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मध्यप्रदेश विधान सभा


प्रश्नोत्तर-सूची
जुलाई, 2015 सत्र


बुधवार, दिनाँक 22 जुलाई 2015


भाग-1
तारांकित प्रश्नोत्तर


मुआवज़ा वितरण में अनियमितता

1. ( *क्र. 416 ) श्री नरेन्‍द्र सिंह कुशवाह : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) तारांकित प्रश्‍न संख्‍या-11 (क्रमांक 1122) दिनाँक 02 जुलाई, 2014 के अनुसार पाले तुषार ओला पीड़ि‍त किसानों को मुआवजा राशि हेतु 2013-142014-152015-16 में कितना बजट प्राप्‍त हुआ किस ग्राम में कितने किसानों को कितनी राशि का भुगतान किया गया। (ख) प्रश्‍नांश (क) के अनुसार विधानसभा भिण्‍ड में कितने किसानों को वर्णित अवधि में तुषार ओला प्राकृतिक क्षति से नुकसान का आकलन किया गया कितनी राशि भुगतान की गई? (ग) क्‍या यह सही है कि 1 जनवरी, 2015 से प्रश्‍नांश दिनाँक तक प्राकृतिक क्षति से मुआवजा के लिए करीब 5 करोड़ का बजट दिया गया? करीब 4 करोड़ 75 लाख रूपये गोहद विधानसभा क्षेत्र में वितरित किया गया है, शेष विधानसभाओं में राशि वितरित नहीं की गई? यदि हाँ, तो क्‍यों? क्‍या निष्‍पक्ष जाँच करवाई जायेगी, यदि हाँ, तो कब तक जानकारी दें? (घ) प्रश्‍नांश (क) में वर्णित अवधि के लिये किस तहसील में किस अधिकारी को प्रभार दिया गया मुआवजों के सर्वे के लिए क्‍या मापदण्‍ड निर्धारित किए गए किस स्‍तर के अधिकारी द्वारा जाँच की गई जाँच में क्‍या कमियां पाई गई?

राजस्व मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

जबलपुर शहर में घटित अपराध

2. ( *क्र. 1048 ) श्री अंचल सोनकर : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या वर्तमान में जबलपुर शहर के अन्‍तर्गत थाना अधारताल, थाना हनुमानताल एवं थाना घमापुर के अन्‍तर्गत आने वाले क्षेत्रों में हत्‍या, लूट, चेन स्‍नेचिंग एवं धारा 307 जैसे अपराध बढ़ रहे हैं? (ख) यदि हाँ, तो प्रश्‍नांश (क) में वर्णित थानों के अंतर्गत विगत 6 माह में ऐसे कितने प्रकरण हत्‍या, लूट, चेन स्‍नेचिंग एवं धारा 307 दर्ज किये गये उन पर क्‍या कार्यवाही की गई, थाना वार विस्‍तृत जानकारी देवें? हत्‍या, लूट, चेन स्‍नेचिंग एवं धारा 307 में दर्ज रिपोर्ट पर क्‍या कार्यवाही की गई एवं कितने अपराधियों को पकड़ा गया कितने अपराधी पकड़ से दूर हैं? (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के अनुसार बढ़ रहे अपराधों पर क्‍या पुलिस अपना नियंत्रण खो चुकी है अथवा पुलिस द्वारा ठोस कार्यवाही न करने के कारण क्षेत्र में अपराधों की संख्‍या में वृद्धि हुई है? यदि हाँ, तो ऐसे निरंकुश अपराधों एवं अपराधियों के विरूद्ध ठोस कार्यवाही न होने के जिम्‍मेवार कौन-कौन से अधिकारी/कर्मचारी हैं? क्‍या इनके विरूद्ध उचित कार्यवाही की जावेगी तो कब तक यदि नहीं, तो क्‍यों कारण बतावें?

गृह मंत्री ( श्री बाबूलाल गौर ) : (क) विगत तीन वर्षों की 6 माह की अवधि की तुलना करने पर थाना अधारताल में हत्या, लूट, चेन स्नैचिंग के अपराधों में वृद्धि नहीं हुई है तथा अधारताल एवं घमापुर में हत्या के प्रकरणों में पिछले वर्ष की अपेक्षा कमी परिलक्षित हुई है। थाना हनुमानताल में हत्या के प्रकरणों में पिछले वर्षों की अपेक्षा आंशिक वृद्धि हुई है। इसी प्रकार थाना घमापुर एवं अधारताल में हत्या के प्रयास के प्रकरणों में वृद्धि हुई है, जबकि थाना हनुमानताल में कमी हुई है। (ख) प्रश्नांकित 6 माह की अवधि में उपरोक्त वर्णित थानों में हत्या के 07 प्रकरण, लूट के 03 प्रकरण, हत्या के प्रयास के 26 प्रकरण और चेन स्नैचिंग के 02 प्रकरण दर्ज किये जाकर विवेचना की गई। थानावार विस्तृत जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। गिरफ्तार एवं फरार आरोपियों की तथ्यात्मक जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) जी नहीं। उपरोक्त अपराधों की वृद्धि के संबंध में किसी भी अधिकारी एवं कर्मचारी की लापरवाही नहीं पाई गयी।

परिशिष्ट ''एक'' (पृष्‍ठ क्रमांक 10)

गुना जिले की राजस्‍व एवं दखल रहित भूमि पर अतिक्रमण

3. ( *क्र. 654 ) श्री महेन्‍द्र सिंह सिसौदिया : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) गुना जिले में ऐसे कितने लोग हैं जिन्‍होने राजस्‍व एवं दखल रहित भूमि पर अतिक्रमण किया है गांववार, तहसीलवार जानकारी दें? (ख) गुना जिले में अतिक्रमणधारी कृषकों का अतिक्रमण वाली भूमि में किया गया अतिक्रमण कब तक हटाया जायेगा? तहसीलवार जानकारी दें? (ग) गुना जिले में ऐसे कितने अतिक्रमणधारी हैं जिन्‍होंने खेल मैदान, स्‍कूल भूमि, खदान भूमि एवं मरघट शाला की भूमियों पर अतिक्रमण किया है उनका अतिक्रमण कब तक किस रीति से हटाया जायेगा? (घ) गुना जिले में ऐसे कितने अतिक्रमण धारी हैं जिन्‍होने राजस्‍व एवं दखल रहित भूमि पर अतिक्रमण कर आवास बना लिये हैं, क्‍या उन्‍हें हटाया जायेगा या आवास के पट्टे दिये जायेंगे गांववार, तहसीलवार जानकारी दें?

राजस्व मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

डीमेट परीक्षा में अनि‍यमितता की जाँच

4. ( *क्र. 1176 ) श्री हर्ष यादव : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या डीमेट परीक्षा के माध्‍यम से प्रदेश के प्रायवेट मेडीकल कॉलेजों द्वारा किये गये फर्जीवाड़े और अनियमितताओं के संबंध में कोई जाँच एस.टी.एफ. व एस.आई.टी. द्वारा की जा रही है? यदि नहीं, तो क्‍यों? यदि हाँ, तो अब तक क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई है और किन-किन संदिग्‍धों/दोषियों को गिरफ्तार किया गया है? (ख) क्‍या एस.टी.एफ./एस.आई.टी. द्वारा व्‍यापम के पूर्व डायरेक्‍टर एवं डीमेट के कोषाध्‍यक्ष योगेश उपरीत से पूछताछ की है? यदि हाँ, तो क्‍या तथ्‍य सामने आये हैं? (ग) प्रायवेट मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश में हुए भारी भ्रष्‍टाचार, गड़बड़ी और फर्जीवाड़े को लेकर क्‍या शासन/विभाग विस्‍तृत और निष्‍पक्ष जाँच कराएगा? नहीं तो क्‍यों? चिकित्‍सा जैसे अति संवेदनशील मामले में गड़बड़ी को रोकने हेतु क्‍या कोई ठोस कार्यवाही की जावेगी? यदि हाँ, तो कब तक?

गृह मंत्री ( श्री बाबूलाल गौर ) : (क) से (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

सिंगरौली जिले में राजस्‍व ग्राम बनाए जाने की कार्यवाही

5. ( *क्र. 734 ) श्री राम लल्लू वैश्य : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या विधानसभा क्षेत्र सिंगरौली स्थित बड़े गाँवों को पृथक राजस्‍व ग्राम बनाये जाने हेतु प्रस्‍ताव विगत 2-3 वर्षों से लंबित हैं, जबकि इन गाँवों के खसरा प्‍लाट आदि के बटवारे का कार्य भी हो चुका है? (ख) यदि हाँ, तो इन गांवों को कब तक में पृथक गाँव बनाये जाने का आदेश हो सकेगा? गाँवों के नाम सहित संपूर्ण विवरण देवें?

राजस्व मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) पृथक राजस्‍व ग्राम बनाये जाने की कार्यवाही अंतिम चरण में है। जैसे ही उक्‍त ग्रामों के अंतिम प्रकाशन की उद्घोषणा जारी हो जाएगी. उक्‍त ग्रामों का अभिलेख जिला प्रशासन को सौंप दिया जावेगा ग्रामों का विवरण निम्‍नानुसार है :-

क्रमांक

मूल ग्राम

नवीन ग्राम

1/

तियरा

पलहवा

2/

हर्रहवा

करकोटा

3/

बरहपान

मुड़वानी

4/

गोभा

मुनगहवा

5/

खम्‍हरिया

महादेवा टोला

 

जिला रीवा अंतर्गत मृत्‍यु की निष्‍पक्ष जाँच

6. ( *क्र. 1016 ) श्रीमती शीला त्‍यागी : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला रीवा के कलेक्‍टर एवं एस.पी. को क्‍या जनसुनवाई में शिकायत संख्‍या 3519 दिनाँक 26.05.2015 को शिकायतकर्ता मंजू स्‍वीपर द्वारा शिकायत दर्ज कराई गई है? (ख) प्रश्‍नांश (क) यदि हाँ, तो प्रश्‍न दिनाँक तक क्‍या जाँच की गई है तथा यह भी बताएं कि क्‍या शव का पोस्‍टमार्टम कराया गया है व एफ.एस.एल. टीम द्वारा जाँच कराई गई है? यदि नहीं, तो क्‍यों पीड़ि‍ता को संतुष्‍ट किया गया है? (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के संदर्भ में क्‍या लापरवाही की गई है? यदि हाँ, तो दोषी पुलिस अधिकारी के खिलाफ क्‍या कार्यवाही की जावेगी एवं कब तक बताए?

गृह मंत्री ( श्री बाबूलाल गौर ) : (क) हाँ यह सही है कि शिकायतकर्ता मन्जू स्वीपर पत्नी स्व. राजू स्वीपर नि. नया तालाब गुढ चैराहा रीवा द्वारा मृतक नितिन स्वीपर के मृत्यु की निष्पक्ष जाँच हेतु कलेक्टर रीवा को संबोधित जन सुनवाई में शिकायत दी गई थी जो कलेक्टर रीवा के पत्र क्रमांक 3519/15 दिनाँक 26.05.2015 के द्वारा पुलिस अधीक्षक कार्यालय रीवा में प्राप्त हुई थी। दिनाँक 25.05.2015 को आवेदिका द्वारा पुलिस अधीक्षक कार्यालय रीवा में उपस्थित होकर जन सुनवाई में शिकायत की थी जो पुलिस अधीक्षक कार्यालय के शिकायत रजिस्टर के पंजी क्रमांक 469/15 दिनाँक 25.05.2015 पर लेख है। उक्त शिकायत पत्र थाना प्रभारी सिटी कोतवाली रीवा को जाँच हेतु भेजा गया एवं थाना प्रभारी के द्वारा जाँच की गई। शिकायत पत्र की छायाप्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। जाँच प्रतिवेदन की छायाप्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) दिनाँक 16.05.15 को नितेश पिता स्व. राजू स्वीपर उम्र 18 साल नि. गुढ़ चैराहा रीवा ने थाना में सूचना दिया कि मृतक नितिन स्वीपर उम्र 21 साल जो उसका भाई है ने अपने कमरे में फांसी लगा लिया है जिससे उसकी मृत्यु हो गई है। उक्त सूचना पर थाना सिटी कोतवाली रीवा में मर्ग क्रमांक 32/15, धारा 174 जा.फौ. का कायम किया जाकर जाँच की गई। जाँच के दौरान मृतक नितिन के शव का पंचायतनामा किया गया एवं घटना स्थल का निरीक्षण किया गया। एफ.एस.एल. टीम रीवा के फोटोग्राफर से फोटोग्राफी करवाई गई। मृतक के शव का परीक्षण संजय गांधी मेमोरियल अस्पताल रीवा में करवाया गया। पी.एम. रिपोर्ट में डाँ. द्वारा मृतक की मृत्यु फांसी लगाने से होना लेख किया गया है। पी.एम. रिपोर्ट की छायाप्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। मृतक का बिसरा प्रिजर्व कर जाँच हेतु एफ.एस.एल. सागर भेजा गया था, जिसकी जाँच रिपोर्ट प्राप्त की गई जिसमें रासायनिक विष के परीक्षण ऋणात्मक पाये गये हैं। बिसरा रिपोर्ट की छायाप्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट '''' अनुसार है। (ग) प्रश्नांश एवं के संदर्भ में जाँचकर्ता पुलिस अधिकारी द्वारा किसी प्रकार की लापरवाही नहीं की गई है इसलिए उनके विरूद्ध किसी प्रकार की कार्यवाही नहीं की गई है।

सड़क निर्माण की मुआवजा राशि का वितरण

7. ( *क्र. 937 ) इन्जी. प्रदीप लारिया : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सागर जिले में विगत दो वर्षों में राजस्‍व विभाग द्वारा लो.नि.वि. द्वारा निर्मित सड़क मार्गों में आई किसानों की भूमि/जगह का अधिग्रहण किन-किन ग्रामों में किया गया है? (ख) क्‍या सागर जिले में नरयावली विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत लो.नि.वि. द्वारा डोगा रोड, पिपिरया करकट लिधोरा मार्ग, बदौना मार्ग निर्माण में किसानों की अधिग्रहण की गई भूमि/जगह का राजस्‍व विभाग द्वारा शत्-प्रतिशत मुआवजा वितरण किया गया है? यदि नहीं, तो क्‍यों? (ग) क्‍या किसानों की भूमि/जगह अधिग्रहण करते समय मुआवजा राशि प्रदाय करने हेतु शासन द्वारा समय-सीमा तय की गई थी? यदि हाँ, तो तय समय-सीमा में मुआवजा का वितरण क्‍यों नहीं किया गया? (घ) किसानों की भूमि/जगह का अधिग्रहण का मुआवजा शत्-प्रतिशत कब तक प्रदाय कर दिया जावेगा?

राजस्व मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

पानी में फ्लोराइड की मात्रा

8. ( *क्र. 1 ) श्री महेन्द्र सिंह कालूखेडा : क्या पशुपालन मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) मध्‍यप्रदेश में किस-किस जिले में पीने के पानी में फ्लोराइड की मात्रा ज्‍यादा है व कम है? जिलेवार विवरण दें तथा बतावें कि पानी की गुणवत्‍ता में सुधार के लिये क्‍या प्रयास किये? (ख) फ्लोराइड की मात्रा के आधार पर कौन-कौन सी बीमारियां पीने वालों को हो सकती हैं व उसको रोकन हेतु शासन क्‍या प्रयास कर रहा है? (ग) शिवपुरी जिले में पीने के पानी में फ्लोराइड कम ज्‍यादा होने से किस-किस गांव में विकलांगता होने की शिकायत शासन को मिली व उस पर क्‍या कार्यवाही की गई?

पशुपालन मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) प्रदेश के 28 जिलों में फ्लोराइड निर्धारित सीमा से अधिक पाया गया है। जिलों की सूची संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। जिन जल स्रोतों में निर्धारित मात्रा से अधिक फ्लोराइड पाया गया था आवश्यकता अनुसार डि-फ्लोरिडेशन प्लांट लगाकर जल गुणवत्ता में सुधार का कार्य किया गया है। (ख) फ्लोराइड के आधिक्य युक्त जल के सेवन से अस्थि फ्लोरोसिस (अस्थियों का टेढ़ा होना) और दंत फ्लोरोसिस (दाँतों का काला होकर कमजोर होना) एवं कंकाली फ्लोरोसिस (कंकाल का टेढा होना) आदि मुख्य बीमारियाँ होती हैं एवं फ्लोराइड की कमी से दंत क्षय (दाँतों का खोखला होना) होता है। इनकी रोकथाम के लिये विभाग द्वारा फ्लोराइड प्रभावित बसाहटों में वैकल्पिक पेयजल योजनाओं का क्रियान्वयन एवं डि-फ्लोरिडेशन संयंत्र लगाने की कार्यवाही की गई है। (ग) कोई भी शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। कार्यवाही का प्रश्न ही नहीं उठता।

परिशिष्ट ''दो'' (पृष्‍ठ क्रमांक 13)

मुख्‍यमंत्री जल प्रदाय योजना में व्‍यय राशि

9. ( *क्र. 750 ) श्रीमती इमरती देवी : क्या पशुपालन मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) जिला ग्‍वालियर अंतर्गत वि.ख. डबरा, भितरवार, मुरार, घाटीगांव में मुख्‍यमंत्री जल प्रदाय योजना के प्रारंभ से किस ग्राम में किस माह, कितनी राशि स्‍वीकृत कर, किस ठेकेदार/फर्म को कार्य दिया गया, प्रत्‍येक योजना का कार्य पूर्ण करने की अवधि क्‍या है? (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार स्‍वीकृत मुख्‍यमंत्री जल प्रदाय योजना में से प्रत्‍येक पर प्रश्‍न दिनाँक तक कितनी-कितनी राशि व्‍यय की गई, इनमें से किस ग्राम की योजना का कार्य, किस माह पूर्ण हुआ एवं किस ग्राम की योजना किस कारण समयावधि में पूर्ण नहीं हो सकी? कब तक पूर्ण होगी, समयावधि बतावें? (ग) प्रश्‍नांश (ख) अनुसार पूर्ण मुख्‍यमंत्री जल प्रदाय योजनाओं में से किस ग्राम में किस माह से जल प्रदाय किया जा रहा है, यदि नहीं, तो क्‍यों नहीं, इसके लिये कौन अधिकारी जिम्‍मेवार हैं?

पशुपालन मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) ग्वालियर जिले की प्रारंभ से मान. मुख्यमंत्री जल प्रदाय योजनाओं की जानकारी विकासखण्डवार, ग्रामवार पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'' अनुसार है। पूर्ण योजना के संचालन संधारण का दायित्व ग्राम पंचायत का है। शेष प्रश्न उपस्थित ही नहीं होता है।

नरवर तहसील में राजस्‍व भूमि के पट्टों का वितरण

10. ( *क्र. 550 ) श्रीमती शकुन्‍तला खटीक : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) तहसील नरवर जिला शिवपुरी में वर्ष 1998 से वर्ष 2002 तक कितने व्‍यक्तियों को राजस्‍व भूमि के पट्टे दिए गये पट्टा ग्रहीता का नाम, पता, रकवा सहित जानकारी दी जावे? (ख) क्‍या दिए गये पट्टेधारियों को भूमि का कब्‍जा दे दिया गया है? (ग) क्‍या कुछ पट्टाधारियों को कब्‍जा नहीं दिया गया है? यदि हाँ, तो उनकी भी जानकारी दी जावे व कब्‍जा न दे पाने के कारण भी बतावें। (घ) क्‍या वर्ष 2002 तक दिए गये पट्टों में से कुछ पट्टे निरस्‍त भी किए गये हैं? यदि हाँ, तो कृषक का नाम, पता व निरस्‍ती का कारण भी बतायें।

राजस्व मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

श्‍योपुर विधानसभा अंतर्गत ओला/अतिवृष्टि का मुआवजा

11. ( *क्र. 574 ) श्री दुर्गालाल विजय : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) श्‍योपुर विधानसभा क्षेत्र में मार्च 2015 की ओला/अतिवृष्टि के उपरांत सर्वे दलों ने किन-किन ग्रामों में कितने-कितने प्रतिशत रबि फसलों (गेहूं, चना, धनिया) की क्षति सर्वे सूची में दर्ज की? (ख) सर्वे उपरांत कितने प्रभावित कृषकों को कुल कितनी राशि मुआवजे के रूप में दी गई? शेष कृषकों को कब तक दी जावेगी? इस संबंध में शासन के क्‍या निर्देश हैं? (ग) सर्वे दलों द्वारा सर्वे कार्य में बरती गई अनियमितताओं के कारण वर्तमान तक कितने दावे/आपत्ति के आवेदन जिला प्रशासन/विभाग को प्राप्‍त हुये? इन आवेदनों पर क्‍या कार्यवाही की गई? यदि नहीं, तो क्‍यों? (घ) क्‍या सर्वे दलों द्वारा शासन निर्देशों को अनदेखा करते हुये सर्वे सूची में पूरे क्षेत्र में फसलों की क्षति शतप्रतिशत होने के बावजूद न्‍यूनतम दर्शाई गई फसलें बदल बदल कर अंकित की गई? उक्‍त आवेदनों पर सर्वे दलों द्वारा पुन: सर्वे न करके टेबल पर सर्वे सूची तैयार कर ली गई। लगभग 5000 कृषकों को सर्वे सूची से वंचित रखा गया? (ड.) यदि नहीं, तो क्‍या शासन उक्‍त अनियमितताओं की जाँच करायेगा व पुन: सर्वे कराकर कृषकों को मुआवजा दिलवायेगा व रवि सीजन के बिजली बिल/समस्‍त शासकीय कर्ज माफ करेगा? यदि नहीं, तो क्‍यों?

राजस्व मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) श्योपुर तहसील के प्रभावित कुल 132 ग्रामों की सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। रबी फसल गेहूं, चना, धनिया में स्थल पर वास्तविक क्षति के आधार पर भिन्न-भिन्न प्रतिशत दर्ज किया गया है। तहसील बड़ौदा के अंतर्गत कुल 13 ग्रामों में फसल क्षति दर्ज की गई। सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) तहसील श्योपुर के अंतर्गत कुल कृषक 10213 के बैंक खातों में राशि रूपये 21,04,70,179/- जमा कर दी गई है। तहसील बड़ौदा के कुल 1269 प्रभावित कृषकों को राशि रूपये 2,83,88,550/- की आर्थिक सहायता राशि वितरित की गई है। कोई कृषक वितरण से शेष नहीं है। शेष प्रश्नांश उद्भूत नहीं होता। (ग) तहसील श्योपुर अंतर्गत सर्वे उपरान्त तैयार सूची को ग्राम पंचायत में वाचन एवं प्रकाशन के बाद कुल 2240 दावे/आपत्ति प्राप्त हुये। जिनमें 1043 दावे स्वीकृत किये गये एवं 1197 अस्वीकृत किये गये। इसके बाद तैयार प्रत्येक ग्राम की अंतिम सूची प्रत्येक ग्राम पंचायत द्वारा सत्यापित की गई। तहसील बड़ौदा अंतर्गत शासन द्वारा निर्धारित समयावधि में सर्वे दलों को कुल 432 दावा/आपत्ति प्राप्त हुये, जिनका निराकरण समयावधि में सर्वे दलों द्वारा किया जा चुका है। वर्तमान में कोई दावा/आपत्ति लंबित नहीं है। (घ) जी नहीं। शासन निर्देशों का पालन कर सर्वे दलों द्वारा खेत-खेत जाकर फसल क्षति का आंकलन किया गया है। दावे आपत्ति प्राप्त कर उनके निराकरण उपरान्त ग्राम पंचायत से सत्यापन कराकर सूची प्रस्तुत की गई है। फसल मौके के अनुसार दर्ज की गई है। कोई पीड़ि‍त कृषक शेष नहीं है। (ड.) प्रश्नांश की जानकारी प्रकाश में प्रश्न उद्भूत नहीं होता।

फसलों के मुआवजा वितरण में अनियमितता

12. ( *क्र. 1125 ) पं. रमेश दुबे : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) ओलावृष्टि से फसलों के क्षतिग्रस्‍त होने पर सर्वे करने तथा प्रभावित किसानों को आर्थिक सहायता/फसल का मुआवजा भुगतान किये जाने के संबंध में किन नियमों में क्‍या व्‍यवस्‍था की गयी है? आदेश निर्देश की प्रति संलग्‍न करें? (ख) तहसील चाँद, जिला-छिन्‍दवाड़ा के ग्राम नीलकंडीखुर्द, निशानजानोजी एवं परसगांव सर्रा में ओलावृष्टि से क्षतिग्रस्‍त फसलों का सर्वे करने, मुआवजा पत्रक तैयार करने हेतु किन-किन को नियुक्‍त किया गया था? नियुक्ति आदेश, सर्वे पत्रक, मुआवजा निर्धारण पत्रक, भुगतान पत्रक की प्रति संलग्‍न करें? (ग) क्‍या सर्वे उपरांत प्रभावित किसानों के नाम पता सहित प्रभावित फसल का नाम, उसका रकबा व खसरा नं. ग्राम पंचायत में प्रकाशित किया गया था? (घ) क्‍या प्रश्‍नकर्ता ने उक्‍त ग्रामों से बंजर भूमि, खाली भूमि, पर फसल बोना बताकर कुछ लोगों को अनैतिक लाभ पहुँचाने, पात्र किसानों को मुआवजा से वंचित रखने, सर्वे सूची और मुआवजा भुगतान पत्रक में काटछाट एवं अंतर होने की ग्राम पंचायत सचिव से शिकायत प्राप्‍त होने पर प्रश्‍नकर्ता ने कलेक्‍टर छिन्‍दवाड़ा एवं एस.डी.एम. छिन्‍दवाड़ा को शिकायत पत्र प्रस्‍तुत किया है? यदि हाँ, तो क्‍या शासन उक्‍त शिकायत की जाँच कर दोषी पटवारी के विरूद्ध कार्यवाही का आदेश देगा यदि नहीं, तो क्‍यों?

राजस्व मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

पी.एम.टी. घोटाले में दर्ज प्रकरण में इलेक्‍ट्रानिक उपकरणों की जप्‍ती

13. ( *क्र. 1183 ) श्री जितू पटवारी : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्राईम ब्रान्‍च इंदौर के द्वारा पी.एम.टी. घोटाले में दर्ज प्रकरण क्रं. 593/13 दिनाँक 07.07.2013 में जब्‍त की गई कम्‍प्‍यूटर हार्ड डिस्‍क किस दिनाँक को, किस स्‍थान से एवं किस समय जब्‍त की गई है तथा उक्‍त हार्डडिस्‍क किसके पास से जब्‍त की गई है? नाम बतावें? (ख) प्रश्‍नांक (क) में उल्‍लेखित हार्डडिस्‍क को जब्‍त करने गये अधिकारी एवं कर्मचारी क्‍या इलेक्‍ट्रानिक उपकरण जब्‍ती के संबंध में इलेक्‍ट्रानिक्‍स साक्ष्‍य कानून के बारे में ज्ञान रखते थे? यदि हाँ, तो क्‍या जब्‍ती के समय उपरोक्‍त कानून का पालन किया गया? (ग) प्रश्‍नांक (क) में उल्‍लेखित कम्‍प्‍यूटर को अधिकारियों द्वारा कैसे पहचाना गया? उक्‍त पी.सी. का आयडेन्‍टीफिकेशन क्रं. या सीरि‍यल क्रं. क्‍या है? (घ) यह कैसे तय किया गया कि जब्‍त की गई हार्डडिस्‍क प्रश्‍न (क) में उल्‍लेखित व्‍यक्ति के पी.सी. की ही है? (ड.) एस.आई.टी. द्वारा प्रस्‍तुत चार्ज शीट में हार्डडिस्‍क जब्‍त करने की दिनाँक, स्‍थान एवं समय का क्‍या उल्‍लेख किया गया है?

गृह मंत्री ( श्री बाबूलाल गौर ) : (क) क्राईम ब्रांच इंदौर द्वारा थाना राजेन्द्र नगर, जिला इंदौर में पी.एम.टी. घोटाले में दर्ज प्रकरण क्रमांक 593/13 नहीं, अपितु 539/13 है। अपराध क्रमांक 539/13 में जब्त की गई कम्प्यूटर हार्डडिस्क का जब्ती विवरण इस प्रकार है कि (1) आरोपी अजय सेन से दिनाँक 18.07.2013 के 14.00 बजे आरोपी के मकान शिवाजी नगर, भोपाल से (2) आरोपी नितिन मोहिन्द्रा से दिनाँक 18.07.2013 के 16:30 बजे व्यापम कार्यालय भोपाल आरोपी के आफिस से (3) आरोपी नितिन मोहिन्द्रा से दिनाँक 18.07.2013 के 19:00 बजे आरोपी के मकान चूना भट्टी रोड, भोपाल से, (4) व्यापम के कर्मचारी अशोक देवनानी से दिनाँक 18.07.2013 के 21:05 बजे व्यापम कार्यालय भोपाल सर्वर रूम से (5) आरोपी नितिन मोहिन्द्रा से दिनाँक 26.07.2013 के 13:00 बजे व्यापम कार्यालय भोपाल आरोपी के आफिस से (6) आरोपी नितिन मोहिन्द्रा से दिनाँक 26.07.2013 के 13:30 बजे व्यापम कार्यालय भोपाल सर्वर रूम से। (ख) इलेक्ट्रॉनिक्स साक्ष्य कानून नामक कोई भी कानून नहीं है। प्रश्नांश (क) में उल्लेखित हार्डडिस्क को जब्त करने में अधिकारियों द्वारा निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के अनुसार जब्ती कार्यवाही की गई। (ग) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित कम्प्यूटर को आरोपियों की निशानदेही पर विधिवत् जब्ती कार्यवाही की गई है तथा जब्ती की गई हार्डडिस्क का सीरियल नम्बर व पहचान नम्बर जब्ती पंचनामें में लेख किया गया है। (घ) हार्डडिस्क विधिवत् आरोपी की निशानदेही से उसी के कम्प्यूटर से समक्ष गवाहान जब्त की गई है। (ड.) एस.आई.टी. द्वारा इस प्रकरण में कोई भी चार्जशीट न्यायालय में प्रस्तुत नहीं की गई है।

रीवा जिलांतर्गत किसानों को मुआवजा भुगतान

14. ( *क्र. 596 ) श्री सुखेन्‍द्र सिंह (बन्ना) : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या रीवा जिले में अतिवृष्टि, ओला एवं पाला से फसल नष्‍ट होने के संबंध में प्रश्‍नकर्ता सदस्‍य द्वारा दिनाँक 25.04.2015 को सिरमौर चौक रीवा में धरना देकर रीवा जिले के किसानों को मुआवजा प्रदान करने की मांग की गई थी? (ख) यदि हाँ, तो इस संदर्भ में अब तक क्‍या-क्‍या कार्यवाही हुई? इस अनुक्रम में विकासखण्‍ड हनुमना एवं मउगंज के कितने किसानों को कब-कब, कितनी-कितनी मुआवजा राशि का भुगतान किया गया है? विवरण सहित बतावें?

राजस्व मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) एवं (ख) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

सिवनी जिलांतर्गत विभाग की संचालित योजनाएँ

15. ( *क्र. 224 ) श्री दिनेश राय (मुनमुन) : क्या पशुपालन मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) सिवनी जिले में वर्तमान में कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग की कौन-कौन सी योजनाएं संचालित हैं, इनके संचालन हेतु वर्ष 2013-14 से मार्च 2015 तक की अवधि में जिले को कितनी राशि प्राप्‍त हुई? राशि किन-किन कार्यों में व्‍यय की गई, योजना/कार्य/वर्षवार बतावें? (ख) वर्तमान में किन-किन योजनाओं के तहत कितने हितग्राहियों के आवेदन विभाग को वर्ष 2014-15 से वर्तमान तिथि तक प्राप्‍त हुए, उसमें से कितने आवेदन निराकृत हुए, कितने आवेदन लंबित है? इनका निराकरण कब तक किया जावेगा? (ग) विभागीय योजनाओं के संबंध में शासन के क्‍या निर्देश हैं? निर्देश की प्रति उपलब्‍ध करावें?

पशुपालन मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ब अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-स अनुसार है।

मुख्‍यमंत्री जी द्वारा की गई घोषणा का क्रियान्‍वयन

16. ( *क्र. 1133 ) श्री नारायण सिंह पँवार : क्या पशुपालन मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या माननीय मुख्‍यमंत्री जी की घोषणा क्रमांक 2709 दिनाँक 19.01.2015 कुशलपुरा बांध से ग्राम खजूरिया एवं मोर्चाखेड़ी की जनता के लिये सिंचाई एवं पेयजल योजना बनाई जावेगी के परिपालन में उक्‍त दोनों ग्रामों को सम्मिलित करते हुये विकासखण्‍ड ब्‍यावरा के पेयजल संकट ग्रस्‍त 45 ग्रामों में पेयजल के स्‍थायी/पर्याप्‍त व्‍यवस्‍था हेतु लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकी विभाग राजगढ़ द्वारा सतही कुशलपुरा बांध आधारित समूह नल जल योजना का स्‍टेज-1 प्रस्‍ताव राशि रुपये 48.40 करोड़ का तैयार कर अग्रिम कार्यवाही हेतु शासन को प्रेषित किया गया था? क्‍या उक्‍त प्रस्‍तावित योजना की म.प्र. जल निगम मर्यादित द्वारा डी.पी.आर. तैयार करा ली गई है? (ख) यदि हाँ, तो क्‍या उक्‍त प्रस्‍तावित योजना को लेकर जल संसाधन विभाग एवं लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकी विभाग के मध्‍य किसी तकनीकी समस्‍या के कारण योजना की कार्यवाही अवरूद्ध हो रही है? यदि हाँ, तो विभाग द्वारा इसके निराकरण हेतु प्रश्‍न दिनाँक तक क्‍या-क्‍या प्रयास किये गये हैं? (ग) क्‍या माननीय मुख्‍यमंत्री जी की घोषणा होने से उक्‍त योजना की तकनीकी समस्‍या के निराकरण हेतु विभाग द्वारा उक्‍त प्रकरण माननीय मुख्‍यमंत्री जी के संज्ञान में लाते हुये शीघ्र ही निराकरण कराया जाकर स्‍वीकृति प्रदान की जावेगी?

पशुपालन मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) जी हाँ। विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डी.पी.आर.) तैयार कराई जा रही है। (ख) जी नहीं। जल संसाधन विभाग से निरंतर समन्वय कर पेयजल हेतु आवश्यक जल मात्रा के आवंटन की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। (ग) प्रश्नांश '' के उत्तर के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।

नवलखा बीज कंपनी महिदपुर पर दर्ज प्रकरण

17. ( *क्र. 1155 ) श्री बहादुर सिंह चौहान : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नवलखा बीज कंपनी महिदपुर जिला उज्‍जैन पर दर्ज प्रकरण की अद्यतन स्थिति बतावें? (ख) इस प्रकरण में जाँचकर्ता अधिकारी द्वारा जाँच लंबित रखने का कारण स्‍पष्‍ट करें? (ग) जाँच लंबित रहने पर जाँचकर्ता अधिकारी पर कब तक कार्यवाही की जावेगी? (घ) जाँच कब तक पूरी की जाकर संबंधितों की गिरफ्तारी सुनिश्चित की जावेगी? समय-सीमा बतावें?

गृह मंत्री ( श्री बाबूलाल गौर ) : (क) थाना महिदपुर जिला उज्जैन में अप.क्रं. 35/15 धारा 420 भादवि एवं 3/7 आवश्यक वस्तु अधिनियम के अधीन नवलखा बीज कंपनी महिदपुर के विरूद्ध दर्ज होकर वर्तमान में विवेचनाधीन है। (ख) उक्त आपराधिक प्रकरण में नवलखा बीज कंपनी महिदपुर के विरूद्ध अभियोजन किये जाने हेतु बीज प्रमाणीकरण संस्था से दस्तावेज एवं विभाग से प्रमाणित साक्ष्य की आवश्यकता है, जिसके लिये निरंतर प्रयास किये जा रहे हैं। अनुसंधानकर्ता अधिकारी द्वारा प्रकरण में विवेचना लंबित नहीं रखी गई है। (ग) प्रकरण की विवेचना प्रगति पर है, अतः विवेचना अधिकारी के विरूद्ध कार्यवाही हेतु कोई आधार नहीं है। (घ) आरोपियों की गिरफ्तारी, साक्ष्य एवं विवेचना के आवश्यकतानुसार की जायेगी। समय-सीमा बताना संभव नहीं है।

उज्‍जैन जिले में राजस्‍व के लंबित प्रकरण

18. ( *क्र. 1012 ) डॉ. मोहन यादव : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) राजस्‍व विभाग में उज्‍जैन जिले में जनवरी 2014 से प्रश्‍न दिनाँक तक कितने प्रकरण पटवारी रिपोर्ट/राजस्‍व निरीक्षक की रिपोर्ट के लिए लंबित हैं? ग्रामवार, तहसीलवार सूची उपलब्‍ध करावें? (ख) क्‍या पटवारियों एवं राजस्‍व निरीक्षक द्वारा नियमानुसार एवं निश्चित समय-सीमा में व्‍यक्तिगत स्‍वार्थ के चलते जानबूझ कर प्रकरणों में प्रतिवेदन प्रस्‍तुत नहीं किया जाता है? जिसके कारण आमजन सामान्‍य एवं संबंधित व्‍यक्तियों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है? (ग) यदि हाँ, तो प्रकरणों में देरी से रिपोर्ट प्रस्‍तुत करने वाले पटवारियों एवं राजस्‍व निरीक्षकों के विरूद्ध कार्यवाही के क्‍या प्रावधान हैं एवं कितने पटवारियों एवं राजस्‍व निरीक्षकों के विरूद्ध उक्‍त संबंध में कार्यवाही की गई है यदि कार्यवाही नहीं की गई है तो कारण बताएं?

राजस्व मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) से (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

मेकेनिकल डिवीजन जबलपुर के कर्मशाला उपखण्‍ड का हस्‍तांतरण

19. ( *क्र. 1079 ) श्री नीलेश अवस्‍थी : क्या पशुपालन मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या माननीय मुख्‍यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा अपने विगत जबलपुर प्रवास में लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकी विभाग के किसी भी उपखंड कार्यालय का स्‍थानांतरण जबलपुर से अन्‍यत्र न किये जाने की घोषणा की थी? एवं इस संबंध में उन्‍हें क्षेत्रीय जन प्रतिनिधियों ने ज्ञापन देकर कर्मशाला उपखण्‍ड कार्यालय का जबलपुर से सिंगरौली स्‍थानान्‍तरण का विरोध किया था? (ख) प्रश्‍नांश (क) के उत्‍तर में यदि हाँ, तो यह बतलावें कि P.H.E. मेडिकल डिवीजन जबलपुर के अधिनस्‍थ कर्मशाला उपखंड कार्यालय जबलपुर का सिंगरौली स्‍थानांतरण किन कारणों से किया गया? (ग) कर्मशाला उपखंड कार्यालय जबलपुर में कितने स्‍थाई एवं अस्‍थाई कर्मचारी तैनात थे? इस उपखंड कार्यालय में कितनी-कितनी कीमत की कौन-कौन सी मशीनरी वाहनों के मेंटिनेंस एवं बोरिंग में लगने वाले कैसिंग पाइपों की ट्रेडिंग कटिंग एवं स्‍लाइडिंग हेतु लगी थी? (घ) मेकेनिकल उपखंड कार्यालय जबलपुर द्वारा कौन-कौन से कार्य किये जाते थे एवं इस कार्यालय का सिंगरौली स्‍थानान्‍तरण किन कार्यों को करने हेतु किया गया है? क्‍या इस कार्यालय का स्‍टाफ इन कार्यों को करने हेतु प्रशिक्षित है? क्‍या शासन उक्‍त उपखंड कार्यालय का सिंगरौली स्‍थानान्‍तरण रद्द कर इसे पुन: जबलपुर में स्‍थापित करेगा? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्‍यों नहीं?

पशुपालन मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) दिनाँक 20.06.2015 को कृषि विश्वविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में विद्युत मंडल की शाखाएं अन्यत्र स्थानांतरण के संदर्भ में यह घोषणा की थी कि जबलपुर से किसी भी विभाग के किसी भी कार्यालय को अन्यत्र स्थानांतरित नहीं किया जाएगा। जी हाँ। (ख) शासन की नीति के अनुसार प्रत्येक जिले में विभागीय मैकेनिकल उपखंड स्थापित होना चाहिए। नवनिर्मित सिंगरौली जिले में मैकेनिकल उपखंड न होने के कारण जबलपुर में स्थापित दो उपखंडो में से एक उपखंड को मा. मुख्यमंत्रीजी की घोषणा दिनाँक 20.06.2015 के पूर्व ही दिनाँक 29.04.2015 को स्थानांतरित किया गया है। (ग) 16 अस्थायी कर्मचारी, शेष जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। (घ) मैकेनिकल उपखंड जबलपुर द्वारा विभागीय मशीनों से नलकूप खनन, हैण्डपंप स्थापना तथा मशीनों के रखरखाव आदि कार्य का संपादन किया जाता है। इस कार्यालय का सिंगरौली स्थानांतरण नहीं किया गया है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''तीन'' (पृष्‍ठ क्रमांक 14)

तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार के स्‍वीकृत पद

20. ( *क्र. 1101 ) श्री शैलेन्‍द्र पटेल : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) म.प्र. में तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार की कितनी संख्‍या है? क्‍या यह संख्‍या पर्याप्‍त है? जिलेवार कितने पद स्‍वीकृत हैं एवं कितने पद रिक्‍त है? (ख) प्रश्‍नांश (क) की कमी को कब तक पूरा कर लिया जायेगा? इन पदों की नियुक्ति हेतु कोई योजना लंबित है? यदि हाँ, तो क्‍या? (ग) क्‍या इन अधिकारियों की कमी के कारण शासकीय कार्यों का क्रियान्‍वयन सही तरीके से समय पर पूरा हो पा रहा है? क्‍या आम नागरिकों को इस कमी से कार्यों में कठिनाई नहीं हो रही है?

राजस्व मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) से (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

उद्योगों हेतु कृषि भूमि का अर्जन

21. ( *क्र. 1179 ) श्री नारायण त्रिपाठी : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या औद्योगिक प्रयोजन हेतु किसानों से ली जाने वाली भूमि का कोई न्‍यूनतम मूल्‍य तय है? औद्योगिक समूह द्वारा सीधे किसानों से क्रय की जाने वाली भूमि के संबंध में शासन के क्‍या प्रावधान/नियम प्रचलित हैं? क्‍या इस हेतु कोई न्‍यूनतम दर तय है? (ख) विगत पांच वर्षों के दौरान सतना जिले के मैहर स्थित के.जे.एस. व रिलायंस सीमेंट समूह द्वारा किसानों से कितनी-कितनी भूमि किन दरों में क्रय की है? क्‍या किसानों से भूमि लेने और संबंधित उद्योग में प्रभावित परिवार के सदस्‍य को रोजगार देने संबंधी कोई अनुबंध कृषको भू-स्‍वामियों और उद्योग समूह के मध्‍य हुआ है? यदि हाँ, तो इस अनुबंध का पालन कराने हेतु कौन उत्‍तरदायी है? भू-स्‍वामियों को उनकी भूमि का वाजिब दाम मिले इस हेतु क्‍या शासन का कोई विभाग किसी स्‍तर का नियंत्रण रखता है? (ग) मैहर स्थित उक्‍त उद्योगों द्वारा किसानों से क्रय की गई भूमि और रोजगार देने संबंधी अनुबंधों को लेकर किसी वरिष्‍ठ अधिकारी से परीक्षण कराया जाकर कार्यवाही की जावेगी, ताकि प्रभावित किसानों को न्‍याय मिल सके? नहीं तो क्‍यों?

राजस्व मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) से (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

फल एवं सब्जियों में कीटनाशक रसायनों का उपयोग

22. ( *क्र. 251 ) श्री यशपालसिंह सिसौदिया : क्या पशुपालन मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या विभाग द्वारा उज्‍जैन, इंदौर संभाग में कीटनाशकों व रसायनों के प्रयोग से फल व सब्जियों में जहर फैलने की आशंका संबंधी प्रयोग करवाया जाना प्रस्‍तावित है? (ख) क्‍या अधिकांश सब्जियों में कीटनाशक व रसायन रिपोर्ट में पाया गया है, जो घरेलू उपयोग में लाए जाते हैं? इनकी बिक्री के लिये क्‍या मापदण्‍ड निर्धारित है? (ग) क्‍या विभाग सभी प्रकार के कीटनाशक व रसायनों का न्‍यूनतम प्रयोग करने पर विचार कर रहा है? (घ) उज्‍जैन/इंदौर संभागों में उद्योगों के नालों से निकलने वाले रसायनयुक्‍त पानी से उगाई गई सब्जियों पर प्रतिबंध लगाने पर विभाग क्‍या कार्यवाही कर रहा है?

पशुपालन मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) एवं (ख) जी नहीं। (ग) जी हाँ। (घ) माननीय नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल भोपाल द्वारा जारी निर्देशों के क्रम में कार्यवाही किये जाने हेतु दिनाँक 05.06.2014 द्वारा समस्त कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारियों को निर्देश जारी किये जा चुके हैं।

आयुक्‍त संभाग इंदौर द्वारा की गई जाँच

23. ( *क्र. 104 ) श्री सचिन यादव : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या राजस्‍व विभाग, मध्‍यप्रदेश शासन के पत्र दिनाँक 04.09.2014, आयुक्‍त संभाग इंदौर को जाँच प्रतिवेदन उपलब्‍ध कराये जाने हेतु पत्र भेजा गया था हाँ, तो उस पर आयुक्‍त संभाग इंदौर द्वारा जाँच कर जाँच प्रतिवेदन राजस्‍व विभाग को उपलब्‍ध कराया गया है हाँ, तो बतायें नहीं तो राजस्‍व विभाग द्वारा इस संबंध में किस-किस दिनाँक को स्‍मरण पत्र भेजे और अग्रिम कार्यवाही पूर्ण करने के लिए निर्देशित किया दिनाँकवार जानकारी दें? (ख) प्रश्‍नांश (क) में दर्शित जाँच प्रतिवेदन में कौन-कौन अधिकारी दोषी हैं और उनके खिलाफ क्‍या कार्यवाही की जा रही है?

राजस्व मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ। राजस्व विभाग द्वारा स्मरण पत्र दिनाँक 28.05.2015 को आयुक्त इन्दौर को भेजा गया। आयुक्त इन्दौर संभाग इन्दौर द्वारा कलेक्टर जिला इन्दौर से जाँच प्रतिवेदन अप्राप्त होना बताया है। (ख) कलेक्टर जिला इन्दौर से जाँच प्रतिवेदन अपेक्षित है। जाँच प्रतिवेदन प्राप्त होने पर अग्रिम कार्यवाही की जायेगी।

प्राकृतिक आपदा में वितरित मुआवजा राशि की दर

24. ( *क्र. 1113 ) चौधरी मुकेश सिंह चतुर्वेदी : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2013-142014-15 में भिण्‍ड जिले के गोरमी और अमायन क्षेत्र में प्राकृतिक आपदा से फसलों का नुकसान हुआ था? यदि हाँ, तो किस पद्धति से आंकलन कर किस दर से मुआवजा राशि को वितरित किया गया था? (ख) प्रश्‍नांश (क) में वर्णित क्षेत्र वर्ष में किसानों से फसल बीमा का प्रीमियम जमा कराया गया था? यदि हाँ, तो किस दर से जमा कराया गया था? (ग) प्रश्‍नांश (क) व (ख) के तहत बीमा कंपनी ने फसलों के नुकसान का आकलन किस पद्धति से किया है और प्रति एकड़ किस दर से राशि वितरित की है?

राजस्व मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ राजस्व विभाग, कृषि विभाग तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के संयुक्त दल के आंकलन के आधार पर आर.बी.सी. 6-4 में अंकित दर अनुसार मुआवजा राशि वितरित की गई। (ख) राष्ट्रीय कृषि बीमा योजना अन्तर्गत तहसील गोरमी एवं मेहगांव तहसील के अन्तर्गत अमायन पटवारी हल्का नंबर 63 की जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र 1, 2 एवं 3 अनुसार है।  () प्रश्नांश एवं के उत्तर के परिप्रेक्ष्य में जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र 1, 2 एवं 3 अनुसार है।

परिशिष्ट - ''चार'' (पृष्‍ठ क्रमांक 15)

तहसील पुनासा में नामांतरण के लंबित प्रकरणों पर कार्यवाही

25. ( क्र. 1206 ) श्री लोकेन्द्र सिंह तोमर : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या खण्‍डवा जिले की तहसील पुनासा एवं आर.आई सर्कल किल्‍लौद के अन्‍तर्गत वर्ष 2013 से जून 2015 तक कितने किसानों की मृत्‍यु के बाद उनके बारसानों के नाम से तहसीलदार द्वारा नामान्‍तरण कर दिये गए हैं? कितने फौती नामान्‍तरण के प्रकरण तहसीलदार कार्यालय में लंबित हैं? लंबित रहने का क्‍या कारण है? लंबित फौती नामांतरण वाले आवेदकों के नाम, पटवारी हल्‍कावार, ग्राम के नाम सहित सूची उपलब्‍ध करावें? (ख) प्रश्‍नांश (क) में उल्लेखित आर.आई.सर्कल व तहसील पुनासा के अंतर्गत जमीन खरीदी के बाद खरीददारों द्वारा कब-कब नामांतरण हेतु आवेदन प्रस्‍तुत किये गए थे? कितने नामांतरण कर दिये गए एवं कितने शेष हैं? आवेदन प्राप्‍ती के बाद नामातंरण कितने दिवस में कर दिया जाता है? नामांतरण के कितने आवेदन तहसीलदार के न्‍यायालय में लंबित हैं? लंबित रहने का कारण क्‍या है? समय-सीमा में नामातंरण नहीं करने वाले तहसीलदार के खिलाफ क्‍या कार्यवाही की जावेगी? खरीदी के बाद नामांतरण के आवेदकों के लंबित प्रकरणों की सूची, ग्रामवार व पटवारी हल्‍कावार तथा लंबित रहने के कारण सहित दें? (ग) क्‍या कोई कारण नहीं होने के बाद यदि प्रकरण पुनासा तहसीलदार द्वारा लंबित किये जा रहे हैं तो पुनासा तहसीलदार के खिलाफ क्‍या कार्यवाही की जावेगी?

राजस्व मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) से (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

 

 

 


 

 

 

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भाग-2

नियम 46 (2) के अंतर्गत अतारांकित प्रश्नोत्तर के रुप में परिवर्तित तारांकित प्रश्नोत्तर


मूल अभिलेख से कम्‍प्‍यूटरकृत किये जाने बाबत्

1. ( क्र. 8 ) श्रीमती सरस्‍वती सिंह : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) म.प्र. के राजस्‍व विभाग में भूमिस्‍वामियों एवं गैर भूमिस्‍वामियों के नाम खसरा अभिलेख से कम्‍प्‍यूटरीकृत डाटा इन्‍ट्री करने का क्‍या प्रावधान है? (ख) क्‍या सिंगरौली जिले की चितरंगी तहसील अंतर्गत हल्‍का पटवारियों को कम्‍प्‍यूटरीकृत सत्‍यापित अभिलेख वर्ष 2010-11 से 2014-15 तक वर्षवार कम्‍प्‍यूटरीकृत खसरा अभिलेख दिये गये हैं? यदि हाँ, तो चितरंगी तहसील अंतर्गत मूल अभिलेख एवं कम्‍प्‍यूटरीकृत अभिलेख में खातेदारों और गैर खातेदारों के नामों में बहुत भिन्‍नता होने का क्‍या कारण है? (ग) क्‍या भूमि स्‍वामियों और गैर भूमि स्‍वामियों का नाम मूल अभिलेख से मिलान कराकर कम्‍प्‍यूटर में डाटा इन्‍ट्री कराएंगे और क्‍या कृषकों को भूमि की सत्‍यापित खसरा नकल वितरित कराएंगे? यदि हाँ, तो कब तक?

राजस्व मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) से (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

कैश वालेट सुविधा देने वाली कंपनियों के खिलाफ की गई शिकायतों पर कार्रवाई

2. ( क्र. 17 ) श्री विश्वास सारंग : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) 1 जनवरी 2014 से प्रश्‍न दिनाँक तक प्रदेश में कैश वालेट सुविधा देने वाली किन-किन कंपनियों की कितनी-कितनी शिकायतें सायबर सेल को प्राप्‍त हुई हैं? कंपनियों के नामवार, शिकायतवार, वर्षवार जानकारी दें? (ख) प्रश्‍नांश (क) के तहत प्रश्‍न दिनाँक तक कितनी कंपनियों की जाँच की गई है? जाँच प्रतिवेदन सहित जानकारी दें? (ग) प्रश्‍नांश (क) व (ख) के तहत जाँच उपरांत किन-किन के ऊपर किस-किस धाराओं के तहत मुकदमें दर्ज किए गए हैं?

गृह मंत्री ( श्री बाबूलाल गौर ) : (क) प्रश्नांश के उत्तर के लिए भारतीय रिजर्व बैंक से प्रदेश में कैश वालेट की सुविधा देने वाली कम्पनियों की जानकारी प्राप्त की गई है। भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा कुल 37 कम्पनियों को कैश वालेट की सुविधा मुहैया कराने हेतु लायसेंस प्रदान किया गया है जिसकी सूची पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के सरल क्रमांक 22 से 58 तक है। भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा उपरोक्त 37 कम्पनियों को जिन नियम व शर्तों के तहत कैश वालेट की सुविधा मुहैया कराने के लायसेंस दिये है। उन नियम व शर्तों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। कैश वालेट सुविधा देने वाली जिन कम्पनियों के विरूद्ध सायबर सेल को शिकायतें प्राप्त हुई उनकी नामवार, शिकायतवार, वर्षवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) प्रश्नांश (क) के तहत प्रश्न दिनाँक तक कुल 672 शिकायतें, 04 कैश वालेट कम्पनियों (1) Mobikwik-293, (2) Vodafone Mpesa-46, (3) Airtel M-26, (4) One97 Communication-307, शिकायतें प्राप्त हुई थी। जिन शिकायतों में जाँच पूर्ण हो चुकी है, उनमें 05 अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में है। शेष शिकायतों में जाँच प्रगति पर है। अपराधों का विस्तृत विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) सायबर सेल में दिनाँक 01.01.2014 से प्रश्न दिनाँक तक कैश वालेट की सुविधा देने वाली कम्पनियों के खिलाफ प्राप्त शिकायतों में जाँच उपरांत अपराध एवं आरोपियों की सूची पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है।

अनूपपुर जिले में संचालित नल/जल योजनाएं

3. ( क्र. 42 ) श्री रामलाल रौतेल : क्या पशुपालन मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) अनूपपुर जिले में कुल कितनी नल-जल योजनाऐं संचालित है, संचालित योजनाओं में वर्ष 2013-14 एवं 2014-2015 में कुल कितनी राशि खर्च हुई है? वर्तमान में चालू-बंद की क्‍या स्थिति हैं? बन्‍द होने का कारण क्‍या है? (ख) क्‍या यह सही है कि नल-जल योजनाओं के निर्माण में गुणवत्‍ताविहीन सामग्री का उपयोग किया गया है? यदि हाँ, तो अभी तक क्‍या कार्यवाही की गई है? (ग) अनूपपुर विधान सभा क्षेत्र के किन-किन ग्रामों में घरेलू कनेक्‍शन कर दिया गया है? विकास खण्‍डवार ग्राम का नाम बताऐं? (घ) विकासखण्‍ड जैतहरी के औढ़ेरा पंचायत में घरेलू कनेक्‍शन में कुल कितना खर्च किया गया है?

पशुपालन मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) अनूपपुर जिले में कुल 166 नलजल योजनायें संचालित हैं, संचालित योजनाओं में वर्ष 2013-14 में रूपये 1079.80 लाख एवं वर्ष 2014-15 में रूपये 1029.90 लाख इस प्रकार प्रश्नाधीन अवधि में कुल रूपये 2109.70 लाख की राशि खर्च हुई। वर्तमान में 150 योजनायें चालू एवं 16 योजनायें बंद हैं। योजनाओं के बद होने का कारण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) जी नहीं। कार्यवाही का प्रश्न ही नहीं उठता। (ग) अनूपपुर विधानसभा क्षेत्र के 20 ग्रामों में घरेलू कनेक्शन कर दिया गया है। विकास खण्डवार, ग्रामवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (घ) विकासखण्ड जैतहरी के औढेरा पंचायत में घरेलू कनेक्शन में कोई राशि खर्च नहीं की गई है। 

ग्रामों के नालों का गुणवत्‍ताविहीन कार्य

4. ( क्र. 44 ) श्री रामलाल रौतेल : क्या पशुपालन मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) वित्‍तीय वर्ष 2007-08 से 2013-14 के मध्‍य जिला-अनूपपुर विकास खण्‍ड पुष्‍पराजगढ़, जैतहरी, कोतमा, अनूपपुर के विभिन्‍न ग्रामों के नालों में ठेकेदारों द्वारा अनेक अनुबंधों एवं कार्यादेशों के तहत गुणवत्‍ता विहीन कार्य एवं कूट रचित तरीके से दस्‍तावेज संधारित किए जाने की शिकायत की गई है? यदि हाँ, तो शिकायत का आधार क्‍या है? (ख) मुख्‍यमंत्री कार्यालय का पत्र क्रमांक 2898/सी.एम.एस./एम.एल.ए./087/2014 दिनाँक 21.11.2014 (सी.एम.मांनिट-बी) के अनुपालन में म.प्र. राज्‍य रोजगार गारंटी परिषद भोपाल के द्वारा प्रमुख सचिव, लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकी विभाग को सम्‍बोधित पत्र क्रमांक 8886/एन.आर.-3/मनरेगा/2014 भोपाल दिनाँक 05.12.2014 के परिपालन में क्‍या कार्यवाही की गई है? (ग) विभाग द्वारा कार्यवाही न करने का कारण क्‍या है? क्‍या यह सही है कि विभाग भ्रष्‍ट ठेकेदारों एवं अधिकारियों को संरक्षण प्रदान कर रहा है? यदि नहीं, तो भौतिक सत्‍यापन कराने की समय सीमा बतायें?

पशुपालन मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) जी हाँ। शिकायत के आधार की जानकारी विभाग को नहीं है। (ख) अधीक्षण यंत्री, नर्मदा परियोजना मंडल की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जाँचदल गठित किया गया है। इस जाँच दल द्वारा जाँच किये जाने के पश्चात्‌ अनुशंसा अनुसार कार्यवाही की जा सकेगी। (ग) उत्तरांश-'''' के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता। जी नहीं, निश्चित समय सीमा नहीं बताई जा सकती है।

सीताराम बाग जावरा के भूमि बंटन की जाँच

5. ( क्र. 53 ) श्री महेन्द्र सिंह कालूखेडा : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अतारांकित प्रश्‍न संख्‍या 39 (क्रं.708) दिनाँक 23.11.2011 तथा 2 मार्च 2015 के परि. अता. प्रश्‍न संख्‍या 22 (क्र.1138) के संदर्भ में बताए कि- जब आयुक्‍त भू-अभिलेख ग्‍वालियर व आयुक्‍त उज्‍जैन ने जिलाधीश को एस.डी.ओ. को आदेश निरस्‍त कर दोषी अधिकारियों के विरूद्ध कार्यवाही का निर्देश दिया था तो इस संबंध में क्‍या कार्यवाही हुई? (ख) प्रश्‍नकर्ता ने उपरोक्‍त संबंध में आयुक्‍त उज्‍जैन, जिलाधीश रतलाम को पिछले 5 वर्षों में कितने पत्र किस-किस तिथि में लिखे व उन पत्रों पर क्‍या कार्यवाही हुई है?

राजस्व मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) आयुक्त भू-अभिलेख एवं बंदोबस्त म.प्र. ग्वालियर के पत्र क्र.2187/11/भू-प्रबं/2011 दि. 12/09/2011 में दोषी कर्मचारी/अधिकारियों के विरूद्ध कार्यवाही करने के निर्देश प्रदान किये गये थे, जिसके अनुक्रम में अनुविभागीय अधिकारी, जावरा के आदेश क्र. 1444/स्था./13 दि. 18/2/2013 के द्वारा दोषी तत्कालीन पटवारी श्री विरेन्द्र सिंह सोलंकी पटवारी कस्बा जावरा की एक वार्षिक वेतन वृद्धि असंचयी प्रभाव से रोके जाने के दण्ड से दण्डित किया गया है। दोषी तहसीलदारों के विरूद्ध अनुशासनिक कार्यवाही किये जाने हेतु प्रस्ताव तैयार कर आयुक्त उज्जैन संभाग उज्जैन को भिजवाया गया है। अनुविभागीय अधिकारियों के विरूद्ध कार्यवाही करने हेतु पत्र क्र. 3088/स्था./12 दि.7/7/2012 को म.प्र. शासन सामान्य प्रशासन विभाग को लिखा गया है। (ख) संबंधित प्रकरण में प्रश्नकर्ता द्वारा दि. 7/12/10, 2/10/2011 एवं 19/6/2012 को पत्र लिखे गये जिन पर समय-समय पर कार्यवाही की गई। प्रश्नकर्ता द्वारा जनवरी 2015 में जिलाधीश को लिखे पत्र पर अनुविभागीय अधिकारी जावरा को आवश्यक कार्यवाही हेतु भेजा गया है।

नल जल योजना का क्रियान्‍वयन

6. ( क्र. 116 ) श्री सचिन यादव : क्या पशुपालन मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) मुख्‍यमंत्री नल-जल योजना के क्रियान्‍वयन संबंधी नियम क्‍या है? मुख्‍यमंत्री नल जल योजना किन ग्रामों में कितनी आबादी वाले ग्रामों में क्रियान्वित की जा सकती है? (ख) उक्‍त योजना प्रारंभ से योजनान्‍तर्गत कसरावद विधानसभा क्षेत्रान्‍तर्गत कितने ग्रामों में कितनी योजनाओं में कितनी-कितनी राशि स्‍वीकृत की गई? कितनी योजनाएं पूर्ण हो गई? कितनी प्रगतिरत होकर अपूर्ण है एवं कितनी अप्रारंभ है? अप्रारंभ एवं अपूर्ण रहने का कारण स्‍पष्‍ट करें? (ग) प्रश्‍नांश (ख) में दर्शित ग्रामों में से पेयजल समस्‍या को दृष्टिगत रखते हुये उक्‍त विधानसभा क्षेत्र में किन-किन ग्रामों में मुख्‍यमंत्री पेयजल नल जल योजना की स्‍वीकृति हेतु ग्राम चिन्‍हांकन किये गये हैं क्‍या उनकी कार्ययोजना तैयार कर विभाग को प्रस्‍तुत कर दी गई है? यदि हाँ, तो किस स्‍तर पर लंबित है ? कब तक स्‍वीकृति प्रदाय की जावेगी समय सीमा बतावें नहीं तो कारण बतावें ?

पशुपालन मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) मुख्यमंत्री नलजल योजना की स्वीकृति से संबंधित नियम पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। उल्लेखनीय है वर्ष 2010 में संकल्प क्रमांक-13 के अंतर्गत मुख्यमंत्री पेयजल योजना का क्रियान्वयन आगामी 03 वर्षों के लिये स्वीकृत किया गया था, जिसकी अवधि 01 अप्रैल, 2014 को समाप्त हो चुकी है। (ख) मुख्यमंत्री पेयजल योजना के प्रारंभ वर्ष 2010-11 से वर्ष 2013-14 तक कसरावद विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत 11 ग्रामों की योजनाऐं स्वीकृत हो कर सभी पूर्ण की जा चुकी हैं। ग्रामवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। शेष प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता है। (ग) मुख्यमंत्री पेयजल योजना 01.04.2014 से बंद होने के कारण ग्रामों का चिन्हांकन नहीं किया गया है अतः स्वीकृति का प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता।

निजी कॉलोनी को ग्राम पंचायतों को सौंपा जाना

7. ( क्र. 128 ) श्री हितेन्द्र सिंह ध्‍यान सिंह सोलंकी : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) तारांकित प्रश्‍न संख्‍या 16 (क्रमांक-2196) दिनाँक 16.7.14 पर मौखिक चर्चा के दौरान माननीय मंत्री जी द्वारा निजी कॉलोनीयों को ग्राम पंचायतों को सौंपे जाने के दौरान की गई अनियमितताओं के संबंध में भोपाल से उच्‍च अधिकारी जाँच कराये जाने का आश्‍वासन सदन में दिया था? तो वर्तमान तक किस अधिकारी को क्षेत्र में भेजकर जाँच कराई गई है? यदि जाँच नहीं की गई हो तो कब तक कर ली जावेगी? (ख) क्‍या यह सही है कि निजी कॉलोनी को ग्राम पंचायतों को सौपते समय क्‍या सीमेंन्‍टीकृत सड़क, अण्‍डर ग्राउण्‍ड ड्रेनेज, ओव्‍हर हेड टंकी से पीने की पानी की सुविधा होनी चाहिये? क्‍या शासन के कोई मापदण्‍ड है, यदि है तो नियम बताएं। (ग) यदि प्रश्‍नांश (ख) के अनुसार सीमेंटीकृत सड़क, अण्‍डर ग्राउण्‍ड ड्रेनेज, पीने की पानी के लिये ओव्‍हर हेड टंकी का निर्माण न कर कॉलोनी सौंपी गई है तो इन कॉलोनाइजर के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की जावेगी? समय सीमा बताई जावे?

राजस्व मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) से (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

पीपलरावाँ में टाप्‍पा तहसील का निर्माण

8. ( क्र. 135 ) श्री राजेन्द्र फूलचन्‍द वर्मा : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या पीपलरावाँ नगर में टप्‍पा तहसील की कार्यवाही प्रचलित है? यदि है तो क्‍या कार्यवाही चल रही है यदि नहीं, तो क्‍यों नहीं? (ख) क्‍या पीपलरावाँ को भविष्‍य में टप्‍पा तहसील प्राप्‍त हो सकेगी? यदि हाँ, तो कब तक यदि नहीं, तो क्‍यों नहीं?

राजस्व मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) एवं (ख) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

व्‍यापम प्रकरण में क्राइम ब्रांच/एस.टी.एफ

9. ( क्र. 147 ) श्री बाला बच्‍चन : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्राइम ब्रांच, इंदौर द्वारा पीएमटी 2013 परीक्षा घोटाले में प्रकरण क्र.593/13 में नितिन महिन्‍द्रा का कम्‍प्‍युटर पूरा मय हार्ड डिस्‍क क्‍यों नहीं जब्‍त‍ किया गया? उसमें हार्ड डिस्‍क एक थी या दो किस दिनाँक को कितनी-कितनी हार्ड डिस्‍क किसके द्वारा निकाली गयी? (ख) क्राइम ब्रांच इंदौर ने 13 अगस्‍त 2013 को पत्र लिखकर व्‍यापम से रोल नंबर आवंटन का लॉजिक फार्मूला क्‍यों मांगा? प्रश्‍नांश (क) में उल्‍लेखित जब्‍त हार्ड डिस्‍क से उस लॉजिक फार्मूले को निकालने का प्रयास क्‍यों नहीं किया गया? उसे शासन द्वारा अधिकृत किसी लेब में क्‍यों नहीं भेजा गया? (ग) क्राइम ब्रांच इंदौर/एस.टी.एफ ने यह जानने का प्रयास किया कि रोल नंबर आवंटन में पीएमटी 2013 में उपयोग किये गये लाजिकल फार्मूले का उपयोग कितनी-कितनी बार हुआ, इस्‍तेमाल करने की शुरूआत किस दिनाँक से हुई, तथा उसकी अनुमति किस अधिकारी ने किस आधार पर दी? (घ) प्रश्‍नांश (ख) में उल्‍लेखित पत्र का उत्‍तर किस दिनाँक को प्राप्‍त हुआ? प्राप्‍त उत्‍तर के अनुसार क्‍या कार्यवाही की गई? लाजिक फार्मूले के संबंध में लिखे पत्र तथा प्राप्‍त उत्‍तर की प्रतिलिपि देवें?

गृह मंत्री ( श्री बाबूलाल गौर ) : (क) थाना राजेन्द्रनगर, जिला इंदौर में दिनाँक 07.07.2013 को अपराध क्रमांक 593/13 नहीं अपितु 539/13 पंजीबद्ध किया गया था। विवेचना के दौरान दिनाँक 08.07.2013 को साक्ष्य की आवश्यकता अनुसार आरोपी नितिन मोहिन्द्रा के आफिस के कम्प्यूटर की एक हार्डडिस्क जब्त की गई थी। उसमें दो हार्डडिस्क थी, जिसमें से एक हार्डडिस्क दिनाँक 18.07.2013 को तथा एक हार्डडिस्क दिनाँक 26.07.2013 को विवेचना टीम द्वारा निकालकर जब्त की गई थी। (ख) क्राइम ब्रांच इंदौर द्वारा पत्र क्रमांक/निरी/अप/539/1140/13 दिनाँक13.08.2013 को डायरेक्टर व्यावसायिक परीक्षा मण्डल भोपाल से रोल नम्बर आवंटन का लॉजिक फार्मूला नहीं मांगा गया था, अपितु व्यापम से उक्त पत्र के माध्यम से पी.एम.टी. वर्ष 2013 की परीक्षा में रोल नम्बर आवंटन हेतु अपनाये गये लॉजिक से भिन्न, किन-किन छात्रों के रोल नम्बर आवंटित किये गये थे, उनकी जानकारी मांगी गई थी। जब्त हार्डडिस्क मान. न्यायालय की अनुमति उपरांत जाँच हेतु गांधीनगर, गुजरात भेजी गई थी। (ग) पी.एम.टी. परीक्षा 2013 में रोल नम्बर आवंटन में प्रयोग किये गये लॉजिक को विशेषज्ञों की समिति द्वारा ज्ञात किया गया है। इस लॉजिक का प्रयोग केवल वर्ष 2013 में व्यापम द्वारा आयोजित पी.एम.टी. परीक्षा में ही हुआ है। पी.एम.टी. 2013 में दिनाँक 30.06.2013 को लॉजिक का इस्तेमाल कर रोल नम्बर का जनरेशन किया गया था। पी.एम.टी. परीक्षा 2013 के लॉजिक का इस्तेमाल ज्ञात जानकारी के अनुसार किस अन्य परीक्षा में नहीं किया गया है। विवेचना के दौरान प्राप्त जानकारी के अनुसार रोल नम्बर किस लॉजिक के आधार पर आवंटित किये जायेंगे इसका निर्धारण प्रभारी कम्प्यूटर शाखा प्रिंसीपल सिस्टम एनालिस्ट नितिन मोहिन्द्रा के द्वारा किया जाता था। प्रकरण की विवेचना सी.बी.आई. को सौंपी गई है। (घ) व्यापम से उक्त पत्र के माध्यम से पी.एम.टी. वर्ष 2013 की परीक्षा में रोल नम्बर आवंटन हेतु अपनाया गया लॉजिक फार्मूला नहीं मांगा गया था। अतः प्रश्नांश में दिये गये उत्तर के संदर्भ में लागू नहीं है।

व्‍यापम प्रकरण में क्राइम ब्रांच इंदौर द्वारा जाँच

10. ( क्र. 148 ) श्री बाला बच्‍चन : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्राइम ब्रांच इंदौर द्वारा 13 अगस्‍त 2013 को व्‍यापम को पत्र लिखकर रोल नंबर आवंटन का लाजिक फार्मूला मांगा था/पूछा था? यदि हाँ, तो बतावें कि व्‍यापम ने लाजिक फार्मुला किस‍ दिनाँक को भेजा पत्र व्‍यवहार की प्रतिलिपि देवे? (ख) क्‍या यह सही है कि प्रश्‍नांश (क) में उल्‍लेखित लॉजिक फार्मूला आज दिनाँक तक एसटीएफ को प्राप्‍त नहीं हुआ है? यदि हाँ, तो एसटीएफ ने उसे प्राप्‍त करने के लिये नितिन महिन्‍द्रा के कम्‍प्‍युटर से जब्‍त हार्ड डिस्‍क को किसी लेब में भेजकर वांछित फार्मूला आज तक प्राप्‍त क्‍यों नहीं किया? (ग) एस.टी.एफ के पास आज दिनाँक तक पीएमटी 2008 से 2013 की परीक्षा में रोल नंबर आवंटन का लाजिक फार्मूला ही नहीं है, तो उसने किस आधार पर अभ्‍यर्थियों को आरोपी बनाया? व्‍यापम जाँच के घेरे में है, तो फिर उसके द्वारा निकाले गये मिस मैच को पुन: परीक्षण क्‍यो नहीं किया? (घ) एस.टी.एफ की टेक्निकल टीम जब दिल्‍ली हाइकोर्ट द्वारा प्रदत्‍त पेन ड्राइव का परीक्षण कर सकती है तो फिर उसने 2008 से 2013 की पीएमटी परीक्षा के मिस मैच रोल नंबर क्‍यों नहीं निकाले?

गृह मंत्री ( श्री बाबूलाल गौर ) : (क) क्राइम ब्रांच इन्दौर द्वारा पत्र क्रमांक/निरी./अप/539/1140/13, दिनाँक 13.08.2013 को डायरेक्टर व्यवसायिक परीक्षा मण्डल भोपाल से रोल नम्बर आवंटन का लॉजिक फार्मूला नहीं मांगा गया था, अपितु व्यापम से उक्त पत्र के माध्यम से पी.एम.टी. वर्ष 2013 की परीक्षा में रोल नम्बर आबंटन हेतु अपनाये गये लॉजिक से भिन्न, किन-किन छात्रों के रोल नम्बर आवंटित किये गये थे, उनकी जानकारी मांगी गई थी। पत्र की प्रति संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) लॉजिक फार्मूला ज्ञात करने हेतु एसटीएफ द्वारा नितिन मोहिन्द्रा के कम्प्यूटर की हार्ड डिस्क का परीक्षण कराया गया है। व्यापम द्वारा बनाई गई विशेषज्ञों की टीम द्वारा पी.एम.टी. परीक्षा 2013 का फार्मूला उपलब्ध कराया गया है। (ग) व्यापम द्वारा पी.एम.टी. परीक्षा वर्ष 2012 एवं 2013 का फार्मूला उपलब्ध कराया गया था, जिसके आधार पर एसटीएफ द्वारा जाँच की गई है। व्यापम द्वारा पी.एम.टी. परीक्षा 2012 एवं 2013 के जो मिसमैच रोल नम्बर उपलब्ध कराये गये थे, वह एसटीएफ की टेक्निकल टीम द्वारा पुनः परीक्षण किये गये है। (घ) व्यापम से संबंधित समस्त अपराधों की विवेचना माननीय उच्चतम न्यायालय के आदेश दिनाँक 09.07.15 के पालन में सीबीआई को हस्तांतरित की गई है।

परिशिष्ट ''पाँच''

हत्‍या के अपराधियों को पकड़ने बाबत्

11. ( क्र. 159 ) श्री यादवेन्‍द्र सिंह : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या सतना जिले के नागौद विधानसभा क्षेत्र के अन्‍तर्गत जयमंगल सिहं ग्राम पवैया के निवासी की हत्‍या 15 माह पहले हुई थी एवं मंकू s/o तनय कोमल चौधरी ग्राम पोड़ी की हत्‍या एक माह के अंदर हुई तथा विनोद पाल s/o श्‍यामलाल पालग्राम चँन्‍द्रकुइया ग्राम पंचायत चँन्‍द्रकुइया की हत्‍या लगभग एक माह के आस-पास हुई थी? (ख) प्रश्‍नांश (क) की हत्‍याओं का पता पुलिस द्वारा अभी तक क्‍यों नहीं लगाया गया? शासन विशेष जाँच दल गठित कर हत्‍या के अपराधियों को पकड़ने की कार्यवाही की जायेगी? यदि हाँ, तो कब तक?

गृह मंत्री ( श्री बाबूलाल गौर ) : (क) सतना जिले में नागौद विधान सभा क्षेत्र के अन्तर्गत स्व. जयमंगल सिंह निवासी ग्राम पवैया की हत्या दिनाँक 10/11.01.2014 की दरम्यानी रात्रि, स्व. अनूप उर्फ मन्कू चौधरी निवासी ग्राम पोडी की हत्या दिनाँक 26.05.2015 के शाम 06:00 बजे से दिनाँक 28.05.2015 के सुबह 05:00 बजे के मध्य एवं स्व.विनोद गड़ारी निवासी चनकुईया की हत्या दिनाँक 23.05.2015 को कारित की गई थी। (ख) उक्त तीनों घटनाओं के संबंध में थाना नागौद में क्रमशः अप.क्र. 16/14 धारा 302 भादवि, अप.क्र. 226/15 धारा 320, 201 भादवि एवं अप.क्र. 211/15 धारा 302 भादवि अज्ञात आरोपियों के विरूद्ध पंजीबद्ध होकर विवेचना में है। अज्ञात आरोपियों के संबंध में अभी तक कोई महत्वपूर्ण सूत्र नहीं मिलने से गिरफ्तारी नहीं की जा सकी है। पुलिस अधीक्षक, सतना द्वारा तीनों अपराधों के अज्ञात आरोपियों की सूचना देने हेतु पृथक-पृथक रूपये 5000/- 5000/- का ईनाम आदेश जारी किया गया है। पुलिस अधीक्षक सतना द्वारा अप.क्र. 211/15226/15 की विवेचना हेतु अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) नागौद के नेतृत्व में एवं पुलिस महानिरीक्षक रीवा जोन द्वारा अप.क्र. 16/14 की विवेचना हेतु अति. पुलिस अधीक्षक, सतना के नेतृत्व में विशेष विवेचक दल गठित किये गये है, जिनके द्वारा अज्ञात आरोपियों की तलाश एवं गिरफ्तारी हेतु विधि अनुरूप प्रभावी प्रयास किये जा रहे हैं। समय-सीमा बताना संभव नहीं है।

शासकीय भूमि पर अवैध कालोनी निर्माण

12. ( क्र. 161 ) श्री यादवेन्‍द्र सिंह : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सतना जिले के तहसील नागौद के शहपुर गाँव में शासकीय भूमि कितनी है? उक्‍त भूमि में से कितनी भूमि विद्युत मण्‍डल को आवंटित की गई? खसरा, रकवा सहित बताएं। शेष भूमि क्‍या रिक्‍त पड़ी है? क्‍या रिक्‍त भूमि पर पटवारी से मिली भगत कर कोई व्‍यक्ति अवैध कालोनी का निर्माण कर रहा है? (ख) प्रश्‍नांश (क) का उत्‍तर यदि हाँ, तो ग्राम की शासकीय भूमि पर अतिक्रमण कर अवैध कालोनी का निर्माण तत्‍काल बंद कराते हुये शासन द्वारा सीमांकन कराते हुये पटवारी को निलंबित कर जाँच कराई जायेगी? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो कारण बताएं।

राजस्व मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) एवं (ख) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

नजूल भूमि के पट्टा वितरण

13. ( क्र. 168 ) श्री यादवेन्‍द्र सिंह : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सत्‍ना जिले की उचेहरा नगर परिषद के क्षेत्रान्‍तर्गत नजूल भूमि पर कौन-कौन कब से काबिज है नाम, पता सहित विवरण दें? (ख) प्रश्‍नांश (क) के नजूल भूमि के कब्‍जा धारियों को शासन की गाईड लाईन के तहत पट्टा प्रदाय कर दिया जाना चाहिये था, किंतु अब तक पट्टा प्रदाय न करने के क्‍या कारण थे और नजूल भूमि के कब्‍जे धारियों को कब तक पट्टे प्रदाय कर दिये जायेंगे? (ग) पट्टे प्रदाय किए जाने हेतु किन-किन के द्वारा कब-कब आवेदन दिए गए हैं? उन पर क्‍या कार्यवाही की गई बताएं?

राजस्व मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) नजूल भूमि पर काबिज व्यक्तियों के नाम व पता सर्वे उपरांत बताये जा सकते है। (ख) 31 पात्र व्यक्तियों को पट्टा दिया जा चुका है। (ग) कोई आवेदन प्राप्त नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

नजूल भूमि पर काबिजों को पट्टों का प्रदाय

14. ( क्र. 184 ) श्री कुंवर सौरभ सिंह : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या म.प्र. के जबलपुर संभाग में नजूल भूमि हैं? नजूल भूमि पर काबिजों को पट्टा दिये जाने के क्‍या प्रावधान है? प्रति उपलब्‍ध करावें? (ख) प्रश्‍नांश (क) के कब्‍जाधारियों के व्‍यवस्‍थापन हेतु उन्‍हें इतनी लंबी अवधि बीत जाने के बाद भी पट्टे क्‍यों प्रदाय नहीं किये गये? क्‍या पट्टा न मिलने से उनका उस भूमि पर अधिकार पत्र न होने से उन्‍हें अन्‍य योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है? (ग) कटनी जिले में नजूल भूमि में पट्टा प्राप्‍त किये जाने हेतु कितने लोगों ने विगत तीन वर्षों में आवेदन किया गया है? उन्‍हें पट्टे क्‍यों प्रदाय नहीं किये गये? कब तक प्रदाय किये जावेगें?

राजस्व मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) से (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

पोषण आहार वितरण बाबत्

15. ( क्र. 185 ) श्री कुंवर सौरभ सिंह : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या प्रश्‍नकर्ता सदस्‍य द्वारा जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला बाल विकास कटनी को कार्यालयीन पत्र क्रमांक 403 दिनाँक 14.03.2015 से जानकारी चाही गई थी जो प्रश्‍न दिनाँक तक उपलब्‍ध नहीं कराई गई? क्‍या सामान्‍य प्रशासन विभाग म.प्र.शासन के द्वारा विधानसभा सदस्‍य को निर्धारित समय सीमा में जानकारी देना अनिवार्य है? समय सीमा में जानकारी न देने के लिये दोषी अधिकारी कर्मचारी के विरूद्ध कार्यवाही की जाकर अवगत करायें तथा वांछित जानकारी उपलब्‍ध करायें? (ख) कटनी जिले के शहरी योजना के अंतर्गत 0 वर्ष से 3 वर्ष के कितने बच्‍चे आंगनवाडी केन्‍द्रों में दर्ज है केन्‍द्रवार पृथक-पृथक सूची 1 जुलाई 2013 से प्रश्‍न दिनाँक तक की दें तथा सूची में दर्शित आंगनवाडी केन्‍द्रों से बच्‍चों के लिये ताजा भोजन एवं नाश्‍ता के लिये उक्‍त अवधि में केन्‍द्रवार दिये गये पत्रक की प्रति उपलब्‍ध करायें? (ग) उक्‍त आंगनवाडी केन्‍द्रों में ताजा पका भोजन नाश्‍ता प्रदान करने के लिये कितने समूहों को अनुबंधित किया गया है? तथा समूहवार सदस्‍यों की सूची पृथक-पृथक दें तथा कब तक के लिये उक्‍त समूहों को अनुबंधित किया गया है? (घ) पोषण आहार वितरण में स्‍व-सहायता समूहों द्वारा की जा रही अनियमितताओं की शिकायतें कब-कब शासन प्रशासन को प्राप्‍त हुई है शिकायतवार कार्यवाहीवार विवरण दें?

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) जी नहीं। प्रश्नकर्ता माननीय सदस्य द्वारा जिला कार्यक्रम अधिकारी, कटनी को कार्यालयीन पत्र क्रमांक 403 दिनाँक 14.3.2015 से कोई जानकारी नहीं मांगी गई अपितु उनके पत्र क्र.709,दिनाँक 11.5.2015 द्वारा जानकारी चाही गई थी जो कि अत्यंत विस्तृत थी जिसे तैयार कर कार्यालय के पत्र क्र.1502/आईसीडीएस/पोआ/2015,दिनाँक 2.7.2015 द्वारा मान. विधायक महोदय के कार्यालय में उपलब्ध करा दी गई है। अतः किसी प्रकार की कार्यवाही का प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता है। (ख) कटनी जिले के शहरी योजना के अंतर्गत 0 वर्ष से 03 वर्ष तक के केन्द्रवार दर्ज बच्चों की पृथक-पृथक सूची 01 जुलाई 2013 से प्रश्न दिनाँक तक की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। ताजा भोजन एवं नाश्ता के लिए उक्त अवधि में केन्द्रवार दिये गये पत्रक की प्रति जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) उक्त आंगनवाडी केन्द्रों में ताजा पका भोजन, नाश्ता प्रदान करने के लिये 04 समूहों को अनुबंधित किया गया है? समूहवार सदस्यों की सूची पृथक-पृथक पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। उक्त 04 समूहों को 19 जुलाई 2015 तक के लिए अनुबंधित किया गया है। (घ) पोषण आहार वितरण में स्व सहायता समूहों द्वारा किसी भी अनियमितता की शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। अतः जानकारी निरंक है।

जाति प्रमाण पत्र की वैधता

16. ( क्र. 207 ) श्री संजय पाठक : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या नामदेव हेडाऊ, जानराव हेडाऊ दोनों पिता का जाति प्रमाण पत्र एक ही जावक क्रमांक 554 दिनाँक 25.03.1992 द्वारा तहसीलदार हुजूर जिला भोपाल से जारी किया गया है? तहसीलदार द्वारा जारी जाति प्रमाण पत्र की वैधता अवधि क्‍या है? (ख) यदि प्रश्‍नांश (क) हां, तो क्‍या दो व्‍यक्तियों के एक ही जावक से जाति प्रमाण पत्र जारी किये जा सकते हैं तथा यह भी बतलायें कि संबंधितों द्वारा जाति प्रमाण पत्र प्राप्‍त करने हेतु क्‍या-क्‍या अभिलेख प्रस्‍तुत किये? (ग) क्‍या उप पुलिस अधीक्षक अजाक्‍स भोपाल शहर ने अपने पत्र दिनाँक 23.01.2015 से यह अवगत कराया है कि स्‍थायी निवास प्रमाण पत्र जिला भोपाल का बना है? यह किस अधिकारी द्वारा जारी किया गया? (घ) क्‍या संबंधितों ने जिला छिन्‍दवाड़ा से दसवीं की परीक्षा पास की है? यदि हाँ, तो भोपाल से किस नियम के तहत स्‍थाई निवास प्रमाण पत्र दिया गया? (ड.) फर्जी एवं कूटरचित दस्‍तावेज के आधार पर जाति प्रमाण पत्र एवं स्‍थाई निवास प्रमाण पत्र जारी करने के लिये कौन-कौन अधिकारी दोषी है? उनके विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की जायेगी? क्‍या विभाग दोनों प्रकार के प्रमाण पत्र निरस्‍त करने की कार्यवाही करेगा? नहीं तो क्‍यों?

राजस्व मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) से (ड.) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

जाँच प्रक्रिया के संबंध में

17. ( क्र. 208 ) श्री संजय पाठक : क्या पशुपालन मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) तारांकित प्रश्‍न क्रमांक 924 दिनाँक 23.02.2015 में मुद्रित प्रश्‍न संशोधित (क) का उत्‍तर जी हाँ (ख) का उत्‍तर जी हाँ उपलब्‍ध कराई गई जानकारी का विवरण संलग्‍न परिशिष्ट पत्र में दिया गया है (ग) से (ड.) विषयान्‍तर्गत जाँच पूर्ण न होने से जानकारी दी जाना संभव नहीं है? (ख) यदि प्रश्‍नांश (क) का उत्‍तर जी हाँ तो (ख) में जाँच दल को भेजे गये समस्‍त अभिलेखों की छायाप्रति देवें? क्‍या (ग) से (ड.) के संबंध में विभाग द्वारा जाँच कराई गई? (ग) क्‍या यह सही है कि संबंधित शाखा प्रबंधक पावती/संतुष्टि प्रमाण पत्र संस्‍था से जारी नहीं कर प्रदाय संस्‍था के अभिलेखों के आधार पर बिना सामग्री के सत्‍यापन के कूट रचित ढंग से फर्जी देयक तैयार कर राशि नियम विरूद्ध प्राप्‍त की गई? (घ) यदि प्रश्‍नांश (ग) हां तो दोषी अधिकारियों के ऊपर अनुशासनात्‍मक कार्यवाही की जायेगी? नहीं तो क्‍यों बतायें? (ड.) वर्ष 2013-14 से 2014-15 में कृषि विभाग को क्‍या-क्‍या सामग्री चालान से प्रदाय की गई?

पशुपालन मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) :(क) जी हाँ। (ख) कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। (ग) जी नहीं। (घ) प्रश्नांश के उत्तर के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ड.) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ अनुसार है 

चल पशु चिकित्‍सालय के माध्‍यम से पशुओं का उपचार

18. ( क्र. 239 ) श्री मेंव राजकुमार : क्या पशुपालन मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) पशुओं के उपचार हेतु चल पशु चिकित्‍सालय कहां-कहां स्‍वीकृत है एवं उसमें किस-किस वर्ग के अधिकारी एवं कर्मचारी पदस्‍थ है एवं उपचार किये जाने के क्‍या नियम है? किस तरह की कार्ययोजना पर पशुओं का उपचार किया जाता है? (ख) खरगोन जिले में विधानसभा वार कहां-कहां चल पशु चिकित्‍सालय स्‍वीकृत होकर संचालित किये जा रहे है? कौन-कौन चिकित्‍सक एवं स्‍टॉफ पदस्‍थ है एवं कब से अथवा अन्‍य कोई व्‍यवस्‍था की गई है? (ग) खरगोन जिले में चल पशु चिकित्‍सालय वार चिकित्‍सों द्वारा कितने भ्रमण किये गये एवं किस-किस ग्राम में कितने पशुओं का उपचार किया गया एवं किस-किस पशुपालक के पशुओं के उपचार हेतु कितनी राशि की दवाईयों का वितरण किस-किस ग्राम किया गया? (घ) क्‍या महेश्‍वर विधानसभा क्षेत्र में चल पशु चिकित्‍सालय संचालित होकर पदस्‍थ चिकित्‍सक एवं स्‍टाफ द्वारा नियमित भ्रमण कर पशुओं का उपचार नहीं किया जा रहा है? यदि हाँ, तो इसके लिए कौन उत्‍तरदायी है उनके विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की गई?

पशुपालन मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। चल पशु चिकित्सालय में द्वितीय श्रेणी, तृतीय श्रेणी तथा चतुर्थ श्रेणी के अधिकारी/कर्मचारी पदस्थ है। कार्यालय उप संचालक में किसी भी माध्यम से यह जानकारी प्राप्त होने पर कि ग्राम में अचानक पशुओं की मृत्यु हो रही है, संक्रामक रोग का प्रकोप है, ओलावृष्टि‍ या अन्य प्राकृतिक आपदा अथवा दुर्घटना होने पर चल पशु चिकित्सालय द्वारा ग्राम में पहुंच कर रोगी पशुओं का उपचार, टीकाकरण तथा अन्य कार्य किए जाते है। इसी प्रकार की कार्य योजना पर कार्य किया जाता है। (ख) खरगोन जिले में विधानसभा क्षेत्र खरगोन में 01 चल पशु चिकित्सालय खरगोन संचालित है। शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) चल पशु चिकित्सालय खरगोन के पशु चिकित्सा दल द्वारा 2014-15 में कुल 167 भ्रमण किए गए, ग्रामवार किए गए पशुओं के उपचार की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट '''' अनुसार है, पशुपालक के पशुओं के उपचार हेतु दवाईयों के वितरण एवं राशि की ग्राम वार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट '''' अनुसार है। (घ) महेश्वर विधानसभा क्षेत्र में चल पशु चिकित्सालय नहीं अपितु चल विरूजालय संचालित होकर पदस्थ चिकित्सक एवं स्टाफ द्वारा नियमित भ्रमण कर पशुओं का उपचार किया जा रहा हैं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं।

कुटीर एवं ग्रामोद्योग के माध्‍यम से योजनाओं का क्रियान्‍वयन

19. ( क्र. 240 ) श्री मेंव राजकुमार : क्या पशुपालन मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) कुटीर एवं ग्रामोंद्योग के माध्‍यम से कौन-कौन सी योजनाएं संचालित की जा रही है? एवं उनके क्‍या नियम एवं मापदण्‍ड है? (ख) खरगोन जिले में विधानसभा क्षेत्रवार वर्ष 2013-14 से प्रश्‍न दिनाँक तक कौन-कौन सी योजना का संचालन किया जा रहा है? एवं किस-किस योजना में किसका-किसका चयन किया गया? (ग) प्रमुख (ख) के संदर्भ में विधानसभावार चयनित हितग्राहियों को किस योजना में कितनी राशि का कौन-कौन से ग्राम में लाभ दिया गया है? सूची उपलब्‍ध करावें? (घ) महेश्‍वर विधानसभा क्षेत्र में हस्‍थकरघा/बुनकरों के विकास हेतु कोई विशेष कार्ययोजना तैयार की गई? यदि हाँ, तो विवरण देवें एवं उसके तहत किस-किस को कितनी राशि से लाभान्वित किया गया है अथवा किया जावेगा?

पशुपालन मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट - अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट '''' प्रपत्र एक, दो, तीन, चार एवं पांच अनुसार है। (ग) भारत सरकार की स्‍फूर्ति योजना में 865 खादी बुनकरों/ कत्तिनों का क्‍लस्‍टर विकसित करने हेतु राशि रू. 311.62 लाख की कार्ययोजना खादी तथा ग्रामोद्योग आयोग को भेजी गयी है। स्‍वीकृति पश्‍चात् आगामी कार्यवाही की जावेगी।

राजस्‍व विभाग द्वारा नामांतरण सीमांकन में देरी

20. ( क्र. 267 ) श्री यशपालसिंह सिसौदिया : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मंदसौर-रतलाम-नीमच जिले में 01 जनवरी 2013 के पश्‍चात् कितने आवेदन नामांतरण, सीमांकन के राजस्‍व विभाग को प्राप्‍त हुए हैं? (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार कितने सीमांकन के आवेदन पर अधिकारी, कर्मचारियों द्वारा संबंधित व्‍यक्ति किसान को नियत तिथि दी गई? कितने कर्मचारियों ने नियत तिथि पर स्‍थल पर पहुंच कर सीमांकन कार्य पूर्ण किया माहवार, वर्षवार, तहसीलवार जानकारी देवें? (ग) नामांतरण, सीमांकन को लेकर कितने अधिकारी, कर्मचारी के खिलाफ किस-किस व्‍यक्ति ने कब-कब शिकायत दर्ज कराई उस पर उक्‍त अवधि में क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई, जिलेवार जानकारी देवें? (घ) वर्ष 2014-15 में राजस्‍व विभाग द्वारा प्राकृतिक आपदा, ओलावृष्टि, असामयिक वर्षा से फसल नष्‍ट होने को लेकर किस-किस ग्राम में कितना मुआवजा बांटा गया, उक्‍त जिलों की जानकारी देवें?

राजस्व मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

पशुओं के एन्‍टी बॉयोटिक इंजेक्‍शन में क्रिस्‍टल

21. ( क्र. 268 ) श्री यशपालसिंह सिसौदिया : क्या पशुपालन मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या यह सही है कि उज्‍जैन इंदौर संभाग में 1 जनवरी 2014 से प्रश्‍न दिनाँक तक पशुओं में संक्रमण खत्‍म करने के लिये लगाये जाने वाले एंटी बॉयोटिक इंजेक्‍शन में क्रिस्‍टल पाया जा रहा है? यदि हाँ, तो इस संबंध में कब-कब, किस-किस सक्षम अधिकारी द्वारा इसकी जाँच की गई, जानकारी देवें? (ख) क्‍या विभाग दोषी निर्माता कंपनी को ब्‍लैक लिस्‍टेड करने का विचार रखती है, यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्‍यों? जानकारी दें। (ग) क्‍या विभाग पशुओं की रक्षार्थ उन्‍हें लगाये जाने वाले इंजेक्‍शन एवं दवाईयों की सतत् निगरानी की पुख्‍ता व्‍यवस्‍था लागू करने का विचार रखता है। यदि हाँ, तो कब से? जानकारी दें। (घ) विभाग द्वारा 1 जनवरी 2011 से प्रश्‍न दिनाँक तक कब-कब, किस-किस नकली पशु दवाई कंपनी एवं विक्रेता के खिलाफ क्‍या-क्‍या कार्यवाही की? संपूर्ण जानकारी देवें?

पशुपालन मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) जी नहीं। प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) प्रश्नांश '''' के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) विभाग द्वारा 12 जून 2012 औषधि क्रय नीति जारी की गई। जिसके अंतर्गत कंडिका क्रमांक 8.6, 8.7, 8.8, 8.9, 8.10 एवं 8.11 के तहत प्रदाय की गई इन्जेक्शन एवं दवाईयों की सतत् निगरानी एवं गुणवत्ता सुनिश्चित करने हेतु आवश्यक प्रावधान किए गए है। (घ) प्रश्नांश अवधि में विभाग द्वारा मैसर्स क्वालिटी फार्माक्युटिकल्स अम़ृतसर को 3 वर्ष के लिए ब्लैक लिस्टेड किया गया है।

मृत प्राय: हेण्‍डपम्‍पों का भौतिक सत्‍यापन

22. ( क्र. 358 ) श्री निशंक कुमार जैन : क्या पशुपालन मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या ग्रामीण अंचलों में कई हैण्‍डपम्‍पों का वॉटर लेवल नीचे होने से या अन्‍त तकनीकी खराबी के कारण मृत प्राय: हो चुके है? (ख) प्रश्‍नांश (क) का उत्‍तर हां तो जिला विदिशा अन्‍तर्गत विभाग के अभिलेख/रिकार्ड में मृत (Dead) प्राय: हैण्‍डपम्‍पों की गिनती आंकी जा रही है? तहसीलवार जानकारी देवें? (ग) क्‍या प्रश्‍नांश (ख) में उल्‍लेखित मृत हैण्‍डपम्‍पों का संधारण करने से ग्रामों में जनसंख्‍या के मान से नवीन हैण्‍डपम्‍प स्‍वीकृत करना संभव नहीं हो पा रहा है? (घ) प्रश्‍नांश (ग) का उत्‍तर हां है तो प्रश्‍नकर्ता द्वारा दिनाँक 02.06.15 को लिखे गये पत्र के क्रम में विभाग द्वारा ग्रामों में मृत प्राय: हैण्‍डपम्‍पों का भौतिक सत्‍यापन कराकर इन्‍हें मृत घोषित करते हुये अभिलेख से विलोपित करते हुये नवीन हैण्‍डपम्‍प स्‍वीकृति पर विचार किया जावेगा? यदि हाँ, तो कब तक नहीं तो क्‍यों? (ड.) प्रश्‍नकर्ता के विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत किन-किन स्‍थानों पर वर्तमान वित्‍तीय वर्ष में हैण्‍डपम्‍प का खनन किया जाना प्रस्‍तावित है? ग्रामवार जानकारी देवें?

पशुपालन मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) जी हाँ।  (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ग) हैण्डपंप के संधारण योग्य न होने पर ही उन्हें मृत घोषित किया जाता है। जी नहीं। (घ) जी हाँ। जिन ग्रामों में निर्धारित मापदण्ड के अनुसार पेयजल प्रदाय नहीं हो पा रहा है उन ग्रामों में आवंटन की उपलब्धता के अनुसार पेयजल स्त्रोतों का निर्माण करवाया जायेगा। समय सीमा नहीं बताई जा सकती है। (ड) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है।

परिशिष्ट ''छ:''

शमशानघाट निर्माण हेतु जगह/स्‍थान चिन्हित किया जाना

23. ( क्र. 359 ) श्री निशंक कुमार जैन : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रश्‍नकर्ता ने कलेक्‍टर जिला विदिशा को पत्र लिखकर (पत्र क्रमांक 556 दिनाँक 26.07.2014, स्‍मरण पत्र 1026 दिनाँक 13.11.14, द्वितीय स्‍मरण पत्र क्र. 1417 दिनाँक 13.04.15) विधानसभा क्षेत्र गंजबसौदा की तहसील बासौदा, ग्‍यारसपुर एवं त्‍यौंदा के ग्रामों में शमशानघाट मय टीनशेड के निर्माण हेतु जगह/स्‍थान चिन्हित कराकर जानकारी उपलब्‍ध कराने का अनुरोध किया गया था या नहीं? (ख) प्रश्‍नांश (क) में उल्‍लेखित जानकारी प्रश्‍नकर्ता को उपलब्‍ध करा दी गई है या नहीं? यदि नहीं, तो इसके लिये कौन-कौन अधिकारी दोषी है? दोषी के विरूद्ध कार्यवाही करते हुये चाही गई जानकारी कब तक उपलब्‍ध कराई जावेगी? (ग) क्‍या ग्रामों में शमशानघाट मय टीनशेड के न होने से नागरिको/ग्रामवासियों द्वारा दाह संस्‍कार खुले मैदान में करना पड़ता है? यदि हाँ, तो किस-किस ग्रामों में शमशानघाट मय टीनशेड के उपलब्‍ध नहीं है तो शासन की निर्माण कराने की क्‍या योजना है?

राजस्व मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) जी हाँ। तहसीलदार ग्यारसपुर के पत्र क्र-1086-88 दिनाँक 4.7.2015 से प्रश्नकर्ता को जानकारी प्रेषित की गई है। (ग) जी हाँ। ग्रामवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट पर है। शमशानघाट/चबूतरा निर्माण के संबंध में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत विदिशा ने मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद बसौदा/ग्यारसपुर को पत्र क्रं-5697 दिनाँक 15.6.2015 लिखा जाकर जानकारी से प्रश्नकर्ता को अवगत कराया गया है।

सुमावली विधानसभा में वर्ष 2015 में ठेकेदारों को अवैध भुगतान

24. ( क्र. 401 ) श्री सत्‍यपाल सिंह सिकरवार : क्या पशुपालन मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) मुरैना जिले के जौरा, मुरैना विकास खण्‍डों में वर्ष 2014, 2015 में नलकूप खनन हेतु निविदाओं का प्रकाशन निविदाओं की स्‍वीकृति किन-किन दिनाँक को की गई जगदीश शर्मा, सत्‍यराम शर्मा को कितने हैण्‍डपंप खनन के आदेश किस अधिकारी द्वारा कार्य आदेश स्‍थल के नाम सहित जारी किये गये पूर्ण प्रक्रिया की जानकारी दी जावें। (ख) मार्च 2015 में जगदीश शर्मा, सत्‍यराम शर्मा को कितने नलकूप खनन की कितनी राशि का भुगतान किया गया? इनकी निविदायें कब प्रकाशित, स्‍वीकृत हुई, किस अधिकारी द्वारा स्‍वीकृत की गई? इन ठेकेदारों को कार्य आदेश कब जारी किये गये? अधिकारी के नाम दिनाँक सहित पूर्ण जानकारी दी जावें? (ग) क्‍या उक्‍त ठेकेदारों द्वारा निजी रूप से नलकूप खनन किया गया था, जिसका भुगतान शासकीय राशि से अधिकारियों की सांठ-गांठ कर प्राप्‍त किया है, जिन अधिकारियों द्वारा नीचे से सत्‍यापन किया है उक्‍त अधिकारी उस क्षेत्र में पदस्‍थ ही नहीं थे? क्‍या शासन उक्‍त अवैध कार्य की जाँच कर संबंधितों के विरूद्ध आपराधिक कार्यवाही करेगा? यदि हाँ, तो कब तक?

पशुपालन मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) मुरैना जिले के जौरा, मुरैना विकासखण्डों में वर्ष 2014 एवं 2015 में नलकूप खनन की निविदाओं का प्रकाशन एवं स्वीकृति का जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-क अनुसार। जगदीश शर्मा को हैण्डपंप खनन हेतु जारी कार्यादेश स्थल के नाम सहित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ख अनुसार है। सत्यराम शर्मा को हैण्डपंप खनन के कार्यादेश नहीं दिये गये हैं। (ख) मार्च 2015 में जगदीश शर्मा को नलकूप खनन की राशि के भुगतान की जानकारी एवं शेष प्रश्न की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ग अनुसार है। उत्तरांश-'''' के परिप्रेक्ष्य में सत्यराम शर्मा को भुगतान का प्रश्न उपस्थित ही नहीं होता है। (ग) जी नहीं। सत्यापन करने वाले अधिकारी संबंधित क्षेत्र में ही पदस्थ थे। शेष प्रश्न उपस्थित ही नहीं होता है। 

मुरैना जिले के विभिन्‍न थानों में जमा शस्‍त्रों की वापिसी

25. ( क्र. 402 ) श्री सत्‍यपाल सिंह सिकरवार : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मुरैना जिले के विभिन्‍न थानों में वर्ष 2014-15 के पंचायत चुनाव में कितने शस्‍त्र जमा कराये गये थे? थानावार जानकारी दी जावे। (ख) क्‍या चुनाव संपन्‍न हुए 6 माह से भी अधिक समय गुजरने के बाद भी शस्‍त्र धारकों को शस्‍त्र वापस नहीं दिये हैं, क्‍यों? उन्‍हें कब तक वापस किया जावेगा? (ग) क्‍या ग्रामीण क्षेत्रों के शस्‍त्र धारकों के शस्‍त्र वापस नहीं देने की स्थिति में ग्रामीण क्षेत्रों में अपराधों की संख्‍या में बढ़ोत्‍तरी हो रही है? (घ) शासन द्वारा लाइसेंस शस्‍त्र धारियों को शस्‍त्र वापस दिलाने हेतु आदेश कब तक किया जावेगा ताकि अपराधों को नियंत्रित किया जा सकेगा?

गृह मंत्री ( श्री बाबूलाल गौर ) : (क) पंचायत चुनाव 2014-15 में जिला मुरैना के थानों में जमा कराये गये शस्त्रों की थानावार जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी नहीं। शस्त्र लायसेंस धारकों को शस्त्र वापस किये जाने के संबंध में जिला दण्डाधिकारी, मुरैना द्वारा जारी किये गये आदेश दिनाँक 20.03.2015 के पालन में शस्त्र वापस किये गये हैं। केवल ऐसे शस्त्र लायसेंसधारी जिनके द्वारा उपरोक्त आदेश में निहित शर्तों का पालन नहीं किया गया है अथवा जो अपने शस्त्र वापस प्राप्त हेतु संबंधित थाने में उपस्थित नहीं हुए हैं, उन्हीं के शस्त्र थाने से वापस नहीं किये जा सके हैं। वे उपरोक्त आदेश में विनिर्दिष्ट शर्तों का पालन कर थाना पहुंचकर स्वयं का शस्त्र प्राप्त कर सकते हैं। (ग) डकैती, लूट, बलवा, गृहभेदन की घटनाओं में वर्ष 2015 में वर्ष 2014 के 1 जनवरी से 30 जून तक की अवधि की तुलना में आंशिक वृद्धि परिलक्षित हुई है। तथापि लायसेंसी शस्त्र जमा करने से इस अपराध वृद्धि का कोई संबंध नहीं है। (घ) प्रश्नांश के उत्तर में समाहित है।

परिशिष्ट - ''सात''

अपराधियों की गिरफ्तारी

26. ( क्र. 452 ) श्रीमती ऊषा चौधरी : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या सतना जिले के थाना नागौद अंतर्गत गिंजारा निवासी निर्मला अहिरवार पिता गोपाल अहिरवार उम्र 17 वर्ष (नाबालिक) के साथ दिनाँक 22/04/2015 को सामूहिक बलात्‍कार की घटना की रिपोर्ट 25/04/2015 को गोपाल अहिरवार पिता S/o सिपहिया द्वारा की गई थी? (ख) यदि हाँ, तो नामजद आरोपीगण क्रमश: दीपकबागरी पिता तुलसीराम लल्‍ला बागरी पिता श्‍यामलाल एवं विजय बागरी पिता मिठाईलाल निवासी सभी गिंजारा के विरूद्ध कौन-कौन सी धाराएं लगाई गई? (ग) क्‍या उक्‍त सभी आरोपी प्रश्‍न दिनाँक तक गिरफ्तार कर लिये गये हैं या नहीं विवरण सहित बताएं? (घ) क्‍या यह सही है कि अपराधियों को प्रश्‍न दिनाँक तक पुलिस द्वारा गिरफ्तार नहीं किया गया है, यदि नहीं, किया गया तो क्‍यों? क्‍या थाना प्रभारी के विरूद्ध कोई कार्यवाही की गई? कब तक अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया जायेगा, समय-सीमा बताएं?

गृह मंत्री ( श्री बाबूलाल गौर ) : (क) दिनाँक 25.04.2015 को फरियादी गोपाल अहिरवार पिता सिपहिया अहिरवार उम्र 42 वर्ष निवासी गिन्जारा, थाना नागौद, जिला सतना द्वारा नागौद में दिनाँक 22.04.2015 को अपनी पुत्री निर्मला अहिरवार, उम्र 17 साल के गुमने संबंधी आवेदन प्रस्तुत किया जिस पर गुम इंसान क्रमांक 17/15 कायम किया गया एवं जाँच पर से आरोपी दीपक बागरी पिता तुलसीराम बागरी निवासी गिन्जारा के विरूद्ध अपराध पाये जाने पर अपराध क्रमांक 169/15, धारा 363 भा.द.वि. पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। (ख) अनुसंधान दौरान अपहृता निर्मला अहिरवार को दस्तयाब कर अपहृता के धारा 164 द.प्र.सं. कथन के आधार पर आरोपीगण दीपक बागरी पिता तुलसीराम बागरी, झल्ला बागरी एवं विजय पिता मिठाई लाल बागरी के विरूद्ध धारा 363, 376 (2) जी, भा.द.वि. 7,8 लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम एवं नियम 2012 का अपराध पंजीबद्ध कर अनुसंधान किया जा रहा है। (ग) उपरोक्त आरोपीगण घटना दिनाँक से फरार हैं। अतः प्रश्न दिनाँक तक गिरफ्तारी संभव नहीं हो सकी है। गिरफ्तारी के हरसंभव प्रयास किये जा रहे हैं। (घ) अभी घटना के आरोपी गिरफ्तार नहीं हो पाये हैं। फरार अपराधियों की गिरफ्तारी के निरंतर प्रयास किये जा रहे हैं।

गुमशुदा ए.एस.आई. (रेडियो) जयलाल वर्मा के परिवार को पारिवारिक पेंशन की स्‍वीकृति

27. ( क्र. 453 ) श्रीमती ऊषा चौधरी : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या म.प्र. शासन गृह विभाग में पदस्‍थ मझगवां जिला सतना निवासी जयलाल वर्मा पिता दसुआ उम्र 58 वर्ष जो शहडोल जिले में सहायक उप निरीक्षक रेडियो के पद पर कार्यरत थे, जिनकी गुमशुदगी की सूचना उनके परिजनों द्वारा दिनाँक 17.6.14 को पुलिस लाईन रीवा में प्रथम सूचना दर्ज कराई गई थी? (ख) क्‍या इतना लम्‍बा अर्सा गुजर जाने के बाद विभाग द्वारा इनहें मृत मान लिया गया है? यदि हाँ, तो इनके परिवार के भरण पोषण हेतु कोई राशि उपलब्‍ध कराई गई या नहीं? यदि नहीं, तो क्‍यों? (ग) क्‍या इनकी पत्‍नी प्रेमाबाई द्वारा पारिवारिक पेंशन की मांग की गई है, यदि हाँ, तो विभाग द्वारा अभी तक पारिवारिक पेंशन स्‍वीकृत क्‍यों नहीं की गई, जबकि इनके परिजन डी.जी.पी. म.प्र. शासन, भोपाल को कई बार पत्राचार एवं मुख्‍यालय पहुंचकर अनुरोध किया गया लेकिन अंतिम निष्‍कर्ष क्‍यों नहीं लिया जा रहा है?

गृह मंत्री ( श्री बाबूलाल गौर ) : (क) जी हाँ। श्री जयलाल सतनामी (वर्मा) उप निरीक्षक (रेडियों) आपरेटर की गुमशुदगी की सूचना उनके परिवार जनों द्वारा थाना सिविल लाईन जिला रीवा में दिनांक 23/06/2014 को गुम इंसान क्रमांक 47/2014 पर दर्ज कराई गई है। (ख) जी नहीं। उप निरीक्षक (रेडियों) आपरेटर के पतासाजी हेतु जाँच कार्यवाही थाना सिविल लाईन जिला रीवा में की जा रही है। उक्‍त के परिप्रेक्ष्‍य में शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) जी हाँ। उप निरीक्षक (रेडियो) आपरेटर की गुमशुदगी दिनाँक 23/06/2014 से 01 वर्ष पूर्ण होने के उपरांत पत्‍नि श्रीमती प्रेमा बाई को नियमानुसार पेंशन एवं अन्‍य देय स्‍वत्‍वों के भुगतान की कार्यवाही पुलिस अधीक्षक (रेडियो) रीवा द्वारा की जा रही है। 

 

 

 

उज्‍जैन रोड पर अधूरी पड़ी जेल का निर्माण

28. ( क्र. 472 ) श्री राजेश सोनकर : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सांवेर विधानसभा क्षेत्र में स्थित उज्‍जैन रोड पर जेल निर्माण की स्‍वीकृति किस वर्ष में प्रदान की गई थी? क्‍यों उक्‍त जेल का निर्माण कार्य आज दिनाँक तक अधूरा पड़ा हुआ है? इसका क्‍या कारण है व इस पर कितना व्‍यय किया गया? (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में सांवेर रोड स्थित जेल का निर्माण कार्य कब तक पूर्ण हो पाएगा? (ग) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में जो वर्तमान में इंदौर में स्थित जेल है उसमें कैदियों की संख्‍या कितनी है? क्‍या जेल के बेरेको में क्षमता से अधिक कैदियों को डाला गया है? यदि हाँ, तो क्‍यों? (घ) प्रश्‍नांश (ग) के संदर्भ में इंदौर संभाग के जिलों में किस-किस जेल पर किस-किस अधिकारियों द्वारा निर्माण कार्य निरीक्षण कब-कब किया गया? क्‍या-क्‍या कमियां पाई गयीं? इनका क्‍या निराकरण किया गया व संबंधित अधिकारियों पर क्‍या कार्यवाही की गई है?

गृह मंत्री ( श्री बाबूलाल गौर ) : (क) उज्‍जैन रोड पर केन्‍द्रीय जेल निर्माण हेतु शहर के पुनर्घनत्‍वीकरण की योजना में अक्‍टूबर, 2002 में मध्‍यप्रदेश गृह निर्माण मण्‍डल एवं जिलाध्‍यक्ष, इन्‍दौर के मध्‍य अनुबंध किया गया था। जी हाँ निर्माण कार्य पूर्ण नहीं हुआ है। गृह निर्माण मण्‍डल की धीमी प्रगति को दृष्टिगत रखते हुए दिनाँक 21/07/2008 को राज्‍य मंत्रि-परिषद द्वारा नवीन जेल का शेष कार्य जननिजी भागीदारी से कराये जाने का निर्णय लिया गया, किन्‍तु जननिजी भागीदारी के अंतर्गत ट्रांजेक्‍शन एडवाईजर की रिपोर्ट के अनुसार निर्माण संभव नहीं हो सका। मध्‍यप्रदेश गृह निर्माण मण्‍डल द्वारा कराये गए निर्माण कार्यों के विरूद्ध स्‍थाई वित्‍त समिति द्वारा लिये गए निर्णय अनुसार राशि रूपये 8,83,27,062/- का भुगतान किया गया। (ख) जेल के शेष निर्माण कार्यों को पूरा कराने हेतु 14 वें वित्‍त आयोग में भारत शासन से राशि की मांग की गई, किन्‍तु हाल ही में भारत शासन से निर्देश प्राप्‍त हुए हैं कि राशि की पूर्ति राज्‍य के स्‍तर से की जावे। आलोच्‍य जेल के निर्माण हेतु पी.आई.यू., इन्‍दौर से प्राप्‍त प्राक्‍कलन पर कार्यवाही प्रचलन में है। वित्‍तीय संसाधनों की उपलब्‍धतानुरूप शीघ्र कार्यवाही की जा सकेगी। समय-सीमा निर्धारित करना संभव नहीं है। (ग) उत्‍तर-'' के परिप्रेक्ष्‍य में वर्तमान केन्‍द्रीय जेल इन्‍दौर में दिनाँक 11/07/2015 को 2324 कैदी परिरूद्ध हैं। जी हाँ, केन्‍द्रीय जेल इन्‍दौर में क्षमता से अधिक कैदी परिरूद्ध हैं। माननीय न्‍यायालयों के आदेशानुक्रम में कैदियों को केन्‍द्रीय जेल इन्‍दौर में रखा गया है। (घ) इन्‍दौर संभाग की जेलों के निर्माण कार्यों का विभिन्‍न अधिकारियों द्वारा किये गए निरीक्षण, पाई गई कमियों एवं संबंधितों के विरूद्ध की गई कार्यवाही का विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-अ अनुसार है।

ओला प्रभावित कृषकों को राहत राशि बंटन में अनियमितता

29. ( क्र. 487 ) श्री लाखन सिंह यादव : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) ग्‍वालियर जिले में रवी की फसल पर इसी वर्ष मार्च-अप्रैल 2015 में ओलावृष्टि/अतिवृष्टि हुई थी, ग्‍वालियर जिले में कुल कितनी राहत प्रभावित कृषकों को बांटी गई थी, राशि बतावें? इस राशि में से भितरवार, चीनौर एवं घाटीगांव में कितनी-कितनी राशि बांटी गई? अलग-अलग स्‍पष्‍ट करें? (ख) क्‍या ओला प्रभावित कृषकों को राहत राशि बांटने में राजस्‍व पुस्‍तक परिपत्र खण्‍ड 6 क्रमांक 4 के बिन्‍दु क्रं. 1 से 10 तक का पालन किया गया है? यदि हाँ, तो उक्‍त खण्‍ड 6 क्रमांक 4 के बिन्‍दु 1 से 10 तक क्‍या नियम हैं? साथ ही क्‍या बिन्‍दु क्रमांक 4,5 एवं 6 के अनुसार तहसील चीनौर एवं भितरवार में इन बिंदुओं का पालन करते हुये राहत राशि बांटी गई है, उन कृषकों की संख्‍या तथा कितनी राहत राशि बांटी गई है? स्‍पष्‍ट करें? (ग) माननीय मुख्‍यमंत्री महोदय द्वारा किस दिनाँक को चीनौर तहसील के ग्राम पचौरा में ओला प्रभावित कृषकों को राहत देने हेतु दौरा (भ्रमण) किया गया था तथा उक्‍त ग्राम को 100 प्रतिशत मान कर मंच से घोषणा की गई थी कि यहां तो 100 प्रतिशत नुकसान है यहां कोई सर्वे का औचित्‍य ही नहीं है? क्‍या उक्‍त ग्राम में 100 प्रतिशत मुआवजा दिया गया है? कृषकों के नाम, सर्वे क्रं., रकवा प्रदाय कराई गई राहत राशि स्‍पष्‍ट करें, तथा इस गांव के कितने कृषक राहत राशि मिलने से वंचित रहे?

राजस्व मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) ग्वालियर जिले में कुल 4829 लाख राहत राशि प्रभावित कृषकों को बांटी गई। उक्त राशि में से भितरवार में 1703 लाख, चीनौर में 554 लाख तथा घाटीगांव में 68 लाख राहत राशि वितरित की गई। (ख) जी हाँ। राजस्व पुस्तक परिपत्र 6 (4) की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। तहसील चीनोर/भितरवार में खण्ड 6 क्रमांक 4 के बिन्दु क्रमांक 4,5 एवं 6 के अनुसार पालन करते हुए तहसील चीनौर में कुल 4917 कृषकों को कुल 554 लाख एवं भितरवार में 11716 कृषकों को 1703 लाख राहत राशि वितरित की गई है। (ग) माननीय मुख्यमंत्री महोदय द्वारा दिनाँक 19/03/2015 को दौरा (भ्रमण) किया गया था। उक्त ग्राम में गठित संयुक्त दल द्वारा सर्वे उपरान्त पात्र पाए गए समस्त प्रभावित कृषकों को राजस्व पुस्तक परिपत्र खण्ड 6 क्रमांक 4 के प्रावधानों के अनुसार राहत राशि का वितरण किया गया है। विस्तृत विवरण सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। शेष प्रश्न उद्भूत नहीं होता।

व्‍यवस्‍था संबंधी चूक

30. ( क्र. 514 ) श्रीमती पारूल साहू केशरी : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या दिनाँक 17 फरवरी 2015 को सागर जिले के विधानसभा क्षेत्र सुरखी के अंतर्गत राहतगढ़ नगर में उपद्रवियों के द्वारा शिव बारात को रोककर पत्‍थरबाजी तथा बाजार की दुकानों को जलाया जाना, क्‍या पुलिस प्रशासन की व्‍यवस्‍था संबंधी चूक नहीं है? (ख) घटना के दौरान कौन-कौन से जिम्‍मेदार पुलिस अधिकारी राहतगढ़ जैसे संवेदनशील मुख्‍यालय पर अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित थे? (ग) प्रश्‍नांश कंडिका (क) एवं (ख) में वर्णित लापरवाही एवं घटना की जाँच प्रशासन के द्वारा किस सक्षम अधिकारी से करायी गयी है अथवा नहीं? यदि जाँच करायी गयी है, तो जाँच में क्‍या परिणाम प्राप्‍त हुये और परिणामों के आधार पर किस-किस अधिकारी के विरूद्ध क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गयी है?

गृह मंत्री ( श्री बाबूलाल गौर ) : (क) यह घटना तात्कालिक थी, पुलिस प्रशासन की व्यवस्था संबंधी चूक नहीं है। त्यौहार के अवसर पर पर्याप्त समुचित पुलिस व्यवस्था लगी थी। घटना के पश्चात तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों एवं पुलिस बल ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रण में किया। (ख) घटना के समय थाना प्रभारी, राहतगढ़ निरीक्षक संजय द्विवेदी, चिकित्सा अवकाश पर थे एवं अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) राहतगढ़ शैलेन्द्र सिंह बेस, अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित थे। (ग) (क) एवं (ख) में वर्णित लापरवाही बाबत् जाँच अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, सागर के द्वारा की गई है, परिणाम के आधार पर शैलेन्द्र सिंह बेस, अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) राहतगढ़ के विरूद्ध प्राथमिक जाँच पूर्ण कर लापरवाही बाबत आरोप पत्र दिया जाना प्रस्तावित किया गया है एवं तत्कालीन थाना प्रभारी राहतगढ़ निरीक्षक, संजय द्विवेदी के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही हेतु प्राथमिक जाँच कराई जा रही है।

करैरा जिला शिवपुरी में नामांतरण, बंटवारा एवं सीमांकन की समस्‍याएं

31. ( क्र. 551 ) श्रीमती शकुन्‍तला खटीक : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जनवरी 2014 से जून 2015 तक विधानसभा क्षेत्र 23 करैरा जिला शिवपुरी में नामान्‍तरण बंटवारा एवं सीमांकन आवेदनों के निराकरण को लेकर कितने आवेदन संबंधित अधिकारियों को प्राप्‍त हुये? (ख) क्‍या प्रश्‍नांश (क) में उल्‍लेखित आवेदनों को समय-सीमा में निराकृत कर दिया गया है? यदि नहीं, तो क्‍यों? कारण बताते हुये कितने प्रकरण शेष हैं व शेष होने के क्‍या कारण हैं, व उन्‍हें कब तक निराकृत कर दिया जावेगा?

राजस्व मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) विधानसभा क्षेत्र 23 करैरा जिला शिवपुर में नामांतरण के 1862, बंटवारा के 754 एवं सीमांकन के 1311 आवेदन पत्र प्राप्‍त हुए हैं। (ख) प्रश्‍नांश '' के उल्‍लेखित नामांतरण आवेदनों में 92 एवं बंटवारा में 100 तथा सीमांकन के 162 आवेदन पत्र निराकरण के लिए शेष हैं। बंटवारा एवं नामांतरण प्रकरणों में विवादित स्थिति होने से साक्ष्‍य अभिभाषकों की बहस आदि होना है, इस कारण लंबित हैं। सीमांकन प्रकरणों के निराकरण के लिए टीम गठित कर निराकरण कराया जा रहा है। सीमांकन के सभी प्रकरण आगामी 15 दिवस में निराकृत कर दिये जावेंगे।

अनियमित पट्टों पर कार्यवाही

32. ( क्र. 575 ) श्री दुर्गालाल विजय : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) श्‍योपुर विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत मेंवाड़ा के अंतर्गत मेंवाड़ा मालियों के टपरे, भसुन्‍दर के टपरे, कछार व कछार के टपरों की भूमि सर्वे क्रमांक 1433 मिन1, 1433मिन6, 1433मिन78 सहित लगभग 5 दर्जन सर्वे क्रमांकों की शासकीय बीहड़ भूमि के पट्टे वर्ष 2000-01 से वर्तमान तक की अवधि में किस अधिकारी/कर्मचारियों द्वारा कब-कब किस-किस व्‍यक्ति के नाम किये? नाम, पते बतायें? (ख) क्‍या उक्‍त सभी पट्टे नियमानुसार किये गये हैं? यदि नहीं, तो इसके लिये कौन उत्‍तरदायी हैं, के विरूद्ध शासन क्‍या कार्यवाही करेगा? (ग) इस संबंध में प्रश्‍नकर्ता के प्रश्‍न संख्‍या 23 (क्रमांक 1204) दिनाँक 02.03.2015 के प्रश्‍नांश (क) से (घ) में जानकारी एकत्रित की जा रही है, अवगत कराया गया है। यदि जानकारी एकत्रित कर ली गई हो, तो उपलब्‍ध करावें। (घ) इसी संबंध में प्रश्‍नकर्ता द्वारा माह अक्‍टूबर 2014 में कलेक्‍टर श्‍योपुर को भेजे गये पत्र पर क्‍या कार्यवाही की गई? यदि नहीं, तो क्‍यों, कब तक की जावेगी?

राजस्व मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जानकारी निम्नवत हैः- (1) वर्ष 2000-2001 के बाद सर्वे क्रमांक 1433 मि 1, मि 7, मि 8, एवं सर्वे क्रमांक-1323/1324/1 में कोई पट्टा जारी नहीं किया गया है। वर्ष 2000-2001 के बाद प्रकरण क्रमांक-128/2001 -02/अ-19, आदेश दिनाँक 25.9.2003 एवं प्रकरण क्र-1251/2002-03/बी-121, आदेश दिनाँक 30.9.2003 प्रकरण क्रमांक-12/2001-2002/अ-19 आदेश दिनाँक 21.3.2002 एवं प्रकरण क्रमांक 953/2001-02/बी-121 आदेश दिनाँक 28.1.2003 से जिन व्यक्तियों को पट्टे जारी किये गये हैं उनकी सूची संलग्न परिशिष्ट पर है। 2/-प्रकरण क्रमांक 128/2001-02/अ-19 को निगरानीकर्ता सोनेराम पुत्र गोपाल जाति माली निवासी ग्राम मेंवाडा तहसील श्योपुर के आवेदन पत्र क आधार पर अपर कलेक्टर श्योपुर के निगरानी प्रकरण में पारित आदेश क्रमांक-20/07-08 दिनाँक 5.7.2008, में निगरानी आंशिक रूप से स्वीकार की गई। निगरानीकर्ता सोनेराम को दिये गये पट्टे की जाँच हेतु न्यायालय नायब तहसीलदार मानपुर को प्रकरण प्रत्यावर्तित किया गया। निगरानी के आदेश के क्रम में नायब तहसीलदार मानपुर द्वारा जाँच की कार्यवाही प्रारंभ की गयी। जाँच के प्रचलित रहने के दौरान अवर सचिव राजस्व मंडल ग्वालियर द्वारा न्यायालयीन प्रकरण क्रमांक-आर-1801/9/2014 दिनाँक- 9.3.2014 से कलेक्टर न्यायालय का प्रकरण क्रमांक-228/11-12/बी-121 आहूत किया गया था जिसे न्यायालय नायब तहसीलदार मानपुर की रिकार्ड पास बुक क्रमांक- 102 दिनाँक 19.8.2014 से माननीय राजस्व मंडल को भेजा गया है। अतः कलेक्टर न्यायालय द्वारा आगामी कार्यवाही नहीं की जा सकी है। संलग्न परिशिष्ट में उल्लेखित व्यक्तियों के नाम पट्टे जारी करने की अवधि में तत्कालीन पटवारी श्री विनोद यादव व तत्कालीन नायब तहसीलदार श्री अजय शर्मा पदस्थ थे (ख) उपरोक्त संलग्न परिशिष्ट की सूची की जाँच राजस्व मंडल ग्वालियर में प्रकरण क्रमांक-आर-1801/9/2014 से प्रचलित है। शेष पट्टेधारियों की जाँच नायब तहसीलदार वृत मानपुर के प्रकरण क्रमांक 6/14-15बी-121 में प्रचलित होकर नोटिस जारी कर जवाब हेतु प्रकरण नियत है। (ग) जी नहीं, जाँच माननीय राजस्व मंडल ग्वालियर एवं नायब तहसीलदार मानपुर के न्यायालय में प्रक्रियाधीन होने से जानकारी अप्राप्त है। (घ) जी हाँ, प्रश्नाधीन पत्र के संबंध में नायब तहसीलदार वृत-1 मानपुर के न्यायालय में पट्टों की जाँच बावत प्रकरण क्रमांक-6/14-15/बी-12, संस्थित किया जाकर पट्टा धारियों को सूचना पत्र जारी किये गये हैं। जिन पट्टाधारियों ने सूचना पत्र प्राप्त कर लिया है उन्होंने पक्ष समर्थन हेतु अधिवक्ता का वकालतनामा प्रस्तुत किया है। शेष पट्टाधारियों को पुनः नोटिस जारी किया गया है।

परिशिष्ट - ''आठ''

सांवेर विधान सभा क्षेत्र में नर्मदा क्षिप्रा लिंक परियोजना से पेयजल आपूर्ति

33. ( क्र. 629 ) श्री राजेश सोनकर : क्या पशुपालन मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) सांवेर विधानसभा जो कि वर्षों से भू-जल पर ही आश्रित है, क्‍या भू-जल स्‍तर लगातार गिरने से सांवेर विधानसभा को सूखा ग्रस्‍त घोषित किया जाकर बोरिंग, खनन पर बेन लगाया गया है? यदि हाँ, तो सांवेर विधानसभा क्षेत्र में पेयजल व्‍यवस्‍था हेतु शासन/प्रशासन द्वारा कोई पेयजल हेतु योजना प्रस्‍तावित है? (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में शासन योजना अंतर्गत सांवेर विधानसभा में आम नागरिकों को पेयजल, सुविधा हेतु नर्मदा क्षिप्रा लिंक परियोजना जो कि सांवेर विधानसभा से ही होकर जा रही है, से पेयजल मुहैया कराये जाने कि योजना भविष्‍य में प्रस्‍तावित है? यदि हाँ, तो कब तक? (ग) प्रश्‍नांश (ख) के संदर्भ में उक्‍त योजना को कब तक स्‍वीकृति प्रदान की जायेगी व कब तक योजना पर अमल किया जा सकेगा?

पशुपालन मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) जी हाँ। मध्यप्रदेश जल निगम मर्यादित, परियोजना क्रियान्वयन ईकाई, इन्दौर द्वारा नर्मदा क्षिप्रा लिंक परियोजना पर आधारित इन्दौर, देवास, उज्जैन जिले के 331 ग्रामों की समूह जल प्रदाय योजना प्रस्तावित की है जिसमें सांवेर विधानसभा क्षेत्र के 151 ग्रामों को सम्मिलित किया गया है। (ख) जी हाँ। वर्तमान में नर्मदा क्षिप्रा लिंक सिंहस्थ परियोजना पर आधारित इंदौर, देवास, उज्जैन जिले के 331 ग्रामों की समूह जलप्रदाय योजना प्रस्तावित है जिसमें सांवेर विधानसभा क्षेत्र के 151 ग्राम सम्मिलित हैं। योजना की शासन द्वारा सैद्धान्तिक स्वीकृति दी जा चुकी है। (ग) योजना निजी जन-भागीदारी आधारित पद्धति पर प्रस्तावित है एवं योजना स्वीकृति की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। निश्चित समयावधि बताई जाना संभव नहीं है। 

सावेर विधान सभा क्षेत्र के अन्‍तर्गत नल-जल योजना विषयक

34. ( क्र. 630 ) श्री राजेश सोनकर : क्या पशुपालन मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) वर्ष 2012-13 से प्रश्‍न दिनाँक तक सांवेर विधान सभा क्षेत्र में नल जल योजना अन्‍तर्गत कितने नलकूप/हेण्‍डपम्‍प खनन कराये जाने की स्‍वीकृति किन-किन गांवो को दी गई एवं कहाँ-कहाँ कार्य पूर्ण कराये गये? (ख) उक्‍त हेण्‍डपम्‍पों/नलकूपों में से कितने चालू है व कितनों से जल वितरण लाईन बिछाई गई है? सांवेर विधान सभा क्षेत्र में ऐसे कितने ग्राम है जहाँ पर जल का संकट अधिक है व भूजल स्‍तर भी कम है उन स्‍थानों पर क्‍या व्‍यवस्‍था विभाग द्वारा की जा रही है? (ग) वर्तमान में सांवेर विधान सभा क्षेत्र में कम वर्षा के कारण जल संकट होने से गांवों में जल संकट दूर करने की क्‍या योजना है? कितने हेण्‍डपम्‍प/नलकूप खनन कराये जाने की योजना प्रस्‍तावित है? उन्‍हें कब पूर्ण किया जावेगा?

पशुपालन मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) प्रश्नांकित अवधि में सांवेर विधान सभा क्षेत्र में नलजल योजनांतर्गत कुल 42 नलकूप खनन एवं हैण्डपंप योजनांतर्गत 355 नलकूप खनन कार्य की स्वीकृति दी जाकर कार्य पूर्ण कराये। ग्रामवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-एक एवं परिशिष्ट-दो के अनुसार है (ख) विधानसभा क्षेत्र में खनित 366 सफल नलकूपों में से 19 नलकूपों पर मोटर पम्प स्थापित कर जल वितरण पाईप लाइन बिछाकर किया गया है तथा शेष 347 नलकूपों पर हैण्डपंप स्थापित कर पेयजल उपलब्ध करवाया गया है। उपरोक्त के अतिरिक्त 32 बसाहटों के 32 नलकूपों पर जहाँ पर जल स्तर में कमी आई थी, सिंगलफेस मोटर पम्प स्थापित कर पेयजल उपलब्ध कराया गया है। कम जल आवक क्षमता वाले 75 नलकूपों में हाइड्रोफेक्चरिंग करवाया जाना भी प्रस्तावित है। (ग) संपूर्ण इंदौर जिले हेतु अनुमानित लागत रूपये 596.55 लाख के सूखा राहत प्रस्ताव बनाये गये थे जिसमें सांवेर विधानसभा क्षेत्र के लिये प्रस्तावित सूखा राहत कार्यों, लागत रूपये 149.14 लाख में 25 नवीन नलकूप खनन कार्य करवाया जाना भी प्रस्तावित था, परन्‍तु सूखा राहत मद में वर्ष 2014-15 एवं वर्ष 2015-16 में आवंटन उपलब्ध नहीं होने से प्रस्तावित कार्यों के क्रियान्वयन नहीं हो सका है।

गुना जिले में महिला बाल विकास विभाग की संचालित योजनाओं में अनियमितता

35. ( क्र. 657 ) श्री महेन्‍द्र सिंह सिसौदिया : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) गुना‍ जिले में ब्‍लॉकवार कितनी आंगनवाडि़याँ स्‍वीकृत हैं, कितने पद स्‍वीकृत हैं, कितने पद रिक्‍त हैं, कितने ऐसे पदाधिकारी हैं जिनको पद से जाँच के बाद हटा दिया किन्‍तु उनके स्‍थान पर वहां नवीन पदस्‍थापना नहीं की कब तक पूर्ण करेगें बतायें? (ख) गुना‍ जिले में आंगनवाड़ी केन्‍द्र में खाद्यान एवं अन्‍य सामग्री तथा बच्‍चों को दी जाने वाली दवा, भोजन का ब्‍लॉकवार कौन और किस नीति से वितरण करते है उसमें कौन सी अनियमितता हुई? विगत 2 वर्ष की जानकारी दी जाये। (ग) गुना एवं बमोरी ब्‍लॉक में विभाग की कौन-कौन सी योजनाऐं संचालित है उनका लक्ष्‍य और बजट अनुसार गत दो वर्षों में कितना खर्च किया क्‍या उनका अंकेक्षण कराया सत्‍यापन कराया विवरण दें? (घ) बमोरी विधानसभा क्षेत्र के अन्‍तर्गत कितने आंगनवाड़ी केन्‍द्र संचालित है नवीन केन्‍द्र खोलने की क्‍या कार्य योजना है? कितने प्रस्‍तावित है रिक्‍त पद कब तक भरे जायेगे?

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) गुना जिले में 1125 आंगनवाड़ी केन्द्र स्वीकृत है । ब्लॉकवार स्वीकृत आंगनवाड़ी केन्द्र एवं रिक्त पदों की जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट एक पर है।  गुना जिला अन्तर्गत तीन आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को जांच उपरान्त पृथक किया गया था । जिसमें से दो आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के पद पर पूर्ति की जा चुकी है । शेष एक पद पर पद पूर्ति हेतु विज्ञप्ति जारी कर दी गई वर्तमान में रिक्त पद पर नियुक्ति की कार्यवाही प्रचलन में है । समय सीमा दिया जाना संभव नही है। (ख) गुना जिले में संचालित समस्त परियोजनाओं के आंगनवाड़ी केन्द्रों में खाद्यान 6 माह से 3 वर्ष के बच्चों तथा गर्भवती एवं धात्री माताओं को  (टेक होम रॉशन) एम.पी.एग्रो के माध्यम से उपलब्ध कराया जाता है।  3 वर्ष से 6 वर्ष के बच्चों को सांझा चूल्हा अन्तर्गत ताजा गरम भोजन का प्रदाय किया जाता है । आंगनवाड़ी केन्द्रों में प्री-स्कूल किट, मेडिसिन किट वज़न मशीन, बर्तन आदि का प्रदाय म.प्र. लघु उद्योग के माध्यम से क्रय कर प्रदाय किया जाता है। आंगनवाड़ी केन्द्रों पर स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान स्वास्थ्य विभाग के अमले के माध्यम से दवाओं का वितरण किया जाता है। अनियमितता संबंधी जानकारी निरंक है। (ग) गुना एवं बमोरी ब्लॉक में विभाग की संचालित योजनाओं, लक्ष्य, बजट तथा गत दो वर्षो में किये गये व्यय की जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट दो पर है।  महालेखाकार ग्वालियर के अंकेक्षण दल द्वारा वित्तीय वर्ष 2013-14 तक योजनाओं में व्यय का अंकेक्षण किया जा चुका है । (घ) बमोरी विधानसभा क्षेत्र अन्तर्गत 329 आंगनवाड़ी केन्द्र तथा 66 मिनी आंगनवाड़ी केन्द्र  संचालित है। बमोरी विधानसभा क्षेत्र अन्तर्गत कुल 56 आंगनवाड़ी केन्द्र तथा 99 मिनी आंगनवाड़ी केन्द्र खोलने के प्रस्ताव भारत सरकार को स्वीकृति हेतु प्रेषित किये गये है। नये आंगनवाड़ी केन्द्र संचालन की स्वीकृति भारत सरकार से प्राप्त होती है। वर्तमान में रिक्त पदों पर नियुक्ति की कार्यवाही प्रचलन में है । रिक्त पदों पर पदपूर्ति हेतु समय सीमा दिया जाना संभव नही है।

परिशिष्ट ''नौ''

चरनोई भूमि का आवासीय भूमि बनाया जाना

36. ( क्र. 686 ) श्रीमती ललिता यादव : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) छतरपुर हल्‍का के खसरा नं. 3350, 3355, 3356, 3358, 3359, 3363, 3364 3367 वर्ष 1955-56 बंदोबस्‍त में किसके नाम दर्ज थी? खसरा नं. का रकवा सहित बतायें। (ख) प्रश्‍नांश (क) के प्रकाश में 1955-56 के बाद उक्‍त खसरा नं. किस-किस के नाम किसके आदेश से बदले गये? आदेश की प्रति, खसरा नं. सहित पृथक-पृ‍थक बतायें। (ग) प्रश्‍नांश (क) के प्रकाश में अगर उक्‍त खसरा नं. चरनोई के हैं तो क्‍या यह किसी के नाम किये जा सकते है? अगर हां तो किस प्रकार बतायें? अगर नहीं तो नाम परिवर्तित करने वाले अधिकारियों व भू-स्‍वामी के नाम कोई कार्यवाही की जायेगी? अगर हां तो क्‍या? (घ) प्रश्‍नांश (क) के प्रकाश में प्रश्‍न दिनाँक को क्‍या यहां कॉलोनी बनाई जा रही है? अगर हां तो किस नाम से और भू-स्‍वामी कौन-कौन हैं और उनके खिलाफ क्‍या कोई कार्यवाही लंबित है? अगर हां तो क्‍या बतायें? अगर नहीं तो क्‍या यह मामला धोखाधड़ी का नहीं है? अगर है, तो अब तक कार्यवाही क्‍यों नहीं की गई?

राजस्व मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

अतिक्रमणकारियों के खिलाफ कार्यवाही

37. ( क्र. 687 ) श्रीमती ललिता यादव : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) छतरपुर शहर सहित छतरपुर विधानसभा क्षेत्र में शासकीय जमीन पर कितने अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ 1 अप्रैल 2013 से प्रश्‍न दिनाँक तक सिविल जेल की कार्यवाही की गई? (ख) प्रश्‍नांश (क) के प्रकाश में तहसीलदार व अनुविभागीय अधिकारी के यहां कितने अतिक्रमणकारियों के खिलाफ सिविल जेल की कार्यवाही लंबित है? (ग) प्रश्‍नांश (क) के प्रकाश में कितने अति‍क्रमणकारियों के द्वारा किये गये अतिक्रमण प्रशासन द्वारा हटाये गये हैं?

राजस्व मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) प्रश्नाधीन अवधि में कुल 29 प्रकरण दर्ज किए गए जिनमें से दो व्यक्तियों को सिविल जेल भेजा गया। (ख) उपरोक्त 29 प्रकरणों में से 04 प्रकरणों का निराकरण किया जा चुका है। 25 प्रकरण प्रक्रियाधीन हैं। (ग) कुल 04 अतिक्रमणकारियों द्वारा स्वतः अतिक्रमण हटा लिये गये हैं।

जुआ/सट्टा संचालकों एवं ब्‍याज पर पैसा बाटने वालों के विरूद्ध कार्यवाही

38. ( क्र. 711 ) श्री दिनेश राय (मुनमुन) : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सिवनी जिला सिवनी के विभिन्‍न थाना क्षेत्रों में असामाजिक तत्‍वों द्वारा जुओं/सट्टा कराने एवं ब्‍याज पर पैसा बाटने वालों की शिकायतें प्राप्‍त हुई है? यदि हाँ, तो पुलिस द्वारा समय पर जुआ/सट्टाधरों/स्‍थानों में दबिश डालकर जुआरियों/सटोरियों व उनके संचालकों एवं ब्‍याज पर पैसा बांटने वालों के विरूद्ध वैधानिक कार्यवाही की गई है? (ख) यदि हाँ, तो वर्ष 2014 में प्रश्‍न दिनाँक की स्थिति में सिवनी जिले के किन-किन थाना क्षेत्रों में कब-कब, कहां-कहां, किन-किन जुआ/सट्टा संचालकों के द्वारा जुआ/सट्टा कराया जा रहा था? उनके नाम, पता सहित जानकारी देवें? (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में कितने जुआरी/सटोरियों के विरूद्ध जिला बदर एवं धारा 110 की कार्यवाही की गई, थानेवार नाम व पता बतावें? (घ) सिवनी जिले में गत दो वर्षों में ब्‍याज पर पैसे बांटने वालों के विरूद्ध किन-किन थानों में कितने-कितने आवेदन प्राप्‍त हुए? ब्‍याज पर पैसा बांटने वालों के विरूद्ध प्राप्‍त शिकायतों में से किस-किस थानों में किस धारा में अपराध पंजीबद्ध किय गया? किस-किस पर किन कारणों से अपराध पंजीबद्ध नहीं किया गया? कारण बतावें।

गृह मंत्री ( श्री बाबूलाल गौर ) : (क) जी हाँ, सिवनी जिले में असामाजिक तत्वों द्वारा जुआ, सट्टा खेलने एवं ब्याज पर पैसा बांटने वालों की शिकायत प्राप्त होने पर पुलिस द्वारा वैधानिक कार्यवाही की गई है। (ख) जुआरियों तथा सट्टा संचालकों के विरूद्ध की गई वैधानिक कार्यवाही पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (घ) सिवनी जिले में गत दो वर्षों में ब्याज पर पैसे बांटने वालों के विरूद्ध मात्र एक शिकायत आवेदन थाना कोतवाली में प्राप्त हुई है। उपरोक्त शिकायत पर थाना कोतवाली में अप.क्र. 36/15, धारा 384 ता.हि. एवं 4 म.प्र. ऋणियों का संरक्षण अधिनियम 1937 पंजीबद्ध किया गया है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है

विधान सभा क्षेत्र सिंगरौली में पटवारियों की पदस्‍थापना

39. ( क्र. 735 ) श्री राम लल्लू वैश्य : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या विधान सभा क्षेत्र सिंगरौली के अंतर्गत पटवारियों की कमी है तथा एक पटवारी के पास एक से अधिक गांवों के प्रभार होने के कारण लोगों का कार्य समय पर नहीं हो पाया रहा है? (ख) प्रश्‍नांश (क) के संबंध में कितने पटवारियों के पद रिक्‍त है, इनकी पूर्ति कब तक में की जावेगी?

राजस्व मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) नहीं (ख) सिंगरौली विधान सभा क्षेत्रार्न्तगत पटवारी पद रिक्त नहीं है।

ओला प्रभावित किसानों को राहत राशि के भुगतान में लापरवाही

40. ( क्र. 751 ) श्रीमती इमरती देवी : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) ग्‍वालियर जिले में वर्ष 2015 में हुई ओलावृष्टि से रबी की फसलें नष्‍ट होने से मध्‍यप्रदेश शासन से कृषकों को राहत हेतु कुल कितनी राशि प्राप्त हुई। डबरा, भितरवार विकासखण्‍ड में कितनी राशि आवंटित की गई? विकासखण्‍ड डबरा एवं भितरवार में ओला प्रभावित कुल कितने कृषकों का चयन किया गया? जिनमें से 30 जून 2015 तक कितने कृ‍षकों को कुल कितनी राशि वितरित की गई? शेष कितने कृषकों को कितनी रा‍हत राशि वितरित नहीं की जा सकी हैं? यह कब तक कृषकों को वि‍तरित की जावेगी? (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार क्‍या विकासखण्‍ड डबरा एवं भितरवार में ओला प्रभावित किसानों को राहत पहुंचाने में लापरवाही बरतने की शिकायत में दोषी पाये गये किस-किस पटवारी के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की गई?

राजस्व मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) शासन से कृषकों को कुल रू.4829 लाख राहत राशि प्राप्त हुई। डबरा, भितरवार विकासखण्ड को रू.4526 लाख राहत राशि आवंटित की गई। विकासखण्ड डबरा एवं भितरवार में कुल 42072 कृषक सर्वे उपरान्त पात्र पाए गए जिसमें से 30 जून, 2015 तक 37085 कृषकों को रू.4356 लाख राहत राशि का वितरण किया गया है तथा शेष 2980 कृषकों को रू.278 लाख राहत राशि का वितरण कृषकों के बैंक खाते प्राप्त कर किया जा रहा है। (ख) प्रभावित कृषकों को राहत राशि वितरण में लापरवाही बरतने के कारण विकासखण्ड भितरवार के पटवारी श्री शैतान सिंह बदरेठिया, श्री डालचन्द्र आर्य तथा मनोज श्रीवास्तव तथा विकासखण्ड डबरा के पटवारी श्री मनोज कोली, श्री विजेन्द्र वर्मा व श्री दीवान सिंह राजपूत को निलम्बित किया गया।

मुआवजे के रूप में राशि का विवरण

41. ( क्र. 777 ) श्री प्रदीप अग्रवाल : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र सेंवढ़ा के कुल कितने ग्रामों में ओलावृष्टि एवं अतिवृष्टि के कारण फसलों को नुकसान हुआ हैं, एवं उनमें से कितने ग्रामों में कितनी-कितनी राशि मुआवजे के रूप में वितरित की गई? (ख) ओलावृष्टि के बाद सर्वे दल द्वारा जो प्रथम सर्वे किया उसमें सर्वे दल द्वारा ग्रामों का कितने प्रतिशत (नुकसान) सर्वे का पंचनामा बनाया गया? (ग) क्‍या प्रथम सर्वे में जो ग्राम 70 से 80 प्रतिशत नुकसान की श्रेणी में थे बाद में उन ग्रामों को नुकसान की श्रेणी में ही नहीं लिया गया, जैसे भड़ौल, सिकरी, दोहर, सिलोरी, रूरा आदि? (घ) क्‍या तहसीलदार की अनुपस्थिति में उस समय ओलावृष्टि का कार्य देख रहे अधिकारी श्री अनूप सिंह द्वारा यह निर्देश दिये गये कि किस ग्राम के 0-25 एवं किस ग्राम को 25-50% में रखा जाये यदि हाँ, तो क्‍यों? जबकि सर्वे दल द्वारा उन्‍ही ग्रामों की सर्वे रिपोर्ट अलग दी गई है, यदि नहीं, तो उच्‍च स्तरीय टीम भेज कर इसकी सत्‍यता की जाँच कराने एवं उसमें मुझे (प्रश्‍नकर्ता) को सम्मिलित किये जाने के निर्देश दिए जायेंगे?

राजस्व मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) 57 ग्रामों में ओलावृष्टि एवं अतिवृष्टि के कारण फसलों को नुकसान हुआ है। उनमें से 49 ग्रामों में कुल रूपये 12,20,56,010/- (रू. बारह करोड़ बीस लाख छप्‍पन हजार दस ) सहायता राशि वितरित की गई है। शेष विस्तृत जानकारी संलग्न परिशिष्ट पर संलग्न है। (ख) तहसील सेंवढ़ा के 8 ग्रामों में 15 प्रतिशत तक नुकसान होने का पंचनामा बनाया एवं तहसील इंदरगढ़ में ग्रामीणों द्वारा बताये अनुसार 70-80 प्रतिशत नुकसान का पंचनामा बनाया गया था। (ग) प्रथम सर्वे आलोवृष्टि के तत्काल बाद किया गया था, जब ग्राम भडौल, सिकरी, दोहर, सिलोरी, रूरा का विस्तृत सर्वे राजस्व, कृषि एवं पंचायत विभाग के संयुक्त दल द्वारा किया गया तो नुकसानी 25 प्रतिशत से कम प्रदर्शित हुई। (घ) जी नहीं। शेष प्रश्न उद्भूत नहीं होता।

परिशिष्ट - ''दस''

दतिया जिले में शस्‍त्र लायसेंसधारियों की संख्‍या

42. ( क्र. 778 ) श्री प्रदीप अग्रवाल : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दतिया जिले में ऐसे कितने शस्‍त्र थानों में जमा हैं, जिनमें लायसेंसधारी की मृत्‍यु हो चुकी है? विकासखण्‍डवार जानकारी उपलब्‍ध कराई जावें? (ख) क्‍या कारण रहा कि इतने समय व्‍यतीत होने के बाद भी उनके वारिसों द्वारा आवेदन किये जाने के बाद भी शस्‍त्र लायसेंस उनके नाम नहीं बनाये गये, जबकि उन पर कोई अपराधिक प्रकरण भी दर्ज नहीं है? (ग) क्‍या शासन से इस प्रकार के लायसेंस (फौती लायसेन्‍स) बनाये जाने पर कोई रोक लगी है या फिर स्‍थानीय स्‍तर पर ही रोक लगाई गई है, यदि शासन से रोक लगाई गई है तो आदेश की प्रति उपलब्‍ध कराई जावें? (घ) क्‍या शासन द्वारा इस संबंध में कोई पृथक से दिशा निर्देश जारी किये जायेंगे, ताकि जिनके शस्‍त्र वर्षों से थानों में जमा है उन्‍हें लायसेंस सुलभ हो सकें?

गृह मंत्री ( श्री बाबूलाल गौर ) : (क) दतिया जिले में ऐसे 937 शस्त्र लायसेंसधारी हैं, जिनकी मृत्यु होने से शस्त्र थाने में जमा हैं। विकास खण्डवार जमा शस्त्रों की संख्या की जानकारी निम्नानुसार हैः- (1) दतिया 267, (2) सेवढ़ा 432, (3) भाण्डेर 238 (ख) शस्त्र लायसेंस पर अचल संपत्ति के समान वारिसान अधिकार प्राप्त नहीं होते हैं। अतः वारिसों को लायसेंस का निर्णय प्रकरणवार गुण दोष के आधार पर किया जाता है। (ग) जी नहीं। (घ) गृह विभाग द्वारा इस संबंध में विभागीय पत्र क्रमांक एफ 16-282/2014/ बी-1/दो, दिनाँक 06.09.2014 को परिपत्र जारी किया गया है। पत्र की प्रति संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है

परिशिष्ट - ''ग्‍यारह''

प्रदेश में हुई आत्‍महत्‍याओं की जानकारी

43. ( क्र. 785 ) श्री रामनिवास रावत : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता के ता.प्रश्‍न संख्‍या 12 (क्र. 735) दि. 23.02.15 के उत्‍तर में पुस्‍तकालय परिशिष्‍ट में दिनाँक 11.11.14 से 31.01.15 तक प्रदेश में कुल 1506 आत्‍महत्‍यायें जिसमें से 268 कृषक तथा कृषि मजदूर की जानकारी दी गई थी? (ख) यदि हाँ, तो प्रदेश में दिनाँक 01 फरवरी 2015 से प्रश्‍न दिनाँक तक प्रदेश के किस-किस जिले में कितनी-कितनी आत्‍महत्‍यायें, आत्‍महत्‍या के प्रयास एवं पुलिस निरोध में मृत्‍यु की घटनाऐं घटित हुई, जिलेवार योग सहित बतावें? (ग) प्रश्‍नांश (क) की घटनाओं के क्‍या-क्‍या कारण रहे? आ‍त्‍महत्‍या के मामले में आत्‍महत्‍या करने वालों का व्‍यवसाय क्‍या था? (घ) प्रश्‍नांश (ख) अनुसार आत्‍महत्‍या करने वाले लोगों में से कितने कृषक व कृषि मजदूर थे? कृपया नाम व पते सहित बतावें? प्रदेश में बढ़ रही आत्‍महत्‍याओं (विशेषकर कृषक वर्ग में) को रोकने के लिए क्‍या प्रयास किए जा रहे हैं? (ड.) कृषकों की सहायता हेतु संचालित कृषक जीवन कल्‍याण योजना के तहत वर्ष 2014-15 में जिलेवार कितने-कितने कृषकों की कितनी-कितनी राशि प्रदाय की गई? श्‍योपुर जिले में उक्‍त योजना के तहत प्रदाय की गई राशि की संख्‍यात्‍मक जानकारी दें?

गृह मंत्री ( श्री बाबूलाल गौर ) : (क) से (ड.) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

क्राइम ब्रान्‍च इंदौर में दर्ज प्रकरण क्रं. 593/93 में जब्‍त की गई सामग्री

44. ( क्र. 786 ) श्री रामनिवास रावत : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्राइम ब्रान्‍च इंदौर द्वारा दिनाँक 07.07.13 को दर्ज प्रकरण क्र. 593/13 में नितिन महिन्‍द्रा के कम्‍प्‍यूटर को नेटवर्क सर्वर, पेरेन्‍ट कम्‍प्‍यूटर तथा लेपटॉप घटनास्‍थल से जब्‍त किया गया या नहीं? (ख) प्रश्‍नांश (क) में उल्‍लेखित कम्‍प्‍यूटर में क्‍या एक ही हार्ड डिस्‍क थी या दो हार्ड डिस्‍क थी? कितनी हार्ड डिस्‍क जब्‍त की गई एक या दो? दोनों एक ही दिन जब्‍त की गई या अलग-अलग दिन? दिनाँक बतावें? (ग) प्रश्‍नांश (क) में उल्‍लेखित कम्‍प्‍यूटर/सी.पी.यू्. के शेष हिस्‍से कहां है तथा उनको कैसे प्रमाणित किया जावेगा? (घ) इलेक्‍ट्रानिक इविडेन्‍स एक्‍ट की धारा 15 के अनुसार एक्‍जीबीट को डिजीटल साइन से सुरक्षित क्‍यों नहीं किया गया तथा संपूर्ण डिस्‍क कन्‍टेन्‍टस (5HA&MD5) की एक्‍जेट हेंस वेल्‍यू को जनरेट क्‍यों नहीं किया गया?

गृह मंत्री ( श्री बाबूलाल गौर ) : (क) थाना राजेन्द्र नगर, जिला इन्दौर में दिनाँक 07.07.2013 को अपराध क्रमांक 593/13 नहीं, अपितु 539/13 पंजीबद्ध किया गया था। प्रकरण की विवेचना के दौरान नितिन मोहिन्द्रा के कम्प्यूटर तथा नेटवर्क सर्वर को जब्त किया गया था। पैरेन्ट कम्प्यूटर की आवश्यकता उस समय न होने से तथा लैपटाप नहीं मिलने से जब्त नहीं किया गया है। (ख) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित आरोपी नितिन मोहिन्द्रा के आफिस के कम्प्यूटर में दो हार्डडिस्क थी, जो दोनों हार्डडिस्क जब्त की गई है। एक हार्डडिस्क दिनाँक 18.07.2013 को एवं एक हार्डडिस्क दिनाँक 26.07.2013 को जब्त की गई है। (ग) प्रश्नांश (क) में कम्प्यूटर, सी.पी.यू. विवेचना के दौरान जब्त किये जा चुके हैं। प्रकरण वर्तमान में विवेचनाधीन होकर, सी.बी.आई. को हस्तांतरित। (घ) इलेक्ट्रानिक एविडेंस एक्ट नामक कोई भी एविडेंस एक्ट नहीं है। जब्तसुदा हार्डडिस्क को गवाहों के समक्ष जब्त किया गया है।

परासिया विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत मंधान डेम का निर्माण

45. ( क्र. 819 ) श्री सोहनलाल बाल्‍मीक : क्या पशुपालन मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या परासिया विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत मंधान डेम का कार्य अप्रारंभ है जबकि मंधान डेम निर्माण कार्य अतिशीघ्र प्रारंभ किये जाने हेतु कार्यपालन यंत्री परियोजना खंड छिन्‍दवाड़ा का पत्र प्राप्‍त हुआ था जिसमें डेम के निर्माण कार्य की औपचारिकता पूर्ण कर कार्य प्रारंभ होना बताया गया है जबकि कार्य प्रारंभ नहीं हुआ है? इस प्रकार की गलत जानकारी देने पर संबंधित अधिकारी पर क्‍या कार्यवाही की जायेगी? (ख) मंधान डेम का कार्य कब तक प्रारंभ कराया जायेगा और मंधान डेम का कार्य कब तक पूर्ण हो जायेगा? (ग) कार्य प्रारंभ किये जाने हेतु विभाग द्वारा जो समय-सीमा तय की गई है तथा विभाग एवं ठेकेदार द्वारा कार्य प्रारंभ नहीं किया गया तो तत्‍संबंध में अभी तक क्‍या कार्यवाही की गई?

पशुपालन मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) जी नहीं, शेष प्रश्नांश उपस्थिति नहीं होता। (ख) मंधान डेम का कार्य प्रगति पर है एवं स्वीकृत समयावधि माह दिसम्बर 2017 तक कार्य पूर्ण होना संभावित है। (ग) कार्य प्रारंभ है अतः शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता।

छिन्‍दवाड़ा जिले में ट्रकों की चोरी के संबंध में दोषियों की गिरफ्तारी

46. ( क्र. 822 ) श्री सोहनलाल बाल्‍मीक : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या छिन्‍दवाड़ा जिले में लगभग 3 से 4 माह पूर्व लगभग 200 ट्रकों की चोरी के प्रकरण में पुलिस विभाग द्वारा कार्यवाही की जा रही थी और कुछ लोगों को गिरफ्तार भी किया गया परंतु पुलिस द्वारा अब इस कार्यवाही को बिना अंजाम दिये रोक दिया गया? यदि नहीं, तो इस प्रकरण में अभी तक क्‍या कार्यवाही की गई है? (ख) इस प्रकरण में कितने दोषियों को गिरफ्तार किया गया और किन दोषियों की गिरफ्तारी होना बाकी है दोषियों की गिरफ्तारी में विलंब का क्‍या कारण है? प्रकरण से संबंधित कार्यवाही क्‍यों बंद कर दी गई?

गृह मंत्री ( श्री बाबूलाल गौर ) : (क) जी नहीं, जिला छिन्दवाड़ा में 01.01.2015 से 30.06.2015 की अवधि में 200 ट्रकों की चोरी का प्रकरण नहीं बल्कि 03 ट्रकों के चोरी होने के संबंध में कुल 03 अपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना की जा रही है। इन प्रकरणों में से 01 प्रकरण में कुल 04 आरोपियों को गिरफ्तार करके तथा चोरी गये एक ट्रक को बरामद करके अंतिम प्रवितेदन सक्षम न्यायालय में प्रस्तुत किया जा चुका है। इसके अतिरिक्त एक अन्य अपराधिक प्रकरण में चोरी गया वाहन ट्रक लावारिस हालत में बरामद किया गया है। शेष प्रकरण में वाहन बरामद करने तथा आरोपी गिरफ्तार करने के प्रयास किये जा रहे हैं। विवेचना जारी है। (ख) उक्त अवधि में पंजीबद्ध 03 अपराधों में से 01 अपराध में कुल 04 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। शेष 02 प्रकरणों में अज्ञात आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रभावी प्रयास विवेचना में किये जा रहे हैं। प्रकरण में कार्यवाही बन्द नहीं की गई है, बल्कि विवेचना जारी है।

राहत राशि का भुगतान

47. ( क्र. 838 ) श्री चम्पालाल देवड़ा : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) देवास एवं रायसेन जिले में वर्ष 2014 में ओला वृष्टि एवं अति वृष्टि से हुए नुकसान के कारण कितने किसानों को कुल कितनी राहत राशि स्‍वीकृत की गई तहसीलवार किसानों की संख्‍या व राशि बतायें? (ख) जून 2015 की स्थिति में किन-किन किसानों को उक्‍त राहत राशि प्राप्‍त नहीं हुई तथा क्‍यों? कारण बतायें तथा ग्रामवार सूची दें कब तक राशि का भुगतान होगा? (ग) तहसीलदार द्वारा किस-किस बैंक को कितनी राशि भुगतान हेतु किस माध्‍यम से किस खाते में दी गई? 20 जून 2015 की स्थिति में उक्‍त खाते में कितनी राशि शेष है? (घ) किसानों को राहत राशि भुगतान न होने की किन-किन माध्‍यमों से शिकायतें प्राप्‍त हुई तथा उन पर आज दिनाँक तक क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई?

राजस्व मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

बन्‍द पेयजल योजनाओं को चालू किया जाना

48. ( क्र. 839 ) श्री चम्पालाल देवड़ा : क्या पशुपालन मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) रायसेन जिले के विकास खण्‍ड बेगमगंज एवं सिलवानी के किन-किन ग्रामों में नल-जल योजना चालू हैं तथा किन-किन ग्रामों में नल-जल योजना बन्‍द हैं तथा क्‍यों? योजनावार कारण बतायें? उक्‍त योजनायें चालू करवाने हेतु क्‍या-क्‍या कार्यवाही, प्रयास विभाग ने किये? (ख) किन-किन ग्रामों में नलजल योजनाओं का कार्य अपूर्ण है तथा क्‍यों? योजनावार कारण बतायें? उक्‍त नलजल योजनाओं का कार्य कब तक पूर्ण होगा? (ग) उक्‍त विकास खण्‍डों में विगत 3 वर्षों में किस-किस नलजल योजना में विभाग द्वारा क्‍या-क्‍या कार्य कराये गये तथा किस व्‍यक्ति संस्‍था को कितनी राशि का भुगतान किया गया? (घ) उक्‍त विकास खण्‍डों में विभाग द्वारा स्‍थापित हैण्‍ड पम्‍पों में से 20 जून, 2015 की स्थिति में किन-किन ग्रामों में कितने हैण्‍डपम्‍प बन्‍द/खराब हैं तथा उनको कब तक सुधार दिया जायेगा?

पशुपालन मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-4 अनुसार है

भिण्‍ड जिले के मालनपुर औद्योगिक क्षेत्र की भूमि को अतिक्रमण से मुक्‍त किया जाना

49. ( क्र. 863 ) डॉ. गोविन्द सिंह : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता के परि. अता‍रांकित प्रश्‍न संख्‍या 24 (क्रमांक 722) दिनाँक 23 फरवरी 2015 के (ग) के उत्‍तर में बताया गया कि रिट याचिका क्रमांक 5001/2014 में माननीय उच्‍च न्‍यायालय के आदेश दिनाँक 25.06.2014 को यथास्थिति बनाये रखने का आदेश दिये जाने से जाँच की कार्यवाही नहीं की गई? यदि स्‍थगन आदेश में थाना मालनपुर में एफआईआर दर्ज न करने तथा दोषियों के विरूद्ध कार्यवाही न करने, एवं अवैध कब्‍जा धारियों का अतिक्रमण न हटाने का आदेश माननीय उच्‍च न्‍यायालय ने दिया था तो फिर कलेक्‍टर भिण्‍ड ने माननीय उच्‍च न्‍यायालय के आदेश के विरूद्ध दिनाँक 12.12.2014 को प्रश्‍न क्र. 722 दि. 23.02.2015 (क) में वर्णित सर्वे क्रमांकों की भूमि नजूल घोषित किस प्रकार की? माननीय उच्‍च न्‍यायालय के आदेश की प्रति दें? (ख) संदर्भित प्रश्‍नांश के (घ) के उत्‍तर में तत्‍कालीन तहसीलदार श्री आर.के.दुबे राजस्‍वनिरीक्षक श्री बिनोदसिंह तोमर, पटवारी श्री बदनसिंह कौरव के अनेकों बार स्‍थानान्‍तर करने के बाद भी असत्‍य जानकारी देने वाले दोषी अधिकारियों के विरूद्ध कार्यवाही की जावेगी? यदि नहीं, तो क्‍यों? उक्‍त तीनों ने कब-कब माननीय उच्‍च न्‍यायालय ग्‍वालियर से स्‍थानान्‍तर पर स्‍थगन आदेश प्राप्‍त किये? आदेशों की प्रतियां दें? राजस्‍व निरीक्षक श्री तोमर एवं पटवारी श्री कौरव का पुन: माह मई जून 2015 में मेंहगांव स्‍थानान्‍तर का कारण बतायें? (ग) श्री बदनसिंह कौरव पटवारी मालनपुर हल्‍के में पदस्‍थ होने के बाद भी चार्ज न दिलाकर दूसरे सर्किल ग्राम खितौली में 40 कि.मी. दूर पदस्‍थ श्री उदयसिंह नरवरिया को मालनपुर हल्‍के का चार्ज क्‍यों दिया गया? क्‍या यह भी सच हैं कि श्री नरवरिया को रिश्‍वत लेते लोकायुक्‍त पुलिस ने रंगे हाथ पकड़ा है? यदि हाँ, तो ऐसे भ्रष्‍ट पटवारी की पदस्‍थापना मालनपुर औद्योगिक हल्‍का का प्रभार देने वाले अधिकारी को दण्डित किया जावेगा? यदि नहीं, तो क्‍यों? (घ) उपरोक्‍त भूमि की हेराफेरी करने वाले एवं कराने वालों की उच्‍चस्‍तरीय जाँच कराई जावेगी? यदि नहीं, तो क्‍यों?

राजस्व मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

भिण्‍ड जिले में लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकीय विभाग में अनियमितताएं

50. ( क्र. 864 ) डॉ. गोविन्द सिंह : क्या पशुपालन मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) 1 अप्रैल 2014 से प्रश्‍न दिनाँक तक भिण्‍ड जिले में कितने-कितने नवीन हैण्‍डपंप खनन किये, पेयजल योजनाऐं स्‍वीकृत कर कहां-कहां संचालित की गई? प्रत्‍येक हैण्‍डपंप का खनन तथा योजनाओं पर भुगतान किन-किन ऐजंसियों को किया गया प्रत्‍येक का अलग-अलग विवरण दें? (ख) उक्‍त अवधि में हैण्‍डपंप, पेयजल योजनाओं के संधारण एवं सुधार हेतु तथा पुराने कार्यों के भुगतान हेतु कितनी-कितनी राशि कब-कब किस-किस ऐजेन्‍सी को भुगतान की गई? अलग-अलग दिनाँकवार बतायें? (ग) विधान सभा क्षेत्र लहार में कितनी-कितनी पेयजल योजना में कहां-कहां संचालित हैं? कौन-कौन सी बंद है? ग्राम अंधियारी नं. 2, बीसनपुरा, विस्‍बारी, रायपुरा नं. 1 पेयजल की टंकियां 2 वर्ष पूर्व बनने के बाद भी लाईनें पूर्ण न करने से बिना कनेक्‍शन के बंद है? कब तक पेयजल उपलब्‍ध कराया जावेगा? (घ) लहार विधान सभा क्षेत्र के ग्राम मटियावली बुजुर्ग एवं मड़ोरी आवास में पत्‍थर होने से पेय जल का भीषण संकट है? कब तक हैण्‍डपंप खनन कराकर पेयजल उपलब्‍ध होगा? समय सीमा बतायें? (ड.) 1 जनवरी 2013 से प्रश्‍न दिनाँक तक लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकी विभाग भिण्‍ड जिले में अनियमितताओं एवं फर्जी तथा बिना कार्य कराये भुगतान करने की शिकायतें कब-कब किन-किन के द्वारा की गई? उन शिकायतों की जाँच कब और किस अधिकारी से कराई गई? यदि नहीं, तो क्‍यों?

पशुपालन मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) 1 अप्रैल 2014 से प्रश्न दिनाँक तक की अवधि में पेयजल योजनाएं (नलजलयोजनायें) स्वीकृत नहीं हुई है। नवीन हैण्डपंपों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''ख-1'' एवं ''ख-2'' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' एवं '''' अनुसार है। (घ) ग्राम मटियावली बुजुर्ग की जनसंख्या 2011 के अनुसार 512 है। ग्राम में पेयजल उपलब्ध करवाने हेतु स्थापित किये गये 05 हैण्डपम्पों में से 3 हैण्डपंप चालू एवं 2 हैण्डपंप असुधार योग्य होने से बंद हैं। चालू 3 हैण्डपंपों में से 2 हैण्डपंपों में जल आवक क्षमता कम है। ग्राम आंशिक पूर्ण श्रेणी में होने के कारण प्रस्तावित 01 नलकूप इस वित्तीय वर्ष में खनन करवाया जावेगा। ग्राम मड़ोरी की वर्ष 2011 की जनसंख्या 496 है एवं पेयजल उपलब्ध करवाने हेतु ग्राम में 25 हैण्डपंप स्थापित हैं जो कि चालू हैं। ग्राम पूर्ण श्रेणी में होने के कारण नलकूप खनन करवाया जाना प्रस्तावित नहीं है। (ड.) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''ड.'' अनुसार है

तहसील पिपलौदा अंतर्गत पायलेट प्रोजेक्‍ट के संबंध में

51. ( क्र. 871 ) डॉ. राजेन्‍द्र पाण्‍डेय : क्या पशुपालन मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या जावरा विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत तहसील पिपलौदा में भूजल स्‍तर अत्‍यधिक नीचे जाकर पेयजल एवं पानी का संकट लगातार बढ़ता जा रहा है? (ख) क्‍या म.प्र. अति दोहित अत्‍यधिक जल संकटग्रस्‍त पानी के अभाव की चयनित दो तहसीलों में से एक पिपलौदा तहसील होकर पायलेट प्रोजेक्‍ट स्‍वीकृत किया गया हैं? (ग) यदि हाँ, तो इसकी स्‍वीकृति कब होकर इस हेतु कितना बजट स्‍वीकृत किया जाकर प्राप्‍त बजट में से कितना बजट किन-किन कार्यों पर किस-किस प्रयोजन हेतु कब-कब व्‍यय किया गया है? (घ) साथ ही स्‍वीकृत प्राप्‍त बजट में से कितना कार्य पूर्ण होकर कितना अपूर्ण रहा, कृपया कार्यवार एवं ग्रामवार स्‍पष्‍ट जानकारी से अवगत कराएं?

पशुपालन मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) जी नहीं। (ख) जी हाँ। (ग) पायलेट परियोजना की प्रशासकीय स्वीकृति शासन द्वारा एफ- 16-52/2011/2/34 भोपाल दिनाँक 05.11.2012 से प्राप्त हुई। इस हेतु रूपये दो करोड़ दो लाख तीस हजार नौ सौ मात्र स्वीकृत की जाकर प्राप्त बजट में से विभिन्न कार्यों पर व्यय किया गया। विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। (घ) कार्यवार एवं ग्रामवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ठ के अनुसार है

पिप्‍लोदा एवं जावरा तहसील अंतर्गत टप्‍पा तहसीलों/कार्यालयों की स्‍थापना

52. ( क्र. 872 ) डॉ. राजेन्‍द्र पाण्‍डेय : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या जावरा एवं पिपलौदा अत्‍यधिक बड़ी तहसीलें होकर इनके अंतर्गत क्रमश: 68 एवं 52 ग्राम पंचायत होकर लगभग दो सौ से अधिक ग्राम एवं क्षेत्रीय जनसंख्‍या लगभग दो लाख तक है? (ख) यदि हाँ, तो क्‍या क्षेत्रीय प्रशासनिक एवं जनकार्य हेतु मात्र जावरा नगर एवं पिपलौदा नगर स्थित तहसील कार्यालयों से कार्य संपादित किया जाता है? (ग) यदि हाँ, तो क्‍या दोनों तहसील मुख्‍यालय की अपने-अपने अधीन पटवारी हलको/लगने वाले ग्रामों से अत्‍यधिक दूरी एवं आवागमन में कठिनाईयां महसूस की जा रही है? (घ) यदि हाँ, तो क्‍या शासन/विभाग पिपलौदा तहसील अंतर्गत ग्राम सुबेडा एवं ग्राम कालूखेड़ा में तथा जावरा तहसील अंतर्गत ग्राम ढोढर एवं ग्राम रिंगनोद में टप्‍पा तहसील/कार्यालय निरंतर प्रारंभ किये जाने हेतु निर्देशित करेगा?

राजस्व मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

एस.टी.एफ. द्वारा दर्ज प्रकरण एवं कार्यवाही

53. ( क्र. 886 ) श्री सुन्‍दर लाल तिवारी : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) एस.टी.एफ. वर्ष 2006 से वर्ष 2012 तक पदरूप धारण के 296 प्रकरणों में अभ्‍यार्थियों के अलावा इम्‍पर सोनेटर पर प्रकरण दर्ज किया या नहीं? (ख) एस.टी.एफ. ने उक्‍त प्रकरणों में शामिल गिरोह, सरगना, दलाल अध्‍यक्ष व्‍यापम कांउसलिंग कमेंटी, महाविद्यालयों के अधिकारियों/कर्मचारियों की भूमिका की जाँच की अथवा नहीं? यदि नहीं, तो कारण बतायें? (ग) एस.टी.एफ. ने वर्ष 2004 से 2012 तक व्‍यापम द्वारा आयोजित पी.एम.टी. परीक्षा में पद रूप धारण में चयनित फर्जी अ‍भ्‍यार्थियों की अपने स्‍तर से जाँच की अथवा नहीं? यदि नहीं, तो कॉलेज/व्‍यापम के कौन-कौन से दस्‍तावेजों का मिलान किया गया? फर्जी जाति प्रमाण पत्र अथवा मूल निवासी प्रमाण पत्र द्वारा चयनित अभ्‍यार्थियों की जाँच हेतु निर्धारित बिन्‍दु व परिणाम सहित जानकारी दें? (घ) एस.टी.एफ ने वर्ष 2004 से 2014 तक व्‍यापम द्वार आयोजित विभिन्‍न भर्ती परीक्षा तथा पी.एम.टी परीक्षा में आंसरशीट खाली छोड़कर बाद में भरे जाने की संभावनाओं की जाँच की अथवा नहीं?

गृह मंत्री ( श्री बाबूलाल गौर ) : (क) एस.टी.एफ. एवं एसआईटी द्वारा वर्ष 2006 से 2012 तक पररूपधारण के प्रकरणों अभ्यर्थियों के अलावा 132 इम्परसोनेटर पर प्रकरण दर्ज किये गये हैं। (ख) हां, इन प्रकरणों में दलाल, रेकेटियर, अध्यक्ष व्यापम एवं अधिकारियों/कर्मचारियों की भूमिका के संबंध में जाँच की गई है। (ग) वर्ष 2004 से 2012 तक व्यापम द्वारा आयोजित पीएमटी परीक्षा में पररूपधारण कर चयनित/भर्ती अभ्यर्थियों के संबंध में एसटीएफ को शिकायत प्राप्त होने पर जाँच की गई है। उक्त जाँच उपलब्ध दस्तावेजों एवं प्राप्त साक्ष्यों के आधार पर की गई है। चयनित अभ्यर्थियों के फर्जी जाति प्रमाण पत्र अथवा मूल निवासी प्रमाण पत्र के बारे में विवेचना में साक्ष्य मिलने या शिकायत मिलने पर उस पर जाँच कर उन्हें अपराध की विवेचना में शामिल किया गया है। (घ) एसटीएफ द्वारा वर्ष 20122013 में विभिन्न भर्तियों एवं पीएमटी परीक्षा में आंसरशीट खाली छोड़कर बाद में गोले भरे जाने के तथ्य पाए जाने पर जाँच कर अपराध पंजीबद्ध किये गये हैं। जाँच पर एसआईटी ग्वालियर द्वारा पीएमटी एवं प्रीपीजी परीक्षा में छात्रों को परीक्षा में ज्यादातर गोले खाली छोड़ने और बाद में व्यापम में खाली गोलों को भरकर उन्हें पास कराने के संबंध में एसआईटी ग्वालियर द्वारा भी अपराध पंजीबद्ध किया गया है। प्रकरणों की विवेचना जारी है।

लंबित पड़े दाखिल खारिज प्रकरणों की संख्‍या

54. ( क्र. 909 ) कुँवर विक्रम सिंह : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) छतरपुर जिले में तहसील राजनगर, छतरपुर, लवकुशनगर में दाखिल खारिज के 01.01.14 से जून 2015 तक कुल कितने प्रकरण लंबित है? तहसीलवार जानकारी दें? (ख) म.प्र. शासन राजस्‍व विभाग के निर्देशानुसार प्रकरणों की कितनी समय सीमा में कार्यवाही की जाना चाहिए गाइड लाईन दें? (ग) राजस्‍व मण्‍डल ग्‍वालियर तथा सचिव राजस्‍व विभाग को लंबित प्रकरणों की सूची प्रत्‍येक माह भेजी जाती है यदि हाँ, तो सूची दें? (घ) क्‍या तहसील न्‍यायालय में कई प्रकरण वर्षों से लंबित है यदि हाँ, तो क्‍यों?

राजस्व मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

गरीबी रेखा में नाम शामिल किया जाना

55. ( क्र. 910 ) कुँवर विक्रम सिंह : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) छतरपुर जिले में 01.01.2014 से प्रश्‍न दिनाँक तक कितने आवेदन पत्र गरीबी रेखा में नाम शामिल हेतु प्राप्‍त हुए, तहसीलवार कितनी संख्‍या है? (ख) विभाग द्वारा कितने आवेदन पत्रों को मान्‍य किया गया और कितनों को निरस्‍त किया गया? निरस्‍त के क्‍या कारण रहे? (ग) क्‍या यह सच है कि कई पात्र लोगों के नाम गरीबी रेखा में शामिल नहीं किये गये? (घ) क्‍या पात्र लोगों के नाम हल्‍का पटवारी द्वारा अपात्र श्रेणी में किये गये? यदि हाँ, तो क्‍या जाँच कर कार्यवाही की जावेगी?

राजस्व मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

प्रभारी अधिकारियों के स्‍थान पर नियमित पदस्‍थापना

56. ( क्र. 940 ) इन्जी. प्रदीप लारिया : क्या पशुपालन मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) सागर जिले में कितने पद कार्यपालन यंत्री/सहायक यंत्री/उपयंत्रियों के स्‍वीकृत हैं? (ख) वर्तमान में सागर जिले में कितने पदों पर कार्यपालन यंत्री/सहायक यंत्री/प्रभारी अधिकारी एवं एक प्रभार के साथ-साथ अन्‍य प्&#