मध्यप्रदेश विधान सभा


प्रश्नोत्तर-सूची
फरवरी-मार्च, 2018 सत्र


गुरुवार, दिनांक 22 मार्च, 2018


भाग-1
तारांकित प्रश्नोत्तर



फोरलेन निर्माण में अधिग्रहित भूमि का मुआवजा

[राजस्व]

1. ( *क्र. 4219 ) श्री अनिल जैन : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                                                                    (क) क्‍या विधानसभा क्षेत्र निवाड़ी अंतर्गत निर्माण हेतु विचाराधीन एन.एच. 76 झांसी-खजुराहो फोरलेन मार्ग के लिए भूमि का अधिग्रहण वर्षों पुरानी दरों पर शुरू कर दिया गया है? यदि हाँ, तो किन-किन किसानों को कितने-कितने रकबे का मुआवजा किस दर पर उनके खाते में जमा कर दिया गया है और कितने किसान शेष रह गये हैं? दोनों जानकारियां कारण सहित बतायी जावें। (ख) क्‍या किसानों को पुरानी दरों पर मुआवजा राशि दिये जाने की कोई विधिवत सूचना नहीं दी गई है और प्रशासन एवं इंडसइंड बैंक द्वारा मनमर्जी से कार्यवाही अमल में ली जा रही है? यदि हाँ, तो इस तरह की अनियमित कार्यवाही कब तक रोकी जायेगी? (ग) विधानसभा क्ष्‍ोत्र निवाड़ी के प्रश्‍नगत किसानों को वर्ष 2018 में प्रचलित दरों पर क्‍या मुआवजा राशि का भुगतान किया जायेगा अथवा नहीं? यदि नहीं, तो क्‍यों?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) जी हाँ। विधानसभा क्षेत्र निवाड़ी अंतर्गत निर्माण हेतु विचाराधीन एन.एच 76 झांसी-खजुराहो फोरलेन मार्ग के लिये भूमि का अधिग्रहण भारत का राजपत्र असाधारण सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की अधिसूचना का प्रकाशन स्‍थानीय समाचार पत्र दैनिक जागरण एवं दैनिक भास्‍कर दिनांक 23 जुलाई 2010 के समय प्रभावी प्रचलित कलेक्‍टर गाईड लाईन वर्ष 2010-11 के आधार पर भूमि का अधिग्रहण किया गया है। सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार 234 किसानों को अर्जित रकबे में से हिस्‍सानुसार कुल 65,81,480 रू. की राशि का भुगतान निम्‍नांकित दर पर किया गया है।

ग्राम का नाम

 

 

निर्धारित मुआवजा की दर (प्रति हेक्टेयर)

सिंचित

असिंचित

निवाड़ीखास

406000

203000

निवाड़ीभाटा

380000

190000

मुडारा

406000

203000

देवेन्‍द्रपुरा

380000

190000

नैगुवां

306000

153000

उरदौरा

306000

153000

घूघसीखास

356000

178000

घूघसीग्रंट

330000

165000

प्रतापपुरा

860000

660000

बबेडीजंगल

847000

847000

 

104 किसानों की राशि भुगतान हेतु शेष है। (ख) विधानसभा क्षेत्र निवाड़ी अंतर्गत निमार्ण हेतु विचाराधीन एन.एच. 76 झांसी-खजुराहो फोरलेन मार्ग के लिये भूमि का अधिग्रहण भारत का राजपत्र असाधारण सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की अधिसूचना का प्रकाशन स्‍थानीय समाचार पत्र दैनिक जागरण एवं दैनिक भास्‍कर दिनांक 23 जुलाई 2010 में अधिग्रहण की सार्वजनिक सूचना प्रकाशित कराई गई है तथा तत्‍समय प्रभावी प्रचलित कलेक्‍टर गाईड लाईन वर्ष 2010-11 के आधार पर भूमि का अधिग्रहण किया गया है। समस्‍त कार्यवाही विधि अनुसार की जा रही है। शेष प्रश्‍न उपस्थि‍त नहीं होता। (ग) भूमि अधिग्रहण की कार्यवाही प्रावधानों के तहत की जा रही है।

सिवनी जिले में सूखा प्रभावित सोयाबीन एवं धान का मुआवजा

[राजस्व]

2. ( *क्र. 3295 ) श्री रजनीश सिंह : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                                                           (क) क्‍या वर्ष 2017-18 में अल्‍प वर्षा के कारण सिवनी जिले में सोयाबीन एवं धान की फलस सूखे की चपेट में आकर नष्‍ट हो गई थी? यदि हाँ, तो विकासखण्‍डवार क्षति (हेक्‍टेयर में) बतायें।                                                                 (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार क्‍या उक्‍त फसलों को सूखे से नष्‍ट हो जाने पर किसानों को राहत राशि प्रदान की गई थी? यदि हाँ, तो कितनी राशि किस मापदण्‍ड से विकासखण्‍डवार बतायें? यदि नहीं, तो क्‍यों? (ग) क्‍या अल्‍पवर्षा से नष्‍ट हुई सोयाबीन एवं मक्‍का की फसलों का मुआवजा प्रदान किया जावेगा? यदि हाँ, तो किस मापदण्‍ड से एवं कब तक?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) जी नहीं। शेष प्रश्‍न उद्भूत नहीं होता। (ख) एवं (ग) प्रश्‍नांश (क) के उत्‍तर के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उद्भूत नहीं होता।

श्रमिकों के पंजीयन की प्रक्रिया

[श्रम]

3. ( *क्र. 4860 ) श्री अमर सिंह यादव : क्या राज्यमंत्री, श्रम महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) श्रम विभाग के अन्‍तर्गत कौन-कौन से श्रमिकों के पंजीयन किये जाते हैं? उनके पंजीयन की क्‍या प्रक्रिया है? (ख) क्‍या श्रम विभाग के अन्‍तर्गत मछुआ श्रमिकों के भी पंजीयन किये जाते हैं? यदि हाँ, तो उनके पंजीयन के लिये क्‍या आवश्‍यक शर्तें हैं? (ग) क्‍या राजगढ़ जिले में मछुआ श्रमिकों के पंजीयन किये गये हैं? यदि हाँ, तो प्रश्‍न दिनांक तक कितने मछुआ श्रमिकों के पंजीयन किये गये हैं? सूची उपलब्‍ध करावेंl (घ) उनमें से किस-किस श्रमिक को किस-किस योजना का लाभ दिया गया है?

राज्यमंत्री, श्रम ( श्री बालकृष्ण पाटीदार ) : (क) म.प्र. भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अंतर्गत ऐसे निर्माण श्रमिकों के पंजीयन किये जाते हैं, जिनकी आयु 18 वर्ष से 60 के बीच हो तथा जिनके द्वारा पिछले 12 माहों में कम से कम 90 दिन निर्माण क्षेत्र में कार्य किया गया हो। पंजीयन के लिये निर्माण श्रमिक द्वारा निर्माण कार्य में संलग्न होने संबंधी स्व-प्रमाणीकरण, पास बुक की प्रति, दो फोटो एवं समग्र आई.डी. दिये जाने पर ग्रामीण क्षेत्र हेतु मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत द्वारा तथा शहरी क्षेत्र हेतु नगर निगम आयुक्त/मुख्य नगर पालिका अधिकारी नगरीय निकाय द्वारा आवश्यक जाँच उपरांत पंजीयन की कार्यवाही की जाती है। पंजीयन हेतु रूपये 5/- पंजीयन शुल्क निर्धारित है। (ख) श्रम विभाग के अंतर्गत मछुआ श्रमिकों का पंजीयन नहीं किया जाता है। (ग) एवं (घ) प्रश्नांश (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।

आपराधिक शिकायतों पर कार्यवाही 

[गृह]

4. ( *क्र. 4740 ) श्री हेमन्‍त सत्‍यदेव कटारे : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नगर निगम भोपाल के झोन क्रमांक 11, वार्ड क्रमांक 41 अंतर्गत मकान नं. सी 265 बाग दिलकुशा, भोपाल निवासी अरविंद शाक्‍य के विरूद्ध दिनांक 01.01.2010 से प्रश्‍न दिनांक तक भोपाल जिले के विभिन्‍न थानों में कितनी शिकायतें प्राप्‍त हुईं? इन प्राप्‍त हुई शिकायतों पर क्‍या कार्यवाही की गयी? शिकायतों के विवरण सहित जानकारी दी जाये। (ख) क्‍या अपने आपको विधायक प्रतिनिधि बतलाने वाला अरविंद शाक्‍य 1. विक्रमजीत सिंह 2. ओमप्रकाश शाक्‍य और 3. महेन्‍द्र सिंह के अतिरिक्‍त भी पत्रकारिता की आड़ में ब्‍लैकमेलिंग करने वालों के साथ मिलकर लोगों से अवैध रूप से पैसे की उगाही करता है, जिसकी अनेक शिकायतें विभिन्‍न थानों में किये जाने के बावजूद भी इनके विरूद्ध कोई कार्यवाही नहीं की जाती? क्‍या इसके लिये दोषी अधिकारियों के विरूद्ध कार्यवाही की जायेगी? यदि हाँ, तो कब तक? (ग) क्‍या अरविंद शाक्‍य और उसके उपरोक्‍त नामित व्‍यक्तियों की गलत हरकतों की शिकायत करने पर अशोक नगर, पुल बोगदा निवासी दिनेश शाक्‍य, उसके परिजनों तथा अन्‍य व्‍यक्तियों के विरूद्ध राजनैतिक इशारे पर पुलिस थाना ऐशबाग जिला भोपाल द्वारा कई झूठे प्रकरण कायम किये गये हैं? इसके लिये दोषियों के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की गयी? यदि नहीं, तो कब तक की जायेगी?

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) से (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

शासकीय सॉफ्टवेयर बीटा वर्जन में परिवर्तन 

[राजस्व]

5. ( *क्र. 3602 ) डॉ. रामकिशोर दोगने : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                                           (क) मा. उच्च न्यायालय खण्‍डपीठ रिट क्रमांक 5107/2016 के निर्देशानुसार webgis को nic के समकक्ष सुधार किया गया अथवा नहीं? यदि नहीं, तो उसका क्या कारण है? (ख) जब पूर्व से शासकीय सॉफ्टवेयर बीटा वर्जन प्रचलित था तो प्रायवेट कंपनी द्वारा अपूर्ण webgis प्रारंभ किये जाने का क्या कारण है? (ग) क्‍या webgis पर टेक्निकल अथवा नॉन टेक्निकल स्टॉफ से कार्य कराया जा रहा है? यदि नॉन टेक्निकल स्टॉफ से webgis पर कार्य कराया जा रहा है, तो राजस्व रिकॉर्ड में त्रुटियां होने पर किसे दोषी माना जावेगा? (घ) webgis को पूर्ण और कार्य करने में सरल स्वीकार किया गया तो फिर nic पर कार्य करने की अनुमति प्रदाय क्यों की गई एवं webgis पर कार्य करने में कठिनाई आती है और nic पर कार्य करना सरल है, तो फिर क्यों पुनः webgis प्रारंभ किया गया?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) मान. उच्च न्यायालय खण्डपीठ की रिट क्र. 5107/2016 के निर्देशानुसार webgis में सुधार करने हेतु निर्देश नहीं दिए गए हैं। (ख) पूर्व से प्रचलित एन.आई.सी. बीटा वर्जन सॉफ्टवेयर क्लाइन्ट/सर्वर आधारित ऑफलाइन सॉफ्टवेयर है। इससे नकल प्राप्त करने के लिए नागरिकों को शासकीय कार्यालय में जाना होता है, जबकि नया वेब बेस्ड जी.आई.एस. सॉफ्टवेयर वेब आधारित ऑनलाइन सॉफ्टवेयर है। इससे नागरिकों को आवश्यकतानुसार घर बैठे इन्टरनेट के माध्यम से भी नकल उपलब्ध हो सकेगी। साथ ही डाटा ऑनलाइन होने से अन्य विभागों जैसे पंजीयन, मोबाइल एप गिरदावरी, राजस्व न्यायालय आदि के साथ डाटा शेयरिंग हो सकेगी जो EOBD (Ease Of Business Doing) एवं डाटा अपडेशन हेतु अति आवश्‍यक है। अतः नागरिकों की सुविधाओं एवं भविष्य की आवश्यकताओं को दृष्टिगत रखते ऑनलाइन सॉफ्टवेयर को लागू किया जा रहा है। (ग) जी नहीं, webgis सॉफ्टवेयर का निर्माण निविदा में चयनित वेंडर के तकनीकी अमले द्वारा किया जा रहा है। वेंडर द्वारा सॉफ्टवेयर का निर्माण कार्य किया जा रहा है। भू-अभिलेख को संधारण/सुधार करने का कार्य राजस्व अमले द्वारा किया जाता है। (घ) नागरिकों को कोई असुविधा न हो इसलिए वेब जी.आई.एस. सॉफ्टवेयर की समस्याओं के निराकरण होने तक जिला कलेक्टर की मांग अनुसार उन्हें N.I.C. सॉफ्टवेयर पर कार्य करने की अनुमति दी गई थी। जिलों से प्राप्त सुझाव अनुसार वेब जी.आई.एस. ऑनलाइन सॉफ्टवेयर में आवश्यक संशोधन एवं प्रकिया का सरलीकरण कराया गया है। एन.आई.सी. सॉफ्टवेयर क्लाइन्ट/सर्वर आधारित ऑफलाइन सॉफ्टवेयर है। इससे नकल प्राप्त करने के लिए नागरिकों को शासकीय कार्यालय में जाना आवश्यक है, जबकि नया वेब बेस्ड जी.आई.एस. सॉफ्टवेयर वेब आधारित ऑनलाइन सॉफ्टवेयर है। इससे नागरिकों को आवश्यकतानुसार घर बैठे इन्टरनेट के माध्यम से नकल उपलब्ध हो सकेगी। साथ ही डाटा ऑनलाइन होने से अन्य विभागों जैसे पंजीयन, मोबाइल एप गिरदावरी, राजस्व न्यायालय आदि के साथ डाटा शेयरिंग हो सकेगी। अतः भविष्य की आवश्यकताओं को दृष्टिगत रखते हुए ऑनलाइन वेब बेस्ड जी.आई.एस. सॉफ्टवेयर को लागू किया जा रहा है।

दस्‍तावेजी साक्ष्‍य के परिप्रेक्ष्‍य में FIR में नाम शामिल किया जाना 

[गृह]

6. ( *क्र. 4459 ) श्री रामपाल सिंह : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या सतना जिले के थाना कोलगवां में अपराध क्र. 168/16 एवं सिटी कोतवाली में अपराध क्र. 169/17, धारा 420, 419, 467, 468, 34 त‍ा. हि. के तहत कायम की गयी है? (ख) यदि प्रश्नांश (क) सही है तो पुलिस अधीक्षक सतना द्वारा क्र. पु.अ., सतना, रीडर, 438, 2016 दिनांक 23.07.2016 के तहत बिन्‍दु क्र. 2 में अधिकारी कर्मचारी के नामों का उल्‍लेख है तथा बिन्‍दु क्र. 3 में स्‍पष्‍ट लेख है कि शासकीय अभिलेखों में हेरा-फेरी किये जाने की बात प्रकाश में आती है तो तत्‍कालीन अधिकारी, कर्मचारियों को आरोपी बनाया जाना सुनिश्चित करें? साथ ही प्रकरण में भ्रष्‍टाचार की निहित धाराओं का समावेश करें। नगर पुलिस अधीक्षक सतना द्वारा कोलगवां थाना प्रभारी को विभिन्‍न पत्रों के माध्‍यम से दिये गये निर्देशों पर क्‍या कार्यवाही की गई? (ग) शासकीय जमीन को खुर्द-बुर्द करने वाले राजस्‍व अधिकारी एवं कर्मचारियों को कब तक आरोपी बना दिया जायेगा? (घ) क्‍या तत्‍कालीन एस.पी. ने विवेचना अधिकारी नरेन्‍द्र सिंह को निलंबित कर दिया था? अब 22 रजिस्‍ट्रीधारकों को तथा राजस्‍व विभाग के कर्मचारी अधिकारी एवं भूमाफियाओं को कब तक दोनों प्रकरणों में आरोपी बना दिया जायेगा?

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) जी हाँ। (ख) प्रकरण अनुसंधान में होने से जानकारी दी जाना न्यायसंगत नहीं होगा। (ग) प्रकरण अनुसंधान में है। अनुसंधान में आई साक्ष्य अनुरुप विधिसम्मत कार्यवाही की जावेगी जिसकी समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (घ) जी हाँ। प्रकरण में अनुसंधान जारी है। आई साक्ष्य अनुरुप विधिसम्मत कार्यवाही की जावेगी, जिसकी                              समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

राजस्‍व हलकों में कर्मचारियों की पदस्‍थापना

[राजस्व]

7. ( *क्र. 3841 ) श्री गोविन्‍द सिंह पटेल : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) गाडरवारा विधान सभा क्षेत्र में कितने राजस्‍व हलके हैं? क्‍या प्रत्‍येक हलके में पटवारी पदस्‍थ हैं? यदि नहीं, है तो कितने राजस्‍व हलके खाली हैं? इनमें कब तक पटवारियों की नियुक्ति कर दी जाएगी? (ख) गाडरवारा तहसील में कितने राजस्‍व निरीक्षण मण्‍डल हैं? इनमें कितने राजस्‍व निरीक्षक पदस्‍थ हैं? कितने रिक्‍त हैं? रिक्‍त पदों पर कब तक राजस्‍व निरीक्षकों की नियुक्ति कर दी जावेगी? (ग) चालू वर्ष 2018-19 में कितनी सड़कें स्‍वीकृति हेतु प्रस्‍तावित हैं एवं कब तक स्‍वीकृत हो जावेंगी?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) गाडरवारा विधानसभा क्षेत्र में कुल 111 पटवारी हल्‍के हैं, जिनमें 111 पटवारी हल्‍कों पर 35 पटवारी कार्यरत हैं। इन्‍हीं 35 पटवारीगणों के मध्‍य 111 पटवारी हल्‍कों का कार्य विभाजन करते हुए प्रभार दिया गया है, वर्तमान में प्रोफेशनल एग्‍जामीनेशन बोर्ड भोपाल द्वारा प्रदेश में पटवारियों के रिक्‍त 9235 पदों की भर्ती हेतु परीक्षा आयोजित कराई गई है। परीक्षा परिणाम आते ही रिक्‍त पदों की पूर्ति की कार्यवाही की जावेगी। (ख) गाडरवारा तहसील में 8 राजस्‍व निरीक्षक मण्‍डल हैं, जिनमें से 7 राजस्‍व निरीक्षक कार्यरत हैं। 1 राजस्‍व निरीक्षक मंडल अतिरिक्‍त प्रभार में है। पदोन्‍नति हेतु वर्तमान में माननीय उच्‍चतम न्‍यायालय का निर्णय अपेक्षित है। माननीय न्‍यायालय के निर्णय के पश्‍चात् राजस्‍व निरीक्षकों के पदों की पूर्ति की जायेगी।                                                            (ग) कार्यपालन यंत्री लोक निर्माण विभाग नरसिंहपुर से प्रस्‍तावित सड़कों की सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है।

नल-जल योजना का क्रियान्‍वयन

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

8. ( *क्र. 4449 ) श्री मंगल सिंग धुर्वे : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या बैतूल जिले में विगत 08 वर्षों में पी.एच.ई. विभाग द्वारा नल-जल योजनाएं स्‍वीकृत की गई हैं? (ख) यदि हाँ, तो प्रश्‍नकर्ता के विधानसभा क्षेत्र घोड़ाडोंगरी के अन्‍तर्गत                                                        कौन-कौन सी नल-जल योजनाएं कितनी-कितनी लागत की हैं और किन-किन स्‍थानों में स्‍वीकृत हैं? (ग) क्‍या प्रश्नांश (ख) की सभी नल-जल योजनाएं पूर्ण हो चुकी हैं? यदि नहीं, तो क्‍यों तथा कब तक पूर्ण हो जाएंगी? योजनावार समय-सीमा बताएं (घ) क्‍या सभी नल-जल योजना चालू हैं? यदि हाँ, तो कितनी हैं और कितने स्‍थानों की बंद हैं? बंद नल-जल योजना कब तक चालू की जाएंगी?

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) जी हाँ। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) जी नहीं। जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। निश्चित समयावधि नहीं बताई जा सकती है। (घ) जी नहीं। 12 योजनाएं। निश्चित समयावधि नहीं बताई जा सकती है।

परिशिष्ट - ''एक''

प्रदेश में घटि‍त आर्थिक अपराध (सायबर सेल) के मामले

[गृह]

9. ( *क्र. 4695 ) श्री यशपालसिंह सिसौदिया : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्नकर्ता विधायक के प्रश्न क्रमांक 28, दिनांक 29.11.2017 के खण्‍ड (क) के उत्तर में बताया गया की वर्ष 2015 से 2016 तक 9.24 % आर्थिक अपराध बढ़े, विभाग की दृष्टि में अपराध बढ़ने के क्‍या कारण रहे, दिनांक 01 जनवरी, 2017 से 31 दिसंबर, 2017 तक प्रदेश में कितने आर्थिक एवं सायबर अपराध के प्रकरण सामने आये? संख्या बतायें। (ख) उज्जैन, इंदौर संभाग में दिनांक 01 जनवरी, 2016 से प्रश्न दिनांक तक विभाग ने कितने आर्थिक एवं सायबर अपराध के कितने प्रकरणों की विवेचना कर प्रकरण मा. न्यायालय में प्रस्तुत कर दिए हैं? सिर्फ संख्या बतायें। प्रश्नकर्ता के उक्त तारांकित प्रश्न के खण्‍ड (घ) में बताया गया कि‍ स्टेट फोरेंसिक लेबोरेट्री के विकास के लिए दिनांक 15.11.2017 को सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय भारत सरकार के साथ मीटिंग आयोजित की गयी थी। इसमें प्रदेश के किन-किन बिन्दुओं, सुविधाओं को रेखांकित किया गया? (ग) प्रश्नांश (क) संदर्भित तारांकित प्रश्न के खण्‍ड (ख) के उत्तर में बताया गया कि‍ सायबर अपराध से निपटने के लिए 146 अधिकारी कर्मचारियों को प्रशिक्षित किया गया है, दी गयी जानकारी के अनुसार इनमें से आधे से अधिक कर्मचारी/अधिकारी आर्ट्स एवं कॉमर्स विषय से हैं, क्या सायबर प्रशिक्षण के लिए विभाग ने कोई विषय योग्यता निर्धारित की थी? यदि नहीं, तो क्यों? (घ) क्या विभाग द्वारा भविष्य में सायबरसेल के लिए उच्च प्रशिक्षत योग्यता धारी आई.टी. इंजीनियर के पद सृजित किये जायेंगे? यदि हाँ, तो कब तक?

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) बैंकिंग में नई-नई तकनीकों का उपयोग किया जा रहा है। लोगों द्वारा ई-कॉमर्स साइटों का उपयोग बहुतायत में किया जा रहा है, परन्तु पर्याप्त डिजीटल साक्षरता का अभाव है, जिस कारण आर्थिक एवं सायबर अपराध के आकड़े बढ़े हैं। दिनांक 01.01.2017 से दिनांक 01.12.2017 तक प्रदेश में 219 आर्थिक एवं सायबर अपराध के प्रकरण सामने आये। (ख) उज्जैन, इन्दौर संभाग में दिनांक 01.01.2016 से प्रश्न दिनांक तक विभाग ने आर्थिक एवं सायबर अपराध के कुल 85 अपराध दर्ज किये एवं 25 प्रकरणों में चालान माननीय न्यायालय में प्रस्तुत किये गये हैं। आई.टी. एक्ट सेक्शन 79 '' तहत केन्द्रीय सरकार किसी न्यायालय या अन्य अधिकारी के समक्ष इलेक्ट्रॉनिक रुप में साक्ष्य पर विशेषज्ञ राय उपलब्ध कराने के प्रयोजनों के लिये, राजपत्र में अधिसूचना द्वारा केन्द्रीय सरकार या किसी राज्य सरकार के किसी विभाग, निकाय या अभिकरण कोई इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य के परीक्षक के रुप में विनिर्दिष्ट कर सकेगी। राज्य सायबर सेल की फोरेंसिक लैबोरेट्री को साक्ष्य का परीक्षक आई.टी. एक्ट सेक्शन 79 '' के तहत अधिसूचित करने के संबंध में दिनांक 15.11.2017 को सूचना एवं प्रोद्यौगिकी मंत्रालय भारत सरकार के साथ मीटिंग आयोजित की गई थी, उक्त संबंध में प्रस्ताव वर्तमान में विचाराधीन है। (ग) सायबर मुख्यालय में तत्समय आरक्षक से इन्सपेक्टर स्तर के कुल 146 अधि./कर्म. पदस्थ थे तथा उनको सायबर प्रशिक्षित किया जा चुका था, वर्तमान में राज्य सायबर मुख्यालय में 162 अधि./कर्म. पदस्थ हैं, जिसमें 87 तकनीकी अर्हता रखते हैं (बी.ई., एम.सी.ए., बी.सी.ए., बी.एस.सी., एम.एस.सी. एवं पी.जी.डी.सी.ए.) तथा 75 गैर तकनीकी शैक्षणिक अर्हता से है। सायबर पुलिस मुख्यालय में प्रशासनिक कार्य तथा आरोपियों की धरपकड़ हेतु जिला बल, विसबल एवं अन्य इकाइयों के गैर तकनीकी शैक्षणिक अर्हताओं के कर्मचारियों की भी आवश्यकता होती है, जिस कारण राज्य सायबर मुख्यालय में तकनीकी एवं गैरतकनीकी शैक्षणिक अर्हता के अधिकारी/कर्मचारी पदस्थ हैं। सायबर में पदस्थापना हेतु तकनीकी अर्हता रखने वाले उप निरीक्षक एवं आरक्षकों की परीक्षा आयोजित कर 305 योग्य अधिकारी/कर्मचारियों का चयन किया गया, जिनकी पदस्थापना की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। (घ) भविष्य में सायबर सेल के लिए सायबर क्राईम कन्सलटेंट को नियुक्त करने का प्रस्ताव प्रक्रियाधीन है। समय-सीमा बताना सम्भव नहीं।

विधानसभा क्षेत्र करैरा में संचालित नल-जल योजनाएं

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

10. ( *क्र. 4286 ) श्रीमती शकुन्‍तला खटीक : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) विधानसभा क्षेत्र करैरा जिला शिवपुरी में जनवरी 2014 से प्रश्‍न दिनांक तक कितने हैंडपंप खराब बंद होकर अनुपयोगी हैं व नल-जल योजना कहाँ-कहाँ किस-किस गांव में                                         कब-कब से बंद है? (ख) प्रश्‍नांश (क) के प्रकाश में प्रश्‍नांकित दिनांक तक इन्‍हें चालू करने हेतु                                     क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई व उनमें से कितने हैंडपम्‍प व नल-जल योजना ठीक कर दिये गये हैं व कितने शेष हैं? शेष की जानकारी ग्राम व संख्‍यावार दी जावे, इन्‍हें कब तक ठीक कर दिया जावेगा?

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 एवं 2 के अनुसार है। (ख) सतत् हैण्डपंप संधारण प्रक्रिया के तहत् साधारण खराबी से बंद हैण्डपंपों को अधिकतम 15 दिवस में सुधार कर चालू किया जाता है। इसी प्रकार जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में गठित समिति के अंतर्गत पंचायतों के माध्यम से एवं विभाग द्वारा नल-जल योजनाओं का सुधार कार्य करवाया जाकर चालू की जा रही हैं। 5760 हैण्डपंप सुधारे गये एवं 17 नल-जल योजनाएं सुधार कर चालू की गईं। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 एवं 4 के अनुसार है। निश्चित समयावधि नहीं बताई जा सकती है।

कृषि भूमियों/भूखण्‍डों के व्‍यपवर्तन पर प्रीमियम एवं भू-राजस्‍व का निर्धारण

[राजस्व]

11. ( *क्र. 3856 ) पं. रमेश दुबे : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                                                                                  (क) मध्‍यप्रदेश में कृषि भूमियों/भूखण्‍डों के व्‍यपवर्तन पर प्रीमियम एवं भू-राजस्‍व निर्धारण्‍ा हेतु वर्तमान में किन नियमों में क्‍या प्रावधान है? नियम व आदेश/निर्देश की प्रति दें (ख) प्रश्नांश (क) के प्रकाश में मौजा चौरई के वार्ड नं. 8 छिन्‍दवाड़ा सिवनी मुख्‍य मार्ग पर पेट्रोल पंप के पास स्थित 2000 वर्गफुट कृषि भू-खण्‍ड/कृषि भूमि का व्‍यावसायिक/आवासीय प्रयोजनार्थ व्‍यपवर्तन पर प्रीमियम व भू-राजस्‍व का पुनर्निर्धारण किस प्रकार से किस दर पर कितना होगा? अलग-अलग प्रयोजन हेतु उदाहरण सहित बतायें? (ग) इसी प्रकार प्रश्नांश (क) के प्रकाश में मौजा चौरई के वार्ड नं. 14 चौरई चॉद मार्ग पर बायपास चौराहा से पूर्व स्थित 1500 वर्गफुट कृषि भू-खण्‍ड/कृषि भूमि का व्‍यावसायिक/आवासीय प्रयोजनार्थ व्‍यपवर्तन पर प्रीमियम व भू-राजस्‍व का पुनर्निर्धारण किस प्रकार से किस दर पर कितना होगा? अलग-अलग प्रयोजन हेतु उदाहरण सहित बतायें? (घ) क्‍या छिन्‍दवाड़ा जिले में कृषि भूमियों/भूखण्‍डों का आवासीय/व्‍यावस‍ायिक प्रयोजनार्थ व्‍यपवर्तन पर वर्तमान में प्रभावशील नियमों के तहत सिंचित कृषि भूमि का बाजार मूल्‍य के विपरीत कलेक्‍टर गाईड लाईन दर पर जहां जिस हेतु जो दरें निर्धारित हैं, उसके अनुरूप भूमियों/भूखण्‍डों का वर्गमीटर में बाजार मूल्‍य के आधार पर प्रीमियम और भू राजस्‍व का पुनर्निर्धारण किया जा रहा है? यदि हाँ, तो क्‍यों? क्‍या यह नियमानुकुल है? यदि नहीं, तो क्‍या शासन उदाहरण सहित सही निर्धारण करने                                                                    का आदेश देगा?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) म.प्र. शासन राजस्‍व विभाग मंत्रालय भोपाल की अधिसूचना क्रमांक एफ 2-1/2012/सात'/शा.6 भोपाल दिनांक 10 जुलाई, 2014 में प्रावधान है। प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार। (ख) चौरई के वार्ड नं. छिन्‍दवाड़ा सिवनी मुख्‍य मार्ग पर पेट्रोल पंप के पास स्थित 2000 वर्गफुट कृषि भू-खण्‍ड/कृषि भूमि का व्‍यावसायिक/आवासीय प्रयोजनार्थ व्‍यपवर्तन पर प्रीमियम व भू-राजस्‍व का पुनर्निर्धारण प्रश्नांश (क) में दिये गये नियम निर्देशों के अनुसार बाजार मूल्‍य निर्धारित करने हेतु कलेक्‍टर गाईडलाईन एवं गाईडलाईन हेतु बने उपबंधों के अनुसार बाजार मूल्‍यों की गणना की जाती है। पश्‍चात् निर्धारित बाजार मूल्‍य के आधार पर प्रीमियम एवं भू-राजस्‍व पुनर्निर्धारण नियमानुसार किया जाता है। उदाहरण स्‍वरूप गणना पत्रक पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार। (ग) चौरई के वार्ड नं. 14 चौरई चॉद मार्ग पर बायपास चौराहा से पूर्व स्थित 1500 वर्गफुट कृषि भू-खण्‍ड/कृषि भूमि का व्‍यावसायिक/आवासीय प्रयोजनार्थ व्‍यपवर्तन पर प्रीमियम व भू-राजस्‍व का पुनर्निर्धारण प्रश्नांश (क) में दिये गये नियम निर्देशों के अनुसार बाजार मूल्‍य निर्धारित करने हेतु कलेक्‍टर गाईड लाईन एवं गाईड लाईन हेतु बने उपबंधों के अनुसार बाजार मूल्‍यों की गणना की जाती है। पश्‍चात् निर्धारित बाजार मूल्‍य के आधार पर प्रीमियम एवं भू-राजस्‍व का पुनर्निर्धारण नियमानुसार किया जाता है। उदाहरण स्‍वरूप गणना पत्रक पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार। (घ) छिन्‍दवाड़ा जिले में कृषि भूमियों/भूखण्‍डों का आवासीय/व्‍यावसायिक प्रयोजनार्थ व्‍यपवर्तन पर वर्तमान में प्रभावशील नियमों के तहत बाजार मूल्‍य का निर्धारण कलेक्‍टर गाईड लाईन एवं कृषि भूमि हेतु बने उपबंधों के आधार पर होता है। जो नियमानुकूल है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

भू-स्‍वामित्‍व की भूमि को फ्री-होल्‍ड कराया जाना

[राजस्व]

12. ( *क्र. 5252 ) श्री रमेश पटेल : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                                                                            (क) प्र.क्र. 1700, दिनांक 29.11.2017 के संदर्भ में बैतूल जिले के मुलताई नगर में 1257 पट्टों के भू-खण्‍ड खसरा आबादी नजूल की है अथवा भू-स्‍वामित्‍व की है? (ख) यदि उक्‍त भूमि भू-स्‍वामित्‍व की है तो क्‍या उक्‍त भूमि को फ्री-होल्‍ड कराये जाने की आवश्‍यकता है या नहीं? नियम प्रावधान सहित बतावें। (ग) उपरोक्‍तानुसार नजूल घोषित किए गए क्षेत्र में सम्मिलित 'खसरा आबादी' के आवासीय भू-खण्‍डों पर भू-राजस्‍व संहिता 1959 के प्रवृत्‍त होने के दिनांक या नजूल नोटिफिकेशन दिनांक (जो लागू हो) के पूर्व से निवासरत पैतृक अधिकार से या विधिपूर्वक धारित अधिकार से काबिज व्‍यक्ति को भूमि स्‍वामी अधिकार रहेगा या नहीं? यदि रहेगा तो किन प्रावधानों के तहत उक्‍त सरकारी भूमि पट्टा लेने हेतु प्रशासन किन नियमों एवं प्रावधानों के तहत जबरिया भूमि स्‍वामी की भूमि के भू-स्‍वामियों को फ्री-होल्‍ड किए जाने हेतु बाध्‍य किया जा रहा है?                                                                       (घ) क्‍या वर्तमान में खसरा आबादी नजूल के भू-खण्‍डों की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया गया है? यदि हाँ, तो भू-स्‍वामी की संपत्ति के क्रय-विक्रय अनुमति के नियमों की छायाप्रति के साथ इसका कारण देवें। ऐसा मनमाना आदेश देने वाले अधिकारियों के विरूद्ध शासन कब तक                                                          कार्यवाही करेगा?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) प्रश्‍न क्रमांक 1700, दिनांक 29.11.2017 के संदर्भ में बैतूल जिले के मुलताई नगर में 1257 पटटों के भू-खण्‍ड नजूल के हैं। (ख) प्रश्‍नांश () के उत्‍तर के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) नजूल घोषित किये गये क्षेत्र में सम्मिलित खसरा आबादी के आवासीय भू-खण्‍डों पर भू-राजस्‍व संहिता 1959 के प्रवृत होने के दिनांक या नजूल नोटिफिकेशन दिनांक (जो लागू हो) के पूर्व से निवासरत पैतृक अधिकार से या विधिपूर्वक धारित अधिकार से काबिज व्‍यक्ति को भूमि स्‍वामी अधिकार रहेगा। प्रश्‍नांश (क) के उत्‍तर के परिप्रेक्ष्‍य में लागू नहीं होगा। नजूल भूमि को फ्री-होल्‍ड कराने के प्रावधान ऐच्छिक है। (घ) जी नहीं। शेष प्रश्‍न उद्भूत नहीं होता।

समर्थन मूल्‍य पर धान की खरीदी

[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्‍ता संरक्षण]

13. ( *क्र. 4304 ) श्री हर्ष यादव : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                                                                    (क) क्‍या वर्ष 2015-16 में मध्‍यप्रदेश स्‍टेट सिविल सप्‍लाईज कार्पो.सतना द्वारा समर्थन मूल्‍य पर धान उपार्जन का कार्य सोसायटियों द्वारा गोदाम स्‍त्‍ार पर कराया गया था? यदि हाँ, तो ऐसी सोसायटियों के नाम एवं उनके द्वारा उपार्जित मात्रा की सोसायटीवार जानकारी दी जावे।                                                            (ख) प्रश्नांश (क) से संबंधित सोसायटियों के संबंध में क्‍या उनके द्वारा वेयरहाउस गोदाम स्‍तर पर की गयी खरीदी के परिदान व्‍यय की राशि आज पर्यन्‍त तक मध्‍यप्रदेश स्‍टेट सिविल सप्‍लाईज कार्पो. सतना द्वारा भुगतान नहीं की गयी है? यदि हाँ, तो ऐसी राशि का भुगतान किस दर पर और कब तक किया जावेगा? (ग) प्रश्नांश (ख) के प्रकाश में अभी तक भुगतान ना किये जाने के लिए उत्‍तरदायी व्‍यक्ति के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की जावेगी तथा अभी तक भुगतान ना किये जाने का कारण स्पष्‍ट करें? उक्‍त सोसायटियों की लम्बित उक्‍त रा‍शि का भुगतान ब्‍याज सहित कब तक किया जावेगा?

खाद्य मंत्री ( श्री ओम प्रकाश धुर्वे ) : (क) जी हाँ। सतना जिले में खरीफ विपणन वर्ष 2015-16 में गोदाम स्‍तर पर धान उपार्जन हेतु संलग्‍न संस्‍थाओं एवं उपार्जित मात्रा की जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) वर्ष 2015-16 में गोदाम स्‍तर पर धान उपार्जन हेतु समितियों को पृथक से परिदान व्‍यय के भुगतान का कोई प्रावधान नहीं था। समितियों को निर्धारित कमीशन के अतिरिक्‍त लेबर व्‍यय रू. 8 प्रति क्विंटल की दर से भुगतान किए जाने का प्रावधान था, जिसका भुगतान किया गया है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) समितियों का कोई भुगतान लंबित न होने से कोई कार्यवाही अपेक्षित नहीं है।

परिशिष्ट - ''दो''

खसरे की नकल हेतु सॉफ्टवेयर तैयार किया जाना

[राजस्व]

14. ( *क्र. 5204 ) डॉ. मोहन यादव : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                                                            (क) 01 जनवरी, 2014 से प्रश्‍न दिनांक तक कृषकों की खसरा बी, 1 एवं कृषकों की खाता अद्यतन की प्रविष्टि की नकल प्रदान करने हेतु कौन-कौन से अधिकारी से सॉफ्टवेयर तैयार किये गये? सॉफ्टवेयर तैयार करने हेतु जारी निविदा, विज्ञप्ति, प्राप्त आवेदन, अनुबंध, कार्य पूर्ण करने की                                                           समय-सीमा, सॉफ्टवेयर प्रारंभ करने की शिकायत, सॉफ्टवेयर प्रारंभ करने के बाद प्राप्त शिकायत, संबंधित कंपनी/एजेंसी को किये गये भुगतान, प्राप्त शिकायत पर की गई कार्यवाही आदि का विस्तृत ब्यौरा मय दस्तावेज के प्रदान करें? वर्तमान में कौन सा सॉफ्टवेयर कार्य कर रहा है?                                                                         (ख) प्रश्नांश (क) की जानकारी अनुसार सॉफ्टवेयर के ठीक से काम नहीं करने के लिये साफ्टेवयर प्रारंभ करने से पहले सभी पहलुओं पर विचार नहीं करते हुए सॉफ्टवेयर प्रारम्भ करने से कृषकों को और विभाग के कर्मचारियों को होने वाली कठिनाईयों और विभाग के आर्थिक नुकसान के लिये कौन अधिकारी दोषी है? (ग) क्या अनुविभागीय अधिकारी द्वारा संपूर्ण जाँच किये जाने के उपरान्त दोषी व्यक्तियों के विरूद्ध पुलिस में प्रकरण दर्ज किये जाने के आदेश देने के बाद भी थाना प्रभारी द्वारा पुन: जाँच कर आरोपियों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है? यदि नहीं, तो प्रश्नांश (क) के जवाब के प्रकाश में आरोपियों के विरूद्ध प्रकरण दर्ज क्यों नहीं किया गया?                                                                             विवरण प्रस्तुत करें।

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) 1 जनवरी, 2014 से प्रश्‍न दिनांक तक कृषकों की खसरा बी, 1 एवं कृषकों की खाता अद्यतन की प्रविष्टि की नकल प्रदान करने हेतु NIC क्लाइन्ट/सर्वर सॉफ्टवेयर आधारित ऑफलाइन सॉफ्टवेयर NIC द्वारा बनाया गया है तथा वेब बेस्ड जी.आई.एस. ऑनलाइन वेब आधारित सॉफ्टवेयर जो निविदा में चयनित वेंडर द्वारा बनाया जा रहा है। अन्य जानकारी वृहद होने से संकलित की जा रही है। (ख) जिलों से प्राप्त विभिन्न सुझावों/समस्याओं/शिकायतों के आधार पर सॉफ्टवेयर में आवश्यक संशोधन/सरलीकरण किया गया है। अतः नागरिकों की सुविधाओं एवं भविष्य की आवश्यकताओं को दृष्टिगत रखते हुए ऑनलाइन सॉफ्टवेयर को लागू किया जा रहा है। सरलीकरण एक सतत् प्रक्रिया है। सॉफ्टवेयर का निर्माण निविदा में चयनित वेंडर के तकनीकी अमले द्वारा PPP Boot model पर किया जा रहा है, जिससे शासन को कोई आर्थिक नुकसान नहीं हो रहा है। (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

बिना अनुमति के अचल सम्‍पत्ति की खरीदी

[गृह]

15. ( *क्र. 4462 ) श्री नीलांशु चतुर्वेदी : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                                                             (क) क्‍या लखविंदर सिंह म.प्र. पुलिस में लिपिक/उप निरीक्षक के पद पर या अन्‍य किसी पद पर वर्ष 2011 में आई.जी. भोपाल के कार्यालय में या एस.पी. भोपाल के कार्यालय में पदस्‍थ रहे? प्रश्नांश (क) में उल्‍लेखित व्‍यक्ति की म.प्र. पुलिस में किस दिनांक को, किस पद पर, किस स्‍थान पर पहली पदस्‍थापना, किस पे ग्रेड पर हुई? उक्‍त व्‍यक्ति अपने सेवाकाल के दौरान किस-किस स्‍थान पर                       कितने-कितने समय, किस-किस कार्यालय में पदस्‍थ रहा? (ख) प्रश्नांश (क) में उल्‍लेखित व्‍यक्ति के द्वारा शासकीय सेवा में रहते हुये शासन के गृह (पुलिस) विभाग एवं पुलिस महानिदेशक म.प्र. पुलिस या अन्‍य किस सक्षम कार्यालय से अपने स्‍वयं के नाम/पत्‍नी के नाम/नाबालिक पुत्रियों के नाम/बालिग पुत्रियों के नाम कितनी राशि की अचल संपत्ति खरीदे जाने की आज्ञा/अनुमति/एन.ओ.सी. कब-कब ली? (ग) क्‍या शासकीय सेवा के दौरान खरीदी जाने वाली अचल संपत्ति का विवरण विभाग को देना अनिवार्य है तथा क्‍या उक्‍त खरीदी गई अचल संपत्ति की अनुमति भी लेना अनिवार्य है? क्‍या सेवा में रहते लखविंदर सिंह ने जो अचल संपत्ति खरीदी उसकी विभाग ने मंजूरी कब-कब, किस सक्षम कार्यालय ने जारी की? (घ) प्रश्नांश (क) में वर्णित व्‍यक्ति के विरूद्ध उसकी सेवाकाल के दौरान पुलिस महानिदेशक/ए.डी.जी. शिकायत/ए.डी.जी. ई.ओ.डब्‍लू./आई. जी. भोपाल/एस.पी. भोपाल को कितनी शिकायतें प्राप्‍त हुईं? उक्‍त शिकायतों पर क्‍या जाँच हुई? जाँच रिपोर्टों एवं जाँच के निष्‍कर्षों का विवरण उपलब्‍ध करायें? क्‍या कार्यवाही विभाग ने की? विवरण दें

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) लखविंदर सिंह की सेवा पुस्तिका में अंकित जानकारी के अनुसार उनके द्वारा स्वयं के नाम/पत्नी के नाम/नाबालिक पुत्रियों के नाम/बालिग पुत्रियों के नाम कुल तीन अचल संपत्ति खरीदे जाने की अनुमति विभाग से ली गई है। लखविंदर सिंह द्वारा ली गई अनुमति की छायाप्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ग) जी हाँ, मध्य प्रदेश सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम 19 में दिये गये प्रावधान के अनुसार शासकीय सेवक को सेवा के दौरान खरीदी जाने वाली अचल सम्पत्ति स्वयं के नाम या परिवार के किसी सदस्य के नाम पर अर्जित करने की जानकारी निर्धारित प्राधिकारी को देना आवश्यक है। प्रश्नांश का शेष अंश प्रश्नांश (ख) के उत्तर को दृष्टिगत रखते हुये उपस्थित नहीं होता है। (घ) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''अनुसार है।

सिटी कोतवाली टी.आई. द्वारा व्‍यापारियों से अभद्र व्‍यवहार

[गृह]

16. ( *क्र. 2800 ) श्री नरेन्‍द्र सिंह कुशवाह : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                                                  (क) क्‍या दिनांक 04 फरवरी, 2018 को जैन मे‍डिकल स्‍टोर पुस्‍तक बाजार भिण्‍ड में दोपहर 12 बजे सिटी कोतवाली टी.आई. ने घुसकर नीरज पुजारी से मारपीट की? यदि हाँ, तो मारपीट करने का क्‍या कारण था? (ख) प्रश्नांश (क) के अंतर्गत अतिक्रमण हटाने को लेकर पूर्व में लिखित और मौखिक सूचना कब दी गई? क्‍या अतिक्रमणकारी व्‍यक्तियों की मारपीट एवं गाली-गलौच करना वैधानिक प्रक्रिया है? यदि नहीं, तो इस प्रक्रिया को क्‍यों अपनाया गया? इसके लिये कौन दोषी हैं? दोषियों पर क्‍या कार्यवाही की जावेगी? (ग) क्‍या प्रश्नांश (क) और (ख) में नियमों के विपरीत कार्यवाही की गई? यदि हाँ, तो क्‍या इसकी उच्‍च स्‍तरीय जाँच की जायेगी? क्‍या निर्दोष व्‍यक्तियों के ऊपर पंजीबद्ध प्रकरणों को हटाया जायेगा? (घ) क्‍या घटना के समय एडीशनल एस.पी. ने पीड़ि‍त व्‍यक्तियों से चर्चा की? यदि हाँ, तो उस समय क्‍या बलवा, हमला, झगड़ा अवरोध प्रतिरोध हुआ था? यदि नहीं, तो घटना के समय प्राथमिक सूचना रिपोर्ट किस आदेश से पंजीबद्ध की गई? क्‍या व्‍यापारी द्वारा नियमों के विपरीत कार्य किया गया था? यदि हाँ, तो विवरण दें?

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) जी नहीं। (ख) अतिक्रमण के कारण मार्ग अवरूद्ध होने से अतिक्रमण हटाने हेतु थाना प्रभारी सिटी कोतवाली भिण्ड द्वारा शहर भ्रमण के दौरान दिनांक 08.01.2018, 14.01.2018, 17.01.2018 एवं 24.01.2018 को मौखिक रूप से समझाईश दी गई थी। जी नहीं। मारपीट एवं गाली-गलौच की प्रक्रिया नहीं अपनाई गई। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता। (ग) जी नहीं। उच्च स्तरीय जाँच की आवश्यकता नहीं है। अपराध विवेचना में है। पाये गये साक्ष्य अनुसार कार्यवाही की जाएगी। (घ) अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने घटना के समय चक्का जाम कर रहे व्यक्तियों को समझाईश दी थी। चक्का जाम कर रहे व्यक्तियों द्वारा आवागमन के मार्ग को बाधित किये जाने की घटना अपराध की श्रेणी में होने से थाना कोतवाली भिण्ड में अपराध क्रमांक 48/2018 धारा 341, 147 भारतीय दण्ड विधान पंजीबद्ध किया गया था। प्रकरण विवेचना में है।

मजरे टोलों को राजस्‍व ग्राम घोषित किया जाना

[राजस्व]

17. ( *क्र. 4729 ) श्री दुर्गालाल विजय : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                                                           (क) प्रदेश में शासन निर्देशानुसार किसी भी मजरे टोले को पृथक राजस्‍व ग्राम बनाये जाने हेतु क्‍या ग्राम मजरे टोलों की जनसंख्‍या 200 से अधिक, मूल आबादी से 2 कि.मी. की दूरी व 200 एकड़ का क्षेत्रफल होना चाहिए? (ख) यदि हाँ, तो उक्‍त मापदण्‍डानुसार श्‍योपुर विधानसभा क्षेत्रान्‍तर्गत 01.01.2014 से वर्तमान तक कौन-कौन से चिन्हित मूल ग्रामों के कौन-कौन से मजरे टोलों को पृथक राजस्‍व ग्राम घोषित किया गया, में से किन-किन मजरे टोलों के ग्रामों के अधिकार अभिलेख व अन्‍य वैधानिक कार्य पूर्ण कर लिये गये हैं, कौन-कौन से ग्रामों के नहीं व क्‍यों? कब तक पूर्ण किये जावेंगे? इन्‍हें पूर्ण करने में विलम्‍ब के लिये उत्‍तरदायियों के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की जावेगी? (ग) क्षेत्रान्‍तर्गत ग्राम, मजरा व टोला चिमलका सौभागपुरा, हनुमानखेड़ा, कोलूखेड़ा, झोपड़ी सहित कौन-कौन से मजरे टोले ग्राम ऐसे हैं, जो उक्‍त मापदण्‍डानुसार राजस्‍व ग्राम बनाने हेतु पात्र हैं, इन्‍हें पृथक राजस्‍व ग्राम घोषित क्‍यों नहीं किया जा रहा है? कब तक घोषित किया जावेगा? शेष अपात्र मजरे टोलों को मूलभूत सुविधा उपलब्‍ध कराने हेतु क्‍या शासन उक्‍त मापदण्‍डों को और अधिक सरल करेगा व कब तक? यदि नहीं, तो क्‍यों।

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) जी हाँ। (ख) मूलग्राम बर्धाबुजुर्ग का मजरा टोला प्रताप नगर मूलग्राम खोजीपुरा का मजरा टोला नीमदा का सहराना मूलग्राम वगदरी का मजरा टोला छोलघटा मूलग्राम हॉसलपुर का मजरा टोला शालापथ मूलग्राम धीरौली का मजरा टोला हरनामचन्द का टपरा मूलग्राम काशीपुर का मजरा टोला कल्याणपुरा मूलग्राम सेवापुर का मजरा टोला बहरामपुरा मूलग्राम जावदेश्वर का मजरा टोला चीमलका मूलग्राम बहरावदा का मजरा टोला ढ़ीमचोतरा, मूलग्राम शंकरपुर का मजरा टोला मथुरा का सहराना, मूलग्राम ईछना खेडली का मजरा टोला दीतपुरा, मूलग्राम छीताखेडली का मजरा टोला रामनगर, मूलग्राम पटपडा का मजरा टोला कोल्हूखेड़ा, मूलग्राम विजरपुर का मजरा टोला मालीवाड़ी, मूलग्राम पनवाड का मजरा टोला रूण्डी, मूलग्राम फिलोजपुरा का मजरा टोला भैरूखेडी को मध्य प्रदेश शासन राजस्व विभाग मंत्रालय वल्लभ भवन भोपाल की                                                                                   अधिसूचना क्र. एफ-15-7/2017/सात/शाखा-6/886 भोपाल, दिनांक 05.08.2017 एवं अधिसूचना                                                                                              क्र. एफ-15-21/2017/सात-6 भोपाल दिनांक 25.01.2018 से राजस्व ग्राम घोषित की जाने की अधिसूचना जारी की गई है। उक्त घोषित किये गये राजस्व ग्रामों के अधिकार अभिलेख व अन्य वैधानिक कार्य पूर्ण किये जाने हेतु कार्यवाही प्रचलित है। प्रक्रिया चरणबद्ध होने से समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ग) मजरा टोला चीमलका व कोल्हूखेड़ा को मध्य प्रदेश शासन राजस्व विभाग मंत्रालय वल्लभ भवन भोपाल की अधिसूचना क्र. एफ- -15-21/2017/सात-6 भोपाल दिनांक 25.01.2018 से राजस्व ग्राम घोषित किये जा चुके हैं। शेष मजरा टोला सौभागपुरा, हनुमानखेड़ा एवं झोपड़ी सहित अन्य पात्र मजरा टोलों को राजस्व ग्राम बनाये जाने हेतु कार्यवाही प्रचलित है। मापदण्‍ड में न आने वाले मजरे टोलों में भी मूलभूत सुविधायें शासन द्वारा उपलब्ध करायी जा रही हैं, शेष प्रश्न उद्भूत नहीं होता है।

अनुसूचित जन‍जाति वर्ग के व्‍यक्तियों की भूमि का क्रय-विक्रय 

[राजस्व]

18. ( *क्र. 4597 ) श्री मनोज कुमार अग्रवाल : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या म.प्र. भू-राजस्‍व संहिता 1959 के प्रावधानों के तहत अनुसूचित जन जाति के भूमियों को कलेक्‍टर की आज्ञा के बिना गैर अनुसूचित जनजाति के नाम पर हस्‍तांतरण नहीं किया जा सकता है? (ख) यदि हाँ, तो क्‍या सोहागपुर नं. 1 पटवारी हल्‍का नम्‍बर 77 तहसील सोहागपुर जिला शहडोल की भूमि खसरा नं. 1685 रकबा 5.00 एकड़ भूमि अनुसूचित जनजाति के कृषक के नाम पर थी, किन्‍तु अवैधानिक तरीके से गैर अनुसूचित जनजातियों के द्वारा अपने नाम पर नामांतरण कराकर विक्रय कर दिया गया? (ग) क्‍या शासन द्वारा विस्‍तृत जाँच कराकर नियमानुसार पूर्ववत् मूल कृषक या उनके वारिसों के नाम पर दर्ज किया जावेगा? यदि हाँ, तो कब तक यदि नहीं, तो क्‍यों? (घ) क्‍या गैरकानूनी तरीके से भूमि क्रय-विक्रय करने वाले तथा अवैधानिक नामांतरण करने वाले व्‍यक्तियों के विरूद्ध कानूनी कार्यवाही की जावेगी? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्‍यों?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) जी हाँ। (ख) जी नहीं। (ग) एवं (घ) प्रश्‍नांश (क) व (ख) के उत्‍तर के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उत्‍पन्‍न नहीं होता।

सूखाग्रस्‍त क्षेत्र के किसानों को राहत राशि का प्रदाय

[राजस्व]

19. ( *क्र. 191 ) श्री दिनेश कुमार अहिरवार : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या विधानसभा क्षेत्र जतारा जिला-टीकमगढ़ में इस वर्ष भयंकर सूखा पड़ा है? किसानों के खेत खाली पड़े हैं, पूरा क्षेत्र सूखे की चपेट में है? (ख) यदि हाँ, तो कृषि विभाग किसानों की इस दयनीय स्थिति में क्‍या राहत देने जा रहा है, जिससे किसानों को इस संकट से राहत मिल सके।                                                                            (ग) क्‍या किसानों के खेत खाली होने से जानवरों के चारे की विकट समस्‍या खड़ी हो रही है? यदि हाँ, तो इसके लिए शासन क्‍या कदम उठायेगा? (घ) सूखा राहत राशि किसानों को कब तक वितरण की जाएगी? साथ ही राहत राशि वितरण का क्‍या मापदण्‍ड होगा?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) जी हाँ, सूखा मैन्‍युल 2016 के अनुसार खरीफ फसल हेतु सूखा प्रभावित क्षेत्र घोषित किया गया है। (ख) सूखा प्रभावित किसानों को आर.बी.सी. 6-4 के तहत राहत राशि प्रदाय किए जाने की कार्यवाही प्रचलित है। (ग) जी नहीं, पशुओं के चारे की व्‍यवस्‍था की गई है। (घ) प्रश्‍नांश (क) के संबंध में राजस्‍व पुस्‍तक परिपत्र 6 (4) के अनुसार कुल 86093 प्रभावित कृषकों में से 32781 कृषकों को 17.59 करोड़ राहत राशि का वितरण किया गया है, शेष कृषकों को वितरण राजस्‍व पुस्‍तक परिपत्र 6 (4) के मापदण्‍ड अनुसार शीघ्र कर दिया जायेगा।

रीवा संभाग अंतर्गत संचालित फैक्‍िट्रयों में प्रदूषण की जाँच 

[पर्यावरण]

20. ( *क्र. 3775 ) श्रीमती शीला त्‍यागी : क्या पशुपालन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रीवा संभाग में वर्ष 2010 से प्रश्‍न दिनांक तक किन-किन प्रतिष्‍ठानों/फैक्ट्रियों एवं सीमेन्‍ट प्‍लान्‍टों को पर्यावरण के प्रदूषण कन्‍ट्रोल के लिए प्रदूषण विभाग व ग्रीन ट्रिब्‍यूनल विभाग की अनापत्ति प्रमाण पत्र/अनुज्ञा पत्र सक्षम अधिकारी राज्‍य व केन्‍द्र सरकार से प्राप्‍त है? जिलावार, इकाईवार जानकारी देवें। (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में किन-किन फैक्ट्रियों व प्‍लान्‍टों को कारण बताओ नोटिस प्रदान किये गये हैं? कारण सहित जिलावार जानकारी देवें। (ग) प्रश्नांश (ख) के संदर्भ में पर्यावरण व ग्रीन ट्रिब्‍यूनल के नियम के पालन न करने के लिए कौन दोषी है? फैक्ट्री/प्‍लान्‍ट या अधिकारी बतायें। (घ) प्रश्नांश (ख) एवं (ग) के संदर्भ में दण्‍डात्‍मक कार्यवाही न करने के लिए कौन अधिकारी दोषी है? दोषी अधिकारी के विरूद्ध कौन सी दण्‍डात्‍मक कार्यवाही कब तक की जावेगी?

पशुपालन मंत्री ( श्री अंतर सिंह आर्य ) : (क) प्रश्नाधीन अवधि में मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा रीवा संभाग के जिला सिंगरौली, सतना, रीवा एवं सीधी के प्रतिष्ठानों/फैक्ट्रियों (सीमेंट प्लांट सहित) को जल (प्रदूषण निवारण तथा नियंत्रण) अधिनियम 1974 एवं वायु (प्रदूषण निवारण तथा नियंत्रण) अधिनियम 1981 के प्रावधानानुसार प्रदत्त सम्मति, परिसंकटमय एवं अन्य अपशिष्ठ (प्रबंधन एवं सीमापार संचलन) नियम 2016 तथा जीव चिकित्सा अपशिष्ठ (प्रबंधन एवं हथालन) नियम, 2016 के अंतर्गत प्रदत्त प्राधिकार व केन्द्र शासन पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, राज्य/जिला स्तरीय पर्यावरण प्रभाव आंकलन प्राधिकरण से प्राप्त पर्यावरणीय स्वीकृति (ई.सी.) की सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। ग्रीन ट्रिब्यूनल विभाग की अनापत्ति/अनुज्ञा की जानकारी बोर्ड के संज्ञान में नहीं है। (ख) जिलेवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ग) प्रश्नांश (ख) के परिप्रेक्ष्य में उल्लंघनकर्ताओं के विरूद्ध की गई कार्यवाही की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (घ) उत्तरांश (ग) के परिप्रेक्ष्य में शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।

कुम्‍हार कारीगरों को आवंटित भूमि पर कब्‍जा 

[राजस्व]

21. ( *क्र. 2250 ) श्री आर.डी. प्रजापति : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या मध्‍यप्रदेश शासन द्वारा मध्‍यप्रदेश के कुम्‍हार कारीगरों को मिट्टी का कार्य करने हेतु भूमि आवंटित की गयी थी? यदि हाँ, तो सागर संभाग में कितनी भूमि आवंटित की गयी थी? जिलेवार बतावें। (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार क्‍या उक्‍त संभाग के जिलों में उक्‍त आरक्षित भूमि पर कब्‍जा हो गया है? यदि हाँ, तो जिलेवार उक्‍त भूमि पर कब्‍जा करने वाले व्‍यक्तियों के नाम पता, भूमि का खसरा क्र. सहित जानकारी देवें? (ग) क्‍या सागर संभाग के सभी जिलों में मिटटी का कार्य करने वाले कुम्‍हार/प्रजापति समाज के कारीगरों को शासन द्वारा आवंटित भूमि पर कब्‍जा होने से जीविकोपार्जन व मिट्टी का कार्य करने में जमीन ना होने से भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है? (घ) प्रश्नांश (क), (ख), (ग) अनुसार प्रजापति समाज के कारीगरों/मिट्टी का कार्य करने वालों को शासन द्वारा उक्‍त भूमि कब्‍जाधारियों से वापिस कब तक प्रदाय की जावेगी एवं कारीगरों को उक्‍त भूमि के अलावा और क्‍या योजनायें उपलब्‍ध करायी जावेंगी व कब तक?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) जी हाँ। सागर संभाग में सागर जिले में 22.34 हे. भूमि। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। दमोह जिले में 14.36 हे. भूमि, टीकमगढ़ जिले में 146.433 हे. भूमि कुम्‍हार कारीगरों को मिट्टी का कार्य करने हेतु आरक्षित की गई है। शेष जिलों की जानकारी निरंक है। (ख) आरक्षित भूमि पर कोई कब्‍जा नहीं किया गया है। शेष प्रश्‍न उद्भूत नहीं होता है। (ग) एवं (घ) प्रश्‍नांश (ख) के उत्‍तर के संदर्भ में प्रश्‍न उद्भूत नहीं होता।

उद्योगों को लीज पर भूमि का आवंटन

[राजस्व]

22. ( *क्र. 4489 ) डॉ. राजेन्‍द्र पाण्‍डेय : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                                                             (क) क्‍या जावरा नगर एवं पिपलौदा नगर में जिनिंग कार्यों एवं रबर फैक्‍ट्री इत्‍यादि संबंधी उद्योगों को स्‍थापित किये जाने हेतु शासन/विभाग द्वारा उक्‍ताशय के उद्योगों को स्‍थापित किये जाने हेतु लीज पर भूमियां अनुबंध कर शर्तों के आधार पर दी थी? (ख) यदि हाँ, तो क्‍या जावरा नगर स्थित वतर्मान में जवाहर कॉलोनी महावीर कॉलोनी, तिलक नगर कॉलोनी एवं पिपलौदा नगर में जिनिंग फैक्‍ट्री भूमि इत्‍यादि स्‍थानों के अलावा भी भिन्‍न-भिन्‍न प्रकार के उद्योग धंधे स्‍थापित किये जाने हेतु अनुबंध कर भूमियां दी गई थीं? जो उद्योग बंद हो गये? (ग) यदि हाँ, तो विगत वर्षों में षडयंत्रपूर्वक उद्योग धंधों पर ऋण लेकर नहीं चुकाया गया, ना ही विक्रय कर की (सेल्‍स टैक्‍स) अदायगी की गई, जिन कारणों से बैंकों एवं सेल्‍स टैक्‍स विभाग की बकाया राशि शेष होने से नीलामी की गई? लीज प्रयोजन समाप्‍त होने पर भूमि क्‍या शासन समर्पित होना थी? (घ) यदि हाँ, तो बताएं कि ऋण की बकाया राशि उद्योगों फर्मों, व्‍यक्तियों पर शास्तिक होती थी, जिसकी वसूली उनके स्‍वामित्‍व की भूमियों, भवनों, फैक्ट्रियों, मशीनरी, जेवर, जायदाद इत्‍यादि से वसूल की जाना थी, जो कि षड्यंत्रपूर्वक नहीं की जाकर उनसे वसूली क्‍यों नहीं की गई एवं शासनाधीन भूमियां वसूली हेतु नीलाम कर दी गई तो संपूर्ण स्थितियों की सक्षम जाँच की जाकर कार्यवाहियां की जाएंगी, तो कब की जाएंगी?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) जी नहीं। (ख) से (घ) उत्तरांश (क) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उद्भूत नहीं होता।

मुलताई विधानसभा क्षेत्र में अवैध कॉलोनियों की संख्‍या

[राजस्व]

23. ( *क्र. 5184 ) श्री चन्‍द्रशेखर देशमुख : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या मुलताई नगरीय क्षेत्र में राजस्व अभिलेख का नक्शा 1 : 16 के अनुपात में निर्मित किया गया है? यदि हाँ, तो क्या नगरीय क्षेत्र में छोटे-छोटे भू-खण्‍ड के नक्शे दर्ज हो पाते हैं? (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार मुलताई न्यायालय में वर्ष अप्रैल 2009 से प्रश्न दिनांक तक दर्ज हुये प्रकरणों की जानकारी प्रकरण का नाम, प्रकरण दर्ज दिनांक, प्रकरण निराकरण हुये या नहीं, प्रकरण निराकरण दिनांक के साथ सूची में देवें। (ग) मुलताई शहरी क्षेत्र में वर्ष 2009 से आज दिनांक तक अवैध कालोनियों की जानकारी अवैध कॉलोनी का नाम, की गयी कार्यवाही की जानकारी दिनांकों से कॉलोनीवार सूची में उपलब्ध करायें। अनुविभागीय अधिकारी राजस्व मुलताई द्वारा किस भू-स्वामी की कौन से खसरे नम्बर की भूमि प्रबंधन में ली गई? इनमें से किस खसरे को विक्रय की अनुमति किस स्तर के अधिकारियों द्वारा कब दी गयी, कारण सहित सूची उपलब्ध करायें। (घ) प्रश्नांश (ग) अनुसार नपा मुलताई द्वारा उक्त अवैध कालोनियों में क्या-क्या विकास कार्य वर्ष 2009 से आज प्रश्न दिनांक तक कराये गये? कार्य का नाम, कार्य पूर्णता दिनांक, स्वीकृत राशि, व्यय की गई राशी की जानकारी सूची में दें। क्‍या उक्त कार्य में व्यय की गई राशि शासकीय राशि का अपव्यय माना जायेगा? यदि नहीं, तो कारण स्पष्ट करें। दोषी अधिकारियों पर क्या कार्यवाही की जायेगी।

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

इंदिरा सागर जलाशय/ओंकारेश्वर जलाशय में मत्स्याखेट

[मछुआ कल्याण तथा मत्स्य विकास]

24. ( *क्र. 5187 ) श्री लोकेन्द्र सिंह तोमर : क्या पशुपालन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) इंदिरा सागर और ओंकारेश्वर जलाशय में मत्स्याखेट करने हेतु वर्ष 2013-14 से 2017-18 तक किन-किन ठेकेदारों को कितनी अवधि का ठेका दिया गया है? (ख) क्या मत्स्याखेट करने वाले ठेकेदारों से भी मत्स्य बीज डलवाए गए हैं? यदि हाँ, तो किस ठेकेदार से बीज कब कब डलवाये गए हैं? (ग) प्रश्नांश (ख) अनुसार इन ठेकेदारों द्वारा किस-किस प्रान्त से कितनी मात्रा में प्रतिवर्ष मत्स्य बीज खरीदा गया है? मत्‍स्‍याखेट करने वाले ठेकेदारों के द्वारा मत्स्य बीज का परिवहन किन-किन वाहनों से किया गया है? उन वाहनों के नम्बर तथा इन वाहनों द्वारा जिस स्थान से बीज का परिवहन किया है वहां से बीज डाले जाने वाले स्थान तक की टोल टैक्स रसीदें उपलब्ध करावें। जहां से बीज भरा गया है वहां की रसीद एवं जहां बीज डाला गया वहां की भी रसीद उपलब्ध करावें। (घ) क्या इंदिरा सागर जलाशय व ओंकारेश्वर जलाशय में मत्स्य बीज डाला गया था? (ड.) क्या मत्स्य बीज डालते समय जनप्रतिनिधियों को बुलाने का प्रावधान है? यदि हाँ, तो वर्ष 2013-14 से वर्ष 2017-18 तक मत्स्य बीज, जलाशयों में डालते समय किन-किन जनप्रतिनिधियों को उपस्थित रहने की सूचना दी है? यदि सूचना नहीं दी गई तो उसका क्या कारण है? मत्स्य बीज डालते समय कौन जनप्रति‍निधि उपस्थित रहे?

पशुपालन मंत्री ( श्री अंतर सिंह आर्य ) : (क) प्रश्‍नाधीन जलाशयों को मत्‍स्‍य पालन ठेके पर नहीं दिया जाता है। अपितु आखेटित मछली के विक्रय हेतु ई-टेण्‍डर से अनुबंध निष्‍पादित किया जाता है। मत्‍स्‍य विक्रय अनुबंधग्राहिताओं की जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार(ख) जी नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) उत्‍तरांश (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) जी हाँ। (ड.) जी नहीं। अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''तीन''

नगर सनावद के बीमा अस्पताल को प्रारम्भ करना

[श्रम]

25. ( *क्र. 2943 ) श्री हितेन्द्र सिंह ध्‍यान सिंह सोलंकी : क्या राज्यमंत्री, श्रम महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नगर सनावाद में संचालित बीमा अस्पताल को राज्य शासन द्वारा कब से एवं क्यों बंद कर दिया गया है? उचित कारण सहित जानकारी देवें। (ख) प्रश्नकर्ता द्वारा पत्र क्रमांक 1151, दिनांक 12.08.2017 से मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव आदि के नगर सनावाद में सूत मिल, सेलदा में पावर प्लांट, ओंकारेश्वर में पावर प्लांट, पुनासा में पावर प्लांट आदि के लेबर में मेडिकल सुविधा के लिए लिखे गए पत्रों पर विभाग द्वारा क्या कार्यवाही की गई है? संदर्भित पत्रों के संलग्न आवेदन में लेबरों द्वारा इंदौर स्थित बीमा अस्पताल में उन्हें सनावद अस्पताल में रेफर पर्ची मांगने की शिकायत पर विभाग द्वारा क्या कार्यवाही की गई है? (ग) क्या इन हजारों कर्मचारियों के स्वास्थ्य सुविधा को देखते हुए शासन नगर सनावद के अस्पताल की सुविधा प्रारम्भ करने की कार्यवाही करेगा? यदि हाँ, तो कब? यदि नहीं, तो क्यों? यदि नहीं, तो ये कर्मचारी अपना एवं उनके परिवार का उपचार कैसे कराएंगे?

राज्यमंत्री, श्रम ( श्री बालकृष्ण पाटीदार ) : (क) नगर सनावद में संचालित बीमा अस्पताल को राज्य शासन द्वारा दिनांक 01.09.2005 से बन्द किया गया, क्योंकि तत्समय बीमितों की संख्या घटकर 50 हो गई थी और उस समय 22 श्रमिक ही व्याप्ति के क्षेत्र में थे। इस कारण सनावद केन्द्र की उपयोगिता समाप्त हो गई एवं वहां पदस्थ अमले पर लगभग रूपये दस लाख व्यय भार आ रहा था। इस कारण राज्य शासन द्वारा नगर सनावद के बीमा अस्पताल को बन्द किया गया।                                                                (ख) प्रश्नांश के सन्दर्भ में कर्मचारी राज्य बीमा निगम, पंचदीप भवन, इन्दौर द्वारा निम्न जानकारी प्रेषित की गई है :- 1. प्रश्नकर्ता के पत्र क्रमांक 1151 दिनांक 12.08.2017 के सन्दर्भ में पावर प्लांट सैलदा, ओंकारेश्वर, पुनासा के बीमितों/आश्रितों हेतु निजी चिकित्सकों/निजी चिकित्सालयों से अनुबंध करने की कार्यवाही प्रारंभ कर दी गई है। 2. कर्मचारी राज्य बीमा निगम द्वारा चिकित्सा सुविधा उपलब्ध न होने की स्थिति में बीमित/परिवार सदस्य कर्मचारी राज्य बीमा निगम के रेग्युलेशन                                                    96-ए के अंतर्गत चिकित्सा सुविधा का लाभ ले सकते हैं, अर्थात् बीमित हितग्राही किसी भी निजी चिकित्सालय से निदान/उपचार प्राप्त कर देयक क्षेत्रीय कार्यालय कर्मचारी राज्य बीमा निगम, पंचदीप भवन, नन्दानगर इन्दौर के पते पर भुगतान हेतु भेज सकते हैं। 3. इन्दौर स्थित कर्मचारी राज्य बीमा आदर्श चिकित्सालय द्वारा सनावद के बीमितों/आश्रितों से रैफर पर्ची मांगने के सन्दर्भ में चिकित्सा अधीक्षक, आदर्श चिकित्सालय, इन्दौर को निर्देश दिये गये हैं कि जब तक उपरोक्त क्षेत्रों में बीमा चिकित्सा व्यवसायी/औषधालय की व्यवस्था नहीं हो जाती तब तक बिना फार्म-4 (संदर्भन पर्ची) के उपचार/निदान उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। तदुपरान्त इन्दौर स्थित बीमा अस्पताल में इलाज उपलब्ध भी कराया जा रहा है। (ग) प्रश्नांश के सन्दर्भ में कर्मचारी राज्य बीमा निगम, पंचदीप भवन, इन्दौर द्वारा निम्न जानकारी प्रेषित की गई है :- सनावद केन्द्र में कालान्तर में बीमित व्यक्तियों की संख्या में वृद्धि हुई है। अतः सनावद केन्द्र में औषधालय खोलने की कार्यवाही की जा रही है। चूंकि सनावद में पुनः बीमा अस्पताल को खोलने की कार्यवाही कर्मचारी राज्य बीमा निगम (भारत शासन) द्वारा की जाना है, इसलिये राज्य स्तर पर बीमा अस्पताल प्रारंभ करने की तिथि बता पाना संभव नहीं है।

 

 

 






भाग-2

नियम 46 (2) के अंतर्गत अतारांकित प्रश्नोत्तर के रुप में परिवर्तित तारांकित प्रश्नोत्तर


पहाड़ भूमि का आबादी भूमि में परिवर्तन 

[राजस्व]

1. ( क्र. 12 ) डॉ. गोविन्द सिंह : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या भिण्‍ड जिले के मालनपुर में सर्वे क्रमांक 506 पहाड़ पर श्री महेन्‍द्र जाटव एवं अन्‍य लोगों द्वारा शासकीय भूमि पर अतिक्रमण किये जाने एवं पहाड़ी भूमि को आबादी भूमि में परिवर्तित किए जाने के संबंध में कलेक्‍टर भिण्‍ड को की गई शिकायतों की जाँच की कार्यवाही प्रचलित है? (ख) यदि हाँ, तो जाँच कब से किस स्‍तर के अधिकारी द्वारा की जा रही है? जाँच निष्‍कर्षों के आधार पर प्रश्‍न दिनांक तक क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई? जाँच में कौन-कौन दोषी पाये गये तथा अतिक्रमण हटाने की दिशा में अब तक क्‍या कार्यवाही की गई और कब तक अतिक्रमण हटा दिया जायेगा?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) जी नहीं। (ख) प्रश्‍नांश (क) के उत्‍तर के परिप्रेक्ष्‍य में शेष प्रश्‍न उद्भू‍त नहीं होता।

धोखाधड़ी के सभी आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया जाना

[गृह]

2. ( क्र. 761 ) श्री अजय सिंह : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) कार्यालय अपराध अनुसंधान विभाग पुलिस मुख्‍यालय भोपाल के पत्र क्रमांक अ.अ.वि./वि.स./ध्‍याना सू.क्र./172/1632/16 दिनांक 4/11/2016 एवं कार्यालय पुलिस अधीक्षक सतना के पत्र क्रमांक/पुअ/सतना/कोलगवां/417/16 दिनांक 07/04/2017 एवं कार्या.पुलिस अधीक्षक सतना के पत्र क्र./पु.अ./सतना/ओ एम/126-ए/2017 दिनांक 11/05/17 एवं कार्यालय पु.अधीक्षक सतना के पत्र क्र./पु.अ./सतना/शिकायत/सीएसपी/161/17 दिनांक 17/10/17 में उल्‍लेखित धोखाधड़ी के प्रकरणों में प्रश्‍नतिथि तक अपराध पंजीबद्ध क्‍या किया गया है? (ख) क्‍या सतना जिले की थाना कोलगवां एवं सिटी कोतवाली की पुलिस द्वारा प्रश्नांश (क) में उल्‍लेखित पत्रों के बिंदुओं पर प्रश्‍नतिथि तक एफ.आई.आर. दर्ज न कर पुलिस अधीक्षक सतना एवं ए.डी.जी. अपराध अनुसंधान विभाग को लगातार असत्‍य जानकारी देकर सदन के पटल पर गुमराह करने वाली जानकारी दी जा रही है? अगर नहीं तो एफ.आई.आर. दर्ज हुई? (ग) क्‍या थाना सिटी कोतवाली में दर्ज अपराध क्रमांक 169/2017 के आरोपियों की जमानत याचिकायें जिला/उच्‍च न्‍यायालय से निरस्‍त होने के बाद भी उन्‍हें प्रश्‍नतिथि तक गिरफ्तार नहीं किया गया है? गिरफ्तार ना करने पर संबंधित थाने के टी.आई. को अब तक निलंबित कर विभागीय जाँच संस्थित करने के आदेश डी.जी.पी. म.प्र. जारी करेंगे?         (घ) प्रश्नांश (क) एवं (ख) में नहीं तो पुलिस अधीक्षक सतना के पत्र क्रमांक/पु.अ./सतना/ शिकायत/सी.एस.पी./161/7 दिनांक 17/10/17 से नगर पुलिस अधीक्षक को 07 दिवस में कार्यवाही किये जाने के आदेश के बाद प्रश्‍नतिथि तक कोई भी एफ.आई.आर. दर्ज न होने पर पुलिस महानिदेशक म.प्र. पुलिस/ए.डी.जी. अपराध अनुसंधान विभाग किस नाम/पदनाम के अधिकारियों/ कर्मचारियों को दोषी मानता है? अगर नहीं मानता है तो कारण दें? नियमों का उल्‍लेख करें।

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) जी नहीं। शिकायत पत्र क्रमांक 161/2017 की जाँच नगर पुलिस अधीक्षक, सतना द्वारा धोखाधड़ी एवं पैसों के लेन देन की जाँच कराई गई जो अप्रमाणित पाई गई। (ख) जी नहीं। (ग) प्रकरण अनुसंधान में होने से जानकारी दी जाना न्यायसंगत नहीं होगा। (घ) प्रश्नांश का उत्तर प्रश्नांश '''' में समाहित है।

शासकीय भूमि को निजी भूमि में बदले जाने पर जाँच एवं कार्यवाही

[राजस्व]

3. ( क्र. 762 ) श्री अजय सिंह : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या कलेक्‍टर सतना के द्वारा पत्र क्रमांक/राजस्‍व/2016/87 दिनांक 22/03/2016 से जो आदेश जारी किया गया था इसके परिपालन में क्‍या तीन माह के अंदर जाँच समितियों के द्वारा प्रतिवेदन कलेक्‍टर एवं जिला दंडाधिकारी कार्यालय को प्रस्‍तुत किया गया? उक्‍त जारी आदेश की एक छायाप्रति उपलब्‍ध कराते हुये बतायें कि उक्‍त आदेश का पालन प्रश्‍नतिथि तक नहीं करने वाले किस-किस अनुविभागीय अधिकारी/नायब तहसीलदार/तहसीलदार के विरूद्ध कलेक्‍टर सतना/मुख्‍य सचिव/प्रमुख सचिव राजस्‍व/राजस्‍व आयुक्‍त म.प्र. शासन ने किस पत्र क्रमांकों एवं दिनांकों को कब व क्‍या क्‍या कार्यवाही की? अगर नहीं की तो क्‍यों? (ख) क्‍या राजस्‍व निरीक्षक एवं पदेन नायब तहसीलदार रघुराजनगर सतना के द्वारा अनुविभागीय अधिकारी एवं अनुविभागीय दंडाधिकारी रघुराजनगर सतना को 24/01/2017 को जो प्रतिवेदन जमा किया उसमें वर्ष 2010 से 2016 तक शासकीय भूमियों को निजी स्‍वामित्‍व में करने वाले शासकीय कर्मचारियों एवं अधिकारियों एवं भूमाफियाओं के नामों का उल्‍लेख है? उक्‍त पत्र की एक छायाप्रति देते हुये बतायें कि किन-किन शासकीय कर्मचारियों एवं भूमाफियाओं के नाम उक्‍त प्रतिवेदन में शामिल हैं? क्‍या कार्यवाही जिला कलेक्‍टर/राज्‍य शासन के द्वारा निजी हो गयी भूमियों को शासकीय भूमियों में वापस तब्‍दील करने एवं इसमें शामिल शा. कर्मचारियों एवं भूमाफियाओं के विरूद्ध आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध किये जाने की कार्यवाही प्रश्‍नतिथि तक की गयी? (ग) सतना जिले के किस-किस अनुविभाग के      किस-किस पटवारी हल्‍के की किस किस क्रमांकों की कितनी कितनी रकबे की शासकीय भूमियों को दस्‍तावेजों में कूट रचना कर निजी स्‍वामित्‍व में बदले जाने (हस्‍तांतरित ) के प्रकरण प्रश्‍नतिथि तक आये हैं? प्रकरणवार/रकबे व आराजी क्रमांकवार/पटवारी हल्‍केवार/अनुविभागवार विवरण दें?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) से (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

हैण्‍डपंप खनन की जानकारी 

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

4. ( क्र. 808 ) डॉ. गोविन्द सिंह : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) भिण्‍ड जिले के अंतर्गत 1 जनवरी 2015 से 31 दिसम्‍बर 2017 तक किस-किस विधानसभा क्षेत्र में कितने हैण्‍डपंप खनन कराये गये? विधानसभा क्षेत्रवार अलग-अलग संख्‍या दें। (ख) विधानसभा के प्रश्‍न क्रमांक 1674 दिनांक 29.11.2017 (क) के उत्‍तर में क्रमांक 142 से लेकर क्रमांक 145 एवं 147 से लेकर क्रमांक 150 तक विधायक लहार की अनुशंसा पर कुल 8 हैण्‍डपंप तथा शेष 142 हैण्‍डपंप का खनन कार्ययोजना अनुसार कराया जाना बताया गया है, कार्य योजना बनाने का मापदण्‍ड (नियम) दें तथा हैण्‍डपंप के स्‍थान का चयन, ग्रामों की जनसंख्‍या बताते हुए कार्ययोजना अनुसार हैण्‍डपंप खनन किये ग्रामों में पूर्व से कितने-कितने हैण्‍डपंप स्‍थापित थे?                किस-किस अधिकारी ने किस-किस ग्राम की कार्ययोजना बनाकर हैण्‍डपंप खनन की अनुशंसा प्रस्‍ता‍व किया है? नाम पद सहित विस्‍तार से विवरण दें। (ग) उपरोक्‍तानुसार प्रश्नांश (ख) के संदर्भ में क्रमांक 144 ग्राम गोरई स्‍थान तिराहे पर लहार विधायक की अनुशंसा के पत्र की प्रति दें तथा यह भी स्‍पष्‍ट करें कि ग्राम गोरई लहार विधानसभा के किस मतदान केन्‍द्र के अंतर्गत आता है।               (घ) उपरोक्‍तानुसार प्रश्नांश (ख) के उत्‍तर में ग्राम विश्‍वारी, रायपुरा नं. 1, वीसनपुरा एवं अधियारी नं. 02 में बिना पूर्ण पाईप लाईन डाले तथा टाकी से कनेक्‍शन बिना किये मोटर पंप खराब अथवा फंसी होने का असत्‍य उत्‍तर देने की जाँच कराई जावेगी? उपरोक्‍त ग्रामों में मोटर कब और किस अधिकारी ने डाली गई?

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) विधानसभा क्षेत्र भिण्ड, अटेर, गोहद, मेहगांव एवं लहार में क्रमशः 68, 56, 81, 64 एवं 22 हैण्डपंप। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 एवं 2 अनुसार है। ग्रामीण बसाहटों की पेयजल व्यवस्था की जानकारी आई.एम.आई.एस. प्रणाली के अंतर्गत पूर्व से संधारित होती है, जिसे वर्षान्त पश्चात् किये गये कार्यों के आधार पर अद्यतन किया जाकर प्राथमिकता के आधार पर बसाहटों में नलकूप खनन का कार्य किया जाता है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) ग्राम गोरई मेहगांव विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आता है। विधानसभा प्रश्न क्र. 1674 के उत्तर के अंतर्गत टंकण त्रुटिवश लहार विधानसभा क्षेत्र एवं मान. विधायक लहार की अनुशंसा उल्लेखित हो गया था। (घ) उल्लेखित ग्रामों में टंकियों से जलप्रदाय नहीं होने के संदर्भ में बंद योजना का कोई एक कारण दिया गया था, जो असत्य नहीं है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। श्री एम.सी.दुबे, प्रभारी सहायक यंत्री, उपखण्ड लहार की पदस्थापना अवधि में मोटरपंप डाली गई।

आरक्षकों की स्‍थानांतरण नीति

[गृह]

5. ( क्र. 924 ) श्री भारत सिंह कुशवाह : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                        (क) प्रदेश में पुलिस आरक्षकों की स्‍थानांतरण नीति वर्ष 2008 में क्‍या थी एवं वर्तमान में क्‍या है? (ख) क्‍या शासन प्रदेश के आरक्षकों की स्‍थानांतरण नीति के संबंध में विचार करेगा? जिन्‍हें अत्‍यंत पारिवारिक कठिनाई या अन्‍य कठिनाई हो, जिस कारण से वह अपने गृह जिला या गृह जिले के आस-पास के जिलों में स्‍थानांतरण चाहते हो? (ग) क्‍या प्रदेश के जो आरक्षक (पुलिस) अपनी पारिवारिक कठिनाईयों के बावजूद ईमानदारी एवं मेहनत से नौकरी कर रहे हैं उन्‍हें अपनी सुविधानुसार अथवा मनचाहे स्‍थान पर स्‍थानांतरण करने पर शासन विचार करेगा?

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) प्रदेश में पुलिस आरक्षकों के लिए स्थानांतरण की नीति वर्ष 2008 में जी.ओ.पी. 127/08 एवं वर्तमान में मध्यप्रदेश शासन सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी स्थानांतरण नीति वर्ष 2017-18 है। (ख) वर्तमान में आरक्षकों को उनकी पारिवारिक कठिनाई या अन्य कठिनाई को दृष्टिगत रखते हुये सामान्यतः गृह जिले के आस-पास के जिलों में स्थानांतरण किया जाता है। (ग) प्रश्नांश '' के उत्तर के परिप्रेक्ष्य में प्रश्नांश '' उपस्थित नहीं होता है।

राजस्‍व ग्राम घोषित किये जाने हेतु प्रस्‍ताव

[राजस्व]

6. ( क्र. 926 ) श्री भारत सिंह कुशवाह : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                     (क) क्‍या विधानसभा क्षेत्र ग्‍वालियर ग्रामीण के अंतर्गत आने वाले 22 मजरों को वर्तमान जनसंख्‍या के आधार पर राजस्‍व ग्राम घोषित किये जाने हेतु प्रस्‍ताव कलेक्‍टर जिला ग्‍वालियर को प्रस्‍ताव प्रेषित किये गये थे? (ख) क्‍या विधानसभा प्रश्‍न क्र. 2452 दिनांक 29/01/2015 के परिप्रेक्ष्‍य में मध्‍यप्रदेश भू-राजस्‍व संहिता धारा 73 के तहत विधानसभा क्षेत्र के 12 मजरों को राजस्‍व ग्राम घोषित किया गया है? (ग) यदि हाँ, तो शेष वंचित 10 मजरों को राजस्‍व ग्राम कब तक घोषित किया जावेगा? समय-सीमा बतायें।

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) जी नहीं। (ख) जी हाँ। (ग) उत्तरांश (क) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

एस.सी./एस.टी. एवं ओ.बी.सी. वर्ग के अभ्‍यार्थियों से अवैध रूप से फीस वसूली की जाना

[तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोज़गार]

7. ( क्र. 1244 ) श्री रामनिवास रावत : क्या राज्‍यमंत्री, तकनीकी शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रोफेशनल एग्‍जामिनेशन बोर्ड द्वारा शासन के विभिन्‍न विभागों, मंडल, निगम आदि में रिक्‍त पदों की सीधी भर्ती हेतु परीक्षाएं आयोजित करायी गई थी एवं करायी जा रही है? (ख) यदि हाँ, तो माह अक्‍टूबर 2016 के बाद जनवरी 2018 तक पी.ई.बी. द्वारा आयोजित परीक्षाओं में अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति/अन्‍य पिछड़ा वर्ग के कितने-कितने अभ्‍यर्थी सम्मिलित हुए? उनसे फीस के रूप में कितनी-कितनी राशि ली गई वर्षवार, परीक्षावार, अभ्‍यार्थियों की संख्‍या एवं फीस की राशि सहित जानकारी दें? (ग) क्‍या म.प्र. शासन, सामान्‍य प्रशासन विभाग के पत्र क्रमांक सी-3-9/2016/1-3 दिनांक 10.10.2016 के बिन्‍दू क्रमांक-7 में उल्‍लेख है कि अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति/अन्‍य पिछड़ा वर्ग के अभ्‍यर्थियों की फीस की प्रतिपूर्ति अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति/अन्‍य पिछड़ा आयोग/विभाग सीधे प्रोफेशनल एग्‍जामिनेशन बोर्ड को करेंगे? यदि हाँ, तो उक्‍त संबंधित विभाग द्वारा अक्‍टूबर 2016 से अभी तक कितनी-कितनी राशि फीस प्रतिपूर्ति के रूप में पी.ई.बी. को भुगतान की गई है? (घ) प्रश्नांश (ग) के निर्देशों के बावजूद पी.ई.बी. द्वारा उपरोक्‍त वर्गों के अभ्‍यर्थियों से फीस ली जाना शासनादेशों के विपरीत है? यदि हाँ, तो क्‍या शासन उक्‍त अभ्‍यार्थियों से ली गई फीस वापिस करने की कार्यवाही करेगी? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्‍यों?

राज्‍यमंत्री, तकनीकी शिक्षा ( श्री दीपक कैलाश जोशी ) : (क) जी हाँ। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 एवं 2 अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 एवं 4 अनुसार है। (घ) जी नहीं। शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

नियम विरूद्ध शासकीय उचित मूल्‍य की दुकानों के निलंबन से बहाल करना

[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्‍ता संरक्षण]

8. ( क्र. 1381 ) श्री यादवेन्‍द्र सिंह : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या सतना जिले की नागौद विधान सभा क्षेत्र के अंतर्गत आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मर्यादित तुसगवां की शासकीय उचित मूल्‍य की दुकानें, परसमनिया, पिपरिया, आलमपुर, तुसगवां, गढौत, पटिहट, रामपुर पाठा को निलंबित कर महिला बहुउद्देशीय सेवा सहकारी समिति अटरा जो पहले से दो दुकानें अटरा और नंदहा संचालित कर रही थी एवं बेहटा सोसायटी गोवरॉव खुर्द की दुकान तथा इसी तरह पिथौराबाद सोसायटी पोड़ी की शा.उ.मूल्‍य की दुकान अटैच कर दी गई है? उसी में तत्‍कालीन प्रभारी, एस.डी.एम., उचेहरा द्वारा आर्थिक लाभ लेकर अटैच कर दिया, अटरा सहकारी समिति द्वारा संचालित शासकीय उचित मूल्‍य की दुकानों द्वारा विगत 3 माह से खाद्यान्‍न एवं केरोसीन का वितरण कार्डधारियों को नहीं किया जा रहा है, खुले बाजार में कालाबाजारी कर विक्रय किया जा रहा है? (ख) प्रश्नांश (क) यदि हाँ, तो आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मर्यादित तुसगवां के अन्‍तर्गत शासकीय उचित मूल्‍य की दूकानें उनके क्षेत्र की वापस कब तक कर दी जायेंगी? (ग) प्रश्नांश (क) (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में जिस क्षेत्र की सहकारी समिति की उचित मूल्‍य की दुकानें हैं निलंबित कर अटैच की गई हैं उनकों उन्‍हीं की समितियों में बहाल कर कब तक वापस किया जायेगा?

खाद्य मंत्री ( श्री ओम प्रकाश धुर्वे ) : (क) प्रश्‍नांतर्गत उल्‍लेखित दुकानें तथा अनियमितता पर विवरण की जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। विगत तीन माह में अटरा समिति की उचित मूल्‍य दुकानों द्वारा खाद्यान्‍न एवं केरोसीन की काला-बाजारी करने का कोई तथ्‍य/शिकायत प्रकाश में नहीं आया है। (ख) उचित मूल्‍य दुकानों के प्रकरणों में निर्णय सक्षम अधिकारी एवं अपीलीय अधिकारी द्वारा अर्धन्‍यायिक प्रक्रिया अंतर्गत लिया जाता है। (ग) प्रकरण में गुण-दोष के आधार पर निर्णय सक्षम अधिकारियों द्वारा लिया जाता है। अत: प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''चार''

गौसेवा पशुपालन केन्‍द्र का संचालन 

[पशुपालन]

9. ( क्र. 1656 ) श्री राजेन्द्र फूलचं‍द वर्मा : क्या पशुपालन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या सोनकच्‍छ विधान सभा क्षेत्र में मान्‍यता प्राप्‍त गौसेवा-पशुपालन केन्‍द्र है? यदि है तो  कहाँ-कहाँ पर है तथा इसका संचालन कौन करता है? (ख) क्‍या इन केन्‍द्रों को शासन द्वारा कोई राशि अथवा अनुदान दिया जाता है? यदि हाँ, तो कितनी राशि अथवा अनुदान दिया जाता है तथा उसकी प्रक्रिया क्‍या है? (ग) क्‍या सोनकच्‍छ विधान सभा क्षेत्र में शासन द्वारा उत्‍तम गोवंश/भैस आदि किसानों को उचित दामों पर दी जाती है, यदि हाँ, तो उसकी क्‍या प्रक्रिया है? यदि नहीं, तो क्‍यों नहीं?

पशुपालन मंत्री ( श्री अंतर सिंह आर्य ) : (क) जी हाँ। जानकारी  संलग्‍न परिशि‍ष्ट अनुसार। (ख) जी हाँ। जानकारी संलग्‍न परिशि‍ष्ट अनुसार(ग) जी हाँ। विभागीय योजनाएं '' नंदीशाला योजना'' में गौवंशीय सांड तथा ''सम्मुनत पशु प्रजनन योजना'' में मुर्रा सांड, मध्यप्रदेश पशुधन एवं कुक्कुट विकास निगम के माध्यम से प्रदाय किये जाते है ग्राम सभा में हितग्राही का नाम, अनुमोदित होने पर वह नजदीकी पशु चिकित्सा संस्थान में आवेदन कर सकता है। आवेदन प्राप्त होने पर प्रकरण स्वीकृत कर लाभ दिया जाता है।

परिशिष्ट - ''पाँच''

बी.पी.एल. योजना/मापदण्‍ड में संशोधन 

[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्‍ता संरक्षण]

10. ( क्र. 1661 ) श्री राजेन्द्र फूलचं‍द वर्मा : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2016-17 में विधान सभा क्षेत्र सोनकच्‍छ में कितने ग्रामीण/नगरीय क्षेत्र में कितने बी.पी.एल. राशन कार्ड जारी किये गये? (ख) क्‍या शासन द्वारा प्रदेश के गरीब व निर्धन व्‍यक्तियों को जीवन यापन करने व शासन की जनकल्‍याणकारी योजनाओं का लाभ देने हेतु बी.पी.एल. एवं अंत्‍योदय योजना अंतर्गत राशन कार्ड जारी किये गये हैं? यदि हाँ, तो किस मापदण्‍ड अनुसार जारी किये गये हैं वर्तमान में शासन द्वारा बी.पी.एल. व अन्‍त्‍योदय राशन कार्ड बनाये जाने हेतु जो मापदण्‍ड एवं नियम दिये गये हैं, उस मापदण्‍ड अनुसार किसी भी व्‍यक्ति का नाम बी.पी.एल. व अन्‍त्‍योदय योजना में जोड़ा जाकर किसी भी व्‍यक्ति को लाभ दिया जाना संभव नहीं हैं? क्‍या शासन इस हेतु नियम परिवर्तन बाबद विचार करेगा? यदि हाँ, तो कब तक? (ग) वर्तमान में बी.पी.एल. मापदण्‍ड एवं प्रपत्र अनुसार मासिक आय निर्धारण के अंतर्गत पात्रता निर्धारण किये जाने हेतु पात्रता बिन्‍दु में संशोधन किया जावेगा? यदि किया जावेगा तो आगामी निर्धारण क्‍या रहेगा? यदि नहीं, तो क्‍यों नहीं?

खाद्य मंत्री ( श्री ओम प्रकाश धुर्वे ) : (क) प्रश्‍नांतर्गत बी.पी.एल. परिवारों को जारी पात्रता पर्ची  (ई-राशनकार्ड) की जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ख) गरीब व निर्धन व्‍यक्तियों को सार्वजनिक वितरण प्रणाली में लाभांवित करने के लिए अंत्‍योदय के अतिरिक्‍त 24 श्रेणियां की जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-ब अनुसार है, जिसमें अन्‍य 23 श्रेणियों के अतिरिक्‍त बी.पी.एल. भी सम्मिलित है। गरीब एवं निर्धन व्‍यक्ति जो अन्‍य 23 श्रेणी में आते हैं, पी.डी.एस. हेतु उन्‍हें बी.पी.एल. कार्ड की आवश्‍यक नहीं है। अत: पहले से ही विभाग की योजना में गरीब एवं निर्धन व्‍यक्तियों के लिए पर्याप्‍त विकल्‍प बनाए गए हैं। (ग) प्रश्‍नांश '' के उत्‍तर के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''छ:''

क्षेत्र में आ रहे पेयजल संकट

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

11. ( क्र. 1662 ) श्री राजेन्द्र फूलचं‍द वर्मा : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) विगत वर्ष 2017 में विभाग द्वारा सोनकच्‍छ विधान सभा क्षेत्र में जल संकट के निराकरण हेतु क्‍या-क्‍या कदम उठाए गये? (ख) सोनकच्‍छ विधान सभा क्षेत्र में वर्ष 2017 में कुल कितने हैण्‍डपंप, बोरवेल, पानी की टंकी एवं जल मोटर स्‍वीकृत की गई? (ग) वर्ष 2018 में विधान सभा क्षेत्र को जल संकट से निपटने के लिए संभावित कितने हैण्‍डपंप, बोरवेल, जल मोटर, पानी की टंकी प्रदाय की जावेगी?

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) विभागीय कार्यक्रम अंतर्गत निर्धारित लक्ष्यों के अनुसार ग्रामीण बसाहटों, आंगनवाड़ियों, ग्रामीण शालाओं में नलकूप खनन कर पेयजल व्यवस्था, बंद ग्रामीण नल-जल योजनाओं को पुनः चालू करने का कार्य, जलस्तर नीचे जाने से बन्द होने वाले हैण्डपंपों के स्थान पर समस्याग्रस्त ग्राम/बसाहटों में सिंगलफेस मोटरपंप स्थापित कर पेयजल व्यवस्था के कार्य कराये गये हैं। (ख) 66 नलकूप खनन कर हैण्डपंप स्थापना, नल-जल योजनाओं हेतु 23 नलकूपों का खनन, 58 पानी की टंकियां एवं 54 सिंगलफेस मोटर पंप स्वीकृत एवं स्थापित की गई। (ग) पेयजल संकट की स्थिति को दृष्टिगत रखते हुये आवश्यकतानुसार सामग्री का प्रदाय किया जाता है।

नामांतरण बंटवारा के प्रकरण

[राजस्व]

12. ( क्र. 1808 ) श्री महेन्‍द्र सिंह : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या ज्यादातर विवाहित बहनें अपने भाईयों के पक्ष में अपने हित का त्यजन करने हेतु राजस्व न्यायालयों में उपस्थित होकर शपथ पत्र प्रस्तुत करने पर भी, अपनी अधिकारिता में तहसीलदार/नायब तहसीलदारों द्वारा बहिनों के नाम विलोपित नहीं किये जाते हैं? यदि बालिग कोई भी नागरिक अपने संबंध में स्वयं निर्णय लेने का अधिकार रखता है तो अपनी सम्पत्ति के त्यजन का अधिकार क्यों नहीं रखता है? (ख) क्‍या यह सही है कि जिन बंटवारा/नामांतरण प्रकरणों में तहसीलदार/नायब तहसीलदारों को उपकृत कर दिया जाता है, उन प्रकरणों में बहिनों के नाम विलोपित कर नामांतरण/बंटवारा कर दिया जाता है और जिन प्रकरणों में उपकृत नहीं किया जाता उनमें बहिनों के नाम जोड़कर बंटवारा प्रकरण को उलझा दिया जाता है। यदि हाँ, तो तहसील गुनौर देवेन्‍द्रनगर में विगत दो वर्षों में फौती बंटवारा के कितने प्रकरणों का फौती बंटवारा बहिनों के हिस्‍सा लिए बगैर किए एवं कितनों में नहीं संख्‍यावार बताएं तथा कितने प्रकरणों में भाई बहिनों में बराबर हिस्‍सा दिया या कम दिया, रकबावार बताएं। क्या जिन बंटवारा/नामांतरण प्रकरणों में तहसीलदार/नायब तहसीलदारों को पैसे दे दिये जाते हैं उन प्रकरणों में बहिनों के नाम विलोपित कर नामांतरण/बंटवारा कर दिया जाता है और जिन प्रकरणों में पैसे नहीं दिये जाते हैं उनमे बहिनों के नाम जोड़कर बंटवारा प्रकरण को उलझा दिया जाता है? २०१३ से आज दिनांक ऐसे कितने प्रकरण लंबित है? (ग) क्या प्रश्नांश (ख) से संबंधित बंटवारा/नामांतरण प्रकरणों में एक ही विषय वस्तु पर दो प्रकार के आदेश पारित किये जाने का क्या कारण है? क्या ऐसे प्रकरणों की जांच कराई जाकर दोषी अधिकारियों के विरूद्ध कार्यवाही की जावेगी? यदि हाँ, तो समय-सीमा बतावें।

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) म.प्र. भू-राजस्‍व संहिता 1959 सहखातेदारों में से किसी एक सहखातेदार द्वारा दूसरे सहखातेदार के पक्ष में शपथ पत्र द्वारा अपने हित का त्‍यजन करने बावत् आवेदन प्रस्‍तुत करने पर हित त्‍यजन का प्रावधान नहीं है। सहखातेदार द्वारा पंजीकृत विक्रय पत्र/हक त्‍याग पत्र निष्‍पादित करने पर संबधित राजस्‍व न्‍यायालय में विधि अनुसार आदेश पारित किया जाता है। (ख) जी नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। जी नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) प्रश्‍नांश '''' से संबंधित तहसील देवेन्‍द्रनगर एवं गुनौर में एक ही विषयवस्‍तु पर दो प्रकार के आदेश पारित नहीं किये जाते है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

तहसीलदार (राजस्‍व) की पदस्‍थापना

[राजस्व]

13. ( क्र. 1853 ) श्री जतन उईके : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या छिन्‍दवाड़ा जिले के पांढुर्णा तहसील में विगत 6-7 माह से तहसीलदार का पद रिक्‍त हैं तथा पदस्‍थापना नहीं होने से ग्रामीण जनता, शहरी जनता को भारी परेशानी हो रही है तथा न्‍यायालयीन कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं? (ख) प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में पांढुर्णा तहसील में तहसीलदार की पदस्‍थापना कब तक कर दी जावेगी?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) छिंदवाडा जिले की पांढुर्ना तहसील में पदस्‍थ तहसीलदार का जिला सिहोर स्‍थानांतरण होने से कार्यालयीन आदेश दिनांक 07/12/2017 द्वारा उन्‍हें सीहोर जिले के लिये भारमुक्‍त किया गया है वर्तमान में पांढुर्णा तहसील में पदस्‍थ श्री भरत सिंह वटटे सहायक अधीक्षक भू-अभिलेख प्रभारी तहसीलदार के रूप में कार्यरत है। अत: आम जनता एवं न्‍यायालयीन कार्य प्रभावित होने का प्रश्‍न ही उत्‍पन्‍न नहीं होता है। (ख) जिले में तहसीलदार की उपलब्‍धता अनुसार संतुलन बनाये रखते हुये पदस्‍थापना की जाती है।

पांढुर्णा विधान सभा क्षेत्र अंतर्गत पुलिस थाने/चौकी में पद पूर्ति 

[गृह]

14. ( क्र. 1871 ) श्री जतन उईके : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) छिंदवाड़ा जिले के पांढुर्णा विधान सभा क्षेत्र अंतर्गत पुलिस थाने/चौकी में वर्तमान में कितने-कितने कर्मचारी कार्यरत हैं? (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार पुलिस थाना/चौकी में कितना बल होना चाहिए? इसकी सूची उपलब्‍ध करावें। (ग) प्रश्नांश (ख) के अनुसार पुलिस थाने/चौकी में यदि पुलिस बल कम है, तो इसकी पदपूर्ति कब तक कर दी जायेगी?

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) एवं (ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट (ग) रिक्त पदों की जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार। विभाग में रिक्त पदों की पूर्ति सीधी भर्ती एवं पदोन्नति के द्वारा की जाती है। पदों की रिक्त होना और भरना एक निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है, अतः समय-सीमा बताई जाना संभव नहीं।

परिशिष्ट - ''सात ''

प्रौद्योगिक प्रशिक्षण संस्‍थान के संबंध में

[तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोज़गार]

15. ( क्र. 1873 ) श्री जतन उईके : क्या राज्‍यमंत्री, तकनीकी शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या विभाग की नीति यह है कि ऐसे विकासखण्‍ड जिसमें कोई भी शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्‍था आई.टी.आई. नहीं है वहां पर आई.टी.आई. स्‍थापित किये जायेंगे। (ख) प्रदेश में ऐसे कितने विकासखण्‍ड है जहां एक से ज्‍यादा आई.टी.आई. स्‍थापित है? नाम सहित जानकारी देवें।  (ग) छिन्‍दवाड़ा जिले के विकासखण्‍ड मोहखेड़ में क्‍या कोई आई.टी.आई है? प्रश्नांश (ख) के अनुक्रम में बताये की मोहखेड़ में प्रश्‍न दिनांक तक आई.टी.आई खोले जाने हेतु क्‍या-क्‍या विभागीय प्रयास किये गये है? (घ) प्रश्नांश (क), (ख) एवं (ग) के अनुक्रम में विकास खण्‍ड मोहखेड में शासकीय आई.टी.आई. खोले जाने हेतु विभाग प्रयासरत है?

राज्‍यमंत्री, तकनीकी शिक्षा ( श्री दीपक कैलाश जोशी ) : (‍क) विभाग की नीति प्रत्‍येक विकासखण्‍ड में आई.टी.आई. (शासकीय अथवा प्राइवेट) खोलने की है। (ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ग) छिन्‍दवाड़ा जिले में 11 विकासखण्‍डों में से 05 विकासखण्‍डों क्रमश: छिन्‍दवाड़ा, जामई/जुन्‍नारदेव, सोंसर, पांढुर्णा एवं हर्रई में शासकीय आई.टी.आई. संचालित है। 06 विकासखण्‍डों क्रमश: तामिया, परासिया, मोहखेड, बिछुआ, अमरवाडा एवं चौरई में शासकीय आई.टी.आई. संचालित नहीं है वर्तमान में 58 विकासखण्‍ड ऐसे है जिनमें शासकीय/प्राइवेट आई.टी.आई. संचालित नहीं है एवं 119 विकासखण्‍ड ऐसे है जिनमें शासकीय आई.टी.आई. संचालित नहीं है। इतनी अधिक संख्‍या में एक साथ आई.टी.आई. स्‍थापित करना संभव नहीं है। (घ) जी हाँ।

परिशिष्ट - ''आठ''

अग्नि काण्‍ड में लापरवाही बरतने वाले अधिकारी/कर्मचारी पर कार्यवाही 

[गृह]

16. ( क्र. 1996 ) श्री रामलाल रौतेल : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या जिला अनूपपुर अंतर्गत दिनांक 29 मार्च 2017 एवं एक वर्ष पूर्व वर्ष 2016 में नागरिक आपूर्ति निगम के धान भण्‍डार बरबसपुर में आग लग गई थी। यदि हाँ, तो कितना नुकसान हुआ है? विवरण दें। (ख) प्रश्‍नांकित प्रकरण की जाँच किस पुलिस अधिकारी द्वारा की जा रही है तथा जाँच में क्‍या तथ्‍य सामने आए?

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) प्रश्नांश में वर्णित घटना दिनांक 30.03.2017 को घटित हुई है वर्ष 2016 में प्रश्नांश में वर्णित घटना घटित होना नहीं पाया गया है। घटना में 3739 बोरी धान वजनी 1495.6 क्विंटल एवं 12334 बारदाने (खाली बोरे) का नुकसान हुआ है जिसकी राशि लगभग 27,69,462 रुपये है। (ख) प्रश्नांकित प्रकरण की जाँच उप निरीक्षक एस.एल.मरावी थाना कोतवाली जिला अनूपपुर द्वारा की जा रही है। प्रकरण जाँच में होने से जानकारी दी जाना न्यायसंगत नहीं।

कॉलोनाइजर के विरूद्ध प्राथमिकी दर्ज कराना

[राजस्व]

17. ( क्र. 1997 ) श्रीमती सरस्‍वती सिंह : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) याचिका क्रमांक 3413 निर्णय दिनांक 09.01.2018 में अंतरिम फैसला किया गया था तथा उक्‍त निर्णय में जिन बिन्‍दुओं पर निर्देश कलेक्‍टर सतना को दिए गए हैं, उन निर्देशों का पालन प्रश्‍न दिनांक तक की स्थिति में किया जाकर प्रतिवेदन माननीय उच्‍च न्‍यायालय को भेजना था? भेजा गया प्रति उपलब्‍ध करावें। (ख) प्रश्नांश (क) के मामले नगरीय विकास निकाय, वाणिज्‍यकर एवं पर्यावरण से संबंधित है? यदि हाँ, तो कलेक्‍टर सतना द्वारा संबंधित विभाग से जाँच प्रतिवेदन प्राप्‍त कर जाँच की गई? यदि हाँ, तो प्रतिवेदन की प्रति उपलब्‍ध करावें? (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) यदि हाँ, तो कालोनाईजर संजय कापड़ी जिला-सतना, घनश्‍याम विहार कालोनी का निर्माण जो किया गया है वह शासन के गाइड लाइन के विपरीत यदि किया गया है तो क्‍या पूर्व में तत्‍कालीन कलेक्‍टर सतना ने प्र.क्र. 156/74/2015-16 दिनांक 9.2.2017 के पारित निर्णय अनुसार कब तक कॉलोनाइजर के विरूद्ध संबंधित थाने में एफ.आई.आर. दर्ज करा दी जावेगी? यदि नहीं, तो क्‍यों?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) मान. उच्‍च न्‍यायालय जबलपुर याचिका क्रमांक 3413/2017 में अंतरिम आदेश दिनांक 09/02/18 को पारित कर न्‍यायालय कलेक्‍टर जिला सतना के आदेश दिनांक 09-02-17 का पालन कराये जाने हेतु एवं 03 माह के अंदर रिपोर्ट प्रस्‍तुत किए जानेके निर्देश दिये गये हैं जिसके पालन में न्‍यायालय कलेक्‍टर सतना के प्रकरण क्रमाक 18474/2017-18 एवं पृ.क्र. 29/4आर/2018 दिनांक 01-02-18 के द्वारा आयुक्‍त नगर पालिक निगम सतना एवं उप संचालक नगर तथा ग्रामनिवेश सतना को आदेश जारी कर न्‍यायालय के प्रकरण क्रमांक 15674/201516 में पारित आदेश दिनांक 09-02-17 के अनुसार विधि संगत कार्यवाही की जाकर पालन प्रतिवेदन प्रस्‍तुत किए जाने हेतु आदेशित किया गया है। पालन प्रतिवेदन भेजने संबंधित कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। (ख) प्रश्नांश (क) से संबंधित कार्यवाही का संबंध आयुक्‍त नगर पालिक निगम सतना एवं उप संचालक नगर तथा ग्राम निवेश सतना से है जिन्‍हें उत्‍तरांश (क) अनुसार कार्यवाही किए जाने के संबंध में आदेश जारी किया जा चुका है। कार्यवाही का प्रतिवेदन अप्राप्‍त है। (ग) प्रश्‍नांश '' एवं '' के उत्‍तर के परिप्रेक्ष्‍य में नियमानुसार कार्यवाही प्रक्रियाधीन है।

व्‍यापम परीक्षाओं में खर्च राशि 

[तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोज़गार]

18. ( क्र. 2244 ) श्री जितू पटवारी : क्या राज्‍यमंत्री, तकनीकी शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) व्‍यापम द्वारा पिछले 5 वर्षों में परीक्षा शुल्‍क के रूप में कितनी राशि प्राप्‍त हुई वर्षवार बतावें तथा उक्‍त राशि में कितनी राशि किस संस्‍था को किस दिनांक को अनुदान स्‍वरूप प्रदान कर दी गई तथा 10 वर्ष की परीक्षा में कुल कितने विद्यार्थी शामिल हुये त‍था इन परीक्षाओं के आयोजन पर कुल कितना खर्च हुआ? (ख) जनवरी 2008 से जून 2018 तक प्रत्‍येक 31 जनवरी को व्‍यापम के किस-किस बैंक में चालू खाता तथा सावधि जमा खाता या अन्‍य खाता में कितने-कितने रूपये जमा थे तथा पिछले 10 वर्षों में कर्मचारियों अधिकारियों को वेतन मेडिकल एलाउन्‍स, यात्रा भत्‍ता के रूप में कितना-कितना भुगतान किया गया वर्ष अनुसार बतावें। (ग) वर्ष 2006 पी.एम.टी. परीक्षा से वर्ष 2013 पी.एम.टी. परीक्षा के कितने अभ्‍यर्थि‍यों की परीक्षा गलत साधन का उपयोग करने के कारण निरस्‍त की गई वर्ष अनुसार उनकी नाम सहित सूची देवें। इस अवधि में अन्‍य किस-किस परीक्षा के अभ्‍यर्थि‍यों की परीक्षा निरस्‍त की गई? उनकी भी वर्ष अनुसार सूची देवें तथा बतावें कि इन अभ्‍यर्थियों पर प्रकरण दर्ज करने हेतु गृह विभाग/पुलिस को लिखा गया या नहीं? यदि हाँ, तो किन पर प्रकरण दर्ज हुआ तथा किन पर नहीं हुआ? (घ) जनवरी 2018 तक कौन-कौन सी परीक्षाएं आयोजित की गईं, उन परीक्षाओं में चयनित/सफल अभ्‍यर्थियों के नाम, पिता का नाम, निवास का पता, व्‍यापम परीक्षा के प्राप्‍तांक प्रावीण्‍य सूची की रैंक सहित सूची देवें तथा बतावें कि उक्‍त परीक्षाओं के वर्ग अनुसार कट आफ प्‍वाइंट क्‍या-क्‍या थे?

राज्‍यमंत्री, तकनीकी शिक्षा ( श्री दीपक कैलाश जोशी ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

बंटवारा, नामांतरण एवं सीमांकन

[राजस्व]

19. ( क्र. 2277 ) श्री बलवीर सिंह डण्‍डौतिया : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नामांतरण, बंटवारा एवं सीमांकन के प्रकरणों के निराकरण हेतु शासन के क्‍या दिशा निर्देश हैं, की फोटो उपलब्‍ध करावें? (ख) तहसील जिला मुरैना में वर्तमान जनवरी 2018 तक कितने नामांतरण बंटवारा व सीमांकन के प्रकरण लम्बित हैं संख्‍यावार जानकारी दी जावें? (ग) क्‍या सभी प्रकरण समय-सीमा में पूर्ण हो चुके हैं? यदि नहीं, तो क्‍यों व लंबित होने के क्‍या कारण हैं?                        (घ) क्‍या तहसील कार्यालय में लंबित प्रकरण की जानकारी हेतु कृषकों द्वारा कृषि कार्यालय में संपर्क करने पर उनसे दुर्व्‍यवहार किया जाता हैं क्‍या विभाग इसकी जाँच करेगा यदि हाँ, तो कब तक?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) लोक सेवा गारंटी अधिनियम 2010 की धारा 3 के   तहत अविवादित नामांतरण-30 दिवस, अविवादित बंटवारा-30 दिवस, सीमांकन-30 दिवस में निराकरण करने का प्रावधान है। (ख) जिला मुरैना अन्तर्गत 31 जनवरी 2018 की स्थिति में नामान्तरण, बंटवारा, सीमांकन के लम्बित प्रकरण की तहसीलवार जानकारी निम्नानुसार है:-

            तहसील          नामान्तरण   बंटवारा          सीमांकन 
           
पोरसा               101                  80                    14
           
अम्बाह            88                    63                    00
           
मुरैना              747                  72                    00
           
जौरा                184                  88                    03
           
कैलारस           81                    37                    10
           
सबलगढ़          57                    36                    02
                       
योग     1258                376                  29

(ग) जी नहीं। लंबित प्रकरण न्‍यायालयीन प्रकृति के है। (घ) जी नहीं। कृषकों से दुर्व्‍यवहार किये जाने संबधी प्रकरण संज्ञान में नहीं आया है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत की गई अनियमितता

[गृह]

20. ( क्र. 2327 ) श्रीमती ममता मीना : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि               (क) क्या वर्ष 2016 खरीफ फसलों के बीमा प्रीमियम एवं क्लेम के वितरण में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना लागू होने पर ऋणी किसानों के के.सी.सी. खातों में यूनियन बैंक गुना के तत्कालीन प्रबंधक धर्मवीर वर्मा, रवि गंगराडे तथा एच.डी.एफ.सी. अरगो जनरल इन्श्योरेंस क. भोपाल के प्रबंधन द्वारा दी गई कूटरचना, अमानत में खयानत, धोखाधड़ी करने के विरूद्ध कोतवाली थाना गुना एवं पुलिस अधीक्षक गुना सी.एस.पी. गुना को सुरेशसिंह रघुवंशी द्वारा अपराध दर्ज करने हेतु आवेदन दिया है। (ख) यदि प्रश्नांश (क) में वर्णित तथ्यों पर आवेदन अनुसार अब तक अपराध क्यों दर्ज न कर सी.एस.पी. गुना द्वारा आवेदक के कथन लेने के बाद बैंक प्रबंधन एवं बीमा कम्पनी के दोषी अधिकारियों पर कार्यवाही क्यों नहीं की? प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की गाइड-लाइन पालन न करने वाले यूनियन बैंक के तत्कालीन अधिकारियों पर कार्यवाही न करने के क्या कारण हैं? (ग) क्या प्रश्नांश (क) में वर्णित अधिकारियों के दबाव एवं प्रलोभन में गुना जिले की पुलिस द्वारा अपराध दर्ज करने की कार्यवाही पेंडिंग है? कोतवाली गुना द्वारा आज दिनांक तक शिकायत पर कार्यवाही न करने के लिये दोषियों के विरूद्ध कार्यवाही की जावेगी? (घ) यदि प्रश्नांश (क), (ख) और (ग) के पालन में शिकायती आवेदन में वर्णित रिकार्ड यूनियन बैंक गुना से तलब कर जाँच कार्यवाही, अपराध कायम कर बीमा कम्पनी के दोषियों पर कार्यवाही कब तक करेंगे?

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) जी हाँ। आवेदक द्वारा पुलिस अधीक्षक गुना को एवं कोतवाली गुना में आवेदन पत्र दिया गया है। सी.एस.पी. गुना को आवेदक द्वारा कोई आवेदन पत्र नहीं दिया गया। (ख) आवेदन पत्र की जाँच जारी है। जाँच पाये गये तथ्यों के अनुसार विधि अनुरुप कार्यवाही की जावेगी। (ग) जी नहीं। शिकायत की जाँच जारी है। कोई पुलिस अधिकारी दोषी नहीं। (घ) आवेदन जाँच पूर्ण होने पर वैधानिक कार्यवाही की जावेगी, सयम-सीमा बताया जाना सम्भव नहीं।

मुख्‍यमंत्री नल-जल योजना, सोलर पंप, नलकूप खनन एवं मोटर पंप स्‍थापित करना

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

21. ( क्र. 2450 ) श्री राजेश सोनकर : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) इन्दौर जिला अंतर्गत कितनी मुख्‍यमंत्री नल-जल योजना, कितने सोलर पंप एवं ग्राम पंचायतों के द्वारा जनभागीदारी से सहभागिता करने हेतु कितनी नल-जल योजना प्रश्‍न दिनांक तक प्रस्‍तावित हैं? विधानसभा क्षेत्रवार जानकारी देवें? (ख) सांवेर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत प्रश्‍न दिनांक तक कितने नवीन नलकूप खनन के प्रस्‍ताव प्रश्‍न दिनांक तक प्रश्‍नकर्ता ने प्रेषित किये हैं? अभी तक उन पर क्‍या-क्‍या कार्यवाही हुई है एवं कब तक उन्‍हें क्रियान्वित कर दिया जायेगा? (ग) प्रश्नांश (ख) के संदर्भ में सांवेर विधानसभा क्षेत्र में कितनी सिंगल फेस मोटर प्रदान करना सुनिश्चित किया गया है? उनकी संख्‍या एवं समय-सीमा बतायें? (घ) प्रश्नांश (क), (ख), (ग) के संदर्भ में कितनी राशि का आंवटन वित्‍तीय वर्ष २०१७-१८ एवं २०१८-२०१९ में इन्‍दौर जिला अन्‍तर्गत किया गया है? विधानसभा क्षेत्रवार जानकारी उपलब्‍ध करायें?

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) केवल 3 मुख्यमंत्री नल-जल योजना। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) 440 नलकूप खनन के प्रस्ताव। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। निश्चित समयावधि नहीं बताई जा सकती है। (ग) ग्रीष्मकाल में आवश्यकता एवं स्त्रोत की उपयुक्तता के आधार पर लक्ष्य एवं वित्तीय संसाधनों के अनुसार किया जा सकेगा। निश्चित संख्या एवं समयावधि नहीं बताई जा सकती है। (घ) वर्ष 2017-18 में रूपये 3800.01 लाख, जिसमें राज्य ग्रामीण पेयजल योजना तथा राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल योजना की राशि सम्मिलित है वर्ष 2018-19 हेतु वर्तमान में कोई आवंटन नहीं दिया गया है। आवंटन जिलेवार दिया जाता है विधानसभा क्षेत्रवार नहीं।

नलकूप हेतु रिफ्रेश (सफाई) योजना

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

22. ( क्र. 2452 ) श्री राजेश सोनकर : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकी विभाग द्वारा किये गये नलकूप के लिए रिफ्रेश (सफाई) की कोई योजना है? (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में यदि हाँ, तो इन्‍दौर संभाग अन्‍तर्गत विभाग के पास उक्‍त कार्य करने हेतु कुल कितनी मशीन उपलब्‍ध हैं एवं नलकूप को रिफ्रेश (सफाई) करने के मापदण्‍ड एवं प्राथमिकता क्‍या है? (ग) प्रश्नांश (ख) के संदर्भ में वित्‍तीय वर्ष २०१६-१७, २०१७-१८ में इन्‍दौर जिला अन्‍तर्गत कुल कितनी राशि का व्‍यय किस-किस विधानसभा क्षेत्र में किया गया है? (घ) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में प्रश्‍न दिनांक तक इन्‍दौर संभाग की किस-किस विधानसभा क्षेत्र में कितने नलकूप रिफ्रेश (सफाई) किये गये है? विधानसभा क्षेत्रवार जानकारी देवें?

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) जी हाँ। (ख) एक विभागीय मशीन उपलब्ध है। पेयजल की आवश्यकता वाली एसी बसाहटें जिनमे भरे पटे नलकूप जिनकी जल आवक क्षमता पूर्व में पर्याप्त थीप्राथमिकता क्रम से कार्य करवाए जाते हैं। (ग) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (घ) जानकारी  संलग्न  परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है।

परिशिष्ट - ''नौ''

नवीन हैण्‍डपम्‍प खनन की जानकारी 

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

23. ( क्र. 2481 ) श्री गोवर्धन उपाध्‍याय : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि  (क) विदिशा जिले के सिरोंज विधानसभा क्षेत्र के सिरोंज एवं लटेरी विकासखण्‍ड में 1 जनवरी, 2015 से प्रश्‍न दिनांक तक कौन-कौन से ग्राम में कहाँ-कहाँ कितने नवीन हैण्‍डपम्‍प  किस-किस वर्ष में खनन किये गये? हैण्‍डपम्‍प खनन हेतु कितनी-कितनी राशि का व्‍यय हुआ है? इनमें से कितने हैण्‍डपम्‍प सफल रहे एवं कितने असफल रहे? (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार क्‍या क्षेत्रीय विधायक की अनुशंसा/मांग के आधार पर भी नवीन हैण्‍डपम्‍प लगाये गये हैं? यदि हाँ, तो कहाँ-कहाँ और कब-कब वर्षवार पूर्ण जानकारी देवें?

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट  अनुसार है। (ख) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट  अनुसार है।

झुग्‍गी झोपड़ी की भूमि पर अवैध कब्‍जा 

[राजस्व]

24. ( क्र. 2523 ) श्री राम लल्लू वैश्य : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि               (क) माननीय मुख्‍यमंत्री जी के कार्यालय से जारी पत्र क्रमांक 1154/CMS/SKM/17 दिनांक 20.11.2017 जो प्रश्‍नकर्ता के विधानसभा क्षेत्र से अतिक्रमण हटाने से सम्‍बंधित था, के सम्‍बंध में की गई कार्यवाही की सम्‍पूर्ण जानकारी दी जाय। (ख) प्रश्नांश (क) के अन्‍तर्गत अतिक्रमण कर भूमि पर हैण्‍ड-पम्‍प स्‍थापित करने वाले व्‍यक्ति के खिलाफ अभी तक की गई कार्यवाही से अवगत करावें तथा आगे क्‍या कार्यवाही की जायेगी? (ग) प्रश्नांश (क) भूमि को पट्टा किस अधिकारी द्वारा दिया गया है तथा भूमि पर किया गया अतिक्रमण कब तक में हटाया जाकर क्‍या कार्यवाही की जायेगी? क्‍या भूमिहीन व्‍यक्ति को दिया गया पट्टा पर सक्षम एवं अन्‍य व्‍यक्ति द्वारा किया जा रहा कब्‍जा अवैध है?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) माननीय मुख्‍यमंत्री जी के कार्यालय से जारी पत्र क्रमांक 1154/CMS/SKM/17 दिनांक 20.11.2017 जो प्रश्‍नकर्ता के विधानसभा क्षेत्र से अतिक्रमण हटाने से सम्‍बंधित था, उक्‍त पत्र विभाग में आना नहीं पाया गया है। अत: किसी कार्यवाही का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ख) एवं (ग) उत्‍तरांश (क) अनुसार।

प्रदेश की गौशालाओं को अनुदान 

[पशुपालन]

25. ( क्र. 2540 ) श्री बाबूलाल गौर : क्या पशुपालन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                 (क) प्रदेश में किन-किन जिलों में कितनी पंजीकृत गौशालाएं संचालित हैं? जिलेवार विवरण दिया जाए? (ख) प्रश्नांश (क) में उल्‍लेखित गौशालाओं को वर्ष 2015-16, 2016-17 एवं 2017-18 प्रश्‍न दिनांक तक गौशालाओं को गायों के भरण-पोषण एवं रख-रखाव हेतु कितना-कितना अनुदान दिया गया? (ग) प्रदेश सरकार द्वारा गौशालाओं के अनुदान देने हेतु क्‍या मापदण्‍ड/प्रक्रिया निर्धारित की गई है? (घ) प्रदेश सरकार द्वारा गौशालाओं के अनुदान हेतु प्रति गाय प्रतिदिन के मान से कितनी राशि निर्धारित की गई है? (ड.) क्‍या शासन द्वारा गौशालाओं के अनुदान में वृद्धि हेतु बजट में प्रावधान किया जाएगा?

पशुपालन मंत्री ( श्री अंतर सिंह आर्य ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशि‍ष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार(ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशि‍ष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार(ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशि‍ष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार(घ) राशि‍ रूपये १०/- प्रति दिवस प्रति गौवंश बजट की उपलब्धता के आधार पर कराये जाने का प्रावधान है। (ड.) वर्तमान में विचाराधीन नहीं है।

नीमच जिले के नक्शा विहीन ग्राम 

[राजस्व]

26. ( क्र. 2694 ) श्री दिलीप सिंह परिहार : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नक्शा विहीन ग्रामों में नक्शा तैयार करने के संबंध में शासन के क्या-क्या दिशा निर्देश हैं? नीमच जिले में ऐसे कौन-कौन से ग्राम हैं, जिनके नक्शे फट गये हैं? खराब हो गये हैं अथवा उपलब्ध नहीं हैं? (ख) क्या नीमच जिले के ग्रामों का वर्ष 1959,60,61 के बन्दोबस्त का ग्वालियर स्टेट के नक्शे शासन को प्रदाय किये गये थे? यदि हाँ, तो क्या वर्तमान में वे नक्शे कलेक्ट्रेट नीमच में उपलब्ध हैं? यदि नहीं, तो नीमच विधानसभा सभा क्षेत्र में जो सीमांकन किये जा रहे हैं, वे किस आधार पर किए जा रहे हैं? ? पूर्ण ब्यौरा दें। (ग) नीमच विधानसभा सभा क्षेत्र के नक्शा विहीन ग्रामों के नक्शे कब तक तैयार कर लिए जावेंगे?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) म.प्र. भू राजस्व सहिता की धारा 108 (2) के तहत नक्शा विहीन ग्रामों के नवीन अधिकार अभिलेख बनाये जाने के निर्देश हैं। नीमच जिले में 28 ग्रामों के  नक्शे  फट गये है, खराब हो गये है अथवा  नक्शे उपलब्ध नहीं है। 28 ग्रामों की सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट  अनुसार है। सूची जिले के ऐसे ग्रामों के नक्शों की सूची, जो फट गये है, खराब हो गये है अथवा उपलब्ध नहीं है, निम्नानुसार है। (1)  तहसील- नीमच  -1- कनावटी 2-बघाना 3- नीमच सिटी (2)  तहसील जीरन - 1- जीरन ( 3)  तहसील जावद - 1- सरवानियां महाराज 2- अमरपुरा (4) तहसील मनासा -1- शिवपुरिया (5) - तहसील सिंगोली -1- फुसरिया 2-परीछा 3-केवडियां 4- गुंजालिया 5-इन्दरजी का खेडा 6- रूपपुरा (6) - तहसील रामपुरा - 1 भवानीपुरा 2-सालरमाला ब्लॉक 3-बिलवास 4-निम्बोद              5-थडोद 6-हाडाखेडी 7-करणपुरा ब्लॉक 8-भदाना 9-कुषल्या 10 -मातासरा 11- मोखमपुरा ब्लॉक               12-नगपुरा 13-चेनपुरिया फारेस्ट 14 - जल्लोद 15-रौधना (ख) जिला नीमच 30 जून 1998 में जिला मन्दसौर से विभक्त होकर बना है। नीमच जिलें के ग्रामों के वर्ष 1936-37 वर्ष 1959,60,61 एवं वर्ष 1991-92 आदि समस्त बन्दोबस्त के  नक्शे जिला मन्दसौर से प्राप्त हुवे है। जिला मन्दसौर से प्राप्त हुवे ग्रामों के  नक्शे  ही कलेक्‍ट्रेट नीमच में उपलब्ध है। जिला नीमच कलेक्‍ट्रेट में उपलब्ध  नक्शे  के आधार पर ही नीमच विधानसभा क्षेत्र में सीमांकन किये जा रहे है। (ग) नीमच विधानसभा क्षेत्र के  नक्शे विहीन ग्राम सावन एवं हरनावदा के  नक्शे तैयार किये जाने का कार्य प्रचलित होकर अंतिम चरण में है, जिसे शीघ्र ही पूर्ण करा लिया जाएगा।

विधानसभा क्षेत्र पनागर के अंतर्गत नलकूप खनन हेतु स्‍थान चयन

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

27. ( क्र. 2701 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकी विभाग के सिविल एवं मैकेनिकल विभागों के अधिकारियों को नलकूप खनन हेतु ग्रामवार लक्ष्‍य दिये जाते हैं? यदि हाँ, तो ग्रामों के चयन करने का क्‍या मापदण्‍ड है? (ख) क्‍या लक्ष्‍य निर्धारण करने के पूर्व ग्रामों का सर्वे किया जाता है? (ग) यदि हाँ, तो क्‍या वर्ष 2017-18 में भीषण जल समस्‍या से ग्रस्‍त ककरतला, घाना, कैलवास, रिछाई शारदानगर, परतला, लहंगी, सिलपुरी, देवरी, बसनिया, इन्‍द्रा, हिनौतिया बारहा, सिलगौर, तिलहरी, सालीवाड़ा (खम्‍हरिया), सरौरा, गाड़रखेड़ा, चौखड़ा, बारहा, कुकरीखेड़ा, बंधी, बिलखरवा, सिमरा, धरहर, खम्‍हरिया, मटामर, पड़री, सूखा, रैयाखेड़ा आदि ग्रामों में सर्वे किया गया था? (घ) यदि हाँ, तो इन ग्रामों को लक्ष्‍य में क्‍यों नहीं लिया गया? यदि लक्ष्‍य में लिया गया तो नलकूप खनन क्‍यों नहीं किये गये?

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) जी नहीं। आंशिकपूर्ण श्रेणी की बसाहटों का जिलेवार संख्यात्मक लक्ष्य आवंटन की उपलब्धता के अनुसार सिविल एवं मैकेनिकल खण्डों को दिया जाता है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ख) ग्रामीण बसाहटों की पेयजल व्यवस्था की जानकारी आई.एम.आई.एस. प्रणाली के अंतर्गत पूर्व से संधारित होती है, जिसे वर्षान्त पश्चात् किये गये कार्यों के आधार पर अद्यतन किया जाता है। अतः प्रतिवर्ष सर्वेक्षण की आवश्यकता नहीं होती है। (ग) उत्तरांश-'' अनुसार। (घ) प्रश्नांश-'' में उल्लेखित में से 10 ग्रामों को वर्ष 2017-18 की कार्य योजना में शामिल किया जाकर 7 ग्रामों में नलकूप खनन किये गये हैं शेष 3 ग्रामों में नलकूप खनन किया जाना लक्षित है।

विधानसभा क्षेत्र पनागर में एक वर्ष पूर्व खनन किये गये नलकूपों

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

28. ( क्र. 2705 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या पनागर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत एक वर्ष पूर्व बम्‍हनी तिराहा, कैलाशधाम, मटामर, महगवां बरेला, खैरी, बैरागी, उमरिया, कुड़ारी, सरौरा, परतला, सिलपुरी, देवरी पटपरा, धनपुरी, हिनौतिया भौई, हिनौतिया बारहा एवं अन्‍य 05 ग्रामों में नलकूप खनन किये गये हैं? (ख) क्‍या इन नलकूपों में पंप नहीं डाले गये हैं? इसका क्‍या औचित्‍य है? (ग) क्‍या ऐसी स्थिति में बोर अनुपयोगी हो जाते है? (घ) क्‍या ऐसी व्‍यवस्‍था की जावेगी कि खनन होने के तुरंत बाद पंप डाला जाये?

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) एवं (ख) जानकारी  संलग्न परिशिष्ट  अनुसार है। (ग) जी नहीं। (घ) जल परीक्षण उपरांत शीघ्रता से आवश्यकतानुसार हैण्डपंप/मोटर पंप डाले जाते हैं।

परिशिष्ट - ''दस''

तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग क्षरा संचालित योजनाओं के तहत प्रशिक्षण

[तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोज़गार]

29. ( क्र. 2725 ) श्री शैलेन्द्र जैन : क्या राज्‍यमंत्री, तकनीकी शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सागर विधान सभा क्षेत्र में केन्‍द्र एवं राज्‍य सरकार के सहयोग से कौशल विकास योजनाओं के तहत किन-किन ट्रेडों में किन-किन संस्‍थाओं द्वारा प्रशिक्षण दिये जा रहे हैं? प्रशिक्षण स्‍थल के पूर्ण पता सहित बतायें। (ख) प्रश्‍नाधीन विधान सभा क्षेत्र को उक्‍त योजनाओं के अंतर्गत विगत 3 वर्षों में कितना बजट प्राप्‍त हुआ तथा प्राप्‍त बजट को कब एवं किस योजना पर व्‍यय किया गया? योजनावार एवं वर्षवार बतायें। (ग) प्रशिक्षण केन्‍द्र प्रारम्‍भ दिनांक से प्रश्‍न दिनांक तक कितने प्रशिक्षणर्थियों को प्रशिक्षित किया गया एवं उन्‍हें कितनी-कितनी छात्रवृत्ति प्रदान की गई? विद्यार्थियों के नाम, पता, राशि सहित बतायें। (घ) क्‍या शासन द्वारा प्रशिक्षित हितग्राहियों को रोजगार/स्‍वरोजगार उपलब्‍ध कराया गया है? यदि हाँ, तो वर्ष 2013 से प्रश्‍न दिनांक तक कुल कितने हितग्राहियों को रोजगार/स्‍वरोजगार उपलब्‍ध कराया गया?

राज्‍यमंत्री, तकनीकी शिक्षा ( श्री दीपक कैलाश जोशी ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है(ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ग) राज्‍य सरकार द्वारा संचालित योजना प्रधान मंत्री कौशल विकास योजना (राज्‍य कम्‍पोनेन्‍ट) मुख्‍यमंत्री कौशल संवर्धन योजना एवं मुख्‍यमंत्री कौशल्‍या योजना 776 प्रशिक्षणार्थियों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (राज्‍य कम्‍पोनेन्‍ट) मुख्‍यमंत्री कौशल संवर्धन योजना एवं मुख्‍यमंत्री कौशल्‍या योजना में छात्रों को किसी प्रकार की छात्रवृत्ति का प्रावधान नहीं है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (राज्‍य कम्‍पोनेन्‍ट) मुख्‍यमंत्री कौशल संवर्धन योजना एवं मुख्‍यमंत्री कौशल्‍या योजना में प्रशिक्षित किये जा रहे प्रशिक्षणार्थियों का प्रशिक्षण प्रचलन में होने के कारण रोजगार/स्‍वरोजगार उपलब्‍ध कराने का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''ग्‍यारह''

भेल भोपाल को आवंटित भूमि

[राजस्व]

30. ( क्र. 2814 ) श्री बाबूलाल गौर : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि              (क) भोपाल में भारत हैवी इलेक्ट्रिकल्‍स लिमिटेड की स्‍थापना हेतु शासन द्वारा कब कब कितनी कितनी एकड़ भूमि भेल प्रबंधन को आवंटित की गई? पृथक-पृथक जानकारी दी जाए? (ख) भेल प्रबंधन को किस किस प्रयोजन हेतु भूमि आवंटित की गई थी? भूमि आवंटन की नियम एवं शर्तें क्‍या-क्‍या बनाई गई थी? (ग) क्‍या शासन द्वारा भेल प्रबंधन को आवंटित भूमि का किसी प्रकार का शुल्‍क वसूला गया था एवं शासन को भेल को आवंटित भूमि से कितना-कितना भू-भाटक प्रत्‍येक वर्ष वसूला जा रहा है? (घ) भेल क्षेत्र भेल प्रबंधन को आवंटित भूमि में से अनुपयोगी भूमि क्‍या शासन द्वारा भेल से वापस लेने पर विचार किया जाएगा?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) भोपाल में भारत हैवी इलेक्ट्रीकल्स लिमिटेड की स्थापना हेतु वर्ष 1956 एवं 1962 में भेल प्रबंधन को भूमि आवंटित की गई थी। पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) भेल प्रबंधन को यह भूमि हैवी इलेक्ट्रीकल्स लिमिटेड को सार्वजनिक प्रयोजन हेतु प्रदान की गई थी। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ग) वर्तमान में भेल प्रबंधन को आवंटित भूमि से किसी प्रकार का शुल्क वसूल नहीं किया जा रहा है। (घ) विचारोपरांत समुचित निर्णय लिया जाएगा।

सीलिंग भूमि की वापसी हेतु मा. महाधिवक्ता का अभिमत

[राजस्व]

31. ( क्र. 2871 ) श्री मोती कश्यप : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि               (क) जबलपुर नगर सीमा के किन ग्रामों के कितने कृषकों की कृषि‍ प्रयोजन की भूमि के कितने वर्षों में अधिग्रहित किये जाने के उपरान्त उनमें से कितने कृषकों की भूमि का आज दिनांक तक भौतिक रूप से कब्जा लिया गया? कितनों को एकमुश्त मुआवजा भुगतान कर दिया गया और कितनों का अनुबंध कर लिया गया है और उन्हें कितनी किश्तों में कितनी-कितनी राशि का भुगतान कर दिया गया है? (ख) प्रश्नकर्त्ता द्वारा दस्तावेजों सहित पत्र दिनांक 10-9-2017 के  प्रश्नांश (क) (ख) भूमि को प्रभावित मूल कृषकों को वापस करने की मांग उठाने पर मा. मुख्यमंत्री जी ने राज्य के अनेक नगरों की समस्या होने पर मा. महाधिवक्‍ता से अभिमत प्राप्त कर उचित कार्यवाही करने का आश्वासन दिया है? (ग) क्या प्रश्नांश (ख) के परिप्रेक्ष्य में किस दिनांक को मा. महाधिवक्ता से अभिमत मांगा गया है और किस दिनांक को क्या अभिमत प्राप्त हुआ है? (संलग्न करें) (घ) उक्‍त प्राप्त अभिमत के अनुसार विभाग द्वारा प्रभावित मूल कृषकों को उनकी भूमि वापस करने के संबंध में क्या योजना बनायी है?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) नगर भूमि सीमा अधिनियम के अंतर्गत मास्टर प्लान में ''कृषि भिन्न '' प्रयोजन की भूमियाँ ही अतिशेष घोषित की जाकर कब्ज़ा लिया गया है न कि कृषि प्रयोजन की भूमि का। अत: प्रथम प्रश्नांश का उत्तर ''निरंक'' है जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार(ख) मा. विधायक का पत्र विभाग में परीक्षणाधीन है। (ग) एवं (घ) प्रश्‍नांश '' के उत्‍तर परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''बारह''

नर्मदा क्षिप्रा लिंक परियोजना एवं नर्मदा गंभीर लिंक योजना

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

32. ( क्र. 2949 ) श्री राजेश सोनकर : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या लोक स्वास्‍थ्‍य यांत्रिकी विभाग 'जल निगम' के माध्यम से नर्मदा क्षिप्रा लिंक परियोजना एवं नर्मदा गंभीर लिंक योजना के द्वारा सांवेर विधानसभा क्षेत्र एवं इन्दौर तथा उज्जैन जिले के गांवों में पेयजल और सिंचाई हेतु किसानों को पानी देने की योजना पर कार्य कर रहा है?     (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में यदि हाँ, तो योजना क्या है? योजना की प्रश्न दिनांक तक प्रगति कितनी हुई है? इन योजनाओं से सांवेर विधानसभा क्षेत्र एवं इन्दौर तथा उज्जैन जिले के कितने-कितने गांव लाभांवित होंगे? लाभांवित होने वाले गांवों की सांवेर विधानसभा क्षेत्र, इन्दौर जिला एवं उज्जैन जिले की पृथक-पृथक सूची नामों सहित उपलब्ध करवायें तथा किस योजना में कौन-कौन से गांव लाभांवित होंगे? ये सूची भी पृथक-पृथक उपलब्ध करवायें? (ग) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में योजनाओं की लागत कितनी-कितनी है एवं योजना पूर्ण होकर क्रियान्वित होने की समय-सीमा कब तक की है? गांवों में पेयजल व सिंचाई हेतु जल कब से प्रदान करना प्रारंभ हो जावेगा?

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) जी हाँ, जल निगम के माध्यम से पेयजल हेतु योजनाएं बनाने का कार्य किया जा रहा है। नर्मदा घाटी विकास विभाग के अंतर्गत नर्मदा मालवा गंभीर लिंक परियोजना निर्माणाधीन है। इसके अंतर्गत इंदौर एवं उज्जैन जिले के ग्रामों को सिंचाई सुविधा उपलब्ध करवाई जायेगी। (ख) नर्मदा क्षिप्रा लिंक परियोजना एवं नर्मदा गंभीर लिंक परियोजना से कच्चा जल प्राप्त कर समूह जलप्रदाय योजनाओं के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल उपलब्ध कराने की योजना है। नर्मदा क्षिप्रा लिंक परियोजना आधारित समूह जल प्रदाय योजना की डी.पी.आर. तैयार की गई है तथा नर्मदा गंभीर लिंक परियोजना आधारित समूह जलप्रदाय योजना की डी.पी.आर. तैयार की जा रही है। इन योजनाओं से सांवेर विधानसभा क्षेत्र के 218 ग्राम, इंदौर जिले के 571 ग्राम एवं उज्जैन जिले के 1072 ग्राम लाभांवित होंगे। लाभांवित होने वाले ग्रामों की सूची  पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 एवं 2 अनुसार है। नर्मदा मालवा लिंक परियोजनान्तर्गत 158 ग्रामों में सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराई जायेगी, जिसमें इंदौर जिले के 101 एवं उज्जैन जिले के 57 ग्राम सम्मिलित है। लाभान्वित ग्रामों की सूची पुस्तकालय में परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है।           (ग) नर्मदा क्षिप्रा लिंक योजना की लागत रु. 432.00 करोड़ होकर योजना 2014 में पूर्ण की जा चुकी है। इसी प्रकार नर्मदा गंभीर योजना की लागत रु 2187.00 करोड़ है योजना का कार्य प्रगति पर है। योजना दिसम्बर 2018 में पूर्ण की जाना लक्षित है। इस योजना से किसानों को सिंचाई हेतु जल उपलब्ध करवाया जायेगा। निश्चित समयावधि नहीं बताई जा सकती है। नर्मदा क्षिप्रा लिंक परियोजना आधारित समूह जल प्रदाय योजना की अनुमानित लागत रूपये 63365.00 लाख है तथा नर्मदा गंभीर लिंक परियोजना आधारित समूह जल प्रदाय योजना की डी.पी.आर. तैयार की जा रही है। पेयजल योजनाओं हेतु वित्तीय संयोजन प्राप्त होने के उपरांत आगामी कार्यवाही की जा सकेगी।

नल-जल योजना

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

33. ( क्र. 2970 ) श्री राम लल्लू वैश्य : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) जिला सिंगरौली में सतही नल-जल योजना प्रत्‍येक गांव में पानी पीने हेतु योजना कब तक में प्रारंभ की जावेगी? (ख) क्‍या वर्ष 2016-17 में उमरिया, शहडोल अनूपपुर एवं सिंगरौली जिले के लिए योजना बनाई गयी थी, परंतु आज दिनांक तक लागू नहीं की गई है? इसके लिए उत्‍तरदायी कौन है? उसके विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की जावेगी?

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) निश्चित समयावधि नहीं बताई जा सकती है। (ख) जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।

आय.ए.पी. योजनाओं के स्‍टेजिंग की जाँच 

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

34. ( क्र. 3136 ) श्री सुखेन्‍द्र सिंह : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) विभाग द्वारा क्रियान्वित आय.ए.पी. की स्‍टेजिंग आधारित सोलर पम्‍प योजनाओं में स्‍टेजिंग की निविदा क्‍या मुख्‍य अभियंता जबलपुर द्वारा वर्ष 2015 से प्रश्‍न दिनांक तक आमंत्रित की गई थी? जिलेवार स्‍वीकृत की संख्‍या बतावें। (ख) इन निविदाओं में किन-किन ठेकेदारों द्वारा भाग लिया गया था? (ग) क्‍या प्रदाय की गई स्‍टेजिंग का वजन उसके स्‍वीकृत वजन से कम है? इस हानि के लिए कौन अधिकारी दोषी है? (घ) क्‍या विभाग इसकी जाँच लोकायुक्‍त तथा सी.टी.ई. से करायेगा? यदि हाँ, तो कब तक?

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ख) उत्तरांश-'' के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) एवं (घ) उत्तरांश-'' अनुसार।

छतरपुर में कमिश्‍नर लिंक कोर्ट की स्‍थापना

[राजस्व]

35. ( क्र. 3143 ) श्री आर.डी. प्रजापति : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि              (क) छतरपुर जिले में कमिश्‍नर लिंक कोर्ट की स्‍थापना कब की गयी है? (ख) क्‍या कमिश्‍नर लिंक कोर्ट/न्‍यायालय अपर कमिश्‍नर प्रतिदिन नहीं बैठते है, यदि हाँ, तो इनकी बैठकें प्रतिदिन किये जाने की व्‍यवस्‍था की जायेगी? यदि हाँ, तो कब तक? निश्चित समय-सीमा बतावें। (ग) क्‍या छतरपुर जिले में अपर कमिश्‍नर के उपस्थिति होने से पक्षकारों को प्रत्‍येक माह लाभ मिलेगा? (घ) प्रश्नांश (ग) अनुसार यदि हाँ, तो कब तक कार्यालय न्‍यायालय अपर कमिश्‍नर की नियमित व्‍यवस्‍था की जावेगी?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) छतरपुर जिले में माह मार्च, 2010 में कमिश्‍नर लिंक कोर्ट की स्‍थापना की गयी है। (ख) अपर कमिश्‍नर सागर द्वारा माह के प्रथम सप्‍ताह (शुक्रवार के दिन) छतरपुर जिले में प्रकरणों की सुनवाई की जाती है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ग) प्रश्‍नांश (ख) के उत्‍तर में वर्णित अनुसार अपर कमिश्‍नर प्रतिमाह उपस्थित होते है। यह स्‍थानीय जनों के लिये लाभकारी है। (घ) कोर्ट प्रस्‍ताव विचाराधीन नहीं है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

अतिथि शिक्षक आई.टी.आई.टी.ओ. का स्‍थायीकरण

[तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोज़गार]

36. ( क्र. 3246 ) श्री बलवीर सिंह डण्‍डौतिया : क्या राज्‍यमंत्री, तकनीकी शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या विभाग अंतर्गत शासकीय आई.टी.आई. कालेज में कई वर्षों से कार्य करने वाले अतिथि शिक्षक आई.टी.आई.टी.ओ. के उज्‍जवल भविष्‍य को देखते हुये इनके स्‍थाईकरण अथवा इनको आगामी शा.आई.टी.आई.टी.ओ. भर्ती या अन्‍य भर्ती में किसी भी तरह का बोनस अंक आदि का लाभ दिया जाने का कोई प्रस्‍ताव/योजना/नीति शासन स्‍तर पर प्रस्‍तावित या प्रक्रियाधीन है? यदि हाँ, तो कब तक यह प्रक्रिया पूर्ण की जाकर इसके आदेश प्रसारित किये जायेंगे? (ख) उपरोक्‍त प्रश्नांश (क) के संदर्भ में शा.आई.टी.आई. कालेज में अतिथि शिक्षक के रूप में कार्य करने वाले आई.टी.आई.टी.ओ. के अन्‍य विभागों के कर्मचारियों की तरह उनके मानदेय बढ़ाने, वेतन भत्‍ता या किसी भी अन्‍य तरह का भत्‍ता दिये जाने की कोई नीति/योजना/प्रस्‍ताव शासन स्‍तर पर प्रक्रियाधीन है? यदि हाँ, तो कब तक इस नीति के आदेश प्रसारित किये जायेंगे? यदि नहीं, तो क्‍यों?

राज्‍यमंत्री, तकनीकी शिक्षा ( श्री दीपक कैलाश जोशी ) : (क) जी नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) जी नहीं। जी नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

उद्योगों में कार्यरत श्रमीकों को योग्यातानुसार विभिन्न श्रेणियों का वेतन देना

[श्रम]

37. ( क्र. 3320 ) श्री दिलीप सिंह शेखावत : क्या राज्यमंत्री, श्रम महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या नागदा नगर में संचालित ग्रेसीम, केमिकल डिविजन एवं लेंसेक्स उद्योगों में कार्यरत ठेका श्रमिकों जो कि अकुशल, अर्द्धकुशल, कुशल एवं उच्च कुशल के पद पर कार्य कर रहे हैं, उन्‍हें उद्योगों के द्वारा इन्हें केवल अकुशल श्रमिक श्रेणी का ही वेतन दिया जा रहा हैं, जबकि इनसें चारों श्रेणी का कार्य लिया जा रहा है? (ख) वर्तमान में इन उद्योगों में चारो श्रेणी के कुल कितने-कितने पद स्वीकृत हैं एवं इन स्वीकृत पदों पर कितने श्रमिक कार्यरत हैं? इन श्रमिकों को योग्यातानुसार सामान कार्य समान वेतन लागू करते हुए अकुशल, अर्द्धकुशल, कुशल एवं उच्च कुशल श्रेणीयों का वेतन कब तक दे दिया जावेगा?

राज्यमंत्री, श्रम ( श्री बालकृष्ण पाटीदार ) : (क) जी, नहीं।  (ख) किसी श्रम कानून में इस आशय का प्रावधान नहीं है कि स्थापना में कितने अकुशल, अर्द्धकुशल, कुशल एवं उच्चकुशल श्रमिक के पद स्वीकृत अथवा कार्यरत होना चाहिए। प्रश्नांकित उद्योगों में श्रमिकों को निर्धारित न्यूनतम वेतन अथवा उससे अधिक वेतन प्राप्त हो रहा है। अत: शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

उद्योगों में कार्यरत श्रमिकों को स्थायी प्रवृति का वेतन देना

[श्रम]

38. ( क्र. 3321 ) श्री दिलीप सिंह शेखावत : क्या राज्यमंत्री, श्रम महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या नागदा नगर में संचालित ग्रेसीम, केमिकल डिविजन एवं लैंसेक्स उद्योगो में कार्यरत श्रमिक जो कि स्थायी रिक्त पदों पर स्थायी प्रवृति का कार्य कर रहे हैं, इन्हें वेतन अस्थायी पदों का दिया जा रहा है तथा जब भी इन पदों पर भरती होती है तो इन श्रमिकों को पदोन्नत नहीं करते हुए नए लोगों की नियुक्तियां कर दी जाती हैं? (ख) यदि हाँ, तो इन कर्मचारियों को कार्य के अनुरूप स्थायी कर कब तक स्थायी श्रेणी का वेतन दे दिया जावेगा? नागदा के उक्त उद्योगों में स्थायी प्रवृति के कुल कितने पद स्वीकृत हैं एवं इनमें से कितने पद वर्तमान में रिक्त हैं?

राज्यमंत्री, श्रम ( श्री बालकृष्ण पाटीदार ) : (क) जी नहीं। (ख) प्रश्नांश '' के उत्‍तर के प्रकाश में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। नागदा के प्रश्नांकित उद्योगों में स्थाई पदों तथा इनमें से रिक्त पदों की जानकारी निम्नानुसार है।

     क्र.    संस्थान                स्थाई पद   रिक्त स्थाई पद

      1.     ग्रेसिम (एस.एफ.डी.द)      1365         निरंक

      2.     ग्रेसिम केमीकल डिवीजन    203         निरंक

      3.     लैंसेक्स इंडिया लि.          23          निरंक

भू-राजस्व संहिता 1959 की धारा 237 की अवेहलना करना

[राजस्व]

39. ( क्र. 3398 ) श्री निशंक कुमार जैन : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या भू-राजस्व संहिता 1959 की धारा 237 (3) में लगाए गए प्रतिबन्ध के बाद भी बैतूल जिले के ग्राम कटंगी, सिवनपाट एवं डुल्हारा की निस्तार पत्रक में बड़े झाड़, छोटे झाड़ के जंगल मद में दर्ज जमीनों के 6 अप्रैल 2016 को सालीवाड़ा में आयोजित अन्त्योदय मेले में गैर आदिवासियों को कृषि कार्य के पट्टें वितरित किए गए हैं? (ख) ग्राम सालीवाड़ा के अन्त्योदय मेले में 6 अप्रैल 2016 को ग्राम कटंगी, ग्राम डुल्हारा, ग्राम सिवनपाट के निस्तार पत्रक में किस मद में किस प्रयोजन के लिए दर्ज किस खसरा क्रमांक के कितने रकबे कितने कृषि कार्य के पट्टें किसके द्वारा वितरित किए गए? (ग) भू-राजस्व संहिता की धारा 237 (2) में क्या प्रावधान थे, उन्हें किस दिनांक को विलुप्त किया, धारा 237 (3) में कृषि कार्य के पट्टे आवंटित करने के संबंध में क्या प्रावधान किया गया? इन प्रावधानों के बाद भी निस्तार पत्रक में दर्ज जमीनों के कृषि कार्य के लिए पट्टे आवंटित कर निस्तार पत्रक संशोधित किए जाने का आदेश किन कारणों से दिया गया? (घ) पट्टे पर आवंटित बड़े झाड़, छोटे झाड़ के जंगल मद में दर्ज जमीन की वन संरक्षण कानून 1980 के अनुसार बिना अनुमति कृषि कार्य के पट्टे आवंटित किए जाने का क्या कारण रहा है?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) जी नहीं। (ख) प्रश्‍नांश (क) के उत्‍तर के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उत्‍पन्‍न नहीं होता। (ग) म.प्र. भू राजस्‍व संहिता 1959 की धारा 237 (1) में वर्णित किसी प्रयोजन के लिए विशेष रूप से प्रथक रखी गई भूमियां, कलेक्‍टर की मंजूरी से ही व्‍यपवर्तित की जाएंगी, अन्‍यथा नहीं। म.प्र. राजपत्र (असाधारण) दिनांक 30 दिसंबर 2011 में प्रकाशित (संशोधन) अधिनियम क्रमांक 42 सन् 2011 द्वारा संहिता की धारा 237 की उपधारा (2) का लोप किया गया है। धारा 237 (3) इस संहिता के अधीन बनाये गये नियमों के अध्‍याधीन रहते हुए कलेक्‍टर उपधारा (1) के खण्‍ड (ख) में वर्णित भूमि को उस ग्राम की कुल कृषक भूमि के न्‍यूनतम 2 प्रतिशत तक सुरक्षित रखने के पश्‍चात उपधारा (1) वर्णित ऐसी दखल रहित भूमि को आबादी सड़कों, राजमार्गों, नहरों, तालाबों, अस्‍पतालों, विद्यालयों, महाविद्यालयों, गौशालाओं के निर्माण या अन्‍य किसी जन उपयोगी परियोजनाओं, के लिए जैसी की राज्‍य सरकार द्वारा अवधारित की जाये व्‍यपवर्तित कर सकेगा। विधि अनुसार कार्यवाही की गई है। (घ) बांग्‍लादेश/वर्मा देशों से आए विस्थापित परिवारों को पुनर्वास विभाग द्वारा आवंटित भूमि के रिकार्ड दुरूस्ती की कार्यवाही कलेक्टर बैतूल के प्रकरण क्रमांक 6/59 वर्ष 2015-16 में पारित आदेश दिनांक 06.04.2016 के पालन में की गई है।

नजूल पट्टों के नवीनीकरण एवं नामांतरण

[राजस्व]

40. ( क्र. 3485 ) श्री शैलेन्द्र जैन : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या शासन द्वारा नजूल पट्टा धारियों के पट्टा नवीनीकरण हेतु कोई दिशा-निर्देश जारी किये गये हैं? यदि हाँ, तो प्रति उपलब्‍ध करायें। क्‍या यह दिशा-निर्देश अत्‍यंत अव्‍यवहारिक हैं? यदि हाँ, तो क्‍या शासन इन दिशा-निर्देशों में संशोधन करेगा? यदि हाँ, तो कब तक? (ख) क्‍या सागर विधान सभा क्षेत्र अंतर्गत नजूल पट्टा धारियों ने पट्टा अवधि समाप्‍त होने पर नवीनीकरण हेतु आवेदन किये हैं? यदि हाँ, तो, प्रश्‍न दिनांक तक कितने आवेदन प्राप्‍त हुए? कितने स्‍वीकृत हुए एवं कितने लंबित हैं? लंबित आवेदन कब तक स्‍वीकृत कर दिये जायेंगे? (ग) क्‍या सागर विधान सभा क्षेत्र अंतर्गत नजूल पट्टों के नामांतरण हेतु आवेदकों द्वारा आवेदन प्रस्‍तुत किये गये है? यदि हाँ, तो कितनों का नामांतरण कर दिया गया है? कितने शेष है? कारण सहित बतायें। शेष का कब तक नामांतरण कर दिया जायेगा?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) जी हाँ। मध्‍यप्रदेश शासन, राजस्‍व विभाग, मंत्रालय वल्‍लभ भवन, भोपाल के परिपत्र क्रमांक एफ ६-४८/२०१४/सात/नजूल दिनांक ११ जुलाई २०१४ में दिशा-निर्देश जारी किये गये हैं। दिशा-‍निर्देश पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। संशोधन की कार्यवाही प्रचलित है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ख) जी हाँ। प्रश्न दिनांक तक नवीनीकरण हेतु 303 आवेदन पत्र प्राप्त हुये, जिनमें से 133 आवेदन पत्रों का निराकरण किया जा चुका है, 170 आवेदन पत्र निराकरण हेतु लंबित है। निराकरण की समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ग) जी हाँ। प्रश्न दिनांक तक 45 आवेदन पत्र नजूल पट्टो के नामांतरण हेतु प्राप्त हुये थे, जिनमें से 18 आवेदन पत्रों का निराकरण किया जा चुका है, शेष रहे 27 आवेदन पत्रों का निराकरण न्यायालयीन प्रक्रिया के तहत् किया जावेगा। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

स्वीकृत नल-जल योजना

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

41. ( क्र. 3560 ) श्री दिलीप सिंह परिहार : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) नीमच जिले में विभाग द्वारा विगत चार वर्षों में किन-किन ग्रामों में नल-जल योजना स्वीकृत की गयी है? (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार स्वीकृत नल-जल योजना की वर्तमान स्थिति क्या है? योजना कौन-कौन से ग्रामों में क्रियाशील है व किन-किन ग्रामों में बंद है? बंद नल-जल योजनाओं को कब तक प्रारंभ किया जावेगा? यदि नहीं, तो उसका कारण बतायें? (ग) नीमच जिले में ऐसे कितने प्रकरण लंबित हैं, जहाँ पर नल-जल योजना स्वीकृत किया जाना शेष है? उन्हें कब तक स्वीकृत कर दिया जावेगा?

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) जानकारी  संलग्न परिशिष्ट  अनुसार है। (ख) 65 स्वीकृत योजनाओं में से 60 चालू। एक स्त्रोत के अभाव में बंद है तथा 4 योजनाएं प्रगतिरत हैं, शेष जानकारी  संलग्न परिशिष्ट  अनुसार है। निश्चित समयावधि नहीं बताई जा सकती है। प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) 3 प्रकरण। निश्चित समय-सीमा नहीं बताई जा सकती है।

परिशिष्ट - ''तेरह''

अधिकारी/कर्मचारियों की भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण में प्रतिनियुक्ति 

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

42. ( क्र. 3565 ) श्री सतीश मालवीय : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग म.प्र. के कितने अधिकारी/कर्मचारी भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण में प्रतिनियुक्ति पर म.प्र. में कहाँ-कहाँ पर कब से कार्यरत हैं? अधिकारी/कर्मचारीवार, स्थानवार, प्रतिनियुक्ति दिनांकवार संपूर्ण जानकारी उपलब्ध करावें। (ख) क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग म.प्र. के अधिकारी/कर्मचारियों का भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण में संविलियन किया गया है? यदि हाँ, तो कब किया गया है एवं किस अधिनियम के तहत किया गया है? अधिनियम की प्रति उपलब्ध करावें तथा कितने अधिकारी/कर्मचारियों का किया गया है? अधिकारी/कर्मचारीवार संपूर्ण जानकारी उपलब्ध करावें। (ग) लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग म.प्र. के कितने अधिकारी/कर्मचारियों की भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण में प्रतिनियुक्ति के पहले एवं प्रतिनियुक्ति के बाद विभागीय जाँच प्रचलित थी? उसमें कितने अधिकारी/कर्मचारियों पर प्रश्न दिनांक तक विभाग द्वारा क्या-क्या कार्यवाही कब-कब की गई है? अधिकारी/कर्मचारीवार संपूर्ण जानकारी उपलब्ध करावें। (घ) लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग म.प्र. द्वारा प्रतिनियुक्ति पर भेजे गए अधिकारी/कर्मचारियों को पूरे सर्विसकाल हेतु प्रतिनियुक्ति पर भेजा गया है या उनको निश्चित अवधि हेतु भेजा गया है? क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग म.प्र. का कार्य अधिकारी/कर्मचारियों को प्रतिनियुक्ति पर भेजने पर प्रभावित नहीं हो रहा है? क्या शासन इस मामले को संज्ञान में लेकर कोई निर्णय लेगा? यदि हाँ, तो कब तक?

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) जानकारी  संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र '1' अनुसार। (ख) जी हाँ। विभागीय आदेश दिनांक 12.10.2015 द्वारा संविलियन की अनुमति दी गई। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की मांग एवं विभाग की सहमति के आधार पर। जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार(ग) लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के दो अधिकारियों के विरूद्ध विभागीय जाँच प्रतिनियुक्ति अवधि के बाद  प्रचलित है। विभागीय आदेश दिनांक 13.7.2016 द्वारा श्री विजय अग्रवाल एवं श्री राजेश भण्डारी, सहायक यंत्री, को निलंबित किया जाकर आदेश दिनांक 23.02.2017 द्वारा विभागीय जाँच संस्थित की गई। जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार(घ) जी नहीं निश्चित समयावधि के लिए भेजा गया है। जी हाँ। आदेश क्रमांक एफ 1-55/2015/1/34, दिनांक 03 मार्च, 2016 द्वारा प्रतिनियुक्ति से सेवायें वापस लिए जाने के आदेश जारी किये गये। अधिकारियों द्वारा माननीय केंद्रीय प्रशासनिक प्राधिकरण से स्थगन प्राप्त करने के कारण वे भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण में ही कार्यरत हैं।

परिशिष्ट - ''चौदह''

जिला इन्दौर में दिल्ली पब्लिक स्कूल बस दुर्घटना

[गृह]

43. ( क्र. 3566 ) श्री सतीश मालवीय : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                 (क) जिला इन्दौर में दिल्ली पब्लिक स्कूल बस दुर्घटना में कितने बच्चों की मौत हुई है? बस दुर्घटना के बाद इन्दौर प्रशासन द्वारा मजिस्ट्रियल जाँच में कौन-कौन दोषी पाये गये हैं? जाँच रिपोर्ट उपलब्ध करावें। (ख) क्या मजिस्ट्रियल जाँच में स्कूल प्रबंधन के साथ ही परिवहन निरीक्षक एवं भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण सम्पतहिल्स कार्यालय इन्दौर के अधिकारी भी दोषी पाए गए हैं? यदि हाँ, तो केवल डी.पी.एस. स्कूल प्रबंधन के खिलाफ अभियोजन की कार्यवाही की गई है एवं परिवहन निरीक्षक एवं भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण अधिकारियों के खिलाफ कोई भी कार्यवाही क्यों नहीं की गई? (ग) क्या मजिस्ट्रियल जाँच में दोषी परिवहन निरीक्षक एवं भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों को इतनी बड़ी एवं दुःखद घटना के बाद भी बचाया जा रहा है? यदि नहीं, तो शासन संज्ञान में लेकर परिवहन निरीक्षक एवं भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों के ऊपर कठोर कार्यवाही कब तक की जावेगी?

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) दिल्ली पब्लिक स्कूल बस दुर्घटना में 04 स्कूली बच्चों की मृत्यु हुई। दुर्घटना के बाद कलेक्टर द्वारा घटना की मजिस्ट्रियल जाँच हेतु रुचिका चौहान अपर जिला दण्डाधिकारी इन्दौर को नियुक्त किया गया, जिनके द्वारा जाँच पूर्ण कर जाँच प्रतिवेदन भेजा गया, उस पर कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। कार्यवाही जारी होने से जानकारी देना न्यायसंगत नहीं है। (ख) एवं (ग) मजिस्ट्रियल जाँच उपरांत कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। अतः प्रश्न से संबंधित जानकारी दिया जाना न्यायसंगत नहीं है।

शासकीय पॉलिटे‍क्निक एवं इंजीनियरिंग महाविद्यालय में नियुक्‍त

[तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोज़गार]

44. ( क्र. 3644 ) श्री गोवर्धन उपाध्‍याय : क्या राज्‍यमंत्री, तकनीकी शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या मध्‍यप्रदेश में शासकीय पॉलिटे‍क्निक एवं इंजीनियरिंग महाविद्यालय में संस्‍था के शासकीय निकाय द्वारा संस्‍था स्‍तर पर भर्ती नियम 2004 के अन्‍तर्गत व्‍याख्‍याता, विभागाध्‍यक्ष एवं प्राचार्य की नियुक्ति की गई? यदि हाँ, तो कुल कितने पदों पर नियुक्ति की गई है एवं नियुक्ति पश्‍चात कितने व्‍याख्‍याता,विभागाध्‍यक्ष एवं प्राचार्य अपनी सेवा से त्‍याग पत्र दे चुके हैं? इस पद पर कार्यरत अधिकारियों को वेतन किस मद से और किस प्रकार भुगतान किया जाता है? (ख) प्रश्नांश (क) के अनुसार क्‍या प्रदेश के शासकीय पॉलिटे‍क्निक एवं इंजीनियरिंग महाविद्यालय में कार्यरत व्‍याख्‍याता, विभागाध्‍यक्ष एवं प्राचार्यों का वेतन प्रदान करने की नियत तिथि क्‍या है और क्‍या नियत तिथि पर वेतन का भुगतान किया जाता है? यदि नहीं, तो किस कारण वेतन भुगतान में विलंब होता है? (ग) क्‍या शासकीय पॉलिटे‍क्निक एवं इंजीनियरिंग महाविद्यालय में कार्यरत व्‍याख्‍याता, विभागाध्‍यक्ष एवं प्राचार्यों का वेतन भुगतान नियत समय पर हो, इसके लिए विभाग द्वारा क्‍या नियम बनाये जा रहे है? यदि हाँ, तो क्‍यों? यदि नहीं, तो क्‍यों?

राज्‍यमंत्री, तकनीकी शिक्षा ( श्री दीपक कैलाश जोशी ) : (क) जी हाँ। पॉलीटेक्निक महाविद्यालयों में संस्‍था के शासी निकाय द्वारा भरती नियम 2004 के अंतर्गत व्‍याख्‍याता के पद पर 663, विभागाध्‍यक्ष के पद पर 56 एवं प्राचार्य के पद पर 08 नियुक्तियां की गई है। नियुक्ति पश्‍चात 87 व्‍याख्‍यताओं, 07 विभागाध्‍यक्षों एवं 01 प्राचार्य द्वारा सेवा से त्‍यागपत्र दिया गया है। इसी प्रकार इंजीनियरिंग महाविद्यालयों में संस्‍था के शासी निकास द्वारा भरती नियम 2004 के अंतर्गत सहायक प्राध्‍यापक के पद पर 127 एवं प्राचार्य के पद पर 02 नियुक्तियां की गई है। नियुक्ति के पश्‍चात 17 सहायक प्राध्‍यापकों द्वारा सेवा से त्‍यागपत्र दिया गया है। विभागीय प्रपत्र दिनांक 21.07.2008 में निहित निर्देशानुसार योजना क्रमांक 8885-स्‍वशासी तकनीकी संस्‍थाओं को सहायता-उद्देश्‍य शीर्ष-42 सहायक अनुदान-विस्‍तृत शीर्ष-002-संधारण व्‍यय मद से वेतन भुगतान किया जाता है। बजट राशि का प्रावधान कर राशि का भुगतान किया जाता है। (ख) प्रश्‍नांश '' अनुसार नियत तिथि में वेतन प्रदाय करने संबंधी कोई नियम संधारित नहीं है। जी नहीं। नियत तिथि को वेतन भुगतान की कार्यवाही की जाती है। योजना में प्राप्‍त राशियां तीन सेगमेंट के अंतर्गत विभक्‍त कर त्रैमासिक कार्य योजना अन्‍तर्गत 10 प्रतिशत कटौती की जाकर उपलब्‍ध कराई जाती है। वेतन भुगतान सहायक अनुदान की राशि होने से त्रैमासी भुगतान व्‍यवस्‍था लागू है। अतएव अनुदान त्रैमास के माह के प्रथम दिवस को प्रदाय किया जाता है। संस्‍थाओं द्वारा गेस्‍ट फेकल्‍टी के भुगतान करने तथा सी.ए.एस. के कारण हुये एरियर के भुगतान के कारण इस वित्‍तीय वर्ष में अनुदान की राशि वेतन भुगतान में आई कमी के कारण। संस्‍थाओं द्वारा भी वेतन भुगतान को प्राथमिकता न देते हुये एरियर राशि का भुगतान किया गया। (ग) कार्यवाही प्रक्रियाधीन है।

प्राकृतिक प्रकोपों/दुर्घटना सहायता राशि में एकरूपता

[राजस्व]

45. ( क्र. 3680 ) श्री हरवंश राठौर : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्राकृतिक प्रकोपों से सर्पदंश/गुहेरा/जहरीले जन्तु के काटने से अथवा बस या अन्य अधिकृत अन्य पब्लिक ट्रांसपोर्ट के नदी में गिरने या पहाड़ी आदि से खड्डे में गिरने के कारण इन वाहनों पर सवार व्यक्तियों की मृत्यु होने पर मृत व्यक्ति के परिवार/वारिस को रूपये 50,000/- के स्थान पर 4 लाख का प्रावधान किया गया है? (ख) क्या किसी व्यक्ति की ज्ञात अथवा अज्ञात वाहन से दुर्घटना उपरांत मृत्यु होने पर दस हजार एवं पच्चीस हजार रूपए का प्रावधान है? जबकि कंडिका (क) एवं (ख) में व्यक्ति की आकस्मिक मृत्यु हुई है, ऐसी स्थिति में अनुदान सहायता राशि में भिन्नता क्यों? (ग) क्या भविष्य में कंडिका (क) एवं (ख) में प्राकृतिक घटना एवं ज्ञात/अज्ञात वाहन से व्यक्ति की मौत उपरांत एकरूपता हेतु सहायता राशि प्रदान करने बावत् राजस्व परिपत्र में संशोधन जारी करेगी?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) जी हाँ। (ख) सड़क दुर्घटना में ज्ञात वाहन से दुर्घटना होने पर मृतक के परिवार को रूपये 15,000/- एवं गंभीर घायल को रूपये 7,500/- देने का प्रावधान है। अज्ञात वाहन से मृत्‍यु होने पर परिवहन विभाग के अधीन सोलेशियम फन्‍ड के तहत राशि प्रदान की जाती है। प्राकृतिक आपदा में राजस्‍व विभाग द्वारा राजस्‍व पुस्‍तक परिपत्र 6-4 के मापदंडों के अनुसार राशि प्रदाय की जाती है तथा वाहन दुर्घटना में राशि परिवहन विभाग द्वारा प्रदाय की जाती है। अलग-अलग विभागों एवं प्रावधानों से सहायता राशि दिये जाने के कारण भिन्‍नता है। (ग) राजस्‍व विभाग तथा परिवहन विभाग से अलग-अलग घटनाओं में सहायता राशि विभागीय निर्देशानुसार दी जाती है। अत: एकरूपता का प्रश्‍न ही उदभूत नहीं होता।

रीवा संभाग के फैक्ट्रियों से राजस्‍व राशि की वसूली 

[राजस्व]

46. ( क्र. 3774 ) श्रीमती शीला त्‍यागी : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि              (क) रीवा संभाग में वर्ष 2012 से 2017 तक किन फैक्ट्रियों, सीमेन्‍ट प्‍लान्‍टों एवं औद्योगिक इकाइयों के संचालन हेतु कितने रकबा की भूमि लीज की अनुज्ञा प्रदान की गई है? इकाईवार, क्षेत्रफलवार, जिलावार जानकारी देवें। (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में क्‍या प्राप्‍त लीज से अधिक भूमि क्षेत्रफल के उपयोग करने के लिए शिकायतें प्राप्‍त हुई हैं? इकाईवार, शिकायतवार जानकारी देवें।  (ग) प्रश्नांश (ख) के संदर्भ में उक्‍त शिकायतों के विरूद्ध राजस्‍व राशि वसूली, रॉयल्‍टी वसूली, प्रदूषण कन्‍ट्रोल के लिए कौन सी दण्‍डात्‍मक कार्यवाही की गई है? प्‍लान्‍टवार, फैक्‍ट्री इकाईवार बतायें। (घ) प्र