मध्यप्रदेश विधान सभा


प्रश्‍नोत्तर-सूची
दिसम्‍बर, 2022 सत्र


गुरुवार, दिनांक 22 दिसम्बर, 2022


भाग-1
तारांकित प्रश्‍नोत्तर



सड़क प्रस्तावों की स्वीकृति

[लोक निर्माण]

1. ( *क्र. 1282 ) श्री दिलीप सिंह परिहार : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जनवरी, 2018 से प्रश्‍न दिनांक तक उज्जैन संभाग में लोक निर्माण विभाग एवं म.प्र. सड़क विकास निगम के माध्यम से किन-किन जिलों से सड़क चौड़ीकरण (फोरलेन-डिवाईडर), टू-लेन एवं बायपास सड़कों के निर्माण कराये जाने बाबत प्रस्ताव शासन को स्वीकृति हेतु प्राप्त हुए हैं? जिलेवार जानकारी उपलब्ध कराई जावे। (ख) प्रश्‍नांश (क) में प्राप्त प्रस्तावों में से नीमच जिला अंतर्गत किन-किन मार्गों की प्रशासनिक एवं तकनीकी स्वीकृति प्राप्त हुई है तथा किन-किन मार्गों की शासन स्वीकृति प्रश्‍न दिनांक तक अपेक्षित है? (ग) नीमच विधान सभा क्षेत्र अंतर्गत नीमच शहरी क्षेत्र का स्टेट हाईवे क्र. (SH-31) भाटखेड़ा से डुंगलावदा व्हाया नीमच मार्ग के चौड़ीकरण (फोरलेन-डिवाईडर) तथा हिंगोरिया नीमच छोटी सादड़ी मार्ग व्हाया जैसिंगपुरा बघाना बायपास मार्ग के संबंध में प्रस्ताव शासन स्तर पर विचाराधीन है? यदि हाँ, तो वर्तमान में क्या स्थिति है तथा इन दोनों मार्गों पर कब तक निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया जावेगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' एवं 'अ-1' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' एवं 'ब-1' अनुसार है। (ग) भाटखेड़ा से डुंगलावदा व्हाया नीमच मार्ग के चौड़ीकरण (फोरलेन-डिवाईडर) का प्रस्ताव परीक्षणाधीन है। बजट में शामिल न होने से अग्रिम कोई कार्यवाही नहीं की जावेगी। हिंगोरिया नीमच छोटी सादड़ी मार्ग व्हाया जैसिंगपुरा (बघाना बायपास) मार्ग की प्रशासकीय स्‍वीकृति जारी कर दी गई है एवं जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-'ब-1' अनुसार है।

पानी निकासी की व्‍यवस्‍था

[नगरीय विकास एवं आवास]

2. ( *क्र. 1154 ) श्री बाबू जन्‍डेल : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) श्योपुर विधानसभा क्षेत्र की नगर पालिका श्योपुर एवं नगर परिषद बडौदा में पानी की उचित निकासी की व्यवस्था न होने के कारण गलियों में पानी भरा रहता है, जिससे नगर में मच्छर व कई बीमारियों का खतरा बना रहता है? क्या नगर पालिका श्योपुर एवं नगर परिषद बडौदा को नाले नालियों की सफाई एवं व्यवस्था के लिए राशि आवंटित की जाती है? यदि हाँ, तो वर्ष 2018 से प्रश्‍न दिनांक तक कितनी राशि आवंटित की गयी है? (ख) क्या शासन/प्रशासन द्वारा श्योपुर नगर एवं बडौदा में पानी की निकासी के लिए कोई उचित कदम उठाये जायेंगे? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्यों? (ग) नगरपालिका श्योपुर एवं नगरपरिषद बडौदा में कौन-कौन से निर्माण एवं विकास कार्य कितनी-कितनी राशि के स्वीकृत हैं एवं कौन-कौन से कार्य कराना प्रस्तावित है? इनकी निर्माणाधीन अवधि व लागत क्या है? कौन-कौन से कार्य कब किस एजेंसी से कितनी-कितनी राशि में कराये गये हैं? इन कार्यों के लिये कितनी-कितनी राशि स्वीकृत हुई है? वर्ष 2018-19 से 2021-22 तक की स्थिति में जानकारी देवें। (घ) प्रश्‍नांश (ग) में स्वीकृत कौन-कौन से अपूर्ण निर्माणाधीन व अप्रारंभ कार्यों की कार्यपूर्णता अवधि व लागत क्या है?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) जी नहीं। श्‍योपुर विधानसभा क्षेत्रान्‍तर्गत नगर पालिका परिषद श्‍योपुर एवं नगर परिषद बडौदा में पानी की निकासी हेतु नाले/नाली की व्‍यवस्‍था है। अगस्‍त 2021 में आई बाढ़ के बाद नाले/नालियों की सफाई कराई गई, जिसके परिणाम स्‍वरूप इस वर्ष वर्षा ॠतु में दोनों निकायों में जल भराव की स्थिति निर्मित नहीं हुई। जी नहीं शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ख) नगर परिषद बडौदा में एस.डी.आर.एफ एवं एस.डी.एम.एफ. योजनान्‍तर्गत सामाखाड बस्‍ती से भट्टा महाराज की पुलिया तक एक नाला लागत राशि रू. 1435.00 लाख का स्वीकृत है। नगर पालिका श्‍योपुर में एस.डी.आर.एफ. एवं एस.डी.एम.एफ. योजना में 5 नालेमुक्तिधाम से बंजारा डेम तक सी.सी. नाला राशि रू. 117.31 लाखकुम्‍हार मोहल्‍ला से बंजारा डेम तक सी.सी. नाला राशि रू. 58.65 लाखसफेद चबूतरा से कौशल विकास केंद्र तक सी.सी. नाला राशि रू. 150.66 लाख ट्रेफिक थाने से वार्ड क्र. 06 आंगनवाड़ी तक सी.सी. नाला राशि रु. 103.79 लाख एवं वार्ड क्र. 2 हरिजन बस्ती मंदिर से किलागेट तक सी.सी. नाला निर्माण कार्य राशि रु. 117.31 करोड़ के स्वीकृत हैं। समय-सीमा बताना संभव नहीं है। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) एवं (घ) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है।

निर्माण कार्यों की जानकारी

[लोक निर्माण]

3. ( *क्र. 1477 ) श्री सुनील उईके : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्तमान में जुन्नारदेव विधानसभा में किन-किन सड़कों में निर्माण कार्य चल रहे हैं एवं इस वित्तीय वर्ष 2022-23 में कहां-कहां नई सड़कें प्रस्तावित हैं? (ख) जुन्नारदेव विधानसभा क्षेत्र में पुरानी डामरीकृत सड़क जो क्षतिग्रस्त हुई है, उनके उन्नयन कार्य की कोई कार्ययोजना है? इस वित्तीय वर्ष 2022-23 अंतर्गत किस मार्ग एवं भवन निर्माण पर अनुबंध किया गया है? अनुबंधित राशि एवं आज दिनांक तक व्यय की गई राशि की जानकारी उपलब्ध करावें। (ग) विधानसभा जुन्नारदेव अंतर्गत विगत 3 वर्षों में निर्माणाधीन बी.टी. सड़कों की मरम्मत, विधानसभा क्षेत्र जुन्नारदेव अंतर्गत क्षतिग्रस्त पुल-पुलियों के सुधार एवं नवीन पुल-पुलियों के निर्माण के लिये कोई कार्य योजना प्रस्तावित है? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्यों?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) निर्माणाधीन कार्यों की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे प्रपत्र '', 'अ-1', 'अ-2' एवं वर्ष 2022-23 में प्रस्तावित कार्यों की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे प्रपत्र-ब अनुसार है। (ख) जी हाँ, क्षतिग्रस्त डामरीकृत सड़कों के उन्नयन का विवरण पुस्‍तकालय में रखे प्रपत्र '' अनुसार एवं वर्ष 2022-23 में अनुबंधित कार्यों की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे प्रपत्र 'अ-1',              'अ-2' एवं '' अनुसार है। (ग) जुन्नारदेव विधानसभा क्षेत्र में विगत 3 वर्षों में निर्माणाधीन बी.टी. सड़कों की मरम्मत एवं क्षतिग्रस्त पुल-पुलियों के सुधार का विवरण पुस्‍तकालय में रखे प्रपत्र 'अ-1' एवं '' अनुसार है। शेष का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता।

लोक निर्माण विभाग भोपाल संभाग क्र. 1 की जानकारी

[लोक निर्माण]

4. ( *क्र. 874 ) श्री प्रागीलाल जाटव : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) लोक निर्माण विभाग भोपाल जिला भोपाल संभाग क्र. 1, बारह दफ्तर में कर्मचारियों/अधिकारियों के कुल कितने शासकीय क्‍वार्टर बने हैं? स्‍थान का नाम एवं श्रेणी बतायें तथा उक्‍त शासकीय आवासों के मरम्‍मत, पुताई के लिए वर्ष 2019-20 से प्रश्‍न दिनांक तक कितनी राशि वर्षवार आवंटित की गयी है? प्राप्‍त राशि एवं व्‍यय राशि की जानकारी वर्षवार देवें? (ख) प्रश्‍नांश (क) के कौन-कौन शासकीय से आवास पुलिस आरक्षक, प्रधान आरक्षकों एवं अन्‍य श्रेणी के कर्मचारियों/अधिकारियों को आरक्षित कर रखे गये हैं? उक्‍त आवासों पर गत 04 वर्षों में मरम्‍मत, पुताई, सफाई पर कितना-कितना व्‍यय किया गया है? आवासवार, वर्षवार कार्य का स्‍वरूप बताते हुऐ व्‍यय राशि की जानकारी दें। (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के शासकीय आवासों की मरम्‍मत, पुताई कब तक करा देंगे? यदि हाँ, तो समय-सीमा बतायें? यदि 10 वर्षों में मरम्‍मत, पुताई पर राशि खर्च करना शासकीय रिकॉर्डों में पाया जाता है, तो गबन राशि की जांच करा कर दोषी के विरूद्ध कब तक कार्यवाही की जायेगी?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) आवास आवंटित करने का अधिकार लोक निर्माण विभाग को नहीं है, इसलिए पुलिस विभाग को कौन से क्‍वार्टर आरक्षित हैं की जानकारी विभाग द्वारा दिया जाना संभव नहीं है। आवासों पर विगत चार वर्षों में मरम्मत, पुताई पर किया गया व्यय की जानकारी संलग्न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में उपलब्ध आवंटन के अनुसार पुताई का कार्य कराया जाता है, इसलिए समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। चार वर्षों में किये गये व्यय की जानकारी संलग्न परिशिष्‍ट अनुसार है, जिसमें किये गये कार्य पर ही राशि व्यय की गई है। अतः गबन का प्रश्‍न ही नहीं उठता एवं कार्यवाही का भी प्रश्‍न नहीं उठता।

परिशिष्ट - "एक"

रबी फसल की सिंचाई हेतु विद्युत व्‍यवस्‍था

[ऊर्जा]

5. ( *क्र. 525 ) श्री बापूसिंह तंवर : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                         (क) राजगढ़ विधानसभा क्षेत्र में वर्तमान रबी की फसल हेतु सिंचाई के लिए कितने किलो वाट लोड की आवश्‍यकता है? (ख) क्‍या वर्तमान में रबी की फसल की सिंचाई हेतु मांग अनुसार विद्युत उपलब्‍ध हो रही है? (ग) प्रश्‍न की कंडिका (ख) का उत्‍तर यदि हाँ है तो क्‍या किसानों ने विद्युत समस्‍या को लेकर आन्‍दोलन अथवा चक्‍का जाम किया? (घ) यदि सिंचाई के लिए पर्याप्‍त लोड नहीं है, तो क्‍या विभाग लोड की व्‍यवस्‍था कर देगा?

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) राजगढ़ विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत वर्तमान में रबी की फसल हेतु सिंचाई के लिए कृषि फीडरों पर अधिकतम 81,800 कि.वा. प्रति दिवस विद्युत आपूर्ति दर्ज की गई है। (ख) प्रश्‍नाधीन क्षेत्र अंतर्गत वर्तमान में रबी फसल की सिंचाई हेतु मांग अनुसार कृषि फीडरों पर विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। (ग) राजगढ़ विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत दिनांक 19.11.2022 को ग्राम खीमाखेड़ी के कुछ कृषकों द्वारा वोल्‍टेज की समस्‍या के कारण           ब्‍यावरा-राजगढ़ रोड पर सड़क पर बैठकर चक्‍का जाम करने का प्रयास किया गया। ग्राम खीमाखेड़ी के कृषकों को सिंचाई हेतु 33/11 के.व्‍ही. विद्युत उपकेन्‍द्र कालीपीठ से निर्गमित टांडी कृषि फीडर से विद्युत आपूर्ति की जा रही थी एवं यह ग्राम फीडर के अंतिम छोर पर होने के कारण यदा-कदा कम वोल्‍टेज की समस्‍या परिलक्षित होती थी। उक्‍त समस्‍या के दृष्टिगत ग्राम खीमाखेड़ी के कृषकों द्वारा उनका विद्युत प्रदाय ग्राम से 4 कि.मी. की दूरी पर स्थित 33/11 के.व्‍ही. खुरी विद्युत उपकेन्‍द्र से किए जाने की मांग की जा रही थी। कृषकों द्वारा चक्काजाम करने की सूचना कलेक्‍टर                           जिला-राजगढ़ द्वारा दिये जाने पर उप महाप्रबंधक, संचा./संधा. संभाग राजगढ़ एवं अनुविभागीय अधिकारी राजस्व जिला-राजगढ़ द्वारा मौके पर पहुंचकर कृषकों को जानकारी दी गई कि उनकी समस्या के समाधान हेतु नवीन 33/11 के.व्ही. विद्युत उपकेंद्र हिरणखेड़ी आर.डी.एस.एस. योजनांतर्गत स्वीकृत हो चुका है, जिसका कार्य शीघ्र शुरू किया जा रहा है। तदुपरांत कृषकों द्वारा चक्‍का जाम समाप्‍त कर दिया गया। तथापि कृषकों की मांग के अनुसार एवं उक्‍त समस्‍या के तात्‍कालिक निराकरण हेतु ग्राम खीमाखेड़ी को सिंचाई प्रयोजन हेतु विद्युत प्रदाय 33/11 के.व्‍ही. विद्युत उपकेन्‍द्र खुरी से निर्गमित पडोनिया कृषि फीडर से चालू कर दिया गया है।                                        (घ) उत्‍तरांश (क), (ख) एवं (ग) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न नहीं उठता।

15वें वित्‍त आयोग अंतर्गत राशि आवंटन

[नगरीय विकास एवं आवास]

6. ( *क्र. 1398 ) श्री सुखदेव पांसे : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या 15वें वित्‍त आयोग के अंतर्गत प्रदेश की समस्त नगर पालिकाओं/नगर परिषद एवं नगर पंचायतों को राशि उपलब्ध कराई गई थी? इस राशि का उपयोग किस-किस कार्य में किया जाना था? क्या बैतूल जिले की समस्त नगरीय इकाइयों को भी राशि का आवंटन किया गया था? यदि हाँ, तो किन-किन नगरीय इकाइयों को राशि आवंटित की गई थी? (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में नगर पालिका परिषद मुलताई को 15वें वित्‍त आयोग अंतर्गत कितनी राशि प्रश्‍न दिनांक तक प्रदान की गई थी? यह राशि किन-किन मदों अंतर्गत प्रदान की गई थी? विस्तृत जानकारी मदवार सूची सहित उपलब्ध करावें। (ग) प्रश्‍नांश (ख) की प्राप्त राशि का उपयोग प्रश्‍न दिनांक तक               कौन-कौन सी सामग्री, कितनी-कितनी मात्रा में, किस-किस कंपनी, कौन-कौन से सप्लायर, किस-किस दिनांक को क्रय की गई है? क्या नगर पालिका परिषद मुलताई में काउ केचर क्रय करने की आवश्यकता थी? यदि हाँ, तो इसके क्रय के लिये क्या प्रक्रिया अपनाई गई? किस मद से काउ केचर क्रय किया गया? संपूर्ण जानकारी बिल सहित उपलब्ध करावें। (घ) प्रश्‍नांश (ग) के संदर्भ में बिना आवश्यकता काउ केचर क्रय किये गये हैं तो इसमें कौन-कौन से अधिकारी संलिप्त हैं? इन अधिकारियों पर क्या कार्यवाही की गई है? कार्यवाही नहीं की गई है तो इसके क्या कारण हैं? कार्यवाही कब तक की जावेगी? 15वें वित्त आयोग से प्राप्त राशि से किन-किन सामग्रियों को क्रय करने एवं कौन-कौन से कार्यों पर व्यय किये जाने के शासन द्वारा दिशा-निर्देश जारी किये गये थे?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) जी हाँ। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। जी हाँ। बैतूल जिले के अंतर्गत समस्त नगरीय निकाय (बैतूल, मुलताई, आमला, सारणी, भैसदेही, चिचोली, आठनेर, बैतूल बाजार, घोड़ाडोंगरी, शाहपुर) को राशि आवंटित की गई है। (ख) नगर पालिका परिषद, मुलताई को राशि रू. 62,41,000/- प्रदाय की गई है।                       (ग) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। व्यय संबंधी जानकारी पुस्‍तकालय में रखें परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। जी हाँ, नगर पालिका परिषद, मुलताई में काउ केचर की आवश्यकता होने के कारण जेम पोर्टल की प्रक्रिया अपनाते हुए क्रय किया गया। बिल की छायाप्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (घ) आवश्यकता प्रतीत होने के कारण काउ केचर क्रय किया गया है, जिसमें कोई अधिकारी संलिप्त नहीं होने के कारण अधिकारियों पर कार्यवाही करने का प्रश्‍न ही नहीं उठता है। 15वें वित्त आयोग के अंतर्गत राशि व्यय किये जाने के निर्देश पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है।  

टोल रोड वसूली की जानकारी

[लोक निर्माण]

7. ( *क्र. 1368 ) श्री कुणाल चौधरी : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भोपाल, देवास, लेबड़ जावरा, जावरा नयागांव, टोल की अनुबंध के अनुसार कितनी लागत है तथा भोपाल, देवास को मिले 81 करोड़ की ग्रांट को घटाने के बाद उसकी वास्‍तविक लागत क्‍या है?                 (ख) अक्‍टूबर 2022 तक इन तीनों रोड पर कुल कितना टोल वसूला जा चुका है? रोड के ठेकेदार फर्म का नाम क्‍या है? (ग) ओ.एम.टी. के तहत किस-किस सड़क पर कमर्शियल वाहन से टोल वसूलना किस-किस दिनांक से प्रारंभ हुआ? ठेका कितने में कितनी अवधि के लिये दिया गया तथा अक्‍टूबर 2022 तक कुल कितना टोल वसूला गया? सड़क अनुसार जानकारी दें। (घ) क्‍या राष्‍ट्रीय राजमार्ग पर टोल नाका यदि 60 किलोमीटर के अंदर है तो उन्‍हें हटाने के लिए अध्‍यादेश जारी हो चुका है? यदि हाँ, तो बतावें कि राष्‍ट्रीय राजमार्ग पर प्रदेश में कितने टोल 60 किलोमीटर से कम दूरी पर हैं तथा उन्‍हें अभी तक क्‍यों नहीं हटाया गया है?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) एवं (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है।                   (घ) भारतीय राष्‍ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण से प्राप्‍त उत्‍तर पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''1'' के प्रपत्र '''' एवं '''' अनुसार।

जर्जर विद्युत पोल/ट्रासंफार्मर एवं विद्युत देयकों में सुधार

[ऊर्जा]

8. ( *क्र. 800 ) श्री अशोक ईश्‍वरदास रोहाणी : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2019 से प्रश्‍न दिवस तक केन्‍ट विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत कितने जर्जर विद्युत पोलों को सुधारा/बदला गया एवं कितनों में सुधार कार्य बाकी है? (ख) प्रश्‍नांकित अवधि में केन्‍ट विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत कितने खराब ट्रांसफार्मर को बदला गया एवं कितने ट्रांसफार्मर बदलना बाकी है?               (ग) प्रश्‍नांकित अवधि में केन्‍ट विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत कितने बिलों को सुधार कर जमा कराया गया? बिलों में आने वाली विसंगति को कब तक सुधारा जायेगा? (घ) क्‍या विद्युत देयकों के निराकरण हेतु वार्ड स्‍तर पर शिविर लगाकर कार्य पूर्ण होगा?

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) केन्‍ट विधानसभा क्षेत्रांतर्गत प्रश्‍नाधीन अवधि में कुल 46 जर्जर/खराब विद्युत पोलों को बदला गया है एवं 28 पुराने विद्युत पोलों को बदलने का कार्य प्रगति पर है। (ख) प्रश्‍नाधीन अवधि में केन्‍ट विधानसभा क्षेत्रांतर्गत 61 जले/खराब वितरण ट्रांसफार्मर बदले गये हैं एवं प्रश्‍न दिनांक की स्थिति में कोई भी जला/खराब वितरण ट्रांसफार्मर बदलने हेतु शेष नहीं है। (ग) प्रश्‍नाधीन अवधि में केन्‍ट विधानसभा क्षेत्रांतर्गत 9133 नंबर विद्युत देयकों के सुधार उपरांत संशोधित राशि के बिल जारी कर उन्‍हें जमा कराया गया है। विद्युत देयकों के सुधार हेतु शेष 605 शिकायतों के निराकरण हेतु माह दिसम्‍बर, 2022 में शिविर लगाकर आवश्‍यक कार्यवाही की जायेगी। सुधार योग्‍य बिलों में आने वाली विसंगति को वितरण कंपनी द्वारा निर्धारित 15 दिन की समय-सीमा में सुधार दिया जाता है। (घ) जी हाँ, आवश्‍यकतानुसार वार्ड/वितरण केन्‍द्र स्‍तर पर शिविर लगाकर विद्युत देयकों में सुधार किया जावेगा।

जिम्‍मेदारों पर कार्यवाही के साथ राशि वसूली

[नगरीय विकास एवं आवास]

9. ( *क्र. 880 ) श्री शरद जुगलाल कोल : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शहडोल नगर पलिका निगम एवं नगर परिषदों, नगर पंचायतों में वर्ष 2016 से प्रश्‍न दिनांक तक में कितने कार्य किन-किन मदों से कितनी-कितनी लागत व अनुबंध की किन शर्तों पर किन संविदाकारों से कराये गये? विवरण के साथ यह भी बतावें कि कार्यों की भौतिक स्थि‍ति क्‍या है? (ख) प्रश्‍नांश (क) के तारतम्य में रीवा ग्रीन योजना के तहत वृक्षारोपण के कार्य 20273780.00 रूपये एवं 23398.00 रूपये के कनैल के पौधे लगाये जाने की जानकारी पत्र क्र. 278 दिनांक 15.02.2016 के द्वारा दी गई थी? वर्तमान में वृक्षों की स्‍ि‍थति क्‍या है? ये कार्य किन के माध्‍यम से किन शर्तों पर कराये गये थे? वृक्ष कहां से खरीदे गये थे? विवरण बिल वाउचर सहित देवें। (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) अनुसार कराये गये कार्यों की गुणवत्‍ता व मौके से कार्य का सत्‍यापन कब-कब किन-किन सक्षम अधिकारियों द्वारा कराया गया का विवरण कार्यवार, निकायवार एवं वर्षवार देवें। (घ) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के कार्य जो कराये गये, उनमें संविदाकारों को कब-कब कितनी-कितनी राशि का भुगतान किया गया एवं कितना भुगतान शेष है? कार्यवार विवरण देते हुये बतावें कि भुगतान अनुसार क्‍या कार्य मौके पर है? अगर कार्य मौके पर नहीं है, भुगतान कर दिया गया तो इसके लिये जिम्‍मेदारों के पद नाम बतावें एवं इन पर क्‍या कार्यवाही करेंगे? अगर नहीं तो क्‍यों? (ड.) प्रश्‍नांश (क) अनुसार स्‍वीकृत कार्य गुणवत्‍ता विहीन, अनुबंध की शर्त अनुसार नहीं कराये गये व प्रश्‍नांश (ख) अनुसार नियम से हटकर भुगतान कर दिया गया, प्रश्‍नांश (ग) अनुसार कार्यों की गुणवत्‍ता का सत्‍यापन नहीं किया गया, राशि नियम से हटकर भुगतान की गई, इसके लिये जिम्‍मेदारों पर क्‍या कार्यवाही करेंगे? अगर नहीं तो क्‍यों।

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) उत्‍तरांश '' में उल्‍लेखित शहडोल जिले की किसी भी नगरीय निकाय द्वारा यह कार्य नहीं कराया गया है। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) उत्‍तरांश '' में उललेखित कार्यों के संबंध में जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (घ) एवं (ड.) उत्‍तरांश '' में उललेखित शहडोल जिले की नगरीय निकायों के कार्यों से संबंधित जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है।

मुख्य नगर पालिका अधिकारी द्वारा की गई अनियमितता

[नगरीय विकास एवं आवास]

10. ( *क्र. 614 ) श्री नागेन्द्र सिंह (गुढ़) : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या नगर परिषद गुढ़ में श्री दिनेश साहू एवं श्री माखनलाल तिवारी के नाम से नगर परिषद् गुढ़ में क्रमश: दिनेश साहू जनवरी 2022 से जुलाई 2022 तक एवं माखनलाल तिवारी के नाम पर दिसम्बर 2021 से जुलाई 2022 तक फर्जी मस्टर रोल भरकर शासकीय राशि का आहरण किया गया? यदि हाँ, तो संबंधित दोषियों के विरूद्ध क्या कार्यवाही की जायेगी एवं कब तक? (ख) क्या वर्तमान में नगर परिषद् गुढ़ में नगर पालिका अधिकारी के पद पर पदस्थ डॉ. एस.बी. सिद्दीकी गुढ़ द्वारा बिना सक्षम अधिकारियों की अनुमति के बिना बोलेरो वाहन के नाम से नवम्बर 2021 से प्रश्‍न दिनांक तक रूपये 61,000/- प्रतिमाह जी.एस.टी. सहित भुगतान किया जा रहा है, जबकि बोलेरो गाड़ी के स्थान पर मारूति वाहन का उपयोग किया जाता है? यदि हाँ, तो दोषी के विरूद्ध क्या कार्यवाही की जायेगी एवं कब तक?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) जी नहीं। (ख) जी नहीं। नगर परिषद्, गुढ़ द्वारा चार पहिया वाहन लगाए जाने हेतु जारी किए गए कार्यादेश में बोलेरो अथवा मारूति का स्‍पष्‍ट उल्‍लेख नहीं है।

नर्मदापुरम से टिमरनी फोरलाईन सड़क निर्माण

[लोक निर्माण]

11. ( *क्र. 1250 ) श्री प्रेमशंकर कुंजीलाल वर्मा : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बैतूल-टिमरनी-हरदा-इंदौर राष्ट्रीय राजमार्ग से जोड़ने वाली महत्वपूर्ण सड़क नर्मदापुरम से टिमरनी राजमार्ग 15 को फोर लाइन सड़क बनाने की क्या योजना है?                                      (ख) उक्त नर्मदापुरम टिमरनी सड़क पर कितने पुल-पुलिया निर्माण किए जायेंगे? (ग) उक्त फोर लाइन सड़क कब तक पूर्ण की जावेगी?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) वर्तमान में नर्मदापुरम से टिमरनी को फोरलेन बनाने की कोई योजना प्रचलन में नहीं है। (ख) एवं (ग) प्रश्‍नांश '' के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

प्रबंध संचालक द्वारा फर्जी तरीके से पदोन्नति

[ऊर्जा]

12. ( *क्र. 1226 ) श्री शिवदयाल बागरी : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                   (क) क्या वर्तमान प्रबंध संचालक पावर जनरेटिंग कम्पनी के लगभग 40 बेचमेट्स मात्र अभी जनरेशन संकाय में कार्यपालन अभियंता के पद पर पदस्थ हैं, जबकि यह कार्यपालन अभियंता से 5 पद अतिरिक्त पदोन्नति पर पहुंच गये हैं? क्या ये सहायक यंत्री से पद परिवर्तन की परीक्षा में असफल हो गये थे? साथ ही जो परीक्षा में सफल हुये हैं, वह मात्र सहायक यंत्री से अधीक्षण यंत्री के समान ऊपर तक ही पदोन्नति हुई? इनके साथ वित्‍त परीक्षा में सफल श्रीमती सपना ओगदे मात्र अधीक्षण यंत्री के समान पदोन्नति पाकर हीन भावना से ग्रसित होकर उन्होंने स्वेच्छा से सेवा निवृत्ति ले ली, क्योंकि श्री मंजीत सिंह आरक्षण कोटे की श्रेणी में भी नहीं हैं, सामान्य वर्ग से हैं, तब इतनी पदोन्नति किस-किस आधार प्राप्त कर ली? (ख) क्या इनके विरूद्ध श्री राजेन्द्र अग्रवाल, अतिरिक्त मुख्य अभियंता द्वारा समस्त प्रकरण की जानकारी सूचना के अधिकार के तहत् मांगी गई, लेकिन सूचना अधिकारी श्री बी.के. उपाध्याय जो इनके अधीन थे, उनके विरूद्ध जानकारी न देने पर 25000/- जुर्माना राज्य सूचना आयोग भोपाल द्वारा लगा दिया, लेकिन जानकारी अभी तक प्राप्त नहीं हुयी है, इनको कुल 6 पदोन्नतियां कब-कब दी गयी एवं इसका आधार क्या था?

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) जी हाँ, परन्‍तु वर्तमान प्रबंध संचालक, म.प्र. पावर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड तत्‍कालीन म.प्र. विद्युत मंडल के जनरेशन संकाय में भर्ती हुये थे एवं वर्ष 2000 से लेखा/वित्‍त संकाय में है। वित्‍त संकाय में उपलब्‍ध पदों के अनुसार पदोन्‍नति प्राप्‍त हुई। जी हाँ, सहायक अभियंता से वित्‍त संकाय में परिवर्तन की परीक्षा में असफल हुये थे। इसी परीक्षा में सफल हुये अधिकारी स्‍वयं के विकल्‍प के आधार पर चयनित अलग-अलग कंपनियों में पद उपलब्‍धता के आधार पर पदोन्‍नत हुये। तत्‍कालीन म.प्र. राज्‍य विद्युत मंडल की उत्‍तरवर्ती कंपनियों में से विकल्‍प के आधार पर श्रीमती स्‍वप्‍नजा ओखदे (सपना ओखदे नहीं) द्वारा एम.पी. पावर मेनेजमेंट कंपनी का चयन किया तथा उपलब्‍ध पदों के अनुसार पदोन्‍नति प्राप्‍त की।                 श्रीमती स्‍वप्‍नजा ओखदे द्वारा निजी कारणों से स्‍वैच्छिक सेवा‍ निवृत्ति प्राप्‍त की है। श्री मंजीत सिंह की पदोन्‍नति जनरेटिंग कंपनी के नियमों के अनुसार वरिष्‍ठता सह मेरिट के आधार पर हुई है, जिसका श्रीमती स्‍वप्‍नजा ओखदे की पदोन्‍नति से कोई संबंध नहीं है। (ख) जी हाँ, सूचना के अधिकार अधिनियम-2005 के तहत जानकारी प्राप्‍त करने के लिए, दिये गये आवेदन में संलग्‍न पोस्‍टल आर्डर अपूर्ण होने के आधार पर कम्‍पनी के लोक सूचना अधिकारी श्री उपाध्‍याय द्वारा आवेदन नियमानुसार नहीं मानते हुए जानकारी उपलब्‍ध नहीं कराये जाने को राज्‍य सूचना आयोग, भोपाल द्वारा उचित नहीं मानते हुए रू. 15000 का अर्थदण्‍ड लगाया गया। आयोग के आदेशानुसार आवेदक को संबंधित दस्‍तावेज उपलब्‍ध कराये जा चुके हैं। पूर्ववर्ती मण्‍डल/कम्‍पनी द्वारा प्रबंध संचालक को उनके सेवाकाल में प्रदान की गई पदोन्‍नति संबंधी जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है।

परिशिष्ट - "दो"

खासपुरा-कडलावद मार्ग का निर्माण

[लोक निर्माण]

13. ( *क्र. 91 ) श्री कुँवरजी कोठार : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र सारंगपुर के खासपुरा-कड़लावद मार्ग के निर्माण कार्य हेतु वर्ष 2022-23 के बजट में कितनी राशि स्वीकृत की गई एवं स्वीकृत राशि में से कितनी राशि निर्माण कार्य हेतु प्रदाय की गयी? (ख) क्या प्रश्‍नांश (क) में उल्लेखित मार्ग की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की जा चुकी है? यदि हाँ, तो स्वीकृति आदेश की प्रति उपलब्ध करावें? यदि नहीं, तो उक्त मार्ग की प्रशासकीय स्वीकृति कब तक जारी की जावेगी? (ग) क्या प्रश्‍नांश (क) में उल्लेखित मार्ग का निर्माण कार्य वर्ष 2022-23 में प्रारंभ करा दिया जावेगा? यदि नहीं, तो क्यों नहीं?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) विधानसभा क्षेत्र सारंगपुर के खासपुरा कडलावद मार्ग के निर्माण कार्य हेतु वर्ष 2022-23 के मुख्य बजट में उक्त मार्ग के 17.00 कि.मी. के अनुमानित लागत राशि रू. 1430.00 लाख के साथ अपरीक्षित मद के रूप में सम्मिलित है। सूचकांक की उपलब्धता तथा परीक्षण उपरांत स्वीकृति की कार्यवाही की जावेगी। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) जी नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। निश्चित समय-सीमा बताना संभव नहीं है। (ग) उत्‍तरांश '' एवं '' के परिप्रेक्ष्य में समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

चिकित्‍सा अधिकारियों के स्‍वीकृत पद

[आयुष]

14. ( *क्र. 1298 ) श्री रामलाल मालवीय : क्या राज्यमंत्री, आयुष महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में आयुष मंत्रालय के द्वारा कितने आयुर्वेद महाविद्यालय एवं चिकित्सालय स्थापित हैं? उपरोक्त संस्थाओं में संपूर्ण मध्यप्रदेश में कितने आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी एवं आयुर्वेद महाविद्यालय में पद स्वीकृत किए गए हैं? (ख) मध्यप्रदेश में उपरोक्त संस्थाओं में कितने पद भरे हुए हैं? कितने पद खाली हैं? खाली पद कब तक भरे जायेंगे। संबंधित आदेश निर्देश और योजना बजट उपलब्ध कराएं। (ग) संघ लोक सेवा आयोग में ग्रामीण क्षेत्रों में स्थापित अस्पतालों में रिक्त पदों को भरने के लिए कितने चिकित्सा अधिकारी भर्ती किए थे एवं कितने अधिकारी वर्तमान में शहरी क्षेत्र में अटैच हैं? नियम विरुद्ध तरीके से अटैच अधिकारी किस अधिकारी से सांठ-गांठ कर पदस्थ किए गए? क्‍या शासन इस बात की ओर ध्यान देते हुए उन अधिकारियों पर कार्यवाही करेगा जो इस प्रकार से नियम विरूद्ध कार्य कर रहे हैं? (घ) ऐसे कितने एलोपैथिक अस्पताल है, जहां पर आयुष चिकित्सालय के चिकित्सा अधिकारियों को रखा गया है? किन अधिकारियों के द्वारा व्यवस्था को इस प्रकार तोड़-मरोड़ कर कार्य किए जा रहे हैं? शासन इस प्रकार के अधिकारियों पर कब तक कार्यवाही करेगा? विधि विरुद्ध कार्यों की जांच कब तक होगी?

राज्यमंत्री, आयुष ( श्री रामकिशोर (नानो) कावरे ) : (क) 07 आयुर्वेद महाविद्यालयीन चिकित्सालय एवं 21 तीस बिस्तरीय आयुर्वेद चिकित्सालय संचालित हैं। चिकित्सा अधिकारियों के 92 पद स्वीकृत हैं। (ख) आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारियों के 76 पद भरे हैं एवं 16 पद रिक्त हैं। लोक सेवा आयोग को 692 आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारियों के पद पूर्ति के प्रस्ताव भेजे गये हैं। निश्चित समयावधि बताया जाना संभव नहीं है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार                        (ग) कोई नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) जिला एलोपैथिक चिकित्सालय में 36 आयुष विंग पृथक से संचालित हैं। एलोपैथिक अस्पताल में कोई नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

सोलर पम्प का रजिस्ट्रेशन एवं स्थापन

[नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा]

15. ( *क्र. 1214 ) श्री हर्ष यादव : क्या नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रदेश में अविद्युतीकृत-ग्रामों के किसानों को कृषि कार्य हेतु सोलर पंप प्रदाय किये जाने का प्रावधान किया गया है? यदि हाँ, तो सागर जिले की देवरी विधानसभा क्षेत्र में वर्ष 2018 से प्रश्‍न दिनांक तक कितने किसानों ने सोलर पम्प लगाने के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है? रजिस्ट्रेशन उपरान्त कितने किसानों को सोलर पम्प स्वीकृत हुए हैं? रजिस्ट्रीकृत एवं स्वीकृत सोलर पंपों के किसानों के नाम, पता सहित विस्तृत विवरण दें। (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में देवरी विधानसभा क्षेत्र के किन-किन किसानों को सोलर पम्प कितनी-कितनी क्षमता के स्थापित कराए गए हैं? नाम, पता सहित विस्तृत विवरण दें। सोलर पंप की स्वीकृत राशि/पम्प स्थापित करने वाली एजेंसी का नाम एवं विस्तृत विवरण देवें। (ग) प्रश्‍नांश (क) अनुसार किसानों को स्वीकृत सोलर पम्प स्थापित करने वाली एजेंसी द्वारा कितने किसानों के सोलर पम्प स्थापित किए गए हैं? कितने स्थापित किये जाने हेतु प्रतीक्षारत हैं? प्रतीक्षारत किसानों की विस्तृत जानकारी देवें। (घ) प्रश्‍नांश (ग) अनुसार रजिस्ट्रेशन उपरान्त कितने किसानों को सोलर पम्प उपलब्ध नहीं कराए गए हैं? कारण सहित बतावें। क्या पंजीकृत किसानों को इसी वित्तीय वर्ष में सोलर पम्प उपलब्ध करा दिए जायेंगे? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्यों?

नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री ( श्री हरदीप सिंह डंग ) : (क) जी हाँ। योजनांतर्गत वे सभी कृषक पात्र हैं, जिनके खेतों पर कृषि कार्य करने हेतु विद्युत वितरण कंपनी से, अनुदानित विद्युत कनेक्‍शन नहीं है। सागर जिले की देवरी विधानसभा क्षेत्र में वर्ष 2018 से प्रश्‍न दिनांक तक 334 कृषकों ने सोलर पंप संयंत्र लगाने के लिए रजिस्‍ट्रेशन (पंजीकरण) कराया है। पंजीकरण उपरांत 115 कृषकों के सोलर पंप संयंत्र स्‍वीकृत हुए हैं। पंजीकृत कृषकों के नाम, पता सहित विवरण की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। स्‍वीकृत सोलर पंप संयंत्रों के कृषकों के नाम, पता सहित विस्‍तृत विवरण की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' एवं '' अनुसार है। (ख) उत्‍तरांश '' में उल्‍लेखित देवरी विधानसभा क्षेत्र के कृषकों में से 103 कृषकों के यहां सोलर पंप संयंत्र स्‍थापित कराये गए हैं। उक्‍त कृषकों के नाम, पता, स्‍वीकृत राशि एवं स्‍थापित करने वाली एजेंसी सहित विस्‍तृत जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है।                  (ग) उतरांश '' में उल्‍लेखानुसार, सोलर पंप स्‍थापित करने वाली एजेंसियों द्वारा 103 स्‍वीकृत कृषकों के सोलर पंप संयंत्र स्‍थापित किये गये हैंजिसकी जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। 12 कृषकों के सोलर पंप संयंत्र स्‍थापना हेतु प्रतीक्षारत हैजिसकी जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (घ) प्रश्‍नांश (ग) अनुसार रजिस्‍ट्रेशन उपरांत स्‍वीकृत हुए 115 कृषकों में से शेष रहे 12 कृषकों के सोलर पंप संयंत्र स्‍थापना हेतु कार्यादेश जारी किये जा चुके हैं। देवरी विधानसभा के 334 पंजीकृत कृषकों में से 115 स्‍वीकृत कृषकों के पश्‍चात शेष रहे 219 कृषकों के सोलर पंप संयंत्र उपलब्‍ध नहीं कराए जा सके हैं। सोलर पंप संयंत्र केन्‍द्र शासन की निविदा के माध्‍यम से चयनित पात्र इकाइयों एवं निर्धारित दरों पर की जा रही थी, जिसकी वैधता मई 2022 में समाप्‍त हो गई है। केन्‍द्र शासन द्वारा नवीन निविदा की कार्यवाही की गई है। नवीन दरें एवं बजट की उपलब्‍धता अनुसार सोलर पंप स्‍थापना का कार्य पुन: प्रारंभ किया जावेगा।

नरसिंहगढ़-बोड़ा मार्ग पर फोर-लेन सी.सी. सड़क निर्माण

[लोक निर्माण]

16. ( *क्र. 1258 ) श्री राज्‍यवर्धन सिंह : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या लोक निर्माण संभाग राजगढ़ अंतर्गत नरसिंहगढ़-बोड़ा मार्ग राष्‍ट्रीय राजमार्ग                  क्रमांक-46 एवं पचोर-शुजालपुर-आष्‍टा रा.रा. मार्ग तथा राष्‍ट्रीय राजमार्ग क्रमांक-52 को जोड़ता है एवं एक प्रमुख व्‍यवसायिक मार्ग होकर इस मार्ग पर यातायात घनत्‍व अत्‍यधिक होने से बार-बार क्षतिग्रस्‍त एवं जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे निर्मित हो जाते हैं तथा वहां आवागमन अवरूद्ध होने के साथ गंभीर दुर्घटनाओं के कारण बन रहे हैं? यदि हाँ, तो प्रश्‍नकर्ता द्वारा माननीय मुख्‍यमंत्री महोदय, माननीय विभागीय मंत्री महोदय सहित विभाग से नरसिंहगढ़-बोड़ा मार्ग पर फोर-लेन सी.सी. सड़क निर्माण कार्य की स्‍वीकृति हेतु प्रश्‍न दिनांक तक अनेक बार अनुरोध किया गया है? यदि हाँ, तो क्‍या विभाग द्वारा प्रश्‍न दिनांक तक उक्‍त संबंध में कोई कार्यवाही की गई है? (ख) प्रश्‍नांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में क्‍या शासन नरसिंहगढ़-बोड़ा मार्ग पर बढ़ती दुर्घटनाओं एवं सुगम आवागमन के दृष्टिगत फोर-लेन सी.सी. सड़क निर्माण कार्य की स्‍वीकृति प्रदान करेगा? यदि हाँ, तो कब तक?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ, नरसिंहगढ़-बोड़ा मार्ग राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक-46 एवं पचोर-शुजालपुर-आष्टा रा.रा. मार्ग तथा राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक-52 को जोड़ता है। जी नहीं, मार्ग की स्थिति ठीक है एवं यहां आवागमन सुगम है तथा कोई भी दुर्घटना की जानकारी प्राप्त नहीं हुई है। जी हाँ, परन्तु 4 लेन के लिये पर्याप्त यातायात घनत्व न होने के कारण कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। (ख) 4 लेन के लिये पर्याप्त यातायात घनत्व न होने के कारण कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। अतः वर्तमान में समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

लोक निर्माण विभाग मुरैना द्वारा कराये गये कार्य

[लोक निर्माण]

17. ( *क्र. 1202 ) कुँवर रविन्‍द्र सिंह तोमर भिड़ौसा : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण विभाग संभाग मुरैना को वर्ष 01 अप्रैल, 2020 से प्रश्‍न दिनांक तक सी.सी. एवं डामरीकरण रोड निर्माण हेतु कितना आवंटन प्राप्त हुआ? आवंटन आदेश की छायाप्रति सहित जानकारी वर्षवार उपलब्ध करावें? (ख) प्रश्‍नांश (क) अन्तर्गत प्राप्त आवंटन किस कार्य स्वीकृत आदेशानुसार किस-किस स्थान पर किस-किस कार्य पर किसकी अनुशंसा पर कितना-कितना आवंटन एवं व्यय किया गया है? जानकारी वर्षवार मय कार्य स्वीकृति आदेश की छायाप्रति सहित उपलब्ध करावें। (ग) प्रश्‍नकर्ता के कार्यालयीन पत्र क्रमांक 169, दिनांक 19.02.2021 द्वारा रोड निर्माण हेतु प्रस्तावित 42 निर्माण कार्य क्या स्वीकृत योग्य हैं? अगर हाँ तो कब तक स्वीकृत कर निर्माण कार्य कराये जावेंगे? अगर नहीं तो क्यों? कारण की प्रमाण सहित जानकारी उपलब्ध करावें। (घ) प्रश्‍नांश (क) अवधि में विधानसभा दिमनी क्षेत्र अन्तर्गत विभाग द्वारा कितने रोड निर्माण कार्य किस स्थान पर कितनी राशि से कराये गये? नहीं तो क्यों? कराये गये कार्यों की जानकारी वर्षवार उपलब्ध करावें व कार्य न कराने के कारण की जानकारी सप्रमाण उपलब्ध करावें।

लोक निर्माण मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) लोक निर्माण संभाग मुरैना को दिनांक 01 अप्रैल, 2020 से प्रश्‍न दिनांक (30.11.2022) तक सी.सी. एवं डामरीकरण रोड निर्माण हेतु प्राप्त आवंटन की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। आवंटन केन्‍द्रीय सर्वर के माध्‍यम से ऑन-लाईन (ग्लोबल) के माध्यम से प्राप्त होने के कारण आवंटन आदेश की प्रतियाँ उपलब्ध कराया जाना संभव नहीं है। (ख) प्रश्‍नांश '' के उत्‍तर के परिप्रेक्ष्‍य में आवंटन केन्‍द्रीय सर्वर के माध्‍यम से जारी होने के कारण आवंटन स्‍वीकृति आदेश उपलब्‍ध कराना संभव नहीं है। शेष जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' एवं 'अ-1' अनुसार है। सूचकांक की उपलब्‍धता होने पर परीक्षण उपरांत विचार किया जाना संभव होगा। (ग) माननीय विधायक महोदय विधानसभा क्षेत्र दिमनी के द्वारा प्रस्तावित 42 निर्माण कार्य हेतु प्राप्त पत्र के सरल क्र. 07 पर अंकित ''खड़ियाहार से माता का पुरा मार्ग'' स्वीकृत होकर वर्तमान में पूर्ण है एवं सरल क्र. 39 एवं 40 पर अंकित निर्माण कार्य पंचायत से संबंधित है। शेष मार्गों के प्रस्‍ताव परीक्षणाधीन है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होते। (घ) विधानसभा क्षेत्र दिमनी के अन्तर्गत निर्माण कार्य एवं राशि की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है।  

अस्पताल भवनों हेतु लागू अनिवार्य शर्तों का पालन

[नगरीय विकास एवं आवास]

18. ( *क्र. 1238 ) श्री विनय सक्सेना : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नगर निगम जबलपुर द्वारा न्यू लाइफ मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल दमोह नाका के भवन का नक्शा कब स्वीकृत किया गया था? भवन निर्माण अनुमति एवं बिल्डिंग कम्‍पलीशन प्रमाण पत्र कब-कब जारी किया गया था? प्रोविजनल व अस्थायी फायर एन.ओ.सी. कब-कब जारी की गयी थी? क्या दिनांक 01 अगस्त, 2022 को उक्त अस्पताल भवन के पास वैध फायर एन.ओ.सी. थी? (ख) उक्त अस्पताल में घटित अग्नि दुर्घटना के पश्चात नगर निगम जबलपुर द्वारा किन-किन अस्पताल भवनों की जांच पड़ताल की गयी? जांच के बिंदु क्या-क्या थे? जांच में                     कौन-कौन से अस्पताल भवनों में क्या-क्या कमियाँ पाईं गयीं? समस्त कार्यवाही व जांच से लेकर प्रतिवेदन तक के दस्तावेज उपलब्‍ध करायें। (ग) जबलपुर के कौन-कौन से अस्पताल भवन के पास अग्नि हादसे की स्थिति में फायर फाइटर इंजन को आगे व पीछे दोनों ओर आने-जाने का खुला स्थान है? किन-किन के पास उक्त खुला स्थान नहीं है? किन-किन अस्पतालों में फायर एक्जिट उपलब्ध हैं? इस संबंध में नेशनल बिल्डिंग कोड व अन्य नियमों में क्या प्रावधान हैं? (घ) जबलपुर में स्थित समस्त अस्पताल भवनों की नगर निगम द्वारा जारी प्रोविजनल/अस्थायी फायर एन.ओ.सी., स्वीकृत नक्शा, विकास अनुज्ञा, बिल्डिंग परमीशन, बिल्डिंग कम्पलीशन प्रमाण पत्र उपलब्‍ध कराएं।

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) नगर निगम जबलपुर द्वारा न्‍यू लाईफ मल्‍टीस्‍पेशलिटी अस्‍पताल दमोह नाका के भवन का नक्‍शा दिनांक 23.02.1998 को स्‍वीकृत किया गया। भवन निर्माण अनुमति दिनांक 23.02.1998 को तीन वर्ष की अवधि हेतु जारी की गई एवं इस भवन का कार्यपूर्णता प्रमाण पत्र जारी नहीं किया गया है। नगर निगम जबलपुर द्वारा प्रोविजनल फायर एन.ओ.सी. दिनांक 02.03.2021 को जारी की गई व अस्‍पताल के संचालक/स्‍वामी द्वारा अस्‍थायी फायर एन.ओ.सी. हेतु आवेदन प्रस्‍तुत नहीं किया गया। दिनांक 01.08.2022 को उक्‍त अस्‍पताल भवन के पास वैध फायर एन.ओ.सी. नहीं थी। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। जांच स्‍वीकृति उपरांत निर्माण सह उपयोग प्रयोजन विषयक की गई। जांच किये गये अस्‍पताल में प्राप्‍त कमियों पर अस्‍पताल संचालकों को प्रेषित पत्रों की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ग) नगर पालिक निगम जबलपुर सीमांतर्गत अस्‍पताल भवन यथा सेठ गोविंददास (विक्‍टोरिया) जिला चिकित्‍सालय जबलपुरनेताजी सुभाषचंद्र बोस मे‍डीकल कॉलेजसिंधु नेत्रालयसेल्‍बी हॉस्पिटलत्रिवेणी हॉस्पिटल के पास अग्नि की स्थिति में फायर फायटर इंजन को आगे व पीछे दोनों ओर आने-जाने का खुला स्‍थान है। इसके अतिरिक्‍त अधिकांश अस्‍पताल भवनों के पास उक्‍त स्‍थान नहीं है। न ही फायर एक्जिट उपलब्‍ध है। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। नगर निगम जबलपुर द्वारा स्‍वीकृत मानचित्र के आधार पर स्‍थल पर किये गये निर्माण एवं स्‍वीकृत उपयोग पर सर्वेक्षण करने के उपरांत अस्‍पताल संचालकों को प्रेषित किये गये जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। खुले स्‍थान हेतु म.प्र. भूमि विकास नियम2012 एवं फायर एक्जिट हेतु नेशनल बिल्डिंग कोड के प्रावधान की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (घ) नगर निगम जबलपुर द्वारा अस्‍पताल भवनों को जारी की गई प्रोविजनल/अस्‍थायी फायर एन.ओ.सी. की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। अस्‍पतालों की स्‍वीकृत मानचित्र की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। नग‍र निगम जबलपुर द्वारा बिल्डिंग कम्‍पलीशन हेतु पत्रों का संधारण नहीं किया            गया है।  

गुणवत्‍ताविहीन कार्य के दोषी एजेंसी/संविदाकार के विरूद्ध कार्यवाही

[लोक निर्माण]

19. ( *क्र. 787 ) श्री के.पी. त्रिपाठी : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रीवा जिले के विधानसभा क्षेत्र सेमरिया अंतर्गत रीवा-बीडा-सेमरिया रोड अपटू गोदहा जंक्‍शन (एस.एच. 9) लम्‍बाई 41 किलोमीटर का निर्माण कार्य सिरमौर-सेमरिया हाइवेज प्राइवेट लिमिटेड द्वारा सुमन द्विवेदी महिला आई.टी.आई. के सामने रीवा कराया जा रहा है? इस कार्य में एजेंसी/संविदाकार द्वारा स्‍वीकृत दिशा-निर्देशों से हटकर गुणवत्‍ताविहीन कार्य कराया जा रहा है? उक्‍त संदर्भ में विभाग द्वारा संबंधित एजेंसी के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की गई? (ख) प्रश्‍नांश (क) के प्रकाश में क्‍या प्रश्‍नकर्ता सदस्‍य द्वारा अपने कार्यालयीन पत्र क्र. 712, दिनांक 14.11.2022 द्वारा संभागीय प्रबंधक एम.पी.आर.डी.सी. रीवा, पत्र क्र. 713, दिनांक 14.11.2022 द्वारा कलेक्‍टर जिला रीवा, पत्र क्र. 714, दिनांक 14.11.2022 द्वारा प्रबंध संचालक एम.पी.आर.डी.सी. भोपाल, पत्र क्र. 716, दिनांक 14.11.2022 द्वारा प्रमुख सचिव, म.प्र. शासन, लोक निर्माण विभाग मंत्रालय भोपाल एवं पत्र क्र. 715, दिनांक 14.11.2022 द्वारा अपर मुख्‍य सचिव, म.प्र. शासन, लोक निर्माण विभाग मंत्रालय भोपाल को गुणवत्‍ता विहीन कार्य करने के दोषी एजेंसी/संविदाकार के विरूद्ध बिन्‍दुवार कार्यवाही करने हेतु लेख किया गया है? यदि उत्‍तर हाँ तो अब तक क्‍या कार्यवाही की गई? (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के प्रकाश में क्‍या विभाग एजेंसी/संविदाकार द्वारा की जा रही मनमानी के विरूद्ध कार्यवाही करते हुये गुणवत्‍तायुक्‍त कार्य कराना सुनिश्चित करेगा? यदि हाँ, तो कब तक?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ। जी नहीं। मार्ग के संविदाकार द्वारा अनुबंध की शर्तों के अनुरूप गुणवत्तापूर्वक कार्य किया जा रहा है, अतः शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ख) जी हाँ। माननीय विधायक श्री के.पी. त्रिपाठी, 69 सेमरिया के पत्र क्र. 712, दिनांक 14.11.2022 के परिप्रेक्ष्‍य में संभागीय प्रबंधक म.प्र. सड़क विकास निगम रीवा के पत्र क्र. 1907 रीवा दिनांक 24.11.2022 के माध्‍यम से निवेशकर्ता को माननीय विधायक महोदय द्वारा सुझाये गये निर्देशों के पालन सुनिश्चित किये जाने हेतु लेख किया गया है। मार्ग के निवेशकर्ता द्वारा गुणवत्‍तापूर्वक कार्य किया जा रहा है। अत: शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) उत्तरांश (क) एवं (ख) के परिप्रेक्ष्य में शेष का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता है।

तहसील विदिशा के ग्राम बेहलोट में सड़क निर्माण

[लोक निर्माण]

20. ( *क्र. 1255 ) श्री शशांक श्रीकृष्ण भार्गव : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विदिशा विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत तहसील विदिशा के सड़क सुविधा विहीन ग्राम बेहलोट से सड़क निर्माण कार्य को स्वीकृत किया गया है? (ख) यदि प्रश्‍नांश (क) हाँ तो उक्त सड़क निर्माण कार्य हेतु पर्याप्त राशि उपलब्ध कराई जाकर कार्य कब प्रारंभ किया जायेगा एवं अभी तक कार्य प्रारंभ नहीं किए जाने के कारण सहित जानकारी दें एवं कार्य प्रारंभ किए जाने के संबंध में निश्चित दिनांक से अवगत करावें।

लोक निर्माण मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ। (ख) निविदा आमंत्रण की कार्रवाई प्रगति पर है। निविदा प्रक्रिया से संविदाकार के चयन उपरांत कार्य प्रारम्भ किया जा सकेगा। वर्तमान में निश्चित तिथि बताना संभव नहीं।

सेतु संभाग सागर द्वारा गेट नं. 28 पर रेलवे ओव्‍हर ब्रिज निर्माण

[लोक निर्माण]

21. ( *क्र. 1303 ) इंजीनियर प्रदीप लारिया : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या मान. मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि नरयावली विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत लोक निर्माण विभाग सेतु संभाग सागर द्वारा रेलवे गेट क्र. 28 पर रेलवे ओव्‍हर ब्रिज निर्माण कार्य की स्वीकृति कब प्रदाय की गई थी? लागत सहित जानकारी देवें। (ख) रेलवे ओव्‍हर ब्रिज के निर्माण कार्य का कार्य एजेंसी से कब अनुबंध किया गया? कार्य पूर्णता की अवधि एवं कार्य प्रारंभ करने की तिथि तथा वर्तमान में कार्य एजेंसी द्वारा कितना कार्य पूर्ण किया गया है?                             (ग) क्या कार्य एजेंसी द्वारा परिवर्तित मार्ग एवं सर्विस मार्ग का निर्माण किया गया है? यदि हाँ, तो उपरोक्त मार्ग से चार पहिया वाहन एवं दो पहिया वाहन का आवागमन हो रहा है? यदि परिवर्तित मार्ग से आवागमन नहीं हो रहा है तो विभाग ने आवागमन हेतु कार्य एजेंसी से सर्विस मार्ग ठीक ढंग से क्यों नहीं निर्मित कराया? (घ) क्या कार्य एजेंसी द्वारा निर्माण कार्य समय पर पूर्ण नहीं कराया गया है? यदि हाँ, तो इसके लिये विभाग द्वारा क्या कार्यवाही की जा रही है? कार्य कब तक पूर्ण किया जायेगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) विस्‍तृत विवरण संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है।                   (ख) विस्‍तृत विवरण संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ग) विस्‍तृत विवरण संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) विस्‍तृत विवरण संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है।

परिशिष्ट - "तीन"

स्‍वीकृत सब-स्‍टेशन का निर्माण

[ऊर्जा]

22. ( *क्र. 1435 ) श्री निलेश पुसाराम उईके : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) पांढुर्ना विधानसभा क्षेत्र में सिराटा तह. पांढुर्ना में सब स्‍टेशन कब से स्‍वीकृत है? इसकी लागत भी देवें। (ख) क्‍या कारण है कि इसका निर्माण आज तक प्रारंभ नहीं हुआ? (ग) कब तक इसका निर्माण प्रारंभ होकर इसे विभाग को हेंडओव्‍हर कर दिया जाएगा? (घ) इसके प्रारंभ में विलंब के उत्‍तरदायी अधिकारियों पर विभाग कब तक कार्यवाही करेगा? इन अधिकारियों के नाम, पदनाम सहित देवें।

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) पांढुर्ना विधानसभा क्षेत्र के ग्राम सिराठा में नवीन 33/11 के.व्ही. विद्युत उपकेन्द्र के निर्माण कार्य को केन्द्र सरकार की आर.डी.एस.एस. योजनांतर्गत शामिल किया गया है, जिसकी स्वीकृति दिनांक 17.03.2022 को प्राप्‍त हो चुकी है। उक्त 33/11 के.व्ही. विद्युत उपकेन्द्र की लागत राशि लगभग रू. 256.48 लाख है। (ख) म.प्र. पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा प्रश्‍नाधीन विद्युत उपकेन्‍द्र सहित आर.डी.एस.एस. योजनांतर्गत स्वीकृत 33/11 के.व्‍ही. विद्युत उपकेन्द्रों के निर्माण कार्य हेतु आवश्‍यक अग्रिम कार्यवाहियाँ एवं जी.आई.एस. सर्वे के पूर्ण करने के उपरान्‍त निविदा जारी की जा चुकी है तथा क्रियान्‍वयन एजेंसी के चयन हेतु निविदा कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। निविदा कार्यवाही पूर्ण होने पर क्रियान्‍वयन एजेंसी के चयन उपरान्‍त प्रश्‍नाधीन 33/11 के.व्‍ही. विद्युत उपकेन्‍द्र के निर्माण का कार्य आरंभ किया जा सकेगा।                        (ग) आर.डी.एस.एस. योजना के दिशा-निर्देशों के अनुसार योजनांतर्गत स्वीकृत 33/11 के.व्‍ही. विद्युत उपकेन्द्रों के निर्माण का कार्य क्रियान्‍वयन एजेंसी को कार्यादेश जारी होने की दिनांक से 24 माह में पूर्ण कर पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी को हेण्डओव्‍हर किया जाना है। (घ) उक्‍त 33/11 के.व्ही. विद्युत उपकेन्द्र के निर्माण कार्य हेतु नियमानुसार निर्धारित विभागीय प्रक्रिया के तहत कार्यवाही की जा रही है। अत: किसी अधिकारी/कर्मचारी के दोषी होने अथवा किसी के विरूद्ध कार्यवाही किये जाने का प्रश्‍न नहीं उठता।

मण्डला जिले की सड़कों का निर्माण

[लोक निर्माण]

23. ( *क्र. 1242 ) श्री नारायण सिंह पट्टा : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या दिनांक 07 नवंबर, 2022 को केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री द्वारा मण्डला के कार्यक्रम में जबलपुर मण्डला एन.एच. 30 सड़क निर्माण कंपनी का ठेका निरस्त करने हेतु घोषणा की थी? यदि हाँ, तो विभाग द्वारा अब तक क्या कार्यवाही की गई? क्या प्रश्‍नकर्ता द्वारा माननीय केंद्रीय मंत्री जी को जबलपुर मण्डला सड़क को 4 लेन निर्माण करवाने, डामरीकरण करने एवं ओव्‍हर ब्रिज निर्माण करने के संबंध में लिखे गए पत्र के संदर्भ में माननीय केंद्रीय मंत्री जी द्वारा विभाग को पत्र लिखा गया है? यदि हाँ, तो उक्त पत्र की प्रति उपलब्ध कराएं, इस पर विभाग द्वारा क्या कार्यवाही की जा रही है? (ख) क्या प्रश्‍नकर्ता द्वारा माननीय केंद्रीय मंत्री को पत्र लिखकर मण्डला जिला अंतर्गत 4 सड़कों के निर्माण एवं पदमी रामनगर घुघरी सलवाह सड़क का निर्माण कार्य प्रारंभ करवाने की मांग की गई थी? यदि हाँ, तो माननीय मंत्री जी द्वारा इस संबंध में विभाग को क्या निर्देश दिए गए हैं एवं विभाग क्या कार्यवाही कर रहा है? (ग) क्या प्रश्‍नकर्ता द्वारा उक्त कार्यक्रम में माननीय मुख्यमंत्री जी एवं विभागीय मंत्री जी को पत्र देकर बिछिया में बायपास निर्माण एवं बिछिया विधानसभा अंतर्गत 20 सड़कों के निर्माण करवाने की मांग की गई थी? यदि हाँ, तो क्या कार्यवाही की जा रही है?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ। पत्र क्रमांक 13564, दिनांक 11.11.2022 के माध्‍यम से म.प्र. सड़क विकास निगम द्वारा क्षेत्रीय अधिकारी, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, भोपाल को निर्माण कार्य की धीमी गति से अवगत कराते हुए शेष कार्य की लागत एवं वर्तमान कार्य के सुधार हेतु प्राक्‍कलन प्रस्‍तुत किये गए तथा अनुबंध निरस्‍तीकरण हेतु निगम के पत्र क्रमांक 14765, दिनांक 06.12.2022 के द्वारा क्षेत्रीय अधिकारी, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, भोपाल से आवश्‍यक कार्यवाही बाबत पुन: निवेदन किया गया, निर्णय अपेक्षित है। जबलपुर-मंडला सड़क को 4-लेन निर्माण करवाने, डामरीकरण करवाने तथा ओव्‍हर ब्रिज निर्माण से संबंधित किसी पत्र की जानकारी विभाग में नहीं है। अतः शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ख) प्रश्‍नांकित पत्र द्वारा की गई मांग की जानकारी विभाग में उपलब्‍ध नहीं है तथा पदमी-रामनगर-घुघरी-सलवाह मार्ग निर्माण हेतु संबंधित ठेकेदार द्वारा कार्य पूर्व की गतिविधियाँ प्रारंभ कर दी गई है। (ग) प्रश्‍नांकित पत्र की जानकारी विभाग में उपलब्ध नहीं है, अतः शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

ग्वालियर जिले में 1000 बिस्तरीय अस्पताल का निर्माण

[लोक निर्माण]

24. ( *क्र. 628 ) श्री प्रवीण पाठक : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) ग्वालियर जिले में 1000 बिस्तर के अस्पताल निर्माण की कार्य प्रारंभ दिनांक से उत्तर दिनांक तक किन-किन तकनीकी अधिकारियों द्वारा जांच की गई? प्रत्येक जांच दिनांक में पायी गई अनियमितताओं/कमियों पर क्या कार्यवाही हुई? क्या पायी गई अनियमितताओं/कमियों की मौके पर वास्तविक रूप से निर्माण एजेंसी द्वारा पूर्ति कर निर्देशों का पालन किया गया है? यदि हाँ, तो उक्त कमी का पुनः किस के द्वारा किस दिनांक को सत्यापन किया गया? जांच प्रतिवेदन उपलब्ध करायें। (ख) उक्त अस्पताल, किस दिनांक को वास्तविक रूप से जे.ए.एच. प्रबंधन को सौंपा गया? सौंपने के पहले उसकी साफ-सफाई एवं सुरक्षा व्यवस्था पर कितनी राशि अस्पताल प्रबंधन द्वारा व्यय की गई? (ग) क्या समय-सीमा में निर्माण न करने पर निर्माण एजेंसी से अर्थदण्ड राशि वसूली के आदेश दिये गये? यदि हाँ, तो किस-किस अधिकारी द्वारा कब-कब एवं कितनी राशि का अर्थदण्ड लगाया? अधिरोपित अर्थदण्ड में से कितनी राशि किस दिनांक को जमा हुई? यदि अर्थदण्ड राशि जमा नहीं हुई तो वसूली हेतु क्या कार्यवाही की गई?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) 1000 बिस्तरीय अस्पताल भवन निर्माण कार्य का कार्य प्रारंभ से आज दिनांक तक मुख्य तकनीकी परीक्षक, अतिरिक्त परियोजना संचालक लो.नि.वि.पी.आई.यू. ग्वालियर द्वारा तकनीकी जांच की गई है, तकनीकी जांच उपरान्‍त निर्देशों का मौके पर निर्माण एजेंसी से पूर्ति कराकर सत्यापन उपरांत पालन प्रतिवेदन प्रेषित किया गया। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। जांच प्रतिवेदन (निरीक्षण प्रतिवेदन) पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) 1000 बिस्तरीय अस्पताल भवन निर्माण पूर्ण कर दिनांक 20.10.2022 को अधिष्ठाता गजराराजा चिकित्सा महाविद्यालय ग्वालियर को सौंपा गया। भवन सौंपने के पहले उसकी साफ-सफाई एवं सुरक्षा व्यवस्था पर अस्पताल प्रबंधन द्वारा कुछ भी राशि व्यय नहीं की गई है। (ग) जी नहीं, निर्माण एजेन्सी पर कोई भी अर्थ दण्ड नहीं लगाया गया, अपितु निर्माण एजेन्सी के देयकों से समय वृद्धि हेतु राशि रू.6.50 लाख रोकी गई है। अर्थदण्ड की राशि का निर्धारण निर्माण एजेन्सी से समय वृद्धि हेतु आवेदन प्राप्त होने पर गुण दोष के आधार पर अर्थदण्ड का निर्धारण किया जायेगा।

मंदसौर अंडर ब्रिज निर्माण

[नगरीय विकास एवं आवास]

25. ( *क्र. 1128 ) श्री यशपाल सिंह सिसौदिया : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या मंदसौर मिड इंडिया अंडरब्रिज निर्माण समपार क्रमांक 151-बी के निर्माण कार्य की लागत राशि रुपये 7,08,54,802/- थी? (ख) प्रश्‍नांश (क) संदर्भित क्या माननीय मुख्यमंत्री जी की घोषणा क्रमांक बी/4285, दिनांक 01 जून, 2018 मंदसौर मिड इंडिया समपार क्रमांक 151-बी पर अंडरब्रिज निर्माण हेतु 50 % राशि रेलवे तथा 50 % राशि राज्य शासन द्वारा वहन की जानी थी? यदि हाँ, तो क्या टू-लेन अंडरब्रिज निर्माण (कास्टिंग शेयरिंग आधार पर) स्वीकृत स्टीमेट राशि 7,08,54,802/- का 50 प्रतिशत नगरीय प्रशासन द्वारा उपलब्ध 1,75,00000 + संचित निधि नगरपालिका मंदसौर 1,79,27,401 कुल 3,54,27,401/- जमा कराई जा चुकी है? (ग) क्या यह भी सही है की राज्य शासन द्वारा 50 प्रतिशत राशि के अंतर्गत नगर पालिका को रु. 3,54,27,401/- में 1,75,00000 (एक करोड़ पचहत्‍तर लाख) नगरीय प्रशासन विभाग भोपाल से उपलब्ध कराये गये तथा कार्य को समय पर पूर्ण करने के लिए संचालनालय नगरीय प्रशासन एवं विकास भोपाल के पत्र क्रमांक/चार-क/लेखा/2020-21/782, दिनांक 15.02.2021 के माध्यम से अनुमति प्राप्त कर नगर पालिका मंदसौर द्वारा संचित निधि से 1,79,27,401/- रेलवे को उपलब्ध कराई गयी? यदि हाँ, तो संचित निधि पुन: विभाग द्वारा नगर पालिका मंदसौर को कब तक लौटा दी जायेगी?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) वरिष्ठ मण्डल इंजीनियर उत्तर रतलाम के पत्र क्रमांक/संख्या डब्ल्यू./420/5/41, दिनांक 22.07.2019 से टू लेन अण्डर ब्रिज निर्माण कार्य हेतु स्वीकृत प्राक्कलन राशि 7,08,54,802/- बताई गई थी। वर्तमान में वरिष्ठ मण्डल इंजीनियर उत्तर रतलाम के पत्र क्रमांक/संख्या डब्ल्यू./420/5/41, दिनांक 01.11.2022 से अण्डर ब्रिज निर्माण के संशोधित अनुमानित लागत 9,00,00,000/- (नौ करोड़ रूपये) होना दर्शाई गई है। (ख) जी हाँ। जी हाँ। (ग) जी हाँ, नगर पालिका परिषद मंदसौर को विभाग द्वारा राशि रू. 1,75,00,000/- प्रदान किये गये है। संचालनालय का पत्र क्रमांक/चार-क/लेखा/2020-21/782, दिनांक 15.02.2021 द्वारा राशि रू. 1,79,00,000/- की स्वीकृति प्रदाय की गई है। संचित निधि से व्यय राशि को वापिस किये जाने हेतु बजट अनुसार राशि रू. 1,50,00,000/- की स्वीकृति जारी की जा चुकी है।

 

 

 

 

 


 


भाग-2

नियम 46 (2) के अंतर्गत अतारांकित प्रश्‍नोत्तर के रुप में परिवर्तित तारांकित प्रश्‍नोत्तर


नियम विरूद्ध कार्यों की संपूर्ण जांच

[नगरीय विकास एवं आवास]

1. ( क्र. 7 ) डॉ. राजेन्‍द्र पाण्‍डेय : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या यह सही है कि मेरे द्वारा पत्र क्र./3052/भोपाल दिनांक 10/10/22 के द्वारा श्रीमान जिलाधीश रतलाम पत्र क्र. 3051/भोपाल श्रीमान संभागयुक्‍त उज्‍जैन एवं पत्र               क्र. 3050/भोपाल श्रीमान प्रमुख सचिव नगरीय प्रशासन भोपाल को योग्‍य कार्यवाही हेतु अवगत कराया है? (ख) यदि हाँ, तो जावरा नगर एवं नगर की सीमा से लगी भूमियों पर तथा पिपलौदा नगर एवं नगर की सीमा से लगी भूमियों पर नियम विरूद्ध अवैधानिक तरीकों से निरंतर अवैध कालोनियां काटी जाकर गंभीर अनियमितताएं की जा रही है, इस हेतु ध्‍यान आकृष्‍ट किया है?             (ग) यदि हाँ, तो किस सक्षम अधिकारी किस व्‍यवस्‍था के माध्‍यम से जांच की जाकर अब तक किन-किन स्‍थानों को चिन्हित किया जाकर उन पर क्‍या-क्‍या कार्यवाहियां की गई? (घ) प्रश्‍नांश (ख) अंतर्गत क्षेत्रों एवं उनकी सीमा से लगी भूमियों पर किस-किस कॉलोनाईजर की कितनी-कितनी भूमि होकर क्‍या उन भूमियों का सीमांकन भी किया गया? साथ ही नियमानुसार समस्‍त शर्तों/अनुबंधों का पालन किया गया इत्‍यादि अन्‍य भी अनियमितता की व नियम विरूद्ध कार्यों की संपूर्ण जांच किस सक्षम अधिकारी के द्वारा की जा रही है एवं क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) एवं (ख) जी हाँ। (ग) उत्‍तरांश (क) एवं (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में सक्षम प्राधिकारी अर्थात जिला कलेक्‍टर रतलाम द्वारा अनुविभागीय अधिकारी (राजस्‍व) जावरा एवं मुख्‍य नगर पालिका अधिकारी नगर पालिका जावरा एवं नगर परिषद् पिपलौदा को प्रतिवेदन प्रस्‍तुत करने हेतु निर्देशित किया गया है। (घ) उत्‍तरांश (ग) अनुसार जांच की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है।

क्षेत्रीय सड़कों एवं पुलियों के कार्यों का प्रस्‍ताव

[लोक निर्माण]

2. ( क्र. 8 ) डॉ. राजेन्‍द्र पाण्‍डेय : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि           (क) वर्ष 2019 से प्रश्‍न दिनांक तक जावरा विधानसभा क्षेत्र अन्‍तर्गत क्षेत्रीय आवश्‍यकता अनुसार एवं क्षेत्रीय मांग पर प्रश्‍नकर्ता द्वारा पत्रों के माध्‍यम से शासन/विभाग द्वारा किन-किन सड़कों एवं ब्रिज पुलियाओं के कार्यों को किये जाने हेतु प्रस्‍ताव भेजे है? (ख) (1) भीमाखेड़ी अंडर ब्रिज से मायटखेड़ा-तालीदाना-कालू खेड़ा व्‍हाया कसेर-रियावन मार्ग एवं (2) मावता-रियावन-चिपिया-माउखेडी-व्‍हाया धामेडी-राकोदा मार्ग हेतु निरंतर आवश्‍यकता पर विभाग द्वारा क्‍या कार्यवाही की गई?                 (ग) ग्राम उणी से भिडा जी पर्यटन स्‍थल पहुँच मार्ग एवं ब्रिज तथा भैसाना ब्रिज निर्माण की क्षेत्रीय अत्‍यंत गंभीर आवश्‍यक कार्य हेतु भी शासन/विभाग को लगातार अवगत कराया तो उक्‍त कार्य के संबंध में अब तक क्‍या कार्यवाही की गयी? (घ) प्रश्‍नांश (ख) एवं (ग) अन्‍तर्गत उल्‍लेखित क्षेत्रीय प्रस्‍तावों पर शासन/विभाग बजट हेतु कार्य योजना में सम्मिलित कर उपरोक्‍त उल्‍लेखित कार्यों को कब तक स्‍वीकृति दे सकेगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) विवरण  पुस्‍तकालय  में रखे प्रपत्र-अ अनुसार है।      (ख) किसी भी योजना में सम्मिलित नहीं होने से कोई कार्रवाई नहीं की गई। (ग) विवरण पुस्‍तकालय में रखे प्रपत्र-ब अनुसार है। (घ) वर्तमान बजट में सम्मिलित नहीं। वर्तमान में              समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

सड़कों, पुलों एवं ब्रिजों की स्‍वीकृति

[लोक निर्माण]

3. ( क्र. 21 ) श्री दिलीप सिंह गुर्जर : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) माननीय मंत्री लोक निर्माण विभाग की नस्‍ती दिनांक 28.10.2022 में दिये गये निर्देश के तहत प्रमुख अभियंता लोक निर्माण विभाग भोपाल के पत्र क्रमांक 15/संचार/ना/बजट/2022-23/प्रस्‍ताव/ 2022/1102 भोपाल दिनांक 02.11.2022 के संदर्भ में प्रश्‍नकर्ता द्वारा खुरमुण्‍डी से झिरमिरा, राजपुर रायती से कमठाना, दिवेल से चंदोडिया, बैरछा से अटलावदा, सरवना से पचलासी, बागेडी से बिलवानिया, खण्‍डवा से नरेडीपाता, भैंसोला से घिनोदा मार्ग के प्रस्‍ताव द्वितीय अनुपूरक बजट में सम्मिलित करने हेतु प्रेषित किये गये थे? यदि हाँ, तो स्‍वीकृति हेतु क्‍या कार्यवाही की गई है?      (ख) माननीय मंत्री द्वारा घोषित जिला मार्ग एम.पी.एम.डी.आर. 26-27 शासन के पत्र क्रमांक 1707 दिनांक 24.06.2021 नागदा-गिदगढ-नि‍नावटखेड़ा-चंदोडिया से तारोद-मोकडी मार्ग लंबाई           25 किमी को द्वितीय अनुपूरक बजट में सम्मिलित करने हेतु पत्र क्रमांक 4649/नागदा दिनांक 18.11.2022 को माननीय मुख्‍यमंत्री महोदय, माननीय मंत्री महोदय को पत्र द्वारा प्रस्‍ताव दिया है? यदि हाँ, तो स्‍वीकृति हेतु क्‍या कार्यवाही की जा रही है? (ग) प्रश्‍नकर्ता द्वारा उक्‍त मार्ग के निर्माण की स्‍वीकृति हेतु माननीय मुख्‍यमंत्री के पत्र क्रमांक 5217/सीएमएस/एमएलए/212/2021 दिनांक 08.12.2021, पत्र क्रमांक 1546 दिनांक 19.02.2021, पत्र क्रमांक 3585 दिनांक 29.07.2021, पत्र क्रमांक 4274 दिनांक 31.08.2021, पत्र क्रमांक 340 दिनांक 24.01.2022, पत्र क्रमांक 5219 दिनांक 08.12.2021, पत्र क्रमांक 2390 दिनांक 14.06.2022, पत्र क्रमांक 2458 दिनांक 21.06.2022, पत्र क्रमांक 2067 दिनांक 12.06.2022, पत्र क्रमांक 2436 दिनांक 17.06.2022 व पत्र क्रमांक 4086 दिनांक 04.11.2022 द्वारा प्रमुख सचिव लोक निर्माण विभाग को जारी निर्देश के तहत शासन द्वारा पत्र क्रमांक 3929/5361/19/यो दिनांक 24.11.2021, पत्र क्रमांक 922/1049/19/यो दिनांक 06.03.2021, पत्र क्रमांक 2276/3236/19/यो दिनांक 11.08.2021, पत्र क्रमांक 2716/3770/19/यो दिनांक 20.09.2021, पत्र क्रमांक 489/696/यो दिनांक 14.02.2022 द्वारा प्रमुख अभियंता लो.नि.वि. भोपाल एवं मुख्‍य अभियंता लो.नि.वि. उज्‍जैन को पत्र प्रेषित किये गये थे? यदि हाँ, तो शासन द्वारा द्वितीय अनुपूरक बजट 2022-23 में सम्मिलित करने हेतु क्‍या कार्यवाही की जा रही है? विवरण दें।      (घ) प्रश्‍नकर्ता के क्षेत्र में वर्ष 2018 से 21.11.2022 तक कितनी सड़कें, पुल, रेल्‍वे ओव्‍हर ब्रिज, बिल्डिंगे शासन द्वारा स्‍वीकृति प्रदान की गई थी उनमें से कितने का कार्य पूर्ण हो चुका है? कितना अपूर्ण है? कितने अप्रारंभ है? सभी का पृथक-पृथक विवरण देवें।

लोक निर्माण मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ। विस्‍तृत विवरण  पुस्‍तकालय  में रखे प्रपत्र-अ अनुसार है। (ख) प्रश्‍नकर्ता का पत्र अप्राप्‍त है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) जानकारी पुस्‍तकालय  में रखे प्रपत्र-ब अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्‍तकालय  में रखे प्रपत्र-स एवं 'अ-1' अनुसार है। दिनांक 04.05.2018 को बड़ावदा-कलसी, नागदा से निम्बोदाखुर्द, संदला, सलवा-कल्याणपुर-खरसौदखुर्द, फतेहपुर, गुणावद, दोतरू मार्ग कुल लम्बाई 124 किमी की एडीबी-6-7 हेतु प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई थी, मार्ग का अधिकांश भाग पी.एम.जी.एस.वाय/लोक निर्माण विभाग द्वारा कार्य प्रगतिरत होने एवं 10 किमी लम्बाई एम.पी.आर.डी.सी. द्वारा पूर्व से निर्मित होने तथा लगभग 40 किमी लम्बाई में कच्चा रास्ता होने से भू-अर्जन आवश्‍यक था। अतः एडीबी मापदण्ड में न होने के कारण लोक निर्माण विभाग के नियमित विभागीय योजना में शामिल किया जाना प्रस्तावित करते हुए दिनांक 26.10.2021 को शासन द्वारा परियोजना से पृथक कर दिया गया।

अस्‍थाई कनेक्‍शन एवं विद्युत वितरण योजना

[ऊर्जा]

4. ( क्र. 38 ) श्री लक्ष्‍मण सिंह : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि              (क) म.प्र. मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड में अस्‍थाई कृषि पम्‍प कनेक्‍शन प्रदान किये जाने की क्‍या प्रक्रिया है? (ख) इसके लिये क्‍या शुल्‍क लिया जा रहा है? (ग) इस वित्‍त वर्ष में चाचौड़ा विधान सभा में कुल कितने अस्‍थाई कनेक्‍शन किये गये? (घ) सिंचाई हेतु दी जाने वाली बिजली रात्रि की बजाय दिन में दी जाने में क्‍या समस्‍या है क्‍या इसे दिन में दिया जाना संभव है?
ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) म.प्र.मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी अंतर्गत सिंचाई प्रयोजन के लिए अस्‍थाई पम्‍प कनेक्‍शन हेतु आवेदन प्राप्‍त होने पर, आवेदक द्वारा चाहे गये भार के अनुसार न्‍यूनतम 03 माह हेतु अग्रिम राशि जमा करने के उपरांत अस्‍थाई पंप कनेक्‍शन प्रदान किए जाते हैं। इस राशि को आवश्‍यकतानुसार समयावधि के अनुरूप बढ़ाया जा सकता है किन्‍तु यदि वास्‍तविक उपयोग इससे कम अवधि के लिए हुआ हो तो कनेक्‍शन विच्‍छेदित करने के उपरांत उपयोग की गई वास्‍तविक समयावधि हेतु जमा की गई अग्रिम राशि को अंतिम बिल में समायोजित किया जाता है। (ख) म.प्र.विद्युत नियामक आयोग द्वारा निर्धारित टैरिफ के अनुसार अस्‍थाई विद्युत पंप कनेक्‍शनों हेतु बिल जारी किये जाते हैं। टैरिफ आदेश के संबंधित पृष्‍ठों की प्रति  पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट अनुसार  है। (ग) वर्तमान वित्‍तीय वर्ष 2022-23 में चाचौड़ा विधानसभा क्षेत्र के अन्‍तर्गत प्रश्‍न दिनांक तक कुल 630 अस्‍थाई पंप कनेक्‍शन प्रदान किये गये हैं। (घ) विद्युत प्रणाली की सुरक्षा एवं स्थिरता के दृष्टिगत तकनीकी रूप से यह आवश्‍यक है कि प्रणाली से संबद्ध भार का प्रबंधन इस प्रकार किया जाये, जिससे प्रणाली पर पूरे समय लगभग एक समान भार रहे। उक्‍त तकनीकी आवश्‍यकता को पूर्ण किये जाने के उद्देश्‍य से रबी सीजन में कृषि उपभोक्‍ताओं का भार प्रणाली पर समान रूप से अंतरित करने के लिये 11 के.व्‍ही. कृषि फीडरों को समूहों में विभक्‍त कर 4 एवं 6 घंटे को दो अंतरालों में अलग-अलग समय पर दिन एवं रात्रि में कुल 10 घंटे विद्युत प्रदाय किया जाता है। उक्‍तानुसार विद्युत प्रणाली की सुरक्षा एवं स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए विद्युत की उपलब्‍धता, विद्युत प्रणाली की क्षमता और विद्युत भार के बीच सामंजस्‍य बनाये रखना आवश्‍यक होने के कारण कृषि कार्य हेतु समस्‍त 11 के.व्‍ही. कृषि फीडरों पर एक साथ दिन के समय 10 घंटे विद्युत प्रदाय किया जाना संभव नहीं है।

सड़क निर्माण एवं रख-रखाव

[लोक निर्माण]

5. ( क्र. 39 ) श्री लक्ष्‍मण सिंह : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि           (क) बीनागंज से टोडी होते हुए देहरी मार्ग के निर्माण की क्‍या योजना है? (ख) यदि निर्माण नहीं किया जा रहा है तो रख-रखाव एवं मरम्‍मत की क्‍या योजना है। (ग) प्रश्‍नकर्ता के विधानसभा क्षेत्र में विभाग द्वारा निर्माण की गई सड़कों की गुणवत्‍ता संबन्धित जांच की क्‍या योजना है।          (घ) बड़ागांव बिरियाई होते हुए राजस्‍थान सीमा तक जाने वाले मार्ग एवं चाचौड़ा विधानसभा में वर्तमान में निर्माणधीन सड़कों की जानकारी प्रदान करें।

लोक निर्माण मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) वर्तमान में कोई योजना नहीं है। (ख) मार्ग की कुल लंबाई 17.50 कि.मी. में से 10.00 कि.मी. का भाग परफॉरमेंस गारन्टी में, 3.00 कि.मी मार्ग के नवीनीकरण का कार्य प्रगति पर एवं शेष रहे 4.50 कि.मी. मार्ग के भाग का प्रस्ताव मजबूतीकरण मद में प्रस्तावित है। (ग) निर्धारित मापदण्ड एवं आवृति के अनुसार निर्माण सामग्री की जांच की जाती है, कोई निर्धारित योजना नहीं। म.प्र. सड़क विकास निगम अन्‍तर्गत विधानसभा क्षेत्र चाचौड़ा में ए.डी.बी. योजनान्‍तर्गत खटकिया से सुठालिया मार्ग का पुनर्निर्माण कराया गया है। मार्ग के निर्माण के समय गुणवत्‍ता सुनिश्चित करने हेतु सुपरविजन कंसल्‍टेंट (SQC) द्वारा निर्धारित मानको के अनुसार टेस्‍ट (परीक्षण) किये गये थे। वर्तमान में मार्ग अच्‍छी स्थिति में है। (घ) विस्तृत विवरण संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है।

परिशिष्ट - "चार"

पवई विधान सभा की विद्युत समस्‍याएं

[ऊर्जा]

6. ( क्र. 53 ) श्री प्रह्लाद लोधी : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या पन्‍ना जिले के पवई विधान सभा के ग्राम कल्‍दा एवं ग्राम कृष्‍णगढ़ में नवीन विद्युत सब-स्‍टेशनों की स्‍वीकृति‍ हो चुकी है? यदि हाँ, तो कब? स्‍वीकृति आदेश की स्‍वच्‍छ प्रति उपलब्‍ध करावें। यदि नहीं, तो कब तक इन सब-स्‍टेशनों की स्‍वीकृति की जावेगी? (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में क्‍या दोनों सब-स्‍टेशनों के निर्माण हेतु निविदा आमंत्रित की जा चुकी है? यदि हाँ, तो निविदा कब आमंत्रित की गयी? यदि नहीं, तो अब तक बजट का आवंटन क्‍यों नहीं किया गया? दोनों ग्रामों के सब-स्‍टेशनों के निर्माण हेतु बजट आमंत्रण कर स्‍टेशनों के निर्माण कार्य कब से प्रारंभ किये जायेंगे? (ग) पवई विधान सभा में लो-वोल्‍टेज की समस्‍या को सुधारने के लिए विभाग द्वारा कौन-कौन से प्रयास किये जा रहे हैं? (घ) पवई विधान सभा के कल्‍दा परिक्षेत्र में लगभग समस्‍त ग्रामों की विद्युत केबल जली हुई है, जिससे समस्‍त क्षेत्र की विद्युत सप्‍लाई प्रभावित है। क्‍या विभाग द्वारा इसको बदलवाये जाने हेतु कोई कार्यवाही हो रही है? यदि नहीं, तो कब इस क्षेत्र के केबल बदलवाकर इस क्षेत्र की विद्युत की आपूर्ति की जायेगी?

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) जी हाँ, पन्ना जिले के पवई विधान सभा क्षेत्र के ग्राम कल्दा एवं ग्राम कृष्णगढ़ में नवीन 33/11 के.व्ही. विद्युत उपकेन्‍द्रों के निर्माण कार्य को केन्द्र सरकार की आर.डी.एस.एस. योजनांतर्गत सम्मिलित किया गया है एवं केन्‍द्र शासन द्वारा योजना अंतर्गत कार्यों की स्वीकृति दिनांक 17.03.2022 को प्रदान की गई है। स्‍वीकृति पत्र की प्रति  पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'अनुसार है। अत: शेष प्रश्‍न नहीं उठता। (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में आर.डी.एस.एस. योजनांतर्गत स्‍वीकृति उपरान्‍त नवीन 33/11 के.व्ही. विद्युत उपकेन्‍द्रों के निर्माण कार्य हेतु निविदाएं दिनांक 24.06.2022 एवं दिनांक 01.10.2022 को आमंत्रित की गई थी। जिसकी तकनीकी बिड दिनांक 04/11/2022 को खोली गई एवं तकनीकी मूल्‍याकांन पश्‍चात वित्‍तीय बिड दिनांक 24/11/2022 खोली गई है। कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्‍टर्स की स्‍वीकृति के उपरांत कार्यादेश जारी किया जावेगा। आर.डी.एस.एस. योजनांतर्गत स्वीकृत उपकेन्द्रों के निर्माण हेतु बजट आवंटित कर निविदा जारी की जा चुकी है। उक्त उपकेन्‍द्रों का निर्माण कार्य निविदा कार्यवाही पूर्ण होने पर प्रारंभ किया जा सकेगा, जिस हेतु निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ग) पवई विधान सभा क्षेत्र में लो-वोल्टेज की समस्या के निराकरण हेतु विभागीय कार्यों के अतिरिक्त आर.डी.एस.एस. योजनांतर्गत नवीन 33/11 के.व्ही. विद्युत उपकेन्द्रों के निर्माण, पुरानी/रिपेयर्ड विद्युत लाईनों के स्थान पर नई विद्युत लाईनों को स्थापित किये जाने के कार्य, विद्युत तारों की क्षमता वृद्धि के कार्य, अतिभारित ट्रांसफार्मरों के स्थान पर उच्च क्षमता वाले ट्रांसफार्मरों को स्थापित किये जाने एवं अतिरिक्त वितरण ट्रांसफार्मरों को स्थापित करने के      साथ-साथ अन्य विद्युत प्रणाली सुदृढ़ीकरण के कार्य प्रस्तावित हैं। उक्‍त कार्यों का विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'अनुसार है। (घ) पवई विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत कल्दा क्षेत्र को विद्युत प्रदाय 33/11 के.व्ही. विद्युत उपकेन्द्र सलेहा से निर्गमित 11 के.व्ही. कल्दा फीडर से किया जाता है, जिसका अधिकांश भाग 11 के.व्ही. केबिल पर होने एवं सघन वन क्षेत्र से गुजरने के कारण लाईन फाल्ट की समस्या बनी रहती है। उक्‍त लाईन में फाल्ट होने की स्थिति में तत्काल केबिल का पोल से पोल निरीक्षण कर ज्वाइंटिंग किट के माध्यम से सुधार कार्य कर विद्युत सप्लाई को बहाल किया जाता है। वर्तमान में उक्‍त क्षेत्र का विद्युत प्रदाय चालू है। नवीन 33/11 के.व्‍ही. विद्युत उपकेन्‍द्र कल्‍दा के निर्माण के उपरांत प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में विद्युत प्रदाय की स्थिति में सुधार परिलक्षित होगा। अत: उक्‍त लाईन को बदले जाने संबंधी कोई प्रस्‍ताव वर्तमान में विचाराधीन नहीं है।

पवई विधानसभा के निर्माण कार्य

[लोक निर्माण]

7. ( क्र. 54 ) श्री प्रह्लाद लोधी : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि           (क) पन्‍ना जिले अंतर्गत कटनी से अमानगंज सड़क निर्माण का कार्य अत्‍यंत धीमीगति से चल रहा है इस कार्य की निविदा शर्तों में क्‍या समय अवधि तय की गयी थी? जानकारी उपलब्‍ध करायी जावे। (ख) क्‍या उक्‍त निर्माणाधीन सड़क का कार्य निश्चित समय अवधि में पूर्ण न कर पाने के कारण ठेकेदार/अ‍धिकारियों पर अब तक कोई कार्यवाही की गयी है यदि हाँ, तो जानकारी उपलब्‍ध करावें। यदि नहीं, तो दोषी अधिकारी एवं ठेकेदारों पर कब तक कार्यवाही की जावेगी। (ग) पवई विधानसभा क्षेत्र में लोक निर्माण विभाग के पी.आई.यू. के दिनांक 01 अप्रैल 2015 से प्रश्‍न दिनांक तक कौन-कौन से निर्माण कार्य स्‍वीकृत किये गये है? इनकी सूची कार्यपूर्णत: का दिनांक एवं लागत की जानकारी उपलब्‍ध कराएं।

लोक निर्माण मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) विवरण  पुस्‍तकालय  में रखे प्रपत्र-अ अनुसार है।    (ख) जी नहीं। विवरण  पुस्‍तकालय  में रखे प्रपत्र-अ के स्‍तम्‍भ 14 में दर्शाये अनुसार है।            (ग) जानकारी पुस्‍तकालय  में रखे प्रपत्र-ब अनुसार है।

चित्रकूट में सीवर लाइन का कार्य

[पर्यावरण]

8. ( क्र. 62 ) श्री नीलांशु चतुर्वेदी : क्या नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या यह सही है कि भगवान श्रीराम की तपोभूमि श्री चित्रकूटधाम में बहने वाली मां मंदाकिनी नदी काला पानी की सजा भुगत रही है? यहां मंदाकिनी गंगा को प्रदूषण मुक्‍त किये जाने के सरकारी दावे खोखले साबित हो रहे है? हाल यह है कि चित्रकूट के दर्जनों गंदे नाले का पानी मंदाकिनी में गिर कर उसकी पवित्रता को नष्‍ट कर रहा है? (ख) क्‍या यह भी सही है कि मंदाकिनी गंगा को अविरल और प्रदूषण मुक्‍त करने के लिये चित्रकूटधाम के मठ मंदिरों से निकल कर          संत-महात्‍माओं ने चार साल पहले भाजपा सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। तब सड़क पर बैठे संतों को मनाने के लिये मुख्‍यमंत्री खुद चित्रकूट पहुंचे थे। उन्‍होंने संतों से मंदाकिनी को स्‍वच्‍छ, अविरल बनाने के लिये सीवरलाइन का कार्य पूरा कराने का आश्‍वासन दिया था। जो पूर्ण नहीं हुआ? आज भी करोड़ों रूपए खर्च कर सीवर लाइन की शुरूआत नहीं हो सकी। (ग) यदि प्रश्‍नांश (क) और (ख) अनुसार चित्रकूट नगरीय क्षेत्र में सीवर लाइन का काम कब तक पूर्ण कर दिया जायेगा? समय-सीमा दें। यदि नहीं, तो क्‍यों?

नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री ( श्री हरदीप सिंह डंग ) : (क) जी नहीं। राष्‍ट्रीय नदी संरक्षण योजना (एन.आर.सी.पी.) के अंतर्गत तैयार की गई योजना पर कार्यवाही प्रचलन में है। नगर परिषद चित्रकूट के पत्र क्रमांक/न.पा./विधानसभा/6103/2022 दिनांक 03-12-2022 के माध्‍यम से प्राप्‍त जानकारी के अनुसार नगर में सीवर लाईन डालने का आदेश मेसर्स चन्‍द्रा निर्माण प्रा.लिमि.कम्‍पनी, रायपुर को दिनांक 29-09-2017 को एम.पी.यू.डी.सी. द्वारा दिया गया था। अनुबंध की शर्तों के अनुरूप डिजाइन बिल्‍ट कार्य दिनांक 02-10-2019 तक पूर्ण होना था किन्‍तु कम्‍पनी द्वारा दिनांक 29-04-2022 तक मात्र 24.17 प्रतिशत कार्य पूर्ण किया गया है। अनुबंध की शर्तों के अनुसार समय-सीमा एवं विस्‍तार समय-सीमा में कार्य नहीं करने के कारण ठेका दिनांक 29-04-2022 को निरस्‍त कर दिया गया था। उपरोक्‍त ठेका निरस्‍त होने के पश्‍चात मेसर्स जनक एन. पंचाल एवं मेसर्स जॉय बिल्‍डर्स उड़ाना दरवाजा,सूरज, गुजरात को एम.पी.यू.डी.सी. द्वारा शेष कार्य दिनांक 31-10-2022 से 24 माह (वर्षाकाल सहित) की समयावधि में कार्य पूर्ण करने की शर्तों पर अनुबंधित किया गया है, जिसके परिपालन में संविदाकर द्वारा कार्य प्रारम्‍भ कर पूर्व में निर्मित मेनहोल्‍स की सफाई का कार्य प्रारम्‍भ कर दिया गया है। गंदे नालो का पानी नदी में प्रवाहित होने से रोकने के लिये वर्तमान में अस्‍थाई उपायो के अंतर्गत स्‍फटिक शिला से भरत घाट तक नदी में मिलने वाले दूषित जल को सोकपिट तथा रघुविर मंदिर के पास सदगुरू सेवा संघ ट्रस्‍ट जानकी कुण्‍ड द्वारा सीवेज ट्रिटमेंट प्‍लांट का निर्माण तथा अमोदवन के पास गंदे पानी को रोककर मडटैंक के माध्‍यम से बाहर फेकने की व्‍यवस्‍था की गई है। भरत घाट स्थित नदी में मिलने वाले नाले पर उत्‍तर प्रदेश सिंचाई विभाग द्वारा स्‍टॉप डेम तैयार कराया जाकर पम्‍प के द्वारा गंदे पानी को लिफ्ट कर उसका उपचार किया जा रहा है। म.प्र. प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा चित्रकूट स्थित मंदाकिनी नदी के विभिन्‍न घाटो को पर जल गुणवत्‍ता की जांच की गई है। नदी की जल गुणवत्‍ता केन्‍द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा निर्धारित 'बी' श्रेणी में पायी गई है, जो की बाह्य स्‍नान योग्‍य है। (ख) कार्यालय उपखड मजिस्‍ट्रेट मझगवां, जिला सतना के पत्र क्र 449 दिनांक 06.09.22 के माध्‍यम से जानकारी अनुसार माननीय मुख्‍यमंत्री महोदय द्वारा वर्ष 2017 में चित्रकूट भ्रमण के दौरान मंदाकिनी गंगा को स्‍वच्‍छ एवं अविरल बनाने के लिये सीवर लाईन का कार्य पूर्ण कराने के निर्देश दिये गये थे। शेष जानकारी उत्‍तरांश ()  के अनुसार है। (ग) दिनांक 31.10.2022 से वर्षाकाल सहित 24 माह के समयावधि में कार्य पूर्ण होने की संभावना है

चित्रकूट की सड़क समस्‍या

[लोक निर्माण]

9. ( क्र. 63 ) श्री नीलांशु चतुर्वेदी : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि     (क) क्‍या यह सही है कि सतना जिले के चित्रकूट क्षेत्रान्‍तर्गत पिंड्रा, बरौंधा से जवारिन मार्ग स्‍वीकृत होने के बाद भी अभी तक कार्य प्रारम्‍भ नहीं किया जा रहा है? सड़कों की समस्‍या से ही क्षेत्र में गरीबी और कुपोषण की स्थिति‍ बदतर होती जा रही है? (ख) क्‍या यह भी सही है कि चित्रकूट में हर माह 20-25 लाख श्रद्धालु तीर्थदर्शन और परिक्रमा के लिये कामदगिरि, हनुमान धारा, स्‍फटिक शिला और सती अनुसूईया की पैदल परिक्रमा करते हैं? (ग) क्‍या यह भी सही है कि चित्रकूट नगरीय क्षेत्र की सड़कें इतनी अधिक क्षतिग्रस्‍त हो गई है कि इसमें पैदल यात्रियों के लिये तकलीफ देह साबित हो रही हैं? क्‍या यह भी सही है कि सड़कों की बदतर हालत से चित्रकूट तीर्थ का पर्यटन प्रभावित हो रहा है? (घ) यदि प्रश्‍नांश (क), (ख) और (ग) सही है तो महालोक की तर्ज पर न सही, सड़कों की हालत श्रद्धालुओं, पैदल यात्रियों के चलने लायक कब तक बना दी जायेगी?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी नहीं, वर्षा ऋतु के पूर्व मार्ग के 12.30 कि.मी. का नवीनीकरण कार्य पूर्ण, शेष कि.मी. में बी.टी. पेंच मरम्मत कर यातायात योग्य बनाया गया। जी नहीं। (ख) जी हाँ। (ग) प्रश्‍नांश लोक निर्माण विभाग से संबंधित नहीं है अपितु नगर परिषद चित्रकूट से संबंधित है उनसे प्राप्त उत्तर संलग्‍न   परिशिष्‍ट अनुसार है। विभाग द्वारा चित्रकूट बायपास का निर्माण किया गया है, जिसकी स्थिति अच्‍छी है। (घ) प्रश्‍नांश ()  के उत्तर अनुसार। निश्चित समय-सीमा बताना संभव नहीं है।

परिशिष्ट - "पांच"

अवैध कॉलोनियों में मूलभूत सुविधायें

[नगरीय विकास एवं आवास]

10. ( क्र. 82 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या नगर निगम सीमा में शामिल नये 8 वार्ड क्र. 72 से 79 में सर्वाधिक अवैध कॉलोनियां है? (ख) क्‍या कॉलोनियों को नियमित करने हेतु अधिसूचना जारी की गई है? यदि हाँ, तो अधिसूचना की कापी एवं अवैध कॉलोनियों की सूची उपलब्‍ध करावें? (ग) किन मापदण्‍डों के आधार पर कॉलोनी वैध की जावेगी? (घ) कब तक अवैध कॉलोनि‍यों को वैध किया जावेगा एवं मूलभूत सुविधायें उपलब्‍ध कराई जायेगी?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) जी हाँवर्ष 2014 में नगर निगम की सीमा में शामिल क्षेत्रानुसार वार्ड क्रमांक 72 से 79 तक के 08 वार्ड में नगर निगमजबलपुर द्वारा अनाधिकृत कालोनियां चिन्हित की गई है। (ख) जी नहींअनाधिकृत कालोनियों को नियमित करने के प्रावधान नहीं हैं अपितु म.प्र. नगरपालिका (कालोनी विकास) नियम 2021 में अनाधिकृत कालोनियों में नागरिक अधोसंरचना उपलब्‍ध कराने के प्रावधान रखे गये है। नगर निगमजबलपुर द्वारा चिन्हित अनाधिकृत कॉलोनियों की  जानकारी पुस्‍तकालय  रखे  परिशिष्‍ट  अनुसार है।                 (ग) उत्‍तरांश '''' के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता हैयद्यपि म.प्र. नगरपालिका (कालोनी विकास) नियम 2021 के प्रावधान अनुसार दिनांक 31.12.2016 के पूर्व तक अस्तित्‍व में आई अनाधिकृत कॉलोनियों में नागरिक अधोसंरचना उपलब्‍ध कराने के प्रावधान हैं। (घ) अनाधिकृत कालोनियों को वैध करने के प्रावधान नहीं हैपरन्‍तु नियम 2021 के प्रावधान अनुसार अनाधिकृत कालोनियों में नागरिक अधोसंरचना उपलब्‍ध कराने की कार्यवाही नगर निगम द्वारा प्रारंभ कर दी गई हैवैधानिक प्रक्रिया होने के कारण समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

करमेता की 11 के.व्‍ही. लाईन शिफ्टिंग  

[ऊर्जा]

11. ( क्र. 83 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि      (क) पूर्व प्रश्‍न क्र. 340 दिनांक 11 मार्च 2022 के उत्‍तर में बताया कि करमेता की 11 के.व्‍ही. लाईन दुर्घटना में कु. निशा डे की मृत्‍यु होने पर कंपनी द्वारा आर्थिक सहायता अनुदान रू. 4 लाख का भुगतान किया गया है? (ख) क्‍या यह सही है कि विद्युत कंपनी ने सहायता अनुदान राशि दी है परन्‍तु लाईन शिफ्टिंग में असमर्थ है? (ग) क्‍या विद्युत कंपनी आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की जानमाल की सुरक्षा के लिये विभाग की कार्य योजना में लाईन शिफ्टिंग कार्य शामिल करेगी?              (घ) यदि नहीं, तो क्‍या लाईन के नीचे निवासरत परिवारों को जोखिम के साथ रहना पड़ेगा?

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) जी हाँ। विधानसभा सत्र मार्च, 2022 के तारांकित प्रश्‍न क्रमांक-340 के उत्‍तर में यह जानकारी दी गई है कि प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में 11 के.व्‍ही. विद्युत लाईन से घटित विद्युत दुर्घटना में कुमारी निशा डे की मृत्‍यु होने पर नियमानुसार दिनांक 31.01.2022 को राशि रूपये 4 लाख, आर्थिक सहायता अनुदान के रूप में पीड़‍ित परिवार को प्रदान की गई है।             (ख) जी हाँ, म.प्र.पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा पीड़‍ित परिवार को आर्थिक अनुदान सहायता राशि प्रदान की गई है। प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में लगभग 40-45 वर्ष पूर्व से विद्यमान 11 के.व्‍ही. विद्युत लाईन के नीचे/निकट कालांतर में अनाधिकृत तौर पर घरों का निर्माण किया गया है, जो कि केन्‍द्रीय विद्युत प्राधिकरण (सुरक्षा तथा विद्युत आपूर्ति संब‍धी उपाय) विनियम-2010 एवं तत्‍पश्‍चात संशोधित किये गए विनियम के अन्‍तर्गत निहित प्रावधानों का उल्‍लंघन है। उक्‍तानुसार अवैधानिक निर्माण के लिये संबधितों को समय-समय पर विद्युत लाईनों से सुरक्षित दूरी रखने हेतु सूचित किया जाता है। केन्‍द्रीय विद्युत प्राधिकरण के उक्‍त विनियमों के अनुसार विद्युत लाईनों के समीप निर्माण के पूर्व निर्माणकर्ताओं को इसकी जानकारी विद्युत आपूर्तिकर्ता को देना आवश्‍यक है। लाईन में फेरबदल की आवश्‍यकता होने तथा तकनीकी रूप से विस्‍थापन साध्‍य पाए जाने एवं मार्ग के अधिकार (आर.ओ.डब्‍ल्‍यू) की आवश्‍यकता पूरी होने की स्थिति में फेरबदल की आपूर्तिकर्ता द्वारा आंकी गई लागत की राशि आवेदक द्वारा जमा करने पर अथवा आवेदक द्वारा लाईन विस्‍थापित करने हेतु स्‍वीकृत प्राक्‍कलन की 5 प्रतिशत राशि सुपरविजन चार्ज के रूप में वितरण कंपनी में जमा करते हुए स्‍वयं '' श्रेणी के ठेकेदार से, इन विद्युत लाईनों के विस्‍थापन हेतु कार्यवाही की जा सकती है। (ग) उत्‍तरांश (ख) में उल्‍लेखानुसार औपचारिकताएँ पूर्ण करने पर उक्‍त विद्युत लाईन के विस्‍थापन की कार्यवाही की जा सकती है। अथवा माननीय सांसद/विधायक निधि से तथा विकास कार्य करने वाले विभागों से उक्‍त कार्य हेतु वित्‍तीय उपलब्‍धता सुनिश्चित होने पर उक्‍त कार्य को म.प्र.पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा किया जा सकता है। (घ) प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में लगभग 40-45 वर्ष पूर्व से विद्यमान 11 के.व्‍ही. विद्युत लाईन के नीचे/निकट कालांतर में अनाधिकृत तौर पर घरों का निर्माण किया गया है, जो कि केन्‍द्रीय विद्युत प्राधिकरण (सुरक्षा तथा विद्युत आपूर्ति संब‍धी उपाय) विनियम-2010 एवं तत्‍पश्‍चात संशोधित किये गए विनियम के अन्‍तर्गत निहित प्रावधानों का उल्‍लंघन है। तथापि उत्‍तरांश (ख) एवं (ग) में उल्‍लेखानुसार कार्यवाही की जा सकती है।

ट्रांससफार्मर की क्षमता वृद्धि

[ऊर्जा]

12. ( क्र. 97 ) श्री कुँवरजी कोठार : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या राजगढ़ जिले की सारंगपुर तहसील में वर्ष 2021 में रबी सीजन में कौन-कौन से विद्युत वितरण उपकेन्द्रों पर ऊर्जा की कमी को देखते हुए अतिरिक्त 5 MVA पावर ट्रांससफार्मर एवं क्षमता वृद्धि पावर ट्रांसफार्मर की मांग की गयी थी एवं मांग के विरुद्ध किस-किस विद्युत वितरण उपकेन्द्रों पर मांग अनुसार पावर ट्रांसफार्मर स्वीकृत किये गये है? उपकेन्द्रवार, क्षमतावार, पावर ट्रांसफार्मर की जानकारी से अवगत करावें? (ख) क्या स्वीकृत पावर ट्रांसफार्मर को रबी सीजन 2022 के प्रारम्भ होने के पूर्व लगा दिये गये है? यदि हाँ, तो कहां-कहां लगा दिये गये है? स्थानवार, क्षमतावार, पावर ट्रांसफार्मर की जानकारी देवें? यदि नहीं, तो कब तक स्थापित कर दिये जावेगे? उपकेन्द्रवार बतावे? (ग) रबी सीजन 2022 के पूर्व पावर ट्रांसफार्मर स्थापित नहीं किये गये है तो इसके लिए कौन अधिकारी जवाबदार है एवं विभाग द्वारा उन पर क्या कार्यवाही की गयी है? (घ) प्रश्‍नांश (क) में विद्युत की कमी को देखते हुए जो पावर ट्रांसफार्मर की मांग की पूर्ति न करने के कारण किसानों को हो रही कठिनाई एवं उनकी फसलों के उत्पादन में होने वाली कमी के नुकसान की भरपाई क्या विभाग द्वारा की जावेगी?

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में वर्ष 2021 में रबी सीजन में आए विद्युत भार के दृष्टिगत 33/11 के.व्‍ही. विद्युत उपकेन्‍द्र लीमाचौहान एवं 33/11 के.व्‍ही. विद्युत उपकेन्‍द्र संडावता की क्षमता वृद्धि की आवश्‍यकता परिलक्षित हुई थी। उक्‍त के परिप्रेक्ष्‍य में इन दोनों 33/11 के.व्‍ही. विद्युत उपकेन्‍द्रों पर 5-5 एम.व्ही.ए. क्षमता के 2 अतिरिक्‍त पावर ट्रांसफार्मरों की स्‍थापना का कार्य आर.डी.एस.एस योजना में स्‍वीकृत किया गया है, जिसके क्रियान्‍वयन हेतु मेसर्स स्‍टार डेल्‍टा ट्रांसफार्मर लिमिटेड, भोपाल को दिनांक 07.11.2022 को कार्यादेश जारी किया गया है। इसके अतिरिक्‍त भविष्‍य में अनुमानित भार वृद्धि के दृष्टिगत प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में 5 एम.व्ही.ए. क्षमता के 5 अतिरिक्‍त पावर ट्रांसफार्मरों का कार्य एवं 3.15 एम.व्ही.ए. क्षमता के 5 पॉवर ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि 5 एम.व्ही.ए. क्षमता के पावर ट्रांसफार्मरों से करने के कार्य भी आर.डी.एस.एस. योजना के द्वितीय चरण में प्रस्‍तावित मार्डनाईजेशन के कार्यों में सम्मिलित किए गए हैं। उक्‍त कार्यों की स्‍वीकृति केन्‍द्र शासन से अपेक्षित है। प्रश्‍नाधीन चाही गई पावर ट्रांसफार्मरों की विद्युत उपकेन्द्रवार एवं क्षमतावार जानकारी संलग्न परिशिष्‍ट  अनुसार है। (ख) जी नहीं। प्रश्‍नाधीन स्‍वीकृत 2 अतिरिक्‍त पॉवर ट्रांसफार्मरों की स्‍थापना हेतु कार्यादेश दिनांक 07.11.2022 को जारी किया गया है। उक्‍त स्‍वीकृत कार्य प्रारंभ किये जा रहे हैं एवं कार्यादेश अनुसार कार्यों को पूर्ण किये जाने की समय-सीमा कार्यादेश की दिनांक से 24 माह निर्धारित है। तथापि प्रश्‍नाधीन कार्य यथाशीघ्र पूर्ण कराने के प्रयास किये जाएंगे। (ग) उत्‍तरांश (क) में दर्शाए अनुसार प्रश्‍नाधीन कार्यों की स्‍वीकृति केन्‍द्र सरकार से प्राप्‍त होने के उपरांत निविदा कार्यवाही पूर्ण कर क्रियान्‍वयन एजेंसी के चयन के उपरांत कार्यादेश माह नवंबर-2022 में जारी किया गया है। उक्‍त कार्य उत्‍तरांश (ख) में दर्शाए अनुसार नियत समयावधि में पूर्ण कर लिया जाएगा। उक्‍त परिप्रेक्ष्‍य में किसी अधिकारी के दोषी होने अथवा किसी के विरूद्ध कार्यवाही करने का प्रश्‍न नहीं उठता। (घ) प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में विभिन्‍न कारणों से आये अवरोधों को छोड़कर कृषि फीडरों पर औसतन प्रतिदिन लगभग 10 घंटे विद्युत प्रदाय किया जा रहा है। अत: शेष प्रश्‍न नहीं उठता।

परिशिष्ट - "छ:"

इन्दौर की अवैध कॉलोनियों को वैध करना

[नगरीय विकास एवं आवास]

13. ( क्र. 111 ) श्री महेन्द्र हार्डिया : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) इन्दौर शहर में कुल कितनी अवैध कॉलोनियां है। सूची उपलब्ध करावें। अभी तक कुल कितनी कॉलोनियों को वैध किया गया है। (ख) क्या यह सही है कि इन्दौर विगत 6 वर्षों से लगातार स्वच्छता में देश में प्रथम स्थान प्राप्त कर रहा है। क्या यह सही है कि इन्दौर को केंद्र सरकार की स्मार्ट सिटी योजना के प्रथम चरण में सम्मिलित किया गया है। यदि हाँ, तो अभी तक कितनी अवैध कॉलोनियों में नागरिक आधारभूत संरचना उपलब्ध कराई गई है। कॉलोनीवार बताए एवं इनके उपर हुए व्यय भी बतावें। (ग) इन्दौर की अवैध कॉलोनियों में सभी नागरिक आधारभूत संरचना कब तक उपलब्ध कराई जावेगी। भविष्य में अवैध कॉलोनियां अस्तित्व में न आए इसके लिए क्या प्रयास किए जा रहे है। इन्दौर की तुलसी नगर कॉलोनी में सभी नागरिक आधारभूत संरचना कब तक उपलब्ध कराई जावेगी।

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) नगर निगम द्वारा इन्‍दौर शहर में वर्तमान तक कुल 596 अनाधिकृत कालोनियों की पहचान की गई है। जानकारी पुस्‍तकालय  रखे  परिशिष्‍ट  '''' अनुसार है। प्रचलित अधिनियम एवं नियम में अनाधिकृत कालोनियों को वैध किये जाने के प्रावधान न होने से प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ख) जी हाँ। जी हाँ। स्‍मार्ट सिटी योजना में अनाधिकृत कालोनियों में नागरिक अधोसंरचना उपलब्‍ध कराने के ऐसे कोई प्रावधान न होने से प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। उत्‍तरांश के परिप्रेक्ष्‍य में शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।           (ग) नगर निगम, इन्‍दौर द्वारा म.प्र. नगरपालिका (कॉलोनी विकास) नियम 2021 के अनुसार कार्यवाही प्रारंभ कर दी गई है, वैधानिक प्रक्रिया होने के कारण समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। नगरपालिका अधिनियम में समुचित प्रावधान कर सक्षम प्राधिकारियों को शक्तियां दी गई हैं। नियम 2021 के तहत कार्यवाही प्रक्रियाधीन है, समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

इंदौर नगर निगम द्वारा कम्‍पाउंडिंग के अनियमिता

[नगरीय विकास एवं आवास]

14. ( क्र. 112 ) श्री संजय शुक्ला : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नगर पालिक निगम इन्दौर द्वारा पिछले पांच वर्षों में कब-कब कम्‍पाउंडिंग के लिये भवन मालिकों से आवेदन लिये गये? (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में कितने कम्‍पाउंडिंग के आवेदन प्राप्ते हुये सूची उपलब्ध कराये? कितने कम्‍पाउंडिंग के आवेदनों पर निगम द्वारा कब-कब क्या-क्या कार्यवाही की गई? (ग) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में कितनी-कितनी राशि किस-किस भवन मालिक/अन्य से कम्‍पाउंडिंग के रूप में वसूल की गई एवं कितने प्रतिशत अवैध निर्माण का कम्‍पाउंडिंग किया गया? (घ) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में कम्‍पाउंडिंग के किन-किन अधिकारीयों द्वारा  कब-कब निरीक्षण किया गया? कितना प्रतिशत अवैध निर्माण पाया गया? (ड.) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में उक्त भवनों के निर्माण की स्वीकृति के समय कौन-कौन अधिकारी पदस्थ थे? इनके द्वारा अवैध निर्माण कर्ताओं पर कोई कार्यवाही क्यों नहीं की गई? क्या भवन निर्माण के समय पदस्थ अधिकारियों पर कोई कार्यवाही की जायेगी?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) से  (ड.) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

सी.एम.ओ. द्वारा प्रोटोकाल का उल्‍लंघन

[नगरीय विकास एवं आवास]

15. ( क्र. 115 ) श्री पुरुषोत्तम लाल तंतुवाय : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मुख्‍यमंत्री शहरी अधोसंरचना फेस-3 मद से 150 लाख की लागत राशि से नगर पालिक हटा में सी.सी. निर्माण व पुरानी अस्‍पताल में पार्क निर्माण कराये जाने हेतु 12.03.2021 को नगरोदय अभियान में मुख्‍यमंत्री द्वारा वर्चुअल भूमि पूजन किया गया था? यदि हां, तो उक्‍त दोनों कार्य की प्रशासकीय स्‍वीकृति की छायाप्रति उपलब्‍ध कराये। (ख) साथ ही क्‍या यह सही है कि 12.03.2021 को मुख्‍यमंत्री जी व आपके द्वारा किये गये वर्चुअल का नगरपालिका हटा के सी.एम.ओ. राजेन्‍द्र खरे द्वारा अध्‍यक्ष नगरपालिका हटा से पुन: भूमि पूजन कराया क्‍या यह विधि संगत है? यदि हां, तो शासन के आदेशों की छायाप्रतियां दें। यदि नहीं, तो प्रश्‍नकर्ता द्वारा की गई लिखित प्रोटोकॉल उल्‍लंघन की शिकायतों पर प्रशासन द्वारा क्‍या कार्यवाही की गई? नहीं की गई तो क्‍यों?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) जी हाँ। जानकारी पुस्‍तकालय  रखे  परिशिष्‍ट  अनुसार है। (ख) मुख्‍य नगरपालिका अधिकारी द्वारा जानकारी के अभाव में दिनांक 18.10.2022 को पुन: भूमि पूजन कराया गया। जी नहीं। कार्यालय कलेक्‍टर (शहरी विकास अभिकरण) दमोह के आदेश क्रमांक 454 दिनांक 12.12.2022 से मुख्‍य नगरपालिका अधिकारी हटा को सचेत करते हुये परिनिंदा की शस्ति से दण्डित किया गया है। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

अधूरे पुल निर्माण कार्यों को पूर्ण कराया जाना

[लोक निर्माण]

16. ( क्र. 118 ) श्री पुरुषोत्तम लाल तंतुवाय : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला दमोह की विधानसभा 057 हटा में मडियादौ बर्धा मार्ग, मडियादौ के पास पी.आई.यू. द्वारा पुल निर्माण हेतु कब स्‍वीकृति प्राप्‍त हुई थी? प्रशासकीय स्‍वीकृति की छायाप्रति उपलब्‍ध कराने का कष्‍ट करें। साथ ही यह बताने की कृपा करे किस कार्य एंजेसी को उक्‍त पुल निर्माण का कार्य दिया गया था व समयावधि क्‍या थी? (ख) समयावधि समाप्‍त होने व प्रभारी मंत्री दमोह द्वारा पत्र लिखे जाने व प्रश्‍नकर्ता द्वारा कई बार पत्राचार किये जाने के उपरांत प्रश्‍न दिनांक तक अपूर्ण पुलों का कार्य पूर्ण क्‍यों नहीं किया गया? समयावधि में कार्य पूर्ण नहीं करने पर कार्य एजेंसी पर क्‍या कार्यवाही प्रस्‍तावित की गई? नहीं तो क्‍यों कब तक कार्य पूर्ण होगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय  में रखे प्रपत्र-अ एवं 1 अनुसार है। (ख) उत्‍तरांश () अनुसार।

नवीन हैण्‍डपंपों का खनन

[लोक निर्माण]

17. ( क्र. 134 ) श्री देवेन्‍द्र सिंह पटेल : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला रायसेन की विधानसभा उदयपुरा के अंतर्गत राष्‍ट्रीय राजमार्ग एनएच-45 बायपास निर्माण होने के कारण कितने हैण्‍डपंप हटा दिये गये है? (ख) प्रश्‍नांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में क्‍या नवीन हैण्‍डपंप खनन की स्‍वीकृति कर दी गई है? (ग) यदि हां, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्‍यों?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) 40 हैण्‍डपम्‍प हटाये गये। (ख) जी नहीं। (ग) सड़क सीमा में अतिक्रमण कर हैण्‍डपंप खनन किये जाने के कारण नवीन हैण्‍डपंप खनन की स्‍वीकृति नहीं दी गई।

पुल निर्माण की स्थिति

[लोक निर्माण]

18. ( क्र. 135 ) श्री देवेन्‍द्र सिंह पटेल : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रायसेन जिला के उदयपुरा विधान सभा के अंतर्गत आने वाली तहसील बरेली के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत पाँजरा विजयसिंह प्रोहित पिपरिया में तेंदोनी नदी पर पुल निर्माण कार्य की वर्तमान स्थिति सहित बतावें? (ख) प्रश्‍नांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में उक्‍त निर्माण कार्य स्‍वीकृति की तिथि, पूर्णता अथवा अधूरे रहने का कारण स्‍पष्‍ट करें तथा संबंधित क्रियान्‍वयन एजेंसी/ठेकेदार द्वारा निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूर्ण न किये जाने की स्थिति में संबंधित के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की गई है? यदि हाँ, तो कब तक की जायेगी और यदि नहीं, तो क्‍यों तथा निर्माण कार्य कब तक पूर्ण किया जायेगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) एवं (ख) विवरण संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है।

परिशिष्ट - "सात"

आंतरिक मुख्‍य मार्ग निर्माण

[लोक निर्माण]

19. ( क्र. 136 ) श्री देवेन्‍द्र सिंह पटेल : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला रायसेन के अंतर्गत आने वाली विधानसभा उदयपुरा में राष्‍ट्रीय राजमार्ग NH-45 बायपास बन जाने के कारण नगर बरेली/उदयपुरा एवं देवरी के आंतरिक मुख्‍य मार्ग निर्माण हेतु कितनी राशि स्‍वीकृत की गई है? (ख) यदि हाँ, तो उक्‍त सड़क की प्रशासकीय स्‍वीकृति कब तक जारी कर दी जायेगी?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) एवं (ख) विवरण संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है।

परिशिष्ट - "आठ"

झुग्‍गी वासियों को पट्टे का प्रदाय

[नगरीय विकास एवं आवास]

20. ( क्र. 162 ) श्री रामपाल सिंह : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रायसेन जिले की नगर पालिका तथा नगर परिषद् क्षेत्र में वर्षों से झुग्‍गी बनाकर रह रहे, कच्‍चे मकान वाले, शासकीय भूमि पर अतिक्रमणकारी, लौहा पीटा को काबिज भूमि पर पट्टा क्‍यों नहीं दिया जा रहा है? (ख) प्रश्‍नांश (क) की भूमि पर कौन-कौन व्‍यक्ति कब-कब से रह रहे हैं? उनके नाम, पिता का नाम, आधार नंबर, भूमि की नोईयत तथा उनको पट्टा देने में विभाग को क्‍या दिक्‍कत है? पूर्ण विवरण देवें? उनके व्‍यवस्‍थापन हेतु विभाग द्वारा कार्यवाही क्‍यों नहीं की जा रही है? (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के व्‍यक्तियों को पट्टा देने/व्‍यवस्‍थापन उपरांत प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत आवास स्‍वीकृति के संबंध में मान. मंत्री जी तथा विभाग के अधिकारियों को प्रश्‍नकर्ता विधायक के पत्र 1 जनवरी 2021 से प्रश्‍न दिनांक तक कब-कब प्राप्‍त हुए तथा उन पर क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई? (घ) प्रश्‍नकर्ता विधायक के पत्रों में उल्‍लेखित समस्‍याओं का निराकरण क्‍यों नहीं हो पा रहा है तथा कब तक निराकरण होगा? निश्चित समयावधि बतायें।

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

मा. सदस्‍यों के पत्रों पर कार्यवाही

[ऊर्जा]

21. ( क्र. 163 ) श्री रामपाल सिंह : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि             (क) 1 जनवरी 2022 से प्रश्‍न दिनांक तक की अवधि में मान.मंत्री जी तथा विभाग के अधिकारियों को प्रश्‍नकर्ता विधायक के पत्र कब-कब प्राप्‍त हुए तथा उन पर क्‍या क्‍या कार्यवाही की गई पूर्ण विवरण दें? (ख) मान. मंत्री जी तथा विभाग के अधिकारियों द्वारा प्रश्‍नकर्ता विधायक के पत्रों पर क्‍या-क्‍या कार्यवाही की तथा किन-किन समस्‍याओं का निराकरण हुआ? (ग) प्रश्‍नकर्ता विधायक के पत्रों में उल्‍लेखित किन-किन समस्‍याओं का निराकरण नहीं हुआ तथा क्‍या कब तक निराकरण होगा? (घ) प्रश्‍नकर्ता विधायक के पत्रों के जवाब कब-कब दिये तथा किन-किन पत्रों का जवाब क्‍यों नहीं दिया कारण बतायें तथा कब तक जवाब देंगे।

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) दिनांक 1 जनवरी 2022 से प्रश्‍न दिनांक तक की अवधि में ऊर्जा मंत्री तथा विभाग के अधिकारियों को माननीय प्रश्‍नकर्ता विधायक महोदय के प्राप्‍त पत्रों का दिनांकवार, कार्यवाहीवार विवरण  पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'अ-1' एवं 'अ-2' एवं अ-'3' अनुसार है। (ख) एवं (ग) उत्‍तरांश (क) अनुसार ऊर्जा मंत्री तथा विभाग के अधिकारियों को माननीय प्रश्‍नकर्ता विधायक महोदय के प्राप्‍त पत्रों पर की गई कार्यवाही एवं निराकृत तथा निराकरण हेतु प्रक्रियाधीन समस्‍याओं की प्रश्‍नाधीन चाही गयी जानकारी पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'अ-1', 'अ-2' एवं 'अ-3'  अनुसार है। वर्तमान में निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (घ) उत्‍तरांश (क) में उल्‍लेखित माननीय प्रश्‍नकर्ता विधायक महोदय के प्राप्‍त पत्रों के अद्यतन स्थिति में दिये गये जवाब संबंधी दिनांकवार जानकारी पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र- 'अ-1',  'अ-2' एवं 'अ-3'  में समाहित है। शेष पत्रों में जबाव देने की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है।

ऑक्सीजन प्‍लांट का निर्माण

[ऊर्जा]

22. ( क्र. 181 ) श्री सोहनलाल बाल्‍मीक : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि           (क) क्या है सही है कि कोरोना काल में कलेक्टर बैतूल द्वारा सतपुड़ा ताप सारणी से एवं कलेक्टर खण्डवा द्वारा सिंगाजी ताप डोंगलिया से प्रबन्ध संचालक एवं मुख्य अभियंता (उत्पादन) से ऑक्सीजन प्राप्ति हेतु सहयोग मांगा गया था, इन दोनों स्थानों पर हाईड्रोजन प्लांट से ऑक्सीजन बनाने हेतु कार्य भी कराया गया, कुछ राशि भी खर्च की गई, लेकिन दोनों पर असफलता हाथ लगी? (ख) प्रश्‍नांश (क) के परिप्रेक्ष्य में कंपनी द्वारा बीना रिफायनरी के समीप ग्राम आगासोत में निर्माण कराया गया। क्या ऑक्सीजन प्लांट से ऑक्सीजन बनना प्रारंभ हो गया है, इस ऑक्सीजन प्लांट से ऑक्सीजन बनने प्रारंभ से प्रश्‍न दिनांक तक कितनं-कितने टन ऑक्सीजन किन-किन अस्पतालों एवं अन्य संस्थानों को बनाकर, किन-किन दरों में बेची गई, माहवार विवरण बतायें? इस कार्य निर्माण का आदेश किसके निर्देश पर दिया एवं कार्य पर कुल कितना खर्च हुआ है? समस्त कार्य आदेशों की छायाप्रति मय दस्तावेज उपलब्ध करायें।

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) जी हाँ। (ख) जी हाँ, म.प्र. पॉवर जनरेटिंग कंपनी द्वारा बीना रिफाइनरी के समीप ग्राम आगासोद में ऑक्सीजन बॉटलिंग एवं रिफिलिंग संयंत्र की स्थापना की गई है। यह संयंत्र बीना रिफाइनरी के सह-उत्पाद ऑक्सीजन को कम्प्रेस कर सिलेन्डर में भरने के कार्य (ऑक्सीजन बॉटलिंग) के लिए दिनांक 28.01.2022 से उपलब्ध है। संयंत्र निर्माण के पश्चात कोविड महामारी का प्रकोप कम होने के कारण ऑक्सीजन सिलिन्डर की मांग उत्पन्न नहीं हुई, अतः विक्रय संबंधी संस्‍थान व दर की जानकारी निरंक है। तत्‍समय कोविड-19 के बढ़ते प्रकोप एवं आक्‍सीजन की कमी के दृष्टिगत संयंत्र स्थापित करने का निर्णय म.प्र. शासन, बी.पी.सी.एल तथा बी.ओ.आर.एल के मध्य दि. 12.05.2021 को विडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित बैठक में लिया गया था। तत्पश्चात म.प्र. पॉवर जनरेटिंग कंपनी द्वारा संयंत्र को स्थापित करने का प्रशासनिक अनुमोदन संचालक मण्डल की 111वीं बैठक दिनांक 09.07.2021, में दिया गया। संयंत्र के निर्माण में कुल रु. 2.56 करोड का व्यय हुआ है। समस्त कार्यदेशों की छायाप्रति  पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट अनुसार है।

सोलर पम्प की जानकारी

[नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा]

23. ( क्र. 184 ) कुँवर विक्रम सिंह (नातीराजा) : क्या नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला छतरपुर अन्तर्गत विधानसभा क्षेत्र राजनगर में पिछले दो वर्षों में प्रश्‍न दिनांक तक कितने किसानों ने सोलर पम्प लगाने के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है?                    (ख) उपरोक्त में से कितने किसानों को सोलर पम्प उपलब्ध कराए गये हैं? (ग) कितने किसानों को सोलर पम्प नहीं मिले हैं तथा इसका क्या कारण है?

नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री ( श्री हरदीप सिंह डंग ) : (क) जी नहीं। जिला छतरपुर अंतर्गत विधानसभा क्षेत्र राजनगर में पिछले दो वर्षों में प्रश्‍न दिनांक तक, सोलर पंप लगाने के लिए किसानों द्वारा रजिस्‍ट्रेशन नहीं कराया गया है। (ख) एवं (ग) उतरांश ()  के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

सिहोरा के नवीन कन्या छात्रावास के लिए स्‍वीकृत पद

[उच्च शिक्षा]

24. ( क्र. 206 ) श्रीमती नंदनी मरावी : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) श्याम सुंदर अग्रवाल महाविद्यालय सिहोरा के नवीन कन्या छात्रावास के लिए कितने पद शासन द्वारा स्वीकृत किए हैं। पदवार सूची उपलब्ध करावे तथा स्वीकृत पदों के अनुरूप कितने अधिकारी कर्मचारी पदस्थ किए गए हैं कितने पद रिक्त हैं। रिक्त पद कब तक भर दिए जाएंगे। (ख) छात्रावास में बाउंड्रीवॉल का निर्माण अभी तक क्यों नहीं कराया गया जिसके कारण असुरक्षा के डर से छात्रावास शुरू नहीं हो पा रहा है। कब तक बाउंड्रीवॉल का निर्माण करा लिया जावेगा।

उच्च शिक्षा मंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) शासकीय श्‍याम सुंदर अग्रवाल महाविद्यालय, सिहोरा अंतर्गत कन्‍या छात्रावास हेतु हॉस्‍टल मैनेजर 01, कार्यालय सहायक 01, भृत्‍य/चौकीदार 03, सुरक्षा सुपरवाईजर 01 तथा सुरक्षा गार्ड के 04, इस प्रकार कुल 10 पद (आउटसोर्स) स्‍वीकृत हैं। पदों की पूर्ति संबंधी कार्यवाही हेतु सेड-मैप से पत्राचार किया जा रहा है। (ख) कन्‍या छात्रावास की बांउड्रीवॉल के निर्माण हेतु विभाग द्वारा रूपये 16.63 लाख की स्‍वीकृति जारी की जा चुकी है। निर्माण एजेंसी द्वारा बाउंड्रीवॉल निर्माण का कार्य कराया जा रहा है।

किसानों के खेतों में विद्युत ट्रांसफार्मर रखने की योजना

[ऊर्जा]

25. ( क्र. 210 ) श्री संजय शर्मा : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या शासन द्वारा किसानों को विद्युत प्रदाय करने के उद्देश्य से उनके खेतों में नवीन विद्युत ट्रांसफार्मर रखने हेतु योजनायें संचालित हैं? यदि हाँ, तो, वर्तमान में कौन-कौन सी योजनायें चलाई जा रही हैं? (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार, क्या इन योजनाओं में सरकार द्वारा अनुदान प्रदान किया जाता है? यदि हाँ, तो, कौन-कौन सी योजनाओं में कितना-कितना अनुदान प्रदान किया जा रहा है? (ग) तेंदुखेड़ा विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत वर्ष 2018-19 से प्रश्‍न दिनांक तक कौन-कौन किसानों के खेतों में  कौन-कौन सी योजनाओं से विद्युत ट्रांसफार्मर रखे गये हैं? योजनावार, ग्रामवार लाभांवित कृषकों के नाम एवं प्रदान की गई अनुदान की राशि सहित बतावें? (घ) किसानों के खेतों में सिंचाई हेतु रखे गये विद्युत ट्रांसफार्मरों के खराब हो जाने पर विद्युत ट्रांसफार्मर कितने दिनों में बदलने की         समय-सीमा है? (ङ) प्रश्‍नांश (घ) अनुसार, क्या निर्धारित समय-सीमा में सभी किसानों के खराब हुये विद्युत ट्रांसफार्मर बदले जा रहे हैं?

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) जी नहीं। अत: प्रश्‍न नहीं उठता। (ख) उत्‍तरांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न नहीं उठता। (ग) प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में वर्ष 2018-19 से प्रश्‍न दिनांक तक विभिन्‍न योजनाओं में वितरण ट्रांसफार्मर स्‍थापित कर विद्युत पंप कनेक्‍शन प्राप्‍त करने वाले लाभान्वित कृषकों के नाम एवं राज्‍य शासन द्वारा प्रदान की गई अनुदान राशि सहित योजनावार एवं ग्रामवार जानकारी पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट अनुसार  है। (घ) किसानों के खेतों में सिंचाई हेतु रखे गये विद्युत वितरण ट्रांसफार्मर के जलने/खराब होने पर उनसे संबद्ध उपभोक्‍ताओं द्वारा नियमानुसार विद्युत बिल की कुल बकाया राशि का 10 प्रतिशत अथवा 50 प्रतिशत उपभोक्‍ताओं द्वारा भुगतान करने के उपरान्‍त पात्र होने पर पहुंच मार्ग की उपलब्‍धता अनुसार शुष्‍क मौसम में 72 घन्‍टे के अंदर तथा मानसून के मौसम के दौरान (माह जुलाई से माह सितंबर) सात दिवस के अन्‍दर बदले जाने अथवा विद्युत प्रदाय की पुनर्स्‍थापना किये जाने का प्रावधान है। (ड.) जी हाँ, प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में उत्‍तरांश (घ) अनुसार निर्धारित समय-सीमा में जले/खराब वितरण ट्रांसफार्मर बदले जा रहे हैं।

जल आवर्धन योजना का सुचारु क्रियान्वयन

[नगरीय विकास एवं आवास]

26. ( क्र. 239 ) श्री दिव्‍यराज सिंह : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नगर परिषद सिरमौर में संचालित जल आवर्धन योजना का प्रारंभ कब से किया गया है? जल आवर्धन योजना का निर्माण कार्य किस एजेंसी के द्वारा कराया गया है? विभाग के द्वारा एजेंसी से कार्य मेंटेनेंस कराने हेतु क्या समय-सीमा निर्धारित की गई है? उक्त कार्य की कुल लागत कितनी थी? कितनी राशि का भुगतान निर्माण एजेंसी को किया जा चुका है? (ख) क्या कारण है कि नगर के कई वार्डों में सुचारु रुप से पेयजल का आवंटन नहीं किया जा रहा है? क्या निर्माण एजेंसी के द्वारा लगाये गए मोटर पंपों का किसी अन्य एजेंसी से भौतिक सत्यापन कराया जावेगा? यदि हाँ, तो कब तक? (ग) यह कि जल आवर्धन योजना प्रारंभ होने के कुछ समय पश्चात ही मोटर पंपों का खराब होना इस बात का द्योतक है कि घटिया मोटर पंपों को निर्माण एजेंसी के द्वारा लगाया गया है। क्या ऐसे घटिया मोटर पंप लगाने पर निर्माण एजेंसी एवं विभाग के जिम्मेदार अधिकारी के विरुद्ध नियमानुसार दण्डात्मक कार्यवाही की जावेगी? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्यों?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) नगर परिषद, सिरमौर में संचालित जल आवर्धन योजना का कार्य दिनांक 24.01.2017 से प्रारंभ किया गया। उक्‍त कार्य का कार्यादेश मेसर्स व्‍ही.एल.इन्‍फ्रा प्रा.लि. कंपनी अहमदाबाद गुजरात को दिया गया। अनुबंध अनुसार संचालन-संधारण हेतु 05 वर्षों का प्रावधान है। उक्‍त कार्य की वित्‍तीय स्‍वीकृति राशि रू. 1011.00 लाख है जिसमें से एजेंसी को राशि रू. 917.85 लाख का भुगतान किया जा चुका है। (ख) जल आवर्धन योजना अंतर्गत नगर के सभी वार्डों में सुचारू रूप से पेयजल प्रदान किया जा रहा है कुछ स्‍थान इस योजना में सम्मिलित नहीं होने के कारण पुरानी पाईप लाईन से ही मोटर पंप के माध्‍यम से जलप्रदाय किया जा रहा है। जी नहीं, मोटर पंप अनुबंध के प्रावधानों के अनुसार लगाये गये है। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) जी नहीं, निर्माण एजेंसी द्वारा अनुबंध के प्रावधान अनुसार मोटर पंप लगाये गये है। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

इन्दौर मेट्रो का विस्तार

[नगरीय विकास एवं आवास]

27. ( क्र. 338 ) श्रीमती नीना विक्रम वर्मा : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या इन्दौर नगरीय क्षेत्र में मेट्रो रेल परियोजना का कार्य प्रगतिरत है?     (ख) क्या इन्दौर की बढ़ती जनसंख्या के दबाव को नियंत्रित करने हेतु आस-पास के नगर/बड़े कस्बो तक उक्त मेट्रो परियोजना का विस्तार कर इन बड़े नगरो को इन्दौर से जोड़ने की किसी कार्य योजना पर कार्य किया जा रहा है? यदि नहीं, तो क्या इस विस्तार हेतु योजना प्रस्तावित की जावेगी? (ग) क्या इन्दौर से सटे पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र की विभिन्न इकाइयों में कार्य करने हेतु इन्दौर से बड़ी संख्या में श्रमिक, इंजीनियर, कामगार, व्यापारी एवं अन्य कर्मी प्रतिदिन आना-जाना करते है? क्या इनके प्रतिदिन के आवागमन हेतु मेट्रो परियोजना से जोड़ने पर सुविधाजनक होगा? क्या मेट्रो परियोजना से उपनगरीय व औद्योगिक क्षेत्र से आवागमन सुलभ होकर सड़क मार्ग पर दबाव कम होता है? क्या भविष्य की आवश्यक्ताओं को दृष्टिगत रखते हुए इन्दौर मेट्रो से पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र को जोड़ने के प्रस्ताव एवं योजना बनाने की कार्रवाई विभाग करेगा?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) एवं (ग) इंदौर से पीथमपुर व्‍याहा महु तथा इंदौर से उज्‍जैन व्‍याहा सॉवेर के मध्‍य रीजनल रेपिड ट्रांजिट सिस्‍टम की साध्‍यता के अध्‍ययन का कार्य दिल्‍ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड को प्रदाय किया गया है।

विद्युत चोरी के प्रकरण संबंधी शिकायतें

[ऊर्जा]

28. ( क्र. 353 ) डॉ. सीतासरन शर्मा : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि            (क) जनवरी 2022 से अक्‍टूबर 2022 तक म.प्र.म.क्षे.वि.वि. कंपनी इटारसी एवं नर्मदापुरम के उप महाप्रबंधक को एवं महाप्रबंधक को प्रश्‍नकर्ता के पत्र किस विषय से संबंधित किन-किन तारीखों में प्राप्‍त हुए? प्रत्‍येक की जानकारी देते हुए इस संबंध में की गयी कार्यवाही की जानकारी दें। किन पत्रों के उत्‍तर क्‍यों नहीं दिए गए? (ख) प्रश्‍नांश (क) में उल्‍लेखित अवधि में इटारसी एवं नर्मदापुरम नगर में विद्युत चोरी के कितने प्रकरण किन अधिकारियों द्वारा किन तारीखों में किन गवाहों की मौजूदगी में, किन के खिलाफ दर्ज किए गए? प्रत्‍येक की जानकारी दें। (ग) उपरोक्‍त में किन उपभोक्‍ताओं द्वारा विद्युत चोरी के गलत तरीके से प्रकरण दर्ज करने एवं विद्युत अधिकारियों द्वारा अभद्रता करने संबंधी शिकायत उप महाप्रबंधक इटारसी/नर्मदापुरम एवं महाप्रबंधक, नर्मदापुरम को प्राप्‍त हुई? इन शिकायतों पर किन अधिकारियों/कर्मचारियों पर क्‍या कार्यवाही की गयी?

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) जनवरी 2022 से अक्‍टूबर 2022 तक म.प्र.मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड के अंतर्गत इटारसी एवं नर्मदापुरम के उपमहाप्रबंधक एवं महाप्रबंधक, नर्मदापुरम को माननीय प्रश्‍नकर्ता विधायक महोदय के कुल 18 पत्र प्राप्‍त हुये, जिनकी विषयवार, दिनांकवार एवं की गई कार्यवाही सहित जानकारी पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'अनुसार  है। (ख) जनवरी 2022 से अक्‍टूबर 2022 तक की अवधि में इटारसी नगर में विद्युत चोरी के कुल 229 प्रकरण एवं नर्मदापुरम नगर में विद्युत चोरी के कुल 941 प्रकरण दर्ज किये गये। प्रकरणवार/अधिकारीवार प्रश्‍नाधीन चाही गई जानकारी पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट के           प्रपत्र-'अनुसार  है। (ग) विद्युत चोरी के गलत तरीके से प्रकरण दर्ज करने एवं विद्युत अधिकारियों द्वारा अभद्रता करने से संबंधित कुल 10 शिकायतें उपभोक्‍ताओं से प्राप्‍त हुई। उक्‍त में से, उपमहाप्रबंधक (संचा/संधा) नर्मदापुरम को 9 एवं महाप्रबंधक (संचा/संधा) नर्मदापुरम को 1 शिकायत प्राप्‍त हुई। उक्‍त प्राप्‍त शिकायतों की प्रश्‍नाधीन चाही गई जानकारी पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'अनुसार है। जांच में शिकायत सही नहीं पाये जाने के कारण किसी अधिकारी/कर्मचारी के विरूद्ध कार्यवाही किये जाने की आवश्‍यकता नहीं है।

बी.ओ.टी. कॉम्‍पलेक्‍स का निर्माण

[नगरीय विकास एवं आवास]

29. ( क्र. 355 ) डॉ. सीतासरन शर्मा : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या यह सच है कि नर्मदापुरम जिले की नगर पालिका इटारसी के भवन को तोड़कर बी.ओ.टी. कॉम्‍प्लेक्‍स बनाने की योजना के तहत भवन को तोड़कर खुदाई प्रारंभ की गयी थी, जिसका कार्य किन कारणों से कब रोक दिया गया था? (ख) क्‍या उक्‍त नगरपालिका भवन परिसर में 15-20 फुट गहरा गड्ढे में हमेशा पानी भरा होने के कारण कभी भी कोई जनहानि हो सकती है? (ग) क्‍या एम.ए.सी.टी. भोपाल के तकनीकी जांच दल द्वारा उक्‍त भवन अनुपयोगी और क्षतिग्रस्‍त पाया था? (घ) उक्‍त भूमि पर बी.ओ.टी. कॉम्‍पलेक्‍स का निर्माण प्रारंभ हो सकेगा यदि हाँ, तो कब तक, यदि नहीं, तो क्‍यों?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) जी हाँ। नगर परिषद इटारसी के भवन को तोड़कर बी.ओ.टी. कॉम्‍प्‍लेक्‍स बनाने हेतु निविदा प्रक्रिया पूर्ण की गई थी। लगभग 32000 वर्गफीट भूमि में कॉम्‍प्‍लेक्‍स का निर्माण कार्य होना था। निविदा प्रक्रिया उपरांत संबंधित ठेकेदार द्वारा निर्माण कार्य प्रारम्‍भ कर बेसमेन्‍ट की खुदाई फाउण्‍डेशन एवं कॉलम का निर्माण कार्य किया गया था, किन्‍तु राजस्‍व विभाग (नजूल) द्वारा आपत्ति के उपरांत वर्ष 2006-07 में कॉम्‍प्‍लेक्‍स निर्माण कार्य रोक दिया गया। (ख) जनहानि के खतरे को देखते हुए उक्‍त स्‍थल पर सुरक्षा हेतु तार फैंसिंग की गई एवं समय-समय पर कॉम्‍प्‍लेक्‍स में भरे हुए पानी को खाली कराया जाता है। (ग) जी हाँ। एम.ए.सी.टी. भोपाल (मैनिट) के तकनीकी जांच दल के द्वारा उक्‍त ढांचे को अनुपयोगी एवं क्षतिग्रस्‍त होने की रिपोर्ट भी दी गई है। जानकारी संलग्न परिशिष्‍ट  अनुसार है। (घ) प्रस्‍तावित भवन का निर्माण 32000 वर्गफुट में होना है जिसमें से 28000 वर्गफुट भूमि नजूल की है जिसकी अनापत्ति नजूल से अप्राप्‍त है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

परिशिष्ट - "नौ"

जबलपुर को ग्रीन सिटी के रूप में विकसित करने का प्रस्‍ताव

[नगरीय विकास एवं आवास]

30. ( क्र. 373 ) श्री तरूण भनोत : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या यह सही है कि केन्द्र सरकार के अधीन आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय के अंतर्गत इंडियन ग्रीन बिल्डिंग काउंसिल द्वारा 15वें वित्‍त आयोग ने मध्‍यप्रदेश के कुछ चिन्हित स्‍मार्ट सीटियों को ग्रीन सिटी में शामिल करने का प्रस्‍ताव मांगा गया था? (ख) यदि हां, तो प्रदेश के कितने स्‍मार्ट सीटियों को इस प्रस्‍ताव में शामिल किया गया है? (ग) क्‍या यह भी सही है कि इंडियन ग्रीन बिल्डिंग काउंसिल के द्वारा जबलपुर स्‍मार्ट सिटी को भी ग्रीन सिटी बनाने का प्रस्‍ताव था और क्‍या जबलपुर स्‍मार्ट सिटी बोर्ड ऑफ डायरेक्‍टर की बैठक में उक्‍त प्रस्‍ताव पर निर्णय लिया गया था? (घ) यदि हां, तो तत्‍संबंधी प्रस्‍ताव की वर्तमान स्थिति से अवगत करावें? (ड.) क्‍या यह इंडियन ग्रीन बिल्डिंग काउंसिल के अंतर्गत स्‍वीकृत स्‍मार्ट सिटी को विकसित करने हेतु केन्‍द्र सरकार द्वारा बजट उपलब्‍ध कराई जाएगी? (च) यदि हाँ, तो उसके अंतर्गत शहर विकास हेतु            किन-किन परियोजनों को शामिल किया जाएगा?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) जी नहीं। (ख) उत्‍तरांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में निरंक। (ग) जी नहीं। शेष प्रश्‍न उत्‍पन्‍न नहीं होता है। (घ) उत्‍तरांश (ग) के परिप्रेक्ष्‍य में निरंक। (ड.) उत्‍तरांश (क) से (घ) के परिप्रेक्ष्‍य में निरंक। (च) उत्‍तरांश (ड.) के परिप्रेक्ष्‍य में निरंक।

विश्‍वविद्यालय में अनियमितता की शिकायत

[उच्च शिक्षा]

31. ( क्र. 374 ) श्री तरूण भनोत : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि            (क) क्‍या जनजाति बाहुल्‍य स्थित पंडित शम्‍भूनाथ शुक्‍ल विश्‍वविद्यालय में कथित रूप से         भर्ती-घोटाले की शिकायतें प्राप्‍त हुई है? (ख) यदि हाँ, तो उक्‍त भर्ती के विज्ञापन सहित भर्ती प्रक्रिया की विस्‍तृत जानकारी उपलब्‍ध करावें? (ग) क्‍या शासन द्वारा उक्‍त विश्‍वविद्यालय में हुए कथित भर्ती घोटाले की जांच को लेकर प्रदेश स्‍तर पर किसी कमेटी का गठन किया गया है? (घ) यदि हाँ, तो कमेटी द्वारा जांच उपरांत शासन के समक्ष जांच के तथ्‍यों को पेश किया गया होगा, उन तथ्‍यों की जानकारी सहित शासन द्वारा की गई कार्यवाही से अवगत करावें?

उच्च शिक्षा मंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जी हाँ। (ख) जानकारी  पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) जी नहीं। (घ) प्रश्‍नांश ()  के परिप्रेक्ष्य में शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

पावर हाउस से निकलने वाली राख

[पर्यावरण]

32. ( क्र. 413 ) श्री ब्रह्मा भलावी : क्या नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) राज्‍य में वर्तमान में किस-किस कम्‍पनी का किस-किस स्‍थान पर कौन सा थर्मल पावर हाउस कार्यरत है, उसमें से किस पावर हाउस में बिजली उत्‍पादन होने पर औसतन प्रतिदि‍न कितनी राख निकलती है? (ख) किस पावर हाउस में वर्तमान में कितनी राख जमा है? गत तीन वर्षों में किस पावर हाउस ने कितनी-कितनी राख किस-किस सड़क निर्माण के लिए स्‍वयं ने परिवहन कर उपलब्‍ध करवाई है? वर्षवार बतावें। (ग) सड़क निर्माण में राख के उपयोग से संबंधित क्‍या-क्‍या प्रावधान कब-कब से लागू हैं, उसके अनुसार पावर हाउस प्रबंधन को स्‍थल पर राख उपलब्‍ध करवाए जाने के क्‍या-क्‍या प्रावधान है? (घ) पावर हाउस प्रबंधन द्वारा राख का निर्माण स्‍थल तक परिवहन नहीं करवाए जाने के कारण राष्‍ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा निर्मित किस-किस सड़क में गत तीन वर्षों में राख का उपयोग नहीं किया गया?

नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री ( श्री हरदीप सिंह डंग ) : (क) एवं (ख) जानकारी पुस्‍तकालय  में रखे  परिशिष्‍ट-'' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्‍ट-'' अनुसार है।                                            (घ) जानकारी पुस्‍तकालय  में रखे  परिशिष्‍ट-'' अनुसार है।

सारनी पावर हाउस के बांध से संबंधित वृक्षारोपण

[ऊर्जा]

33. ( क्र. 414 ) श्री ब्रह्मा भलावी : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सारनी पावर हाउस के किस-किस बांध के भर जाने पर मिट्टी डालकर वृक्षारोपण किए जाने के संबंध में भारत सरकार पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने किस-किस दिनांक को किन-किन शर्तों के साथ क्‍या-क्‍या निर्देश दिए? प्रति सहित बतावें। (ख) सारनी पावर हाउस के पुराने राखड़ बांध में वृक्षारोपण की कार्यवाही करने की बजाय गत पांच वर्षों में कितनी राख किस-किस कम्‍पार्टमेन्‍ट से नि:शुल्‍क वितरित की गई, पुराने राखड़ बांध से नि:शुल्‍क राख का वितरण कब से बन्‍द कर वृक्षारोपण के संबंध में क्‍या-क्‍या कार्यवाही प्रश्‍नांकित दिनांक तक की गई है? (ग) सारनी पावर हाउस से किस-किस ट्रान्‍सफार्मर का गत तीन वर्षों में कितनी-कितनी राख सड़क निर्माण स्‍थल पर परिवहन किये जाने के बदले किस दर से कितनी राशि का भुगतान किया गया? सड़क निर्माण के अतिरिक्‍त किस-किस कार्य के स्‍थल पर परिवहन की गई? कितनी राख के लिए कितना भुगतान किया गया? पृथक-पृथक बतावें। (ग) पुराने राखड़ बांध पर वृक्षारोपण्‍ण की कार्यवाही किए जाने की बजाय राख का वितरण किए जाने का क्‍या-क्‍या कारण रहा है? पुराने राखड़ बांध पर कब तक वृक्षारोपण कर दिया जावेगा?

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) भारत सरकार, वन एवं पर्यावरण मंत्रालय, नई दिल्‍ली द्वारा दिनांक 13.10.2009 को सतपुड़ा ताप विद्युत गृह, सारनी में वन विभाग द्वारा हस्‍तांरित 111 हेक्‍टेयर वन भूमि पर नवीन राखड़ बांध के निर्माण हेतु, भूमि उपयोग परिवर्तन की अनुमति इस शर्त के साथ प्रदान की गई कि वृक्षारोपण सहित पुराने राखड़ बांध के सुधार हेतु वन विभाग के परामर्श से कंपनी द्वारा विस्‍तृत प्रस्‍ताव एवं अन्‍य उपाय कर कार्य क्रियान्वित किए जाऐंगे। सुधार की लागत वन विभाग के पास जमा की जायेगी और सुधार के बाद उक्‍त क्षेत्र राज्‍य वन विभाग को वापस स्‍थानांतरित कर दिया जाएगा। तत्संबंधी आदेश दिनांक 13.10.2009 की प्रति संलग्‍न  परिशिष्‍ट  अनुसार है। (ख) सतपुड़ा ताप विद्युत गृह, सारनी के पुराने राखड़ बांध में वृक्षारोपण हेतु कार्यवाही की गई है। सारनी पावर हाउस के पुराने राखड़ बांध से निशुल्‍क राख के वितरण का रिकार्ड कम्‍पार्टमेंटवार के स्थान पर बांध से निर्गमित हुई राख की कुल मात्रा के आधार पर रखे गये है। उक्‍त पुराने राखड़ बांध से गत पांच वर्षों में निशुल्‍क वितरित की गई राख की मात्रा निम्‍नानुसार है :-

वर्ष

वितरित की गई राख की मात्रा (मीट्रिक टन)

2017

338335

2018

308930

2019

417293

2020

294600

2021

352938

सतपुड़ा ताप विद्युत गृह, सारनी द्वारा उक्‍त पुराने राखड़ बांध से राख का निशुल्‍क वितरण दिनांक 16.06.2022 से बन्‍द कर, वृक्षारोपण हेतु पुराने राखड़ बांध का आधिपत्‍य दिनांक 29.11.2022 को म.प्र.शासन, वन विभाग को सौंप दिया गया है। उक्‍त वृक्षारोपण हेतु कंपनी द्वारा दिनांक 02.07.2015 को रूपये 5,25,32,401/- की राशि म.प्र. शासन वन विभाग को भुगतान की गई है। (ग) सतपुड़ा ताप विद्युत गृह, सारनी से किसी भी ट्रान्‍सपोर्टर न कि ट्रांसफार्मर को गत तीन वर्षों में राख को सड़क निर्माण स्‍थल पर परिवहन किये जाने के बदले किसी राशि का भुगतान नहीं किया गया है। सड़क निर्माण के अतिरिक्‍त ईट बनाने, निचले क्षेत्र में भराव करने, टाईल्‍स एवं ब्‍लाक बनाने तथा निर्माण कार्य में उपयोग आदि हेतु राख परिवहन की गई। परिवहन हेतु म.प्र.पावर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड द्वारा कोई भुगतान नहीं किया गया। (घ) पुराने राखड़ बांध से राख का वितरण, भारत सरकार, वन एवं पर्यावरण मंत्रालय, नई दिल्‍ली के राख की उपयोगिता को बढ़ावा देने के उद्देश्‍य से जारी निर्देशों के परिप्रेक्ष्‍य में किया गया है। पुराने राखड़ बांध पर वृक्षारोपण का कार्य म.प्र. शासन, वन विभाग द्वारा कार्य योजना तैयार कर संपन्‍न किया जावेगा। वृक्षारोपण की कार्यवाही हेतु म.प्र. पावर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड द्वारा पुराने राखड़ बांध का आधिपत्‍य दिनांक 29.11.2022 को म.प्र.शासन, वन विभाग को सौंप दिया गया है।

परिशिष्ट - "दस"

रेरा द्वारा आर.आर.सी. जारी करना

[नगरीय विकास एवं आवास]

34. ( क्र. 438 ) डॉ. अशोक मर्सकोले : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्‍यप्रदेश भू-सम्‍पदा विनियामक प्राधिकरण द्वारा किए गए किस-किस दिनांक के किस-किस आदेश में प्रश्‍नांकित दिनांक तक भी आर.आर.सी. जारी नहीं की गई? रेरा द्वारा  किस-किस धारा के तहत किए गए प्रकरणों में आर.आर.सी. जारी कर वसूली का प्रावधान दिया है? (ख) रेरा द्वारा दिए गए आदेशों के अनुसार राशि वसूल किए जाने के संबंध में क्‍या-क्या                 समय-सीमा निर्धारित कर किस-किस अधिकारी को वसूली की जिम्‍मेदारी एवं जबावदेही सौंपी गई है? उसके द्वारा वसूली की कार्यवाही नहीं किए जाने, राशि वसूल नहीं किए जाने का क्‍या कारण रहा है? (ग) रेरा द्वारा दिए गए आदेशों में वसूल की जाने वाली राशि की वसूली के संबंध में क्‍या-क्‍या कार्यवाही की जा रही है? कब तक किस-किस प्रकरण में आर.आर.सी. जारी कर दी जावेगी?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) जानकारी  पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट  अनुसार है। भू-संपदा (विनियमन और विकास) 2016 की धारा-59, 60, 61, 62, 63 एवं 71 के अंतर्गत पारित आदेशो के अंतर्गत आर.आर.सी. जारी की जा सकती है। (ख) भू-संपदा (विनियमन और विकास) 2016 की धारा-40 सहपठित म.प्र. भू-संपदा (विनियमन और विकास) नियम, 2017 के नियम-27 के अंतर्गत वसूली के लिए जिला कलेक्टर सक्षम प्राधिकारी है और आर.आर.सी. संबंधित जिले के कलेक्टर को भेजी जाती है। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) राशि वसूली हेतु आर.आर.सी. संबंधित जिला कलेक्टर को भेजी जाती है। प्रकरणों में आर.आर.सी. जारी करने की कार्यवाही प्रचलन में है। निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

रेरा अधिनियम में तकनीकी सदस्‍य के  नियुक्ति का प्रावधान

[नगरीय विकास एवं आवास]

35. ( क्र. 439 ) डॉ. अशोक मर्सकोले : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्‍यप्रदेश भू-सम्‍पदा विनियामक प्राधिकारण में सदस्‍य के तौर पर किस-किस योग्‍यता के व्‍यक्ति की नियुक्ति के प्रावधान है, रेरा में तकनीकी सदस्‍य के लिए क्‍या योग्‍यता निर्धारित है? श्री एस.एस.राजपूत की नियुक्ति किस सदस्‍य के रूप में की गई है? (ख) श्री एस.एस. राजपूत के द्वारा नियुक्‍त दिनांक से प्रश्‍नांकित दिनांक तक किस-किस प्रकरण की सुनवाई कर किस-किस दिनांक को तकनीकी सदस्‍य के रूप में हस्‍ताक्षर किए? आदेशों की प्रति सहित बतावें। (ग) श्री एस.एस. राजपूत को रेरा तकनीकी सदस्‍य के रूप में सुनवाई किए जाने, तकनीकी सदस्‍य के रूप में आदेशों पर हस्‍ताक्षर किए जाने का क्‍या-क्‍या अधिकार किस आदेश क्रमांक दिनांक से दिया गया? यदि यह अधिकार नहीं दिया तो उनके द्वारा तकनीकी सदस्‍य के रूप में सुनवाई कर आदेश किन कारणों से दिए गए। (घ) श्री एस.एस. राजपूत द्वारा तकनीकी सदस्‍य के रूप में दिए गए आदेशों को निरस्‍त किए जाने एवं श्री एस.एस.राजपूत के विरूद्ध वैधानिक कार्यवाही किए जाने के संबंध में कब तक शासन आदेश जारी करेगा?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) भू-संपदा (विनियमन एवं विकास) अधिनियम, 2016 की धारा 22 में योग्यता विहित की गई है। मध्यप्रदेश भू-संपदा (विनियमन एवं विकास) नियम, 2017 की प्रति जानकारी संलग्न परिशि‍ष्ट अनुसार है। श्री एस.एस. राजपूत की नियुक्ति प्राधिकरण सदस्य के रूप में की गई है। (ख) से (घ) उत्तरांश () के परिप्रेक्ष्य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - "ग्यारह"

स्‍ट्रीट लाईट की मरम्‍मत

[ऊर्जा]

36. ( क्र. 482 ) श्री कुँवर सिंह टेकाम : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि            (क) सीधी एवं सिंगरौली जिले के अंतर्गत ग्राम टमसार, पौड़ी, भदौरा, मड़वास, गिजवार, ताला एवं टिकरी (सीधी जिला) महुआ गांव, निवास एवं निगरी (सिंगरौली जिला) में स्‍ट्रीट लाईट लगवाई गई थी? स्‍वीकृत एवं व्‍यय राशि की जानकारी उपलब्‍ध करायें। (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में स्‍ट्रीट लाईट लगाये जाने के तुरंत बाद सभी लाईट खराब हो गई? मरम्‍मत का कार्य क्‍यों नहीं किया गया? (ग) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में बंद पड़े स्‍ट्रीट लाईट कब तक चालू कर दिये जायेंगे?

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) जी हां, सीधी जिले में ग्राम-भदौरा, गिजवार, मड़वास, पोड़ी, ताला, टमसार, टिकरी तथा सिंगरौली जिले में ग्राम-महुगांव, निगरी, निवास में म.प्र.पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड द्वारा स्‍ट्रीट लाईट लगाने का कार्य जमा योजना के अंतर्गत किया गया था। उक्‍त कार्य हेतु स्‍वीकृत राशि एवं व्‍यय की गई राशि सहित सीधी एवं सिंगरौली जिले हेतु विवरण  संलग्‍न  परिशिष्‍ट  के प्रपत्र-'एवं ' अनुसार  है। (ख) प्रश्‍नांश (क) में उल्‍लेखित क्षेत्र में स्‍ट्रीट लाईट लगाने के बाद गारंटी/वारंटी 12 माह की थी। गारंटी अवधि में स्‍ट्रीट लाईट खराब होने की सूचना प्राप्‍त होने पर म.प्र. पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड द्वारा तत्‍काल सुधार कार्य करवाया जाता रहा। गारंटी/वारंटी अवधि के उपरांत स्‍ट्रीट लाईट के सुधार/बदलने का दायित्‍व संबंधित ग्राम पंचायतों का है। (ग) उत्‍तरांश (ख) में दर्शाए अनुसार सुधार कार्य हेतु म.प्र.पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा कोई कार्यवाही किया जाना अपेक्षित नहीं है।

परिशिष्ट - "बारह"

सीधी भर्ती एवं पदोन्‍नत प्राध्‍यापकों के मध्‍य वरिष्‍ठता का निर्धारण

[उच्च शिक्षा]

37. ( क्र. 483 ) श्री कुँवर सिंह टेकाम : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्‍यप्रदेश के अंतर्गत महाविद्यालयों में सहायक प्राध्‍यापकों को पूर्व में पदोन्‍नत/पदनामित प्राध्‍यापक बनाये जाने को प्राध्‍यापक के संवर्गों 704 पदों पर नियुक्‍त माना जायेगा? यदि हाँ, तो पूर्ण जानकारी देवें। शासनादेश की प्रति उपलब्‍ध करायें। (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में पदोन्‍नति/पदनामित प्राध्‍यापक सहायक प्राध्‍यापक पदों से रोस्‍टर में सम्मिलित किये गये हैं? यदि हाँ, तो जानकारी देवें। प्राध्‍यापक के लिये पदोन्‍नति/पदनामित किये जाने की प्रक्रिया में विभागीय भर्ती नियम, 1990 के नियम 6 (2) का पालन किया गया है? यदि हाँ, तो संपूर्ण जानकारी देवें।                  (ग) माननीय उच्‍च न्‍यायालय जबलपुर के आदेश क्रमांक डब्‍लू.पी. 1704/2009 एवं आर.पी. 267/2010 में क्रमश: निर्णय दिनांक 11.3.2010 एवं 12.11.2010 के अनुसार पद पूर्ति होने पर ही पदोन्‍नत/पदनामित प्राध्‍यापकों एवं सीधी भर्ती के प्राध्‍यापकों के बीच आपसी वरिष्‍ठता के निर्धारण का उल्‍लेख है? यदि हाँ, तो पदोन्‍नत/पदनामित प्राध्‍यापकों से संवर्गी प्राध्‍यापक पदों की पूर्ति नहीं होने के बावजूद निशा तिवारी संबंधी याचिका क्रमांक डब्‍लू.पी. 11324/2003 में माननीय उच्‍च न्‍यायालय के निर्देश अनुसार उच्‍च शिक्षा विभाग में सीधी भर्ती के प्राध्‍यापकों को पदोन्‍नत/पदनामित प्राध्‍यापकों से वरिष्‍ठ क्‍यों नहीं माना जा रहा है?

उच्च शिक्षा मंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जी नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।                   (ख) पदोन्‍नत/पदनामित प्राध्‍यापकों को विषयवार सहायक प्राध्‍यापक के रोस्‍टर में शामिल किया गया है। सेवा भर्ती नियम, 1990 अनुसार प्रक्रिया का पालन किया गया है। (ग) माननीय न्‍यायालय में संस्थित याचिका के आदेश के परिपालन में वरिष्‍ठता सूची का निर्धारण किया गया है एवं एक कैलेन्‍डर वर्ष में सीधी भर्ती अथवा संविलियन से नियुक्‍त प्राध्‍यापकों एवं पदोन्‍नति से नियुक्‍त प्राध्‍यापकों में सीधी भर्ती अथवा संविलियन वाले प्राध्‍यापकों को वरिष्‍ठता दी गई है। एक कैलेन्‍डर वर्ष में पदोन्‍नत प्राध्‍यापकों को बाद के कैलेन्‍डर वर्ष में पदोन्‍नत प्राध्‍यापकों से वरिष्‍ठ रखा गया है।

पुल का पुनर्निर्माण

[लोक निर्माण]

38. ( क्र. 494 ) श्री घनश्‍याम सिंह : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) राज्‍य मार्ग क्रमांक-19 पर दतिया जिले में एक वर्ष से अधिक समय पूर्व बाढ़ से सेवढ़ा में सिंध नदी पर उच्‍चस्‍तरीय पुल के बह जाने के कारण पुन: पुल निर्माण के लिये शासन से क्‍या प्रगति हुई है? (ख) क्‍या नवीन पुल निर्माण के लिये बजट प्रावधान किया गया है? यदि नहीं, तो क्‍यों तथा कब तक किया जायेगा? (ग) यातायात की अधिकता को देखते हुये क्‍या इस स्‍थल के पास बने पुराने रपटा की मरम्‍मत तथा पूर्व की भांति उसमें रेलिंग लगाकर सुरक्षित किया जावेगा? (घ) क्‍या स्‍थल पर अस्‍थायी पोंटुन ब्रिज (पीपों का पुल) निर्माण कराने पर विचार किया जायेगा? अथवा ह्यूम पाईप डालकर उस पर मिट्टी आदि डालकर अस्‍थायी पुल बनाने के संबंध में कार्यवाही की जायेगी?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) वर्ष 2022-23 के द्वितीय अनुपूरक बजट में सम्मिलित करने हेतु प्रस्तावित किया गया है। (ख) बजट में सम्मिलित करने की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है, शेष प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता। वर्तमान में निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ग) विभाग द्वारा कोई कार्यवाही प्रचलन में नहीं है। (घ) वर्तमान में कोई विचार नहीं है, शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

राजमार्ग क्रमांक-19 सेवढ़ा का चौड़ीकरण

[लोक निर्माण]

39. ( क्र. 496 ) श्री घनश्‍याम सिंह : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या राज्‍य राजमार्ग क्रमांक-19 सेवढ़ा से दतिया तक यातायात का भार काफी अधिक हैं तथा सड़क की चौड़ाई कम होने के कारण आवागमन में भी काफी परेशानी एवं दुर्घटनायें भी अधिक होती हैं? (ख) क्‍या इस मार्ग के चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण के साथ पुनर्निर्माण का कोई प्रस्‍ताव शासन के यहां पर विचाराधीन हैं? यदि हाँ, तो कब तक स्‍वीकृत कर दिया जायेगा? (ग) क्‍या इसी मार्ग पर इंदरगढ़ नगर में क्‍या यह राजमार्ग बीच बाजार से होकर गुजरता है, जिसके कारण अकसर यातायात अवरूद्ध होता है तथा दुर्घटनायें होती है? क्‍या इंदरगढ़ नगर के बायपास निर्माण का प्रस्‍ताव शासन के यहां पर विचाराधीन हैं तथा कब तक स्वीकृत कर दिया जावेगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी नहीं। (ख) उक्‍त मार्ग के चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण के साथ पुनर्निर्माण का कोई प्रस्‍ताव विचाराधीन नहीं है। शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी हाँ, इंदरगढ़ कस्‍बे में बाजार से होकर यह मार्ग गुजरता है, किंतु इंदरगढ़ बाजार में अक्‍सर यातायात अवरूद्ध नहीं रहता है कभी-कभी यातायात अवरूद्ध होता है। यातायात अवरूद्ध होने एवं दुर्घटनाओं का कारण इस मार्ग का बाजार से होकर गुजरना मुख्‍यत: नहीं है। इंदरगढ़ नगर के बायपास निर्माण कार्य बजट में शामिल नहीं होने से, स्‍वीकृति की समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

अयोग्‍य डायरेक्‍टर कमर्शियल का चयन

[ऊर्जा]

40. ( क्र. 505 ) श्री बैजनाथ कुशवाह : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि            (क) मध्‍यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी में वर्तमान पद पर पदस्‍थ डायरेक्‍टर कमर्शियल के चयन हेतु विज्ञापन कब जारी किया गया था? इसमें कितने प्रतियोगियों के आवेदन प्राप्‍त हुए, सभी के नाम किस पद पर पदस्‍थ थे? इन सभी के पास फायनेंस से कौन-कौन सी डिग्री थी? सभी आवेदकों के बायोडाटा की छायाप्रति उपलब्‍ध करावें? (ख) क्‍या वर्तमान डायरेक्‍टर कामर्शियल मूलत: इंजीनियर बी.ई. होल्‍डर हैं एवं इनके पास फासनेंस से संबंधित सी.ए. या आई.सी.डब्‍लू.ए. या फायनेंस की कोई डिग्री नहीं है? तब इनको डायरेक्‍टर कामर्शियल क्‍यों बनाया गया? यदि प्रश्‍न में पूछी गई जानकारी सही है तो इनको तत्‍काल पद से पदच्‍युत किया जाये एवं भविष्‍य में फायनेंस डिग्रीधारक को डायरेक्‍टर कामर्शियल बनाया जाये? यदि हाँ, तो कब तक यदि नहीं, तो क्‍यों?

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) मध्‍य प्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड में वर्तमान पद पर पदस्थ डयरेक्टर कमर्शियल के चयन हेतु विज्ञापन दिनांक 24.11.2020 को जारी किया गया था। विज्ञापन के विरुद्ध डायरेक्टर कमर्शियल/संचालक (वाणिज्य) पद हेतु कुल 13 आवेदन प्राप्त हुये थे। उक्त आवेदकों के नाम, पद एवं शैक्षणिक योग्यता की वांछित जानकारी पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'' अनुसार है। आवेदकों के आवेदन पत्र (बायोडाटा) की छायाप्रति  पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'अनुसार है। (ख) जी हाँ, वर्तमान डायरेक्टर कमर्शियल की शैक्षणिक योग्यता बी.ई. (मैकेनिकल) एवं बी.ओ.ई. है तथा इनके पास फायनेंस से संबंधित डिग्री नहीं है। डायरेक्‍टर कमर्शियल के कार्य अंतर्गत वित्‍त संकाय के साथ ही कंपनी अंतर्गत नवीन इकाईयों की स्‍थापना इकाईयों का आधुनिकीकरण एवं नवीनीकरण का कार्य कंपनी का सामग्री प्रबंधन कार्यालय, कार्पोरेट सर्विसेज एवं सिविल संकाय भी आते है, अत: मध्‍य प्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी में संचालक (वाणिज्य) के पद पर नियुक्ति हेतु ''पूर्ववर्ती म.प्र.राज्‍य विद्युत मंडल के पुनर्गठन के उपरांत अस्तित्‍व में आई कंपनियों में अतिरिक्‍त मुख्‍य अभियंता के पद पर कार्यरत तथा नियमित अधीक्षण अभियंता के पद पर न्‍यूनतम पांच वर्ष के अनुभव के साथ इन्‍जीनियरिंग में स्‍नातक'' योग्‍यता निर्धारित की गई थी। उपरोक्त अर्हता/मापदण्ड के तहत आवेदन आमंत्रित कर चयन प्रक्रिया सम्पादित की गई है। अत: शेष प्रश्‍न पर किसी प्रकार की कार्यवाही का प्रश्‍न ही नहीं उठता है।

नगर परिषद पृथ्‍वीपुर में निर्माण कार्य के भुगतान

[नगरीय विकास एवं आवास]

41. ( क्र. 506 ) श्री बैजनाथ कुशवाह : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या नगर परिषद पृथ्‍वीपुर में वर्क आर्डर क्रमांक 4700099548 पी.ओ. नं.17821 टेण्‍डर अनुसार कार्य किया था? (ख) यदि हाँ, तो कौन-कौन कार्य कितनी-कितनी राशि के थे?       (ग) क्‍या प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) में वर्णित कार्यों की राशि का भुगतान कर दिया गया है? यदि नहीं, तो क्‍यों और कब तक कर दिया जावेगा?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) वार्ड नं. 02 में प्‍यारेलाल सेठ से मुन्‍नालाल बंशकार तक सी.सी. रोड निर्माण कार्य राशि रूपये 3,57,192/- का था। (ग) किये गये कार्य का राशि रूपये 1,68,276/- का भुगतान नियमानुसार कटौत्रा उपरांत किया गया है। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

ग्‍वालियर विकास प्राधिकरण को आवंटित भूमि

[नगरीय विकास एवं आवास]

42. ( क्र. 526 ) श्री बापूसिंह तंवर : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या कलेक्‍टर (भू-अर्जन) ग्‍वालियर का आदेश क्र. भू-स/1/80-81/अ-22, दिनांक 11.10.82 के अनुसार दामोदर बाग की भूमि ग्‍वालियर विकास प्राधिकरण को आवंटित की गई है? यदि हाँ, तो जानकारी दें? (ख) प्रश्‍नांश (क) का उत्‍तर यदि हाँ, है तो कलेक्‍टर ग्‍वालियर के आदेश के पश्‍चात् दामोदर बाग की भूमि पर ग्‍वालियर विकास प्राधिकरण द्वारा क्‍या-क्‍या आवासीय योजना तथा व्‍यवसायिक योजनाएं बनाई गई हैं? (ग) प्रश्‍नांश (क) और (ख) के अनुसार उक्‍त भूमि कलेक्‍टर ग्‍वालियर के आवंटन आदेश एवं कब्‍जा दिलाने के बाद भी ग्‍वालियर विकास प्राधिकरण के द्वारा उक्‍त भूमि विभिन्‍न सहकारी गृह निर्माण समितियों के द्वारा ग्‍वालियर विकास प्राधिकरण ने भूमि अधिग्रहित करके विभिन्‍न गृह निर्माण समितियों को लाखों वर्ग मीटर जगह के भूखण्‍ड आवंटित किये गये हैं? यदि हाँ, तो किस नियम से किये गये हैं? (घ) प्रश्‍नांश (क), (ख) एवं (ग) के आधार पर यदि अनियमित्‍ता हुई है? शासकीय भूमि का कूट रचित दस्‍तावेजों के आधार पर अधिग्रहित कर भूखण्‍ड आवंटित हुए हैं तो क्‍या शासन दोषी व्‍यक्तियों के विरूद्ध कोई कार्यवाही करेगा? हाँ तो क्‍या कब तक? नहीं तो क्‍यों नहीं?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) जी नहीं। (ख) (ग) एवं (घ) उत्‍तरांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

नेवज नदी पर नवीन पुल निर्माण

[लोक निर्माण]

43. ( क्र. 527 ) श्री बापूसिंह तंवर : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या राजगढ़ जिले में नेवज नदी पर बगा फत्‍तुखेड़ी से करनपुरा तथा गोर्वधनपुरा से मनोहरथाना में नवीन पुल निर्माण का प्रस्‍ताव हैं? (ख) कंडिका (क) का उत्‍तर हाँ है तो? क्‍या उपरोक्‍त दोनों पुलों के निर्माण स्‍थल का सर्वे हो गया है? क्‍या डी.पी.आर. तैयार हो गई?                     (ग) प्रश्‍नांश (क) और (ख) का उत्‍तर हाँ है तो उपरोक्‍त दोनों पुल बजट में कब तक स्‍वीकृत हो जायेंगे? कब निविदा आमंत्रित कर दी जायेगी?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी नहीं। (ख) उत्‍तरांश '''' के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता।

विद्युत लाईन बदलने की योजना

[ऊर्जा]

44. ( क्र. 557 ) श्री केदार चिड़ाभाई डावर : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि    (क) मध्‍यप्रदेश विद्युत मंडल की उत्‍तरवर्ती विद्युत वितरण कंपनी म.प्र.पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड इन्‍दौर में खरगोन जिले की भगवानपुरा विधानसभा क्षेत्रांतर्गत पिछले कई वर्षों से कृषि एवं गैर कृषि प्रयोजन हेतु विद्युत लाईन एल्‍युमीनियम तार डालकर विद्युत प्रदाय की जा रही है? ? (ख) क्‍या वर्षों पुरानी विद्युत लाईन होने से कृषकों एवं घरेलू विद्युत उपभोक्‍ताओं को सही वोल्‍टेज नहीं मिल पाता है? (ग) क्‍या उक्‍त वर्षों पुरानी विद्युत लाईन एल्‍युमीनियम तारों को बदलने की म.प्र. पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड इन्‍दौर की योजना है? (घ) मध्‍यप्रदेश विद्युत मंडल की उत्‍तरवर्ती विद्युत वितरण कंपनी म.प्र.पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड इन्‍दौर में खरगोन जिले की भगवानपुरा विधानसभा क्षेत्रान्‍तर्गत वर्षों पुरानी निम्‍नदाब विद्युत लाईन के तारों को म.प्र.पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड इन्‍दौर द्वारा कब तक बदलकर केबल डाल दी जावेगी? वर्तमान में भगवानपुरा विधानसभा क्षेत्रान्‍तर्गत एल्‍युमीनियम तार वाली कितने किलोमीटर 33 के.व्‍ही./11 निम्‍नदाब की विद्युत लाईने हैं संख्‍यात्‍मक जानकारी देवें? इन विद्युत लाईनों के तारों को बदलने की कोई योजना है? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो कारण बतावें?

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) जी हाँ, खरगोन जिले की भगवानपुरा विधानसभा क्षेत्रांतर्गत पिछले कई वर्षों से कृषि एवं गैर कृषि प्रयोजन हेतु एल्‍युमीनियम धातु के तार की उच्‍चदाब/निम्‍नदाब की विद्युत लाईनें स्‍थापित कर विद्युत प्रदाय सुचारू रूप से किया जा रहा है। (ख) एवं (ग) कृषि एवं गैर कृषि प्रयोजन हेतु प्रदाय की जा रही विद्युत का वोल्‍टेज विद्युत लाईनों के पुराने होने की वजह से प्रभावित नहीं होता है, अपितु विद्युत लाईन की क्षमता, फीड़र की लंबाई, संबद्ध भार आदि पर निर्भर करता है। पुरानी विद्युत लाईनों के एल्‍युमीनियम तारों से वोल्टेज अप्रभावित रहने के कारण इसे बदलने की आवश्यकता नहीं है। तथापि प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में स्‍थापित जिन 11 के.व्‍ही. फीडरों के अंतिम छोर पर वोल्‍टेज ड्रॉप निर्धारित मानकों से अधिक है, उनके विभक्तिकरण/उन्‍नयन के कार्यों को केन्‍द्र शासन की आर.डी.एस.एस. योजनांतर्गत सम्मिलित कर लिया गया है। (घ) खरगोन जिले की भगवानपुरा विधानसभा क्षेत्रांतर्गत पुरानी निम्नदाब विद्युत लाईनों के तारों को केबल में परिवर्तित करने की कोई कार्य योजना वर्तमान में म.प्र. पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी अंतर्गत विचाराधीन नहीं है। तथापि लाईन लॉस में कमी लाने हेतु उक्‍त क्षेत्र में 81 कि.मी. निम्नदाब लाईन के तारों को केबल में परिवर्तित किये जाने के कार्य को आर.डी.एस.एस. योजना अंतर्गत सम्मिलित किया गया है, जिसकी क्रियान्‍वयन एजेंसी के चयन हेतु निविदा कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। अत: वर्तमान में उक्‍त कार्य की पूर्णता हेतु निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। वर्तमान में भगवानपुरा विधानसभा क्षेत्रांतर्गत 33 के.व्ही. की 50.37 कि.मी., 11 के.व्ही. की 1470.68 कि.मी. एवं निम्नदाब की 2057 कि.मी. एल्‍युमीनियम धातु के तार की विद्युत लाईने स्‍थापित है। आर.डी.एस.एस. योजना में लाईन लॉस कम करने हेतु स्‍वीकृत उक्‍त कार्य को छोड़कर प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में विद्यमान शेष विद्युत लाईनों के तारों को उक्‍तानुसार दर्शाए गए कारण से वर्तमान में बदलने की आवश्‍यकता नहीं होने के कारण इनके बदले जाने की कोई कार्य योजना विचाराधीन नहीं है।

विद्युत लाईन एवं डी.पी. लगाने की योजना

[ऊर्जा]

45. ( क्र. 558 ) श्री केदार चिड़ाभाई डावर : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि     (क) क्‍या म.प्र.विद्युत वितरण कंपनियों द्वारा कृषकों को कृषि सिंचाई हेतु अनुदान पर विद्युत लाईन एवं डी.पी.लगाने की योजना संचालित है? (ख) क्‍या मध्‍यप्रदेश विद्युत वितरण कंपनियों की इस योजना से छोटे कृषकों को अच्‍छा लाभ मिलता है? (ग) क्‍या उक्‍त योजना को शासन ने पिछले दो वर्षों से रोक लगा रखी है? (घ) शासन की उक्‍त योजना कृषकों के हित में है तो उसे बदलने का क्‍या कारण है तथा उसे पुन: चालू करने की शासन की योजना है तो कब तक चालू की जावेगी?

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) जी नहीं। (ख) उत्‍तरांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न नहीं उठता। (ग) जी नहीं। अपितु कृषकों को सिंचाई प्रयोजन हेतु स्‍थाई पंप कनेक्‍शन प्रदान करने हेतु ''मुख्‍यमंत्री स्‍थाई कृषि पंप कनेक्‍शन योजना'' की अवधि योजना लागू करते समय दिनांक 31.03.2019 तक निर्धारित थी तथा निर्धारित अवधि पूर्ण होने पर उक्‍त योजना बंद हुई है।             (घ) उत्‍तरांश (ग) में दर्शाए अनुसार उक्‍त योजना निर्धारित अवधि पूर्ण होने पर दिनांक 31.03.2019 से बंद हुई है। उक्‍त योजना को पुन: प्रारंभ किये जाने संबंधी कोई प्रस्‍ताव वर्तमान में विचाराधीन नहीं हैं।

जल आवर्धन योजना

[नगरीय विकास एवं आवास]

46. ( क्र. 597 ) श्री मेवाराम जाटव : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता के विधानसभा क्षेत्र क्रमांक-13 गोहद, (जिला भिण्ड) के मालनपुर एवं गोहद नगर के लिए जल आवर्धन योजना किस चरण में पहुँची है? (ख) जल आवर्धन योजना के लिए कितना बजट स्वीकृत किया गया है एवं कौनसी फर्म अथवा एजेन्सी इसका निर्माण कर रही है? (ग) जल आवर्धन योजना के लिए कितनी समय-सीमा तय की गई है? (घ) मालनपुर एवं गोहद नगर के अलावा आसपास के कौन-कौन से ग्रामों को इस योजना से लाभ प्राप्त होगा?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) गोहद नगर के लिये जल आवर्धन योजना कार्य निमार्णाधीन चरण में है। मालनपुर नगर की जल आवर्धन योजना तैयार किया जाकर, अनुमोदन हेतु विचाराधीन है। (ख) गोहद नगर की जल आवर्धन योजना के लिये बजट राशि रूपये 119.75 करोड स्‍वीकृत है। गोहद नगर में मेसर्स श्री कांट्रेक्‍टर, अजमेंर, राजस्‍थान निर्माण एजेंसी कार्यरत है। मालनपुर जल आवर्धन योजना अभी स्‍वीकृती प्रक्रिया में है। (ग) गोहद नगर में जल आवर्धन योजना के निर्माण के लिये 1215 दिन समय-सीमा तय की गई है। (घ) गोहद एवं मालनपुर जल आवर्धन योजना में नगरीय क्षेत्र की सीमा के अंतर्गत सम्मिलित क्षेत्र का इस योजना से लाभ होगा।

अमृत 2.0 योजना अन्तर्गत पेयजल सप्लाई

[नगरीय विकास एवं आवास]

47. ( क्र. 615 ) श्री नागेन्द्र सिंह (गुढ़) : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि क्या वर्ष 2021-22 में शासन द्वारा अमृत 2.0 योजना अन्तर्गत नगर परिषद् गुढ़ को पेयजल हेतु पूर्व में बीहर नदी रीवा से इन्टेक वेल बनाकर गुढ़ डब्ल्यू.टी.पी. तक पानी लाने के लिये राशि रूपये 18.47 करोड़ प्रस्तावित किये गये थे? यदि हाँ, तो संभागीय अधिकारी कार्यालय नगरीय प्रशासन एवं विकास रीवा संभाग रीवा द्वारा किस आदेश से संभागीय अधीक्षण यंत्री द्वारा तैयार डी.पी.आर. की अनुशंसा उपरांत उक्त योजना को परिवर्तित कर योजना का मूल रूप बदलकर गुढ़ क्षेत्र के आमजनों को पेयजल सुविधा से वंचित कर दिया है? क्यों?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : जी नहीं, अपितु अमृत 2.0 योजना के अन्तर्गत स्‍टेट वाटर एक्‍शन प्‍लान में नगर परिषद गुढ़ की जलप्रदाय योजना हेतु राशि रू. 14.97 करोड़ का प्रावधान प्रस्‍तावित किया गया था, जिसमें जल स्त्रोत बीहर नदी से प्रस्तावित था। नवीन योजना में नजदीक का जल स्त्रोत बाणसागर से होने के कारण, योजना का युक्तियुक्तकरण कर तकनीकी आधार पर राशि रू. 7.13 करोड की योजना स्वीकृत की गई है। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

मार्ग निर्माण कार्यों की स्वीकृति

[लोक निर्माण]

48. ( क्र. 645 ) श्री सोहनलाल बाल्‍मीक : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता के विधानसभा क्षेत्र परासिया के अन्तर्गत वर्ष 2019 से प्रश्‍न दिनांक तक          कौन-कौन से मार्ग निर्माण कार्यों के प्रस्ताव विभाग द्वारा प्रस्तावित कर शासन स्तर पर स्वीकृति हेतु भेजे गये हैं? ख) प्रश्‍नांश (क) के अनुसार जिन मार्ग निर्माण कार्यों के प्रस्ताव विभाग द्वारा प्रस्तावित कर स्वीकृति हेतु भेजे गये हैं, उनमें से कौन-कौन से मार्ग निर्माण कार्यों की स्वीकृति विभाग द्वारा प्रदान की जा चुकी है और किन-किन मार्ग निर्माण कार्यों की स्वीकृति प्रदान नहीं की गई है? स्वीकृति प्रदान नहीं किए जाने का क्या कारण है? कारण सहित जानकारी उपलब्ध करायें। (ग) प्रश्‍नकर्ता द्वारा माननीय मंत्री महोदय को विधानसभा क्षेत्र परासिया में विभिन्न मार्गों के निर्माण कार्यों की स्वीकृति प्रदान किये जाने के संबंध में पत्र क्र.वि.स./परासिया/127/2022/651 दिनांक 12.09.2022 व पत्र क्र.वि.स./परासिया/127/2022/712 दिनांक 20.09.2022 एवं पत्र क्र.वि.स./परासिया/127/2022/653 दिनांक 12.09.2022 को प्रेषित किये गये थे और श्रीमान प्रमुख अभियंता लोक निर्माण विभाग भोपाल को पत्र क्र.वि.स./परासिया/127/2022/811 दिनांक 12.10.2022 को प्रेषित किया गया था, जिन पत्रों पर उल्लेखित मार्ग निर्माण कार्यों की स्वीकृति के संबंध में विभाग द्वारा अभी तक क्या कार्यवाही की गई है? मय दस्तावेज सहित जानकारी उपलब्ध करायें। कब तक स्वीकृति प्रदान कर दी जायेगी?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) एवं (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे प्रपत्र-अ अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे प्रपत्र-ब अनुसार है। समय-सीमा बताना संभव नहीं है।

संजीवनी क्लीनिक खोलने की योजना

[नगरीय विकास एवं आवास]

49. ( क्र. 689 ) श्री लखन घनघोरिया : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश शासन के नगरीय निकाय क्षेत्रों में संजीवनी क्लीनिक खोलने की क्या योजना है? इसके तहत क्या प्रवाधान रखा गया है? बीमारियों का इलाज व जांच कराने सम्बंधी क्या व्यवस्था की गई है? इसके लिये शासन ने कब क्या दिशा निर्देश जारी किये हैं एवं कितनी राशि का बजट प्रावधान रखा हैं? स्टॉफ की क्या व्यवस्था की गई हैं? (ख) नगर निगम जबलपुर नगरीय क्षेत्रों में कितने संजीवनी खोलने की स्वीकृति है। इसके तहत जोन स्तर पर क्लीनिक भवनों का निर्माण कराने हेतु कितने-कितने स्थलों का चयन कर इस दिशा में क्या प्रयास किये गये है तथा इनके भवनों का कब तक निर्माण कराकर इन्हें शुरू किया जावेगा? इनकी समय-सीमा क्या हैं? (ग) पूर्व विधानसभा क्षेत्र जबलपुर के तहत कितने संजीवनी क्लीनिक खोलने हेतु कहां-कहां पर स्थलों को चिंहित कर इस दिशा में क्या प्रयास किये गये हैं? कहां-कहां पर संजीवनी क्लीनिक भवनों का निर्माण कराने हेतु कितनी राशि स्वीकृत की गई है एवं कितने भवनों का निर्माण कराया गया हैं? यदि नहीं, तो क्यों?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) प्रदेश के नगरीय निकाय क्षेत्र में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने हेतु औसतन 20-25 हजार की आबादी पर 01 मुख्यमंत्री संजीवनी क्लीनिक के निर्माण/उन्नयन हेतु भारत सरकार द्वारा 15वें वित आयोग के अन्तर्गत कुल 783 संस्थाओं की स्वीकृति प्राप्त हुई है जिससे शहरी क्षेत्र में निवासरत गरीब एवं संवेदनशील वर्ग के लोगों को सुगमता से निःशुल्क स्वास्थ्य सेवायें मिल सके। शेष जानकारी पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट-'''' अनुसार है। (ख) नगर निगम जबलपुर नगरीय क्षेत्र में कुल 43 संजीवनी क्लीनिक खोलने की स्वीकृति प्राप्त है। अभी तक 06 पूर्व निर्मित भवनों को संजीवनी क्लीनिक हेतु चिन्हांकित किया गया है, जिनके उन्नयन का कार्य प्रचलन में है। 14 स्थलों का चयन किया जा कर निविदा स्वीकृति स्तर पर है। शेष स्थलों के चयन की कार्यवाही प्रचलित है। निविदा में सम्मलित निर्माण कार्यों के लिए कार्यादेश से 04 माह में कार्य पूर्ण करने की समयावधि निर्धारित की गई है। (ग) पूर्व विधानसभा क्षेत्र में कुल 06 स्थानों पर संजीवनी क्लीनिक का निर्माण किया जाना है। स्वीकृत कार्यों की स्थिति की जानकारी पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट-'''' अनुसार है। उक्त प्रकाश में उपरोक्त समस्त 06 स्थानों पर संजीवनी क्लीनिक के निर्माण की प्रक्रिया गतिशील है।

विद्युत पोल एवं ट्रान्सफार्मर की जानकारी

[ऊर्जा]

50. ( क्र. 690 ) श्री लखन घनघोरिया : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि             (क) जबलपुर पूर्व विधानसभा क्षेत्र के तहत कितने वितरण ट्रान्सफार्मर लगे हैं? इनकी पावर क्षमता कितनी एम.व्ही.ए. है तथा कहां-कहां पर कितने-कितने के.व्‍ही.ए. के स्थापित ट्रान्सफार्मर को बदलकर कितने-कितने के.व्‍ही.ए.के लगाने की आवश्‍यकता है? कहां-कहां के कितने-कितने के.व्‍ही.ए. के ट्रान्‍सफार्मर वर्ष मार्च 2021-22 से प्रश्‍न दिनांक तक आवश्यकतानुसार कब-कब बदलकर     कितने-कितने के.व्‍ही.ए. के लगाये गये है? कहां-कहां के जर्जर व खराब विद्युत पोलों एवं खराब वितरण ट्रान्सफार्मर कब से बदले नहीं गये हैं एवं क्यों? इन्हें कब तक बदलकर नये लगाये जावेंगे। (ख) प्रश्‍नांश (क) में कहां-कहां पर नये 11 के.व्‍ही. फीडर लगाने की आवश्यकता है ठक्कर ग्राम एवं ओमती क्षेत्र में कब तक नये फीडर लगाये जावेंगे। (ग) प्रश्‍नकर्ता द्वारा पूर्व विधानसभा क्षेत्र क्र.97 में विद्युत आपूर्ति सम्बंधी समस्याओं के निराकरण हेतु मुख्य अभियंता एवं अधीक्षण अभियंता (शहरवृत) म.प्र.पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड, जबलपुर को मार्च वर्ष 2021-22 से प्रश्‍न दिनांक तक दिये गये ज्ञापन में उल्लेखित विद्युत सम्बंधी कौन-कौन सी समस्याओं का कब क्या निराकरण किया गया है, कौन-कौन सी समस्याओं का अभी तक निराकरण नहीं किया गया है एवं क्यों? क्या शासन इसकी जांच कराकर विद्युत सम्बंधी समस्याओं का निराकरण कराने व दोषी अधिकारियों पर कार्यवाही कब तक करेगा?

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) संचारण/संधारण वृत्‍त जबलपुर के विधान सभा क्षेत्र जबलपुर-पूर्व अंतर्गत कुल 341 वितरण ट्रांसफार्मर विद्यमान हैं। उक्‍त विद्यमान वितरण ट्रांसफार्मरों की कुल पॉवर क्षमता 58 एम.व्‍ही.ए. है। वर्तमान में प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में संबद्ध भार की तुलना में उपलब्‍ध टांसफार्मरों की क्षमता पर्याप्‍त है। अत: वर्तमान में प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में कही पर भी अतिरिक्‍त वितरण ट्रांसफार्मर स्‍थापित करने/वितरण ट्रांसफार्मर की क्षमता वृद्धि किये जाने की आवश्‍यकता नहीं है। प्रश्‍नाधीन अवधि में प्रश्‍नाधीन क्षेत्र के ठक्‍कर ग्राम, न्‍यू रामनगर एवं जयप्रकाश नगर विद्युत फीडरों में 5 नंबर 200 के.व्‍ही.ए. के अतिरिक्‍त वितरण ट्रांसफार्मर स्‍थापित किये गये है एवं पूर्व से स्‍थापित 200 के.व्‍ही.ए. के 5 वितरण ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाकर 315 के.व्‍ही.ए. की गई है, जिसकी प्रश्‍नाधीन चाही गयी स्‍थानवार, क्षमतावार एवं दिनांकवार  जानकारी संलग्न परिशिष्‍ट  के           प्रपत्र-'अनुसार  है। म.प्र. पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा जले/खराब वितरण ट्रांसफार्मरों को नियमानुसार बकाया राशि जमा करने पर पात्र होने पर बदलने, विद्युत पोलों को व्‍यवस्थित करने सहित समस्‍त स्‍थापित विद्युत अधोसंरचना के रख-रखाव का कार्य मानसून पूर्व एवं मानसून अवधि के पश्‍चात करने के अलावा विद्युत व्‍यवधानों को कम करने के उद्देश्‍य से पूरे वर्ष सतत् रूप किया जा रहा है। अत: शेष प्रश्‍न नहीं उठता। (ख) प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में तकनीकी आवश्‍यकतानुसार ठक्‍कर ग्राम में 01 एवं ओमती क्षेत्र में 03 नये फीडरों की स्‍थापना के कार्य केन्‍द्र शासन की आर.डी.एस.एस. योजनान्‍तर्गत स्‍वीकृत है। उक्‍त कार्यों के क्रियान्‍वयन हेतु निविदा कार्यवाही प्रक्रियाधीन है।         (ग) माननीय प्रश्‍नकर्ता विधायक महोदय द्वारा विधानसभा क्षेत्र जबलपुर पूर्व में अघोषित बिजली कटौती एवं अनाप-शनाप बिजली बिल दिये जाने के संबंध में ज्ञापन क्रमांक 3890/JBP/22 दिनांक 03.02.2022 को अधीक्षण अभियंता संचारण/संधारण, वृत्‍त शहर जबलपुर/मिशन कंपाउड कार्यालय में दिया गया। उक्‍त ज्ञापन में उल्‍लेखित समस्‍याओं एवं तत्‍संबंध में म.प्र. पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा की गई कार्यवाही से संबंधित अद्यतन जानकारी संलग्न परिशिष्‍ट  के प्रपत्र-ब अनुसार  है। मुख्‍य अभियंता क्षेत्रीय कार्यालय, जबलपुर में वर्ष 2021-22 से प्रश्‍न दिनांक तक की अवधि में माननीय प्रश्‍नकर्ता विधायक महोदय का कोई ज्ञापन प्राप्‍त नहीं हुआ है। माननीय प्रश्‍नकर्ता विधायक महोदय के उक्‍त प्राप्‍त ज्ञापन में उल्‍लेखित समस्‍याओं हेतु म.प्र. पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा की गई कार्यवाही के परिप्रेक्ष्‍य में अन्‍य कोई कार्यवाही किया जाना अपेक्षित नहीं है।

परिशिष्ट - "तेरह"

नगर निगम चुनाव में आरक्षण

[नगरीय विकास एवं आवास]

51. ( क्र. 761 ) श्री प्रताप ग्रेवाल : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में वर्ष 2022 में नगर निगम के चुनाव में प्रत्येक वर्ग में पार्षद हेतु महिला आरक्षण के लिये दिये गये निर्देश की प्रति देवें तथा बतावें कि यदि किसी वर्ग में कुल 17 पार्षद पद हैं तो महिला हेतु कितने पद आरक्षित किये जायेंगे। (ख) वर्ष 2022 के नगर निगम चुनाव में यदि किसी नगर निगम में कुल मिलाकर 49 पार्षद हैं तो सभी केटेगरी (वर्ग) के मिलाकर महिला हेतु आरक्षित हैं तो क्या माननीय सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के विपरीत नहीं है? (ग) वर्ष 2022 के चुनाव में प्रदेश की सभी नगर-निगम के पार्षद के अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति तथा पिछड़ा एवं सामान्य के पद तथा इन वर्गों में महिला हेतु आरक्षित पद, कुल पद की संख्या नगर निगम अनुसार बतावें। (घ) सामान्य एवं पिछड़े वर्ग के आरक्षण में चक्रानुक्रम से वार्ड संख्या तय करने के बाद महिला के आरक्षण क्या चक्रानुक्रम से तय किये गये या गोटी निकाली गयी? इस संबंध जारी निर्देश की प्रति देवें। (ड.) चुनाव के दौरान आचार संहिता के उल्लंघन की कितनी शिकायतें प्राप्त हुई? नगर-निगम अनुसार बतावें तथा बतावें कि रतलाम नगर निगम के चुनाव में प्राप्त शिकायतें तथा उस पर की गई कार्यवाही की जानकारी देवें।

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) नगरीय निकायों में प्रत्येक वर्ग में पार्षद पद हेतु यथाशक्य निकटतम रूप से 50 प्रतिशत अर्थात 17 पार्षद में से 8.5 पद परंतु आरक्षण की गणना में आधे या आधे से अधिक भाग को एक गिना जाता है उस स्थिति में 09 पद महिला हेतु आरक्षित हो सकते है। महिला आरक्षण संबंधी नियम दिशा-निर्देशों की  जानकारी पुस्‍तकालय  में रखे  परिशिष्‍ट –अ अनुसार है। (ख) वार्डों का आरक्षण नियम 1994 के अनुसार कुल 49 पार्षदों में यथाशक्य निकटतम रूप से 50 प्रतिशत अर्थात 24.5 पद परंतु आरक्षण की गणना में आधे या आधे से अधिक भाग को एक गिना जाता है उस स्थिति में 25 पद महिला हेतु आरक्षित हो सकते है। महिला आरक्षण संबंधी नियम दिशा-निर्देशों की  जानकारी पुस्‍तकालय  में रखे  परिशिष्‍ट -अ अनुसार है। (ग) नगर निगम अनुसार  जानकारी पुस्‍तकालय  रखे  परिशिष्‍ट -ब अनुसार है। (घ) म.प्र. नगर पालिका (अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा वर्ग एवं महिलाओं के लिए वार्डों का आरक्षण) नियम 1994 के अनुसार महिला आरक्षण चक्रानुक्रम तथा लॉट के माध्यम से किया गया है। जानकारी पुस्‍तकालय  रखे  परिशिष्‍ट- अ अनुसार है। (ड.) जानकारी संकलित की जा रही है।

नगरपालिका परिषद सारनी की सीमा में वनभूमि का निर्वनीकरण

[नगरीय विकास एवं आवास]

52. ( क्र. 792 ) डॉ. योगेश पंडाग्रे : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बैतूल जिले के अंतर्गत नगरपालिका परिषद्, सारनी में सार्वजनिक उपयोग की कितनी भूमि वन क्षेत्र के रूप दर्ज है? (ख) क्‍या नगरीय क्षेत्र की अधिकांश भूमि वनक्षेत्र के रूप में दर्ज होने के कारण डब्‍लूसीएल, मध्‍यप्रदेश पावरजनरेटिंग कंपनी तथा नगरपालिका को निर्माण कार्यों हेतु वन विभाग से अनुमति लेनी होती है तथा इस बाध्‍यता के कारण निर्माण कार्यों में अनावश्‍यक विलंब होता है? (ग) सारनी नगर में स्थित सार्वजनिक प्रयोजन की भूमि यथा, सड़क, खेल मैदान, आवासीय कालोनी, शमशान घाट, कब्रिस्‍तान आदि को निर्वनीकृत कर भूमि को राजस्‍व मद में दर्ज किये जाने अथवा स्‍थानीय निकायों को सौंपने हेतु सरकार क्‍या कोई कार्यवाही कर रही है? (घ) यदि हाँ, तो कार्यवाही का स्‍वरूप क्‍या है, यह कार्यवाही कब तक कर ली जाएगी? यदि नहीं, तो क्‍यों?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

सतपुड़ा ताप विद्युत गृह में नवीन इकाई की स्‍थापना

[ऊर्जा]

53. ( क्र. 793 ) डॉ. योगेश पंडाग्रे : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या बैतूल जिले के अंतर्गत सतपुड़ा ताप विद्युत गृह में प्रारंभ से लेकर आज दिनांक तक स्‍थापित इकाइयों की कुल विद्युत उत्‍पादन क्षमता कितनी है तथा प्रश्‍न दिनांक को इसके विरूद्ध कितने मेगावाट बिजली का उत्‍पादन किया जा रहा है? (ख) ताप विद्युत गृह की बन्‍द पड़ी इकाइयों में पुन: विद्युत उत्‍पादन करने अथवा इन पुरानी इकाईयों को डिस्‍मेंटल किये जाने के संबंध में सरकार द्वारा आज दिनांक तक क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई? (ग) सतपुड़ा ताप विद्युत गृह सारनी में विद्युत उत्‍पादन हेतु उपलब्‍ध संसाधनों का उपयोग नवीन आधुनिक इकाई की स्‍थापना हेतु सरकार द्वारा कोई कार्यवाही की जा रही है? यदि हाँ, तो नवीन इकाइयों की स्‍थापना कब तक की जावेगी?              (घ) प्रश्‍नांश (ग) का उत्‍तर नहीं होने की स्थिति में सारनी नगर में बढ़ती बेरोजगारी, व्‍यापारिक गतिविधियों की कमी तथा जनसंख्‍या के पलायन करने की समस्‍याओं से निपटने के लिये सरकार क्‍या वैकल्पिक कदम उठाएगी?

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) सतपुड़ा ताप विद्युत गृह, सारनी, जिला बैतूल में प्रारंभ से लेकर प्रश्‍न दिनांक तक स्‍थापित इकाइयों की कुल विद्युत उत्‍पादन क्षमता 1642.5 मेगावाट है। वर्तमान में सतपुड़ा ताप विद्युत गृह की 2X250 मेगावाट इकाइयों से बिजली का उत्‍पादन किया जा र‍हा है। (ख) सतपुड़ा ताप विद्युत गृह, सारनी की सेवानिवृत इकाई क्र. 1 से 5 को डिसमेंटल करने हेतु दिनांक 01.10.2015 को मेसर्स सिक्किम फेरो अलॉय लिमिटेड, मुंबई को आदेश जारी किया गया। फर्म द्वारा दिनांक 18.02.2019 को कार्य पूर्ण कर लिया गया है। रूपांकन आयु पूर्ण होने के दृष्टिगत दिनांक 05.03.2021 से इकाई क्र. 6 एवं 7 तथा दिनांक 29.02.2020 से इकाई क्र.8 एवं 9 विद्युत उत्पादन हेतु उपलब्ध नहीं है। इन इकाईयों को डिसमेंटल करने के पूर्व इनके मूल्यांकन का कार्य आदेश दिनांक 16.02.2022 द्वारा मेसर्स स्‍टीग एनर्जी सर्विसेज इंडिया प्रा.लि., नोएडा (उ.प्र.) को प्रदान किया गया है। तदुपरान्‍त राज्‍य शासन से अनुमोदन उपरान्‍त डिसमेन्‍टल करने हेतु आगामी कार्यवाही की जाएगी। (ग) जी हाँ, सतपुड़ा ताप विद्युत गृह, सारनी में सेवानिवृत इकाई क्र. 1 से 5 के स्थान पर 1x660 मेगावाट क्षमता की नवीन सुपरक्रिटिकल ताप इकाई की स्थापना हेतु कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। इस इकाई को वर्ष 2027-28 तक क्रियाशील किया जाने का लक्ष्‍य है।     (घ) उत्तरांश (ग) के संदर्भ में लागू नहीं।

जबलपुर में स्‍मार्ट सिटी अंतर्गत निर्माण कार्य

[नगरीय विकास एवं आवास]

54. ( क्र. 801 ) श्री अशोक ईश्‍वरदास रोहाणी : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जबलपुर में स्‍मार्ट सिटी अंतर्गत कितने विकास/निर्माण कार्य स्‍वीकृत हैं? (ख) जबलपुर में स्‍मार्ट सिटी अंतर्गत कौन-कौन से विकास/निर्माण कार्य पूर्ण हो चुके हैं और कौन-कौन से विकास/निर्माण कार्य वर्तमान में चल रहे हैं? (ग) कैंट विधानसभा अंतर्गत स्‍मार्ट सिटी के कितने विकास/निर्माण कार्य पूर्ण हो चुके हैं और कितने वर्तमान में चल रहे हैं।                (घ) जबलपुर में स्‍मार्ट सिटी अंतर्गत चल रहे विकास/निर्माण कार्य कब तक पूर्ण हो जायेंगे?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) जबलपुर में स्मार्ट सिटी अंतर्गत 115 विकास/निर्माण कार्य राशि रु. 942.74 करोड के स्‍वीकृत किये गए हैं। कार्य की सूची  पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट-अ  अनुसार है। (ख) जबलपुर में स्मार्ट सिटी अंतर्गत पूर्ण हो चुके विकास/निर्माण कार्य की  सूची  पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट-ब  अनुसार है  एवं प्रगति में चल रहे कार्य की  सूची  पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट-स  अनुसार है। (ग) कैंट विधानसभा अंतर्गत कुल 28 विकास/निर्माण कार्य पूर्ण हो चुके हैं, जिसमे से 07 कार्य कैंट विधानसभा क्षेत्र में तथा 21 विकास/निर्माण कार्य अन्‍य विधानसभा के साथ संयुक्‍त रूप से पूर्ण हो चुके हैं एवं वर्तमान में कैंट विधानसभा के अंतर्गत कुल 10 विकास/निर्माण कार्य चल रहें हैं जिसमे से 02 कार्य कैंट विधानसभा क्षेत्र में तथा 08 विकास/निर्माण कार्य अन्‍य विधानसभा के साथ संयुक्‍त रूप से चल रहे है। सूची  पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट-द  अनुसार है। (घ) जबलपुर में स्मार्ट सिटी अंतर्गत चल रहे विकास/निर्माण कार्य कब तक पूर्ण हो जायेंगे की जानकारी पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट अनुसार है

शाह एवं खंदारी नाला को नर्मदा में मिलने से रोकने की योजना

[नगरीय विकास एवं आवास]

55. ( क्र. 846 ) श्री संजय यादव : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जबलपुर जिले के नगर निगम जबलपुर अंतर्गत जो गंदे नाले ( मुख्यतः शाह नाला एवं खंदारी नाला) नर्मदा जी में मिलने से रोकने हेतु ट्रीटमेंट प्लान लगाने संबधी क्या योजना बनाई है? (ख) क्या विभाग दोनों नालों पर अलग-अलग ट्रीटमेंट प्लांट लगायेगा? यदि नहीं, तो क्या दोनों नालों के पानी की रोकथाम हेतु एक ही सीवर ट्रीटमेंट प्लांट लगाना कैसे प्रभावशाली रहेगा? क्या किसी अधिकारी द्वारा स्थल निरिक्षण कर एक ही ट्रीटमेंट प्लांट लगाने के सुझाव दिये हैं? स्थल निरीक्षण रिपोर्ट की प्रति देवें। (ग) उक्त नालों पर लगने वालें ट्रीटमेंट प्लांट की निविदा जारी कब तक होगी?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) शाहनाला और खंदारी नाला दोनों रामपुर छापर में शासकीय एकलव्य छात्रावास के पीछे एक साथ मिलते हैं, जिसके समीप अमृत योजनांतर्गत 34 एम.एल.डी. क्षमता के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का कार्य 65 प्रतिशत पूर्ण कर लिया गया है। शेष कार्य प्रगतिरत है। इस संयंत्र में इन दोनों नालों में बह रहे गंदे पानी का शोधन हो सकेगा। (ख) उत्‍तरांश (क) अनुसार इस संयंत्र में इन दोनों नालों में बह रहे गंदे पानी को शुद्धिकृत किया जावेगा। इन नालों के अतिरिक्त एक अन्य नाला ज्ञानगंगा कॉलेज के पीछे से होकर माँ नर्मदा में मिलता है। जिसको रोकने के लिए एक अतिरिक्त शोधन संयंत्र निर्माण किया जाना प्रस्‍तावित है। उक्त स्थल का निरीक्षण नगर निगम के अधिकारियों द्वारा सीवेज ट्रीटमेंट एक्सपर्ट के साथ किया जाकर, सर्वे का कार्य पूर्ण कर लिया गया है। निकाय द्वारा स्‍थल निरीक्षण रिपोर्ट संधारित नहीं की गई है। (ग) अमृत योजनांतर्गत 34 एम.एल.डी. क्षमता के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का कार्य 65 प्रतिशत पूर्ण कर लिया गया है। शेष कार्य प्रगतिरत है। नवीन शोधन संयंत्र की निविदा जारी किये जाने के संबंध में समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

किसानों को स्थाई विद्युत कनेक्शन का प्रदाय

[ऊर्जा]

56. ( क्र. 850 ) श्री अजय कुमार टंडन : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि           (क) जनवरी 2021 से लेकर प्रश्‍न दिनांक तक दमोह जिले में कितने किसानों के द्वारा स्थाई विद्युत कनेक्शन प्रदान किए जाने हुए आवेदन किए गए हैं? (ख) प्रश्‍नांश (क) में प्राप्त आवेदनों पर कितने किसानों को स्थाई विद्युत कनेक्शन दिए गए हैं? उनके नाम सहित सूची देवें। (ग) क्या शासन द्वारा किसानों को सिंचाई के लिए स्थाई कनेक्शन देना बंद कर दिए गए हैं, यदि हाँ, तो क्यों? नहीं तो कब तक प्रदाय किए जाएंगे?

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) माह जनवरी, 2021 से प्रश्‍न दिनांक तक की अवधि में दमोह जिले के 964 कृषकों से स्‍थाई विद्युत कनेक्‍शन हेतु आवेदन म.प्र.पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के संबंधित कार्यालयों में प्राप्‍त हुए। (ख) उत्‍तरांश () में उल्‍लेखित प्राप्‍त 964 आवेदनों के विरूद्ध 948 कृषकों को स्‍थाई विद्युत कनेक्‍शन दिए गए, जिसकी कृषकों के नाम सहित प्रश्‍नाधीन चाही गयी जानकारी पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट अनुसार  है। शेष 16 आवेदनों में से 11 आवेदन, आवेदक द्वारा आवश्‍यक लाईन विस्‍तार कार्य हेतु राशि जमा करने की सहमति नहीं देने/डबल आवेदन करने/गलत आवेदन करने के कारण निरस्‍त किए गए हैं तथा 4 आवेदनों में नियमानुसार आवश्‍यक राशि जमा होने पर एवं 1 आवेदन में आवेदक द्वारा लाईन विस्‍तार कार्य हेतु सहमति दिए जाने एवं नियमानुसार आवश्‍यक राशि जमा कराने पर स्‍थाई पंप कनेक्‍शन प्रदान किया जा सकेगा। (ग) विद्युत वितरण कंपनियों द्वारा कृषकों को सिंचाई के लिए स्‍थाई विद्युत कनेक्‍शन देना बंद नहीं किया गया है। कृषकों से आवेदन प्राप्‍त होने पर जहाँ लाईन विस्‍तार की आवश्‍यकता नहीं है, वहाँ विद्युत कनेक्‍शन हेतु आवश्‍यक राशि जमा करने सहित औपचारिकता पूर्ण करने के उपरांत तत्‍काल विद्युत कनेक्‍शन प्रदान कर दिये जाते हैं तथा जिन स्‍थानों पर लाईन विस्‍तार के कार्य की आवश्‍यकता होती है, वहाँ कृषक द्वारा लाईन विस्‍तार कार्य सहित नियमानुसार विद्युत पंप कनेक्‍शन हेतु शत-प्रतिशत राशि स्‍वयं वहन करने के लिये सहमति देने के उपरांत वितरण कंपनी के संबंधित कार्यालय में स्‍वीकृत प्राक्‍कलन की शत-प्रतिशत राशि जमा करने पर अथवा स्‍वीकृत प्राक्‍कलन की कुल 3 प्रतिशत सुपरविजन चार्ज की राशि वितरण कंपनी के संबंधित कार्यालय में जमा कर '' श्रेणी के ठेकेदार से लाईन विस्‍तार का कार्य स्‍वयं करवाकर विद्युत वितरण कंपनी से नियमानुसार स्‍थाई विद्युत पंप कनेक्‍शन प्राप्‍त कर सकता है।

विद्युत भार अनुसार ट्रांसफार्मरों के बदलने की कार्यवाही

[ऊर्जा]

57. ( क्र. 881 ) श्री शरद जुगलाल कोल : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि     (क) शहडोल जिले में कितने विद्युत वितरण केन्‍द्र संचालित हैं? उनके आने वाले क्षेत्र में कितने ट्रांसफार्मर कितने क्षमता के स्‍थापित हैं? क्षमता अनुसार कितने विद्युत भार की क्षमता इन ट्रांसफार्मर में है? (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार लगाये गये ट्रान्‍सफार्मरों में से कितने ट्रान्‍सफार्मर             कब-कब वर्ष 2021 से प्रश्‍नांश दिनांक तक में जले एवं कब-कब बदले गये? तिथिवार वितरण केन्‍द्रवार विवरण प्रश्‍नांश दिनांक तक का देवें। (ग) प्रश्‍नांश (क) अनुसार लगाये गये ट्रान्‍सफार्मरों में वर्ष 2016 में विद्यमान ट्रांसफार्मर पर कितने उपभोक्‍ता थे वर्तमान में उन वितरण केन्‍द्रों में विद्यमान ट्रांसफार्मरों पर कितने नवीन उपभोक्‍ता संबंद्ध हुये है इनमें से कितने सिंचाई बावत पम्‍प कनेक्‍शन के उपभोक्‍ता थे एवं वर्तमान में कितने है। (घ) क्‍या विभाग द्वारा समझौता योजना संचालित की गई है,इस योजना के तहत कितने उपभोक्‍ताओं को कितनी राशि की छूट देकर लाभान्वित किया का विवरण विद्युत वितरण केन्‍द्रवार जिलों का पृथक-पृथक देवें। (ड.) प्रश्‍नांश (क) अनुसार लगाये गये ट्रान्‍सफार्मरों में प्रश्‍नांश (ख) अनुसार समय-समय पर बदले नहीं गये विद्युत आपूर्ति बाधित हुई एवं प्रश्‍नांश (ग) अनुसार उपभोक्‍ता बढ़ने पर ज्‍यादा क्षमता के ट्रान्‍सफार्मरों को बदलकर लगाने बाबत् निर्देश नहीं दिये गये, जिसके कारण ट्रान्‍सफार्मरों में भार बढ़ा और वो जलते रहे विद्युत आपूर्ति बाधित हुई फिर भी मनमानी बिल की वसूली कर उपभोक्‍ताओं को परेशान किया गया, इस पर जिम्‍मेदारों पर क्‍या कार्यवाही करेंगे व ट्रान्‍सफार्मरों के बदलने बाबत् क्‍या निर्देश जारी करेंगे? अगर नहीं तो क्‍यों?

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) शहडोल जिले में कुल 11 विद्युत वितरण केन्द्र संचालित है। उक्‍त विद्युत वितरण केन्‍द्रों के क्षेत्रांतर्गत 286847 के.व्‍ही.ए. क्षमता के कुल 5845 वितरण ट्रांसफार्मर स्थापित है। उक्‍त ट्रांसफार्मरों की दर्शाई गई के.व्‍ही.ए क्षमता अनुसार विद्युत भार की क्षमता इन ट्रांसफार्मरों में है। (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार लगाये गये ट्रांसफार्मरों में वर्ष 2021 से प्रश्‍नांश दिनांक तक कुल 1629 वितरण ट्रांसफार्मर जले/खराब थे, जिन्‍हें नियमानुसार पात्र होने पर बदल दिया गया है। प्रश्‍नाधीन दिनांकवार एवं वितरण केन्‍द्रवार जानकारी पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार  है। (ग) वर्ष 2016 में शहडोल जिले अन्‍तर्गत स्‍थापित वितरण ट्रांसफार्मरों से 140681 उपभोक्ता संबद्ध थे। इसके उपरांत प्रश्‍न दिनांक तक उक्‍त वितरण ट्रांसफार्मरों से 95380 नवीन उपभोक्‍ताओ को विद्युत कनेक्‍शन दिया गया। वर्ष 2016 में 11631 सिंचाई पंप कनेक्‍शन के उपभोक्‍ता थे एवं वर्तमान में कुल 32272 सिंचाई पंप कनेक्‍शन उपभोक्‍ता है। (घ) विद्युत अधिनियम 2003 के अनुसार विद्युत की चोरी के प्रकरणों का न्‍यायालय के बाहर निराकरण करने हेतु समझौता (compunding) किये जाने का प्रावधान है। तद्नुसार 1 जनवरी 2021 से 30 नवम्‍बर 2022 तक की अवधि में लगाई गई लोक अदालतों में प्रश्‍ना‍धीन जिला-शहडोल के 969 उपभोक्‍ताओं को कुल रूपये 43.17 लाख की छूट प्रदान की गयी है। जिसकी वितरण केन्‍द्रवार जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब-1 अनुसार है। म.प्र. पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के अंतर्गत उक्‍त अवधि में कुल 7 लोक अदालतों का आयोजन कर उपभोक्‍ताओं को प्रदान की गई जिलेवार/वृत्‍तवार छूट संबंधी जानकारी पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब-2 अनुसार  है। (ड़) जी नहीं। विद्युत वितरण ट्रांसफार्मर जला/खराब होने की दशा में उस ट्रांसफार्मर से संबद्ध 50 प्रतिशत उपभोक्‍ताओं द्वारा भुगतान करने पर अथवा कुल बकाया राशि का 10 प्रतिशत जमा होने के उपरांत इन जले/खराब वितरण ट्रांसफार्मरों को बदले जाने का नियम है। प्रश्‍नाधीन अवधि के 1629 जले/खराब विद्युत वितरण ट्रांसफार्मरों को उक्‍त नियमों के अंतर्गत पात्र होने पर बदल दिया गया है, अत: विद्युत प्रदाय बाधित होने का प्रश्‍न नहीं उठता। उत्‍तरांश (ग) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रत्‍येक वर्ष की कार्ययोजना के तहत नवीन विद्युत उपभोक्‍ताओं की भार वृद्धि के दृष्टिगत वर्ष 2016 के बाद 2236 अतिरिक्‍त वितरण ट्रांसफार्मरों की स्‍थापना एवं ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि के कार्य सम्मिलित कर कराये गये है। उक्‍तानुसार की गई कार्यवाही के परिप्रेक्ष्‍य में विद्युत प्रदाय बाधित होने का प्रश्‍न नहीं उठता। उपभोक्‍ताओं को म.प्र. विद्युत नियामक आयोग द्वारा निर्धारित टैरिफ के अनुरूप नियमानुसार बिल दिये गये है तथा नियमानुसार विद्युत बिलों की वसूली हेतु कार्यवाही की जा रही है। अत: किसी पर कार्यवाही किये जाने का प्रश्‍न नहीं उठता। जले/खराब विद्युत वितरण ट्रांसफार्मरों को समय-सीमा के अंदर बदलने हेतु परिपत्र पूर्व में ही जारी किया है, जिसकी प्रति  पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-स  अनुसार है। अत: शेष प्रश्‍न नहीं उठता।

अधिग्रहित भूमि का मुआवजा

[नगरीय विकास एवं आवास]

58. ( क्र. 902 ) श्री आरिफ अक़ील : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अमृत परियोजना के अंतर्गत हिनोतिया आलम में स्थित निजी भूमि स्‍वामियों की भूमि में पेयजल पाईप-लाईन डाली गई जिसकी स‍हमति भूमि स्‍वामियों से प्राप्‍त नहीं की गई, ऐसे में शासन इन भूमि‍ स्‍वामियों को क्‍या लाभ देगा जिससे भूमि‍ स्‍वामियों का सुखाधिकार प्राप्‍त हो सके? (ख) क्‍या अनुविभागीय अधिकारी राजस्‍व कोलार रोड भोपाल/कलेक्‍टर भोपाल/नगर निगम भोपाल द्वारा ग्राम एवं निवेश संचालनालय/विभाग को निजी भूमि स्‍वामियों को विकास अधिकार प्रमाण पत्र ''टीडीआर'' जारी करने के लिये कोई प्रस्‍ताव प्रेषित किया गया है? यदि हाँ, तो किस दिनांक को तथा यह प्रमाण पत्र निजी भूमि स्‍वामियों के पक्ष में कब तक जारी कर दिया जायेगा? इस प्रमाण पत्र से भूमि स्‍वामियों को क्‍या-क्‍या लाभ प्राप्‍त होंगे। (ग) पाईप-लाईन का कार्य निजी भूमि‍ से पूर्ण होने के बाद भी आज दिनांक तक निजी भूमि स्‍वामियों को राजस्‍व विभाग/नगर निगम द्वारा भूमि‍ अधिग्रहण के नियमानुसार कोई मुआवजा क्‍यों नहीं दिया गया? क्‍या शासन मुआवजा देने की कार्यवाही के आदेश जारी करेगा? यदि हाँ, तो कब तक?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) अमृत परियोजनान्तर्गत भोपाल नगर क्षेत्र में स्थित हिनोतिया आलम में स्थित निजी भूमि स्वामियों की भूमि में भूमिगत पेयजल पाईप लाईन डाली गई है, बदले में शासन इन भूमि स्वामियों को ''म.प्र. हस्तांतरणीय विकास अधिकार नियम-2018'' के अनुसार भूस्वामियों को हस्तांतरणीय विकास अधिकार प्राप्त हो सके इस बावत् नगर निगम द्वारा प्रस्‍ताव तैयार किया गया है। (ख) जी हाँ। नगर निगम, भोपाल द्वारा संचालनालय, नगर तथा ग्राम निवेश को निजी भूस्‍वामियों को विकास अधिकार प्रमाण पत्र ''टी.डी.आर.'' प्रदाय करने के लिये दिनांक 08.02.2021 को प्रस्‍ताव प्रेषित किया गया है। कार्यवाही प्रक्रियाधीन होने के कारण समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। इस प्रमाण पत्र से भूस्‍वामियों को म.प्र. हस्‍तांतरणीय विकास अधिकार नियम 2018 में उल्‍लेखित प्रावधान अनुसार हस्‍तांरणीय विकास अधिकार प्राप्‍त हो सकेगा। (ग) उत्‍तरांश (ख) अनुसार हस्‍तांतरणीय विकास अधिकार ''टी.डी.आर.'' प्रदान करने की कार्यवाही प्रक्रियाधीन होने के कारण निजी भूमि स्‍वामियों को मुआवजा नहीं दिया गया है। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

टोल टैक्‍स के संबंध में शासन द्वारा निर्धारित मापदंड

[लोक निर्माण]

59. ( क्र. 920 ) श्री विजयपाल सिंह : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) एन.एच 69 औबेदुल्‍लागंज-बैतूल पर बनाये गये टोल के संबंध में शासन द्वारा क्‍या मापदंड एवं शर्तें रखी गई हैं? एक टोल से दूसरे टोल की दूरी क्‍या है? नियमों की प्रति हिन्‍दी भाषा में उपलब्‍ध करावें? (ख) क्‍या एन.एच 69 औबेदुल्‍लागंज -बैतूल पर जो टोल टैक्‍स बनाये गये हैं उसमें एक टोल औबेदुल्‍लागंज में बनाया गया है और दूसरा टोल बघवाड़ा शाहगंज तहसील बुधनी जिला सीहोर पर बनाया गया है, जिसकी दूरी एक टोल से दूसरे टोल तक मात्र 32 कि.मी. हैं जबकि एनएचआई की टोल शर्तों में एक टोल से दूसरे टोल की दूरी लगभग 70 कि.मी. की दूरी रहती है‍। इस मार्ग पर दो बार टोल टैक्‍स क्‍यों वसूला जा रहा है? इसकी विस्‍तृत जानकारी उपलब्‍ध कराई जाये? (ग) क्‍या एनएच 69 मार्ग पर बरखेडा बुधनी के बीच फारेस्‍ट एरिया का 12.5 किमी मार्ग फोरलेन नहीं हुआ है फिर भी इस मार्ग का टोल लिया जा रहा है यह किस आधार पर लिया जा रहा हैं? (घ) वर्तमान में जो टोल बनाया गया है क्‍या यह सही जगह बनाया गया है? होशंगाबाद से भोपाल के बीच में मात्र एक टोल बनना था, लेकिन दो दो टोल बना दिये गये हैं और उसके बाद भी मिसरोद से भोपाल आने के लिये नगर निगम क्षेत्र के बीआरटीएस की रोड है उस हिसाब से भी दूरी होशंगाबाद से बुधनी होते हुये मिसरोद की दूरी लगभग 45 किमी होती है। दो-दो टोल टैक्‍स होने के कारण जनता को अधिक टैक्‍स देना पड़ रहा है इस स्थिति में विभाग द्वारा क्‍या कार्यवाही की जा रही है? क्‍या इस टोल को बंद किया जायेगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) से (घ) भारतीय राष्‍ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण से प्राप्‍त उत्‍तर  पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट अनुसार।

लोक निर्माण विभाग निर्मित सड़कों की गुणवत्‍ता

[लोक निर्माण]

60. ( क्र. 921 ) श्री विजयपाल सिंह : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मेरे विधानसभा क्षेत्र सोहागपुर में लोक निर्माण विभाग द्वारा वर्ष 2017-18 के बजट में इन्‍दौरी चौक माखननगर (बाबई) से नसीराबाद मार्ग स्‍वीकृत किया है? इस मार्ग की लंबाई एवं लागत क्‍या थी? (ख) प्रश्‍नांश (क) के संबंध में स्‍वीकृत मार्ग की कब कब निविदा आमंत्रित की गई? निविदा की प्रति उपलब्‍ध करावें? इस मार्ग के निर्माण हेतु किस ठेकेदार द्वारा ठेका लिया गया है उनका नाम, पता सहित जानकारी उपलब्‍ध करावें? (ग) क्‍या उपरोक्‍त मार्गों का निर्माण किया जा चुका है यदि हाँ, तो कब? कार्यपूर्णता प्रमाण पत्र उपलब्‍ध करावें? यदि उक्‍त मार्ग का निर्माण नहीं हुआ है, तो क्‍यों? इस पर विभाग द्वारा क्‍या कार्यवाही की गई है? (घ) क्‍या इन्‍दौरी चौक माखननगर (बाबई) से नसीराबाद मार्ग का जो निर्माण किया गया है वह बहुत ही घटिया एवं गुणवत्‍ताहीन है? क्‍या मार्ग के निर्माण के साथ साईट शोल्‍डर एवं एप्रोच बनाये जाने का प्रावधान है? यदि हाँ, तो क्‍या सड़क के शोल्‍डर एवं एप्रोच बनाये गये हैं? उक्‍त शिकायत क्षेत्रीय विधायक द्वारा भी की गई इसके संबंध में विभाग द्वारा क्‍या जांच कराई गई है? यदि हाँ, तो कब और नहीं तो क्‍यों? इसके लिये कौन दोषी है? ठेकेदार एवं संबंधित अधिकारी के विरूद्ध कब कब क्‍या कार्यवाही की गई है?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ। विस्तृत विवरण  पुस्‍तकालय  में रखे प्रपत्र-अ अनुसार है। (ख) निविदा की प्रति  पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट-1 अनुसार है। शेष विवरण  पुस्‍तकालय  में रखे प्रपत्र-अ अनुसार है। (ग) जी हाँ। दिनांक 28.07.2022 को कार्य पूर्ण। जानकारी पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट-2 अनुसार है। शेष प्रश्‍न का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता। (घ) जी नहीं। जी हाँ। जी हाँ। जी हॉं, दिनांक 08.07.2021 को। शेष का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता। जानकारी पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट-3 एवं 4 अनुसार है। पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-3 एवं 4 के अनुक्रम में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

नई शिक्षा नीति के अनुसार विभाग द्वारा की गई कार्यवाही

[उच्च शिक्षा]

61. ( क्र. 927 ) श्री संजय यादव : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि           (क) जिला जबलपुर के शासकीय महाविद्यालय बरगी में नई शिक्षा नीति अनुसार बहुसंकाय विषय खोले जाने हेतु विभाग द्वारा क्या कार्यवाही की जा रहीं है,? प्रश्‍नकर्ता द्वारा उक्त के संबंध में किये गए पत्राचारों पर कोई कार्यवाही क्यों नहीं की गई? (ख) क्या शासकीय महाविद्यालय संचालन हेतु नवीन भवन तैयार हो चुका है? यदि हाँ, तो उसका लोकापर्ण कर शैक्षणिक उपयोग क्यों नहीं किया जा रहा है? कब उसमें महाविद्यालय संचालन किया जावेगा? (ग) जिला जबलपुर के चरगवां (विजौरी) एवं शहपुरा में मुख्यमंत्री घोषणानुसार नवीन शा. महाविद्यालय क्यों नहीं खोले जा रहे हैं? अगर विभाग द्वारा अनेक बार प्रस्ताव को सहमति हेतु भेजे जाने पर भी वित्त विभाग द्वारा पृच्छा लगाकर वापिस किया जा रहा है, तो विभाग प्रस्ताव को सीधे मंत्रि‍ परिषद के अनुमोदन के लिए क्यों नहीं भेज रहा?

उच्च शिक्षा मंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) राष्‍ट्रीय शिक्षा नीति में उल्‍लेखित प्रावधान अनुसार प्रदेश के शासकीय महाविद्यालयों को शासकीय मद से बहुसंकायी बनाए जाने हेतु कार्यवाही प्रचलन में है। शासकीय महाविद्यालय, बरगी (जिला जबलपुर) के साथ प्रदेश के समस्‍त शासकीय महाविद्यालयों को स्‍नातक स्‍तर पर स्‍ववित्‍तीय योजना अंतर्गत बहुसंकायी किए जाने हेतु आयुक्‍त, उच्‍च शिक्षा, मध्‍यप्रदेश के आदेश क्रमांक 78/168/स्‍व. वि./आउशि/योजना/2022 दिनांक 04/02/2022 के माध्‍यम से अनुमति प्रदान की जा चुकी है। (ख) जी हाँ। शासकीय महाविद्यालय, बरगी का नवीन भवन पूर्ण होकर दिनांक 01/10/2022 को महाविद्यालय को हस्‍तानांतरित किया जा चुका है तथा दिनांक 10/10/2022 से नवीन भवन में शै‍क्षणिक कार्य संचालित है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) जिला जबलपुर अंतर्गत चरगवां व शहपुरा में नवीन शासकीय महाविद्यालय स्‍थापित किए जाने के लिए सहमति हेतु विभाग द्वारा अन्‍य प्रस्‍तावों के साथ वित्‍त विभाग को दिनांक 14-11-2022 को प्रस्‍ताव प्रेषित किया गया है। वित्‍त विभाग की सहमति तथा मंत्रि-परिषद के अनुमोदन उपरांत आगामी कार्यवाही की जाएगी।

सिवनी जिले में अतिक्रमण

[नगरीय विकास एवं आवास]

62. ( क्र. 947 ) श्री दिनेश राय मुनमुन : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सिवनी जिले की नगर पालिका/नगर परिषद अंतर्गत शासकीय भूमि पर कितने लोगों ने अतिक्रमण किया है? अतिक्रमणकर्ता का नाम, पिता का नाम, पता, स्‍थल का नाम, रकवा वर्ग फुट में अतिकरण किया गया वर्ष? की जानकारी क्रमवार कालम में उपलब्‍ध करावें। (ख) नगर प‍ालिका/नगर परिषद क्षेत्र अंतर्गत जिन व्‍यक्तियों के द्वारा अतिक्रमण किया गया है शासकीय भूमि को अतिक्रमण मुक्‍त कराये जाने हेतु क्‍या कार्यवाही की गई? अतिक्रमण हटाने की कोई कार्यवाही नहीं की गई तो अतिक्रमण का साथ देने वाले सम्‍मलित अधिकारियों/कर्मचारियों पर क्‍या कार्यवाही की जावेगी? समय-सीमा सहित अतिक्रमण हटाये जाने की जानकारी बताएं।

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) सिवनी जिले की नगर पालिका परिषद सिवनी एवं नगर परिषद बरघाट, लखनादौन, छपारा, केवलारी अंतर्गत शासकीय भूमि पर अतिक्रमण की  जानकारी पुस्‍तकालय  में रखे  परिशिष्‍ट '''' अनुसार है। (ख) नगर पालिका परिषद सिवनी, नगर परिषद लखनादौन एवं नगर परिषद छपारा में शासकीय भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराये जाने की जानकारी पुस्‍तकालय में  रखे  परिशिष्‍ट '''' अनुसार है। नगर परिषद बरघाट एवं केवलारी क्षेत्रांतर्गत जिन व्यक्तियों के द्वारा अतिक्रमण किया गया था शासकीय भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया जा चुका है। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

सिवनी विधान सभा क्षेत्र की सडकों की मरम्‍मत

[लोक निर्माण]

63. ( क्र. 948 ) श्री दिनेश राय मुनमुन : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सिवनी विधानसभा क्षेत्र में लोक निर्माण विभाग को सड़कों की मरम्‍मत के लिये कितना आवंटन विगत 04 वर्षों में उपलब्‍ध कराया गया है? वर्षवार जानकारी दें। (ख) विभाग द्वारा इन 04 वर्षों में किन-किन मार्गों की मरम्‍मत पर कितना-कितना व्‍यय किया गया है? (ग) क्‍या लोक निर्माण विभाग द्वारा संधारण की जाने वाली सड़कों की स्थिति अत्‍यन्‍त दयनीय है? यदि हाँ, तो क्‍यों? इसके लिये कौन-कौन अधिकारी/कर्मचारी जिम्‍मेदार है? (घ) सिवनी विधान सभा क्षेत्र में लोक निर्माण विभाग की ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्रों की सड़कों की मरम्‍मत पर विगत 02 वर्षों में कितनी राशि व्‍यय की गई है? मार्गवार जानकारी दी जाये। (ड.) ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्रों की मरम्‍मत के लिये बजट आवंटन की मांग शासन से कब-कब की गई? पत्र की छायाप्रति दें। क्‍या राज्‍य शासन जिले में सड़कों की मरम्‍मत के लिये आवंटन उपलब्‍ध करायेगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) वर्षवार जानकारी संलग्न प्रपत्र-अ अनुसार है।              (ख) जानकारी संलग्न प्रपत्र-अ एवं 'अ-1' अनुसार है। (ग) जी नहीं। शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) जानकारी संलग्न प्रपत्र-अ एवं 'अ-1' अनुसार है। (ड.) ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्रों के मरम्‍मत हेतु बजट आवंटन पृथक-पृथक नहीं दिया जाता अपितु मरम्‍मत हेतु प्रति वर्ष आंवटन की मांग बजट अनुमान एवं अनुपूरक  अनुमान में प्रेषित की जाती है। आवंटन की उपलब्‍धता अनुसार कार्यवाही की जावेगी।

परिशिष्ट - "चौदह"

सहायक प्राध्‍यापक भर्ती में अनियमितता

[उच्च शिक्षा]

64. ( क्र. 998 ) श्री जितु पटवारी : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि       (क) पंडित शंभुनाथ शुक्‍ला वि.वि. शहडोल में सहायक प्राध्‍यापक भर्ती में घोटाले 2022 की शिकायत शासन को प्राप्‍त हुई हैं? यदि हाँ, तो शिकायत की सम्‍पूर्ण जानकारी दीजिए। (ख) प्रश्‍नांश (क) के संबंध में सहायक प्राध्‍यापक चयन सूची का सार्वजनिक प्रकाशन नहीं किये जाने एवं रोस्‍टर नियमों का पालन न किये जाने पर भर्ती प्रक्रिया निरस्‍त न किये जाने के क्‍या कारण हैं? (ग) प्रश्‍नांश (क) के संबंध में यू.जी.सी. के नियमों का पालन न कर एके‍डेमिक स्‍टोर जारी न करना, चयन समिति में एक्‍सपर्ट कम योग्‍यता के शामिल किया जाना, चयन प्रक्रिया को निरस्‍त करने के पर्याप्‍त आधार है? यदि नहीं, तो विस्‍तृत विवरण दीजिए। (घ) प्रश्‍नांश (क) में निकाली गई भर्ती प्रक्रिया के विज्ञापन का पालन किया गया है? किन-किन विज्ञापन शर्तों का पालन नहीं किया गया? सहायक प्राध्‍यापक 2022 के विज्ञापन की प्रति अकादमी योग्‍यता के अंक, साक्षात्‍कार के अंक, विषयवार मेरिट सूची, चयनित अभ्‍यर्थियों के अपॉइटमेंट लेटर वा ज्‍वाइनिंग लेटर उपलब्‍ध कराएं।

उच्च शिक्षा मंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जी हाँ। दिनांक 01.12.2022 को 01 शिकायत विभाग में प्राप्त हुई है। शिकायत संलग्‍न  परिशिष्‍ट  अनुसार है। शिकायत के परिप्रेक्ष्य में विश्‍वविद्यालय से विस्तृत प्रतिवेदन हेतु पत्र लिखा गया है। (ख) विश्‍वविद्यालय से विस्तृत प्रतिवेदन प्राप्त होने पर परीक्षणोपरांत एवं गुण-दोष के आधार पर कार्यवाही की जाएगी। (ग) एवं (घ) उत्तरांश () अनुसार।

परिशिष्ट - "पंद्रह"

नवीन सड़कों का निर्माण

[लोक निर्माण]

65. ( क्र. 1017 ) श्री राकेश मावई : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या विधान सभा क्षेत्र मुरैना अंतर्गत सड़कों के निर्माण कराने हेतु प्रश्‍नकर्ता द्वारा पत्र क्रमांक 1037/22 दिनांक 23/05/2022 को प्रमुख अभियंता, लोक निर्माण विभाग भोपाल को दिया था? यदि हाँ, तो प्रश्‍न दिनांक तक पत्र पर क्‍या कार्यवाही की गई? (ख) क्‍या प्रश्‍नांश (क) अनुसार पत्र में दर्शायी गई 8 सड़कों के निर्माण की तकनीकी एवं प्रशासकीय स्‍वीकृति जारी की गई है? यदि नहीं, तो क्‍यों? (ग) प्रश्‍नांश (क) में दर्शायी गई ग्राम पंचायतों की 8 सड़कों का निर्माण कब तक कराया जाएगा? यदि सड़क निर्माण नहीं कराया जाएगा तो क्‍यों नहीं?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ। शासन के आदेश दिनांक 04.04.2022 के अनुसार कोई कार्यवाही नहीं की गई जानकारी संलग्न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) जी नहीं। बजट में सम्मिलित नहीं होने के कारण। (ग) उत्‍तरांश () अनुसार। वर्तमान में समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

परिशिष्ट - "सोलह"

नवीन सड़कों का निर्माण

[लोक निर्माण]

66. ( क्र. 1028 ) श्री ठाकुर सुरेन्द्र सिंह नवल सिंह (शेरा भैया) : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या लोक निर्माण विभाग द्वारा नवीन सड़क, विभाग के अधीन लेने एवं सड़कों के उन्‍नयन हेतु कोई प्रक्रिया/नियम/निर्देश जारी किये गये हैं? (ख) यदि हाँ, तो नियम/निर्देश/प्रक्रिया की प्रति, उपलब्‍ध करावें। (ग) बुरहानपुर जिले में वित्‍तीय वर्ष 2018-19 से प्रश्‍न दिनांक तक किन-किन एवं कहाँ-कहाँ के सड़क मार्गों को विभाग के अधीन लिया गया है? आदेश की प्रति सहित जानकारी देवें। (घ) क्‍या बुरहानपुर जिले की कुछ सड़कों को विभाग के अधीन लिये बिना ही विभाग द्वारा विभागीय बजट से सड़क निर्माण कार्य कराये गये है? यदि हाँ, तो प्रश्‍नांश (ग) वर्णित अवधि में किन-किन सड़कों का, किस-किस मद/योजना से कितनी-कितनी लागत से निर्माण कार्य कराया गया?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय  में रखे          परिशिष्ट-1 एवं 2 अनुसार है। (ग) विस्तृत विवरण  पुस्‍तकालय  में रखे प्रपत्र-अ अनुसार है। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-3 अनुसार है। (घ) जी नहीं। शेष प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता।

महाकाल मंदिर कॉरिडोर में हुई अनियमितता

[नगरीय विकास एवं आवास]

67. ( क्र. 1090 ) श्री पाँचीलाल मेड़ा : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) उज्‍जैन में नवनिर्मित महाकाल मंदिर कॉरिडोर पर कुल कितनी राशि व्‍यय हुई? (ख) उक्‍त कार्य का अनुबंध किस-किस एजेंसी/फर्म से किया गया था तथा उसमें क्‍या शर्तें रखी गई थीं? (ग) क्‍या कॉरिडोर में बनाई मूर्तियां अनुबंध के अनुसार नहीं है एवं फाईबर व अन्‍य धातु की मूर्ति लगाई हैं, जिससे लोगों की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं? यदि हाँ, तो इसके लिए           कौन-कौन दोषी है और उनके विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की गई?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) उज्जैन में नवनिर्मित महाकाल मंदिर कॉरिडोर पर कुल राशि रू. 161,83,00,890/- (GST अतिरिक्त) का व्यय किया गया है। (ख) इस कार्य का अनुबंध एजेंसी/फर्म का नाम Joint Venture एम.पी.बाबरीया, डी.एच. पटेल एवं गायत्री इलेक्ट्रिकल से किया गया था। अनुबंध में उल्लेखित शर्तों की जानकारी पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) कॉरिडोर में बनाई गई मूर्तियां अनुबंध के अनुसार है। श्री महाकाल मंदिर प्रबंध समिति, संस्कृति विभाग तथा स्टैक होल्डर के परामर्श के अनुसार ही महाकाल कॉरिडोर का कार्य, मूर्तियों का चयन एवं प्रोजेक्ट क्रियान्वयन किया गया है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

ट्रांसफार्मर उपलब्धता व नवीन ट्रांसफार्मर की स्‍थापना

[ऊर्जा]

68. ( क्र. 1120 ) श्री रामचन्‍द्र दांगी : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि               (क) राजगढ़ जिले की ब्यावरा विधानसभा में विद्युत कम्‍पनी के कितने वितरण ट्रांसफार्मर स्‍थापित हैं? कृषकों हेतु नवीन वितरण ट्रांसफार्मर लगवाने के लिए कितनी राशी निर्धारित की गई है?                  (ख) ट्रांसफार्मर जलने के उपरांत विभाग द्वारा कितने दिनों में ट्रांसफार्मर उपलब्ध कराए जाने का प्रावधान है? (ग) प्रश्‍नांश (ख) क्या विभाग प्रावधान अनुसार दिए गए समय में ट्रांसफार्मर किसानों को उपलब्ध करवा पा रहा है? यदि नहीं, तो इसका जिम्मेदार कोन है? क्या किसानों को 15 से 20 दिवसों में ट्रांसफार्मर उपलब्ध कराया जा रहा है? यदि हाँ, तो क्या कारण हैं? यदि नहीं, तो ब्‍यावरा विधान सभा अन्‍तर्गत जुलाई से नवम्बर 2022 तक ट्रांसफार्मर आवक और जावक की पंजी की प्रतिलिपि उपलब्ध करवाएं। (घ) उक्त ट्रांसफार्मर को देरी से क्यों दिए जाते हैं? यह विचारणीय बिंदु है व किसानों को हो रही असुविधा समस्याओं के लिए कौन जिम्मेदार है? उन पर क्या कार्यवाही की जाएगी? क्या भविष्य में विभाग के पास अतिरिक्त ट्रांसफार्मर की उपलब्धता रहेगी? ताकि किसानों को असुविधा न हो।

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) म.प्र.मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के क्षेत्रान्‍तर्गत राजगढ़ जिले के ब्‍यावरा विधानसभा क्षेत्र में कुल 10165 वितरण ट्रांसफार्मर स्‍थापित हैं। कृषकों हेतु नवीन वितरण ट्रांसफार्मर लगवाने के लिये राशि का निर्धारण विद्युत अद्योसंरचना यथा-विद्युत वितरण ट्रांसफार्मर की क्षमता अनुसार लागत एवं आवश्‍यक 11 के.व्‍ही. लाईन की लागत के आधार पर किया जाता है। (ख) वितरण ट्रांसफार्मर के जलने/खराब होने के उपरान्‍त संबद्ध उपभोक्‍ताओं द्वारा नियमानुसार विद्युत बिल की बकाया राशि का 10 प्रतिशत जमा करने अथवा 50 प्रतिशत उपभोक्‍ताओं द्वारा बकाया राशि जमा करने पर संभागीय मुख्यालय में 12 घंटे एवं शहरी क्षेत्रों में 24 घंटे तथा ग्रामीण क्षेत्रों में शुष्क मौसम में 3 दिवस तथा मानसून के मौसम के दौरान माह जुलाई से सितंबर तक 7 दिवस में बदलने के प्रावधान है। तद्नुसार म.प्र.मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा पहुँच मार्ग की उपलब्‍धता अनुसार उक्‍त निर्धारित समयावधि में जले/खराब वितरण ट्रांसफार्मर बदलने की कार्यवाही की जाती है। (ग) जी हाँ। जले/खराब वितरण ट्रांसफार्मर 15 से 20 दिनों में नहीं अपितु उत्‍तरांश (ख) अनुसार निर्धारित समयावधि में बदले जा रहे हैं। ब्‍यावरा विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत माह जुलाई से माह नवम्‍बर 2022 तक वितरण ट्रांसफार्मर आवक-जावक पंजी की प्रतिलिपि  पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट अनुसार  है। (घ) जी नहीं, जले/खराब वितरण ट्रांसफार्मर से संबद्ध उपभोक्‍ताओं द्वारा नियमानुसार विद्युत बिल की बकाया राशि जमा करने पर उत्‍तरांश (ख) अनुसार निर्धारित समय-सीमा में जला/खराब वितरण ट्रांसफार्मर बदल दिया जाता है। अत: किसी अधिकारी के दोषी होने अथवा किसी के विरूद्ध कार्यवाही करने का प्रश्‍न नहीं उठता। वर्तमान में म.प्र.मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के पास पर्याप्‍त वितरण ट्रांसफार्मर उपलब्‍ध है।

मार्ग निर्माण की जानकारी

[लोक निर्माण]

69. ( क्र. 1124 ) श्री रामचन्‍द्र दांगी : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) राजगढ़ जिले की ब्यावरा विधानसभा में ग्राम नापानेरा से नेवली एवं सुन्दरपुरा जोड़ से शंकरपुरा जोड़ व्याहा (दंड, जामुनकापुरा, हत्याखो) तक मार्ग की स्थिति क्या बेहतर है? यदि हाँ, तो जाँच करवाने का कष्ट करें यदि नहीं, तो उसके लिए कौन जिम्मेदार है? (ख) प्रश्‍नांश (क) के अनुसार उक्त दोनों मार्ग पूर्व में कब बनाए गए थे? उक्त मार्ग पर कितने गांव के लोगों का आवागमन है(ग) प्रश्‍नांश (क) के अनुसार उक्त दोनों मार्ग बनाने वाली एजेंसी का क्या नाम है एवं उसकी क्या लागत थी? यदि उक्त मार्ग की हालत ख़राब है तो ग्रामीणों को हो रही असुविधा के लिए क्या शासन उक्त मार्ग को अति शीघ्र बनवाएगा? हाँ या नहीं? हाँ तो कब तक? नहीं तो कारण बताएं? (घ) उक्त मार्ग को बनाने के लिए इसे बजट में लिया जायेगा या अन्य कोई कार्य योजना तैयार की जाएगी? उक्त मार्ग हेतु बजट कब तक स्वीकृत किया जाएगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी नहीं। मार्ग मोटरेबल है। विवरण संलग्‍न            परिशिष्‍ट अनुसार है। शेष प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता। (ख) एवं (ग) विस्‍तृत विवरण संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (घ) विवरण संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। वर्तमान में निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं।

परिशिष्ट - "सत्रह"

अपूर्ण ब्रिज का निर्माण

[लोक निर्माण]

70. ( क्र. 1130 ) श्री यशपाल सिंह सिसौदिया : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मंदसौर शिवना नदी बड़ी पुलिया के समीप नवीन ब्रिज निर्माण कुल लागत, टेंडर दिनांक, निर्माण एजेंसी का नाम, एजेंसी द्वारा कार्य प्रारंभ एवं पूर्ण अवधि दिनांक, आदि जानकारी देवें? (ख) प्रश्‍नांश (क) संदर्भित क्या निर्माण एजेंसी (ठेकेदार) द्वारा उक्त ब्रिज का निर्माण तय सीमा में नहीं किया है? अभी भी कार्य अपूर्ण है? यदि हाँ, तो एजेंसी (ठेकेदार) के खिलाफ क्या-क्या,            किस-किस प्रकार की कार्यवाही सुनिश्चित की गयी थी? (ग) प्रश्‍नांश (क) और (ख) संदर्भित क्या यह भी सही है की उक्त ठेकेदार द्वारा कार्य समय पर पूर्ण नहीं करने के कारण ठेकेदार के लायसेंस को ''ब्लैक लिस्टेड'' किया गया था? यदि हाँ, तो ठेकेदार को विभाग द्वारा कब-कब पत्र, नोटिस जारी किये गये, दिनांकवार जानकारी देवें। क्या यह विभाग द्वारा लागातार नोटिस के बाद भी ठेकेदार कार्य पुन: प्रारम्भ नहीं कर रहा है? यदि हाँ, तो विभाग द्वारा कब-तक वर्तमान ठेकेदार का टेंडर निरस्त कर नवीन टेंडर जारी कर पुल का निर्माण पूर्ण कराया जाएगा, ताकि जनता को सुविधा का लाभ मिल सके? (घ) मंदसौर विधानसभा के ग्राम दलोदा में सीतामऊ रोड रेलवे ओवर ब्रिज के निर्माण की क्या कार्यवाही प्रचलन में है? नवीन ब्रिज निर्माण कुल लागत, टेंडर दिनांक, निर्माण एजेंसी का नाम, एजेंसी द्वारा कार्य प्रारंभ एवं पूर्ण अवधि दिनांक  आदि जानकारी देवें।

लोक निर्माण मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) विस्तृत जानकारी संलग्न प्रपत्र-अ अनुसार है।      (ख) जी हाँ। जी हाँ। अनुबंधक द्वारा कार्य पूर्ण न करने पर दिनांक 31.08.2021 को 2 वर्ष हेतु काली सूची में दर्ज किया गया है। (ग) जी हाँ। अनुबंधक को जारी पत्र एवं नोटिस का विवरण संलग्न प्रपत्र-ब में दर्शित है। पत्र क्रमांक 3063 दिनांक 21.11.2022 के द्वारा अनुबंध की कंडिका 15.2 के तहत अनुबंध विखण्डन हेतु ठेकेदार को सूचना पत्र जारी किया गया है। कार्यवाही प्रक्रियाधीन है, समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (घ) मंदसौर विधानसभा के ग्राम दलोदा से सीतामऊ रोड रेल्वे ओव्हर ब्रिज (समपार क्रमांक-157) का निर्माण कार्य वित्तीय वर्ष 2021-22 के मुख्य बजट में सम्मिलित है। सक्षम समिति से अनुमोदन उपरांत प्रशासकीय स्वीकृति जारी की जा सकेगी।
परिशिष्ट - "अठारह"

आवास योजना की प्राप्‍त राशि की जांच

[नगरीय विकास एवं आवास]

71. ( क्र. 1138 ) श्री राजेश कुमार प्रजापति : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या कार्यालय कलेक्टर जिला छतरपुर मध्य प्रदेश के पत्र क्रमांक/160/मु.म.स्वे/2022 छतरपुर दिनांक 9/11/2022 को मुख्य नगरपालिका अधिकारी नगर पालिका परिषद छतरपुर को आवास योजना की प्राप्त राशि की जांच के संबंध में पत्र लिखा गया था? हाँ या नहीं (ख) प्रश्‍नांश (क) यदि हाँ, तो क्या मुख्य नगरपालिका अधिकारी छतरपुर द्वारा जांच अधिकारी को अधिकृत कर जांच कराई थी? यदि हाँ, तो जांच प्रतिवेदन की प्रति उपलब्ध कराई जाए। यदि नहीं, तो क्यों कारण स्पष्ट करें। (ग) क्या शासन की दृष्टि से जांच अधिकारी द्वारा आर्थिक भ्रष्टाचारिता या प्रलोभन दृष्टि से शिकायत प्रभावित करने की दृष्टि से जांच नहीं की जा रही है? यदि नहीं, तो क्यों जांच अधिकारी द्वारा जांच प्रतिवेदन देने में विलंब क्‍यों किया जा रहा है? क्या जांच अधिकारी के विरुद्ध शासन कार्रवाई करेगा? यदि हाँ, तो समय-सीमा बताएं। यदि नहीं, तो क्यों?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) जी हाँ। जांच प्रतिवेदन संलग्‍न  परिशिष्‍ट अनुसार  है। जांच अधिकारी द्वारा जांच प्रतिवेदन कलेक्‍टर, जिला छतरपुर को दिनांक 16.11.2022 को भेजा जा चुका है। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) इसका उत्‍तर प्रश्‍नांश '''' में समाहित है।

परिशिष्ट - "उन्नीस"

म.प्र.पु.क्षे.वि.वि.कं.लि. द्वारा शासनादेशों का नियम विरुद्ध कार्य

[ऊर्जा]

72. ( क्र. 1143 ) श्री सिद्धार्थ सुखलाल कुशवाहा : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) स्मार्ट सिटी सतना के अंतर्गत विद्युत अधोसंरचना विकास एवं सुदृढ़ीकरण के लिए एवं RRRDSS योजना में प्रस्तावित कार्यों का सर्वे कब किया गया? वार्डवार/ग्रामवार विधायक/क्षेत्रीय पार्षदों के साथ क्या सुझाव या प्रस्ताव लिए गये? यदि नहीं, तो क्यों? जनप्रतिनिधियों की अनदेखी क्यों की गई? कारण स्पष्ट करें। योजना के अंतर्गत कौन-कौन से कार्य किस-किस स्थान में लिए गए हैं? (ख) सतना शहर अंतर्गत कितने टी.सी. एवं स्थाई कनेक्शन हैं? (ग) सतना विधानसभा के अंतर्गत कितने घरेलू, कामर्शियल एवं इंडस्ट्रीयल कनेक्शन हैं? इनकी बिजली खपत कितनी है और बिजली बिल कितना बकाया है? निम्नदाब बिजली बिल सुधार की प्रक्रिया क्या है? सुधार का अधिकार किसके पास है? बिल सुधार की प्रक्रिया में डी.ई. एवं ए.ई.से अधिकार क्यों छीना गया? (घ) ऐसे कितने अधिकारी प्रथम श्रेणी एवं द्वितीय श्रेणी के हैं जो गृह जिले में पदस्थ हैं? पदस्थापना के क्या नियम हैं? (ड.) विधायक निधि से प्राक्कलन देने में विलंब का क्या औचित्य है? कितने दिन में प्राक्कलन का प्रावधान है? प्राक्कलन को टीएस के साथ क्यों नहीं दिया जाता है? विलंब के लिए किस स्तर के अधिकारी/कर्मचारी दोषी हैं?

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) संचालन/संधारण वृत्‍त सतना अंतर्गत केन्‍द्र शासन की आर.डी.एस.एस. योजना (RRRDSS नही) में प्रस्‍तावित लॉस रिडक्‍शन के कार्यों का जी.आई.एस. सर्वे माह मार्च 2022 से प्रारंभ किया गया एवं वर्तमान में भी प्रक्रियाधीन है। उक्‍त योजना का मुख्‍य उद्देश्‍य ए.टी.एण्‍ड सी. हानियों में कमी लाना एवं ए.सी.एस - ए.आर.आर. अंतर को निर्धारित मानक तक लाना है, जिस पर तकनीकी तथ्‍यों को ध्‍यान में रखते हुए कार्य किया जा रहा है। अत: विद्युत प्रणाली के सुदृढ़ीकरण एवं विद्युत प्रदाय में गुणवत्‍ता में सुधार हेतु तकनीकी आवश्‍यकताओं को मुख्‍य बिन्‍दु मानते हुए योजनान्‍तर्गत कार्य प्रस्‍तावित किये गए है। उल्‍लेखनीय है विद्युत मंत्रालय, भारत सरकार के निर्देशों के अनुसार आर.डी.एस.एस. योजना के प्रावधानों के अंतर्गत विकसित विद्युत अधोसंरचना सुदृढ़ीकरण के कार्यों की सतत् रूप से समीक्षा एवं समन्‍वय हेतु माननीय सांसद की अध्‍यक्षता में जिला स्‍तरीय समिति का गठन किया गया है। जिसमें जिले के माननीय विधायकगण, कलेक्‍टर, अध्‍यक्ष-जिला पंचायत एवं अन्‍य समिति के सदस्‍य होते हैं। तद्नुसार प्रश्‍नाधीन जिले में समिति की बैठक दिनांक 01.11.2022 को अयोजित की गई थी। जिसमें माननीय प्रश्‍नकर्ता विधायक महोदय भी सम्मिलित हुए थे एवं योजना से संबंधित जानकारी से उनको अवगत कराया गया था। स्‍मार्ट सिटी सतना अंतर्गत आर.डी.एस.एस. योजना में कुल 23 प्राक्‍कलन तैयार किये गए हैं, जिसमें 10 प्राक्‍कलन अतिरिक्‍त ट्रांसफार्मर स्‍थापित किये जाने,                 01 प्राक्‍कलन नवीन 33/11 के.व्‍ही. विद्युत उपकेन्‍द्र सिविल लाईन, 02 नंबर प्राक्‍कलन 33/11 के.व्‍ही. विद्युत उपकेन्‍द्र में कैपेसिटर बैंक की स्‍थापना, 3 नंबर प्राक्‍कलन एल.टी. लाईन की क्षमता वृद्धि एवं शेष 07 नंबर प्राक्‍कलन 11 के.व्‍ही. लाईनों की क्षमता वृद्धि हेतु तैयार किये गये हैं। जिसकी प्रश्‍नाधीन चाही गयी स्‍थानवार जानकारी संलग्न परिशिष्‍ट  के प्रपत्र-'अनुसार  है।                   (ख) संचालन/संधारण वृत्‍त सतना के अंतर्गत शहर संभाग सतना की माह अक्‍टूबर-22 की आर-15 के अनुसार प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में घरेलू श्रेणी के 1711, गैर घरेलू श्रेणी के 117, औद्योगिक श्रेणी के 4, कृषि श्रेणी के 14 अस्‍थाई कनेक्‍शन तथा घरेलू श्रेणी के 72462, गैर घरेलू श्रेणी के 14052, औद्योगिक श्रेणी के 1057, कृषि श्रेणी के 909, वाटर वर्क्‍स श्रेणी के 76, स्‍ट्रीट लाईट श्रेणी के 248 एवं अन्‍य  (ई-व्‍हीकल) 24 स्‍थाई कनेक्‍शन, इस प्रकार कुल 90674 (1846 अस्‍थाई एवं 88828 स्‍थाई) विद्युत कनेक्‍शन हैं। (ग) सतना विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत घरेलू, कमर्शियल एवं इंडस्ट्रियल कनेक्‍शन की प्रश्‍नाधीन चाही गयी जानकारी निम्‍नानुसार है :

विद्युत कनेक्‍शन     की श्रेणी

कनेक्‍शन की संख्‍या

बिजली खपत       (लाख यूनिट में)

विद्युत बिल की बकाया राशि (रू. लाख में)

घरेलू

79813

112.4

1748.55

कमर्शियल

14595

35.62

607.77

इंडस्ट्रियल

1162

15.30

93.84

निम्‍नदाब बिजली बिल के सुधार हेतु उपभोक्‍ता को काल सेंटर पर 1912 नंबर पर कॉल कर शिकायत दर्ज करनी होती है। काल सेंटर द्वारा प्राप्‍त शिकायत को संबंधित वितरण केन्‍द्र प्रभारी/कार्यपालन अभियंता द्वारा अनुमोदन हेतु अधीक्षण अभियंता को अग्रेषित किया जाता है। अधीक्षण अभियंता के अनुमोदन पश्‍चात् कॉल सेंटर द्वारा बिल के सुधार की सूचना उपभोक्‍ता को उनके पंजीकृत मोबोईल नंबर पर दी जाती है। उक्‍त प्रक्रिया अंतर्गत बिल सुधार हेतु अधिकतम 15 दिन का समय निर्धारित है। उपभोक्‍ता को समय पर सेवा प्रदान करने एवं सतत् समीक्षा हेतु प्रक्रिया को परिवर्तित किया गया है। (घ) म.प्र.पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी अंतर्गत प्रथम श्रेणी के 19 अधिकारी एवं द्वितीय श्रेणी के 68 अधिकारी उनके गृ‍ह जिले में पदस्‍थ है। म.प्र.पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा परिपत्र क्रमांक 430 दिनांक 11.01.2011 से जारी ‘’पदस्‍थापना नीति’’ की छायाप्रति  संलग्‍न  परिशिष्‍ट  के प्रपत्र-'अनुसार  है। (ड.) विधायक निधि से स्‍वीकृत कार्यों हेतु प्राक्‍कलन देने में विलम्‍ब नहीं किया जाता है। प्राक्‍कलन प्रदान करने हेतु समय-सीमा निर्धारित नहीं है, तथापि सामान्‍यत: 15 दिवस में सर्वे के पश्‍चात प्राक्‍कलन प्रदान करने के प्रयास किये जाते हैं। मांग अनुसार ई-सर्वे के माध्‍यम से प्राक्‍कलन तैयार किये जाते हैं। तकनीकी रूप से साध्‍य पाए जाने पर प्रस्‍तावित कार्य हेतु आवश्‍यक स्‍वीकृति/सहमति उपरान्‍त प्राक्‍कलन की तकनीकी स्‍वीकृति तत्‍काल प्रदान कर दी जाती है। माननीय विधायक महोदय की मांग अनुरूप प्रश्‍नाधीन क्षेत्रांतर्गत प्राक्‍कलन तैयार किए गए है, अत:विलंब हेतु किसी भी स्‍तर के अधिकारी/कर्मचारी दोषी नहीं है।

परिशिष्ट - "बीस"

नगरपालिक निगम द्वारा शिक्षा, सड़क एवं विकास कार्यों का संचालन

[नगरीय विकास एवं आवास]

73. ( क्र. 1144 ) श्री सिद्धार्थ सुखलाल कुशवाहा : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सतना शहर अंतर्गत नगर निगम कौनकौन से विद्यालयों को संचालित कर रहा है? (ख) क्‍या नगर निगम प्रॉपर्टी टैक्स में 3% शिक्षा कर के रूप में वसूली कर रहा है? कितनी राशि शिक्षा कर के रूप में इकट्ठा होती है और कितने राशि का उपयोग स्कूलों के लिए खर्च किया जाता है? (ग) यदि प्रश्‍नांश (ख) सही है तो वसूल किया गया 3% शिक्षा उपकार की राशि कहां गई और किस मद में खर्च की गई? पिछले 4 वर्ष की विस्तृत जानकारी उपलब्ध करायें। (घ) सतना नगर निगम कितनी कालोनियों को अवैध सूची में रखा है? इनको वैध करने की प्रक्रिया क्या है? कितनी कालोनियों को वैध किया गया जो कालोनी अवैध हैं वहां बने घरों से टैक्स वसूला जाता है? यदि हाँ, तो वहा रोड, नाली एवं सड़क का निर्माण क्यों नहीं कराया जाता है? (ड.) सतना स्मार्ट सिटी के बजट का कितना हिस्सा पुराने एवं घनी आबादी वाले वार्डों में जहां टूटी हुई रोड, नाली है, वहां खर्च किया जाता है? सीवर लाइन के नाम पर खोदी गई सड़कों को सालों बाद भी नहीं बनाया जा रहा है, ऐसा क्यों? दोषियों के विरुद्ध क्या कोई कार्यवाही की जावेगी?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) नगर पालिक निगम, सतना द्वारा केवल एक विद्यासदन स्कूल संचालित है। (ख) जी हाँ, वित्तीय वर्ष 2022-23 में शिक्षा उपकर की राशि रूपये 25839394.00 संग्रहित की गई है। स्कूलों में मांग एवं आवश्यकता के मान से विधिवत प्राक्कलन तैयार कर सक्षम स्वीकृति उपरांत विकास/मरम्मत/उन्नयन के कार्य कराये जाते हैं।     (ग) जानकारी संलग्न परिशिष्‍ट  अनुसार है। (घ) नगर पालिक निगम, सतना अन्तर्गत कुल 211 कॉलोनियों को अवैध कॉलोनी की सूची में रखा गया है। मध्यप्रदेश नगर पालिका (कॉलोनी विकास) नियम, 2021 के तहत तथा 31 दिसम्बर 2016 के पूर्व अस्तित्व में आ चुकी अनाधिकृत कॉलोनियों में नागरिक अधोसंरचना प्रदाय किये जाने के तहत विकास कार्य करने की प्रक्रिया निर्धारित है। नगर पालिक निगम, सतना अन्तर्गत 31 दिसम्बर 2016 के पूर्व अस्तित्व में आ चुकी 138 अवैध कॉलोनियों में अद्योसंरचना संबंधी विकास कार्य किया जाना प्रक्रियाधीन है। जी हाँ, जो कॉलोनी अवैध हैं, वहां बने घरों से टैक्स वसूला जाता है। नियमानुसार 31 दिसम्बर 2016 के पूर्व अस्तित्व में आ चुकी अनाधिकृत कॉलोनियों में रोड, नाली इत्यादि नागरिक अधोसंरचना प्रदाय किये जाने की कार्यवाही की जा रही है। (ड.) सतना स्मार्ट सिटी के बजट से किसी भी प्रकार की टूटी हुई रोड नाली की मरम्मत का कार्य नहीं कराया गया है। सीवर लाइन का कार्य सतना स्मार्ट सिटी द्वारा नहीं कराया गया है, नगर पालिक निगम, सतना द्वारा पूरे शहर में सीवर लाइन का कार्यादेश दिनांक 05.12.2016 को संविदाकार को जारी किया गया था परन्तु संविदाकार के कार्य की गति अत्यंत धीमी होने से दिनांक 06.04.2021 को संविदाकार का कार्यादेश निरस्त कर दिया गया है साथ ही नये संविदाकार से सीवर लाइन के नाम पर पूर्व संविदाकार द्वारा खोदी गई सड़कों का प्राथमिकता के आधार पर मरम्मत का कार्य कराया जा रहा है। उक्तानुसार दोषियों के विरूद्ध कार्यवाही किये जाने का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - "इक्कीस"

जारी विभागीय निविदा के सम्बन्ध में

[पर्यावरण]

74. ( क्र. 1147 ) श्री अनिरुध्द (माधव) मारू : क्या नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) निविदा क्र. MPPCB/PUR/02/2021-2022 में प्रश्‍न दिनांक तक क्या स्थिति है? अद्यतन जानकारी उपलब्ध करायें। (ख) क्या उक्त वर्णित निविदा MPPCB/PUR/02/2021-2022 में चाही गयी शर्तों का कोई उल्लंघन तो नहीं हुआ? (ग) क्या उक्त वर्णित निविदा में कार्य आदेश जारी करने के पूर्व निविदा में निविदाकारों द्वारा प्रस्तुत सभी दस्तावेजों का मूल्यांकन सतर्कता से किया गया है? (घ) क्या इस कार्य की निविदा में कोई अनियमितता तो नहीं हुई है?

नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री ( श्री हरदीप सिंह डंग ) : (क) निविदा क्रमांक MPPCB/PUR/ 02/2021-2022 के अंतर्गत नियमानुसार योग्‍य प्राप्‍त निविदाकर्ता को क्रय आदेश जारी किये गये थे, जिसके परिप्रेक्ष्‍य में प्रदायकर्ता फर्म द्वारा इनकी स्‍थापना की जा चुकी है। (ख) जी नहीं। (ग) जी हाँ। (घ) जी नहीं।

भोपाल शहर में आउटडोर मीडिया पॉलिसी, 2017 का पालन

[नगरीय विकास एवं आवास]

75. ( क्र. 1148 ) श्री अनिरुध्द (माधव) मारू : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) आउटडोर मीडिया पालिसी 2017 की सम्पूर्ण जानकारी उपलब्ध कराने की कृपा करें। (ख) क्या भोपाल शहर में स्थापित आउटडोर मीडिया हेतु कितने होर्डिंग्स, युनिपोल, बसस्टॉप, एलईडी स्क्रीन एवं रूफ टॉप इत्यादि हैं? जिनकी स्थापना करने हेतु आउटडोर मीडिया पालिसी 2017 का पालन किया गया है? (ग) भोपाल शहर में स्थापित सभी एजेन्सीज के द्वारा नगर निगम को किराये के रूप में जमा करने वाली राशि की जानकारी प्रश्‍न दिनांक तक की उपलब्ध करावें।

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) मध्यप्रदेश आउटडोर विज्ञापन मीडिया नियम 2017 मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण) प्राधिकार से प्रकाशित भोपाल, दिनांक 28.03.2017 में उल्लेखित आउटडोर मीडिया पॉलिसी 2017 की  जानकारी पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट '''' अनुसार है। (ख) भोपाल शहर में स्थापित आउटडोर मीडिया हेतु होर्डिंग्स, यूनिपोल, बसस्टॉप, एलईडी स्क्रीन एवं रूफटॉप की  जानकारी पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट '''' अनुसार  है। जी हाँ। (ग) भोपाल शहर में स्थापित सभी एजेन्सीज के द्वारा नगर निगम को किराये के रूप में प्रश्‍न दिनांक तक प्राप्त कुल राशि रूपये 13,50,95,162/- (शब्दों में राशि रूपये तेरह करोड़ पचास लाख पिन्चानवे हजार एक सौ बासठ मात्र) है।

विधायक निधि से स्वीकृत निर्माण कार्य

[नगरीय विकास एवं आवास]

76. ( क्र. 1155 ) श्री बाबू जन्‍डेल : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता की विधायक निधि से न.पा. श्योपुर में स्वीकृत निर्माण कार्यों में से       कौन-कौन से कार्य पूर्ण हो चुके हैं तथा कितने निर्माण कार्य अभी तक अपूर्ण हैं? अपूर्ण रहने का क्या कारण है? अपूर्ण कार्य कब तक पूर्ण करा लिये जावेंगे? (ख) न.पा. श्योपुर में कितने एवं      कौन-कौन से स्थान पर सेल्फी पॉइन्ट लगाये गये? अवगत करावें। प्रत्येक सेल्फी पॉइन्ट क्रय करने एवं स्थापित किये जाने पर कितनी राशि व्यय की गयी है? क्‍या कार्य का भौतिक सत्यापन किस अधिकारी के द्वारा किया गया है? क्‍या उक्त सामग्री क्रय नियमों के अनुरूप ही खरीदी गयी है? यदि हाँ, तो नियम-निर्देश की छायाप्रति संलग्न करें। (ग) प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) सर्वे सूची 2011 में श्योपुर विधानसभा में कितने व्यक्तियों के नाम थे? उनमें से कितने व्यक्तियों के आवास स्वीकृत किये गये तथा किन-किन व्यक्तियों के नाम किस कारण से अपात्र किये गये? हितग्राहीवार अपात्रता के कारण सहित प्रमाणित जानकारी से अवगत करावें।

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट '''' अनुसार है। (ख) नगरपालिका श्‍योपुर में बायपास पार्क में 01 सेल्‍फी पॉइन्ट स्‍थापित किया गया है। सेल्‍फी पॉइन्ट क्रय करने व स्‍थापित करने में राशि रू. 3.00 लाख व्‍यय की गई है। सेल्‍फी पॉइन्ट स्‍थापित करने की प्रशासकीय/वित्‍तीय स्‍वीकृति प्रशासक (कलेक्‍टर) द्वारा दिनांक 25.02.2022 को राशि रू. 4.80 लाख की प्रदान की गई। तद्नुसार जेम पोर्टल पर क्रय करने की कार्यवाही की गई, जिसमें 03 निविदायें प्राप्‍त हुई तथा न्‍यूनतम दर की स्‍वीकृति निविदा समिति के अनुमोदन उपरांत प्रशासक द्वारा प्रदान की गई। तत्‍पश्‍चात सेल्‍फी पॉइन्ट की सामग्री क्रय किया जाकर स्‍थापित किया गया। सेल्‍फी पॉइन्‍ट कार्य का भौतिक सत्‍यापन मुख्‍य नगरपालिका अधिकारी तथा उपयंत्री द्वारा किया गया। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट '''' अनुसार है।        (ग) प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी), वर्ष 2011 में लागू न होने से जानकारी निरंक है।

म.प्र. पावर जनरेटिंग कम्पनी में प्राप्त कोयला एवं खपत की जानकारी

[ऊर्जा]

77. ( क्र. 1158 ) डॉ. सतीश सिकरवार : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि        (क) प्रदेश के म.प्र. पावर जनरेटिंग कम्पनी में सितम्बर 2020 से अक्टूबर 2022 तक कितना मैट्रिक टन कोयला प्राप्त हुआ एवं उसकी कितनी खपत हुई? उसकी क्लोरोफिक वैल्यू हीट रेट की जानकारी सभी विद्युत गृहों की अलग-अलग प्राप्त खपत की माहवार दी जावे। (ख) उक्त समय अवधि में प्राप्त कोयला में कितना टन राखड़ निश्रित की गई? प्रदेश के सभी ताप विद्युत गृहों में माहवार यदि 35 प्रतिशत से अधिक निश्रित राखड़ (एस कन्टेन) खपत से पैदा हुई, तब क्या कोयला कम्पनी को सबसे कम दरों का कोयले का भुगतान किया या अधिक दरों का? कोयला भुगतान की दरों का विवरण ताप विद्युत गृहवार बताया जावे। (ग) प्रदेश में वर्तमान में सिगाजी ताप हेतु एस.ई.सी.एल के स्थान पर एन.सी.एल से भी कोयला प्राप्त करने का अनुबन्ध किया गया? अनुबन्ध का समय, समय अवधि, इससे लाभ/हानि की जानकारी दी जावे। क्या राज्य शासन को केन्द्र से कम कोयला प्राप्त हो रहा है? यदि हाँ तो कितना? क्या शासन की विदेशी कोयला खरीदने की योजना है?

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) म.प्र. पावर जनरेटिंग कम्पनी लिमिटेड के चारों ताप विद्युत गृहों में प्रश्‍नाधीन अवधि अर्थात् सितम्बर 2020 से अक्टूबर 2022 तक प्राप्‍त कोयला तथा खपत से संबंधित जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'' एवं क्लोरोफिक वैल्यू हीट रेट से संबंधित जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'अनुसार है। (ख) प्रश्‍नाधीन अवधि में म.प्र. पावर जनरेटिंग कंपनी के सभी ताप विद्युत गृहों में प्राप्त कोयले की निश्रित राखड़ (Ash content) व कोयला भुगतान दरों का माहवार विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'' अनुसार है। म.प्र. पावर जनरेटिंग कम्पनी लिमिटेड द्वारा कोयला कंपनियों को भुगतान ''कोयला प्रदाय अनुबंध'' के आधार पर किया जाता है। इसमें ''निश्रित'' राखड़ पर आधारित भुगतान का कोई प्रावधान नहीं है। कोयला कंपनी द्वारा कोयले की केलोरोफिक वैल्यू के आधार पर दरें निर्धारित की गई हैं एवं इसी आधार पर भुगतान किया गया है। (ग) श्री सिंगाजी ताप विद्युत गृह, खण्‍डवा की 2x600 मेगावाट (चरण-एक) इकाइयों के लिए पूर्व में एस.ई.सी.एल. से 28.269 लाख मी.टन कोयले की वार्षिक अनुबंधित मात्रा के स्थान पर एन.सी.एल. से 23.947 लाख मी.टन कोयले की वार्षिक अनुबंधित मात्रा हेतु दिनांक 05.04.2022 को ''ईंधन प्रदाय अनुबंध'' किया गया। इस अनुबंध की वैधता 23-01-2033 तक है। उक्त वर्णित कोयले की एस.ई.सी.एल. के स्थान पर एन.सी.एल से वार्षिक अनुबंधित मात्रा की अदला-बदली से श्री सिंगाजी ताप विद्युत गृह, खण्‍डवा की 2x600 मेगावाट इकाइयों की वार्षिक कोयले की लागत में लगभग 179 करोड रूपये की अनुमानित कमी परिलक्षित हो रही है। देशी कोयले की देशव्यापी कमी के दृष्टिगत म.प्र. पावर जनरेटिंग कम्पनी लिमिटेड के ताप विद्युत गृहों सहित देश के समस्त ताप विद्युत गृहों को कोयला की मात्रा का आवंटन, उपलब्ध भंडार एवं उत्पादन की सतत समीक्षा भारत सरकार के कोयला मंत्रालय एवं विद्युत मंत्रालय की एक उच्च स्तरीय ''सब-ग्रुप'' समिति द्वारा सितम्‍बर/अक्टूबर 2021 से की जा रही है। वर्ष 2022-23 में (नवम्‍बर-22 तक) कुल आवंटित 149.26 लाख मी.टन के विरूद्ध म.प्र. पावर जनरेटिंग कम्पनी लिमिटेड को कुल 119.27 लाख मी.टन कोयला प्राप्त हुआ है। वर्तमान में म.प्र. पावर जनरेटिंग कम्पनी लिमिटेड द्वारा आयातित कोयले के क्रय का कोई प्रस्ताव नहीं है।

विद्युत उत्पादन की जानकारी

[ऊर्जा]

78. ( क्र. 1159 ) डॉ. सतीश सिकरवार : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि          (क) क्या मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड द्वारा वर्ष 2020-21 एवं 2021-2022 में म.प्र. विद्युत नियामक आयोग द्वारा निर्धारित उपलब्धता घटक, ऑइल खपत, हीट रेट के निर्धारित मानक को पूर्ण करने में असफल रहने से कंपनी को घाटा हुआ है? यदि हाँ, तो घाटे का विवरण वर्षवार दिया जावे। (ख) क्या यह मानकों की कमी प्रबंध संचालक की अक्षमता के कारण हुई? जानकारी दी जावे। (ग) क्या वर्तमान प्रबंध संचालक, म.प्र. राज्य विद्युत मण्डल कम्पनी में पदस्थ होने एवं एम.डी. बनने तक कहाँ-कहा किस पद पर रहे? समस्त जानकारी समयवार दी जावे।               (घ) क्या वर्तमान प्रबंध संचालक, एम.डी. लेखाधिकारी परीक्षा में अनुत्तीर्ण रहे थे? अधीनस्थ अधिकारी की परीक्षा में अनुत्तीर्ण होने वाले अधिकारी को उच्च पद पर क्यों पदस्थ किया गया है?

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) जी नहीं। मध्‍यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड वित्‍तीय वर्ष 2020-21 एवं 2021-22 में वित्‍तीय रूप से लाभ में थी। शेष प्रश्‍नांश लागू नहीं होता है। (ख) निर्धारित मानकों को आंशिक रूप से प्राप्‍त किया गया, तथापि उत्‍तरांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में लागू नहीं होता है। प्रश्‍नाधीन अवधि में प्रश्‍नाधीन मानकों के विरूद्ध वास्‍तवित प्राप्‍ती की जानकारी संलग्न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-'' अनुसार है। (ग) वर्तमान प्रबंध संचालक, मध्‍यप्रदेश विद्युत मंडल/म.प्र. पावर जनरेटिंग कंपनी में पदस्‍थ होने एवं प्रबंध संचालक बनने तक कहाँ-कहाँ किस पद पर रहे, की समयवार जानकारी संलग्न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-'अनुसार है। (घ) जी हाँ, वर्तमान प्रबंध संचालक, म.प्र. पावर जनरेटिंग कंपनी, लेखाधिकारी परीक्षा में अनुत्‍तीर्ण रहे थे। पूर्ववर्ती म.प्र. विद्युत मण्‍डल द्वारा वित्‍त संकाय में उच्‍च पदों पर अधिकारियों की आवश्‍यकता के दृष्टिगत दिनांक 15.03.1980 को जारी आदेश (परिपत्र नहीं) जो कि तत्‍समय भी प्रभावी था, में आई.सी.डब्‍ल्‍यू.ए.आई. योग्‍यता प्राप्‍त कार्मिकों को उनके वर्तमान पद से लेखा संकाय में लेखा अधिकारी के पद पर पदस्‍थ किये जाने के प्रावधान थे। उक्‍त प्रावधान के अन्‍तर्गत वर्तमान प्रबंध संचालक को उनकी शैक्षणिक योग्‍यता, आई.सी.डब्‍ल्‍यू.ए.आई., होने के फलस्‍वरूप वरिष्‍ठ लेखाधिकारी के पद पर नियुक्ति प्रदान की गई। तदोपरान्‍त विभिन्‍न पदों पर पदोन्‍नति उपरांत निदेशक (वाणिज्‍य) एवं वर्तमान में प्रबंध संचालक के पद पर राज्‍य शासन द्वारा चयनित होने के फलस्‍वरूप पदस्‍थ हैं।

परिशिष्ट- "बाईस"

हाउसिंग बोर्ड को भूमि का आवंटन

[नगरीय विकास एवं आवास]

79. ( क्र. 1165 ) श्री अनिल जैन : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या विधानसभा क्षेत्र निवाड़ी अंतर्गत ओरछा नगर में हाउसिंग बोर्ड को जमीन आवंटित हुई है? यदि हाँ, तो कब? इसकी संपूर्ण जानकारी देवें। (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में क्या उक्त हाउसिंग बोर्ड की जमीन पर आवास बनाये जा रहे हैं? यदि हाँ, तो उक्त आवास बनाने का कार्य किस निर्माण एजेन्सी को दिया गया? (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के संदर्भ में उक्त आवास निर्माण के लिये निविदा प्रक्रिया नियमानुसार की गई है? यदि हाँ, तो बतावें कि निविदा की सूचना किस समाचार पत्र में व किस दिनांक को प्रकाशित की गई? साथ ही यह बताया जावे कि यह निविदा प्रकिया ऑनलाइन थी अथवा ऑफलाइन? उक्त निविदा प्रक्रिया में कौन-कौन से पंजीकृत ठेकेदारों के द्वारा भाग लिया गया तथा निविदा प्रक्रिया की सम्पूर्ण जानकारी देवें।

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) जी नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ख) उत्‍तरांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) उत्‍तरांश (क) एवं (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

निजी भूमि के मुआवजे का प्रदाय

[लोक निर्माण]

80. ( क्र. 1170 ) श्री सचिन सुभाषचन्‍द्र यादव : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र कसरावद अर्न्तगत क्या विभाग द्वारा मछलगांव से सहेजला मार्ग का निर्माण किया है? यदि हाँ, तो मार्ग की वर्तमान स्थिति बतावें। (ख) क्या प्राक्कलन अनुसार मार्ग को कुल पूर्ण लंबाई तक बनाया गया है? नहीं तो क्यों? विवरण देवें। (ग) क्या मार्ग में कोई निजी भूमि के कारण आवागमन बाधित है? अगर हाँ तो निजी भूमि का मुआवजा प्रकरण बनाया गया है? नहीं तो क्यों?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) एवं (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्‍ट अनुसार है।   (ग) प्रश्‍नांश '' के उत्तर अनुसार।

परिशिष्ट- "तेईस"

राजस्‍व ग्रामों को विद्युत प्रदाय

[ऊर्जा]

81. ( क्र. 1171 ) श्री सचिन सुभाषचन्‍द्र यादव : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र कसरावद में क्या समस्त राजस्‍व ग्रामों को 24 घण्टे विद्युत प्रदाय की जा रही है? यदि नहीं, तो क्यों? कितने ग्राम शेष हैं? (ख) क्या विधानसभा क्षेत्र कसरावद के विकासखण्ड भीकनगांव एवं कसरावद के अन्‍तर्गत राजस्‍व ग्रामों के कुल कितने चिन्हित मजरे-टोले हैं, जिन्‍हें 24 घण्टे विद्युत प्रदाय की जा रही है और कितने चिन्हित मजरे-टोले ऐसे हैं जिन्‍हें 24 घंटे विद्युत प्रदाय नहीं की जा रही है? यदि नहीं, तो क्यों? इनको यह सुविधा कब तक उपलब्‍ध होगी? नहीं तो क्‍यों? (ग) विधानसभा क्षेत्र कसरावद में कितने विद्युत वितरण ट्रान्फार्मरों पर क्षमता से अधिक भार है? क्या अतिरिक्त विद्युत वितरण ट्रान्फार्मर लगाए गए हैं? यदि हाँ, तो कितने लगाये गये हैं एवं कितने लगाये जाना शेष हैं? इन्‍हें कब तक लगा दिया जायेगा? (घ) माननीय विधायक महोदय कसरावद द्वारा प्रश्‍नांश (क), (ख) एवं (ग) में दर्शित विवरण के संबंध में मार्च 2021 से प्रश्‍न दिनांक तक संबंधित अधीक्षण यंत्री/कार्यपालन यंत्री संचालन-संधारण खरगोन से कब-कब पत्राचार किया गया है? क्या उन पर कोई कार्यवाही की गई है? यदि हाँ, तो क्या?

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) विधानसभा क्षेत्र कसरावद के 238 राजस्व ग्रामों को विभिन्‍न कारणों से आये आकस्मिक अवरोधों को छोड़कर गैर कृषि प्रयोजन हेतु 24 घंटे विद्युत प्रदाय की जा रही है। अत: शेष प्रश्‍न नहीं उठता। (ख) विधानसभा क्षेत्र कसरावद के विकासखंड भीकनगांव एवं कसरावद में कुल 158 मजरे/टोले हैं जिनमें से 124 मजरों/टोलों में विभिन्‍न कारणों से आये आकस्मिक अवरोधों को छोड़कर 24 घंटे विद्युत का प्रदाय किया जा रहा है। शेष 34 मजरे/टोले अविद्युतीकृत हैं, जो कि सौभाग्‍य योजना के क्रियान्‍वयन के उपरांत निर्मित हुए हैं। वर्तमान में उक्त 34 चिन्हित मजरों/टोलों का विद्युतीकरण किये जाने हेतु विद्युत वितरण कंपनी में कोई योजना प्रचलन में नहीं है। अतः समय-सीमा बता पाना संभव नहीं है। (ग) विधानसभा क्षेत्र कसरावद में 148 विद्युत वितरण ट्रांसफार्मर अतिभारित है। जी हाँ। प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में एस.एस.टी.डी. योजना अंतर्गत वर्ष 2021-22 एवं 2022-23 में माह नवम्‍बर 2022 तक 7 अतिरिक्त विद्युत वितरण ट्रांसफार्मर स्‍थापित किये गये हैं। उक्‍तानुसार अतिभारित 148 विद्युत वितरण ट्रांसफार्मरों का भार कम करने हेतु अतिरिक्‍त वितरण ट्रांसफार्मर लगाया जाना शेष है। केन्‍द्र शासन की आर.डी.एस.एस. योजना के प्रथम भाग (लॉस रिडक्शन) में उक्‍त में से 75 अतिरिक्‍त विद्युत वितरण ट्रांसफार्मर एवं द्वितीय भाग (सिस्टम मॉर्डनाईजेशन) में 73 अतिरिक्‍त विद्युत वितरण ट्रांसफार्मर स्‍थापित किये जाने के कार्य प्रस्तावित किये गये हैं। आर.डी.एस.एस. योजना में प्रस्तावित उक्‍त 75 अतिरिक्‍त विद्युत वितरण ट्रांसफार्मरों हेतु केन्‍द्र शासन से स्‍वीकृति प्राप्‍त हो गयी है तथा इनकी स्‍थापना सहित स्‍वीकृत कार्यों को करने के लिये क्रियान्‍वयन एजेंसी के चयन हेतु निविदा कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। उक्‍त 73 अतिरिक्त विद्युत वितरण ट्रांसफार्मरों के कार्य हेतु आर.डी.एस.एस. (सिस्टम मॉर्डनाईजेशन) योजना अंतर्गत स्वीकृति केन्‍द्र शासन से प्राप्त होना अपेक्षित है। उक्‍तानुसार निविदा कार्यवाही पूर्ण होने/केन्‍द्र शासन से अपेक्षित स्‍वीकृति प्राप्‍त होने पर अग्रिम कार्यवाही की जा सकेगी, जिस हेतु वर्तमान में समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।               (घ) माननीय प्रश्‍नकर्ता विधायक महोदय से प्रश्‍नांश (क), (ख) एवं (ग) में उल्‍लेखित कार्यों के संबंध में माह मार्च 2021 से प्रश्‍न दिनांक तक कुल 4 पत्र अधीक्षण यंत्री (संचालन-संधारण) वृत्त खरगोन को प्राप्त हुये हैं। इन पत्रों पर की गई कार्यवाही की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है।

परिशिष्ट- "चौबीस"

ब्रिज का पुन: निर्माण

[लोक निर्माण]

82. ( क्र. 1172 ) श्री चेतन्‍य कुमार काश्‍यप : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि रतलाम में निर्माणाधीन सुभाष नगर आर.ओ.बी. के पुनरीक्षित प्राक्‍कलन अनुसार 34.29 करोड रूपये की राशि ई.एफ.सी. में शीघ्र स्‍वीकृत कर जारी करेंगे ताकि दो साल से रूका पड़ा ब्रिज का निर्माण कार्य पुन: शुरू हो सके? इस ब्रिज का निर्माण कार्य 2018 में शुरू हो गया था परन्‍तु कोरोना काल और अन्‍य कारणों से दो साल से निर्माण कार्य बंद पड़ा हैं। नागरिकों को आवागमन में भारी असुविधा हो रही हैं?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : जी हाँ। जी हाँ। जी हाँ।

अविकसित कॉलोनियों में विकास कार्य

[नगरीय विकास एवं आवास]

83. ( क्र. 1173 ) श्री चेतन्‍य कुमार काश्‍यप : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या शीघ्र ही नीतिगत निर्णय लेकर एवं नियम कानूनों में आवश्‍यक प्रावधान कर अविकसित कॉलोनियों में विकास के कार्य प्रारंभ करने के लिये संबंधितो को आवश्‍यक आदेश-निर्देश जारी किये जायेगें? (ख) क्‍या रतलाम नगर निगम प्रशासन को भी शहर की सभी 58 अविकसित कॉलोनियों में विकास के कार्य प्रारंभ करने के‍ लिये निर्देशित किया जायेगा?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) नगरपालिका अधिनियम में ''अविकसित कॉलोनी'' परिभाषित न होने के कारण प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है, अपितु नगरीय क्षेत्र में आवश्‍यक अनुज्ञा प्राप्‍त किये बिना वि‍कसित ''अनधिकृत कॉलोनियों'' के संबंध में नगरपालिका अधिनियम में समुचित प्रावधान कर दिये गये हैं। (ख) उत्‍तरांश '''' के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

सौर ऊर्जा चलित कृषि पम्‍प एवं घरेलू कनेक्‍शन का संचालन

[नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा]

84. ( क्र. 1176 ) श्रीमती लीना संजय जैन : क्या नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला विदिशा विकासखण्‍ड बासोदा एवं ग्‍यारसपुर अंर्तगत कुल कितने सौर ऊर्जा चलित कृषि पम्‍प एवं घरेलू कनेक्‍शन संचालित हैं? (ख) प्रश्‍नांश (क) के क्रम में क्‍या विभाग द्वारा अनुदान पर कृषि पम्‍प एवं घरेलू कनेक्‍शन दिये जा रहे हैं? नहीं तो कारण बतावें। हाँ तो घरेलू कनेक्‍शन की एजेंसी क्‍या अन्‍य दूसरी को बनाया गया हैं? (ग) क्‍या विभाग द्वारा इस योजना को सरल बनाने की कोई योजना है, तो बतावें, जिससे इसका उपयोग अधिक और आसान हो सके?

नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री ( श्री हरदीप सिंह डंग ) : (क) मुख्‍यमंत्री सोलर पम्‍प योजनांतर्गत, जिला विदिशा, विकासखण्‍ड बासोदा एवं ग्‍यारसपुर में क्रमश: 101 एवं 84 अर्थात कुल 185 सौर ऊर्जा चलित कृषि (सोलर पम्‍प संयंत्र) संचालित हैं एवं सौर ऊर्जा चलित घरेलू कनेक्‍शन क्रमश: नं.07 एवं नं.01 संपादित किये गये हैं। (ख) जी हाँ। प्रश्‍नांश (क) के क्रम में नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा कार्यालय द्वारा कृषि पम्‍प पर अनुदान राशि म.प्र. ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड के माध्‍यम से कुसुम योजना अंतर्गत प्रदान की जा रही है एवं नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा कार्यालय द्वारा घरेलू कनेक्‍शनों पर सौर ऊर्जा पैनल की स्‍थापना हेतु मध्‍यप्रदेश मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड के अंतर्गत अनुदान राशि प्रदान की जा रही है। मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड अंतर्गत रजिस्‍टर्ड वेन्‍डर्स द्वारा घरेलू कनेक्‍शनों पर नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग की सरलीकरण प्रक्रिया के तहत सौर ऊर्जा पैनल स्‍थापित किये जा रहे हैं। (ग) नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग द्वारा सौर पैनल स्‍थापना सरलीकरण प्रक्रिया के अंतर्गत इस योजना को सरल एवं उपयोगी बनाने के लिए नेशनल पोर्टल पर किसी भी उपभोक्‍ता द्वारा अपनी इच्‍छा अनुसार रजिस्‍टर्ड वेन्‍डर्स से सौर पैनल स्‍थापना का कार्य करवाया जा सकता है, जिसकी संपूर्ण जानकारी कंपनी की वेब-साईट पर उपलब्‍ध है।

रिंग रोड का निर्माण कार्य

[नगरीय विकास एवं आवास]

85. ( क्र. 1177 ) श्रीमती लीना संजय जैन : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या जिला विदिशा के नगरीय क्षेत्र गंजबसौदा अंर्तगत 28 कि.मी. रिंग रोड स्‍वीकृत हैं? यदि हाँ, तो शेष 21 कि.मी. की स्‍वीकृति कब तक होगी? (ख) प्रश्‍नांश (क) में वर्णित रिंग रोड शेष 21 कि.मी. को बजट में लिया जावेगा? नहीं तो क्‍यों?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) नगरीय क्षेत्र गंजबसौदा अंतर्गत रिंग रोड का निर्माण कार्य नगरपालिका द्वारा स्‍वीकृत नहीं है। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।       (ख) उत्‍तरांश '''' के परिप्रेक्ष्‍य में शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है

क्‍वारी नदी पर पुल निर्माण

[लोक निर्माण]

86. ( क्र. 1198 ) श्री सूबेदार सिंह सिकरवार रजौधा : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जौरा विधानसभा क्षेत्र में माननीय मुख्यमंत्री की घोषणा अनुसार ग्राम पंचायत अहरोली में क्वारी नदी पर पुल सड़क सहित स्वीकृत किया गया था किन्तु पुल के दोनों तरफ सड़क का निर्माण कार्य तो पूरा हो गया है लेकिन पुल का निर्माण कार्य चालू नहीं हुआ है, ऐसा क्यों? (ख) अहरोली में क्वारी नदी पर पुल का निर्माण न होने से इन सडकों का कोई औचित्य नहीं है यह पुल सैकड़ों गांवों को आपस में जोड़ता है। इस मार्ग से होकर हर रोज सैकड़ों वाहन निकलते हैं। इस पुल का निर्माण, निर्माण समय-सीमा में न कराये जाने के क्या कारण रहे? (ग) प्रश्‍नांश (क), (ख) एवं (ग) के संबंध में पुल के निर्माण में उदासीनता के लिए कौन-कौन जिम्मेदार है? क्‍या संबंधित ठेकेदारों एवं अधिकारियों के प्रति उदासीनता की विभागीय कार्यवाही की गयी है? यदि हाँ, तो क्‍या? यदि नहीं, तो क्यों? आगामी समय में कब तक निर्माण कार्य प्रारंभ करवा दिया जावेगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) पुल कार्य की प्रशासकीय स्‍वीकृति जारी नहीं होने से। नवीन पुल कार्य वर्ष 2022-23 के द्वितीय अनुपूरक बजट में शामिल करने हेतु प्रस्‍ताव वित्‍त विभाग को प्रेषित किया गया है। (ख) प्रश्‍नाधीन मार्ग पर निर्मित रपटा अच्‍छी स्थिति में है, यातायत सुचारू रूप से जारी है। शेष जानकारी उत्‍तरांश '' अनुसार। (ग) उत्‍तरांश '' अनुसार। शेष प्रश्‍नांश उपस्थित नहीं होता है।

शासकीय महाविद्यालयों की स्‍थापना

[उच्च शिक्षा]

87. ( क्र. 1203 ) कुँवर रविन्‍द्र सिंह तोमर भिड़ौसा : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला मुरैना की दिमनी विधानसभा क्षेत्र में छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए कुल कितने शासकीय महाविद्यालय कब-कब स्थापित किये गये हैं? (ख) यदि नहीं, तो क्या कोई कार्ययोजना दिमनी विधानसभा क्षेत्र में शासकीय महाविद्यालय की स्थापना हेतु उच्च शिक्षा विभाग द्वारा प्रश्‍न दिनांक तक तैयार की गई है? (ग) दिमनी विधानसभा क्षेत्र में विगत कई वर्षों से छात्र-छात्राओं द्वारा शासकीय महाविद्यालय खोले जाने की मांग की जा रही है। क्या मा. मुख्यमंत्री द्वारा शासकीय महाविद्यालय खोले जाने की घोषणाएं की गई हैं? (घ) यदि हाँ, तो कब तक नवीन शासकीय महाविद्यालय खोले जाने संबंधी प्रस्ताव विभाग द्वारा तैयार किया जाकर इस हेतु बजट निर्धारित कर शासकीय महाविद्यालय खोलने की कार्यवाही कर दी जाएगी?

उच्च शिक्षा मंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) विभाग के आदेश क्रमांक एफ 23-20/2021/38-2 दिनांक 27/09/2021 के माध्‍यम से स्‍नातक स्‍तर पर कला संकाय के साथ नवीन शासकीय महाविद्यालय, दिमनी (जिला मुरैना) प्रारंभ किया जा चुका है। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) से (घ) उत्‍तरांश '''' के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

पात्र हितग्राहियों को प्लाट का आवंटन

[नगरीय विकास एवं आवास]

88. ( क्र. 1206 ) श्री संजीव सिंह : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नगरपालिका भिण्ड के अंतर्गत 2016 से प्रश्‍न दिनांक तक कितने आवास आवंटित किए गए? वर्षवार सूची उपलब्ध करावें। (ख) प्रश्‍नांश (क) के परिप्रेक्ष्य में स्वीकृत आवासों में से कितने पूर्ण हो चुके हैं और ऐसे कितने पात्र हितग्राही हैं, जिन्हें अब तक जगह उपलब्ध नहीं कराई गई? जगह उपलब्ध न कराने के पीछे कौन जिम्मेदार अधिकारी हैं और उन पर क्या कार्यवाही हुई?             (ग) क्या कुछ हितग्राही ऐसे भी हैं जिनको प्रमाण-पत्र वितरित कर दिए गए हैं? यदि हाँ, तो कितने? संख्या बताएं। उनको प्लॉट कब तक उपलब्ध करा दिये जायेंगे?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) नगरपालिका परिषद् भिण्ड अन्तर्गत वर्ष 2016 से प्रश्‍न दिनांक तक आवासों हेतु वर्षवार आवंटन की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट '''' अनुसार है। (ख) प्रश्‍नांश '''' के परिप्रेक्ष्य में आवंटित भू-खण्डों में से कुल 482 हितग्राहियों ने आवास पूर्ण कर लिए है और शेष हितग्राही जिन्हें प्लाट आवंटित किये जाने थे, आवंटित भूमि ऊबड़-खाबड़ बीहड़ होने से उनको समतल तथा पहुँच योग्य करना आवश्यक था। भूमि के समतलीकरण की प्रक्रिया प्रचलित है। समतलीकरण के पश्चात प्लाट आवंटित कर दिये जावेंगे। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट '''' अनुसार है। उक्त प्रकाश में शेषांश निरंक है। (ग) जी हाँ। ऐसे हितग्राही हैं, जिन्हें प्रमाण-पत्र वितरित किये गये हैं। भूमि के समतलीकरण के पश्चात आवंटित भूमि के क्षेत्रफल को दृष्टिगत रख पात्र हितग्राहियों को प्लाट आवंटन की प्रक्रिया पूर्ण की जायेगी। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

नियम विरूद्ध प्‍लाट का क्रय-विक्रय

[नगरीय विकास एवं आवास]

89. ( क्र. 1207 ) श्री संजीव सिंह : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या भिण्ड विधानसभा क्षेत्र के नगरीय क्षेत्रों में कृषि योग्य भूमि को बगैर डायवर्सन अनुमति प्राप्त किए बगैर आवासीय प्रयोजन हेतु प्लाट विक्रय किए जा रहे हैं? यदि हाँ, तो बगैर आवासीय प्रयोजन, बगैर डायवर्सन के प्‍लाट क्रय-विक्रय करने वालों के विरूद्ध विभाग द्वारा             क्या-क्या कार्यवाही की गई है? (ख) प्रश्‍नांश (क) में दर्शित नियम विरूद्ध क्रय-विक्रय किए गए प्लाटों से शासन को कितनी राजस्व राशि की हानि हुई है? (ग) क्या प्रश्‍नांश (क) में दर्शित नियम विरूद्ध विक्रय किए गए प्लाटों/कॉलोनी को नियमानुसार वैध घोषित किए जाने हेतु आवश्यक कार्यवाही की जावेगी?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) जी हाँ। आवश्‍यक अनुज्ञा प्राप्त किये बिना ही आवासीय प्रयोजन हेतु प्लाट विक्रय किये गये जा रहे है। उत्तरांश के अनुसार अनधिकृत कॉलोनी बनाने वाले व्यक्तियों के विरूद्ध नगरपालिका अधिनियम 1961 की धारा-339-ग के तहत कार्यवाही की जा रही है। (ख) विस्तृत जानकारी के संकलन एवं परीक्षण उपरांत बताया जाना संभव होगा। (ग) अनधिकृत कॉलोनियों को वैध घोषित करने के कोई प्रावधान नहीं है अपितु मध्यप्रदेश नगरपालिका (कॉलोनी विकास) नियम, 2021 के प्रावधान अनुसार दिनांक 31/12/2016 के पूर्व अस्तित्व में आई अनधिकृत कॉलोनियों में नागरिक अधोसंरचना उपलब्ध कराने की कार्यवाही की जा सकेगी।

समिति की बैठकों में लिये गए निर्णय

[नगरीय विकास एवं आवास]

90. ( क्र. 1212 ) श्री प्रवीण पाठक : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) ग्वालियर जिले में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक दिनांक 24.11.2021 के एजेण्डा बिन्दु क्र. 2 अमृत योजना बिन्दु क्र. 4 में लिए गये निर्णय के अनुपालन में आगामी बैठक दिनांक 21.04.2022 तक (1) गुणवत्ता की जांच के संबंध में क्या कोई कार्यवाही की गई? यदि हाँ, तो क्या? यदि नहीं, तो किस कारण? (2) उक्त संबंध में क्या कोई जांच दल गठित किया गया? यदि हाँ, तो उसमें कौन-कौन सदस्य शामिल किये? यदि नहीं, तो किस कारण? (ख) प्रश्‍नांश (क) में उल्लेखित उक्त बिन्दु के संबंध में दिशा की बैठक दिनांक 21.04.2022 में लिये गये निर्णय के क्रम में आई.आर.एम.ए. अर्थात किस जांच एजेन्सी/संस्था को किस आदेश एवं दिनांक को अधिकृत किया गया तथा जांच एजेन्सी को कौन-कौन से कार्यों की जांच का कार्य सौंपा गया? उस जांच एजेन्सी में कौन-कौन से सदस्य/व्यक्ति शामिल किये गये? (ग) जांच एजेन्सी द्वारा किन-किन कार्यों की शत्-प्रतिशत माप एवं गुणवत्ता की जांच किस-किस दिनांक को की गई? जांच के दौरान समिति के कौन-कौन सदस्य उपस्थित रहे? प्रत्येक कार्य की जांच में क्या स्थिति पायी गई तथा उस पर कितनी राशि का भुगतान किस एजेन्सी को हुआ? (घ) क्या जांच के दौरान संबंधित वार्ड/विधानसभा क्षेत्र के निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया? यदि हाँ, तो किन्हें एवं किन-किन कार्यों की जांच के दौरान कौन-कौन निर्वाचित जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे? यदि उन्हें आमंत्रित नहीं किया गया तो किस कारण?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) (1) ग्वालियर जिले में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की दिनांक 31.07.2021 को हुई बैठक में दिये गये निर्देशों के परिपालन में अधीक्षण यंत्री, जलप्रदाय, नगर निगम ग्वालियर द्वारा पत्र क्रमांक 640 अ.यं./ज.प्र./न.पा.नि./2021 दिनांक 28.09.2021 से आयुक्त, नगरीय प्रशासन एवं विकास म.प्र. भोपाल को अमृत 01 के अंतर्गत हुये कार्यों की गुणवत्ता की जाँच हेतु निष्पक्ष जाँच एजेंसी नियुक्त करने हेतु अनुरोध किया गया। (2) उक्त के सम्बन्ध में पूर्व से ही संचालनालय के पत्र दिनांक 27.03.2018 द्वारा भारत सरकार द्वारा चयनित एजेंसी मेसर्स शाह टेक्निकल कंसल्‍टेंट प्रा.लि. मुम्बई को अमृत योजनांतर्गत चल रहे कार्यों हेतु स्वतंत्र समीक्षा एवं निगरानी एजेंसी (IRMA) के रूप में नियुक्त किया गया है। एजेंसी में तकनीकी सदस्‍य      श्री एस.के. मल्होत्रा, श्री जे.एस. तुलसी एवं श्री एम.एम. खैरा सम्मिलित हैं। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ख) जानकारी उत्‍तरांश '''' अनुसार है। (ग) उक्त एजेंसी द्वारा अनुबंध के प्रावधानों के अनुसार अमृत-1 अंतर्गत क्रियान्वित कार्यों का पाँच बार निरीक्षण क्रमश: दिनांक 27.06.2018 से 28.06.2018 तक एवं दिनांक 21.11.2018 से 21.11.2018 तक श्री एस.के. मल्होत्रा, दिनांक 04.06.2019 को श्री जे.एस. तुलसी, दिनांक 23.02.2021 से 24.02.2021 तक श्री एम.एम. खैरा तथा दिनांक 04.07.2022 से 05.02.2022 तक श्री एस.के. मल्होत्रा द्वारा किया गया। एजेंसी द्वारा सभी निरीक्षणों की पृथक-पृथक रिपोर्ट संचालनालय, नगरीय प्रशासन एवं विकास तथा नगरपालिक निगम ग्वालियर में प्रेषित की गई, जिसमें कार्यों की स्थिति संतोषजनक पायी गई। एजेंसी द्वारा दिये गये निर्देशों का सभी निविदाकारों से अनुपालन कराया गया है। उक्त एजेंसी को प्रदेश के 34 नगरीय निकायों में अमृत-1 अंतर्गत स्‍वीकृत सभी कार्यों के निरीक्षण हेतु अद्यतन राशि रू. 1.56 करोड का भुगतान किया गया है। (घ) जी नहीं, स्वतंत्र समीक्षा एवं निगरानी एजेंसी (IRMA) के अनुबंध में इस संबंध में उल्‍लेख नहीं होने के कारण, संबंधित वार्ड/विधानसभा क्षेत्र के निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित नहीं किया गया था। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

थीम रोड का निर्माण कार्य

[नगरीय विकास एवं आवास]

91. ( क्र. 1213 ) श्री प्रवीण पाठक : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) ग्वालियर जिले में स्मार्ट सिटी द्वारा गठन दिनांक से उत्तर दिनांक तक           कौन-कौन से मार्गों पर किस कारण थीम रोड का निर्माण किया जाना निर्धारित किया? प्रत्येक कार्य की दूरी एवं निर्माण लागत कितनी निर्धारित की गई? निर्माण लागत का किस तकनीकी आधार पर निर्धारण किया? मापदण्ड सहित जानकारी दें। (ख) प्रत्येक थीम रोड के निर्धारण की क्या प्रक्रिया है? क्या इसके लिए आम जनता से कोई सुझाव लिया जाना आवश्यक है या नहीं? यदि हाँ, तो आम जनता से कोई सुझाव कब-कब आमंत्रित किये? यदि नहीं, तो कारण बतायें। (ग) प्रत्येक निर्माण कार्य का किस निर्माण एजेन्सी/ठेकेदार को ठेका दिया गया? उसका आधार एवं पूर्ण विवरण, ठेका अनुबंध की शर्तें क्या हैं? उसकी सत्यापित प्रति उपलब्ध करायें। (घ) प्रत्येक निर्माण कार्य मौके पर किस दिनांक को प्रारंभ हुआ? प्रचलित निर्माण कार्य के दौरान किस सक्षम/तकनीकी अधिकारी द्वारा किस-किस दिनांक को जांच/निरीक्षण किया? प्रत्येक निरीक्षण के दौरान क्या-क्या कमियां पायी गई? उनकी पूर्ति हुई या नहीं? यदि हाँ, तो किस दिनांक को उसका पुनः निरीक्षण किसके द्वारा किया गया? यदि नहीं, तो क्यों? इसके लिए कौन उत्तरदायी है? उसके विरूद्ध क्या कार्यवाही की गई? प्रत्येक निरीक्षण की प्रति सहित जानकारी उपलब्ध करायें। अनुबंध की शर्तों के उल्लंघन पर क्या ठेकेदार के विरूद्ध कोई कार्यवाही की गई? यदि हाँ, तो क्या? नहीं तो क्यों? विस्तृत विवरण दें।

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) ग्वालियर स्मार्ट सिटी द्वारा गठन दिनांक से उत्तर दिनांक तक स्मार्ट रोड प्रोजेक्ट की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-1 अनुसार है। प्रत्येक कार्य की दूरी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-1 अनुसार है। उक्त समस्त कार्य एवं अन्य कार्य जिसमें महाराज बाड़ा पेडेस्ट ट्रीनाईजेशन विथ मल्टीलेवल पार्किंग विथ शिफ्टिंग ऑफ ओवर हेड केबल आदि सम्मिलित है, हेतु एग्जाई निविदा जारी होकर कार्य की निर्माण लागत राशि 299.959/- करोड (Without GST) निर्धारित है। कार्य की निर्माण लागत का निर्धारण नगरीय प्रशासन, पी.डब्ल्यू.डी., सी.पी.डब्ल्यू.डी. के एस.ओ.आर. एवं बाजार मूल्य दर की समीक्षा के आधार पर किया गया है। मापदण्ड उपरोक्त विभागों के द्वारा रोड निर्माण एवं अन्य निर्माण कार्य हेतु जारी निर्देश के अनुसार है। (ख) स्‍मार्ट सिटी योजना अंतर्गत तैयार किये गये स्मार्ट सिटी प्रपोजल मोबिलिटी मॉड्यूल एम-4 में निर्धारित प्रक्रिया जिसमें Underground Utility Power Duct Work, Storm water Drain work, Footpath work, Place Making Beautification work, Horticulture work, Median Work आदि कार्य सम्मिलित है, इसी आधार पर थीम रोड का निर्धारण किया गया है। शहर के स्मार्ट सिटी प्रपोजल तैयार करते समय जनप्रतिनिधि एवं जनता की सहभागिता ली गई है एवं शहर स्तर पर गठित शहर स्तरीय परामर्श समिति की बैठक में योजना अंतर्गत क्रियान्वित किये जा रहे विभिन्न प्रोजेक्ट पर चर्चा/सुझाव लिये गये है। (ग) प्रत्येक थीम रोड निर्माण कार्य हेतु एकजाई निविदा जारी होकर निर्माण एजेंसी M/S Larsen & Tourbro Limited, Construction water & Effluent Treatment, P.B. No. 979, Mount Poonamalee Road Manapakkam Chennai को ठेका निविदा प्रक्रिया अन्तर्गत तकनीकी योग्यता में सफल एवं नियमानुसार एल-1 न्यूनतम दरदाता) के आधार पर दिया गया है। पूर्ण विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-2 अनुसार है। ठेका अनुबंध की शर्तें General Condition of Contract & Special Condition of Contract की सत्यापित प्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-3 अनुसार है। (घ) स्मार्ट रोड निर्माण कार्य निम्नांकित 04 स्थलों पर प्रारंभ किया गया है। 1-थीम रोड दिनांक 08.03.2021, 2-आमखो बस स्टैंण्ड रोड दिनांक 02.07.2021, 3-राजपायगा रोड- दिनांक 12.11.2021, 4-आमखो-1 रोड- दिनांक 30.09.2021 प्रचलित निर्माण कार्य के दौरान सक्षम/तकनीकी अधिकारी अधीक्षण यंत्री, कार्यपालन यंत्री, इंजीनियर इन्चार्ज स्मार्ट सिटी द्वारा समय-समय पर कार्यस्थल का निरीक्षण किया गया है। निरीक्षण के दौरान पायी गई कमियों का उल्लेख साइट ऑर्डर बुक पर किया जाकर उनकी पूर्ति संबंधित एजेंसी द्वारा कराई जाती है एवं समय-समय पर पुनः निरीक्षण किया जाता है। निरीक्षण का विस्तृत विवरण साइट ऑर्डर बुक में उल्लेखित है जो पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-4 अनुसार है। कार्य का समय-समय पर स्थल निरीक्षण किया गया है। अतः प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। ठेकेदार द्वारा अनुबंध की शर्तों के अनुरूप कार्य किया जा रहा है। शेष प्रश्‍न उत्पन्न नहीं होता है।

परफॉर्मेंस गारंटी के तहत सड़क निर्माण कार्य

[लोक निर्माण]

92. ( क्र. 1215 ) श्री हर्ष यादव : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि           (क) सागर जिले अन्तर्गत वर्ष 2018-19 से प्रश्‍न दिनांक तक किस-किस योजनान्तर्गत कितने कि.मी. सड़क का निर्माण परफॉर्मेंस गांरटी के तहत किया गया? पृथक-पृथक विवरण दें। कितने मार्गों का नवीनीकरण कितने कि.मी. किया गया? विस्तृत विवरण दें। साथ ही परफॉर्मेंस गांरटी कब तक थी? (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार क्या परफॉर्मेंस गारंटी अवधि में सड़कें ध्वस्त एवं खराब हो गई हैं? उक्त मार्गों के नवीनीकरण में कुल कितनी राशि किन-किन मार्गों के लिए अनुपूरक शेड्यूल स्वीकृत किए गए? (ग) प्रश्‍नांश (क) के मार्गों में देवरी विधानसभा क्षेत्र के कितने मार्ग, कितने कि.मी. सड़क का निर्माण किस एजेंसी द्वारा किया गया? कार्य की स्वीकृत राशि, व्यय राशि एवं वर्तमान स्थिति से अवगत करावें। (घ) विभाग के द्वारा देवरी विधानसभा क्षेत्र के स्वीकृत मार्ग रसेना से पथरियादुबे, पुत्तर्रा से बिलहरी तक के प्राक्कलन, स्वीकृत राशि, भुगतान राशि एवं गुणवत्ता परीक्षण की विस्तृत रिपोर्ट देवें

लोक निर्माण मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे प्रपत्र-अ एवं 'अ-1' अनुसार है। (ख) जी नहीं। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे प्रपत्र-'अ-1' अनुसार है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे प्रपत्र-ब एवं 'ब-1' अनुसार है। (घ) विवरण पुस्‍तकालय में रखे प्रपत्र-ब अनुसार है। कार्य प्राक्कलन अनुसार गुणवत्तापूर्ण कराया गया है। प्राक्‍कलन एवं परीक्षण परिणाम की प्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-1 अनुसार है।

मैरिज गार्डनों के संचालन की स्‍वीकृति की शर्तें

[नगरीय विकास एवं आवास]

93. ( क्र. 1218 ) श्री राहुल सिंह लोधी : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में मैरिज गार्डन की परिभाषा क्या है? मैरिज गार्डन की स्वीकृति के लिए क्या- क्या मूलभूत सुविधायें होना आवश्यक है? (ख) टीकमगढ़ जिले में संचालित मैरिज गार्डन की सूची उनके संचालकों सहित तहसीलवार देवें। (ग) क्या प्रश्‍नांश (ख) में दी गई सूची के सभी गार्डन के लिए पंजीयन प्राप्ति है? यदि हाँ, तो मैरिज गार्डन का पंजीयन क्रमांक, दिनांक और कब तक वैध हैं? बतावें। (घ) मैरिज गार्डन के लिए मान्यता की शर्त में क्या पार्किंग व्यवस्था होना अनिवार्य है? यदि हाँ, तो जिन मैरिज गार्डन में पार्किंग व्यवस्था नहीं है, उनके संचालकों के विरूद्ध कब तक कार्रवाई की जावेगी?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

एम.पी.ई.बी. के स्‍टोर की स्‍थापना

[ऊर्जा]

94. ( क्र. 1219 ) श्री राहुल सिंह लोधी : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि            (क) टीकमगढ़ एवं निवाड़ी जिले में बिजली विभाग अन्तर्गत स्थापित ट्रांसफार्मर खराब होने पर सुधार हेतु एम.पी.ई.बी. के छतरपुर स्टोर में किस सुविधा से भेजे तथा लाये जाते हैं? (ख) प्रश्‍नांश (क) में ट्रांसफार्मर लाने ले जाने की सुविधा पर कितना व्यय विगत 5 वर्षों में किया गया? वर्षवार जानकारी देवें। टीकमगढ़ और निवाड़ी जिले के लिए टीकमगढ़ में एम.पी.ई.बी. का स्टोर स्थापित करने में कितना खर्च आयेगा? (ग) क्या ट्रांसफार्मर सुधार हेतु टीकमगढ़ एवं निवाड़ी जिले से लाने ले जाने की सुविधा पर होने वाले व्यय की अपेक्षा सुधार केन्द्र टीकमगढ़ जिले में स्थापित किया जाना किफायती होगा? (घ) यदि हाँ, तो टीकमगढ़ जिले में कब तक स्थापित कर दिया जावेगा?

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) म.प्र. पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी अंतर्गत संचालन/संधारण, वृत्‍त, टीकमगढ़ के संचालन/संधारण संभागों टीकमगढ़ एवं निवाड़ी क्षेत्रांतर्गत स्‍थापित वितरण ट्रांसफार्मर जलने/खराब होने पर सुधार कार्य हेतु मैदानी कार्यालयों में उपलब्‍ध वाहनों से क्षेत्रीय भण्‍डार गृह छतरपुर में भेजे तथा लाये जाते हैं। (ख) संचालन/संधारण वृत्‍त टीकमगढ़ के संचालन/संधारण संभागों टीकमगढ़ एवं निवाड़ी क्षेत्रांतर्गत स्‍थापित वितरण ट्रांसफार्मरों के जलने/खराब होने पर सुधार कार्य हेतु क्षेत्रीय भण्‍डारगृह छतरपुर तक लाने एवं वापस ले जाने के लिये पृथक से कोई वाहन संलग्‍न नहीं है, जो वाहन म.प्र. पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा विभागीय कार्यों हेतु अनुबंधित किये गये हैं, उन्‍हीं के माध्‍यम से अन्‍य कार्यों के साथ-साथ वितरण ट्रांसफार्मरों के सुधार कार्य हेतु परिवहन का कार्य भी किया जाता है। अनुबंधित वाहनों पर विगत 05 वित्‍तीय वर्षों में हुए व्‍यय की राशि का विवरण निम्‍नानुसार है :-

क्र.

वित्‍तीय वर्ष

व्‍यय राशि रू. (लाख में)

कुल राशि संचा./संधा. वृत्‍त टीकमगढ़ (रू. लाख में)

(संचा./संधा.) संभाग टीकमगढ़

(संचा./संधा.) संभाग निवाड़ी

1

2017-2018

9.16

11

20.16

2

2018-2019

12.41

11.25

23.66

3

2019-2020

15.27

11.50

26.77

4

2020-2021

16.53

13.60

30.13

5

2021-2022

19.09

13.80

32.89

म.प्र. पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी अंतर्गत नवीन क्षेत्रीय भण्‍डार गृह कार्यालय स्‍थापित किये जाने हेतु एक कार्यपालन अभियंता सहित विभिन्‍न श्रेणी के कार्मिकों के कुल 22 पद स्‍वीकृत हैं, जिनका अनुमानित वार्षिक वेतन व्‍यय लगभग रू. 1.20 करोड होगा। इसके अतिरिक्‍त टीकमगढ़ में नवीन क्षेत्रीय भण्‍डार गृह की स्‍थापना किये जाने के लिये लगभग 3 एकड़ भूमि, कार्यालय हेतु भवन, एप्रोच रोड, 04 गोदाम, 02 क्रेन, ऑइल एकत्रित करने हेतु 02 टैंक, टेस्टिंग लैब, लैब उपकरण, ओपन शेड, आयरन रैक, 02 वाहन, कम्‍प्‍यूटर, प्रिंटर, स्‍कैनर, स्‍टेशनरी आदि पर कुल अनुमानित व्‍यय लगभग रू. राशि 20 करोड होना संभावित है। (ग) उत्‍तरांश (ख) में उल्‍लेखित आंकड़ों से स्‍पष्‍ट है, कि टीकमगढ़ एवं निवाड़ी जिले से वितरण ट्रांसफार्मर सुधार कार्य हेतु छतरपुर क्षेत्रीय भण्‍डार गृह लाने ले जाने पर होने वाले व्‍यय की तुलना में टीकमगढ़ जिले में एरिया स्‍टोर स्‍थापित किया जाना वित्‍तीय रूप से साध्‍य नहीं है। साथ ही यह भी उल्‍लेख‍नीय है कि टीकमगढ़ एवं निवाड़ी जिले में एल.टी.आर.यू. स्‍थापित है, जहां जले/खराब वितरण ट्रांसफार्मर में माइनर रिपेयर की आवश्‍यकता होने पर आवश्‍यक सुधार कार्य कर लिया जाता है एवं जला/खराब वितरण ट्रांसफार्मर छतरपुर एरिया स्‍टोर भेजने की आवश्‍यकता नहीं होती है। (घ) उत्‍तरांश (ग) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न नहीं उठता।

उप तहसील के नवनिर्मित भवनों का लोकार्पण

[लोक निर्माण]

95. ( क्र. 1222 ) श्री धर्मेन्द्र भावसिंह लोधी : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दमोह जिले के जबेरा विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत तीन उप तहसील तेजगढ़, नोहटा एवं बनवार के नवनिर्मित भवनों का लोकार्पण माननीय राजस्व मंत्री महोदय द्वारा किया गया है।        (ख) क्या उप तहसील तेजगढ़ व बनवार के भवन का निर्माण लोक निर्माण विभाग की भवन शाखा पी.आई.यू. द्वारा किया गया है? यदि हाँ, तो लोकार्पण पश्चात भवन को राजस्व विभाग को हस्तांतरित किया गया है? यदि नहीं, तो क्यों? यदि हाँ, तो विद्युत कनेक्शन व शेष रह गए कार्यों को लोकार्पण पूर्व पूर्ण क्‍यों नहीं किया गया? (ग) लोकार्पण के चार माह पश्चात भी तेजगढ़ व बनवार के नवीन भवनों में उप तहसील प्रारम्भ न होने पर सम्बन्धित विभाग व निर्माण एजेंसी पर क्या कार्यवाही की गई है? कार्यवाही की प्रति उपलब्ध करायें। यदि नहीं, तो क्यों नहीं?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ। (ख) जी हाँ। जी नहीं। भवन हस्‍तान्‍तरण की कार्यवाही प्रचलन में है। स्‍थाई विद्युत कनेक्‍शन संबंधित प्रशासकीय विभाग द्वारा लिया जाता है व कोई भी कार्य शेष नहीं है। (ग) लोक निर्माण विभाग से संबंधित नहीं, अत: कार्यवाही का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता।

विद्युत व्यवस्था में सुधार

[ऊर्जा]

96. ( क्र. 1224 ) श्री धर्मेन्द्र भावसिंह लोधी : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दमोह जिले के जबेरा विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत 6 विद्युत वितरण केंद्र हैं। इन 6 विद्युत वितरण केन्द्रों में कितने कनिष्ठ अभियंता एवं लाइनमैन के पद स्वीकृत हैं? स्वीकृत पदों के विरूद्ध कितने पद भरे हैं तथा कितने रिक्त हैं? क्या रिक्त पदों के कारण शिकायत होने पर खराब ट्रांसफार्मर बदलने एवं शिकायतों का निराकरण करने में 10 से 15 दिन का समय लग रहा है? यदि हाँ, तो रिक्त पदों की पद पूर्ति कब तक की जाएगी? (ख) विद्युत विभाग द्वारा पूर्व में ट्रांसफार्मर खराब होने पर उस ट्रांसफार्मर की बकाया राशि का उपभोक्ता द्वारा 10 % जमा करने पर ट्रांसफार्मर बदलने का प्रावधान था, जिसे बढ़ाकर 50% किया गया है? यदि हाँ, तो क्यों? (ग) प्रश्‍नांश (ख) अनुसार क्या ट्रांसफार्मर खराब होने पर ट्रांसफार्मर बदलने के लिए 50% बकाया राशि जमा करना अनिवार्य है जिससे ट्रांसफार्मर बदलने में 10 से 15 दिन का समय लग रहा है? यदि हाँ, तो 50% बकाया राशि जमा करने के नियमों को शिथिल किया जावेगा? समय पर ट्रांसफार्मर बदलने के लिए विभाग द्वारा क्या कार्यवाही की जा रही है?

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) जी हाँ, दमोह जिले के जबेरा विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत 6 वितरण केन्‍द्र कार्यरत हैं। इन वितरण केन्‍द्रों में कनिष्‍ठ अभियंता एवं लाइनमैन के स्‍वीकृत पद, स्‍वीकृत पदों के विरूद्ध भरे पद एवं रिक्‍त पदों की जानकारी संलग्न परिशिष्‍ट अनुसार है। जी नहीं, अपितु बाह्य सेवा प्रदाता एजेंसियों के माध्‍यम से नियोजित कार्मिकों, संविदा कार्मिकों तथा उपलब्‍ध/पदस्‍थ नियमित कार्मिकों सहित कुल उपलब्‍ध कार्मिकों की युक्तियुक्‍त आधार पर पदस्‍थापना कर जले/खराब ट्रांसफार्मर बदलने का कार्य तथा प्राप्‍त विद्युत संबंधी अन्‍य शिकायतों का निराकरण अविलंब किया जा रहा है। जले/खराब वितरण ट्रांसफार्मरों को नियमानुसार बकाया विद्युत बिल की राशि जमा होने के पश्चात पात्र होने पर शहरी क्षेत्र में अधिकतम 24 घंटे एवं ग्रामीण क्षेत्र में शुष्‍क मौसम में 03 दिवस एवं वर्षा ऋतु (माह जुलाई से सितम्‍बर) में 7 दिवस के अंदर बदलने का प्रावधान है तथा तद्नुसार ही प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में जले/खराब वितरण ट्रांसफार्मरों को बदलने का कार्य किया जा रहा है। साथ ही प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में प्राप्‍त विद्युत संबंधी शिकायतों का निराकरण भी निर्धारित अवधि में किया जा रहा है। (ख) जी नहीं, विद्युत वितरण ट्रांसफार्मर के जलने/खराब होने पर उक्‍त ट्रांसफार्मर से संबद्ध 50 प्रतिशत उपभोक्ताओं द्वारा विद्युत बिल की बकाया राशि का भुगतान करने अथवा कुल बकाया राशि का 10 प्रतिशत जमा होने के उपरांत पात्रता की श्रेणी में आने के पश्चात उस जले/खराब वितरण ट्रांसफार्मर को बदले जाने का प्रावधान पूर्वानुसार लागू है। (ग) जी नहीं। उत्‍तरांश (ख) में दर्शाए अनुसार जले/खराब वितरण ट्रांसफार्मर बदलने हेतु पूर्व से लागू प्रावधानों/नियमों में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है, अत: प्रश्‍न नहीं उठता। जले/खराब वितरण ट्रांसफार्मर को निर्धारित समयावधि में बदलना सुनिश्चित करने हेतु म.प्र. पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा क्षेत्रीय भण्‍डारों में ट्रांसफार्मरों की पर्याप्‍त उपलब्‍धता सुनिश्चित की जा रही है तथा साथ ही मैदानी कार्यालयों को अतिरिक्‍त ट्रांसफार्मर इम्‍प्रेस्‍ट में दिये जा रहे है। दूरस्‍थ क्षेत्रों में जले/खराब वितरण ट्रांसफार्मर बदलने हेतु अतिरिक्‍त वाहन उपलब्‍ध कराए गए हैं। साथ ही स्‍थानीय स्‍तर पर ट्रांसफार्मर सुधार केन्‍द्रों को संचालित किया जा रहा है ताकि जले/खराब वितरण ट्रांसफार्मरों को शीघ्र सुधार कर निर्धारित समयावधि में बदला जा सके।

परिशिष्ट- "पच्चीस"

एस.ए.एम.सी. योजना के कार्य

[ऊर्जा]

97. ( क्र. 1229 ) श्री शिवदयाल बागरी : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि            (क) एस.ए.एम.सी. योजना में पन्ना जिले में वर्ष 2021-222022-23 में प्रश्‍न दिनांक तक कितने कार्य कराये गये? पोजेक्ट नं. सहित प्राक्‍कलन क्रमांक एवं कार्यादेश क्रमांक उपलब्ध करायें।              (ख) पन्ना जिला अन्तर्गत 132 के.व्‍ही. के कितने सब-स्टेशन बनाये जा रहे हैं एवं उक्त कार्य को कौन से ठेकेदार द्वारा कराया जा रहा है? कार्य की प्राक्‍कलन की कॉपी उपलब्ध करायें।

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) एस.ए.एम.सी. के अन्‍तर्गत पन्‍ना जिले में 2021-22 से प्रश्‍न दिनांक तक कुल 30 कार्य कराये गये, जिसमें वर्ष 2021-22 में 15 कार्य एवं वर्ष 2022-23 में प्रश्‍न दिनांक तक 15 कार्य कराये गये, कार्यों के प्रोजेक्‍ट/प्राक्‍कलन नम्‍बर एवं कार्यादेश नम्‍बरवार सूची संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार हैं। (ख) केन्‍द्र सरकार द्वारा टैरिफ आधारित प्रतिस्‍पर्धात्‍मक बोली (टी.बी.सी.बी.) हेतु जारी दिशा-‍निर्देशों के तहत संपन्‍न बोली प्रक्रिया द्वारा चयनित निजी विकासक मेसर्स एम.पी. पावर ट्रांसमिशन पैकेज–II लिमिटेड (मे. अडानी ट्रांसमिशन लिमिटेड की सहायक कंपनी) द्वारा पन्‍ना जिले में सिमरिया में 132/33 के.व्‍ही., देवेन्‍द्र नगर में 132/33 के.व्‍ही. तथा अजयगढ़ में 220/33 के.व्‍ही. (इस प्रकार कुल 03 नग) उपकेन्‍द्रों का निर्माण कार्य कराया जा रहा है। निजी विकासक द्वारा निर्माण कार्य कराये जाने के दृष्टिगत प्राक्‍कलन की प्रति उपलब्‍ध कराया जाना संभव नहीं है।

परिशिष्ट- "छब्बीस"

क्षतिग्रस्त रोड का निर्माण

[लोक निर्माण]

98. ( क्र. 1230 ) श्री संजय सत्येन्द्र पाठक : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या वित्तीय वर्ष 2020-21 एवं 2021-22 में माननीय मुख्यमंत्री जी की घोषणानुसार पिपरिया कलां, बगैहा, नदावन, बरनमहगवां खितौली रोड की स्वीकृति बजट में ली गयी है?             (ख) प्रश्‍नांश (क) यदि हाँ, तो संबंधित सड़क में निर्माण हेतु निविदा की कार्यवाही कब की गयी? यदि नहीं, तो कब तक की जायेगी? (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के परिप्रेक्ष्य में उक्त सड़क का निर्माण कब से प्रारंभ कर दिया जायेगा, जिससे क्षेत्र के मरीज, विद्यार्थी एवं जनमानस को हो रही आवागमन की समस्याओं से निदान मिल सकेगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ। (ख) प्रशासकीय स्‍वीकृति के अभाव में निविदा की कार्यवाही नहीं की गई है। वर्तमान में समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।             (ग) निविदा प्रक्रिया से संविदाकार के चयन उपरान्‍त कार्य किया जा सकेगा।

पुल निर्माण में विलंब

[लोक निर्माण]

99. ( क्र. 1231 ) श्री संजय सत्येन्द्र पाठक : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या बरही तहसील जिला कटनी के ग्राम सुतरी एवं खैरभार के बीच उमराड़ नदी में नवीन पुल की स्वीकृत 6 वर्ष पूर्व दी गयी थी? यदि हाँ, तो संबंधित ठेकेदार एवं अधिकारियों ने पुल का निर्माण अभी तक किन कारणों से पूर्ण नहीं कराया गया? जिस कारण से 4 माह वर्षा ऋतु में क्षेत्र के लोगों का आवागमन बाधित हो रहा है? (ख) प्रश्‍नांश (क) यदि हाँ, तो उक्त पुल संबंधित ठेकेदार और अधिकारियों के द्वारा कब तक पूर्ण की जावेगी? विलंब से कार्य पूर्ण करने के लिए ठेकेदार एवं कौन-कौन अधिकारी दोषी है एवं यह भी बताएं कि उक्त कार्य निर्माण की अवधि कितने बार बढ़ाई गयी तथा शासन के निर्देश क्या हैं? (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के परिप्रेक्ष्य में दोषी संबंधित ठेकदार एवं अधिकारियों के ऊपर क्या कार्यवाही की जायेगी? यदि हाँ, तो कब तक? नहीं तो क्यों?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ। संविदाकार की धीमी प्रगति के कारण उक्त निर्माण कार्य में विलंब हुआ। (ख) उक्त कार्य माह जून 2023 तक पूर्ण किया जाना संभावित है। संविदाकार द्वारा कार्य की धीमी प्रगति के कारण निर्माण कार्य में विलंब हुआ। अधिकारी के दोषी होने का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता है एवं उक्त निर्माण कार्य की अवधि 5 बार बढ़ाई गई है। अनुबंध की कंडिका 14, 15 एवं उसकी उपकंडिकायें के तहत समयावृद्धि दिये जाने का प्रावधान है। (ग) उक्त कार्य पूर्ण न करने हेतु संविदाकार पूर्ण रूप से जिम्मेदार है। संविदाकार द्वारा कार्य न करने के कारण अनुबंध विखंडित करने के उपरांत रिवोक किया गया है एवं संविदाकार के पंजीयन को ब्लैक लिस्टेड (काली सूची) किया जा चुका है। प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता। प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता।

अनधिकृत कॉलोनियों में नागरिक अवसंरचना का प्रदाय

[नगरीय विकास एवं आवास]

100. ( क्र. 1234 ) श्री संदीप श्रीप्रसाद जायसवाल : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता के विधानसभा प्रश्‍न क्रमांक – 4140, दिनांक 16/03/2021 के प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के उत्तरानुसार प्रश्‍न दिनांक तक कार्यवाही पूर्ण हो गयी? यदि हाँ, तो विवरण बताइये। यदि नहीं, तो क्यों? शेष कार्यवाहियों को किस प्रकार और कब तक पूर्ण किया जायेगा?             (ख) म.प्र. नगरपालिका (कॉलोनी विकास) नियम-2021 अनुसार सक्षम प्राधिकारी कौन होता है? सक्षम प्राधिकारी की शक्तियां क्या है तथा कार्यालय नगरपालिक निगम, कटनी के सक्षम प्राधिकारी द्वारा अनधिकृत कॉलोनियों में नागरिक अवसंरचना प्रदाय किए जाने हेतु प्रश्‍न दिनांक तक             क्या-क्या कार्यवाही की गयी एवं क्या कार्यवाही किया जाना शेष है? (ग) क्या विधानसभा प्रश्‍न क्रमांक–4140, दिनांक-16/03/2021 के प्रश्‍नांश (ख) के उत्तरानुसार- कुल 92 अवैध कॉलोनियां निर्मित होना पाया गया था? यदि हाँ, तो वर्तमान में 91 कॉलोनियों के नियमितीकरण किए जाने का कारण बताइये और क्या वर्ष-2016 के पूर्व की सभी अनधिकृत कॉलोनियों की पहचान कर नागरिक अवसंरचना प्रदाय किए जाने की कार्यवाही की जा रही है? यदि हाँ, तो कैसे जबकि अभी भी कई कॉलोनियां चिन्हित किया जाना शेष है? (घ) अनधिकृत कॉलोनियों के संबंध में दिनांक-25/11/2022 को प्रश्‍नकर्ता सदस्य की पार्षदों एवं नागरिकों सहित आयुक्त, कार्यालय- नगरपालिक निगम कटनी की बैठक में कार्यवाही के क्या बिन्दु तय किए थे तथा सक्षम प्राधिकारी द्वारा अपने उत्तर दिनांक तक अनधिकृत कॉलोनियों में नागरिक अवसंरचना प्रदाय किए जाने हेतु क्या-क्या कार्यवाही की गयी और क्या कार्यवाही किया जाना शेष है? शेष कार्यवाहियों को कब तक पूर्ण किया जायेगा?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) जी नहीं, नगर निगम स्‍तर पर कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। उत्‍तरांश के परिप्रेक्ष्‍य में शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। वैधानिक प्रक्रिया होने के कारण समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ख) नगरपालिक निगम की स्थिति में आयुक्‍त नगरपालिक निगम एवं नगरपालिका परिषद्/नगर परिषद् की स्थिति में जिला कलेक्‍टर सक्षम प्राधिकारी है। सक्षम प्राधिकारी की शक्तियां म.प्र. नगरपालिका (कॉलोनी विकास) नियम 2021 में दी गई हैं। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट '''' एवं '''' अनुसार है। (ग) जी हाँ। नगरपालिका अधिनियम में अनधिकृत कॉलोनियों के नियमितीकरण के प्रावधान नहीं हैं, अपितु अनधिकृत कॉलोनियों में नागरिक अधोसंरचना उपलब्‍ध कराने के प्रावधान रखे गये हैं। 92 चिन्हित कॉलोनियों में से ग्राम मुडवारा खसरा नंबर 1346/1 रकबा 0.189 हेक्‍टेयर में स्थित 01 कॉलोनी प्रचलित नियमों के अनुरूप नहीं होने के कारण नागरिक अधोसंरचना उपलब्‍ध कराने की कार्यवाही से मुक्‍त रखी गयी है। जी नहीं, अपितु ऐसी कॉलोनी जो नगर निगम अधिनियम की धारा 292-घ (5) के उपबंधों के अनुसार पाई जाएगी, उनमें नागरिक अधोसंरचना प्रदान करने की कार्यवाही नहीं की जाएगी। उत्‍तरांश के परिप्रेक्ष्‍य में शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। नगर निगम के संज्ञान में आने पर नियमानुसार कार्यवाही की जाती है। (घ) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट '''' एवं शेष जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट '''' अनुसार है। वैधानिक प्रक्रिया होने के कारण              समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

ट्रांसफार्मर एवं विद्युत लाइन से संबंधित

[ऊर्जा]

101. ( क्र. 1235 ) श्री संदीप श्रीप्रसाद जायसवाल : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मुडवारा विधानसभा अंतर्गत वर्तमान में कितनी क्षमता एवं किस श्रेणी के कितने-कितने ट्रांसफार्मर कहाँ-कहाँ स्थापित हैं? विगत 02 वर्षों में किन-किन स्थानों पर स्थापित ट्रांसफार्मरों में क्या खराबी कब-कब उत्पन्न हुई और सुधार कार्य कब-कब करवाया गया? वर्तमान में कितने और किन-किन स्थलों में लगे ट्रांसफार्मर किन कारणों से खराब/बंद हैं? (ख) भार वृद्धि का आंकलन कर ट्रांसफार्मरों की क्षमता में वृद्धि किए जाने के क्या नियम/निर्देश हैं? मुडवारा विधानसभा अंतर्गत विगत 02 वर्षों में कितने और किन-किन स्थलों पर स्थापित ट्रांसफार्मरों की क्षमता में कब-कब भार वृद्धि की गयी? (ग) माननीय प्रभारी मंत्री जिला कटनी द्वारा विद्युतत लाइनों को व्यवस्थित किए जाने के निर्देश के पालन में क्या-क्या कार्यवाही की जा चुकी है और क्या कार्यवाही किस स्तर पर कब से प्रश्‍न दिनांक तक लंबित हैं? कार्यपालन अभियंता (शहर-संभाग) कटनी का पत्र क्रमांक-335, दिनांक-01/07/2022 किस विषय पर क्या कार्यवाही हेतु, किन्हें प्रेषित किया गया था? प्रश्‍न दिनांक तक पत्रानुसार क्या-क्या कार्यवाही की गयी और किन कारणों से कार्यवाही किया जाना, कब से शेष है? (घ) क्या प्रश्‍नांश (ग) के तहत कटनी नगर के स्टेशन चौराहा से मिशन चौक तक विद्युत तारों को प्रथम चरण में व्यवस्थित किए जाने के कार्य को आवश्यकता और जनसुरक्षा की दृष्टि से शीघ्रता से किए जाने के निर्देश प्रदान किए जायेंगे? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्यों?

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) मुडवारा विधानसभा क्षेत्रांतर्गत वर्तमान में 25 के.व्‍ही.ए. क्षमता के 242, 63 के.व्‍ही.ए क्षमता के 149, 100 के.व्‍ही.ए. क्षमता के 581, 200 के.व्‍ही.ए. क्षमता के 335 एवं 315 के.व्‍ही.ए. क्षमता के 05 इस प्रकार कुल 1312 वितरण ट्रांसफार्मर स्‍थापित हैं। जिसकी प्रश्‍नाधीन चाही गयी स्‍थानवार, श्रेणीवार एवं क्षमतावार जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। विगत 2 वर्षों में प्रश्‍नाधीन क्षेत्र अंतर्गत 82 स्‍थानों पर स्‍थापित वितरण ट्रांसफार्मर विभिन्‍न कारणों से बंद/खराब हुये हैं, जिनकी प्रश्‍नाधीन चाही गयी ट्रांसफार्मर के खराब होने एवं सुधारे/बदले जाने की दिनांक तथा खराबी के कारण सहित स्‍थानवार जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। उक्‍त में से 60 स्‍थानों पर बंद/खराब वितरण ट्रांसफार्मर को बदल दिया गया है तथा वर्तमान में शेष 22 स्‍थानों पर वितरण ट्रांसफार्मर संबद्ध उपभोक्‍ताओं द्वारा नियमानुसार विद्युत बिल की बकाया राशि जमा नहीं करने के कारण नहीं बदले जा सके हैं। उल्‍लेखनीय है कि ट्रांसफार्मर जला/खराब होने की दशा में उस ट्रांसफार्मर से संबद्ध 50 प्रतिशत उपभोक्‍ताओं द्वारा भुगतान करने पर अथवा कुल बकाया राशि का 10 प्रतिशत जमा होने के उपरांत इन जले/खराब वितरण ट्रांसफार्मरों को बदले जाने का नियम है।                     (ख) विद्यमान वितरण ट्रांसफार्मरों पर संयोजित विद्युत कनेक्‍शनों के भार का आंकलन कर वितरण ट्रांसफार्मर के अतिभारित पाये जाने पर वित्‍तीय संसाधनों एवं इसी प्रकार के कार्यों की वरीयता के अनुसार वितरण टांसफार्मरों की उपलब्‍धतानुसार ट्रांसफार्मरों की क्षमता में वृद्धि का कार्य किया जाता है। मुडवारा विधानसभा क्षेत्रांतर्गत विगत 02 वर्षों में 63 के.व्‍ही.ए. क्षमता से 100 के.व्‍ही.ए. क्षमता के 01, 100 के.व्‍ही.ए. क्षमता से 200 के.व्‍ही.ए. क्षमता के 02 एवं 200 के.व्‍ही.ए. क्षमता से 315 के.व्‍ही.ए. क्षमता के 05, इस प्रकार कुल 08 वितरण ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि के कार्य किये गये हैं, जिनकी प्रश्‍नाधीन चाही गयी स्‍थानवार, क्षमतावार एवं क्षमता वृद्धि करने की दिनांक सहित जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ग) माननीय प्रभारी मंत्री महोदय, जिला कटनी द्वारा विद्युत लाईनों को व्‍यवस्थित (शिफ्ट) करने के निर्देश के परिपालन में प्रथम चरण में स्‍टेशन चौराहा से मिशन चौक तक अंडर-ग्राउंड केबलिंग कार्य हेतु म.प्र. पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी एवं नगरपालिक निगम कटनी द्वारा संयुक्‍त रूप से सर्वे के आधार पर जमा योजनान्‍तर्गत प्राक्‍कलन कार्यपालन अभियंता (शहर संभाग) कटनी द्वारा पत्र दिनांक 01.07.2022, से सहमति हेतु आयुक्‍त, नगरपालिक निगम कटनी को प्रेषित किया गया था। वर्तमान में सहमति प्रतीक्षित हैं। सहमति प्राप्‍त होने पर नियमानुसार अग्रिम कार्यवाही किया जाना संभव हो सकेगा। (घ) उत्‍तरांश (ग) में दर्शाए अनुसार म.प्र. पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा कार्यवाही की गई है तथा आयुक्‍त, नगरपालिक निगम कटनी से सहमति प्राप्‍त होने पर म.प्र. पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा शीघ्र अग्रिम कार्यवाही की जायेगी।

वॉटर हार्वेस्टिंग/जल संवर्धन मद की राशि का उपयोग

[नगरीय विकास एवं आवास]

102. ( क्र. 1240 ) श्री विनय सक्सेना : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भवनों के नक्शा स्वीकृतियों के फलस्वरूप विगत 10 वर्षों में नगर निगम जबलपुर में वॉटर हार्वेस्टिंग/जल संवर्धन मद की कितनी-कितनी राशि जमा हुई है? (ख) उक्त राशि का कब-कब क्या-क्या उपयोग किया गया है? वर्षवार, कार्यवार बतावें। (ग) निगम द्वारा उक्त वर्षों में जल संवर्धन हेतु बनाई गयी कार्य योजनायें, उठाये गये कदम व प्राप्त लक्ष्यों के विवरण देवें। (घ) नगरीय क्ष्रेत्र में स्थित ताल-तलैयों के संरक्षण हेतु क्या-क्या कदम उठाये गये हैं? कितनी-कितनी राशि व्यय की गयी है? क्या-क्या आगामी कार्य योजनायें हैं?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) दिनांक 01.04.2012 से दिनांक 31.03.2022 तक जमा राशि रूपये 4, 37, 77, 758/- (चार करोड सैंतीस लाख सतहत्तर हजार सात सौ अट्ठावन रूपये) धरोहर राशि जमा कराई गई। (ख) निगम द्वारा वर्षा जल संवर्धन की राशि भवन स्वामी से धरोहर के रूप में जमा कराई जाती है। अतः उक्त राशि का अन्यत्र उपयोग नहीं किया गया है। (ग) 13 स्थानो में रैनवॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाया गया है। इसके अतिरिक्त 180 ट्यूबवेल एवं नगरीय निकाय के स्कूल भवन में 33 रैनवॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाये गये हैं।            (घ) नगर निगम जबलपुर सीमान्तर्गत तालाबों के संरक्षण संर्वधन की जानकारी निम्नानुसार है :- 1. रमनगरा पाथवे निर्माण कराया गया जिस पर व्यय की गई राशि 3, 28, 730/- 2. शाहीताल- पिचिंग, फेंसिंग, घाट निर्माण कराया गया जिस पर व्यय की गई राशि- 11, 85, 490/- 3. इमरती तालाब- पिचिंग, फेंसिंग, स्ट्रेंथिंग निर्माण कराया गया जिस पर व्यय की गई राशि- 14, 03, 244/- 4. सूरजताल स्ट्रेंथिंग के कार्य कराये गये जिन पर व्यय की गई राशि रूपये 96, 32, 659/- की जानकारी संलग्न परिशिष्ट '''' अनुसार है। 5. गुलौआताल- पिचिंग, घाट निर्माण, पाथ-वे, सिटिंग स्टेप, जाली, आर.सी.सी. बॉलस्टोन, एम.पी. थेयटर, वुडन वर्क इन सिटिंग, चेनलिंग, रेलिंग, का कार्य कराया गया। जिसकी व्यय राशि 2, 21, 96, 800/- 6. सूपाताल तालाब तालाब में मरम्मत एवं रख-रखाव का कार्य कराया गया जिसकी व्यय राशि 48.81 लाख 7. संग्राम सागर घाट का निर्माण घांट का निर्माण जिसकी व्यय राशि 9.67 लाख जानकारी संलग्न परिशिष्ट '''' अनुसार।                    8. रानीताल तालाब सौंदर्यीकरण हेतु, रानीताल लेक डेव्लपमेन्ट फेस-1, रानीताल लेक फेस-2 एवं एस.टी.पी. के कार्य में अब तक की व्यय राशि की जानकारी संलग्न परिशिष्ट '''' अनुसार है।              9. हनुमानताल तालाब- सौंदर्यीकरण का कार्य कराया जा रहा है जिसमें व्यय राशि- 50, 000, 00/- अमृत योजना 2.0 के अंतर्गत 5 तालाबों 1. गंगासागर तालाब 2. हनुमानताल तालाब 3. सूपाताल तालाब 4. रानीताल तालाब, 5. गुलौआ तालाब, की डी.पी.आर. का कार्य किया जा रहा है।

परिशिष्ट- "सत्ताईस"

ठेका श्रमिकों एवं स्क्रैप निकासी की जानकारी

[ऊर्जा]

103. ( क्र. 1243 ) श्री नारायण सिंह पट्टा : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अमरकंटक ताप विद्युत गृह चचाई अंतर्गत ठेका श्रमिकों की अर्धवार्षिकी की वास्तविक उम्र क्या है? श्रमिकों के नाम, पता सहित प्रत्येक के काटे जाने वाले ई.पी.एफ. की जानकारी उपलब्ध कराएं? क्या माननीय मंत्री जी द्वारा दिनांक 07.09.2022 को प्रमुख सचिव को लिखे पत्र में श्रमिकों की अर्धवार्षिकी आयु बढ़ाने एवं कंपनियों से अभिमत प्राप्त करने हेतु निर्देशित किया था? उत्पादन कंपनी ने अर्धवार्षिकी आयु क्या प्रस्तावित की है? श्रमिकों को कब तक सेवानिवृत्त किया जाएगा? (ख) उक्त तापगृह के सी.एच.पी. 210 mw में कार्य करने वाले श्रमिकों को एक वर्ष में दिए जाने वाले आकस्मिक अवकाश की क्या संख्या है? वर्ष 2018 से प्रश्‍न दिनांक तक ठेका कंपनियों द्वारा किस-किस श्रमिक को कितने-कितने दिनों का आकस्मिक अवकाश दिया गया है? नामवार जानकारी प्रदाय करें। क्या रिलीविंग पाली को वास्तविक न चलाकर सिर्फ दस्तवेजों में चलाकर बोगस श्रमिकों के नाम से राशि का आहरण हो रहा है? (घ) उक्त ताप गृह में स्क्रैप निकासी में अनियमितता की अब तक कितनी शिकायतें प्राप्त हुई हैं? क्या दिनांक 31 जनवरी 2022 को थाना चचाई में एक एफ.आई.आर. दर्ज की गई है जिसमें तापगृह से निकासी किये गए स्क्रैप की मात्रा एवं वास्तविक कांटा तौल में 17 टन 57 किलो स्क्रैप ज्यादा पाया गया था? यदि हाँ, तो इस मामले में कौन-कौन अधिकारी/कर्मचारी दोषी पाए गए? उनके विरूद्ध क्या कार्यवाही की गई है?

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) अमरकंटक ताप विद्युत गृह चचाई अंतर्गत ठेका श्रमिकों की अर्धवार्षिकी की वास्तविक उम्र/आयु के संबंध में श्रम कानूनों की तहत कोई उल्‍लेख नहीं है। श्रमिकों के नाम, पता सहित काटे जाने वाले ई.पी.एफ. की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। माननीय मंत्री जी द्वारा दिनांक 07.09.2022 को प्रमुख सचिव को श्रमिकों की अर्धवार्षिकी आयु बढ़ाने हेतु लिखे पत्र के संबंध में लेख है कि म.प्र. पावर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड के विद्युत उत्पादन केन्द्रों में ठेका श्रमिकों की आयु के संबंध में निविदा में मात्र श्रमिकों का वयस्क एवं स्वस्थ होना आवश्यक होने के प्रावधान है, तद्नुसार ठेके के अंतर्गत फर्म द्वारा संलग्न ठेका श्रमिकों का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाता है। अत: शेष प्रश्‍नांश लागू नहीं होता है। (ख) ठेका श्रमिक (नियोजन एवं उन्‍मूलन) अधिनियम 1970 के तहत अमरकंटक ताप विद्युत गृह चचाई में ठेका श्रमिकों को नियोजित किया जाता है, जिसके अनुसार नियोजित ठेका श्रमिकों को आकस्मिक अवकाश की पात्रता नहीं होती है तथापि श्रमिकों को नियमानुसार साप्ताहिक अवकाश प्रदान किया जाता है। रिलीविंग पाली को वास्‍तविक न चलाकर सिर्फ दस्‍तावेजों में चलाकर बोगस श्रमिकों के नाम से राशि का आहरण किये जाने संबंधी उल्‍लेख निराधार है। (घ) अमरकंटक ताप विद्युत गृह चचाई से दिनांक 31.01.2022 को स्‍क्रैप निकासी में अनियमितता संबंधित एक शिकायत दिनांक 31.10.2022 को श्री प्रवीण भटनागर, जिला कांग्रेस कमेटी, श्रम प्रकोष्ठ ब्लाक जैतहरी जिला अनूपपुर से प्राप्‍त हुई है। जी नहीं, थाना प्रभारी थाना चचाई द्वारा सूचित किया है कि ताप गृह से निकासी किये गये स्‍क्रैप के संबंध में एफ.आई.आर. दर्ज नहीं की गई है। अपितु ट्रक पर मोटर व्‍हीकल एक्‍ट की धारा 113, 194 (1), (ओवर लोडिंग) के अंतर्गत सम्‍मन शुल्‍क/चालानी कार्यवाही कर वसूली की गई। स्‍थानीय समाचार पत्र में समान बिंदु पर प्रकाशित समाचार के परिप्रेक्ष्‍य में दिनांक 14.02.2022 को जांच हेतु निर्देशित किया गया। प्रकरण में जांच प्रक्रियाधीन है।

मार्ग निर्माण की जानकारी

[लोक निर्माण]

104. ( क्र. 1247 ) सुश्री हिना लिखीराम कावरे : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मान. केन्‍द्रीय सड़क परिवहन मंत्री भारत सरकार द्वारा जो सिवनी से रायपुर को नेशनल हाईवे से सीधे जोड़ने की जो घोषणा की गयी है, वह हाईवे क्‍या सिवनी-बालाघाट-रजेगांव-किरनापुर      लांजी-खैरागढ़-दुर्ग-रायपुर मार्ग होकर जायेगा? यदि नहीं, तो क्‍या उक्‍त मार्ग द्वारा सिवनी-रायपुर हाईवे का प्रस्‍ताव भारत सरकार को भेजा जायेगा? (ख) कडता-सर्रा मार्ग पर शासन द्वारा आदेश क्रमांक 2836/3441/2022/19/यो दिनांक 16.8.22 द्वारा क्षतिग्रस्‍त उच्‍च स्‍तरीय पुल में 2 स्‍थान विस्‍तार मद कार्य का टेण्‍डर कब तक लगा दिया जायेगा? उक्‍त उच्‍च स्‍तरीय पुल के दोनों ओर एप्रोच रोड जो पूरी तरह खराब हो चुका है, उसे कब तक बना दिया जायेगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) प्रश्‍नांश भारतीय राष्‍ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) से संबंधित है। भारतीय राष्‍ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) से प्राप्‍त जानकारी संलग्न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) प्रश्‍नांकित कार्य का टेण्‍डर दिनांक 17.10.2022 को लगाया जाकर प्राप्‍त निविदा दिनांक 05.12.2022 को स्‍वीकृत की गई है। कार्य 12 माह (वर्षाकाल छोड़कर) की अवधि में पूर्ण करने का लक्ष्‍य रखा गया है।

परिशिष्ट- "अट्ठाईस"

विद्युत उपकेन्‍द्र का संचालन

[ऊर्जा]

105. ( क्र. 1251 ) श्री प्रेमशंकर कुंजीलाल वर्मा : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सिवनी-मालवा विधानसभा क्षेत्र में वर्तमान में कितने सब-स्‍टेशन संचालित हैं? विकासखण्‍डवार बतावें। (ख) वर्ष 2021-22 में कितने सब-स्‍टेशन स्‍वीकृत कर संचालित किए जा रहे हैं? (ग) वर्ष 2022-23 में सिवनी-मालवा विधानसभा क्षेत्र में कितने विद्युत सब-स्‍टेशन स्वीकृत किए गए? उनमें से कितने निर्माण पूर्ण करके संचालित किए जा रहे हैं? (घ) सिवनी-मालवा में कृषि सिंचाई आवश्यकतानुसार और कितने सब-स्‍टेशन स्वीकृत करने की आवश्यकता है? विकासखण्‍डवार बतावें।

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) म.प्र. मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी अंतर्गत सिवनी-मालवा विधानसभा क्षेत्र में वर्तमान में विकासखंड-सिवनी-मालवा में 14 एवं विकासखंड-केसला में 6, इस प्रकार कुल 20 नंबर 33/11 के.व्‍ही. विद्युत उपकेन्‍द्र संचालित हैं। उक्‍त के अतिरिक्‍त प्रश्‍नाधीन क्षेत्र अंतर्गत विकासखण्‍ड केसला में एक 220/132/33 के.व्‍ही. एवं विकासखण्‍ड सिवनी-मालवा में एक 132/33 के.व्‍ही., इस प्रकार कुल दो अति उच्‍चदाब विद्युत उपकेन्‍द्र, संचालित हैं। (ख) सिवनी-मालवा विधानसभा क्षेत्रांतर्गत वर्ष 2021-22 में विकासखंड-सिवनी-मालवा के ग्राम चौतलय में 33/11 के.व्‍ही. का 1 विद्युत उपकेन्‍द्र (1x5 M.V.A.) स्‍वीकृत किया गया था, जिसे दिनांक 10.06.2022 को ऊर्जीकृत कर संचालित किया जा रहा है। प्रश्‍नाधीन क्षेत्रान्‍तर्गत वर्ष 2021-22 में कोई भी नवीन अति उच्‍चदाब विद्युत उपकेन्‍द्र स्‍वीकृ‍त नहीं किया गया। (ग) प्रश्‍नांश में उल्‍लेखित अवधि में प्रश्‍न दिनांक तक सिवनी-मालवा विधानसभा क्षेत्रान्‍तर्गत केन्‍द्र सरकार की आर.डी.एस.एस. योजना के प्रथम चरण में कुल 3 नंबर नवीन 33/11 के.व्‍ही. विद्युत उपकेन्‍द्र यथा-कोठरा, रासी एवं भीलतदेव के निर्माण कार्य स्‍वीकृत किये गये एवं उक्‍त विद्युत उपकेन्‍द्रों के निर्माण कार्य हेतु म.प्र. मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा कार्यादेश मेसर्स अग्रवाल पावर प्राइवेट लिमिटेड, भोपाल को दिनांक 07.11.2022 को जारी किया गया है। उक्‍त कार्य को पूर्ण किये जाने हेतु कार्यादेश की दिनांक से 24 माह की अवधि निर्धारित की गई है। प्रश्‍नाधीन अवधि में प्रश्‍न दिनांक तक   सिवनी-मालवा विधानसभा क्षेत्रांतर्गत म.प्र. शासन की टी.बी.सी.बी. योजना (फेज-1) के तहत विसोनीकला में 220/132/22 के.व्‍ही. विद्युत उपकेन्‍द्र बनाये जाने का निर्णय लिया गया है, जिसका निर्माण चयनित ऐजेंसी द्वारा आगामी एक-दो माह में शुरू किये जाने की संभावना है। (घ) सिवनी-मालवा विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत कृषि/सिंचाई प्रयोजन हेतु वर्तमान भार एवं भविष्‍य में होने वाली भार वृद्धि के दृष्टिगत 5 नंबर नवीन 33/11 के.व्‍ही. विद्युत उपकेन्‍द्रों के कार्य केन्‍द्र सरकार की आर.डी.एस.एस. योजना के द्वितीय चरण में प्रस्‍तावित है, जिसमें विकासखण्‍ड-सिवनी-मालवा में 2, विकासखंड-नर्मदापुरम में 1 एवं विकासखण्‍ड-केसला में 2 नवीन 33/11 के.व्‍ही. विद्युत उपकेन्‍द्रों के कार्य सम्मिलित हैं।

सीवेज लाईन के सत्यापन एवं भुगतान की जांच

[नगरीय विकास एवं आवास]

106. ( क्र. 1257 ) श्री शशांक श्रीकृष्ण भार्गव : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या विदिशा नगरपालिका परिषद् क्षेत्र अंतर्गत सीवेज लाईन का कार्य किया गया है, के संबंध में कांग्रेस पार्षद दल द्वारा दिनांक 19.09.2022 को कलेक्टर विदिशा को ज्ञापन प्रस्तुत कर कार्यवाही की मांग की थी? (ख) यदि प्रश्‍नांश (क) के क्रम में हाँ तो क्या प्रशासन द्वारा सीवेज लाईन के सत्यापन एवं भुगतान हेतु जांच कमेटी का गठन किया गया? यदि नहीं, तो क्यों? कारण सहित जानकारी दें कि अभी तक जांच कमेटी का गठन क्यों नहीं किया गया?               (ग) क्या शासन कांग्रेस पार्षद दल के दिये गये ज्ञापन की 10 सूत्रीय मांगों पर तत्काल कार्यवाही किए जाने के संबंध में निर्देश प्रदान करेगा? यदि हाँ, तो कब तक? नहीं तो क्यों? (घ) नगरपालिका परिषद् विदिशा सीमा क्षेत्र अंतर्गत अमृत-2 योजना की कार्य योजना की विस्तृत जानकारी एवं इस योजना अंतर्गत आमजन की सुविधा हेतु क्या-क्या कार्य कराये गये हैं? साथ ही सीवेज लाईन की कार्ययोजना की डी.पी.आर. भी पृथक से उपलब्ध करायें।

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) कांग्रेस पार्षद दल के ज्ञापन के संबंध में कलेक्‍टर विदिशा द्वारा मुख्‍य नगरपालिका अधिकारी, विदिशा से चाहा गया प्रतिवेदन कलेक्‍टर विदिशा को प्रेषित किया गया है। प्रतिवेदन पर कलेक्‍टर विदिशा से निर्णय अपेक्षित है। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) उत्‍तरांश (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (घ) अमृत 2.0 की गाइड-लाइन पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। अमृत 2.0 योजना अंतर्गत नगरपालिका परिषद्, विदिशा में अब तक कोई कार्य नहीं कराया गया है। अमृत 2.0 योजना अंतर्गत जलप्रदाय, सीवरेज एवं वॉटर बाडी रेज्‍युविनेशन कार्य की डी.पी.आर. फिलहाल तैयार नहीं होने से उपलब्ध कराना संभव नहीं है।

आयुर्वेद कॉलेज को प्रवेश मान्‍यता

[आयुष]

107. ( क्र. 1259 ) श्री राज्‍यवर्धन सिंह : क्या राज्यमंत्री, आयुष महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रश्‍नकर्ता के प्रश्‍न क्रमांक 1210 दिनांक 28.07.2022 के उत्‍तरांश (ख) अनुसार पाराशर आयुर्वेदिक (बी.ए.एम.एस.) कॉलेज एण्‍ड हॉस्पिटल को शैक्षणिक सत्र 2021-22 में भारत सरकार आयुष मंत्रालय द्वारा प्रवेश मान्‍यता प्रदान की गई? यदि हाँ, तो क्‍या वर्तमान शैक्षणिक सत्र में भी उक्‍त संस्‍था को प्रवेश मान्‍यता प्रदान की गई हैं? यदि हाँ, तो मान्‍यता हेतु निर्धारित मापदण्‍ड़     क्‍या-क्‍या थे तथा मापदण्‍ड चेकलिस्‍ट अनुसार उक्‍त संस्‍था किन-किन मापदण्‍डों की पूर्ति करती है? (ख) प्रश्‍नांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में उक्‍त संस्‍था द्वारा प्रस्‍तुत किये गये दस्‍तावेजों एवं स्‍थल भौतिक सत्‍यापन किन-किन अधिकारियों द्वार कब-कब किया गया? (ग) उपरोक्‍तानुसार क्‍या उक्‍त संस्‍था द्वारा मापदण्‍ड पूर्ति हेतु भ्रामक जानकारी प्रस्‍तुत कर प्रवेश मान्‍यता प्राप्‍त की गई है? यदि हाँ, तो क्‍या विभाग इस संबंध में कोई कार्यवाही करेगा?

राज्यमंत्री, आयुष ( श्री रामकिशोर (नानो) कावरे ) : (क) जी हाँ। जी हाँ। मापदण्ड पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार। भारतीय चिकित्सा पद्धति राष्ट्रीय आयोग से संबंधित। (ख) भारतीय चिकित्सा पद्धति राष्ट्रीय आयोग, नई दिल्ली द्वारा गठित समिति द्वारा। (ग) उत्तरांश ‘‘’’ के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

मजरे/टोलों में 24 घण्टे विद्युत प्रदाय

[ऊर्जा]

108. ( क्र. 1262 ) श्री प्रताप ग्रेवाल : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या धार जिले की सरदारपुर विधानसभा में ग्राम पंचायत अंतर्गत आने वाले कई मजरे/टोले 24 घण्टे विद्युत से वंचित हैं? (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार यदि हाँ, तो सरदारपुर में किन-किन ग्राम पंचायतों के अंतर्गत आने वाले किन-किन मजरे/टोलों में 24 घण्टे विद्युतीकरण नहीं है? (ग) क्या विद्युतविहीन मजरे/टोलों में 24 घण्टे बिजली देने का कोई प्रावधान है? यदि हाँ, तो शेष विद्युतविहीन मजरे/टोलों में 24 घण्टे विद्युत दी जायेगी? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो कारण बतावें।

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) धार जिले की सरदारपुर विधानसभा क्षेत्रांतर्गत कुल 217 राजस्व ग्रामों के कुल 364 चिन्हित मजरे/टोले हैं। वर्तमान में समस्त 217 राजस्व ग्रामों एवं उनके 325 मजरों/टोलों को विभिन्‍न कारणों से आए आकस्मिक अवरोधों को छोड़कर 24 घंटे विद्युत प्रदाय किया जा रहा है। शेष चिन्हित 39 मजरे/टोले राजस्व ग्राम के आबादी क्षेत्र से बाहर खेतों में दूर-दूर, छोटे-छोटे समूह में बने हैं तथा इन्‍हें विभिन्‍न कारणों से आए आकस्मिक अवरोधों को छोड़कर निकटस्‍थ उपलब्‍ध विद्युत अधोसंरचना (सिंचाई फीडर) से संयोजित कर 10 घंटे विद्युत प्रदाय किया जा रहा है।       (ख) उत्‍तरांश (क) में दर्शाए अनुसार धार जिले की सरदारपुर विधानसभा क्षेत्रांतर्गत ऐसे कुल 39 चिन्हित मजरे/टोले हैं, जिन्हें 24 घंटे विद्युत प्रदाय नहीं किया जा रहा है। उक्‍त मजरों/टोलों की ग्राम पंचायतवार सूची संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ग) जी नहीं, अपितु समस्‍त राजस्‍व ग्रामों एवं मजरों/टोलों को तकनीकी एवं वित्‍तीय साध्‍यता के अनुरूप उनके निकटस्‍थ उपलब्‍ध विद्युत अद्योसंरचना से विद्युत प्रदाय किये जाने का प्रावधान है। तद्नुसार समस्‍त राजस्‍व ग्रामों एवं उनके आस-पास स्थित मजरों/टोलों को आकस्मिक अवरोधों को छोड़कर 24 घन्‍टे एवं मुख्‍य आबादी क्षेत्र से दूर खेतों में    छोटे-छोटे समूह में बने हुए मजरों/टोलों को तकनीकी एवं वित्‍तीय साध्‍यता अनुसार निकटस्‍थ स्थित कृषि फीडर से आकस्मिक अवरोधों को छोड़कर 10 घन्‍टे विद्युत प्रदाय किया जा रहा है। उक्‍त परिप्रेक्ष्‍य में वर्तमान में प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में विद्युतीकरण हेतु अन्‍य कोई कार्यवाही किया जाना अपेक्षित नहीं है।

परिशिष्ट- "उनतीस"

निकाय स्वामित्व की भूमि का नियम विरूद्ध विक्रय

[नगरीय विकास एवं आवास]

109. ( क्र. 1270 ) डॉ. हिरालाल अलावा : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या विधानसभा प्रश्‍न क्रमांक 1846 दिनांक 11/03/2022 अनुसार मनावर नगरपालिका के स्वामित्व की भूमि नियम विरूद्ध तरीके से मूल लीजधारी द्वारा विक्रय किया गया है? (ख) क्या प्रश्‍नांश (क) की भूमि के नियम विरूद्ध विक्रय में राजस्व निरीक्षक, सी.एम.ओ. और नगरपालिका अध्यक्ष ने सहयोग किया? (ग) विधानसभा प्रश्‍न क्रमांक 1846 दिनांक 11/03/2022 अनुसार मनावर नगरपालिका के स्वामित्व की भूमि नियम विरूद्ध विक्रय में             किस-किस ने क्या सहयोग किया? (घ) प्रश्‍नांश (क) के नियम विरूद्ध भूमि विक्रय के दोषियों को क्या विभाग संरक्षण दे रहा है? यदि नहीं, तो प्रश्‍न दिनांक तक भी विभाग यह क्यों नहीं बता रहा है कि प्रश्‍नांश (क) मामले में किन-किन बिंदुओं पर क्या-क्या कार्यवाही की गई? किन-किन बिंदुओं पर क्या-क्या कार्यवाही प्रचलित है? कार्यवाही किसके द्वारा की जा रही है, किस-किस की क्या भूमिका रही, किस-किस के विरूद्ध उत्तरदायित्व निर्धारण संबंधी कार्यवाही प्रचलित है? (ङ) क्या शासन दोषियों की पहचान कर पाने में असमर्थ है? यदि नहीं, तो कब तक दोषियों की पहचान कर कार्यवाही की जाएगी? (च) सी.एम.ओ. मनावर ने संयुक्त संचालक नगरीय प्रशासन एवं विकास इंदौर से विधानसभा प्रश्‍न 952 (ख) दिनांक 12-08-2021 प्रकरण में किस दिनांक को किन विषयों पर क्या-क्या मार्गदर्शन मांगा और संयुक्त संचालक ने किस दिनांक को क्या मार्गदर्शन दिया?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) जी हाँ। उक्त प्रश्‍न के प्रश्‍नांश (क) में उल्लेखित भूमि का नियम विरूद्ध तरीके से विक्रय किया गया है। (ख) जी नहीं। अपितु कुछ मूल लीजधारियों क्रेताओं के द्वारा स्वयं निकाय स्वामित्व की भूमि का नियम विरूद्ध तरीके से      क्रय-विक्रय किया गया है। (ग) उत्तरांश '''' के परिप्रेक्ष्य में मूल लीजधारियों क्रेताओं के द्वारा स्वयं निकाय स्वामित्व की भूमि का नियम विरूद्ध तरीके से क्रय-विक्रय किया गया है। (घ) जी नहीं। जानकारी पुस्‍तकालय रखे परिशिष्‍ट '''' अनुसार है। (ड.) जी नहीं। कार्यवाही निकाय स्तर पर प्रचलित है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (च) जी हाँ। जानकारी पुस्‍तकालय रखे परिशिष्‍ट '''' एवं '''' अनुसार है।

स्वीकृत सड़क का निर्माण कार्य

[लोक निर्माण]

110. ( क्र. 1271 ) डॉ. हिरालाल अलावा : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वित्त वर्ष 2021-2022 में कुक्षी विधानसभा के ग्राम भैंसलाई और मनावर विधानसभा के ग्राम शाला और ग्राम रामाधामा में स्वीकृत सड़क का निर्माण कार्य प्रश्‍न दिनांक तक भी शुरू नहीं किए जाने के कारण बताएं। कब तक निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा? समय-सीमा सहित बताएं। (ख) मनावर रिंग रोड के संबंध में प्रमुख अभियंता कार्यालय ने प्राक्कलन अधीक्षण यंत्री मंडल इंदौर के पत्र क्रमांक-1604-05/कार्य/2022-23 दिनांक 14/07/2022 पर प्रश्‍न दिनांक तक कब-कब, क्या-क्या कार्यवाही की है? मनावर रिंग रोड की प्राक्कलित राशि स्वीकृत कर कब तक निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा? समय-सीमा सहित बताएं। (ग) मनावर रिंग रोड की प्राक्कलित राशि प्रश्‍न दिनांक तक भी स्वीकृत नहीं किया जाकर देरी किए जाने का क्या कारण है?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) से (ग) विस्तृत विवरण संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है।

परिशिष्ट- "तीस "

नियम विरूद्ध सड़क निर्माण कार्य

[लोक निर्माण]

111. ( क्र. 1276 ) श्री महेश परमार : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या कारण है कि तराना उपसंभाग लोक निर्माण विभाग के कार्य क्षेत्र में मूल सड़क के कार्यों को अन्य उप संभागों द्वारा संपादित कराया जा रहा है? किस नियम, किस आदेश से ग्राम टुकराल से परसौली मार्ग के निर्माण कार्य को उज्जैन संभाग द्वारा क्यों कराया है जबकि इस निर्माण कार्य को उज्जैन उपसंभाग से तराना उपसंभाग में अंतरित किया गया है? यह विसंगति किस आदेश के अंतर्गत की गयी है? (ख) विभाग के तराना उपसंभाग में सभी कार्य तराना उपसंभाग से ही संचालित हो रहे हैं, फिर क्या कारण है कि टुकराल से परसौली मार्ग का निर्माण कार्य मूल सड़क उज्जैन उपसंभाग को अंतरित की गयी है? नियम विरूद्ध निर्माण कराने वाले अधिकारी पर वरिष्ठ कार्यालय द्वारा क्या कार्यवाही की गयी? यदि नहीं की गयी है तो नियम विरूद्ध कार्य के लिए संरक्षण कौन दे रहा है? (ग) परसौली से टूकराल निर्माण कार्य को उज्जैन उपसंभाग को अंतरित करने का कारण क्या है? (घ) उपरोक्त विसंगति एवं नियम विरूद्ध कार्य के लिए विभाग कब तक कार्यवाही करेगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) प्रशासकीय आधार पर। मार्ग उज्जैन जिले की सीमा के अन्तर्गत स्थित होने से, निर्माण कार्य को उज्जैन उपसंभाग से तराना उपसंभाग में अंतरित नहीं किया गया है। प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता। (ख) प्रशासकीय आधार पर। प्रशासकीय आधार पर निर्णय लिया गया, इस कारण से कार्यवाही एवं संरक्षण का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता है।           (ग) प्रशासकीय आधार पर। (घ) प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता।

लोकार्पण कार्यक्रम में विधायकों की उपेक्षा

 [नगरीय विकास एवं आवास]

112. ( क्र. 1277 ) श्री महेश परमार : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रविवार दिनांक 30/05/2022 उज्जैन संभागीय मुख्यालय पर प्रशासनिक संकुल भवन का लोकार्पण क्या माननीय मुख्यमंत्री जी के द्वारा किया गया था? यदि हाँ, तो इस कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि किन-किन विधायकों को बनाया गया था? (ख) क्या उज्जैन जिले के 03 भाजपा विधायकों को इस कार्यक्रम में आमंत्रित किया गया था? यदि हाँ, तो क्या कारण है कि तराना, घट्टिया, बड़नगर और नागदा खाचरोद के काँग्रेस विधायकों को इस आयोजन में आमंत्रित नहीं किया गया और न ही लोकार्पण की शिलालेख में इन विधायकों के नाम उल्लेखित किए गए? क्या लोकार्पण कार्यक्रम के शिलालेख की प्रति उपलब्ध करायी जाएगी? यदि हाँ, तो क्या कारण है कि इस शिलालेख में उल्लेखित नामों में काँग्रेस विधायकों के नाम का लेख नहीं किया गया? (ग) क्या विभाग प्रोटोकाल उल्लंघन के नियमों के पालन करने में जो विधि की भूल की है? उस भूल के लिए दंडात्मक कार्यवाही किस अधिकारी पर कब तक करेगा और भविष्य में इस प्रकार की उपेक्षापूर्ण घटना न हो इस संबंध में क्या शासन कड़ाई से पालन कराये जाने हेतु दंडात्मक कानून लागू करेगा? हाँ तो कब तक?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) से (ग) जानकारी संकलित की जा रही है।

रसीद/डायरी के आधार पर प्लाट विक्रय

[नगरीय विकास एवं आवास]

113. ( क्र. 1278 ) श्री मुरली मोरवाल : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) उज्जैन में मंगल कॉलोनी एम.आर. देवास रोड के नाम से किन कॉलोनाईजर द्वारा प्लाट बेचे गए? क्या यह कॉलोनी वैध है? इसका वैधता प्रमाण-पत्र किसके द्वारा जारी किया गया है? (ख) कॉलोनाईजर द्वारा जो प्लाट रसीद या डायरी के आधार पर दिये गए थे एवं जो रसीद दी गई वह नियमानुसार दी गई है? यदि नियमानुसार है तो सम्पूर्ण जानकारी उपलब्ध करावें। यदि नियम विरूद्ध दी गई है तो विभाग द्वारा कॉलोनईजर पर क्या कार्यवाही की जावेगी? (ग) क्या कोई भी कॉलोनईजर रसीद/डायरी के आधार प्लाट विक्रय कर सकता है या नहीं? मंगल एम.आर. देवास रोड कॉलोनईजर द्वारा रसीद के आधार पर प्लाट दिये गए हैं तो विभाग उनके विरूद्ध क्या कार्यवाही करेगा? (घ) कॉलोनाईजर द्वारा रसीद के आधार पर प्लाट जारी किये गए हैं तो क्या उन रसीद धारकों को प्लाट मिल गए हैं? रसीद क्र. 423 व रसीद क्र. 123 के धारकों को प्लाट जारी किया गया है या नहीं? अगर मिल गए हैं तो कितने को एवं कितने प्लाट धारकों को प्लाट जारी नहीं किये गए? विभाग कॉलोनाईजर के विरूद्ध क्या कार्यवाही करेगा?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) प्रश्‍नांकित कॉलोनी उज्‍जैन के ग्रामीण क्षेत्र में है, जो कॉलोनाईजर भगवानी इन्‍फ्राटेक उज्‍जैन द्वारा विकसित की गई है। जी हाँ। अनुविभागीय अधिकारी (राजस्‍व) उज्‍जैन एवं कार्यालय कलेक्‍टर (कॉलोनी सेल) के प्रतिवेदन अनुसार, म.प्र. ग्राम पंचायत (कॉलोनाईजर का रजिस्‍ट्रीकरण, निर्बंधन तथा शर्तें) नियम 1999 के अधीन सक्षम प्राधिकारी अनुविभागीय अधिकारी (राजस्‍व) उज्‍जैन द्वारा कॉलोनी विकास की अनुमति प्रदान की गई है। (ख) से (घ) उत्‍तरांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍नांकित अनुसार प्रावधान नियम में न होने से प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

आयुष विभाग द्वारा संचालित चिकित्सालय

[आयुष]

114. ( क्र. 1280 ) श्री मुरली मोरवाल : क्या राज्यमंत्री, आयुष महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बड़नगर विधानसभा अन्तर्गत आयुष विभाग द्वारा कितने चिकित्सालय किन-किन गांवों में संचालित हैं? (ख) विधानसभा क्षेत्र में संचालित आयुष चिकित्सालय में कौन-कौन से पद स्वीकृत हैं? चिकित्सालय में कार्यरत कर्मचारि‍यों की चिकित्सालयवार जानकारी उपलब्ध करायें। (ग) विधानसभा क्षेत्र में संचालित चिकित्सालय में कार्यरत डॉक्टर/कर्मचारि‍यों को अन्य स्थान पर उपायोजित तो नहीं किया गया है? यदि उपायोजित किया गया है तो उनके नाम सहित सम्पूर्ण जानकारी उपलब्ध करावें। उपयोजित करने वाले कर्मचारि‍यों के विरूद्ध शासन क्या कार्यवाही करेगा?

राज्यमंत्री, आयुष ( श्री रामकिशोर (नानो) कावरे ) : (क) कोई नहीं। (ख) उत्तरांश (क) के संबंध में जानकारी निरंक। (ग) जी नहीं।

नगरीय निकायों में स्वीकृत निर्माण कार्य

[नगरीय विकास एवं आवास]

115. ( क्र. 1284 ) श्री दिलीप सिंह परिहार : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नीमच जिला अंतर्गत विगत 05 वर्षों में नगरीय निकायों में कौन-कौन से निर्माण कार्य स्वीकृत किये गये हैं? कार्यवार विस्तृत ब्योरा दें। (ख) प्रश्‍नांश (क) में स्वीकृत निर्माण कार्यों के कार्यादेश कब-कब किए गए? इन कार्यों के संबंध में शासन के क्या-क्या मार्गदर्शी नियम एवं निर्देश हैं? कार्यवार बताएं। (ग) प्रश्‍नांश (क) में निर्माण/विकास कार्य किस ठेकेदार कंपनी द्वारा किस-किस तकनीकी अधिकारि‍यों के पर्यवेक्षण में पूर्ण किये गये या किये जा रहे हैं? कार्यों के प्रभारी और कार्यालय नगरपालिका नीमच द्वारा कब-कब निरीक्षण किया और क्या निरीक्षण प्रतिवेदन दिये गये? कार्यवार विस्तृत ब्योरा दें। (घ) प्रश्‍नांश (ग) में किये कार्यों के संबंध में क्या सभी निर्माण शर्तों का पालन किया गया है? शर्त अनुरूप निर्माण न होने संबंधी कितनी शिकायतें प्राप्त हुई हैं तथा कितनी शिकायतों की जांच पूरी की जा चुकी है व कितनों की जांच होना शेष है? कार्यवार जांचों का विस्तृत ब्योरा दें।

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट '' अनुसार है(ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट '' अनुसार है। विशिष्‍ट कार्यवार नियम एवं निर्देश नहीं है। विभाग के Integrated Standard Schedule of Rates (ISSR) में वर्णित स्‍पेसीफिकेशन एवं म.प्र. नगरपालिका अधिनियम 1961 तथा इसके तहत बनाये गए म.प्र. लेखा एवं वित्‍त नियम 2018 के अनुसार निर्माण कार्य कराये जाते हैं। (ग) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट '' अनुसार है(घ) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट '' अनुसार है

प्रधानमंत्री आवास योजना की जानकारी

[नगरीय विकास एवं आवास]

116. ( क्र. 1287 ) श्री सुरेश राजे : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रधानमंत्री आवास योजना किस दिनांक से प्रभावशाली है? आवास स्वीकृत एवं सर्वे कर हितग्राही चयन संबंधी शासन आदेश की सत्यापित प्रति उपलब्ध करावें l क्या इंदिरा आवास योजना के लाभान्वित हितग्राही को प्रधानमंत्री आवास योजना में चयनित किया जा सकता है? यदि हाँ, तो कैसे? यदि नहीं, तो शासन आदेश की प्रति देवें l (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार डबरा विधानसभा के अंतर्गत नगर पंचायत बिलौआ, पिछोर एवं नगरपालिका डबरा में प्रधानमंत्री आवास योजना प्रारंभ से वर्ष 2022-23 तक कितने आवास स्वीकृति हेतु लक्ष्य तय किया गया है? लक्ष्य के विरुद्ध कितने आवास स्वीकृत किये गए? सम्पूर्ण जानकारी जातिवार/वर्गवार उपलब्ध करावें l (ग) प्रश्‍नांश (ख) अनुसार प्रधानमंत्री आवास योजना हेतु प्रारंभ से वर्ष 2022-23 में चयनित हितग्राहियों को आवास हेतु कितनी राशि प्राप्त हुई? प्राप्त राशि में से कितनी राशि प्रश्‍न दिनांक तक व्यय की गई? कितनी राशि शेष है? जिन हितग्राहियों को द्वितीय एवं तृतीय किश्‍त नहीं दी गयी, सूची उपलब्ध करावें एवं कारण बतावें। (घ) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) अनुसार वर्ष 2020-21 से 2022-23 में नगर पंचायत बिलौआ, पिछोर एवं नगरपालिका डबरा में स्वीकृत व अस्वीकृत आवासों की सम्पूर्ण जानकारी उपलब्ध करावें l

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) दिनांक 25 जून 2015 से प्रभावशील है। आवास स्वीकृत एवं सर्वे कर हितग्राही चयन संबंधी शासन आदेश की प्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-'''' अनुसार है। इंदिरा आवास योजना के लाभान्वित हितग्राही को प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) में चयनित नहीं किया जाता है। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-'''' में समाहित है। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-'''' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-'''' अनुसार है। जिन हितग्राहियों को द्वितीय एवं तृतीय किश्त नहीं दी गई है उनकी सूची तथा कारण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-'''' अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-'''' अनुसार है।

व्रंदासहय स्नातकोत्तर महाविद्यालय को शासन से प्राप्‍त राशि

[उच्च शिक्षा]

117. ( क्र. 1288 ) श्री सुरेश राजे : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि             (क) व्रंदासहय स्नातकोत्तर महाविद्यालय डबरा में वर्ष 2022-23 में कक्षावार कितने छात्र/छात्राएं अध्ययनरत हैं? क्या छात्र/छात्राओं के अनुपात में अध्ययन एवं परीक्षा हेतु महाविद्यालय में भवन कक्ष पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं? क्या अतिरिक्त कक्षों के निर्माण की आवश्यकता है? यदि हाँ, तो क्या शासन को मांग पत्र भेजे गए? पत्रों की प्रति उपलब्ध करावें। यदि नहीं, तो कारण बतावें l             (ख) व्रंदासहय स्नातकोत्तर महाविद्यालय डबरा में वर्ष 2020-21 से 2022-23 में महाविद्यालय के विकास एवं छात्र/छात्राओं के अध्ययन हेतु विभिन्न मदों में शासन से कितनी-कितनी राशि प्राप्त हुई? मदवार एवं कार्यवार बतावें l प्राप्त राशि में से कितनी राशि व्यय की गई तथा कितनी राशि शासन को समर्पित की गयी? वर्षवार बतावें l (ग) व्रंदासहय स्नातकोत्तर महाविद्यालय डबरा में वर्ष 2020-21 से 2022-23 में जनभागीदारी समिति को कितनी-कितनी राशि प्राप्त हुयी? प्राप्त राशि से कौन-कौन से कार्य कराये जा सकते हैं? शासन आदेश/नियम की सत्यापित प्रति उपलब्ध करावें तथा उक्त वर्षों में प्राप्त राशि से कौन-कौन से विकास कार्य कितनी-कितनी राशि के स्वीकृत किये गए? प्रश्‍न दिनांक तक कितनी राशि समिति के खाते में जमा है?

उच्च शिक्षा मंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) शैक्षणिक सत्र 2022-23 अंतर्गत महाविद्यालय में 2900 विद्या‍र्थी अध्‍ययनरत हैं। महाविद्यालय में अध्‍यापन हेतु 11 व्‍याख्‍यान कक्ष तथा 01 सेमीनार हॉल उपलब्‍ध है। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट ''1 एवं 2'' अनुसार है। महाविद्यालय में अध्‍ययन कक्ष एवं परीक्षा हेतु अतिरिक्‍त कक्षों के निर्माण की आवश्‍यकता है। अतिरिक्‍त कक्षों/भवन निर्माण हेतु महाविद्यालय से प्रस्‍ताव प्राप्‍त होने पर बजट की उपलब्‍धता अनुसार कार्यवाही की जाएगी। (ख) महाविद्यालय को वर्ष 2020-21 से 2022-23 तक विकास हेतु विभिन्‍न मदों से कुल राशि रूपये 12.25 लाख आवंटित की गई। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट ''3'' अनुसार है। (ग) महाविद्यालय को वर्ष 2020-21 में रूपये 16,23,837/- वर्ष 2021-22 में राशि रूपये 21,13,239/- तथा वर्ष 2022-23 में राशि रूपये 18,58,743/- जनभागीदारी निधि में प्राप्‍त हुई है। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट ''4'' अनुसार है। जनभागीदारी निधि से किए जाने वाले कार्यों के संबंध में नियम पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट ''5'' अनुसार है।

सड़क मार्ग का मरम्मत कार्य

[लोक निर्माण]

118. ( क्र. 1289 ) श्री बीरेन्‍द्र रघुवंशी : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) गुना-ईसागढ़ मार्ग व्हाया अशोकनगर की सड़क का निर्माण कार्य कब पूर्ण हुआ था? निविदा शर्तों के अनुसार उक्त सड़क मार्ग के कितने समय की गारंटी दी गई थी? क्या गारंटी का समय अभी शेष है? (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार क्या उक्त सड़क मार्ग गुना से अशोकनगर होकर ईसागढ़ तथा चंदेरी पहुंचने का महत्वपूर्ण सड़क मार्ग है तथा वर्तमान में सड़क मार्ग पर अत्यंत गड्ढ़े होने के कारण आमजन के आवागमन में हो रही परेशानी को ध्यान में रखते हुए सड़क मार्ग की मरम्मत किए जाने की आवश्यकता है? यदि आवश्यकता है तो क्या इस हेतु कोई कार्यवाही प्रक्रिया में है? यदि है तो कृपया उसका विवरण दें। यदि नहीं, तो क्यों? कारण बताएं तथा कब तक उक्त सड़क मार्ग की मरम्मत करा दी जाएगी?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) गुना-अशोक नगर-ईसागढ़ मार्ग का पुनर्निर्माण एवं चौड़ीकरण कार्य बी.ओ.टी. (टोल) योजना में किया गया है। यह मार्ग दो सेक्‍शनों में निर्मित है। गुना-अशोक नगर सेक्‍शन (किमी. 2 से 44.710 तक) का प्रो‍वीजनल कम्‍पलीशन दिनांक 23.12.2014 को एवं अशोक नगर-ईसागढ़ सेक्‍शन (किमी. 44+710 से 78+150 तक) का प्रो‍वीजनल कम्‍पलीशन दिनांक 22.03.2016 को हुआ था। इस मार्ग का कंसेशन पीरियड अपोइंटेड दिनांक 30.08.2013 से 25 वर्ष है। अत: रियायत अवधि दिनांक 29.08.2038 तक शेष है। (ख) जी हाँ, जी हाँ, मार्ग पर कुछ स्‍थानों पर गढ़डे है एवं सड़क मरम्‍मत किये जाने की आवश्‍यकता है, अनुबंधानुसार कंसेशन अवधि में इस मार्ग का संधारण कंसेशनायर मैसर्स आर्यावर्त टोलवेज प्रा.लि. भोपाल द्वारा किया जाना है। उनके द्वारा मार्ग का संधारण न किये जाने के कारण उनकी रिस्‍क एण्‍ड कॉस्‍ट पर रू. 2346.25 लाख राशि का कार्य स्‍वीकृत किया गया है जिसकी निविदा प्रक्रिया प्रगति पर है। निविदा विज्ञप्ति संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। निविदा प्रकिया पूर्ण होने के उपरांत निर्माण एजेन्‍सी का निर्धारण किया जा कर सड़क मरम्‍मत कार्य कराया जावेगा। इस कार्य को पूर्ण करने की समयावधि 06 माह (कार्यादेश जारी होन की तिथि से) निर्धारित की गई है। निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

परिशिष्ट- "इकतीस"

कूनो नदी पर पुल निर्माण

[लोक निर्माण]

119. ( क्र. 1290 ) श्री बीरेन्‍द्र रघुवंशी : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) ग्राम रामपुरी, विकासखण्ड बदरवास, जिला शिवपुरी में कूनो नदी पर स्वीकृत पुल के निर्माण कार्य हेतु वर्तमान में क्या कार्यवाही प्रचलन में है? विवरण दें। पुल निर्माण कार्य की स्वीकृति होने के उपरांत भी प्रश्‍न दिनांक तक पुल का निर्माण कार्य प्रारंभ क्यों नहीं हो सका जबकि प्रश्‍नकर्ता द्वारा पूर्व में भी विधानसभा प्रश्‍न के माध्यम से निर्माण कार्य में हो रही देरी के लिए ध्यान आकर्षित किया था? इसके उपरांत भी निर्माण कार्य प्रारंभ होने में लगातार विलंब हो रहा है, इस हेतु कौन-कौन अधिकारी दोषी है? दोषियों के विरूद्ध विभाग कब तक कार्यवाही करेगा तथा पुल का निर्माण कार्य कब तक प्रारंभ हो जाएगा? (ख) ग्राम मेघोनाबडा (विकासखण्ड बदरवास) से देपराई (जिला अशोकनगर) के बीच स्वीकृत सड़क मार्ग पर छोंच नदी पर पुल के निर्माण कार्य की स्वीकृति की कार्यवाही की अद्यतन स्थिति क्या है? इस हेतु अब तक की गई कार्यवाही का सम्पूर्ण विवरण दें। क्या उक्त मार्ग शिवपुरी तथा अशोकनगर जिले को जोड़ने वाला महत्पूर्ण सड़क मार्ग है? क्या सड़क निर्माण कार्य के साथ साथ पुल निर्माण होने से दोनों जिलों के लोगों का आवागमन सुविधाजनक हो सकेगा? यदि हाँ, तो छोंच नदी पर पुल निर्माण के स्वीकृति की कार्यवाही कब तक पूर्ण कर ली जावेगी?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) आवश्यक स्वीकृति जारी करने हेतु सक्षम समिति से अनुमोदन प्राप्त करने की कार्रवाई प्रचलन में है। पुल कार्य वर्ष 2021-22 के बजट में सम्मिलित किया गया, स्वीकृति नहीं। जी हाँ, निर्माण हेतु आवश्यक स्वीकृति प्राप्त नहीं होने से कोई दोषी नहीं। अतः कार्रवाई का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता, वर्तमान में निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं। (ख) प्रश्‍नाधीन पुल किसी भी योजना में न तो स्वीकृत है न ही विभागीय बजट में प्रस्तावित है। प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। जी हाँ। जी हाँ। स्वीकृत नहीं होने से निश्चित तिथि बताया जाना संभव नहीं है।

मुख्यमंत्री अधोसंरचना विकास योजनांतर्गत स्वीकृत कार्य

[नगरीय विकास एवं आवास]

120. ( क्र. 1293 ) श्री तरबर सिंह : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सागर जिले के बंडा विधान सभा क्षेत्र में मुख्यमंत्री अधोसंरचना विकास योजना के तहत वर्ष 2017-2018 से 2020-2021 तक चार वित्त वर्ष में कौन-कौन से कार्य स्वीकृत किये गये? कार्यों की अनुमानित लागत क्या थी? निविदा प्रक्रिया के तहत काम कितनी लागत पर किस व्यक्ति या फर्म को आवंटित किया गया? कार्य पूर्ति की अवधि क्या निर्धारित थी? कार्य की पूर्ति कितनी अवधि में, कितनी लागत में की गई? (ख) प्रश्‍नांश (क) में दर्शित कार्यों में से कौन-कौन से कार्य निर्धारित अवधि में समाप्त नहीं हुए हैं और कौन-कौन से काम निर्धारित समय पर प्रारंभ नहीं हुए? पृथक-पृथक जानकारी देवें। इसकी अनियमितता के लिए किसके विरूद्ध क्या कार्यवाही की गई? कार्यवाही आदेश की छायाप्रति उपलब्ध करायें। (ग) क्या प्रश्‍नांश (ख) में दर्शित अक्षत कंस्ट्रक्शन ने निर्धारित समय पर कार्य प्रारम्भ नहीं किया? क्या कार्य आरंभ नहीं करने पर भी प्रशासन द्वारा कार्य निरस्त नहीं किया गया है? यदि हाँ, तो प्रशासन ने टेंडर निरस्त क्यों नहीं किये? (घ) क्या शासन अक्षत कंट्रक्शन को आवंटित कार्य निरस्त करके अन्य सक्षम फर्म को अवसर देगा? यदि हाँ, तो कब? क्या अक्षत कंस्‍ट्रक्‍शन के विरूद्ध उसके प्रोपराइटर भागीदारों को ब्लैक लिस्ट करके जन असुविधा के लिए अभियोजन की कार्यवाही करेगा? यदि हाँ, तो कब तक? नहीं तो क्यों?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) एवं (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ग) कार्य क्र. 1, 2 एवं 08 अप्रारंभ। शेषांश के निर्णय हेतु प्रकरण परिषद् में रखा गया है। (घ) अंतिम निर्णय हेतु प्रकरण परिषद् में रखा गया है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। शेषांश परिषद् निर्णय के अधीन है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

परिशिष्ट- "बत्तीस"

ट्रांसफार्मर वितरण नियम में परिवर्तन

[ऊर्जा]

121. ( क्र. 1294 ) श्री तरबर सिंह : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या बण्डा विधानसभा क्षेत्र के किसानों के जले हुये ट्रांसफार्मर कुल बकाया राशि का 50 प्रतिशत राशि जमा करने पर ही उपलब्ध करवाये जा रहे हैं? (ख) प्रदेश में कमलनाथ जी की कांग्रेस सरकार के समय किसानों की कुल बकाया राशि का 10 प्रतिशत का जमा करने पर ट्रांसफार्मर उपलब्ध कराया जाता था लेकिन वर्तमान में अभी किसानों से कुल बकाया राशि का 50 प्रतिशत जमा करने पर ही विभाग द्वारा ट्रांसफार्मर उपलब्ध कराया जा रहा है? क्‍या यह सही है? यदि हाँ, तो क्या वर्तमान में नियम परिवर्तन किये गये हैं? (ग) प्रश्‍नांश (ख) अनुसार यदि नियम में परिवर्तन नहीं किया गया है तो क्या विभाग द्वारा पहले से ही परेशान किसानों को जबरन परेशान किया जा रहा है? यदि हाँ, तो क्या बण्डा विधानसभा क्षेत्र के किसानों को उनकी कुल बकाया राशि का 10 प्रतिशत जमा करने पर ट्रांसफार्मर उपलब्ध करवाने के संबंध में आदेश विभाग जारी करेगा?

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) जी नहीं। जले/खराब वितरण ट्रांसफार्मरों को संबद्ध उपभोक्‍ताओं द्वारा कुल बकाया राशि की 10 प्रतिशत राशि जमा करवाने अथवा जले/खराब वितरण ट्रांसफार्मर से संबद्ध 50 प्रतिशत उपभोक्‍ताओं द्वारा बकाया राशि जमा करने पर उसे बदले जाने का प्रावधान है। उक्‍त प्रावधानों के अनुरूप ही प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में जले/खराब वितरण ट्रांसफार्मरों को बदला जा रहा है। (ख) जी नहीं। उत्तरांश (क) में दर्शाए अनुसार नियमों में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है। (ग) उत्‍तरांश (क) एवं (ख) में दर्शाए अनुसार जले/खराब वितरण ट्रांसफार्मर बदलने हेतु पूर्व से लागू नियमों में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है। अत: कृषक उपभोक्‍ताओं के परेशान होने अथवा इस संबंध में अन्‍य कोई आदेश जारी करने का प्रश्‍न नहीं उठता।

ऊर्जा विभाग की लापरवाही

[ऊर्जा]

122. ( क्र. 1299 ) श्री रामलाल मालवीय : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि              (क) क्या ऊर्जा विभाग की लापरवाही से बिजली का जर्जर खंबा गिरने से घट्टिया विधानसभा के रलायता गांव में एक बालक एवं एक बालिका की मृत्यु हुई है? यदि हाँ, तो प्रशासन ने इस हादसे को गंभीरता से लेकर क्या कार्यवाही की? प्रतिवेदन प्रस्तुत करें। (ख) क्या आगर रोड के रलायता गांव के ग्रामीणों ने बिजली विभाग को खंबा जर्जर होने, गिरने की संभावना को लेकर कई बार सूचनाएं देने के बाद भी विभाग द्वारा कार्यवाही नहीं किए जाने के क्‍या कारण हैं? इस लापरवाही को लेकर शासन क्या कार्यवाही करेगा? (ग) विद्युत कंपनी ने बालक-बालिकाओं के परिजनों की आर्थिक सहायता के लिए क्या प्रयास किए? जिला चिकित्सालय में मौत होने के उपरांत जिला कलेक्टर द्वारा क्या कार्यवाही की गई? परिजनों को क्या आर्थिक सहायता दी गई? पटल पर समस्या निदान करते हुए प्रतिवेदन प्रदान करें। (घ) विद्युत कंपनी ने इस घटना से सीख लेने के बाद क्या विद्युत उपकरणों व्यवस्थाओं एवं अन्य क्षेत्रों में सुधार हेतु क्या-क्या कार्यवाही की? अब तक घटना दिनांक से क्या कार्यवाही की गई? पूर्ण ब्यौरा पटल पर रखें।

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) जी नहीं, दिनांक 23/11/2022 को घटित प्रश्‍नाधीन दुर्घटना एक आकस्मिक हादसा था। दुर्घटना की सूचना मिलने के उपरान्‍त कार्यपालन यंत्री,     संचालन-संधारण संभाग उज्जैन के आदेश से गठित संयुक्त दल द्वारा मौका स्थल का निरीक्षण कर पंचनामा तैयार किया गया। जांच प्रतिवेदन अपेक्षित है। (ख) ग्राम रलायता हैवत के ग्रामीणों से उक्त दुर्घटना स्थल के विद्युत पोल के जर्जर होने/गिरने की संभावना के संबंध में कोई शिकायत म.प्र. पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के संज्ञान में नहीं है। उक्त घटना की जाँच हेतु गठित जांच दल से जांच प्रतिवेदन प्राप्‍त होने के उपरान्‍त नियमानुसार कार्यवाही की जायेगी। तथापि प्रथम दृष्टया उक्त क्षेत्र के संबंधित वरिष्ठ लाईन परिचारक के विरूद्ध म.प्र. सिविल सेवा (आचरण नियम 1965) के आधार पर अनुशासनात्मक कार्यवाही की गई है। (ग) म.प्र. पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड, इंदौर द्वारा जांच प्रतिवेदन प्राप्त होने के उपरांत नियमानुसार प्राप्त जांच निष्कर्षों के आधार पर आगामी कार्यवाही की जावेगी। जिला चिकित्सालय में मृत्‍यु होने के उपरांत जिला कलेक्टर उज्जैन द्वारा मुख्यमंत्री स्वेच्छा अनुदान के तहत बालक-बालिका के परिजनों को दो-दो लाख रूपये की राशि स्वीकृत की गई है। उत्‍तरांश (क) में दर्शाए अनुसार जांच प्रतिवेदन अपेक्षित है। (घ) म.प्र. पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड, इंदौर द्वारा विद्युत दुर्घटनाओं के संबंध में सामान्‍य जागरूकता हेतु समय-समय पर शिविर आयोजित कर लाईन कर्मचारियों को विद्युत उपकरणों के रख-रखाव एवं विद्युत सुधार कार्य के दौरान सुरक्षा उपकरणों का उपयोग करने संबंधी समझाइश दी जाती है। ग्राम रलायता हैवत एवं आसपास के ग्रामों में विद्युत लाईनों में स्थापित विद्युत पोल के जर्जर/झुके होने संबंधी सर्वे की कार्यवाही की जा रही है।

निर्माण कार्यों की भौतिक एवं वित्‍तीय स्थिति

[नगरीय विकास एवं आवास]

123. ( क्र. 1301 ) श्री लाखन सिंह यादव : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) ग्वालियर जिले के भितरवार, ऑतरी एवं मोहना नगर परिषद् में 1 अप्रैल 2020 से प्रश्‍न दिनांक तक क्या-क्या निर्माण कार्य, कितनी-कितनी वित्तीय स्वीकृति के किस-किस निर्माण एजेंसी/ठेकेदार द्वारा किस-किस अधिकारी/यंत्री के सुपरविजन में किस-किस स्थान पर कराये गये हैं तथा कराये जा रहे हैं? वर्तमान में उनकी भौतिक तथा वित्तीय स्थिति क्या है? क्या जो कार्य पूर्ण हो चुके हैं उनका लोकार्पण कराया गया है? यदि हाँ तो किस-किस जनप्रतिनिधि के आतिथ्‍य में एवं कब-कब? यदि नहीं, तो क्यों? इसके लिये कौन-कौन कर्मचारी/अधिकारी दोषी है? उनके नाम, पद बतावें। क्या दोषियों पर कोई दण्डात्मक कार्यवाही की जावेगी? यदि हाँ तो क्या और कब तक? यदि नहीं, तो कारण बतावें। कब तक तक लोकार्पण करा दिया जावेगा? (ख) भितरवार, ऑतरी एवं मोहना नगर परिषद् में 1 अप्रैल 2020 से प्रश्‍न दिनांक तक जनकल्याण की                   कौन-कौन सी योजनायें चलाई गई हैं तथा चलाई जा रही हैं? उन योजनाओं में किस-किस हितग्राही को क्या-क्या लाभ दिया हैं? हितग्राही का नाम पिता/पति का नाम, जाति, पता तथा किस योजना में कितना-कितना किस रूप में लाभ दिया है? (ग) भितरवार, ऑतरी एवं मोहना नगर परिषद् में             1 नवम्‍बर 2022 की स्थिति में कौन-कौन कर्मचारी/अधिकारी पदस्थ हैं? उनका नाम, पद, पदस्थापना दिनांक बतावें।

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट '''' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट '''' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट '''' अनुसार है।

कृषकों को स्वयं का ट्रांसफार्मर योजना का लाभ

[ऊर्जा]

124. ( क्र. 1302 ) श्री लाखन सिंह यादव : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि      (क) विधानसभा क्षेत्र भितरवार जिला ग्वालियर के अन्तर्गत 1 अप्रैल 2020 से 31 अक्टूबर 2022 तक कितने किसानों से स्वयं का ट्रांसफार्मर योजना अन्तर्गत आवेदन प्राप्‍त हुए एवं उनमें से कितने के विरूद्ध राशि जमा कराई गई? कितने ट्रांसफार्मर स्थापित किये गये? ग्रामवार संख्‍यात्‍मक जानकारी देवें। क्‍या स्‍थापित किये गये विद्युत वितरण ट्रांसफार्मर मानक स्‍तर के थे? (ख) कृषक अनुदान योजनान्तर्गत भितरवार विधानसभा क्षेत्र में कितने किसानों ने अपने हिस्से की राशि जमा कराई? उनमें से कितने कृषकों के खेतों में इस योजना के अन्तर्गत विद्युत पोल एवं ट्रांसफार्मर लगाये गये? ऐसे कितने आवेदक थे जिन्‍हें राशि जमा कराने के बाद भी योजना का लाभ प्राप्‍त नहीं हुआ है? ग्रामवार संख्‍यात्‍मक जानकारी दें। क्‍या अब ऐसी कोई व्‍यवस्‍था करेंगे, जिनके द्वारा योजना अन्‍तर्गत पात्र एवं आवेदित कृषकों को एक निश्चित समय-सीमा के भीतर योजना का लाभ प्राप्‍त हो सके?

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) भितरवार विधानसभा क्षेत्र जिला ग्‍वालियर के अंतर्गत दिनांक 1 अप्रैल 2020 से दिनांक 31 अक्टूबर 2022 तक ''स्‍वयं का ट्रांसफार्मर'' योजना के अन्तर्गत 913 आवेदन प्राप्‍त हुए जिनमें से 759 आवेदकों के द्वारा नियमानुसार प्राक्‍कलन की लागत की    3 प्रतिशत राशि पर्यवेक्षण शुल्‍क के रूप में जमा कराई गई। जिन 759 आवेदकों द्वारा पर्यवेक्षण शुल्‍क की राशि जमा कराई गई, उन सभी के द्वारा नियमानुसार स्‍वयं के व्‍यय पर म.प्र. मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी में पंजीकृत ठेकेदारों के माध्‍यम से वितरण ट्रांसफार्मर स्‍थापित किये जा चुके हैं। स्‍थापित किये गये सभी वितरण ट्रांसफार्मर मानक स्‍तर के हैं। उक्‍तानुसार स्‍थापित किये गये वितरण ट्रांसफार्मरों की ग्रामवार जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'अनुसार है। (ख) कृषकों को स्‍थाई कृषि पम्‍प कनेक्‍शन दिये जाने के लिये पूर्व में ''मुख्‍यमंत्री स्‍थाई कृषि पम्‍प कनेक्‍शन'' योजना लागू की गई थी। ''मुख्‍यमंत्री स्‍थाई कृषि पम्‍प कनेक्‍शन'' योजना की अवधि समाप्‍त होने पर यह योजना बन्‍द हो गई है। इस योजना में कृषकों को स्‍वीकृत प्राक्‍कलन की आंशिक राशि जमा करने पर शेष राशि राज्‍य शासन द्वारा अनुदान के रूप में दिये जाने का प्रावधान था। मुख्‍यमंत्री स्‍थाई कृषि पम्‍प कनेक्‍शन योजना की प्रारंभ दिनांक 06.09.2016 से दिनांक 31.03.2019 तक की अवधि में ग्‍वालियर जिले के भितरवार विधानसभा क्षेत्र में 1542 कृषकों द्वारा स्‍वीकृत प्राक्‍कलन में से अपने हिस्से की राशि जमा कराई गई, जिनमें से 1535 कृषकों के विद्युत कनेक्‍शनों के लिये इस योजना के अन्तर्गत विद्युत पोल एवं वितरण ट्रांसफार्मर लगाये गए एवं 07 अपात्र आवेदकों की राशि नियमानुसार वापिस कर दी गई, जिसकी ग्रामवार जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'अनुसार है। वर्तमान में प्रश्‍नांश में उल्‍लेखित योजना क्रियाशील नहीं है, अत: प्रश्‍न नहीं उठता।

कृषि उपभोक्ताओं हेतु ऊर्जा विभाग की योजनाएं

[ऊर्जा]

125. ( क्र. 1304 ) इंजीनियर प्रदीप लारिया : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या कृषि उपभोक्ताओं को ऊर्जा विभाग द्वारा ट्रांसफार्मर/विद्युत पोल एवं लाईन स्थापित करने हेतु विभाग की कोई योजना है? यदि हाँ, तो जानकारी देवें। क्या पूर्व में इस प्रकार की कोई योजना विभाग में संचालित थी? (ख) क्या पूर्व में उपभोक्ता द्वारा राशि जमा करने के पश्‍चात ट्रांसफार्मर/विद्युत पोल एवं लाईन स्थापित किये जाने संबंधी योजना संचालित थी एवं उपभोक्ताओं को सब्सिडी प्रदाय की जाती थी? यदि हाँ, तो किन शर्तों एवं नियम के तहत कितनी सब्सिडी प्रदाय की जाती थी? (ग) वर्तमान में नरयावली विधानसभा अंतर्गत कितने उपभोक्ताओं द्वारा नवीन स्कीम के तहत आवेदन प्रस्तुत किये हैं? कितने उपभोक्ताओं द्वारा राशि जमा की गई है? कितने उपभोक्ताओं को राशि जमा उपरांत ट्रांसफार्मर/विद्युत पोल/लाईन स्थापित की गई है? वितरण केन्द्रवार जानकारी देवें। (घ) वर्तमान में कितने उपभोक्ताओं के आवेदन विभाग में लंबित हैं तथा उनके आवेदनों पर कब तक कार्यवाही की जायेगी?

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) एवं (ख) विद्युत वितरण कंपनियों अंतर्गत कृषि उपभोक्‍ताओं को कृषि कार्य के लिए विद्युत पोल/वितरण ट्रांसफार्मर स्‍थापित करते हुए विद्युत लाईन का विस्‍तार कर विद्युत कनेक्‍शन उपलब्‍ध कराए जाने की प्रश्‍नाधीन आशय की कोई अनुदान योजना वर्तमान में संचालित नहीं है। पूर्व में कृषकों को सिंचाई प्रयोजन के लिये स्‍थाई पम्‍प कनेक्‍शन प्रदान करने हेतु ''मुख्‍यमंत्री स्‍थाई कृषि पम्‍प कनेक्‍शन योजना'' संचालित थी। जिसमें आवेदक द्वारा आंशिक राशि जमा करने पर स्‍वीकृत प्राक्‍कलन की शेष राशि योजना के प्रावधानों के अंतर्गत राज्‍य शासन द्वारा अनुदान के रूप में प्रदान की जाती थी। (ग) मुख्‍यमंत्री स्‍थाई कृषि पम्‍प कनेक्‍शन योजना की अवधि दिनांक 31.03.2019 तक निर्धारित थी तथा इस योजना के बंद होने पर अनुदान आधारित कोई न‍ई योजना आरंभ नहीं की गई है। अत: शेष प्रश्‍न नहीं उठता। (घ) उत्‍तरांश (ग) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न नहीं उठता।

लोक निर्माण विभाग के कार्यों की वर्तमान स्थिति

[लोक निर्माण]

126. ( क्र. 1309 ) श्री राकेश पाल सिंह : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश के सिवनी जिले के लोक निर्माण विभाग द्वारा वर्ष 2018 से आज दिनांक तक 25 लाख से अधिक की लागत के निर्माण कार्यों की वर्तमान स्थिति लागत व स्थान सहित जानकारी प्रदान करें। (ख) क्या प्रश्‍नांश (क) में वर्णित अवधि में विभाग द्वारा उपरोक्त निर्माणाधीन व निर्मित कार्यों का भूमि-पूजन/लोकार्पण कराया गया? यदि हाँ, तो कब और किन-किन जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में कराया गया है? यदि नहीं, तो क्यों? क्या इस हेतु शासन/विभाग द्वारा कोई            दिशा-निर्देश दिए गए हैं? यदि हाँ, तो उसके उपरांत भी निर्माणाधीन/निर्मित कार्यों का भूमिपूजन/ लोकार्पण, जनप्रतिनिधियों द्वारा नहीं कराने वाले अधिकारियों के विरूद्ध शासन द्वारा कार्यवाही की जावेगी? यदि हाँ, तो कब तक? (ग) प्रदेश के सिवनी जिले की केवलारी विधानसभा क्षेत्र में लो.नि.वि. के अंतर्गत भवनों, सड़कों व छोटे-बड़े पुल-पुलियों जिनकी वर्तमान स्थिति जर्जर व आमजनों के उपयोग के लायक नहीं हैं, उनके नाम व स्थान की जानकारी देवें। क्या इनके मरम्मत/नवीनीकृत करने हेतु शासन/विभाग में कोई कार्ययोजना है? यदि हाँ, तो इन्हें कब तक नवीनीकृत/मरम्मत कर दिया जावेगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट-अ, 'अ-1' एवं 'अ-2' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट-अ एवं 'अ-2' अनुसार है। (ग) सिवनी जिले के केवलारी विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत सड़कें सामान्य हैं व आवागमन योग्य है। कोई भी भवन जर्जर नहीं है। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट-ब अनुसार है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं।

विधि महाविद्यालय का पुनः संचालन

[उच्च शिक्षा]

127. ( क्र. 1312 ) श्रीमती नीना विक्रम वर्मा : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या धार जिला मुख्यालय पर शासकीय विधि महाविद्यालय नगर के स्नातकोत्तर महाविद्यालय में संचालित होता था तथा पिछले कुछ वर्षों से विधि के कोर्सेस तथा विधि महाविद्यालय को बंद कर दिया गया है? (ख) यदि हाँ, तो, किस वर्ष में तथा किन कारणों से बंद कर दिया गया था? महाविद्यालय के संचालन के संबंध में बार काउंसिल ऑफ इण्डिया द्वारा कौन सी अर्हताएं निर्धारित की गई हैं तथा क्या धार में इसकी पूर्ति हो चुकी है? (ग) क्या आस-पास के अन्य जिलों की भांति धार में भी उक्त विधि महाविद्यालय को पुनः संचालित करने हेतु विभाग कार्यवाही कर रहा है? यदि हाँ, तो वर्तमान में प्रक्रिया किस स्तर पर प्रचलित है? (घ) क्या विधि महाविद्यालय के भवन हेतु पृथक से भूमि का चयन कर आवंटन हेतु कार्रवाई की जा चुकी है तथा भूमि आवंटन की प्रक्रिया कलेक्टर कार्यालय धार में प्रचलित है? क्या शीघ्र भूमि आवंटन हेतु विभाग प्रयास करेगा? (ङ) क्या विभाग धार विधि महाविद्यालय भवन हेतु आवश्यक स्वीकृतियां तथा बजट का प्रावधान आगामी वित्तीय वर्ष में करेगा ताकि आगामी शैक्षणिक सत्र से धार नगर में शासकीय विधि महाविद्यालय संचालित हो सके?

उच्च शिक्षा मंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जी हाँ। बार काउंसिल ऑफ इण्डिया के पत्र दिनांक 14/02/2011 में बार काउंसिल की मान्‍यता प्राप्‍त होने तक छात्रों को प्रवेश नहीं दिए जाने हेतु निर्देशित किया गया है। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-'''' अनुसार है। (ख) वर्ष 2008 में मापदण्‍ड पूर्ण नहीं होने के कारण प्रथम वर्ष में प्रवेश नहीं दिये गए। बार काउंसिल ऑफ इण्डिया द्वारा निर्धारित मापदण्‍ड की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-'''' अनुसार है। निर्धारित मापदण्‍डों की पूर्ति की प्रक्रिया जारी है। (ग) जी हाँ। शासकीय विधि महाविद्यालय, धार को संचालन में लेने की कार्यवाही प्रचलन में है तथा इस हेतु विश्‍वविद्यालय से संबद्धता प्राप्‍त किये जाने की कार्यवाही की जा रही है। (घ) महाविद्यालय के नवीन भवन निर्माण हेतु भूमि आवंटन की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। (ड.) महाविद्यालय के भवन निर्माण हेतु भूमि आवंटित होने के पश्‍चात निर्माण संबंधी आवश्‍यक कार्यवाही विभाग स्‍तर से की जाएगी। निश्‍चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

नवीन विद्युत उपकेंद्र की स्थापना

[ऊर्जा]

128. ( क्र. 1315 ) श्री श्याम लाल द्विवेदी : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या विधानसभा क्षेत्र त्योंथर अंतर्गत उत्तरप्रदेश की सीमा पर स्थित बरहोंपार के 15-20 ग्रामों में जहां की आबादी 15 से 20 हजार के लगभग है तथा वर्तमान में उक्त ग्रामों में विद्युत वितरण की व्यवस्था वितरण केंद्र सोनौरी से जो कि 35 किलोमीटर की दूरी पर स्थित होने के कारण विद्युत आपूर्ति निरंतर बाधित रहती है तथा वोल्टेज की भी अत्यधिक समस्या रहती है। स्थानीय लोगों द्वारा ग्राम कोरांव में नवीन 33/11 के.व्‍ही. विद्युत उपकेंद्र की स्थापना की मांग लंबे समय से की जाती रही है? (ख) क्या त्योंथर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम कोरांव में नवीन 33/11 के.व्‍ही. विद्युत उपकेंद्र की स्थापना शासन के मापदंडों के अनुरूप होने से, निर्माण की कार्य योजना में सम्मिलित है या नहीं? यदि हाँ, तो स्पष्ट किया जाए। (ग) यह भी स्पष्ट किया जाए कि लोक महत्व के इस समस्या के स्थाई समाधान में विभाग अब तक उदासीन क्यों रहा है? ग्राम कोरांव में नवीन 33/11 के.व्‍ही. विद्युत उपकेंद्र की स्थापना कब तक कर दी जाएगी? यदि नहीं, तो क्‍यों?

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) विधानसभा क्षेत्र त्‍योंथर के अंतर्गत वितरण केन्‍द्र रायपुर सोनौरी के 33/11 के.व्‍ही. विद्युत उपकेन्‍द्र पडरी से निर्गमित 11 के.व्‍ही. मिक्‍स फीडर पडरी एवं 11 के.व्‍ही. मिक्‍स फीडर सोनवर्षा से प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में विद्युत प्रदाय किया जा रहा है। उक्‍त 33/11 के.व्‍ही. विद्युत उपकेन्‍द्र से प्रश्‍नाधीन क्षेत्र की दूरी लगभग 7 किलोमीटर है। माह अगस्‍त से अक्‍टूबर तक धान के सीजन में कतिपय अवसरों पर उक्‍त क्षेत्र को विद्युत प्रदाय करने वाले 33 के.व्‍ही. चाकपाट सोनौरी फीडर तथा 11 के.व्‍ही. सोनवर्षा एवं 11 के.व्‍ही. पडरी फीडरों पर ओवर लोडिंग की समस्‍या आती है। उक्‍त समस्‍या के निराकरण के लिये उक्‍त 33 के.व्‍ही. एवं 11 के.व्‍ही. फीडरों के विभक्तिकरण के कार्य केन्‍द्र शासन की आर.डी.एस.एस. योजना में स्‍वीकृत किये गये हैं। साथ ही वितरण केन्‍द्र रायपुर सोनौरी अन्‍तर्गत ग्राम बारी चौरा में नवीन 33/11 के.व्‍ही. विद्युत उपकेन्‍द्र का कार्य आर.डी.एस.एस. योजना में स्‍वीकृत किया गया है। उक्‍त योजनान्‍तर्गत स्‍वीकृत कार्यों को किये जाने हेतु क्रियान्‍वयन ऐजेंसी के चयन के लिये निविदा कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। उक्‍त कार्यों के पूर्ण होने के उपरान्‍त प्रश्‍नाधीन क्षेत्र की विद्युत संबंधी समस्‍या का निराकरण हो जाएगा, जिससे ग्राम कोरांव में 33/11 के.व्‍ही. विद्युत उपकेन्‍द्र की आवश्‍यकता नहीं रहेगी।              (ख) उत्‍तरांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में ग्राम कोरांव के नवीन 33/11 के.व्‍ही. विद्युत उपकेन्‍द्र की आवश्‍यकता नहीं रहेगी। (ग) वितरण कंपनियों द्वारा तकनीकी आवश्‍यकता तथा वित्‍तीय संसाधनों की उपलब्‍धता अनुसार विद्युत प्रणाली के सुदृढ़ीकरण/उन्‍नयन के कार्य प्राथमिकता के क्रम में सतत रूप से किये जाते हैं। इसी प्रक्रिया के अंतर्गत प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में ओवर लोडिंग एवं वोल्टेज की समस्या के निराकरण हेतु फीडरों के वि‍भक्तिकरण का कार्य स्‍वीकृत किया गया है। उत्‍तरांश (क) एवं (ख) में दर्शाए अनुसार फीडर विभक्तिकरण के कार्य पूर्ण होने के उपरान्‍त ग्राम कोरांव में नवीन 33/11 के.व्ही. विद्युत उपकेन्द्र की आवश्‍यकता नहीं रहेगी।

मैरिज गार्डनों के विरूद्ध कार्यवाही

[नगरीय विकास एवं आवास]

129. ( क्र. 1320 ) कुँवर प्रद्युम्‍न सिंह लोधी : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला छतरपुर के नगरीय क्षेत्रों के सीमावर्ती क्षेत्रों में कहाँ-कहाँ पर कितने मैरिज गार्डन किस-किस नाम से संचालित हो रहे हैं? सूची उपलब्‍ध कराएं। क्‍या उक्‍त मैरिज गार्डनों का शासन के नियमों एवं शर्तों अनुसार सक्षम अधिकारी के आदेश से मैरिज गार्डनों का संचालन किया जा रहा है? यदि नहीं, तो क्‍या उक्‍त संचालित मैरिज गार्डनों के विरूद्ध सक्षम अधिकारी द्वारा कभी कोई कार्यवाही की गई है? यदि हाँ, तो कार्यवाही से संबंधित संपूर्ण दस्‍तावेजों की प्रति उपलब्‍ध कराई जाए। (ख) क्‍या उक्‍त संचालित मैरिज गार्डनों में पार्किंग व्‍यवस्‍था है? यदि नहीं, तो क्‍यों? कारण स्‍पष्‍ट करें। (ग) क्‍या सक्षम अधिकारी द्वारा आर्थिक भ्रष्‍टाचार की इच्‍छापूर्ति होने के कारण उक्‍त मैरिज गार्डनों के विरूद्ध कार्यवाही नहीं की जाती है? यदि नहीं, तो क्‍यों? नियम एवं शर्तों का उल्‍लंघन करने वाले मैरिज गार्डनों के विरूद्ध कार्यवाही नहीं की जाती है, तो कारण स्‍पष्‍ट करें। यदि हाँ। तो क्‍या शासन सक्षम अधिकारी द्वारा मैरिज गार्डनों के विरूद्ध कार्यवाही न करने वाले दोषी अधिकारी के विरूद्ध कार्यवाही करेगा? (घ) यदि हाँ, तो समय-सीमा बताएं। यदि नहीं, तो क्‍यों? क्‍या शासन नियमों एवं शर्तों का उल्‍लंघन करने वाले मैरिज गार्डनों के विरूद्ध कार्यवाही करेगा? यदि हाँ तो कब तक? यदि नहीं, तो क्‍यों?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

एन.एच.-39 सड़क का निर्माण कार्य

[लोक निर्माण]

130. ( क्र. 1321 ) श्री राम लल्लू वैश्‍य : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सीधी से सिंगरौली एन.एच.-39 सड़क का निर्माण कार्य चल रहा है, यदि हाँ, तो कब तक कार्य पूर्ण होगा? यदि नहीं, तो क्‍या सिंगरौली जिले के सम्‍पूर्ण एन.एच.-39 सड़क का अलग से टेण्‍डर कर निर्माण कार्य कराया जायेगा? यदि हाँ, तो कब तक? (ख) सिंगरौली में परसौना गया बैढ़न से शक्तिनगर पहुंच बाईपास सड़क निर्माण कराया जायेगा? यदि हाँ, तो क्‍या वित्‍तीय व प्रशासकीय स्‍वीकृति प्रदान हो गई है? यदि हाँ, तो निर्माण कार्य कब तक होगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ। अनुबंधानुसार कार्य 01.04.2023 तक पूर्ण किया जाना है। शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) विभाग अन्‍तर्गत कोई कार्यवाही प्रस्‍तावित नहीं है। शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

टैक्‍स वसूली एवं कॉलोनियों में आधारभूत सुविधाओं की जानकारी

[नगरीय विकास एवं आवास]

131. ( क्र. 1327 ) श्री पी.सी. शर्मा : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भोपाल दक्षिण-पश्चिम विधान सभा क्षेत्र में स्थित कुल 12 वार्डों में वर्तमान वित्‍तीय सत्र में प्रश्‍न दिनांक तक कितना टैक्‍स प्रति वार्ड वसूल किया गया एवं कितनी धन राशि नगर निगम द्वारा विकास कार्यों हेतु प्रति वार्ड दी गई? (ख) भोपाल दक्षिण-पश्चिम विधान सभा क्षेत्र में वित्‍तीय वर्ष 2019-20, 2020-21 एवं 2021-22 में प्रति वार्ड कितनी-कितनी राशि नगर निगम द्वारा कर के रूप में वसूल की गई एवं प्रति वार्ड कितनी धन राशि विकास कार्यों हेतु खर्च की गई? (ग) भोपाल दक्षिण-पश्चिम विधान सभा क्षेत्र में नगर निगम सीमा में स्थित कितनी वैध कॉलोनियां हैण्‍ड ओवर हुई हैं एवं कितनी शेष हैं? शेष हैं तो क्‍यों? (घ) भोपाल दक्षिण-पश्चिम विधान सभा क्षेत्र में स्थित नई कॉलोनियों एवं पुरानी कॉलोनियों में जल व्‍यवस्‍था प्रति मकान एकल नल कनेक्‍शन है अथवा नहीं तो क्‍यों? (ड.) भोपाल दक्षिण-पश्चिम विधान सभा क्षेत्र अंतर्गत वार्ड-26 में नई एवं पुरानी कॉलोनियों में एकल नल जल व्‍यवस्‍था, स्‍ट्रीट लाईट, साफ-सफाई, सीवर की समुचित व्‍यवस्‍था है? यदि नहीं, तो क्‍यों?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) नगरपालिक निगम भोपाल द्वारा की गई टैक्स वसूली एवं कराये गये विकास कार्यों की जानकारी पुस्‍तकालय रखे परिशिष्ट '''' अनुसार है(ख) भोपाल दक्षिण-पश्चिम विधानसभा क्षेत्र में वित्तीय वर्ष 2019-20, 2020-21 एवं 2021-22 में नगरपालिक निगम भोपाल द्वारा कर के रूप में वसूल की गई राशि की जानकारी पुस्‍तकालय रखे परिशिष्ट '''' अनुसार है एवं विकास कार्यों की राशि की जानकारी पुस्‍तकालय रखे परिशिष्ट '''' अनुसार है(ग) भोपाल दक्षिण-पश्चिम विधानसभा क्षेत्र में नगर निगम सीमा में स्थित भोपाल विकास प्राधिकरण एवं म.प्र. गृह निर्माण मण्डल द्वारा नगर निगम को हस्तांतरित की गई कॉलोनियों की सूची की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट '''' अनुसार है। नगर निगम सीमा में स्थित बिल्डर द्वारा विकसित किसी भी वैध कॉलोनियों का हैण्डओवर (हस्तांतरण) नहीं किया गया है। दक्षिण-पश्चिम विधानसभा क्षेत्रांतर्गत आने वाले ग्रामों में कुल 44 वैध कॉलोनियों की अनुमति जारी की गई है। म.प्र. नगरपालिका (कॉलोनी विकास) नियम 2021 के प्रावधान अनुसार कॉलोनी का हैण्डओवर नगर निगम में न होकर वहां के रहवासी संघ को भी किया जाना है। इस कारण हैण्डओवर का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता है। (घ) भोपाल दक्षिण-पश्चिम विधानसभा क्षेत्र में स्थित नई कॉलोनियों एवं पुरानी कॉलोनियों में जल व्यवस्था प्रति मकान एकल नल कनेक्शन है, जिनके माध्यम से रहवासियों को जल प्रदाय किया जा रहा है। (ड.) भोपाल दक्षिण-पश्चिम विधानसभा क्षेत्र अन्तर्गत वार्ड क्रमांक 26 में नल कनेक्शनों के माध्यम से जल प्रदाय किया जा रहा है एवं नई विकसित हो रही कॉलोनियों में आवेदन-पत्र प्राप्त होने के पश्चात नियमानुसार नल कनेक्शन दिये जाने की कार्यवाही की जावेगी। वार्ड क्रमांक 26 में अमृत परियोजना अन्तर्गत हाउस कनेक्शन का कार्य पूर्ण कर सीवेज की समुचित व्यवस्था की गई है। शेष क्षेत्र में पूर्व से बिछी पाइप लाइनों/सेप्टिक टैंकों के माध्यम से सीवर की समुचित व्यवस्था है। स्वास्थ्य विभाग के अमले द्वारा वार्ड क्रमांक 26 के समस्त रहवासी क्षेत्रों में डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण एवं परिवहन का कार्य, नालियों की साफ-सफाई, मुख्य मार्गों की साफ-सफाई एवं झाड़ियों की कटाई-छटाई का कार्य प्रतिदिन निरंतर रूप से किया जा रहा है एवं कीटनाशक दवाओं का छिड़काव भी निरंतर रूप से किया जा रहा है तथा स्ट्रीट लाइट की भी समुचित व्यवस्था है।

क्षतिग्रस्‍त सड़कों का मरम्‍मत कार्य

[लोक निर्माण]

132. ( क्र. 1328 ) श्री पी.सी. शर्मा : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भोपाल दक्षिण-पश्चिम विधान सभा क्षेत्र में लोक निर्माण विभाग की सड़कें क्षतिग्रस्‍त हैं। पुन: मरम्‍मत का कार्य कब तक कराया जायेगा? (ख) भोपाल दक्षिण-पश्चिम विधान सभा क्षेत्र में लोक निर्माण विभाग की वार्ड 26 में स्थित कोपल कॉलेज के बाजू से होते हुए मेंडोरी तक की सड़क, वार्ड 29 में नेहरू नगर से पं. खुशीलाल आयुर्वेद महाविद्यालय, चूना भट्टी पहुंच मार्ग, वार्ड 27 स्थित कोटरा के पहुंच मार्ग, वार्ड 28 स्थित मेन रोड से आराधना नगर मार्ग, सेंट मैरी स्‍कूल के सामने वाली रोड की मरम्‍मत का कार्य कब तक किया जावेगा? (ग) भोपाल दक्षिण-पश्चिम विधान सभा क्षेत्र में लोक निर्माण विभाग की कुल कितने सड़क मार्ग हैं एवं नये कितने मार्ग के निर्माण कार्य प्रस्‍तावित हैं? सूची उपलब्‍ध करावें।

लोक निर्माण मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) एवं (ख) विस्तृत विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। (ग) भोपाल दक्षिण-पश्चिम विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत विभाग के आधिपत्य के कुल 29 मार्ग है, 1 नवीन मार्ग का निर्माण प्रस्तावित है। सूची पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है।

नियम विरूद्ध पुन: सेवा बहाली एवं पदोन्‍नति

[नगरीय विकास एवं आवास]

133. ( क्र. 1331 ) श्री हर्ष विजय गेहलोत (गुड्डू) : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अपर आयुक्‍त द्वारा संभागीय संयुक्‍त संचालक, उज्‍जैन को लिखे गये पत्र क्रमांक 15166 दिनांक 1/9/2022 अनुसार विधायक द्वारा शिकायत का नियमानुसार बिन्‍दुवार परीक्षण कर अभिमत सहित प्रतिवेदन किस दिनांक को भेजा गया? जांच प्रतिवेदन की प्रति देवें। यदि नहीं भेजा गया तो क्‍यों? कब तक भेजा जाएगा? (ख) संयुक्‍त संचालक उज्‍जैन द्वारा मुख्‍य नगरपालिका अधिकारी सैलाना को लिखे गये पत्र क्रमांक 3322 दिनांक 19/9/22 अनुसार प्रश्‍नाधीन कर्मचारी की नियुक्ति तथा पदोन्‍नति के संबंध में तथ्‍यात्‍मक प्रतिवेदन तथा सेवा अभिलेखों की प्रमाणित प्रति संयुक्‍त संचालक को भेजी गई या नहीं? यदि नहीं, तो क्‍यों? यदि भेज दी गई तो तथ्‍यात्‍मक प्रतिवेदन की प्रति उपलब्‍ध कराएं। (ग) क्‍या दौलत राम मकवाना की अनुशासनहीनता के कारण सेवाएं समाप्‍त की गई थी? यदि हाँ, तो उसे पुन: सेवा में लेने तथा नियम विपरीत पदोन्‍नति देने संबंधी समस्‍त दस्‍तावेज, नोटशीट की प्रति उपलब्‍ध कराएं। (घ) बतावें कि प्रश्‍नकर्ता विधायक के पत्र क्रमांक 390 दिनांक 4/8/22 के बिन्‍दु अनुसार प्रश्‍नाधीन कर्मचारी को कब सेवामुक्‍त किया जावेगा?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) संचालनालय का पत्र क्रमांक 10773 दिनांक 13.06.2022 द्वारा माननीय विधायक महोदय का शिकायती पत्र प्राप्त हुआ। प्राप्त शिकायती पत्र पर सी.एम.ओ. सैलाना से कार्यालयीन पत्र कमांक 3063 दिनांक 16.8.2022 एवं पत्र क्रमांक 3322 दिनांक 19.09.2022 द्वारा तथ्यात्मक प्रतिवेदन चाहा गया। न.परि. सैलाना द्वारा अपने पत्र कमांक 2216 दिनांक 06.01.2022 द्वारा तथ्यात्मक प्रतिवेदन प्रेषित किया गया। प्रेषित प्रतिवेदन में श्री दौलतराम मकवाना को पुनः सेवा में बहाल करने के संबंध में स्पष्ट प्रतिवेदित नहीं किए जाने से कार्यालयीन पत्र क्रमांक 3868 दिनांक 02.12.2022 द्वारा स्पष्ट प्रतिवेदन चाहा गया। उक्त के तारतम्य में नगर परिषद् सैलाना द्वारा पत्र क्रमांक 2585 दिनांक 08.12.2022 द्वारा उक्त बिन्दुओं पर प्रतिवेदित किया गया। प्राप्त तथ्यात्मक प्रतिवेदन एवं अभिलेखों का परीक्षण किया जा रहा है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट '' अनुसार है। (ख) जी हाँ। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट "ब" अनुसार है। (ग) जी हाँ। श्री दौलतराम मकवाना को नगर परिषद् सैलाना के कार्यालयीन आदेश क्रमांक 1568 दिनांक 23.09.1996 को सफाई कामगार के पद से सेवा से पृथक किया गया। पत्र पुनः सेवा में लेने के पत्र एवं पदोन्नती से संबंधित नगर परिषद् सैलान की नोटशीट एवं आदेशों, पत्रों की प्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट "स" अनुसार है। (घ) प्रकरण की जांच प्रचलित होने से समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

टोल अवधि की गणना

[लोक निर्माण]

134. ( क्र. 1332 ) श्री हर्ष विजय गेहलोत (गुड्डू) : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रश्‍नकर्ता के विभिन्‍न प्रश्‍नों के उत्‍तर में लेबड-जावरा, जावरा-नयागांव की फिजिबिलिटी रिपोर्ट में आय के आंकड़े नहीं दिए गए हैं? इनकम स्‍टेटमेंट फिजिबिलिटी रिपोर्ट में उपलब्‍ध नहीं है? (ख) खण्‍ड (क) का उत्‍तर यदि हाँ, तो बतावें कि फिजिकली रिपोर्ट (पृष्‍ठ. क्र का उल्‍लेख नहीं हैं) में Opeastional Cash flow, Income Statement, Balance Sheet का क्‍या तात्‍पर्य है? (ग) टोल रोड की अवधि इंडियन टोल एक्‍ट 1851 के अनुसार तय होगी या फिजिबिलिटी रिपोर्ट या इंडियन रोड कांग्रेस के अनुसार तय होगी? अवधि तय करने संबंधी शासन के निर्देश की प्रति देवें। (घ) क्‍या टोल अवधि रिपोर्ट में परियोजना लागत, मार्ग पर यातायात गणना भविष्‍य का यातायात अनुमान के आधार वित्‍तीय व्‍यवहार्यता के आंकलन पर निश्चित की जाती है? यदि हाँ, तो बतावें कि रिपोर्ट में यातायात का बोगस अनुमान होगा तो अवधि वास्‍तविक कैसे होगी?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ। जी हाँ। (ख) फिजिबिलिटी रिपोर्ट में आई.आर.आर. का उल्लेख है। संभावित Operational Cash flow, Income Statement, Balance Sheet का उपयोग परियोजना की व्यवहार्यता (Viability) परीक्षण की गणना के लिये किया जाता है।               (ग) टोल अवधि की गणना फिजिबिलिटी रिपोर्ट में दिये गये ट्रेफिक की गणना के आंकडों के आधार पर एवं भविष्य के अनुमानित आंकड़ों से और मार्ग की क्षमता अनुसार तय की जाती है। प्लानिंग कमीशन भारत सरकार द्वारा जारी मॉडल कंसेशन एग्रीमेंट की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार। (घ) जी हाँ। भविष्य का यातायात प्रक्षेपीय अनुमान पर होता है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

धार्मिक स्‍थलों के विद्युत बिल का भुगतान

[ऊर्जा]

135. ( क्र. 1339 ) श्री आरिफ अक़ील : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                     (क) प्रदेश में स्थित धार्मिक स्‍थलों, जैसे मंदिर, मस्जिद, चर्च एवं गुरूद्वारों आदि से विद्युत बिल की राशि के भुगतान का क्‍या प्रावधान है? (ख) जिन धार्मिक स्‍थलों की आय के कोई साधन नहीं हैं क्‍या उन्‍हें विद्युत बिल की राशि के भुगतान से मुक्‍त रखेंगे? यदि नहीं, तो क्‍यों? (ग) प्रश्‍नांश (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में यह अवगत करावें कि जिन धार्मिक स्‍थलों में विद्युत मीटर लगे हैं और उन पर 50 हजार से अधिक राशि विद्युत बिल के रूप में हो रही है और धार्मिक स्‍थल व्‍यवस्‍थापक भुगतान करने में असमर्थ हैं, उन्‍हें कब तक माफ कर देगें?

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) प्रदेश के धार्मिक स्‍थलों जैसे मंदिर, मस्जिद, चर्च एवं गुरूद्वारों आदि को म.प्र. विद्युत नियामक आयोग द्वारा जारी टैरिफ आदेश दिनांक 31/03/2022 में उल्‍लेखित घरेलू दर (एल.व्‍ही.-1) अनुसार विद्युत बिल भुगतान हेतु जारी किये जाते हैं, जिसकी छायाप्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) एवं (ग) प्रश्‍नांश (ख) एवं (ग) में उल्‍लेखित आशय का कोई प्रस्‍ताव विचाराधीन नहीं है। उल्‍लेखनीय है कि विद्युत अधिनियम, 2003 के प्रावधानों के अन्‍तर्गत विद्युत दरों के निर्धारण का अधिकार म.प्र. विद्युत नियामक आयोग के कार्यक्षेत्र में आता है। विद्युत नियामक आयोग द्वारा विभिन्‍न श्रेणी के विद्युत उपभोक्‍ताओं की विद्युत दरों का निर्धारण जनसुनवाई/विभिन्‍न उपभोक्‍ता संगठनों से चर्चा उपरान्‍त विद्युत अधिनियम, 2003 की धारा 61 एवं 62 में प्रतिपादित सिद्धांतों के अनुसार उपभोक्‍ताओं की भुगतान क्षमता को ध्‍यान में रखते हुए किया जाता है। तद्नुसार निर्धारित दरों के अनुसार ही उपभोक्‍ताओं को विद्युत बिल जारी किये जाते हैं। उक्‍त निर्धारित वैधानिक प्रक्रिया के परिप्रेक्ष्‍य में बिना वैधानिक प्रक्रिया पालन के किसी भी श्रेणी के विद्युत उपभोक्‍ता हेतु लागू विद्युत दरों में परिवर्तन किया जाना संभव नहीं है।

कॉमन टैरेस पर अवैध निर्माण

[नगरीय विकास एवं आवास]

136. ( क्र. 1340 ) श्री आरिफ अक़ील : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या तुलसी टावर्स परिसर में स्थित कॉमन टैरेस पर अवैध निर्माण हटाए जाने बाबत् कार्यपालन यंत्री एवं सहायक यंत्री मध्‍यप्रदेश गृह निर्माण एवं अद्योसंरचना विकास मंडल संभाग-6 भोपाल ने संयुक्‍त रूप से पेंट हाउस क्रमांक 2 हेतु पत्र क्रमांक 416 दिनांक 12/10/19, 130 दिनांक 15/01/2021, 248 दिनांक 15/03/2021, 333 दिनांक 01/06/2021, 386 दिनांक 06/07/2021 एवं पेंट हाउस क्रमांक 3 हेतु पत्र क्रमांक 3298 दिनांक 23/09/2019, 1228 दिनांक 26/05/2020 और 128 दिनांक 15/01/2021 जारी किए गए हैं? (ख) यदि हाँ, तो प्रश्‍न दिनांक की स्थिति में क्‍या अवैध अतिक्रमण हटा लिए गए? यदि हाँ, तो कब और यदि नहीं, तो क्‍यों तथा क्‍या कार्यवाही की जावेगी?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) प्रकरण सक्षम न्‍यायालय में प्रचलन में हैं। आदेश प्राप्‍त होने पर तद्नुसार कार्यवाही की जावेगी।

लोकायुक्‍त प्रकरण में जांच व कार्यवाही

[नगरीय विकास एवं आवास]

137. ( क्र. 1347 ) श्री शिवनारायण सिंह (लल्‍लू भैया) : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अनूपपुर जिले की नगर परिषद् जैतहरी में भ्रष्‍टाचार के संबंध में लोकायुक्‍त से जांच हेतु कितनी शिकायतें प्राप्‍त हुई हैं? प्रकरण प्राप्ति दिनांक से प्रश्‍न दिनांक तक कोई कार्यवाही न होना मुख्‍यमंत्री के भ्रष्‍टाचार के विरूद्ध जीरो टॉलरेंस की घोषणा के विरूद्ध विभाग का आचरण व कृत्‍य के लिए कौन जिम्‍मेदार है? (ख) क्‍या प्राप्‍त शिकायत की जांच प्रश्‍न दिनांक तक की गई? यदि हाँ, तो जांच प्रतिवेदन उपलब्‍ध करावें। यदि नहीं, तो क्‍यों? क्‍या संभाग के अधिकारियों द्वारा भ्रष्टाचार में डूबे अधिकारियों/पदाधिकारियों को संरक्षण दिया जा रहा है? भ्रष्‍टाचार की जांच कब तक पूर्ण कर ली जावेगी? (ग) लोकायुक्‍त ने किस दिनांक को जांच हेतु विभाग को पत्र व प्रकरण भेजा है? पृथक-पृथक प्रकरण की तिथि अनुसार जानकारी देते हुए बताएं कि लोकायुक्‍त जैसे महत्‍वपूर्ण संस्‍था में पंजीकृत भ्रष्‍टाचार के प्रकरण में प्रश्‍न दिनांक तक जांच न करने तथा कार्यवाही में विलंब के दोषीजनों पर समय-सीमा में सक्षम कार्यवाही की जाएगी? यदि नहीं, तो क्‍यों?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) लोकायुक्‍त कार्यालय से 03 शिकायतें प्राप्‍त हुई हैं, जिन पर संयुक्‍त संचालक, नगरीय प्रशासन एवं विकास, संभाग-शहडोल को जांच कर प्रतिवेदन प्रेषित करने के निर्देश दिए गए थे, जो कि प्राप्‍त न होने के कारण पुन: 15 दिवस के भीतर जांच कर प्रतिवेदन प्रेषित करने के निर्देश दिए गए है। (ख) जी नहीं। जांच की कार्यवाही प्रचलित है, समय-सीमा बताई जाना संभव नहीं है। (ग) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। चूंकि जांच की कार्यवाही प्रचलित है, अत: शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट- "तैंतीस"

लेखा नियम के विरूद्ध खरीदी

[नगरीय विकास एवं आवास]

138. ( क्र. 1348 ) श्री शिवनारायण सिंह (लल्‍लू भैया) : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या म.प्र. नगरपालिका लेखा नियम, 2018 अंतर्गत एक लाख से अधिक सामग्री क्रय या निर्माण कार्य की निविदा एवं प्रकाशन अनिवार्य है? यदि हाँ, तो निकाय द्वारा जेम पोर्टल से पांच लाख के नीचे की खरीदी पर निविदा एवं प्रकाशन की कार्यवाही क्‍यों नहीं की जाती? (ख) अनूपपुर जिले की निकाय नगर परिषद् पसान, कोतमा, बिजुरी, नगर परिषद् जैतहरी तथा शहडोल जिले में धनपुरी तथा शहडोल में जेम पोर्टल के माध्‍यम से जनवरी, 2018 से नवम्‍बर, 2022 तक कितनी लागत की सामग्री क्रय की गई है? फर्म का नाम, भुगतान की गई राशि, भुगतान दिनांक सहित विवरण देवें। (ग) बिना निविदा के जेम पोर्टल के माध्‍यम से सीधे पांच लाख का आदेश देकर निकाय निधि का दुरूपयोग किया जा रहा है? जेम पोर्टल के नियम में संशोधन कब तक किया जायेगा? (घ) क्‍या प्रश्‍नांश (ख) अनुसार अत्‍यधिक मात्रा में सामग्री क्रय कर निकाय को आर्थिक क्षति पहुंचाई गई है? यदि हाँ, तो दोषी अधिकारी/पदाधिकारियों के विरूद्ध कार्यवाही कब तक की जायेगी? दोषी अधिकारी/पदाधिकारी का नाम सहित विवरण देवें।

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) जी हाँ। म.प्र. नगरपालिका लेखा नियम, 2018 अंतर्गत एक लाख से अधिक सामग्री क्रय या निर्माण कार्य की निविदा एवं प्रकाशन हेतु नियम 91 (02) में 1.00 लाख रूपये से अधिक मूल्य की प्रत्येक निविदा के लिये प्रकाशन अनिवार्य है। जेम पोर्टल पर ऑनलाइन क्रय प्रकिया का पालन किया जाता है। जेम पोर्टल पर सामग्री क्रय हेतु निविदा आमंत्रित करने पर संपूर्ण भारत में जेम पर पंजीकृत समस्त निर्माताओं एवं विक्रेताओं के पास निविदा की जानकारी स्वतः ही पहुंच जाती हैं। जेम से क्रय प्रकाशन की आवश्यकता नहीं होती है। (ख) अनूपपुर जिले की नगरपालिका परिषद् पसान में जेम पोर्टल के माध्यम से 457.61 लाख, कोतमा में 231.21 लाख, बिजुरी में 1384.55 लाख, नगर परिषद् जैतहरी में 189.19 लाख तथा शहडोल जिले की नगरपालिका परिषद् धनपुरी में 367.90 लाख एवं शहडोल में 67.16 लाख, लागत की सामग्री क्रय की गई। पसान की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-अ, अनुसार है कोतमा की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-ब अनुसार है, बिजुरी की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-स अनुसार है, जैतहरी की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-द अनुसार है, धनपुरी की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-ई अनुसार है एवं शहडोल की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-फ अनुसार है। (ग) भारत सरकार द्वारा जारी निर्देश अनुसार ही नगरीय निकायों ने जेम पोर्टल पर 5.00 लाख तक की सामग्री का क्रय की कार्यवाही की गई है। जेम पोर्टल के नियमों में संशोधन भारत सरकार द्वारा ही किया जा सकता है। संचालनालय के पत्र क्रमांक/2022-23/87, भोपाल दिनांक 06.08.2022 द्वारा जेम पोर्टल से क्रय प्रक्रिया हेतु स्पष्ट निर्देश जारी किये जा चुके है। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-ज अनुसार है। (घ) जी नहीं। निकाय द्वारा सामग्री आवश्यकता अनुसार क्रय की गई हैं।

टोल रोड की डी.पी.आर. एवं फिजि‍बिलि‍टी रिपोर्ट

[लोक निर्माण]

139. ( क्र. 1369 ) श्री कुणाल चौधरी : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश के 59 बी.ओ.टी. मार्ग की लंबाई, प्रशासकीय स्‍वीकृति अनुसार लागत, अनुबंध अनुसार लागत, प्राप्‍त ग्रांट, ग्रांट घटाने के बाद वास्‍तविक लागत, टोल प्रारंभ होने की दिनांक, टोल अवधि, टोल समाप्‍त होने की दिनांक, अक्‍टूबर 2022 तक वसूली गई कुल टोल राशि, अक्‍टूबर 2022 तक वास्‍तविक लागत से कम अथवा ज्‍यादा वसूली गई कुल राशि सहित सूची देवें। (ख) खंड (क) में उल्‍लेखित टोल रोड की डी.पी.आर./फिजि‍बिलि‍टी रिपोर्ट किस कन्‍सलटेंट द्वारा बनाई गई और उसे प्रत्‍येक रोड अनुसार कितना-कितना भुगतान किया गया? (ग) खण्‍ड (क) मार्ग की टोल अवधि तय करने संबंधी नोटशीट तथा दस्‍तावेज की प्रति देवें तथा बतावें कि इंडियन टोल एक्‍ट 1851 सेक्‍शन 2 के अनुसार टोल अवधि तय की गई है या नहीं? (घ) बतावें कि कन्‍सलटेंट द्वारा बनाई गई डी.पी.आर./फिजिबिलिटी रिपोर्ट में दिए गए यातायात के आंकड़ों के अनुसार क्‍या टोल अवधि तय की जाती है? यदि नहीं, तो अवधि तय करने का फार्मूला क्‍या है?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-अ अनुसार। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-ब अनुसार। (ग) टोल अवधि की गणना फिजिबिलिटी रिपोर्ट में दिये गये ट्रैफिक की गणना के आंकडों के आधार पर एवं भविष्य के अनुमानित आंकड़ों से और मार्ग की क्षमता अनुसार तय की गई है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) टोल अवधि की गणना फिजिबिलिटी रिपोर्ट में दिये गये ट्रैफिक की गणना के आंकड़ों के आधार पर एवं भविष्य के प्रोजेक्टिव अनुमानित आंकड़ों से और मार्ग की क्षमता अनुसार तय की जाती है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

प्रदेश में विद्युत खरीदी एवं उत्‍पादन की जानकारी

[ऊर्जा]

140. ( क्र. 1378 ) श्री जितु पटवारी : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में सभी विद्युत कंपनियों में वर्ष 2019-20 से वर्ष 2021-22 तक कुल कर्ज कितना था तथा सभी प्रकार के उपभोक्‍ताओं पर कुल मिलाकर बकाया राशि क्‍या है? (ख) वर्ष 2019-20 से वर्ष 2021-22 तक कुल खरीदी गई बिजली की मात्रा, प्रति यूनिट लागत क्‍या है? उपरोक्‍त वर्षों में अनुबंध की शर्तों के कारण कितना-कितना भुगतान बिना बिजली खरीदी करना पड़ा? (ग) वर्ष 2019-20 से वर्ष  2021-22 तक अनुबंध के विपरीत, खरीदी पर अधिक भुगतान करने के कितने प्रकरण केग ने अपनी जांच में पाए तथा इस अवधि में कुल मिलाकर कितना ज्‍यादा भुगतान किया गया? (घ) प्रश्‍नाधीन में प्रतिवर्ष 31 मार्च की स्थिति में सभी कंपनियों में मिलाकर स्‍थायी कर्मचारी तथा अस्‍थायी कर्मचारियों की संख्‍या तथा कुल राशि वेतन तथा भत्‍ते के रूप में भुगतान किया गया? स्‍थायी तथा अस्‍थायी का अलग-अलग बतावें। (ड.) विद्युत कंपनियों को कुल मिलाकर पिछले दस वर्ष में प्रतिवर्ष होने वाले घाटे की राशि तथा घाटे के प्रमुख कारण बतावें।

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) प्रदेश में ऊर्जा विभाग अंतर्गत सभी विद्युत कंपनियों में कुल कर्ज की राशि वित्‍तीय वर्ष 2019-20, 2020-21 तथा 2021-22 में, क्रमशः रु. 73218.70 करोड, रू. 75461.61 करोड, रु. 22739.39 करोड थी। सभी प्रकार के उपभोक्ताओं पर कुल मिलाकर बकाया राशि मार्च 2022 की स्थिति में रु. 17298.83 करोड है। (ख) वित्‍तीय वर्ष 2019-20 से वर्ष 2021-22 तक वर्षवार खरीदी गई बिजली की मात्रा, प्रति यूनिट लागत पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'' अनुसार है। राज्‍य में विद्युत मांग में कमी के दृष्टिगत एवं विद्युत क्रय अनुबंधों के प्रावधानों के अनुसार विद्युत उत्‍पादकों से विद्युत शेड्यूल नहीं की गई, तद्नुसार प्रश्‍नाधीन अवधि में बिना विद्युत क्रय के फिक्‍स चार्ज के भुगतान का विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'' अनुसार है। (ग) वर्ष 2019-20 से 2021-22 तक अनुबंध के विपरीत खरीदी पर अधिक भुगतान की जानकारी तथा कैग द्वारा अपने जांच में (अनुबंध के विपरीत) खरीदी पर अधिक भुगतान करने की जानकारी निरंक है। (घ) प्रश्‍नाधीन अवधि में प्रतिवर्ष 31 मार्च की स्थिति में सभी कंपनियों में स्थायी कर्मचारियों की संख्या एवं कुल वेतन भत्ते एवं अस्थायी कर्मचारियों की संख्या एवं वेतन भत्ते की जानकारी निम्नानुसार है:-

वर्ष

स्‍थाई कर्मचारी संख्‍या

कुल वेतन एवं भत्‍ते     (राशि लाख रूपये में)

अस्‍थाई कर्मचारी संख्‍या

कुल वेतन एवं भत्‍ते    (राशि लाख रूपये में)

2019-20

32746

25545.56

5937

1401.61

2020-21

29729

23036.56

5980

1480.52

2021-22

26393

23199.78

5914

1451.91

(ड.) विद्युत कंपनियों में कंपनीवार कुल मिलाकर विगत 10 वर्षों में प्रतिवर्ष होने वाले लाभ/हानि एवं हानि के प्रमुख कारण का विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'' अनुसार है।

प्रश्‍नकर्ता को जानकारी का प्रदाय

[नगरीय विकास एवं आवास]

141. ( क्र. 1384 ) श्री जयवर्द्धन सिंह : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या म.प्र. शासन, नगरीय विकास एवं आवास विभाग को प्रश्‍नकर्ता का पत्र     क्र.115/22, दिनांक 14/9/2022 जो नगर निगम भोपाल राहुल नगर, रिवेरा टाउन की जानकारी के संबंध में प्रेषित किये गये हैं? यदि हाँ, तो पत्र प्राप्‍ती से प्रश्‍न दिनांक तक कब, क्‍या कार्यवाही की गई है? संबंधितों के नाम, पदनाम, कार्यालयवार, पत्रवार, कार्यालयीन अभिलेखों सहित पृथक-पृथक बतायें। (ख) उपरोक्‍त के संबंध में सा.प्र.वि. के आदेश क्रमांक एफ 19-76/2007/1/4 भोपाल, दिनांक 22/3/2011 में उल्‍लेखित पांचों बिंदुओं एवं परिशिष्‍टों (1, 2) का पालन सुनिश्चित किया गया है? यदि हाँ, तो कार्यालयीन अभिलेखों/नोटशीटों/पत्रों की प्रति सहित बतायें। यदि नहीं, तो क्‍यों? (ग) प्रश्‍नांश (क) में उल्‍लेखित प्राप्‍त पत्र में प्रश्‍नकर्ता ने विभाग से क्‍या जानकारी चाही है? क्‍या चाही गई जानकारी पत्र में उल्‍लेखित बिन्‍दुवार बनाई गई है? यदि हाँ, तो पत्रवार, विभागवार, कार्यालयवार की गई समस्‍त कार्यवाही सहित बतायें। (घ) उपरोक्‍त के संबंध में प्रश्‍नकर्ता को जानकारी उपलब्‍ध करा दी गई है। यदि हाँ, तो कब और कैसे? यदि नहीं, तो क्‍या कारण है? जानकारी उपलब्‍ध नहीं कराने, छुपाने, लंबित रखने के लिए कौन-कौन जिम्‍मेदार है? जिम्‍मेदारों पर कब और क्‍या कार्यवाही की जायेगी? समय-सीमा सहित बतायें। यदि नहीं, तो क्‍यों? (ड.) उपरोक्‍त के संबंध में विद्युत विभाग के क्‍या कार्य, किस लागत, किस एजेन्‍सी, किस मापदण्‍ड के, किस ड्राइंग के कराये गये हैं? सहपत्रों दस्‍तावेजों सहित बतायें। बिल्डिंग ठेकेदार और विद्युत कार्य की गारंटी अवधि क्‍या है तथा यह कब से लागू होगी?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) जी हाँ। प्रश्‍न में उल्लेखित पत्र नगरपालिक निगम भोपाल को विभागीय पत्र क्रमांक 4513/904002/2022/18-3 दिनांक 21.11.2022 को भेजा गया है। उक्त पत्र प्राप्ति के उपरांत नगर निगम भोपाल ने पत्र में वांछित बिंदुवार जानकारी उनके पत्र क्रमांक 225/एच.एफ.ए./2022 दिनांक 06.12.2022 के माध्यम से बिंदुवार जानकारी तैयार की जाकर प्रेषित की गई है। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट '''' अनुसार है। (ख) जी हाँ। उत्तरांश (क) की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट '''' अनुसार है।         (ग) उत्तरांश (क) में उल्लेख अनुसार पत्र क्रमांक 4513/904002/2022/18-3 दिनांक 21.11.2022 की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट '''' अनुसार है। जी हाँ, पत्र में वांछित जानकारी बिंदुवार तैयार की गई है। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट '''' अनुसार है(घ) जी हाँ। प्रश्‍नकर्ता को नगर निगम भोपाल के कार्यालयीन पत्र क्रमांक 228/एच.एफ.ए./2022 भोपाल दिनांक 06.12.2022 के माध्यम से जानकारी उनके निवास कार्यालय पर प्रेषित की गई है। शेष प्रश्‍न उत्पन्न नहीं होता है।                  (ड.) उपरोक्त के संबंध में विद्युत विभाग नगरपालिक निगम भोपाल के द्वारा किये गये कार्य की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट '''' अनुसार है। बिल्डिंग ठेकेदार की गारंटी अवधि (Defect Liability Period) (वॉटर प्रूफिंग एवं टरमाईट ट्रीटमेंट को छोड़कर) 02 वर्ष की है। यह अवधि ठेकेदार को विभाग द्वारा फिजिकल कम्पलीशन सर्टिफिकेट जारी करने के पश्चात 02 वर्ष तक रहेगी। वॉटर प्रूफिंग एवं टरमाईट ट्रीटमेंट हेतु बिल्डिंग ठेकेदार की गारंटी अवधि (Defect Liability Period) 05 वर्ष की है। यह अवधि ठेकेदार को विभाग द्वारा फिजिकल कम्पलीशन सर्टिफिकेट जारी करने के पश्चात 05 वर्ष तक रहेगी। विद्युत कार्य की गारंटी अवधि (Defect Liability Period) विद्युत ठेकेदार मेसर्स प्रशांत इलेक्ट्रिकल द्वारा किये गये विद्युत कार्य पूर्ण होने के पश्चात म.प्र. इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड की हेण्ड-ओवर करने की दिनांक से 02 वर्ष तक रहेगी।

जिम्‍मेदारों पर कार्यवाही

[नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा]

142. ( क्र. 1385 ) श्री जयवर्द्धन सिंह : क्या नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग द्वारा विभागीय वार्षिक प्रशासकीय प्रतिवेदन विधानसभा पटल में रखा जाता है? यदि हाँ, तो क्‍या वर्ष 2016-17 में विभाग को राज्‍य शासन से स्‍वीकृत बजट 15653.96 के विरूद्ध प्राप्‍त राशि 0.00 प्राप्‍त होने का लेख सही है? यदि हाँ, तो वर्ष 2016-17 में विभाग ने अपना आय-व्‍यय कैसे चलाया? यद्यपि नहीं तो विधानसभा में असत्‍य, भ्रामक, झूठी जानकारी देने के लिये कौन जिम्‍मेदार है? जिम्‍मेदारों पर कब और क्‍या कार्यवाही की जायेगी? यदि नहीं, तो क्‍यों? (ख) वर्ष 2016-17, 2017-18, 2018-19, 2019-20, 2020-21, 2021-22 में कब, कितना बजट स्‍वीकृत हुआ? कितना बजट कब, किस योजना पर, कितना-कितना व्‍यय किया गया है? वर्षवार, योजनावार, भारत सरकार का अंश, राज्‍य सरकार एवं हितग्राही अंश सहित पृथक-पृथक गौशवारा बनाकर उपयोगिता प्रमाण-पत्र सहित ब‍तायें। (ग) उपरोक्‍त अवधि में गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, राजगढ़ एवं भोपाल जिले में किस-किस योजना का कितनी-कितनी राशि का, किस-किस प्राकृतिक स्‍त्रोत से, किस-किस एजेंसी/फर्म से, कितनी क्षमता के, कितनी सब्सिडी के साथ कार्य कराये गये हैं? जिलेवार पृथक-पृथक गौशवारा बनाकर बतायें। (घ) प्रश्‍नांश (क) के संबंध में प्रस्‍तावना वाले पृष्‍ठ में मा. विभागीय मंत्री ने संबोधन की अंतिम लाईन ''06 करोड वृक्षों के समतुल्‍य CO2 के उत्‍सर्जन में कमी आई है'' का लेख किया है कि तो यह स्‍पष्‍ट करें कि 100 वॉट का साधारण बल्‍ब कितना CO2 एवं 9वॉट का एल.ई.डी. बल्‍ब कितना CO2 उत्‍सर्जित करता है? यदि नहीं, तो विभागीय मंत्री ने असत्‍य, झूठी, भ्रामक जानकारी क्‍यों सदन में दी है? स्‍पष्‍ट करें। CO2 उत्‍सर्जन की पुष्टि पर्यावरण विभाग से की गई है? यदि हाँ, तो कब? यदि नहीं, तो इसके लिये कौन जिम्‍मेदार है? (ड.) घरेलू रूफ टॉफ सहित किन योजनाओं पर सब्सिडी दी जा रही है? योजनावार, लागतवार, सब्सिडीवार पृथक-पृथक गौशवारा बनाकर बतायें। यद्यपि सब्सिडी बंद कर दी गई है तो कब से और क्‍यों? कारण सहित बतायें।

नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री ( श्री हरदीप सिंह डंग ) : (क) जी हाँ। जी हाँ। वर्ष 2016-17 म.प्र. ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड द्वारा निगम की परियोजनाओं एवं अन्‍य व्‍ययों का संचालन निगम में विगत वर्षों की राज्‍य शासन की उपलब्‍ध राशि से किया गया है। उक्‍त के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। उक्‍त के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) वर्ष 2016-17, 2017-18, 2018-19, 2019-20, 2020-21, 2021-22 में नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग (म.प्र. ऊर्जा विकास निगम लि.) को स्‍वीकृत बजट, योजनाओं पर हुए व्‍यय की (भारत सरकार के अंश राज्‍य शासन एवं हितग्राही अंश सहित) वर्षवार, योजनावार की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'' अनुसार है। (ग) उत्‍तरांश '' में उल्‍लेखित अविध में गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, राजगढ़ एवं भोपाल जिले में योजनाओं/कार्यों की जिलावार (व्‍यय/अनुदान, क्षमता/संख्‍या, एजेंसी/फर्मा आदि सहित) की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'' अनुसार है। (घ) प्रश्‍नांश '' के संबंध में विभागीय मंत्री के CO2 उत्‍सर्जन के संबंध में तथ्‍यात्‍मक जानकारी निम्‍नानुसार है:- 1. 6-6.5 घंटे प्रति दिवस के संचालन में 100 वॉट का साधारण बल्‍ब औसतन 213 कि.ग्रा. CO2 एवं 9 वॉट का एल.ई.डी. बल्‍ब औसतन 19 कि.ग्रा. CO2 उत्‍सर्जित प्रतिवर्ष करता है। 2. उक्‍त के परिप्रेक्ष्‍य में 100 वॉट के साधारण बल्‍ब को 9 वॉट के एल.ई.डी., बल्‍ब से प्रतिस्‍थापित करने से 1.75 करोड बल्‍बों द्वारा प्रतिदिन 6-6.5 घंटे उपयोग की दर से औसत लगभग 363 करोड विद्युत की सालाना बचत होगी जिसके कारण कार्बन उत्‍सर्जन में आयी कमी लगभग 6 करोड वृक्षों के पर्यावरणीय प्रभाव के समीप होगी। 3. CO2 उत्‍सर्जन के उपरांत आंकलन भारत सरकार के अंतर्गत ऊर्जा मंत्रालय द्वारा प्रकाशित CO2 बेस लाईन डाटाबेस मार्च 2021 की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'' अनुसार है एवं इन्‍वार्यमेंट प्रोटेक्‍शन एजेंसी, संयुक्‍त राज्‍य अमेरिका की अधिकृत वेबसाइट पर दर्शित ''ग्रीन हाउस गैसेस इक्‍वीवेलेंस केलक्‍युलेटर'', की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'' अनुसार है। 4. उक्‍त के परिप्रेक्ष्‍य में शेष प्रश्‍नांश उपस्थित नहीं होता है। (ड.) नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग द्वारा क्रियान्‍वित की जा रही योजनाओं में से कृषि भूमि की सिचांई हेतु कृषकों को सोलर पम्‍प संयंत्र प्रदान करने की योजना में केन्‍द्र व राज्‍य शासन से अनुदान/वित्‍तीय सहायता के विवरण की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'' अनुसार है।

नगरपालिका द्वारा खरीदी में भ्रष्‍टाचार

[नगरीय विकास एवं आवास]

143. ( क्र. 1388 ) श्री दिलीप सिंह गुर्जर : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दिनांक 01 जनवरी 2019 से 24/11/2022 की अवधि में नगरपालिका परिषद् नागदा द्वारा पेयजल को शुद्ध किए जाने हेतु किस गुणवत्ता की एलम व मैलाथियान, फिनाईल की खरीदी किन-किन दरों पर, कितनी मात्रा में की गई? निविदा आमंत्रण, गुणवत्ता नियम व शर्तें, प्राप्त टेण्डर व तुलनात्मक पत्रक, जारी कार्यादेश, एलम की प्राप्ति सत्यापन रिपोर्ट, न.पा. द्वारा कराई गई टेस्ट रिपोर्ट सहित सम्पूर्ण विवरण पृथक-पृथक दें। (ख) क्या यदि नगरपालिका द्वारा सप्लाई के बाद एलम की जांच (टेस्ट) नहीं करवाई गई है तो क्यों? (ग) क्या अल्फा ग्लो कम्पनी शाजापुर से ठेकेदार के माध्यम से नगरपालिका नागदा द्वारा 6800 रूपये प्रति टन के हिसाब से एलम खरीदी गई थी? उसी कम्पनी से सीधे नगरपालिका अधिकारियों द्वारा वर्ष 2022-23 में 10600 रूपये प्रति टन के हिसाब से 100 मैट्रिक टन गुणवत्ता विहीन बिना आई.एस.आई. मार्क वाली एलम निर्माण करने वाली अल्फा ग्लो कम्पनी से खरीदी? उंची दरों पर एलम खरीदकर घोटाला करने वाले अधिकारियों पर क्या कार्यवाही की गई है? जांच किस अधिकारी द्वारा की गई? जांच प्रतिवेदन सहित विवरण दें। (घ) नगरपालिका नागदा में मैलाथियान घोटाले में उपलब्ध तथ्यों के आधार पर पुलिस जांच कार्यवाही नहीं करके आरोपियों को संरक्षण प्रदान कर रही है? संबंधित शिकायतकर्ता के आवेदन, प्रकरण दर्ज होने के बाद की गई शिकायतों पर क्या जांच कार्यवाही की गई? विवरण दें। (ड.) क्या यह सही है कि विधानसभा प्रश्‍न कं. 1223 दिनांक 28/07/2022 दिए गए प्रश्‍नांश (घ) के उत्तर में गलत जानकारी देकर नियुक्ति तथा हटाने के तथ्यों को छुपाया गया है? प्रशासक नगरपालिका परिषद् द्वारा मुख्य नगरपालिका अधिकारी, नगरपालिका नागदा को पत्र क्रं. 3546 दिनांक 31/05/2022 एवं स्वीमिंग पुल प्रभारी को पत्र क्रं. 3546/1 दिनांक 31/05/2022 जारी किये गये है? यदि हाँ, तो पत्रों पर संबंधित अधिकारी द्वारा क्या कार्यवाही की गई? पत्रों की छायाप्रति उपलब्ध कराते हुए विवरण दें। (च) नगरपालिका नागदा द्वारा संचालित स्वीमिंग पुल में एक युवक की मौत न.पा. की लापरवाही से हो जाने पर शासन द्वारा उच्च स्तरीय जांच न कराते हुए मात्र कर्मचारियों पर ही कार्यवाही की गई, जबकि बिना प्रशिक्षित तैराकों के स्वीमिंग पुल का संचालन करने वाले अधिकारियों को विभाग द्वारा बचाने का कार्य किया गया है? दोषी अधिकारी पर क्या कार्यवाही की जाएगी तथा कब तक? विवरण दें। (छ) उज्‍जैन जिले में वर्तमान में पदस्‍थ कितने सी.एम.ओ., प्रभारी सी.एम.ओ. के खिलाफ भ्रष्‍टाचार की लोकायुक्‍त व अन्‍य एजेंसियों द्वारा जांच की जा रही है? शिकायतकर्ता के नाम सहित विवरण दें। कितने के विरूद्ध लोकायुक्‍त में प्रकरण दर्ज कर कार्यवाही हेतु शासन से अनुमति बाकी है? क्‍या अनुमति प्रदान कर दी गई है?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) एलम क्रय की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट '''' अनुसार है। मैलाथियान एवं फिनाईल क्रय की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट '''' अनुसार है। शेष प्रश्‍नांश की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट '''' अनुसार है(ख) जी नही, जांच करवाई गई है। (ग) जी नही, अपितु श्री विनायक मार्केटिंग नागदा से वर्ष      2021-22 में रू. 6790 प्रति मैट्रिक टन की दर से एलम क्रय की गई है। जी नहीं, अपितु वर्ष      2022-23 में अल्‍फा ग्‍लो शाजापुर से ई-निविदा द्वारा रू. 10675 प्रति मैट्रिक टन की दर से एलम क्रय की गई। प्रकरण में कोई जांच संस्थित नहीं होने से शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (घ) जी नहीं, अपितु सप्‍लायर विनायक मार्केटिंग नागदा के विरूद्ध वरिष्‍ठ कृषि विकास अधिकारी विकास खण्‍ड खाचरोद के द्वारा प्राथमिकी दर्ज करवायी गयी है। प्राप्‍त शिकायत पर संचालनालय द्वारा पत्र क्र. 12797 दिनांक 11.10.2022 से संयुक्‍त संचालक नगरीय प्रशासन एवं विकास उज्‍जैन संभाग से प्रतिवेदन चाहा गया है। (ड.) जी नहीं। जी हाँ। मुख्‍य नगरपालिका अधिकारी द्वारा पत्र क्र. 3705 दिनांक 06.06.2022 एवं स्‍वीमिंग पूल प्रभारी द्वारा दिनांक 03.06.2022 से प्रशासक के पत्रों पर प्रतिवेदन प्रस्‍तुत किये गये हैं। पत्राचार की प्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट '''' अनुसार है(च) स्‍थानीय प्रशासन एवं कलेक्‍टर उज्‍जैन की अनुशंसा पर अपचारी अधिकारी (स्‍वीमिंग पूल प्रभारी) श्री शाहिद मिर्जा उपयंत्री को संचालनालय के आदेश क्र. 16036 दिनांक 13.09.2022 से निलंबित किया गया है। कलेक्‍टर द्वारा शेष अन्‍य के विरूद्ध कोई कार्यवाही प्रस्‍तावित नहीं किये जाने से शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (छ) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट '''' अनुसार है।

भोपाल सिटी लिंक लिमिटेड में संचालित बसों की जानकारी

[नगरीय विकास एवं आवास]

144. ( क्र. 1395 ) श्री सुरेन्‍द्र सिंह हनी बघेल : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भोपाल सिटी लिंक लिमिटेड द्वारा वर्ष 2015 से प्रश्‍न दिनांक तक बी.सी.एल.एल. ने जे.एन.एन.यू.आर.एम. के अंतर्गत प्राप्‍त कितनी बसों को कितने किलोमीटर के परिचालन के उपरान्‍त स्‍क्रेप किया? बस क्रमांक संचालित किलोमीटर, बस मॉडल का साल, क्रय दिनांक, स्‍क्रेप दिनांक, मूल टेण्‍डर में विभाग द्वारा निर्धारित स्‍क्रेप मूल्‍य, प्राप्‍त स्‍क्रेप मूल्‍य, बस क्रय करने वाली फर्म/व्‍यक्ति का नाम, स्‍क्रेप मूल्‍य निर्धारित करने वाली फर्म/संस्‍था का नाम, स्‍क्रेप बसों की इंस्‍पेक्‍शन रिपोर्ट, बस स्‍क्रेप करने के लिए विभाग द्वारा निर्धारित अधिकारी/कर्मचारियों के नाम एवं पद का पूर्ण विवरण मय दस्‍तावेज गौशवारा बनाकर देवें। (ख) जे.एन.एन.यू.आर.एम. के तहत ए.सी. लो फ्लोर बसों की 2010 से 2013 तक नगर निगम भोपाल एवं बी.सी.एल.एल. द्वारा की गई विभिन्‍न इंस्‍पेक्‍शन रिपोर्ट की छायाप्रति प्रस्‍तुत करें। क्‍या ए.सी. लो फ्लोर बसों की खरादी के लिये सेन्‍ट्रल सेनक्‍शनिंग एण्‍ड मॉनिटरिंग कमेटी (CSMC) द्वारा 2012 में कोई आदेश जारी किए गए थे, की नगर निगम द्वारा 2010 निर्मित ए.सी. लो फ्लोर बसें खरीदी जा सकती हैं? यदि हाँ, तो 2012 का सेंन्‍ट्रल सेन्‍शनिंग एण्‍ड मॉनिटरिंग कमेटी के आदेश की छायाप्रति देंवे? भोपाल सिटी लिंक लिमिटेड के अंतर्गत संचालित जे.एन.एन.यू.आर.एम. की नगर निगम स्‍वामित्‍व की बसों का भोपाल आर.टी.ओ. के प्रति वर्ष 2015 से प्रश्‍न दिनांक तक कितना टैक्‍स बकाया है, का पूर्ण विवरण, वर्षवार, माहवार, प्रत्‍येक वाहन क्रमांक के आधार पर गौशवारा बनाकर देंवे। (ग) बी.सी.एल.एल. द्वारा दिनांक 1 जून, 2015 से प्रश्‍न दिनांक तक आर.टी.ओ. भोपाल को बस से संबंधित बी.सी.एल.एल. के किसी कर्मचारी/अधिकारी के खाते, बी.सी.एल.एल. के खाते से या अतिरिक्‍त किसी एजेंट के माध्‍यम से आर.टी.ओ. भोपाल परिवहन विभाग को टैक्‍स अथवा शुल्‍क मद में बसों के लिए भुगतान की गई राशि का बस क्रमांक, माहवार, वर्षवार, बैंक खाता क्रमांक, बैंक खाता धारक का नाम, कमीशन राशि का पूर्ण विवरण मय समस्‍त दस्‍तावेज गौशवारा बनाकर देंवे। (घ) वर्ष 2015 से प्रश्‍न दिनांक तक बी.सी.एल.एल. के निविदाकर्ता एवं वेण्‍डर्स के विरूद्ध कुल कितनी बकाया राशि है? कृपया निविदाकर्ता एवं वेंडर्स के नाम के आधार पर उपरोक्‍त समय अवधि के अनुसार किसके विरूद्ध कितनी बकाया राशि है, का पूर्ण विवरण माहवार, वर्षवार मय दस्‍तावेज गौशवारा बनाकर देंवे? बी.सी.एल.एल. की 2015 से प्रश्‍न दिनांक तक बैलेंस शीट्स, सी.ए.जी. ऑडिट रिपोर्ट/सी.ए.जी. के द्वारा किया गया पत्राचार एवं आपत्तियाँ वर्ष 2015 से प्रश्‍न दिनांक तक जानकारी देंवे?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) भोपाल सिटी लिंक लिमिटेड द्वारा वर्ष 2015 से प्रश्‍न दिनांक तक जे.एन.एन.यू.आर.एम. के अंतर्गत प्राप्त बसों के परिचालन के फलस्वरूप संचालित किलोमीटर के उपरान्त स्क्रेप बसों की सूची, बस क्रमांक, संचालित किलोमीटर, बस मॉडल का साल, क्रय दिनांक स्क्रेप दिनांक, विभाग द्वारा निर्धारित स्क्रेप मूल्य, प्राप्त स्क्रेप मूल्य, बस क्रय करने वाली फर्म/व्यक्ति का नाम, स्क्रेप मूल्य निर्धारित करने वाली फर्म/संस्था का नाम, स्क्रेप बसों की इंस्पेक्शन रिपोर्ट, का पूर्ण विवरण मय दस्तावेज सबंधित सम्पूर्ण विवरण  पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट-"अ" अनुसार है। (ख) जे.एन.एन.यू.आर.एम. के तहत ए.सी. लो फ्लोर बसों की 2010 से 2013 तक नगर निगम भोपाल एवं बी.सी.एल.एल. द्वारा की गई विभिन्न इंस्पेक्शन रिपोर्ट से संबंधित जानकारी/दस्तावेज पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-"ब" अनुसार है। केन्द्र शासन शहरी विकास मंत्रालय की सेन्ट्रल सेनक्शनिंग एण्ड मॉनिटरिंग कमेटी (CSMC) द्वारा 22 अगस्त, 2012 को आहूत बैठक के दिनांक 04 सितम्बर-2012 द्वारा जारी कार्यवाही विवरण में बसों की कैटेगिरी परिवर्तन का अनुमोदन प्रदान किया गया था। आदेश की छायाप्रति  पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट-''स" अनुसार है। भोपाल सिटी लिंक लिमिटेड के अंतर्गत संचालित जे.एन.एन.यू.आर.एम. की नगर स्वामित्व की बसों का एम.पी. ट्रांसपोर्ट की बेवसाईट अनुसार भोपाल आर.टी.ओ. के प्रति वर्ष 2015 से प्रश्‍न दिनांक तक प्रत्येक वाहन क्रमांक के आधार पर बकाया टैक्स का वर्षवार, माहवार, पूर्ण विवरण पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट-"द" अनुसार है। (ग) बी.सी.एल.एल. द्वारा दिनांक 1 जून, 2015 से प्रश्‍न दिनांक तक आर.टी.ओ. भोपाल परिवहन विभाग को समय-समय पर बसों के टैक्स अथवा शुल्क मद में बी.सी.एल.एल. के कर्मचारी/अधिकारी, आर.टी.ओ. के एजेंट को भुगतान की गई राशि से संबंधित जानकारी/दस्तावेज  पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट-"इ" अनुसार है। (घ) वर्ष 2015 से प्रश्‍न दिनांक तक बी.सी.एल.एल. के निविदाकर्ता एवं वेण्डर्स के विरुद्ध कुल बकाया राशि से संबंधित जानकारी/दस्तावेज पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट-"फ" अनुसार है। बी.सी.एल.एल. की 2015 से प्रश्‍न दिनांक तक बैलेंस शीट्स, सी.ए.जी. ऑडिट रिपोर्ट/सी.ए.जी. के द्वारा किया गया पत्राचार एवं आपत्तियाँ वर्ष 2015 से प्रश्‍न दिनांक तक से संबंधित जानकारी/दस्तावेज पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट-"ग" अनुसार है।

निर्णयों पर कार्यवाही

[नगरीय विकास एवं आवास]

145. ( क्र. 1396 ) श्री सुरेन्‍द्र सिंह हनी बघेल : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भोपाल सिटी लिंक लिमिटेड की बोर्ड ऑफ डायरेक्‍टर्स की 36वीं बैठक दिनांक 05.05.2022 में बिन्‍दु क्रमांक 3, 4, 6, 7, 8 एवं 9 में लिए गए निर्णय पर की गई कार्यवाही, कार्यवाही दिनांक, अधिकारी का नाम, कार्यवाही विवरण, आर्डर दिनांक का गौशवारा बनाकर मय दस्‍तावेज देने का कष्‍ट करें। बिन्‍दु क्रमांक 3 में की गई संविलियन एवं नियुक्ति की प्रक्रिया क्‍या डी.ओ.पी.टी, जी.ए.डी., मंत्रालय नगरीय विकास एवं आवास, द्वारा जारी संविलियन एवं नियुक्ति के दिशा निर्देश के आधार पर की गई है? यदि हाँ, तो पूरी प्रक्रिया का पूर्ण विवरण मय समस्‍त दस्‍तावेज एवं उपयोक्‍त संविलियन पर अनुमोदन आर्डर की छायाप्रति प्रदान करें। (ख) भोपाल सिटी लिंक लिमिटेड के निविदा क्रमांक 63, 78, 123, 134 के तहत निविदा दिनांक से प्रश्‍न दिनांक तक कितने नोटिस जारी हुये, नोटिस पर की गई कार्यवाही, अधिकारी का नाम, कार्यवाही की समय अवधि, निविदा की अवधि, निविदा अनुसार गौशवारा बनाकर पृथक-पृथक दें। बी.सी.एल.एल. में वर्ष 2018 से प्रश्‍न दिनांक तक कितने कन्‍सल्‍टेंट (सलाहकार) किस टेंडर या सरकारी प्रक्रिया के तहत नियुक्‍त किए गए? किस वर्ष से किस वर्ष तक टेंडर अवधि है? कितनी Fees पर निर्धारित किया गया है? माहवार, वर्षवार बताएं एवं कन्‍सल्‍टेंट का दिनवार कार्य विवरण, इन सब बिन्‍दुओं पर गौशवारा बनाकर पूर्ण जानकारी मय दस्‍तावेज दें। (ग) भोपाल सिटी लिंक लिमिटेड द्वारा वर्ष 2013 से प्रश्‍न दिनांक तक किन-किन पदों पर नियुक्तियां दी गई है? नियुक्‍त कर्मचारी के नाम, पद, शैक्षणिक/अनुभव संबंधी योग्‍यता, अंकसूची, प्रमाण पत्र, वर्षवार सर्विस रिकार्ड, आपराधिक प्रकरण, नियुक्ति के विरूद्ध शिकायतें, वेतन एवं वर्षवार वेतनवृद्धि, नियुक्ति प्रक्रिया मय समस्‍त दस्‍तावेज गौशवारा बनाकर संपूर्ण विवरण देवें। पत्र क्रमांक 23/शा-11/परिवहन/2018/7448 दिनांक 21.04.2022 पर संचालनालय नगरीय प्रशासन एवं बी.सी.एल.एल. द्वारा की गई कार्यवाही का पूर्ण विवरण मय समस्‍त दस्‍तावेज के साथ प्रदाय करें। (घ) बी.सी.एल.एल. की निविदा NIT 78 के तहत निविदाकर्ता द्वारा बी.सी.एल.एल. को दिनांक 01.10.2018 से प्रश्‍न दिनांक तक तिथिवार, माहवार, वर्षवार, मान्‍यता प्राप्‍त offical software Harman, Amnex, app.perispedata.com एवं Recon.chalo.com के माध्‍यम से जमा राशि का पूर्ण विवरण गौशवारा बनाकर मय दस्‍तावेज पृथक-पृथक बनाकर देवें। Offical software की विभाग द्वारा मान्‍यता के आर्डर, नोटशीट एवं समस्‍त दस्‍तावेज प्रदाय करें।

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) भोपाल सिटी लिंक लिमिटेड, भोपाल की बोर्ड ऑफ डायरेक्‍टर्स की 36वीं बैठक दिनांक 05.05.2022 में बिन्‍दु क्रमांक 3, 4, 6, 7, 8 एवं 9 पर बी.सी.एल.एल. द्वारा आज दिनांक तक की गई कार्यवाही की विस्‍तृत  जानकारी पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट– ‘ अनुसार है। बिन्‍दु क्रमांक 3 के संबंध में बी.सी.एल.एल. की बोर्ड बैठक के माध्‍यम से सक्षम स्‍वीकृति प्राप्‍त की गई है। उपरोक्‍त के आलोक में शेष प्रश्‍न उत्‍पन्‍न नहीं होता। (ख) भोपाल सिटी लिंक लिमिटेड के निविदा क्रमांक 63, 78, 23, 134 के तहत निविदा दिनांक से प्रश्‍न दिनांक तक जारी नोटिस से संबंधित संपूर्ण जानकारी पृथक-पृथक पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट-  अनुसार है। बी.सी.एल.एल. द्वारा संचालित परिवहन सेवाओं को और अधिक बेहतर बनाये जाने के उद्देश्‍य से 03 कंसल्‍टेंट्स (सलाहकार) क्रमश: (1) Procurement Management and Technology Expert, (2) Transport and Mobility Expert, (3) Finance Expert नियुक्‍त करने हेतु बी.सी.एल.एल. में वर्ष 2022 से Strategic Project management unit (SPMU) अंतर्गत इलेक्‍ट्रॉनिक्‍स एवं सूचना प्रोद्योगिकी मंत्रालय, भारत सरकार के उपक्रम नेशनल इफॉर्मेटिक्‍स सेंटर सर्विसेस इंकॉर्पोरिटेड (NICSI) के माध्‍यम से Term of Reference (ToR) जारी की गई, जिसमें NICSI के द्वारा अधिकृत तीन एजेंसियों क्रमश: M/S Ernst & Young, LLP, Ahamdabad (2) M/S PwC Pvt Ltd & (3) KPMG Assurance & Consulting Services LLP द्वारा आवेदन किया गया। तदोपरांत बी.सी.एल.एल. द्वारा जारी ToR अनुसार उक्‍त एजेंसिसों का बी.सी.एल. की तकनीकी समिति द्वारा किये गये मूल्‍यांकन उपरांत M/S PwC Pvt द्वारा सर्वाधिक अंक प्राप्‍त करने के कारण उक्‍त एजेंसी के माध्‍यम से 24 माह की अवधि हेतु 03 कंसल्‍टेंट्स (सलाहकार) (1) Procurement Management and Technology Expert,       (2) Transport and Mobility Expert, (3) Finance Expert नियुक्‍त किये गए हैं। उक्‍त का अनुमोदन बी.सी.एल.एल. की 37वीं बोर्ड बैठक दिनांक 01/08/2022 में प्राप्‍त की गई है। कंसल्‍टेंट (सलाहकार) की अवधि, माहवार, वर्षवार, निर्धारित Fee एवं कंसल्‍टेंट द्वारा किये जा रहे का कार्य विवरण से संबंधित  जानकारी पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्‍ट-’ अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्‍तकालय  में रखे                             परिशिष्ट- अनुसार है। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट- अनुसार है। संचालनालय द्वारा पत्र क्रमांक 23/शा-11/परिवहन/2018/7448, दिनांक 21/04/2022 को भोपाल सिटी लिंक लिमिटेड (BCLL) को आवश्‍यक वैधानिक कार्यवाही किये जाने हेतु निर्देशित किया गया। पत्र क्रमांक 23/शा-11/परिवहन/2018/7448 दिनांक 21.04.2022 के साथ संलग्‍न शिकायतकर्ता श्री गुरिन्‍दजीत सिंह गुलाटी का शिकायती सहपत्र क्र. जीएसजी/22-23/09, दिनांक 07/04/2022 में कार्यवाही हेतु उल्‍लेखित प्रकरण माननीय न्‍यायालय में प्रचलित होने के कारण कार्यवाही नहीं की गयी। प्रकरण में माननीय न्‍यायालय से संबंधित दस्‍तावेज  पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट- अनुसार  है। (घ) बी.सी.एल.एल. की निविदा NIT 78 के तहत निविदाकर्ता द्वारा बी.सी.एल.एल. को दिनांक 01.10.2018 से प्रश्‍न दिनांक तक जमा राशि का विवरण एवं Official software के संबंध में अनुबंध की प्रति  पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट-‘‍ अनुसार है।

पद का दुरूपयोग

[नगरीय विकास एवं आवास]

146. ( क्र. 1399 ) श्री सुखदेव पांसे : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2020 में नगर परिषद न्‍यूटन चिखली, जिला छिन्‍दवाड़ा में मुख्‍य नगर पालिका अधिकारी के पद पर कौन-कौन पदस्‍थ थे और इनके विरूद्ध अपने पद का दुरूपयोग करते हुये स्‍वयं के परिवार के सदस्‍यों के नाम एवं पत्‍नी के नाम से जेम पोर्टल के माध्‍यम से क्रय की शिकायत पायी गयी थी? क्‍या इनके विरूद्ध संचालनालय नगरीय प्रशासन एवं विकास भोपाल के आदेश क्रमांक 13353, दिनांक 08.09.2020 के द्वारा निलंबन की कार्यवाही की गई थी? (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में प्रश्‍नांकित के विरूद्ध संस्थित विभागीय जांच किस स्‍तर पर लंबित है एवं जांच की कार्यवाही कब तक पूर्ण की जाकर शास्ति आरोपि‍त की जावेगी? (ग) क्‍या प्रश्‍नांकित के विरूद्ध मुलताई नगर पालिका परिषद जिला बैतूल में पदस्‍थ रहते हुये विधायक, नगर पालिका अध्‍यक्ष एवं अन्‍य जनप्रतिनिधियों द्वारा कहां-कहां एवं कितनी शिकायतें प्राप्‍त हुई थी और क्‍या इन शिकायतों का निराकरण किया गया था? पी.आई.सी. (PIC) की बैठक क्‍यों नहीं बुलाई जा रही है?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) नगर परिषद, न्‍यूटन चिखली में वर्ष 2020 में श्री नितिन कुमार बिजवे, श्री दीपक उईके एवं श्री संजय बाबू घाटोडे मुख्‍य नगर पालिका अधिकारी के पद पर पदस्‍थ थे। श्री नितिन कुमार बिजवे के विरूद्ध पद का दुरूपयोग किए जाने की शिकायत प्राप्‍त हुई थी, जिसके दृष्टिगत श्री बिजवे के विरूद्ध निलंबन की कार्यवाही की गई थी। (ख) संयुक्‍त संचालक, नगरीय प्रशासन एवं विकास, संभाग-जबलपुर द्वारा श्री बिजवे के विरूद्ध विभागीय जांच की जाकर प्रतिवेदन संचालनालय, नगरीय प्रशासन एवं विकास, म.प्र. भोपाल को प्रेषित किया गया था। परन्‍तु उक्‍त जांच प्रतिवेदन के कुछ बिन्‍दुओं पर स्‍पष्‍ट अभिमत अंकित कर प्रतिवेदन संचालनालय को प्रेषित करने के निर्देश संयुक्‍त संचालक को दिए गए है। तदनुसार उक्‍त जांच वर्तमान में भी प्र‍चलित है, अत: शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) प्राप्‍त शिकायतों का विवरण  पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट अनुसार है। पी.आई.सी. (PIC) 12.09.2022 एवं 28.11.2022 को बुलाई गई थी।

विद्युत सप्‍लाई संबंधी

[ऊर्जा]

147. ( क्र. 1402 ) श्री प्रियव्रत सिंह : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                   (क) राजगढ़ सर्कल के अंतर्गत जीरापुर डिवीजन में कितने 33/11 के.व्‍ही. के उपकेन्‍द्र हैं व इनकी क्‍या क्षमता है? केन्‍द्रवार बताएं। (ख) प्रश्‍नांश (क) में उल्‍लेखित ऐसे कितने उपकेन्‍द्र हैं जो अक्‍टूबर 2022 से ओवरलोड चल रहे हैं? ग्रिडवार क्षमता से अधिक ओवरलोड चलने वाले उपकेन्‍द्रों का विवरण दें। उक्‍त अधिक लोड पर चल रहे उपकेन्‍द्रों के लोड निराकरण हेतु विभाग द्वारा क्‍या तैयारी की गई है? (ग) जीरापुर डिवीजन में 33/11 के.व्‍ही. के कितने नये उपकेन्‍द्र प्रस्‍तावित किए गए हैं? इनका निर्माण कब तक प्रारंभ होगा? (घ) जीरापुर डिवीजन में ऐसे कितने फीडर हैं, जिनमें ओवरलोड के कारण लगातार ट्रिपिंग की स्थिति है? यदि है, तो इस स्थिति से निपटने के लिए विभाग क्‍या कार्यवाही कर रहा है?

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में 33/11 के.व्‍ही. के 25 विद्युत उपकेन्‍द्र है। उक्‍त विद्युत उपकेन्‍द्रों की क्षमतावार एवं वितरण केन्‍द्रवार प्रश्‍नाधीन चाही गई जानकारी संलग्न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ख) उत्‍तरांश (क) में उल्‍लेखित 33/11 के.व्‍ही. विद्युत उपकेन्‍द्रों में से माह अक्‍टूबर, 2022 की स्थिति में 8 विद्युत उपकेन्‍द्रों के 12 पावर ट्रांसफार्मर अतिभारित है, जिसका विवरण संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। इस समस्‍या के निराकरण के लिये प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में 4 नवीन 33/11 के.व्‍ही. विद्युत उपकेन्‍द्र, 3 पावर ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि एवं एक अतिरिक्‍त पॉवर ट्रांसफार्मर की स्‍थापना के कार्यों की स्‍वीकृति केन्‍द्र सरकार की आर.डी.एस.एस. योजना में प्राप्‍त की गई है। उक्‍त कार्य को पूर्ण करने हेतु टर्न-की ठेकेदार मेसर्स अग्रवाल प्राईवेट लिमिटेड, भोपाल एवं मेसर्स स्‍टार डेल्‍टा ट्रांसफार्मर लि‍मिटेड, भोपाल को दिनांक 07.11.2022 को कार्यादेश जारी किये जा चुके है। (ग) प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में नवीन 33/11 के.व्‍ही. के 7 विद्युत उपकेन्‍द्र प्रस्‍तावित है। उक्‍त में से 4 विद्युत उपकेन्‍द्रों की स्‍वीकृति केन्‍द्र सरकार की आर.डी.एस.एस. योजना के प्रथम चरण में लॉस रिडक्‍शन कार्यों के अंतर्गत प्राप्‍त हो चुकी है एवं दिनांक 07.11.2022 को टर्न-की ठेकेदार मेसर्स अग्रवाल प्राईवेट लिमिटेड, भोपाल को कार्यादेश जारी कर दिया गया है। 33/11 के.व्‍ही. के उक्‍त 4 विद्युत उपकेन्‍द्रों का निर्माण कार्य शीघ्र आरंभ होना संभावित है। प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में 3 नवीन 33/11 के.व्‍ही. विद्युत उपकेन्‍द्रों के कार्य, केन्‍द्र सरकार की आर.डी.एस.एस. योजना के द्वितीय चरण में सिस्‍टम मॉडर्नाइनेशन के कार्यों अंतर्गत प्रस्‍तावित है, जिसकी स्‍वीकृति केन्‍द्र सरकार से अपेक्षित है। अत: वर्तमान में कार्य आरंभ करने की समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (घ) प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में 11 के.व्‍ही. के 8 फीडर अतिभारित है जिसके कारण उक्‍त फीडरों पर ट्रिपिंग होती है। इस समस्‍या के निराकरण के लिये उत्‍तरांश (ख) में दर्शाए अनुसार उक्‍त फीड़रों से विद्युत प्रदाय प्राप्‍त करने वाले क्षेत्र में नवीन 33/11 के.व्‍ही. के 4 विद्युत उपकेन्‍द्रों की स्‍थापना, एक पावर ट्रांसफार्मर की क्षमता वृद्धि एवं एक अतिरिक्ति पावर ट्रांसफार्मर लगाने के कार्य केन्‍द्र सरकार की आर.डी.एस.एस. योजना में स्‍वीकृत कर दिनांक 07.11.2022 को कार्यादेश जारी कर दिये गये है।

परिशिष्ट - "चौंतीस"

मार्ग का चौड़ीकरण एवं उन्‍नयनीकरण

[लोक निर्माण]

148. ( क्र. 1403 ) श्री प्रियव्रत सिंह : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या राजगढ़ जिले के अंतर्गत खिलचीपुर शहरी मार्ग (एम.डी.आर.) के चौड़ीकरण एवं उन्‍नयनीकरण कार्य हेतु विस्‍तृत कार्य योजना विभाग द्वारा तैयार की गई है? (ख) यदि हाँ, तो क्‍या उक्‍त मार्ग के चौड़ीकरण एवं उन्‍नयनीकरण कार्य की प्रशासकीय स्‍वीकृति प्राप्‍त करने हेतु ई.एफ.सी. में प्रस्‍ताव शामिल किया गया है? यदि हाँ, तो ई.एफ.सी. में प्रशासकीय स्‍वीकृति प्रदान करने हेतु ई.एफ.सी. से कब तक अनुमोदन हो जाएगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ। (ख) जी हाँ। ई.एफ.सी. की प्रक्रिया विचाराधीन होने से वर्तमान में समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

निर्माण कार्यों की जानकारी

[लोक निर्माण]

149. ( क्र. 1406 ) श्री उमाकांत शर्मा : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि      (क) विभाग के अंतर्गत कितनी-कितनी शाखाएँ हैं तथा भोपाल एवं सागर संभाग में 1 दिसम्बर, 2019 से प्रश्‍नांकित दिनांक तक विभाग की समस्त निर्माण शाखाएं सहित संपूर्ण विभाग द्वारा कितने सड़क (मार्ग) निर्माण, भवन निर्माण, फ्लाईओवर/पुल निर्माण आदि अन्य कार्य को स्वीकृतियाँ हुई हैं? प्रशासकीय स्वीकृति आदेश की छायाप्रति उपलब्ध करावें। मार्ग का नाम, लंबाई, निविदा राशि, ठेकदार का नाम, कार्यादेश दिनांक, कार्य पूर्णता दिनांक सहित जानकारी उपलब्ध कराये एवं उक्त अवधि में कितनी मार्ग, पुल, फ्लाईओवर, भवनों तथा अन्य निर्माण कार्यों के मरम्मत रिन्यूअल आदि कार्य कितनी-कितनी राशि की स्वीकृति दी गई? भिन्न-भिन्न शाखावार, विकासखण्डवार, जिलेवार, वर्षवार जानकारी उपलब्ध करावें। (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में कितनी सड़कों के निर्माण में विलंब होने के कारण संबंधित सड़क निर्माण करने वाली कंपनी/ठेकेदारों के लिए समय-सीमा बढ़ाई गई? इसका निर्णय किस आधार पर किया जाता है? यह निर्णय लेने के लिए किस स्तर के अधिकारी को अधिकृत किया गया है? समय-सीमा बढ़ाने के क्या कारण थे? सड़कवार और कंपनीवार/ठेकेदारवार कारण सहित सूची इस संबंध में कंपनी/ठेकेदार एवं विभागीय अधिकारियों के बीच हुए पत्राचार की प्रति उपलब्ध करावें। (ग) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में स्वीकृत सड़कें (मार्गों) की वित्तीय स्वीकृति हुई? कितने के टेंडर प्रक्रिया हुई? कितने कार्यादेश हुये कितने मार्गों का निर्माण पूर्ण हुआ? कितने अधूरे हैं? कितने अप्रारंभ हैं एवं किन-किन ठेकेदारों एवं कार्य एजेंसी को कितनी-कितनी राशि का भुगतान किया गया? उक्त निर्माण कार्यों का निरीक्षण प्रमुख सचिव, प्रमुख अभियंता, मुख्य अभियंता, अधीक्षण यंत्री, कार्यपालन यंत्री, सहायक यंत्री एवं अन्य अधिकारियों द्वारा कब-कब किया गया? निरीक्षण में क्या-क्या कमियां पाई गई? निरीक्षण प्रतिवेदन की छायाप्रति उपलब्ध करावें। कार्य एजेंसी एवं ठेकेदार के विरूद्ध क्या कार्यवाही की गई बतायें, कितने कार्यों का निर्माण निर्धारित मापदंडों के अनुसार नहीं हुआ? बतावें। यदि निर्माण निर्धारित मापदंडों अनुसार नहीं हुआ है? तो इसके लिए दोषी कौन-कौन अधिकारी है? दोषियों पर क्या कार्यवाही की गई? यदि नहीं, तो कब तक कर दी जावेगी? बतावें। (घ) भोपाल संभाग में कितने मार्गों एवं पुलों पर टोल टैक्स की वसूली की जा रही है मार्ग का नाम, टोल संख्या, टोल प्लाजा का स्थान, प्रारंभ दिनांक, समाप्ति दिनांक, अनुबंध का समय, अनुबंध राशि अनुबंधकर्ता ठेकेदार का नाम सहित जानकारी उपलब्‍ध करावें एवं राष्‍ट्रीय राजमार्ग एवं मध्‍यप्रदेश सड़क विकास निगम एवं अन्‍य के टोल टैक्‍स संचालन के क्‍या नियम निर्देश आदेश है, छायाप्रति उपलब्ध करावें। क्‍या स्‍थानीय निवासियों को टोल टैक्‍स में निश्चित दूरी पर छूट प्रदान करने का नियम है? यदि हाँ, तो नियमों की छायाप्रति उपलब्‍ध करावें। सभी टोल टैक्‍सों के निरीक्षण कौन-कौन सी संस्‍थाएं करती है? कब-कब टोल टैक्‍सों का निरीक्षण किया गया? निरीक्षण के दौरान संचालन में क्‍या-क्‍या कमियां पाई गई? कार्यवाहियों के प्रतिवेदन की छायाप्रति उपलब्‍ध करावें। (ड.) एन.एच. 752 बी रोहिलपुरा तिराहा सिरोंज पर फ्लाई ओवर कब स्‍वीकृत किया गया था प्रशासकीय आदेश की छायाप्रति उपलब्‍ध करावें एवं विभाग द्वारा राजस्‍व विभाग को कब-कब भूमि उपलब्‍ध कराने हेतु कब-कब पत्राचार किया, पत्रों की छायाप्रति उपलब्‍ध करावें। यदि पत्राचार नहीं किया तो इसके लिए दोषी कौन है बतावें एवं सिरोंज बायपास का निर्माण किस कार्य एजेंसी द्वारा किया गया बतावें। वर्तमान में मार्ग किस विभाग के अधीन है? बतावें। सिरोंज-आरोन मार्ग पर केथन नदी के पुल की मरम्‍मत एवं विस्‍तार कौन से विभाग ने कितनी राशि से कराया? केथन नदी का पुल किस विभाग के अधीन है? 1960 के दशक में निर्मित केथन पुल पर कितने अधिकतम भारी वाहनों के निकलने की क्षमता है? अधिकतम भार की जानकारी देवें? बतावें। (च) बासौदा-गुरोद-सोमवार-ऐंचदा इमलानी-सिरोज मार्ग एवं लटेरी-शमशाबाद मार्ग का निर्माण किस कार्य एजेंसी द्वारा किया जा रहा है इन मार्गों का भूमि पूजन विभाग द्वारा किन-किन जनप्रतिनिधियों से करवाया गया? बतावें। क्या शासन के नियम है कि कार्य प्रारंभ करने से पूर्व जनप्रतिनिधियों से कार्य का शुभारंभ (भूमि पूजन) करवाया जावे? बतावें तथा जब प्रश्‍नकर्ता विधायक ने संभागीय प्रबंधक एम.पी.आर.डी.सी. संभाग 2 श्री दिनेश कुमार स्वर्णकार से पूछा तथा जानकारी मांगी तो प्रश्‍नकर्ता को बताया कि हमारे पास समय नहीं है कि सांसद/विधायक को जानकारियां दें और भूमि पूजन शिलान्यास के लिए कार्यक्रम करवायें यह हमारी जिम्मेदारी नहीं हैं? क्या ऐसा उत्तर देने वाले अधिकारी के विरूद्ध कार्यवाही कब तक की जावेगी? इन मार्गों का भूमि पूजन नहीं करवाया तो इसके लिए दोषी कौन है?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) से (च) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

निर्माण कार्यों की जानकारी

[उच्च शिक्षा]

150. ( क्र. 1407 ) श्री उमाकांत शर्मा : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विदिशा जिले में दिनांक 1 अप्रैल, 2019 से प्रश्‍नांकित दिनांक तक विश्‍व बैंक परियोजना, राष्‍ट्रीय उच्‍चतर शिक्षा अभियान (रूसा) एवं अन्‍य योजनाओं से कौन-कौन से निर्माण कार्य स्‍वीकृत किये गये, प्रशासकीय स्‍वीकृति आदेश की जानकारी उपलब्‍ध करावें एवं कौन-कौन से निर्माण कार्य कौन-सी कार्य एजेंसी द्वारा कार्य किये गये हैं एवं कितना-कितना भुगतान कार्य एजेंसी को किया गया? कितने कार्य पूर्ण हैं? कितने अपूर्ण हैं? कितने आरंभ है? (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में क्‍या विशेष कर्तव्‍यस्‍थ अधिकारी (निर्माण) कार्यालय आयुक्‍त उच्‍च शिक्षा का पत्र क्र.162/19/आउशि/ निर्माण/शाखा-6/2020 भोपाल दिनांक 22/02/2021 एवं अपर आयुक्‍त उच्‍च शिक्षा मध्‍यप्रदेश का पत्र क्र.620/28/आउशि‍/निर्माण शाखा-6/2020 का पत्र प्राचार्यों को प्राप्‍त हुये, यदि हाँ, तो कितने प्राचार्यों द्वारा छात्रावास भवन निर्मित महाविद्यालयों में छात्रावास का संचालन प्रारंभ कर दिया गया है? कितने प्राचार्य द्वारा संचालन प्रारंभ नहीं किया इसके लिए कौन-कौन से प्राचार्य दोषी है एवं छात्रावासों का संचालन कब तक प्ररंभ कर दिया जावेगा? (ग) विदिशा जिले में महाविद्यालय लटेरी के छात्रावास संचालन हेतु तथा लटेरी महाविद्यालय के संदर्भ में प्रश्‍नकर्ता के माननीय मंत्रीजी, प्रमुख सचिव, आयुक्‍त को कौन-कौन से पत्र प्राप्‍त हुये एवं उन पर क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई है? महाविद्यालय लटेरी के छात्रावास के पद कब तक स्‍वीकृत कर दिये जावेंगे एवं बजट कब तक उपलब्‍ध करवा दिया जावेगा तथा सन् 2014 में भवन निर्माण होने के बाद से अभी तक छात्रावास प्रारंभ क्‍यों नहीं किया गया है? छात्रावास का संचालन कब तक प्रारंभ कर दिया जावेगा?                      (घ) शासकीय लाल बहादुर शास्‍त्री महाविद्यालय सिरोंज एवं महाविद्यालय लटेरी में दिनांक           1 अप्रैल, 2014 से प्रश्‍नांकित दिनांक तक विभाग द्वारा कितना-कितना बजट उपलब्‍ध करवाया गया है? वर्षवार जानकारी उपलब्‍ध करावें एवं कितनी आय जनभागीदारी समिति से हुई एवं व्‍यय किन-किन मदों में किया गया?

उच्च शिक्षा मंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

प्रधानमंत्री आवास योजना में अनियमितता

[नगरीय विकास एवं आवास]

151. ( क्र. 1417 ) श्री नीरज विनोद दीक्षित : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नगर परिषद शहपुरा ( भिटौनी) जिला जबलपुर में कलेक्टर जबलपुर द्वारा अनुमोदित आवास योजना हेतु प्रथम सूची दिनांक 25.08.17 एवं द्वितीय सूची दिनांक 23.02.2018 के संदर्भ में बनाई गई चारों डी.पी.आर. में ऐसे कितने हितग्राहियों के नाम शामिल किये गये जिनका नाम अनुमोदित सूची में नहीं है? ऐसे नाम क्यों जोड़े गए? ऐसे कितने हितग्राही है जिन्हें एक ही परिवार में एक से अधिक आवास का लाभ दिया गया है? लाभ किस आधार पर दिया गया है? (ख) नगर परिषद शहपुरा (भिटौनी) जिला जबलपुर में वर्ष 2017 से 2020 तक प्रधानमंत्री आवास योजना में अनियमितता की कितनी शिकायतें प्राप्त हुई है? उक्त शिकायतों पर क्या-क्या कार्यवाही की गई? (ग) जबलपुर उपसंचालक कार्यालय में पदस्थ कार्यपालन यंत्री प्रदीप मिश्रा कब से इस कार्यालय में पदस्थ है? इतने लंबे समय से एक ही स्थान पर पदस्थापना होने से उक्त अनियमितता की निष्पक्ष जाँच किया जाना संभव है? यदि नहीं, तो इनका स्थानांतरण अन्यत्र कर उक्त अनियमितता की उच्च स्तरीय जाँच कब तक कराई जावेगी? (घ) कार्यालय नगर परिषद शहपुरा जिला जबलपुर का विभागीय आयुक्त को प्रेषित पत्र क्र./न.परि/pmay/551/2021, शहपुरा, दिनांक 12.02.2021 पर क्या कार्यवाही की गई? उक्त पत्राचार के संबंध में कब-कब जाँच की गई एवं जाँच में क्या तथ्य पाये गये एवं दोषियों पर क्या कार्यवाही प्रचलन में है?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) नगर परिषद शहपुरा (भिटौनी) जिला जबलपुर में दिनांक 25.08.2017 तथा दिनांक 23.02.2018 के संदर्भ में बनाई गई चारों डी.पी.आर. हेतु वांछित जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-'''' अनुसार है। (ख) नगर परिषद शहपुरा (भिटौनी) जिला जबलपुर में वर्ष 2017 से 2020 तक प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) में अनियिमतता के संबंध में तत्कालीन मुख्य नगर पालिका अधिकारी के द्वारा शिकायत की गई थी, जिसकी जांच संभागीय संयुक्त संचालक संभाग जबलपुर के द्वारा की जाकर जांच प्रतिवेदन भेजा गया है। जांच प्रतिवेदन के निष्कर्ष अनुसार नियमानुसार कार्यवाही की जा रही है। (ग) संयुक्त संचालक, नगरीय प्रशासन एवं विकास जबलपुर संभाग-जबलपुर में कार्यपालन के पद पर श्री सुरेश डहेहिरया, माह अगस्त 2020 से एवं श्री प्रदीप मिश्रा जुलाई 2020 से अधीक्षण यंत्री के पद पर पदस्थ है। एक ही स्थान पर पदस्थापना होने से जांच की निष्पक्षता का संबंध नहीं हैं। शेष का प्रश्‍न उत्पन्न नहीं होता है। (घ) नगर परिषद शहपुरा में प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत प्रश्‍नाधीन शिकायत में उल्लेखित समान बिन्दुओं की जांच लोकायुक्त कार्यालय में जांच प्रकरण क्रमांक 10/21 से प्रचलित होने से शासन आदेशानुसार संभागीय संयुक्त संचालक, नगरीय प्रशासन एवं विकास जबलपुर संभाग-जबलपुर द्वारा जांच की गई है, जांच प्रतिवेदन  पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट-'''' अनुसार है। नगर परिषद शहपुरा में प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत लोकायुक्त कार्यालय में जांच प्रकरण क्रमांक 428/20 प्रचलित है, जिसकी जांच संभागीय सतर्कता समिति, लोकायुक्त कार्यालय द्वारा की गई, जांच प्रतिवेदन पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-'''' अनुसार है। जांच प्रतिवेदन अनुसार उत्तरदायी पाये गये पदाधिकारी/अधिकारियों एवं कर्मचारियों को कारण बताओं सूचना पत्र/आरोप पत्र जारी किये जाने की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है।

पुल एवं मार्ग निर्माण

[लोक निर्माण]

152. ( क्र. 1418 ) श्री नीरज विनोद दीक्षित : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) छतरपुर के पी.डब्‍ल्‍यू.डी. ऑफिस में स्थित संभागीय लैब होने के बावजूद वर्तमान में क्‍या ठेकेदार प्रायवेट लैबों से मटेरियल टेस्‍ट करवाते हैं? उक्‍त लैब को बंद क्‍यों कर दिया है?               (ख) नौगांव स्थित भण्‍डार पुल ब्रिटिश शासन के समय 1905 में 100 वर्ष हेतु निर्मित किया गया था? कब तक नया पुल निर्मित होगा? (ग) हरपालपुर रेल्‍वे फाटक मेन रोड से 4 किलोमीटर हरिहर कॉलेज तक मार्ग कब तक बनाया जावेगा? (घ) क्‍या विभाग को विभागीय मंत्री जी को प्रश्‍नकर्ता का पत्र क्रमांक 173/महाराजपुर/2022, दिनांक 14-09-2022 प्राप्‍त हो गया है? यदि हाँ, तो आज दिनांक तक उक्‍त पर की गई समस्‍त कार्यवाही से अवगत करावें एवं उक्‍त में वर्णित मार्ग कब तक स्‍वीकृत होंगे?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी नहीं। छतरपुर के पी.डब्‍ल्‍यू.डी. आफिस में लैब स्‍थापित नहीं है, अपितु लो.नि.वि. (भ/स) मंडल कार्यालय नौगांव में लैब स्‍थापित है, जो वर्तमान में कार्यरत है। (ख) जी हाँ। वर्तमान में नये पुल हेतु कोई प्रस्ताव नहीं है। निश्चित समय-सीमा बताना संभव नहीं है। (ग) मार्ग लोक निर्माण विभाग के अधीन नहीं होने से कार्यवाही संभव नहीं है।                 (घ) जी हाँ। प्रमुख अभियंता को परीक्षण कर प्रस्‍ताव/प्रतिवेदन प्रस्‍तुत करने हेतु लिखा गया है। निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

वैकल्पिक मार्ग की व्‍यवस्‍था

[लोक निर्माण]

153. ( क्र. 1421 ) श्री कमलेश्‍वर पटेल : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अमिलिया बहरी मार्ग में सोन नदी की पुल क्षतिग्रस्‍त होने के कारण चार पहिया वाहन का आवागमन प्रतिबंधित कर दिया गया है, किन्‍‍तु अभी वैकल्पिक मार्ग की व्‍यवस्‍था नहीं बनाये जाने से क्षे‍त्रीय जनता को काफी समस्‍याओं का सामना करना पड़ रहा है। अमिलिया से बहरी जाने हेतु पहले 36 कि.मी. सीधी जाना पड़ता है फिर सीधी से 40 कि.मी. बहरी जाना पड़ रहा है कुल 76 कि.मी. का घूमना पड़ता है। वैकल्पिक मार्ग की व्‍यवस्‍था कब तक कराई जावेगी? (ख) प्रश्‍नकर्ता द्वारा कलेक्‍टर जिला सीधी को उक्‍त हेतु पत्राचार भी किया गया है, वैकल्पिक व्‍यवस्‍था हेतु सर्वे एवं मार्ग निर्माण कार्य यशाशीघ्र प्रारम्‍भ कराया जाना अतिआवश्‍यक है जिससे ग्रामीण जनता को राहत मिल सके। विभाग द्वारा उक्‍त के संबंध में अभी तक क्‍या कार्यवाही की गई है?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ, वर्तमान में उक्‍त पुल पर आवागमन प्रतिबंधित है, वर्तमान में वैकल्पिक मार्ग के रूप में अमलिया-सीधी-बहरी मार्ग का उपयोग किया जा रहा है। वैकल्पिक मार्ग के व्‍यवस्‍था होने से शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ख) वर्तमान में वैकल्पिक मार्ग के रूप में अमलिया-सीधी-बहरी मार्ग का उपयोग किया जा रहा है, अत: शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

महाविद्यालयों में नवीन संकाय प्रारंभ किया जाना

[उच्च शिक्षा]

154. ( क्र. 1422 ) श्री कमलेश्‍वर पटेल : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विगत दो वर्षों में सीधी एवं सिंगरौली जिले के अंतर्गत कौन-कौन से नवीन महाविद्यालय एवं पूर्व से संचालित महाविद्यालयों में नवीन संकाय प्रारंभ किए गए हैं? (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में शासकीय महाविद्यालय सिहावल (बमुरी) में भवन स्‍वीकृति, पदपूर्ति एवं नवीन संकाय प्रारंभ किए जाने की क्‍या स्थिति है? नवीन संकाय प्रारंभ किए जाने की कोई प्रभावी कार्यवाही की जाएगी? यदि हाँ, तो क्‍या और कब तक? (ग) प्रश्‍नकर्ता के विधान सभा क्षेत्र अंतर्गत बहरी में नवीन महाविद्यालय की स्‍थापना कब तक की जावेगी?

उच्च शिक्षा मंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) विगत 02 वर्षों में सीधी तथा सिंगरौली जिले में कोई भी नवीन शासकीय महाविद्यालय प्रारंभ नहीं किया गया है और न ही पूर्व से संचालित शासकीय महाविद्यालयों में नवीन संकाय प्रारंभ किये गये हैं। (ख) शासकीय महाविद्यालय, सिहावल (बमुरी) स्‍वयं के भवन में संचालित है। महाविद्यालय में 09 शैक्षणिक पद, 06 तृतीय श्रेणी तथा 07 चतुर्थ श्रेणी के पद स्‍वीकृत हैं। महाविद्यालय में रिक्‍त शैक्षणिक पदों के विरूद्ध अतिथि विद्वानों द्वारा अध्‍यापन कार्य सुचारू रूप से संचालित है। तृतीय श्रेणी में 02 तथा चतुर्थ श्रेणी में 03 पद भरे हुए हैं। विभागीय निर्धारित मापदण्‍डों के परिप्रेक्ष्‍य में नवीन संकाय प्रारंभ किये जाने संबंधी कार्यवाही परीक्षणाधीन है। निश्‍चित समयावधि बताया जाना संभव नहीं है। (ग) नवीन शासकीय महाविद्यालय प्रारंभ किये जाने संबंधी विभाग के निर्धारित मापदण्‍डों के परिप्रेक्ष्‍य में बहरी में नवीन महाविद्यालय प्रारंभ किये जाने संबंधी कार्यवाही परीक्षणाधीन है। निश्‍चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

अनियमि‍तता/फर्जी भुगतान की जांच

[नगरीय विकास एवं आवास]

155. ( क्र. 1425 ) श्री फुन्‍देलाल सिंह मार्को : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अनूपपुर जिले की नगर पालिका परिषद बिजुरी में बिना सामग्री आये अनियमित/फर्जी/कूटरचित भुगतान/निष्‍फल व्‍यय हेतु अधीक्षण यंत्री श्री सुरेश सेजकर की अध्‍यक्षता में जांच प्रतिवेदन हेतु 04 सदस्‍यीय समिति का गठन दिनांक 21.06.2022 को किया गया था?       (ख) यदि हाँ, तो समिति द्वारा किस दिनांक को जांच प्रतिवेदन प्रस्‍तुत किया गया? क्‍या यह सत्‍य है कि 7.27 करोड का अनियमित/फर्जी/कूटरचित भुगतान/निष्‍फल व्‍यय हेतु जांच प्रतिवेदन में लेख किया गया है यदि हाँ, तो कौन-कौन से अधिकारी तथा पदाधिकारी दोषी पाये गये? (ग) प्रश्‍नांश (ख) के तारतम्‍य में अभी तक दोषी अधिकारियों के विरूद्ध कार्यवाही क्‍यों नहीं की गई? क्‍या संचालनालय के अधिकारी उपरोक्‍त भ्रष्‍टाचार को संरक्षण दे रहे हैं? यदि नहीं, तो दोषी अधिकारी/कर्मचारियों को निलंबित करते हुये आपराधिक प्रकरण दर्ज करने की कार्यवाही की जायेगी? यदि हाँ, तो कब तक?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) जांच समिति द्वारा दिनांक 06.09.2022 को अंतरिम जांच प्रतिवेदन प्रस्‍तुत किया गया है, जिसकी प्रति  पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। अंतरिम जांच प्रतिवेदन में अनियमित/फर्जी/कूटरचित भुगतान/निष्‍फल व्‍यय की राशि का विवरण एवं उसके लिए उत्‍तरदायी पदाधिकारियों/अधिकारियों/कर्मचारियों के नाम अंकित है। (ग) अंतरिम जांच प्रतिवेदन के अनुसार दोषी पाए गए पदाधिकारियों/ अधिकारियों/ कर्मचारियों के विरूद्ध विभागीय कार्यवाही प्रचलित है। अत: शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

सड़कों का मरम्‍मत कार्य

[लोक निर्माण]

156. ( क्र. 1426 ) श्री फुन्‍देलाल सिंह मार्को : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अनूपपुर जिले में लोक निर्माण विभाग को सडकों की मरम्‍मत के लिये दिनांक       01 जनवरी, 2019 से प्रश्‍न दिनांक तक कितना बजट उपलब्‍ध कराया गया हैं? वर्षवार जानकारी दें। (ख) विभाग द्वारा उक्‍त अवधि में किन-किन मार्गों की मरम्‍मत पर कितना-कितना व्‍यय किया गया है? (ग) क्‍या लोक निर्माण विभाग द्वारा संधारण की जाने वाली सड़कों की स्थिति अत्‍यंत दयनीय है? यदि हाँ, तो क्‍यों इसके लिये कौन अधिकारी/कर्मचारी जिम्‍मेदार है? (घ) पुष्‍पराजगढ़ विधानसभा क्षेत्र में लोक निर्माण की ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्र की सड़कों की मरम्‍मत पर विगत जनवरी 2019 से प्रश्‍न दिनांक तक कितनी राशि व्‍यय की गई है? मार्गवार जानकारी दी जावे।            (ड.) प्रश्‍नांकित विधानसभा क्षेत्र के ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्रों की मरम्‍मत के लिये बजट आवंटन की मांग शासन से कब-कब की गई? पत्र की छायाप्रति दें। क्‍या राज्‍य शासन जिले में सड़कों की मरम्‍मत के लिये आवंटन उपलब्‍ध करायेगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-'अ-1' एवं '' अनुसार है। (ग) जी नहीं, मार्ग यातायात योग्य है। शेष का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता। (घ) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-'अ-1' एवं '' अनुसार है। (ड.) बजट अनुमान एवं अनुपूरक अनुमान में शासन की मांग प्रेषित की जाती है। आवंटन की उपलब्धता अनुसार कार्यवाही की जावेगी।

सड़क/पुल निर्माण हेतु बजट प्रावधान

[लोक निर्माण]

157. ( क्र. 1429 ) श्री जालम सिंह पटैल : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नरसिंहपुर विधानसभा क्षेत्र नरसिंहपुर में विगत वर्ष 2022-23 के मुख्‍य बजट में जनपद पंचायत करेली अंतर्गत देवाकच्‍छार से रातीकरार बरूरेवा नदी पर पुल, सड़क 4 कि.मी. लागत 4.40 करोड से ग्राम सुरगी से बर्सेडी बरूरेवा नदी पर पुल, सड़क 2.5 कि.मी. लागत 4 करोड एवं करेली नगर से फोरलेन एन.एच. 44 तक 2.5 कि.मी. सड़क का बजट में प्रावधान निर्माण के लिये किया गया था अगर किया गया था? जानकारी प्रदान करें। (ख) क्‍या उक्‍त स्‍वीकृत कार्यों के टेंडर हो चुके हैं? अगर नहीं हुये है तो कब तक टेंडर होगें? अगर टेंडर हो चुके है तो कार्य कब से शुरू किया जावेगा? (ग) उक्‍त बजट प्रावधानित कार्यों के कार्य प्रारंभ न होने के क्‍या कारण हैं, इसके लिये दोषी कौन है?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) एवं (ख) विस्‍तृत विवरण संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ग) विस्‍तृत विवरण संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। कोई दोषी नहीं है।

परिशिष्ट - "पैंतीस"

सड़कों की तकनीकी एवं प्रशासकीय स्‍वीकृति

[नगरीय विकास एवं आवास]

158. ( क्र. 1431 ) श्री राकेश मावई : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नगर पालिक निगम मुरैना द्वारा मुरैना विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत कौन-कौन सी सड़कों की कितनी-कितनी राशि की तकनीकी एवं प्रशासकीय स्‍वीकृति जारी करके शिलान्‍यास करवा दिया गया है? सड़कों के नाम, तकनीकी एवं प्रशासकीय स्‍वीकृति तथा निर्माण एजेंसी के नाम सहित जानकारी देवें? (ख) क्‍या प्रश्‍नांश (क) अनुसार स्‍वीकृत एवं शिलान्‍यास की गई सभी सड़कों का निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया गया है? यदि नहीं, तो क्‍यों नहीं? (ग) प्रश्‍नांश (क) अनुसार सभी सड़कों का निर्माण कार्य कब प्रारंभ कर दिया जायेगा? (घ) क्‍या नगरीय क्षेत्र मुरैना में ही कब्रिस्‍तान से शिकारपुर की चौकी तक सड़क खुदी पड़ी हुई है? उस पर निकलना मुश्किल हो जाता है? यदि हाँ, तो इस सड़क की तकनीकी एवं प्रशासकीय स्‍वीकृति जारी कर निर्माण क्‍यों नहीं किया गया? इस सड़क का कब तक निर्माण कार्य प्रारंभ कराया जायेगा?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) एवं (ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट  अनुसार है। (ग) कुल 14 सड़कों में से 05 सड़कों का कार्य प्रारंभ हैशेष 09 सड़कों का कार्य अप्रारंभ है। यथाशीघ्र। (घ) नगरीय क्षेत्र मुरैना में कब्रिस्‍तान से शिकारपुर चौकी तक पुरानी डब्‍ल्‍यू्.बी.एम. सड़क बनी हुई है तथा आवागमन चालू है। बजट आवंटन उपलब्‍ध नहीं होने से सड़क निर्माण का कार्य नहीं कराया गया है। समय-सीमा बताना संभव नहीं है।

परिशिष्ट - "छ्त्तीस"

ओव्‍हरलोड ग्रिड एवं ट्रांसफार्मर की जानकारी

[ऊर्जा]

159. ( क्र. 1439 ) श्री बहादुर सिंह चौहान : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधान सभा क्षेत्र महिदपुर के अंतर्गत 3.5 MVA, 5MVA, 8 MVA के कितने 33/11 ग्रिड ओव्‍हरलोड है? ये कहां-कहां स्थित है? स्‍थान नाम, क्षमता अनुसार देवें। (ख) इन्‍हें कब तक अंरलोड कर दिया जाएगा? (ग) इसी तरह विधान सभा क्षेत्र महिदपुर के अंतर्गत 16 KVA, 25 KVA, 63 KVA, 100 KVA के कितने ट्रांसफार्मर ओव्‍हरलोड हैं? ये कहां-कहां स्थित है? स्‍थान नाम, क्षमता अनुसार देवें। (घ) इन्‍हें कब तक अंडरलोड कर दिया जाएगा?

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) विधानसभा क्षेत्र महिदपुर के अंतर्गत 33/11 के.व्ही. विद्युत उपकेंद्र ढाबलसिया में स्‍थापित 3.15 एम.व्‍ही.ए. क्षमता का पावर ट्रांसफार्मर एवं 33/11 के.व्ही. विद्युत उपकेन्‍द्र इन्दौख में स्‍थापित 5.0 एम.व्‍ही.ए. क्षमता का पॉवर ट्रांसफार्मर, इस प्रकार कुल 02 पॉवर ट्रांसफार्मर अतिभारित है। प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में 8 एम.व्ही.ए. क्षमता का कोई भी पॉवर ट्रांसफार्मर अतिभारित नहीं है। (ख) म.प्र.पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा उत्तरांश (क) में उल्लेखित 02 अतिभारित पॉवर ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि के कार्य की स्‍वीकृति प्रणाली सुदृढ़ीकरण योजनान्‍तर्गत दिनांक 27.05.2022 को प्रदान की गई, जिसके तहत् 33/11 के.व्‍ही. विद्युत उपकेन्‍द्र ढाबलसिया में स्‍थापित 3.15 एम.व्‍ही.ए. क्षमता के पॉवर ट्रांसफार्मर की 5 एम.व्‍ही.ए. क्षमता के पॉवर ट्रांसफार्मर से एवं 33/11 के.व्‍ही.ए. विद्युत उपकेन्‍द्र इन्‍दौख में स्‍थापित 5 एम.व्‍ही.ए. क्षमता के पॉवर ट्रांसफार्मर की 8 एम.व्‍ही.ए. क्षमता के पॉवर ट्रांसफार्मर से क्षमता वृद्धि के कार्य किए जाने हैं। उक्‍त क्षमता वृद्धि के कार्यों के लिये म.प्र.पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के अन्‍तर्गत नवीन 5 एम.व्‍ही.ए. क्षमता के पॉवर ट्रांसफार्मर हेतु क्रय आदेश जारी किया जा चुका है एवं नवीन 8 एम.व्‍ही.ए. क्षमता के पावर ट्रांसफार्मर के क्रय हेतु निविदा कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। क्रय प्रक्रिया पूर्ण होने के उपरान्‍त सामग्री प्राप्त होने पर क्षमता वृद्धि के कार्य को संपादित किया जावेगा, जिस हेतु वर्तमान में निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।     (ग) विधानसभा क्षेत्र महिदपुर के अंतर्गत 16 केवीए के निरंक, 25 केवीए के 14, 63 केवीए के निरंक एवं 100 केवीए का 01 इस प्रकार कुल 15 वितरण ट्रांसफार्मर अतिभारित हैं। उक्‍त अतिभारित वितरण ट्रांसफार्मरों की स्‍थानवार एवं क्षमतावार जानकारी संलग्न परिशिष्ट  अनुसार  है। (घ) उत्तरांश (ग) में उल्लेखित 15 अतिभारित वितरण ट्रांसफार्मरों हेतु क्षमतावृद्धि/अतिरिक्‍त वितरण ट्रांसफार्मरों की स्‍थापना के कार्यों को केन्‍द्र शासन की आर.डी.एस.एस. योजना के द्वितीय चरण (System Modernization) में प्रस्तावित किया गया है। केन्‍द्र शासन से योजना की स्वीकृति प्राप्त होना शेष है। योजना की स्वीकृति उपरांत वित्‍तीय उपलब्‍धता अनुसार इन कार्यों को पूर्ण किया जा सकेगा, जिस हेतु वर्तमान में निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

परिशिष्ट - "सैंतीस"

मार्ग निर्माण का प्रस्‍ताव

[लोक निर्माण]

160. ( क्र. 1442 ) चौधरी सुजीत मेर सिंह : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) छिंदवाड़ा से चौरई मुख्‍यमार्ग से मायागोरा की सड़क अत्‍यंत खराब है, इसके निर्माण के लिए विभाग ने अब तक क्‍या कार्यवाही की है? (ख) क्‍या इ‍सके लिए जिला स्‍तर से कोई प्रस्‍ताव भोपाल भेजा गया है? यदि नहीं, तो कब तक भेजा जाएगा? (ग) कब तक इसकी स्‍वीकृति प्रदान कर दी जाएगी?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) प्रश्‍नाधीन मार्ग विभाग के अधिपत्य में नहीं है। मार्ग जल संसाधन विभाग के अधिपत्य में है। उनसे प्राप्त उत्तर संलग्‍न  परिशिष्‍ट अनुसार है।     (ख) एवं (ग) प्रश्‍नांश (क)  के उत्तर अनुसार।

परिशिष्ट - "अड़तीस"

दोषियों पर कार्यवाही

[नगरीय विकास एवं आवास]

161. ( क्र. 1447 ) श्री सुनील सराफ : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या अनूपपुर जिले की नगर परिषद बिजुरी में बिना सामग्री आये अनियमित/फर्जी/कूटरचित भुगतान/निष्‍फल व्‍यय हेतु अधीक्षण यंत्री श्री सुरेश सेजकर की अध्‍यक्षता में जांच प्रतिवेदन हेतु 04 सदस्‍यीय समिति का गठन दिनांक 21/06/2022 को किया गया था?      (ख) यदि हाँ, तो समिति द्वारा किस दिनांक को जांच प्रतिवेदन प्रस्‍तुत किया गया? इस जांच प्रतिवेदन की प्रमाणित प्रति देवें। क्‍या यह सत्‍य है कि प्रश्‍नांश (क) अनुसार जांच प्रतिवेदन में 7.27 करोड रूपये का फर्जीवाड़ा/भ्रष्‍टाचार पाया गया है? यदि हाँ, तो इसके जिम्‍मेदार अधिकारियों के नाम, पदनाम देकर बतावें कि इसके लिए विभाग ने अब तक इन पर क्‍या कार्यवाही की है? (ग) यदि उपरोक्‍तानुसार कार्यवाही नहीं की गई है तो इन्‍हें संरक्षण देने का कारण बताएं। इनके संरक्षणकर्ता विभागीय अधिकारियों के नाम, पदनाम सहित देवें। (घ) कब तक इन पर कार्यवाही की जाएगी?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) जांच समिति द्वारा दिनांक 06.09.2022 को अंतरिम जांच प्रतिवेदन प्रस्‍तुत किया गया है, जिसकी प्रमाणित प्रति  पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट अनुसार है। अंतरिम जांच प्रतिवेदन में अनियमित/फर्जी/कूटरचित भुगतान/निष्‍फल व्‍यय की राशि का विवरण एवं उसके लिए उत्‍तरदायी पदाधिकारियों/अधिकारियों/कर्मचारियों के नाम एवं पद अंकित है, जिनके विरूद्ध विभागीय कार्यवाही प्रचलित है। अत: शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) चूंकि विभागीय कार्यवाही प्रचलित है, अत: शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।     (घ) समय-सीमा बताई जाना संभव नहीं है।

नगरीय निकायों में गंदे पानी का शुद्धीकरण

[नगरीय विकास एवं आवास]

162. ( क्र. 1448 ) श्री सुनील सराफ : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍न क्रमांक 3324, दिनांक 21.03.2022 के (क) उत्‍तर में तत्‍कालीन मुख्‍य नगर पालिका अधिकारी कोतमा द्वारा जानकारी दी गई कि नगर का गंदा पानी नदी/नाला में नहीं गिराया जाता है जबकि प्रश्‍न क्रमांक 1319, दिनांक 19.7.2022 में वर्तमान मुख्‍य नगर पालिका अधिकारी द्वारा जानकारी दी गई कि गंदा पानी नदी/नाले में गिराया जाता है। कौन-सी जानकारी सत्‍य है? (ख) गलत जानकारी देने वाले अधिकारियों के नाम, पदनाम सहित देकर बतावें कि इसके लिये उन पर कब तक कार्यवाही की जाएगी? (ग) कोतमा विधान सभा क्षेत्र के नगरीय निकायों में गंदा पानी शुद्धीकरण की क्‍या योजनाए हैं? निकायवार पूर्ण जानकारी देवें। ये कार्य कब तक प्रारंभ किये जाएंगे? (घ) विगत 03 वर्षों में प्रश्‍नांश (ग) अनुसार क्षेत्रों में गंदे पानी के शुद्धीकरण पर हुये व्‍यय की जानकारी निकायवार, वर्षवार देवें।

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) विधान सभा प्रश्‍न क्रमांक 3324, दिनांक 21.03.2022 एवं विधान सभा प्रश्‍न क्रमांक 1319, दिनांक 19.07.2022 की विषय वस्‍तु में आंशिक भिन्‍नता होने के कारण उत्‍तर में भिन्‍नता है। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।  (ख) दोनों प्रश्‍नों के उत्‍तर में सामंजस्‍य नहीं रखने के कारण संबंधितों कार्यपालन यंत्री, नगरीय प्रशासन एवं विकास शहडोल संभाग एवं मुख्‍य नगर पालिका अधिकारी, नगर पालिका परिषद् कोतमा को नोटिस देने की कार्यवाही की गई है। (ग) कोतमा विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत कोतमा निकाय एवं बिजुरी निकाय में शासन की एस.बी.एम.-2.0 की योजना के अंतर्गत लिक्विड वेस्‍ट मैंनेजमेंट घटक के तहत परियोजना प्रावधानित है एवं नगर परिषद् डोला, डूमरकछार, बनगंवा में कोई योजना स्‍वीकृत नहीं है। समय-सीमा बतलाया जाना संभव नहीं है। (घ) विगत् 03 वर्षों में प्रश्‍नांश (ग) अनुसार क्षेत्रों में गंदे पानी के शुद्धिकरण पर व्‍यय निरंक है।

माननीय मुख्‍यमंत्री जी की घोषणा

[नगरीय विकास एवं आवास]

163. ( क्र. 1451 ) श्री राम दांगोरे : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) गत वर्ष पंधाना में माननीय मुख्‍यमंत्री जी के द्वारा पंधाना नगर परिषद् को विकास कार्य हेतु पृथक रूप से 5 करोड रू. की राशि देने की घोषणा की थी? (ख) यदि हाँ, तो एक वर्ष पश्‍चात भी वह राशि पूरी क्‍यों नहीं प्राप्‍त हो पाई? (ग) एक करोड की राशि के लिये पत्र व्‍यवहार हुआ है लेकिन अभी तक राशि प्राप्‍त क्‍यों नहीं हुई? (घ) पूरी राशि नगर परिषद् को कब तक प्राप्‍त होगी?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) बजट में राशि की उपलब्‍धता के आधार पर नगरीय निकायों को विशेष निधि मद से राशि प्रदान की जाती है।             (ग) वित्‍तीय वर्ष 2022-23 में विशेष निधि अंतर्गत निकाय की पात्रता अनुसार राशि रू. 100.00 लाख आवंटित की जा चुकी है। राशि निकाय को प्राप्‍त हो चुकी है। (घ) उत्‍तरांश (ख) के अनुक्रम में समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

नगर परिषद निर्माण की घोषणा

[नगरीय विकास एवं आवास]

164. ( क्र. 1452 ) श्री राम दांगोरे : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) गत वर्ष मा.मुख्‍यमंत्री के द्वारा पंधाना विधानसभा के ग्राम बोरगांव बुजुर्ग को नगर परिषद बनाने की घोषणा की थी? (ख) पिछली बार इस संबंध में लगाये गये प्रश्‍न का उत्‍तर प्राप्‍त हुआ की प्रक्रिया चल रही है क्‍या यह सही है? (ग) नगर परिषद के लिये जो आवश्‍यक जानकारी आवश्‍यक थी, मेरी जानकारी की अनुसार स्‍थानीय स्‍तर पर पूरी हो चुकी है फिर भी नगर परिषद के गठन में देरी क्‍यों? (घ) एक वर्ष से अधिक समय हो चुका है जिससे जनता में आक्रोश व्‍याप्‍त है सीमित समय बताने का कष्‍ट करेंगे?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) एवं (ख) जी हाँ। (ग) एवं (घ) त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव संपन्न हुए है, ऐसी स्थिति में सम्मिलित तीन ग्राम पंचायते, ग्राम पंचायत बोरगांव में सम्मिलित होना चाहती है या नहीं का अनापत्ति प्रमाण-पत्र सहित संशोधित प्रस्ताव चाहे गये है जानकारी पुस्‍तकालय  में रखे  परिशिष्‍ट  अनुसार है। प्रस्ताव अप्राप्त समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

किरायेदार द्वारा अनाधिकृत विक्रय

[नगरीय विकास एवं आवास]

165. ( क्र. 1455 ) श्री प्रदीप अमृतलाल जायसवाल (गुड्डा) : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या नगर पालिका परिषद् वारासिवनी द्वारा पूर्व के वर्षों में को-ऑपरेटिव मार्केटिंग सोसायटी मर्या. वारासिवनी को व्‍यावसायिक कार्य हेतु किराये पर दुकान आवंटित की गई थी? यदि हाँ, तो किस स्‍थान पर, किस दिनांक को, कितने रकबा क्षेत्र की दुकान आवंटित की गई थी? आवंटन किन शर्तों पर किया गया था? क्‍या कोई अनुबंध किया गया था? यदि हाँ, तो अनुबंध की प्रति सहित समस्‍त जानकारियां उपलब्‍ध करावें। (ख) क्‍या को-ऑपरेटिव मार्केटिंग सोसायटी मर्या. वारासिवनी के प्रबंधक रमेश भगत पिता श्री उरकुड़ भगत द्वारा बिन्‍दु (क) में उल्‍लेखित संपत्ति को अनाधिकृत रूप से राजेश सुराना पिता स्‍व. श्री ज्ञानचंद सुराना को विक्रय कर दिया है? यदि हाँ, तो अनुबंध की शर्तों का उल्‍लंघन और धोखाधड़ी संबंध इस प्रकरण को आपराधिक मामला मानकर पुलिस में पंजीबद्ध क्‍यों नहीं कराया गया? समस्‍त तथ्‍यों के बावजूद प्रकरण पर कोई कार्यवाही क्‍यों नहीं की जा रही है? धोखाधड़ी के इस मामले में कोई कार्यवाही नहीं होने के कारण नागरिकों में आक्रोश बढ़ रहा है। दोषियों को संरक्षण के लिये कौन जिम्‍मेदार है? उन पर कब तक कार्यवाही कर ली जावेगी? (ग) क्‍या बिन्‍दु (क) में उल्‍लेखित संपत्ति को आवंटी द्वारा विक्रय किये जाने का मामला तत्‍कालीन नगर पालिका अध्‍यक्ष एवं मुख्‍य नगर पालिका अधिकारी की सहमति से हुआ था? यदि हाँ, तो न.पा. की संपत्ति की बंदरबांट के लिये इन्‍हें भी दोषी मानकर कार्यवाही क्‍यों नहीं की गई है अथवा अब मामला आपके संज्ञान में आने पर क्‍या कार्यवाही की जावेगी? (घ) क्‍या किरायेदारी पर आवंटित दुकान को विक्रय किये जाने की घटना को अनुबंध का उल्‍लंघन मानकर वर्ष 2018 में मु.न.पा. अधि. वारासिवनी द्वारा दोनों पक्षों को नोटिस जारी कर दुकान नगर पालिका को सौंपने का आदेश किया गया था? यदि हाँ, तो आज दिनांक तक उक्‍त दुकान नगर पालिका को क्‍यों नहीं सौंपी गई है? इसके लिये कौन जिम्‍मेदार है तथा उनके विरूद्ध अभी तक क्‍या कार्यवाही की गई है अथवा कब तक कार्यवाही कर ली जावेगी?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) जी हाँ। स्थान वार्ड क्रमांक 10 मेन रोड पर वर्ष 1976-77 में सोसायटी को 12X12 = 144 वर्गफुट की दुकान आवंटित की गई थी। प्रश्‍नाधीन दुकान आवंटन के नियम शर्तें एवं किराया अनुबंध की प्रति निकाय में उपलब्ध नहीं है तथापि निकाय में संधारित नजूल दुकान आवंटन पंजी में दर्ज विवरण अनुसार प्रश्‍नाधीन दुकान का आवंटन वर्ष 1976-77 में होना उल्लेखित है। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट-'''' अनुसार है।         (ख) जी हाँ। को-ऑपरेटिव मार्केटिंग सोसायटी मर्या. वारासिवनी के प्रबंधक रमेश भगत पिता श्री उरकुड़ भगत द्वारा बिन्दु (क) में उल्लेखित संपत्ति को अनाधिकृत रूप से राजेश सुराना पिता स्व. श्री ज्ञानचंद सुराना को राशि रूपये 2550 के स्टाम्प पर नोटराईज्ड विक्रय अनुबंध पत्र दिनांक 14.09.2018 को संपादित कर विक्रय किया गया है। प्रश्‍नाधीन दुकान आवंटन के नियम शर्तें एवं किराया अनुबंध की प्रति निकाय में उपलब्ध नहीं है। दिनांक 16.09.2018 को श्री मार्केटिंग          को-ऑपरेटिव मार्केटिंग सोसायटी मर्या. वारासिवनी के प्रभारी प्रबंधक के हस्ताक्षरित पत्र द्वारा प्रश्‍नाधीन दुकान को श्री राजेश ज्ञानचंद सुराना को विक्रय किये जाने का उल्लेख करते हुये        श्री राजेश सुराना के नाम को नपा अभिलेख में दर्ज किये जाने का अनुरोध किया गया साथ ही       श्री राजेश सुराना द्वारा दिनांक 14.09.2018 को प्रश्‍नाधीन दुकान को नपा अभिलेख में स्वयं के नाम पर दर्ज करने हेतु आवेदन प्रस्तुत किया गया। जानकारी पुस्‍तकालय  में रखे  परिशिष्‍ट-'''' अनुसार  है। नगरपालिका परिषद की सामान्य बैठक दिनांक 16.02.2018 के संकल्प क्रमांक 07 अनुसार परिषद द्वारा निर्णय लिया गया कि "नगर पालिका द्वारा निर्मित दुकानों एवं भूमि के वित्तीय वर्ष 2018-19 के लिए नवीनीकरण की अनुबंध इकरारनामा शर्तें एवं किराया वृद्धि हेतु पूर्व वर्ष (2017-18) की भांती यथावत रखे जाने का निर्णय लिया जाता है। "उक्त संकल्प द्वारा स्वीकृत एवं अनुमोदित अनुबंध इकरारनामा, किराया पत्र की कंडिका क्रमांक 07 अनुसार आगामी एक वर्ष हेतु प्रश्‍नाधीन दुकान को श्री राजेश सुराना पिता ज्ञानचंद सुराना के नाम पर लीज वृद्धि की गई। जानकारी पुस्‍तकालय  में रखे  परिशिष्‍ट-'''' अनुसार  है। प्रश्‍नाधीन दुकान की अनाधिकृत विक्रय पश्चात परिषद संकल्प क्रमांक 07 दिनांक 16.02.2018 के संदर्भ में की गई लीज वृद्धि मध्यप्रदेश नगर पालिका (अचल संपत्ति अंतरण) नियम 2016 के विपरीत है। नियम विरूद्ध लीज वृद्धि किये जाने संबंधी दोषी अधिकारी/कर्मचारी एवं पदाधिकारियों को चिन्हित कर नियमानुसार कार्यवाही किये जाने हेतु प्रकरण प्रचलित है। कार्यवाही की समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता हैं। (ग) जी नहीं। प्रश्‍नाधीन दुकान की अनाधिकृत विक्रय पश्चात परिषद संकल्प क्रमांक 07 दिनांक 16.02.2018 के संदर्भ में की गई लीज वृद्धि मध्यप्रदेश नगर पालिका (अचल संपत्ति अंतरण) नियम 2016 के विपरीत है। नियम विरुद्ध लीज वृद्धि किये जाने संबंधी दोषी अधिकारी/कर्मचारी एवं पदाधिकारियों को चिन्हित कर नियमानुसार कार्यवाही किये जाने हेतु प्रकरण प्रचलित है। (घ) जी हाँ। मुख्य नगर पालिका अधिकारी द्वारा दिनांक 17.09.2018 को प्रश्‍नाधीन दुकान का कब्जा नपा को सौंपे जाने हेतु सूचना पत्र श्री राजेश सुराना को जारी किया गया था, साथ ही दिनांक 17.09.2018 को ही को-ऑपरेटिव मार्केटिंग सोसायटी मर्या. वारासिवनी के प्रबंधक को दुकान के अवैध रूप से हस्तांतरण हेतु कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया था। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे  परिशिष्‍ट-'''' अनुसार  है। नगर पालिका परिषद की सामान्य बैठक दिनांक 16.02.2018 के संकल्प क्रं. 07 अनुसार परिषद द्वारा निर्णय लिया गया कि "नगरपालिका द्वारा निर्मित दुकानों एवं भूमि के वित्तीय वर्ष 2018-19 के लिए नवीनीकरण की अनुबंध इकरारनामा शर्ते एवं किराया वृद्धि हेतु पूर्व वर्ष (2017-18) की भांति यथावत रखे जाने का निर्णय लिया जाता है" उक्त संकल्प द्वारा स्वीकृत एवं अनुमोदित अनुबंध इकरारनामा, किराया पत्र की कंडिका क्रं. 07 अनुसार आगामी एक वर्ष हेतु प्रश्‍नाधीन दुकान को श्री राजेश सुराना पिता ज्ञानचंद सुराना के नाम पर लीज वृद्धि की गई। जानकारी पुस्‍तकालय  में रखे  परिशिष्‍ट-'''' अनुसार  है। प्रश्‍नाधीन दुकान की अनाधिकृत विक्रय पश्चात परिषद संकल्प क्रमांक 07 दिनांक 16.02.2018 के संदर्भ में की गई लीज वृद्धि मध्यप्रदेश नगर पालिका (अचल संपत्ति अंतरण) नियम 2016 के विपरीत है। नियम विरूद्ध लीज वृद्धि किये जाने संबंधी दोषी अधिकारी/कर्मचारी एवं पदाधिकारियों को चिन्हित कर नियमानुसार कार्यवाही किये जाने हेतु प्रकरण प्रचलित है। कार्यवाही की समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

भर्ती में अनियमितता

[उच्च शिक्षा]

166. ( क्र. 1457 ) डॉ. गोविन्द सिंह : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अटल बिहारी वाजपेयी हिन्‍दी विश्‍वविद्यालय भोपाल में वर्ष 2022 में किन-किन पदों पर भर्ती हेतु कब-कब विज्ञापन जारी किया गया था? क्‍या उक्‍त पदों पर भर्ती करने हेतु विभागीय एवं वित्‍त विभाग से अनुमोदन प्राप्‍त किया गया था? यदि हाँ, तो कब-कब? यदि नहीं, तो क्‍यों? (ख) उक्‍त प्रश्‍नांश के परिप्रेक्ष्‍य में कुल किस-किस पद हेतु कुल कितने आवेदन प्राप्‍त हुए एवं प्राप्‍त आवेदनों में से कितने पात्र पाये गए एवं कितने अपात्र पाए गए? (ग) क्‍या उक्‍त पदों हेतु जारी विज्ञापन में भर्ती नियम के तहत आरक्षण के नियमों का पालन किया गया है? यदि नहीं, तो क्‍यों? (घ) क्‍या उक्‍त भर्ती प्रक्रिया में व्‍यापक पैमाने पर अनियमितता कर श्रीमती रश्मि चतुर्वेदी (शिक्षा विभाग), हितेन्‍द्र राम (बाटनी), शैलता त्रिवेदी (योग एवं चेतना विभाग) तथा भरत बाथम (कम्‍प्‍यूटर) को नियुक्ति प्रदान किये जाने के लिए कथि‍त विज्ञापन जारी किये गए हैं? (ड.) यदि हाँ, तो क्‍या उक्‍त संबंध में जांच कराकर निष्‍पक्ष चयन प्रक्रिया अपनाई जाएगी? यदि नहीं, तो क्‍यों?

उच्च शिक्षा मंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) अटल बिहारी वाजपेयी हिंदी विश्वविद्यालय द्वारा सहायक प्राध्यापक के 18 पदों पर भर्ती हेतु विज्ञापन दिनांक 31.03.2022 को जारी किया गया। उक्त को निरस्त करते हुए पुन: विज्ञापन दिनांक 28.04.2022 को जारी किया गया। जी हाँ। विभागीय पत्र दिनांक 15.03.2022 में दिए गए निर्देशानुसार कार्यवाही की गई। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ख) सहायक प्राध्यापक पद हेतु कुल 218 आवेदन प्राप्त हुए जिसमें से 183 पात्र एवं 35 आवेदन अपात्र पाए गए। (ग) जी हाँ। (घ) जी नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।        (ङ) प्रश्‍नांश () के परिप्रेक्ष्य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

पंचायत सचिव का नियम विरूद्ध संविलियन

[नगरीय विकास एवं आवास]

167. ( क्र. 1458 ) डॉ. गोविन्द सिंह : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) ग्राम पंचायत से नगरीय निकायों में कर्मचारी/अधिकारियों के संवि‍लयन किए जाने के प्रावधान है? नियम की प्रति उपलब्‍ध कराए? (ख) क्‍या नगर परिषद रौन जिला भिण्‍ड में     श्री ग्राम पंचायत परसाला (बहादुरपुरा) एवं श्री संजीव गुप्‍ता, पंचायत सचिव रौन का संविलयन किया गया है? यदि हाँ, तो नगर परिषद रौन द्वारा क्‍या उक्‍त के संविलियन के संबंध में प्रेसीडेन्‍ट इन काउन्सिल में ठहराव प्रस्‍ताव पारित किया गया एवं बैठक में कौन-कौन पदाधिकारी उपस्थित थे तथा संविलियन के पक्ष में कितने पार्षदों ने सहमति व्‍यक्‍त की गई? (ग) क्‍या ग्राम पंचायत के उक्‍त सचिवों के नगर परिषद रौन में नियम विरूद्ध किए गए संविलियन को समाप्‍त किये जाने के संबंध में उपाध्‍यक्ष नगर परिषद् रौन व पार्षदों द्वारा संयुक्‍त संचालक, नगरीय विकास एवं आवास ग्‍वालियर को दिनांक 20.10.2022 को संयुक्‍त हस्‍ताक्षरित पत्र लिखा गया था? (घ) यदि हाँ, तो क्‍या संयुक्‍त संचालक, नगरीय प्रशासन एवं विकास ग्‍वालियर द्वारा पत्र क्रमांक/ सामान्‍य/ विविध/ 2022/ 3163 ग्‍वालियर, दिनांक से मुख्‍य नगरपालिका अधिकारी, नगर परिषद् रौन को नगर परिषद् रौन में पंचायत सचि‍वों के संविलियन हेतु कार्यवाही सुनिश्‍चित करने हेतु निर्देश दिए गए थे? (ड.) यदि हाँ, तो नगर परिषद् रौन में नियम विरूद्ध पंचायत सचिवों के संविलियन की जांच कराकर संविलियन समाप्‍त किया जाएगा एवं संबंधितों के विरूद्ध कार्यवाही की जाएगी? यदि हाँ, तो कब तक?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) जी हाँ। म.प्र. नगर पालिका सेवा (वेतनमान एवं भत्ता) नियम 1967 के नियम 8 के अनुसार नवगठित निकाय में ग्राम पंचायत के नियमित वेतनमान के कर्मचारियों को समकक्ष नियमित पदों पर संविलियन किये जाने का प्रावधान है। नियमों की प्रति  संलग्‍न  परिशिष्ट  अनुसार  है। (ख) जी हाँ। श्री संजीव गुप्ता पंचायत सचिव रौन का संविलियन सहायक राजस्व निरीक्षक के पद पर कार्यालयीन आदेश कमांक 1264, दिनांक 10.11.2022 के द्वारा जिला चयन समिति के अनुमोदन उपरांत किया गया है। संविलियन के संबंध में प्रेसीडेन्स इन काउंसिल द्वारा दिनांक 15.09.2022 को संकल्प कमांक 2 पारित कर संजीव गुप्ता पंचायत सचिव को रिक्त सहायक राजस्व निरीक्षक के पद पर संविलियन किए जाने की स्वीकृति प्रदान की गई थी। प्रेसीडेन्स इन काउंसिल की बैठक में अध्यक्ष श्री रिंकी तथा सदस्य पार्षद श्री केशव नागर, श्रीमती सोनी सिंह, श्री अक्षय सिंह, श्रीमती ममता चौहान तथा श्रीमती पुष्पा बघेल इस प्रकार 05 पार्षद उपस्थित हुये थे जिनके द्वारा सर्वसम्मति से संकल्प पारित किया गया है। (ग) जी नहीं। (घ) मुख्य नगर पालिका अधिकारी, नगर परिषद रौन जिला भिण्ड के पत्र क्रमांक 1125 दिनांक 30.09.2022 के परिप्रेक्ष्य में कार्यालयीन पत्र कमांक 3163 दिनांक 03.11.2022 द्वारा नगर परिषद रौन में पंचायत सचिवों के संविलियन हेतु जिला चयन समिति की तिथि दिनांक 09.11.2022 नियत कर बैठक आयोजित किये जाने के निर्देश दिये गये थे। (ड.) नगर परिषद रौन में पंचायत सचिवों का संविलियन नियमानुसार किए जाने से कार्यवाही किये जाने का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - "उनतालीस"

अवैध कॉलोनियों के संबंध में

 [नगरीय विकास एवं आवास]

168. ( क्र. 1461 ) श्री पाँचीलाल मेड़ा : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या उज्‍जैन के सिंहस्‍थ में सांवराखेड़ी, जीवन खेड़ी दाउदखेड़ी आदि की भूमि जो कि सिंहस्‍थ के लिये आरक्षित है को भू-माफिया के दबाव में मास्‍टर प्‍लान में शामिल किया जा रहा है या किया गया है? (ख) यदि हाँ, तो क्‍या उक्‍त क्षेत्र की भूमि को आवासीय किये जाने से सिंहस्‍थ मेला के आयोजन में असुविधा होगी? यदि हाँ, तो इसके लिये जिम्‍मेदार कौन-कौन है? (ग) क्‍या सिंहस्‍थ के आरक्षित क्षेत्र में भू-माफियों द्वारा कॉलोनी काटी जा रही है? यदि हाँ, तो किस-किस के द्वारा कहां-कहां पर कितने क्षेत्र में कॉलोनी काटी जा रही है? क्‍या इसके लिये आवश्‍यक अनुमतियां ली गई हैं? यदि हाँ, तो अनुमतियों की प्रति दें।

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) ग्राम सांवराखेड़ी एवं जीवनखेड़ी मध्यप्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम, 1973 की धारा-13 की उपधारा (2) के अधीन गठित निवेश क्षेत्र मध्यप्रदेश शासन की अधिसूचना दिनांक 02 अप्रैल, 1985 से शामिल है। ग्राम दाउदखेड़ी उज्जैन नगर के गठित निवेश क्षेत्र की सीमा में सम्मिलित नहीं है। अतः शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) म.प्र. राजपत्र दिनांक 26/12/2014 में प्रकाशित मध्य भारत सिंहस्थ मेला अधिनियम, 1995 की धारा-4 की उपधारा-5 के अनुपालन में जिला दण्डाधिकारी उज्जैन के द्वारा सिंहस्थ मेला 2016 के आयोजन हेतु दिनांक 06 जून, 2016 के द्वारा जून, 2016 तक घोषित अस्थायी मेला क्षेत्र में सांवराखेड़ी, जीवन खेड़ी दाउदखेड़ी सम्मिलित नहीं है। अतः शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी हाँ। जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है।

परिशिष्ट - "चालीस"

माननीय नेता प्रतिपक्ष के पत्र पर कार्यवाही

[ऊर्जा]

169. ( क्र. 1464 ) श्री मेवाराम जाटव : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि             (क) क्‍या माननीय नेता प्रतिपक्ष म.प्र. विधान सभा के पत्र क्र. 962, दिनांक 18-11-2022 के द्वारा श्री विनायक भट्ट का शिकायती पत्र सहित माननीय ऊर्जा मंत्री जी को लिखा गया था?                    (ख) शिकायती पत्र में उल्‍लेखित शिकायतों की बिन्‍दुवार जांच कराई गई है? यदि हाँ, तो जांच निष्‍कर्ष के आधार पर क्‍या कार्यवाही की गई? यदि नहीं, तो कब तक कार्यवाही की जायेगी?

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) जी हाँ, माननीय नेता प्रतिपक्ष, म.प्र.विधान सभा के पत्र क्रमांक 962, दिनांक 18.11.2022 के द्वारा श्री विनायक भट्ट का शिकायती पत्र दिनांक 02.12.2022 को विभाग में प्राप्‍त हुआ है, जिसे ऊर्जा विभाग के पत्र दिनांक 06.12.2022 के द्वारा संचालक (वाणिज्‍य), म.प्र.पॉवर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड को प्रकरण का परीक्षण कर नियमानुसार आवश्‍यक कार्यवाही कर, कृत कार्यवाही से विभाग को अवगत कराने हेतु प्रेषित किया गया है।          (ख) म.प्र. पॉवर जनरेटिंग कंपनी द्वारा जांच के प्रारंभिक चरण में पत्र में उल्‍लेखित बिन्‍दुओं पर पक्ष रखने एवं दस्‍तावेज उपलब्‍ध कराये जाने हेतु शिकायतकर्ता से संपर्क करने का प्रयास किया गया परन्‍तु उल्‍लेखित पते एवं फोन नंबर पर संपर्क नहीं हो सका है। अत: पत्र में उल्‍लेखित बिन्‍दुओं के आधार पर परीक्षण एवं जांच की कार्यवाही प्रचलन में है। उपरोक्‍त शिकायती पत्र अल्‍प समय पूर्व ही प्राप्‍त होने के दृष्टिगत कंपनी से प्रतिवेदन प्रतीक्षित है। तथापि शिकायती पत्र में उल्‍लेखित बिन्‍दुओं पर म.प्र.पॉवर जनरेटिंग कंपनी द्वारा प्रस्‍तुत बिन्‍दुवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट  अनुसार है।

सड़कों की जानकारी

[लोक निर्माण]

170. ( क्र. 1467 ) श्री ओमकार सिंह मरकाम : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या डिण्‍डौरी जिला में लोक निर्माण विभाग के सभी सड़कों की स्थिति ठीक नहीं है? अगर हाँ तो सड़कें क्‍यों खराब हैं, इसके लिए कौन जिम्‍मेदार है और खसा बरनई पठरी सोष मार्ग, कूड़ा से कंचनपुर तरिया मार्ग, समनापुर से बनाग मार्ग, गाड़ासर्रा से बजाग मार्ग, जोगी टिकरिया से घानाभार मार्ग‍, डिण्‍डौरी से मुड़की मार्ग क्‍यों खराब हैं? (ख) डिण्‍डौरी जिले में किस-किस सड़क के किस-किस नदी में बरसात के दिन में बाढ़ के कारण आवागमन बंद हो जाता है? जहां आवागमन बंद हो जाता है वहां पुल बनाने की क्‍या कोई योजना है? अगर हाँ तो कहां-कहां पुल बनाया जायेगा? प्राक्‍कलन कितना-कितना है और अगर नहीं तो कोई योजना क्‍यों नहीं है?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी नहीं, विस्तृत विवरण  पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अ, 'अ-1' एवं परिशिष्‍ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) विस्तृत विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-ब एवं 'ब-1' अनुसार है।

विद्युत प्रदाय संबंधी

[ऊर्जा]

171. ( क्र. 1468 ) श्री ओमकार सिंह मरकाम : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या जिस गांव में बिजली बिल ज्‍यादा बकाया होता है वहां की पूरे गांव की विद्युत बंद कर दिया जाता है अगर हाँ तो जो उपभोक्‍ता नियमित बिल जमा करते हैं उन्‍हें बिजली क्‍यों नहीं मिलती है और अगर नहीं तो डिण्‍डौरी जिले के कई गांवों की बिजली क्‍यों बंद कर दिया जाता है। (ख) क्‍या डिण्‍डौरी जिला के कई ग्रामों के ट्रांसफार्मर कई महीनों से खराब हैं अगर हाँ तो सही समय पर ट्रांसफार्मर क्‍यों नहीं ठीक करते हैं और अगर नहीं तो विलाखार, केरी टोला, बराई, किन्‍दरा बहरा मानपुर सिंगपुर आदि के ट्रांसफार्मर महीनों से क्‍यों खराब हैं? (ग) क्‍या डिण्‍डौरी जिला में सौभाग्‍य योजना के कार्य बंद हैं? अगर हाँ तो क्‍यों बंद है? अगर नहीं तो सौभाग्‍य योजनान्‍तर्गत विद्युतीकरण क्‍यो नहीं किया जा रहा है।

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) जी नहीं, अपितु जिन विद्युत उपभोक्ताओं पर विद्युत देयकों की राशि बकाया होती है, उनके विद्युत संयोजन के विच्छेदन की कार्यवाही नियमानुसार की जाती है तथा नियमित रूप से विद्युत देयक की राशि जमा करने वाले उपभोक्‍ताओं का विद्युत प्रदाय बंद नहीं किया जाता। उक्‍तानुसार प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में भी पूरे ग्राम का विद्युत प्रदाय बंद नहीं किया गया है। (ख) जी नहीं। विद्युत वितरण ट्रांसफार्मर जला/खराब होने की दशा में उस ट्रांसफार्मर से संबद्ध 50 प्रतिशत उपभोक्‍ताओं द्वारा भुगतान करने पर अथवा कुल बकाया राशि का 10 प्रतिशत जमा होने के उपरांत इन जले/खराब वितरण ट्रांसफार्मरों को बदले जाने का नियम है। तद्नुसार म.प्र. पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी अंतर्गत प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में भी जले/खराब ट्रांसफार्मरों को बदलने का कार्य किया जाता है। प्रश्‍नांश में उल्‍लेखित समस्‍त स्‍थलों पर वर्तमान में वितरण ट्रांसफार्मर चालू है जिनसे सुचारू रूप से विद्युत प्रदाय किया जा रहा है। उक्‍त सभी स्‍थलों सहित प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में जले/खराब वितरण ट्रांसफार्मरों को जलने/खराब होने के उपरांत संबद्ध उपभोक्‍ताओं द्वारा विद्युत बिल की बकाया राशि जमा करने पर पात्र होने के उपरांत निर्धारित समय-सीमा में बदल दिया गया है। (ग) म.प्र. पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी में सौभाग्‍य योजनांतर्गत चिन्हित समस्‍त कार्य माह मार्च-2019 में पूर्ण किये जा चुके हैं। वर्तमान में योजना प्रचलन में नहीं है। अत: शेष प्रश्‍न नहीं उठता।

शैक्षणिक एवं गैर शैक्षणिक स्‍टाफ का वेतनमान

[उच्च शिक्षा]

172. ( क्र. 1501 ) श्री सज्जन सिंह वर्मा : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रदेश के शासकीय महाविद्यालयों में नियमित पद पर नियुक्‍त शैक्षणिक स्‍टाफ को यू.जी.सी. वेतनमान तथा नियमित गैर-शैक्षणिक स्‍टाफ को राज्‍य शासन द्वारा निर्धारित वेतनमान दिया जा रहा है? (ख) यदि हां, तो नियमित पद पर नियुक्‍त शैक्षणिक स्‍टाफ जिन्‍हें यू.जी.सी. वेतनमान दिया जा रहा है, उनसे गैर-शैक्षणिक कार्य लिये जाने पर क्‍या उन्‍हें राज्‍य शासन द्वारा निर्धारित वेतनमान दिया जाना चाहिये? परंतु राज्‍य शासन के विभागों में संलग्‍न शैक्षणिक स्‍टाफ को यू.जी.सी. वेतनमान क्‍यों दिया जा रहा है? (ग) प्रदेश के महाविद्यालयों में शैक्षणिक स्‍टाफ की भारी कमी होने के बावजूद इस स्‍टाफ से अन्‍य विभागों में प्रतिनियुक्ति पर अथवा संलग्‍न करके गैर शैक्षणिक कार्य क्‍यों लिया जा रहा है? यदि कार्य लिया जा रहा है तो उन्‍हें राज्‍य सरकार का निर्धारित वेतनमान दिया जावेगा? यदि नहीं, तो क्‍यों? (घ) प्रश्‍नांकित शैक्षणिक स्‍टाफ से गैर शैक्षणिक कार्य लिये जाने के संबंध में यू.जी.सी. की क्‍या गाइड लाइन है?

उच्च शिक्षा मंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जी हाँ। (ख) शासकीय महाविद्यालयों में नियमित पदों पर नियुक्‍त शैक्षणिक अधिकारियों द्वारा शिक्षण कार्य के साथ-साथ महाविद्यालय से संबंधित प्रशासनिक/गैर-शैक्षणिक कार्य संपादित किए जाते हैं। गैर-शैक्षणिक विभागीय कार्यों की आवश्‍यकता अनुसार महाविद्यालयों में नियुक्‍त शैक्षणिक अधिकारियों को अस्‍थायी रूप से गैर-शैक्षणिक विभागीय कार्यों हेतु पदस्‍थ किया जाता है। इस अस्‍थायी व्‍यवस्‍था के कारण ही इन्‍हें यू.जी.सी. वेतनमान दिया जा रहा है। (ग) शैक्षणिक स्‍टाफ समान वेतन पर भर्ती नियम अनुसार प्रतिनियुक्ति पर भेजे जाते हैं। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-'''' अनुसार है। (घ) यू.जी.सी. केवल महाविद्यालयों में शैक्षणिक स्‍टाफ के संबंध में गाइड लाइन जारी करता है। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-'''' अनुसार है।

बाहरी व्‍यक्तियों द्वारा गोपनीय कार्यों का संपादन

[उच्च शिक्षा]

173. ( क्र. 1502 ) श्री सज्जन सिंह वर्मा : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) देवास जिले के शासकीय महाविद्यालयों में विश्व बैंक परियोजना के अंतर्गत वर्ष 2021-22 में टैली सॉफ्टवेयरों में समस्त केशबुकों की एंट्री का कार्य क्या प्राचार्य द्वारा महाविद्यालय के अकाउंटेंट, मुख्यलिपिक, लेखापाल एवं लेखा शाखा प्रभारी से कराया गया था? यदि हाँ, तो प्राचार्य द्वारा इस आशय का सत्यापित प्रमाण पत्र उपलब्ध करावे? यदि नहीं, तो क्यो? कारण बतावें।            (ख) क्या महाविद्यालय में लेखापाल, मुख्यलिपिक, अकाउंटेन्ट या लेखा शाखा प्रभारी को टैली सॉफ्टवेयर में समस्त केशबुकों की एंट्री करने का ज्ञान है? यदि हाँ, तो प्राचार्य इसका सत्यापित प्रमाण पत्र उपलब्ध करावें, यदि नहीं, तो क्यों नहीं? (ग) क्या प्रश्‍नांकित कार्य प्राचार्य द्वारा अकाउंटेंट, मुख्यलिपिक, लेखापाल एवं लेखाशाखा प्रभारी से न कराते हुए बाहरी व्यक्तियों से कराया जा रहा ही यदि हाँ, तो क्यों और किस नियम के तहत कराया जा रहा है? नियम की प्रति देवें।           (घ) क्‍या प्राचार्य द्वारा बाहरी व्‍यक्तियों से गोपनीय कार्य कराये जाने से महाविद्यालय की गोपनीयता भंग हो रही है तथा वित्तीय अनियमितता के दोषियों पर क्‍या कार्यवाही की जायेगी?        (ड.) क्‍या उक्‍त संबंध में आयुक्त उच्च शिक्षा विभाग, भोपाल द्वारा दिए गए निर्देशों पर महाविद्यालयों की जांच कर उचित कार्यवाही की जायेगी?

उच्च शिक्षा मंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जी हाँ। सत्‍यापित प्रमाण पत्र की प्रति  पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट-'''' के प्रपत्र-1 से 5 अनुसार है। (ख) जी हाँ। सत्‍यापित प्रमाण पत्र की प्रति पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट-'''' के प्रपत्र- 1 से 5 अनुसार है। (ग) जी नहीं। (घ) उत्‍तरांश '''' के संदर्भ में प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता है। (ड.) शेष प्रश्‍नांश ही उपस्थित नहीं होता है।

नगर निगम भोपाल के स्‍वामित्‍व की संपत्ति को लीज पर दिया जाना

[नगरीय विकास एवं आवास]

174. ( क्र. 1506 ) श्री जालम सिंह पटैल : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भोपाल नगर निगम के अंतर्गत जोन क्रमांक-1 के अंतर्गत कौन-कौन सी संपत्ति कहां-कहां पर निगम के स्‍वामित्‍व में है? वार्डवार जानकारी दें। (ख) दिनांक 01 जनवरी, 2020 से प्रश्‍न दिनांक तक प्रश्‍नांश (क) अंतर्गत किस-किस संपत्ति के विक्रय/लीज पर दिये जाने हेतु कब-कब किस-किस समाचार पत्र या अन्‍य किन-किन माध्‍यमों से विज्ञप्ति जारी कर निविदाएं आमंत्रित की गई? वार्डवार जानकारी दें? (ग) किस-किस व्‍यक्ति/संस्‍था को कौन-कौन सी संपत्ति किस-किस दर पर किन-किन सुविधाओं के अध्‍यधीन आंवटित हुई? वार्डवार संपत्तिवार विवरण देवें। (घ) क्‍या किसी-किसी संपत्ति पर वर्तमान में न्‍यायालय वाद के कारण स्‍टे मिला है? यदि हाँ, तो कौन-कौन सी संपत्ति पर तथा उन प्रकरणों की अद्यतन स्थिति क्‍या है? वार्डवार जानकारी दें।

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) जोन क्रमांक 01 के अंतर्गत नगर निगम भोपाल स्वामित्व की संपत्तियों की वार्डवार की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-'''' अनुसार है। (ख) प्रश्‍नांश (क) 01 के अंतर्गत दिनांक 01 जनवरी, 2020 से प्रश्‍न दिनांक तक जोन क्रमांक 01 के अंतर्गत दुकानों/भूखण्ड/प्रकोष्ठ को उच्चतम प्रीमियम राशि पर 30 वर्ष की लीज अवधि के लिए समाचार पत्रों के माध्यम से विज्ञप्ति प्रकाशित कर, निविदा प्रस्ताव/ई-निविदा आमंत्रित किये जाने की कार्यवाही अचल संपत्ति अंतरण नियम 2016 संशोधित नियम 04.05.2021 के प्रावधान अनुसार की गई है। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-'''' अनुसार है। (ग) 01 जनवरी, 2020 से प्रश्‍न दिनांक तक प्रश्‍नानुसार नगर निगम द्वारा व्यक्ति/संस्था को 30 वर्ष की लीज पर आवंटित की गई संपत्तियों की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-'''' अनुसार है। म.प्र. नगर पालिका (अचल संपत्ति का अंतरण) नियम 2016 (संशोधित) दिनांक 04.05.2021 में उल्लेखित नियम 3 के उपनियमों के अंतर्गत ई-निविदाएं राज्य सरकार द्वारा ई-ऑक्शन/ ई-निविदाओं को आमंत्रित करने के लिए जारी दिशा निर्देशों के अधीन विहित प्रक्रिया के अनुसार आमंत्रित किये जाने का प्रावधान है। पृथक से सुविधाओं के अंतर्गत दुकान/भूमि व अन्य शासकीय संपत्ति आवंटित किये जाने का नियमों में उल्लेख नहीं है। नियम की  जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-'''' अनुसार है।       (घ) जोन क्रमांक 01 के अंतर्गत विक्रय/लीज पर दी गई संपत्तियों पर वर्तमान में स्थगन नहीं होने से जानकारी निरंक है।

मुआवजा राशि का निर्धारण

[लोक निर्माण]

175. ( क्र. 1576 ) श्री निलेश पुसाराम उईके : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या कोलार गेस्‍ट हाऊस तिराहे के गोल जोड़ तक 15 कि.मी. मार्ग को 6 लेन बनाये जाने के लिये मध्‍यप्रदेश के मुख्‍यमंत्री एवं क्षेत्रीय विधायक द्वारा भूमि पूजन कब किया गया? उक्‍त मार्ग के निर्माण हेतु कुल कितनी राशि की लागत आयेगी एवं कितनी राशि की स्‍वीकृति वित्‍तीय वर्ष 2022-23 में दी गई है? (ख) क्‍या प्रश्‍नांकित मार्ग के दोनों तरफ अवस्थित दुकानों एवं निजी मकानों की भूमि मार्ग चौड़ीकरण के दायरे में आ रही है? यदि हां, तो संबंधित निजी मकान मालिकों, सोसायटियों, दुकानदारों को उनकी निजी सम्‍पत्ति तोड़े जाने या अधिग्रहित किये जाने पर शासन द्वारा कितनी राशि मुआवजे के रूप में निर्धारित किये जाने का प्रावधान किया गया है? क्‍या प्रश्‍नांकित मार्ग के निर्माण का कार्य प्रारंभ किया जा चुका है? (ग) यदि हां, तो क्‍या निजी अधिपत्‍य की संपत्ति को तोड़ने के लिये शासन द्वारा नवम्‍बर 2022 को अचनाक बिना बताये रात्रि में लाल निशान लगाये गये तथा निजी सम्‍पत्ति के रहवासियों एवं व्‍यापारियों को विधिक नोटिस भी नहीं दिये गये? साथ ही मुआवजा राशि संबंधी कार्यवाही भी नहीं की गई? क्‍या कारण है? (घ) क्‍या शासन द्वारा प्रश्‍नांकित रहवासियों/व्‍यापारियों को उनकी निजी संपत्ति के अधिग्रहण के विरूद्ध अथवा तोड़े जाने के विरूद्ध अन्‍यत्र जगह दुकान या आवास के मुआवजे के भुगतान की कार्यवाही की जायेगी? साथ ही नियम विरूद्ध आवास एवं दुकानों को तोड़े जाने की कार्यवाही करने वाले दोषी अधिकारियों या निर्माणाधीन एजेंसी पर कार्यवाही की जायेगी?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) माननीय मुख्यमंत्री जी म.प्र. शासन द्वारा कोलार मार्ग सिक्स लेन निर्माण हेतु भूमि पूजन दिनांक 29.10.2022 को किया गया। मार्ग के निर्माण हेतु राशि रूपये 222.51 करोड़ स्‍वीकृत है एवं वित्तीय वर्ष 2022-23 हेतु कुल राशि 75.00 करोड़ का प्रावधान है। (ख) मार्ग के 03 चेनेजों पर दुकान/मकान चौड़ीकरण के दायरे में आ रही है। मार्ग निर्माण में भूमि अधिग्रहण हेतु मुआवजे का प्रावधान नहीं है। निर्माण कार्य प्रारंभ किया जा चुका है। (ग) मार्ग के दोनों ओर विभाग द्वारा लाल निशान निर्माण हेतु उपलब्ध भूमि की जानकारी हेतु लगाये गये है। दिन में मार्ग पर यातायात अत्याधिक होने एवं नापतोल के समय दुर्घटना न हो इसलिये दिन एवं रात्रि दोनों समय निशान लगाये गये है। विभाग द्वारा निजी सम्पत्ति को नुकसान पहुंचाने की मंशा नहीं है। निजी सम्पत्तियों को तोड़ने का कोई प्रावधान नहीं है। अ‍त: नोटिस देने की आवश्यकता नहीं है। (घ) निजी सम्पत्तियों को तोड़ा नहीं गया है। अतः अन्यत्र जगह एवं मुआवजें की आवश्यकता नहीं है। विभाग या निर्माण एजेंसी द्वारा किसी भी निजी स्‍वामित्‍व की संपत्ति को नुकसान नहीं पहुंचाया गया है। अतः कार्यवाही की आवश्यकता नहीं है।

 

 

 




 



 


भाग-3

अतारांकित प्रश्‍नोत्तर


विभिन्‍न कार्यों की जांच

[नगरीय विकास एवं आवास]

1. ( क्र. 17 ) डॉ. राजेन्‍द्र पाण्‍डेय : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या यह सही है कि प्रश्‍नकर्ता द्वारा माननीय मुख्‍यमंत्री जी, माननीय मंत्री जी, माननीय प्रमुख सचिव, माननीय आयुक्‍त के साथ ही शासन विभाग के वरिष्‍ठ अधिकारियों को विगत वर्षों से नगर परिषद् पिपलौदा जिला रतलाम की अनियमितताओं के संबंध में पत्रों के माध्‍यम से अवगत कराया? (ख) यदि हाँ, तो वर्ष 2018-19 से लेकर प्रश्‍न दिनांक तक नगर परिषद पिपलौदा के तात्‍कालिक पूर्व अध्‍यक्षों व संबंधित अधिकारियों के विरूद्ध जांच हेतु ध्‍यान आकृष्‍ट निरंतर किया जा रहा है? (ग) यदि हाँ, तो उपरोक्‍त उल्‍लेखित वर्षों में निरंतर पत्र एवं सदन में प्रश्‍नों के माध्‍यम से ध्‍यान आकृष्‍ट किये जाने पर किन-किन पत्रों पर क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई? अवगत कराएं कि गंभीर, गबन अनियमितताओं, नियम विरूद्ध कार्यों तथा असंवैधानिक नीतिगत निर्णय किये जाने के साथ ही पूर्व अध्‍यक्ष संयुक्‍त परिवार के होकर अपने ही सगों को दुकानें आवंटित कर लाभान्वित करने जैसे अवैध कृत्‍य किये तो शासन/विभाग द्वारा किन-किन संबंधितों के विरूद्ध क्‍या-क्‍या कार्यवाहियां की गई एवं क्‍या-क्‍या कार्यवाहियां की जा रही है?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) एवं (ख) जी हाँ (ग) विभाग द्वारा की गई कार्यवाही का विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है।

क्षेत्रीय आयुष केन्‍द्र की जानकारी

[आयुष]

2. ( क्र. 18 ) डॉ. राजेन्‍द्र पाण्‍डेय : क्या राज्यमंत्री,आयुष महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                                    (क) जावरा विधान सभा क्षेत्र अन्‍तर्गत जावरा नगर, पिपलौदा तहसील एवं जावरा तहसील अन्‍तर्गत शासन/विभाग द्वारा किन-किन स्‍थानों पर स्‍वास्‍थ्‍य सेवाएं प्रदान की जा रही है? (ख) संचालित क्षेत्रीय विभिन्‍न स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्रों पर कौन-कौन पदस्‍थ होकर कार्यरत है तथा केन्‍द्र क्‍या स्‍वयं के भवन में अथवा अन्‍य व्‍यवस्‍था के माध्‍यम से संचालित है तो किन-किन स्‍थानों पर? (ग) केन्‍द्र/ राज्‍य प्रवर्तित योजनाओं के माध्‍यम से शासन/विभाग द्वारा किन-किन स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्रों को सुदृढ़ीकरण कर सक्षम बनाए जाने हेतु कार्ययोजना बनाई जाकर प्रस्‍ताव तैयार किये हैं? (घ) यदि हाँ, तो क्षेत्र अन्‍तर्गत किन-किन आयुष केन्‍द्रों हेतु नवीन भवन, पर्याप्‍त संसाधन, सामग्री इत्‍यादि की स्‍वीकृति हेतु शासन/विभाग द्वारा क्‍या-क्‍या किया जाकर किस प्रकार की कार्ययोजना बनाई गई है? सम्‍पूर्ण जानकारी देवें?

राज्यमंत्री,आयुष ( श्री रामकिशोर (नानो) कावरे ) : (क) एवं (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार(ग) जी हाँ। (घ) पिपलौदा में शासकीय आयुर्वेद औषधालय रियावन में नवीन एच.डब्ल्यू.सी. स्थापित किया जाना प्रस्तावित है।

परिशिष्ट - "इकतालीस"

ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि/अतिरिक्‍त ट्रांसफार्मर लगाने की स्‍वीकृति

[ऊर्जा]

3. ( क्र. 27 ) श्री दिलीप सिंह गुर्जर : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                                   (क) तारांकित विधानसभा प्रश्‍न क्र. 6214 दिनांक 23.03.2021 के उत्‍तरांश में 114 अतिभारित वितरण ट्रांसफार्मर के स्‍थान पर ट्रांसफार्मर की क्षमता वृद्धि या अतिरिक्‍त ट्रांसफार्मर लगा दिए गए हैं? यदि हाँ, तो किस-किस स्‍थान पर कब-कब लगाये गये हैं? विवरण दें। (ख) प्रश्‍नकर्ता द्वारा सी.एम.डी. इन्‍दौर को पत्र क्र.4648/नागदा दिनांक 19.11.2022 व मुख्‍यमंत्री, मंत्री व प्रमुख सचिव ऊर्जा को पत्र द्वारा 39 कृषि व 43 घरेलू (गांव) के अतिभारित ट्रांसफार्मरों के स्‍थान पर ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि या अतिरिक्‍त ट्रांसफार्मर लगाने की मांग पर कितने स्‍थानों पर स्‍वीकृति प्रदान की गई है? नाम सहित विवरण दें। यदि नहीं की गई है तो क्‍यों? विवरण दें। (ग) 01 सितम्‍बर 2020 से दिनांक 20.11.2022 तक प्रश्‍नकर्ता के क्षेत्र में किराये के ट्रांसफार्मर किन-किन स्‍थानों पर लगाये गये हैं? स्‍थान के नाम सहित वर्षवार विवरण दें। (घ) 01 सितम्‍बर 2020 से दिनांक 20.11.22 तक कृषि ट्रांसफार्मरों पर कितने अस्‍थाई कनेक्‍शन किसानों को प्रदान किये गये हैं? स्‍थान व ट्रांसफार्मरवार वर्षवार विवरण दें। अस्‍थाई कनेक्‍शनों को स्‍थाई करने हेतु विभाग द्वारा क्‍या कार्यवाही की जा रही है? (ड.) 01 जनवरी 2019 से 20/11/2022 तक विधानसभा क्षेत्र में कहां-कहां पावर ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि व अतिरिक्‍त पावर ट्रांसफार्मरों की स्‍थापना की गई? विवरण दें। कहां-कहां कृषि ट्रांसफार्मरों, अतिरिक्‍त ट्रांसफार्मरों या क्षमता वृद्धि के ट्रांसफार्मर लगाने की स्‍वीकृति प्रदान की गई है? कितने स्‍थानों पर ट्रांसफार्मर लगा दिए गए हैं? कितने स्‍थानों पर लगाना लम्बित हैं? नाम व स्‍थान सहित विवरण दें।

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) तारांकित विधानसभा प्रश्‍न क्रमांक 6214 दिनांक 23.03.2021 के उत्‍तर में म.प्र.पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के द्वारा जानकारी संकलित किये जाने की दिनांक में 114 वितरण ट्रांसफार्मर अतिभारित होने संबंधी जानकारी दी गई थी। उक्‍त अतिभारित 114 वितरण ट्रांसफार्मरों में से 15 अतिरिक्त वितरण ट्रांसफार्मरों की स्‍थापना एवं 08 वितरण ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि, इस प्रकार कुल 23 वितरण ट्रांसफार्मरों के कार्य कर लिए गए हैं, जिसकी प्रश्‍नाधीन चाही गयी स्‍थानवार, दिनांक सहित जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'अनुसार है। शेष 91 अतिभारित वितरण ट्रांसफार्मरों में से 2 वितरण ट्रांसफार्मरों का कार्य एस.एस.टी.डी. योजना वर्ष 2022-23 में स्‍वीकृत है एवं 8 वितरण ट्रांसफार्मरों का कार्य आर.डी.एस.एस. योजना में स्‍वीकृत है, जिस हेतु निविदा की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। शेष 81 अतिभारित वितरण ट्रांसफार्मरों को आर.डी.एस.एस.योजना में शामिल कर लिया गया है।                                     (ख) प्रश्‍नांश में उल्‍लेखित पत्र में दर्शाये गए 39 नंबर कृषि एवं 43 नंबर घरेलू (गांव) के अतिभारित वितरण ट्रांसफार्मरों में से 16 (कृषि प्रयोजन हेतु 08 एवं घरेलू प्रयोजन हेतु 08) वितरण ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि या अतिरिक्त वितरण ट्रांसफार्मर स्‍थापना के कार्यों की स्वीकृति प्रदान की गई है, जिसकी प्रश्‍नाधीन चाही गयी जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'अनुसार है। शेष 31 नंबर कृषि एवं 35 नंबर घरेलू अतिभारित वितरण ट्रांसफार्मरों के स्‍थान पर वितरण ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि या अतिरिक्‍त वितरण ट्रांसफार्मर स्‍थापना के कार्यों की स्वीकृति वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता एवं इसी प्रकार के अन्य कार्यों की वरीयता को दृष्टिगत रखते हुए प्रदान की जा सकेगी। (ग) दिनांक 01.09.2020 से दिनांक 20.11.2022 तक की अवधि में नागदा-खाचरौद विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत कुल 39 किराये के वितरण ट्रांसफार्मर लगाये गये, जिसकी प्रश्‍नाधीन चाही गयी वर्षवार, स्‍थान सहित जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'अनुसार है। (घ) दिनांक 01.09.2020 से दिनांक 20.11.2022 तक की अवधि में नागदा-खाचरौद विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत कृषि प्रयोजन हेतु कुल 3303 अस्‍थाई कनेक्‍शन कृ‍षकों को प्रदान किये गये हैं, जिसकी प्रश्‍नाधीन चाही गयी वर्षवार, ट्रांसफार्मर की क्षमता एवं स्‍थान सहित जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'अनुसार है। वर्तमान में कृषकों द्वारा स्वीकृत प्राक्कलन की शतप्रतिशत राशि वितरण कंपनी में जमा कराकर अथवा ''स्वयं का ट्रांसफार्मर योजना'' के अंतर्गत सहमति पत्र देकर योजना के प्रावधान अनुसार स्थाई कनेक्शन प्राप्त किया जा सकता है। (ड.) दिनांक 01.01.2019 से दिनांक 20.11.2022 तक की अवधि में नागदा-खाचरौद विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत 6 पॉवर ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि एवं 02 अतिरिक्त पॉवर ट्रांसफार्मरों की स्थापना के कार्यों को पूर्ण किया गया है, जिसका प्रश्‍नाधीन चाहा गया विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'अनुसार है। प्रश्‍नांश में उल्‍लेखित अवधि में 24 स्थानों पर अतिरिक्त वितरण ट्रांसफार्मर एवं 18 स्थानों पर वितरण ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि के कार्यों को स्वीकृति प्रदान की गई थी एवं उक्‍त समस्त 42 स्थानों पर वितरण ट्रांसफार्मरों की स्थापना के कार्यों को पूर्ण कर दिया गया है, किसी भी स्थान पर वितरण ट्रांसफार्मर लगाया जाना लंबित नहीं है, जिसकी प्रश्‍नाधीन चाही गयी स्‍थान के नाम सहित जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'अनुसार है। उक्‍त के अतिरिक्‍त प्रश्‍नांश में उल्‍लेखित अवधि में नागदा-खाचरौद विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत विद्युत मांग में वृद्धि के कारण 132/33 के.व्ही. विद्युत उपकेन्द्र खाचरौद में 20 एम.व्ही.ए. पावर ट्रांसफार्मर को 50 एम.व्ही.ए. पावर ट्रांसफार्मर से बदलने का कार्य दिनांक 23.09.2019 को किया गया जिससे उक्‍त विद्युत उपकेन्द्र में ट्रांसफार्मरों की स्थापित क्षमता 100 एम.व्ही.ए. से बढ़कर 130 एम.व्ही.ए. हो गई। इसी प्रकार 220 के.व्‍ही. विद्युत उपकेन्द्र नागदा में दिनांक 01.09.2022 को 132/33 के.व्ही. वोल्टेज क्षमता के 40 एम.व्ही.ए. ट्रांसफार्मर को 63 एम.व्ही.ए. ट्रांसफार्मर से बदलने का कार्य किया गया जिससे उपकेन्द्र की 132/33 के.व्‍ही. पर स्थापित क्षमता 40 एम.व्ही.ए. से बढ़कर 63 एम.व्ही.ए. हो गई। साथ ही 220 के.व्‍ही. विद्युत उपकेन्द्र नागदा में दिनांक 28.03.2022 को 220/33 के.व्‍ही. वोल्टेज क्षमता का अतिरिक्त 50 एम.व्ही.ए. पावर ट्रांसफार्मर की ऊर्जीकरण का कार्य किया गया जिससे उपकेन्द्र की 220/33 के.व्ही. पर स्थापित क्षमता 100 एम.व्ही.ए. से बढ़कर 150 एम.व्ही.ए. हो गई है। 132/33 के.व्‍ही. नये उपकेन्द्र भैंसोला को दिनांक 21.12.2019 को 50 एम.व्ही.ए. 132/33 के.व्‍ही. ट्रांसफार्मर क्षमता के साथ ऊर्जीकृत किया गया है। नागदा-खाचरौद विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत विद्युत मांग, अति उच्चदाब उपकेन्द्रों में स्थापित ट्रांसफार्मर क्षमता से कम होने के कारण उपकेन्द्रों में ट्रांसफार्मर की क्षमता वृद्धि अथवा अतिरिक्त ट्रांसफार्मर लगाने की वर्तमान में आवश्यकता नहीं होने के कारण कोई भी कार्य स्‍वीकृति/क्रियान्‍वयन हेतु लंबित नहीं है।

सोलर पम्‍प स्‍थापना

[नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा]

4. ( क्र. 36 ) श्री लक्ष्‍मण सिंह : क्या नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) चाचौड़ा विधानसभा क्षेत्र/जिले में पिछले दो वर्षों में प्रश्‍न दिनांक तक कितने किसानों ने सोलर पम्‍प लगाने के लिये रजिस्‍ट्रेशन कराया है? (ख) उपरोक्‍त में से कितने किसानों को सोलर पम्‍प उपलब्‍ध कराए गये हैं? (ग) कितने किसानों को सोलर पम्‍प नहीं मिले हैं तथा इसका क्‍या कारण है?

नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री ( श्री हरदीप सिंह डंग ) : (क) जी नहीं। चाचौड़ा विधानसभा क्षेत्र में पिछले दो वर्षों में प्रश्‍न दिनांक तक, सोलर पम्‍प लगाने के लिए, किसानों द्वारा रजिस्‍ट्रेशन नहीं कराया गया है। (ख) उत्‍तरांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) उत्‍तरांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

नगर पंचायतों में नियुक्ति

[नगरीय विकास एवं आवास]

5. ( क्र. 42 ) श्री लक्ष्‍मण सिंह : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) चाचौड़ा कुम्‍भराज एवं मधुसुदनगढ़ की नवगठित परिषद के कार्यकाल में वर्ष 2022 में स्थाई, अस्‍थाई दैनिक वेतन भोगी या किसी भी अन्‍य प्रकार की कितनी नवीन नियुक्तियां की गयी है? सम्‍पूर्ण जानकारी प्रदान करें। (ख) उपरोक्‍त प्रश्‍न के अनुसार की गयी नियुक्तियों के संदर्भ में किन प्रक्रियाओं का एवं नियमों का पालन अनुसरण किया गया है? सम्‍पूर्ण जानकारी प्रदान करें।

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) जी नहीं। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ख) निरंक।

शहर के मध्‍य सीमेंट कारखाने से पर्यावरण को नुकसान

[पर्यावरण]

6. ( क्र. 65 ) श्री नीलांशु चतुर्वेदी : क्या नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सतना जिले के नगर निगम क्षेत्र में शहर के मध्‍य में सीमेंट कारखाने को पर्यावरणीय स्‍वीकृति किन आधारों पर दी गई है? क्‍या भविष्‍य में इस संस्‍थान को शहर से अन्‍यत्र स्‍थापित करने की योजना है? क्‍या कारखाने द्वारा अपने भू-भाग के 33% भाग पर वृक्षारोपण किया गया है? यदि हाँ, तो क्‍या आवंटित भू-भाग राजस्‍व खसरों में वृक्षारोपण की प्रविष्टि‍ दर्ज है? यदि हाँ, तो वृक्षारोपण नियमानुसार किया गया है इस बात का प्रमाणीकरण शासन के किस अधिकारी द्वारा किया गया है? वृक्षारोपण की प्रविष्टि‍ से संबंधित राजस्‍व खसरा का उल्‍लेख करें। (ख) यदि नहीं, तो प्रश्‍नांश (क) अनुसार निर्धारित क्षेत्रफल में वृक्षारोपण न किया जाना शर्तों एवं नियमों का उल्‍लंघन नहीं है? यदि है तो शासन इसके लिये कब तक उत्‍तरदायित्‍व निर्धारित कर क्‍या कार्यवाही कब तक करेगा?
नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री ( श्री हरदीप सिंह डंग ) : (क) भारत सरकार, पर्यावरण एवं वन मंत्रालय द्वारा दिनांक 10/10/2012 को सशर्त पर्यावरण स्‍वीकृति प्रदान की गई है, पर्यावरण स्‍वीकृति की प्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट '' पर है। भविष्‍य में इस संस्‍थान को शहर से अन्‍यत्र स्‍थापित करने की कोई योजना की जानकारी नहीं है। उद्योग का कुल क्षेत्रफल 499.87 एकड़ है एवं उद्योग द्वारा 152 एकड़ में वृक्षारोपण हरित पट्टी का विकास किया गया है तथा अतिरिक्‍त 20 एकड़ में हरित पट्टी विकास की शर्त रखी गई थी। वर्तमान तक उद्योग द्वारा कुल 182.27 एकड़ में वृक्षारोपण कर हरित पट्टी विकसित की जा चुकी है जो कि कुल क्षेत्रफल का 36.46 प्रतिशत है। शेष जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-'' पर है। (ख) उत्‍तरांश (क) के प्ररिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

अस्‍थायी कनेक्‍शनों को स्‍थायी किया जाना

[ऊर्जा]

7. ( क्र. 84 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                        (क) नगर निगम जबलपुर में क्‍या विगत कई वर्षों से अनेक हितग्राहियों को स्‍थाई विद्युत कनेक्‍शन न मिलने के कारण अस्‍थाई कनेक्‍शन लेकर अधिक बिल का भुगतान कर रहे हैं?                                                      (ख) प्रश्‍नांश (क) क्षेत्र में प्रश्‍न दिनांक को कितने अस्‍थायी कनेक्‍शन चल रहे हैं? संख्‍यात्‍मक जानकारी देवें? (ग) प्रश्‍नांश (ख) के अंतर्गत नगर निगम जबलपुर के वार्ड क्रं. 74 के अस्‍थाई कनेक्‍शन के हितग्राहियों की कारण सहित जानकारी देवें? (घ) क्‍या वर्षों से चल रहे अस्‍थाई कनेक्‍शनों को स्‍थायी किया जायेगा? यदि नहीं, तो क्‍यों?

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) गर निगम जबलपुर के अंतर्गत नियमानुसार जिन हितग्राहियों द्वारा म.प्र. विद्युत प्रदाय संहिता 2021 में निहित प्रावधान अनुसार आवेदन किया गया हैं उन्‍हें म.प्र. विद्युत नियामक आयोग विनियम, 2022 (आर जी- 31 (ii) वर्ष 2022) के अनुसार राशि जमा करने पर स्‍थाई कनेक्‍शन प्रदान किये गये हैं। उक्‍तानुसार औपचारिकताएँ पूर्ण नहीं करने की स्थिति में उपभोक्‍ता के आवेदन पर नियमानुसार अस्‍थाई विद्युत कनेक्‍शन प्रदान किये जा रहे हैं तथा उन्‍हें म.प्र. विद्युत नियामक आयोग द्वारा अस्‍थाई विद्युत कनेक्‍शनों हेतु निर्धारित की गई दरों से विद्युत देयक जारी किये जा रहे हैं। (ख) प्रश्‍नाधीन क्षेत्र अन्‍तर्गत प्रश्‍न दिनांक की स्थिति में 5475 नंबर घरेलू एवं 997 नंबर गैर घरेलू अस्‍थाई कनेक्‍शन चल रहे हैं। (ग) नगर निगम जबलपुर के वार्ड क्रमांक 74 में प्रश्‍न दिनांक की स्थिति में 721 हितग्राहियों के परिसर का विद्युतीकरण नियमानुसार वैधानिक प्रावधानों के अनुरूप नहीं होने के कारण अस्‍थाई कनेक्‍शन जारी किये गये हैं। (घ) उत्‍तरांश (क) में उल्‍लेखित वैधानिक प्रावधानों के अंतर्गत विद्युतीकरण हेतु आवश्‍यक राशि जमा करने सहित आवश्‍यक औपचारिकताऍं पूर्ण करने पर ही स्‍थाई विद्युत कनेक्‍शन दिये जा सकते हैं।

 

 

 

अमृत योजना फेस 2 का क्रियान्‍वयन

[नगरीय विकास एवं आवास]

8. ( क्र. 85 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या नये वार्डों की अधिकांश बस्तियों में पेयजल उपलब्‍ध नहीं हैं? (ख) क्‍या इन बस्तियों में अमृत योजना फेस 2 के अंतर्गत पानी की टंकी एवं पाईप लाईन डालने का काम किया गया है? (ग) यदि हाँ, तो इन बस्तियों में कहां-कहां पर पानी की टंकी एवं पाईप लाईन डाली गई है? कहां डाली जाना है? बस्‍तीवार अलग-अलग विवरण देवें? (घ) कब तक कार्य पूरा होगा?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) जी नहीं, अपितु नगर निगम जबलपुर में सम्मिलित नये वार्डों की बस्तियों में पूर्व से उपलब्ध संसाधनों एवं अमृत 1.0 योजना के अंतर्गत कराए गए कार्यों से पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। (ख) जी नहीं। अमृत 2.0 योजना की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) बनाने का कार्य प्रचलन में है। (ग) उत्‍तरांश (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (घ) उत्‍तरांश (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

जले हुए ट्रांसफार्मर को बदलने की जानकारी

[ऊर्जा]

9. ( क्र. 98 ) श्री कुँवरजी कोठार : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) राजगढ़ जिले के सारंगपुर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत 15 अक्टूबर 2021 से प्रश्‍न दिनांक तक चार संभागीय कार्यालयों के अंतर्गत आने वाले विद्युत वितरण केन्द्रों पर पम्प फीडर के जले हुए ट्रांसफार्मरों को कितने दिनों के अंतराल में बदले जाते हैं एवं विभाग के नियमानुसार कितने दिनों में बदलने हेतु नियम है? प्रत्येक विद्युत वितरण केन्द्र में जले हुए ट्रांसफार्मर की फेल/जलने की दिनांक एवं ट्रांसफार्मरों को बदलने की दिनांक से अवगत करावें। (ख) उक्‍त पम्‍प फीडर के जले हुए टांसफार्मरों को निर्धारित समय से विलंब से बदले जाने हेतु कौन-कौन अधिकारी/कर्मचारी दोषी है? क्या दोषी अधिकारी/कर्मचारी के विरुद्ध आवश्यक कार्यवाही की जावेगी? यदि नहीं, तो क्‍यों?

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में पम्‍प फीडरों पर विद्यमान विद्युत वितरण ट्रांसफार्मरों के जलने/खराब होने पर उनसे संबद्ध उपभोक्‍ताओं द्वारा नियमानुसार विद्युत बिल की कुल बकाया राशि का 10 प्रतिशत अथवा 50 प्रतिशत उपभोक्‍ताओं द्वारा भुगतान करने के उपरान्‍त पात्र होने पर पहुंच मार्ग की उपलब्‍धता अनुसार शुष्‍क मौसम में 72 घन्‍टे के अंदर तथा मानसून के मौसम के दौरान (माह जुलाई से माह सितंबर) सात दिवस के अन्‍दर बदले जाने अथवा विद्युत प्रदाय की पुनर्स्‍थापना किये जाने का प्रावधान है। प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में उक्‍त निर्धारित समय-सीमा में जले/खराब वितरण ट्रांसफार्मर बदले जाते है। प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में वितरण ट्रांसफार्मर जलने/खराब होने एवं बदलने की दिनांकवार/वितरण केन्‍द्रवार जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) प्रश्‍नाधीन सिंचाई पम्‍पों हेतु सिंचाई फीडरों पर जले/खराब वितरण ट्रांसफार्मर निर्धारित समय-सीमा में बदले गये हैं। अत: किसी अधिकारी/कर्मचारी के दोषी होने अथवा किसी के विरूद्ध कार्यवाही किये जाने का प्रश्‍न नहीं उठता।

 

मरम्‍मत मद में स्‍वीकृत सड़कों की जानकारी

[लोक निर्माण]

10. ( क्र. 121 ) श्री पुरुषोत्तम लाल तंतुवाय : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) हटा जिला दमोह की हटा विधानसभा क्षेत्रान्‍तर्गत वर्ष 2020-21, 2021-22, 2022-23 में कितनी सड़कें मरम्‍मत मद में स्‍वीकृत हुई थी? स्‍थलवार राशिवार प्रशासकीय स्‍वीकृति की छायाप्रति उपलब्‍ध कराये? (ख) मरम्‍मत मद से स्‍वीकृत मार्गों की वर्तमान स्थिति क्‍या है और पूर्ण/अपूर्ण/ प्रगतिरत कार्यों की स्थिति बतायें और कब तक यह कार्य पूर्ण हो जावेंगे? समय बताये।

लोक निर्माण मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) विस्‍तृत विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अ, 'अ-1' एवं 1 अनुसार है। (ख) विस्‍तृत विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अ एवं 'अ-1' अनुसार है।

महाविद्यालय हटा, दमोह में स्‍वीकृत कार्यों की जानकारी

[उच्च शिक्षा]

11. ( क्र. 124 ) श्री पुरुषोत्तम लाल तंतुवाय : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शासकीय महाविद्यालय हटा, दमोह में वर्ष 2018-19, 2019-20, 2020-212021-22 में भवन मरम्‍मत अतिरिक्‍त कक्ष निर्माण, भवन निर्माण व अन्‍य मद में क्‍या कार्य स्‍वीकृत हुये? प्रशासकीय स्‍वीकृति की कार्यवार व कार्य की वर्तमान स्थिति सहित जानकारी उपलब्ध कराने का कष्‍ट करें। (ख) क्‍या विकासखण्‍ड पटेरा के कुण्‍डलपुर में नवीन महाविद्यालय खोले जाने की प्रक्रिया लंबित है? यदि हाँ, तो कहां पर?

उच्च शिक्षा मंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) जी नहीं। नवीन महाविद्यालय प्रारंभ किए जाने संबंधी विभागीय मापदण्‍डों की पूर्ति नहीं होने के कारण कुण्‍डलपुर में नवीन शासकीय महाविद्यालय प्रारंभ किए जाने में कठिनाई है।

परिशिष्ट - "बयालीस"

विभाग द्वारा संचालित योजनायें

[उच्च शिक्षा]

12. ( क्र. 141 ) श्री देवेन्‍द्र सिंह पटेल : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍न दिनांक की स्थिति में रायसेन जिले में विभाग द्वारा कौन-कौन सी योजनायें संचालित की जा रही है? पात्रता की शर्तों सहित पूर्ण विवरण देवें। (ख) प्रश्‍न दिनांक की स्थिति में रायसेन जिले में किस-किस योजना में कितने-कितने छात्र/छात्राओं को लाभांवित किया गया? योजनावार संख्‍या बतायें। (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के संबंध में 1 जनवरी 2021 से प्रश्‍न दिनांक तक की अवधि में रायसेन जिले के किन-किन सांसद तथा विधायकों के पत्र विभाग के अधिकारियों को कब-कब मिले तथा उन पर क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई? पूर्ण विवरण देवें। (घ) प्रश्‍नांश (ग) में प्राप्‍त पत्रों में उल्‍लेखित किन-किन समस्‍याओं का निराकरण क्‍यों नहीं हुआ? कारण बतायें तथा इस हेतु विभाग के अधिकारियों ने क्‍या-क्‍या प्रयास तथा कार्यवाही की? पूर्ण विवरण देवें।

उच्च शिक्षा मंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट '''' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट '''' अनुसार है। (ग) गांव की बेटी योजना अंतर्गत पात्रता एवं मापदण्‍ड के संबंध में श्री रामपाल सिंह माननीय विधायक का पत्र दिनांक 22-10-2022 प्राप्‍त हुआ है, जिसके परीक्षण उपरांत संशोधन संबंधी कार्यवाही प्रचलन में है। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट '''' अनुसार है। (घ) उत्‍तरांश '''' के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

मुख्‍यमंत्री शहरी पेयजल योजना

[नगरीय विकास एवं आवास]

13. ( क्र. 142 ) श्री देवेन्‍द्र सिंह पटेल : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला रायसेन के उदयपुरा विधानसभा के अंतर्गत आने वाली नगर परिषद बरेली में मुख्‍यमंत्री शहरी पेयजल योजनान्‍तर्गत ग्राम बगलवाड़ा से बरेली में पेयजल आपूर्ति करने हेतु स्‍वीकृत कार्य की राशि, व्‍यय राशि, कार्य की वर्तमान स्थिति सहित जानकारी प्रदान करें?                                          (ख) प्रश्‍नांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में स्‍वीकृत कार्य की स्‍वीकृति की तिथि व अपूर्ण रहने का कारण स्‍पष्‍ट करें तथा संबंधित क्रियान्‍वयन एजेन्‍सी/ठेकेदार द्वारा निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूर्ण न किये जाने की स्थिति में संबंधित के विरूद्ध क्‍या कोई कार्यवाही की गई है? यदि नहीं, की गई तो कब तक की जायेगी?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) नगर परिषद बरेली में मुख्‍यमंत्री शहरी पेयजल योजनांतर्गत स्‍वीकृत जलप्रदाय योजना की राशि रू. 2627.43 लाख है। वर्तमान तक राशि रू. 2085.51 लाख का व्‍यय हुआ है। एक ओ.एच.टी. छोड़कर शेष कार्य वर्तमान में पूर्ण होकर कमिशनिंग का कार्य प्रगतिरत है। (ख) योजनांतर्गत निविदा दर स्‍वीकृति की तिथि दिनांक 31.03.2016 है। कार्य में विलंब का कारण योजनांतर्गत तीसरी उच्‍च स्‍तरीय टंकी के निर्माण हेतु भूमि आवंटन न होना तथा ग्राम बगलवाड़ा में निवासरत ग्रामवासियों द्वारा एच.टी. लाईन विद्युतीकरण कार्य में व्‍यवधान उत्‍पन्‍न करना है। कार्य में विलंब का परीक्षण कर अनुबंध के प्रावधानों के अनुसार कार्यवाही की जा सकेगी। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

सौर ऊर्जा कनेक्‍शन

[नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा]

14. ( क्र. 171 ) श्री रामपाल सिंह : क्या नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रायसेन जिले में सौर ऊर्जा कनेक्‍शन हेतु किन-किन किसानों के आवेदन पत्र कब से एवं किस स्‍तर पर लंबित है तथा क्‍यों? (ख) उक्‍त किसानों को कब तक सौर ऊर्जा के कनेक्‍शन दे दिये जायेंगे? (ग) सौर ऊर्जा कनेक्‍शन हेतु शासन के क्‍या-क्‍या निर्देश तथा शर्ते है इस हेतु किसान को क्‍या-क्‍या कार्यवाही करना पड़ती है, शासन द्वारा कितने अनुदान दिया जाता है, किसान को कितनी राशि जमा करना पड़ती है? (घ) क्‍या यह सत्‍य है कि विभाग द्वारा वर्तमान में सौर ऊर्जा कनेक्‍शन हेतु पोर्टल बंद कर दिया है? यदि हाँ, तो क्‍यों? कब तक पोर्टल चालू होगा पूर्ण विवरण देवें।

नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री ( श्री हरदीप सिंह डंग ) : (क) रायसेन जिले में सौर ऊर्जा कनेक्‍शन (सौर ऊर्जा से सिंचाई हेतु सोलर पम्‍प संयंत्र की स्‍थापना) हेतु 1020 किसानों के आवेदन पत्र म.प्र.ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड के स्‍तर पर लंबित है, जिसकी  जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'अनुसार है। शासन के निर्णयानुसार, निगम में प्राप्‍त वे आवेदन जो 16 जुलाई 2021 के पूर्व में किये गये है, में से पात्र पाये गये आवेदकों को बजट की उपलब्‍धता एवं वरीयता क्रम में चरणबद्ध रूप से सोलर पम्‍प संयंत्र उपलब्‍ध कराये जा रहे हैजिसकी जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'अनुसार है। (ख) उत्‍तरांश (क) में उल्‍लेखानुसार, केन्‍द्र शासन से नवीन दरें प्राप्‍त होते ही लंबित प्रकरणों के विरूद्ध पात्रता एवं बजट की उपलब्‍धता अनुसार सोलर पम्‍प संयंत्रों की स्‍थापना का कार्य पुन: प्रारंभ किया जावेगा। (ग) सौर ऊर्जा कनेक्‍शन (सौर ऊर्जा से सिंचाई हेतु सोलर पम्‍प संयंत्र की स्‍थापना) हेतु लागू ''मुख्‍यमंत्री सोलर पम्‍प योजना (कुसुम-ब)'' के दिशा-निर्देश आदि की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'' अनुसार है। योजनांतर्गत अनुदान की व्‍यवस्‍था योजनांतर्गत, वर्तमान में केन्‍द्र शासन से प्राप्‍त 30% अनुदान को म.प्र.शासन, नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग के 30% अनुदान से टॉप-अप किया जाएगा, शेष हितग्राही का अंश रहेगा। (घ) जी हाँ। यह सत्‍य है कि विभाग द्वारा वर्तमान में सौर ऊर्जा कनेक्‍शन हेतु पोर्टल बंद कर दिया गया है, उक्‍त के कारण निम्‍नानुसार है:- 1. सोलर पम्‍पों की स्‍थापना केन्‍द्र शासन की निविदा के माध्‍यम से चयनित पात्र ईकाइयों एवं निर्धारित दरों पर की जा रही थी, जिसकी वैधता मई 2022 में समाप्‍त हो गई है। केन्‍द्र शासन द्वारा नवीन निविदा की कार्यवाही की गई है। 2. ऑनलाईन पोर्टल पर आवेदक किसानों की प्रतीक्षा सूची निरंतर बढ़ती जा रही थी, अत: पोर्टल को आगामी निर्देश तक बंद कर दिया गया है। 3. नवीन दरें प्राप्‍त होते ही लंबित प्रकरणों के विरूद्ध पात्रता एवं बजट की उपलब्‍धता अनुसार सोलर पम्‍प संयंत्रों की स्‍थापना का कार्य पुन: प्रारंभ किया जावेगा

जले एवं खराब ट्रांसफार्मर

[ऊर्जा]

15. ( क्र. 172 ) श्री रामपाल सिंह : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दिनांक 01 दिसम्‍बर 2022 की स्थिति में रायसेन एवं बरेली संभाग के किन-किन ग्रामों के ट्रांसफार्मर जले एवं खराब हैं उनको क्‍यों नहीं बदला जा रहा है तथा कब तक बदल दिया जायेगा। (ख) दिनांक 01 दिसम्‍बर 2022 की स्थिति में रायसेन एवं बरेली संभाग में किन-किन ग्रामों तथा स्‍थानों के ट्रांसफार्मर चोरी हो गये हैं या अन्‍य व्‍यक्ति उतारकर ले गये हैं इस संबंध में विभाग के अधिकारियों ने क्‍या-क्‍या कार्यवाही की। (ग) रायसेन एवं बरेली संभाग में 1 जनवरी 2021 से प्रश्‍न दिनांक तक की अवधि में विद्युत दुर्घटना में किन-किन व्‍यक्तियों तथा कितने मवेशियों की किन-किन स्‍थानों पर मृत्‍यु हुई उनमें से किन-किन को राहत राशि दी गई तथा किन-किन को राहत राशि क्‍यों नहीं दी गई कारण बतायें? (घ) रायसेन एवं बरेली संभाग में इम्‍पेस्‍ट में कितने ट्रांसफार्मर हैं तथा उनका उपयोग क्‍यों नहीं हो रहा, विभाग के पास जले एवं खराब ट्रांसफार्मर बदलने हेतु कितने वाहन है तथा उनको कहां-कहां क्‍या-क्‍या उपयोग हो रहा है?

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) दिनांक 1 दिसम्‍बर, 2022 की स्थिति में संचालन-संधारण संभाग रायसेन अंतर्गत कुल 08 वितरण ट्रासंफार्मर जले/खराब थे, जिनमें से 04 वितरण ट्रांसफार्मरों को संबद्ध उपभोक्‍ताओं द्वारा नियमानुसार विद्युत बिल की बकाया राशि जमा करने के पश्‍चात् पात्र होने पर निर्धारित समय-सीमा में बदल दिया गया है तथा 04 वितरण ट्रांसफार्मर, संबद्ध उपभोक्‍ताओं द्वारा नियमानुसार बकाया राशि जमा नहीं करने के कारण बदलने हेतु शेष है। उक्‍तानुसार संचालन/संधारण संभाग रायसेन में बदले गए एवं बदलने हेतु शेष जले/खराब वितरण ट्रांसफार्मरों की ग्रामवार प्रश्‍नाधीन चाही गयी जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र             अ-1 एवं – 2 अनुसार है। शेष जले/खराब वितरण ट्रांसफार्मरों को नियमानुसार संबद्ध 50 प्रतिशत उपभोक्‍ताओं द्वारा विद्युत बिल की बकाया राशि का भुगतान करने पर अथवा कुल बकाया राशि का 10 प्रतिशत जमा होने के उपरांत बदला जा सकेगा अत: बदलने हेतु समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। दिनांक 01 दिसम्‍बर 2022 की स्थिति में बरेली संचालन-संधारण संभाग अंतर्गत कुल 04 वितरण ट्रासंफार्मर जले/खराब थे, जिनसे संबद्ध उपभोक्‍ताओं द्वारा नियमानुसार विद्युत बिल की बकाया राशि जमा करने के उपरांत पात्र होने पर उन्‍हें निर्धारित समय-सीमा में बदल दिया गया है। संचालन-संधारण संभाग बरेली के उक्‍तानुसार बदले गए जले/खराब वितरण ट्रांसफार्मरों की प्रश्‍नाधीन चाही गई ग्रामवार जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अ  3 अनुसार है।                             (ख) दिनांक 1 दिसम्‍बर, 2022 की स्थिति में संचालन-संधारण संभागों रायसेन एवं बरेली के किसी भी ग्राम अथवा स्‍थान के वितरण ट्रांसफार्मर चोरी होने अथवा अन्‍य व्‍यक्ति द्वारा उतारकर ले जाने की घटना म.प्र. मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के संज्ञान में नहीं है। अत: शेष प्रश्‍न नहीं उठता। (ग) संचालन-संधारण संभाग रायसेन में दिनांक 1 जनवरी 2021 से प्रश्‍न दिनांक तक की अवधि में विद्युत दुर्घटनाओं में कुल 08 व्‍यक्तियों एवं 5 पशुओं की मृत्‍यु हुई है। जिसमें से मृत 07 व्‍यक्तियों एवं 2 पशुओं के प्रकरणों में कंपनी नियमानुसार पात्रता नहीं होने के कारण आर्थिक अनुदान सहायता राशि प्रदान नहीं की गई है तथा मृत 1 व्‍यक्ति एवं 3 पशुओं के प्रकरणों में मृतक के आश्रितों/पीडि़त परिवार/पशु मालिकों को आर्थिक अनुदान सहायता राशि प्रदान की गई है। प्रदान किये जाने की कार्यवाही की जा रही है, जिसका विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ब – 1 अनुसार है। संचालन-संधारण संभाग बरेली में दिनांक 1 जनवरी 2021 से प्रश्‍न दिनांक तक की अवधि में विद्युत दुर्घटनाओं में कुल 16 व्‍यक्तियों एवं 09 पशुओं की मृत्‍यु हुई है। जिसमें से मृत 14 व्‍यक्तियों एवं 8 पशुओं के प्रकरणों में कंपनी नियमानुसार आर्थिक अनुदान सहायता राशि की पात्रता नहीं होने के कारण राहत राशि प्रदान नहीं की गई है एवं मृत 02 व्‍यक्तिओं एवं 1 पशु के प्रकरणों में मृतक के आश्रितों/पीडि़त परिवार/पशु मालिक को आर्थिक अनुदान सहायता राशि प्रदान की गई है। प्रदान किये जाने की कार्यवाही की जा रही है, जिसका विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ब – 2 अनुसार है। (घ) संचालन-संधारण संभाग रायसेन को 66 (28X25kva, 30X63kva, 7X100kva, 1X200kva) नंबर इम्‍प्रेस्ट के वितरण ट्रांसफार्मर आवंटित किये गये जिनमें से 41 (27X25kva, 12X63kva, 2X100kva) वितरण ट्रांसफार्मर आहरित कर लिये गये है, जिनका उपयोग जले/खराब वितरण ट्रांसफार्मरों को बदलने हेतु किया जा रहा है एवं शेष 25 वितरण ट्रांसफार्मरों को आवश्‍यकता अनुसार आहरित कर लिया जावेगा। संचालन-संधारण संभाग बरेली को 71 (35X25kva, 16X63kva,15X100kva, 5x200kva) इम्‍प्रेस्‍ट के वितरण ट्रांसफार्मर आवंटित किये गये है, जिनमें से 12 (7X25kva, 3x63kva, 2x100kva) वितरण ट्रांसफार्मर आहरित कर लिये गये है, जिनका उपयोग जले/ खराब वितरण ट्रांसफार्मरों के बदलने हेतु किया जा रहा है एवं शेष 59 वितरण ट्रांसफार्मरों को आवश्‍यकता अनुसार आहरित कर लिया जावेगा। संचालन-संधारण संभागों रायसेन एवं बरेली अंतर्गत क्रमश: 11 एवं 05 वाहनों का उपयोग जले एवं खराब ट्रांसफार्मर बदलने हेतु किया जा रहा है, जिसका विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र स-1 एवं प्रपत्र स– 2 अनुसार है।

नगर परिषद का दर्जा प्रदान किया जाना

[नगरीय विकास एवं आवास]

16. ( क्र. 180 ) श्री सोहनलाल बाल्‍मीक : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) परासिया विधानसभा क्षेत्र के अन्तर्गत ग्राम पंचायत इकलहरा को नगर परिषद बनाये जाने के संबंध में अपर आयुक्त नगरीय प्रशासन एवं विकास संचालनालय भोपाल के पत्र क्रमांक/शाखा-2/गठन-194/इकलहरा/2021/15069 भोपाल दिनांक 07.09.2021 के माध्यम से इकलहरा (जिला छिंदवाड़ा) को नगर परिषद का दर्जा दिये जाने हेतु म.प्र.न.पालि. अधिनियम 1961 की धारा 5 में निहित प्रावधानों के अन्तर्गत विभागीय अधिसूचना क्रमांक 64-एफ-1-19-2009-18-3 दिनांक 27 दिसम्बर 2011 के अनुसार प्रस्ताव अभिलेखों एवं स्पष्ट अनुशंसा के साथ प्रेषित करने का अनुरोध जिला कलेक्टर छिंदवाड़ा से किया गया था। उक्त चाहा गया प्रस्ताव अभिलेखों एवं स्पष्ट अनुशंसा के साथ विभागीय अधिसूचना क्रमांक 64-एफ-1-19-2009-18-3 दिनांक 27 दिसम्बर 2011 अनुसार निर्धारित मापदण्ड की पूर्ति होने के कारण प्रस्तावित नगर परिषद इकलहरा के गठन के लिए कलेक्टर छिंदवाड़ा द्वारा नगरीय प्रशासन एवं विकास संचालनालय भोपाल को दिनांक 18.01.2022 को प्रेषित किया जा चुका है और विभाग द्वारा चाही गई सम्पूर्ण जानकारी भी प्रेषित की जा चुकी है, किन्तु अभी तक ग्राम पंचायत इकलहरा को नगर परिषद का दर्जा प्रदान नहीं किया गया है? जिसका क्या कारण है? (ख) प्रस्तावित नगर परिषद इकलहरा जिला छिंदवाड़ा के गठन से संबंधित आगामी कार्यवाही व अन्य औपचारिकताओं को शासन/विभाग द्वारा कब तक पूर्ण कर लिया जायेगा? (ग) ग्राम पंचायत इकलहरा को नगर परिषद का दर्जा कब तक प्रदान कर दिया जायेगा?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) कलेक्टर जिला छिन्दवाड़ा से प्राप्त प्रस्ताव अनुसार ग्राम पंचायत इकलहरा को नगर परिषद बनाये जाने हेतु जनसंख्या का 60 प्रतिशत सघनता का मापदण्ड पूर्ण नहीं करती है। (ख) एवं (ग) उत्तरांश '''' के परिप्रेक्ष्‍य में समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

बिजली से हुई क्षति की जानकारी

[ऊर्जा]

17. ( क्र. 190 ) कुँवर विक्रम सिंह (नातीराजा) : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या यह सच है कि मध्यप्रदेश की बिजली कम्पनियों को जरूरत से ज्यादा बिजली खरीदने और बिजली के दाम प्रति यूनिट अधिक चुकाने के कारण अतिरिक्त क्षति हुई है? (ख) यदि हाँ, तो प्रश्‍न दिनांक तक उपरोक्त कारणों से कुल कितनी क्षति होने का अनुमान है? (ग) जरूरत से ज्यादा बिजली खरीदने और बिजली के दाम प्रति यूनिट अधिक चुकाने के क्या कारण हैं?

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) मध्य प्रदेश की बिजली कंपनियों द्वारा आवश्‍यकता से अधिक बिजली नहीं खरीदी गई अपितु, प्रदेश के उपभोक्ताओं की मांग के दृष्टिगत नियामक आयोग द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार मैरिट आर्डर डिस्पैच सिद्धांत के तहत ही विद्युत की आपूर्ति की जाती है। विद्युत उपभोक्ताओं की मांग की आपूर्ति के पश्चात अतिशेष विद्युत को पावर एक्सचेंज के माध्यम से विक्रित किया जाता है तथा विद्युत विक्रय नहीं होने की स्थिति में आयोग के द्वारा जारी विनियम के तहत इस अतिशेष बिजली को सरेंडर किया जाता है। क्रय किये गये विद्युत का भुगतान, विद्युत उत्पादक कंपनियों से निष्पादित अनुबंध के तहत माननीय नियामक आयोग द्वारा निर्धारित विद्युत दर के अनुसार किया जाता है। अतः बिजली के दाम प्रति यूनिट अधिक चुकाने का प्रश्‍न उपस्थित ही नहीं होता। (ख) एवं (ग) उत्‍तरांश '' के उत्तर के परिप्रेक्ष्य में प्रश्‍न उपस्थित ही नहीं होता।

कचरा संग्रहण कार्य में अनियमितता

[नगरीय विकास एवं आवास]

18. ( क्र. 238 ) श्री संजय शुक्ला : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नगर पालिक निगम इन्दौर में वर्ष 2015 से प्रश्‍न दिनांक तक निगम सीमा के 85 वार्डों में घर-घर से कचरा संग्रहण के लिए किस-किस वार्ड में कितने वाहन लगाये गये हैं? वार्डवार जानकारी दें। (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में वार्डों में लगाये गये वाहनों पर कितनी-कितनी राशि व्यय की गई? वाहनों पर कौन-कौन कर्मचारी कार्यरत हैं? (ग) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में वाहन से कचरा संग्रहण कार्य में कौन-कौन सी NGO कार्य कर रही है? NGO को वर्ष 2015 से प्रश्‍न दिनांक तक कितनी-कितनी राशि दी गई? वर्षवार माहवार जानकारी उपलब्ध कराये? (घ) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ NGO में कितने कर्मचारी कार्यरत हैं? क्या NGO द्वारा कार्य में लापरवाही की जा रही है? NGO को किन शर्तों पर वार्डों में कार्यादेश जारी किया गया था? शर्तों के अनुरूप ही कार्य किया जा रहा है? NGO में कितने कर्मचारी कार्यरत है? संपूर्ण जानकारी देवें।

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट '' अनुसार है(ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में वार्डों में लगाये गये वाहनों पर व्‍यय की गई राशि का विवरण वर्षवार पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट '' अनुसार है। वाहनों पर कार्यरत कर्मचारियों की संख्‍या वार्डवार पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट '' अनुसार है(ग) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट '' अनुसार है(घ) प्रश्‍नांश '''' के संदर्भ में एन.जी.ओ. में कार्यरत कर्मचारियों की  जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-एक अनुसार है। एन.जी.ओ. द्वारा कार्य में कोई लापरवाही नहीं की जा रही है। शर्तों की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-दो अनुसार है। एन.जी.ओ. द्वारा शर्तों के अनुरूप कार्य किया जा रहा हैशेष जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-एक अनुसार है

प्रधानमंत्री आवास योजना में अनियमितता

[नगरीय विकास एवं आवास]

19. ( क्र. 356 ) डॉ. सीतासरन शर्मा : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रश्‍नकर्ता के प्रश्‍न क्रमांक 360 दिनांक 11.03.2022 के प्रश्‍नांश (ख) में स्‍वीकार किया गया था कि प्रधानमंत्री आवास योजना के 195 प्रकरण बिना दस्‍तावेजों के स्‍वीकृत किये गये? (ख) उक्‍त प्रकरणों को स्‍वीकृत करने वालों के नाम, पदनाम सहित जानकारी देते हुए हितग्राहियों की नाम सहित जानकारी दें। (ग) क्‍या इसी प्रश्‍न के उत्‍तर अनुसार अपर संचालक                  श्री पी.एन.पाण्‍डेय, उपसंचालक श्री ओ.पी.झा एवं अधीक्षण यंत्री श्री राजीव गोस्‍वामी द्वारा की गई जांच के प्रतिवेदन में नगर पालिका परिषद नर्मदापुरम में पदस्‍थ अध्‍यक्ष तत्‍कालीन मुख्‍य नगर पालिका अधिकारी, सहायक यंत्री, उपयंत्री, लेखापाल एवं तत्‍कालीन समय में योजना से जुड़े अन्‍य सभी कर्मचारियों को उक्‍त अनियमितता के लिए संयुक्‍त रूप से उत्‍तरदायी पाया गया था? यदि हाँ, तो प्रत्‍येक की नाम सहित जानकारी दें। (घ) जानकारी दें कि प्रश्‍नांश (क) में उल्‍लेखित प्रश्‍न के संदर्भ में प्रश्‍नकर्ता के किन तारीखों में पत्र आयुक्‍त नगरीय प्रशासन एवं प्रमुख सचिव नगरीय प्रशासन को ईमेल से प्राप्‍त हुए पत्रों पर की गई कार्यवाही की जानकारी दें एवं क्‍या प्रश्‍नकर्ता को उपरोक्‍त पत्रों पर की गई कार्यवाही से अवगत कराया गया? यदि नहीं, तो क्‍यों? (ड.) जानकारी दें कि प्रधानमंत्री आवास योजना में अनियमितता के उत्‍तरदायी किन लोगों पर क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गयी? नाम, पदनाम सहित जानकारी देते हुये बतावें कि कार्यवाही न किये जाने के क्‍या कारण है?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) उक्त प्रकरणों को स्वीकृत करने वाले अधिकारियों के नाम, पदनाम की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-’’अ-1’’ एवं हितग्राहियों की नाम की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-’’अ-2’’अनुसार है। (ग) जी हाँ। उक्त जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-'''' अनुसार है। (घ) ई-मेल पर प्राप्त पत्रों पर की गई कार्यवाही का विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-’’’’ अनुसार है। (ड.) प्रकरण में श्री सुनील राजपूत दैनिक वेतन भोगी योजना प्रभारी के विरूद्ध एफ.आई.आर. क्रमांक 0595 दिनांक 16.09.2020 से दर्ज कराई गई है। उत्तरदायी पाये गये अधिकारी/कर्मचारी के विरूद्ध आरोप पत्र जारी करने हेतु संचालनालय ने पत्र क्रमांक 19876 दिनांक 18.11.2022 द्वारा संयुक्त संचालक, नर्मदापुरम संभाग से आरोप पत्र चाहे गये है। उक्त आरोप पत्र प्राप्त होने के उपरांत अनुशासनात्मक कार्यवाही की प्रक्रिया पूर्ण की जावेगी।

इटारसी/नर्मदापुरम में जल प्रदाय

[नगरीय विकास एवं आवास]

20. ( क्र. 357 ) डॉ. सीतासरन शर्मा : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नर्मदापुरम जिले की नगर पालिका इटारसी एवं नर्मदापुरम में मुख्‍यमंत्री/अमृत पेयजल योजना के अंतर्गत इटारसी/नर्मदापुरम के कुल कितने वार्डों/क्षेत्रों में, कितनी लंबाई की पाईप लाईन डाली गई? (ख) प्रश्‍नांश (क) में जिन वार्डों/क्षेत्रों में पाईप लाईन डाली गई उन क्षेत्रों में खोदी गई सभी सड़कों का क्‍या पुन:निर्माण कर दिया गया है? किन क्षेत्रों में किन कारणों से पुन:निर्माण नहीं किया गया? (ग) प्रश्‍नांश (क) में उल्‍लेखित में जिन वार्डों/क्षेत्रों पाईप लाईन डाली गई उन क्षेत्रों में वार्डवार कितने नल कनेक्‍शन दिये गये? वार्डवार संख्‍यात्‍मक जानकारी दें। (घ) प्रश्‍नांश (क) में उल्‍लेखित में जिन वार्डों/क्षेत्रों में पाइप लाइन डाली गई उन सभी क्षेत्रों में नई पाइप लाइन से नागरिकों को पानी उपलब्‍ध कराया जा रहा है एवं किन क्षेत्रों में किन कारणों से नई पाईप लाईन से पानी उपलब्‍ध नहीं कराया जा रहा है? (ड.) उपरोक्‍त प्रश्‍नांश (क) से (घ) की कार्यवाही नगर पालिका द्वारा दिये गये अनुबंध अनुसार की जा रही है यदि नहीं, तो अनुबंध के किन-किन शर्तों का उल्‍लंघन किया जाना पाया गया? इस संबंध में क्‍या कार्यवाही की गयी? (च) क्‍या प्रश्‍नांश (क) में उल्‍लेखित क्षेत्रों में दोनों समय पेयजल उपलब्‍ध कराया जा रहा है? यदि नहीं, तो क्‍यों? दोनों समय कब तक पेयजल उपलब्‍ध कराया जावेगा?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) नगर पालिका इटारसी के 33 वार्डों में लगभग 105 कि.मी. एवं नगर पालिका नर्मदापुरम के 33 वार्डों में 215 कि.मी. पाईप लाईन पेयजल योजना में डाली गई है। (ख) नगर पालिका इटारसी में वार्ड क्र. 6 एवं 34 में खोदी गई सड़क में लगभग 1 कि.मी. का पुनः निर्माण शेष है, जिसका कार्य प्रगति पर है। अन्य वार्डों में खोदी गई सडकों का पुनः निर्माण कर दिया गया है। नर्मदापुरम में जिन वार्डों में पाईप लाईन बिछाने एवं टेस्टिंग का कार्य पूर्ण हो चुका है, उन सभी सड़कों का पुनः निर्माण कर दिया गया है।                                         (ग) जानकारी संलग्न परिशिष्ट  अनुसार है। (घ) प्रश्‍नांश (क) में उल्लेखित वार्डों के विभिन्न क्षेत्रों में पाईप लाईन डाली गई है। उन क्षेत्रों में नागरिकों को पानी उपलब्ध कराया जा रहा है। जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। नगर पालिका इटारसी में कुछ क्षेत्रों में पाईप लाईन जोड़ने का कार्य प्रगति पर है। कार्य पूर्ण होने के उपरांत शेष क्षत्रों में पानी की आपूर्ति कर दी जायेगी। (ड.) जी हाँ। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (च) जी नहीं। नगर पालिका इटारसी में कुछ क्षेत्रों में पाईप लाईन जोड़ने का कार्य प्रगति पर है। कार्यपूर्ण होने के उपरांत शेष क्षेत्रों में पानी की आपूर्ति कर दी जावेगी, जबकि नर्मदापुरम में कुछ वार्डों में दोनों समय एवं कुछ वार्डों में प्रतिदिन जल प्रदाय किया जा रहा है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

परिशिष्ट - "तैंतालीस"

किसानों को सिंचाई के लिये बिजली का प्रदाय

[ऊर्जा]

21. ( क्र. 367 ) श्री नीलांशु चतुर्वेदी : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या यह सही है कि सतना जिले में मध्‍यप्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड किसानों को सिंचाई के लिये बिजली नहीं दे पा रही है? (ख) क्‍या बिजली गुल होने के कारण कटौती और हाइटेंशन लाइन में लगे घटिया इंसुलेटर हैं इसके कारण सब स्‍टेशन बार-बार ट्रिप करते हैं? हाइटेंशन में फॉल्‍ट लगने पर घंटों बिजली गुल रहती है तथा किसान पर्याप्‍त बिजली ना‍ मिलने के कारण खेतों में सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं? (ग) क्‍या गांव में सिंचाई के लिए पर्याप्‍त बिजली नहीं मिलने से किसान लगातार बिजली अफसरों के दफ्तरों में चक्‍कर लगा रहे हैं? (घ) यदि प्रश्‍नांश (क), (ख) और (ग) सही है तो बतायें सतना जिले में किसानों को पर्याप्‍त और अबाधित बिजली कब तक उपलब्‍ध करा दी जायेगी?

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) जी नहीं। अपितु म.प्र.पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा सतना जिले के अंतर्गत विद्युत लाईनों/अद्योसंरचना के रख-रखाव हेतु पूर्व निर्धारित शटडॉउन लेने तथा कतिपय अवसरों पर तकनीकी कारणों/प्राकृतिक आपदा से आए आकस्मिक व्‍यवधानों जैसी अपरिहार्य स्थिति को छोड़कर कृषि प्रयोजन हेतु नियमानुसार प्रतिदिन औसतन 10 घंटे विद्युत प्रदाय किया जा रहा है। (ख) जी नहीं, प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में किसी भी प्रकार की विद्युत कटौती नहीं की जा रही है। उच्‍चदाब विद्युत लाईनों के बंद होने का मुख्‍य कारण विद्युत अद्योसंरचना के विस्‍तार कार्य/रख-रखाव हेतु उच्‍चदाब विद्युत लाईनों को बंद किये जाने की आवश्‍यकता है, जिसकी पूर्व सूचना समाचार पत्रों एवं अन्‍य माध्‍यमों से विद्युत उपभोक्‍ताओं को दी जाती हैं। विद्युत लाईनों में फाल्‍ट होने की स्थिति में उपलब्‍ध संसाधनों के द्वारा यथाशीघ्र सुधार कार्य को पूर्ण कर विद्युत प्रदाय सुचारू कर दिया जाता है। एस.एच.एम.एस. से प्राप्‍त डाटा के अनुसार विगत दो माहों यथा अक्‍टूबर-2022 एवं नवम्‍बर-2022 में प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में कृषि फीडरों पर औसतन प्रतिदिन क्रमश: 8:58 घंटे : मिनिट एवं 9:45 घंटे : मिनिट विद्युत प्रदाय किया गया है। (ग) जी नहीं। उत्‍तरांश (ख) में दर्शाए अनुसार कृषि कार्य हेतु पर्याप्‍त विद्युत प्रदाय किया जा रहा है। (घ) उत्‍तरांश (क), (ख) एवं (ग) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न नहीं उठता।

रिंग रोड निर्माण की स्‍वीकृति

[लोक निर्माण]

22. ( क्र. 383 ) श्री तरूण भनोत : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                       (क) क्‍या यह सही है कि जबलपुर में रिंग रोड के निर्माण हेतु केन्‍द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा स्‍वीकृति प्रदान की गई है? (ख) यदि हाँ, तो उक्‍त रिंग रोड की कुल लंबाई और उसके लागत की जानकारी उपलब्‍ध करावें। (ग) क्‍या रिंग रोड के निर्माण को लेकर शासन स्‍तर पर प्रारंभिक डी.पी.आर. बनाया गया होगा? उसके सर्वे और अन्‍य तकनीकी वस्‍तुस्थिति की जानकारी उपलब्‍ध करावें। (घ) क्‍या यह भी सही है कि उक्‍त रिंग रोड के निर्माण हेतु भूमि अधिग्रहण का कार्य प्रदेश शासन द्वारा किया जाना है? (ड.) यदि हाँ, तो क्‍या वर्तमान वित्‍तीय वर्ष में उक्‍त रिंग रोड के भूमि अधिग्रहण हेतु प्रदेश शासन द्वारा वित्‍तीय प्रस्‍ताव लाया जाएगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण से प्राप्‍त जानकारी संलग्न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण से प्राप्‍त जानकारी संलग्न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ग) एवं (ड.) उत्‍तरांश (ख) के उत्तर अनुसार।

परिशिष्ट - "चौवालीस"

स्‍मार्ट सिटी अंतर्गत स्‍वीकृत परियोजनाओं को प्रारंभ करना

[नगरीय विकास एवं आवास]

23. ( क्र. 384 ) श्री तरूण भनोत : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या यह सही है कि स्‍मार्ट सिटी जबलपुर की वाई-फाई, कैमरे, एल.ई.डी. स्‍ट्रीट लाइट, लैम्‍प से सुसज्जित स्‍मार्ट पोल लगाने की योजना की वित्‍तीय स्‍वीकृति प्रदान की गई थी? (ख) यदि हाँ, तो स्‍मार्ट सिटी के अंतर्गत इन सौंदर्यीकरण योजनाओं को कब तक पूरा किये जाने का लक्ष्‍य है? (ग) क्‍या यह भी सही है कि जबलपुर स्‍मार्ट सिटी के अंतर्गत प्रस्‍तावित विकास कार्यों को भोपाल शिफ्ट किये जाने पर विचार किया जा रहा है?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) जी हाँ। जबलपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड के संचालक मंडल की बैठक दिनांक 17.02.2017 में वाई-फाई, केमरे, एल.ई.डी. स्ट्रिट लाइट, लेम्प से सुसज्जित स्मार्ट पोल लगाने की योजना की स्वीकृति PPP on BOT (Build, Operate and Transfer) मोड से लगाये जाने की स्वीकृति प्रदान की गई थी। (ख) स्मार्ट पोल लगाने के कार्य अंतर्गत जबलपुर सहित अन्‍य 06 शहरों के लिए इंदौर स्मार्ट सिटी द्वारा एकजाई निविदा (NIT) PPP on DBOOT (Design Build Own Operate and Transfer) मोड़ पर जारी की गई थी जिसके संबंध में माननीय न्‍यायालय में प्रकरण विचाराधीन होने से कार्य नहीं कराया गया है। जबलपुर स्‍मार्ट सिटी में कार्य का क्रियान्‍वयन वर्तमान स्थिति में नहीं होने से योजना को पूर्ण किया जाना लक्षित नहीं है। (ग) जी नहीं।

मार्ग निर्माण में उपयोग की गई मुरम की रॉयल्‍टी

[लोक निर्माण]

24. ( क्र. 425 ) श्री ब्रह्मा भलावी : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बैतूल, हरदा, होशंगाबाद जिले में गत चार वर्षों में किस-किस मार्ग के निर्माण में उपयोग की गई कितनी-कितनी मुरम की कितनी रॉयल्‍टी ठेकेदार के बिल से काटी गई, किस-किस ठेकेदार के बिल से मुरम की रॉयल्‍टी काटे बिना ही भुगतान किया गया? (ख) चार वर्षों में किस-किस मार्ग के निर्माण में उपयोग की गई कितनी-कितनी मुरम के परिवहन की अनुमति खनिज विभाग से किस-किस दिनांक को प्राप्‍त की गई, किस-किस ठेकेदार ने मुरम परिवहन की अनुमति खनिज विभाग से प्राप्‍त नहीं की? (ग) ठेकेदार के बिल भुगतान पर मुरम की रॉयल्‍टी काटी जाकर, खनिज विभाग में जमा करवाए जाने की कार्यवाही वर्तमान में किस दिनांक से की जा रही हैं? मुरम रॉयल्‍टी की राशि नहीं कांटे जाने के लिए विभाग के किस-किस इंजीनियर की क्‍या-क्‍या भूमिका रही हैं? (घ) जिन ठेकेदारों से मुरम रॉयल्‍टी की राशि नहीं काटी गई उनसे रॉयल्‍टी की राशि जमा करवाए जाने के संबंध में विभाग क्‍या-क्‍या कार्यवाही कब तक करेगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) लोक निर्माण विभाग द्वारा सड़क निर्माण कार्य में मुरम का उपयोग नहीं किया जाता है। मध्यप्रदेश शासन के राजपत्र दिनांक 06.09.2013 के अनुसार राज्य सरकार के सार्वजनिक उपक्रम, प्राधिकरण, मण्डल, स्थानीय निकाय अथवा राज्य के सरकारी विभाग के अधीन किये गए और किये जाने वाले समस्त निर्माण कार्यों के लिए साधारण मिट्टी और मुरम पर रॉयल्टी देय नहीं होगी। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) एवं (घ) उत्‍तरांश (क) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

रेरा अधि‍नियम 2016 की धाराओं के प्रावधान एवं कार्यवाही

[नगरीय विकास एवं आवास]

25. ( क्र. 448 ) डॉ. अशोक मर्सकोले : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रेरा अधिनियम 2016 की धारा 12, 14, 18, 19, 31, 59, 61 एवं 63 के तहत गत तीन वर्षों से किस-किस प्रकरण में आदेश किस दिनांक को दिया, उसमें से किस-किस प्रकरण में धारा 40 के अनुसार परिपालन से संबंधित किस-किस प्रकरण में प्रश्‍नांकित दिनांक तक क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई? किस प्रकरण में कार्यवाही किन-किन कारणों से नहीं की गई? (ख) धारा 12, 14, 18, 19, 31, 59,61 एवं 63 में उपरोक्‍त अवधि में दिए किस-किस आदेश में रेरा नियम 2017 के नियम 28 के तहत क्‍या कार्यवाही की गई, किस प्रकरण को किस दिनांक को न्‍यायालय में अंतरित किया, किस प्रकरण को किन-किन कारणों से प्रश्‍नांकित दिनांक तक भी न्‍यायालय में अंतरित नहीं किया? (ग) उपरोक्‍त अवधि में दिए गए आदेशों के संबंध में मध्‍यप्रदेश भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (कार्य संचालन) विनियमन 2021 में क्‍या-क्‍या प्रावधान दिए जाकर क्‍या-क्‍या प्रक्रिया निर्धारित की गई है? इसके लिए किसे अधिकृत किया गया है? जिम्‍मेदारी एवं जवाबदेही दी गई है?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) भू-संपदा (विनियमन और विकास) अधिनियम, 2016 के प्रावधानों के उल्लंघन के लिए अधिनियम की धारा-59, 61 एवं 63 में पारित आदेशों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ’’’’ ’’’’ एवं ’’’’ अनुसार है। धारा-59 के अंतर्गत 171 प्रकरणों में पारित आदेशों में से 149 प्रकरणों में कोई शास्ति अधिरोपित नहीं होने के कारण इन प्रकरणों में अधिनियम की धारा-40 के अंतर्गत कार्यवाही नहीं की गई है। 01 प्रकरण में आर.आर.सी. जारी की गई है। शेष 21 प्रकरणों में कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। धारा-61 के अंतर्गत विगत तीन वर्षों में 29 प्रकरणों में आदेश पारित किये गये जिसमें से 10 प्रकरणों में कोई शास्ति अधिरोपित नहीं होने के कारण इन प्रकरणों में धारा-40 के अंतर्गत कार्यवाही नहीं की गई है। 01 प्रकरण में आर.आर.सी. जारी की गई है तथा 18 प्रकरणों में कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। धारा-63 के अंतर्गत 51 प्रकरणों में आदेश पारित किये गये हैं। जिसमें से 26 प्रकरणों में शास्ति अधिरोपित नहीं होने के कारण धारा-40 के अंतर्गत कार्यवाही नहीं की गई है। 01 प्रकरण में आर.आर.सी. जारी की गई है तथा 24 प्रकरणों में कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। शेष धाराओं में शास्ति अधिरोपित किये जाने का प्रावधान नहीं है। (ख) अधिनियम की धारा-59, 61 एवं 63, के तहत पारित आदेशों में म.प्र. भू-संपदा ( विनियमन और विकास) नियम, 2017 के नियम-28 के अंतर्गत कोई कार्यवाही नहीं की गई है तथा कोई भी प्रकरण किसी न्यायालय को अंतरित नहीं किये गये है। (ग) म.प्र. भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण ( कार्य संचालन) विनियम 2021 राजपत्र में प्रकाशन दिनांक 28/11/2021 को किया गया है। विनियम पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट-’’’’ अनुसार है। विनियम अनुसार उत्तरादायित्व सौंपे गए है।

रेरा में पंजीयन करवाए बिना कॉलोनी निर्माण

[नगरीय विकास एवं आवास]

26. ( क्र. 449 ) डॉ. अशोक मर्सकोले : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रेरा में पंजीयन करवाए बिना ही बैतूल, हरदा एवं मण्‍डला जिले में किस ग्राम के किस खसरा नंबर के कितने रकबे पर आवासीय भूखंडों का विक्रय कर दिया गया है या आवासीय परिसर का निर्माण कर लिया है? (ख) रेरा में पंजीयन करवाए बिना आवासीय भूखंडों का विक्रय किए जाने, आवासीय परिसर का निर्माण कर विक्रय किए जाने के क्‍या-क्‍या प्रावधान हैं, रेरा में पंजीयन करवाए बिना भूखंडों एवं आवासीय परिसर के क्रय विक्रय को रोके जाने बाबत् क्‍या-क्‍या अधिकार किसे दिया गया है? (ग) रेरा में पंजीयन करवाए बिना आवासीय भूखंडों के क्रय विक्रय पर रोक लगाए जाने, नामांतरण पर रोक लगाए जाने, किए गये नामांतरणों को स्‍थगित किए जाने या निरस्‍त किए जाने के संबंध में शासन क्‍या कार्यवाही कब तक करेगा?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) बैतूल एवं हरदा जिले में रेरा में बिना पंजीयन कराये आवासीय भूखण्डों के विक्रय बावत् प्राप्त शिकायत की  जानकारी संलग्न परिशिष्ट  अनुसार है। मण्डला जिले की कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। (ख) बिना अनुमति आवासीय भू-खण्डों का विक्रय अवैध कॉलोनाईजेशन की श्रेणी में है इसका क्षेत्राधिकार जिला प्रशासन का है। रेरा के पंजीयन कराए बिना भू-संपदा का क्रय विक्रय की शिकायत प्राप्त होने पर भू-संपदा (विनियमन एवं विकास) अधिनियम, 2016 की धारा-59 के अंतर्गत कार्यवाही की जाती है। यह कार्यवाही अर्धन्यायिक स्वरूप की होती है। (ग) रेरा में पंजीयन करवाये बिना अप्राधिकृत रूप से कालोनी विकास किये जाने के विरूद्ध मध्यप्रदेश नगर पालिका (कालोनी विकास) नियम, 2021 के तहत कार्रवाई की जाती है। यह एक सतत् प्रक्रिया है अतः समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

परिशिष्ट - "पैंतालीस"

शासकीय नवीन महाविद्यालय, कुसमी में नियमित पदस्‍थापना

[उच्च शिक्षा]

27. ( क्र. 484 ) श्री कुँवर सिंह टेकाम : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                                                     (क) सीधी जिले के आदिवासी विकासखण्‍ड मुख्‍यालय कुसमी में शासकीय महाविद्यालय कब से संचालित हैं? कुसमी संचालित महाविद्यालय में शैक्षणिक एवं गैर शैक्षणिक पद कितने स्‍वीकृत हैं? पदवार व संख्‍यावार जानकारी देवें। (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में स्‍वीकृत पदों के विरूद्ध किन-किन पदों पर पदस्‍थापना की गई हैं? पूर्ण जानकारी उपलब्‍ध करायें। यदि नियमित पदस्‍थापना नहीं की गई तो कारण सहित जानकारी देवें। (ग) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में नवीन शासकीय महाविद्यालय कुसमी में प्राचार्य सहित शैक्षणिक, गैर शैक्षणिक पदों पर पदस्‍थापना के लिये (स्‍थानीय विधायक धौहनी के द्वारा) कितने और कब-कब पत्राचार किया गया? किये गये पत्राचार पर क्‍या कार्यवाही की गई? यदि कार्यवाही नहीं की गई तो क्‍यों? (घ) प्रश्‍नांश (ख) के संदर्भ में स्‍वीकृत पदों के विरूद्ध नियमित पदस्‍थापना किये जाने के क्‍या नियम हैं? यदि हाँ, तो कब तक नियमित पदस्‍थापना कर दी जावेगी? शासकीय महाविद्यालय कुसमी के लिये संचालित दिनांक से प्रश्‍न दिनांक तक कितनी राशि विभिन्‍न मदों में जारी की गई? मदवार व्‍यय की गई राशि की सम्‍पूर्ण जानकारी देवें।

उच्च शिक्षा मंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) शासकीय महाविद्यालय, कुसमी (जिला सीधी) वर्ष 2013 से संचालित है। महाविद्यालय हेतु स्‍वीकृत शैक्षणिक एवं गैर-शैक्षणिक पदों की  जानकारी संलग्न परिशिष्‍ट '''' अनुसार है। (ख) शैक्षणिक व गैर-शैक्षणिक संवर्ग अंतर्गत स्‍वीकृत रिक्‍त पदों पर नियमित पदस्‍थापना हेतु भर्ती संबंधी कार्यवाही प्रचलन में है। वर्तमान में स्‍वीकृत शैक्षणिक रिक्‍त पदों के विरूद्ध अतिथि विद्वानों के माध्‍यम से अध्‍यापन कार्य संचालित है।                                         (ग) महाविद्यालय में प्राचार्य तथा अन्‍य पदों पर पदस्‍थापना हेतु माननीय विधायक द्वारा लिखे गए पत्र दिनांक 29-11-2020 के संदर्भ में कार्यालय आयुक्‍त, उच्‍च शिक्षा के पत्र क्रमांक 2961 दिनांक 09-12-2022 के माध्‍यम से नियमित नियुक्ति की कार्यवाही संबंधी वस्‍तुस्थिति से अवगत कराया गया है। (घ) स्‍वीकृत पदों पर पदस्‍थापना नवीन नियुक्ति/स्‍थानांतरण के माध्‍यम से की जाती है। स्‍वीकृत पद पर नियमित पदस्‍थापना के संबंध में कोई नियम प्रचलन में नहीं है। रिक्‍त पदों की पूर्ति हेतु निश्‍चित समय-सीमा बताई जाना संभव नहीं है। वर्ष 2013-14 से 2022-23 तक महाविद्यालय को आवंटित एवं व्‍यय की गई राशि की जानकारी संलग्न परिशिष्‍ट '''' अनुसार है।

परिशिष्ट - "छियालीस"

जले ट्रांसफार्मरों को बदले जाना

[ऊर्जा]

28. ( क्र. 489 ) श्री कुँवर सिंह टेकाम : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                                  (क) सीधी एवं सिंगरौली जिले में प्रश्‍न दिनांक तक कितने ट्रांसफार्मर जले हैं? ग्रामवार सूची उपलब्‍ध करावें। (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में सीधी जिले में प्रश्‍न दिनांक को 74 नग एवं सिंगरौली जिले में 35 नग ट्रांसफार्मर जले हैं? (ग) प्रश्‍नांश (ख) के संदर्भ में जले ट्रांसफार्मरों को बदलने हेतु क्षेत्रीय विधायक के साथ माननीय मुख्‍यमंत्री कार्यालय के द्वारा कहा गया था? बताएं। (घ) प्रश्‍नांश (ग) के संदर्भ में जले ट्रांसफार्मरों को कब तक बदल दिया जायेगा? महीनों से जले ट्रांसफार्मरों के कारण जो गलत बिजली बिल जारी किए गये हैं उन्‍हें वसूली करेंगे क्‍या? यदि हाँ, तो क्‍यों? बिजली बिल निरस्‍त कर नये बिल जारी करेंगे?

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) प्रश्‍न दिनांक तक सीधी जिले में 77 एवं सिंगरौली जिले में 40 वितरण ट्रांसफार्मर जले/खराब हैं, जिनकी ग्रामवार सूची पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के  प्रपत्र-'एवं 'अनुसार है। (ख) जी नहीं, प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में सीधी जिले में प्रश्‍न दिनांक तक 77 एवं सिंगरौली जिले में 40 वितरण ट्रांसफार्मर जले/खराब हुये थे, जिनमें से सीधी जिले के 8 वितरण ट्रांसफार्मर, संबद्ध उपभोक्‍ताओं द्वारा नियमानुसार विद्युत बिल की बकाया राशि जमा करने के पश्‍चात् पात्र होने पर बदल दिये गये हैं। शेष जले/खराब वितरण ट्रांसफार्मर संबद्ध उपभोक्‍ताओं द्वारा नियमानुसार विद्युत बिल की बकाया राशि जमा नहीं करने के कारण अपात्र होने से बदलने हेतु शेष हैं। (ग) प्रश्‍नांश (ख) के संदर्भ में माननीय प्रश्‍नकर्ता क्षेत्रीय विधायक महोदय द्वारा धौहनी विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत सीधी जिले के 74 एवं सिंगरौली जिले के 34 वितरण ट्रांसफामरों के जले/खराब होने का उल्‍लेख करते हुए इनकी ग्रामवार सूची अपने पत्र क्रमांक Q दिनांक 21.11.2022 के द्वारा माननीय मुख्‍यमंत्रीजी को प्रेषित करते हुए इन्‍हें बदलने का अनुरोध किया गया था। उक्‍त पत्र की प्रति कलेक्‍टर सीधी एवं कलेक्‍टर, सिंगरौली को भी प्रेषित की गई थी। उक्‍त संबंध में जानकारी प्राप्‍त होने पर पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा माननीय विधायक महोदय के पत्र में उल्‍लेखित ग्रामों में स्‍थापित वितरण ट्रांसफार्मरों की जांच कराई गई, जिसमें पाया गया कि सूची में दिये गए सीधी जिले के 16 एवं सिंगरौली जिले के 24 वितरण ट्रांसफार्मर सही है एवं इससे उपभोक्‍ताओं का विद्युत प्रदाय चालू है। सीधी जिले के 15 वितरण ट्रांसफार्मर, संबद्ध उपभोक्‍ताओं द्वारा नियमानुसार बकाया राशि जमा करने के पश्‍चात् पात्र होने पर उक्‍त पत्र लिखने के पूर्व ही बदल दिये गये थे। शेष सीधी जिले के 43 एवं सिंगरौली जिले के 10 वितरण ट्रांसफार्मर बकाया राशि होने के कारण नियमानुसार अपात्र होने से बदलने हेतु लंबित थे। (घ) प्रश्‍नांश (ग) के संदर्भ में जले/खराब वितरण ट्रांसफार्मरों को उससे संबद्ध 50 प्रतिशत उपभोक्‍ताओं द्वारा भुगतान करने अथवा कुल बकाया राशि का 10 प्रतिशत जमा होने के उपरांत पात्रता की श्रेणी में आने के पश्‍चात नियमानुसार बदल दिया जायेगा। पात्रता श्रेणी में लाने हेतु वितरण केन्‍द्र एवं ग्राम पंचायत में शिविर आयोजित कर उपभोक्‍ताओं को बकाया राशि जमा करने हेतु प्रेरित किया जा रहा है ताकि ट्रांसफार्मर को पात्रता श्रेणी में लाकर अविलम्‍ब बदला जा सके। उपभोक्‍ताओं को संयोजित भार एवं खपत अनुसार विद्युत देयक जारी किये जाते है, किसी भी प्रकार की त्रुटि होने पर देयक में सुधार किया जाता है। जारी किये गये बिल में कोई त्रुटि नहीं होने पर नियमानुसार वसूली की जावेगी। अत: शेष प्रश्‍न नहीं उठता।

नगर परिषद पृथ्‍वीपुर में किये गये कार्यों की राशि का भुगतान

[नगरीय विकास एवं आवास]

29. ( क्र. 511 ) श्री बैजनाथ कुशवाह : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या दिनांक 10/01/2022 को कार्यपालन यंत्री सागर द्वारा मुख्‍य नगर पालिका अधिकारी नगर परिषद पृथ्‍वीपुर जिला निवाड़ी को अनुमोदन एवं अभिस्‍वीकृति पश्‍चात् 190000.00 रूपये भुगतान हेतु स्‍वीकृति दी थी? (ख) यदि हाँ, तो प्रश्‍नांश (क) में वर्णित राशि का भुगतान कर वरिष्‍ठ कार्यालय के आदेश का पालन हुआ हैं? यदि नहीं, तो क्‍यों एवं भुगतान कब तक कर दिया जायेगा?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) जी हाँ। श्री बिहारी जी कंस्‍ट्रक्‍शन के पृथक-पृथक निर्माण कार्यों के देयकों की क्रमश: राशि रूपये 1,09,278/- एवं 47,481 दोनों देयकों की कुल राशि रूपये 1,56,759/- का अनुमोदन किया गया था। (ख) उत्‍तरांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में राशि रूपये 1,56,759/- के भुगतान में वरिष्‍ठ कार्यालय के आदेश का पालन किया गया है। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

रिक्‍त पदो की विज्ञप्ति की जानकारी

[ऊर्जा]

30. ( क्र. 512 ) श्री बैजनाथ कुशवाह : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                                         (क) म.प्र.वि.वि.कं.लि. में वित्‍त सेक्‍शन से अन्‍य संकाय से सहायक यंत्रियों का विज्ञापन वित्‍त विभाग में संवर्ग/पद परिवर्तन लेखाधिकारी पद हेतु किस तिथि में निकाला गया? विज्ञापन की छायाप्रति बतावें। क्‍या वर्तमान प्रबंध संचालक सहायक यंत्री पद पर चयनित होकर दो बार लेखाधिकारी की परीक्षा में असफल होने के उपरांत भी इनके द्वारा आई.सी. एवं डब्‍लू.ए. परीक्षा पास चयन हेतु कर ली? क्‍या लेखाधिकारी के चयन हेतु आई.सी. एवं डब्‍लू.ए. परीक्षा पास को वरीयता दी जाती थी? लेकिन आई.सी. एवं डब्‍लू.ए. पास किसी को भी विद्युत मण्‍डल से म.प्र. पॉवर जनरेटिंग कंपनी से सीधे वरिष्‍ठ लेखाधिकारी की म.प्र. के विद्युत मण्‍डल की समस्‍त अवधि एवं इतिहास में आज दिनांक तक कभी नहीं बनाया मात्र इन्‍हीं को अनुचित एवं असंवैधानिक तरीके से लाभ दिया गया था? (ख) क्‍या इनके प्रस्‍तावित आदेश में स्‍पष्‍ट उल्‍लेख किया गया है कि मण्‍डल के सभी 7 सदस्‍यों के हस्‍ताक्षर होने पर आदेश वैध माना जायेगा? इनको अनुमोदन की कार्यालयीन टीप एवं इनके आदेश की छायाप्रति उपलब्‍ध करावें। क्‍या यह मात्र ट्रेनिंग काल में कोरबा में मात्र एक वर्ष पदस्‍थ रहने के बाद कभी भी फील्‍ड अर्थात ताप एवं जल विद्युत गृह में पदस्‍थ नहीं रहे? यह तकनीकी उत्‍पादन संकाय छोड़कर 10 वर्ष बाद वित्‍त एवं लेखा संकाय (अतकनीकी) में पदस्‍थ हो गये एवं निरंतर बने रहे एवं यह गैर तकनीकी एम.डी. भी बन गये जो गलत है? क्‍या फुल बोर्ड में प्रमुख सचिव ऊर्जा एवं वित्‍त विभाग के प्रमुख सचिव रहते हैं? (ग) क्‍या इनके अलावा किसी भी अधिकारी का अनुमोदन कर किसी भी संकाय में इस प्रकार पद परिवर्तन कर पदस्‍थ किया गया है? क्‍या इनकी कार्यालयीन टीप में फुल बोर्ड 7 सदस्‍यों के हस्‍ताक्षर के स्‍थान पर 5 सदस्‍यों के भी हस्‍ताक्षर हो तब जांच कराकर इनको मूल पद पर पदस्‍थ किया जावेगा? यदि हाँ, तो कब तक यदि नहीं, तो क्‍यों?

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) विधायक महोदय का आशय म.प्र.वि.वि.कं.लि. नहीं, अपितु म.प्र.विद्युत मण्‍डल से है। पूर्ववर्ती म.प्र.विद्युत मंडल द्वारा वित्‍त संकाय में सेवा देने हेतु इच्‍छुक विभागीय कार्मिकों से आवेदन आमंत्रित करने हेतु दिनांक 01.08.1991 को परिपत्र (विज्ञापन नहीं) जारी किया गया था। परिपत्र की प्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'अनुसार है। जी हाँ, म.प्र.पॉवर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड के वर्तमान प्रबंध संचालक, जिनकी प्रथम नियुक्ति सहायक अभियंता (उत्‍पादन) के पद पर हुई थी, द्वारा भी वित्‍त संकाय में सेवा प्रदान करने हेतु आवेदन कर चयन प्रक्रिया में दो बार भाग लिया गया, जिसमें वे सफल नहीं हो सके तथा उनके द्वारा आई.सी.डब्‍ल्‍यू.ए.आई. परीक्षा पास की गई। जी नहीं, पूर्ववर्ती म.प्र.विद्युत मण्‍डल द्वारा वित्‍त संकाय में उच्‍च पदों पर अधिकारियों की आवश्‍यकता के दृष्टिगत दिनांक 15.03.1980 को जारी आदेश जो कि तत्समय भी प्रभावी था, में आई.सी.डब्‍ल्‍यू.ए.आई. योग्‍यता प्राप्‍त कार्मिकों को उनके वर्तमान पद से लेखा संकाय में लेखाधिकारी के पद पर पदस्‍थ किए जाने के प्रावधान थे। उक्‍त प्रावधान के अंतर्गत वर्तमान प्रबंध संचालक को उनकी शैक्षणिक योग्‍यता, आई.सी.डब्‍ल्‍यू.ए.आई., होने के फलस्‍वरूप उनको वरिष्‍ठ लेखाधिकारी के पद पर नियुक्ति प्रदान की गई। अन्‍य किसी कार्मिक की सीधे वरिष्‍ठ लेखाधिकारी के पद पर नियुक्ति की जानकारी उपलब्‍ध नहीं है। (ख) वर्तमान प्रबंध संचालक के उत्‍पादन संकाय से लेखा/वित्‍त संकाय में नियुक्ति हेतु जारी आदेश दिनांक 03.02.2000 में यह इंगित किया गया था कि श्री मंजीत सिंह की वरिष्‍ठ लेखाधिकारी के पद पर नियुक्ति फुल बोर्ड द्वारा अनुमोदित नहीं किए जाने पर, उनकी नियुक्ति समाप्‍त कर उनको मूल संकाय के तत्समय के पद पर लौटाया जाएगा। अनुमोदन की कार्यालयीन टीप व आदेश की प्रति क्रमश: पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'एवं 'अनुसार है। वर्तमान प्रबंध संचालक दिनांक 22.05.1990 से 18.09.1990 तक सहायक अभियंता (उत्‍पादन) के रूप में कोरबा में पदस्‍थ थे। उनके द्वारा बी.ई. (मैकेनिकल), एम.ई. (मैकेनिकल) की अर्हता के साथ सहायक अभियंता (उत्‍पादन) के पद पर नियुक्ति एवं प्रशिक्षण उपरांत दस वर्षों से अधिक समय तक उत्‍पादन संकाय में तकनीकी कार्य सम्‍पादित किये गये एवं वित्‍त संकाय में रहते हुए सभी महत्‍वपूर्ण तकनीकी कार्यों में सम्मिलित रहने से गैर तकनीकी एम.डी. कहना सही नहीं है। जी हाँ, तत्‍समय फुलबोर्ड में राज्‍य शासन के प्रमुख सचिव (ऊर्जा) एवं प्रमुख सचिव (वित्‍त) भी बतौर सदस्‍य नामांकित थे।                                          (ग) म.प्र.विद्युत मंडल द्वारा श्री मनजीत सिंह के वरिष्‍ठ लेखा अधिकारी के पद पर नियुक्ति हेतु जारी आदेश दिनांक 03.02.2000 के परिप्रेक्ष्‍य में लेख है कि वे म.प्र.विद्युत मंडल (बोर्ड) द्वारा लेखा संकाय की आवश्‍यकता के अनुरूप उनकी लेखा विषयक शैक्षणिक योग्‍यता एवं अनुभव के दृष्टिगत मण्‍डल के सदस्‍य (वित्‍त), सदस्‍य (उत्‍पादन), सदस्‍य (सिविल), सदस्‍य (टी.एंड डी.) एवं अध्‍यक्ष के अनुमोदनोपरान्‍त वरिष्‍ठ लेखाधिकारी के पद पर नियुक्‍त किये गये। साथ ही दिनांक 01 नवंबर 2000 को म.प्र.राज्‍य के पुनर्गठन के तहत छत्‍तीसगढ़ राज्‍य अस्तिस्‍व में आया, जिसके फलस्‍वरूप तत्‍कालीन ‘’म.प्र.विद्युत मंडल’’ भी विभाजित हो कर ''म.प्र.राज्‍य विद्युत मंडल’’ में परिवर्तित हो गया। वर्ष 2003 में केंद्रीय शासन की विद्युत नीतियों के तहत ''म.प्र.राज्‍य विद्युत मंडल’’ को उत्‍तरवर्ती पांच कंपनियों में विभाजित किया गया एवं श्री सिंह की सेवाएं म.प्र.पॉवर जनरेटिंग कंपनी लिमि. में अंतिम रूप से आमेलित की गई। ''म.प्र.विद्युत मंडल’’ जो कि लगभग 22 वर्ष पूर्व अस्तित्‍वहीन हो गया, द्वारा सम्‍पादित वरिष्‍ठ लेखा अधिकारी की नियुक्ति प्रक्रिया पर वर्तमान में प्रश्‍न उठाना उचित प्रतीत नहीं होता।

संभाग क्र. 02 भोपाल के संबंध में

[नगरीय विकास एवं आवास]

31. ( क्र. 531 ) श्री बापूसिंह तंवर : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍न दिनांक तक म.प्र. गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मण्‍डल संभाग क्रं.02 भोपाल में कार्यपालन यंत्री, सहायक यंत्री, उपयंत्री के कितने अधिकारी पदस्‍थ हैं तथा उनको किस-किस क्षेत्र में क्‍या-क्‍या कार्य दिये गये हैं? अधिकारी का नाम पदनाम बताते हुए उनके क्षेत्र की जानकारी दें? (ख) प्रश्‍न की कंडिका (क) के अनुसार उपलब्‍ध सूची अनुसार कौन-कौन अधिकारी किस दिनांक से संभाग में पदस्‍थ हैं तथा उसने अपने व अपने परिवार के नाम से कितनी सम्‍पति की घोषणा की है? अधिकारी का नाम, पदनाम बताते हुए जानकारी दें? (ग) किस-किस उपयंत्री के पास क्‍या-क्‍या काम हैं? उपयंत्री तथा सेक्‍शन का नाम बताते हुए जानकारी देवें।

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट  '''' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट '''' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट '''' अनुसार है।

विद्युत व्‍यवस्‍था के बारे में जानकारी

[ऊर्जा]

32. ( क्र. 532 ) श्री बापूसिंह तंवर : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                                    (क) राजगढ़ विधानसभा अन्‍तर्गत स्‍वीकृत ग्रीड की सूची तथा नवीन प्रस्‍तावित ग्रीड की सूची उपलब्‍ध कराएं? (ख) प्रश्‍नांश (क) के उत्‍तर अनुसार उपलब्‍ध सूची के आधार पर स्‍वीकृत ग्रीड का कार्य कितने प्रतिशत पूर्ण हो गया है तथा प्रस्‍तावित ग्रीड कब तक पूर्ण हो जायेंगे?

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) म.प्र.मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी अंतर्गत राजगढ़ विधानसभा क्षेत्र में स्‍वीकृत एवं प्रस्‍तावित नवीन 33/11 के.व्‍ही. विद्युत उपकेन्‍द्रों (ग्रिड) की प्रश्‍नाधीन चाही गयी सूची संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-'एवं 'अनुसार है। प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में कोई भी नवीन अति उच्‍चदाब विद्युत उपकेन्‍द्र स्‍वीकृत एवं प्रस्‍तावित नहीं है। (ख) उत्‍तरांश (क) में उल्‍लेखित स्‍वीकृत 2 नंबर नवीन 33/11 के.व्‍ही. विद्युत उपकेन्‍द्रों के निर्माण कार्य केन्‍द्र शासन की आर.डी.एस.एस. योजना (प्रथम चरण-लाईन लॉस कम करने से संबंधित कार्य) में सम्मिलित हैं जिसकी स्‍वीकृति प्राप्‍त हो चुकी है एवं उक्‍त कार्यों हेतु म.प्र.मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा निविदा प्रक्रिया उपरांत कार्यादेश मेसर्स अग्रवाल पॉवर प्राइवेट लिमिटेड, भोपाल को दिनांक 07/11/2022 को जारी किया गया है। उक्‍त कार्य को पूर्ण किये जाने हेतु कार्यादेश की दिनांक से 24 माह की अवधि निर्धारित की गई है। प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में प्रस्‍तावित 33/11 के.व्‍ही. के 6 नंबर विद्युत उपकेन्‍द्रों को आर.डी.एस.एस. योजना (द्वितीय चरण-मोर्डनाईजेशन से संबंधित कार्य) में प्रस्‍तावित किया गया है, जिसकी स्‍वीकृति केन्‍द्र शासन से अपेक्षित है। अत: उक्‍त कार्य पूर्ण करने की निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

परिशिष्ट - "सैंतालीस"

टोल टैक्‍स की वसूली

[लोक निर्माण]

33. ( क्र. 569 ) श्री देवेन्‍द्र सिंह पटेल : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) 01 नवम्‍बर 2022 की स्थिति में राष्‍ट्रीय राजमार्ग-12 भोपाल-जबलपुर मार्ग पर किन-किन स्‍थानों पर कितने-कितने किलोमीटर के अंतर पर अनुबंध की किन-किन शर्तों पर कंपनी द्वारा किस दर पर कितने वर्षों तक टोल टैक्‍स वसूल किया जायेगा? (ख) स्‍थानीय निवासियों को पास उपलब्‍ध कराने हेतु क्‍या-क्‍या शर्तें हैं तथा उनको कहाँ से पास प्राप्‍त होगा? (ग) राष्‍ट्रीय राजमार्ग-12 भोपाल-जबलपुर मार्ग पर दुर्घटना में मृत मवेशी को सड़क तथा सड़क के किनारे से हटाने की जवाबदारी किसकी हैं तथा उनके द्वारा मृत मवेशी क्‍यों नहीं हटाये जा रहे हैं? (घ) क्‍या भारत सरकार के परिवहन मंत्री द्वारा निर्देश दिये गये हैं कि राष्‍ट्रीय राजमार्ग पर 60 किलोमीटर के भीतर दो स्‍थानों पर टैक्‍स वसूल नहीं किया जायेगा? यदि हाँ, तो राष्‍ट्रीय राजमार्ग-12 पर उक्‍त निर्देशों का पालन क्‍यों नहीं हो रहा हैं?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) से (घ) भारतीय राष्‍ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण से प्राप्‍त उत्‍तर पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार।

फर्जी प्रमाण पत्र जारी किया जाना

[नगरीय विकास एवं आवास]

34. ( क्र. 616 ) श्री नागेन्द्र सिंह (गुढ़) : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि क्या श्री रामसजीवन कोल पिता श्री रामकृष्ण कोल के वार्ड 8 में स्थित मकान को हड़पने के उद्देश्य से मुख्य नगर पालिका अधिकारी द्वारा बिक्रीनामा के आधार पर नगर परिषद् के शासकीय रिकार्ड में दिनांक 27.06.2022 को रहसाद मंसूरी के नाम पर दर्ज किया गया, इसके उपरांत दिनांक 27.06.2022 को मुख्य नगर पालिका अधिकारी द्वारा रहसाद मंसूरी को वार्ड 8 का स्थायी निवासी दर्शाते हुये फर्जी प्रमाण पत्र जारी किया गया, जबकि रहसाद मंसूरी नगर परिषद् के रिकार्ड समग्र आई.डी. में स्थायी निवासी वार्ड 7 दर्ज है। रहसाद मंसूरी के आधार कार्ड में भी वार्ड क्र. 7 का स्थायी निवासी बताया गया है। जिसके आधार पर रहसाद मंसूरी ने आदिवासी के मकान को अपने पिता रसीद मंसूरी के नाम दिनांक 30.06.2022 को रजिस्ट्री करा दिया गया। यदि हाँ, तो दोषी के विरूद्ध क्या कार्यवाही की जायेगी एवं कब तक?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) जी नहीं। कोई भी मकान हड़पने के उद्देश्य से न कोई कार्यवाही की गई है और न ही कोई फर्जी प्रमाण पत्र जारी किया गया है, बल्कि दिनांक 10.06.2022 को रहसाद मंसूरी पिता रसीद मंसूरी निवासी ग्राम गुढ़ वार्ड क्रमांक 7 थाना तहसील गुढ़ जिला रीवा मध्यप्रदेश द्वारा मुख्य नगरपालिका अधिकारी के समक्ष आवेदन पत्र 100-100 रूपये के 05 स्टाम्प पेपर पर अनुबंधित रासजीवन कोल पिता रामकृष्णा पाल कोल से क्रय किया गया मकान को निकाय के सम्पत्ति कर, समेकित कर पंजी में दर्ज करने हेतु आवेदन पत्र प्रस्तुत किया। आवेदन पत्र में मुख्य नगर पालिका अधिकारी द्वारा यह टीप अंकित कर कि शपथ पत्र के आधार पर नस्ती के साथ कार्यवाही सुनिश्चित करें एवं अभिमत सहित नस्ती में टीप दें, मुख्य नगरपालिका अधिकारी द्वारा टीप अंकित कर राजस्व प्रभारी की ओर आवेदन भेजा गया, राजस्व प्रभारी द्वारा सम्बन्धित नस्ती, मुख्य नगरपालिका अधिकारी के समक्ष दिनांक 20.10.2022 को प्रस्तुत की गई जिस नस्ती पर मुख्य नगरपालिका अधिकारी द्वारा नस्ती में अवलोकनार्थ एवं उचित आदेशार्थ हेतु अध्यक्ष को भेजा गया, अध्यक्ष ने प्रकरण पी.आई.सी की अगली बैठक में रखे जाने हेतु निर्देशित किया गया। प्रेसीडेन्ट-इन-काउंसिल की साधारण बैठक दिनांक 28.10.2022 के प्रस्ताव संकल्प क्रमांक 05 में निर्णय हेतु नस्ती प्रस्तुत की गई, जिसमें निर्णय लिया गया कि ‘‘रासजीवन कोल बनाम रहसाद मंसूरी तनय रसीद मंसूरी निवासी गुढ़ वार्ड क्रमांक 08 के द्वारा निकाय एवं कर्मचारियों को गुमराह करके संबंधित भू-स्थल का नामान्तरण कराया गया एवं राजस्व अभिलेखो सम्पत्ति कर समेकित कर पंजी में नाम दर्ज कराया गया है, ऐसे कृत्य की पी.आई.पी के सदस्यों द्वारा अप्रसन्नता व्यक्त करते हुए निंदा प्रस्ताव पारित करती है तथा जिस तरीके से गुमराह करके नामांतरण की कार्यवाही एवं अभिलेखो में नाम दर्ज कराया गया है, पी.आई.सी के सदस्यों द्वारा सर्वसम्मति से निर्णय लिय जाता है कि राजस्व प्रभारी सम्बन्धित अभिलेखों से नाम निरस्त किया जाना सुनिश्चित करे। पी.आई.सी के संज्ञान में यह बात आने पर कि किसी आदिवासी की जमीन अन्य किसी जाति के व्यक्ति को बिना कलेक्टर महोदय के अनुमति के न ही खरीदा जा सकता है और न ही बेचा गया है, कि बगैर सक्षम स्वीकृत के निकाय के जिस भी अधिकारी कर्मचारी द्वारा नामांतरण की कार्यवाही या अभिलेखो में नाम दर्ज किया गया है, किसी न्यायालीन प्रकरण अथवा कार्यवाही के लिए सम्बन्धित अधिकारी कर्मचारी स्वतः जबाव देह होगा। ‘‘ प्रकरण में भवन की रजिस्ट्री नहीं हुई है, केवल बिक्रीनामा अनुबंध पत्र सम्पादित है, जो नामातंरण हेतु वैध नहीं है। मुख्य नगरपालिका अधिकारी, नगर परिषद गुढ़, द्वारा उत्तर अनुसार तत्कालीन समय में राजस्व प्रभारी के रूप में निकाय में पदस्थ कर्मचारी श्री मोहनलाल बन्सल, सहायक राजस्व निरीक्षक द्वारा दयित्वों का निर्वहन किया जाता था। प्रेसीडेन्ट-इन- काउन्सिल, नगर परिषद गुढ़ द्वारा पारित संकल्प अनुसार जिम्मेदार कर्मचारी के विरूद्ध कार्यवाही करने एवं संबंधित दस्तावेजों से रहसाद मंसूरी के नाम विलोपित की कार्यवाही किए जाने हेतु मुख्य नगरपालिका अधिकारी सहित अध्यक्ष नगर परिषद गुढ़ को संभागीय कार्यालय, संयुक्त संचालक, नगरीय प्रशासन एवं विकास, रीवा संभाग रीवा से पत्र क्रमांक 1406 एवं 1407 रीवा, दिनांक 09.12.2022 द्वारा निर्देश पत्र जारी किया गया है।

समर्पित राशि के समर्पण प्रमाण-पत्र का प्रदाय

[लोक निर्माण]

35. ( क्र. 675 ) श्री हरिशंकर खटीक : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शासकीय पॉलीटेकनिक महाविद्यालय जतारा जिला, टीकमगढ़ के भवन निर्माण, बाउण्‍ड्रीवॉल एवं अन्‍य निर्माण कार्य हेतु कब-कब, कितनी-कितनी, राशि किस मद से स्‍वीकृत की गई है? ऐसे सभी आदेशों की छायाप्रतियां प्रदाय करें। (ख) प्रश्‍नांश (क) के आधार पर बताये की प्रश्‍न दिनांक तक कितनी-कितनी राशि व्‍यय करके कौन-कौन से निर्माण कार्य पूर्ण कराये जा चुके हैं? संबंधित ठेकेदार को कब-कब, कितनी-कितनी राशि का भुगतान किया जा चुका है? कितना भुगतान होना शेष हैं? निश्चित समय-सीमा सहित बतायें कब तक निर्माण कार्य पूर्ण हो जावेगा एवं संबंधित ठेकेदार का सम्‍पूर्ण भुगतान कब तक कर दिया जावेगा? (ग) क्‍या प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के आधार पर बताये की वर्ष 2013-14 में स्‍वीकृत राशि का लोक निर्माण विभाग द्वारा उपयोग न होने के कारण उपरोक्‍त भवन निर्माण की राशि समर्पित की गई थी? यदि हाँ, तो कितनी-कितनी राशि कब-कब और समर्पण राशि का प्रमाण-पत्र क्‍या तकनीकी शिक्षा विभाग भोपाल या शासकीय पॉलिटेक्निक महाविद्यालय जतारा को दे दिया गया है? जिसमें उक्‍त महाविद्यालय का स्‍पष्‍ट उल्‍लेख हो? (घ) प्रश्‍नांश (क), (ख) एवं (ग) के आधार पर बतायें कि क्‍या समर्पित राशि का समर्पण प्रमाण-पत्र न मिलने के कारण तकनीकी शिक्षा विभाग द्वारा शासकीय पॉलि‍टेक्निक महाविद्यालय जतारा जिला टीकमगढ़ को समर्पित राशि पुन: स्‍वीकृत नहीं हो पा रही है? अगर हाँ तो इसका लोक निर्माण विभाग द्वारा समर्पित राशि का समर्पण प्रमाण-पत्र कब तक दे दिया जावेगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) सभी आदेशों की छायाप्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अ एवं 1 अनुसार है। (ख) मात्र एक कार्य (शासकीय पॉलिटेक्निक महाविद्यालय जतारा जिला टीकमगढ़ के मुख्य भवन का)। शासकीय पॉलिटेक्निक महाविद्यालय जतारा के मुख्य भवन के कार्य में हुये व्यय की गई राशि की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अ एवं '' अनुसार है तथा शासकीय पॉलिटेक्निक महाविद्यालय जतारा के मुख्य भवन का निर्माण कार्य पूर्ण हो चूका है। संबंधित ठेकेदार को किये गये भुगतान की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अ एवं '' अनुसार है। वर्तमान में संबंधित ठेकेदार का मुख्य भवन के कार्य का कोई भी भुगतान शेष नहीं है। बाउण्ड्रीवाल एवं अन्य निर्माण कार्य आवंटन के अभाव में अपूर्ण है। आवंटन प्राप्त होने की स्थिति में शेष निर्माण कार्य लगभग तीन माह में पूर्ण होना संभावित है कार्य पूर्ण होने पर भुगतान किया जा सकेगा। (ग) जी हाँ। वर्ष 2013-14 में लोक निर्माण विभाग के बी.सी.ओ. 1902 को योजना क्रमांक 2667 में प्रदाय राशि का उपयोग न होने के कारण राशि रू.430.00 लाख को लोक निर्माण विभाग के पत्र क्रमांक बी/7-3/2013-14/समर्पण/692 दिनांक 29.03.2014 के द्वारा समर्पित कि गई है। राशि का समर्पण बी.सी.ओ. स्तर से योजनावार किया जाता है। समर्पण पत्र तकनीकी शिक्षा विभाग को संबोधित है। बी.सी.ओ. स्तर से समर्पण की जानकारी केवल संबंधित विभाग (तकनीकी शिक्षा विभाग) को ही प्रदाय की जाती है। महाविद्यालय को जानकारी बी.सी.ओ. स्तर से प्रदाय नहीं कि जाती है। (घ) वर्ष 2013-14 में लोक निर्माण विभाग के बी.सी.ओ. 1902 को योजना क्रमांक 2667 में प्रदाय राशि का सम्‍पूर्ण उपयोग न होने के कारण राशि रू.430.00 लाख को समर्पण प्रमाण-पत्र क्रमांक बी/7-3/2013-14/समर्पण/692 दिनांक 29.03.2014 के द्वारा राशि समर्पित की गई है। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-1 अनुसार है। समर्पित राशि पुनः स्वीकृत नहीं हो पाना तकनीकी शिक्षा विभाग से संबंधित है।

रामसर साइट की जानकारी

[नगरीय विकास एवं आवास]

36. ( क्र. 691 ) श्री लखन घनघोरिया : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) पर्यावरण संरक्षण के लिये अंतर्राष्ट्रीय महत्व की आर्द्र भूमियों के संरक्षण की रामसर साइट अंतर्राष्ट्रीय संधि क्या है? इसमें शामिल कराने हेतु राज्य एवं केन्द्रीय शासन को क्या कार्यवाही करना पड़ती है? रामसर साइट में स्थल के शामिल हो जाने पर कौन-कौन सी गतिविधियों को बढ़ावा मिलता है? प्रदेश शासन ने प्रदेश के किन-किन जिलों के तालाबों को रामसर साइट में शामिल कराया है एवं किन-किन जिलों के कौन-कौन से तालाबों/जलाशयों को शामिल कराने की क्या योजना हैं? (ख) क्या खंदारी जलाशय व डुमना नेचर पार्क जैव विविधता से समृद्ध और अनुकूल है? यदि हाँ, तो खंदारी जलाशय को रामसर साइट में शामिल कराने हेतु नगर निगम जबलपुर व जिला प्रशासन ने कब क्या पहल की हैं एवं क्या योजना बनाई हैं? यदि नहीं, तो क्यों? (ग) क्या खंदारी जलाशय वन्य जीवों के संरक्षण व मगरमच्छ के लिये अनुकूल प्राकृतिक स्थिति है? यदि हाँ, तो इसे क्रोकोडाइल ब्रीडिंग सेंटर के रूप में विकसित करने हेतु नगर निगम ने कब क्या योजना बनाई है तथा इसे बजट प्रस्ताव में कब शामिल किया है? इसे कब तक विकसित किया जावेगा?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) "वेटलैंड को संरक्षित" करने के लिए संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा ईरान के रामसर शहर में वर्ष 1971 में अंतर्राष्ट्रीय समझौता किया गया जिसे रामसर संधि कहते है। राज्य शासन द्वारा वेटलैंड की सैद्धांतिक अनुमति उपरांत तकनीकी प्रतिवेदन तैयार करके केन्द्र शासन को प्रस्तुत करना होता है। तदुपरांत केन्द्र शासन स्तर से प्रस्ताव को रामसर सचिवालय भेजा जाता है एवं मापदण्डों की पूर्ति के आधार पर रामसर सचिवालय द्वारा संबंधित वेटलैण्डस को रामसर साइट नामित किया जाता है। रामसर साइट में शामिल होने से वेटलैण्डस की जैव विविधता एवं पर्यटन की महत्ता को अंतर्राष्ट्रीय मानचित्र पर दर्शाया जाता है साथ ही म.प्र. शासन की पर्यावरण एवं नदी, तालाबों को बचाने की प्रतिबद्धता भी होती है। रामसर साइट वेटलैण्डस के पर्यावरण संरक्षण एवं प्रबंधन परियोजना तैयार की जा सकती है जिसके लिए वित्तीय सहायता पर्यावरण, मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा की जाती है। साख्य सागर, शिवपुरी, सिरपुर वेटलैंड एवं यशवंत सागर, इंदौर को राज्य शासन ने हाल ही में रामसर साइट में शामिल कराया है। तवा जलाशय, सतपुड़ा राष्ट्रीय उद्यान, नर्मदापुरम एवं खातियार-गिर इको क्षेत्र, राष्ट्रीय चम्बल अभ्यारण मुरैना के प्रस्ताव शासन से राज्य वेटलैंड प्राधिकरण को प्राप्त हुए है जो प्रक्रियाधीन है। (ख) जी हाँ, खंदारी जलाशय व डुमना नेचर पार्क जैवविधता से समृद्ध और अनुकूल है, किंतु रामसर साइट के संबंध में कोई (स्टडी) अध्ययन नहीं किया गया और ना ही कोई कार्य योजना तैयार की गई है। (ग) खंदारी जलाशय में कुछ मगरमच्छ एवं मछलियाँ है, किंतु ग्रीष्म ऋतु में जलाशय के पानी का स्तर काफी कम (सूखने की स्थिति) होने की स्थिति निर्मित हो जाती है जिससे मगरमच्छ ब्रीडिंग सेंटर बनाया जाना संभव नहीं है इस कारण कोई भी कार्य योजना तैयार नहीं की गई है और ना ही बजट प्रस्ताव में शामिल किया गया है।

जबलपुर नगर निगम क्षेत्र में संचालित औषधालय

[आयुष]

37. ( क्र. 692 ) श्री लखन घनघोरिया : क्या राज्यमंत्री,आयुष महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नगर निगम जबलपुर क्षेत्रान्तर्गत कितने-कितने आयुर्वेदिक, होम्योपैथिक, यूनानी, दवाखाना, औषधालय वाली क्लीनिक, चिकित्सालय संचालित हैं। इनमें स्वीकृत पद संरचना के तहत कितना-कितना स्टाफ स्वीकृत व पदस्थ है? कहां-कहां पर कब से कौन-कौन से पद रिक्त हैं एवं क्यों? शासन एवं जिला प्रशासन ने इन रिक्त पदों की पूर्ति हेतु क्या प्रयास किये हैं तथा कहां-कहां पर कब किसकी किस पद पर पदस्थी की गई हैं? वर्ष 2020-21 से 2022-23 तक की जानकारी दें।                                     (ख) जबलपुर पूर्व विधानसभा क्षेत्र क्रं.97 के तहत कहां-कहां पर कौन-कौन से दवाखाना, औषधालय एवं पॉलिक्लिनिक चिकित्सालय कब से संचालित हैं? कहां-कहां पर खोलना स्वीकृत व प्रस्तावित हैं? कहां-कहां पर स्वीकृत पद संरचना के तहत कब से कौन-कौन से पद रिक्त हैं एवं क्यों? सूची दें। (ग) व्यौहारबाग जबलपुर में पालि‍क्लिनिक चिकित्सालय कब से संचालित है? इसमें मरीजों का इलाज, चिकित्सा एवं दवाइयों सम्बंधी क्या-क्या सुविधाएं व व्यवस्था है? स्वीकृत एवं पदस्थ स्टॉफ की क्या स्थिति हैं? चिकित्सक का पद कब से रिक्त हैं एवं क्यों? चिकित्सक की पदस्थी कब तक कर दी जावेगी?

राज्यमंत्री,आयुष ( श्री रामकिशोर (नानो) कावरे ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार। पदपूर्ति हेतु लोक सेवा आयोग को दिनांक 28.12.2021 एवं 30.12.2021 को चिकित्सा अधिकारियों के 763 एवं पी.ई.बी. को दिनांक 08.04.2022 को पेरामेडिक्‍स के 249 पदों के प्रस्‍ताव भेजे गये।                                        (ख) औषधालय की जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार। पॉलिक्लिनिक चिकित्सालय संचालित नहीं। वर्तमान में नवीन औषधालय खोलने का कोई प्रस्ताव नहीं। जानकारी संलग्न परिशिष्ट  अनुसार।                             (ग) पॉलिक्लिनिक चिकित्सालय संचालित न होने से शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - "अड़तालीस"

नवीन टोल प्लाजा द्वारा वसूली

[लोक निर्माण]

38. ( क्र. 703 ) श्री सुरेश राजे : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                                  (क) डबरा से भितरवार वाया हरसी पहुँच मार्ग मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम द्वारा वर्ष 2017 से बनवाया गया है, किन्तु दिनांक 1/11/2022 से इस पहुँच मार्ग पर मनमाने तरीके से टोल टैक्स वसूला जा रहा है। क्या यह शासन के संज्ञान में है? यदि नहीं, तो इसे तत्काल हटाया जावे। (ख) यह टोल प्लाजा क्या वैधानिक नियमों के परिपालन अनुसार संचालित है? यदि हाँ, तो विवरण प्रदान करें। यदि नहीं, तो कार्यवाही कर हटावें l (ग) नगरीय निकायों की सीमा से टोल प्लाजा की दूरी नियमानुसार कितनी होती है? क्या इस नियम का पालन इस टोल प्लाजा की स्थापना में किया गया है? विवरण प्रदान करें l

लोक निर्माण मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ। जी नहीं। जी हाँ। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) जी हाँ। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।  (ग) यूजर फी के अनुबंधों में नगरीय निकायों की सीमा से टोल प्‍लाजा की दूरी के संबंध में काई नियम नहीं है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।



 

विद्युतीकरण योजना XII प्लान में अनियमितता

[ऊर्जा]

39. ( क्र. 704 ) श्री सुरेश राजे : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या मेसर्स बजाज इलेक्ट्रिकल्स मुंबई द्वारा मुरेना वृत्त में राजीव गाँधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना XII प्लान के अंतर्गत किये गए कार्यों में अनियमितता की जांच हेतु एवं इन कार्यों की गुणवत्‍तापूर्ण तरीके से पूर्ण किये जाने के लिए आवश्यक राशि का आंकलन करने के लिए गठित कमेटी द्वारा पत्र क्रमांक 330-31 दिनांक 27/07/22 द्वारा अंतिम रिपोर्ट प्रदान की गयी है? यदि हाँ, तो आंकलित राशि कितनी है? क्या इस राशि का व्यय सम्बंधित फर्म से करवाया जायेगा यदि हाँ, तो किस प्रकार यदि नहीं, तो किस कारण? (ख) क्या ऊपर वर्णित अनियमितता की जांच करने वाली समिति ने जांच प्रतिवेदन में किसी अधिकारी, कर्मचारी तथा निगरानी संस्था को दोषी पाया है? यदि हाँ, तो विवरण प्रदान करें l (ग) उक्त योजना के क्रियान्वयन की अवधि के दौरान कौन-कौन प्रोजेक्ट मेनेजर व नोडल अधिकारी पदस्थ रहे? विवरण प्रदान करें l (घ) क्या ग्वालियर जिले में राजीव गाँधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना के कार्यों की जांच की गयी? यदि हाँ, तो विस्तृत विवरण प्रदान करें। यदि नहीं, तो कारण बतावेंl

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) जी हॉं, मेसर्स बजाज इलेक्ट्रिकल्‍स, मुम्‍बई द्वारा मुरैना वृत्‍त में राजीव गाँधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना (XII प्‍लान) के अंतर्गत किये गये कार्यों में अनियमितता की जांच हेतु गठित जांच कमेटी द्वारा रिपोर्ट क्रं. 330-31 दिनांक 27.07.2022 से प्रतिवेदन मुख्‍य महाप्रबंधक ग्‍वालियर क्षेत्र को प्रेषित किया गया है। जाँच रिपोर्ट अनुसार पाई गई कमियों के विरूद्ध आंकलित राशि रू. 4,76,27,261/- (रू. चार करोड़ छियत्‍तर लाख सत्‍ताईस हजार दो सौ इकसठ) है। उक्‍त ठेकेदार एजेन्‍सी द्वारा किये गये कार्यों में जाँच रिपोर्ट अनुसार कमियाँ पाई गई थी एवं कार्य पूर्णता रिपोर्ट, आर.ई.सी. नई दिल्‍ली द्वारा स्‍वीकृत की जा चुकी है। अत: कार्य में पायी गई कमियों के सुधार के लिये महाप्रबंधक (सं/सं) मुरैना को वितरण कंपनी के पत्र क्रं. 8894 दिनांक 02.11.2022 से एस.टी.सी. संभाग से विभागीय स्‍तर पर कार्यों को पूर्ण कराने के निर्देश दिये गये हैं। उक्‍तानुसार आं‍कलित राशि रू 4,76,27,261/- मेसर्स बजाज इलेक्‍ट्रिकल्‍स मुम्बई के मुरैना वृत में किए गए उक्‍त कार्यों के देयकों से रोकी गई राशि में से समायोजित कर ली गई हैं। (ख) जी हाँ। पूर्व में मुख्‍य महाप्रबंधक (ग्रामीण परियोजना) द्वारा दिये गये निर्देशानुसार मुख्‍य महाप्रबंधक (ग्‍वालियर क्षेत्र) ग्‍वालियर के आदेश क्रमांक 6913 दिनांक 11/09/2019 के द्वारा राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना (XII प्‍लान) के अंतर्गत मेसर्स बजाज इलेक्ट्रिकल्‍स मुंबई को जारी किये गये अवार्ड के तहत मुरैना जिले में विद्युतीकरण के संपादित कार्यों के निरीक्षण हेतु 6 सदस्‍यीय जांच कमेटी गठित कर जांच रिपोर्ट प्रस्‍तुत करने हेतु निर्देशित किया गया था। उक्‍त कमेटी के द्वारा पत्र क्रमांक 370 दिनांक 20/03/2020 के द्वारा उनको दी गई सूची में उल्‍लेखित ग्रामों/मजरों/टोलों का निरीक्षण कर विस्‍तृत जांच रिपोर्ट प्रस्‍तुत की गई, जिसमें बजाज इलेक्ट्रिकल्‍स मुंबई द्वारा कराये गये कार्यों में उल्‍लेखित कमियां यथावत पाई गईं एवं यह पाया गया कि तत्‍कालीन प्रोजेक्‍ट मैनेजर एवं महाप्रबंधक द्वारा अनुबंध की शर्तों के अनुरूप मानक स्‍तर का कार्य कराया जाना सुनिश्‍चित नहीं किया गया। मुख्‍य महाप्रबंधक (ग्‍वालियर क्षेत्र) ग्‍वालियर के पत्र क्रमांक 1338 दिनांक 18/03/2021 के द्वारा जांच कमेटी को मेसर्स बजाज इलेक्ट्रिकल्‍स मुंबई द्वारा अमानक/गुणवत्‍ताहीन एवं अपूर्ण पाये गये कार्यों के कारण कंपनी को हुई वित्‍तीय हानि की गणना कर प्रतिवेदन प्रस्‍तुत करने हेतु निर्देशित किया गया था, जिसके संदर्भ में संयुक्‍त जांच कमेटी के द्वारा अपने पत्र क्रमांक 97 दिनांक 23/03/2021 के द्वारा चयनित लोकेशनों पर अमानक/ गुणवत्‍ताहीन एवं अपूर्ण पाये गये कार्यों से हुई वित्‍तीय हानि रू. 18,17,366/- एवं इन कमियों में पुन: सुधार कर अधोसंरचना को पुन: तकनीकी मानकों के अनुरूप स्‍थापित करने में होने वाले व्‍यय की राशि रू. 36,89,093/- इस प्रकार कुल राशि रू. 55,06,459/- का गणना-पत्रक प्रस्‍तुत किया गया एवं उक्‍त वित्‍तीय हानि हेतु तत्‍कालीन महाप्रबंधक एवं प्रोजेक्‍ट मैनेजर मुरैना एवं नोडल अधिकारी अम्‍बाह संभाग को जिम्‍मेदार माना। उक्‍त आधार पर प्रबंध संचालक, म.प्र.मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा पत्र क्रमांक 900 दिनांक 17/05/2021 के द्वारा श्री विनोद कटारे, तत्‍कालीन महाप्रबंधक एवं प्रोजेक्‍ट मैनेजर मुरैना को आरोप-पत्र जारी किया गया एवं मुख्‍य महाप्रबंधक (ग्‍वालियर क्षेत्र) ग्‍वालियर द्वारा पत्र क्रमांक 2568 दिनांक 27/03/2021 के द्वारा श्री गगन देव, तत्‍कालीन नोडल अधिकारी एवं उपमहाप्रबंधक अम्‍बाह संभाग को कारण बताओ सूचना-पत्र जारी किया गया। तत्‍पश्‍चात् पत्र क्रमांक 1496-97 दिनांक 11/11/2021 से आरोप-पत्र जारी किया गया है एवं विभागीय जांच कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। (ग) उक्‍त योजना की क्रियान्‍वयन अवधि के दौरान संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार प्रोजेक्‍ट मैनेजर व नोडल अधिकारी पदस्‍थ रहे। (घ) जी नहीं, ग्‍वालियर जिले में राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना के कार्यों में अनियमितता संबंधी कोई शिकायत प्राप्‍त नहीं होने के कारण जांच नहीं कराई गई है। अत: शेष प्रश्‍न नहीं उठता।

परिशिष्ट - "उन्चास"

अमृत जल योजना अंतर्गत पाईप लाईन विस्‍तार

[नगरीय विकास एवं आवास]

40. ( क्र. 802 ) श्री अशोक ईश्‍वरदास रोहाणी : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) केन्‍ट विधानसभा में अमृत जल योजना अंतर्गत किन-किन क्षेत्रों में पानी पाईप लाईन विस्‍तार कार्य चल रहा हैं? (ख) केन्‍ट विधानसभा में अमृत जल योजना अंतर्गत चल रहे कार्य कब तक पूर्ण हो जायेंगे? (ग) केन्‍ट विधानसभा अंतर्गत बिलहरी से तिलहरी में अमृत जल योजना की पानी पाईप लाईन विस्‍तार कार्य कब प्रारंभ होगा?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) वर्तमान में केन्ट विधानसभा क्षेत्र में अमृत जलप्रदाय योजना के अंतर्गत को कार्य नहीं किया जा रहा है। (ख) उत्‍तरांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) केन्ट विधानसभा के अंतर्गत बिलहरी से तिलहरी में जलप्रदाय के कार्य अमृत 2.0 योजना की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) में शामिल है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत निर्माणाधीन आवास

[नगरीय विकास एवं आवास]

41. ( क्र. 803 ) श्री अशोक ईश्‍वरदास रोहाणी : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) केन्‍ट विधानसभा में प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत कितने निर्माणाधीन मकान हैं? (ख) केन्‍ट विधानसभा में प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत कितने मकान हितग्राहियों को पजेशन हेतु सौंप दिये गये हैं? (ग) केन्‍ट विधानसभा में प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत कितने मकान हितग्राहियों को पजेशन हेतु सौंपना बाकी हैं और कब तक सौंप दिये जायेंगे?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) केन्ट विधानसभा क्षेत्र में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के ए.एच.पी. घटक अंतर्गत 2,544 आवास निर्माणाधीन है। (ख) केंट विधानसभा में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के ए.एच.पी. घटक अंतर्गत 27 आवास हितग्राहियों को पजेशन हेतु सौंप दिये गये है। (ग) केंट विधानसभा में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के ए.एच.पी. घटक अंतर्गत अभी तक 218 हितग्राहियों ने ही पंजीकरण कराया है, जिसमें से 191 हितग्राहियों का पजेशन शेष है। कार्य पूर्ण होते ही तथा पूर्ण हितग्राही अंश जमा होने पर पजेशन दिया जा सकेगा। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

चौड़ी सड़क का निर्माण

[नगरीय विकास एवं आवास]

42. ( क्र. 806 ) श्री सुरेन्‍द्र सिंह हनी बघेल : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बैरागढ़ चिचली से मानसरोवर कालेज के पास हिनोतिया आलम चौराहे तक जो 45 मीटर चौड़ी सड़क पूर्व में सीमांकित की गई है उसमें क्‍या निम्‍नांकित खसरा नंबरों 175/4/2/0001, 175/4/2/13, 175/5, 175/4/2/13, 175/4/2/6, 175/4/2/2, 175/5, 175/4/2/001, 75/5/1, 175/4/2/0002, 175/5/1, 175/4/2/10, 175/5, 170/1, 92/2/2, 92/3, 170/2/2, 171, 172 को सम्मिलित किया गया है अथवा नहीं? यह भी स्‍पष्‍ट करें कि मानसरोवर डेंटल कालेज से हिनोतिया आलम चौराहे तक कौन-कौन से खसरा नंबरों को 45 मीटर चौड़ी सड़क में शामिल किया जायेगा? (ख) पूर्व में सीमांकित की गई सड़क की स्थिति में क्‍या कोई परिवर्तन किया गया है? यदि हाँ, तो कारण सहित विवरण दें?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) लोक निर्माण विभाग द्वारा दी गई जानकारी अनुसार बैरागढ़ चिचली (कोलार मार्ग) से 700 मीटर लम्‍बाई में नगर निगम द्वारा सीमेंट कांक्रीट मार्ग निर्मित है। सीमेंट कांक्रीट मार्ग से हिनोतिया आलम चौराहे तक (मानसरोवर कॉलेज के पास) तक कुल 1350 मीटर लम्‍बाई में लोक निर्माण विभाग द्वारा डामर मार्ग का निर्माण कार्य किया जा रहा है। इस मार्ग के डामरीकृत मार्ग की चौड़ाई 5-50 मीटर एवं मार्ग की चौड़ाई 8-50 मीटर है। मार्ग निर्माण में पूर्व से निर्मित मार्ग का ही उन्‍नयन किया गया है। किसी भी अतिरिक्‍त भूमि का अधिग्रहण नहीं किया गया है। इस मार्ग की चौड़ाई बढ़ाकर 45 मीटर करने का विभाग द्वारा कोई भी प्रस्‍ताव प्रस्‍तुत नहीं किया गया है। (ख) मार्ग का निर्माण कार्य पूर्व से निर्मित मार्ग में ही किया जा रहा है। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

स्थापित पावर हाउस का रख-रखाव

[ऊर्जा]

43. ( क्र. 839 ) श्री गोपालसिंह चौहान : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                                  (क) ईसागढ़ क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम मनहेटी में स्थापित पावर हाउस का PTR लगभग 2 वर्ष से खराब हालत में है जिससे क्षेत्र में 4-5 घंटे ही लाइट आ रही है, कब तक सही करवा दिया जावेगा?                                                   (ख) ईसागढ़ क्षेत्र अंतर्गत ग्राम इंदौर, सकर्रा, कैसोपुर, भैसरवार ग्रामों को 18 घंटे विद्युत क्यों नहीं दी जाती? कारण सहित बताए। कब से 18 घंटे विद्युत इन आबादी वाले इन ग्रामों को मिलेगी?

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) ईसागढ़ क्षेत्र के अन्‍तर्गत ग्राम मनहेटी में विद्यमान 33/11 के.व्‍ही. विद्युत उपकेन्‍द्र पर विगत दो वर्ष से कोई भी पावर ट्रांसफार्मर खराब हालत में नहीं है तथापि उक्‍त विद्युत उपकेन्‍द्र पर दिनांक 16.11.2022 को 5 एम.व्‍ही.ए. क्षमता के पावर ट्रांसफार्मर में आन्‍तरिक खराबी आई थी तथा इसे दिनांक 26.11.2022 को बदल दिया गया था। इस दौरान उक्‍त विद्युत उपकेन्‍द्र पर स्‍थापित अन्‍य 5 एम.व्‍ही.ए. क्षमता के पावर ट्रांसफार्मर से वैकल्पिक व्‍यवस्‍था कर समूहों में 8-8 घंटे 3 फेज पर संबंधित क्षेत्र को विद्युत प्रदाय किया गया था। विभिन्‍न कारणों से आये आकस्मिक व्‍यवधानों को छोड़कर प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में कृषि एवं गैर-कृषि उपयोग हेतु नियमानुसार विद्युत प्रदाय किया जा रहा है। (ख) उत्‍तरांश (क) में दर्शाए अनुसार ईसागढ़ क्षेत्र के ग्रामों को दिनांक 16.11.2022 से दिनांक 26.11.2022 तक पावर ट्रांसफार्मर में आन्‍तरिक खराबी हो जाने के कारण समूहों में 8-8 घंटे तीन फेस विद्युत प्रदाय किया गया था। वर्तमान में आकस्मिक कारणों से आए व्‍यवधानों को छोड़कर ईसागढ़ क्षेत्र अंतर्गत प्रश्‍नाधीन उल्‍लेखित ग्रामों को 33/11 के.व्‍ही. विद्युत उपकेन्‍द्र मनहेटी से निर्गमित 11 के.व्‍ही. मिक्‍स फीडर कदवाया से ग्राम इंदौर एवं ग्राम शकर्रा को एवं 11 के.व्‍ही. मिक्‍स फीड़र मनहेटी से ग्राम कैशोपुर को तीन फेज पर 10 घंटे तथा सिंगल फेज पर 14 घंटे विद्युत प्रदाय किया जा रहा है। उक्‍त विद्युत उपकेन्‍द्र से निर्गमित 11 के.व्‍ही. घरेलू फीड़र मामोन से ग्राम भेसरवास को आकस्मिक कारणों से आए व्‍यवधानों को छोड़कर 24 घंटे विद्युत प्रदाय किया जा रहा है।

स्वच्छ भारत अभियान के अन्‍तर्गत शौचालय निर्माण

[नगरीय विकास एवं आवास]

44. ( क्र. 842 ) श्री राहुल सिंह लोधी : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) स्वच्छ भारत अभियान में शौचालय निर्मित कराने के लिए हितग्राही के पात्रता मापदण्ड क्या हैं? (ख) वर्ष 2015-16 में स्वच्छ भारत अभियान के तहत नगर परिषद बल्देवगढ़ में कितने शौचालय निर्माण स्वीकृत किये गये थे? हितग्राही के नामवार प्रदाय की गई राशि का विवरण दें। (ग) स्वच्छ भारत अभियान के तहत स्वीकृत शौचालय की इकाई लागत कितने रूपये है? यह भी बताये कि‍ स्वी‍कृत कार्य हितग्राही द्वारा निर्मित कराये गये हैं या ठेकेदार के माध्यम से? प्रति शौचालय हितग्राही से कितनी-कितनी राशि अग्रिम जमा कराई गई है? हितग्राहीवार विवरण देवें।                (घ) प्रश्‍नांश (ख) में उल्लेखित शौचालय में कितने पूर्ण व कितने अपूर्ण है? सूची देवें। अपूर्ण कार्यों को निर्धारित अवधि में पूर्ण न होने के लिए कौन दोषी है? दोषियों के विरूद्ध कब तक कार्रवाई की जावेगी?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट ''अनुसार है। (ख) वर्ष 2015-16 में स्‍वच्‍छ भारत मिशन के तहत नगर परिषद बल्‍देवगढ़ में 600 व्‍यक्तिगत शौचालय निर्माण कार्य स्‍वीकृत किये गये थे, शेष जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट ''अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट '' अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट '' अनुसार है, शेष घरों में शौचालय का निर्माण प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत हितग्राही द्वारा स्‍वयं से किया गया है। अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

ऊर्जा विभाग द्वारा की जा रही अनियमितता

[ऊर्जा]

45. ( क्र. 844 ) श्री संजय यादव : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                                    (क) विधानसभा बरगी क्षेत्रान्‍तर्गत आने वाले ग्रामीण अंचलों में विभाग द्वारा स्थापित करवाये गये ट्रांसफार्मरों एवं विद्युत लाइनों में आये दिन खराबी एवं ट्रांसफार्मर जलने की सूचना विभाग के पास आने के उपरान्त भी उपभोक्ताओं की समस्या का निराकरण समयावधि में क्यों नहीं हो पा रहा है? उक्त क्षेत्रांतर्गत कितने ट्रांसफार्मर खराब/बंद हैं? पुराने एवं खराब स्थापित ट्रांसफार्मरों को अभी तक बदलने हेतु क्या-क्या कार्यवाही की है? संपूर्ण विवरण देवें। (ख) उक्त क्षेत्र में कितने नये ट्रांसफार्मरों की स्थापना विभाग द्वारा वर्ष 2019 से 2022 तक की है? सूची सहित दिया जावें। (ग) विभाग द्वारा झूलती हुई विद्युत लाइनों का रखरखाव क्यों नहीं किया जा रहा है? कब तक उक्त क्षेत्रांतर्गत झूलती हुई लाइनों का सुधार किया जावेगा? (घ) क्या घटिया गुणवत्ताहीन ट्रासंफार्मरों की स्थापना व विद्युत लाइनों के रखरखाव में अनियमितताओं/भ्रष्टाचार के लिये क्या मुख्य अभियंता/अधीक्षण यंत्री, डिवीजनल इंजीनियर पाटन/एक्ज्‍यीकेटिव इंजीनियर शहपुरा दोषी नहीं है? यदि है, तो विभाग कब तक जांच कमेटी बनाकर घटिया/गुणवत्ताहीन ट्रासंफार्मरों की स्थापना की जांच करेगा? समयावधि बताई जावे व जांच कमेटी की जानकारी भी उपलब्ध कराई जावें।

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) बरगी विधानसभा क्षेत्रांतर्गत आने वाले ग्रामीण अंचलों में स्‍थापित वितरण ट्रांसफार्मरों एवं विद्युत लाईनों के जलने/खराब होने की सूचना म.प्र. पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के संबंधित कार्यालय/वितरण केन्‍द्र पर प्राप्‍त होने पर उपभोक्‍ताओं की समस्‍याओं के निराकरण हेतु उपलब्‍ध संसाधनों के द्वारा नियत समयावधि में सुधार कार्य किया जा रहा है। वर्तमान में प्रश्‍नाधीन क्षेत्रांतर्गत 28 जले/खराब वितरण ट्रांसफार्मर संबद्ध उपभोक्‍ताओं द्वारा नियमानुसार विद्युत बिल की बकाया राशि जमा नहीं करने के कारण बदलने हेतु शेष हैं, जिनकी सूची संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। उक्‍त जले/खराब वितरण ट्रांसफार्मरों को उनसे संबद्ध 50 प्रतिशत उपभोक्‍ताओं द्वारा भुगतान करने पर अथवा कुल बकाया राशि का 10 प्रतिशत जमा होने के उपरांत ही नियमानुसार बदले जाने की कार्यवाही की जा सकती है। वितरण केन्‍द्र एवं ग्राम पंचायत स्‍तर पर शिविर आयोजित कर विद्युत उपभोक्‍ताओं को बकाया राशि जमा करने हेतु प्रेरित किया जा रहा है ताकि वितरण ट्रांसफार्मर को पात्रता श्रेणी में लाकर अविलंब बदला जा सके। (ख) वर्ष 2019 से दिनांक 06.12.2022 तक की अवधि में प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में कुल 73 वितरण ट्रांसफार्मर स्‍थापित किए गए है, जिनकी प्रश्‍नाधीन चाही गयी सूची संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र ब में अनुसार है। (ग) म.प्र. पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा विद्युत लाईनों को व्‍यवस्थित करने सहित समस्‍त स्‍थापित विद्युत अधोसंरचना के रख-रखाव का कार्य मानसून पूर्व एवं मानसून अवधि के पश्‍चात करने के अलावा विद्युत व्‍यवधानों को कम करने के उद्देश्‍य से पूरे वर्ष सतत् रूप से किया जा रहा है। (घ) उत्‍तरांश (ग) में दर्शाए अनुसार प्रश्‍नाधीन क्षेत्र सहित म.प्र. पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी अंतर्गत विद्युत लाईनों के रख-रखाव का कार्य सतत् रूप से किया जाता है। साथ ही म.प्र. पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी में वितरण ट्रांसफार्मरों का परीक्षण नियमानुसार एन.ए.बी.एल प्रमाणित प्रयोगशालाओं से कराया जाता है एवं परीक्षण में निर्धारित मानकों के अनुसार उचित गुणवत्‍ता पाये जाने पर ही वितरण ट्रांसफार्मरों को मैदानी कार्यालयों को स्‍थापना हेतु आवंटित किया जाता है। उक्‍तानुसार की जा रही कार्यवाही के परिप्रेक्ष्‍य में किसी प्रकार की जांच की आवश्‍यकता प्रतीत नहीं होती।

परिशिष्ट - "पचास"

मार्ग एवं सेतु निर्माण

[लोक निर्माण]

46. ( क्र. 847 ) श्री संजय यादव : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                                      (क) क्या विभाग को माननीय मुख्यमंत्री जी को प्रेषित पत्र क्र. 1785 दिनांक 18.11.22 प्राप्त हो गया है? उक्त पत्र पर आज दिनांक तक की क्या-क्या कार्रवाई की गई? प्रश्‍नकर्ता द्वारा विभाग को गत 1 वर्ष में कितने मार्गों के प्रस्ताव दिए गए? उनमें से कितनों को स्वीकृत किया गया?                                     (ख) बरगी विधानसभा क्षेत्र के कौन-कौन से मार्गों की तकनीकी स्वीकृति कब-कब जिला स्तर से की जाकर विभागीय प्रमुख अभियंता कार्यालय को भेजी गई? (ग) प्रश्‍नकर्ता द्वारा गत 2 माह में मुख्य अभियंता सेतु निर्माण को कौन-कौन से प्रस्ताव भेजे गए एवं उक्त पर क्या-क्या कार्रवाई की गई? की गई कार्रवाई से अवगत करावें। (घ) राहगीरों की असुविधा एवं उड़ते हुए धूल के गुब्बारों के कारण स्वास्थ्‍य को देखते हुए शहपुरा से अमन ढाबा को जोड़ने वाले मुख्य मार्ग (3 किलोमीटर) को कब स्वीकृति प्रदान कर निर्माण कराया जावेगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी नहीं। शेष प्रश्‍न ही नहीं उठता। 46 मार्गों के प्रस्‍ताव दिये गये थे। इनमें से दो मार्ग स्‍वीकृत। (ख) बरगी विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत किसी भी मार्ग की तकनीकी स्वीकृति जिला स्तर से की जाकर विभागीय प्रमुख अभियंता कार्यालय को नहीं भेजी गई। (ग) जानकारी संलग्न परिशिष्‍ट अनुसार है। (घ) प्रश्‍नांश में वर्णित मार्ग पूर्व में एन.एच.ए.आई. के अंतर्गत था। हस्तांतरण के पूर्व वन टाईम निर्माण/स्वीकृति हेतु राशि रूपये 705.90 लाख का डी.पी.आर. एन.एच.ए.आई. को प्रेषित किया गया था। स्वीकृति अप्राप्त है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

परिशिष्ट - "इक्यावन"

ग्राम खबेना को मुख्य सड़क से जोड़ा जाना

[लोक निर्माण]

47. ( क्र. 848 ) श्री अजय कुमार टंडन : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि दमोह विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत जनपद पंचायत दमोह अंतर्गत ग्राम पंचायत बासनी ग्राम खबेना को मुख्य मार्ग से जोड़ा जाना प्रस्तावित है? यदि हाँ, तो कब तक जोड़ा जावेगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : जी नहीं। प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता।

 

कर्मचारियों का नियमितीकरण

[ऊर्जा]

48. ( क्र. 849 ) श्री अजय कुमार टंडन : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                              (क) मध्यप्रदेश में बिजली कंपनी में कितने कर्मचारी नियमित संविदा एवं आउटसोर्स में कार्यरत हैं? (ख) बिजली कंपनी में नियमित भर्ती कितने वर्षों से नहीं की गई है? आउटसोर्स कर्मचारियों को कितना वेतनमान दिया जाता है? (ग) क्या उनको दिए जाने वाला वेतन समान कार्य समान वेतन के अनुरूप है? (घ) क्या सरकार आउटसोर्स कर्मचारियों को नियमित करके उनके कार्य अनुसार वेतन दिए जाने पर विचार करेगी?

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) प्रदेश में विद्युत कंपनियों के अंतर्गत प्रश्‍न दिनांक की स्थिति में निय‍मित, संविदा एवं आऊटसोर्स में कार्यरत कार्मिकों की प्रश्‍नाधीन चाही गयी जानकारी संलग्न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-'अनुसार है। (ख) विद्युत कंपनियों के अंतर्गत नियमित भर्ती की प्रश्‍नाधीन चाही गयी जानकारी संलग्न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-'अनुसार है। आऊटसोर्स कार्मिकों को उनकी श्रेणी यथा-उच्‍च कुशल, कुशल, अर्धकुशल, अकुशल अनुरूप राज्‍य शासन द्वारा समय-समय पर निर्धारित दर के अनुसार वेतन का भुगतान बाह्य सेवा प्रदाता फर्म द्वारा किया जा रहा है।                                                 (ग) विद्युत कंपनियों के अंतर्गत नियमित कार्मिकों को दिनांक 01.01.2016 से लागू सातवें वेतनमान के प्रावधान अनुसार एवं संविदा कार्मिकों को विद्युत कंपनियों में प्रचलित संविदा सेवा (अनुबंध तथा सेवा की शर्तें) संशोधित नियम-2018 के अनुसार वेतन का भुगतान किया जा रहा है। इसके अतिरिक्‍त विद्युत कंपनी में कार्यरत आऊटसोर्स कार्मिकों को उत्‍तरांश (ख) में दर्शाए अनुसार भुगतान किया जा रहा है। उल्‍लेखनीय है कि आऊटसोर्स कार्मिक विद्युत कंपनियों के कर्मचारी नहीं होते हैं अत: समान कार्य समान वेतन का आदेश उन पर लागू नहीं होता। (घ) विद्युत कंपनियों के अंतर्गत आऊटसोर्स कार्मिक, बाह्य सेवा प्रदाता फर्म/एजेंसी के कार्मिक होते हैं। विद्युत कंपनियों द्वारा आऊटसोर्स कार्मिकों की भर्ती नहीं की जाती है। अत: आऊटसोर्स कार्मिकों के नियमितीकरण/ वेतन संबंधी कोई प्रस्‍ताव विचाराधीन नहीं है।

परिशिष्ट - "बावन"

सौर ऊर्जा संयंत्रों की स्‍थापना

[नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा]

49. ( क्र. 869 ) डॉ. योगेश पंडाग्रे : क्या नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जलाशयों, तालाबों पर तैरते हुए सौर ऊर्जा संयंत्रों की स्‍थापना हेतु राज्‍य में क्‍या-क्‍या नीति एवं योजना लागू हैं? प्रश्‍नांकित दिनांक तक किस-किस तालाब, जलाशय में कितने मेगावट की तैरते हुए सौर ऊर्जा संयंत्र वर्तमान में कार्य कर रहे हैं? (ख) सारनी पावर हाऊस के सतपुड़ा बांध, सारनी पावर हाऊस के पुराने राखड़ बांध में सौर ऊर्जा विद्युत उत्‍पादन से संबंधित क्‍या-क्‍या योजना प्रस्‍तावित की गई? सारनी राखड़ बांध पर सौर ऊर्जा बिजली उत्‍पादन की योजना प्रस्‍तावित नहीं करने का क्‍या कारण रहा हैं? (ग) सारनी पावर हाऊस के सतपुड़ा बांध का कुल क्षेत्रफल कितना है? उस पर अनुमानित सौर ऊर्जा की कितनी लागत से कितनी बिजली का उत्‍पादन संभव हैं?                                      (घ) सतपुड़ा बांध एवं राख बांध में सौर ऊर्जा बिजली उत्‍पादन के संबंध में क्‍या-क्‍या कार्यवाही की जा रही है? कब तक की जावेगी?

नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री ( श्री हरदीप सिंह डंग ) : (क) ''नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा नीति-2022'' पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के अंतर्गत भूमि के अतिरिक्‍त जलाशयों, तालाबों पर तैरते हुए सौर ऊर्जा संयंत्र की स्‍थापना हेतु प्रावधान किये गये है। अद्यतन प्रदेश में, तालाब जलाशय में तैरते हुए सौर ऊर्जा संयंत्र स्‍थापित नहीं हुए है। अत: तैरते हुए स्‍थापित सौर ऊर्जा संयंत्रों की अद्यतन संख्‍या निरंक है, तथापि विभाग द्वारा ओंकारेश्‍वर, जिला-खण्‍डवा स्थित जलाशय पर 600 मेगावाट क्षमता के तैरते हुए सौर ऊर्जा संयंत्र की परियोजना का कार्य प्रगति पर है। (ख) नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग में सारनी पावर हाउस के सतपुड़ा बांध, सारनी पावर हाउस के पुराने राखड़ बांध में सौर ऊर्जा विद्युत उत्‍पादन से संबंधित कोई प्रस्‍ताव प्राप्‍त नहीं है। (ग) एवं (घ) उत्‍तरांश (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

सड़क निर्माण कार्यों में लगने वाला गौण खनिज

[लोक निर्माण]

50. ( क्र. 870 ) डॉ. योगेश पंडाग्रे : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                                 (क) सड़क निर्माण कार्यों में लगने वाले मिट्टी, मुरम, पत्‍थर एवं रेत के खनन तथा परिवहन अनुमति प्राप्‍त करने, रॉयल्‍टी जमा करवाए जाने, रॉयल्‍टी क्लियरेन्‍स प्राप्‍त किए जाने के संबंध में क्‍या-क्‍या प्रावधान वर्तमान में लागू है? इस संबंध में जारी आदेश, निर्देश, पत्र, परीपत्र अधिसूचना की प्रति सहित बतावें। (ख) होशंगाबाद संभाग के अन्‍तर्गत गत पांच वर्षों में किस-किस सड़क का अंतिम बिल बनाया गया? उसमें कितनी मिट्टी, मुरम, पत्‍थर एवं रेत का उपयोग किया जाना आंकलित किया, उसमें से कितने खनिज की रॉयल्‍टी खनिज विभाग में जमा पाई गई, कितने खनिज की रॉयल्‍टी ठेकेदार के बिल से काटी गई? (ग) रॉयल्‍टी जमा करवाए बिना या रॉयल्‍टी काटे बिना गत पांच वर्षों में किस-किस सड़क निर्माण से संबंधित कितनी राशि के बिल का ठेकेदार को भुगतान किया गया? (घ) रॉयल्‍टी की राशि शासकीय खजाने में समय पर जमा करवाए जाने के संबंध में विभाग क्‍या कार्यवाही कर रहा है और कब तक करेगा समय-सीमा सहित बतावें?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) म.प्र. शासन खनिज विभाग एवं म.प्र शासन लोक निर्माण विभाग द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-1,  2 एवं  3 अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अ एवं 'अ-1' अनुसार है। (ग) कोई नहीं। (घ) शासन द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार ही कार्यवाही की जा रही है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

मनमानी बिल वसूली एवं समाधान योजना का लाभ

[ऊर्जा]

51. ( क्र. 886 ) श्री शरद जुगलाल कोल : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                                              (क) शहडोल जिले में ऊर्जा विभाग द्वारा कितने उपभोक्‍ताओं के कनेक्‍शन अप्रैल वर्ष 2019 से प्रश्‍नांश दिनांक के दौरान विच्‍छेदित किये गये, का विवरण विद्युत वितरण केन्‍द्रवार देवें।                           (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार किन उपभोक्‍ताओं के विद्युत कनेक्‍शन विच्‍छेदित किये गये? उनके बिजली के बिल कितने थे, उनमें से बी.पी.एल. कार्डधारी कितने है? विच्‍छेदित उपभोक्‍ताओं में से कितने किसान, व्‍यापारी व सामान्‍य उपभोक्ता है, का विवरण पृथक-पृथक देवें। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत् ए.एच.पी. के म‍कान जो नगर निगमों से गरीबों को सस्‍तें दर पर उपलब्‍ध कराये गये हैं, उनके बिजली के बिल 500 से लेकर 1000 रूपये प्रतिमाह दिये जा रहे हैं, इनके बिल कम किये जाने बावत् क्‍या निर्देश देंगे? जबकि इनमें से अधिकांश गरीबी के सूची में नाम होने वाले उपभोक्‍ता है। (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) अनुसार विद्युत कनेक्‍शन विच्‍छेदित उपभोक्‍ताओं के कनेक्‍शन विच्‍छेदन पश्‍चात् जोड़ने की क्‍या प्रक्रिया है? पुन: कनेक्‍शन जोड़ने हेतु कितनी राशि उपभोक्‍ताओं से अतिभार के रूप में वसूली गई, का विवरण विद्युत वितरण केन्‍द्रवार देवें?                                               (घ) प्रश्‍नांश (क) अनुसार जिन उपभोक्‍ताओं के विद्युत कनेक्‍शन विच्‍छेदित किये गये उनमें से कितने उपभोक्‍ताओं के प्रकरण न्‍यायालय में वसूली बावत् भेजे गये एवं इनमें से कितने जेल गये का विवरण वितरण केन्‍द्रवार, देवें। इनमें से कितने किसान व कितने आम उपभोक्‍ता थे।                           (ड.) प्रश्‍नांश (क), (ख) (ग) एवं (घ) में उल्‍लेखित तथ्‍यों अनुसार उपभोक्‍ताओं से जबरन ज्‍यादा बिल देकर वसूली की कार्यवाही की गई। न्‍यायालय में प्रकरण वसूली बावत् भेजकर उपभोक्‍ताओं को जेल भेजा गया आम उपभोक्‍ता न्‍यायालय में भटकता रहा इसके लिये कौन-कौन जिम्‍मेदार हैं? मनमानी बिल वसूली पर रोक लगाने व समझौता योजना के तहत उपभोक्‍ताओं के बिल कम कराये जाने बावत् क्‍या निर्देश देंगे? अगर नहीं तो क्‍यों?

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) म.प्र. पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा शहडोल जिले में माह अप्रैल 2019 से दिनांक 30.11.2022 तक की अवधि में कुल 86979 उपभोक्‍ताओं के कनेक्‍शन अस्‍थाई रूप से विच्‍छेदित किए गए, जिनका विद्युत वितरण केन्‍द्रवार विवरण  संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र- '' अनुसार है। (ख) उत्‍तरांश (क) में दर्शाए अनुसार शहडोल जिले में जिन 86,979 उपभोक्‍ताओं के विद्युत कनेक्‍शन विद्युत बिल की राशि बकाया होने के कारण अस्‍थाई रूप से विच्‍छेदित किये गये थे, उनमें से 51400 उपभोक्‍ता बी.पी.एल. कार्डधारी थे। उक्‍तानुसार अस्‍थाई रूप से विच्‍छेदित उपभोक्‍ताओं में से 127 किसान, 3245 व्‍यापारी एवं 83607 सामान्‍य उपभोक्‍ता (बी.पी.एल. उपभोक्‍ता सहित) थे, जिनका विवरण  संलग्‍न  परिशिष्‍ट के प्रपत्र-'' अनुसार है। उक्‍त उपभोक्‍ताओं के बिजली के बिल राशि 2,000 रू. से अधिक थी। उल्‍लेखनीय है कि राज्‍य शासन द्वारा प्रदेश के आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के हितार्थ 150 यूनिट तक की खपत होने पर प्रथम 100 यूनिट हेतु 100 रूपये तथा 100 यूनिट से अधिक एवं 150 यूनिट तक की खपत पर म.प्र. विद्युत नियामक आयोग द्वारा निर्धारित टैरिफ के अनुसार बिल जारी करने की सुविधा पूर्व से दी गई है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत ए.एच.पी. के मकान जो नगर निगमों से गरीबों को सस्‍ते दर पर उपलब्‍ध कराये गये थे, उनके बिजली के बिल भी उक्‍त सस्‍ती बिजली की सुविधा प्रदान करते हुए वास्‍तविक खपत के आधार पर प्रदान किये जा रहे है। चूँकि बिल वास्तविक खपत के आधार पर सस्‍ती बिजली की सुविधा प्रदान करते हुए जारी किये जा रहे हैं अत: उन्हें कम करने का प्रश्‍न नहीं उठता। (ग) म.प्र.पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा जिन उपभोक्‍ताओं के विद्युत कनेक्‍शन अस्‍थाई रूप से विच्‍छेदित किये गये हैं उन विद्युत कनेक्‍शनों की बकाया राशि का कम से कम 50 प्रतिशत जमा होने के पश्‍चात जोड़ा जाता है। पुन: कनेक्‍शन जोड़ने हेतु उपभोक्‍ताओं से वसूली गई अधिभार की राशि का विवरण संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-'' अनुसार है।                    (घ) प्रश्‍नाधीन जिन उपभोक्‍ताओं के विद्युत कनेक्‍शन विच्‍छेदित किये गये उनमें से किसी भी उपभोक्‍ताओं के प्रकरण न्‍यायालय में वसूली हेतु नहीं भेजे गये हैं। अत: शेष प्रश्‍न नहीं उठता।                             (ड.) उपभोक्‍ता को वास्‍तविक खपत के आधार पर एवं म.प्र. विद्युत नियामक आयोग द्वारा निर्धारित टैरिफ अनुसार ही विद्युत देयक जारी किये गये है। उपभोक्‍ताओं का कोई भी प्रकरण न्‍यायालय में वसूली बावत् नहीं भेजा गया है। अत: उपभोक्ता के न्यायालय में भटकने अथवा किसी के जिम्मेदार होने का प्रश्‍न नहीं उठता। बिल वसूली की कार्यवाही निर्धारित प्रक्रिया एवं नियमानुसार की जाती है। प्रश्‍नांश में उल्‍लेखित समझौता (Compounding), विद्युत अधिनियम, 2003 के प्रावधानों के अंतर्गत विद्युत चोरी के अपराध के शमन के सन्‍दर्भ में लोक अदालत के माध्‍यम से बिजली चोरी के प्रकरणों के निराकरण में, बिल की राशि कम किये जाने से संबंधित है तथा इसका सामान्‍य प्रकरणों में बकाया राशि की वसूली/बिल की राशि कम करने से कोई संबंध नहीं है।

परिशिष्ट - "तिरेपन"

विधि संगत कार्यवाही

[लोक निर्माण]

52. ( क्र. 887 ) श्री शरद जुगलाल कोल : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या सरकार द्वारा डामर प्‍लांट संचालन बाबत् अनुम‍ति प्रदान करने के क्‍या निर्देश हैं? प्रति देते हुये बतावें कि कहाँ-कहाँ किन-किन शर्तों अनुसार डामर प्‍लांट किनके नाम से संचालित हैं? (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार संचालित डामर प्‍लांटों से तैयार की गई सामग्री व उस हेतु उपयोग की जानी वाली सामग्रियों की जांच, कब-कब, किन-किन, जिम्‍मेदार अधिकारियों द्वारा की गई, की प्रति देते हुये बतावें की कार्यवाही किन-किन पर प्रस्‍तावित की गई या नही? (ग) प्रश्‍नांश (क) अनुसार संचालित डामर प्‍लांटों से डामर की खरीदी एवं उपयोग पूर्व गुणवत्‍ता की जांच कर सड़कों के निर्माण में उपयोग किया जा रहा है अथवा बगैर जांच किये अगर जांच की गई तो कब-कब किन-किन सड़कों के निर्माण के पूर्व का विवरण वर्ष 2017 से प्रश्‍नांश दिनांक तक का देवें? (घ) प्रश्‍नांश (क) के संचालित डामर प्‍लांटों से तैयार की गई सामग्रियों की गुणवत्‍ता की जांच सक्षम अधिकारियों द्वारा क्‍यों नहीं की गई? व्‍यक्तिगत हितपूर्ति कर घटिया सामग्री का उपयोग कर रोडों/ सड़कों का निर्माण कार्य कराया जा रहा है एवं डामर प्‍लांट शासन के जारी निर्देशों एवं शर्तों अनुसार संचालित नहीं हैं इन सब अनियमितताओं के लिये कौन जिम्‍मेदार है? उन पर क्‍या कार्यवाही करेंगे? अगर नहीं तो क्‍यों?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) डामर प्लान्ट संचालन की अनुमति प्रदान करने के कोई निर्देश नहीं है। शेष का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता। (ख) प्रश्‍नांश ‘ के उत्तर के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता। (ग) डामर की खरीदी भारत सरकार की अधिकृत रिफाईनरी से ही लिये जाने का नियम है। जानकारी संलग्न परिशिष्‍ट-1 एवं 2 अनुसार है। आई.आर.सी. एस.पी. 53-2010 में निर्धारित मापदण्ड अनुसार उपयोग किया जाता है। शेष का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता। (घ) प्रश्‍नांश 'के उत्तर अनुसार।

परिशिष्ट - "चउवन"

मुलताई नगर पालिका परिषद में सीमा वृद्धि

[नगरीय विकास एवं आवास]

53. ( क्र. 899 ) श्री सुखदेव पांसे : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या बैतूल जिले की मुलताई नगर पालिका परिषद में सीमा वृद्धि किया जाना प्रस्‍तावित है? यदि हाँ, तो किस-किस क्षेत्र को सम्मिलित किया जा रहा है? सूची उपलब्‍ध करावें। (ख) प्रनांश (क) के संदर्भ में क्‍या इस हेतु दावे आपत्तियां आमंत्रित की गई थी और प्राप्‍त दावे आपत्तियों पर सक्षम प्राधिकारी द्वारा क्‍या निर्णय लिया गया? (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के संदर्भ यदि निर्णय लिया गया है तो क्‍या प्रथम एवं अंतिम प्रकाशन किया जा चुका है? यदि नहीं, तो क्‍यों? अंतिम प्रकाशन कराने का अधिकार किस अधिकारी को है तथा इनके द्वारा आज दिनांक तक उक्‍त कार्यवाही संपादित क्‍यों नहीं करायी गई? नगर पालिका परिषद मुलताई की सीमा वृद्धि का अंतिम प्रकाशन कब तक कराया जायेगा?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) जी हाँ। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे  परिशिष्‍ट ''''अनुसार है। (ख) जी हाँ। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट''''अनुसार है। (ग) जी नहीं। कलेक्‍टर बैतूल द्वारा प्रथम प्रकाशन पश्‍चात सीमावृ‍द्धि का प्रस्‍ताव प्रेषित किया गया है। जो परीक्षणाधीन है। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

स्‍वीकृत मार्गों का निर्माण

[लोक निर्माण]

54. ( क्र. 922 ) श्री विजयपाल सिंह : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र सोहागपुर में ग्राम नया नांदनेर, नया गौंडीखेडा, नया पट्टन, डूंडादेह, सिटियागोहना, नया बिनेका, गोटीखेडा, गोहनादेह, नया सोनपुर, नया धारगांव मार्ग कब स्‍वीकृत हुआ है? उसकी प्रशासकीय स्‍वीकृति एवं विधानसभा बजट में प्रकाशित पुस्तिका की प्रति उपलब्‍ध करावें। (ख) प्रश्‍नांश (क) के संबंध में यदि उक्‍त मार्ग स्‍वीकृत हुआ है तो उनकी निविदा कब हुई हैं? कार्य की क्‍या प्रगति हैं? क्‍या कार्य पूर्ण हो चुका हैं? यदि नहीं, तो किस कारण से उक्‍त मार्ग का निर्माण पूर्ण नहीं हो सका हैं? विस्‍तृत जानकारी देवें। उक्‍त निर्माण की क्‍या समय-सीमा थी? (ग) उक्‍त मार्ग के संबंध में विभाग द्वारा क्‍या कार्यवाही की गई है? विलंब से कार्य करने के संबंध में ठेकेदार के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की जायेगी? क्‍या ठेकेदार को ब्‍लैक लिस्‍टेड किया जायेगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-1 एवं 2 अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अ अनुसार है।

 

 

पी.आई.यू. से स्‍वीकृत कार्य

[लोक निर्माण]

55. ( क्र. 923 ) श्री विजयपाल सिंह : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता के विधानसभा क्षेत्र सोहागपुर के अन्‍तर्गत बाबई विकासखंड में आंचलखेड़ा शाला निर्माण एवं सोहागपुर नगर में कन्‍या शाला निर्माण कार्य काफी धीमी गति से चल रहा है। इस कार्य की निविदा शर्तों में समयावधि क्‍या तय की गई थी? (ख) उक्‍त निर्माण हेतु निश्चित समयावधि में कार्य पूर्ण न कर पाने के कारण ठेकेदार/अधिकारियों पर क्‍या कार्यवाही की गई है? (ग) मेरे विधानसभा क्षेत्र में लोक निर्माण विभाग के पी.आई.यू. से कौन-कौन से कार्य स्‍वीकृत हुये हैं? उनकी सूची, कार्य पूर्णता दिनांक एवं लागत की जानकारी उपलब्‍ध कराई जाये?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) एवं (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-ब अनुसार है।

अवैध कालोनियों की विद्युत व्‍यवस्‍था

[ऊर्जा]

56. ( क्र. 949 ) श्री दिनेश राय मुनमुन : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                              (क) क्‍या सिवनी जिले की अवैध कालोनियों में विद्युत वितरण कंपनियों द्वारा अनेक वर्षों से अस्‍थायी कनेक्‍शन से विद्युत सप्‍लाई की जा रही है? (ख) प्रश्‍नांश (क) के अंतर्गत लकड़ी की बल्लियों के सहारे लम्‍बी केबिल डालकर उपभोक्‍ताओं को विद्युत उपलब्‍ध कराई गई है? (ग) यदि हॉ, तो बल्लियों के माध्‍यम से विद्युत सप्‍लाई करने से संभावित जानमाल का नुकसान होने पर क्‍या विद्युत कंपनी जिम्‍मेवारी लेगी? (घ) यदि नहीं, तो लोहे के खम्‍बे लगाकर विद्युत सप्लाई क्‍यों नहीं की जा सकती है? (ड.) क्‍या शासन द्वारा अवैध कालोनियों में भी स्‍थायी कनेक्‍शन दिये जाने के निर्देश जारी किये हैं? यदि हॉ, तो निर्देशों की छायाप्रति उपलब्‍ध कराते हुये बतावें कि सिवनी जिले में कितनी अवैध कालोनियों में जारी निर्देशों का पालन करते हुये स्‍थायी कनेक्‍शन दिये हैं? विधानसभावार उपभोक्‍तावार सूची उपलब्‍ध करावें।

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) घोषित अवैध कॉलोनियों (Declared illegal Colonies) में उपभोक्‍ताओं को स्‍थाई विद्युत कनेक्‍शन म.प्र.विद्युत नियामक आयोग के विनियम आर.जी.-31 दिनांक 02.09.2009 एवं समय-समय पर संशोधित कंडिका-4.6.1 एवं 4.6.2 में निहित प्रावधानों के अनुरूप आवश्‍यक राशि वितरण कंपनी में जमा कराने सहित समस्‍त औपचारिकताएँ पूर्ण करने पर दिए जाते हैं। तथापि आवेदकों द्वारा उक्‍त प्रावधानों के अंतर्गत विद्युत अद्योसंरचना का कार्य नहीं कराए जाने की स्थिति में अवैध कॉ‍लोनियों में नियमानुसार अस्थाई कनेक्‍शन दिये जाते हैं। (ख) प्रश्‍नांश (क) के सन्‍दर्भ में कनेक्‍शन हेतु सर्विस लाईन स्‍थापित किये जाने का कार्य म.प्र. विद्युत प्रदाय संहिता-2022 की कंडिका-4.6 के अनुसार उपभोक्ता द्वारा उपयुक्‍त विद्युत ठेकेदार के माध्‍यम से करवाया जाता है। अतः कतिपय प्रकरणों में ऐसे उपभोक्ता जिनके अस्थाई कनेक्‍शन हेतु लम्बी सर्विस लाईन की आवश्‍यकता होती है, वहां उपभोक्ताओं द्वारा सर्विस लाईन घर तक पहुंचाने के लिए कतिपय स्‍थानों पर लकड़ी की बल्लियों का उपयोग किया जाता है। आवेदक द्वारा अधिकृत विद्युत ठेकेदार के माध्‍यम से जारी टेस्‍ट रिपोर्ट प्रस्‍तुत करने पर वितरण कंपनी द्वारा विद्युत का अस्थाई कनेक्‍शन प्रदान किया जाता है। (ग) आवेदक को अस्‍थाई विद्युत कनेक्‍शन, सर्विस लाईन हेतु पंहुच मार्ग एवं सुरक्षा नियमों को दृष्टिगत रखते हुए नियमानुसार उपयुक्त श्रेणी के विद्युत ठेकेदार की टेस्‍ट रिपोर्ट प्राप्त करने के उपरान्‍त ही दिया जाता है। तथापि उक्‍त कार्य अमानक पाए जाने पर आवश्‍यक सुधार कार्य उपरांत ही कनेक्‍शन चालू किया जाता है। उत्‍तरांश (ख) में उल्‍लेखानुसार सर्विस लाईन स्‍थापित करने की जिम्‍मेदारी उपभोक्‍ता की होती है।                                      (घ) अस्थाई विद्युत कनेक्‍शन उपलब्‍ध विद्युत अधोसंरचना से सीमित अवधि के लिये प्रदान किये जाते हैं, जिस हेतु नियमानुसार वितरण कंपनी द्वारा विद्युत अधोसंरचना का कार्य किये जाने का प्रावधान नहीं है। आवेदक द्वारा स्‍थाई कनेक्‍शन हेतु आवेदन प्रस्‍तुत करने तथा उत्‍तरांश (क) में दर्शाए गए वैधानिक प्रावधानों के अंतर्गत विद्युत अधोसंरचना हेतु नियमानुसार आवश्‍यक राशि जमा करने सहित समस्‍त औपचारिकताएं पूर्ण करने के उपरान्‍त खम्‍बे लगाकर स्‍थाई कनेक्‍शन दिया जाता है। (ड.) जी हाँ। म.प्र.विद्युत नियामक आयोग द्वारा विनियम में इस संबंध में प्रावधान किए गए हैं। निर्देशों की छायाप्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'अनुसार है। सिवनी जिले में अवैध कालोनियों में दिये गये स्‍थाई कनेक्‍शनों की प्रश्‍नाधीन चाही गई विधानसभा क्षेत्रवार/उपभोक्‍तावार जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'अनुसार है।

स्‍वयं का ट्रांसफार्मर योजना

[ऊर्जा]

57. ( क्र. 950 ) श्री दिनेश राय मुनमुन : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                                   (क) सिवनी विधान सभा क्षेत्र अंतर्गत वित्‍तीय वर्ष 2019-20 से प्रश्‍न दिनांक की स्थिति में कितनों किसानों से स्‍वयं का ट्रांसफार्मर योजना के अंतर्गत कितने आवेदन प्राप्‍त हुये, उनमें से कितनों के विरूद्ध राशि जमा कराई गई, कितने ट्रांसफार्मर स्‍थापित किये गये? क्‍या स्‍थापित किये गये विद्युत वितरण ट्रांसफार्मर मानक स्‍तर के थे, कि वर्षवार उपभोक्‍तावार जानकारी देवें। (ख) सिवनी विधान सभा क्षेत्र के अंतर्गत प्रश्‍न दिनांक की स्थिति में कुल कितने कि.मी. निम्‍नदाब लाईन है? इनमें से कितने कि.मी. नवीन निम्‍नदाब लाईन वित्‍तीय वर्ष 2021-22 में स्‍थापित की गई? स्‍थापित नवीन निम्‍नदाब लाईन की लागत कितनी थी नवीन लाईन के तार का किस स्‍तर के अधिकारी के द्वारा सुपर विजन किया गया? उक्‍त नवीन लाईन के निर्माण में मुख्‍यत: कौन-कौन सी विद्युत सामग्रियों का उपयोग किया गया? (ग) सिवनी विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत प्रश्‍नांश तिथि की स्थिति में कुल कितने कि.मी. 11 के.व्‍ही. लाईन है? इनमें से कितने कि.मी. नवीन 11 के. व्‍ही. लाईन 2021-22 में स्‍थापित की गई। स्‍थापित नवीन 11 के.व्‍ही. लाईन की लागत कितनी थी? उक्‍त नवीन 11 के.व्‍ही. लाईन के कार्य का किस स्‍तर के अधिकारी द्वारा सुपरविजन किया गया? उक्‍त नवीन 11 के.व्‍ही. लाईन के निर्माण में मुख्‍यत: कौन-कौन सी विद्युत सामग्रियों का उपयोग किया गया?

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) सिवनी विधानसभा क्षेत्रांतर्गत प्रश्‍नाधीन अवधि हेतु ''स्‍वयं का ट्रांसफार्मर'' योजना अंतर्गत कृषकों से कोई आवेदन प्राप्‍त नहीं हुआ हैं। अत: शेष प्रश्‍न नहीं उठता। (ख) सिवनी विधानसभा क्षेत्रांतर्गत प्रश्‍न दिनांक की स्थिति में कुल 1886 कि.मी. निम्‍नदाब विद्युत लाईन स्‍थापित है। वित्‍तीय वर्ष 2021-2022 में कुल 18.65 कि.मी. नवीन निम्‍नदाब विद्युत लाईन स्‍थापित की गई, जिसकी लागत राशि रूपए 69.18 लाख है। उक्‍त नवीन निम्‍नदाब विद्युत लाईनों के निर्माण में प्रयुक्‍त सामग्रियों सहित लाईन की स्‍थापना संबंधी कार्यों का सुपरविजन सहायक अभियंता स्‍तर के अधिकारी द्वारा संपादित किया गया है। उक्‍त नवीन निम्‍नदाब विद्युत लाईनों के निर्माण में मुख्‍यत: पी.सी.सी. पोल, केबल, स्‍टे सेट, इंसुलेटर, हेंगिग क्‍लैम्‍प आदि विद्युत सामग्रियों का उपयोग किया गया है। (ग) सिवनी विधानसभा क्षेत्रांतर्गत प्रश्‍न दिनांक की स्थिति में कुल 1646 कि.मी. 11 के.व्‍ही. विद्युत लाईन स्‍थापित हैं। वित्‍तीय वर्ष 2021-2022 में कुल 19.50 कि.मी. नवीन 11 के.व्‍ही. विद्युत लाईन स्‍थापित की गई, जिसकी लागत राशि रूपए 57.51 लाख है। उक्‍त नवीन 11 के.व्‍ही. विद्युत लाईनों के स्‍थापना संबंधी कार्यों का सुपरविजन सहायक अभियंता स्‍तर के अधिकारी द्वारा संपादित किया गया है। उक्‍त नवीन 11 के.व्‍ही. विद्युत लाईनों के निर्माण में मुख्‍यत: पोल, व्‍ही क्रास आर्म, कंडक्‍टर, स्‍टे सेट, इंसुलेटर आदि विद्युत सामग्रियों का उपयोग किया गया है।

विद्युत विभाग द्वारा कराये गये विभिन्न कार्यों की जानकारी

[ऊर्जा]

58. ( क्र. 966 ) श्री सोहनलाल बाल्‍मीक : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                                           (क) परासिया विधानसभा क्षेत्र के अन्तर्गत विद्युत संबंधी विभिन्न समस्यायें निरंतर उत्पन्न हो रही हैं, जिसके कारण उपभोक्ताओं, किसानों को बहुत अधिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, विभाग द्वारा वर्ष 2021- 2022 में कितने ट्रांसफार्मर, कितनी-कितनी क्षमता के कहाँ-कहाँ स्थापित कराये गये हैं? उल्लेखित वर्षों में कितने जले व खराब ट्रांसफार्मरों को बदला गया है? समय पर जले व खराब ट्रांसफार्मर को विभाग द्वारा बदला नहीं जा रहा है, जिसका क्या कारण है? (ख) विद्युत विभाग द्वारा किसानों को सिंचाई हेतु पर्याप्त विद्युत प्रदान नहीं की जा रही है, जिससे किसान निरंतर परेशान हो रहे हैं बार-बार विद्युत ट्रिपिंग के नाम पर विद्युत कटौती की जा रही है जो विद्युत किसानों को प्रदान की जा रही है वह भी रात्रिकालीन समय में प्रदान की जाती हैं जिसके कारण किसानों को खेतों में सिंचाई करने में बहुत अधिक परेशानी होती है इस तरह सरकार व विभाग द्वारा किसानों को परेशान किये जाने का क्या कारण है? (ग) परासिया विधानसभा क्षेत्र के अन्तर्गत विद्युत विभाग द्वारा वर्ष 2021-2022 में कौन-कौन से कितनी-कितनी लागत के विद्युत संबंधित कार्यों को किन-किन ग्रामों/ग्राम पंचायतों/नगरीय निकायों में कराया कराया गया है? कराये गये कार्यों की वर्तमान में भौतिक स्थिति क्या है?

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) परासिया विधानसभा क्षेत्र में विद्युत संबंधी कोई समस्‍या नहीं है, उपभोक्‍ताओं को नियमानुसार गुणवत्‍तापूर्ण विद्युत प्रदाय किया जा रहा है। प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में वर्ष 2021-22 में स्वीकृत 25 के.व्ही.ए. क्षमता के 3 अतिरिक्त वितरण ट्रांसफार्मर ग्राम उमरेठ, ग्राम-बडकुही एवं ग्राम बेलगांव में स्‍थापित किये गये हैं। प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में वर्ष 2021-2022 में 170 जले/खराब वितरण ट्रांसफार्मर बदले गये है। फेल ट्रांसफार्मरों से संबद्ध उपभोक्‍ताओं द्वारा नियमानुसार कुल बकाया राशि का 10 प्रतिशत जमा करने अथवा 50 प्रतिशत उपभोक्‍ताओं द्वारा विद्युत बिल की बकाया राशि जमा करने के उपरान्‍त फेल ट्रांसफार्मर बदले जाने हेतु पात्र होते है। पात्र होने पर मध्‍यप्रदेश विद्युत नियामक आयोग द्वारा अधिसूचित विनियमनों के अनुसार संभागीय मुख्‍यालयों में 12 घंटे के अंदर, संभागीय मुख्‍यालयों को छोड़कर अन्‍य शहरी क्षेत्रों में 24 घंटे के अंदर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में शुष्‍क मौसम के दौरान 72 घंटे के अंदर तथा मानसून के मौसम के दौरान (माह जुलाई से माह सितम्‍बर तक) 07 दिवस के अंदर वितरण ट्रांसफार्मर बदले जाने अथवा विद्युत प्रदाय की पुनर्स्‍थापना करने के निर्देश हैं। पहुंच मार्ग उपलब्‍ध होने पर पात्र जले/ खराब वितरण ट्रांसफार्मर उक्‍त निर्धारित अवधि में बदले जा रहे है। (ख) जी नही, पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा किसानों को सिंचाई हेतु नियमानुसार निर्धारित शेड्यूल के आधार पर कृषि फीडर पर विभिन्‍न कारणों से आये अवरोधों को छोड़कर सामान्‍यत: 10 घण्‍टे विद्युत प्रदाय किया जा रहा है एवं किसी भी प्रकार की कटौती नहीं की जा रही है। रबी मौसम में कृषि पम्‍पों का लोड एक साथ प्रणाली पर आ जाने के कारण प्रणाली की सुरक्षा एवं स्थिरता की दृष्टि से विद्युत की मांग एवं उपलब्‍धता में संतुलन बनाये रखने हेतु कृषि फीडरों को समूहों में विभक्‍त कर सप्‍लाई प्‍लान तैयार किया जाता है। उक्‍त परिप्रेक्ष्‍य में निर्धारित सप्‍लाई प्‍लान के अनुसार परासिया विधानसभा क्षेत्रांतर्गत कृषि फीडरों पर ग्रुप में प्रात: 8 से 14 बजे तक कुल 6 घण्‍टे एवं रात्रि 22 से 2 बजे तक कुल चार घण्‍टे, इस प्रकार कुल 10 घण्‍टे विद्युत आपूर्ति की जा रही है एवं ग्रुप बीएवं ग्रुप सीमें दोपहर 12 बजे से रात्रि 22 बजे तक कुल 10 घण्‍टे विद्युत आपूर्ति की जा रही है। उपरोक्‍तानुसार प्रत्‍येक माह की 1 तथा 15 तारीख को ग्रुप एवं ग्रुप बीकी समय सारणी आपस में परिवर्तित की जाती है। उक्‍त परिप्रेक्ष्‍य में शेष प्रश्‍न नहीं उठता। (ग) परासिया विधानसभा क्षेत्रांतर्गत म.प्र. पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा वर्ष 2021-22 में कराए गये कार्यों की ग्राम पंचायतवार, ग्रामवार, लागत राशि सहित जानकारी संलग्न परिशिष्‍ट अनुसार है।

परिशिष्ट - "पचपन"

पुल पुनर्निर्माण एवं नहरों का निर्माण

[लोक निर्माण]

59. ( क्र. 1043 ) चौधरी सुजीत मेर सिंह : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) चौराई विधानसभा क्षेत्र में पेंच नदी स्थित सांख ग्राम में वर्ष 2019 में पुल बह गया इसके पुनर्निर्माण की अद्यतन स्थिति देवें इस संबंध में विगत तीन वर्ष में हुए समस्‍त पत्राचार की जानकारी देवें। (ख) कब तक इसे स्‍वीकृत कर निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया जायेगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) मुख्‍य बजट वर्ष 2022-23 के मद क्रमांक 8 के सरल क्रमांक 66 पर सम्मिलित किया गया। पत्राचार की छायाप्रतियां पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) प्रशासकीय स्‍वीकृति उपरान्‍त निविदा पद्यति से संविदाकार के चयन पश्‍चात निर्माण कार्य प्रारंभ किया जा सकेगा। वर्तमान में समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

खरगौन जिले में कालोनी विकास

[नगरीय विकास एवं आवास]

60. ( क्र. 1044 ) चौधरी सुजीत मेर सिंह : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क‍) वर्ष 2012-13 से वर्ष 2016-17 तक खरगौन जिले में सक्षम अधिकारी को प्राप्‍त कालोनी विकास की अनुमति संबंधित आवेदन पत्र के प्रतिलिपि, आवेदन पत्र साथ संलग्‍न दस्‍तावेज सहित देवें। (ख) वर्ष 2012-13 से वर्ष 2016-17 तक खरगौन जिले में सक्षम अधिकारी को प्राप्‍त कालोनी विकास पूर्णता पत्र संबंधित आवेदन पत्र की प्रतिलिपि, आवेदन पत्र के साथ संलग्‍न दस्‍तावेज सहित देवें।

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) एवं (ख) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

सूक्ष्‍म, लघु एवं मध्‍यम उद्यम की जानकारी

[कुटीर एवं ग्रामोद्योग]

61. ( क्र. 1062 ) श्री पी.सी. शर्मा : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                  (क) भोपाल जिले में वर्तमान में कितने कुटीर उद्योग संचालित हैं एवं कितने नवीन कुटीर उद्योग खोले गये हैं? (ख) भोपाल दक्षिण पश्चिम विधान सभा क्षेत्र में कितने कुटीर उद्योग संचालित है एवं प्रश्‍न दिनांक तक कितने बंद हो चुके हैं सूची उपलब्‍ध करायें। बंद कुटीर उद्योगों को पुन: संचालित करने की शासन प्रशासन की क्‍या योजना है? विवरण देवें। (ग) भोपाल दक्षिण पश्चिम विधान सभा क्षेत्र में विगत 2020-21 एवं 2021-22 में कितने कुटीर उद्योग आर्थिक तंगी के चलते कोरोना काल में बंद हुए हैं व पुन: प्रारंभ किये जाने की क्‍या योजना है? यदि हां, तो बतायें यदि नहीं, तो क्‍यों? (घ) भोपाल दक्षिण पश्चिम विधान सभा क्षेत्र में मध्‍यम उद्यम के तहत कितने लोगों को रोजगार प्राप्‍त है? सूची उपलब्‍ध करावें और उन्‍हें शासन द्वारा क्‍या सहायता प्रदान की गई?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) भोपाल जिले में वर्तमान में 547 कुटीर उद्योग संचालित है, जिसमें पुराने व नये उद्योग सम्मिलित है। सूची पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-एक अनुसार है। (ख) भोपाल दक्षिण-पश्चिम विधानसभा क्षेत्र में 16 कुटीर उद्योग संचालित है। प्रश्‍न दिनांक तक कोई भी उद्योग बंद नहीं हुए है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) भोपाल दक्षिण-पश्चिम विधानसभा क्षेत्र में विभागीय सहायता से स्‍थापित कोई भी इकाई विगत 2020-21 एवं 2021-22 में आर्थिक तंगी के चलते बंद नहीं हुई है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।                                        (घ) भोपाल दक्षिण-पश्चिम विधानसभा क्षेत्र में स्‍थापित मध्‍यम उद्यम इकाइयों द्वारा भारत सरकार के उद्यम रजिस्‍ट्रेशन पोर्टल में किये गए उद्यम रजिस्‍ट्रेशन के अनुसार कुल 433 लोगों को रोजगार दिया गया है। सूची पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-दो अनुसार है। शासन द्वारा वित्‍तीय सहायता उपलब्‍ध नहीं कराई गई है।

आउटसोर्स कर्मियों की जानकारी

[ऊर्जा]

62. ( क्र. 1125 ) श्री रामचन्‍द्र दांगी : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                                   (क) म.प्र.मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड अन्‍तर्गत आउटसोर्स कर्मचारी रखने क्‍या प्रावधान है? म.प्र. मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड में कुल कितने आउटसोर्स कर्मचारी कार्यरत हैं? आउटसोर्स कर्मियों की 01.04.2019 से प्रश्‍न दिनांक तक कितने कर्मचारियों की कार्य के दौरान विद्युत दुर्घटना में मृत्यु हुई? (ख) क्‍या म.प्र.मध्‍य क्षेत्र विद्यूत वितरण कंपनी लिमिटेड में 10-15 वर्षों से आउटसोर्स कर्मी कार्यरत हैं यदि हाँ, तो क्या उन्हें संविदा का दर्जा दिया जा सकता है? यदि नहीं, तो क्या इस विषय पर शासन कोई विचार करेगा? हाँ तो कब तक? आउटसोर्स कर्मियों के नियमितीकरण के लिए शासन कोई अलग से प्रावधान करेगा? यदि हाँ, तो क्या? (ग) क्या सुप्रीम कोर्ट द्वारा समान कार्य समान वेतन का आदेश दिया गया है? यदि हाँ, तो उक्त कर्मियों पर लागू कब किया जायेगा? यदि नहीं, लागू किया जायेगा तो क्या कारण हैं? (घ) आउटसोर्स कर्मियों को प्रतिमाह वेतन किस दिनांक को दिया जाता है? उक्त कर्मियों के लिए एक वर्ष में कितनी छुट्टियों का प्रावधान है? क्या अतिरिक्त कार्य करने पर मानदेय में अतिरिक्त वृद्धि की जाती है? यदि हाँ, तो कितनी? नहीं तो कारण बताने का कष्ट करें। शासन को इनके भविष्य की चिंता है या नहीं?

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) म.प्र. मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड अंतर्गत कार्य की आवश्‍यकता अनुसार, निविदा प्रक्रिया के माध्‍यम से चयनित बाह्य सेवा प्रदाता फर्म/एजेंसी द्वारा निविदा एवं अनुबंध में वर्णित नियमों एवं शर्तों के तहत निश्चित समय अवधि के लिए आऊटसोर्स कार्मिकों को उपलब्‍ध कराया जाता है। म.प्र. मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड अन्‍तर्गत प्रश्‍न दिनांक की स्थिति में कुल 14103 आऊटसोर्स कार्मिक कार्यरत हैं। प्रश्‍नाधीन अवधि में कार्य के दौरान विद्युत दुर्घटना में कुल 38 आऊटसोर्स कार्मिकों की मृत्‍यु हुई है। (ख) उत्‍तरांश (क) में उल्‍लेखानुसार आऊटसोर्स कार्मिक, बाह्य सेवा प्रदाता फर्म/एजेंसी के कार्मिक होते है, अत: इनकी सेवा अवधि की जानकारी म.प्र. मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड द्वारा संधारित नहीं की जाती है। आऊटसोर्स कार्मिकों को लंबी सेवा अवधि के आधार पर संविदा नियुक्ति दिए जाने का काई प्रावधान निविदा/कार्यादेश में नहीं है। म.प्र. मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड द्वारा आऊटसोर्स कार्मिकों की भर्ती नहीं की जाती है। अत: प्रश्‍नांश में उल्‍लेखित आऊटसोर्स कार्मिकों के नियमितीकरण/संविदा नियुक्ति संबंधी कोई प्रस्‍ताव वर्तमान में विचाराधीन नहीं है। (ग) आऊटसोर्स कार्मिक, बाह्य सेवा प्रदाता कंपनी के कर्मचारी होते हैं, अत: इनको श्रेणी-यथा उच्‍चकुशल, कुशल, अर्धकुशल, अकुशल अनुरूप राज्‍य शासन द्वारा निर्धारित न्‍यूनतम दरों पर वेतन का भुगतान म.प्र. मध्‍य क्षेत्र कंपनी लिमिटेड द्वारा सुनिश्चित किया जाता है। चूंकि उक्‍त आऊटसोर्स कार्मिक म.प्र. मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड के कर्मचारी नहीं होते हैं, अत: सुप्रीम कोर्ट का समान कार्य समान वेतन का आदेश उन पर लागू नहीं होता है। (घ) म.प्र. मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड अंतर्गत निविदा शर्तों के अनुरूप बाह्य स्‍त्रोत सेवा प्रदाता फर्मों/एजेंसियों द्वारा आऊटसोर्स कार्मिकों को आगामी माह की 7 तारीख से पूर्व (कार्यादेश के तहत् 1000 से कम संख्‍या में आऊटसोर्स कार्मिक नियोजित हैं)। 10 तारीख से पूर्व (कार्यादेश के तहत 1000 से अधिक संख्‍या में आऊटसोर्स कार्मिक नियोजित हैं) वेतन का भुगतान किया जाता है। निविदा में उल्‍लेखित नियम/शर्तों अनुसार आऊटसोर्स कर्मियों को एक वर्ष में 15 दिवस के अवकाश की पात्रता है। आऊटसोर्स कार्मिकों से नियमानुसार कार्य कराया जाता है एवं नियमानुसार राज्‍य शासन द्वारा निर्धारित न्‍यूनतम दरों पर वेतन भुगतान किया जाता है। अत: शेष प्रश्‍न नहीं उठता।


अजनार नदी का सौंदर्यीकरण

[नगरीय विकास एवं आवास]

63. ( क्र. 1126 ) श्री रामचन्‍द्र दांगी : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता विधायक के प्रश्‍न क्रमांक 197 उत्तर 21.3.22 के उत्तरांश                                      (क) में बताया गया है कि नदी में मिलने वाले गंदे नालो को रोकने हेतु डी.पी.आर. तैयार की जाने की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है, जानकारी दें। प्रश्‍न दिनांक तक क्या डी.पी.आर. तैयार नहीं हुई है? नहीं होने का क्या कारण रहा? (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार यदि डी.पी.आर. तैयार हो गई है तो कितनी राशि की व कब तक निविदा आमंत्रित की जाएगी? (ग) अजनार नदी की सफाई हेतु पूर्व प्रश्‍न की उत्‍तरांश (ग) में बताया गया था कि नदी की सफाई का कार्य निकाय द्वारा समय-समय पर करवाया जाता है अवगत कराएं की पिछले 2 वर्षों में नगर पालिका द्वारा कब-कब सफाई करवाई गई? क्या-क्या संसाधन लगे, किन-किन कर्मचारियों द्वारा सफाई करवाई की गई व उक्त कार्य में कितनी राशि खर्च की गई? दिनांकवार जानकारी प्रदान करें। (घ) क्या उक्त गंदे नालों से नदी कई सालों से दूषित हो रही है? यदि हाँ, तो डी.पी.आर. पर कब तक कार्य प्रारंभ किया जाएगा व उक्त नदी के सौंदर्यीकरण कब प्रारंभ होगा?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) प्रश्‍नकर्ता विधायक के प्रश्‍न क्रमांक 197 उत्‍तर 21/03/2022 के उत्‍तर की कंडिका (क) में बताया गया है कि नदी में मिलने वाले गंदे नालों को रोकने हेतु एसबीएम-2.0 में डी.पी.आर. तैयार करने हेतु सर्वे का कार्य पूर्ण कर लिया गया है। जी नहीं। सर्वे कार्य में समय लगने के कारण डी.पी.आर. तैयार करने में भी समय लगना संभव है। (ख) जी नहीं। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है(घ) जी हाँ। प्रश्‍नांश (क) के उत्‍तर के परिप्रेक्ष्‍य में समय-सीमा बतलाया जाना संभव नहीं है।

परिशिष्ट - "छप्पन"

मंदसौर संजीत नाका रेलवे ओवर ब्रिज का निर्माण

[लोक निर्माण]

64. ( क्र. 1129 ) श्री यशपाल सिंह सिसौदिया : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मंदसौर संजीत रोड रेलवे ओवर ब्रिज निर्माण की कुल लागत, टेंडर दिनांक, निर्माण एजेंसी का नाम, एजेंसी (ठेकेदार) द्वारा कार्य प्रारंभ एवं पूर्ण अवधि दिनांक, आदि की जानकारी देवें?                                   (ख) प्रश्‍नांश (क) संदर्भित क्या निर्माण एजेंसी (ठेकेदार) द्वारा उक्त ब्रिज का निर्माण तय सीमा में नहीं किया? यदि हाँ, तो एजेंसी (ठेकेदार) के खिलाफ क्या-क्या, किस-किस प्रकार की कार्यवाही सुनिश्चित की गयी थी? (ग) प्रश्‍नांश (क) और (ख) संदर्भित क्या उक्त ठेकेदार द्वारा कार्य समय पर पूर्ण नहीं करने के कारण ठेकेदार को ''ब्लैक लिस्टेड'' किया गया था? यदि हाँ, तो ठेकेदार को ''रिबोक'' किस आधार पर दिया तथा ठेकेदार की नई कार्य अवधि क्या निश्चित की गयी? यदि नई अवधि में भी ठेकेदार द्वारा कार्य यदि पूर्ण नहीं किया जाता तो विभाग द्वारा क्या कार्यवाही की जायेगी? रिबोक में क्या नियम शर्तें हैं? अवगत कराये।

लोक निर्माण मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ख) जी हाँ। जानकारी संलग्न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ग) जानकारी संलग्न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। जानकारी संलग्न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-1 अनुसार है।

परिशिष्ट - "सत्तावन"

नगर परिषदों को टू लेन सड़क से जोड़ने की कार्य योजना

[लोक निर्माण]

65. ( क्र. 1131 ) श्री यशपाल सिंह सिसौदिया : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या लोक निर्माण विभाग द्वारा प्रदेश की सभी नगर परिषद को टू लेन से जोड़ने की कोई कार्ययोजना प्रचलन में है? यदि हाँ, तो कार्ययोजना की विस्तृत जानकारी देवें।                                    (ख) उज्जैन, इंदौर संभाग की कितनी नगर परिषद टू लेन सड़क से नहीं जुड़ी है? (ग) मंदसौर विधानसभा की नगर परिषद नगरी को टू लेन से जोड़ने की क्या कार्य योजना/कार्यवाही प्रचलन में है? यदि हैं तो कब तक योजना को मूर्तरूप दिया जाएगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) कोई विशिष्‍ट योजना प्रचलन में नहीं है। प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता। (ख) उज्‍जैन संभाग अंतर्गत 27 एवं इंदौर संभाग अंतर्गत 9 (ग) कोई विशिष्‍ट योजना प्रचलन में नहीं है। शेष का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता।

कार्यपालन यंत्री नगरी निकाय की पदस्थापना

[नगरीय विकास एवं आवास]

66. ( क्र. 1137 ) श्री राजेश कुमार प्रजापति : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या नगरीय आवास एवं विकास विभाग में कार्यपालन यंत्री की पद स्थापना संभाग स्तर पर की जाती है? (ख) प्रश्‍नांश (क) यदि हाँ, तो क्या नगर पालिकाओं एवं नगर परिषद के कार्यों की गुणवत्ता की जांच आदि का कार्य कार्यपालन यंत्री द्वारा किया जाता है? (ग) प्रश्‍नांश (ग) अनुसार यदि हाँ, तो क्या एक कार्यपालन यंत्री का वर्कलोड अधिक होने के कारण नगरपालिका एवं नगर परिषदों के करोड़ों के कार्यों की गुणवत्ता का निरीक्षण कार्य प्रभावित होता है? (घ) प्रश्‍नांश (ग) अनुसार यदि हाँ, तो क्या अन्य विभागों जैसे कार्यपालन यंत्री की पद स्थापना प्रत्येक जिले में की जायेगी? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो कारण बतायें।

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) एवं (ख) जी हाँ। (ग) जी नहीं। नगर पालिकाओं एवं नगर परिषदों में निर्माण कार्य कराने एवं गुणवत्‍ता सुनिश्चित करने के लिए आवश्‍यकता अनुसार सहायक यंत्री एवं उपयंत्री पदस्‍थ रहते है। संभागीय कार्यालय, नगर पालिका एवं नगर परिषदों में कराये जा रहे कार्यों के गुणवत्‍ता आदि की समीक्षा/निगरानी की जाती है। अत: शेष प्रश्‍न उत्‍पन्‍न नहीं होता। (घ) उत्‍तरांश के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

 

 

खड्डी से चंद्रपुरा तक मटौध सड़क निर्माण

[लोक निर्माण]

67. ( क्र. 1139 ) श्री राजेश कुमार प्रजापति : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) छतरपुर जिले की चंदला विधान सभा क्षेत्रान्तर्गत म.प्र. सड़क विकास प्राधिकरण (लोक निर्माण विभाग) द्वारा खड्डी से चंद्रपुरा मटौध सड़क का निर्माण किया जा रहा है?                                       (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार यदि हाँ तो लागत एवं डी.पी.आर. की प्रति उपलब्ध करायें। (ग) उक्त सड़क निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच किस अधिकारी द्वारा की जा रही है? नाम एवं पदनाम बतायें और कब-कब निरीक्षण किया गया है, जानकारी देवें। (घ) क्या गुणवत्ता विहीन निर्माण होने पर निर्माण एजेंसी का भुगतान रोका जायेगा? (ड.) उक्त निर्माणाधीन सड़क पर विगत एक वर्ष से टोल टैक्स वसूलने का आदेश जारी किया गया है? हाँ या नहीं। यदि हाँ तो निर्माणाधीन सड़क का टोल टैक्स वसूलने के आदेश की प्रति उपलब्ध करायें। यदि नहीं, तो अवैध वसूली करने वालों के विरूद्ध कार्यवाही की जायेगी। प्रश्‍नांश (घ) यदि हाँ तो समय-सीमा बतायें।

लोक निर्माण मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-1 अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (घ) कार्य गुणवत्‍ता पूर्वक किया जा रहा है, अत: शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ड.) जी हाँ। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-2 अनुसार है। अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

ट्रांसफार्मर एवं विद्युत आपूर्ति

[ऊर्जा]

68. ( क्र. 1141 ) श्री राजेश कुमार प्रजापति : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) छतरपुर जिले की चंदला विधान सभा क्षेत्र के ग्रामों में वर्ष 2019 से प्रश्‍न दिनांक तक कितने विद्युत ट्रांसफार्मर बदल कर नये रखे गये है। वर्तमान में कितने ट्रांसफार्मर खराब है। सूची उपलब्ध करायें। (ख) वर्तमान में कितने गांवों के ट्रांसफार्मर खराब हैं? (ग) चंदला विधान सभा क्षेत्र के कितने ऐसे ग्राम है जिनमें आज तक विद्युत की व्यवस्था नहीं है? क्या इन ग्रामों में बिजली पहुंचायी जायेगी? यदि हाँ तो कब तक? (घ) ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत अपूर्ति खराब होने जैसे ट्रांसफार्मर खराब होना, पावर डिम होना आपूर्ति ठप्प होने आदि पर प्राप्त शिकायत का निराकरण किये जाने का प्रावधान है? यदि हाँ तो लम्बी अवधि तक उपभोक्ताओं को क्यों परेशान किया जाता है?

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) छतरपुर जिले की चंदला विधानसभा क्षेत्रांतर्गत ग्रामों में वर्ष 2019 से प्रश्‍न दिनांक तक की अवधि में कुल 665 जले/खराब विद्युत वितरण ट्रांसफार्मरों को बदल कर नवीन विद्युत वितरण ट्रांसफार्मरों को स्‍थापित किया गया है। वर्तमान में चंदला विधानसभा क्षेत्रांतर्गत 22 विद्युत वितरण ट्रांसफार्मर जले/खराब हैं, जिनकी प्रश्‍नाधीन चाही गयी सूची संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है(ख) छतरपुर जिले की चंदला विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत वर्तमान में 22 ग्रामों के वितरण ट्रांसफार्मर जले/खराब है, जो कि नियमानुसार अपात्र होने के कारण बदलने हेतु लंबित है। (ग) विधानसभा क्षेत्र चंदला अंतर्गत समस्‍त आबाद ग्राम विद्युतीकृत हैं, अत: शेष प्रश्‍न नहीं उठता। (घ) जी हाँ, ग्रामीण क्षेत्रों में प्रश्‍नाधीन उल्‍लेखित कारणों सहित विभिन्‍न कारणों से विद्युत आपूर्ति प्रभावित होने पर, उपभोक्‍ता कॉल सेन्‍टर में 1912 नंबर पर शिकायत दर्ज कर सकता है तथा शिकायत प्राप्‍त होने पर अथवा संबंधित कार्यालय/वितरण केन्‍द्र पर सूचना प्राप्‍त होने पर उपलब्‍ध संसाधनों के द्वारा नियत अवधि में शिकायत का निराकरण किया जाता है। अत: शेष प्रश्‍न नहीं उठता।

परिशिष्ट - "अट्ठावन"

कर्मचारियों का वेतमान एवं स्थायीकरण

[उच्च शिक्षा]

69. ( क्र. 1145 ) श्री सिद्धार्थ सुखलाल कुशवाहा : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सतना जिले के शासकीय महाविद्यालय में जनभागीदारी समिति/स्ववित्तपोसी/स्वशासी मैड में कितने कर्मचारी कार्य कर रहे हैं? इनका वर्तमान वेतन क्या है? कब से कार्यरत है? नाम योग्यता महाविद्यालय का नाम सहित जानकारी देवें। (ख) उपरोक्त प्रश्‍नांश (क) में कार्यरत दैनिक श्रमिक क्या दस वर्षों से या उससे अधिक समय से कार्य कर रहे हैं? यदि हाँ, तो इनके भविष्य के प्रति शासन की क्या गाइडलाइन है? (ग) सामान्य प्रशासन विभाग के द्वारा सतना जिले में कार्यरत दैनिक श्रमिकों को विनियमितीकरण करने हेतु आदेश जारी किया गया था, जिसका क्रियान्वयन किन-किन महाविद्यालयों द्वारा किया गया है? यदि नहीं, तो क्यों? (घ) शासन द्वारा भविष्य निधि कटौती हेतु महाविद्यालय को आदेश जारी किया गया था, किनकिन महाविद्यालय के द्वारा किया गया है? यदि नहीं, तो क्यों? (ड.) महाविद्यालय में कार्यरत दैनिक श्रमिकों को नियमित कर्मचारियों के समकक्ष वेतन दिया जा रहा है? यदि नहीं, तो शासन स्तर से क्या कार्यवाही की जावेगी?

उच्च शिक्षा मंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जिला सतना अंतर्गत शासकीय महाविद्यालयों में जनभागीदारी/स्‍ववित्‍तीय/स्‍वशासी मद में कार्यरत श्रमिकों की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट में उल्‍लेखित सभी श्रमिक 10 वर्ष अथवा उससे अधिक समय से कार्य नहीं कर रहे हैं। कार्य की आवश्‍यकता अनुसार इन श्रमिकों को कार्य संपादन हेतु रखा जाता है न कि स्‍वीकृत नियमित रिक्‍त पदों के विरूद्ध। इन श्रमिकों के संबंध में विभाग अंतर्गत कोई गाईडलाईन नहीं है। (ग) सामान्‍य प्रशासन विभाग द्वारा जारी परिपत्र क्रमांक एफ 5-1/2013/1/3 दिनांक 07-10-2016 महाविद्यालयों में जनभागीदारी/स्‍ववित्‍तीय/स्‍वशासी मद से कार्यरत दैनिक श्रमिकों पर लागू नहीं है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) जिला सतना अंतर्गत शासकीय कन्‍या महाविद्यालय, सतना द्वारा ई.पी.एफ. कटौती की जा रही है। शासकीय स्‍नातकोत्‍तर महाविद्यालय, सतना में कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। शासकीय महाविद्यालय मैहर, अमरपाटन, जैतवारा, रामपुर बाघेलान व नागौद में ई.पी.एफ. नियमों के परिप्रेक्ष्‍य में परीक्षण किया जा रहा है। (ड.) जी नहीं। नियमों में प्रावधान उल्‍लेखित नहीं है।

वेटलैंड्स की जानकारी

[पर्यावरण]

70. ( क्र. 1149 ) श्री अनिरुध्द (माधव) मारू : क्या नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भारत सरकार द्वारा जारी वेटलैण्ड रूल्स 2017 के तहत मध्यप्रदेश में कितने वेटलैंड चिन्हित किए गए हैं? इनमें से कितने वेटलैंड ढाई हेक्टेयर तक या बड़े हैं और कितने इससे छोटे हैं? (ख) राजधानी भोपाल में कितने वेटलैंड चिन्हित हैं? इनका नाम, स्थान, क्षेत्रफल सहित बताएं। भोज वेटलैंड भोपाल के संदर्भ में वेटलैण्ड नियम 2017 एवं गाइड लाइन्स फ़ॉर इम्पलेमेंटिंग वेटलैंड रूल्स 2017 के तहत क्या कार्यवाही की गई है? नोटिफिकेशन जारी किया गया है तो जारी होने की दिनांक एवं क्रमांक बताएं। (ग) मध्यप्रदेश में कितने वेटलैंड्स का नोटिफिकेशन किया गया है? यदि हाँ तो उनकी सूची नोटिफिकेशन के साथ उपलब्ध करायें। अगर नहीं तो कब तक किए जाएंगे?                        (घ) वेटलैंड रूल्स 2017 के तहत भोज वेटलैण्ड का HFL क्या है? जोन ऑफ इन्फ्लुएंस तय करने हेतु वेटलैंड गाइड लाइन्स के कंटेंट vi के तहत की गई हाइड्रोलॉजी स्टडी, नेचर ऑफ लैंड यूज़, एलिवेशन मॉडल डेटा तोपो शीट, ब्रीफ डॉक्यूमेंट, अन्य टेक्निकल स्टडी, अथॉरिटी की टेक्निकल कमिटी की अनुशंसा एवं इस वेटलैण्ड से संबंधित अन्य जानकारी क्या क्या है?

नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री ( श्री हरदीप सिंह डंग ) : (क) प्रदेश में ऐसे 15152 वेटलैंड्स चिन्हित है। (ख) वेब पोर्टल अनुसार राजधानी भोपाल नगर निगम सीमा में 19 वेटलैंड्स चिन्हित है जिनका विवरण निम्‍नानुसार है-बड़ा तालाब-3872 है, छोटा तालाब-73.90 है, शाहपुरा तालाब-48.41 है, हाताईखेड़ा-253.01 है, 05 नम्‍बर तालाब-3.21 है, अरहेडी 1-10.90 है, अरहेडी 2-2.50 है, मोहली-11.91 है, मोतिया तालाब-6.3 है, मुंशी हुसैन तालाब-2.35 है, छौला-3.94 है, लाम्‍बाखेड़ा-4.88 है, पलासी-2.45 है, बड़बई 1-5.56 है, बड़बई 2-4.08 है, सारंगपानी तालाब-3.46 है, नीलबड़-4.37 है, कोटरा-5.56 है, भौरी-3.19 है। भौज वेटलैण्‍ड की बाउण्‍ड्री FTL से 50 मी. की सीमा एवं Zone of lnfluence (Zol) के मानचित्र एवं तीन प्रकार की गतिविधियों (प्रतिबंधित, विनियमित एवं अनुज्ञात) की पहचान कर पर्यावरण विभाग, म.प्र. शासन के आदेश क्रमांक 302/233/2022/32-3 दिनांक 16/03/22 द्वारा प्रशासकीय आदेश जारी किया गया। नोटिफिकेशन जारी नहीं किया गया है। (ग) म.प्र. वेटलैण्‍ड नियम 2017 के अंतर्गत किसी भी वेटलैण्‍ड को नोटिफाय नहीं किया गया है। कुछ चयनित वेटलैण्‍ड के नोटिफिकेशन संबंधी कार्यवाही की प्रक्रिया प्रचलन में है। (घ) वेटलैण्‍ड नियम 2017 क्रियान्‍वयन हेतु पर्यावरण, वन एवं जलवायु मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा जारी मार्गदर्शिका के बिन्‍दु क्रमांक 28 में HFL को परिभाषित किया गया है, जो निम्‍नानुसार है- 'Wetlands boundary can be derived as the outer envelope of the maximum area under inundation, the area overed by hydrophytes, or saturation of soil near the surface during a normal monsoon year. The boundary should be such that during a normal monsoon year, the entire area is inundated for at least 15 days, or the soil is saturated roughly within one foot from the surface. It may be pertinent to exclude areas that are only intermittently inundated in the case of high floods (such as one in 100-year floods) or extreme events (such as storm surges of extreme intensity)."भोज वेटलैण्‍ड के 15 वर्षों के औसत FTL के आधार पर भोज वेटलैण्‍ड का FTL -Upper Lake-3872 ha.,Lower Lake-73.90 ha.मान्‍य किया गया है। जोन ऑफ इन्‍फ्लुएंस तय करने हेतु वेटलैंड गाइड लाइन्‍स के कंटेट के संबंध में नगरीय विकास एवं आवास विभाग से हाइड्रोलॉजी, नेचर ऑफ लैंड यूज, डिजिटल एलिवेशन मॉडल के मानचित्र उपलब्‍ध हैं। टोपो शीट जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इण्डिया द्वारा तैयार की जाती है। भोज वेटलैंड का प्रारूप ब्रीफ डॉक्‍यूमेंट, नगर निगम, भोपाल द्वारा तैयार किया गया है जो उपलब्‍ध है। भोज वेटलैण्‍ड को वेटलैण्‍ड नियम के अनुसार अधिसूचित किए जाने की प्रक्रिया प्रचलन में है। पर्यावरण विभाग, म.प्र. शासन द्वारा भोज वेटलैण्‍ड के संबंध में दिनांक 16-03-2022 को जारी प्रशासकीय आदेश के संबंध में एक जनहित याचिका माननीय उच्‍च न्‍यायालय के समक्ष विचाराधीन है।

कैमरों के द्वारा काटे गए चालान

[नगरीय विकास एवं आवास]

71. ( क्र. 1150 ) श्री अनिरुध्द (माधव) मारू : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रदेश के अनेक जिलों में कैमरे के माध्यम से फोटो खींच कर यातायात का उल्लंघन करने वाले वाहनों को चालान एसएमएस, डाक से एवं व्हाट्स एप्प द्वारा घर घर भेजे जा रहे हैं? (ख) यदि हाँ, तो क्या उक्त चालान मोटर व्हीकल एक्ट के तहत (परिपालन में) काटे जाते हैं? यदि हाँ, तो क्या मोटर व्हीकल एक्ट में इस हेतु प्रावधान किया गया है? नियम उपलब्ध करावें। (ग) यदि नहीं, तो विभाग द्वारा कैमरो के द्वारा काटे गए उक्त चालानों से प्राप्त की गयी राशि आमजनों (प्रभावितो को) लौटाएंगे, यदि नहीं, तो क्यों? (घ) क्या आई.टी.एम.एस. एवं यातायात विभाग भी चालान की कार्यवाही करता है? यदि हाँ, तो नियमों की पूर्ण जानकारी उपलब्ध करावे। उपरोक्त दोनों चालानी कार्यवाही करने हेतु विभाग को किन-किन के द्वारा अधिकृत किया गया है? पद एवं नाम सहित जानकारी प्रदान करे।

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) जी हाँ। प्रदेश की 06 स्मार्ट सिटी यथा भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर, उज्जैन, सागर एवं सतना में ITMS योजना अंतर्गत कैमरे के माध्यम से फोटो खींच कर यातायात का उल्‍लंघन करने वाले को चालान एसएमएस, डाक एवं व्हाटसअप से घर-घर भेजे जा रहे है। (ख) जी हाँ। मोटर व्हीकल एक्ट-1988 की प्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) मोटर व्हीकल एक्ट-1988 अंतर्गत चालान राशि नियमानुसार मध्य प्रदेश शासन के कोष में जमा होती है। शेष प्रश्‍न उत्पन्न नहीं होता है। (घ) जी हाँ। प्रदेश की 06 स्मार्ट सिटी यथा भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर, उज्जैन, सागर एवं सतना में ITMS योजना अंतर्गत यातायात का उल्‍लंघन करने वालो के विरूद्ध पुलिस विभाग के सहयोग से चालानी कार्यवाही की जाती है। उपरोक्त कार्यवाही मोटर व्हिक्लएक्ट-1988 अंतर्गत की जाती है जिसकी प्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है।

पुलों का पुनर्निर्माण

[लोक निर्माण]

72. ( क्र. 1156 ) श्री बाबू जन्‍डेल : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                                        (क) क्या श्योपुर विधान सभा क्षेत्र में विगत वर्षों में आई भीषण बाढ़ में सीप नदी पर बने मण्डी लिंक रोड एवं मानपुर के पुल पूरी तरह क्षतिग्रस्त/बह गये है? यदि हाँ, तो उपरोक्त पुलों का पुनर्निर्माण कब तक करा दिया जावेगा? (ख) क्या माननीय मुख्यमंत्री द्वारा बेहरावदा से बावड़ी जैनी रोड को स्वीकृत किया जाकर बनाये जाने की घोषणा की गयी थी? यदि हाँ, तो उक्त सड़क का निर्माण कार्य अभी तक क्यों प्रारंभ नहीं कराया गया है? यदि प्रारंभ किया जावेगा तो कब तक? समय-सीमा बतावें। (ग) श्‍योपुर विधानसभा क्षेत्र में वर्ष 2019 से प्रश्‍न दिनांक तक बाढ़/अतिवृष्टि से क्षतिग्रस्त हुये सड़क, पुल पुलियाएं एवं अन्य संरचनाओं का पुनर्निर्माण/मरम्मत करायी जा चुकी है? यदि हाँ, तो कौन-कौन से, कितनी-कितनी राशि से कराये गये हैं? विस्तृत रूप से निर्माण कार्यवार व्यय से अवगत करावें। (घ) श्योपुर विधान सभा क्षेत्र में लोक निर्माण विभाग से वर्ष 2019 से प्रश्‍न दिनांक तक कितनी नवीन सड़क स्वीकृत हैं? कौन-कौन सी सड़क स्वीकृति हेतु प्रक्रियाधीन हैं? कितनी निर्माणाधीन हैं? क्या प्रश्‍नकर्ता द्वारा भेजे गये प्रस्ताव पत्र में रन्नौद से सोंठवा तक, सलापुरा से नागदा एवं अन्य सड़कों की स्वीकृति की जावेगी? यदि हाँ, तो कब तक?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ। विस्‍तृत विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ख) जी हाँ। कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। वर्तमान में निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ग) पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-'अ-1' एवं '' अनुसार है।           (घ) पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-'ब-1' एवं '' अनुसार है।

स्वीकृत विद्युत सब स्टेशन की जानकारी

[ऊर्जा]

73. ( क्र. 1157 ) श्री बाबू जन्‍डेल : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या विधान सभा क्षेत्र श्योपुर में निर्माणाधीन विद्युत सब स्टेशन बोरदादेव का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है? यदि हाँ, तो उक्त सब स्टेशन कब तक चालू कर दिया जावेगा? क्‍या ग्राम मेखड़ाहेड़ी में नवीन विद्युत सब स्टेशन स्वीकृत हुआ है? यदि हाँ, तो उक्त सब स्टेशन का निर्माण कार्य कब तक प्रारंभ करा दिया जावेगा? (ख) क्या विधान सभा क्षेत्र श्योपुर के कृषक विद्युत उपभोक्ताओं के ट्रांसफार्मरों को बिना सूचना के विद्युत बिल बकाया के नाम पर उठाये गये/जा रहे है? यदि हाँ, तो इसकी प्राथमिकता सूची किस आधार/नियम पर निर्धारित कर निर्णय किया गया है? नियम निर्देशों की छायाप्रति एवं प्राथमिकता सूची उपलब्ध करावें जिन ट्रांसफार्मरों पर विद्युत बिल बकाया है? जिन विद्युत बिल बकाया कृषक उपभोक्ताओं के ट्रांसफार्मर उठाये गये है, उनकी सूची नाम, सहित उपलब्ध करावें। (ग) क्या विद्युत बिल बकाया कृषक उपभोक्ताओं के ट्रांसफार्मर उठाये जाने के बाद भी उनका विद्युत बिल चालू रहता है? यदि हाँ, तो क्यों? यदि नहीं, तो ट्रांसफार्मर उठाये जाने की अवधि से (विद्युत प्रवाह बंद रहने की अवधि के दौरान) लगाये जाने की अवधि का विद्युत बिल का समायोजन किया जाता है? यदि नहीं, तो क्यों? ऐसे कितने विद्युत उपभोक्ता हैं जिनका विद्युत प्रवाह बंद अवधि में दिये गये विद्युत बिल का समायोजन किया है? (घ) क्या श्योपुर जिले की भांति संपूर्ण प्रदेश में कृषकों को समक्ष में बिना बुलाये/सूचना के एवं बिना विद्युतभार जांच के कृषको के ट्यूबवैल का विद्युतभार बढ़ा दिया जाता है? यदि हाँ, तो कारण बतावें?

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) जी नहीं, विधानसभा क्षेत्र श्योपुर में 33/11 के.व्‍ही. विद्युत उपकेन्‍द्र बोरदादेव का निर्माण कार्य प्रगति पर है, जिसका लगभग 90 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है तथा शेष कार्य शीघ्र पूर्ण कर विद्युत उपकेन्‍द्र को ऊर्जीकृत कर दिया जावेगा। जी हाँ, ग्राम मेखडाहेडी (मेखडी) में नवीन 33/11 के.व्‍ही. विद्युत उपकेन्‍द्र के निर्माण का कार्य केन्‍द्र शासन की आर.डी.एस.एस. योजना में स्‍वीकृत किया गया है। इस विद्युत उपकेन्‍द्र के निर्माण हेतु म.प्र. मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा मेसर्स यूनिवर्सल एम.ई.पी. प्रोजेक्‍ट एण्‍ड इंजीनियरिंग सर्विसेस लिमिटेड मुम्‍बई को आदेश क्र. MD/CZ/RDSS/Pck-III (SS)/NoA/117 दिनांक 07.11.2022 से टर्न-की अवार्ड जारी कर दिया गया है। उक्‍त 33/11 के.व्‍ही. विद्युत उपकेन्‍द्र के निर्माण हेतु आवश्‍यक भूमि के आवंटन का कार्य जिला प्रशासन स्‍तर पर प्रक्रियाधीन है। भूमि आवंटित होते ही निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया जावेगा। उक्‍त परिप्रेक्ष्‍य में समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ख) बकायादार विद्युत उपभोक्ताओं से बकाया राशि वसूल करने हेतु प्रत्येक माह लाईन कर्मचारियों एवं समय-समय पर अधिकारियों द्वारा उपभाक्ताओं से संपर्क किया जाता है। विद्युत बिल की बकाया राशि जमा नहीं होने की स्थिति में कनेक्शन विच्छेदित करने की सूचना उपभोक्‍ता को प्रसारित की जाती है। बार-बार संपर्क करने के बावजूद यदि उपभोक्ताओं द्वारा बकाया राशि जमा नहीं की जाती है, तब ऐसी स्थिति में अस्‍थाई रूप से कनेक्शन काटने की कार्यवाही की जाती है। जिन विद्युत वितरण ट्रांसफार्मरों के सभी (100 प्रतिशत) उपभोक्‍ताओं के द्वारा बकाया राशि का भुगतान नहीं किया जाता है ऐसे विद्युत वितरण ट्रांसफार्मरों को उठाना भी पड़ता है। इस संबंध में किसी भी प्रकार की प्राथमिकता सूची का निर्धारण नहीं किया जाता है, अपितु सभी बकायादारों पर समान कार्यवाही की जाती है। अतः प्राथमिकता सूची संबंधी प्रश्‍नाधीन चाही गई जानकारी दिये जाने का प्रश्‍न नहीं उठता। श्योपुर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत चालू वित्त वर्ष में शत-प्रतिशत उपभोक्‍ताओं की बकाया राशि होने पर कुल 83 विद्युत वितरण ट्रांसफार्मर उठाये गये है, जिनमें से 60 विद्युत वितरण ट्रांसफार्मर से संबद्ध उपभोक्‍ताओं द्वारा नियमानुसार राशि जमा होने के उपरांत पुनः स्थापित कर दिये गये हैं। उक्‍त 83 विद्युत वितरण ट्रांसफार्मरों से संबद्ध कृषि उपभोक्ताओं की प्रश्‍नाधीन चाही गई जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) विद्युत वितरण ट्रांसफार्मर उठाये जाने के बाद चूंकि उपभोक्ताओं को स्थाई रुप से विच्छेदित नहीं किया जाता है, अतः म.प्र. विद्युत नियामक आयोग के द्वारा निर्धारित टैरिफ आदेश अनुसार उन्‍हें न्यूनतम विद्युत प्रभार देय होता है एवं तद्नुसार बिल जारी किया जाता है। अत: विद्युत प्रदाय बंद रहने की अवधि के दौरान विद्युत बिल के समायोजन संबंधी प्रश्‍नाधीन चाही गई जानकारी दिया जाना अपेक्षित नहीं है। (घ) जी नहीं, श्योपुर जिले सहित संपूर्ण प्रदेश में कृषकों के कृषि पंप कनेक्शनों का भार बिना जांच किये नहीं बढ़ाया जाता है, अपितु जांचकर्ता अधिकारी द्वारा जांच उपरांत अधिक भार पाये जाने पर ही भार वृद्धि की जाती है।

शासकीय महाविद्यालय खोलने की स्वीकृति

[उच्च शिक्षा]

74. ( क्र. 1160 ) डॉ. सतीश सिकरवार : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) ग्वालियर चम्बल सम्भाग में वर्ष 2020-2021, में नवम्बर 2022 तक कितने शासकीय महाविद्यालय खोलने की स्वीकृति म.प्र शासन द्वारा कहाँ-कहाँ प्रदान की गई? शिक्षा सत्र अनुसार वर्ष, स्थान सहित जानकारी दी जावें। (ख) उक्त स्वीकृत महाविद्यालयों को भवन निर्माण हेतु कितनी कितनी राशि की स्वीकृति दी गई? स्थान राशि सहित जानकारी दी जावें। (ग) उक्त स्वीकृत शासकीय महाविद्यालय निजी, शासकीय भवनों में कब से प्रारम्भ किये गये हैं? उसमें प्राचार्य, सहा. प्रोफेसर, कर्मचारियों की कहाँ-कहाँ कितने प्राध्यापक की पदस्थापना की गई है? यदि नहीं, तो भवनों की राशि, अध्यापकों की पदस्थापना कब तक की जावेगी?

उच्च शिक्षा मंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) विभाग के आदेश क्रमांक एफ 23-20/2021/38-2 दिनांक 27-09-2021 के माध्‍यम से ग्‍वालियर चंबल संभाग अंतर्गत कुल 06 क्रमश: जिला ग्‍वालियर अंतर्गत पिछोर, जिला भिण्‍ड अंतर्गत गोरमी, जिला शिवपुरी अंतर्गत दिनारा तथा जिला मुरैना अंतर्गत राजौधा, दिमनी व रिठौरा कला में नवीन शासकीय महाविद्यालय प्रारंभ किए गए।                     (ख) उत्‍तरांश (क) में उल्‍लेखित शासकीय महाविद्यालयों के नवीन भवन निर्माण हेतु भूमि आवंटन की कार्यवाही प्रक्रियाधीन होने के कारण राशि स्‍वीकृत नहीं की गई है। (ग) जानकारी संलग्न परिशिष्‍ट अनुसार है। शासकीय महाविद्यालय, दिनारा में एक नियमित ग्रंथपाल शेष महाविद्यालयों में एक-एक नियमित शिक्षक का डिप्‍लॉयमेंट करते हुए प्रशासकीय व्‍यवस्‍था तथा शिक्षकों के रिक्‍त नियमित पदों के विरूद्ध अतिथि विद्वानों के माध्‍यम से अध्‍यापन व्‍यवस्‍था सुचारू रूप से संचालित है। अराजपत्रित संवर्ग के कर्मचारियों की पदस्‍थापना/डिप्‍लॉयमेंट की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। रिक्‍त पदों की पूर्ति हेतु समय-सीमा बताई जाना संभव नहीं है।

परिशिष्ट - "उनसठ"

रेरा में की गई शिकायतों की जानकारी

[नगरीय विकास एवं आवास]

75. ( क्र. 1161 ) डॉ. सतीश सिकरवार : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या ग्वालियर में वर्ष 2018 से नवम्बर 2022 तक कितनी मल्टीस्टोरी भवन निर्माताओं की शिकायतें रेरा या आवास विभाग को प्राप्त हुई हैं? नगरवार, बिल्डर्स के नाम, संख्या सहित जानकारी दी जावें। (ख) क्या अनेक बिल्डरों द्वारा भवन निर्माण की शर्तों के अनुसार उपभोक्ताओं को दी जाने वाली सुविधा, पार्क, फायर फाइटिंग सिस्टम, राशि जमा होने के बाद उपभोक्ताओं को आवास नहीं दिये गये हैं, शासन द्वारा उक्त शिकायतों शर्तों का निराकरण नहीं किया गया है, पूर्ण जानकारी दी जावें। (ग) उक्त कॉलोनी निर्मित होने के कितने वर्ष बाद विकास कार्य पूर्णता प्रमाण पत्र देने का प्रावधान है, या अनिश्चित काल तक पूर्णता प्रमाण पत्र जारी नहीं होने का प्रावधान है? तथ्यों सहित जानकारी दी जावें। ऐसी कॉलोनियों को कब तक रहवासी कल्याण समितियों को अन्तरित की जा सकेगी?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट '''' अनुसार है। (ख) बिल्डरों द्वारा आवंटिती को आवास न दिए जाने का परिवाद म.प्र. भू-सम्पदा (विनियमन और विकास) अधिनियम, 2016 की धारा-31 के अंतर्गत म.प्र. भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण में प्रस्तुत किया जा सकता है, जो कि एक अर्धन्यायिक प्रक्रिया है। अतः जानकारी निरंक। (ग) म.प्र. नगर पालिका (कालोनी विकास) नियम, 2021 के नियम-19 की प्रति जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट '''' अनुसार है, जिसमें कार्य पूर्णता प्रमाण पत्र जारी करने तथा संधारण हेतु कॉलोनी, रहवासी कल्याण समितियों को अंतरित किये जाने संम्बधी समयावधि प्रावधान दिये गये है। तद्नानुसार कार्य पूर्णता प्रमाण पत्र जारी करने एवं कॉलोनियो को रहवासी कल्याण समितियों को अंतरित किये जाने की कार्रवाई की जाती है।

परिशिष्ट - "साठ"

कक्षाओं का संचालन

[उच्च शिक्षा]

76. ( क्र. 1166 ) श्री अनिल जैन : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                            (क) क्या निवाड़ी विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत अमर शहीद चन्द्रशेखर आजाद महाविद्यालय निवाड़ी में विभिन्न विषयों की कक्षायें जनभागीदारी निधि से संचालित हैं? यदि हाँ, तो उक्त विषयों की कक्षाओं को शासन स्तर से संचालित करने हेतु विभाग की क्या योजना है? (ख) क्या प्रश्‍नांश (क) के परिप्रेक्ष्य में महाविद्यालय में छात्र संख्या के हिसाब से प्राध्यापकों की कमी है? यदि हाँ, तो महाविद्यालय में नये पदों का सृजन किये जाने हेतु कोई कार्ययोजना है? (ग) क्या निवाड़ी स्थित अमर शहीद चन्द्रशेखर आजाद महाविद्यालय निवाड़ी जिले का एकमात्र अग्रणी महाविद्यालय है? यदि हाँ, तो महाविद्यालय में नये विषयों जैसे- स्नातक हेतु मनोविज्ञान, गृह विज्ञान एवं परास्नातक हेतु हिन्दी एवं अंग्रेजी विषयों को कब तक प्रारंभ कर दिया जावेगा?

उच्च शिक्षा मंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जी हाँ। शासकीय महाविद्यालय, निवाड़ी में स्‍नातक स्‍तर पर कला, विज्ञान एवं वाणिज्‍य संकाय शासकीय पाठ्यक्रम के रूप में संचालित हैं तथा स्‍नातक स्‍तर पर कम्‍प्‍यूटर एप्‍लीकेशन तथा स्‍नातकोत्‍तर स्‍तर पर 05 विषय स्‍ववित्‍तीय योजना अंतर्गत संचालित हो रहे हैं। स्‍ववित्‍तीय पाठ्यक्रमों के संचालन की अनुमति विभाग द्वारा प्रदान की जाती है। (ख) जी नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी हाँ। यदि आवश्‍यक हुआ तो विभागीय मापदण्‍डों के परिप्रेक्ष्‍य में परीक्षण उपरांत कार्यवाही की जाएगी। समय-सीमा बताई जाना संभव नहीं है।

आवासीय कॉलोनियों में विभाजित भू-खण्‍डों पर आवास निर्माण

[नगरीय विकास एवं आवास]

77. ( क्र. 1174 ) श्री चेतन्‍य कुमार काश्‍यप : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि क्‍या शीघ्र ही म.प्र. भूमि विकास नियम 2012 के नियम 22 (ख) में आवश्‍यक संशोधन कर आवासीय कॉलोनियों में विभाजित भू-खण्‍डों पर आवास निर्माण की अनुमति देने के प्रावधान किये जायेंगे क्‍योंकि नागरिकों ने आवासीय कॉलोनियों में विभाजित भूखण्‍ड तो खरीद लिये लेकिन भवन अनुज्ञा नहीं मिलने के कारण मकान नहीं बना पा रहे हैं, उन्‍हें बैंकों से आवास ऋण भी नहीं मिल पा रहा हैं?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : जी नहीं। आवासीय कालोनियों में विभाजित भूखण्डों पर आवास निर्माण की अनुमति देने के संबंध में मध्यप्रदेश भूमि विकास नियम, 2012 में संशोधन का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।

डामरीकृत सड़कों की मरम्‍मत

[लोक निर्माण]

78. ( क्र. 1178 ) श्रीमती लीना संजय जैन : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या जिला विदिशा में विकासखण्‍ड बासोदा एवं ग्‍यारसपुर अंर्तगत पूर्व में निर्मित डामरीकृत सड़कों का मरम्‍मत कार्य किया जा रहा है? हाँ तो सूची सहित बतावें। नहीं तो क्‍यों कारण बतावें। (ख) क्‍या प्रश्‍नांश (क) के उत्‍तर में वर्णित क्षतिग्रस्‍त मार्गों का पुन: निर्माण कराया जावेगा? यदि नहीं, तो क्‍यों?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है एवं म.प्र. सड़क विकास निगम अंतर्गत गंजबसौदा-त्‍यौंदा मार्ग लंबाई 37.80 कि.मी. का नवीनीकरण वर्ष 2021 में किया गया था। (ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है एवं म.प्र. सड़क विकास निगम अंतर्गत गंजबसौदा-त्‍यौंदा मार्ग लंबाई 37.80 कि.मी. बी.ओ.टी. एन्‍युटी योजना अंतर्गत दिनांक 21.08.2014 में निर्मित है। मार्ग का संधारण दिनांक 21.08.2027 तक निवेशकर्ता द्वारा किया जाना है। वर्तमान में मार्ग अच्‍छी स्थिति में है।

परिशिष्ट - "इकसठ"

सी.सी. सड़क का निर्माण

[लोक निर्माण]

79. ( क्र. 1179 ) श्रीमती लीना संजय जैन : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या जिला विदिशा में विकासखण्‍ड बासोदा एवं ग्‍यारसपुर अंतर्गत डामरीकृत सड़क निर्माण में ग्राम में सी.सी. सड़क निर्माण छोड़ दिया गया हैं? यदि हाँ, तो कारण बतावें। (ख) क्‍या विभाग द्वारा प्रश्‍नांश (क) के उत्‍तर में वर्णित ग्रामों में सी.सी. सड़क का निर्माण अन्‍य योजना से कराया जावेगा? यदि नहीं, तो क्‍यों?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी नहीं। शेष का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता।                             (ख) उत्‍तरांश (क) के उत्तर के परिप्रेक्ष्य में प्रश्‍न ही उपस्थिति नहीं होता।

स्‍वीकृत मानचित्र की छायाप्रति का प्रदाय

[नगरीय विकास एवं आवास]

80. ( क्र. 1182 ) श्री योगेन्‍द्र सिंह (बाबा) : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) संचालक, नगर तथा ग्राम निवेश संचालनालय म.प्र. भोपाल को कर्मचारी गृह निर्माण सहकारी समिति मर्यादित, तलेनी सारंगपुर, जिला राजगढ़ का स्‍वीकृत मानचित्र ड्राइंग क्रमांक 153/5/85, भोपाल दिनांक 15/03/1985 को जारी किया गया था जिसकी प्रमाणित प्रतिलिपि लेने हेतु प्रश्‍नकर्ता के द्वारा पत्र क्रमांक 801 दिनांक 01/08/2022 लिखा गया था उसके पश्‍चात भी उसकी प्रमाणित छायाप्रति प्रदान नहीं की गई है। उसकी छायाप्रति कब तक प्रदान की जावेगी?                          (ख) आयुक्‍त, नगर तथा ग्राम निवेश संचालनालय को पुन: प्रश्‍नकर्ता द्वारा दिनांक 20/09/2022 को स्‍वीकृत मानचित्र प्रदान करने हेतु पत्र लिखा गया था, उसके पश्‍चात भी स्‍वीकृत मानचित्र प्रदान नहीं करते हुये गुमराह किया जा रहा है, स्‍वीकृत मानचित्र कब तक प्रदान किया जायेगा?                               (ग) कर्मचारी गृह निर्माण सहकारी समिति मर्यादित तलेनी सारंगपुर जिला राजयगढ़ के आवासीय प्‍लाटों की रजिस्‍ट्री तथा कॉलोनी का सीमांकन नगर तथा ग्राम निवेश द्वारा स्‍वीकृत मानचित्र के आधार पर ही किया गया था तथा उसी आधार पर कालोनी से सभी आवासीय प्‍लाटों की रजिस्‍ट्री की गई थी, उसी सभी आवासीय प्‍लाटों की रजिस्‍ट्री में नगर तथा ग्राम निवेश द्वारा स्‍वीकृत नक्‍शा संलग्‍न है फिर मानचित्र की छायाप्रति कब तक प्रदान की जायेगी? (घ) हाँ तो कब तक, यदि नहीं, तो क्‍यों नहीं?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) संचालनालय में दिनांक 01/08/2022 को पत्र प्राप्त हुआ। नगर तथा ग्राम निवेश जिला कार्यालय राजगढ़ में वर्तमान में उपलब्ध कार्यालयीन अभिलेखों के अनुसार कर्मचारी गृह निर्माण सहकारी समिति मर्यादित तलेनी सारंगपुर जिला राजगढ़ के स्वीकृत मानचित्र की नस्ती उपलब्ध नहीं है। (ख) जी नहीं। संचालनालय नगर तथा ग्राम निवेश म.प्र. भोपाल के पत्र क्रमांक 5038 दिनांक 02/12/2022 के द्वारा माननीय विधायक महोदय को नगर तथा ग्राम निवेश जिला कार्यालय राजगढ़ में लगभग 35 वर्ष पुराने प्रकरण का अभिलेख उपलब्ध नहीं होने संबंधी जानकारी से अवगत कराया गया है। (ग) उत्‍तरांश (क) एवं (ख) अनुसार। (घ) उत्तरांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

वरिष्‍ठ लेखाधिकारी के पद पर नियुक्ति का अनुमोदन

[ऊर्जा]

81. ( क्र. 1183 ) श्री योगेन्‍द्र सिंह (बाबा) : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि              (क) म.प्र. पावर जनरेटिंग कंपनी लि. के वर्तमान प्रबंध संचालक श्री मंजीत सिंह का सहायक इंजीनियर पद से वरिष्‍ठ लेखाधिकारी पद पर नियुक्ति कब की गई? स्‍पष्‍ट करें। (ख) श्री मंजीत सिंह, सहायक इंजीनियर पद से वरिष्‍ठ लेखाधिकारी के पद पर की गई नियुक्ति का म.प्र. विद्युत मंडल के संपूर्ण बोर्ड से अनुमोदन किया गया था अथवा नहीं? (ग) यदि संपूर्ण बोर्ड से अनुमोदन लेकर आदेश जारी किये गये थे तो आदेश की छायाप्रति एवं अनुमोदन की छायाप्रति से अवगत कराया जावेगा? यदि हाँ, तो कब तक, यदि नहीं, तो क्‍यों नहीं?

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) म.प्र. पॉवर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड के वर्तमान प्रबंध संचालक श्री मनजीत सिंह की सहायक अभियंता पद से नहीं अपितु तत्‍समय प्रचलित पदनाम अतिरिक्‍त कार्यपालन अभियंता (उत्‍पादन) (जो कि कार्यपालन अभियंता के पद का वेतनमान प्राप्‍त कर रहे थे) के पद से वरिष्‍ठ लेखा अधिकारी के पद पर, पूर्ववर्ती म.प्र विद्युत मंडल के आदेश दिनांक 03-02-2000 द्वारा नियुक्ति प्रदान की गई। (ख) वर्तमान प्रबंध संचालक के तत्‍समय उत्‍पादन संकाय से लेखा/वित्‍त संकाय में नियुक्ति बाबत् आदेश दिनांक 03.02.2000 जारी करने के पूर्व पूर्ववर्ती म.प्र. विद्युत मंडल के सदस्‍य (वित्‍त), सदस्‍य (उत्‍पादन), सदस्‍य (सिविल), सदस्‍य (टी. एण्‍ड डी.) एवं अध्‍यक्ष द्वारा अनुमोदन प्रदान किया गया। अनुमोदन की कार्यालयीन टीप व आदेश की प्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'' एवं '' अनुसार है। (ग) उत्‍तरांश (ख) में दर्शाए अनुसार ही अनुमोदन लिया गया था। दिनांक 01 नवंबर 2000 को म.प्र. राज्‍य के पुनर्गठन के तहत छत्‍तीसगढ़ राज्‍य अस्तिस्‍व में आया, जिसके फलस्‍वरूप तत्‍कालीन ‘’म.प्र.विद्युत मंडल’’ भी विभाजित हो कर म.प्र.राज्‍य विद्युत मंडल’’ में परिवर्तित हो गया। वर्ष 2003 में केंद्रीय शासन की विद्युत नीतियों के तहत म.प्र.राज्‍य विद्युत मंडल’’ को उत्‍तरवर्ती पांच कंपनियों में विभाजित किया गया एवं श्री सिंह की सेवाएं म.प्र. पॉवर जनरेटिंग कंपनी लिमि. में अंतिम रूप से आमेलित की गई। उक्‍त परिप्रेक्ष्‍य में म.प्र. विद्युत मंडल’’ जो कि लगभग 22 वर्ष पूर्व अस्तित्‍वहीन हो गया, द्वारा सम्‍पादित वरिष्‍ठ लेखा अधिकारी की नियुक्ति प्रक्रिया पर वर्तमान में प्रश्‍न उठाना उचित प्रतीत नहीं होता। अत: शेष प्रश्‍न नहीं उठता।

अभियंताओं को विदेश में विशेष प्रशिक्षण

[ऊर्जा]

82. ( क्र. 1184 ) श्री योगेन्‍द्र सिंह (बाबा) : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि              (क) म.प्र. पावर जनरेटिंग कंपनी लि. में अभियंताओं को विशेष विषय पर प्रशिक्षण हेतु विदेशों में भेजा जाता है तथा अभियंताओं को पावर जनरेटिंग कंपनी के गठन से प्रश्‍न दिनांक तक कितने-कितने अभियंताओं को विदेश यात्रा पर भेजा गया? (ख) भेजे गये प्रशिक्षार्थियों को शासन द्वारा अनुमति प्रदान की गई थी तथा प्रशिक्षण से संबंधित वर्तमान में उनसे कार्य कराया जा रहा है? वे कहां पर पदस्‍थ हैं? उनका नाम, पद, वर्तमान पद तथा प्रशिक्षण में कहां भेजे गये थे एवं प्रशिक्षण का विषय क्‍या था? उन पर कंपनी का कुल कितना व्‍यय हुआ? इससे अवगत कराया जायेगा?                                      (ग) क्‍या श्री अभिषेक जैन अधीक्षण यंत्री चालू प्रभार में दो बार विदेश यात्रा पर गये थे? स्‍पष्‍ट करें। विदेश यात्रा पर क्‍या प्रशिक्षण लिया गया था? श्री जैन 19 वर्षों से एम.डी. कार्यालय में कार्य कर रहे हैं, क्‍या इनके द्वारा लिये गये प्रशिक्षण के संबंध में कार्य करवाया जा रहा हैं?

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) जी हाँ, म.प्र. पॉवर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड के अभियंताओं को विशेष विषय पर प्रशिक्षण हेतु विदेश भेजा जाता है। कंपनी के गठन से प्रश्‍न दिनांक तक 12 अभियंताओं एवं 01 मुख्‍य रसायनज्ञ को प्रशिक्षण हेतु विदेश भेजा गया है।                        (ख) म.प्र. पॉवर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड के, प्रशिक्षण हेतु विदेश भेजे गये प्रशिक्षार्थियों बाबत्, एक अधिकारी को छोड़कर, ऊर्जा विभाग, म.प्र. शासन द्वारा अनुमति प्रदान की गई है। उक्‍त अधिकारी के संबंध में शासन से कार्योत्‍तर अनुमति प्रतीक्षित है। प्रशिक्षण प्राप्‍त अधिकारियों को आवश्‍यकतानुसार कंपनी मुख्‍यालय अथवा विद्युत गृह में पदस्‍थ कर उनकी सेवाएं ली जा रही हैं। प्रशिक्षण हेतु विदेश भेजे गये अधिकारियों के नाम, पद, वर्तमान पद, प्रशिक्षण में कहॉं गये एवं प्रशिक्षण के विषय से संबंधित जानकारी संलग्न परिशिष्‍ट अनुसार है। अधिकारियों के विदेश में प्रशिक्षण से संबंधित यात्रा व्‍यय एवं प्रवास की लागत संबंधित संस्‍था द्वारा वहन की गई है, अत: कंपनी का कोई प्रत्‍यक्ष व्‍यय नहीं हुआ है। (ग) श्री अभिषेक जैन, वर्तमान प्रभारी-अतिरिक्‍त मुख्‍य अभियंता (उत्‍पादन) अधीक्षण यंत्री-चालू प्रभार के पद पर रहते हुए नहीं, अपितु अपने पूर्ण सेवाकाल में दो बार विशेष प्रशिक्षण हेतु विदेश गये थे। श्री जैन द्वारा लिये गये प्रशिक्षण विषय की जानकारी संलग्न परिशिष्‍ट (सरल क्र-एवं 12) अनुसार है। श्री अभिषेक जैन 19 वर्षों से नहीं, अपितु विगत लगभग 11 वर्षों से प्रबंध संचालक, कार्यालय में पदस्‍थ हैं। इनकी योग्‍यता एवं विशेष प्रशिक्षण के दृष्टिगत इनकी सेवाएं प्रबंध संचालक, म.प्र. पॉवर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड के कार्यालय में ली जा रही हैं।

परिशिष्ट - "बासठ"

प्रबंध संचालक द्वारा फर्जी तरीके से पदोन्‍नति

[ऊर्जा]

83. ( क्र. 1185 ) श्री योगेन्‍द्र सिंह (बाबा) : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                   (क) प्रबंध संचालक, म.प्र. पॉवर जनरेटिंग कंपनी लि. की समस्‍त कार्यकाल में सहायक यंत्री द्वितीय श्रेणी से कार्यपालक निदेशक वित्‍त संचालक, वित्‍त एवं प्रबंध संचालक म.प्र. पावर जनरेटिंग कंपनी लि. तक क्रमवार सहायक यंत्री श्रेणी 2 से प्रथम श्रेणी तक कूटरचित तरीकों से निरन्‍तर 6 अन्‍य पदों पर आगे पदोन्‍नतियां प्राप्‍त की गई है। इनको कब-कब पदोन्‍नति प्रदान की गई? किस आधार पर प्रदान की गई? (ख) प्रबंध संचालक श्री मंजीत सिंह आरक्षण की श्रेणी में नहीं आते हैं फिर निरन्‍तर किस आधार पर इनको पदोन्‍नति प्रदान की गई है? जबकि इनके समकक्ष 40 सहायक यंत्री कार्यपालन अभियंता के पद पर ही पदस्‍थ हैं, स्‍पष्‍ट करें। (ग) जो अभियंता वित्‍त विभाग में केडर परिवर्तन करवाना चाहते हैं तथा वित्‍त परीक्षण में अनुत्‍तीर्ण हो गये हैं एवं जो उत्‍तीर्ण हुए हैं वे लोग ज्‍वाईन डायरेक्‍टर वित्‍त पद पर मात्र 2 पदोन्‍नति प्राप्‍त कर पाये हैं इस संबंध में सूचना अधिकारी श्री उपाध्‍याय द्वारा सूचना नहीं देने पर उनके ऊपर राज्‍य सूचना आयोग भोपाल द्वारा 25 हजार रूपये के अर्थदण्‍ड से दंडित किया गया है? क्‍या सभी प्रकरणों की जांच कर कार्यवाही की जायेगी? (घ) हाँ तो कब तक नहीं तो क्‍यों नहीं?

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) प्रबंध संचालक, मध्‍य प्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड को उनके सम्‍पूर्ण कार्यकाल में सभी पदोन्‍नतियाँ, नियमों के तहत अवधि एवं अर्हतापूर्ण किये जाने पर प्रदान की गई है एवं उनके सेवाकाल में प्राप्‍त पदोन्‍नति एवं पद परिवर्तन की जानकारी संलग्न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) प्रबंध संचालक, श्री मंजीत सिंह, तत्‍कालीन म.प्र.विद्युत मंडल के जनरेशन संकाय में भर्ती हुये थे एवं वर्ष 2000 से लेखा/वित्‍त संकाय में है। वित्‍त संकाय में उपलब्‍ध पदों के अनुसार उन्‍हें पदोन्‍नति प्राप्‍त हुई। इसके बैचमेट 40 अभियंताओं को उत्‍पादन संकाय में अगले पदोन्‍न‍ति पद की उपलब्‍धता एवं कार्य की आवश्‍यकता के आधार पर पदोन्‍नत किया गया है एवं वे वर्तमान में अधीक्षण अभियंता-चालू प्रभार के पद (मूल पद कार्यपालन अभियंता) पर कार्यरत हैं। (ग) सहायक अभियंता से वित्‍त संकाय में परिवर्तन की परीक्षा में सफल हुये अधिकारी स्‍वयं के विकल्‍प के आधार पर चयनित अलग-अलग कंपनियों में पद उपलब्‍धता के आधार पर पदोन्‍नत हुये। सूचना के अधिकार में प्राप्‍त आवेदन को तत्समय संलग्‍न पोस्‍टल आर्डर अपूर्ण होने के आधार पर कंपनी के लोक सूचना अधिकारी श्री उपाध्‍याय द्वारा आवेदन नियमानुसार नहीं मानते हुये जानकारी उपलब्‍ध नहीं कराये जाने को राज्‍य सूचना आयोग द्वारा उचित नहीं मानते हुये रू. 15000/- (रू. 25000 का नहीं) का अर्थदण्‍ड लगाया गया। आयोग के आदेशानुसार जानकारी उपलब्‍ध करा दी गई है। उपरोक्‍त के दृष्टिगत अन्‍य कोई कार्यवाही अपेक्षित नहीं है। (घ) उत्‍तरांश (ग) के परिप्रेक्ष्‍य में लागू नहीं।

परिशिष्ट - "तिरेसठ"

नगर पालिका निगम मुरैना में सफाई व्यवस्था

[नगरीय विकास एवं आवास]

84. ( क्र. 1200 ) श्री सूबेदार सिंह सिकरवार रजौधा : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नगर पालिका निगम मुरैना में कितने सफाई कर्मी स्थाई/अस्थाई नियुक्त है एवं कितने कचरा वाहन उपलब्ध है और कहां-कहां उनसे सेवाएं ली जा रही हैं? वार्डवार सफाई कर्मचारियों/वाहन कर्मचारियों के नाम सहित अवगत करावें। (ख) क्या निगम के वार्ड की जनसंख्या/क्षेत्रफल के अनुपात से सफाई कर्मचारी/सफाई वाहन नियुक्त किये जाने का प्रावधान है? यदि हाँ, तो निगम के प्रत्येक वार्ड में जनसंख्या अनुपात से सफाई कर्मचारी/सफाई वाहन नियुक्त किये गये हैं? यदि नहीं, तो क्यों? (ग) क्या निगम में जनसंख्या के अनुपात में सफाई कर्मचारियों की बेहद कमी है? यदि हाँ, तो कमी पूर्ति के लिए अस्थाई तौर पर सफाई कर्मचारी नियुक्त किये जाने की कोई प्रक्रिया प्रस्तावित की जा सकेगी? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो सफाई व्यवस्था के सुचारू संचालन के लिए अन्य कोई विकल्प से अवगत करावें। (घ) प्रश्‍नांश (क), (ख), (ग) के परिप्रेक्ष्य में वर्तमान में वार्डों में पदस्थ सफाई कर्मचारियों के अनुपात में विसंगति को दूर कर समान अनुपात में सफाई कर्मचारी पदस्थ किये जावेंगे? यदि हाँ, तो कब तक?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) नगर निगम मुरैना में कुल 753 सफाईकर्मी/स्‍थाईकर्मी नियुक्‍त है तथा कुल 84 कचरा वाहन उपलब्‍ध है, शेष जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट ''अ एवं ब'' अनुसार है। (ख) जी हाँ। वर्ष 2011 की जनगणना अनुसार नगर निगम की कुल जनसंख्‍या 288000 है। नियमानुसार 500 की जनसंख्‍या पर 01 कर्मचारी के मान से नियुक्‍त किए गए है। (ग) जी नहीं। वर्ष 2011 की जनगणना अनुसार कुल 288000 जनसंख्‍या के लिए 500 की जनसंख्‍या पर 1 कर्मचारी के मान से 579 पद स्‍वीकृत है। अस्‍थाई तौर पर कर्मचारी नियुक्‍त किये जाने का कोई प्रावधान नहीं है। (घ) प्रश्‍नांश (क), (ख) एवं (ग) के परिप्रेक्ष्‍य में जनसंख्‍या के अनुपात में कर्मचारी पदस्थ किये गये हैं। अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

स्‍नेपबिडिंग के अधिकारियों पर कार्यवाही

[ऊर्जा]

85. ( क्र. 1204 ) कुँवर रविन्‍द्र सिंह तोमर भिड़ौसा : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मई 2020 से प्रश्‍न दिनांक तक म.प्र. पा.ज.क.लि. में विभिन्न कार्यों के ताप एवं जल विद्युत गृहों के निविदा आमंत्रण में कितनी निविदा आमंत्रण में स्नेपबिडिंग करने की स्थिति पैदा हुयी? सभी कार्यों की सूची जिन कार्यों में स्नेपबिडिंग करायी गयी। प्रोफार्मा में बतावें। 1. क्रमांक- 2. कार्य की विभाग की ओर से ऑकलित अनुमानित कीमत- 3. प्रत्‍येक संबंधित कार्य में कितनी फर्मो द्वारा भाग लिया एवं क्‍या-क्‍या दरे कोट की गयी? दरों का विवरण बतावें- 4. स्‍नेपबिडिंग के बाद कार्य प्राप्‍त फर्म का नाम, दरें एवं अन्‍य फर्मों की दरे बतावें- 5. स्‍नेपबिडिंग कराने का कारण बतावें। (ख) क्या अनावश्यक रूप से अपनी चहेती फर्मों के कार्य दिलाने हेतु किस कार्य में स्नेपबिडिंग की गयी है? तब ऐसे अधिकारियों पर क्या कार्यवाही की गयी?

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) म.प्र. पॉवर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड के ताप विद्युत गृहों हेतु मई 2020 से नवम्‍बर 2022 तक विभिन्‍न कार्यों हेतु कुल 64 निविदा आमंत्रण में स्‍नेपबिडिंग कराई गई, जिससे संबंधित वांछित जानकारी का विवरण निर्धारित प्रपत्र में पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) स्‍नेपबिडिंग कराने से संबंधित कार्य पूर्ण पारदर्शिता के साथ किया गया है। निविदा में दिए प्रावधानों के अनुसार एवं म.प्र. पॉवर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड के "Procuerment Manual" में वर्णित दिशा-निर्देशों के आधार पर ही किया गया है। संपूर्ण प्रक्रिया पारदर्शी तथा नियमों के पालन करते हुए संपादित की जाती है, अत: अधिकारियों पर कार्यवाही करने का प्रश्‍न नहीं उठता है।

मेसर्स ई.एम. सविसेज, फर्म को कार्य आवंटन

[ऊर्जा]

86. ( क्र. 1205 ) कुँवर रविन्‍द्र सिंह तोमर भिड़ौसा : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या मेसर्स ई.एम. सर्विसेज फर्म द्वारा सतपुड़ा ताप विद्युत गृह इकाई क्रमांक 09 क्षमता 210 मेगावॉट वर्तमान में 3 वर्षों से बन्द पड़ी है? इस इकाई का वार्षिक रख-रखाव वर्ष                   2001-2002 से प्रश्‍न दिनांक तक, कितनी बार वार्षिक रख-रखाव के साथ टरबाईन का रख-रखाव इस फर्म को क्यों दिया गया? (ख) क्या प्रश्‍नांश (क) की अवधि में कम से कम तीन-चार बार टरबाईन टूटी एवं करोड़ों रूपये की क्षति हुयी? (ग) समस्त वस्तु्स्थिति की जानकारी होने के बाद भी विभाग द्वारा इस भ्रष्ट मेसर्स ई.एम. सर्विसेज को कार्य क्यों दिया गया? क्या शासन को हुई क्षति की भरपाई विभाग संबंधित फर्म से करेंगा? अगर हाँ तो कब तक?

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) सतपुड़ा ताप विद्युत गृह सारनी की इकाई क्र. 09 (210MW), जो कि 27-02-1984 से संचालन में थी एवं दिनांक 22.02.2022 से बंद है, का वर्ष 2001-2002 से 2012 के मध्य वार्षिक रख-रखाव के साथ हुए टरबाईन के रख-रखाव का कार्य मेसर्स ई.एम. सर्विसेस को एक बार वर्ष 2007 में खुली निविदा के आधार पर दिया गया था। वर्ष 2012 के बाद से इकाई क्रमांक-09 के वार्षिक रखरखाव में टरबाईन माड्यूल से संबंधित कार्य नहीं कराया गया है। (ख) प्रश्‍नांश (क) की अवधि में इकाई क्रमांक-09 में टरबाईन चार बार क्षतिग्रस्‍त हुई एवं सुधार कार्य हेतु रू. 146.44 लाख (1.4644 करोड़ रूपये) के आदेश जारी किये गये। (ग) उतरांश (ख) में वर्णित सुधार कार्य मेसर्स ई.एम. सर्विसेस को म.प्र. पॉवर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड के मानक नियमानुसार खुली निविदा के आधार पर दिये गये थे। मेसर्स ई.एम. सर्विसेस के कार्य के कारण इकाई क्रमांक-09 में एल.पी. टरबाईन की ब्लेड क्षतिग्रस्त हुई हैं, ऐसा सिद्ध नहीं हुआ था इसलिए शेष प्रश्‍नांश लागू नहीं है।

अंडर ग्राउंड सिवरेज एवं पेयजल प्रोजेक्ट का अधूरा कार्य

[नगरीय विकास एवं आवास]

87. ( क्र. 1208 ) श्री संजीव सिंह : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या भिण्ड शहर में अंडर ग्राउंड सिवरेज एवं पेयजल वाटर सप्लाई प्रोजेक्ट का कार्य किया जा रहा है? यदि हाँ, तो प्रोजेक्ट निर्धारित समय में पूर्ण नहीं करने के क्या कारण हैं? समय पर कार्य नहीं कराने के लिए कौन दोषी है? (ख) अंडर ग्राउंड सीवरेज एवं पेयजल वाटर सप्लाई प्रोजेक्ट के लिए नगर में मुख्य मार्गों सहित रास्तों को खोदने के बाद उन्हें सही रूप से मरम्मत नहीं किया गया है? इसका निरीक्षण किस अधिकारी द्वारा किया जा रहा है? इस प्रोजेक्ट में क्या-क्या कार्य किया जाना है और क्या-क्या कार्य हुए है और क्या-क्या कार्य लंबित हैं? क्या शासन की महत्वपूर्ण योजना को समय पर नहीं कराने वाले अधिकारियों पर एफ.आई.आर. शीघ्र कराई जा रही है?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) जी हाँ। प्रोजेक्‍ट निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण नहीं करने के कारणों का विवरण की जानकारी संलग्न परिशिष्‍ट '''' अनुसार है। विलंब हेतु व्‍यक्ति विशेष के दोषी होने का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ख) जी नहीं, अन्‍डर ग्राउन्‍ड सीवरेज एवं वॉटर सप्‍लाई प्रोजेक्‍ट के लिये नगर के मुख्‍य मार्गों सहित रास्‍तों को खोदने के बाद अनुबंध के प्रावधानों के अनुसार मरम्‍मत/रोड रेस्‍टोरेशन किया जाता है, यह एक सतत् प्रक्रिया है। सीवरेज परियोजना के कार्यों का निरीक्षण निकाय तथा परियोजना विकास एवं प्रबंधन परामर्शदाता (पी.डी.एम.सी.) के यंत्रियों द्वारा किया जाता है। जबकि वॉटर सप्‍लाई प्रोजेक्‍ट के कार्यों का निरीक्षण परियोजना क्रियान्‍वयन इकाई, मुरैना (पी.आई.यू.)-एम.पी.यू.डी.सी. एवं सलाहकार (टी.सी.ई.) के यंत्रियों द्वारा किया जाता है। परियोजनाओं में किये गये एवं शेष कार्यों का विवरण की जानकारी संलग्न परिशिष्‍ट '''' अनुसार है। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - "चौंसठ"

विद्युतीकरण की नीति

[ऊर्जा]

88. ( क्र. 1209 ) श्री संजीव सिंह : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                           (क) मध्यप्रदेश शासन द्वारा प्रदेश के हर गांव, मजरा-टोलों में विद्युत सप्लाई, विद्युतीकरण हेतु क्या नीति निर्धारित थी? क्या इस हेतु वर्तमान में कोई नवीन नीति बनाई गई है? यदि हाँ, तो उसकी प्रति उपलब्ध करावें। (ख) क्या नवीन (Latest) नीति के तहत विधान सभा क्षेत्र भिण्ड, के सभी ग्राम मजरे-टोलों में विद्युत सप्लाई हो रही है? (ग) क्या कुछ ग्राम, मजरे-टोले विद्युत सप्लाई/विद्युतीकरण से वंचित हैं? तो उनके विद्युतीकरण हेतु क्या कार्यक्रम प्रस्तावित हैं? उन्हें कब तक विद्युत उपलब्ध कराई जावेगी? (घ) शेष ग्राम, मजरे-टोले मोहल्लों में विद्युत सप्लाई नहीं होने के क्या कारण हैं व इस हेतु कौन से अधिकारी/कर्मचारी उत्तरदायी हैं? इस हेतु शासन उनके विरूद्ध क्या कार्यवाही करेगा? कब तक?

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) विद्युतीकरण हेतु निर्धारित नीति अनुसार सर्वप्रथम प्रदेश के सभी आबाद ग्रामों के विद्युतीकरण का कार्य एवं तदुपरांत आबाद ग्रामों के चिन्हित मजरों/ टोलों के विद्युतीकरण का कार्य वित्‍तीय उपलब्‍धता अनुसार क्रमश: केन्‍द्र शासन की विभिन्‍न विद्युतीकरण की योजनाओं यथा राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना एवं दीनदयाल उपाध्‍याय ग्राम ज्‍योति योजना में किया गया। तदुपरांत सौभाग्‍य योजना के प्रावधानों के अंतर्गत शत-प्रतिशत घरों के विद्युतीकरण का कार्य किया गया किन्‍तु इस योजना के दिशा-निर्देशों के अनुसार खेतों में दूर-दूर अवस्थित घरों को योजना में तकनीकी एवं वित्‍तीय साध्‍यता नहीं होने के कारण सम्मिलित नहीं किया गया। सौभाग्‍य योजना के प्रावधानों के अंतर्गत प्रदेश के शत-प्रतिशत घरों के विद्युतीकरण का कार्य दिनांक 22/10/2018 को पूर्ण कर लिया गया था। वर्तमान में मजरों/टोलों के विद्युतीकरण हेतु केन्‍द्र/राज्‍य शासन की कोई भी नवीन योजना (नीति) प्रचलन में नहीं है। (ख) उत्‍तरांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न नहीं उठता। (ग) एवं (घ) प्रश्‍नाधीन क्षेत्रांतर्गत समस्‍त राजस्‍व ग्रामों एवं उनके चिन्हित समस्‍त मजरों/टोलों को विभिन्‍न ग्रामीण विद्युतीकरण योजनाओं के अंतर्गत पूर्व में ही विद्युतीकृत किया जा चुका है। नए घरों/मजरों/टोलों का निर्माण एक सतत् प्रक्रिया है। उक्‍त विद्युतीकरण योजनाओं के अंतर्गत कार्य पूर्ण होने के उपरांत सभी योजनाएं क्‍लोज हो चुकी है। वर्तमान में विद्युतीकरण हेतु केन्‍द्र/राज्‍य शासन की कोई योजना प्रचलन में नहीं है। भविष्‍य में यदि कोई विद्युतीकरण की योजना स्‍वीकृत होती है तो उक्‍त योजना के दिशा-निर्देशों एवं प्रावधानों के अनुरूप तकनीकी एवं वित्‍तीय साध्‍यता के अनुसार म.प्र. मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा पूर्व विद्युतीकरण योजनाओं के बंद होने के उपरांत निर्मित मजरों/टोलों/बस्तियों के विद्युतीकरण का कार्य करवाया जायेगा। उक्‍त परिप्रेक्ष्‍य में किसी के उत्‍तरदायी होने अथवा किसी के विरूद्ध कार्यवाही करने का प्रश्‍न नहीं उठता।

 

विद्युत मण्डल को हुई हानि की वसूली

[ऊर्जा]

89. ( क्र. 1210 ) श्री प्रवीण पाठक : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या मुख्य महाप्रबंधक म.प्र. मध्य क्षेत्र वि़द्युत वितरण कम्पनी ग्वालियर द्वारा पत्र क्रमांक मु.म.प्र/ ग्वा.क्षे./11ए/18-19/10136-10137 ग्वालियर दिनांक 17.10.2018 के द्वारा में पी.सी.आई. ग्वालियर के विरूद्ध पी.सी.सी. पोल प्रदान न करने के कारण विद्युत मण्डल को हुई हानि (रिस्क एण्ड कॉस्ट) की वसूली हेतु लिखा गया था? यदि हां, तो कितनी राशि की वसूली उक्त फर्म से करना थी? कितनी राशि की वसूली कब-कब, किस प्रकार हुई? क्या सम्पूर्ण राशि वसूल हो चुकी है? यदि हां, तो कितनी? यदि नहीं, तो कितनी बकाया है? यदि वसूली नहीं हुई तो क्यों एवं इसके लिए कौन उत्तरदायी है? वसूली कार्यवाही कब तक पूर्ण की जायेगी? (ख) क्या उक्त राशि की वसूली हेतु संबंधित फर्म के विरूद्ध कोई विभागीय/न्यायालयीन कार्यवाही की गई है? यदि हां, तो क्या? यदि नहीं, तो इसके लिए कौन अधिकारी दोषी है तथा दोषी के विरूद्ध कब-कब, क्या कार्यवाही की गई? यदि कोई कार्यवाही नहीं की गई है तो कब तक कार्यवाही की जायेगी?

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) जी हाँ। म.प्र.मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा दिनांक 11.12.2018 को प्रश्‍नाधीन फर्म को राशि रू. 40049604/- की वसूली हेतु नोटिस जारी किया गया था। प्रश्‍न दिनांक तक उक्‍त राशि में से कोई वसूली नहीं की जा सकी है। उक्‍त राशि की वसूली हेतु ‘‘ड्यूज रिकवरी एक्‍ट’’ में निहित प्रावधानों के तहत कार्यवाही की जा रही है। उल्‍लेखनीय है‍ कि मुख्‍य महाप्रबंधक म.प्र. मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ग्‍वालियर क्षेत्र के आदेश क्रमांक मुमप्र/ग्‍वाक्षे/11ए/2019-20/2373 दिनांक 28/05/2019 से नामित नोडल अधिकारी पदेन महाप्रबंधक (सं./सं.) वृत्‍त ग्‍वालियर द्वारा डी.आर.ए. के प्रावधान अनुसार निर्धारित ‘’सी फार्म’’ जिला कलेक्‍टर ग्‍वालियर को पत्र क्रमांक GM/O&M/PUR/2020/8983 दिनांक 18-02-2020 से जारी कर दिया गया है, जिसमें नियमानुसार वसूली की कार्यवाही जिला प्रशासन स्‍तर से किया जाना अपेक्षित है। उक्‍तानुसार की जा रही कार्यवाही के परिप्रेक्ष्‍य में किसी अधिकारी/कर्मचारी के दोषी होने का प्रश्‍न नहीं उठता। (ख) जी हाँ, उक्‍त राशि की वसूली हेतु ‘‘ड्यूज रिकवरी एक्‍ट’’ के अंतर्गत उत्‍तरांश (क) में दर्शाए अनुसार वैधानिक कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। उक्‍त परिप्रेक्ष्‍य में किसी अधिकारी के दोषी होने अथवा किसी के विरूद्ध कार्यवाही करने का प्रश्‍न नहीं उठता।

नगर पालिक निगम ग्वालियर द्वारा कराये जा रहे कार्य

[नगरीय विकास एवं आवास]

90. ( क्र. 1211 ) श्री प्रवीण पाठक : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) ग्वालियर जिले में संचालित शासकीय विद्यालयों- (प्राथमिक विद्यालय, माध्यमिक विद्यालय, हाईस्कूल एवं उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों) में से कितने विद्यालयों में स्मार्ट क्लास संचालन किये जाने का चयन किया जाकर क्रियान्वयन एजेन्सी स्मार्ट सिटी ग्वालियर/नगर पालिक निगम ग्वालियर निर्धारित है? (ख) प्रत्येक स्मार्ट क्लास संचालन में किस प्रकार की गतिविधियां संचालित की जानी हैं? इस हेतु कितनी राशि का आवंटन क्रियान्वयन एजेन्सी स्मार्ट सिटी ग्वालियर/नगर पालिक निगम ग्वालियर को प्राप्त हुआ एवं कितनी राशि व्यय की गई? प्रत्येक विद्यालयवार एवं विधानसभावार जानकारी उपलब्ध करायें। (ग) उनमें से किन-किन विद्यालयों में कितने स्मार्ट क्लास संचालन का कार्य पूर्ण हुआ तथा कितने प्रगतिरत हैं? प्रगतिरत स्मार्ट क्लास में कार्य कब तक पूर्ण कर लिया जावेगा? प्रत्येक विद्यालयवार एवं विधानसभावार जानकारी उपलब्ध करायें।

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) ग्वालियर जिले में संचालित शा.प्रा. विद्यालय, माध्यमिक विद्यालय, हाईस्कूल एवं उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में से 35 विद्यालयों का स्मार्ट क्लास हेतु चयन किया जाकर क्रियान्वयन एजेंसी हेतु ग्वालियर स्मार्ट सिटी को निर्धारित किया गया है। चयनित स्मार्ट क्लास विद्यालयों की सूची संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है।            (ख) प्रत्येक स्मार्ट क्लास संचालन में ऑनलाईन एवं ऑफलाईन पठन सामग्री तथा म.प्र. बोर्ड के पाठ्यक्रम की उपलब्धता के साथ गतिविधियॉं संचालित की जाना है। स्मार्ट सिटी योजना अंतर्गत प्राप्त आवंटन में से स्मार्ट क्लास संचालन (सिविल एवं आई.टी.) कार्य राशि रू. 4,18,89,760/- के स्वीकृत किये गये है, जिसके विरुद्ध कुल राशि रु. 3,23,08,552/- का व्यय हुआ है। समस्त 35 चिन्हित विद्यालयों में स्मार्ट क्लास का संचालन एकीकृत परियोजना में सम्मिलित होने से विधानसभावार एवं विद्यालयवार आवंटन तथा व्यय राशि की जानकारी पृथक-पृथक रूप से संधारित नहीं है। (ग) सभी 35 स्मार्ट क्लास रूम का कार्य पूर्ण किया जा चुका है, विधानसभावार एवं विद्यालयवार जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है, शेष प्रश्‍नांश उत्पन्न नहीं होते है।

परिशिष्ट - "पैंसठ"

देवरी अंतर्गत स्वीकृत एवं अधूरे निर्माण कार्य

[नगरीय विकास एवं आवास]

91. ( क्र. 1216 ) श्री हर्ष यादव : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) 1 अप्रैल, 2019 से सागर जिले की नगर पालिका परिषद् देवरी अंतर्गत विधायक विकास निधि के साथ साथ और कौन-कौन से निर्माण कार्य स्वीकृत किये गये हैं? ब्यौरा देवें।               (ख) प्रश्‍नांश (क) में स्वीकृत निर्माण कार्यों में से कितने कार्य प्रश्‍नांकित दिनांक तक अधूरे पड़े हैं? उनकी स्वीकृति की तिथि व अधूरे रहने का कारण स्पष्ट करें तथा संबंधित क्रियान्वयन एजेंसी एवं ठेकेदार द्वारा निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूर्ण न किये जाने की स्थिति में संबंधित के विरुद्ध क्या कार्यवाही की गई है? (ग) नगर पालिका परिषद देवरी निर्माण कार्यों के घटिया एवं गुणवत्ताविहीन निर्माण होने की कितनी शिकायतें प्राप्त हुई है तथा कितनी शिकायतों की जाँच पूरी की जा चुकी है व कितनों की जाँच होना शेष है? (घ) प्रश्‍नांश (ग) में प्राप्त शिकायतों के संबंध में दोषियों के विरुद्ध अब तक क्या-क्या कार्यवाही की गई? जाँच हेतु लंबित शिकायतों की जाँच कब तक पूर्ण कर दोषियों के विरुद्ध कार्यवाही की जावेगी?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) एवं (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) 01 शिकायत प्राप्त हुई तथा 01 शिकायत की जांच की गई। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (घ) प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। प्रश्‍नांश (ग) के परिप्रेक्ष्य में एकमात्र शिकायत प्राप्त होने पर ठेकेदार को नियमानुसार नोटिस जारी किये गये परंतु ठेकेदार द्वारा कोई जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया। ठेकेदार को अंतिम नोटिस क्रमांक 1774 दिनांक 28/10/2022 जारी किया गया, फिर भी ठेकेदार द्वारा कोई जबाव प्रस्तुत नहीं किये जाने से ठेकेदार की एस.डी., परफारमेन्स गारंटी, राजसात करने की कार्यवाही प्रचलित है। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

नवीन मिनी स्मार्ट सिटी का गठन

[नगरीय विकास एवं आवास]

92. ( क्र. 1217 ) श्री हर्ष यादव : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नगरीय एवं आवास विभाग अंतर्गत संचालित केन्द्रीयकृत योजना स्मार्ट सिटी मध्यम एवं छोटे कस्बों को मिनी स्मार्ट सिटी का गठन किया जाने हेतु क्या प्रावधान किये गये हैं? यदि हाँ, तो नियम निर्देशों की प्रति उपलब्ध करावें। (ख) उपरोक्त योजनान्तर्गत मध्यप्रदेश में किन-किन शहरों को कब-कब इस योजनान्तर्गत शामिल किया गया हैं? क्या सागर जिले में सबसे पुरानी एवं 150 वर्ष से अधिक पुरानी नगर पालिका परिषद देवरी को मिनी स्मार्ट सिटी में जोड़ने का विचार है? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्यों? (ग) सागर स्मार्ट सिटी के लिए अब तक कितनी राशि प्राप्त हुई है? कितनी राशि किस कार्य पर खर्च हुई है? कितने अधिकारी/कर्मचारी कार्यरत हैं? इनकी भर्ती प्रक्रिया की प्रतियाँ देवें। अब तक का वर्षवार स्थापना व्यय वेतन भत्ता सहित बताएं।                                                                                   (घ) सागर स्मार्ट के कार्यों हेतु गठन से लेकन प्रश्‍न दिनांक तक कितनी डी.पी.आर. बनाई गई, कितनी कार्ययोजना पर कार्य हुआ एवं कितने कार्य वर्तमान तक अपूर्ण हैं? क्या सागर की स्थानीय प्राथमिकता एवं जनप्रतिनिधियों के सुझाए गए प्रस्तावों पर कार्य नहीं कर, कार्य थोपकर धन की बर्बादी की गई? यदि नहीं, तो बतायें कि किन जनप्रतिनिधियों के कौन से प्रस्ताव थे जिन पर कार्य हुआ?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) केन्द्रीयकृत स्मार्ट सिटी योजना अंतर्गत मिनी स्मार्ट सिटी के गठन हेतु कोई प्रावधान नहीं किये गए है। मध्यप्रदेश शासन नगरीय विकास एवं आवास विभाग के आदेश क्रमांक एफ-10-68/2017/18-2, भोपाल दिनांक 01.02.2018 से 12 निकायों को मिनी स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित किये जाने हेतु प्रति निकाय राशि रू. 25.00 करोड़ के मान से कार्य कराया जाने का प्रावधान किया गया है। निकायों को चयन जारी दिशा निर्देश एवं माननीय मुख्‍यमंत्री जी की घोषणानुसार किया जाना है। आदेश एवं दिशा-निर्देश की प्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट–1 अनुसार है। पश्‍चात में 01 और शहर को सम्मिलित करते हुए कुल 13 शहर को मिनी स्‍मार्ट सिटी योजनान्‍तर्गत विकसित किये जाने हेतु चयन में लिया गया है। (ख) मिनी स्मार्ट सिटी योजना अंतर्गत मध्यप्रदेश में सम्मिलित 13 शहरों की सूची एवं विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट–2 अनुसार है। जी नहीं, मुख्यमंत्री अधोसंरचना विकास योजना द्वितीय चरण के अंतर्गत मिनी स्मार्ट सिटी योजना क्रियान्‍वयन हेतु राशि का प्रावधान किया गया था जिसके अन्‍तर्गत चयनित 13 नगरीय निकायों में कार्य किया जा रहे है। मुख्यमंत्री अधोसंरचना विकास योजना द्वितीय चरण में राशि समाप्त होने से नगर पालिका देवरी को मिनी स्मार्ट सिटी योजना के अंतर्गत लिया जाना संभव नहीं है। (ग) सागर स्मार्ट सिटी के लिये अब तक कुल 445.17 करोड़ की राशि प्राप्त हुयी है। विभिन्न कार्यों पर व्यय की गई राशि की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-3 अनुसार है। सागर स्मार्ट सिटी में कुल 31 अधिकारी/कर्मचारी कार्यरत है जिसमे से 03 अधिकारी प्रतिनियुक्ति पर एवं शेष संविदा पर कार्यरत है। प्रतिनियुक्ति पर पदस्थ अधिकारि‍यों की नियुक्ति आदेश शासन द्वारा प्रसारित किये गये है, जो कि जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-अनुसार है। संविदा पर अधिकारी/कर्मचारी की नियुक्ति/भर्ती प्रक्रिया अंतर्गत एचआर एजेंसी के माध्यम से CVs आमंत्रित कर गठित समिति द्वारा उम्मीदवारों को शार्ट लिस्ट करते हुए साक्षात्कार व निर्धारित मापदंड अनुसार पात्र उम्मीदवारों का चयन कर नियुक्तियां संविदा आधार पर की गयी है। नियुक्ति/भर्ती पत्र की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-अनुसार है। वर्षवार स्थापना व्यय वेतन भत्तों की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-अनुसार है(घ) सागर स्मार्ट सिटी के कार्यों हेतु प्रश्‍न दिनांक तक कुल 74 प्रोजेक्ट की डी.पी.आर. अनुबंधित प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसल्टेंट के माध्यम से तैयार करायी गयी है एवं 74 प्रोजेक्ट पर ही कार्य हुआ है। वर्तमान में 32 कार्य प्रगतिरत है। स्मार्ट सिटी योजना अंतर्गत शहर स्तरीय परामर्शी समिति (CLAF) गठित है जिसमें जनप्रतिनिधि व अन्य पदाधिकारी सदस्य है। योजनान्‍तर्गत लिए गए कार्यों के संबंध में शहर स्तरीय परामर्शी समिति की बैठक में चर्चा/सुझाव प्राप्त किये जाकर स्‍मार्ट सिटी संचालक मंडल की बैठक से स्वीकृति प्राप्त करते हुए कार्य कराये जाते है। अत: कार्य थोप कर धन की बर्वादी नहीं की गई है। शहर स्तरीय परामर्शी समिति की आयोजित बैठक के कार्यवृत पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-अनुसार है।

शासकीय महाविद्यालय पलेरा में बाउण्‍ड्रीवॉल का निर्माण

[उच्च शिक्षा]

93. ( क्र. 1220 ) श्री राहुल सिंह लोधी : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र खरगापुर अन्तर्गत पलेरा में संचालित शासकीय महाविद्यालय के परिसर की भूमि को संरक्षित करने के लिए क्या‍ प्राचार्य द्वारा कलेक्टर टीकमगढ़ को बाउण्‍ड्रीवॉल निर्माण हेतु प्राक्कलन तैयार करने के लिए पत्र दिनांक 1.11.2022 लिखा गया था? (ख) प्रश्‍नांश (क) यदि हाँ, तो प्राक्कलन एवं तकनीकी स्वी‍कृति आज पर्यन्त न होने का कारण बतावें। (ग) प्रश्‍नांश (क) में उल्‍लेखित बाउण्‍ड्रीवॉल के लिए कितनी राशि व कब तक स्वीकृत होगी? (घ) शासकीय महाविद्यालय पलेरा में परिसर की भूमि पर अतिक्रमण हो रहा है जिसे रोकने के लिए बाउण्‍ड्रीवॉल बनाने के लिए राशि कब तक जारी की जावेगी?

उच्च शिक्षा मंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जी हाँ। (ख) महाविद्यालय की बाउण्‍ड्रीवॉल निर्माण का प्राक्‍कलन दिनांक 02/12/2022 तथा तकनीकी स्‍वीकृति दिनांक 08/12/2022 को संचालनालय को प्राप्‍त हुई है, जिस पर बजट की उपलब्‍धता अनुसार कार्यवाही की जा रही है। निश्‍चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ग) बाउण्‍ड्रीवॉल निर्माण का प्राक्‍कलन तथा तकनीकी स्‍वीकृति की राशि रूपये 32.44 लाख है। स्‍वीकृति हेतु निश्‍चित समयावधि बताया जाना संभव नहीं है। (घ) अतिक्रमण हटाये जाने हेतु कलेक्‍टर जिला टीकमगढ़ से पत्राचार किया गया है। बाउण्‍ड्रीवॉल निर्माण की कार्यवाही बजट की उपलब्‍धता अनुसार की जाएगी। निश्‍चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

 

नर्मदा समूह जल आवर्धन परियोजना

[नगरीय विकास एवं आवास]

94. ( क्र. 1225 ) श्री धर्मेन्द्र भावसिंह लोधी : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या नर्मदा समूह जल आवर्धन परियोजना के अंतर्गत नगर परिषद् तेंदूखेड़ा जिला दमोह की जल आवर्धन योजना का कार्य दिसम्बर 2021 तक पूर्ण किया जाना था। यदि हाँ, तो जल आवर्धन योजना का कार्य अभी तक क्यों पूर्ण नहीं हुआ? क्या कार्य पूर्ण करने की समयावधि में वृद्धि की गई है? यदि हाँ, तो क्यों तथा जल आवर्धन योजना का कार्य कब तक पूर्ण कर घर-घर उपलब्ध कराया जाएगा? समय वृद्धि के पश्चात् भी कार्य पूर्ण न होने पर क्रियान्वयन एजेंसी पर क्या कोई कार्यवाही की गई है? यदि हाँ, तो कार्यवाही की प्रति उपलब्ध करायें। यदि नहीं, तो क्यों नहीं? (ख) क्या जल आवर्धन योजना अंतर्गत पाइप लाइन डालने हेतु नगर के अंदर कटर की जगह जेसीबी मशीन से सी.सी. रोड कटिंग का कार्य किया गया है जिससे अधिक चौड़ाई में खुदाई होने से सी.सी. रोड क्षति ग्रस्त हो गए हैं जिसकी फिलिंग अभी तक नहीं की गई है? यदि हाँ, तो क्या इसकी जाँच की गई है? यदि नहीं, तो इसकी जाँच कराकर सम्बंधित क्रियान्वयन एजेंसी पर कार्यवाही कर कब तक सुधार कार्य कराया जाएगा?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) जी हाँ, योजना के अनुबंध अनुसार निर्माण कार्य जनवरी 2020 तक पूर्ण किया जाना था, योजनान्तर्गत विभिन्न विभागो से अनुमति प्राप्त करने जैसे राजस्व, वन विभाग आदि एवं कोविड-19 महामारी तथा ऐजेंसी द्वारा धीमी गति से कार्य करने के कारण विलंब हुआ है। जी हाँ। कार्य पूर्ण करने के लिये ठेकेदार को 5 बार समयावृद्धि दी गई। 5 वीं समयावृद्धि समीक्षा बैठक दिनांक 14.06.2022 के जारी कार्यवाही विवरण अनुसार 30.09.2022 तक प्रदाय की गई थी। 6वीं समयावृद्धि विचाराधीन है। वर्तमान में नवीन निर्मित उच्च स्तरीय टंकियों में नर्मदा जल भर कर टेस्टिंग का कार्य प्रगति पर है आगामी 3 माह की अवधि में नर्मदा पेयजल घर-घर उपलब्ध कराया जाना संभावित है। समयावृद्धि के पश्चात भी कार्य पूर्ण न होने पर अनुबंध अनुसार अर्थदंड के रूप में राशि रू. 23943255.00/- (पैकेज 5 बी) रोकी की गई है। (ख) जलावर्धन योजना अंतर्गत पाईप लाईन डालने हेतु नगर के अंदर कटर एवं जेसीबी मशीन से सी.सी. रोड कटिंग का कार्य किया गया है, क्षतिग्रस्त सी.सी. रोड का रोड रेस्टोरेशन का कार्य किया जा रहा है। सभी क्षतिग्रस्त मार्गों पर अस्थाई रोड रेस्टोरेशन का कार्य किया गया है। स्थाई रोड रेस्टोरेशन का कार्य प्रगति पर है। जाँच की आवश्यकता नहीं है।

नगर पालिका एवं नगर पंचायतों की जानकारी

[नगरीय विकास एवं आवास]

95. ( क्र. 1227 ) श्री शिवदयाल बागरी : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र 59 गुनौर अन्तर्गत नगर पंचायत देवेन्द्रनगर, ककरहटी, अमानगंज एवं गुनौर में वर्ष 2021 से प्रश्‍न दिनांक तक विकास कार्य हेतु कितना बजट दिया गया है? नगर पंचायतवार पृथक-पृथक बतावें। (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार दिये गये बजट में कौन-कौन से विकास कार्य कितनी-कितनी राशि के कराये गये हैं और वह कार्य किसके द्वारा कराये गये हैं?            (ग) क्या पन्ना जिले की समस्त नगर परिषदों प्रधानमंत्री आवास योजना में हुये अपात्रों को पात्र करके लाभ दिया गया है एवं जो पात्र हितग्राही हैं उन्हे लाभ नहीं दिया गया? क्या कारण है? वर्ष 2019 से प्रश्‍न दिनांक तक पात्र एवं अपात्र हितग्राहियों की सूची उपलब्ध करावें। (घ) पन्ना जिले की समस्त नगर परिषदों में लंबित नामांतरणों की जानकारी व उनके लंबित होने के कारण सहित जानकारी उपलब्ध कराये।

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) जी हाँ। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट '' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट '' अनुसार है। (ग) जी नहीं। प्रश्‍नांश उपस्थित नहीं होता है। 2019 से प्रश्‍न दिनांक तक पात्र एवं अपात्र हितग्राहियों की सूची की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट '' अनुसार है। (घ) पन्‍ना जिले में कुल 06 नगर परिषदें है जिनमें से नगर परिषद अजयगढ़, ककरहटी एवं गुन्‍नौर से कोई भी नामांतरण लंबित नहीं है। शेष नगर परिषद देवेन्‍द्रनगर, अमानगंज, पवई की सूची की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट '' अनुसार हैं।

सड़कों की जानकारी

[लोक निर्माण]

96. ( क्र. 1228 ) श्री शिवदयाल बागरी : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र 59 गुनौर अन्तर्गत वर्ष 2019 से प्रश्‍न दिनांक तक लोक निर्माण विभाग से कौन-कौन सड़क निर्माण कार्य कराये गये है तथा वर्तमान में कौन-कौन से सड़क निर्माण कार्य प्रस्तावित है एवं कहां-कहां सड़क निर्माण कार्य संचालित है? (ख) क्या देवेन्द्रनगर से सलेहा मार्ग का मरम्मत कार्य कराया गया था? यदि हाँ, तो कब आज की स्थिति‍ में उक्त मार्ग की हालत जर्जर है क्या पुनः मरम्मत कार्य कराया जायेगा? यदि हाँ, तो कब?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) निर्माणाधीन कार्यों की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अ एवं प्रस्तावित कार्यों की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। (ख) जी हॉं, मरम्मत कार्य कराया गया था। देवेन्द्रनगर सलेह मार्ग 24.00 कि.मी. प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना द्वारा दिनांक 07.04.2020 को लो.नि.वि. को हस्तांतरित। मार्ग के 15.00 कि.मी. लंबाई में बी.टी. नवीनीकरण हेतु एजेंसी निर्धारित है। संविदाकार द्वारा कार्य प्रगति पर है। नवीनीकरण का कार्य जनवरी 2023 तक पूर्ण होने का लक्ष्य है। शेष 8.00 कि.मी. लंबाई में बी.टी. नवीनीकरण का कार्य स्‍वीकृत नहीं है।

सब-स्टेशन की स्थापना

[ऊर्जा]

97. ( क्र. 1232 ) श्री संजय सत्येन्द्र पाठक : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या वर्ष 2016 में माननीय मुख्यमंत्री महोदय जी द्वारा ग्राम जंगल पुरैनी तहसील विजयराघवगढ़ जिला कटनी में सब-स्टेशन स्थापना कराये जाने की घोषणा की गयी है? यदि हाँ, तो घोषणा/आश्वासन में अभी तक क्या-क्या कार्यवाही हुयी एवं यह भी बताएं कि किस स्तर पर कार्यवाही लंबित है? यदि अभी तक उक्त घोषणा में कोई कार्यवाही नहीं हुयी तो क्या कारण हैं?                      (ख) प्रश्‍नांश (क) यदि हाँ, तो स्थल चयन एवं लाइन के सर्वे का कार्य पूर्ण करा लिया गया है? यदि हाँ, तो जानकारी दें कि कितनी 33 के.व्ही. लाइन खिचेगी एवं 11 के.व्ही. तथा एल.टी. लाइन व पावर ट्रांसफार्मर का प्रावधान कर कितने राशि का प्राक्कलन किस योजना के तहत् तैयार/स्वीकृत किया गया? (ग) प्रश्‍नांश (क), (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में उक्त सब-स्टेशन कब तक तैयार कराकर क्षेत्रीय विद्युत समस्या का निराकरण कब तक किया जायेगा? नहीं तो क्यों?

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) माननीय मुख्‍यमंत्री महोदय द्वारा वर्ष 2018 में (वर्ष 2016 में नहीं) कटनी जिले के प्रवास के दौरान ग्राम जंगलपुरैनी, तहसील विजयराघवगढ़ जिला कटनी में विद्युत उपकेन्‍द्र स्‍थापित किये जाने की घोषणा की गई थी। उक्‍त घोषणा की प्रतिपूर्ति हेतु म.प्र. पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा ग्राम जंगलपुरैनी में नवीन 33/11 के.व्‍ही. विद्युत उपकेन्‍द्र स्‍थापित किये जाने के लिए तकनीकी परीक्षण किया गया एवं परीक्षणोंपरान्‍त यह पाया गया है कि ग्राम जंगलपुरैनी एवं आसपास के क्षेत्र को वर्तमान में 33/11 के.व्‍ही. विद्युत उपकेंद्र कांटी से निर्गमित 11 के.व्‍ही. सतवारा फीडर से विद्युत आपूर्ति की जा रही है, जिसकी लंबाई लगभग 10.82 कि.मी., अधिकतम भार 60 एम्‍पीयर एवं वोल्‍टेज रेग्‍युलेशन 0.19 प्रतिशत है, जो कि निर्धारित मानकों के अनुरूप है। अत: वर्तमान में उक्‍त नवीन विद्युत उपकेन्‍द्र का निर्माण तकनीकी रूप से साध्‍य नहीं पाया गया है। (ख) एवं (ग) उत्‍तरांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न नहीं उठता।

विद्युतीकरण एवं कार्य एजेंसी के देयकों का भुगतान

[ऊर्जा]

98. ( क्र. 1233 ) श्री संजय सत्येन्द्र पाठक : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या सौभाग्य योजना के अंतर्गत कटनी जिले में अविद्युतीकृत घरों का सर्वे, मीटर/कनेक्शन स्थापित करने के लिए कराया गया? कितने कनेक्शनों का कार्य आदेश, क्रय आदेश जारी किया गया? उक्‍त कार्य हेतु कितने मीटर क्षेत्रीय भंडार से प्राप्‍त किये गये एवं कितने स्‍थापित किये गये। किस-किस अधिकारी द्वारा कनेक्‍शन की सामग्री का सत्‍यापन किया गया? किस तारीख को लक्ष्‍य की पूर्ति की जानकारी शासन को दी गयी? कितना-कितना पारितोषिक कटनी जिले में पदस्‍थ अधिकारियों ने प्राप्‍त किया? योजना में आवंटित राशि एवं व्‍यय राशि सहित पा‍रितोष की जानकारी दें? (ख) प्रश्‍नांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में तत्कालिक स्थानांतरित अधिकारियों के स्थान पर पदस्थ अधिकारियों द्वारा शेष कार्यवाही की गयी? यदि हाँ, तो उक्त लंबित देयकों का भुगतान किया गया? यदि देयक किसी एजेन्सी को वापस किये गये है तो संबंधित की वापसी की पावती देवें?                               (ग) प्रश्‍नांश (क), (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में कार्यपालन अभियंता द्वारा क्या-क्या कार्यवाही/पत्राचार किये गये? जानकारी देवें? लंबित भुगतान कब तक किया जायेगा? नहीं तो क्यों?

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) जी हाँ। प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में योजनांतर्गत कुल 27264 विद्युत कनेक्‍शनों के कार्यों हेतु कार्यादेश एवं कुल 15099 विद्युत कनेक्‍शनों के कार्य हेतु क्रयादेश जारी किये गये थे। प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में अविद्युतीकृत घरों के विद्युतीकरण हेतु 27264 मीटर क्षेत्रीय भण्डार गृह से प्राप्‍त किये गये थे एवं उनमें से 26074 मीटर स्थापित किये गये थे। प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में सौभाग्‍य योजनांतर्गत स्‍थापित किये गए विद्युत कनेक्शनों की सामग्रियों का सत्यापन करने वाले अधिकारियों की प्रश्‍नाधीन चाही गयी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार हैं। कटनी जिले सहित म.प्र. पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड, जबलपुर क्षेत्रांतर्गत सौभाग्‍य योजना के तहत अविद्युतीकृत घरों के विद्युतीकरण हेतु विद्युत कनेक्शनों की लक्ष्य प्राप्ति की जानकारी दिनांक 22.10.2018 को राज्‍य शासन को दी गई थी। कटनी जिले में तत्‍कालीन पदस्‍थ कार्मिकों द्वारा प्राप्त किए गए पारितोषिक/पुरस्‍कार राशि की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। सौभाग्‍य योजनांतर्गत राशि का आवंटन जिलेवार नहीं अपितु वितरण कंपनीवार किया गया था। उक्‍त योजनांतर्गत म.प्र. पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड हेतु राशि रू. 998.38 करोड़ आवंटित हुई थी। जिला कटनी में उक्त योजनांतर्गत राशि रु 27.49 करोड़ का व्‍यय हुआ है। (ख) प्रश्‍नांश (क) के परिप्रेक्ष्य में तत्‍कालीन स्थानांतरित अधिकारियों के स्थान पर पदस्‍थ अन्‍य अधिकारियों द्वारा योजनांतर्गत शेष कार्यवाही की गई है। योजनांतर्गत कार्यों के लंबित त्रुटिपूर्ण देयकों को सुधार हेतु संबंधित ठेकेदारों को वापिस किया गया है। श्री विनय कुमार जायसवाल, ''- श्रेणी विद्युत ठेकेदार को उनके त्रुटिपूर्ण देयक सुधार हेतु वापिस किये गये हैं, जिसकी पावती पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-स अनुसार हैं। (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के परिप्रेक्ष्य में लंबित देयकों हेतु कार्यपालन अभियंता संचालन/संधारण संभाग कटनी द्वारा किये गये पत्राचार की छाया प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-द अनुसार हैं। देयक त्रुटिपूर्ण होने के कारण भुगतान की कार्यवाही लंबित है। अत: समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

कटनी जिले में पर्यावरण की स्थिति

[पर्यावरण]

99. ( क्र. 1236 ) श्री संदीप श्रीप्रसाद जायसवाल : क्या नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) कटनी नगर सहित सम्पूर्ण जिला प्रदूषण की दृष्टि से किस स्थिति में है और क्या कटनी में गंभीर प्रदूषण होना पाया गया है? यदि हाँ, तो यह स्थिति कब से है एवं इसके क्या कारण हैं तथा प्रदूषण की रोकथाम के लिए क्या कार्य किस प्रकार किए जा रहे हैं और क्या कार्य एवं उपाय किस प्रकार किए जाने की योजना है? (ख) कटनी नगर में प्रदूषण की रोकथाम के लिए विगत-03 वर्षों में क्या-क्या कार्य कब-कब किए गए? इनके क्या परिणाम परिलक्षित हुये और क्या किए गए कार्य निर्धारित लक्ष्य अनुरूप थे? यदि हाँ, तो किस प्रकार स्पष्ट कीजिये, यदि नहीं, तो क्यों? इस पर क्या कार्यवाही की जायेगी? (ग) प्रश्‍नांश (ख) कार्यों को किस कार्यालय एवं विभाग के द्वारा किन-किन आदेशों के तहत किया गया और किया जा रहा हैं, किए जा रहे कार्यों से पर्यावरण सुधार की क्या संभावनाएं हैं और क्या किए जा रहे कार्यों और उपायों से प्रदूषण की समस्या दूर हो जायेगी? यदि हाँ, तो कैसे? यदि नहीं, तो कटनी को प्रदूषण मुक्त करने के क्या उपाय हैं? (घ) प्रश्‍नांश (क) से (ग) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रदूषण की समस्या के निराकरण के लिए नागरिकों की भागीदारी एवं सूचना, शिक्षा और संचार जैसे कार्यक्रमों का आयोजन किया गया है? यदि हाँ, तो कैसे? विवरण दें। यदि नहीं, तो क्यों तथा कटनी में पर्यावरण सुधार और प्रदूषण की रोकथाम के कार्यों/कार्यक्रमों को किस प्रकार किया जायेगा?

नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री ( श्री हरदीप सिंह डंग ) : (क) जी नहीं। प्रश्‍न का शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) प्रदूषण के रोकथाम हेतु विगत 03 वर्षों में नगर पालिक निगम कटनी एवं मध्‍यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड तथा अन्‍य विभागों द्वारा किये गये कार्यों का विवरण जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। उपरोक्‍त कार्यों से कटनी नगर/जिले की जल गुणवत्‍ता अधिकांशत: ए एवं बी श्रेणी की तथा वायु गुणवत्‍ता सूचकांक मध्‍यम एवं संतोषजनक श्रेणी में पाया गया है, जो कि गम्‍भीर प्रदूषण की श्रेणी में नहीं आता है। (ग) पर्यावरण संरक्षण एवं प्रदूषण नियत्रंण हेतु विभिन्‍न कार्यों का निष्‍पादन नगर पालिक निगम कटनी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, वन विभाग, परिवहन विभाग एवं क्षेत्र में स्‍थापित उद्योगों द्वारा उनके लिये निर्धारित दायित्‍वों के तहत किये गये है। पर्यावरण सुधार एक सतत् प्रक्रिया है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) जी हाँ। स्‍कूलों के छात्र-छात्राओं, आम नागरिकों, एन.जी.ओ., उद्योग प्रतिनिधि इत्‍यादि के साथ समय-समय पर जन जागृति, रैली, चित्रकला प्रतियोगिता, पम्‍प्‍लेट पोस्‍टर के माध्‍यम से प्रचार-प्रसार एवं वृक्षारोपण इत्‍यादि के विगत 03 वर्षों में 31 कार्यक्रम आयोजित किये गये हैं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - "छियासठ"

शिक्षा उपकर की राशि का व्यय

[नगरीय विकास एवं आवास]

100. ( क्र. 1239 ) श्री विनय सक्सेना : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नगर निगम जबलपुर द्वारा वसूल की जाने वाली शिक्षा उपकर की राशि के संबंध में क्या नियम/निर्देश हैं? उक्त राशि का व्यय किन-किन कार्यों हेतु किये जाने के प्रावधान है? (ख) जबलपुर नगर निगम को विगत 10 वर्षों में शिक्षा उपकर मद में कितनी राशि प्राप्त हुई है? वर्षवार बतावें। (ग) उक्त राशि में से कितनी-कितनी राशि कब-कब, किन-किन कार्यों में व्यय हुई है? वर्षवार, कार्यवार बतावें।

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) नगर निगम जबलपुर द्वारा शासनादेश क्रमांक एफ 6-18/2012/18-3, भोपाल, दिनांक 31.10.2012 अनुसार शिक्षा उपकर की राशि ऐसे भूमि/भवन जो सम्पत्तिकर की परिधि में आते हैं, उन्हीं पर वार्षिक भाड़ा मूल्य का 02 प्रतिशत शिक्षा उपकर आरोपित किया जाता है। शासनादेश क्रमांक एफ 6-6/2016/18-3, भोपाल, दिनांक 26.07.2016 द्वारा जारी दिशा-निर्देशानुसार शिक्षा उपकर का व्यय शासकीय विद्यालयों में अतिरिक्त कक्ष निर्माण, शौचालय निर्माण, पेयजल व्यवस्था, बाउण्ड्रीवॉल निर्माण एवं मरम्मतीकरण का कार्य इत्यादि मूलभूत सुविधाओं पर व्यय किये जाने के प्रावधान हैं। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्‍ट '''' अनुसार है । (ग) जानकारी संलग्न परिशिष्‍ट '''' अनुसार है।

परिशिष्ट - "सड़सठ"

बायो मेडिकल वेस्ट/जैविक कचरे का निष्पादन

[पर्यावरण]

101. ( क्र. 1241 ) श्री विनय सक्सेना : क्या नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जबलपुर जिले में बायो मेडिकल वेस्ट को नष्ट करने के लिए कितने इंसीनेरेटर स्थापित हैं? (ख) प्रश्‍नांश (क) के परिप्रेक्ष्य में कौन-कौन से अस्पतालों/नसिंग होम द्वारा किस इंसीनेरेटर को बायो मेडिकल वेस्ट/जैविक कचरा दिया जा रहा है? (ग) दिनांक 1 जनवरी 2021 से प्रश्‍न दिनांक तक जबलपुर में किन-किन अस्पतालों/नर्सिंग होम से कितना-कितना बायो मेडिकल वेस्ट/जैविक कचरा लिया गया? (घ) प्रश्‍नांश (ग) के परिप्रेक्ष्य में इंसीनेरेटर द्वारा कितना-कितना बायो मेडिकल वेस्ट/जैविक कचरा नष्ट किया गया?

नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री ( श्री हरदीप सिंह डंग ) : (क) 01 (ख) प्रश्‍नांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट '' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट '' के कॉलम-4 अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट '' के कॉलम-5 अनुसार है।

स्‍वीकृत उपकेंद्रों की जानकारी

[ऊर्जा]

102. ( क्र. 1244 ) श्री नारायण सिंह पट्टा : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मण्डला जिले के मवई के नक्सल प्रभावित क्षेत्र के ग्रामों में निर्बाध उच्च गुणवत्ता की विद्युत प्रदाय हेतु ग्राम खलौड़ी में स्वीकृत 33/11 के.व्ही. उपकेन्द्र कब स्वीकृत किया गया है एवं इसकी कुल लागत कितनी है? इसके अंतर्गत कितने किलोमीटर लाइन विस्तार किया जाएगा? इससे लाभान्वित होने वाले ग्रामों की सूची उपलब्ध कराएं? इसकी स्थापना निर्माण हेतु अब तक क्या-क्या कार्यवाही की गई है? (ख) उक्त हेतु वन विभाग से अनुमति हेतु दिनांक 14.10.2021 को अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (भू प्रबंध) को किये गए ऑनलाइन आवेदन के पश्चात अनुमति प्राप्त करने हेतु विभाग द्वारा कितने बार पत्राचार किया गया है? क्या विभाग के उच्च अधिकारियों द्वारा इस हेतु वन विभाग के अधिकारियों से शीघ्र अनुमति प्रदाय करने हेतु कोई संपर्क या समन्वय किया गया? यदि हाँ, तो कब-कब एवं किनके-किनके द्वारा किस-किस से? क्या विभाग नक्सल प्रभावित ग्रामों हेतु इस महत्वपूर्ण कार्य में जानबूझकर लापरवाही बरत रहा है, जबकि इसे बहुत कम समय में ही किया जाना सम्भव था? इसके लिए कौन-कौन दोषी हैं, उनके विरूद्ध क्या कार्यवाही की जाएगी?

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) मण्‍डला जिले के विकासखण्‍ड मवई के ग्राम खलौड़ी में नवीन 33/11 के.व्‍ही. विद्युत उपकेन्‍द्र की स्‍थापना के कार्य को म.प्र. पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा वित्‍तीय वर्ष 2019-2020 की कार्ययोजना में सम्मिलित कर दिनांक 20.07.2019 को स्‍वीकृत किया गया। उक्‍त नवीन 33/11 के.व्‍ही. विद्युत उपकेन्‍द्र की कुल स्‍वीकृत प्राक्‍कलन राशि रूपए 2.47 करोड़ है। स्‍वीकृत प्राक्‍कलन अनुसार उक्‍त विद्युत उपकेन्‍द्र हेतु 15 कि.मी. 33 के.व्‍ही. लाईन एवं 3 कि.मी. 11 के.व्‍ही. लाईन के विस्‍तार का कार्य किया जाना है। उक्‍त नवीन विद्युत उपकेन्‍द्र की स्‍थापना से 28 ग्राम लाभान्वित होगें, जिनकी प्रश्‍नाधीन चाही गई सूची संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। उक्‍त विद्युत उपकेन्‍द्र के निर्माण हेतु भूमि का चयन कर कलेक्‍टर जिला-मण्‍डला के आदेश क्रमांक/पू.क्रं./577/रीडर दिनांक 17.10.2019 से भूमि आवंटन करा लिया गया है एवं निर्माण कार्य हेतु कार्यादेश दिनांक 21.12.2019 को कार्यपालन अभियंता (एसटीसी) संभाग मंडला को जारी किया गया है। उक्‍त निर्माण कार्य में 33 के.व्‍ही. लाईन सघन वन क्षेत्र (रिजर्व फारेस्‍ट) से होकर निकलेगी जिस हेतु कार्यपालन अभियंता (संचा./संधा.) बिछिया द्वारा वन विभाग से लाईन विस्‍तार की अनुमति हेतु आवेदन क्रमांक FP/MP/TRANS/148198/2021 ऑन लाईन के माध्‍यम से दिनांक 14.10.2021 को प्रेषित किया गया है। तदुपरांत वन विभाग के द्वारा जाइंट सर्वे कर लिया गया है। वन विभाग से लाईन विस्‍तार हेतु अनुमति एवं मांग पत्र प्राप्‍त होने के पश्‍चात अग्रिम कार्यवाही की जा सकेगी। जिसके लिये कार्यपालन अभियंता (संचा./संधा.) बिछिया द्वारा वन विभाग से निरंतर पत्राचार तथा व्‍यक्तिगत रूप से सम्‍पर्क किया जा रहा है। (ख) प्रश्‍नाधीन नवीन 33/11 के.व्‍ही. विद्युत उपकेन्‍द्र की स्‍थापना के कार्यों से संबंधित अनुमति वन विभाग से प्राप्‍त करने हेतु म.प्र. पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा किए गए ऑनलाईन आवेदन के पश्‍चात वन विभाग के संबंधित कार्यालय से किये गए पत्राचार का विवरण संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। उक्‍त कार्य हेतु शीघ्र अनुमति प्राप्‍त करने हेतु विभिन्‍न तिथियों में म.प्र. पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के अधिकारियों द्वारा वन विभाग के संबंधित अधिकारियों से निरंतर व्‍यक्तिगत रूप से संपर्क किया जा रहा है। जिसकी प्रश्‍नाधीन चाही गई जानकारी संलग्न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-स अनुसार है। म.प्र. पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी स्‍तर पर कोई लापरवाही नहीं की गई है। उक्‍त कार्य हेतु वन विभाग से स्‍वीकृति प्राप्‍त करने हेतु निरंतर प्रयास किये जा रहे है। अत: शेष प्रश्‍न नहीं उठता।

परिशिष्ट - "अड़सठ"

श्रमिकों का पारिश्रमिक

[ऊर्जा]

103. ( क्र. 1245 ) श्री नारायण सिंह पट्टा : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या श्रम विभाग द्वारा निर्धारित एक मुश्त मासिक पारिश्रमिक श्रमिकों को नहीं दी जा रही है एवं श्रमिकों को जबरदस्ती अवकाश दिया जाता है? (ख) आरती इंटरप्राइज कैम्प चचाई, अन्नपूर्णा इंटरप्राइज कैम्प चचाई, कार्यादेश संख्या 00/04 PNW/ACR/2020-MPPGCL/9651/WO-384/464 31-5-2021 के ठेकेदार, में हैप्पी सिक्योर कैम्प चचाई,के द्वारा म.प्र. शासन श्रम विभाग द्वारा निर्धारित मासिक पारिश्रमिक पाने वाले ठेका श्रमिकों के नाम, ठेकेदार का नाम की जानकारी उपलब्ध कराएं? म.प्र. पावर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड द्वारा पदस्थ कार्य के प्रभारी सहायक अभियंता का नाम बताएं। उपरोक्त अभियंता कितने समय से पदस्थ है? (ग) कंपनी के कार्यादेश संख्या 00/04 PNW/ ACR/2020-MPPGCL/9651/WO-384/464 31-5-2021 के संविदाकार के द्वारा वर्ष 2021 एवं 2022 के किस-किस माह में निर्धारित समय में मासिक पारिश्रमिक का भुगतान नहीं किया है, देरी से भुगतान होने पर किस-किस दिनांक को किस तरह की कार्यवाही की है क्या संविदा श्रमिक अधिनियम 1970 की धारा 21 (4) के अनुसार अनियमित भुगतान होने पर कार्य के प्रभारी अपने स्तर से नियमानुसार राशि आहरण कर ठेका श्रमिकों के मजदूरी भुगतान करने एवं जमा सुरक्षा निधि से राशि काटने के नियम है? यदि हाँ, तो कार्य के प्रभारी सहायक अभियंता के द्वारा कब-कब राशि का आहरण कर भुगतान किया एवं सुरक्षा निधि से राशि काटी है?

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) अमरकंटक ताप विदयुत गृह चचाई में कार्यरत समस्त श्रमिकों को न्यूनतम वेतन अधिनियम 1948 के तहत 67 अनुसूचित नियोजन की अनुसूची (अ) के अनुसार श्रमायुक्त, म.प्र. शासन इंदौर द्वारा समय-समय पर जारी पुनरीक्षित न्यूनतम वेतन दरों के अनुसार एक मुश्‍त मासिक आधार पर भुगतान किया जाता है। किसी भी श्रमिक को जबरदस्ती अवकाश नहीं दिया जाता है तथापि श्रम अधिनियमों के तहत साप्ताहिक अवकाश प्रदान किया जाता है। (ख) मेसर्स आरती इंटरप्राईज, मेसर्स अन्नपूर्णा ट्रेडर्स, मेसर्स धीरेन्द्र सिंह (प्रश्‍नांश में उल्लेखित कार्यादेश संख्या के ठेकेदार) एवं मे. हैप्पी सिक्योर आऊटसोर्सिंग सर्विसेज से प्राप्‍त म.प्र. शासन श्रम विभाग द्वारा निर्धारित मासिक पारिश्रमिक पाने वाले ठेका श्रमिकों के नाम एवं ठेकेदार के नाम की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। म.प्र. पावर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड द्वारा पदस्‍थ कार्य के प्रभारी सहायक अभियंता के नाम, पद एवं कार्यकाल की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। (ग) प्रश्‍नांश में उल्लेखित कार्यादेश के संविदाकार द्वारा वर्ष 2021 एवं वर्ष 2022 की अवधि में श्रमिकों का मासिक भुगतान कार्यादेशानुसार किया गया है। अतः उक्त कार्यादेश में कार्य के प्रभारी को राशि का आहरण कर, ठेका श्रमिकों का भुगतान करने की आवश्यकता नहीं पड़ी। जी हाँ, संविदा श्रम अधिनियम 1970 की धारा 21 (4) के तहत अनियमित भुगतान होने पर कार्य के प्रभारी को कंपनी के नियमानुसार राशि आहरण कर नियोजित ठेका श्रमिकों की मजदूरी का भुगतान करने एवं उक्त राशि को ठेकेदार के देयकों से वसूल कर समायोजित करने के नियम है।

कुटीर एवं ग्रामोद्योग की जानकारी

[कुटीर एवं ग्रामोद्योग]

104. ( क्र. 1248 ) सुश्री हिना लिखीराम कावरे : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या शासन जनप्रतिनिधि‍यों तथा विशेषज्ञों की संयुक्‍त कमेटी बनाकर बालाघाट जिले में कुटीर उद्योग जैसे पलाश तथा माहुर पत्‍ते से मशीन द्वारा पत्‍तल निर्माण, मिटटी के कुल्‍लहड़ निर्माण, बास के फर्नीचर तथा अन्‍य सामग्री निर्माण रेशन उत्‍पादन कार्य जिले में निवासरत कोस्‍टा जाति के लोग जो परंपरागत ढंग से साड़ी बनाने का कार्य करते हैं, जैसे अन्‍य संभावित कार्य प्रारंभ करने हेतु बैंक से लोन तथा बाजार उपलब्‍ध कराने संबंधी अनुशंसा करने, गठन करने पर विचार करेगा? (ख) जिले के प्रश्‍नांश कार्य यदि पूर्व से किये जा रहे हों तो विस्‍तृत जानकारी देवें।

लोक निर्माण मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) विभाग द्वारा कुटीर एवं ग्रामोद्योगों हेतु निम्‍नानुसार योजनाओं अंतर्गत आर्थिक सहायता दी जाती है:- (1) प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (2) उद्यि‍मयों एवं स्‍व-सहायता समूहों को सहायता (3) हाथकरघा एवं हस्‍तशिल्‍प क्षेत्र के लिए कौशल तथा तकनीकी सहायता योजना 2022 (4) हाथकरघा एवं हस्‍तशिल्‍प क्षेत्र के लिए विपणन सहायता योजना 2019 (5) बुनकर मुद्रा योजना (6) माटीकला उद्यमियों को प्रशिक्षण/ विपणन, प्रचार-प्रसार योजना आदि। (ख) जिले में योजना अंतर्गत निम्‍नानुसार सहायता स्‍वीकृत की गई है:- (1) बुनकर मुद्रा योजना राशि रूपये 10,000/- प्रति बुनकर मार्जिन मनी अनुदान वर्ष 2021-22 प्रकरण 75 (2) वर्ष 2022-23 प्रकरण 28 (3) प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम वर्ष 2022-23 में 50 हितग्राही मार्जिन मनी राशि रूपये 145.16 लाख का लक्ष्‍य है। (4) वर्ष 2021-22 एवं 2022-23 में 11 बुनकर समितियों/समूहों को मेले/प्रदर्शनी में विपणन व्‍यवस्‍था सहायता उपलब्‍ध कराई गई।

 

 

छात्र-छात्राओं का ऑनलाईन प्रवेश

[उच्च शिक्षा]

105. ( क्र. 1249 ) सुश्री हिना लिखीराम कावरे : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या बी.एड पाठ्यक्रम के ऑनलाईन प्रवेश में विषयांकित का प्रवेश 5 हजार रूपये लेकर कर दिया जाता है तथा फीस निर्धारण समिति द्वारा तय शेष फीस परीक्षा फार्म भरने से पूर्व कालेज में देने के प्रावधान हैं? क्‍या शासन द्वारा यह व्‍यवस्‍था छात्र-छात्राओं की छात्रवृत्ति में से फीस देने की सुविधा से बनायी गयी है? (ख) क्‍या छात्रवृत्ति विषयांकित छात्र-छात्राओं के निजी खाते में जमा की जाती है? क्‍या कई बार विषयांकित छात्र-छात्राए कालेज संचालकों को यह फीस नहीं देते हैं? क्‍या इस संबंध में कालेज संचालकों द्वारा कोई शिकायत प्राप्‍त हुई है? यदि हाँ, तो कृपया जानकारी दें। (ग) क्‍या शासन कालेज संचालकों की प्रश्‍नांश (ख) में वर्णित समस्‍या को देखकर छात्रवृत्ति की राशि (5 हजार रूपये छोड़कर) संबंधित प्राचार्य के खाते में डालने पर विचार करेगा?                                 (घ) बी.एड. द्वितीय में प्रवेश हेतु कालेजों में फीस निर्धारण समिति द्वारा तय फीस एक किस्‍त में या दो किस्‍तों में ली जाये। इस संबंध में तथा विषयांकित छात्र-छात्राओं से द्वितीय वर्ष की फीस लेने हेतु कोई गाईड लाइन बनायी गयी है?

उच्च शिक्षा मंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जी हाँ। जानकारी संलग्न परिशिष्‍ट अनुसार है।                                    (ख) जी हाँ। भारत सरकार की अनुसूचित जाति/जनजाति पोस्‍ट मैट्रिक छात्रवृत्ति की गाईड लाईन अनुसार छात्रवृत्ति की राशि संबंधित विद्यार्थी के बैंक खाते में जमा की जा‍ती है। शुल्‍क के संबंध में कॉलेज संचालकों की ओर से कोई शिकायत प्राप्‍त नहीं हुई है। (ग) उत्‍तरांश (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) जी नहीं।

परिशिष्ट - "उनहत्तर"

बाढ़ आपदा प्रबंधन हेतु राशि की स्‍वीकृति

[नगरीय विकास एवं आवास]

106. ( क्र. 1252 ) श्री प्रेमशंकर कुंजीलाल वर्मा : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) S.D.M.F. योजना अंतर्गत सिवनी मालवा नगर पालिका द्वारा बाढ़ आपदा प्रबंधन हेतु कितने नालों सड़कों के निर्माण के क्या-क्या प्रस्ताव दिए गए हैं? (ख) बाढ़ के कारण सिवनी मालवा शहर की कितनी जनसंख्या प्रभावित होती है? (ग) S.D.M.F. योजना 2022- 23 के अंतर्गत सिवनी मालवा नगर पालिका में बाढ़ आपदा प्रबंध हेतु कितनी राशि स्वीकृत की गई है? (घ) यदि नहीं, तो कब तक स्वीकृत की जावेगी?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) एसडीएमएफ मद अंतर्गत नगरपालिका सिवनी मालवा द्वारा 07 आरसीसी नाला निर्माण के प्रस्‍ताव कुल लागत राशि रू. 517.95 लाख के प्रस्‍तुत किये गये है। (ख) वार्ड क्रमांक 01 से 15 तक निचली बस्‍ती के क्षेत्रों को मिलाकर लगभग 14,400 जनसंख्‍या बाढ़ से प्रभावित होती है। (ग) वर्तमान तक कोई राशि स्‍वीकृत नहीं की गई है। (घ) समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

 

भिलाडिया नर्मदा घाट पर 33kv  का कनेक्शन

[ऊर्जा]

107. ( क्र. 1253 ) श्री प्रेमशंकर कुंजीलाल वर्मा : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सिवनी मालवा नगर पालिका में अमृत-2 योजना अंतर्गत भिलाडिया नर्मदा घाट पर 33kv का कनेक्शन नगर पालिका परिषद सिवनी मालवा को कब दिया गया था? (ख) इस कनेक्शन का प्रतिमाह कितना बिल नगर पालिका परिषद सिवनी मालवा के द्वारा कनेक्शन तिथि से आज दिनांक तक बिल की कितनी राशि जमा की गई? (ग) क्या भिलाडिया घाट जल प्रदाय केंद्र पर आवश्यकतानुसार पर्याप्त विद्युत वोल्टेज मिलता है? (घ) कब तक नई लाइन खींचकर भिलाडिया घाट इंटेक वेल जल प्रदाय केंद्र पर पर्याप्त वोल्टेज प्रदान कर जल प्रदाय सुचारू किया जावेगा?

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) सिवनी मालवा नगर पालिका में अमृत-2 योजना अंतर्गत भिलाडिया नर्मदा घाट पर 33 के.व्‍ही. का विद्युत कनेक्‍शन नगर पालिका परिषद, सिवनी मालवा को दिनांक 10.05.2017 को दिया गया था। (ख) कनेक्‍शन दिनांक से माह नवम्‍बर, 2022 तक उक्‍त कनेक्‍शन पर कुल रू. 2,36,70,773 का बिल जारी किया गया है, जिसके विरूद्ध नगर पालिका परिषद, सिवनी मालवा द्वारा रू. 2,35,28,225 की राशि जमा की गई है। प्रश्‍नाधीन चाही गई माहवार जानकारी संलग्न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ग) ग्राम भिलाडिया स्थित इंटेकवेल को 28 किलो मीटर लंबे 33 के.व्‍ही. सिवनी मालवा-शिवपुर फीडर से विद्युत प्रदाय किया जाता है, जिस पर कुल 23.44 एम.व्‍ही.ए. का भार संबद्ध होने एवं भिलाडिया इंटेकवेल उच्‍चदाब कनेक्‍शन 33 के.व्‍ही. फीडर के अंतिम छोर पर स्थित होने के कारण कम वोल्‍टेज की समस्‍या रहती है। (घ) प्रश्‍नाधीन वोल्‍टेज की समस्‍या के स्‍थायी समाधान हेतु 132 के.व्‍ही. विद्युत उपकेन्‍द्र सिवनी मालवा से 33 के.व्‍ही. विद्युत उपकेन्‍द्र शिवपुर तक पृथक 33 के.व्‍ही. लाईन निर्माण के कार्य को केन्‍द्र सरकार की आर.डी.एस.एस. योजना में स्‍वीकृत कर दिया गया है तथा उक्‍त कार्य सहित योजनान्‍तर्गत कार्यों हेतु क्रियान्‍वयन एजेंसी के निर्धारण के लिये निविदा जारी कर दी गई है। कार्यपूर्णता की निश्चित समय-सीमा बताया जाना वर्तमान में संभव नहीं है।

परिशिष्ट - "सत्तर"

अनुदान आधारित ट्रांसफार्मर की स्‍थापना

[ऊर्जा]

108. ( क्र. 1254 ) श्री शशांक श्रीकृष्ण भार्गव : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या किसानों को अनुदान पर सिंचाई हेतु स्वयं के खेत में ट्रांसफार्मर लगाये जाने की पूर्व वर्षों में संचालित योजना को पुनः आरंभ किए जाने की शासन की कोई योजना है? (ख) क्या शासन कृषकों के हित में पूर्व वर्षों में संचालित अनुदान आधारित ट्रांसफार्मर स्थापित किए जाने की योजना को यथाशीघ्र पुनः प्रारंभ किए जाने के संबंध में कार्यवाही करेगा? यदि हाँ, तो कब तक नहीं तो क्यों? योजना को बंद किए जाने के कारण सहित जबाव दें कि किसानों को सिंचाई हेतु विद्युत विभाग की ओर से उक्त योजना के अलावा अन्य क्या सुविधा दी जा रही है?

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) एवं (ख) जी नहीं। कृषकों को सिंचाई प्रयोजन हेतु स्‍थाई पंप कनेक्‍शन प्रदान करने के लिये अनुदान आधारित ''मुख्‍यमंत्री स्‍थाई कृषि पंप कनेक्‍शन योजना'' की अवधि योजना लागू करते समय दिनांक 31.03.2019 तक निर्धारित थी तथा निर्धारित अवधि पूर्ण होने पर योजना बंद हुई है। उक्‍त योजना को पुन: प्रारंभ किये जाने संबंधी कोई प्रस्‍ताव वर्तमान में विचाराधीन नहीं है। राज्‍य शासन द्वारा कृषकों को कृषि कार्य हेतु उपभोग की गई विद्युत पर सब्सिडी प्रदान करते हुए रियायती दर पर विद्युत प्रदाय किया जा रहा है, जिसमें 1 हेक्‍टेयर तक की भूमि वाले 5 हार्सपावर तक के अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के स्‍थाई कृषि पंप उपभोक्‍ताओं को किया जा रहा नि:शुल्‍क विद्युत प्रदाय सम्मिलित है। सब्सिडी से संबंधित आदेश की प्रति संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है।

परिशिष्ट - "इकहत्तर"

प्रस्तावित सड़कों को एस.एफ.सी में शामिल किया जाना

[लोक निर्माण]

109. ( क्र. 1256 ) श्री शशांक श्रीकृष्ण भार्गव : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) माननीय लोक निर्माण मंत्री महोदय के निर्देश पर प्रश्‍नकर्ता के प्रस्ताव के क्रम में ग्राम मूडरा हरिसिंह से ग्राम किरमची रूसल्ली, विदिशा बेरसिया मार्ग से ढोलखेडी अशोकनगर मार्ग तक एवं ग्राम नागपिपरिया सड़क निर्माण कार्यों को एस.एफ.सी में शामिल किए जाने के निर्देश विभाग को दिए गये थे? (ख) यदि प्रश्‍नांश (क) हाँ तो उक्त सड़क निर्माण कार्यों की स्वीकृति के संबंध में क्या कार्यवाही की गई? यदि हाँ, तो कार्यवाही की जानकारी उपलब्ध करायें। यदि नहीं, तो क्यों? शासन उक्त सड़क निर्माण कार्यों को बजट में शामिल कर कब तक स्वीकृति प्रदान करेगा?    (ग) क्या प्रश्‍नकर्ता द्वारा अपने पत्र क्रमांक 707 दिनांक 09.11.2022 को प्रमुख अभियंता लोक निर्माण विभाग निर्माण भवन भोपाल को विदिशा विधानसभा क्षेत्र के ग्रामीणजनों की सुविधा हेतु सड़क निर्माण कार्यों के प्रस्ताव शासन योजनांतर्गत स्वीकृत किए जाने हेतु भेजे गये? (घ) यदि प्रश्‍नांश (ग) हाँ तो उक्त सड़क निर्माण कार्यों को शासन स्तर से कब तक स्वीकृति प्रदान की जायेगी?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ। एक मार्ग, ग्राम ढोलखेडी, करारिया चौराहा के बीच स्थित ग्राम नागपिपरिया ग्राम तक सड़क पुलिया निर्माण कार्य हेतु विभागीय प्रस्‍ताव प्रस्‍तुत करने हेतु निर्देश प्राप्‍त हुए। (ख) विभागीय बजट में सम्मिलित होने के उपरान्‍त कार्यवाही की जा सकेगी। (ग) जी हाँ। (घ) विभागीय बजट में सम्मिलित होने एवं सक्षम समिति से अनुमोदन प्राप्त होने के उपरांत स्वीकृति की कार्रवाई की जा सकेगी।

132/33 के.व्‍ही. विद्युत उपकेन्‍द्र की स्‍थापना

[ऊर्जा]

110. ( क्र. 1260 ) श्री राज्‍यवर्धन सिंह : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                     (क) क्‍या विधानसभा क्षेत्र नरसिंहगढ़ जिला राजगढ़ अंतर्गत ग्राम नाहली में नवीन 132/33 के.व्‍ही. विद्युत उपकेन्‍द्र स्‍थापना कार्य की स्‍वीकृति प्रश्‍न दिनांक तक प्रदान की जा चुकी हैं तथा कलेक्‍टर जिला राजगढ़ द्वारा कार्य हेतु वांछित भूमि आवंटन भी विभाग को किया जा चुका हैं? यदि हाँ, तो प्रश्‍न दिनांक तक उक्‍त विद्युत उपकेन्‍द्र निर्माण कार्य प्रारंभ करने हेतु अद्यतन स्थिति क्‍या हैं।             (ख) उपरोक्‍तानुसार क्‍या शासन उक्‍त कार्य की विशेष आवश्‍यकता के दृष्टिगत कार्य प्रारंभ करवाने हेतु कोई आवश्‍यक कार्यवाही करेगा? यदि हाँ, तो कब तक?

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) जी हाँ, विधानसभा क्षेत्र नरसिंहगढ़ जिला राजगढ़ अंतर्गत ग्राम नाहली में नवीन 132/33 के.व्‍ही. विद्युत उपकेन्‍द्र की स्‍थापना के कार्य हेतु स्‍वीकृति प्रदान की जा चुकी है तथा कलेक्‍टर जिला राजगढ़ द्वारा उक्‍त विद्युत उपकेन्‍द्र के लिये भूमि का आवंटन दिनांक 10.10.2022 को म.प्र.पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड को कर दिया गया है। म.प्र.पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड द्वारा भूमि के अधिग्रहण हेतु कार्यवाही की जा रही है।                 (ख) भूमि का आधिपत्‍य प्राप्‍त होने के उपरांत प्रश्‍नाधीन 132/33 के.व्‍ही. विद्युत उपकेंद्र के निर्माण हेतु म.प्र. पावर ट्रांसमिशन कंपनी द्वारा कार्यवाही आरंभ की जायेगी।

शासकीय महाविद्यालय न‍रसिंहगढ़ का जीर्णोद्धार

[उच्च शिक्षा]

111. ( क्र. 1261 ) श्री राज्‍यवर्धन सिंह : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या माननीय विभागीय मंत्रीजी के पत्र क्रमाक 159/20 एवं 160/20 दिनांक 06.08.2021 से शासकीय महाविद्यालय नरसिंहगढ़ जिला राजगढ़ अंतर्गत महाविद्यालय भवन (अर्जुन महल) जीर्णोद्धार, ऑडिटोरियम भवन, प्रयोगशाला भवन कन्‍या छात्रावास निर्माण कार्य के संबंध में प्रमुख सचिव उच्‍च शिक्षा विभाग को शीघ्र कार्यवाही हेतु निर्देशित किया गया था? यदि हाँ, तो प्रश्‍न दिनांक तक विभाग द्वारा उक्‍त संबंध में क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई? कार्यवार अद्यतन स्थिति बतावें। (ख) प्रश्‍नांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में क्‍या शासन शासकीय महाविद्यालय नरसिंहगढ़ अंतर्गत उक्‍त महत्‍वपूर्ण कार्यों की स्‍वीकृति प्रदान करेगा? यदि हाँ, तो कब तक?

उच्च शिक्षा मंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जी हाँ। शासकीय स्‍नातकोत्‍तर महाविद्यालय, नरसिंहगढ़ के भवन से संबंधित निर्माण कार्यों हेतु पत्र क्रमांक 159/2020 दिनांक 06/08/2020 लिखा गया है। महा‍विद्यालय भवन के जीर्णोद्धार, ऑडिटोरियम भवन, प्रयोगशाला भवन तथा छात्रावास निर्माण कार्य हेतु लोक निर्माण विभाग से प्राक्‍कलन एवं तकनीकी स्‍वीकृति चाही गयी है। प्राक्‍कलन एवं तकनीकी स्‍वीकृति विभाग को प्राप्‍त होने के पश्‍चात विभाग स्‍तर से आगामी कार्यवाही की जाएगी। विभाग के पत्र दिनांक 29/06/2021 के द्वारा महाविद्यालय में 06 अतिरिक्‍त अध्‍ययन कक्षों के निर्माण हेतु राशि रूपये 353.09 लाख की प्रशासकीय स्‍वीकृति जारी की जा चु‍की है तथा निर्माण कार्य पूर्णता की ओर है। (ख) लोक निर्माण विभाग से प्राक्‍कलन एवं तकनीकी स्‍वीकृति प्राप्‍त होने के पश्‍चात बजट की उपलब्‍धता अनुसार कार्यवाही की जाएगी। निश्‍चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

लेबड-जावरा तथा जावरा नयागांव टोल रोड के टोल संग्रहण

[लोक निर्माण]

112. ( क्र. 1264 ) श्री प्रताप ग्रेवाल : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या लेबड जावरा तथा जावरा नयागांव मार्ग पर निवेशकर्ता का फरवरी 2022 तक निर्माण, ब्याज, बीमा, प्रीमियम तथा संचालन संधारण मिलाकर क्रमशः ₹2218 करोड़ तथा ₹2351 करोड़ खर्च हुआ और इस अवधि में मात्र क्रमशः ₹1484 करोड़ तथा ₹1663 करोड़ टोल संग्रहण हुआ? (ख) प्रदेश में अनुबंध अनुसार 200 करोड़ से अधिक लागत राशि की टोल रोड का खण्ड (क) अनुसार निवेशकर्ता का मार्च 2022 की स्थिति में निर्माण, ब्याज, बीमा, प्रीमियम तथा संचालन संधारण पर हुए खर्च तथा इस अवधि तक टोल संग्रहण की रोड अनुसार जानकारी दें। (ग) क्या खण्ड (क) में उल्लेखित मार्ग पर निवेशकर्ता ने टोल अवधि बढ़ाने हेतु आवेदन दिया है? यदि हाँ, तो आवेदन की प्रति देवें तथा बतावें कि उस पर अभी तक क्या कार्रवाई की गई तथा उससे संबंधित नोटशीट, पत्र व्यवहार की प्रति देवें। (घ) खंड (ग) अनुसार क्या शासन अनुबंध के अंतर्गत सड़क की टोल अवधि बढ़ाने के लिए बाध्य है। यदि हाँ, तो बतावें कि इस संदर्भ में अंतिम निर्णय अभी तक क्यों नहीं लिया गया तथा कब तक लिया जाएगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ। निवेशकर्ता द्वारा प्रस्‍तुत जानकारी अनुसार लेबड जावरा मार्ग पर निर्माण ब्‍याज बीमा प्रीमीयम तथा संचालन संधारण मिलाकर 31 जनवरी 2022 तक 2218 करोड़ तथा जावरा नयागांव मार्ग पर 2351 करोड़ खर्च हुए त‍था उक्‍त अवधि तक क्रमश: लेबड जावरा मार्ग पर 1484 करोड़ तथा जावरा नयागांव मार्ग पर 1663 करोड़ रूपये टोल संग्रहण हुआ। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-'''' अनुसार। (ग) जी हाँ। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-'''' अनुसार। आवेदन अनुबंध के प्रावधानों के तहत परीक्षण हेतु बोर्ड को प्रस्‍तुत किया गया। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-'''' अनुसार। (घ) लेबड जावरा के अनुबंध के आलेख क्रमांक-29 अनुसार टोल अवधि घटाने अथवा बढ़ाने का प्रावधान है। निवेशकर्ता का आवेदन परीक्षणाधीन है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

आर.डी.एस.एस. स्कीम में केन्‍द्र सरकार द्वारा आवंटित राशि

[ऊर्जा]

113. ( क्र. 1265 ) श्री प्रताप ग्रेवाल : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या म.प्र. पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड, इन्‍दौर के अन्‍तर्गत आर.डी.एस.एस. स्‍कीम संचालित हो रही है? यदि हाँ, तो योजना प्रारंभ दिनांक से प्रश्‍न दिनांक तक म.प्र.पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड इन्‍दौर को उक्‍त योजना में कितनी राशि स्‍वीकृत की गई है? योजना प्रारंभ दिनांक से प्रश्‍न दिनांक तक स्‍वीकृत राशि की वर्षवार जानकारी उपलब्‍ध करावें?                     (ख) म.प्र.म.प्र. पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड, इन्‍दौर के अन्‍तर्गत धार जिले में आर.डी.एस.एस. योजना में कितनी राशि स्‍वीकृत हुई है? यदि हाँ, तो स्‍वीकृत राशि की वर्षवार जानकारी उपलब्‍ध करावें? (ग) म.प्र.पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड, इन्‍दौर के अन्‍तर्गत आर.डी.एस.एस. स्‍कीम में स्‍वीकृत राशि का उपयोग किन-किन कार्यों हेतु किया गया है? किये गये व्‍यय की राशि की म.प्र.पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड, इन्‍दौर अन्‍तर्गत वर्षवार जानकारी उपलब्‍ध करावें। (घ) विधानसभा सरदारपुर से कौन-कौन से प्रस्ताव दिये और क्या जनप्रतिनिधियों से प्रस्ताव लिये गये? यदि नहीं, तो क्यों?

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) जी हाँ। योजना प्रारंभ दिनांक 17.03.2022 से प्रश्‍न दिनांक तक म.प्र. पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड इंदौर हेतु वित्तीय वर्ष 2021-22 में योजना के प्रथम चरण के कार्यों के लिये राशि रु. 5106.75 करोड़ एवं इन कार्यों के लिये प्रोजेक्ट मैनेजमेंट एजेंसी हेतु कुल राशि रु. 47.67 करोड़ केन्‍द्र सरकार से स्वीकृत हुई है।                     (ख) आर.डी.एस.एस. योजना के अंतर्गत राशि की स्वीकृति विद्युत वितरण कंपनीवार हुई है, जिलेवार नहीं। संचालन-संधारण वृत्त धार के अंतर्गत योजना में प्रस्तावित कार्यों की प्राक्कलित राशि रु. 117.63 करोड़ है। (ग) म.प्र.पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड इंदौर के अंतर्गत आर.डी.एस.एस. योजना की स्वीकृत राशि का नवीन 33/11 के.व्ही. विद्युत उपकेंद्रों की स्थापना के कार्य, उच्चदाब 33 के.व्ही. एवं 11 के.व्‍ही. विद्युत लाईनों के विभक्तिकरण के कार्य, 11 के.व्‍ही. मिश्रित फीडरों के विभक्तिकरण के कार्य, सिंचाई विद्युत वितरण ट्रांसफार्मर जो कि घरेलू फीडरों से संयोजित है, उन्‍हें पृथक करने के कार्य, अतिरिक्त विद्युत वितरण ट्रांसफार्मरों की स्थापना के कार्य, निम्नदाब केबलीकरण के कार्य इत्यादि कार्यों में उपयोग किया जायेगा। वर्तमान में उक्‍त कार्यों हेतु क्रियान्‍वयन ऐजेंसियों के चयन के लिये निविदा कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। अत: वर्तमान में प्रश्‍नाधीन चाही गई व्‍यय संबंधी जानकारी दिये जाने का प्रश्‍न नहीं उठता। (घ) सरदारपुर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आर.डी.एस.एस. योजना में वितरण प्रणाली में विद्युत हानियों को कम करने हेतु विद्युत अधोसंरचना के कार्य तथा प्रणाली सुदृढ़ीकरण एवं आधुनिकीकरण हेतु जिन कार्यों का समावेश योजना में किया गया है उनकी जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। जी नहीं, जनप्रतिनिधियों से प्रस्ताव नहीं लिये गये है क्योंकि उक्त योजना प्रणाली सुदृढ़ीकरण हेतु संचालित की जा रही है, जिसके अंतर्गत तकनीकी आवश्‍यकता एवं साध्यता के अनुसार ही प्रस्ताव तैयार किये गये है।

परिशिष्ट - "बहत्तर"

विद्युत वितरण कंपनी के कार्यों की जानकारी

[ऊर्जा]

114. ( क्र. 1272 ) डॉ. हिरालाल अलावा : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि               (क) म.प्र.पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड इन्‍दौर क्षेत्रान्‍तर्गत 15 वृत्‍तों में माह सितम्‍बर 2022 की स्थिति में कितने अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति के कृषकों के कितने नि:शुल्‍क विद्युत प्रदाय कृषि पंप कनेक्‍शन विद्यमान है की वृत्‍तवार संख्‍यात्‍मक जानकारी देवें। उपरोक्‍त में से कितने कृषि पंप उपभोक्‍ताओं के आधार नंबर बिलिग प्रणाली में दर्ज है कि संख्‍यात्‍मक जानकारी देवें? (ख) म.प्र. पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड इन्‍दौर क्षेत्रान्‍तर्गत माह सितम्‍बर-2022 की स्थिति में नि:शुल्‍क विद्युत प्रदाय (सिंचाई) श्रेणी के अन्‍तर्गत विद्युत वितरण कंपनी इन्‍दौर द्वारा राज्‍य शासन से माह अप्रैल-2019 से माह सितम्‍बर 2022 तक कितनी सब्सिडी राशि की माग की गई, कितनी राशि राज्‍य शासन से प्राप्‍त हुई एवं कितनी राशि राज्‍य शासन पर बकाया है? वर्षवार जानकारी देवें? (ग) म.प्र.पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड, इन्‍दौर के अन्‍तर्गत आर.डी.एस.एस. योजना में केन्‍द्र सरकार द्वारा कितनी राशि स्‍वीकृत की गई है? उक्‍त राशि किस मद में खर्च होना है एवं किस प्रकार के विद्युत कार्यों में उपयोग किया जाना है उपरोक्‍त राशि खर्च करने पर विद्युत व्‍यवस्‍था में क्‍या बदलाव आएगा? (घ) क्या प्रश्‍नकर्ता द्वारा पत्र संख्या 727 दिनांक 29 अगस्त 2022 को प्रमुख सचिव ऊर्जा विभाग को ईमेल secyenergy@mp.gov.in पर प्रेषित किया गया? प्रश्‍नकर्ता ने उक्त पत्र द्वारा कितनी अवधि में किन-किन बिंदुओं पर क्या-क्या जानकारी मांगी? प्रश्‍न-दिनांक तक भी जानकारी उपलब्ध नहीं करवाए जाने का विधिसम्मत कारण बताएं। कब तक जानकारी उपलब्ध करवाई जाएगी? (ङ) प्रश्‍नकर्ता द्वारा SE (O&M) भोपाल, सिहोर से ईमेल-पत्र में मांगी गई जानकारी प्रश्‍न-दिनांक तक भी उपलब्ध नहीं कराने का विधिसम्मत कारण बताएं। कब तक उपलब्ध कराई जाएगी?

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) म.प्र.पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड, इंदौर क्षेत्रांतर्गत कार्यरत 15 संचालन/संधारण वृत्तों में माह सितंबर 2022 की स्थिति में अनुसूचित जनजाति/अनुसूचित जाति के कृषकों को पात्रता अनुसार प्रदाय किये गये निःशुल्क कृषि पंप विद्युत कनेक्शनों की एवं इन उपभोक्ताओं के आधार नंबर बिलिंग प्रणाली में दर्ज होने की प्रश्‍नाधीन चाही गयी वृत्तवार संख्यात्मक जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'अनुसार है। (ख) म.प्र. पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड, इंदौर क्षेत्रांतर्गत माह सितंबर 2022 की स्थिति में निःशुल्क विद्युत प्रदाय (सिंचाई) श्रेणी के अंतर्गत विद्युत वितरण कंपनी द्वारा राज्य शासन से माह अप्रैल 2019 से माह सितंबर 2022 तक मांग की गई सब्सिडी की राशि, राज्य शासन से प्राप्त हुई राशि एवं राज्य शासन पर बकाया राशि की प्रश्‍नाधीन चाही गयी वर्षवार जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'अनुसार है। (ग) म.प्र.पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड, इंदौर के अंतर्गत केन्‍द्र शासन की आर.डी.एस.एस. योजना के तहत विद्युत हानियों को कम करने के उद्देश्‍य से विद्युत अधोसंरचना के कार्य हेतु राशि रु. 2534.63 करोड़ एवं स्मार्ट मीटर लगाये जाने हेतु राशि रु. 2572.12 करोड़, इस प्रकार कुल राशि रु. 5106.75 करोड़ स्वीकृत हुई है तथा उक्‍त के अतिरिक्‍त इन कार्यों के लिए प्रोजेक्ट मैनेजमेंट एजेंसी हेतु कुल राशि रु. 47.66 करोड़ स्वीकृत हुई है। म.प्र. पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड इंदौर के अंतर्गत आर.डी.एस.एस. योजना में नवीन 33/11 केव्ही विद्युत उपकेंद्र की स्थापना के कार्य, 33/11 केव्ही विद्युत लाईनों के विभक्तिकरण के कार्य, 11 केव्ही मिश्रित फीडरों के विभक्तिकरण के कार्य, सिंचाई हेतु स्‍थापित वितरण ट्रांसफार्मरों जो कि घरेलू फीडरों से संयोजित है के पृथक्‍कीकरण के कार्य, अतिरिक्त वितरण ट्रांसफार्मरों की स्थापना के कार्य, निम्नदाब केबलीकरण के कार्य इत्यादि कार्यों में योजनान्‍तर्गत स्‍वीकृत राशि का उपयोग किया जायेगा। उक्‍त योजना के क्रियान्‍वयन उपरांत वितरण कंपनी की समग्र तकनीकी एवं वाणिज्यिक हानियों में कमी परिलक्षित होगी एवं बिजली की प्रति यूनिट लागत तथा राजस्‍व का अन्‍तर (ACS-ARR Gap) कम/समाप्‍त हो जायेगा तथा विद्युत अद्योसंरचना और अधिक उन्‍नत होगी। जिससे विद्युत प्रदाय की गुणवत्‍ता बढ़ेगी। (घ) जी हाँ। माननीय प्रश्‍नकर्ता विधायक महोदय द्वारा प्रश्‍नांश में उल्‍लेखित पत्र के माध्‍यम से कुल 08 बिंदुओं पर 15 कार्य दिवस में जानकारी उपलब्ध कराये जाने हेतु लेख किया गया था। माननीय प्रश्‍नकर्ता विधायक महोदय के प्रश्‍नांश में उल्‍लेखित पत्र की प्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'अनुसार है। अधीक्षण यंत्री, संचालन-संधारण वृत धार द्वारा उनके पत्र क्रमांक 3956 दिनांक 08.12.2022 के माध्यम से आंशिक जानकारी माननीय प्रश्‍नकर्ता विधायक महोदय को प्रेषित कर दी गई है, जिसकी छायाप्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'अनुसार है। उल्‍लेखनीय है कि माननीय प्रश्‍नकर्ता विधायक महोदय द्वारा चाही गयी जानकारी वृहद स्‍वरूप की होने के कारण संकलित किये जाने में अतिरिक्त समय की आवश्यकता है। अतः जानकारी संकलित होने के उपरांत पूर्ण जानकारी पृथक से माननीय प्रश्‍नकर्ता विधायक महोदय को प्रेषित कर दी जावेगी।                                  (ड.) म.प्र. मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के अंतर्गत संचालन-संधारण वृत्त भोपाल को कार्यालयीन ईमेल आईडी पर प्रश्‍नांश (ड.) में उल्लेखित ईमेल पत्र प्राप्त नहीं हुआ है। तथापि संचालन-संधारण वृत्त सीहोर में दोनों संभाग (आष्टा एवं सीहोर) के उप महाप्रबंधको के स्थानांतरण होने के कारण जानकारी प्रेषित करने में विलंब हुआ है। सीहोर महाप्रबंधक के पत्र क्रमांक 5235 दिनांक 09.12.2022 के माध्यम से जानकारी ई-मेल द्वारा माननीय प्रश्‍नकर्ता विधायक महोदय को प्रेषित की जा चुकी है, जिसकी छायाप्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'अनुसार है।

वार्षिक रखरखाव में लापरवाही

[ऊर्जा]

115. ( क्र. 1273 ) डॉ. हिरालाल अलावा : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                           (क) सिंगाजी ताप परियोजना की इकाई क्रमांक 3-4 का किस दिनांक से किस दिनांक तक किस फर्म द्वारा बॉयलर का रखरखाव किया गया? इस फर्म ने पूर्व में 660 मेगावॉट कहां-कहां किस पावर हाउस में वार्षिक रखरखाव किया, इस रखरखाव के कार्य में कौन-कौन से फर्मों ने निविदा में भाग लिया? सभी फर्मों के अनुभव की छायाप्रति तथा कार्य प्राप्त करनेवाली फर्म के अनुभव की छायाप्रति के साथ कार्यादेश की छायाप्रति देवें। साथ ही प्रारम्भिक अर्हता (P.Q.R.) की छायाप्रति देवें। (ख) क्या इकाई क्रमांक-4 वार्षिक रखरखाव पूर्णकर 25 अगस्त 2022 को इकाई चलाकर भार पर लिया गया लेकिन इस इकाई में पूर्ण भार 660 मेगावाट लोड पर नहीं चलकर मात्र 450-500 मेगावाट लोड पर चल रही है? इकाई को किस दिनांक से पूर्ण भार पर चलाई जा सकेगी, कम भार पर चलाने से कितनी विद्युत हानि हुई? (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) अनुसार दोनों इकाइयों के बॉयलर मेंटेनेंस के साथ ही क्या पृथक से रोटरी एयर फ्री हीटर का रखरखाव कराया गया? इस आईटम हेतु कितने राशि का कार्यादेश जारी हुआ? छायाप्रति उपलब्ध करावें। क्या यह कार्य अकुशल पेटी कॉन्ट्रेक्टर को देने से एयर हीटर जाम हो गया?

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) इस वित्‍तीय वर्ष में प्रश्‍न दिनांक तक श्री सिंगाजी ताप विद्युत परियोजना इकाई क्रमांक-3 एवं 4 के बॉयलर का वार्षिक रखरखाव का कार्य मेसर्स यूनाईटेड इंजीनियरिंग, सारनी के द्वारा क्रमश: दिनांक 14.08.2022 से 15.11.2022 व दिनांक 24.07.2022 से 25.08.2022 तक किया गया है। मेसर्स यूनाईटेड इंजीनियरिंग, सारनी द्वारा प्रस्‍तुत पूर्व अनुभव कार्योदेशों के अनुसार, उनके द्वारा राजस्‍थान राज्‍य विद्युत उत्‍पादन निगम लिमिटेड के 2X660 मेगावॉट, सीएससीटीपीपी छाबड़ा की इकाई क्रमांक-56 में बायलर प्रेशर पार्ट्स के वार्षिक रख-रखाव का कार्य किया गया है। श्री सिंगाजी ताप विद्युत परियोजना द्वारा इकाई क्रमांक-34 के बायलर प्रेशर पार्ट्स एवं नॉन प्रेशर पार्ट्स हेतु जारी निविदा में भाग लेने वाली फर्मों की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'अनुसार है। इन सभी फर्मों के अनुभव की छायाप्रति एवं कार्य प्राप्‍त करने वाली फर्म मेसर्स यूनाईटेड इंजीनियरिंग, सारनी के अनुभव व कार्यादेश की प्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'अनुसार है। साथ ही प्रारंभिक अर्हता पीक्‍यूआर की प्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'अनुसार है। (ख) जी हाँ, इकाई क्र. 04 को वार्षिक रख रखाव पूर्ण कर 25 अगस्त 2022 को भार पर लिया गया है। इकाई क्रमांक 4 के एयर प्रीहीटर में हाई डी.पी. की समस्या जनवरी-2022 से ही थी। अतः वार्षिक रख-रखाव के दौरान रोटरी एयर प्रीहीटर को संधारण हेतु खोला गया, लेकिन उसमें सुधार हेतु अधिक समय लगना संभावित था। प्रदेश में विदयुत की मांग के दृष्टिगत आवश्यक सुधार कार्य कराकर एयर प्रीहीटर को बाक्स-अप किया गया। रोटरी एयर प्रीहीटर की डी.पी. अधिक होने से इकाई पूर्ण भार पर नहीं चल पा रही है तथा इसे आवश्यकतानुसार 450 से 550 मेगावाट तक लोड पर चलाया जा रहा है। दिनांक 25 अगस्‍त, 2022 से इकाई को चालू किए जाने के बाद रोटरी एयर प्रीहीटर की डी.पी. अधिक होने के कारण इकाई को अब तक पूर्ण भार पर नहीं चलाया जा सका। उक्‍त इकाई को कम भार पर चलाये जाने से दिनांक 25 अगस्त 2022 से 30.11.2022 तक की स्थिति में कुल 197 मिलियन यूनिट (MU) का विदयुत उत्पादन प्रभावित हुआ। इकाई क्रमांक 03 को वार्षिक रख-रखाव के उपरांत दिनांक 15.11.2022 को भार पर लिया गया है। (ग) जी हाँ, इकाई क्रमांक 03 एवं 04 के बॉयलर मेन्‍टेनेंस के साथ ही रोटरी एयर प्री हीटर का कार्य कराया गया है। उक्‍त कार्य हेतु मेसर्स यूनाइटेड इंजीनियरिंग, सारनी को कुल राशि रू. 225.07 लाख का कार्यादेश जिसके अन्तर्गत इकाई 3 एवं 4 के एयर हीटर हेतु राशि रू. 53.57 लाख थी, जारी किये गये। साथ ही एयर प्री हीटर संधारण के मानि‍टरिंग हेतु विशेषज्ञ सेवा बॉयलर मूल उपकरण निर्माता (OEM) मेसर्स एल एण्ड टी.एम.एच.आई. पावर बॉयलर लिमि, हजीरा गुजरात के द्वारा मेसर्स एल. एण्ड टी हाउडेन के सुपरवीजन में ली गई हैं, जिसका दोनों इकाई हेतु कुल खर्च रु 13.26 लाख है। कार्यादेशों की छायाप्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-"द" अनुसार है। जी नहीं। एयर प्री हीटर के रखरखाव का कार्य मेसर्स यूनाइटेड इंजीनियरिंग, सारनी द्वारा किया गया है, न कि किसी पेटी कान्‍ट्रेक्‍टर द्वारा।

रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया

[नगरीय विकास एवं आवास]

116. ( क्र. 1274 ) श्री महेश परमार : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नगर निगम, नगर पालिका एवं नगर परिषद में कुल कितने राजस्व निरीक्षक एवं सहायक राजस्व अधिकारी के कुल कितने पद रिक्त हैं? (ख) वर्तमान में म.प्र. कर्मचारी चयन मण्डल द्वारा ग्रुप-2 सब ग्रुप-4 के अन्तर्गत जारी विज्ञापन में राजस्व निरीक्षक एवं सहायक राजस्व अधिकारी के रिक्त पदों को भर्ती परीक्षा के माध्यम से भरने की प्रक्रिया चल रही हैं? क्या म.प्र. की कुछ नगर निगमों के रिक्त पदों को सम्मिलित किया गया है? नगर पालिका एवं नगर परिषदों के रिक्त पदों को क्यों नहीं? (ग) क्या म.प्र. की समस्त नगर पालिका एवं नगर परिषदों में ग्रुप-2 सब ग्रुप-4 के अन्तर्गत राजस्व निरीक्षक, सहायक राजस्व अधिकारी एवं अन्य समकक्ष रिक्त पदों को भर्ती प्रक्रिया में सम्मिलित कर पद वृद्धि की जावेगी?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) जानकारी संकलित की जा रही है।                 (ख) जी हाँ। नगर पालिका/नगर परिषदों में राजस्‍व निरीक्षक का पद पदोन्‍नति का होने से कर्मचारी चयन मण्‍डल से पद भरने का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। सहायक राजस्‍व अधिकारी के पद नगर पालिका एवं नगर परिषद में स्‍वीकृत नहीं होने से प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) जी नहीं। प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के अनुक्रम में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

टी.डी.आर. जारी करने के प्रस्ताव पर कार्यवाही

[नगरीय विकास एवं आवास]

117. ( क्र. 1275 ) श्री महेश परमार : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अमृत परियोजना से प्रभावित हितग्राहियों के संबंध में नगर निगम भोपाल द्वारा नगर तथा ग्राम निवेश को मध्यप्रदेश हस्तांतरण विकास अधिकारी (टी.डी.आर.) जारी करने हेतु दिनांक 16.08.2021 को प्रस्ताव प्रेषित गया था? (ख) उक्त प्रस्ताव पर संचालनालय नगर तथा ग्राम निवेश द्वारा आज दिनांक तक क्या कार्यवाही की गई? क्या प्रभावितों के पक्ष में नगर तथा ग्राम निवेश संचालनालय द्वारा (टी.डी.आर.) प्रमाण पत्र जारी किया गया है? यदि हाँ, तो कब जारी किया गया है? यदि नहीं, तो क्यों नहीं? विलंब का क्या कारण है? इस प्रमाण पत्र से हितग्राहियों को क्या-क्या लाभ प्राप्त होगें?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) नगर पालिक निगम द्वारा प्राप्त प्रस्ताव अपूर्ण होने के कारण संचालनालय के पत्र दिनांक 01/09/2021 को पुनः संशोधित प्रस्ताव नगर पालिक निगम से चाहे गये। नगर पालिक निगम से दिनांक 22/10/2021 को प्रस्ताव प्राप्त हुए जो उत्पादन क्षेत्र संबंधी अधिसूचना प्ररूप-1 (नियम-2 के उपनियम (एक) खण्ड (स) अनुसार न होने के कारण संचालनालय के पत्र दिनांक 25/11/2021 द्वारा पुनः जानकारी मांगी गई तथा उक्त के संबध में दिनांक 28/12/2021 को पुनः पत्र प्रेषित किया गया। नगर पालिक निगम द्वारा दिनांक 03/02/2022 को जानकारी प्रेषित की गई जिसके संबध में संचालनालय के पत्र दिनांक 10/03/2022 द्वारा संयुक्त संचालक जिला कार्यालय भोपाल से प्रतिवेदन चाहा गया। जिला कार्यालय के पत्र दिनांक 06/04/2022 द्वारा उक्त अपूर्ण प्रस्तावों में पांच बिन्दुओं पर जानकारी प्रस्तुत करने हेतु लिखा गया। संचालनालय के पत्र दिनांक 11/05/2022 द्वारा नगर पालिक निगम से बिन्दु क्रमांक 01 से 05 तक की जानकारी हेतु पुनः पत्र प्रेषित किया गया। टी0डी0आर0 प्रमाण पत्र अभी जारी नहीं किया गया है। प्रकरण अभी प्रक्रियाधीन है। पूर्ण प्रस्ताव प्राप्त न होने के कारण अग्रिम कार्यवाही नहीं की जा सकी। इस प्रमाण पत्र को नियमों के अध्याधीन रहते हुए संबंधित द्वारा किसी निर्माण की योजना में उपयोग किया जा सकेगा उसका विक्रय किसी अन्य विकासकर्ता को किया जा सकेगा।

बिजली सब्सिडी की बकाया राशि

[ऊर्जा]

118. ( क्र. 1281 ) श्री मुरली मोरवाल : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                 (क) क्या सब्सिडी के रूप में कम्पनि‍यों के शासन पर बकाया के भुगतान होने वाले विलम्ब के कारण प्रदेश में बिजली महंगी हुई है? (ख) यदि हाँ, तो उपरोक्त करणों से प्रदेश में कितने प्रतिशत बिजली के दाम बढ़े है? (ग) प्रश्‍न दिनांक तक प्रदेश में बिजली कम्पनि‍यों का शासन पर सब्सिडी का कुल कितना बकाया है समस्‍त जानकारी उपलब्ध करावें।

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) जी नहीं। खुदरा विद्युत प्रदाय की दरों (टैरिफ) के निर्धारण का विषय विद्युत अधिनियम 2003 के भाग-7 द्वारा शासित है। यह उल्लेखनीय है कि विद्युत अधिनियम 2003 के प्रावधानों के अनुसार प्रत्येक राज्य में विद्युत प्रदाय की दरों के निर्धारण का कार्य एक स्वतंत्र वैधानिक निकाय अर्थात विद्युत नियामक आयोग को सौंपा गया है। विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 6162 में विद्युत प्रदाय की दरों के निर्धारण संबंधी प्रावधान दिये गये है। धारा 61 के अनुसार मध्यप्रदेश विद्युत नियामक आयोग ने ''मध्यप्रदेश विद्युत नियामक आयोग (विद्युत की आपूर्ति और व्हीलिंग के लिए टैरिफ के निर्धारण के लिए नियम और शर्तें और शुल्को के निर्धारण के लिए तरीके और सिद्धांत) विनियम, 2021 को अधिसूचित किया है। तदनुसार, मध्यप्रदेश राज्य में, विद्युत प्रदाय की दरें मध्यप्रदेश विद्युत नियामक आयोगद्वारा, विनिर्धारित मानदंडों के अनुसार, आपूर्ति की लागत के आधार पर निर्धारित की जा रही है।                                  (ख) उत्‍तरांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न नहीं उठता। (ग) म.प्र.पूर्व/मध्य/पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड, जबलपुर/भोपाल/इंदौर को क्रमशः राशि रु. 933.17 करोड़, राशि रु. 3807.97 करोड़ एवं राशि रु. 3282.02 करोड़ इस प्रकार कुल राशि रु. 8023.16 करोड़ बकाया सब्सिडी के रूप में दिया जाना शेष है।

पुल/सड़क निर्माण कार्यों की स्थिति

[लोक निर्माण]

119. ( क्र. 1283 ) श्री दिलीप सिंह परिहार : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2018-19 से प्रश्‍न दिनांक तक नीमच जिले में कितने पुल (सेतु) एवं सड़कों के निर्माण की शासन स्वीकृति प्रदान की गई है? स्वीकृति दिनांक एवं अनुबंध किये जाने की दिनांक, कार्य पूर्ण होने की अवधि सहित विधानसभावार जानकारी उपलब्ध कराई जावे। (ख) प्रश्‍नांश (क) में ऐसे कितने पुल (सेतु) एवं सड़कें हैं जिनका अनुबंध होने के उपरान्त निर्धारित समय-सीमा में निर्माण कार्य अब भी पूर्ण/प्रारंभ नहीं हो पाया है? निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूर्ण/प्रारंभ नहीं किये जाने के फलस्वरुप शासन द्वारा अनुबंधित ठेकेदार के विरुद्ध क्या कार्यवाही की गई है? (ग) नीमच विधानसभा के शहरी क्षेत्र में महू नसीराबाद मार्ग पर स्पेन्टा पेट्रोल पम्प के समीप स्थित पुल (सेतु) का निर्माण कार्य कब प्रारंभ किया गया तथा उक्त निर्माण कार्य वर्तमान में किस स्थिति में है? निर्माण कार्य पूर्ण किये जाने की समय-सीमा बतायें।

लोक निर्माण मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) एवं (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। (ग) निर्माण कार्य मई 2022 से प्रारंभ किया गया, कार्य प्रगति पर है, कार्य अप्रैल 2023 तक पूर्ण करने का लक्ष्य है।

उत्कृष्ट सड़कों का निर्माण

[नगरीय विकास एवं आवास]

120. ( क्र. 1285 ) श्री दिलीप सिंह परिहार : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जनवरी, 2018 से प्रश्‍न दिनांक तक उज्जैन संभाग में मुख्यमंत्री शहरी अधोसंरचना अंतर्गत उत्कृष्ट डामरीकृत सड़कों का निर्माण किन-किन जिलों में कराया गया है? सड़क मार्गवार व्यय राशि का ब्यौरा दें। (ख) क्‍या प्रश्‍नांश (क) में दर्शायी गई उत्कृष्ट सड़कों का निर्माण नीमच शहर में भी कराया गया है? यदि हाँ, तो कितनी-कितनी दर के वर्क आर्डर कितनी-कितनी समयावधि में पूर्ण करने हेतु दिये गये हैं? सड़क मार्गवार ब्यौरा दें। (ग) प्रश्‍नांश (ख) के अनुक्रम में प्रश्‍न दिनांक तक कुल कितने कार्य पूर्ण हो चुके हैं, कितने अधूरे हैं? कार्यों की वर्तमान भौतिक स्थिति क्या है? कुल कितनी राशि का भुगतान किया जा चुका है? (घ) प्रश्‍नांश (ग) में सड़कों के संबंध में घटिया निर्माण होने संबंधी कितनी शिकायतें प्राप्त हुई हैं, कितनी शिकायतों की जांच पूरी की जा चुकी है व कितनों की जांच होना शेष है? प्राप्त शिकायतों के संबंध में दोषियों के विरुद्ध अब तक क्या-क्या कार्यवाही की गई? कार्य वार विस्तृत ब्यौरा दें।

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट ‘अनुसार है। (ख) एवं (ग) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट ‘अनुसार है।                            (घ) जी नहीं। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

रोडों का निर्माण एवं पेचवर्क

[लोक निर्माण]

121. ( क्र. 1286 ) श्री सुरेश राजे : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                     (क) विधानसभा क्षेत्र 19 डबरा के अंतर्गत कौन-कौन से पहुँच मार्ग लोक निर्माण विभाग के अधीन हैं? कहाँ से कहाँ तक के पहुँच मार्ग लोक निर्माण विभाग के अधीन हेतु प्रस्तावित हैं? (ख) प्रश्‍नांश (क) के अनुसार विधानसभा क्षेत्र 19 डबरा के अधीन पहुँच मार्गों में से वर्ष 2021-22 से 2022-23 में कौन सा पहुंच मार्ग कहाँ से कहाँ तक कितनी राशि का स्वीकृत हुआ? प्रश्‍न दिनांक तक प्रत्येक पर कितनी राशि व्यय की गयी तथा कार्य पूर्ण होने की अवधि क्या है? कार्यों की पूर्ण/अपूर्ण की जानकारी देवेंl (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के अनुसार विधान सभा क्षेत्र 19 डबरा के अधीन लोक निर्माण विभाग के पहुंच मार्गों में से वर्ष 2021-22 से 2022-23 में प्रश्‍न दिनांक तक कहाँ से कहाँ तक के पहुँच मार्गों पर पेचवर्क कार्य करने हेतु कितनी राशि की प्रशासकीय स्वीकृति किस दिनांक को दी गयी? प्रश्‍न दिनांक तक कितनी राशि व्यय की गई? प्रत्येक कार्य के पूर्ण/अपूर्ण की जानकारी देवेंl

लोक निर्माण मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अ एवं 'अ-1' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-ब अनुसार है।                                           (ग) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-स अनुसार है।

नवीन मार्ग का निर्माण

[लोक निर्माण]

122. ( क्र. 1295 ) श्री सचिन सुभाषचन्‍द्र यादव : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या विधानसभा क्षेत्र कसरावद में नवीन मार्ग निर्माण प्रस्तावित है? अगर हाँ तो विवरण दें। (ख) प्रश्‍नकर्ता द्वारा मार्च 2021 से प्रश्‍न दिनांक तक कितने पत्राचार किये गये हैं? क्या कोई कार्यवाही की गई है? अगर हाँ तो क्या? नहीं तो क्यों? (ग) प्रश्‍न दिनांक तक विभाग द्वारा प्रथम स्टेज के प्राक्कलन बनाए गए हैं? अगर बनाए गए हैं तो कब तक स्वीकृति प्राप्त होगी?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अ, 'अ-1' एवं 1 अनुसार है। (ग) जी हाँ। उत्‍तरांश (ख) के उत्तर अनुसार।

मोहल्ला समिति का गठन

[नगरीय विकास एवं आवास]

123. ( क्र. 1300 ) श्री रामलाल मालवीय : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला उज्जैन में कितने नगरीय निकाय में मोहल्ला समितियों का गठन हुआ है तथा कब हुआ है? उन समिति के नाम, मोबाइल नंबर की सूची उपलब्ध कराएं।                   (ख) मोहल्ला समितियों के कार्य क्या हैं और कौन-कौन से कार्य मोहल्ला समिति के माध्यम से नगरीय निकायों में हुए हैं? मोहल्ला समिति की बैठक कब-कब हुई है? वार्डवार प्रत्येक नगरी निकाय की जानकारी उपलब्ध कराएं। (ग) नगरीय निकायों के प्रशासनिक अधिकारी ने किन-किन मदों से टैक्स विगत 5 वर्षों में प्राप्त किया है? टैक्स का उपयोग किन मदों में किन राशियों से किस कार्य प्रयोजन के लिए किया गया है? उज्जैन जिले के सभी नगरीय निकायों के विगत 5 वर्षों के हिसाब किताब ऑडिट आपत्ति विधानसभा पटल पर रखी जावे। (घ) उज्जैन जिले में संभागीय मुख्यालय द्वारा नगरी निकाय के कार्यालय मैनुअल अधिनियम अनुसार किए गए क्रियाकलापों की जांच कब कब की गई, किसके द्वारा की गई, उन सभी का पूर्ण ब्यौरा रिपोर्ट की प्रतियां विधानसभा पटल पर रखें।

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) उज्जैन संभाग अंतर्गत उज्जैन जिले की निकायों में मोहल्ला समितियों का गठन नहीं हुआ है। मोहल्ला समितियों का गठन नहीं होने से शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) मोहल्ला समिति के कार्य की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट '''' अनुसार है। उज्जैन जिले में मोहल्ला समिति का गठन नहीं होने से शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) उज्जैन जिले की निकायों में विगत 5 वर्षों से प्राप्त टैक्स एवं प्राप्त टैक्स की राशि का व्यय विवरण की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट '''' अनुसार है। उज्जैन जिले में 04 निकाय खाचरौद, तराना, उन्हेल एवं माकडौन की 4 वर्षों (वर्ष 2017-18 से 2020-21 तक) का ऑडिट किया गया है। शेष निकाय बडनगर का वर्ष 2017-18 का ऑडिट किया गया है। की जानकारी पुस्‍तकालय में  रखे परिशिष्‍ट '''' अनुसार है। शेष वर्ष का ऑडिट नहीं होने से जानकारी निरंक है। महिदपुर एवं नागदा का विगत 5 वर्षों से ऑडिट नहीं हुआ है जिससे उक्त निकाय की जानकारी निरंक है। (घ) उज्जैन जिले में संभागीय मुख्यालय द्वारा नगरीय निकायों कार्यालय मैनुअल अधिनियम अनुसार जांच नहीं किये जाने से उक्त प्रश्‍नांश की जानकारी निरंक है।

कार्य की स्‍वीकृति के अधिकार

[नगरीय विकास एवं आवास]

124. ( क्र. 1305 ) श्री संजय उइके : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या नग रपालिका अधिनियम 1961 की विभिन्न धाराओं एवं नियमों के अनुसार किसी कार्य की स्‍वीकृति के अधिकार प्रेसिंडेट इन काउन्सिल एवं परिषद को प्रदत्त‍ किये गये हैं? (ख) यदि हाँ, तो बालाघाट जिले की नगरपरिषद बैहर में प्रेसिंडेट इन काउन्सिल एवं परिषद की बैठक वित्तीय वर्ष 2008-09 से 2013-14 तक कब-कब एवं कि‍स-किस दिनांक को की गई है?      (ग) वित्तीय वर्ष 2008-09 से 2013-14 तक की नगर परिषद बैहर की प्रेसिंडेट इन काउन्सिल एवं परिषद की बैठक कार्यवाही विवरण/कार्यवृत की छायाप्रति उपलब्ध करावें।

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) नगर परिषद बैहर का कार्यालय भवन जर्जर एवं कमजोर होने के कारण वर्षा ऋतु के जल से वर्ष 2008-09 से वर्ष           2011-12 तक की पीआईसी एवं परिषद के बैठक कार्यवाही विवरण नष्ट हो चुके है। वर्ष 2012-13 से वर्ष 2013-14 में बैठक दिनांक की जानकारी निम्नानुसार हैः- प्रेसिंडेट इन काउन्सिल बैठक- वर्ष 2012 दिनांक 07.11.2012 वर्ष 2013 दिनांक 11.01.2013,28.01.2013, 26.02.2013, 30.03.2013, 24.06.2013, 30.07.2013, 07.08.2013, 04.09.2013, 28.09.2013, 01.10.2013 एवं 30.07.2013 तथा वर्ष 2014 दिनांक 25.01.2014, 21.02.2014, 01.03.2014, 28.06.2014, 06.09.2014, 27.09.2014, 17.11.2014, 04.12.2014 एवं 10.12.2014 परिषद की बैठकः- वर्ष 2012 दिनांक 04.08.2012, 01.09.2012, 05.11.2012, 03.12.2012 वर्ष 2013 दिनांक 13.02.2013, 20.03.2013 16.04.2013, 03.06.2013 एवं 20.09.2013 वर्ष 2014 दिनांक 13.01.2014, 31.01.2014, 18.06.2014 एवं 23.09.2014 (ग) उत्तरांश के परिप्रेक्ष्‍य में वर्ष 2008-09 से 2011-12 के अभिलेख नष्ट होने के कारण जानकारी उपलब्ध कराना संभव नहीं है। वर्ष 2012-13 एवं वर्ष 2013-14 की प्रेसीडेन्ट-इन-काउन्सिल एवं परिषद की बैठक कार्यवाही विवरण/कार्यवृत की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट अ अनुसार है।

योजना की लागत

[ऊर्जा]

125. ( क्र. 1306 ) श्री संजय उइके : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या‍ म.प्र.पा.ज.कं.लि. कम्पनी में ई.आर.पी. इन्टरप्राइजेज रिसोर्स प्लानिंग का निर्माण की योजना कब से प्रारम्भ‍ हुई? प्रारम्भिक तौर पर इस योजना की क्या लागत थी, इस सिस्टम को बनाने हेतु कब-कब, कितने राशि से कार्यादेश जारी किये गये? वर्तमान में कितने प्रतिशत कार्य हो चुका है? इस कार्य के पूर्व निर्माण कार्यकाल में कौन-कौन अधिकारी कितने-कितने समय तक प्रभारी रहे? क्या कार्य के प्रभारी वर्तमान प्रबन्ध संचालक रहे है? कार्य विलम्ब का कारण बतावें। (ख) संजय गांधी ताप परियोजना अल्टरनेटिव पाथ उद्देश्य निर्माण की लागत बतावें। यह कब से प्रारम्भ हुआ? इसके निर्माण से रेल्वे को लगने वाला डेमरेज कितना कम हुआ? माहवार बतावें। (ग) संजय गांधी ताप में स्‍ट्रेकर रीक्लेमर गिरने एवं समस्‍त क्षतिग्रस्त एवं पूर्ण अनुपयोगी होने के कारण बतावें। कितने कीमत थी, नये स्‍ट्रेकर रीक्लेमर खरीदने पर एवं स्थापित करने पर कितनी राशि खर्च करनी होगी? विवरण बतावें। किन-किन अधिकारी एवं कर्मचारियों की लापरवाही के कारण रीक्लेमर गिरा एवं समस्त क्षतिग्रस्त अनुपयोगी हो गया। लापरवाही बरतने वाले अधिकारी एवं कर्मचारियों पर क्या-क्या कार्यवाही की गई? जानकारी बतावें।

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) म.प्र.पॉवर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड में ई.आर.पी. इंटरप्राइजेज रिसोर्स प्लानिंग के निर्माण का कार्य मार्च 2012 में मेसर्स व्यामटेक से अनुबंध हस्ताक्षरित होने के पश्चात प्रारंभ हुआ। प्रारम्भिक तौर पर संपूर्ण एमआईएस, जिसमे ईआरपी सिस्टम भी एक घटक था, जिस हेतु वर्ष 2012 में म.प्र.पॉवर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड द्वारा मेसर्स व्यामटेक को कार्यादेश जारी किया गया था, जिसकी अनुबंध राशि 37.93 करोड़ रूपए थी। फर्म द्वारा कार्य निष्पादित न किये जाने के कारण कार्यादेश रद्द कर दिया गया। पुन: नयी निविदा जारी कर परियोजना ई-जेनकोके तहत ईआरपी सिस्टम हेतु फरवरी 2022 में मेसर्स Accenture को रु. 120.86 करोड़ का कार्यादेश जारी किया गया एवं कार्य प्रगति पर है। वर्तमान में इस परियोजना के अंतर्गत सिस्टम डिजाईन का कार्य प्रगति पर है। वर्तमान स्थिति में सम्‍पन्‍न कार्यों के प्रतिशत की गणना करना संभव नहीं हैं। इस कार्य के पूर्व निर्माण कार्यकाल में निम्नलिखित अधिकारी प्रभारी रहे:- 1. श्री एस.के.ख्यानी (अब सेवानिवृत्‍त) मार्च 2012 से अक्टूबर 2014, 2. श्री ए.के. चक्रवर्ती (अब सेवानिवृत्‍त) नवम्बर 2014 से फरवरी 2015, 3. श्री मंजीत सिंह फरवरी 2015 से जनवरी 2017, 4. श्री एस.के. सक्सेना फरवरी 2017 से जून 2019, 5. श्री एच.एस.नामदेव (अब सेवानिवृत्‍त) जून 2019 से जून 2021 तक तथा 6. श्री बी.एल.नेवल जुलाई 2021 से सतत्। जी हां, वर्तमान प्रबंध संचालक भी प्रभारी रहे है। परियोजना कार्य में विलम्ब के कारणों का विवरण संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार हैं। (ख) कोल परिवहन की दक्षता में सुधार हेतु निर्मित, संजय गॉधी ताप परियोजना अल्‍टरनेटिव कोल पाथ निर्माण की लागत रूपये 48.90 करोड़ है। इसका निर्माण कार्य दिनांक 04.02.2016 से प्रारम्भ हुआ एवं दिनांक 03.11.2021 से वेगन टिपलर के अल्टरनेट कोल पाथ द्वारा अनलोड़िंग कार्य पूर्ण क्षमता से जारी है। संजय गॉधी ताप परियोजना अल्‍टरनेटिव कोल पाथ निर्माण के पूर्व एवं पश्चात् लगने वाला डेमरेज की तुलनात्मक माहवार विवरण संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार हैं। (ग) संजय गॉधी ताप विद्युत गृह, बिरसिंहपुर में दिनांक 18.05.2021 को प्राकृतिक आपदा (ताउते तूफान) के कारण स्ट्रैकर रीक्लेमर क्षतिग्रस्त हो गया, जिसका उपयोग में लेना संभव नहीं है। क्षतिग्रस्त स्ट्रैकर रीक्लेमर वर्ष 1991-1992 में टर्न-की प्रोजेक्ट के अंतर्गत आया था एवं अपना पूर्ण सेवाकाल दे चुका था, इसका अलग से कोई कार्यादेश नहीं दिया गया था। नया स्ट्रैकर रीक्लेमर खरीदने एवं उसे स्थापित करने के लिये लगभग राशि रू. 29.97 करोड की लागत आयेगी। चूंकि स्ट्रैकर रीक्लेमर एक प्राकृतिक आपदा के कारण क्षतिग्रस्त हुआ था एवं इसमें किसी भी अधिकारी एवं कर्मचारी की कोई भी लापरवाही नहीं थी। अत: किसी पर कार्यवाही का प्रश्‍न नहीं उठता है।

परिशिष्ट - "तिहत्तर"

सिंगरौली में हवाई पटटी निर्माण

[लोक निर्माण]

126. ( क्र. 1324 ) श्री राम लल्लू वैश्‍य : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सिंगरौली में जो हवाई पट्टी का निर्माण कार्य चल रहा था वह पूर्ण हो चुका है? यदि हाँ, तो लोकार्पण कब तक हो होगा? यदि पूर्ण नहीं हुआ तो क्‍यों? (ख) हवाई पट्टी निर्माण में कितना रिहाइशी मकान व भूमि का अर्जन किया गया है? क्‍या सभी के मकान व भूमि मुआवजा वितरण हो चुका है? यदि हाँ, तो सभी रिहाइशी मकान मालिकों की सूची व सभी पट्टेदारों की सूची सहित जानकारी देवें। (ग) जिनके रिहाइशी मकान का विस्‍थापन किया गया है, उनके आवास की व्‍यवस्‍था किया जायेगा? यदि हाँ, तो कब तक?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी नहीं। वर्तमान में समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं। भूमि उपलब्‍ध न होने से बाउण्‍ड्रीवाल का कार्य शेष। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ग) विभाग से सं‍बंधित नहीं, शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - "चौहत्तर"

रिक्‍त पदों की पूर्ति

[नगरीय विकास एवं आवास]

127. ( क्र. 1325 ) श्री राम लल्लू वैश्‍य : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नगर पालिका निगम सिंगरौली में प्रथम श्रेणी के कितने, द्वितीय श्रेणी के कितने, तृतीय श्रेणी के कितने एवं चतुर्थ श्रेणी के कितने पद स्‍वीकृति हैं? श्रेणी वाईज कितने पदों की पूर्ति की गयी हैं? श्रेणी वाईज कितने पद रिक्‍त हैं सूची सहित जानकारी देवें। (ख) क्‍या नगरीय विकास एवं आवास के द्वारा तृतीय श्रेणी एवं चतुर्थ श्रेणी के रिक्‍त पदों की पूर्ति कब तक की जायेगी? (ग) तो क्‍या तृतीय श्रेणी व चतुर्थ श्रेणी की भर्ती नगरीय विकास एवं आवास विभाग के द्वारा जिला स्‍तर पर किया जायेगी?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ग) जी नहीं। उक्‍त पदों की भर्ती राज्‍य कर्मचारी चयन आयोग द्वारा की जायेगी।

परिशिष्ट - "पचहत्तर"

सहायक प्राध्‍यापकों के रिक्‍त पदों की पूर्ति

[उच्च शिक्षा]

128. ( क्र. 1326 ) श्रीमती रक्षा संतराम सरोनिया : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) उच्‍च शिक्षा विभाग के अंतर्गत म.प्र. में सहायक प्राध्‍यापक, सह प्राध्‍यापक और प्रध्‍यापकों के हिन्‍दी विषय के कुल कितने पद श्रेणीवार स्‍वीकृत हैं? (ख) हिन्‍दी विषय के श्रेणीवार स्‍वीकृत उपरोक्‍त पदों पर कितने सहायक प्राध्‍यापक, सह प्राध्‍यापक एवं प्राध्‍यापक कार्यरत हैं एवं श्रेणीवार रिक्तियां कितनी हैं? (ग) क्‍या रिक्‍त पदों पर भर्ती की कोई योजना है? यदि हाँ, तो, कब तक, यदि नहीं, तो क्‍यों?

उच्च शिक्षा मंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) एवं (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्‍ट अनुसार है।                                (ग) जी हाँ। रिक्‍त पदों की पूर्ति के संबंध में लोक सेवा आयोग को मांग पत्र प्रेषित किया जा रहा है। निश्चित समय-सीमा बताई जाना संभव नहीं है।

परिशिष्ट - "छिहत्तर"

अधिक राशि के बिजली बिलों का प्रदाय

[ऊर्जा]

129. ( क्र. 1329 ) श्री पी.सी. शर्मा : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                                                       (क) भोपाल दक्षिण-पश्चिम विधान सभा क्षेत्र के स्‍लम क्षेत्रों में बिना मीटर रीडिंग के लाखों एवं हजारों में बिल प्रदाय किये जा रहे है क्‍यों? (ख) भोपाल दक्षिण-पश्चिम विधान सभा क्षेत्र में नव निर्मित कालोनियों में बिजली कनेक्‍शन की क्‍या व्‍यवस्‍था है? क्‍या एकल कनेक्‍शन भी दिये जा रहे हैं, यदि नहीं, तो क्‍यों? (ग) भोपाल दक्षिण-पश्चिम विधान सभा क्षेत्र स्‍लम एरिया में विद्युत व्‍यवस्‍था क्‍या ठेका प्रथा के तहत चलाई जा रही है या फिर सभी रहवासियों को मीटर सुविधा उपलब्‍ध कराई जा रही है? (घ) क्‍या भोपाल दक्षिण-पश्चिम विधान सभा क्षेत्र के रहवासियों को ज्‍यादा बिल आने पर दो किश्‍तों के बजाय पांच किश्‍तों में जमा किये जाने का प्रावधान है? यदि हाँ, तो कब से लागू होगा और यदि नहीं, तो क्‍यों? (ड.) क्‍या भोपाल दक्षिण-पश्चिम विधान सभा क्षेत्र के रहवासियों के लंबे समय से बंद पड़े मीटरों के बाद भी हजारों एवं लाखों में बिल दिये जा रहे हैं यदि हाँ, तो क्‍यों? बंद मीटरों को कब तक सुधारा जायेगा एवं बिलों के भुगतान का सरलीकरण कब तक किया जायेगा?

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) जी नहीं। प्रश्‍नाधीन क्षेत्र के उपभोक्‍ताओं को मीटर रीडिंग अनुसार बिल दिए जा रहे हैं एवं मीटर-रीडिंग के समय बंद/खराब पाये गये मीटरों के देयक म.प्र. विदयुत प्रदाय संहिता-2021’ में निहित प्रावधानों के अनुसार पिछले 3 माह की औसत खपत के आधार पर विद्युत खपत का आंकलन कर दिये जा रहे हैं। (ख) म.प्र.विद्युत नियामक आयोग द्वारा जारी म.प्र.विद्युत प्रदाय संहिता-2021 एवं म.प्र. विद्युत नियामक आयोग द्वारा दिनांक 31 मई 2022 को अधिसूचित-विद्युत प्रदाय के प्रयोजन से विद्युत लाईन प्रदान करने अथवा उपयोग किये गये संयंत्र हेतु व्‍ययों तथा अन्‍य प्रभारों की वसूली संबंधित पुनरीक्षित विनियमों के अनुसार आवेदक/कॉलोनाईजर के द्वारा औपचारिकतायें पूर्ण कर विद्युतीकरण करवाये जाने के उपरांत विद्युत कनेक्‍शन नियमानुसार प्रदान किये जा रहे हैं। म.प्र.विद्युत प्रदाय संहिता 2021 एवं म.प्र.विद्युत नियामक आयोग द्वारा अधिसूचित उक्‍त विनियमों की प्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'एवं 'अनुसार है। जी हाँ, थोक आवासीय उपभोक्‍ताओं को एक बिन्‍दु पर मीटर लगाकर विद्युत कनेक्‍शन प्रदान किये जा रहे हैं। (ग) जी नहीं। स्‍लम एरिया के सभी विद्युत उपभोक्‍ताओं के परिसर में विद्युत मीटर स्‍थापित कर बिलिंग की जा रही है।                                               (घ) म.प्र.मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी में वर्तमान में दिनांक 20.07.2021 से लागू डी.ओ.पी (डेलिगेशन ऑफ पावर) में बकायादार उपभोक्‍ताओं द्वारा आवेदन करने पर, अधिकतम 9 किश्‍तों में बकाया-भुगतान बावत प्रावधान हैं। (ड.) जी नहीं। प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में मीटर रीडिंग अनुसार बिल दिए जा रहे हैं एवं उत्‍तरांश (क) में दर्शाए अनुसार मीटर-रीडिंग के दौरान मिलने वाले बंद/खराब मीटरों के देयक म.प्र. विदयुत प्रदाय संहिता-2021’ में निहित प्रावधानों के अनुसार पिछले 3 माह की औसत खपत के आधार पर आंकलित कर दिये जा रहे हैं। सामान्‍यत: बंद/खराब मीटरों को अगली मीटर- रीडिंग के पूर्व बदल दिया जाता है। भोपाल दक्षिण-पश्चिम विधानसभा अंतर्गत माह अक्‍टूबर-2022 की स्थिति में कुल 3097 मीटर बंद/खराब थे जिन्‍हें सतत् रूप से बदला जा रहा है। बिलों के भुगतान की मौजूदा प्रक्रिया बेहद सरल है एवं वर्तमान में उपभोक्‍ताओं के पास कैश काउंटर, एटीपी मशीन, ऑनलाईन इत्‍यादि भुगतान के अनेक विकल्प उपलब्‍ध है।

पर्यावरण शुद्धिकरण की योजनाएं

[पर्यावरण]

130. ( क्र. 1330 ) श्री पी.सी. शर्मा : क्या नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भोपाल दक्षिण पश्चिम विधान सभा क्षेत्र अंतर्गत स्‍मार्ट सिटी के निर्माण हेतु काटे गये पेड़ों के एवज में पर्यावरण को दृष्टिगत रखते हुए कितने नये पेड़ लगाये गये और उनके संधारण में कुल कितना व्‍यय प्रतिवर्ष किया जा रहा है? (ख) भोपाल के अतिव्‍यस्‍त मार्गों में वाहनों द्वारा पर्यावरण व दूषित हवा को दृष्टिगत रखते हुए, किस तरह के सुधारात्‍मक पहल की जा रही हैं? (ग) भोपाल शहर के निचली गंदी बस्तियों जहां पर्यावरण पूर्णत: दूषित है, विभाग द्वारा उस क्षेत्र में क्‍या-क्‍या योजना चलाई जा रही हैं? (घ) शहर में चल रहे उद्योगों द्वारा पर्यावरण के दुष्‍प्रभाव को रोकने के लिये किस-किस तरह के शासन स्‍तर पर प्रयास किये जा रहा हैं? (ड.) भोपाल शहर अंतर्गत तालाबों, नहरों एवं नदियों का पानी जो शहर की गंदगी से दूषित हो रहा है, उनके शुद्धिकरण एवं स्‍वच्‍छ किये जाने हेतु विभाग द्वारा क्‍या-क्‍या योजनाएं चलाई जा रही हैं?

नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री ( श्री हरदीप सिंह डंग ) : (क) कुल 17586 पौधों लगाये गये है। जिन पर होने वाले वार्षिक व्‍यय की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट-'' अनुसार है।              (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट-'' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट-'' अनुसार है। (घ) उद्योगों में जल/वायु प्रदुषण नियंत्रण व्‍यवस्‍था स्‍थापित करायी गई है। औद्योगिक क्षेत्र, गोविंदपुरा में औद्योगिक जल के उपचार हेतु भारत सरकार के सहयोग से संयुक्‍त औद्योगिक दूषित जल उपचार संयत्र स्‍थापित है। (ड.) नगर निगम द्वारा अमृत-1 योजना अंर्तगत भोपाल शहर के तालाबों एवं नदियों को प्रदूषण से मुक्‍त रखने हेतु उनके केंच मेंट क्षेत्र में सीवेज नेटवर्क बिछाने, सीवेज पम्‍प हाउसों एवं सीवेज ट्रीटमेंट प्‍लांटों का निर्माण कर क्षेत्रीय रहवासियों के घरों के सीवेज कलेक्‍शन को बिछायी गयी पाईप लाईनो से जोड़कर सीवेज को उपचारित कर तालाब में मिलने वाले दूषित जल की रोकथाम की जाती है। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट-'' अनुसार है।

नगर निगम रतलाम में LED लाईट में घोटाला

[नगरीय विकास एवं आवास]

131. ( क्र. 1335 ) श्री हर्ष विजय गेहलोत (गुड्डू) : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नगर निगम रतलाम द्वारा LED लाईट लगाने संबंधी DPR तथा एनर्जी इफीसीएनसी सर्विसेज लिमिटेड (EESL) के बीच हुए अनुबंध की प्रति दे तथा बतावें की इस कम्‍पनी का चयन किस प्रक्रिया से किया गया? (ख) अनुबंध की किस धारा में भुगतान की क्‍या शर्त हैं? इसका स्‍पष्‍ट उल्‍लेख करें। जनवरी, 2018 से अक्‍टूबर, 2022 तक विद्युत मंडल तथा ई.ई.एस.एल. को किए गए भुगतान की माह अनुसार जानकारी दें तथा अनुबंध के अनुसार उसकी गणना के लिये बनाए गए पत्रक की प्रति दें। (ग) ई.ई.एस.एल. को 24/03/2018 को प्रॉविजनल कार्य पूर्णता प्रमाण पत्र तथा 28/12/2018 को कार्य पूर्णता प्रमाण पत्र क्‍यों दिया गया? कार्य पूर्णता के पहले से जनवरी, 2018 से भुगतान की अनुशंसा अनुबंध की किस धारा के तहत की गई?                                             (घ) EESL द्वारा लगाई गई LED लाईट के वार्ड अनुसार कुल खंबे किस कम्‍पनी की एलईडी लाईट लगाई गई है EESL को प्रतिमाह लमसम भुगतान बिना गणना पत्रक के किस आधार पर किया जा रहा हैं?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। भारत सरकार का उपक्रम होने से ई.ई.एस.एल. का चयन नगर निगम परिषद के ठहराव क्रमांक 05 दिनांक 15.02.2017 द्वारा किया गया। (ख) अनुबंध की धारा 6.1, 6.2, 6.3 एवं 6.4 अनुसार। विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। भुगतान की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट ‘अनुसार है। भुगतान गणना पत्रक की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है(ग) ई.ई.एस.एल. द्वारा पत्र के माध्यम से कार्य पूर्णता प्रमाण पत्र चाहा गया था, दिनांक 24.03.2018 तक किये गये कार्य का वित्‍तीय प्रस्‍ताव/वास्‍तविक व्‍यय की जानकारी ई.ई.एस.एल. द्वारा प्रस्‍तुत नहीं किये जाने से प्रॉविजनल प्रमाण पत्र जारी किया गया था, कार्य पूर्ण होने पर एवं पुनरीक्षित वित्‍तीय प्रस्‍ताव प्राप्‍त होने पर दिनांक 28.12.2018 को कार्य पूर्णता प्रमाण पत्र जारी किया गया। सम्‍पूर्ण भुगतान की अनुशंसा, अनुबंध की धारा 6.2 के अंतर्गत की गई है।                             (घ) ई.ई.एस.एल. द्वारा फिलिप्‍स एवं ओरिएण्‍ट कंपनी की कुल 13948 एल.ई.डी.लाईट लगायी गयी हैं, वार्डवार विवरण की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। जी नहीं, अपितु गणना पत्रक अनुसार प्रतिमाह भुगतान किया जा रहा है।

सैलाना में अवैध कालोनियों पर कार्यवाही

[नगरीय विकास एवं आवास]

132. ( क्र. 1336 ) श्री हर्ष विजय गेहलोत (गुड्डू) : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सैलाना (जिला-रतलाम) में वार्ड क्रमांक 9 में भूमि सर्वे नम्‍बर 1609/2/1/1, 1609/2/2, 1609/3 तथा 1610/2 पर नगर एवं ग्राम निवेश के स्‍वीकृत नक्‍शे के विपरीत कालोनी काटी गई है। रेरा की सक्षम अनुमति भी नहीं प्राप्‍त की है। कालोनी में निम्‍न गुणवत्‍ता का कार्य पेयजल के लिये सेंकड हैड पाइप का उपयोग टंकी, नालिया, सिवरेज सिस्‍टम, का घटिया निर्माण किया गया है। बंधक प्‍लाटों का विक्रय कॉलोनाइजर द्वारा अवैध तरीके से कर दिए गए हैं तथा कॉलोनी के कई कार्य अधूरे रखे गये हैं। जिसकी जांच कर सख्‍त कार्रवाई की जाय। (ख) सैलाना में सर्वे 1136/3 कृषि भूमि में डायवर्सन करें बिना छोटे-छोटे (प्‍लाट काटे जा रहे हैं। जिसकी जांच कर उचित कार्यवाई की जाएगी? (ग) क्‍या सैलाना सर्वे क्रमांक 1136/1/3/1, 1136/1/3/2/1/3 पर अवैध कॉलोनी बनाकर प्‍लाट बेचें जा रहे हैं? इसकी जांच कर उचित कारवाई की जाय। (घ) सैलाना में स्थित उदय विहार कॉलोनी जो शासन को हेन्‍ड ओवर कर दी गई है, अवैध कॉलोनी वालों ने जेसीबी से इस कालोनी की बाउंड्रीवॉल को तोड़ दिया है। इसकी जांच कर जिम्‍मेदारों पर सख्‍त कार्रवाई की जाएगी?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) जी नहीं। कस्बा सैलान की प्रश्‍नाधीन भूमि पर मध्यप्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम, 1973 के अधीन विकास योजना प्रभावशील नहीं होने से तत्समय प्रभावशील मध्यप्रदेश नगर पालिका (कॉलोनाईजर का रजिस्ट्रीकरण निर्बधन तथा शर्ते) नियम, 1998 के अन्तर्गत सक्षम प्राधिकारी से प्रकरण प्राप्त होने पर नगर तथा ग्राम निवेश जिला कार्यालय रतलाम के द्वारा नियोजन मापदण्डों के अनुसार अभिन्यास अनुमोदित कर अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) सैलाना जिला रतलाम को प्रेषित किया गया है। कॉलोनी विकास की अनुमति दिनांक 23/08/2014 को प्रदान की गई थी इस अवधि में रेरा अधिनियम लागू न होने से प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। कॉलोनी में विकास कार्य पूर्ण होने पर नियमानुसार कार्यपूर्णता प्रमाण पत्र दिनांक 19/10/2022 जारी होने से घटिया या अधूरा विकास कार्य होने का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। बंधक रखे गये भूखण्डों को सक्षम प्राधिकारी द्वारा निर्मुक्त नहीं किया गया है, कॉलोनाईजर द्वारा बंधक भूखण्डों का विक्रय किये जाने के संबध में जांच कराई जा रही है। (ख) जी नहीं। प्रश्‍नांकित भूमि का डायवर्सन अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) सैलाना द्वारा दिनांक 26/03/2021 को किया गया है, परन्तु कॉलोनी विकास की अनुमति प्राप्त किए बिना प्लाट बेचे जाने के संबध में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) द्वारा जांच दल गठित किया गया है। (ग) जी हाँ। अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) सैलाना द्वारा जांच दल गठित किया गया है। (घ) जी हाँ। अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) सैलाना द्वारा जांच दल गठित किया गया है।

भोपाल को स्‍वच्‍छता सर्वेक्षण के नाम पर भ्रष्‍टाचार

[नगरीय विकास एवं आवास]

133. ( क्र. 1343 ) श्री आरिफ अक़ील : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भोपाल को स्‍वच्‍छता सर्वेक्षण में एक नम्‍बर पर लाने का प्रयास कब से किया जा रहा हैं? इसके लिये किन-किन एनजीओ को क्‍या-क्‍या दायित्‍व सौंपे गये उनके संचालक मण्‍डल की प्रति सहित अवगत करावें? (ख) प्रश्‍नांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में यह अवगत करावें कि योजना प्रारंभ दिनांक से प्रश्‍न दिनांक की स्थिति में किस-किस एनजीओ को किस-किस कार्य हेतु कितनी-कितनी राशि का भुगतान किया गया? वर्षवार एनजीओ सहित कुल कितनी-कितनी राशि व्‍यय हुई? (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में यह अवगत करावें कि शासन की इतनी भारी भरकम राशि व्‍यय करने के बावजूद भोपाल को स्‍वच्‍छता सर्वेक्षण में एक नम्‍बर पर नहीं लाने हेतु किन-किन की लापरवाही परिलक्षित हुई? क्‍या शासन की राशि का दुरूपयोग के चलते कार्यवाही करेगा? यदि हाँ, तो क्‍या तथा कब तक और यदि नहीं, तो क्‍यों?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) वर्ष 2016 से स्‍वच्‍छ सर्वेक्षण में भोपाल को एक नम्‍बर पर लाने का प्रयास किया जा रहा है। शेष जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-अ अनुसार है(ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-ब अनुसार है। (ग) नगर निगम भोपाल द्वारा प्रत्‍येक वर्ष प्रयास किये जा रहे है जिससे निरंतर रैंक में सुधार आया है, शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

अमृत योजना की राशि से सिवेज के कार्य

[नगरीय विकास एवं आवास]

134. ( क्र. 1344 ) श्री आरिफ अक़ील : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या अमृत योजना के तहत भोपाल के विभिन्‍न क्षेत्रों में सिवेज लाईन बिछाने व चेम्‍बर निर्माण हेतु 1,09,55,92,493/- राशि की निविदा क्रमांक 9163 दिनांक 19/12/2017 को जारी की गई थी? यदि हाँ, तो किस-किस क्षेत्र में कार्य किया जाना प्रस्‍तावित है? सूची उपलब्‍ध कराते हुए यह अवगत करावें कि यह कार्य किस कंसलटेंसी को कितनी राशि में दिया गया?                          (ख) प्रश्‍नांश (क) परिप्रेक्ष्‍य में यह अवगत करावें कि क्‍या माननीय महापौर नगर पालिक निगम भोपाल द्वारा अवगत कराया था कि अमृत योजना के तहत सिवेज कार्य हेतु कोई राशि उपलब्‍ध नहीं है? इसलिए अमृत योजना की राशि सिवेज कार्य में उपयोग नहीं की जा सकती? (ग) यदि हाँ, तो प्रश्‍नांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में क्‍या यह भी सही है वर्ष 2010 से 2013 तक राशि 10 करोड़ रूपये की लागत से पुराने भोपाल में सिवेज लाईन बिछाने का कार्य जेएमसी प्रोजेक्‍ट इण्डिया लि. मुम्‍बई द्वारा किया गया था? यदि हाँ, तो यह लाईन कब तक प्रारम्‍भ की जावेगी और विगत 7 वर्षों से उपयोग नहीं किए जाने तथा लापरवाही के लिए कौन-कौन जिम्‍मेदार है, उनके विरूद्ध शासन द्वारा क्‍या तथा कब तक कार्यवाही की जावेगी बतावें?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) जी हाँ, निविदा दिनांक 22.11.2017 को जारी की गई थी। प्रस्तावित कार्यक्षेत्र का विवरण संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। कार्य की मॉनिटरिंग अमृत मिशन अंतर्गत प्रदेश स्‍तर पर नियुक्‍त परियोजना विकास एवं प्रबंधन परामर्शदाता (पीडीएमसी) वॉप्‍कोस लिमिटेड द्वारा की जा रही है, पी.डी.एम.सी. की पुनरीक्षित अनुबंध लागत राशि रू. 61.84 करोड़ है। नगर निगम भोपाल हेतु पृथक से मॉनिटरिंग एजेंसी नियुक्‍त नहीं है। (ख) जी नहीं, इस संबंध में कोई अभिलेख नगर पालिक निगम, भोपाल कार्यालय में उपलब्ध नहीं है। (ग) जी हाँ। उक्त सीवेज पाईप लाईन वर्तमान में क्रियाशील है। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - "सतहत्तर"

दैनिक एवं मस्‍टर रोल में कार्यरत कर्मचारि‍यों की जानकारी

[नगरीय विकास एवं आवास]

135. ( क्र. 1349 ) श्री शिवनारायण सिंह (लल्‍लू भैया) : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शहडोल संभाग अंतर्गत अनूपपुर जिले की बिजुरी, जैतहारी, कोतमा, अनूपपुर नगर पालिका एवं नगर परिषद में 01 जनवरी, 2017 से 30 नवंबर, 2022 तक दैनिक वेतन भोगी/मस्‍टर श्रमिक तथा कर्मचारियों की जानकारी नाम, पिता का नाम, पता, शैक्षणिक योग्‍यता एवं पदनाम सहित? भर्ती करने वाले का नाम, पद सहित। (ख) प्रश्‍नांश (क) निकाय व अवधि में उपयोग व भुगतान की गई प्रत्‍येक मस्‍टर रोल की माहवार छायाप्रति उपलब्‍ध कराते हुए मस्‍टर राशि भुगतान कर्ता का नाम, पद, माहवार राशि सहित जानकारी देवें। (ग) शहडोल नगर पालिका में 2015 जनवरी से 30 नवंबर 2022 तक मस्‍टर रोल एवं दैनिक वेतन भोगी जो नियमित रूप से कार्यरत हैं, उनके नाम, पिता का नाम, शैक्षणिक योग्‍यता कार्यस्‍थल का नाम, मासिक भुगतान की जानकारी सहित तथा नगर पालिका के कर्मचारियों या श्रमिकों को किसी अन्‍य विभाग तथा अधिकारी/अन्‍य जनप्रतिनिधि‍ के निवास पर ड्यूटी में कार्यरत होने की स्थिति में पूर्ण विवरण देवें?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) से (ग) जानकारी संकलित की जा रही है।

प्रधानमंत्री आवास स्‍वीकृति‍ में धांधली

[नगरीय विकास एवं आवास]

136. ( क्र. 1350 ) श्री शिवनारायण सिंह (लल्‍लू भैया) : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अनूपपुर जिले के नगर परिषद जैतहरी में प्रधानमंत्री आवास योजना में योजना लागू होने से उत्‍तर दिनांक तक स्‍वीकृत हितग्राहियों की सूची जो कलेक्‍टर द्वारा अनुमोदित उसकी प्रति उपलब्‍ध कराते हुए प्रत्‍येक सूची में हितग्राहियों की संख्‍या स्‍वीकृत दिनांक तथा हितग्राहियों को 30 नवम्‍बर, 2022 तक कितनी राशि रिलीज किया गया है? पूर्ण विवरण स्‍पष्‍ट रूप से देवें (ख) क्‍या कलेक्‍टर द्वारा अनुमोदित अति महत्‍वाकांक्षी योजना प्रधानमंत्री आवास की प्रथम एवं द्वितीय सूची में वंचित हितग्राहियों के नाम, स्‍वीकृत दिनांक तथा उक्‍त अवधि में एक भी किश्‍त जारी न करने तथा अन्‍य सूची से चीन्‍ह-चीन्‍ह कर राशि रिलीज करने तथा स्‍वेच्‍छाचारिता के लिए कलेक्‍टर/कमिश्‍नर से समय-सीमा में जांच व कार्यवाही की जाएगी? यदि नहीं, तो क्‍यों?                     (ग) क्‍या अपात्र हितग्राहियों को राशि जारी करने तथा योजना के दुरूपयोग की शिकायत भाजपा के पूर्व जिला महामंत्री व कृषि उपज मण्‍डी अध्‍यक्ष ने मुख्‍यमंत्री, कमिश्‍नर तथा कलेक्‍टर को समस्‍त तथ्‍यों सहित प्रमाणित शिकायत वर्ष 2021 में किया गया है? यदि हाँ, तो शिकायत की छायाप्रति उपलब्‍ध कराते हुए उत्‍तर दिनांक तक कार्यवाही व जांच प्रतिवेदन उपलब्‍ध कराएं? (घ) प्रश्‍नांश (क) अवधि में स्‍वीकृत प्रधानमंत्री आवास के समस्‍त हितग्राही के नाम, स्‍वीकृत दिनांक को परिवार का समग्र आईडी नम्‍बर का पूर्ण विवरण देते हुए बताएं कि एक परिवार में एक ही समग्र आई.डी. से कितने आवास स्‍वीकृत किए गए हैं? उनके नाम, पिता के नाम व स्‍वीकृत तथा जारी राशि का दिनांकवार जानकारी देवें?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) नगर परिषद जैतहरी जिला अनूपपुर में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) लागू होने से उत्तर दिनांक तक कलेक्टर द्वारा अनुमोदित हितग्राहियों की सूची पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-अनुसार है। हितग्राहियों की संख्या तथा वांछित जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-अनुसार है। (ख) उत्तरांश '''' अनुसार कलेक्टर द्वारा अनुमोदित प्रथम एवं द्वितीय हितग्राहियों की सूची से नाम नहीं हटाये गये हैं तथा हितग्राहियों को पात्रता परीक्षण उपरांत लाभ दिया गया है। उक्त प्रकाश में शेषांश निरंक है। (ग) जी हाँ। अपात्र हितग्राहियों को राशि जारी करने तथा योजना के दुरूपयोग की शिकायत भाजपा के पूर्व जिला महामंत्री व कृषि उपज मंडी अध्यक्ष द्वारा की गई है। शिकायत की छायाप्रति जांच प्रतिवेदन तथा कार्यवाही की प्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। परियोजना अधिकारी, जिला शहरी विकास अभिकरण अनूपपुर के पत्र क्र. 768 दिनांक 24.11.2021 द्वारा वांछित जानकारी, निकाय के पत्र क्र. 799 दिनांक 23.06.2022 द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन से अवगत कराया गया। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (घ) हितग्राहियों के नाम, स्वीकृत दिनांक, समग्र आईडी एवं दिनांकवार वितरित राशि का विवरण की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है।

नगर निगम भोपाल में पदस्‍थ विनियमित कर्मचारी

[नगरीय विकास एवं आवास]

137. ( क्र. 1354 ) श्री आरिफ मसूद : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नगर निगम भोपाल में वर्तमान में कितने विनियमित कर्मचारी कार्यरत हैं? अकुशल, अर्द्धकुशल एवं कुशल कर्मचारियों का नाम, पदनाम एवं वर्तमान कार्यस्‍थल सहित जानकारी उपलब्‍ध करावें? (ख) प्रश्‍नांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में क्‍या विनियमित कर्मचारियों को नियमित किये जाने हेतु प्रक्रिया चलन में है? यदि नहीं, तो कब तक प्रारंभ की जाएगी? (ग) क्‍या वर्तमान में पदस्‍थ 89 दिवस कर्मचारियों को विनियमित किये जाने संबंधी प्रक्रिया चलन में है? यदि हाँ, तो जानकारी उपलब्‍ध करावें।

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी हाँ। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) जी नहीं। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

 

शहरों में सीवरेज कार्य की जानकारी

[नगरीय विकास एवं आवास]

138. ( क्र. 1374 ) श्री कुणाल चौधरी : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) इन्‍दौर एवं उज्‍जैन संभाग अन्‍तर्गत अमृत मिशन के अंतर्गत जिन शहरों में सीवरेज का कार्य किया गया उनकी लागत राशि, ठेकेदार का नाम, पता, कार्य प्रारंभ करने की दिनांक, कार्य समाप्‍त करने की दिनांक सहित सूची दें। (ख) सभी शहरों की डी.पी.आर. के कन्‍सल्‍टेंट का नाम तथा भुगतान की गई राशि बतावें। डी.पी.आर. तथा अनुबंध की प्रति देवें तथा बतावें कि ठेकेदार को कितना-कितना भुगतान किस-किस दिनांक को किया गया तथा कितना शेष है?                               (ग) सीवरेज योजना में किस-किस शहर में कितने मकानों को सीवरेज से जोड़ने का प्रावधान था तथा (1) सड़कों का पुनर्निर्माण (2) सीवरेज ट्रीटमेंट प्‍लांट (3) घरों से कनेक्‍शन (4) विभिन्‍न प्रकार की पाइप लाइन (5) घरों के बाहर चेंबर (6) मेनहोल बनाना (7) श्‍ोष कार्य के लिए कितनी-कितनी राशि का प्रावधान अनुबंध में किया गया था? (घ) क्‍या सीवरेज योजना में घरों के अंदर से सीवरेज का कनेक्‍शन इस प्रकार करना था कि सेप्टिक टैंक उपयोगहीन हो जाये तथा घरों का वेस्‍ट सीधा सीवरेज के पाइप में जाये? यदि हाँ, तो क्‍या इस अनुसार कार्य सभी शहरों में हुआ है? (ड.) अमृत मिशन के सीवरेज में 3600 करोड़ के बाद भी किसी भी शहर में व्‍यवस्थित रूप से सीवरेज का कार्य नहीं हुआ है तथा जो सड़कें खोदी गई थीं उसे भी ठीक नहीं किया गया। सभी शहरों में आधे से ज्‍यादा सीवरेज कनेक्‍शन फेल होकर वापस वेस्‍ट नालियों में जा रहा है। क्‍या शासन सीवरेज के कार्य का मूल्‍यांकन करने के लिए उच्‍च स्‍तरीय कमेटी बनाकर जांच करवायेगा?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-'''' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-'''' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-‘‘‘‘ अनुसार है। (घ) पूर्व से निर्मित घरों में रहवासियों की सुविधा एवं निजी स्‍वामित्‍व के भवनों के अन्‍दर कार्य करने में संभावित कठिनाई के दृष्टिगत घरों में बने हुये सेप्टिक टैंक के आउट फाल को सीवर लाईन से जोड़ा जा रहा है। सीवर लाईन डाले जाने के पश्‍चात निर्मित होने वाले घरों को सीधे सीवर लाईन से जोड़ा जा सकता है। विभिन्‍न शहरों में स्‍थल की परिस्थिति अनुसार कार्य कराया गया है। (ड.) जी नहीं, यह कथन सही नहीं है कि अमृत मिशन के सीवरेज में 3600 करोड़ के बाद भी किसी भी शहर में व्यवस्थित रूप से सीवेरज का कार्य नहीं हुआ है। खोदी गई सड़कों को अनुबंध के प्रावधानों के अनुसार ठीक कराया जाता है, यह एक सतत प्रक्रिया है। सभी शहरों में आधे से ज्यादा सीवेरज कनेक्शन फेल होकर वापस वेस्ट नालियों में जाने की स्थिति नहीं है, तथापि कतिपय स्‍थानों पर हाउस सर्विस कनेक्‍शन में त्रुटि आने पर सुधार/ रिपेयर की कार्यवाही की जाती है। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

अवैध निर्माणों के विरूद्ध कार्यवाही

[नगरीय विकास एवं आवास]

139. ( क्र. 1375 ) श्री कुणाल चौधरी : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) इंदौर, भोपाल, जबलपुर, ग्‍वालियर में बहुमंजिला व अन्‍य भवनों का उपयोग पूर्णता प्रमाण-पत्र बिना प्रारम्‍भ करने पर किन-किन भवन मालिकों, आर्किटेक्‍ट, इंजीनियर पर जनवरी 2017 से अक्‍टूबर 2022 तक किस-किस प्रकार की कार्यवाहियां की गई? आदेशों की प्रतियां देवें।         (ख) खण्‍ड (क) अनुसार ऐसे कितने और कौन से भवन, किस दिनांक को सील किए गए? किस दिनांक को किन कारणों से सील हटाई गई? (ग) जिन भवनों की सील हटाई गई क्‍या उन सभी भवनों के लिए कार्य पूर्णता प्रमाण पत्र जारी कर दिए गए हैं? यदि नहीं, तो सील क्‍यों खोली गई? (घ) खण्‍ड (क) अनुसार जिन भवनों में अवैध निर्माण करने पर, रिमूव्‍हल की कार्यवाही की गई, उनके रिमूव्‍हल आदेशों की ओर रिमूव्‍हल राशि वसूली आदेशों की प्रतियां देवें, राशि जमा किए जाने की रसीदों की प्रतियां भी देवें। (ड.) वर्तमान में अवैध निर्माण करने के कितने नोटिस कार्यवाही हेतु जारी किए गए? कितने लंबित हैं? प्रतियां देवें।

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) से (ड.) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

अमृत मिशन योजना में सीवरेज फार्म की जानकारी

[नगरीय विकास एवं आवास]

140. ( क्र. 1381 ) श्री जितु पटवारी : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अमृत मिशन के तहत सीवरेज योजना में किये जाने वाले सार कार्य की विस्‍तृत जानकारी दें। (ख) क्‍या इस योजना के अंतर्गत घरों से निकलने वाले मल गाद को पहले घरों में बने सेफ्टी टैंक में जाना है और उसके बाद निकलने वाले मात्र गंदे पानी को सीवरेज लाइन में जाना है या मल गाद को सीधे सीवरेज लाइन में जाना है? स्‍पष्‍ट करें। (ग) अमृत मिशन के अंतर्गत इंदौर, भोपाल, उज्‍जैन तथा रतलाम का सीवरेज योजना की अनुबंध की प्रति देंवे। ठेकेदार, का नाम, पता, कुल लागत, कार्य प्रांरभ की दिनांक, कार्य समाप्‍त करने की दिनांक बतावे। (घ) खण्‍ड (ग) के शहरों में ठेकेदार को कितने मकानों को सीवरेज लाइन से जोड़ना था? काम समाप्‍त होने तक कितने को जोड़ा तथा कितना-कितना भुगतान दिया गया? (ड.) रतलाम में 53000 मकानों की जगह मात्र 26000 को जोड़कर ठेकेदार ने पूरा पेमेंट कैसे ले लिया तथा शेष मकानों को जोड़ने के लिए 10 करोड़ की नई योजना क्‍यों बनाई गई?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) अमृत मिशन के तहत सीवेरज परियोजना में स्‍थल की आवश्‍यकतानुसार हाउस सर्विस कनेक्‍शन, चेम्‍बर, मैनहोल, सीवर नेटवर्क, रोड रेस्‍टोरेशन, सीवेज पंम्पिंग स्‍टेशन एवं सीवेज ट्रीटमेंट प्‍लांट आदि घटक सम्मिलित हैं। (ख) पूर्व से निर्मित घरों में रहवासियों की सुविधा एवं निजी स्‍वामित्‍व के भवनों के अन्‍दर कार्य करने में संभावित कठिनाई के दृष्टिगत घरों में बने हुये सेप्टिक टैंक के आउट फाल को सीवर लाईन से जोडा जा रहा है। सीवर लाईन डाले जाने के पश्‍चात नवीन निर्मित होने वाले घरों को सीधे सीवर लाईन से जोड़ा जा सकता है। (ग) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट '''' एवं '''' अनुसार है।             (घ) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट '''' अनुसार है। (ड.) रतलाम शहर में अनुबंध अनुसार 53273 हाउस कनेक्शन प्रस्तावित थे, प्रथम रिवाइज्ड बी.ओ.क्‍यू. में रेलवे एवं औद्योगिक क्षेत्र को विलोपित करने के कारण हाउस कनेक्शन की संख्या घटकर 43273 हो गई। शहर में 27103 फ्रंटलाइन तथा 16170 बैकलेन के हाउस कनेक्शन थे। आज दिनांक तक केवल फ्रंटलाइन के हाउस कनेक्शन का कार्य किया जाकर भुगतान किया गया है। बैकलेन की चौड़ाई अत्‍यधिक कम होने के कारण हाउस कनेक्‍शन का कार्य नहीं किया जा सका है, ठेकेदार को इस हेतु कोई भुगतान नहीं किया गया। तदुपरांत नवीन तकनीक से विस्तृत कार्य योजना का प्राक्‍कलन बनाया गया, जिससे परियोजना लागत में वृद्धि हुई है।

लोकायुक्‍त एवं इ.ओ.डब्‍ल्‍यू. में दर्ज प्रकरण

[नगरीय विकास एवं आवास]

141. ( क्र. 1382 ) श्री जितु पटवारी : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश के जिन जिलों में विकास प्राधिकरण हैं उनमें पदस्‍थ वर्तमान अधिकारियों/कर्मचारियों के किसी भी विभाग में पदस्‍थ रहने के दौरान, उनके विरूद्ध लोकायुक्‍त, ई.ओ.डब्‍ल्‍यू. और विभागीय जांच किन कारणों से की जा रही है। विवरण सहित प्राप्‍त प्रतिवेदनों की प्रतिलिपियां देवें, जांच कार्यवाही किस दिनांक से क्‍यों लंबित है? जिनको किसी भी प्रकार सजा दी जा चुकी है। (ख) इंदौर की स्‍कीम 140, स्‍कीम 54 पीयू 4, स्‍कीम 136, स्‍कीम 114, स्‍कीम 94 स्‍कीम न्‍यू लोहा मंडी में अलाट भूखण्‍डों में अनियमितता पाए जाने पर अब तक प्राप्‍त समस्‍त प्रतिवेदनों की, जारी नोटिसों की, जारी कार्यवाही आदेशों की प्रतिलिपियों सहित, उक्‍त स्‍कीम के संबंध में प्रस्‍तुत एवं स्‍वीकृत संकल्‍प प्रस्‍तावों की प्रतियां सहित विवरण देवें। (ग) प्राधिकरणों द्वारा वर्ष 2015 से अक्‍टूबर, 2022 तक किसी प्रकार के आयोजन के लिए जारी आर्थिक सहायता स्‍वीकृति आदेशों, सहित वर्षवार विवरण देवें। (घ) वर्तमान में प्राधिकरण के कितने बजट के कौन-कौन से प्रोजेक्‍ट किस अवधि से अपूर्ण है?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) विकास प्राधिकरणों/विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरणों में पदस्‍थ अधिकारियों/कर्मचारियों के विरूद्ध लोकायुक्‍त एवं ई.ओ.डब्‍ल्‍यू. और विभागीय जांच प्रचलन संबंधी विवरण  पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट-1 अनुसार है। (ख) इन्‍दौर विकास प्राधिकरण की स्‍कीम-140, स्‍कीम-54 पीयू 4, स्‍कीम-136, स्‍कीम-114, स्‍कीम-94, स्‍कीम न्‍यू लोहा मण्‍डी में अलॉट भूखण्‍डों में अनियमितता पाये जाने के संबंध में जानकारी  पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट-2 अनुसार है। (ग) इन्‍दौर विकास प्राधिकरण की वर्ष 2015 से अक्‍टूबर, 2022 तक स्‍वीकृत आदेशों सहित वर्षवार विवरण  पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट-3 अनुसार है। शेष प्राधिकरणों की जानकारी निरंक है। (घ) इन्‍दौर विकास प्राधिकरण, भोपाल विकास प्राधिकरण, देवास विकास प्राधिकरण, सिंगरौली विकास प्राधिकरण एवं विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण (काउण्‍टर मैग्‍नेट) ग्‍वालियर की अपूर्ण योजनाओं की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट-4 अनुसार है।

शासन के दिशा-निर्देशों के विपरीत नियुक्ति

[नगरीय विकास एवं आवास]

142. ( क्र. 1386 ) श्री जयवर्द्धन सिंह : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या म.प्र. शासन, नगरीय विकास एवं आवास विभाग के जावक क्र. एफ 10-60/2017/18-2 दिनांक 04/05 अक्टूबर, 2018 के माध्यम से आदेश जारी किये गये थे? यदि हाँ, तो उक्त आदेश क्या हैं? उक्त आदेश का पालन प्रदेश के किस-किस कार्यालय द्वारा किये जाने हेतु किस माध्यम से कब प्रेषित गये हैं? संपूर्ण जानकारी कार्यालयवार, कार्यालयीन एकल नस्ती, आदेश/निर्देश की प्रतियों, संबंधित कार्यालयों की अभिस्वीकृति सहित बतायें? (ख) प्रश्‍नांश (क) के तारतम्य में संचालनालय, नगरीय प्रशासन एवं विकास के पत्र क्र 35- ए/शा - 11/परिवहन / 2018 / 22146, दिनांक 14/12/2018 में किन कार्यों के संबंध में किस-किस कार्योलयों को, कब एवं किस माध्यम से किस प्रयोजन से जारी किये गये हैं? पत्र के अनुपालन में संबंधितों ने कब-कब और क्या कार्यवाही पूर्ण की है? कितनी किस कारण से अपूर्ण है? कार्यालयवार, एकल नस्ती, निर्देश/आदेश, संबंधित कार्यालयों की अभिस्वीकृति सहित बतायें। (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के तारतम्य स्टॉफ की नियुक्ति के संबंध में वित्त विभाग से अनुमति प्राप्त की गई है? यदि हाँ, तो कब और क्या? यदि नहीं, तो क्यों? स्टॉफ की नियुक्ति हेतु कब, कौन-सी प्रक्रिया/नियमों का पालन कर विज्ञापन जारी किये गये हैं? विज्ञापन के उपरांत कितने आवेदन पत्र प्राप्त हुये है? कितनों का चयन किस पदों पर बिना, सेवा शर्तों एवं अनुबंधों पर किया गया है? आवेदक का नाम, पिता का नाम, पता, शैक्षणिक योग्यता, अनुभव, पूर्व से कार्यरत है तो प्रमाण पत्रों सहित कार्यालयवार गौशवारा बनाकर बतायें।                (घ) कितने आवेदकों के विरूद्ध कब और क्या शिकायतें, सूचना के अधिकार के प्रकरण प्राप्त हुये? उन पर कब और क्या कार्यवाही की गई है? कितने प्रकरणों पर कार्यवाही किस कारण से लंबित है? प्रकरणवार गौशवारा बनाकर बतायें। सम्‍पूर्ण प्रश्‍न की जानकारी माननीय मुख्यमंत्री की घोषणा क्र. 1207 के अनुपालन में सुनिश्चित करें।

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) से (घ) जानकारी संकलित जा रही है

विकास कार्यों की स्‍वीकृति

[नगरीय विकास एवं आवास]

143. ( क्र. 1393 ) श्री दिलीप सिंह गुर्जर : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दिनांक 01 जनवरी, 2019 से 27/11/2022 तक खाचरौद व नागदा नगर पालिका क्षेत्र के विकास कार्यों क्या-क्या प्रेषित प्रस्तावों को शासन द्वारा किस योजना में कितनी- कितनी राशि की स्वीकृति प्रदान की गई है? कितने कार्यों की, कितनी राशि की स्वीकृति शासन के पास लम्बित है व किन-किन मदों में कितनी-कितनी राशि प्रदान की गई है? वर्षवार,मदवार विवरण दें। (ख) नगर पालिका खाचरौंद की मांगों के निराकरण हेतु प्रश्‍नकर्ता के पत्रों पर माननीय मुख्‍यमंत्री महोदय द्वारा दिए गए निर्देश पर पी.एस. नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा उस पर कार्यवाही करते हुए पत्र 2187/2646,2191/2640,2193/2639,2215/2647,2176/2644,2169/ 2642,  2173/2643 दिनांक 04/07/2019,2915/3506 दिनांक 30/08/2019 के द्वारा आयुक्‍त नगरीय प्रशासन एवं विकास को स्‍वीकृति हेतु निर्देश प्रदान किए गए हैं आयुक्‍त महोदय द्वारा कितने कार्यों की कितनी राशि की स्‍वीकृति प्रदान की गई है पत्रवार जानकारी दें। (ग) नगर पालिका नागदा में दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी, संविदा, डेली वेजेस, मस्‍टर में कितने कर्मचारियों को कब-कब भर्ती किया गया है? भर्ती दिनांक सहित किन-किन विभागों में नियम विरूद्ध मस्‍टर पर कर्मचारी रखे गए नाम सहित आदेश की छायाप्रति और नागदा नगर पालिका में अस्‍थायी और मस्‍टर पर कुल कितने कर्मचारी कार्यरत है। शासन द्वारा निर्देशित आरक्षण प्रक्रिया का मस्‍टर प्रक्रिया में पालन किया गया है? कि नहीं जानकारी दें व कितने कर्मचारियों को स्‍थायी करने की कार्यवाही की जा रही है विवरण दें। (घ) नगर पालिका के कितने अस्‍थायी/स्‍थायी कर्मचारी जिसमें ड्रायवर,कम्‍प्‍यूटर ऑपरेटर,सफाई व खाना बनाने वाली बाई,बगीचे व अन्‍य कार्यों हेतु नगर पालिका क्षेत्र को छोड़कर अन्‍यंत्र निजी स्‍थान पर कार्यरत/सेवाएं दे रहे है? नाम सहित विवरण दें?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) से (घ) जानकारी संकलित की जा रही है।

लंबित जांच प्रकरण एवं भुगतान की जानकारी

[नगरीय विकास एवं आवास]

144. ( क्र. 1397 ) श्री सुरेन्‍द्र सिंह हनी बघेल : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) आर्य ओमनी टॉक वायरलेस साल्युशन प्रायवेट लिमिटेड पुणे के संदर्भ में क्या नगर-निगम भोपाल के आयुक्त एवं भोपाल सिटी लिंक लिमिटेड के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने अपनी नोटशीट दिनांक 24.10.2019 द्वारा वर्ष 2019 में हुई वित्तीय हानि के लिए नगर निगम/बी.सी.एल.एल. के जिम्मेदार अधिकारियों/कर्मचारियों के विरूद्ध जांच कमेटी बनाकर कार्यवाही करने के निर्देश दिये गए थे? जांच कमेटी के सदस्यों के पदवार नाम बतायें? यदि हाँ, तो दिनांक 24.10.2019 से प्रश्‍न दिनांक तक दोषियों के विरूद्ध जांच कमेटी द्वारा क्या कार्यवाही की गई है? यदि जांच कमेटी द्वारा दोषियों के विरूद्ध कोई कार्यवाही नहीं की गई है तो इसके क्या कारण हैं? (ख) क्या उपरोक्त जांच कमेटी के सदस्यों के भी दोषियों से मिली भगत होने के कारण जांच अभी तक लंबित है? क्या नई कमेटी बनाकर समस्त दोषियों एवं वर्तमान जांच कमेटी के सदस्यों को भी दण्डित किये जाने की कार्यवाही की जावेगी? यदि हाँ, तो कब तक समय-सीमा बतावें? प्रकरण क्र. Arb Ex.No. 824/16 आर्य ओमनी टॉक वायरलेस साल्युशन प्रायवेट लिमिटेड विरूद्ध भोपाल सिटी लिंक लिमिटेड के प्रकरण में भोपाल सिटी लिंक लिमिटेड द्वारा आई.सी.आई.सी.आई. बैंक में संचालित खाते को सीज/रिलीज कराने हेतु दिए गए पत्र की छायाप्रति प्रदान करें एवं इस पत्र से संबंधित नोटशीट प्रदान करें। (ग) भोपाल सिटी लिंक लिमिटेड के NIT 123 के तहत दिनांक 24.08.2021 के पश्चात भोपाल सिटी लिंक लिमिटेड के अंतर्गत नियम अनुसार जो बिल निविदाकार को प्रेषित किए गए उनका तिथिवार, माहवार टी.डी.एस. कटौती राशि, जी.एस.टी. की जानकारी मय दस्तावेज गौशवारा बनाकर जानकारी देवें। इसी समय अवधि में NIT 121 एवं 122 के तहत कितनी राशि का भुगतान हुआ? तिथिवार, माहवार, प्रति किलोमीटर GPS रिपोर्ट के आधार पर मय समस्त दस्तावेजों सहित गौशवारा बनाकर जानकारी देवें। (घ) पत्र क्रमांक बी.सी.एल.एल./2022/3342, भोपाल दिनांक 28/07/2022 पर आयुक्त, संचालनालय नगरीय प्रशासन एवं विकास, भोपाल के द्वारा की गई कार्यवाही का पूर्ण विवरण देवें। पत्र अनुसार फेयर रिवीजन की दशा में प्रति किलोमीटर में 06% वृद्धि के मान से अनुबंध अवधि तक की गई अनुमानित गणना का प्रपत्र पत्र जो साथ संलग्न है के आधार पर जो लगभग राशि 30 करोड़ रूपये का अतिरिक्त व्यय वाली राशि का भुगतान किसके द्वारा किया जाएगा? बी.सी.एल.एल./नगर निगम भोपाल अथवा संचालनालय नगरीय प्रशासन तिथिवार, माहवार, वर्षवार सहित गौशवारा बनाकर पूर्ण विवरण उपलब्ध करावें। यह किस सरकारी प्रक्रिया के तहत किया जाएगा?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) जी हाँ। कमेटी के सदस्‍यों के पदवार नाम की सूची पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट '''' अनुसार है। वर्ष 2019 में गठित समिति के सदस्‍यों का समय-समय पर स्‍थानान्‍तरण होने के कारण जांच की कार्यवाही पूर्ण नहीं हो पाई जिसके फलस्‍वरूप नवीन जांच समिति का गठन किया गया है एवं जांच संबंधी कार्यवाही प्रचलन में है। (ख) जी नहीं। नई कमेटी के गठन के उपरांत जांच प्रक्रिया प्रचलन में है। अभी तक कमेटी का निर्णय नहीं आया है। निर्णय आने के उपरांत दोषियों पर कार्यवाही कि जावेगी। कमेटी का निर्णय आने में लगभग एक माह का समय लग सकता है। प्रकरण क्र. Arb Ex-No. 824/16 भोपाल सिटी लिंक लिमिटेड द्वारा आई.सी.आई.सी.आई. बैंक संचालित खते को सीज/रिलीज कराने हेतु कार्यालय के रिकार्ड अनुसार कोई पत्राचार नहीं किया गया। (ग) भोपाल सिटी लिंक लिमिटेड के NIT 123 के तहत प्रेषित बिल में टी.डी.एस. एवं जी.एस.टी. की कटौती नहीं की गई है। अत: शेषांश का प्रश्‍न उत्‍पन्‍न नहीं होता। इसी समय अवधि में NIT 121 एवं 122 के तहत भुगतान हुई राशि एवं तिथिवार, माहवार प्रति किलोमीटर GPS रिपोर्ट से संबंधित जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट '''' अनुसार है। (घ) बी.सी.एल.एल. के पत्र क्रमांक बी.सी.एल.एल./2022/3342, भोपाल दिनांक 28/07/2022 के संबंध में उक्‍त पत्र को संदर्भित करके बी.सी.एल.एल. द्वारा पत्र क्रमांक/2022/3403, भोपाल दिनांक 06/09/2022 को प्राप्‍त हुआ। जिस संबंध में संचालनालय, नगरीय प्रशासन एवं विकास के पत्र क्रमांक/61/शा.-11/परिवहन/2018/16548 भोपाल, दिनांक 21/09/2022 को आयुक्‍त, नगर पालिक निगम, भोपाल को आवश्‍यक कार्यवाही किये जाने हेतु निर्देशित किया गया। अनुबंध के प्रावधानों के अनुसार हाईरिंग चार्ज में वृद्धि होती है तो अतिरिक्‍त व्‍यय होने वाली राशि का भुगतान अनुबंध अनुसार बी.सी.एल.एल. द्वारा किया जायेगा। शेषांश का प्रश्‍न उत्‍पन्‍न नहीं होता।

नगर पालिका/परिषद्/पंचायतों में प्रतिमा लगाने का प्रावधान

[नगरीय विकास एवं आवास]

145. ( क्र. 1400 ) श्री सुखदेव पांसे : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या मध्‍यप्रदेश के नगर पालिका/नगर परिषद/नगर पंचायत में महापुरूषों/ दिवंगत नेताओं/दिवंगत गणमान्‍य व्‍यक्तियों की प्रतिमा नगर में लगाने का प्रावधान है? यदि हाँ, तो नियम की प्रति दें? (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में मुलताई नगर में कई वर्षों से शिवाजी महाराज की प्रतिमा लगाये जाने की मांग की जा रही है? इसके बावजूद भी आज दिनांक तक प्रतिमा क्‍यों नहीं लगाई गयी है। प्रतिमा न लगाने का क्‍या कारण है? क्‍या राजनैतिक कारणों से प्रतिमा नहीं लगाई जा रही है? (ग) प्रश्‍नांश (क) और (ख) के संदर्भ यदि नहीं, तो कब तक प्रतिमा स्‍थापित की जायेगी? यदि इसके पीछे विभागीय अधिकारी/कर्मचारी की लापरवाही है तो संबंधितों के विरूद्ध कब तक कार्यवाही की जाकर प्रतिमा स्‍थापित करने का निर्णय लिया जावेगा?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) जी हाँ। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-'' अनुसार है। (ख) जी हाँ। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-'' अनुसार है। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) उत्‍तरांश (क) एवं (ख) के संदर्भ में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

पी‍ड़ितों को मुआवजा राशि का वितरण

[नगरीय विकास एवं आवास]

146. ( क्र. 1401 ) श्री सुखदेव पांसे : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बैतूल जिले की मुलताई तहसील में हरदौली बांध का निर्माण कराया गया था? यदि हाँ, तो क्‍या डूब में आने वाले सभी पी‍ड़ि‍तों को मुआवजा राशि प्रदान कर दी गई है? सूची उपलब्‍ध करायें। (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में यदि नहीं, की गई तो इसके क्‍या कारण हैं? क्‍या मुआवजा राशि वितरित करने में विभाग द्वारा भेदभाव किया गया है? अथवा अधिकारियों की लापरवाही है? (ग) प्रश्‍नांश (ख) के संदर्भ यदि कुछ पीड़ि‍त शेष रह गये हैं तो उन्‍हें कब तक मुआवजा राशि प्रदान कर दी जावेगी? यदि मुआवजा राशि वितरण में कोई लापरवाही से राशि प्रदान कर दी जावेगी, मुआवजा राशि वितरण में कोई लापरवाही हुई है तो संबंधित अधिकारियों के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की जावेगी?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) जी हाँ। जी नहीं, डूब में आने वाले पीडित़ों की संख्‍या 60 में से 54 कृषकों को मुआवजा राशि प्रदान कर दी गई है। सूची संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में शेष 06 कृषकों द्वारा संबंधी दस्‍तावेज बैंक खाता, आधार कार्ड एवं निर्वाचन परिचय पत्र आदि न्‍यायालय अनुविभागीय अधिकारी (राजस्‍व) एवं भू-अर्जन अधिकारी मुलताई जिला बैतूल कार्यालय में जमा नहीं किये जाने के कारण मुआवजा राशि वितरित नहीं की जा सकी है। जी नहीं, शेषांश का प्रश्‍न उपस्थि‍त नहीं होता है। (ग) प्रश्‍नांश (ख) के संदर्भ में शेष 06 कृषकों द्वारा आवश्‍यक दस्‍तावेज जमा करने के उपरांत मुआवजा राशि वितरित की जायेगी। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - "अठहत्तर"

सेतु निर्माण कार्य में गति प्रदान किया जाना

[लोक निर्माण]

147. ( क्र. 1404 ) श्री प्रियव्रत सिंह : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या राजगढ़ जिले की जीरापुर तहसील अंतर्गत ग्राम काशीखेड़ी, बटेडिया एवं कुण्‍डालिया में सेतु निगम से स्‍वीकृत निर्माण कार्यों को शीघ्र पूर्ण करवाने हेतु विधानसभा के बजट सत्र में लगाये गये प्रश्‍न क्रमांक 3480, दिनांक 21/03/2022 के उत्‍तर में दिनांक 30 जून, 2022 तक निर्माण कार्य पूर्ण हो जाने का आश्‍वासन दिया गया था? (ख) प्रश्‍नांश (क) के अनुसार क्‍या निर्माण कार्य किया जा रहा है? यदि नहीं, तो आश्‍वासन के उत्‍तर का पालन नहीं करने पर कौन दोषी हैं और उन पर क्‍या कार्यवाही की जा रही है?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ। (ख) कार्य प्रगति पर है। शेष विवरण संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है।

परिशिष्ट - "उन्यासी"

रोटरी एयर हीटर की सफाई एवं रख-रखाव में भ्रष्‍टाचार

[ऊर्जा]

148. ( क्र. 1405 ) श्री प्रियव्रत सिंह : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                 (क) वार्षिक रख-रखाव सिंगाजी ताप परियोजना की इकाई क्रमांक 3-4 का आज प्रश्‍न दिनांक तक की अवधि हेतु कितने दिन का, किस फर्म द्वारा बॉयलर का रख-रखाव कराया गया है? जिस फर्म को वार्षिक रख-रखाव का आदेश जारी किया गया है, उस फर्म द्वारा पूर्व में 660 मेगावाट कहां-कहां और किस पॉवर हाऊस में कराया गया है? इस रख-रखाव के कार्य में कौन-कौन से फर्मों ने निविदा में भाग लिया है? सभी फर्मों के अनुभव की छायाप्रति एवं कार्य प्राप्‍त करने वाली फर्म की अनुभव की छायाप्रति के साथ कार्यादेश की छायाप्रति उपलब्‍ध कराएं। साथ ही प्रारंभिक अर्हता (पी.क्‍यू.आर.) की छायाप्रति उपलब्‍ध कराएं। (ख) क्‍या इस इकाई क्रमांक-4 के वार्षि‍क रख-रखाव पूर्ण कर 25 अगस्‍त, 2022 को इकाई चलाकर भार पर लिया गया? क्‍या यह भी सही है कि इस इकाई में पूर्ण भार 660 मेगावाट पर नहीं चल पा रही है, बल्कि मात्र 450-500 मेगावाट लोड पर चल रही है? 25 अगस्‍त, 2022 से इकाई को प्रारम्‍भ से चलाने के बाद पूर्ण भार पर किस तिथि में इकाई चलायी जा सकी? साथ ही, इस कम लोड पर कितने दिन कम लोड चलाया गया एवं कितना विद्युत नुकसान हुआ? इकाई क्रमांक-3 का वार्षिक रख-रखाव कितने दिन (अवधि) तक चलेगा?                                (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) अनुसार दोनों इकाईयों के बॉयलर मेंटनेन्‍स के साथ ही या पृथक से क्‍या रोटरी एयर प्री हीटर का रख-रखाव कराया गया है? इस सामग्री हेतु कितनी राशि, का कार्यादेश जारी हुआ है? छायाप्रति उपलब्‍ध कराएं। क्‍या यह रोटरी एयर हीटर का रख-रखाव पेटी कॉन्‍ट्रेक्‍टर को उच्‍च प्रबन्‍धन के इशारे पर भ्रष्‍टाचार के उद्देश्‍य द्वारा कराया गया है? क्‍या नतीजा रोटरी एयर हीटर ठीक से कार्य नहीं करने के कारण इकाई क्रमांक-4 पूर्ण लोड पर नहीं चल रही है, बल्कि लगभग मात्र 450 से 500 मेगावाट लोड पर निरंतर चल रही है? क्‍या इस कार्य की जांच कराकर दोषियों को दण्डित किया जायेगा एवं कार्य को करने वाली फर्म को काली सूची में डाला जायेगा?

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) इस वित्‍तीय वर्ष में प्रश्‍न दिनांक तक श्री सिंगाजी ताप विद्युत परियोजना इकाई क्रमांक-3 एवं 4 के बॉयलर का वार्षिक रख-रखाव का कार्य मेसर्स यूनाईटेड इंजीनियरिंग, सारनी के द्वारा क्रमश: 9333 दिन में किया गया है। मेसर्स यूनाईटेड इंजीनियरिंग, सारनी द्वारा प्रस्‍तुत पूर्व अनुभव कार्योदेशों के अनुसार, उनके द्वारा राजस्‍थान राज्‍य विद्युत उत्‍पादन निगम लिमिटेड के 2X660 मेगावाट, सी.एस.सी.टी.पी.पी. छाबड़ा की इकाई क्रमांक-56 में बॉयलर प्रेशर पार्ट्स के वार्षिक रख-रखाव का कार्य किया गया है। श्री सिंगाजी ताप विद्युत परियोजना द्वारा इकाई क्रमांक-34 के बॉयलर प्रेशर पार्ट्स एवं नॉन प्रेशर पार्ट्स हेतु जारी निविदा में भाग लेने वाली फर्मों की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'अनुसार है। इन सभी फर्मों के अनुभव की छायाप्रति एवं कार्य प्राप्‍त करने वाली फर्म मेसर्स यूनाईटेड इंजीनियरिंग, सारनी के अनुभव व कार्यादेश की प्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'अनुसार है। साथ ही प्रारंभिक अर्हता (पी.क्‍यू.आर.) की प्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'अनुसार है। (ख) जी हाँ, इकाई क्रं. 04 को वार्षिक रख-रखाव पूर्ण कर 25 अगस्त, 2022 को भार पर लिया गया है। जी हाँ, इकाई क्रमांक 4 के एयर प्री हीटर में हाई डी.पी. की समस्या जनवरी-2022 से ही थी। अतः वार्षिक रख-रखाव के दौरान रोटरी एयर प्रीहीटर को संधारण हेतु खोला गया, लेकिन उसमें सुधार हेतु अधिक समय लगना संभावित था। प्रदेश में विदयुत की मांग के दृष्टिगत आवश्यक सुधार कार्य कराकर एयर प्री हीटर को बाक्स-अप किया गया। रोटरी एयर प्री हीटर की डी.पी. अधिक होने से इकाई पूर्ण भार पर नहीं चल पा रही है तथा इसे आवश्यकतानुसार 450 से 550 मेगावाट तक लोड पर चलाया जा रहा है। दिनांक 25 अगस्‍त, 2022 से इकाई को चालू किए जाने के बाद रोटरी एयर प्री हीटर की डी.पी. अधिक होने के कारण इकाई को अब तक पूर्ण भार पर नहीं चलाया जा सका। उक्‍त इकाई को कम भार पर चलाये जाने से दिनांक 25 अगस्त 2022 से 30.11.2022 तक की स्थिति में कुल 197 मिलियन यूनिट (MU) का विदयुत उत्पादन प्रभावित हुआ। इकाई क्रमांक 03 को वार्षिक रख-रखाव के उपरांत दिनांक 15.11.2022 को भार पर लिया गया है। (ग) जी हाँ, इकाई क्रमांक 03 एवं 04 के बॉयलर मेन्‍टेनेंस के साथ ही रोटरी एयर प्री हीटर का कार्य कराया गया है। उक्‍त कार्य हेतु मेसर्स यूनाइटेड इंजीनियरिंग, सारनी को कुल राशि रू. 225.07 लाख का कार्यादेश जिसके अन्तर्गत इकाई 3 एवं 4 के एयर हीटर हेतु राशि रू. 53.57 लाख थी, जारी किये गये। साथ ही एयर प्री हीटर संधारण के मानीटरिंग हेतु विशेषज्ञ सेवा बॉयलर, मूल उपकरण निर्माता (OEM) मेसर्स एल. एण्ड टी.एम.एच.आई. पावर बॉयलर लिमि., हजीरा गुजरात के द्वारा मेसर्स एल. एण्ड टी. हाउडेन के सुपरवीजन में ली गई हैं, जिसका दोनों इकाई हेतु कुल खर्च रूपये 13.26 लाख है। कार्यादेशों की छायाप्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-"द" अनुसार है। जी नहीं। एयर प्री हीटर के रख-रखाव का कार्य मेसर्स यूनाइटेड इंजीनियरिंग, सारनी द्वारा किया गया है। इकाई क्रमांक 03 एवं 04 में 02-02 एयर प्री हीटर लगे हैं। प्रत्येक एयर प्री हीटर में 03 प्रकार के एलीमेंट होते हैं, हॉट, कोल्ड एवं इंटरमीडियेट एवं प्रत्येक लेयर में 432 बास्केट होती है। संधारण कार्य के दौरान हॉट एवं इंटरमीडियेट इलीमेंट को बाहर निकालकर सफाई की जाती है, लेकिन इस इकाई में इंटरमीडियेट इलीमेंट बाहर निकालने में तकनीकी समस्या आ रही थी एवं उसमें अधिक समय लग रहा था अतः समय-सीमा को देखते हुए यह निर्णय लिया गया कि उन्हें उसी स्थिति में जेट क्लीनिंग से सफाई की जाये। इकाई को जब भार पर लिया गया तो उपरोक्त कार्य के पश्चात् आवश्यक परिणाम परिलक्षित नहीं हुआ। तकनीकी कार्यों में कभी-कभी अपेक्षित परिणाम नहीं मिल पाते। अत: शेष प्रश्‍न नहीं उठता।

कर्मचारियों की नियुक्तियों की जानकारी

[नगरीय विकास एवं आवास]

149. ( क्र. 1408 ) श्री उमाकांत शर्मा : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दिनांक 1 अप्रैल, 2014 से प्रश्‍नांकित दिनांक तक भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्‍वालियर, सागर नगर निगम एवं विदिशा जिले के नगर पालिका विदिशा, बासौदा, सिरोंज तथा नगर परिषद लटेरी, कुरवाई, शमशाबाद में कितने कर्मचारियों की नियुक्ति की गई और उनको क्‍या-क्‍या कार्य सौंपे गये हैं? सभी विभागों में नियमित, अनियमित, दैनिक वेतनभोगी, स्‍थायी, अस्‍थायी अथवा अन्‍य किसी कैटेगरी के कितने अधिकारी कर्मचारी हैं? कैटेगरी, वेतन/मानदेय और नाम सहित विभागवार कर्मचारियों को क्‍या कार्य सौंपा गया है? इसकी सूची उपलब्‍ध कराई जावें। (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में नगर निगम में कतने अधिकारी और कर्मचारी अन्‍य विभागों से इन नगर निगमों में प्रतिनियुक्‍ति से कब से कार्यरत हैं? नाम व प्रतिनियुक्ति दिनांक से सूची पदनाम व उनको आवंटित किए गए कार्य के आदेश सहित जानकारी उपलब्‍ध करावें। (ग) प्रश्‍नांश (क) और (ख) के संदर्भ में चारों नगर निगम में वेतन पर कितना खर्च होता है? यह नगर निगम की आय का कितना है? इसका तुलनात्‍मक विवरण व नगर निगम को होने वाली आय के मदवार व विभागवार वेतन पर होने वाले खर्च की जानकारी उपलब्‍ध करावें। (घ) चारों नगर निगम में अधिकारी/कर्मचारी/नियमित/अनि‍यमित/दैनिक वेतनभोगी अथवा अन्‍य कैटेगरी के कर्मचारी रखने का क्‍या पैमाना है? चारों नगर निगम में जितने कर्मचारियों की आवश्‍यकता है? कितने कर्मचारी कार्यरत हैं? इसका तुलनात्‍मक ब्‍यौरा नगर निगमवार, विभागवार उपलब्‍ध करावें।

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) से (घ) जानकारी संकलित की जा रही है।

निर्माण कार्यों की जानकारी

[ऊर्जा]

150. ( क्र. 1409 ) श्री उमाकांत शर्मा : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि           (क) विदिशा जिले में दिनांक 1 अप्रैल, 2019 से प्रश्‍नांकित दिनांक तक आर.डी.एस.एस.- एस.एस.टी.डी. सौभाग्य योजना दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना, फीटर सेपरेशन योजना एवं अन्य कौन-कौन सी योजनाओं से निर्माण कार्य स्वीकृत किये गये कार्य का नाम, स्वीकृत राशि, योजना का नाम, कार्य प्रारंभ दिनांक, कार्य पूर्णता दिनांक, कार्य एजेंसी का नाम, ठेकेदार का नाम, कार्य की भौतिक स्थिति सहित वितरण केन्द्रवार जानकारी उपलब्ध करावें एवं कार्यों की प्रशासकीय स्वीकृत की छायाप्रति उपलब्ध करावें। (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में उपरोक्त निर्माण कार्यों में से कौन-कौन से निर्माण कार्य पूर्ण हुये, कितने अपूर्ण हैं, कितने अप्रारंभ हैं, ठेकेदार एवं कार्य ऐजेंसी भुगतान राशि, मूल्यांकनकर्ता अधिकारी का नाम कार्यवार जानकारी उपलब्ध करावें? उक्त कार्यों का निरीक्षण किस स्‍तर के अधिकारियों द्वारा किया गया? बतावे। (ग) दिनांक 1 अप्रैल, 2019 से प्रश्‍नांकित दिनांक तक विदिशा जिले में मरम्मत एवं टूट-फूट, तार चोरी, लाइन क्षतिग्रस्त के निर्माण कार्य स्वीकृत किये गये, कार्य का नाम स्वीकृत राशि, योजना का नाम, कार्य प्रारंभ दिनांक, कार्य पूर्णता दिनांक, कार्य एजेंसी का नाम, ठेकेदार का नाम, कार्य की भौतिक स्थिति, भुगतान राशि सहित वर्षवार जानकारी उपलब्‍ध करावें। (घ) क्‍या विभाग को 1712/सीएमएस/एमआरजी/2022 एवं 1721/सीएमएस/एमआरजी/2022 दिनांक 19.10.2022 को माननीय मुख्‍यमंत्री कार्यालय (A+ मॉनिट) एवं माननीय विभागीय मंत्री जी का पत्र क्र. 2793, 2794, 2795, 2796, 2800‍ दिनांक 20.12.2021 एवं प्रश्‍नकर्ता के कौन-कौन से पत्र प्रमुख सचिव एवं प्रबंध संचालक को प्राप्त हुये, क्या-क्या कार्यवाही की गई? कार्यवाही की छायाप्रति उपलब्ध करावे। यदि कार्यवाही नहीं की गई है तो कब तक की जावेगी? (ड.) क्‍या विद्युत बिल के सुधार हेतु शासन द्वारा नवीन निर्देश जारी किये गये हैं? विदिशा जिले में कितने बिल सुधार हेतु लंबित हैं? विद्युत वितरण केन्द्रवार, संख्‍यात्‍मक जानकारी उपलब्‍ध करावें। पहले उपयंत्री एवं सहायक उपयंत्री बिल सुधार के लिए थे? अब उप महाप्रबंधक एवं महाप्रबंधक को अधिकार देने पर बिलों का सुधार समय पर नहीं हो पा रहा है? बिल सुधार में देरी के लिए दोषी कौन है तथा दोषियों पर क्‍या कार्यवाही की गई? क्‍या भविष्‍य में उपभोक्‍ताओं की सुविधा को दृटिगत रखते हुए पूर्वानुसार उपयंत्री एवं सहायक यंत्री को बिल सुधार का अधिकार दिया जावेगा? यदि हाँ, तो कब तक?

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) विदिशा जिले में दिनांक 01 अप्रैल, 2019 से प्रश्‍नांकित दिनांक तक की अवधि में सौभाग्य योजना, दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना, फीडर सेपरेशन योजना अंतर्गत कोई कार्य नहीं किया गया है, उक्त सभी योजनाओं के अंतर्गत कार्यों को दिनांक  01 अप्रैल, 2019 के पूर्व ही पूर्ण किया जाकर योजना का क्लोजर किया जा चुका है। दिनांक         01 अप्रैल, 2019 के बाद एस.एस.टी.डी. योजना के अंतर्गत प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में किये गये निर्माण कार्यों की जानकारी कार्यों के नाम, स्‍वीकृत राशि, योजना का नाम, कार्य प्रारंभ/पूर्णता दिनांक, कार्य एजेंसी/ठेकेदार का नाम, कार्य की भौतिक स्थिति की प्रश्‍नाधीन चाही गयी जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अनुसार एवं उक्‍त कार्यों हेतु प्रशासकीय स्‍वीकृति का विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अनुसार है। आर.डी.एस.एस. योजना अंतर्गत स्वीकृत कार्यों की सूची का विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अनुसार  है एवं प्रशासकीय स्‍वीकृति का विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अनुसार है। योजनान्‍तर्गत स्वीकृत कार्यों के सर्वे एवं टेंडर की कार्यवाही कंपनी स्तर पर प्रक्रियाधीन है। अद्यतन स्थिति में आर.डी.एस.एस. योजना अंतर्गत जिन स्‍वीकृत कार्यों हेतु निविदा कार्यवाही पूर्ण कर कार्यादेश जारी किया जा चुका है, उनका प्रश्‍नाधीन चाहा गया ठेकेदार एजेंसी के नाम सहित विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'3' अनुसार है। (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में प्रश्‍नाधीन चाही गई जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 एवं अनुसार है। प्रश्‍नांश (क) में उल्‍लेखित कार्यों का निरीक्षण सहायक प्रबंधक/प्रबंधक/उप महाप्रबंधक स्‍तर के अधिकारियों के द्वारा किया गया है। (ग) दिनांक 01 अप्रैल, 2019 से प्रश्‍नांकित दिनांक तक की अवधि में प्रश्‍नाधीन समस्‍याओं हेतु विदिशा जिले में किये गए कार्यों की प्रश्‍नाधीन चाही गयी जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अनुसार है। (घ) जी हां, विभाग को सी.एम. मॉनिट प्रकरण 1712/सीएमएस/एमआरजी/2022 एवं 1721/ सीएमएस/ एमआरजी, 2022 दिनांक 19.10.2022 प्राप्‍त हुये हैं। जिन पर की गई कार्यवाही का विवरण मय पत्रों की छायाप्रति सहित पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अनुसार है। ऊर्जा मंत्री के प्रश्‍न में उल्‍लेखित पत्रों पर की गयी कार्यवाही का विवरण पत्रों की छायाप्रति सहित पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र- अनुसार हैं साथ ही प्रश्‍नकर्ता विधायक महोदय के प्रमुख सचिव एवं प्रबंध संचालक, म.प्र. मध्‍यक्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी को प्राप्‍त पत्रों पर की गयी कार्यवाही का विवरण मय पत्रों की छायाप्रति सहित पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अनुसार हैं। (ड.) विद्युत बिल के सुधार हेतु राज्‍य शासन द्वारा नवीन निर्देश जारी नहीं किए गए हैं। अपितु म.प्र. मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा परिपत्र क्रमांक/प्रस/मक्षे/वाणि.-एक/78/884 दिनांक 05/07/22 के माध्‍यम से विद्युत बिल संबंधी समस्‍याओं के निराकरण करने, उपभोक्‍ताओं को सुविधा प्रदान करने, उपभोक्‍ताओं की शिकायतों का लेखा-जोखा रखने एवं उनकी शिकायतों को ट्रैक रखने की सुविधा देने के लिए नवीन बिल सुधार प्रक्रिया प्रारंभ की गई है, जिसमें शिकायत केंद्र के दूरभाष क्र. 1912 पर शिकायत दर्ज करने के उपरांत ही बिलों में सुधार किये जाने की प्रक्रिया अनिवार्य की गई है। जिसका विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-09 अनुसार है। विदिशा जिले में बिल सुधार हेतु लंबित प्रकरणों की वितरण केंद्रवार जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-10 अनुसार हैं। पहले सहायक प्रबंधक/प्रबंधक द्वारा बिल सुधार किये जाते थे। बिल सुधार प्रक्रिया में सुधार करने एवं शिकायत की निगरानी रखने हेतु वृत्‍त के महाप्रबंधक को अधिकार दिए गए हैं। वर्तमान में महाप्रबंधक द्वारा निर्धारित समयावधि में बिल सुधार किये जा रहे हैं। प्राप्‍त आवेदनों पर निर्धारित प्रक्रिया अनुसार कार्यवाही की जा रही है, जिसमें कोई विलम्‍ब नहीं हो रहा है, अत: शेष प्रश्‍न नहीं उठता। वर्तमान में सहायक प्रबंधक/प्रबंधक को बिल सुधार के अधिकार पुन: दिये जाने की आवश्‍यकता प्रतीत नहीं होती।

विकास कार्यों की जानकारी

[नगरीय विकास एवं आवास]

151. ( क्र. 1419 ) श्री नीरज विनोद दीक्षित : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) छतरपुर जिले के महाराजपुर के नगरीय क्षेत्र के शहर के बीचों-बीच गन्‍दा नाला डोडिया के कार्य की क्‍या प्रगति है? (ख) पूर्व नगरीय प्रशासन मंत्री महोदय श्री जयवर्धन सिंह जी द्वारा नौगांव स्‍टेडियम के विकास के लिए की गई घोषणा में क्‍या प्रगति है?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) छतरपुर जिले के महाराजपुर विधानसभा क्षेत्रांतर्गत नौगांव शहर के बीचों-बीच डोडिया नाला निर्माण कार्य हेतु राशि रू. 224.00 लाख की स्‍वीकृत हुई थी, जिसमें 665 मीटर लंबाई नाले की दीवाल बनना प्रस्‍तावित था। जिसमें एक तरफ 320 मीटर एवं दूसरी तरफ 405 मीटर नाले की दीवाल बनायी जा चुकी है, शेष कार्य प्रगतिरत है। (ख) दिनांक 13.01.2020 को नौगांव स्‍टेडियम में क्रिकेट टूर्नामेंट के समापन के दौरान अपने उद्धबोधन में स्‍टेडियम के विकास के लिये राशि रूपये 100.00 लाख की बात पूर्व नगरीय प्रशासन मंत्री श्री जयवर्धन सिंह जी ने कही थी, घोषणा संबंधी दस्‍तावेज उपलब्‍ध नहीं है।

गौशालाओं में सौर ऊर्जा लगाए जाने की जानकारी

[नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा]

152. ( क्र. 1420 ) श्री नीरज विनोद दीक्षित : क्या नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि गौशालाओं में स्‍वीकृत सूर्य ऊर्जा म.प्र. की कितनी गौशालाओं में लगाई गई हैं? छतरपुर जिले की कितनी गौशालाओं में स्‍वीकृत सूर्य ऊर्जा लगाई गई? गौशाला का नाम एवं ग्राम का नाम व पंचायत का नाम की सूची देंवे।

नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री ( श्री हरदीप सिंह डंग ) : नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग के माध्‍यम से म.प्र. की 25 गौशालाओं में सोलर पंप संयंत्रों की स्‍थापना की गई है। छतरपुर जिले की गौशालाओं के नाम, ग्राम व पंचायत का नाम, जिनमें सोलर पंप संयंत्र स्‍थापित किये गये है, जिसकी जानकारी संलग्न परिशिष्‍ट अनुसार है। गौ अभ्‍यारण अनुसंधान एवं उत्‍पादन संस्‍थान, ग्राम व पंचायत-सालरिया में एक सोलर पॉवर प्‍लांट स्‍थापित किय गया है, जिसकी जानकारी संलग्न परिशिष्‍ट अनुसार है।

परिशिष्ट - "अस्सी"

जीर्ण-शीर्ण मार्ग/पुल की मरम्‍मत

[लोक निर्माण]

153. ( क्र. 1423 ) श्री कमलेश्‍वर पटेल : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) पटपरा से अमिलिया मार्ग का मरम्‍मत कार्य विभाग द्वारा प्रारम्‍भ किया गया, किन्‍तु पटपरा से 13 कि.मी. तक मार्ग मरम्‍मत किया गया 13 कि.मी. से आगे अमिलिया तक मरम्‍मत कार्य नहीं किया गया है, जिससे आवागमन काफी प्रभावित हो रहा है, शेष मार्ग का मरम्‍मत कार्य कब तक करा दिया जावेगा? (ख) सजवानी से कपुरी मार्ग वाया कोदौरा, बिठौली, खोरवाटोला मार्ग अत्‍यन्‍त जीर्णशीर्ण स्थिति में है कब से मरम्‍मत कार्य नहीं हुआ है? उक्‍त मार्ग का पुन: निर्माण कब तक कराया जायेगा? (ग) चूंकि अमलिया से बहरी मार्ग में सोन नदी की पुल क्षतिग्रस्‍त होने से आवागमन हेतु उपरोक्‍त दोनों मार्गों का अत्‍यधिक उपयोग हो रहा है एवं मार्ग जीर्णशीर्ण होने से क्षेत्रीय जनता को काफी समस्‍या का सामना कराना पड़ रहा है, अत: उक्‍त दोनों मार्गों का मरम्‍मत/पुनर्निर्माण कराया जाना अतिआवश्‍यक है। उक्‍त के संबंध में विभाग द्वारा क्‍या कार्यवाही की गई है?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है।                          (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। कपुरी-बघऊ-बिठौली-सजवानी मार्ग लंबाई 56.461 किमी. के उन्‍नयन हेतु फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार की जा चुकी है, मार्ग ए.डी.बी.-7 योजना में प्रस्‍तावित है, ए.डी.बी.-7 योजना हेतु ऋण हस्‍ताक्षरित नहीं हुआ है, अत: निर्माण कार्य की पूर्णता की तिथि बताना संभव नहीं है। (ग) प्रश्‍नांश '' एवं '' में उल्‍लेखित दोनों मार्गों का विस्‍तृत विवरण संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है।

परिशिष्ट - "इक्यासी"

ग्राम हटवाखास में संचालित दरी कालीन प्रोजेक्‍ट

[कुटीर एवं ग्रामोद्योग]

154. ( क्र. 1424 ) श्री कमलेश्‍वर पटेल : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) ग्राम हटवाखास में दरी कालीन का प्रोजेक्‍ट कब से शुरू किया गया है? अब तक वर्षवार कितना बजट किस-किस प्रयोजन हेतु जारी हुआ है एवं किस-किस प्रयोजन हेतु व्‍यय किया गया है? (ख) भारतीय बुनकर सहकारी समिति उक्‍त प्रोजेक्‍ट किस उद्देश्‍य से प्रारम्‍भ किया गया है, क्‍या लक्ष्‍य निर्धारित किया गया था? कितने लक्ष्‍य की पूर्ति की गई है? यदि नहीं, किया गया तो क्‍या कारण है? उक्‍त प्रोजेक्‍ट से क्‍या लाभ प्राप्‍त हुआ है? कितने हितग्राही लाभान्वित हुए है? (ग) उक्‍त प्रोजेक्‍ट के तहत प्रशिक्षण कार्यक्रम कब-कब आयोजित किया गया है? प्रशिक्षण हेतु कब-कब कितना आवंटन प्राप्‍त हुआ है एवं कितना व्‍यय कया गया है? प्रशिक्षण से क्‍या लाभ प्राप्‍त हुआ है?           (घ) विभाग द्वारा सिहावल विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत क्‍या-क्‍या योजनाएं संचालित की गई हैं, विगत 2 वर्षों में विभाग के कार्यों की क्‍या प्रगति रही है?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी नहीं। ग्राम हटवाखास में दरी कालीन का प्रोजेक्‍ट विभाग द्वारा शुरू नहीं किया गया है। शेष प्रश्‍नांश उपस्थित नहीं होता है। (ख) एवं (ग) उत्‍तरांश '''' के परिप्रेक्ष्‍य में जानकारी निरंक है। (घ) विभाग द्वारा सिहावल विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत संचालित योजनाओं की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-'''' एवं '''' अनुसार है।

अनियमितता करने वालों के खिलाफ कार्यवाही

[ऊर्जा]

155. ( क्र. 1427 ) श्री फुन्‍देलाल सिंह मार्को : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सिंगाजी ताप परियोजना में आवासीय कॉलोनी की आवासों का फेज-1 एवं फेज-2 के लगभग 1000 मकानों का निर्माण कराया गया। किस श्रेणी के कितने मकान का निर्माण कराया गया, क्‍या नये मकानों के निर्माण के तुरन्‍त बाद छतों में पानी टपकना, लगाई गई टाइल्‍स हिलना, दीवालों में क्रेक्‍स एवं प्‍लास्‍टर झड़ना, लेट्रिन बाथरूम में पानी टपकना आदि समस्‍याओं की शिकायत रहवा‍सियों द्वारा की गई थी? कार्यादेश की छायाप्रति उपलब्‍ध करावें। (ख) संजय गांधी ताप परियोजना में सिविल विभाग के द्वारा जोहिला बांध स्थित संगम स्‍थल में जून 2020 में राखड़ खुदाई एवं ढुलाई के कार्य में दो अधिकारी निलंबित किये गये थे। (ग) अमरकंटक ताप विद्युत गृह चचाई के राखड़ बांध में निर्माण में फर्म द्वारा अधिकारियों की मिली भगत से करोड़ों का घटिया निर्माण कराया गया? निर्माण करने वाली फर्म का नाम एवं कार्यादेश की छायाप्रति उपलब्‍ध करावें। (घ) प्रश्‍नांश (क), (ख) एवं (ग) में उल्‍ल‍ेखित प्रकरणों पर विभाग द्वारा जांच कराई गई यदि हां, तो जांच प्रतिवेदन की प्रति उपलब्‍ध कराते हुये विभाग स्‍पष्‍ट करें कि शासन को हुई क्षति की भरपाई किससे और कब तक कर दी जावेगी तथा दोषी अधिकारियों एवं कार्य में अनियमितता करने वालों के खिलाफ कब तक कार्यवाही कर दी जावेगी।

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) श्री सिंगाजी ताप विद्युत परियोजना की आवासीय कॉलोनी के विभिन्न चरणों में निर्मित आवास गृहों की कुल संख्या 1512 है। आवासों का श्रेणीवार विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'अनुसार है। प्रथम चरण के आवास गृहों के निर्माण के पश्चात् प्रश्‍न में उल्लेखित समस्‍याओं से संबंधित शिकायतें प्राप्त हुई, जिनका आवश्यकता अनुसार संधारण कराया गया था। प्रथम एवं द्वितीय चरण के अनुबंधों के अनुसार रख-रखाव अवधि समाप्‍त होने के पश्चात सामान्य रख-रखाव के अतिरिक्त कोई वृहद शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। आवास गृहों के निर्माण के आशय/आदेश की छायाप्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'अनुसार है। (ख) जी हाँ। (ग) अमरकंटक ताप विद्युत गृह चचाई के 1X210 मेगावाट विस्‍तार इकाई क्रमांक-5 हेतु नये राखड़ बाँध का निर्माण कार्य, जिसमें पोण्‍ड क्रमांक-1 एवं 2 शामिल हैं, को मेसर्स एस.एन.सी. पॉवर कारपोरेशन बैंगलोर को दिया गया। दूसरे चरण में पोण्‍ड क्रमांक-2 की ऊंचाई बढ़ाने का कार्य मे. आशीष इन्‍टरप्रायजेस, झांसी तथा पोण्ड क्रमांक-1 की ऊचाँई बढ़ाने का कार्य मेसर्स तिरुपति कन्सट्रक्सन कंपनी घोड़ाडोंगरी को आवंटित किया गया था। उपरोक्त निर्माण कार्यों को पूर्ण गुणवत्ता के साथ ठेका अनुबंध में दर्शाये तकनीकी मापदण्ड एवं शर्तों पर संबंधित ठेकेदार द्वारा निष्पादित किया गया है। उक्त ठेकों में सम्बधित अधिकारियों द्वारा कोई गुणवत्ता विहीन निर्माण कार्य नहीं कराया गया है। तथापि पोण्‍ड क्रमांक-1 की ऊँचाई बढ़ाने के निर्माण कार्य उपरान्‍त, उक्‍त पोण्‍ड को राखड़ संग्रहित करने हेतु उपयोग में लेने के दौरान चूहों, बरोज, छछुंदर इत्‍यादि के द्वारा स्पिल-वे के पास छिद्र बना लेने से स्पिल-वे का सेटलमेन्‍ट हो जाने से राखड़ बाँध का उक्‍त भाग दिनांक 11/02/2022 को ब्रीच हो गया था, जिसमें संग्रहित राखड़ पानी का रिसाव हो गया। जिसे तत्‍काल अस्‍थायी मिट्टी का मेड़ बनाकर उसी दिन शाम तक राखड़ पानी का बहाव रोक दिया गया था। कार्योदेशों की छायाप्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है।      (घ) उत्‍तरांश '''' के परिप्रेक्ष्‍य में परियोजना के अंतर्गत निर्मित आवासीय भवनों से संबंधित किसी जांच की आवश्यकता प्रतीत नहीं हुई। उत्‍तरांश '''' के संबंध में लेख है कि राखड़ ढुलाई एवं अन्य बिन्दुओं पर शिकायत प्राप्‍त हुई थी, जिसका जांच प्रतिवेदन पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। उक्‍त प्रकरण में कुल चार अधिकारियों के विरूद्ध आरोप पत्र जारी कर अनुशासनात्मक कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। इन में दो अधिकारियों की विभागीय जांच हेतु नियुक्त जांच अधिकारी का प्रतिवेदन प्रतीक्षित है। प्रतिवेदन प्राप्त होने के उपरांत दोषी पाये जाने पर दोषी अधिकारियों पर नियमानुसार आगामी कार्यवाही की जायेगी। उत्‍तरांश '''' के परिप्रेक्ष्‍य में राखड़ बाँध के संचालन एवं संधारण कार्य में संलग्‍न रहे कार्यपालन अभियंता (सिविल) निर्माण संभाग-2 एवं सहायक अभियंता (सिविल) के विरूद्ध कंपनी द्वारा कार्यवाही करते हुए दोनों अधिकारियों को निलम्बित किया गया। कारण बताओं नोटिस देकर समुचित जॉच कराये जाने के पश्‍चात दोषी पाये जाने पर दोनों अधिकारियों पर एक-एक वार्षिक वेतन वृद्धि असंचयी प्रभाव से रोकी जाने की लघुशास्ति अधिरोपित की गई है। जांच प्रतिवेदन की प्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है।

भवनों के निर्माण कार्य हेतु निविदा

[लोक निर्माण]

156. ( क्र. 1428 ) श्री फुन्‍देलाल सिंह मार्को : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला अनूपपुर पी.आई.यू./लोक निर्माण विभाग द्वारा जनवरी, 2020 से प्रश्‍न दिनांक तक कितने भवनों की निविदा किन-किन विधान सभा क्षेत्र में जारी की गई थी और निविदा पश्‍चात जारी किये गये कार्यादेश में से कितनों के कार्य सम्‍पन्‍न करा दिये गये और कितने कार्य अभी भी अधूरे हैं, विधान सभा क्षेत्रवार जानकारी देवें। (ख) पी.आई.यू./लोक निर्माण विभाग द्वारा अनूपपुर जिले में उक्‍त अवधि में कितने निर्माण कार्य कराये जा रहे हैं? उन कार्यों की एजेंसी कौन-कौन सी है? उन एजेंसियों द्वारा कितना कार्य कराया गया है? कार्य की समय-सीमा कितनी थी? उस समय-सीमा में कार्य पूर्ण नहीं हुआ तो क्‍या कार्यवाही की गई? (ग) लोक निर्माण विभाग द्वारा पुष्‍पराजगढ़ विधान सभा क्षेत्र में उक्‍त अवधि में किन-किन भवनों के उन्‍नयन कार्य करवाये गये एवं उनमें कितना-कितना व्‍यय हुआ पृथक से सूची एवं भवनवार व्‍यय की गई राशि एवं स्‍वीकृतकर्ता अधिकारी सहित जानकारी उपलब्‍ध करावे।

लोक निर्माण मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) एवं (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-ब अनुसार है।

गौरव दिवस पर निगम द्वारा व्‍यय राशि की जानकारी

[नगरीय विकास एवं आवास]

157. ( क्र. 1432 ) श्री राकेश मावई : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या नगर पालिका निगम मुरैना द्वारा 7, 8, 9 अक्‍टूबर 2022 को गौरव दिवस मनाया गया? यदि हाँ, तो गौरव दिवस मनाने में नगर निगम द्वारा कितनी-कितनी राशि किस-किस मद पर व्‍यय की गई? व्‍यय व्‍हाउचर सहित राशि की जानकारी देवें। (ख) क्‍या नगरीय क्षेत्र मुरैना में नवीन सड़क निर्माण कराने, नाली निर्माण कराने, सड़कों की मरम्‍मत कराने, पुराने कार्यों का ठेकेदारों को भुगतान करने के लिए पर्याप्‍त राशि नहीं है? यदि हाँ, तो ऐसी हालात में निगम द्वारा किस लिए गौरव दिवस मनाया गया? गौरव दिवस मनाने का औचित्‍य क्‍या था?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) हाँ, नगर गौरव दिवस आयोजन हेतु एजेंसी द्वारा बिल/व्‍हाउचर प्रस्‍तुत नहीं किए जाने से कोई भुगतान नहीं किया गया हैं। (ख) जी हाँ। शासन निर्देशों के अनुक्रम में मुरैना नगर का गौरव दिवस 06 अक्‍टूबर को नियत किया जाकर नगर के लोगों में अपने नगर के प्रति आत्‍म गौरव के भाव का विकास करने, शहर की सांस्‍कृतिक विरासत के प्रति आमजन को जागरूक करने, नागरिकों में सदभाव एवं परस्‍पर सहयोग की भावना का विकास करने तथा शहरी विकास में नागरिकों की सहभागिता सुनिश्चित करने के उद्देश्‍य से नगर गौरव दिवस मनाया गया एवं प्रतिवर्ष 06 अक्‍टूबर को मुरैना नगर पालिक निगम में नगर गौरव दिवस मनाया जायेगा।

सब इंजीनियर को S.D.O. का चार्ज

[लोक निर्माण]

158. ( क्र. 1436 ) श्री निलेश पुसाराम उईके : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में ऐसे कितने सब इंजीनियर हैं जहां वरिष्‍ठ सब इंजीनियर की उपेक्षा कर उससे कनिष्‍ठ सब इंजीनियर को S.D.O. का चार्ज दिया गया है? जिलावार, नाम, स्‍थान नाम सहित बतावें। (ख) इसका कारण भी स्‍थानवार देवें? (ग) कब तक इस अनियमितता को दूर कर वरिष्‍ठ सब इंजीनियर को कार्यभार दिया जाएगा? यदि नहीं, तो क्‍यों कारण बतावें।

लोक निर्माण मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) एवं (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार। (ग) कोई अनियमितता नहीं हुई है संबंधित उपसंभाग में प्रशासनिक दृष्टि से उससे कनिष्‍ठ को अनुविभागीय अधिकारी का प्रभार दिया गया है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

इंदौर, भोपाल संभाग में मार्ग निर्माण में विलंब

[लोक निर्माण]

159. ( क्र. 1437 ) श्री बाला बच्चन : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दिनांक 25.11.2022 की स्थिति में इंदौर एवं भोपाल संभाग में कितनी सड़कें कब से निर्माणाधीन हैं? मार्ग नाम, स्‍वीकृति दिनांक लागत, कार्य प्रारंभ दिनांक सहित जिलावार, संभागवार देंवे। (ख) क्‍या कारण हैं कि इनके निर्माण में विलंब बहुत हो रहा है? 02 वर्ष से अधिक लंबित निर्माण कब तक पूर्ण होंगे? प्रत्‍येक कार्य की पूर्णता स्थिति प्रतिशत में देंवे। (ग) प्रश्‍नांश (क) अनुसार निर्माणकर्ता फर्म नाम, भुगतान राशि, भुगतान दिनांक, कार्य/मार्ग नाम सहित जिलावार संभागवार देंवे। (घ) भुगतान में विलंब के कारण कितने निर्माण रूक गए हैं? इनकी सूची मार्ग नाम सहित जिलावार, संभागवार देंवे।

लोक निर्माण मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) से (ग) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट-अ एवं 'अ-1' अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट-अ अनुसार है।

अमृत-1 योजना में गड़बड़ी

[नगरीय विकास एवं आवास]

160. ( क्र. 1438 ) श्री बाला बच्चन : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अमृत-1 के तहत वाप्‍कोस लिमिटेड को प्रदेश में कहां-कहां, कौन से कार्य कब-कब दिये गए? डी.पी.आर. थर्ड पार्टी इन्‍सपेक्‍शन सहित समस्‍त कार्यों की पूरी जानकारी देवें।          (ख) दिनांक 25.11.2022 तक इन्‍हें किन कार्यों के लिये कितनी राशि का भुगतान किया गया? कार्य नाम, भुगतान राशि, वर्तमान में लंबित राशि की जानकारी कर्जवार देवें। (ग) क्‍या कारण है कि लगभग 02 से 04 वर्ष की समयावधि में इसे ब्‍लैक लिस्‍ट करने की प्रक्रिया की गई थी? जिसे बाद में लंबित कर दिया गया? कब तक इस फर्म द्वारा किये समस्‍त कर्जों के एफिडेविट जमा करा लिये जाएंगे? (घ) प्रदेश के जिन नगरीय निकायों द्वारा विगत 05 वर्षों में नोटिस दिए गए उनकी जानकारी निकायवार नोटिस संख्‍या सहित देवें।

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) अमृत 1.0 योजनांतर्गत वाप्कोस लिमिटेड को प्रदेश के भोपाल, इंदौर एवं उज्जैन संभाग के 17 शहरों में परियोजना विकास एवं प्रबंधन परामर्शदाता (पी.डी.एम.सी.) के रूप में दिनांक 05.03.2016 को नियुक्त किया गया। वॉप्कोस लिमिटेड द्वारा जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-"अ" अनुसार परियोजनाओं के क्रियान्वयन संबंधी कार्य किये जा रहे है। वाप्कोस द्वारा तैयार की गई डी.पी.आर. की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-'' अनुसार है। थर्ड पार्टी इन्सपेक्शन का कार्य वाप्कोस के कार्यक्षेत्र में न होने से जानकारी निरंक है। (ख) दिनांक 25.11.2022 तक वॉप्कोस लिमिटेड को परियोजना विकास एवं प्रबंधन परामर्शदाता (पी.डी.एम.सी.) के कार्य हेतु कुल राशि रू. 54,15,93,107/- का भुगतान किया गया हैविवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-"स" अनुसार है। वर्तमान में कोई देयक लंबित नहीं है। (ग) जी नहीं, लगभग 02 से 04 वर्ष की समयावधि में वॉप्कोस लिमिटेड को ब्लैकलिस्ट करने हेतु कोई प्रक्रिया प्रारंभ नहीं की गई, अतः प्रक्रिया को लंबित करने का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। इस योजना में वॉप्कोस को कोई कर्ज प्रदान नहीं किये गए हैं, शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (घ) अमृत-1 का अनुबंध संचालनालय, नगरीय प्रशासन एवं विकास तथा वॉप्कोस लिमिटेड के मध्य संपादित होने से, फर्म को नगरीय निकायों द्वारा नोटिस दिये जाने का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

न्‍यायालयीन प्रकरण में अधिवक्‍ता की उपस्थिति

[पर्यावरण]

161. ( क्र. 1440 ) श्री बहादुर सिंह चौहान : क्या नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍न क्र. 1306, दिनांक 28.07.2022 के (क) उत्‍तर अनुसार प्रकरण में दिनांक 14.3.2022 के पश्‍चात दिनांक 28.11.2022 तक कितनी तारीखे लगी? (ख) इन तारीखों में विभागीय अधिवक्‍ता एवं अधिकारी कब-कब उपस्थित/अनुपस्थित रहे की जानकारी तारीखवार देवें। प्रकरण की अद्यतन स्थिति देवें। (ग) कब तक इस प्रकरण के समस्‍त दस्‍तावेज विभाग द्वारा मा.न्‍यायालय के समक्ष प्रस्‍तुत कर दिए जाएंगे?

नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री ( श्री हरदीप सिंह डंग ) : (क) दिनांक 14-03-22 के पश्‍चात दिनांक 28-04-2022, 10/05/2022, 20-06-2022, 07-07-2022, 04-08-2022, 05-09-2022,                        29-09-2022, 11-07-2022 एवं 05-12-2022 को प्रकरण में कुल 09 पेशियां लगी हैं। (ख) तिथियों में अधिवक्‍ता की उपस्थिति रही। प्रकरण आगामी तिथि दिनांक 05-01-2023 को तर्क हेतु नियत है। (ग) प्रकरण से संबंधित समस्‍त दस्‍तावेज माननीय न्‍यायालय उज्‍जैन में प्रकरण दायर करने के दौरान प्रस्‍तुत कर दिये गये है।

 

जीवाजी नगर मार्ग का स्‍तरहीन निर्माण

[लोक निर्माण]

162. ( क्र. 1441 ) श्री बहादुर सिंह चौहान : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍न क्रमांक 1867, दिनांक 02/03/2021 के (ख) व (ग) उत्‍तर में बताया गया था कि मार्ग अच्‍छी स्थिति में है लेकिन इस वर्षाकाल के बाद मार्ग पुन: खराब अवस्‍था में पहुंच गया है इसका संधारण कब तक संबंधित ठेकेदार से कराया जाएगा? (ख) उपरोक्‍त (ख) उत्‍तर में स्‍वीकार गया था कि कुल स्‍थानों पर पॉट होल्‍स निर्मित हुए थे इस वर्षाकाल में मार्ग पुन: खराब हो गया ऐसा क्‍यों? (ग) ऐसा स्‍तरहीन निर्माण करने वाली संबधित फर्म पर विभाग कब तक कार्यवाही करेगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) उक्त मार्ग का संधारण ठेकेदार की डी.एल.पी. समाप्ति अवधि दिनांक 08.02.2023 तक संबंधित ठेकेदार से कराया जायेगा। (ख) जी हाँ, इस वर्ष अतिवर्षा से कि.मी. 1 से 4 के मध्य कुछ स्थानों पर जल भराव हो गया था तथा महिदपुर-पानविहार-जिवाजी नगर सड़क के उक्त स्थल पर गोडाउन स्थित होने के कारण भारी वाहन के खड़े होने से शोल्डर दब गये थे तथा वहां पानी भर जाने के कारण कुछ स्थानों पर मार्ग क्षतिग्रस्त हो गया था, जिसका संधारण कार्य कर पैच तथा शोल्डर को सुधार दिया गया है। संधारण कार्य एक निरंतर चलित प्रक्रिया है। (ग) कार्य पूर्ण गुणवत्ता से सुपरविजन कंसल्‍टेंट की देखरेख में किया गया है तथा संधारण हेतु निगम के अधिकारियों द्वारा गुणवत्ता सुनिश्चित की गई है। मार्ग वर्तमान में पॉट होल रहित है एवं ठेकेदार द्वारा अनुबन्धानुसार संधारण कार्य निरन्तर चलित प्रक्रिया के तहत किया जा रहा है, अतः कार्यवाही का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

शिकायतों पर की गई कार्यवाही

[नगरीय विकास एवं आवास]

163. ( क्र. 1443 ) चौधरी सुजीत मेर सिंह : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दिनांक 01-10-2019 से 25-11-2022 तक सहायक संचालक, नगर तथा ग्राम निवेश जिला कार्यालय खरगोन एवं बड़वानी कार्यालय को प्राप्‍त म.प्र. नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम 1973 की धारा 29 (1) के तहत आवेदन प्राप्‍त हुए है? प्रस्‍तुत आवेदन पत्रों की प्रतिलिपि संलग्‍न दस्‍तावेज सहित देवें। (ख) दिनांक 01-01-2019 से 25-11-2022 तक उपरोक्‍त सहायक संचालक, नगर तथा ग्राम निवेश जिला कार्यालय खरगोन एवं बड़वानी तथा मुख्‍य नगर पालिका अधिकारी खरगोन के मध्‍य हुए समस्‍त पत्राचार की प्रतिलिपि पत्र के साथ संलग्न दस्‍तावेजों सहित देवें। (ग) प्रश्‍नांश (क) अनुसार अवधि में इसमें उल्‍लेखित कार्यालय द्वारा समस्‍त स्‍थल निरीक्षण की प्रमाणित प्रतियां देवें। दिनांक 01-01-2018 से 25-11-2022 तक इस कार्यालय को प्राप्‍त शिकायतों पर की गई कार्यवाही की जानकारी जांच प्रतिवेदन की प्रमाणित प्रतियों सहित देवें।

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) दिनांक 01/10/2019 से 25/11/2022 तक सहायक संचालक, नगर तथा ग्राम निवेश जिला कार्यालय खरगोन एवं बड़वानी कार्यालय को प्राप्त मध्यप्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम 1973 की धारा-29 (1) के तहत प्राप्त आवेदन पत्रों की छाया प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ’’’’अनुसार है। (ख) दिनांक 01/01/2019 से 25/11/2022 तक सहायक संचालक नगर तथा ग्राम निवेश जिला कार्यालय खरगोन एवं बड़वानी तथा मुख्य नगर पालिका अधिकारी खरगोन के मध्य हुए समस्त पत्राचार की छाया प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट '''' अनुसार है। (ग) प्रश्‍नांश ’’’’ अनुसार अवधि में इसमें उल्लेखित कार्यालय द्वारा समस्त स्थल निरीक्षण की छायाप्रति तथा दिनांक 01/01/2018 से 25/11/2022 तक कार्यालय को प्राप्त शिकायतों के जांच प्रतिवेदन की छाया प्रतिपुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ’’’’ अनुसार है।

पेयजल योजना की जानकारी

[नगरीय विकास एवं आवास]

164. ( क्र. 1444 ) चौधरी सुजीत मेर सिंह : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मुख्‍य नगर पालिका अधिकारी नगर परिषद, पलसूद जिला बड़वानी को माह सितम्‍बर-अक्‍टूबर 2022 में पेयजल योजना की जानकारी संबंधी कितने आवेदन प्राप्‍त हुए?          (ख) जिन आवेदकों को जानकारी प्रदाय नहीं की गई तो इसका कारण बतावें। इनके आवेदनों के समस्‍त बिंदुओं की जानकारी प्रश्‍नकर्ता को उपलब्‍ध करावें। समय पर जानकारी प्रदाय न करने वाले अधिकार पर शासन पर कब तक कार्यवाही करेगा? (ग) दिनांक 01.06.2018 से 25.11.2022 तक नगर परिषद, पलसूद जिला बड़वानी द्वारा समस्‍त क्रय सामग्री की जानकारी देवें। फर्म भुगतान राशि, भुगतान दिनांक एवं इस अवधि में डीजल की जानकारी भी इसी अनुसार देवें। प्रश्‍न दिनांक की स्थिति में डीजल का कितना भुगतान करेंगी? (घ) मार्च 2022 में आवेदकों द्वारा मुख्‍य नगर पालिका अधिकारी नगर परिषद, पलसूद जिला बड़वानी से चाही गई समस्‍त जानकारी प्रश्‍नकर्ता को उपलब्‍ध कराये जाएं। क्‍या आवेदकों को जानकारी प्रदान कर दी गई है यदि नहीं, तो कब प्रदान कर दी जाएगी? इसे लंबित रखने का कारण है?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) प्रश्‍नांश अवधि में श्री सिराज खान, पार्षद वार्ड क्रमांक 09 का एक मात्र आवेदन मुख्‍यमंत्री शहरी पेयजल योजना के संबंध में जानकारी प्राप्‍त करने हेतु प्राप्‍त हुआ है। (ख) जानकारी से संबंधित मूल दस्‍तावेज संभागीय कार्यालय नगरीय प्रशासन एवं विकास इन्दौर संभाग में होने से जानकारी तत्‍समय उपलब्‍ध नहीं कराई जा सकी है। निकाय के पत्र क्रमांक 2558 दिनांक 13.12.2022 से संबंधित को जानकारी उपलब्‍ध कराई गई है। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट‍- अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट- अनुसार है। जी हाँ। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

नगर परिषद क्षेत्रों की वित्‍तीय व्‍यवस्‍था

[नगरीय विकास एवं आवास]

165. ( क्र. 1449 ) श्री सुनील सराफ : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रदेश के नगरीय निकायों में द्विप्रविष्टि, लेखा प्रणाली लागू है? यदि हाँ, तो नियम/आदेश की प्रति देंवे। यह कब से लागू है की जानकारी देंवे? (ख) क्‍या अनूपपुर जिले की नगर परिषद, बिजुरी एवं पसान में शासन के उपरोक्‍त नियम का पालन किया जा रहा है? यदि नहीं, तो इसके जिम्‍मेदार अधिकारियों पर विभाग कब तक कार्यवाही करेगा? (ग) अनूपपुर जिले की नगर परिषद बिजुरी एवं पसान की हस्‍तलिखित कैशबुक एवं ई-नगर पालिका सॉफ्टवेयर के फायनेंस मॉडयूल से प्राप्‍त कैशबुक की सत्‍यापित प्रतियां दिनांक 01.04.2021 से 25.11.2022 के संदर्भ में देंवे।
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) जी हाँ आदेश की छायाप्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट- अनुसार है। (ख) जी हाँ नगर परिषद पसान एवं बिजुरी में       द्विप्रविष्‍टी लेखा प्रणाली के अंतर्गत वर्तमान में Handholding प्रदाय का कार्य सी.ए.फर्म M/s Tiberawal chand & Co. द्वारा संचालित है। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) नगर परिषद पसान के सबंध में चाही गई जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट- एवं नगर परिषद बिजुरी के सबंध में चाही गई जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट- अनुसार है।

सामग्री क्रय पर कार्यवाही

[नगरीय विकास एवं आवास]

166. ( क्र. 1450 ) श्री सुनील सराफ : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या म.प्र. नगर पालिका लेखा नियम 2018 अंतर्गत एक लाख रूपए से अधिक सामग्री क्रय/निर्माण कार्य की निविदा एवं इसका प्रकाशन अनिवार्य है? यदि हां, तो नियम की सत्‍यापित प्रति देवें। (ख) इस नियम के लागू होने के पश्‍चात अनूपपुर जिले के नगरीय निकाय पसान, कोतमा, बिजुरी, जैतहरी में जेम पोर्टल के माध्‍यम से कितनी सामग्री एक लाख रू. या इससे अधिक राशि की क्रय की है? पृथक-पृथक निकायवार, राशिवार देवें। फर्म नाम, भुगतान राशि, भुगतान दिनांक सहित देवें। (ग) इस क्रय के समस्‍त प्रकाशनों की सत्‍यापित प्रति देवें। इन प्रकाशनों के लिए किए भुगतान की जानकारी भी निकायवार भुगतान राशि, भुगतान प्राप्‍तकर्ता नाम सहित देवें। (घ) जिन प्रकरणों में प्रश्‍नांश (क) अनुसार नियमों का उल्‍लंघन कर सामग्री क्रय की गई है, उनके लिए जिम्‍मेदार अधिकारियों पर विभाग कब तक कार्यवाही करेगा? निकायवार बतावें।

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) जी हाँ। म.प्र. नगर पालिका लेखा नियम 2018 अंतर्गत एक लाख से अधिक सामग्री क्रय या निर्माण कार्य की निविदा एवं प्रकाशन हेतु नियम 91 (02) में 1.00 लाख रूपये से अधिक मूल्य की प्रत्येक निविदा के लिये प्रकाशन अनिवार्य है। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-अ अनुसार है(ख) अनूपपुर जिले के नगरीय निकाय नगर पालिका परिषद पसान में जेम पोर्टल के माध्यम से राशि रूपये 457.61 लाख नगर पालिका परिषद कोतमा में 231.21 लाख नगर पालिका परिषद बिजुरी में 1384.55 लाख नगर परिषद जैतहरी में 189.19 लाख की सामग्री क्रय की गई है। नगर पालिका परिषद पसान की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-बनगर पालिका परिषद कोतमा की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-स, नगर पालिका परिषद बिजुरी की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-द, नगर परिषद जैतहरी की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-ई अनुसार है। (ग) जेम पोर्टल पर ऑनलाईन क्रय प्रक्रिया का पालन किया जाता है। जेम पोर्टल पर सामग्री क्रय हेतु निविदा आमंत्रित करने पर जेम पर पंजीकृत समस्त निर्माताओं एवं विक्रेताओं के पास निविदा की जानकारी स्वतः ही पूरे भारत में पहुंच जाती हैं। जेम से क्रय में प्रकाशन की आवश्यकता नहीं होती है। (घ) प्रश्‍नांश के संबंध में उल्लेख है कि निकायों द्वारा जेम (GeM) के संबंध में भारत सरकार, वित्त मंत्रालय द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन कर क्रय प्रक्रिया अपनाई गई है। शेष प्रश्‍नांश उपस्थित नहीं होता।

महाविद्यालय विकास हेतु विशेष निधि

[उच्च शिक्षा]

167. ( क्र. 1454 ) श्री राम दांगोरे : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि      (क) शासकीय महाविद्यालय पंधान जिला खण्‍डवा में जनभागीदारी समिति के पास महाविद्यालय विकास हेतु कितनी राशि है? (ख) क्‍या महाविद्यालय हेतु विकास कार्यों के लिये विशेष निधि जारी करेंगे?

उच्च शिक्षा मंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) शासकीय महाविद्यालय, पंधाना की जनभागीदारी समिति का पंजीयन व गठन की कार्यवाही हो चुकी है। जनभागीदारी समिति का वर्तमान में बैंक खाता प्रचलन में नहीं है तथा समिति को विद्यार्थियों के शुल्‍क व दान आदि के माध्‍यम से कोई भी धनराशि प्राप्‍त नहीं हुई है। (ख) विकास कार्यों के लिए महाविद्यालय से प्रस्‍ताव प्राप्‍त होने पर नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी।

शासकीय महाविद्यालय खैरलांजी का भवन निर्माण

[उच्च शिक्षा]

168. ( क्र. 1456 ) श्री प्रदीप अमृतलाल जायसवाल (गुड्डा) : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या जिला बालाघाट के अन्‍तर्गत शासकीय महाविद्यालय खैरलांजी का नवीन भवन निर्माणाधीन हैं? यदि हाँ, तो भवन निर्माण की स्‍वीकृति कब हुई थी? भवन निर्माण हेतु कितनी लागत राशि का प्रावधान किया गया था एवं किस एजेंसी द्वारा भवन निर्माण किया जा रहा है? प्रशासकीय आदेश, प्राक्‍कलन एवं भवन की डिजाईन की प्रति उपलब्‍ध करावें। (ख) क्‍या शासकीय महाविद्यालय खैरलांजी के नवीन भवन निर्माण हेतु समय-सीमा निर्धारित की गई थी? यदि हाँ, तो क्‍या समय-सीमा में भवन निर्माण पूर्ण कर लिया गया है? यदि नहीं, तो भवन निर्माण पूर्ण नहीं होने का क्‍या कारण है? कब तक पूर्ण कर लिया जावेगा? तथ्‍यात्‍मक जानकारी उपलब्‍ध करावें। (ग) क्‍या शासकीय महाविद्यालय खैरलांजी में अध्‍ययनरत् छात्र-छात्राओं को भवन के अनुपलब्‍धता के कारण उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है? यदि हाँ, तो भवन के अभाव में छात्र-छात्राओं की पढ़ाई में हो रहे नुकसान के लिये कौन जिम्‍मेदार है एवं उन पर क्‍या कार्यवाही की जावेगी?

उच्च शिक्षा मंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जी हाँ। महाविद्यालय के भवन निर्माण हेतु विभाग द्वारा राशि रूपये 133.18 लाख की प्रशासकीय स्‍वीकृति दिनांक 30-06-2016 को जारी की गई है। भवन निर्माण का कार्य पी.आई.यू. (लोक निर्माण विभाग) द्वारा किया जा रहा है। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी हाँ। जी नहीं। महाविद्यालय के भवन का निर्माण वर्ष 2019 तक पूर्ण होना था। लोक निर्माण विभाग द्वारा महाविद्यालय के माध्‍यम से रूपये 408.66 लाख का प्राक्‍कलन तकनीकी स्‍वीकृति राशि रूपये 279.68 लाख के साथ प्रेषित किया गया है जिसे स्‍थायी वित्‍त समिति की आगामी बैठक में रखा जा रहा है। (ग) जी नहीं। भवन निर्माण की कार्यवाही सतत् प्रचलन में है। शेष प्रश्‍नांश उपस्थित नहीं होता।

रिक्‍त पदों की पूर्ति

[नगरीय विकास एवं आवास]

169. ( क्र. 1459 ) डॉ. गोविन्द सिंह : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश के नगरीय निकायों में स्‍वीकृत पदों में कौन-कौन से पद कितनी-कितनी संख्‍या में रिक्‍त हैं एवं रिक्‍त पदों की पूर्ति हेतु क्‍या कार्यवाही की जा रही है? (ख) भिण्‍ड जिले के अंतर्गत नगर पालिका लहार, नगर पदिषद् दबोह, नगर परिषद् आलमपुर एवं नगर परिषद् मिहोना में कुल किस-किस श्रेणी के कुल कितने पद स्‍वीकृत हैं? (ग) उक्‍त स्‍वीकृत पदों में से कितने एवं कौन-कौन से पद कब-कब से रिक्‍त है एवं रिक्‍त पदों की पूर्ति कब तक की जाएगी?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) रिक्‍त पदों की पूर्ति हेतु नगर निगम, में भर्ती की प्रक्रिया कर्मचारी चयन मण्‍डल के द्वारा की जा रही है एवं नगर पालिका/नगर परिषद, में भर्ती किये जाने हेतु सामान्‍य प्रशासन विभाग के निर्देशानुसार कार्यवाही प्रचलन में है। सामान्‍य प्रशासन विभाग के पत्र क्रमांक 744/797188/2022/GAD/RC, दिनांक 18.11.2022 के द्वारा समस्‍त संभागीय संयुक्‍त संचालक, नगरीय प्रशासन एवं विकास को संचालनालय के पत्र क्रमांक 20313, दिनांक 23.11.2022 से जानकारी संकलित की जा रही है। नियम निर्देश की प्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट '' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट '' अनुसार है। (ग) उत्‍तरांश (क) के उत्‍तर में दिये गये विवरण अनुसार कार्यवाही प्रक्रियाधीन है।

बजट में सम्मिलित मार्गों/पुल का निर्माण

[लोक निर्माण]

170. ( क्र. 1460 ) डॉ. गोविन्द सिंह : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भिण्‍ड जिले के अन्‍तर्गत लहार विधानसभा क्षेत्र के अन्‍तर्गत कितने मार्ग एवं पुल हैं, जिन्‍हें वर्ष 2019-20, 2020-21 एवं 2021-22 में बजट में सम्मिलित किए जाने के बाद भी अभी तक निविदा आमंत्रित कर कार्य प्रारंभ नहीं किया गया है? (ख) उक्‍त प्रश्‍नांश के परिप्रेक्ष्‍य में मार्गों का निर्माण कार्य अभी तक प्रारंभ नहीं कराए जाने के क्‍या कारण हैं तथा कब तक कार्य प्रारंभ करा दिया जाएगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) एवं (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्‍ट अनुसार है।

परिशिष्ट - "बयासी"

अनुकंपा नियुक्ति के प्रकरण

[ऊर्जा]

171. ( क्र. 1463 ) श्री पाँचीलाल मेड़ा : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि      (क) क्‍या बिजली के करंट लगने से मृत्‍यु होने पर मुआवजा एवं अनुकंपा नियुक्ति देने के प्रावधान हैं? यदि हाँ, तो बतायें। (ख) क्‍या माह सितम्‍बर, 2009 हरदा जिले के ग्राम हिवाला में 08 साल के मासूम बच्‍चे की मयूर बामने नामक आदिवासी बालक की मौत बिजली विभाग की लापरवाही के कारण हुई थी? इसी तरह माह अगस्‍त, 2022 की शाम को भोपाल वार्ड 29 नेहरू नगर में गणेश पंडाल की झांकी के समेत लगे विद्युत पोल में करंट की वजह से मोहित नामक बालक की मृत्‍यु हुई थी? (ग) यदि हाँ, तो इन दोनों प्रकरणों में मृत्‍यु के परिजनों को कितने-कितने रूपयों की आर्थिक सहायता प्रदान की गई थी एवं क्‍या उनके निकटतम परिजनों को अनुकंपा नियुक्ति देने की कार्यवाही प्रचलित है? यदि नहीं, तो क्‍यों?

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) राजस्‍व विभाग, म.प्र. शासन द्वारा जारी राजस्‍व पुस्‍तक परिपत्र खंड-6, क्रमांक-4 (आर.बी.सी., 6-4) की कंडिका 5 (1) एवं 6 (1) जो कि क्रमश: दुर्घटना में, व्‍यक्ति के मृत होने पर एवं शारीरिक अंग हानि होने पर आर्थिक अनुदान सहायता राशि के भुगतान के संबंध में है, में निर्धारित किए गए प्रावधानों के अनुसार वितरण कंपनियों द्वारा विद्युत दुर्घटना में पीड़ित बाहरी व्‍यक्तियों/परिवारों को आर्थिक अनुदान सहायता राशि का भुगतान किया जाता है। तद्नुसार म.प्र.मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा आर्थिक अनुदान सहायता राशि दिये जाने से संबंधित बनाए गए नियमों/जारी किये गये निर्देशों की छायाप्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-'' अनुसार है। राज्‍य शासन के अनुमोदन उपरांत सभी विद्युत कंपनियों में एक समान ''अनुकंपा नियुक्ति नीति-2018'' लागू की गई है। उक्‍त अनुकंपा नियुक्ति नीति के प्रावधानों के अनुसार ही विद्युत कंपनियों में कार्य के दौरान विद्युत दुर्घटना होने सहित नीति में उल्‍लेखित विभिन्‍न परिस्थितियों में विभागीय कार्मिक के आश्रित परिवार के एक सदस्‍य को अनुकंपा नियुक्ति प्रदान की जाती है। म.प्र.मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी में प्रचलित ''अनुकंपा नियुक्ति नीति-2018'' की छायाप्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'अनुसार है। विद्युत दुर्घटना से मृत्‍यु होने पर बाहरी व्‍यक्तियों के आश्रितों को अनुकंपा नियुक्ति प्रदान करने का कोई प्रावधान नहीं है। (ख) जी नहीं, माह सितम्‍बर 2009 में हरदा जिले के ग्राम हिवाला में मयूर बामने नामक आदिवासी बालक की बिजली करंट से मृत्‍यु होने का कोई प्रकरण कार्यालयीन अभिलेखों में दर्ज नहीं है। अपितु दिनांक 05 सितम्‍बर, 2022 को हरदा जिले के ग्राम हिवाला में मयूर बामने नामक आदिवासी बालक की घर के अन्‍दर कूलर से विद्युत करंट लगने से मृत्‍यु हुई है। भोपाल जिले के वार्ड क्र. 29 नेहरू नगर में माह अगस्‍त 2022 में कोई विद्युत दुर्घटना नहीं हुयी थी, अपितु दिनांक 06.09.2022 को वार्ड क्र. 29 नेहरू नगर में गणेश पंडाल की झांकी के समीप लगे विद्युत पोल से करंट लगने से श्री मोहित गजवानी की मृत्‍यु हुई थी। (ग) उत्‍तरांश (ख) में उल्‍लेखित हरदा जिले की घातक विद्युत दुर्घटना, मीटर के बाद परिसर की आंतरिक विद्युत लाईन से घटित दुर्घटना है, अत: नियमानुसार उक्‍त प्रकरण आर्थिक अनुदान सहायता राशि हेतु अपात्र है। भोपाल जिले की दिनांक 06.09.2022 की घातक विद्युत दुर्घटना में पीडि़त परिवार को नियमानुसार आर्थिक सहायता अनुदान राशि रू. 4 लाख प्रदान की गई है। विद्युत दुर्घटना से मृत्‍यु होने पर बाहरी व्‍यक्तियों के आश्रितों को अनुकंपा नियुक्ति प्रदान करने का कोई प्रावधान नहीं है। अत: शेष प्रश्‍न नहीं उठता।

प्रदेश की जर्जर सड़कों का सुधार

[लोक निर्माण]

172. ( क्र. 1465 ) श्री मेवाराम जाटव : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या माननीय मुख्‍यमंत्री जी ने दिनांक 25/10/2022 को सुबह प्रदेश की सड़कें जर्जर हो जाने के संबंध में विभागीय अधिकारियों की आकस्मिक बैठक बुलाई थी? (ख) यदि हां, तो उक्‍त बैठक में प्रदेश की सड़कें जो कि जर्जर हो चुकी है के संबंध में क्‍या निर्देश दिए थे? इस निर्देश के पालन में विभागीय अधिकारियों ने प्रश्‍न दिनांक तक क्‍या कार्यवाही की है? भिण्‍ड जिले की सड़को की जर्जर स्थिति का ब्‍यौरा दें? (ग) उक्‍त समीक्षा बैठक में विभागीय अधिकारियों ने प्रदेश की कुल कितने किमी सड़कें जर्जर होने की पुष्टि की थी? (घ) उपरोक्‍त जर्जर सड़कों के सुधार हेतु अनुमानित कितनी राशि व्‍यय होना है? क्‍या विभाग के पास इतनी व्‍यवस्‍था है? यदि नहीं, तो क्‍या कर्ज लेकर सड़कों का सुधार किया जायेगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) संज्ञान में नहीं है। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। (ग) उत्‍तरांश (क) अनुसार। (घ) विभाग में लगभग कुल 2123 कि.मी. लंबाई की सड़के खराब स्थिति में है। इन्हें मजबूतीकरण योजना अंतर्गत दुरूस्त करने हेतु प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है।

नियम विरूद्ध जूनियरों को उच्‍च पद का प्रभार

[ऊर्जा]

173. ( क्र. 1466 ) श्री मेवाराम जाटव : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि            (क) क्‍या उच्‍च पद का प्रभार देने के संबंध में म.प्र. शासन सा.प्र.वि. के क्‍या नियम/आदेश हैं?        (ख) क्‍या उक्‍त नियमों का विद्युत वितरण कंपनियों द्वारा पालन किया जा रहा है? यदि नहीं, तो क्‍यों? (ग) क्‍या म.प्र. मध्‍यक्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी भोपाल में क्षेत्रीय मुख्‍य अभियंतों की पदस्‍थापना में उक्‍त नियमों का पालन किया गया है? यदि नहीं, तो क्‍यों? (घ) प्रश्‍नांश (ग) के संदर्भ में वर्तमान में पदस्‍थ मुख्‍य अभियंताओं के मूल पद एवं सीनियरिटी सहित बतायें? क्‍या शासन द्वारा जारी निर्देशों का उल्‍लंघन कर क्षेत्रीय मुख्‍य अभियंता के पदों पर पदस्‍थापना की गई है? यदि हाँ, तो क्‍यों कारण सहित बतायें एवं उनके विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की जायेगी एवं नियम विरूद्ध पदस्‍थ अधिकारियों को हटाकर पात्रता वाले अधिकारियों को कब तक पदस्‍थ किया जायेगा? यदि नहीं, तो क्‍यों?

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) सामान्‍य प्रशासन विभाग से उच्‍च पद का प्रभार दिये जाने संबंधी प्राप्‍त नियम/आदेशों की प्रति संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) एवं (ग) विद्युत वितरण कंपनियां, कंपनी अधिनियम-2013 के अंतर्गत गठित/संचालित कंपनियां है। कंपनी अधिनियम अनुसार कंपनी के कार्यों का संचालन कंपनी के संचालक मण्‍डल द्वारा पारित निर्णयों के आधार पर किया जाता है। अत: शासन द्वारा जारी नियम/दिशा-निर्देश सीधे तौर पर कंपनी पर लागू नहीं होते हैं। तद्नुसार म.प्र.मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा कार्य किया जाता है। (घ) म.प्र.मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कम्‍पनी, लिमिटेड में मुख्‍य महाप्रबंधक (पारे./वित.) के कुल 05 पद स्‍वीकृत हैं, जिन पर वर्तमान में 03 अधिकारी कार्यरत हैं। उक्‍त वरिष्‍ठ पदों पर कार्य की आवश्‍यकता को देखते हुए वरिष्‍ठता सह-उपयुक्‍तता के आधार पर अधिकारियों को क्षेत्रीय मुख्‍य महाप्रबंधक ग्‍वालियर एवं भोपाल के पद का प्रभार सौंपा गया है। वर्तमान में भोपाल एवं ग्‍वालियर में पदस्‍थ अधिकारियों के मूल पद एवं वरिष्‍ठता/सीनियरिटी की स्थिति निम्‍नानुसार है :-

पद

पदस्‍थ अधिकारी का मूल पद

उप महाप्रबंधक (पारे./वित.) की वरीयता सूची में वरिष्‍ठता क्रमांक

क्षेत्रीय मुख्‍य महाप्रबंधक ग्‍वालियर

उप महाप्रबंधक (पारे./वित.)

04

क्षेत्रीय मुख्‍य महाप्रबंधक भोपाल

उप महाप्रबंधक (पारे./वित.)

15

उत्‍तरांश (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में शेष प्रश्‍न नहीं उठता।

परिशिष्ट - "तेरासी"

शासकीय महाविद्यालयों में नियुक्तियां

[उच्च शिक्षा]

174. ( क्र. 1504 ) श्री सज्जन सिंह वर्मा : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) देवास जिले के किन-किन शासकीय महाविद्यालयों में जनभागीदारी मद से कम्प्यूटर ऑपरेटर एवं कम्प्यूटर तकनीशियन के पद पर कौन-कौन कर्मचारी कितने-कितने वर्षों से कार्यरत हैं? उनके नाम, पद और वर्तमान में कितना मानदेय दिया जा रहा है। (ख) क्या प्राचार्य द्वारा जनभागीदारी मद से कार्यरत कर्मचारियों की हर वर्ष कम्‍प्यूटर ऑपरेटर एवं कम्‍प्यूटर तकनीशियन पद के लिए विज्ञप्ति निकाली जाती है? यदि हाँ, तो विज्ञप्ति की सत्यापित प्रति, विज्ञप्ति में कितने आवेदन आये, क्या आवेदन में पूर्व से कार्यरत कर्मचारी को प्राथमिकता दी गयी? (ग) यदि नहीं, तो देवास जिले के कतिपय शासकीय महाविद्यालयों में वर्ष 2021 के माह अक्‍टूबर में कम्प्यूटर तकनीशियन पद के लिए विज्ञप्ति निकाली गई थी, जबकि महाविद्यालयों में पूर्व से ही कम्प्यूटर तकनीशियन/ऑपरेटर कार्यरत हैं? इसके बाबजूद भी पूर्व से कार्यरत कर्मचारी को विज्ञप्ति निकालने के पूर्व कार्य मुक्ति का पत्र दिया गया था, क्या कर्मचारी ने प्राचार्य द्वारा दिए गए पत्र को स्वीकार किया था? यदि हाँ, तो पत्र की सत्यापित प्रति उपलब्ध करावें? यदि नहीं, तो कर्मचारी को बिना सूचना दिए कैसे विज्ञप्ति निकाल दी गयी? (घ) क्या जारी विज्ञप्ति में सरकारी कार्यालय में कार्य करने का 4 वर्षों का अनुभव वाले आवेदकों को प्राथमिकता दी जाएगी का उल्लेख किया गया था? यदि हाँ, तो विज्ञप्ति की कॉपी उपलब्ध करावें, यदि नहीं, तो क्यों?

उच्च शिक्षा मंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जिला देवास अंतर्गत स्थित शासकीय महाविद्यालयों में जनभागीदारी मद से कम्‍प्‍यूटर ऑपरेटर एवं कम्‍प्‍यूटर तकनीशियन के रूप में कोई श्रमिक/अस्‍थायी सेवा प्रदाता कार्यरत नहीं है। (ख) जिला देवास अंतर्गत शासकीय महाविद्यालय, कन्‍नौद द्वारा कम्‍प्‍यूटर तकनीशियन हेतु दिनांक 17-10-201707-10-2021 को तथा कम्‍प्‍यूटर ऑपरेटर हेतु दिनांक 02-12-2022 को विज्ञप्ति निकाली है, जिसकी जानकारी संलग्न परिशिष्‍ट अनुसार है। कम्‍प्‍यूटर तकनीशियन हेतु दिनांक 17-10-2017 को जारी विज्ञप्ति के अनुक्रम में कुल 05 तथा दिनांक 07-10-2021 को जारी विज्ञप्ति अंतर्गत कुल 04 आवेदन प्राप्‍त हुए। जारी विज्ञप्तियों में पूर्व से कार्यरत कर्मचारी को प्राथमिकता प्रदान किए जाने का उल्‍लेख नहीं है। (ग) जी हाँ। शासकीय महाविद्यालय, कन्‍नौद द्वारा कम्‍प्‍यूटर तकनीशियन हेतु जारी विज्ञप्ति दिनांक 17-10-2017 में जारी आवश्‍यक शर्तों के अंतर्गत बिन्‍दु क्रमांक 37 में उल्‍लेखित प्रावधान अनुसार तथा पूर्व से कार्यरत तकनीशियन द्वारा महाविद्यालय के गोपनीय रिकार्ड में हेराफेरी करने व गोपनीयता भंग करने के कारण अस्‍थायी सेवा प्रदाता को कार्य से हटाया गया। (घ) जी नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - "चौरासी"

रिक्‍त पदों की जानकारी

[लोक निर्माण]

175. ( क्र. 1505 ) श्री पाँचीलाल मेड़ा : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) लोक निर्माण विभाग नया संभाग भोपाल अंतर्गत शिवाजी नगर के अनुविभाग अंतर्गत विभिन्‍न सेक्‍शनों में वर्ष 2018-19,2019-20 में शासकीय आवासों के मरम्‍मत/अतिरिक्‍त निर्माण कार्यों के लिये ठेका एजेंसी को एकमुश्‍त बजट देकर कार्य कराया गया था? यदि हाँ, तो किन कारणों से ठेका पद्धति समाप्‍त की गई? (ख) वर्तमान में प्रश्‍नांकित कार्यों के संपादन हेतु क्‍या व्‍यवस्‍था संचालित है? विभाग अंतर्गत निर्माण कार्य संपादन हेतु अनुविभाग में कौन-कौन से पद स्‍वीकृत हैं एवं स्‍वीकृत पदों के विरूद्ध कौन-कौन कार्यरत हैं? कितने पद कब से रिक्‍त हैं? यदि रिक्‍त हैं तो प्रश्‍नांकित कार्य किस प्रकार संपादित किया जा रहा है? (ग) उपरोक्‍त प्रश्‍नांश के परिप्रेक्ष्‍य में उक्‍त शासकीय आवास गृहों में न तो सीमेंट, गिट्टी एवं निर्माण कार्य श्रमिकों आदि की व्‍यवस्‍था है एवं जो उपलब्‍ध कर्मचारी हैं, उनसे भी कार्य नहीं लिया जाता है? तो किस प्रकार से शासकीय आवासों के मरम्‍मत/अतिरिक्‍त निर्माण के कार्य किस तरह संपादित किये जाते हैं? (घ) क्‍या उक्‍त क्षेत्र के जी, एच एवं आई टाईप के शासकीय आवासों में लंबे समय से टारफेड, आवासों के बाहर की पुताई, खिड़की दरवाजों पर पेंट, छतों पर अतिरिक्‍त शेड निर्माण, आवासों के निकासी एवं सीवेज पाईप टूटे होने, चेंबर टूटे होने एवं दीवारों पर पीपल के पेड़ उगने से आवास जर्जर हो रहे हैं? ये कार्य शासकीय अमले अथवा निजी एजेंसी से कब तक कराये जायेंगे?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।                   (ख) निविदा पद्धति से एवं आवश्‍यकतानुसार छोटे-छोटे मरम्‍मत कार्य विभाग में कार्यरत कर्मचारियों/स्‍थायी कर्मियों द्वारा कराये जाते है। जानकारी संलग्न प्रपत्र-अ एवं ब अनुसार है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी नहीं। संविदाकार द्वारा एवं आवश्‍यकतानुसार छोटे-छोटे मरम्‍मत कार्य विभाग में कार्यरत कर्मचारियों/स्‍थायी कर्मियों के द्वारा कराये जाते है। (घ) जी नहीं। संधारण कार्य निरन्‍तर, सतत् प्रक्रिया के अंतर्गत कराये जाते है।

परिशिष्ट - "पिच्चासी"