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मध्यप्रदेश विधान सभा


प्रश्नोत्तर-सूची
जुलाई, 2016 सत्र


सोमवार, दिनांक 25 जुलाई, 2016


भाग-1
तारांकित प्रश्नोत्तर


 

 

( वर्ग 1 : लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, चिकित्सा शिक्षा, आयुष, भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास, संसदीय कार्य, स्कूल शिक्षा, आदिम जाति कल्याण, अनुसूचित जाति कल्याण, श्रम, पिछड़ा वर्ग तथा अल्प संख्यक कल्याण, विमुक्त, घुमक्कड़ एवं अर्धघुमक्कड़ जाति कल्याण )


सर्व शिक्षा अभियान के अंतर्गत स्‍वीकृत निर्माण कार्य

1. ( *क्र. 2585 ) डॉ. राजेन्‍द्र पाण्‍डेय : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या सर्व शिक्षा अभियान अंतर्गत रतलाम जिले में प्राथमिक विद्यालय एवं माध्यमिक विद्यालयों के स्कूल भवन, अतिरिक्त कक्ष, शौचालय एवं अन्यान्य अनेक निर्माण कार्य वर्ष 2008-09, 2009-10 एवं 2010-11 तक स्वीकृत हुए हैं? (ख) यदि हाँ, तो विकासखण्‍डवार एवं ग्राम पंचायतवार किन-किन स्थानों पर, किस-किस प्रकार के कितने कार्य स्वीकृत हुए एवं इस हेतु कार्यवार कितना बजट स्वीकृत किया गया? (ग) साथ ही क्या उपरोक्त वर्षों में स्वीकृत निर्माण कार्य अनेक स्थानों पर पूर्ण नहीं हुए हैं, जबकि निर्माण कार्यों हेतु संबंधित एजेंसियों ने पूर्ण राशि की किश्त आहरित कर प्राप्त कर ली है? (घ) यदि हाँ, तो उपरोक्त वर्षों के पूर्ण एवं अपूर्ण निर्माण कार्यों की भौतिक सत्यापन सहित जानकारी से अवगत कराते हुए स्पष्ट करें कि कितने कार्य पूर्ण हुए, कितने अपूर्ण रहे, कितनी राशि आहरित की गयी, कितनी राशि का उपयोग हुआ, कितनी शेष रही एवं अब तक तत्संबंधी क्या-क्‍या कार्यवाही की गयी?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) सर्वशिक्षा अभियान अन्‍तर्गत रतलाम जिले में प्राथमिक विद्यालय एवं माध्‍यमिक विद्यालयों के स्‍कूल भवन, अतिरिक्‍त कक्ष, शौचालय एवं अन्‍यान्‍य अनेक निर्माण कार्य वर्ष 2008-09, 2009-10 एवं 2010-11 तक स्‍वीकृत कार्य एवं स्‍वीकृत बजट के विवरण की जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) से (घ) जानकारी विस्‍तृत स्‍वरूप की होने से संकलित की जा रही है।

परिशिष्ट - ''एक''

सामु. स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र खिलचीपुर का उन्‍नयन

2. ( *क्र. 1041 ) कुँवर हजारीलाल दांगी : क्या लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या दिनांक 26.04.2016 को ब्‍यावरा तहसील में आयोजित जिला योजना समिति जिला राजगढ़ की बैठक में माननीय प्रभारी मंत्री महोदया द्वारा मुख्‍य चिकित्‍सा एवं स्‍वास्‍थ्‍य अधिकारी राजगढ़ को खिलचीपुर सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र को सिविल अस्‍पताल में उन्‍नयन हेतु प्रस्‍ताव शासन को प्रेषित करने हेतु निर्देशित किया गया था? यदि हाँ, तो क्‍या उक्‍त संबंध में प्रस्‍ताव शासन को प्रेषित किया जा चुका है? यदि हाँ, तो प्रति उपलब्‍ध करावें (ख) प्रश्‍नांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में मुख्‍य चिकित्‍सा एवं स्‍वास्‍थ्‍य अधिकारी राजगढ़ द्वारा सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र खिलचीपुर को सिविल अस्‍पताल में उन्‍नयन करने हेतु प्रेषित प्रस्‍ताव की स्‍वीकृति हेतु प्रश्‍न दिनांक तक शासन द्वारा क्‍या कोई कार्यवाही की गई? यदि हाँ, तो बतावें यदि नहीं, तो कब तक सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र खिलचीपुर को सिविल अस्‍पताल में उन्‍नयन कर दिया जावेगा?

लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) जी हाँ। प्रस्ताव का परीक्षण किया गया उपयुक्त न होने के कारण शासन को प्रेषित नहीं किया गया। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ख) सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र खिलचीपुर से जिला चिकित्सालय राजगढ़ 17 किमी की दूरी पर संचालित है। प्रदेश में चिकित्सकों की निरन्तर कमी भी है। अतः सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र खिलचीपुर का 100 बिस्तरीय सिविल अस्पताल में उन्नयन किया जाना संभव नहीं है।

आयुष अस्‍पतालों का संचालन

3. ( *क्र. 2669 ) श्री शैलेन्‍द्र पटेल : क्या राज्‍यमंत्री, आयुष महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या शासन द्वारा सीहोर जिले में आयुष अस्‍पतालों का संचालन किया जा रहा है? यदि हाँ, तो जिले में कहाँ-कहाँ, कब अस्‍पताल प्रारंभ किए गए हैं? (1) अस्‍पतालों में पदस्‍थ स्‍टॉफ एवं स्‍वीकृत स्‍टॉफ का ब्‍यौरा दें। (ख) क्‍या जिले के अस्‍पतालों में नि:शुल्‍क दवाओं का‍ वितरण किया जा रहा है? यदि हाँ, तो कितने प्रकार की दवाएं प्रदाय की जा रही हैं? दवाओं के नाम सहित ब्‍यौरा दें (ग) प्रश्‍न दिनांक से 2 वर्ष के दौरान सीहोर जिले के किन-किन आयुष अस्‍पतालों में किस-किस रोग की कितनी-कितनी दवाओं का वितरण किया गया? अस्‍पतालवार ब्‍यौरा दें। (घ) क्‍या आयुष अस्‍पतालों की संख्‍या में वृद्धि अपेक्षित है? यदि हाँ, तो जिले में कहाँ-कहाँ नए अस्‍पताल खोले जाना प्रस्‍तावित है?

राज्‍यमंत्री, आयुष ( श्री हर्ष सिंह ) : (क) जी नहीं वरन् जिले में 22 आयुर्वेद, 10 यूनानी, 1 आयुष विंग एवं 1 होम्योपैथी औषधालय एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र सिविल अस्पताल में 17 आयुष केन्द्र संचालित हैं। शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार(ख) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार(ग) कुछ दवाइयां कई रोगों में दी जाती है, जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' '''' अनुसार(घ) जी नहीं।

राज्‍य विमुक्त घुमक्‍कड़ जाति के विकास हेतु स्‍वीकृत राशि

4. ( *क्र. 2835 ) श्रीमती इमरती देवी ( श्री ठाकुरदास नागवंशी ) : क्या राज्‍यमंत्री, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) प्रदेश में राज्‍य विमुक्‍त, घुमक्‍कड़ एवं अर्धघुमक्‍कड़ जाति विकास अभिकरण के द्वारा 01 जनवरी 2014 से आज दिनांक तक कुल किन-किन कार्यों के लिए कितनी-कितनी राशि स्‍वीकृत की गई? (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में स्‍वीकृत की गई राशि के जिलेवार कार्य किन-किन एजेंसियों के माध्‍यम से कराये गये एवं मौके पर हुए कार्यों का भौतिक सत्‍यापन किन-किन अधिकारियों द्वारा किया गया? (ग) राज्‍य में जिलेवार उपलब्‍ध कराई गई राशि के उपयोग का सत्‍यापन नहीं होने से राशि के दुरूपयोग के कितने प्रकरण बनाये गये एवं संबंधितों के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की गई? क्‍या इन सबके लिए राशि स्‍वीकृत करने वाले राज्‍यस्‍तरीय अधिकारी उत्‍तरदायी नहीं हैं? यदि हाँ, तो संबंधित के विरूद्ध कब तक कार्यवाही की जावेगी?

राज्‍यमंत्री, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण ( श्रीमती ललिता यादव ) : (क) दिनांक 1 जनवरी 2014 से आज दिनांक तक किसी भी कार्य के लिये कोई भी राशि स्‍वीकृत नहीं की गई है। (ख) एवं (ग) प्रश्‍नांश (के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

खण्‍ड चिकित्‍सा कार्यालय में रिक्‍त पदों की पूर्ति

5. ( *क्र. 2893 ) श्री गोवर्धन उपाध्‍याय : क्या लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधान सभा क्षेत्र सिरोंज एवं लटेरी के खण्‍ड चिकित्‍सा कार्यालय में कौन-कौन से पद स्‍वीकृत हैं? स्‍वीकृत पद में से कौन-कौन से पद भरे गए हैं और कौन-कौन से पद अभी तक रिक्‍त हैं? रिक्‍त रहने का क्‍या कारण है? रिक्‍त पदों की पूर्ति कब तक की जावेगी? (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार विधान सभा क्षेत्र में कहाँ-कहाँ उप स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र हैं? प्रत्‍येक उप स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र में किस-किस श्रेणी के कितने पद स्‍वीकृत हैं? स्‍वीकृत पदों के विरूद्ध कितने पद भरे गये और कितने पद अभी तक रिक्‍त हैं? रिक्‍त पद रहने के क्‍या कारण हैं, पदों की पूर्ति कब तक की जावेगी?

लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) विधान सभा क्षेत्र सिरोंज एवं लटेरी के खण्ड चिकित्सा कार्यालय में स्वीकृत, भरे एवं रिक्त पदों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। विभाग के अधीन नियमानुसार सीधी भर्ती एवं पदोन्नति के माध्यम से पद पूर्ति की कार्यवाही निरंतर जारी है। निश्चित समय-सीमा बताई जाना संभव नहीं है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''''अनुसार है। उप स्वास्थ्य केन्द्रों पर क्रमशः महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता एवं पुरूष स्वास्थ्य कार्यकर्ता का एक-एक पद स्वीकृत है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। उत्तरांश (क) के अनुक्रम में शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

चिकित्‍सालय के बायोवेस्‍ट का विनिष्‍टीकरण

6. ( क्र. 2396 ) श्री कमल मर्सकोले : क्या लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सिवनी जिले में इंदिरा गांधी जिला चिकित्‍सालय से प्रतिदिन निकलने वाले बायोवेस्‍ट मटेरियल के विनिष्‍टीकरण का कार्य वर्ष 2015-16 में व वर्ष 2016-17 के लिये किस फर्म को दिया गया है? (ख) इंदिरा गांधी जिला चिकित्सालय सिवनी में बायोवेस्‍ट मटेरियल का उठाव समय पर नहीं हो रहा है, जिससे संक्रमण बीमारियों का खतरा बना हुआ है? विभाग द्वारा समय पर कार्य ना करने वाली इस फर्म के विरूद्ध क्‍या कोई कार्यवाही की गई है और विभागीय तौर पर इस लापरवाही के लिये जिम्‍मेदार अधिकारियों पर कोई कार्यवाही की है?

लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) सिवनी जिले में इंदिरा गांधी जिला चिकित्सालय से प्रतिदिन निकलने वाले बायोवेस्ट मटेरियल के विनिष्टीकरण का कार्य वर्ष 2015-16 में मेसर्स कृपा वेस्टेज सिवनी एवं वर्ष 2016-17 में मेसर्स एलाईट ऐजेन्सी जबलपुर को दिया गया है। (ख) जी हाँ। जी हाँ। बायोमेडिकल वेस्ट निस्तारण ऐजेन्सी मध्यप्रदेश प्रदूषण निवारण मण्डल के द्वारा प्राधिकृत की जाती है। मेसर्स कृपा वेस्टेज, सिवनी को दिनांक 07/11/2015 के माध्यम से निष्पादन प्रक्रिया बन्द करने के निर्देश जारी किये गये हैं। विभागीय स्तर पर जाँच उपरान्त जाँच प्रतिवेदन के आधार पर लापरवाह अधिकारी के विरूद्ध कार्यवाही की जायेगी।

आयुष चिकित्‍सकों की रिक्‍त पदों पर पदस्‍थापना

7. ( *क्र. 470 ) श्री कुँवरजी कोठार : क्या राज्‍यमंत्री, आयुष महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला राजगढ़ अंतर्गत विधानसभा क्षेत्र सारंगपुर में किन-किन स्‍थानों पर आयुष अंतर्गत आयुष प्राथ.स्‍वा. केन्‍द्र संचालित हैं तथा उनमें कितने-कितने अधिकारी एवं कर्मचारियों के पद स्‍वीकृत हैं? स्‍वीकृत पदों के विरूद्ध कितने-कितने पद भरे हुये हैं? (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार संचालित केन्‍द्रों पर कब से पद रिक्‍त हैं? रिक्‍त पदों की पूर्ति हेतु विभाग/शासन द्वारा क्‍या कार्यवाही की जा रही है? रिक्‍त पदों पर कब तक आयुष चिकित्‍सकों की पदस्‍थापना की जावेगी? (ग) प्रश्‍नांश (ख) अनुसार क्षेत्र में रिक्‍त पद होने के कारण ग्रामीण क्षेत्र में इलाज नहीं होने के कारण जनता को भारी असुविधा हो रही है, ऐसी स्थिति में आयुष चिकित्‍सकों के रिक्‍त पदों पर कब तक पदस्‍थापना की जावेगी? नहीं तो क्‍यों नहीं?

राज्‍यमंत्री, आयुष ( श्री हर्ष सिंह ) : (क) आयुष अंतर्गत प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र संचालित नहीं है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) उत्तरांश () अनुसार। (ग) समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं।

मेडिकल कॉलेज की स्‍थापना के नियत मापदण्‍ड

8. ( *क्र. 2619 ) श्री दिनेश राय : क्या राज्‍यमंत्री, चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिले में शासकीय कॉलेज स्‍थापना के क्‍या मापदण्‍ड हैं? (ख) मेडिकल कॉलेज स्‍थापना के लिये क्‍या जनसंख्‍या की प्रतिबद्धता है? (ग) मेडिकल कॉलेज की स्‍थापना के लिये क्‍या कोई दूसरे मेडिकल कॉलेज से दूरी की अनिवार्यता है? यदि हाँ, तो क्‍या? (घ) सिवनी में शासकीय मेडिकल कॉलेज की स्‍थापना के लिये क्‍या किसी मापदण्‍ड की आवश्‍यकता है? यदि हाँ, तो क्‍या? यदि नहीं, तो सिवनी में मेडिकल कॉलेज की स्‍थापना कब और कैसे होगी?

राज्‍यमंत्री, चिकित्सा शिक्षा ( श्री शरद जैन ) : (क) जिले में 100 एम.बी.बी.एस. सीट्स के शासकीय चिकित्‍सा म‍हाविद्यालय हेतु 500 बिस्‍तर, 150 एम.बी.बी.एस. सीट्स के शासकीय चिकित्‍सा म‍हाविद्यालय के लिए 750 बिस्‍तर तथा 250 एम.बी.बी.एस. के शासकीय चिकित्‍सा म‍हाविद्यालय हेतु 1100 बिस्‍तर का अस्‍पताल होना आवश्‍यक है। (ख) जी नहीं। (ग) जी नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) प्रश्‍नांश () के परिप्रेक्ष्‍य में शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

प्राथमिक उपस्‍वास्‍थ्‍य केंद्र बेहट का उन्‍नयन

9. ( *क्र. 1502 ) श्री भारत सिंह कुशवाह : क्या लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या मा. मुख्‍यमंत्री जी द्वारा दिनांक 27.06.13 को ग्‍वालियर प्रवास के दौरान उपस्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र बेहट को प्राथमिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र में उन्‍नयन करने हेतु घोषणा की गई थी इस संबंध में कलेक्‍टर द्वारा शासन को अवगत कराया गया है? (ख) यदि हाँ, तो उपस्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र बेहट को प्राथमिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र में उन्‍नयन करने हेतु मुख्‍य चिकित्‍सा एवं स्‍वास्‍थ्‍य अधिकारी जिला ग्‍वालियर द्वारा मूलभूत जानकारी प्राथमिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र खोलने हेतु अनुशंसा सहित शासन को भेजी गई है? (ग) यदि हाँ, तो घोषणा एवं अनुशंसा के उपरांत भी विलम्‍ब का क्‍या कारण है? (घ) उपस्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र बेहट को प्राथमिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र में उन्‍नयन कब तक किया जावेगा?

लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) जी हाँ। जी हाँ। (ख) जी हाँ। (ग) घोषणा के पालन में उप स्वास्थ्य केन्द्र बेहट का प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में उन्नयन हेतु प्रस्ताव परियोजना परीक्षण समिति के समक्ष प्रस्तुत किये जाने हेतु कार्यवाही प्रचलन में है। (घ) निश्चित समयावधि‍ बताना संभव नहीं।

प्रभारी प्राचार्य के विरूद्ध कार्यवाही

10. ( *क्र. 2070 ) श्रीमती शीला त्‍यागी : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) तारांकित प्रश्‍न संख्‍या-6 (क्रमांक 780), दिनांक 18.07.2014 के बिन्‍दु (घ) की जाँच संयुक्‍त संचालक लोक शिक्षण रीवा संभाग रीवा से कराने का उत्‍तर दिया गया था, जिसके परिपालन में संयुक्‍त संचालक लोक शिक्षण रीवा संभाग रीवा द्वारा अपने पत्र क्रमांक/वि.स./पवास/2014/1316 रीवा दिनांक 09.10.2014 से जाँच दल गठित कर जाँच कराई है तथा जाँच में उमाकान्‍त द्विवेदी प्रभारी प्राचार्य शा.उ.मा.वि. पुरौना को छात्रवृत्ति भुगतान में दोषी मानते हुए निलंबित कर विभागीय जाँच संस्‍थापित की गई है, की जानकारी जाँच प्रतिवेदन के साथ देवें। (ख) क्‍या उक्‍त विभागीय जाँच संयुक्‍त संचालक लोक शिक्षण रीवा को मिली है तथा प्रस्‍तुतकर्ता अधिकारी डी.ई.ओ. रीवा है तथा सेवा निवृत्‍त दोषी प्रभारी प्राचार्य द्विवेदी को गलत लाभ देने के उद्देश्‍य से जारी आरोप पत्र से गलत छात्रवृत्ति भुगतान का मुख्‍य आरोप अंकित नहीं किया गया है? क्‍या उक्‍त नियम विरूद्ध छात्रवृत्ति भुगतान का आरोप मुख्‍य आरोप पत्र में सम्मिलित कराया जावेगा? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्‍यों? (ग) क्‍या उक्‍त सेवा निवृत्‍त प्रभारी प्राचार्य श्री उमाकान्‍त द्विवेदी तारांकित प्रश्‍न क्र. 3554, दिनांक 25.07.2014 के अपात्र गुरूजियों के एरियर्स भुगतान में कलेक्‍टर रीवा द्वारा की गई जाँच में 12 लाख रू. गलत भुगतान में दोषी है तथा उक्‍त राशि की वसूली के लिए आयुक्‍त लोक शिक्षण संचालनालय भोपाल द्वारा दिनांक 03.06.2016 को आदेश जारी किया गया है? (घ) यदि प्रश्‍नांक (क) से (ग) हाँ तो क्‍या उक्‍त दोनों प्रकरणों में प्रभारी प्राचार्य द्वारा नियम विरूद्ध भुगतान की गई कुल राशि वसूली योग्‍य है? यदि हाँ, तो सेवा निवृत्‍त प्रभारी प्राचार्य श्री द्विवेदी को मिलने वाले स्‍वत्‍वों से पूरी वसूली योग्‍य राशि वसूल कर भुगतान करायेंगे? यदि नहीं, तो क्‍यों?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जी हाँ। संयुक्‍त संचालक लोक शिक्षण रीवा संभाग रीवा से प्राप्‍त जाँच प्रतिवेदन के आधार पर श्री उमाकांत द्विवेदी व्‍याख्‍याता एवं तत्‍कालीन प्रभारी प्राचार्य, शासकीय उ.मा.वि. पुरौना जिला रीवा को एक अन्‍य आरोप में संचालनालय के आदेश क्र-स्‍था-2/सर्त./सी/ रीवा/22/2015/257 दिनांक 27/03/2015 द्वारा निलंबित कर उनके विरूद्ध संचालनालय के पत्र क्र-स्‍था-2/सर्त./सी/रीवा/22/2015/414 दिनांक 07/05/2015 द्वारा जारी किए गए पत्र में वर्णित आरोप के आधार पर विभागीय जाँच संस्थित की गई है, जाँच जारी है। (ख) जी हाँ। जी नहीं, गलत छात्रवृत्ति भुगतान करने के आरोप को भी विभागीय जाँच में सम्मिलित किए जाने हेतु आरोप पत्र जारी किया गया है। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) जी हाँ। संचालनालय के पत्र दिनांक 03.06.2016 द्वारा श्री द्विवेदी को अधिक भुगतान की गई राशि की वसूली के संबंध में कारण बताओ सूचना-पत्र जारी किया गया। (घ) विभागीय जाँच प्रक्रिया पूर्ण होने एवं कारण बताओ सूचना-पत्र का प्रतिवाद उत्‍तर प्राप्‍त होने पर परीक्षणोपरांत गुण दोष के आधार पर नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

सामु. स्‍वा. केन्‍द्र के नवनिर्मित भवन में विद्युत कनेक्‍शन

11. ( *क्र. 2935 ) श्री नारायण सिंह पँवार : क्या लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या राजगढ़ जिले की विधानसभा क्षेत्र ब्‍यावरा के अंतर्गत सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केंद्र सुठालिया का भवन निर्माण का कार्य पी.आई.यू. लोक निर्माण विभाग राजगढ़ द्वारा पूर्ण किया जाकर दिनांक 16.01.16 को विभाग के अधिपत्‍य में सौंप दिया गया है? यदि हाँ, तो क्‍या बाहरी विद्युत कनेक्‍शन के अभाव में उक्‍त स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र नवीन भवन में स्‍थानांतरित नहीं हो पा रहा है? यदि हाँ, तो प्रश्‍न दिनांक तक विभाग द्वारा इस संबंध में क्‍या कार्यवाही की गई? (ख) क्‍या उक्‍त नवीन भवन में बाहरी विद्युत कनेक्‍शन का प्राक्‍कलन स्‍वास्‍थ्‍य विभाग द्वारा दिनांक 27.11.2015 से पी.आई.यू. लोक निर्माण विभाग राजगढ़ को प्रेषित डी.पी.आर. के संबंध में आवश्‍यक राशि स्‍वीकृति हेतु पुन: पी.आई.यू. लोक निर्माण राजगढ़ द्वारा स्‍वास्‍थ्‍य विभाग को प्रस्‍ताव प्रेषित कर दिया गया है? यदि हाँ, तो कब तक बाहरी विद्युत कनेक्‍शन कार्य करवा दिया जावेगा? (ग) क्‍या सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र सुठालिया के नवनिर्मित भवन से नगर सुठालिया पहुंच मार्ग के मध्‍य स्थित नाले पर पुलिया नहीं होने से वर्षाकाल में रोगियों व गंभीर पीड़ि‍त व्‍यक्तियों का आवागमन अवरूद्ध हो जाएगा? यदि हाँ, तो क्‍या शासन उक्‍त पहुंच मार्ग पर स्थित नाले पर पुलिया निर्माण करवाएगा? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्‍यों?

लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) जी हाँ। जी हाँ। स्वीकृति हेतु कार्यवाही प्रचलन में है। (ख) मुख्य खण्ड चिकित्सा अधिकारी, सुठालिया द्वारा दिनांक 27.11.2015 को बाह्य विद्युत कनेक्शन हेतु प्राक्कलन संभागीय परियोजना यंत्री पी.आई.यू. लोक निर्माण विभाग, राजगढ़ को प्रेषित किया गया एवं संभागीय परियोजना यंत्री पी.आई.यू. लोक निर्माण विभाग, राजगढ़ द्वारा उनके पत्र दिनांक 30.11.2015 द्वारा अतिरिक्त परियोजना संचालक पी.आई.यू. लोक निर्माण विभाग को प्रेषित किया गया, किन्तु उनके द्वारा स्वास्थ्य विभाग को कोई प्राक्कलन प्रेषित नहीं किया गया, बल्कि मुख्य चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारी राजगढ़ ने दिनांक 30.04.2016 को इसकी स्वीकृति हेतु प्राक्कलन संचालनालय स्वास्थ्य सेवायें को प्रेषित किया गया, जिसकी स्वीकृति की कार्यवाही प्रचलन में है। यथाशीघ्र। (ग) जी नहीं, बल्कि स्वास्थ्य केन्द्र की बाउण्‍ड्रीवाल के बाहर एक अतिरिक्त रास्ते के नाले पर पुलिया निर्माण किये जाने हेतु रोगी कल्याण समिति की बैठक दिनांक 15.06.2016 में मुख्य नगरपालिका अधिकारी सुठालिया को पुलिया निर्माण किये जाने हेतु निर्देशित किया गया है। कार्य नगरपालिका सुठालिया द्वारा किया जाना है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

अम्‍बेडकर मंगल भवन का निर्माण

12. ( *क्र. 138 ) श्रीमती चन्‍दा सुरेन्‍द्र सिंह गौर : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या खरगापुर विधान सभा क्षेत्र के नगर पलेरा सहित बल्‍देवगढ़ एवं निवाड़ी के लिये वर्ष 2013-14 में अम्‍बेडकर मंगल भवन स्‍वीकृत हो गये थे और बल्‍देवगढ़ तथा निवाड़ी में बनाये जा चुके हैं, परन्‍तु पलेरा में शासन स्‍तर पर अस्‍वीकृत कर दिया गया था? यदि हाँ, तो कारण स्‍पष्‍ट करें (ख) क्‍या भवन निर्माण भूमि के अभाव में निरस्‍त किया गया जबकि भवन हेतु भूमि पर्याप्‍त है? क्‍या अनु. जाति के व्‍यक्तियों की विशेष मांग और आम जनता की विशेष आवश्‍यकता को देखते हुए उसे पुन: स्‍वीकृत कर राशि जारी कर अम्‍बेडकर मंगल भवन निर्माण करायेंगे? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो कारण स्‍पष्‍ट करें (ग) क्‍या उक्‍त अम्‍बेडकर भवन को जनहित में निर्माण करने हेतु स्‍वीकृति‍ प्रदान करेंगे?

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) जी हाँ। डॉ. अम्‍बेडकर मंगल भवन, बल्‍देवगढ़ का कार्य प्रगति पर तथा निवाड़ी में ले-आउट दिया गया है। आयुक्‍त, अनुसूचित जाति विकास, मध्‍यप्रदेश के पत्र क्रमांक 4735 दिनांक 12 सितम्‍बर, 2013 द्वारा सभी जिला अधिकारियों को इस आशय के निर्देश दिये गये थे कि एक ही स्‍थान पर दो बार अम्‍बेडकर भवन का निर्माण नहीं हो। चूंकि पलेरा में पूर्व से डॉ. अम्‍बेडकर मंगल भवन का निर्माण किया जा चुका है, इसलिये पुन: अम्‍बेडकर मंगल भवन का निर्माण नहीं कराया गया। (ख) जी नहीं। पलेरा में विभाग द्वारा डॉ. अम्‍बेडकर मंगल भवन का निर्माण पूर्व से किया जा चुका है अत: प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) प्रश्‍नांश () के उत्‍तर के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

नीमच जिला चिकित्‍सालय द्वारा रेफर किये गये मरीज

13. ( *क्र. 2253 ) श्री दिलीप सिंह परिहार : क्या लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नीमच जिला चिकित्‍सालय द्वारा 1 अप्रैल 2014 से प्रश्‍न दिनांक तक कितने मरीजों को इलाज के अभाव में रेफर किया गया? (ख) प्रश्‍नांश (क) के प्रकाश में ऐसे कितने मरीज हैं, जिनको रेफर किया गया और उनकी रास्‍ते में इलाज के अभाव से या समय पर इलाज न मिलने के कारण मृत्‍यु हो गई? नाम सहित बतायें। (ग) उक्‍त अवधि के कितने ऐसे मामले हैं, जिसमें इलाज के अभाव में मरीज की मृत्‍यु होने के कारण चिकित्‍सकों की शिकायतें प्रशासन को की गई? (घ) क्‍या प्रश्‍नांश (ग) में प्राप्‍त शिकायत पर प्रशासन द्वारा कोई कार्यवाही की गई है? यदि हाँ, तो तत्‍संबंधी ब्‍यौरा दें।

लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) नीमच जिला चिकित्सालय द्वारा 01 अप्रैल 2014 से प्रश्न दिनांक तक रेफर किये गये मरीजों की वर्षवार जानकारी निम्नानुसार है :- 

वर्ष

रेफर किये गये मरीजों की संख्या

2013-14

420

2014-15

315

2015-16

565

 

कुल योग : 1300

 

(ख) रेफर किये गये मरीजों की रास्ते में ईलाज के अभाव में अथवा समय पर ईलाज न मिलने के कारण हुई मृत्यु की जानकारी 01.04.2014 से आज दिनांक तक की निम्नानुसार है :- (1) काली बाई (2) गजेन्द्र (3) शान्तिबाई जुना बधाना रामपुरा जिला नीमच (4) बाली बाई पति लक्ष्मीनारायण मनासा (5) चेनराम सुवाखेडी जिला नीमच (ग) इस संबंध में कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई। (घ) प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

संतान पालन अवकाश नीति

14. ( *क्र. 1099 ) श्री जतन उईके : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या शिक्षा विभाग में महिलाओं को अपने सेवाकाल में संतान पालन हेतु (जिसके बच्‍चे 18 वर्ष से कम) 730 दिनों का अवकाश देने की नीति है? यदि हाँ, तो इसका पालन विभाग में न होने का क्‍या कारण है? (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में विगत एक वर्षों से प्रश्‍न दिनांक तक छिंदवाड़ा जिले के शासकीय स्‍कूलों में कार्यरत कितनी महिलाओं ने संतान पालन हेतु आवेदन दिए? कितने आवेदन को विभाग ने स्‍वीकृत किया? दिनांकवार, नामवार सूची उपलब्‍ध करायें

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जी हाँ। स्कूल शिक्षा विभाग के अन्तर्गत नियमित शासकीय शिक्षक संवर्ग में कार्यरत महिलाओं को संतान देखभाल अवकाश दिया जा रहा है। अतः शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) छिन्दवाड़ा जिले के अन्तर्गत शासकीय विद्यालयों में कार्यरत 09 महिलाओं को संतान पालन अवकाश स्वीकृत किया गया है। जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है।

परिशिष्ट - ''दो''

जन स्‍वास्‍थ्‍य रक्षकों की पुरूष स्‍वास्‍थ्‍य कार्यकर्ता के रूप में पदस्‍थापना

15. ( *क्र. 2687 ) श्री नथनशाह कवरेती : क्या लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या मध्‍य प्रदेश के प्रशिक्षि‍त जन स्‍वास्‍थ्‍य रक्षकों को ग्राम आरोग्‍य केन्‍द्र या राष्‍ट्रीय ग्रामीण स्‍वास्‍थ्‍य मिशन के तहत पुरूष स्‍वास्‍थ्‍य कार्यकर्ता के रूप में पदस्‍थ करने हेतु शासन द्वारा प्रयास किये जा रहे हैं? (ख) यदि हाँ, तो कब तक जन स्‍वास्‍थ्‍य रक्षकों को ग्राम आरोग्‍य केन्‍द्र या राष्‍ट्रीय ग्रामीण स्‍वास्‍थ्‍य मिशन के तहत पुरूष स्‍वास्‍थ्‍य कार्यकर्ता के रूप में पदस्‍थ किया जावेगा?

लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) जी नहीं। (ख) प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

जननी वाहनों के संचालन के नियम/निर्देश

16. ( *क्र. 872 ) श्री रामपाल सिंह : क्या लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शहडोल जिले के समस्‍त विकासखण्‍डों में महिलाओं को प्रसूति हेतु लाने एवं छोड़े जाने हेतु लगाई जाने वाली जननी वाहनों के संबंध में क्‍या नियम-निर्देश हैं? विगत 3 वर्षों में कितने वाहन कब से किस अवधि तक, किस दर पर, किस फर्म के लगाये गये हैं? उक्‍त अवधि में उक्‍त फर्म को किये गये भुगतान एवं कार्य की पूर्ण जानकारी उपलब्‍ध करायें (ख) शहडोल जिला चिकित्‍सालय क्षेत्रांतर्गत समस्‍त विकासखण्‍ड में कुल कितने वाहन चालू हालत में हैं तथा कितने वाहन खराब स्थिति में हैं तथा कितने किस-किस कार्य में किसके द्वारा उपयोग में लिये जा रहे हैं? नाम, नंबर एवं वाहन चालक सहित व्‍यय की जानकारी उपलब्‍ध करावें (ग) विगत 03 वर्षों में सभी वाहनों की मरम्‍मत एवं ईंधन पर व्‍यय की जानकारी उपलब्‍ध करावें (घ) क्‍या वर्तमान में किसी विकासखण्‍ड में शासकीय कार्य हेतु प्रायवेट वाहन भी अनुबंधित किये गये हैं? यदि हाँ, तो उक्‍त वाहनों हेतु जारी निविदा एवं आदेश की प्रति उपलब्‍ध करावें

लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) शहडोल जिले में महिलाओं को प्रसूति हेतु लाने एवं छोड़े जाने हेतु लगाई जाने वाली जननी वाहनों के संबंध में नियम-निर्देश की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''एक'' अनुसार है। शेष प्रश्‍नांश की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''दो'' अनुसार है। (ख) शहडोल जिला चिकित्सालय क्षेत्रान्तर्गत समस्त विकासखण्ड में कुल 22 वाहन हैं, जिसमें से 17 वाहन चालू हालत में हैं तथा 05 वाहन खराब स्थिति में हैं। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''तीन'' अनुसार है। (ग) विगत 03 वर्ष में सभी वाहनों की मरम्मत एवं ईंधन पर व्यय की जानकारी निम्नानुसार है :-

वर्ष

पी.ओ.एल. (राशि रू. में)

मरम्मत (राशि रू. में)

2013-14

1068094.00

2874607.00

2014-15

776081.00

1914512.00

2015-16

464701.00

1971175.00

 

(घ) जी हाँ। वर्तमान में खण्ड चिकित्सा अधिकारियों के लिये मोबिलिटी सपोर्ट हेतु 5 वाहन तथा आर.बी.एस.के. हेतु 02 वाहन प्रति विकासखण्‍ड के मान से कुल 10 वाहन अनुबंधित किये गये हैं। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''चार'' अनुसार है।

विभागीय आदेश की अवहेलना

17. ( *क्र. 1316 ) श्री रामलाल रौतेल : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या मध्‍यप्रदेश शासन आदिम जाति कल्‍याण विभाग मंत्रालय भोपाल के आदेश क्रमांक 796/728/2016/1/25 दिनांक 01-03-2016 के तहत डॉ. प्रयास कुमार प्रकाश व्‍याख्‍याता को परियोजना प्रशासक एकीकृत आदिवासी विकास परियोजना सोहागपुर से मूल पद पर पदस्‍थ किया गया था? यदि हाँ, तो उक्‍त अधिकारी के स्‍थान पर किस अधिकारी को पदस्‍थ किया गया है? नाम, पद, सहित विवरण प्रदान करें (ख) क्‍या उक्‍त अधिकारी के वापस होने के बाद भी श्री प्रकाश से ही परियोजना प्रशासक का कार्य लिया जा रहा है? यदि हाँ, तो क्या शासन के आदेश की अवहेलना पर विभाग किसी प्रकार की दण्‍डात्‍मक कार्यवाही करेगा?

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) जी नहीं। डॉ. प्रयास कुमार प्रकाश का मूल पद प्राचार्य है तथा त्रुटिवश आदेश में व्‍याख्‍याता अंकित हुआ है। उक्‍त आदेश के विरूद्ध संबंधित द्वारा मान. उच्‍च न्‍यायालय से दिनांक 22/03/2016 को स्‍थगन प्राप्‍त किया गया है। त्रटि सुधार का संशोधन आदेश जारी किया जा रहा है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) प्रश्‍नांश () के उत्‍तर के परिप्रेक्ष्‍य में शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

शासकीय हाई स्‍कूल का निर्माण

18. ( *क्र. 1032 ) श्री दिव्‍यराज सिंह : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र सिरमौर अंतर्गत ग्राम बेलवा सुरसरी सिंह में बारहवें वित्‍त से शासकीय हाई स्‍कूल का निर्माण कराने हेतु राशि सांसद निधि से प्रदाय की गई थी, किन्‍तु आज तक निर्माण कार्य अधूरा रहने का क्‍या कारण है? (ख) उक्‍त भवन का निर्माण कार्य कब तक पूर्ण होगा?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जी हाँ। निर्माण कार्य हेतु पूर्ण राशि प्राप्त न होने के कारण कार्य अधूरा है। (ख) राशि प्राप्‍त होने के पश्‍चात। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

जीर्ण-शीर्ण स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्रों के भवनों का निर्माण

19. ( *क्र. 3126 ) श्री विष्‍णु खत्री : क्या लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या बैरसिया विधानसभा की स्‍वास्‍थ्‍य सुविधाओं को सुदृढ़ बनाने के लिये ग्राम दिल्‍लौद के पूर्व निर्मित जीर्ण-शीर्ण भवनों के स्‍थान पर नवीन भवन एवं ईटखेड़ी सड़क स्थित स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र को प्राथमिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र के रूप में उन्‍नयित करते हुए पूर्व निर्मित जीर्ण-शीर्ण भवन के स्‍थान पर नये भवन का निर्माण किये जाने की आवश्‍यकता प्रतीत होती है? (ख) प्रश्‍नांश (क) यदि हाँ, तो इस संबंध में विभाग द्वारा क्‍या कार्यवाही की गई है? इन स्‍थानों पर नवीन भवनों के लिये कब तक बजट उपलब्‍ध कराया जावेगा?

लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) जी हाँ, ग्राम दिल्लौद में नवीन उपस्वास्थ्य केन्द्र भवन की स्वीकृति हेतु कार्यवाही प्रचलन में है। उप स्वास्थ्य केन्द्र ईटखेड़ी सड़क का प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में उन्नयन हेतु मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी भोपाल से विस्तृत जानकारी मंगाकर परीक्षण उपरांत आवश्‍यक कार्यवाही की जावेगी। (ख) प्रश्‍नांश (क) के उत्तर के परिप्रेक्ष्य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। निश्चित समयावधि बताया जाना संभव नहीं है।

शिवपुरी जिले में विद्यालयों का उन्‍नयन

20. ( *क्र. 1566 ) श्री रामसिंह यादव : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या विभाग द्वारा शिवपुरी जिले में वर्ष 2016 में कुछ विद्यालयों का उन्‍नयन किया गया है? यदि हाँ, तो कौन-कौन से प्राथमिक से माध्‍यमिक, माध्‍यमिक से हाईस्‍कूल एवं हाईस्‍कूल से हायर सेकेण्‍डरी (10+2) विद्यालयों का उन्‍नयन किया गया है? उन्‍नयन आदेश की प्रति संलग्‍न कर विधानसभा क्षेत्रवार जानकारी दें (ख) क्‍या उक्‍त उन्‍नयन किए गए सभी विद्यालयों में शैक्षणिक सत्र 2016-17 में कक्षाएं प्रारंभ हो जाएंगी? यदि नहीं, तो उक्‍त विद्यालयों में नवीन कक्षाएं कब से प्रारंभ होंगी? (ग) क्‍या कोलारस विधानसभा क्षेत्र के कुछ प्राथमिक, माध्‍यमिक, हाईस्‍कूल एवं हायर सेकेण्‍डरी स्‍कूल उन्‍नयन हेतु पात्रता में आए हैं? यदि हाँ, तो कौन-कौन से स्‍कूल उन्‍नयन हेतु पात्रता की श्रेणी में आए हैं? इनके उन्‍नयन के आदेश कब तक जारी होंगे एवं नवीन कक्षाएं कब से प्रारंभ होंगी? (घ) क्‍या कोलारस विधानसभा क्षेत्र के विकासखण्‍ड बदरवास के ग्राम खतौरा के हाईस्‍कूल को हायर सेकेण्‍डरी (10+2) में उन्‍नयन करने के आदेश जारी कर दिए हैं? यदि हाँ, तो आदेश की प्रति संलग्‍न कर जानकारी दें यदि नहीं, तो उन्‍नयन आदेश कब तक जारी कर दिए जाएंगे एवं कक्षाएं कब से प्रारंभ होंगी?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) किसी प्राथमिक विद्यालय का माध्यमिक विद्यालय में उन्नयन नहीं किया गया है। माध्यमिक/हाईस्कूल/हायर सेकेण्डरी में उन्नयन संबंधी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी हाँ। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) वर्ष 2016-17 के लिए जिलों से प्रस्ताव प्राप्त किए जा रहे है। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। उन्नयन बजट प्रावधान एवं स्वीकृति पर निर्भर करेगा। निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (घ) जी नहीं। उत्तरांश (ग) के प्रकाश में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

सतना जिलांतर्गत संचालित नर्सिंग कॉलेज

21. ( *क्र. 57 ) श्री शंकर लाल तिवारी : क्या लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सतना जिले में कितने नर्सिंग कॉलेज चल रहे हैं? शासकीय एवं प्रायवेट नर्सिंग कॉलेज की जानकारी दें (ख) क्‍या नर्सिंग कॉलेजों में स्‍वास्‍थ्‍य विभाग द्वारा निर्धारित मापदण्‍डों का पालन किया जा रहा है? सी.एम.एच.ओ. का जाँच प्रतिवेदन प्रस्‍तुत करें (ग) यदि नर्सिंग कॉलेज निर्धारित मापदण्‍डों को पूरा नहीं करते हैं तो इनकी मान्‍यता कब तक समाप्‍त कर दी जायेगी (घ) नर्सिंग कॉलेज के फर्जी पाये जाने पर मान्‍यता देने वाले दोषी अधिकारियों के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की जावेगी?

लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) जी नहीं, जिला सतना में शासकीय नर्सिंग कॉलेज संचालित नहीं है। प्रायवेट नर्सिंग कॉलेजों का संचालन एवं नियंत्रण संचालक चिकित्सा शिक्षा विभाग के द्वारा किया जाता है। (ख) से (घ) प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

जिला चिकित्‍सालय कटनी में ट्रामा यूनिट का निर्माण

22. ( *क्र. 1814 ) श्री संदीप श्री प्रसाद जायसवाल : क्या लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला चिकित्‍सालय कटनी में ट्रामा यूनिट का निर्माण कार्य कब से प्रारंभ है और कब तक पूर्ण हो जाना चाहिए था? क्‍या निर्धारित अवधि बीत जाने के उपरांत भी आज दिनांक तक ट्रामा यूनिट का निर्माण कार्य पूर्ण नहीं हो पाया है? यदि हाँ, तो ट्रामा यूनिट का निर्माण कब तक पूर्ण होगा? (ख) क्‍या प्रश्‍नांश (क) के तहत भवन निर्माण के अभिन्‍यास में परिवर्तन कर प्रसूति कक्ष एवं प्राइवेट कक्षों से संलग्‍न शौचालयों इत्‍यादि को अलग करते हुए उन शौचालयों को भ्‍ावन के बाहर सामूहिक शौचालय के तौर पर प्रस्‍तावित किया गया था? यदि हाँ, तो किस सक्षम प्राधिकारी के आदेश से उपरोक्‍त परिवर्तन किये गये. (ग) क्‍या ट्रामा यूनिट भवन के निर्माण का कार्य वर्तमान में बंद है एवं इसके पूर्व के अव्‍यवहारिक परिवर्तनों को अलग करते हुए पुन: परिवर्तित अभिन्‍यास की स्‍वीकृति लंबित है? यदि हाँ, तो बतायें कि अभिन्‍यास स्‍वीकृति की कार्यवाही किस स्‍तर पर लंबित है और कब तक स्‍वीकृति प्राप्‍त हो जायेगी? (घ) प्रश्‍नांश (क) से (ग) के तहत ट्रामा यूनिट भवन निर्माण में विलंब के लिए दोषी कौन हैं एवं उन पर क्‍या कार्यवाही की जावेगी.

लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) ट्रामा यूनिट निर्माण कार्य का कार्य आदेश दिनांक 28.06.2013 को दिया गया, किन्तु ठेकेदार द्वारा दिनांक 20.09.2013 से कार्य प्रारंभ किया गया, अनुबंधानुसार समय अवधि 18 माह अर्थात दिनांक 27.12.2013 तक कार्य पूर्ण किया जाना था। जी हाँ, 31 दिसम्बर 2016 तक पूर्ण होने की संभावना है। (ख) जी हाँ, तत्कालीन कलेक्टर, जिला कटनी द्वारा। (ग) जी नहीं, जी हाँ, संचालनालय स्वास्थ्य सेवायें स्तर पर कार्यवाही प्रचलन में है अतिशीघ्र। (घ) कोई नहीं। प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

सामुदायिक अधिकार पत्र प्राप्‍त होने के उपरांत निर्माण कार्य की स्‍वीकृति

23. ( *क्र. 1989 ) श्री रामप्यारे कुलस्ते : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) 2008 से लागू वनाधिकार कानून 2006 के तहत सामुदायिक अधिकार पत्र प्राप्‍त होने के बाद किन-किन कार्यों की अनुमति के प्रावधान हैं? (ख) पंचायती राज संस्‍थाओं, सहकारी संस्‍थाओं, शासकीय, अशासकीय विभागों, सार्वजनिक उपक्रम एवं सरकारी कंपनियां एवं निजी क्षेत्र को अनुमति देने की क्‍या प्रक्रिया होती है? (ग) क्‍या मंडला जिले की विकासखण्‍ड बीजाडोडी अंतर्गत ग्राम पंचायत जयठार में निर्माणाधीन हाट बाजार के लिए सामुदायिक अधिकार पत्र प्राप्‍त होने के बाद भी वन विभाग द्वारा निर्माण कार्य की सामग्री एवं अन्‍य सामान की जप्‍ती कर कार्य रोक दिया गया है? क्‍या कारण हैं?

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) प्रश्‍नांश अन्‍तर्गत अधिनियम 2006 की धारा 3 (2) में निहित प्रावधान की प्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-एक अनुसार है। (ख) वन अधिकार अधिनियम 2006 की धारा 3 (2) में प्रावधानित प्रयोजनों के लिये एक हेक्टेयर तक वन भूमि के गैर वानिकी उपयोग के लिये व्यपवर्तन हेतु भारत सरकार, जनजाति कार्य मंत्रालय के द्वारा निर्धारित प्रक्रिया पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-दो अनुसार है। (ग) अनुसूचित जनजाति और अन्य परम्परागत वन निवासी (वन अधिकारों की मान्यता) अधिनियम 2006 की धारा 3 (2) में हाट बाजार के निर्माण का उल्लेख न होने तथा वन क्षेत्र में पक्का निर्माण कार्य की अनुमति प्राप्त किये बिना निर्माण कार्य कराये जाने के कारण वन विभाग द्वारा रोक लगाई गई है।

पंप ऊर्जीकरण मद में स्‍वीकृत कार्य

24. ( *क्र. 2990 ) श्री मंगल सिंग धुर्वे : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बैतूल जिले के घोड़ाडोंगरी विधान सभा क्षेत्र में विगत 2 वर्षों में पंप ऊर्जीकरण मद में प्रश्‍न दिनांक तक कितने हितग्राहियों के कार्य स्‍वीकृत किए गए? (ख) क्‍या लंबे समय से स्‍वीकृत कार्य अभी तक पूर्ण नहीं हुए हैं? यदि हाँ, तो ऐसे कौन-कौन से कार्य हैं तथा विभाग द्वारा कार्य पूर्ण कराने के क्‍या प्रयास किए गए हैं? (ग) कार्य पूर्ण न होने से हितग्राही योजना के लाभ से वंचित हैं, इसके लिए कौन जिम्‍मेदार है तथा क्‍या कार्यवाही की जा रही है?

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) से (ग) प्रश्‍नांश अन्‍तर्गत समस्‍त कार्य पूर्ण कर जनजाति के 22 हितग्राहियों के कार्य स्‍वीकृत किये गये हैं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

चिकित्‍सकों के रिक्‍त पदों की पूर्ति

25. ( *क्र. 1934 ) श्री चैतराम मानेकर : क्या लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र आमला में चिकित्‍सकों के कितने पद स्‍वीकृत हैं? (ख) यह सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र कितने बिस्‍तरों वाला है? (ग) इस केन्‍द्र में स्‍वीकृत पदों के विरूद्ध कितने चिकित्‍सक कार्यरत हैं? (घ) चिकित्‍सकों के रिक्‍त पदों की पूर्ति कब तक कर दी जावेगी?

लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र आमला में मेडिकल विशेषज्ञ, सर्जरी विशेषज्ञ एवं स्त्री रोग विशेषज्ञ के एक-एक पद तथा चिकित्सा अधिकारी के 02 पद स्वीकृत हैं। (ख) सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र आमला 30 बिस्तरीय संस्था है। (ग) चिकित्सा अधिकारी के स्वीकृत 02 पदों के विरूद्ध 02 चिकित्सक कार्यरत हैं। (घ) प्रदेश में विशेषज्ञों की अत्यधिक कमी है, स्वीकृत 3266 पदों के विरूद्ध मात्र 1245 विशेषज्ञ उपलब्ध हैं। विशेषज्ञों की अत्यधिक कमी के कारण पदपूर्ति में कठिनाई हो रही है। विशेषज्ञों के पद पदोन्नति के माध्यम से भरे जाने का प्रावधान है, पदोन्नति की कार्यवाही निरंतर जारी है। पदपूर्ति की निश्चित समयावधि बताई जाना संभव नहीं है।

 

 

 




 

 

 

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भाग-2

नियम 46 (2) के अंतर्गत अतारांकित प्रश्नोत्तर के रुप में परिवर्तित तारांकित प्रश्नोत्तर


अध्यापक संवर्ग को वेतनमान

1. ( क्र. 6 ) श्री महेन्द्र सिंह कालूखेड़ा : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या अध्यापक संवर्ग को नया वेतनमान देने से वरिष्ठ अध्यापक, संविदा शिक्षक व सहायक अध्यापक का वेतन कम हो रहा है। इस संबंध में इसी वर्ष में शिक्षक संगठन ने जो शिकायतें जिला व भोपाल स्तर पर की हैं उनका विवरण देते हुए बताएं कि गणना पत्रक में सुधार कर वेतन बढ़ोत्री पर क्या शासन विचार करेगा? (ख) शिक्षा विभाग समान कार्य, समान वेतन होने का निर्णय लिया जायेगा, ताकि उन्हें पेंशन व अन्य सुविधा मिल सके व नहीं तो क्यों? (ग) क्‍या संविदा शिक्षक व अध्यापक संवर्ग का शिक्षा विभाग में संविलयन किया जावेगा? यदि हाँ, तो कब तक यदि नहीं, तो क्यों?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जी नहीं। छठवाँ वेतनमान दिये जाने से अध्‍यापक संवर्ग के अध्‍यापकों का वेतन कम नहीं हो रहा है। संविदा शाला शिक्षकों को वर्ष 2011 से दिया जा रहा संविदा मासिक पारिश्रमिक आज दिनांक तक यथावत लागू है एवं संविदा शाला शिक्षकों को छठवां वेतनमान देय नहीं है। अध्यापक संगठनों के छठवें वेतनमान में नियमित शासकीय शिक्षकों के समान वेतन निर्धारण की मांग पर वेतन निर्धारण संबंधी आदेश विचार हेतु आगामी आदेश तक स्थगित किया गया है। (ख) अध्यापक संवर्ग को छठवाँ वेतनमान दिनांक 1.1.2016 से दिये जाने का निर्णय लिया गया है। अंशदायी पेंशन योजना अध्यापक संवर्ग के लिये पूर्व से लागू है। अन्य सुविधाओं के संबंध में वर्तमान में कोई प्रावधान नहीं है। अतः शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) संविदा शाला शिक्षक/अध्यापक संवर्ग का स्कूल शिक्षा विभाग में संविलियन किये जाने का कोई प्रस्‍ताव विचाराधीन नहीं है। अतः शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।

अध्यापक संवर्ग की स्थानांतरण नीति

2. ( क्र. 9 ) श्री महेन्द्र सिंह कालूखेड़ा : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अध्यापक संवर्ग के लिये महिला एवं पारस्परिक स्थानांतरण के अतिरिक्त सभी महिला पुरूष अध्यापकों के लिये स्थानांतरण नीति बनाई जा रही है? यदि हाँ तो उक्त नीति कब तक जारी हो जाएगी? (ख) क्या शासन ने निर्देश दिये हैं कि शिक्षकों से शिक्षा देने के अलावा कोई अन्य कार्य नहीं लिये जावे फिर भी विभिन्न विभागों द्वारा शासकीय योजनाओं के सर्वेक्षण व अन्य कार्य लिये जा रहे है? क्या इन्हें रोकने हेतु शासन कोई आदेश जारी करेगा? यदि हाँ, तो कब तक?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) अध्यापक संवर्ग में स्थानांतरण नीति नहीं है, अपितु महिला, निःशक्त तथा पारस्परिक अन्तर्निकाय संविलियन नीति है। इस संवर्ग में कार्यरत महिला एवं पुरुषों के लिए उपर्युक्त नीति के अतिरिक्त कोई शासन नीति वर्तमान में नहीं है। (ख) जी हाँ। शासन के आदेश दिनांक 07 फरवरी 2007 एवं 06.02.2016 के अनुसार विभाग के विशिष्ट आदेश प्राप्त किये बिना शिक्षकों को गैर शिक्षकीय कार्यों के लिए अभिनियोजन नहीं करने का प्रावधान है। जारी आदेशों की प्रति संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। अतः शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - ''तीन''

अध्‍यापक संवर्ग को शिक्षक संवर्ग की भांति लाभ

3. ( क्र. 49 ) श्री मुरलीधर पाटीदार : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अध्‍यापक संवर्ग के लिए स्‍थानान्‍तरण की नीति है क्‍या? (ख) हाँ, तो विगत एक वर्ष में प्रश्‍नकर्ता के विधानसभा क्षेत्र सुसनेर में कितने अध्‍यापक लाभान्वित हुए हैं? (ग) निकाय से दूसरे निकाय में पुरुष अध्‍यापकों के लिए अन्‍तर निकाय संविलियन की नीति कब लागू होगी? (घ) अध्‍यापक संवर्ग को बीमा, गृह भाड़ा चिकित्‍सा सुविधा एवं प्रमोशन का लाभ सभी अध्‍यापकों को कब तक मिलेगा?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) अध्यापक संवर्ग में स्थानांतरण नीति नहीं, अपितु महिला, निःशक्त तथा पारस्परिक अन्तर्निकाय संविलियन नीति है। (ख) अन्तर्निकाय संविलियन से सुसनेर विधान सभा क्षेत्रान्तर्गत 23 अध्यापक लाभान्वित हुए है। (ग) वर्तमान में पुरुष अध्यापक संवर्ग के लिए अन्तर्निकाय संविलियन की कोई नीति नहीं है। अतः शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) वर्तमान में अध्यापक संवर्ग के लिए समूह बीमा, गृह भाड़ा, चिकित्सा सुविधाओं का प्रावधान नहीं है तथा सहायक अध्यापक से अध्यापक एवं अध्यापक से वरिष्ठ अध्यापक के पद पर पदोन्नति हेतु पदोन्नत पद की उपलब्धता वरिष्ठता, पात्रता तथा विभागीय पदोन्नति समिति की अनुशंसा के आधार पर पदोन्नति का प्रावधान है। अतः शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

अनुसूचित जाति कन्‍या आश्रम शालाओं का संचालन

4. ( क्र. 102 ) श्री कुंवर सिंह टेकाम : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या मध्‍यप्रदेश के अंतर्गत अनुसूचित जाति के कन्‍याओं की शिक्षा हेतु अनुसूचित जाति कल्‍याण आश्रम के माध्‍यम से पढ़ाई हेतु आश्रम शाला संचालित किये गये थे? (ख) क्‍या प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में प्रदेश में अनुसूचित जाति कन्‍या आश्रम शालाओं को बंद करने हेतु आदेश जारी किये गये हैं? यदि हाँ, तो जानकारी देवें। (ग) प्रश्‍नांश (ख) के संदर्भ में क्‍या अनुसूचित जाति कन्‍या आश्रम शालाओं को बन्‍द करने से अनुसूचित जाति की कन्‍याओं की पढ़ाई में असर पड़ेगा। इसके लिये शासन स्‍तर पर आगामी क्‍या योजना हैं? (घ) प्रश्‍नांश (ख) के संदर्भ में क्‍या अनुसूचित जाति कन्‍या आश्रम शालाओं को यथावत संचालित किया जावेगा? यदि नहीं, तो क्‍यों? यदि आश्रम शालाओं को पूर्ववत संचालित किये जाने की योजना है, तो पूर्ण जानकारी देवें?

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) जी नहीं। आश्रम शालाओं का जूनियर छात्रावासों में परिवर्तन किया गया है। (ग) एवं (घ) प्रश्‍नांश के उत्‍तर के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

मलेरिया की रोकथाम

5. ( क्र. 103 ) श्री कुंवर सिंह टेकाम : क्या लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विगत दो वर्षों में सीधी एवं सिंगरौली जिले के अंतर्गत आदिवासी बाहुल्‍य विकासखण्‍ड कुसमी, मझौली, देवसर, चितरंगी एवं बैढ़न के अंतर्गत मलेरिया बीमारी के रोकथाम के लिए क्‍या उपाय किये गये हैं? (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में राष्‍ट्रीय जनित रोक नियंत्रण के द्वारा मलेरिया विभाग में कितने पद स्‍वीकृत हैं एवं कितने पद भरे हुए हैं? (ग) प्रश्‍नांश (ख) के संदर्भ में मलेरिया की रोकथाम के लिए मलेरिया टेक्निकल सुपरवाईजरों की नियुक्ति पिछले 3 वर्षों में की गई थी? यदि हाँ, तो कितने पदों पर नियुक्ति की गई हैं? (घ) प्रश्‍नांश (ग) के संदर्भ में जो मलेरिया टेक्निकल सुपरवाईजर अप्रेजल परीक्षा में उत्‍तीर्ण नहीं हैं उन्‍हें क्‍या पुन: अप्रेजल परीक्षा हेतु अवसर दिया जावेगा? यदि नहीं, तो क्‍यों? मलेरिया जैसे संक्रामित बीमारी के रोकथाम के लिए अनुत्‍तीर्ण मलेरिया टेक्निकल सुपरवाईजरों की सेवा आगे बढाई जायेगी? यदि हाँ, तो जानकारी देवें।

लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

श्रमिकों के बच्‍चों हेतु आवासीय शिक्षा योजना

6. ( क्र. 184 ) श्री दिलीप सिंह शेखावत : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या वर्तमान में अच्‍छी शिक्षा बहुत महंगी हो चुकी है, जिससे उद्योगों में कार्यरत श्रमिक अपने बच्‍चों को अच्‍छी शिक्षा नहीं दिला पाते हैं? यदि हाँ, तो क्‍या श्रमिकों के बच्‍चों हेतु आवासीय शिक्षा योजना बनी है? यदि हाँ, तो नागदा शहर जो संभाग का सबसे बड़ा औद्योगिक शहर है? यहां यह योजना कब तक लागू की जावेगी? (ख) यदि आवासीय सह शिक्षा योजना नहीं बनी है, तो इस पर कब विचार किया जावेगा?

खाद्य मंत्री ( श्री ओम प्रकाश धुर्वे ) : (क) श्रम विभाग के अंतर्गत म.प्र. भवन एवं अन्‍य संनिर्माण कर्मकार कल्‍याण मण्‍डल द्वारा श्रमिकों के बच्‍चों हेतु आवासीय शिक्षा योजना के अंतर्गत भोपाल, इन्‍दौर, ग्‍वालियर तथा जबलपुर में श्रमोदय विद्यालय (आवासीय) प्रारंभ करने का निर्णय लिया गया है। म.प्र. भवन एवं अन्‍य संनिर्माण कर्मकार कल्‍याण मण्‍डल द्वारा नागदा शहर में श्रमोदय विद्यालय (आवासीय) प्रारंभ किया जाना विचाराधीन नहीं है। (ख) प्रश्‍नांश (क) के उत्‍तर के परिप्रेक्ष्‍य में कार्यवाही अपेक्षित नहीं है।

ठेका श्रमिकों की न्‍यूनतम दैनिक वेतन आय

7. ( क्र. 185 ) श्री दिलीप सिंह शेखावत : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या संपूर्ण म.प्र. में करीब 10 लाख श्रमिक कार्यरत हैं जिनका मासिक वेतन 6700/- रू. प्रति माह जो लगभग 257/- रू. प्रतिदिन होता है? (ख) क्‍या शासन श्रमिकों का न्‍यूनतम वेतन बढ़ाने पर विचार कर रहा है? (ग) यदि नहीं, कर रहा है तो कब तक विचार किया जावेगा?

खाद्य मंत्री ( श्री ओम प्रकाश धुर्वे ) : (क) संपूर्ण म.प्र. में कार्यरत श्रमिकों की संख्या 10 लाख से अधिक है। विभिन्न नियोजनों में कार्यरत श्रमिकों को दिनांक 01.04.2016 से निम्नानुसार मासिक एवं दैनिक वेतन देय है :-

श्रमिकों की वर्ग/श्रेणी मासिक वेतन दैनिक वेतन

(1) अकुशल रू. 6850.00 रू. 263.00

(2) र्द्धकुशल रू. 7707.00 रू. 286.00

(3) कुशल रू. 9085.00 रू. 339.00

(4) उच्च कुशल रू. 10385.00 रू. 389.00

(ख) शासन द्वारा न्यूनतम वेतन अधिनियम, 1948 के अंतर्गत दिनांक 10 अक्टूबर, 201422 मई, 2015 द्वारा विभिन्न अधिसूचित नियोजनों में न्यूनतम वेतन दरें पुनरीक्षित कर प्रभावशील की गई है। इस संबंध में मूल्य सूचकांक में वृद्धि के आधार पर श्रमायुक्त द्वारा 1 अप्रैल तथा 1 अक्टूबर से परिवर्तनशील महंगाई भत्ता सम्मिलित कर नई दरें घोषित की जाती है। न्यूनतम वेतन अधिनियम में 5 वर्ष में न्यूनतम वेतन दरों का पुनरीक्षण प्रावधानित होने से प्रभावशील न्यूनतम वेतन दरों के पुनरीक्षण की कार्यवाही वर्तमान में अपेक्षित नहीं है। (ग) प्रश्नांश (ख) उत्तर के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

अनियमितता के दोषियों के विरूद्ध कार्यवाही

8. ( क्र. 200 ) इन्जी. प्रदीप लारिया : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या सागर जिले में आदिम जाति अनु. जाति कल्‍याण विभाग के छात्रावासों में सामग्री वितरण में अनियमितता के दोषियों पर परि.अता. प्रश्‍न संख्‍या-19 (क्रमांक 496) दिनांक 01.03.2016 के उत्‍तर में बताया गया था कि दोषियों पर कार्यवाही प्रचलन में है? तो यह कार्यवाही कब से प्रचलन में है एवं कब तक पूर्ण कर दोषी के विरूद्ध कार्यवाही कर दी जावेगी? (ख) क्‍या संभागीय उपायुक्‍त आदिवासी विकास सागर द्वारा अपने पत्र क्र. 244/सागर, दिनांक 08.03.2016 में सहायक आयुक्‍त सागर द्वारा प्रश्‍नांश (क) की विधानसभा में गलत जानकारी दी जाना बताया है? जानकारी किसके द्वारा गलत दी गई बतायें? (ग) यदि हाँ तो विधानसभा में गलत जानकारी देकर दोषी को बचाने के लिये कौन-कौन उत्‍तरदायी है? क्‍या विभाग इनके विरूद्ध भी कार्यवाही करेगा?

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) जी हाँ। सागर जिले में आदिम जाति, अनुसूचित जाति कल्‍याण विभाग के छात्रावासों में सामग्री वितरण में अनियमितता के लिए तत्‍कालीन सहायक आयुक्‍त, श्री आर. एस. शर्मा (सेवानिवृत्‍त) को दोषी पाये जाने पर उनके विरूद्ध विभागीय जाँच संस्थित है। जिला स्‍तरीय कर्मचारी श्री श्‍याम सुंदर शर्मा, लेखापाल पर कलेक्‍टर, सागर द्वारा विभागीय जाँच संस्थित की गई है। (ख) जी नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

वन अधिकार पट्टे वितरण में विलंब होना

9. ( क्र. 310 ) श्रीमती झूमा सोलंकी : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वन अधिकार अधिनियम अंतर्गत भीकनगांव विधानसभा क्षेत्रांतर्गत झिरन्‍या विकासखण्‍ड में योजना प्रारंभ से कुल कितने वन अधिकार पट्टे प्राप्‍त करने हेतु आवेदन ग्राम वन समिति को प्राप्‍त हुए हैं? (ख) वन अधिकार समिति को प्राप्‍त आवेदनों में से कितने आवेदन का पंजीयन ऑनलाईन किया गया है तथा कितनों का ऑनलाईन पंजीयन शेष है? अगर शेष है तो क्‍या कारण है? (ग) भीकनगांव विधानसभा क्षेत्र के झिरन्‍या विकासखण्‍ड के कितने ऑनलाईन आवेदनकर्ताओं की जाँच जनपद स्‍तरीय समिति द्वारा की जाकर स्‍वीकृति प्रदाय की गई है तथा कितने आवेदकों के प्रकरण अपात्र किए गये हैं? स्‍वीकृत आवेदनकर्ताओं एवं अपात्र आवेदनकर्ताओं की सूची मय कारण ग्रामवार उपलब्‍ध करावें? (घ) क्‍या झिरन्‍या विकासखण्‍ड अंतर्गत नियमानुसार अंतर्गत समस्‍त जनपद स्‍तर पर शत्-प्रतिशत पट्टेधारियों का पी.डी.ए. सर्वे किया गया है? नहीं तो कितने आवेदनकर्ता का पी.डी.ए. सर्वे शेष है तथा क्‍या कारण है? यह सर्वे कार्य कब तक पूर्ण किया जावेगा वन अधिकार अधिनियम अंतर्गत पात्र आवेदनकर्ताओं को शत्-प्रतिशत पट्टे प्रदाय किये गये हैं? नहीं तो क्‍या कारण है तथा इन्‍हें कब तक पट्टे वितरण किये जायेंगे?

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) प्रश्‍नांश अन्‍तर्गत 12055 दावा आवेदन प्राप्त हुये। (ख) प्राप्त सभी 12055 दावा आवेदनों का ऑनलाईन पंजीयन किया जा चुका हैं। पंजीयन हेतु कोई दावा आवेदन शेष नहीं है। अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) दर्ज 12055 आवेदनों में से 11040 स्वीकृति हेतु प्रस्तुत किये गये हैं। समिति द्वारा 6290 दावा आवेदनों को मान्य एवं 4750 दावा आवेदनों को अमान्य किया गया। शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-एक एवं दो अनुसार हैं। (घ) 11040 दावों का वन विभाग द्वारा पीडीए सर्वे किया गया हैं एवं 1015 पीडीए सर्वे शेष हैं। मजदूरी हेतु अन्यत्र जाने से उक्त हितग्राहियों का पीडीए सर्वे कार्य शेष हैं, उक्त दावों का पीडीए सर्वे शीघ्र पूर्ण कर लिया जायेगा। सभी पात्र 6290 आवेदनकर्ताओं को वन अधिकार पत्र वितरित किये जा चुके हैं।

विमुक्‍त घुमक्‍कड़ एवं अर्द्धघुमक्‍कड़ जनजाति बस्‍ती में विकास कार्यों की स्‍वीकृति

10. ( क्र. 311 ) श्रीमती झूमा सोलंकी : क्या राज्‍यमंत्री, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) विगत 02 वर्षों में घुमक्‍कड़ एवं अर्द्धघुमक्‍कड़ बस्‍ती विकास कार्यों के स्‍वीकृति हेतु भीकनगांव विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत कुल 1.78 करोड़ के प्रस्‍ताव स्‍वीकृति हेतु प्राप्‍त हुए हैं परन्‍तु प्रस्‍ताव भेजने में मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी द्वारा की गई कार्यवाही में कमी के चलते स्‍वीकृति प्रदाय नहीं की गई है? (ख) यदि हाँ, तो विगत 02 वर्षों से विधानसभा क्षेत्र भीकनगांव से घुमक्‍कड़ एवं अर्द्ध घुमक्‍कड़ जाति बस्‍ती विकास कार्य किसी अधिकारी की वजह से लंबित है तो क्‍या उन पर यह कार्य समयावधि में न करने एवं विगत 02 वर्षों से वरिष्‍ठ कार्यालय से प्रेषित पत्रों पर विचार न करने के संबंध में कोई कार्यवाही प्रस्‍तावित की जावेगी? (ग) नहीं, तो क्‍या वित्‍तीय वर्ष 2016-17 में भी किसी भी प्रकार से विकास कार्यों की स्‍वीकृति प्राप्‍त नहीं होगी? अगर होगी तो कैसे?

राज्‍यमंत्री, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण ( श्रीमती ललिता यादव ) : (क) जी हाँ। विगत 02 वर्षों में भीकनगांव विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत घुमक्कड़ एवं अर्द्धघुमक्कड़ बस्ती विकास कार्यों की राशि रूपये 1.58 करोड़ के प्रस्ताव संचालनालय में प्राप्त हुए थे। प्राप्त प्रस्ताव में कमी की पूर्ति करने हेतु संचालनालय के पत्र क्र. 890 दिनांक 20.01.2016 अनुसार वापस किए गए थे। इस संबंध में संचालनालय के पत्र क्र. 2062 दिनांक 31.03.2016 अनुसार स्मरण पत्र भी भेजा गया है। उपरोक्त प्रस्ताव पूर्ति उपरांत संचालनालय में प्राप्त नहीं हुए हैं। (ख) विलंब के लिए दोषी अधिकारियों की पहचान हेतु कलेक्‍टर को निर्देशित किया गया हैं। प्रतिवेदन प्राप्‍त होने पर नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी। (ग) विकास कार्यों के योजनानुसार पूर्ण प्रस्ताव प्राप्त होने पर नियमानुसार कार्यवाही की जा सकेगी।

अस्‍पताल का उन्‍नयन

11. ( क्र. 449 ) श्री शैलेन्द्र जैन : क्या लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या सागर नगर स्थित चमेली चौक छोटी अस्‍पताल में तीस बिस्‍तरों वाला अस्‍पताल शुरू करने की स्‍वीकृति प्रदान की गई थी? यदि हाँ, तो यह कार्य कब तक शुरू किया जायेगा? (ख) वर्तमान में इस अस्‍पताल में कितने डॉक्‍टर, पैरामेडिकल एवं नर्सिंग स्‍टाफ पदस्‍थ है एवं यहां प्रतिदिन कितनी ओ.पी.डी. हो रही है? क्‍या इसके मान से वर्तमान में पर्याप्‍त स्‍टाफ उपलब्‍ध है? यदि नहीं, तो क्‍या शासन इस पर विचार करेगा और कब तक?

लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) जी नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) वर्तमान में चमेली चौक अस्पताल में 02 डॉक्टर, 02 पैरामेडिकल एवं 07 स्टॉफ नर्स पदस्थ है। ओपीडी 60-80 प्रतिदिन है। जी हाँ। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

सागर बुन्‍देलखण्‍ड मे‍डिकल कॉलेज का भवन निर्माण

12. ( क्र. 450 ) श्री शैलेन्द्र जैन : क्या राज्‍यमंत्री, चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सागर बुन्‍देलखण्‍ड मेडिकल कॉलेज का भवन निर्माण कार्य कब तक पूर्ण होना था, इसके अपूर्ण होने का क्‍या कारण है एवं वर्तमान में इसकी क्‍या स्थिति है तथा इसे कब तक पूर्ण कर लिया जायेगा? (ख) सागर बुन्‍देलखण्‍ड मेडिकल कॉलेज में पी.जी. की कक्षाएं कब तक प्रारंभ कर ली जायेगी? (ग) क्‍या सागर बुन्‍देलखण्‍ड मेडिकल कॉलेज को 50 एकड़ जमीन शासन द्वारा प्रदाय की गई थी, यह किस उद्देश्‍य से दी गई थी? इस हेतु शासन की क्‍या योजनाएं हैं?

राज्‍यमंत्री, चिकित्सा शिक्षा ( श्री शरद जैन ) : (क) बुन्‍देलखण्‍ड चिकित्‍सा महाविद्यालय सागर के भवन निर्माण का कार्य मध्‍यप्रदेश गृह निर्माण मंडल, सागर द्वारा दिनांक 09.02.2009 को पूर्ण किया जाना प्रस्‍तावित था। कार्य की लागत बढ़ने एवं बजट के अभाव में मंडल द्वारा निर्माण कार्य रोक दिया गया था। वर्ष 2016-17 में दिनांक 12.05.2016 को राशि रूपये 5.00 करोड़ आवंटित की गई थी। मध्‍यप्रदेश गृह निर्माण मंडल, सागर द्वारा बुन्‍देलखण्‍ड चिकित्‍सा महाविद्यालय, सागर का निर्माण कार्य प्रगति पर हैं। शासन से रूपये 3.683 करोड़ उपलब्‍ध होने पर शेष निर्माण कार्य दिनांक 31.10.2016 तक मंडल द्वारा पूर्ण किया जाना प्रस्‍तावित हैं। (ख) बुन्‍देलखण्‍ड चिकित्‍सा महाविद्यालय, सागर में स्‍नातकोत्‍तर पाठ्यक्रम प्रारंभ करने हेतु MCI नई दिल्‍ली से अनुमति प्राप्‍त होने पर प्रवेश की कार्यवाही संभव हो सकेगी। अत: समय-सीमा बताई जाना संभव नहीं हैं। (ग) बुन्‍देलखण्‍ड चिकित्‍सा महाविद्यालय, सागर को कार्यालय कलेक्‍टर नजूल जिला सागर के प्रकरण क्रमांक 16अ/20 (1) वर्ष 2008-2009 में पारित आदेश दिनांक 28.02.2009 के द्वारा पटवारी हल्‍का नंबर 63 तहसील सागर के सर्वे क्रमांक 233/1 से 25 एकड़ एवं दिनांक 15.02.2011 द्वारा अतिरिक्‍त 25 एकड़ कुल 50 एकड़ भूमि मेनपानी क्षेत्र तिली में सुपर स्‍पेशलिटी पैरामेडिकल संस्‍थान, आवासीय परिसर हेतु आवंटित की गई। आवंटित भूमि पर वायरोलॉजिकल लैब स्‍थापित करने हेतु प्रस्‍तावित किया गया हैं।

मध्‍यप्रदेश में संचालित शैक्षणिक कोचिंग संस्‍थाएं

13. ( क्र. 453 ) श्री शैलेन्द्र जैन : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या मध्‍यप्रदेश शासन द्वारा शैक्षणिक कोचिंग संस्‍थाओं के पंजीकरण हेतु कोई मापदण्‍ड निर्धारित हैं, यदि नहीं, तो इन संस्‍थाओं में अध्‍ययनरत विद्यार्थियों के हित को ध्‍यान में रखते हुये शासन प्रदेश में संचालित अनगिनत शैक्षणिक कोचिंग संस्‍थाओं के पंजीकरण हेतु कोई नीति बनाये जाने पर विचार करेगा? क्‍या इनको समय तालिका एवं शुल्‍क निर्धारण के कोई निर्देश विभागीय स्‍तर पर लागू किये जाने पर विचार करेगा? (ख) क्‍या म.प्र. में अनेकों ऐसी शैक्षणिक कोचिंग संस्‍थायें संचालित हैं, जिनके द्वारा माहवार शुल्‍क की बजाय वार्षिक या विषयवार इकट्ठा शुल्‍क वसूला जाता हैं? क्‍या इन पर नियंत्रण हेतु शासन कोई नियम बनाये जाने पर विचार करेगा? (ग) क्‍या इन संस्‍थाओं में छात्रों को बैठने हेतु उचित व्‍यवस्‍था वाहन पार्किंग, प्रसाधन, स्‍वच्‍छ पेयजल, प्रकाश आदि की उचित व्‍यवस्‍था उपलब्‍ध कराई जाती है? यदि हाँ, तो इसका परीक्षण किसके द्वारा किया जाता है?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जी नहीं। वर्तमान में इस संबंध में कोई नीति बनाए जाने का प्रस्‍ताव नहीं है। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) उत्‍तरांश '''' के प्रकाश में शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) उत्‍तरांश '''' के प्रकाश में शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

शिक्षा विभाग में लंबित अनुकंपा नियुक्ति के प्रकरण

14. ( क्र. 557 ) श्रीमती ऊषा चौधरी : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रीवा संभाग में स्‍कूल शिक्षा विभाग अंतर्गत चतुर्थ श्रेणी/सहायक ग्रेड-3 के अनुकम्‍पा नियुक्ति के कितने प्रकरण कब से लंबित हैं, सूची दें और उन्‍हें भर्ती करने का अधिकार किस अधिकारी को है? (ख) चतुर्थ श्रेणी/सहायक ग्रेड-3 के अनुकम्‍पा नियुक्ति के प्रकरणों की नियुक्ति सक्षम अधिकारी द्वारा किस दिनांक तक कर दी जाएगी? (ग) अनुकम्‍पा के लंबित प्रकरणों को क्‍या प्राधिकृत अधिकारी द्वारा एक बार से अधिक आपत्ति लगाकर प्रकरण को विलंब किया गया है? इसके लिए कौन अधिकारी दोषी है? दोषी अधिकारी के विरूद्ध निलंबन की कार्यवाही कब तक की जावेगी? यदि नहीं, तो क्‍यों नहीं?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) रीवा संभागान्तर्गत जिलों में चतुर्थ श्रेणी/सहायक ग्रेड-3 के अनुकंपा नियुक्ति के लंबित प्रकरणों की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परीशिष्ट अनुसार है। सहायक ग्रेड-3 के पदों पर भर्ती का अधिकार संभागीय संयुक्त संचालक, लोक शिक्षण को है तथा भृत्य पदों पर भर्ती का अधिकार जिला शिक्षा अधिकारियों को है। (ख) चतुर्थ श्रेणी/सहायक ग्रेड-3 के पदों पर पद की रिक्तता/अभिलेखीय पूर्ति एवं पद रिक्त होने पर वरीयता अनुसार नियुक्ति सक्षम अधिकारी द्वारा की जाती है। यह एक सतत् प्रक्रिया है। अतः समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ग) जी नहीं। अतः शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।

बैगा जनजातियों की राशि का अपव्‍यय

15. ( क्र. 565 ) श्रीमती प्रमिला सिंह : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या कार्यालय कलेक्‍टर आदिवासी विकास शहडोल के द्वारा वर्ष 2013-14, 2014-15 में विधान सभा जयसिंहनगर अंतर्गत बैगा जनजातियों के स्‍वरोजगार हेतु राशि स्‍वीकृत की गयी थी? (ख) यदि हाँ, तो अभी तक वितरण न करने के क्‍या कारण हैं? इसके लिए दोषी कौन है और दोषियों के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की जावेगी? (ग) बैगा विकास अभिकरण शहडोल के शासकीय धनराशि का आवास, स्‍वरोजगार, चिकित्‍सा के नाम पर दुरूपयोग तथा धनराशि का विधिवत उपयोग न करने के संबंध में कोई जाँच कराई जावेगी? यदि हाँ तो कब तक? (घ) विगत 03 वर्षों में जिला शहडोल में बैगा जनजाति के कल्‍याण के लिए व्‍यय किये गये राशि की मदवार जानकारी दें?

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) से (ग) जी नहीं। (घ) आवंटन के अभाव में कोई राशि व्‍यय नहीं की गई।

आदिवासी बस्‍ती विकास में स्‍वीकृत कार्य

16. ( क्र. 566 ) श्रीमती प्रमिला सिंह : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) आदिवासी बस्‍ती विकास मद में वित्‍तीय वर्ष 2014-15 एवं 2015-16 में जिला शहडोल को कितना आवंटन प्राप्‍त हुआ तथा कितनी राशि व्‍यय की गई व कितनी राशि समर्पित/लेप्‍स हुई? (ख) प्रश्‍नकर्ता द्वारा आदिवासी बस्तियों के लिए वित्‍तीय वर्ष 2014-15 तथा 2015-16 में कितने प्रस्‍ताव कलेक्‍टर (आदिवासी विकास) को प्रेषित किये गये? कितने स्‍वीकृत किये गयेविवरण देवें। (ग) प्रश्‍नकर्ता द्वारा प्रेषित प्रस्‍तावों को स्‍वीकृत न करने के क्‍या कारण हैं? क्‍या प्रेषित प्रस्‍ताव स्‍वीकृत किये जावेंगे? (घ) यदि हाँ तो कब तक? यदि नहीं, तो क्‍यों?

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) प्रश्नांश अन्‍तर्गत जानकारी निम्नानुसार है :-

वित्तीय वर्ष

प्राप्त आवंटन

व्यय राशि

समर्पित/लेप्स राशि

2014-15

137.07 लाख

112.09 लाख

24.98 लाख

2015-16

165.37 लाख

141.39 लाख

23.98 लाख

(ख) तथा (ग) माननीय प्रश्नकर्ता द्वारा वित्‍तीय वर्ष 2014-15 में प्रस्‍तुत 09 प्रस्‍तावों में से 07 कार्य स्‍वीकृत किये गये हैं, जबकि वर्ष 2015-16 में 120 प्रस्‍तावों में से दो कार्य स्‍वीकृत किये गये हैं। उल्‍लेखनीय है कि सीमित संसाधन अंतर्गत समस्त प्रस्तावों को स्वीकृत किया जाना संभव नहीं है। शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' एवं '' अनुसार है। (घ) प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।

छात्रावास भवनों का सुदृढ़ीकरण

17. ( क्र. 579 ) श्रीमती ममता मीना : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) गुना जिले को वित्‍तीय वर्ष 2016-17 में अनुसूचित जाति वर्ग के छात्रावास भवनों के सुदृढ़ीकरण हेतु कितना आवंटन दिया गया है? (ख) आवंटन के उपयोग हेतु क्‍या उपयंत्री द्वारा कार्य चिन्हित कर प्राक्‍कलन बनाये हैं? (ग) यदि नहीं, तो विभागीय उपयंत्री ने आज दिनांक तक अपने पदीय कर्तव्‍यों का पालन क्‍यों नहीं किया? इनके विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की गई? (घ) बिना प्राक्‍कलन/टी.एस. के क्‍या कार्यों का मूल्‍यांकन/सत्‍यापन कराया जाना संभव है? क्‍या कार्यों के सत्‍यापन की कोई रूपरेखा तय की गई है? क्‍या विभागाध्‍यक्ष स्‍तर से प्रदाय आवंटन के कार्यों का सत्‍यापन कराया जावेगा?

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) वित्तीय वर्ष 2016-17 में सुदृढ़ीकरण मद अन्तर्गत राशि रूपये 9.90 लाख का आवटंन प्राप्त हुआ है। (ख) जी नहीं। (ग) जाँच कर नियमानुसार कार्यवाही की जायेगी। (घ) जी नहीं। विभागीय उपयंत्री द्वारा कार्यों का सत्यापन किया जायेगा। आवश्यकता होने पर संचालनालय स्तर से कार्यों का सत्यापन कराया जा सकता है।

कृषकों के पंपों का ऊर्जीकरण

18. ( क्र. 580 ) श्रीमती ममता मीना : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शासन/विभाग द्वारा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के कृषकों के लिए पम्‍प ऊर्जीकरण हेतु क्‍या नीति है? (ख) गुना जिले में वर्ष 2015-16 में इस वर्ग के एक भी कृषक को लाभान्वित नहीं किया गया, क्‍या सत्र 2016-17 में भी यही होगा या शासन/विभाग ने कोई लक्ष्‍य निर्धारित कर कृषकों को लाभान्वित करने हेतु समय-सीमा तय की है? यदि हाँ, तो गुना जिले का लक्ष्‍य क्‍या है तथा उसे पूर्ण करने हेतु आदिम जाति कल्‍याण विभाग द्वारा आज दिनांक तक क्‍या कार्यवाही की है? (ग) गुना जिले के कृषकों के पम्‍प ऊर्जीकरण हेतु शासन योजना के लाभ से वंचित करने हेतु कौन उत्‍तरदायी है? (घ) कब तक उत्‍तरदायित्‍व निर्धारण किया जावेगा?

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) अनुसूचित जाति विकास विभाग द्वारा विशेष केन्‍दीय सहायता मद से गरीबी रेखा के नीचे के कृषकों के सफल कूप निर्माण पश्‍चात् कुंओं तक विद्युत लाईन का कार्य कराया जाता है, जनजाति अंतर्गत जारी निर्देश की प्रति संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) वर्ष 2015-16 में निविदा दरें स्‍वीकृत नहीं होने से कृषकों को लाभान्वित नहीं किया जा सका साथ ही दिनांक 07.11.2015 में शासन द्वारा लिये गये निर्णय अनुसार अस्‍थाई पंप कनेक्‍शनों को स्‍थाई कनेक्‍शनों में परिवर्तित करने हेतु राशि ऊर्जा विभाग को हस्‍तां‍तरित की जा रही है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) तथा (घ) दिनांक 07.11.2015 के पश्‍चात् से राशि ऊर्जा विभाग को हस्‍तांतरित की जा रही है। अत: कोई उत्‍तरदायी नहीं है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - ''चार''

जिला चिकित्‍सालय श्‍योपुर में सुविधाएं एवं पदपूर्ति

19. ( क्र. 609 ) श्री दुर्गालाल विजय : क्या लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला चिकित्‍सालय श्‍योपुर में डायलेसिस यूनिट का निर्माण कार्य पूर्ण होने तथा डायलेसिस व आर.ओ. प्‍लांट की उपलब्‍धता के बावजूद यूनिट को प्रारंभ करने में अ‍ब तक क्‍या कठिनाई है? इसे दूर कर कब तक यूनिट चालू की जावेगी? (ख) क्‍या चिकित्‍सालय में आई.सी.यू. से संबंधित सभी उपकरण शासन ने उपलब्‍ध करा दिये हैं केवल वेंटीलेटर खरीदने की कार्यवाही प्रचलन में है, के संबंध में क्‍या-क्‍या कार्यवाही पूर्ण/शेष रही है इसे कब तक पूर्ण करके आई.सी.यू. की सुविधा मरीजों को उपलब्‍ध कराई जावेगी? (ग) क्‍या यह सच है कि चिकित्‍सालय में वर्तमान में मेडीसिन व सर्जीकल विशेषज्ञ, स्‍त्री/शिशु रोग विशेषज्ञ सहित सभी बीमारियों के विशेषज्ञों के स्‍वीकृत 15 पद अप्रैल 2011 से रिक्‍त हैं इस कारण समस्‍त मरीजों विशेषकर गंभीर मरीजों को उपचार में कठिनाई हो रही है व उन्‍हें अन्‍यत्र रेफर कर दिया जाता है? (घ) यदि हाँ, तो क्‍या शासन विशेषज्ञ चिकित्‍सकों की कमी की पूर्ति हेतु 1896 विशेषज्ञों की भर्ती हेतु प्रचलित प्रक्रिया को अविलम्‍ब पूर्ण कराने हेतु एमपी पीएससी से पत्राचार करके रिक्‍त पदों को शीघ्र भरवाएगा, यदि नहीं, तो क्‍यों?

लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) जिला स्तर पर डायलिसिस योजना का समुचित प्रचार प्रसार नहीं करने एवं डायलिसिस के लिये मरीजों की पहचान नहीं करने के कारण डायलिसिस नहीं हो सके किन्तु डायलिसिस यूनिट चालू स्थिति में है। (ख) जी हाँ। सिविल सर्जन श्योपुर को नॉन-इनवेसिव वेन्टीलेटर क्रय करने हेतु पत्र क्रमांकअ.प्रशा./सेल-3/2016/276 दिनांक 16/02/2016 के द्वारा निर्देश दिये गये थे, क्रय आदेश जारी नहीं किये गये है, इसलिए वेन्टीलेटर उपलब्ध नहीं हो पाया है। निश्चित समयावधि बताना संभव नहीं। (ग) जी नहीं। विशेषज्ञ एवं चिकित्सकों की पदस्थापना संबंधी जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। सभी मरीजों को समुचित उपचार किया जा रहा है। आवश्यकता अनुसार गंभीर मरीजों को उच्च स्तरीय चिकित्सा संस्था में रेफर किया जाता है। (घ) प्रश्नांश (ग) के उत्तर के प्रकाश में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। विशेषज्ञ चिकित्सक उपलब्ध होने पर पदों को भरने की कार्यवाही की जायेगी।

परिशिष्ट - ''पाँच''

जिला शिक्षा केन्‍द्र द्वारा कराये गये निर्माण कार्य

20. ( क्र. 685 ) श्री विजय सिंह सोलंकी : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जनवरी 2016 में खरगोन जिले के जिला शिक्षा केन्‍द्र द्वारा करायें गये निर्माणों की सूची देवें, इनमें से कितने कार्य पूर्ण, अपूर्ण, अप्रारम्‍भ है, कार्य के नाम, स्‍थान, राशि सहित सूची देवें (ख) उक्‍त अप्रारम्‍भ कार्यों के कारण एवं स्‍वीकृति दिनांक सहित सूची देवें, अप्रारम्‍भ कार्यों के लिए विभाग की क्‍या योजना है? (ग) विभाग द्वारा कितने कार्य विलोपन हेतु वरिष्‍ठ कार्यालय को कब भेजे गये, पत्र की प्रति देवें? (घ) विभाग द्वारा कितने अधिकारी, कर्मचारी, सरपंच, शिक्षक, सचिव पर राशि गबन के मामले दर्ज कराये गये, कितने प्रचलन में है, कितने लंबित है, नाम, स्‍थान सहित सूची देवें?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जनवरी 2016 में खरगोन जिले के जिला शिक्षा केन्‍द्र द्वारा कोई भी निर्माण कार्य की स्‍वीकृति नहीं दी गई है। अत: शेषांश का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता। (ख) से (घ) उक्‍तानुसार प्रश्‍नांश '''' के संदर्भ में जानकारी निरंक है।

 

इलाज के अभाव में बच्‍चों की मृत्‍यु

21. ( क्र. 758 ) श्री नरेन्‍द्र सिंह कुशवाह : क्या लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भिण्‍ड जिले के अंतर्गत चिकित्‍सालय में 0 लेकर 1 वर्ष तक के बच्‍चों को कहाँ-कहाँ पर जनवरी 2016 से जून 2016 तक भर्ती किया गया? कितनों की मृत्‍यु हुई? मृत्‍यु का क्‍या कारण रहा? नाम सहित जानकारी दें? (ख) जिला चिकित्‍सालय भिण्‍ड में एस.एन.सी.यू (सिक न्‍यूबोर्न केयर यूनिट) जनवरी 2016 से जून 2016 तक कौन-कौन बच्‍चों को इलाज के लिए भर्ती किया गया? कौन की मृत्‍यु हुई? मृत्‍यु का क्‍या कारण रहा है क्‍या चिकित्‍सक की लापरवाही के कारण मृत्‍यु हुई यदि हाँ, तो क्‍या कार्यवाही की गई? (ग) प्रश्‍नांश के संदर्भ में एस.एन.सी.यू में जनवरी 2016 से जून 2016 तक कौन पदस्‍थ रहा उनके क्‍या कर्तव्‍य दायित्‍व है? किस स्‍तर के अधिकारी द्वारा कब निरीक्षण किया गया निरीक्षण प्रतिवेदन की छाया-प्रति सहित‍ जानकारी दें? (घ) जिला चिकित्‍सालय भिण्‍ड एस.एन.सी.यू में वेंटीलेटर की सुविधा उपलब्ध है यदि हाँ, तो बच्‍चों की मृत्‍यु दर में इजाफा क्‍यों हो रहा है? यदि वेंटीलेटर नहीं है तो क्‍यों?

लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) भिण्ड जिले के अंतर्गत चिकित्सालय में 0 से लेकर 1 वर्ष तक के बच्चों से संबंधित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है(ख) जिला चिकित्सालय भिण्ड में एस.एन.सी.यू. (सिक न्यूबोर्न केयर यूनिट) जनवरी 2016 से जून 2016 तक भर्ती बच्चों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। एस.एन.सी.यू. में बच्चों की मृत्यु की जानकारी व कारण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। एस.एन.सी.यू. में चिकित्सक की लापरवाही से कोई मृत्यु प्रमाणित नहीं हुई है। (ग) एस.एन.सी.यू. में जनवरी 2016 से जून 2016 तक पदस्थ चिकित्सकों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। भारत शासन द्वारा दिये गये फैसिलिटी बेस्ड नियोनेटल केयर के दिशा-निर्देशों के अनुरूप एस.एन.सी.यू. के चिकित्सकों के कार्यदायित्व हैं। एस.एन.सी.यू. का निरीक्षण कलेक्टर महोदय के निर्देशानुसार मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, सिविल सर्जन, शिशु रोग विशेषज्ञ व जिला कार्यक्रम प्रबंधक द्वारा दिनांक 13 जून 2016 को किया गया जिसका प्रतिवेदन पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। (घ) जिला चिकित्सालय भिण्ड एस.एन.सी.यू. में वेन्टीलेटर की सुविधा उपलब्ध नहीं है। भारत सरकार द्वारा प्रदत्त राशि से चरणबद्ध तरीके से प्रदेश के एस.एन.सी.यू. में वेन्टीलेटर की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है।

कन्‍या हाईस्‍कूल राहतगढ़ का उन्‍नयन

22. ( क्र. 775 ) श्रीमती पारूल साहू केशरी : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍य विभाग ने नगरीय क्षेत्र में हाईस्‍कूल एवं हायर सेकण्‍डरी स्‍कूल उन्‍नयन करने के लिये पृथक से कोई नियम नहीं बनाये हैं, केवल ग्रामीण क्षेत्रों के लिये मापदण्‍ड संबंधी नियम बनाये गये हैं? (ख) यदि हाँ, तो जब नगरीय क्षेत्र में उन्‍नयन के लिये कोई नियम ही नहीं है तब प्रश्‍नकर्ता को डी.पी.आई. कार्यालय के द्वारा कन्‍या शाला हेतु शासन द्वारा मापदण्‍ड न होने से कठिनाई है तथा दूरी के मान से पूर्ति नहीं करती किस आधार पर लिखा गया है? किन मापदण्‍डों के तहत प्रश्‍नकर्ता को भ्रमित कर तारांकित प्रश्‍न 1872 दिनांक 18.12.2015 को उत्‍तर दिया गया है? (ग) क्‍या यह सही है कि सागर जिले में 1 जुलाई 2013 से 31.12.2014 तक ग्रामीण क्षेत्र में कन्‍या मीडिल कर्रापुर का उन्‍नयन हाईस्‍कूल में (उ.मा.वि.कर्रापुर की दूरी एक फर्लांग ही है) एवं नगरीय क्षेत्र में कन्या मीडिल स्‍कूल चमेली चौक सागर का उन्‍नयन (पं.रवि.शु.क.उ.मा.वि. चमेली चौक 1 फर्लांग की दूरी पर है) हाईस्कूल में उन्‍नयन किन नियमों/निर्देशों के तहत किया गया है? नीति के प्रति उपलब्‍ध करायें? (घ) प्रश्‍नांश (ग) के परिप्रेक्ष्‍य में बतावें कि क्‍या शिक्षा विभाग द्वारा कन्‍या हाईस्‍कूल राहतगढ़ का हायर सेकण्‍डरी में उन्‍नयन इसी सत्र में किस दिनांक से किया जावेगा?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जी हाँ। (ख) निर्धारित मापदण्‍ड के आधार पर लिखा गया है। मापदण्‍ड संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार। यह है कि कन्‍या शाला की स्‍वीकृति हेतु कोई प्रावधान न होने तथा सहशिक्षा की निकटस्‍थ दूरी पर उपलब्‍धता के आधार पर उत्‍तर दिया गया था। (ग) जी हाँ। क्षेत्र की आवश्‍यकता को ध्‍यान में रखते हुये प्राथमिकतानुसार सक्षम स्‍वीकृति के आधार पर उन्‍नयन किया गया है संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार(घ) बजट प्रावधान एवं सक्षम स्‍वीकृति पर निर्भर करेगा। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं।

परिशिष्ट - ''छ:''

अध्‍यापक संवर्ग में कर्मचारियों को अनुकंपा नियुक्ति

23. ( क्र. 804 ) श्री रामनिवास रावत : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) श्‍योपुर जिले में शिक्षक एवं अध्‍यापक संवर्ग के कर्मचारियों की शासकीय सेवा में रहते हुए मृत्‍यु उपरांत परिजनों को अनुकम्‍पा नियुक्ति दिए जाने के कितने प्रकरण किस स्‍तर पर किस-किस कारण से लंबित है? प्रकरणवार जानकारी दें? (ख) क्‍या शिक्षक एवं अध्यापक संवर्ग के कर्मचारियों की शासकीय सेवा के दौरान मृत्‍यु उपरांत परिजनों को संविदा शिक्षक वर्ग 2 एवं 3 पद पर अनुकम्‍पा नियुक्ति के संबंध में डी.एड./बी.एड. की योग्‍यता के साथ-साथ शिक्षक पात्रता परीक्षा (टी.ई.टी.) की अनिवार्यता की गई है? जब‍कि प्रदेश में आज भी हजारों अध्‍यापक बिना डी.एड./बी.एड. की योग्‍यता के नौकरी कर रहे हैं? (ग) यदि हाँ, तो अनुकम्‍पा नियुक्ति हेतु टी.ई.टी. परीक्षा उत्‍तीर्ण की अनिवार्यता संबंधी आदेश के पश्‍चात् कब-कब टी.ई.टी. परीक्षा आयोजित की गई है? यदि नहीं, तो क्‍यों? क्‍या टी.ई.टी योग्‍यता की अनिवार्य शर्त के कारण अनुकम्‍पा नियुक्ति नहीं मिल पा रही है? क्‍या शासन उक्‍त शर्त को शिथिल करेगा जिससे लंबित प्रकरणों में पात्र आवेदकों को अनुकम्‍पा नियुक्ति मिल सके? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्‍यों? (घ) क्‍या शासन प्रश्‍नांश (क) अनुसार लंबित प्रकरणों में आवेदकों की योग्‍यता अनुसार शिक्षकों की भांति अध्‍यापक संवर्ग के कर्मचारियों की मृत्‍यु उपरांत शिक्षा विभाग के अतिरिक्‍त अन्‍य विभागों में सहायक ग्रेड-3, भृत्‍य आदि पदों पर अनुकंपा नियुक्ति प्रदान कर प्रकरणों का निराकरण करने के निर्देश प्रदान करेगा? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्‍यों?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) श्योपुर जिले में अनुकंपा नियुक्ति के शिक्षक संवर्ग के 05 प्रकरण प्राप्त हुये थे, जिसमें से 01 को अनुकंपा नियुक्ति प्रदान की गई है। 01 प्रकरण पात्रता न होने के कारण निरस्त किया गया है तथा 03 प्रकरणों में स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा अन्य विभागों में अनुकंपा नियुक्ति दिए जाने हेतु अनापत्ति जारी की जा चुकी है। अध्यापक संवर्ग के प्राप्त 05 प्रकरण निर्धारित अर्हता पूर्ण न करने के कारण निरस्त किए गये है। अतः जिले में कोई अनुकंपा नियुक्ति का प्रकरण लंबित नहीं है। (ख) जी हाँ। (ग) अधिनियम 2009 के प्रभावशील होने के उपरांत वर्ष 2011-12 में पात्रता परीक्षा (टी.ई.टी.) आयोजित की गई। नवीन पात्रता परीक्षा आयोजित करने की प्रक्रिया प्रचलन में है। भारत सरकार का निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 प्रभावशील है, जिसका अनुपालन संवैधानिक बाध्यता है। उक्त प्रावधान के कारण शर्तों को शिथिलता करना राज्य शासन के अधिकार में नहीं है। परन्तु शर्तों को शिथिलता प्रदान करने हेतु शासन, स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा पत्र क्रमांक /PS/RTE/2013/191/CPI/2013, Bhopal, dated 27 Jan 2015 के द्वारा मानव संसाधन मंत्रालय, शालेय शिक्षा एवं साक्षरता विभाग भारत सरकार को लिखा गया है। जानकारी संलग्‍न परीशिष्ट अनुसार है। (घ) जी नहीं। अध्यापक संवर्ग के सेवक स्थानीय निकाय के कर्मचारी है। इन्‍हें अन्य शासकीय विभागों में अनुकंपा नियुक्ति दिये जाने का प्रावधान नहीं है। अतः शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - ''सात''

आदिम जाति कल्‍याण विभाग श्‍योपुर में नियम विरूद्ध कार्य स्‍वीकृत

24. ( क्र. 805 ) श्री रामनिवास रावत : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता के परि.अता.प्रश्‍न संख्‍या-137 (क्र. 2590) दिनांक 18/12/2015 के प्रश्‍नांश (क) के उत्‍तर में अनुसूचित जाति बस्‍ती विकास के अंतर्गत वर्ष 2014-15 में प्राप्‍त राशि में से आहरित राशि रू. 16.57 लाख व 2015-16 में प्राप्त राशि रू. 31.35 लाख की प्रशासकीय स्‍वीकृति प्रक्रियाधीन होना बताया है? तो कार्य स्‍वीकृत करने की प्रक्रिया की प्रोसिडिंग की प्रति व जारी की गई प्रशासकीय स्‍वीकृति की प्रति उपलब्‍ध करावें? (ख) उक्‍त प्रश्‍न के प्रश्‍नांश (ख) के उत्‍तर में वर्ष 2015-16 की राशि में समर्पित राशि के पश्‍चात् शेष राशि में व अन्‍य-अन्‍य मदों में से विद्युतीकरण योजनान्‍तर्गत व अन्‍य मदों से प्राप्‍त राशि में से क्‍या-क्‍या कार्य किन नियमों व निर्देशों द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के तहत कराये गए? प्रक्रिया व नियम निर्देशों की प्रति, मीटिंग की प्रोसिडिंग की प्रति, मीटिंग की सूचना पत्रों की प्रति उपलब्‍ध करावें? साथ ही यह भी बतावें की क्‍या समितियों को कार्य एजेंसी बनाया जा सकता है? यदि हाँ, तो कार्यों के मूल्‍यांकन की प्रति व स्थिति बतावें? (ग) क्‍या उक्‍त प्रश्‍नांशों के अंतर्गत वर्ष 2014-15, 2015-16 में प्राप्‍त राशि में से नियम विपरीत राशि व्‍यय कर प्रथम दृष्‍टया वित्‍तीय अनियमितताएं की गई है? यदि हाँ, तो इसके लिए कौन-कौन दोषी है? यदि नहीं, तो कार्य स्‍वीकृत करने की प्रक्रिया के नियमों की प्रति व एजेंसी की प्रति उपलब्‍ध करावें?

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) जी हाँ। वर्ष 2014-15 की आहरित राशि के विरूद्ध कोई कार्य स्‍वीकृत नहीं हुआ। वर्ष 2015-16 में से प्राप्‍त राशि रू. 31.35 लाख में से 13.38 लाख समर्पित हुई। शेष राशि 17.97 लाख में से छात्रावास में अतिरिक्‍त कक्ष निर्माण, ग्राम पंचायत हलगांववडा खुर्द में सामुदायिक भवन तथा छात्रावासों में लघु मूल निर्माण कार्य स्‍वीकृत किये गये। प्रशासकीय स्‍वीकृति के आदेशों की प्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 तथा प्रोसीडिंग की प्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ख) उत्‍तरांश में उल्‍लेखित राशि के अतिरिक्‍त अनुसूचित जाति बस्‍ती विकास योजना में वर्ष 2015-16 में समर्पित राशि के पश्‍चात् चतुर्थ त्रैमास में 17.20 लाख प्राप्‍त आवंटन के विरूद्ध 9.00 लाख से पेयजल व्‍यवस्‍था हेतु ट्यूबवेल खनन कराये गये। शेष राशि समर्पित की गयी। विद्युतिकरण योजना में प्राप्‍त राशि रू.10.00 लाख समर्पित की गयी। बस्‍ती विकास योजना के नियमों की प्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है। बस्‍ती विकास योजना में मीटिंग बुलाने का प्रावधान नहीं है। सामुदायिक भवन निर्माण अतिरिक्‍त कक्ष के कार्य ग्रामीण यांत्रिकीय सेवा को, छात्रावासों में लघु मूल निर्माण कार्य कराने हेतु अधीक्षकों को तथा पेयजल व्‍यवस्‍था के कार्य ग्राम पंचायत को दिये गये हैं। समितियों को कार्य एजेन्‍सी नहीं बनाया गया है। (ग) जी नहीं। कोई दोषी नहीं है। बस्‍ती विकास योजना के नियम उत्‍तरांश अनुसार है।

जबलपुर जिले अंतर्गत संचालित नर्सिंग होम एवं रिसर्च सेंटर

25. ( क्र. 825 ) श्री नीलेश अवस्‍थी : क्या लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जबलपुर जिला अंतर्गत कुल कितने नर्सिंग होम कितने रिसर्च सेंटर तथा कितने पैरामेडिकल इंस्‍टीट्यूट एवं सेंटर संचालित हैं? संस्‍था का नाम, पता एवं संचालक के नाम सहित सूची देवें एवं यह भी बतलावें कि इनमें से कौन-कौन से रिसर्च सेंटरों को कहाँ-कहाँ पर शासन द्वारा कितनी-कितनी जमीन किन शर्तों पर लीज पर दी गई है? (ख) रिसर्च सेंटर संचालन के नाम पर शासन से टैक्‍स में किस-किस को कितनी-कितनी छूट प्रदान की गई? रिसर्च सेंटरवार राशि सहित सूची देवें? (ग) प्रश्‍नांश (क) रिसर्च सेंटरों द्वारा वित्‍त वर्ष 2013-14 से प्रश्‍न दिनांक तक किन-किन विषयों पर क्‍या-क्‍या रिसर्च की गई एवं की गई रिसर्च का परीक्षण-निरीक्षण एवं सत्‍यापन शासन स्‍तर पर कब-कब किसके द्वारा किया गया? (घ) ऐसे रिसर्च सेंटर जिनने टैक्‍स में तो छूट ले ली परन्‍तु कोई रिसर्च कार्य नहीं किया? उनकी सूची देवें एवं ऐसे रिसर्च सेंटरों पर शासन द्वारा कब क्‍या कार्यवाही की गई? यदि नहीं, की गई तो कब तक क्‍या कार्यवाही की जावेगी?

लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) जबलपुर जिले के अन्तर्गत कुल 81 नर्सिंग होम तथा 10 हॉस्पिटल एवं रिसर्च सेंटर (कुल 91) एवं 20 पैरामेडिकल इस्टीट्यूट संचालित है। सूची संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। रिसर्च सेन्टर के रूप में कोई संस्था संचालित नहीं है। किसी रिसर्च सेन्टर को शासन द्वारा लीज पर जमीन उपलब्ध नहीं कराई गई है। (ख) रिसर्च सेन्टर संचालन के नाम पर किसी भी रिसर्च सेन्टर को कोई छूट प्रदान नहीं की गई है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) वर्ष 2013-14 से आज दिनांक तक रिसर्च सेन्टर द्वारा जानकारी निरंक है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) प्रश्नांश (ख) के उत्तर के प्रकाश में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''आठ''

विभागीय योजनाओं का संचालन

26. ( क्र. 873 ) श्री रामपाल सिंह : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या शहडोल जिले में अनुसूचित जनजाति वर्ग के उत्‍थान के लिये आदिम जाति कल्‍याण विभाग द्वारा योजना संचालित की जाती है? (ख) यदि प्रश्‍नांश (क) हाँ, तो उक्‍त वर्ग के लिये कौन-कौन सी योजनाएं संचालित की जा रही है तथा प्रत्‍येक योजनाओं के लिये 2014-15 एवं 15-16 में कितनी राशि मुहैया करायी गई है और कितनी राशि खर्च की गयी है? (ग) क्‍या उक्‍त विभाग द्वारा उक्‍त जिले में विभिन्‍न आवासीय छात्रावास सह विद्यालय तथा विद्यालयों का संचालन कराया जा रहा है? यदि हाँ, तो उक्‍त संस्‍थाओं के संचालन हेतु 2014-15 एवं 15-16 में कितनी राशि मुहैया करायी गई है और कितनी राशि खर्च की गयी है तथा राशि के व्‍यय का सत्‍यापन किस आधार पर कराया जाता है?

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) प्रश्‍नांश अन्‍तर्गत प्राप्‍त आवंटन एवं व्‍यय का विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र एवं कार्य का विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। (ग) उपलब्‍ध कराई गई राशि की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। इसका विभागीय और महालेखाकार ग्वालियर के द्वारा निरन्तर ऑडिट किया जाता है।

विद्यालय में खेल शिक्षक एवं योग विषय

27. ( क्र. 912 ) श्री शैलेन्द्र जैन : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्तमान में म.प्र. के विद्यालयों में क्रीड़ा (खेल) शिक्षक की पदस्‍थापना किस स्‍तर के स्‍कूलों में स्‍वीकृत है? इसमें कितने पद स्‍वीकृत हैं, उनमें कितने भरे एवं कितने रिक्‍त हैं? (ख) क्‍या प्रा‍थमिक एवं माध्‍यमिक शालाओं में खेल शिक्षक रखे जाने की कोई योजना है? यदि नहीं, तो क्‍या शासन इस पर विचार करेगा? (ग) क्‍या शालेय समय विभाग चक्र में शैक्षणिक गतिविधियों के साथ योग को शामिल किया गया है? यदि हाँ, तो योग के लिए कितना समय निर्धारित है और इसे समय विभाग चक्र में कौन से समय पर शामिल किया जा रहा है?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) वर्तमान में म.प्र. के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में क्रीड़ा (खेल) शिक्षक का पद स्वीकृत है। इनमें भरे एवं रिक्त पदों की जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है(ख) वर्तमान में प्राथमिक एवं माध्यमिक शालाओं में खेल शिक्षक रखे जाने का कोई प्रावधान अथवा योजना नहीं है। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी हाँ। शासकीय विद्यालयों में कक्षा 5वीं से 8वीं हेतु 10:30 - 11:30 का समय प्रार्थना के साथ दिया गया है तथा 9वीं से 12वीं तक प्रत्येक गुरूवार, शुक्रवार एवं शनिवार को एक कालखण्ड योग एवं खेल हेतु निर्धारित है।

परिशिष्ट - ''नौ''

टोंकखुर्द स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र में रिक्‍त पदों की पूर्ति

28. ( क्र. 918 ) श्री राजेन्द्र फूलचं‍द वर्मा : क्या लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र टोंकखुर्द में कौन-कौन से पद स्‍वीकृत हैं व कौन-कौन से पद रिक्‍त हैं तथा कितने पदों पर कौन-कौन पदस्‍थ हैं? (ख) विभाग द्वारा रिक्‍त पदों की पूर्ति हेतु क्‍या कदम उठाए जा रहे हैं? क्‍या पदों की पूर्ति नहीं होने से स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र पर कोई प्रभाव पड़ रहा है? यदि हाँ, तो क्‍या? (ग) विभाग द्वारा रिक्‍त पदों की कब तक पूर्ति की जाएगी?

लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) प्रदेश में विशेषज्ञों की अत्यधिक कमी हैं, विशेषज्ञ के स्वीकृत 3266 पदों के विरूद्ध मात्र 1245 विशेषज्ञ उपलब्ध हैं। विशेषज्ञों के पद पदोन्नति के माध्यम से भरे जाने का प्रावधान है, पदोन्नति की कार्यवाही निरन्तर जारी है। जी नहीं, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र टोंकखुर्द में चिकित्सा अधिकारी के 02 पदों के विरूद्ध 08 चिकित्सा अधिकारी कार्यरत है। वर्ष 2015-16 में व्यापम के माध्यम से पैरामेडिकल संवर्ग के 900 पदों पर भर्ती प्रक्रिया आयोजित कर प्रदेश के विभिन्न जिलों में पदस्थापना की गई है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) प्रश्‍नांश (ख) के अनुक्रम में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''दस''

कन्‍या हायर सेकण्‍डरी भवन का निर्माण

29. ( क्र. 919 ) श्री राजेन्द्र फूलचं‍द वर्मा : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या शासकीय कन्‍या उच्‍चतर माध्‍यमिक विद्यालय सोनकच्‍छ का भवन स्‍वीकृत है? यदि हाँ, तो स्‍वीकृति पत्र संलग्‍न करें। (ख) शासकीय कन्‍या उच्‍चतर माध्‍यमिक विद्यालय सोनकच्‍छ का भवन निर्माण कहाँ पर कराया जा रहा है तथा निर्माण कार्य किस दिनांक से शुरू हुआ है? क्‍या आज दिनांक तक निर्माण कार्य पूर्ण हो गया है? यदि नहीं, तो क्‍यों? (ग) भवन निर्माण का कार्य आज दिनांक तक अपूर्ण होने के क्‍या कारण है?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जी हाँ। जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) शास.कन्या हायर सेकण्‍डरी स्कूल सोनकच्छ जिला देवास का भवन निर्माण बायपास रोड रिलायंस पेट्रोल पंप के सामने कराया जा रहा है। उक्त निर्माण कार्य मई 2010 से प्रारंभ हुआ है। जी नहीं। लागत वृद्धि होने के कारण निर्माण एजेन्सी द्वारा एजेन्सी को सौंपे गये निर्माण कार्य में से अपूर्ण निर्माण कार्य पूर्ण कराने हेतु राशि की मांग की जा रही है। (ग) उत्‍तरांश '''' अनुसार।

परिशिष्ट - ''ग्यारह''

ट्रामा सेंटर में एक्स्पर्ट डॉक्टर और मूलभूत सुविधाओं का अभाव

30. ( क्र. 941 ) श्री संजय शाह मकड़ाई : क्या लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला हरदा में ट्रामा सेंटर में मूलभूत सुविधाओं एवं एक्सपर्ट डॉक्टर, एक्सपर्ट स्टॉफ की कमी के कारण संचालित नहीं हो पा रहा हैं? इन सब आवश्यक सुविधाओं की पूर्ति कब तक कर दी जाएगी? (ख) जिले के सभी हॉस्पिटल में डॉक्टर और स्टॉफ की पूर्ति कब तक हो जाएगी?

लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) जी हाँ, वर्तमान में ट्रामा सेन्टर भवन निर्माण तथा इसके जिला चिकित्सालय से कनेक्टिविटी का कार्य प्रचलन में है जो संभवतः 03 माह में पूर्ण कर लिया जावेगा तथा ट्रामा सेन्टर के संचालन हेतु एक्सपर्ट स्टॉफ उपलब्ध कराये जाने की दृष्टि से 02 चिकित्सा अधिकारियों एवं 04 नर्सिंग स्टॉफ को ट्रामा केयर प्रशिक्षण ए.टी.सी.एन/एन.टी.एल.एस., एम्स नई दिल्ली में कराया जा चुका है एवं आवश्यक उपकरणों के क्रय आदेश जारी किए जा चुके हैं। पी.डब्लू.डी. द्वारा निर्माण कार्य पूर्ण होने के उपरांत भवन स्थानांतरण पश्चात् ट्रामा सेन्टर की सुविधा सुचारू रूप से प्रदान कर दी जावेगी। (ख) प्रदेश में विशेषज्ञों की अत्यधिक कमी है। चिकित्सा अधिकारियों के रिक्त पद की पूर्ति हेतु मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग के माध्यम से 1896 चिकित्सकों की भर्ती प्रक्रिया प्रचलन में है। पैरामेडिकल/नर्सिंग संवर्ग के कर्मचारियों की भर्ती प्रक्रिया निरंतर जारी है, संभाग/जिला स्तर पर शेष तृतीय/चतुर्थ श्रेणी संवर्ग के कर्मचारियों की पदपूर्ति पदोन्नति/भर्ती के माध्यम से जारी है। पदपूर्ति हेतु निश्चित समयावधि बताई जाना संभव नहीं है।

1974 दि. 15.10.2007 आदेश क्षेत्राधिकार से बाहर

31. ( क्र. 1011 ) श्री नरेन्‍द्र सिंह कुशवाह : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) न्‍यायालय कलेक्‍टर जिला भिण्‍ड के पारित आदेश दिनांक 28.10.2015 सुधीर त्रिपाठी प्रकरण में आदेश सिद्धान्‍तों के प्रतिकूल दिया गया? माननीय उच्‍च न्‍यायालय खण्‍डपीठ ग्‍वालियर की याचिका क्र. 6071/2010 के विपरीत क्षेत्राधिकार के बाहर आदेश जारी किया गया? यदि हाँ तो क्‍या कारण है? छायाप्रति सहित जानकारी दें? (ख) श्री सुधीर संविदा शाला शिक्षक वर्ग 2 द्वारा स्‍वेच्‍छा से 6.7.2009 को त्‍याग पत्र दिया गया यदि हाँ तो पुन: पदस्‍थ करने के लिए क्‍या प्रावधान है? किस स्‍तर पर सुनवाई का अधिकार है? छायाप्रति सहित जानकारी दें? (ग) माननीय उच्‍च न्‍यायालय खण्‍डपीठ ग्‍वालियर द्वारा याचिका क्र. 6070/2010 वापस करने के उपरांत किस क्षेत्राधिकार के अंतर्गत किस स्‍तर पर कार्यवाही का प्रावधान है? छायाप्रति सहित जानकारी दें? (घ) प्रश्‍नांश '''' में लापरवाही के कारण आदेश क्र. 1974 दिनांक 15.10.2007 में सुधीर की सेवा समाप्‍त की गई? नियुक्ति दिनांक से सेवा समाप्‍त तक चरित्रावलियां उत्‍कृष्‍ठ न होने के उपरांत न्‍यायालय कलेक्‍टर जिला भिण्‍ड द्वारा यथा स्थिति का आदेश 28.10.2015 किन कारणों से जारी किया गया? निष्‍पक्ष जाँच कब तक होगी? क्‍या कार्यवाही की जावेगी?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जी नहीं। न्यायालयीन निर्णय के प्रकाश में अध्यापक संवर्ग के अपीलीय प्राधिकारी जिला-कलेक्टर द्वारा आदेश जारी किया गया है। अतः शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''एक'' अनुसार। (ख) जी हाँ। तत्कालीन मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत अटेर, जिला-भिण्ड़ के द्वारा संबंधित के त्याग-पत्र दिनांक 06.07.09 पर कोई कार्यवाही नहीं की गई थी। आदेश दिनांक 07.08.15 के द्वारा संबंधित का त्याग-पत्र स्वीकृत कर संविदा शाला शिक्षक श्रेणी-2 से अनुबन्ध समाप्त किया गया है। प्रकरण में सुनवाई के अधिकार जिला-कलेक्टर भिण्ड़ को है। मध्यप्रदेश पंचायत (अपील तथा पुनरीक्षण) नियम, 1995 के नियम-3 (क) की प्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''दो'' अनुसार। (ग) माननीय उच्च न्यायालय खण्डपीठ ग्वालियर में दायर डब्ल्यू.पी. क्र. 6070/2010 में पारित निर्णय दिनांक 13.01.15 के अनुसार वादी द्वारा प्रस्तुत अभ्यावेदन पर अपीलीय अधिकारी कलेक्टर, जिला-भिण्ड़ के द्वारा श्री सुधीर त्रिपाठी को संविदा शाला शिक्षक श्रेणी-2 के पद पर संबंधित संस्था में उनकी उपस्थिति दिनांक से अपने कर्तव्य पर उपस्थिति के आदेश जारी किये है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''एक'' अनुसार। (घ) तत्कालीन मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत अटेर जिला-भिण्ड़ के आदेश दिनांक 15.10.07 के द्वारा श्री सुधीर त्रिपाठी द्वारा शासकीय कार्य में लापरवाही बरतने के कारण सेवा समाप्त की गई थी। प्रश्नांश '''' उत्तर के अनुसार। अतः शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

मॉडल स्‍कूल में शिक्षकों की व्‍यवस्‍था

32. ( क्र. 1042 ) कुँवर हजारीलाल दांगी : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) राजगढ़ जिले के विकासखण्‍ड खिलचीपुर एवं जीरापुर में नवीन संचालित मॉडल स्‍कूलों में कौन-कौन से पद स्‍वीकृत हैं तथा स्‍वीकृत पदों के विरूद्ध कौन-कौन से पद किन कारणों से रिक्‍त है? (ख) क्‍या उक्‍त मॉडल स्‍कूलों में शैक्षणिक सत्र प्रारंभ कर दिया गया है? लेकिन स्‍कूलों में महज एक-दो शिक्षक ही पदस्‍थ हैं? जिससे शैक्षिणक सत्र के प्रारंभ में ही विषयवार शिक्षकों के पद रिक्‍त होने से शिक्षण व्‍यवस्‍था प्रभावित हो रही है? यदि हाँ, तो इस संबंध में प्रश्‍न दिनांक तक विभाग द्वारा क्‍या कार्यवाही की गई? (ग) उपरोक्‍तानुसार क्‍या शासन उक्‍त मॉडल स्‍कूलों में विषयवार स्‍वीकृत शिक्षकों के पदों की पूर्ति करेगा? यदि हाँ, तो कब तक?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : क) पदस्‍वीकृति की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। शिक्षकों की व्‍यवस्‍था हेतु शासन के आदेश क्रमांक/1449/ 1846/ 2015/20-1 दिनांक 22.08.2015 के अनुक्रम में जिले में कार्यवाही प्रचलित है। (ख) जी हाँ। रिक्‍त पदों पर अतिथि शिक्षकों से अध्‍यापन सुनिश्चित कराने की व्‍यवस्‍था है। उत्‍तरांश '''' अनुसार। (ग) रिक्‍त पदों की पूर्ति एक सतत् प्रक्रिया है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

प्राइवेट क्लीनिक संचालकों पर कार्यवाही

33. ( क्र. 1176 ) श्री कालुसिंह ठाकुर : क्या लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बिना डिग्रीधारी बंगाली आदि प्राइवेट क्लीनिक संचालकों के विरूद्ध प्रतिबंधात्‍मक कार्यवाही बाबत् शासन निर्देशों के अनुपालन में विगत पाँच वर्षों में धरमपुरी विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत विभाग द्वारा कितने बिना डिग्रीधारी बंगाली आदि प्राइवेट क्लीनिक संचालकों के विरूद्ध छापामार कार्यवाही की गई है तथा प्राइवेट क्‍लीनिक संचालकों के विरूद्ध क्‍या-क्‍या प्रतिबंधात्‍मक कार्यवाही की गई है? (ख) कितने व्‍यक्तियों के विरूद्ध पुलिस थाने में प्रकरण दर्ज करवाये गये वर्षवार जानकारी उपलब्‍ध करावें?

लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है।

फिजियोथैरपी के शिक्षकों का नियमितीकरण

34. ( क्र. 1256 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या राज्‍यमंत्री, चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या चिकित्‍सा शिक्षा विभाग के अ‍धीन स्‍वशासी चिकित्‍सा महाविद्यालय जबलपुर एवं इंदौर में चिकित्‍सा, दंत चिकित्‍सा, नर्सिंग, आयुर्वेद, होम्योपैथिक एवं यूनानी महाविद्यालयों में वर्ष 2007 के पूर्व संविदा पर शिक्षक नियुक्‍त थे? (ख) क्‍या मध्‍यप्रदेश शासन के आदेश क्र. एफ. 02-80/05/01/पचपन भोपाल दिनांक 08 मार्च, 2007 के द्वारा इन संविदा शिक्षकों को नियमित किया गया? (ग) क्‍या फिजियोथेरपी पाठ्यक्रम में पदस्‍थ संविदा शिक्षकों को नियमित नहीं किया गया है तो क्‍यों? (घ) क्‍या फिजियोथैरेपी पाठ्यक्रम के शिक्षक चिकित्‍सा शिक्षा विभाग के अधीन है? यदि हाँ, तो इन्‍हें नियमितीकरण से क्‍यों वंचित रखा गया?

राज्‍यमंत्री,चिकित्सा शिक्षा ( श्री शरद जैन ) : (क) एवं (ख)  जी हाँ।  (ग) जी हाँ। चिकित्सा शिक्षा विभाग के ज्ञाप दिनांक 26 जुलाई, 1997 के अनुसार चिकित्सा महाविद्यालय, इन्दौर तथा चिकित्सा महाविद्यालय, जबलपुर में फिजियोथैरेपी पाठ्यक्रम पूर्णतः स्ववित्त योजनांतर्गत संचालित करने के निर्देश है। ज्ञाप की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-एक अनुसार है। चिकित्सा शिक्षा विभाग के आदेश दिनांक 25 अक्टूबर, 2001 द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार फिजियोथैरेपी विभाग में शिक्षकों की नियुक्ति स्वशासी संस्था द्वारा अपने ही साधनों से स्वयं के स्तर पर की जाती है। आदेश की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-दो अनुसार है। स्वशासी चिकित्सा महाविद्यालय, जबलपुर की स्वशासी कार्यकारिणी के अनुमोदन पश्चात् कार्य की आवश्यकता को दृष्टिगत रखते हुये स्थानीय व्यवस्था के तहत उक्त पदों पर संविदा नियुक्ति कर 11 माह एवं वर्तमान में 03 माह के लिये कार्य लिया जा रहा है। स्ववित्तीय फिजियोथैरेपी पाठ्यक्रम के शिक्षकों को स्वशासी चिकित्सकों के समान नियमितीकरण किया जाना संभव नहीं है। अतः स्ववित्तीय पैरामेडिकल संचालित कोर्स पर पदस्थ चिकित्सकों को स्वशासी चिकित्सकों के समान नियमितीकरण नहीं किया जा सकता। (घ) स्ववित्त पोषित संस्था के अधीन शिक्षकों के पद राज्य शासन द्वारा स्वीकृत नहीं है। अतः नियमितीकरण का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

एलोपैथी के डॉक्‍टर द्वारा अन्‍य विधाओं की दवाएं प्रिसक्राईब करना

35. ( क्र. 1257 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में एलोपैथी, आयुर्वेदिक, होम्योपैथिक एवं यूनानी विधाओं के कितने-कितने चिकित्‍सक पदस्‍थ हैं? क्‍या एलोपैथी पाठ्यक्रम में आयुष का वैज्ञानिक व वैधानिक समावेश है? (ख) क्‍या प्रदेश में एलोपैथी के डॉक्‍टर मरीजों को आयुष विधा के विशेषज्ञ डॉक्‍टरों के पास रेफर न करते हुये स्‍वयं आयुष विधा की दवाइयां प्रिसक्राईब करते है? (ग) क्‍या एलोपैथी के डॉक्‍टर यदि आयुष विधा की दवाइयां प्रिसक्राईव करते हैं तो उन्‍हें ब्रिज कोर्स करना अनिवार्य है? यदि हाँ, तो कितने एलोपैथी के डॉक्‍टरों ने ब्रिज कोर्स किया है? (घ) शासन द्वारा नियमों के विपरीत प्रिसक्रिपशन लिखने पर रोक लगाने के क्‍या प्रयास किये जा रहे है तथा क्‍या कार्यवाही की गई? यदि नहीं, तो क्‍यों?

लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) लोक स्वास्थ्य एवं परिवा कल्याण विभाग अंतर्गत 4130 विशेषज्ञ/ चिकित्सक (एलोपैथी) कार्यरत हैं। आयुष विभाग (1) -आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी-1072 (2) होम्योपैथी चिकित्सा अधिकारी-210 (3) यूनानी चिकित्सा अधिकारी-44 आयुष विभाग (एन.आर.एच.एम.) (1) आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी-199 (2) होम्योपैथी चिकित्सा अधिकारी-208 (3) यूनानी चिकित्सा अधिकारी-35 (ख) एलोपैथी चिकित्सक द्वारा आयुष विधा में दवाई प्रिसक्राइब करने संबंधी शिकायत प्राप्त होना नहीं पाई गई। (ग) एलोपैथिक चिकित्सकों द्वारा आयुष विधा की दवाइयां प्रिसक्राइब हेतु कोई अनुमति प्रदान नहीं की गई है एवं इस हेतु ब्रिज कोर्स संबंधी कोई प्रक्रिया प्रचलन में नहीं है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) आयुर्वेद बोर्ड अधिनियम के अधीन रजिस्ट्रीकृत न किये गये व्यक्तियों द्वारा चिकित्सा व्यवसाय आदि किये जाने का बोर्ड अधिनियम की धारा 34 में प्रतिषेध है एवं धारा 35 में दण्ड का प्रावधान निहित है। इस संदर्भ में आज दिनांक तक बोर्ड को कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। होम्योपैथी परिषद् अधिनियम के अधीन पंजीकृत न किए गए व्यक्तियों द्वारा होम्योपैथी चिकित्सा व्यवसाय आदि किए जाने का परिषद् अधिनियम, 1976 की धारा-28 (1) में प्रतिषेध है एवं धारा 50 में दण्ड का प्रावधान है। इस सन्दर्भ में आज दिनांक तक कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

छठवें वेतनमान के विसंगति रहित आदेश प्रसारण

36. ( क्र. 1276 ) श्रीमती उमादेवी लालचंद खटीक : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अध्‍यापक संवर्ग को छठवें वेतनमान का लाभ प्रदाय करने हेतु मंत्री मंडल की बैठक में निर्णय लिया गया था? यदि हाँ, तो किस दिनांक में। (ख) क्‍या अध्‍यापक संवर्ग को माह जनवरी, 2016 में केबिनेट के निर्णय उपरांत भी 7 माह बीत जाने के बाद विसंगति रहित आदेश आज दिनांक तक प्रसारित नहीं किया गया है, क्‍यों? (ग) सरकार कब तक अध्‍यापक संवर्ग के विसंगति रहित आदेश प्रसारित करेगी?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) अध्यापक संवर्ग को दिनांक 01.01.2016 से छठवां वेतनमान दिये जाने का निर्णय मंत्रि परिषद् की बैठक दिनांक 05.01.2016 में लिया गया। (ख) जी नहीं, मंत्रि-परिषद् निर्णय के उपरांत दिनांक 31.05.2016 को विसंगति रहित वेतन निर्धारण के आदेश जारी किये गये, जारी आदेश पर अध्यापक संगठनों द्वारा आपत्ति लिये जाने के कारण इस आदेश को दिनांक 07.06.2016 के द्वारा आगामी आदेश तक स्थगित किया गया है। अतः शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) शीघ्रताशीघ्र। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं।

चिन्हित ग्रामों का प्रतिबंध हटाया जाना

37. ( क्र. 1279 ) श्रीमती उमादेवी लालचंद खटीक : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या जिला दमोह में आदिम जाति कल्‍याण विभाग म.प्र. द्वारा अ.ज.विकास मद से कार्य कराने हेतु ग्राम चिन्हित किए गए हैं? यदि हाँ, तो सूची उपलब्‍ध करायें। (ख) क्‍या ग्राम चिन्हित होने के कारण बार-बार उन्‍हीं ग्रामों में कार्य कराये जा रहे है? प्रति तिमाही अ.जा. कल्‍याण द्वारा 35-40 लाख की राशि प्रदाय की जाती है एवं बार-बार उन्‍हीं चिन्हित ग्रामों में कार्य कराये जाते हैं, जिससे परेशानी हो रही है? (ग) प्रतिबंध हटाए जाने के निर्देश कब तक जारी कर दिये जावेंगे, जिससे किसी भी पंचायत के अनु.जाति मुहल्‍ले में उक्‍त राशि से विकास कराया जा सके?

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) जी हाँ। जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी नहीं। योजना के मापदण्‍डों के अनुरूप पात्र ग्रामों में ही कराये जा रहे हैं। (ग) किसी प्रकार का प्रतिबंध नहीं लगाया गया है। शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''बारह''

 

स्‍कूल शिक्षा विभाग द्वारा स्‍थानान्‍तरण

38. ( क्र. 1294 ) डॉ. मोहन यादव : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) स्‍कूल शिक्षा विभाग लोग शिक्षण संचालनालय म.प्र. के पत्र क्रमांक/स्‍थापना 4/बी/2016/1039 दिनांक 14.06.2016 व स्‍थापना 4/बी/2014/2291 दिनांक 09.12.2014 एवं पत्र क्रमांक 2015 दिनांक 27.11.2015 की प्रति उपलब्‍ध करावें? (ख) क्‍या प्रश्‍नकर्ता के अतारांकित प्रश्‍न संख्‍या 49 (क्रमांक 1295) दिनांक 01.03.2016 के जवाब में पुस्‍तकालय परिशिष्‍ट में 143 अधिकारियों एवं कर्मचारियों को तीन वर्ष से अधिक समय से एक ही स्‍थान पर कार्य करने के संबंध में जानकारी प्रदान करते हुये विभागीय स्‍थानांतरण नीति की कंडिका 8.5 के अनुसार स्‍थानांतरण नहीं किया बताया था तो प्रश्‍नांश (क) में उल्‍लेखित पत्रों द्वारा दिये गये निर्देशों की जानकारी उक्‍त अतारांकित प्रश्‍न क्रमांक 1295 में छुपायें जाने के पीछे क्‍या कारण है? कारणों का उल्‍लेख करें तथा प्रश्‍नकर्ता के प्रश्‍न का गलत जवाब देने के लिए कौन अधिकारी दोषी है? दोषियों के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की जावेगी? (ग) प्रश्‍नांश (क) में वर्णित पत्रों के निर्देशों का पालन उज्‍जैन संभागान्‍तर्गत किन-किन जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा नहीं किया गया? जानकारी प्रदान करते हुये उनके विरूद्ध विभाग द्वारा क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई? यदि कार्यवाही नहीं की गई है तो क्‍यों? कारण बतावें? यदि कार्यवाही की गई है तो जानकारी प्रदान करें?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) प्रश्नांश में उल्लेखित पत्रों की प्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी हाँ। अतारांकित प्रश्न संख्या 49 (क्रमांक 1295) दिनांक 01.03.16 में एक ही स्थान पर पदस्थ प्रशासनिक अधिकारी, अकादमिक अधिकारी व विभागों में पदस्थ लिपिकीय कार्य करने वाले कर्मचारियों के स्थानांतरण करने के संबंध में विभाग की क्या नीति है पूछा गया था। तद्नुसार स्कूल शिक्षा विभाग की स्थानांतरण नीति 2015-16 के अनुसार जानकारी उपलब्ध करायी गई थी। प्रश्नांश में उल्लेखित संचालनालय के निर्देश केवल जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय एवं संभागीय संयुक्त संचालक कार्यालयों में कार्यरत लिपिक संवर्गीय कर्मचारियों के संबंध में है। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) प्रश्नांश में वर्णित पत्रों के निर्देशों का पालन उज्जैन संभागांतर्गत किन-किन जिला शिक्षा अधिकारियों द्वारा नहीं किया गया है, इसकी जाँच हेतु संभागीय संयुक्त संचालक, लोक शिक्षण, उज्जैन संभाग उज्जैन को निर्देशित किया गया है। जाँच प्रतिवेदन प्राप्त होने पर गुण-दोष के आधार पर कार्यवाही की जाएगी। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

माध्‍यमिक शिक्षा मण्‍डल द्वारा आयोजित परीक्षाओं में गोपनीयता भंग

39. ( क्र. 1295 ) डॉ. मोहन यादव : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) 1 जनवरी 1989 से प्रश्‍न दिनांक तक म.प्र.माध्‍यमिक शिक्षा मण्‍डल द्वारा आयोजित होने वाली 10वीं एवं 12वीं परीक्षा में प्रश्‍न पत्रों की गोपनीयता भंग करने के संबंध में कितनी शिकायतें प्राप्‍त हुई? शिकायतों की प्रति उपलब्‍ध कराते हुए उक्‍त संबंध में संलिप्‍त अधिकारियों एवं कर्मचारियों की सूची उपलब्‍ध करावें? यदि उक्‍त अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरूद्ध विभागीय कार्यवाही एवं फौजदारी कार्यवाही की गई हो तो, की गई कार्यवाही की जानकारी उपलब्‍ध करावें? (ख) प्रश्‍नांश (क) की जानकारी अनुसार दोषी पाये जाने पर कितने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को न्‍यायालय एवं विभाग द्वारा दण्‍डित किया गया है तो आदेश की प्रति उपलब्‍ध करावें? (ग) क्‍या प्रश्‍न पत्रों की गोपनीयता भंग करने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा वरिष्‍ठ अधिकारियों से मिली भगत कर उक्‍त जानकारी छुपाते हुये शासन से पुरस्‍कार भी प्राप्‍त कर लिया गया है? (घ) यदि हाँ, तो इस प्रकार पुरस्‍कार प्राप्‍त करने वाले अधिकारी एवं कर्मचारी का नाम बतावें? शासन से उक्‍त जानकारी छिपा कर दोषी व्‍यक्ति को पुरस्‍कृत करवाने के लिए दोषी अधिकारी एवं कर्मचारी के विरूद्ध कब तक कार्यवाही की जावेगी?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) मण्डल में उपलब्ध दस्तावेजों के आधार वर्ष 1993, 2007, 2014 एवं 2016 में कुल 04 शिकायतें प्राप्त हुई। छायाप्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। वर्ष 1993 में संलिप्त अधिकारी/कर्मचारी की सूची पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। वर्ष 2007, 2014 एवं 2016 में मण्डल का कोई अधि./कर्म. संलिप्त नहीं है। वर्ष 1993 में संलिप्त अधिकारियों/कर्मचारियों के विरुद्ध विभागीय/फौजदारी कार्यवाही की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। (ख) जानकारी निंरक है। (ग) माध्यमिक शिक्षा मण्डल परीक्षा में गोपनीयता भंग करने के परिप्रेक्ष्‍य में जानकारी निरंक है। (घ) उत्‍तरांश '''' के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

अनुसूचित जाति, जनजाति विकास कार्यों की स्‍वीकृति

40. ( क्र. 1311 ) श्री हितेन्द्र सिंह ध्‍यानसिंह सोलंकी : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अनुसूचित जाति एवं जनजाति योजना क्‍या है, इस योजना में विधान सभावार आवंटन के क्‍या नियम है, इसकी जानकारी दी जावें? उक्‍त योजना के अंतर्गत वित्‍त वर्ष 2014-2015 एवं 2015-16 में बड़वाह विधान सभा क्षेत्र में कितनी-कितनी राशि स्‍वीकृति हुई है? जानकारी अनुसूचित जाति एवं जनजाति मद अनुसार दी जावे? (ख) क्‍या वित्‍त वर्ष 2015-2016 में प्राप्‍त आवंटन राशि लेप्‍स हो गई है? यदि हाँ, तो इस संबंध में कौन दोषी है, राशि लेप्‍स होन के क्‍या कारण रहे है? प्रश्‍नकर्ता द्वारा निर्माण कार्यों की स्‍वीकृति हेतु कब-कब प्रस्‍ताव प्रस्‍तुत किये गये है एवं प्राप्‍त प्रस्‍ताव पर विभाग द्वारा क्‍या कार्यवाही गई है? राशि लेप्‍स होने की तथ्‍यात्‍मक रिपोर्ट दी जावें। जिसमें यह साबित हो सके कि वास्‍तवित दोषीकर्त्‍ता कौन है? (ग) क्‍या विभाग राशि लेप्‍स होने के कारणों को ज्ञात कर जिम्‍मेंदार अधिकारी के विरूद्ध कार्यवाही करेगा? यदि हाँ, तो इसकी समय-सीमा बताई जावें, यदि नहीं, तो क्‍या कारण है वित्‍त वर्ष 2016-2017 में उक्‍त योजना में कितनी राशि का आवंटन प्राप्‍त हुआ है। प्रश्‍नकर्ता द्वारा प्रेषित प्रस्‍तावों पर विभागों द्वारा क्‍या कार्यवाही की गई? यदि राशि स्‍वीकृत हुई है तो कितनी एवं कहाँ हुई?

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) अनुसूचित जाति वर्ग के विकास के लिए संचालित योजनाओं को अनुसूचित जाति योजनाएं तथा अनुसूचित जनजाति वर्ग के विकास के लिए संचालित योजनाओं को अनुसूचित जनजाति विकास योजनाएं कहा जाता है। विधान सभावार आवंटन नहीं किया जाता है। बडवाह विधानसभा क्षेत्र में प्रश्‍नाधीन अवधि में अनुसूचित जाति बस्‍ती विकास हेतु वर्ष 2014-15 के लिए 11.00 लाख एवं वर्ष 2015-16 के लिए 48.38 लाख की राशि स्‍वीकृत हुई। (ख) आहरण पर प्रतिबंध होने के कारण आहरण नहीं किया जा सका। निर्माण कार्य से संबंधित प्राप्‍त प्रस्‍तावों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 1 अनुसार है। (ग) कार्यवाही का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। वर्ष 2016-17 में अनुसूचित जाति बस्‍ती विकास हेतु रू. 41.00 लाख का आवंटन प्राप्‍त हुआ है। प्रश्‍नकर्ता द्वारा प्रेषित प्रस्‍ताव पर ग्राम पंचायत भोगावा सिपानी के ग्राम मेहगांव में सी.सी.रोड निर्माण हेतु राशि 5.00 लाख स्‍वीकृत की गयी। प्राप्‍त प्रस्‍तावों पर की गयी कार्यवाही का विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है।

नरसिंहपुर जिले में अध्‍यापक से वरिष्‍ठ अध्‍यापक पदोन्‍नति

41. ( क्र. 1338 ) डॉ. कैलाश जाटव : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नरसिंहपुर जिले में जून 2015 में अध्‍यापक से वरिष्‍ठ अध्‍यापक के पद पर पदोन्‍नति की गई थी जिसमें अंग्रेजी, संस्‍कृत एवं जीव विज्ञान विषय की पदोन्‍नति को क्‍यों रोक दिया गया था? रोके जाने का कारण एवं आदेश की प्रति उपलब्‍ध करावें? (ख) वर्तमान में दिनांक 06.05.2016 को उक्‍त पदोन्‍नति प्रक्रिया पुन: सम्‍पन्‍न कराई गई चूंकि दिनांक 23.01.2016 को डी.पी.सी. कराई गई एवं पदोन्‍नति 5 माह बाद क्‍यों कराई गई? (ग) इस विलंब के कारण जो पात्र अध्‍यापक थे उनका जो एक वर्ष का आर्थिक एवं वरीयता का नुकसान हुआ है क्‍या शासन की ओर से उनके लिए कोई विशेष प्रावधान है यदि हाँ, तो बतायें यदि नहीं, तो क्‍या जवाबदेह अधिकारियों पर विलंब से पदोन्नति पूर्ण करवाये जाने पर कार्यवाही की जावेगी यदि हाँ, तो कब तक?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) डिप्टी कलेक्टर नरसिंहपुर के प्रतिवेदन एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत नरसिंहपुर के आदेश क्रमांक/2205/स्था.-2/2015/पदो./स्थगन /नरसिंहपुर, दिनांक 02.06.2015 एवं मान. उच्च न्यायालय जबलपुर में दायर याचिका क्रमांक डब्ल्यू.पी.नं. 8024/2015 के द्वारा उक्त विषयों की पदोन्नति स्थागित की गई थी। जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार। (ख) विभागीय पदोन्नति समिति की बैठक दिनांक 23.01.16 को हुई थी, परन्तु अंतिम सूची का प्रकाशन एवं दावे आपत्तियों की कार्यवाही नहीं हुई थी, इसलिये पत्र क्रमशः दिनांक 04.02.16 एवं 11.02.16 के द्वारा की गई थी। तत्पश्चात् विधान सभा बजट सत्र दिनांक 23.02.16 से 01.04.16 तक रहा है। इसी दौरान विभागीय पदोन्नति समिति एक सदस्य का स्थानांतरण होने से उनके स्थान पर एक अन्य सदस्य को नियुक्त किया गया। तद्परान्त 04.04.16 को दावे-आपत्तियों का निराकरण कर दिनांक 02.05.16 को अंतिम सूची का प्रकाशन कर दिनांक 06.05.16 को उक्त विषयों की काउंसलिंग की गई। इसी बीच माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर द्वारा विभिन्न दायर याचिकाओं में एकजाई पारित निर्णय दिनांक 30.04.16 के द्वारा म.प्र. पदोन्नति नियम 2002 को रद्द किये जाने के कारण पदोन्नति की कार्यवाही नहीं की जा सकी। (ग) प्रश्नांश '''' उत्तर के प्रकाश में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''तेरह''

गोटेगांव स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र में स्‍टॉफ की पूर्ति

42. ( क्र. 1341 ) डॉ. कैलाश जाटव : क्या लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) गोटेगांव स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र अंतर्गत वर्तमान में डॉक्‍टर एवं अन्‍य सहायक स्‍टॉफ के कितने पद स्‍वीकृत हैंकार्य विभाजन सहित सूची उपलब्‍ध करावें? (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र गोटेगांव के जितने पद स्‍वीकृत हैं, क्‍या उनमें उतने ही डॉक्‍टर एवं अन्‍य सहायक स्‍टॉफ कार्यरत है यदि हाँ, तो सूची उपलब्‍ध करावें, यदि नहीं, तो रिक्‍त पदों की पद पूर्ति करने की शासन की कोई मंशा है यदि हाँ, तो कब तक? (ग) स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र गोटेगांव में क्‍या प्रसूति सहायता का लाभ प्रदान किया जा रहा है यदि हाँ, तो वर्ष 2014-15 एवं 2015-16 में कितने हितग्राहियों को लाभांवित किया गया? (घ) गोटेगांव विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत जननी सहायता योजना अंतर्गत प्रश्‍न दिनांक तक कितने हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया है? जो हितग्राही शेष है उन्‍हें कब तक इस योजना का लाभ प्रदान किया जावेगा?

लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी नहीं, शत्-प्रतिशत पदपूर्ति नहीं है। पदपूर्ति हेतु विभाग निरंतर प्रयास कर रहा है। विशेषज्ञों के रिक्त पद पदोन्नति की माध्यम से भरे जाने का प्रावधान है वर्तमान में विशेषज्ञों के स्वीकृत 3266 पदों के विरूद्ध मात्र 1245 विशेषज्ञ उपलब्ध हैं। चिकित्सा अधिकारी के स्वीकृत 02 पद भरे हैं, शेष पदों की पूर्ति हेतु प्रक्रिया निरंतर जारी है। पदपूर्ति हेतु निश्चित समयावधि बताई जाना संभव नहीं है। (ग) जी हाँ। वर्ष 2014-2015 एवं वर्ष 2015-2016 में 1044 हितग्राहियों को प्रसूति सहायता का लाभ प्रदान किया गया है। (घ) सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र, गोटेगांव में वर्ष 2014-15 से प्रश्न दिनांक तक 3184 हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया है। प्रश्न दिनांक तक शेष 226 हितग्राहियों को बैंक खाता उपलब्ध होने पर लाभ प्रदान किया जावेगा।

परिशिष्ट - ''चौदह''

प्राप्‍त आवंटन से निर्माण कार्यों की स्‍वीकृति

43. ( क्र. 1386 ) कुँवर विक्रम सिंह : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) छतरपुर जिले में आदिम जाति कल्‍याण मद में आदिम जाति कल्‍याण विभाग को वर्ष 2016-17 अन्‍तर्गत सी.सी. रोड निर्माण किये जाने हेतु कितना आवंटन प्राप्‍त हुआ है वर्ष 2016-17 के आवंटन की प्रति दें? (ख) राजनगर विधानसभा क्षेत्र के ऐसी कौन-कौन से अनुसूचित जाति बस्‍ती में सी.सी रोड एवं नाली निर्माण तथा भवन बनाने की कार्ययोजना आदिम जाति कल्‍याण विभाग में बनाई गई उन ग्रामों के नाम बतायें?

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) प्रश्‍नांश अन्‍तर्गत कोई राशि आवंटित नहीं की गई है। (ख) आदिम जाति कल्‍याण विभाग द्वारा अनुसूचित जाति बस्तियों की कार्य योजना तैयार नहीं की जाती है। अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

प्रशिक्षण में नगद भुगतान के संबंध में कार्यवाही

44. ( क्र. 1387 ) कुँवर विक्रम सिंह : क्या लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या विधान सभा प्रश्‍न क्र 1760 दिनांक 17.03.2015 में जो उत्‍तर दिया गया उसमें राशि नगद वितरित की गई? (ख) यदि हाँ, तो शासन के क्‍या कोई निर्देश हैं कि नगद भुगतान किया जावे यदि नहीं, तो क्‍या कार्यवाही की जावेगी? (ग) प्रशिक्षण कमेटी में उन अधिकारियों ने नगद भुगतान किये जाने हेतु लिखित सहमति प्रदान की थी? (घ) शासन प्रावधानों का पालन न करने वाले अधिकारियों के विरूद्ध अब तक क्‍या कार्यवाही की गई?

लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) विधानसभा प्रश्‍न क्र. 1760 दिनांक 17.03.2015 के विभाग द्वारा भेजे गये उत्तर में प्रश्‍न में उल्लेखित अवधि में प्रशिक्षणों पर किये गये भुगतान का विवरण संलग्न किया गया था। जिसमें अधिकतर भुगतान संबंधित फर्म को चैकों द्वारा किये गये हैं। मानदेय एवं अल्प व्यय वाले कुछ भुगतान संबंधित को (जिनके पास बैंक खाता नहीं था अथवा उपलब्ध नहीं कराया गया था) प्रशिक्षण सत्र की समय-सीमा को दृष्टिगत रखते हुए जिला/विकासखण्ड स्तर से (जहां प्रशिक्षण आयोजित किया गया) नगद किये गये हैं। विधानसभा प्रश्‍न क्र. 1760 दिनांक 17.03.2015 के प्रति उत्तर एवं भुगतान विवरण की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) विधानसभा प्रश्‍न क्र. 1760 दिनांक 17.03.2015 में उल्लेखित अवधि के प्रशिक्षण आर.सी.एच./एन.आर.एच.एम. कार्यक्रम के तहत आयोजित किये गये है। आर.सी.एच./एन.आर.एच.एम. के तहत उक्त अवधि वर्ष 2010-11 से 2013-2014 में नगद भुगतान करने के संबंध में अथवा ना करने के कोई निर्देश जारी नहीं किये गये थे। (ग) आर.सी.एच./एन.आर.एच.एम. के तहत प्रशिक्षणों को आयोजित करने हेतु प्रशिक्षण कमेटी के गठन का कोई प्रावधान नहीं है। (घ) उपरोक्त के संदर्भ में कार्यवाही का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

शालेय खेल प्रतियोगिताएं

45. ( क्र. 1424 ) श्री अशोक रोहाणी : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश शासन ने जिला जलबपुर को शालेय खेलकूद प्रतियोगिताएं आयोजित करने हेतु किस-किस मद में कितनी-कितनी राशि आवंटित की है एवं कितनी-कितनी राशि किन-किन कार्यों में व्‍यय हुई? प्रतियोगिता के आयोजन,खिलाडियों की आवास व्‍यवस्‍था परिवहन नाश्ता भोजन पर कितनी-कितनी राशि व्‍यय हुई वर्ष 2013-14 से 2016-17 तक की जानकारी दें? (ख) प्रश्‍नांश (क) में कब से कब तक किस स्‍तरीय कौन-कौन सी शालेय खेलकूद प्रतियोगि‍तायें आयोजित की गई है? किन-किन प्रतियोगिताओं में कहाँ-कहाँ के कितने-कितने खिलाडि़यों ने भाग लिया है? इनके आवास की कहाँ-कहाँ पर क्‍या-क्‍या व्‍यवस्‍थाएं की गई है? खिलाडि़यों की सुरक्षा व परिवहन की क्‍या व्‍यवस्‍था की गई है इस पर कितनी-कितनी राशि व्‍यय हुई? इसका सत्‍यापन कब, किसने किया? (ग) प्रश्‍नांकित शालेय खेलकूद प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले खिलाडि़यों को निर्धारित मीनू के तहत नाश्‍ता व भोजन में कितनी-कितनी मात्रा में कौन-कौन सी सामग्री प्रदाय की गई है, इसका ठेका किसे दिया गया है और इस पर कितनी राशि व्‍यय हुई? (घ) क्‍या शासन प्रश्‍नांश (क) में खिलाडि़यों के आवास परिवहन व भोजन व्‍यवस्‍था में की गई वित्‍तीय अनियमितता, भ्रष्टाचार व प्राप्‍त शिकायतों पर कार्यवाही करेगा?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) क्रीड़ा मद/स्थानीय निधि में वर्ष 2013-14 में बंटन राशि रू. 1.20 लाख, राशि रू. 1,19998/- व्यय की गई है। वर्ष 2014-15 में बंटन निरंक, स्थानीय निधि से राशि व्यय की गई। वर्ष 2015-16 में बंटन राशि रू.2.40 लाख, राशि रू.2,39,964/- व्यय की गई। वर्ष 2016-17 में खेलकूद गतिविधियाँ प्रारंभ होना है। बंटन की मांग की गई है। व्यय का विवरण की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। (ख) राज्य स्तरीय प्रतियोगिता वर्ष 2013-14 में एथलेटिक्स, हैण्डबॉल, वेटलिफ्टिंग, फुटबॉल एवं डाजबॉल। वर्ष 2014-15 में वुशू, ताइक्वांडो एवं कैरम तथा वर्ष 2015-16 में कराते, फील्ड आर्चरी, रोलबॉल, रोड साइक्लिंग एवं फुटबॉल का आयोजन किया गया। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र -1, 2, 3 एवं राशि व्यय विवरण की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। (ग) राज्य स्तरीय शालेय खेलकूद प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले खिलाडि़यों को शासन द्वारा निर्धारित मीनू (दर) 100/- रू. प्रति खिलाड़ी प्रतिदिन के अनुसार संबंधित संभाग के दल प्रबंधक द्वारा भोजन व्यवस्था की जाती है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र एवं व्यय विवरण की राशि की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। (घ) खिलाडि़यों के आवास, परिवहन व भोजन व्यवस्था में किसी प्रकार की शिकायत प्राप्त नहीं हुई है।

नियम विरूद्ध विभागीय पदोन्नति

46. ( क्र. 1446 ) डॉ. योगेन्‍द्र निर्मल : क्या लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या स्‍वास्‍‍थ्‍य विभाग बालाघाट द्वारा वर्ष 2007,2008 एवं 2009 में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की विभागीय पदोन्‍नति की गई थी तथा उक्‍त विभागीय पदोन्‍नति नियम विरूद्ध होकर अयोग्‍य कर्मचारियों को पदोन्‍नति किया गया था तथा जिसकों विभागीय जाँच में सच पाया गया था? (ख) यदि हाँ, तो पदोन्‍नति प्राप्‍त अयोग्‍य कर्मचारियों पर व पदोन्‍नति समिति पर विभाग द्वारा क्‍या कार्यवाही की गई अथवा दोषी अधिकारी/कर्मचारी के खिलाफ विभाग क्‍या कार्यवाही करेगा? यदि नहीं, तो क्‍यों?

लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) स्वास्थ्य विभाग बालाघाट द्वारा वर्ष 2007 में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की विभागीय पदोन्नति नहीं की गई वर्ष 2008 एवं 2009 में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की पदोन्नति की गई है। जी हाँ। (ख) अयोग्य कर्मचारियों की पदोन्नति निरस्त किये जाने संबंधी कार्यवाही संभागीय संयुक्त संचालक जबलपुर संभाग जबलपुर के अधीन प्रचलित है। कलेक्टर बालाघाट द्वारा जाँच में प्रथम दृष्टया पदोन्नति की प्रक्रिया में अनियमितता पाए जाने के कारण उनके कार्यालयीन आदेश क्र.4232/वि.लि.1/स्था./2013 बालाघाट दिनांक 07 मई 2013 द्वारा पदोन्नति की प्रक्रिया संपादित करने वाले प्रभारी लिपिक श्री एस.एल. डोहरे, सहायक ग्रेड-2 को निलंबित किया गया है एवं विभागीय पदोन्नति समिति के अध्यक्ष एवं सदस्यों को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किये गये है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

रिक्‍त पदों की पूर्ति

47. ( क्र. 1567 ) श्री रामसिंह यादव : क्या लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या शिवपुरी जिले के कोलारस विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत जून-2016 की स्थिति में चिकित्‍सकों महिला/पुरूष तथा स्‍वास्‍थ्‍य कर्मचारियों के पद रिक्‍त है? यदि हाँ, तो कौन-कौन से पद कहाँ-कहाँ पर कब से रिक्‍त हैं? रिक्‍त पद कब तक भरे जाएंगे? (ख) रिक्‍त पद काफी लंबे समय से रिक्‍त हैं? इन्‍हें अभी तक क्‍यों नहीं भरा गया? रिक्‍त पदों की पूर्ति हेतु शासन क्‍या कार्यवाही कर रहा है? यह कार्यवाही कब तक पूर्ण हो जाएगी? (ग) क्‍या सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र बदरवास के चिकित्‍सक एवं बी.एम.ओ. डॉ. श्री आर.एल. पिप्‍पल ने रोगी कल्‍याण समिति बदरवास की बैठक में प्रस्‍तावों पर चर्चा के दौरान अभद्रता की थी तथा रोगी कल्‍याण समिति बदरवास द्वारा बी.एम.ओ. के विरूद्ध निंदा प्रस्‍ताव पारित किया गया है? यदि हाँ, तो डॉ. श्री पिप्‍पल के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही कब तक की जाएगी? (घ) क्‍या बी.एम.ओ. डॉ. श्री पिप्‍पल ओ.पी.डी. में नहीं बैठते हैं? रोगियों, उनके अटेण्‍डरों एवं जनप्रतिनिधियों के विरूद्ध अभद्र व्‍यवहार करते हैं तथा ओ.पी.डी. टाइम में अपने निवास पर रोगियों को बुलाकर फीस लेकर उनका उपचार करते हैं? यदि हाँ, तो इसके लिये डॉ. श्री पिप्‍पल के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही कब तक की जाएगी?

लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। रिक्त पद की पूर्ति हेतु विभाग निरंतर प्रयासरत है, मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग के माध्यम से 1896 चिकित्सकों की भर्ती प्रक्रिया प्रचलन में है। तृतीय वर्ग सहायक स्टॉफ हेतु संभाग/जिला स्तर पर भर्ती की कार्यवाही निरंतर जारी है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन अंतर्गत संविदा नियुक्ति की कार्यवाही प्रचलन में है। पदपूर्ति हेतु निश्चित समयावधि बताई जाना संभव नहीं है। (ख) जी हाँ। विशेषज्ञों के पद स्वीकृति दिनांक से रिक्त है, शेष उत्तरांश अनुसार। (ग) जी हाँ। प्रकरण में दण्ड स्वरूप समिति द्वारा निंदा प्रस्ताव पारित किया एवं आगामी बैठकों में एस.डी.एम. एवं मुख्य चिकित्‍सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी की उपस्थिति में ही बैठक का आयोजन किए जाने का निर्णय लिया। (घ) जी हाँ, इस संबंध में शिकायत प्राप्त हुई थी, शिकायत की जाँच जिला कार्यक्रम प्रबंधक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन शिवपुरी से कराई गई, शिकायत आधार हीन तथा असत्य पाई गई। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

अहिर शब्‍द को सुधार कर गुरेड़ा अहिर लिखा जाना

48. ( क्र. 1581 ) पं. रमेश दुबे : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या छिंदवाड़ा जिले में गोड़ की उप जाति गोड़ गोवारी जिन्‍हें स्‍थानीय स्‍तर पर गुड़ेरा अहिर कहा जाता है वर्ग के आवेदकों के द्वारा अनुसूचित जन जाति का प्रमाण पत्र हेतु आवेदन करने पर जाँच के समय राजस्‍व अभिलेखों में गुड़ेरा अहिर के स्‍थान पर अभिलेखों के रोस्‍टर के समय त्रुटि से सिर्फ अहिर का उल्‍लेख पाये जाने से उन्‍हें जाति प्रमाण पत्र जारी नहीं किया जा रहा है? (ख) क्‍या प्रश्‍नकर्ता ने भी गुड़ेरा अहिर को राजस्‍व अभिलेखों में त्रुटि से सिर्फ अहिर लिखे जाने की जाँच कर गुड़ेरा अहिर दर्ज किये जाने के संबंध में वर्ष 2014 से अप्रैल 2016 के मध्‍य माननीय मुख्‍यमंत्री महोदय म.प्र. शासन, राजस्‍व मंत्री म.प्र. शासन एवं कलेक्‍टर छिंदवाड़ा को समय-समय पर पत्र प्रेषित किया है? (ग) क्‍या छिंदवाड़ा जिले के राजस्‍व अधिकारी जो जाति प्रमाण पत्र जारी करते समय उक्‍त प्रकार की समस्‍या से जूझ रहे हैं? आवेदकगण जो वास्‍तव में गोड़ गोवारी है, किन्‍तु राजस्‍व अभिलेखों में गुड़ेरा अहिर के स्‍थान पर अहिर दर्ज होने से जाति प्रमाण पत्र देने में कठिनाई हो रही है? यदि हाँ तो क्‍या आवेदकों के हित में जिला प्रशासन उक्‍त तथ्‍य को शासन के ध्‍यान में लाकर राजस्‍व अभिलेख सुधारने की पहल करेगा? (घ) क्‍या शासन राजस्‍व अभिलेखों में रोस्‍टर के समय पटवारियों से हुई त्रुटि की जाँच कर अहिर के स्‍थान पर गुड़ेरा अहिर दर्ज किये जाने का आदेश देगा? यदि नहीं, तो क्‍यों?

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

वित्‍तीय अनियमितता करने वाले चिकित्‍सक के विरूद्ध कार्यवाही

49. ( क्र. 1586 ) पं. रमेश दुबे : क्या लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रश्‍नकर्ता ने डॉ. प्रमोद वाचक के सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र चौरई में विकासखण्‍ड चिकित्‍साधिकारी के पद पर पदस्‍थ रहने के दौरान उनके द्वारा विभिन्‍न योजनाओं की राशि, सामग्री खरीदी, रोगी कल्‍याण समिति की राशि का दुरूपयोग करने, वित्‍तीय अनियमितता करने, शासकीय राशि का गबन करने, बिल व्‍हाउचर्स और कैशबुक का संधारण नहीं करने व स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र में बिल व्‍हाउचर्स और कैशबुक उपलब्‍ध नहीं होने के संबंध में वर्ष 2014 से मा. मुख्‍यमंत्री मा. लोक स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री, कलेक्‍टर, मुख्‍य चिकित्‍सा व स्‍वास्‍थ्‍य अधिकारी, पुलिस अधीक्षक, छिंदवाड़ा एवं एस.डी.एम. चौरई को समय-समय पर पत्र प्रेषित कर जाँच करने व कार्यवाही करने का अनुरोध किया है? यदि हाँ, तो प्रेषित पत्रों में किन-किन स्‍तर से क्‍या कार्यवाही की गयी है? (ख) क्‍या प्रश्‍नकर्ता के उक्‍ताशय से संबंधित किए गए विधान सभा प्रश्‍न के उत्‍तर में भी यह बताया गया है कि जाँच उप संचालक जबलपुर के द्वारा की जा रही है? तो क्‍या जाँच पूर्ण हो गयी? (ग) क्‍या शासन डॉ. वाचक को प्रश्‍नांश (क) में उल्‍लेखित अनियमितताओं का दोषी मानता है? यदि हाँ, तो उनके विरूद्ध कब तक कार्यवाही की जावेगी?

लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) जी नहीं प्रश्नांश में उल्लेखित सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, चौरई में विकासखण्ड चिकित्सा अधिकारी के पद पर पदस्थ डॉ. प्रमोद वाचक द्वारा विभिन्न योजनाओं की राशि, सामग्री खरीदी, रोगी कल्याण समिति की राशि का दुरूपयोग करने, वित्तीय अनियमितता करने, शासकीय राशि का गबन करने, बिल व्हाउचर्स और कैशबुक का संधारण नहीं करने व स्वास्थ्य केन्द्र में बिल व्हाउचर्स और कैशबुक उपलब्ध नहीं होने के संबंध में उनके विरूद्ध प्रेषित शिकायती पत्र संचालनालय में प्राप्त नहीं हुआ किंतु सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, चौरई एवं अमरवाड़ा में रोगी कल्याण समिति की राशि में अनियमितता किये जाने के संबंध में तत्कालीन ब्लॉक मेडिकल आफिसर डॉ. प्रमोद वाचक के विरूद्ध फरवरी-मार्च 2016 में माननीय विधायक महोदय द्वारा पूछे गये प्रश्न क्रमांक.1331 एवं प्रश्न क्रमांक. 7236 के संबंध में शिकायती प्रकरण की जाँच, संभागीय संयुक्त संचालक, स्वास्थ्य सेवायें, जबलपुर से करवाई गई जिसमें प्रकरण की जाँच उपरान्त, डॉ. वाचक को वित्तीय अनियमितता किये जाने का दोषी पाये जाने के परिणामस्वरूप, डॉ. प्रमोद वाचक, तत्कालीन खण्ड चिकित्सा अधिकारी चौरई वर्तमान में प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, मोरडोंगरी जिला-छिन्दवाड़ा को संचालनालय के पत्र क्रमांक.1553 दिनांक 28.06.2016 द्वारा स्पष्टीकरण जारी किया गया है। (ख) प्रश्नांश की जानकारी अनुसार। (ग) जी हाँ। प्रश्नांश के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

माध्‍यमिक शालाओं का हाईस्‍कूल में उन्‍नयन

50. ( क्र. 1587 ) पं. रमेश दुबे : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) छिन्‍दवाड़ा जिले के आदिवासी विकासखण्‍डों में किन-किन माध्‍यमिक शालाओं को हाईस्‍कूल में और किन-किन हाईस्‍कूल को हायर सेकण्‍डरी स्‍कूल में उन्‍नयन किये जाने का प्रस्‍ताव जिले से शासन को प्राप्‍त हुआ है? (ख) प्रश्‍नांश (क) के प्रकाश में उन्‍नयन का प्रकरण किस स्‍तर पर कब से विचाराधीन है? कब तक उन्‍नयन कर दिया जावेगा? (ग) क्‍या प्रश्‍नकर्ता ने छिंदवाड़ा जिले के विकासखण्‍ड बिछुआ के शासकीय माध्‍यमिक शाला मोहपानीमाल एवं पनियारी को हाईस्‍कूल में उन्‍नयन किये जाने हेतु पत्र क्रमांक 657, दिनांक 17.05.2016 आदिम जाति कल्‍याण मंत्री मध्‍यप्रदेश शासन को प्रेषित किया है? (घ) यदि हाँ, तो उक्‍त माध्‍यमिक शालाओं को क्‍या इसी सत्र में हाईस्‍कूल में उन्‍नयन कर कक्षायें प्रारंभ कर दिया जावेगा? यदि नहीं, तो क्‍यों?

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) माध्‍यमिक शाला से हाईस्‍कूल में उन्‍नयन प्रस्‍ताव संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' तथा हाईस्‍कूल से उ.मा.वि. में उन्‍नयन के प्रस्‍ताव संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) प्रदेश में 40 हाईस्‍कूलों को उन्‍नयन का वार्षिक प्रावधान है। सीमित वित्‍तीय संसाधनों अंतर्गत हाईस्‍कूल से उ.मा.वि. में उन्‍नयन शासन आदेश क्रमांक 12-06/2016/25-2/717 दिनांक 28.05.2016 द्वारा जारी हो चुके हैं। माध्‍यमिक शाला से हाईस्‍कूल में उन्‍नयन प्रस्‍ताव प्रक्रियाधीन है। (ग) जी हाँ। (घ) सीमित वित्‍तीय संसाधनों अंतर्गत समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

परिशिष्ट - ''पंद्रह''

प्रदेश में फलों में केमिकल के मिलावट की जाँच

51. ( क्र. 1612 ) श्री यशपालसिंह सिसौदिया : क्या लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में फलों में केमिकल मिलावट की जांच हेतु वर्तमान में कहाँ-कहाँ प्रयोगशाला स्थापित है? जनवरी 2015 में किन-किन सेम्पल में कितनों में कौन-कौन सा रसायन पाया गया? क्या प्रतिबंधित केमिकल युक्त दवाइयों के फलों एव सब्जियों के ज्यादा उपयोग से केंसर एव लीवर की बीमारियां बढ़ रही हैं? (ख) फलों में केमिकल के प्रयोग से उपभोक्ताओं के स्‍वास्‍थ्‍य पर हो रहे दुष्‍प्रभाव के संदर्भ में क्या विभाग द्वारा कोई सर्वे/जांच की गई है? क्या इस संबंध में कोई योजना प्रचलन में है? (ग) क्या इंदौर उज्जैन संभाग में सेबफल जैसे कई फल देशी/विदेशी ऐसे बिक रहे जिन पर भारी मात्रा में केमिकल एवं मोम लगाकर कई दिनों तक तरोताजा रखा जाता है तथा उन्हें गर्म पानी से धोकर ही उपयोग में लाया जा सकता है क्‍या यह विदेशी सस्ते फल जानकारी के अभाव में मरीजों को खिलाये जा रहे है जिससे मरीज के स्वास्थ पर और दुष्प्रभाव पड़ रहा है (घ) इसका आंकलन विभाग ने कब-कब किया तथा एसे कितने फल विक्रेताओं के फल जप्त कर प्रयोग शाला में जांच हेतु भेजे गये? 1 जनवरी 2015 के पश्चात् की उक्त संभाग की जानकारी देवे?

लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

स्‍टाफ नर्सों की फर्जी नियुक्ति

52. ( क्र. 1640 ) श्री गिरीश गौतम : क्या लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रश्‍नकर्ता द्वारा आयुक्‍त महोदय रीवा को जिला चिकित्‍सालय रीवा/संजय गांधी अस्‍पताल में स्‍टॉफ नर्सों की फर्जी नियुक्तियों के संबंध में 24.10.15 को भर्ती में रोक लगाने तथा जाँच कराने के लिये पत्र लिखा था, जिसके आधार पर जाँच करायी गई है? पत्र एवं जाँच रिपोर्ट का विवरण उपलब्‍ध करायें। (ख) क्‍या जाँचकर्ता मुख्‍य चिकित्‍सा एवं स्‍वास्‍थ्‍य अधिकारी रीवा को ही बनाया गया जो स्‍वयं 16 एवं 17 अक्‍टूबर, 2015 की आयोजित संविदा स्‍टॉफ नर्स चयन प्रक्रिया/पात्रता परीक्षा की गठित समिति के सदस्‍य थे और क्‍या प्रतिवेदन में यह भी स्‍वीकार किया गया है कि एक सदस्‍य की भाभी उम्‍मीदवार थी? जाँच प्रतिवेदन एवं चयनित अभ्‍यार्थियों की सूची उपलब्‍ध करायें तथा आयुक्‍त द्वारा की गयी कार्यवाहियों से संबंधित सभी पत्राचार का विवरण उपलब्‍ध करायें क्‍या वरिष्‍ठ अधिकारियों से जाँच कराकर फर्जीवाड़े में सम्मिलित अधिकारियों के विरूद्ध कार्यवाही की जायेगी? समय-सीमा बतायें।

लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) एवं (ख) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

शासन द्वारा व्‍ही.ई.आर. सर्वे

53. ( क्र. 1658 ) श्री लोकेन्द्र सिंह तोमर : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या मध्‍यप्रदेश शासन के शिक्षा विभाग द्वार व्‍ही.ई.आर. सर्वे विगत तीन वर्षों में भोपाल एवं इंदौर संभाग में विभाग/एन.जी.ओ. द्वारा कराया गया है? यदि हाँ, तो किन-किन विभाग/एन.जी.ओ. के द्वारा कब-कब करवाया गया है? (ख) प्रश्‍नांश (क) के तारतम्‍य में क्‍या सहायक शिक्षक, उच्‍च श्रेणी शिक्षक, व्‍याख्‍याता, अध्‍यापक वर्ग 1, 2 एवं 3 से भी व्‍ही.ई.आर. सर्वे का कार्य करवाया गया था? यदि हाँ, तो क्‍या शासन ने इस गैर शिक्षकीय कार्य को करवाने हेतु आदेश जारी किये हैं? यदि हाँ, तो सम्‍बद्ध आदेश की छायाप्रति संलग्‍न करें? (ग) क्या प्रश्‍नांश (क) दर्शित व्‍ही.ई.आर. सर्वे किसी एजेंसी/एन.जी.ओ. द्वारा किये जाने पर शासन द्वारा उन्‍हें त्रुटिपूर्ण कार्य/सर्वे करने के बावजूद राशि का भुगतान किया गया है? यदि हाँ, तो किस-किस को और कितनी-कितनी राशि का भुगतान किया गया है तथा इस त्रुटिपूर्ण भुगतान के लिये कौन-कौन अधिकारी कर्मचारी जिम्‍मेदार हैं? यदि नहीं, तो क्‍या इस सर्वे का कार्य शिक्षकों से न कराते हुए उन्‍हीं एजेंसी/एन.जी.ओ. से भविष्‍य में करवाया जायेगा? (घ) क्‍या व्‍ही.ई.आर. सर्वे (ग्रीष्‍म अवकाश के दौरान) हेतु जिन-जिन सहायक शिक्षकों, उच्‍च श्रेणी शिक्षकों को कर्तव्‍यस्‍थ किया गया था? उन्‍हें इस कार्य के बदले उतने कार्य दिवसों के अर्जित अवकाश की पात्रता हेतु कोई आदेश जारी किये गये हैं? यदि हाँ, तो सम्‍बद्ध आदेश की छायाप्रति संलग्‍न करें? यदि नहीं, तो क्‍या शासन इस अर्जित अवकाश हेतु आदेश जारी करेगा? (ड.) क्‍या इस प्रकार के कार्यों में शिक्षकों की ड्यूटी लगाने से शिक्षण कार्य प्रभावित नहीं होता है? क्‍या शिक्षा की गुणवत्‍ता बनाये रखने के लिये व्‍ही.ई.आर. सर्वे के कार्य के साथ ही जिन अन्‍य कार्यों में शिक्षकों की ड्यूटी लगाई जाती है वह उनसे न कराते हुए शिक्षित नवयुवक बेरोजगारी से पारिश्रमिक के आधार पर करवाये जाने हेतु शासन आदेश जारी करेगा या इस पर विचार करेगा?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जी हाँ। विगत तीन वर्षों में प्रदेश के अन्य जिलों के साथ-साथ भोपाल एवं इंदौर संभाग के जिलों में ग्राम/वार्ड शिक्षा पंजी को अद्यतन कराने का कार्य कराया गया है। शिक्षा विभाग द्वारा महिला एवं बाल विकास विभाग एवं स्वास्थ्य विभाग के अमले के सहयोग से माह अप्रैल-मई में कार्य कराया गया। (ख) जी हाँ। यह कार्य गैर-शिक्षकीय नहीं है। आदेश की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''एक'' अनुसार है। (ग) जी नहीं। शेषांश का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता है। (घ) जी हाँ। आदेश की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''दो'' अनुसार। (ड.) ग्राम/वार्ड शिक्षा पंजी को अद्यतन कराने की कार्यवाही ग्रीष्मावकाश में कराई जाती है। अतः शेषांश का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता है।

शिकायतों की जाँच एवं कार्यवाही

54. ( क्र. 1661 ) डॉ. गोविन्द सिंह : क्या लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रश्‍नकर्ता के पत्र दिनांक 29.03.2016 के संबंध में माननीय मंत्री लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण विभाग ने प्रमुख सचिव स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण म.प्र. शासन को एक माह में डॉ. राकेश शर्मा, मुख्‍य चिकित्‍सा एवं स्‍वास्‍थ्‍य अधिकारी जिला भिण्‍ड द्वारा किए जा रहे विभिन्‍न आर्थिक अपराध/अनियमितताओं एवं विभाग में विभिन्‍न पदों पर की गई अवैध नियुक्तियों की जाँच का आदेश दिया था? (ख) यदि हाँ, तो जाँच कब कराई गई एवं जाँच के क्‍या निष्‍कर्ष रहे तथा जाँच निष्‍कर्ष के आधार पर क्‍या कार्यवाही की गई? यदि नहीं, तो क्‍यों? (ग) डॉ. राकेश शर्मा, मुख्‍य चिकित्‍सा एवं स्‍वास्‍थ्‍य अधिकारी भिण्‍ड के विरूद्ध वर्तमान में कौन-कौन सी जाँच किस-किस स्‍तर पर कब-कब से प्रचलित है तथा किस-किस जाँच में प्रथम दृष्‍टया दोषी पाए जाने पर नियमानुसार श्री शर्मा के विरूद्ध क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई? (घ) डॉ. राकेश शर्मा से कौन-कौन वरिष्‍ठ चिकित्‍सक जिला भिण्‍ड में पदस्‍थ हैं एवं डॉ. शर्मा के विरूद्ध भ्रष्‍टाचार की शिकायत के बाद भी सी.एम.ओ. के पद पदस्‍थ करने के क्‍या कारण हैं?

लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) प्राप्त शिकायती पत्र पर संचालनालय द्वारा प्रकरण की बिन्दुवार जाँच पूर्ण कर, जाँच प्रतिवेदन अभिमत सहित भेजने हेतु संभागीय संयुक्त संचालक, स्वास्थ्य सेवायें, ग्वालियर को पत्र क्रमांक.1000/दिनांक 27.04.2016 द्वारा निर्देशित किया गया जो विवेचनाधीन है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) संचालनालय स्तर पर डॉ. राकेश शर्मा, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी भिण्ड के विरूद्ध प्रचलित जाँच का विवरण निम्नानुसार है- (अ) डॉ. राकेश शर्मा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जिला भिण्ड के द्वारा वित्तीय वर्ष 2010-2011 में उक्त पद पर पदस्थी के दौरान वित्तीय अनियमितता करते हुये स्वयं को आर्थिक लाभ पहुँचाते हुये शासन को आर्थिक क्षति पहुँचाये जाने के संबंध में उनके विरूद्ध लोकायुक्त संगठन में जाँच प्रकरण क्रमांक.40/13 वर्ष 2013 से पंजीबद्ध है जिसमें संचालनालय द्वारा विषयान्तर्गत प्रकरण की जाँच संचालक, एन.एच.एम. से पूर्ण करवाते हुये जाँच प्रतिवेदन प्राप्त किया गया। जाँच प्रतिवेदन के आधार पर उन्हें संचालनालय के पत्र दिनांक 27.10.2014 द्वारा कारण बताओ नोटिस जारी करते हुये प्रतिवाद उत्तर चाहा गया किंतु प्रतिवाद उत्तर डॉ. शर्मा द्वारा समयावधि में प्रस्तुत नहीं किये जाने के परिणामस्वरूप संचालनालय के पत्र दिनांक 10.04.2015 द्वारा उनके विरूद्ध विभागीय जाँच संस्थित किये जाने हेतु आरोप पत्र जारी किये गये तथा संचालनालय के आदेश दिनांक 14.09.2015 द्वारा उनके विरूद्ध विभागीय जाँच संस्थित करते हुये संस्थित विभागीय जाँच प्रकरण में संभागीय संयुक्त संचालक, स्वास्थ्य सेवायें, ग्वालियर को जाँचकर्ता तथा उप संचालक, स्वास्थ्य सेवायें, ग्वालियर को प्रस्तुतकर्ता अधिकारी नियुक्त किया जाकर विषयान्तर्गत प्रकरण प्रचलन में है। (ब) डॉ. राकेश शर्मा के विरूद्ध जिला भिण्ड में तानाशाह के रूप में कार्य करने संबंधी शिकायत की जाँच, संभागीय संयुक्त संचालक, स्वास्थ्य सेवायें, ग्वालियर में फरवरी 2016 से तथा प्रश्नांश में माननीय विधायक महोदय द्वारा डॉ. शर्मा के विरूद्ध दिनांक 29.03.2016 द्वारा प्रेषित शिकायती प्रकरण की जाँच, संभागीय संयुक्त संचालक, स्वास्थ्य सेवायें, ग्वालियर में अप्रैल 2016 से प्रचलित है। उपरोक्त सभी प्रकरणों में डॉ. शर्मा के विरूद्ध जाँच संबंधी कार्यवाही प्रचलन में होने के परिणामस्वरूप संबंधित के विरूद्ध जाँच उपरान्त गुण-दोष के आधार पर नियमानुसार कार्यवाही करने के साथ ही हाल ही में माननीय विधायक महोदय द्वारा डॉ. शर्मा के संबंध में पूछे गये ध्यानाकर्षण सूचना क्रमांक.23 जिसमें कम्प्यूटर आपरेटर का वेतन निर्धारण एवं दतिया जिले से स्थानांतरित कर्मचारियों के आदेशों की पुष्टि डॉ. राकेश शर्मा द्वारा विभाग से नहीं कराये जाने संबंधी प्रकरण में भी उनके विरूद्ध नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही की जावेगी। (घ) जिला भिण्ड में डॉ. राकेश शर्मा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी भिण्ड से वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. जे.पी.गुप्ता दिनांक 16.11.1980 से तथा डॉ. पदमा द्विवेदी, स्त्रीरोग विशेषज्ञ दिनांक 30.12.1994 से पदस्थ होने के साथ ही डॉ. के.एन.शर्मा, एम.डी.पीडियाट्रिक्स दिनांक 03.01.1995 से पदस्थ है। वर्ष 2012 में डॉ. शर्मा को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के पद पर पदस्थ करने के दौरान इनके विरूद्ध शिकायतें अप्राप्त थी।

अनुसूचित जाति बाहुल्‍य बस्‍ती में विद्युतीकरण

55. ( क्र. 1662 ) डॉ. गोविन्द सिंह : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भिण्‍ड जिले को अनुसूचित जाति कल्‍याण विभाग द्वारा वर्ष 2014-15, 2015-16 एवं 2016-17 में विकास एवं विद्युतीकरण हेतु कितनी-कितनी राशि आवंटित की गई? आवंटित राशि किस-किस अधिकारी की स्‍वीकृति से किस-किस कार्य हेतु कहाँ-कहाँ व्‍यय की गई वर्षवार विवरण दें? (ख) उपरोक्‍त अवधि में स्‍वीकृत की गई राशि के ग्रामों की जनसंख्‍या का प्रतिशत क्‍या है? राशि वितरण के नियमों की प्रति दें? (ग) प्रश्‍नकर्ता के पत्र क्रमांक 174 दिनांक 31.08.2015 एवं पत्र क्रमांक 175 दिनांक 31.08.2015 को पत्र भेजकर ग्राम पंचायत वैशपुरा की अनुसूचित जाति बाहुल्‍य बस्‍ती ग्राम छिवावली नं. 2 एवं लालपुरा ग्राम पंचायत के ग्राम श्‍यामपुरा में विद्युतीकरण का प्रस्‍ताव दिया था? यदि हाँ तो अभी तक विद्युतीकरण नहीं करने के क्‍या कारण हैं?

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र एवं अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र एवं अनुसार है। (ग) जी हाँ। प्रश्‍नकर्ता के उक्‍त कार्यों हेतु वित्‍तीय वर्ष 2015-16 के द्वितीय त्रैमास एवं उसके पश्‍चात् विद्युतिकरण मद में कोई आवंटन जिले को प्राप्‍त न होने से कार्यवाही नहीं की जा सकी।

होशंगाबाद संभाग में संचालित नर्सिंग होम्‍स

56. ( क्र. 1681 ) श्री संजय शाह मकड़ाई : क्या लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) होशंगाबाद संभाग में कितने नर्सिंग होम संचालित हैं और इनके मापदण्ड क्या हैं क्या इन मापदण्डों का पालन हो रहा है? संचालित नर्सिंग होम के भवन निर्माण के क्या मापदण्ड हैं? क्या आवासीय क्षेत्रों में नर्सिंग होम निर्माण कि अनुमति ली गई हैं? यदि हाँ तो किस विभाग द्वारा अनुमति लेना आवश्यक है? नर्सिंग होम हेतु कितने डॉक्टर एवं अन्य स्टॉफ होना आवश्यक है? क्या संचालित नर्सिंग होम इसका पालन कर रहे हैं। (ख) क्या प्राइवेट नर्सिंग होम का प्रदेश स्तर के अधिकारियों द्वारा जाँच की जाती हैं कितने-कितने समय पर जाँच का प्रावधान हैं पिछले 3 साल से प्रश्न दिनांक तक कितनी बार किन-किन अधिकारियों द्वारा जाँच की गईकार्यवाही की जानकारी उपलब्ध करावें। (ग) क्या जिले में शासकीय अस्पताल एवं प्राइवेट नर्सिंग होम द्वारा बायो मेडिकल एवं मानव अंग,रक्त किस प्रकार नष्ट किए जाते हैं?

लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) से (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

वन भूमि के दावे

57. ( क्र. 1710 ) श्री फुन्‍देलाल सिंह मार्को : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जनवरी,2008 से लागू वन अधिकार कानून 2006 के तहत शहडोल संभाग के शहडोल, उमरिया एवं अनूपपुर जिले में वर्ष 2015-16 तक कितनी वन भूमि के कितने दावे मान्‍य और कितने दावे अमान्‍य किये गये, कितने दावे लंबित थे, कितनी अपील उपखण्‍ड स्‍तरीय समिति एवं कितनी अपील जिला स्‍तरीय समिति के समक्ष मार्च, 2016 को लंबित थी? (ख) अप्रैल 2016 से प्रश्‍न दिनांक तक किस जिले में कितनी भूमि के कितने नवीन दावे प्राप्‍त हुये, कितनी अपील उपखण्‍ड स्‍तरीय समि‍ति‍ एवं जिला स्‍तरीय समिति को प्राप्‍त हुई? (ग) अप्रैल 2016 से प्रश्‍न दिनां‍क तक किस-किस जिले में जिला स्‍तरीय समिति की किस दिनांक को आयोजित बैठक में कितनी भूमि के कितने दावे मान्‍य किये गये, कितने दावे अमान्‍य किये गये. कितनी अपीलों पर निर्णय लिया गया तथा कितने वन अधिकारी पत्र इस अवधि में वितरित किये गये?

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) से (ग) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र ''एक'', ''दो'' एवं ''तीन'' अनुसार है।

परिशिष्ट - ''सोलह''

वन अधिकार समितियां

58. ( क्र. 1714 ) श्री फुन्‍देलाल सिंह मार्को : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जनवरी, 2008 से लागू वन अधिकार कानून 2006 के अनुसार शहडोल संभाग के शहडोल, उमरिया एवं अनूपपुर जिले के कितने राजस्‍व ग्रामों में वन अधिकार समितियां बनाई गई, कितने ग्रामों में, किन कारणों से प्रश्‍नांकित दिनांक तक भी वन अधिकार समितियां नहीं बनाई जा सकी? (ख) उक्‍त में से किस जिले में मार्च 2016 तक गैर आदिवासियों के कितनी भूमि के कितने दावे प्राप्‍त हुये एवं कितने दावे मान्‍य व कितने दावे शासन द्वारा अमान्‍य किये गये, अमान्‍य करने का कारण बतायें? क्‍या कुछ ऐसे भी दावेदार थे, जिनकी अपील लंबित थी और उनके दावे को अमान्‍य कर दिया गया? (ग) उपरोक्‍त वर्णित जिलों में अप्रैल, 2016 से प्रश्‍न दिनांक तक कितने गैर आदिवासियों के नये दावे प्राप्‍त हुये, कितनी अपील हुई, कितनी भूमि के कितने दावे मान्‍य किये गये एवं कितने दावे अमान्‍य किये गये? (घ) गैर आदिवासियों के दावे मार्च, 2016 तक अमान्‍य किये जाने और अप्रैल, 2016 के बाद मान्‍य किये जाने का क्‍या कारण रहा है?

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) से (ग) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र ''एक'', ''दो'' तथा ''तीन'' अनुसार है। (घ) जिला शहडोल एवं उमरिया में मार्च 2016 तक गैर आदिवासियों के अमान्य दावों में से किसी भी दावे को अप्रेल 2016 के बाद मान्य नहीं किया गया है। जिला अनूपपुर में 0.605 हेक्टेयर भूमि के 02 अमान्य दावों को अप्रैल 2016 के बाद 75 वर्ष (तीन पीढ़ी) का दावा प्रमाणित पाये जाने से मान्य किया गया है।

परिशिष्ट - ''सत्रह''

अपराधिक प्रवृत्ति के प्रेरक की नियुक्ति

59. ( क्र. 1737 ) श्री सत्‍यपाल सिंह सिकरवार : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सुमावली विधान सभा क्षेत्र मुरैना की मृगपुरा पंचायत के वर्ष 2013-2014 एवं 2014-2015 में प्रौढ़ शिक्षा केन्‍द्र पर प्रेरक पद पर किन-किन लोगों की नियुक्ति की गई एवं उनकी क्‍या योग्‍यता रखी गई