवं कितने तालाबों पर अतिक्रमण कर लिया गया है? उनकी भी सूची प्रदाय करें? (घ) वर्ष 2014-15 से प्रश्‍न दिनांक तक तालाबों और बैराजों के रख-रखाव और मरम्‍मत कार्य में किये गये खर्च का तालाब वार और मदवार ब्‍यौरा देवें?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) से (घ) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। संलग्‍न परिशिष्‍ट में दर्शाई सभी परियोजनाओं के तालाब जल संसाधन विभाग के अधिपत्‍य में है। किसी तालाब की भूमि पर अतिक्रमण होना प्रतिवेदित नहीं है।

परिशिष्ट - ''सात''

स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्रों में एम्‍बुलेंस प्रदाय

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

24. ( क्र. 4178 ) श्री आर.डी. प्रजापति : क्या लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) छतरपुर जिले में कितने स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र हैं उन स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्रों में वर्ष 2014-15 से प्रश्‍न दिनांक तक कितनी एम्‍बुलेंस शासन द्वारा आवंटित की गयी हैं वर्तमान में कितनी संचालित हो रही हैं, प्रश्‍न दिनांक तक एम्‍बुलेंस संचालन हेतु कितने ड्रायवर पदस्‍थ है एम्‍बुलेन्‍स नंबर व ड्रायवर का नाम सहित सूची उपलब्‍ध करावें? (ख) जिले में एम्‍बुलेंस को चलाने हेतु प्रतिदिन स्‍वास्‍थ्‍य विभाग द्वारा किस मद की राशि का उपयोग किया जाता है? इस व्‍यवस्‍था को स्‍वास्‍थ्‍य विभाग के किस अधिकारी द्वारा संचालित किया जाता है वर्ष 2014-15 से प्रश्‍न दिनांक तक माहवार डीजल पर कितना व्‍यय हुआ? (ग) छतरपुर जिले में कुल कितनी एम्‍बुलेंस स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्रों पर वर्तमान में उपलब्‍ध हैं वो किस स्थिति में है, यदि चालू स्थिति में है तो उनकी देखरेख किनके द्वारा की जा रही है? नामवार सूची प्रदाय करें? (घ) चन्‍दला विधानसभा क्षेत्र के शासकीय अस्‍पतालों/स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्रों में एम्‍बुलेंस उपलब्‍ध नहीं है, तो उन केन्‍द्रों पर कब तक एम्‍बुलेंस उपलब्‍ध करायेंगे क्‍या प्रत्‍येक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍दों पर पृथक-पृथक एम्‍बुलेंस संचालन हेतु राशि की व्‍यवस्‍था शासन के द्वारा की जावेगी?

लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) से (घ) की जानकारी एकत्रित की जा रही है।

उप स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र का प्रारंभ किया जाना

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

25. ( क्र. 4234 ) डॉ. रामकिशोर दोगने : क्या लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या हरदा जिले के ग्राम सोनतलाई में लगभग दो वर्ष पूर्व उप स्वास्थ्य केन्द्र सोनतलाई का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है? (ख) यदि हाँ, तो उप स्वास्थ्य केन्द्र प्रश्‍न दिनांक तक प्रांरभ नहीं किये जाने का क्या कारण है? (ग) कब तक उक्त स्वास्थ्य केन्द्र में चिकित्सक व अन्य स्टॉफ की नियुक्त व चिकित्सा उपकरण आदि स्थापित कर उपस्वास्थ्य केन्द्र प्रारंभ कर दिया जावेगा? (घ) यदि समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है तो उक्त क्षेत्र के 25 से 30 ग्राम के वह लोग जिन्‍हें 25 कि.मी. दूर जिला मुख्यालय हरदा इलाज हेतु जाना पड़ता है, जिससे चिकित्सा सुविधा प्राप्त किये जाने में परेशानी होती है तथा समय पर उपचार नहीं मिलने पर जन हानि होने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता है, तो उसके लिये कौन जवाबदार होगा?

लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) हरदा जिले के ग्राम सोनतलाई में एक वर्ष पूर्व उप स्वास्थ्य केन्द्र नहीं अपितु प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र भवन का निर्माण कार्य पूर्ण हो कर दिनांक 02.06.2017 को भवन हस्तांतरित किया जा चुका है। (ख) नव निर्मित प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र भवन में बिजली एवं पानी की व्यवस्था न होने से प्रश्न दिनांक तक प्रारम्भ नहीं हो सका है, बिजली कनेक्शन के लिए विभाग द्वारा राशि रू 2,28,210/- का आवंटन मध्य क्षेत्र विद्युत कम्पनी को माह नवम्बर 2017 को किया जा चुका है, बिजली विभाग द्वारा यथाशीघ्र विद्युत कनेक्शन कराया जावेगा, पानी की व्यवस्था के लिए नलकूप खनन कराया गया था जो सफल नहीं रहा, अतः कलेक्टर जिला हरदा को प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में जल प्रदाय की व्यवस्था हेतु नल-जल योजना के माध्यम से कराये जाने हेतु कार्यवाही की जा रही है। (ग) प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र सोनतलाई में एक महिला चिकित्सा अधिकारी की पदस्‍थापना दिनांक 26.12.2017 को की गई है जो वर्तमान में प्रसूति अवकाश पर है, पैरामेडिकल स्टॉफ की नियुक्ति के लिए विभाग के अधीन पैरामेडिकल संवर्ग के रिक्त पदों की पूर्ति प्रोफेशनल एग्जामिनेशन बोर्ड के माध्यम से निरंतर की जा रही है, यथाशीघ्र स्टॉफ की नियुक्ति कर प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र प्रारंभ कर दिया जायेगा समय-सीमा बताया जाना सम्भव नहीं हैं, चिकित्सा उपकरण/सामग्री की जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (घ) ग्राम सोनतलाई में आयुर्वेदिक चिकित्सालय पूर्व से संचालित है एवं दो चिकित्सा एवं स्टॉफ पदस्‍थ है जिनके माध्यम से निरन्तर स्वास्थ्य सेवाये प्रदान की जा रही है, शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''आठ''

राष्‍ट्रीय ब्राम्‍हण महासभा के पत्र पर कार्यवाही 

[चिकित्सा शिक्षा]

26. ( क्र. 4339 ) श्री सुदेश राय : क्या राज्‍यमंत्री, चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या कार्यालय आयुक्‍त, चिकित्‍सा शिक्षा विभाग मध्‍यप्रदेश द्वारा अपने पत्र क्रमांक 745/सर्तकता/05/2017 दिनांक 08.06.2017 द्वारा अधीक्षक, हमीदिया अस्‍पाताल द्वारा सोशल मीडिया में एक समुदाय विशेष के विरूद्ध आपत्तिजनक पोस्‍ट डालने के संबंध में अधिष्‍ठाता, चिकित्‍सा महाविद्यालय, भोपाल को प्रकरण की जाँच कर जाँच का प्रतिवेदन अपने अभिमत सहित 5 दिवस में अनिवार्य रूप से भिजवाने के निर्देश दिये गये थे? (ख) क्‍या उक्‍त पत्र के साथ राष्‍ट्रीय ब्राम्‍हण महासंघ भोपाल का शिकायती पत्र दिनांक 03.07.2017 संलग्‍न किया गया था, जिसमें हमीदिया अस्‍पताल अधीक्षक द्वारा ब्राम्‍हणों एवं ऊंची जाति के हिन्‍दुओं के विरूद्ध आपत्तिजनक शब्‍दों का प्रयोग करने, महिला कर्मचारियों से अश्‍लील बातें करने, चिकित्‍सालय परिसर में तिलक लगाने पर पाबंदी करने, चिकित्‍सालय में स्थित मंदिर-मस्जिद को बुल्‍डोजर से ढहाने, विभिन्‍न कर्मचारियों/अधिकारियों से अभद्र व्‍यवहार करने के साथ साथ हमीदिया चिकित्‍सालय परिसर में मंदिर मस्जिद विवाद कर दंगा भडकाने में महत्‍वपूर्ण भूमिका निभाने की जानकारी देते हुये तत्‍काल इनके विरूद्ध एफ.आई.आर दर्ज कर अवैधानिक कार्यवाही करने का आग्रह किया गया था? (ग) उक्‍त प्रकरण पर अधिष्‍ठाता को किन-किन कार्यालयों से कब कब कार्यवाही करने के पत्र प्राप्‍त हुए एवं उन पर क्‍या कार्यवाही की गई? यदि नहीं, तो क्‍यों? क्‍या उक्‍त गम्‍भीर प्रकरण पर तत्‍काल संज्ञान लेते हुए आरोपी अस्‍पताल अधीक्षक डॉ. दीपक मरावी को निलंबित करते हुए विधि‍ सम्‍मत कार्यवाही करेंगे? यदि नहीं, तो क्‍यों?

राज्‍यमंत्री, चिकित्सा शिक्षा ( एडवोकेट शरद जैन ) : (क) एवं (ख) जी हाँ। (ग) अधिष्‍ठाता द्वारा अधीक्षक से स्‍पष्‍टीकरण प्राप्‍त किया गया। शिकायतकर्ता जाँच के लिए न ही उपस्थित हुआ न ही कोई साक्ष्‍य प्रस्‍तुत किया गया। अत: अधीक्षक का स्‍पष्‍टीकरण मान्‍य कर प्रकरण समाप्‍त किया गया।

मनासा विधानसभा क्षेत्र की सिंचाई योजना

[जल संसाधन]

27. ( क्र. 4368 ) श्री कैलाश चावला : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मनासा विधानसभा क्षेत्र में वर्ष 2017 में किन किन सिंचाई योजनाओं को साध्‍यता जारी की गई है? (ख) प्रश्नांश (क) में उल्‍लेखित साध्‍यता प्राप्‍त योजनाओं में से किन-किन योजनाओं की डी.पी.आर. बनाई जा चुकी है व प्रमुख अभियंता, मुख्‍य अभियंता कार्यालय को प्रेषित की गई हैं? (ग) उक्‍त योजनाओं की तकनी‍की स्‍वीकृति व प्रशासकीय स्‍वीकृति कब तक जारी की जावेगी?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) एवं (ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ग) उत्‍तरांश '''' एवं '''' के परिप्रेक्ष्‍य में प्रशासकीय एवं तकनीकी स्‍वीकृति की स्थिति नहीं आई होने से समय-सीमा निर्धारित नहीं की जा सकती है।

परिशिष्ट - ''नौ''

बांध का निर्माण

[जल संसाधन]

28. ( क्र. 4381 ) श्री प्रदीप अग्रवाल : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दतिया जिले के सेवढ़ा विकासखण्‍ड में सिंध नदी पर सिंचाई हेतु एक बांध बनाये जाने की स्‍वीकृति महामहिम माननीय राज्‍यपाल जी के अभिभाषण में वर्ष 2017 के बजट सत्र में की गई थी? उक्‍त परियोजना का प्रस्‍तावित स्‍थल एवं लागत राशि सहित जानकारी उपलब्‍ध करायें। (ख) वर्तमान में उक्‍त परियोजना की क्‍या स्थिति है अभी तक उस पर कार्य प्रारंभ क्‍यों नहीं किया गया है जबकि उक्‍त परियोजना से 06 विधान सभाओं की लगभग 45000 हेक्‍टेयर कृषि भूमि सिंचित होगी। (ग) उक्‍त परियोजना का कार्य कब तक प्रारंभ कर दिया जोयगा, ताकि किसानों को सिंचाई का लाभ मिल सकें।

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) जी नहीं। परियोजना के बांध निर्माण के लिए ग्राम डाग डिरोली चिन्हित किया गया है। डी.पी.आर. अंतिम नहीं होने से लागत राशि निश्चित नहीं हुई है। (ख) परियोजना की डी.पी.आर. अंतिम नहीं हुई है। अत: कार्य प्रारंभ कराने की स्थिति नहीं आई है। (ग) उत्‍तरांश '''' एवं '''' के परिप्रेक्ष्‍य में कार्य प्रारंभ कराने के लिए समय-सीमा नियत नहीं की जा सकती है।

स्‍टॉपडेम की जानकारी

[जल संसाधन]

29. ( क्र. 4414 ) श्री फुन्‍देलाल सिंह मार्को : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला अनूपपुर में वर्ष 2013-14 से प्रश्‍न दिनांक तक विधानसभा क्षेत्र पुष्‍पराजगढ़ में कितने स्‍टॉपडेम कहाँ-कहाँ पर स्‍वीकृत हुये है? (ख) उक्‍त स्‍वीकृत स्‍टॉपडेम के निर्माण कार्यों की क्‍या स्थिति है? किन-किन स्‍टॉपडेम का निर्माण पूर्ण हो चुका है तथा कौन-कौन से स्‍टॉपडेम निर्माणाधीन है? (ग) उक्‍त विधानसभा क्षेत्र में उक्‍त अवधि में निर्माणाधीन स्‍टॉपडेम का निर्माण कार्य कब तक पूर्ण हो जायेगा? क्‍या ऐसे स्‍टॉपडेम भी सामने आये हैं जिनका निर्माण कार्य पूर्ण होने के बाद वर्षा के पानी को स्‍टॉपडेम नहीं रोक पाये तथा स्‍टॉपडेम टूटने लगे हैं, यदि हाँ, तो कौन-कौन से स्‍टॉपडेम हैं तथा ऐसे स्‍टॉपडेम को कब तक सुधार दिया जायेगा?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) से (ग) प्रश्‍नाधीन अवधि में विधानसभा क्षेत्र पुष्‍पराजगढ़ अंतर्गत कोई स्‍टॉपडेम स्‍वीकृत नहीं होने से शेष प्रश्‍न उत्‍पन्‍न नहीं होते हैं।

तालाब एवं नहरों से सिंचाई

[जल संसाधन]

30. ( क्र. 4418 ) सुश्री मीना सिंह : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मानपुर विधानसभा क्षेत्र जिला उमरिया के अंतर्गत कुल कितने ऐसे तालाब हैं, जिनसे नहरों के माध्‍यम से सिंचाई कार्य किया जा रहा है? जनपदवार सूची उपलब्‍ध करावें? उपरोक्‍त तालाबों का निर्माण कौन-कौन से वर्ष में हुआ है तथा वर्तमान में तालाबों की भौतिक स्थिति क्‍या है? (ख) क्‍या किसी तालाब या नहर की मरम्‍मत की आवश्‍यकता है? यदि हाँ, तो जनपदवार सूची उपलब्‍ध करावें? क्‍या तालाब के निर्माण के पश्‍चात नहरों का लाइनिंग कार्य लिया गया है? (ग) यदि हाँ, तो कौन से तालाब में कितने मीटर नहरों में लाइनिंग कार्य किया गया तथा क्‍या लागत है? निर्माण की अवधि क्‍या थी तथा वर्तमान में भौतिक स्थिति क्‍या है? जिन तालाबों की नहरें पक्‍की नहीं हुई हैं, उन्‍हें पक्‍की करने की विभाग की क्‍या कार्य योजना है? ऐसी कितनी नहरे हैं? नाम सहित जानकारी उपलब्‍ध करायें?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) से (ग) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। परियोजनाओं के निर्माण के पश्‍चात नहरों की लाईनिंग का प्रस्‍ताव वर्तमान में विचाराधीन नहीं है।

परिशिष्ट - ''दस''

एम.बी.बी.एस. डिग्रीधारकों के ग्रामीण क्षेत्र में कार्य करने का बंधन

[चिकित्सा शिक्षा]

31. ( क्र. 4426 ) श्री मुरलीधर पाटीदार : क्या राज्‍यमंत्री, चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) ग्रामीण क्षेत्रों में सुलभ चिकित्सा सेवा उपलब्ध कराने एवं शासकीय चिकित्सालयों में रिक्त पदों की पूर्ति हेतु क्या ऐसे नियम बनाने पर विचार किया जावेगा कि एम.बी.बी.एस. की डिग्री निश्चित समय तक ग्रामीण क्षेत्र में सेवा देने पर ही प्रदान की जावेगी? यदि हाँ, तो इसके लिये क्या प्रक्रिया अपनाई जावेगी? (ख) प्रदेश में कुल कितने चिकित्सा महाविद्यालय संचालित हैं एवं इनमें से कितने निजी एवं कितने शासकीय हैं एवं इनमें एम.बी.बी.एस. हेतु कितनी सीटें उपलब्ध हैं? उपलब्ध सीटों पर प्रवेश हेतु क्या मापदण्ड एवं प्रक्रिया हैं? महाविद्यालयवार विवरण देवें? (ग) विगत 04 वर्षों में प्रश्नांश (ख) में उल्लेखित महाविद्यालयों से कितने एम.बी.बी.एस. उत्तीर्ण विद्यार्थियों को शासकीय सेवा मिली है? इनमें से कितनों को ग्रामीण क्षेत्र आवंटित हुआ था? कितनों ने शासकीय सेवा ज्वाईन की? कितनों ने ज्वाईन नहीं की? (घ) ग्रामीण क्षेत्रों में सेवा अनिवार्य रूप से देने हेतु प्रश्नांश (ग) में उल्लेखित चयनित उम्मीदवारों के लिये कोई नियम या दिशा निर्देश तय हैं? यदि हाँ, तो क्या इसका पालन हो रहा है? यदि हाँ, तो मानिटरिंग की क्या व्यवस्था हैं? यदि नहीं, तो क्या इस ओर प्रभावी नियम बनावे जावेंगे?

राज्‍यमंत्री, चिकित्सा शिक्षा ( एडवोकेट शरद जैन ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

क्षेत्रान्तर्गत स्वास्थ्य केन्द्रों में रिक्त पदों की पूर्ति 

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

32. ( क्र. 4427 ) श्री मुरलीधर पाटीदार : क्या लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सुसनेर विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत संचालित सामुदायिक/प्राथमिक/उपस्वास्थ्य केन्द्रों में कौन-कौन से पद स्वीकृत हैं? स्वीकृत पदों में से कौन-कौन से पद भरे हैं एवं कौन से रिक्त हैं? स्वास्थ्य केन्द्रवार पूर्ण जानकारी देवें? (ख) जिला चिकित्सालय आगर में कौन-कौन से पद स्वीकृत हैं? स्वीकृत पदों में से कौन-कौन से पद भरे हैं एवं कौन से रिक्त हैं? (ग) सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र सुसनेर के रिक्त पदों पर जिला चिकित्सालय आगर में कार्यरत चिकित्सकों की व्यवस्था की गई हैं या की जा रही हैं? यदि हाँ, तो क्या व्यवस्था की गई हैं? तद्संबंधी जारी आदेश की सत्यापित प्रति उपलब्ध करावें? (घ) क्या सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र सुसनेर अंतर्गत स्वीकृत स्टाफ नर्सों के समस्त पद रिक्त हैं, यदि हाँ, तो क्या जिला चिकित्सालय आगर में उपलब्ध स्टाफ नर्सों से सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र सुसनेर में व्यवस्था की जावेगी? यदि हाँ, तो कब तक?

लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार हैं। (ग) जी हाँ, डॉ. डी.एस. परमार मेडिकल विशेषज्ञ की सप्ताह में 02 दिन (मंगलवार एवं शुक्रवार), डॉ. श्रीमति सीमा पाटीदार दंत चिकित्सक की सप्ताह में 03 दिन (सोमवार, बुधवार एवं शनिवार) को जिला चिकित्सालय आगर-मालवा से सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र सुसनेर में ड्यूटी लगाई गई है। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (घ) जी हाँ। जिला चिकित्सालय आगर-मालवा से सुश्री साहिबा कोशर, स्टाफ नर्स को आगामी आदेश तक सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र सुसनेर में पदस्थ किया गया है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

बुंदेलखण्‍ड पैकेज के अंतर्गत जलसंसाधन विभाग द्वारा की गई अनियमितता

[जल संसाधन]

33. ( क्र. 4496 ) श्री तरूण भनोत : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) म.प्र. शासन को केन्‍द्र सरकार द्वारा बुंदेलखण्‍ड पैकेज के अंतर्गत प्राप्‍त रूपये 3860 करोड़ की राशि में से जल संसाधन विभाग द्वारा वर्ष 2008-09 से वर्ष 2017 तक कितनी-कितनी राशि किन-किन परियोजना/कार्यों पर व्‍यय की गई? कार्यों का ठेकेवार, मापन मूल्‍यांकन करने वाले अधिकारी के नाम सहित जानकारी देवें? (ख) जल संसाधन विभाग द्वारा बुंदेलखण्‍ड पैकेज के अंतर्गत कराये गये कार्यों की रेण्‍डम जाँच CAG, CTE आदि एजेंसियों द्वारा कब-कब की गई एवं म.प्र. शासन को कब-कब अनियमितताओं की रिपोर्ट दी? रिपोर्ट की प्रतियां दें? क्‍या जाँच एजेंसियों द्वारा रेण्‍डम जाँच में जल संसाधन विभाग की 880 करोड़ की योजनाओं में गड़बड़ी पाई गई हैं? उक्‍त गड़बड़ी पर अब तक क्‍या कार्यवाही की गई? उक्‍त अवधि में विभाग प्रमुख एवं प्रमुख सचिव के पद पर कौन-कौन अधिकारी पदस्‍थ रहे हैं? क्‍या शासन बुंदेलखण्‍ड पैकेज की समस्‍त परियोजनाओं की न्‍यायिक जाँच कराकर कार्यवाही करेगा? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्‍यों?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) एवं (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र-'''' अनुसार है। बुन्‍देलखण्‍ड पैकेज के अंतर्गत कराए गए कार्यों की रेंडम जाँच मुख्‍य तकनीकी परीक्षक (सर्तकता) द्वारा की गई। जाँच रिपोर्ट सामान्‍य प्रशासन विभाग के माध्‍यम से जल संसाधन विभाग को दिनांक 17.10.2016 को प्राप्‍त हुई। रिपोर्ट की प्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-''1'' अनुसार है। मुख्‍य तकनीकी परीक्षक (सर्तकता) द्वारा निरीक्षण उपरांत जिन कार्यों में गुणवत्‍ता संबंधी कमियां पाई गई उन पर विभागीय जाँच की कार्यवाही प्रचलन में है। उक्‍त अवधि में विभाग प्रमुख श्री के.सी.प्रजापति (स्‍वर्गवास), श्री एम.जी.चौबे तथा प्रमुख सचिव, श्री अरविंद जोशी, श्री आर.एस.जुलानिया पदस्‍थ रहें हैं। विभागीय जाँच प्रचलन में होने से न्‍यायिक जाँच कराने की आवश्‍यकता नहीं है। शेष प्रश्न उत्पन्न नहीं होते हैं।

नवीन तालाबों/स्‍टॉपडेमों की जानकारी 

[जल संसाधन]

34. ( क्र. 4526 ) श्री मेहरबान सिंह रावत : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सवलगढ़ विधानसभा क्षेत्र में वर्तमान में कौन-कौन से स्‍थान पर बांध/तालाब प्रश्‍नकर्ता के प्रस्‍ताव में आधार पर एवं अन्‍य जनप्रतिनिधियों के आधार पर स्‍वीकृत किए गए है तथा उनके विभाग में लंबित होने के क्‍या कारण हैं? (ख) उक्‍त स्‍टॉपडेम/तालाब/बांध कितनी-कितनी लागत के हैं तथा उनकी क्षमता कितनी है? कब तक पूर्ण हो जाएंगे? (ग) लंबी समयावधि के उपरांत क्‍या उपरोक्‍त स्‍टॉपडेमों को प्रशासनिक स्‍वीकृति जारी कर उत्‍तर दिनांक तक कार्य प्रारंभ करा दिया जाऐगा? जानकारी दें? विलंब के क्‍या कारण हैं? इसमें दोषी अधिकारियों की जिम्‍मेदारी तय कर क्‍या उनके खिलाफ कार्यवाही प्रस्‍तावित की जा रही है?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) से (ग) प्रश्‍नाधीन विधान सभा क्षेत्र में बांध निर्माण के लिए तकनीकी रूप से उपयुक्‍त स्‍थान नहीं पाया गया है। शेष प्रश्‍न उत्‍पन्‍न नहीं होते है। दिनांक 20.06.2017 को क्‍वारी नदी पर रामपुर पर स्‍टॉप डेम बनाने की साध्‍यता जारी की गई है। प्रथम दृष्‍टया जल संग्रहण क्षमता लगभग 1 मि.घ.मी. है। डी.पी.आर. अंतिम नहीं होने से स्‍वीकृति की स्थिति नहीं आई है। उपलब्‍ध वित्‍तीय संसाधन निर्माणाधीन एवं पूर्व से स्‍वीकृत परियोजनाओं के लिए आबद्ध होने से वर्तमान में स्‍वीकृति हेतु प्रस्‍ताव विचाराधीन नहीं है। किसी अधिकारी के दोषी होने की स्थिति नहीं है।

संस्‍कृति विभाग द्वारा सामाजिक संस्‍थाओं को दिए गए अनुदान की जानकारी 

[संस्कृति]

35. ( क्र. 4527 ) श्री मेहरबान सिंह रावत : क्या राज्‍यमंत्री, संस्कृति महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सन् 2017-18 में सामाजिक संस्‍थाओं (N.G.O.) द्वारा विभाग को किन-किन संस्‍थाओं द्वारा साहित्यिक एवं सांस्‍कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन हेतु प्रस्‍ताव प्राप्‍त हुए? संस्‍थावार जानकारी बतावें तथा किन-किन संस्‍थाओं को कितनी-कितनी राशि भुगतान की गई? भुगतान के क्‍या मापदण्‍ड हैं? (ख) संस्‍कृति विभाग द्वारा सामाजिक संस्‍थाओं को दिए गए अनुदान के लिए क्‍या विधायकों को प्राथमिकता दी जाती है? यदि हाँ, तो मेरे प्रस्‍ताव अनुसार हमदर्द हेल्‍थ एवं रिसर्च सेन्‍टर भोपाल जो कि काफी पुरानी सामाजिक संस्‍था है, उन्‍हें बजट सत्र 2017-18 में कितना अनुदान दिया गया? ति‍थिवार जानकारी बतावें। यदि नहीं, तो क्‍यों? जानकारी बतावें। (ग) क्‍या संस्‍कृति विभाग द्वारा सामाजिक एवं साहित्यिक कार्यक्रमों के आयोजन हेतु दिए गए अनुदान में एकरूपता न रखकर अनियमित तरीके से भुगातन कर दिया गया है?


राज्‍यमंत्री, संस्कृति ( श्री सुरेन्द्र पटवा ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' एवं '' अनुसार. अनुदान स्‍वीकृति हेतु गठित समिति की अनुशंसा के बाद प्रशासकीय स्‍वीकृति होने पर अशासकीय संस्‍थाओं को अनुदान स्‍वीकृत किया जाता है. जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार. (ख) प्राप्‍त अनुदान प्रस्‍ताव समिति के समक्ष रखे जाते हैं. समिति की अनुशंसा उपरांत प्रशासकीय स्‍वीकृति से अनुदान स्‍वीकृत किया जाता है. अद्यतन तक 308 संस्‍थाओं को अनुदान स्‍वीकृत किया गया है. शेष आवेदनों पर कार्यवाही प्रक्रियाधीन. (ग) जी नहीं.

नमामि देवी नर्मदे यात्रा पर राशि का व्‍यय 

[जनसंपर्क]

36. ( क्र. 4579 ) श्री मुकेश नायक : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍न क्रमांक 605, दिनांक 17 जुलाई, 2017 का उत्‍तर सही दिया गया था? जिसमें की स्‍वीकार किया गया है, कि नमामि देवी नर्मदे यात्रा पर 21,58,40,344 रूपये कि राशि का व्‍यय होना बताया है तथा भुगतान हेतु लम्बित राशि का हिसाब नहीं बना है। यदि हाँ, तो बतायें वह राशि कितनी है और उक्‍त राशि के कुल कितने बिल हैं? उसका विवरण देवें? (ख) उपरोक्‍त प्रश्‍न में जो राशि व्‍यय की गई वह शासन से किस मद में कब आंवटित हुई और जिस मद में आंवटित हुई थी, क्‍या उसी में राशि खर्च की गई? (ग) उपरोक्‍त प्रश्‍न के उत्‍तर में स्‍वीकार किया गया कि परिवहन हेतु 926.24 लाख रूपये की राशि परिवहन में व्‍यय कि गई? यदि यह सही उत्‍तर था, तो किसे-किसे कितनी राशि दी गई? नाम और पता तथा बिलों का विवरण देवें? (घ) क्‍या व्‍यय में भंडार क्रय नियम का पालन किया गया है? यदि हाँ, तो कितनी-कि‍तनी राशि खुली निविदा के माध्‍यम से, कितनी-कितनी राशि सीमित निविदा के माध्‍यम से और कितनी राशि हस्‍थपावति अथवा अन्‍य तरीकें द्वारा व्‍यय की गई है?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) जी हाँ। अब कोई भुगतान लंबित नहीं। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) जनसंपर्क विभाग को वित्‍तीय वर्ष 2017-18 में प्रदर्शनी मद सहित जिन विभागीय मदों में राशि प्राप्‍त हुई थी उन्‍हीं मदों में खर्च की गई। (ग) प्रश्‍न क्रमांक 605 में जो राशि दी गई है वह जन अभियान परिषद् के माध्‍यम से समापन कार्यक्रम में (योजना आर्थिकी एवं सांख्यिकी विभाग द्वारा) परिवहन हेतु राशि रूपये 926.24/- में व्‍यय की गई है। (घ) विभाग द्वारा प्रचार-प्रसार का कार्य जनसंपर्क संचालनालय में इम्‍पेनल्‍ड संस्‍था के माध्‍यम से करवाया गया। फर्मों का इम्‍पेनल्‍ड खुली निविदा की प्रक्रिया से किया गया। व्‍यय की गई राशि सिर्फ कोषालय के माध्‍यम से ई-पेमेन्‍ट द्वारा की गई। जिसमें शासन नियमानुसार कार्यवाही की गई।

स्‍थानांतरण नीति के संबंध में आवश्‍यक कार्यवाही

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

37. ( क्र. 4634 ) श्री मानवेन्द्र सिंह : क्या लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2016-17 से प्रश्‍न दिनांक तक स्‍टाफ नर्सों के स्‍थानांतरण हेतु ऑनलाईन आवेदन व जनप्रतिनिधियों द्वारा अनुशंसा सहित विभाग को कितने आवेदन प्राप्‍त हुए? प्रश्‍न दिनांक तक उन पर क्‍या कार्यवाही की गई? (ख) म.प्र. शासन सामान्‍य प्रशासन विभाग द्वारा जारी स्‍थानांतरण नीति अनुसार पति-प‍त्‍नी को एक ही स्‍थान पर स्‍थानांतरण किये जाने का प्रावधान था, जिसके तहत कितनी स्‍टाफ नर्सों के स्‍थानांतरण किये गये? म.प्र. के विभिन्‍न जिलों के पद रिक्‍त न होने के बावजूद भी किन-किन स्‍टाफ नर्सों के स्‍थानांतरण आदेश, किस नियम के तहत जारी किये गये? नियम विरूद्ध स्‍थानांतरण करने वाले दोषी अधिकारियों पर क्‍या कार्यवाही की जायेगी? जानकारी उपलब्‍ध करायें। (ग) म.प्र. शासन सा. प्रशासन विभाग द्वारा जारी स्‍थानांतरण नीति अनुसार पति-पत्‍नी को एक ही स्‍थान पर रखे जाने के नियम के आधार पर कितनी स्‍टाफ नर्सों के स्‍थानांतरण होना शेष है? कब तक स्‍थानांतरण कर दिये जावेंगे?

लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) स्टॉफ नर्सों के स्थानान्तरण हेतु वर्ष 2016-17 में 468 आवेदन जनप्रतिनिधियों द्वारा अनुशंसा सहित प्राप्त हुऐ थे जिनमें से 118 स्‍टॉफ नर्सो के स्थानांतरण किये गये वर्ष 2017-18 में स्टॉफ नर्स के स्थानांतरण हेतु 1678 ऑनलाईन एवं 1254 जनप्रतिनिधियों के द्वारा अनुशंसा सहित आवेदन पत्र प्राप्त हुए थे। म.प्र. शासन सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी स्थानांतरण नीति के तहत कार्यवाही की जाकर 697 स्‍टॉफ नर्सों के स्‍टॉफ स्थानांतरण किये गये है। (ख) पति-पत्नी को एक ही स्थान पर स्थानान्तरण किये जाने की नीति के तहत 84 स्‍टॉफ नर्सों का स्थानांतरण किया गया है। सभी स्थानांतरण आदेश म.प्र. शासन सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी स्थानांतरण नीति के तहत ही जारी किये गये थे। अतः शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) वर्तमान में स्थानांतरण पर प्रतिबंध है। प्रतिबंध शिथिल होने पर कार्यवाही की जावेगी।

संविदा सवास्‍थ्‍य कर्म‍चारियों को नियमित करना 

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

38. ( क्र. 4760 ) एडवोकेट सत्‍यप्रकाश सखवार : क्या लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या संविदा स्‍वास्‍थ्‍य कर्म. संघों द्वारा माह 20 फरवरी, 2018 से अनिश्चित कालीन हड़ताल किये जाने से प्रदेश की स्‍वास्‍थ्‍य सेवायें चरमरा गई थी, यदि हाँ, तो उनकी प्रमुख मांगे क्‍या थी? (ख) क्‍या शासन के पास संविदा के A.N.M. फार्माशिष्‍ट, लैब टेक्‍नीशियन, सपोर्ट स्‍टॉफ व अन्‍य पद नियमित सेवा के स्‍वीकृत है जिन पर उपरोक्‍त कर्मचारियों को पदस्‍थ कर कार्य लिया जा रहा है? यदि पद स्‍वीकृत हैं तो शासन इन कार्यरत संविदा स्‍वा.कर्म. को नियमित क्‍यों नहीं कर रहा है? (ग) शासन NRHM एवं अन्‍य स्‍वा. विभाग की विभिन्‍न योजनाओं में कार्यरत कर्मचारियों को कब तक नियमित करने के आदेश जारी कर देगा, नहीं तो क्‍यों नहीं?

लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) जी नहीं,। संविदाकर्मी मांग नियमितिकरण किये जाने की थी। (ख) जी नहीं,। केवल ए.एन.एम., फार्मासिस्ट, लैब टेक्‍नीशियन के नियमित पद स्वीकृत है, शेष नहीं है। नियमित पदों की भर्ती में योग्य संविदा कर्मचारी द्वारा चयन प्रक्रिया में भाग लिया जा रहा है। (ग) जी नहीं। नियमितिकरण का प्रावधान नहीं होने से शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होते।

ANM व फार्माशिष्‍ट को बोनस अंकों में समानता

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

39. ( क्र. 4762 ) एडवोकेट सत्‍यप्रकाश सखवार : क्या लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या वर्ष 2017 में स्‍वास्‍थ्‍य विभाग द्वारा ANM, फार्मासिस्‍ट व अन्‍य पदों को भरने हेतु विज्ञापन जारी किया गया था तथा एक ही प्रक्रिया से सभी पदों को भरा गया है? यदि हाँ, तो क्‍या संविदा पर कार्यरत ANM को तो 04 अंक प्रतिवर्ष के मान से अधिकतम 20 अंक बोनस दिये गये हैं एवं फार्मासिस्‍टों को 02 अंक प्रतिवर्ष के मान से अनुभव के बोनस अंक दिये गये हैं? यदि ऐसा है तो क्‍यों? (ख) शासन द्वारा फार्मासिस्‍टों के लिये लिखित परीक्षा में 50 अंक कम से कम लाने की बाध्‍यता का औचित्‍य क्‍या है? किस नियम से ऐसा किया गया है? कब तक बोनस के अंकों में समानता व 50 नम्‍बरों की बाध्‍यता खत्‍म करने का आदेश जारी करेगी? यदि नहीं, तो क्‍यों नहीं? (ग) जब ANM व फार्मासिस्‍ट व अन्‍य पदों का विज्ञापन व चयन प्रक्रिया एक समान थी, तो फार्मासिस्‍टों को नियमित नियुक्ति दिये जाने में भेदभाव क्‍यों किया गया है? इसे कब तक खत्‍म कर दिया जावेगा तथा फार्मासिस्‍टों को कब तक मैरिट के आधार पर नियमित कर दिया जावेगा?

लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) जी हाँ। पद पूर्ती हेतु प्रोफेशनल एग्जामिनेशन बोर्ड द्वारा जारी विज्ञप्ति एवं नियम पुस्तिका  पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। जी हाँ। प्रशासकीय निर्णय एवं नियम पुस्तिका अनुसार बोनस अंक प्रदाय किये गये है। (ख) मध्यप्रदेश सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा दिनांक 4 अक्टूबर 2013 को राजपत्र प्रकाशित कर विभिन्न विभागों/संस्थाओं से संबंधित उन पदों पर, जिन्हें कि मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग की परिधि से बाहर रखा गया है, संयुक्त चयन परीक्षा के माध्यम से, भर्ती के लिये तथा मापदण्ड नियम किये जाने हेतु मध्यप्रदेश कनिष्ठ सेवा (संयुक्त अर्हता) परीक्षा नियम, 2013 बनाये गये है। तद्नुसार उपरोक्त मूल नियम एवं इनमें समय-समय पर किये गये संशोधनों के अनुसार चयन परीक्षा आयोजित की गई है, शासन परिपत्र पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) उत्तरांश (क) एवं (ख) के अनुक्रम में शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

जिला चिकित्‍सालय रतलाम में विशेषज्ञ चिकित्‍सकों की नियुक्ति 

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

40. ( क्र. 4786 ) श्री चेतन्‍य कुमार काश्‍यप : क्या लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रतलाम जिला चिकित्‍सालय में विशेषज्ञ चिकित्‍सकों के कितने पद स्‍वीकृत हैं? (ख) इनमें से कितने पद रिक्‍त हैं? (ग) रिक्‍त पदों पर विशेषज्ञ चिकित्‍सकों की नियुक्ति कब तक हो जायेगी?

लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) एवं (ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) प्रदेश में विशेषज्ञों के कुल 3554 स्वीकृत पदों के विरूद्ध मात्र 999 विशेषज्ञ उपलब्ध हैं एवं प्रथम श्रेणी विशेषज्ञ की पूर्ति पदोन्नति के माध्यम से ही किए जाने का प्रावधान है वर्तमान में माननीय उच्चतम न्यायालय में पदोन्नति के संदर्भ में प्रचलित प्रकरण के कारण विगत लगभग 02 वर्षों से पदोन्नति की कार्यवाही विलंबित है। विभाग पूर्ति हेतु पी.जी. योग्यताधारी चिकित्सकों एवं बंधपत्र चिकित्सकों की नियुक्ति की कार्यवाही निरंतर कर रहा है। म.प्र.लोक सेवा आयोग को 1397 पदों की पूर्ति हेतु मांगपत्र प्रेषित किया गया है। उपलब्धता अनुसार पी.जी. योग्यताधारी चिकित्सकों की पदस्थापना संबंधी कार्यवाही निरंतर जारी है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''ग्यारह''

सुवासरा विधानसभा क्षेत्र में नवीन तालाब/डेम निर्माण की स्‍वीकृति 

[जल संसाधन]

41. ( क्र. 4840 ) श्री हरदीप सिंह डंग : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सुवासरा विधानसभा क्षेत्र में सेदरा करनाली, सेमली कांकड तालाब/डेम निर्माण की स्‍वीकृति कब तक प्रदान की जावेगी एवं वर्तमान स्थिति की जानकारी देवें। (ख) नकेडिया, खेताखेडा, भटूनी, पिपलिया जागीर तालाब/डेम निर्माण हेतु शासन द्वारा क्‍या कार्यवाही की गई है? (ग) प्रतापपुरा, बंजारी, भटूनी तालाब/डेम अभी तक स्‍वीकृत नहीं होने के क्‍या कारण हैं? (घ) खण्‍डेरिया मारू, तुम्‍बड नदी डेम निर्माण हेतु उपयोगी एवं पर्याप्‍त स्‍थान होने के बाद भी आज तक स्‍वीकृति प्रदान क्‍यों नहीं की गई एवं वर्तमान स्थिति की जानकारी देवें।

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

पर्यटन विभाग द्वारा पुरातात्विक महत्व के स्थानों पर राशि स्वीकृत करना

[पर्यटन]

42. ( क्र. 4869 ) श्री आशीष गोविंद शर्मा : क्या राज्‍यमंत्री, संस्कृति महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या पर्यटन विभाग द्वारा पुरातात्विक महत्व के स्थानों जैसे मंदिर, नदी घाट, पुरानी गुफाएं के विकास के लिए राशि स्वीकृत की जा रही हैं? (ख) यदि हाँ, तो क्या देवास जिले में पर्यटन विभाग द्वारा ऐसे पुरातात्विक स्थान चयनित किये गये हैं, जहां विकास हेतु राशि स्वीकृत की जावेगी? यदि हाँ, तो स्थान, राशि एवं कार्य की जानकारी देवें। यदि नहीं, तो क्यों?

राज्‍यमंत्री, संस्कृति ( श्री सुरेन्द्र पटवा ) : (क) जी नहीं। (ख) प्रश्‍नांश '' के उत्‍तर के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

मुख्‍य चिकित्‍सा एवं स्‍वास्‍थ्‍य अधिकारी को नियम विरूध कार्यमुक्‍त करना

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

43. ( क्र. 4883 ) श्रीमती इमरती देवी : क्या लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिले से बाहर स्‍थानां‍तरित कर्मचारियों को भारमुक्‍त करने का क्‍या नियम है उसकी प्रति उपलब्‍ध करायें। क्‍या एक जिले से दूसरे जिले में स्‍थानांतिरत होने पर किसी कर्मचारी को खण्‍ड चिकित्‍सा अधिकारी सीधे अन्‍य जिले के मुख्‍य चिकित्‍सा एवं स्‍वास्‍थ्‍य अधिकारी हेतु कार्यमुक्‍त कर सकता है? यदि हाँ, तो नियम की प्रति उपलब्‍ध करावें। (ख) प्रश्नांश (क) संचनालय स्‍वास्‍थ्‍य सेवायें भोपाल के आदेश क्र./२/अवि./सेल-टी.पी./अति/२०१७/५३४ बी भोपाल दिनांक १०.०७.१७ में कर्मचारियों को अन्‍य जिले में सीधे कार्यमुक्‍त किये जाने हेतु खण्‍ड चिकित्‍सा अधिकारी को कोई प्रतिलिपि/आदेश दिये गये थे, यदि नहीं, तो खण्‍ड चिकित्‍सा अधिकारी सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र करैरा द्वारा अपने पत्र क्र./स्‍था.वि./२०१७/६४७ दिनांक १८-०७-२०१७ द्वारा किस आधार पर करैरा से स्‍थानां‍तरित कर्मचारी को सीधे मुख्‍य चिकित्‍सा एवं स्‍वास्‍थ्‍य अधिकारी जिला सागर हेतु कार्यमुक्‍त किया गया? (ग) प्रश्नांश (क) क्‍या श्री अतेन्‍द्र सिंह रावत नेत्र सहायक सामुदायक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र की माह जुलाई व अगस्‍त २०१७ की उपस्थिति खण्‍ड चिकित्‍सा अधिकारी करैरा द्वारा न भेजने के कारण प्रश्‍न दिनांक तक उनका वेतन भुगतान नहीं किया गया है, क्‍यों? जबकि सम्‍बंधित दिनांक २३-८-२०१७ तक अपने कार्य पर उपस्थित था, तो कारण सहित उपस्थिति पंजी की प्रतिलिपि उपलब्‍ध करायें तथा वेतन कब तक भुगतान करा दिया जायेगा?

लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) सामान्य प्रशासन विभाग की स्थानांतरण नीति अनुसार नियम लागू होते है। लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अधीन मुख्य खण्ड चिकित्सा अधिकारी का पद विकास खण्ड स्तर पर प्रशासकीय नियंत्रणाधिकारी का पद है। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी नियम परिपत्र की  जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) संचालनालय स्वास्थ्य सेवायें भोपाल के आदेश क्र./2/अवि./सेल-टी.पी./अति/2017/534-बी भोपाल दिनांक 10.07.17 के बिन्दु क्रमांक 01 में कर्मचारियों को कार्यमुक्त किये जाने हेतु उत्तरदायित्व संबंधित संस्था प्रमुख का निर्धारित किया जाकर निर्देशित किया गया हैं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) प्रश्नांश (क) अतेन्द्र सिंह रावत नेत्र सहायक सामु.स्वा.के.करैरा की 31 जुलाई 2017 तक का वेतन उपस्थिति के आधार पर निकाला जा चुका है। चूंकि खण्ड चिकित्सा अधिकारी करैरा द्वारा 18/07/2017 को कार्यमुक्त किया जा चुका था, तदोपरांत संबंधित मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी सागर के अधीन दिनांक 05.12.2017 को उपस्थित हुये है। अतेन्द्र सिंह रावत द्वारा सामु.स्वा.के. करैरा की उपस्थिति पंजी में जबरदस्ती हस्ताक्षर कर देने से मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी शिवपुरी के पत्र क्र./स्था./अवि./2018/ 2856 शिवपुरी दिनांक 24.08.2017 द्वारा श्री अतेन्द्र सिंह रावत को समक्ष में उपस्थित होने हेतु सूचित किया गया, पत्र के संदर्भ में संबंधित श्री रावत मुख्य चिकित्सा अधिकारी,शिवपुरी के समक्ष उपस्थित नहीं हुए, उपस्थिति पंजी की प्रतिलिपि  जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है।

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में निर्धारित मापदण्ड अनुसार स्वास्थ्य सुविधायें देना 

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

44. ( क्र. 4919 ) श्री सूबेदार सिंह रजौधा : क्या लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सामुदायिक स्वास्थय केंद्र में स्टाफ संख्या की पदस्थी का क्या नियम है? चिकित्सा सुविधाओं में परीक्षण मशीने एवं अन्य सुविधायें स्थापित करने का क्या मापदण्ड है? (ख) क्या सामुदायिक स्वास्थ केंद्र जौरा एवं केलारस में निर्धारित माप दण्ड अनुसार स्वास्थ परीक्षण मशीनें एवं उपकरण स्थापित नहीं हैं और ना ही स्टाफ पदस्थ हैं? यदि हाँ, तो क्यों? (ग) वर्तमान में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जौरा एवं कैलारस में किस-किस पद पर कौन-कौन पदस्थ हैं और कितने पद रिक्त हैं? पदों की एवं पदधिकरियों की जानकारी देवें? (घ) निर्धारित मापदण्ड अनुसार कौन-कौन सी परीक्षण सुविधाओं का अभाव है? पृथक-पृथक बतावें एवं रिक्त पदों एवं वांछित परीक्षण सुविधायें की पूर्ति करने हेतु विभाग की क्या योजना है और कब तक पूर्ति कर दी जावेगी?

लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) जी नहीं। जी हां, कुछ पद रिक्त है। मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग को चयनित 1277 चिकित्सकों की पद पूर्ति हेतु नवीन मांग पत्र प्रेषित किया जा रहा है एवं पैरामेडिकल स्टाफ के रिक्त पदों की पूर्ति की कार्यवाही मध्यप्रदेश प्रोफेशनल एग्जामिनेशन बोर्ड के माध्यम से की जा रही है। (ग) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (घ) जी नहीं, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र जौरा एवं केलारस में 28 प्रकार की जांचें एवं एक्स-रे की सुविधाऐं उपलब्ध है। रिक्त पदों की पूर्ति प्रश्नांश (ख) के उत्तर अनुसार। निश्चित समय-सीमा बताना संभव नहीं।

आलोट विधानसभा क्षेत्र के पर्यटन विकास कार्य प्रस्‍ताव

[पर्यटन]

45. ( क्र. 4969 ) श्री जितेन्‍द्र गेहलोत : क्या राज्‍यमंत्री, संस्कृति महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) आलोट विधानसभा क्षेत्र में पर्यटन एवं धार्मिक दृष्टि से प्राचीन काल से प्रसिद्ध स्‍थलों के विकास हेतु प्रश्‍नकर्ता द्वारा मान. मंत्री महोदय एवं सचिव महोदय को दि. ०४ जुलाई २०१६ को एवं इसके पश्‍चात भी पत्र लिखे? उक्‍त पत्रों पर अब तक क्‍या कार्यवाहियां की गईं? (ख) क्‍या शासन इस पिछड़ें एवं अनुसूचित जाति आरक्षि‍त विधानसभा क्षेत्र में पर्यटन विकास का इरादा रखती है? यदि हाँ, तो किस प्रकार एवं नहीं तो क्‍यों नहीं? (ग) प्रश्नांश (क) स्‍थलों के पर्यटन विकास हेतु शासन ने किस स्‍तर पर स्‍थल निरीक्षण करवाया किसने निरीक्षण किया? निरीक्षण रिपोर्ट क्‍या है तथा कब तक इन स्‍थलों पर विकास संभव होगा?

राज्‍यमंत्री, संस्कृति ( श्री सुरेन्द्र पटवा ) : (क) जी नहीं। शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) विभाग द्वारा जारी नवीन पर्यटन नीति 2016 के तहत किसी भी स्‍थल को पर्यटन स्‍थल घोषित करने का प्रावधान नहीं है। (ग) प्रश्‍नांश '' अनुसार। 

दोषी पर कार्यवाही किए जाना

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

46. ( क्र. 4980 ) श्रीमती शीला त्‍यागी : क्या लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) श्री सौरभ सिंह चौहान ब्‍लॉक कार्यक्रम प्रबंधक की राज्‍य स्‍वास्‍थ्‍य समिति से प्रथम नियुक्ति एवं प्रथम पद स्‍थापना स्‍थल गोविन्‍दगढ़ ब्‍लॉक में पद स्‍थापना स्‍थल से जिले अंतर्गत अन्‍यत्र पदस्‍थ किये जाने के क्‍या कारण हैं? (ख) क्‍या श्री सौरभ सिंह चौहान द्वारा स्‍वयं के व्‍यय पर ब्‍लॉक कोठी जिला सतना हेतु स्‍थानांतरण चाहा गया था जिस पर मिशन संचालक के पत्र क्र. NHM/HR/स्‍थानांतरण/2015/13498 भोपाल दिनांक 09.12.2015 द्वारा स्‍थानांतरण कर दिया गया। स्‍थानांतरण उपरांत कोठी जिला सतना में ज्‍वाइनिंग दिनांक समय-सीमा पर उपस्थित न होने का क्‍या कारण हैं? (ग) प्रश्नांश (ख) अनुसार अगर इनका स्‍थानांतरण दिनांक 09.12.2015 को कर दिया गया था तो 4 माह तक इनके द्वारा सतना जिले में उपस्थित क्‍या नहीं दी गयी? इस हेतु कौन अधिकारी/कर्मचारी दोषी है? (घ) क्‍या श्री सौरभ सिंह चौहान संविदा स्‍वास्‍थ्‍य कर्मचारी संघ के प्रदेशाध्‍यक्ष हैं और इनके नेतृत्‍व में 29 फरवरी 2016 से 18 मार्च 2016 तक हड़ताल करायी गयी? राष्‍ट्रीय स्‍वास्‍थ्‍य मिशन द्वारा एम.पी.नगर थाने में इनके खिलाफ एफ.आई.आर. दर्ज कराई गई, संविदा शर्तों के अनुबंध का उल्‍लंघन उपरांत भी शासन द्वारा श्री सौरभ सिंह चौहान के खिलाफ कार्यवाही क्‍यों नहीं की गयी और की जावेगी तो कब तक? (ड.) मिशन संचालक के पत्र क्र. NHM/HR/स्‍था./संशा/2016/9447 भोपाल दिनांक 16.09.2016 द्वारा श्री सौरभ सिंह चौहान को पुन: रीवा जिले में पदस्‍थ करने का क्‍या कारण हैं?

लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) मानव संसाधन मैनुअल अनुसार वर्ष 2013 में दिये गये प्रावधान अनुसार संयुक्त संचालक स्वास्थ्य सेवायें रीवा संभाग रीवा ने आपसी सहमति के आधार पर युक्ति-युक्तकरण के तहत वर्ष 2011 में अन्यत्र पदस्थ किया गया। (ख) जी हाँ। तत्कालीन मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, रीवा द्वारा कार्य व्यवस्था के दृष्टिकोण से शासकीय कार्य प्रभावित न हो, इस कारण बी.पी.एम. को मौखिक आदेश पर कार्य मुक्त नहीं किया गया। (ग) प्रश्नभाग (ख) के उत्तर के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।। (घ) जी हाँ, जी हाँ। हड़ताल के दौरान अप्रिय स्थिति निर्मित न हो सके इस कारण एम.पी. नगर थाने को दूरभाष पर सूचना देते हुये पुलिस बल प्राप्त किया था। स्वयं संज्ञान में लेकर कर्मचारी संघ द्वारा हड़ताल वापिस ले ली गई थी। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ड.) प्रशासनिक आवश्यकता की पूर्ति एवं जनसामान्य को बेहतर स्वास्थ्य सुविधायें उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिला रीवा में पदस्थापना की गई।

जाँच कर दोषी पर कार्यवाही किए जाना 

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

47. ( क्र. 4981 ) श्रीमती शीला त्‍यागी : क्या लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या सर्वोदय विन्‍ध्‍य विकास समिति द्वारा रीवा जिले में आशा प्रशिक्षण का कार्य किया जा रहा है? अगर हाँ तो कब से, तिथि अंकित कर जानकारी देवें। एन.जी.ओ. चयन के माप दंड चयन प्रकिया की कार्यवाही अनुबंध की छायाप्रति एवं कब-कब कितने समय के लिए किया गया? विगत 2010-11 से प्रश्‍न दिनांक तक वर्षों की धारा 27 एवं 28 की जानकारी एवं संस्‍था की साधारण कार्यकारिणी की बैठक की छायाप्रति दें। (ख) एन.एच.एम. की स्‍वीकृत कार्य योजना से लेकर प्रशिक्षण प्रारंभ वर्ष 2010-11 से आज दिनांक तक स्‍वीकृत बैच एवं एन.एच.एम. रीवा द्वारा भुगतान की राशि का विवरण प्रशिक्षण प्रारंभ दिनांक से बैच वार उपस्थित आशा कार्यकर्ताओं एवं आशा सहयोगिनी की सूची दें। (ग) प्रशिक्षण से उपस्थित आशा/आशा सहयोगिनी/मास्‍टर टेनर को संस्‍था द्वारा भुगतान की राशि की वर्षवार, बेचवार जानकारी दें। (घ) प्रश्‍नांश (ख) अनुसार क्‍या वर्ष 2013-14 एवं अन्‍य वर्षों में स्‍वीकृत कार्ययोजना अनुसार बेचों से ज्‍यादा भुगतान किया गया है? यदि हाँ, तो क्‍या संबंधित संस्‍था से वसूली की जावेगी एवं विभाग द्वारा ब्‍लैक लिस्‍टेड किया जावेगा, तो कब तक?

लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) जी हाँ। दिनांक 26 मार्च 2012 से। एन.जी.ओ. के मापदण्ड, चयन प्रक्रिया एवं अनुबंध की  जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। प्रश्नावधि में धारा 27 एवं 28 तथा संस्था की वार्षिक साधारण कार्यकारिणी की बैठक की  जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) प्रश्नावधि में आशा एवं आशा सहयोगी के वर्षवार स्वीकृत बैच एवं राशि का भुगतान निम्नानुसार हैः-

वर्ष

एन.एच.एम. की स्वीकृत कार्य योजनानुसार आवंटित बैच

संस्था द्वारा प्रशक्षिण संपन्न कराये गये बैच

भुगतान राशि लाख रूपये में

2011-12

29

01

(भुगतान वर्ष 2012-13 में हुआ)

2012-13

78

95

93.36

2013-14

80

58

55.28

2014-15

95

104

87.19

2015-16

55

54

49.31

2016-17

31

38

31.10

2017-18

55

54

44.68

 

कुल योग 423

404

360.92

प्रशिक्षण प्रारंभ दिनांक से बैचवार उपस्थित आशा कार्यकर्ताओं एवं आशा सहयोगियों की सूची  पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ग) प्रशिक्षण में उपस्थित आशा/आशा सहयोगिनी को संस्था द्वारा किये गये वर्षवार एवं बैचवार भुगतान की राशि की  जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। मास्टर ट्रैनर्स को संस्था द्वारा किये गये वर्षवार एवं बैचवार भुगतान की राशि की  जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (घ) जी नहीं। शेष प्रश्नांश हेतु प्रश्न उपस्थित नहीं होता हैं।

मुरैना जिले के खाद्य तेलों में मिलावट

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

48. ( क्र. 5019 ) श्री सत्‍यपाल सिंह सिकरवार : क्या लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मुरैना जिले में वर्तमान में कितनी खाद्य तेलों की रिफाइनरियां संचालित हैं तथा कितनी मात्रा में खाद्य तेलों का उत्‍पादन होता है, उनके नाम संचालकों के नाम, पता तथा 2015, 2016, 2017 में कितनी मात्रा में खाघ तेलों का उत्‍पादन किया गया? (ख) उक्‍त रिफाइनरियों की लेबोरे‍ट्रियों में तेलों की एसिड वैल्‍यू/जी.एल.सी. (गैस लेजर क्रोमेटोग्राफ) टेस्‍ट की कितनी बार फूड सैफ्टी स्‍टेण्‍डर्ड ऐसोशियेशन द्वारा जाँच कराई गई? यदि नहीं, कराई तो खाद्य विभाग द्वारा यह उदासीनता क्‍यों अपनाई जा रही है? (ग) क्‍या अधिकांश रिफाइनरियों में पाम आइल, क्रड डीगम सोयाबीन ऑयल से सरसों का तेल उत्‍पादित किया जा रहा है, जहां सरसों के तेल का ऐसेन्‍स डाला जाता है? इस अप मिश्रण के लिये विभाग क्‍या कार्यवाही कर रहा है?

लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) मुरैना जिले में वर्तमान में खाद्य तेलों की 6 रिफाइनरियां संचालित है  जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) फूड सेफ्टी स्‍टैण्‍डर्ड एशोसिएशन नामक कोई संस्‍था विभाग में कार्यरत नहीं है। विभाग के खाद्य सुरक्षा अधिकारियों द्वारा उक्‍त रिफाइनरियों से समय-समय पर खाद्य तेल के नमूने ले कर परीक्षण हेतु राज्‍य खाद्य प्रयोगशाला भोपाल भेजे जाते है। प्रयोगशाला द्वारा तेलों का मानकों में दिये गये एसिड वैल्‍यू के मान का परीक्षण किया जाता है। जी.एल.सी. प्रयोगशाला में उपलब्‍ध न होने के मैन्‍युअल में दर्शित अन्‍य विधियों से मानकों का परीक्षण किया जाता है। लिये गये नमूनों की  जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ग) जी नहीं। राज्‍य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला में किये गये सरसों तेल के नमूनों के परीक्षण में एसेन्‍स पाये जाने के पुष्टि नहीं हुई है। शेष प्रश्‍न उ‍पस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''बारह''

मध्‍यप्रदेश माध्‍यम के द्वारा होर्डिंग लगाने एवं व्‍यय की जानकारी 

[जनसंपर्क]

49. ( क्र. 5056 ) श्री हेमन्‍त सत्‍यदेव कटारे : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या म.प्र. माध्‍यम के द्वारा शासकीय विभागों की योजनाओं के प्रचार-प्रसार हेतु प्रदेश में होर्डिंग लगाकर प्रचार-प्रसार किया जाता हैं? यदि हाँ, तो विगत तीन वर्षों में होर्डिंग कार्य से जुड़े मध्‍यप्रदेश माध्‍यम में पंजीकृत एवं व्‍यवसाय करने वाली फर्मों के नाम एवं जानकारी उपलब्‍ध करायी जाये? (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में विगत तीन वर्षों में किस-किस विभाग के द्वारा कितनी-कितनी राशि के होर्डिंग लगाये जाने के आदेश मध्‍यप्रदेश माध्‍यम से प्राप्‍त हुये? किस-किस फर्म को कितनी लागत के होर्डिंग लगाने का कार्य सौंपा गया? (ग) क्‍या होर्डिंग के माध्‍यम से प्रचार-प्रसार करने की समय-सीमा नियत है, किन्‍तु पंजीकृत व्‍यवसायियों द्वारा निर्धारित संख्‍या से कम एवं कम समय समय के लिये होर्डिंग लगाकर पूरी राशि मध्‍यप्रदेश माध्‍यम से प्राप्‍त की? क्‍या माध्‍यम द्वारा कराये गये कार्य का सत्‍यापन किया जाता है? यदि नहीं, तो इस अनियमितता के लिये कौन उत्‍तरदायी है?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) जानकारी सलंग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) प्रश्‍न अस्‍पष्‍ट है। (ग) शासकीय विभागों से प्राप्‍त कार्यादेशों के अनुसार होर्डिंग संबंधी कार्य किए जाते है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''तेरह''

स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्रों में स्‍वीकृत, भरे एवं रिक्‍त पदों की जानकारी 

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

50. ( क्र. 5057 ) श्री हेमन्‍त सत्‍यदेव कटारे : क्या लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भिण्‍ड जिले में लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण विभाग के अंतर्गत विधान सभावार कुल कितने सभी स्‍तर के शासकीय स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र स्‍वीकृत हैं एवं उन प्रत्‍येक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र में कौन-कौन से पद कितनी संख्‍या में स्‍वीकृत हैं? जानकारी दी जायें। (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में संचालित सभी स्‍तर के स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्रों में स्‍वीकृत पदों के विरूद्ध वा‍स्‍तविक रूप से कितने पद भरे हैं और कितने पद कितने समय से रिक्‍त हैं? क्‍या रिक्‍त पदों की पूर्ति हेतु शासन की कोई नीति है? (ग) अटेर विधान सभा निर्वाचन क्षेत्रांतर्गत प्राथमिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र फूप एवं अन्‍य सभी स्‍तर के स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्रों में सभी संवर्ग के रिक्‍त पद की पूर्ति कितनी समयावधि में कर दी जावेगी? जिससे क्षेत्र की जनता को वास्‍तविक रूप से स्‍वास्‍थ्‍य सेवाओं का लाभ प्राप्‍त हो सकें?

लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। जी हाँ। (ग) रिक्त पदों को भरने की कार्यवाही निरन्तर जारी रहती है। निश्चित समयावधि बताना संभव नहीं।

विज्ञापन एवं भुगतान की जानकारी

[जनसंपर्क]

51. ( क्र. 5100 ) श्री जितेन्‍द्र गेहलोत : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश के विभिन्‍न निगम, मण्‍डल, बोर्ड, विश्‍वविद्यालयों के कितने एवं कौन-कौन से विज्ञापन विगत तीन वर्षों में किन-किन समाचार पत्रों में प्रकाशित करवाये तथा उन्‍हें कितना-कितना भुगतान किया गया वर्षवार, विभागवार ब्‍यौरा क्‍या है? समाचार पत्रों को किस क्रम अनुसार विज्ञापन दिये गये? किस नियम का पालन किया गया? (ख) विगत तीन वर्षों में विज्ञापन एवं भुगतान के संबंध में ऑडिट आपत्तियां क्‍या है? ऑडिट आपत्तियां का निराकरण किया गया है? यदि हाँ, तो ब्‍यौरा दें. (ग) विभागों के लिए विशेष मीडिया कैम्‍पेन्‍स का तीन वर्षों का ब्‍यौरा दें .

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) निगम, मंडलों और यूनिवर्सिटीज के विज्ञापन मध्‍यप्रदेश माध्‍यम द्वारा जारी किये जाते हैं। विज्ञापन के स्‍थान के क्रम में समाचार-पत्रों को प्रसार संख्‍या के आधार पर विज्ञापन जारी किये गये। विज्ञापन नियम-2007 का पालन किया गया। विज्ञापन शाखा द्वारा एम.पी.आर.डी.सी. और एक दो विश्‍वविद्यालय द्वारा भेजे गये विज्ञापन जारी किये गये हैं। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-एक अनुसार है। (ख) जी नहीं। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) जानकारी निंरक।

डॉक्टरों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

52. ( क्र. 5165 ) श्रीमती ऊषा चौधरी : क्या लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रैगांव में डॉ. आशीष त्रिपाठी एवं उनकी पत्नी डॉ. ऋचा द्विवेदी पदस्थ हैं? (ख) यदि हाँ, तो क्या उक्त डॉ. द्वय के मुख्यालय में न रहने की शिकायत आम जनता द्वारा लगातार प्रश्नकर्ता सदस्य से किये जाने के बाद दिनांक 22/07/2017 को प्रश्नकर्ता सदस्य, नायब तहसीलदार व मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत सोहावल तथा अन्य अधिकारी/कर्मचारी के साथ औचक निरीक्षण करने के दौरान प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में ताला लगा हुआ पाया गया था? (ग) क्या माननीय विभागीय मंत्री को प्रश्नकर्ता सदस्य द्वारा अपने पत्र क्रमांक 181 दिनांक 22/07/2017 के माध्यम से संबंधित डॉक्टरों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही करने की मांग की गई थी? यदि हाँ, तो विभाग द्वारा क्या कार्यवाही की गई? (घ) क्या उक्त डॉक्टरों के अपने मुख्यालय में न रहने के कारण मरीजों को स्वास्थ्य लाभ नहीं मिल पाता है एवं जिला मुख्यालय व अन्यत्र स्वास्थ्य केन्द्रों में भटकना पड़ता है, जिससे मरीजों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है? क्या इन डॉक्टरों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रैगाँव से अन्यत्र स्थानान्तरण करते हुए इनके स्थान पर अन्य डॉक्टरों को पदस्थ किया जावेगा? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्यों?

लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) जी हाँ। (ग) जी हाँ। माननीय विधायक महोदय का उक्त पत्र के संदर्भ में संचालनालय स्वास्थ्य सेवायें से मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जिला सतना को प्रकरण की जाँच कर प्रतिवेदन भेजने हेतु निर्देशित किया गया था। जाँच प्रतिवेदन अनुसार प्रथम दृष्टया में संबंधित दोनों चिकित्सा अधिकारियों का दोषी होना प्रतीत होता है। इनके विरूद्ध नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्यवाही की प्रक्रिया प्रचलन में है। (घ) जी हाँ। परीक्षणोंपरान्त नियमानुसार कार्यवाही की जावेगी। निश्चित समयावधि बताई जाना संभव नहीं है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। 

शासकीय अस्‍पतालों में रिक्‍त पदों की पूर्ति

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

53. ( क्र. 5247 ) श्री नीलेश अवस्‍थी : क्या लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शासकीय अस्‍पताल सिहोरा में सौ बिस्तर के अस्‍पताल की स्‍थापना कब की गई? यहां पर कितने चिकित्‍सीय एवं अन्‍य कर्मचारियों के पद स्‍वीकृत हैं एवं उसके अनुरूप कौन-कौन कब से पदस्‍थ हैं, कितने पद रिक्‍त हैं? रिक्‍त पदों को किस प्रकार से कब तक भरा जावेगा? (ख) पाटन विधान सभा क्षेत्र अंतर्गत सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र पाटन, मझौली प्राथमिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र कटंगी, उप स्‍वास्‍थ्य केन्‍द्र लमकना, पड़वार जिला जबलपुर में चिकित्‍सकों एवं अन्‍य स्‍वास्‍थ्‍य कार्यकर्ताओं के कितने पद स्‍वीकृत हैं? (ग) प्रश्नांश (ख) में उल्‍लेखित स्‍वीकृत पदों के विरूद्ध कहाँ-कहाँ पर कौन-कौन कब से पदस्‍थ हैं, कितने पद रिक्‍त हैं? सूची देवें। (घ) ग्रामीणजनों की आवश्‍यकता को देखते हुये स्‍वीकृत पद अनुरूप चिकित्‍सकों की पद स्‍थापना की जावेगी? यदि हाँ, तो किस प्रकार से कब तक यदि नहीं, तो क्‍यों नहीं?

लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) दिनांक 12.10.2015 को की गई। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग से चयनित 726 चिकित्सकों की पदस्थापना की गई है एवं 1277 चिकित्सकों की पद पूर्ति हेतु नवीन मांग पत्र मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग को प्रेषित किया गया है एवं पैरामेडिकल स्टाफ के रिक्त पदों की पूर्ति की कार्यवाही मध्यप्रदेश प्रोफेशनल एग्जामिनेशन बोर्ड के माध्यम से है। समय-सीमा बताना संभव नहीं। (ख) एवं (ग) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (घ) जी हाँ। उत्‍तरांश (क) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''चौदह''

जलाशयों की जानकारी

[जल संसाधन]

54. ( क्र. 5248 ) श्री नीलेश अवस्‍थी : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जबलपुर जिला अंतर्गत विभिन्‍न विकास खण्‍डों में विभाग के कितने जलाशय कब से निर्मित है, प्रारंभ में इनकी कितनी भंडारण एवं सिंचाई क्षमता थी वर्तमान समय में इनमें कितना जल भंडारित होता है तथा उनसे कितने कृषकों की कितने हेक्‍टेयर कृषि भूमि सिंचित होती है, विकास खण्‍डवार जलाशयवार सूची देवें एवं क्‍या सिंचाई सुविधा में वृद्धि हेतु वर्ष 2015-16 से प्रश्‍न दिनांक तक कौन-कौन से नवीन तालाबों के निर्माण हेतु प्रस्‍ताव दिये गये तथा उन पर क्‍या कार्यवाही की गई? प्रस्‍ताववार जानकारी देवें? (ख) प्रश्नांश (क) में उल्‍लेखित जलाशयों एवं उनकी नहरों के रख-रखाव, नहरों के सुदृढ़ीकरण एवं नवीन नहरों के निर्माण हेतु विभाग द्वारा वित्‍त वर्ष 2013-14 से प्रश्‍न दिनांक तक आर.आर.आर. मद एवं अन्‍य मदों से प्रति वर्ष कितनी-कितनी राशि के कार्य कब कब कराये गये। जलाशयवार वर्षवार विवरण देवें? रख-रखाव एवं वार्षिक मरम्‍मत हेतु भारत सरकार द्वारा जारी निर्देश/गाईड लाईन की छायाप्रति देवें। (ग) प्रश्नांश (ख) के संदर्भ में उल्‍लेखित निर्माण कार्यों का निरीक्षण एवं गुणवत्‍ता परीक्षण कब कब किस-किस अधिकारी द्वारा किया गया? क्‍या निरीक्षण/परीक्षण रिपोर्ट प्रस्‍तुत की गयी एवं उपरोक्‍त गुणवत्‍ताविहीन निर्माण की शासन स्‍तर पर दर्ज शिकायत पर क्‍या कार्यवाही की गई? (घ) वित्‍त वर्ष 2017-18 में परियोजनाओं के रख-रखाव तथा लघु सिंचाई परियोजनाओं के निर्माण हेतु बजट में कितनी-कितनी राशि का प्रावधान रखा गया और प्रश्‍न दिनांक तक किन कार्यों में कितनी राशि का उपयोग हुआ एवं कितनी राशि का उपयोग नहीं हुआ?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

परिवार नियोजन क्षतिपूर्ति अंतर्गत राशि भुगतान

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

55. ( क्र. 5259 ) कुँवर सौरभ सिंह : क्या लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण विभाग द्वारा नसबंदी फेल हो जाने के कारण राष्‍ट्रीय परिवार नियोजन क्षतिपूर्ति योजनांतर्गत राशि दिये जाने का प्रावधान है? यदि हाँ, तो नियम-निर्देशों की प्रतियों सहित विवरण दें। (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार कटनी जिले में विभाग द्वारा विगत 03 वर्षों में कितने नसबंदी ऑपरेशन कब-कब हुये? उनमें से कितने सफल एवं कितने असफल हुये? स्‍वास्‍थ्‍य संस्‍थावार, तिथिवार पृथक-पृथक विवरण दें। (ग) प्रश्नांश (ख) अनुसार नसबंदी फेल हो जाने के कारण राष्‍ट्रीय परिवार नियोजन क्षतिपूर्ति हेतु कितने प्रकरणों में क्षतिपूर्ति राशि का भुगतान किया गया? कितने प्रकरणों में भुगतान किया जाना शेष है? लंबित प्रकरणों में अब तक भुगतान न होने का क्‍या कारण है? कारण सहित विगत 03 वर्षों का वर्षवार, स्‍वास्‍थ्‍य संस्‍थावार, प्रकरणवार, पृथक-पृथक विवरण दें? (घ) प्रश्‍नांकित मामले में प्रश्‍नकर्ता सदस्‍य द्वारा प्रेषित पत्र क्रमांक 1218 दिनांक 22.11.17 में प्रश्‍न दिनांक तक क्‍या कार्यवाही हुई? तिथिवार, कार्यवाहीवार विवरण दें? संबंधितों को आज दिनांक तक परिवार नियोजन क्षतिपूर्ति की राशि प्राप्‍त न होने के लिये कौन दोषी है? दोषियों के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की गई है? कार्यवाहीवार, तिथिवार, पृथक-पृथक विवरण दें?

लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) जी हाँ। भारत सरकार द्वारा जारी नियम निर्देशों की प्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र  अनुसार है। (ख) विभाग द्वारा विगत तीन वर्षों में उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर 17223 नसबंदी ऑपरेशन हुये उनमें से 17155 सफल हुये एवं 68 असफल हुयें। जानकारी स्वास्थ्य संस्थावार एवं वर्षवार  पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र  अनुसार है। (ग) राष्ट्रीय परिवार नियोजन क्षतिपूर्ति योजना के अंतर्गत 07 असफल नसबंदी प्रकरण में भुगतान किया गया। 03 असफल नसबंदी प्रकरणों में कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। जानकारी  पुस्‍तकालय में रखें परिशिष्‍ट के प्रपत्र  अनुसार है। (घ) प्रश्नकर्ता सदस्यों द्वारा प्रेषित पत्र क्र. 1218 दिनांक 22.11.2017 में उल्लेखित आवेदिका सुलेखा बाई के आवेदन को निर्धारित समय-सीमा के उपरांत प्राप्त होने पर जिला स्तरीय समिति द्वारा प्रकरण को कालातीत किया गया हैं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

कटनी जिले की संचालित स्‍वास्‍थ्य सुविधाओं की जानकारी

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

56. ( क्र. 5260 ) कुँवर सौरभ सिंह : क्या लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला चिकित्‍सालय कटनी में मारीजों के उपचार हेतु कितने चिकित्‍सक पदस्‍थ हैं? क्‍या जिला चिकित्‍सालय एवं ग्रामीण क्षेत्र की स्‍वास्‍थ्‍य संस्‍थाओं में चिकित्‍सकों के पद रिक्‍त हैं? यदि हाँ, तो स्‍वास्‍थ्‍य संस्‍थावार विवरण दें? (ख) क्‍या सभी स्‍वास्‍थ्‍य संस्‍थाओं में उपचार हेतु आवश्‍यक सुविधायें एवं संसाधन उपलब्‍ध एवं चालू स्थिति में है? यदि हाँ, तो उपकरणवार, स्‍वास्‍थ्‍य संस्‍थावार, बताएं? यदि नहीं, तो किस किस अस्‍पताल को कौन-कौन से संसाधन/उपकरण की आवश्‍यकता है? संस्‍थावार विवरण दें? (ग) जिले में कितनी एम्‍बुलेन्‍स एवं जननी वाहन संचालित है, इन वाहनों के रख-रखाव एवं क्रियान्‍वयन हेतु क्‍या व्‍यवस्‍था है? जिले की स्‍वास्‍थ्‍य संस्‍थाओं को वाहनो की सर्विसिंग हेतु कितने कूपन जारी हुये है, कितने कूपन का उपयोग हुआ है? क्‍या प्रश्‍नकर्ता सदस्‍य द्वारा संस्‍थाओं को उपलब्‍ध कराये गये वाहनों की वारन्‍टी अवधि के अंदर सर्विसिंग नहीं हुई है? क्‍या उक्‍त वाहन डीजल एवं ड्राईवर के आभाव में वाहन अनुपयोगी है? यदि हाँ, तो इसके लिये दोषी कौन है? (घ) प्रश्‍नकर्ता सदस्‍य द्वारा प्रमुख सचिव, लोक स्‍वास्‍थ्‍य और कल्‍याण विभाग को प्रेषित पत्र क्रमांक 221 दिनांक 17.05.2017 में विभाग द्वारा क्‍या कार्यवाही की गई? बिन्‍दुवार, कार्यवाहीवार, तिथिवार, विवरण दें?

लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। विशेषज्ञ/चिकित्सकों की अत्यधिक कमी के कारण संस्थाओं में शत्-प्रतिशत पदपूर्ति नहीं की जा सकी है। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पहाड़ी में एक्स-रे मशीन की आवश्यकता है, शेष संस्थाओं में मापदण्ड अनुसार संसाधन/उपकरण उपलब्ध हैं। (ग) जिले में 06 शासकीय एवं दान से प्राप्त 05 एम्बूलेंस उपलब्ध हैंजानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। जननी वाहन का संचालन पृथक से है। वाहनों के रख-रखाव एवं क्रियान्वयन हेतु स्वीकृत बजट अनुसार कार्यवाही की जाती है। वाहनों की सर्विसिंग हेतु तीन कूपन जारी किए गए एवं तीनों ही कूपन का उपयोग किया गया। माननीय सदस्य द्वारा संस्थाओं में उपलब्ध कराए गए 02 शवरोगी वाहनों की वारंटी अवधि में ही सर्विसिंग कराई गई है वर्तमान में उक्त दोनों वाहनों का उपयोग किया जा रहा है एवं अनुपयोगी नहीं है। वाहनों को डीजल रोगी कल्याण समिति के माध्यम से डलवाया जाता है। बहोरीबंद में नियमित वाहन चालक उपलब्ध है तथा रीठी में आवश्यकतानुसार वाहन चालक की व्यवस्था कराई जाकर वाहन का संचालन किया जा रहा है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है।

ग्राम लसुडिया जयसिंह में तालाब निर्माण

[जल संसाधन]

57. ( क्र. 5318 ) श्री दिलीप सिंह शेखावत : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रश्‍नकर्ता के विधानसभा क्षेत्र नागदा खाचरोद के ग्राम लसुडिया जयसिंह ग्राम पंचायत अमलावदिया में एक नाला गुजरता है, जिसमें वर्षाकाल के दौरान काफी मात्रा में पानी बहकर व्यर्थ ही चला जाता है? नाले के आसपास काफी शासकीय भूमि उपलब्ध है, जिसका विभाग द्वारा तालाब निर्माण हेतु सर्वे भी किया जा चुका है? (ख) क्या उक्त तालाब की डी.पी.आर. बन गयी है? यदि हाँ, तो यह कब तक स्वीकृत हो जावेगा?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) एवं (ख) विधानसभा क्षेत्र नागदा-खाचरोद की लसुडिया जयसिंह परियोजना की साध्‍यता दिनांक 15.11.2017 को प्रदान की गई है। परियोजना की डी.पी.आर. तैयार करने की कार्यवाही सतत् होने से स्‍वीकृति के लिए समय-सीमा बताना संभव नहीं है।

आयुर्वेदिक चिकित्‍सालय के संबंध में

[आयुष]

58. ( क्र. 5361 ) श्री सचिन यादव : क्या राज्यमंत्री, आयुष महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) कसरावद विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत आयुष/आयुर्वेदिक चिकित्‍सालय कहाँ-कहाँ संचालित हैं, इनमें किस-किस श्रेणी के पद स्‍वीकृत है, कितने एवं कब से रिक्‍त है? रिक्‍त पदों की पूर्ति प्रश्‍न दिनांक तक नहीं किए जाने के क्‍या कारण हैं? (ख) क्‍या उक्‍त चिकित्‍सालयों में दी जाने वाली सभी सुविधाएं उपलब्‍ध है? यदि हाँ, तो बतायें, यदि नहीं, तो कारण दें। क्‍या नि:शुल्‍क दवाओं का वितरण किया जा रहा हैं? यदि हाँ, तो कितने प्रकार की दवाएं प्रदाय की जा रही हैं? (ग) प्रश्नांश (क) में दर्शित कितने चिकित्‍सालय कब से भवनविहीन है? तत्‍संबंध में विभाग द्वारा कब-कब, क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई? प्रश्‍नांकित दिनांक तक की स्थिति में जानकारी दें। (घ) क्‍या उक्‍त क्षेत्र में आयुष चिकित्‍सालयों में वृद्धि अपेक्षत है? यदि हाँ, तो कहाँ-कहाँ नए चिकित्‍सालय खोले जाना प्रस्‍तावित है? (ड.) दिनांक 01 जनवरी 2014 से प्रश्‍न दिनांक तक प्रश्‍नकर्ता के प्राप्‍त पत्रों व अन्‍य माध्‍यमों से प्रस्‍तावित कार्यवाही की अद्यतन स्थिति क्‍या है? कार्यवाहीवार जानकारी दें।

राज्यमंत्री, आयुष ( श्री जालम सिंह पटेल ) : (क) चिकित्सालय संचालित नहीं है। औषधालयों की जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार। पद पूर्ति सतत् प्रक्रिया है। (ख) चिकित्सालय संचालित नहीं है। जी हाँ। औषधालयों में। जी हाँ। जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार (ग) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) जी नहीं। (ड.) प्रश्नकर्ता का पत्र क्र.Ksw/Pa/17/380 दिनांक 23.08.2017 के पालन में जानकारी जिला आयुष अधिकारी, खरगोन के पत्र क्रमांक/स्था./2017/1822-23 दिनांक 09.11.17 द्वारा उपलब्ध करा दी गई है।

परिशिष्ट - ''पंद्रह''

त्रिस्तरीय प्रणाली अनुसार स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्रों का संचालन

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

59. ( क्र. 5369 ) श्री सुन्‍दरलाल तिवारी : क्या लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या एन.आर.एच.एम. के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में स्‍वास्‍थ्‍य सेवा अधोसंरचना त्रिस्‍तरीय प्रणाली के रूप में विकसित की गई? जिसके अनुसार पाँच हजार की जनसंख्‍या पर उप स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र, तीस हजार पर प्राथमिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र एवं एक लाख बीस हजार पर एक सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र खोलने पर कार्यवाही की गयी? इस अनुसार कितने केन्‍द्रों का संचालन कब-कब, कहाँ-कहाँ रीवा संभाग अंतर्गत किया गया? (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में क्‍या जनसंख्‍या मापदण्‍ड के अनुसार आवश्‍यक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्रों के विरूद्ध 1588 एस.सी. (22 प्रतिशत), 828 पी.एच.सी. (41 प्रतिशत) तथा 153 सी.एच.सी. (31 प्रतिशत) कम हैं, इस अनुसार रीवा संभाग में एस.सी., पी.एस.सी. तथा सी.एस.सी. की उपलब्‍धता क्‍या है? जिलेवार बतावें। (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के तारतम्‍य में वर्ष 2012 से प्रश्‍न दिनांक तक में रीवा संभाग के जिलों को कितनी-कितनी राशि वर्षवार प्राप्‍त हुई एवं इसका व्‍यय कहाँ-कहाँ किया गया? क्‍या प्राप्‍त निधियों का बीस प्रतिशत उपयोग जिला मुख्‍यालय एवं सत्‍तर प्रतिशत ब्‍लॉकों में किया गया, यदि हाँ, तो पृथक-पृथक विवरण देवें। (घ) प्रश्नांश (क), (ख) अनुसार कार्यवाही कर स्‍वास्‍थ्‍य सुविधा ग्रामीण क्षेत्रों में जनसंख्‍या के मापदण्‍ड से संचालित नहीं की गयी, जिसके कारण लोगों को समुचित स्‍वास्‍थ्‍य सुविधाएं नहीं मिल पा रही है? इसके लिए कौन-कौन जबावदार है? प्राप्‍त निधि का ग्रामीण क्षेत्रों में उपयोग न कर मनमानी तरीके से राशि व्‍यय कर ली गयी एवं स्‍वास्‍थ्‍य सुविधाएं उपलब्‍ध नहीं कराई गयी, जिस पर महालेखाकार द्वारा भी आपत्ति की गयी है क्‍या इसके लिए संबंधितों की पहचान कर क्‍या कार्यवाही प्रस्‍तावित करेंगे एवं स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र जनसंख्‍या के मापदण्‍ड अनुसार कब तक संचालित करावेंगे? अगर नहीं तो क्‍यों?

लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) जी हाँ। जी हाँ। शेष प्रश्नांश की जिलेवार  जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) जी हाँ। जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ग) प्रश्‍नावधि में रीवा संभाग के अन्तर्गत जिलों में आवंटित राशि एवं व्यय का जिलेवार विवरण की  जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट  के प्रपत्र '''' अनुसार है। इस राशि का उपयोग जिला मुख्यालय एवं जिलों की ग्रामीण स्वास्थ्य संस्थाओं में किया गया। जी नहीं, जिला मुख्यालय पर 20 प्रतिशत एवं ब्लॉकों पर 70 प्रतिशत व्यय नहीं हुआ। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) जी नहीं, उपलब्ध वित्तीय एवं मानव संसाधन द्वारा सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में भी स्वास्थ्य सुविधाएं समुचित एवं निरंतर रूप से प्रदाय की जा रहीं है। कोई नहीं। महालेखाकार की आपत्ती भी उपलब्ध संसाधन की सीमा में सेवा प्रदायगी की संतोषजनक स्थिति में निराकृत होकर मान्य की गई है। प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता अनुसार जनसंख्या के मापदण्ड के आधार पर स्वास्थ्य केन्द्रों की स्थापना की जाती है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

परिशिष्ट - ''सोलह''

जिम्‍मेदारों पर कार्यवाही

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

60. ( क्र. 5370 ) श्री सुन्‍दरलाल तिवारी : क्या लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या विभाग द्वारा टी.वी. रोग के उन्‍मूलन की कार्य योजना तैयार की है? कार्य योजना का विस्‍तृत विवरण बतावें। (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में रीवा जिले अंतर्गत वर्ष 2016 से प्रश्‍न दिनांक तक में टी.वी. रोग के कितने मरीज जिले एवं स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्रों पर चिन्हित किए गये? इनकी बीमारी के निदान/उपचार बाबत् क्‍या कार्यवाही की गयी? (ग) प्रश्नांश (क) के मरीजों में ऐसे मरीज जिन में एच.आई.वी. के लक्षण एवं जो एच.आई.वी.-टी.वी. सहसंक्रमित मरीज (क्रास रेफरल बेरीफिकेसन) मिले,क्‍या इनका चिन्‍हांकन किया गया था यदि हाँ, तो उक्‍त कितने मरीजों को उपचार बावत् शासन से कितनी राशि रीवा जिले को प्रदान की गयी? प्राप्‍त राशि का कितना  उपयोग  वर्षवार तथा किया गया, साथ ही व्‍यय हेतु शासन के निर्देश की प्रत&