मध्यप्रदेश विधान सभा


प्रश्नोत्तर-सूची
फरवरी-मार्च 2017 सत्र


बुधवार, दिनांक 22 फरवरी 2017


भाग-1
तारांकित प्रश्नोत्तर


 

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दोषी कर्मचारी के विरूद्ध कार्यवाही

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

1. ( *क्र. 789 ) श्रीमती प्रमिला सिंह : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) कृषि उपज मंडी समिति कटनी के आदेश क्रमांक/मंडी/स्‍था./ 09-10/4850 दिनांक 28.10.2009 से किस कर्मचारी की वेतन वृद्धि बंद की गई थी? उक्‍त वेतन वृद्धि को बंद करने को लेकर संबंधित कर्मचारी द्वारा न्‍यायालय अपर संचालक म.प्र. राज्‍य कृषि विपणन बोर्ड भोपाल में अपील की गई थी? (ख) प्रश्‍नांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में अपील प्रकरण क्रमांक 6/3/अ/1/59-2010 में पारित निर्णय 27 अक्‍टूबर 2010 के बिन्‍दु क्रमांक 6 आवेदक को किस आरोप में दोषी मानते हुये दंडित किया गया है? इसका उल्‍लेख विवादित आदेश में नहीं किया गया है, क्‍या इसलिए मंडी समिति का प्रश्‍नाधीन आदेश निरस्‍त किया गया है? (ग) प्रश्नांश (ख) यदि हाँ, तो पारित निर्णय दिनांक 27.10.2010 में उल्‍लेखित बिन्‍दु क्रमांक 6 की कमियों को दूर कर पुन: कारणदर्शी सूचना पत्र जारी कर विभागीय जांच में दोषी पाए गए कर्मचारी को अभी तक दंडित क्‍यों नहीं किया गया? कब तक दंडित किया जावेगा और अभी तक दंडित नहीं करने के लिए स्‍थापना लिपिक एवं अन्‍य दोषियों के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की जावेगी? (घ) क्‍या 47 दाल मिलों को 4 करोड़ के लगभग छूट देने के प्रकरण में उक्‍त कर्मचारी पुन: दोषी पाया गया है जिसके लिए मंडी समिति द्वारा प्रस्‍ताव पारित किया गया था कि उक्‍त कर्मचारी यदि इसी तरह की गतिविधियों में पुन: लिप्‍त पाया जायेगा तो उसकी सेवा समाप्‍त कर दी जावेगी? यदि हाँ, तो उक्‍त प्रस्‍ताव के परिप्रेक्ष्‍य में सेवा समाप्‍त करने की क्‍या कार्यवाही की जावेगी?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) कृषि उपज मण्‍डी समिति कटनी के आदेश क्रमांक/मण्‍डी/स्‍था/09-10/4850 दिनांक 28.10.2009 से श्री मुकेश राय, सहायक ग्रेड-3 की वेतनवृद्धियां बंद की गईं हैं। जी हाँ। (ख) जी हाँ। (ग) मण्‍डी समिति कटनी की बैठक दिनांक 28.02.2011 के प्रस्‍ताव क्रमांक-12/7 में उक्‍त अपील प्रकरण क्रमांक-6/3/अ/1/59-2010 में पारित निर्णय दिनांक 27 अक्‍टूबर 2010 को सर्वसम्‍मति से मान्‍य करते हुये पुष्टि की गयी थी। मण्‍डी समिति के उक्‍त प्रस्‍ताव में निर्णय दिनांक 27 अक्‍टूबर, 2010 के बिन्‍दु क्रमांक-06 की कमियों को दूर कर पुन: कारणदर्शी सूचना-पत्र जारी कर विभागीय जाँच के संबंध में कोई स्‍पष्‍ट निर्णय नहीं लिया गया। उक्‍त अवधि में बिन्‍दु क्रमांक-06 की कमियों को दूर कर पुन: कारणदर्शी सूचना-पत्र जारी कर आगामी कार्यवाही नहीं की गई। इस संबंध में मण्‍डी समिति सचिव कटनी को दोषिता का निर्धारण करने एवं श्री मुकेश कुमार राय पर वांछित उचित कार्यवाही करने के निर्देश दिये गये हैं। शेष प्रश्‍न उद्भूत नहीं होता है। (घ) मण्‍डी समिति कटनी की 47 दाल मिलों द्वारा राज्‍य के बाहर आयातित दलहन पर देय मण्‍डी शुल्‍क की छूट के संबंध में श्री मुकेश कुमार राय, सहायक ग्रेड-3 को पत्र दिनांक 07.12.2016 से कारणदर्शी सूचना-पत्र जारी किया गया था। प्राप्‍त उत्‍तर मण्‍डी समिति कटनी की बैठक दिनांक 20.01.2017 के प्रस्‍ताव क्रमांक-07 में विचारार्थ रखा गया, जिस पर निर्णय लिया गया कि उक्‍त प्रकरण के संबंध में विभागीय जाँच कराई जावे। विभागीय जाँच उपरान्‍त गुण-दोष के आधार पर मण्‍डी समिति द्वारा निर्णय पारित कर आगामी कार्यवाही की जावेगी।

सिंचाई तालाबों की क्षमता

[जल संसाधन]

2. ( *क्र. 1185 ) श्री शैलेन्‍द्र पटेल : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) इछावर विधानसभा क्षेत्र में कुल कितने सिंचाई तालाब हैं और उनकी जल भराव क्षमता कितनी है, ब्‍यौरा दें। यदि बैराज भी बनाए गए हैं, तो ब्‍यौरा दें। (ख) कितने सिंचाई तालाब जल संसाधन विभाग के आधिपत्‍य में हैं और कितने तालाब ग्राम पंचायतों के आधिपत्‍य में हैं? तालाबवार ब्‍यौरा दें। (ग) प्रश्‍नांश (क) अनुसार तालाबों से कितने हेक्‍टेयर भूमि पर सिंचाई की जा रही है? तालाबवार ब्‍यौरा दें। (घ) प्रश्‍न दिनांक से 2 वर्षों के दौरान तालाबों और बैराजों के रख-रखाव और मरम्‍मत कार्य में किए गए खर्च का तालाबवार, मदवार खर्च का ब्‍यौरा दें।

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) एवं (ख) इछावर विधानसभा क्षेत्र में जल संसाधन विभाग के कुल 33 तालाब एवं 38 बैराज स्थित हैं। पंचायत से संबंधित तालाबों की जानकारी विभाग द्वारा संधारित नहीं की जाती है। इनकी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) तालाबों से 8,429 हे. भूमि में सिंचाई की जा रही है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है।

कृषक सेवा सह. संस्‍था मर्या. बैजनाथ महिदपुर पर कार्यवाही

[सहकारिता]

3. ( *क्र. 1172 ) श्री बहादुर सिंह चौहान : क्या राज्‍यमंत्री, सहकारिता महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) परि.अता. प्रश्‍न संख्‍या 127 (क्र. 1170) दि. 05.12.16 के (क) उत्‍तर अनुसार दोषी कर्मचारी के विरूद्ध एफ.आई.आर. दर्ज करा दी गई या नहीं? यदि हाँ, तो एफ.आई.आर. की छायाप्रति देवें। (ख) यदि नहीं, तो कब तक एफ.आई.आर. करा दी जावेगी? (ग) इसी प्रश्‍न के (ख) उत्‍तर अनुसार‍ निर्देशों का पालन नहीं करने पर संचालक मंडल के विरूद्ध कब तक कार्यवाही कर संचालक मंडल बर्खास्‍त कर दिया जाएगा?

राज्‍यमंत्री, सहकारिता ( श्री विश्वास सारंग ) : (क) जी हाँ। जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) और (ग) उत्तरांश के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''एक''

देहरदा-ईसागढ़ मार्ग में गड्ढों का डामरीकरण

[लोक निर्माण]

4. ( *क्र. 486 ) श्री रामसिंह यादव : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या शिवपुरी जिले के अंतर्गत देहरदा-ईसागढ़ मार्ग का निर्माण किया गया है और निर्माण एवं डामरीकरण के कारण उसमें जनवरी-2017 की स्थिति में बहुत बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं? यदि हाँ, तो इन गड्ढों को पुन: डामरीकरण कराकर कब तक सही कराया जावेगा? (ख) क्‍या देहरदा-ईसागढ़ मार्ग के स्‍वीकृत अपूर्ण कार्य देहरदा, पचावली, खतौरा एवं पीरोंठ कस्‍बों में नालियों का निर्माण कार्य पूर्ण करा दिया गया है? यदि नहीं, तो उक्‍त कार्य कब तक पूर्ण किया जावेगा? निश्चित समयावधि बताएं? (ग) क्‍या देहरदा-ईसागढ़ मार्ग का प्रोविजनल पूर्णता प्रमाण-पत्र दिनांक 28.07.2016 को जारी किया गया है? यदि हाँ, तो देहरदा, पचावली, खतौरा एवं पीरोंठ कस्‍बों में स्‍वीकृत नालियों का निर्माण कार्य किए बगैर यह पूर्णता प्रमाण-पत्र कैसे जारी किया गया? (घ) क्‍या पचावली, खतौरा एवं पीरोंठ कस्‍बों में मार्ग की ऊंचाई अधिक हो जाने एवं दोनों ओर नाली-निर्माण न होने के कारण वर्षा ऋतु में बाढ़ आ गई थी? यदि हाँ, तो क्‍या वर्ष 2017 में वर्षा ऋतु से पूर्व उक्‍त नाली-निर्माण करा दिया जावेगा, जिससे पुन: बाढ़ जैसी त्रासदी से उक्‍त कस्‍बों के निवासियों को न जूझना पड़े?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ। जी नहीं। अपितु मार्ग कुछ स्‍थानों पर क्षतिग्रस्‍त हो गया है। अनुबंधानुसार कंसेशन अवधि में मार्ग के रख रखाव एवं मरम्‍मत का दायित्‍व कंसेशनायर का है। अत: मार्ग के क्षतिग्रस्‍त भागों की मरम्‍मत हेतु कंसेशनायर को निर्देशित किया गया है एवं शीघ्र ही मरम्‍मत कार्य पूर्ण करा दिया जायेगा। (ख) जी नहीं। कंसेशनायर को शीघ्र नाली निर्माण कार्य पूर्ण करने हेतु निर्देशित किया गया है। वर्तमान में समय-सीमा बताना संभव नहीं है। (ग) जी हाँ। अनुबंध के प्रावधानों के अनुसार ही पूर्णता प्रमाण पत्र जारी किया गया है। (घ) जी नहीं। अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

इलेक्ट्रिक पोल की शिफ्टिंग

[लोक निर्माण]

5. ( *क्र. 196 ) श्री भारत सिंह कुशवाह : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या लोक निर्माण विभाग द्वारा मोहनपुर, बेहट, व्‍हाया मौ गांव के रोड निर्माण हेतु प्राक्‍कलन के साथ इलेक्ट्रिक पोल शिफ्टिंग की भी स्‍वीकृति थी? (ख) क्‍या पोल शिफ्टिंग का कार्य प्रारंभ हो गया है? यदि हाँ, तो कब, नहीं तो कब तक प्रारंभ किया जायेगा? समय-सीमा बतायें (ग) पोल शिफ्टिंग का कार्य रोड निर्माण के पहले किया जाता है अथवा बाद में किया जाता है?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) जी नहीं। कार्य शीघ्र प्रारंभ कर दिया जायेगा। वर्तमान में समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ग) मार्ग निर्माण के पूर्व, किन्‍तु इसे मार्ग निर्माण के प्रारंभिक चरण में एवं मार्ग निर्माण के साथ-साथ भी कराया जाता है।

कृषि मंडियों में मृदा परीक्षण प्रयोग शालाओं का निर्माण

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

6. ( *क्र. 960 ) श्री सत्‍यपाल सिंह सिकरवार : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मुरैना जिले की कृषि मण्‍डी अम्‍बाह, पोरसा, सबलगढ़, पहाड़गढ़, जौरा, कैलारस में मृदा परीक्षण प्रयोग शालाओं के निर्माण हेतु कितनी राशि स्‍वीकृत की गई है? मण्‍डीवार जानकारी दी जावे। (ख) उक्‍त निर्माण कार्य किस एजेन्‍सी से कराये जा रहे हैं? निविदायें कब जारी हुईं, कार्य आदेश कब प्राप्‍त हुये, जनवरी 2017 तक निर्माण की क्‍या स्थिति है? निर्माण पूर्ण करने की अवधि क्‍या है? वर्ष, दिनांक सहित जानकारी दी जावे। (ग) उक्‍त प्रयोगशालाओं में मिट्टी परीक्षण हेतु टेक्निकल व्‍यक्तियों की नियुक्ति होगी या संभाग, जिला मुख्‍यालय पर कृषि वैज्ञानिक परीक्षण कर रिपोर्ट तैयार करेंगे? प्रक्रिया की जानकारी दी जावे। (घ) वर्तमान में मुरैना जिले में कितने मिट्टी के नमूने परीक्षण हेतु प्राप्‍त हुये हैं? तहसीलवार उनकी संख्‍या बताई जावे एवं परीक्षण कब तक किया जा सकेगा?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) विकासखण्‍ड अम्बाह, पोरसा, सबलगढ़, पहाडगढ़, जौरा, कैलारस में प्रयोगशाला निर्माण हेतु स्वीकृत राशि की जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र ''1'' अनुसार है। (ख) प्रयोगशालाओं का निर्माण कार्य म.प्र. राज्य कृषि विपणन बोर्ड द्वारा कराया जा रहा है। प्रश्नांश (ख) की जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र ''2'' अनुसार है। (ग) उक्त प्रयोगशालाओं में मिट्टी परीक्षण हेतु टेक्नीकल व्यक्तियों की नियुक्ति की जाना प्रस्तावित है। विकासखण्‍ड स्तर पर स्थापित होने वाली मिट्टी परीक्षण प्रयोगशालाओं में पदस्थ तकनीकी अमले द्वारा नमूना परीक्षण किये जा कर कृषकों को रिपोर्ट उपलब्ध करायी जायेगी। (घ) मुरैना जिलें में 50339 मिट्टी के नमूने परीक्षण हेतु प्राप्त हुए हैं, तहसीलवार संख्या की जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र ''3'' अनुसार है। प्राप्त नमूनों का 31 मार्च 2017 तक परीक्षण किया जाना लक्षित है।

परिशिष्ट - ''दो''

 

नागदा गुजरी सीमेंटेड रोड निर्माण में अनियमितता

[लोक निर्माण]

7. ( *क्र. 165 ) श्री कालुसिंह ठाकुर : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता के अ‍ता.प्रश्‍न संख्‍या 32 (क्रमांक 283) एवं अता.प्रश्‍न संख्‍या 33 (क्रमांक 284) दिनांक 05 दिसंबर 16 के माध्यम से प्रश्‍नकर्ता द्वारा मुद्दा उठाकर, 250 करोड़ रूपये की लागत से बनने वाले नागदा से गुजरी तक सीमेंटेड रोड की गुणवत्ता ठीक नहीं होने व कांक्रीट की ऊंचाई 300 एम.एम. होने बाबत् निर्धारित मापदण्डों के बावजूद निर्माण एजेंसी द्वारा धार से लून्हैरा तक बनाई गई सीमेंटेड रोड में कांक्रीट की ऊंचाई 20 एम.एम से लेकर 40 एम.एम. तक कम रखी जाना बताया गया था? लेकिन विभाग द्वारा प्रस्तुत प्रतिउत्तर में कार्य की गुणवत्ता उपयुक्त बताई जाकर कार्य निर्धारित स्पेसिफिकेशन के अनुरूप होना बताया गया है? क्या उपरोक्त कार्य की तकनीकी विशेषज्ञों से प्रश्‍नकर्ता के समक्ष जांच कराई जावेगी? यदि हाँ, तो समय-सीमा निर्धारित करें? (ख) नागदा से गुजरी तक बनने वाले सीमेंटेड रोड का म.प्र. सड़क विकास निगम द्वारा नियुक्त अथॉरिटी इंजीनियर, अति. प्रबंधक, सहा. महा प्रबंधक एवं मुख्य अभियंता स्तर के अधिकारियों द्वारा निरीक्षण करना बताया गया है? उनके द्वारा प्रस्तुत प्रत्येक निरीक्षण प्रतिवेदन की प्रतियां उपलब्ध करावें

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ। जी हाँ। आवश्‍यकता नहीं है। प्रश्‍न नहीं उठता है। (ख) जी हाँ निरीक्षण प्रतिवेदन पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है।

चौरा घाट का निर्माण

[लोक निर्माण]

8. ( *क्र. 509 ) श्री सुखेन्‍द्र सिंह : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता के परि.अता. प्रश्‍न संख्‍या 82 (क्रमांक 1329) दिनांक 23 जुलाई 2015 में बताया गया कि हनुमना सोनौरी मार्ग में स्थित चौराघाट निर्माण में वनीकरण की राशि जमा कर कार्य प्रारंभ कराने एवं एस.ओ.आर. दर में परिवर्तन पर पुन: प्राक्‍कलन दिनांक 23.03.2015 को प्रेषित किया गया। स्‍वीकृति व कार्य प्रारंभ कराने हेतु निश्चित तिथि बताना संभव नहीं है। (ख) प्रश्‍नकर्ता के द्वारा विधान सभा में दिनांक 08.12.2016 को भाषण में भी चौराघाट के लिये बजट प्रदान करने का आग्रह किया था? प्रश्‍नकर्ता के पत्र पर एम.पी.आर.डी.सी. रीवा द्वारा पत्र क्रमांक 1498 रीवा दिनांक 26.05.2015 को लेख किया है कि चौराघाट निर्माण का प्रोजेक्‍ट तैयार कराया जा रहा है। मार्ग की महत्‍ता को देखते हुए शासन की किसी योजना में शामिल किया जा सकता है एवं प्रश्‍नकर्ता की ध्‍यानाकर्षण सूचना क्रमांक-585 दिनांक 14.03.2016 तथा ध्‍यानाकर्षण सूचना क्रमांक-163, दिनांक 18.07.2016 को विभागीय टीप में चौराघाट मार्ग ए.डी.बी. पंचम ऋण परियोजना में सम्मिलित कर निर्माण कार्य अक्‍टूबर 2016 में प्रारंभ कर दो वर्ष में पूर्ण किये जाने का उल्‍लेख किया गया था? (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के प्रकाश में यदि हाँ, तो कार्य क्‍यों नहीं किया गया? (घ) प्रश्‍नांश (ग) के प्रकाश में प्रश्‍न दिनांक तक क्‍या प्रगति है? सभी की सत्‍य प्रतिलिपि उपलब्‍ध करावें। इसे कब तक स्‍वीकृत कर बजट आवंटन किया जाकर कार्य प्रारंभ कराया जावेगा? समय-सीमा बतावें। यदि नहीं, किया जावेगा तो क्‍यों?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ। जी हाँ। (ख) हनुमना-चाकघाट मार्ग ए.डी.बी. की पाँचवी वित्‍त पोषित परियोजना अंतर्गत प्रस्‍तावित किया गया था लेकिन मार्ग के एकरेखण लगभग 6 कि.मी. लंबाई में आरक्षित वन भूमि में वन भूमि के अधिग्रहण की आवश्‍यकता होने के कारण ए.डी.बी. वित्‍तीय पोषित परियोजना में तत्‍समय सम्मिलित नहीं किया जा सका। (ग) वन विभाग से आवश्‍यक अनुमति का अभाव वन क्षेत्र में आवश्‍यक भूमि की अनुपलब्‍धता के कारण। (घ) ए.डी.बी. वित्‍त पोषित परियोजना में पर्यावरण संबंधी स्‍वीकृति को दृष्टिगत रखते हुये उक्‍त मार्ग में चाकघाट से सोनोरी तथा लटेहरा से हनुमना तक के भाग को ए.डी.बी. की पाँचवी वित्‍त पोषित परियोजना में समाहित करने हेतु पुन: प्रस्‍तावित किया जा चुका है। ए.डी.बी. से स्‍वीकृति प्राप्‍त होने के उपरांत ही निर्माण संबंधी कार्यवाही की जा सकेगी। समय-सीमा बताना संभव नहीं। प्रश्‍न उपस्थित नहीं होते।

 

नवीन न्‍यायालय की स्‍थापना

[विधि और विधायी कार्य]

9. ( *क्र. 234 ) श्री निशंक कुमार जैन : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शासन की कार्ययोजना में कितने नवीन न्‍यायालय खोले जाने का प्रावधान किया है? जिलेवार जानकारी देवें (ख) उक्‍त कार्ययोजना में प्रश्‍नकर्ता के विधान सभा क्षेत्र बासौदा अन्‍तर्गत त्‍यौंदा एवं ग्‍यारसपुर तहसील मुख्‍यालय पर नवीन न्‍यायालय खोलने का प्रावधान किया है या नहीं? (ग) प्रश्नांश (ख) का उत्‍तर यदि हाँ, तो कब तक न्‍यायालय खोलने की घोषणा की जावेगी? यदि नहीं, तो कारण बतावें?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) से (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

फसल बीमा/मुआवजा राशि का भुगतान

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

10. ( *क्र. 1007 ) डॉ. रामकिशोर दोगने : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) हरदा जिले में वर्ष 2015 खरीफ फसल सोयाबीन की बीमा राशि का कुल कितने किसानों को कितनी राशि का बीमा भुगतान किया गया है? विकासखण्‍डवार बतायें। (ख) प्रश्‍नांकित जिले में कितने बीमित किसानों को बीमा राशि का भुगतान किया जाना शेष है व उसका क्‍या कारण है? कब तक शेष रहे किसानों को बीमा राशि का भुगतान कर दिया जावेगा? (ग) हरदा जिले में बहुत से किसानों को बहुत ही कम बीमा राशि का भुगतान प्राप्‍त हुआ है, जिसकी शिकायत किसानों द्वारा शासन को की गई है तो क्‍या उसकी जांच करायी जाकर पुनर्भुगतान की कार्यवाही की जावेगी? यदि नहीं, तो क्‍यों? (घ) प्रश्‍नांकित जिले में राजस्‍व विभाग के सर्वे में आनावारीवार क्षति के आंकलन का क्‍या आधार है तथा किस अनुपात में बीमा राशि का भुगतान किया गया?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) हरदा जिले की खरीफ वर्ष 2015 के विकास खण्‍डवार बीमा आवरण की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) खरीफ वर्ष 2015 मौसम के अंतर्गत विभिन्‍न बैंकों द्वारा हरदा जिले में कुछ घोषणा पत्रों में बीमांकन में त्रुटियां की थीं, जिनके संशोधन उपरांत सक्षम प्राधिकारी से अनुमोदन प्राप्‍त कर राज्‍य शासन की राशि बीमा कंपनी को जारी कर दी गई है तथा केन्‍द्र शासन की राशि प्राप्‍त होने पर संबंधित कुल 7605 कृषकों को कुल क्षतिपूर्ति राशि रू. 165610892 का भुगतान किया जावेगा। (ग) कृषकों को फसल कटाई प्रयोगों से प्राप्‍त आंकड़ों के आधार पर योजना के प्रावधानों के अनुसार गणना कर दावा राशि का भुगतान किया गया है। अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) राजस्‍व विभाग के सर्वे में आनावारीवार क्षति के आंकलन का फसल बीमा से संबंध नहीं है। योजना अनुसार दावा राशि की गणना प्रश्‍नांश (ग) अनुसार की जाती है।

परिशिष्ट - ''तीन''

पी.आई.यू. द्वारा निर्मित भवनों की गारंटी

[लोक निर्माण]

11. ( *क्र. 133 ) श्री लखन पटेल : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या लोक निर्माण विभाग के पी.आई.यू. द्वारा बनाये गये भवनों के लिये गारंटी समय-सीमा तय है? यदि हाँ, तो क्‍या है? (ख) विधान सभा क्षेत्र पथरिया में पी.आई.यू. द्वारा प्रश्‍न दिनांक तक कितने भवनों का निर्माण कराया जा चुका है या प्रगतिरत हैं। भवन का नाम, स्‍थान, निर्माण वर्ष सहित जानकारी उपलब्‍ध करावें (ग) ऐसे कितने भवन हैं, जिनकी स्थिति गारंटी समय-सीमा में ही दयनीय हो गई। ऐसे भवनों के बारे में विभाग को कितनी शिकायतें प्राप्‍त हुईं व शिकायत के पश्‍चात् कहाँ-कहाँ क्‍या-क्‍या कार्य कराया गया? (घ) क्‍या विधान सभा क्षेत्र पथरिया के केवलारी हा.स्‍कूल व वकायन हाईस्‍कूल की शिकायत के पश्‍चात कोई सुधार कार्य नहीं कराया गया? यदि ऐसा है तो इस संबंध में दोषी अधिकारी/कर्मचारी पर कोई कार्यवाही की जावेगी? यदि हाँ, तो क्‍या कार्यवाही की जावेगी?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) लोक निर्माण विभाग के पी.आई.यू. द्वारा बनाये गये भवनों के लिये गारंटी समय-सीमा इस प्रकार है। (1) 01.01.2014 से 02 वर्ष की गारंटी समय-सीमा थी। (2) म.प्र. शासन लोक निर्माण विभाग मंत्रालय के आदेश क्र. 1595/2464/2015/19/यो दिनांक 20.03.2015 द्वारा 03 वर्ष की गई। (3) म.प्र. शासन लोक निर्माण विभाग मंत्रालय के आदेश क्र. एफ-53/2/2011/19/यो/2959 दिनांक 28.05.2015 द्वारा 05 वर्ष की गई। (ख) विवरण संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ग) संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार पी.आई.यू. संभाग दमोह द्वारा निर्मित भवनों में से कोई भी भवन गारंटी अवधि में दयनीय स्थिति में नहीं है। गारंटी अवधि वाले भवनों की कोई भी शिकायत प्राप्‍त नहीं हुई है। (घ) जी नहीं सुधार कार्य कराया गया है कार्यवाही की आवश्‍यकता नहीं है। प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''चार''

आयातित धान पर मण्‍डी शुल्‍क की वसूली

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

12. ( *क्र. 790 ) श्री रमेश पटेल : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश की सतना, रीवा बालाघाट सिवनी, कटनी मण्‍डी के व्‍यापारियों, राईस मिलरों द्वारा 01.01.2014 से प्रश्‍न दिनांक तक की अवधि में अन्‍तर्राज्‍जीय नाका चाकघाट एवं हनुमना में दर्ज प्रदेश के बाहर से आयातित धान आवक पंजीयन अनुसार किन-किन फर्मों द्वारा कितनी मात्रा में क्रय की है? फर्मवार मण्‍डीवार जानकारी दें। (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार दर्ज विवरण अनुसार क्‍या इन मण्डियों में प्रदेश के बाहर से आयातित धान पर मण्‍डी शुल्‍क जमा किया गया है? यदि नहीं, किया गया तो क्‍या प्रश्‍नांकित मण्डियों ने उक्‍त फर्मों से पाँच गुना मण्‍डी शुल्‍क वसूल करते हुये विवरण छुपाने के आरोप में जांच कराकर आपराधिक प्रकरण दर्ज किया जावेगा। यदि हाँ, तो कब तक यदि नहीं, तो कारण बतायें? (ग) प्रश्‍नांकित अवधि में अन्‍तर्राज्‍यीय नाकों से विवरण प्राप्‍त कर संबंधित मंडियों को सूचना भेजकर मण्‍डी शुल्‍क जमा किये जाने हेतु कार्यवाही की गई या नहीं और ऐसा न करने के लिये कौन उत्‍तरदायी है। (घ) प्रश्‍नांकित अवधि में मण्‍डी शुल्‍क की चोरी की शिकायत क्‍या श्री चन्‍द्रशेखर अग्निहोत्री (राजगुरू) कटनी द्वारा प्रबंध संचालक मण्‍डी बोर्ड भोपाल को दिनांक 26.06.2016, 23.07.2016 को एवं दिनांक 02.08.2016 को संयुक्‍त संचालक, मण्‍डी बोर्ड रीवा को की गई थी। यदि हाँ, तो उक्‍त शिकायतों पर क्‍या कार्यवाही की गई? उसमें कितना मण्‍डी शुल्‍क 5 गुना मय ब्‍याज के वसूल किया गया? फर्मवार, मण्‍डीवार विवरण दें।

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) जानकारी एकत्र की जा रही है। (ख) जांच आदेशित की गई है। जांच में पाई गई स्थिति अनुसार गुण दोष के आधार पर कार्यवाही की जावेगी। (ग) प्रश्नांश (ख) में वर्णित स्थिति अनुसार कार्यवाही की जावेगी। (घ) जी हाँ। विषय संदर्भ में वर्ष 2016 में शिकायती पत्र के आधार पर जांच आदेशित की गई है। उक्त जांच में प्रश्नांश (ख) के अनुसार जांच में उक्त बिंदुओं को भी जोड़ा गया है।

सिंचाई योजनाओं की स्‍वीकृति

[जल संसाधन]

13. ( *क्र. 436 ) श्री बाबूलाल गौर : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मार्च, 2012 से अगले 5 वर्षों में विभाग द्वारा किन-किन जिलों में कितनी-कितनी सिंचाई योजनाओं (100 करोड़ से अधिक धनराशि की योजनाएं) की स्‍वीकृति प्रदान की गई है? जिले के नाम एवं योजना का नाम सहित बताया जाये। (ख) उक्‍त स्‍वीकृत योजनाओं में से अभी तक किन-किन योजनाओं का निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया गया है? जिले का नाम एवं योजना का नाम सहित बताया जाये। (ग) उक्‍त योजनाएं कब तक पूर्ण कर ली जायेगी?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) मार्च 2012 से अगले 05 वर्षों में विभाग द्वारा 100 करोड़ से अधिक धनराशि की 32 योजनाओं की प्रशासकीय स्‍वीकृति प्रदान की गई है। जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) एवं (ग) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है।

परिशिष्ट - ''पाँच''

मूण्‍डला बांध परियोजना के निर्माण की स्थिति

[जल संसाधन]

14. ( *क्र. 1198 ) श्री अमर सिंह यादव : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) राजगढ़ जिले के विधानसभा क्षेत्र राजगढ़ में जल संसाधन विभाग द्वारा मूण्‍डला बांध परियोजना कब स्‍वीकृत की गई थी और क्‍या वह पूर्ण हो गई? एजेंसी का नाम बतावें? उसकी लागत कितनी थी? कार्य कब पूर्ण किया गया तथा मूल्‍यांकनकर्ता अधिकारी का नाम बतावें? (ख) क्‍या उक्‍त बांध से आस पास के ग्रामों में सिंचाई हेतु नहरें भी निकाली गई हैं? (ग) यदि हाँ, तो राजगढ़ विधानसभा के अंतर्गत किन-किन ग्रामों में कितनी-कितनी लंबाई, चौड़ाई एवं गहराई की कच्‍ची एवं पक्‍की नहरों का निर्माण किया गया है? एजेंसी का नाम, लागत एवं कब पूर्ण किया गया? बतावें किसके द्वारा मूल्‍यांकन किया गया है? (घ) यदि पूर्ण नहीं किया गया है तो क्‍यों नहीं? इसके लिये कौन अधिकारी/कर्मचारी दोषी हैं, उनका नाम बतावें तथा उनके विरूद्ध कोई कार्यवाही की गई है? यदि हाँ, तो क्‍या, यदि नहीं, तो क्‍यों नहीं?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) एवं (ख) मूंडला बाँध परियोजना की प्रशासकीय स्वीकृति शासन के आदेश दिनांक 31.03.2012 द्वारा रू. 57.50 करोड़ की एवं पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति दिनांक 18.08.2015 को रू. 9759.97 लाख की प्रदान की गई। बाँध का निर्माण कार्य मार्च 2016 में पूर्ण किया गया। बाँध कार्य की एजेंसी मेसर्स फेरो कांक्रीट कन्स्ट्रक्शन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, इंदौर है। बाँध की लागत रू. 3459.95 लाख है। मूल्यांकनकर्ता अधिकारी पूर्व में श्री अनिल सिंह एवं वर्तमान में श्री ओ.पी. गुप्ता, कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग, राजगढ़ हैं। जी हाँ। (ग) मूंडला परियोजना से दो मुख्य नहर प्रस्तावित हैं। दाँयी तट नहर की लम्बाई 11 कि.मी. निर्धारित होकर रूपांकन अनुसार पक्की नहर का निर्माण किया जा रहा है जिससे ग्राम नरसिंहपुरा, खाजला, बड़दला, घोघड़ियाकला, घोघड़ियाखुर्द, हिरनखेड़ा, टांडीकला तथा सेमलीजागीर की भूमि सिचिंत होगी तथा बाँयी मुख्य नहर की लम्बाई 12 कि.मी. निर्धारित होकर रूपांकन अनुसार पक्की नहर का निर्माण किया जा रहा है इससे ग्राम मूंडला, हिरनखेड़ी, पीपलबे, भवानीपुरा, रामपुरिया, ऊँचाखेड़ा, उदपुरिया तथा पड़ियाजागिर की भूमि सिंचित होगी। नहर निर्माण ऐजेंसी मेसर्स ए.के. शिवहरे इन्फ्रास्ट्रक्चर्स प्रा.लिमि., ब्यावरा है। कार्य की अनुबंधित राशि रू. 1264.69 लाख होकर नहर कार्य मई 2017 में पूर्ण किया जाना लक्षित है। मूल्यांकनकर्ता अधिकारी पूर्व में श्री अनिल सिंह एवं वर्तमान में श्री ओ.पी. गुप्ता, कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग, राजगढ़ हैं। (घ) नहर कार्य प्रगति पर है। नहर मार्ग में भारत ओमान क्रूड ऑइल पाइप लाईन तथा गेल इंडिया गैस पाइप लाईन की क्रासिंग की अनापत्ति विलंब से प्राप्त होने एवं तीन पहाड़ियों में हार्ड स्ट्रेटा मिलने के कारण विलंब हुआ है। इसके लिये कोई अधिकारी/कर्मचारी दोषी नहीं है। शेष प्रश्न उत्पन्न नहीं होते हैं।

रीवा से डभौरा मुख्य मार्ग का मरम्मतीकरण

[लोक निर्माण]

15. ( *क्र. 656 ) श्री दिव्‍यराज सिंह : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रीवा से डभौरा मुख्य मार्ग क्या अभी भी ठेकेदार की गारण्टी अवधि में है? यदि गारण्टी अवधि में है तो वर्तमान में उक्त मार्ग की स्थिति दयनीय क्यों है? (ख) क्या उखड़ी सड़क एवं गड्ढ़ों के मरम्मतीकरण का कार्य विभाग द्वारा कराया जावेगा? समय-सीमा बतावें।

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी नहीं। प्रश्‍नाधीन मार्ग राष्‍ट्रीय राजमार्ग घोषित हो चुका है अतएव मार्ग की मरम्‍मत/पुनर्निर्माण का दायित्‍व भारत सरकार सड़क परिवहन मंत्रालय नई दिल्‍ली का है। (ख) मरम्‍मतीकरण हेतु प्राक्‍कलन स्‍वीकृति एवं राशि उपलब्‍ध कराने हेतु पत्र दिनांक 18.01.2017 से भारत सरकार सड़क परिवहन मंत्रालय नई दिल्‍ली को भेजा जा चुका है। स्‍वीकृति एवं आवश्‍यक राशि प्राप्‍त होने के उपरांत कार्य सम्‍पन्‍न कराया जा सकेगा। समय-सीमा बताना संभव नहीं।

पार्वती रिंसी वृहद परियोजना के शीर्ष कार्य का सर्वेक्षण

[जल संसाधन]

16. ( *क्र. 401 ) श्री नारायण सिंह पँवार : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या उप सचिव मध्‍यप्रदेश शासन जल संसाधन विभाग मंत्रालय के पत्र क्रमांक 3441000/16/2016/एम.पी.एस./31/ भोपाल दिनांक 22.10.2016 से प्रमुख अभियंता जल संसाधन विभाग भोपाल को राजगढ़ जिले की पार्वती रिंसी वृहद परियोजना के शीर्ष कार्य के सर्वेक्षण कार्य कराने की अनुमति प्रदान की गई थी? (ख) यदि हाँ, तो क्‍या उक्‍त परियोजना के शीर्ष कार्य का सर्वेक्षण कार्य करा लिया गया है अथवा नहीं? (ग) यदि हाँ, तो किस एजेन्‍सी के माध्‍यम से कार्य कराया जा रहा है तथा एजेन्‍सी को किस-किस विधानसभा क्षेत्र में सर्वे कार्य हेतु निर्देशित किया गया है एवं विधानसभा क्षेत्र ब्‍यावरा के कौन-कौन से ग्रामों का कितना रकबा सर्वेक्षणाधीन है? (घ) उपरोक्‍तानुसार उक्‍त सर्वेक्षण कार्य कब तक पूर्ण करा लिया जावेगा?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) से (ग) जी हाँ। परियोजना के शीर्ष कार्य के सर्वेक्षण कार्य की निविदा आमंत्रित की जाकर ठेकेदार एकता एसोसिएट भोपाल को दिया जाना प्रतिवेदित है। शीर्ष कार्य का सर्वेक्षण विधान सभा क्षेत्र नरसिंहगढ़ एवं सीहोर में किया जा रहा है। सर्वेक्षण में ब्यावरा विधान सभा क्षेत्र सम्मिलित नहीं है। (घ) शीर्ष कार्य का सर्वेक्षण दिनांक 22.04.2017 तक पूर्ण कराया जाना लक्षित है।

श्योपुर जिले में सिंचाई परियोजनाओं की स्वीकृति

[जल संसाधन]

17. ( *क्र. 225 ) श्री रामनिवास रावत : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) माह जनवरी 2017 की स्थिति में श्योपुर जिले में सिंचाई का रकबा बढाने एवं जल संवर्धन हेतु कौन कौन सी सिंचाई परियोजनाओं का सर्वेक्षण किया गया है? इनमें से किन-किन परियोजनाओं को साध्य पाया जाकर डी.पी.आर. तैयार कराई जाकर स्वीकृति की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है? (ख) क्या शासन पूर्व की सर्वेक्षित परियोजनाओं जैसे- गावड़ी के पास ईडर नदी पर बाँध, डोकरका का तालाब, पिपरवास के कुंडा नाले पर बांध, मूंझरी मध्यम योजना, कदवाल तालाब, रीछी तालाब, वर्धा तालाब इत्यादि पूर्व सर्वेक्षित परियोजनाओं का पुन: सर्वे कराकर स्वीकृति की कार्यवाही करेगा? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्यों? श्योपुर जिले में सिंचाई का रकबा बढ़ाने, जल संरक्षण एवं संवर्धन की शासन की क्या योजना है? (ग) क्या विजयपुर विधानसभा क्षेत्र में सिंचाई का रकबा बढ़ाने हेतु चेंटीखेड़ा माध्यम सिंचाई परियोजना की डी.पी.आर. तैयार की जाकर स्वीकृति हेतु लंबित है? यदि हाँ, तो स्वीकृति में विलम्ब के क्या कारण हैं? (घ) क्या उक्त परियोजना के डूब क्षेत्र में आने वाले ग्रामीणों के विस्थापन हेतु जमीन आरक्षित कर ली गयी है? यदि नहीं, तो कब तक कर ली जावेगी? (ड.) क्या शासन उक्त परियोजना की स्वीकृति इसी वित्तीय वर्ष में प्रदान करेगा? यदि नहीं, तो कब तक करेगा?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) एवं (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। प्रश्नांश में उल्लेखित परियोजनाएं तकनीकी एवं वित्तीय मापदण्ड पर साध्य नहीं पाई गई हैं। शेष प्रश्न उत्पन्न नहीं होते हैं। (ग) जी हाँ। चेंटीखेड़ा मध्यम सिंचाई परियोजना का डी.पी.आर. मुख्य अभियंता, बोधी के कार्यालय में परीक्षणाधीन होने से समय-सीमा बताना संभव नहीं है। (घ) जी हाँ। (ड.) जी नहीं। डी.पी.आर. परीक्षणाधीन होने से समय-सीमा बताना संभव नहीं है।

परिशिष्ट - ''छ:''

 

 

मोहनपुरा वृहद् सिंचाई परियोजना अंतर्गत बांध निर्माण

[जल संसाधन]

18. ( *क्र. 1010 ) श्री जयवर्द्धन सिंह : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) राजगढ़ जिले की मोहनपुरा वृहद् सिंचाई परियोजना अंतर्गत बांध कार्य की वर्तमान स्थिति क्‍या है? इस परियोजना का कितने प्रतिशत कार्य शेष रहा है? यह शेष कार्य कब तक पूरा हो जायेगा? (ख) उक्‍त परियोजना से कुल कितने गांव तथा उनकी कुल कितनी आबादी प्रभावित हुई है? इस प्रभावित आबादी के पुनर्वास की व्‍यवस्‍थाओं की वर्तमान स्थिति क्‍या है? कितने लोगों का पुनर्वास कर दिया गया है तथा कितना पुनर्वास शेष है? शेष पुनर्वास कार्य कब तक पूरा हो जायेगा? (ग) उक्‍त परियोजना से प्रभावित कितने लोगों को उनकी भूमि अधिग्रहण के लिये मुआवजा दिया जा चुका है? कितने लोगों को मुआवजा दिया जाना शेष है?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) मोहनपुरा वृहद सिंचाई परियोजना के बाँध का कार्य 80 प्रतिशत पूर्ण है तथा शेष कार्य जून 2018 तक पूर्ण किया जाना लक्षित है। नहरों का कार्य 15 प्रतिशत पूर्ण है तथा जून 2021 तक पूर्ण करना लक्षित है। (ख) परियोजना से 55 ग्राम की भूमि एवं इनमें से 27 ग्राम की कुल आबादी 13,103 प्रभावित है। प्रभावित ग्रामों का पुनर्वास दो चरणों में किया जाना लक्षित है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' एवं '''' अनुसार है। अक्टूबर 2013 की स्थिति में 18 वर्ष आयु पूर्ण करने वाले वयस्‍कों सहित 4,902 पात्र परिवारों को पुनर्वास किया जाना है। प्रथम चरण में प्रभावित ग्रामों के परिवारों का जून 2017 तक एवं द्वितीय चरण के ग्रामों के परिवार को जून 2018 तक विस्थापित किया जाना लक्षित है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है।

नवनिर्मित पॉली हाउस निर्माण में अनियमितता

[उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण]

19. ( *क्र. 195 ) श्री यशपालसिंह सिसौदिया : क्या राज्‍यमंत्री, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) 1 जनवरी 2013 के पश्चात उज्जैन, इंदौर संभाग में कितने कृषकों ने पॉली हाऊस हेतु आन लाइन या अन्य प्रक्रिया में कहाँ-कहाँ के लिए आवेदन किये, कृषक के नाम सहित जानकारी देवें? इनमें से कितने आवेदन स्वीकृत कर कहाँ-कहाँ पर पॉली हाऊस का निर्माण किया गया? इनमें ऐसे कितने कृषक हैं जिनको आवेदन के पश्चात भी पॉली हाऊस निर्माण की स्‍वीकृति नहीं मिली, पॉली हाउस अस्वीकृत करने के क्या कारण रहे? (ख) प्रश्‍नांश (क) सन्दर्भित इनमें से कितने ऐसे पॉली हाऊस हैं, जिन्हें पॉली हाउस लगने के पश्चात भी सब्सिडी प्राप्त नहीं हुई तथा ऐसे कितने कृषक हैं, जिन्हें पॉली हाउस लगने के 1 माह के अंदर ही सब्सिडी प्राप्त हो गई, सब्सिडी एवं अन्य अनियमितता को लेकर कितनी शिकायत किस किस व्यक्ति द्वारा कहाँ-कहाँ पर की गई? उन पर क्या कार्यवाही की गई? कार्यवाही की अद्यतन स्थिति से अवगत करायें? (ग) बढ़ती शिकायतों को लेकर प्रदेश स्तर के किस किस वरिष्ठ अधिकारी ने किस किस दिनांक को शिकायतों की समीक्षा की उस पर क्या निर्देश दिए? (घ) क्या विभागीय लापरवाही के कारण पॉली हाउस जैसी महत्‍वपूर्ण योजना का क्रियान्‍वयन ठीक से नहीं हो पा रहा है?

राज्‍यमंत्री, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण ( श्री सूर्यप्रकाश मीना ) : (क) प्रश्‍नाधीन अवधि में उज्‍जैन संभाग के 185 तथा इन्‍दौर संभाग के 157 कृषकों ने आवेदन किये। प्रश्‍नांश के शेष भाग की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ग) विभागीय प्रमुख सचिव द्वारा उत्‍तरांश (ख) के परिशिष्‍ट में उल्‍लेखित रतलाम जिले की शिकायत की समीक्षा दिनांक 12.07.2016 को की गई, जिसमें पॉली हाउस के स्‍ट्रेन्‍थ परीक्षण एवं इन्‍दौर जिले की शिकायत की समीक्षा दिनांक 08.08.2016 को की गई, जिसमें पॉली हाउस निर्माण के परीक्षण हेतु संचालक उद्यानिकी को निर्देशित किया गया। संचालक उद्यानिकी एवं प्रक्षेत्र वानिकी द्वारा उक्‍त प्राप्‍त शिकायतों की क्रमश: समीक्षा दिनांक‍ 09.07.2015 एवं 19.07.2016 को की गई जिसमें उप संचालक रतलाम को निर्माता कंपनी को लीगल नोटिस देकर कार्य पूर्ण कराने एवं उप संचालक उद्यान इन्‍दौर को स्‍थल निरीक्षण कर जांच रिपोर्ट प्रस्‍तुत करने के निर्देश दिये गये। (घ) जी नहीं।

तालाब निर्माण एवं लायनिंग कार्यों की गुणवत्ता

[जल संसाधन]

20. ( *क्र. 616 ) श्रीमती झूमा सोलंकी : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भीकनगांव विधानसभा क्षेत्र अन्तर्गत कुल कितने ऐसे तालाब हैं जिनसे नहरों के माध्यम से सिंचाई कार्य किया जा रहा है? सूची उपलब्ध करावें। उपरोक्त वर्णित तालाबों का निर्माण कौन-कौन से वर्ष में हुआ है तथा वर्तमान में तालाबों की भौतिक स्थिति क्या है? (ख) क्या किसी तालाब की मरम्मत की आवश्‍यकता है? यदि हाँ, तो सूची उपलब्ध करावें। क्या तालाबों के निर्माण पश्चात् नहरों का लाईनिंग कार्य किया गया है? (ग) यदि हाँ, तो कौन से तालाब में कितने मीटर नहरों में लाईनिंग कार्य किया गया है तथा क्या लागत है? निर्माण की अवधि क्या थी तथा वर्तमान भौतिक स्थिति क्या है?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। (ख) एवं (ग) जी हाँ। दो तालाबों में मरम्मत की आवश्यकता है, जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। निर्माण पश्चात् 8 परियोजनाओं में नहरों की लाइनिंग का कार्य किया गया है। जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है।

परिशिष्ट - ''सात''

जलाशयों से सिंचित क्षेत्र

[जल संसाधन]

21. ( *क्र. 648 ) श्री फुन्‍देलाल सिंह मार्को : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधान सभा क्षेत्र पुष्‍पराजगढ़ में वित्‍तीय वर्ष 2016-17 में किन-किन ग्राम में नवीन जलाशय निर्माण स्‍वीकृत किये गये हैं तथा कितनी-कितनी धनराशि से निर्माण किया जायेगा। स्‍वीकृत राशि, व्‍यय राशि, शेष राशि सहित निर्माण एजेंसी का नाम व पता सहित जानकारी देवें। (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार प्रत्‍येक बांधों से कितने किलोमीटर नहर निर्माण किया जायेगा? कितने किसानों की भूमि का अधिग्रहण किया गया है तथा किन-किन किसानों की जमीन डूब क्षेत्र से प्रभावित हुई है। प्रत्‍येक किसान का नाम, पिता का नाम, प्रभावित रकबा क्‍या है तथा कितनी भूमि शासकीय है? प्रत्‍येक बांध से कितने हेक्‍टेयर क्षेत्र में सिंचाई होना प्रस्‍तावित है? (ग) क्‍या किसानों को भूमि के बदले भूमि दी गई है? यदि नहीं, दी गई है तो कार्य प्रारंभ करने के पूर्व किस दर से प्रभावितों को मुआवजा राशि का भुगतान किया गया है? प्रत्‍येक किसानों को दी गई मुआवजे की राशि की जानकारी उपलब्‍ध करायें? यदि कार्य, बिना मुआवजे भुगतान किये, प्रारंभ कर दिया गया है तो ऐसे नियम विरूद्ध कार्य करने वाले दोषी अधिकारी के विरूद्ध कब तक कार्यवाही कर दी जायेगी।

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) वित्तीय वर्ष 2016-17 में विधान सभा क्षेत्र पुष्पराजगढ़ अंतर्गत बड़ी तुम्मी जलाशय की प्रशासकीय स्वीकृति दिनांक 16.05.2016 को राशि रू. 197.42 लाख की प्रदान की गई है। जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र ''1'' अनुसार है। (ख) बड़ी तुम्मी जलाशय में 1.20 कि.मी. लम्बी नहर का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है। जलाशय से 75 हेक्टर में सिंचाई होगी। जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र ''2'' अनुसार है। (ग) जी नहीं। धारा 19 के राजपत्र में प्रकाशन के उपरांत शासकीय भूमि में कार्य प्रारंभ किया जाना प्रतिवेदित है। प्रभावित किसानों को मुआवजा का भुगतान अभी नहीं किया गया है। कार्य शासकीय भूमि एवं आपसी सहमति के आधार पर प्रारंभ किये जाने से किसी अधिकारी के दोषी होने की स्थिति नहीं है। शेष प्रश्न उत्पन्न नहीं होते हैं।

परिशिष्ट - ''आठ''

 

 

सबलगढ़ से अटार घाट के निर्माण कार्य की जांच

[लोक निर्माण]

22. ( *क्र. 122 ) श्री मेहरबान सिंह रावत : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या सबलगढ़ से अटार घाट तक 12 कि.मी. तक सड़क विकास प्राधिकरण द्वारा राजश्‍यामा कंस्‍ट्रक्‍शन कंपनी गाजियाबाद द्वारा जो रोड बनाई जा रही है, उसमें स्‍तरहीन कार्य कराया जा रहा है? (ख) क्‍या प्रश्‍नांश (क) कार्य में प्राक्‍कलन अनुसार मिट्टी की खुदाई 9 कि.मी. तक 1.5 x 1.0 मीटर दोनों तरफ करनी थी जो कि नहीं कराई गई है एवं बीच रोड पर 4.5 मीटर में 9 कि.मी. तक ढ़ाई फीट खुदाई न करते हुए लोकल की घटिया मुरम एवं मिट्टी डालकर कार्य कर दिया गया है एवं प्राक्‍कलन अनुसार सिंध नदी की रेत न डालकर लोकल बीहड़ की अमानक स्‍तर की रेत डालकर सी.सी. एवं नाली का निर्माण कराया जा रहा है, जिससे पुलिया एवं नालियां कार्य प्रारंभ से ही क्षतिग्रस्‍त होने लगी हैं? (ग) क्‍या प्रश्नांश (ख) कार्य की जॉंच प्रश्‍नकर्ता सदस्‍य के समक्ष करवाई जावेगी एवं कब तक? समयावधि बतावें क्‍या स्‍तरहीन कार्य कराने के कारण ठेकेदार से राशि वसूली की कार्यवाही की जावेगी?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी नहीं। (ख) जी नहीं। मार्ग का निर्माण अनुबंध के प्रावधानों एवं निर्धारित विनिर्देशों के अनुरूप शासन द्वारा नियुक्‍त तकनीकी सलाहकार एवं गुणवत्‍ता नियंत्रक अथारिटी इंजीनियर की देखरेख में किया जा रहा है। (ग) आवश्‍यकता नहीं है। शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

फसल बीमा का भुगतान

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

23. ( *क्र. 732 ) श्री दिनेश राय (मुनमुन) : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सिवनी विधान सभा क्षेत्र में वर्ष 2016-17 में फसल बीमा की कितनी प्रीमियम राशि कितने किसानों से ली गई? ग्रामवार, कृषक संख्‍या प्रीमियम राशि सहित बतावें (ख) क्‍या फसल बीमा के नवीन प्रावधानों के तहत नुकसान की स्थिति में प्रारंभ में 25 प्रतिशत राशि दिये जाने का प्रावधान है? यदि हाँ, तो सिवनी विधानसभा क्षेत्र में वर्षाकाल के प्रारंभ में अल्‍पवर्षा एवं सितम्‍बर में अतिवृष्टि होने पर विभाग द्वारा किसानों को कितनी राशि का भुगतान किया गया? यदि नहीं, तो क्‍यों? (ग) सितम्बर के अतिवृष्टि के नुकसान के सर्वे रिपोर्ट की छायाप्रति देवें इस भुतगान को कब तक कर दिया जायेगा? (घ) समय पर फसल बीमा का भ़ुगतान न करने वाले अधिकारियों पर शासन कब तक कार्यवाही करेगा?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) खरीफ वर्ष 2016-17 में जिला सिवनी में कुल 19242 अऋणी कृषकों एवं 72744 ऋणी कृषकों द्वारा फसल बीमा करवाया गया। प्रीमियम राशि रू. 57523775 कृषक अंश के रूप में जमा कराई गई। योजना की न्‍यूनतम बीमा इकाई पटवारी हल्‍का है। अत: पटवारी हल्‍कावार जानकारी बीमा कंपनी द्वारा संधारित की जाती है। सिवनी विधानसभा क्षेत्र की पटवारी हल्‍कावार बीमा आवरण की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) प्रधानमंत्री फसल बीमा योजनांतर्गत फसल मौसम के प्रारंभ में बीमित इकाई के 75 प्रतिशत या उससे अधिक क्षेत्रफल में अधिसूचित फसल की बुआई विफल होने पर बीमित राशि का अधिकतम 25 प्रतिशत भुगतान करने का प्रावधान है। सिवनी विधानसभा क्षेत्र में बुआई विफल होने संबंधी अधिसूचना जिला प्रशासन द्वारा जारी नहीं की गई है एवं वर्षाकाल के प्रारंभ में अल्‍पवर्षा एवं सितंबर में अतिवृष्टि की जानकारी निरंक है। (ग) सिवनी विधानसभा क्षेत्र में अतिवृष्टि की जानकारी निरंक है। अत: नुकसान सर्वे एवं भुगतान का प्रश्‍न नहीं उठता। (घ) उत्‍तरांश (ग) अनुसार प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

सहकारी समितियों के आडिट में अनियमितता

[सहकारिता]

24. ( *क्र. 429 ) श्री आर.डी. प्रजापति : क्या राज्‍यमंत्री, सहकारिता महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या सहकारी समितियों के आय-व्‍यय के आडिट करने के नियम हैं? यदि हाँ, तो कितने वर्ष के अंतराल से सहकारी समिति का आडिट किया जाता है? (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार जिला छतरपुर में पंजीकृत सहकारी समितियों में से वर्ष 2014-15, 2015-16, 2016-17 में‍ कितनी समितियों का अंकक्षेण किया गया तथा कितनी समितियां अंकेक्षण हेतु शेष हैं? वर्गवार अंकेक्षण की जानकारी देवें। (ग) प्रश्नांश (ख) अनुसार की गई आडिट रिपोर्ट में ली गई आपत्तियों का निराकरण किया गया है? यदि नहीं, तो शेष रही आपत्तियों का निराकरण कब तक कर लिया जावेगा? (घ) छतरपुर जिले की जिन सहकारी समितियों का पिछले 5 वर्षों से आज दिनांक तक आडिट नहीं कराया गया है तो उन समितियों में कार्यरत कर्मचारियों के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की जावेगी?

राज्‍यमंत्री, सहकारिता ( श्री विश्वास सारंग ) : (क) जी हाँ। प्रत्येक वित्‍तीय वर्ष की समाप्ति पर। (ख) वर्गवार अंकेक्षित एवं अंकेक्षण हेतु शेष संस्‍थाओं की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) आडिट रिपोर्ट में ली गई आपत्तियों का 26 समितियों से प्राप्त पालन प्रतिवेदन परीक्षणाधीन है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (घ) किसी भी समिति का विगत पाँच वर्षों का अंकेक्षण शेष नहीं है। लंबित अंकेक्षण वाले संस्‍थाओं के कर्मचारियों/संचालक मण्‍डल के विरूद्ध मध्यप्रदेश सहकारी सोसायटी अधिनियम 1960 की धारा 53, 56 एवं 57 के प्रावधानों के अंतर्गत कार्यवाही की जा रही है।

परिशिष्ट - ''नौ''

मुख्‍यमंत्री एवं प्रधानमंत्री सड़क योजनान्‍तर्गत निर्मित सड़कें

[लोक निर्माण]

25. ( *क्र. 724 ) श्रीमती शीला त्‍यागी : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रीवा एवं शहडोल जिले में वर्ष 2013 से वर्ष 2016 तक एम.पी. आर.डी.सी. विभाग के द्वारा मुख्‍य मंत्री एवं प्रधानमंत्री सड़क योजनान्‍तर्गत कितनी सड़कें निर्मित अथवा निर्माणाधीन हैं, दोनों की विधानसभा क्षेत्रवार वर्षवार एवं बजटवार जानकारी देवें। (ख) प्रश्‍नांश (क) की सड़कों के चयन हेतु विधानसभा क्षेत्रवार कौन सी प्राथमिकतायें, मापदण्‍ड व दिशा-निर्देश हैं। सभी निर्देशों एवं मापदण्‍डों की प्रतियां उपलब्‍ध करायें। (ग) प्रश्‍नांश '' एवं '' की सड़कों के पूर्णता हेतु कितनी समय-सीमा व लागत राशि तय की गई है, यदि समय-सीमा व लागत राशि बढ़ाई-घटाई गई है तो क्‍यों, किसके आदेश से? प्रति देवें। (घ) प्रश्‍नांश (ग) के संदर्भ में कौन अधिकारी अथवा संविदाकार जिम्‍मेवार है? दोषी के विरूद्ध कौन-सी दण्‍डात्‍मक कार्यवाही कब तक की जावेगी।

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) म.प्र. सड़क विकास निगम लि. द्वारा मुख्‍यमंत्री एवं प्रधानमंत्री सड़क योजनांतर्गत सड़कों का निर्माण नहीं किया जाता है। (ख) एवं (ग) उत्‍तरांश के अनुसार। (घ) प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

 

 

 

 





 

 

 

भाग-2

नियम 46 (2) के अंतर्गत अतारांकित प्रश्नोत्तर के रुप में

परिवर्तित तारांकित प्रश्नोत्तर

उज्‍जैन संभागान्‍तर्गत गन्‍ने की खेती

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

1. ( क्र. 3 ) श्री जितेन्‍द्र गेहलोत : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) उज्‍जैन संभाग में गन्‍ने की खेती का वर्ष 2012 से अब तक का क्षेत्रफल कितना है वर्षवार, जिला व तहसीलवार ब्‍यौरा दें? (ख) गन्‍ना कृषि उत्‍पादन व क्षेत्रफल बढ़ाने के लिए शासन ने क्‍या-क्‍या योजनाएँ संभाग में लागू की? उक्‍त योजनाओं का परिणाम क्‍या रहा? (ग) गन्‍ने की खेती को बढ़ावा देने की दिशा में आलोट जिला रतलाम के किसानों को विगत 03 वर्षों में कितना-कितना अनुदान शुगरकेन हार्वेस्‍टर पर दिया वर्षवार? पूर्ण ब्‍यौरा दें?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) उज्जैन संभाग में गन्ने के अंतर्गत वर्षवार, जिलेवार एवं तहसीलवार क्षेत्रफल की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) उज्जैन संभाग में गन्ना कृषि उत्पादन व क्षेत्रफल बढ़ाने हेतु कोई योजना संचालित नहीं है। अत: शेष प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता। (ग) आलोट जिला रतलाम में विगत 3 वर्षों में शुगरकेन हार्वेस्टर का कोई प्रकरण प्राप्त न होने के कारण कोई अनुदान नहीं दिया गया है।

परिशिष्ट - ''एक''

स्‍टेट हाईवे एवं एम.डी.आर. सड़कों के प्रस्‍ताव

[लोक निर्माण]

2. ( क्र. 6 ) श्री जितेन्‍द्र गेहलोत : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या सरकार ने प्रदेश के स्‍टेट हाईवे एवं एम.डी.आर., नेशनल हाईवे अथॉरिटी को देने संबंधी कोई निर्णय लिया है अथवा प्रस्‍तावित किया है? यदि हाँ, तो तत्‍संबंधी ब्‍यौरा क्‍या है? (ख) क्‍या सरकार ने 2200 कि.मी. से अधिक सड़कों को एन.एच.बनाने की दिशा में कोई निर्णय लिया है? यदि हाँ, तो उक्‍त सड़कों का ब्‍यौरा क्‍या है एवं कौन-कौन सी सड़कें इसमें सम्मिलित हैं? (ग) प्रश्‍नांश (क) निर्णय से प्रदेश व सरकार को होने वाले लाभ व सुविधाओं का ब्‍यौरा दें?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी नहीं। शेष का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता। (ख) जी हाँ, किन्‍तु कुल लंबाई 2200 कि.मी. से कम है। जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) उत्‍तरांश के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता।

 

परिशिष्ट - ''दो''

सहकारी समितियों के सचिव एवं सहायक सचिवों के विरूद्ध प्राप्‍त शिकायत

[सहकारिता]

3. ( क्र. 10 ) श्री महेन्द्र सिंह कालूखेड़ा : क्या राज्‍यमंत्री, सहकारिता महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मुंगावली विधानसभा क्षेत्र की ओंडेर सहकारी समिति के सहायक सचिव अरविंद शर्मा के विरूद्ध कितनी शिकायतें जिलाधीश, गुना, अशोकनगर उप पंजीयक सहकारिता गुना, अशोकनगर एवं एस.डी.ओ. मुंगावली को पिछले 2 वर्ष में मिली व उन पर क्या कार्यवाही हुई? (ख) गेहूँ खरीदी में अनियमितताओं की शिकायतों पर उन्‍हें वहां के केन्द्र से हटाकर अन्यत्र कहाँ कब पदस्‍थ किया तथा पुनः उसे ओंडेर में कब व क्यों पदस्‍थ किया? (ग) बर्रा की राशन दुकान का वितरण ओंडेर से कब से किया जा रहा है व उक्त राशन दुकान बर्रा में क्यों नहीं खोली जा रही है व कई शिकायतों के बाद भी पूर्व में व दिसम्बर 2016 में भी बर्रा का राशन वितरण उक्‍त सहायक सचिव को क्यों दिया गया? (घ) क्‍या ओंडरे सोसायटी के अध्यक्ष राजाबाबू डॉगी, उक्‍त सहायक सचिव को हटाने के बारे में लिखकर दे चुके हैं व कई आसपास के गावों के किसान उप पंजीयक गुना व जिलाधीश जो कि अशोकनगर जिले के जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष हैं, इस कर्मचारी सहायक सचिव को हटाकर वहां सचिव पदस्थ क्यों नहीं कर रहे हैं? क्‍या उक्‍त सहायक सचिव को शासन लगातार संरक्षण दे रहा है?

राज्‍यमंत्री, सहकारिता ( श्री विश्वास सारंग ) : (क) 16 शिकायतें प्राप्त हुई, जिनकी जांच करायी गई, की गई कार्यवाही की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है(ख) गेहूं खरीदी में अनियमितताओं के शिकायतों के आधार पर संस्था के सहायक प्रबंधक को नहीं हटाया गया है, अतः पुनः पदस्थी का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) शासकीय उचित मूल्य दुकान बर्रा का संचालन प्राथमिक कृषि साख सहकारी संस्था मर्या., ओंडेर द्वारा कभी नहीं किया गया है, ग्राम पंचायत बर्रा संस्था ओंडेर के क्षेत्र में नहीं है, बर्रा दुकान के राशन का वितरण ओंडेर संस्था के सहायक सचिव के द्वारा नहीं किया जा रहा है। (घ) प्राथमिक कृषि साख सहकारी संस्था मर्या., ओंडेर के संचालक मंडल के स्थान पर दिनांक 06.10.2016 से प्रशासक कार्य कर रहा है। संस्था के प्रशासक को श्री अरविन्द शर्मा, सहायक समिति प्रबंधक के विरूद्ध कार्यवाही किये जाने हेतु निर्देश दिये गये है। संस्था के पूर्व अध्यक्ष श्री राजाबाबू दांगी का एक शिकायती पत्र कार्यालय उप आयुक्त सहकारिता, जिला अशोक नगर को प्राप्त हुआ था, जिसकी जांच में शिकायती आवेदन सत्य नहीं पाया गया है। सहायक सचिव को किसी भी प्रकार का संरक्षण नहीं दिया जा रहा है।

परिशिष्ट - ''तीन

कर्मचारियों द्वारा समितियों में की गई अनियमितताएं

[सहकारिता]

4. ( क्र. 11 ) श्री महेन्द्र सिंह कालूखेड़ा : क्या राज्‍यमंत्री, सहकारिता महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या चंदेरी के तत्कालीन विधायक श्री राजकुमार सिह यादव के  वर्ष 2010 में विधानसभा में दिये दी गई ध्यानाकर्षण पर शासन ने खाद्य संचालनालय के सुकृति सिंह व श्री चंदेल की जांच रिपोर्ट पर जिस बैंक कर्मचारी जगदीश कुशवाह ने ग्वालियर न्यायालय से स्टे प्राप्त किया वह अब तक वेकेंट क्यों नहीं किया तथा उक्त कर्मचारी को गुना जिले में स्थानांतर किया था उसको पुनः चंदेरी ब्लॉक अशोकनगर में स्थानांतर किस तिथि व वर्ष में पदस्थ किया गया है? स्थगन 2017 तक वेकेंट नहीं होने के क्या कारण है? (ख) क्या उक्त जगदीश कुशवाह ने अपनी पत्नी व रिश्तेदारों को सदस्य बनाकर फतेहबाद, चंदेरी व अन्य सहकारी समिति पर कब्जा कर रखा है? उस पर नियमानुसार कार्यवाही कर उस समिति को भंग क्यों नहीं किया गया? (ग) खाद्य विभाग के तत्‍कालीन प्रमुख सचिव अशोक वर्णवाल, सुकृतिसिंह व चंदेल की जाँच रिपोर्ट का विवरण देते हुए बताएं कि जिन-जिन जिला सहकारी बैंक व सहाकारिता विभाग के कर्मचारियों के विरूद्ध जो रिपोर्ट आई है व जिन प्राथमिक सहकारी समितियों के विरूद्ध राशन वितरण में शिकायतों पर दोषी पाया गया है उनके विरूद्ध शिकायतों का विवरण देते हुए बताएं कि उन्हें राशन वितरण से अलग कर कब तक कार्यवाही की जावेगी?

राज्‍यमंत्री, सहकारिता ( श्री विश्वास सारंग ) : (क) जी हाँ, माननीय उच्च न्यायालय, खण्डपीठ ग्वालियर में डब्ल्यू.पी. 3615/2010 तथा डब्ल्यू.पी. 4747/2010 में याचिकाकर्ताओं द्वारा स्थगन प्राप्त किया है। प्रकरण में प्रभारी अधिकारी द्वारा दिनांक 12.10.2010, 05.05.2014, 23.08.2014, 03.12.2014, 26.03.2016 तथा दिनांक 18.01.2017 को स्थगन वेकेंट कराने हेतु माननीय उच्च न्यायालय खण्डपीठ, ग्वालियर में आवेदन प्रस्तुत किये गये है। वर्तमान में प्रकरण न्यायालय में विचाराधीन है। श्री जगदीश कुशवाहा को दिनांक 04.10.2016 को पुनः शाखा चन्देरी की प्राथमिक कृषि साख सहकारी संस्था मर्या., महोली में पदस्थ किया गया है। (ख) श्री जगदीश कुशवाहा की पत्नी श्रीमती उमादेवी प्राथमिक कृषि साख सहकारी संस्था, रामनगर में संचालक थी, जिन्हें सहकारी अधिनियम की धारा 48-एए के अंतर्गत अयोग्य कर दिया गया है। श्री जगदीश कुशवाहा के परिवार का अन्य कोई सदस्य सहकारी संस्था के संचालक नहीं है। सहकारी संस्था का संचालन उसकी उपविधि अनुसार संचालक मंडल द्वारा किया जाता है, किसी व्यक्ति विशेष के द्वारा संचालित नहीं की जाती है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) प्रश्नांकित जांच प्रतिवेदन के आधार पर की गई कार्यवाही की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है।

परिशिष्ट - ''चार''

क्षेत्रीय सिंचाई योजनाओं की स्‍वीकृति

[जल संसाधन]

5. ( क्र. 21 ) डॉ. राजेन्‍द्र पाण्‍डेय : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या विगत कई वर्षों से जावरा एवं पिपलौदा तहसील सूखाग्रस्‍त होकर जल अभावग्रस्‍त क्षेत्र में आने से शासन द्वारा डार्क जोन एरिया घोषित कर जल संकट को दूर किये जाने हेतु अनेक योजनाएं बनाई जा रही है? (ख) यदि हाँ, तो क्‍या पिपलौदा तहसील अंतर्गत 1. अंगेठी 2. हतनारा 3. नांदलेटा 4. मचून 5. बानीखेड़ी (काबुलखेड़ी) इत्‍यादि एवं जावरा तहसील अन्‍तर्गत 1. मांडवी 2. कुच्‍चीघाट (रिंगनोद-कामलिया) 3. बानीखेड़ी (मीनाखेड़ा) 4. आलमपुर ठिकरिया इत्‍यादि योजनाओं को चिन्हित किया गया है? (ग) क्‍या दोनों तहसीलों में जलस्‍तर, विगत वर्षों में 1000-12000 फीट नीचे चले जाने की गंभीर स्थिति होकर सूखाग्रस्‍त क्षेत्र जैसी बनने से क्षेत्र को शासन द्वारा सूखाग्रस्‍त भी घोषित किया गया है? (घ) प्रश्नांश (ख) एवं (ग) हां, तो उपरोक्‍तानुसार गंभीर स्थितियों को दृष्टिगत रख शासन/विभाग द्वारा सर्वेक्षित एवं चिन्हित प्रस्‍तावित योजनाओं को बजट में सम्मिलित करते हुए कब तक स्‍वीकृति दी जाएगी?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) एवं (ख) भू-जल का अत्‍याधिक दोहन करने से जावरा एवं पिपलौदा तहसील डार्क-जॉन घोषित है। प्रश्‍नांश में उल्‍लेखित परियोजनाएं विचाराधीन नहीं है। (ग) एवं (घ) जी हाँ। दोनों तहसील को वर्ष 2015 में सूखा ग्रस्त घोषित किया गया है। जावरा तहसील में बानीखेड़ी (मीनाखेड़ी) बैराज के निर्माण हेतु निविदा स्वीकृत हो चुकी है। मांडवी तालाब तथा आलमपुर ठिकरिया बैराज की डी.पी.आर. बनाने के निर्देश दिये गये हैं। डी.पी.आर. अंतिम नहीं होने से समय-सीमा बताना संभव नहीं है।

ग्रामीण क्षेत्र की जर्जर सड़कों की मरम्‍मत

[लोक निर्माण]

6. ( क्र. 22 ) डॉ. राजेन्‍द्र पाण्‍डेय : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या जावरा एवं पिपलौदा तहसील अंतर्गत अनेक गांवों के यातायात के प्रमुख मार्ग विगत कई वर्षों से अत्‍यंत जर्जर होकर ध्‍वस्‍त होकर यातायात में बाधक बनकर कृषकों की एवं ग्रामीणजनों के आवागमन की गंभीर समस्‍या है? (ख) यदि हाँ, तो जावरा तहसील के 1. रिंगनोद से व्‍हाया कलालिया फोरलेन फंटे तक 2. मुंडली रसूलपुर से मामरखेड़ा 3. बनवाड़ा से दाहखेड़ा 4. गोदी धर्मसी से मन्‍या खेड़ी 5. सरसौदा से कलालिया 6. तरासिया से पिपलियासीर 7. कलालिया से झालवा 8. मार्तण्‍डगंज से हनुमंतिया 9. ढोढर से झण्‍डी बांधडा बस्‍ती 10. रीधागुजर से खामरा 11. कलालिया से परवलिया 12. रीधाचांदा से सेमलिया इत्‍यादि मार्गों के साथ ही अनेक अन्‍य मार्ग भी हैं? (ग) यदि हाँ, तो पिपलौदा तहसील अंतर्गत 1. पिपलोदा मार्ग से व्‍हाया पंचे वा-सुखेड़ा 2. सुखेड़ा से व्‍हाया भीमकुआ पिपलौदा 3. कसेर से चिपिया 4. गणेशगंज से थेरपुर फरा 5. चिपिया से बिलंदपुर 6. आक्‍यादेह से ममरखेड़ा 7. गुडरखेड़ा से चाचरी 8. रानीगांव फंटा से व्‍हाया नवेली बागिया होकर कालूखेड़ा मार्ग 9. बहायला माता जी से पिपलौदा 10. आंवा से मचून 11. रियावन‍ से भाखरखेड़ी 12. सेमलखेड़ी से पिंगराला मार्ग अत्‍यंत जर्जर है? (घ) यदि हाँ, तो उपरोक्‍त दोनों तहसील अंतर्गत उल्‍लेखित अत्‍यंत जर्जर एवं कष्‍टप्रद मार्गों के निर्माण किये जाने हेतु शासन/विभाग द्वारा क्‍या किया जा रहा है एवं इन्‍हें बजट में कब तक सम्मिलित किया जायेगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) से (घ) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है।

 

क्षेत्रान्तर्गत मार्ग निर्माण

[लोक निर्माण]

7. ( क्र. 57 ) श्री मुरलीधर पाटीदार : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्नकर्ता द्वारा विधानसभा क्षेत्र सुसनेर अंतर्गत मार्ग निर्माण हेतु विगत 03 वर्षों में कौन-कौन से प्रस्ताव भेजे हैं/मांग की हैं? विवरण देवें? (ख) कार्यपालन यंत्री जिला आगर एवं शाजापुर द्वारा विगत 03 वर्षों में कौन-कौन से नवीन मार्गों के प्रस्ताव भेजे हैं/मांग की हैं? (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) में उल्लेखित प्रस्तावों पर क्या कार्यवाही की गई? क्या आगर जिला अंतर्गत 12 मार्गों को मुख्य जिला मार्ग घोषित करने के प्रस्ताव प्रक्रियाधीन हैं जिनमें से 02 स्वीकृत हुए हैं एवं शेष प्रक्रियाधीन हैं? यदि हाँ, तो स्वीकृत मार्गों पर निर्माण कार्य कब प्रारम्भ होगा एवं प्रक्रियाधीन प्रस्तावों की स्वीकृति कब तक होगी? (घ) क्‍या विधानसभा क्षेत्र सुसनेर अंतर्गत इन्दौर-कोटा मार्ग से देहरियासोयत एवं इन्दौर-कोटा मार्ग से हरिजन बस्ती डोंगरगांव मार्ग निर्माण हेतु प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं? यदि हाँ, तो स्वीकृति कब तक होगी? यदि नहीं, तो क्या स्वप्रेरणा से उक्त मार्गों एवं इनके अलावा छोटे - छोटे मार्गों के निर्माण हेतु प्रभावी कार्यवाही की जावेगी?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) म.प्र. सड़क विकास निगम अंतर्गत विधानसभा क्षेत्र सुसनेर में विगत 03 वर्षों में उज्‍जैन-झालावाड राज्‍य मार्ग के नगरीय क्षेत्र सुसनेर एवं सोयतकलां में फोरलेन किये जाने हेतु प्रस्‍ताव दिया गया है। शेष जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र अनुसार है। (ग) प्रस्‍ताव के संबंध में की गई कार्यवाही की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र अनुसार है। म.प्र. सड़क विकास निगम द्वारा सुसनेर एवं सोयतकलां नगरीय क्षेत्र में फोरलेन निर्माण हेतु प्रस्‍ताव तैयार किये गये है, परन्‍तु उज्‍जैन-झालावाड मार्ग राष्‍ट्रीय राजमार्ग घोषित हो जाने के कारण मार्ग के फोरलेन का प्रस्‍ताव एन.एच..आई. को सौंप दिया गया है। मुख्‍य जिला मार्ग घोषित करने संबंधित जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र अनुसार है। (घ) जी हाँ। शेष जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र अनुसार है।

फसल बीमा योजना का क्रियान्वन

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

8. ( क्र. 58 ) श्री मुरलीधर पाटीदार : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नवीन कृषि बीमा योजनान्तर्गत बीमा की शर्तें क्या-क्या हैं एवं बीमा क्लेम हेतु क्या प्रक्रिया अपनाई जा रही हैं? (ख) क्या विधानसभा क्षेत्र सुसनेर अंतर्गत कामर्शियल/राष्ट्रीयकृत बैंकों के द्वारा किसान क्रेडिट कार्ड धारक किसानों के डिफाल्टर/कर्जदार होते हुए भी फसल बीमा किया जा रहा हैं? क्या समान रूप से सहकारी साख संस्थाओं द्वारा भी फसल बीमा किया जा रहा हैं? (ग) प्रश्नांश (ग) का उत्तर यदि नहीं, है तो क्या बीमा की शर्तें सहकारी साख संस्थाओं एवं कामर्शियल/राष्ट्रीयकृत बैंकों के लिए अलग-अलग हैं? क्या सहकारी साख संस्थाओं को उचित निर्देश प्रसारित किये जावेंगे, ताकि समान रूप से कृषकों का बीमा हो सके? यदि हाँ, तो कब तक? (घ) वर्ष 2015 में विधानसभा क्षेत्र सुसनेर अंतर्गत बीमित कृषकों की पटवारी हल्‍लावार संपूर्ण जानकारी उपलब्ध करावें? क्या विधानसभा क्षेत्र सुसनेर के कुछ पटवारी हल्‍लों में अपेक्षाकृत काफी कम बीमा क्‍लेम प्राप्‍त हुआ है यदि हाँ, तो पुन: समीक्षा की जाकर कृषक हित में उचित बीमा क्‍लेम प्रदाय किया जावेगा यदि हाँ, तो क्‍या व कब तक?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत क्षतिपूर्ति के विकल्‍प निम्‍नानुसार है :- (1) योजना में ओलावृष्टि, जल-भराव एवं भूस्‍खलन होने पर बीमित किसानों को व्‍यक्तिगत क्षतिपूर्ति का प्रावधान है। (2) योजना के अंतर्गत बुआई के दौरान विपरीत मौसम परिस्थितियों एवं कम बारिश से नुकसान होता है तो बीमा राशि का 25 प्रतिशत दावा देय होगा व बीमा आवरण समाप्‍त हो जायेगा। (3) मौसम के मध्‍य में प्रतिकूल मौसम परिस्थितियों में भी संभावित दावा राशि का 25 प्रतिशत दावा भुगतान। (4) मौसम के अंत में वास्‍तविक पैदावार के आंकड़ों के आधार पर दावा भुगतान। (5) फसल कटाई के बाद भी चक्रवात एवं बेमौसम बारिश का जोखिम भी 14 दिनों तक आवरित। योजना की मार्गदर्शी निर्देशिका संबंधी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र एक अनुसार है। (ख) योजना के प्रावधान अनुसार डिफाल्‍टर/ कर्जदार कृषक अऋणी कृषक के रूप में स्‍वैच्छिक रूप से निर्धारित आवेदन प्रस्‍तुत कर फसल बीमा करवा सकते हैं। ऋणी कृषकों हेतु फसल बीमा अनिवार्य है। योजना के नियम सभी बैंकों/ सहकारी बैंको के लिये समान। (ग) योजना के प्रावधान सभी फसल ऋण वितरित संस्‍थाओं पर समान रूप से लागू होते हैं तथा केन्‍द्र एवं राज्‍य शासन से प्राप्‍त दिशा निर्देशों के आधार पर योजना का क्रियान्‍वयन किया जाता है एवं संपूर्ण नोडल बैंकों को अवगत कराया जाता है ताकि पात्र कृषकों का बीमा सुचारू रूप से किया जा सके। (घ) खरीफ 2015 मौसम के लिये आयोजित फसल कटाई प्रयोग के आधार पर प्राप्‍त उपज के आंकड़ों के आधार पर सुसनेर विधानसभा क्षेत्र हेतु क्षतिपूर्ति राशि का भुगतान उन पटवारी हल्‍कों के लिये किया जा चुका है जिन हल्‍कों में किसी अधिसूचित फसल हेतु थ्रेशहोल्‍ड उपज वास्‍तविक उपज से कम पाई गई थी। खरीफ 2015 मौसम में सुसनेर विधानसभा क्षेत्र की पटवारी हल्‍कावार संपूर्ण जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-दो अनुसार है।

कृषकों को आदान सामग्री वितरण

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

9. ( क्र. 78 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या किसानों को कृषि उपकरण, खाद बीज, नींदानाशक, कीटनाशक अनुदान पर दिये जाते हैं? (ख) यदि हाँ, तो वर्ष 2015-16 एवं 2016-17 में प्रश्नांश दिनांक तक कितने किसानों को लाभांवित किया गया? विधानसभा क्षेत्रवार संख्यात्मक जानकारी देवें। (ग) क्या प्रश्नांश (ख) अंतर्गत पनागर विधानसभा क्षेत्र के अनेक किसान योजना के लाभ से वंचित रह गये हैं? (घ) यदि हाँ, तो क्यों?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) जी हाँ। (ख) वर्ष 2015-16 एवं 2016-17 में प्रश्‍न दिनांक तक जबलपुर जिले में कुल 132477 किसानों को लाभांवित किया गया। जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) जी नहीं, लक्ष्‍यानुसार किसानों को लाभांवित किया गया है। (घ) उत्‍तरांश '' अनुसार प्रश्‍न उपस्थित नहीं है।

परिशिष्ट - ''पाँच''

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना क्रियान्‍वयन

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

10. ( क्र. 79 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना अन्तर्गत वर्ष 2016-17 में निर्धारित लक्ष्यानुसार कृषकों की फसलों का बीमा कराया गया हैं? (ख) यदि हाँ तो योजनांतर्गत कितने कृषकों का बीमा किया गया हैं एवं कितने कृषकों को फसल खराब होने की स्थिति में बीमित राशि स्वीकृत की गई है? सूची देवें। (ग) क्या लक्ष्यानुसार बीमा किया गया है? (घ) यदि नहीं, तो क्यों? इसके लिये कौन जबावदार है?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना अंतर्गत वर्ष 2016-17 में ऋणी कृषकों के लिये अनिवार्य एवं अऋणी कृषकों के लिये स्‍वैच्छिक है। लक्ष्‍य निर्धारित नहीं है, अपितु अधिक से अधिक अऋणी कृषकों को योजना से जोड़ने हेतु प्रयास किया गया है। (ख) योजनान्‍तर्गत खरीफ 2016 में 4215112 लाख कृषकों द्वारा बीमा कराया गया। फसल मौसम प्रतिकूलता के मध्‍य अवधि फसल क्षति हेतु एच.डी.एफ.सी कम्‍पनी द्वारा राशि रू. 9.41 करोड़ का भुगतान 16293 कृषकों को किया गया। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) उत्‍तरांश (क) अनुसार। (घ) उत्‍तरांश (क) अनुसार प्रश्‍न उपस्थित नहीं।

 

 

 

चम्‍बल दाहिनी मुख्‍य नहर पर पुलिया निर्माण

[जल संसाधन]

11. ( क्र. 123 ) श्री मेहरबान सिंह रावत : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) चम्‍बल दाहिनी मुख्‍य नहर पर स्थिति पुलिया जो कि मानपुर एवं किशोरगढ़ गांव के मध्‍य सबलगढ़ विधान सभा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत बावड़ीपुरा के मध्‍य स्थित है, काफी क्षतिग्रस्‍त हो जाने के कारण ग्रामवासियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है? (ख) क्‍या प्रश्‍नकर्ता विभाग को कई बार पत्र देकर अवगत कराने के बाद भी आज दिनांक क्षतिग्रस्‍त पुलिया को दुरूस्‍त नहीं कराया गया है? कारण बतावें? (ग) क्षतिग्रस्‍त पुलिया/पुल कब तक दुरूस्‍त करा दी जावेगी? जिन दोषी अधिकारियों ने आज दिनांक तक शासन को अवगत नहीं कराया है उनके खिलाफ क्‍या कार्यवाही कब तक प्रस्‍तावित की जावेगी?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) जी नहीं। प्रश्नांश में उल्लेखित स्थल पर चम्बल दाहिनी मुख्य नहर में आम रास्ता नहीं होने के कारण पुलिया निर्मित नहीं है। ग्रामवासियों को खेतों तक आने जाने के लिए आर.डी. 14,854 मी. पर परियोजना निर्माण काल से फुट ब्रिज निर्मित है। जो वर्तमान में सही स्थिति में है। (ख) एवं (ग) जी नहीं। मान. सदस्य द्वारा शासन को मात्र एक पत्र दिनांक 25.08.2015 को लिखा गया। जिसके परिप्रेक्ष्य में फुटब्रिज की क्षतिग्रस्त रेलिंग एवं वियरिंगकोट का सुधार कार्य संथा द्वारा प्रांरभ कराये जाने पर ग्रामवासियों ने विरोध कर कार्य रोका व नवीन चौड़ी पुलिया बनाने की माँग की, उक्त स्थिति से मान. सदस्य को कार्यपालन यंत्री द्वारा पत्र दिनांक 10.09.2015 से अवगत कराया जाना प्रतिवेदित है। नवीन पुल का निर्माण निर्धारित मापदण्ड में न होने से संभव नहीं है। उल्लेखित फुटब्रिज की रेलिंग व वियरिंगकोट आदि का सुधार कार्य नहर संचालन बंद होने के उपरांत प्रारंभ करा दिया जाएगा। किसी अधिकारी के दोषी होने की स्थिति नहीं है।

उद्यानिकी फसलों का विकास

[उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण]

12. ( क्र. 134 ) श्री लखन पटेल : क्या राज्‍यमंत्री, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दमोह जिले में उद्यानिकी विभाग द्वारा उद्यानिकी फसलों के विकास के लिए कौन-कौन सी योजनाएं संचालित हैं वर्ष 2012-13 से प्रश्‍न दिनांक तक संचालित योजनाओं में किस योजना के लिये शासन से कितना-कितना बजट आवंटन प्राप्‍त हुआ है? योजनावार बतावें। (ख) दमोह जिले में प्रश्‍नांश (क) से संबंधित योजनाओं के लिये क्‍या लक्ष्‍य निर्धारित था? निर्धारित लक्ष्‍य के विरूद्ध कितनी पूर्ति की गई? कितने कृषकों को किस-किस योजना का क्‍या-क्‍या लाभ दिया गया? विधानसभा क्षेत्र पथरिया के कृषकों की संख्‍यात्‍मक जानकारी ग्रामवार बतावें। (ग) दमोह जिले में उद्यानिकी विभाग को किस योजना में कितने कृषकों के ऑनलाईन एवं कितने कृषकों के ऑफ लाईन आवेदन प्राप्‍त हुए? प्राप्‍त आवेदनों में से कितने कृषकों को लाभ दिया गया तथा कितने आवेदन पत्र किस कारण से निरस्‍त किए गये वर्ष 2012-13 से प्रश्‍न दिनांक तक की जानकारी देवें।

राज्‍यमंत्री, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण ( श्री सूर्यप्रकाश मीना ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र- ब एवं स अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र- द अनुसार है। 170 आवेदन पात्र न होने के कारण निरस्‍त किये गये हैं।

 

 

 

 

प्‍लाटों के आवंटन की वैधता एवं बजट की अनयिमितता

[जल संसाधन]

13. ( क्र. 151 ) श्री केदारनाथ शुक्ल : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बाण सागर परियोजना रीवा द्वारा दिनांक 14.10.2010 से प्रश्‍न दिनांक तक कितने पात्र हितग्राही विस्‍थापितों को वैद्य भूखण्‍डों का आवंटन किया गया है? (ख) प्रश्‍नांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में पात्र हितग्राही का नाम, अनुदान सूची क्रमांक, आदर्श ग्राम का नाम, आवंटित भूखण्‍ड क्रमांक एवं दिनांक के साथ ही मूल आवंटन पंजी में अंकित आवंटन संख्‍या एवं पृष्‍ठ क्रमांक आदि की जानकारी भी दें। (ग) बाण सागर परियोजना द्वारा आवंटित भूखण्‍डों में वाद-विवाद की स्थिति में विवाद निराकरण के लिए किस प्राधिकरण में आवंटतियों द्वारा वाद प्रस्‍तुत किया जायेगा? (घ) बाण सागर परियोजना रीवा के प्रभावित विस्‍थापितों के हितार्थ वित्‍तीय वर्ष 2016-17 को तीसरी तिमाही का बजट आवंटन अभी तक नहीं दिये जाने का क्‍या कारण है। कब तक दें दिया जावेगा?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

लोक निर्माण विभाग के अधीन सड़कों की स्‍वीकृति

[लोक निर्माण]

14. ( क्र. 153 ) श्री हितेन्द्र सिंह ध्‍यान सिंह सोलंकी : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बडवाहा विधानसभा क्षेत्र में विभाग की ऐसी कितनी सड़के हैं जो विभाग के बुक पर है जिस पर डामरीकरण होना है? (ख) प्रश्‍नांश (क) के अनुसार उन सड़कों पर जनप्रतिनिधियों द्वारा विगत एक वर्ष में कितने प्रस्‍ताव डामरीकरण हेतु विभाग प्रमुख एवं जिला प्रशासन को प्रस्‍तुत किये गये है? प्राप्‍त प्रस्‍ताव पर विभाग द्वारा वर्तमान तक क्‍या कार्यवाही की गई है? (ग) प्रश्नांश (ख) के अनुसार जनप्रतिनिधियों द्वारा प्रेषित किये गये डामरीकरण के कितने प्रस्‍तावों को स्‍वीकृति की गई है, क्‍या इस वित्‍त वर्ष में स्‍वीकृत किये जावेगें? यदि हाँतो कितने प्रस्‍ताव बजट में शामिल किये गये है उसकी सूची दी जावें।

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) विधानसभा क्षेत्र बड़वाह में विभाग की बुक पर अंकित 5 नग गिट्टीकृत सड़कें। शेष जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) एवं (ग) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है।

परिशिष्ट - ''छ:''

नहरों के पक्‍कीकरण/मरम्‍मतीकरण

[जल संसाधन]

15. ( क्र. 167 ) श्री रामकिशन पटेल : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र उदयपुरा के अंतर्गत कितने वृहद/मध्‍यम/लघु सिंचाई परियोजनायें संचालित हैं नाम सहित जानकारी देवें? क्‍या कोई नई सिंचाई परियोजनायें स्‍थापित करने के संबंध में प्रस्‍ताव है यदि है तो प्रस्‍तावित परियोजना कब तक पूर्ण कर ली जायेंगी? (ख) क्‍या प्रश्‍नकर्ता द्वारा सिंचाई हेतु नई बेराज निर्माण स्‍वीकृति के संबंध में विभाग को पत्र प्रेषित किये गये थे? यदि हाँ, तो कब-कब तथा प्रश्‍नकर्ता के पत्र पर विभाग द्वारा प्रश्‍न दिनांक की स्थिति में कब-कब और क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई? (ग) नहरों का निर्माण कार्य पूर्ण नहीं होने के लिये कौन-कौन अधिकारी एवं ठेकेदार जिम्‍मेदार हैं? अधिकारी एवं ठेकेदार का नाम बताते हुए क्‍या विभाग द्वारा उनके विरूद्ध कार्यवाही की जावेगी, यदि हाँ, तो क्‍या तथा नहरों की मरम्‍मत/लाईनिंग का कार्य कब तक पूर्ण कर लिया जावेगा?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) विधान सभा क्षेत्र उदयपुरा के अंतर्गत कोई वृहद एवं मध्यम सिंचाई परियोजना संचालित नहीं हैं। बारना सिंचाई परियोजना की बायीं मुख्य नहर का विस्तारीकरण के अंतर्गत अतिरिक्त 9,917 हेक्टेयर सैच्य क्षेत्र के लिये नहरों के विस्तार का कार्य प्रगतिरत् है जिसे जून-2018 तक पूर्ण करना लक्षित है। विधान सभा क्षेत्र उदयपुरा में संचालित लघु सिंचाई परियोजनाओं की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार एवं प्रस्तावित परियोजना की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। (ख) जी हाँ। मान. विधायक जी द्वारा प्रेषित पत्रों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-स अनुसार है। वर्तमान में निर्माणाधीन तथा प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त परियोजनाओं को पूर्ण कराना सर्वोच्च प्राथमिकता होने के कारण प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। (ग) बारना परियोजना की बायीं मुख्य नहर का विस्तारीकरण का कार्य अनुबंध अनुसार जून 2018 तक पूर्ण करना लक्षित होने से कोई अधिकारी अथवा ठेकेदार दोषी नहीं हैं। शेष प्रश्न उत्पन्न नहीं होते हैं।

सड़क निधि से सड़कों की स्‍वीकृति

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

16. ( क्र. 169 ) श्री रामकिशन पटेल : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) किसान सड़क निधि योजना से प्रश्‍नकर्ता के विधानसभा क्षेत्र उदयपुरा की कितनी सड़कों को उक्‍त योजना में सम्मिलित किया गया है? (ख) उन सड़कों का निर्माण कब तक प्रारंभ कर दिया जावेगा? यदि योजना नहीं बनी है, तो कब तक योजना बना ली जावेगी?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) किसान सड़क निधि के अन्‍तर्गत उदयपुरा विधान सभा क्षेत्र के स‍म्मिलित सड़क कार्यों की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी नहीं। मान. मुख्‍यमंत्रीजी के निर्देश के तारतम्‍य में मुख्‍य सचिव महोदय की नोटशीट क्रमांक 1515 दिनांक 25.09.2016 के अनुक्रम में मण्‍डी बोर्ड द्वारा मण्‍डी प्रांगण के बाहर भवन या सड़क के कार्य नहीं कराये जायेगे अपितु उपरोक्‍त कार्य लोक निर्माण विभाग या म.प्र. ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण के माध्‍यम से कराये जायेंगे। उपरोक्‍त निर्देश के अनुक्रम में मण्‍डी बोर्ड को प्राप्‍त उपरोक्‍त प्रस्‍ताव को भी पत्र क्रमांक 72 दिनांक 06.01.2017 के माध्‍यम से मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी, म.प्र. ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण, भोपाल को आगामी कार्यवाही हेतु प्रेषित किया गया है। शेष का प्रश्‍न ही नहीं है।

परिशिष्ट - ''सात''

मनासा से नीमच मार्ग का सीमेन्‍ट कांक्रीट से निर्माण

[लोक निर्माण]

17. ( क्र. 183 ) श्री कैलाश चावला : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) म.प्र. सड़क निगम द्वारा मनासा से नीमच मार्ग सीमेन्‍ट कांक्रीट बनाया जा रहा है, उक्‍त योजना से मनासा नगर में 1.6 किलोमीटर मार्ग को सम्मिलित करने हेतु प्रश्‍नकर्ता द्वारा दिनांक 09-05-2016 को महाप्रबंधक (बी.ओ.टी.) म.प्र. सड़क निगम भोपाल व माननीय लोक निर्माण मंत्री जी व 28-09-2016 को प्रमुख सचिव लोक निर्माण विभाग भोपाल को लिखा गया था। उक्‍त पत्र पर विभाग द्वारा क्‍या कदम उठाए गए है। (ख) क्‍या इस योजना में प्रारंभिक तौर पर मेसी फगुर्सन शो रुम तक सी-सी निर्माण का प्राक्‍कलन बनाया गया था व स्‍वीकृत किया गया था तत्पश्‍चात् नगर पालिका नीमच अन्‍तर्गत आने वाली मार्ग के लगभग 2 किलोमीटर मार्ग का निर्माण इसी प्राक्‍लन के अंतर्गत दिया गया है। (ग) यदि हाँ, तो मनासा नगर के दोनों तरफ सीसी मार्ग बनाते हुए बीच का 1.6 किलोमीटर मार्ग सीसी न करने का क्‍या औचित्‍य है व प्रश्‍नकर्ता द्वारा बार-बार पत्र लिखने के बाद भी इसके स्‍वीकृत न किए जाने के क्‍या कारण है। जबकि उक्‍त मार्ग नीमच झालावाड़ रोड का भाग होकर म.प्र. सड़क विकास निगम के अधीन ही आता है।

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ। मार्ग नगर परिषद् मनासा के द्वारा मनासा नगर में मार्ग पर लंबाई 1.6 कि.मी. का निर्माण किया गया। उक्‍त हिस्‍सा ग्‍यारन्‍टी पीरियेड में होने के कारण निर्माणाधीन नीमच-मनासा, ई.पी.सी. परियोजना के अंतर्गत शामिल नहीं किया गया है। (ख) जी हाँ। लोक निर्माण विभाग द्वारा संधारित मार्ग का फगुर्सन शोरूम से बस स्‍टैण्‍ड तक 1600 मीटर को अतिरिक्‍त रूप से निर्माणाधीन ई.पी.सी. योजना में प्रगतिरत नीमच-मनासा मार्ग में चेंज ऑफ स्‍कोप के तहत सीसी फोरलेन निर्माण के लिए सैद्धांतिक स्‍वीकृति दी गई। प्रबंध संचालक म.प्र.स.वि.नि. भोपाल के उक्‍त मार्ग के निरीक्षण प्रतिवेदन दिनांक 14.12.2016 में सैद्धांतिक स्‍वीकृति में माईनर ब्रिज आ जाने के कारण 700 मीटर लंबाई को कम किया जाकर लगभग 900 मीटर में निर्माण किये जाने की सैद्धांतिक स्‍वीकृति प्राप्‍त है। (ग) नीमच-झालावाड एसएच-30 के अंतर्गत नगर परिषद् सीमा क्षेत्र मनासा में लंबाई 1.6 कि.मी. नगर परिषद् मनासा द्वारा फोरलेन निर्माण कार्य वर्ष 2013 में पूर्ण किया गया है। मार्ग की क्रस्‍ट के प्रावधानानुसार बी.सी.-40 एमएम, डीबीएम-50 एमएम, डब्‍ल्‍यू.एम.एम.-250 एम.एम. एवं जी.एस.बी.-230 एम.एम. का अनुमोदन सड़क विकास निगम से प्राप्‍त कर नगर परिषद् मनासा द्वारा कार्य कराया गया है। वर्तमान में उक्‍त फोरलेन तकनीकी मापदण्‍डानुसार अच्‍छी स्थिति में है।

उज्‍जैन संभाग की कृषि मण्‍डीयों के प्रस्‍ताव पर कार्यवाही

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

18. ( क्र. 186 ) श्री कैलाश चावला : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) उज्‍जैन संभाग की किस-किस कृषि उपज मंण्डियों द्वारा मण्‍डी अधिनियम के तहत् अधिसूचित फसलों की सूची में नई फसलें जैसे खरबूजे का बीज, कलोंजी आदि को सम्मिलित करने हेतु प्रस्‍ताव पारित कर प्रबंध संचालक मण्‍डी/आयुक्‍त कृषि को विगत एक वर्ष की समयावधि में भेजे गए हैं। (मण्‍डीवार, दिनांकवार, जीन्‍सवार जानकारी देवें) (ख) उक्‍त प्रस्‍ताव पर प्रबंध संचालक मण्‍डी/आयुक्‍त कृषि द्वारा प्रश्‍न दिनांक तक क्‍या कार्यवाही की गई है।

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) कार्यवाही प्रक्रियाधीन है।

परिशिष्ट - ''आठ''

संविदा कर्मी द्वारा गोपनीय चरित्रावली लिखा जाना

[सहकारिता]

19. ( क्र. 229 ) श्री के.पी. सिंह : क्या राज्‍यमंत्री, सहकारिता महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या दिनांक 05.12.2016 की प्रश्‍नोत्‍तरी में परि.अता.प्र.स. 73 (क्र. 643) के प्रश्‍नांश (क) का उत्‍तर जी हाँ, देते हुये प्रश्नांश (ख) में दिये गये उत्‍तरानुसार पंजीयक सहकारी संस्‍थायें द्वारा सहकारी सोसायटी के अधिनियम 1960 की धारा (1) में क्‍या संविदा पर नियुक्‍त अधिकारी द्वारा गोपनीय चरित्रावली लि‍खी जाने का उल्‍लेख है? उक्‍त अधिनियम कब से लागू किये गये, बताते हुए प्रति देवें? क्‍या उक्‍त अधिनियम म.प्र. राज्‍य सहकारी विपणन संघ द्वारा नवम्‍बर 2015 में दी गई पदोन्‍नति के समय लागू थे? हां, तो उक्‍त अधिनियम का उल्‍लेख कर प्रति देवें? (ख) क्‍या उक्‍त प्रश्‍नोत्‍तरी के प्रश्‍नांश (ग) में उल्‍लेखित अनुसार सामान्‍य प्रशासन विभाग से जानकारी कब व क्‍या मांगी गई? चाही गई जानकारी कब व क्‍या प्राप्‍त हुई? उनकी व निष्‍कर्षों की प्रति देते हुए निष्‍कर्ष बतावें? क्‍या उपरोक्‍त प्रश्‍नोत्‍तरी के प्रश्‍नांश (ग) में उल्‍लेखित प्रश्‍नों के प्रश्‍नांश अनुसार कार्यवाही कर दी गई है? यदि नहीं, तो क्‍यों? कब तक की जावेगी? (ग) क्‍या शासन/विभाग प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए प्रश्‍नांश (क) से (ग) का उत्‍तर तथ्‍यात्‍मक जानकारी सहित दिया जाकर नियम/निर्देशों के विरूद्ध प्रकरण को अकारण लंबित रखते हुये सदन को बार-बार गलत जानकारी देने वाले दोषियों पर कठोर अनुशासनात्‍मक कार्यवाही करेगा? यदि नहीं, तो क्‍यों?

राज्‍यमंत्री, सहकारिता ( श्री विश्वास सारंग ) : (क) सहकारी सोसायटी अधिनियम की धारा (1) के अन्‍तर्गत नहीं अपितु मध्यप्रदेश सहकारी सोसायटी अधिनियम 1960 की धारा 55 (1) के अन्‍तर्गत पंजीयक सहकारी संस्‍थायें म.प्र. को सोसायटियों के नियोजन की शर्तों का अवधारण करने की शक्तियां प्रदत्‍त है, जिसके अन्‍तर्गत म.प्र. राज्‍य सहकारी विपणन संघ के सेवायुक्‍तों हेतु पंजीयक द्वारा सेवानियम जारी किए गए है, उक्‍त सेवा नियम की कंडिका 46 में गोपनीय चरित्रावली के नियम दिनांक 15.07.1991 से अनुमोदित है, जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। उक्‍त सेवा नियम म.प्र. राज्‍य सहकारी विपणन संघ द्वारा माह नवम्‍बर 2015 में दी गई पदोन्‍नति के समय लागू थे, जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र- 2 अनुसार है। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा दी गयी जानकारी एवं विभागीय निष्कर्ष की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के क्रमश: प्रपत्र- 3 एवं 4 अनुसार है। विभागीय निष्कर्ष के अनुसार ''सामान्‍य प्रशासन विभाग से प्राप्‍त जानकारी के आधार पर संविदा पर नियुक्त अधिकारी/कर्मचारी को गोपनीय चरित्रावली लिखे जाने के संबंध में राज्‍य शासन के कोई निर्देश नहीं है। सहकारी संस्‍थाओं के मामले में सहकारी अधिनियम के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का उपयोग कर निर्देश देने हेतु पंजीयक सक्षम है''(ग) प्रश्नांश "क" एवं "ख" में दिये गये उत्तर के परिप्रेक्ष्य में शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

लेबड़ नया गांव फोर लेन सड़क के अधूरे कार्य

[लोक निर्माण]

20. ( क्र. 254 ) श्री यशपालसिंह सिसौदिया : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) 1 जनवरी 2015 से प्रश्‍न दिनांक तक लेबड़-नयागांव सड़क के समस्त टोल पर कितनी राशि वसूल की गयी, माहवार राशि बतायें। 1 जनवरी 2013 के पश्चात उक्त सड़क के विभिन्न टोल पर किस अनुपात से किस-किस नियम अंतर्गत, कितनी राशि प्रति वाहन टोल बढ़ा कर वसूली की गई, अर्थात अनुबंध अनुसार कितने वर्षों में किस अनुपात में राशि बढ़ाने का प्रावधान है? नियमों की प्रतिलिपि सहित जानकारी दें। (ख) क्या अनुबंध अनुसार सम्पूर्ण सड़क पर प्रति 5 साल में टुकड़ों-टुकड़ों में रिपेयर के स्थान पर सम्पूर्ण रोड पर पूरा नवीन डामरीकरण करना आवश्यक है? यदि हाँ, तो जावरा से नायगांव तक तो कन्‍सेशनेयर ने सम्पूर्ण सड़क का नवीन डामरीकरण किया किन्तु जावरा से लेबड़ तक सिर्फ गड्ढे भरकर खाना पूर्ति की गई? यदि हाँ, तो जावरा से लेबड तक सम्पूर्ण सड़क का नवीन डामरीकरण कब तक कर दिया जाएगा? (ग) उक्त फोरलेन सड़क पर अनुबंध अनुसार कितने साईंन बोर्ड कहाँ-कहाँ लगाने थे, इनमें से कितने बोर्ड कहाँ-कहाँ टूट गये हैं इन्हें प्रश्‍न दिनांक तक रिपेयर नहीं करने के क्या कारण हैं? क्या यह सही है कि साईंन बोर्ड के अभाव में नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) 01 जनवरी, 2015 से प्रश्न दिनांक तक लेबड़-नयागांव फोरलेन पर टोल वसूली राशि की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-क अनुसार। जनवरी, 2013 के पश्चात् लेबड़-नयागांव फोरलेन पर अनुबंध अनुसार सीओडी दिनांक से प्रतिवर्ष 01 अप्रैल से प्रत्येक वाहन पर 7 प्रतिशत की दर से बढ़ा कर टोल वसूल की जाती है। लेबड़-जावरा फोरलेन मार्ग के अनुबंध आर्टिकल-27 यूजर फी एवं शेड्यूल-आर-अधिसूचना की छाया प्रति तथा जावरा-नयागांव फोरलेन मार्ग के अनुबंध आर्टिकल-6 फी एवं शेड्यूल-सी-अधिसूचना की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ख अनुसार(ख) जी नहीं। लेबड़-नयागांव मार्ग दो भागों में विभाजित होकर प्रथम भाग लेबड़-जावरा फोरलेन मार्ग 125.00 कि.मी. के बी.टी. नवीनीकरण के लिए अनुबंध के आर्टिकल-17 एवं शेड्यूल-के के अनुसार रफनेस टेस्ट में 3000 मी.मी./कि.मी. से ज्यादा होने पर उक्त कि.मी. में डामर करने का प्रावधान है एवं द्वितीय भाग जावरा-नयागांव फोरलेन मार्ग 127.812 कि.मी. के बी.टी. नवीनीकरण के लिए अनुबंध आर्टिकल-16 एवं शेड्यूल-एम के अनुसार सीओडी के पश्चात् प्रत्येक 6 वर्ष में रिन्यूअल का प्रावधान है। लेबड़-जावरा फोरलेन मार्ग पर 40 कि.मी. टू-लेन में रिन्यूअल एवं 53 कि.मी. टू-लेन में माइक्रो सरफेसिंग का कार्य जून 2016 तक पूर्ण किया जा चुका है। आवश्यकतानुसार रिन्यूअल कार्य कराया जा रहा है। (ग) साईन बोर्ड का विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ग अनुसार। जी नहीं। साईन बोर्ड टूटने पर, कंशेसनायर द्वारा साईन बोर्ड पुनः लगाया जाना एक सतत् संधारण प्रक्रिया के तहत् किया जाता है। साईन बोर्ड अभाव के कारण नागरिकों को परेशानी का प्रश्न उत्पन्न नहीं होता है।

 

 

 

वृहद पुल का निर्माण

[लोक निर्माण]

21. ( क्र. 297 ) श्री जतन उईके : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या छिंदवाड़ा जिले की पांढुर्णा विधान सभा क्षेत्र 128 में सम्मिलित ग्राम पंचायत में आवागमन हेतु वृहद पुल निर्माण के लिये रायबास में सर्प नदी, पाठईढाना में उस्‍मान नदी पर, भुयारी में जाम नदी पर, जामघाट में उस्‍मान नदी पर, सीताढाना में नदी पर पुल निर्माण हेतु कोई सर्वे कार्य विभाग द्वारा कराया गया है? (ख) यदि हाँ, तो इस वृहद पुल निर्माण की स्‍वीकृति कब तक की जायेगी? यदि नहीं, तो क्‍यों?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी नहीं। (ख) उत्‍तरांश के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता।

छिंदवाड़ा जिला अंतर्गत कराये गये निर्माण कार्य

[लोक निर्माण]

22. ( क्र. 298 ) श्री जतन उईके : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) छिंदवाड़ा जिले के अंतर्गत आने वाले लोक निर्माण विभाग के सभी संभागों में 01 जनवरी 2013 से प्रश्‍न तिथि तक 02 लाख रू. से कम कार्यादेश किस-किस स्‍थान के किस-किस निर्माण कार्य के आदेश हुए हैं? (ख) प्रश्‍नांश (क) में उल्‍लेखित समयानुसार मेंटेनेंस के कार्यों पर कितनी-कितनी राशि व्‍यय की गई है? किस-किस ठेकेदार को कितना-कितना भुगतान किया गया है? (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) में किये गये कार्यों में से किस कार्यों की शिकायतें अधीक्षण यंत्री/मुख्‍य अभियंता/प्रमुख अभियंता/राज्‍य शासन को प्राप्‍त हुई? किस आदेश क्रमांक एवं दिनांक से उक्‍त कार्यालयों द्वारा क्‍या कार्यवाही प्रश्‍न दि. तक की गई? (घ) छिंदवाड़ा जिले में स्थित लोक निर्माण विभाग के कार्यालयों को 1 जनवरी 2013 से प्रश्‍न दि. तक कितनी राशि किस कार्य हेतु बजट से प्राप्‍त हुई? कितनी राशि व्‍यय की गई? विधानसभा क्षेत्रवार जानकारी देवें।

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। (ग) कोई शिकायत प्राप्‍त नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-स अनुसार है।

विभाग द्वारा किए गए विकास कार्य

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

23. ( क्र. 335 ) श्री हरदीप सिंह डंग : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सुवासरा विधानसभा क्षेत्र में विगत 3 वर्षों से कृषि विभाग द्वारा कितने बलराम तालाब किन-किन ग्रामों में बनवाए गये हैं। (ख) नि‍र्मित बलराम तालाबों की निर्माण राशि एवं किसान का नाम बतावें। (ग) वर्तमान में सिंचाई को बढ़ावा देने के लिए शासन द्वारा कौन-कौन सी योजनाएं बनाई जा रही हैं। (घ) प्रश्‍नांश (क) क्षेत्रान्तर्गत वर्तमान में बलराम तालाब निर्माण हेतु प्राप्त आवेदनों में से कितने आवेदन लंबित हैं, ग्राम सहित जानकारी देवें।

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) सुवासरा विधानसभा क्षेत्र में विगत 03 वर्षों में 27 बलराम तालाब बनाये गये है। जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजनांतर्गत फार्म पॉण्ड/बलराम तालाब/तालाब निर्माण की योजनायें स्वीकृत की गई है। (घ) वर्तमान में कुल दो आवेदन श्रीमति विमला कुंअर पिता श्री विजय बहादुर सिंह पुरोहित जाति ब्राम्हण, ग्राम हालूखेड़ी (कयामपुर) एवं श्री मंसूलअली पिता टेयबअली, जाति बोहरा, ग्राम नाटाराम (सीतामऊ) के लंबित है।

परिशिष्ट - ''नौ''

 

आदिवासी उपयोजना क्षेत्र निधि का व्‍यय

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

24. ( क्र. 345 ) श्री संजय उइके : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या विभाग को आदिवासी उपयोजना क्षेत्र के विकास कार्यों हेतु विभिन्‍न योजनाओं में राशि प्राप्‍त होती है? (ख) यदि हाँ, तो आदिवासी उपयोजना क्षेत्र कौन-कौन सा है? वित्तीय वर्ष 2013-14 से प्रश्‍न दिनाँक तक कितनी-कितनी राशि विभाग को प्राप्‍त हुई एवं कितनी-कितनी राशि योजनावारजबलपुर संभाग में व्‍यय की गयी जिलेवार जानकारी दें? (ग) आदिवासी उपयोजना क्षेत्र की राशि को किन-किन क्षेत्रों में व्‍यय करने सम्‍बन्‍धी प्रावधान म.प्र. बजट नियमावली 2012 में दिये गये है, उन प्रावधानों के अनुसार व्‍यय किया जा रहा है या अन्‍य प्रावधान/आधार के अनुसार व्‍यय किया जा रहा है?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) जी हाँ (ख) आदिवासी उपयोजना क्षेत्रों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-एक अनुसार है। वित्‍तीय वर्ष 2013-14 से प्रश्‍न दिनांक तक आदिवासी उपयोजना अन्‍तर्गत विभाग को प्राप्‍त राशि की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-दो अनुसार है। योजनावार जबलपुर संभाग के जिलों के द्वारा व्‍यय की गई राशि की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-तीन अनुसार है। (ग) आदिवासी उपयोजना क्षेत्र की राशि को व्‍यय करने संबंधी प्रावधान बजट मैन्युअल नियमावली 2012 के अध्‍याय 15 में अंकित दिशा निर्देशों (चेप्‍टर15) जिसकी छायाप्रति की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-चार अनुसार है, तदानुसार ही व्‍यय किया जा रहा है।

बालाघाट जिले की सिंचाई क्षमता

[जल संसाधन]

25. ( क्र. 347 ) श्री संजय उइके : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बालाघाट जिले की बैहर विधानसभा क्षेत्रान्‍तर्गत कौन-कौन सी लघु, मध्‍यम, वृहद सिंचाई तालाब/डेम, कितनी-कितनी रूपांकन सिंचाई क्षमता की, कितनी-कितनी लागत से कब-कब पूर्ण किया गया एवं कौन-कौन सी प्रस्‍तावित है? जो शासन स्‍तर पर लंबित है? (ख) वित्तीय वर्ष 2011-12 से प्रश्‍न दिनाँक तक प्रत्‍येक तालाब/डेम से कृषकों की कितनी-कितनी भूमि में रबी एवं खरीफ की फसलों हेतु सिंचाई की जा रही है? (ग) क्‍या कुछ तालाब/डेम से जितनी भूमि पर सिंचाई होनी थी उतनी सिंचाई नहीं हो पा रही है? (घ) यदि हाँ तो कौन-कौन तालाब/डेम है एवं किन कारणों से सिंचाई क्षमता के अनुसार सिंचाई नहीं हो पा रही है और कब तक क्षमतानुसार सिंचाई हेतु पूर्ण कर ली जावेगी?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) से (घ) बैहर विधान सभा क्षेत्र की कोई परियोजना शासन स्तर पर लंबित नहीं है। प्रश्नांश में चाही गई जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 एवं 2 अनुसार है।

नवीन मृदा परीक्षण प्रयोगशाला से कृषकों को लाभ प्रदान करना

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

26. ( क्र. 402 ) श्री नारायण सिंह पँवार : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रश्‍नकर्ता के अता. प्रश्‍न संख्‍या-37 (क्रमांक 331) दिनांक 5 दिसम्‍बर 2016 के उत्‍तर में बताया गया था कि जिला राजगढ़ (ब्‍यावरा) में नवीन मृदा परीक्षण प्रयोगशाला भवन में जल एवं विद्युत व्‍यवस्‍था की कार्यवाही एवं प्रयोगशाला हेतु पदों के सृजन की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है? यदि हाँ, तो क्‍या प्रश्‍न दिनांक तक उक्‍त संबंध में कार्यवाही पूर्ण कर ली गई? यदि नहीं, तो उक्‍त संबंध में विलम्‍ब के क्‍या कारण है तथा इसके लिये कौन जिम्‍मेदार है? (ख) उपरोक्‍तानुसार क्षेत्र के किसानों को मृदा परीक्षण प्रयोगशाला का त्‍वरित लाभ प्रदान करने हेतु कब तक उक्‍त प्रयोगशाला को उपयोगी बनाया जा सकेगा एवं आवश्‍यक संसाधन व तकनीकी अमले की पू्र्ति कराई जावेगी? (ग) क्‍या उक्‍त मृदा परीक्षण प्रयोगशाला की सुरक्षा की दृष्टि से प्रयोगशाला परिसर की बाउण्‍ड्रीवाल निर्माण कार्य के लिये विभाग द्वारा क्‍या कोई कार्ययोजना बनाई गई है? यदि हाँ, तो कब तक बाउण्‍ड्रीवाल निर्माण कार्य करवा दिया जावेगा? यदि नहीं, तो क्‍यों?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) हाँ। मृदा परीक्षण प्रयोगशाला भवनों में जल एवं विद्युत व्यवस्था के लिये किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग, म.प्र. शासन के आदेश क्रमांक/डी/6/5/2014/14-3, दिनांक 25.01.2017 के माध्यम से स्वीकृति प्राप्त हुई है। उक्त कार्य कराने हेतु तकनीकी/प्रशासकीय स्वीकृति की कार्यवाही प्रचलित है। प्रदेश में विकासखंड स्तर पर स्थापित होने वाली नवीन 265 मिट्टी परीक्षण प्रयोगशालाओं हेतु आवश्यक तकनीकी अमले/पदों के सृजन की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है जिसमें राजगढ़ (ब्यावरा) जिलें की प्रयोगशालाओं का अमला भी सम्मिलित है। शेष का प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता है। (ख) वर्तमान में मिनी लैब द्वारा मृदा की जांच की जाकर जिलें के कृषकों को स्वाईल हैल्थ कार्ड उपलब्ध कराये जा रहें है। नवीन स्थापित होने वाली मृदा परीक्षण प्रयोगशालाओं को क्रियान्वित किये जाने हेतु आवश्यक संसाधन व तकनीकी अमले की पूर्ति की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। (ग) जी हाँ। मृदा परीक्षण प्रयोगशाला की सुरक्षा हेतु बाउण्ड्रीवाल निर्माण कार्य के लिये कार्य योजना बनाई गई है। कार्य योजना की स्वीकृति उपरांत बाउण्ड्रीवाल निर्माण कार्य तद्नुसार कराया जावेगा।

अनूपपुर से जैतहरी मार्ग निर्माण

[लोक निर्माण]

27. ( क्र. 405 ) श्री रामलाल रौतेल : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या जिला अनूपपुर अंतर्गत अनूपपुर से जैतहरी मार्ग नवीनीकरण हेतु प्रशासकीय स्‍वीकृति जारी की गई है? यदि हाँ, तो स्‍वीकृत राशि बतायें? (ख) क्‍या प्रश्‍नांकित मार्ग का भूमि पूजन किया गया है? यदि हाँ, तो किस दिनांक को? (ग) क्‍या प्रश्‍नांकित मार्ग का निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया गया है? यदि हाँ, तो किस दिनांक से यदि नहीं, तो क्‍यों? निर्माण कार्य कब पूर्ण कर लिया जायेगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ, उन्‍नयन हेतु। रूपये 5744.18 लाख। (ख) जी हाँ, दिनांक 11.10.2015 को। (ग) जी हाँ। दिनांक 18.11.2015 से। प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। अनुबंधानुसार दिनांक 17.11.2017 तक।

सड़क चौड़ीकरण एवं पुल-पुलियों का निर्माण

[लोक निर्माण]

28. ( क्र. 434 ) श्री पुष्‍पेन्‍द्र नाथ पाठक : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) छतरपुर से सागर मार्ग पर कई महीनों से अनेक डायवर्सन और खुदाई से आवागमन बाधित करने वाले सड़क निर्माण कार्य का ठेका कौन सी फर्म को कब कितने दिन में पूर्णता की शर्त पर कितनी राशि का दिया गया है? (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में उक्त मार्ग के चौड़ीकरण का कितने किलो मीटर में कितनी राशि का कार्य स्वीकृत है? चौड़ीकरण पूर्व की निविदा पर हो रहा है या नये टेंडर बुलाये गये है? कितनी राशि का कार्य कितने दिन में होना है? क्या-क्या शर्तें है। (ग) उक्त मार्ग में पुल- पुलियों के निर्माण की क्या अवधि है? कुल कितनी पुल पुलिया निर्मित हो चुकी हैं? कितनी निर्माणाधीन हैं। कितनी अभी और निर्मित होना है? इनकी अलग-अलग संख्या बतायें एवं इनकी निर्माण लागत कितनी है अलग-अलग बतायें? (घ) छतरपुर-सागर मार्ग में निर्माणाधीन पुल-पुलिया के कुल कितने ठेकेदार कार्यरत हैं? किस रेट पर कार्य हो रहा है? कुल कितनी लागत का कार्य है? पुल-पुलियों का स्थान भी बताये कि छतरपुर से मातगुवा-गुलगंज-बडामलहरा-हीरापुर-दलपतपुर-बंडा-सागर के बीच कहाँ-कहाँ बन चुकी है? कहाँ बनना शेष है?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) एवं (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र अनुसार है। (ग) एवं (घ) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र एवं अनुसार है।

 

उज्जैन जिले में प्रोजेक्ट आत्मा का संचालन

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

29. ( क्र. 450 ) श्री सतीश मालवीय : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) उज्जैन जिले में प्रोजेक्ट आत्मा कब से संचालित की जा रही है? राज्य शासन एवं केंद्र शासन द्वारा कब-कब कितनी-कितनी राशि दी गई वर्षवार जानकारी उपलब्ध करावें। (ख) उक्त योजना अंतर्गत विगत दो वर्षों में जिले में कब-कब कितने-कितने किसानों को प्रशिक्षण दिया गया? प्रशिक्षण अवधि तथा प्रत्येक प्रशिक्षण पर हुए व्यय की अलग-अलग जानकारी प्रस्तुत करें। (ग) उक्त योजना मद में जिले को कब-कब कितनी-कितनी राशि आवंटित की गई है वर्षवार ब्‍यौरा देवें तथा बतावें की इस प्रशिक्षण कार्यक्रम से अब तक कितने किसानों को किस तरह का लाभ प्राप्त हुआ है?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) उज्‍जैन जिले में प्रोजेक्‍ट आत्‍मा वर्ष 2005-06 से संचालित की जा रही है। राज्‍य शासन एवं केंद्र शासन द्वारा की गई राशि की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ग) राशि आवंटन की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम से अब तक 6985 किसानों को उन्‍नत एवं नवीन कृषि तकनीकी प्रशिक्षण का लाभ प्राप्‍त हुआ।

राष्‍ट्रीय राजमार्ग क्र. 86 का चौड़ीकरण

[लोक निर्माण]

30. ( क्र. 462 ) इन्जी. प्रदीप लारिया : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या नरियावली विधानसभा क्षेत्र में स्थित राष्‍ट्रीय राजमार्ग 86 के किमी 3/8 मकरोनिया चौराहे से लेकर बहेरिया तिगड्डा तक का चौड़ीकरण का आश्‍वासन विभागीय मंत्री द्वारा सागर प्रवास के दौरान दिया गया था? (ख) यदि हाँ, तो क्‍या उक्‍त सड़क मार्ग का प्राक्‍कलन विभाग द्वारा तैयार किया गया है? (ग) उक्‍त प्राक्‍कलन की स्‍वीकृति विभाग द्वारा कब प्रदान की जावेगी?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) एवं (ख) जी हाँ। (ग) प्राक्‍कलन राशि रूपये 13.08 करोड़ का दिनांक 26.05.2016 को भारत सरकार सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय नई दिल्‍ली को स्‍वीकृति हेतु प्रेषित, स्‍वीकृति अप्राप्‍त वर्तमान में समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं।

बम्‍होरी बीका से राठौर मंदिर सदर तक सड़क निर्माण

[लोक निर्माण]

31. ( क्र. 463 ) इन्जी. प्रदीप लारिया : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या नरयावली विधानसभा क्षेत्र में बम्‍होरी बीका तिराहा से राठौर मंदिर केंट सदर का सड़क मार्ग पूर्व में एन.एच. 26 मार्ग से लोक निर्माण विभाग के अधीन हो गया है? (ख) लोक निर्माण विभाग में संविलियन उपरांत उक्‍त मार्ग में विभाग द्वारा क्‍या-क्‍या कार्य कराये गये एवं क्‍या नवीन प्राक्‍कलन तैयार किया गया है? (ग) नवीन प्राक्‍कलन तैयार किया गया है तो उक्‍त प्राक्‍कलन पर विभाग द्वारा क्‍या कार्यवाही की गई?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) डामरीकरण, नवीनीकरण एवं पेंच मरम्‍मत कार्य कराया गया है। जी हाँ। (ग) प्राक्‍कलन परीक्षणाधीन है। पर्याप्‍त वित्‍तीय उपलब्‍धता होने पर स्‍वीकृति पर विचार किया जा सकेगा।

फसल बीमा हेतु चयनित किसानों की सूची एवं गाईड-लाईन

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

32. ( क्र. 497 ) श्री रामसिंह यादव : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या कोलारस विधान सभा क्षेत्र के अंतर्गत वर्ष 2016-17 में फसल बीमा हेतु किसानों का चयन किया गया है? यदि हाँ, तो चयनित किसानों की संख्‍या बताएं एवं इसकी गाईड-लाईन की प्रति संलग्‍न कर जानकारी दें? (ख) कोलारस विधान सभा क्षेत्र के अंतर्गत वर्ष 2016-17 में कितने किसानों को कितनी-कितनी मुआवजा राशि स्‍वीकृ‍त एवं वितरित की गई है? (ग) क्‍या कुछ किसानों को मुआवजा राशि दिया जाना है? यदि हाँ, तो कितने किसानों को कितनी-कितनी मुआवजा राशि दिया जाना शेष है? इसका भुगतान कब तक कर दिया जावेगा? (घ) क्‍या प्रश्‍नकर्ता ने अपने पत्र दिनांक 19/12/2016 से उप संचालक, किसान कल्‍याण एवं कृषि विभाग जिला-शिवपुरी से कोलारस विधान सभा क्षेत्र के अंतर्गत वर्ष 2016-17 में फसल बीमा हेतु चयनित किसानों की सूची एवं गाईड-लाईन चाही थी? यदि हाँ, तो सूची एवं गाईड-लाईन क्‍यों उपलब्‍ध नहीं कराई गई?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) हाँ, खरीफ 2016 में ऋणी कृषक 8116 एवं अऋणी कृषक 3060 कुल 11176 कृषक, रबी 2016-17 में ऋणी कृषक 3899 एवं अऋणी कृषक 512 कुल कृषक 4411 ने फसल बीमा कराया। गाईड-लाईन की प्रति की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) प्रधानमंत्री फसल बीमा योजनान्‍तर्गत खरीफ 2016 हेतु दावा राशि की गणना प्रक्रियाधीन है। (ग) उत्‍तरांश (ख) अनुसार। (घ) माननीय विधायक महोदय द्वारा चाही गई जानकारी उप संचालक किसान कल्‍याण तथा कृषि विकास जिला शिवपुरी के पत्र क्रमांक/टी-5/प्रमफबी/2016-17/73 दिनांक 6.01.2017 द्वारा उपलब्‍ध कराई गई।

कैलाशपुर माइक्रो उद्हवन सिंचाई योजना के प्राक्‍कलन एवं बजट की स्‍वीकृति

[जल संसाधन]

33. ( क्र. 510 ) श्री सुखेन्‍द्र सिंह : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जल संसाधन विभाग के महत्‍वपूर्ण बाणसागर अंतर्राज्‍यीय बहुउद्देशीय वृहद परियोजना का पानी नहर के माध्‍यम से सीधी जिले के हर्दी गांव से विधान सभा क्षेत्र मऊगंज-71 के पिपराही में स्थित अदवा नाला में गिरता है, जो उत्‍तर प्रदेश को जा रहा है। प्रश्‍नकर्ता द्वारा 21 मई 2016 को एक दिवसीय धरने पर क्षेत्रीय विशाल जन समूह के साथ विधान सभा क्षेत्र मऊगंज के तहसील हनुमना को सिंचित करने हेतु कैलाशपुर माइक्रो उद्हवन सिंचाई योजना बनाकर पानी दिये जाने हेतु था? (ख) प्रश्‍नांश (क) के प्रकाश में यदि हाँ, तो प्रशासन द्वारा तीन माह में डी.पी.आर. बनाकर शासन को भेजने का आश्‍वासन उपरांत धरना खत्‍म किया गया था? (ग) प्रश्‍नांश (क), (ख) के प्रकाश में यदि हाँ, तो क्‍या कैलाशपुर माइक्रो उद्वहन सिंचाई योजना के नाम से 470.02 करोड़ की लागत का जो 220 गांवों के 18000 हेक्टेयर भूमि की सिंचाई करने हेतु प्रोजेक्‍ट को छत्‍तीस माह में पूरा किये जाने का लक्ष्‍य रखकर वर्ष 2018-19 तक पूर्ण करने के संभावना के साथ डी.पी.आर. तैयार किया जाकर शासन को भेजा गया है? (घ) प्रश्‍नांश (ग) के प्रकाश में यदि हाँ, तो विधान सभा में दिनांक 08.12.2016 को प्रश्‍नकर्ता द्वारा दिये गये भाषण में इसे बजट में जोड़ने हेतु कथन किया गया था? यदि हाँ, तो आज दिनांक तक शासन द्वारा क्‍या कार्यवाही की गई? प्रश्‍नांश (ग) के प्रकाश के अनुसार कार्य कब प्रारंभ किया जावेगा? यदि नहीं, तो क्‍यों? कारण स्‍पष्‍ट करें। कारण का निराकरण कब तक किया जावेगा? समय-सीमा बतावें।

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) से (घ) बाणसागर अंर्तराज्यीय परियोजना का पानी उत्तरप्रदेश द्वारा निर्मित नहर के माध्यम से अदवा नाले में गिरता है, जो उत्तरप्रदेश को जाता है। कैलाशपुर माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना की प्रारंभिक रिपोर्ट अधीक्षण यंत्री, जल संसाधन मण्डल, रीवा द्वारा तैयार किया जाना प्रतिवेदित है, जिसका परीक्षण मुख्य अभियंता, बोधी द्वारा किया जा रहा है। परियोजना प्रारंभिक स्थिति में होने व अंतर्राज्‍यीय विषय होने के कारण समय-सीमा बताना संभव नहीं हैं। शेष प्रश्न उत्पन्न नहीं होते हैं।

रोडों के निर्माण कराने एवं राशि के गबन करने के दोषियों पर कार्यवाही

[लोक निर्माण]

34. ( क्र. 517 ) श्री सुन्‍दरलाल तिवारी : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) गुढ़ विधानसभा क्षेत्र में लोक निर्माण विभाग की कितने सड़कों/रोड़ों के मरम्‍मत बाबत् राशि विगत 03 वर्षों में कितनी-कितनी, किन-किन किलोमीटरों बाबत् किन-किन रोडों हेतु प्रदान की गई? प्रदान राशि अनुसार कार्य कराने हेतु निविदा कब-कब बुलाई गई एवं किन-किन ठेकेदारों/संविदाकारों को कार्यादेश कब, किस शर्त पर जारी किये गए? क्‍या ठेकेदारों/संविदाकरों की कार्यवधि भी बढ़ायी गई, अगर बढ़ायी गई तो किन-किन शर्तों एवं नियमों के तहत प्रति देते हुए बतावें? (ख) प्रश्‍नांश (क) की सड़कों की मरम्‍मत बाबत् शासन द्वारा क्‍या नीति निर्धारित की गई है? नीति की प्रति देते हुए बतावें कि मरम्‍मत कितने अंतराल/समय बाद रोडों/सड़कों के करने के प्रावधान निहित हैं? (ग) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में गुढ़ विधान सभा क्षेत्र की कितनी ऐसी रोडें/सड़कें हैं, जिनके मरम्‍मत एवं निर्माण बाबत् प्रस्‍ताव राशि शासन को भेजे गए हैं, इनमें से कितने-कितने लागत के प्राक्‍कलन किन-किन रोडों के तैयार कर शासन के पास स्‍वीकृति बाबत् लंबित हैं तथा कितने स्‍वीकृत हो चुके हैं, की प्रति देते हुए बतावें। जिन रोडों/सड़कों की स्‍वीकृति प्राक्‍कलन प्राप्‍त करने के बाद भी शासन द्वारा नहीं की गई तो क्‍यों? जबकि प्रश्‍नकर्ता सदस्‍य द्वारा माननीय मंत्री जी के रोड़ों के निर्माण बाबत् पत्र भी लिखे गये? (घ) प्रश्‍नांश (क) की सड़कों/रोडों के मरम्‍मत के नाम पर राशि फर्जी बिल वाऊचर के आधार पर संविदाकारों एवं अधिकारियों में मिलीभगत से बगैर मौके पर काम कराये आहरित कर ली गई है एवं मनमानी तरीके से कार्यों के कार्यावधि बढ़ाकर संविदाकारों को लाभ पहुँचाया गया तो इसके लिए दोषियों के विरूद्ध क्‍या गबन का मामला पंजीबद्ध कराते हुए राशि की वसूली ब्‍याज सहित करेंगे, हाँ तो कब तक, अगर नहीं तो क्‍यों? प्रश्‍नांश (ग) के सड़कों/रोडों का प्राक्‍कलन शासन द्वारा प्राप्‍त करने के बाद भी रोडों/सड़कों के निर्माण एवं मरम्‍मत बाबत् स्‍वीकृति शासन एवं प्रशासन द्वारा प्रदान नहीं की गई तो इसके लिए कौन-कौन दोषी है? दोषीयों के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही कब तक करेंगे? अगर नहीं तो क्‍यों?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र अनुसार है। जी हाँ। नियम की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) कोई नहीं। इंडियन रोड कांग्रेस के द्वारा जारी दिशा निर्देश के अनुसार किया जाता है। नियम की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। स्‍वीकृति की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र- के कालम-7 में दर्शाई गई है, स्‍वीकृति की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है। (घ) जी नहीं। जी नहीं। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र- अनुसार है। शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

दोषियों के विरूद्ध वसूली

[जल संसाधन]

35. ( क्र. 518 ) श्री सुन्‍दरलाल तिवारी : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बाणसागर परियोजना के पुरवा नहर के शेष कार्य पूर्ण कराने हेतु हाई ड्रॉलिक एक्‍सकेवेटर को किराये पर लेने का कार्यादेश ठेकेदार को मई 2011 में किस शर्त एवं अनुबंध अनुसार दिया गया था? अनुबंध एवं शर्तों की प्रति देवें। (ख) प्रश्‍नांश (क) के कार्य हेतु कब-कब, कितनी-कितनी राशि, किस-किस माध्‍यम से ठेकेदार को भुगतान की गई? अनुबंध में मशीन को एक स्‍थान से दूसरे स्‍थान तक ले जाने हेतु परिवहन व्‍यय क्‍या ठेकेदार को वहन करना था? भुगतान हेतु मशीन का किराया किस मान से तय किया गया? (ग) प्रश्नांश (ख) के संदर्भ में क्‍या ठेकेदार को अतिरिक्‍त 4033.77 घण्‍टों का अधिक भुगतान मशीन का कर ठेकेदार को संबंधित अधिकारियों द्वारा लाभ पहुँचाया गया, यदि हाँ, तो क्‍यों बतावें। (घ) प्रश्‍नांश (ग) के संदर्भ में ठेकेदार को अदेह लाभ अनुबंध की शर्तों से हटकर पहुँचाने के लिए संबंधित दोषी अधिकारी/कर्मचारी एवं ठेकेदार के विरूद्ध आपराधिक प्रकरण दर्ज कराते हुए ज्‍यादा भुगतान की गई राशि की वसूली संबंधितों से ब्‍याज सहित करायेंगे? हाँ तो कब तक, अगर नहीं तो क्‍यों?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) अनुबंध एवं शर्तों की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र- अनुसार है। (ख) पूरवा नहर के कार्य हेतु किए गए ई-भुगतान का विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र- अनुसार है। जी हाँ। विभाग द्वारा मशीनों के परिवहन हेतु कोई भुगतान नहीं किया जाना प्रतिवेदित है। (ग) एवं (घ) जी नहीं। शेष प्रश्न उत्पन्न नहीं होते हैं।

 

 

कालीसिंध वृहद सिंचाई परियोजना अंतर्गत डेम निर्माण

[जल संसाधन]

36. ( क्र. 538 ) श्री जसवंत सिंह हाड़ा : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या शाजापुर जिले में कालीसिंध नदी पर वृहद सिंचाई परियोजना अंतर्गत डेम बनाया जाना प्रस्‍तावित है? यदि हाँ, तो इस संबंध में विभाग द्वारा क्‍या-क्‍या कार्यवाही पूर्ण की जाकर परियोजना किस स्‍तर पर लंबित है? (ख) परियोजना के अंतर्गत कितने हेक्‍टेयर में सिंचाई हो सकेगी तथा क्षेत्र की कितने हेक्‍टेयर भूमि डूब में आना प्रस्‍तावित है? (ग) यदि प्रश्‍नांश (क) उल्‍लेखित वृहद सिंचाई परियोजना प्रस्‍तावित है तो परियोजना की स्‍वीकृति में विलंब के क्‍या कारण हैं तथा कब तक परियोजना को स्‍वीकृत किया जाकर कार्य प्रारंभ हो सकेगा?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) से (ग) जी नहीं। प्रश्नाधीन परियोजना की स्वीकृति के लिए लागत-लाभ का अनुपात देखने की व्यवस्था है। दिनांक 04.10.2008 को जारी प्रशासकीय स्वीकृति के मुताबिक कालीसिंध वृह्द परियोजना से प्रस्तावित वार्षिक सिंचाई 50,400 हे. होकर अनुमानित लागत राशि रू.453.54 करोड़ है। परियोजना के डूब क्षेत्र में बहुमूल्य भूमि आने, डूब क्षेत्र की भूमि की कलेक्टर गाईड लाईन दर में अत्यधिक वृद्धि हो जाने, भू-अर्जन, पुनर्वास एवं पुनर्व्‍यस्‍थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 के प्रभावशील होने के परिप्रेक्ष्य में परियोजना की लागत में लगभग 5 गुना वृद्धि और सिंचाई क्षेत्र केन्‍द्रीय जल आयोग के अनुसार मात्र 32,400 हे. अनुमानित है। गाईड-लाईन वर्ष 2014-15 के अनुसार परियोजना की लागत रू.1747.20 करोड़ आंकलित है। जो वर्तमान गाईड-लाईन के अनुसार और अधिक लागत बढ़ने की संभावनाओं के कारण परियोजना वर्तमान में साध्‍य नहीं रही है। परियोजना के असाध्‍य हो जाने से शेष प्रश्न उत्पन्न नहीं होते हैं।

सिंचाई योजनाओं से संबंधित विभागीय प्रस्‍तावों की स्‍वीकृति

[जल संसाधन]

37. ( क्र. 539 ) श्री जसवंत सिंह हाड़ा : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या सिंचाई विभाग द्वारा 0.5 मिलियन क्‍यूबिक मीटर क्षमता से कम क्षमता की सिंचाई योजनाओं को शासन द्वारा स्‍वीकृति प्रदान नहीं की जा रही है? (ख) क्‍या सिंचाई विभाग द्वारा 40 हेक्‍टेयर तक की योजनाओं को स्‍वीकृत किये जाने का कोई प्रावधान है? (ग) यदि हाँ, तो 40 हेक्‍टेयर तक की योजनाओं को स्‍वीकृत किये जाने संबंधी शासन द्वारा विभाग को कोई निर्देश जारी किये जा रहें हैं तथा कब तक इस संबंध में निर्देश जारी कर दिये जायेंगे?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) से (ग) जी नहीं। जल संसाधन विभाग की सिंचाई परियोजनाओं के लिए 0.5 मि.घ.मी. जल क्षमता का बंधन नहीं है। परियोजनाओं की स्वीकृति उनकी जलग्रहण क्षेत्र में उपलब्ध जल की मात्रा तथा जीवित जल क्षमता पर निर्भर होती है। 40 हे. से कम क्षमता वाली परियोजनाओं को स्वीकृत किए जाने का प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। शेष प्रश्न उत्पन्न नहीं होते हैं।

पुल/पुलियाओं का निर्माण

[लोक निर्माण]

38. ( क्र. 548 ) श्री इन्‍दर सिंह परमार : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) कालापीपल विधानसभा क्षेत्र के मनसाया-सेमलिया-बडबेली मार्ग एवं पोलायाकला- रनायल मार्ग में कितने पुल/पुलियाओं का निर्माण कार्य नहीं किया गया था? इन निर्माण कार्यों का निर्माण नहीं होने का क्या कारण है? (ख) क्या प्रश्नांश (क) उल्लेखित सड़कों पर पुल/पुलियाओं के निर्माण नहीं होने से वर्षाकाल में आवागमन बंद हो जाता है? आवागमन के वैकल्पिक मार्ग क्या है? (ग) क्या जनहित में पोलायाकला- रनायल मार्ग एवं मनसाया-सेमलिया-बडबेली मार्ग में पड़ने वाले पुल/ पुलियाओं का निर्माण किया जावेगा? यदि हाँ, तो कब तक?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) विस्‍तृत जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) एवं (ग) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है।

परिशिष्ट - ''दस''

डेम की मरम्मत

[जल संसाधन]

39. ( क्र. 549 ) श्री इन्‍दर सिंह परमार : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) पार्वती नदी पर बापचा डेम, पीली कराड़ डेम तथा नेवज नदी पर बांकाखेड़ी- डूंगलाय डेम का निर्माण कार्य कब पूर्ण करवाया गया था? क्या इन बांधों में वर्ष 2014-15, 2015-16 एवं 2016-17 में मरम्मत का कार्य किया गया था? यदि हाँ, तो कितना भुगतान किया गया वर्षवार/कार्यवार जानकारी देवें। (ख) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित तीनों बांधों के पक्के स्ट्रक्चर में से पानी की अत्यधिक निकासी होती है, क्या विभाग द्वारा पानी की निकासी रोकने के लिए मरम्मत कार्य करने हेतु, प्राक्कलन तैयार किये गए हैं? यदि हाँ, तो कार्यवार जानकारी देवे।

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) कालापीपल तहसील के बापचा वियर, बांकाखेड़ी डूगंलाय वियर तथा पीलीकराड़ वियर का निर्माण कार्य क्रमशः वर्ष 2008-09, 2008-09 एवं 2014-15 में पूर्ण किया गया। उक्त परियोजनाओं पर वर्ष 2014-15, 2015-16 एवं 2016-17 में मरम्मत कार्य कराया जाना प्रतिवेदित नहीं है। (ख) तीनों वियर के पक्के स्ट्रक्चरों में से पानी का रिसाव नहीं है। गेटों की फ्रेम खराब होने एवं रबरसील कट जाने से पानी का रिसाव होना प्रतिवेदित है। क्षतिग्रस्त रबरसील, फ्रेम बदलने तथा मरम्मत कार्यों के प्राक्कलन बनाने के निर्देश दे दिये गये हैं। वर्षा पूर्व मरम्मत कार्य पूर्ण करा लिया जाएगा।

नागदा के चामुण्डा माता मंदिर के डाउन स्ट्रीम में स्टॉप डेम का निर्माण

[जल संसाधन]

40. ( क्र. 556 ) श्री दिलीप सिंह शेखावत : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नागदा के चामुण्डा माता मंदिर के चम्बल नदी के डाउन स्ट्रीम में दिनांक 07 अगस्त 2007 को स्टॉप डेम निर्माण की स्वीकृति हुई थी एवं इसका टेण्डर भी नवम्बर 2007 में हो चुका था, किन्तु इसके बाद भी डेम का निर्माण आज तक नहीं हुआ है? (ख) उक्त डेम निर्माण की प्रक्रिया वर्तमान में किस स्तर पर प्रचलित है? इस डेम का निर्माण कार्य कब तक प्रारम्भ हो जावेगा?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) एवं (ख) जी हाँ। जी हाँ। प्रस्‍तावित स्‍थल के डाउन स्‍ट्रीम में नगर-पालि‍का परिषद् नागदा द्वारा जल आवर्धन परियोजना प्रस्‍तावित करने के कारण परियोजना निरस्‍त करने का प्रस्‍ताव स्‍थायी वित्‍तीय समिति के समक्ष विचाराधीन होने से समय-सीमा बताना संभव नहीं है। शेष प्रश्‍नांश उत्‍पन्‍न नहीं होते है।

नागदा में ए.डी.जे. कोर्ट के सम्बंध में

[विधि और विधायी कार्य]

41. ( क्र. 557 ) श्री दिलीप सिंह शेखावत : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या मा. न्यायाधीशों के आवास के लिये नागदा में कोई योजना प्रचलित है? यदि हाँ, तो कब तक स्वीकृत हो जावेगी? (ख) क्‍या वर्तमान न्यायालय परिसर नागदा के प्रथम मंजिल के निर्माण के लिये कोई योजना प्रस्तावित है? यदि हाँ, तो कब तक स्वीकृत हो जावेगी?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) तहसील नागदा में न्‍यायिक अधिकारियों के लिये आवासीय भवनों के निर्माण हेतु कलेक्‍टर, उज्‍जैन के आदेश दिनांक 29.1.14 के द्वारा ग्राम पाडल्‍या कला तहसील नागदा स्थित शासकीय भूमि सर्वे क्रमांक 294 रकबा 3.512 हेक्‍टेयर गोचर में से 0.20 हेक्टेयर भूमि आवंटित की गई है। उक्‍त भूमि अनुपयुक्‍त होने के कारण जिला एवं सत्र न्‍यायाधीश उज्‍जैन के द्वारा उक्‍त भूमि के स्‍थान पर नागदा में सर्वे क्रमांक 438 रकबा 3.585 हेक्टेयर शासकीय भूमि नवीन न्‍यायालय भवन एवं आवासीय भवनों के निर्माण हेतु आवंटन की कार्यवाही प्रचलित है। (ख) वर्तमान न्‍यायालय भवन नागदा में एक न्‍यायालय कक्ष, अभिलेखागार कक्ष, प्रतिलिपि कक्ष, मालखाना कक्ष के निर्माण हेतु विस्‍तृत प्राक्‍कलन तैयार कराये जाने के लिये जिला एवं सत्र न्‍यायाधीश, उज्‍जैन द्वारा संभागीय परियोजना यंत्री, लोक निर्माण विभाग, पी.आई.यू. उज्‍जैन को पत्र दिनांक 20.1.16, स्‍मरण पत्र दिनांक 23.2.16 एवं 12.3.16 को लिखा गया है परंतु लोक निर्माण विभाग से उक्‍त निर्माण कार्य से संबधित विस्‍तृत प्राक्‍कलन आज दिनांक तक अपेक्षित है।

 

एक ही भूखण्‍ड को दो भूखण्‍डों का आवंटन

[सहकारिता]

42. ( क्र. 564 ) श्री तरूण भनोत : क्या राज्‍यमंत्री, सहकारिता महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता के परि.अता. संख्‍या 97 (क्रमांक 795), दिनांक 05.12.2016 के उत्‍तर (क) में बताया गया था कि तत्‍कालीन पदाधिकारियों के विरूद्ध एफ.आई.आर. करने एवं एक से अधिक भूखण्‍डों के विक्रय पत्र शून्‍य करने की कार्यवाही की जा रही है तथा उत्‍तर (ख, ग) के उत्‍तर में बताया गया था कि प्रभारी अधिकारी द्वारा पूर्व में आवंटित भू-खण्‍ड क्र. 61 के आवंटन एवं विक्रय की जानकारी संज्ञान नहीं लिये जाने एवं उसी सदस्‍य अनिल शर्मा को दोबारा 1473.6 वर्ग फिट के भू-खण्‍ड की रजिस्‍ट्री दिनांक 14.09.2016 को नियम विरूद्ध की गई है एवं दोषी प्रभारी अधिकारी के विरूद्ध सोसायटी अधिनियम के प्रावधानुसार कार्यवाही की जा रही है? यदि हाँ, तो शिक्षक गृह निर्माण समिति में दोबारा आवंटित भू-खण्‍ड के विक्रय पत्र शून्‍य करने एवं दोषी प्रभारी अधिकारी के विरूद्ध अब तक क्‍या कार्यवाही की गई? (ख) वर्णित (क) अनुसार दोबारा आवंटित भू-खण्‍ड विक्रय-पत्र को कब शून्‍य किया जायेगा?

राज्‍यमंत्री, सहकारिता ( श्री विश्वास सारंग ) : (क) जी नहीं, अपितु उत्तर (क) में बताया गया था कि दोषी पदाधिकारियों के विरूद्ध एफ.आई.आर. करने एवं एक से अधिक भूखण्ड के विक्रय पत्र शून्य करने संबंधी कार्यवाही हेतु सोसायटी को निर्देश दिये गये है तथा (ख, ग) के उत्तर में बताया गया था कि, संस्था के तत्कालीन अध्यक्ष द्वारा भूखण्ड क्रमांक 61 को संस्था के अन्य सदस्य को विक्रय करने की अनुमति देने से वह दोषी है। प्रभारी अधिकारी द्वारा न्यायालयीन आदेशानुसार सदस्य श्री अनिल कुमार शर्मा को 1473.6 वर्गफीट के भूखण्ड की रजिस्ट्री दिनांक 14.09.2016 को करवाई थी। उक्त भूखण्ड की रजिस्ट्री कराने के पूर्व उनके द्वारा उक्त सदस्य को पूर्व में आवंटित/रजिस्ट्रीकृत भूखण्ड क्रमांक 61 के विक्रय के संबंध में अधिनियम/उपनियम के अनुसार संज्ञान नहीं लिये जाने से प्रभारी अधिकारी भी दोषी है। दोषियों के विरूद्ध मध्यप्रदेश सहकारी सोसायटी अधिनियम 1960 में वर्णित प्रावधानान्तर्गत कार्यवाही करने हेतु उपायुक्त, सहकारिता जिला जबलपुर को निर्देशित किया गया है। शिक्षक गृह निर्माण समिति में दोबारा आवंटित भूखण्ड के विक्रय पत्र को शून्य करने के निर्देश संस्था प्रशासक को दिये गये है एवं पूर्व अध्यक्ष एवं प्रशासक के विरूद्ध सहकारी अधिनियम की धारा 76 (2) के अन्तर्गत उपायुक्त, सहकारिता जिला जबलपुर द्वारा कार्यवाही की जा रही है। (ख) दोबारा आवंटित भूखण्ड के विक्रय पत्र को शून्य कराने के निर्देश संस्था के प्रशासक को दिये गये है, समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

अपात्र विस्थापितों को प्लाट आवंटन की उच्चस्तरीय जाँच

[जल संसाधन]

43. ( क्र. 591 ) श्रीमती ऊषा चौधरी : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या बाणसागर परियोजना के अंतर्गत सतना जिले में 336 गावों का विस्थापन हुआ था और विस्थापित ग्रामीण परिवारों को बसाने के लिए 20 माडल विलेज बनाये गए थे? यदि हाँ, तो क्या गाइड लाइन बनाकर यह तय किया गया था कि एक परिवार को शासकीय अनुदान के तौर पर 40X90 का एक पट्टा देना है तथा विस्थापित परिवार की संपत्ति चाहे जितनी हो उसका पूरा मुआवजा दिया जाएगा किन्तु प्लाट का पट्टा एक ही रहेगा? (ख) यदि हाँ, तो क्या आवंटनकर्ता प्रभारियों ने नियम विरुद्ध तरीके से मोटी रकम वसूल कर एक परिवार को दो से तीन पट्टे दे दिए गए? ऐसे कितने अपात्र हितग्राही हैं जिन्हें एक से अधिक पट्टा दिया गया है? नामवार, ग्रामवार जानकारी देवें। (ग) क्या इस फर्जीवाड़े में तत्कालीन भू-अर्जन अधिकारी अभयलाल मिश्रा एवं मौजूदा प्रभारी एस.के. पाण्डे संलिप्त हैं तथा वर्तमान यूनिट क्र.6 के लेखापाल हरीश त्रिवेदी जिन्हें पट्टा आवंटनकर्ता प्रभारी का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है जिनके द्वारा ऐसे विस्थापित हितग्राहियों को दो-तीन प्लाटों के पट्टे आवंटित कर दिए गए हैं जो अपात्र हैं? (घ) क्या बाणसागर परियोजना की यूनिट क्र.6 द्वारा वर्तमान में भी विस्थापितों के प्लाट आवंटन में फर्जीवाड़ा करते हुए लगभग 100 हितग्राहियों को एक के बजाय तीन-तीन प्लाट आवंटित किये जा रहे हैं? यदि हाँ, तो इस पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच कराते हुए दोषियों के विरुद्ध कार्यवाही करेंगे?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) जी नहीं। बाणसागर परियोजना के अंतर्गत सतना जिले में कुल 175 ग्राम डूब से प्रभावित है, इनमें से 133 ग्रामों में विस्थापन की कार्यवाही की गई है। शेष 42 ग्रामों में कोई भी भवन प्रभावित न होने से विस्थापन की कार्यवाही नहीं की गई है। विस्थापित परिवारों को बसाने के लिये सतना जिले में 09 माडल विलेज बनाये गये हैं, इनमें से आदर्श ग्राम न्यूरामनगर में 40x90 के आवासीय भूखण्ड तथा शेष 08 आदर्श ग्रामों में 50x90 के भूखण्ड विस्थापितों को आवंटित किये गये हैं। शासन द्वारा निर्धारित मापदण्ड के अनुसार डूब प्रभावित भवनों के अवार्ड धारियों एवं भू-अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा-4 के प्रकाशन दिनांक की स्थिति में भवन अवार्ड धारियों के वयस्क पुत्रों को, जिनके द्वारा प्लाट के बदले राशि प्राप्त नहीं की गई है ऐसे विस्थापितों को एक प्लाट आवंटन की पात्रता है। (ख) से (घ) अपात्र हितग्राहियों को पट्टा आवंटित नहीं किया जाना प्रतिवेदित है। अतः शेष प्रश्न उत्पन्न नहीं होते हैं।

नहर हेतु भूमि अधिग्रहण

[जल संसाधन]

44. ( क्र. 592 ) श्रीमती ऊषा चौधरी : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रीवा जिले की तहसील त्‍यौंथर के ग्राम बड़ागाँव में मुख्य नहर निर्माण हेतु खसरा क्र.3136 से खसरा क्र.3218 तक कितनी भूमि खसरावार अधिग्रहण की गई? खसरावार अधिग्रहित भूमि की लम्बाई, चौड़ाई एवं रकवा क्या है? (ख) प्रश्नांश (क) वर्णित गाँव के खसरा क्र.3195 में से कितनी भूमि का अधिग्रहण किया गया, उसकी लम्बाई, चौड़ाई एवं रकवा क्या है? (ग) त्‍यौंथर के ग्राम बड़ागाँव की अराजी क्र.3195/1/1 एवं खसरा क्र.3195/1/1ग की भूमि लेबल सर्वे के अनुसार क्या है एवं कितनी लम्बाई-चौड़ाई तथा रकवा की भूमि अधिग्रहित की गई है? (घ) क्या त्‍यौंथर तहसील के ग्राम बड़ागाँव में खसरा क्र.3136 से 3218 तक सर्वे में अधिग्रहित भूमि का मुआवजा भुगतान के बावजूद नहर का निर्माण नहीं किया गया है, नहर का मार्ग अकारण परिवर्तित क्यों किया गया? जांच कराकर इसके लिए दोषी अधिकारियों के विरुद्ध कब तक कार्यवाही की जावेगी?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) खसरा क्रं. 3195 में से लम्बाई 89 मीटर, चौड़ाई 22 मीटर तथा लम्बाई 126.50 मीटर, चौड़ाई 28 मीटर कुल 0.55 हे. भूमि अधिग्रहित की गई है। (ग) ग्राम बड़ागाँव की आराजी खसरा क्रं. 3195 का नक्शे में बटाकंन नहीं है। खसरे के स्वामित्व कृषकों की आपसी सहमति तथा मोके पर कब्जा अनुसार सीमाकंन के आधार पर खसरा क्रं. 3195/1/1 में लम्बाई 89 मीटर, चौड़ाई 22 मीटर एवं खसरा क्रं. 3195/1/1ग में लम्बाई 126.50 मीटर, चौड़ाई 28 मीटर भूमि आवश्यकतानुसार अधिग्रहित की गई है जिसका सर्वे के अनुसार लेविल आर.एल. 108.28 मीटर से 107.85 मीटर है। (घ) ग्राम बड़ागाँव के खसरा क्रं. 3136 से 3218 में निर्माण के लिये आवश्यक अधिग्रहित भूमि पर ही नहर का निर्माण एलाइनमेंट में बिना परिवर्तन किये स्वीकृति अनुसार किया जाना प्रतिवेदित है। किसी अधिकारी के दोषी होने की स्थिति नहीं है। शेष प्रश्न उत्पन्न नहीं होते है।

परिशिष्ट - ''ग्यारह''

 

 

बेलखेड़ा-कटाईघाट-बरमान मार्ग का निर्माण

[लोक निर्माण]

45. ( क्र. 600 ) श्रीमती प्रतिभा सिंह : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बरगी वि.स. क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम बेलखेड़ा से कटाई घाट-बरमान मार्ग की स्‍वीकृति कब प्राप्‍त हुयी? उक्‍त मार्ग कितनी लागत राशि से बनाया जाना है? (ख) बेलखेड़ा-कटाईघाट-बरमान मार्ग का निर्माण कब तक प्रारंभ होगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) एवं (ख) विस्‍तृत विवरण संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है।

परिशिष्ट - ''बारह''

मार्ग निर्माण में अनियमितताऐं

[लोक निर्माण]

46. ( क्र. 601 ) श्रीमती प्रतिभा सिंह : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बरगी विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम कुंआखेड़ा-केवलारी-करहैया मार्ग का निर्माण/डामरीकरण का कार्य कब पूर्ण हुआ? उक्‍त मार्ग निर्माण का मापन मूल्‍यांकन एवं गुणवत्‍ता परीक्षण किन-किन अधि./कर्म. द्वारा किया गया? (ख) उपरोक्‍त मार्ग के ग्राम केवलारी से करहैया का डामरीकरण गुणवत्‍ताहीन निर्माण के कारण बनते ही जर्जर हो गया है? क्‍या शासन उक्‍त गुणवत्‍ताहीन निर्माण की जांच कराकर संबंधित ठेकेदार से गुणवत्‍तापूर्ण सुधार करायेगा हां, तो कब तक?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) प्रश्‍नांकित मार्ग लंबाई 1.80 कि.मी. में से 200.00 मीटर लंबाई में सीमेंट कांक्रीट कार्य एवं 1600.00 मीटर लंबाई में डामरीकरण का कार्य होना है। कार्य प्रगति पर है। जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) जी नहीं। कार्य के चलते अचानक वर्षा के कारण डामरीकरण कार्य खराब हो गया था, जिसे विभाग द्वारा आमान्‍य कर पुन: कराने हेतु निर्देशित किया गया है। अत: जांच का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता है। पुन: डामरीकरण का कार्य प्रगति पर है एवं 900.00 मीटर लंबाई में डामरीकरण का कार्य भी हो गया है। कार्य गुणवत्‍तापूर्ण कराया जा रहा है।

परिशिष्ट - ''तेरह''

लाईनिंग कार्य की जाँच

[जल संसाधन]

47. ( क्र. 617 ) श्रीमती झूमा सोलंकी : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या कालधा तालाब अन्तर्गत नहरों से सिंचाई का प्रावधान हैं? हाँ तो तालाब बनने के पश्चात् क्या तालाब में नहरों के माध्‍यम से सिंचाई हेतु चिंहित शत् प्रतिशत क्षेत्र में पानी उपलब्ध कराया जाता है? यदि हाँ, तो विगत 5 वर्ष में कौन सी समयावधि में पानी उपलब्‍ध कराया गया यदि नहीं, तो क्या कारण है? (ख) क्या विगत वर्षों में पूरी नहर का लाईनिंग कार्य किया गया है वर्तमान में कई स्थानों पर नहर क्षतिग्रस्त है? (ग) कालधा तालाब में नहरों के निर्माण एवं लाईनिंग कार्य पर कुल कितना खर्च विभाग द्वारा किया गया है तथा नहर पर की गई लाईनिंग कार्य की गुणवत्ता हेतु निरीक्षणकर्ता अधिकारी कौन-कौन थे? क्या वर्तमान में पूर्णतः क्षतिग्रस्त होने से लाईनिंग कार्य की जांच विभाग द्वारा कराई जावेगी?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) जी हाँ। नहर के प्रारंभिक भाग में निर्मित एक्वाडक्ट एवं नहर क्षतिग्रस्त होने से नहर में पानी नहीं चलने के कारण शत्-प्रतिशत् क्षेत्र में पानी उपलब्ध नहीं कराया जा सका है। वर्तमान में क्षतिग्रस्त भाग का मरम्मत एवं सुधार कार्य प्रगति पर है। विगत पाँच वर्ष में की गई सिंचाई की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) कालधा तालाब की नहर की कुल 4600 मीटर लम्बाई में से 4270 मीटर लम्बाई में लाईनिंग का कार्य पूर्ण किया गया है। शेष स्थानों पर क्षतिग्रस्त नहर का सुधार एवं लाईनिंग का कार्य प्रगति पर है। (ग) नहरों का निर्माण एवं लाईनिंग कार्य पर कुल 56.73 लाख खर्च किया जाना प्रतिवेदित है। लाईनिंग कार्य का समय-समय पर निरीक्षण संबंधित अनुविभागीय अधिकारी एवं कार्यपालन यंत्री द्वारा किया गया है। तीन से चार स्थानों पर कृषकों द्वारा खेतों में एकत्रित वर्षा जल निकालने हेतु नहर में पानी डालने से क्षतिग्रस्त हुई नहर को ठेकेदार के व्यय पर सुधारा जाएगा। वर्तमान में जाँच कराने की स्थिति नहीं है।

परिशिष्ट - ''चौदह''

प्राथमिक कृषि साख सहकारी संस्‍थाओं द्वारा दिये गए ऋण

[सहकारिता]

48. ( क्र. 639 ) श्री नीलेश अवस्‍थी : क्या राज्‍यमंत्री, सहकारिता महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) पाटन विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत संचालित प्राथमिक कृषि साख सहकारी संस्‍था द्वारा विगत 3 वित्‍तीय वर्षों में कितने कृषकों को शून्‍य प्रतिशत ब्‍याज दर पर कितना ऋण उपलब्‍ध कराया गया वर्षवार, समितिवार जानकारी देवें एवं वित्‍त वर्ष 2013-14 से प्रश्‍न दिनांक तक वर्षवार कितने कृषकों के किस मान से कितनी राशि के क्रेडिट कार्ड बनाये गये? (ख) प्रश्‍नांश (क) में उल्‍लेखित ऋणी कृषकों के संदर्भ में प्राकृतिक आपदा के कारण कितने कृषकों के कितने-कितने ऋण को मध्‍यकालीन ऋण में परिवर्तित किया गया वर्षवार, संस्‍थावार सूची देवें? (ग) क्‍या प्राकृतिक आपदा ग्रस्‍त प्रश्‍नांश (क) के ऋण प्राप्‍त कृषकों को चिन्हित कर बीमा की राशि प्रदान करने की कार्यवाही की गई? यदि हाँ, तो इनमें से कितने कृषक पात्र पाये गये एवं पात्र पाये गये कितने कृषकों को किस मान से कितनी बीमा की राशि प्रदान की गई? प्रश्‍नांश (क) में उल्‍लेखित किन-किन ऋण प्राप्‍त कृषकों को किन कारणों से बीमा राशि का भुगतान नहीं किया गया? उपरोक्‍त वित्‍तीय अनियमितताओं का दोषी कौन है तथा उन पर कब तक किस प्रकार से कार्यवाही की जावेगी?

राज्‍यमंत्री, सहकारिता ( श्री विश्वास सारंग ) : (क) शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर ऋण वितरण संबंधी वर्षवार समितिवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र -1 अनुसार है। वर्षवार समितिवार किसान क्रेडिट कार्ड जारी करने संबंधी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है(ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है। (ग) प्राकृतिक आपदाग्रस्त क्षेत्रों में राष्ट्रीय कृषि बीमा योजनांतर्गत राज्य शासन के राजस्व विभाग द्वारा प्रदाय वास्तविक औसत पैदावार के आंकड़ों के आधार पर दावा (क्षतिपूर्ति) का भुगतान बीमा कम्पनी द्वारा किया जाता है। प्रश्नांश में उल्लेखित ऋण प्राप्त कृषकों में से बीमा दावा (क्षतिपूर्ति) प्राप्त कृषकों की वर्षवार समितिवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-4 अनुसार है। फसल बीमा योजना के प्रावधानों के अंतर्गत पात्रता धारित नहीं करने से शेष ऋण प्राप्त कृषकों को बीमा दावा का लाभ प्राप्त नहीं हुआ। उक्त में वित्तीय अनियमितता नहीं पाये जाने से कोई कार्यवाही का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

कृषकों द्वारा खरीदे गये बीज पर अनुदान

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

49. ( क्र. 641 ) श्री नीलेश अवस्‍थी : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) कृषकों द्वारा कृषि विभाग (बीज निगम) से खरीदे गये बीज पर अनुदान प्रदान करने के शासन के क्‍या नियम है नियम की छाया प्रति देवें? (ख) वित्‍त वर्ष 2013-14 से प्रश्‍न दिनांक तक जबलपुर जिला अंतर्गत कितने कृषकों ने कितनी मात्रा का बीज किस दर से बीज निगम से खरीफ एवं रबी फसलों हेतु क्रय किया वर्षवार, फसलवार एवं विकासखंडवार विवरण देवें? (ग) प्रश्नांश (ख) में उल्‍लेखित बीज खरीद पर शासन द्वारा प्रश्‍नांश (क) में उल्‍लेखित नियमों के तहत कितना अनुदान दिया जाना था? (घ) प्रश्नांश (ख) एवं (ग) के संदर्भ में बीज निगम से कृषकों द्वारा खरीदें गये बीज पर वर्षवार कितना अनुदान कृषकों को प्रदान किया गया एवं कितना अनुदान किन कारणों से अभी तक कृषकों को प्रदान नहीं किया गया है? अनुदान प्रदान न करने अथवा विलंब से करने के क्‍या कारण है, क्‍या शासन इसकी जाँच कराकर दोषियों पर कार्यवाही करेगा?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र- 2 अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है। (घ) प्रश्नांश (ख) एवं (ग) के संदर्भ में बीज निगम से कृषकों द्वारा खरीदे गये बीज पर वर्षवार अनुदान कृषकों को प्रदान करने संबंधी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है। अनुदान प्रदान न करने अथवा विलंब से करने संबंधी जांच कराकर गुण-दोष के आधार पर दोषियों पर कार्यवाही की जायेगी।

डबरा डिवीजन द्वारा कराये गये निर्माण कार्य

[जल संसाधन]

50. ( क्र. 652 ) श्रीमती इमरती देवी : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) ग्‍वालियर जिले की डबरा डिवीजन के द्वारा वर्ष 2015-16 एवं 2016-17 में किन किन स्‍थानों पर क्‍या क्‍या कार्य कराये गये सूची उपलब्‍ध करावें तथा कराये गये कार्यों का किस उपयंत्री के द्वारा कब कब मूल्‍यांकन किया गया तथा किस अधिकारी द्वारा कब कब किस कार्य का भौतिक सत्‍यापन किया गया नहीं तो क्‍यों (ख) प्रश्‍नांश (क) डबरा में डिवीजन के द्वारा डबरा विधान सभा के क्षेत्रांतर्गत वर्ष 2015-16 एवं 2016-17 में किन कार्यों का कितनी कितनी राशि से कहाँ कहाँ मरम्‍मत कार्य कराये गयें है सूची उपलब्‍ध करावें।

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) ग्वालियर जिले के डबरा संभाग द्वारा वर्ष 2015-16 एवं 2016-17 में कोई निर्माण कार्य नहीं कराया जाना प्रतिवेदित है। (ख) ग्वालियर जिले डबरा संभाग द्वारा वर्ष 2015-16 एवं 2016-17 में कराये गये मरम्मत कार्यों की जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है।

परिशिष्ट - ''पंद्रह

छछँद नदी पर पुल निर्माण

[लोक निर्माण]

51. ( क्र. 653 ) श्रीमती इमरती देवी : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) डबरा विधान क्षेत्रांतर्गत डबरा से गिजौर्रा मार्ग पर ग्राम भर्रौली के पास छछँद नदी पर पुल का निमार्ण कब और किस ऐजेंसी के द्वारा कराया गया क्‍या पुल के निर्माण में पुल पर दोनों साइट में रैलिंग कार्य तकनीकी प्रतिवेदन में लिया गया है? यदि हाँ, तो फिर रैलिंग का निर्माण आज दिनांक तक क्‍यों नहीं कराया गया? क्‍या पुल के निर्माण कार्य की जानकारी तकनीकी स्‍वीकृति एवं मूल्‍यांकन सहित प्रदाय की जावे? (ख) प्रश्‍नांश (क) पुल निर्माण कार्य में वर्तमान की स्थिति तक दोनों ओर रैलिंग का कार्य नहीं कराया गया है तो क्‍यों नहीं अब कब तक करा दिया जावेगा क्‍या इस में कोई अधिकारी/ठेकेदार दोषी है यदि हाँ तो उस पर कोई कार्यवाही की गई है नहीं तो कब तक की जावेगी।

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) दिनांक 31.03.1985 को मेसर्स एस.एन. श्रीवास्‍तव ठेकेदार झांसी द्वारा। जी हाँ। प्रावधान अनुसार कोले‍प्‍सीबल रेलिंग लगाई गयी थी, जो कि क्षतिग्रस्‍त होकर नष्‍ट हो गई है। तकनीकी स्‍वीकृति के प्राक्‍कलन की लागत राशि रूपये 10.32 लाख पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार एवं मूल्‍याकंन माप पुस्तिका पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ख) प्रश्‍नांश के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता। पुन: रेलिंग का कार्य हेतु रू. 3.84 लाख की स्‍वीकृति प्रदान की गई है। निविदा की कार्यवाही की जा रही है। कोई अधिकारी एवं ठेकेदार दोषी नहीं है। शेष प्रश्‍नांश का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता।

बैकुण्ठपुर से लालगांव मार्ग को रीवा-डभौरा मुख्य मार्ग से जोड़ा जाना

[लोक निर्माण]

52. ( क्र. 659 ) श्री दिव्‍यराज सिंह : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या लालगांव से बैकुण्ठपुर मार्ग का निर्माण वर्तमान में कराया जा रहा है? यदि हाँ, तो विभाग द्वारा उक्त मार्ग की स्वीकृति कहाँ से कहाँ तक प्रदाय की गई है? (ख) रीवा-डभौरा मुख्य मार्ग से उक्त निर्माणाधीन मार्ग को जोड़ा जावेगा अथवा नहीं? उक्त निर्माण की समय-सीमा क्या निर्धारित की गई है?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ। रीवा-सिरमौर-डभौरा मुख्‍य मार्ग से लालगांव तक कुल लंबाई 17.80 कि.मी.। (ख) जी हाँ। अनुबंधानुसार दिनांक 17.05.2017 तक।

बरनू एवं मड़ई जलाशय का घटिया निर्माण

[जल संसाधन]

53. ( क्र. 661 ) श्रीमती नंदनी मरावी : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सिहोरा के अधीन बरनू एवं मड़ई जलाशय को नहर निर्माण के घटिया निर्माण कार्य के संबंध में प्रश्‍नकर्ता के पत्र पर कलेक्‍टर शिकायत शाखा जबलपुर के पत्र क्र. 11100 दिनांक 24.12.16 के परिप्रेक्ष्‍य में एस.डी.एम. सिहोरा द्वारा 13.01.17 को जिला सतर्कता अधिकारी जबलपुर को इस तथ्‍य के साथ प्रतिवेदन भेजा गया है कि निर्माण कार्य घटिया स्‍तर का प्रमाणित हो रहा है? इस हेतु अधीक्षण यंत्री लोक निर्माण की एक टीम गठित की गई है? (ख) प्रश्‍नांश (क) टीम का प्रतिवेदन की प्रति उपलब्‍ध कराये तथा कौन-कौन अधिकारी इसमें दोषी पाये गये? उनके विरूद्ध किन-किन धाराओं के अंतर्गत प्रकरण पंजीबद्ध किये गये है तथा इसके द्वारा शासकीय राशि की बर्बादी की वसूली कब तक की जावेगी?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) एवं (ख) बरनू एवं मड़ई जलाशय की नहर के घटिया निर्माण के संबंध में एस.डी.एम. सिहोरा ने उनके पत्र दिनांक 13.01.2017 द्वारा अधीक्षण यंत्री, लोक निर्माण विभाग (भ./स.) मण्डल जबलपुर के अधीनस्थ क्वालिटी कन्ट्रोल टीम से गुणवत्ता की जांच कराने हेतु लेख करते हुए जिला सर्तकता अधिकारी को सूचित किया गया है। प्रकरण कलेक्टर जबलपुर के कार्यालय में विचाराधीन होने से समय-सीमा बताना संभव नहीं है। शेष प्रश्न उत्पन्न नहीं होते हैं।

मार्गों का निर्माण

[लोक निर्माण]

54. ( क्र. 663 ) श्रीमती नंदनी मरावी : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला जबलपुर विकासखण्‍ड कुण्‍डम अंतर्गत जबलपुर अमरकंटक मार्ग से घुघरी मार्ग छपरा करौदी से बड़खेरा मार्ग, पड़रिया पडवार से मड़ई मार्ग, कन्‍हवारा मार्ग एवं सातमझिर से मेन पठारी मार्ग अत्‍यंत जर्जर हो चुके हैं? इन मार्गों में आवागमन में लोगों को अत्‍यंत कठिनाई होती है आदिवासी अंचल के ये महत्‍वपूर्ण मार्ग है? (ख) प्रश्‍नांश (क) मार्गों के नव निर्माण की क्‍या कार्य योजना है मार्गवार विवरण उपलब्‍ध कराये। यह भी बताये कि इन मार्गों का निर्माण कब तक पूर्ण करा लिया जावेगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) प्रश्‍नांकित सभी मार्ग प्रथम श्रेणी साधारण (डब्‍ल्‍यू.बी.एम.) मार्ग है। स्‍थाई श्रमिकों द्वारा संधारण कार्य/सुधार कार्य कराया जा रहा है। पडरिया पड़वार से मड़ई मार्ग जनपद पंचायत कुण्‍डम के अंतर्गत आता है। (सरपंच ग्राम पंचायत मड़ई जनपद पंचायत कुण्‍डम से प्राप्‍त प्रमाण पत्र संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है) (ख) प्रश्‍नांश के मार्गों का नव निर्माण किसी भी योजना में सम्मिलित नहीं है। अत: समय-सीमा बताना संभव नहीं है।

परिशिष्ट - ''सोलह''

जल उपभोक्‍ता संस्‍थाओं में किये गये कार्य

[जल संसाधन]

55. ( क्र. 725 ) श्रीमती शीला त्‍यागी : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिले में कितनी जल उपभोक्‍ता संस्‍थायें संचालित हैं संस्‍थाओं के अध्‍यक्षों एवं सदस्‍यों की सूची संस्‍थावार उपलब्‍ध करायें। (ख) प्रश्‍नांश '' के संदर्भ में प्रत्‍येक संस्‍थाओं में विगत 2014 से प्रश्‍न दिनांक तक कितने कार्य एवं राशि स्‍वी‍कृत किये गये हैं, संस्‍थावार, कार्यवार वर्षवार सूची देवें। (ग) प्रश्‍नांश '' के संदर्भ में संस्‍थावार कार्यों की तथा संविदाकारों की सूची देवें एवं किये गये कार्यों की प्रगति भी देवें जिन कायों में विलंब एवं मापदण्‍ड का पालन नहीं किया गया उस पर क्‍या कार्यवाही की गई है, की गई कार्यवही की सूची देवें? (घ) प्रश्‍नांश '' के संदर्भ में यदि कार्य समय-सीमा में पूर्ण नहीं हुये व मापदण्‍ड अनुसार नहीं किये गये तो उसके लिए कौन जवाबदार व दोषी है उसके विरूद्ध कब तक क्‍या कार्यवाही की जावेगी?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

बेहतर सड़कों के निर्माण हेतु मशीनों का उपयोग

[लोक निर्माण]

56. ( क्र. 728 ) श्री संदीप श्री प्रसाद जायसवाल : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या विधानसभा प्रश्न क्रमांक-715 दिनांक-05/12/2016 के प्रश्नांश '''' के उत्तर में विभाग द्वारा बेहतर सड़कों के निर्माण हेतु निर्धारित निविदा प्रपत्र में मशीनों के उपयोग का प्रावधान होने की जानकारी दी गयी थी एवं प्रश्नांश '''' के उत्तर में संलग्न परिशिष्ट प्रपत्र-अ के क्रमांक 3, 5, 8, 9 एवं 12 में ठेकेदार द्वारा बाईब्रेटरी रोलर एवं पेवर फिनिशर उपयोग न करने के कारण विभिन्न राशियों की कटौतियां की जाने की जानकारी दी गयी थी? (ख) प्रश्नांश '''' में यदि हाँ, तो ठेकेदारों द्वारा बाइब्रेटरी रोलर एवं पेवर फिनिशर उपयोग न करने के क्या कारण थे एवं बेहतर सड़कों के निर्माण हेतु मशीनों के उपयोग न होने से बेहतर सड़क के निर्माण न होने के लिये कौन जवाबदार है? (ग) क्या प्रश्नांश '''' में उल्ले खित मशीनों के प्रावधान के कारण छोटे ठेकेदार निविदा प्रक्रिया में भाग नहीं ले पाते है एवं कुछ ठेकेदारों द्वारा मशीनों की उपलब्ध ता बताते हुए निविदा हासिल करने के उपरांत मशीनों का उपयोग नहीं किया जाता है, जिससे बेहतर सड़कों का निर्माण नहीं हो पाता है एवं निविदाओं में प्रतिस्पर्धा भी नहीं हो पाती है एवं शासन को क्षति पहुंचती है?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) किये जाने वाले कार्यों में एस..आर. में प्रावधान थे कि यदि बाइब्रेटरी रोलर एवं पेवर फिनिशर का उपयोग नहीं किया जायेगा तो राशि में कटौती की जावेगी। तदानुसार राशि की कटौती की गई है। उल्‍लेखित मशीनों के उपयोग न होने की स्थिति में भी गुणवत्‍तापूर्वक कार्य करवाया गया है। प्रश्‍न ही नहीं उठता है। (ग) जी नहीं। कार्य की आवश्‍यकता अनुसार मशीनों का उपयोग किया जाता है।

डी.ए.पी. उर्वरक के अधिक मूल्‍य पर विक्रय

[सहकारिता]

57. ( क्र. 729 ) श्री संदीप श्री प्रसाद जायसवाल : क्या राज्‍यमंत्री, सहकारिता महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रबी सीजन 2016-17 में विभिन्न कंपनियों के डीएपी उर्वरक की कटनी जिले में बाजार दर क्या थी, कंपनीवार बतायें? (ख) क्या मध्यप्रदेश राज्य सहकारी विपणन संघ मर्यादित भोपाल के पत्र क्रमांक/खाद्यप्रशासन/6495/2016-17 दिनांक-18/11/2016 के अनुसार डीएपी की दर 1090.38 रूपये एवं 1090.89 रूपये प्रति बोरी के मान से विक्रय किये जाने के निर्देश थे एवं यह दर भी बाजार मूल्‍य से अधिक थी, यदि हाँ, तो कितनी? प्रति बोरीवार बतायें? (ग) रबी सीजन 2016-17 में कटनी जिले में सहकारी संस्थाओं के द्वारा किस-किस दर पर डीएपी-उर्वरक बेचा गया, क्या विपणन संघ के प्रश्नांश '''' में उल्लेखित पत्र के पूर्व दर अधिक थी एवं यह दर बाजार मूल्य से भी अधिक थी एवं कृषकों को केसीसी के चलते सहकारी समितियों से उर्वरक लेना पडता है, यदि हाँ, तो विवरण प्रदान करें एवं बतायें कि अधिक दर पर डीएपी उर्वरक विक्रय करने के क्या कारण रहे एवं इसके लिये कौन जिम्मेदार है? (घ) प्रश्नांश '''' से '''' के तहत किसानों से बाजार मूल्य से अधिक की ली गयी राशि क्या किसानों को वापिस कर बैंक खातों में जमा की गयी, यदि हाँ, तो विवरण देवें, यदि नहीं, तो क्यों,

राज्‍यमंत्री, सहकारिता ( श्री विश्वास सारंग ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

किसानों की आय के संबंध में विस्‍तृत योजना

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

58. ( क्र. 733 ) श्री दिनेश राय (मुनमुन) : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में किसानों की आय को दोगुना करने के लिये शासन स्‍तर पर क्‍या योजना बनाई गई है? क्‍या सिवनी जिला में कार्यशाला भी आयोजित की गई है? तो कब और किनकी उपस्थिति में? (ख) सिवनी जिले में योजना के संबंध में अभी तक क्‍या कार्य निष्‍पादित किये गये है? क्‍या इन योजनाओं में जनप्रतिनिधियों को भी विश्‍वास में लिया गया है? यदि हाँ तो कब किस स्‍तर पर ऐसा विचार अथवा कार्यशाला हुई? (ग) कृषि से संबंधित अन्‍य सहयोगी विभागों की क्‍या भूमिका निरूपित की गई क्‍या उसका अनुपालन किया जा रहा है? खाद बीज कीटनाशक प्रदाय सुनिश्चित करने हेतु क्‍या गाईड लाईन तैयार की गई है? (घ) क्‍या घटिया बीज एवं नकली खाद प्रदाय करने वालों के विरूद्ध कोई नियम है तथा अभी तक ऐसे कितने लोगों के लायसेन्‍स जिला सिवनी में निरस्‍त किये गये हैं?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) जी हाँ। सिवनी जिले में कार्यशाला कलेक्टर की अध्यक्षता में सभी संबंधित जिला प्रमुखों की उपस्थिति में दिनांक 03.09.2016 एवं 27.10.2016 आयोजित की गई है। (ख) सिवनी जिलें में कृषि के विभिन्न मॉडल विकसित किये गये है, जिसमें जिले के कृषक उनके पास उपलब्ध संसाधनों के अनुसार अपना रहे है। जी हाँ। दिनांक 10.12.2016 को माननीय प्रभारी मंत्री, जिला पंचायत अध्यक्ष एवं अन्य सम्मानित जनप्रतिनिधियों के समक्ष कृषि के विभिन्न मॉडलों का पॉवर पांइट प्रस्तुतिकरण किया गया। (ग) संबंधित विभागों के सहयोग से विभिन्न मॉडल विकसित किये गये। उन मॉडलों के अनुसार विभागवार कार्यवाही की जा रही है। जी हाँ रोडमैप तैयार किया गया है। (घ) जी हाँ। जिलें में वर्ष 2016-17 में अभी तक 3 विक्रताओं के लायसेंस निरस्त किये गये है। जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है।

परिशिष्ट - ''सत्रह''

नरसिंहपुर विधानसभा अतंर्गत मार्ग निर्माण

[लोक निर्माण]

59. ( क्र. 745 ) श्री जालम सिंह पटेल : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या नरसिंहपुर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत रोड‍ डेवलपमेंट कार्पोरेशन द्वारा करेली, आमगांव, निवारी, सिंहपुर, खुरपा, डांगीढाना मार्ग निर्माण हेतु क्‍या कोई कार्यवाही की जा रही है? (ख) क्या उपरोक्त कार्य का प्राक्‍कलन तैयार कर स्वीकृति हेतु निर्माण एजेंसी ने प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त कर ली है? (ग) वर्तमान में उपरोक्त कार्य की क्या स्थिति है विभाग द्वारा कार्य प्रारंभ किया गया है या नहीं यदि हाँ, तो कार्य कब तक पूर्ण हो जावेगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) एवं (ख) जी हाँ। (ग) निविदा प्रक्रियाधीन है। अत: निश्चित समय-सीमा बताना संभव नहीं है।

इन्दौर के प्राचीन बिजासन माता मंदिर के सौन्दर्यीकरण

[लोक निर्माण]

60. ( क्र. 757 ) श्री सुदर्शन गुप्‍ता (आर्य) : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या लोक निर्माण विभाग द्वारा इन्दौर के प्राचीन बिजासन माता मंदिर के सौन्दर्यीकरण के लिये योजना तैयार की गई है? यदि हाँ, तो वर्तमान में कितना कार्य हो चुका है व कितना शेष है? (ख) क्या प्रश्‍नांश (क) अनुसार बिजासन माता मंदिर का सौन्दर्यीकरण समय-सीमा में पूर्ण नहीं हो पाया है? (ग) यदि हाँ, तो किन कारणों से कार्य पूर्ण होने में समय लग रहा है व कब तक कार्य पूर्ण हो जावेगा कारण सहित निर्धारित समय-सीमा स्पष्‍ट करें?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी नहीं। शेष प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता है। (ख) एवं (ग) प्रश्‍नांश के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता।

इन्दौर शहर के मनोरमा राजे टी.बी.अस्पताल का मरम्‍मतीकरण

[लोक निर्माण]

61. ( क्र. 758 ) श्री सुदर्शन गुप्‍ता (आर्य) : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या इन्दौर शहर के मनोरमा राजे टी.बी.अस्पताल की हालत जर्जर अवस्था में हो कर अस्पताल की दीवार व छत पर बडी दरारे पड़ गई है, जिससे पानी का रिसाव बना रहता है? (ख) यदि हाँ, तो क्‍या लोक निर्माण विभाग द्वारा भवन मरम्मत हेतु कोई कार्यवाही की जा रही है, यदि हाँ, तो क्या? (ग) क्या प्रश्‍नांश (क) अनुसार जर्जर भवन के स्थान पर विभाग द्वारा नवीन भवन बनाए जाने की कोई कार्य योजना है? यदि हाँ, तो क्या कार्ययोजना बनाई गई है?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) भवन मरम्‍मत हेतु रूपये 68.8 लाख का प्राक्‍कलन दिनांक 05.11.2015 को संयुक्‍त संचालक, संचालनालय स्‍वास्‍थ्‍य सेवायें म.प्र. भोपाल को स्‍वीकृति हेतु भेज दिया गया है। (ग) जी नहीं। प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता।

उद्वहन सिंचाई हेतु बैराजों का निर्माण

[जल संसाधन]

62. ( क्र. 764 ) श्री मोती कश्यप : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या जिला कटनी के वि.स.क्षे. बड़वारा में माननीय मुख्ययमंत्री जी की जनदर्शन यात्रा दिनांक 11/9/2016 को प्रश्ननकर्त्ता विधायक द्वारा महानदी में देवरी-गुड़ाकला, महुदा-कौआझाल के मध्य उद्वहन सिंचाई हेतु बैराज निर्माण की मागें उठायी है? (ख) क्या जनपद पंचायत ढीमरखेड़ा की दिनांक 27/12/2016 की समीक्षा बैठक में विभाग द्वारा माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा की गई घोषणाओं की अद्यतन जानकारी दिनांक 25/11/2016 के सरल क्रमांक 1 से 7 की किन अधिकारी द्वारा किस ग्राम के किस स्थल का किस तकनीकी से परीक्षण कर किस आधार पर यह दर्शाया है कि घोषणा पूरी नहीं की जा सकती है? (ग) प्रश्नांश (क), (ख) के किन स्थलों में नदीतल और रेत की गहराई कितने-कितने फुट पायी गई है और क्या इस प्रकार के स्थल उद्वहन सिंचाई योग्य प्रचुर जल भण्डारण क्षमता तथा बैराज व बांध आदि बनाये जाने योग्य नहीं रहते हैं? (घ) क्या विभाग द्वारा किसी विशेषज्ञ दल से प्रश्नांश (क), (ख) व अन्य उपयुक्त स्थलों का परीक्षण कराकर माइक्रो उद्वहन सिंचाई योजना द्वारा खेत-खेत तक पानी पहुंचाने की माननीय मुख्यमंत्री जी की घोषणा को मूर्तरूप प्रदान किया जावेगा?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) मान. मुख्यमंत्री जी की जन दर्शन यात्रा दिनांक 11.09.2016 को मान. प्रश्नकर्ता द्वारा प्रश्नांश में उल्लेखित सिंचाई परियोजनाओं की माँग से संबंधित अभिलेख उपलब्ध नहीं है। मान. मुख्यमंत्री जी द्वारा दिनांक 11.09.2016 को की गई घोषणा क्रमांक बी-2550 निम्नानुसार हैः- महानदी का पानी सिंचाई हेतु लिफ्ट एरिगेशन योजना के तहत् लाया जायेगा। (ख) से (घ) जनपद पंचायत ढीमरखेड़ा में की गई समीक्षा बैठक की जानकारी शासन स्तर पर संधारित नहीं की जाती है। घोषणा के परिप्रेक्ष्य में स्थल का निरीक्षण किया गया। स्थानीय लोगों के द्वारा आमाझाल के समीप महानदी में उद्वहन सिंचाई परियोजना की माँग की गई है। उद्वहन सिंचाई योजनाओं को सामुदायिक समिति द्वारा संचालित करने के निर्देश है किन्तु क्षेत्र के कृषकों द्वारा परियोजना को सामुदायिक समिति द्वारा चलाने में असमर्थता व्यक्त करने के कारण परियोजना का निर्माण कराना संभव नहीं है। शेष प्रश्न उत्पन्न नहीं होते हैं।

पन्‍ना जिले में अतिवर्षा में बांधों का टूटना

[जल संसाधन]

63. ( क्र. 769 ) श्री मुकेश नायक : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विगत दिनों में अतिवृष्टि के कारण पन्‍ना जिले में आई बाढ़ के कारण कितने सिंचाई बांध टूटे एवं कितने बांधों के टूटने की संभावनाओं को देखते हुये कितने सिंचाई बांधों में कट लगाये गये हैं? (ख) इन टूटे हुये बांधों मे