मध्यप्रदेश विधान सभा


प्रश्नोत्तर-सूची
फरवरी-मार्च, 2018 सत्र


शुक्रवार, दिनांक 23 मार्च, 2018


भाग-1
तारांकित प्रश्नोत्तर



नगर परिषद पिपलौदा में कराये गये कार्यों का मूल्‍यांकन

[नगरीय विकास एवं आवास]

1. ( *क्र. 5506 ) डॉ. राजेन्‍द्र पाण्‍डेय : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) नगर परिषद् पिपलौदा में वर्ष 2012-13 से लेकर प्रश्‍न दिनांक तक किये गये कार्यों यथा पुराने बस स्‍टैण्‍ड पर कराए गये नाला निर्माण, नवीन परिषद कार्यालय भवन सह शॉपिंग कॉम्‍पलेक्‍स में निर्मित दुकानें, फर्नीचर बनवाए जाने, मुख्‍यमंत्री पेयजल योजना अंतर्गत कराए गये कार्य, मुख्‍यमंत्री शहरी अधोसंरचना के तहत् कराए गये कार्यों की जानकारी दें। (ख) साथ ही बताएं कि वर्ष 2013-14 एवं 2014-15 में घर-घर शौचालय निर्माण कराये जाने के अतिरिक्‍त भी जो-जो कार्य किये गये, वे कार्य वर्षवार किन मदों के माध्‍यम से कितना-कितना बजट, कब कब प्राप्‍त होकर कितना व्‍यय किया गया? (ग) उपरोक्‍त वर्षों में कराए गये स्‍थानीय निधि संपरीक्षा द्वारा किये गये अंकेक्षण कार्य का अंकेक्षण प्रतिवेदन प्रमाणित प्रतियों सहित दें तथा आपत्तियों पर की गई कार्यवाही से अवगत कराएं। (घ) उपरोक्‍त उल्‍लेखित वर्षों में किये गये कार्यों की परिषद द्वारा पारित प्रस्‍ताव, जारी की गई विज्ञप्ति, आरक्षण रोस्‍टर, नीलामी हेतु मूल्‍यांकित दर का पत्रक, नीलामी में शामिल लगाई गई बोली का पत्रक तथा अंतिम बोलीदारों द्वारा निकाय में जमा कराई गई राशि से संबंधित दस्‍तावेज (प्रमाणित) एवं नियमानुसार सक्षम अधिकारी आयुक्‍त, उज्‍जैन संभाग, उज्‍जैन की सक्षम स्‍वीकृतियों पश्‍चात् किये गये कार्यों की नियमानुसार जानकारी से अवगत कराएं।

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ग) स्‍थानीय निधि संपरीक्षा से कराये गये अंकेक्षण से संबंधित जानकारी एवं अंकेक्षण प्रतिवेदन की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' क्रमांक 01 से 260 अनुसार है। ऑडिट आपत्तियों के निराकरण की कार्यवाही प्रचलित है। (घ) परिषद प्रस्‍ताव की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' क्रमांक 01 से 71 अनुसार हैजारी की गयी विज्ञप्तियों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र 'ड.' क्रमांक 01 से 59 अनुसार है तथा आरक्षण रोस्‍टर नीलामी हेतु मूल्‍यांकित दर पत्रक तथा अंतिम बोलीदार द्वारा निकाय में जमा कराई गयी राशि से संबंधित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' क्रमांक 01 से 21 अनुसार है। आयुक्‍त, उज्‍जैन संभाग, उज्‍जैन से सक्षम स्‍वीकृतियां प्राप्‍त करने से संबंधित जानकारी निरंक है।

औद्योगिक इकाईयों के पर्यावरण सुरक्षा हेतु नियत मापदण्‍ड

[उद्योग नीति एवं निवेश प्रोत्साहन]

2. ( *क्र. 2063 ) श्रीमती नंदनी मरावी : क्या खनिज साधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सिहोरा विधान सभा क्षेत्रांतर्गत औद्योगिक क्षेत्र हरगढ़ में स्‍थापित औद्योगिक इकाईयों की सूची उपलब्‍ध करायें तथा बतायें कि शासन नियमानुसार स्‍थानीय युवाओं को रोजगार देने के प्राथमिकता क्रम में कितने क्षेत्रीय युवाओं को औद्योगिक इकाई की स्‍थापना दिनांक से प्रश्‍नांश दिनांक तक रोजगार उपलब्‍ध कराये गये? वर्षवार सूची उपलब्‍ध करायें तथा क्षेत्र के बाहर के युवाओं को कितना रोजगार उपलब्‍ध कराया गया? दोनों की पृथक-पृथक सूची उपलब्‍ध करायें। (ख) प्रश्नांश (क) सूची में क्‍या क्षेत्रीय युवाओं की तुलना में बाहरी लोगों को ज्‍यादा रोजगार प्रदाय किया गया? (ग) औद्योगिक इकाईयों द्वारा पर्यावरण की सुरक्षा के लिये किन-किन मापदण्‍डों का पालन करना जरूरी है? इनके द्वारा इस दिशा में क्‍या-क्‍या कदम उठाये गये हैं? कितनी-कितनी राशि व्‍यय की गई है? सूची उपलब्‍ध करायें एवं यह भी बतायें कि कुल आय की कितनी प्रतिशत राशि क्षेत्र के विकास में दिये जाने का प्रावधान है? वर्षवार कितनी-कितनी राशि व्‍यय की गई? इकाईवार सूची उपलब्‍ध करावें। (घ) सिहोरा की जीवनदायिनी हिरन नदी में औद्योगिक इकाईयों द्वारा अपशिष्‍ट पानी, रासायनिक पानी को छोड़ा जा रहा है, जिससे पानी प्रदूषित हो रहा है। इसके लिये विभाग द्वारा क्‍या कार्यवाही की जा रही है?

खनिज साधन मंत्री ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) सिहोरा विधानसभा क्षेत्रांतर्गत औद्योगिक क्षेत्र हरगढ़ में स्‍थापित होकर वर्तमान में उत्‍पादनरत औद्योगिक इकाईयों की सूची संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। औद्योगिक इकाईयों में कार्यरत व्‍यक्तियों की वर्षवार जानकारी विभाग द्वारा संधारित नहीं की जाती है। औद्योगिक क्षेत्र हरगढ़ में वर्तमान में उत्‍पादनरत 05 औद्योगिक इकाईयों में 303 स्‍थानीय एवं 29 मध्‍यप्रदेश के बाहर के व्‍यक्ति कार्यरत हैं। स्‍थानीय व्‍यक्तियों एवं बाहरी व्‍यक्तियों की पृथक-पृ‍थक जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र '''' के कॉलम 6 एवं 7 अनुसार है। (ख) जी नहीं, स्‍थानीय व्‍यक्तियों की तुलना में बाहरी व्‍यक्तियों को ज्‍यादा रोजगार उपलब्‍ध नहीं कराया गया है, जो प्रश्नांश (क) के उत्‍तर में इस संबंध में दी गई जानकारी से स्‍पष्‍ट है। (ग) औद्योगिक इकाईयों को जल (प्रदूषण निवारण तथा नियंत्रण) अधिनियम 1974, वायु (प्रदूषण निवारण तथा नियंत्रण) अधिनियम 1921 एवं पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम 1986 तथा इसके अधीन बनाये गये नियमों के प्रावधानों, सम्‍मति शर्तों का पालन, दूषित जल का निर्धारित मानकों तक उपचार करना एवं वायु गुणवत्‍ता निर्धारित मानकों तक सुनिश्चित कराने से संबंधी मापदण्‍डों का पालन करना अनिवार्य है। उल्‍लेखित उद्योगों द्वारा पर्यावरण सुरक्षा के लिये जल एवं वायु प्रदूषण नियंत्रण व्‍यवस्‍थाएं स्‍थ‍ापित की गई हैं तथा दूषित जल को निर्धारित मानकों तक उपचार उपरांत उपचारित दूषित जल का पुन:प्रयोग प्रक्रिया में वृक्षारोपण, डस्‍ट सप्रेशन हेतु एवं जल छिड़काव आदि कार्यों में किया जाता है। उपरोक्‍त उद्योगों द्वारा दूषित जल का निस्‍तारण परिसर के बाहर नहीं किया जा रहा है। औद्योगिक इकाईयों द्वारा पर्यावरण सुरक्षा के अंतर्गत वृक्षारोपण के कार्य भी किये गये हैं। इकाईयों द्वारा पर्यावरण सुधार हेतु किये गये व्‍यय की जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। कुल आय की राशि में से क्षेत्र के विकास के लिये दी जाने वाली राशि का प्रावधान एवं वर्षवार राशि व्‍यय की जाने की जानकारी विभाग द्वारा संधारित नहीं की जाती है। (घ) जी नहीं, हरगढ़ औद्योगिक क्षेत्र में स्थित किसी भी औद्योगिक इकाई द्वारा वर्तमान में हिरन नदी में अपशिष्‍ट अथवा रासायनिक जल नहीं छोड़ा जा रहा है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''एक''

सिंहस्‍थ 2016 के आयोजन हेतु व्‍यय राशि

[नगरीय विकास एवं आवास]

3. ( *क्र. 5239 ) श्री जितू पटवारी : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या सिंहस्‍थ 2016 के अंतिम आकड़ों के खर्च संबंधी रिपोर्ट तैयार हो गई है? यदि हाँ, तो कुल कितना खर्च हुआ तथा जिन लगभग 40 विभागों द्वारा कार्य कराये गये? उनकी विस्‍तृत रिपोर्ट देवें कि‍ किस-किस विभाग द्वारा किस कार्य के लिये कितनी राशि स्‍वीकृत की गई तथा उत्‍तर दिनांक तक कितनी खर्च की गई? (ख) सिंहस्‍थ की कुल राशि में से निर्माण खरीदी किराया प्रशिक्षण संगोष्‍ठी सांस्‍कृति कार्यक्रम, मेला व्‍यवस्‍था, शुल्‍क भुगतान, भोजन खर्चा, वाहन किराया खर्च, होटल खर्च, फोटो ग्राफर/वीडियो शूटिंग का खर्च, फिल्‍म निर्माण का खर्च, विज्ञापन इत्‍यादि खर्च कलाकारों को मानदेय खर्च इवेन्‍ट मैनेजमेंट पर खर्च कंसलटेंसी खर्च आदि अन्‍य मद में कितना-कितना खर्च हुआ? (ग) सिंहस्‍थ 2016 में भ्रष्‍टाचार आर्थिक अनियमितता गड़बड़ी आदि के संज्ञान में आये प्रकरणों की विभाग अनुसार संबंधित राशि जिम्‍मेदार का नाम, पद प्रकरण का प्रकार सहित जानकारी दें तथा बतावें कि किस-किस पर कार्यवाही प्रचलन में है? (घ) मंत्रि‍मंडल समिति तथा खरीदी हेतु प्रशासकीय योजना तथा स्‍वीकृति प्रदान करने वाली समिति द्वारा तैयार की गई विस्‍तृत कार्य योजना तथा स्‍वीकृति (खरीदी) प्रदान की अंतिम संपूर्ण सूची प्रस्‍तुत करें तथा बतावें कि खरीदी में पारदर्शिता हेतु क्‍या-क्‍या किया गया? प्रत्‍येक खरीदी की स्‍वीकृति की दर मात्रा कुल र‍ाशि सप्‍लायर का नाम, पता, खरीदी की दिनांक भुग‍तान की दिनांक सहित सूची देवें।

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) से (घ) जानकारी संकलित की जा रही है।

शास. आदर्श विज्ञान महाविद्यालय ग्‍वालियर में कराये गये निर्माण कार्य

[उच्च शिक्षा]

4. ( *क्र. 4090 ) श्री कमलेश शाह : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दिनांक 17.06.2015 से 30.10.2015 तक शास. आदर्श विज्ञान महाविद्यालय ग्‍वालियर में प्राचार्य के पद पर कौन पदस्‍थ रहा? (ख) दिनांक 17 जून, 2015 से दिनांक 30.10.2015 में महाविद्यालय में किन-किन मदों में प्रशासन, रूसा, यू.जी.सी., जनभागीदारी में कितना बजट प्राप्‍त हुआ? प्राप्‍त बजट में किन-किन फर्मों को सप्‍लाई का आदेश दिया गया तथा कितना भुगतान किया गया? (ग) उक्‍त अवधि में महाविद्यालय में मरम्‍मत एवं पुताई कार्य किस एजेंसी/फर्म से कराया गया? उक्‍त कार्य हेतु लो.नि.वि. से प्राक्‍कलन एवं तकनीकी स्‍वीकृति प्राप्‍त की गई थी या नहीं एवं उक्‍त कार्य किसी अन्‍य फर्म/एजेंसी से कराने हेतु क्‍या विधिवत सहमति लो.नि.वि. से प्राप्‍त की गई थी या नहीं? (घ) क्‍या संधारण कार्य हेतु जिन फर्मों को कार्यादेश दिया गया था, उक्‍त फर्म, उक्‍त कार्य हेतु अधिकृत है या नहीं? यदि नहीं, तो उपरोक्‍त वित्‍तीय अनियमितता के लिये कौन दोषी है? क्‍या शासन उनके खिलाफ कार्यवाही करेगा? यदि नहीं, तो क्‍यों? यदि हाँ, तो कब तक?

उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री जयभान सिंह पवैया ) : (क) दिनांक 17.06.2015 से दिनांक 30.10.2015 तक शासकीय आदर्श विज्ञान महाविद्यालय ग्वालियर में डॉ. एम. कौशल प्राचार्य के पद पर पदस्थ रहे। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) उक्त अवधि में कार्य लोक निर्माण विभाग से प्राक्कलन एवं तकनीकी स्वीकृति अनुसार किया गया था। (घ) संधारण का कार्य लोक निर्माण विभाग, ग्वालियर एवं पी.आई.यू. ग्वालियर के माध्यम से किया गया है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - ''दो''

शासकीय महाविद्यालय सेवढ़ा के प्रभारी प्राचार्य का स्‍थानांतरण

[उच्च शिक्षा]

5. ( *क्र. 4375 ) श्री प्रदीप अग्रवाल : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दतिया जिले के सेवढ़ा नगर में स्थित शासकीय गोंविद महाविद्यालय में कुल कितने स्‍थाई/अर्द्ध स्‍थाई/अस्‍थाई/संविदाकर्मी/पारिश्रमिक/अतिथि विद्वान कर्मचारी कितने-कितने भुगतान पर कार्य कर रहे हैं, इनका वेतन/पारिश्रमिक किस मद से दिया जाता है? कर्मचारी का नाम/पदवार जानकारी उपलब्‍ध करायें। (ख) क्‍या उक्‍त महाविद्यालय में पदस्‍थ श्री मनोज व्‍यास का छात्र-छात्राओं के साथ एवं उनके अभिभावकों के साथ अभद्र व्‍यवहार के कारण अन्‍यत्र स्‍थानांतरण कर दिया गया था? कुछ समय अन्‍यत्र रहने के बाद श्री मनोज व्‍यास प्रभारी प्राचार्य ने पुन: सेवढ़ा महाविद्यालय में स्‍थानांतरण करा लिया है? यदि हाँ, तो क्‍यों और कैसे एवं किसके आदेश से? (ग) क्‍या श्री मनोज व्‍यास जब से सेवढ़ा महाविद्यालय में प्रभारी प्राचार्य के पद पर पुन: आये तब से कॉलेज में छात्र-छात्राओं की कॉलेज में उपस्थिति कम हुई है? यदि नहीं, तो क्‍या जांच कराई जायेगी। (घ) क्‍या ऐसे गलत आचरण के प्रभारी प्राचार्य श्री मनोज व्‍यास को प्रश्‍नकर्ता के विधानसभा क्षेत्र से अन्‍यत्र हटाये जाने हेतु विभाग को निर्देश देंगे? यदि हाँ, तो कब तक इन्‍हें हटाया जायेगा, ताकि महाविद्यालय का वातावरण शुद्ध हो सके?

उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री जयभान सिंह पवैया ) : (क) शासकीय महाविद्यालय, सेवढ़ा में कुल 11 स्थाई/अस्थाई अधिकारी/कर्मचारी कार्यरत हैं। स्थाई कर्मचारियों का वेतन मांग संख्या 44 (0798) से आहरित किया जाता है। अतिथि विद्वानों का मानदेय मांग संख्‍या 44 (7043 मद) जनभागीदारी समितियों को महाविद्यालय में रिक्त पदों पर मानदेय हेतु भुगतान किया जाता है। शेष कर्मचारियों को जनभागीदारी मद से भुगतान किया जाता है। पदवार जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी नहीं। श्री मनोज कुमार व्यास का स्थानांतरण पूर्व में प्रशासकीय दृष्टि से किया गया था तत्पश्चात् स्वेच्छा की मांग के आधार पर पुनः स्थानांतरण किया गया है। (ग) एवं (घ) जी नहीं। शेष प्रश्नांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''तीन''

इंदिरा प्रियदर्शनी कॉलेज छिन्‍दवाड़ा की त्रुटिपूर्ण अंकसूचियों का सुधार

[उच्च शिक्षा]

6. ( *क्र. 5482 ) पं. रमेश दुबे : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या इंदिरा प्रियदर्शनी कॉलेज छिन्‍दवाड़ा के वर्ष 2014-15 की प्रथम सेमेस्‍टर के परीक्षाफल की अंकसूची अब तक छात्र-छात्राओं को प्रदाय नहीं की गयी है? यदि हाँ, तो क्‍यों? (ख) क्‍या उक्‍त सेमेस्‍टर की छात्र-छात्राओं को प्रदाय की गयी अंकसूची त्रुटिपूर्ण होने से उसे सुधार कर अंकसूची प्रदाय किये जाने हेतु छात्र-छात्राओं ने कॉलेज के माध्‍यम से संबंधित विश्‍वविद्यालय को प्रस्‍तुत किया था? यदि हाँ, तो क्‍या सुधार कर छात्र-छात्राओं को अंकसूची वापस की गयी? नहीं तो क्‍यों? इसके लिए कौन लोग जिम्‍मेदार हैं? (ग) प्रश्‍नकर्ता को छात्र-छात्राओं से उक्‍ताशय की शिकायत प्राप्‍त होने पर प्रश्‍नकर्ता ने पत्र क्रमांक 56 चौरई दिनांक 15.01.2018 माननीय मुख्‍यमंत्री महोदय मध्‍यप्रदेश शासन को प्रेषित किया है? यदि हाँ, तो इस पत्र पर अब तक क्‍या सार्थक पहल हुई है? (घ) क्‍या शासन अंकसूचियों में सुधार कर छात्र-छात्राओं को शीघ्र वापस प्रदान किये जाने का आदेश देगा? यदि हाँ, तो कब तक सुधार की गयी अंकसूचियां इंदिरा प्रियदर्शनी कॉलेज छिन्‍दवाड़ा के वर्ष 2014-15 के प्रथम सेमेस्‍टर के छात्र-छात्राओं को उपलब्‍ध करा दी जावेंगी?

उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री जयभान सिंह पवैया ) : (क) डॉ. हरिसिंह गौर केन्द्रीय विश्वविद्यालय सागर द्वारा बी.कॉम. प्रथम वर्ष का परीक्षा परिणाम अधिसूचना क्रमांक इ.एक्स./आर./418/14, दिनांक 01.01.2016 को घोषित किया गया। साथ ही 18.01.2016 को उक्त अंकसूचियां महाविद्यालय को प्रदान की गयी हैं। (ख) जी हाँ, महाविद्यालय द्वारा गलत अंक भेजने के कारण छात्र सी.सी.ई. में अनुत्तीर्ण हो गये थे, जिसे संज्ञान में लेते हुये महाविद्यालय द्वारा पत्र के माध्यम से अंकसूचियां संशोधन हेतु डॉ. हरिसिंह गौर केन्द्रीय विश्वविद्यालय सागर को भेजी गयीं थीं। संबंधित विश्वविद्यालय द्वारा संशोधित परीक्षा परिणाम जारी कर संबंधित महाविद्यालय को अंकसूची उपलब्ध करा दी गयी है। जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) प्रश्नकर्ता का पत्र उच्च शिक्षा विभाग के अभिलेखों में उपलब्ध नहीं है। (घ) डॉ. हरिसिंह गौर केन्द्रीय विश्वविद्यालय सागर द्वारा इन्दिरा प्रियदर्शिनी कॉलेज छिन्दवाड़ा के बी.कॉम. प्रथम सेमेस्टर वर्ष 2014-15 के छात्र-छात्राओं का परीक्षा परिणाम संशोधित कर अंकसूची सम्बन्धित महाविद्यालय को उपलब्ध करा दी गई है।

परिशिष्ट - ''चार''

नगर पालिका/पंचायत में पदस्‍थ दै.वे.भो. कर्मचारियों का नियमितीकरण

[नगरीय विकास एवं आवास]

7. ( *क्र. 5332 ) श्री गिरीश भंडारी : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या शासन के पत्र क्रमांक एफ 5-1/2013/1/3, दिनांक 07 अक्‍टूबर, 2016 द्वारा प्रदेश के शासकीय/अर्द्धशासकीय कार्यालय में पदस्‍थ दैनिक वेतन भोगी श्रमिकों को स्‍थायी कर्मी (नियमित‍ीकरण) किये जाने के आदेश दिये गये हैं? यदि हाँ, तो पत्र की प्रति उपलब्‍ध करावें। (ख) प्रश्नांश (क) की जानकारी अनुसार उक्‍त नियम के अंतर्गत्‍ा क्‍या कार्यालय आयुक्‍त नगर निगम ग्‍वालियर द्वारा आदेश क्रमांक 1/17/2/10/सा.प्र.2017, दिनांक 08.10.2017 को ग्‍वालियर नगर निगम में पदस्‍थ 01 सितम्‍बर, 2016 तक के दैनिक वेतन भोगी श्रमिकों का नियमितीकरण किया गया है? यदि हाँ, तो आदेश की प्रति उपलब्‍ध करावें। (ग) प्रश्नांश (क), (ख) की उपलब्‍ध जानकारी अनुसार क्‍या 01 सितम्‍बर, 2016 तक के पदस्‍थ दैनिक वेतन श्रमिकों को नियमित किया गया है? यदि हाँ, तो राजगढ़ जिले की नरसिंहगढ़ विधानसभा क्षेत्र की नगरपालिका नरसिंहगढ़, नगर पंचायत बोड़ा/कुरावर/तलेन में पदस्‍थ 01 सितम्‍बर, 2016 तक के दैनिक वेतन श्रमिकों को नियमित कर दिया गया है? (घ) यदि नहीं, तो प्रश्‍न दिनांक तक उक्‍त नगरपालिका, नगर पंचायतों में पदस्‍थ दैनिक वेतन भोगियों को नियमित क्‍यों नहीं किया गया? कब तक नियमित किया जावेगा?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ग) जी हाँ। ग्‍वालियर नगर पालिक निगम द्वारा दिनांक 01 सितम्‍बर, 2016 तक के दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को नियमित किया गया है। राजगढ़ जिले की नरसिंहगढ़ विधान सभा क्षेत्र में विनियमितीकरण किये जाने हेतु गठित संभागीय समिति द्वारा नगर पालिका परिषद नरसिंहगढ़ के 40 सफाई कामगार को दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को विनियमित किए जाने की कार्यवाही संपादित की गई है। नगर पालिका परिषद नरसिंहगढ़ के सफाई कामगार को छोड़कर अन्‍य दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को विनियमित करने की कार्यवाही प्रचलन में है। नगर परिषद बोड़ा/तलेन में पदस्‍थ दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को विनियमित किए जाने की कार्यवाही की जा चुकी है। नगर परिषद कुरावर के दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को विनियमित नहीं किया गया है। (घ) नगर परिषद कुरावर नव गठित नगरीय निकाय है। अत: नगर परिषद कुरावर के दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों की नियुक्ति 16 मई, 2007 के उपरान्‍त होने के कारण विनियमितीकरण की कार्यवाही संपादित नहीं की गई है। नगर पालिका परिषद नरसिंहगढ़ के सफाई कामगारों को छोड़कर अन्‍य दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को विनियमित करने की कार्यवाही प्रचलन में है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

शासकीय भवनों एवं परिसरों के पुनर्घनत्वीकरण योजनांतर्गत निर्माण कार्य

[नगरीय विकास एवं आवास]

8. ( *क्र. 4104 ) श्री सुखेन्‍द्र सिंह : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) शहरी क्षेत्र में स्थित शासकीय भवनों एवं परिसरों के पुनर्घनत्वीकरण की योजना के संबंध में विभागीय आदेश एफ-23-13/2005/32-1, दिनांक 28.11.2005 एवं आदेश क्रमांक एफ-3-57/2015/18-5 भोपाल, दिनांक 20.04.2016 द्वारा जारी किये गये हैं? यदि हाँ, तो आदेशों की प्रति उपलब्‍ध करावें? (ख) प्रश्नांश (क) के प्रकाश में रीवा शहर में स्थित बाल-भारती स्‍कूल के सामने भूमि के बदले कलेक्‍ट्रेट भवन 54 शासकीय (एफ, जी, एच टाईप) आवास हॉकर्स मार्केट का निर्माण एवं एस.पी. बंगले के सामने स्थि‍त भूमि से ऑडिटोरियम एवं व्‍ही.सी. बंगले का निर्माण किया जाना था? यदि हाँ, तो क्रमश: विकासकर्ता द्वारा शासकीय खजाने में रूपये 1216 लाख एवं 59.40 लाख रूपये जमा किया जाना था? यदि हाँ, तो राशि कब तक जमा किये जाने का प्रावधान किया गया था, बतावें? प्रावधानित के शर्त की प्रति उपलब्‍ध करावें (ग) प्रश्नांश (क) (ख) के प्रकाश में नवीन कलेक्‍ट्रेट भवन एवं व्‍ही.सी. बंगले के भवन का नक्‍शा उपलब्‍ध करावें तथा भवन में प्रावधानित संरचना के आदेशित (एग्रीमेन्‍ट) की प्रति उपलब्‍ध करावें? (घ) क्‍या नवीन कलेक्‍ट्रेट भवन में सोलर ऊर्जा एवं लिफ्ट का भी प्रावधान था? यदि हाँ, तो कब से प्रारंभ करना था? क्‍या प्रारंभ किया गया? यदि हाँ, तो कब? यदि नहीं, तो क्‍यों? इस कार्य के लिए अब तक क्‍या कार्यवाही की गई? यदि हाँ, तो प्रति उपलब्‍ध करावें? यदि नहीं, तो क्‍यों? की जावेगी तो कब तक?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) जी हाँ। आदेशों की प्रतियां पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार हैं। (ख) जी हाँ। (1.) विकासकर्ता मेसर्स समदड़िया बिल्डर्स प्राईवेट लिमिटेड जबलपुर द्वारा शासकीय खजाने में बाल भारती स्कूल के सामने स्थित शासकीय भूमि की पुनर्घनत्वीकरण योजना के स्वीकृत प्रावधान के अनुसार निम्नानुसार राशि जमा कराई गई :- (अ) अनुबंध के समय - स्वीकृत बिड राशि रू. 36.9999999 करोड़ का 10 प्रतिशत प्रारंभिक राशि रू. 3.69 करोड़ एवं 2.5 प्रतिशत (शासकीय निर्माण की लागत रू. 18.60 करोड़ का) वास्तुविद शुल्क रू. 0.465 करोड़ जमा कराया गया। (ब) प्रथम चरण की 5000.00 व.मी. भूमि के लीज़ डीड पंजीयन के पूर्व रू. 9.25 करोड़ जमा कराया गया तथा ब्याज की राशि रू. 0.3261 करोड़ जमा कराई गई। इस प्रकार बिडर से अनुबंध के समय एवं प्रथम चरण की 5000.00 व.मी. भूमि देने के पूर्व कुल राशि रू. 13.74 करोड़ जमा कराई गई, जिसमें मण्डल पर्यवेक्षण शुल्क एवं वास्तुविदीय शुल्क भी शामिल था। उक्त जमा राशियों में से मण्डल के सुपरविजन की 6 प्रतिशत राशि (शासकीय निर्माण लागत रू. 18.60 करोड़ का) रू. 1.116 करोड़ एवं वास्तुविदीय शुल्क रू. 0.465 करोड़ (कुल राशि रू. 1.581 करोड़) को छोड़कर शेष राशि रू. 12.16 करोड़ शासन के खजाने में जमा कराई गई। (स) स्वीकृत योजना के अनुसार शासकीय निर्माण पूर्णतः के पश्चात् शेष राशि जमा कराई जानी है। शासकीय निर्माण पूर्ण हो चुका है एवं उसका अंतिम मूल्यांकन किया जा रहा है। अंतिम मूल्यांकन के पश्चात् निकलने वाली राशि हेतु बिडर को 1 माह में राशि जमा कराने हेतु सूचना पत्र दिया जावेगा। (2.) विकासकर्ता मेसर्स समदड़िया बिल्डर्स प्राईवेट लिमिटेड जबलपुर द्वारा एस.पी. बंगले के सामने स्थित शासकीय भूमि की पुनर्घनत्वीकरण योजना हेतु स्वीकृत योजना के अनुसार निम्नानुसार राशि जमा कराई गई :- (अ) अनुबंध के समय - स्वीकृत प्रावधान के अनुसार स्वीकृत बिड राशि रू. 24.2399999 करोड़ का 10 प्रतिशत प्रांभिक राशि रू. 2.4239 करोड़ जमा कराये गए जिसमें से 3 प्रतिशत (शासकीय निर्माण की लागत रू. 18.38 करोड़ का) वास्तुविद शुल्क रू. 0.5514 करोड़, मण्डल का पर्यवेक्षण शुल्क रू. 1.1028 करोड़ एवं सफलता शुल्क रू. 0.1758 करोड़ को छोड़कर शेष राशि रू. 0.594 करोड़ शासकीय कोष में जमा कराये गए। शासकीय निर्माण की पूर्णता के पश्चात् स्वीकृत बिड की शेष राशि जमा कराने का प्रावधान है। अतः शासकीय निर्माण की पूर्णता के पश्चात् शेष राशि बिडर से जमा कराई जावेगी। प्रावधानित शर्तों की प्रतियां पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ग) नवीन कलेक्ट्रेट भवन एवं व्ही.सी. बंगले के भवन का नक्शा एवं प्रावधानित आदेशित एग्रीमेंट की प्रतियां पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (घ) पुनर्घनत्वीकरण योजना अंतर्गत नवीन कलेक्ट्रेट भवन सोलर ऊर्जा एवं लिफ्ट का प्रावधान उक्त योजनांतर्गत नहीं था। सोलर ऊर्जा का कार्य नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग के द्वारा कराया गया। लिफ्ट हेतु डक्ट का प्रावधान मानचित्र में था, परन्तु योजना में लिफ्ट लगाने का कार्य शामिल नहीं था। लिफ्ट लगाने हेतु जिला पंचायत रीवा के द्वारा एम.आर.एफ. फण्ड के तहत राशि स्वीकृत की गई है, जिसके अनुसार लिफ्ट लगाने का कार्य पूर्ण हो चुका है।

नगर पालिक निगमों में चिकित्‍सकों के पदों को यथावत रखा जाना

[नगरीय विकास एवं आवास]

9. ( *क्र. 1372 ) श्री यादवेन्‍द्र सिंह : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) प्रश्‍नकर्ता सदस्‍य द्वारा पूछे गये प्रश्‍न (क्र. 233), दिनांक 30.11.2017 के प्रश्नांश (ख) के उत्‍तर में आयुक्‍त नगर पालिक निगमों (रीवा, भोपाल, उज्‍जैन, कटनी) से प्रतिवेदन चाहा गया है, तो क्‍या प्रश्‍न दिनांक तक प्रतिवेदन विभाग को प्राप्‍त हो गया? यदि हाँ, तो प्रति दें। यदि नहीं, तो प्रतिवेदन न देने वाले आयुक्‍तों के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की जावेगी? (ख) प्रश्नांश (क) में उल्‍लेखित प्रश्‍न के प्रश्नांश (ख) के उत्‍तर में दिया गया है कि संचालनालय के कार्यालय अधीक्षक व सहायक संचालक को त्रुटिपूर्ण जानकारी के लिए नोटिस जारी किया गया है? यदि हाँ, तो उसकी प्रति दें एवं नोटिस के प्राप्‍त जवाबों की प्रति दें तथा जवाब उपरान्‍त की गई कार्यवाही बतायें? यदि नहीं की गई तो क्‍यों? (ग) प्रश्‍नकर्ता सदस्‍य द्वारा प्रमुख सचिव नगरीय प्रशासन एवं विकास को दिनांक 25.01.2018 को दो पत्र एवं आयुक्‍त नगरीय प्रशासन को पत्र क्रमांक 549, दिनांक 25.01.2018 को लिखे गये पत्र पर प्रश्‍न दिनांक तक क्‍या कार्यवाही की गई एवं क्‍या पत्रों पर चाही गई जानकारी उपलब्‍ध करा दी गई? यदि नहीं तो इसके लिये कौन दोषी है? दोषी अधिकारी/कर्मचारी के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही करते हुये जानकारी उपलब्‍ध करावें। (घ) प्रदेश के नगर पालिक निगमों में कार्यरत आयुष चिकित्‍सक जो संविदा/दैनिक वेतन पर कार्यरत हैं, उन्‍हें उनकी सेवा निवृत्ति तक निगम औषधालयों में कार्यरत रखा जावेगा? यदि नहीं, तो क्‍या कारण हैं? उक्‍त आयुष चिकित्‍सकों की सूची प्रथम नियुक्ति दिनांक व प्रति माह दिये जा रहे वेतन के साथ सूची दें एवं दैनिक वेतन पर कार्यरत आयुष चिकित्‍सकों को उच्‍च कुशल श्रमिक का वेतन कब तक दिया जावेगा और अब तक क्‍यों नहीं दिया गया?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) जी हाँ। संचालनालय के पत्र क्रमांक 24816, दिनांक 21.11.2017 द्वारा नगर पालिक निगम रीवा, भोपाल, उज्‍जैन एवं कटनी से प्रतिवेदन चाहा है। नगर पालिक निगम, रीवा एवं नगर पालिक निगम, उज्‍जैन से प्राप्‍त प्रतिवेदन की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। नगर पालिक निगम, भोपाल एवं नगर पालिक निगम, कटनी से प्रतिवेदन मंगाये जाने हेतु स्‍मरण पत्र प्रेषित किया गया है। (ख) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ग) प्रश्‍नकर्ता सदस्‍य का पत्र क्रमांक 549 दिनांक 25.01.2018 संचालनालय को प्राप्‍त हुआ है, जिस पर कार्यवाही प्रचलित है। (घ) जी नहीं। कार्य की आवश्‍यकता अनुसार संविदा/दैनिक वेतन भोगी के रूप में रखा जाता है। शेषांश की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। नवीन आदर्श कार्मिक संरचना में आयुक्‍त चिकित्‍सक के पद डाईंग केडर होने से सेवा निवृत्‍त होने पर पद समाप्‍त हो जाने से यथावत रखने के संबंध में विभाग की कोई नीति नहीं है।

नर्मदा सेवा यात्रा हेतु किराये पर लिये गये वाहन

[योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी]

10. ( *क्र. 5191 ) श्री संजय उइके : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या नर्मदा सेवा यात्रा के समापन में वाहन किराये से अनुबंधित किये गये थे? (ख) यदि हाँ, तो बालाघाट, सिवनी एवं छिन्‍दवाड़ा जिलों से किस-किस दर पर कितने वाहन अनुबंधित किये गये, क्‍या इनमें भोजन आदि की सुविधाएं भी सम्मिलित थीं? यदि हाँ, तो दर बतावें। (ग) प्रश्नांश (ख) में वर्णित जिलों में अ‍नुबंधित किये गये वाहन के नम्‍बर, भुगतान प्राप्‍तकर्ता का नाम, बैंक खाता नम्‍बर, भुगतान हेतु शेष वाहन के नम्‍बर, वाहन मालिक का नाम, भुगतान हेतु शेष राशि, भुगतान शेष रहने के कारण सहित जानकारी उपलब्‍ध करावें। (घ) क्‍या भुगतान की गई राशि से टी.डी.एस. की कटौती की गई है? यदि हाँ, तो वाहनवार, जिलेवार, टी.डी.एस. कटौत्रों की सत्‍यापित प्रति उपलब्‍ध करावें। यदि नहीं, तो टी.डी.एस. की कटौती क्‍यों नहीं की गई? कारण सहित बतावें। कटौती नहीं करने पर जिम्‍मेदार अधिकारी/कर्मचारी पर क्‍या कार्यवाही की जावेगी?

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) से (घ) जानकारी संकलित की जा रही है।

शासकीय शंकर साव पटेल महाविद्यालय वारासिवनी में एम.एस.सी संकाय की स्‍वीकृति 

[उच्च शिक्षा]

11. ( *क्र. 4044 ) डॉ. योगेन्‍द्र निर्मल : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता द्वारा विभाग को कब-कब उक्‍त विषयांकित कॉलेज में एम.एस.सी. संकाय की स्‍वीकृति हेतु पत्राचार किया गया? क्‍या बालाघाट जिले के अन्‍य नये शासकीय महाविद्यालयों में स्‍नात्‍कोत्‍तर संकाय खोला गया? यदि हाँ, तो किन-किन महाविद्यालयों में नाम सहित जानकारी देवें (ख) क्‍या शासकीय शंकर साव पटेल महाविद्यालय में विगत 50 वर्षों से विज्ञान एवं गणित संकाय की कक्षाएं संचालित हो रही हैं? यदि हाँ, तो विभाग द्वारा आज तक उक्‍त महाविद्यालय में एम.एस.सी. संकाय क्‍यों नहीं खोला गया? इसके क्‍या कारण थे? (ग) उक्‍त महाविद्यालय द्वारा कब-कब संबंधित विभाग को एम.एस.सी. संकाय की स्‍वीकृति हेतु पत्राचार किया गया? उक्‍त पत्रों पर विभाग द्वारा क्‍या कार्यवाही की गई? यदि नहीं, तो क्‍यों? (घ) उक्‍त विषयांकित महाविद्यालय वारासिवनी में एम.एस.सी. संकाय की स्‍वीकृति कब तक प्रदान की जावेगी?

उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री जयभान सिंह पवैया ) : (क) समयावधि उल्लेखित नहीं होने से पत्राचार का विवरण नहीं दिया जा सकता है। जी हाँ वर्ष 2017 में शासकीय महाविद्यालय कटंगी में रसायन शास्त्र तथा शासकीय महाविद्यालय लालबर्रा में हिन्दी साहित्य, राजनीतिशास्त्र, अर्थशास्त्र, समाजशास्त्र विषयों में स्नातक स्तर की कक्षाएं प्रारंभ की गईं हैं। (ख) जी नहीं, शासकीय शंकरसाव पटेल महाविद्यालय, वारासिवनी में विज्ञान एवं गणित संकाय की कक्षाएं वर्ष 1990 से प्रारंभ हैं। स्नातकोत्तर विषय प्रारंभ करने के लिए आवश्यकतानुसार नीतिगत निर्णय लिया जाता है। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता है। (ग) महाविद्यालय द्वारा विधानसभा में उठाये गये विषयों के अतिरिक्त पृथक से एम.एस.सी. विषय प्रारंभ करने हेतु कोई पत्राचार नहीं किया गया। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता है। (घ) उत्तरांश (ख) के परिप्रेक्ष्य में समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

ग्राम पंचायत गुरैमा में निर्माण कार्य हेतु राशि का आहरण

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

12. ( *क्र. 4882 ) श्रीमती इमरती देवी : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) ग्राम पंचायत गुरैमा जन.पंचा. सबलगढ़ जिला मुरैना की पंचा.सचिव श्रीमती पुष्‍पादेवी जादौन का स्‍थानांतरण सरपंच एवं अन्‍य ग्रामवासियों की शिकायत पर पंचायतराज संचालनालय भोपाल के आदेश क्रमांक/पं.रा./पंचा./2017/15802, भोपाल दिनांक 26.12.2017 से ग्राम-पंचा.रहूगांव जन-पंचा. सबलगढ़ में किया गया था, यदि हाँ, तो क्‍या इस आदेश के पालन में मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी जन-पंचा- सबलगढ़ के द्वारा पत्र क्रमांक/ज.पं./स्‍था./2017/3118 सबलगढ़ दिनांक 29.12.2017 से सचिव को भारमुक्‍त कर दिया गया था? यदि हाँ, तो फिर पंचायत राज संचालनालय भोपाल के पत्र क्रमांक/पं.रा./पंचा-/2018/1038 भोपाल दिनांक 27.01.2018 से पूर्व में किये गये स्‍थानांतरण को क्‍यों निरस्‍त किया गया? (ख) क्‍या प्रश्नांश (क) ग्राम पंचायत गुरैमा की सरपंच अनुसूचित जाति की महिला है और उसके द्वारा पंचायत सचिव के मनमाने ढंग से पति एवं शासकीय शिक्षक देवर श्रीरामप्रकाश जादौन के द्वारा कार्य किया जाकर पंचायत खाते से 2.67 लाख रूपये अवैध रूप से निकाल कर अपने पास रखने की शिकायत बार-बार करने के बाद भी दबंग सचिव को नहीं हटाया जा रहा है? क्‍यों? (ग) क्‍या प्रश्नांश (क) गुरैमा पंचायत के सचिव के किये गये स्‍थानांतरण निरस्‍ती के आदेश को निरस्‍त कर पूर्व में किये गये स्‍थानांतरण आदेश को बहाल किया जा कर सचिव का स्‍थानांतरण्‍ा किया जावेगा? यदि हाँ, तो कब तक, नहीं तो क्‍यों?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ। जी हाँ। जी हाँ। (ख) जी हाँ। (ग) जी हाँ। शिकायत के आधार पर 3 सदस्यीय समिति गठित कर जांच कराई गयी। जांच अनुसार सरपंच एवं सचिव द्वारा राशि 2.67 लाख का भुगतान सामग्री क्रय हेतु राज लक्ष्मी ट्रेडिंग कंपनी सबलगढ़ को किया गया था। निर्माण कार्य प्रगतिरत है। अतः शिकायत असत्य होने से प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता है। (घ) ऐसा कोई स्थानांतरण का प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।

सतपुड़ा टाईगर रिजर्व क्षेत्र के विस्‍थापितों का व्‍यवस्‍थापन

[वन]

13. ( *क्र. 4964 ) श्री मंगल सिंग धुर्वे : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या सतपुड़ा टाईगर रिजर्व क्षेत्र के ग्रामों को रिजर्व क्षेत्र से बाहर विस्‍थापित किया गया है? यदि हाँ, तो कब तथा कहाँ-कहाँ नए ग्राम बनाकर विस्‍थापित किये गये हैं? सूची उपलब्‍ध कराएं? (ख) क्‍या विस्‍थापित परिवारों को मुआवजा/अनुदान राशि दिए जाने का कोई प्रावधान है? यदि हाँ, तो क्‍या तथा कितनी कितनी राशि दी जाती है? नियम निर्देश की प्रति भी उपलब्‍ध करावें? (ग) प्रश्नांश (ख) के संदर्भ में क्‍या रा‍शि विस्‍थापितों को दी जा रही है? यदि हाँ, तो कब कब तथा कितनी कितनी रा‍शि किस-किस को उसके खाते में अथवा नगद दी गई? (घ) क्‍या विस्‍थापित ग्रामों में विकास के कार्य किए गये हैं? यदि हाँ, तो क्‍या क्‍या विकास कार्य किस किस विभाग द्वारा किए गए हैं? (ड.) क्‍या इन विस्‍थापितों को शासन की अन्‍य योजनाओं जैसे प्रधानमंत्री आवास सौभाग्‍य योजना, मुख्‍यमंत्री नलजल योजना आदि का लाभ दिया जाएगा?

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) जी हाँ वन एवं पर्यावरण मंत्रालय, नई दिल्ली के आदेश क्रमांक 3 (3) -1/94-पी.टी. दिनांक 12 जून, 1995 से विस्थापितों के लिए प्रति विस्थापन इकाई रूपये 1 लाख नगद दिये जाने का प्रावधान था तथा वन विभाग के पत्र क्रमांक एफ-3-8/07/10-2/2129, दिनांक 30.10.2008 के दिशा-निर्देशानुसार विस्थापित ग्राम के लिए रूपये 10.00 लाख प्रति विस्थापन इकाई की दर से मुआवजा/अनुदान दिये जाने का प्रावधान है। नियम निर्देश की प्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अनुसार है। (ग) जी हाँ। हितग्राहियों को कलेक्टर, जिला होशंगाबाद के माध्यम से दी गई मुआवजे की राशि की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 पर तथा हितग्राहियों की नाम वार बैंक खाता नं. की सूची पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-4 अनुसार है। (घ) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-5 अनुसार है। (ड.) जी हाँ। उक्त दिशा-निर्देश के वर्णित विकल्प-1 (10.00 लाख रूपये नगद लेकर) के तहत विस्थापित ग्रामों के विस्थापितों को मुख्यमंत्री आवास योजना एवं मुख्यमंत्री नलजल योजना आदि का लाभ दिलाया जा रहा है।

नगर पंचायत राजगढ़ में गुणवत्‍ताहीन निर्माण कार्यों की जाँच

[नगरीय विकास एवं आवास]

14. ( *क्र. 1779 ) श्री वेलसिंह भूरिया : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) धार जिले की नगर पंचायत राजगढ़ बस स्‍टैण्‍ड में सी.सी. रोड का निर्माण कब किया गया? इसकी लागत एवं कार्य एजेंसी के नाम सहित जानकारी देवें (ख) क्‍या उक्‍त कार्य की गुणवत्‍ता स्‍तरहीन होने के कारण कलेक्‍टर धार द्वारा दोषियों के विरूद्ध कार्यवाही के निर्देश दिए थे? यदि हाँ, तो कार्य एजेंसी के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की गई? यदि नहीं, तो क्‍यों, इसके लिए कौन जिम्‍मेदार है? दोषियों के विरूद्ध कब तक कार्यवाही की जायेगी?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : () नगर परिषद, राजगढ़ जिला धार ने यह प्रतिवेदित किया गया था कि यह कार्य नगर परि‍षद, राजगढ़ द्वारा नहीं कराया गया है, अत: इसकी लागत आदि की जानकारी दिया जाना संभव नहीं है। () प्राप्‍त शिकायत के आधार पर कलेक्‍टर जिला धार द्वारा कार्य की जांच कराई गई, जिसके आधार पर आयुक्‍त, इन्‍दौर संभाग ने अपने पत्र दिनांक 18.03.2014 के अनुसार यह उल्‍लेख किया कि न्‍यू बस स्‍टैण्‍ड राजगढ़ जिला-धार में दिनांक 22.07.2013 से दिनांक 12.08.2013 तक किये गये सीमेंट क्रांकीट कार्य को बिना सक्षम स्‍वीकृतियों तथा बिना निविदा के पूर्व से प्रचलित कार्यरत एजेंसी से अतिरिक्‍त कार्य के रूप में कराया गया है। अत: निविदा प्रक्रिया का पालन किये बगैर गुणव‍त्‍ताविहीन कार्य को निरूपयोगी एवं मानकों के विरूद्ध घोषित किया जाता है। इस प्रकरण में पदीय दायित्‍व के निर्वहन में लापरवाही बरतने के कारण निकाय के तत्‍कालीन मुख्‍य नगरपालिका अधिकारी, श्री संतराम चौहान को दोषी पाये जाने पर 02 वार्षिक वेतन वृद्धियां असंचयी प्रभाव से रोके जाने की शास्ति अधिरोपित की गयी है।

आजीविका मिशन बालाघाट द्वारा प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

15. ( *क्र. 5351 ) श्री मधु भगत : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या बालाघाट जिले में आजीविका मिशन द्वारा गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले लोगों को वर्ष 2015-16 एवं वर्ष 2016-17 में प्रशिक्षण दिया गया था? यदि हाँ, तो प्रशिक्षण देने वाली संस्‍था का नाम, कितने लोगों को प्रशिक्षण दिया गया? उनकी संख्‍या व यदि उनका प्‍लेसमेंट हुआ तो कंपनी के नाम सहित जानकारी दें। (ख) क्‍या आजीविका मिशन बालाघाट में वर्ष 2015-16 एवं वर्ष 2016-17 में बालाघाट जिले में रोजगार मेले का आयोजन किया गया था? यदि हाँ, तो प्रत्‍येक रोजगार मेले में कौन-कौन सी कंपनियों ने भाग लिया तथा कितने बेरोजगारों को रोजगार प्राप्‍त हुआ? (ग) एन.आर.एल.एम. द्वारा आजीविका मिशन सेंटर का निर्माण बालाघाट जिले में कहाँ-कहाँ किया गया? नाम बतावें। क्‍या ग्राम संगठन का पैसा अधोसंरचना में खर्च किया जा सकता है? क्‍या ग्राम संगठन की राशि उस संगठन में सम्मिलित समिति अथवा समूह को 1 % ब्‍याज पर लेन-देन की जाती है? यदि हाँ, तो किस-किस को दी गई? यदि नहीं, तो क्‍यों?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) वर्ष 2015-16 में संस्था नवज्योति ग्रामीण विकास समिति, सिवनी द्वारा गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले 82 लोगों को प्रशिक्षण दिया गया, परन्तु प्लेसमेंट नहीं कराया गया, वर्ष 2016-17 में कोई प्रशिक्षण नहीं दिया गया। (ख) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ग) बालाघाट जिले में आजीविका मिशन सेंटर का निर्माण नहीं किया गया। जी हाँ। ग्राम संगठन द्वारा साधारण सभा में लिये गये निर्णय के आधार पर अपनी आय के पैसों का लेन-देन निर्धारित ब्याज दर पर किया जा सकता है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है।

स्‍वच्‍छ भारत मिशन अंतर्गत कराये जा रहे कार्य

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

16. ( *क्र. 5261 ) कुँवर सौरभ सिंह : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या स्‍वच्‍छ भारत मिशन अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में व्‍यक्तिगत शौचालयों, बड़ी आबादी वाली ग्राम पंचायतों के सार्वजनिक स्‍थल में सामुदायिक शौचालयों एवं कूड़ा करकट के निपटान हेतु ठोस तरल एवं अपशिष्‍ट प्रबंधन के कार्य कराये जा रहे हैं? (ख) यदि हाँ, तो कटनी जिले में स्‍वच्‍छ भारत मिशन अंतर्गत विगत 3 वर्ष में कितने-कितने व्‍यक्तिगत शौचालय, सामुदायिक शौचालय एवं कूड़ा करकट के निपटान हेतु ठोस तरल एवं अपशिष्‍ट प्रबंधन के कार्य कराये गये हैं? विकासखण्‍डवार, वर्षवार, कार्यवार पृथक-पृथक विवरण दें? (ग) प्रश्नांश (ख) के कार्यों में कितनी-कितनी राशि कब-कब किस-किस कार्य में व्‍यय हुई? कराये गये कार्यों का भौतिक सत्‍यापन योजनांतर्गत जिले एवं ब्‍लाक के अधिकारियों द्वारा कब-कब किया गया? विकासखण्‍डवार, वर्षवार, कार्यवार, राशिवार पृथक-पृथक विवरण दें? क्‍या योजना में पदस्‍थ जिले/ब्‍लाक के अधिकारियों द्वारा भौतिक सत्‍यापन प्रतिवेदन उपलब्‍ध कराया गया? यदि हाँ, तो कब-कब? विवरण दें? यदि नहीं, तो क्‍यों? कारण बतावें? (घ) प्रश्‍नकर्ता सदस्‍य द्वारा प्रेषित पत्र क्र. 1001 दिनांक 31.08.2016, क्र. 140 दिनांक 27.04.2017, क्र. 162 दिनांक 28.04.2017, क्र. 178 दिनांक 02.05.2017, क्र. 337 दिनांक 05.06.2017, क्र. 498 दिनांक 07.07.2017, क्र. 589 दिनांक 22.07.2017, क्र. 611 दिनांक 31.07.2017, क्र. 967 दिनांक 14.09.2017, क्र. 1132 दिनांक 27.10.2017, क्र. 1316 दिनांक 14.12.2017, क्र. 1518 दिनांक 11.01.2018 में विभाग द्वारा क्‍या कार्यवाही की गई? विकासखण्‍डवार वर्षवार, पत्रवार, तिथिवार, कार्यवाहीवार विवरण दें?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) से (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है।

शासकीय महाविद्यालयों में रिक्‍त पदों की पूर्ति

[उच्च शिक्षा]

17. ( *क्र. 263 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रदेश के शासकीय महाविद्यालयों में नियमित प्राचार्य एवं शैक्षणिक तथा अशैक्षणिक स्‍टॉफ के रिक्‍त पदों को भरने की योजना है? (ख) क्‍या रिक्‍त पदों के कारण शैक्षणिक कार्य प्रभावित नहीं हो रहे हैं? (ग) यदि हाँ, तो कब तक रिक्‍त पदों पर पदस्‍थापना की जावेगी? (घ) यदि नहीं, तो क्‍यों?

उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री जयभान सिंह पवैया ) : (क) जी हाँ। प्राचार्यों के रिक्त पदों की पूर्ति हेतु कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। सहायक प्राध्यापकों के रिक्त पदों की पूर्ति हेतु मध्यप्रदेश लोक सेवा द्वारा विज्ञापन जारी किया जा चुका है। अशैक्षणिक रिक्त पदों की पूर्ति हेतु वर्ष 2013 चतुर्थ श्रेणी एवं अक्टूबर 2014 में सहायक वर्ग-3 के पदों हेतु व्यापम को मांग पत्र भेजा गया, जिस पर कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। (ख) जी नहीं। रिक्त पदों के विरुद्ध अतिथि विद्वानों से अध्यापन कार्य सुचारू रूप से संचालित है। (ग) समय-सीमा बताई जाना संभव नहीं है। (घ) उत्‍तरांश (क) अनुसार।

जनप्रतिनिधियों के पत्रों पर कार्यवाही 

[नगरीय विकास एवं आवास]

18. ( *क्र. 5341 ) श्री अंचल सोनकर : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) प्रश्‍नकर्ता के विधान सभा क्षेत्र जबलपुर पूर्व में नगर पालिका निगम जबलपुर द्वारा वर्ष 2016-17 एवं 2017-18 में किन-किन वार्डों में कौन-कौन से निर्माण कार्य कराये गये? वार्डवार सूची स्‍वीकृत राशि सहित बतावें। (ख) क्‍या प्रश्‍नकर्ता द्वारा विगत वर्षों में नगर पालिका निगम जबलपुर में क्षेत्रीय विकास एवं अन्‍य कार्यों हेतु अनेकों पत्रों का लेख किया गया है? यदि हाँ, तो प्रश्‍नकर्ता के कितने पत्रों का‍ निराकरण कर कार्य कराये गये एवं पत्रों के जबाव लिखित में प्रश्‍नकर्ता को भेजे गये? यदि हाँ, तो कब-कब, किस-किस पत्र का जबाव दिया गया? यदि नहीं, तो क्‍या विधायक के पत्रों का उत्‍तर देने का दायित्‍व आयुक्‍त, नगर पालिका निगम जबलपुर/संबंधित अधिकारी का नहीं है? (ग) क्‍या एक-एक कार्य के लिये प्रश्‍नकर्ता द्वारा आयुक्‍त नगर निगम/संबंधित कार्य के अधिकारी को अनेकों पत्र लिखने के उपरांत भी कार्य नहीं किया गया है? यदि हाँ, तो क्‍यों? यह भी बताया जावे कि जनप्रतिनिधियों के पत्रों का जबाव न देने वाले अधिकारियों के विरूद्ध शासन क्‍या-क्‍या कार्यवाही करेगा?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) वर्षवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '1' एवं '2' अनुसार है। (ख) प्रश्‍नाधीन अवधि में मान. विधायक के 29 पत्र प्राप्‍त हुए, जिनका निराकरण कर माननीय विधायक को दूरभाष द्वारा एवं व्‍यक्तिश: अवगत कराया गया है, जिसकी पत्रवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '3' अनुसार है। (ग) जी नहीं। मान. विधायक के द्वारा अनुशंसित कार्य नियमानुसार किए गए हैं। उपरोक्‍त प्रश्‍न के परिप्रेक्ष्य में शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

सीधी भर्ती के स्‍थायी प्राध्‍यापकों की प्राचार्य पद पर पदोन्‍नति

[उच्च शिक्षा]

19. ( *क्र. 5330 ) श्रीमती प्रमिला सिंह : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शासकीय महाविद्यालयों में प्राचार्यों के कितने पद रिक्‍त हैं? रिक्‍त पद वाले महाविद्यालयों की सूची उपलब्‍ध करायें। (ख) क्‍या प्राचार्यों के रिक्‍त पद वाले शासकीय महाविद्यालयों में सीधी भर्ती के स्‍थायी प्राध्‍यापक उपलब्‍ध हैं? यदि हाँ, तो महाविद्यालयवार, प्राध्‍यापकों की सूची उपलब्‍ध करायें। (ग) क्‍या प्रमुख सचिव, उच्‍च शिक्षा द्वारा जारी आदेश क्रमांक 1142/शा-2/09, दिनांक 03.06.2009 होने के बावजूद शासकीय महाविद्यालयों में सीधी भर्ती के प्राध्‍यापक के स्‍थान पर प्राचार्य के रिक्‍त पदों का प्रभार पदोन्‍नत प्राध्‍यापकों को दिया जा रहा है? यदि हाँ, तो उस नियम, आदेश की प्रति उपलब्‍ध कराएं, जिसमें उक्‍त शासनादेश को संशोधित करते हुए ऐसा किए जाने का उल्‍लेख हो। (घ) सीधी भर्ती के स्‍थायी प्राध्‍यापकों को प्राचार्य के पद पर पदोन्‍नत किए जाने हेतु शासन की क्‍या योजना है? इन्‍हें कब तक पदोन्‍नत कर दिया जाएगा?

उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री जयभान सिंह पवैया ) : (क) प्रदेश के शासकीय महाविद्यालयों में प्राचार्य के कुल 398 पद रिक्‍त हैं। महाविद्यालयवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) जी हाँ। महाविद्यालयवार सीधी भर्ती के प्राध्‍यापकों की सूची पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ग) जी नहीं। महाविद्यालयों में जो वरिष्ठ प्राध्यापक/सहायक प्राध्यापक होते हैं, उन्हें ही प्राचार्य के रिक्त पद का प्रभार दिया जाता है। अतः शेष प्रश्‍नांश उपस्थित नहीं होता। (घ) प्राचार्य पद पर पदोन्नति हेतु प्राध्यापकों की वरिष्ठता सूची पर माननीय न्यायालय में प्रकरण विचाराधीन है। समय-सीमा बताई जाना संभव नहीं है।

वन विभाग को पुनरीक्षण की अनुमति

[वन]

20. ( *क्र. 4794 ) श्री ओमकार सिंह मरकाम : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या वन विभाग के यू.ओ. 464/16, दिनांक 26.12.2016 के अनुसार न्‍यायालीन आदेश दिनांक 20.09.2016 की प्रति प्राप्‍त किये बिना वन विभाग का मत प्राप्‍त किये बिना दिनांक 26.12.2016 को पुनरीक्षण की अनुमति प्रदान कर दी गई? यदि हाँ, तो न्‍यायालीन आदेश प्राप्‍त किये बिना वन विभाग का मत प्राप्‍त किये बिना एक ही दिन में पुनरीक्षण की अनुमति प्रदान करने का क्‍या कारण है? (ख) वन विभाग ने किस आधार पर दिनांक 26.12.2016 को पुनरीक्षण की अनुमति मांगी एवं विधि विभाग ने किस आधार पर 26.12.2016 को ही पुनरीक्षण की अनुमति प्रदान कर दी, वन विभाग द्वारा प्रस्‍तुत आधार की प्रति सहित बतावें। (ग) गोदाम की तलाशी लेकर गोदाम से धावड़ा गोंद जप्‍त कर मध्‍यप्रदेश वनोपज व्‍यापार विनियम 1969 की धारा 2 घ एवं 5 का अपराध पंजीबद्ध करने का अधिकार क्‍या वन अधिकारियों को है? यदि नहीं, तो विधि विभाग ने 26.12.2016 को किन कारणों से पुनरीक्षण की अनुमति प्रदान की है?

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) वन मुख्यालय द्वारा अनुमति हेतु प्रेषित पत्र की प्रति तथा विधि एवं विधायी कार्य विभाग की अनुमति की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) जी हाँ। भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 26 (च), 33 (1) (ए) एवं सहपठित 66 (क), 69 के उल्लंघन हेतु धावड़ा गोंद जप्त कर वन अपराध दर्ज करने का अधिकार वन अधिकारियों को है। अत: शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

नगर पालिक निगम में प्राप्‍त राजस्‍व के अनुपात में वार्डों में कराये गये कार्य

[नगरीय विकास एवं आवास]

21. ( *क्र. 2762 ) श्री मनोज निर्भय सिंह पटेल : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) नगर पालिक निगम इंदौर के वार्ड क्र. 14, 15, 16 से विगत 3 वर्षों में कितना राजस्‍व प्राप्‍त हुआ? अलग-अलग मदवार जानकारी देवें। (ख) उपरोक्‍तानुसार प्राप्‍त राजस्‍व के अनुपात में उक्‍त वार्डों में कितनी-कितनी राशि किन-किन कार्यों पर खर्च की गई है? (ग) नगर पालिका निगम क्षेत्र के अंतर्गत उक्‍त वार्डों में सड़क, बिजली, पानी एवं ड्रेनेज से संबंधित कितना कार्य किया गया है एवं कितना कार्य किया जाना शेष है? (घ) उपरोक्‍त (ग) में दिए गए कार्य पर कब तक पूर्ण कर लिये जावेंगे? ग्रीष्‍म ऋतु में उक्‍त वार्डों में पेयजल संबंधी क्‍या व्‍यवस्‍था की गयी है?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' एवं '''' अनुसार है। (ख) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित वार्डों में प्राप्त राजस्व के अनुपात में कराये गये कार्यों में खर्च की गई राशि की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' सड़क, '''' बिजली, '''' पानी एवं '''' ड्रेनेज अनुसार है। (ग) नगर पालिक निगम क्षेत्रांतर्गत उक्त वार्डों में किये गये कार्यों की जानकारी उत्तरांश '''' अनुसार है एवं शेष कार्यों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ-1'' सड़क, ''ब-1'' बिजली, ''स-1'' पानी एवं ''द-1'' ड्रेनेज अनुसार है। (घ) प्रश्नांश (ग) में दिये गये कार्यों में से अमृत योजना के अन्तर्गत किये जाने वाले कार्य हेतु 02 वर्ष की समयावधि लक्षित है शेष कार्य प्रगति पर हैं उन्हें पूर्ण करने की निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। ग्रीष्म ऋतु में जलसंकट वाले क्षेत्रों में टेंकर के माध्यम से जलप्रदाय व्यवस्था सुनिश्चित की जायेगी।

शाजापुर जिले के धार्मिक/पर्यटन स्थलों का विकास 

[धार्मिक न्यास और धर्मस्व]

22. ( *क्र. 4239 ) श्री इन्‍दर सिंह परमार : क्या खेल और युवा कल्याण मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) शाजापुर जिले के किन-किन धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों के विकास कार्यों के लिए वर्ष 2014-15 से प्रश्न दिनांक तक कितनी-कितनी राशि का आवंटन किया गया? वर्षवार जानकारी देवें। (ख) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित धार्मिक स्थलों में से कालापीपल विधानसभा क्षेत्र के धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों के लिए राशि का आवंटन क्यों नहीं किया गया? क्या कालापीपल विधानसभा क्षेत्र के मोरटा केवड़ी के हिमालेश्वर, सुकलिया के देहरीघाट, अलिसरीया के भोले डूंगरी, कालापीपल गांव के तेलिया हनुमान मंदिर और अवन्तिपुर बड़ोदिया के बाबा गरीबनाथ धाम के विकास कार्य हेतु मांग की गई थी? यदि हाँ, तो फिर क्यों राशि का आवंटन नहीं किया गया? (ग) प्रश्नांश (ख) में उल्लेखित स्थलों के विकास कार्यों हेतु राशि आवंटित ना करके कालापीपल विधानसभा क्षेत्र के साथ क्या भेदभाव नहीं किया गया? यदि नहीं, तो क्या उक्त स्थलों के विकास कार्यों हेतु राशि का आवंटन किया जावेगा?

खेल और युवा कल्याण मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) प्रश्नांश (क) में उल्‍लेखित धार्मिक स्‍थलों में से कालापीपल विधानसभा क्षेत्र के (1) श्री सिंगाजी महाराज मंदिर बावड़ी खेड़ा कालापीपल हेतु राशि रूपये 5.00 लाख (2) श्री राधाकृष्‍ण मंदिर ग्राम कोलवा तह. कालापीपल हेतु राशि रूपये 10.00 लाख (3) श्री गोपीचन्‍द्र महाराज मंदिर ग्राम सलकनखेड़ी तह. अवं‍तिपुर बड़ोदिया हेतु रूपये 10.00 लाख एवं (4) श्री गोपाल मंदिर ग्राम पोलायकलां तह. पोलायकलां हेतु 6.00 लाख का आवंटन विभाग द्वारा स्‍वीकृत किया गया है। कालापीपल विधानसभा क्षेत्र के मोरटा केवड़ी के हिमालेश्‍वर, सुकलिया के देहरी घाट, अलिसरीया के भोले डूंगरी, कालीपीपल गांव के तेलिया हनुमान मंदिर के कोई प्रस्‍ताव विभाग में प्राप्‍त नहीं होने से राशि स्‍वीकृत नहीं की गई है। (ग) जी नहीं। शासन संधारित मंदिरों के प्राक्‍कलन प्रस्‍ताव कलेक्‍टर/संभागायुक्‍त के माध्‍यम से विभाग में प्राप्‍त होने पर मंदिर के जीर्णशीर्ण होने की स्थिति में आवश्‍यकतानुसार राशि का आवंटन किया जाता है। यह एक सतत प्रक्रिया है। निश्चित समय-सीमा दी जाना संभव नहीं है।

परिशिष्ट - ''पाँच''

ग्वालियर जिले में अवैध रेत उत्खनन की जाँच/कार्यवाही

[खनिज साधन]

23. ( *क्र. 5296 ) श्री लाखन सिंह यादव : क्या खनिज साधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) ग्वालियर जिले में रेत उत्खनन के लिये किस-किस पंचायत में किस-किस पटवारी हल्का न. एवं, सर्वे न. की कौन-कौन सी खदान से रेत उत्खनन की स्वीकृति किस दिनांक से किस दिनांक तक के लिये किस ठेकेदार/ऐजेन्सी या व्यक्ति को ठेके पर या लीज पर कितनी दर पर दी गई है? (ख) क्या स्वीकृत स्थान से ही रेत खनन की जा रही है या खनिज विभाग, राजस्व विभाग तथा पुलिस विभाग के कर्मचारियों/अधिकारियों द्वारा बड़े स्तर पर रेत माफियाओं से मिलकर करोड़ों रूपयों का भ्रष्टाचार कर अवैध तरीके से अन्य स्थानों से रेत उत्खनन कराया जा रहा है? यदि हाँ, तो इस अवैध रेत खनन में कौन-कौन कर्मचारी/अधिकारी संलिप्त हैं? उनके नाम, पद बतावें क्या ऐसे दोषी कर्मचारियों/अधिकारियों के विरूद्ध कठोर दण्डात्मक कार्यवाही की जावेगी? यदि हाँ, तो क्या और कब तक? यदि नहीं, तो क्यों? (ग) रेत के अवैध उत्खनन के प्रकरण में 01 जनवरी, 2017 से 28 फरवरी, 2018 तक कौन-कौन से वाहन पकड़े गये? वाहन मालिक का नाम, वाहन का प्रकार, किस स्थान से अवैध उत्खनन कर ले जाते वाहन किस-किस दिनांक को पकड़े गये? उन वाहनों पर तथा मालिकों पर क्या-क्या दण्डात्मक कार्यवाही किस अधिकारी द्वारा की गई है?

खनिज साधन मंत्री ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) प्रश्‍नाधीन जिले में मध्‍यप्रदेश राज्‍य खनिज निगम के पक्ष में रेत खनिज के उत्‍खनिपट्टे स्‍वीकृत हैं, जिसकी जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। मध्‍यप्रदेश राज्‍य खनिज निगम द्वारा इन उत्‍खनिपट्टा क्षेत्रों पर रेत विक्रय के स्‍वीकृत ठेके की जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र '''' (1) अनुसार है। (ख) प्रश्‍नाधीन जिले में स्‍वीकृत रेत खदानों में ही खनन का कार्य किया जा रहा है। अपितु वर्तमान में स्‍वीकृत क्षेत्र से बाहर खनन किये जाने का एक प्रकरण प्रकाश में आया है, जिस पर जांच की कार्यवाही प्रचलित है। यह सही नहीं है कि प्रश्‍न में उल्‍लेखित विभाग के अधिकारियों द्वारा बड़े स्‍तर पर रेत माफियाओं से मिलकर करोड़ों रूपये का भ्रष्‍टाचार कर अन्‍य स्‍थानों से रेत उत्‍खनन कराया जा रहा है। अवैध उत्‍खनन का प्रकरण प्रकाश में आने पर उसके विरूद्ध कार्यवाही की जाती है। वित्‍तीय वर्ष 2017-18 में रेत खनिज के 04 प्रकरण दर्ज किये गये हैं। इसी प्रकार अवैध परिवहन के 315 प्रकरण दर्ज कर 291 प्रकरणों का निराकरण किया गया है। इस अवधि में 14 प्रकरणों में वाहन राजसात करने की कार्यवाही की गई है। चूंकि नियमानुसार कार्यवाही की जा रही है। अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) प्रश्‍नानुसार जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है।

परिशिष्ट - ''छ:''

नगर पालिका अशोकनगर में संविदा कर्मचारियों की नियुक्ति

[नगरीय विकास एवं आवास]

24. ( *क्र. 3126 ) श्री गोपीलाल जाटव : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या नगर पालिका अशोकनगर में सी.एम.ओ. द्वारा संविदा पर कर्मचारियों की नियुक्ति की गई है? (ख) यदि हाँ, तो यह नियुक्ति कितने वर्ष के लिये एवं किस नियम के अंतर्गत की गई है? (ग) क्‍या सी.एम.ओ. को इस नियुक्ति के अधिकार प्राप्‍त हैं? (घ) क्‍या यह नियुक्ति समाचार पत्रों में बिना विज्ञप्ति जारी किये की जा सकती है एवं उपरोक्‍त प्रश्‍नांश (क) में नियुक्ति हेतु विज्ञप्ति जारी की गई है? यदि हाँ, तो जानकारी देवें? यदि नहीं, तो क्‍यों?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) जी हाँ। परिषद संकल्‍प क्रमांक 59 दिनांक 10.12.2010 के पालन में कार्य की अधिकता एवं आकस्मिकता को देखते हुए समय-समय पर श्रमिक रखे गए। कार्य समाप्ति उपरांत हटा दिए जाते हैं। (ख) उत्‍तरांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों की नियुक्ति के अधिकार प्रदाय किए गए। (घ) जी हाँ। कार्य की आकस्मिकता एवं आवश्‍यकता को देखते हुए बिना विज्ञप्ति जारी किए श्रमिक रखे गए हैं।

धार्मिक स्थलों के जीर्णोद्धार हेतु स्‍वीकृत राशि

[धार्मिक न्यास और धर्मस्व]

25. ( *क्र. 4970 ) श्री यशपालसिंह सिसौदिया : क्या खेल और युवा कल्याण मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) उज्जैन संभाग में दिनांक 01 जनवरी, 2014 के पश्चात् शासन द्वारा संधारित कितने मंदिरों में कितनी राशि विभाग द्वारा किस-किस कार्य के लिए प्रदान की गयी? (ख) क्या उपरोक्त सभी मंदिरों में दी गयी राशि का कार्य पूर्ण कर लिया गया है, इनमें कितनों में निर्माण कार्य अधूरा है, कितनों में कितने समय से कार्य प्रारंभ ही नहीं किया गया? स्थानवार उक्त संभाग की उक्त अवधि की जानकारी देवें (ग) क्या मंदसौर विधान सभा क्षेत्र के 7 मंदिरों श्री रामजानकी मंदिर पटेला, श्री रामजानकी मंदिर एलची, श्री राधा कृष्ण मंदिर अघोरिया, श्री चार भुजा मंदिर ज्ञानपुरा, श्री राधा कृष्ण मंदिर नाईखेड़ी, श्रीराम मंदिर/बालेश्वर महादेव मंदिर घटावदा, श्री राम लक्ष्मण मंदिर धंधोड़ा के लिए प्रश्नकर्ता विधायक ने अपने पत्र क्रमांक 307, दिनाकं 07.08.2014 को उक्त मंदिर जीर्णोद्धार के संबंध में कलेक्टर मंदसौर से कोई जानकारी चाही थी? यदि हाँ, तो उक्त मंदिरों के जीर्णोद्धार की 3 वर्ष बाद भी क्या स्थिति है? (घ) क्या धर्मस्व विभाग द्वारा सितम्बर 17 में श्री पद्मनाथ भगवान् मंदिर दलौदा सगरा जिला मंदसौर तथा दिनांक 19.05.2014 को स्वीकृत श्री धोलागड़ महादेव मंदिर खिलचीपुरा, श्री चारभुजा मंदिर ग्राम नाईखेड़ी तहसील दौलोदा, नील कंठेश्वर महादेव मंदिर निम्बोद तह. दौलोदा, मंछापुरण महादेव मंदिर पित्याखेड़ी तह. मंदसौर के लिए कितनी राशि‍ स्वीकृत की गयी थी? कितने मंदिरों का जीर्णोद्धार हो गया है, कितनों का शेष है?

खेल और युवा कल्याण मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

 

 

 








भाग-2

नियम 46 (2) के अंतर्गत अतारांकित प्रश्नोत्तर के रुप में परिवर्तित तारांकित प्रश्नोत्तर


स्‍टेडियमों के रख-रखाव हेतु कर्मचा‍री एवं खेल प्रशिक्षक की पदस्‍थापना 

[खेल और युवा कल्याण]

1. ( क्र. 18 ) डॉ. गोविन्द सिंह : क्या खेल और युवा कल्याण मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) चंबल संभाग के अंतर्गत श्‍योपुर, मुरैना एवं भिण्‍ड जिलों में किन-किन खेलों हेतु विभागीय स्‍टेडियम स्‍थापित हैं? पूर्ण विवरण दें? (ख) उक्‍त स्‍टेडियमों में वर्ष 2017-18 में कौन-कौन सी खेल प्रतियोगिताएं कौन-कौन से स्‍टेडियम में आयोजित की गई? जिला स्‍तरीय एवं तहसील स्‍तरीय खेलों में कितनी-कितनी राशि व्‍यय की गई? प्रत्‍येक स्‍टेडियम का अलग विवरण दें? (ग) उपरोक्‍त जिलों में किन-किन स्‍टेडियम में कौन-कौन से कर्मचारी एवं प्रशिक्षक कार्यरत है और उनको प्रतिमाह वेतन भत्‍ते आदि कब से दिया जा रहा हैं? नाम पद सहित बतावें? (घ) उपरोक्‍त प्रश्‍नांश के परिप्रेक्ष्‍य में क्‍या इंदिरा गांधी स्‍टेडियम लहार के क्षतिग्रस्‍त होने का परीक्षण कराया गया है? यदि हाँ, तो क्षतिग्रस्‍त स्‍टेडियम के सुधार हेतु कितनी राशि आवंटित की गई? यदि नहीं, तो क्‍यों? (ड.) क्‍या लहार स्‍टेडियम में नियुक्‍त कर्मचारी श्री अनिल श्रीवास द्वारा अपने कार्य पर उपस्थित न होने के कारण खेल गतिविधियों ठप्‍प हो गई हैं? क्‍या इसकी जांच करायी जाकर संबंधित के विरूद्ध कार्यवाही की जाकर स्‍थानीय कर्मचारी की पदस्‍थापना की जायेगी? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्‍यों?

खेल और युवा कल्याण मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) चंबल संभाग के अन्तर्गत श्योपुर, मुरैना एवं भिण्ड में स्थापित विभागीय स्टेडियम की जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र '1' अनुसार है। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र '2' अनुसार है। (ग) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-'3' अनुसार है। (घ) जी हाँ। सुधार हेतु जिले के शासकीय निर्माण एजेंसी से एस्‍टीमेट प्राप्‍त होने के उपरांत निर्णय लिया जावेगा। (ड.) श्री अनिल श्रीवास नियमित रूप से उपस्थित होकर कार्य कर रहे है। अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - ''सात''

पुरानी जल संरचनाओं का सुधार

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

2. ( क्र. 82 ) श्री लखन पटेल : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दमोह जिले में विगत 5 वर्षों में वॉटर-शेड योजना में कितनी जल संरक्षण संरचनाएं बनाई गई, जैसे परियोजना कार्यान्‍वयन एजेंसी एवं वॉटर-शेड कमेटी से कुल कितनी जल संरचनाएं बनाई गई? संस्‍थावार अलग-अलग जानकारी देवें? (ख) प्रश्‍नांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में बनाई गई अभी तक की संरचनाओं में से कितनी संरचनाएं काम कर रही हैं एवं कितनी क्षतिग्रस्‍त हो चुकी हैं? इन संरचनाओं को पुन: चालू कराने की कोई योजना बनाई गई? यदि हाँ, तो क्‍या एवं यदि नहीं, बनाई गई तो क्‍यों? (ग) ऐसी कितनी संरचनाएं हैं जिन्‍हें पुन: मरम्‍मत कर चालू किया जा सकता है? क्‍या इन संरचनाओं को वर्तमान में चलाये जा रहे जल अभिषेक अभियान में शामिल कर चालू कराया जावेगा? यदि हाँ, तो कब तक?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) परियोजना कार्यान्‍वयन एजेंसियों द्वारा 37 तथा वॉटर-शेड समितियों द्वारा 817 जल संरक्षण संरचनाएं बनाई गई है। (ख) एवं (ग) समस्‍त संरचनाएं काम कर रही है तथा क्षतिग्रस्‍त नहीं हुई है, अत: शेष प्रश्‍नांश उपस्थित नहीं होते।

ई-टेण्‍डरिंग

[नगरीय विकास एवं आवास]

3. ( क्र. 160 ) कुँवर विक्रम सिंह : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग में 2.00 लाख रूपये तक के कार्य ई-टेण्डरिंग से कराये जाने के प्रावधान हैं? यदि हाँ, तो प्रावधानों की गाइड लाइन दी जावे? (ख) क्‍या आयुक्‍त नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा 1.00 लाख रूपये तक के कार्य ई-टेण्‍डरिंग से कराये जाने के आदेश किये गये? (ग) यदि हाँ, तो क्‍या आदेश नियम प्रक्रिया के तहत जारी किये गये? यदि नहीं, तो क्‍यों?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) जी नहीं, उत्‍तरांश के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ख) जी नहीं। (ग) उत्‍तरांश '' के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

श्रम कार्डधारियों को योजनाओं के लाभ 

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

4. ( क्र. 161 ) कुँवर विक्रम सिंह : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) छतरपुर जिले में वर्ष 2016 से प्रश्‍न दिनांक तक जनपदों द्वारा बनाये गये? जॉबकार्ड की विकासखण्‍डवार कितनी संख्‍या है? बनाये गये जॉबकार्ड पर किन-किन योजनाओं का लाभ दिया जाता है? (ख) शासन के निर्धारित मापदण्‍डों के अनुसार कितने दिवस कार्य कराये गये? विकासखण्‍डवार जानकारी दें? (ग) जॉबकार्ड जारी करने में एवं मजदूरी कार्य आवंटन में मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत की क्‍या भूमिका है? (घ) क्‍या प्रश्‍नांश (क) से (ग) तक में मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत की निगरानी की क्‍या भूमिका हैं?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) छतरपुर जिले में वित्तीय वर्ष 2016-17 एवं 2017-18 में क्रमशः 10713, 13756 एवं प्रश्‍न दिनांक तक 133367, जनपदों द्वारा बनाये गये  जाबकार्ड की विकासखण्‍डवार संख्‍या की जानकारी संलग्न परिशिष्ट  के प्रपत्र '' अनुसार है। बनाये गये जाबकार्डों पर केवल महात्मा गाँधी नरेगा योजना का लाभ दिए जाने का प्रावधान है। (ख) वित्तीय वर्ष 2016-17 में 48394 परिवारों द्वारा 27.48 लाख मानव दिवस का सृजन किया गया है, इसी प्रकार वित्तीय वर्ष 2017-18 में 66283 परिवारों द्वारा 34.83 लाख मानव दिवस का सृजन किया गया है, विकासखंडवार सूची संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ग) मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद की कार्यक्रम अधिकारी के रूप जॉबकार्ड जारी करने के संबंध में यह दायित्‍व है कि ग्राम पंचायत का कार्य का पर्यवेक्षण एवं निगरानी करें। कार्यक्रम अधिकारी यह सुनिश्चित करते है कि प्रत्‍येक आवेदक मजदूर को मनरेगा के प्रावधान के अनुरूप कार्य की मांग के 15 दिवस के अंदर कार्य आवंटन किया जाए। (घ) मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत द्वारा मनरेगा प्रावधानों के अनुसार कार्यों की निरंतर समीक्षा की जाती है।

परिशिष्ट - ''आठ''

नवीन शासकीय महाविद्यालयों में तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के पदों की पूर्ति

[उच्च शिक्षा]

5. ( क्र. 264 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या नवीन शासकीय महाविद्यालयों में तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के पद रिक्‍त हैं? (ख) क्‍या इन पदों को आउटसोर्स से भरे जाना प्रस्‍तावित है? (ग) क्‍या इनके लिये किसी एजेंसी का चयन हुआ है? (घ) यदि नहीं, तो क्‍या कारण हैं? यदि हाँ, तो कब तक भरे जायेंगे?

उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री जयभान सिंह पवैया ) : (क) जी हाँ। (ख) जी हाँ। सहायक वर्ग-3 एवं चतुर्थ श्रेणी के चिन्हित पदों को आउटसोर्स से भरा जाना प्रस्तावित है। (ग) जी नहीं। (घ) आउटसोर्स के स्वीकृत तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के पदों को भरने हेतु तीन बार निविदा विज्ञापन जारी किया गया, किन्तु निर्धारित मापदण्डों के अनुरूप निविदा प्राप्त न होने के कारण पद पूर्ति नहीं की जा सकी। आउटसोर्स की नीति में संशोधन की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। संशोधित नीति जारी होने के पश्चात निविदा विज्ञापन जारी कर पद पूर्ति की कार्यवाही की जा सकेगी। समय-सीमा बताई जाना संभव नहीं है।

मुख्‍यमंत्री कन्‍यादान योजना

[सामाजिक न्याय एवं निःशक्तजन कल्याण]

6. ( क्र. 273 ) श्री भारत सिंह कुशवाह : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2014 से 2017 तक मुख्‍यमंत्री कन्‍यादान योजना के तहत मुरार विकास खण्‍ड जिला ग्‍वालियर में कितने वर-वधु की शादी की गई तथा इस पर कितनी राशि व्‍यय हुई? डिपोजिट सहित बतायें। (ख) वर्ष 2010 में ग्‍वालियर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र में मुख्‍यमंत्री कन्‍यादान योजना के तहत कितने जोड़ों के आवेदन प्राप्‍त हुयें?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) ग्वालियर जिला अन्तर्गत मुरार विकास खण्ड की जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र  अनुसार(ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र  अनुसार।

परिशिष्ट - ''नौ''

राजघाट पेयजल परियोजना बांध के द्वितीय चरण के संबंध में

[नगरीय विकास एवं आवास]

7. ( क्र. 377 ) श्री शैलेन्द्र जैन : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) सागर विधान सभा क्षेत्र की राजघाट पेयजल योजना का निर्माण कब कराया गया था? क्‍या योजना के अनुरूप सभी चरणों का कार्य पूर्ण कर लिया गया है? यदि नहीं, तो कौन-कौन से कार्य कराये जाना शेष हैं एवं वह कार्य कब तक शुरू कराये जायेंगे? (ख) क्‍या राजघाट बांध का दोनों और तेजी से कटाव हो रहा है तथा बांध के धंसने से बांध में दरारें आ रही है, जिससे कभी भी दुर्घटना घटित हो सकती है एवं नगर की पेयजल व्‍यवस्‍था ठप हो सकती है? यदि हाँ, तो शासन द्वारा इस पर क्‍या कार्यवाही प्रचलन में है? (ग) क्‍या केन्‍द्रीय जल आयोग द्वारा निर्धारित समय-सीमा में बांध का निरीक्षण किया गया है? यदि हाँ, तो कब-कब? क्‍या निरीक्षण के दौरान दिये गये दिशा निर्देशों का पालन किया गया है? यदि नहीं, तो इसके लिए कौन दोषी है? क्‍या शासन केन्‍द्रीय जल आयोग द्वारा दिये गये निर्देशों का पालन करना सुनिश्चित करेगा और कब तक?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) सागर नगर की पेयजल योजना का निर्माण कार्य लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकी विभाग द्वारा वर्ष 1992 से 2002 के मध्‍य कराया गया था। जी हाँ। तत्‍समय प्रथम चरण की योजना पूर्ण कर वर्ष 2003 से नगर को जलप्रदाय किया जा रहा है। नगर की बढ़ती जनसंख्‍या हेतु पेयजल योजना का द्वितीय चरण एशियन विकास बैंक से वित्‍तीय सहयोग से मध्‍यप्रदेश अर्बन सर्विस इम्प्रूवमेंट प्रोग्राम के अन्‍तर्गत स्‍वीकृत किया गया है। योजना में सम्मिलित कार्य पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। मध्‍य प्रदेश अर्बन डेव्हल्पमेंट कंपनी लिमिटेड भोपाल द्वारा दिनांक 19.12.17 को निविदा (द्वितीय आमंत्रण) जारी की जा चुकी है। निविदा स्‍वीकृति उपरांत मध्‍यप्रदेश अर्बन डेव्हल्पमेंट कंपनी लिमिटेड द्वारा कार्य प्रारंभ कराया जा सकेगा। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ख) जी नहीं। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) जी हाँ। केन्‍द्रीय जल आयोग द्वारा अप्रैल 1993 से सितम्‍बर 1993, अक्‍टूबर 1994 से दिसम्‍बर 1994, जनवरी 1995 से मार्च 1995, अप्रैल 2000 से सितम्‍बर 2000, अक्‍टूबर 2000 से दिसम्‍बर 2000 तक निरीक्षण किया गया। जी हाँ। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

नगर पालिक निगम सागर में कार्यरत सफाई कर्मियों की जानकारी

[नगरीय विकास एवं आवास]

8. ( क्र. 378 ) श्री शैलेन्द्र जैन : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या भारत सरकार का स्‍वच्‍छता सर्वेक्षण सेट-अप वर्ष 2016 के अनुसार आबादी के मान से नगरीय निकायों में सफाई कर्मचारी कार्यरत होने का प्रावधान है? यदि हाँ, तो वह क्‍या हैं? (ख) नगर पालिक निगम सागर में प्रश्‍न दिनांक तक कितने दैनिक/नियमित सफाई कर्मचारी कार्यरत है? (ग) क्‍या सागर नगर की बढ़ती आबादी के मान से नगर पालिक निगम सागर में पर्याप्‍त सफाई कर्मचारी कार्यरत नहीं है? यदि हाँ, तो शासन आबादी के मान से सफाई कर्मचारियों की नियुक्‍त करेगा? यदि हाँ, तो कब तक? (घ) क्‍या नगर निगमों में सफाई कर्मचारी की भर्ती प्रक्रिया में रोस्‍टर लागू किया जाता है? यदि हाँ, तो क्‍या शासन नगर निगमों में कार्य की जटिलता को देखते हुए सफाई कर्मचारी भर्ती में रोस्‍टर प्रणाली समाप्‍त करने पर विचार करेगा?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) जी नहीं, भारत सरकार का स्‍वच्‍छ सर्वेक्षण सेट-अप वर्ष 2016 के अनुसार नहीं अपितु राज्‍य सरकार द्वारा जारी आदर्श कार्मिक सरंचना 2014 अनुसार निकाय की 2011 की जनसंख्‍या अनुसार प्रत्‍येक 500 व्‍यक्तियों पर 1 सफाई संरक्षक का प्रावधान है। (ख) नगर पालिक निगम में वर्तमान में स्‍थायी कर्मचारी-303 स्‍थायीकर्मी-177, अंशकालीन-46 दै.वे.भो.-36 कुल 562 सफाई कर्मचारी कार्यरत है। (ग) जी नहीं। जनसंख्‍या जनगणना-2011 अनुसार पर्याप्‍त सफाई कर्मचारी कार्यरत है। शेष प्रश्‍नांश उपस्थित नहीं होता। (घ) जी हाँ। मध्‍य प्रदेश लोक सेवा (अनुसूचित जातियों, जन जातियों और अन्‍य पिछड़ा वर्ग के लिये आरक्षण अधिनियम-1994 के विहीत प्रावधानों अनुसार कार्यवाही की जाती है। अत: प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

चूना पत्‍थर रॉयल्‍टी का भुगतान

[खनिज साधन]

9. ( क्र. 413 ) श्री लखन पटेल : क्या खनिज साधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दमोह में डायमण्‍ड सीमेंट/मायसेम सीमेंट द्वारा वर्ष 1981 से वर्ष 2016 तक दमोह जिले के बाहर से खरीदे गये चूना पत्‍थर की रॉयल्‍टी का कितना भुगतान किया गया एवं कितनी राशि बकाया है वर्षवार बतायें। क्‍या रॉयल्‍टी की बकाया राशि रू. 117 करोड है? य‍ह पुष्टि करें तथा कब से यह राशि बकाया है? (ख) उक्‍त के संबंध में म.प्र. खनिज विभाग के पत्र क्रमांक एफ-19/10/2016/12/1 भोपाल दिनांक 19.7.16 की प्रति उपलब्‍ध करायें। प्रश्‍नांश पत्र दिनांक 19.07.16 के बिन्‍दु क्र. 1.6 फार्मूले के आधार पर उक्‍त अवधि में कर निर्धारण करने पर उक्‍त संयंत्र के विरूद्ध कुल कितनी अतिरिक्‍त अंतर की देय रॉयल्‍टी राशि क्‍या आंकलित की गयी थी और उसमें से कितनी जमा की गई? (ग) पूर्व के निर्देशों की अपेक्षा दिनांक 19.7.16 निर्देशों के अनुक्रम में कर निर्धारण करने पर क्‍या अतिरिक्‍त देय रॉयल्‍टी राशि में कमी आई है? यदि हाँ, तो कितनी? (घ) दमोह जिले में वर्ष 1981 से 2016 के मध्‍य क्‍या उक्‍त सीमेंट संयंत्र अन्‍य लीजधारियों से चूना पत्‍थर क्रय कर सीमेंट निर्माण हेतु उपयोग में लाया गया? यदि हाँ, तो सीमेंट संयंत्र को चूना पत्‍थर का विक्रय करने वाली लीजधारी सप्‍लायर का नाम, सप्‍लाई की गई मात्रा आदि का भी पूर्ण विवरण दिया जाये? उक्‍त पूरे प्रकरण में किन अधिकारियों की त्रुटि है तो उनके खिलाफ क्‍या कार्यवाही की गई? यदि नहीं, की गई तो कब तक की जायेगी?

खनिज साधन मंत्री ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) प्रश्‍नाधीन कंपनी द्वारा प्रश्‍नाधीन अवधि में अन्‍य व्‍यक्तियों से क्रय किये गये चूना पत्‍थर पर देय रॉयल्‍टी परीक्षणाधीन है। अत: यह प्रश्‍नांश वर्तमान में उपस्थित नहीं होता। जी नहीं। अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) प्रश्‍नानुसार पत्र की प्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अ पर दर्शित है वर्तमान में प्रश्‍नाधीन कंपनी के ऊपर प्रश्‍नानुसार बकाया राशि रूपये 5,50,19,133/- है। जिसके लिये मांग पत्र जारी किया गया है। (ग) विभाग द्वारा जारी निर्देश दिनांक 19.07.2016 से पूर्व में जारी निर्देशों को अतिक्रमित किया गया है। अत: तुलनात्‍मक रूप से रॉयल्‍टी का आंकलन किये जाने का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) जी हाँ। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र- ब पर दर्शित है। प्रश्‍नांश (क) में दिये उत्‍तर अनुसार कार्यवाही परीक्षणाधीन है। अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

सूखा राहत कार्य योजना की स्‍वीकृति 

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

10. ( क्र. 453 ) श्री दुर्गालाल विजय : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सूखाग्रस्‍त घोषित श्‍योपुर जिले में वर्तमान में कितने पंजीकृत जॉब कार्डधारी मजदूर विभागीय अभिलेखों में दर्ज है इन्‍हें रोजगार उपलब्‍ध कराने हेतु वर्तमान में समस्‍त ग्राम पंचायतों में कितने-कितने राहत कार्य चल रहे हैं, में से कितने कार्य पूर्ण व कितने व क्‍यों अपूर्ण पड़े हैं? इनमें कितने मजदूरों को रोजगार उपलब्‍ध कराया जा रहा हैजनपदवार कार्यों व मजदूरों की संख्‍या बतावें? (ख) जिले की समस्‍त ग्राम पंचायतों में उक्‍त मजदूरों को पर्याप्‍त रोजगार उपलब्‍ध कराने हेतु कलेक्‍टर श्‍योपुर/विभाग द्वारा क्‍या कोई कार्य योजना शासन/राहत आयुक्‍त को स्‍वीकृति हेतु भेजी है व कब व कितनी राशि की भेजी? (ग) क्‍या उक्‍त कार्य योजना शासन द्वारा स्‍वीकृत कर वांछित राशि क्‍या जिले को उपलब्‍ध करा दी है यदि हाँ, तो कब, यदि नहीं, तो क्‍यों? (घ) क्‍या जिले की समस्‍त ग्राम पंचायतों में कार्य योजना की स्‍वीकृति के अभाव में पर्याप्‍त सूखा राहत कार्य वर्तमान तक प्रारंभ नहीं हो पाए हैं नतीजन जिले में रोजगार के अभाव में मजदूर पलायन करने को विवश हैं इसे नियंत्रित करने हेतु क्‍या शासन उक्‍त कार्य योजना को तत्‍काल स्‍वीकृत करेगा तद्नुसार राशि उपलब्‍ध कराकर पर्याप्‍त सूखा राहत कार्य प्रारंभ करवाएगा, यदि नहीं, तो क्‍यों?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जिले में मनरेगा अंतर्गत 74424 जॉबकार्डधारी मजदूर पंजीकृत है। जिन्हें रोजगार प्रदान करने हेतु 10534 कार्य वर्तमान में जिले की ग्राम पंचायतों में प्रचलित है वर्ष 2017-18 में 2628 कार्य पूर्ण एवं 10534 कार्य अपूर्ण है। क्‍योकि मनरेगा मांग आधारित है अत: रोजगार की मांग के आधार पर ही कार्य पूर्ण कराये जाते है। जनपदवार जानकारी परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) पर्याप्‍त रोजगार उपलब्‍ध कराने हेतु कोई कार्य योजना पृथक से शासन/राहत आयुक्‍त को कलेक्‍टर जिला श्‍योपुर द्वारा नहीं भेजी गई है। शासन द्वारा जिले के सूखाग्रस्‍त घोषित होने के कारण मनरेगा अंतर्गत वर्ष में प्रत्येक जॉबकार्डधारी परिवार को उनकी मांग के अनुसार 100 दिवस के स्‍थान पर 150 दिवस के रोजगार उपलब्‍ध कराये जाने का प्रावधान किया गया है वर्तमान तक 6507 परिवार द्वारा 100 दिवस का रोजगार प्राप्‍त कर लिया है। (ग) प्रश्‍नांश (ख) के उत्‍तर के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) जिले में मनरेगा अंतर्गत पर्याप्‍त कार्य ग्राम पंचायतों में प्रचलित है। रोजगार के अभाव में पलायन का कोई प्रकरण संज्ञान में नहीं है मजदूरों को उनकी मांग अनुसार सतत रोजगार दिया जा रहा है।

परिशिष्ट - ''दस''

एल.एल.बी. की कक्षाएं प्रारंभ कराना 

[उच्च शिक्षा]

11. ( क्र. 454 ) श्री दुर्गालाल विजय : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या मा. मुख्‍यमंत्री जी ने वर्ष 2008 में श्‍योपुर जिला मुख्‍यालय पर संचालित श्‍योपुर महाविद्यालय में विधि कक्षाएं प्रारंभ कराने की घोषणा की थी? उक्‍त घोषणा के क्रियान्‍वयन हेतु शासन/कॉलेज प्रबंधन श्‍योपुर द्वारा वर्तमान तक क्‍या कार्यवाही की गई, इसके क्‍या परिणाम सामने आये? (ख) शासन/कॉलेज प्रबंधन द्वारा उक्‍त कक्षाएं प्रारंभ कराने हेतु समस्‍त वैधानिक कार्यवाहियां तो पूर्ण कर ली गई हैं केवल बी.सी.आई. नई दिल्‍ली की अनुमति प्राप्‍त न होने के कारण उक्‍त कक्षाएं प्रारंभ नहीं हो पा रही हैं इस कारण वर्तमान तक विधि विषय की पढ़ाई हेतु जिले के विद्यार्थी अब भी विधि विषय की शिक्षा प्राप्‍त करने से वंचित हो रहे हैं वे अन्‍यत्र जिलों में एडमिशन लेने को विवश हैं इस कारण उन्‍हें कठिनाईयां भी आती है? (ग) यदि हाँ, तो उक्‍त घोषणा के अविलंब क्रियान्‍वयन हेतु क्‍या शासन अब नये सिरे से प्रभावी कार्यवाही हेतु किसी सक्षम अधिकारी को पूर्णकालिक रूप से बी.सी.आई. नई दिल्‍ली से अनुमति प्राप्‍त करने के लिए नियुक्‍त करेगा व इनके माध्‍यम से बी.सी.आई. नई दिल्‍ली से अनुमति प्राप्‍त करने उपरांत श्‍योपुर महाविद्यालय में उक्‍त कक्षाएं आगामी शिक्षा सत्र से निश्चित रूप से प्रारंभ करवाएगा, यदि नहीं, तो क्‍यों?

उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री जयभान सिंह पवैया ) : (क) जी हाँ। घोषणा क्रमांक बी. 4400 दिनांक 02.05.2008 के अनुसार शासकीय महाविद्यालय श्योपुर में नये सत्र से एल.एल.बी. की कक्षाएँ प्रारंभ किये जाने के निर्देश थे। स्ववित्तीय आधार पर विधि संकाय प्रारंभ करने की अनुमति विभाग द्वारा दिनांक 28.06.2008 को दी गयी। महाविद्यालय द्वारा बी.सी.आई. नई दिल्ली को विधि कक्षाएँ प्रारंभ करने की अनुमति देने हेतु सशुल्क आवेदन पत्र प्रेषित किया गया है। बी.सी.आई. द्वारा निरीक्षण किया जाना शेष है। (ख) जी हाँ, बी.सी.आई. नई दिल्ली की अनुमति प्राप्त नहीं होने से कक्षाएँ प्रारंभ नहीं हो पा रही है। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता है। (ग) बी.सी.आई. एक स्वतंत्र केन्द्रीय संस्था है। अतः शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता है।

छतरपुर जिले में संचालित स्‍टोन्‍स लिमिटेड

[खनिज साधन]

12. ( क्र. 518 ) श्री आर.डी. प्रजापति : क्या खनिज साधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्र.क्र. 3236 दिनांक 26.7.2017 के तारतम्‍य में क्‍या शासन द्वारा शर्त क्रमांक 8 के अनुसार स्‍टेट माईनिंग कार्पोरेशन को लोकल एरिया डेवलपमेंट फंड के रूप में दिनांक 01.4.2016 से प्रश्‍न दिनांक तक राशि दी जावेगी? यदि हाँ, तो समय-सीमा बतावें यदि नहीं, तो क्‍यों? कारण बतावें? (ख) क्‍या लोकल एरिया डेवलपमेंट फंड की राशि न मिलने से जनकल्‍याणकारी कार्यों के विकास पर रोक लग गयी है, यदि हाँ, तो दोषी अधिकारी, कर्मचारियों के विरूद्ध कार्यवाही की जावेगी? यदि हाँ, तो कब तक समय-सीमा बतावें?

खनिज साधन मंत्री ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) प्रश्‍न क्रमांक 3236 दिनांक 26.07.2017 विभाग में प्राप्‍त नहीं हुआ है। अत: प्रश्‍नांश उपस्थित नहीं होता। (ख) प्रश्‍नांश (क) में दिये उत्‍तर के प्रकाश में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

सिंगारपुर रेत खदान के संबंध में जांच

[खनिज साधन]

13. ( क्र. 519 ) श्री आर.डी. प्रजापति : क्या खनिज साधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या छतरपुर जिले की चंदला विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत सिंगारपुर रेत/बालू खदान में अवैध उत्‍खनन के संबंध में दिनांक 24/11/2016 को नायब तहसीलदार सरबई, राजस्‍व निरीक्षक सरबई, उपस्थिति जनप्रतिनिधियों व ग्रामवसियों द्वारा मौके पर पंचनामा तैयार किया गया था? (ख) यदि हाँ, तो पंचनामा में उल्‍लेखित सभी बिन्‍दुओं की जानकारी खनिज नीति के विरूद्ध थी, यदि हाँ, तो संबंधित अवैध उत्‍खनन करने वालों के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की गयी? यदि नहीं, तो कब तक कार्यवाही की जावेगी? (ग) क्‍या मौके पर रेत खनन कार्य में 8 एल.एन.टी. मशीने, 110 ट्रक उत्‍खनन स्‍थल में 40 से 50 फीट खेत की गहराई से रेत निकालने का उल्‍लेख है जो गौण खनिज नियम 1996 के नियम 68 (5) का उल्‍लंघन है, यदि हाँ, तो दोषियों के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की गयी? यदि नहीं, तो कब तक की जावेगी? (घ) क्‍या रेत को निकालने हेतु रास्‍ते में हरे पेड़ पौधे जैसे बबूल, चिल्‍ला की हरीभरी डालियों को काटकर रास्‍ता बनाया गया था यह भी सही है कि पंचनामा में स्‍वीकृत खदान को तत्‍काल निरस्‍त करने का उल्‍लेख किया गया है, यदि हाँ, तो बालूमाफियाओं के विरूद्ध कब तक कार्यवाही की जावेगी? पंचनामा की सत्‍यप्रतिलिपि उपलब्‍ध करावें?

खनिज साधन मंत्री ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जी हाँ। (ख) प्रश्‍नांश में उल्‍लेखित बिन्‍दु खनिज नीति के विरूद्ध होने जैसी स्थिति नहीं है। जांच उपरांत अवैध उत्‍खनन का प्रकरण तैयार किया गया है। अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी हाँ। प्रश्‍नांश में उल्‍लेखित नियम मध्‍यप्रदेश गौण खनिज नियम, 1996 से विलोपित किया जा चुका है। अत: शेष प्रश्‍न उ‍पस्थित नहीं होता। (घ) प्रश्‍नानुसार रास्‍ता निर्माण हेतु वृक्षों की डालियों को काटने का उल्‍लेख पंचनामा में है। पंचनामा में स्‍वीकृत खदान को निरस्‍त करने का लेख नहीं है। प्रश्‍नाधीन जिले में वर्ष 2017-18 में रेत खनिज के अवैध परिवहन के 1198 प्रकरण तथा अवैध खनन के 74 प्रकरण दर्ज कर क्रमश: राशि रूपये 3,85,37,500/- तथा रूपये 17,10,000/- अर्थदण्‍ड के रूप में जमा कराये गये हैं। अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। पंचनामा की प्रति संलग्‍न परिशिष्‍ट में दर्शित है।

परिशिष्ट - ''ग्यारह''

प्रदेश में स्मार्ट सिटी के क्रियान्‍वयन एवं प्रगति

[नगरीय विकास एवं आवास]

14. ( क्र. 767 ) श्री अजय सिंह : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) दिनांक 01.04.2014 से प्रश्‍नतिथि तक म.प्र. के कौन कौन से स्‍थान स्‍मार्ट सिटी के रूप में किन-किन दिनांकों एवं वर्ष में चयनित किये गये हैं? इन चयनित स्‍थानों पर स्‍मार्ट प्रोजेक्‍ट क तहत क्‍या क्‍या कार्य, कब तक, कितनी राशि व्‍यय कर कराये जाने हैं? स्‍थानवार/योजना की पूर्ण जानकारी दें? (ख) प्रश्‍नांश (क) में उल्‍लेखित समयानुसार स्‍मार्ट सिटी के लिये चयनित स्‍थानों के लिये कितने प्रतिशत राशि केन्‍द्र और कितने प्रतिशत राशि राज्‍य सरकार को देनी है? प्रश्‍ना तिथि तक स्‍मार्ट सिटी के लिये चयनित किन-किन स्‍थानों के लिये कितनी-कितनी राशि, किस किस मद में व्‍यय करने हेतु केन्‍द्र एवं राज्‍य शासन ने किस किस दिनांकों को दी वर्षवार/स्‍थानवार/कार्यवार/ माहवार/राशिवार/मदवार जानकारी दें? (ग) स्‍मार्ट सिटी के लिये चिन्हित स्‍थानों (जिलों) में स्मार्ट सिटी का कार्य कुल कितनी लागत मूल्‍य का, क्‍या-क्‍या कार्य, कब तक पूर्ण होना सुनिश्चित हुआ है वर्तमान में चयनित स्‍थानों में कार्य कितने प्रतिशत पूर्ण हुआ है? स्‍थानवार/प्रतिशतवार जानकारी दें? (घ) म.प्र. के मुख्‍यमंत्री महोदय के द्वारा प्रदेश में दिनांक 01.06.2014 से प्रश्‍नतिथि तक किन- किन जिलों में कब-कब, किस-किस स्‍थान पर मिनी स्मार्ट सिटी/सुपर स्‍मार्ट सिटी/या अन्‍य प्रकार की स्‍मार्ट सिटी बनाने की घोषणा की? उक्‍त घोषणाओं पर राज्‍य शासन ने क्‍या योजना तैयार कर प्रश्‍नतिथि तक कितनी राशि घोषणावार जिलों एवं स्‍थानों को दे दी है? उक्‍त घोषणायें कब तक पूर्ण की जायेंगी? कार्य कब तक पूरे होंगे? समय-सीमा बताएं?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) म.प्र. के कौन-कौन से स्थान स्मार्ट सिटी के रूप में किन-किन दिनांकों एवं वर्ष में चयनित किये गये की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे  परिशिष्ट के प्रपत्र-'1' पर है। चयनित स्थानों भोपाल, इन्दौर, जबलपुर, ग्वालियर एवं उज्जैन पर स्मार्ट प्रोजेक्ट के तहत क्या-क्या कार्य, कब तक, कितनी राशि व्यय कर कराये जाने की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'2' (,,,,इ) पर है। सागर एवं सतना शहरों का चयन माह जून 2017 स्मार्ट सिटी योजना के तृतीय चरण में किया गया। दोनों शहरों में स्मार्ट सिटी एस.पी.वी.के गठन किया जाकर गाइड लाइन अनुसार सागर स्मार्ट सिटी में योजना क्रियान्वयन हेतु प्रोजेक्ट मेनेजमेंट कंसलटिंग के चयन की प्रक्रिया प्रचलन में है तथा सतना स्मार्ट सिटी के क्षेत्र आधारित विकास हेतु प्रोजेक्ट मेनेजमेंट कंसलटिंग का चयन किया जा चुका है। सागर एवं सतना में इसके अतिरिक्त कोई कार्य प्रारंभ नहीं हुआ है। (ख) स्मार्ट सिटी के लिये चयनित स्थानों के लिये कितने 50 प्रतिशत राशि राज्य सरकार और 50 प्रतिशत राशि केन्‍द्र सरकार को प्रशासकीय एवं परियोजना निधी मद में देनी है। केन्द्र और राज्य सरकार द्वारा जारी राशि की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र- '3' पर है। (ग) स्मार्ट सिटी का कार्य कुल लागत, क्या-क्या कार्य कब तक पूर्ण एवं वर्तमान में कार्य कितने प्रतिशत पूर्ण हुआ है की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'4' (,,,,इ) पर है। (घ) मान. मुख्यमंत्री द्वारा दिनांक 26.09.2015 को सतना जिले के मैहर, दिनांक 11.12.2016 को अनूपपुर जिले के अमरकंटक, दिनांक 31.07.2017 को सतना जिले के चित्रकूट एवं दिनांक 15.12.2017 को अशोकनगर जिले के मुगांवली में क्रमंशः नगरीय निकाय मैहर, अमरकंटक, चित्रकूट एवं मुगांवली को मिनी स्मार्ट सिटी बनाने की घोषणा की गई है। उक्त घोषणाओं पर संबंधित नगरीय निकायों से योजना का कॉन्सेप्ट प्लान प्रस्तुत हुआ है। मिनी स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित किये जाने के लिए प्रत्येक निकाय को राशि रू. 25.00 करोड़ की स्वीकृति मुख्यमंत्री शहरी अधोसंरचना विकास योजना द्वितीय चरण के अन्तर्गत जारी की गई है। साथ ही प्रत्येक नगरीय निकाय को अनुदान राशि रू. 5.00 करोड़ आवंटित किया गया है। एम.पी.यू.डी.सी. द्वारा उक्त नगरीय निकायों में मिनी स्मार्ट सिटी के अन्तर्गत कराये जाने वाले निर्माण कार्यों को कराने की कार्यवाही की जा रही है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

तालाबों की मरम्‍मत एवं जीर्णोद्धार

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

15. ( क्र. 856 ) श्री भारत सिंह कुशवाह : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या ग्‍वालियर जिले की विधान सभा क्षेत्र ग्‍वालियर ग्रामीण के अंतर्गत मार्च 2016 में हुई अति ओला वृष्टि के समय ग्‍वालियर प्रवास के दौरान जरूरतमंदों को रोजगार उपलब्‍ध कराये जाने हेतु पारसेन जरवारा एवं महेश्‍वरा तालाब की मरम्‍मत/जीर्णोद्धार कराये जाने की घोषणा की गई थी? (ख) क्‍या मान. मुख्‍यमंत्री जी की घोषणा क्र.बी.-1796 का क्रियान्‍वयन कराये जाने हेतु अपर मुख्‍य सचिव म.प्र. शासन, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को निर्देशित किया गया था? (ग) यदि हाँ, तो क्‍या कलेक्‍टर जिला ग्‍वालियर पत्र क्र.बी.-2666 दि. 26.10.17 के द्वारा मनरेगा योजनांतर्गत उक्‍त तालाबों का कार्य कराये जाने की असमर्थता व्‍यक्‍त की गई है? (घ) यदि हाँ, तो उक्‍त तालाबों की मरम्‍मत/जीर्णोद्धार का कार्य जरूरत मंदों को रोजगार उपलब्‍ध कराये जाने हेतु एवं मा. की घोषणा के क्रियान्‍वयन हेतु विशेष राशि या फंड द्वारा कब तक स्‍वीकृति जारी की जाकर उक्‍त तालाबों का कार्य प्रारंभ कराया जावेगा?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ। (ख) जी हाँ। (ग) जी हाँ। मनरेगा के अंतर्गत भू-अर्जन का प्रावधान नहीं होने एवं ग्रामवासी शासन के पक्ष में निजी भूमि रजिस्टर्ड दान देने को तैयार नहीं, ऐसी स्थिति में उक्त तालाबों का जीर्णोद्धार कार्य में कठिनाई हुई है। (घ) पारसेन ग्राम पंचायत 83, ग्राम पंचायत जरवारा में 19 तथा ग्राम पंचायत महेश्वरा में 4 प्रगतिरत कार्यों में काम की मांग करने वाले जॉबकार्डधारी परिवारों को रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है। माननीय मुख्यमंत्री जी की घोषणा के क्रियान्वयन हेतु कार्यवाही प्रचलन में है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

प्रधानमंत्री आवास योजना की जानकारी

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

16. ( क्र. 1056 ) श्री हितेन्द्र सिंह ध्‍यान सिंह सोलंकी : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विकासखंड बरवाहा जिला खरगोन में प्रधान मंत्री आवास योजना के अंतर्गत ग्राम पंचायतवार ग्रामवार किए गए सर्वे की सूची उपलब्ध करावें। (ख) प्रश्नांश (क) के अनुसार आवास योजना में योजना की प्राथमिकी कैसे निर्धारित की गई है, उसके नियम की प्रति देवें। (ग) विकास खंड बरवाहा में प्रधान मंत्री आवास योजना के प्रारम्भ होने के दिनांक से प्रश्न दिनांक तक पंचायतवार ग्रामवार प्राथमिकी अनुसार स्वीकृत आवास की जानकारी हितग्राही संख्‍या अनुसार सूची देवें। (घ) प्रश्नांश (ग) के अनुसार स्वीकृत आवास में कितने आवासो के लिए प्रथम एवं कितने आवासो में द्वितीय किश्त का भुगतान ( जो नियम हो ) किया गया है एवं कितने आवासों का भुगतान कब से शेष है, कारण सहित जानकारी देवें।

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अन्तर्गत ग्रामवार तथा पंचायतवार सर्वे नहीं किया गया है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ख) प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। (घ) जनपद पंचायत बडवाह में प्रथम किश्‍त 3771 तथा द्वितीय किश्‍त 3681 का भुगतान किया गया। 2507 हितग्राहियों द्वारा आवास निर्माण निर्धारित स्तर तक न किये जाने के कारण आगामी किश्‍त का भुगतान लंबित है।

प्रदेश में सोन चिरैया अभयारण्य में सोन चिरैया पक्षी के नहीं पाये जाने से उत्‍पन्‍न स्थिति

[वन]

17. ( क्र. 1093 ) श्री रामनिवास रावत : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में सोन चिरैया अभयारण्य किस-किस जिले में कहाँ-कहाँ पर है? अभयारण्य के लिए कितनी-कितनी वन/राजस्‍व भूमि अधिसूचित कब-कब से किया गया है? इन किन-किन अभयारण्य में वर्तमान में कितनी-कितनी सोन चिरैया है? अभयारण्य वार बतायें? (ख) क्‍या उक्‍त अभयारण्य में सोन चिरैया पक्षी विगत कई वर्षों से देखा नहीं गया/पाये नहीं गये है? इसके क्‍या कारण हैं, स्‍पष्‍ट करें? (ग) क्‍या उक्‍त सोन चिरैया नामक पक्षी के संरक्षण के लिए अधिसूचित अभयारण्य में सोन चिरैया नामक पक्षी नहीं पाये जाने पर अभयारण्य का दायरा/सीमा कम करने पर शासन विचार कर रही है? यदि हाँ, तो किन-‍किन अभयारण्य में कितनी-कितनी सीमा कम किया जाना है? (घ) उपरोक्‍त प्रश्‍नांश के परिप्रेक्ष्‍य में क्‍या सोन चिरैया के संरक्षण के नाम पर करोड़ों रूपये व्‍यय किये जाने के बावजूद सोन चिरैया का संरक्षण नहीं किया जा सका है, बल्कि इस नाम की राशि का दुरूपयोग किया जाकर आर्थिक भ्रष्‍टाचार किया गया है? यदि हाँ, तो इसकी जांच करायी जायेगी? यदि नहीं, तो क्‍यों?

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) मध्यप्रदेश शासन वन विभाग की अधिसूचना क्रमांक 15-16-75-दस-2 दिनांक 21 मई 1981 से ग्वालियर जिले के अंतर्गत सोन चिरैया हुकना (ग्रेट इंडियन बस्टर्ड) तथा अन्य पशु पक्षियों के लिए 512 वर्ग कि.मी. क्षेत्र को घाटीगांव हुकना पक्षी अभयारण्य अधिसूचित किया गया है। इसमें आरक्षित वन 307.49 वर्ग कि.मी., संरक्षित वन 19.84 वर्ग कि.मी. एवं राजस्व क्षेत्र 184.67 वर्ग कि.मी. सम्मिलित है। इस अभयारण्य के अंतर्गत पायी गई सोन चिरैया की जानकारी संलग्न परिशिष्ट  अनुसार है। शिवपुरी जिले में स्थित करैरा अभयारण्य मध्यप्रदेश शासन वन विभाग की अधिसूचना क्रमांक 15-16-75-दस-2 दिनांक 21 मई 1981 द्वारा 202.21 वर्ग कि.मी. क्षेत्र को सोन चिरैया अभयारण्य करैरा के रूप में अधिसूचित किया गया था, इसमें राजस्व भूमि 55.55 वर्ग कि.मी. एवं 146.66 वर्ग कि.मी. कृषकों की निजी भूमि सम्मिलित है। उक्त अभयारण्य में वर्ष 1994 से अब तक सोन चिरैया नहीं देखी गई है, जिसके कारण मध्यप्रदेश शासन वन विभाग द्वारा अधिसूचना क्रमांक 15/22/99/10-2 दिनांक 09.04.1999 द्वारा सोन चिरैया अभयारण्य करैरा का नाम बदलकर करैरा अभयारण्य करैरा कर दिया गया है वर्तमान में करैरा अभयारण्य में सोन चिरैया नहीं है। (ख) घाटीगांव हुकना पक्षी अभयारण्य ग्वालियर के अंतर्गत 55 राजस्व ग्राम/मजरे तथा करैरा अभयारण्य के अंतर्गत 33 राजस्व ग्राम स्थित होने से अत्याधिक जैविक दबाव के फलस्वरूप सोन चिरैया का रहवास प्रभावित होने के कारण अन्यत्र पलायन से सोन चिरैया का नहीं देखा जाना प्रमुख कारण है। (ग) घाटीगांव हुकना पक्षी अभयारण्य ग्वालियर में अधिकारों के विनिश्चयन की प्रक्रिया के अंतर्गत कलेक्टर जिला ग्वालियर द्वारा 86.074 वर्ग कि.मी. सीमावर्ती राजस्व क्षेत्र को डिनोटिफाई किये जाने का प्रस्ताव दिया गया है। करैरा अभयारण्य, जिला शिवपुरी में सोन चिरैया नहीं पायी जाने के कारण एवं सम्पूर्ण अभयारण्य क्षेत्र गैर वन क्षेत्र होने के कारण करैरा के सम्पूर्ण 202.21 वर्ग कि.मी. क्षेत्र को डिनोटिफाई किये जाने की कार्यवाही शासन स्तर पर प्रचलित है। (घ) घाटीगांव हुकना पक्षी अभयारण्य के अंतर्गत वनक्षेत्र में अनेक प्रकार के वन्यप्राणी पाये जाते हैं। अन्य वन्यप्राणियों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए चारागाह विकास, जल संरक्षण हेतु ताल-तलैया, पुराने तालाबों का जीर्णोद्धार एवं सॉसर आदि जल स्त्रोत विकास के कार्य किये जा रहे हैं। सोन चिरैया भी प्रवासी पक्षी है। रहवास सुधार कार्य के उपरांत इसके वहां आने की संभावना है। कुछ नजदीकी ग्रामों में इसके प्रवास की अपुष्ट सूचनाएं भी प्राप्त होती रहती है। करैरा अभयारण्य के अंतर्गत भी अन्य वन्यप्राणियों की सुरक्षा एवं संवर्धन हेतु कार्य किये जा रहे हैं। अतः यह सत्य नहीं है कि सोन चिरैया संरक्षण के नाम की राशि का दुरूपयोग किया जाकर आर्थिक भ्रष्टाचार किया गया है। अतः शेष प्रश्नांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - ''बारह''

सहकारिता एवं उद्योग समिति के अधिकार

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

18. ( क्र. 1167 ) श्री कालुसिंह ठाकुर : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) पंचायत राज अधिनियम अंतर्गत जिला एवं जनपद स्तर पर गठित सहकारिता एवं उद्योग समिति के अंतर्गत आने वाले विभागों द्वारा क्या-क्या अधिकार पंचायतों को दिये गये हैं? यदि हाँ, तो कौन-कौन से यदि नहीं, तो क्यों? (ख) क्या धार जिले की माननीय अध्यक्ष जिला पंचायत द्वारा वर्ष 2015 से 2017 में माननीय मंत्री महोदय उद्योग तथा सहकारिता विभाग को पंचायतों के अधिकार प्रत्यायोजित करने के संबंध में प्रस्ताव प्रेषित किये गये थे? यदि हाँ, तो उन पर क्या कार्यवाही की गई? यदि नहीं, तो क्यों?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जानकारी  पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट  अनुसार है। (ख) जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

भूमि का सीमांकन एवं अतिक्रमण से मुक्‍त नहीं कराया जाना

[धार्मिक न्यास और धर्मस्व]

19. ( क्र. 1249 ) डॉ. गोविन्द सिंह : क्या खेल और युवा कल्याण मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) नारददेव शिव मंदिर ग्राम मडोरी तहसील लहार जिला भिण्‍ड की तहसील लहार के ग्राम मडोरी एवं केशवगढ़ तथा तहसील गोहद में ग्राम इटायदा स्थित भूमि का सीमांकन एवं दतिया जिले की तहसील सेवढ़ा के ग्राम कुंअरपुरा, गुमानपुरा तथा ग्राम बिजौरा की भूमि को अतिक्रमण से मुक्‍त कराकर सीमांकन करने के निर्देश शासन द्वारा कब-कब कलेक्‍टर भिण्‍ड एवं दतिया को दिए गए? (ख) उक्‍त प्रश्‍नांश के परिप्रेक्ष्‍य में क्‍या प्रश्‍न दिनांक तक दतिया जिले के ग्राम बिजौरा एवं गुमानपुरा की जमीन का अतिक्रमण नहीं हटाने तथा दोनों जिलों के ग्रामों में भूमि का सीमांकन न कराने के दोषी अधिकारियों के विरूद्ध कार्यवाही की जावेगी? यदि नहीं, तो क्‍यों तथा मंदिर की भूमि का कब तक सीमांकन कराकर अतिक्रमण से मुक्‍त कराया जाएगा?

खेल और युवा कल्याण मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) जिला भिण्‍ड की तहसील लहार के नारददेव मंदिर से लगी ग्राम मडोरी की भूमि का सीमांकन अधीक्षक भू-अभिलेख द्वारा गठित दल ने दिनांक 16/7/2017 को सीमांकन कर मंदिर कमेटी को कब्‍जा दिया जा चुका है तथा तहसील गोहद अंतर्गत ग्राम केशवगढ़ इटायदा की मंदिर से लगी भूमि का सीमांकन दिनांक 14/9/2017 को नायब तहसीलदार राजस्‍व निरीक्षक एवं हल्‍का पटवारी गोहद द्वारा सीमांकन कर मंदिर कमेटी को कब्‍जा दिया गया। जिला दतिया की तहसील सेवढ़ा जिला दतिया के ग्राम कुवरपुरागुमानपुरा तथा विजौरा की भूमि को अतिक्रमण मुक्‍त कराकर सीमांकन कराने के निर्देश शासन द्वारा कलेक्‍टर दतिया को कार्यालय आयुक्‍त ग्‍वालियर संभाग ग्‍वालियर के पत्र क्रमांक क्‍यू/शिका/माफी/21/2014/361 ग्‍वालियर दिनांक 7/10/2014 को दिये गये। (ख) जिला दतिया तहसील सेवढ़ा के नारददेव मंदिर की ग्राम गुमानपुरा की भूमि कुल किता 15 कुल रकबा 5.18 है. एवं ग्राम विजौरा की भूमि कुल किता 5 कुल रकबा 1.79 है. का सीमांकन दिनांक 19/3/2017 को किया गया। उसी दिनांक को मौके पर अतिक्रमण हटाकर पुजारी श्री अखलेश पुरी महंत चेला हीरापुरी निवासी ग्राम मडौरी को कब्‍जा दिया गया। इसी प्रकार मौजा कुवरपुरा की भूमि कुल किता 7 कुल रकबा 6.52 है. का सीमांकन दिनांक 20/3/2017 को किया जाकर अतिक्रमण हटाकर नारददेव मंदिर के पुजारी श्री अखलेश पुरी चेला हीरापुरी निवासी मडौरी तहसील लहार जिला भिण्‍ड को नारददेव मंदिर की भूमि का कब्‍जा सौंपा गया।

महाविद्यालय की मान्‍यता रद्द करना

[उच्च शिक्षा]

20. ( क्र. 1378 ) श्री यादवेन्‍द्र सिंह : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सतना जिले के अन्‍तर्गत जानकी प्रसाद महाविद्यालय शहपुर नागौद जिला सतना की मान्‍यता किस-किस विश्‍वविद्यालय द्वारा दी गई है? मान्‍यता दिये जाने संबंधी आदेश की प्रति उपलब्‍ध करावें तथा किन-किन विषयों की कक्षायें संचालित करने की मान्‍यता हैं। संकायवार विवरण दें? (ख) प्रश्‍नांश (क) के महाविद्यालय द्वारा बी.एड. में वर्ष 2014-15 में प्रथम वर्ष कुमारी सरिता सिंह पिता अरूण प्रताप सिंह निवासी मेहती, कुमारी सैलजा त्रिपाठी पिता भीषण प्रसाद त्रिपाठी निवासी मेहती एवं प्रतिमा गौतम पिता रामनरेश गौतम सभापुर जिला सतना द्वारा प्रवेश लिया था, जिसकी परीक्षा उपरांत अंकसूची कर्नाटक स्‍टेट ओपन विश्‍वविद्यालय को दी गई थी? (ग) प्रश्‍नांश (ख) यदि हाँ, तो उक्‍त छात्राओं को जारी अंकसूची मान्‍यता प्राप्‍त विश्‍वविद्यालय की न होने के कारण छात्राओं को उसका लाभ प्राप्‍त नहीं होगा जो उनके भविष्‍य के साथ धोखा-धड़ी की श्रेणी में आता है? (घ) क्‍या बी.एड. छात्राओं-छात्रों से शासन द्वारा निर्धारित शुल्‍क से अधिक फीस बिना मान्‍यता प्राप्‍त होने के बाद भी मनमानी तरीके से ली ला रही है? (ड.) प्रश्‍नांश (क), (ख), (ग) एवं (घ) के परिप्रेक्ष्‍य में शासन जांच कराकर फर्जी कालेज की मान्‍यता को निरस्‍त करते हुये धोखाधड़ी का प्रकरण पुलिस थाने में दर्ज करायी जायेगी। यदि हाँ, तो कब तक, यदि नहीं, तो क्‍यों? कारण बतायें?

उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री जयभान सिंह पवैया ) : (क) उच्च शिक्षा विभाग द्वारा सत्र 2014-15 से नवीन अशासकीय महाविद्यालय जानकी प्रसाद शिक्षा महाविद्यालय, शहपुर, नागोद (सतना) प्रारंभ करने हेतु अनापत्ति प्रमाण-पत्र प्रदान किया गया है। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र "अ" अनुसार है। सामान्य पाठ्यक्रमों हेतु अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय, रीवा द्वारा प्रावधिक/अस्थायी सम्बद्धता प्रदान की गई है। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र "ब" अनुसार है। जानकी प्रसाद शिक्षा महाविद्यालय, शहपुर, नागोद (सतना) में बी.बी.ए., बी.ए. कम्प्यूटर, बी.कॉम, पी.जी.डी.सी.ए. तथा एम.एस.डब्ल्यू पाठ्यक्रम संचालित हैं। (ख) जी नहीं। शेष प्रश्‍नांश उपस्थित नहीं होता है। (ग) जी नहीं, शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता है। (घ) प्रश्नांश '' के उत्तर के प्रकाश में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ड.) जी नहीं, प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।

कामदगिरि परिक्रमा मार्ग को सुव्‍यवस्थित करना

[धार्मिक न्यास और धर्मस्व]

21. ( क्र. 1466 ) श्री नीलांशु चतुर्वेदी : क्या खेल और युवा कल्याण मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) सतना जिले के चित्रकूट में कामदगिरि प्रदक्षिणा मार्ग में बुजुर्गों, दिव्‍यांगों को परिक्रमा मार्ग बाधा रहित सुविधायुक्‍त किए जाने हेतु प्रश्‍न दिनांक तक क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई है? (ख) क्‍या प्रत्‍येक माह की पूर्णिमा, अमावस्‍या एवं अन्‍य धार्मिक त्‍यौहारों में परिक्रमा पथ पर परिक्रमार्थियों, तीर्थ यात्रियों की भारी भीड़ का दवाब होने के कारण दुर्घटनाओं की पूर्ण संभावनाएं बनी रहती है एवं दुर्घनाएं भी होती हैं? (ग) प्रश्‍नांश (क) और (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में परिक्रमा पथ को व्‍यवस्थित एवं सुविधायुक्‍त कब तक किया जाएगा? (घ) मा. मुख्‍यमंत्री द्वारा वर्ष 2017 में चित्रकूट में पर्यटन के विकास को दृष्टिगत रखते हुए कौन-कौन सी घोषणाएं की गई थी तथा उनके क्रियान्‍वयन हेतु क्‍या-क्‍या कार्यवाही हुई?

खेल और युवा कल्याण मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) चित्रकूट में कामदगिरि प्रदक्षिणा मार्ग में बुजुर्गों, दिव्‍यांगों परिक्रमा मार्ग बाधा रहित सुविधायुक्‍त किये जाने हेतु मध्‍यप्रदेशीय परिक्रमा मार्ग में जहां-जहां पर सीढ़ि‍यां है उन स्‍थलों में स्‍लोपदार रैंप बनवाये गये हैं तथा परिक्रमा मार्ग के समतलीकरण हेतु पूर्व में ही समतल पत्‍थर लगवाये जा चुके हैं। इसके अतिरिक्‍त एल.ई.डी.लाइटें लगवायी जाकर विद्युत प्रकाश की व्‍यवस्‍था करायी गयी है तथा विद्युत प्रवाह की आकस्मिक अनुपलब्‍धता रहने की स्थिति में अस्‍थायी प्रकार की व्‍यवस्‍था हेतु 15 के.वी.ए. का एक जनरेटर पूर्वी द्वार के समीप एवं 5 के.वी.ए. का एक जनरेटर प्रमुख द्वार के पास लगवाया गया है। जिनसे पृथक विद्युत डलवायी जाकर सी.एफ.एल. लगवाये गये है जिनसे अस्‍थायी प्रकाश की व्‍यवस्‍था करायी जा रही है। समूचे परिक्रमा मार्ग में 4 टंकियां 10000 लीटर पानी क्षमता की एवं 13 टंकियां 5000 लीटर पानी क्षमता की तीर्थ यात्रियों को स्‍वच्‍छ पेयजल उपलब्‍ध कराये जाने हेतु निर्मित है तथा दो स्‍थानों क्रमश: साक्षी गोपाल के पहले चिकनी मंदिर के समीप एवं सरयू धारा के समीप स्‍वच्‍छ एवं शीतल पेयजल उपलब्‍ध कराने के लिये वॉटर कूलर लगवाये गये हैं। परिक्रमा मार्ग में छाया की व्‍यवस्‍था हेतु कुछ-कुछ दूरी के अंतराल में शेड बने हुये है इनमें वाहनों का प्रवेश रोकने हेतु लोहे पाइप के गेट कई स्‍थानों पर बने हुये हैं जिनसे पैदल यात्री/बुजुर्गों/दिव्‍यांगों को ही निकलने की सुविधा है। परिक्रमा मार्ग में साफ-सफाई एवं स्‍वच्‍छता की समुचित व्‍यवस्‍था कायम रखने हेतु आवश्‍यक सफाई कामगार लगाये गये हैं जो प्रात:काल एवं सायं कालीन झाडू लगाये जाने एवं साफ सफाई करने का कार्य अनवरत कर रहे हैं। कूडा कचरा कलेक्‍शन हेतु परिक्रमा मार्ग के किनारे की बस्तियों में डोर-टू-डोर कचरा वाहन चलाये जाकर कचरा एकत्रीकरण कराये जाने का कार्य कराया जा रहा है। ताकि कचरे का फैलाव एवं गंदगी परिक्रमा मार्ग में न हो सके तथा परिक्रमा मार्ग की धुलाई कराये जाने हेतु पृथक से एक पाइप लाइन कामदगिरि पर्वत दिशा की तरफ से डलवायी गयी है जिससे समय-समय परिक्रमा मार्ग की धुलाई भी करायी जाती है। इच्‍छुक व दिव्‍यांगों व बुजुर्गों के लिये निकाय द्वारा व्‍हील चेयर परिक्रमा मार्ग में बेरोजगार युवकों को उपलब्‍ध करायी गयी है जो निश्चित किराया रूपये 100/- प्रति यात्री की दर से लेकर उन्‍हें व्‍हील चेयर में बैढाकर सुविधा पूर्वक परिक्रमा करा देते हैं। परिक्रमा मार्ग के किनारे दो सुलभ शौचालय 10-10 शीटर एवं दो सामु‍दायिक शौचालय यात्रियों की सुविधा हेतु निर्मित हैं, परिक्रमा मार्ग को बाधा रहित एवं अतिक्रमण रखने के लिये किनारे-2 सफेद पेंट की पट्टी डलवायी गयी है ताकि दुकानदार या अन्‍य लोग उस सीमा के अन्‍दर न ला सके और परिक्रमा मार्ग खुला रहे साथ ही एल.ई.डी. डिस्‍प्‍ले बोर्ड लगवाये जाकर उनके माध्‍यम से आवश्‍यक सूचनाओं का प्रचार प्रसार करने की व्‍यवस्‍था की गयी है। परिक्रमा मार्ग में दण्‍डवती परिक्रमा करने वाले यात्रियों की सुविधा हेतु तीन फुट चौड़े मार्ग को लोहे के पाइप एवं रेलिंग लगाया जाकर पृथक किया गया है ताकि पैदल चलने वाले एवं दण्‍डवती परिक्रमा करने वाले यात्रियों में आपस में टकराहट न हो और सुविधा पूर्वक परिक्रमा मार्ग में चल सके। जहां-जहां पर परिक्रमा मार्ग पर चौड़ाई कम थी अतिक्रमण हटाया जाकर चौड़ीकरण कराया जा चुका है। (ख) अमावस्‍या एवं धार्मिक पर्वों में नियत दिवसों के लिये पृथक से अधिकारी/कर्मचारी सभी प्रमुख विभागों से तैनात किए जाते हैं जो सभी आवश्‍यक व्‍यवस्‍थाओं यथा पेयजल प्रकाश, साफ-सफाई चिकित्‍सा सुविधा हेतु नियत कैंपों में 24 घण्‍टे यात्रियों की सुविधा हेतु उपलब्‍ध रहते हैं। भीड के दबाव की स्थिति पर समुचित नियंत्रण रखने का कार्य पुलिस प्रशासन एवं जिला प्रशासन द्वारा उक्‍त मेला पर्वों पर अनवरत किया जाता है। (ग) परिक्रमा पथ को उपरोक्‍तानुसार व्‍यवस्थित एवं सुविधायुक्‍त किया गया है। (घ) मान.मुख्‍यमंत्री महोदय द्वारा वर्ष 2017 में चित्रकूट में पर्यटन के विकास को दृष्टिगत रखते हुये की गयी घोषणाएं तथा उनके क्रियान्‍वयन में हुई प्रगति का विवरण संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है।

परिशिष्ट - ''तेरह''

अवैध उत्‍खनन

[खनिज साधन]

22. ( क्र. 1735 ) श्री शंकर लाल तिवारी : क्या खनिज साधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या विगत दो वर्षों में सतना जिले की टमस एवं अन्‍य नदियों में अवैध रूप से खनन किया जा रहा? यदि हाँ, तो किस-किस नदी में और किसके द्वारा? क्‍या विधिवत रायल्‍टी लेकर ट्रकों को नदियों में घुसने की अनुमति दी है। यदि हाँ, तो प्रति देवें? नहीं तो क्‍यों इसके लिए कौन-कौन दोषी हैं? (ख) क्‍या उक्‍त अवैध खनन को तत्‍काल बंद करते हुए दोषी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जायेगी? (ग) विगत दो वर्षों में नियमानुसार खनन की किस-किस वाहन से कितने रायल्‍टी प्राप्‍त हुई है?

खनिज साधन मंत्री ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जी नहीं। प्रश्‍नाधीन जिले में अवैध उत्‍खनन के प्रकरण प्रकाश में आने पर उनके विरूद्ध प्रकरण पंजीबद्ध करके कार्यवाही की जाती है। प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में दर्ज किये गये अवैध उत्‍खनन के प्रकरण की जानकारी संलग्न परिशिष्ट में दर्शित है। जी नहीं। अत: शेष प्रश्‍न उ‍पस्थित नहीं होता। (ख) अवैध खनन के प्रकरण प्रकाश में आने पर अवैध उत्‍खननकर्ता के विरूद्ध कार्यवाही की जाती है। की गई कार्यवाही का विवरण संलग्‍न परिशि‍ष्‍ट में दर्शाया गया है। अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) प्रश्‍नाधीन क्षेत्र पर खनन की अनुमति नहीं दी गई है। अत: प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''चौदह''

खरमौर अभ्‍यारण में अधिग्रहित भूमि

[वन]

23. ( क्र. 1787 ) श्री वेलसिंह भूरिया : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या सरदारपुर विधान सभा क्षेत्र के 14 ग्रामों में खरमौर अभयारण्य के लिए आदिवासी एवं किसानों की हजारों एकड़ जमीन अधिग्रहित की है? (ख) क्‍या प्रश्‍नकर्ता की शिकायत पर अभयारण्य क्षेत्र की 14 ग्रामों की जमीन की खरीदी-बि‍क्री पर लगी रोक को हटाने की कार्यवाही शासन ने की है? (ग) यदि हाँ, तो इन ग्रामों की भूमि की खरीदी-बिक्री पर लगी रोक कब तक हटा दी जायेगी?

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) जी नहीं। (ख) माननीय मुख्यमंत्री जी, मध्यप्रदेश शासन की अध्यक्षता में मध्यप्रदेश राज्य वन्यप्राणी बोर्ड की सम्पन्न 15वीं बैठक दिनांक 10.07.2017 में मध्यप्रदेश के संरक्षित क्षेत्रों में स्थित ग्रामों के अधिकारों के विनिश्चयन बाबत प्रस्ताव विचारार्थ रखा गया था। उक्त प्रस्ताव पर बोर्ड द्वारा यह निर्णय लिया गया कि संबंधित कलेक्टर, मुख्य वन्यप्राणी अभिरक्षक, म.प्र. से वन्यप्राणी (संरक्षण) अधिनियम, 1972 की धारा 24 (2) (ग) के अंतर्गत जहां आवश्यक हो ऐसे अधिकार जिन्हें ग्रामीणों के हित में यथावत रखा जाना है, को मान्य करने की सहमति प्राप्त कर समस्त अधिकारों के विनिश्चयन की कार्यवाही को दिनांक 31.03.2018 तक प्राथमिकता से पूर्ण करायेंगे। इसके उपरांत शासन द्वारा अभयारण्य की अंतिम अधिसूचना जारी की जा सकेगी। अपर मुख्य सचिव, मध्यप्रदेश शासन वन विभाग की अध्यक्षता में दिनांक 11.09.2017 को सम्पन्न बैठक में संबंधित कलेक्टर को अधिकारों के विनिश्चयन की कार्यवाही प्राथमिकता से पूर्ण कर अंतिम अधिसूचना हेतु प्रस्ताव प्रेषित करने हेतु निर्देश दिये गये थे। कार्यवाही प्रचलित है। (ग) समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

विधायक निधि से निर्मित सड़कों की मरम्‍मत

[योजना,आर्थिक एवं सांख्यिकी]

24. ( क्र. 1865 ) श्री जतन उईके : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या विधायक निधि एवं अन्‍य मद की योजनाओं से वर्ष 2013 से छिन्‍दवाड़ा जिले में निर्मित सीमेन्‍ट सड़कें एवं ग्रामीण क्षेत्रों में क्षतिग्रस्‍त हो चुकी है? (ख) यदि हाँ, तो क्‍या इन क्षतिग्रस्‍त सड़कों की मरम्‍मत के लिए सरकार द्वारा राशि उपलब्‍ध कराई जावेगी?

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) जी नहीं। (ख) विभाग द्वारा संचालित योजनाओं में सड़कों के मरम्मत हेतु प्रावधान न होने से प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।

छिन्‍दवाड़ा जिले के पांढुर्णा विधानसभा में गर्ल्‍स कॉलेज की स्‍वीकृति

[उच्च शिक्षा]

25. ( क्र. 1866 ) श्री जतन उईके : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या लंबे समय से छिन्‍दवाड़ा जिले के पांढुर्णा में गर्ल्‍स कॉलेज प्रारंभ किये जाने की मांग विभिन्‍न संगठनों व जनप्रतिनिधियों द्वारा विभाग से की जा रही है? अगर हां, तो उक्‍त संबंध में विभाग द्वारा कोई पत्र जारी किया है? अगर हां, तो उक्‍त संबंध में विभाग द्वारा अभी तक क्‍या कार्यवाही की गई है? (ख) पांढुर्णा में गर्ल्‍स कॉलेज प्रारंभ किये जाने में विलंब होने के क्‍या कारण है? (ग) पांढुर्णा को गर्ल्‍स कॉलेज प्रारंभ किये जाने की स्‍वीकृति विभाग द्वारा कब तक प्रदान की जावेगी?

उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री जयभान सिंह पवैया ) : (क) जी नहीं, पांढुर्णा में कन्या महाविद्यालय खोले जाने के संबंध में विभाग ने कोई भी पत्र या आदेश जारी नहीं किया है। (ख) पांढुर्णा में वर्तमान में एक शासकीय महाविद्यालय एवं चार अशासकीय महाविद्यालय संचालित हैं। अतः वर्तमान में पांढुर्णा में नवीन कन्या महाविद्यालय प्रारंभ किया जाना प्रस्तावित नहीं है। (ग) उत्तरांश '' के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।

नवलखा स्थित बस स्टैण्ड शासन द्वारा स्थानांतरित

[नगरीय विकास एवं आवास]

26. ( क्र. 1914 ) श्री राजेश सोनकर : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या नवलखा स्थित बस स्टैण्ड शासन द्वारा स्थानांतरित किया गया/किया जाना है? यदि हाँ, तो यहां संचालित होने वाले व्यापारियों की कितनी दुकाने वैध तथा कितनी अवैध हैं? (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में क्‍या बस स्टैण्ड पर आजीविका संचालन हेतु स्थापित वैध दुकान से व्यापार करने वाले व्यापारियों को अन्यत्र स्थानांतरित करने की कोई योजना है? यदि हाँ, तो स्थानांतरण योजना स्पष्ट करें? यदि नहीं, तो कारण स्पष्ट करें? (ग) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में बस स्टेण्ड स्थानांतरित करने के पश्चात् बस स्टैण्डों की जमीन का शासन द्वारा क्या उपयोग किया जायेगा? इसकी क्या‍ योजना है, जानकारी देवें?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) जी हाँनवलखा बस स्टैण्ड पर 167 वैध तथा 22 अवैध दुकानें संचालित हैं। (ख) जी नहींदुकानों को स्थानांतरित किये जाने पर संपूर्ण विधिक प्रक्रिया का पालन किया जायेगा। (ग) प्रश्नाधीन भूमि इंदिरा कॉम्प्लेक्स में नगर तथा ग्राम निवेश कार्यालय द्वारा स्वीकृत अभिन्यास अनुसार होटलपेट्रोल पंपप्रशासनिक ब्लॉक हेतु भूखण्ड नियोजित है तद्नुसार उपयोग किया जाना प्रस्तावित है। प्रश्नाधीन भूमि पर स्थित बस स्टैण्ड स्थानांतरित होने के पश्चात् भूमि रिक्त होने पर इन्दौर विकास प्राधिकरण द्वारा आवश्यक विकास कार्य स्वीकृत अभिन्यास अनुसार भूखण्डों का व्ययन किया जायेगा।

प्रधानमंत्री आवास की जानकारी

[नगरीय विकास एवं आवास]

27. ( क्र. 1927 ) श्री रामलाल रौतेल : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) जिला अनूपपुर के नगर पालिका परिषद् पसान एवं अनूपपुर नगर पंचायत जैतहरी में अब तक कुल कितने हितग्राहियों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लाभान्वित किया गया है? नाम, पिता/पति का नाम,जाति एवं पता सहित जानकारी प्रदान करें। (ख) लाभान्वित हितग्राही द्वारा किस आराजी खसरा नम्‍बर का उल्‍लेख किया है, विवरण देवें। क्‍या यह सच है कि, अनूपपुर, जैतहरी में कुछ हितग्राहियों द्वारा अन्‍य खसरा नम्‍बर दर्शाया गया है मकान कही अन्‍य स्‍थान पर बनाया है? यदि हाँ, तो क्‍या इसकी जांच की जाकर जवाबदेही अधिकारी के विरूद्ध कोई कार्यवाही करेंगे। यदि नहीं, तो क्‍यों।

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ-1,2,3 अनुसार है। (ख) लाभांवित हितग्राहियों के आराजी खसरा नंबर की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अ-1,2,3 के कालम 7 एवं 8 अनुसार है। प्रकरण की जांच अनुभागीय अधिकारी राजस्व अनूपपुर से कराई जा रही है।


तालाब गहरीकरण की राशि का अनियमित भुगतान 

[नगरीय विकास एवं आवास]

28. ( क्र. 1948 ) श्री कालुसिंह ठाकुर : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या प्रश्नकर्ता द्वारा प्रश्न क्र. 126 (तारांकित) दिनांक 30.11.17 के माध्यम से मुद्दा उठाया गया था कि नगर परिषद् माण्डव द्वारा छप्पन महल नाला तालाब एवं टिपकिया तालाब गहरीकरण कार्य माण्डव में कार्यरत मजदूरों की राशि का भुगतान फर्जी रूप से लेबर ठेकेदारों को कर दिया गया है? जिसके प्रति उत्तर में माननीय मंत्री महोदया द्वारा कार्य विभागीय रूप से कराया जाना बताया गया है एवं परिषद् द्वारा अन्य किसी एजेंसी को कोई भुगतान नहीं किया जाना बताया गया है? (ख) यदि हाँ, तो नगर परिषद् माण्डव द्वारा मेसर्स दीपक बिजवा, कन्स्ट्रक्शस एवं मटेरियल सप्लायर, दिग्ठान के खाते में दिनांक 17.04.2017 को राशि रूपये 190512/-किस कार्य पेटे भुगतान किये गये हैं, मय बिल व्हाउचर की प्रति उपलब्ध कराते हूए बतावें एवं उनके द्वारा परिषद् से उक्त बाबद् कोई अनुबंध आदि किया गया हो तो अनुबंध की प्रति भी उपलब्ध करावे?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : () जी नहीं, विधान सभा प्रश्‍न क्रमांक 126 तारांकित के माध्‍यम से उठाया गया मुद्दा नगर परिषद् माण्‍डव द्वारा छप्‍पन महल नाला तालाब एवं टिपकिया तालाब के गहरीकरण कार्य में कार्यरत मजदूरों की राशि का भुगतान फर्जी रूप से लेवर ठेकेदार को कर दिये जाने से संबंधित नहीं था। इस प्रश्‍न के प्रश्‍नांश '''' के उत्‍तर में ''नगर परिषद्, माण्‍डव द्वारा उक्‍त कार्य विभागीय रूप से कराया जाना'' बताया गया था एवं प्रश्‍नांश '''' के उत्‍तर में गहरीकरण कार्य हेतु किये गये भुगतान की जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट में दी गयी थी, इसके अलावा किसी अन्‍य एजेन्‍सी को कोई भुगतान नहीं होने के कारण ''नगर परिषद्, माण्‍डव द्वारा अन्‍य किसी एजेन्‍सी को कोई भुगतान नहीं किया गया है'' यह उत्‍तर में बताया गया था। (ख) नगर परिषद्, माण्‍डव द्वारा मेसर्स दीपक बिजवा, कन्‍स्‍ट्रक्‍शन एवं मटेरियल सप्‍लायर्स के खाते में राशि रू.1,90,512/- का भुगतान मिट्टी परिवहन कार्य के लिये किया गया है, बिल व्‍हाउचर संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है, नगर परिषद्, माण्‍डव से इस संबंध में कोई अनुबंध नहीं किया गया है, शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - ''पंद्रह''

जबलपुर जिले स्थित पिंजरापोल गौ-शाला ट्रस्‍ट की जानकारी

[धार्मिक न्यास और धर्मस्व]

29. ( क्र. 2144 ) श्री तरूण भनोत : क्या खेल और युवा कल्याण मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) ट्रस्‍ट के पंजीकरण, ट्रस्‍ट के सदस्‍यों को बदलने व ट्रस्‍ट की सम्‍पत्तियों को बेचने, लीज पर देने या हस्‍तांतरित करने के नियम क्‍या है? जबलपुर जिले में पंजीकृत पिंजरापोल गौ-शाला ट्रस्‍ट के वर्तमान ट्रस्‍टी कौन-कौन हैं, उनकी नियुक्ति कब-कब किस नियम के तहत की गई? क्‍या ट्रस्‍ट के उद्देश्‍यों के विरूद्ध ट्रस्‍ट की सम्‍पत्ति/धनराशि का उपयोग किया जा सकता है? (ख) पिंजरा पोल ट्रस्‍ट जबलपुर के जिले में कितनी एवं कहाँ-कहाँ सम्‍पत्तियां/भूमि ट्रस्‍ट के पंजीयन के समय थी वर्तमान में कितनी सम्‍पत्तियां हैं? विगत पाँच वर्षों में उपरोक्‍त सम्‍पत्तियों से वर्षवार, सम्‍पत्तिवार कितनी-कितनी आय हुई? उक्‍त आय को कहाँ-कहाँ मदवार व्‍यय किया गया? विगत पाँच वर्षों की ऑडिट रिपोर्ट की प्रति सहित पूर्ण जानकारी देवें। ट्रस्‍ट के संचालन में हुई अनियमितताओं के लिये शासन द्वारा अब तक क्‍या कार्यवाही की गई?

खेल और युवा कल्याण मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) ट्रस्‍ट के पंजीकरण ट्रस्‍ट के सदस्‍यों को बदलने व ट्रस्‍ट की सम्‍पत्तियों को बेचने, लीज पर देने या हस्‍तांतरित करने के लिए म.प्र. लोक न्‍यास अधिनियम 1951 में प्रावधान है। न्‍यास पंजी अनुसार न्‍यास में निम्‍नलिखित ट्रस्‍टी हैं :- 1. प्रशांत अग्रवाल पिता बालकृष्‍ण अग्रवाल 2. मधूसूदन टीबडेवाल पिता आर.एल. अग्रवाल 3. राजीव अग्रवाल पिता विष्‍णु अग्रवाल 4. नरेश पटैल पिता शिवजी भाई पटैल 5. मनोज अग्रवाल पिता एम.एल. अग्रवाल (अनु.वि.अधि. (रा.) एवं रजिस्‍ट्रार पब्लिक ट्रस्‍ट जबलपुर 5/B113/4/11-12, 6-9-12) 6. योगेश अग्रवाल पिता बी.के. अग्रवाल (अनु.वि.अधि. (रा.) एवं रजिस्‍ट्रार पब्लिक ट्रस्‍ट जबलपुर 5/B113/4/12-13, 30-4-13) ट्रस्‍ट के उद्देश्‍यों के विरूद्ध ट्रस्‍ट की सम्‍पत्ति धन राशि का उपयोग नहीं किया जा सकता है। (ख) प्रथम प्रश्‍नांश की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट में है। द्वितीय प्रश्‍नांश के संबंध में जानकारी यह है कि गत पाँच वर्षों से पिंजरापोल ट्रस्‍ट द्वारा आय-व्‍यय विवरणी प्रस्‍तुत नहीं की गई है। उक्‍त जानकारी प्रस्‍तुत करने हेतु रजिस्‍ट्रार पब्लिक ट्रस्‍ट द्वारा कार्यवाही की जा रही है।

निम्‍न गुणवत्ता की सड़क की जांच

[नगरीय विकास एवं आवास]

30. ( क्र. 2146 ) श्री तरूण भनोत : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या अधोहस्‍ताक्षरी ने अपने पत्र क्र. 6346 दिनांक 3/1/2018 को आयुक्‍त नगर निगम जबलपुर को जनशिकायतों के आधार पर शंकरशाह नगर वार्ड स्थित अवंती बिहार कालोनी रोड स्थित सड़क के निम्‍न स्‍तर निर्माण कार्य की जांच हेतु पत्र प्रेषित किया था? (ख) यदि वर्णित (क) हाँ तो क्‍या जबलपुर नगर निगम के अधिकारियों द्वारा वर्णित प्रश्‍नांश (क) सड़क की जांच पूर्ण कर ली है? यदि हाँ, तो जांच में क्‍या पाया? (ग) क्‍या उक्‍त सड़क की गुणवत्‍ता जनहित में सुधार हेतु निगम प्रशासन जबलपुर उचित प्रयास करेगा?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) जी हाँ। नगर पालिक निगम, जबलपुर द्वारा कार्यपालन यंत्री से सड़क निर्माण कार्य की गुणवत्‍ता की जांच कराई गई है। सड़क की स्थिति ठीक पाई गई है। कुछ स्‍थानों पर मेटल दिख रहा है जो कि रहवासियों द्वारा निर्माण के तत्‍काल पश्‍चात आवागमन के कारण हुआ है। (ग) जी हाँ। सड़क के उक्‍त हिस्‍से का ठेकेदार से सुधार कराया जावेगा।

दिनांक 26/12/2016 को दी गई पुनरीक्षण की अनुमति

[वन]

31. ( क्र. 2187 ) डॉ. रामकिशोर दोगने : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या मुलताई ए.डी.जे. के द्वारा दक्षिण वनमण्‍डल बैतूल के वन अपराध प्रकरण क्रमांक 453/65, दिनांक 2 जून 2014 के संबंध में दिनांक 20/9/2016 को दिए गए आदेश की प्रति प्राप्‍त किए बिना वन विभाग का मत प्राप्‍त किए बिना ही वन विभाग द्वारा दिनांक 26/12/2016 को प्रस्‍तुत प्रस्‍ताव पर दिनांक 26/12/2016 को ही विधि विभाग ने पुनरीक्षण की अनुमति प्रदान कर दी है। (ख) यदि हाँ, तो वर्ष 2003 में राजपत्र में धावड़ा गोंद के संबंध में शासन द्वारा प्रकाशित अधिसूचना, म.प्र. वनोपज (व्‍यापार) विनियमन 1969 वन अधिकार कानून 2006, पेसा कानून 1996 एवं संविधान की पाँचवी अनुसूची में गोदाम की तलाशी ली जाकर गोदाम से धावड़ा गोंद जप्‍त कर 1969 के कानून की धारा 2घ एवं 5 का वन अपराध पंजीबद्ध करने का क्‍या-क्‍या अधिकार किस-किस को दिया गया है? (ग) विधि विभाग ने 26/12/2016 को पुनरीक्षण की अनुमति दिए जाने के पूर्व धावड़ा गोंद के संबंध में वर्ष 1969 के कानून एवं 2003 की अधिसूचना और वन विभाग के प्रकरण क्रमांक 453/65 एवं आदेश दिनांक 20/9/2016 का परीक्षण किन-किन कारणों से नहीं किया? (घ) धावड़ा गोंद के संबंध में प्रचलित संवैधानिक एवं वैधानिक प्रावधानों की अवेहलना कर बनाए गए वन अपराध से संबंधित दिनांक 20/9/2016 के न्‍यायालयीन आदेश के पुनरीक्षण की अनुमति विधि एवं विधायी विभाग ने किस-किस आधार पर प्रदान की है? प्रति सहित बतावें।

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) जी नहीं। (ख) एवं (ग) प्रश्नांश (क) के उत्तर के परिप्रेक्ष्य में शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) वन अपराध प्रकरण क्रमांक 453/65 दिनांक 02 जून, 2014 में माननीय ए.डी.जे. मुलताई द्वारा पारित आदेश दिनांक 20.09.2016 पर लोक अभियोजक द्वारा अभिमत दिया गया कि श्री लोकेश निकाजू द्वारा प्रथम अपर सत्र न्यायालय मुलताई में प्रस्तुत अपील पर माननीय न्यायालय द्वारा अपील स्वीकार कर अधीनस्थ न्यायालय के आदेश दिनांक 14.10.2015 से अधिरोपित आरोप से उन्मोचित किया गया, जबकि आरोपी श्री लोकेश द्वारा अत्याधिक मात्रा में गोंद प्राप्त करने हेतु पौधों पर रसायन का प्रयोग कर वनों को नुकसान पहुँचाने का कार्य किया है एवं आदेश दिनांक 20.09.2016 में गोंद के विषय में स्पष्ट आदेश नहीं दिया गया, अतः पुनरीक्षण अपील प्रस्तुत की जावें।'' लोक अभियोजक के अभिमत तथा वन विभाग द्वारा प्रेषित संक्षेपिका में प्रकरण के उल्लेखित तथ्यों के आधार पर विधि एवं विधायी विभाग ने पुनरीक्षण अपील प्रस्तुत करने की अनुमति प्रदान की है, जो पूर्णतः विधिसम्मत है। विधि एवं विधायी विभाग की अनुमति की प्रति संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है।

परिशिष्ट - ''सोलह''

प्रधानमंत्री आवास योजना में पात्र हितग्राहियों के नाम अन्य पंचायतों में इन्द्राज होना

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

32. ( क्र. 2317 ) श्रीमती ममता मीना : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या गुना जिले के विकासखण्ड राघोगढ़ के ग्राम पंचायत मोहम्मदपुर के पात्र हितग्राहियों के नाम सर्वर पर ग्राम पंचायत नारायणपुरा में दर्ज हैं? यदि हाँ, तो ग्रामीण विकास विभाग द्वारा कब तक सुधार कराया जावेगा? सुधार उपरांत कब तक पात्र हितग्राहियों को योजना का लाभ प्रदान किया जावेगा? (ख) प्रश्नांश (क) में वर्णित ग्राम पंचायत की तरह पात्र हितग्राहियों के नाम अन्य ग्राम पंचायतों में जुड़े होने संबंधी समस्या गुना जिले के किन-किन ग्रामों में है? जिला पंचायत गुना द्वारा उक्त समस्या के निराकरण हेतु क्या-क्या प्रयास किये गये? इस संबंध में प्रश्नकर्ता विधायक द्वारा अपने पत्र क्रमांक 1906 दिनांक 11.06.2017 द्वारा समस्या संज्ञान में लाये जाने पर जिला पंचायत एवं जिला प्रशासन द्वारा क्या कार्यवाही की गई थी अथवा नहीं? (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) अनुसार कार्यवाही कब तक की जावेगी? पात्र हितग्राहियों को कब तक लाभ प्रदान किया जावेगा?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ। विभागीय पत्र क्रमांक 2754/वि-7/पीएमएवाय-जी/2018 दिनांक 09/03/2018 के निर्देश अनुसार पात्र हितग्राहियों को आवास स्वीकृत किये गए। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ख) ग्राम गणेशपुरा (ग्राम पंचायत पुरापौसर) गणेशपुरा (ग्राम पंचायत कुढ़का) खैरोदा (ग्राम पंचायत कोंतर) तथा बैरखेडी (ग्राम पंचायत बलरामपुरा) अन्य ग्राम पंचायतों में प्रदर्शित हो रहे है। विभागीय पत्र क्रमांक 2754/वि-7/पीएमएवाय-जी/2018 दिनांक 09/03/2018 के निर्देश अनुसार पात्र हितग्राहियों को आवास स्वीकृत किये गए है। (ग) पात्र हितग्राहियों को लाभ दिया गया है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

नगर पंचायत कुंभराज जिला गुना के निर्माण कार्य एवं क्रय की गई सामग्री

[नगरीय विकास एवं आवास]

33. ( क्र. 2321 ) श्रीमती ममता मीना : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या वर्ष 2006 से 2009 तक नगर पंचायत कुंभराज जिला गुना में जो सामग्री क्रय की गई थी वह म.प्र. भण्डार क्रय नियम के अनुसार नीति से क्रय की गई थी? यदि नहीं, तो क्या उसकी जांच और कार्यवाही की गई है? (ख) क्या वर्ष 2006 से 2009 तक नगर पंचायत कुंभराज में जो निर्माण कार्य हुए हैं, उनके निर्माण एजेन्सी के विरूद्ध तत्कालीन कार्यपालन यंत्री, अ.न.प्र. ग्वालियर द्वारा क्रं. निरंक दिनांक 22-07-2006 के आदेश में कोई कार्यवाही विभाग द्वारा की गई है? क्या दोषियों के विरूद्ध एफ.आई.आर. हो गई है? यदि नहीं, तो क्यों एवं कब तक की जावेगी? (ग) यदि प्रश्नांश (क) और (ख) में वर्णित तथ्यों की जांच और कार्यवाही के लिए विभाग में कौन उत्तरदायी है? क्या राशि वसूली हो गई है या नहीं? (घ) क्या प्रश्नांश (क), (ख) और (ग) में वर्णित तथ्यों की कार्यवाही हेतु विधान सभा में पूर्व में भी मांग की गई थी, उस पर विभाग ने कोई कार्यवाही क्यों नहीं की? क्या विभाग राशि वसूली एवं दोषियों पर कार्यवाही या एफ.आई.आर. दर्ज कराकर अवगत कराया जाएगा?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) से (घ) उत्‍तरदायी पाये गये मुख्‍य नगरपालिका अधिकारी के विरूद्ध शासन के पत्र क्रमांक एफ 4-44/2015/18 दिनांक 04.12.2015 द्वारा श्री बी. आर. कामले, मुख्‍य नगरपालिका अधिकारी, नगर परिषद् कुंभराज तथा श्री विशाल बाबू शर्मा, उपयंत्री नगर परिषद्, कुंभराज के विरूद्ध संचालनालय के पत्र क्रमांक 1899 दिनांक 07.02.2017 द्वारा आरोप पत्र जारी किये गये हैं। श्री बी.आर. कामले, तत्‍कालीन मुख्‍य नगरपालिका अधिकारी नगर परिषद्, कुंभराज के विरूद्ध प्रकरण में समुचित निर्णय लेने हेतु संचालनालय के पत्र क्रमांक 1815 दिनांक 06.02.2017 द्वारा श्री विशाल बाबू शर्मा, उपयंत्री, नगर परिषद्, कुंभराज के विरूद्ध संचालनालय के आदेश क्रमांक 1923 दिनांक 07.02.2017 द्वारा उत्‍तरदायी के विरूद्ध विभागीय जांच संस्थित की जाकर संभागीय संयुक्‍त संचालक, ग्‍वालियर को विभागीय जांच अधिकारी नियुक्‍त किया गया है। जांच अधिकारी से जांच प्रतिवेदन प्राप्‍त हो गया है। जिस पर अपचारी सेवकों को सुनवाई अवसर दिया जाकर निर्णय लिया जावेगा। प्रकरण में एफ.आई.आर. थाना कुंभराज में दिनांक 03.08.2014 को की गई है। विभागीय कार्यवाही प्रचलित होने से शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

शासकीय महाविद्यालय में विधि संकाय का प्रारंभ

[उच्च शिक्षा]

34. ( क्र. 2463 ) श्री शान्तिलाल बिलवाल : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या शासकीय शहीद चन्‍द्रशेखर आजाद महाविद्यालय झाबुआ में पूर्व में विधि संकाय प्रांरभ होकर कक्षाएं संचालित होती थी? (ख) यदि हाँ, तो विधि संकाय कब और क्‍यों बंद किया गया? (ग) क्‍या अनुसूचित जाति/जनजाति के छात्र-छात्राओं को विधि संकाय के अध्‍ययन हेतु इन्‍दौर जाना पड़ता है, क्‍या विधि संकाय शासकीय शहीद चन्‍द्रशेखर आजाद महाविधालय झाबुआ में प्रारंभ की स्‍वीकृति दिये जाने की कार्यवाही शासन स्‍तर पर विचाराधीन है?

उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री जयभान सिंह पवैया ) : (क) जी हाँ। (ख) बार काउंसिलिंग आफ इण्डिया, नई दिल्ली द्वारा वर्ष 2010-11 से प्रवेश पर रोक लगायी गयी। (ग) जी हाँ, उत्तरांश "ख" के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।

नर्मदा सेवा यात्रा 

[योजना,आर्थिक एवं सांख्यिकी]

35. ( क्र. 2541 ) श्री बाबूलाल गौर : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्‍यप्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2017 में किस दिनांक से किस दिनांक तक नर्मदा सेवा यात्रा (नर्मदा परिक्रमा) निकाली गई? (ख) नर्मदा सेवा यात्रा के कार्यक्रम का आयोजन किस-किस नगरों/कस्‍बों/जिलों में किस-किस दिनांक को किया गया? (ग) नर्मदा सेवा यात्रा के आयोजन हेतु कितनी-कितनी राशि विज्ञापन, व्‍ही.व्‍ही.आई.पी./व्‍ही.आई.पी. की सुरक्षा एवं अन्‍य मदों में व्‍यय की गई एवं यह व्‍यय किस विभाग के बजट से किया गया है? पृ‍थक-पृथक विवरण दिया जाए? (घ) क्‍या वर्ष 2013-14 में नर्मदा नदी के संरक्षण हेतु कार्य योजना बनाई गई थी? यदि हाँ, तो इस कार्ययोजना के क्रियान्‍वयन हेतु प्रश्‍न दिनांक तक विभाग द्वारा क्‍या-क्‍या विकास कार्य किये गये एवं किस-किस मद में कितनी-कितनी राशि व्‍यय की गई? (ड.) इस कार्ययोजना के क्रियान्‍वयन से प्रदेश के किन-किन नगरों में गंदे नालों में ट्रीटमेन्‍ट प्‍लान लगाये गये एवं नालों को डायवर्ट किया गया?

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) मध्यप्रदेश शासन द्वारा दिनांक 11 दिसम्बर 2016 से 15 मई, 2017 तक नर्मदा सेवा यात्रा निकाली गई। (ख) स्थानवार/दिनांकवार यात्रा का विवरण  पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ग) 11 विभागों से प्राप्त जानकारी  पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (घ) जी हाँ, योजनान्तर्गत नर्मदा नदी किनारे स्थित 24 शहरों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, सीवेज ट्रीटमेन्ट एवं स्टार्म वॉटर ड्रेनेज कार्यों हेतु डी.पी.आर. तैयार कराई जा कर स्वीकृति हेतु केन्द्र शासन के वन एवं पर्यावरण मंत्रालय को दिनांक 15.9.2014 को प्रेषित की गई थी। केन्द्र शासन से इन योजनाओं की स्वीकृति प्राप्त नहीं होने से अभी क्रियान्वयन की कार्यवाही नहीं हुई है। 24 नगरों में डी.पी.आर. तैयार कराये जाने पर अभी तक राशि रूपये 3,29,63,884.00 व्यय हुई है। (ड.) प्रश्नांश '''' अनुसार प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता।

भोपाल के मानपुर खंती के कचरे का निष्‍पादन

[नगरीय विकास एवं आवास]

36. ( क्र. 2542 ) श्री बाबूलाल गौर : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या नगर पालिक निगम भोपाल के गोविन्‍दपुरा विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत स्थित भानपुर खंती को बंद कर दिया गया है? बंद करने का दिनांक बताया जाए? (ख) भानपुर खंती में पूर्व में डम्‍प किये गये कचरे के निष्‍पादन का कार्य किस कम्‍पनी/संस्‍था को दिया गया है एवं इसकी नियम/शर्तें क्‍या हैं? (ग) भानपुर खंती के कचरे के निष्‍पादन का कार्य पूर्ण करने की समय-सीमा क्‍या निश्चित की गई है? भानपुर खंती के कचरे के निष्‍पादन में कितनी राशि व्‍यय होगी? (घ) भानपुर खंती के कचरे के निष्‍पादन से कितनी भूमि नगर निगम को प्राप्‍त होगी एवं नगर निगम द्वारा इस भूमि के उपयोग की क्‍या योजना बनाई है?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) जी हाँ। दिनांक 24.01.2018 से। (ख) भानपुर खंती में पूर्व में डम्‍प किये गये कचरे के निष्‍पादन का कार्य निविदा प्रक्रिया उपरांत एजेंसी मेसर्स सौराष्‍ट्र इन्‍वाईरों प्रोजेक्‍ट्स प्रा.लि. सूरत (गुजरात) को दिया गया है। कंपनी की कार्य शर्तों का विवरण संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अ एवं ब पर है। (ग) उक्‍त कार्य अंतर्गत एजेंसी द्वारा भानपुर खंती को वैज्ञानिक पद्धति से बन्‍द किये जाने एवं जैविक उपचार का कार्य के लिये तीन वर्षों की समय-सीमा निश्चित की गई है एवं संपूर्ण क्षेत्र के संधारण का कार्य आगामी पाँच वर्षों तक एजेंसी द्वारा किया जावेगा। भानपुर खंती के कचरे के निष्‍पादन में राशि रू. 52.38 करोड व्‍यय होगी। (घ) भानपुर खंती को वैज्ञानिक तरीके से बंद किये जाने एवं जैविक उपचार कार्य क्रियान्‍वयन अंतर्गत कुल 21 एकड़ भूमि नगर निगम को प्राप्‍त होगी। पर्यावरण नियमों अनुसार भूमि प्राप्‍त होने के उपरांत कार्य योजना तैयार की जावेगी।

परिशिष्ट - ''सत्रह''

विकास कार्यों का समय-सीमा में क्रियान्वयन

[नगरीय विकास एवं आवास]

37. ( क्र. 2696 ) श्री दिलीप सिंह परिहार : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) वर्ष 2014 से प्रश्न दिनांक तक की अवधि में नीमच जिले अन्‍तर्गत की नगरपालिका परिषदों में किन-किन योजनाओं में कितनी-कितनी राशि के विकास कार्य कराये गये हैं तथा कितने कार्य वर्तमान में प्रगतिरत हैं, योजनावार ब्यौरा दें? (ख) क्या प्रश्नांश (क) में उल्लेखित योजनाओं को संबंधित क्रियान्‍वयन एजेंसी द्वारा समय-सीमा में पूर्ण किया गया हैं? यदि नहीं, तो क्रियान्‍वयन एजेंसी के विरुद्ध अनुबंध के अनुसार कोई दण्डात्मक कार्यवाही की गयी है? यदि हाँ, तो तत्संबंधी ब्यौरा दें? यदि नहीं, तो क्यों? (ग) क्या प्रश्नांश (ख) से संबंधित कोई शिकायत शासन को प्राप्त हुई हैं? यदि हाँ, तो उस पर अब तक की गयी कार्यवाही का पूर्ण ब्यौरा दें?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) एवं (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट पर है। (ग) जी हाँ। नगर पालिका परिषद्, नीमच की मुख्‍यमंत्री शहरी पेयजल योजना का कार्य विलम्‍ब से करने के कारण क्रियान्‍वयन एजेन्‍सी को ब्‍लैक लिस्‍ट करने हेतु सूचना पत्र जारी किया गया है एवं सूचना पत्र पर अंतिम सुनवाई दिनांक 09/03/2018 को हुयी है, प्रकरण पर निर्णय लिया जा रहा है। इसी योजना की गुणवत्‍ता के संबंध में प्राप्‍त शिकायत पर आदेश दिनांक 28/08/2017 के द्वारा जांच समिति गठित की गयी है। जांच समिति का जांच प्रतिवेदन प्राप्‍त हो गया है, जिसका परीक्षण किया जा रहा है। गुणदोष के आधार पर कार्यवाही की जा सकेगी।

नगरीय निकायों में निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के वेतन/पेंशन

[नगरीय विकास एवं आवास]

38. ( क्र. 2721 ) श्री शैलेन्द्र जैन : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) नगरीय निकायों में निर्वाचित महापौर/अध्‍यक्ष/पार्षदों को शासन के अधिनियमानुसार कितना मानदेय दिया जाना स्‍वीकृत है तथा इसमें कब-कब कितनी बढ़ोत्‍तरी की गयी है? (ख) प्रश्‍नांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में मंहगाई की दृष्टिगत रखते हुए मानदेय में बढ़ोत्‍तरी किया जाना उचित होगा? यदि नहीं, तो क्‍या शासन इस पर विचार करेगा और कब तक? (ग) क्‍या शासन नगरीय निकायों में निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को दिये जाने वाले मानदेय को महंगाई सूचकांक के साथ जोड़े जाने पर विचार करेगा? (घ) क्‍या महापौर/अध्‍यक्ष/पार्षदों को पेंशन प्रदाय किये जाने की कोई योजना शासन के समक्ष विचाराधीन है? यदि नहीं, तो क्‍या शासन इस पर विचार करेगा?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) प्रदेश की नगरीय निकायों में निर्वाचित महापौर/अध्‍यक्ष/पार्षदों को म.प्र. नगर पालिक निगम (पार्षदों का परिश्रमिक तथा भत्‍ते) नियम 1995 तथा म.प्र. नगर पालिका (पार्षदों का परिश्रमिक तथा भत्‍ते) नियम 1995 के प्रावधान अनुसार मानदेय दिया जाना स्‍वीकृत है। नियमों की प्रति जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। मानदेय में वर्ष 2010 में वृद्धि की गई है। जिसकी जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ख) से (घ) जी नहीं। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

नगर निगम द्वारा शौचालय निर्माण

[नगरीय विकास एवं आवास]

39. ( क्र. 2763 ) श्री मनोज निर्भय सिंह पटेल : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) नगर पालिक निगम इंदौर सीमा क्षेत्र में कुल कितने शौचालय निर्मित किए गए हैं? वार्डवार संख्‍या व व्‍यय का विवरण देवें। (ख) इन शौचालयों के उपयोग हेतु कोई शुल्‍क निर्धारित किया गया है, यदि हाँ, तो कितना शुल्‍क लिया जा रहा है? उससे कितना राजस्‍व प्राप्‍त हुआ? (ग) क्‍या समस्‍त शौचालयों में रख-रखाव आदि के संबंध में क्‍या व्‍यवस्‍था की गयी है, या कोई एजेंसी निर्धारित की गयी है? (घ) जिन स्‍थानों पर शौचालयों का निर्माण किया गया है, उस भूमि का आधिपत्‍य किसका है? क्‍या ग्रीन बेल्‍ट एवं उद्यानों की भूमि में भी शौचालय निर्माण किए गए हैं? सूची उपलब्‍ध करावें।

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) नगर पालिक निगम इन्‍दौर द्वारा अक्‍टूबर 2014-15 से 2017-18 में कुल 120 स्‍थानों पर शौचालय निर्मित किये गये है, इन शौचालयों पर राशि रू. 2409.55 लाख का व्‍यय किया गया है, शौचालयों की वार्डवार जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ख) जी हाँ, सार्वजनिक शौचालयों के उपयोग हेतु स्‍नान रूपये 5/- शौच हेतु रूपये 05/- निर्धारित है। इतनी ही राशि उपभोक्‍ताओं से ली जा रही है। निगम को उक्‍त से कोई राजस्‍व प्राप्‍त नहीं हो रहा है। (ग) जी हाँ, स्‍वयंसेवी संगठनों के माध्‍यम से निर्मित कराये गये 239 शौचालयों में रख-रखाव एवं संचालन का कार्य संबंधित सुलभ संस्‍थाओं के द्वारा किया जा रहा है, नगर निगम द्वारा निर्मित 90 शौचालय का संचालन निगम द्वारा किया जा रहा है। पृथक से कोई एजेंसी निर्धारित नहीं की गई है। (घ) जिन स्‍थानों पर शौचालयों का निर्माण किया गया है, उस भूमि का आधिपत्‍य निगम एवं नजूल का है। ग्रीन बेल्‍ट एवं उद्यानों की भूमि पर शौचालय का निर्माण किया गया है, उनकी जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है।

परिशिष्ट - ''अठारह''

जैन महावीर कीर्ति स्‍तम्‍भ भिण्‍ड को सर्वे क्र. 324325 जमीन हस्‍तान्‍तरण

[नगरीय विकास एवं आवास]

40. ( क्र. 2801 ) श्री नरेन्‍द्र सिंह कुशवाह : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) प्रश्‍न क्र. 349 दिनांक 30 नवम्‍बर 2017 मध्‍यप्रदेश नगर पालिका अचल संपत्ति अंतरण नियम 2016 के उप नियम 3 एवं 10 के तहत वार्षिक पट्टे भाड़े की गणना पत्रक किराया/भू-भाटक की दरें निर्धारित की गई? यदि हाँ, तो प्रश्‍नांश दिनांक तक क्या कार्यवाही की गई? छायाप्रति स‍हित जानकारी दें? (ख) प्रश्‍नांश (क) के अन्‍तर्गत कलेक्‍टर जिला भिण्‍ड से प्रस्‍ताव प्राप्‍त हुआ है, यदि नहीं, तो क्‍यों? कब तक कार्यवाही पूर्ण हो जायेगी? (ग) नगर पालिका परिषद् भिण्‍ड के संकल्‍प क्रमांक 191 दिनांक 28/9/2013 सर्वें क्र. 324325 भू खण्‍ड महावीर कीर्ति स्‍तम्‍भ न्‍यास राजि. समिति भिण्‍ड को हस्‍तान्‍तरण करने की कार्यवाही पूर्ण कब तक होगी? (घ) प्रश्‍नांश (क) (ख) और (ग) में कब तक कार्यवाही पूर्ण हो जायेगी?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) एवं (ख) जी हाँ। कार्यवाही प्रचलित है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ग) एवं (घ) उत्‍तरांश '' के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

ग्राम पंचायत टोला में सचिव की नियुक्ति

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

41. ( क्र. 2805 ) श्री नरेन्‍द्र सिंह कुशवाह : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या जिला भिण्‍ड के अन्‍तर्गत ग्राम पंचायत टोला विकास खण्‍ड लहार में पूर्णकालिक सचिव नहीं हैं? यदि हाँ, तो क्‍यों? पूर्णकालिक सचिव कब तक पदस्‍थ किया जावेगा? (ख) क्‍या वर्तमान में सरपंच ने अपने चचेरे भाई श्री धीरज भारद्वाज को रोजगार सहायक सह सहायक व सचिव नियुक्‍त करवाकर उसी को सचिव का प्रभार दिया हुआ हैं? यदि हाँ, तो ऐसा क्‍यों? श्री बरूआ पूर्ण कालिक सचिव को मुख्‍यकार्यपालन अधिकारी