मध्यप्रदेश विधान सभा


प्रश्नोत्तर-सूची
फरवरी-मार्च 2017 सत्र


गुरूवार, दिनांक 23 फरवरी 2017


भाग-1
तारांकित प्रश्नोत्तर


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पवई विधानसभा क्षेत्रान्‍तर्गत डी.पी. सुधार

[ऊर्जा]

1. ( *क्र. 772 ) श्री मुकेश नायक : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) पन्‍ना जिले की पवई विधान सभा क्षेत्र के पवई एवं शाहनगर जनपद पंचायतों में कितने डी.पी. एवं पोल क्षतिग्रस्त स्थिति में हैं? ग्रामवासियों/पंचायतों द्वारा उक्‍त हितग्राहियों द्वारा डी.पी. एवं पोल के लिये कितने हितग्राहियों ने आवेदन किये हैं? हितग्राहियों के आवेदन पर क्‍या कार्यवाही की गई? (ख) उक्‍त क्षतिग्रस्‍त डी.पी./पोल का सुधार कार्य कब तक किया जावेगा? (ग) क्‍या विभाग द्वारा उक्‍त में से कोई ट्रांसफार्मर/विद्युत पोल को अन्‍यत्र स्‍थान पर लगाने की कोई कार्य योजना है?

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) पन्‍ना जिले के पवई विधानसभा क्षेत्र के पवई जनपद पंचायत क्षेत्रान्‍तर्गत 4 डी.पी. स्‍ट्रक्‍चर/ट्रांसफार्मर एवं 104 पोल तथा शाहनगर जनपद पंचायत क्षेत्रान्‍तर्गत 18 डी.पी. स्‍ट्रक्‍चर/ट्रांसफार्मर एवं 154 पोल, भिन्‍न-भिन्‍न तिथियों में आई आंधी/तूफान के कारण से क्षतिग्रस्‍त हुए हैं। इन क्षतिग्रस्‍त डी.पी. स्‍ट्रक्‍चर/ट्रांसफार्मरों एवं पोलों से सम्‍बद्ध उपभोक्‍ताओं में से 3 हितग्राहियों/उपभोक्‍ताओं यथा (1) ग्राम बड़खेरा के आवेदक सरपंच एवं समस्‍त ग्रामवासी (2) ग्राम चौमुखा के आवेदक श्री रामप्रकाश तिवारी (3) ग्राम सुडोर के आवेदक श्री सोनू शुक्‍ला द्वारा आवेदन पत्र संबंधित कार्यालय में दिए गए। प्राप्‍त आवेदनों पर त्‍वरित कार्यवाही करते हुए सर्वे उपरान्‍त प्राक्‍कलन स्‍वीकृत कर कार्य आदेश जारी किये जा चुके हैं। (ख) उत्‍तरांश (क) में दर्शाये गये कार्य प्रगति पर हैं, जिन्‍हें दिनांक 31.03.2017 तक पूर्ण किये जाने के प्रयास किये जा रहे हैं। (ग) पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा उक्‍त क्षतिग्रस्‍त ट्रांसफार्मर/पोलों को अन्‍यत्र स्‍थान पर लगाने की कोई योजना नहीं है। 

बरबटी उद्वहन सिंचाई योजना को पूर्ण किया जाना

[नर्मदा घाटी विकास]

2. ( *क्र. 602 ) श्रीमती प्रतिभा सिंह : क्या राज्‍यमंत्री, नर्मदा घाटी विकास महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जबलपुर जिले में स्‍वीकृत बरबटी उद्वहन सिंचाई योजना में अब तक कितना कार्य हुआ है? उपरोक्‍त उद्वहन सिंचाई योजना के निर्माण कार्य में विलंब होने के क्‍या कारण हैं? (ख) किसानों के हित में उक्‍त सिंचाई योजना शीघ्र पूर्ण करने हेतु क्‍या शासन निर्देश जारी करेगा? यदि हाँ, तो कब तक?

राज्‍यमंत्री, नर्मदा घाटी विकास ( श्री लालसिंह आर्य ) : (क) ठेकेदार द्वारा बरबटी लिंक सिंचाई योजना का सर्वेक्षण कार्य पूर्ण कर लिया गया है। योजना का निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं हुआ है। निर्माण कार्य की डिजाईन, ड्राइंग में विलंब के कारण निर्माण कार्य में विलंब हुआ है। (ख) जी हाँ। निर्देश जारी किये जा रहे हैं।

अवैध शराब की बिक्री पर प्रतिबंध

[वाणिज्यिक कर]

3. ( *क्र. 1225 ) श्री चन्‍द्रशेखर देशमुख : क्या वित्त मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मुलताई विधानसभा क्षेत्र में आबकारी विभाग की कितनी देशी एवं विदेशी शराब की दुकानें संचालित हैं? सभी दुकानों का नाम, संचालक फर्म का नाम, पता, रजिस्ट्रेशन नम्बर, ठेके की वैधता सम्‍बन्‍धी जानकारी दें। (ख) क्या प्रश्‍नांश (क) अनुसार दी गई दुकानों से ही शराब बेचने का प्रावधान है? यदि हाँ, तो निरंतर क्षेत्र के गांवों एवं शहरों से अवैध शराब (कच्ची एवं पक्की) बिक्री की आ रही शिकायतों में क्यों वृद्धि हो रही है? अधिकारियों द्वारा क्षेत्र में किये गये दौरों की वर्ष जनवरी 2014 से आज दिनांक तक की लॉग बुक की छायाप्रति दें। (ग) मुलताई विधानसभा क्षेत्र में वर्ष जनवरी 2014 से आज दिनांक तक विभाग द्वारा कितने प्रकरण (अवैध शराब बिक्री की सभी मान्य धाराएं) दर्ज किये गये। दिनांकवार प्रकरण दर्ज करने वाले अधिकारी के नाम सहित जानकारी दें, साथ ही यह भी दर्शायें की प्रकरण पर कार्यवाही की गई है या नहीं? यदि हाँ, तो क्या कार्यवाही की गई। सभी प्रकरणों के विभाग द्वारा की गयी कार्यवाही के दस्तावेजों एवं पत्राचार की छायाप्रति दें। (घ) मुलताई विधानसभा क्षेत्र से संबंधित उपरोक्त विषय के मामले जो मा. न्यायालयों में चल रहे हैं, में विभागीय अधिकारियों की उपस्थिति एवं अनुपस्थिति की विगत दो वर्षों की संपूर्ण जानकारी, संबंधित अधिकारी के नाम सहित दें?

वित्त मंत्री ( श्री जयंत मलैया ) : (क) मुलताई विधानसभा क्षेत्र में वर्ष 2016-17 में आबकारी विभाग की 14 देशी मदिरा दुकानें एवं 04 विदेशी मदिरा दुकानें संचालित हैं। समस्‍त 18 मदिरा दुकानों का नाम, संचालक फर्म का नाम, पता, रजिस्‍ट्रेशन नम्‍बर, ठेके की वैधता संबंधी जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-एक अनुसार है। (ख) जी हाँ। उत्‍तर (क) में वर्णित लायसेंसी दुकानों से ही शराब बेचने का प्रावधान है। क्षेत्र में महिला संगठनों की सक्रियता से आयी जन जागरूकता एवं सी.एम. हेल्‍प लाईन, जन सुनवाई जैसे उचित फोरम के कारण गांवों एवं शहरों से अवैध शराब (कच्‍ची एवं पक्‍की) बिक्री की शिकायतों में वृद्धि हुई है। अधिकारियों द्वारा क्षेत्र में स्थित आबकारी केन्‍द्रों के निरीक्षण एवं उपलंभन कार्य हेतु वर्ष जनवरी 2014 से प्रश्‍न दिनांक तक की अवधि में किये गये दौरों से संबंधित वाहन लॉग बुक की प्रमाणित छायाप्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-दो अनुसार है। (ग) मुलताई विधान सभा क्षेत्र में वर्ष जनवरी 2014 से प्रश्‍न दिनांक तक अवैध शराब के कुल 609 न्‍यायालयीन प्रकरण पंजीबद्ध किये गये हैं। दिनांकवार प्रकरण दर्ज करने वाले अधिकारी के नाम सहित जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-तीन अनुसार है। जी हाँ, प्रकरण पर कार्यवाही की गई है। विभाग द्वारा की गई कार्यवाही से संबंधित अभिलेखों की प्रमाणित छायाप्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-चार अनुसार है। (घ) क्षेत्र से संबंधित उपरोक्‍त विषय के कुल 03 प्रकरण सक्षम न्‍यायालय में विचाराधीन हैं। विगत दो वर्षों की संपूर्ण जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-पाँच अनुसार है।

132 के.व्ही. ग्रि‍ड की स्थापना

[ऊर्जा]

4. ( *क्र. 559 ) श्री दिलीप सिंह शेखावत : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा दिनांक 10.01.2016 को खाचरौद प्रवास के दौरान अन्‍त्‍योदय मेले में घोषणा की गयी थी कि ग्राम गढ़ी भैसोला में 132 के.व्ही. ग्रिड की स्थापना शीघ्र की जावेगी? (ख) यदि हाँ, तो यह कार्य कब तक प्रारम्भ हो जावेगा?

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) जी हाँ। (ख) ग्राम भैसोला, जिला उज्‍जैन में 132 के.व्‍ही. उपकेन्‍द्र की स्‍थापना के कार्य की प्रशासनिक स्‍वीकृति दी जा चुकी है। इस कार्य को 13वीं पंचवर्षीय योजना में सम्मिलित किया गया है। इस हेतु वित्‍तीय संसाधन जुटाने के लिए कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। वित्‍तीय संसाधन उपलब्‍ध होते ही कार्य प्रारंभ किया जाएगा।

कैनाल कार्य में अनियमितता

[नर्मदा घाटी विकास]

5. ( *क्र. 1166 ) कुँवर सौरभ सिंह : क्या राज्‍यमंत्री, नर्मदा घाटी विकास महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दिनांक 06 दिसम्‍बर 2016 में मुद्रित परि.अता.प्रश्‍न संख्‍या 100 (क्र. 1296) के दिए गए उत्‍तर के परिप्रेक्ष्‍य में 78,93,235/- रूपये की पी.एफ. राशि में से अभी तक संबंधितों के खाते में कितनी राशि जमा कर दी गई? (ख) यदि नहीं, तो संबंधित ठेकेदार के विरूद्ध अधिनियम में वर्णित प्रावधानों के तहत क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई? कार्यवाही विवरण एवं दस्‍तावेज सहित बताएं तथा ऐसी स्थिति में अधिनियम में क्‍या प्रावधान हैं? प्रतियां उपलब्‍ध करावें (ग) प्रश्‍नकर्ता सदस्‍य द्वारा प्रमुख सचिव नर्मदा घाटी को कार्यालयीन पत्र क्रमांक 1713, दिनांक 19/12/2016 लिखा गया, उस पर विभाग द्वारा क्‍या कार्यवाही की गई?

राज्‍यमंत्री, नर्मदा घाटी विकास ( श्री लालसिंह आर्य ) : (क) रूपये 78,93,235/- पी.एफ. की राशि ठेकेदार से वसूल कर ली गई है। कर्मचारियों के पी.एफ. विवरण प्राप्‍त होने पर संबंधितों के खाते में जमा की जावेगी। (ख) उत्‍तरांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में अब कोई कार्यवाही आवश्‍यक नहीं है। (ग) पत्र विभाग में प्राप्‍त नहीं हुआ है।

विद्युत बिलों की समीक्षा

[ऊर्जा]

6. ( *क्र. 511 ) श्री सुखेन्‍द्र सिंह : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रश्‍नकर्ता द्वारा विधान सभा में दिये गये भाषण दिनांक 14.03.2016 को सदन में बताया गया था कि मऊगंज विधान सभा में अकेले 80,000 मीटर खराब हैं। रीडिंग नहीं ली जाती है। औसत बिल के नाम पर उपभोक्‍ता के साथ अन्‍याय हो रहा है। (ख) प्रश्‍नांश (क) के प्रकाश में कितने मीटर बदले गये? ग्रामवार संख्‍या उपलब्‍ध करावें। (ग) क्‍या प्रश्‍नकर्ता द्वारा 27 सितम्‍बर 2016 को मऊगंज एवं दिनांक 09.09.2016 को हनुमना में किये गये एक दिवसीय घेराव (धरना) में एम.पी.ई.बी. की विभिन्‍न समस्‍याओं से संबंधित प्राप्‍त आवेदनों पर निराकरण किया गया है? यदि हाँ, तो प्रत्‍येक आवेदन पर किये गये निराकरण का विवरण, आवेदक का नाम, पूर्ण पता सहित समस्‍या का विवरण, निराकरण का विवरण देवें? यदि नहीं, तो क्‍यों एवं इसके लिए कौन-कौन दोषी है? दोषी के खिलाफ क्‍या कार्यवाही होगी? (घ) प्रश्‍नकर्ता के विधान सभा क्षेत्र मऊगंज में जाँच/चेकिंग के नाम पर अनियमितता/विद्युत चोरी का कारण बताकर ऊर्जा क्षति के नाम पर फर्जी तरीके से रूपये वसूले गये हैं, जबकि स्‍थल पर ऐसा नहीं किया गया, क्‍या इसकी समीक्षा करायेंगे? ऐसे प्रकरण का निराकरण करायेंगे? यदि हाँ, तो कब? यदि नहीं, तो क्‍यों?

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) दिनांक 01.04.2016 की स्थिति में मऊगंज विधानसभा क्षेत्र के अन्‍तर्गत 14359 मीटर खराब थे। जी नहीं, अपितु स्‍थापित मीटरों की नियमानुसार रीडिंग ली जाती है। मीटर बंद/खराब होने की स्थिति में विद्युत प्रदाय संहिता 2013 की कंडिका 8.35 में निहित प्रावधानों के अनुसार आंकलित खपत एवं म.प्र. विद्युत नियामक आयोग द्वारा जारी दरें आदेश के अनुसार ही बिल दिये जाते हैं। (ख) उत्‍तरांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में 2708 मीटर बदले गये हैं जिनकी ग्रामवार संख्‍या पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ग) दिनांक 27.08.2016 को मऊगंज में एक दिवसीय प्रदर्शन एवं दिनांक 09.09.2016 को हनुमना में आयोजित शिकायत निवारण शिविर में प्राप्‍त सभी आवेदनों का यथोचित निराकरण कर दिया गया है, जिसका विवरण क्रमश: पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' एवं '' अनुसार है। अत: किसी के दोषी होने अथवा किसी के विरूद्ध कार्यवाही करने का प्रश्‍न नहीं उठता। (घ) मऊगंज विधानसभा क्षेत्र में जाँच/चेकिंग के दौरान विद्युत चोरी पाए जाने अथवा विद्युत का अनाधिकृत उपयोग पाए जाने पर वास्‍तविकता के आधार पर ही प्रकरण बनाए गए हैं, अत: प्रश्‍न ही नहीं उठता। तथापि नियम विरूद्ध बनाया गया कोई प्रकरण यदि संज्ञान में लाया जायेगा, तो उक्‍त प्रकरण की जाँच कर नियमानुसार कार्यवाही किया जाना संभव हो सकेगा। 

प्रश्‍नकर्ता के पत्रों पर कार्यवाही

[वाणिज्यिक कर]

7. ( *क्र. 987 ) डॉ. मोहन यादव : क्या वित्त मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) परि.अता. प्रश्‍न संख्‍या 19 (क्रमांक 1260), दिनांक 11.03.2016 का गलत जवाब दिये जाने के कारण प्रश्‍नकर्ता द्वारा प्रमुख सचिव मध्‍यप्रदेश शासन को प्रेषित पत्र क्रमांक ए-1318/उ.द./2016 दिनांक 12.06.2016 कलेक्‍टर, जिला उज्‍जैन को प्रेषित पत्र क्रमांक ए-1321/उ.द./2016 दिनांक 12.06.2016 जो कि 20.06.2016 को संबंधित को प्राप्‍त हुआ, वरिष्‍ठ जिला पंजीयक महोदय के संबंध में विभाग को प्रेषित पत्र क्रमांक ए-1319/उ.द./2016 दिनांक 12.06.2016 जो कि 20.06.2016 को संबंधित को प्राप्‍त हुआ? उक्‍त पत्रों के संबंध में विभाग द्वारा क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई? की गई कार्यवाही का विस्‍तृत ब्‍यौरा प्रस्‍तुत करें तथा उक्‍त संबंध में प्रश्‍नकर्ता को कब जानकारी उपलब्‍ध कराई तथा चाही गई जानकारी मय दस्‍तावेजों के उपलब्‍ध करावें? (ख) प्रश्‍नांश (क) की जानकारी अनुसार प्रश्‍नकर्ता के पत्रों पर संबंधित अधिकारियों के द्वारा कार्यवाही नहीं करते हुये नियत समयावधि में कोई जबाव नहीं देने के लिए कौन अधिकारी दोषी हैं? दोषियों के विरूद्ध कब तक कार्यवाही की जावेगी?

वित्त मंत्री ( श्री जयंत मलैया ) : (क) विधानसभा प्रश्‍न क्रमांक 1260 दिनांक 11/03/2016 के संबंध में प्रश्‍नकर्ता का पत्र क्रमांक ए-1318/उ.द./2016, दिनांक 12/06/2016 के संबंध में विभागीय पत्र क्रमांक-बी-15-24/2016/2/पाँच, दिनांक 17 अक्‍टूबर, 2016 द्वारा प्रकरण की वस्‍तुस्थिति से विधानसभा सचिवालय को अवगत कराया जा चुका है। जिसकी छायाप्रति संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। कलेक्‍टर उज्‍जैन को प्रेषित पत्र क्रमांक ए-1321/उ.द./2016 एवं वरिष्‍ठ जिला पंजीयक उज्‍जैन को प्रेषित पत्र क्रमांक ए-1319/उ.द./2016, दिनांक 12/06/2016 के संबंध में वरिष्‍ठ जिला पंजीयक उज्‍जैन द्वारा प्रश्‍नकर्ता को पत्र क्रमांक 527/जि.पं./बा.मू./गा.ला./2016 दिनांक 22/06/2016 द्वारा वस्‍तुस्थिति से अवगत कराया गया था। जिसकी छायाप्रति संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) प्रश्‍नांश (क) के उत्‍तर के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''एक''

अवैध शराब की बिक्री पर रोक

[वाणिज्यिक कर]

8. ( *क्र. 702 ) श्री मधु भगत : क्या वित्त मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अवैध शराब रोकने हेतु शासन की क्‍या नीति नियम निर्देश हैं? क्‍या इन नीति नियम निर्देशों का पालन बालाघाट जिले में किया जा रहा है? नहीं तो क्‍यों? संपूर्ण जिले में गांव-गांव अवैध शराब बिक्री हेतु कौन उत्‍तरदायी है? (ख) वर्ष 2014-15 से प्रश्‍न दिनांक तक बालाघाट जिले में कहाँ-कहाँ अवैध शराब विक्रय, भण्‍डारण और आबकारी एक्‍ट अंतर्गत कितने प्रकरण दर्ज किये गये प्रकरणवार जानकारी देवें? इन मामलों को माननीय न्‍यायालय में कब प्रस्‍तुत किया गया और किन-‍किन प्रकरणों का निराकरण कराया गया? (ग) संपूर्ण बालाघाट जिले में गांव-गांव में बिक रही अवैध शराब, अवैध भण्‍डारण आदि के संबंध में क्‍या विभाग विशेष निर्देश देकर अभियान चलाकर समुचित कार्यवाही करेगा? यदि नहीं, तो क्‍यों? (घ) विगत दो वर्षों में जनता, जनप्रतिनिधियों द्वारा जिले की किन-किन शराब दुकानों को हटाने की मांग की है? उन पर अब तक विभाग ने क्‍या कार्यवाही की है?

वित्त मंत्री ( श्री जयंत मलैया ) : (क) मध्‍यप्रदेश आबकारी अधिनियम 1915 के अन्‍तर्गत अवैध शराब का विक्रय, भण्‍डारण, परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण रखे जाने हेतु अधिनियम की धारा 34 (1) (2) धारा 36, धारा 54 एवं धारा 49 में प्रावधानित है। जिसमें उल्‍लेखित विभिन्‍न प्रावधानों/विविध उपबंधों का पालन बालाघाट जिले में किया जा रहा है। जिले के गाँव-गाँव में शराब मध्‍यप्रदेश शासन द्वारा घोषित आबकारी नीति वर्ष 2016-17 एवं तदविषयक शासन एवं सक्षम प्राधिकारियों द्वारा जारी नियमों/निर्देशों व आबकारी अधिनियमों के प्रावधानों के अनुसार ही जिले की लायसेंस प्राप्‍त दुकानों से ही शराब का विक्रय किया जा रहा है। जिले में किसी भी स्‍थान से शराब के अवैध विक्रय, धारण, निर्माण, परिवहन आदि से संबंधित किसी भी प्रकार की प्राप्‍त सूचनाओं/शिकायतों पर आबकारी विभाग एवं पुलिस विभाग बालाघाट द्वारा सक्षम कार्यवाही की जाती है। (ख) जिले में वर्ष 2014-15 से प्रश्‍न दिनांक तक आबकारी/पुलिस विभाग द्वारा शराब के अवैध विक्रय, धारण, निर्माण, परिवहन आदि से पंजीबद्ध आपराधिक प्रकरणों एवं उनको माननीय न्‍यायालय में प्रस्‍तुत करने का दिनांक तथा पारित निर्णयों की प्रकरणवार सूची की जानकारी क्रमश: पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-एक एवं परिशिष्‍ट-दो अनुसार है। (ग) आबकारी आयुक्‍त मध्‍यप्रदेश ग्‍वालियर के पत्र क्रमांक 6-ब/अप./2016-17/248 दिनांक 29.07.2016 के माध्‍यम से प्रदेश के सभी जिलों में दिनांक 01.08.2016 से 15.08.2016 तक की अवधि में शराब के अवैध निर्माण, परिवहन, विक्रय धारण आदि गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण के उद्देश्‍य से विशेष अभियान चलाकर कार्यवाही करने के निर्देश जारी किये गये थे, जो निरंतर जारी हैं। (घ) वर्ष 2014-15 से आज दिनांक तक जनप्रतिनिधियों द्वारा जिले की शराब दुकानों को हटाने की मांग/शिकायत से संबंधित प्राप्‍त पत्रों एवं उन पर की गयी कार्यवाही का विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्रतीन अनुसार है।

अनुदान योजना के तहत स्‍थाई पंप कनेक्‍शन का प्रदाय

[ऊर्जा]

9. ( *क्र. 295 ) श्री जतन उईके : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) पांढुर्णा विधान सभा क्षेत्रांतर्गत शासन की अनुदान योजना के तहत स्‍थाई पंप कनेक्‍शन हेतु वर्ष 2013-14 में एवं 2014-15, 2015-16 में 31 मार्च 2016 तक कितने आवेदन म.प्र. पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड छिंदवाड़ा के संबंधित कार्यालयों को प्राप्‍त हुए हैं? (ख) पांढुर्णा विधान सभा क्षेत्रांतर्गत वर्ष 2013-14 से वर्ष 2014-15, 2015-16 में दिनांक 31 मार्च 2016 तक अनुदान योजना के अन्‍तर्गत कितने स्‍थाई पंप कनेक्‍शन प्रदान किये गये? ग्रामवार बतावें।

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) पांढुर्णा विधानसभा क्षेत्र में ''कृषक अनुदान योजना'' के अंतर्गत स्‍थाई पम्‍प कनेक्‍शन हेतु वर्ष 2013-14 में 7, वर्ष 2014-15 में 18 एवं वर्ष 2015-16 में 21 इस प्रकार प्रश्‍नाधीन अवधि में कुल 46 आवेदन म.प्र. पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड के संबंधित कार्यालयों में प्राप्‍त हुए हैं। (ख) पांढुर्णा विधानसभा क्षेत्रांतर्गत वर्ष 2013-14 में 7, वर्ष 2014-15 में 18 एवं वर्ष 2015-16 में 21 इस प्रकार प्रश्‍नाधीन अवधि में प्राप्‍त सभी 46 आवेदनों के कार्य पूर्ण कर स्‍थाई पम्‍प कनेक्‍शन प्रदान कर दिए गए हैं। उक्‍तानुसार दिये गये स्‍थाई पम्‍प कनेक्‍शनों का ग्रामवार एवं वर्षवार विवरण संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है।

परिशिष्ट - ''दो''

सांस्कृतिक एवं साहित्यिक संस्थाओं को अनुदान

[संस्कृति]

10. ( *क्र. 1208 ) श्री संदीप श्री प्रसाद जायसवाल : क्या राज्‍यमंत्री, संस्कृति महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सांस्कृतिक एवं साहित्यिक संस्‍थाओं को अनुदान हेतु चयनित किये जाने एवं प्रदान किये जाने की क्या प्रक्रिया एवं नियम हैं और किन सक्षम अधिकारियों द्वारा किन अनुशंसाओं के आधार पर किया जाता है। (ख) कटनी जिले में वर्ष 2012-13 से वर्तमान तक किन-किन संस्थाओं को किन-किन आयोजनों हेतु कब-कब एवं कितना-कितना अनुदान किस-किस की अनुशंसा पर किस नियम के तहत स्‍वीकृत किया गया? संस्था का नाम, पता, पंजीयन एवं संचालक मंडल की जानकारी सहित बतायें। क्‍या इन संस्‍थाओं द्वारा अनुदान हेतु कोई आवेदन किया गया था? यदि हाँ, तो दस्‍तावेज उपलब्‍ध करायें? यदि नहीं, तो किस आधार पर अनुदान स्‍वीकृत किया गया? (ग) प्रश्नांश () के तहत इन संस्थाओं द्वारा कहाँ-कहाँ एवं कब-कब, क्या कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, कार्यक्रमवार व्‍यय राशि का पूर्ण विवरण बतायें एवं क्‍या संस्‍था द्वारा व्‍यय की गई राशि का परीक्षण एवं सत्‍यापन किसी अधिकारी द्वारा किया गया? यदि हाँ, तो विवरण बतायें एवं यदि नहीं, तो क्‍यों? (घ) प्रश्नांश (ख) से (ग) के परिप्रेक्ष्य में क्या संस्थाओं के चयन एवं अनुदान राशि के उपयोग में नियमानुसार कार्यवाही की गई है? यदि हाँ, तो क्या सक्षम प्राधिकारी ऐसा होने का सत्यापन करेंगे? यदि नहीं, तो क्या कार्यवाही की जायेगी?

राज्‍यमंत्री, संस्कृति ( श्री सुरेन्द्र पटवा ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

ग्राम चचाई में 660 मेगावाट ताप विद्युत गृह का निर्माण

[ऊर्जा]

11. ( *क्र. 411 ) श्री रामलाल रौतेल : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या माननीय मुख्‍यमंत्री जी द्वारा जिला अनूपपुर प्रवास के दौरान ग्राम चचाई, जिला अनूपपुर में 660 मेगावाट ताप विद्युत गृह निर्माण किये जाने की घोषणा की गई थी? यदि हाँ, तो माननीय मुख्‍यमंत्री जी द्वारा की गई घोषणा के क्रियान्‍वयन हेतु क्‍या कार्यवाही की गई? (ख) प्रश्‍नांकित ताप विद्युत गृह निर्माण में कितनी राशि व्‍यय होगी तथा निर्माण कार्य कब प्रारंभ किया जायेगा?

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) जी हाँ। अमरकंटक ताप विद्युत गृह, चचाई, जिला अनूपपुर की सेवानिवृत्‍त इकाईयों (क्र. 3 एवं 4) के स्‍थान पर 660 मेगावाट क्षमता की सुपर क्रिटिकल इकाई की स्‍थापना किये जाने के संबंध में परियोजना संभाव्‍यता अध्‍ययन हेतु मेसर्स डेजिन, नई दिल्‍ली को आदेश जारी किया जा चुका है। उक्‍त आदेशानुसार कार्य प्रगति पर है। टर्म्‍स ऑफ रिफरेंस, पर्यावरणीय प्रभाव आंकलन, अध्‍ययन, पर्यावरणीय स्‍वीकृति, ''पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय'' भारत शासन से प्राप्‍त करने हेतु परामर्शदाता नियुक्‍त करने के लिये ई-निविदा जारी की जा चुकी है। (ख) उपरोक्‍त प्रस्‍तावित परियोजना के निर्माण कार्य में होने वाले व्‍यय का आँकलन तथा निर्माण कार्य प्रारंभ करने की तिथि सलाहकार द्वारा फाइनल डी.पी.आर. प्रस्‍तुत करने के उपरान्‍त ही संभव होगा। अत: व्‍यय होने वाली राशि एवं निर्माण कार्य प्रारंभ किये जाने की तिथि संबंधी जानकारी वर्तमान में दिया जाना संभव नहीं है। 

दुकानों/प्रतिष्‍ठानों से विक्रय कर की वसूली

[वाणिज्यिक कर]

12. ( *क्र. 945 ) श्रीमती शीला त्‍यागी : क्या वित्त मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रीवा जिले के अंदर स्‍थापित दुकानों एवं प्रतिष्‍ठानों के बकाया वैट की राशि वसूली के लिए विभाग द्वारा क्‍या कार्यवाही की जा रही है? (ख) प्रश्नांश () के संदर्भ में समय-सीमा पर टैक्‍स शासन के खजाने में जमा न करने हेतु कौन दोषी है? दुकानदार अथवा अधिकारी। दोषियों की सूची उपलब्‍ध करायें। (ग) प्रश्‍नांश (क) व (ख) के संदर्भ में विभाग द्वारा बकाया टैक्‍स कब तक वसूल कर लिया जावेगा? वसूली न होने पर कौन जिम्‍मेदार होंगे एवं उनके विरूद्ध कौन-सी दण्‍डात्‍मक कार्यवाही कब तक की जावेगी।

वित्त मंत्री ( श्री जयंत मलैया ) : (क) रीवा जिले के अंदर स्‍थापित दुकानों एवं प्रतिष्‍ठानों (व्‍यवसाईयों) के बकाया वैट की राशि वसूली के लिये मध्‍यप्रदेश वेट अधिनियम 2002 एवं मध्‍यप्रदेश भू-राजस्‍व संहिता के प्रावधानों के तहत वसूली की कार्यवाही निरंतर की जा रही है। (ख) व्‍यवसाईयों से बकाया कर की वसूली का कार्य एक निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है। समय से देय कर जमा नहीं करने पर ब्‍याज के प्रावधान हैं अत: किसी अधिकारी/व्‍यवसायी को दोषी नहीं ठ‍हराया गया। (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं () में जैसा बताया गया है कि वसूली राजस्‍व संग्रहण की कार्यवाही एक निरंतर प्रक्रिया है, वित्‍तीय वर्ष 2015-16 में रीवा जिले से कुल राजस्‍व रू. 22855.55 लाख संग्रहित किया गया था जिसमें नगद बकाया वसूली की राशि रू. 1308.77 लाख सम्मिलित है। इसी प्रकार वित्‍तीय वर्ष 2016-17 (दिसम्‍बर 16 तक) में रीवा जिले से कुल राजस्‍व रू. 14431.44 लाख संग्रहित किया गया है जिसमें नगद बकाया वसूली की राशि रू. 644.70 लाख सम्मिलित है। प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के उत्‍तर अनुसार राजस्‍व संग्रहण एवं बकाया वसूली एक नियमित प्रक्रिया के तहत निरंतर की जा रही है, इसलिए किसी को दोषी नहीं ठहराया गया है।

अनियमित भुगतान के दोषियों पर कार्यवाही

[नर्मदा घाटी विकास]

13. ( *क्र. 519 ) श्री सुन्‍दरलाल तिवारी : क्या राज्‍यमंत्री, नर्मदा घाटी विकास महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या बरगी डायवर्जन परियोजना की सतना-रीवा मुख्‍य नहर (बरगी दायीं तट नहर) आर.डी. कि.मी 154.050 से आर.डी.‍ कि.मी. 196.650 तक और बरगी डायवर्जन परियोजना पूर्ण वितरण प्रणाली सहित नागौद (सतना) शाखा नहर आर.डी. कि.मी. 0.00 से आर.डी. कि.मी. 33.175 तक के दो कार्यों हेतु टर्नकी आधार पर वर्ष फरवरी 2009 में कार्यादेश दिया गया था? (ख) यदि हाँ, तो उक्‍त कार्य को पूर्ण करने की कार्यावधि क्‍या थी? ठेकेदार को कब-कब, किस-किस माध्‍यम से भुगतान किया गया? क्‍या कार्य निर्धारित समय एवं अनुबंधानुसार कराया गया? क्‍या कार्य पूर्ण करने हेतु कार्यावधि भी बढ़ायी गई? अगर बढ़ायी गई तो अनुबंध के शर्तों के अनुसार लागत में वृद्धि कर ठेकेदार को लाभ पहुँचाया गया? अगर वृद्धि की गई तो किस मान से? (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के संदर्भ में कार्यपालन यंत्री (ई.ई.) एन.डी. संभाग क्रमांक 07, सतना (नागौद शाखा नहर) और कार्यपालन यंत्री एन.डी. संभाग क्रमांक 09 मैहर (सतना-रीवा मुख्‍य नहर) के अभिलेखों की जाँच दिसम्‍बर 2014 में की गई, जाँच में 99.69 लाख रूपये का अधिक भुगतान ठेकेदार को करना पाया गया? (घ) यदि प्रश्‍नांश (ग) हां, तो क्‍या फर्जी दस्‍तावेज, बिल-वाऊचर तैयार कर भारत सरकार द्वारा प्रकाशित मूल्‍यांक से ज्‍यादा की गणना कर भुगतान करने के लिए संबंधित दोषी अधिकारियों एवं ठेकेदार के विरूद्ध आपराधिक गबन का प्रकरण दर्ज कराते हुए राशि की वसूली ब्‍याज सहित करायेंगे? यदि हाँ, तो कब तक, अगर नहीं तो क्‍यों?

राज्‍यमंत्री, नर्मदा घाटी विकास ( श्री लालसिंह आर्य ) : (क) जी हाँ। (ख) कार्य अवधि कार्यादेश दिनांक से 30 माह एवं 40 माह थी। ठेकेदार को किये गये भुगतान की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र एवं अनुसार है। जी नहीं। जी हाँ। अनुबंध की कंडिका 113.2 के प्रावधानुसार ठेकेदार को किये गये कार्य पर मूल्‍यवृद्धि का भुगतान किया गया। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी हाँ। महालेखाकार द्वारा आपत्ति उठाई गयी थी। (घ) प्रश्‍नांकित दोनों अनुबंध वर्ष 2009 में किये गये थे। उस समय (आधार वर्ष 1994-95) लागू मूल्‍य सूचकांक के आधार पर प्रावधानों के अनुसार गणना कर मूल्‍यवृद्धि का भुगतान फरवरी/मार्च 2010 से किया जा रहा था। जिनका महालेखाकार दल द्वारा नियमित परीक्षण किया जाता रहा है एवं इस बावत् कोई आपत्ति दर्ज नहीं की गई। वर्ष 2014-15 में (आधार वर्ष 2004-05) के आधार पर सितम्‍बर 2010 से प्रभावशील पुनरीक्षित सीरीज के अनुसार अधिक भुगतान की बात कही गई है। तद्नुसार अनुबंध की कंडिका 108.2 में निहित प्रावधानों के अनुसार कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्रमांक 7 सतना द्वारा राशि रूपये 51.76 लाख एवं कार्यपालन यंत्री नर्मदा विकास संभाग क्रमांक 9 मैहर द्वारा राशि रूपये 45.52 लाख ठेकेदार के चलित देयकों से समायोजन कर महालेखाकार को सूचित कर दिया गया है। मुख्‍य अभियंता द्वारा उक्‍त अ‍वधि में पदस्‍थ अधिकारियों को गलत सूचकांक पर आधारित भुगतान करने हेतु कारण बताओ सूचना पत्र जारी किये गये हैं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

आर्थिक अपराध प्रकोष्‍ठ में दर्ज प्रकरण की जाँच

[सामान्य प्रशासन]

14. ( *क्र. 1246 ) श्री नरेन्‍द्र सिंह कुशवाह : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या कार्यालय आर्थिक अपराध प्रकोष्‍ठ (ई.ओ.डब्‍लू.) सचिन तेन्‍दूलकर मार्ग ग्‍वालियर का पत्र क्रमांक 3509, दिनांक 18.10.2016 जारी किया गया है? यदि हाँ, तो प्रश्‍नांश दिनांक तक क्‍या कार्यवाही की गई? यदि नहीं, तो क्‍यों? (ख) प्रश्‍नांश (क) के अंतर्गत जिला योजना कार्यालय भिण्‍ड का पत्र क्र. 2265, दिनांक 28.11.2006 के अंतर्गत शासकीय संस्‍थाओं को कम्‍प्‍यूटर प्रदाय के लिए क्‍या मापदण्‍ड निर्धारित किए गए थे? क्‍या मापदण्‍डों का पूर्णत: पालन किया गया है? (ग) प्रश्‍नांश (क) और (ख) के अंतर्गत जिला योजना भिण्‍ड के कार्यालयीन आदेश क्र. 794795, दिनांक 04.11.99 के द्वारा कम्‍प्‍यूटर प्रोजेक्‍ट योजनान्‍तर्गत शासकीय विद्यालयों में कम्‍प्‍यूटर स्‍थापित करने के लिए 1293000.00 मैसर्स कम्‍प्‍यूटर स्‍टडीज एण्‍ड सर्विसेज रीवा के नाम से जारी की गई? यदि हाँ, तो क्‍यों? सत्‍यापन किसके द्वारा किया गया? (घ) कार्यालय जिला योजना समिति के आदेश क्र. 71, दिनांक 29.1.2000 मैसर्स कम्‍प्‍यूटर स्‍टडीज एण्‍ड सर्विसेज रीवा को 484675.00 प्रति विद्यालय के मान से 6 विद्यालयों को आदेश जारी किया गया? यदि हाँ, तो पुनरावृत्ति कैसे हुई, इसके लिए कौन उत्‍तरदाय‍ी हैं?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जी हाँ। आर्थिक अपराध प्रकोष्‍ठ में कलेक्‍टर, भिण्‍ड से वांछित जानकारी अपेक्षित है। जानकारी प्राप्‍त होने पर उपलब्‍ध तथ्‍यों के आधार पर विधि सम्‍मत कार्यवाही की जायेगी। (ख) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

एवरेज बिल दिए जाने की जाँच

[ऊर्जा]

15. ( *क्र. 1289 ) श्रीमती सरस्‍वती सिंह : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सिगंरौली जिले के विधान सभा क्षेत्र में कुल कितने घरेलू एवं व्‍यवसायिक कनेक्‍शन दिए गए हैं? पृथक-पृथक विवरण दें। उक्‍त कनेक्‍शनों में कितनों में मीटर लगे हैं, कितनों में नहीं? अलग-अलग संख्‍या बताएं। (ख) क्‍या जिन घरेलू एवं व्‍यवसायिक उपभोक्‍ताओं के विद्युत कनेक्‍शनों में मीटर नहीं लगाए गए, उन्‍हें एवरेज (अनुमानित) बिल दिए जा रहे हैं और किस आधार पर दिये जा रहे हैं? (ग) प्रश्‍नांश (क) और (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में उपभोक्‍ताओं के यहां विद्युत खपत आंकलन हेतु मीटर लगाकर बिलों को पुनरीक्षित किया जावेगा? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्‍यों? (घ) प्रश्‍नांश (क), (ख), (ग) के परिप्रेक्ष्‍य में पूरे प्रकरण की जाँच कराकर क्‍या दोषियों के विरूद्ध कार्यवाही की जावेगी? यदि हाँ, तो कब तक?

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) सिंगरौली जिले के अंतर्गत सभी विधानसभा क्षेत्रों में दिये गये घरेलू एवं गैर घरेलू (व्‍यवसायिक) श्रेणी के मीटरयुक्‍त एवं बगैर मीटर वाले (अनमीटर्ड) कनेक्‍शनों की जानकारी निम्‍नानुसार है :-

क्र.

टैरिफ श्रेणी

कुल कनेक्‍शन

मीटरयुक्‍त कनेक्‍शन

अनमीटर्ड कनेक्‍शन

1

घरेलू

66919

65573

1346

2

गैर घरेलू

7461

7461

0

 

(ख) उत्‍तरांश (क) में दर्शाए अनुसार प्रश्‍नाधीन सभी गैर-घरेलू कनेक्‍शनों में मीटर लगाए गये हैं। बिना मीटर वाले घरेलू उपभोक्‍ताओं को म.प्र. विद्युत नियामक आयोग द्वारा जारी दर आदेश में निहित प्रावधानों के अनुसार निर्धारित आंकलित खपत के आधार पर नियमानुसार बिल दिए जा रहे हैं। (ग) जिन उपभोक्‍ताओं के यहां मीटर लगने शेष हैं, उनके यहां मीटर लगाने की कार्यवाही की जा रही है। उपभोक्‍ताओं को विद्युत बिल नियमानुसार निर्धारित प्रक्रिया के तहत् दिए गए हैं अत: बिलों को पुनरीक्षित करने का प्रश्‍न नहीं उठता। (घ) म.प्र. विद्युत नियामक आयोग द्वारा जारी दर आदेश के अनुसार ही बिना मीटर वाले उपभोक्‍ताओं की बिलिंग की जा रही है। अत: उक्‍त परिप्रेक्ष्‍य में किसी के दोषी होने अथवा किसी प्रकार की जाँच कराए जाने का प्रश्‍न नहीं उठता। 

महेश्‍वर जल विद्युत परियोजना की पूर्णता

[ऊर्जा]

16. ( *क्र. 1310 ) श्री राजकुमार मेव : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नर्मदा नदी पर मण्‍डलेश्‍वर में महेश्‍वर जल विद्युत परियोजना (महेश्‍वर हाईड्रोलिक प्रोजेक्‍ट) के तहत बांध एवं संपूर्ण परियोजना की स्‍वीकृति किस वर्ष में दी गई? इसे कब तक पूर्ण करना था? इसकी लागत क्‍या निर्धारित की गई थी एवं किस कंपनी को यह परियोजना स्‍वीकृत की गई? (ख) प्रश्‍नांश (क) के संबंध में महेश्‍वर जल विद्युत परि‍योजना पर कंपनी द्वारा कुल कितना व्‍यय किया गया एवं किस-किस कार्य पर कितना-कितना व्‍यय किया? कंपनी द्वारा किये गये व्‍यय का ऑडिट किन-किन संस्‍थाओं द्वारा किस-किस वर्ष में किया गया एवं उसमें कौन-कौन सी आपत्तियां ली गईं? कितनी आपत्तियों का निराकरण किया गया एवं कितनी राशि की आर्थिक अनियमितताएं पाई गईं? (ग) कंपनी द्वारा निर्धारित समयावधि में कार्य पूर्ण नहीं किये जाने के कारण कब-कब कार्य पूर्ण करने हेतु कार्यावधि बढ़ाई गई एवं लागत में भी कब-कब कितनी-कितनी वृद्धि की गई? क्‍या कार्य पूर्ण नहीं किये जाने के कारण कम्‍पनी को हटा दिया गया? उस पर कितनी आर्थिक अनियमितताओं के तहत राशि वसूली योग्‍य है? किस नई कंपनी को यह परियोजना पुन: कितनी लागत के साथ स्‍वीकृत की गई? (घ) प्रश्‍न (क) के संदर्भ में महेश्‍वर जल विद्युत परियोजना में कितने कर्मचारी, किस-किस वर्ग के कार्य कर रहे थे, कितने कर्मचारियों को वर्तमान में हटाया गया एवं कितने कर्मचारियों को उनके पारिश्रमिक का भुगतान किया जाना शेष है? जिन कर्मचारियों को कार्य से हटाया गया उन्‍हें पुन: कार्य पर लगाया जावेगा? यदि नहीं, तो कारण बतावें?

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) म.प्र. शासन द्वारा महेश्‍वर जल विद्युत परियोजना की स्‍थापना, संचालन एवं संधारण का कार्य निजी क्षेत्र की कंपनी मेसर्स एस.कुमार्स को एक जनरेटिंग कंपनी के रूप में सौंपने की स्‍वीकृति वर्ष 1992 में दी गई। परियोजना का कार्य प्रारम्‍भ होने से 5 वर्ष की अवधि में पूर्ण किया जाना प्रस्‍तावित था। परियोजना की कुल अनुमानित लागत रू. 736 करोड़ थी। वर्ष 1994 से इस परियोजना का कार्य मे. एस.कुमार्स द्वारा स्‍थापित कंपनी श्री महेश्‍वर हायडल पॉवर कार्पोरेशन लिमिटेड द्वारा किया जा रहा है। (ख) प्रश्‍नांश की जानकारी निजी कंपनी श्री महेश्‍वर हायडल पॉवर कार्पोरेशन लिमिटेड से संबंधित है। निजी कंपनी द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार परियोजना पर कंपनी द्वारा दिनांक 31.03.2016 की स्थिति में कुल 5411.15 करोड़ रूपये व्‍यय किए गए। कार्यवार व्यय विवरण निम्‍नानुसार है :- (1) डिजाइन इंजीनियरिंग एवं कन्‍सलटेंसी-52.56 करोड़ रूपये, (2) सिविल कार्य-896.66 करोड़ रूपये, (3) हायड्रो मैकेनिकल कार्य-301.83 करोड़ रूपये, (4) इलेक्‍ट्रो मैकेनिकल कार्य-302.39 करोड़ रूपये, (5) प्‍लांट एवं मशीनरी-20.66 करोड़ रूपये, (6) प्रि-ऑपरेटिव्‍ह खर्च (आई.डी.सी. व आर.एंड.आर. सहित)-3837.05 करोड़ रूपये। कंपनी द्वारा चार्टर्ड एकाउंटेंट फर्म से समय-समय पर आडिट कराये जाने की जानकारी दी गई है। कंपनी के अनुसार इसमें किसी आर्थिक अनियमितता के पाये जाने का उल्‍लेख नहीं है। अत: प्रश्‍न के शेष भाग संबंधी जानकारी निरंक है। (ग) श्री महेश्‍वर हायडल पॉवर कार्पोरेशन लिमिटेड द्वारा परियोजना को निर्धारित समयावधि में पूर्ण नहीं किये जाने के कारण वर्ष 2006 में परियोजना की पुनरीक्षित लागत 2449 करोड़ रूपये आंकी गई थी। मार्च 2006 में परियोजना से वाणिज्यिक उत्‍पादन मार्च 2010 से प्रारम्‍भ करने का लक्ष्‍य निर्धारित किया गया। कार्य पूर्ण न किये जाने के कारण कंपनी को हटाया नहीं गया है। कंपनी के प्रवर्तकों के विरूद्ध एम.पी. स्‍टेट इण्‍डस्ट्रियल डेव्‍हलपमेंट कार्पोरेशन लि. द्वारा आई.सी.डी. संव्‍यवहार में की गई अनियमितताओं एवं तत्पश्‍चात दिनांक 16.09.2005 में हुये समझौते के तहत् दिनांक 31.12.2016 की स्थिति में वसूली योग्‍य राशि 107.99 करोड़ (ब्‍याज रूपये 85.08 करोड़) की वसूली लंबित है। परियोजना हेतु किसी नई कंपनी का चयन नहीं किया गया है। उपलब्‍ध जानकारी के अनुसार भारत सरकार की संस्‍था पॉवर फायनेंस कार्पोरेशन एवं ऋण प्रदाता वित्‍तीय संस्‍थाओं द्वारा वर्तमान में कंपनी के प्रबंधन पर नियंत्रण लिया गया है। (घ) प्रश्‍नांश निजी कंपनी श्री महेश्‍वर हायडल पॉवर कार्पोरेशन लिमिटेड से संबंधित है। निजी कंपनी द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार वर्तमान में परियोजना में वर्कमेन स्‍टाफ एवं पुनर्वास कार्यालय के कुल 91 कर्मचारी एवं 50 अधिकारी कार्यरत हैं। किसी भी कर्मचारी को वर्तमान में हटाया नहीं गया है। कुल 93 कर्मचारियों को उनके पारिश्रमिक का भुगतान किया जाना शेष है। दो कर्मचारी स्‍वेच्‍छा से कार्य छोड़कर चले गये थे। किसी भी कर्मचारी को हटाया नहीं गया है अत: शेष प्रश्‍नांश लागू नहीं होता। 

''पदोन्‍नति में आरक्षण'' प्रकरण में सुनवाई

[सामान्य प्रशासन]

17. ( *क्र. 1157 ) श्री सुरेन्‍द्र सिंह बघेल : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सुप्रीम कोर्ट में ''पदोन्‍नति में आरक्षण'' प्रकरण की सुनवाई में शासन की ओर से कितने वकील पैरवी कर रहे हैं? उनके नाम, भुगतान राशि सहित प्रश्‍न दिनांक तक बतावें। (ख) उपरोक्‍त प्रकरण में कितनी तारीखें लगी? उनमें उपरोक्‍त संयुक्त वकीलों में कौन-कौन वकील कब-कब उपस्थित/अनुपस्थित रहे, की जानकारी तारीखवार, वकील के नाम सहित देवें। अनुपस्थित रहने वाले वकीलों ने क्‍या इसकी सूचना विभाग को दी? यदि हाँ, तो विवरण दें। यदि नहीं, तो क्‍यों? (ग) क्‍या शासन ने इस सूचना पर कोई अन्‍य वकील भेजा या कोई अन्‍य कार्यवाही की? यदि हाँ, तो विवरण देवें।

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र-एक अनुसार(ख) एवं (ग) नियत तारीख एवं उपस्थित वकीलों की सूची संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र-दो अनुसार। जी नहीं। प्रायवेट वकील अन्‍यत्र व्‍यस्‍त रहने के कारण जिस तिथि को कोर्ट में उपस्थित रहने में असमर्थ रहते हैं, उस तिथि के लिए वे ब्रीफिंग से इंकार कर देते हैं। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''तीन''

लोकायुक्त एवं आर्थिक अपराध शाखा में पंजीबद्ध प्रकरण

[सामान्य प्रशासन]

18. ( *क्र. 226 ) श्री रामनिवास रावत : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जल संसाधन विभाग के अंतर्गत प्रथम श्रेणी एवं द्वितीय श्रेणी के किन-किन अधिकारियों के विरूद्ध लोकायुक्त एवं आर्थिक अपराध शाखा में प्रकरण पंजीबद्ध कर कार्यवाही प्रचलित है? संबंधित अधिकारियों के नाम, तत्समय पदस्थापना, प्रकरण क्रमांक, दिनांक एवं वर्तमान पदस्थापना सहित जानकारी दें? (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में कितने अधिकारियों/कर्मचारियों के विरूद्ध प्रकरण पंजीबद्ध कर चालान प्रस्तुत करने के लिए अनुमति बाबत् राज्य शासन को भेजे गए व कितनों में अनुमति प्रदान की गई? कितनों में नहीं? प्रकरण भेजने का दिनांक, अनुमति प्रदान करने का दिनांक व लंबित प्रकरणों की संख्या बतावें? (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के परिप्रेक्ष्य में किन-किन प्रथम एवं द्वितीय श्रेणी के अधिकारियों के विरूद्ध जाँच कर न्यायालय में चालान प्रस्तुत किये गये हैं? जिन अधिकारियों के विरूद्ध माननीय न्यायालय में चालान पेश किए गए हैं, क्या उनके विरूद्ध सामान्य प्रशासन विभाग के निर्देशानुसार निलंबन की कार्यवाही की गई है? यदि नहीं, तो इसके लिए कौन उत्तरदायी है? (घ) प्रश्नांश (क), (ख) एवं (ग) के संदर्भ में किन-किन अधिका‍रियों के विरूद्ध जाँच की कार्यवाही चलने अथवा न्यायालय में चालान प्रस्तुत किए जाने के बावजूद नियम विरूद्ध पदोन्नति का लाभ दिया गया है? क्या शासन ऐसी पदोन्नतियों को निरस्त करने की कार्यवाही करेगा? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्यों?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

वाशिंग कोयले की खरीदी

[ऊर्जा]

19. ( *क्र. 1377 ) श्री जितू पटवारी : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या म.प्र.पा.ज.कं.लि. में वर्ष 2015-16 से प्रश्‍न दिनांक तक वाशिंग कोयला (धुला हुआ) ताप विद्युत गृहवार, माहवार, वर्षवार कितना कोयला ताप विद्युत गृहों में प्रदाय किया गया? (ख) प्रश्‍नांश (क) के अनुसार वाशिंग कोयला (धुला कोयला) प्रदाय का आदेश किस फर्म को प्रसारित किया गया, कुल कार्यादेश की कुल मात्रा, दर एवं कुल कीमत बतलायें। साथ ही कार्यादेश की छायाप्रति उपलब्‍ध करवायें। (ग) वाशिंग कोयला (धुला कोयला) जिन ताप विद्युत गृहों में प्रदाय किया गया है इस कोयले के प्रदाय से विद्युत उत्‍पादन में कितनी बढ़ोत्‍तरी हुई? वाशिंग कोयला (धुला कोयला) उपयोग करने से पूर्व (सामान्‍य कोयला) की अपेक्षा विद्युत उत्‍पादन की प्रति यूनिट लागत कम हुई या अधिक हुई समस्‍त ब्‍यौरा ताप विद्युत गृहवार बतलायें।

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) जी हाँ। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) वर्ष 2015-16 में श्री सिंगाजी ताप विद्युत गृह, खण्डवा हेतु एस.ई.सी.एल. की कोयला खदानों से प्राप्त कोयले की धुलाई (वॉश) कर विद्युत गृह तक परिवहन हेतु (1) मेसर्स ए.सी.बी. (इंडिया) लि., गुड़गाँव तथा (2) मेसर्स स्पेक्ट्रम कोल एवं पॉवर लि., नई दिल्ली को क्रमश: 29,96,340 मीट्रिक टन जिसकी कुल लागत रूपये 98,83,12,785.60 है एवं 18,00,000 मीट्रिक टन,जिसकी कुल लागत रूपये 59,37,04,800 (कुल मात्रा 47,96,340 मीट्रिक टन) है, के कार्यादेश प्रसारित किये गये थे। कार्यादेश के अनुसार दरों का विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' एवं कार्यादेशों की छायाप्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र (1) एवं प्रपत्र (2) अनुसार है। (ग) म.प्र. पॉवर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड के ताप विद्युत गृहों में सभी स्त्रोतों से प्राप्त कोयला चाहे वह धुला हुआ हो अथवा बिना धुला, मिश्रित रूप से उपयोग में लाया जाता है। श्री सिंगाजी ताप विद्युत गृह खण्डवा में वाश्‍ड कोल माह अगस्त 2015 से आना प्रारंभ हुआ है तथा इसका उपयोग मुख्यत: माह सितंबर 2015 से प्रारंभ हुआ है। माह अप्रैल 2014 से दिसंबर 2016 तक उपरोक्त विद्युत गृह की दोनों इकाईयों में हुये माहवार उत्पादन का विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। वाश्‍ड कोल के उपयोग के उपरांत विद्युत गृह के उत्पादन में आंशिक वृद्धि परिलक्षित हुई है। सिर्फ वाश्‍ड कोल का किसी भी विद्युत गृह में पृथक रूप से उपयोग नहीं किया गया है अत: वाश्‍ड कोल से विद्युत उत्पादन की लागत की गणना पृथक से नहीं की गई है। श्री सिंगाजी ताप विद्युत गृह खण्डवा में अन्य विद्युत गृहों की अपेक्षा वाश्ड कोल अधिक मात्रा में प्रदाय किया गया है, अत: वाश्ड कोल के उपयोग के प्रभाव को दर्शाने हेतु, वाश्‍डकोल उपयोग के पूर्व एवं उसके पश्चात् उपरोक्त विद्युत गृह से विद्युत उत्पादन की वेरियेबल दरें पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। उपरोक्त कालखण्ड में कोयले की दरें एवं रेल भाड़े में भी परिवर्तन हुआ है। इसके उपरांत भी वाश्‍डकोल के उपयोग से श्री सिंगाजी ताप विद्युत गृह, खण्डवा की विद्युत उत्पादन की वेरियेबल दर में सार्थक कमी आई है।

स्‍लीमनाबाद केरियर कैनाल के कार्य की जाँच

[नर्मदा घाटी विकास]

20. ( *क्र. 867 ) श्री यादवेन्‍द्र सिंह : क्या राज्‍यमंत्री, नर्मदा घाटी विकास महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधान सभा अता. प्रश्‍न संख्‍या 147 (क्र. 2743), दिनांक 26 जुलाई 16 के प्रश्‍नांश (क) में शिकायतकर्ता को सुना जाकर जाँच कराने की मांग की गई थी जिसके उत्‍तर में मुख्‍य अभियंता अपर नर्मदा जोन जबलपुर द्वारा जाँच की जा चुकी है, शेष प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता उत्‍तर दिया गया है तो शिकायतकर्ता को बिना सुने असत्‍य एवं भ्रामक जाँच क्‍यों की गई? क्‍या यह सही है कि जाँचकर्ता द्वारा आरोपियों से सांठ-गांठ कर उन्‍हें बचाने का प्रयास किया गया है? क्‍या ऐसे जाँचकर्ता के विरूद्ध कार्यवाही करते हुये पुन: निष्‍पक्ष जाँच शिकायतकर्ता को सुनी जाकर की जावेगी? (ख) यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो कारण बताएं तथा मुख्‍य अभियंता अपर नर्मदा जोन जबलपुर द्वारा की गई जाँच का जाँच प्रतिवेदन उपलब्‍ध करावें।

राज्‍यमंत्री, नर्मदा घाटी विकास ( श्री लालसिंह आर्य ) : (क) एवं (ख) जी हाँ। शिकायत की जाँच अभिलेख और तथ्‍यों पर की गई है तथा प्रश्‍नोत्‍तरी के पूर्व जाँच पूर्ण की जा चुकी थी। अत: शिकायतकर्ता को सुनने का प्रश्‍न नहीं उठता। मुख्‍य अभियंता द्वारा जाँच रिकार्ड के आधार पर की गई है। अत: पुन: जाँच का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है।

आनंद उत्‍सव के तहत आयोजित कार्यक्रम

[आनन्द]

21. ( *क्र. 1074 ) श्रीमती चन्‍दा सुरेन्‍द्र सिंह गौर : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) खरगापुर विधानसभा क्षेत्र में आनन्‍द उत्‍सव के तहत विकासखण्‍ड क्षेत्र बल्‍देवगढ़ एवं विकासखण्‍ड पलेरा में किन-किन ग्राम पंचायतों में क्‍या-क्‍या कार्यक्रम आयोजित किये गये? दिनांकवार अवगत करायें। (ख) क्‍या इस आनन्‍द उत्‍सव में क्षेत्रीय विधायकों को आमंत्रित नहीं किया गया? क्‍या इस प्रकार के आदेश शासन की ओर से दिये गये थे? यदि नहीं, तो नहीं बुलाए जाने के कारण स्‍पष्‍ट करें? (ग) क्‍या आनन्‍द उत्‍सव के कार्यक्रमों में व्‍यय होने वाली राशि का दुरूपयोग किया गया तथा एक ग्राम पंचायत में आयोजित होने वाले कार्यक्रम में कौन-कौन से खेल या अन्‍य कौन-कौन से आयोजन शामिल किये जाते हैं तथा आयोजनों की तारीखें व स्‍थान कहाँ पर निश्चित किये जाते हैं?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) खरगापुर विधान सभा क्षेत्र में आनंद उत्‍सव के तहत विकासखण्‍ड क्षेत्र बल्‍देवगढ़ एवं विकासखण्‍ड पलेरा में किन-किन ग्राम पंचायतों में क्‍याक्‍या कार्यक्रम आयोजित किए गये, की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। कार्यक्रम 14 जनवरी 2017 से 21 जनवरी 2017 में आयोजित किये गये। (ख) पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-2 की कण्डिका 11 के अनुसार जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित करने के निर्देश दिये गये थे। (ग) राशि के दुरूपयोग की कोई भी जानकारी प्रकाश में नहीं आई है। आनंद उत्‍सव के संबंध में जारी स्‍वत: स्‍पष्‍ट निर्देश पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-2 पर है।

आर्थिक अपराध संबंधी शिकायत पर कार्यवाही

[वाणिज्यिक कर]

22. ( *क्र. 433 ) श्री कालुसिंह ठाकुर : क्या वित्त मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) उप पंजीयक (रजिस्ट्रार) कार्यालय धार में विक्रय विलेख दस्तावेज क्रमांक ए वन ग्रन्थ 6272, क्रमांक 1614 दिनांक 17.06.2009 से हुए आर्थिक अपराध संबंधी शिकायत कलेक्टर, जिला धार को कब प्राप्त हुई तथा उस पर अब तक क्या कार्यवाही की गई है? (ख) यदि कार्यवाही नहीं की गई तो इसके लिये कौन अधिकारी जवाबदार है, तथा शिकायत लम्बित रखने के लिये जिम्मेदार अधिकारी पर कब तक एवं क्या कार्यवाही की जावेगी? (ग) उपरोक्त शिकायत 07 वर्ष का लम्बा समय व्यतीत हो जाने के बावजूद किस स्तर पर किन कारणों से लम्बित है? उक्त लम्बित शिकायत का निराकरण कब तक कर दिया जावेगा?

वित्त मंत्री ( श्री जयंत मलैया ) : (क) कलेक्‍टर धार द्वारा प्रश्‍नाधीन शिकायत जनवरी 2016 में प्राप्‍त हुई। शिकायत की जाँच समिति गठित कर कराई जा रही है। (ख) कलेक्‍टर धार द्वारा शिकायत की जाँच प्रक्रियाधीन है, अत: कार्यवाही का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। जाँच पूर्ण होने पर नियमानुसार कार्यवाही की जावेगी। (ग) उक्‍त शिकायत 07 वर्ष से लंबित नहीं है। कलेक्‍टर धार को शिकायत जनवरी 2016 से प्राप्‍त होकर उपरोक्‍तानुसार कार्यवाही प्रचलित है। शिकायत की जाँच कार्यवाही पूर्ण होने पर यथाशीघ्र शिकायत का निराकरण कर दिया जावेगा।

धार्मिक पर्यटक स्‍थल का विकास

[पर्यटन]

23. ( *क्र. 740 ) श्री नारायण सिंह पँवार : क्या राज्‍यमंत्री, संस्कृति महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रश्‍नकर्ता के अता. प्रश्‍न संख्‍या-19 (क्रमांक 332), दिनांक 6 दिसम्‍बर 2016 के उत्‍तर में बताया गया था कि ब्‍यावरा नगर के धार्मिक पर्यटक स्‍थल श्री अंजनीलाल मंदिर के विकास के संबंध में सीमित बजट प्रावधान के कारण स्‍वीकृति दी जाना संभव नहीं है? यदि हाँ, तो क्‍या प्रश्‍नकर्ता द्वारा धार्मिक पर्यटक स्‍थल श्री अंजनीलाल मंदिर के विकास हेतु आवश्‍यक स्‍वीकृतियां प्रदान करने हेतु माह नवम्‍बर 2016 में माननीय राज्‍यमंत्री, पर्यटन विभाग म.प्र. शासन, अध्‍यक्ष म.प्र. राज्‍य पर्यटन विकास निगम एवं प्रबंध संचालक पर्यटन विकास निगम को पत्र के माध्‍यम से अनुरोध किया गया था? (ख) यदि हाँ, तो क्‍या उक्‍त धार्मिक पर्यटक स्‍थल के विकास हेतु आवश्‍यक राशि की स्‍वीकृति प्रदान कर दी गई? यदि नहीं, तो कब तक आवश्‍यक राशि की स्‍वीकृति प्रदान की जावेगी? (ग) उपरोक्‍तानुसार क्‍या शासन जनभावना के दृष्टिगत उक्‍त धार्मिक पर्यटन स्‍थल के विकास हेतु आवश्‍यक राशि की स्‍वीकृति प्रदान करेगा?

राज्‍यमंत्री, संस्कृति ( श्री सुरेन्द्र पटवा ) : (क) जी हाँ। (ख) जी हाँ। आयुक्‍त पर्यटन के आदेश क्रमांक 930 दिनांक 28/12/2016 द्वारा राशि रूपये 25.97 लाख की प्रशासकीय एवं राशि रूपये 5.00 लाख की वित्‍तीय स्‍वीकृति प्रदान की गई है जिसके अन्‍तर्गत उक्‍त विकास कार्य की निविदा कार्यवाही प्रचलन में है। (ग) उत्‍तरांश (ख) अनुसार।

कंजार्डा विद्युत वितरण केन्‍द्र पर विद्युत चोरी के दर्ज प्रकरण

[ऊर्जा]

24. ( *क्र. 192 ) श्री कैलाश चावला : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नीमच जिले के मनासा विधानसभा क्षेत्र के कंजार्डा विद्युत वितरण केन्‍द्र के ग्राम झोपडिया में वर्ष 2016 में विद्युत चोरी के ऐसे कितने प्रकरण बनाए गए हैं, जिनके कनेक्‍शन 24 घण्‍टे विद्युत प्रदाय की लाईन से जुड़े हुए पाये गए? नामों का उल्‍लेख करें। (ख) प्रश्‍नांक (क) में उल्‍लेखित कृषक कितने वर्षों से विद्युत विभाग से स्‍थाई कनेक्‍शन प्राप्‍त कर विद्युत का उपयोग कर रहे थे, नाम व वर्षों का उल्‍लेख करें। (ग) क्‍या फीडर सेपरेशन कार्य करते समय उक्‍त गांव में सिंचाई की लाईन न डालते हुए उनके कनेक्‍शन विभाग द्वारा ही 24 घण्‍टे विद्युत प्रदाय की लाईन से स्‍थाई उपभोक्‍ता होने के कारण कर दिए गए थे। (घ) यदि हाँ, तो उन किसानों के विद्युत चोरी के प्रकरण अनावश्‍यक रुप से बनाने के लिए जिम्‍मेदार कौन हैं, ऐसे अधिकारी के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की जावेगी।

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) नीमच जिले के मनासा विधानसभा क्षेत्र के विद्युत वितरण केन्‍द्र कंजार्डा के ग्राम झोपडिया में विद्युत अधिनियम-2003 की धारा-126 के तहत वर्ष 2015-16 में कृषि पंप उपभोक्‍ताओं द्वारा विद्युत का अप्राधिकृत उपयोग करने के तीन प्रकरण बनाये गये थे, जिनमें जाँच के दौरान कनेक्‍शन कृषि फीडर के स्‍थान पर 24 घण्‍टे विद्युत प्रदाय की जाने वाली विद्युत लाईन से जुड़े हुए पाये गये थे। प्रकरणवार जानकारी इस प्रकार है :- 1. श्री शिवलाल मथुरालाल धाकड़ (स्‍थाई सर्विस कनेक्‍शन क्रमांक 21-2442), 2. श्री नाथुलाल नारायण धाकड़ (स्‍थाई सर्विस कनेक्‍शन क्रमांक 31-2007), 3. श्री मोतीलाल बाबू धाकड़ (स्‍थाई सर्विस कनेक्‍शन क्रमांक 31-1991) (ख) उत्‍तरांश (क) में उल्‍लेखित तीनों स्‍थाई कृषि पंप उपभोक्‍ता विगत लगभग 6 वर्षों से विद्युत का उपयोग कर रहे हैं। (ग) जी नहीं। वर्ष 2011 में प्रश्‍नाधीन सिंचाई पम्‍पों को तत्समय विद्यमान अधोसंरचना से कनेक्‍शन जारी किये गये थे। फीडर सेपरेशन का कार्य पूर्ण होने पर इन सिंचाई पम्‍पों को 11 के.व्‍ही. बाराजी कृषि फीडर पर स्थित 100 के.व्‍ही.ए. क्षमता के वितरण ट्रांसफार्मर (लोकेशन चौकड़ी रोड झोपडिया) से जोड़ा गया था। (घ) उत्‍तरांश () के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न नहीं उठता। 

म.प्र. लोक सेवा आयोग द्वारा उत्‍तर पुस्तिका संधारित करने की अवधि

[सामान्य प्रशासन]

25. ( *क्र. 1239 ) सुश्री हिना लिखीराम कावरे : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) म.प्र. राज्‍य सिविल सेवा परीक्षा तथा राज्‍य वन सेवा परीक्षा की उत्‍तर पुस्तिका संधारित करने की अवधि प्रारंभिक वर्षों से कितनी रखी गयी थी? क्‍या उक्‍त अवधि में परिवर्तन किया गया है? यह परिवर्तन कब किया गया? (ख) म.प्र. राज्‍य लोक सेवा आयोग द्वारा किन शक्तियों का उपयोग कर उत्‍तर पुस्तिका संधारित करने की अवधि में परिवर्तन किया गया है? प्राप्‍त शक्तियों संबंधित दस्‍तावेज उपलब्‍ध करावें। (ग) संधारित उत्‍तर पुस्तिकाओं की समयावधि परिवर्तित करने के संबंध में क्‍या न्‍यायालयीन हस्‍तक्षेप हुआ है? यदि हाँ, तो न्‍यायालय के निर्णय की कॉपी उपलब्‍ध कराएं।

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) 02 वर्ष। जी हाँ, वर्ष 2011 में। (ख) भारत के संविधान के अनुच्‍छेद-320 में आयोग को चयन की प्रक्रिया के निर्धारण तथा संचालन के अधिकार दिये गये हैं, तथा रूल्‍स ऑफ प्रोसिजर के बिंदु क्रमांक-09 (रिकार्ड) के अनुसार आयोग के एक सदस्‍य एवं अध्‍यक्ष रिकार्ड के संधारण की अवधि के लिये निर्णय लेने हेतु अधिकृत है। संबंधित प्रावधानों की छायाप्रतियां पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' एवं '''' अनुसार है। (ग) जी हाँ, याचिका क्रमांक 3005/2012 में पारित आदेश की छायाप्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। एक अन्‍य याचिका क्रमांक 6130/2012 (पी.आई.एल.) में उच्‍च न्‍यायालय खण्‍डपीठ ग्‍वालियर में लंबित है।

 

 


 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

भाग-2

नियम 46 (2) के अंतर्गत अतारांकित प्रश्नोत्तर के रुप में परिवर्तित तारांकित प्रश्नोत्तर

अशोकनगर जिले में तार/ट्रांसफार्मर चोरी

[ऊर्जा]

1. ( क्र. 17 ) श्री महेन्द्र सिंह कालूखेड़ा : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या अशोकनगर जिले में 400 किलोमीटर तार तथा 251 ट्रांसफार्मर पिछले वर्षों में चोरी हुई जिनकी लागत रूपये 211 करोड़ है (ख) यदि हाँ, तो क्‍या चोरी हुए तार एवं ट्रांसफार्मर के स्थान पर नये तार व ट्रांसफार्मर लगा दिये गये, यदि नहीं, तो कब तक लगा दिये जाएगे इन्हें पुनः लगाने के संबंध में कितनी-कितनी धनराशि के प्रस्ताव कब-कब भोपाल भेजे गये उनका विवरण देवें? (ग) इनमें से कितने प्रकरणों में किस किस ने पुलिस रिपोर्ट की है व कितनी चोरियां पकड़ी गई है व कितनी नहीं व क्यों।

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) अशोकनगर जिले में पिछले वर्षों में 450.78 कि.मी. तार तथा 251 वितरण ट्रांसफार्मर चोरी हुये हैं, जिनकी कुल अनुमानित लागत राशि रूपये 255.80 लाख है। (ख) जी हाँ, चोरी गये 251 वितरण ट्रांसफार्मरों में से 226 ट्रांसफार्मर बदल दिये गये है। शेष 25 ट्रांसफार्मरों से संबद्ध उपभोक्‍ताओं की निकटवर्ती वितरण ट्रांसफार्मरों से विद्युत व्‍यवस्‍था बहाल कर दी गई है। तार चोरी प्रभावित लाईनों से प्रभावित क्षेत्र को निकटवर्ती फीडर से वैकल्पिक व्‍यवस्‍था कर विद्युत प्रदाय कर विद्युत प्रदाय बहाल कर दिया गया है। महाप्रबंधक (संचा/संधा), गुना के पत्र क्र. अअ/सं.स./फी.से. (अशोकनगर) /0614/1499 दिनांक 12.06.2014 के माध्‍यम से राशि रूपये 115.38 लाख का प्रस्‍ताव मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी मुख्‍यालय में प्राप्‍त हुआ है, जिसकी छायाप्रति संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। उक्‍त चोरी गये तार एवं शेष ट्रांसफार्मरों को वित्‍तीय संसाधनों की उपलब्‍धतानुसार बदलने की कार्यवाही की जावेगी। वर्तमान में प्रश्‍नाधीन प्रभावित ग्रामों में विद्युत प्रदाय सुचारू रूप से चालू है। (ग) उत्‍तरांश '''' में वर्णित चोरी गये सभी ट्रांसफार्मरों एवं तारों से संबंधित प्रकरणों में संबंधित वितरण केन्‍द्र के प्रभारी द्वारा संबंधित थाने में लिखित सूचना दी गई है, किन्‍तु चोरी गये 251 ट्रांसफार्मरों में से 233 ट्रांसफार्मरों एवं तार चोरी के 24 प्रकरणों (कुल लंबाई 450.78 कि.मी.) में से 20 प्रकरणों (कुल लंबाई 412.56 कि.मी.) में पुलिस विभाग द्वारा एफ.आई.आर. दर्ज की गई है। उपलब्‍ध दस्‍तावेजों के आधार पर किसी भी प्रकरण में चोरी पकड़े जाने की सूचना मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी को प्राप्‍त नहीं हुई है। उक्‍त प्रकरणों में पुलिस विभाग द्वारा कार्यवाही अपेक्षित है। 

परिशिष्ट - ''एक''

अविद्युतीकृत क्षेत्रों में विद्युतीकरण

[ऊर्जा]

2. ( क्र. 25 ) डॉ. राजेन्‍द्र पाण्‍डेय : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जावरा विधानसभा क्षेत्रान्‍तर्गत वर्ष 2012-13 से 2016-17 में जनवरी-2017 तक कितने ग्रामों/मजरों/टोलों को विद्युतीकरण हेतु चिन्हित किया गया गया तथा इनमें से कितने ग्राम/मजरे/टोलों को विद्युतीकरण किया गया? चिन्हित कार्यों में से शेष कार्यों की सूची देवें? उपरोक्‍त वर्षों में कितने वितरण ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि की गई एवं कितने नवीन वितरण ट्रांसफार्मर लगाये गये वर्षवार संख्‍या बतावें? (ख) क्‍या क्षेत्र में अनेक ग्रामों के साथ ही नगर एवं ग्रामों में अनेक ऐसी आबादियां हैं, जहां आज भी विभागीय विद्युतीकरण का कार्य नहीं होकर वे विद्युत कनेक्‍शन से वंचित हैं तथा वहां पर विद्युतीकरण का कार्य नहीं किया गया है? (ग) यदि हाँ, तो उपरोक्‍तानुसार स्थिति से अवगत कराने के साथ ही विभाग द्वारा उपरोक्‍त स्‍थानों को यदि चिन्हित किया गया, पत्रों के माध्‍यम से जनप्रतिनिधियों द्वारा अवगत कराया गया, साथ ही संबंधित क्षेत्र के उपभोक्‍ताओं से यदि आवेदन प्राप्‍त हुए, तो समस्‍त की गई कार्यवाही से अवगत कराएं? (घ) उपरोक्‍त वर्षों में सघन ग्रामीण विद्युतीकरण के अन्‍तर्गत कुल कितना कार्य सम्‍पादित किया गया है, निर्मित उच्‍चदाब निम्‍नदाब लाईनों की लंबाई एवं निर्मित नवीन वितरण ट्रांसफार्मरों की संख्‍या तथा जारी किये गये बीपीएल कनेक्‍शनों की संख्‍या बतावें? उक्‍त कार्यों पर व्‍यय की गई राशि की जानकारी भी देवें? जावरा विधानसभा क्षेत्र में ग्रामीण विद्युतीकरण हेतु आगामी स्‍वीकृत कार्य योजना का विवरण देवें प्रस्‍तावित कार्यों की लागत भी बतावें?

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) जावरा विधानसभा क्षेत्रान्‍तर्गत प्रश्‍नाधीन अवधि में 12 मजरों/टोलों को विद्युतीकरण हेतु चिन्हित किया गया है तथा उक्‍त अवधि में जावरा विधानसभा क्षेत्र का कोई भी राजस्‍व ग्राम विद्युतीकरण हेतु चिन्हित नहीं किया गया। उक्‍त सभी चिन्हित 12 मजरों/टोलों के विद्युतीकरण का कार्य 12वीं पंचवर्षीय योजना में स्‍वीकृत राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजनान्‍तर्गत किया जा चुका है। प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में वर्ष 2012-13 से 2016-17 में जनवरी-2017 तक की अवधि में 92 विद्युत वितरण ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि का कार्य किया गया एवं 1663 नवीन विद्युत वितरण ट्रांसफार्मर स्‍थापित किये गये। उक्‍तानुसार किये गये कार्यों की वर्षवार जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) जी नहीं, जावरा विधानसभा क्षेत्रान्‍तर्गत समस्‍त राजस्‍व ग्रामों के साथ ही नगर एवं ग्रामों में कोई भी आबादी क्षेत्र ऐसा नहीं है, जहाँ विद्युतीकरण का कार्य नहीं हुआ हो। (ग) उत्‍तरांश '''' के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न नहीं उठता। (घ) जावरा विधानसभा क्षेत्रान्‍तर्गत वर्ष 2012-13 से 2016-17 में जनवरी-2017 तक की स्थिति में ग्रामों के सघन विद्युतीकरण के अंतर्गत सम्‍पादित किये गये कार्यों का विवरण एवं उसकी मात्रा और व्‍यय की गई राशि की जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। जावरा विधानसभा क्षेत्र सहित रतलाम जिले हेतु ग्रामीण विद्युतीकरण के कार्यों के लिये वर्ष 2016-17 में दीनदयाल उपाध्‍याय ग्राम ज्‍योति योजना स्‍वीकृत हुई है। उक्‍त योजना के अंतर्गत जावरा विधानसभा में 33/11 के.व्‍ही. नवीन उपकेन्‍द्र सेजावता का निर्माण, 1 अतिरिक्‍त पॉवर ट्रांसफार्मर स्‍थापना का कार्य, 151 विभिन्‍न क्षमता के नवीन वितरण ट्रांसफार्मरों की स्‍थापना, 30 ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि, 67.12 किलोमीटर 11 के.व्‍ही. लाईन का निर्माण, 44.62 किलोमीटर निम्‍नदाब लाईन का केबल पर निर्माण किये जाने एवं 195 बी.पी.एल. कनेक्‍शन देने के कार्य सम्मिलित है। योजना की स्‍वीकृति विधानसभा क्षेत्रवार नहीं दी जाती अपितु जिलेवार दी जाती है। रतलाम जिले हेतु उक्‍त योजना की कुल स्‍वीकृत राशि रू. 60.22 करोड़ है। 

परिशिष्ट - ''दो''

गर्भवती महिलाओं एवं नवजात शिशुओं हेतु प्राप्‍त बजट

[महिला एवं बाल विकास]

3. ( क्र. 26 ) डॉ. राजेन्‍द्र पाण्‍डेय : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या शासन/विभाग द्वारा जावरा नगर, तहसील पिपलौदा एवं तहसील जावरा में गर्भवती महिलाओं एवं नवजात शिशुओं की देखभाल हेतु आंगनवाड़ि‍यों के माध्‍यम से अनेक कार्य किये जा रहे हैं? (ख) यदि हाँ, तो बताएं कि वर्ष 2013-14 से लेकर प्रश्‍न दिनांक तक उक्‍त तहसीलों में कितनी गर्भवती महिलाओं का आंगनवाड़ी केन्‍द्रों पर स्‍वास्‍थ्‍य परीक्षण जाँच, उपचार, दवाई एवं आहार इत्‍यादि की व्‍यवस्‍था की गई तथा इसी प्रकार नवजात शिशुओं हेतु भी क्‍या उक्‍तानुसार व्‍यवस्‍था किया गया? (ग) उपरोक्‍त वर्षों में गर्भवती महिलाओं से कितने बालक एवं कितनी बालिकाओं का जन्‍म होकर जन्‍म लिये बालक एवं बालिकाओं के साथ ही माताओं की जीवित एवं मृत होने की मृत्‍यु दर क्‍या रही? (घ) कितने कुपोषित बच्चें चिन्हित होकर उनके उपचार हेतु क्‍या-क्‍या किया गया, साथ ही उपरोक्‍त वर्षों में किये गये उपरोक्‍त कार्यों हेतु प्राप्‍त बजट एवं व्‍यय से अवगत कराएं?

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( श्रीमती अर्चना चिटनिस ) : (क) जी हाँ। (ख) जावरा नगर, पिपलौदा एवं जावरा ग्रामीण में गर्भवती माताओं को पौष्टिक आहार एवं स्वास्थ्य जाँच, टीकाकरण एवं स्तनपान की समझाईश तथा नवजात शिशुओं को टीकाकरण की सेवाएं दी गई।

जावरा ग्रामीण

क्रमांक

वर्ष

गर्भवती माताए, जिन्हें सेवाएं दी गई

नवजात शिशु, जिनका टीकाकरण किया गया

1.

2013-14

4656

2486

2.

2014-15

4352

2822

3.

2015-16

3584

2645

4.

2016-17

2978

2057

पिपलौदा

क्रमांक

वर्ष

गर्भवती माताए, जिन्हें सेवाएं दी गई

नवजात शिशु, जिनका टीकाकरण किया गया

1.

2013-14

3448

2023

2.

2014-15

3142

1978

3.

2015-16

3619

2114

4.

2016-17

2122

1406

 

जावरा शहर

क्रमांक

वर्ष

गर्भवती माताए, जिन्हें सेवाएं दी गई

नवजात शिशु, जिनका टीकाकरण किया गया

1.

2013-14

1122

723

2.

2014-15

1225

596

3.

2015-16

1058

534

4.

2016-17

936

712

 

(ग) वर्णित अवधि में जीवित जन्म बालक/बालिकाएं एवं मृत्यु की जानकारी निम्नानुसार हैः-

जावरा ग्रामीण

क्रमांक

वर्ष

जीवित जन्म बालक/ बालिकाएं बच्चों की मृत्यु/ दर

गर्भवती माताओं की मृत्यु/ दर

1.

2013-14

1337/1149

43/17

7/3

2.

2014-15

1366/1456

42/15

5/2

3.

2015-16

1289/1356

20/7

3/1

4.

2016-17

1033/1024

45/22

0

 

 

पिपलौदा

क्रमांक

वर्ष

जीवित जन्म बालक/ बालिकाएं बच्चों की मृत्यु/ दर

गर्भवती माताओं की मृत्यु/ दर

1.

2013-14

1333/990

17/8

1/.5

2.

2014-15

964/1014

8/4

0

3.

2015-16

1096/1018

26/12

0

4.

2016-17

650/756

19/13

0

जावरा नगर

क्रमांक

वर्ष

जीवित जन्म बालक/ बालिकाएं बच्चों की मृत्यु/ दर

गर्भवती माताओं की मृत्यु/ दर

1.

2013-14

298/425

19/26

2/3

2.

2014-15

254/342

22/36

1/2

3.

2015-16

245/289

13/24

3/5

4.

2016-17

305/407

18/25

0

(घ) कुल चिन्हित अतिकम वजन के बच्चें जावरा तहसील में 2,184, जावरा नगर में 765 एवं पिपलौदा तहसील में 2,550 पाये गए। इनमें से एमयूएसी टेप से चिन्हांकित गंभीर कुपोषित 2,459 बच्चों को प्रबंधन हेतु पोषण पुनर्वास केन्द्र में 14 दिवस हेतु भर्ती कराया गया। मध्यम कुपोषित बच्चों को आंगनवाड़ी केन्द्र पर पूरक पोषण आहार, स्वास्थ्य शिक्षा एवं सुपोषण अभियान अंतर्गत ग्राम स्तर पर सामुदायिक पोषण प्रबंधन के माध्यम से उनकी माताओं को पोषण एवं स्वास्थ्य शिक्षा तथा 12 दिवस तक भोजन उपलब्ध कराया गया। सुपोषण शिविर के माध्यम से जावरा ग्रामीण में 646, पिपलौदा तहसील में 976 एवं जावरा नगर में 233 कुपोषित बच्चों को लाभान्वित किया गया। प्राप्त बजट एवं व्यय की जानकारी संलग्न परिशिष्ट पर है।

परिशिष्ट - ''तीन''

बडवाहा विधानसभा में विद्युत ट्रांसफार्मर की स्वीकृति

[ऊर्जा]

4. ( क्र. 36 ) श्री हितेन्द्र सिंह ध्‍यान सिंह सोलंकी : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बड़वाहा विधानसभा क्षेत्र में विगत 2 वर्षों में कहाँ-कहाँ मांग अनुसार ट्रांसफार्मर स्थापित किये गए है तथा कहाँ-कहाँ उपभोक्‍ताओं ने मांग रखी है। विद्युत केन्द्रवार सूची दी जावे। (ख) बड़वाहा विधानसभा में प्रश्नकर्ता ने कहाँ-कहाँ ट्रांसफार्मर की मांग की है और मांग अनुसार कहाँ-कहाँ पूर्ति की गई और कहाँ-कहाँ ट्रांसफार्मर स्थापित नहीं किये गए हैं। स्‍थापित न किये जाने के क्या कारण रहे हैं। (ग) क्या सनावद ग्रामीण में ग्राम छापरा में 5 विद्युत पोल के एल टी लाइन एव 63 के. व्ही. का ट्रांसफार्मर अवैध रूप से बिना सक्षम स्वीकृति के लगे पाए जाने पर उपसंभाग प्रभारी द्वारा ट्रांसफार्मर को जप्त कर उपसंभाग में रखे जाने की सूचना क्या सही है? क्या प्रभारी द्वारा पंचनामा भी बनाया गया है और क्या ट्रांसफार्मर जप्त होने के बाद संबंधित यंत्री द्वारा ग्रामीणों के कनेक्शन लेने से इंकार कर दिया। ट्रांसफार्मर जप्त के पंचनामे की प्रति दी जावे। क्या इस प्रकार अवैध कनेक्शन किसी अधिकारी की मिलीभगत से संभव नहीं है। ऐसे अधिकारी का नाम और उसके विरूद्ध क्या कार्यवाही कब तक की जावेगी?

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) एवं (ख) बड़वाह विधानसभा क्षेत्र में विगत् दो वर्षों यथा वर्ष 2014-15 एवं 2015-16 की अवधि में माननीय प्रश्‍नकर्ता विधायक महोदय की मांग अनुसार, विधायक निधि से एक वितरण ट्रांसफार्मर वितरण, केन्‍द्र कानापुर के अंतर्गत ग्राम फनगांव में जल प्रदाय कार्य हेतु दिनांक 25.7.15 को स्‍थापित कर मांग की पूर्ति की गई है। प्रश्‍नाधीन अवधि में उपभोक्‍ताओं द्वारा सीधे तौर पर वितरण कंपनी से वितरण ट्रांसफार्मर स्‍थापित करने हेतु मांग नहीं की गई है। इसके अतिरिक्‍त वर्ष 2014-15 एवं 2015-16 में विधायक निधि से 13 अन्‍य स्‍थानों पर विद्युत लाईन का निर्माण एवं विद्युत व्‍यवस्‍था किये जाने हेतु माननीय प्रश्‍नकर्ता विधायक महोदय द्वारा पत्र प्रेषित किये गये थे। माननीय प्रश्‍नकर्ता विधायक महोदय के चाहे अनुसार उक्‍त में से 7 स्‍थानों पर विद्युत व्‍यवस्‍था कर दी गई हैं तथा शेष 6 स्‍थानों पर नियमानुसार संबंधित ग्राम पंचायतों द्वारा स्‍वीकृत प्राक्‍कलनों अनुसार सुपरविजन चार्जेंस एवं उस पर देय सर्विस टैक्‍स की राशि विद्युत कंपनी में जमा करवाना शेष है। संबंधित ग्राम पंचायतों द्वारा राशि जमा करवाने के उपरांत उक्‍त कार्य उनके द्वारा अपने स्‍तर पर '' श्रेणी में ठेकेदार के माध्‍यम से सम्‍पादित कराया जाना है। वितरण ट्रांसफार्मर एवं विद्युत व्‍यवस्‍था हेतु की गई कार्यवाही की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' में दर्शाए अनुसार है। (ग) जी हाँ। सनावद ग्रामीण वितरण केन्‍द्र के अंतर्गत ग्राम छपरा में औचक निरीक्षण के दौरान 11 के.व्‍ही. लाईन (0.42 किलोमीटर, 05 विद्युत पोल) एवं उस पर स्‍थापित 63 के.व्‍ही.ए. क्षमता के वितरण ट्रांसफार्मर के साथ निम्‍नदाब लाईन (0.24 किलोमीटर, 03 विद्युत पोल) का निर्माण कार्य अवैध रूप से बिना सक्षम स्‍वीकृति के किया जाना पाया गया है। तथापि उक्‍त अवैध लाईन एवं ट्रांसफार्मर को विद्युत प्रवाह से जुड़ा हुआ नहीं पाया गया। जी हाँ, संबंधित प्रभारी अधिकारी द्वारा उक्‍त अवैध रूप से निर्मित अधोसंरचना का पंचनामा बनाया गया है एवं इस लाईन पर स्‍थापित 63 के.व्‍ही.ए. क्षमता के वितरण ट्रांसफार्मर को निकाल कर जब्‍ती उपरांत उपसंभाग कार्यालय में रखा गया था। वितरण ट्रांसफार्मर जब्‍ती के उपरांत उक्‍त अधोसंरचना से संबंधित 3 सिंचाई पम्‍प आवेदकों द्वारा नवीन सिंचाई पम्‍प कनेक्‍शन लेने के लिये आवेदन प्रस्‍तुत किए गए, जिसे संबंधित अधिकारी द्वारा स्‍वीकार किया गया। विद्युत कंपनी का कार्यक्षेत्र अत्‍यंत विस्‍तृत है, अत: मैदानी क्षेत्रों में बिना किसी अधिकारी की जानकारी में आए इस प्रकार के अवैध निर्माण होने की संभावना रहती है। तथापि प्रथम दृष्‍टया इस प्रकरण में संबंधित लाईन कर्मचारी की लापरवाही परिलक्षित होने के कारण श्री गंगाराम ताराचंद गंगारेकर, वरिष्‍ठ लाईन परिचारक को निलंबित कर विभागीय जाँच संस्थित कर दी गई है। पंचनामे की छायाप्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। 

दीनदयाल ग्राम ज्‍योती योजना का क्रियान्‍वयन

[ऊर्जा]

5. ( क्र. 42 ) श्री जितेन्‍द्र गेहलोत : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या सरकार ने दीनदयाल ग्राम ज्‍योति योजनांतर्गत 950 करोड़ रू. व्‍यय करने की योजना बनाई है? यदि हाँ, तो ब्‍यौरा दें? (ख) उक्‍त राशि का उपयोग संपूर्ण प्रदेश में होगा, या कुछ चिन्हित जिलों में ही? क्‍या उक्‍त योजना में रतलाम, उज्‍जैन, मंदसौर जिला सम्मिलित है? यदि नही. तो क्‍यों? (ग) उक्‍त स्‍वीकृत राशि का उपयोग ग्रामीण विद्युतीकरण के किन-किन कार्यों में किया जायेगा?

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) दीनदयाल उपाध्‍याय ग्राम ज्‍योति योजनांतर्गत आर.ई.सी. लिमिटेड, नई दिल्‍ली द्वारा म.प्र. पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड हेतु रू. 968.82 करोड़, म.प्र. मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड हेतु रू. 961.80 करोड़ एवं म.प्र. पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड हेतु रू. 934.65 करोड़ इस प्रकार संपूर्ण प्रदेश हेतु कुल रू. 2865.27 करोड़ की योजनाओं की स्‍वीकृति प्रदान की गई है। (ख) उक्‍त राशि का उपयोग प्रदेश के समस्‍त 51 जिलों में किया जायेगा। जी हाँ, रतलाम, उज्‍जैन एवं मंदसौर जिले भी उक्‍त योजना में सम्मिलित है। (ग) उक्‍त स्‍वीकृत राशि का उपयोग योजना के प्रावधानों के अनुसार अविद्युतीकरण ग्रामों/मजरों/टोलों को विद्युतीकरण, कर बी.पी.एल. हितग्राहियों को नि:शुल्‍क कनेक्‍शन प्रदाय करने, फीडर विभक्तिकरण, प्रणाली सुदृढ़ीकरण एवं मीटरीकरण के कार्यों में किया जायेगा।

अटल ज्योति अभियान एवं पम्प उर्जीकरण योजना का क्रियान्वन

[ऊर्जा]

6. ( क्र. 61 ) श्री मुरलीधर पाटीदार : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला आगर एवं शाजापुर अंतर्गत अटल ज्योति अभियान/अन्य योजना अंतर्गत किए जाने वाले फीडर विभक्तिकरण कार्य से कितने ग्राम शेष हैं? सूची उपलब्ध करावे। (ख) विधानसभा क्षेत्र सुसनेर अंतर्गत ऐसे कौन-कौन से ग्राम हैं जिनमें ग्राम में विद्यमान अधोसंरचना से 24 घण्टे विद्युत प्रदाय की जा रही हैं? सूची उपलब्ध करावे। इन ग्रामों में फीडर विभक्तिकरण की कार्यवाही कब तक की जावेगी? (ग) प्रश्नांश (ख) के अतिरिक्त विधानसभा क्षेत्र सुसनेर के शेष बचे ग्रामों में 24 घण्टे विद्युत की उपलब्धता हेतु क्या कार्य संचालित हैं एवं कब तक फीडर विभक्तिकरण कर 24 घण्टे विद्युत उपलब्धता सुनिश्चित की जावेगी? (घ) विगत 02 वर्षों में विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत पम्पों के उर्जीकरण योजनान्तर्गत कितनी राशि आदिम जाति कल्याण विभाग से प्राप्त हुई है एवं इसके विरूद्ध क्या-क्या कार्य किए गए हैं? योजनान्तर्गत स्वीकृति स्थल से भिन्न स्थल पर ट्रांसफार्मर स्थापित किये जाने संबंधी कोई शिकायत विगत 02 वर्षों में प्राप्त हुई है? यदि हाँ, तो क्या-क्या कार्यवाही की गई? यदि नहीं, तो अधीक्षण यंत्री द्वारा विगत 02 वर्षों में कितने ट्रान्सफार्मर का निरीक्षण किया या अधीनस्थों से करवाया? तद्संबंधी दस्तावेजों की प्रमाणित प्रति उपलब्ध करावें।

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) प्रश्‍नाधीन क्षेत्र सहित संपूर्ण प्रदेश में अटल ज्‍योति अभियान गैर कृषि उपभोक्ताओं को 24 घंटे एवं कृषि उपभोक्‍ताओं को 10 घंटे विद्युत उपलब्‍ध कराने के उद्देश्‍य से चलाया गया था। इस अभियान के अंतर्गत कोई भी विद्युत अधोसंरचना का कार्य नहीं किया जाना था। तथापि फीडर विभक्तिकरण योजना में जिला आगर के अंतर्गत 15 ग्रामों एवं जिला शाजापुर के अंतर्गत 12 ग्रामों के फीडर विभक्तिकरण का कार्य शेष है, जिनकी ग्रामवार/जिलेवार सूची पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) विधानसभा क्षेत्र सुसनेर के अंतर्गत 9 ग्राम ऐसे हैं जिनमें ग्राम में विद्यमान विद्युत अधोसंरचना से 24 घंटे विद्युत प्रदाय किया जा रहा है। उक्‍त 9 ग्रामों की सूची पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। इन ग्रामों में फीडर विभक्तिकरण का कार्य माह मार्च-2017 तक पूर्ण किया जाना प्रस्‍तावित है। (ग) उत्‍तरांश '''' में उल्लेखित 9 ग्रामों के अतिरिक्‍त सुसनेर विधानसभा क्षेत्रान्‍तर्गत सभी ग्रामों में फीडर विभक्तिकरण का कार्य पहले ही पूर्ण किया जा चुका है, एवं इन ग्रामों में गैर-कृषि फीडरों पर 24 घंटे विद्युत प्रदाय किया जा रहा है। उक्‍त परिप्रेक्ष्‍य में सुसनेर विधानसभा क्षेत्र के 9 ग्रामों के अतिरिक्‍त अन्‍य ग्रामों में 24 घंटे विद्युत प्रदाय हेतु कोई कार्य शेष/संचालित होने का प्रश्‍न नहीं उठता। (घ) सामान्‍यत: आदिमजाति कल्‍याण विभाग द्वारा विद्युतीकरण संबंधी कार्य अपनी चयनित ठेकेदार एजेंसी के माध्‍यम से पूर्ण कराया जाता है एवं विद्युत कंपनी द्वारा केवल कार्य का प्राक्‍कलन बनाया जाता है तथा क्रियान्‍वयन के दौरान कार्यों का पर्यवेक्षण किया जाता है। विद्युत पम्‍प ऊर्जी करण हेतु आदिमजाति कल्‍याण विभाग द्वारा सीधे तौर पर ऊर्जीकरण की लागत विद्युत कंपनी को नहीं दी जाती है, अपितु प्राक्‍कलित लागत पर सुपरविजन चार्ज एवं उस पर देय सर्विस टैक्स की राशि भी दी जाती है। प्रश्‍नावधि में विधानसभा क्षेत्र सुसनेर के अंतर्गत कृषि पम्‍पों के ऊर्जीकरण हेतु आदिमजाति कल्‍याण विभाग द्वारा पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी में सुपरविजन चार्ज की राशि रू. 8.38 लाख एवं सर्विस टैक्‍स की राशि रू. 1.15 लाख जमा कराये गये है। उक्‍त के अतिरिक्‍त विधानसभा क्षेत्र सुसनेर हेतु आदिमजाति कल्‍याण विभाग से विद्युत पंप ऊर्जीकरण के कार्य के लिये अन्‍य कोई राशि प्राप्‍त नहीं हुई है। विगत दो वर्षों में योजना अन्‍तर्गत स्‍वीकृति स्‍थल से भिन्‍न स्‍थल पर ट्रांसफार्मर स्‍थापित किये जाने संबंधी कोई भी शिकायत प्राप्‍त नहीं हुई है, अत: कार्यवाही किये जाने का प्रश्‍न ही नहीं उठता। विगत दो वर्षों में प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में अधीक्षण यंत्री (संचालन-संधारण) शाजापुर द्वारा 16 ट्रांसफार्मरों एवं अधीक्षण यंत्री (संचालन-संधारण) आगर द्वारा 37 ट्रान्‍सफार्मरों का निरीक्षण अपने अधीनस्‍थ अधिकारियों से करवाया गया है। इससे संबंधित ट्रांसफार्मरों की सूची पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के क्रमश: प्रपत्र-'''' एवं '''' अनुसार है। 

सौर ऊर्जा एवं पवन ऊर्जा प्‍लांट

[नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा]

7. ( क्र. 62 ) श्री मुरलीधर पाटीदार : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला आगर एवं शाजापुर अंतर्गत कौन-कौन से सौर ऊर्जा प्लांट एवं पवन ऊर्जा प्लांट संचालित हैं एवं इनसे कितने यूनिट विद्युत उत्पादन हो रहा हैं? प्लांटवार/कम्पनीवार जानकारी देवें? (ख) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित प्लांटों से विधानसभा क्षेत्र सुसनेर के विद्युत वितरण केन्द्रों को कितनी विद्युत आपूर्ति हो रही है एवं कौन-कौन से ग्राम लाभान्वित हो रहे हैं? (ग) क्या प्रश्नांश (क) में उल्लेखित सौर ऊर्जा/पवन ऊर्जा कम्पनियों को कम्पनी एक्ट 2013 की धारा-135 की उप-धारा (I) अनुसार अपने औसत शुद्ध लाभ का 2 प्रतिशत अपने कॉपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व पर व्यय करना होता है? यदि हाँ, तो आगर जिला अंतर्गत कम्पनियों द्वारा किये गये कार्यों का विवरण देवें? (घ) क्या पवन ऊर्जा/सौर ऊर्जा संयन्त्रों की देख-रेख हेतु कार्य पर रखे जाने वाले कर्मचारियों के संबंध में श्रम विभाग के नियम लागू हैं? यदि हाँ, तो नियमों के पालन हेतु मॉनिटरिंग किस प्रकार की जा रही है? विगत 03 वर्षों में उक्तानुसार की गई मॉनिटरिंग का विवरण देवें?

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ख) उत्‍पादित विद्युत को सुसनेर/बड़ोद ग्रिड में प्रवाहित किया जाता है। किसी जिले/क्षेत्र विशेष में स्‍थापित गैर-पारम्‍परिक अथवा पारंपरिक ऊर्जा स्‍त्रोतों द्वारा उत्‍पादित विद्युत के उत्‍पादन से किसी जिले-क्षेत्र विशेष को पहुंचाने वाले लाभ का पृथकत: आंकलन सैद्धांतिक रूप से संभव नहीं है। अत: उत्‍पादित विद्युत का उपयोग किन ग्रामों व वितरण केन्‍द्रों में किया जा रहा है, यह बताना संभव नहीं है। (ग) कम्‍पनी अधिनियम 2013 की धारा-135 की उप-धारा (1) में प्रावधानित कम्‍पनियों को अपने औसत शुद्ध लाभ का 2 प्रतिशत ''कॉपोरेट सामाजिक उत्‍तरदायित्‍व'' में व्‍यय करना होता है। उक्‍त धारा 135 (1) उन कम्‍पनियों पर लागू होती है, जिनमें नेट वर्थ रूपये 500 करोड़ या उससे अधिक हो, अथवा टर्न-ओवर रूपये 1000 करोड़ या उससे अधिक हो, या नेट लाभ रूपये 5 करोड़ या उससे अधिक हो। प्रश्‍नाधीन कम्‍पनियों में से किसी भी कम्‍पनी को अपने नेट व‍र्थ/टर्न ओवर/शुद्ध लाभ के कारण कम्‍पनी एक्‍ट 2013 की धारा 135 (1) के अन्‍तर्गत 'कॉपोरेट सामाजिक उत्‍तरदायित्‍व' पर व्‍यय करना बंधनकारी नहीं है, तथापि उनके द्वारा क्षेत्र में किए गए कार्यों की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। (घ) जी हाँ। कम्‍पनी को कर्मचारियों हेतु श्रम नियमों के प्रावधान का पालन करना होता है। जानकारी विभाग स्‍तर पर संगठित करना प्रावधानित नहीं है।

शैक्षणिक संस्थानों के पास की शराब दुकानों को अन्‍यत्र स्‍थापित किया जाना

[वाणिज्यिक कर]

8. ( क्र. 83 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या वित्त मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या विधानसभा क्षेत्र पनागर अंतर्गत ग्राम धनपुरी (बरेला) एवं अन्य ग्रामों में शैक्षणिक संस्थाओं/धार्मिक स्‍थलों के पास शराब की दुकान संचालित की जा रही है? (ख) क्या‍ ऐसी दुकानें हटाने हेतु विभागीय अधिकारी गंभीर नहीं हैं, जैसा कि सहायक आयुक्त‍ आबकारी जिला जबलपुर के पत्र दिनांक 17-03-2015 से आभास होता हैं? (ग) क्‍या प्रश्नांश (ख) के अधीन आबकारी विभाग जबलपुर, रजिस्टर्ड मंदिर को ही मंदिर की श्रेणी में मानता हैं एवं छात्र छात्राओं को अन्य मार्ग के उपयोग करने हेतु जानकारी देते हैं? (घ) क्‍या प्रश्नांश (ख) के अधीन शराबियों की अश्‍लील हरकत की पुलिस थाने में शिकायत दर्ज होने पर ही उनका कृत्य अश्‍लील माना जाता है?

वित्त मंत्री ( श्री जयंत मलैया ) : (क) जी नहीं। (ख) प्रश्‍नांश के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी हाँ। मध्‍यप्रदेश आबकारी अधिनियम 1915 के अन्‍तर्गत निर्मित सामान्‍य प्रयुक्ति नियमों के नियम- (1) में स्‍पष्‍ट किया गया है कि (क) शैक्षणिक संस्‍था से अभिप्रेत है, किसी स्‍थानीय प्राधिकारी या राज्‍य सरकार अथवा केन्‍द्रीय सरकार द्वारा प्रबंधित या मान्‍यता प्राप्‍त कोई पूर्व प्राथमिक अथवा प्राथमिक या सेकेण्‍डरी स्‍कूल और विधि द्वारा स्‍थापित किसी विश्‍वविद्यालय से संबद्ध कोई महाविद्यालय, किन्‍तु इसमें कोचिंग संस्‍था सम्मिलित नहीं है। (ख) धार्मिक संस्‍था से अभिप्रेत है ऐसी संस्‍था जो किसी धर्म की प्रोन्‍नति के लिये हो और उसमें सम्मिलित है, ऐसा मंदिर, मठ, मस्जिद, गिरजाघर या सार्वजनिक धार्मिक पूजा का अन्‍य स्‍थान, जिनका मध्‍यप्रदेश पब्लिक ट्रस्‍ट एक्‍ट 1951 या तत्‍समय प्रस्‍तुत किसी अन्‍य अधिनियमिति के अधीन रजिस्‍ट्रीकृत किसी लोक न्‍यास द्वारा प्रबंध किया जाता हो, या उसके स्‍वामित्‍व में हो और उसमें अन्‍य ऐसी धार्मिक संस्‍थायें सम्मिलित होगी:- जैसे कि राज्‍य सरकार के आदेश द्वारा इस निमित्‍त विनिर्दिष्‍ट करें। (घ) जी हाँ। शराबियों की अश्‍लील हरकतों के संबंध में संबंधित थानों में शिकायत दर्ज होने पर उनके विरूद्ध पुलिस द्वारा आवश्‍यक कार्यवाही की जाती है।

विधानसभा क्षेत्र पनागर अंतर्गत विद्युत व्‍यवस्‍था

[ऊर्जा]

9. ( क्र. 84 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या पनागर के 110 ग्रामों में 1400 ट्रांसफार्मर एवं 20 हजार विद्युत उपभोक्ता हैं? (ख) क्या 20 हजार उपभोक्ताओं की समस्या/शिकायतों हेतु मात्र 11 कर्मचारी हैं? (ग) क्या पनागर का भौगोलिक क्षेत्र अपेक्षाकृत अधिक विस्तृ‍त हैं? (घ) यदि प्रश्नांश (क) से (ग) का उत्तर हाँ हैं, तो क्या पनागर में सब डिवीजन खोला जाना आवश्यक हैं?

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) पनागर क्षेत्र के अंतर्गत पनागर (शहर) एवं पनागर (ग्रामीण) वितरण केन्‍द्र कार्यरत हैं। ग्रामीण क्षेत्र का कार्य पनागर (ग्रामीण) वितरण केन्‍द्र द्वारा संपादित किया जाता है। पनागर (ग्रामीण) वितरण केन्‍द्र के अंतर्गत 110 ग्राम हैं, जिनमें 1367 ट्रांसफार्मर स्‍थापित है तथा इन ग्रामों में कुल 15672 विद्युत उपभोक्‍ता हैं। (ख) पनागर (ग्रामीण) वितरण केन्‍द्र के 15672 उपभोक्‍ताओं की समस्‍याओं/शिकायतों के निराकरण हेतु कुल 15 लाईन कर्मचारी उपलब्‍ध हैं। (ग) जी नहींवर्ष 2011 के जनगणना अभिलेख के अनुसार जबलपुर जिले में पनागर विकासखण्‍ड का भौगोलिक क्षेत्रफल जिले के अन्‍य विकासखण्‍डों यथा- जबलपुर, कुंडम, सिहोरा, मंझौली, पाटन एवं शहपुरा से कम है। (घ) उत्‍तरांश (क), (ख) एवं (ग) के परिप्रेक्ष्‍य में पनागर में उप संभाग खोला जाना आवश्‍यक नहीं है।

विद्युतीकरण से वंचित ग्रामों व टोलों का विद्युतीकरण

[ऊर्जा]

10. ( क्र. 135 ) श्री लखन पटेल : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधान सभा क्षेत्र पथरिया में ऐसे कितने ग्राम हैं, जो विद्युतीकरण से वंचित हैं? सूची उपलब्‍ध करावें एवं इन ग्रामों में विद्युतीकरण कब तक कराया जावेगा? (ख) विधान सभा क्षेत्र पथरिया में ऐसे कितने ग्राम हैं,जो विद्युतीकरण से छूटे हैं? सूची उपलब्‍ध करावें? (ग) क्‍या उक्‍त ग्रामों (विद्युतविहिन) को दीनदयाल उपाध्‍याय ग्राम ज्‍योति योजना में शामिल कर लिया गया है? यदि हाँ, तो इनका विद्युतीकरण कब तक हो जावेगा समय-सीमा बतावें?

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) से (ग) विधानसभा क्षेत्र पथरिया के अंतर्गत सभी ग्रामों के विद्युतीकरण का कार्य पूर्ण किया जा चुका है, किन्‍तु कालांतर में वनबाधित ग्राम चूना सगौनी के डी-इलेक्ट्रिफाईड हो जाने के कारण वर्तमान में इस ग्राम में विद्यत सुविधा उपलब्‍ध नहीं है। वर्तमान में दीनदयाल उपाध्‍याय ग्राम ज्‍योति योजना में उक्‍त ग्राम के विद्युतीकरण का कार्य किया जाना प्रस्‍तावित है। उक्‍त योजना के कार्य टर्न-की आधार पर कराये जाने हेतु निविदा कार्यवाही एवं उक्‍त ग्राम के विद्युतीकरण हेतु वन विभाग से अनुमति प्राप्‍त करने की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। अत: वर्तमान में उक्‍त ग्राम के पुन: विद्युतीकरण की समय-सीमा बताना संभव नहीं है। 

शौर्य दलों का गठन प्रशिक्षण एवं कार्यक्रमों का आयोजन

[महिला एवं बाल विकास]

11. ( क्र. 172 ) श्री रामकिशन पटेल : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) महिला सशक्‍तीकरण विभाग के अंतर्गत शौर्य दलों का गठन किन नियमों एवं प्रक्रिया के तहत किया जाता है? इसके कौन सदस्‍य हो सकते है, रायसेन जिले में कितने शौर्य दलों का गठन कब, किस प्रक्रिया के आधार पर किया गया? दल के सदस्‍यों के नाम, पता बतायें एवं दलों को कब, कहाँ, किन के द्वारा प्रशिक्षण दिया गया, प्रशिक्षण कार्य में कितनी-कितनी राशि व्‍यय की गई? (ख) क्‍या महिला सशक्‍तीकरण विभाग द्वारा जागरूकता, प्रशिक्षण हेतु सेमिनार, कार्यशालाओं का आयोजन किया जाता है? यदि हाँ, तो उक्‍त कार्यक्रमों के आयोजन के विभागीय नियम एवं निर्देश क्‍या हैं? (ग) प्रश्नांश (ख) के तहत रायसेन जिले में वर्ष 2013-14 से प्रश्‍न दिनांक तक किन-किन विषयों पर सेमीनार, कार्यशाला और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किये गये? कितनी राशि व्‍यय की गई, कार्यक्रम में कौन-कौन अतिथि, प्रशिक्षक एवं प्रतिभागी शामिल हुये, सक्षम प्राधिकारी के आदेश क्‍या थे? कार्यक्रमवार बताये?

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( श्रीमती अर्चना चिटनिस ) : (क) महिला सशक्तिकरण विभाग के अंतर्गत शौर्या दलों का गठन विभाग के पत्र क्रमांक 2966/3214/2016/50-2 दिनांक 28-11-2016 के नियमों एवं प्रक्रिया के तहत किया जाता है। पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र के पृष्‍ठ क्र 1 से 18 अनुसार दल में कुल 10 सदस्‍य होगें, इस दल में ग्राम/वार्ड के संवेदनशील तथा जनसमुदाय में स्‍वीकार्यता वाले महिला-पुरूष को समान रूप से 5-5 सदस्‍य के रूप में चुना जायेगा। रायसेन जिले में वर्तमान अब तक कुल 670 दलों का गठन शासन के नियमानुसार किया गया है। दल के सदस्‍यों के नाम, पता पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र2 (पेज क्रमांक 19 से 689) अनुसार है। दलों को प्रशिक्षण दिया गया एवं प्रशिक्षण कार्य में व्‍यय हुई राशि पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-3 (पेज क्रमांक 690 से 691) अनुसार है। (ख) जी हाँ, कार्यक्रमों के आयोजन के विभागीय नियम एवं निर्देश पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र 4 (पेज न. 692 से 731 तक) अनुसार है। (ग) प्रश्‍नाश (ख) के तहत रायसेन जिले में वर्ष 2013-14 से प्रश्‍न दिनांक तक सेमीनार, प्रशिक्षण, कार्यशाला और प्रशिक्षण आयोजित किये गये, जिसमें कुल राशि रू 1199095/- व्‍यय की गई। कार्यक्रम में उपस्थित अतिथि, प्रशिक्षक एवं प्रतिभागियों की संख्‍या स्‍थान की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-4 ( पेज न. 692 से 731) अनुसार है।

आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं/सहायिकाओं की भर्ती में अनियमितता

[महिला एवं बाल विकास]

12. ( क्र. 173 ) श्री रामकिशन पटेल : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या प्रदेश में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं/सहायिकाओं के रिक्‍त एवं नवीन पदों पर भर्ती हेतु वर्तमान में जो नियम लागू हैं उसके अनुसार सर्वाधिक अंक अर्जित करने वाले आवेदकों को नियुक्ति दी जाती है? (ख) क्‍या उदयपुरा विधानसभा अंतर्गत विकासखंड बाड़ी एवं उदयपुरा में भर्ती प्रक्रिया के नियमानुसार आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं/ सहायिकाओं से निर्धारित अवधि में आवेदन पत्र बंद लिफाफे के स्‍थान पर खुले रूप में लिए जाते हैं? यदि हाँ, तो खुले रूप में आवेदन प्राप्‍त करने के उपरांत क्‍या यह ज्ञात नहीं होता है कि किस आवेदक को सर्वाधिक अंक प्राप्‍त हो रहे हैं? यदि हाँ, तो इससे गोपनीयता एवं पारदर्शिता कैसे बनाए रखी जा सकती है? (ग) क्‍या इस प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता के लिए निविदाओं जैसी बंद लिफाफे में आवेदन लेने की व्‍यवस्‍था शासन करेगा? (घ) विगत 01 वर्ष में रायसेन जिले के विकासखंड बाड़ी एवं उदयपुरा के अंतर्गत किन-किन आंगनवाडि़यों के कौन-कौन से रिक्‍त पदों हेतु कब-कब विज्ञप्ति किन-किन समाचार पत्रों में प्रकाशित कराई गई? उक्‍त विज्ञप्तियों के तहत कितने आवेदकों के आवेदन पत्र प्राप्‍त किए गए? क्या उक्त भर्ती में अनियमितता की गई है?

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( श्रीमती अर्चना चिटनिस ) : (क) जी हाँ। (ख) जी हाँ। आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं/सहायिकाओं की भर्ती प्रक्रिया में निर्देशानुसार बंद लिफाफे में आवेदन लिए जाने का प्रावधान नहीं है, अपितु आवेदन प्राप्त करते समय संलग्न दस्तावेजों के आधार पर आवेदक को प्राप्ति दी जाती है। आवेदन प्राप्त करने के उपरान्त आवेदन परियोजना अधिकारी की अभिरक्षा में रखे जाते है। प्राप्त आवेदन चयन समिति के समक्ष प्रस्तुत किये जाते है। तद्नुसार चयन समिति के अनुमोदन से निर्धारित अंकों के आधार पर अनन्तिम सूची तैयार की जाती है। जिस पर आवश्यक आपत्ति/दावे अनुसार जिला स्तरीय चयन समिति द्वारा निर्णय लिया जाता है। अतः प्रचलित नियुक्ति प्रक्रिया में पारदर्शिता है। शेष का प्रश्न नहीं। (ग) उत्तरांश (ख) अनुसार पारदर्शी प्रक्रिया प्रचलित होने से बंद लिफाफे में आवेदन लेने की व्यवस्था का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। (घ) रायसेन जिले के विकासखंड बाड़ी एवं उदयपुरा में विगत एक वर्ष में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के 30, आंगनवाड़ी सहायिकाओं के 34 तथा उप आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के 07 रिक्त पदों पर पूर्ति हेतु विज्ञप्ति का प्रकाशन समाचार पत्रों में कराया गया है। उक्त विज्ञप्ति के तहत कुल 853 आवेदन पत्र आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका एवं उप आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के लिये प्राप्त हुये। जानकारी संलग्न परिशिष्ट पर है। उक्त भर्ती में किसी भी प्रकार की अनियमितता नहीं की गई।

परिशिष्ट - ''चार''

कृषकों के सिंचाई पंपों के विद्युत बिल राशि की फ्लैट राशि का भुगतान

[ऊर्जा]

13. ( क्र. 201 ) श्री नारायण सिंह कुशवाह : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या शासन/विभाग द्वारा कृषकों के सिंचाई पंपों के विद्युत बिल राशि का फ्लैट राशि भुगतान की कोई योजना है? (ख) यदि हाँ, तो क्‍या शहरी क्षेत्र व ग्रामीण क्षेत्र के कृषकों को इसका लाभ दिया जा रहा है? यदि नहीं, तो क्‍यों? क्‍या फ्लैट रेट का विद्युत सप्‍लाई के समय से इस योजना का कोई संबंध है? यदि हाँ, तो क्‍या? (ग) क्‍या ग्‍वालियर जिले के शहरी क्षेत्र में कृषकों के सिंचाई पंप जो केवल कृषि सिंचाई के लिये उपयोग में आते हैं? क्‍या उनकी फ्लैट रेट बंद करने बिलिंग चालू की गई है? यदि हाँ, तो दोहरा नियम कृषकों पर क्‍यों लागू किया गया?

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) जी हाँ। (ख) जी हाँ। फ्लैट रेट योजना अंतर्गत कृषि पंप को बिना मीटर विद्युत प्रदाय किया जाता है, जिसमें 10 घंटे प्रतिदिन विद्युत प्रदाय के अनुसार विद्युत खपत निर्धारित है। (ग) जिन शहरी क्षेत्रों में कृषि पंप को 3 फेस पर 24 घंटे विद्युत प्रदाय वाले घरेलू फीडर से विद्युत आपूर्ति की जा रही है, उनकी बिलिंग मीटर में अंकित वास्‍तविक खपत के अनुसार विद्युत नियामक आयोग द्वारा निर्धारित विद्युत की दर से की जा रही है।

प्रोटोकॉल का उल्‍लंघन करने पर कार्यवाही

[सामान्य प्रशासन]

14. ( क्र. 233 ) श्री निशंक कुमार जैन : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या विभागीय निर्देशों के अनुसार समस्‍त विभाग देश के किसी भी भाग में स्थित उनके कार्यालय द्वारा आयोजित किसी भी समारोह में उस क्षेत्र के सांसद/राज्‍य विधान सभा मंडल के सदस्‍यों को अनिवार्य रूप से आमंत्रित किये जाने के निर्देश हैं? (ख) यदि हाँ, तो उक्‍त निर्देशों का पालन नहीं करने पर संबंधित अधिकारी के विरूद्ध कौन-कौन सी शास्ति अधिरोपित किये जाने के निर्देश हैं? (ग) क्‍या प्रश्‍नकर्ता द्वारा प्रेषित किए पत्र क्रमांक 4983 दिनांक 15.12.2016 में प्रोटोकॉल का उल्‍लंघन करने के संबंध में किस-किस विभाग के किस-किस अधिकारी के विरूद्ध अनुशासनात्‍मक कार्यवाही करने का अनुरोध किया गया था? (घ) उक्‍त अधिकारियों पर अब तक किस-किस स्‍तर पर क्‍या कार्यवाही हुई? कार्यवाही की प्रति उपलब्‍ध कराते हुये बताएं कि कब तक अनुशासनात्‍मक कार्यवाही पूर्ण कर प्रश्‍नकर्ता को अवगत कराया जावेगा?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) सामान्‍य प्रशासन विभाग के ज्ञाप क्रमांक एफ 19-76/2007/1/4 दिनांक 06 अगस्‍त 2012 द्वारा शासन के किसी भी विभाग/ कार्यालय/ संस्‍था अथवा शासकीय महाविद्यालयों में गठित जनभागीदारी समितियों द्वारा आयोजित शासकीय/सार्वजनिक समारोह/कार्यक्रमों में संबंधित क्षेत्र के माननीय सांसद/विधायक को अनिवार्य रूप से आमंत्रित किये जाने के निर्देश है। (ख) निर्देशों की अवहेलना करने पर संबंधित के विरूद्ध आचरण या सेवा नियमों के अधीन निलंबित एवं अनुशासनात्‍मक कार्यवाही करने का प्रावधान है। (ग) सहकारिता तथा किसान कल्‍याण एवं कृषि विकास विभाग के अधिकारि‍यों के विरूद्ध। (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

सहायक ग्रेड-3 के वेतनमान (समयमान) की स्‍वीकृति

[वित्त]

15. ( क्र. 235 ) श्री निशंक कुमार जैन : क्या वित्त मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता द्वारा मुख्‍य सचिव, म.प्र.शासन, भोपाल को प्रेषित पत्र क्रमांक 5069 दिनांक 09.01.2017 एवं संशोधन पत्र क्रमांक 5076, दिनांक 13.01.2017 मुख्‍य सचिव कार्यालय को किस माध्‍यम से कब प्राप्‍त हुआ? प्राप्‍त पत्र की अभिस्‍वीकृति प्रश्‍नकर्ता को दी गई है या नहीं? (ख) प्रश्‍नकर्ता के द्वारा प्रश्‍नांश (क) में उल्‍लेखित पत्र में किस विषय पर, किस कारण से क्‍या प्रस्‍ताव दिया था? प्रस्‍ताव legal या illegal है? (ग) यदि प्रस्‍ताव legal है तो क्‍या प्रस्‍ताव के क्रम से जाँच कमेटी गठित कर प्रस्‍ताव अनुसार दोहरी नीति एवं विसंगति 7वां वेतनमान स्‍वीकृति के पूर्व समाप्‍त की जावेगी? यदि हाँ, तो बतावें?

वित्त मंत्री ( श्री जयंत मलैया ) : (क) पत्र क्रमांक 5067 दिनांक 9-1-2017 वित्‍त विभाग को मुख्‍य सचिव कार्यालय के पत्र दिनांक 25-1-2017 से तथा पत्र क्रमांक 5076 दिनांक 13-1-2017 को मुख्‍य सचिव कार्यालय से पत्र दिनांक 18-1-2017 को प्रतिलिपि के रूप में प्राप्‍त हुआ है। (ख) एवं (ग) उपर्युक्‍त पत्र लिपिक संवर्ग (सहायक ग्रेड-3) कर्मचारियों को द्वितीय एवं तृतीय उच्‍चतर वेतनमान स्‍वीकृत करने के विषय में रहा है जो कि मंत्रालय के सहायक ग्रेड-3 के समान समस्‍त सहायक ग्रेड-3 को द्वितीय व तृतीय उच्‍चतर वेतनमान स्‍वीकृत किये जाने के लिये है। प्रस्‍ताव का परीक्षण किया जा रहा है। अत: विधिपूर्ण होने के बिन्‍दु पर मत नहीं दिया जा सकता।

 

म.प्र.शासन पर कर्ज की स्थिति

[वित्त]

16. ( क्र. 272 ) श्री रामनिवास रावत : क्या वित्त मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) 31 मार्च 2014, 31 मार्च 201531 मार्च 2016 की स्थिति में म.प्र. शासन पर कितना कर्ज था? प्रश्नांकित दिनांक तक म.प्र. शासन पर कितना कर्ज है व 31 मार्च 2017 की स्थिति में म.प्र. शासन पर कुल कितना कर्ज संभावित है? (ख) 1 अप्रैल 2016 से जनवरी 2017 की अवधि में क्या राज्य शासन ने कोई कर्ज लिया है? यदि हाँ, तो कितना-कितना, कब-कब व कहाँ-कहाँ से? (ग) वित्तीय वर्ष 2015-16 एवं 2016-17 में प्रश्नांकित अवधि तक कितनी-कितनी राशि ऋण किश्तों एवं ऋण ब्याज के रूप में अदा की गई है? कितनी राशि स्थापना एवं पेंशन पर व्य‍य की गई है एवं वर्तमान वित्तीय वर्ष में कितनी राशि ऋण किश्त व ऋण ब्याज में अदा की जाना है? उक्त‍ राशि वर्ष 2016-17 के बजट का कितना प्रतिशत है? (घ) 31 मार्च 2016 की स्थिति में मध्य प्रदेश के प्रत्येक व्यक्ति पर औसतन कितना कर्ज था एवं 31 मार्च 2017 की स्थिति में कितना संभावित है?

वित्त मंत्री ( श्री जयंत मलैया ) : (क) दिनांक 31.03.2014 में रूपये 77413.87 करोड़, 31.03.2015 में रूपये 94979.16 करोड़, 31.03.2016 में रूपये 111101.10 करोड़ का कर्ज शासन पर था। 31.03.2017 की स्थिति में मध्‍यप्रदेश पर कुल कर्ज की स्थिति नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक द्वारा प्रेषित वित्‍त लेखों में स्‍पष्‍ट हो सकेगी। जो कि अभी अप्राप्‍त है। (ख) जी हाँ। अप्रैल, 2016 से जनवरी, 2017 की अवधि का वित्‍त लेखा भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक द्वारा तैयार किया जाना है। अत: विवरण दिया जाना संभव नहीं है। (ग) वित्‍तीय वर्ष 2015-16 में लिये गये ऋण एवं ब्‍याज भुगतान वित्‍त लेखा 2015-16 के विवरण क्रमांक 617 पर उपलब्‍ध है, इसी प्रकार वेतन पर व्‍यय का विवरण भाग-दो परिशिष्‍ट-एक उपलब्‍ध है। जो विधान सभा के पुस्‍तकालय में अवलोकनीय है। वर्ष 2016-17 हेतु भारत के नियंत्रक महालेखापरीक्षक से वित्‍त लेखा वित्‍त वर्ष की समाप्ति उपरांत प्राप्‍त होगा, जिसमें उक्‍त स्थिति का उल्‍लेख होगा। (घ) वर्ष 2011 के जनगणना के आधार पर मध्‍यप्रदेश की जनसंख्‍या 7.26 करोड़ थी। जनगणना की वार्षिक वृद्धि दर 2.03 प्रतिशत (दशकीय वृद्धि दर- 20.30 प्रतिशत) के मान से वर्ष 2016 में मध्‍यप्रदेश की अनुमानित जनगणना 8.02 करोड़ प्रक्षेपित होती है। 31.03.2016 की स्थिति में मध्‍यप्रदेश पर कुल रूपये 1,11,101.10 करोड़ का कर्ज था। अत: 31.03.2016 की स्थिति में प्रति व्‍यक्ति कर्ज लगभग रूपये 13,853.00 है। 31.03.2017 की स्थिति में वित्‍त लेखे महालेखाकार से प्राप्‍त नहीं होने के कारण कर्ज की गणना करना संभव नहीं है।

मुख्यमंत्री एवं मंत्रिमंडल के सदस्यों द्वारा की गई विदेश यात्राएं

[सामान्य प्रशासन]

17. ( क्र. 273 ) श्री रामनिवास रावत : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जनवरी 2015 से प्रश्नांकित दिनांक तक, मान. मुख्यमंत्री, मंत्रीगण एवं अन्य प्रतिनिधिमंडल द्वारा शासन स्तर पर की गई विदेश यात्राओं की जानकारी दें? यात्रा प्रारंभ/अंत का दिनांक, देश का नाम, यात्रा का उद्देश्य, यात्रा पर व्यय की जानकारी बतावें। साथ ही प्रत्येक यात्रा में शामिल व्यक्तियों के नाम तथा पद सहित सूची प्रदान करें। (ख) वर्ष 2015 से प्रश्नांकित तिथि तक मुख्यमंत्री तथा अन्य द्वारा विदेश यात्राओं पर किये गए कुल व्यय का वर्षवार ब्‍यौरा दें? (ग) इन यात्राओं का प्रबन्धन किस-किस इवेंट मैनेजमेंट कंपनी द्वारा किया गया तथा उसे कितनी राशि का भुगतान किया गया? (घ) क्या उक्त विदेशी यात्राओं में से अधिकांश यात्राएं प्रदेश में विदेशी निवेश आकर्षित करने के लिए की गई? यदि हाँ, तो अभी तक प्रदेश में कितना विदेशी निवेश किस किस विदेशी संस्था/उद्योगपति द्वारा किस किस क्षेत्र में कितनी-कितनी राशि का किया गया?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

सूचना के अधिकार अंतर्गत प्राप्‍त पत्र पर कार्यवाही

[सामान्य प्रशासन]

18. ( क्र. 334 ) श्री हरदीप सिंह डंग : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सूचना के अधिकार के नियम की जानकारी उपलब्ध करावें? (ख) सुवासरा विधानसभा क्षेत्र की तीनों नगर परिषदों एवं ग्राम पंचायतों में विगत 3 वर्षों में कितने आवेदन प्राप्त हुए हैं तथा कितने आवेदनों का निराकरण कर सूचना प्रदान की गई एवं कितने आवेदन शेष हैं? (ग) प्रश्नांक (ख) के अनुसार आवेदनकर्ता का नाम एवं आवेदन की तारीख सहित जानकारी प्रदान करें? (घ) उपरोक्त विभाग द्वारा समय-सीमा में जानकारी नहीं दी गई, क्या उन पर कोई कार्यवाही की गई है, यदि की गई है तो की गई कार्यवाही की जानकारी देवें?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार। (ख) सुवासरा विधान सभा क्षेत्र की तीन नगर परिषदों एवं ग्राम पंचायतों में विगत तीन वर्षों में कुल 525 आवेदन प्राप्त हुए। निराकरण किया :- 523 शेष (जो समय-सीमा के है) :- 02 (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार। (घ) समय-सीमा में जानकारी प्रदाय की गई है। अतः शेषांश कार्यवाही का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

विभाग द्वारा किए गए विकास कार्य

[पर्यटन]

19. ( क्र. 366 ) श्री हरदीप सिंह डंग : क्या राज्‍यमंत्री, संस्कृति महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सुवासरा विधानसभा क्षेत्र में विभाग द्वारा विगत 6 वर्षों में कौन-कौन से विकास कार्य कराए गए? किए गए विकास कार्य एवं स्थान का नाम व राशि सहि‍त अलग अलग बतावें? (ख) पर्यटन विभाग द्वारा विगत 4 वर्षों में शामगढ़ व धर्मराजेश्‍वर में कौन-कौन से कार्य किए गए है तथा उन कार्यों हेतु कितनी राशि का व्यय हुआ है कार्य व एजेंसी के नाम सहित जानकारी देवें? (ग) सुवासरा विधानसभा क्षेत्र के कौन-कौन से स्थान पर्यटन स्थल की सूची में सम्मिलित हैं। (घ) सुवासरा विधानसभा क्षेत्र में पर्यटन हेतु मुवाझर माता सीतामऊ, कोटेश्‍वर महादेव सीतामऊ, गंगेश्‍वर महादेव सीतामऊ, एलवी महादेव कयामपुर, भडकेश्‍वर महादेव बसई, माकडी माता शामगढ, मोडी माता शामगढ़, आनंद धाम घसोई, हरणेश्‍वमर महादेव घसोई, भैंसासरी माता आम्बा, धर्मराजेश्‍वर चंदवासा, जोगणिया माता मेरियाखेडी, बाबा रामदेव कचनारा, गुफा माता सुवासरा, गणेश मगरा सुवासरा, बौद्ध गुफाएं खेजडिया भूप, भेरू बावजी घसोई आदि स्थानों पर विभाग द्वारा कब तक निरीक्षण कर पर्यटन स्थल घोषित किया जावेगा।

राज्‍यमंत्री, संस्कृति ( श्री सुरेन्द्र पटवा ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ग) पर्यटन विभाग में विशिष्‍ट रूप से पर्यटन क्षेत्रों की सूची संधारित करने का कोई प्रावधान नहीं है। (घ) विभाग द्वारा जारी नवीन पर्यटन नीति 2016 के तहत किसी भी स्‍थल को पर्यटन घोषित करने की कोई नीति नहीं है। अत: शेष का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''पाँच''

विभाग द्वारा क्षेत्र में की जा रही कुर्की/जब्ती

[ऊर्जा]

20. ( क्र. 400 ) श्री हरदीप सिंह डंग : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विगत तीन माह के भीतर सुवासरा विधानसभा क्षेत्र में विभाग द्वारा कुर्की/जब्ती करने से पहले क्या‍ उपभोक्ताओं को सूचना पत्र जारी किए गए थे? (ख) विगत तीन माह (अक्‍टूबर,नवम्‍बर एवं दिसम्‍बर-2016) में सुवासरा विधानसभा क्षेत्रांतर्गत विद्युत वितरण कंपनी द्वारा किस-किस प्रकार की सामग्री की कुर्की/जब्‍ती की गई ? वितरण केन्‍द्रवार उपभोक्‍ताओं/उपयोगकर्ताओं की संख्‍या बतावें जिनसे उपरोक्‍त सामग्री कुर्क/जब्‍त की गई है? (ग) विभाग द्वारा कुर्की या जब्ती के दौरान जब्‍त की गई सामग्री क्षतिग्रस्त होने पर उसकी भरपाई विभाग द्वारा की जाती है या नहीं? (घ) क्‍या विभाग द्वारा बकाया बिल की वसूली करने हेतु कुर्की या जब्ती के दौरान विभाग को उपलब्ध पुलिस बल को उपभोक्ताओं के साथ मारपीट करने का अधिकार है?

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) जी हाँ। (ख) प्रश्‍नाधीन अवधि में सुवासरा विधानसभा क्षेत्रान्‍तर्गत पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा चल सम्‍पत्ति यथा चार पहिया वाहन, दो पहिया वाहन, विद्युत उपकरण, डीजल इंजिन आदि एवं अचल सम्‍पत्ति यथा मकान आदि की 1560 उपभोक्‍ताओं से कुर्की/जब्‍ती की गई, जिसकी वितरण केन्‍द्रवार संख्‍या संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ग) जी नहीं। वितरण कंपनी द्वारा कुर्की की कार्यवाही में जब्‍त की गई सामग्री के क्षतिग्रस्‍त होने पर उसकी भरपाई किये जाने का कोई प्रावधान नहीं है। तथापि वितरण कंपनी द्वारा कुर्क/जब्‍त की गई सामग्री को कार्यालय अथवा कार्यालय परिसर में पूर्ण रूप से सुरक्षित रखा जाता है तथा उपभोक्‍ता द्वारा बकाया राशि का भुगतान किये जाने के उपरांत कुर्क/जब्‍त की गई सामग्री उपभोक्‍ता को वापस कर दी जाती है। (घ) जी नहीं। 

परिशिष्ट - ''छ:''

प्रदेश में ऑनलाईन खरीदी पर टैक्स वसूली की नई नीति

[वाणिज्यिक कर]

21. ( क्र. 426 ) श्री यशपालसिंह सिसौदिया : क्या वित्त मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में ऑनलाईन खरीदी में टैक्स की नई नीति क्या है? नई नीति लागू होने के पश्चात विभाग द्वारा ऑनलाईन टैक्स के रूप में प्रदेश में कितनी राशि वसूली, वसूली गई राशि की अपेक्षाकृत टैक्स वसूली की समीक्षा (कम ज्यादा टैक्स) कब-कब की गई, क्या विभाग नई नीति से प्राप्त टैक्स से संतुष्ट है? (ख) प्रश्न दिनांक तक प्रदेश में किन-किन कम्पनियों का रजिस्ट्रेशन ऑनलाईन खरीदी हेतु किया है इन कंपनियों की रजिस्ट्रेशन की प्रतिलिपि उपलब्ध कराये? इन कम्पनियों के विरुद्ध कब-कब टैक्स चोरी के खिलाफ विभाग द्वारा जाँच की गई? (ग) क्या अभी भी कई फर्जी कम्पनियां द्वारा स्वयं की कोरियर कम्पनी बना कर विभाग की आँखों में धूल झोंक कर अपना व्यवसाय कर रही है जिससे विभाग को टैक्स चोरी के रूप में लाखों रूपये का नुकसान हो रहा है फर्जी कम्पनियों के खिलाफ क्या कार्यवाही की गई? (घ) क्या ऑनलाईन खरीदी की नई नीति में टैक्स चोरी पकड़ने के लिए विभागीय अमले की कमी है यदि "हां" तो इसे कब तक दूर कर लिया जाएगा? क्या विभाग ने ऑनलाईन टैक्स चोरी को रोकने के लिए अलग से अधिकारियों की कोई टीम गठित की है?

वित्त मंत्री ( श्री जयंत मलैया ) : (क) प्रदेश में ऑनलाईन खरीदी पर टैक्‍स नीति के संबंध में जारी अधिसूचनाएं दिनांक 28.09.2016 पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र अनुसार है। ऑनलाईन खरीदी पर अधिसूचना जारी होने के बाद दिनांक 1.10.2016 से 31 जनवरी 2017 तक टैक्‍स के रूप में प्रदेश में 35.24 करोड़ रूपए का राजस्‍व प्राप्‍त हुआ है। प्रत्‍येक सप्‍ताह किए गए संव्‍यवहारों पर सप्‍ताह की समाप्ति के तीन दिवस के भीतर देय कर जमा करने के प्रावधान है। इस प्रकार प्रति सप्‍ताह इन करदाताओं की समीक्षा की जाती है और प्राप्‍त होने वाला राजस्‍व विभाग की अपेक्षाओं के अनुरूप है। (ख) ऑनलाईन खरीदी एवं परिवहन करने वाली 19 कंपनियों के द्वारा पंजीयन प्राप्‍त किया गया है रजिस्‍ट्रेशन की प्रति तथा इन कंपनियों से वसूल की गई कर राशि तथा कार्यवाही की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र पर है। (ग) विभागीय पोर्टल पर क्रय/परिवहन किए जा रहे मालों की जानकारी निर्धारित प्रपत्र पर इन कंपनियों द्वारा दी जाती है। फर्जी कंपनियों द्वारा व्‍यवसाय किए जाने संबंधी तथ्‍य विभाग के समक्ष नहीं आए हैं। मध्‍यप्रदेश वेट अधिनियम की धारा 57 (5) के अंतर्गत मोबाइल जाँच के समय ऑनलाईन खरीदी के संबंध में नियमों का पालन नहीं होने पर 3 फर्मों के विरूद्ध कार्यवाही कर इनसे रू. 9,88,414/- की राशि वसूल की गई। (घ) जी हाँ, विभाग में शासकीय अमले की कमी है। पदों की रिक्‍तता एवं पदों को भरे जाने की सतत् प्रक्रिया है अत: शत्-प्रतिशत अमले की कमी को दूर किये जाने की निश्चित समयावधि बताना संभव नहीं है। शासकीय अमले की कमी रहते हुए भी राजस्‍व संग्रहण एवं ऑनलाईन खरीदी में कर जमा कराने की निरंतर कार्यवाही की जा रही है। ऑनलाईन खरीदी के संबंध में कंपनियों द्वारा परिवहित किए जा रहे मालों के संबंध में विभागीय पोर्टल पर पूर्ण जानकारी उपलब्‍ध कराई जाती है। ऑनलाईन खरीदी के नियमों का पालन नहीं होने पर मध्‍यप्रदेश वेट अधिनियम की धारा 57 (5) के अंतर्गत विभागीय अमले द्वारा मोबाईल जाँच के समय किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर शास्ति की कार्यवाही की जाती है।

बाल कल्‍याण समिति सागर को प्राप्‍त शिकायतें

[महिला एवं बाल विकास]

22. ( क्र. 460 ) इन्जी. प्रदीप लारिया : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या बाल कल्‍याण समिति सागर की नियमित बैठक हो रही है? यदि हाँ, तो बैठक का स्‍थान एवं बैठक की कार्यवाही की जानकारी देवें। (ख) बाल कल्‍याण समिति के कौन-कौन से सदस्‍य शासन द्वारा कराई गई जाँच में दोषी पाये गये हैं? इनके द्वारा क्‍या-क्‍या अनियमितताएं की गई है? (ग) दोषी पाये गये समिति के सदस्‍य क्‍या मानव विकास में काम करते हैं? दोषी सदस्‍यों पर कार्यवाही में विलंब का क्‍या कारण है एवं इनके विरूद्ध कब कार्यवाही की जावेगी? (घ) बाल कल्‍याण समिति सागर के जिला न्‍यायालय सागर के समक्ष कितने लोगों ने किशोर न्‍याय (बालक की देख-रेख) सरंक्षण अधिनियम, 2015 की धारा 27 उपधारा (10) के अनुसार शिकायत की है? उनके नाम, पता एवं कार्यवाही की जानकारी से अवगत करायें। 

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( श्रीमती अर्चना चिटनिस ) : (क) जी, हाँ। वर्तमान में बाल कल्‍याण समिति संप्रेक्षण गृह सागर में बैठक करती है। किशोर न्‍याय अधिनियम की धारा 99 के तहत बालक से संबंधित सभी रिपोर्टे जिन पर समिति या बोर्ड द्वारा विचार किया गया है गोपनीय मानी जाएंगी। अत: बैठक की कार्यवाही की जानकारी नहीं दी जा सकती है। (ख) बाल कल्‍याण समिति के अध्‍यक्ष श्री दिनेश नामदेव व सदस्‍य श्री साजू देव्‍यास को जाँच में दोषी पाया गया है। जाँच में मुख्‍यत: दो अनियमितताएं पाई गई हैं :- 1. श्री दिनेश नामदेव द्वारा जुलाई 2014 में अस्‍पताल में भर्ती रहते हुए 09 बैठकों में उपस्थिति पत्रक पर हस्‍ताक्षर किये। 2. जाँच में पाया गया कि श्री दिनेश नामदेव एवं श्री साजू देव्‍यास द्वारा संप्रेक्षण गृह के स्‍थान पर चाईल्‍ड लाईन कार्यालय में समिति की बैठकें की गई। (ग) प्रश्‍न के प्रथम भाग में ''मानव विकास सेवा से क्‍या तात्‍पर्य है'' अस्‍पष्‍ट होने के कारण उत्‍तर देने का प्रश्‍न उद्भुत नहीं होता है। प्रश्‍न के शेष भाग के संदर्भ में अधिनियम में विहित प्रक्रिया का पालन करने में प्रक्रियात्‍मक समय लगता है। कार्यावाही प्रक्रियाधीन है। (घ) धारा 27 की उपधारा (10) अंतर्गत कलेक्‍टर सागर को मात्र एक शिकायत प्राप्‍त हुई है। शिकायतकर्ता का नाम श्री ओंकार सिंह पता सदस्‍य किशोर न्‍याय बोर्ड सागर है। कलेक्‍टर द्वारा शिकायत का संज्ञान लिया जाकर अपर कलेक्‍टर से उच्‍च स्‍तरीय जाँच करायी जा रही है।

अनुकंपा नियुक्ति के लंबित प्रकरण

[सामान्य प्रशासन]

23. ( क्र. 461 ) इन्जी. प्रदीप लारिया : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या कार्य भारित एवं आकस्मिक निधि सेवा से वेतन पाने वाले कर्मचारियों की सेवाकाल में मृत्‍यु होने पर अनुकंपा नियुक्ति पर परिपत्र क्र. 3-12/2013/1-3 दिनांक 29 सितम्‍बर 2014 द्वारा प्रतिबंध लगाया गया था? (ख) क्‍या यह प्रतिबंध सामान्‍य प्रशासन विभाग के आदेश क्र. सी/5-1/2016/1/3 भोपाल दिनांक 31.08.2016 के द्वारा हटा दिया गया है एवं पुन: अनुकंपा नियुक्ति के आदेश सामान्‍य प्रशासन विभाग द्वारा जारी कर दिये गये है? (ग) सागर संभाग में आदेश दिनांक 29 सितम्‍बर 2014 से आदेश दिनांक 31.8.2016 तक ऐसे कितने दिवंगत कर्मचारी के परिवार के आवेदन अनुकंपा नियुक्ति हेतु लंबित है? (घ) प्रश्‍नांश (ग) अवधि में सागर जिले में कितने दिवंगत कर्मचारियों के परिवारों को अनुकंपा नियुक्ति प्रदान की गई है एवं कितने आवेदन प्रश्‍न दिनांक तक लं‍बित है?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) उक्‍त परिपत्र के अंतर्गत अनुकंपा नियुक्ति की पात्रता नहीं थी। रूपये दो लाख अनुकंपा अनुदान दिये जाने का प्रावधान था। (ख) दिनांक 31.08.2016 द्वारा कार्यभारित एवं आकस्मिकता निधि से वेतन पाने वाले दिवंगत कर्मचारियों के आश्रित सदस्‍य को अनुकंपा नियुक्ति दिये जाने का निर्णय लिया है। (ग) 35 आवेदन लंबित हैं। (घ) सागर जिले में 27 दिवंगत कर्मचारियों के परिवार को अनुकंपा नियुक्ति प्रदान की गई है तथा 05 प्रकरण लंबित हैं। 

अवैध शराब का विक्रय

[वाणिज्यिक कर]

24. ( क्र. 465 ) श्री सतीश मालवीय : क्या वित्त मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अवैध शराब का विक्रय रोकने हेतु शासन की क्या नियम, नीति एवं निर्देश हैं? क्या इन नियमों एवं नीतियों का पालन उज्जैन जिले की घट्टिया विधानसभा क्षेत्र में किया जा रहा है? यदि नहीं, तो क्यों? घट्टिया विधानसभा क्षेत्र में गांव-गांव में अवैध शराब की बिक्री के लिये कौन-कौन जिम्मेदार है? (ख) 2014-15 से प्रश्न दिनांक तक घट्टिया विधानसभा क्षेत्र में कहाँ-कहाँ अवैध शराब विक्रय, भंडारण एवं आबकारी एक्ट के तहत कितने प्रकरण दर्ज किये गये? प्रकरणवार जानकारी देवें। इन मामलों को कब माननीय न्यायालय में प्रस्तुत किया गया तथा किन-किन प्रकरणों का निराकरण कराया गया? (ग) घट्टिया विधानसभा क्षेत्र में गांव-गांव में बिक रही अवैध शराब, अवैध भंडारण के संबंध में क्या विभाग विशेष निर्देश देकर अभियान चलाकर समुचित कार्यवाही करेगा? यदि नहीं, तो क्यों?

वित्त मंत्री ( श्री जयंत मलैया ) : (क) मध्‍यप्रदेश आबकारी अधिनियम 1915 के अन्‍तर्गत अवैध शराब का विक्रय, भण्‍डारण, परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण रखे जाने हेतु अधिनियम की धारा 34 (1) (2) धारा 36, धारा 54 एवं धारा 49 में प्रावधानित है। इसका पालन घटिट्या विधानसभा क्षेत्र में भी किया जाता है। अधिनियम के अन्‍तर्गत निर्धारित सीमा से अधिक मादक द्रव्‍य अपने कब्‍जे में रखने वाले व्‍यक्ति इसके लिये स्‍वयं जिम्‍मेदार होते है। जिनके विरूद्ध नियमानुसार कार्यवाही की जाती है। (ख) आबकारी विभाग द्वारा वर्ष 2014-15 से प्रश्‍न दिनांक तक घटिट्या विधानसभा क्षेत्र में अवैध शराब विक्रय, भण्‍डारण एवं आबकारी एक्‍ट के तहत विभिन्‍न स्‍थानों से कुल 311 प्रकरण पंजीबद्ध किए गए है। पंजीबद्ध प्रकरणों की जानकारी, न्‍यायालय में प्रस्‍तुत करने का फौजदारी प्रकरण क्रमांक एवं दिनांक तथा निराकरण संबंधी जानकारी तथा लंबित प्रकरणों की जानकारी विधानसभा पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। (ग) आबकारी आयुकत मध्‍यप्रदेश ग्‍वालियर के पत्र क्रमांक 6-ब/अप./2016-17/248 दिनांक 29.07.2016 के माध्‍यम से प्रदेश के सभी जिलों में दिनांक 01.08.2016 से 15.08.2016 तक की अवधि में शराब के अवैध निर्माण, परिवहन, विक्रय धारण आदि गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण के उद्देश्‍य से विशेष अभियान चलाकर कार्यवाही करने के निर्देश जारी किये गये थे, जो निरंतर जारी है।

कोलारस विधान सभा क्षेत्र में वर्षों पूर्व फेल हुए ट्रांसफार्मर को बदला जाना

[ऊर्जा]

25. ( क्र. 487 ) श्री रामसिंह यादव : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या कोलारस विधान सभा क्षेत्र में दिसम्‍बर 2015 की स्थिति में राजीव गांधी विद्युतीकरण योजना के तहत स्‍थापित किए गए ट्रांसफार्मर जो कि स्‍थापित करते ही फेल हो गए थे, उन्‍हें प्रश्‍न दिनांक तक नहीं बदले गए हैं? यदि हाँ, तो उक्‍त ट्रांसफार्मर कहाँ-कहाँ से कब-कब फेल हुए थे? (ख) उक्‍त फेल ट्रांसफार्मर प्रश्‍न दिनांक तक क्‍यों नहीं बदले गए? फेल ट्रांसफार्मर बदलने हेतु क्‍या-क्‍या कार्यवाही कब-कब की गई? राजीव गांधी विद्युतीकरण योजना के ट्रांसफार्मर फेल होने से कौन-कौन से ग्राम, मजरा/टोला, अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति बस्तियां कब से अंधेरे में हैं? इनके अंधेरे में रहने के लिये कौन दोषी है? (ग) क्‍या राजीव गांधी विद्युतीकरण योजना का कार्य करने वाली एजेंसी कुछ ग्रामों, मजरा/टोला, बस्तियों का विद्युतीकरण कार्य अपूर्ण अथवा प्रारंभ किए बगैर छोड़ कर चली गई है? ऐसे कौन-कौन से ग्राम, मजरा/टोला, बस्तियां है? इनका विद्युतीकरण कार्य किस योजना के तहत कब तक पूर्ण किया जावेगा? कोई निश्चित समयावधि बताएं? (घ) कोलारस विधान सभा क्षेत्र के अंतर्गत राजीव गांधी विद्युतीकरण योजना का कार्य अनुबंध अनुसार निर्धारित समयावधि में पूर्ण न करने के लिये शासन/कंपनी द्वारा निर्माण एजेंसी के विरूद्ध क्‍या-क्‍या ठोस एवं प्रभावी कार्यवाही की गई? दस्तावेजी प्रमाण संलग्‍न कर जानकारी दें?

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) एवं (ख) दिसम्‍बर 2015 की स्थिति में राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना के तहत कोलारस विधानसभा क्षेत्र में स्‍थापित किये गये ट्रांसफार्मरों में से ऐसा कोई भी ट्रांसफार्मर नहीं है जो कि स्‍थापित करते ही फेल हो गया था, अत: ट्रांसफार्मरों के फेल होने एवं बदले जाने संबंधी प्रश्‍नाधीन चाही गई कोई जानकारी दिया जाना अपेक्षित नहीं है। तथापि प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना के अंतर्गत फेल ट्रांसफार्मरों से संबद्ध उपभोक्‍ताओं द्वारा नियमानुसार विद्युत बिल की बकाया राशि जमा नहीं करने के कारण बदलने हेतु शेष ट्रांसफार्मरों एवं इससे प्रभावित ग्राम/मजरा/टोला/अनुसूचित जाति-जनजति बस्‍ती की ट्रांसफार्मर फेल होने की दिनांक सहित जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। उक्‍त फेल ट्रांसफार्मर उपभोक्‍ताओं द्वारा नियमानुसार विद्युत बिल की बकाया राशि जमा नहीं करने के कारण बदले नहीं जा सके है, अत: इस हेतु वितरण कंपनी का कोई कर्मचारी/अधिकारी दोषी नहीं है। (ग) जी हाँ, कोलारस विधानसभा क्षेत्र सहित शिवपुरी जिले हेतु 11वीं पंचवर्षीय योजना में स्‍वीकृत राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना का कार्य कर रही ठेकेदार एजेंसी में. हैथ्‍रो पॉवर कार्पोरेशन लिमिटेड गुड़गांव द्वारा अनुबंध की शर्तों के अनुसार कार्य पूर्ण नहीं करने के कारण उसका अनुबंध दिनांक 15.12.2016 को निरस्‍त कर दिया गया था एवं तत्समय प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में 263 ग्रामों में मजरों/टोलों/बस्तियों/बसाहटों के विद्युतीकरण सहित सघन विद्युतीकरण का कार्य अपूर्ण था जिनकी ग्रामवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। उक्‍त 263 ग्रामों के अपूर्ण विद्युतीकरण कार्य को राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजनावर्तमान में दीनदयाल उपाध्‍याय ग्राम ज्‍योति योजना ) के अंतर्गत कराये जाने हेतु निविदा कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। निविदा प्रक्रिया पूर्ण होने के उपरांत ही कार्य पूर्णता संबंधी समय बताया जाना संभव हो सकेगा। (घ) कोलारस विधानसभा क्षेत्र सहित शिवपुरी जिले हेतु 11वीं पंचवर्षीय योजना में स्‍वीकृत राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना का क्रियान्‍वयन कर रही ठेकेदार एजेंसी मे. हैथ्‍रो पॉवर कार्पोरेशन लिमिटेड गुडगांव द्वारा निर्धारित समयावधि में कार्य पूर्ण नहीं करने के कारण उक्‍त एजेंसी से किया गया अनुबंध दिनांक 15-12-16 को निरस्‍त कर दिया गया है एवं उक्‍त ठेकेदार एजेन्‍सी की बैंक गांरटी की राशि रू. 17.45 करोड़ जब्‍त कर ली गई है। अनुबंध निरस्‍त किये जाने के आदेश दिनांक 15-12-16 की प्रति एवं जब्‍त की गई बैंक गांरटी से संबंधित दस्‍तावेजों की प्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के क्रमश: प्रपत्र- स एवं द अनुसार है। 

के.व्‍ही. लाईन के तार बदले जाना

[ऊर्जा]

26. ( क्र. 496 ) श्री रामसिंह यादव : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या शिवपुरी जिले के खतौरा विद्युत उपकेन्‍द्र से 11 के.व्‍ही. लाईन के तीन फीडर 1. पीरोंठ-गुहांसा-तरावली 2. रामगढ़-कुलुअन-कुटवारा एवं पगारा 3. बरोदिया-मेघोनाबड़ा निकले है? यदि हाँ, तो इनकी 11 के.व्‍ही. लाईन के तार कब एवं किस क्षमता के डाले गए थे वर्तमान में इन फीडरों पर लोड कितना-कितना है वर्तमान लोड के अनुसार किस क्षमता के 11 के.व्‍ही. लाईन के तार की आवश्‍यकता है? (ख) क्‍या खतौरा उपकेन्‍द्र से निकलने वाले उक्‍त वर्णित तीनों फीडरों के 11 के.व्‍ही. लाईन के तार लगभग 30-35 वर्ष पुराने हैं? जिसके कारण उक्‍त लाईन वर्तमान भार वहन नहीं कर पा रही है? यदि हाँ, तो उक्‍त फीडरों पर 11 के.व्‍ही. लाईन के नए तार कब तक बदले जावेंगे? (ग) क्‍या प्रश्‍नकर्ता ने अपने पत्र दिनांक 26/05/2016, 26/08/2016 तथा 26/12/2016 को महाप्रबंधक म.प्र.म.क्षे.वि.वि.कम.लिमि. वृत्‍त शिवपुरी को पत्र लिखकर खतौरा उपकेन्‍द्र के उक्‍त तीनों फीडरों के 11 के.व्‍ही. लाईन के तार बदलने का अनुरोध किया था? यदि हाँ, तो उक्‍त तार अभी तक क्‍यों नहीं बदले गए? उक्‍त तार कब तक बदले जाएंगे? (घ) क्‍या खतौरा विद्युत उपकेन्‍द्र से निकलने वाले उक्‍त तीनों फीडरों के 11 के.व्‍ही. लाईन के तार सिंचाई के सीजन में लोड पड़ने पर बार-बार टूटते हैं? सैकड़ों बार लाईन फाल्‍ट होती है? यदि हाँ, तो इस समस्‍या से छूटकारा कब तक मिल जावेगा? 11 के.व्‍ही. लाईन के तार कब तक बदले जावेंगे? निश्चित समयावधि बताएं?

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के शिवपुरी वृत के अंतर्गत प्रश्‍नांश में उल्‍लेखित 11 के.व्‍ही..पीरोठ-गुहासा-तरावली एवं 11 के.व्‍ही. रामगढ-कुशवन (कुलुअन नहीं) -कुटवारा फीडर 33/11 के.व्‍ही. विद्युत उपकेन्‍द्र रामगढ़ से निर्गमित हैं एवं 11 के.व्‍ही. बरोदिया-मेघोनावडा (बिजरोनी) फीडर 33/11 के.व्‍ही. विद्युत उपकेन्‍द्र खतौरा से निर्गमित है। उक्‍त फीडरों के तार लगभग 20 वर्ष पूर्व डाले गए थे। उपरोक्‍त तीनों फीडरों के तार 03 (Weasel conductor) हैं, जिनका नॉमिनल एल्‍यूमीनियम एरिया 30 वर्ग मिलीमीटर एवं 750 C पर विद्युत प्रवाह क्षमता 138 एम्‍पीयर है। वर्तमान में 11 के.व्‍ही. पीरोठ फीडर का भार 110 एम्‍पीयर, 11 के.व्‍ही. रामगढ़ फीडर का भार 120 एम्‍पीयर एवं 11 के.व्‍ही. बिजरोनी फीडर का भार 120 एम्‍पीयर है। उक्‍त तीनों फीडरों का भार स्‍थापित तारों की क्षमता के अनुरूप है। (ख) उत्‍तरांश '''' में दर्शाए अनुसार प्रश्‍नाधीन 11 के.व्‍ही.फीडरों के तार लगभग 20 वर्ष पुराने है एवं उनकी क्षमता फीडरों पर वर्तमान भार के अनुरूप है। 11 के.व्‍ही. बरोदिया-मेघोनावड़ा (बिजरोनी) फीडर के लगभग 4 कि.मी. तार जो कि खराब/कमजोर हो गये थे, उन्‍हें दिनांक 03.01.2016 को बदल दिया गया है। प्रश्‍नाधीन अन्‍य दो 11 के.व्‍ही. फीडरों के तार वर्तमान में बदलने की आवश्‍यकता नहीं है। (ग) जी हाँ। उत्‍तरांश (ख) में दर्शाए अनुसार 11 के.व्‍ही. बरोदिया-मेघोनावडा (बिजरोनी) फीडर के लगभग 4 कि.मी. तार दिनांक 03.01.2016 को बदल दिये गये है तथा अन्‍य दो 11 के.व्‍ही. फीडरों के तार वर्तमान में बदलने की आवश्‍यकता नहीं है। (घ) जी नहीं तथापि 33/11 के.व्‍ही. खतौरा उपकेन्‍द्र एवं 33/11 के.व्‍ही. रामगढ़ उपकेन्‍द्र से निर्गमित प्रश्‍नाधीन तीनों 11 के.व्‍ही. फीडरों के तारों के कतिपय अवसरों पर तकनीकी खराबी, आंधी तूफान आदि कारणों से टूटने पर, तत्‍काल लाईन सुधार का कार्य कर विद्युत प्रदाय सामान्‍य कर दिया जाता है। उक्‍त तीनों फीडरों पर सैकड़ों बार लाईन फाल्‍ट होने जैसी स्थिति नहीं है। उत्‍तरांश (ख) एवं (ग) में दर्शाए अनुसार आवश्‍यकतानुसार 11 के.व्‍ही. बरोदिया-मेघोनावडा (बिजरोनी) फीडर के 4 कि.मी. तार बदलने की कार्यवाही की जा चुकी है तथा शेष दो 11 के.व्‍ही. फीडरों के तार वर्तमान में बदलने की आवश्‍यकता नहीं है। 

ग्राम हाटा में विद्युत उपकेन्‍द्र की स्‍वीकृति

[ऊर्जा]

27. ( क्र. 512 ) श्री सुखेन्‍द्र सिंह : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता द्वारा विधान सभा में दिये गये भाषण दिनांक 14.03.2016 को सदन में बताया था कि विधान सभा के क्षेत्र मऊगंज के गांव हाटा में विद्युत सब-स्‍टेशन की आवश्‍यकता है तथा अधीक्षण अभियंता (सं/स.) म.प्र.पू.क्षे.वि.वि.क.लिमि. रीवा को पत्र क्रमांक 216 दिनांक 14.04.2016 द्वारा हाटा में नये 33/11 विद्युत उपकेन्‍द्र के निर्माण कराये जाने का पत्र लिखा था? (ख) प्रश्‍नांश (क) के प्रकाश में यदि हाँ, तो क्‍या अधीक्षण यंत्री (सं./स.) म.प्र.पू.क्षे.वि.वि.कं.लिमि. रीवा द्वारा पृष्‍ठांकन क्रमांक 486 रीवा दिनांक 27.04.2016 द्वारा बताया गया था कि ग्राम हाटा (लोड़ी) में नये 33/11 विद्युत उपकेन्‍द्र निर्माण हेतु प्रस्‍ताव 2016-17 के कार्य योजना में शामिल कर उच्‍च कार्यालय को प्रेषित किया जा चुका है? (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के प्रकाश में यदि हाँ, तो उपरोक्‍त उपकेन्‍द्र पर क्‍या कार्यवाही की गई? कार्यवाही का विवरण उपलब्‍ध करावें। इसे कब तक पूर्ण कराया जावेगा? यदि नहीं, तो कारण स्‍पष्‍ट करें। (घ) क्‍या प्रश्‍नकर्ता के विधान सभा क्षेत्र मऊगंज में कोई और उपकेन्‍द्र प्रस्‍तावित है? यदि हाँ, तो नाम बतावें।

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) जी हाँ, अधीक्षण अभियंता (संचालन-संधारण), म.प्र. पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड, रीवा के कार्यालय में प्रश्‍नाधीन उल्‍लेखित पत्र प्राप्‍त हुआ था। (ख) ग्राम हाटा (लोड़ी) में नये 33/11 के.व्‍ही. विद्युत उपकेन्‍द्र के निर्माण हेतु प्रस्‍ताव वर्ष 2016-17 की कार्य योजना में शामिल करने हेतु प्रश्‍नाधीन उल्‍लेखित संदर्भ से, अधीक्षण अभियन्‍ता (संचालन-संधारण) रीवा द्वारा संबंधित उच्‍च कार्यालय को प्रेषित किया गया था। (ग) ग्राम हाटा (लोड़ी) में नये 33/11 के.व्‍ही. विद्युत उपकेन्‍द्र के निर्माण के प्रस्‍ताव का परीक्षण किया गया तथा उक्‍त प्रस्‍ताव तकनीकी दृष्टि से साध्‍य नहीं पाया गया। अत: उक्‍त विद्युत उपकेन्‍द्र का कार्य कराये जाने का प्रश्‍न नहीं उठता। (घ) विधानसभा क्षेत्र मऊगंज में वित्‍तीय वर्ष 2016-17 की कार्य योजना के अंतर्गत ग्राम शाहपुर में एक 33/11 के.व्‍ही. विद्युत उपकेन्‍द्र के निर्माण का कार्य स्‍वीकृत है एवं आईपीडीएस योजना अन्‍तर्गत ग्राम मऊगंज में एक 33/11 के.व्‍ही. विद्युत उपकेन्‍द्र का निर्माण कार्य प्रस्‍तावित है।

अनियमित बिल वसूली रोकने एवं दोषियों पर कार्यवाही

[ऊर्जा]

28. ( क्र. 520 ) श्री सुन्‍दरलाल तिवारी : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रीवा जिले में विद्युत विभाग ने कितने विद्युत वितरण केन्‍द्र स्‍थापित किये हैं? उनमें से किन-किन केन्‍द्रों में किन-किन ग्रामों को संबद्ध किया गया है? संचालित केन्‍द्रों के ग्रामों में विद्युत सप्‍लाई बाबत् कितने हॉर्स पावर के कितने-कितने ट्रांसफार्मरों की स्‍थापना की गई है, की जानकारी वर्ष 2014 से प्रश्‍नांश तक की देवें? (ख) प्रश्‍नांश (क) अवधि में प्रश्‍नांश (क) के स्‍थापित ट्रांसफार्मर कब-कब, किस-किस विद्युत वितरण केन्‍द्र के जले एवं उनको कब-कब, किस-किस दिनांक एवं माह के बाद बदला गया तथा कितने दिन बिजली की पूर्ति बाधित हुई? ट्रांसफार्मर जलने के दौरान बाधित बिजली पूर्ति का बिल क्‍या उपभोक्‍ताओं से वसूल किया जाता है, अगर किया जाता है तो क्‍यों? (ग) प्रश्नांश (ख) के संदर्भ में म.प्र. पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के निर्देश पर रीवा जिले में बिजली उपभोक्‍ताओं के कनेक्‍शनों के चेकिंग की कार्यवाही 16 जनवरी, 2017 के चल रही है, जिस पर पर विभाग द्वारा उपभोक्‍ताओं के ऊपर फर्जी एवं मनमानी तरीके से लगभग 400 विद्युत चोरी के प्रकरण तैयार किये है, उक्‍त अवधि में कितने चोरी के प्रकरण तैयार किए गए? (घ) प्रश्नांश (ख) अनुसार ट्रांसफार्मरों के जलने के कारण बिजली पूर्ति उपभोगताओं की पूर्णत: बाधित हुई, लेकिन विभाग द्वारा जबरदस्‍ती उस अवधि के भी बिजली के बिल लेने एवं गलत आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध कराने की कार्यवाही पर क्‍या कार्यवाही करेंगे? साथ ही इन पर रोक लगाने बाबत् क्‍या कार्यवाही करेंगे कि इस तरह उपभोगताओं के ऊपर फर्जी मुकदमें न दर्ज कराये जाय एवं बाधित बिजली आपूर्ति के दौरान बिल न वसूल जाय? इस पर संबंधितों को निर्देश देने के साथ ऐसा करने वालों पर क्‍या कार्यवाही करेंगे, बतावें? अगर नहीं तो क्‍यों?

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) रीवा जिले के क्षेत्रान्‍तर्गत 28 विद्युत वितरण केन्‍द्र स्‍थापित किए गए हैं। इन वितरण केन्‍द्रों से सम्‍बद्ध ग्रामों का विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-'''' अनुसार है। रीवा जिले में संचालित वितरण केन्‍द्रों के ग्रामों में विद्युत प्रदाय हेतु वर्ष 2014 से प्रश्‍न दिनांक तक स्‍थापित ट्रांसफार्मरों की क्षमतावार संख्‍या निम्‍नानुसार है :-

क्रमांक

स्‍थापित ट्रांसफार्मरों की क्षमता (के.व्‍ही.ए.)

स्‍थापित ट्रांसफार्मरों की संख्‍या

1

16/25

2087

2

63

758

3

100

419

4

200

14

(ख) रीवा जिले में प्रश्‍नाधीन अवधि में ट्रांसफार्मरों के जलने/खराब होने तथा बदलने का, बदलने में लगे समय सहित वितरण केन्द्रवार विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-'''' अनुसार है। उल्‍लेखनीय है कि ट्रांसफार्मरों के फेल/खराब होने संबंधी आंकड़े किसी अवधि विशेष में स्‍थापित किये गये ट्रांसफार्मरों के परिप्रेक्ष्‍य में संधारित नहीं किये जाते, अत: प्रश्‍नाधीन अवधि में फेल/खराब हुए ट्रांसफार्मरों में वे ट्रांसफार्मर भी सम्मिलित हैं जो इस अवधि के पूर्व से स्‍थापित किये गये थे। विद्युत प्रदाय संहिता 2013 एवं म.प्र. विद्युत नियामक आयोग द्वारा जारी दर आदेश में निहित प्रावधानों के अनुसार ही बिल जारी किये जाने एवं वसूली संबंधी कार्यवाही की जाती है। (ग) रीवा जिले में दिनांक 16.01.2017 से 31.01.2017 की अवधि में विद्युत कनेक्‍शनों की सघन चेकिंग की गई थी। दिनांक 16.01.2017 से 31.01.2017 की अवधि में विद्युत का अवैधानिक उपयोग पाये जाने पर विद्युत अधिनियम, 2003 में धारा 135 के तहत् 152 एवं धारा 138 के तहत् 19 प्रकरण नियमानुसार तैयार किये गये हैं। (घ) ट्रांसफार्मर जलने के कारण विद्युत आपूर्ति बाधित अवधि में विद्युत प्रदाय संहिता 2013 एवं म.प्र. विद्युत नियामक आयोग द्वारा जारी दर आदेश में निहित प्रावधानों के अनुसार ही बिल जारी किये जाने एवं वसूली संबंधी कार्यवाही की गई है। चेकिंग के दौरान विद्युत का अनाधिकृत उपयोग पाए जाने पर ही प्रकरण तैयार किये गए हैं। नियमानुसार की गई उक्‍त कार्यवाही के परिप्रेक्ष्‍य में किसी अधिकारी के विरूद्ध कार्यवाही करने का प्रश्‍न नहीं उठता। 

फीडर सेप्रेशन के कार्य

[ऊर्जा]

29. ( क्र. 553 ) श्री इन्‍दर सिंह परमार : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) म.प्र.प.क्षेत्र वि.वि.कं. डिविजन शुजालपुर के अंतर्गत वितरण केंद्र अकोदिया, पोलायकला, अवंतिपुर बड़ोदिया, अरनियाकला, पोचानेर, नान्दनी, खोकरकला, बेहरावल एवं कालापीपल के कितने ग्रामों में फीडर सेप्रेशन का कार्य प्रश्न दिनांक तक पूर्ण हो चुका है? सूची देवें। (ख) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित वितरण केन्द्रों के ग्रामों में से कितने ग्रामों में केबलीकरण का कार्य पूर्ण हो चुका है? सूची देवें। (ग) क्या प्रश्नांश (क) में उल्लेखित वितरण केंद्र खोकरा कला के ग्राम मोहम्मदपुर मछनई में फीडर सेप्रेशन के तहत कार्य हुआ है? यदि हाँ, तो ग्राम आबादी क्षेत्र में कितने ट्रांसफार्मर कितनी कैपेसिटी के स्थापित किए हैं? उनकी लोकेशन बतावें। (घ) प्रश्नांश (ग) में उल्लेखित गांव में एल टी लाईन के तार कब बदले गए थे? क्या गांव के नागरिकों द्वारा तारों को बदलने की अथवा केबलीकरण की मांग की गई है? यदि हाँ, तो उस पर क्या कार्यवाही की गई?

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) म.प्र. पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड के संचालन एवं संधारण संभाग शुजालपुर के अन्‍तर्गत वितरण केन्‍द्र अकोदिया, पोलायकला, अवंतिपुर बडोदिया, अरनियाकला, पोचानेर, नान्‍दनी, खोकरकला, बेहरावल एवं कालापीपल में अद्यतन स्थिति में क्रमश: 24 ग्रामों, 26 ग्रामों, 19 ग्रामों, 29 ग्रामों, 23 ग्रामों, 23 ग्रामों, 33 ग्रामों, 24 ग्रामों एवं 21 ग्रामों में फीडर विभक्तिकरण का कार्य पूर्ण हो चुका है। उक्‍तानुसार फीडर विभक्तिकरण का कार्य पूर्णता वाले 222 ग्रामों की वितरण केन्‍द्रवार सूची पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ख) संचालन एवं संधारण संभाग शुजालपुर के अंतर्गत वितरण केन्‍द्र अकोदिया, पोलायकला, अवंतिपुर बडोदिया, अरनियाकला, नान्‍दनी, खोकरकला, बेहरावल एवं कालापीपल में क्रमश: 3 ग्रामों, 6 ग्रामों, 2 ग्रामों, 6 ग्रामों, 13 ग्रामों, 13 ग्रामों, 11 ग्रामों एवं 17 ग्रामों के केबलीकरण का कार्य पूर्ण हो चुका है। वितरण केन्‍द्र पोचानेर में अभी किसी भी ग्राम में केबलीकरण का कार्य पूर्ण नहीं हुआ है। उक्‍तानुसार केबलीकरण का कार्य पूर्णता वाले 71 ग्रामों की वितरण केन्‍द्रवार सूची पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। (ग) जी हाँ। ग्राम मोहम्‍मदपुर मछनई में आबादी वाले क्षेत्र में दो वितरण ट्रांसफार्मर क्रमश: 200 के.व्‍ही.ए. क्षमता का ग्राम वाला एवं 63 के.व्‍ही.ए. क्षमता का मजरा/टोला वाला लोकेशन पर स्‍थापित किये गये है। (घ) ग्राम मोहम्‍मदपुर मछनई में निम्‍नदाब लाईन के तार नहीं बदले गये है। जी हाँ, ग्रामीणों द्वारा तारों को बदलने अथवा केबलीकरण की मांग की गई है। उक्‍त कार्य सहित प्रश्‍नाधीन फीडर विभक्तिकरण एवं केबलीकरण के कार्य हेतु ठेकेदार एजेंसी मे. शेलटेक ऑटोमेशन प्रायवेट लिमिटेड, सिकन्‍दराबाद को जारी किया गया अवार्ड, ठेकेदार एजेंसी द्वारा कार्य में विलंब करने के कारण दिनांक 27.8.2015 को निरस्‍त कर दिया गया है। उक्‍त ग्राम मोहम्‍मदपुर मछनई सहित प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में शेष केबलीकरण का कार्य पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा विभागीय स्‍तर पर पूर्ण कराया जावेगा। 

आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की मानदेय वृद्धि

[महिला एवं बाल विकास]

30. ( क्र. 560 ) श्री दिलीप सिंह शेखावत : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) वर्तमान में प्रदेश की आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को राज्य शासन द्वारा 2000/- रूपये एवं केन्द्र सरकार द्वारा 3000/- रूपये प्रतिमाह मानदेय दिया जाता है, जो कि न्यूनतम वेतन से भी काफी कम है। जबकि वर्तमान में इनका कार्य एवं जिम्मेदारी काफी बढ़ गयी है। (ख) क्‍या इतने कम मानदेय में इनका गुजारा ठीक से हो पाना संभव हैं। यदि नहीं, तो इनका मानदेय कब तक बढ़ाने पर विचार किया जावेगा? (ग) यदि केन्द्र सरकार के द्वारा मानदेय बढाना संभव नहीं हो तो राज्य स्तर का मानदेय कब तक बढ़ा दिया जावेगा?

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( श्रीमती अर्चना चिटनिस ) : (क) ऑगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का पद मानसेवी होने से न्‍यूनतम वेतन दिए जाने का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता है अत: शासन द्वारा निर्धारित मानदेय दिया जाता है। कार्य एवं जिम्‍मेदारी ऑगनवाड़ी के केन्‍द्रों से प्रदायित सेवा के अनुरूप ही है। (ख) भारत सरकार द्वारा ऑगनवाड़ी कार्यकर्ता के पद को मानसेवी श्रेणी में रखा गया है। मानदेय बढ़ाने का निर्णय भारत सरकार द्वारा लिया जाता है। राज्‍य सरकार द्वारा अपने सीमित वित्‍तीय संसाधनों से अतिरिक्‍त मानदेय भुगतान किया जाता है। अत: शेष का प्रश्‍न ही नहीं। (ग) राज्‍य सरकार के सीमित वित्‍तीय संसाधनों के कारण वर्तमान में अतिरिक्‍त मानदेय बढ़ाये जाने का कोई प्रस्‍ताव विचाराधीन नहीं है।

आंगनवाड़ी कार्यकर्ता की अवैध नियुक्ति

[महिला एवं बाल विकास]

31. ( क्र. 595 ) श्रीमती ऊषा चौधरी : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या रीवा जिले के विकासखंड गंगेव अंतर्गत ग्राम बहिवार में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता की नियुक्ति में स्थानीय निवासी की नियुक्ति न कर नगरपालिक निगम रीवा वार्ड क्र.3 पुष्पराजनगर निवासी रेनुका राल्ही पत्नी तरून राल्ही की कर दी गई है? (ख) यदि हाँ, तो क्या अवैध नियुक्ति की अपील में न्यायालय कलेक्टर रीवा द्वारा अपने पारित निर्णय दिनांक 30/08/16 में जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास रीवा को निर्देशित किया गया था कि आदेश की कंडिका 6 में दर्शाए गए बिन्दुओं की जाँच दो माह के अन्दर कराकर प्राप्त प्रतिवेदन को जिला स्तरीय समिति के समक्ष प्रस्तुत करें एवं जिला स्तरीय समित द्वारा लिए जाने वाले निर्णय के अनुसार जारी अंतिम सूची के प्रथम स्थान की अभ्यार्थी संगीता साकेत पति नागेन्द्र प्रसाद साकेत निवासी बहिवार की नियुक्ति आंगनवाड़ी केंद्र बहिवार में आंगनवाड़ी कार्यकर्त्ता के पद पर करें? (ग) प्रश्नांश (ख) यदि हाँ, तो क्या जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बालविकास रीवा द्वारा न्यायालय कलेक्टर रीवा के आदेश की कंडिका 6 में दर्शाए गए बिन्दुओं की जाँच कर ली गई है यदि हाँ, तो जाँच की प्रति एवं दिनांक सहित जानकारी देवें? (घ) क्या विगत छः माह बीत जाने के बाद भी जाँच नहीं की गई ओर न ही पात्र अभ्यार्थी संगीता साकेत की नियुक्ति की गई? क्या न्यायालय के आदेश के दोषी अधिकारी के विरुद्ध कार्यवाही की गई? यदि नहीं, तो क्यों कारण सहित बताएँ?

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( श्रीमती अर्चना चिटनिस ) : (क) विकासखंड गंगेव की बाल विकास परियोजना गंगेव क्रमांक 01 में आंगनवाड़ी केन्द्र बहिरवार में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के पद पर श्रीमती रेणुका राल्ही द्वारा आवेदन पत्र के साथ ग्राम बहिरवार की मतदाता सूची वर्ष 2004 संलग्न की गई थी। उक्त मतदाता सूची के सरल क्रमांक 1070 में रेणुका राल्ही पति तरूण ताल्ही का नाम दर्ज है। उक्त मतदाता सूची के आधार पर खंड/जिला स्तरीय समिति के अनुमोदन उपरान्त श्रीमती रेणुका राल्ही का चयन किया गया। (ख) कलेक्टर न्यायालय रीवा के प्रकरण क्रमांक 13/अ/89/मूल/2014-15 में पारित निर्णय दिनांक 30.08.2016 के कंडिका 6 में लेख किया गया है कि तरूण राल्ही पिता शशि भुषण राल्ही के निवास की जाँच कराया जावे। उक्त निर्णय में यह भी लेख किया है कि जिला स्तरीय समिति के समक्ष जाँच प्रतिवेदन प्रस्तुत करें एवं जिला स्तरीय समिति द्वारा लिये जाने वाले निर्णय के अनुसार जारी अंतिम सूची के प्रथम स्थान के अभ्यर्थी की नियुक्ति आंगनवाड़ी केन्द्र वहिरवार में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के पद पर करें। जाँच एवं जिला स्तरीय समिति के निराकरण तक अनावेदिका क्रमांक -2 अपने पद पर यथावत रहेगी। माननीय न्यायालय के निर्णय दिनांक 30/08/2016 के अनुसार पत्र क्रमांक 2400 दिनांक 04/10/2016 के द्वारा श्रीमती रेणुका राल्ही पति तरूण राल्ही के निवास संबंधी जाँच तहसीलदार सिरमौर से कराई गई। तहसीलदार तसहसील सिरमौर द्वारा प्रस्तुत पत्र क्रमांक 24 दिनांक 212/11/2016 में लेख किया गया है कि रेणुका राल्ही के पति तरूण राल्ही के नाना रामखेलावन के पुत्र नहीं है जिससे तरूण राल्ही सपरिवार नाना के यहां बहिरवार में वर्ष 2003 से रह रहे है। रेणुका राल्ही के पति का पुस्तैनी निवास ग्राम मऊगंज है इसके पूर्व नाना के यहां आना जाना बना रहता है। (ग) जी हाँ। जाँच प्रतिवेदन संलग्न परिशिष्ट पर है। (घ) जाँच की कार्यवाही की जा चुकी है। जाँच के निष्कर्षों के आधार पर जिला स्तरीय समिति द्वारा पदपूर्ति की कार्यवाही की जावेगी। कार्यवाही प्रक्रियाधीन होने से शेष का प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - ''सात''

ग्राम खामखेड़ा के विद्युतीकरण बाबत्

[ऊर्जा]

32. ( क्र. 603 ) श्रीमती प्रतिभा सिंह : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता द्वारा बरगी वि.स. क्षेत्र वि.ख. जबलपुर के शत्-प्रतिशत आदिवासी आबादी वाले ग्राम खामखेड़ा में विद्युतीकरण हेतु कार्यालय अधीक्षण अभियंता (संचा.-संधा.) जबलपुर एवं कार्यपालन अभियंता (संचा-संधा) जबलपुर को कब-कब पत्र लिखा गया? प्रश्‍नकर्ता द्वारा ग्राम खामखेड़ा के डूब क्षेत्र से बाहर होने का नर्मदा घाटी विकास विभाग का पत्र कार्यपालन यंत्री को कब प्रेषित किया गया है ? (ख) उपरोक्‍त आदिवासी बाहुल्‍य ग्राम खामखेड़ा का विद्युतीकरण विभाग/शासन द्वारा कब तक किया जावेगा?

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) माननीया विधायक महोदया द्वारा पत्र दिनांक 18.03.2016 के माध्‍यम से बरगी विधानसभा क्षेत्र विकासखण्‍ड, जबलपुर के ग्राम खामखेडा में विद्युतीकरण हेतु कार्यालय कार्यपालन अभियंता (संचालन-संधारण), जबलपुर को लेख किया गया था। माननीय प्रश्‍नकर्ता विधायक महोदया द्वारा उक्‍त पत्र के साथ प्रश्‍नांश में उल्‍लेखित आशय को कार्यपालन यंत्री रानी अवंतीबाई लोधी सागर, बाया मेसनरी बांध संभाग बरगी नगर का पत्र क्रमांक 330 दिनांक 11.03.2016 संलग्‍न कर प्रेषित किया गया था। (ख) पूर्व में आदिवासी बाहुल्‍य ग्राम खामखेड़ा डूब क्षेत्र में आता था परन्‍तु माननीय विधायक महोदया के उत्‍तरांश (क) में उल्‍लेखित पत्र के तारतम्‍य में इस ग्राम का विद्युतीकरण वर्तमान में लागू विद्युतीकरण योजना के अंतर्गत करने हेतु आर.ई.सी. लिमिटेड की स्‍वीकृति हेतु पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा प्रस्‍ताव प्रेषित किया गया है। खामखेड़ा ग्राम वनवाधित ग्राम है, अत: आर.ई.सी. लिमिटेड एवं वन विभाग से स्‍वीकृति प्राप्‍त होने पर इस ग्राम के विद्युतीकरण का कार्य किया जा सकेगा। उक्‍त परिप्रेक्ष्य में इस ग्राम का विद्युतीकरण किये जाने हेतु वर्तमान में निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। 

 

पाटन विधान सभा अन्‍तर्गत नहरों का घटिया निर्माण

[नर्मदा घाटी विकास]

33. ( क्र. 640 ) श्री नीलेश अवस्‍थी : क्या राज्‍यमंत्री, नर्मदा घाटी विकास महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) पाटन विधान सभा क्षेत्र अंतर्गत रानी अवंती बाई सागर बायीं तट नहर की मुख्‍य एवं माईनर नहरों के रख-रखाव एवं सिल्‍ट सफाई आदि के विगत दो वर्षों में नहरवार क्‍या-क्‍या कार्य कितनी-कितनी राशि के किन-किन से कराये गये वर्षवार नहरवार जानकारी देवें? (ख) क्‍या वर्तमान समय में पाटन विधान सभा क्षेत्र अंतर्गत नहरों की लाईनिंग का कार्य ठेकेदार के माध्‍यम से कराया जा रहा है? यदि हाँ, तो उक्‍त निर्माण कार्यों का अनुबंध किस निर्माण एजेंसी से कहाँ से कहाँ तक के लिये किस दर पर कुल कितनी लागत का किया गया है? अनुबंधों की शर्तों के अनुरूप उपरोक्‍त निर्माण कार्य किस दिनांक से प्रारंभ होकर कब समाप्‍त होना है? (ग) प्रश्नांश (ख) में उल्‍लेखित निर्माण कार्यों की गुणवत्‍ता का निरीक्षण एवं परीक्षण किस-किस के द्वारा कब-कब किया गया एवं निरीक्षण रिपोर्ट क्‍या थी? निर्माण कार्यवार निरीक्षणकर्ता के नाम सहित सूची देवें? (घ) प्रश्नांश (ख) में उल्‍लेखित कौन-कौन से निर्माण कार्यों के घटिया निर्माण की किन-किन के द्वारा शासन को शिकायतें की गई एवं इन प्राप्‍त शिकायतों पर कब किसने क्‍या कार्यवाही की गई? क्‍या शासन उपरोक्‍त घटिया निर्माण कार्यों की उच्‍चस्‍तरीय जाँच कराकर दोषी अधिकारियों एवं निर्माण एजेंसी पर कार्यवाही करेगा? उत्‍तर में यदि हाँ, तो किस प्रकार से कब तक यदि नहीं, तो क्‍यों नहीं बतलावें?

राज्‍यमंत्री, नर्मदा घाटी विकास ( श्री लालसिंह आर्य ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र अनुसार है। (ख) जी हाँ। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र ' अनुसार है। (घ) शिकायत विभाग को प्राप्‍त नहीं हुई है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

आदिवासी संस्‍कृति की धरोहर पर व्‍यय

[संस्कृति]

34. ( क्र. 697 ) श्री संजय उइके : क्या राज्‍यमंत्री, संस्कृति महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या विभाग को आदिवासी उपयोजना क्षेत्र के विकास हेतु मांग संख्‍या 41 में बजट राशि प्राप्‍त होती है? (ख) यदि हाँ, तो प्रदेश में कहाँ-कहाँ आदिवासी संस्‍कृति की धरोहर/किला या अन्‍य स्‍थल है? जिलेवार बतावें? (ग) आदिवासी धरोहर/किला/स्‍थल हेतु वित्‍तीय वर्ष 2013-14 में प्रश्‍न दिनांक तक कितनी-कितनी राशि प्राप्‍त हुई एवं कितनी-कितनी राशि जिलेवार कहाँ-कहाँ व्‍यय की गयी?

राज्‍यमंत्री, संस्कृति ( श्री सुरेन्द्र पटवा ) : (क) जी हाँ. (ख) जबलपुर में रानी दुर्गावती समाधि स्‍थल है. (ग) वित्‍तीय वर्ष 2013-14 में प्रश्‍न दिनांक तक रानी दुर्गावती समाधि स्‍थल के रख-रखाव, स्‍थाई सम्‍पत्तियों के अनुरक्षण कार्य हेतु राशि रूपये 23.00 लाख प्राप्‍त हुए हैं. कलेक्‍टर, जबलपुर मांग के अनुसार रानी दुर्गावती समाधि स्‍थल के रख-रखाव हेतु राशि रूपये 15.00 लाख आवंटित की गई है.

दक्षिण बैहर के गाँवों में विद्युत प्रदाय बाबत

[ऊर्जा]

35. ( क्र. 699 ) श्री संजय उइके : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रश्‍नकर्ता द्वारा दक्षिण बैहर नक्सल प्रभावित ग्रामों की सूची जहाँ कि विद्युतीकरण हुये विगत तीन वर्ष हो गये किन्‍तु ग्रामीणों को आज दिनांक तक एक भी दिन विद्युत नहीं मिली है तत्‍संबंध में विद्युत प्रदाय करने सम्‍बन्‍धी पत्र कार्यपालन यंत्री म.प्र. पूर्व विद्युत क्षेत्र वितरण कम्‍पनी बैहर को लिखा गया है? (ख) यदि हाँ, तो पत्र प्राप्‍त होने के बाद से प्रश्‍न दिनांक तक विद्युत प्रारम्‍भ नहीं करने का क्‍या कारण है और कब तक विद्युत व्‍यवस्‍था प्रारम्‍भ कर दी जायेगी?

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) जी नहीं, अपितु माननीय प्रश्‍नकर्ता विधायक महोदय द्वारा 2 ग्रामों यथा-बिलालकसा एवं चिखली का खैरटोला में विद्युत व्‍यवस्‍था चालू किये जाने हेतु कनिष्‍ठ यंत्री, मोहगांव को पत्र क्रमांक 554 ए दिनांक 31.08.2016 प्रेषित किया गया था, जिसकी प्रति कार्यपालन यंत्री (संचालन/संधारण) म.प्र. पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड, बैहर के कार्यालय में दिनांक 27.09.2016 को प्राप्‍त हुई है। (ख) उत्‍तरांश (क) में उल्‍लेखित ग्राम बिलालकसा एवं ग्राम चिखली का खैरटोला में वर्ष-2016 में वर्षा काल के दौरान आए आंधी-तूफान से विद्युत लाईनें क्षतिग्रस्‍त होने के कारण विद्युत प्रदाय अवरूद्ध हो गया था। माननीय प्रश्‍नकर्ता विधायक महोदय का पत्र प्राप्‍त होने के उपरान्‍त प्राथमिकता के आधार पर सुधार कार्य कर दिनांक 30.09.2016 को ग्राम बिलालकसा एवं दिनांक 05.10.2016 को ग्राम चिखली का खैरटोला का विद्युत प्रवाह चालू कर दिया गया है। 

प्रोटोकाल का उल्‍लंघन

[सामान्य प्रशासन]

36. ( क्र. 703 ) श्री मधु भगत : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) परसवाडा विधानसभा क्षेत्रान्‍तर्गत वर्ष 2013-14 से प्रश्‍न दिनांक तक विभिन्‍न विभागों यथा लोक निर्माण विभाग, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग, प्रधानामंत्री सड़क योजना, ऊर्जा विभाग, शिक्षा विभाग आदि विभागों द्वारा नवीन निर्माण या संयत्रों की स्‍थापना की गई नामवार बतायें? (ख) क्‍या किसी भी नवीन निर्माण किये जाने पर जनप्रतिनिधियों द्वारा शिलान्‍यास किये जाने के निर्देश है? यदि हाँ, तो बताये कि कितने नवीन निर्माण या संयत्रों की स्‍थापना में स्‍थानीय विधायक को या अन्‍य जनप्रतिनिधियों को शामिल किया गया? जनप्रतिनिधियों के नामवार, पदवार जानकारी देवें? क्‍या शिलान्‍यास कार्यक्रम के लिये प्राक्‍कलन में राशि का प्रावधान है? यदि हाँ, तो किस निर्माण कार्य में शिलान्‍यास हेतु कितनी-कितनी राशि का प्रावधान किया गया है? (ग) क्‍या वर्तमान विधायक द्वारा शिलान्‍यास, प्रोटोकाल के उल्‍लंघन से संबंधित शिकायतें कई बार प्रशासन से की जा चुकी है एवं कई जगह पूर्व विधायक द्वारा भूमिपूजन/लोकार्पण/शिलान्‍यास कार्यक्रम किया गया है? तत्‍संबंध में जानबूझकर वर्तमान विधायक को कई बार उक्‍त कार्यक्रम में आमंत्रित नहीं किया गया? जिम्‍मेदारों पर क्‍या कार्यवाही की गई? (घ) विगत तीन वर्षों में जिन कार्यों में भूमिपूजन/लोकार्पण कार्यक्रम नहीं किया गया है उनकी उक्‍त कार्यों हेतु प्रदाय कि गई राशि शासन द्वारा वापस ली जावेगी एवं जिम्‍मेदार अधिकारियों/निर्माण एजेंसियों पर कार्यवाही की जावेगी? यदि हाँ, तो कब तक?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है। 

आंगनवाड़ी भवनों के निर्माण की स्‍वीकृति एवं राशि जारी करना

[महिला एवं बाल विकास]

37. ( क्र. 741 ) श्री नारायण सिंह पँवार : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या प्रश्‍नकर्ता के परि.अता. प्रश्‍न संख्‍या 25 (क्रमांक 326) दिनांक 6 दिसम्‍बर 2016 के उत्‍तर में बताया गया था कि विधानसभा क्षेत्र ब्‍यावरा अंतर्गत 93 आंगनवाड़ी भवनों के निर्माण में से 69 आंगनवाड़ी भवनों के निर्माण की स्‍वीकृति उपरांत शेष रही 24 आंगनवाड़ी भवनों के निर्माण की स्‍वीकृति, वित्‍त विभाग से मनरेगा योजना के अभिसरण अंतर्गत आंगनवाड़ी भवनों के निर्माण मद में राशि प्राप्‍त होने पर पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के समन्‍वय से दी जाना विचाराधीन है?