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मध्यप्रदेश विधान सभा


प्रश्नोत्तर-सूची
जुलाई, 2016 सत्र


शुक्रवार, दिनांक 22 जुलाई, 2016


भाग-1
तारांकित प्रश्नोत्तर



( वर्ग 5 : किसान कल्याण तथा कृषि विकास, पंचायत और ग्रामीण विकास, सामाजिक न्याय एवं निःशक्त जन कल्याण, सहकारिता, राजस्व, पुनर्वास, परिवहन, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, लोक सेवा प्रबन्धन, जन शिकायत निवारण )


टेण्‍डर दरों में अंतर की जाँच

1. ( *क्र. 1539 ) श्री मधु भगत : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग मनावर जिला धार में कार्यपालन यंत्री से सांठ-गांठ कर ठेकेदार श्री सुनील कुमार जायसवाल बाकानेर द्वारा अधिक दर पर कार्य स्‍वीकृत कराकर शासन को हानि पहुँचाई जा रही है तथा उक्‍त ठेकेदार ने मुख्‍य मंत्री सड़क योजना 2015-16 टेण्‍डर में, फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र प्राप्‍त कर कार्य लिया? (ख) क्‍या उक्‍त ठेकेदार द्वारा घटवाल नदी बाकानेर, आंगनवाड़ी सह-बैठक कक्ष बाकानेर तहसील मनावर जिला धार का कार्य 40% अधिक दर पर स्‍वीकृत करवा कर कार्य किया गया है, जबकि इसी संभाग में अन्‍य कार्य, अन्‍य ठेकेदारों द्वारा कम दरों पर किये जा रहे हैं? यदि हाँ, तो क्‍या जाँच कराकर कार्यवाही की जावेगी? (ग) क्‍या गंधवानी विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत मुख्‍यमंत्री सड़क योजना 2015-16 के टेण्‍डर भी अन्‍य ठेकेदारों के रोककर 19 % अधिक दर पर स्‍वीकृत किये गये, जबकि धार जिले के ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग धार के 2015-16 के टेण्‍डर 25% कम दर पर मुख्‍यमंत्री सड़क योजना के स्‍वीकृत किये गये? यदि हाँ, तो यह कैसे उचित है? यदि नहीं, तो जाँच कर दोषी को दण्डित किया जायेगा?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी नहीं। (ख) जी नहीं। विभागीय निर्देशों के अंतर्गत निविदाएं ऑनलाईन पद्धति से आमंत्रित की जाती हैं। प्रतिस्‍पर्धा में प्राप्‍त न्‍यूनतम दरों को स्‍वीकृत किया जाता है। निविदा दरें कार्य का स्‍वरूप, कार्य स्‍थल की भौगोलिक स्थिति, निर्माण सामग्री एवं कुशल श्रमिकों की उपलब्‍धता पर निर्भर होने से भिन्‍न होती है। अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी नहीं। उत्‍तरांश (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

इंदिरा आवास योजनांतर्गत अपात्रों को स्‍वीकृत राशि की जाँच

2. ( *क्र. 153 ) कुँवर सौरभ सिंह : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) कटनी जिले के विकासखण्‍ड बहोरीबंद के ग्राम पंचायत बड़खेड़ा नीम में वर्ष 2014-15 से प्रश्‍न दिनांक तक किन-किन हितग्राहियों को इंदिरा आवास योजना के तहत राशि स्‍वीकृत की गई? सूची नाम पता सहित दें (ख) क्‍या प्रश्‍नांश (क) के हितग्राहियों के आवास उक्‍त पंचायत क्षेत्र में ही निर्मित हैं तथा संबंधित हितग्राही रह रहा है, इस बात का सत्‍यापन किस अधिकारी द्वारा किया गया? नाम पद सहित बताएं (ग) क्‍या प्रश्‍नकर्ता सदस्‍य द्वारा मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत कटनी को पत्र दिनांक 13.6.2016 लिखा है एवं प्रमुख सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास को कार्यालयीन पत्र क्रमांक 477 दिनांक 15.06.2016 को लिखकर सत्‍यापन किये जाने का आग्रह किया गया था? यदि हाँ, तो उक्‍त पत्र अनुसार क्‍या कार्यवाही की गई? (घ) क्‍या शासन द्वारा कटनी जिले में इंदिरा आवास के अंतर्गत जिन्‍हें एक किश्‍त प्राप्‍त हो चुकी है, उनका सत्‍यापन न कर उन्‍हें दूसरी किश्‍त की राशि प्रदान नहीं की जा रही है, किन्‍तु जो व्‍यक्ति उक्‍त क्षेत्र के निवासी हैं ही नहीं उन्‍हें आवास स्‍वीकृत की समस्‍त किश्‍तें जारी की जा रही हैं? यदि हाँ, तो क्‍या इसकी जाँच करवाकर कार्यवाही की जायेगी तथा दोषियों को दंडित किया जायेगा?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) ग्राम पंचायत बड़खेड़ा नीम में वर्ष 2014-15 से प्रश्‍न दिनांक तक इंदिरा आवास स्वीकृत करने की जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) प्रश्‍नांश्‍ा (क) के हितग्राहियों के आवास उसी पंचायत क्षेत्र में निर्मित हैं तथा हितग्राही उसी ग्राम में निवासरत हैं, इसका सत्यापन उपयंत्री श्री चेतन सोनी द्वारा किया गया (ग) जी हाँ, पत्र दिनांक 13.06.2016 के अनुसार इंदिरा आवास योजना के लाभान्वित आवासों का सत्यापन कराया गया। (घ) जी, नहीं। शेष का प्रश्‍न नहीं उठता।

परिशिष्ट - ''एक''

मण्‍डी बोर्ड में प्रतिनियुक्ति पर पदस्‍थ अधिकारी/कर्मचारी

3. ( *क्र. 587 ) श्रीमती ममता मीना : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2007 से प्रश्‍न दिनांक तक मण्‍डी बोर्ड द्वारा विभिन्‍न कृषि उपज मण्‍डियों में अन्‍य विभागों के कर्मचारी/अधिकारी प्रतिनियुक्ति पर कितने समय तक के लिए लिये गये थे? विभागों के नाम सहित विवरण दें (ख) क्या मण्‍डी बोर्ड द्वारा जिन कर्मचारियों को प्रतिनियुक्ति पर निर्धारित समय के लिये लिया गया, वह उससे अधिक समय तक किस आदेश से अभी तक पदस्‍थ हैं? विभाग द्वारा अभी तक उन्‍हें वापिस क्‍यों नहीं किया गया? कारण सहित विवरण दें (ग) क्‍या कृषि उपज मण्‍डी समिति, शिवपुरी में नियुक्‍त सचिव रियाज अहमद वर्ष 2007 से प्रश्‍न दिनांक तक प्रतिनियुक्ति पर समय पूरा होने के बाद भी पदस्‍थ है, किस आदेश से? क्‍या उसने विभाग की परीक्षा उत्‍तीर्ण की थी? इन्‍हें विभाग से कब तक हटायेंगे और दोषियों पर क्‍या कार्यवाही करेंगे? (घ) क्‍या प्रश्‍नांश (क) (ख) और (ग) के अंतर्गत अन्‍य सभी पात्र प्रतिनियुक्त कर्मचारी/अधिकारियों के अलावा अपात्र लोगों की जाँच और उनको संरक्षण देने वाले या उनको वेतन भत्‍ते देने वाले अधिकारियों पर विभाग कार्यवाही करेगा, हाँ तो कब तक?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) कर्मचारियों को प्रथमत: संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र '' के कालम नं. 05 में दर्शायी गई अवधि हेतु प्रतिनियुक्ति पर लिया गया था, इनमें से जिन कर्मचारियों की प्रतिनियुक्ति अवधि समाप्त हो गई थी और प्रतिनियुक्ति अवधि में वृद्धि का आदेश जारी नहीं हुआ है, उन्हें भी पदों की पूर्ति होने तक प्रतिनियुक्ति पर यथावत रखने का निर्णय लिया गया है, जिसके अनुक्रम में वह अभी प्रतिनियुक्ति पर निरंतर कार्यरत हैं। परिप्रेक्ष्य में म.प्र. राज्य कृषि विपणन बोर्ड में कार्य की आवश्यकता को दृष्टिगत रखते हुए प्रतिनियुक्त कर्मचारियों को वापिस नहीं किया गया है। (ग) म.प्र. राज्य कृषि विपणन बोर्ड के आदेश दिनांक 27.06.2014 से श्री रियाज अहमद सचिव-स की प्रतिनियुक्ति अवधि में मार्च 2017 तक की वृद्धि होने के आधार पर श्री रियाज अहमद प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत हैं जी नहीं, मण्‍डी बोर्ड में प्रतिनियुक्ति पर पदस्थ अधिकारी/कर्मचारी को विभागीय परीक्षा उत्तीर्ण करने के संबंध में म.प्र. राज्य मण्‍डी बोर्ड सेवा विनियम 1998 में प्रावधान नहीं है। अतएव शेष प्रश्न उद्भूत नहीं होता है। (घ) उत्तरांश (ख) एवं (ग) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उद्भूत नहीं होता है।

परिशिष्ट - ''दो''

नकली खाद बीज निर्माता/विक्रेताओं पर कार्यवाही

4. ( *क्र. 1978 ) श्री देवेन्द्र वर्मा : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विगत तीन वर्षों में खण्‍डवा जिले में कृषि विभाग द्वारा कितने उर्वरक एवं बीज विक्रेताओं के संस्‍थानों की जांच की गई। (ख) विगत दिनों खण्‍डवा जिले में किन-किन नकली बीज उत्‍पादकों एवं विक्रेताओं पर पुलिस प्रकरण दर्ज किए गए। वर्तमान में क्‍या कार्यवाही प्रचलित है? (ग) किसानों के हित में वर्षाकाल के पूर्व गुणवत्‍तायुक्‍त बीज उपलब्‍ध कराने हेतु कृषि विभाग की क्‍या कार्य योजना है? (घ) जिले में लंबे समय से किसान विरोधी अन्‍तर्राज्‍यीय नकली बीज के कारखाने संचालित होने के बाद भी कृषि विभाग के अधिकारियों का मौन रहने का क्‍या कारण है? ऐसे लापरवाह एवं भ्रष्‍ट अधिकारियों के विरूद्ध कब तक अनुशासनात्‍मक कार्यवाही करेंगे?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) विगत तीन वर्षों में खण्‍डवा जिले में कृषि विभाग के निरीक्षकों द्वारा उर्वरक के 284 एवं बीज के 480 विक्रेताओं के संस्‍थानों की जाँच (निरीक्षण) की गई। (ख) विगत दिनों खण्‍डवा जिले में मेसर्स सेठी सीड्स इंडिया प्रा.लि., भवानी माता रोड, खंडवा के प्रोप्राइटर श्री कमलेश माणकचंद सेठी एवं ईगल सीड्स एवं बायोटेक लिमिटेड, सिल्‍वर सेक्‍चौरा, आर.एन.टी. मार्ग इन्‍दौर के प्रबंध संचालक श्री वैभव जैन के विरूद्ध थाना छैगांवमाखन में पुलिस प्रकरण दर्ज कराया गया है। वर्तमान में प्रकरण पुलिस विवेचना में है। (ग) किसानों के हित में वर्षाकाल पूर्व कार्ययोजना के तहत खण्‍डवा जिले में बीज निरीक्षकों द्वारा अपने-अपने कार्यक्षेत्र में नियमित रूप से बीज विक्रय केन्‍द्रों एवं भंडारण केन्‍द्रों का निरीक्षण करते हुये समय-समय पर बीज के नमूने लिये जाकर परीक्षण हेतु प्रयोगशाला भेजे जाते हैं। अमानक पाये जाने पर गुण दोष के आधार पर बीज अधिनियम 1966 के अंतर्गत कार्यवाही की जाती है। (घ) बीज विक्रेताओं के द्वारा भंडारित बीज एवं कृषकों को विक्रय किया जा रहा बीज मानक स्‍तर का हो, यह सुनिश्चित करने के लिये कृषि विभाग के निरीक्षकों द्वारा विगत तीन वर्षों में 480 बीज प्रतिष्‍ठानों का निरीक्षण कर खरीफ एवं रबी बीज के 457 नमूने लेकर बीज परीक्षण प्रयोगशाला को गुणवत्‍ता परीक्षण हेतु भेजे गये। अमानक नमूनों पर गुण दोष के आधार पर विधिसंगत कार्यवाही की गई। इस प्रकार कृषि विभाग के अधिकारियों का मौन अथवा लापरवाह होने का प्रश्‍न नहीं उठता।

ग्राम पंचायत के अपूर्ण कार्यों की जाँच

5. ( *क्र. 2183 ) श्री बहादुर सिंह चौहान : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) महिदपुर वि.स. क्षेत्र की ग्राम पंचायत पेटलावद के दिनांक 01.01.10 से दिनांक 31.12.14 तक अपूर्ण कार्यों की जानकारी देवें (ख) ये कब तक पूर्ण होंगे? (ग) इस समयावधि के गुणवत्‍ताहीन कार्यों की जाँच तकनीकी समिति से कब तक करा ली जावेगी? (घ) गुणवत्‍ताहीन व अपूर्ण कार्यों के दोषियों पर कब तक कार्यवाही की जावेगी?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार(ख) कार्य प्रगतिरत है, निश्चित समय-सीमा बताना संभव नहीं है। (ग) ग्राम पंचायत के 66 कार्यों का तीन सदस्यीय दल जिसमें एक तकनीकी सदस्य भी थे, द्वारा भौतिक जाँच 02.07 2016 को की गई है। भौतिक जाँच में मौके पर अधिकतर कार्य होना पाया गया है। अतः शेष की जानकारी निरंक है। (घ) जाँच प्रतिवेदन का परीक्षण कर गुणदोष के आधार पर कार्यवाही की जा सकेगी।

वृहत्‍ताकार सहकारी कृषि साख समिति में कार्यरत अमला

6. ( *क्र. 673 ) डॉ. योगेन्‍द्र निर्मल : क्या राज्‍यमंत्री, सहकारिता महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बालाघाट जिले में कुल कितनी वृहत्‍ताकार सहकारी कृषि साख समितियां हैं एवं उक्‍त संस्‍थाओं में कौन-कौन कर्मचारी कब से किस-किस पद पर कहाँ-कहाँ पदस्‍थ हैं? कर्मचारियों के नाम पदनाम सहित जानकारी देवें (ख) क्‍या अधिकांश संस्‍थाओं में पर्याप्‍त कर्मचारी होने के बाद भी कान्‍टीजेंसी में कर्मचारी रखकर अनावश्‍यक रूप से आर्थिक क्षति पहुंचायी जा रही है? किन-किन संस्‍थाओं में कौन-कौन व्‍यक्तियों को कान्‍टीजेंसी कर्मचारी के रूप में रखकर कब से कार्य करवाया जा रहा है? कान्‍टीजेंसी कर्मचारियों को रखने के क्‍या नियम हैं? (ग) क्‍या बिना पंजीयक के अनुमति के किसी भी कान्‍टीजेंसी कर्मचारी को दो वर्षों से अधिक लगातार समय तक कार्य पर रखना उचित है? यदि हाँ, तो सहकारी सोसायटी अधिनियम के किस नियम के तहत्। (घ) क्‍या अधिकांश संस्‍थाओं में संस्‍था प्रबंधक एवं संचालक मण्‍डल के द्वारा कान्‍टीजेंसी में नियुक्‍त कर्मचारी से सांठ-गांठ, लेन-देन करके बगैर कार्य के जानबूझकर बिना अनुमति के लम्‍बे समय तक लगातार उनकी उपस्थिति बताकर बाद में इन्‍हें स्‍थायी कर्मचारी की पात्रता दे दी जाती है? यदि नहीं, तो क्‍या इसकी जाँच करवाकर ऐसे कर्मचारियों को तत्‍काल बंद किया जावेगा एवं दोषी अधिकारी एवं संचालक मण्‍डल के विरूध्‍द क्‍या कार्यवाही की जावेगी?

राज्‍यमंत्री, सहकारिता ( श्री विश्वास सारंग ) : (क) 126. शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है. (ख) जी नहीं. जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है. कान्टीजेंसी कर्मचारियों को रखे जाने के प्रावधान कर्मचारी सेवा नियम में नहीं है. (ग) जी नहीं. कान्टीजेंसी कर्मचारियों को रखे जाने के प्रावधान सहकारी अधिनियम/नियम तथा कर्मचारी सेवा नियम में नहीं है. (घ) जी नहीं. संस्थाओं में कान्टीजेंसी कर्मचारियों की नियुक्ति कर्मचारी सेवा नियम के प्रावधानों के विपरीत की गई है. ऐसे कर्मचारियों की सेवा समाप्त करने एवं दोषियों के विरूद्ध कार्यवाही हेतु निर्देश दिये गये हैं.

जनशिकायत निवारण प्रकोष्‍ट में की गयी शिकायतों पर कार्यवाही

7. ( *क्र. 2050 ) श्री आर.डी. प्रजापति : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2014-15, 2015-16 में प्रश्‍नकर्ता द्वारा विभागवार कितने शिकायती आवेदन दिये गये एवं उनमें क्‍या कार्यवाही की गयी? प्रतिवेदन उपलब्‍ध कराया जावे (ख) क्‍या सामान्‍य प्रशासन विभाग के आदेश क्र. एफ 19-76/2007/1/4 दिनांक 27.11.15 के अनुसार विधायकों के पत्रों पर कार्यवाही करते हुये जवाब तीन दिवस में दिये जाने का प्रावधान है? ऐसी स्थिति में उक्‍त पत्रों के जवाब न देने एवं कार्यवाही नहीं करने के कारण कौन अधिकारी जिम्‍मेदार हैं? (ग) यदि संबंधित अधिकारियों के द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की गई तो क्‍या म.प्र. सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण, अपील) के नियम 1966 के अंतर्गत की जावेगी? यदि हाँ, तो कब तक? (घ) क्‍या की गयी कार्यवाही से प्रश्‍नकर्ता को सूचित किया जायेगा? यदि हाँ, तो कब तक?

उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री जयभान सिंह पवैया ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

सागर जिले में अनियमितता के प्रकरणों की जाँच

8. ( *क्र. 2245 ) श्री हर्ष यादव : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या अता. प्रश्‍न संख्‍या 133 (क्रमांक 4872) दिनांक 10 मार्च, 2016 के उत्‍तर (ख) में प्राप्‍त जाँच रिपोर्ट में प्रबंध संचालक, बीज निगम ने अपने पत्र क्र. 3920 दिनांक 22 सितम्‍बर, 2015 के पैरा 3 में ''अन्‍य बीज समितियों को दिये गये उत्‍पादन एवं वितरण अनुदान की भी विस्‍तृत जाँच की जावेगी'' का उल्‍लेख किया था? यदि हाँ, तो अब तक कितनी व कौन-कौन सी समितियों की विस्‍तृत जाँच की गई? समितिवार जाँच परिणामों से अवगत करावें (ख) प्रारंभिक जाँच प्रतिवेदन की कंडिका 4.4, 4.5 (3), 4.5 (5), 4.5 (6), 4.5 (7), 5.6 (2), 5.6 (4), 5.6 (5), 6.3 (2) एवं 6.3 (3) की जाँच विस्‍तृत रूप से कब कराई गई? जाँच में कौन-कौन दोषी पाया गया? (ग) गेहूँ प्रदर्शन 2014-15 में नीम तेल के उपयोग के प्रावधान न होने के बावजूद रू. 11.99 लाख के नीमतेल के भुगतान के मामले में क्‍या राशि वसूली योग्‍य पाई गई है? यदि हाँ, तो कब तक, किस-किस से वसूली की जावेगी? (घ) प्रश्‍नांश (क) उल्‍लेखित जाँच प्रतिवेदन में शासन को गंभीर आर्थिक हानि होना पाया गया है? इस प्रकरण में कौन-कौन से शासकीय सेवक लिप्‍त पाये गये हैं? इनके विरूद्ध क्‍या-क्‍या कार्यवाही कब तक की जावेगी? इनकी वर्तमान पदस्‍थापना का भी विवरण दें?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) जी हाँ, जाँच संबंधी विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) प्रश्‍नांश () पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) विवरण प्रश्‍नांश () एवं () पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (घ) म.प्र. शासन के पत्र क्रमांक एफ 4ए/22/2015/14-1 दिनांक 04.12.2015 द्वारा आरोप पत्र जारी किये गये। आरोप पत्र के संबंध में अपचारी अधिकारी से प्राप्‍त बचाव उत्‍तर परीक्षणाधीन है। तत्‍कालीन उप संचालक किसान कल्‍याण तथा कृषि विकास जिला सागर श्री एम.एल. चौहान वर्तमान में उप संचालक किसान कल्‍याण तथा कृषि विकास जिला नीमच हैं।

पात्र कर्मियों की परिवीक्षा अवधि समाप्‍त की जाना

9. ( *क्र. 54 ) श्री शंकर लाल तिवारी : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मण्‍डी बोर्ड भोपाल द्वारा सीधी भर्ती 2011 में चयनित/नवनियुक्‍त सहायक उपनिरीक्षक/लेखापाल/सहा. लेखापाल की 02 वर्ष की परिवीक्षा अवधि 05 वर्ष पूर्ण हो जाने पर भी समाप्‍त क्‍यों नहीं की गयी? (ख) परिवीक्षा अवधि समाप्‍त करने के लिये गोपनीय चरित्रावली की आवश्‍यकता 2013 तक की है जबकि हर साल गोपनीय चरित्रावली की जरूरत 01-01 साल बढ़ाकर 2016 तक क्‍यों की गयी? (ग) क्‍या परिवीक्षा अवधि समाप्‍त करने के लिये गोपनीय चरित्रावली समय पर मण्‍डी बोर्ड भोपाल पहुँचाने का दायित्‍व आंचलिक कार्यालय तथा मण्‍डी बोर्ड भोपाल के कर्मचारियों/अधिकारियों का है? यदि हाँ, तो ये दायित्‍व नवनियुक्‍त कर्मचारियों पर क्‍यों थोपा जाता है? (घ) गोपनीय चरित्रावली मण्‍डी बोर्ड भोपाल पहुंचने के बाद भी वहां इसे गुमाने वाले दोषी अधिकारी/कर्मचारियों पर क्‍या कार्यवाही की गई?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) म.प्र. राज्य कृषि विपणन बोर्ड में सीधी भर्ती से नियुक्त सहायक उपनिरीक्षक/लेखापाल सेवकों की परिवीक्षा अवधि समाप्ति के लिये गोपनीय चरित्रावली सहित पुलिस चरित्र सत्यापन, जाति प्रमाण पत्र, शैक्षणिक योग्यता का सत्यापन होने के साथ ही विभागीय परीक्षा उत्तीर्ण करना भी आवश्यक है। उक्त औपचारिकताओं की पूर्ति करने वाले कर्मियों की परिवीक्षा अवधि समाप्त की जा चुकी है तथा शेष कर्मचारियों के संबंध में वांछित औपचारिकताओं की पूर्ति हेतु प्रयास किये जा रहे हैं जो कि एक निरंतर प्रक्रिया है। मण्‍डी बोर्ड में सहायक लेखापाल का पद नहीं है। (ख) परिवीक्षा अवधि समाप्त करने हेतु उत्तरांश (क) में वर्णित अभिलेखों के साथ सेवक के परिवीक्षाकाल अवधि के गोपनीय चरित्रावलियों की ही आवश्यकता है। इसलिये शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी हाँ। नवनियुक्त एवं अन्य सभी अधिकारियों/कर्मचारियों को स्वमूल्यांकन दर्ज कर निर्धारित समयावधि में वार्षिक गोपनीय चरित्रावली अपने नियंत्रणकर्ता अधिकारी को प्रस्तुत करने हेतु निर्देशित किया जाता है, जो कि एक सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया है और सभी कर्मियों पर समान रूप से लागू है। (घ) इस तरह का प्रकरण संस्था के संज्ञान में नहीं आने से कार्यवाही करने की स्थिति निर्मित नहीं हुई है।

भूदान किसानों की जमीनों पर किसानों को काबिज किया जाना

10. ( *क्र. 1052 ) श्री सूबेदार सिंह रजौधा : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या जौरा तहसील के राजस्‍व ग्राम रकेरा में दिनांक 8-4-1976 में भूदान यज्ञ भोपाल द्वारा 240 बीघा जमीन कृषि के लिये किसानों को दी गई थी? उस पर वन विभाग द्वारा बिना कारण बताये कब्‍जा कर किसानों को खेती कराने से वंचित कर दिया गया है? (ख) क्‍या लगभग 10 वर्ष पूर्व गेल इण्डिया लि. द्वारा उक्‍त भूमि में निकाली गई गैस पाईप लाईन का बतौर मुआवजा वन विभाग को न देकर किसानों को भूमि स्‍वामी मानकर मुआवजा किसानों को दिया गया था? यदि हाँ, तो स्‍पष्‍ट है कि उक्‍त भूमि पर वन विभाग का अवैध कब्‍जा है? (ग) क्‍या उक्‍त भूमि को किसानों ने कड़ी मेहनत करके पसीना बहाकर उक्‍त भूमि को कृषि योग्‍य बनाया और 4-5 वर्ष खेती भी की लेकिन 1980-81 के समय वन विभाग ने किसानों को डरा धमका कर अपने अधिकारों का भय दिखाकर भगा दिया? (घ) क्‍या गरीब किसानों द्वारा उक्‍त भूमि पर खेती करने के उद्देश्‍य से के.सी.सी. ट्रेक्‍टर कृषि यंत्र भी ऋण लेकर खरीदे गये और वन विभाग ने उस भूमि पर खेती नहीं करने दी, जिससे किसानों द्वारा लिया गया ऋण कृषि यंत्र औचित्‍यविहीन अनुपयोगी हो गये और किसान भारी कर्ज में डूब गये? प्रकरण का स्‍थाई समाधान कब तक कर दिया जावेगा?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) से (घ) कलेक्टर से जानकारी अप्राप्त। जानकारी एकत्रित की जा रही है।

विधानसभा क्षेत्र भितरवार की मुख्‍य रोड की सड़कों का निर्माण

11. ( *क्र. 1847 ) श्री लाखन सिंह यादव : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मेरे पत्र क्र. 31 दिनांक 02.06.2016 को स्‍पष्‍ट करें? विधानसभा सत्र जुलाई, 2014 में दिनांक 07.07.2014 को प्रश्‍नकर्ता द्वारा पूछे गये तारांकित प्रश्‍न संख्‍या 4 (क्र. 2078), में मा. मंत्री महोदय द्वारा सदन में आपसी सहमति उपरांत प्रश्‍नकर्ता के विधानसभा क्षेत्र की भितरवार मुख्‍य रोड ए.बी. रोड नयागांव से भितरवार तक जिसकी एक मुख्‍य रोड को ही तीन रोडों का नाम दिया था (1) ए.बी. रोड नयागांव से चीनोर. (2) चीनोर से करईया. (3) करईया से भितरवार को इन रोडों की हालत बहुत जर्जर होने के कारण पी.एम.जी.एस.वाई. से आज ही (07.07.2014 का) लोक निर्माण विभाग में हस्‍तांतरण कर दिया जायेगा ऐसा आश्‍वासन दिया था? (ख) प्रश्‍नांश (क) के रोडों का ग्‍वालियर जी.एम. या भोपाल से वरिष्‍ठ अधिकारियों द्वारा 07.07.2014 के बाद विधानसभा में मा. मंत्री जी द्वारा दिये आश्‍वासन की पूर्ति इतने लंबे समय तक न हो पाने के कारणों का गहराई से अध्‍ययन करने हेतु कब-कब भौतिक निरीक्षण किया है? क्‍या उन्‍होंने इस रोड की हालत से मा. मंत्री महोदय एवं मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी/प्रमुख अभियंता महोदय भोपाल को लिखित रूप से इस रोड के निर्माण हेतु अवगत कराया है? यदि हाँ, तो कब-कब तारीख एवं पत्र स्‍पष्‍ट करें? यदि हाँ, तो आज दिनांक तक उक्‍त रोडों के संबंध में क्‍या कार्यवाही की गई है? (ग) प्रश्‍नांश (क) अनुसार उक्‍त रोडों के संबंध में अब विभाग की आगामी क्‍या योजना है? इसके निर्माण के लिये विभाग द्वारा अब क्‍या उपाय किया जायेगा?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ। (ख) प्रश्नांश (क) के मार्गों के संबंध में दिये गये आश्वासन अनुसार लोक निर्माण विभाग को हस्तांतरण हेतु प्राधिकरण के पत्र क्रमांक 19259 दिनांक 24.09.2014 द्वारा लेख किया गया। सड़कों के हस्तांतरण हेतु महाप्रबंधक, म.प्र.ग्रा.स.वि.प्रा. पी.आई.यू. ग्वालियर के पत्र क्रमांक 747 दिनांक 30.05.2014 एवं पत्र क्रमांक 1329 दिनांक 06.09.2014, मुख्यालय स्तर से प्रमुख अभियंता का पत्र क्रमांक 13938 दिनांक 30.07.2014 एवं पत्र क्रमांक 21725 दिनांक 03.11.2014 तथा मुख्य कार्यपालन अधिकारी का पत्र क्रमांक 19259 दिनांक 24.09.2014 एवं पत्र क्रमांक 21272 दिनांक 28.10.2014 द्वारा लोक निर्माण विभाग को अवगत कराया गया। उल्लेखित मार्ग ए.बी. रोड नयागांव से चीनोर के निर्माण का लोक निर्माण विभाग द्वारा डी.पी.आर. तैयार किया जा रहा है। चीनोर से करईया एवं करईया से भितरवार मार्ग को एम.डी.आर. घोषित करने हेतु मध्यप्रदेश शासन, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, द्वारा सहमति दी गई है। अतः शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) प्रश्नांश (ख) में दिये गये उत्तर अनुसार मार्ग निर्माण की योजना है, अतः शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।

तहसीलदार (राजस्‍व) की पदस्‍थापना

12. ( *क्र. 1105 ) श्री जतन उईके : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या छिंदवाड़ा जिले के तहसील पांढुर्णा में विगत 2 वर्षों से तहसीलदार का पद रिक्‍त है, जिससे पदस्‍थापना नहीं होने से ग्रामीण जनता/शहरी जनता को परेशानी हो रही है तथा न्‍यायालयीन कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं? (ख) प्रश्‍नांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में पांढुर्णा तहसील में तहसीलदार की पदस्‍थापना कब तक कर दी जावेगी?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) छिन्दवाड़ा जिले की पांढुर्णा तहसील में श्री देवेन्द्र चौधरी तहसीलदार, दिनांक 01.11.2012 से 05.11.2014 तक, श्री गुरूनानक धुर्वे तहसीलदार, दिनांक 06.11.2014 से 16.03.2015 तक श्री देवेन्द्र चौधरी तहसीलदार, दिनांक 16.03.2015 से 01.06.2015 एवं श्री गुरूनानक धुर्वे, तहसीलदार द्वारा दिनांक 02.06.2015 से 21.07.2015 तक तहसीलदार के रूप में कार्य संपादित किया गया। तहसीलदार का पद रिक्त होने से कलेक्टर छिन्दवाड़ा द्वारा 22.07.2015 से कुमारी ज्योति ढोके नायब तहसीलदार को तहसीलदार का प्रभार सौंपा गया है। श्री महेश कुमार बट्टी राजस्व निरीक्षक को नायब तहसीलदार के पद पर कार्य करने हेतु आदेशित किया गया है। अतः तहसील पांढुर्णा में राजस्व न्यायालयों एवं ग्रामीण तथा शहरी जनता का कार्य सुचारू रूप से संपादित हो रहा है। (ख) कुमारी ज्योति ढोके, प्रभारी तहसीलदार के द्वारा कार्य संपादित किया जा रहा है।

अनुविभागीय अधिकारी कार्यालय में प्राप्‍त शिकायतों की जाँच

13. ( *क्र. 371 ) श्री मनोज निर्भय सिंह पटेल : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) इंदौर जिले में देपालपुर विधान सभा क्षेत्र के अंतर्गत अनुविभागीय अधिकारी कार्यालय में 01 जनवरी 2015 से आज दिनांक तक किस-किस विभाग की, कितनी-कितनी शिकायतें प्राप्‍त हुईं हैं? प्राप्‍त शिकायतों का विभागवार विवरण दें। (ख) प्राप्‍त शिकायतों में से कितनी शिकायतों की जाँच की गई है और उन पर क्‍या कार्यवाही की गई। (ग) प्राप्‍त शिकायतों में कितनी शिकायतें वैध एवं अवैध कालोनियों से संबंधित हैं? सूची उपलब्‍ध करावें एवं की गई कार्यवाही से अवगत करावें। (घ) प्राप्‍त शिकायतों में से कितनी शिकायतों पर जाँच एवं कार्यवाही लंबित है?

उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री जयभान सिंह पवैया ) : (क) इंदौर जिले की देपालपुर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत अनुविभागीय अधिकारी कार्यालय में 1 जनवरी 2015 से दिनांक 13/07/2015 तक कुल 386 शिकायतें प्राप्त हुईं हैं। शिकायतों का विभागवार विवरण संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) प्राप्त कुल 386 शिकायतों में से 369 शिकायतों पर जाँच एवं कार्यवाही कर नियमानुसार निराकरण किया गया है। (ग) वैध कॉलोनी से संबंधित 6 शिकायतें प्राप्त हुईं जो संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। अवैध कॉलोनी से संबंधित जानकारी निरंक है। (घ) प्राप्त शिकायतों में से 17 शिकायतों के सम्बन्ध में जाँच प्रचलित होकर कार्यवाही लंबित है।

परिशिष्ट - ''तीन''

दखल रहित भूमि का आवंटन

14. ( *क्र. 2208 ) श्री कमलेश्‍वर पटेल : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्‍यप्रदेश भू-राजस्‍व संहिता 1959 की धारा 237 में क्‍या-क्‍या प्रावधान थे, उनमें से किस-किस प्रावधान को वर्ष 2011 में लुप्‍त कर कौन-कौन से प्रावधान किए गए? (ख) धारा 237 में वर्ष 2011 में किए गए प्रावधानों के दिनांक से प्रश्‍न दिनांक तक राज्‍य मंत्रालय ने रीवा संभाग के किस जिले की कितनी दखल रहित जमीन किस-किस निजी उद्योग, निजी परियोजना, निजी संगठन या संस्‍था को आवंटित किए जाने का निर्णय लिया जाकर किस दिनांक को आदेश किए? (ग) प्रश्‍नांश (ख) में उल्‍लेखित आवंटित की गई दखल रहित भूमि के बदले प्रश्‍न दिनांक तक किस-किस उद्योग, परियोजना या संगठन की कितनी वैकल्पिक भूमि राज्‍य शासन या राजस्‍व विभाग या पंचायती राज व्‍यवस्‍था को उपलब्ध करवाई? (घ) धारा 237 के अनुसार वैकल्पिक भूमि उपलब्‍ध करवाए बिना दखल रहित भूमि आवंटित किए जाने का क्‍या कारण रहा है? कब तक वैकल्पिक भूमि प्राप्‍त कर ली जावेगी?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) से (घ) कलेक्टर से जानकारी अप्राप्त। जानकारी एकत्रित की जा रही है।

सुदूर ग्राम सड़क योजना के लंबित प्रस्‍तावों की स्‍वीकृति

15. ( *क्र. 1043 ) कुँवर हजारीलाल दांगी : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या शासन द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में सुदूर ग्राम संपर्क सड़क योजना का संचालन किया जा रहा है? (ख) प्रश्‍नांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में विधान सभा क्षेत्र खिलचीपुर के अंतर्गत वर्ष 2015-16 से प्रश्‍न दिनांक तक उक्‍त योजना में किन-किन मार्गों के निर्माण हेतु प्रस्‍ताव जिला पंचायत राजगढ़ में किन कारणों से लंबित हैं? लंबित प्रस्‍तावों में प्रश्‍न दिनांक तक प्रशासकीय स्‍वीकृति जारी नहीं किये जाने के क्‍या कारण हैं? (ग) क्‍या शासन विधान सभा क्षेत्र खिलचीपुर के अंतर्गत अत्‍यंत महत्‍वपूर्ण सुदूर सड़क धानोदा से बडाय राजस्‍थान सीमा तक, मोहली से सनखेड़ी तक, बरखेड़ा से मोयाखेड़ा तक, दुपाडिया से दगल्‍या तक, लसूल्डियाखेराज के कण्‍डेली तक, पीपल्‍दा से गागोरनी तक, सोनखेड़ा से गूगाहेड़ा सड़क, सदलपुर से पीपल्‍याकला होते हुये चितवालियां तक, जामोनिया से रूपारेल, हालाहेडी से दुंदाहेडी तक, जैतपुरा कलां से अमानपुरा तक तथा बामनगाँव से लसूल्‍डी तक सड़क निर्माण की स्‍वीकृति प्रदान करेगा? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्‍यों?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ। राज्‍य शासन द्वारा महात्‍मा गांधी नरेगा अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में सुदूर ग्राम संपर्क व खेत सड़क उपयोजना का संचालन किया जा रहा है। (ख) प्रश्‍नांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में विधान सभा क्षेत्र खिलचीपुर के अंतर्गत वित्‍तीय वर्ष 2015-16 से प्रश्‍न दिनांक तक उक्‍त उपयोजना अंतर्गत प्राप्‍त प्रस्‍तावों की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। प्राप्‍त प्रस्‍ताव लंबित रहने तथा प्रशासकीय स्‍वीकृति‍ जारी नहीं करने का प्रमुख कारण खिचलीपुर विधानसभा अंतर्गत जनपद पंचायत खिलचीपुर में 95 एवं जनपद पंचायत जीरापुर में 87, कुल 182 ग्राम पंचायतों में महात्‍मा गांधी नरेगा अंतर्गत 8007 कार्य (औसत प्रति ग्राम पंचायत 43 से अधिक) अपूर्ण/प्रगतिरत थे। राज्‍य शासन द्वारा 22 मई 2015 से जिलों को जारी निर्देश में जॉबकार्डधारी श्रमिकों के द्वारा काम की मांग किये जाने पर सर्वप्रथम अपूर्ण कार्यों में मस्‍टर रोल जारी किये जाने के निर्देश दिये गये हैं तथा योजनांतर्गत न्‍यूनतम 60 प्रतिशत व्‍यय कृषि एवं कृषि से संबंधित कार्यों में किये जाने के निर्देश दिये गये हैं। (ग) उत्‍तर (ख) अनुसार वर्तमान में प्रचलित कार्यों में ही जॉबकार्डधारी श्रमिकों द्वारा रोजगार की मांग समायोजित हो जाने के कारण प्रश्‍नाधीन नवीन सड़क के कार्य ग्राम पंचायतों द्वारा किया जाना संभव नहीं हो पा रहा है। शेष प्रश्‍न उपस्‍थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - ''चार''

कृषकों को अमानक बीज की सप्‍लाई

16. ( *क्र. 463 ) श्री सतीश मालवीय : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) उज्‍जैन जिले में वित्‍तीय वर्ष 2014, 2015 एवं 2016 में किसानों को नकली, अनुपयोगी, खराब बीज सप्‍लाई करने के संबंध में किन-किन बीज विक्रेताओं के खिलाफ शिकायत उज्‍जैन कलेक्‍टर एवं उपसंचालक कृषि उज्‍जैन को प्राप्‍त हुईं? (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में कितने बीज सप्‍लायर्स के विरूद्ध जाँच की गई? कितने प्रकरणों में जाँच सही पाई गई? सूची उपलब्‍ध करावें किन शिकायतकर्ताओं की शिकायत झूठी पाई गई? सूची उपलब्‍ध करावें (ग) जो शिकायत सही पाई गई उन सप्‍लायर्स की जिन अधिकारियों/कर्मचारियों ने विभागीय नियमानुसार सप्‍लायर्स के टेग/भण्‍डार की रोस्‍टर अनुसार लायसेंस में दिये गये निर्देशों के अनुक्रम में नियमित विभागीय जाँच/सत्‍यापन किया था, उनके नाम पद एवं उनके विरूद्ध की गई कार्यवाही सहित संपूर्ण जानकारी उपलब्‍ध करावें

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) विवरण संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) विवरण संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ग) विवरण संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है।

परिशिष्ट - ''पाँच''

सेवा समाप्ति के उपरांत राशि की वसूली

17. ( *क्र. 2244 ) श्री नारायण त्रिपाठी : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या जिला पंचायत राजगढ़ के पूर्व लेखाधिकारी (मनरेगा) के नौकरी के लिए लगाये गए प्रमाण पत्र फर्जी पाये जाने के कारण कलेक्‍टर ने संविदा सेवा समाप्‍त कर वसूली के निर्देश दिये थे? यदि हाँ, तो अब तक कितनी राशि की वसूली हो चुकी है? यदि नहीं, तो क्‍यों? क्‍या यह आपराधिक कृत्‍य नहीं है? यदि हाँ, तो अब तक प्राथमिकी क्‍यों दर्ज नहीं कराई गई? कब तक प्राथमिकी दर्ज करा दी जावेगी? (ख) क्‍या संविदा सहायक लेखाधिकारी (मनरेगा) गंजबासौदा जिला विदिशा द्वारा भी ऐसे ही फर्जी प्रमाण पत्र लगाकर नौकरी प्राप्‍त की गई है? क्‍या उनकी भी संविदा समाप्‍त की जाकर प्राथमिकी दर्ज कराई जायेगी? यदि हाँ, तो कब तक और यदि नहीं, तो क्‍यों? (ग) क्‍या प्रश्‍नांश (क) वर्णित लेखाधिकारी द्वारा रायसेन में पदस्‍थापना के दौरान फर्जी यात्रा देयक प्राप्‍त किये गये थे? क्‍या इस मामले में भी वसूली की जाकर प्राथमिकी दर्ज कराई जायेगी? नहीं तो क्‍यों?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) कलेक्‍टर जिला राजगढ़ द्वारा जारी संविदा समाप्ति आदेश 3862 दिनांक 13.4.16 में वसूली के निर्देश दिये गये थे। वर्तमान स्थिति तक वसूल की गई राशि निरंक है। जिस हेतु नियमानुसार वैधानिक कार्यवाही की जा रही है। शेष का प्रश्‍न नहीं उठता। (ख) प्रकरण में आयुक्‍त, भोपाल संभाग भोपाल द्वारा जाँच की जा चुकी है। प्रतिवेदन संबंधित सक्षम अधिकारी को संविदा के नियमानुसार कार्यवाही हेतु प्रेषित किया गया है। (ग) प्रश्‍नांश () में वर्णित लेखाधिकारी के यात्रा देयक अनुमति‍ योग्‍य नहीं पाये जाने से जिला पंचायत रायसेन द्वारा नियमानुसार वसूली की कार्यवाही की जा रही है।

जिला सहकारी बैंक द्वारा ऋण वसूली

18. ( *क्र. 831 ) श्री नीलेश अवस्‍थी : क्या राज्‍यमंत्री, सहकारिता महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या शासन द्वारा वित्‍त वर्ष 2015-16 में जबलपुर जिले को सूखा ग्रस्‍त घोषित कर जिला सहकारी बैंक द्वारा प्रदान किये गये ऋण की वसूली स्‍थगित करने की घोषणा की थी? (ख) यदि हाँ, तो जिला सहकारी बैंक जबलपुर की विभिन्‍न शाखाओं द्वारा किस आधार पर कृषकों से ब्‍याज सहित लिया गया ऋण गेहूँ की खरीदी के भुगतान से काटा गया? (ग) प्रश्‍नांश (ख) में उल्‍लेखित कृषकों से की गई जबरन वसूली की क्‍या शासन जाँच कराकर दोषी कर्मचारियों पर कार्यवाही करते हुये कृषकों की गलत तरीके से वसूली गई राशि वापिस करेगा? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्‍यों नहीं?

राज्‍यमंत्री, सहकारिता ( श्री विश्वास सारंग ) : (क) खरीफ 2015 में जिला जबलपुर में सूखा प्रभावित क्षेत्रों में भारतीय रिजर्व बैंक एवं नाबार्ड के दिशा निर्देशानुसार अल्पावधि कृषि ऋणों को मध्यावधि ऋण में परिवर्तित किए जाने के निर्देश दिये गये थे. (ख) उत्तरांश () में उल्लेखित मध्यावधि परिवर्तित ऋण के अतिरिक्त दिये गये ऋणों की वसूली गेहूँ खरीदी के भुगतान से की गई है. (ग) उत्तरांश () के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है.

सीमांकन/बंटवारा/नामांतरण के लंबित प्रकरणों का निराकरण

19. ( *क्र. 1708 ) श्री फुन्‍देलाल सिंह मार्को : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्‍यप्रदेश शासन के नियमान्‍तर्गत सीमांकन, बंटवारा व नामांतरण आवेदन प्रस्‍तुत करने के उपरान्‍त कितनी समय-सीमा में प्रकरण के निराकरण करने का प्रावधान है? नियम की प्रति उपलब्‍ध करावें (ख) जनवरी, 2015 से प्रश्‍न दिनांक तक विधानसभा क्षेत्र पुष्‍पराजगढ़ जिला अनूपपुर में कितने प्रकरण नामांतरण, सीमांकन एवं बंटवारा के लंबित हैं, लंबित आवेदन कब-कब किस-किस दिनांक को प्रस्‍तुत किये गये थे? (ग) प्रकरण किन-किन कारणों से लंबित हैं तथा शेष लंबित प्रकरणों का निराकरण कब तक कर दिया जायेगा?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) से (ग) कलेक्टर से जानकारी अप्राप्त। जानकारी एकत्रित की जा रही है।

तीन वर्षों से अधिक समय तक पदस्‍थ उपयंत्री/सहायक यंत्री का स्‍थानांतरण

20. ( *क्र. 35 ) श्री मुकेश पण्‍ड्या : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) उज्‍जैन जिले में ग्रामीण यांत्रिकी सेवा एवं जनपद पंचायतों में तीन वर्षों से अधिक समय से एक ही स्‍थान पर कितने उपयंत्री/सहायक यंत्री पदस्‍थ हैं? इनकी पदस्‍थी दिनांक संबंधी पूर्ण जानकारी उपयंत्री/सहायक यंत्रीवार पृथक-पृथक देवें (ख) क्‍या सामान्‍य प्रशासन विभाग की तीन वर्ष से अधिक समय से एक ही स्‍थान पर पदस्‍थ होने पर स्‍थानान्‍तरण की नीति पंचायत विभाग में लागू है? यदि हाँ, तो इस नीति में कितने उपयंत्री/सहायक यंत्री स्थानान्‍तरण की श्रेणी में हैं? यदि नहीं, हैं तो विभाग द्वारा इस नीति को कब तक लागू किया जावेगा?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) उज्‍जैन जिले में ग्रामीण यांत्रिकी सेवा एवं जनपद पंचायतों में तीन वर्षों से अधिक समय से एक ही स्‍थान पर कार्यरत उपयंत्रियों से संबंधित जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। उज्‍जैन जिले में एक ही स्‍थान पर तीन वर्षों से अधिक समय से कोई भी सहायक यंत्री पदस्‍थ नहीं है। अत: सहायक यंत्रियों की जानकारी निरंक मानी जावे। (ख) सामान्‍य प्रशासन विभाग द्वारा समय-समय पर जारी की जाने वाली स्‍थानांतरण नीति का पालन विभाग द्वारा किया जाता है। वर्तमान में ग्रामीण यांत्रिकी सेवा अंतर्गत प्रदेश में 56 सहायक यंत्री एवं 483 उपयंत्री एक ही स्‍थान पर तीन वर्ष से अधिक समय से पदस्‍थ हैं। शासन द्वारा वर्ष में जारी स्‍थानांतरण नीति/कार्यस्‍थल पर सहायक यंत्री एवं उपयंत्रियों की उपयोगिता/ आवश्‍यकता अनुसार स्‍थानांतरण किया जाता है। वर्ष 2016-17 में स्‍थानांतरण नीति जारी नहीं हुई है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''छ:''

सिवनी जिले में पेंशन राशि का भुगतान

21. ( *क्र. 1826 ) श्री दिनेश राय : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सिवनी जिले में कितने हितग्राहियों को सामाजिक सुरक्षा निराश्रित वृद्धावस्‍था, विकलांग, विधवा पेंशन का भुगतान प्रतिमाह कितनी राशि का किया जा रहा है? जनपद पंचायतवार जानकारी देवें (ख) दिनांक 31 मई 2016 की स्थिति में संबंधित हितग्राहियों को किस माह तक का पेंशन भुगतान हो गया है, पेंशन का भुगतान किस माध्‍यम से कैसे किया जाता है, प्रतिमाह हितग्राही को पेंशन का भुगतान क्‍यों नहीं किया जाता है? (ग) क्‍या विकलांग, वृद्ध, विधवाओं, लाचार व्‍यक्तियों को 10-12 किलो मीटर चलकर पेंशन प्राप्‍त करने पोस्‍ट ऑफिस/बैंक जाना पड़ता है? यदि हाँ, तो क्‍यों? (घ) सिवनी जिले में प्रश्‍नांश (क) योजनाओं का पेंशन भुगतान 31 मई 2016 तक कितने हितग्राहियों को किस माह तक कर दिया गया है और कितने माहों का पेंशन भुगतान लंबित है?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र एवं अनुसार है। (ख) समस्त हितग्राहियों को 31 मई 2016 की स्थिति में अप्रैल 2016 तक का पेंशन का भुगतान किया जा चुका है। पेंशन का भुगतान जिला कोषालय के माध्यम से हितग्राही के बैंक/पोस्ट ऑफिस खाते में किया जाता है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी हाँ। बैंक खाताधारी हितग्राहियों के संबंध में कुछ स्थानों पर कठिनाई है। प्रधानमंत्री जनधन योजना के अंतर्गत भारत सरकार द्वारा यह निर्देश दिये गये थे कि प्रत्येक 5 किलोमीटर की परिधि में बैंकिंग सेवा उपलब्ध कराई जाये, जिस हेतु बैंकिंग करेस्पोण्डेण्ट (बी.सी.) नियुक्त किये जाने थे। बैंकिंग करेस्पोण्डेण्ट (बी.सी.) सुविधा के सुचारु रुप से लागू न होने के कारण यह कठिनाई आई है, जिसको दूर करने का प्रयास किया जा रहा है। (घ) 31 मई 2016 की स्थिति में 65007 हितग्राहियों को माह अप्रैल 2016 तक पेंशन राशि का भुगतान किया जा चुका था। माह मई का भुगतान जून 2016 में किया गया है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

म.प्र. भू-राजस्‍व संहिता में संशोधन की प्रक्रिया

22. ( *क्र. 491 ) श्री संजय उइके : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) म.प्र. भू-राजस्‍व संहिता 1959 की धारा 165 (6) में किसी प्रकार के संशोधन करने के पूर्व आदिवासी मंत्रणा परिषद की सलाह लेना आवश्‍यक है या नहीं? (ख) यदि हाँ, तो क्‍या राजस्‍व विभाग की अधिसूचना क्रमांक एफ-5-3-76-384-सात-एन-1 दिनांक 21 फरवरी, 1977 में किए गए संशोधन में आदिम मंत्रणा परिषद की सलाह की प्रति एवं संशोधन हेतु राज्‍यपाल महोदय को भेजी गयी नस्‍ती पर राज्‍यपाल महोदय द्वारा अनुमोदन दिया गया?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) एवं (ख) कलेक्टर से जानकारी अप्राप्त। जानकारी एकत्रित की जा रही है।

जिला सहकारी केन्‍द्रीय बैंको में अनियमितता

23. ( *क्र. 2187 ) श्री बाला बच्‍चन : क्या राज्‍यमंत्री, सहकारिता महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रदेश की जिला सहकारी केन्‍द्रीय बैंकों में दिए गये ऋणों में सहकारिता नियमों, प्रक्रियाओं एवं मापदण्‍डों का पालन नहीं किये जाने से जिला सहकारी केन्‍द्रीय बैंक-खरगोन का नियुक्ति एवं ऋण घोटाला, होशंगाबाद में गबन, रीवा की डभौरा ब्रांच का गबन, सीधी का ट्रेक्‍टर घोटाला हुआ है? (ख) यदि हाँ, तो प्रदेश की अन्‍य जिला सहकारी केन्‍द्रीय बैंकों में ऐसे घोटाले की पुनरावृत्ति न हो इसके लिए शासन ने कोई योजना बनाई है? जानकारी उपलब्‍ध करावें (ग) अपेक्‍स बैंक के 345 करोड़ रू. के भूमि घोटाले की जाँच में विलंब क्‍यों किया जा रहा है? ये जाँच कब तक पूर्ण होगी? (घ) प्रश्‍न (क) (ख) एवं (ग) से जुड़े हुए सहकारिता विभाग के सचिवालय स्‍तर के अधिकारियों द्वारा अपनी जवाबदेही का निर्वहन क्‍यों नहीं किया जा रहा हैं?

राज्‍यमंत्री, सहकारिता ( श्री विश्वास सारंग ) : (क) जी हाँ. (ख) प्रदेश की अन्य जिला सहकारी केन्द्रीय बैंकों में ऐसे घोटाले की पुनरावृत्ति न हो, इस हेतु बैंकों की सतत् समीक्षा की जाती है, अपेक्स बैंक तथा नाबार्ड से बैंकों के निरीक्षण किये जाते हैं तथा जिला स्तर पर कलेक्टर द्वारा गबन धोखाधड़ी के प्रकरणों की त्रैमासिक समीक्षा कर दोषियों के विरूद्ध कड़ी कार्यवाही की जाती है. (ग) अपेक्स बैंक में 345 करोड़ रूपये का कोई भूमि घोटाला नहीं हुआ है. शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है. (घ) सहकारी संस्थाओं के दिन प्रतिदिन के कार्यों में सहकारिता विभाग के सचिवालयीन स्तर के अधिकारियों की सीधे कोई भूमिका नहीं होती है. सहकारी संस्थाओं में शिकायत एवं अन्य माध्यमों से अनियमितता/गबन घोटाले की जानकारी के तथ्य सामने आने पर राज्य शासन स्तर से समुचित दिशा निर्देश जारी किये जाते है.

प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना का क्रियान्‍वयन

24. ( *क्र. 193 ) इन्जी. प्रदीप लारिया : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नरयावली विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत सागर एवं राहतगढ़ विकासखंड में प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के अंतर्गत विगत 05 वर्षों में प्रश्‍नांश दिनांक तक कितनी बार कौन सी सड़कें स्‍वीकृत की गई हैं? स्‍वीकृत/निर्मित/निर्माणाधीन सड़कों का निरीक्षण किन-किन अधिकारियों द्वारा कब-कब किया गया? (ख) स्‍वीकृत सड़कों में कितनी सड़कों का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है, कितनी अपूर्ण हैं? कितनी सड़कों का कार्य प्रारंभ नहीं कराया गया? कार्य प्रारंभ न कराये जाने के क्‍या कारण हैं? अपूर्ण सड़कों का समयावधि में कार्य पूर्ण न होने के क्‍या कारण हैं? (ग) परफारमेंस/गारंटी पीरियड के दौरान किन-किन सड़कों में मरम्‍मत कार्य किया गया? (घ) विभाग ने शासन को कौन-कौन सी सड़कों के निर्माण के प्रस्‍ताव चालू वित्‍तीय वर्ष में भेजे थे एवं कितने स्‍वीकृत हुये?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) उत्तरांश (क) अनुसार स्वीकृत 9 सड़कों में से 5 सड़कों का निर्माण कार्य पूर्ण हो गया है, शेष 4 सड़कों का निर्माण कार्य प्रगति पर है। ऐसी कोई भी सड़क नहीं है, जिसका निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं कराया गया है। प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है

आवासीय पट्टे का प्रदाय

25. ( *क्र. 1066 ) श्री सुखेन्‍द्र सिंह : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रीवा जिले के मऊगंज, हनुमना तहसील के अंतर्गत मध्‍यप्रदेश शासन राजस्‍व विभाग के खसरे में प्रविष्‍ट शासकीय भूमि पंचायतवार, ग्रामवार/टोला मोहल्‍ला पटवारी हल्‍का तथा खसरा नंबर सहित की सूची उपलब्‍ध करावें (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में क्‍या उपरोक्‍त शासकीय भूमि प्रश्‍न दिनांक तक अतिक्रमण से मुक्‍त है? यदि हाँ, तो उसे किस प्रयोजन के लिए सुरक्षित रखी गई है, ग्रामवार, पटवारी हल्‍का तथा खसरा नंबर सहित पृथक-पृथक अवगत करावें यदि नहीं, तो किसके द्वारा किस रूप में अतिक्रमण किया गया है? ग्रामवार, पटवारी, हल्‍का तथा खसरा नंबर सहित पृथक-पृथक अवगत करावें (ग) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में क्‍या शासकीय भूमि भूमिहीन अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्‍य को आवास हेतु आवंटित नहीं की जा सकती है? यदि हाँ, तो आवंटन के नियम बतावें किस-किस ग्राम में आवंटन की प्रक्रिया प्रचलन में है? सूची खसरा नम्‍बर, पूर्ण पता, नाम सहित उपलब्‍ध करावें यदि आवंटन नहीं की जा सकती तो कारण स्‍पष्‍ट करें (घ) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में आवास हेतु आवंटन की प्रक्रिया क्‍या लंबित है? यदि हाँ, तो क्‍यों? कारण स्‍पष्‍ट करें तथा निराकरण कब तक किया जावेगा? (ड.) क्‍या प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में राजस्‍व भूमि पर मकान/झुग्‍गी, झोपड़ी बनाकर निवासरत अनु. जाति, अनु. जनजाति एवं अन्‍य को आवासीय पट्टे प्रदान किये जायेंगे? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो कारण स्‍पष्‍ट करें?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) से (ड.) कलेक्टर से जानकारी अप्राप्त। जानकारी एकत्रित की जा रही है।

 

 

 

 





 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

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भाग-2

नियम 46 (2) के अंतर्गत अतारांकित प्रश्नोत्तर के रुप में

परिवर्तित तारांकित प्रश्नोत्तर


शासकीय भूमि पर अतिक्रमण

1. ( क्र. 4 ) श्री महेन्द्र सिंह कालूखेड़ा : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) 31 मार्च 2016 के अता.प्रश्न संख्या 65 (क्र.6598) के संदर्भ में बतायें कि श्री बाबूलाल यादव, एडवोकेट, अशोकनगर को कौन-कौन सी शासकीय भूमि पर अतिक्रमण का विवरण दिया है तथा वर्तमान में शासन ने मार्च 2016 के बाद क्या कार्यवाही की विवरण देवें? (ख) इसी प्रश्न के भाग (क) में बताया था कि प्र.क्र. 868/2013 - 14 को आदेश दिनांक 10.12.2014 को अतिक्रमण गजराज सिंह पुत्र आलोल सिंह निवासी खानपुर, चंदेरी माननीय उच्च न्यायलय के प्रकरण क्रमांक डब्ल्यू.पी. 8034 के आदेश दिनांक 22.12.2014 को न्यायालय के स्थगन आदेश पर मिले स्थगन को हटाने हेतु शासन ने क्या-क्या कार्यवाही की तथा सत्र न्यायधीश अशोकनगर का प्रकरण क्रमांक 8015 अपील दीवानी जो विचाराधीन थी की अब क्या स्थिति है व शासन की तरफ से दोनों स्थगन हटाने की क्या कार्यवाही की है व इन दोनों प्रकरणों में शासकीय भूमि थी तो केविएट क्यों नहीं लगाया गया।

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) एवं (ख) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

नामान्‍तरण प्रकरण

2. ( क्र. 27 ) डॉ. मोहन यादव : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या विभाग द्वारा प्रश्‍नकर्ता को अतारांकित प्रश्‍न क्रमांक 1009 दिनांक 22/07/15 की जानकारी अनुसार वर्ष 2013-14 एवं 2014-15 में समस्‍त प्राप्‍त अविवादित नामांतरण आवेदन को निराकृत होना बताया है? साथ ही तारांकित प्रश्‍न क्रमांक 1012 दिनांक 21/07/2015 में प्रदत्‍त जानकारी (पुस्‍तकालय साहित्‍य) में तहसील उज्‍जैन में वर्ष 2013-14 एवं 2014-15 में उज्‍जैन तहसील में 62, घट्टिया तहसील में 29, खाचरौद तहसील में 48, नागदा तहसील में 14, बडनगर तहसील में 48, तराना तहसील में 45, महिदरपुर तहसील में 21 प्रकरण पटवारी रिपोर्ट एवं राजस्‍व निरीक्षक की रिपोर्ट हेतु लंबित होना बताया है? (ख) प्रश्‍नांश (क) की जानकारी अनुसार एक ही विषय पर दो विरोधाभाषी जानकारी देने के लिये कौन अधिकारी दोषी है? दोषियों के विरूद्ध कब तक कार्यवाही की जावेगी?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) एवं (ख) कलेक्टर से जानकारी अप्राप्त। जानकारी एकत्रित की जा रही है।

 

लंबित जाँच प्रकरणों का निराकरण

3. ( क्र. 28 ) डॉ. मोहन यादव : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) उज्‍जैन जिले के अंतर्गत आने वाले अनुविभागीय कार्यालयों में जनवरी, 2010 से प्रश्‍न दिनांक तक जाँच के कितने प्रकरण लंबित हैं? तहसीलवार, प्रकरण क्रमांकवार, दिनांकवार सूची उपलब्‍ध करावें? (ख) प्रश्‍नांश (क) की जानकारी अनुसार जाँच के महत्‍वपूर्ण प्रकरणों में विलम्‍ब के लिए कौन अधिकारी दोषी है? क्‍या जाँच के प्रकरणों में विलंब करने से जाँच प्रभावित होती है एवं संबंधित अधिकारियों द्वारा व्‍यक्तिगत स्‍वार्थ की पूर्ति के चलते जानबूझकर जाँच के प्रकरणों में विलम्‍ब किया जाता है, जिससे पीडि़त पक्ष न्‍याय प्राप्ति से वंचित रह जाता है? (ग) यदि हाँ, तो प्रश्‍नांश (क) अनुसार जाँच के लंबित प्रकरणों का निराकरण कब तक कर दिया जावेगा? प्रकरणों को लंबित करने वाले अधिकारियों के विरूद्ध कब तक कार्यवाही की जावेगी?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) से (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

गुणवत्‍ताविहीन दुकानों का निर्माण

4. ( क्र. 88 ) श्री हरवंश राठौर : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधान सभा क्षेत्रांतर्गत मंडी बोर्ड की दुकानों का निर्माण किस ठेकेदार से तथा कितनी लागत से कार्य कराया जा रहा है? (ख) प्रश्‍नकर्ता के निरीक्षण के दौरान दुकानों का निर्माण कार्य गुणवत्‍ताविहीन पाया गया? क्‍या दुकानों के निर्माण के दौरान विभागीय अधिकारियों द्वारा या तकनीकी अधिकारियों द्वारा कभी निरीक्षण किया गया है? यदि हाँ, तो कब और किस अधिकारी द्वारा निरीक्षण किया गया है? (ग) क्‍या तकनीकी अधिकारियों के निरीक्षण के दौरान दुकान निर्माण कार्य में गुणवत्‍ता में कमी रहने संबंधी शिकायतें मिली हैं? यदि हाँ, तो शिकायतों का विवरण और शिकायत दूर करने के लिए क्‍या उपाए किए गए?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) विधान सभा क्षेत्र बण्डा के अंतर्गत विद्यमान कृषि उपज मंडी समिति बण्डा में 50 नग विविध दुकानों का निर्माण कार्य श्री पी.के.खरे, ठेकेदार से लागत राशि रू. 144.56 लाख से कराया जा रहा है। (ख) उत्तरांश-"क" अनुसार निर्माणाधीन कार्य का प्रश्नकर्ता माननीय विधायक द्वारा किये गये निरीक्षण में निर्माण कार्य की गुणवत्ताविहीन होने की स्थिति से अवगत कराया गया है। जी हाँ, निर्माणाधीन दुकानों के निर्माण कार्य का म.प्र. राज्य कृषि विपणन बोर्ड, तकनीकी संभाग सागर के विभागीय तकनीकी अधिकारियों द्वारा सतत् रूप से निरीक्षण एवं पर्यवेक्षण किया जा रहा है। प्रश्‍नांश की शेष जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है (ग) उत्तरांश "ख" अनुसार तकनीकी अधिकारियों द्वारा किये गये निरीक्षण एवं पर्यवेक्षण के दौरान दुकान निर्माण कार्य में गुणवत्ता में कमी रहने संबंधी शिकायतें नहीं मिली है। अत: शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - ''सात''

फसल बीमा योजना का क्रियान्‍वयन

5. ( क्र. 92 ) श्री हरवंश राठौर : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रदेश में किसानों द्वारा किसान क्रेडिट कार्ड खाद बीज ऋण आदि लेते समय कृषकों की फसल बीमा संबंधित ऋणदाताओं/संस्‍थाओं द्वारा करा दिया जाता है? यदि हाँ, तो विधानसभा क्षेत्रांतर्गत बण्‍डा/शाहगढ़ में फसल बीमा योजनांतर्गत वर्ष 2015-16 में किन-किन बीमा कंपनियों को कितनी राशि प्रीमियम के रूप में प्रदान की गई है? (ख) किसानों की फसल के लिये किए गए बीमा के पश्‍चात् प्राकृतिक आपदा से नष्‍ट हुई फसलों के विरूद्ध कितनी राशि का बीमा क्‍लेम ऋणदाता संस्‍थाओं एवं विभागों द्वारा किया गया एवं कितनी बीमा राशि किसानों को प्रदाय की गई? यदि नहीं, तो कब तक भुगतान की जाएगी?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) प्रदेश में राष्‍ट्रीय कृषि बीमा योजना अंतर्गत फसल ऋण लेने वाले कृषकों का अनिवार्य बीमा किया जाता है तथा अऋणी कृषकों हेतु योजना ऐच्छिक है। विधान सभा क्षेत्र अन्‍तर्गत बण्‍डा/शाहगढ़ में किसानों से काटी गई प्रीमियम राशि एग्रीकल्‍चर इंश्‍योरेंस कंपनी आफ इंडिया लिमिटेड भोपाल को जमा की गई। विवरण संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) वर्ष 2015-16 का बीमा आवरण संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। किसानों की फसल के लिये किये गये बीमा के पश्‍चात् प्राकृतिक आपदा से नष्‍ट हुई फलसों की क्षतिपूर्ति मापदण्‍डों में आने पर दावा राशि का भुगतान किया जाता है। खरीफ 2015 की दावा राशि का आंकलन कर लिया गया है। राशि प्राप्‍त होने पर भुगतान की कार्यवाही की जावेगी। रबी वर्ष 2015-16 के दावा राशि का आंकलन की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है।

परिशिष्ट - ''आठ''

आवास योजना की द्वितीय किश्‍त का भुगतान

6. ( क्र. 113 ) श्री सुदेश राय : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला सिहोर के अंतर्गत विधानसभा क्षेत्र 159 सीहोर में वर्ष 2013-14 से आज दिनांक तक कौन-कौन सी आवास योजना के तहत गरीब अनुसूचित जाति/जनजाति एवं अन्‍य वर्गों की विधवा, विकलांग एवं आपदा ग्रस्‍त महिला एवं पुरूष को कितनी कुटीर स्‍वीकृत की है? योजनावार हितग्राहियों की सम्‍पूर्ण सूची नाम/पतेवार बतायें? (ख) प्रश्‍न (क) के संदर्भ इनमें से कितने हितग्राहियों को आवास की प्रथम किश्‍त को भुगतान किये जाने के उपरांत द्वितीय किश्‍त का भुगतान किया जाना शेष है और यदि शेष है तो इसमें विलंब का क्‍या कारण है और इसके लिये कौन उत्‍तरदायी है तथा द्वितीय किश्‍त का भुगतान कब तक कर दिया जावेगा?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) वर्ष 2013-14 से 2015-16 तक इंदिरा आवास योजनान्तर्गत कुल 1071 एवं मुख्यमंत्री अन्त्योदय आवास योजनान्तर्गत कुल 53 हितग्राहियों को आवास स्वीकृत किये गए। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) वर्ष 2013-14 से 2015-16 तक इंदिरा आवास योजनान्तर्गत कुल 468 एवं मुख्यमंत्री अन्त्योदय आवास योजनान्तर्गत कुल 50 हितग्राहियों द्वितीय किश्‍त का भुगतान किया जाना शेष है। प्रथम किश्‍त की राशि से हितग्राही द्वारा दरवाजा स्तर तक निर्धारित मापदण्ड के पक्का आवास निर्माण करने एवं आवास सॉफ्ट में दरवाजा स्तर तक के निर्धारित मापदण्ड के फोटो अपलोड करने के उपरांत द्वितीय किश्‍त की राशि एफ.टी.ओ/आर.टी.जी.एस के माध्यम से जारी करने का प्रावधान है। तदानुसार शेष हितग्राहियों को द्वितीय किश्‍त जारी करने की कार्यवाही प्रचलन में है। निर्धारित मापदण्ड के फोटो अपलोड करने के उपरांत भुगतान कर दिया जावेगा। निश्चित समय-सीमा बताना संभव नहीं है।

उप संचालक के पद पर अनियमित पदोन्‍नति

7. ( क्र. 142 ) श्री के.पी. सिंह : क्या राज्‍यमंत्री, सहकारिता महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दिनांक 17 मार्च 2016 के तारांकित प्रश्‍न संख्‍या 07 (क्र. 6457) में सदन में हुई चर्चा अनुसार माननीय मंत्री द्वारा प्रकरण का परीक्षण किये जाने का आश्‍वासन दिया गया था तथा प्रश्‍नकर्ता द्वारा दिनांक 26.03.2016 को माननीय मंत्री, प्रमुख सचिव, आयुक्‍त/पंजीयक व प्रबंध संचालक म.प्र. राज्‍य सहकारी विपणन संघ को सुलभ संदर्भ हेतु दस्‍तावेजी साक्ष्‍यों सहित लिखित में अवगत कराया गया था? प्रश्‍नकर्ता के प्रेषित पत्रों पर प्राप्‍त निर्देशों से अवगत करावें? (ख) क्‍या सदन में दिये गये आश्‍वासन अनुसार प‍रीक्षण की प्रक्रिया एवं प्रश्‍नकर्ता द्वारा प्रेषित पत्र व उन पर प्राप्‍त निर्देशों पर कार्यवाही पूर्ण कर ली गई है? उसके क्‍या निष्‍कर्ष निकले? प्रश्‍नकर्ता को शासनादेशों के अंतर्गत की गई कार्यवाही से कब व क्‍या अवगत कराया गया? यदि नहीं, तो क्‍यों? (ग) क्‍या शासन/विभाग माननीय मंत्री द्वारा सदन में दिये गये आश्‍वासन व प्रश्‍नकर्ता द्वारा दस्‍तावेजी साक्ष्‍यों सहित प्रेषित पत्रों व प्राप्‍त निर्देशों पर तत्‍काल कार्यवाही करते हुये अनियमित रूप से वंचित कर दिये गये वरिष्‍ठ कर्मचारियों को पदोन्‍नति दिनांक से पदोन्‍नति प्रदान किये जाने के आदेश जारी कर अकारण पदोन्‍नति से वंचित करने वाले दोषियों के विरूद्ध कठोर अनुशासनात्‍मक कार्यवाही किया जाना सुनिश्चित करेगा? यदि नहीं, तो क्‍यों?

राज्‍यमंत्री, सहकारिता ( श्री विश्वास सारंग ) : (क) जी हाँ, पदीय कर्तव्यों के निर्वहन में अधीनस्थों पर नियत्रंण पदीय दायित्वों के अंतर्गत आता है, ऐसी स्थिति में अधीनस्थ कर्मचारी की गोपनीय चरित्रावली लिखने का अधिकार नियत्रंणकर्ता अधिकारी को है चाहे नियत्रंणकर्ता अधिकारी की नियुक्ति का प्रकार नियमित हो अथवा संविदा. (ख) जी हाँ, उत्तरांश '' अनुसार, आयुक्त सहकारिता एवं पंजीयक के पत्र दिनांक 13.07.2016से. शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता. (ग) उत्तरांश '' एवं '' के परिप्रेक्ष्य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता.

पटवारियों के मुख्‍यालय में न रहने पर कार्यवाही

8. ( क्र. 154 ) कुँवर सौरभ सिंह : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) कटनी जिले के बहोरीबंद विधान सभा क्षेत्र में एवं सतना जिले के चित्रकूट विधानसभा क्षेत्र में कितने पटवारी हल्के बनाए गए? हल्‍कावार पदस्‍थ पटवारियों के नाम पदस्‍थापना दिनांक बताएं? उक्‍त पटवारियों में से कितने पटवारी उसी विधानसभा क्षेत्र या उसी तहसील के निवासी हैं? इन पटवारियों का मुख्‍यालय कहाँ नियत किया गया? (ख) क्‍या प्रश्‍नांश (क) के पटवारी मुख्‍यालय में निवास न कर कटनी एवं सतना में निवास करते हैं तथा मुख्‍यालय में कार्यालय/निवास मात्र बनाया है, जिसमें अवैधानिक व्‍यक्तियों को बैठाकर काम कराया जाता है। (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में एवं अन्‍य प्रकरणों से संबंधित विगत 5 वर्षों में किस-किस पटवारी की किस-किस के द्वारा शिकायतें की गई? क्‍या शिकायतकर्ता को सुना जाकर शिकायतों की जाँच की गई है? यदि नहीं, तो कारण बताएं तथा की गई शिकायतों के जाँच प्रतिवेदन उपलब्‍ध करावें?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) से (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

नागदा को अनुविभागीय अधिकारी सब-डिवीजन का पूर्ण दर्जा दिया जाना

9. ( क्र. 170 ) श्री दिलीप सिंह शेखावत : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नागदा नगर में अनुविभागीय अधिकारी कार्यालय कब से प्रारंभ है? (ख) क्‍या इसे स्‍थाई सब-डिवीजन कार्यालय का दर्जा मिला हुआ है? यदि हाँ, तो इसमें इस विभाग का एक भी कर्मचारी पदस्‍थ क्‍यों नहीं है? (ग) एक अनुविभागीय अधिकारी सब-डिवीजन में कुल कितने पद विभिन्‍न श्रेणियों के कर्मचारियों के स्‍वीकृत रहते हैं? (घ) यदि नागदा अनुविभागीय अधिकारी सब-डिवीजन कार्यालय को सब-डिवीजन का दर्जा नहीं मिला है तो यह कब तक प्रदान किया जावेगा?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) से (घ) कलेक्टर से प्राप्त जानकारी अस्पष्ट। जानकारी एकत्रित की जा रही है।

नये विकासखण्‍ड बनाये जाने की प्रकिया

10. ( क्र. 181 ) श्री दिलीप सिंह शेखावत : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) म.प्र. में विगत 10 वर्षों में कितने नये विकासखण्‍ड बनाये गये हैं? (ख) नये विकासखण्‍ड बनाये जाने की क्‍या प्रक्रिया है? निर्देशिका उपलब्‍ध करावें? (ग) यदि विगत 10 वर्षों में एक भी नया विकासखण्‍ड नहीं बनाया गया है तो क्‍यों नहीं बना है? (घ) क्‍या शासन द्वारा केन्‍द्र सरकार को इस बावत् कोई प्रस्‍ताव भेजा गया है? यदि भेजा गया है, तो उसमें नागदा का नाम दर्ज है, या नहीं? (ड.) नागदा को विकासखण्‍ड का दर्जा कब तक मिल जावेगा?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) नये विकासखण्‍ड नहीं बनाए गए है। (ख) विकासखण्‍डों का गठन भारत शासन के सामुदायिक कार्यक्रम के संदर्भ में किया गया है। नवीन खण्‍ड बनाये जाने की प्रक्रिया म.प्र. पंचायत राज एवं ग्राम स्‍वराज अधिनियम 1993 की धारा 10 के अनुसार है, निर्देशिका संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) विकासखण्‍डों का पुनर्गठन होने से जनपद पंचायतों की सीमाओं पर प्रभाव पड़ेगा। (घ) नहीं। (ड.) प्रश्‍नांश '''' के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता हैं।

परिशिष्ट - ''नौ''

इंदिरा आवास कुटीर की स्‍वीकृति

11. ( क्र. 197 ) इन्जी. प्रदीप लारिया : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2013-14, 2014-15 में ग्राम पंचायत मकरोनिया, रजाखेड़ी, बड़तुमा, गंभीरिया, सेमराबाग में कितने हितग्राहियों को इंदिरा आवास योजना की कुटीर स्‍वीकृत की गई थी? हितग्राहियों के नाम एवं स्‍वीकृत राशि सहित विवरण देवें। (ख) क्‍या स्‍वीकृत सभी हितग्राहियों को इंदिरा आवास कुटीर की समस्‍त किश्‍तें/राशि भुगतान की जा चुकी हैं? कितने हितग्राहियों की राशि शेष है? राशि शेष होने का क्‍या कारण है? (ग) उक्‍त पंचायतों का संविलियन नगर पालिका में हो जाने के उपरांत विभाग द्वारा राशि प्रदाय की जावेगी या नगर पालिका द्वारा वितरित की जावेगी? (घ) विभाग द्वारा हितग्राही को शेष राशि कब तक व किसके द्वारा प्रदाय की जावेगी?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) वर्ष 2013-14 में ग्राम पंचायत मकरोनिया में 05, रजाखेडी में 03, बडतुमा में 03, गंभीरिया में 01 तथा सेमराबाग में 03 कुल 15 हितग्राहियों को आवास स्वीकृत किये गये थे। वर्ष 2014-15 में ग्राम पंचायत मकरोनिया में 02 रजाखेडी में 03, बडतुमा में 03, गंभीरिया में 01 तथा सेमराबाग में 03 कुल 12 हितग्राहियों को इंदिरा आवास स्वीकृत किये गये थे। शेष जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र-अ एवं '' अनुसार है। (ख) जी नहीं। जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है (ग) विभाग द्वारा केवल उन्ही हितग्राहियों को द्वितीय किश्‍त की राशि प्रदाय की जावेगी। जिन्हें प्रथम किश्‍त जारी की गई है। (घ) वर्ष 2013-14 के 01 हितग्राही को द्वितीय किश्‍त एफ.टी.ओ के माध्यम से जनपद पंचायत द्वारा भुगतान की कार्यवाही प्रचलन में है।

परिशिष्ट - ''दस''

कलेक्‍टर/कमिश्‍नर कार्यालय के सहायक अधीक्षकों को पुनरीक्षित वेतनमान का प्रदाय

12. ( क्र. 201 ) इन्जी. प्रदीप लारिया : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या हाई कोर्ट जबलपुर में कलेक्‍टर/कमिश्‍नर सागर संभाग सागर में पदस्‍थ 12 सहायक अधीक्षकों (राजस्‍व विभाग) द्वारा प्रस्‍तुत पिटीशन क्र./16118/2011 में दिनांक 13.01.2014 को आदेश पारित किये गये थे कि उक्‍त कर्मचारियों को पुराने वेतनमान 4500-7000 के स्‍थान पर 5000-8000 का वेतनमान दिनांक 01.04.2006 से स्‍वीकृत करते हुये एरियर्स की राशि 12 प्रतिशत ब्‍याज सहित 03 माह में प्रदाय किये जाने के आदेश प्रसारित किये गये थे? (ख) क्‍या उक्‍त आदेश के तारतम्‍य में विधानसभा में अतारांकित प्रश्‍न संख्‍या-41 (क्र. 456) दिनांक 10.12.2014 एवं अता. संख्‍या- 57 प्रश्‍न (क्र. 1540) दिनांक 16.12.2015 के माध्‍यम से प्रकरण स्‍वीकृत कर भुगतान हेतु निवेदन किया गया था? जिसके उत्‍तर में मान. मंत्री महोदय द्वारा भर्ती नियमों में संशोधन पश्‍चात् भुगतान करने का उल्‍लेख किया गया था? तो विभाग द्वारा उक्‍त आदेश पर प्रश्‍न दिनांक तक क्‍या कार्यवाही की गई? (ग) शासन द्वारा उक्‍त प्रकरण में स्‍वीकृति प्रदान करते हुये सहायक अधीक्षकों को कब तक एरियर्स राशि उपलब्‍ध कराई जावेगी?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) जी नहीं। मान. हाईकोर्ट जबलपुर द्वारा पिटीशन क्रमांक 16118/2011 में दिनांक 13.01.2014 को पारित आदेश की सत्यापित प्रति प्राप्त होने के दिनांक से 03 माह में समुचित कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए हैं। (ख) जी हाँ। वेतनमान संशोधन किये जाने हेतु सेवा भर्ती नियम 2015 बनाये जाने का अनुमोदन हेतु सामान्य प्रशासन विभाग के पास विचाराधीन है। (ग) समय-सीमा बताना संभव नहीं है।

सूखाग्रस्‍त क्षेत्र को मुआवजा व बीमा राशि का वितरण

13. ( क्र. 226 ) श्री हरदीप सिंह डंग : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या मंदसौर जिले के सूखाग्रस्‍त घोषित होने के बाद लगातार किसानों के द्वारा मांग, धरने, जेल भरो आंदोलन के माध्‍यम से शासन को अवगत कराया गया की फसल मुआवजा दिया जावें? यदि हाँ, तो आज तक मुआवजा क्‍यों नहीं दिया गया है? (ख) क्‍या प्रभारी मंत्री एवं जिला कलेक्‍टर द्वारा लगातार आश्‍वासन दिया जा रहा था कि सिंहस्‍थ के बाद शीघ्र ही मंदसौर जिले के किसानों को मुआवज़ा वितरण किया जावेगा? य‍ह बात प्रेस के माध्‍यम से किसानों को कही गई थी? मुआवज़ा वितरण कि बात किस आधार पर कही गई थी? क्‍या शासन एवं प्रशासन की तरफ से की गई थी? (ग) जिले के समस्‍त सात तहसीलों से पटवारी की नुकसान राशि किसान संख्‍या का प्रपत्र अनुविभागीय अधिकारी द्वारा जिला कार्यालय का भेजा गया था, उस रिपोर्ट के आधार पर मुआवजा की मांग क्‍यों नहीं की गई है? (घ) अगर किसी से चूक हो गई है तो क्‍या उसे सुधार कर किसानों को फसल मुआवज़ा दिया जावेगा या नहीं?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

शिवपुरी जिले में निर्माण कार्यों की राशि की वसूली

14. ( क्र. 294 ) श्री रामसिंह यादव : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या शिवपुरी जिले में मार्च-2016 तक या इसके वर्षों पूर्व निर्माण कार्यों की लाखों रूपये की राशि संबंधित ऐजेंसियों द्वारा आहरण कर ली गई है परंतु आहरित राशि से संबंधित कार्य जून-2016 की स्थिति में भी प्रारंभ नहीं हुए हैं? यदि हाँ, तो ऐसे कौन-कौन से कितनी-कितनी लागत राशि के कार्य हैं, जो अप्रारंभ हैं? इन कार्यों की कितनी राशि कब-कब आहरित की गई है? (ख) क्‍या अप्रैल-2015 से जून-2016 तक जिला प्रशासन द्वारा निर्माण कार्यों की समीक्षा की है? यदि हाँ, तो उक्‍त समीक्षा में उक्‍त प्रकरण क्‍यों पकड़ में नहीं आए? यदि प्रकरण पकड़ आए तो जिला प्रशासन द्वारा उन पर कोई कार्यवाही क्‍यों नहीं की गई? यदि कार्यवाही की गई तो संलग्‍न कर जानकारी दें? (ग) शिवपुरी जिले में ऐसे अनेकों निर्माण कार्य हैं जिनकी राशि सरपंच/सचिव द्वारा वर्षों पूर्व आहरित कर ली है परंतु निर्माण कार्यों के नाम पर निर्माण ऐजेंसी द्वारा प्रश्‍न दिनांक तक एक भी ईंट नहीं लगाई गई है, फिर जिला प्रशासन द्वारा निर्माण कार्य प्रारंभ कराने एवं राशि वसूलने की कार्यवाही क्‍यों नहीं की गई? यदि कार्यवाही की है तो किस प्रकरण में क्‍या कार्यवाही की है? (घ) क्‍या जिला स्‍तर पर विकासखण्‍ड और तहसील स्‍तर के अधिकारियों को प्रतिमाह बुलाकर मीटिंग तो की जाती है किंतु प्रश्‍न में वर्णित समस्‍या से संबंधित कोई समीक्षा नहीं होती है? इस पर शासन क्‍या कार्यवाही करेगा?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के कॉलम 07 अनुसार है। (ख) जी हाँ। जिला प्रशासन द्वारा ग्राम पंचायतों में शासन की विभिन्न संचालित योजनाओं अंतर्गत स्वीकृत निर्माण कार्यों की समीक्षा किये जाने पर ही प्रश्नांश- में वर्णित कार्य प्रारंभ न होने से नियमानुसार ग्राम पंचायत से राशि वसूली की कार्यवाही की गई। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के कॉलम 09 अनुसार है। (घ) जिला प्रशासन द्वारा जिन अधिकारियों के साथ विकास कार्यों की नियमित समीक्षा की जाती है तथा कार्यों में गति लाने व पूर्ण कराने के निर्देश समय-समय पर दिये गये है।

सेवा सहकारी समिति मर्यादित सेमरिया में अनियमितता

15. ( क्र. 320 ) श्रीमती नीलम अभय मिश्रा : क्या राज्‍यमंत्री, सहकारिता महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या सेवा सहकारी समिति मर्यादित सेमरिया के अध्‍यक्ष भागीरथी शुक्‍ला के विरूद्ध आर्थिक एवं आपराधिक प्रकरण दर्ज है? क्‍या समिति प्रबंधक/सेवक संतोष वर्मा के साथ मिलकर समिति का पैसा रख लिये हैं? (ख) क्‍या सेमरिया से सतना पहुंच मार्ग में रानी तालाब के पास समिति का गोदाम स्थित है एवं इस गोदाम के पीछे शासकीय जमीन पर भागीरथी शुक्‍ला ने अवैध कब्‍जा कर घर का निर्माण कराया है? क्‍या उपरोक्‍त कृत्‍य की शासन को जानकारी है? यदि हाँ, तो अब तक इनके विरूद्ध क्‍या कार्यवाही हुई? यदि नहीं, तो क्‍यों एवं कब तक होगी?

राज्‍यमंत्री, सहकारिता ( श्री विश्वास सारंग ) : (क) जी नहीं, समिति से संबंधित कोई आर्थिक एवं अपराधिक प्रकरण दर्ज नहीं है. जी नहीं. (ख) जी हाँ, समिति के गोदाम के पीछे दो कमरे का मकान निर्मित है. गोदाम के पीछे शासकीय जमीन पर श्री जगदीश प्रसाद पिता श्री केशव प्रसाद शुक्ला जो भागीरथी के पिता है, के द्वारा अवैध कब्जा कर मकान का निर्माण किया है. जी हाँ. अतिक्रमण के विरूद्ध मध्यप्रदेश भू-राजस्व संहिता की धारा 248 के अंतर्गत कार्यवाही की गई है जो न्यायालय में विचाराधीन है. शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता.

दोषी कर्मचारियों के विरूद्ध कार्यवाही

16. ( क्र. 327 ) डॉ. कैलाश जाटव : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रबंध संचालक मंडी बोर्ड भोपाल के पत्र क्रमांक/सतर्कता/कटनी/5289 भोपाल दिनांक 16.11.2015 एवं पत्र क्रमांक/सतर्कता/194-692 कटनी 1417 भोपाल दिनांक 11.04.2016 से पृथक-पृथक प्रकरण में सहायक ग्रेड-3 के विरूद्ध अनुशासनात्‍मक कार्यवाही करने के निर्देश सचिव कटनी को दिए गए थे? (ख) प्रश्‍नांश (क) यदि हाँ, तो सचिव कृषि उपज मंडी कटनी ने अभी तक संबंधित कर्मचारी को निलंबित कर विभागीय जाँच संस्थित क्‍यों नहीं की जब कि सचिव को ऐसा करने का पूर्ण अधिकार है? (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में मंडी समिति दोषी कर्मचारियों के पक्ष में निर्णय किए जाने का प्रयास कर रही है? इस आशय की शिकायत दिनांक 01.04.2016 से प्रश्‍न दिनांक तक की अवधि में किन-किन के द्वारा की गई है और उस पर क्‍या कार्यवाही की गई? (घ) प्रश्‍नांश (क) के अतिरिक्‍त भी अन्‍य मंडी कर्मचारियों के विरूद्ध भी अनुशासनात्‍मक कार्यवाही करने के निर्देश दिए थे, उन पर भी अभी तक कर्यवाही क्‍यों नहीं की गई? कब तक की जावेगी और अब तक न करने के लिए कौन दोषी है?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) जी हाँ। (ख) प्रश्नांक "क" में उल्लेखित पत्र में श्रीमती कमला त्रिपाठी, सहायक ग्रेड-3 मंडी समिति सेवा की कर्मचारी के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही करने का अधिकार कृषि उपज मंडी समिति कटनी को है। श्रीमती कमला त्रिपाठी सहायक ग्रेड-3 के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही हेतु मंडी समिति की साधारण बैठक दिनांक 17.03.16 के प्रस्ताव क्रमांक (09) में विचारार्थ रखा गया, जिसमें मंडी समिति द्वारा एक वेतन वृद्धि संचयी प्रभाव से प्रतिबंधित करने की शास्ति अधिरोपित कर कारणदर्शी सूचना पत्र जारी करने का निर्णय सर्व सम्मति से लिया गया। श्रीमती कमला त्रिपाठी द्वारा कारण कारणदर्शी सूचना पत्र का जवाब मंडी समिति की बैठक दिनांक 13.05.16 के प्रस्ताव क्रमांक 13 में विचारार्थ रखा गया, जिसमें एक वेतनवृद्धि संचयी प्रभाव से रोके जाने हेतु निर्णय लिया गया। मंडी समिति की साधारण बैठक दिनांक 31.05.16 के प्रस्ताव क्रमांक (13) में लिये गये निर्णय पर मंडी समिति द्वारा सर्वसम्मति से आपत्ति लगायी गयी। जिस कारण वर्तमान में श्रीमती कमला त्रिपाठी के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। (ग) प्रश्नांश "क" एवं "ख" के परिप्रेक्ष्य में मंडी समिति दोषी कर्मचारियों के पक्ष में निर्णय करने का प्रयास कर रही है, इस आशय की शिकायत श्री चंद्रशेखर अग्निहोत्री कटनी द्वारा दिनांक 13.05.2016 को प्रेषित की गई। सहायक संचालक (कार्मिक) के पत्र क्रमांक/मंडीकार्मिक/बी-1/टी/132/520 दिनांक 27.06.2016 द्वारा जाँच हेतु दिनांक 04.07.2016 से उपसंचालक आंचलिक कार्यालय जबलपुर में कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। साथ ही श्री जागीर सिंह भट्टी, का आवेदन दिनांक 22.02.16 एवं श्री चंद्रशेखर अग्निहोत्री का पत्र दिनांक 06.06.16 प्राप्त हुआ, जिसे क्रमश: पत्र क्रमांक 567 दिनांक 04.03.16 से एवं 100 दिनांक 08.07.16 से उपसंचालक आंचलिक कार्यालय जबलपुर को जाँच सौंपी गई। जिसकी जाँच कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। (घ) प्रश्नांश "क" के अतिरिक्त कृषि उपज मंडी समिति की साधारण बैठक दिनांक 17.03.16 में मंडी समिति के प्रस्ताव क्रमांक (05) में कर्मचारी श्री मुकेश कुमार राय, सहायक ग्रेड-3 (निलंबित), श्री आर.पी. खम्परिया, सहायक ग्रेड-3 (निलंबित) एवं श्री पी.डी.पाठक, सहायक लेखापाल प्रस्ताव क्रमांक (6) में श्री मुकेश कुमार राय, सहायक ग्रेड-3 तथा श्री जगदीश नंदनवार, सहायक ग्रेड-3 प्रस्ताव क्रमांक (7) श्री अरविंद कुमार श्रीवास्तव भृत्य तथा श्री उमेश कुमार पांडे, दैनिक वेतन भोगी के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही का विचार किया गया। जिसमें प्रस्ताव क्रमांक (5) में श्री पी.डी.पाठक, सहायक लेखापाल को आरोपमुक्त कर बहाल करने तथा प्रस्ताव क्रमांक (7) श्री उमेश कुमार पांडे, दैनिक वेतन भोगी, कर्मचारी का प्रकरण माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर में लंबित होने से निर्णयोपरांत कार्यवाही करने का निर्णय पारित किया गया। शेष अन्य कर्मचारियों पर मंडी समिति की बैठक दिनांक 31.05.16 के प्रस्ताव क्रमांक (1) में पूर्व बैठक के निर्णय पर आपत्ति लेने से वर्तमान में अनुशासनात्मक कार्यवाही प्रक्रियाधीन है।

शिकायत पर की गई कार्यवाही की जानकारी

17. ( क्र. 383 ) श्री विजय सिंह सोलंकी : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला पंचायत कार्यालय में (खरगोन) भगवानपुरा विधायक के कितने शिकायत पत्र किसी भी माध्‍यम से वर्ष 2014 एवं 2015, 2016 में प्राप्‍त हुए तथा इन पत्रों पर की गई कार्यवाही की सूची देवें? कितने जाँच पूर्ण तथा प्रक्रिया में है उल्‍लेख करें? (ख) वेबसाईड निर्माण संबंधी पुलिस प्रकरण कब दर्ज करने के आदेश हुए, कितनी दर्ज हुई, कितनी कार्यवाही हुई? जनपद C.E.O द्वारा माक कोटेशन पर ही भुगतान कराया गया, इन C.E.O पर क्‍या कर्यवाही की गई? (ग) निर्मल भारत अभियान संबंधित विधायक भगवानपुरा के पत्र में जो दस्‍तावेज मांगे गये है वह कब उपलब्‍ध करा दिए जावेंगे?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जिला पंचायत कार्यालय में (खरगोन) भगवानपुरा विधायक के वर्ष 2014, 2015 एवं 2016 में 11 शिकायतें प्राप्त हुई हैं। जिसमें से 02 जाँच पूर्ण होकर 09 प्रक्रिया में हैं। प्राप्त एवं निराकृत शिकायतों की सूची एवं उन पर की गई कार्यवाही की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र- अनुसार(ख) वेबसाईट निर्माण संबंधी पुलिस प्रकरण दर्ज कराने हेतु जिला पंचायत खरगोन के पत्र क्रमांक 14335, 14337, 14339, 14341, 14343, 14345, 14347, 14349 दिनांक 05.11.2014 से मुख्य कार्यपालन अधिकारी समस्त जनपद पंचायत को आदेश दिये। मुख्य कार्यपालन अधिकारी समस्त जनपद पंचायत द्वारा वेबसाईट पोर्टल पर प्रदर्शित होने से प्राथमिकी दर्ज कराने संबंधी निर्णय को निरस्त करने का अनुरोध किया। चूंकि पृथक से वेबसाईट निर्माण के संबंध में प्रकाश में आये तथ्य के आधार पर यह स्पष्ट है कि, ग्राम पंचायतों द्वारा सीधे वेबसाईट निर्माण के आदेश दिये गये हैं। जिला कार्यालय में वेबसाईट निर्माण का कोई रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है। वेबसाईट निर्माण में तकनीकी पहलु होने के कारण तथा मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत से प्राप्त जानकारी अनुसार एफ.आई.आर. का आधार नहीं होने के कारण एफ.आई.आर. नहीं की गई। जनपद पंचायत द्वारा कोई कोटेशन नहीं बुलाये गये हैं, मात्र एक प्रकरण में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत भगवानपुरा से प्राप्त प्रतिवेदन अनुसार 40 ग्राम पंचायतों में राशि उपलब्ध नहीं होने के कारण जनपद पंचायत द्वारा भुगतान किया गया। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार(ग) निर्मल भारत अभियान संबंधित दस्तावेज मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत खरगोन द्वारा पत्र क्रमांक 10384 दिनांक 06.07.2016 से मान. विधायक महोदय को भेजे गये हैं। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार।

सामु. भवनों में विद्युतीकरण कार्य का मूल्‍यांकन

18. ( क्र. 384 ) श्री विजय सिंह सोलंकी : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2013-14 में खरगोन जिले में समस्‍त पंचायतों द्वारा कितने सामु. भवनों का निर्माण प्रारंभ किया, पूर्ण किया, सी सी जारी की गई? ग्राम पंचायतवार नाम, राशि, मद सहित सूची देवें? (ख) उक्‍त सामु. भवनों में विद्युतीकरण में कितनी राशि व्‍यय हुई, इस विद्युतीकरण कार्य का निरीक्षण/मूल्‍यांकन किसके द्वारा कब किया गया? ग्राम पंचायतवार, निरीक्षण/मूल्‍यांकनकर्ता के नाम, निरीक्षण दिनांक सहित सूची देवें? (ग) उक्‍त सामु. भवनों में विद्युतीकरण की वर्तमान स्थिति क्‍या है? चालू, बंद, मीटर नहीं, सामान है या चोरी हो गया? सूची देवें?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) खरगोन जिले में वर्ष 2013-14 में कुल 257 सामुदायिक भवन निर्माण के कार्य स्वीकृत किये गये है जिसमें से 229 कार्य पूर्ण एवं 168 कार्य की सी.सी.जारी की गई है शेष 28 कार्य प्रगतिरत है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार। (ख) उक्त सामुदायिक भवनों में से कसरावद एवं भगवानपुरा जनपद पंचायत के 39 भवनों में 3.98 लाख की बिजली फिटिंग का कार्य तकनीकी स्वीकृति (स्टीमेंट) के आधार पर हुआ है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार। (ग) उक्त 39 सामुदायिक भवनों में बिजली फिटिंग है किन्तु मीटर नहीं लगे है। शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार

मुख्‍यमंत्री ग्राम सड़क संपर्क योजना का क्रियान्‍वयन

19. ( क्र. 400 ) श्री राजकुमार मेव : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विभाग द्वारा वर्ष 2013-14 से प्रश्‍न दिनांक तक जनपद पंचायतवार खरगोन जिले में मुख्‍यमंत्री ग्राम संपर्क सड़क योजनांतर्गत मार्ग निर्माण हेतु कितनी राशि की किन-किन कार्यों की स्‍वीकृति दी गई? कार्यवार जानकारी बताई जावें। (ख) प्रश्‍नांश (क) के संबंध में कितने कार्य प्रारंभ किये गये, कितने पूर्ण हो गये, कितने कार्य अप्रारंभ हैं, विकासखण्‍ड एवं कार्यवार जानकारी उपलब्‍ध करावें? (ग) मुख्‍यमंत्री ग्राम संपर्क सड़क योजनांतर्गत वर्ष 2013-14 से प्रश्‍न दिनांक तक महेश्‍वर विधानसभा क्षेत्रांतर्गत प्रश्‍नकर्ता द्वारा कितने कार्यों के प्रस्‍ताव दिये गये उनकी वर्तमान स्थिति क्‍या है? (घ) क्‍या मुख्‍यमंत्री ग्राम संपर्क सड़क योजनांतर्गत योजना प्रारंभ से वर्तमान तक निर्मित मार्गों पर डामरीकरण कार्य किये जाने की कोई योजना है? यदि हाँ, तो विधानसभा क्षेत्रांतर्गत कितने कार्यों के लिये प्रस्‍ताव तैयार किये गये हैं, कितने कार्यों में कितनी राशि की स्‍वीकृति की कार्यवाही की गई?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) एवं (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। (घ) वर्तमान में मुख्‍यमंत्री ग्राम सड़क योजनांतर्गत निर्मित सड़कों के डामरीकरण हेतु कोई योजना क्रियाशील नहीं है। शेष का प्रश्‍न नहीं उठता।

पेंशनर्स हितग्राहियों (वृद्ध) के पुन: खाते खोलना

20. ( क्र. 409 ) श्री निशंक कुमार जैन : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या राज्‍य शासन ने विदिशा जिले को पेंशन योजना के विकेन्‍द्रीकरण अंतर्गत पायलेट प्रोजेक्‍ट में शामिल किया है या नहीं? (ख) यदि हाँ, तो विदिशा जिले के समस्‍त मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत द्वारा पंचायत के हितग्राहियों (पेंशनर्स) के विभिन्‍न बैंक में संचालित बैंक खातों को एक ही विशेष बैंक में खोले जाने के निर्देश जारी करते हुये पंचायत को हितग्राहियों की सूची दी गई है या नहीं? यदि हाँ, तो उक्‍त पत्र की प्रति एवं पत्र के साथ संलग्‍न हितग्राहियों की सूची उपलब्‍ध करावें? (ग) उक्‍त निर्देश किस आधार पर किसके निर्देश पर जारी किये गये हैं, निर्देश की प्रति उपलब्‍ध करावें? क्‍या उक्‍त खाते जीरो (0) बैलेंस पर खोले जा रहे हैं या नहीं? (घ) इस प्रकार वृद्ध हितग्राहियों के बैंक खाते (प्रधानमंत्री जनधन योजना के तहत) संचालित होने के उपरांत भी अन्‍य बैंक में नवीन खाते खुलवाने का क्‍या कारण है? इस प्रकार वृद्ध हितग्राहियों के दस्‍तावेज की फोटोकॉपी, स्‍वयं की फोटो एवं आवागमन पर होने वाला व्‍यय के लिये कौन जिम्‍मेदार है? यह भार निर्देश जारीकर्ता अधिकारी द्वारा हितग्राहियों को उपलब्‍ध कराया जावेगा या नहीं? यदि नहीं, तो स्‍पष्‍ट कारण क्‍यों?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) शासन द्वारा पाईंट ऑफ सेल (पी.ओ.एस.) मशीन के माध्यम से उचित मूल्य की दुकान पर कार्यरत सेल्समेन के माध्यम से पेंशन हितग्राही की पेंशन राशि वितरण किये जाने हेतु जिला विदिशा में पायलट किये जाने की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। (ख) जिले की समस्त जनपद पंचायतों के हितग्राहियों के विभिन्न बैंकों/पोस्ट आफिसों में संचालित खातों को किसी एक विशेष बैंक में खाते खोले जाने के निर्देश जारी नहीं किये गये है। क्षेत्रीय बैंकिंग सुविधा की दृष्टि से कुछ हितग्राहियों के खाते नजदीकी बैंकों में खुलवाये गये है, ताकि उन्हें उनके ग्राम पंचायत/ग्राम स्तर पर सुविधाजनक रुप से पेंशन प्रदाय करने हेतु डेबिट कार्ड संबंधित बैंकों से प्रदाय किए जा सकें। जनपद पंचायतवार हितग्राहियों की सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। (ग) हितग्राहियों के बैक खाते 0 बैलेन्स पर खोले जा रहे है। जारी किये गये निर्देश पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। (घ) प्रधानमंत्री जनधन योजनातर्गत जिन हितग्राहियों के खाते संचालित है, उन हितग्राहियों के खाते नहीं खुलवाये जा रहे है। कुछ हितग्राहियों के खाते नजदीकी बैको में खुलवाये गये हैं, ताकि उनके ग्राम पंचायत/ग्राम स्तर पर सुविधाजनक रुप से पेंशन प्रदाय करने हेतु डेबिट कार्ड संबंधित बैंकों से प्रदाय किए जा सकें। हितग्राहियों की सुविधा को दृष्टिगत रखते हुए जिलों को स्थानीय स्तर पर शिविर लगाकर नये खाते खोलने के निर्देश दिये गये थे। हितग्राहियों के खाते खुलवाने पर मात्र फोटो कापी का व्यय भार आया है,जो कि नगण्य है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

 

 

नि:शक्‍त छात्रों को मोटर युक्‍त ट्रायसायकिल का प्रदाय

21. ( क्र. 410 ) श्री निशंक कुमार जैन : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या शासकीय स्‍कूलों एवं कॉलेजों में अध्‍ययनरत नि:शक्‍त छात्र-छात्राओं को मोटरयुक्‍त ट्रायसायकिल उपलब्‍ध कराने का प्रावधान है या नहीं? यदि हाँ, तो प्रावधान की प्रति देवें? (ख) विदिशा जिले के शासकीय हाईस्‍कूल, हायर सेकण्‍डरी एवं शासकीय महाविद्यालयों में वर्ष 2014-15, 2015-16 एवं 2016-17 में किस कक्षा में कितने नि:शक्‍त छात्र-छात्राओं ने प्रवेश लिया है? उक्‍त नि:शक्‍तजनों में से ऐसे कितने नि:शक्‍त छात्र-छात्राएं है जो विद्यालय/कॉलेज अध्‍ययन हेतु ट्रायसायकिल से आते है, ऐसे छात्रों के नाम, पिता का नाम, पता तहसील सहित जानकारी देवें? (ग) प्रश्‍नांश (क) में उल्‍लेखित प्रावधानानुसार कितने छात्र-छात्राओं को मोटरयुक्‍त ट्रायसायकिल उपलब्‍ध कराई गई है, कितने शेष है, शेष को कब तक मोटरयुक्‍त ट्रायसायकिल उपलब्‍ध कराई जावेगी?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र- अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के पत्रक- अनुसार है। (ग) मोटरयुक्त ट्रायसायकिल उपलब्ध नहीं कराई गयी है। तीन छात्रों द्वारा मोट्रेट ट्रायसायकिल की माँग की गई है। कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। समय-सीमा बताना संभव नहीं है।

कटरा को राजस्‍व ग्राम घोषित किया जाना

22. ( क्र. 423 ) श्रीमती नंदनी मरावी : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता के अता.प्रश्‍न संख्‍या 114 (क्रमांक 1322) दिनांक 29.7.15 में विकासखण्‍ड सिहोरा के ग्राम कटरा को राजस्‍व ग्राम घोषित करने के संबंध में कार्यवाही प्रचलन में होने का उत्‍तर दिया गया था? (ख) ग्राम कटरा को राजस्‍व ग्राम घोषित किये जाने के संबंध में की गई कार्यवाही की प्रति उपलब्‍ध करायें तथा यह भी बतायें कि ग्राम कटरा को कब तक राजस्‍व ग्राम घोषित कर दिया जावेगा?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) एवं (ख) कलेक्टर से प्राप्त जानकारी अस्पष्ट। जानकारी एकत्रित की जा रही है।

विपणन सहकारी संस्‍था गोरमी द्वारा कराये गये कार्य

23. ( क्र. 439 ) श्री मुकेश नायक : क्या राज्‍यमंत्री, सहकारिता महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विपणन सहकारी संस्‍था मर्यादित गोरमी जिला भिण्‍ड का पंजीयन क्रमांक एवं दिनांक क्‍या है तथा कार्यक्षेत्र कहाँ तक है? (ख) विपणन सहकारी संस्‍था मर्यादित गोरमी जिला भिण्‍ड का पंजीयन किये जाने से पूर्व पंजीयक सहकारी संस्‍थायें म.प्र. भोपाल द्वारा जारी मापदण्‍ड एवं निर्देशों का पूर्ण रूपेण पालन किया गया है? यदि नहीं, तो नियम विरूद्ध पंजीकृत विपणन सहकारी संस्‍था गोरमी का पंजीयन अभी तक निरस्‍त क्‍यों नहीं किया गया? अगर किया जायेगा तो कब तक? (ग) विपणन सहकारी संस्‍था गोरमी का कार्यक्षेत्र और संस्‍था मेहगांव का कार्यक्षेत्र अधिनियम व पंजीयक सहकारी संस्‍थायें म.प्र. भोपाल के द्वारा जारी मापदण्‍ड एवं निर्देशों के अनुरूप है? यदि नहीं, तो नियम विपरीत कार्यवाही करने हेतु कौन-कौन अधिकारी एवं कर्मचारी जिम्‍मेदार हैं और दोषियों के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की गई? यदि नहीं, तो क्‍यों?

राज्‍यमंत्री, सहकारिता ( श्री विश्वास सारंग ) : (क) विपणन सहकारी संस्‍था मर्यादित, गोरमी जिला भिण्‍ड का पंजीयन क्रमांक 1059 दिनांक 28.07.2015 है तथा कार्यक्षेत्र तहसील गोरमी तक है. (ख) विपणन सहकारी समिति गोरमी के पंजीयन में मापदण्डों का पालन किया गया है या नहीं, इस हेतु जाँच की जा रही है, कार्यवाही जाँच के निष्कर्षों के अधीन. (ग) उत्तरांश '' अनुसार. कार्यवाही जाँच के निष्कर्षों के अधीन.

वॉटर शेड परियाजनाएं

24. ( क्र. 464 ) श्री सतीश मालवीय : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) उज्‍जैन जिले में वॉटर शेड की कितनी परियाजनाएं वर्ष 2014-15 से प्रश्‍न दिनांक तक स्‍वीकृत हुई है? इनमें से कौन-कौन से कार्य प्रारंभ हुए एवं कौन-कौन से कार्य प्रारंभ नहीं हुए है? कब तक प्रारंभ किये जाएगें? (ख) विधानसभा क्षेत्र घट्टिया में निर्माणाधीन वाटरशेड में किन-किन कार्य हेतु कितना-कितना भुगतान किया गया है एवं कितने कार्य किये गये हैं? किन-किन अधिकारियों द्वारा किये गये कार्यों का भौतिक सत्‍यापन किया गया है? (ग) विधानसभा क्षेत्र घट्टिया में इस वित्‍तीय वर्ष में क्‍या नई परियोजनाएं लागू की जाना है? यदि नहीं, तो कब तक प्रारंभ की जावेगी?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) कोई परियोजना स्वीकृत नहीं हुई है, अतः शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) जी नहीं। भारत सरकार, ग्रामीण विकास मंत्रालय, भूमि संसाधन विभाग ने प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना-वाटरशेड विकास के अंतर्गत नवीन परियोजनायें स्वीकृत करने के बजाय पूर्व में स्वीकृत परियोजनाओं को प्राथमिकता पर पूर्ण करने के निर्देश जारी किये हैं। अतः नई परियोजना प्रांरभ किये जाने का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''ग्यारह''

मुख्‍यमंत्री आवास की जानकारी

25. ( क्र. 469 ) श्री कुँवरजी कोठार : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मुख्‍यमंत्री ग्रामीण आवास मिशन के अंतर्गत राजगढ़ जिले की सारंगपुर विकासखण्‍ड हेतु वर्ष 2015-16 एवं 2016-17 में किस-किस बैंक को कितने-कितने मुख्‍यमंत्री ग्रामीण आवास स्‍वीकृत करने का लक्ष्‍य दिया गया है? बैंकवार आवासों की संख्‍या बतावें? (ख) प्रश्‍नांश (क) में दर्शित अवधि में बैंकवार लक्ष्‍य के विरूद्ध बैंकवार कितने-कितने प्रकरण प्राप्त हुए? (ग) प्रश्‍नांश (ख) में प्राप्‍त आवेदनों में से लक्ष्‍य के विरूद्ध कितने हितग्रहियों के आवास स्‍वीकृत किये गये है? (घ) बैंकों में प्राप्‍त आवेदन में लक्ष्‍यों के अनुरूप चयन करने की प्रक्रिया क्‍या है?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास मिशन में राज्य स्तर से जनपदवार/बैंक शाखावार लक्ष्य निर्धारित नहीं किये जाते है। राजगढ़ जिले के सारंगपुर जनपद पंचायत के अंतर्गत जनपद पंचायत द्वारा वर्ष 2015-16 एवं 2016-17 में बैंकों को आवासीय ऋण प्रकरण स्वीकृति हेतु दिये गए लक्ष्य की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) प्रश्नांश (क) में दर्शित अवधि में बैंकवार लक्ष्य के विरुद्ध बैंकवार प्राप्त आवासीय ऋण प्रकरणों की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) प्रश्नांश (ख) अनुसार प्राप्त आवेदनों में से लक्ष्य के विरुद्ध हितग्राहियों के स्वीकृत किये गये आवासीय ऋण प्रकरणों की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार हैवर्ष 2016-17 में बैंकों को प्राप्त 605 ऋण प्रकरण स्वीकृति हेतु प्रक्रियाधीन है। (घ) बैंक द्वारा हितग्राही की पात्रता अनुसार एवं चेक लिस्ट अनुसार आवेदन सही पाये जाने पर प्रेषित प्रकरणों की वरीयता के क्रम से हितग्राही को ऋण स्वीकृत किया जाता है।

परिशिष्ट - ''बारह''

मुआवज़ा राशि का किसानों को भुगतान

26. ( क्र. 523 ) श्री नारायण सिंह पँवार : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या शासन द्वारा किसानों की खराब हुई सोयाबीन फसल 2015 की क्षतिपूर्ति करने का निर्णय किया गया था तथा उक्‍त निर्णय के परिपालन में शासन द्वारा माह नवंबर 2015 में जिला कलेक्‍टरों के माध्‍यम से क्षतिपूर्ति राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में जमा कराई गई थी? यदि हाँ, तो क्‍या राजगढ़ जिले के ब्‍यावरा विधानसभा क्षेत्रांतर्गत भी किसानों के बैंक खातों में करोड़ों रूपये की राशि सीधे जमा कराई गई जिससे प्रभावित कृषक लाभांवित हो सके? (ख) क्‍या माह नवंबर 2015 से प्रश्‍न दिनांक तक एक बड़ी राशि कृषकों के खातों में न पहुंचकर विभिन्‍न बैंकों में फंसी हुई है जिसमें विशेषकर ग्राम सलेहपुर, सेमलापार, बेरियाखेड़ी, लसूल्डियामीना, निवारा, गंगोहोनी, कडियाहाट, हांसरोद इत्‍यादि अनेकों ग्राम सम्मिलित है जिसमें सैकड़ों किसान आज भी लाभ से वंचित हैं? क्‍या इस संबंध में प्रश्‍नकर्ता द्वारा अनेकों बार अग्रणी बैंक प्रबंधक, जिला कलेक्‍टर, अनुविभागीय अधिकारी राजस्‍व, तहसीलदार ब्‍यावरा सहित संबंधित सभी बैंक अधिकारियों से चर्चा के बाद भी स्थिति जस की तस है? (ग) उपरोक्‍तानुसार क्‍या शासन ऐसे सभी किसानों की विभिन्‍न बैंकों में फंसी राशि का निराकरण कर लाभांवित करेगा? यदि हाँ, तो कब तक?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) जी, हाँ राजगढ़ जिले के ब्‍यावरा विधान सभा क्षेत्रांतर्गत तहसील के 293 ग्रामों के पात्र कृषकों को आर.बी.सी. 6-4 अन्‍तर्गत नियमानुसार आंकलन उपरांत राहत राशि 36,54,20,806 (रू. छत्‍तीस करोड़ चौपन लाख बीस हजार आठ सौ छ: मात्र) राशि वितरित की गई है। (ख) जी नहीं, फेल पेमेंट की राशि रूपये 4,45,63,299/- (चार करोड़ पैंतालीस लाख तिरेसठ हजार दो सौ निन्‍यानवे मात्र) शासकीय लिंक ब्रांच एस.बी.आई से चैकों के माध्‍यम से संबंधित हितग्राहियों को वितरित की जा चुकी है। वर्णित ग्राम सलेहपुर, सेमलापार, बेरियाखेड़ी, लसूल्डियामीना, निवारा,गांगोहोनी, कडियाहाट, हांसरोद ग्रामों के पात्र कृषकों को अनुदान राशि 2,48,42,100/- (दो करोड़ अडतालीस लाख बयालीस हजार एक सौ) स्‍वीकृत कर वितरित की जा चुकी है। कोई पात्र किसान अनुदान राशि पाने से वंचित नहीं है। बैंक से असफल भुगतान की राशि कृषकों को बैंकों के माध्‍यम से वितरित कराई जा चुकी है। (ग) उपरोक्तानुसार लाभान्वित कर दिया गया है।

अध्‍यापक संवर्ग का छठवें वेतन आयोग में विसंगति पूर्ण आदेश

27. ( क्र. 559 ) श्रीमती ऊषा चौधरी : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या म.प्र. शासन, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, मंत्रलाय वल्‍लभ भवन, भोपाल के आदेश क्र.एफ-1/2013/22/पं.-2 दिनांक 21/02/2013 समसंख्‍या आदेश दिनांक 04.09.2013 के अनुक्रम में जिला/ जनपद पंचायत में कार्यरत अध्‍यापक संवर्ग को दिनांक 01.01.2016 से छठवां वेतनमान स्‍वीकृत किया गया है, यदि हाँ, तो आदेश की प्रति देवें? (ख) क्‍या प्रश्‍नांश (क) द्वारा स्‍वीकृत आदेश विसंगतिपूर्ण है, जिसमें अध्‍यापक संवर्ग को लाभ की जगह हानि हो रही है एवं अंतरिम राहत को समयोजित न कर किश्‍तों में वसूली करने के आदेश जारी किये गये है? विवरण सहि‍त बतावें? (ग) क्‍या उपरोक्‍त आदेश त्रुटिपूर्ण होने एवं अध्‍यापक संवर्ग के संगठनों द्वारा विरोध करने के कारण निरस्‍त कर दिया गया है? यदि हाँ, तो नया आदेश कब तक जारी किया जावेगा एवं नये आदेश में वेतन निर्धारण तालिका में क्‍या संशोधन किया, विवरण सहित जानकारी देवें? (घ) क्‍या छठवें वेतनमान में वरिष्‍ठ अध्‍यापक/अध्‍यापक को स्‍वीकृत वेतनमान की अपेक्षा सहायक अध्‍यापक के वेतनमान में काफी अंतर है ऐसा क्‍यों, क्‍या इसमें सुधार किया जायेगा, यदि हाँ, तो कब तक, यदि नहीं, तो क्‍यों कारण स्‍पष्‍ट करें?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के आदेश दिनांक 21.2.2013 एवं 4.9.2013 के अनुक्रम में दिनांक 1.1.2016 से छठवां वेतनमान दिए जाने के संबध में आदेश जारी किये गये है। जारी आदेशों की प्रतियां जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जारी किये गये आदेश में विसंगति नहीं है। अंतरिम राहत को समायोजित करने के आदेश है। किश्तों में वसूली करने के कोई आदेश नहीं है। (ग) जारी आदेश निरस्त नहीं किया गया है अपितु आगामी आदेश तक स्थगित किया गया है। अतः शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) वरिष्ठ अध्यापक, अध्यापक एवं सहायक अध्यापक को पृथक-पृथक वेतन बैण्ड एवं ग्रेड-पे छठवें वेतनमान के समान स्वीकृत किये गये है। प्रत्येक पद के लिए पृथक-पृथक वेतन बैण्ड एवं संवर्ग वेतन स्वीकृत किये जाने का प्रावधान है। उसी के अनुरूप आदेश जारी किये गये है। अतः शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।

हितग्राहियों का शोषण करने वाले एन.जी.ओ. के विरूद्ध कार्यवाही

28. ( क्र. 572 ) पं. रमेश दुबे : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) छिन्‍दवाड़ा जिले के ग्राम पंचायत जमुनिया के पूर्व सरपंच के विरूद्ध उनके सरपंच रहने के दौरान ग्राम पंचायत में वित्‍तीय अनियमितता करने, पात्र हितग्राहियों का आर्थिक शोषण करने, पद का दुरूपयोग करने के संबंध में क्‍या जनपद पंचायत चौरई को पत्र प्रेषित किया गया है? (ख) यदि हाँ, तो क्‍या इस पत्र पर संबंधित के विरूद्ध प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज की गई? यदि नहीं, तो कारण स्‍पष्‍ट करें? (ग) शासकीय कार्यालयों द्वारा प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराने हेतु क्‍या कोई विशेष प्रावधान है? यदि हाँ, तो क्‍यों किसी शासकीय कार्यालय के समक्ष अधिकारी द्वारा प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराने हेतु किन-किन दस्‍तावेजों को प्रस्‍तुत करने हेतु गृह विभाग के किन नियमों में क्‍या प्रावधान है? नियम निर्देश की प्रति संलग्‍न करें? (घ) क्‍या शासन जनपद पंचायत के सक्षम अधिकारी द्वारा थाना प्रभारी चौरई को प्रेषित पत्र और जाँच प्रतिवेदन पर संबंधित ग्राम पंचायत जमुनिया के पूर्व सरपंच के विरूद्ध प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज करने का आदेश देगा यदि नहीं, तो क्‍यों?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ। (ख) जी नहीं। मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत चौरई द्वारा प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराने हेतु पत्र क्रमांक 605 दिनांक 01.07.2016 अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) चौरई को प्रेषित किया गया है। प्रकरण में अभी प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफ.आई.आर.) दर्ज नहीं हुई। जाँच प्रतिवेदन के आधार पर पूर्व सरपंच एवं सचिव के विरूद्ध वसूली हेतु मध्यप्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 की धारा 92 के तहत न्यायालय अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) चौरई के यहां प्रकरण क्रमांक 03/अ-89 (19) /2015-16 पंजीबद्ध है। प्रकरण न्यायालय में विचाराधीन है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) किसी शासकीय कार्यालय के द्वारा प्रथम सूचना लेख कराने हेतु शासकीय पत्र भेजा जाता है तथा प्रथम दृष्टया अथवा प्रस्तुत दस्तावेजों के आधार पर जाँच में कोई संज्ञेय अपराध पाया जाता है तो उस पर तत्काल अपराध पंजीबद्ध किया जाता है। (घ) जानकारी उत्तरांश- अनुसार कानूनी कार्यवाही की जाती है।

कम्‍प्‍यूटर खसरों में विक्रय वर्जित शब्‍द अंकित होना

29. ( क्र. 588 ) श्रीमती ममता मीना : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) म.प्र. गठन के पश्‍चात् से 1995 तक गुना जिले के समस्‍त भू-स्‍वामी कृषकों के खसरों के मूल रिकॉर्ड में कोई भी विक्रय वर्जित या विक्रय निषेध शब्‍द खसरे के कॉलम नं. 12 में दर्ज नहीं तो अब कम्‍प्‍यूटर खसरे में कैसा आया? (ख) यदि गुना जिले की समस्‍त तहसीलों के कौन से अधिकारी द्वारा किस आदेश और किस दिनांक से कम्‍प्‍यूटर खसरों या अन्‍य खसरों में कौन-कौन से सर्वे नम्‍बरों के कॉलम नं. 12 में विक्रय निषेध या वर्जित शब्‍द अंकित किया है? (ग) क्‍या म.प्र. भू-राजस्‍व संहित 1959 में निहित प्रावधानों में कोई ऐसा प्रावधान है कि किसानों के खसरों में किसी सक्षम राजस्‍व निर्णयों के बिना कोई एन्‍ट्री शब्‍द जोड़ा या घटाया एवं दर्ज किया जाता हो तो बतायें? यदि नहीं, तो कारण सहित उत्‍तर दें? (घ) प्रश्‍नांश (क) (ख) और (ग) के बिंदु अनुसार म.प्र. के अन्‍य जिलों की तुलना में गुना जिले के भू-धारी कृषकों के खातों में विक्रय निषेध या विक्रय वर्जित शब्‍द कॉलम नं. 12 में कम्‍प्‍यूटर में क्‍यों दर्ज है, कौन से कानून और प्रक्रिया से हटाया जावेगा? इसके लिये कौन उत्‍तरदायी है? कौन दोषी है, कब तक कार्यवाही करेंगे? क्‍या गुना जिले के किसानों को न्‍याय मिलेगा?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) से (घ) कलेक्टर से जानकारी अप्राप्त। जानकारी एकत्रित की जा रही है।

अनुदान राशि का भुगतान

30. ( क्र. 607 ) श्री दुर्गालाल विजय : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) श्‍योपुर जिले में किसान कल्‍याण तथा कृषि विकास विभाग से बीज ग्राम योजनांतर्गत वर्ष 2014-15 एवं 2015-2016 में कितने कृषकों को कितनी मात्रा में फसलवार बीज वितरण किस अनुदान पर किया गया? कितने कृषकों के बैक खातों में कितनी अनुदान राशि जमा कराई गई व कितने कृषकों के बैक खातों में जमा नहीं कराई गई जानकारी ब्‍लॉकवार देवें? (ख) उक्‍त अवधि में उक्‍त योजनान्‍तर्गत कितना आवंटन वर्षवार श्‍योपुर जिले को मिला यदि नहीं, तो इस हेतु क्‍या कार्यवाही की गई? (ग) क्‍या उक्‍त अवधि में श्‍योपुर जिले के लगभग दो हजार से अधिक कृषकों ने लगभग 13 लाख का गेहूं चना,सोयाबीन,अरहर,का बीज कृषकों को उक्‍त योजनंतर्गत उपलब्‍ध कराया? यदि हाँ, तो अनुदान राशि का भुगतान उन्‍हें वर्तमान तक क्‍यों नहीं किया गया? क्रय किये गये बीज की गुणवता खराब होने की शिकायतों पर क्‍या कार्यवाही की गई? (घ) क्‍या शासन उक्‍त तथ्‍यों की जाँच कराएगा तथा कृषकों को अनुदान राशि का लंबित भुगतान यथाशीघ्र करवाएगा, यदि नहीं, तो क्‍यों?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) बीज ग्राम योजनांतर्गत खाद्यान्‍न फसलों के बीज पर 50 प्रतिशत तथा दलहनी व तिलहनी फसलों के बीज पर 60 प्रतिशत अनुदान प्रति एकड बीज के लिये प्रति कृषक के मान से देय है। विस्‍तृत विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '1' अनुसार है। (ख) जी हाँ, विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '2' अनुसार है। (ग) उक्‍त अवधि में श्‍योपुर जिले के कुल 6276 कृषकों को कुल अनुदान राशि रूपये 25.78 लाख का गेहूं, चना, सोयाबीन, अरहर एवं सरसों का बीज कृषकों को उक्‍त योजना अंतर्गत उपलब्‍ध कराया, जिसमें से अनुदान राशि रूपये 10.42 लाख का भुगतान किया गया है। शेष भुगतान आवंटन के अभाव में लंबित रहा है। वर्ष 2014-15 में क्रय किये गये बीज की गुणवत्‍ता खराब होने की एक शिकायत प्राप्‍त हुई जिस पर की गई कार्यवाही का विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '3' अनुसार है। (घ) आवंटन के अभाव में अनुदान राशि का भुगतान लंबित रहा है, अत: जाँच का प्रश्‍न ही नहीं उठता। कृषकों को अनुदान राशि का लंबित भुगतान की कार्यवाही वर्तमान में प्रचलन में हैं।

श्‍योपुर में को-ऑपरेटिव बैंक के जिला मुख्‍यालय का गठन

31. ( क्र. 608 ) श्री दुर्गालाल विजय : क्या राज्‍यमंत्री, सहकारिता महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता की दिसम्‍बर 2015 सत्र की शून्‍यकाल सूचना क्रमांक 68, 119 के उत्‍तर में बताया है, कि को-ऑपरेटिव बैंक मुरैना से प्राप्‍त जानकारी के परीक्षण समग्रता में पाया कि जिला को-ऑपरेटिव बैंक मुरैना दिनांक 31.03.2014 को 477.99 लाख के लाभ में थी दिनांक 31.03.2015 को लाभ कम होकर 5.19 लाख रह गया, श्‍योपुर को-ऑपरेटिव बैंक 31.03.2015 को 332.36 लाख की हानि में रही, दिनांक 31.06.2015 को मुरैना बैंक की वसूली कम होकर 28.06 प्रतिशत रही इस कारण श्‍योपुर में को-ऑपरेटिव बैंक का जिला मुख्‍यालय का गठन संभव नहीं हैं? (ख) क्‍या वर्ष 2014-15, 2015-16 में श्‍योपुर जिले में प्राकृतिक आपदाओं के कारण तीन कृषि सीजन बर्बाद हुए, नतीजन जिले के कृषक वसूली नहीं दे पाये, उक्‍त वर्षों को छोड़कर जिला को-ऑपरेटिव बैंक मुरैना को हमेशा कुल वसूली की 70 प्रतिशत वसूली श्‍योपुर से ही मिलती रही है? (ग) यदि नहीं, तो क्‍या शासन श्‍योपुर की विगत् 10 वर्षों की वसूली की जानकारी मंगवाकर श्‍योपुर व मुरैना क्षेत्र की वसूली का समग्रता/पृथक-पृथक परीक्षण करवाकर दिनांक 24.02.2015 को सदन में दिये गये आश्‍वासनानुसार श्‍योपुर में को-ऑपरेटिव बैंक का जिला मुख्‍यालय स्‍थापित कराने का प्रस्‍ताव स्‍वीकृति हेतु नाबार्ड/आर.बी.आई. को भेजेगा, यदि नहीं, तो क्‍यों?

राज्‍यमंत्री, सहकारिता ( श्री विश्वास सारंग ) : (क) जी हाँ. (ख) जी हाँ. (ग) जी नहीं. जिला सहकारी केन्द्रीय बैंकों का पुनर्गठन गत 10 वर्षों की वसूली की स्थिति के आधार पर नहीं वरन् बैंक की वर्तमान आर्थिक सक्षमता के आधार पर किया जाता है. भारतीय रिजर्व बैंक के मापदंडों के अनुसार विभाजन पश्चात् पुनर्गठित दोनों बैंकों का आर्थिक रूप से सक्षम होना आवश्यक है. अतः ऐसी स्थिति में जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मुरैना के पुनर्गठन का प्रस्ताव नाबार्ड/आर.बी.आई को भेजा जाना संभव नहीं है

समितियों को खाद का आवंटन

32. ( क्र. 658 ) श्री प्रदीप अग्रवाल : क्या राज्‍यमंत्री, सहकारिता महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) म.प्र. राज्‍य सहकारी विपणन संघ मर्या. दतिया द्वारा वर्ष 2013 के उपरांत अभी तक कौन-कौन सी समितियों को कितना-कितना खाद कितनी-कितनी राशि का आवंटन किया गया वर्षवार, समितिवार, गोदामवार जानकारी उपलब्‍ध कराई जावे? (ख) कंडिका (क) में वर्णित जिन समितियों को खाद आवंटित किया गया, उनसे खाद की राशि जमा कराने संबंधी शासन के क्‍या नियम हैं? नियम एवं निर्देशों की छायाप्रति उपलब्‍ध कराई जावे? (ग) कंडिका (क) में वर्णित समितियों में किन-किन समितियों को नगद खाद एवं किन्‍हें उधार दी गई? जिन्‍हें नगद दिया उनसे राशि चेक से, बैंक स्लिप से ली गई? उसका विवरण उपलब्‍ध करायें एवं जिन्‍हें उधार दिया उनसे राशि कब और कौन से माध्‍यम से ली गई या लेना शेष है? (घ) क्‍या तत्‍कालीन डी.एम.ओ. श्री बाबूलाल शर्मा, सहायक लेखा अधिकारी, प्रीति गौड़ एवं ब्रजेन्‍द्र तिवारी द्वारा समितियों को नियम विरूद्ध बिना राशि जमा कराये बिल काटे गये, जिससे विभाग को लाखों रूपये की क्षति हुई? यदि हाँ, तो इनके खिलाफ क्‍या कार्यवाही की गई? यदि नहीं, तो संपूर्ण प्रकरण की उच्‍च स्‍तरीय जाँच कराई जावेगी?

राज्‍यमंत्री, सहकारिता ( श्री विश्वास सारंग ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है. (ख) प्राथमिक कृषि सहकारी साख समितियों को रिलीज आर्डर एवं डी.डी. पर खाद उपलब्‍ध कराने के निर्देश हैं, अन्य सहकारी समितियों को खाद की कीमत नगद/बैंकर्स चेक अथवा डी.डी. से प्राप्त कर खाद प्रदाय करने के निर्देश हैं. रासायनिक उर्वरकों की मूल्‍य राशि का भुगतान समय पर नहीं करने एवं राशि लंबित रहने के कारण आयुक्‍त सहकारिता द्वारा समस्या मूलक जिलों के लिये खाद वितरण के निर्देश जारी किये गये जिसमें दतिया जिले को भी समस्या मूलक जिले के अंतर्गत चिन्हित किया गया है, तदनुसार दतिया में खाद का वितरण किया गया है, रासायनिक उर्वरकों के वितरण बाबत् पंजीयक सहकारी संस्थायें म.प्र. द्वारा जारी परिपत्र क्रमांक 142 दिनांक 31.03.1975, क्रमांक 159 दिनांक 19/20.04.1985, क्रमांक 97 दिनांक 17/19.12.1997, क्रमांक 2051 दिनांक 19.11.2014, क्रमांक 1840 दिनांक 13.10.2015 एवं क्रमांक 687 दिनांक 21.03.2016 द्वारा दिये गये निर्देशों की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है. (ग) वर्ष 2013-14 से वर्ष 2015-16 तक प्रदाय किये गये खाद की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है, प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों से उत्तर दिनांक तक राशि रू.1032.20 लाख लेना शेष है. (घ) तत्कालीन जिला विपणन अधिकारी श्री बाबूलाल शर्मा, सहायक लेखाधिकारी प्रीति गौर एवं बृजेन्‍द्र तिवारी द्वारा समितियों को नियम विरूद्ध बिना राशि जमा कराये बिल नहीं काटे गये हैं, शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता.

शासकीय भूमि को लीज

33. ( क्र. 686 ) श्री दीवानसिंह विट्ठल पटेल : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शासन की राजस्व भूमि को किसी निजी संस्थान या व्यक्ति को लीज पर देने के क्या प्रावधान हैं? नियम की प्रति उबलब्ध करावें। (ख) मेरे विधानसभा क्षेत्र की नगर पानसेमल में निवाली रोड पर स्थित शासकीय भूमि पवन इंडस्ट्रीज को दी गई थी? यदि हाँ, तो कब तक के लिए दी गई थी एवं लीज की शर्तें क्या थी? (ग) क्या लीज की समय-सीमा पूरी हो गई है या शेष है? शेष है तो कितनी? यदि समय-सीमा समाप्त हो गई है तो क्या शासन अपने कब्जे में उक्त भूमि को लेगी? यदि हाँ, तो कब तक?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) अशासकीय संस्‍थाओं को भूमि आवंटन के संबंध में नीति बनाये जाने संबंधी कार्यवाही प्रचलित है। प्रश्‍न उद्भूत नहीं होता। (ख) जी हाँ। विधानसभा क्षेत्र पानसेमल में पवन इंडस्‍ट्रीज को भूमि लीज पर इंडस्‍ट्रीज चालू रहने की स्थिति तक दी गई वर्तमान में इंडस्‍ट्रीज बन्‍द पडी है। लीज की शर्तें अनुसार पवन इंडस्‍ट्रीज बन्‍द होने पर लीज की जमीन शासन द्वारा आधिपत्‍य में ली जावेगी। (ग) नियमानुसार इंडस्‍ट्रीज बन्‍द होने की स्थिति में लीज की अवधि समाप्‍त होगी। लीज की अवधि शेष नहीं है वर्तमान में इंडस्‍ट्रीज बन्‍द हो चुकी है। शेष प्रश्‍न उद्भूत नहीं होता। जी हाँ, अनुविभागीय अधिकारी पानसेमल द्वारा प्रश्‍नाधीन भूमि को अपने कब्‍जे में प्राप्‍त करने हेतु आदेश पारित कर दिया गया है, तहसीलदार पानसेमल को शासकीय भूमि अपने आधिपत्‍य में प्राप्‍त करने हेतु कार्यवाही करने के आदेश जारी कर, प्रक्रिया प्रचलन में है।

किसानों को सूखा राहत राशि वितरण

34. ( क्र. 739 ) श्री जितेन्‍द्र गेहलोत : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) उज्‍जैन संभाग में किसानों को सूखा राहत राशि वितरण में किन-किन जिलों में राशि वितरण कार्य किस कारण से पिछड़ा? सरकार ने राहत वितरण कार्य समय पर न होने के लिए जिम्‍मेदारों पर क्‍या कार्यवाही की? (ख) किन-किन जिलों में किसानों के सूखा राहत प्रकरण अब तक लंबित हैं एवं किस कारण? (ग) संभाग में सूखा राहत राशि वितरण का जिलेवार प्रतिशत का ब्‍यौरा क्‍या है?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) से (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

सहकारी बैंकों के संचालक मंडल का निर्वाचन

35. ( क्र. 740 ) श्री जितेन्‍द्र गेहलोत : क्या राज्‍यमंत्री, सहकारिता महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश के कितने जिला सहकारी बैंकों के संचालक मंडल के निर्वाचन अभी तक संपन्‍न नहीं हो सके? किस कारण? जिलेवार ब्‍यौरा क्‍या है। (ख) म.प्र. राज्‍य सहकारी बैंक (अपेक्‍स बैंक) के संचालक मंडल के कार्यकाल का समय कब पूर्ण हुआ? कब संचालक मंडल हटाया गया? इस संबंध में सहकारिता अधिनियम में क्‍या संशोधन किया गया? (ग) अपेक्‍स बैंक में प्रशासक की पदस्‍थी किन प्रावधानों के अनुरूप की गई एवं कितने समय तक प्रशासक नियुक्‍त किये जा सकते है?

राज्‍यमंत्री, सहकारिता ( श्री विश्वास सारंग ) : (क) प्रदेश के 01 जिला सिवनी के जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक का निर्वाचन गणपूर्ति के अभाव में, 02 जिले पन्ना एवं छतरपुर के जिला सहकारी केन्द्रीय बैंकों के निर्वाचन न्यायालयीन आदेशों के कारण सम्पन्न नहीं हो सके है. शेष 13 जिलों शिवपुरी, ग्वालियर, टीकमगढ़, राजगढ़, देवास, रीवा, गुना, अशोकनगर, शहडोल, अनूपपुर, उमरिया, सीधी एवं सिंगरौली के 09 जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक क्रमश: शिवपुरी, ग्वालियर, टीकमगढ़, राजगढ़, देवास, रीवा, गुना, शहडोल एवं सीधी के निर्वाचन नहीं हो पाने के कारणों का परीक्षण कराया जा रहा है. (ख) मध्यप्रदेश राज्य सहकारी बैंक के निर्वाचित संचालक मण्डल का पाँच वर्ष का कार्यकाल दिनांक 18.11.2014 को पूर्ण हुआ. आयुक्त सहकारिता एवं पंजीयक सहकारी संस्थाएं, मध्यप्रदेश के आदेश क्रमांक/साख/ए.पी./2015/897, दिनांक 13.05.2015 से संचालक मण्डल के स्थान पर आयुक्त सहकारिता एवं पंजीयक, सहकारी संस्थाएं, मध्यप्रदेश भोपाल को प्रशासक नियुक्त किया गया है. मध्यप्रदेश सहकारी सोसाइटी अधिनियम 1960 की धारा 49 में हुए संशोधन की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है. (ग) सहकारी अधिनियम की धारा 49 (7-क) (ख) के अंतर्गत की गई है एवं सहकारी बैंकों के प्रशासक के लिए एक वर्ष की कालावधि निर्धारित है.

परिशिष्ट - ''तेरह''

कृषि महाविद्यालय की स्‍थापना

36. ( क्र. 776 ) श्रीमती पारूल साहू केशरी : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या सागर जिले के सुरखी विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत कृषि महाविद्यालय न होने के कारण शासकीय कृषि उच्‍चतर माध्‍यमिक विद्यालय सुरखी के कृषि संकाय में अध्‍ययनरत बच्‍चों को उच्‍च शिक्षा में प्रवेश लेने के लिये अपने विषय बदलना पड़ते है? नये विषय का अध्‍यापन नये सिरे से करने पर उसका प्रभाव बच्‍चों के भविष्‍य पर पड़ता है और हायर सेकण्‍डरी तक कृषि विषय से अध्‍यापन करने का औचित्‍य ही समाप्‍त हो जाता है? (ख) क्‍या प्रश्‍नकर्ता द्वारा 8 जनवरी 2014 में माननीय मुख्‍यमंत्री जी को सुरखी में कृषि महाविद्यालय प्रारंभ करने के संबंध में पत्र लिखा गया था? यदि हाँ, तो लिखे गये पत्र का उत्‍तर उच्‍च शिक्षा विभाग द्वारा प्रश्‍नकर्ता को कब और क्‍या दिया गया? प्रति उपलब्‍ध करावें? (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में उच्‍च शिक्षा विभाग कृषि संकाय से हायर सेकण्‍डरी बोर्ड परीक्षा उत्‍तीर्ण छात्र-छात्राओं के भविष्‍य को ध्‍यान में रखते हुये सुरखी में कृषि महाविद्यालय प्रारंभ करने के आदेश जारी करेंगे? यदि हाँ, तो कब तक और यदि नहीं, तो क्‍यों?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) सागर जिले के सुरखी विधानसभा क्षेत्र के कृषि संकाय में अध्‍ययनरत छात्रों के साथ-साथ प्रदेश के समस्‍त छात्र पी.ए.टी. परीक्षा में भाग ले सकते हैं एवं मेरिट आधार पर प्रदेश में संचालित किसी भी कृषि महाविद्यालय में प्रवेश ले सकते हैं। कृषि महाविद्यालय में प्रवेश हेतु पी.ए.टी. परीक्षा उत्‍तीर्ण करना अनिवार्य है। यदि छात्र विषय बदलना चाहते हैं तो छात्र को इसकी स्‍वतंत्रता है। (ख) जी हाँ, प्रश्‍नकर्ता के पत्र दिनांक 08.01.2014 के उत्‍तर में क़ृषि विभाग द्वारा पत्र क्रमांक 310 एवं 311/1620/2013/14-2 दिनांक 21.02.2014 को माननीय मुख्‍यमंत्री जी तथा प्रश्‍नकर्ता को पत्र प्रेषित किया गया जिसमें लेख किया कि कृषि महाविद्यालय खोलने हेतु लगभग 50 हेक्‍टेयर कृषि योग्‍य भूमि एवं 100-120 करोड़ रूपये की आवश्‍यकता होती है। वर्तमान में नवीन कृषि महाविद्यालय खोलने के लिए वित्‍तीय संसाधनों की कमी को दृष्टिगत रखते हुए विभाग द्वारा कार्यवाही स्‍थगित रखी गयी है। जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है (ग) जी नहीं, उत्‍तर (क) एवं (ख) के अनुसार।

परिशिष्ट - ''चौदह''

मध्‍यान्‍ह भोजन के रसोइयों का मानदेय

37. ( क्र. 795 ) श्री सुरेन्‍द्र सिंह बघेल : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) म.प्र. में मध्‍यान्‍ह भोजन योजना में खाना बनाने वाली रसोइयों का मानदेय कितना है? (ख) प्रश्‍नांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में जो क्‍या मानदेय शासन द्वारा दिया जा रहा है उससे उनके परिवार का पालन पोषण अच्‍छी तरह से हो सकता है? (ग) शासन द्वारा मनरेगा योजना में प्रति दिवस जो मजदूरी की दर निर्धारित की है उसमें एवं रसोइयों को मिलने वाली प्रतिदिवस मानदेय की राशि में कितना अंतर है? (घ) क्‍या शासन स्‍तर पर मध्‍यान्‍ह भोजन बनाने वाली रसोइयों के मानदेय में वृद्धि की जावेगी? यदि हाँ, तो कब तक यदि नहीं तो क्‍यों नहीं?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) म.प्र. में मध्यान्ह भोजन योजना में खाना बनाने वाली रसोइयों का मानदेय रू. 1000/- प्रतिमाह है। (ख) प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्य में रसोइयों को प्रतिमाह अंशकालीन मानदेय दिया जा रहा है, उन्हें इस कार्य के पश्चात् अन्य साधन से आय अर्जित करने पर कोई प्रतिबंध नहीं है। (ग) मनरेगा में प्रतिदिवस मजदूरी दर रू. 167/- है तथा मजदूरी का भुगतान पूर्णकालिक (8 घण्टे) के लिये निर्धारित है, जबकि मध्यान्ह भोजन कार्यक्रम में मानदेय रू. 1000/- का भुगतान प्रतिमाह अंशकालीन कार्य रूप में किया जाता है। (घ) मध्यान्ह भोजन योजना केन्द्र शासन द्वारा संचालित योजना है तथा इसके कॉस्ट नार्म भारत शासन द्वारा निर्धारित किये जाते हैं।

राजस्‍व रिकॉर्ड में सुधार

38. ( क्र. 832 ) श्री नीलेश अवस्‍थी : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या पाटन एवं मझौली त‍हसील सहित पूरे प्रदेश में राजस्‍व विभाग अंतर्गत पायलट प्रोजेक्‍ट के रूप में राजस्‍व रिकॉर्ड (खसरा, किस्‍तबंदी, नक्‍शा) के अद्यतीकरण हेतु लागू एम.पी.डब्‍लू.ई. बी.जी.आई.एस. सॉफ्टवेयर के माध्‍यम से रिकॉर्ड दुरूस्‍त कराने में राजस्‍व अधिकारियों को समस्‍यायें आ रही है और किसानों को अपने आवश्‍यक कार्य समय पर न होने से तहसीलों के चक्‍कर काटने पर मजबूर होना पड़ रहा है। (ख) क्‍या एम.पी.डब्‍लू.ई. बी.जी.आई.एस. सॉफ्टवेयर के माध्‍यम से हल्‍का पटवारियों द्वारा खसरावटांकन करने पर खसरा के कैफियत के कालम नं. 12 की जानकारी जैसी कि अहस्‍तान्‍तरणीय, बैक बंधक, मकान, पेड़ पौधे खसरा से हट जाते है? खसरा के कालम नं. 3 में सुधार करने/नामांतरण करने पर प्रबंधक कलेक्‍टर बैक बंधक खसरे से हट जाता है? क्‍या एम.पी.डब्‍लू.ई. बी.जी.आई.एस. सॉफ्टवेयर खसरा में बटांक बढ़ने पर खसरा के अनुरूप नक्‍शे में नये बटांक करने का विकल्‍प बंद कर दिया गया है? क्‍या खसरे में फौती दुरूस्‍त करते समय बारसानों के नाम अधिक होने पर सॉफ्टवेयर द्वारा सभी बारसानों के नाम स्‍वीकार नहीं किये जाते हैं? क्‍या सॉफ्टवेयर में नक्‍शे में क्रमांक सुधार किये जाने के विकल्‍प नहीं होना। क्‍या एम.पी.डब्‍लू.ई. बी.जी.आई.एस. सॉफ्टवेयर के माध्‍यम नामांतरण की प्रक्रिया कई चरणों से गुजरना पड़ता है जिससे एक नामांतरण करने में 25 से 30 मिनिट लगता है? (ग) क्या शासन द्वारा उक्‍त एम.पी.डब्‍लू.ई. बी.जी.आई.एस. सॉफ्टवेयर के माध्‍यम से रिकॉर्ड दुरूस्‍त करने उपरोक्‍तानुसार क्रमांक (ख) में वर्णित प्रकार से हो रही समस्‍या से किसानों को होने वाली समस्‍या के निदान के लिये कोई कार्यवाही करेगी? यदि हाँ, किस प्रकार से कब तक बतलावें? (घ) क्‍या एम.पी.डब्‍लू.ई बी.जी.आई.एस. सॉफ्टवेयर में उपरोक्‍तानुसार आ रही समस्‍याओं के निदान हेतु अभी तक कोई संतोषजनक सुधार न किये जाने पर दोषी अधिकारियों के विरूद्ध शासन द्वारा कोई कार्यवाही की गई है अथवा की जावेगी?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) से (घ) कलेक्टर से प्राप्त जानकारी अस्पष्ट। जानकारी एकत्रित की जा रही है।

जनपद पंचायत मझौली में पदस्‍थ महिला बाल विकास अधिकारी

39. ( क्र. 833 ) श्री नीलेश अवस्‍थी : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) त्रिस्‍तरीय पंचायत व्‍यवस्‍था के तहत जनपद पंचायत की स्थाई समितियों का क्‍या महत्‍व है तथा इन समितियों को किस प्रकार के कौन-कौन से अधिकार प्राप्‍त है, क्‍या किसी अधिकारी/कर्मचारी के विपरीत कार्यों के प्रति जनपद पंचायत निंदा प्रस्‍ताव पास कर शासन के पास उचित कार्यवाही हेतु अग्रेषित कर सकती है? (ख) यदि हाँ, तो जनपद पंचायत मझौली जिला जबलपुर द्वारा मझौली में पदस्‍थ परियोजना अधिकारी महिला बाल विकास श्रीमती राखी सैयाम के विपरीत कार्यों से असंतुष्‍ट होकर पारित निंदा प्रस्‍ताव पर शासन स्‍तर पर कब क्‍या कार्यवाही की गई? (ग) विकासखण्‍ड मझौली जिला जबलपुर में पदस्‍थ महिला बाल विकास अधिकारी श्रीमती राखी सैयाम की कार्य प्रणाली को लेकर कब-कब किस-किस के द्वारा क्‍या-क्‍या शिकायत प्रेषित की गई एवं इन प्राप्‍त शिकायतों पर क्‍या संज्ञान लिया गया? क्‍या शासन विवादित महिला बाल विकास अधिकारी को अन्‍यत्र स्‍थानांतरित करेगा यदि हाँ, तो किस प्रकार से कब तक यदि नहीं, तो क्‍यों नहीं?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) मध्यप्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 की धारा 47 के तहत् जनपद पंचायत स्थायी समिति गठन का प्रावधान है। जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार। उपरोक्त नियमों में निंदा प्रस्ताव पारित करने का कोई प्रावधान नहीं है। (ख) प्रश्न कलेक्टर (महिला एवं बाल विकास) जबलपुर के पत्र क्रमांक 2596 दिनांक 07.02.2016 के द्वारा श्रीमती राखी सैयाम, परियोजना अधिकारी को सचेत किया गया था कि वे जनपद मझौली में नियमित रूप से महिला एवं बाल विकास की बैठकों में उपस्थित रहें। (ग) श्रीमती राखी सैयाम, परियोजना अधिकारी के विरूद्ध जनपद पंचायत मझौली की सामान्य सभा की बैठक दिनांक 21.01.2016 को महिला एवं बाल विकास के सभापति के द्वारा शिकायत की गई थी कि श्रीमती राखी सैयाम,परियोजना अधिकारी द्वारा महिला एवं बाल विकास की नियमित बैठक नहीं ली जाती है। शिकायत के प्रकाश में कलेक्टर,महिला एवं बाल विकास के पत्र क्रमांक 25996 दिनांक 09.02.2016 के द्वारा सचेत किया गया।

परिशिष्ट - ''पंद्रह''

मजदूरी का भुगतान

40. ( क्र. 886 ) श्री रामपाल सिंह : क्या राज्‍यमंत्री, सहकारिता महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या शहडोल जिले के जयसिंहनगर जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत घियार द्वारा शासन से आवंटित मद आई.ए.पी., मनरेगा एवं बी.आर.जी.एफ. से कराये गये कार्यों के मजदूरी भुगतान की राशि ग्राम पंचायत के चेक क्रमांक 207322 दिनांक 30.07.2014, 207324 दिनांक 31.07.2014, 000847 दिनांक 22.10.2014, 000849 दिनांक 25.11.2014, 001642 दिनांक 01.12.2014, 010707 दिनांक 01.08.2014, 010712 दिनांक 01.12.2014, 516798 दिनांक 27.08.2014 को कुल राशि 223187/- रूपये आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मर्यादित करकी जिला शहडोल में जमा किया गया है? (ख) यदि प्रश्‍नांश (क) हाँ, तो संबंधित बैंक द्वारा ग्राम पंचायत द्वारा प्रस्‍तुत सूची मुताबिक मजदूरी का भुगतान मजदूरों के संब‍धित खाते में हस्‍तांतरित प्रश्‍न दिनांक तक क्‍यों नहीं की गई और संबंधित दोषीजन के विरूद्ध कार्यवाही की जावेगी? यदि हाँ, तो कब तक? (ग) क्‍या प्रश्‍नांश (क) के मुताबिक ग्राम पंचायत द्वारा जमा राशि का भुगतान संबंधित मजदूरों के खाते में तत्‍काल राशि हस्‍तांतरित करने की कार्यवाही की जावेगी? यदि हाँ, तो कब तक?

राज्‍यमंत्री, सहकारिता ( श्री विश्वास सारंग ) : (क) जी हाँ, चेक क्रमांक 516798 दिनांक 27.08.2014 की राशि रूपये 5700/- को छोड़कर शेष राशि जमा हुई है. (ख) आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मर्यादित, करकी के तत्कालीन समिति प्रबंधक की मृत्यु हो जाने से ग्राम पंचायत से प्राप्त सूची उपलब्ध नहीं होने से मजदूरों के खातों में राशि हस्तांतरित नहीं की गई थी. वर्तमान में सूची प्राप्त कर सूची अनुसार मजदूरी का शत्- प्रतिशत भुगतान कर दिया गया है. दोषी की मृत्यु हो जाने से शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है. (ग) उत्तरांश अनुसार.

भूमि का अधिग्रहण

41. ( क्र. 887 ) श्री रामपाल सिंह : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या शाहडोल, अनूपपुर, उमरिया, जिले में वर्ष 2013 से प्रश्‍न दिनांक तक विभिन्‍न प्रयोजनार्थ भूमि का अधिग्रहण किया गया है? यदि हाँ, तो उक्‍त जिलों में कहाँ-कहाँ, कितनी-कितनी भूमियों, किस-किस भूमि स्‍वामी की कब-कब किस प्रयोजन से किसके पक्ष में अधिग्रहीत की गई है? (ख) भूमि अधिग्रहण अधिनियम 2013 के प्रावधानों के मुताबिक किस-किस भूमि स्‍वामी को कितनी-कितनी राशि किस दर से भुगतान की गई है और क्‍या उक्‍त अधिनियम के मुताबिक संबंधित भूमि स्‍वामी को पुनर्वास की व्‍यवस्‍था नियमानुसार की गई है? यदि हाँ,तो कितने प्रभावित भूमि स्‍वामियों को कहाँ-कहाँ पुनर्वासित किया गया है? (ग) प्रश्‍नांश (क) के मुताबिक अनु.जाति एव अजजा के कितने और कौन-कौन भूमि स्‍वामियों की भूमि कितनी-कितनी अधिग्रहित की गई है? क्‍या म.प्र. पुनर्वास अधिनियम 2003 का पालन उक्‍त वर्ग के प्रभावित भूमि स्‍वामियों के लिये किया गया है? यदि नहीं, तो क्‍यों और उक्‍त नियम का पालन न करने वाले जिम्‍मेदार अधिकारियों के विरूद्ध कार्यवाही की जावेगी? यदि हाँ, तो कब तक?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) से (ग) कलेक्टर से जानकारी अप्राप्त। जानकारी एकत्रित की जा रही है।

सागर नगर के मुख्‍य बस स्‍टैण्‍ड का जीर्णोद्धार

42. ( क्र. 913 ) श्री शैलेन्द्र जैन : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या माननीय विभागीय मंत्री महोदय द्वारा सागर नगर के मुख्‍य बस स्‍टैण्‍ड का जीर्णोद्धार नवीनीकरण, सुविधाओं के विस्‍तार का शिलान्‍यास किया गया है? उक्‍त कार्य कब प्रारंभ किया जा रहा है तथा कब तक पूर्ण किया जायेगा? (ख) उक्‍त प्रश्‍नांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में स्‍वीकृत राशि से कौन सी सुविधायें उपलब्‍ध होगी तथा उन पर कितनी राशि व्‍यय की जायेगी?

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) जी हाँ। दिनाँक 27.02.2016 से कार्य प्रारंभ किया गया है। कार्य नियमानुसार शीघ्र पूर्ण किया जायेगा। (ख) स्वीकृत राशि से सी.सी. रोड, सी.सी. ड्रेनेज बायोटायलेट, बूम बैरियर, गेट निर्माण, पार्किंग शेड, पार्किंग क्षेत्र का निर्माण एवं बसों के प्लेट फार्म का निर्माण प्रस्तावित है। जिस पर अनुमानित व्यय 269.32 लाख प्रस्तावित है।

सोनकच्‍छ नगर का राजस्‍व नक्‍शा

43. ( क्र. 917 ) श्री राजेन्द्र फूलचं‍द वर्मा : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या वर्तमान में सोनकच्‍छ नगर हेतु राजस्‍व विभाग के पास नक्‍शा नहीं है? यदि नहीं, है तो इसका क्‍या कारण है? विभाग के पास विगत कितने वर्षों से नक्‍शा नहीं है? क्‍या विभाग के पास वर्षों पूर्व नगर का नक्‍शा था? यदि था तो वह नक्‍शा कहाँ है? (ख) विभाग के पास नक्‍शा नहीं होने से राजस्‍व रिकॉर्ड का हिसाब कैसे रखा जाता है? सोनकच्‍छ नगर में बंदोबस्‍त 1980 के बाद कब-कब किया गया? यदि बंदोबस्‍त किया गया था तो नक्शा भी बना होगा? व‍ह नक्‍शा कहाँ है? (ग) क्‍या नक्‍शे का गुम होना इस बात का संकेत नहीं है कि विगत वर्षों में शासकीय जमीनों का बड़ा हेर-फेर हुआ होगा, जिसके कारण नक्‍शा जानबूझकर गुम कराया गया है?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) सोनकच्‍छ नगर हेतु राजस्‍व विभाग के पास नक्‍शा उपलब्‍ध है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) सोनकच्‍छ नगर हेतु राजस्‍व विभाग के पास नक्‍शा उपलब्‍ध है। सोनकच्‍छ नगर में वर्ष 1980 के बाद बन्‍दोबस्‍त नहीं हुआ है। (ग) सोनकच्‍छ नगर हेतु राजस्‍व विभाग के पास नक्‍शा उपलब्‍ध है।

प्रायवेट बस मालिकों की मनमानी

44. ( क्र. 923 ) श्री राजेन्द्र फूलचं‍द वर्मा : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या इन्‍दौर भोपाल बसों को सोनकच्‍छ बस स्‍टैण्‍ड पर रूकने का प्रावधान है? हाँ या नहीं? यदि हाँ, तो क्‍या सभी बसें बस स्‍टैण्‍ड पर आती हैं? नहीं तो क्‍यों नहीं? (ख) क्‍या विभाग में यह शिकायतें आती हैं कि इन्‍दौर भोपाल बसें सोनकच्‍छ बस स्‍टैण्‍ड पर नहीं आते हुए बायपास से चली जाती हैं? यदि हाँ, तो विभाग इस पर क्‍या कार्यवाही कर रहा है? (ग) क्‍या विभाग यातायात पुलिस द्वारा सोनकच्‍छ नगर की बायपास रामदेव बाबा चौराहा पर चौकी स्‍थापित करने का कोई प्रावधान है? यदि नहीं, तो क्‍या विभाग भविष्‍य में यहां पर चौकी स्‍थापित करेगा जिससे बायपास से सीधे जाने वाली बसों पर अंकुश लगाया जा सकता है

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) जी हाँ। इन्दौर से भोपाल स्टेट गैरिज के रूप में संचालित वाहनों का सोनकच्छ‍ बस स्टैण्‍ड पर रूकने का प्रावधान है। उक्त मार्ग पर नॉन स्टॉप सेवा के रूप में संचालित बसों का सोनकच्छ बस स्टैण्ड पर रूकने का प्रावधान नहीं है। (ख) ऐसी कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। विभाग की ओर से नियमित की जाने वाली जाँच के दौरान बसों का निर्धारित मार्ग से संचालन होना जाँचा जाता है व न पाये जाने पर नियमानुसार चालानी कार्यवाही की जाती है। (ग) पुलिस अधीक्षक जिला देवास की ओर से प्राप्त जानकारी के अनुसार रामदेव बाबा चौराहा बाईपास पर चौकी स्थापित करने का वर्तमान में कोई प्रावधान नहीं है।

बिना वैध परमिट के बसों का संचालन

45. ( क्र. 933 ) श्री मानवेन्द्र सिंह : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या जिला छतरपुर के जिला मुख्‍यालय व पन्‍ना जिले के गुनौर, अमानगंज से होकर दिल्‍ली गुड़गांव के लिए बसों का संचालन प्रतिदिन होता है? यदि हाँ, तो बसों का परमिट, समय-सारिणी, राज्‍य शासन द्वारा स्‍वीकृत आदेश की प्रति उपलब्‍ध करावें? (ख) यदि बगैर वैध पर‍मिट के जिला मुख्‍यालय से होकर दिल्‍ली गुड़गांव के लिए बसें संचालित हो रही हैं तो क्‍या दोषी अधिकारी व बस संचालकों के विरूद्ध कार्यवाही करेंगे? (ग) जिला छतरपुर में पंजीकृत बसों की बस चालक/परिचालकों के द्वारा वर्दी पहनकर बस का संचालन किया जाता है? यदि नहीं, तो बिना वर्दी पहने बस चला रहे चालकों के विरूद्ध कब-कब अभियान चलाते, कार्यवाही करते हुए जुर्माना वसूला गया? क्‍या निजी विद्यालयों के बसों के वाहन चालकों पर भी यह नियम लागू हैं? यदि हाँ, तो वे इस निर्देश का पालन कर रहे हैं? यदि हाँ, तो वाहनों के क्रमांकवार, बस परमिट, फिटनेस, स्‍पीड गर्वनर एवं इमरजेंसी गेट सहित संपूर्ण जानकारी उपलब्‍ध करावें? (घ) क्‍या बसों में किराया सूची चस्‍पा नहीं होने से परिचालकों द्वारा यात्रियों से मनमाना किराया वसूला जाता है? यदि हाँ, तो विगत 2 वर्षों में ऐसी कितनी बसों के परिचालकों के विरूद्ध शिकायतें प्राप्‍त होने पर कार्यवाही कर परमिट रद्द करने की कार्यवाही की गई है?

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) जी हाँ। छतरपुर से दिल्ली के लिए जिन यात्री वाहनों का संचालन प्रतिदिन होता है उनसे संबंधित जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। पन्ना से दिल्ली गुड़गाँव के लिए सीधी कोई बस नहीं है। (ख) उपरोक्तानुसार वैध अनुज्ञा के अंतर्गत वाहन संचालित होने से कार्यवाही का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। अवैध संचालन पर रोक लगाये जाने हेतु विभाग द्वारा नियमित जाँच की जाती है व नियम विरुद्ध संचालन के विरुद्ध चालानी कार्यवाही की जाती है। (ग) जी हाँ, चालक परिचालकों द्वारा वाहन संचालन के दौरान वर्दी पहनी जाती है। व आकस्मिक जाँच कर भी सुनिश्चित किया जाता है। पृथक से अभियान चलाना अपेक्षित नहीं है। जी हाँ, निजी विद्यालय की बसों के वाहन चालकों पर भी यह नियम लागू है। जी हाँ, निर्देश का पालन करते है। जाँच के दौरान ऐसे कोई प्रकरण प्रकाश में नहीं आये। जिला छतरपुर में निजी विद्यालयों में पंजीकृत (स्कूल बसों ) की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। (घ) जी नहीं, परिचालकों द्वारा नियमानुसार किराया वसूल किया जा रहा है, विभाग द्वारा की जाने वाली नियमित जाँच के दौरान परिचालकों द्वारा यात्रियों से निर्धारित किराया लिया जाना ही सुनि‍श्चित किया जाता है। विगत दो वर्षों में अधिक किराया वसूली संबंधी कोई शिकायत प्रकाश में नहीं आने से परमिट रद्द किये जाने की स्थिति नहीं है।

औद्योगिक कम्‍पनियों द्वारा भूमि अधिग्रहण

46. ( क्र. 940 ) श्री दिव्‍यराज सिंह : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत डभौरा में लगभग 5 वर्ष पूर्व विभिन्‍न कम्‍पनियों के द्वारा उद्योग अथवा फैक्‍ट्री स्‍थापित करने के प्रायोजन हेतु किसानों की भूमियों को सस्‍ते दामों में खरीद कर अधिग्रहण किया गया था तथा उनको नौकरी देने का प्रलोभन दिया गया था किन्‍तु आज तक उक्‍त भूमियों में किसी भी प्रकार का उद्योग स्‍थापित नहीं किया गया, जिससे सैकड़ों एकड़ कृषि भूमि बंजर स्थिति में पड़ी है, जिससे उनका पैतृक व्‍यवसाय कृषि नष्‍ट हो गया है तथा उनको किसी भी प्रकार की नौकरी भी प्राप्‍त नहीं हो सकी? (ख) इन औद्योगिक कम्‍प‍नियों को भूमि अधिग्रहण की अनुमति किन प्रावधानों के तहत दी गई थी, क्‍या उक्‍त कम्‍पनियों के खिलाफ शासन स्‍तर पर कार्यवाही की जावेगी, यदि औद्योगिक कम्‍पनियां निर्धारित प्रायोजन के अनुसार कार्य नहीं करती तो किसानों को भूमि वापस करने का क्या प्रावधान है?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) एवं (ख) कलेक्टर से जानकारी अप्राप्त। जानकारी एकत्रित की जा रही है।

संशोधन आदेश उपरांत रिकॉर्ड में दु‍रस्तीकरण

47. ( क्र. 948 ) श्री ठाकुरदास नागवंशी : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रजिस्‍टर्ड विक्रय पत्र दिनांक 28/05/2 के आधार पर न्‍यायालय तहसीलदार पिपरिया के संशोधन आदेश क्रमांक 28 दिनांक15/06/2011 के द्वारा संशोधन आदेश पारित किया जाकर भागवति बाई पत्नी रामफल के नाम भूमि दर्ज करने हेतु आदेश पारित किया गया? (ख) क्‍या प्रश्‍नकर्ता द्वारा पत्र क्रमांक 89/आर पिपरिया दिनांक 23/02/2015 के द्वारा अनुविभागीय अधिकारी राजस्‍व पिपरिया को कंडिका (क) में वर्णित संशोधन आदेश क्रमांक अनुसार संशोधन दर्ज कराने हेतु लिखा था यदि हाँ, तो क्‍या कार्यवाही हुयी? (ग) क्‍या प्रकरण क्रमांक 45/अ-6/अ-2015-16 आदेश दिनांक 21/01/2016 द्वारा प्रश्‍नांश (क) में वर्णित भूमि को नामांतरित किये जाने हेतु दोबारा आदेश जारी किया? (घ) क्‍या प्रश्‍नांश (क) में वर्णित पारित आदेश अनुसार संशोधन दर्ज न करते हुये आपसी बंटवारे कर संयुक्‍त खाते की भूमि दूसरे भाई के नाम पर दर्ज कर दी गई? (ड.) कंडिका (क), (ख), (ग) में दिया उत्‍तर यदि हाँ, में हैं तो प्रथम आदेश अपास्‍त कर दिया गया? या प्रभाव शून्‍य कर दिया गया? यदि हाँ, तो किस नियम के तहत? (च) नियम एवं विधि विपरीत कार्यवाही किये जाने के लिये कौन कौन उत्‍तरदायी हैं?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) से (च) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

घरों में शौचालय का निर्माण

48. ( क्र. 1004 ) श्री नरेन्‍द्र सिंह कुशवाह : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या मा.प्रधानमंत्री जी के स्‍वच्‍छ भारत अभियान जो 2 अक्‍टूबर 2014 से प्रारंभ किया गया उसमें घरों में शौचालय निर्माण के लिए अनुदान राशि रूपये 12000/- निर्धारित की गई? प्रश्‍नांश दिनांक तक भिण्‍ड विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत कितनी राशि प्राप्‍त हुई कितनी रा‍शि व्‍यय की गई? माहवार जानकारी दें? (ख) भिण्‍ड विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत कितने शौचालय का निर्माण प्रारंभ/पूर्ण/अपूर्ण हैं? कितने हितग्राहियों को कितनी राशि का भुगतान किया गया? (ग) क्‍या इस अभियान के लिए कोई मार्गदर्शिका बनाई गई है प्रति उपलब्‍ध कराई जायें? क्‍या शौचालय निर्माण के उपरांत हितग्राही को राशि का भुगतान नहीं किया गया यदि हाँ, तो क्‍यों? (घ) प्रश्‍नांश (क) के अंतर्गत हितग्राहियों को प्रेरित करने के लिए क्‍या कार्यवाही की गई? कितने हितग्राहियों ने शौचालय निर्माण करवाया?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ। स्‍वच्‍छ भारत मिशन ग्रामीण अंतर्गत विधानसभा क्षेत्रवार राशि आवंटित नहीं की जाती है, माहवार व्‍यय राशि की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 1 अनुसार है। (ख) भिण्‍ड विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत वर्तमान में 300 शौचालय का निर्माण कार्य प्रारंभ है तथा 1489 शौचालय निर्माण पूर्ण हो चुके है। 1489 हितग्राहियों को राशि रूपये 178.68 लाख भुगतान किया गया है। (ग) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 2 अनुसार हैशौचालय निर्माण उपरांत पात्र हितग्राहियों को राशि का भुगतान किया गया है। (घ) भिण्‍ड जिले में स्‍थानीय स्‍तर पर ऑपरेशन स्‍वाभिमान एवं प्रेरकों के माध्‍यम से समुदाय को प्रेरित किया जा रहा है। स्‍वच्‍छ भारत मिशन अंतर्गत 1489 हितग्राहियों ने शौचालय निर्माण करवाया है।

पंचायत बाजार (जिला पंचायत काम्‍पलेक्‍स) का निर्माण

49. ( क्र. 1005 ) श्री नरेन्‍द्र सिंह कुशवाह : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला पंचायत भिण्‍ड में पंचायत बाजार (जिला पंचायत कॉम्‍पलेक्‍स) के निर्माण की कब स्‍वीकृत प्राप्‍त हुई? प्रश्‍नांश दिनांक तक क्‍या कार्यवाही की गई? कब नि‍विदा आमंत्रित की गई? अस्‍वीकृत करने के क्‍या कारण है? (ख) प्रश्‍नांश के अंतर्गत निविदा चार बार आमंत्रित की गई? अधिकारियों की उदासीनता कारण निरस्‍त की गई? यदि हाँ, तो ऐसा क्‍यों? इसके लिए कौन उत्‍तरदायी है? क्‍या कार्यवाही की जायेगी? (ग) निविदा आमन्त्रित करने के लिए क्‍या प्रावधान है? प्रावधान के अन्‍तर्गत निविदा आमंत्रित क्‍यों नहीं की गई? इसके लिए कौन दोषी है? (घ) प्रश्‍नांश (क) और (ख) के अंतर्गत कब तक कार्यवाही पूर्ण हो जायेगी? कब निर्माण कार्य प्रारंभ हो जायेगा?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जिला पंचायत भिण्‍ड में आवासीय एवं व्‍यावसायिक कॉम्‍प्‍लेक्‍स निर्माण की प्रशासकीय स्‍वीकृति दिनांक 10/10/2014 को प्राप्‍त हुई थी। उक्‍त कार्य की दिनांक 06/08/2015, 09/12/2015, 15/01/2016 एवं 27/02/2016 को निविदा आमंत्रित की गई। प्राप्‍त निविदा दर जिले में प्रचलित दरों की तुलना में अधिक होने से अस्‍वीकृत की गई। (ख) जी हाँ। निविदा पर्याप्‍त औचित्‍य एवं गुणदोष के आधार पर निरस्‍त की गई। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) विभाग अंतर्गत राज्‍य शासन से अधिकृत पोर्टल पर रू. 2.00 लाख से अधिक लागत के कार्यों की ऑनलाईन निविदा आमंत्रित की जाती है। उक्‍त कार्य की निविदाएं उपरोक्‍त प्रावधानों के अंतर्गत आमंत्रित की गई है, अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) उत्‍तरांश (ख) एवं (ग) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। कार्य की निविदा स्‍वीकृति एवं अनुबंध के उपरांत ही कार्य प्रारंभ किया जावेगा। निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

निराश्रित एवं वृद्ध पेंशन प्रदाय प्रणाली पूर्ववत किया जाना

50. ( क्र. 1031 ) श्री दिव्‍यराज सिंह : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या म.प्र. शासन द्वारा निराश्रितों एवं वृद्धों को जीवन यापन हेतु पेंशन योजना संचालित है, क्‍या पूर्व में पेंशन वितरण का दायित्‍व डाकघरों का था, किन्‍तु उस प्रणाली को बदलकर ऑनलाईन प्रणाली के तहत् फिंगर प्रिंट के आधार पर पेंशन वितरण की जा रही है, क्‍या ग्रामीण अंचलों में रहने वाले निरक्षर निराश्रित वृ‍द्धों को इस व्‍यवस्‍था से अत्‍यधिक कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। (ख) यदि हाँ, तो क्‍या निराश्रित/वृद्धा पेंशन को ग्राम पंचायतों के माध्‍यम से वितरण नहीं किया जा सकता अथवा पूर्ववत प्रणाली डाकघरों के माध्‍यम से क्‍या वितरित नहीं की जा सकती? (ग) उपरोक्‍त पेंशन वितरण प्रणाली के सरलीकरण हेतु शासन क्‍या कार्यवाही करेगा?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ। जी नहीं। प्रधानमंत्री जनधन योजना के अंतर्गत ऐसे हितग्राही जिनका पूर्व से बैंक खाता नहीं था, उनके बैंक खाते खोले गये है। इस योजना के अन्तर्गत ऐसे ग्राम,जिनकी बैंक शाखा से पाँच किलो मीटर से अधिक दूरी है, वहाँ भारत सरकार के निर्देशानुसार बैंकिग करसपॉन्डेन्ट (बी.सी.) की सुविधा प्रारंभ की गई है। बी.सी. की व्यवस्था में राशि के आहरण हेतु फिंगर प्रिंट की आवश्यकता पडती है। यह सही है कि कुछ स्थानों पर इस व्यवस्था के तहत भुगतान में कठिनाई आ रही है। (ख) वर्तमान में प्रचलित व्यवस्था के अन्तर्गत हितग्राहियों के खाते (बैंक/पोस्ट आफिस) में ट्रेजरी के माध्यम से भुगतान किया जाता है तथा पेंशन राशि हितग्राही के बैंक/पोस्ट आफिस खाते में जमा की जाती है। इस व्यवस्था के स्थान पर अगर ग्राम पंचायतों के माध्यम से भुगतान कराया जाता है तो ग्राम पंचायत स्तर पर पदस्थ कर्मचारियों के द्वारा समय पर राशि वितरित न करने तथा भ्रष्टाचार की शिकायतें प्राप्त होने से इनकार नहीं किया जा सकता तथा उस दशा में पेंशन राशि हितग्राहियों के खातों में भी अन्तरित किया जाना संभव नहीं हो सकेगा। इसके साथ ही पिछले वर्ष भारत सरकार द्वारा प्रारम्भ की गई दो योजनाओं-प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना तथा प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना का लाभ प्राप्त करने हेतु बैंक खाता होना आवश्यक है, तभी बीमा योजनाओं का लाभ प्राप्त हो सकेगा। अतः पूर्ववत व्यवस्था पर लौटना उचित नहीं होगा। (ग) शासन द्वारा पाईंट ऑफ सेल (पीओएस) मशीन के माध्यम से उचित मूल्य की दुकान पर कार्यरत सेल्समेन के द्वारा पेंशन हितग्राही की पेंशन राशि वितरण किये जाने हेतु जिला सागर व विदिशा में पायलट किये जाने की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। पायलेट प्रोजेक्ट के क्रियान्वयन से जो परिणाम सामने आयेगें, उस आधार पर भविष्य हेतु रणनीति तैयार की जावेगी।

उपायुक्‍त सहकारिता जिला भिण्‍ड के विरूद्ध कार्यवाही

51. ( क्र. 1053 ) श्री सूबेदार सिंह रजौधा : क्या राज्‍यमंत्री, सहकारिता महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या उपायुक्‍त सहकारिता जिला भिण्‍ड भारत सिंह चौहान के द्वारा अपने पद की शक्तियों का दुरूपयोग कर बिना अधिकार के पत्र क्र./सह./निर्वाचन/2015/2070 दिनांक 9-7-2015 से प्राथ. कृषि साख सह. समितियों के निर्वाचन निरस्‍त कर दिये गये थे? यदि हाँ, तो उसके खिलाफ कोई जाँच संस्थित की गई हैं? (ख) क्‍या उपरोक्‍त अधिकारी द्वारा क्रमांक/विधि./2016/454/मुरैना दिनांक 4-3-2016 को प्रभारी अधिकारी रहते हुये उक्‍त आदेश पारित कर प्रभावित संस्‍था का फर्जी उपाध्‍यक्ष माताराम की उपस्थिति दर्शाकर एक पक्षीय आदेश जारी किया गया हैं। यदि हाँ, तो माताराम के उपस्थिति हस्‍ताक्षर एवं समस्‍त कार्यवाही के दस्‍तावेज उपलब्‍ध कराये? (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के अवैधानिक आदेशों के प्रति विभाग को कितनी शिकायतें प्राप्‍त हुयी है और उन पर क्‍या-क्‍या कार्यवाही संपादित की गई हैं? शिकायत कर्ता के नाम सहित की गई कार्यवाही से अवगत करायें? (घ) उपरोक्‍त अधिकारी के विरूद्ध विगत तीन वर्षों में भ्रष्‍टाचार एवं अनियमितताओं की कितनी शिकायतें विभाग को प्राप्‍त हुयी हैं और उन पर कोई जाँच की गई हैं? यदि हाँ, तो कितनी शिकायतों में दोषी पाया गया हैं और कितनी शिकायतें विचाराधीन हैं?

राज्‍यमंत्री, सहकारिता ( श्री विश्वास सारंग ) : (क) उपायुक्त सहकारिता जिला भिण्ड श्री भारतसिंह चौहान के द्वारा पत्र क्र./सह/निर्वाचन/2015/170, दिनांक 09.07.2015 से 11 प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों के निर्वाचन निरस्त किये गये थे. प्राप्त शिकायत दिनांक 06.04.2016 को मध्यप्रदेश राज्य सहकारी निर्वाचन प्राधिकारी को कार्यवाही हेतु भेजी गई. उनके द्वारा यह शिकायत कलेक्टर भिण्ड को जाँच हेतु प्रेषित की गई है. कार्यालय कलेक्टर जिला भिण्ड से प्रतिवेदन अपेक्षित है. (ख) जी नहीं. शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता. (ग) दो शिकायतें प्राप्त हुई श्री राकेश कुमार द्वारा प्रेषित शिकायत म.प्र. राज्य सहकारी निर्वाचन प्राधिकारी को कार्यवाही हेतु प्रेषित की गई एवं उनके द्वारा उक्त शिकायत जाँच हेतु कलेक्टर भिण्ड को भेजी गई है. श्री सूबेदार सिंह रजौधा माननीय विधायक द्वारा की गई शिकायत दिनांक 31.03.2016, जाँच हेतु संयुक्त आयुक्त सहकारिता, चंबल (मुरैना) संभाग को भेजी गई है. शिकायतों की जाँच प्रक्रियाधीन है. (घ) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है.

परिशिष्ट - ''सोलह''

रेत की रॉयल्‍टी

52. ( क्र. 1057 ) डॉ. योगेन्‍द्र निर्मल : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बालाघाट जिले की विधानसभा क्षेत्र 112 अंतर्गत पंचायतों के समस्‍त सरपंचों को म.प्र. शासन के नियमानुसार रेतघाट के लिए रॉयल्‍टी किस प्रकार और कितनी दी जाती है? (ख) क्‍या पंचायत क्षेत्र में सरपंचों को निर्माण कार्यों के लिए तहसीलदार वारासिवनी द्वारा आवश्‍यकता अनुसार रॉयल्‍टी नहीं दी जा रही है? (ग) वारासिवनी तहसीलदार द्वारा पंचायत क्षेत्र में निर्माण कार्यों की अधिकता होने के बावजूद सरपंचों को निर्माणकार्यों के लिए तहसीलदार द्वारा कितनी रॉयल्‍टी दी जा रही है और संरपचों को कितने बार तहसील कार्यालय के चक्‍कर लगाने पडते हैं? (घ) क्‍या तहसीलदार वारासिवनी द्वारा संरपचों को कम रॉयल्‍टी देने के कारण पंचायत में चल रहे निर्माण कार्यों में बाधा उत्‍पन्‍न हो रही है? यदि हाँ, तो उक्‍त तहसीलदार के खिलाफ विभाग क्‍या कार्यवाही करेगा एवं कब तक?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) म.प्र. शासन खनिज साधन विभाग, भोपाल के परिपत्र क्रमांक-एफ-19-1/2013 /2012/1 (पार्ट), भोपाल दिनांक 10.04.2013 के तहत म.प्र. गौण खनिज नियम 1996 के नियम-3 (तीन) के प्रावधानों के अनुसार खनिज विभाग द्वारा संबंधित तहसीलदार को रायल्टी मुक्त अभिवहन पास उपलब्ध कराई जाती है। तहसीलदार द्वारा संबंधित ग्राम पंचायत को शासकीय भूमि से गौण खनिज निकालने की स्वीकृति तथा अभिवहन पास कार्य में लगने वाले खनिज मात्रानुसार अभिवहन पास जारी की जाती है। (ख) वारासिवनी तहसीलदार द्वारा पंचायत क्षेत्र में निर्माण कार्यों के लिये खनिज शाखा द्वारा जारी रायल्टी मुक्त अभिवहन पास (टी.पी.) मांग के आधार पर जारी की गई है। सरपंचों को टी.पी. के लिये तहसील कार्यालय आना पड़ता है। (ग) वारासिवनी तहसीलदार द्वारा पंचायत क्षेत्र में निर्माण कार्यों के लिये खनिज शाखा द्वारा जारी रायल्टी मुक्त अभिवहन पास (टी.पी.) मांग के आधार पर जारी की गई है। सरपंचों को टी.पी. के लिये तहसील कार्यालय आना पड़ता है। (घ) तहसीलदार वारासिवनी के द्वारा निर्माण कार्य की जाँच के अनुरूप ही टी.पी. दी गई है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।

बी.आर.जी.एफ. योजना

53. ( क्र. 1067 ) श्री सुखेन्‍द्र सिंह : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या बी्.आर.जी.एफ. योजना रीवा जिले में वर्ष 2007-08 से प्रारंभ की गई, जो वर्ष 2015-16 में भारत शासन द्वारा बंद करने के उपरांत राज्‍य शासन ने भी बंद कर दी है? (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में यदि हाँ, तो आयुक्‍त पंचायत राज्‍य संचालनालय के पत्र क्र. 2764 दिनांक 19.03.2015 के द्वारा योजना बंद होने पर नवीन कार्य स्‍वीकृत नहीं किये जावेंगे? जिला रीवा अन्‍तर्गत वर्ष 2013-14 से प्रश्‍न दिनांक तक कितने कार्य पूर्ण/अपूर्ण /अप्रारंभ किए गए और कितने प्रारंभ किये गए? सूची ब्‍लॉकवार ग्राम पंचायतवार कार्य का नाम सहित उपलब्‍ध करावे एवं कितने ऐसे कार्य प्रारंभ किन्‍तु निर्माण एजेन्‍सी द्वारा राशि आहरण उपरांत कार्य न करने के दोषी हैं? ब्‍लॉकवार, ग्रामपंचायतवार, कार्य का नाम सहित उपलब्‍ध करावें? दोषियों के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही अब तक की गई कार्यवाही का विवरण देवें? (ग) अपर मुख्‍य सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग भोपाल का पत्र क्रमांक 5461 दिनांक 14.03.2011 के बिंदु क्रमांक 3 के पैरा 2 में अप्रारंभ कार्य के निरस्‍तीकरण एवं उनके स्‍थान पर पूर्व वर्षों की कार्ययोजना से जो जिला योजना समिति से अनुमोदित हो को लिये जाने वाले कार्यों का कार्योंत्‍तर अनुमोदन जिला योजना समिति से अनिवार्य रूप से प्राप्‍त किये जाने हेतु निर्देश है? (घ) प्रश्‍नांश (क), (ख), (ग) के संदर्भ में कितने कार्य वर्ष 2013-14 से निरस्‍त किये गए सूची उपलब्‍ध करावें? दिनांक 19.3.2015 से बंद योजना के पूर्व जिला योजना समिति द्वारा कार्य योजना अनुमोदित की सूची उपलब्‍ध करावे तथा प्रश्‍न दिनांक तक कुल कितनी राशि शेष हैं? (ड.) प्रश्‍नांश (ग) के संदर्भ में क्रियान्‍वयन न करने के लिए कौन से कर्मचारी/अधिकारी दोषी हैं? उनका नाम बतावें? उनके खिलाफ क्‍या कार्यवाही कब तक की जावेगी? नहीं की जावेगी तो क्‍यों?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ। (ख) जी हाँ। वर्ष 2013-14 से प्रश्न दिनांक तक जिले में स्वीकृत कुल 337 कार्यों में से 26 कार्य पूर्ण, 227 कार्य अपूर्ण/प्रगतिरत एवं 84 कार्य अप्रारंभ हैं। ब्लॉकवार, ग्राम पंचायतवार, कार्यों की सूची की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार। दोषियों के विरूद्ध कार्यवाही प्रारंभ की गई है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार(ग) जी हाँ। (घ) जिले द्वारा कोई कार्य निरस्त नहीं किये गये। जिला योजना समिति द्वारा अनुमोदित कार्ययोजना पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-स अनुसार। जिला पंचायत के पास योजनान्तर्गत रूपये 310.00 लाख उपलब्ध हैं, जिसमें अपूर्ण कार्य एवं ब्याज की राशि शामिल है। (ड.) दोषी अधिकारी/कर्मचारी का चिन्हांकन किया जा रहा है। विस्तृत जाँच के लिए जाँच दल गठित किये जाने के निर्देश दिए गये हैं। जाँच प्रतिवेदन प्राप्त होने पर गुण-दोष के आधार पर विधि संगत कार्यवाही की जायेगी।

मुख्‍यमंत्री सड़क योजना के टेण्‍डर

54. ( क्र. 1154 ) श्री उमंग सिंघार : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या धार जिले के ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग मनावर में मुख्‍यमंत्री सड़क योजना वर्ष 2015-16 अंतर्गत किये गये टेण्‍डर प्रक्रिया में मनमानी कर एक ही ठेकेदार को दिये गये? (ख) क्‍या प्रश्‍नांकित विभाग के अधिकारी एवं संबंधित ठेकेदार के द्वारा अन्‍य ठेकेदारों की अमानत राशि (एफ.डी.आर.) एवं अन्‍य दस्‍तावेज प्रश्‍नांकित विभाग के कार्यालय में जमा नहीं करने दिये गये? अगर नहीं तो कितने ठेकेदारों द्वारा टेण्‍डर फार्म खरीदे गये थे तथा उनके दस्‍तावेज किन कारणों से जमा नहीं हुये? (ग) क्‍या प्रश्‍नांकित विभाग एवं कार्यों में अधिकारियों ने शासकीय राशि का दुरूपयोग कर ठेकेदार को लाभ पहुंचाया है, क्‍या ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग धार में मुख्‍यमंत्री सड़क योजना अंतर्गत लगाये गये टेंडरों में प्रतिस्‍पर्धा हुई एवं 25 प्रतिशत कम दर तक टेण्‍डर आये एवं स्‍वीकृत हुए तथा क्‍या कारण रहा कि प्रश्‍नांकित विभाग द्वारा टेण्‍डरों में प्रतिस्‍पर्धा न करवाते हुए एक ही ठेकेदार को 19 प्रतिशत अधिक दर पर टेण्‍डर स्‍वीकृत कर दिये गये?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी नहीं, शासन द्वारा निर्धारित प्रक्रिया अनुसार कार्यवाही की गई। (ख) जी नहीं। मुख्‍यमंत्री ग्राम सड़क योजनांतर्गत मनावर संभाग में वर्ष 2015-16 में 02 पैकेज की निविदाएं आमंत्रित की गई, जिसमें 09 निविदा फार्म ऑन लाईन निविदा प्रक्रिया में भाग लेते हुऐ ई-पेमेंट से ठेकेदारों द्वारा खरीदे गये। इनमें से 04 निविदाओं में निविदा शर्तों के अनुसार आवश्‍यक दस्‍तावेज नियत समय पर जमा किये गये। निविदा शर्तों अनुसार दस्‍तावेज जमा करना या न करना ठेकेदारों के विवेक पर निर्भर करता है। विभाग को किसी ठेकेदार की फार्म जमा न करने देने की शिकायत प्राप्‍त नहीं हुई। (ग) जी नहीं। धार संभाग में निविदा में 22.14 कम से 4.90 प्रतिशत अधिक दरें स्‍वीकृ‍त की गई है। विभाग अंतर्गत शासन द्वारा निविदा के लिए अधिकृत पोर्टल पर ऑनलाईन प्रक्रिया द्वारा पारदर्शी तरीके से निविदाएं आमंत्रित की जाती है। निविदा दरें ठेकेदार द्वारा कार्य के स्‍वरूप, निर्माण सामग्री एवं कुशल श्रमिकों की उपलब्धता के आधार पर ऑनलाईन प्रस्‍तुत की जाती है। प्रश्‍नाधीन पैकेज के अंतर्गत अधिकांश मार्ग वन भूमि क्षेत्र में होने से निर्माण सामग्री की लीड को ध्‍यान में रखते हुए पैकेज में दरें स्‍वीकृत की गई। प्रत्‍येक कार्य एवं क्षेत्र की परिस्थितियां भिन्‍न होती है एवं तदनुसार ही दरें स्‍वीकृत की जाती है।

आवासीय योजना में अतिक्रमित भूमि के पट्टे दिये जाना

55. ( क्र. 1156 ) श्री उमंग सिंघार : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रदेश सरकार द्वारा राजस्‍व विभाग अंतर्गत आवासीय योजना में अतिक्रमित भूमि जो कि पंचायतों एवं नगर में है के पट्टे दिये जाना प्रस्‍तावित है तथा अन्‍य प्रयोजनों के लिये आरक्षित भूमि में से प्रस्‍तावित है? (ख) धार जिले अंतर्गत राजस्‍व की कितनी भूमि अतिक्रमित है एवं अतिक्रमणकर्ता को आवासीय पट्टे दिये गये हैं? जिले की पंचायतवार जानकारी उपलब्‍ध करावें? अगर नहीं, दिये गये तो कब तक दिये जायेंगे? (ग) धार जिले में जिन व्‍यक्तियों को आवासीय पट्टे दिये गये हैं, क्‍या उन पट्टों की जमीन पर व्‍यवसायिक कार्य चल रहे हैं? ब्‍लॉकवार जानकारी उपलब्‍ध करावें? क्या उन्‍हें पट्टे दिये जाना प्रस्‍तावित है?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) से (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

तहसीलदार रघुराजनगर के विरूद्ध गंभीर शिकायतों की जाँच

56. ( क्र. 1164 ) श्रीमती ऊषा चौधरी : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या माननीय मंत्री राजस्‍व विभाग के पत्र क्र. 10/0/मंत्री/रा.पु./2015, दिनांक 20.04.2016 के द्वारा सतना जिले में पदस्‍थ तहसीलदार महेन्‍द्र पटेल के विरूद्ध गंभीर शिकायतों की जाँच हेतु निर्देश प्रमुख सचिव म.प्र. शासन को दिये गये थे? यदि हाँ, तो  जाँच हेतु गठित समिति एवं जाँच प्रतिवेदन के संबंध में अद्यतन जानकारी दें। (ख) कलेक्‍टर सतना के आदेश क्र. 87, दिनांक 22.03.2016 के द्वारा सतना जिले में वर्ष 1959 के बन्‍दोबस्‍ती अभिलेख के अनुसार शासकीय भूमियों के पतासाजी करने हेतु एवं शासकीय भूमियां जो विभिन्‍न षड़यंत्रों के माध्‍यम से भू-अभिलेख/राजस्‍व अधिकारियों की मिलीभगत से खुर्दबुर्द की जा चुकी हैं, उनकी जाँच करने हेतु अनुविभागीय अधिकारी राजस्‍व की अध्‍यक्षता में प्रत्‍येक तहसील के तहसीलदार एवं प्रभारी अधिकारी भू-अभिलेख को सदस्‍य बनाया जाकर 3 माह में प्रतिवेदन चाहा गया था? जाँच प्रतिवेदन की प्रति प्रस्‍तुत करें? (ग) उक्‍त जाँच में दोषी पाये गये सदस्‍य भूमाफिया एवं अधि./कर्मचारियों के विरूद्ध कितनी एफ.आई.आर. दर्ज कराई जाकर दण्‍डात्‍मक कार्यवाही की गई तथा कितनों के विरूद्ध कार्यवाही किया जाना शेष है? कब तक कार्यवाही पूर्ण कर ली जावेगी? तहसीलवार जानकारी दें? (घ) कलेक्‍टर सतना के आदेशानुसार रघुराजनगर तहसील के अंतर्गत पटवारी हल्‍का सिजहटा के, सोनौरा, पटवारी हल्‍का कृपालपुर, कोलगवां के उतैली चेक में कूटरचित दस्‍तावेजों के माध्‍यम से खुर्दबुर्द की गई 38.38 एकड़ भूमि शासकीय घोषित की गई है? जाँच पूरी होने एवं दोषियों के नाम उजागर होने के बाद कितने आरोपियों के विरूद्ध दण्‍डात्‍मक कार्यवाही की गई तथा कितने के विरूद्ध कार्यवाही शेष है, की अद्यतन जानकारी दोषियों के नाम सहित तथा की गई कार्यवाही के विवरण सहित प्रस्‍तुत करें?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) से (घ) कलेक्टर से जानकारी अप्राप्त। ज