मध्यप्रदेश विधान सभा


प्रश्नोत्तर-सूची
जुलाई, 2017 सत्र


मंगलवार, दिनांक 25 जुलाई, 2017


भाग-1
तारांकित प्रश्नोत्तर


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फीडर सेपरेशन का कार्य

[ऊर्जा]

1. ( *क्र. 2749 ) श्री चन्‍द्रशेखर देशमुख : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मुलताई वि.स. क्षेत्र के विकासखण्‍ड प्रभात पट्टन में फीडर सेपरेशन का कार्य किस ठेकेदार द्वारा एवं किस अधिकारी के मार्गदर्शन में किया जा रहा है? (ख) प्रश्‍नांश (क) के अनुसार क्‍या सभी कार्य गुणवत्‍तापूर्ण हो रहे हैं? (ग) प्रश्‍नांश (ख) के अनुसार यदि हाँ, तो ग्राम काजली के कार्य की गुणवत्‍ता की शिकायतें ग्रामीणों एवं जन-प्रतिनिधियों द्वारा करने के उपरांत भी कोई कार्यवाही क्‍यों नहीं की गई? (घ) प्रश्‍नांश (ग) के अनुसार दोषी अधिकारी एवं ठेकेदार के विरूद्ध विभाग कब तक और क्‍या कार्यवाही करेगा? दिनांक सहित स्‍पष्‍ट करें।

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) मुलताई विधानसभा क्षेत्र के विकासखण्‍ड प्रभात पट्टन में फीडर विभक्तिकरण का कार्य निविदा द्वारा चयनित ठेकेदार एजेन्‍सी मेसर्स अग्रवाल पॉवर प्रा.लि. भोपाल द्वारा किया जा रहा है। उप महाप्रबंधक (संचा./संधा.) मुलताई एवं स्‍वतंत्र निरीक्षण इकाई के रूप में नियुक्‍त प्रोजेक्‍ट मैनेजमेंट कंसल्‍टेंट एजेन्‍सी मेसर्स एस.जी.एस. (इंडिया) प्रा.लि. भोपाल द्वारा कार्य का निरीक्षण किया जा रहा है। (ख) जी, हाँ। तथापि निरीक्षण में कार्य की गुणवत्‍ता में कमी/त्रुटि पाये जाने पर ठेकेदार एजेन्‍सी से आवश्‍यक सुधार कार्य करवाया जाता है। (ग) ग्राम काजली के कार्य की गुणवत्‍ता के संबंध में कोई लिखित शिकायत प्राप्‍त नहीं हुई है। कार्य के दौरान ग्राम काजली के ग्रामीणों एवं जन-प्रतिनिधियों द्वारा निम्‍नदाब लाईन के 3 पोल तिरछे होने की मौखिक शिकायत की गई थी, जिसके तारतम्‍य में पोल सीधे करने सहित आवश्‍यक सुधार कार्य करवा दिया गया है। (घ) उत्‍तरांश (ग) के परिप्रेक्ष्‍य में किसी अधिकारी/ठेकेदार एजेन्‍सी के दोषी नहीं होने से उनके विरूद्ध कोई कार्यवाही किया जाना अपेक्षित नहीं है।

आनंद उत्‍सव के आयोजन में व्‍यय राशि

[आनन्द]

2. ( *क्र. 2254 ) कुँवर विक्रम सिंह : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में आनंद विभाग बनने के बाद प्रश्‍न दिनांक तक कितनी राशि का व्‍यय किया गया? (ख) वित्‍तीय वर्ष 2016-17 एवं 2017-18 हेतु छतरपुर जिले में कौन-कौन से कार्यों हेतु व्‍यय किया गया? कार्यों का विवरण दें। (ग) विभाग के जिला स्‍तर पर नोडल अधिकारी कौन हैं? कार्य योजना कौन-कौन सी बनाई गई, जिसमें कौन से परिणाम प्राप्‍त हुए?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) प्रदेश में आनंद विभाग बनने के बाद विभाग द्वारा प्रश्‍न दिनांक तक राशि रूपये 1,40,90,848/- का व्‍यय किया गया। (ख) वित्‍तीय वर्ष 2016-17 में छतरपुर जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में 14 से 21 जनवरी, 2017 में आनंद उत्‍सव का आयोजन किया गया, जिसमें खेल गतिविधियां एवं सांस्‍कृतिक कार्यक्रम आयोजित किये गये, जिन पर कुल व्‍यय राशि रूपये 18,11,366/- हुआ। यह व्‍यय पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग अंतर्गत पंचायत राज संचालनालय द्वारा उपलब्‍ध आवंटित राशि के विरूद्ध किया गया। वित्‍तीय वर्ष 2017-18 में छतरपुर जिले में कोई भी व्‍यय नहीं किया गया है। (ग) श्री जे.एन. चतुर्वेदी, सहायक संचालक कार्यालय जिला शिक्षा अधिकारी, छतरपुर जिले हेतु नामांकित नोडल अधिकारी हैं। प्रदेश स्‍तर पर (1) आनंद उत्‍सव (2) आनंदम (3) अल्‍पविराम (4) आनंद सभा (5) आनंद क्‍लब कार्यक्रम संचालित हैं। परिणाम उत्‍साह जनक हैं।

लेखापाल संवर्ग को द्वितीय समयमान का लाभ

[वित्त]

3. ( *क्र. 1050 ) श्री निशंक कुमार जैन : क्या वित्त मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) संचालनालय कोष एवं लेखा भोपाल का पत्र क्रमांक 560/09.11.2012, स्मरण पत्र क्रमांक 393/02.12.2013, 249/26.06.2014 एवं अर्द्ध शासकीय पत्र क्रमांक 347/01.09.2014, 498/02.12.2014 के उत्तर में अपर संचालक, कोष एवं लेखा संचालनालय भोपाल को उप सचिव, मध्यप्रदेश शासन, वित्त विभाग, मंत्रालय भोपाल द्वारा जारी पत्र दिनांक 28.07.2015 प्रेषित किया गया है? यदि हाँ, तो संचालनालय एवं मंत्रालय के पत्रों की प्रति उपलब्ध करावें? (ख) क्या उक्त पत्रों के क्रम में प्रश्‍नकर्ता द्वारा अपर संचालक, कोष एवं लेखा पेंशन भोपाल, अपर मुख्य सचिव, वित्त विभाग, भोपाल को प्रेषित किये गये पत्र क्रमश: 6921/28.05.2017, 6820/28.04.2014 में कौन-कौन सी जानकारी चाही गई वह उपलब्ध करवाई जा चुकी है, नहीं तो इसके लिए कौन दोषी है? (ग) क्या प्रश्‍नकर्ता द्वारा आयुक्त, कोष एवं लेखा/संयुक्त संचालक कोष एवं लेखा संभाग भोपाल को प्रेषित किये गये पत्र क्रमांक 6890, दिनांक 19.05.2017 का उत्तर/जानकारी भी उपलब्ध नहीं करवाई गई? इसके लिए भी कौन दोषी है? (घ) प्रश्नांश (क) एवं (ग) के क्रम में यह बतावें कि लेखापाल संवर्ग को द्वितीय समयमान की पात्रता है या नहीं? यदि नहीं, तो आर्थिक हानि के लिये कौन जिम्मेदार है?

वित्त मंत्री ( श्री जयंत मलैया ) : (क) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9, 10, 11, 12 अनुसार है। (ख) कार्यालय अभिलेख के अनुसार वर्णित पत्र क्रमांक 6921, दिनांक 28.5.2017 एवं पत्र क्रमांक 6820, दिनांक 28.4.2014 प्राप्त होना ज्ञात नहीं हो रहा है। (ग) पत्र दिनांक 19.5.2017 का परीक्षण किया जा रहा है। (घ) वित्त विभाग के परिपत्र दिनांक 16.5.2017 के द्वारा लेखापाल के ग्रेड वेतन का उन्नयन किये जाने से उन्नयित वेतन की पात्रता हो गई है। समयमान वेतनमान की अवधारणा सिविल सेवा पर आधारित होने से शासकीय सेवक जिस सेवा के सदस्य रहते हैं, उस सेवा के अनुसार समयमान की पात्रता रहती है।

आंगनवाड़ी केन्द्रों में विद्युत व्यवस्था

[महिला एवं बाल विकास]

4. ( *क्र. 1116 ) श्री मोती कश्यप : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) राज्य में कुल आंगनवाड़ी व मिनी आंगनवाड़ी केन्द्रों की संख्या कितनी है तथा जिला कटनी के किन-किन विकासखण्डों में केन्द्रों की संख्या कितनी है और उनमें कितने बालक-बालिकायें प्रविष्ट हैं? (ख) प्रश्नांश (क) केन्द्रों में कितनी आयु के बालक-बालिकाओं को किस उद्देश्य से प्रवेश प्रदान किया जाता है और वर्ष के कितने दिन उनके पोषण की देख-रेख की जाती है तथा क्या ग्रीष्मकाल के माह अप्रैल से जून की भीषण गर्मी में उन्हें छुट्टियां प्रदान कर दी जाती है? (ग) क्या राज्य के आंगनवाड़ी व मिनी आंगनवाड़ी केन्द्रों में बालक-बालिकाओं को भीषण गर्मी से राहत प्रदान करने हेतु भवनों में विद्युत कनेक्शन एवं पंखों की व्यवस्था की गई है? (घ) क्या दिनांक 17.5.2017 को विकासखण्‍ड ढीमरखेड़ा के ग्राम दशरमन की आदिवासी मोहल्ला के आंगनवाड़ी केन्द्र की सहायिका श्रीमती मीराबाई पति श्री रामजी कुशवाह, उम्र 50 वर्ष को भीषण गर्मी से ब्लडप्रेशर बढ़ने से पैरालाइसिस अटैक आने पर उसे सामुदायिक स्वा.केन्द्र उमरियापान में भर्ती कराया गया है? (ड.) क्या विभाग राज्य के समस्त आंगनवाड़ी केन्द्रों में विद्युत एवं पंखे की व्यवस्था कराकर नौनिहाल बच्चों के जीवन की रक्षा हेतु विभागीय बजट में प्रावधान कर क्रियान्वित करेगा?

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( श्रीमती अर्चना चिटनिस ) : (क) राज्य में कुल 84465 आंगनवाड़ी केन्द्र व 12670 मिनी आंगनवाड़ी केन्द्र स्वीकृत हैं। कटनी जिले में 1531 आंगनवाड़ी केन्द्र व 179 मिनी आंगनवाड़ी संचालित हैं। जिला कटनी के 06 विकासखण्डों में संचालित आंगनवाड़ी केन्द्रों की संख्या एवं उनमें प्रविष्ट बालक-बालिकाओं का विवरण संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) प्रश्नांश (क) केन्द्रों में 06 वर्ष तक आयु के बालक बालिकाओं को दर्ज कर आंगनवाड़ी केन्द्रों के माध्यम से निम्नानुसार सेवायें प्रदान करने के उद्देश्य से दर्ज (प्रवेश) किया जाता है :- (1) पूरक पोषण आहर, (2) स्वास्थ्य जाँच, (3) संदर्भ सेवा, (4) टीकाकरण, (5) पोषण एवं स्वास्थ्य शिक्षा (6) स्कूल पूर्व अनौपचारिक शिक्षा। आंगनवाड़ी केन्द्रों में दर्ज बच्चों को 300 दिवस पूरक पोषण आहार प्रदाय किया जाता है। ग्रीष्मकाल के अप्रैल से जून माह में छुट्टियां दिये जाने का प्रावधान नहीं किया गया है। (ग) जी नहीं। (घ) जी हाँ। (ड.) सौर ऊर्जा के माध्यम से आंगनवाड़ी केन्द्रों पर विद्युत प्रदाय किये जाने की योजना विचाराधीन है।

परिशिष्ट - ''एक''

सांझा चूल्‍हा योजना में खाद्यान्‍न सप्‍लाई

[महिला एवं बाल विकास]

5. ( *क्र. 1935 ) श्री मानवेन्द्र सिंह : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) सांझा चूल्‍हा योजनांतर्गत छतरपुर जिले में आंगनवाड़ी केन्‍द्रों पर किस संस्‍था द्वारा खाद्यान्‍न सप्‍लाई किया जा रहा है एवं सप्‍लाई का रेट क्‍या है? (ख) क्‍या सप्‍लाईकर्ता संस्‍था द्वारा खण्‍ड स्‍तरीय कार्यालय तक ही खाद्यान्‍न भेजा जाता है? (ग) प्रश्‍नांश (ख) यदि हाँ, तो क्‍या खण्‍ड स्‍तरीय कार्यालय से आंगनवाड़ी कार्यकर्ताएं खाद्यान्‍न प्राप्‍त कर केन्‍द्र तक परिवहन कर ले जाती हैं? क्‍या उन्‍हें परिवहन व्‍यय दिया जाता है? यदि नहीं, तो क्‍यों? (घ) यदि हाँ, तो प्रश्नांश (क) जिलान्‍तर्गत वर्ष 2013-14 से प्रश्‍न दिनांक तक किस-किस आंगनवाड़ी केन्‍द्र को कितना-कितना परिवहन व्‍यय दिया गया? (ड.) खण्‍ड स्‍तरीय कार्यालय से आंगनवाड़ी केन्‍द्रों तक खाद्यान्‍न परिवहन का कार्य किसके द्वारा किया जाता है?

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( श्रीमती अर्चना चिटनिस ) : (क) छतरपुर जिले में सांझा चूल्हा योजनान्तर्गत आंगनवाड़ी केन्द्रों पर खाद्यान्न सप्लाईकर्ता संस्थाओं की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। इन संस्थाओं द्वारा आंगनवाड़ी केन्द्रों में नाश्ता 2/- रू. प्रति हितग्राही एवं भोजन 4/- रू. प्रति हितग्राही के मान से दिया जाता है। (ख) सांझा चूल्हा कार्यक्रम अन्तर्गत आंगनवाड़ी केन्द्रों में 03 से 06 वर्ष तक के बच्चों के लिये मध्यान्ह भोजन प्रदायकर्ता समूहों के माध्यम से पूरक पोषण आहार नाश्ता/भोजन आंगनवाड़ी केन्द्र मुख्यालय पर उपलब्ध कराया जाता है। 06 माह से 03 वर्ष तक के बच्चों एवं गर्भवती धात्री माताओं के लिए एम.पी. एग्रो के माध्यम से पूरक पोषण आहार (टेकहोम राशन) खण्ड स्तरीय परियोजना मुख्यालय तक उपलब्ध कराया जाता है। (ग) खण्ड स्तरीय कार्यालय से आंगनवाड़ी कार्यकर्ताएं केन्द्र पर परिवहन कर खाद्यान्न नहीं ले जाती हैं और न ही उन्हें किसी प्रकार का परिवहन व्‍यय दिया जाता है। 06 माह से 03 वर्ष के बच्चों एवं गर्भवती/धात्री माताओं के लिये एम.पी. एग्रो से प्राप्त पूरक पोषण आहार (टेकहोम राशन) का परिवहन परियोजना गोदाम से आंगनवाड़ी केन्द्र मुख्यालय तक परिवहनकर्ताओं के माध्यम से कराया जाता हैं। (घ) सांझा चूल्हा योजनान्तर्गत संस्थाओं को किसी भी प्रकार का परिवहन व्यय नहीं दिया जाता है। प्रश्नांश वर्षों में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को कोई भी परिवहन व्यय नहीं दिया गया है। (ड.) खण्ड स्तरीय कार्यालय तक एम.पी. एग्रो के माध्यम से प्राप्त पूरक पोषण आहार (टेकहोम राशन) का परिवहन आंगनवाड़ी केन्द्रों तक कराया जाता है। वर्तमान में परिवहनकर्ता की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है।

विद्युत तारों की सुरक्षा

[ऊर्जा]

6. ( *क्र. 2581 ) डॉ. मोहन यादव : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या विद्युतीकरण के कार्य के दौरान खुले तारों के नीचे सुरक्षा की दृष्टि से गार्डिंग लगाये जाने का प्रावधान अनिवार्य होता है? यदि हाँ, तो उज्‍जैन जिले में सभी जगह विद्युत लाइनों के नीचे गार्डिंग का कार्य करवाया गया है अथवा नहीं? यदि नहीं, तो क्‍यों? (ख) विद्युत लाइनों को डालते समय सुरक्षा की दृष्टि से अनिवार्य गार्डिंग का कार्य जिन विद्युत लाइनों में नहीं हुआ है। उसके लिए जिम्‍मेदारों के विरूद्ध कोई कार्यवाही का प्रावधान है अथवा नहीं?

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) जी नहीं, विद्युतीकरण के कार्य के दौरान खुले तारों के नीचे सुरक्षा की दृष्टि से प्रत्‍येक विद्युत लाईन के नीचे गार्डिंग लगाये जाने का प्रावधान अनिवार्य नहीं है, किन्‍तु विद्युत लाईन के रोड से क्रासिंग स्‍थल, नदी से क्रासिंग स्‍थल एवं रेलवे लाईन से क्रासिंग लोकेशन पर गार्डिंग लगाये जाने का प्रावधान होता है। उज्‍जैन जिले में ऐसे सभी क्रासिंग स्‍थलों पर विद्युत लाईनों के नीचे गार्डिंग का कार्य करवाया गया है। अत: प्रश्‍न नहीं उठता। (ख) उत्‍तरांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न नहीं उठता।

132 के.व्‍ही. विद्युत सब स्‍टेशन का निर्माण

[ऊर्जा]

7. ( *क्र. 2235 ) श्रीमती प्रतिभा सिंह : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बरगी विधान सभा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम बेलखेड़ा में 132 के.व्‍ही. विद्युत सब स्‍टेशन के निर्माण/स्थापना की वर्तमान स्थिति क्‍या है? (ख) क्‍या उक्‍त 132 के.व्‍ही. विद्युत सब स्‍टेशन के निर्माण की स्‍वीकृति प्रदान की जा चुकी है? यदि हाँ, तो निर्माण कार्य कब तक प्रारंभ होगा, ताकि इस क्षेत्र के किसानों की विद्युत आपूर्ति बेहतर ढंग से हो सके।

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) बरगी विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम बेलखेड़ा में निर्माणाधीन 132 के.व्‍ही. विद्युत उपकेन्‍द्र के निर्माण का कार्य ठेकेदार मेसर्स बी.एस. लिमिटेड, हैदराबाद द्वारा धीमी गति से किये जाने के कारण ठेका दिनांक 22.02.2017 को निरस्‍त किया जा चुका है। ठेका निरस्‍त किये जाने तक 15 प्रतिशत कार्य पूर्ण किया जा चुका था। (ख) जी हाँ। मध्‍यप्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड द्वारा 132 के.व्‍ही. उपकेन्‍द्र बेलखेड़ा का निर्माण कार्य स्‍वीकृत कर कार्य निविदा आधार पर चयनित न्‍यूनतम निविदाकार मेसर्स बी.एस. लिमिटेड, हैदराबाद को दिया गया था। ठेकेदार मेसर्स बी.एस. लिमिटेड हैदराबाद द्वारा उक्‍त उपकेन्‍द्र का निर्माण कार्य प्रारंभ किया गया था, परन्‍तु धीमी गति से कार्य किये जाने के कारण मेसर्स बी.एस. लिमिटेड का ठेका निरस्‍त कर दिया गया है। 132 के.व्‍ही. उपकेन्‍द्र बेलखेड़ा के शेष कार्यों को निविदा की शर्तों के अनुसार मेसर्स बी.एस. लिमिटेड की रिस्‍क एवं कास्‍ट के अंतर्गत पूर्ण करवाने हेतु निविदा दिनांक 28.06.2017 को जारी की जा चुकी है। निविदा प्रक्रिया पूर्ण कर आदेश जारी किए जाने की कार्यवाही की जाएगी। तत्पश्‍चात् उपकेन्‍द्र का शेष निर्माण कार्य प्रारंभ किया जायेगा। अत: वर्तमान में निर्माण कार्य प्रारंभ होने की निश्चित ति‍थि बताया जाना संभव नहीं है।

पहुंच मार्ग की मरम्‍मत

[ऊर्जा]

8. ( *क्र. 2671 ) श्री जय सिंह मरावी : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रीवा जिला स्थित टोन्‍स हायडल प्रोजेक्‍ट विद्युत गृह क्र. 1 तक के लिये ग्राम-इटमा (जीरो) से बनाया गया पहुंच मार्ग मरम्‍मत योग्‍य है अथवा नहीं? (ख) यदि हाँ, तो उक्‍त पहुंच मार्ग की मरम्‍मत क्‍यों नहीं की गई तथा मेड़ी नाला के पास क्षतिग्रस्‍त हो चुकी स्‍टेवॉल का पुन: निर्माण क्‍यों नहीं कराया गया? (ग) प्रश्‍नाधीन पहुंच मार्ग की विद्युत गृह के लिये आवश्‍यकता है अथवा नहीं? (घ) यदि हाँ, तो मरम्‍मत कार्य कब तक कराया जायेगा और यदि नहीं, तो नष्‍ट हो रहे पहुंच मार्ग को लोक निर्माण विभाग को हस्‍तांतरित नहीं करने का औचित्‍य बतायें?

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) जिला रीवा स्थित ग्राम-इटमा (जीरो) से टोंस हायडल प्रोजेक्‍ट विद्युत गृह क्रमांक-एक तक के लिये पहुंच मार्ग वर्ष 2016 में अतिवर्षा के कारण क्षतिग्रस्‍त हुआ था, जिसका आवश्‍यकतानुसार संधारण कार्य किया जा चुका है। अत: वर्तमान में सुधार कार्य की आवश्‍यकता नहीं है। (ख) उत्‍तरांश (क) में उल्‍लेखानुसार संधारण कार्य किये जा चुके हैं, जिसमें मेड़ी नाला के पास क्षतिग्रस्‍त हो चुकी स्‍टेवॉल भी शामिल है। अत: आवश्‍यक संधारण के पश्‍चात् स्‍टेवॉल का पुनर्निर्माण आवश्‍यक नहीं है। (ग) प्रश्‍नाधीन पहुंच मार्ग की आवश्‍यकता विषम परिस्थितियां उत्‍पन्‍न होने पर भारी सामान लाने ले जाने हेतु एवं लिफ्ट में सुधार कार्य के दौरान होती है। अत: पहुंच मार्ग विद्युत गृह के लिये आवश्‍यक है। (घ) उत्‍तरांश (क) में दर्शाये अनुसार प्रश्‍नाधीन मार्ग में संधारण कार्य किये जा चुके हैं एवं आवश्‍यकतानुसार मरम्‍मत कार्य किया जाता है। विद्युत गृह की आवश्‍यकता को देखते हुये इस मार्ग का लोक निर्माण विभाग को हस्‍तांतरण विचारणीय नहीं है।

अनुसूचित जनजाति बस्ती विकास योजना का क्रियान्‍वयन

[आदिम जाति कल्याण]

9. ( *क्र. 2481 ) श्री पुष्‍पेन्‍द्र नाथ पाठक : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अनुसूचित जनजाति बस्ती विकास योजनान्तर्गत छतरपुर जिले को वर्ष 2012-13 से प्रश्न दिनांक तक कितनी राशि प्राप्त हुई? वर्षवार जानकारी प्रदाय करें। (ख) प्रश्नांश (क) के अनुक्रम में जिले की प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र को वर्ष 2012-13 से प्रश्न दिनांक तक कितनी-कितनी राशि प्रदाय की गई। (ग) छतरपुर जिले में ऐसे कितने गाँव हैं, जहाँ अनुसूचित जनजाति की कुल जनसँख्या 50 प्रतिशत या उससे अधिक है तथा कम से कम अनुसूचित जनजाति के 20 परिवार निवास करते हों? विधानसभा क्षेत्र अनुसार नाम सहित जानकारी प्रदाय करें।

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) अनुसूचित जनजाति बस्ती विकास योजनान्तर्गत प्राप्त राशि की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) विधानसभा क्षेत्रवार प्रदाय की गई राशि की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है।

सुमावली विधानसभा क्षेत्र के मजरे, टोलों का विद्युतीकरण

[ऊर्जा]

10. ( *क्र. 1880 ) श्री सत्‍यपाल सिंह सिकरवार : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या सुमावली विधानसभा क्षेत्र मुरैना के 636 मजरे, टोलों को 12वीं पंचवर्षीय योजना में स्‍वीकृत राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना के अंतर्गत ठेकेदार मेसर्स बजाज इलेक्‍ट्रीकल्‍स मुम्‍बई को कार्य दिया गया था? कार्यादेश कब जारी किया एवं कितनी राशि बजाज कंपनी को देनी थी? (ख) सुमावली विधानसभा क्षेत्र मुरैना के कितने मजरे टोलों का कार्य जून 2017 तक पूर्ण किया जा चुका है? कार्य करने की समय-सीमा क्‍या थी? विद्युतीकरण हेतु क्‍या जनप्रतिनिधियों द्वारा विभाग को कंपनी द्वारा धीमी गति के कार्यों के बारे में पत्र लिखा गया था? (ग) क्‍या नियत समय में कार्य नहीं हो पाने के कारण विभाग द्वारा ठेकेदार बजाज कंपनी पर पेनल्‍टी लगाई जा रही है? क्‍या कंपनी द्वारा कार्य बंद किया जा रहा है? बचे हुए मजरे टोलों का कार्य किस कंपनी से कराया जायेगा। ग्रामीण क्षेत्र में अभी तक किस-किस कंपनी से कार्य कराया जा चुका है?

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) 12वीं पंचवर्षीय योजना में स्‍वीकृत राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना के अंतर्गत मुरैना जिले के 3101 मजरों/टोलों के विद्युतीकरण कार्य हेतु टर्न-की ठेकेदार एजेन्‍सी मेसर्स बजाज इलेक्ट्रिकल लिमिटेड मुम्‍बई को दिनांक 10.09.2014 को राशि रू. 106.09 करोड़ के कार्य टर्न-की आधार पर कराए जाने हेतु अवार्ड जारी किया गया था। उक्‍त कार्य में डी.पी.आर. अनुसार सुमावली विधानसभा क्षेत्र के 636 मजरे/टोले सम्मिलित थे, किन्‍तु उक्‍त योजना के क्रियान्‍वयन हेतु वित्‍तीय उपलब्‍धता के आधार पर सुमावली विधानसभा क्षेत्र के 215 मजरों/टोलों को विद्युतीकरण कार्य हेतु सम्मिलित किया जा सका। (ख) सुमावली विधानसभा क्षेत्र में जून 2017 तक 213 मजरों/टोलों में विद्युतीकरण का कार्य संपादित कराया जा चुका है। ठेकेदार एजेन्‍सी को दिये गये अवार्ड की शर्तों के अनुसार उक्‍त योजना के कार्य पूर्णता की समय-सीमा 10.09.2016 निर्धारित थी, जिसे म.क्षे.वि.वि.कं.लिमि. भोपाल के पत्र क्र. एम.डी./एम.के./प्रोजेक्‍ट/आर.जी.जी.व्‍ही.व्‍हाय./1236, दिनांक 10.11.2016 द्वारा दिनांक 30.06.2017 तक बढ़ा दिया गया था। मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी क्षेत्रान्‍तर्गत उपलब्‍ध अभिलेखों के अनुसार प्रश्‍नाधीन किये जा रहे कार्यों की धीमी गति के संबंध जिले के माननीय जनप्रतिनिधियों से कोई भी पत्र प्राप्‍त नहीं हुआ है। (ग) जी हाँ, नियत समय-सीमा में कार्य नहीं किये जाने का कारण ठेकेदार एजेन्‍सी मेसर्स बजाज इलेक्ट्रिकल लिमिटेड मुम्‍बई के देयकों में से अवार्ड की शर्तों के अनुसार लिक्विडेटेड डैमेज के रूप में पेनल्‍टी स्‍वरूप रू. 3.11 करोड़ की राशि काटी जा चुकी है। उक्‍त कंपनी द्वारा प्रश्‍न दिनांक तक कार्य बन्‍द नहीं किया तथा सुमावली विधानसभा क्षेत्र के उक्‍त शेष 2 मजरों/टोलों का कार्य प्रगति पर है। प्रश्‍नाधीन उक्‍त योजनांतर्गत शेष मजरों/टोलों में विद्युतीकरण कार्य वित्‍तीय उपलब्‍धता के आधार पर दीनदयाल उपाध्‍याय ग्राम ज्‍योति योजना में कराया जावेगा। उक्‍त योजना का कार्य टर्न-की आधार पर कराए जाने हेतु निविदा कार्यवाही प्रक्रियाधीन है, अवार्ड जारी हो जाने के पश्‍चात् टर्न-की ठेकेदार के नाम से अवगत कराया जाना संभव हो सकेगा। प्रश्‍नाधीन ग्रामीण क्षेत्रों में पूर्व में राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजनांतर्गत ठेकेदार एजेन्‍सी मेसर्स केईसी इंटरनेशनल गुड़गाँव से कार्य कराया गया था, किन्‍तु समय-सीमा में कार्य नहीं किये जाने के कारण उक्‍त ठेकेदार एजेंसी का अनुबंध दिनांक 23.11.2013 को निरस्‍त कर बैंक ग्‍यारंटी की राशि राजसात कर ली गई थी।

शासकीय सेवकों के स्वत्वों के भुगतान की प्रक्रिया

[वित्त]

11. ( *क्र. 1955 ) श्री प्रहलाद भारती : क्या वित्त मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नवीन अंशदायी पेंशन योजना के अंतर्गत दिनांक 01.01.2005 के पश्‍चात् नियुक्‍त शासकीय सेवकों को सेवानिवृत्ति/आकस्मिक मृत्‍यु होने पर किन-किन स्‍वत्‍वों का कितना-कितना भुगतान किया जाता है? स्‍वत्‍ववार जानकारी उपलब्‍ध करावें (ख) दिनांक 01.01.2005 के पश्‍चात् नियुक्‍त शासकीय सेवकों को पेंशन अंशदान खाते में जमा राशि के अंतिम भुगतान की क्‍या प्रक्रिया है? सेवा अवधि में आवश्‍यकता होने पर पेंशन अंशदान खाते से राशि आहरण करने की क्‍या प्रक्रिया है? पेंशन अंशदान खाते में जमा राशि पर किस दर से कितना-कितना ब्‍याज दिया जाता है? (ग) दिनांक 01.01.2005 के पश्‍चात् नियुक्‍त शासकीय सेवक की आकस्मिक मृत्‍यु होने पर उस पर आश्रित पत्नि को प्रतिमाह पेंशन पाने की पात्रता है अथवा नहीं? यदि हाँ, तो कितनी राशि की पात्रता है? पेंशन अंशदान खाते में जमा राशि के अभिलेखों का संधारण कैसे-कैसे तथा किनके द्वारा किया जाता है?

वित्त मंत्री ( श्री जयंत मलैया ) : (क) नवीन अंशदायी पेंशन योजना के अंतर्गत दिनांक 01.1.2005 के पश्चात् नियुक्त शासकीय सेवक की सेवानिवृत्ति/आकस्मिक मृत्यु होने पर मध्य प्रदेश शासन वित्‍त विभाग द्वारा जारी आदेश दिनांक 06.8.2014 की कंडिका-1 (अ) अनुसार कुल जमा अंशदान राशि का 60 प्रतिशत एक मुश्त भुगतान तथा 40 प्रतिशत राशि से एन्युटी खरीदनी होगी, जिससे सेवानिवृत्ति होने पर मासिक पेंशन प्राप्त होगी तथा कंडिका 1 (स) अनुसार मृत्यु होने पर कुल जमा अंशदान राशि का 100 प्रतिशत नामिनी को भुगतान किया जाता है। समूह बीमा योजना 2003 के प्रावधान अनुसार भुगतान किया जाता है। (ख) दिनांक 01.1.2005 के पश्चात् नियुक्त शासकीय सेवकों को पेंशन अंशदान खाते में जमा राशि का अंतिम भुगतान मध्य प्रदेश शासन वित्‍त विभाग द्वारा जारी आदेश दिनांक 06.8.2014 में निर्धारित प्रक्रिया अनुसार किया जाता है। सेवा अवधि में आवश्यकता होने पर पेंशन खाते से राशि आहरण हेतु कोई प्रक्रिया निर्धारित नहीं की गई है। पेंशन अंशदान खाते में जमा राशि राज्य शासन द्वारा निर्धारित फण्ड मैनेजरों को आवंटित प्रतिशत के आधार पर स्टॉक मार्केट में निवेश से प्राप्त प्रतिफल पर लाभांश देय होता है। (ग) जी नहीं। पेंशन अंशदान खाते में जमा राशि संबंधी रिकार्ड्स का संधारण राज्य शासन द्वारा अधिकृत एन.एस.डी.एल. (रिकार्ड किपिंग एजेन्सी) द्वारा किया जाता है। एन.पी.एस. ट्रस्ट द्वारा अभिदाताओं की राशि पी.एम.एफ. द्वारा स्टॉक मार्केटिंग में निवेश किया जाता है।

खिलचीपुर विधानसभा क्षेत्रांतर्गत ग्रामों का विद्युतीकरण

[ऊर्जा]

12. ( *क्र. 1011 ) कुँवर हजारीलाल दांगी : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2016-17 से प्रश्‍न दिनांक तक खिलचीपुर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत कौन-कौन से ग्रामों में विद्युतीकरण नहीं हुआ है तथा इसके क्‍या मुख्‍य कारण रहे? (ख) विधानसभा क्षेत्र खिलचीपुर अंतर्गत फीडर सेपरेशन तथा राजीव गांधी विद्युतीकरण योजना अंतर्गत कौन-कौन से कार्य अप्रांरभ एवं अपूर्ण हैं तथा कब तक पूर्ण करा लिये जायेंगे? (ग) विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत किन-किन ग्रामों की विद्युत सप्‍लाई किन-किन कारणों से बंद है एवं किन-किन ग्रामों में ट्रांसफार्मर जले एवं खराब हैं? उनको कब तक बदल दिया जाएगा? ग्रामवार जानकारी उपलब्‍ध कराई जावे

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) वर्ष 2016-17 के पूर्व ही खिलचीपुर विधानसभा क्षेत्रान्‍तर्गत सभी 352 राजस्‍व ग्रामों के विद्युतीकरण का कार्य पूर्ण किया जा चुका है। (ख) खिलचीपुर विधानसभा क्षेत्र में राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजनान्‍तर्गत कार्य दिनांक 30.06.2016 को पूर्ण हो चुका है। खिलचीपुर विधानसभा क्षेत्र में फीडर विभक्तिकरण योजना के अंतर्गत सम्मिलित 11 के.व्‍ही. के 54 फीडरों एवं उनसे संबद्ध 352 ग्रामों में से 53 फीडरों एवं उनसे संबद्ध 337 ग्रामों में फीडर विभक्तिकरण का कार्य दिनांक 30.06.2017 तक पूर्ण हो चुका है तथा शेष एक 11 के.व्‍ही. फीडर एवं उससे संबद्ध 15 ग्रामों में फीडर विभक्तिकरण का कार्य प्रगति पर है, जिसे कार्य पूर्णता की निर्धारित दिनांक 22.9.2017 तक पूर्ण किया जाना संभावित है। उक्‍तानुसार फीडर विभक्तिकरण के शेष कार्य का विवरण संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ग) खिलचीपुर विधानसभा क्षेत्र के अन्‍तर्गत वर्तमान में सभी ग्रामों का विद्युत प्रदाय चालू है। खिलचीपुर विधानसभा क्षेत्र के अन्‍तर्गत 77 जले/खराब वितरण ट्रांसफार्मर संबद्ध उपभोक्‍ताओं द्वारा नियमानुसार विद्युत बिल की बकाया राशि जमा नहीं करने के कारण बदलने हेतु शेष हैं, जिनकी ग्रामवार सूची संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। उपभोक्‍ताओं द्वारा नियमानुसार बकाया राशि का 40 प्रतिशत अथवा कुल उपभोक्‍ताओं में से 75 प्रतिशत उपभोक्‍ताओं द्वारा राशि जमा किये जाने पर उक्‍त जले एवं खराब ट्रांसफार्मर प्राथमिकता के आधार पर बदल दिये जावेंगे।

परिशिष्ट - ''दो''

लहार विधान सभा क्षेत्रान्‍तर्गत ग्रामों का विद्युतीकरण

[ऊर्जा]

13. ( *क्र. 1166 ) डॉ. गोविन्द सिंह : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भिण्‍ड जिले के लहार विधान सभा क्षेत्र के अंतर्गत किन-किन ग्रामों एवं नगरीय क्षेत्रों में किस-किस योजना में कौन-कौन से ग्रामों, मजरों, टोलों में पूर्ण रूप से विद्युतीकरण किया जा चुका है। (ख) वर्तमान में लहार क्षेत्र के किन-किन ग्रामों, मजरों, टोलों में विद्युतीकरण किस-किस योजना अन्‍तर्गत कब तक पूर्ण किया जाना प्रस्‍तावित है? (ग) क्‍या विभिन्‍न योजनाओं में प्रश्‍न दिनांक तक लहार विधान सभा क्षेत्र में विद्युतीकृत ग्रामों के अधूरे कार्यों को विद्युत विभाग के अधिक‍ारियों एवं एजेंसियों ने सांठ-गांठ कर पूर्ण विद्युतीकरण का कार्य किये जाने की जानकारी दी है? (घ) यदि हाँ, तो उक्‍त विद्युतीकृत ग्रामों का भौतिक सत्‍यापन कराया जाकर, सत्‍यापन के आधार पर अपूर्ण कार्य को पूर्ण कार्य की जानकारी देने वाले संबंधित दोषियों के विरूद्ध नियमानुसार कार्यवाही करते हुए शेष कार्यों को निश्चित समय-सीमा में पूर्ण कराया जावेगा? यदि नहीं, तो क्‍यों?

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) भिण्‍ड जिले के लहार विधानसभा क्षेत्र के अन्‍तर्गत 11वीं एवं 12वीं पंचवर्षीय योजना में स्वीकृत राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना में ग्रामों के सघन विद्युतीकरण एवं मजरों/टोलों के विद्युतीकरण के कार्य पूर्ण किये गये हैं, जिनका ग्राम/मजरा/टोलावार एवं योजनावार विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। भिण्‍ड जिले के लहार विधानसभा क्षेत्रांतर्गत नगरीय क्षेत्रों में ए.डी.बी. (स्‍माल टाउन) योजनांतर्गत आलमपुर एवं दबोह में प्रणाली सुदृढ़ीकरण का कार्य किया गया है। (ख) लहार विधानसभा में दीनदयाल उपाध्‍याय ग्राम ज्‍योति योजना के अंतर्गत ग्रामों के सघन विद्युतीकरण एवं 100 तथा 100 से अधिक जनसंख्‍या वाले मजरों/टोलों में विद्युतीकरण का कार्य किया जाना प्रस्‍तावित है, जिसका ग्रामों/मजरों/टोलों के नाम सहित विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। उक्‍त कार्य सहित भिण्‍ड जिले हेतु स्‍वीकृत दीनदयाल उपाध्‍याय ग्राम ज्‍योति योजनांतर्गत कार्य टर्न-की आधार पर कराए जाने हेतु निविदा कार्यवाही प्रक्रियाधीन है, अत: कार्य पूर्णता की समय-सीमा वर्तमान में बताया जाना संभव नहीं है। (ग) जी नहीं, अपितु लहार विधानसभा क्षेत्र में माननीय प्रश्‍नकर्ता विधायक महोदय द्वारा उपलब्‍ध कराई गई 90 ग्रामों की सूची में से सभी ग्रामों में राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना (11वां एवं 12वां प्‍लान) के प्रावधानों अनुसार कार्य पूर्ण पाए जाने तथा उक्‍त में से 54 ग्रामों के आबादी क्षेत्र में केबलीकरण का कार्य, जो कि उक्‍त योजना में सम्मिलित नहीं था, शेष होने की जानकारी दी गई थी। (घ) उत्‍तरांश (ग) के परिप्रेक्ष्‍य में किसी के विरूद्ध कार्यवाही किया जाना अपेक्षित नहीं है। तथापि उल्‍लेखनीय है कि लहार विधानसभा क्षेत्र सहित भिण्‍ड जिले में राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना का कार्य कर रही टर्न-की ठेकेदार एजेंसी द्वारा कार्य में विलंब किये जाने के कारण उसे जारी अवार्ड दिनांक 16.3.2017 को निरस्‍त कर दिया गया है तथा उत्‍तरांश (ग) में उल्‍लेखित 54 ग्रामों के के‍बलीकरण के कार्य सहित योजनांतर्गत शेष कार्य दीनदयाल उपाध्‍याय ग्राम ज्‍योति योजनांतर्गत टर्न-की आधार पर कराए जाने हेतु निविदा कार्यवाही प्रक्रियाधीन है।

प्रोटोकॉल का पालन

[सामान्य प्रशासन]

14. ( *क्र. 2107 ) श्रीमती झूमा सोलंकी : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या भीकनगांव विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत शासकीय महाविद्यालय, भीकनगांव में जनभागीदारी समिति में बैठक सूचना पत्र क्रमांक/480/17, दिनांक 10.06.2017 अनुसार अनुविभागीय अधिकारी, (रा.) को समिति का उपाध्यक्ष पद का वर्णन कर उनका नाम प्रथम स्थान पर तथा विधायक को समिति का सदस्य का वर्णन कर द्वितीय स्थान पर लिख कर पत्र दिया गया था? (ख) यदि हाँ, तो क्या वारंट ऑफ प्रेसीडेंस के आधार पर विधायक का प्रोटोकॉल अनुविभागीय अधिकारी (रा.) के नीचे लिखना पद की गरिमा के अनुकूल है? नहीं तो क्‍या संबंधित प्राचार्य के खिलाफ कोई कार्यवाही प्रस्तावित की जावेगी, जिससे भविष्य में किसी भी जनप्रतिनिधि पद की गरिमा को क्षति न हो तथा शासन द्वारा निर्धारित प्रोटोकॉल का पालन हो।

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जी हाँ। (ख) ऑर्डर ऑफ प्रेसीडेंस की सारणी के क्रमांक 24 पर विधायक का नाम अंकित है। प्राचार्य द्वारा अनुविभागीय अधिकारी (राजस्‍व) का नाम जनभागीदारी समिति के उपाध्‍यक्ष होने के कारण ऊपर रखा गया है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

न‍रसिंहगढ़ उपकोषालय में कार्यरत अमला

[वित्त]

15. ( *क्र. 2496 ) श्री गिरीश भंडारी : क्या वित्त मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍न क्रमांक 2208, दिनांक 03 मार्च, 2017 के परिप्रेक्ष्‍य में बताएं कि दिनांक 03 मार्च, 2017 से प्रश्‍न दिनांक तक नरसिंहगढ़ उप कोषालय में कितने अधिकारी/कर्मचारी हैं तथा ड्राईंग पॉवर किसको है? (ख) नरसिंहगढ़ उपकोषालय में दिनांक 03 मार्च, 2017 से प्रश्‍न दिनांक तक किस-किस विभाग को कितनी-कितनी राशि का लेन-देन हुआ?

वित्त मंत्री ( श्री जयंत मलैया ) : (क) उप कोषालय नरसिंहगढ़ में 02 (दो) अधिकारी/कर्मचारी हैं। 1- उपकोषालय का प्रभारी अधिकारी तहसीलदार नरसिंहगढ़ है। 2-लिपिक वर्ग में एक कर्मचारी उपकोषालय में पदस्‍थ है। ड्राइंग पावर जिला कोषालय अधिकारी को है। (ख) न‍रसिंहगढ़ उपकोषालय में दिनांक 03 मार्च, 2017 से प्रश्‍न दिनांक तक माननीय विधायक, नरसिंहगढ़ को राशि रूपये 11,83,984/- मात्र एवं न्‍यायालय रिफण्‍ड एवं सिविल कोर्ट डिपॉजिट की राशि रू. 1,94,000/- का भुगतान हुआ है।

वोल्‍टेज समस्‍या ग्रस्‍त ग्रामों को निकटतम ग्रिड से जोड़ा जाना

[ऊर्जा]

16. ( *क्र. 1787 ) श्री नारायण सिंह पँवार : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या राजगढ़ जिले की विधानसभा क्षेत्र ब्‍यावरा के विद्युत वितरण केन्‍द्र मलावर के अंतर्गत जामी स्थित ग्रिड से ग्राम पाड़ली महाराजा (दूरी 3 कि.मी.) को विद्युत आपूर्ति फीडर से जोड़ दिया गया है? क्‍या वर्तमान में ग्राम पाड़ली महाराजा को विद्युत आपूर्ति पगारी बंगला ग्रिड से की जा रही है, जिसकी लाईन अनेकों ग्रामों से होते हुये, दूरी लगभग 15 कि.मी. होकर आती है तथा इसी प्रकार सुठालिया विद्युत वितरण केन्‍द्र के अंतर्गत ग्राम पीपल्‍या पेड़ात को भी विद्युत आपूर्ति वर्तमान में सुठालिया केन्‍द्र से की जा रही है, जो कि लगभग 20 कि.मी. घूमती हुई लाईन आती है, जबकि एक अन्‍य केन्‍द्र कानेड़ ग्रिड की दूरी पीपल्‍या पेड़ात ग्राम से एक-डेढ़ कि.मी. है? (ख) यदि हाँ, तो क्‍या अधिक दूरी से विद्युत आपूर्ति होने से सिंचाई सीजन एवं बारहों माह आपूर्ति में बाधा एवं अल्‍प वोल्‍टेज की समस्‍या बनी रहती है? यदि हाँ, तो उपभोक्‍ताओं की मांग अनुसार समस्‍या निराकरण के लिये विभाग द्वारा प्रश्‍न दिनांक तक क्‍या कार्यवाही की गई? (ग) क्‍या उपरोक्‍त प्रश्‍नांश वर्णित ग्रामों के उपभोक्‍ताओं की मांग अनुसार विद्युत आपूर्ति की कार्यवाही की जावेगी? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्‍यों?

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) राजगढ़ जिले के विधानसभा क्षेत्र ब्‍यावरा के विद्युत वितरण केन्‍द्र मलावर के अंतर्गत ग्राम जामी में नवीन 33/11 के.व्‍ही. उपकेन्‍द्र का निर्माण कार्य किया गया है, जिससे ग्राम पाड़ली महाराजा को विद्युत आपूर्ति हेतु जोड़ने का कार्य प्रगति पर है। वर्तमान में ग्राम पाड़ली महाराजा को विद्युत आपूर्ति 33/11 के.व्‍ही. उपकेन्‍द्र पगारी बंगला से निर्गमित 11 के.व्‍ही. भगवतीपुर फीडर से की जा रही है, जिसकी लंबाई लगभग 15 कि.मी. है। ग्राम पीपल्‍या पेड़ात को वर्तमान में विद्युत आपूर्ति 33/11 के.व्‍ही. सुठालिया उपकेन्‍द्र से नहीं अपितु 33/11 के.व्‍ही. उपकेन्‍द्र कानेड़ से निर्गमित 11 के.व्‍ही. रायपुरिया फीडर से की जा रही है। उपरोक्‍त 11 के.व्‍ही. रायपुरिया फीडर की लंबाई लगभग 20 कि.मी. है। उपरोक्‍त ग्राम की कानेड़ 33/11 के.व्‍ही. उपकेन्‍द्र से दूरी 1.5 कि.मी. है, जिसे 11 के.व्‍ही. फीडर के माध्‍यम से कानेड़ उपकेन्‍द्र से जोड़ने का कार्य स्‍वीकृत है। (ख) प्रश्‍नाधीन दोनों ग्रामों में कतिपय अवसरों पर कम वोल्‍टेज एवं विद्युत आपूर्ति में बाधा संबंधी शिकायत प्राप्‍त हुई है। प्राप्‍त शिकायत के तकनीकी परीक्षण उपरांत तकनीकी साध्‍यता अनुसार उत्‍तरांश (क) एवं उत्‍तरांश (ख) में दर्शाए अनुसार ग्राम पाड़ली महाराजा का विद्युत प्रदाय 33/11 के.व्‍ही. उपकेन्‍द्र जामी से जोड़ने तथा ग्राम पीपल्‍या पेड़ात का विद्युत प्रदाय 33/11 के.व्‍ही. उपकेन्‍द्र कानेड़ से जोड़ने का कार्य फीडर विभक्तिकरण योजनान्‍तर्गत शामिल कर प्रारंभ कर दिया गया है तथा उक्‍त कार्य ठेकेदार एजेन्‍सी मेसर्स श्‍याम इंडस पावर सोल्‍युशन नई दिल्‍ली, द्वारा किया जा रहा है। (ग) जी हाँ। प्रश्‍नाधीन समस्‍या के निराकरण हेतु उत्‍तरांश (ख) में उल्‍लेखित कार्य दिसम्‍बर, 2017 तक पूर्ण होने संभावित हैं।

सम्‍मान निधि का प्रदाय

[सामान्य प्रशासन]

17. ( *क्र. 2551 ) श्रीमती रेखा यादव : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला छतरपुर में लोक नायक जय प्रकाश नारायण मीसा/डी.आई.आर. राजनैतिक एवं सामाजिक सम्‍मान निधि किन व्‍यक्तियों को दी जा रही है? उक्‍त व्‍यक्तियों के नाम की सूची प्रस्‍तुत करें? (ख) प्रश्नांश (क) के अनुसार उक्‍त व्‍यक्तियों को किन प्रमाणिक दस्‍तावेजों के आधार पर कब से किसको कितनी सम्‍मान निधि दी जा रही है? उल्‍लेख करें

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) 25 व्‍यक्तियों को। सूची संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-1 अनुसार(ख) मीसा/डी.आई.आर. के अधीन राजनैतिक या सामाजिक कारणों से निरूद्ध होने संबंधी पुलिस अधीक्षक एवं जेल से प्राप्‍त प्रमाण पत्र के आधार, जिलास्‍तरीय समिति की अनुशंसा पर जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-1 एवं 2 अनुसार

परिशिष्ट - ''तीन''

ट्रांसफार्मरों/डी.पी. एवं विद्युत पोलों की अर्थिंग

[ऊर्जा]

18. ( *क्र. 2785 ) श्री रजनीश सिंह : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सिवनी जिले के केवलारी विधान सभा के अंतर्गत कितने ट्रांसफार्मरों/डी.पी. और विद्युत पोलों की अर्थिंग एवं स्‍थायीकरण का कार्य हुआ है? कितने ट्रांसफार्मर/डी.पी. और विद्युत पोल अर्थिंग के लिये शेष हैं? विकासखण्‍डवार संख्‍यात्‍मक जानकारी देवें। (ख) क्‍या केवलारी विधान सभा क्षेत्र के ग्रामों में विद्युत पोलों को ठीक ढंग से (अधिक गहराई में) न लगाये जाने के कारण विद्युत पोल अधिक मात्रा में गिर गये? यदि हाँ, तो कितने? (ग) क्‍या ट्रांसफार्मर/डी.पी. और विद्युत पोलों पर अर्थिंग न डाले जाने से लाईन लॉस होता है? यदि हाँ, तो क्‍या लाईन लॉस की भरपाई उपभोक्‍ता से की जा रही है? क्‍या विभाग द्वारा लापरवाहीपूर्वक कार्य कर शासन को करोड़ों की क्षति पहुंचाई जा रही है? कितनी यूनिट का प्रश्नांश (क) लाईन लॉस प्रतिदिन हो रहा है? इसका जिम्‍मेदार कौन है?

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) सिवनी जिले के केवलारी विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत 1954 वितरण ट्रांसफार्मरों एवं 1059 डी.पी. तथा विद्युत पोलों की अर्थिंग एवं ग्राउटिंग का कार्य किया गया है। प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में विद्यमान कोई भी वितरण ट्रांसफार्मर/डी.पी. और विद्युत पोल अर्थिंग के लिये शेष नहीं है। (ख) जी नहीं, केवलारी विधानसभा क्षेत्र के ग्रामों में विद्युत पोलों को निर्धारित मापदंडों के अनुसार ही खड़ा किया गया है। तथापि प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में तेज आंधी-तूफान के कारण वृक्षों के गिरने से पोल झुक/गिर गये हैं। दिनांक 01.4.2017 से प्रश्‍न दिनांक तक उक्‍त कारण से 90 पोल टूटे हैं, जिनमें से 47 पोल दिनांक 06.07.2017 तक बदले जा चुके हैं तथा शेष 43 पोल बदलने का कार्य यथाशीघ्र पूर्ण कर लिया जायेगा। (ग) जी नहीं, ट्रांसफार्मर/डी.पी. और विद्युत पोलों में अर्थिंग नहीं करने से लाईन लॉस नहीं होता। अत: प्रश्‍न नहीं उठता।

तिलहन संघ के सेवायुक्‍तों को पाँचवें वेतनमान का प्रदाय

[सामान्य प्रशासन]

19. ( *क्र. 1225 ) चौधरी मुकेश सिंह चतुर्वेदी : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधान सभा प्रश्‍न क्र. 7175, दिनांक 08.04.2011 में सदन को प्राप्‍त जानकारी से उद्भूत होता है कि तिलहन संघ के प्रतिनियुक्ति पर शासन में पदस्‍थ कर्मचारियों को पाँचवा वेतनमान दिये जाने के संबंध में दोहरी नीति अपनाई जा रही है? क्‍या यह सही है? अगर हाँ, तो क्‍यों? कारण दें। (ख) क्‍या शासन तिलहन संघ के संविलियन सेवायुक्‍तों को पाँचवा वेतनमान का लाभ देगा तथा उक्‍त प्रश्‍न के उत्‍तर के परिप्रेक्ष्‍य में कर्मचारियों को पृथक-पृथक दिये जा रहे वेतनमान में भेदभाव पूर्ण नीति को समाप्‍त करने का क्‍या प्रयास करेगा? (ग) विधानसभा प्रश्‍न क्रमांक 1944, दिनांक 18.03.2016, प्रश्‍न क्रमांक 2535, जुलाई 2015, ध्‍यानाकर्षण क्रमांक 366 बजट सत्र 2016 में बताया गया है कि वेतन निर्धारण प्रक्रियाधीन/प्रचलन में है? यदि हाँ, तो कब तक पूर्ण होगी? कब से नियमित वेतन भुगतान दिया जावेगा। (घ) क्‍या तिलहन संघ के शासन में संविलियत सेवायुक्‍तों को संविलियन पूर्व प्राप्‍त हो रहे वेतन से कम वेतन दिया जा रहा है? यदि हाँ, तो क्‍यों? क्‍या संविलियन पूर्व प्राप्‍त हो रहे वेतन को ही वेतन निर्धारण प्रक्रिया आदेश तक (वेतन) दिये जाने का आदेश देंगे?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

शासकीय अमले को मुख्यालय पर रहने के निर्देश

[सामान्य प्रशासन]

20. ( *क्र. 2058 ) श्रीमती योगिता नवलसिंग बोरकर : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या सरकार द्वारा अधिकारी/कर्मचारि‍यों को मुख्यालय पर रहने के निर्देश दिये गये हैं? यदि हाँ, तो प्रश्‍नकर्ता के विधान सभा क्षेत्र पंधाना में कितने अधिकारी/कर्मचारी मुख्यालय पर ही रहते हैं? (ख) प्रश्नांश (क) विधानसभा क्षेत्र में क्या विगत एक वर्ष में किसी अधिकारी/कर्मचारी को मुख्यालय पर नहीं पाये जाने पर उनके विरुद्ध कार्यवाही की गयी है या कोई कारण बताओ नोटिस दिया गया है? (ग) यदि‍ नोटिस नहीं दिया गया है तो इसका उत्तरदायी जिले में कौन अधिकारी होगा? (घ) क्या जिले के उत्तरदायी अधिकारी की इस कार्य में लापरवाही मानी जाएगी?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जी हाँ। विधान सभा क्षेत्र पंधाना में 10 विभागों के समस्‍त अधिकारी/कर्मचारी मुख्‍यालय पर ही रहते हैं। तहसील कार्यालय के अधिकांश कर्मचारी मुख्‍यालय पर शासकीय आवास की अनुपलब्‍धता के कारण, मुख्‍यालय पर नहीं रहते। (ख) जी हाँ। कार्यपालन यंत्री जल संसाधन संभाग खण्‍डवा, जिला कार्यक्रम अधिकारी एकीकृत बाल विकास सेवा खण्‍डवा, मुख्‍य चिकित्‍सा एवं स्‍वास्‍थ्‍य अधिकारी खण्‍डवा, कार्यालय पुलिस अधीक्षक खण्‍डवा व जिला आयुष कार्यालय खण्‍डवा द्वारा विगत एक वर्ष में मुख्‍यालय पर नहीं पाये जाने वाले अधिकारियों/कर्मचारियों के विरूद्ध कार्यवाही की गई है। पंधाना तहसील में कार्यरत अधिकारी/कर्मचारी समय पर अपने कार्य पर उपस्थित हो जाते हैं, इसलिये मुख्‍यालय पर नहीं पाये जाने संबंधी कोई शिकायत नहीं है। इसलिये इनके विरूद्ध कोई कार्यवाही या कारण बताओ सूचना पत्र जारी नहीं किया गया। (ग) एवं (घ) प्रश्‍नांश (ख) के उत्‍तर के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

आंगनवाड़ी कार्यकर्ता व सहायिकाओं की भर्ती के नियम

[महिला एवं बाल विकास]

21. ( *क्र. 1158 ) श्री आर.डी. प्रजापति : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका की नियुक्ति के क्‍या नियम व योग्‍यता है? क्‍या आवेदक को उसी ग्राम का होना आवश्‍यक है, जिस ग्राम में आंगनवाड़ी केन्‍द्र खोला गया है? (ख) वर्ष 2014-15, 2015-16 एवं 2016-17 से प्रश्‍न दिनांक तक छतरपुर जिले एवं जिले की लवकुशनगर, गौरिहार जनपदों में किन-किन की भर्ती की गई? (ग) जाति प्रमाण-पत्र, बी.पी.एल. एवं निवास प्रमाण-पत्र की जांच के इन नियुक्तियों में क्‍या नियम व प्रक्रिया है? (घ) अंकसूची, जाति प्रमाण-पत्र, बी.पी.एल., निवास प्रमाण-पत्र की जांच किन-किन अधिकारियों ने कब-कब की? अधिकारी का नाम, पद सहित सम्‍पूर्ण जानकारी उपलब्‍ध करावें

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( श्रीमती अर्चना चिटनिस ) : (क) आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं की नियुक्ति के नियम व योग्यता संबंधी विभागीय आदेश पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। जी हाँ। आवेदिका को उसी ग्राम का निवासी होना आवश्यक है, जिस ग्राम में आंगनवाड़ी केन्द्र खोला गया है। (ख) वर्ष 2014-15, 2015-16 एवं 2016-17 से वर्तमान तक छतरपुर जिले एवं जिले की लवकुशनगर, गौरिहार जनपदों में भर्ती की गई आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं/सहायिकाओं की जानकारी वर्षवार एवं परियोजनावार पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (घ) अंकसूची, जाति प्रमाण-पत्र, बी.पी.एल., निवास प्रमाण-पत्र की जांच करने वाले अधिकारियों एवं जांच के दिनांक का विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है।

ग्राम जमालपुर में खम्‍बे एवं डी.पी. की स्‍वीकृति

[ऊर्जा]

22. ( *क्र. 2577 ) श्री गोवर्धन उपाध्‍याय : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विदिशा जिले के विधानसभा सिरोंज के जनपद पंचायत सिरोंज क्षेत्र के ग्राम पंचायत खेजड़ागोपाल के ग्राम जमालपुर में लाईट के खम्‍बे एवं डी.पी. लगवाये जाने के संबंध में प्रश्‍नकर्ता की दिनांक 08.03.2017 को लगाई गई ध्‍यानाकर्षण सूचना के तारतम्‍य में उक्‍त कार्यों हेतु शासन द्वारा अभी तक क्‍या कार्यवाही की गई? (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार क्‍या उक्‍त ग्राम जमालपुर में लाईट के खम्‍बे एवं डी.पी. लगवाये जाने हेतु शासन द्वारा स्‍वीकृति प्रदान की गई है? यदि हाँ, तो कब? नहीं तो कब तक स्‍वीकृत किये जाने की संभावना है? स्‍वीकृत न किये जाने का क्‍या कारण है? स्‍वीकृति हेतु क्‍या प्रक्रिया अपनाई जावेगी?

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) विदिशा जिले के सिरोंज विधानसभा क्षेत्रान्‍तर्गत जनपद पंचायत सिरोंज की ग्राम पंचायत खेजड़ा, गोपाल का ग्राम जमालपुर पूर्व से ही विद्युतीकृत है तथा वर्तमान में उक्‍त ग्राम का विद्युत प्रदाय चालू है, किन्‍तु उक्‍त ग्राम के 3 मजरे/टोले अविद्युतीकृत हैं, जिनके विद्युतीकरण का कार्य दीनदयाल उपाध्‍याय ग्राम ज्‍योति योजना में स्‍वीकृत है। उक्‍त योजनान्‍तर्गत, कार्य टर्न-की आधार पर कराए जाने हेतु ठेकेदार एजेन्‍सी मेसर्स एलटेक एप्‍लाइंसेस प्रा.लि. चेन्‍नई को दिनांक 18.01.2017 को अवार्ड जारी किया जा चुका है। उक्‍त ठेकेदार एजेन्‍सी से किये गये अनुबन्‍ध अनुसार योजना का कार्य अवार्ड दिनांक 18.01.2017 से 24 माह की अवधि में पूर्ण किया जाना है। वर्तमान में ठेकेदार एजेन्‍सी द्वारा सर्वे कार्य प्रगति पर है। (ख) उत्‍तरांश () में दर्शाए अनुसार माननीय प्रश्‍नकर्ता विधायक महोदय द्वारा वांछित विद्युतीकरण के कार्य को दिनांक 13.05.2016 को स्‍वीकृत दीनदयाल उपाध्‍याय ग्राम ज्‍योति योजना में सम्मिलित कर कार्य टर्न-की आधार पर कराए जाने हेतु दिनांक 18.01.2017 को अवार्ड जारी कर दिया गया है।

वन अधिकार अधिनियम के तहत पट्टे का वितरण

[आदिम जाति कल्याण]

23. ( *क्र. 100 ) श्री हितेन्द्र सिंह ध्‍यान सिंह सोलंकी : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वन अधिकार अधिनियम 2005 क्या है? क्या इस अधिनियम में वन क्षेत्र में निवासरत अनुसूचित जन जातियों को वन भूमि के पट्टे स्वीकृत किये जाते हैं? (ख) यदि हाँ, तो प्रश्न (क) अनुसार बड़वाह विधान सभा क्षेत्र में विगत 2 वर्षों में कितने वन भूमि के पट्टे वितरित किये गए हैं? उसकी सूची दी जावे। (ग) बड़वाह विधान सभा क्षेत्र में ऐसे कितने आवेदन लंबित हैं, जिन्हें वन भूमि के पट्टे वितरित करना शेष हैं? उसकी सूची तिथिवार अथवा कार्यालय में पंजीबद्ध अनुसार दी जावे। (घ) प्रश्नांश (ग) के अनुसार ये आवेदन कब से लंबित हैं तथा लंबित रहने के क्या कारण रहे हैं तथा लंबित आवेदन का निराकरण कब तक किया जावेगा, कब तक हितग्राहियों को पट्टे वितरित कर दिए जावेंगे?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जी नहीं। वन अधिकार अधिनियम 2005 न होकर वन अधिकार अधिनियम 2006 है। जी हाँ (ख) बड़वाह विधान सभा क्षेत्र में विगत दो वर्षों में 345 अनुसूचित जनजातियों को वनभूमि के हक प्रमाण पत्र का वितरण किया गया है, जिसकी सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ग) बड़वाह विधान सभा क्षेत्र में 70 आवेदन लंबित हैं, लंबित आवेदनों की सूची तिथिवार पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। वन अधिकार प्रदाय करने की प्रक्रिया अर्द्ध न्यायिक स्वरूप की होने से समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

नवीन 33/11 विद्युत उपकेन्‍द्र की स्‍वीकृति

[ऊर्जा]

24. ( *क्र. 681 ) श्री दुर्गालाल विजय : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या श्‍योपुर विधानसभा क्षेत्रान्‍तर्गत ग्राम नयागांव-ढोढपुर में व इसके आसपास बसे दर्जन भर से अधिक ग्रामों में प्रतिवर्ष कृषि सीजन में विद्युत की मांग व भार अधिक रहने के कारण सुचारू विद्युत सप्‍लाई व लो वोल्‍टेज की समस्‍या आती है, इसी कारण से ग्राम नयागांव-ढोढपुर में नवीन 33/11 सबस्‍टेशन स्‍वीकृत कर इसका निर्माण कराने की आवश्‍यकता है, ये कार्य एस.एस.टी.डी प्‍लान में शामिल भी है। (ख) यदि हाँ, तो वित्‍तीय अनुपलब्‍धता की आड़ लेकर ग्राम नयागांव ढोढपुर में उक्‍त सबस्‍टेशन की स्‍थापना हेतु स्‍वीकृति प्रदान करने में विलंब क्‍यों किया जा रहा है? वित्‍तीय व्‍यवस्‍था हेतु वर्तमान तक क्‍या कार्यवाही की गई? (ग) क्‍या कृषि सीजन में प्रतिवर्ष विद्युत व वोल्‍टेज की कमी के कारण कृषकों संबंधी समस्‍याएं बढ़ती जा रही हैं? कृषि उत्‍पादन भी प्रभावित होता है? यदि हाँ, तो कृषक की समस्‍याओं के समाधान हेतु वचनबद्ध शासन क्‍या अविलंब विद्युत कंपनी को वित्‍तीय संसाधन जुटाकर ग्राम नयागांव ढोढपुर में नवीन 33/11 सबस्‍टेशन स्‍वीकृत करने हेतु निर्देशित करेगा? यदि नहीं, तो क्‍यों?

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) जी हाँ, श्‍योपुर विधानसभा क्षेत्रान्‍तर्गत ग्राम नयागांव-ढोढपुर व इसके आसपास के ग्रामों में कृषि सीजन में विद्युत भार/मांग अधिक होने के कारण कतिपय अवसरों पर सुचारू विद्युत प्रदाय/कम वोल्‍टेज की समस्‍या आती है। तकनीकी परीक्षण उपरांत ग्राम ढोढपुर में 33/11 के.व्‍ही. नवीन उपकेन्‍द्र के निर्माण का कार्य तकनीकी रूप से साध्‍य पाया गया है। उक्‍त उपकेन्‍द्र का कार्य वित्‍तीय अनुपलब्‍धता के कारण प्रणाली सुदृढ़ीकरण योजना में सम्मिलित नहीं किया जा सका है। (ख) वित्‍तीय संसाधनों की उपलब्‍धता अनुसार आगामी योजनाओं में सम्मिलित/स्‍वीकृत कर प्रश्‍नाधीन विद्युत उपकेन्‍द्र का कार्य कराया जायेगा। प्रश्‍नाधीन कार्य हेतु मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा वित्‍तीय संस्‍थाओं से ऋण प्राप्‍त करने के प्रयास किये जा रहे हैं। (ग) उत्‍तरांश (क) एवं (ख) में दर्शाए अनुसार प्रश्‍नाधीन विद्युत उपकेन्‍द्र की स्‍थापना हेतु वित्‍तीय संसाधनों की उपलब्‍धता के लिये प्रयास किये जा रहे हैं, अत: तत्संबंध में पृथक से अन्‍य कोई निर्देश दिये जाने की आवश्‍यकता नहीं है।

बिजली की खरीदी/भुगतान

[ऊर्जा]

25. ( *क्र. 1899 ) श्री उमंग सिंघार : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2013-14 से 30 अप्रैल, 2017 तक एम.पी. पावर मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड द्वारा बिजली खरीदी (गैर-परंपरागत ऊर्जा स्‍त्रोतों के अलावा) के कितने एग्रीमेंट किये व किन-किन कंपनियों के नाम किये गये तथा इस अवधि में अन्‍य विद्यमान अनुबंधों से स्‍त्रोतवार, वर्षवार कितनी मात्रा में बिजली खरीदी गई? क्‍या खरीदी गई बिजली में यूनिट के हिसाब से उक्‍त अनुबंधित कंपनियों से राशि का भुगतान किया गया? किसी भी एक एग्रीमेंट की छायाप्रति उपलब्‍ध करावें (ख) प्रश्‍नांकित (क) अनुसार वर्ष 2013-14 से 30 अप्रैल, 2017 तक अनुबंधित ऐसी कितनी कंपनियाँ हैं, जिनसे बिजली नहीं खरीदी गई? उसके बाद भी उन कंपनियों को बगैर बिजली खरीदे भुगतान किया? कंपनी के नाम सहित सूची उपलब्‍ध करावें (ग) बिजली नहीं खरीदी गई, फिर भी भुगतान किये जाने के क्‍या कारण हैं?

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) वर्ष 2013-14 से 30 अप्रैल, 2017 तक एम.पी. पॉवर मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड द्वारा बिजली खरीदी (गैर परंपरागत ऊर्जा स्‍त्रोतों के अलावा) के किये गये अनुबंधों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' तथा इस अवधि में अन्‍य विद्यमान अनुबंधों से स्‍त्रोतवार, वर्षवार बिजली खरीदी की मात्रा एवं भुगतान की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। जी हाँ, यूनिट के हिसाब से राशि का भुगतान किया गया। एक अनुबंध की छायाप्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) प्रश्‍नाधीन अवधि अंतर्गत अनुबंधित किसी भी कंपनी से बिजली नहीं खरीदी गई एवं भुगतान भी नहीं किया गया। अत: शेष प्रश्‍नांश लागू नहीं। (ग) प्रश्‍नांश (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न नहीं उठता।

 

 

 





भाग-2

नियम 46 (2) के अंतर्गत अतारांकित प्रश्नोत्तर के रुप में

परिवर्तित तारांकित प्रश्नोत्तर


पम्‍प अनुदान योजना अंतर्गत अनियमितता

[ऊर्जा]

1. ( क्र. 12 ) श्री बाबूलाल गौर : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कम्‍पनी सीहोर संभाग के अहमदपुर वितरण केन्‍द्र अंतर्गत वर्ष 2015-16 एवं 16-17 में किसान पम्‍प अनुदान योजना में संयुक्‍त रूप से कितने प्रकरण स्‍वीकृत किये गये हैं? हितग्राही का नाम एवं ग्राम का नाम सहित बताया जाए। (ख) क्‍या प्रश्नांश (क) में स्‍वीकृत प्रकरणों में अनियमितता की शिकायत की गई है? यदि हाँ, तो वितरण कम्‍पनी द्वारा शिकायत की जांच किसी अधिकारी द्वारा कर्रवाई गई? (ग) प्रश्नांश (क) में उल्‍लेखित प्रकरण में किन-किन अधिकारियों एवं कर्मचारियों को अनियमितता का दोषी पाया गया एवं कम्‍पनी द्वारा इन कर्मचारियों के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की गई है?

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के संचालन एवं संधारण संभाग, सीहोर के अहमदपुर वितरण केन्‍द्र में प्रश्‍नाधीन अवधि में कृषक अनुदान योजना के अंतर्गत संयुक्‍त रूप से कुल 9 प्रकरण स्‍वीकृत किये गये हैं। उक्‍त स्‍वीकृत प्रकरणों की हितग्राहीवार एवं ग्रामवार जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) उत्‍तरांश '' में दर्शाए गए स्‍वीकृत प्रकरणों में किसी भी प्रकार की अनियमितता से संबंधित शिकायत प्राप्‍त नहीं हुई है। अत: प्रश्‍न नहीं उठता। (ग) उत्‍तरांश (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न नहीं उठता।

परिशिष्ट - ''एक''

बिना रीडिंग औसतन बिजली बिल दिए जाना

[ऊर्जा]

2. ( क्र. 152 ) श्री हरवंश राठौर : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बण्‍डा विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत उपभोक्ताओं को मीटर की रीडिंग उपरांत बिल दिए जा रहे हैं या बिना रीडिंग के दिए जा रहे हैं? (ख) क्या क्षेत्र में ऐसे भी उपभोक्ता हैं जिनके मीटर बंद होने के बाद भी उन्हें औसतन बिजली बिल प्रदाय किए जा रहे हैं? (ग) बण्‍डा विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत किन-किन ग्रामों की विद्युत सप्लाई किन कारणों से बंद है एवं किन-किन ग्रामों में ट्रांसफार्मर जले एवं खराब हैं। उनको कब तक बदल दिया जाएगा? ग्रामवार जानकारी उपलब्ध कराई जाए।

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) बण्‍डा विधानसभा क्षेत्रान्‍तर्गत मीटरयुक्‍त उपभोक्‍ताओं को मीटर रीडिंग के उपरान्‍त ही बिल दिए जा रहे हैं। (ख) मीटर बंद होने की स्थिति में विद्युत अधिनियम, 2003 के प्रावधानों के अनुसार म.प्र. विद्युत नियामक आयोग द्वारा जारी विद्युत प्रदाय संहिता, 2013 के अनुरूप उपभोक्‍ताओं को आंकलित खपत के आधार पर औसत बिल जारी किये जा रहे हैं। (ग) बण्‍डा विधानसभा क्षेत्रान्‍तर्गत वर्तमान में समस्‍त ग्रामों का विद्युत प्रदाय चालू है तथा प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में 62 जले/खराब वितरण ट्रांसफार्मर संबद्ध उपभोक्‍ताओं द्वारा नियमानुसार विद्युत बिल की बकाया राशि जमा नहीं करने के कारण बदले नहीं जा सके हैं, जिनका ग्रामवार विवरण संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। उक्‍त जले एवं खराब वितरण ट्रांसफार्मरों से जुड़े 75 प्रतिशत उपभोक्‍ताओं द्वारा भुगतान करने पर अथवा कुल बकाया राशि का 40 प्रतिशत जमा होने के उपरांत इन जले एवं खराब ट्रांसफार्मरों को प्रा‍थमिकता के आधार पर बदला जा सकेगा, जिसकी वर्तमान में समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

परिशिष्ट - ''दो''

उज्जैन-संभाग के विभिन्न न्यायालयों में अवमानना के प्रकरण

[सामान्य प्रशासन]

3. ( क्र. 183 ) श्री यशपालसिंह सिसौदिया : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) उज्‍जैन संभाग के विभिन्न न्यायालयों में कोर्ट की अवमानना के कितने प्रकरण कितने शासकीय अधिकारी/विभाग के खिलाफ दर्ज हैं, 01 जनवरी 2012 से प्रश्न दिनांक तक की जानकारी देवें? (ख) उक्त प्रकरण में ऐसे कितने प्रकरण हैं, जिनमे माननीय न्यायालय ने कोर्ट की अवमानना के लिए अधिकारी/कर्मचारी को दण्डित किया है, दण्डित अधिकारी का नाम मा. न्यायालय में प्रकरण की जानकारी देवें? (ग) प्रदेश में बढ़ते न्यायालय अवमानना प्रकरण की रोकथाम हेतु विधि विभाग द्वारा विगत 5 वर्षों में कब-कब, क्या-क्या निर्देश जारी किये गये, उन निर्देशों पर अमल हेतु क्या कोई कमेटी का गठन विधि विभागीय स्तर पर किया है? यदि हाँ, तो उक्त कमेटी ने कब-कब बैठक आयोजित कर क्या निर्णय लिए? (घ) उक्त प्रकरण में सबसे अधिक किस विभाग के अवमानना के प्रकरण मा.न्यायालय में दर्ज हैं?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

विद्युत की स्पॉट बिलिंग व्‍यवस्‍था

[ऊर्जा]

4. ( क्र. 214 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रदेश में विद्युत की स्पॉट बिलिंग की जा सकती है? (ख) क्या स्पॉट बिलिंग से बिल भेजने की समस्या नहीं रहेगी? (ग) यदि हाँ, तो प्रदेश में यह व्य‍वस्था कब से लागू की जावेगी?

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) जी हाँ। (ख) स्‍पॉट बिलिंग से पृथक से बिल भेजने की समस्‍या नहीं रहेगी। (ग) प्रदेश के भोपाल (शहर) वृत्‍त में निम्‍नदाब उपभोक्‍ताओं की बिलिंग, स्‍पॉट बिलिंग के माध्‍यम से की जा रही है। इसके अतिरिक्‍त भोपाल (संचा.-संधा.), ग्‍वालियर (शहर), शाजापुर, बुरहानपुर, जबलपुर (शहर) एवं दमोह वृत्‍तों में बाह्य एजेन्‍सी के माध्‍यम से स्‍पॉट बिलिंग हेतु कार्यवाही प्रक्रियाधीन है जिसके अन्‍तर्गत बाह्य एजेन्‍सी द्वारा स्‍पॉट बिलिंग हेतु सॉफ्टवेयर तैयार किया जा रहा है, जिसके सफल परीक्षण उपरान्‍त उपरोक्‍त वृत्‍तों में भी स्‍पॉट बिलिंग प्रारम्‍भ की जा सकेगी।

आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की चयन परीक्षा में विसंगति

[महिला एवं बाल विकास]

5. ( क्र. 215 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या एकीकृत बाल विकास सेवा के महिला पर्यवेक्षक एवं महिला आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के चयन हेतु मार्च 2017 में मात्र 48 घंटे पहले प्रवेश पत्र जारी किये गये थे? (ख) क्या कई उम्मीदवारों का 400 कि.मी. दूर परीक्षा केन्द्र निर्धारित किया गया? (ग) क्‍या प्रश्नांश (क) एवं (ख) के अंतर्गत कई उम्मीदवारों को परीक्षा से वंचित होना पड़ा? (घ) क्या ऐसे परीक्षा से वंचित उम्मीदवारों के लिये कोई राहत दी जा सकती है? यदि हाँ, तो क्या राहत दी जावेगी? यदि नहीं, तो क्यों?

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( श्रीमती अर्चना चिटनिस ) : (क) जी नहीं। (ख) प्रोफेशनल एग्जामिनेशन बोर्ड द्वारा आयोजित परीक्षाओं में सामान्यतः आवेदक द्वारा भरे गये परीक्षा शहर में ही परीक्षा केन्द्र आवंटित किये जाते है, परन्तु परीक्षा केन्द्रों की बैठक क्षमता से अधिक अभ्यर्थियों की संख्या होने पर उन्हें अन्य शहरों में परीक्षा केन्द्र आवंटित करना पडता है। (ग) किसी भी अभ्यर्थी के परीक्षा से वंचित रहने की जानकारी प्रोफेशनल एग्जामिनेशन बोर्ड को प्राप्त नहीं हुई है। (घ) प्रश्नांश ''' के उत्तर के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।

किसान पंचायतों के ट्रांसफामरों में ठेकेदारों द्वारा लापरवाही

[ऊर्जा]

6. ( क्र. 423 ) श्रीमती उमादेवी लालचंद खटीक : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला दमोह अंतर्गत वर्ष 2015-16, 2016-17, 2017-18 में कृषक अनुदान योजना/मुख्‍यमंत्री स्‍थायी पम्‍प कनेक्‍शन योजना के अन्‍तर्गत कितने किसानों को स्‍थायी पम्‍प कनेक्‍शन हेतु स्‍वीकृति प्रदान की गई? संख्‍या बतावें? (ख) प्रश्नांश (क) में उल्‍लेखित कार्य किन-किन ठेकेदारों को प्रदाय किये गये, ठेकेदारवार जानकारी उपलब्‍ध करायें एवं निर्धारित समय-सीमा बतावें? (ग) क्‍या क्षेत्रीय भ्रमण उपरांत शि‍कायतें प्राप्‍त हो रही है कि 2-3 वर्ष पुराने प्रकरण भी वर्तमान में लंबित चल रहे हैं। ठेकेदार समय सीमा में काम नहीं करा रहे है, यदि हाँ, तो उनके विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की जावेगी व क्‍या समय सीमा में कार्य पूर्ण कराने के निर्देश जारी किये जावेंगे?

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) दमोह जिले में कृषक अनुदान योजना/मुख्‍यमंत्री स्‍थायी कृषि पंप कनेक्‍शन योजना के अंतर्गत वर्ष 2015-16 में 246 वर्ष 2016-17 में 318 तथा वर्ष 2017-18 में दिनांक 30.06.2017 तक 264 स्‍थायी कृषि पंप कनेक्‍शनों हेतु स्‍वीकृति प्रदान की गई। (ख) प्रश्नांश (क) में उल्‍लेखित कृ‍षक अनुदान योजना, मुख्‍यमंत्री स्‍थायी कृषि पंप कनेक्‍शन योजना में समाहित हो गई है, जिसके अंतर्गत स्‍थायी कृषि पम्‍प कनेक्‍शनों के ठेकेदारों को दिये गये कार्यों का ठेकेदारवार विवरण संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। योजनान्‍तर्गत आवेदक द्वारा आवश्‍यक राशि जमा करने सहित समस्‍त औपचारिकताएँ पूर्ण करने पर अधिकतम नौ माह की अवधि में कार्य पूर्ण किये जाने का प्रावधान है। (ग) प्रश्‍नाधीन कार्य व‍रीयता क्रम से कराये जा रहे है तथापि कुछ प्रकरणों में आर.ओ.डब्‍ल्‍यू. की समस्‍या के कारण भी विलम्‍ब हुआ है। जो ठेकेदार समय-सीमा में कार्य नहीं कर रहे है उनके वि‍रूद्ध अनुबंध की शर्तों के अनुसार कार्यवाही की जा रही है।

परिशिष्ट - ''तीन''

जनसंपर्क निधि से राशि स्‍वीकृति में विलम्‍ब

[सामान्य प्रशासन]

7. ( क्र. 482 ) श्री नरेन्‍द्र सिंह कुशवाह : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या जिला कलेक्‍टर भिण्‍ड को इस कार्यालय का पत्र दिनांक 18.2.2017 को जनसंपर्क निधि 2016-17 राशि 80000.00 स्‍वीकृत हेतु दिया गया था? यदि हाँ, तो प्रश्‍नांश दिनांक तक क्‍या कार्यवाही हुई? (ख) वर्ष 2015-16 जनसम्‍पर्क निधि भिण्‍ड विधान सभा क्षेत्र के अन्‍तर्गत प्रश्‍नांश दिनांक तक कितनी स्‍वीकृति हेतु अपेक्षित है? क्‍या राशि सुरक्षित है? कब तक स्‍वीकृत होकर हितग्राही को राशि प्राप्‍त हो जायेगी? (ग) वित्‍तीय वर्ष समाप्‍त होने के उपरांत राशि स्‍वीकृत होने में विलम्‍ब के क्‍या कारण हैं? क्‍या दोषी व्‍यक्ति निलम्बित किये जायेंगे? यदि हाँ, तो कब तक? (घ) जनसम्‍पर्क निधि स्‍वीकृति के लिये क्‍या मापदण्‍ड निर्धारित किए गए हैं? क्‍या वित्‍तीय वर्ष में स्‍वीकृत करना आवश्‍यक है? क्‍या राशि सुरक्षित रखने के लिए प्रावधान निर्धारित है?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जी हाँ। प्रकरण प्रभारी मंत्री जिला भिण्‍ड को अनुमोदन हेतु भेजा गया। (ख) वर्ष 2015-16 से जनसंपर्क निधि भिण्‍ड विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत राशि 1,20,000/- प्रभारी मंत्री जिला भिण्‍ड का अनुमोदन प्राप्‍त न होने से स्‍वीकृति जारी नहीं की जा सकी। जी नहीं। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) प्रभारी मंत्री जिला भिण्‍ड का अनुमोदन प्राप्‍त न होने से स्‍वीकृ‍ति जारी नहीं की जा सकी। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) जनसंपर्क निधि स्‍वीकृति के लिये मापदण्‍ड की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट पर है। जी हाँ। जी नहीं।

E.O.W. में दर्ज प्रमाण की जांच

[सामान्य प्रशासन]

8. ( क्र. 486 ) श्री नरेन्‍द्र सिंह कुशवाह : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) तारांकित प्रश्‍न क्रमांक 1246 दिनांक 23 फरवरी 2017 में कार्यालय आर्थिक अपराध प्रकोष्‍ठ सचिव ई.ओ.डब्‍लू. ग्‍वालियर का पत्र क्रमांक 3509 दिनांक 12.10.2016 जारी किया गया है, इसमें प्रश्‍नांश दिनांक तक क्‍या कार्यवाही की गई है यदि नहीं, तो क्‍यों? (ख) जिला योजना अधिकारी भिण्‍ड के ओदश क्रमांक 71 दिनांक 29.01.2000 में कम्‍प्‍यूटर स्‍टडीज एण्‍ड सर्विसेज रीवा को 484675 प्रति विद्यालय के मान से 6 विद्यालय के आदेश जारी किया गया, जिसकी जांच कार्यालय आर्थिक अपराध प्रकोष्‍ठ सचिव ई.ओ.डब्‍लू. ग्‍वालियर द्वारा की जा रही है, प्रश्‍नांश दिनांक तक क्या जांच हुई जांचप्रतिवेदन की छायाप्रति सहित जानकारी दें? (ग) जिला योजना अधिकारी भिण्‍ड के प्रशासकीय स्‍वीकृति आदेश क्रं. 794 दिनांक 04.11.1999 वर्णित क्रं. 5 प्रोजेक्‍ट क्रियान्‍वयन के मूल्‍यांकन के संबंध में स्‍वतंत्र एजेंसी से प्रत्‍येक तीन माह में मूल्‍यांकन प्रतिवेदन करने का प्रावधान था, यदि हाँ, तो कार्यवाही क्‍यों नहीं की गई? इसके लिए कौन दोषी है, क्‍या कार्यवाही की जायेंगी? जानकारी दें? (घ) प्रश्नांश (क), (ख) और (ग) के संदर्भ में प्रश्‍नांश दिनांक कार्यवाही न करने के क्‍या कारण हैं? इसके लिए कौन उत्‍तरदायी हैं कब तक कार्यवाही पूर्ण कर दोषी लोगों के विरूद्ध कार्यवाही की जावेंगी? जानकारी दें?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जांच प्रचलित है। (ख) जी हाँ। जांच प्रचलित है। (ग) माननीय उच्‍च न्‍यायालय एवं माननीय सर्वोच्‍च न्‍यायालय द्वारा पारित किये गये आदेश के परिपालन में कलेक्‍टर भिण्‍ड के पत्र दिनांक 04/06/2011 द्वारा क्रियान्‍वयन एजेंसी को निर्देश जारी किये गये थे। क्रियान्‍वयन एजेंसी द्वारा निर्देशों का पालन न करने पर आर्थिक अपराध प्रकोष्‍ठ इकाई ग्‍वालियर को प्रकरण जांच हेतु सौंपा गया है। (घ) जांच प्रक्रियाधीन है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

अनुसूचित जाति बस्‍ती विकास में गंभीर अनियमितता

[अनुसूचित जाति कल्याण]

9. ( क्र. 487 ) श्री नरेन्‍द्र सिंह कुशवाह : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भिण्‍ड जिले के अंतर्गत अनुसूचित जाति विभाग द्वारा 01 अप्रैल, 2016 से 30 जून, 2017 तक अनुसूचित जाति विकास के अंतर्गत किन ग्राम पंचायतों में किसकी अनुशंसा पर कितनी राशि किस कार्य के लिये स्‍वीकृत की गई है वहां पर अनुसूचित जाति के कितने लोग निवासरत हैं, राशि स्‍वीकृत करने के लिये क्‍या मापदण्‍ड निर्धारित किए गए हैं? (ख) कार्यालय कलेक्‍टर जिला भिण्‍ड के आदेश क्र. 25/निर्माण/न क ए 3/2016.17/663, दिनांक 20.03.2017 को ग्राम पंचायत मोरखी में रू. चार लाख जनपद पंचायत रोन खाता क्र. 2351286847 में राशि भेजी गई है? यदि हाँ, तो तकनीकी प्रतिवेदन की छायाप्रति सहित जानकारी दें? क्‍या छात्रावास की बाउण्‍ड्रीवॉल और सड़क निर्माण के लिये 1219000.00 राशि स्‍वीकृत कर जनपद पंचायत भिण्‍ड के खाता क्र. 1467267853 में राशि डाली गई? यदि हाँ, तो प्रश्‍नांश दिनांक तक क्‍या कार्यवाही हुई, छायाप्रति सहित जानकारी दें? (ग) क्‍या अनुसूचित जाति के ग्रामों में घटते क्रम में अनुसूचित बस्‍ती विकास की राशि स्‍वीकृत करने का प्रावधान है? यदि हाँ, तो घटते क्रम में राशि स्‍वीकृत क्‍यों नहीं की जा रही है? प्रावधान का पालन पूर्णत: क्‍यों नहीं हो रहा है? इसके लिये कौन दोषी है? क्‍या दोषियों को निलंबित किया जावेगा? (घ) क्‍या प्रश्नांश (क) (ख) और (ग) में विभाग द्वारा गंभीर अनियमितता की गई है? भिण्‍ड विधानसभा के अंतर्गत ग्राम पंचायतों में अनुसूचित बस्‍ती विकास के अंतर्गत राशि स्‍वीकृत न करने के क्‍या कारण हैं? विगत 5 वर्षों में भिण्‍ड विधान सभा क्षेत्र के अंतर्गत किन-किन ग्राम पंचायतों में कितनी-कितनी राशि स्‍वीकृत की गई? छायाप्रति सहित जानकारी दें।

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। निर्धारित मापदण्‍ड की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) जी नहीं। ग्राम पंचायत मोरखी को राशि रू. 4.00 लाख ग्राम पंचायत के बैंक खाते में भेजी गई है। तकनीकी स्‍वीकृति की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। जी नहीं। उक्‍त राशि जिला पंचायत भिण्‍ड के खाते में डाली गई है। कार्यपालन यंत्री, ग्रामीण यां‍त्रिकी सेवा द्वारा निर्माण किया जा रहा है। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ग) जी हाँ। प्रावधान का पूर्णत: पालन किया जा रहा है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) जी नहीं। भिण्‍ड विधानसभा के ग्राम पंचायतों में कार्य स्‍वीकृत किये गये हैं। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है।

नवीन 33/11 विद्युत उपकेन्‍द्र की स्‍वीकृति

[ऊर्जा]

10. ( क्र. 682 ) श्री दुर्गालाल विजय : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या श्‍योपुर विधानसभा क्षेत्रान्‍तर्गत ग्राम आवनी-जवासा के मध्‍य व इसके आस-पास विद्यमान डेढ़ दर्जन ग्रामों में अधिकांश कृषक विद्युत चलित पम्‍पों से खेतों की सिंचाई करते हैं? (ख) क्‍या उक्‍त कारण से हर वर्ष कृषि सीजन में उक्‍त ग्रामों के कृषकों को विद्युत भार व मांग की अधिकता के कारण पर्याप्‍त वोल्‍टेज के साथ नियमित विद्युत सप्‍लाई नहीं मिल पाती है, नतीजतन उन्‍हें कृषि कार्य में कई प्रकार की समस्‍याओं का सामना करना पड़ता है। समस्‍या के हल हेतु प्रश्नांश (क) में वर्णित ग्रामों के मध्‍य उपयुक्‍त स्‍थान पर नवीन 33/11 विद्युत सबस्‍टेशन स्‍वीकृत कर इसे स्‍थापित कराए जाने की आवश्‍यकता है? इस हेतु कृषक मांग भी कर रहे हैं? (ग) प्रश्नांश (क), (ख) हाँ, तो क्‍या कृषकों की विद्युत/वोल्‍टेज की समस्‍या के समाधान हेतु क्‍या विद्युत कम्‍पनी उक्‍त सबस्‍टेशन के निर्माण कार्य को योजना में शामिल करके शीघ्र स्‍वीकृति प्रदान करेगी अथवा शासन इस हेतु विद्युत कंपनी को निर्देशित करेगा? यदि नहीं, तो क्‍यों?

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) जी, हाँ। (ख) वर्तमान में श्‍योपुर विधानसभा क्षेत्रान्‍तर्गत प्रश्‍नाधीन उल्‍लेखित क्षेत्र में ग्राम आवनी, जवासा, टोंगनी, काचरमूली,जावदेश्‍वर सहित अन्‍य आस-पास के ग्रामों को नवीन 33/11 के.व्‍ही. उपकेन्‍द्र सामरसा से निर्गमित 11 के.व्‍ही. फीडर से विद्युत प्रदाय किया जा रहा है। उक्‍त फीडर पर उच्‍चतम माँग की अवधि में अधिकतम भार 200 एम्‍पीयर दर्ज हुआ है जो कि फीडर की क्षमता के अनुरूप है तथा उक्‍त फीडर के अंतिम छोर पर वोल्‍टेज रेग्‍यूलेशन 7 प्रतिशत है, जो कि निर्धारित मानकों के अनुरूप है। इस प्रकार प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में वोल्‍टेज संबंधी कोई समस्‍या नहीं है तथा क्षेत्र में सुचारू रूप से विद्युत प्रदाय किया जा रहा है। अत: वर्तमान में ग्राम आवनी एवं जवासा के मध्‍य नवीन 33/11 के.व्‍ही. उपकेन्‍द्र की स्‍थापना का कार्य तकनीकी रूप से साध्‍य नहीं है। (ग) उत्‍तरांश '''' के परिप्रेक्ष्‍य में वर्तमान में प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में नवीन 33/11 के.व्‍ही. उपकेन्‍द्र का निर्माण कार्य किये जाने की आवश्‍यकता नहीं है।

दहायत जाति के प्रमाण पत्र जारी किया जाना

[सामान्य प्रशासन]

11. ( क्र. 710 ) श्री यादवेन्‍द्र सिंह : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सतना जिले के अंतर्गत कोटवार जा‍ति दहायत के प्रमाण-पत्र हेतु विगत तीन वर्षों में कितने आवेदन सतना जिले की तहसीलों में प्राप्‍त हुये, पृथक-पृथक तहसीलवार संख्‍यात्‍मक विवरण दें? (ख) क्‍या दहायत जाति संविधान के अनुछेद 341 के अधीन मध्‍यप्रदेश राज्‍य के लिये अधिसूचित, अनुसूचित जाति की सूची में अनुक्रमांक 18 पर विनिर्दिष्‍ट की गई है? (ग) प्रश्‍नांश (ख) यदि हाँ, तो दहायत जाति के जाति प्रमाण-पत्र जारी करने के लिये कलेक्‍टर सतना द्वारा शासन से मार्ग दर्शन क्‍यों मांगा गया जबकि शासन के विनिर्दिष्‍ट सूची में दहायत जाति दर्ज है? क्‍या शासन से मार्ग दर्शन प्राप्‍त हुआ? यदि नहीं, तो कब मार्ग दर्शन दिया जायेगा? (घ) क्‍या सतना जिले के अतिरिक्‍त अन्‍य जिलों में दहायत जाति जो अनुसूचित जाति के अंतर्गत आती है, के प्रमाण पत्र जारी किये जा रहे है, उसी भांति सतना जिले में कब तक व्‍यवस्‍था की जायेगी?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) सतना जिले के अंतर्गत कोटवार जाति दहायत के प्रमाण-पत्र हेतु विगत तीन वर्षों में निम्‍नानुसार आवेदन प्राप्‍त हुये है :-

तहसील

आवेदन पत्रों की संख्‍या

रघुराजनगर

668

अमरपाटन

07

मैहर

213

उचेहरा

38

रामनगर

723

नागौद

356

रामपुर बाघेलान

07

मझगवां

00

(ख) जी हाँ। (ग) जी हाँ। कलेक्‍टर, सतना द्वारा मांगे गये मार्गदर्शन के संदर्भ में म.प्र. शासन राजस्‍व विभाग मंत्रालय, भोपाल के ज्ञापन क्र. 717/816/2013/सात-एक, दिनांक 27.06.2017 द्वारा तत्‍कालीन उप सचिव द्वारा जारी संदर्भित पत्र क्र. 643/816/सात-एक, दिनांक 01.06.2016 निरस्‍त किया गया है। (घ) भारत सरकार द्वारा मध्‍यप्रदेश के लिए घोषित अनुसूचित जाति की सूची में दहायत जाति अनुक्रमांक 18 पर अंकित है। उक्‍त जाति के वास्‍तविक सदस्‍यों को सतना जिले सहित पूरे मध्‍यप्रदेश में अनुसूचित जाति का जाति प्रमाण पत्र प्राप्‍त करने की पात्रता है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

कृषि योग्य भूमि की धोखाधड़ी कर रजिस्ट्री कराई जाना

[वाणिज्यिक कर]

12. ( क्र. 761 ) श्रीमती ऊषा चौधरी : क्या वित्त मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या सतना जिले की तहसील मैहर के मौजा हरनामपुर निवासी मिठाईलाल तनय वंशधारी साकेत की पट्टे की आराजी न. 94 रकबा 0.752 हेक्टेयर में से 0.600 हेक्टेयर कृषि योग्य जमीन की रजिस्ट्री सुरेश कुमार तिवारी तनय इन्द्रमणि तिवारी निवासी ग्राम तिघरा कला तहसील मैहर द्वारा धोखाधड़ी पूर्वक हस्ताक्षर करा ली गई है? (ख) प्रश्नांश (क) यदि हाँ, तो क्या धोखाधड़ी करने वाले क्रेता के विरुद्ध विक्रेता द्वारा थाना मैहर, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) मैहर एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को दिनांक 02/05/2017 को शिकायत करने के बावजूद भी आज दिनांक तक क्रेता के विरुद्ध कार्यवाही क्यों नहीं की गई? (ग) क्या दिनांक 11/10/2012 को क्रेता द्वारा आराजी नं. 93 का 30x60 का प्लाट क्रय करने के नाम पर आराजी न. 94 रकबा 0.600 हेक्टेयर कृषि योग्य भूमि जमीन पर धोखाधड़ी कर के विक्रेता से हस्ताक्षर कराकर उपपंजीयक मैहर के यहाँ प्रस्तुत किया गया था लेकिन विगत पाँच वर्ष बीत जाने के बाद दिनांक 22/04/2017 को वरिष्ठ उपपंजीयक सतना के यहाँ से अंतिम रजिस्ट्री कैसे कराई गई? (घ) क्या उपरोक्त प्रकरण की विस्तृत जांच कराकर धोखाधड़ी कर रजिस्ट्री कराने वाले क्रेता एवं उनके अन्य सहयोगियों के विरुद्ध एफ.आई.आर. दर्ज कराते हुए रजिस्ट्री निरस्त कराकर विक्रेता की कृषि योग्य भूमि वापस दिलाई जाएगी? यदि हाँ, तो समय सीमा बताएं?

वित्त मंत्री ( श्री जयंत मलैया ) : (क) जी नहीं। प्रश्‍नाधीन कृषिभूमि का विक्रय पत्र पंजीयन हेतु दिनांक 11/10/2012 को तत्‍कालीन उप पंजीयक मैहर के समक्ष प्रस्‍तुत हुआ था जिसके साथ प्रस्‍तुत भू-अधिकार ऋण पुस्तिका तथा खसरे में अंकित अनुसार उक्‍त विक्रित कृषि भूमि सर्वे नम्‍बर 94 की भूमि पट्टे की भूमि नहीं है। विक्रेता द्वारा तत्‍कालीन उप पंजीयक के समक्ष दस्‍तावेज का निष्‍पादन करना तथा प्रतिफल प्राप्‍त होना स्‍वीकार किया था तत्‍पश्‍चात ही तत्‍कालीन उप पंजीयक द्वारा विक्रय पत्र का पंजीयन किया है। (ख) विक्रेता द्वारा पुलिस थाना मैहर एवं अनुविभागीय अधिकारी मैहर/तहसीलदार मैहर के यहां शिकायत की थी जिस पर तहसीलदार मैहर के न्‍यायालय में नामांतरण पर रोक लगाकर जांच कार्यवाही प्रचलन में है। (ग) दिनांक 11/10/2012 को कृषि भूमि सर्वे क्रमांक 94 का कुल रकबा 0.600 हे. का विक्रय पत्र उप पंजीयक मैहर के कार्यालय में पंजीयन हेतु प्रस्‍तुत किया गया था। गाइडलाइन अनुसार बाजार मूल्‍य व स्‍टाम्‍प कम लगे होने से जिला पंजीयक सतना को कार्यवाही हेतु प्रकरण भेजा गया था, जिस पर बाजार मूल्‍य निर्धारण की कार्यवाही की गई। आदेश उपरांत कमी स्‍टाम्‍प शुल्‍क आदि मार्च 2017 में वसूली होने के पश्‍चात मुख्‍यालय उप पंजीयक सतना द्वारा उक्‍त विक्रय पत्र का पंजीयन दिनांक 22/04/2017 को क्रमांक 04 पर किया गया है जो नियमानुसार एवं विधि अनुकूल है। (घ) रजिस्‍ट्री निरस्‍त करने की अधिकारिता सिविल न्‍यायालय को है। सिविल वाद के द्वारा ही संबंधित पक्षकार अनुतोष प्राप्‍त कर सकता है। अत: शासन द्वारा कार्यवाही का प्रश्‍न ही उत्‍पन्‍न नहीं होता है।

कृषकों के मोटरपम्प बिल

[ऊर्जा]

13. ( क्र. 766 ) श्री नारायण सिंह कुशवाह : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या म.प्र. शासन विद्युत नियामक आयोग व मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी को ऐसा कोई आदेश दिया गया है की जिन क्षेत्रो में कृषक अपने सिंचाई पम्पों से केवल अपनी फसल की सिंचाई करता है वहां क्षेत्र में २४ घंटे विद्युत सप्लाई रहती है। उस क्षेत्र में किसानो से फ्लेट रेट जो शासन के द्वारा निर्धारित है वह न लेकर मीटर से खपत के अनुसार विद्युत खपत की राशि‍ ली जावेगी तत्‍संबंधी जानकारी लिखित में देवें? (ख) अगर ऐसा कोई आदेश नहीं है। तो ग्वालियर शहर के किसानों से किस आधार पर ऊर्जा विभाग द्वारा जिन कृषकों का पहले फ्लेट रेट से बिल आते थे, परन्तु एक वर्ष पूर्व फ्लेट रेट बंद कर मीटर लगा कर खपत के आधार पर राशि‍ क्‍यों ली जा रही है? (ग) म.प्र. में जो कृषक अपने खेतों में ट्यूबबेलों से सिंचाई करते हैं, उन कृषकों से यह दोहरा मापदंड क्यों अपनाया जा रहा है स्‍पष्‍ट करे?

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) म.प्र. विद्युत नियामक आयोग द्वारा जारी टैरिफ आदेश में कृषि पंप कनेक्‍शन हेतु मीटर आधारित बिलिंग एवं फ्लेट रेट आधारित बिलिंग दोनों शामिल है। विद्युत वितरण कंपनियों द्वारा कृषि फीडर से कृषि कार्य हेतु 10 घंटे प्रतिदिन विद्युत प्रदायित की जा रही है। 10 घंटे विद्युत प्रदाय के एवज् में टैरिफ आदेश में बिना मीटर के कनेक्‍शन हेतु अनुमानित मासिक खपत, बिलिंग की गणना हेतु शामिल की गई है तथा जिसके आधार पर बिना मीटर/फ्लेट रेट कनेक्‍शन हेतु बिलिंग की जाती है। इन्‍ही आधारों पर वितरण कंपनियों द्वारा भी कृषि पंपों हेतु बिलिंग की जाती है। राज्‍य शासन द्वारा इस संबंध में पृथक से कोई आदेश जारी नहीं किया गया है। (ख) ग्‍वालियर शहर में ऐसे कृषि पंप कनेक्‍शन जो कि घरेलू फीडर से संबद्ध है तथा जिनको 24 घंटे विद्युत प्रदाय की सुविधा उपलब्‍ध हैं वहाँ वितरण कंपनियों द्वारा टैरिफ आदेश में मीटर्ड कृषि उपभोक्‍ताओं के लिए लागू दर अनुसार बिलिंग की जा रही है। (ग) उत्‍तरांश (क) एवं (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न नहीं उठता।

मध्य प्रदेश विद्युत मंडल के अधिकारियों के प्रभार

[ऊर्जा]

14. ( क्र. 767 ) श्री नारायण सिंह कुशवाह : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दिनांक 1 अप्रैल २०१४ से दिनांक ३१ मई २०१७ के दौरान मध्यप्रदेश मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी लिमि. में सेवारत किन-किन सहायक प्रबंधक, प्रबंधक, उपमहाप्रबंधक, महाप्रबंधक, अतिरिक्त मुख्य महाप्रबंधक को किस स्थान से किस स्थान पर पदस्थ कर किस पद का चालू प्रभार (करंट चार्ज) दिया गया? कृपया सूची देवें, यह करंट चार्ज (चालू प्रभार) किस नियम/प्रावधान प्रक्रिया के तहत क्यों दिए गए? इस संबंध में नियम/प्रावधान की प्रति उपलब्ध करावे। (ख) किन परिस्थितियों में एवं अधिकतम कितनी समयावधि‍ हेतु करंट चार्ज (चालू प्रभार) दिए जा सकता है और यदि करंट चार्ज लम्बी दीर्घ समयावधि हेतु दिए गए तो क्यों? क्या करंट चार्ज देते समय वरिष्ठता को वरीयता को, मद्देनज़र रखा गया, यदि नहीं, तो क्‍यों कारण बतायें?

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) दिनांक 01 अप्रैल 2014 से 31 मई 2017 के दौरान म.प्र. मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमि. में सेवारत अधिकारी जिन्‍हें उच्‍च पद का चालू प्रभार दिया गया, की प्रश्‍नाधीन चाही गई जानकारी सहित सूची पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अ, , स एवं द अनुसार है। म.प्र.म.क्षे.वि.वि.कं.लि. के संचालक मण्‍डल द्वारा अनुमोदित परिपत्र क्रमांक 7368-69, दिनांक 24.08.2013 के द्वारा अधिकारियों को उच्‍च पदों पर चालू प्रभार देने के संबंध में मापदण्‍ड एवं नियम निर्धारित किये गये है। उक्‍त परिपत्र की प्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-ई अनुसार है। (ख) विभिन्‍न योजनाओं के सुचारू रूप से क्रियान्‍वयन और सतत् निगरानी तथा वितरण कंपनी के मुख्‍यालय स्‍तर के नीतिगत विषयों पर निर्णय लेने हेतु अधिकारियों की आवश्‍यकता को देखते हुए अधिकारियों को उच्‍च पद का चालू प्रभार उपयुक्‍तता-सह वरिष्‍ठता के आधार पर बिना किसी वित्‍तीय लाभ के प्रदान किया जाता है। म.प्र. मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के संचालक मण्‍डल की 36वीं बैठक दिनांक 30.09.2009 जिसकी प्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-फ अनुसार है, में लिये गये निर्णय अनुसार प्रबंध संचालक को चालू प्रभार देने के संबंध में अधिकृत किया गया है। उक्‍त बैठक में निदेशक मण्‍डल द्वारा चालू प्रभार दिये जाने संबंधी निर्णय में किसी भी समय-सीमा (न्‍यूनतम/अधिकतम) का निर्धारण नहीं किया है। अत: उक्‍त परिप्रेक्ष्‍य में चालू प्रभार दिये जाने की समयावधि एवं चालू प्रभार दिये जाने हेतु उपयुक्‍तता के निर्धारण संबंधी अन्‍य कोई जानकारी दिया जाना अपेक्षित नहीं है।

मेसर्स बजाज इलेक्ट्रिकल्‍स लि.मुम्‍बई को 6.08 करोड़ रूपये का अनु‍चित लाभ

[ऊर्जा]

15. ( क्र. 795 ) सुश्री हिना लिखीराम कावरे : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2011-12 में आर.ए.पी.डी.आर.पी.योजना के अन्‍तर्गत छिन्‍दवाड़ा-पांढुर्णा, परासिया क्षेत्र में विद्यमान विद्युत प्रणाली के सृदृढीकरण का कार्य विषयांकित कम्‍पनी को 33.65 करोड़ रूपये में दिया गया था, किन्‍तु बिजली कम्‍पनी द्वारा कम्‍पनी से अनुबंध नहीं किया गया? (ख) क्‍या विद्युत वितरण कम्‍पनी की खरीदी नीति को ताक पर रखकर केवल विषयांकित कम्‍पनी की धरोहर राशि 33 लाख रूपये जप्‍त की गयी, किन्‍तु उसे पंजीकृत सूची से हटाकर तीन वर्षों के लिये ब्लैक लिस्टेड नहीं किया गया तथा इसी कार्य की दोबारा निविदा निकालकर उसमे भाग लेने का अवसर दिया गया? (ग) क्‍या विषयांकित कम्‍पनी को यही कार्य 6.41 करोड़ कम में देकर शासन को करोड़ों का नुकसान पहुंचाया गया? (घ) शासन को 6.08 करोड़ रूपये का नुकसान पहुंचाने के लिए उत्‍तरदायी अधिकारियों पर शासन क्‍या कार्यवाही करेगा तथा इस राशि की प्रतिपूर्ति कैसे की जायेगी?

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) प्रश्‍नाधीन कार्य हेतु निविदा प्रक्रिया उपरांत न्‍यूनतम निविदाकार मेसर्स बजाज इलेक्ट्रिकल्‍स लिमिटेड, मुंबई को आशय पत्र जारी किया गया था किन्‍तु उक्‍त ठेकेदार कंपनी द्वारा अनुबंध के निष्‍पादन में रूचि नहीं दिखाई गई एवं उनके द्वारा आशय पत्र को स्‍वीकार करने से मना कर दिया गया। (ख) प्रश्‍नाधीन प्रकरण में निविदा की शर्तों के अनुसार ई.एम.डी. की राशि रू. 33 लाख जप्‍त की गई। निविदा की शर्तों के अनुसार किसी कंपनी द्वारा चयन के उपरांत अनुबंध नहीं करने पर उसे ब्‍लेकलिस्‍ट करने का कोई प्रावधान नहीं था। (ग) निविदा की शर्तों के अनुरूप कार्यवाही करने के पश्‍चात री-बिडिंग की गई, जिसमें मेसर्स बजाज इलेक्ट्रिकल्‍स मुंबई से प्राप्‍त दरें न्‍यूनतम होने के कारण उक्‍त ठेकेदार एजेंसी को अवार्ड जारी किया गया। अत: शासन/वितरण कंपनी को नुकसान पहुंचाने का प्रश्‍न नहीं उठता। (घ) उत्‍तरांश (ख) एवं (ग) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न नहीं उठता।

आनंद विभाग की स्‍थापना

[आनन्द]

16. ( क्र. 863 ) श्री शैलेन्द्र जैन : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या शासन द्वारा प्रदेश के सभी जिलों में आम नागरिकों के जीवन में आनंद का संचार करने के उद्देश्‍य से आनंद विभाग की स्‍थापना की गयी है? यदि हाँ, तो क्‍या सागर विधान सभा क्षेत्र में इस विभाग का कार्यालय संचालित कर दिया गया है? यदि नहीं, तो कब तक संचालित कर दिया जायेगा? (ख) क्‍या आनंद विभाग द्वारा सागर विधान सभा क्षेत्र में कार्यक्रम आयोजित किये गये? यदि हाँ, तो किन-किन स्‍थानों पर क्‍या-क्‍या कार्यक्रम आयोजित किये गये? आनंद विभाग प्रारम्‍भ होने से प्रश्‍न दिनांक तक सागर विधान सभा क्षेत्र में इस विभाग को कितनी राशि आवंटित की गई है? (ग) क्‍या आनंद विभाग द्वारा आयोजित कार्यक्रमों में सागर विधान सभा क्षेत्र के बुन्‍देली हास्‍य एवं लोक कलाकारों को प्रस्‍तुति हेतु शामिल किया गया है? यदि नहीं, तो भविष्‍य में आयोजित कार्यक्रमों में उन्‍हें शामिल किया जायेगा?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जी हाँ। जी नहीं। वर्तमान में ऐसा कोई प्रस्‍ताव विचाराधीन नहीं है। (ख) जी हाँ। सागर विधानसभा क्षेत्र में (1) आनंदम कार्यक्रम पंडित मोतीलाल नेहरू, नगर पालिका निगम, उच्‍चतर माध्‍यमिक विद्यालय, सागर में एवं (2) अल्‍पविराम कार्यक्रम कलेक्‍ट्रेट सभाकक्ष, खाद्य कार्यालय एवं जिला कोषालय कार्यालय में आयोजित किये गये। प्रश्‍नाधीन अवधि में आनंद विभाग द्वारा सागर विधानसभा क्षेत्र हेतु पृथक से कोई राशि आवंटित नहीं की गई। (ग) जी नहीं। आनंद उत्‍सव कार्यक्रमों के अंतर्गत लोकसंगीत, नृत्‍य, गायन, भजन कीर्तन, नाटक आदि सांस्‍‍कृतिक गतिविधियों को स्‍थानीय स्‍तर पर शामिल किये जाने का प्रावधान है।

ग्राम गोंदहाई तहसील मनगवां के फर्जी रजिस्‍ट्री की निरस्‍ती

[वाणिज्यिक कर]

17. ( क्र. 1073 ) श्रीमती शीला त्‍यागी : क्या वित्त मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या तहसील मनगवां जिला रीवा के मौजा गोंदहाई पटवारी हल्‍का आंवी-28 आराजी नं-98/2/ठ/3 रकबा 0.02 हेक्‍टेयर में से दानसुदा रकबा 13x16=858 वर्ग फिट के दान पत्र की रजिस्‍ट्री दिनांक 15-12-2016 को हुई है। (ख) प्रश्नांश (क) यदि हाँ, तो क्‍या दानदाता श्री बीरभान कुम्‍हार अनुसूचित जाति का है जिसका उल्‍लेख रजिस्‍ट्री विवरण में पिछड़ा दर्ज किया गया है? यदि हाँ, तो ऐसा क्‍यों? (ग) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में उक्‍त भूमि की दानग्रहिता श्रीमती गीता तिवारी तत्कालीन पटवारी श्री तिवारी की पत्‍नी हैं जिसकी शिकायत 27/28 अप्रैल 2017 को उच्‍च स्‍तर पर की गई है तथा शिकायत में इसका भी उल्‍लेख किया गया है कि तत्‍कालीन प्रभारी तहसीलदार द्वारा नियम विरूद्ध आराजी का नामांतरण भी कर दिया गया है। (घ) प्रश्‍नांन '''' एवं '''' यदि हाँ, तो इस कृत्‍य के लिए कौन अधिकारी व कर्मचारी दोषी है उसके विरूद्ध कौन-सी दण्‍डात्‍मक कार्यवाही कब तक की जावेगी।

वित्त मंत्री ( श्री जयंत मलैया ) : (क) जी हाँ, उप पंजीयक कार्यालय रीवा में ई-पंजीकरण संख्‍या-MP328492016A165453 दिनांक 15/12/2016 से दानपत्र का पंजीयन हुआ है। दानशुदा रकबा- 13X66=858 वर्गफीट है। (ख) दानदाता श्री वीरभान कुम्‍हार द्वारा दानपत्र में अपनी जाति पिछड़ा दर्ज की गई है। (ग) जानकारी संकलित की जा रही है। (घ) दानपत्र का पंजीयन, विधि अनुसार हुआ है अत: अधिकारी/कर्मचारी के विरूद्ध कार्यवाही का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

अवैध शराब बिक्री

[वाणिज्यिक कर]

18. ( क्र. 1121 ) श्री प्रताप सिंह : क्या वित्त मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जबेरा विधान सभा क्षेत्र में आबकारी विभाग की कितनी देशी एवं विदेशी शराब की दुकानें संचालित हैं? सभी दुकानों का नाम, संचालक फर्म का नाम, पता, रजिस्ट्रेशन नम्बर, ठेके की वैधता संबंधित सभी जानकारी सूची में दें। (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार दी गई दुकानों से ही बेचने का प्रावधान है? यदि हाँ, तो निरंतर क्षेत्र के गांवों एवं शहरों से अवैध शराब (कच्ची एवं पक्की) बिक्री की आ रही शिकायतों में वृद्धि क्यों हो रही है? जबेरा विधान सभा में अधिकारियो द्वारा क्षेत्र में किये गये दौरों की वर्ष जनवरी 2014 से आज दिनांक तक की लाग बुक की छायाप्रति दें। (ग) जबेरा विधान सभा क्षेत्र में वर्ष जनवरी 2014 से आज दिनांक तक विभाग द्वारा कितने प्रकरण (अवैध शराब बिक्री की सभी मान्य धाराएं) दर्ज किये गये? प्रकरण दर्ज करने वाले अधिकारी के नाम सहित जानकारी दें। साथ ही साथ यह भी दर्शायें की प्रकरण पर कार्यवाही की गई है या नहीं? यदि हाँ, तो क्या कार्यवाही की गई। (घ) जबेरा विधान सभा क्षेत्र में संबंधित उपरोक्त विषय के मामले जो मा. न्यायालयों में चल रहे हैं में विभागीय अधिकारियों की उपस्थिति एवं अनुपस्थिति की विगत दो वर्षों की संपूर्ण जानकारी, संबंधित अधिकारी के नाम सहित दें?

वित्त मंत्री ( श्री जयंत मलैया ) : (क) दमोह जिले के जबेरा विधानसभा क्षेत्र में वर्ष 2017-18 में 09 देशी मदिरा दुकानें एवं 05 विदेशी मदिरा दुकानें संचालित की जा रही है। दुकानों का नाम, संचालक फर्म का नाम, पता, रजिस्‍ट्रेशन नम्‍बर, ठेके की वैधता संबंधी जानकारी विधानसभा पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-एक अनुसार है। (ख) जी हाँ अनुज्ञप्तिधारी को मदिरा दुकानों से मदिरा बेचना प्रावधानित है। जबेरा विधानसभा क्षेत्र के गांव एवं शहरों में अवैध रूप से शराब की बिक्री की प्राप्‍त शिकायतों पर मध्‍यप्रदेश आबकारी अधिनियम के प्रतिबंधात्‍मक प्रावधानों के तहत नियमानुसार कार्यवाही की जाकर प्रकरण पंजीबद्ध किये जाते है। माह जनवरी 2014 से माह मई 2017 तक जबेरा विधानसभा क्षेत्र में अधिकारियों द्वारा किये गये दौरों की लाग बुक की जानकारी विधानसभा पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-दो अनुसार है। (ग) जबेरा विधानसभा में वर्ष 2014 से मई 2017 तक मध्‍यप्रदेश आबकारी अधिनियम के तहत 272 प्रकरण पंजीबद्ध किये गये है, उक्‍त अवधि में जबेरा विधानसभा क्षेत्र में उपलंबन कार्य हेतु अधिकृत/पदस्‍थ सहायक जिला आबकारी अधिकारी श्री राजेश चौधरी, आबकारी उपनिरीक्षक श्री मनोहर लाल खरे, श्री अनुरोध सेन एवं श्री मधुसूदन दीवान आबकारी उपनिरीक्षक द्वारा प्रकरण पंजीबद्ध किये जाकर नियत समयावधि में सक्षम न्‍यायालय में अभियोजित कर आरोपियों को दण्डित कराया गया है। जिसकी जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्रतीन अनुसार है। (घ) न्‍यायालयों में विचाराधीन प्रकरणों में माननीय न्‍यायालय द्वारा आहूत किये जाने पर संबंधित अधिकारी नियत दिनांक को साक्ष्‍य हेतु न्‍यायालय में उपस्थित रहें है।

विद्युतीकरण कराए जाना

[ऊर्जा]

19. ( क्र. 1135 ) श्री सुखेन्‍द्र सिंह : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) कार्यपालन अभियंता मऊगंज के अन्‍तर्गत हनुमना तहसील में पहाड़ के नीचे ग्राम वीरादेई में विद्युत वितरण का कार्य विद्युत उपकेन्‍द्र घोघम से किये जाने हेतु प्रक्रिया प्रारंभ की गई थी? जिसके बीच में जंगल क्षेत्र होने के कारण खंभे तो गाड़ दिये गये किन्‍तु जंगल विभाग की आपत्ति के बाद तार नहीं खींचा जा सका? (ख) प्रश्नांश (क) के प्रकाश में क्‍या ऊर्जा विभाग द्वारा प्रश्‍न दिनांक तक अनापत्ति प्रमाण-पत्र वन विभाग द्वारा प्राप्‍त करने हेतु प्रयास किया गया, यदि हाँ, तो किये गये प्रयास की प्रमाणित प्रतिलिपियां उपलब्‍ध करावें? यदि नहीं, तो अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्‍त करने हेतु प्रयास किया जावेगा? यदि हाँ, तो कब तक समय-सीमा बतावे? यदि नहीं, तो क्‍यों? (ग) कार्यपालन अभियंता मऊगंज के अन्‍तर्गत ग्राम पंचायत देवरा बड़ा टोला में विद्युत वितरण का कार्य विद्युत उपकेन्‍द्र पिपराही अथवा घोघम द्वारा किया जा रहा है? यदि हाँ, तो विद्युत उपकेन्‍द्र खटखरी देवरा से 1 किलोमीटर दूर पर स्थित है यदि हाँ, तो उपकेन्‍द्र खटखरी द्वारा विद्युत वितरण का कार्य देवरा में क्‍यों नहीं किया जा रहा है? (घ) प्रश्‍नांश (ग) के प्रकाश में विद्युत उपकेन्‍द्र खटखरी से विद्युत वितरण का कार्य की प्रक्रिया प्रारंभ की जावेगी? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्‍यों?

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) जी हाँ, पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के क्षेत्रान्‍तर्गत हनुमना तहसील में ग्राम वीरादेई के सघन विद्युतीकरण के कार्य हेतु 11वीं पंचवर्षीय योजना में स्‍वीकृत राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना में 33/11 के.व्‍ही. उपकेन्‍द्र घोघम से उक्‍त ग्राम को 11 के.व्‍ही. लाईन से जोड़े जाने के कार्य हेतु कार्य आरंभ किया गया था किन्‍तु वन विभाग की अनुमति प्राप्‍त नहीं होने से उक्‍त कार्य पूर्ण नहीं किया गया। (ख) उक्‍त ग्राम के सघन विद्युतीकरण का कार्य 33/11 के.व्‍ही. उपकेन्‍द्र खटखरी से निर्गमित 11 के.व्‍ही. पिपराही फीडर से 11 के.व्‍ही. लाईन का विस्‍तार कर पूर्ण कर दिया गया है तथा उक्‍त कार्य में वन व्‍यवधान नहीं होने से वन विभाग की अनुमति हेतु कोई कार्यवाही किया जाना आवश्‍यक नहीं था। (ग) प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में विद्युत के भार एवं तकनीकी/वित्‍तीय साध्‍यता के आधार पर दो अलग-अलग 33/11 के.व्‍ही. उपकेन्‍द्रों से निकलने वाले 11 के.व्‍ही. फीडरों से करने हतु 12वीं पंचवर्षीय योजना में स्‍वीकृत राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना के अंतर्गत ग्राम पंचायत देवरा बड़ा टोला में 33/11 के.व्‍ही. विद्युत उपकेन्‍द्र खटखरी से निर्गमित 11 के.व्‍ही. पिपराही फीडर का विस्‍तार कर एक वितरण ट्रांसफार्मर एवं 33/11 के.व्‍ही. विद्युत उपकेन्‍द्र घोघम से निर्गमित 11 के.व्‍ही. मझियारी फीडर का विस्‍तार कर 4 वितरण ट्रांसफार्मर स्‍थापित किये जाने का कार्य किया जा रहा है। (घ) उत्‍तरांश (ग) अनुसार कार्य किया जा रहा है। वर्तमान में कार्य प्रगति पर है, जिसे माह सितंबर-17 तक पूर्ण किया जाना संभावित है।

पोषण आहर के स्‍टाक की जानकारी

[महिला एवं बाल विकास]

20. ( क्र. 1136 ) श्री सुखेन्‍द्र सिंह : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या रीवा जिले में आंगनवाड़ी केन्‍द्रों के पोषण आहर का स्‍टाक हनुमना में पकड़े जाने के उपरांत कलेक्‍टर रीवा द्वारा जांच दल गठित कर प्राप्‍त रिपोर्ट आयुक्‍त एकीकृत सेवा बाल विकास भोपाल को भेजा गया था? (ख) यदि हाँ, तो जांच दल के गठित सदस्‍यों का नाम, पद सहित जांच प्रतिवेदन भेजे गए अनुशंसा पत्र सभी की प्रमाणित प्रति उपलब्‍ध कराने हेतु दिनांक 14.06.2017 को प्रश्‍नकर्ता ने कलेक्‍टर रीवा को पत्र लिखा था? (ग) यदि हाँ, तो प्रश्‍न दिनांक तक जानकारी क्‍यों नहीं उपलब्‍ध करायी गयी? इसके लिये कौन दोषी है? दोषी के खिलाफ क्‍या कार्यवाही की जावेगी समय-सीमा बतावें? नहीं की जावेगी तो क्‍यों? (घ) प्रश्‍नांश (ख) एवं '''' के प्रकाश में सम्‍पूर्ण जानकारी उपलब्‍ध करावें?

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( श्रीमती अर्चना चिटनिस ) : (क) एवं (ख) जी हाँ। (ग) दिनांक 14.06.17 को कलेक्टर महोदय को सम्बोधित पत्र जिला कार्यालय में दिनांक 19.06.17 को प्राप्त हुआ था। माननीय विधायक जी द्वारा चाही गई जानकारी दिनांक 22.06.17 को डाक से भेज दी गई थी तथा माननीय विधायक प्रतिनिधि श्री जितेन्द्र सिंह को भी उपलब्ध कर दी गई थी। पत्र पावती की छायाप्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) प्रश्नांश '''' एवं '''' के प्रकाश में सम्पूर्ण जानकारी की प्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है।

हाई स्‍कूल से उ.मा.वि. में उन्‍नयन

[आदिम जाति कल्याण]

21. ( क्र. 1152 ) श्री शान्तिलाल बिलवाल : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) झाबुआ मुख्‍यालय पर स्थित हाई स्‍कूल बुनियादी एवं हाई स्‍कूल हुडा (झाबुआ) का माननीय मुख्‍यमंत्री जी द्वारा घोषणा अनुरूप उ.मा.वि. में उन्‍नयन कब तक हो जावेगा? (ख) आयुक्‍त, आदिवासी विकास म.प्र. भोपाल के ज्ञाप क्रमांक/शिक्षा शाला/2/2017 दिनांक 21.03.2017 द्वारा क्‍या 41 हाई स्‍कूल का उ.मा.वि. में उन्‍नयन के प्रस्‍ताव शासन को प्रेषित किये गये है? (ग) यदि हाँ, तो माननीय मुख्‍यमंत्री जी घोषणा अनुरूप क्‍या झाबुआ मुख्‍यालय की 02 हाई स्‍कूल का उन्‍नयन उ.मा.वि. में इस सत्र में हो जावेगा? जिससे अनुसूचित जाति/जनजाति एवं मध्‍यम वर्ग के परिवारों के बच्‍चों को कक्षा 11वीं एवं 12वीं में प्रवेश में कठिनाई न हो।

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) 2 वर्षीय कार्ययोजना स्‍वीकृति की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। (ख) जी हाँ। (ग) प्रश्‍नांश '' अनुसार। निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं।

फर्जी प्रमाण पत्रों वालों के विरूद्ध तत्‍काल कार्यवाही

[आदिम जाति कल्याण]

22. ( क्र. 1186 ) श्री महेन्द्र सिंह कालूखेड़ा : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या म.प्र. आयुक्‍त आदिवासी विकास कार्यालय ने सभी जिलाधीश व पुलिस अधीक्षकों को लिखा है कि दिनांक 05.09.10 को नागेश्‍वर प्रेमलाल सोन केसरी के नाम पारित निर्णय दिनांक 11.06.2010 को जिसमें उनका जाति प्रमाण पत्र निरस्‍त कर उनका निवास ए. 114 कमला नगर, कोटरा सुल्‍तानाबाद, भोपाल गलत पाया व वहां उनका रहना गलत पाया? (ख) क्‍या इस आदेश के विरूद्ध न्‍यायालय में जाने पर यह आदेश सिर्फ इसलिए जारी नहीं हुआ कि न्‍यायालय ने डी.ई. नहीं करने को गलती बताया? (ग) किस तारीख को न्‍यायालय ने डी.ई. नहीं करने वाला आदेश पारिता किया व अभी तक यह डी.ई. क्‍यों नहीं की गई व नागेश्‍वर प्रेमलाल सोन केसरी को मुख्‍यालय अटेच करने के बाद फील्‍ड पोस्टिंग अलीराजपुर क्‍यों कर दी गई है? कब तक डी.ई. प्रारंभ कर निराकृत कर ली जायेगी व फील्‍ड पोस्टिंग से हटाया जायेगा? (घ) क्‍या केन्‍द्र शासन द्वारा गलत जाति प्रमाण पत्रों वाले प्रकरणों में तत्‍काल बर्खास्‍त करने के निर्देश दिये हैं, जो नई दुनिया में दिनांक 16 जून 2017 को प्रकाशित हुआ है?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जी हाँ। पुलिस अधीक्षक भोपाल से प्राप्‍त जांच प्रतिवेदन के अनुसार प्रश्‍नांकित पते पर रहना नहीं पाया गया। (ख) मध्‍यप्रदेश अनुसूचित जनजाति संदेहास्‍पद जाति प्रमाण पत्र उच्‍च स्‍तरीय छानबीन समिति द्वारा श्री नागेश्‍वर सोनकेसरी के नाम पारित निर्णय दिनांक 21-6-2010 के विरूद्ध श्री नागेश्‍वर सोनकेसरी द्वारा रिट याचिका क्रमांक 57/2011 में पारित अंतरिम आदेश दिनांक 12-5-2015 में किसी भी विपरीत कार्यवाही पर रोक लगाई गई है, छायाप्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। (ग) माननीय उच्‍च न्‍यायालय खण्‍डपीठ इन्‍दौर के निर्णय दिनांक 20-3-2014 द्वारा उक्‍त आदेश पारित किया गया, जिसमें श्री नागेश्‍वर सोनकेसरी को बहाली का भी आदेश पारित किया गया है, जिसकी छायाप्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। माननीय उच्‍च न्‍यायालय खण्‍डपीठ इन्‍दौर के उक्‍त निर्णय उपरांत शासन द्वारा रिट अपील की गई व रिट अपील उपरांत माननीय सर्वोच्‍च न्‍यायालय में एस.एल.पी. दायर की गई। न्‍यायालय विनिश्चय विद्यमान होने के कारण कार्यवाही नहीं की गई। श्री नागेश्‍वर सोनकेसरी को बहाली उपरांत राज्‍य शासन के आदेश दिनांक 3-9-2014 द्वारा पुन: उपायुक्‍त आबकारी संभागीय उड़नदस्‍ता उज्‍जैन में पदस्‍थ किया गया था तथा आदेश दिनांक 16-04-2015 से सहायक आबकारी आयुक्‍त के पद पर जिला अलीराजपुर पदस्‍थ किया गया है। श्री सोनकेसरी को बहाली उपरांत मुख्‍यालय में कभी भी पदस्‍थ नहीं किया गया था। माननीय सर्वोच्‍च न्‍यायालय के निर्णय अनुसार आगामी आवश्‍यक कार्यवाही की जावेगी। (घ) शासन को आदेश प्राप्‍त नहीं है।

फर्जी प्रमाण पत्रों वालों के विरूद्ध तत्‍काल कार्यवाही

[वाणिज्यिक कर]

23. ( क्र. 1187 ) श्री महेन्द्र सिंह कालूखेड़ा, श्रीमती इमरती देवी : क्या वित्त मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या नागेश्‍वर प्रेमलाल सोन केसरी आबकारी विभाग के अधिकारी है? क्‍या मध्‍यप्रदेश आयुक्‍त आदिवासी विकास कार्यालय द्वारा सभी जिलाधीश व पुलिस अधीक्षकों को लिखा गया पत्र दिनांक 15.09.10 को नागेश्‍वर प्रेमलाल सोन केसरी के नाम पारित निर्णय दिनांक 11.06.2010 में उनका जाति प्रमाण-पत्र निरस्‍त कर दिया गया है? (ख) किस तारीख को न्‍यायालय ने डी.ई. नहीं करने वाली त्रुटि सम्‍बन्‍धी आदेश पारित किया व अभी तक यह डी.ई. क्‍यों नहीं की गई? कब तक डी.ई. प्रारंभ कर निराकृत कर ली जायेगी व फील्‍ड में पोस्टिंग से हटाया जायेगा? (ग) क्‍या केन्‍द्र शासन द्वारा गलत जाति प्रमाण पत्रों वाले प्रकरणों में तत्‍काल बर्खास्‍त करने के निर्देश दिये है जो नई दुनिया में दिनांक 16 जून 2017 को प्रकाशित हुआ है? आबकारी विभाग कब तक उक्‍त प्रकरण की जांच करायेगा? यदि प्रमाण पत्र गलत है तो क्‍या शीघ्र कार्यवाही करेगा?

वित्त मंत्री ( श्री जयंत मलैया ) : (क) जी हाँ, आयुक्‍त, आदिवासी विकास कार्यालय द्वारा पारित निर्णय दिनांक 21.06.2010 से जाति प्रमाण पत्र निरस्‍त किया गया है। (ख) माननीय उच्‍च न्‍यायालय खण्‍डपीठ इन्‍दौर के निर्णय दिनांक 20.03.2014 द्वारा उक्‍त आदेश पारित किया गया, जिसमें श्री नागेश्‍वर सोनकेसरी को बहाली का भी आदेश पारित किया गया है, जिसकी छायाप्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। अतिरिक्‍त महाधिवक्‍ता इन्‍दौर द्वारा प्रेषित अभिमत अनुसार माननीय उच्‍च न्‍यायालय खण्‍डपीठ इन्दौर के उक्‍त निर्णय उपरांत शासन द्वारा रिट अपील की गई व रिट अपील उपरांत माननीय सर्वोच्‍च न्‍यायालय में एस.एल.पी. दायर की गई। माननीय सर्वोच्‍च न्‍यायालय में दायर एस.एल.पी. क्रमांक 14510/2017 में प्राथमिक सुनवाई के बाद नोटिस भी जारी किया गया है। सुप्रीम कोर्ट में एस.एल.पी. दायर होने व न्‍यायालय विनिश्चय विद्यमान होने के कारण कार्यवाही नहीं की गयी। माननीय सर्वोच्‍च न्‍यायालय के निर्णय अनुसार आगामी कार्यवाही की जावेगी। श्री नागेश्‍वर सोनकेसरी को बहाली उपरांत राज्‍य शासन के आदेश दिनांक 03.09.2014 द्वारा उन्‍हें उपायुक्‍त आबकारी, संभागीय उड़नदस्‍ता उज्‍जैन में पदस्‍थ किया गया थातथा आदेश दिनांक 16.04.2015 से सहायक आबकारी आयुक्‍त के पद पर जिला अलीराजपुर पदस्‍थ किया गया है। (ग) प्रश्नांश केन्‍द्र शासन से संबंधित है। प्रश्‍नांश (ख) में दिये गये उत्‍तर के परिप्रेक्ष्‍य में शेष प्रश्‍नांश उपस्थित नहीं होता।

केन्‍द्र से प्राप्‍त अंशदान एवं अनुदान की जानकारी

[वित्त]

24. ( क्र. 1206 ) श्री अजय सिंह : क्या वित्त मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) 01 अप्रैल 2014 से 31 मार्च 2017 के दौरान म.प्र. के किन-किन विभागों को केन्‍द्र सरकार के किन-किन विभागों से किन-किन योजनाओं के लिए कितनी-कितनी राशि किस स्‍वरूप में प्राप्‍त हुई? राशिवार, विभागवार वर्षवार, योजनावार, राशि के स्‍वरूपवार (आवंटन एवं अनुदान) दें? (ख) 01 अप्रैल 2014 से 31 मार्च 2017 के दौरान म.प्र. के किन-किन विभागों के किन-किन योजनाओं के लिये, कितनी-कितनी राशि किस स्‍वरूप में प्राप्‍त हुई? राशिवार राशि के स्‍वरूपवार (आवंटन एवं अनुदान), विभागवार वर्षवार, योजनावार दें? (ग) वित्‍तीय वर्ष 2017-18 के दौरान प्रश्‍न तिथि तक प्रदेश को केन्‍द्र सरकार के द्वारा किस-किस विभाग को कितनी-कितनी राशि अनुदान एवं आवंटन के जरिये मिली?

वित्त मंत्री ( श्री जयंत मलैया ) : (क) 01 अप्रैल 2014 से 31 मार्च 2016 तक की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। वर्ष 16-17 के वित्‍त लेखे नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक से प्राप्‍त नहीं होने के कारण इस अवधि की जानकारी दी जाना संभव नहीं है। (ख) प्रश्‍नांश "क" में पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार। (ग) वर्ष 2017-18 के वित्‍त लेखे अभी नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक से प्राप्‍त नहीं हुए है इसलिये इस अवधि की जानकारी दी जाना संभव नहीं है।

विद्युत लाईन विस्‍तार

[आदिम जाति कल्याण]

25. ( क्र. 1216 ) श्रीमती पारूल साहू केशरी : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रश्‍नकर्ता के तारांकित प्रश्‍न क्रमांक 6199 दिनांक 22.3.2017 की चर्चा में माननीय मंत्री जी (आदिम जाति कल्‍याण) द्वारा अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के किसानों के कुआं पंपों तक विद्युत लाईन के विस्‍तार हेतु (चल रहे वित्‍तीय सत्र में ही) राशि स्‍वीकृत कर देने की बात सदन में कही थी, परन्‍तु क्‍या अनु.जा./अनु.जन. के उक्‍त किसानों के कुओं तक लाईन विस्‍तार हेतु आज दिनांक तक भी राशि स्‍वीकृत नहीं की गई जबकि प्रतिवर्ष करोड़ों रूपये की राशि लेप्‍स हो रही है? (ख) यदि हाँ, तो क्‍या सहायक आयुक्‍त आदिवासी विकास सागर के द्वारा आयुक्‍त अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति विभाग को लगभग 50 से भी ज्‍यादा किसानों के प्राक्‍कलन सहित राशि स्‍वीकृति हेतु प्रस्‍ताव भेजे गये थे, जो आज दिनांक तक भी स्‍वीकृत नहीं किये गये हैं? (ग) क्‍या प्रश्‍नकर्ता द्वारा प्रकरण में पहल करते हुये पत्र क्रमांक 421 सागर दिनांक 27.5.2017 द्वारा प्रमुख सचिव अनुसूचित जनजाति कल्‍याण विभाग मंत्रालय वल्‍लभ भवन भोपाल को एक लंबित प्रकरण में दर्शित प्राक्‍कलन राशि स्‍वीकृत कराने हेतु अनुरोध किया गया था? जिसकी प्रतिलिपि आयुक्‍त अनु.जाति/अनु.जनजाति मध्‍यप्रदेश अधीक्षण यंत्री विद्युत विभाग सागर एवं सहायक आयुक्‍त आदिवासी विकास को भी दी गयी थी? (घ) यदि प्रश्नांश (क),(ख) एवं (ग) में वर्णित सभी तथ्‍य सही है तो बतावें कि अनु.जाति के किसानों के कुआं पम्‍पों तक विद्युत लाइन विस्‍तार मद से कब तक आवंटन उपलब्‍ध करा दिया जावेगा? यदि नहीं, तो क्‍यों?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जी हाँ। वित्तीय वर्ष 2016-17 में कार्यालय, आयुक्त, आदिवासी विकास के पत्र क्रमांक/बजट/उपयोजना/4230, दिनांक 22.02.2017 द्वारा सागर जिले को विद्युतीकरण कार्य के लिए राशि रूपये 10.60 लाख का आवंटन मध्यप्रदेश विद्युत वितरण कंपनी जबलपुर के माध्यम से प्रदाय किया गया था, परन्तु राशि का आहरण उक्त वित्तीय वर्ष में नहीं हो पाया है। वित्तीय वर्ष 2017-18 में कार्यालय, आयुक्त, आदिवासी विकास के पत्र क्रमांक/बजट/2312, दिनांक 29.05.2017 द्वारा कलेक्टर सागर को विद्युतीकरण कार्यों के लिए राशि रूपये 117.37 लाख का आवंटन दिया गया है। (ख) सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास जिला सागर द्वारा प्रश्नांश '''' में प्राप्त राशि की सीमा में कार्य किये जाने हेतु प्रस्तावों को पत्र क्रमांक/508, दि. 28.06.2017 द्वारा समिति के अनुमोदन उपरान्त अधीक्षण यंत्री म.प्र. पूर्व क्षेत्र वि.वि.क.लि. सागर मध्यप्रदेश शासन, आदिम जाति कल्याण विभाग के अनुसूचित जाति/जनजाति बस्ती विकास एवं विद्युतीकरण योजना नियम 2017 के अनुसार कार्य करने हेतु प्रेषित किया जा चुका है। (ग) प्रश्नकर्ता द्वारा प्रेषित पत्र क्रमांक 421 दिनांक 27.05.2017 की प्रतिलिपि आयुक्त, आदिवासी विकास, सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास जिला सागर एवं कार्यपालन अभियंता (नोडल अधिकारी ) कार्यालय अधिक्षण अभियंता (संचा./संधा.) म.प्र.पू.क्षे.वि.वि.क.लि. सागर वृत को प्राप्त होना नहीं पाया गया। (घ) अनुसूचित जाति विकास द्वारा पम्पों के ऊजीकरण हेतु दिनांक 18.05.2017 को सागर जिले को रूपये 221.15 लाख की राशि को आवंटित किया जा चुका है।

झूठे प्रकरण पर अधिकारियों पर कार्यवाही

[ऊर्जा]

26. ( क्र. 1219 ) श्रीमती पारूल साहू केशरी : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या सागर जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में ऊर्जा विभाग द्वारा बिना मीटर लगाये, मनमर्जी से मनगढ़त बिजली बिल देकर उपभोक्‍ताओं को जबरन परेशान किया जा रहा है? क्‍या सरकारी भवनों में जिनमें बिजली सप्‍लाई नहीं है उन्‍हें भी बिजली बिल जारी किये गये है? (ख) क्‍या जिले के अनेक गांवों में जहां किन्‍हीं कारणों से बिजली बंद रही है या रहती है उन गांवों में भी बिजली सप्‍लाई न होते हुए बिजली बिल जारी कर दिये जाते है और बिजली चोरी के झूठे प्रकरण भी बना दिये जाते है जैसे कि सुरखी विधानसभा क्षेत्र में ग्राम चतुर्भटा में दिनांक 05.07.2016 से 30.10.2016 तक ट्रांसफार्मर खराब होने से विद्युत सप्‍लाई बंद रहने के बावजूद विद्वेष भावना से बिजली चोरी के झूठे प्रकरण दर्ज किये गये तथा बिजली की आंकलिक खपत के आधार पर बिजली बिल जारी किये गये? (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) में वर्णित तथ्‍यों के संदर्भ में यदि हाँ, तो क्‍या ऐसे अधिकारियों के विरूद्ध जिन्‍हें जिला स्‍तर के अधिकारियों से सरंक्षण प्राप्‍त रहता है विभागीय जांच करायी जाकर दंडित किया जावेगा? यदि हाँ, तो कब तक और यदि नहीं, तो क्‍यों?

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) जी नहीं, अपितु प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में बिना मीटरवाले कनेक्‍शनों में म.प्र. विद्युत नियामक आयोग द्वारा जारी दर आदेश में निहित प्रावधानों के अनुसार उपभोक्‍ताओं को आंकलित खपत के आधार पर नियमानुसार बिल जारी किये जा रहे हैं। प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में ऐसे किसी भी सरकारी भवन जिसमें विद्युत कनेक्‍शन नहीं दिया गया है, को बिजली का बिल जारी नहीं किया गया है। (ख) प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में तकनीकी कारणों/प्राकृतिक आपदा के कारण आए आकस्मिक विद्युत व्‍यवधानों अथवा मेन्‍टेनेंस कार्य हेतु आवश्‍यक होने जैसी अपरिहार्य स्थिति में विद्युत प्रदाय बंद होने पर यथाशीघ्र सुधार/मेन्‍टेनेंस कार्य पूर्ण कर विद्युत प्रदाय बहाल करने की कार्यवाही की जाती है एवं म.प्र. विद्युत नियामक आयोग द्वारा जारी दर आदेश के अनुसार ही नियमानुसार विद्युत बिल जारी किये जा रहे हैं। विद्युत का अवैधानिक उपयोग पाए जाने की स्थिति में ही विद्युत अधिनियम 2003 के प्रावधानों के अंतर्गत प्रकरण बनाए जाते हैं। तद्नुसार ही सुरखी विधानसभा क्षेत्र के ग्राम चतुर्भटा में विद्युत का अनाधिकृत उपयोग पाए जाने पर दिनांक 21.09.2016 को सतर्कता दल द्वारा प्रकरण बनाया गया था तथा विद्युत अधिनियम, 2003 के प्रावधानों के अनुसार म.प्र. विद्युत नियामक आयोग द्वारा जारी विद्युत प्रदाय संहिता, 2013 में निहित प्रावधानों के अनुसार नियमानुसार बिल जारी किया गया। (ग) उत्‍तरांश (क) एवं (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में किसी प्रकार की जाँच अथवा अन्‍य कोई कार्यवाही किया जाना अपेक्षित नहीं है।

अंतर्जातीय विवाह प्रोत्‍साहन राशि का प्रावधान

[अनुसूचित जाति कल्याण]

27. ( क्र. 1273 ) श्री विष्‍णु खत्री : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या शासन द्वारा अंतर्जातीय विवाह में कोई एक पक्ष अ.जा. अथवा अ.ज.जा. का होने पर शासन द्वारा राशि दिये जाने का प्रावधान है? यदि हाँ, तो आदेश की प्रति उपलब्‍ध करावें। (ख) क्‍या दंपतियों द्वारा विवाह उपरांत जारी विवाह प्रमाण पत्र के आधार पर कुछ प्रकरण अभी तक लंबित हैं, विवाह प्रमाण पत्र कौन-कौन अधिकारियों द्वारा जारी किये जाते हैं एवं क्‍या उपरोक्‍त किसी भी एक अधिकारी द्वारा जारी प्रमाण पत्र के आधार पर उपरोक्‍त योजना का लाभ दंपतियों को प्राप्‍त होता है या नहीं? यदि नहीं, तो क्‍या केवल कोई एक अधिकारी द्वारा जारी प्रमाण पत्र के आधार पर ही योजना का लाभ दिया जाता है अन्‍य अधिकारी द्वारा जारी प्रमाण पत्र के आधार पर नहीं मिलता है। क्‍या कारण है कि विवाह पंजीयन प्रमाण पत्र किसी भी अधिकारी द्वारा जारी हो उसके आधार पर उपरोक्‍त योजना का लाभ नहीं दिया जा रहा है। (ग) भोपाल जिला अंतर्गत दिनांक 01.01.2016 से दिनांक 15.06.2017 के मध्‍य कितने दंपतियों में से कौन-कौन को शासन की उपरोक्‍त योजना का लाभ प्राप्‍त हो गया है एवं कौन-कौन का प्रकरण किन कारण से लंबित है अथवा निरस्‍त किया गया है।

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जी हाँ। मध्‍यप्रदेश अस्‍पृश्‍यता निवारणार्थ अंतर्जातीय विवाह प्रोत्‍साहन योजना नियम, 2007 अनुसार एक पक्ष अनुसूचित जाति तथा दूसरा पक्ष संवर्ण हिन्‍दू जाति का होना अनिवार्य है। योजना की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) जी हाँ। विवाह पंजीयन हेतु प्रदेश में हिंदू विवाह अधिनियम, 1955 के अंतर्गत गठित म.प्र. विवाह रजिस्‍ट्रीकरण नियम 1984 के अंतर्गत केवल जिला कलेक्‍टर द्वारा विवाह पंजीयन प्रमाण पत्र जारी किये जाते हैं एवं जिला कलेक्‍टर अपने अधीन किसी अन्‍य अधिकारी जो जिले के कार्यपालक प्रशासन के लिए अस्‍थाई रूप से उत्‍तरवर्ती होता है, को भी नामांकित कर सकते हैं। जी हाँ। इनके द्वारा जारी प्रमाण पत्र के आधार पर दम्‍पत्ति योजना का लाभ प्राप्‍त कर सकते हैं। विशेष विवाह अधिनियम, 1954 के अंतर्गत गठित म.प्र. विवाहों का अनिवार्य रजिस्‍ट्रीकरण नियम, 2008 के अंतर्गत स्‍थानीय निकाय के अधिकारियों द्वारा भी विवाह पंजीयन प्रमाण पत्र जारी किये जाते हैं। यह इस योजना की पात्रता के लिए अधिकृत नहीं है। अंतर्जातीय विवाह प्रोत्‍साहन योजना के विभागीय नियम 9 जुलाई 2015 के अनुसार हिंदू विवाह अधिनियम, 1955 के अंतर्गत पंजीकृत विवाहों के लिए जारी किये गये प्रमाण पत्र के आधार पर अंतर्जातीय विवाह प्रोत्‍साहन योजना का लाभ दिया जाता है। (ग) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है।

कनिष्ठ अधिकारियों को उच्च पदों पर अनियमित प्रभार

[ऊर्जा]

28. ( क्र. 1319 ) श्रीमती ममता मीना : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या म.प्र.म.क्षे.वि.वि.कं.लि. द्वारा कनिष्ठ अधिकारियों को उच्च पदों का प्रभारी बनाकर पदस्थ किया गया है, इस प्रकार के पदस्थ अधिकारियों की सूची उपलब्ध करावे? (ख) क्या श्रीमती अमिता तिवारी को गुना जिले में विभिन्न पदों पर लगातार 20 वर्षों से रखा गया है। क्या इतनी लंबी अवधि में एक ही स्थान पर अधिकारी को रखे जाने की नीति है? यदि नीति है तो बतायें। (ग) यदि नहीं, तो श्रीमती अमिता तिवारी को लगातार 20 वर्षों से गुना में ही क्यों पदस्थ रखा गया है। इन्हें कब तक हटा दिया जावेगा। समय अवधि बतावे। (घ) क्‍या प्रश्नांश '' की स्थिति शासन नीति के विरूद्ध है तथा इस प्रक्रिया से वरिष्ठ अमला हतोत्साहित होता है यदि हाँ, तो इस स्थिति को म.प्र.म.क्षे.वि.वि.कं. कब तक दूर करेगी?

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) जी हाँ, म.प्र. मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी क्षेत्रान्‍तर्गत अधिकारियों को उच्‍च पद का चालू प्रभार उपयुक्‍तता सह-वरिष्‍ठता के आधार पर बिना किसी वित्‍तीय लाभ के प्रदान किया गया है। मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी क्षेत्रान्‍तर्गत चालू प्रभार दिये गये अधिकारियों की सूची पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-'', '', '' एवं '' अनुसार है। (ख) जी नहीं। मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी में लागू स्‍थानान्‍तरण नीति की प्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-'' अनुसार है। (ग) जी नहीं। तथापि गुना से उनके अन्‍यत्र स्‍थानान्‍तरण के संबंध में स्‍थानान्‍तरण नीति के अनुसार निर्णय लिया जायेगा। (घ) उत्‍तरांश (क) में दर्शाए अनुसार मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी में अधिकारियों को उच्‍च पद का चालू प्रभार सौंपने की प्रक्रिया कंपनी द्वारा निर्धारित नियमों के अनुरूप की जा रही है।

132 के.व्‍ही. विद्युत उपकेन्‍द्र का निर्माण कार्य की स्‍वीकृति

[ऊर्जा]

29. ( क्र. 1334 ) डॉ. योगेन्‍द्र निर्मल : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या पूर्व में वारासिवनी के ग्राम डोगरगांव (मेण्‍डकी) में स्‍वीकृत 132 के.व्‍ही. विद्युत उपकेन्‍द्र का निर्माण कार्य की स्‍वीकृति दी गई थी। हाँ या नहीं? (ख) क्‍या मुख्‍य अभियंता (योजना एवं रूपांकन) जबलपुर द्वारा दूरभाष पर चर्चा के दौरान उक्‍त कार्य को शीघ्र कराये जाने की बात कही गयी थी? (ग) उक्‍त 132 के.व्‍ही.उपकेन्‍द्र को कब तक स्‍वीकृति दी जायेगी? यदि नहीं, तो क्‍यों?

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) जी नहीं। वारासिवनी के ग्राम डोगरगांव (मेंडकी) में 132 के.व्‍ही. उपकेन्‍द्र स्‍वीकृत नहीं किया गया था। (ख) मुख्‍य अभियंता (योजना एवं रूपांकन) से दूरभाष पर हुई चर्चा की तिथि अवधि/समय एवं नाम का उल्‍लेख न होने के कारण तथ्‍य की पुष्टि की जाना संभव नहीं है एवं न ही मुख्‍य अभियंता (योजना एवं रूपांकन) कार्यालय में इस संबंध में कोई अभिलेख उपलब्‍ध है। (ग) वारासिवनी के समीप ग्राम चंदोरी में 132 के.व्‍ही. विद्युत उपकेन्‍द्र की स्‍वीकृति दी जा चुकी है एवं निर्माण कार्य प्रगति पर है। अत: वारासिवनी के समीप ग्राम डोगरगांव (मेंडकी) में पृथक स्वीकृति दी जाना तकनीकी रूप से साध्‍य नहीं है।

प्रश्‍नकर्ता द्वारा पत्रों पर कार्यवाही न करना

[सामान्य प्रशासन]

30. ( क्र. 1336 ) डॉ. योगेन्‍द्र निर्मल : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता द्वारा वर्ष 2014 से प्रश्‍न दिनांक तक कलेक्‍टर कार्यालय बालाघाट एवं मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत बालाघाट को कब-कब किस-किस दिनांक को किस-किय विषय पर पत्र लिखा गया? (ख) उक्‍त पत्रों पर क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई? यदि नहीं, तो क्‍यो? (ग) उक्‍त पत्रों पर अगर कार्यवाही नहीं की गई तो इसके लिए कौन-कौन अधिकारी/कर्मचारी दोषी हैं? विभाग उक्‍त अधिकारी/कर्मचारियों पर क्‍या कार्यवाही कब तक करेगा?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार। (ख) की गई नियमानुसार कार्यवाही की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट में दर्शायी गई है। (ग) प्रश्‍नांश '''' के उत्‍तर के प्रकाश में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

अ.जा./अ.ज.जा. वर्ग के किसानों के खेतों पर सिंचाई के लिये अनुदान प्राप्त डी.पी. लगाना

[ऊर्जा]

31. ( क्र. 1352 ) श्री दिलीप सिंह शेखावत : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता के विधान सभा क्षेत्र नागदा-खाचरोद में अ.जा./अ.ज.जा. वर्ग के किसानो के खेतों पर सिंचाई के लिये अनुदान प्राप्त डी.पी. (ट्रांसफार्मर) लगाने की वर्तमान में क्या योजना है? निर्देशों की प्रति उपलब्ध करावें। (ख) यदि योजना नहीं बनी है तो कब तक बना ली जावेगी?

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) माननीय प्रश्‍नकर्ता विधायक महोदय के विधानसभा क्षेत्र नागदा-खाचरोद सहित संपूर्ण प्रदेश में अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के कृषकों को स्‍थाई कृषि पम्‍प कनेक्‍शन प्रदान किये जाने के लिए वर्तमान में ''मुख्‍यमंत्री स्‍थायी कृषि पंप कनेक्‍शन योजना'' लागू है, जिसके तहत् 2 हेक्‍टेयर से कम भूमि वाले अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के कृषकों को वर्ष 2017-18 में मात्र रू. 5500/- प्रति हार्स पावर का अंशदान देय है तथा अधोसंरचना कार्य के लिए शेष राशि का वहन वितरण कंपनी/राज्‍य शासन द्वारा किया जा रहा है। आवश्‍यकतानुसार वितरण ट्रांसफार्मर की स्‍थापना सहित अधोसंरचना विकास के कार्य किये जाने का प्रावधान उक्‍त योजना में है। उक्‍त योजना/निर्देश की प्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) उत्‍तरांश (क) में दर्शाए अनुसार प्रश्‍नाधीन योजना तैयार की जा चुकी है तथा वर्तमान में प्रदेश में उक्‍त योजना लागू है।

विद्युत दुर्घटनाओं की संख्‍या

[ऊर्जा]

32. ( क्र. 1409 ) श्री शैलेन्‍द्र पटेल : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या विद्युत लाइन पर काम करते समय करंट से कर्मचारी की मौत के मामले सामने आए है यदि हाँ, तो वर्ष 2014-15, 2015-16 एवं 2016-17 के दौरान भोपाल एवं होशंगाबाद संभाग में मृत कर्मचारियों का पूर्ण ब्‍यौरा दें? (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार दुर्घटनाओं के मामलों में विभाग द्वारा घटनाओं के कारणों की जांच विभागीय टीम से कराई है? यदि हाँ, तो घटनाओं के कारणों का प्रकरणवार ब्‍यौरा दें? (ग) क्‍या प्रश्नांश (क) अनुसार दोषियों के विरूद्ध आपराधिक प्रकरण दर्ज हुए है? यदि हाँ, तो ब्‍यौरा दें? (घ) क्‍या मृत कर्मचारियों के परिजनों को मुआवजा दिया गया है यदि हाँ, तो ब्‍यौरा दें? नहीं तो क्‍यों? (1) क्‍या बीमा क्‍लेम दिया गया है यदि हाँ, तो ब्‍यौरा दें यदि नहीं, तो क्‍यों?

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) जी हाँ। भोपाल क्षेत्रान्‍तर्गत भोपाल एवं होशंगाबाद संभागों में विद्युत लाईन पर काम करते समय प्रश्‍नाधीन अवधि में वित्‍तीय वर्षवार हुई विद्युत दुर्घनाओं में मृत कर्मचारियों की प्रश्‍नाधीन चाही जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) जी हाँ, उत्‍तरांश (क) में उल्‍लेखित दुर्घटनाओं के कारणों की जांच विभागीय अधिकारियों से कराई गई है, जिसका प्रकरणवार ब्‍यौरा पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। (ग) विभागीय जांच निष्‍कर्ष अनुसार दोषी कर्मचारियों/अधिकारियों के विरूद्ध म.प्र. सिविल सेवा आचरण नियम, 1965 के तहत दण्‍डादेश जारी किये गये, जिसकी जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। (घ) नियमानुसार पात्र होने पर मृतक कर्मचारियों के परिजनों को दिये गये मुआवजे की राशि एवं भुगतान की गई बीमा दावा राशि/बीमा दावा राशि के भुगतान हेतु की जा रही कार्यवाही का विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है।

स्‍वतंत्रता संग्राम सेनानी के परिवारजनों को बेघर किए जाने का प्रयास

[सामान्य प्रशासन]

33. ( क्र. 1433 ) पं. रमाकान्‍त तिवारी : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या स्‍व. श्री हीरालाल शर्मा, स्‍वतंत्रता संग्राम सेनानी रीवा शहर के आराजी खसरा नं. 3785/2 धोबिया टंकी रीवा स्थित मकान में सपरिवार निवास करते थे? यदि हाँ, तो उक्‍त मकान कब और किसके द्वारा बनवाया गया था? (ख) उक्‍त स्‍वतंत्रता सेनानी का परिवार वर्तमान में कहाँ रह रहा है? रीवा शहर के आराजी खसरा नं. 3785/2 धोबिया टंकी रीवा के कितने वैध उत्‍तराधिकारी हैं? (ग) क्‍या जिला प्रशासन द्वारा उक्‍त स्‍वतंत्रता संग्राम सेनानी के आवास में निवासरत परिवार जनों को बेघर कर उक्‍त आवास को गिराये जाने का कुत्सित प्रयास किया जा रहा हैं? यदि हाँ, तो उस स्‍वतंत्रता संग्राम सेनानी के परिवारजनों के निवास की जिला प्रशासन द्वारा क्‍या व्‍यवस्‍था की गई है? यदि नहीं, तो क्‍या उक्‍त आवास नहीं गिराया जायेगा? (घ) उक्‍त आवास को बचाने के लिए किन-किन न्‍यायालयों ने कब-कब, क्‍या-क्‍या निर्णय देकर रोक लगाई है तथा जिला प्रशासन द्वारा उसका किस प्रकार पालन किया गया है?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जी हाँ। कोई अभिलेखीय साक्ष्‍य उपलब्‍ध नहीं है। (ख) प्रश्‍नांश '' अनुसार। उनके परिवार द्वारा दायर दस्‍तावेजों न्‍यायालयीन प्रकरणों में अंकित दस्‍तावेज अनुसार श्रीमती सत्‍यवती शर्मा पत्नी स्‍व. श्री हीरालाल शर्मा, श्रीमती प्रभा शर्मा पत्नी स्‍व. श्री सत्‍यप्रकाश शर्मा, श्री शिवचन्‍द्र, श्री अविनाश, श्री विकास पुत्र स्‍व. श्री सत्‍यप्रकाश शर्मा। (ग) जी नहीं। उक्‍त आवास वर्तमान में यथावत है। ९९० वर्गफिट की लीज प्रदाय की गई थी परन्‍तु शासकीय भूमि पर अतिक्रमण कर १५८१ वर्ग फिट में आवास बनाया गया। अतिक्रमित रकबा ५९१ वर्गफिट स्‍वत: अतिक्रमण मुक्‍त करने हेतु जिला प्रशासन द्वारा समय प्रदान किया गया। शेष प्रश्‍नांश उपस्थित नहीं होता। (घ) न्‍यायालय अपर जिला न्‍यायाधीश रीवा के सिविल अपील क्रमांक ४७ए/२००६ निर्णय दिनांक ११/०८/२००६ में दिये गये निर्देशों के परिपालन में तहसीलदार हुजूर द्वारा धारा २४८ म.प्र.भू.रा. संहिता के प्रावधानों अंतर्गत राजस्‍व प्रकरण ०५/‍अ-६८/१५-१६ आदेश दिनांक १८/०२/२०१६ द्वारा शासकीय अधिक्रमित भूमि से बेदखल किये जाने का आदेश‍ दिया था। दिनांक १८/०३/२०१७ को अतिक्रमित भाग रिक्‍त कराया गया है। आवेदकों का आवासीय मकान आज भी यथावत् है एवं वे निवासरत है। न्‍यायालय तृतीय अपर जिला न्‍यायाधीश रीवा के व्‍यवहारवाद क्रमांक ४०ए/२०१३ आदेश दिनांक २७/०७/२०१६ में वादीगणों द्वारा दायर प्रकरण स्थिति स्‍पष्‍ट करते हुए निषेधाज्ञा जारी किये जाने का आवेदन निरस्‍त कर दिया गया है। मा. उच्‍च न्‍यायालय जबलपुर में दायर डब्‍ल्‍यू.पी. १८५३५/२०१३ में भी वारिसों का स्‍वत्‍व मात्र ९९० वर्गफिट में माना है।

बेरोजगारों के लिए विज्ञप्ति

[सामान्य प्रशासन]

34. ( क्र. 1442 ) श्री नथनशाह कवरेती : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या म.प्र. द्वारा प्रतियोगी परीक्षाओं में बैठने के लिये म.प्र. के बेरोजगारों के अलावा अन्‍य प्रदेशों के बेरोजगार युवाओं के लिये भी विज्ञप्ति निकाली जाती हैं? (ख) यदि हाँ, तो क्‍यों? क्‍या म.प्र. के बेरोजगार युवकों को अधिक से अधिक संख्‍या में रोजगार मिल सके इस हेतु अन्‍य प्रदेशों को छोड़कर केवल म.प्र. के बेरोजगार युवकों को ही सम्मिलित किया जायेगा? यदि हाँ, तो इस संबंध में कब तक निर्णय लेते हुए राजपत्र में प्रकाशित किया जायेगा? (ग) क्‍या म.प्र. के अलावा अन्‍य प्रदेशों में केवल उसी प्रदेश के बेरोजगारों को प्रतियोगी परीक्षा में बैठने हेतु अवसर दिया जाता है? यदि हाँ, तो उन प्रदेशों के नाम बतावें।

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) एवं (ख) सामान्‍य विज्ञप्ति जारी की जाती है। प्रदेश के बेरोजगार युवकों को अधिक अवसर उपलब्‍ध कराने हेतु सीधी भर्ती के पदों पर आयु सीमा निर्धारित कर मध्‍यप्रदेश के मूल निवासियों के लिए अधिकतम आयु सीमा में छूट दी गई है। (ग) जानकारी अन्‍य प्रदेशों से संबंधित होने के कारण दिया जाना संभव नहीं है।

ग्रामीण अंचलों में विद्युतीकरण का कार्य

[ऊर्जा]

35. ( क्र. 1452 ) श्री सुदेश राय : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला सीहोर के विकासखण्‍ड सीहोर अंतर्गत ग्रामीण अंचलों के विद्युत विहीन किन-किन ग्राम, मजरा, टोले में वर्ष 2013 से किस योजना के अंतर्गत विद्यतीकरण के कार्य कराये गये हैं? योजनावार व्‍यय राशि का विवरण देवें? (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में कितने कार्य पूर्ण हो चुके तथा कितने शेष हैं तथा जो शेष हैं वह कब तक पूर्ण कर लिये जायेंगे? स्‍थान सहित पूर्ण एवं अपूर्ण कार्य की जानकारी देवें। (ग) आगामी वर्षों में विद्युत विहीन किन-किन ग्रामों को प्रस्‍ताव में शामिल कर प्रस्‍ताव स्‍वीकृति हेतु लंबित हैं?

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) जिला सीहोर के विकासखण्‍ड सीहोर के अंतर्गत वर्ष 2013 से प्रश्‍न दिनांक तक ग्रामीण क्षेत्रों में 15 अविद्युतीकृत मोहल्‍लों/मजरों/टोलों में विद्युतीकरण का कार्य राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना एवं फीडर विभक्तिकरण योजनान्‍तर्गत किया गया है। उक्‍त दोनों योजनाओं में मोहल्‍ले/मजरे/टोले वार व्‍यय राशि के देयक ठेकेदार द्वारा प्रस्‍तुत नहीं किये जाते हैं अत: मोहल्‍ला/मजरा/टोला वार व्‍यय की राशि की जानकारी दिया जाना संभव नहीं है। तथापि सीहोर जिले में प्रश्‍नाधीन अवधि में राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजनान्‍तर्गत किये गये कार्यों में रूपये 11.65 करोड़ तथा फीडर विभक्तिकरण योजनान्‍तर्गत किये गये कार्यों में रूपये 130 करोड़ की राशि व्‍यय हुई। प्रश्‍नाधीन अवधि में किसी भी अविद्युतीकृत ग्राम के विद्युतीकरण का कार्य नहीं किया गया है। उक्‍तानुसार विद्युतीकृत मोहल्‍लों/मजरों/टोलों के विद्युतीकरण की योजनावार जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-'' अनुसार है। (ख) जिला सीहोर के विकासखण्‍ड सीहोर के अंतर्गत 15 अविद्युतीकृत मोहल्‍लों/मजरों/टोलों के विद्युतीकरण का कार्य पूर्ण हो चुका है एवं 30 अविद्युतीकृत मोहल्‍लों/मजरों/टोलों के विद्युतीकरण का कार्य शेष है, जिनका विवरण संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-'' एवं '' अनुसार है। इन अविद्युतीकृत मोहल्‍लों/मजरों/टोलों के विद्युतीकरण का कार्य दीनदयाल उपाध्‍याय ग्राम ज्‍योति योजना में स्‍वीकृत है। योजनांतर्गत कार्य टर्न-की आधार पर कराए जाने हेतु ठेकेदार एजेन्‍सी मेसर्स अग्रवाल पॉवर प्राइवेट लिमिटेड, भोपाल को दिनांक 18.05.2017 को अवार्ड जारी किया गया है तथा अनुबंध की शर्तों के अनुसार उक्‍त ठेकेदार एजेन्‍सी द्वारा कार्य पूर्ण करने की समय सीमा अवार्ड दिनांक से 24 माह है। (ग) सीहोर जिले के विकासखण्‍ड सीहोर के अंतर्गत कोई भी अविद्युतीकृत ग्राम विद्युतीकरण हेतु शेष नहीं है तथा उत्‍तरांश (ख) में दर्शाए अनुसार 30 अविद्युतीकृत मोहल्‍लों/मजरों/टोलों के विद्युतीकरण का कार्य दीनदयाल उपाध्‍याय ग्राम ज्‍योति योजना में स्‍वीकृत है। वर्तमान में प्रश्‍नाधीन क्षेत्र हेतु ग्रामों/मोहल्‍लों/मजरों/टोलों के विद्युतीकरण का कोई भी प्रस्‍ताव स्‍वीकृति हेतु लंबित नहीं है।

परिशिष्ट - ''चार''

सब स्‍टेशन की जानकारी

[ऊर्जा]

36. ( क्र. 1459 ) श्री शंकर लाल तिवारी : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सतना जिले के सोनौरा में सब स्‍टेशन कब स्‍वीकृत हुआ था? इसकी लागत कितनी थी? राजस्‍व विभाग द्वारा कितनी जमीन सब स्‍टेशन के लिये आवंटित की गई थी? खसरा नम्‍बर एवं रकबा बतायें? क्‍या ऊर्जा विभाग को अतिक्रमण मुक्‍त भूमि आवंटित की गई थी? (ख) क्‍या सब स्‍टेशन के लिये आवंटित भूमि में पूर्व से ही अतिक्रमण था? पावर कट और लो वोल्‍टेज से सतना को निजात दिलाने के लिये 132/33 के.व्‍ही. का सब स्‍टेशन बनाया जा रहा था? क्‍या इस आवंटित भूमि में 14 परिवार काबिज हैं तथा उनके द्वारा अवैध बोरिंग भी करा ली गई है? (ग) इस सब स्‍टेशन को कब तक पूर्ण होना था? आवंटित भूमि पर कब्‍जा न मिलने से प्रोजेक्‍ट की लागत कितनी बढ़ गई है? अब यह सब स्‍टेशन कब तक पूर्ण होगा तथा पूर्णता के समय इसकी लागत क्‍या होगी? (घ) भूमि आवंटन समय पर न करने, अतिक्रमण मुक्‍त भूमि उपलब्‍ध न कराने के लिये कौन-कौन राजस्‍व अधिकारी दोषी हैं? इन पर कब तक अनुशासनात्‍मक कार्यवाही की जायेगी? समय-सीमा दें।

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) सतना जिले के ग्राम सोनौरा में 132 के.व्‍ही. उपकेन्‍द्र सतना-II दिनांक 16.05.2016 को स्‍वीकृत किया गया था। इस कार्य हेतु प्राक्‍कलित राशि रू. 2145.56 लाख स्‍वीकृत है। उपकेन्‍द्र के निर्माण हेतु राजस्‍व विभाग द्वारा मौजा-सोनौरा, तहसील-रघुराजनगर, की शासकीय आराजी नं. 40/1 एवं 40/2 का अंश, रकबा 3.500 हेक्‍टेयर तथा आराजी नं. 81 के अंश रकबा 0.560 हेक्‍टेयर इस प्रकार कुल रकबा 4.060 हेक्‍टेयर भूमि आवंटित की गई है। जी हाँ, राजस्‍व विभाग द्वारा ऊर्जा विभाग को अतिक्रमण मुक्‍त भूमि ही आवंटित की गई थी। परन्‍तु कलेक्‍टर सतना द्वारा जारी भूमि आवंटन आदेश पर एक कृषक द्वारा माननीय उच्‍च न्‍यायालय के स्‍थगन आदेश के संदर्भ में स्‍वामित्‍व संबंधी वाद प्रस्‍तुत किया गया, जिससे भूमि आवंटन आदेश को स्‍थगित रखा गया था। (ख) उपकेन्‍द्र के लिये आवंटित भूमि में पूर्व से कोई अति‍क्रमण मौजूद नहीं था। सतना जिले में बेहतर विद्युत अधोसंरचना हेतु प्रश्नांश (क) में उल्‍लेखित 132 के.व्‍ही. उपकेन्‍द्र सतना-II का निर्माण प्रस्‍तावित है। उपकेन्‍द्र निर्माण हेतु आवंटित भूमि में कोई परि‍वार काबिज नहीं है तथा भूमि में कोई बोरिंग नहीं कराई गई है। (ग) कार्यादेश की शर्तों के अनुसार 132 के.व्‍ही. उपकेन्‍द्र सतना-II का निर्माण कार्य जनवरी 2018 में पूर्ण किया जाना था। आवंटित भूमि पर समय से कब्‍जा न मिलने से वर्तमान स्थिति में प्रोजेक्‍ट की लागत में परिवर्तन नहीं हुआ है तथापि कार्यादेश की शर्तों के अनुसार कुछ सामग्री पर प्राइज वेरीयेशन की शर्त संपूर्ण संविदा अवधि में प्रभावी है। माननीय उच्‍च न्‍यायालय का स्‍थगन हटाने के निर्णय दिनांक 23.03.2017 के पश्‍चात् दिनांक 06.07.2017 को उपकेन्‍द्र निर्माण के लिए भूमि को संबंधित निर्माण एजेन्‍सी को सौंपा गया है। एजेंसी द्वारा कार्य प्रारंभ कर दिया गया है तथा कार्यपूर्णता अवधि अप्रैल 2019 अनुमानित है। कुछ सामग्री पर प्राइस वेरियेशन क्‍लाज की शर्त लागू होने से कार्य पूर्णंता के समय परियोजना लागत का आंकलन वर्तमान में संभव नहीं है। (घ) उत्‍तरांश '' एवं '' के परिप्रेक्ष्य में किसी अधिकारी पर अनुशासनात्‍मक कार्यवाही का प्रश्‍न नहीं उठता।

बिजली की अघोषित कटौती तथा मनमानी

[ऊर्जा]

37. ( क्र. 1463 ) श्री शंकर लाल तिवारी : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या सतना शहर में दिन हो या रात हर 30 मिनट में बिजली कटौती की जा रही, प्री मानसून मेन्‍टेनेंस हेतु दिनांक 01.4.2017 से 30.06.2017 की अवधि में कब-कब किस-किस क्षेत्र में बिजली कटौती कितने-कितने समय तक की गई? जानकारी देवें? (ख) अब जबकि मेंटेनेंस हो चुका है इसके बाद भी सतना शहर में 72000 हजार उपभोक्‍ताओं को बिजली कटौती के लिये कौन-कौन अधिकारी कर्मचारी जवाबदेह है? (ग) दिनांक 15/6/2017 को 33 के.व्‍ही.ए. सब स्‍टेशन प्रेमनगर में 8 हजार एम्पियर तीव्रता के फाल्‍ट के लिये कौन-कौन तकनीकी अमला दोषी है? पतेरी स्थित 132/33 के.व्‍ही.ए. सब स्‍टेशन में विद्युत आपूर्ति कब बंद की गई? (घ) सतना शहर की विद्युत आपूर्ति को कब तक नियमित कटौती रहित कर दिया जावेगा, समय सीमा बतावें।

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) जी नहीं तथापि वितरण कंपनियों द्वारा विद्युत लाईनों एवं उपकेन्‍द्रों के संधारण का कार्य वर्ष में 2 बार-यथा वर्षा पूर्व एवं वर्षा के पश्‍चात कराया जाता है, जिस हेतु विद्युत प्रदाय बन्‍द किया जाना अपरिहार्य हो जाता है। दिनांक 01.04.17 से 30.06.17 तक की अवधि में सतना शहर में मेन्‍टेनेंस कार्य हेतु बन्‍द किये गये विद्युत प्रदाय की फीडरवार जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) विद्युत लाईनों/उपकेन्‍द्रों के रख-रखाव के उपरांत भी कतिपय अवसरों पर तकनीकी कारणों/प्राकृतिक आपदा के कारण आए आकस्मिक व्‍यवधानों से विद्युत प्रदाय बाधित हो जाता है। ऐसी स्थिति में विद्युत लाईनों/उपकरणों को शीघ्रातिशीघ्र सुधार कर विद्युत प्रदाय चालू कर दिया जाता है। प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में किसी भी प्रकार की विद्युत कटौती नहीं की जा रही। उक्‍त के परिप्रेक्ष्‍य में कोई अधिकारी/कर्मचारी दोषी नहीं है। (ग) 33 के.वी. प्रेमनगर फीडर, 132 के.वी. अति उच्‍चदाब उपकेन्‍द्र से निर्गमित है, जो कि प्रेमनगर 33/11 के.वी. उपकेन्‍द्र को विद्युत प्रदाय करता है। आंधी-तूफान के कारण उक्‍त 33 के.वी. फीडर दिनांक 15.06.17 को 18.51 बजे फाल्‍टी हुआ था। संबंधित स्‍टाफ द्वारा पेट्रोलिंग की गई तथा पतेरी के पास फोर पोल स्‍ट्रक्‍चर पर एक पिन इन्‍सुलेटर एवं जम्‍पर निकला पाया गया। आवश्‍यक सुधार कार्य पूर्ण कर 21.49 बजे उक्‍त लाईन चालू कर दी गई। तकनीकी कर्मचारियों द्वारा उक्‍तानुसार विद्युत प्रदाय बहाल करते हुए की गई कार्यवाही के परिप्रेक्ष्‍य में कोई भी तकनीकी कर्मचारी दोषी नहीं है। उल्‍लेखनीय है कि 33 के.वी. लाईन में स्‍वचालित सुरक्षा प्रणाली उपकरण स्‍थापित होने से फीडर फाल्‍टी होने की स्थिति में प्रणाली स्‍वत: ट्रिप हो जाती है। तद्नुसार उक्‍त 33 के.वी. फीडर फाल्‍टी होने पर 18.51 बजे से पतेरी 132 के.वी. उपकेन्‍द्र से उक्‍त फीडर का विद्युत प्रदाय बन्‍द हो गया था। (घ) सतना शहर में कोई विद्युत कटौती नहीं की जा रही है तथा उत्‍तरांश (ग) में उल्‍लेखित कारणों से आए आकस्मिक व्‍यवधानों को छोड़कर सतत् रूप से विद्युत प्रदाय किया जा रहा है। अत: समय-सीमा बताए जाने का प्रश्‍न नहीं उठता।

पंडित दीनदयाल विद्युतिकरण योजना

[ऊर्जा]

38. ( क्र. 1474 ) श्री राम लल्लू वैश्य : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला सिंगरौली अंतर्गत पंडित दीनदयाल उपाध्‍याय ग्राम ज्‍योति योजना में कौन-कौन से गाँव, विद्युत विहीन है जिनकों योजनान्‍तर्गत स्‍वीकृत प्रदान की गई है। (ख) क्या विद्युतीकरण योजना के अन्‍तर्गत विद्युत विहीन ग्रामों का सर्वेक्षण किया गया है? यदि हाँ, तो कौन-कौन से गाँव विद्युत विहीन हैं तथा इनके विद्युतीकरण का कार्य कब तक पूर्ण कर दिया जावेगा?

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) सिंगरौली जिले के अंतर्गत कोई भी अविद्युतीकृत ग्राम विद्युतीकरण किये जाने हेतु शेष नहीं है। अत: दीनदयाल उपाध्‍याय ग्राम ज्‍योति योजना में किसी भी अविद्युतीकृत ग्राम को विद्युतीकृत किये जाने का कार्य सम्मिलित नहीं है। (ख) उत्‍तरांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न नहीं उठता।

म.प्र. मध्य क्षेत्र वि.वि.कम्पनी वृत्त गुना में पक्षपात की जांच

[ऊर्जा]

39. ( क्र. 1518 ) श्रीमती ममता मीना : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2013-14 से प्रश्न दिनांक तक वृत्‍त गुना में योजनावार कितना बजट आवंटित हुआ तथा कितने बजट का कार्य पूर्ण किया गया। समय-सीमा में कार्य पूर्ण ना होने पर कौन दोषी है तथा विभाग दोषियों पर क्‍या कार्यवाही कब तक करेगा? (ख) गुना वृत्‍त में वर्ष 2013-14 से वर्तमान वर्ष 2016-17 तक वितरण केन्‍द्रवार कितनी राजस्‍व वसूली वर्षवार की गयी वसूली कम आने पर दोषी अधिकारियों के विरूद्ध क्‍या कार्यवही की गई तथा शहरी क्षेत्र एवं ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली सप्‍लाई कितने घंटे औसतन प्रत्‍येक दिवस प्रदाय की जा रही है एवं कितनी कटौती की जाती है नियमों का विवरण देवें?

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) गुना वृत्‍त के अंतर्गत वर्ष 2013-14 से प्रश्‍न दिनांक तक विद्युत क्षेत्र की योजनाओं में केन्‍द्र एवं राज्‍य शासन से आवंटित एवं व्‍यय राशि का विवरण प्रश्‍नाधीन चाही गई जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-'' अनुसार है। समय-सीमा में कार्यपूर्ण नहीं होने पर दोषी अनुबंधित ठेकेदार एजेंसी के देयकों से निविदा की शर्तों के अनुसार लिक्विडिटी डैमेज के रूप में पेनल्‍टी स्‍वरूप रू. 1.15 करोड़ की राशि वसूल की गई है, जिसका ठेकेदार एजेन्‍सीवार विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-'' में दर्शाया गया है। (ख) गुना वृत्‍त में वर्ष 2013-14 से वर्ष 2016-17 तक वितरण केन्‍द्रवार राजस्‍व वसूली की वर्षवार जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-'' अनुसार है। वसूली कम आने पर संबंधित अधिकारियों को कारण बताओ सूचना पत्र जारी करना, वार्षिक वेतनवृद्धि रोकने तथा वेतन कटौती की कार्यवाही की गई है, जिसका वर्षवार संख्‍यात्‍मक विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-'' अनुसार है। वर्तमान में गुना वृत्‍त के शहरी क्षेत्रों में औसतन 23.40 घन्‍टे प्रतिदिन एवं ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि फीडरों पर औसतन 9.41 घंटे प्रतिदिन, घरेलू फीडरों पर औसतन 22.30 घंटे प्रतिदिन एवं मिश्रित भार वाले फीडरों पर सिंगल फेज पर औसतन 13.15 घंटे प्रतिदिन एवं तीन फेज पर औसतन 9.40 घंटे प्रतिदिन विद्युत प्रदाय किया जा रहा है। वर्तमान में निर्धारित विनियमनों के तहत शहरी क्षेत्रों में 24 घंटे, ग्रामीण क्षेत्रों में घरेलू फीडरों पर 24 घंटे प्रतिदिन, कृषि फीडरों पर 10 घंटे प्रतिदिन एवं मिश्रित भार वाले फीडरों पर सिंगल फेज पर 14 घण्‍टे एवं तीन फेज पर 10 घण्‍टे प्रतिदिन विद्युत प्रदाय किये जाने का प्रावधान है। तकनीकी कारणों/प्राकृतिक आपदा के कारण आए आकस्मिक व्‍यवधानों एवं संधारण कार्य हेतु विद्युत प्रदाय बंद किया जाना अपरिहार्य होने जैसी स्थिति को छोड़कर सामान्‍यत: निर्धारित विनियमनों के अनुरूप ही प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में विद्युत प्रदाय किया जा रहा है।

शासकीय सेवकों की गोपनीय चरित्रावली में मतांकन किये जाने के नियम

[महिला एवं बाल विकास]

40. ( क्र. 1586 ) श्री सुदर्शन गुप्‍ता (आर्य) : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) शासकीय सेवकों की गोपनीय चरित्रावली में मतांकन किये जाने के क्या नियम है? नियमों की प्रति उपलब्ध करावें? (ख) किसी भी शासकीय सेवक की गोपनीय चरित्रावली में प्रतिवेदक अधिकारी द्वारा किये मतांकन को सक्षम अधिकारी व स्वीकृतकर्ता अधिकारी द्वारा किस श्रेणी तक अवमूल्यांकित (अंडर रेटेड) किया जा सकता है, इस संबंध में शासन के क्या नियम/निर्देश हैं, बतायें? नियमों की प्रति उपलब्ध करावे? (ग) श्रीमती जगमीत जैन, पर्यवेक्षक महिला एवं बाल विकास विभाग जिला इन्दौर के वर्षान्त 2011 एवं 2012 के गोपनीय प्रतिवेदनों में प्रतिवेदक अधिकारी एवं सक्षम अधिकारी द्वारा किये गये मतांकन '''' श्रेणी को दोनों वर्षों में अवमूल्यांकित (अंडर रेटेड) करते हुए वर्ष 2011 में प्रतिकूल टीका '''' श्रेणी तथा वर्ष 2012 में प्रतिकूल टीका '''' श्रेणी अंकित करते हुए मतांकन किया गया है, स्वीकारकर्ता अधिकारी द्वारा शासन के किस नियम के अन्तर्गत अवमूल्यांकन किया गया है? (घ) प्रश्‍नांश (ग) में दर्शित इन्दौर जिले में नियम विरूद्ध अवमूल्यांकित (अंडर रेटेड) किये गये प्रकरण में दोषी अधिकारी के विरूध्द क्या कार्यवाही की गई? यदि नहीं, तो क्यों?

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( श्रीमती अर्चना चिटनिस ) : (क) पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार। (ख) पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार। (ग) श्रीमती जगमीत जैन, पर्यवेक्षक के वर्षान्त 3/2011 एवं 3/2012 के गोपनीय प्रतिवेदन में प्रतिवेदक अधिकारी एवं समीक्षक अधिकारी द्वारा किये गये मतांकन '''' श्रेणी को दोनों वर्षों में अवमूल्यांकित (अंडर रेटेड) करते हुये वर्ष 2011 में प्रतिकूल टीका '''' तथा वर्ष 2012 में '''' श्रेणी अंकित करते हुये कारण सहित मतांकन किया गया है। पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार। (घ) प्रश्नांश ''' के उत्तर के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।

इन्दौर शहर में म.प्र.वि.वि. कम्पनी द्वारा रख-रखाव में अनियमितता

[ऊर्जा]

41. ( क्र. 1614 ) श्री राजेश सोनकर : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) इन्दौर शहर में दिनांक 05/06/2017 को भारी वर्षा होने के कारण सम्पूर्ण शहर में ब्‍लैक आउट हो गया था? यदि हाँ, तो इसके क्या कारण थे? (ख) इन्‍दौर शहर वृत्‍त के अन्‍तर्गत वर्षा पूर्व मेंटेन्‍स का कार्य कब प्रारंभ किया गया था व कितने कि.मी. एच.टी./एल.टी.लाईनों एवं विद्युत वितरण ट्रांसफार्मरों का मेंटेनेंस कार्य कराया गया? मेंटेनेंस कार्य करने के लिये नगर निगम इन्‍दौर को कब सूचित किया गया था? (ग) प्रश्‍नांश (ख) के संदर्भ में क्या निगम सीमा में शामिल किये गये गांवों में म.प्र.वि.म. कंपनी 24 घण्टे विद्युत प्रदाय हेतु फिडर सेप्रेसन का कार्य कर रही है? क्‍या निगम सीमा में शामिल गांवों में तारो के जाल/ट्रांसफार्मरों को व्यवस्थित किया जायेगा? यदि हाँ, तो कब तक कार्य को पूर्ण कर लिया जायेगा? (घ) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में म.प्र.प.क्षे.वि.वि. कं.लि. के इन्‍दौर शहर वृत्‍त के अन्‍तर्गत वर्षा पूर्व रख-रखाव के अन्‍तर्गत एवं दीवाली पूर्व (मानसून पश्‍चात) कितने-कितने विद्युत वितरण ट्रान्‍सफार्मरों का रख-रखाव किया गया? जानकारी पृथक-पृथक उपलब्‍ध करायें? विगत 2 वर्षों में उक्‍तानुसार किये गये रख-रखाव में सम्मिलित ट्रान्‍सफार्मरों की संख्‍या वर्षवार बतावें वर्ष 2017-18 में वर्षा पूर्व रख-रखाव किये गये विद्युत वितरण ट्रांसफार्मरों की संख्‍या भी बतावें?

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) जी नहीं। अपितु इन्दौर शहर में दिनांक 05.06.2017 को शाम 6 बजे के आस-पास, तेज आंधी एवं तूफान के कारण विद्युत लाईनों पर पेड़, पेड़ों की शाखायें एवं बेनर आदि गिरने से विद्युत लाईनें एवं पोल क्षतिग्रस्त होने से विद्युत प्रदाय बाधित हुआ था। (ख) इन्दौर शहर वृत्त में मानसून पूर्व विद्युत लाईनों/उपकेन्द्रों के रख-रखाव का कार्य माह अप्रैल, 2017 में प्रारंभ किया गया था, जिसके अन्तर्गत 553 कि.मी. 33 के.व्ही. लाईन, 1126 कि.मी. 11 के.व्ही. लाईन, 2382 कि.मी. एल.टी. लाईन एवं 5130 वितरण ट्रांसफार्मरों के रख-रखाव का कार्य किया गया था। रख-रखाव कार्य कराने के पूर्व सर्व संबंधितों को सूचित करने हेतु समाचार पत्रों में विज्ञप्ति प्रसारित की जाती है, नगर निगम को पृथक से कोई सूचना नहीं दी जाती। (ग) नगर निगम सीमा इन्दौर में शामिल किये गये ग्रामों में विद्युत कंपनी द्वारा फीडर सेपरेशन योजना के अन्तर्गत कोई कार्य संपादित नहीं कराया जा रहा है अपितु इन ग्रामों में विद्युत कंपनी द्वारा विद्युत लाईनों एवं स्थापित वितरण ट्रांसफार्मरों के रख-रखाव का कार्य विभागीय तौर पर किया जा रहा है। नगर निगम सीमा इन्‍दौर में शामिल किये गये ग्रामों को 24 घन्‍टे विद्युत प्रदाय किया जा रहा है। नगर निगम सीमा इन्दौर में शामिल किये गये ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत कंपनी द्वारा आई.पी.डी.एस. योजना अन्तर्गत कार्य शुरू किया जायेगा, जिसके तहत स्‍थापित अधोसंरचना को व्‍यवस्थित करने हेतु विद्युत लाईनों एवं स्थापित वितरण ट्रांसफार्मरों के नवीनीकरण एवं उन्नयन का कार्य संपादित किया जायेगा। उक्‍त योजनान्‍तर्गत कार्य टर्न-की आधार पर कराए जाने हेतु निविदा कार्यवाही प्रक्रियाधीन है, अत: कार्य पूर्णता की समय-सीमा वर्तमान में बताया जाना संभव नहीं है। (घ) इन्दौर शहर वृत्त में वित्तीय वर्ष 2017-18 में वर्षा पूर्व किये गये कार्य में कुल 5130 वितरण ट्रांसफार्मरों के रख-रखाव का कार्य किया गया। वित्तीय वर्ष 2015-16 एवं 2016-17 में मानसून पूर्व एवं मानसून पश्चात किये गये वितरण ट्रांसफार्मरों के रख-रखाव के कार्य में सम्मिलित ट्रांसफार्मरों की संख्या निम्नानुसार है :- वित्तीय वर्ष 2015-16 मानसून पूर्व-4192, मानसून पश्चात-4593, वित्तीय वर्ष 2016-17 मानसून पूर्व-4351, मानसून पश्चात-4751

बैकलॉग पदों की पूर्ति

[सामान्य प्रशासन]

42. ( क्र. 1649 ) श्री रामलाल रौतेल : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) म.प्र. शासन के विभिन्‍न विभागों में बैकलॉग के कुल कितने पद स्‍वीकृत हैं? स्‍वीकृत पद के विरूद्ध कितने कार्यरत हैं? विभागवार जानकारी प्रदान करें। (ख) क्‍या कुछ पदों में अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए आरक्षित पदों में अनुसूचित जाति के अभ्‍यार्थियों से पद पूर्ति की गई है? यदि हाँ, तो किन परिस्थियों में? उल्‍लेख करें तथा विभागवार संख्‍या पद सहित जानकारी प्रदान करें? (ग) क्‍या म.प्र. शासन बैकलॉग के पदों की पूर्ति करने जा रही है? यदि हाँ, तो कब तक समय-सीमा बतावें।

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) बैकलॉग के पद स्वीकृत नहीं होते बल्कि बैकलॉग (अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़े वर्ग) के पद वे पद होते हैं, जो पिछले वर्ष/वर्षों में रिक्त रह गए हैं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) जी नहीं। मध्यप्रदेश लोक सेवा (अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों और अन्य पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षण) अधिनियम, 1994 की धारा-4 (1) में स्पष्ट प्रावधान है कि ''इस अधिनियम द्वारा या उसके अधीन जब तक कि अन्यथा उपबंधित न किया जाए, अनुसूचित जातियों या अनुसूचित जनजातियों या अन्य पिछड़े वर्गों के सदस्यों के लिए आरक्षित पद ऐसे सदस्यों से नहीं भरे जाएंगे जो यथा स्थिति, ऐसी जातियों या जनजातियों या वर्गों के नहीं है। '' शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी हाँ। राज्य शासन द्वारा बैकलॉग पदों की पूर्ति हेतु विशेष भर्ती अभियान चलाया जा रहा है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

दायीं तट नहर से हिरन और कटनी नदी में पानी छोड़ना

[नर्मदा घाटी विकास]

43. ( क्र. 1725 ) श्री मोती कश्यप : क्या राज्‍यमंत्री, नर्मदा घाटी विकास महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या नर्मदा दायीं तट नहर से जबलपुर जिले की किन्हीं नदियों में किन्हीं निमित्त से किन्हीं मात्रा में पानी छोड़ा जा रहा है? (ख) क्या जबलपुर जिले के किसी ग्राम से उद्गमित हिरन नदी जिला जबलपुर एवं कटनी के किन्हीं स्थानों में किन्हीं कारणों से विगत 3 वर्ष से सूख जाती है? (ग) क्या प्रश्नांश (क) नहर से प्रश्नांश (ख) नदी में किन कारणों से, किन दिनांकों में एवं कितनी मात्रा में पानी छोड़ा जा रहा है? (घ) क्या प्रश्नांश (क) नहर के समीपवर्ती किसी ग्रामीण क्षेत्र से कटनी नदी भी उद्गमित होकर कटनी नगर से होकर गई है और उसके किन्हीं स्थान पर सूखे रहने से कटनी को पेयजल की सुविधा से वंचित होना पड़ रहा है? (ड.) क्या विभाग प्रश्नांश (घ) नदी में जलप्रवाह प्रदान कर कटनी नगर की पेयजल समस्या का निदान करावेगा?

राज्‍यमंत्री, नर्मदा घाटी विकास ( श्री लालसिंह आर्य ) : (क) हिरन नदी में सिहोरा नगर की जल आपूर्ति हेतु वर्ष 2017-18 में 3.57 एम.सी.एम. पानी छोड़ा गया है। (ख) नगरीय विकास एवं आवास विभाग से प्राप्‍त जानकारी अनुसार नगर पालिका सिहोरा क्षेत्रान्‍तर्गत हिरन नदी विगत 2 वर्षों से सूख जाती है। (ग) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (घ) जी हाँ। कटनी नदी बैराज के अप स्‍ट्रीम में नदी के उद्गम स्‍थल (स्‍लीमनाबाद/बंधी) तक अल्‍पवर्षा एवं सिंचाई पम्‍पों से पानी का दोहन होने के कारण नदी में पानी घट जाता है जिससे कटनी नगर में पेयजल संकट की स्थिति उत्‍पन्‍न हो जाती है। (ड.) स्‍लीमनाबाद टनल का‍ निर्माण कार्य पूर्ण होने पर कि.मी. 135.30 ग्राम घिनौची से दांयी तट नहर से पेयजल हेतु कटनी नदी में पानी छोड़ा जाना प्रस्‍तावित है।

परिशिष्ट - ''पाँच''

ब्रम्हस्वरूप कमेटी की अनुशंसा अनुसार वेतन भुगतान

[सामान्य प्रशासन]

44. ( क्र. 1730 ) श्री निशंक कुमार जैन : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या ब्रम्हस्वरूप समिति की अनुशंसा पर सामान्य प्रशासन विभाग ( वेतन आयोग प्रकोष्ठ ) मंत्रालय भोपाल के आदेश क्रमांक/एफ 2-6/1/वेआप्र/96, भोपाल दिनांक 5 अक्टूबर 2006 के संलग्न परिशिष्‍ट 1 एवं 2 के कालम 4 में दर्शाए विभागों के अधीनस्थ पदों को उच्च वेतनमान स्वीकृत किया है? यदि हाँ, तो किस-किस विभागों के परिशिष्‍टों की उपलब्ध करावे? (