मध्यप्रदेश विधान सभा


प्रश्नोत्तर-सूची
जून, 2018 सत्र


सोमवार, दिनांक 25 जून, 2018


भाग-1
तारांकित प्रश्नोत्तर



विद्यालयों में पेयजल/शौचालय/विद्युत व्‍यवस्‍था

[स्कूल शिक्षा]

1. ( *क्र. 455 ) श्री हेमन्‍त सत्‍यदेव कटारे : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या अटेर विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र के सभी वर्ग के शासकीय प्राथमिक, माध्‍यमिक, हाई स्‍कूल एवं हायर सेकेण्‍डरी स्‍कूलों के शासकीय भवन बन चुके हैं? यदि नहीं, तो किन-किन स्‍कूलों के भवन नहीं हैं? जिन विद्यालयों के भवन नहीं हैं, उन्‍हें किन भवनों में लगाया जा रहा है? सूची सहित विवरण दिया जावे। (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में क्‍या संचालित सभी विद्यालयों के भवनों में छात्र-छात्राओं के उपयोग हेतु पेयजल, शौचालय की व्‍यवस्‍था की गई है? यदि नहीं, तो किन-किन भवनों में उक्‍त व्‍यवस्‍था उपलब्‍ध नहीं है? कब तक उपलब्‍ध करा दी जावेगी? सुविधाओं के अभाव में छात्रों द्वारा कैसे अध्‍ययन किया जा रहा है? (ग) उपरोक्‍त सभी प्रकार के विद्यालयों के शासकीय भवनों में क्‍या विद्युत कनेक्‍शन लिये गये हैं? यदि हाँ, तो क्‍या उस विद्युत कनेक्‍शन से संबंधित विद्यालयों में विद्युत की आपूर्ति हो रही है? ऐसे कितने सभी प्रकार के विद्यालय शेष हैं, जिनमें विधिवत विद्युत का कनेक्‍शन नहीं लिया गया है और कब तक लिया जावेगा? क्‍या इसके लिये बजट का प्रावधान अथवा स्‍थानीय स्‍तर पर कोई निधि आरक्षित की गई है? पूर्ण विवरण सहित जानकारी दी जाये।

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) शासकीय प्राथमिक व माध्यमिक शालाओं की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है तथा हाई/हाई सेकेण्डरी शालाओं की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में समस्त 579 शासकीय प्राथमिक एवं माध्यमिक शालाओं में शौचालय एवं पेयजल की व्यवस्था हैजिनमें से 33 शौचालय मरम्मत योग्य हैं, जिनकी मरम्मत शाला प्रबंध समिति द्वारा की जाती है। निश्चित समय-सीमा बताना संभव नही है। सुविधाओं के अभाव में छात्रों का अध्ययन प्रभावित नही हो रहा है। संचालित सभी शासकीय हाई/हायर सेकेण्डरी शालाओं में पेयजल एवं शौचालयों की सुविधा उपलब्ध है। (ग) अटेर विधानसभा क्षेत्र के कुल 579 शासकीय प्राथमिक/माध्यमिक विद्यालयों में से 9 विद्यालयों में विद्युत कनेक्‍श्‍न की सुविधा है एवं विद्युत की आपूर्ति हो रही है। शेष 570 विद्यालयों में विद्युत कनेक्‍श्‍न नहीं है। राज्य मद से मुख्यमंत्री शाला ज्योति योजना अन्तर्गत शासकीय प्राथमिक/माध्यमिक विद्यालयों में विद्युत कनेक्‍शन की कार्यवाही प्रचलन में है। बजट की उपलब्धता के आधार पर शालाओं में विद्युत कनेक्‍शन किया जा सकेगा। निश्चित समय-सीमा बताना संभव नही है। 07 शासकीय हाईस्कूलों में एवं 03 हायर सेकेण्डरी शालाओं में विद्युत व्यवस्था नही है। संचालित सभी शासकीय हाई/हायर सेकेण्डरी शालाओं में दिसम्बर 2018 तक विद्युत व्यवस्था उपलब्ध कराने का लक्ष्य है।

शासकीय विद्यालयों के जर्जर भवनों की मरम्‍मत 

[स्कूल शिक्षा]

2. ( *क्र. 6 ) श्री जितेन्‍द्र गेहलोत : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या आलोट विधानसभा क्षेत्र के ताल शासकीय माध्‍यमिक विद्यालय भवन की हालत जर्जर हो चुकी है। यदि हाँ, तो अब तक शासन ने उक्‍त संबंध में क्‍या कार्यवाही की? (ख) आलोट विधानसभा क्षेत्र में अन्‍य कितने प्राथमिक, माध्‍यमिक विद्यालय भवनों की मरम्‍मत एवं पुनर्निर्माण की आवश्‍यकता है एवं तत्‍संबंध में क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई? (ग) प्रश्‍नांश (क) वर्णित भवन का कार्य क्‍या वर्षा पूर्व पूर्ण कर दिया जायेगा? यदि नहीं, तो क्‍यों?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जी नहीं। शेषांश का प्रश्‍न नहीं उठता। (ख) आलोट विधानसभा क्षेत्र में 27 प्राथमिक एवं माध्‍यमिक भवनों की मरम्‍मत तथा 09 प्राथमिक एवं माध्‍यमिक भवनों के पुनर्निर्माण के प्रस्‍ताव वार्षिक कार्य योजना 2018-19 में सम्मिलित किये गये हैं। स्‍वीकृति अप्राप्‍त है। जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) उत्‍तरांश (क) के अनुक्रम में प्रश्‍न नहीं उठता।

परिशिष्ट - ''एक''

किला गेट से लहार चौराहा तक मार्ग का निर्माण

[लोक निर्माण]

3. ( *क्र. 359 ) श्री नरेन्‍द्र सिंह कुशवाह : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) किला गेट से लहार रोड चौराहा भिण्‍ड में सड़क मार्ग का निर्माण कब प्रारम्‍भ हुआ? कब पूर्ण होना था, प्रश्‍न दिनांक तक कितना कार्य पूर्ण हुआ? कार्य की धीमी गति से होने के क्‍या कारण हैं? इसके लिये कौन दोषी है? कब तक क्‍या कार्यवाही की जावेगी? (ख) प्रश्‍नांश (क) के अन्‍तर्गत क्‍या मार्ग निर्माण में उपयंत्री, सहायक यंत्री एवं कार्यपालन यंत्री लोक निर्माण विभाग भिण्‍ड की अरूचि के कारण कार्य प्रभावित हो रहा है? समयावधि पूर्ण होने के उपरांत कार्य पूर्ण न होने के कारण किसके विरूद्ध क्‍या कार्यवाही प्रस्‍तावित की गई? छायाप्रति सहित जानकारी दें (ग) प्रश्‍नांश (क) और (ख) में किस निर्माण एजेंसी को कितनी राशि का कब भुगतान किया गया? क्‍या सक्षम अधिकारी की अनुमति ली गई? यदि नहीं, तो क्‍यों? (घ) प्रश्‍नांश (क) में कब तक कार्य पूर्ण हो जायेगा? विलम्‍ब से कार्य होने के कारण किसके विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की जावेगी?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) दिनांक 10.08.2016 को। दिनांक 29.06.2017 को। प्रश्‍नांश दिनांक तक 70 प्रतिशत। कार्य की धीमी गति होने के निम्‍न कारण हैं :- प्रशासन द्वारा विलंब से दिनांक 23.03.2018 को अतिक्रमण हटाया, जिसका मलबा नगर पालिका द्वारा वर्तमान तक नहीं हटाया गया। म.प्र.म.क्षे.वि.वि.क. भिण्‍ड द्वारा विद्युत पोल शिफ्ट नहीं किये हैं। नगर पालिका भिण्‍ड द्वारा सीवर लाईन का कार्य पूर्ण नहीं किया गया है एवं ठेकेदार के द्वारा धीमी गति से कार्य करने के कारण। इसके लिये कोई भी अधिकारी/कर्मचारी दोषी नहीं है। कार्यवाही का प्रश्‍न ही नहीं होता है। (ख) जी नहीं। ठेकेदार के विरूद्ध अनुबंध में निहित प्रावधान के अनुसार कार्यवाही की गई जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ग) मे. मूलचन्‍द जैन को चलित देयकों के माध्‍यम से प्रथम देयक राशि 2526114.00, दिनांक 02.10.2016, द्वितीय चल देयक राशि 3088419.00, दिनांक 20.01.2017, तृतीय चल देयक राशि 1333101.00, दिनांक 09.04.2017 एवं चतुर्थ देयक राशि 3191762.00, दिनांक 16.05.2018 कुल राशि 10139396.00 का भुगतान किया गया है। भुगतान हेतु कार्यपालन यंत्री भिण्‍ड सक्षम है। अनुमति की आवश्‍यकता नहीं है। (घ) कार्य दिनांक 31.12.2018 तक पूर्ण होना संभावित है। विलंब से कार्य पूर्ण होने पर अनुबंध में निहित शर्त अनुसार गुण-दोष के आधार पर ठेकेदार के विरूद्ध कार्यवाही की जावेगी।

परिशिष्ट - ''दो''

फर्जी अनुज्ञा पत्र मामले की जाँच व कार्यवाही

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

4. ( *क्र. 503 ) श्री बाला बच्‍चन : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍न क्रमांक 4817, दिनांक 20.03.2018 के (ख) उत्‍तर अनुसार शासन ने E.O.W. को जाँच सौंपने के बाद पत्राचार क्‍यों नहीं किया? लगभग तीन वर्ष होने के बाद भी प्रारंभिक जाँच स्‍तर पर मामला लंबित रहने पर विभाग ने E.O.W. से इसके लिए निवेदन क्‍यों नहीं किया? यदि किया है तो पत्राचार की छायाप्रति देवें। (ख) उपरोक्‍तानुसार प्रश्‍न (ग) के उत्‍तर में वर्णित फर्मों में कुछ के लाइसेंस निरस्‍त किए, कुछ के नहीं किए गए, कई फर्मों से राशि वसूली लंबित है, ऐसा क्‍यों? लंबित राशि की जानकारी फर्मवार, जिलावार देवें। (ग) इनसे वसूली कब तक होगी? यदि नहीं, तो क्‍यों? इसमें वर्णित आरोपी अधिकारियों पर शासन कब तक कार्यवाही करेगा? (घ) जिन फर्मों पर F.I.R. नहीं की गई, उसके कारण बतावें। यह कब तक होगी? यह जाँच कब तक पूर्ण होगी?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '', '' एवं '' अनुसार है। (ग) जिन लंबित फर्मों पर कार्यवाही की जाना है, उनके प्रकरण माननीय न्‍यायालय एवं भू-राजस्‍व की भांति वसूली हेतु प्रचलन में हैं। उक्‍त प्रारंभिक जाँच में प्रथमदृष्‍टया उत्‍तरदायी पाये गये अधिकारी/कर्मचारियों में से 06 अधिकारी/कर्मचारियों के विरूद्ध गुण-दोष के आधार पर निर्णय लिया गया है, शेष 45 अधिकारी/कर्मचारियों के विरूद्ध कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (घ) मण्‍डी सचिवों द्वारा संबंधित मण्‍डी अंतर्गत थानों में एफ.आई.आर. करने हेतु पत्र लिखा गया है, प्रकरण माननीय न्‍यायालय एवं भू-राजस्‍व की भांति वसूली हेतु संबंधित थानों में विवेचनाधीन है। साथ ही राज्‍य आर्थिक अपराध ब्‍यूरो (ई.ओ.डब्‍ल्‍यू.) में प्रारंभिक प्रश्‍नाधीन मामला विचाराधीन है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

विधानसभा क्षेत्र बिजावर अंतर्गत स्कूल भवनों का निर्माण

[स्कूल शिक्षा]

5. ( *क्र. 154 ) श्री पुष्‍पेन्‍द्र नाथ पाठक : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) छतरपुर जिला अंतर्गत विधानसभा क्षेत्र बिजावर में जनवरी, 2014 से प्रश्न दिनांक तक कौन-कौन से स्कूलों का उन्नयन प्राथमिक शाला से माध्यमिक शाला, माध्यमिक शाला से हाई स्कूल एवं हाई स्कूल से हायर सेकेंड्री में किया गया? स्कूलों के नाम पंचायत एवं विकासखण्‍डानुसार तथा वर्षवार जानकारी प्रदाय करें? (ख) विधानसभा क्षेत्र बिजावर में जनवरी 2014 से प्रश्न दिनांक तक कहाँ-कहाँ नवीन स्कूल भवनों का निर्माण किया गया? स्वीकृत किया गया? निर्माणाधीन हैं? स्कूलों के नाम, निर्माण राशि एवं भवनों की वर्तमान स्थिति क्या है? (ग) विधानसभा क्षेत्र बिजावर में जनवरी, 2014 से प्रश्न दिनांक तक कितने स्कूल भवनों में अतिरिक्त नवीन कक्षों, बाउंड्रीवॉल या अन्य कौन-कौन से निर्माण कार्य किये गए? स्थानों के नाम, स्वीकृत राशि एवं उनकी वर्तमान स्थिति क्या है?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) छतरपुर जिलांतर्गत बिजावर विधानसभा क्षेत्रांतर्गत प्रश्नांकित अवधि में किसी भी शासकीय प्राथमिक शाला का माध्यमिक शाला में उन्नयन नहीं किया गया। हाईस्कूल/हायर सेकेण्डरी शालाओं की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'एक' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'दो' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'तीन' अनुसार है।

भोपाल शहर अंतर्गत डिवाइडर का निर्माण

[लोक निर्माण]

6. ( *क्र. 401 ) श्री आरिफ अकील : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या भोपाल टॉकीज चौराहे से करोंद रेल्‍वे क्रासिंग तक 2.50 कि.मी. दूरी तक डिवाइडर निर्माण हेतु राशि 14.18 लाख रूपये स्‍वीकृत होकर कार्य प्रारंभ किया गया था? (ख) यदि हाँ, तो कार्य पूरा नहीं करने के क्‍या कारण हैं तथा पुन: कार्य कब से प्रारंभ किया जावेगा? यदि नहीं, तो कारण सहित बतावें?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी नहीं। (ख) प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

उप कृषि उपज मण्‍डी गुनौर/अमानगंज को कृषि उपज मण्डी का दर्जा

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

7. ( *क्र. 130 ) श्री महेन्‍द्र सिंह बागरी : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) पन्ना जिले की किस कृषि उपज मण्डी, उप कृषि उपज मण्डी को कितना राजस्व आय प्राप्त होता है? वर्ष 2013 से प्रश्न दिनांक तक वर्षवार, राशिवार जानकारी दें। (ख) क्या जिन उप कृषि उपज मण्डी में ज्यादा राजस्व आय प्राप्त होती है, उन्हें पूर्ण मण्डी का दर्जा देने का प्रावधान है? यदि हाँ, तो किस उप कृषि उपज मण्डी को पूर्ण मण्डी का दर्जा दिया गया? यदि नहीं, दिया गया तो क्यों? (ग) क्या उप कृषि उपज मण्डी गुनौर एवं अमानगंज को कृषि उपज मण्डी पन्ना से ज्यादा राजस्व आय प्राप्त होने के बाद भी आज दिनांक तक पूर्ण मण्डी का दर्जा नहीं दिया गया है? यदि ज्यादा राजस्व आय प्राप्त करने वाली उप कृषि उपज मण्डी को पूर्ण मण्डी का दर्जा देने का प्रावधान है तो क्या गुनौर, अमानगंज को पूर्ण मण्डी का दर्जा दिलाया जायेगा? यदि हाँ, तो कब तक? (घ) क्या कृषि उपज मण्डी में किसानों की सुविधा हेतु पेय जल एवं कम दर पर भोजन दिलाये जाने हेतु केंटीन की व्यवस्था का प्रावधान है? यदि हाँ, तो किन-किन कृषि उपज मण्डी में केंटीन उपलब्ध है, यदि केंटीन नहीं है, तो उसका क्या कारण है?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) पन्‍ना जिले की कृषि उपज मण्‍डी एवं उप मण्‍डी को प्राप्‍त आय (राजस्‍व) की जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) जी नहीं। मध्‍यप्रदेश शासन, किसान कल्‍याण तथा कृषि विकास विभाग के पत्र क्रमांक 319/1832/2016/14-3 दिनांक 02.02.2016 के निर्धारित मापदण्‍डों के अनुरूप नवीन मण्‍डी/उपमण्‍डी की स्‍थापना का प्रावधान है, निर्देश की जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ग) जी नहीं। गुनौर एवं अमानगंज उपमण्‍डी की शासन द्वारा निर्धारित मापदण्‍ड अनुसार राजस्‍व आय की पूर्ति हो रही है, किन्‍तु अन्‍य मापदण्‍डों में भूमि-15 एकड़ एवं व्‍यापारियों की संख्‍या-15 की पूर्ति नहीं होने एवं पन्‍ना मण्‍डी की आय प्रभावित होने के कारण स्‍वतंत्र मण्‍डी का दर्जा दिये जाने में व्‍यवहारिक कठिनाई है। (घ) पन्‍ना जिले की मण्‍डियों की केन्‍टीन एवं पेयजल सुविधा संबंधी जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है।

परिशिष्ट - ''तीन''

परासिया में अतिरिक्‍त सत्र न्‍यायालय को प्रारंभ किया जाना 

[विधि और विधायी कार्य]

8. ( *क्र. 496 ) श्री सोहनलाल बाल्‍मीक : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या परासिया में अतिरिक्‍त सत्र न्‍यायालय प्रारंभ करने हेतु शासन द्वारा स्‍वीकृति प्राप्‍त हो चुकी है तथा भूमि (स्‍थल) का चयन भी ग्राम खिरसाडोह में कर लिया गया है और न्‍यायालय हेतु भवन का निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया गया है, परन्‍तु उक्‍त भवन का निर्माण कार्य पूर्ण होने में लगभग डेढ़ से दो वर्ष का समय लगेगा? (ख) क्‍या आमजनों की न्‍यायिक सुविधाओं को देखते हुये परासिया में स्‍वीकृत अतिरिक्‍त सत्र न्‍यायालय को शीघ्र अतिशीघ्र प्रारंभ किया जाना अतिआवश्‍यक है, क्‍या उक्‍त भवन निर्माण अवधि के दौरान ही परासिया में अतिरिक्‍त सत्र न्‍यायालय को प्रारंभ किए जाने हेतु वैकल्पिक भवन उपलब्‍ध कराया जायेगा, जिससे क्षेत्र की जनता को विलम्‍ब से मिलने वाला न्‍याय सहजता से सुलभ प्राप्‍त हो सकेगा एवं वर्तमान परिस्थितियों में न्‍यायालयों में लंबित प्रकरणों का निराकरण भी हो सकेगा? (ग) आमजनों की सुविधा को ध्‍यान में रखते हुये वैकल्पिक भवन उपलब्‍ध कराकर परासिया में अतिरिक्‍त सत्र न्‍यायालय को कब से प्रारंभ किया जायेगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) से () जानकारी ए‍कत्रित की जा रही है।

श्‍योपुर जिले में स्‍वीकृत सड़कों का निर्माण कार्य प्रारंभ किया जाना

[लोक निर्माण]

9. ( *क्र. 423 ) श्री रामनिवास रावत : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) माह मई 2018 की स्थिति में श्‍योपुर जिले में कौन-कौन सी नवीन सड़कों एवं पुल/पुलियाओं के निर्माण कार्य के प्रस्‍ताव स्‍वीकृति‍ हेतु कब से एवं किस कारण से लंबित हैं? विकासखण्‍डवार जानकारी दें। कौन-कौन सी सड़कों एवं पुल/पुलियाओं के निर्माण कार्य किस-किस योजना के तहत कितनी-कितनी राशि के कब-कब से स्‍वीकृत हैं? स्‍वीकृत कार्यों का निर्माण कार्य प्रारंभ कराए जाने हेतु अभी तक क्‍या-क्‍या कार्यवाही की जा चुकी है? कब तक निर्माण कार्य प्रारंभ कराकर पूर्ण करा दिये जावेंगे? (ख) क्‍या जिला श्‍योपुर में स्वीकृत 1. गोरस-आवदा-अजापुरा मार्ग 2. विजयपुर-धोबिनी रोड से इकलौद तक सी.सी. रोड निर्माण 3. विजयपुर-सैमई मार्ग 4. विजयपुर-इकलौद रोड पर बंधपुरा से गांधी चौक विजयपुर तक सड़क निर्माण 1. टेंटरा-विजयपुर धोबिनी मार्ग का पुन: डामरीकरण आदि निर्माण कार्य स्‍वीकृत हैं? यदि हाँ, तो किस-किस योजना के तहत कितनी-कितनी लंबाई के कब-कब से स्‍वीकृत हैं? उपरोक्‍तानुसार स्‍वीकृत मार्गों का निर्माण प्रारंभ कराए जाने हेतु विभाग द्वारा कब-कब टेंडर जारी किए गए एवं विभाग द्वारा अभी तक क्‍या-क्‍या कार्यवाही की है? स्‍वीकृति के बाद काफी समय व्‍यतीत होने के बावजूद अभी तक निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं होने के क्‍या कारण हैं? इन्‍हें कब तक प्रारंभ कराकर पूर्ण कर दिया जावेगा? (ग) क्‍या मान. मुख्‍यमंत्री जी द्वारा विजयपुर प्रवास के दौरान विजयपुर में बायपास मार्ग निर्माण की घोषणा की थी? यदि हाँ, तो क्‍या विजयपुर में 6.715 कि.मी. लंबाई के राशि रू. 2140.00 लाख से विजयपुर बायपास मार्ग निर्माण की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्‍वीकृति का प्रस्‍ताव शासन के समक्ष लंबित है? यदि हाँ, तो कब से? (घ) प्रशासकीय स्‍वीकृति हेतु लंबित उक्‍त मार्ग की प्रशासकीय स्‍वीकृति हेतु प्रश्‍नकर्ता द्वारा मान. मुख्‍यमंत्री जी, प्रमुख सचिव, लोक निर्माण, लोक निर्माण विभाग के मंत्री, प्रमुख अभियंता, लोक निर्माण विभाग को समय-समय पर भेजे गए पत्रों पर क्‍या कार्यवाही की गई? कृत कार्यवाही से प्रश्‍नकर्ता को अवगत न कराए जाने के क्‍या कारण रहे एवं उक्‍त बायपास मार्ग की प्रशासकीय स्‍वीकृति कब तक जारी कर दी जावेगी? यदि नहीं, तो क्‍यों?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) प्रस्‍तावित कार्यों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' एवं निर्माण कार्यों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' एवं 'ब-1' अनुसार है। (ख) विस्‍तृत जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र 'ब-1' एवं '' अनुसार है। (ग) जी हाँ। जी नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) जी हाँ। कार्यपालन यंत्री श्‍योपुर द्वारा दिनांक 15.05.2018 को माननीय विधायक महोदय को अवगत कराया। प्राक्‍कलन का तकनीकी परीक्षण प्रक्रियाधीन है। वर्तमान में समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है।

भावान्‍तर योजना के क्रियान्‍वयन हेतु डाटा एन्‍ट्री ऑपरेटरों की नियुक्ति

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

10. ( *क्र. 282 ) श्री नीलांशु चतुर्वेदी : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रदेश में वर्ष 2017-18 में भावान्‍तर योजना के क्रियान्‍वयन हेतु प्रदेश की मण्‍डियों में डाटा एन्‍ट्री आपरेटरों को नियुक्‍त करने हेतु मण्‍डी समितियों को निर्देश दिए गए थे? यदि हाँ, तो मण्‍डी समितियों द्वारा क्‍या उक्‍त डाटा एन्‍ट्री आपरेटर आउटसोर्सेस एजेन्‍सी से नियुक्‍त करने हेतु विज्ञापन जारी किए गए थे? यदि हाँ, तो विज्ञापन पर मण्‍डीवार कितनी राशि व्‍यय की गई? विवरण दें। (ख) प्रश्‍नांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में मण्‍डी समितियों ने डाटा एन्‍ट्री आपरेटरों की नियुक्‍ति‍ क्‍यों नहीं की। किस नियम के तहत मण्‍डी बोर्ड भोपाल द्वार डाटा एन्‍ट्री ऑपरेटरों को नियुक्‍त कर मण्‍डियों को भेजा गया, भेजे गए डाटा एन्‍ट्री ऑपरेटरों की सूची उपलब्‍ध कराएं तथा प्रश्‍न दिनांक तक उन्‍हें किस दर से कितनी राशि का भुगतान किया गया। (ग) प्रश्‍नांश (ख) के नियुक्‍त डाटा एन्‍ट्री आपरेटरों में क्‍या आरक्षण नियम का पालन किया गया? यदि नहीं, तो क्‍यों? क्‍या शासन इसकी उच्‍चस्‍तरीय जाँच कर दोषियों के विरूद्ध कार्यवाही करेगा? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्‍यों?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) जी नहीं। वर्ष 2017-18 में भावान्‍तर भुगतान योजना के क्रियान्‍वयन हेतु म.प्र. राज्‍य कृषि विपणन बोर्ड मुख्‍यालय भोपाल स्‍तर से प्रदेश की कृषि उपज मण्‍डी समितियों में, डाटा एन्‍ट्री ऑपरेटर की सेवा ठेके पर उपलब्‍ध कराये जाने बावत् विज्ञापन जारी कर निविदा आमंत्रित की गई थी। उक्‍त के परिप्रेक्ष्‍य में शेष प्रश्‍न उद्भूत नहीं होता है। (ख) प्रश्‍नांश (क) के उत्‍तर के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उद्भूत नहीं होता है। उक्‍त भावान्‍तर भुगतान योजना, राज्‍य शासन की योजना है। इस योजना अंतर्गत प्रदेश की सभी कृषि उपज मण्‍डियों को आउट-सोर्स के माध्‍यम से डाटा एन्‍ट्री आपरेटर की सेवा ठेके पर उपलब्‍ध करायी जाने का प्रावधान था, उक्‍त डाटा एन्‍ट्री ऑपरेटरों को मण्‍डियों में उपलब्‍ध करने हेतु म.प्र. राज्‍य कृषि विपणन बोर्ड मुख्‍यालय द्वारा विधिवत निविदा आंमत्रित हेतु विज्ञापन जारी कर डाटा एन्‍ट्री ऑपरेटर नियुक्‍त करने वाली नियमानुसार 03 एजेन्सियों का चयन किया गया। मण्‍डी बोर्ड द्वारा अनुबंधित तीनों एजेन्सियों द्वारा मण्‍डियों में ठेके पर उपलब्‍ध कराये गये डाटा एन्‍ट्री ऑपरेटर की मण्‍डीवार/संभागवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। प्रश्‍न दिनांक तक म.प्र. श्रमायुक्‍त विभाग द्वारा निर्धारित उच्‍च कुशल दर पर डाटा एन्‍ट्री ऑपरेटरों का पारिश्रमिक सी.एस.टी./जी.एस.टी. सेवा प्रभार आदि का, मण्‍डी बोर्ड मुख्‍यालय स्‍तर पर वर्ष 2017-2018 ( माह 16 अक्‍टूबर 2017 से माह मार्च 2018 तक) राशि 6,77,82,194/- का भुगतान अनुबंधित तीनों एजेन्सियों को किया गया है। (ग) प्रश्‍नांश (ख) में भावान्‍तर भुगतान योजनान्‍तर्गत कार्यरत डाटा एन्‍ट्री ऑपरेटरों की नियुक्तियां, मण्‍डी बोर्ड/मण्‍डी समितियों के द्वारा नहीं की गई हैं। इस स्थिति में आरक्षण नियम आदि का प्रश्‍न उद्भूत नहीं होता है।

बालाघाट जिलांतर्गत नवीन सड़कों का निर्माण/उन्नयन

[लोक निर्माण]

11. ( *क्र. 236 ) श्री संजय उइके : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या लोक निर्माण विभाग द्वारा नवीन सड़क, विभाग के अधीन लेने एवं सड़कों के उन्‍नयन और सड़कों के निर्माण स्‍वीकृति हेतु कोई प्रक्रिया/नियम/निर्देश हैं? (ख) यदि हाँ, तो प्रति उपलब्‍ध करावें एवं बालाघाट जिले में वित्‍तीय वर्ष 2014-15 से प्रश्‍न दिनांक तक किन-किन एवं कहाँ-कहाँ की सड़कों को विभाग के अधीन लेकर किस-किस मद में कितनी-कितनी लागत से किन-किन सड़कों का निमार्ण कार्य स्‍वीकृत किया गया है? विभाग के अधीन ली गयी सड़कों के आदेश की प्रति सहित जानकारी देवें? (ग) प्रश्‍नकर्ता के तारांकित प्रश्‍न क्रमांक 4675, दिनांक 23.03.2018 के प्रश्‍नांश (ग) के उत्‍तर में विभाग द्वारा जानकारी निरंक दी गई है, जबकि प्रश्‍नकर्ता के ही तारांकित प्रश्‍न क्रमांक 2422, दिनांक 04.12.2017 के प्रश्‍नांश (क) के जवाब में प्रपत्र '''' में कौन-कौन से मार्ग विभाग के अन्‍तर्गत कब से हैं, की जानकारी दी गई है, दोनों प्रश्‍नों के उत्‍तर में अलग-अलग जानकारी किन कारणों से दी गई है, बतावें? (घ) क्‍या प्रश्‍नकर्ता द्वारा बालाघाट जिले की बैहर विधानसभा क्षेत्र की उच्‍चस्‍तरीय पुल एवं सड़कों के निर्माण हेतु स्‍वीकृति प्रदान करने के प्रस्‍ताव प्रमुख सचिव को दिया गया है? यदि हाँ, तो उक्‍त प्रस्‍तावों की स्‍वीकृति कब तक प्रदान की जावेगी?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) अन्‍य विभाग द्वारा निर्मित नवीन सड़क विभाग के अधीन लेने हेतु निर्देश पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 एवं सड़कों के उन्‍नयन हेतु प्रक्रिया पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। कोई नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) प्रश्‍नों का सार भिन्‍न होने से। (घ) जी हाँ, पत्र में उल्‍लेखित पुल का कार्य अन्‍य विभागों के मार्ग पर होने से निर्माण संबंधी कोई कार्यवाही नहीं की गई।

ठेकेदारों को जी.एस.टी. राशि का भुगतान 

[लोक निर्माण]

12. ( *क्र. 256 ) श्री संदीप श्री प्रसाद जायसवाल : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में निर्माण कार्य करने वाले ठेकेदारों पर जी.एस.टी. कब से लागू किया गया और इसके क्‍या शासनादेश एवं विभागीय निर्देश हैं? (ख) प्रश्‍नांश (क) के तहत जुलाई 2017 के उपरांत के कार्यादेशों एवं विभागों को दिये गये निर्देशों के कार्यादेशों में लोक निर्माण विभाग द्वारा ठेकेदारों को जी.एस.टी. का भुगतान ना होने का कारण बतायें। (ग) कटनी जिले में जुलाई 2017 के पश्‍चात् किन-किन विभागों एवं कार्यालयों द्वारा किन-किन निर्माण कार्यों हेतु किस-किस ठेकेदार एवं कंपनियों को कब-कब कार्यादेश दिये गये? (घ) प्रश्‍नांश (ग) के तहत क्‍या ठेकेदार को जी.एस.टी. की राशि का भुगतान किया गया अथवा किया जा रहा है? यदि हाँ, तो विवरण देवें। यदि नहीं, तो कारण बतायें। (ड.) प्रश्‍नांश (क) से (घ) के परिप्रेक्ष्‍य में क्‍या ठेकेदारों को जी.एस.टी. राशि का भुगतान ना होने की विसंगति का परीक्षण करवाकर भुगतान किये जाने की कार्यवाही की जायेगी? यदि हाँ, तो किस प्रकार एवं कब तक? यदि नहीं, तो कारण बतायें।

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) दिनांक 01 जुलाई, 2017 से। आदेश की प्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। लोक निर्माण विभाग पी.आई.यू. में 01.07.2017 के उपरांत आमंत्रित निविदाओं में ठेकेदारों को जी.एस.टी. का भुगतान पृथक से किया जा रहा है। म.प्र. रोड डेव्‍हलपमेंट कार्पो. लि. के अंतर्गत राज्‍यमद से वित्‍त पोषित परियोजनाओं के अनुबंध में यह शर्त शामिल की गई है कि ठेकेदार द्वारा उद्धृत दरों में जी.एस.टी. को छोड़कर केन्‍द्रीय एवं राज्‍य सरकार स्‍थानीय निकाय एवं अथॉरटीज की सभी दरों, उप दरों लेवजी, ड्यूटीज, सेस, टोल टेक्‍सों को शामिल माना जायेगा एवं जी.एस.टी. का भुगतान विभाग द्वारा बिल के भुगतान पर मौजूदा लागू दर के अनुसार फर्म को किया जायेगा। इसी अनुसार जी.एस.टी. का भुगतान किया जा रहा है। (ग) एवं (घ) विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '', 'अ-1' एवं 'अ-2' अनुसार है। (ड.) विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। लोक निर्माण विभाग पी.आई.यू. एवं म.प्र. रोड डेव्‍हलपमेंट कार्पो. लि. के अंतर्गत उत्‍तरांश (घ) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

पेंशन एवं देयकों का भुगतान

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

13. ( *क्र. 190 ) श्री लाखन सिंह यादव : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) म.प्र. शासन के कर्मचारियों/अधिकारियों की सेवानिवृत्ति के बाद उनको मिलने वाले ग्रेज्युटी, अवकाश नगदीकरण, जी.आई.एस. या अन्य कौन-कौन से देयकों का भुगतान किया जाता है? सभी भुगतानों की जानकारी दें। सेवानिवृत्ति के बाद कितने महीनों तक पेंशन तथा अन्‍य देय राशि रिटायर्ड कर्मचारी/अधिकारी को मिल जाना चाहिये? इस बावत म.प्र. शासन का क्या कोई आदेश है? यदि हाँ, तो आदेश की प्रति उपलब्ध करावें। (ख) क्‍या म.प्र. शासन कृषि विभाग जिला ग्वालियर में श्री राजकुमार सिंह राजपूत सहायक संचालक कृषि कार्यालय कृषि विस्तार एवं प्रशिक्षण केन्द्र ऑतरी जिला ग्वालियर जो दिनांक 31.12.2017 को सेवानिवृत्‍त हुये हैं तथा श्री भीकम सिंह यादव कृषि विकास अधिकारी कार्यालय वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी विकासखण्ड भितरवार जिला ग्वालियर से दिनांक 31.10.2016 को सेवानिवृत्‍त हुये हैं? यदि हाँ, तो क्या इन अधिकारियों को सेवानिवृत्ति के बाद शासन से मिलने वाले स्‍वत्‍वों का भुगतान किया जा चुका है? यदि हाँ, तो किस-किस स्‍वत्‍व का कितना-कितना भुगतान किन-किन दिनांकों में कितनी-कितनी राशि का किया गया है? क्या अभी और कोई भुगतान किया जाना शेष है? (ग) यदि हाँ, तो कौन-कौन सा भुगतान कितनी-कितनी राशि का शेष है, इस बकाया भुगतान को अभी तक न करने का क्या कारण है? क्या इसके लिये कोई कर्मचारी/अधिकारी दोषी है? यदि हाँ, तो दोषियों के नाम व पद बतावें? क्या दोषियों के प्रति कोई दण्डात्मक कार्यवाही की जावेगी? यदि हाँ, तो क्या और कब तक? यदि नहीं, तो क्यों?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है। सातवें वेतनमान के अनुसार केवल बढ़े हुए अंतर की राशि का भुगतान होना शेष है। कोष एवं लेखा द्वारा पुनरीक्षित पी.पी.ओ./जी.पी.ओ. के आदेश जारी होने पर भुगतान की जाने वाली राशि संबंधित के खाते में जमा करा दी जावेगी। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

प्रधानमंत्री सिंचाई योजना का क्रियान्‍वयन 

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

14. ( *क्र. 264 ) श्री सुन्‍दरलाल तिवारी : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रधानमंत्री सिंचाई योजना का क्रियान्‍वयन रीवा संभाग में कर सिंचाई सुविधा उपलब्‍ध करायी जा रही है, तो इस हेतु कौन-कौन से जनपद व क्षेत्र चिन्‍हांकित किये गये हैं, का विवरण देते हुए बतावें कि वर्ष 2016 से प्रश्‍न दिनांक तक कितने हेक्‍टेयर क्षेत्र में सिंचाई इस योजना के तहत रीवा जिले में हो रही है? (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में रीवा संभाग को इस योजना के संचालन बाबत् कितनी राशि सरकार द्वारा कब-कब रीवा संभाग के जिलों को प्रदान की गयी, का विवरण देवें। यह भी बतावें कि प्राप्‍त राशि का उपयोग कहाँ-कहाँ एवं कब-कब, किन-किन कार्यों में किया गया, का विवरण वर्ष 2016 से प्रश्‍न दिनांक तक का देवें। (ग) प्रश्‍नांश (क) की योजना के संचालन का उत्‍तरदायित्‍व किन-किन के ऊपर निहित किया गया है? क्‍या संबंधितों द्वारा अपने उत्‍तरदायित्‍वों का निर्वहन कर प्रधानमंत्री सिंचाई योजना की कार्ययोजना तैयार की तो विवरण वर्ष 2016 से प्रश्‍न दिनांक तक का देवें। अगर नहीं तो कारण सहित बतावें। (घ) प्रश्‍नांश (क) की योजना के क्रियान्‍वयन व अनुमोदन की कार्यवाही क्‍या जिला योजना समिति की बैठक दिनांक 24.04.2016 को प्रभारी मंत्री की उपस्थिति में की गयी? बैठक में लिये गये निर्णय के पालन में क्‍या कार्यवाही की गयी? की प्रति देते हुए बतावें। साथ ही जनपद पंचायत रायपुर कर्चु. एवं रीवा में कितने कार्य सिंचाई बाबत् कराये गये, का पृथक से विवरण देवें। (ड.) प्रश्‍नांश (क) योजना के क्रियान्‍वयन बाबत् प्रश्‍नांश (ख) अनुसार प्राप्‍त राशि का प्रश्‍नांश (ग) एवं (घ) के जिम्‍मेदारों द्वारा अपने उत्‍तरदायित्‍वों का निर्वहन कर योजना का क्रियान्‍वयन नहीं कराया गया, इस‍के लिए जिम्‍मेदारों की पहचान कर क्‍या कार्यवाही करेंगे? अगर नहीं तो क्‍यों?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) से (ड.) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

हाई स्‍कूल खतौरा का उन्‍नयन

[स्कूल शिक्षा]

15. ( *क्र. 155 ) श्री महेन्‍द्र सिंह यादव "खतौरा" : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या विधान सभा तारांकित प्रश्‍न क्र. 1566 के उत्‍तर में दिनांक 25.07.2016 को विधान सभा में मान. मंत्री जी द्वारा स्‍वीकार किया गया था कि आने वाले शिक्षा सत्र अर्थात वर्ष 2017-18 से ग्राम खतौरा में हायर सेकेण्‍डरी स्‍कूल 10+2 चालू कर दिया जायेगा? यदि हाँ, तो ग्राम खतौरा में हायर सेकेण्‍डरी स्‍कूल 10+2 आज दिनांक तक क्‍यों नहीं खोला गया? उन्‍नयन के आदेश कब तक जारी कर दिये जायेंगे? (ख) क्‍या विधान सभा प्रश्‍न क्र. 3263, दिनांक 17 मार्च, 2015 के भाग (क) के परिशिष्‍ट-13 में खतौरा हाई स्‍कूल हायर सेकेण्‍डरी में उन्‍नयन हेतु अर्हता की पूर्ति करता है? यदि हाँ, तो खतौरा हाई स्‍कूल का हायर सेकेण्‍डरी स्‍कूल में उन्‍नयन क्‍यों नहीं किया गया? प्रदेश में नवीन हायर सेकेण्‍डरी स्‍कूल प्रारंभ किये जाने हेतु शासन की नीति/नियम क्‍या है? प्रतिलिपि संलग्‍न कर जानकारी दें कि शिवपुरी जिले में वर्ष 2015-16 से वर्ष 2018-19 में नवीन हायर सेकेण्‍डरी स्‍कूल कहाँ-कहाँ पर कब-कब खोले गये हैं/उन्‍नयन किये गये हैं? आदेश संलग्‍न कर जानकारी दें। (ग) बदरवास विकासखण्‍ड के हाई स्‍कूल खतौरा को हायर सेकेण्‍डरी स्‍कूल खोले जाने की सभी औपचारिकताएं पूर्ण करने के उपरांत भी हायर सेकेण्‍डरी स्‍कूल में उन्‍नयन न किये जाने के क्‍या कारण हैं? हायर सेकेण्‍डरी की कक्षाएं कब तक प्रारंभ होंगी?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) म.प्र. शासन, स्कूल शिक्षा विभाग के आदेश क्रमांक एफ 44-10/2018/20-2, दिनांक 23.05.2018 द्वारा शा. हाईस्कूल खतौरा के उ.मा.वि. में उन्नयन के आदेश जारी किये गये हैं। (ख) प्रश्नांश () अनुसार उन्नयन आदेश जारी किये गये हैं। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''एक'' अनुसार है। शिवपुरी जिले में वर्ष 2015-16 से वर्ष 2018-19 में नवीन हायर सेकेण्डरी स्कूलों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''दो'' अनुसार है। (ग) प्रश्नांश () अनुसार उन्नयन आदेश जारी किये गये हैं। हायर सेकेण्डरी स्कूल खतौरा में कक्षाएं शैक्षणिक सत्र प्रारंभ होने पर होंगी।

फ्लाई ओवर ब्रिज का निर्माण

[लोक निर्माण]

16. ( *क्र. 367 ) श्री रामलाल रौतेल : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला अनूपपुर अंतर्गत अनूपपुर से जैतपुर मार्ग में स्थित रेल्‍वे क्रासिंग में फ्लाई ओवर ब्रिज निर्माण हेतु, स्‍वीकृत राशि, प्रशासकीय स्‍वीकृ‍ति‍, दिनांक कार्य की भौतिक स्थिति एवं विभाग द्वारा कार्य पूर्ण होने की निर्धारित दिनांक बतायें। (ख) क्‍या भूमि पूजन के बाद कार्य कराकर निर्माण कार्य बंद कर दिया गया है? यदि हाँ, तो निर्माण कार्य बंद करने का औचित्‍य बतायें। (ग) निर्माण कार्य कब तक प्रारंभ किया जायेगा तथा कब तक कार्य पूर्ण कर लिया जायेगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) स्‍वीकृत एवं प्रशासकीय स्‍वीकृति रू. 2103.95 लाख। दिनांक 14.12.2016. बोरिंग कार्य पूर्ण एवं 140 मीटर सर्विस मार्ग पूर्ण। अनुबंधानुसार 07.05.2019 है। (ख) जी नहीं, भू-अर्जन की कार्यवाही प्रगति पर है। प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) उत्‍तरांश (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में वर्तमान में बताना संभव नहीं। अनुबंधानुसार दिनांक 07.05.2019.

प्रश्नकर्ता के पत्रों पर कार्यवाही

[उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण]

17. ( *क्र. 2 ) श्री विजय सिंह सोलंकी : क्या राज्‍यमंत्री, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विगत 3 वर्षों में प्रश्नकर्ता के कितने पत्र किसी भी माध्यम से उप संचालक, उद्यान जिला खरगौन को प्राप्त हुए तथा इनके जवाब प्रश्नकर्ता को कब दिये गये? दिनांकवार, विषय सहित पत्रों के आवक-जावक दिनांक सहित सूची देवें। (ख) उक्त पत्रों में से कितने पत्रों के जवाब विधानसभा सत्र अधिसूचना के बाद तथा विधानसभा सत्र समाप्ति‍ के मध्य समयावधि में उप संचालक द्वारा दिये गये? इन पत्रों की प्राप्ति‍ दिनांक अनुसार पत्रवार सूची देवें। (ग) जनवरी 2018 से प्रश्न दिनांक तक प्रश्नकर्ता के कितने पत्र जिला कलेक्टर खरगौन के माध्यम से उप संचालक खरगौन को प्राप्त हुए, इन पत्रों के जवाब मय संलग्नकों के साथ देवें। (घ) वर्तमान में प्रश्नकर्ता के उत्तर के लिए शेष पत्रों की विषयवार, पत्र दिनांक सहित सूची देवें।

राज्‍यमंत्री, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण ( श्री सूर्यप्रकाश मीना ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ग) जनवरी 2018 से प्रश्‍न दिनांक तक प्रश्‍नकर्ता के 03 पत्र जिला कलेक्‍टर खरगौन के माध्‍यम से उप संचालक उद्यान खरगौन को प्राप्‍त हुये हैं शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है। (घ) वर्तमान में प्रश्‍नकर्ता के उत्‍तरांश (ग) के क्रम में पत्रों के उत्‍तर हेतु कोई पत्र शेष नहीं है।

घोषणाओं का क्रियान्‍वयन

[स्कूल शिक्षा]

18. ( *क्र. 10 ) श्रीमती इमरती देवी : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या माननीय मुख्‍यमंत्री महोदय मध्‍य प्रदेश शासन द्वारा अध्‍यापक संवर्ग संघ की भ्‍ोंट के समक्ष जनवरी 2018 में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग एवं नगरीय प्रशासन विभाग के अध्‍यापक संवर्ग का शिक्षा विभाग में संविलियन शीघ्र करने की घोषणा की गई थी, किस-किस संदर्भ में? यदि हाँ, तो आज तक शिक्षा विभाग में संविलियन करने सम्‍बंधी आदेश क्‍यों प्रसारित नहीं किये गये? (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार माननीय मुख्‍यमंत्री जी द्वारा अध्‍यापक संवर्ग का शिक्षा विभाग में संविलियन की घोषणा अनुरूप आदेश कब तक प्रसारित किये जावेंगे?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) माननीय मुख्यमंत्रीजी ने स्थानीय निकायों के अध्यापकों को स्कूल शिक्षा/जनजातीय कार्य विभाग में संविलियन करने के निर्देश दिये हैं। मंत्रि-परिषद से अनुमादेन उपरांत नियम बनाने की कार्यवाही प्रचलन में है। (ख) प्रश्नांश (क) उत्तर अनुसार।

अध्‍यापक संवर्ग का शिक्षा विभाग में संविलियन

[स्कूल शिक्षा]

19. ( *क्र. 79 ) श्री मुरलीधर पाटीदार : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता के प्रश्‍न क्रमांक 2331, दिनांक 12 मार्च, 2018 के उत्‍तरांश (क) में अध्‍यापक संवर्ग की सेवाओं को शिक्षा विभाग एवं जनजातीय कार्य विभाग के अधीनस्‍थ करने के संबंध में समुचित प्रस्‍ताव तैयार किया जाना बताया गया था, वर्तमान में प्रस्‍ताव की क्‍या स्थिति है एवं तदसम्‍बंधी आदेश कब तक जारी होंगे? (ख) प्रश्‍नांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में अध्‍यापक संवर्ग को शिक्षा विभाग/जनजातीय कार्य विभाग में संविलियन होने पर पदोन्‍नति एवं अनुकम्‍पा नियुक्ति हेतु संबंधित विभाग के नीति/नियम समान रूप से लागू होंगे या पृथक से नियम बनाए जावेगें? (ग) प्रश्‍नांश (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में क्‍या अध्‍यापक संवर्ग को शिक्षा विभाग में संविलियन किए जाने पर अंशदायी पेंशन के स्‍थान पर पूर्ण परिभाषित पेंशन दिए जाने पर विचार किया जावेगा? यदि हाँ, तो तदसम्‍बंधी प्रस्‍ताव कब तक प्रक्रिया में आवेगा या आदेश कब तक जारी होगें? (घ) क्‍या अतिथि शिक्षकों के मानदेय वृद्धि हेतु प्रस्‍ताव प्रक्रियाधीन है? यदि हाँ, तो कितना मानदेय बढ़ाया जा रहा है एवं आदेश कब तक होगें? यदि नहीं, तो क्‍यों?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जी हाँ। मंत्रि‍-परिषद् से अनुमोदन उपरांत नियम बनाने की कार्यवाही प्रचलन में है। (ख) स्कूल शिक्षा/जनजातीय कार्य विभाग द्वारा सामान्‍य प्रशासन विभाग एवं वित्‍त विभाग के परार्मश से नियम बनाये जा रहे हैं। अत: शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नही होता। (ग) जी नहीं। अशंदायी नवीन पेंशन योजना यथावत लागू रहेगी। अतः शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) प्रस्‍ताव परीक्षाणाधीन है। निश्‍चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

ग्राम झाडला के हाई स्‍कूल का उन्‍नयन 

[स्कूल शिक्षा]

20. ( *क्र. 220 ) श्री गिरीश भंडारी : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या शिक्षा विभाग प्रदेश के छात्र-छात्राओं के उज्‍जवल भविष्‍य के लिये समय-समय पर स्‍कूलों का उन्‍नयन करता है? यदि हाँ, तो विगत 5 वर्षों में नरसिंहगढ़ विधानसभा क्षेत्र में कितने और कहाँ-कहाँ पर किन-किन वर्ग में स्‍कूलों का उन्‍नयन किया गया है? (ख) क्‍या शासन द्वारा नरसिंहगढ़ विधानसभा क्षेत्र के ग्राम झाडला में विगत कई वर्षों से चल रहे शासकीय हाई स्‍कूल को हायर सेकेण्‍डरी स्‍कूल में उन्‍नयन करने की कोई कार्यवाही प्रचलित है? यदि हाँ, तो क्‍या? यदि नहीं, तो क्‍यों नहीं? स्‍पष्‍ट करें। (ग) क्‍या शासन ग्राम झाडला जिसकी आबादी लगभग 4000 है व आस-पास के 10-12 ग्रामों के सैकड़ों छात्र-छात्राओं को कक्षा 10वीं के पश्‍चात हायर सेकेण्‍डरी स्‍कूल में अध्‍ययन हेतु आ रही समस्‍याओं के निराकरण हेतु ग्राम झाडला को हायर सेकेण्‍डरी स्‍कूल की सौगात दी जायेगी? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्‍यों नहीं?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जी हाँ। नरसिंहगढ़ विधानसभा क्षेत्रांतर्गत विगत 5 वर्षों में शासकीय प्राथमिक शाला गाथला एवं टिकरिया का माध्यमिक विद्यालय में तथा शासकीय माध्यमिक विद्यालय पीपलहेडा, गांधीग्राम, लसुलडियाजागीर का हाईस्कूल में एवं शासकीय हाईस्कूल जामुन्यागोपचोहान, अमलार, जमुनिया गणेश का हायर सेकेण्डरी स्कूल में उन्नयन किया गया है। (ख) एवं (ग) जी नहीं। शासकीय हाईस्कूल झाडला को छात्रसंख्या के मान से निर्धारित मापदण्ड की पूर्ति नहीं करने के कारण हायर सेकेण्डरी स्कूल में उन्नयन किये जाने में कठिनाई है। अतः शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।

अजनार नदी पर पुल निर्माण की स्‍वीकृति

[लोक निर्माण]

21. ( *क्र. 224 ) श्री नारायण सिंह पँवार : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रश्‍नकर्ता के प्रश्‍न क्रमांक 2880, दिनांक 12 मार्च, 2018 के उत्‍तर में बताया गया था कि ब्‍यावरा नगर सिटीपोर्शन में निर्माणाधीन सी.सी. कार्य में अजनार नदी पर पुल निर्माण हेतु राशि रूपये 201.87 लाख के प्राक्‍कलन पर कार्यवाही प्रक्रियाधीन है? यदि हाँ, तो क्‍या उक्‍त प्राक्‍कलन अनुसार पुल निर्माण की प्रशासकीय स्‍वीकृति प्रदान कर दी गई है अथवा नहीं? यदि नहीं, तो क्‍यों? (ख) प्रश्‍नांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में क्‍या प्रश्‍नकर्ता के प्रश्‍न क्रमांक 2595, दिनांक 04 दिसम्‍बर, 2017 के उत्‍तर में सदन में हुई चर्चा में उक्‍त पुल के शीघ्र निर्माण हेतु माननीय विभागीय मंत्री जी द्वारा आश्‍वस्‍त किया गया था? यदि हाँ, तो क्‍या प्रश्‍न दिनांक तक उक्‍त पुल निर्माण की स्‍वीकृति हेतु कोई कार्यवाही की गई है? (ग) उपरोक्‍तानुसार क्‍या शासन उक्‍त पुल निर्माण की स्‍वीकृति प्रथम अनुपूरक बजट 2018-19 में प्रदान करेगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ। जी नहीं। बजट में सम्मिलित करने की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। (ख) जी हाँ। जी हाँ। (ग) प्रश्‍नांश (क) के उत्‍तर अनुसार।

सेवानिवृत्‍त कर्मचारी के स्‍वत्‍वों का भुगतान

[स्कूल शिक्षा]

22. ( *क्र. 507 ) चौधरी चन्‍द्रभान सिंह : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या स्‍वेत वाहन संस्‍कृत विद्यालय, अमिलिया जिला सीधी म.प्र. स्‍कूल शिक्षा विभाग से अनुदान प्राप्‍त संस्‍था है। यदि हाँ, तो क्‍या देवेन्‍द्रमणि शुक्‍ल उक्‍त संस्‍था में अनुदान प्राप्‍त कर्मचारी के पद पर पदस्‍थ रहे। यदि हाँ, तो किस पद पर। (ख) क्‍या प्रश्‍नांश (क) से संबंधित व्‍यक्ति सेवानिवृत्‍त हो चुके हैं। यदि हाँ, तो क्‍या उनके सभी स्‍वत्‍वों का भुगतान कर दिया गया है? किये गये भुगतान का विवरण प्रदान करें। (ग) क्‍या प्रश्‍नांश (क) से संबंधित कर्मचारी को 5वें एवं 6वें वेतनमान का भुगतान किया जा रहा है? यदि हाँ, तो विवरण दें तथा क्‍या सेवानिवृत्ति के पश्‍चात आज दिनांक तक प्रश्‍नांश (क) से संबंधित कर्मचारी के क्रमोन्‍न‍त वेतनमान तथा ग्रेज्‍युटी का भुगतान किया गया है? यदि हाँ, तो विवरण दें।

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जी हाँ। भृत्‍य के पद पर। (ख) एवं (ग) जी हाँ। 5वें वेतनमान की 50 प्रतिशत राशि रूपये 2,25,464/- का भुगतान किया जा चुका है। शेष राशि 50 प्रतिशत देय एरियर की राशि के संबंध में मान. उच्च न्यायालय व्दारा पारित आदेश अनुसार दिनांक 01.10.2018 तक प्रदाय किये जाने के निर्देश हैं। विभागीय आदेश दिनांक 28.02.15 में निहित प्रावधानों के अंतर्गत श्री शुक्ल को छठवें वेतनमान के मान से संबंधित कर्मचारी को वेतन निर्धारण के फलस्वरूप प्रथम किश्त रूपये 1,17,098/- द्वितीय किश्त रूपये 1,17,098/- एवं तृतीय किश्त रूपये 1,17,098/- का भुगतान पूर्व में किया गया है। 1,17,098/- चतुर्थ किश्त एरियर राशि का भुगतान दिनांक 12.06.2018 को किया जा चुका है। उपादान एवं क्रमोन्नत वेतनमान दिये जाने का कोई प्रावधान न होने के कारण भुगतान नहीं किया गया है।

जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक गुना के रिक्त पदों की पूर्ति 

[सहकारिता]

23. ( *क्र. 252 ) श्रीमती ममता मीना : क्या राज्‍यमंत्री, सहकारिता महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक गुना में स्वीकृत पदों के विरूद्ध कितने रिक्त स्थान हैं एवं उन्हें कब तक भरेंगे? (ख) क्या जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक गुना के ऋणी किसान प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की गाईड लाईन अनुसार बीमा प्रीमियम देने और बीमा राशि पाने की पात्रता वर्ष 2016 खरीफ फसलों के लिए रखते हैं या नहीं? (ग) प्रश्नांश (ख) में वर्णित तथ्यों अनुसार वर्ष 2016 खरीफ फसलों का कितने किसानों का बीमा प्रीमियम बैंक ने आहरण किया? ब्रांच एवं प्रत्येक सोसाईटी का डाटा दें, जिन किसानों से प्रीमियम लिया उन्हें भुगतान रकवे अनुसार किया या नहीं? (घ) प्रश्नांक (क) और (ग) में वर्णित तथ्यों का पालन बैंक द्वारा कब तक कराया जावेगा और बीमा राशि का ऋणी किसानों का ऋणी भूमि अनुसार बीमा भुगतान कब तक होगा।

राज्‍यमंत्री, सहकारिता ( श्री विश्वास सारंग ) : (क) जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित, गुना में विभिन्न संवर्ग के स्वीकृत 204 पदों में से 143 पद रिक्त हैं तथा विभिन्न संवर्ग के 52 रिक्त पदों पर नियुक्ति हेतु बैंक को अनुमति जारी की गई है। कर्मचारी चयन की निरंतर प्रक्रिया के कारण समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ख) जी हाँ। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (घ) उत्तरांश (क) के संदर्भ में समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। उत्तरांश (ग) के संदर्भ में प्राप्त बीमा दावा राशि का भुगतान किया जा चुका है।

प्रदेश में कृषक परिवारों की आय 

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

24. ( *क्र. 446 ) श्री जितू पटवारी : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2013-14 से 2017-18 तक प्रदेश की कुल कृषि आय कितनी-कितनी है तथा इस अवधि में प्रति कृषक परिवार आय क्‍या है? उपरोक्‍त अवधि में प्रति कृषक परिवार राष्‍ट्रीय आय क्‍या-क्‍या है तथा वर्ष 2018-19 में प्रदेश में प्रति कृषक परिवार आय का अनुमान क्‍या है? (ख) शासन किसान के ऋण की माफी क्‍यों नहीं करना चाहता है? शासन की राय में कर्ज माफी नहीं करने से किसानों को क्‍या-क्‍या लाभ होगा तथा करने से क्‍या-क्‍या हानि होगी? (ग) भावान्‍तर योजना लागू करने का क्‍या नीतिगत कारण है? कर्ज माफी और भावान्‍तर में क्‍या विशिष्‍ट अंतर है? अभी तक कितने किसानों को कितनी राशि का भावान्‍तर से भुगतान किया गया है? क्‍या शासन यह मानता है कि किसानों को फसल का उचित दाम नहीं मिल रहा है? (घ) प्‍याज खरीदी में वर्ष 2016 तथा 2017 में कुल कितनी हानि हुई वर्ष 2016-17 में कितने व्‍यापारियों को कितनी-कितनी आधिक्‍य राशि जो खरीदी के वक्‍त जमा कराई थी, का भुगतान करना शेष है? केन्‍द्र अनुसार व्‍यापारी के नाम तथा राशि सहित सूची देवें। (ड.) 01 जून, 2018 से 10 जून, 2018 तक हो रहे किसान आंदोलन के क्‍या कारण हैं? सम्‍पूर्ण रिपोर्ट से अवगत करावें।

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) से (ड.) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

कृषकों को बीमा प्रीमियम की राशि का भुगतान 

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

25. ( *क्र. 11 ) श्री दिनेश राय (मुनमुन) : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सिवनी जिले के अंतर्गत सिवनी विधान सभा क्षेत्र में वर्ष 2016-17 एवं 2017-18 के लिये किन-किन बैंकों में कितने कृषकों की कितनी-कितनी प्रीमियम की राशि जमा करायी गई तथा बीमा प्रीमियम राशि में से कितनी राशि बीमा कम्‍पनी को भेजी गई? पटवारी हल्‍कावार, तहसीलवार जानकारी देवें? (ख) मध्‍यप्रदेश शासन द्वारा फसल बीमा हेतु किन-किन निजी बीमा कम्‍पनियों को बीमा किये जाने हेतु सिवनी जिले में अधिकृत किया है? उनके नाम बतलावें। इन निजी बीमा कम्‍पनियों द्वारा अभी तक कितने किसानों का बीमा किया गया तथा कितनी-कितनी बीमा की राशि का भुगतान कृषकों को किया गया? तहसीलवार जानकारी देवें। (ग) क्‍या खरीफ और रवी मौसम हेतु प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना अंतर्गत क्षतिपूर्ति की राशि का भुगतान औसत पैदावार के आधार पर पात्र कृषकों को किया गया है? यदि हाँ, तो कृषक संख्‍या बतायें। फसलवार पिछले वर्ष की तुलना में उत्‍पादन की स्थिति क्‍या रही है?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) बीमा कम्‍पनी को प्राप्‍त कृषक प्रीमियम राशि की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'एक' अनुसार है। शेष जानकारी एकत्रित की जा रही है। (ख) मध्‍यप्रदेश शासन द्वारा फसल बीमा हेतु सिवनी जिले के लिये एग्रीकल्‍चर इन्‍श्‍योरेंस कम्‍पनी ऑफ इण्डिया लिमिटेड भोपाल को अधिकृत किया है। जो भारत सरकार की कम्‍पनी है। बीमित कृषकों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'एक' अनुसार है। बीमा कम्‍पनी द्वारा खरीफ 2016 के दावों का भुगतान कर दिया गया है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'दो' अनुसार है। (ग) बीमा कम्‍पनी द्वारा खरीफ 2016 के दावों का भुगतान कर दिया गया है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'दो' अनुसार है। रबी 2016-17 एवं खरीफ 2017 के दावों का भुगतान बीमा कम्‍पनी स्‍तर पर प्रक्रियाधीन है। रबी 2017-18 के फसल कटाई प्रयोगों के आंकड़ें 30 जून, 2018 को प्राप्‍त होने के पश्‍चात दावों की गणना की जावेगी। बीमा कम्‍पनी को रबी 2016-17 एवं खरीफ 2017 की राज्‍यांश प्रीमियम अनुदान राशि का पूर्ण भुगतान कर दिया गया है। रबी 2017-18 के लिये अग्रिम राज्‍यांश प्रीमियम राशि का भुगतान बीमा कम्‍पनी को कर दिया गया है। सिवनी जिले की रबी 2015-16 खरीफ वर्ष 2016 रबी 2016-17 एवं खरीफ 2017 के फसल कटाई प्रयोगों से प्राप्‍त औसत उत्‍पादकता की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'तीन' अनुसार है।

 

 

 








भाग-2

नियम 46 (2) के अंतर्गत अतारांकित प्रश्नोत्तर के रुप में परिवर्तित तारांकित प्रश्नोत्तर


साधारण मरम्मत एवं अनुरक्षण कार्यों की सूची

[लोक निर्माण]

1. ( क्र. 4 ) श्री विजय सिंह सोलंकी : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विगत  3 वर्षों में कार्यालय, कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण विभाग (भवन एवं पथ) खरगोन, संभाग खरगोन द्वारा मद 67-2216 एवं 67-2059 के अंतर्गत साधारण मरम्मत एवं अनुरक्षण कार्यों की सूची कार्यवार देवें। (ख) उक्त कार्यों के कार्य या झोन अनुसार तैयार प्राक्कलन की सूची देवें। (ग) उक्त कार्यों के प्राक्कलन पर कार्यवार या एकमुश्‍त जारी तकनीकी स्वीकृति की प्रति देवें। (घ) उक्त कार्यों की जारी या प्रकाशित की गई कार्यवार या झोनल निविदा की सूची देवें। निविदा उपरांत तय एजेंसियों के कार्यवार अनुबंध की सूची देवें।

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) मद क्रमांक 67-2216 की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' एवं मद क्रमांक 67-2059 की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) प्रश्‍नांश '' के उत्‍तर अनुसार। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' एवं '' अनुसार है।

मिट्टी परीक्षण प्रयोगशाला का निर्माण 

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

2. ( क्र. 7 ) श्री जितेन्‍द्र गेहलोत : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) आलोट विधानसभा क्षेत्र में विकासखण्‍ड जावरा अंतर्गत ग्राम भुतेड़ा में मिट्टी परीक्षण प्रयोगशाला निर्माण कार्य कब पूर्ण हुआ? क्‍या निर्माण कार्य का स्‍तर ठीक है? क्‍या कार्य संपन्‍न होने के पश्‍चात भवन हस्‍तांतरित कर दिया गया है? यदि नहीं, तो क्‍यों? (ख) तत्‍संबंध में क्‍या अनुविभागीय अधिकारी जावरा एवं कलेक्‍टर रतलाम ने कोई कार्यवाही की है? यदि हाँ, तो कार्यवाही का विवरण दें. (ग) किसानों के हित में भुतेड़ा मिट्टी परीक्षण प्रयोगशाला कब तक  हस्‍तांतरित होकर प्रारंभ हो जाएगी?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : () आलोट विधानसभा क्षेत्र, विकासखण्‍ड जावरा अंतर्गत ग्राम भुतेड़ा में मिट्टी परीक्षण प्रयोगशाला का भवन निर्माणमय आंतरिक विद्युतीकरण का निर्माण कार्य दिनांक 26.03.2018 को पूर्ण किया जा चुका है। जी हाँ, निर्माण कार्य गुणवत्‍तापूर्ण कराया गया है। जी नहीं, बाह्य विद्युतीकरण तथा जल व्‍यवस्‍था हेतु निविदाएँ स्‍वीकृत की जाकर संबंधित निविदाकार को दिनांक 02.04.2018 एवं 16.04.2018 को कार्यादेश जारी किए गए हैं। कार्य पूर्ण हेतु समय-सीमा वर्षाकाल छोड़कर 02 माह निर्धारित हैं। बाह्य विद्युतीकरण तथा जल व्‍यवस्‍था का कार्य पूर्ण होने के उपरांत हस्‍तांतरित की कार्यवाही हो सकेगी। पूरक जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र -1 अनुसार है। (ख) तत्‍संबंध में कलेक्‍टर, रतलाम के द्वारा निर्माण कार्य की गुणवत्‍ता हेतु कार्यपालन यंत्री लोक निर्माण विभाग, रतलाम को जाँच हेतु पत्र जारी किया गया था। जिसमें कार्यपालन यंत्री द्वारा सचिव, म.प्र.राज्‍य कृषि विपणन बोर्ड रतलाम से अनुमोदित ड्राइंग, डिजाइन, तकनीकी स्‍वीकृति एवं प्रशासकीय स्‍वीकृति से संबंधित दस्‍तावेज मांगे गये थे, जो प्रकियाधीन हैं। कार्यालय कलेक्‍टर जिला-रतलाम एवं कार्यपालन यंत्री, लोक-निर्माण विभाग संभाग रतलाम के पत्र की जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र- 2 एवं  3  अनुसार है। (ग) उत्‍तरांश '''' अनुसार है।

परिशिष्ट - ''चार''

सड़क मार्गों की स्‍वीकृति

[लोक निर्माण]

3. ( क्र. 24 ) श्रीमती प्रमिला सिंह : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या मुख्‍यमंत्री जी की घोषणा क्रमांक बी-2754 दिनांक 19 सितम्‍बर 2016 के द्वारा जिला शहडोल के नगर जयसिंहनगर व आस-पास के ग्रामों को सड़कों से जोड़ा जाना था? (ख) क्‍या घोषणा के अनुरूप विधान सभा क्षेत्र जयसिंहनगर के दुआरी से दरौड़ी पहुंच मार्ग, झारा से कीट पहुंच मार्ग, खन्‍नौधी से उदयपुरा पहुंच मार्ग तथा सिगुड़ी से दुलहरा पहुंच मार्ग का प्रस्‍ताव शासन को भेजे गए थे किंतु आज दिनांक तक स्‍वीकृत नहीं होने क कारण मार्गों का निर्माण नहीं हुआ तथा मार्ग अत्‍यंत जर्जर हैं। प्रश्‍नकर्ता द्वारा भी माननीय मुख्‍यमंत्री जी व माननीय विभागीय मंत्री जी से स्‍वीकृति हेतु लिखित में अनुरोध किया गया है। (ग) क्‍या राज्‍य सरकार प्रश्‍नांश (ख) से संबंधित मार्गों के निर्माण की स्‍वीकृति प्रदान करेगी? यदि हाँ, तो कब तक? नहीं तो क्‍यों?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी नहीं, अपितु माननीय मुख्‍यमंत्री जी की घोषणा क्रमांक बी-2784 दिनांक 19 सितम्‍बर 2016 के द्वारा आगामी तीन वर्षों में शहडोल जिले के जयसिंहनगर कंकाली देवी एवं सिंहपुर क्षेत्र में मजरे/टोले/वन ग्रामों को छोड़कर समस्‍त ग्राम सड़क से जोड़ दिये जायेंगे की घोषणा की गई थी। (ख) विवरण संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। मार्ग मोटरेबल है। जी हाँ। स्‍वीकृति हेतु माननीय मुख्‍यमंत्रीजी से अनुरोध किया गया। (ग) विवरण संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है।

परिशिष्ट - ''पाँच''

अनुदेशकों की संविदा शाला शिक्षक पद पर नियुक्ति

[स्कूल शिक्षा]

4. ( क्र. 43 ) डॉ. योगेन्‍द्र निर्मल : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या स्कूल शिक्षा विभाग अन्तर्गत औपचारिक शिक्षा केन्द्रों में कार्यरत अनुदेशक व पर्यवेक्षकों को संविदा शाला शिक्षक पद पर नियुक्ति दिये जाने का प्रावधान है? यदि हाँ, तो प्रावधान की प्रति देवें। (ख) उक्त प्रावधान के अनुसार बालाघाट जिले में किस-किस अनुदेशक व पर्यवेक्षकों को दिनांक 01.01.12 से प्रश्‍न दिनांक तक की अवधि में संविदा शाला शिक्षक पद पर नियुक्ति प्रदान की गई है? उनकी जानकारी व मानदेय भुगतान पुष्टि पत्रक की प्रति उपलब्ध करावें। (ग) बालाघाट जिले में कितने अनुदेशक व पर्यवेक्षक शेष हैं, जिन्हें अभी तक संविदा शाला शिक्षक पद पर नियुक्ति प्रदान नहीं की गई है, उनकी नामवार, जानकारी उपलब्ध करावें (घ) प्रश्नांश (ग) में शेष रहे अनुदेशकों व पर्यवेक्षकों को कब तक संविदा शाला शिक्षक पद पर नियुक्ति दी जावेगी? यदि नहीं, तो क्या कारण है?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) प्रावधान की प्रति  पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार  है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार  है। (घ) जी नहीं। निर्धारित मापदंडों की पूर्ति नहीं किये जाने के कारण अपात्र अनुदेशक एवं पर्यवेक्षक को संविदा शाला शिक्षक के पद पर नियुक्ति दिये जाने का कोई भी प्रावधान नहीं है।

किसानों को खाद एवं बीज वितरण

[सहकारिता]

5. ( क्र. 47 ) श्री रामपाल सिंह : क्या राज्‍यमंत्री, सहकारिता महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शहडोल जिला क्षेत्रांतर्गत विगत 03 वर्षों में कितना खाद एवं बीज किसानों को वितरण हेतु सहकारी साख संस्‍थाओं को आवंटित किया गया था? तहसीलवार जानकारी उपलब्‍ध करायें तथा आवंटित बीज एवं खाद के वितरण हेतु क्‍या मापदण्‍ड तय थे? (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में वर्ष 2015-16 से प्रश्‍न दिनांक तक जिला अंतर्गत समस्‍त तहसीलों की सहकारी साख संस्‍थावार सूची उपलब्ध करायी जावे। (ग) नवीन प्रधानमंत्री फसल बीमा योजनांतर्गत तहसीलवार सहकारी साख संस्‍थाओं के माध्‍यम से कितने किसानों के बीमा किये गये? समितिवार जानकारी देवें। (घ) प्रश्‍नांश (ग) के संदर्भ में प्रश्‍नकर्ता के विधानसभा क्षेत्र ब्‍यौहारी अंतर्गत कितनी राशि का क्‍लेम किया गया था एवं उसके बदले कितने किसानों को क्‍लेम राशि का भुगतान हुआ है, सूची उपलब्‍ध करायी जाये।

राज्‍यमंत्री, सहकारिता ( श्री विश्वास सारंग ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है, खाद एवं बीज के वितरण हेतु जिला स्‍तरीय तकनीकी समिति द्वारा जिलों के लिये निर्धारित ऋणमान पर कृषक द्वारा धारित रकबे के आधार पर स्‍वीकृत साख सीमा पत्रक अनुसार किया जाता है, मापदण्‍ड की  जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है(ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है(ग) वर्ष 2015-16 में राष्‍ट्रीय फसल बीमा योजना अन्‍तर्गत एवं वर्ष 2016-17 से नवीन प्रधानमंत्री फसल बीमा योजनान्‍तर्गत कृषकों का फसल बीमा किया गया हैजानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है(घ) विधानसभा क्षेत्र ब्‍यौहारी अन्‍तर्गत संस्‍थाओं द्वारा बैंक के माध्‍यम से फसल बीमा की प्रीमियम राशि बीमा कंपनियों को भेजी गई है। क्‍लेम का निर्धारण फसल बीमा कंपनी द्वारा शासन स्‍तर से प्राप्‍त क्षति के आंकड़ों के अनुरूप किया जाता है। नवीन प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना अन्‍तर्गत वर्ष 2016-17 एवं 2017-18 की क्‍लेम राशि बीमा कंपनी से प्राप्‍त नहीं हुई है, शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

शासकीय शालाओं में मूलभूत सुविधा उपलब्‍ध करायी जाना

[स्कूल शिक्षा]

6. ( क्र. 48 ) श्री रामपाल सिंह : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शहडोल जिले की विधानसभा क्षेत्र ब्‍यौहारी एवं जयसिंहनगर अंतर्गत ऐसे कितने शासकीय प्राथमिक/माध्‍यमिक/हाईस्‍कूल तथा हायर सेकेण्‍डरी स्‍कूल हैं, जिनमें स्‍वयं का शाला भवन, खेल मैदान तथा बाउण्‍ड्रीवाल नहीं है? शालावार जानकारी देवें। (ख) क्‍या शासन द्वारा प्रश्‍नांश (क) अनुसार शालाओं में उक्‍त वर्णित सुविधाएं प्रदान करनें हेतु प्रश्‍न दिनांक तक कोई कार्यवाही की गई? यदि हाँ, तो क्‍या? (ग) क्‍या उक्‍त सुविधा समस्‍त शालाओं को प्रदान की जावेगी यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्‍यों?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) शहडोल जिले की विधानसभा क्षेत्र ब्यौहारी एवं जयसिंहनगर अंतर्गत जिन शासकीय प्राथमिक एवं माध्यमिक स्कूलों में स्वयं का भवन, खेल मैदान तथा बाउण्ड्रीवाल नहीं है, उनकी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। शासकीय हाईस्कूल एवं हायर सेकेण्डरी विद्यालयों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र -1 अनुसार है। (ख) प्रश्‍नांश में वर्णित भवनविहीन प्राथमिक शालाओं के लिये अतिरिक्त कक्ष स्वीकृत किये है जिनका कार्य प्रगतिरत है। भवन विहीन माध्यमिक शालाओं एवं बाउण्ड्रीवाल निर्माण का प्रस्ताव वार्षिक कार्य योजना 2018-19 में भारत सरकार को प्रेषित किया है। राज्य मद से शासकीय प्राथमिक/माध्यमिक शालाओं में पक्की बाउण्ड्रीवाल/चैनलिंक फेनसिंग की स्वीकृति की कार्यवाही प्रचलन में है। खेल मैदान की व्यवस्था पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा भूमि उपलब्धता के आधार पर की जाती है। विभाग के आदेश दिनांक 26.02.2018 द्वारा ब्‍यौहारी विधानसभा क्षेत्र अंर्तगत 06 शासकीय हायर सेकेण्डरी शालाओं के भवन निर्माण की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। बाउण्ड्रीवाल निर्माण खेल मैदान का निर्माण बजट की उपलब्धता पर निर्भर करेगा। (ग) उत्तारांश '' अनुसार वार्षिक कार्य योजना 2018-19 एवं राज्य योजना अनुमोदन तथा बजट उपलब्धता, प्राथमिकता के आधार पर कार्यवाही की जा सकेगी। निश्चित समय-सीमा बताना संभव नहीं हैं। हाईस्कूल एवं हायर सेकेण्डरी विद्यालयों का संबंध लोक शिक्षण संचालनालय से है।

मण्‍डियों को लेपटाप, डेस्कटॉप कम्प्यूटर, प्रिंटर और इन्वर्टर का

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

7. ( क्र. 52 ) श्री मुकेश पण्‍ड्या : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) म. प्र. में कुल कितनी कृषि उपज मण्डी है इसमें कितनी मण्‍डियाँ ए, बी की तथा सी श्रेणी की हैं? (ख) क्या प्रत्येक श्रेणी की मण्‍डियों को इस वर्ष लेपटाप, डेस्कटॉप कम्प्यूटर, प्रिंटर और इन्वर्टर प्रदान किये गये हैं? यदि हाँ, तो कितने-कितने प्रदान किये गये हैं? क्या स्थानीय मण्डी बोर्ड से इस संदर्भ में कोई प्रस्ताव प्राप्त हुए थे? यदि हाँ, तो प्रत्येक मण्डी बोर्ड को कितनी-कितनी राशि सामग्री खरीदने के लिये प्रदान की गई? यदि राशि प्रदान नही की गई तो क्या समस्त सामग्री मण्डी बोर्ड भोपाल द्वारा ही क्रय की गई है? यदि हाँ, तो इसमें कितना व्यय हुआ? (ग) क्या सारी सामग्री एक ही कम्पनी से क्रय की गई? यदि हाँ, तो किस कम्पनी से क्रय की गई है? यदि नहीं, तो किस-किस कंपनी से क्रय की गई, उसकी जानकारी प्रदान करें। (घ) प्रदेश में ऐसी कितनी मण्‍डियां हैं जहाँ पर पहले से ही लेपटाप, डेस्कटॉप कम्प्यूटर, प्रिंटर और इन्वर्टर की खरीदी की गई है?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : () म.प्र. में कुल 257 कृषि उपज मण्‍डी समितियाँ हैं इनमें '''' श्रेणी 39 मंडियाँ '' '' श्रेणी की 42 मंडियाँ तथा '' सी'' श्रेणी की 56 मंडियाँ हैं। (ख) जी हाँ। मुख्‍यमंत्री भावातंर भुगतान योजना अन्‍तर्गत सभी मंडी समितियों को श्रेणी के आधार पर लैपटॉप, डेस्‍कटॉप, कम्‍प्‍यूटर प्रिन्‍टर, यू.पी.एस व इन्वर्टर प्रदान किये गये हैं। जिनकी संख्‍यात्‍मक जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। इस सन्‍दर्भ में मंडी समितियों से प्रस्‍ताव प्राप्‍त नहीं हुये परन्‍तु मंडी सचिवों से चर्चा कर उनकी मंडी में उपलब्‍ध संसाधन तथा कार्य की आवश्‍यकता की समीक्षा उपरान्‍त भावातंर भुगतान योजना के सुचारू क्रियान्‍वयन के लिये कम्‍प्‍यूटर आदि हार्डवेयर मंडी समितियों को प्रदाय किये गये। इस प्रयोजन हेतु मंडी समितियों को राशि प्रदान नहीं की गयी अपितु मंडी बोर्ड स्‍तर पर कम्‍प्‍यूटर आदि सामग्री क्रय कर प्रदान की गयी है। जिस पर कुल राशि रूपये 3,84,10459/- व्‍यय हुआ। (ग) जी नहीं केन्‍द्र सरकार के जैम पोर्टल पर ऑनलाइन ओपन टेण्‍डरिंग के माध्‍यम से प्रश्‍नाधीन कम्‍प्‍यूटर सामग्री न्‍यूनतम दर के आधार पर प्रथक प्रथक कम्‍पनियों से क्रय की गई जिसकी जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-'''' अनुसार है। (घ) प्रदेश की अधिकांश मंडियों में पूर्व से कम्‍प्‍यूटर प्रिन्‍टर आदि उपलब्‍ध हैं परन्‍तु उनका टेली साफ्टवेयर एकाउंटिंग, एगमार्कनेट पोर्टल पर कृषि उपज की दरों को इन्‍द्राज करने, ई- नेम, डाटाबेस तैयार करने आदि में उपयोग हो रहा है। इसलिये भावातंर भुगतान योजना में कार्यों की आवश्‍यकता के आधार पर मंडी समितियों के लिये पृथक से लैपटाप, डेस्‍कटॉप कम्‍प्‍यूटर प्रिन्‍टर, यू.पी.एस. ओर इन्‍वर्टर क्रय किये गये हैं।

परिशिष्ट - ''छ:''

किसानों को बीज उपलब्‍ध कराना

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

8. ( क्र. 53 ) श्री दिनेश राय (मुनमुन) : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सिवनी जिले की सिवनी विधानसभा क्षेत्र अन्‍तर्गत किसानों के बुआई के लिए किस-किस योजना से बीज उपलब्‍ध कराने के निर्देश थे वर्ष 2016 से प्रश्‍न दिनांक तक योजनावार हितग्राही संख्‍यावार एवं मौसमवार जानकारी उपलब्‍ध करावें। (ख) क्‍या सिवनी विधानसभा क्षेत्र अन्‍तर्गत वर्ष 2017-18 में खरीफ एवं रबी मौसम की फसल हेतु बीज उपलब्‍ध न होने के कारण किसानों को बीज के लिए इधर-उधर भटकना पड़ा? विभाग द्वारा बीज उपलब्‍ध न कराने का क्‍या कारण है? (ग) क्‍या विभाग द्वारा जिला सिवनी में जिन फर्मों से बीज उपलब्‍ध कराने का अनुबंध किया गया, उन फर्मों द्वारा बाजार में बीज का मूल्‍य अधिक होने के कारण बीज उपलब्‍ध नहीं कराये गये और बीज बाजार में बेच दिया गया? इन फर्मों से शासन को कितना बीज उपलब्‍ध कराने का अनुबंध हुआ था? (घ) क्‍या अनुबंध अनुसार बीज उपलब्‍ध न कराने वाली फर्मों के विरूद्ध कार्यवाही की जावेगी? यदि हाँ, तो क्‍या और कब तक?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) सिवनी विधानसभा क्षेत्र अन्‍तर्गत किसानों के बुआई के लिये अनुदान पर राष्‍ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन, राष्‍ट्रीय तिलहन मिशन योजना, राष्‍ट्रीय कृषि विकास योजना, बीजग्राम कार्यक्रम, अन्‍नपूर्णा एवं सूरजधारा योजनाओं में बीज उपलब्‍ध कराने के निर्देश थे। वर्ष 2016 से प्रश्‍न दिनांक तक योजनावार, हितग्राही संख्‍यावार एवं मौसमवार जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट  अनुसार है। (ख) जी, नहीं। सिवनी विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत वर्ष 2017-18 में खरीफ एवं रबी मौसम की फसल हेतु उत्‍तरांश (क) अनुसार किसानों को योजना प्रावधानानुसार पर्याप्‍त मात्रा में बीज उपलब्‍ध कराया गया है। (ग) विभाग द्वारा जिला सिवनी में किसी भी बीज फर्म से कोई अनुबंध नहीं किया गया। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (घ) उत्‍तरांश (ग) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - ''सात''

प्रदेश की बी.ओ.टी. से निर्मित सड़कों की जानकारी

[लोक निर्माण]

9. ( क्र. 56 ) सुश्री हिना लिखीराम कावरे : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बी.ओ.टी से निर्मित सड़कों को ऑपरेट करने के बाद जब शासन वापस लेता है तो क्‍या शासन को उसी कन्‍डीशन में वापस करने के प्रावधान हैं जिस कन्‍डीशन में ऑपरेट करने दी गयी थी? कृपया नियमों की छायाप्रति उपलब्‍ध करायें। (ख) क्‍या प्रदेश में बी.ओ.टी. सडकों को बिना रिनीवल के वापस लेकर अधिकारी ठेकेदार को करोड़ों का फायदा पहुंचा रहे है? यदि हाँ, तो क्‍या शासन इसकी जाँच करायेगा? (ग) सिवनी-रजेगांव मार्ग को छ: माह पूर्व समाप्‍त करने से ठेकेदार को हुए नुकसान की औसत जानकारी दें l यह भी बतायें कि इस मार्ग का यदि रिनीवल होता तो ठेकेदार पर कितना वित्‍तीय भार आता?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) बी..टी. योजना में निर्मित सड़कों को कंसेशन अवधि पूर्ण होने के उपरांत कंसेशन अनुबंध के निहित प्रावधानुसार वापस लिये जाने की व्‍यवस्‍था है। सिवनी-बालाघाट एवं बालाघाट-रजेगांव मार्ग निर्माण के कंसेशन अनुबंध के प्रावधान की प्रति संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) जी नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। अनुबंधानुसार कन्‍सेशन अवधि की पूर्णता पर निवेशकर्ता से मार्ग अनुबंधानुसार ही वापस लिया जाता है। (ग) दिनांक 09.06.2017 से 02.03.2018 तक (267 दिवस) के कन्‍सेशनायर को टोल निलंबन से लगभग रू. 534.00 लाख का अनुमानित टोल कलेक्‍शन का नुकसान हुआ। सम्‍पूर्ण मार्ग 114.00 कि.मी. में मार्ग के रिन्‍यूवल की म.प्र. सड़क विकास निगम लिमिटेड में प्रचलित दर से लगभग रू. 1504.53 लाख आंकलित होती है।

परिशिष्ट - ''आठ''

फसल बीमा राशि का प्रदाय

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

10. ( क्र. 59 ) श्री शैलेन्‍द्र पटेल : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या वर्ष 2017 में खरीफ सीजन में सीहोर जिले में फसलों को प्राकृतिक कारणों से नुकसान हुआ था? अगर हां, तो जिले के किन-किन गांव में किन-किन किसानों की कितनी-कितनी एवं कौन-कौन सी फसलें कितने-कितने प्रतिशत खराब हुई थी? पटवारी हल्‍कावार, तहसीलवार ब्‍यौरा दें? (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार कितने किसानों ने कितनी जमीनों की फसलों का प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत बीमा करवाया था? कृषकवार पटवारी हल्‍कावार, तहसीलवार ब्‍यौरा दें एवं कितना-कितना बीमा प्रीमियम काटा गया था कृषकवार, पटवारी हल्‍कावार, तहसीलवार ब्‍यौरा दें? (ग) प्रश्‍नांश (ख) अनुसार कितने किसानों के बीमा क्‍लेम स्‍वीकृत हुये एवं कितने किसानों की फसल बीमा राशि प्रदान की गई? कृषकवार पटवारी हल्‍कावार, तहसीलवार ब्‍यौरा दें? अगर नहीं तो किस कारण से प्रश्‍न दिनांक तक राशि प्रदान क्‍यों नहीं की गई? (घ) किस तकनीक से फसल नुकसानी की गणना की गई? सम्‍पूर्ण ब्‍यौरा दें। क्‍या इस प्रणाली के माध्‍यम से सभी खराब हुई फसलों की गणना की जा सकती है? अगर नहीं तो गणना प्रणाली में सुधार के लिए सरकार क्‍या कदम उठा रही है?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) जी हाँ। उप संचालक किसान कल्‍याण तथा कृषि विकास जिला सीहोर से प्राप्‍त जानकारी के अनुसार जिले में खरीफ 2017 में सोयाबीन फसल को प्राकृतिक कारणों से नुकसान हुआ है। जिले की प्रत्‍येक तहसील के प्रत्‍येक पटवारी हल्‍के में फसल कटाई प्रयोगों के आधार पर 15 से 45 प्रतिशत तक नुकसान हुआ है। कलेक्‍टर जिला सीहोर द्वारा खरीफ 2017 मौसम में फसलों में क्षति होने के कारण बीमित इकाई में वास्‍तविक उपज, थ्रेश होल्‍ड उपज की 50 प्रतिशत से कम आने की संभावना संबंधी पत्र एग्रीकल्‍चर इंश्‍योरेंस कंपनी आफ इंडिया लि. को लेख किया गया है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र - एक  अनुसार है। बीमा कंपनी के अनुसार उक्‍त सूचना प्राप्‍त होने पर जिला स्‍तरीय संयुक्‍त सर्वे दल द्वारा सर्वेक्षण किया गया था। समिति द्वारा प्रस्‍तुत रिपोर्ट के आधार पर योजना के प्रावधानों के अनुसार मध्‍यावधि मौसम प्रतिकूलता विकल्‍प के तहत क्षतिपूर्ति हेतु पात्रता स्‍थापित नहीं हो रही है। इसके अतिरिक्‍त खरीफ 2017 मौसम में सीहोर जिले में स्‍थानीयकृत जोखिम से संबंधित 232 सूचना सह दावा प्रपत्र बीमा कंपनी को प्राप्‍त हुये थे, जिनमें योजना अनुसार सर्वे किया गया था एवं बीमा कम्‍पनी स्‍तर पर कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। बीमा कंपनी द्वारा अंतिम क्षतिपूर्ति का आंकलन फसल कटाई प्रयोगों द्वारा प्राप्‍त औसत उत्‍पादकता के आंकड़ों के आधार पर प्रक्रियाधीन है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र- दो  अनुसार है। जानकारी प्रावधिक है। (ग) उत्‍तरांश (क) अनुसार दावों का भुगतान बीमा कंपनी स्‍तर पर प्रक्रियाधीन है। (घ) उत्‍तरांश (क) अनुसार। योजना अनुसार क्षतिपूर्ति प्रक्रिया की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र -तीन अनुसार है।

स्‍कूली छात्राओं को साइकिल वितरण 

[स्कूल शिक्षा]

11. ( क्र. 60 ) श्री शैलेन्‍द्र पटेल : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या सीहोर जिले में शिक्षण सत्र 2017-18 के दौरान स्‍कूली छात्राओं को साइकिल वितरण किया गया है? यदि हाँ, तो ब्‍लॉकवार, स्‍कूलवार, कक्षावार, साइकिल वितरण का ब्‍यौरा दें। (ख) क्‍या साइकिलों का क्रय जिला स्‍तर पर किया गया है? यदि हाँ, तो प्रश्‍नांश (क) अनुसार वितरित की गई साइकिलों को कितनी राशि में और किस एजेन्‍सी तथा सप्‍लायर से खरीदी गई? (ग) क्‍या स्‍कूली छात्राओं को साइकिलों का वितरण शिक्षण सत्र 2017-18 के प्रारंभ में किया गया था? यदि नहीं, तो कब किया गया तथा देरी के क्‍या कारण थे?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जी हाँ। सीहोर जिले में 2699 पात्र छात्र/छात्राओं को साइकिल वितरण किया गया हैं। विकासखण्‍डवार स्‍कूलवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट पर है। (ख) जी नहीं। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) सत्र 2017-18 के पात्रता निर्धारण मापदण्‍ड एवं साइकिल क्रय प्रक्रिया में परिवर्तन होने से प्रक्रिया में विलम्‍ब होने के कारण सीहोर जिले में साइकिल का वितरण माह मार्च एवं अप्रैल 2018 में किया गया है।

सहकारी साख संस्‍थाओं द्वारा अर्जित परिसंपत्तियां/सामग्रियां 

[सहकारिता]

12. ( क्र. 80 ) श्री मुरलीधर पाटीदार : क्या राज्‍यमंत्री, सहकारिता महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सहकारी साख संस्‍थाओं एवं मार्केटिंग सोसायटियों द्वारा अर्जित परिसम्‍पत्तियों/सामग्रियों के उपयोग हेतु क्‍या नियम एवं दिशा निर्देश हैं? पूर्ण विवरण देवें। (ख) आगर एवं शाजापुर जिला अंतर्गत किन-किन सहकारी साख संस्‍थाओं/मार्केटिंग सोसायटियों के पास परिवहन हेतु ट्रेक्‍टर एवं कृषक उपयोगी यंत्र उपलब्‍ध हैं? संस्‍थावार पूर्ण जानकारी देवें। (ग) प्रश्‍नांश (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में उपलब्‍ध सामग्री किसके आधिपत्‍य में हैं? सामग्री के प्रश्‍नांश (क) परिप्रेक्ष्‍य में नियमानुसार उपयोग हेतु मॉनिटरिंग की क्‍या व्‍यवस्‍था है? (घ) प्रश्‍नांश (क) से (ग) के संदर्भ में प्रश्‍नकर्ता के विधानसभा क्षेत्र सुसनेर की सम्‍पूर्ण जानकारी मॉनिटरिंग हेतु किए गए निरीक्षण/पत्राचारों की सत्‍यापित प्रति को उपलब्‍ध करावें।

राज्‍यमंत्री, सहकारिता ( श्री विश्वास सारंग ) : (क) प्रश्‍नांश 'अन्‍तर्गत कस्‍टम हायरिंग योजनान्‍तर्गत प्राप्‍त उपकरणों के उपयोग संबंधी नियम दिशा निर्देश की  जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ग) समितियों के प्रबंधक के आधिपत्‍य में हैजानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अनुसार है।

किसान संगोष्ठी का आयोजन तथा निर्माण कार्यों की जानकारी

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

13. ( क्र. 108 ) श्री मधु भगत : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विगत 3 वर्षों में समस्त बालाघाट जिले में खंड स्तरीय कृषि संगोष्ठी तकनीकी प्रशिक्षण एवं मृदा परीक्षण प्रयोगशाला एवं अन्य प्रकार के समस्त निर्माण कार्यों का लोकार्पण, भूमि पूजन किस किस दिनांक को कहाँ-कहाँ किया गया? उक्त समस्त कार्यक्रम के आमंत्रण पत्र को उपलब्ध करावें तथा यह बतावें कि उक्त कार्यक्रम में प्रोटोकॉल का पालन किया गया था, यदि हाँ, तो कार्ड में उल्लेखित नाम किस प्रोटोकॉल में आते हैं? क्या यह प्रोटोकॉल का खुला उल्लंघन है, यदि हाँ, तो इसके लिए कौन अधिकारी दोषी है? क्या प्रोटोकॉल का उल्लंघन करने वाले अधिकारी के प्रति कठोर दंडात्मक कार्यवाही की जाएगी? यदि नहीं, तो क्यों? (ख) बालाघाट जिले में विभाग द्वारा दिनांक 01 जनवरी 2016 से प्रश्न दिनांक तक किन-किन दिनांकों में किन-किन स्थानों पर कृषि महोत्सव कृषक मेला कृषक संगोष्ठी आदि कार्यक्रमों में किस-किस योजना एवं मद की कितनी-कितनी राशि किन-किन कार्यों में किस-किस अधिकारी द्वारा व्यय की गई? (ग) क्या इन योजनाओं में बहुत बड़े स्तर पर राशि खर्च की गई? यदि हाँ, तो क्या इन कार्यक्रमों में हुए व्यय की जाँच कराई जाएगी तथा हितग्राहियों को क्या लाभ प्राप्त हुआ, व्‍यय राशि में कौन अधिकारी द्वारा राशि का दुरुपयोग किया गया है, संपूर्ण राशि का ब्यौरा क्रमवार निर्माण कार्यवार दिनांकवार जानकारी प्रदान करें?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) जी हाँ। बालाघाट जिले में आयोजित‍ खंड स्‍तरीय कृषि संगोष्‍ठी, तकनीकी प्रशिक्षण की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। निर्माण कार्यों के अंतर्गत मृदा परीक्षण प्रयोगशाला का कार्य हुआ है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। जी हाँ। समस्‍त कार्यक्रम में प्रोटोकाल का पालन किया गया है। प्रोटोकाल का उल्‍लंघन नहीं किया गया। कोई अधिकारी दोषी नहीं है। आमं‍त्रण पत्रों की छायाप्रति की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है। (ख) जिले में कार्यक्रमों हेतु प्राप्‍त बजट नियमानुसार उप संचालक कृषि एवं परियोजना संचालक आत्‍मा द्वारा व्‍यय किया जाकर संबंधित फर्मों को भुगतान किया गया। व्‍यय की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-4 अनुसार है। (ग) जी हाँ। योजनाओं में राशि खर्च की गई है तथा हितग्राहियों को योजना का लाभ प्राप्‍त हुआ है। राशि नियमानुसार व्‍यय की गई है। कृषि विभाग के अंतर्गत विगत दो वर्षों में बालाघाट जिले में कोई नवीन निर्माण कार्य या अन्‍य संयंत्रों की स्‍थापना का अन्‍य नवीन कार्य में भूमि पूजन समारोह, शिलान्‍यास समारोह एवं लोकार्पण समारोह का कार्य नहीं हुआ है।

एम शिक्षा मित्र पर रोक लगाने विषयक

[स्कूल शिक्षा]

14. ( क्र. 110 ) श्री मधु भगत : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या विभाग में अधिकारी कर्मचारियों की उपस्थिति लगाने को लेकर समस्त प्रदेश के शिक्षक कर्मचारी एवं अधिकारियों में पनपे विरोध एवं आक्रोश को मद्देनजर रखते हुए एम शिक्षा मित्र पर रोक लगाने के लिए मुख्यमंत्री निवास पर माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा मना किया गया था, यदि हाँ, तो विभाग के अधिकारियों द्वारा एम शिक्षा मित्र अधिकारी कर्मचारियों पर क्यों जारी रखी जा रही है एवं माननीय मुख्यमंत्री जी की निर्देशों की अवहेलना क्यों की जा रही है? (ख) क्या शिक्षा विभाग ही ऐसा विभाग है, जिनके लिए एम शिक्षा मित्र का उपयोग किया जा रहा है अन्य विभागों के लिए क्यों नहीं? क्‍या यह भी सही है कि मध्य प्रदेश के कई ग्रामीण अंचलों में नेटवर्क की सुविधा नहीं है तथा प्रदेश के कई अध्यापक शिक्षक एवं कर्मचारियों के पास Android मोबाइल नहीं है, जिससे उपस्थिति लगाना असंभव सा है? (ग) क्या माननीय मंत्री जी उक्त प्रकार से उपस्थिति लगाए जाने के संबंध में अधिकारियों को निर्देशित करेंगे कि पूर्व में प्रचलित उपस्थिति ही मान्य होगी और एम शिक्षा मित्र से उपस्थिति लगाने पर तत्काल रोक लगा दी जाएगी, ताकि प्रदेश के विभाग के कर्मचारी मानसिक, आर्थिक या अन्‍य परेशानियों से बच सकें?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जी नहीं। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) एम-शिक्षा मित्र शिक्षा विभाग का एम-गवर्नेंस प्लेटफार्म है। यदि किसी अधिकारी/शिक्षक/ कर्मचारी के पास एंड्राइड फोन उपलब्ध नहीं हैं ऐसी स्थिति में उसके संस्था प्रमुख द्वारा उपस्थिति दर्ज कराये जाने का प्रावधान किया गया है। जहां नेटवर्क नहीं हैं वहां ऑफलाईन मोड में उपस्थिति लगाई जा सकती है। (ग) जी नहीं। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

म.प्र. कृषि उपज मण्‍डी अधिनियम 1972 का परिपालन 

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

15. ( क्र. 112 ) सुश्री हिना लिखीराम कावरे : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या म.प्र. कृषि मंडी अधिनियम 1972 की धारा 36 के अंतर्गत अधिसूचित फसलों की बिक्री न्‍यूनतम समर्थन मूल्‍य से कम कीमत पर नहीं की जा सकती? शासन ने इस अधिनियम के उल्‍लंघन के दोषी मंडी सचिवों तथा कृषि विपणन बोर्ड के एम.डी.पर क्‍या कार्यवाही की है? (ख) विषयांकित अधिनियम की धारा 36 के अंतर्गत जब किसानों की अधिसूचित फसलें न्‍यूनतम समर्थन मूल्‍य से कम में खरीदी ही नहीं जा सकती तो क्‍या भावान्‍तर योजना में शासन कृषकों को वह राशि दे रहा है जो उसे व्‍यापारियों को देना चाहिए था अर्थात भावान्‍तर योजना व्‍यापारियों के लिए है? (ग) मंडियों में फसलों का एफ.ए.क्‍यू. देखने हेतु क्‍या व्‍यवस्‍था शासन ने की है? मंडी अनुसार जानकारी दें।

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) जी हाँ। प्रदेश कृषि उपज मंडी अधिनियम, 1972 की धारा 36 (3) के परन्‍तु में प्रावधान है कि कृषि उपज मण्‍डी समितियों ऐसी अधिसूचित कृषि उपज मण्‍डी समिति जिनका की समर्थन मूल्‍य घोषित है। समर्थन मूल्‍य से ही खुली नीलामी से बोली प्रांरभ कराई जाती है। उपज की गुणवत्‍ता के अनुसार उच्‍चतम प्रतिस्‍पर्धात्‍मक मूल्‍य पर कृषि उपज का क्रय-विक्रय कृषक की सहमति से ही कराया जाता है। शेष प्रश्‍न उद्भूत नहीं होता है। (ख) जी नहीं, म.प्र.कृषि उपज मंडी अधिनियम 1972 की धारा 36 में एफ.ए.क्‍यू. गुण्‍वत्‍ता की कृषि उपज का मंडी प्रांगण में समर्थन मूल्‍य से कम पर बोली प्रारंभ नहीं होने का प्रावधान है, परन्‍तु घोष नीलामी में कृषि उपज के प्रचलित बाजार भाव, गुणवत्‍ता, मांग एवं पूर्ति के सिद्धांत आदि से प्रभावित होकर प्रतिस्‍पर्धात्‍मक विक्रय मूल्‍य का निर्धारण होता है, इस विक्रय मूल्‍य पर किसान द्वारा उपज विक्रय करने की सहमति होने पर क्रेता व्‍यापारी द्वारा विक्रय मूल्‍य का भुगतान किया जाता है। खरीफ 2017 के लिए भावातंर भुगतान योजना की चयनित फसलों में उपरोक्‍तानुसार निर्धारित विक्रय मूल्‍य के अलावा, राज्‍य शासन द्वारा योजना अंतर्गत निर्धारित मापदण्‍ड/फार्मूले के आधार पर निम्‍न स्थितियों में भावातंर राशि का विक्रेता कृषक को अतिरिक्‍त भुगतान किया गया है ' पंजीकृत किसानों द्वारा बेची गयी चयनित फसल की विक्रय दर, समर्थन मूल्‍य से कम किन्‍तु राज्‍य शासन द्वारा घोषित मॉडल (Wholesale) विक्रय दर से अधिक हुई तो समर्थन मूल्‍य तथा किसान द्वारा विक्रय मूल्‍य के अन्‍तर की राशि भावातंर के रूप में भुगतान योग्‍य है। पंजीकृत किसान द्वारा बेची गई फसल की विक्रय दर राज्‍य शासन द्वारा घोषित मॉडल (Wholesale) विक्रय दर से कम हुई तो समर्थन मूल्‍य तथा मॉडल विक्रय दर के अन्‍तर की राशि का लाभ भावातंर के रूप में देय है, परन्‍तु किसी उत्‍पाद के मॉडल (Wholesale) विक्रय दर औसत (तीन राज्‍यों का) यदि न्‍यूनतम समर्थन मूल्‍य से उपर रहे तो उक्‍त फसल उत्‍पाद के लिये भावातंर भुगतान योजना लागू नहीं मानी जाएगी। यदि किसान द्वारा विक्रय दर न्‍यूनतम समर्थन मूल्‍य से अधिक या उसके बराबर हुई तो योजना का लाभ देय नहीं होगा। (ग) कृषि उपज की गुणवत्‍ता का निर्धारण कलेक्‍टर द्वारा मनोनीत समिति द्वारा किया जाता है। गुणवत्‍ता निर्धारण कार्य हेतु मण्‍डी समितियों में नमी मापक यंत्र एवं छन्‍ना आदि की व्‍यवस्‍था की गई है।

डबरा से चीनौर पहुँच मार्ग का निर्माण 

[लोक निर्माण]

16. ( क्र. 117 ) श्रीमती इमरती देवी : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) डबरा से चीनौर रोड पहुँच मार्ग कितना किलोमीटर एवं कितनी राशि का स्‍वीकृत है, जिसका निर्माण कार्य लोक निर्माण विभाग द्वारा कराया जा रहा है तथा इस पर प्रश्‍न दिनांक तक कितनी राशि व्‍यय की गई तथा कार्यपूर्ण करने की समय अवधि क्‍या है? प्राक्‍कलन की सत्‍यापित प्रति सहित अवगत करावें। (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार डबरा से चीनौर रोड के नगर पालिका परिषद् डबरा क्षेत्र में मेन रोड के बीच डिवाइडर पर विद्युत पोल शिफ्टिंग का कार्य लोक निर्माण विभाग या विद्युत विभाग में से किसके द्वारा कराया जावेगा जिसके लिये कितनी राशि व्‍यय करने का प्रावधान है? यह कार्य कब तक पूर्ण कराया जावेगा? (ग) क्‍या डबरा नगर पालिका क्षेत्र में डबरा से चीनौर रोड के दोनों ओर नक्‍शा एवं तकनीकी प्राक्‍कलन से हटकर टेड़ा-मेड़ा एवं गुणवत्‍ताहीन नालों का निर्माण कराया जा रहा है, जिन पर अभी तक कितनी राशि व्‍यय की गई तथा किस प्रकार का कार्य शेष है? इन दोनों नालों की कुल कितनी-कितनी राशि का प्रावधान है एवं इस गुणवत्‍ताहीन कार्य के लिये कौन अधिकारी दोषी है? उसके विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की गई है? नहीं तो कब तक की जावेगी?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) लंबाई 53.20 कि.मी.। राशि रू. 8512.00 लाख स्‍वीकृत है। प्रश्‍न दिनांक तक राशि रू. 6536.85 लाख का व्‍यय हुआ। समयावधि 24 माह वर्षाकाल सहित। प्राक्‍कलन की सत्‍यापित प्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) लोक निर्माण विभाग (वि/यां.) संभाग ग्‍वालियर द्वारा कराया जावेगा। राशि रूपये 972.94 लाख व्‍यय का प्रावधान है। निविदा आमंत्रण की कार्यवाही की गई है अत: समय-सीमा बताई जाना संभव नहीं है। (ग) जी नहीं, राशि रू. 9.29 लाख का व्‍यय किया गया है। कोई कार्य शेष नहीं है। दो नग नहीं अपितु तीन नालों पर ह्यूम पाईप पुलियों हेतु रू. 9.29 लाख का प्रावधान था। कार्य गुणवत्‍ता पूर्वक किया गया है। अत: कोई दोषी नहीं, शेष का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता।

कृषकों के भ्रमण की जानकारी

[उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण]

17. ( क्र. 121 ) श्री प्रदीप अग्रवाल : क्या राज्‍यमंत्री, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दतिया जिले के विकासखण्‍ड सेवड़ा में उद्यानिकी विभाग द्वारा वर्ष 2017-18 एवं 2018-19 में किन-किन किसानों को किस-किस दिनांक को कहाँ-कहाँ, किस साधन से किन अधिकारियों के साथ भ्रमण पर भेजा गया? ग्रामवार/कृषकों के नाम सहित जानकारी उपलब्‍ध करायें। (ख) कंडिका (क) में वर्णित यात्राओं में शासन द्वारा किसानों के लिये क्‍या-क्‍या सुविधायें दिये जाने के निर्देश थे? निर्देशों की छायाप्रति उपलब्ध करायें। प्रति किसान शासन द्वारा कितनी राशि उपलब्‍ध करायी गयी एवं कितनी राशि किस मद में खर्च की गयी? (ग) क्‍या शासन द्वारा जो राशि किसानों के भ्रमण पर खर्च करनी थी वह विभाग द्वारा उन पर खर्च न कर फर्जी बिल बनाकर राशि स्‍वयं हड़प ली? यदि नहीं, तो क्‍या एक जाँच कमेटी बनाकर यात्रा पर गये किसानों से वस्‍तुस्थिति स्‍पष्‍ट कराई जाएगी? (घ) क्‍या उक्‍त संपूर्ण भ्रमणों की सूक्ष्‍य जाँच हेतु भोपाल से दल गठित करेंगे, जिससे भविष्‍य में किसानों को भ्रमण में भोजन, विश्राम जैसी समस्‍याओं से न जूझना पड़े?

राज्‍यमंत्री, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण ( श्री सूर्यप्रकाश मीना ) : (क) दतिया जिले के सेवढ़ा विकासखंड में वर्ष 2017-18 में किसानों को भ्रमण पर नहीं भेजा गया। वर्ष 2018-19 में प्रश्‍न दिनांक तक कृषक प्रशिक्षण सह भ्रमण कार्यक्रम की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) कृषक प्रशिक्षण सह भ्रमण कार्यक्रम में शासन द्वारा कृषकों को भ्रमण स्‍थल तक जाने, आने, भोजन, ठहरने, लेखन सामग्री, चाय नास्‍ता, पानी, प्रक्षेत्रों का भ्रमण एवं वैज्ञानिक द्वारा उन्‍नत तकनीक का प्रशिक्षण दिलाया गया है। निर्देशों की प्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार शेष जानकारी निम्‍नानुसार है:-

कार्यक्रम

प्रति कृषक प्रतिदिन राशि का प्रावधान

जिले को प्राप्‍त राशि आवंटन रूपये में

मदवार व्‍यय रूपये में

सामान्‍य

अ.जा.

राज्‍य के बाहर भ्रमण

रूपये 1500

3.15 लाख

2.40 लाख

0.75 लाख

राज्‍य के अंदर भ्रमण

रूपये 1000

3.00 लाख

2.10 लाख

0.90 लाख

(ग) वर्ष 2017-18 की प्रदाय राशि आहरण कर उससे वर्ष 2018-19 में किसानों के भ्रमण पर व्‍यय करने की अनियमितता प्रकाश में आने पर प्रभारी सहायक संचालक उद्यान दतिया को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया है। भ्रमण पर गये कृषकों ने संतुष्टि प्रमाण पत्र प्रस्‍तुत किया है। फर्जी बिल बनाकर राशि हड़पने की स्थिति निर्मित नहीं है, अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (घ) उत्‍तरांश (ग) के अनुक्रम में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

संचालित माध्‍यमिक एवं हाई स्‍कूलों की भवनों की स्थिति 

[स्कूल शिक्षा]

18. ( क्र. 122 ) श्री प्रदीप अग्रवाल : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दतिया जिले के सेवड़ा विकासखण्‍ड में कुल कितने माध्‍यमिक एवं हाई स्‍कूल संचालित हैं? इनमें से कितने अपने स्‍वयं के भवन में एवं कितने अन्‍य भवनों में संचालित हो रहे हैं एवं कितने भवन अपूर्ण या खराब स्थिति में हैं? (ख) ऐसे कितने हाई स्‍कूल हैं जो माध्‍यमिक से अपग्रेड हुये किन्‍तु उनके भवन या तो अधूरे हैं या फिर स्‍वीकृत नहीं हुये? क्‍या उन्‍हें स्‍वीकृत या पूर्ण कराये जाने हेतु आदेश जारी करेंगे? (ग) क्‍या अधिकांश स्‍कूलों तक पक्‍का पहुंच मार्ग न होने से बारिश के दिनों में बच्‍चे व शिक्षक स्‍कूल तक नहीं पहुंच पाते हैं? यदि हाँ, तो क्‍या उक्‍त मार्गों के WBM या C.C. के माध्‍यम से पक्‍का कराया जायेगा?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट पर है। (ख) कुल 27 हाईस्कूल में से कुल 11 हाईस्कूल के भवन स्वीकृत नहीं हैं एवं कुल 07 हाईस्कूलों के भवन अपूर्ण है। शालाओं के भवन निर्माण बजट की उपलब्धता पर निर्भर करता है। निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ग) 12 प्राथमिक/माध्यमिक एवं 03 हाईस्कूल/हायर सेकेण्डरी स्कूलों में पहुँच मार्ग कच्चा है। विभाग के बजट में पहुँच मार्ग के निर्माण हेतु पृथक से कोई प्रावधान नहीं होने के कारण ग्रामीण विकास विभाग की योजनाओं के अंतर्गत कराया जा सकेगा।

विधानसभा क्षेत्र पनागर के अंतर्गत क्षतिग्रस्त सड़कों का निर्माण

[लोक निर्माण]

19. ( क्र. 125 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या विधानसभा क्षेत्र पनागर के अंतर्गत जमुनिया, बम्हनी, गाड़रखेड़ा, लहंगी, पुरवा, पटपरा, कलगौड़ी, सिलगौर, कुम्ही, सिहोरा आदि मार्गों की सड़कों के निर्माण पूर्ण करने की समयावधि समाप्त हो गयी है? (ख) यदि हाँ, तो इन सड़कों का निर्माण कब प्रारंभ किया जायेगा एवं कब तक निर्माण पूरा होगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) विभाग के अधीन मार्गों की जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' एवं 'अ-1' अनुसार है। (ख) उत्‍तरांश '' अनुसार।

परिशिष्ट - ''नौ''

किसानों को मांग के अनुरूप बीज उपलब्ध न होना

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

20. ( क्र. 126 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या किसानों को गत 3 वर्षों में खरीफ बीज की मांग के अनुरूप बीज उपलब्ध‍ कराया गया है? (ख) यदि हाँ, तो गत 3 वर्षों की कुल खरीफ बीज की मांग एवं पूर्ति की संख्यात्मक जानकारी देवें? (ग) प्रश्नांश (ख) के अंतर्गत म.प्र. राज्य बीज एवं फार्म विकास निगम ने मांग के विरूद्ध कितना बीज उपलब्ध कराया? मांग एवं पूर्ति की जानकारी देवें? (घ) क्या गत 3 वर्षों में किसानों की मांग के अनुसार पूर्ति नहीं की गई है? यदि हाँ, तो इसके लिये कौन दोषी है?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) जी हाँ। (ख) विवरण संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र- 01 अनुसार है। (ग) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र- 02 अनुसार है। (घ) उत्‍तरांश (ख) एवं (ग) के अनुसार खरीफ बीज की किसानों को पूर्ति के लिये गत 3 वर्षों में पर्याप्‍त मात्रा में बीज का भण्‍डारण एवं उपलब्‍ध होने से कोई दोषी नहीं है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''दस''

अध्यापक संवर्ग का स्कूल शिक्षा विभाग में संविलियन

[स्कूल शिक्षा]

21. ( क्र. 132 ) श्रीमती ऊषा चौधरी : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या म.प्र. शासन स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा अध्यापक संवर्ग के अंतर्गत पदस्थ प्रदेश के लगभग तीन लाख अध्यापकों को स्कूल शिक्षा विभाग में संविलियन किये जाने की कार्यवाही प्रचलन में है, यदि हाँ, तो क्या कैबिनेट की बैठक में निर्णय ले कर संविलियन के आदेश जारी किये जावेंगे? यदि हाँ, तो कब तक? (ख) क्या अध्यापकों को नियमित शिक्षकों को दी जा रही सभी सुविधाओं, जैसे पेंशन, ग्रेच्युटी, बीमा, शासकीय आवास एवं अनुकम्पा नियुक्ति आदि की सुविधाएं प्रदान की जाएँगी? यदि हाँ, तो विवरण सहित जानकारी देवें? (ग) क्या विधान सभा क्षेत्र रैगावं के ग्राम पंचायत गिन्जारा के सरपंच द्वारा माध्यमिक शाला भवन क्षतिग्रस्त होने की सूचना जिला शिक्षा अधिकारी/मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत व कलेक्टर जिला सतना को अवगत कराने के बावजूद भी भवन निर्माण हेतु कार्यवाही क्यों नहीं की गई? (घ) क्या विकासखण्ड रामनगर के अंतर्गत शासकीय हायर सेकण्ड्री स्कूल हिनौती के प्रभारी प्राचार्य लक्ष्मण प्रसाद मिश्रा द्वारा विद्यालय भवन/विद्यालय परिसर को सड़क निर्माण कर रही कम्पनी को किराये पर दे दिया गया है, जिसमें कम्पनी के दर्जन से अधिक कर्मचारी यहाँ निवास कर शौचालय एवं पानी व्यवस्था का उपयोग करने के साथ ही डम्फर, जे.सी.बी. सहित स्कूल प्रांगण में खड़ा करने से मैदान पूरी तरह से ख़राब हो चुका है, क्या इसकी जाँच कराकर दोषी प्रभारी प्राचार्य के खिलाफ कार्यवाही की जावेगी?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) अध्यापकों को स्कूल शिक्षा विभाग/जनजातीय कार्य विभाग में संविलियन की कार्यवाही प्रचलित है। मंत्रि-परिषद् के निर्णय पश्चात् भर्ती नियम बनाने की प्रक्रिया प्रचलित है। (ख) नियम बनाने की कार्यवाही प्रचलित है जिसमें सामान्य प्रशासन विभाग एवं वित्त विभाग के परामर्श अनुसार सुविधायें दी जा सकेगी। (ग) जी नहीं। विधान सभा क्षेत्र रैगांव के ग्राम पंचायत गिंजारा के सरपंच से माध्यमिक शाला भवन के क्षतिग्रस्त होने की कोई सूचना प्राप्त नहीं हुई है। । माध्यमिक शाला भवन क्षतिग्रस्त नहीं है। (घ) जी नहीं। प्रश्न के संदर्भ में जाँच विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी द्वारा कराई गई। जाँच प्रतिवेदन के आधार पर अनियमितता न होने से कार्यवाही का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

चना, मसूर, सरसों, लहसुन एवं प्‍याज को भावान्‍तर में शामिल नहीं किया जाना

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

22. ( क्र. 133 ) श्री अजय सिंह : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या चना, मसूर, सरसों, लहसुन एवं प्‍याज को क्‍या भावांतर योजना में शामिल किया गया है? अगर नहीं, तो कारण बिन्‍दुवार देवें। (ख) क्‍या प्रश्‍नांश (क) में उल्‍लेखित इन उपजों को खरीदने के लिए केन्‍द्र सरकार से अनुमति मांगी गई थी? अगर हाँ तो कब-कब? सभी पत्रों की एक-एक प्रति देवें। क्‍या अनुमति नहीं मिली? अनुमति नहीं दिए जाने वाले सभी पत्रों की एक प्रति देवें। अनुमति नहीं मिलने के कारण क्‍या हैं? (ग) प्रदेश में चना, मसूर, सरसों का इस वर्ष कुल कितना उत्‍पादन हुआ? इन उपजों की खरीदी का केन्‍द्र सरकार को कितना लक्ष्‍य प्राप्‍त हुआ था? (घ) क्‍या इन उपजों की लक्ष्‍य से अधिक खरीदी की गई थी? इसके लिए क्‍या केन्‍द्र सरकार ने लक्ष्‍यों को संशोधित किया है? अगर हाँ तो संशोधित लक्ष्‍य क्‍या थे? अगर नहीं तो अतिरिक्‍त खरीदी की कुल कितनी राशि देय है? इसकी भरपाई कहाँ से किस मद से कितनी एवं कब होगी?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) चना, मसूर एवं सरसों को प्राइज सपोर्ट स्‍कीम अंतर्गत शामिल किया गया है तथा लहसुन एवं प्‍याज को भावांतर भुगतान योजना अंतर्गत शामिल किया गया है। (ख) चना, मसूर एवं सरसों की उपज भारत सरकार की प्राइज सपोर्ट स्‍कीम के अंतर्गत ही क्रय की जा रही है। शेष जानकारी एकत्रित की जा रही है। (ग) प्रदेश में इस वर्ष में चतुर्थ अग्रिम अनुमान के आधार पर चना, मसूर एवं सरसों का उत्‍पादन क्रमश: 53.85 लाख मैट्रिक टन, 6.79 लाख मैट्रिक टन एवं 9.76 लाख मैट्रिक टन आंकलित किया गया है। शेष जानकारी एकत्रित की जा रही है। (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

मंडी अधिनियमों के विपरीत उपजों (जिंसों) की खरीदी

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

23. ( क्र. 134 ) श्री अजय सिंह : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या मंडी अधिनियम की धारा 36 में प्रावधान है कि मंडी परिसर में सिर्फ उन्‍हीं जिंसों की खरीदी हो सकती है जो समर्थन मूल्‍य पर खरीदी जाएंगी? (ख) भावांतर योजना के लागू होने पर क्‍या मंडी अधिनियम का उल्‍लंघन नहीं हो रहा है? अगर नहीं तो नियमों की एक प्रति उपलब्‍ध कराते हुए बताएं कि मंडी अधिनियम की किस धारा एवं उपधाराओं के तहत यह खरीदी जा रही है?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) जी नहीं। म.प्र. कृषि उपज मण्‍डी अधिनियम, 1972 की धारा 36 में प्रावधान है कि मण्‍डी प्रांगण में विक्रय के लिए लाई गई समस्‍त अधिसूचित कृषि उपज, उपधारा (2) के उपबंधों के अध्‍यधीन रहते हुये ऐसी उपज के लिए विर्निदिष्‍ट किए गए मण्‍डी प्रांगण/प्रांगणों में या उपविधियों में यथा उपबन्धित ऐसे अन्‍य स्‍थान पर बेची जाएगी। (ख) जी नहीं। म.प्र.कृषि उपज मण्‍डी अधिनियम 1972 की धारा 36 में एफ.ए.क्‍यू. गुणवत्‍ता की कृषि उपज का मण्‍डी प्रांगण में समर्थन मूल्‍य से कम पर बोली प्रारम्‍भ नहीं होने का प्रावधान है, परन्‍तु घोष नीलामी में कृषि उपज के प्रचलित बाजार भाव, गुणवत्‍ता, मांग एवं पूर्ति के सिद्धांत आदि से प्रभावित होकर प्रतिस्‍पर्धात्‍मक विक्रय मूल्‍य का निर्धारण होता है इस विक्रय मूल्‍य पर किसान द्वारा उपज विक्रय करने की सहमति होने पर क्रेता व्‍यापारी द्वारा विक्रय मूल्‍य का भुगतान किया जाता है। खरीफ 2017 के लिए भावांतर भुगतान योजना की चयनित फसलों में उपरोक्‍तानुसार निर्धारित विक्रय मूल्‍य के आलावा, राज्‍य शासन द्वारा योजना अंतर्गत निर्धारित मापदण्‍ड/फार्मूले के आधार पर निम्‍न स्थितियों में भावांतर राशि का विक्रेता कृषक को अतिरिक्‍त भुगतान किया गया है- पंजीकृत किसानों द्वारा बेची गयी चयनित फसल की विक्रय दर, समर्थन मूल्‍य से कम किन्‍तु राज्‍य शासन द्वारा घोषित मॉडल (Wholesale) विक्रय दर से अधिक हुई तो समर्थन मूल्‍य तथा किसान द्वारा विक्रय मूल्‍य के अन्‍तर की राशि भावांतर के रूप में भुगतान योग्‍य है। पंजीकृत किसान द्वारा बेची गई फसल की विक्रय दर राज्‍य शासन द्वारा घोषित मॉडल (Wholesale) विक्रय दर से कम हुई तो समर्थन मूल्‍य तथा मॉडल विक्रय दर के अन्‍तर की राशि का लाभ भावांतर के रूप में देय है,परन्‍तु किसी उत्‍पाद के मॉडल (Wholesale) विक्रय दर औसत (तीन राज्‍यों का) यदि न्‍यूनतम समर्थन मूल्‍य से उपर रहे तो उक्‍त फसल उत्‍पाद के लिये भावांतर भुगतान योजना लागू नहीं मानी जाएगी। यदि किसान द्वारा विक्रय दर न्‍यूनतम समर्थन मूल्‍य से अधिक या उसके बराबर हुई तो योजना का लाभ देय नहीं होगा। उपरोक्‍त परिप्रेक्ष्‍य में शेष प्रश्‍न उद्भूत नहीं होता है।

देहरदा ईसागढ़ मार्ग पर स्थित ग्राम खतौरा में सड़क के दोनों किनारों पर नाली निर्माण 

[लोक निर्माण]

24. ( क्र. 156 ) श्री महेन्‍द्र सिंह यादव "खतौरा" : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रश्‍न क्र. 4823 उत्‍तर दिनांक 08 मार्च 2016 के उत्‍तर (घ) में बताया गया था कि वर्तमान में कार्य प्रगति पर है? शीघ्र ही मार्ग पर स्थित खतौरा, पीरौंठ एवं पचावली में अनुबंध के प्रावधान अनुसार नाली निर्माण का कार्य कराया जायेगा तथा ग्राम खतौरा में दोनों छोर पर पानी की निकासी हेतु पुलिया निर्माण कार्य स्‍वीकृत कराया जायेगा? यह अति आवश्‍यक कार्य अभी तक क्‍यों नहीं कराया गया? कब तक कराया जायेगा? (ख) एम.पी.आर.आर.डी.सी. द्वारा निर्मित देहरदा-ईसागढ़ मार्ग स्थित ग्राम खतौरा एवं पीरौंठ में आबादी क्षेत्र में सड़क किनारे नाली निर्माण एवं ग्राम खतौरा में अनुबंध के तहत चैन्‍ज ऑफ स्‍कोप के अंतर्गत पानी की निकासी हेतु पुलिया निर्माण का कार्य स्‍वीकृत कराया जाकर कार्य कराये जाने हेतु विगत 3 वर्षों में क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गयी? की गयी कार्यवाही की प्रतियां संलग्‍न कर जानकारी दें। (ग) ग्राम खतौरा, पीरौंठ में सड़क किनारे 03 वर्ष में नाली निर्माण एवं दोनों छोर पर पुलिया निर्माण हेतु संबंधित एजेन्‍सी/ठेकेदार से उक्‍त निर्माण कार्य की लागत राशि अमानत राशि से अथवा ठेकेदार द्वारा वसूल किये जा रहे टोल-टैक्‍स से वसूल कर उक्‍त कार्य कराया जायेगा और ठेकेदार को ब्‍लैक लिस्‍टेड किया जायेगा? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्‍यों? (घ) क्‍या ग्राम खतौरा के दोनों छोर पर पुलिया निर्माण का कार्य स्‍वीकृत कर दिया गया है? यदि हाँ, तो उक्‍त कार्य कब स्‍वीकृत किया गया? यदि नहीं, किया गया तो कब तक कार्य स्‍वीकृत कराया जायेगा? खतौरा में सड़क किनारे नाली निर्माण कार्य कब तक पूर्ण हो जायेगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ। जी हाँ। निवेशकर्ता द्वारा ग्राम खतौरा में लगभग 175 मी. नाली निर्माण कार्य किया गया। तदोपरांत निवेशकर्ता द्वारा इस कार्य को विलंबित रखा गया है। अत: एम.पी.आर.डी.सी. द्वारा अनुबंध के प्रावधानों के अंतर्गत निवेशकर्ता के विरूद्ध कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। इन कार्यों के पूर्ण करने की समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ख) विगत तीन वर्षों में देहरदा ईसागढ़ मार्ग स्थित ग्राम खतौरा एवं पीरौंठ में आबादी क्षेत्र में सड़क किनारे नाली निर्माण एवं ग्राम खतौरा में पुलियाओं के निर्माण हेतु एम.पी.आर.डी.सी. द्वारा की गई कार्यवाही एवं संबंधित प्रतियों का विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। (ग) जी हाँ। निवेशकर्ता द्वारा ग्राम खतौरा, पीरौंठ में सड़क के किनारे नाली निर्माण कार्य बार-बार स्मरण पत्र दिये जाने के पश्चात भी शुरू न किये जाने की दशा में कंशेसनायर की रिस्क एवं कास्ट पर कराये जाने हेतु कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। निवेशकर्ता के विरूद्ध अनुबंध के प्रावधानों के अन्तर्गत दण्डात्मक कार्यवाही प्रारंभ कर निवेशकर्ता को देय एन्युटी में से दण्ड राशि की वसूली शुरू की जा चुकी है। (घ) जी हाँ। ग्राम खतौरा में सड़क के दोनों छोर पर पुलिया निर्माण कार्य का कार्य चेन्ज ऑफ स्कोप के अंतर्गत दिनांक 01.09.2016 को स्वीकृत किया गया है। प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता। ग्राम खतौरा में नाली निर्माण पूर्ण होने की तिथि बताया जाना संभव नहीं है।

सड़क निर्माण 

[लोक निर्माण]

25. ( क्र. 177 ) श्री हरदीप सिंह डंग : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता द्वारा वर्तमान लोक निर्माण विभाग के मंत्री महोदय के कार्यकाल में 1 कि.मी. 2 कि.मी. 3 कि.मी. की लंबाई की कितनी सड़कों के निर्माण हेतु आवेदन या पत्र दिये गये हैं? (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार प्रश्‍नकर्ता द्वारा दिये गये आवेदन या पत्रों में से कितने आवेदनों या पत्रों पर मंत्री महोदय द्वारा रिमार्क लगाकर विभाग को कार्यवाही हेतु प्रेषित किया गया है तथा उस पर विभाग द्वारा क्या कार्यवाही की गई? (ग) विभाग द्वारा प्रश्नांश (ख) में उल्लेखित कितनी सड़कों के निर्माण हेतु स्वीकृति प्रदान की गई है? (घ) एस.एफ.सी. एवं अनुपूरक बजट में कितने मार्गों के निर्माण हेतु स्वीकृति दी जाना प्रस्तावित है?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) से (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है।

भावांतर योजना के तहत राशि वितरण

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

26. ( क्र. 178 ) श्री हरदीप सिंह डंग : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भावांतर योजना में किन-किन फसलों को शामिल किया गया है? (ख) भावांतर योजना के तहत मंदसौर जिले में रबी एवं खरीब की फसलों की खरीदी हेतु कितने किसानों का पंजीयन किया गया हैं? जानकारी देवें। (ग) प्रश्नांश (ख) अनुसार भावांतर योजना में कितने किसानों को योजना का लाभ मिला है? (घ) मंदसौर जिले में भावांतर योजना के तहत 1 मार्च 2018 से प्रश्न दिनांक तक कितनी राशि का वितरण किया गया है या किया जाना है? जानकारी देवें?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) खरीफ 2017 की भावांतर भुगतान योजना अंतर्गत आठ फसलों को शामिल किया गया है सोयाबीन, तिल, रामतिल, मूंगफली, मक्‍का, तुअर, मूंग एवं उड़द। दिनांक 1 अप्रैल 2018 से लहसून एवं प्‍याज फसल को भी भावांतर भुगतान योजना में शामिल किया गया है। (ख) खरीफ 2017 की भावांतर भुगतान योजना अंतर्गत मंदसौर जिले में 53420 किसानों द्वारा पंजीयन किया गया है। शेष जानकारी एकत्रित की जा रही है। (ग) खरीफ 2017 की भावांतर भुगतान योजना अंतर्गत मंदसौर जिले में कुल 45228 कृषकों को योजना का लाभ मिला है। शेष जानकारी एकत्रित की जा रही है। (घ) मंदसौर जिले में खरीफ 2017 की भावांतर भुगतान योजना के तहत दिनांक 1 मार्च 2018 से प्रश्‍न दिनांक तक राशि रूपये 11,75,87,597/- (ग्‍यारह करोड़ पच्‍छत्‍तर लाख सत्‍यासी हजार पाँच सौ सन्‍तानवे रूपये मात्र) का वितरण किया गया है। शेष जानकारी एकत्रित की जा रही है।

जबेरा विधानसभा क्षेत्र के विकास कार्यों की जानकारी 

[लोक निर्माण]

27. ( क्र. 186 ) श्री प्रताप सिंह : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दमोह जिले के जबेरा विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत वर्ष 2014 से प्रश्न दिनांक तक लोक निर्माण विभाग को किस-किस मद से कितनी-कितनी राशि कब-कब आवंटित की गई वर्षवार, मदवार एवं राशिवार जानकारी उपलब्ध करावें? (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में कितनी-कितनी राशि किन-किन निर्माण कार्यों हेतु किस-किस एजेंसी को उपलब्ध करायी गई? जानकारी वर्षवार/कार्यवार/राशिवार एवं एजेंसीवार उपलब्ध करावें। (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के तहत मेंटेनेंस कार्य पर कितनी-कितनी राशि व्यय की गई है? राशिवार/कार्यवार/वर्षवार जानकारी बतलावें।

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) लोक निर्माण विभाग के अन्‍तर्गत राज्‍य योजनाओं के मतदेय/राजस्‍व मद अंतर्गत जिले/संभाग को विधानसभावार राशि आवंटित नहीं की जाती। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। परियोजना क्रियान्‍वयन इकाई लोक निर्माण विभाग की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अ तथा म.प्र. रोड डेव्‍हलपमेंट कार्पोरेशन लिमिटेड से संबंधित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-'अ-1' अनुसार है। (ख) लोक निर्माण विभाग के अन्‍तर्गत प्रश्‍नांश (क) अनुसार प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता, अपितु वर्ष 2014 से विधानसभा जबेरा में वर्षवार/कार्यवार/राशिवार/एजेन्‍सीवार की गई व्‍यय की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-'अ-2' तथा परियोजना क्रियान्‍वयन इकाई लोक निर्माण विभाग की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-ब एवं म.प्र. रोड डेव्‍हलपमेंट कार्पोरेशन लिमिटेड से संबंधित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-'अ-1' अनुसार है। (ग) लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत प्रश्‍नांश '' एवं '' अनुसार प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता, अपितु वर्ष 2014 से विधानसभा जबेरा में वर्षवार/कार्यवार/राशिवार की गई व्‍यय की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-'ब-1' एवं म.प्र. रोड डेव्‍हलपमेंट कार्पोरेशन लिमिटेड से संबंधत जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-'अ-1' अनुसार है।

नाफेड सर्वेयर के द्वारा खरीफ की फसल खरीदी में अनियमितता 

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

28. ( क्र. 189 ) श्री प्रताप सिंह : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या मध्यप्रदेश शासन के द्वारा खरीफ की फसल में चना, मसूर, गेहूँ की खरीदी समर्थन मूल्य पर की जा रही है? यदि हाँ, तो किस दर से खरीदी की जा रही हैं? आदेश की एवं समर्थन मूल्य की प्रति उपलब्ध करावें। (ख) क्या प्रश्नांश (क) अनुसार खरीफ की फसल खरीदी नाफेड के सर्वेयर के द्वारा की जा रही है? यदि हाँ, तो सर्वेयर की नियुक्ति की योग्यता क्या है? दमोह जिले में विधानसभावार, खरीदी केंद्रवार, सर्वेयर की जानकारी उपलब्ध करावें जिसमें सर्वेयर का नाम, पद, विभाग, नियोक्ता अधिकारी, नियंत्रण अधिकारी का नाम हो। (ग) क्या नाफेड के सर्वेयर/अधिकारी, व्यापारियों की मिली भगत से खराब माल की खरीदी कर रहे हैं? यदि हाँ, तो संबधित दोषियों के विरूद्ध कोई कार्यावाही किये जाने का प्रावधान है? यदि हाँ, तो क्या और कौन कार्यवाही कर सकता है? (घ) दमोह जिले में शासन द्वारा खरीदी दिनांक से प्रश्न दिनांक तक कितनी फसल खरीदी गई है। केंद्रवार एवं फसलवार जानकारी देवें। कितने केंद्रों पर व्यापारियों एवं नाफेड अधिकारियों/सर्वेयर के द्वारा खराब माल पास किये जाने के मामले सामने आये? क्षेत्रवार जानकारी देवें।

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

जर्जर रोडों का निर्माण 

[लोक निर्माण]

29. ( क्र. 191 ) श्री लाखन सिंह यादव : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भितरवार विधानसभा क्षेत्र की जर्जर रोड (1) नयागाँव से मऊछ वनवार व्हाया चीनौर, मेहगाँव करईया रोड (2) करईया से आरोन व्हाया गोलार घाटी (3) डॉडाखिरक से तिघरा व्हाया लखनपुरा (4) भितरवार से करईया (5) पनिहार से पगारा मार्ग (6) जखा से हुकमगढ़ डामर रोड तक (7) अमरोल डामर रोड से सिकरौदा नहर की पुलिया तक (8) बरई-पनिहार मार्ग से आमी गाँव तक। उक्त रोड जो बहुत ही जर्जर हैं को कब तक निर्माण करा लिया जावेगा? प्रत्येक रोडवार अलग-अलग जानकारी दें। (ख) रायरू बाईपास से पुरानी छावनी, बहोडापुर, लक्ष्मीगंज, गोलपहाडिया, गिरवाई होकर नयागाँव रोड जो बहुत जर्जर हालत में है, इस रोड का कब तक चौड़ीकरण कर निर्माण किया जावेगा? इस रोड की शहर में फोर लाईन के मान से कितनी चौड़ाई रखी जावेगी तथा शहर के बाहर कितनी चौड़ाई रखी जावेगी? क्या शहर की घनी आबादी के बीचों-बीच चौड़ाई कम रखी जा रही है? क्या विभाग उसको आज तथा भविष्य के बढ़ते जनसंख्या तथा बढ़ते वाहनों के दबाव के हिसाब से पर्याप्त मानता है? यदि हाँ,? तो कैसे? स्पष्ट करें।

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) प्रश्‍नांकित मार्ग की स्‍वीकृति जारी की जा चुकी है। निविदा कार्यवाही जारी। चौड़ीकरण हेतु समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। शहर में चौड़ाई सात मीटर पेवड शोल्‍डर सहित। शहर के बाहर रायरू से अटल गेट तक फोरलेन एवं शेष लंबाई में पेवड शोल्‍डर सहित। जी नहीं। जी हाँ। नयागांव से मालवा कॉलेज का निर्माण कार्य प्रगति पर है एवं मालवा कॉलेज से रायरू तक का बायपास मार्ग एन.एच..आई. द्वारा बनाया जा चुका है।

परिशिष्ट - ''ग्यारह''

नवीन मार्ग निर्माण की स्‍वीकृति

[लोक निर्माण]

30. ( क्र. 204 ) श्री दुर्गालाल विजय : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या श्‍योपुर विधान सभा क्षेत्रान्‍तर्गत ग्राम बगदरी से खैरघटा-छोलघटा तक का मार्ग वर्तमान में पहुंचविहीन है इस कारण नागरिकों व कृषि परिवहन साधनों को आवागमन में बहुत कठिनाइयां आती है तथा वर्षाकाल में तो ये मार्ग बन्‍द ही हो जाता है? (ख) उक्‍त कठिनाइयों के मद्देनजर क्‍या ई.ई. लो.नि.वि. श्‍योपुर ने 1.50 करोड़ की डी.पी.आर. तैयार कर शासन/विभाग को भेज भी दी है? ये डी.पी.आर. वर्तमान में किस स्‍तर पर व कब से व क्‍यों लंबित है? (ग) क्‍या शासन क्षेत्रीय नागरिकों को बेहतर आवागमन की सुविधा उपलब्‍ध कराने हेतु उक्‍त डी.पी.आर. को चालू वर्ष के अनुपूरक बजट में शामिल करके इसकी शीघ्र प्रशासकीय स्‍वीकृति जारी करेगा? यदि नहीं, तो क्‍यों?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) जी हाँ। दिनांक 19.01.2018 से प्रमुख अभियंता कार्यालय में तकनीकी परीक्षण हेतु। (ग) जी नहीं वर्तमान में सीमित वित्‍तीय संसाधन की उपलब्‍धता होने से स्‍वीकृति की कार्यवाही संभव नहीं।

कृषि एवं वाणिज्‍य संकाय की स्‍वीकृति

[स्कूल शिक्षा]

31. ( क्र. 205 ) श्री दुर्गालाल विजय : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या श्‍योपुर विधान सभा क्षेत्रान्‍तर्गत ग्राम मानपुर के हायर सेकेण्‍डरी स्‍कूल में वर्तमान तक कृषि एवं वाणिज्‍य संकायों के विषयों की पढ़ाई की सुविधा का अभाव है व क्‍यों? यह सुविधा कब तक उपलब्‍ध कराई जावेगी। (ख) क्‍या उक्‍त सुविधा के अभाव में प्रतिवर्ष उक्‍त स्‍कूल के हाईस्‍कूल पास आउट इच्‍छुक छात्र उक्‍त संकायों के विषयों की पढ़ाई हेतु जिला मुख्‍यालय अथवा अन्‍यत्र जाकर एडमीशन लेने को विवश होते हैं नतीजन उन्‍हें बहुत कठिनाइयां आती है जो छात्र अन्‍यत्र नहीं जा पाते वे पढ़ाई छोड़ने को विवश होते हैं? (ग) प्रश्‍नांश (ख) यदि हाँ, तो क्‍या शासन छात्रों के हित के मद्देनजर उक्‍त स्‍कूल में दोनों संकाय प्रारंभ कराने हेतु जिला शिक्षा अधिकारी श्‍योपुर को प्रस्‍ताव तैयार करवाकर शासन को भेजने हेतु निर्देशित करेगा? तत्‍पश्‍चात इन प्रस्‍तावों को शासन सक्षम समिति से अनुमोदित करवाकर इन्‍हें चालू वित्‍त वर्ष के अनुपूरक बजट में शामिल करके इनकी प्रशासकीय स्‍वीकृति अविलम्‍ब जारी करेगा? यदि नहीं, तो क्‍यों?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) एवं (ख) शा.उ.मा.वि. मानपुर ग्राम के हाईस्कूल उत्‍तीर्ण विद्यार्थी कृषि संकाय के इच्छुक छात्र, ग्राम मानपुर से समीपस्थ स्थित शा.उ.मा.वि. गिरधरपुर एवं वाणिज्य संकाय के इच्छुक छात्र शा. उ.मा.वि. सोईकला में पढ़ने जाते हैं। (ग) '' प्रश्‍नांश के उत्‍तर के प्रकाश में प्रश्न उपस्थित नहीं होता। शालाओं में अतिरिक्त संकाय की स्वीकृति बजट प्रावधान पर निर्भर करता है।

किसानों को उपज विक्रय पर प्रोत्साहन राशि का भुगतान

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

32. ( क्र. 217 ) श्री निशंक कुमार जैन : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना में रबी मार्केटिंग सीजन 2018-19 में उपार्जन किए जा रहे गेहूँ के पंजीयत किसान द्वारा 15 मार्च 18 से 26 मार्च 18 की अवधि में मंडी में विक्रय किए गये गेहूँ पर रूपये 265/- प्रति क्विंटल की प्रोत्साहन राशि 10 जून 2018 को लाभान्वित एवं पात्र किसानों के बैंक खातों में जमा कराए जाने के निर्देश हैं? (ख) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित योजना के तहत क्‍या उपार्जन किए जा रहे चना, मसूर, सरसों के पंजीकृत किसानों द्वारा 2018-19 में उपार्जन किए जा रहे गेहूँ के पंजीकृत किसान द्वारा 10 अप्रैल 18 से 9 जून 18 की अवधि में मंडी में विक्रय किये जाने पर रूपये 100/- प्रति क्विंटल की प्रोत्साहन राशि 10 जून 2018 को लाभान्वित एवं पात्र किसानों के बैंक खातों में जमा कराए जाने के निर्देश हैं? (ग) प्रश्नांकित (क) एवं (ख) का उत्तर हाँ, तो विदिशा जिले में पंजीकृत कितने किसानों ने कितने क्विंटल गेहूँ एवं चना, मसूर, सरसों का विक्रय उक्त अवधि में मंडियों में किया है एवं कितने किसानों को प्रोत्साहन राशि का भुगतान प्रश्नांकित तिथि तक कर दिया गया है तथा कितने किसान शेष है? रहने का क्या कारण है? मंडीवार जानकारी देवें?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : () जी हाँ। (ख) एवं (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

भावांतर योजना के तहत किसानों को राशि का भुगतान

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

33. ( क्र. 218 ) श्री निशंक कुमार जैन : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या खरीफ फसल 2017 के लिए भावांतर भुगतान योजना लागू की गई है? इस योजना के तहत विदिशा जिले में प्रश्‍नांकित तिथि तक कितने किसानों का पंजीयन हुआ है एवं भुगतान हेतु विदिशा जिले के लिए भुगतान एजेंसी कौन है? (ख) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित कितने किसानों को भावांतर राशि का भुगतान प्रश्‍नांकित तिथि तक कर दिया गया है? कितने किसान शेष है? शेष का क्‍या कारण है? विदिशा जिले की जानकारी उपलब्‍ध करावें? (ग) क्‍या विदिशा जिला अन्‍तर्गत ऐसे किसान है जिनकी पोर्टल पर प्रविष्टि करते समय प्रविष्टिकर्ता द्वारा किसान का नाम व ग्राम तथा खाता क्रमांक आदि गलत अंकित किए जाने से इस किसानों का भुगतान लंबित है? कितने किसानों का भुगतान लंबित है एवं इन्‍हें कब तक भुगतान किया जावेगा?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : () जी हाँ। इस योजना के तहत विदिशा जिले में 67349 किसानों के द्वारा पंजीयन किया गया है। जिले में भावातंर भुगतान योजना का भुगतान जिला कलेक्‍टर द्वारा किया गया है। (ख) जिले में प्रश्‍नांश (क) में उल्‍लेखित पंजीयन 58210 कृषकों को प्रश्‍नांश दिनांक तक उनकी पात्रतानुसार भावातंर राशि का भुगतान कर दिया गया है। शेष जानकारी एकत्र की जा रही है। (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

तलेन नगर के कन्‍या हाई स्‍कूल का हायर सेकेण्‍डरी स्‍कूल में उन्‍नयन 

[स्कूल शिक्षा]

34. ( क्र. 221 ) श्री गिरीश भंडारी : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या नरसिंहगढ़ विधानसभा क्षेत्र के नगर तलेन में कन्‍या हाई स्‍कूल संचालित है? यदि हाँ, तो कितने वर्षों से संचालित है? (ख) प्रश्‍न की कंडिका (क) की जानकारी अनुसार तलेन नगर में कन्‍या हाई स्‍कूल प्रांरभ होने से वर्तमान समय में तलेन नगर की आबादी में कितनी वृद्धि हुई है? (ग) प्रश्‍न की कंडिका (क) (ख) की जानकारी अनुसार क्‍या तलेन नगर के कन्‍या हाई स्‍कूल का हायर सेकेण्‍डरी स्‍कूल में उन्‍नयन किया जायेगा? यदि हाँ, तो कब तक? नहीं तो क्‍यों नहीं?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जी हाँ। विगत 23 वर्षों से कन्या हाईस्कूल तलेन संचालित है। (ख) तलेन नगर में कन्या हाईस्कूल प्रारंभ होने के समय से वर्तमान तक लगभग 3000 की आबादी की वृद्धि हुई है। (ग) तलेन नगर में पूर्व से शा.उ.मा.वि. तलेन सह शिक्षा के रूप में संचालित है। कन्या हाईस्कूल तलेन एवं उ.मा.वि. तलेन एक ही परिसर में संचालित हैं। कन्या हाईस्कूल तलेन की छात्राएं उ.मा.वि. में अध्ययन हेतु जाती है। अतः शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

जीर्ण-शीर्ण मार्ग के निर्माण की स्‍वीकृति

[लोक निर्माण]

35. ( क्र. 225 ) श्री नारायण सिंह पँवार : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या विधानसभा क्षेत्र ब्‍यावरा के अंतर्गत ग्राम नापानेरा से ग्राम नेवली तक वर्तमान में सड़क अत्‍यंत जीर्ण-शीर्ण होकर पूर्णत: समाप्‍त हो चुकी है तथा विभाग द्वारा भी उक्‍त मार्ग के रिनीवल हेतु निविदायें आमंत्रित की गई थी, लेकिन उक्‍त मार्ग पर रिनीवल कार्य संभव नहीं होने से आठ-दस बार निविदायें आमंत्रित किये जाने के बावजूद किसी निविदाकार द्वारा उक्‍त निविदा में भाग नहीं लिया गया है? (ख) यदि हाँ, तो क्‍या प्रश्‍नकर्ता द्वारा अपने पत्र दिनांक 18 मई 2018 को उक्‍त मार्ग की सम्‍पूर्ण स्थिति से अवगत कराते हुये सचिव लोक निर्माण विभाग मध्‍यप्रदेश, प्रमुख अभियंता लोक निर्माण एवं मुख्‍य अभियंता लोक निर्माण विभाग से उक्‍त मार्ग को मजबूतीकरण मद से स्‍वीकृत किये जाने की मांग की गई थी? यदि हाँ, तो प्रश्‍न दिनांक तक उक्‍त संबंध में क्‍या कार्यवाही की गई? उपरोक्‍तानुसार क्‍या शासन उक्‍त मार्ग निर्माण की स्‍वीकृति मजबूतीकरण मद से प्रदान करेगा? यदि हाँ, तो कब तक, यदि नहीं, तो क्‍यों?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी नहीं, आंशिक रूप से जी हाँ, जी हाँ। (ख) जी हाँ। प्राक्‍कलन में तकनीकी सुधार हेतु संभागीय कार्यालय को वापस किया गया। वर्तमान में बताया जाना संभव नहीं। वित्‍तीय संसाधन की उपलब्‍धता एवं प्राथमिकता क्रम अनुसार वर्तमान में स्‍वीकृति की निश्चित तिथि बताया जाना संभव नहीं।

राजगढ़ जिले में अध्‍यापकों का स्‍थानान्‍तरण

[स्कूल शिक्षा]

36. ( क्र. 228 ) श्री अमर सिंह यादव : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रदेश में वर्ष 2008 में अध्‍यापक संवर्ग के एक ही विकासखण्‍ड अथवा एक ही निकाय में स्‍थानान्‍तरण/संविलियन किये गये थे? यदि हाँ, तो उसके लिये क्‍या नीति बनाई गई थी? (ख) क्‍या प्रदेश में वर्ष 2018-19 हेतु अध्‍यापकों के स्‍थानान्‍तरण/सं‍वि‍लियन हेतु वही नीति बनाई गई है? यदि हाँ, तो उक्‍त नीति के तहत कब तक अध्‍यापक संवर्ग के एक ही विकासखण्‍ड अ‍थवा एक ही निकाय में स्‍‍थानान्‍तरण/संविलियन किये जावेगें? (ग) यदि नहीं, तो क्‍यों नहीं? क्‍या उक्‍त नीति बनाये जाने से शासन को कोई वित्‍त्तीय भार आयेगा? यदि हाँ, तो कितना?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार। (ख) जी नहीं। निकाय के भीतर स्थानान्तरण कोई नीति नहीं है। अपितु अन्तर्निकाय संविलियन की नीति है। अतः शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) उतरांश (क) एवं (ख) के प्रकाश में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

विद्यालयों में मूलभूत सुविधाओं का निर्माण

[स्कूल शिक्षा]

37. ( क्र. 229 ) श्री अमर सिंह यादव : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) राजगढ़ जिले के विधानसभा क्षेत्र राजगढ़ में कितने-कितने शासकीय प्राथमिक, माध्‍यमिक, हाईस्‍कूल एवं हायर सेकेण्‍ड्री विद्यालय हैं तथा वे कहाँ-कहाँ पर कब-कब से संचालित हैं? (ख) क्‍या उक्‍त संचालित सभी विद्यालयों के पास अपना स्‍वयं का भवन, खेल मैदान एवं पेयजल हेतु सम्‍पूर्ण व्‍यवस्‍था है? (ग) क्‍या विद्यालय भवन एवं खेल मैदान की सुरक्षा एवं अतिक्रमण को रोके जाने हेतु बाउण्‍ड्रीवाल है? यदि हाँ, तो कहाँ-कहाँ है? यदि नहीं, है तो क्‍यों नहीं है? (घ) उक्‍त विद्यालयों में बाउण्‍ड्रीवाल, खेल मैदान एवं पेयजल की व्‍यवस्‍था कब तक कर दी जावेगी?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) शासकीय प्राथमिक एवं माध्यमिक शालाएं संचालन की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'' अनुसार है। तथा हाई/हायर सेकेण्डरी शालाओं की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार(ख) शासकीय प्राथमिक/माध्यमिक शालाओं की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ में समाहित है तथा हाई/हायर सेकेण्डरी शालाओं की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ग) शासकीय प्राथमिक/माध्यमिक शालाओं में बाउण्ड्रीवाल उपलब्धता की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'' अनुसार है। भारत सरकार से वार्षिक कार्ययोजना में निरंतर मांग की जा रही है स्वीकृति अप्राप्त है। हाई/हायर सेकेण्डरी शालाओं की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार। बाउण्‍ड्रीवाल निर्माण की स्वीकृति बजट की उपलब्धता पर निर्भर करेगा। (घ) विधानसभा क्षेत्र राजगढ़ की उक्त शासकीय प्राथमिक एवं माध्यमिक शालाओं में खेल मैदान एवं पेयजल की व्यवस्था है। बाउण्ड्रीवाल विहीन शालाओं में बाउण्ड्रीवाल निर्माण का कार्य भारत सरकार से स्वीकृति एवं बजट की उपलब्धता पर निर्भर है। हाई/हायर सेकेण्डरी शालाओं में बाउण्ड्रीवाल निर्माण प्राथमिकता एवं बजट की उपलब्धता पर निर्भर करेगा। उक्त व्यवस्थाओं हेतु निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

इंस्पायर अवार्ड आयोजन में अनियमितता

[स्कूल शिक्षा]

38. ( क्र. 233 ) श्री यशपालसिंह सिसौदिया : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या सत्र 2018-19 में "इंस्पायर अवार्ड" में विद्यार्थियों की राशि 5000 से 10000 रु की गयी है? यदि हाँ, तो किस आदेश के तहत? आदेश की प्रतिलिपि उपलब्ध करायें। (ख) क्या प्रश्नांश (क) अंतर्गत राशि बढ़ाने के निर्णय हेतु कोई कमेटी का गठन किया गया था या यह निर्णय एवं राशि केंद्र से प्राप्त हो रही है? यदि कोई कमेटी बनी थी तो उसमे कौन-कौन सदस्य थे? नामवार जानकारी देवें। (ग) क्या उज्जैन संभाग में प्रतिवर्ष उक्त माडल प्रतियोगिता के लिए प्रतिवर्ष बच्चे 500 और 1000 के एक जैसे माडल जैसे विद्युत मोटर, पवन चक्की, विद्युत जनरेटर आदि बाजार से खरीद कर प्रदर्शनी में रखते हैं? कई बार बेची हुई दुकान की स्लिप भी इन पर लगी रहती है, प्रतिवर्ष लाखों रु. खर्च करने के बाद भी कोई नवीनता इन माडलों में दिखाई नहीं देती, इसकी जाँच कब-कब, किस-किस सक्षम अधिकारी ने की? जाँच के दौरान क्या क्या खामिया पायी गयी? (घ) माडल खरीदने एवं कार्यक्रम के दौरान विभिन्न अनियमितता की कितनी शिकायत 1 जनवरी 2013 के पश्चात उज्जैन संभाग को प्राप्त हुई? उस पर विभाग द्वारा क्या-क्या कार्यवाही की गयी?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जी हां। भारत सरकार विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग नई दिल्‍ली के पत्र क्र/12011/74/2017/आयएडी, दिनांक 02 जनवरी 2018 के अनुसार। संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है(ख) भारत शासन से योजना के संबंध होने से शेषांश संबंधित नहीं है। (ग) जी नहीं। प्रदर्शनी हेतु निर्णायकों की समिति बनाई जाती है, जिसमें विश्‍वविद्यालय/महाविद्यालयों के वरिष्‍ठ प्राध्‍यापक होते है एवं उनके द्वारा प्रदर्शनी में प्रस्‍तुत मॉडलों का अवलोकन निरीक्षण किया जाता है। इस प्रकार की शिकायत प्राप्‍त नही हुई है। अत: शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) संभाग अंतर्गत 1 जनवरी 2013 से कोई शिकायत प्राप्‍त नहीं हुई, अत: शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - ''बारह''

सत्र 2017-18 में हाई स्कूल परीक्षा उत्‍तीर्ण करने के नये नियम

[स्कूल शिक्षा]

39. ( क्र. 234 ) श्री यशपालसिंह सिसौदिया : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या सत्र 2017-18 में हाईस्कूल परीक्षा उत्‍तीर्ण करने के नये नियम के तहत कक्षा 9वीं, 10वीं की परीक्षा में एक विषय में 33% से कम अंक लाने वाले विद्यार्थियों को भी उत्‍तीर्ण माना गया है? यदि हाँ, तो नियम परिवर्तन के क्या कारण रहे? (ख) प्रश्नांश (क) अंतर्गत नवीन नियम का सुझाव किस कमेटी/व्यक्ति ने दिया नाम सहित कमेटी के संपूर्ण सदस्यों की जानकारी देवें। क्या नियम निर्मित करते समय शिक्षा की अकादमिक गुणवत्ता का ध्यान रखा गया था? (ग) जटिल विषय अंग्रेजी, गणित, विज्ञान में उज्जैन संभाग के ऐसे कितने विद्यार्थी हैं जो अंग्रेजी, गणित, विज्ञान में अनुत्‍तीर्ण होने के बावजूद भी नये नियम के तहत परीक्षा में उतीर्ण हैं और ऐसे कितने विद्यार्थी हैं जो समस्त विषयों में उतीर्ण होने के बावजूद भी कुल प्राप्तांक में एक विषय में अनुत्‍तीर्ण विद्यार्थियों से पीछे हैं? ऐसे विद्यार्थियों की सत्र 2017-18 की जानकारी उपलब्ध करायें।

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) सत्र 2017-18 में हाईस्कूल परीक्षा उत्तीर्ण करने के नये नियम बेस्ट-फाईव के तहत् कक्षा 10वीं की परीक्षा में एक विषय में 33 प्रतिशत से कम अंक लाने वाले विद्यार्थियों को भी उत्तीर्ण माना गया है, शिक्षा को परिणामन्मुख (Result oriented) एवं छात्रों को शिक्षा की मुख्य धारा में बनाये रखने के लिए बेस्ट-फाईव पद्धति लागू की गई है। (ख) सम्‍यक द्वारा विचार कर तथा अन्‍य राज्‍यों/सी.बी.एस.ई. में प्रचलित व्‍यवस्‍था का परीक्षण कर स्कूल शिक्षा विभाग, मंत्रालय वल्लभ भोपाल के आदेश क्रमांक एफ-44-19/2016/20-2 भोपाल, दिनांक 26.08.2016 द्वारा ''बेस्ट फाईव'' पद्धति लागू की गई है। संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र '''' बेस्ट-फाईव निर्मित/लागू करते समय शिक्षा की अकादमिक गुणवत्ता का पूर्णतः ध्यान रखा गया। (ग) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र '' पर है।

परिशिष्ट - ''तेरह''

सड़कों एवं पुलों की स्‍वीकृति 

[लोक निर्माण]

40. ( क्र. 237 ) श्री संजय उइके : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या वित्तीय वर्ष 2012-13 में कनकी मांझापुर मार्ग, बिरसोला से मोहगाँव मार्ग, कुल्‍पा सालेकसा आमगाँव मार्ग एवं धरपीवाड़ा निलजी मार्ग में पुल निर्माण कार्य एवं वित्तीय वर्ष 2013-14 में सिहोरा से सिहोरा टोला देवगाँव मार्ग, डुडवा से घाटटेमनी मार्ग, बम्‍हनगाँव पानगाँव मार्ग में सोन नदी पर पुल निर्माण कार्य और वित्तीय वर्ष 2016-17 में वारा आलेझरी मार्ग, छिंदलई खैरगाँव बबरिया मार्ग, बड़पानी देवनारा मार्ग में बावनथड़ी नदी पर पुल निर्माण कार्य मांग संख्‍या 42 की राशि से गैर आदिवासी उपयोजना क्षेत्र में स्‍वीकृत किया गया था? (ख) यदि हाँ, तो प्रश्‍नकर्ता के सड़क एवं पुल निर्माण हेतु दिनांक 04/06/2016 को प्रमुख सचिव को दिये गये प्रस्‍ताव की स्‍वीकृति आदिवासी उपयोजना क्षेत्र होने के बावजूद भी किन कारणों से स्‍वीकृ‍त नहीं की गई? (ग) प्रश्‍नांश (क) में उल्‍लेखित सड़कें एवं पुल मांग संख्‍या 42 की राशि से गैर आदिवासी उपयोजना क्षेत्र में स्‍वीकृत नहीं की गई है तो किस-किस मद से स्‍वीकृत की गई एवं स्‍थाई वित्तीय समिति की बैठकों में अनुमोदन अनुसार जारी प्रशासकीय स्‍वीकृति की प्रति सड़कवार उपलब्‍ध करावें।

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) प्रश्‍नकर्ता द्वारा बैहर विधानसभा क्षेत्र की सड़कों के निर्माण हेतु स्‍वीकृति प्रदान करने बाबत् प्रमुख सचिव लोक निर्माण विभाग को दिनांक 04.06.2016 को दिये गये प्रस्‍ताव में से 01 मार्ग की प्रशासकीय स्‍वीकृति जारी की गई विस्‍तृत जानकारी पुस्तकालय में रखे परशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ग) प्रश्‍नांश '' के उत्‍तर अनुसार उल्‍लेखित मार्गों की प्रशासकीय स्‍वीकृति के पत्रों की छायाप्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र -1 (पेज 1 से 12) अनुसार है।

सतना से बेला मार्ग तथा रैगावं से करसरा मार्ग का निर्माण 

[लोक निर्माण]

41. ( क्र. 239 ) श्रीमती ऊषा चौधरी : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या सतना से बेला तक लगभग 47 कि.मी. आई.पी.सी. मोड़ में रूपये 358.20 करोड़ की लागत से स्वीकृत सड़क का ठेका जे इन्फ्रा प्राइवेट कम्पनी को दिया गया है जिसका कार्य पूर्ण करने की अवधि 18 माह निर्धारित की गई है? (ख) क्या प्रश्नांश (क) वर्णित कम्पनी द्वारा पेटी कांट्रेक्ट पर स्थानीय ठेकेदारों को टेंडर दिया गया है? यदि हाँ, तो ठेकेदार का नाम व कम्पनी सहित बतायें कि किन-किन ठेकेदारों को कितने-कितने किलोमीटर सड़क व नाली बनाने का कार्य दिया गया है? क्या उक्त सभी कार्य वर्षाकाल के पूर्व पूर्ण कर लिए जायेंगे जिससे वाहनों का आवागमन सुचारू रूप से हो सके? (ग) क्या विधानसभा क्षेत्र रैगांव के अंतर्गत रैगांव-करसरा मार्ग पूरी तरह से जर्जर हो जाने के कारण वाहन व पैदल चलने वाले राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है? यदि हाँ, तो क्या उक्त मार्ग का टेंडर स्वीकृत किया गया है? यदि किया गया है तो उक्त मार्ग का कार्य किस ठेकेदार को दिया गया है व कब तक कार्य प्रारंभ हो जायेगा? (घ) क्या इस संबंध में प्रश्नकर्ता सदस्य द्वारा जिला प्रशासन/राज्य शासन को कई बार पत्र के माध्यम से अवगत कराया गया है? यदि हाँ, तो उक्त पत्रों पर विभाग द्वारा गंभीरता से विचार क्यों नहीं किया गया? इसके लिए कौन दोषी है?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ कार्य पूर्ण करने की अवधि 18 माह नहीं अपितु 24 माह है। म.प्र. रोड डेव्‍हलपमेंट कार्पोरेशन लिमिटेड के अंतर्गत ई.पी.सी. मोड में। (ख) जी नहीं, शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। जी नहीं अनुबंधानुसार समय-सीमा में कार्य पूर्ण किया जा सकेगा एवं वर्षाकाल के दौरान यातायात सुचारू रूप से संचालित रखने हेतु मार्ग में आने वाले शेष पूर्व से विद्यमान एकरेखण को मोटरेबल रखा जावेगा। (ग) जी हाँ। जी हाँ। मे..बी.सी. एसोसियेट्स जे.व्‍ही. भाटी एसोसियेट्स प्रा.लि. सतना। कार्य प्रारंभ की तिथि 03.05.18 है। (घ) जी हाँ। विभाग द्वारा गंभीरता से विचार किया जाकर निविदा आमंत्रित कर एजेन्‍सी नियुक्‍त की गई है। अत: इसके लिये कोई दोषी नहीं है।

सड़कों का निर्माण

[लोक निर्माण]

42. ( क्र. 247 ) डॉ. कैलाश जाटव : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2016-17, 2017-18, 2018-19 में विधानसभा क्षेत्र गोटेगांव में कितनी सड़कें स्वीकृत की गई हैं वर्षवार, राशि सहित जानकारी प्रदान करें। (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार जो सड़कें स्वीकृत की गई उनके प्राक्कलन की प्रतिलिपि उपलब्ध करावें। (ग) प्रश्‍नांश (क) अनुसार क्या जो सड़कें स्वीकृत की गई हैं, उन सभी की वर्तमान में निर्माण की क्या स्थिति है? (घ) प्रश्‍नांश (ग) अनुसार क्या समस्त सड़कों का निर्माण तय मापदण्ड एवं समय-सीमा में पूर्ण हो जावेगा? यदि नहीं, तो इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों ओर ठेकेदार के विरूद्ध शासन अनुशासनात्मक कार्यवाही करेगा? यदि हाँ, तो कब तक?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) स्‍वीकृत प्राक्‍कलनों की छायाप्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-'' अनुसार है। (घ) जी हाँ, कार्य मापदण्‍डानुसार किया जा रहा है। जी नहीं। शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है।