मध्यप्रदेश विधान सभा


प्रश्नोत्तर-सूची
जुलाई, 2017 सत्र


शुक्रवार, दिनांक 21 जुलाई 2017


भाग-1
तारांकित प्रश्नोत्तर


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वाणिज्य संकाय के शिक्षकों की पदोन्‍नति

[स्कूल शिक्षा]

1. ( *क्र. 1589 ) श्री सुदर्शन गुप्‍ता (आर्य) : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या स्कूल शिक्षा विभाग में कार्यरत वे सहायक शिक्षक जिनकी स्नातक/स्नातकोत्तर की डिग्री वाणिज्य विषय से थी, उनकी पदोन्नति नहीं होने के कारण वाणिज्य संकाय को कला संकाय में समाहित करना है? यदि हाँ, तो इसे किस आधार पर किया जाएगा? (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार की गई कार्यवाही के तहत ऐसे सहायक शिक्षक जो एक ही पद पर रहते हुए 20 से 30 वर्ष से भी अधिक सेवा पूर्ण करने के बाद भी पदोन्नति का लाभ नहीं ले पा रहे हैं, इनके लिये विभाग क्या कार्यवाही करेगा?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) रचनाक्रम एवं भर्ती पदोन्नति नियम में वाणिज्य विषय समूह नहीं होने के कारण इस विषय के लोक सेवकों की गणना कला संकाय (सामाजिक विज्ञान) में म.प्र. राजपत्र (असाधारण) दिनांक 3/4 अगस्त 2012 के बिंदु की अनुसूची चार में कॉलम (2) में अनुक्रमांक (2क) की प्रविष्टि एवं संचालनालय के पत्र दिनांक 13.02.2013 अनुसार की जाती है। जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) भर्ती एवं पदोन्नति नियम के अनुसार पात्रता एवं पद रिक्तता की दशा में पदोन्नति का लाभ दिए जाने का प्रावधान है। वर्तमान में माननीय उच्चतम न्यायालय में प्रचलित पदोन्नति से संबंधित न्यायालयीन प्रकरण में यथास्थिति बनाए रखने के आदेश के परिपालन में पदोन्नति की कार्यवाही नहीं की जा रही है।

परिशिष्ट - ''एक''

फर्जी जाति प्रमाण पत्र की जाँच

[स्कूल शिक्षा]

2. ( *क्र. 859 ) श्री लाखन सिंह यादव : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या ग्‍वालियर जिले के शा.प्र.वि. हुकमगण जनपद पंचायत घाटीगाँव में पदस्‍थ प्रधान अध्‍यापक श्री विजय सिंह बंजारा फर्जी जाति प्रमाण पत्र के आधार पर प्रधान अध्‍यापक के पद पर पदस्‍थ हैं? क्‍या इस संबंध में गोविन्‍द सिंह पुत्र श्री लोकमन सिंह ग्राम हुकमगण के द्वारा शिकायत पर प्रश्‍नकर्ता विधायक के द्वारा पत्र क्र./कलेक्‍टर/2017-18/11, दिनांक 20.04.2017 को शिकायत की थी? यदि हाँ, तो उक्‍त दिवस से प्रश्‍न दिनांक तक ऐसे फर्जी अनु.जनजाति के प्रमाण पत्र के आधार पर कार्यरत प्रधान अध्‍यापक के प्रति कोई जाँच कराई गई? यदि हाँ, तो क्‍या जाँच में दोषी पाया? यदि हाँ, तो ऐसे दोषी प्रधान अध्‍यापक के विरूद्ध क्‍या कोई दण्‍डात्‍मक कार्यवाही की गई है? यदि हाँ, तो क्‍या? यदि नहीं, तो क्‍यों? (ख) भितरवार विधान सभा क्षेत्र में शासकीय, प्राथमिक, माध्‍यमिक, हाईस्‍कूल एवं हायर सेकेण्‍डरी विद्यालय में कौन-कौन कर्मचारी/शिक्षक/अधिकारी पदस्‍थ हैं? प्रत्‍येक विद्यालयवार अलग-अलग स्‍वीकृत पदों की संख्‍या तथा उनके विरूद्ध कितने कर्मचारी/अधिकारी पदस्‍थ हैं, उनका नाम, पद, पदस्‍थापना दिनांक तथा किस-किस विद्यालय में कितने-कितने किस स्‍तर के कर्मचारियों के पद रिक्‍त हैं? प्रत्‍येक विद्यालय वार स्‍पष्‍ट करें। इन रिक्‍त पदों को कब तक भर लिया जावेगा? एक निश्चित समय-सीमा स्‍पष्‍ट करें

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जी नहीं। जी हाँ। जी हाँ। जी नहीं। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशि‍ष्ट अनुसार है। पद रिक्‍तता एवं पूर्ति सतत प्रक्रिया है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

विद्यालयों में शौचालयों का निर्माण

[स्कूल शिक्षा]

3. ( *क्र. 1404 ) डॉ. कैलाश जाटव : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या विधानसभा क्षेत्र गोटेगांव में वर्ष 2013-14, 2014-15 एवं 2015-16 में विभाग द्वारा राशि रू. 1.17 लाख, 1.13 लाख के एवं एन.टी.पी.सी. द्वारा विद्यालयों में शौचालयों का निर्माण कराया गया है? यदि हाँ, तो उक्त शौचालयों का कहाँ-कहाँ निर्माण किया गया? स्कूलवार सूची उपलब्ध करावें। (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में इन शौचालयों में क्या-क्या सुविधायें उपलब्ध कराई जाना थी? क्‍या जो सुविधायें उपलब्‍ध करायी जानी थी, वह सभी सुविधायें मुहैया करा दी गईं हैं? यदि नहीं, तो इसके लिए कौन जिम्‍मेदार है? (ग) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में जिन स्कूलों में शौचालयों का निर्माण किया जाना था? क्या समस्त स्वीकृत शौचालयों का निर्माण पूर्ण हो चुका है? पूर्ण एवं अपूर्ण शौचालयों की सूची उपलब्ध करावें। जहां शौचालयों का निर्माण पूर्ण हो चुका है, वहां उक्त शौचालयों का मूल्यांकन किस अधिकारी द्वारा किया गया? नाम,पद सहित, स्कूलवार सूची उपलब्ध करावें।

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) विधानसभा क्षेत्र गोटेगांव में वर्ष 2013-14, 2014-15 एवं 2015-16 में विभाग एवं एन.टी.पी.सी. द्वारा विद्यालयों में शौचालयों का निर्माण कराया गया है। शौचालय निर्माण की स्कूल वार सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। हाई एवं हायर सेकेण्डरी स्कूलों में उक्त लागत के शौचालय निर्मित नहीं हुए। (ख) वर्ष 2013-14 में शौचालय निर्माण के साथ मुख्य घटक रेम्प रेलिंग, इन्सीनेटर एवं पानी की टंकी आदि का प्रावधान किया गया था। वर्ष 2014-15 एवं 2015-16 में शौचालय निर्माण के साथ मुख्य घटक रेम्प रेलिंग, मा.शाला की छात्राओं हेतु इन्सीनेटर, फोर्सलिफ्ट पंप, हेण्डवाश यूनिट और पानी की टंकी आदि का प्रावधान किया गया था। जिन शालाओं में फोर्सलिफ्ट पंप का निर्माण नहीं हुआ है, संबंधित एजेंसी को फोर्सलिफ्ट पंप की राशि का भुगतान नहीं किया गया है। (ग) जी हाँ। प्रश्नांश (क) में जिन स्कूलों में शौचालयों का निर्माण किया जाना था, उन स्वीकृत समस्त शौचालय का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है। शौचालय निर्माण, कार्य के मूल्यांकनकर्ता उपयंत्री के विवरण की स्कूलवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है।

सर्जन, स्पेशलि‍स्ट व सुपर स्पेशलि‍स्ट की पूर्ति

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

4. ( *क्र. 108 ) श्री कालुसिंह ठाकुर : क्या लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रश्‍नकर्ता द्वारा तारांकित प्रश्‍न क्रमांक 5842, दिनांक 22.03.2017 के माध्यम से चिकित्सा क्षेत्र के सर्जन, स्पेशलि‍स्ट व सुपर स्पेशलि‍स्ट चिकित्सक का निर्धारण करने के संबंध में प्रश्‍न पूछा गया था, जिसके उत्तर में जानकारी एकत्रित किया जाना बताया गया था? (ख) यदि हाँ, तो क्या जानकारी संकलित कर ली गई है व प्रश्‍नकर्ता को कब तक उपलब्ध कराई जावेगी? यदि संकलित नहीं की गई है, तो इसके लिये कौन दोषी है तथा उसके विरूद्ध क्या कार्यवाही, कब तक की जावेगी?

लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) एवं (ख) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

चिकित्‍सकों के रिक्‍त पदों की पूर्ति

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

5. ( *क्र. 1255 ) श्री नीलेश अवस्‍थी : क्या लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) पाटन विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत संचालित सामुदायिक एवं प्राथमिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्रों में चिकित्‍सकों के कितने पद स्‍वीकृत हैं तथा इनके विरूद्ध कहाँ-कहाँ पर कौन-कौन से चिकित्‍सक कब से पदस्‍थ हैं और कौन-कौन से पद कब से रिक्‍त हैं? स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्रवार सूची देवें। (ख) प्रश्नांश (क) में उल्‍लेखित रिक्‍त पदों की पूर्ति हेतु प्रश्‍नकर्ता द्वारा विधानसभा सत्रों में बैठक दिनांक 04 जुलाई, 2014 प्रश्‍न क्रमांक 984, दिनांक 24 जुलाई, 2015 प्रश्‍न क्रमांक 1077, दिनांक 18 जुलाई, 2016, प्रश्‍न क्रमांक 828, दिनांक 09 दिसम्‍बर, 2016 तथा प्रश्‍न क्रमांक 1441, दिनांक 08 मार्च, 2017 को पूछे गये प्रश्‍नों के उत्‍तर में पदपूर्ति की कार्यवाही निरंतर जारी है, शीघ्र पद पूर्ति होगी, दिये गये उत्‍तर के बावजूद तथा प्रश्‍नकर्ता द्वारा चिकित्‍सकों की कमी के संदर्भ में लगातार शासन से पत्राचार करने के बावजूद प्रश्‍न दिनांक तक रिक्‍त पदों की पूर्ति न होने के क्‍या कारण हैं? रिक्‍त पद की पूर्ति किस प्रकार से कब तक कर दी जावेगी? (ग) मुख्‍य चिकित्‍सा एवं स्‍वास्‍थ्‍य अधिकारी जबलपुर के अंतर्गत वित्‍त वर्ष 2015-16 से प्रश्‍न दिनांक तक स्‍वास्‍थ्‍य कार्यों हेतु किये गये समस्‍त कार्यों/सेवाओं/दवाओं आदि पर किये गये व्‍यय की जानकारी देवें? (घ) प्रश्‍नांश (ग) में किये गये व्‍यय के संबंध में कब-कब क्‍या-क्‍या शिकायतें प्राप्‍त हुईं एवं प्राप्‍त शिकायतों पर कब क्‍या कार्यवाही की गई?

लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) जी हाँ यह सही है कि विभाग द्वारा पदपूर्ति की कार्यवाही निरंतर जारी रहने का लेख किया गया है, परंतु विभाग द्वारा प्रदेश में रिक्त 1896 पदों हेतु मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग को मांग पत्र प्रेषित किया गया था, परंतु मात्र 726 चिकित्सकों की चयन सूची प्राप्त हुई है। विशेषज्ञों की अत्यधिक कमी है कुल स्वीकृत 3278 पदों के विरूद्ध मात्र 1055 विशेषज्ञ उपलब्ध हैं। अतः सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र स्तर की संस्थाओं में विशेषज्ञों की पदस्थापना नहीं की जा सकी है। वर्तमान में पाटन में 01 विशेषज्ञ, 01 नियमित चिकित्सक, 01 संविदा आर.सी.एच. चिकित्सक तथा 01 आयुष चिकित्सक की पदस्थापना है। विधानसभा क्षेत्र पाटन अंतर्गत प्राथमिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र, लमकाना एवं इन्द्राना में ही चिकित्सक उपलब्ध नहीं हैं, परंतु अन्य समस्त संस्थाओं में नियमित चिकित्सक एवं आयुष चिकित्सकों की पदस्थापना है। (ग) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (घ) जानकारी निरंक है।

परिशिष्ट - ''दो''

युक्तियुक्‍तकरण की प्रक्रिया

[स्कूल शिक्षा]

6. ( *क्र. 721 ) श्री सोहनलाल बाल्‍मीक : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या उप सचिव स्‍कूल शिक्षा विभाग म.प्र. शासन के पत्र क्रमांक/एफ-1/42/2014/ 20-1/भोपाल, दिनांक 04.05.2017 कंडिका क्रमांक 5 में नगरीय निकायों की शैक्षणिक संस्‍थाओं में अतिशेष अध्‍यापकों को उसी नगरीय निकाय के अंतर्गत अन्‍य शालाओं में युक्तियुक्‍तकरण की प्रक्रिया के अंतर्गत पदस्‍थ किया जायेगा? (ख) क्‍या अध्‍यापक संवर्ग की पदस्‍थापना निकाय के बाहर नहीं की जायेगी? यदि हाँ, तो क्‍या अध्‍यापक संवर्ग को उसी निकाय में पद रिक्‍त नहीं होने की स्थिति में उनका अतिशेष सूची से नाम हटा दिया गया है? यदि हाँ, तो परासिया विधान सभा क्षेत्र के नगरीय निकायों में पदस्‍थ अध्‍यापकों के नामों की सूची उपलब्‍ध करायें? यदि नाम नहीं हटाये गये हैं तो ऐसे अध्‍यापकों के नाम अतिशेष सूची से कब तक हटा दिया जायेंगे? (ग) युक्तियुक्तकरण के तहत अतिशेष की गणना में शाला में पदस्‍थ वरिष्‍ठ/कनिष्‍ठ में से किसे हटाने का प्रावधान है? यदि वरिष्‍ठ को हटाने का प्रावधान है तो परासिया विधान सभा क्षेत्र की प्राथमिक एवं माध्‍यमिक शालाओं में वरिष्‍ठों का ही नाम सूची में आया है? क्‍या यह नियमानुसार है? अगर हाँ, तो पदस्‍थापना दिनांक के अनुसार स्‍कूलवार वरिष्‍ठ/कनिष्‍ठ की सूची उपलब्‍ध करायें? (घ) प्राथमिक शाला युक्तियुक्‍तकरण के तहत अतिशेष की अंतिम सूची में प्रथमवार जिन अध्‍यापक/शिक्षक संवर्ग का नाम आया है? क्‍या उन्‍हें दावा आपत्ति प्रस्‍तुत करने का समय दिया गया है? यदि हाँ, तो अंतिम सूची के बाद किस दिनांक व माह में इनको दावा आपत्ति करने का समय दिया गया? अगर दावा आपत्ति का समय नहीं दिया गया है तो इन्‍हें कब तक दावा आपत्ति प्रस्‍तुत करने का समय दिया जायेगा?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जी हाँ। (ख) अध्यापक संवर्ग की पदस्थापना निकाय के बाहर युक्तियुक्‍तकरण प्रक्रिया के तहत नहीं की जाएगी। जी नहीं। वर्तमान में युक्तियुक्‍तकरण की प्रक्रिया प्रचलित है। अतः शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) स्कूल शिक्षा विभाग म.प्र. शासन के पत्र क्र. एफ-1/42/2014/20-1, भोपाल दिनांक 11.04.2017 की कंडिका 5 (द) अनुसार अतिशेष शिक्षकों की गणना संस्था में पदांकन दिनांक से वरिष्ठता के आधार पर की जावेगी अर्थात संस्था में पदस्थ दिनांक से वरिष्ठ शिक्षक को अतिशेष मानने के निर्देश हैं। जहां तक परासिया विधानसभा क्षेत्र की प्राथमिक एवं माध्यमिक शालाओं में वरिष्ठों का ही नाम सूची में आया है, दावे आपत्तियों के निराकरण उपरांत अंतिम अतिशेष सूची का प्रकाशन होना लंबित है। अतः शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (घ) स्कूल शिक्षा विभाग म.प्र. शासन के पत्र क्र. एफ-1/42/2014/20-1, भोपाल दिनांक 14.06.2017 द्वारा दिनांक 12.06.2017 को जारी परिपत्र शासकीय प्राथमिक शालाओं के युक्तियुक्‍तकरण की प्रक्रिया के तहत प्रकाशित सूची में अभ्यावेदनों के निराकरण उपरांत मृत एवं सेवानिवृत्त शिक्षकों के डाटा पूर्ण रूप से समायोजित न होने, शारीरिक रूप से दिव्यांग एवं गंभीर बीमारी से ग्रसित शिक्षकों के चिन्हांकन में सॉफ्टवेयर में तकनीकी समस्या के कारण जारी सूची को निरस्त किया जाकर नवीन सूची एवं प्रक्रिया की समय सारणी पृथक से जारी किए जाने के आदेश जारी किए गए। अतः शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। यथासमय निर्देश जारी किए जाएंगे, तद्नुसार कार्यवाही की जावेगी।

शास्‍त्री हाईस्‍कूल कोढ़ा के संबंध में प्राप्‍त शिकायत पर कार्यवाही

[स्कूल शिक्षा]

7. ( *क्र. 1495 ) श्री सूबेदार सिंह रजौधा : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शास्‍त्री हाईस्‍कूल कोढ़ा, जनपद पंचायत कैलारस के फर्जी संचालन के संबंध में विभाग को कितनी शिकायतें प्राप्‍त हुई हैं? शिकायतकर्ता का नाम एवं शिकायतों पर की गई कार्यवाहियों से अवगत करावें (ख) क्‍या उक्‍त विद्यालय की संचालन समिति के सदस्‍य/सदस्‍यों पर जिला टीकमगढ़ में वर्ष 2002-03 में छात्र-छात्राओं एवं युवा बेरोजगार से फर्जी रूप से स्‍कूल संचालित कर लाखों की ठगी करने के संबंध में पुलिस प्रकरण पंजीबद्ध किया गया था? (ग) प्रश्नांश (क) में वर्णित स्‍कूल क्‍या फर्जी तरीके से विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से संचालित है? स्‍कूल में न तो छात्र पढ़ने आते हैं और न ही स्‍कूल भवन हैं, जो पुराना कक्ष है वह भी जीर्ण-शीर्ण है, स्‍कूल की वस्‍तुस्थिति छात्र संख्‍या, शिक्षक संख्‍या एवं निरीक्षणकर्ता की निरीक्षण टीप सहित, अद्यतन जानकारी दें? (घ) क्‍या शिक्षा माफियाओं द्वारा उपरोक्‍त फर्जी संचालित स्‍कूल को शासनाधीन करने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है? यदि हाँ, तो प्रकरण किस स्थिति में है? शासनाधीन प्रक्रिया के नियम, प्रावधानों से अवगत कराया जावे। क्‍या प्रक्रिया को रोक कर स्‍कूल की जाँच कराई जाएगी?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) एक। माननीय विधायक श्री सूबेदार सिंह रजौधा ने शिकायती पत्र दिनांक 7.2.2017 द्वारा श्रीमती संतोषी धाकड़ का शिकायती पत्र संलग्न प्रस्तुत किया है। इसकी जाँच हेतु संयुक्त संचालक, लोक शिक्षण संभाग ग्वालियर को निर्देशित किया गया है। जाँच प्रक्रियाधीन है। (ख) जानकारी एकत्रित की जा रही है। (ग) जी नहीं। विद्यालय में 08 कमरे व छात्रों की संख्या 101 है। तत्समय निरीक्षणकर्ता द्वारा की गई टीप पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (घ) विद्यालय को विभागीय आदेश दिनांक 22.3.2002 द्वारा विभागीय आदेश दिनांक 21.3.2002 में निर्धारित सेवा शर्तें एवं मापदण्ड के अधीन निकायाधीन करने के निर्देश जारी किये गये हैं। विभागीय पत्र दिनांक 19.6.2017 द्वारा कलेक्टर को निकायाधीन करने हेतु निर्देशित किया गया है। प्रक्रिया व नियम संबंधी शासनादेश पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

अशासकीय विद्यालयों द्वारा शुल्‍क वसूली

[स्कूल शिक्षा]

8. ( *क्र. 1347 ) श्री जालम सिंह पटेल : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या‍ नरसिंहपुर जिले में अशासकीय विद्यालयों द्वारा विभिन्न मदों के नाम पर अत्‍यधिक शुल्क बिना पालक शिक्षक संघ की अनुमति के वसूला जा रहा है? यदि हाँ, तो इस पर क्या कार्यवाही की जा रही है? (ख) क्या‍ नरसिंहपुर जिले में अशासकीय विद्यालयों में म.प्र. सरकार द्वारा सी.बी.एस.ई. एवं म.प्र. पाठ्य पुस्तक निगम की पुस्तकें विद्यालय प्रबंधन को इस्तेमाल करने की अनुमति है? यदि हाँ, तो जो विद्यालय यह नहीं कर रहे हैं, उन पर क्या कार्यवाही की जाएगी? (ग) क्या प्रश्नकर्ता सदस्य द्वारा उक्त संदर्भ में जिला कलेक्टर को पत्र द्वारा सूचित किया गया था? यदि हाँ, तो उन पत्रों के संबंध में क्या कार्यवाही स्कूल प्रबंधकों पर की गयी?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) वर्तमान में जिले में संचालित अशासकीय विद्यालयों द्वारा अत्यधिक शुल्क वसूल किये जाने के संबंध में प्राप्त पत्रों पर कार्यवाही करते हुये जिले के समस्त अशासकीय विद्यालयों को कार्यालय जिला शिक्षा अधिकारी, जिला नरसिंहपुर के आदेश दिनांक 02.03.2017 एवं कलेक्टर, नरसिंहपुर के आदेश दिनांक 31.03.2017 द्वारा मध्यप्रदेश शासन, स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा अशासकीय विद्यालयों के फीस नियंत्रण हेतु जारी मार्गदर्शी सिद्धांत दिनांक 30.04.2015 के पालन हेतु निर्देशित किया गया है। (ख) जी हाँ। उत्‍तरांश (क) अनुसार। (ग) जी हाँ। कार्यालय जिला शिक्षा अधिकारी, जिला नरसिंहपुर द्वारा जिले के समस्त अशासकीय विद्यालयों की बैठक लेकर मध्यप्रदेश शासन, स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा अशासकीय विद्यालयों के फीस नियंत्रण हेतु जारी मार्गदर्शी सिद्धांत दिनांक 30.04.2015 का कड़ाई से पालन करने एवं पुस्तकों के संचालन हेतु निर्देशित किया गया तथा कार्यालय जिला शिक्षा अधिकारी, नरसिंहपुर के पत्र क्रमांक 2755/मान्यता/2017/नरसिंहपुर दिनांक 31.05.2017 द्वारा निर्देश जारी कर माननीय विधायक महोदय को अवगत कराया गया है।

अधिकारियों, कर्मचारियों को आवास गृह की सुविधा

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

9. ( *क्र. 116 ) श्री हितेन्द्र सिंह ध्‍यान सिंह सोलंकी : क्या लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग अंतर्गत बड़वाह विधान सभा क्षेत्र में कितने अधिकारियों, कर्मचारियों के पास आवास गृह हैं एवं कितनों के पास नहीं हैं? (ख) राज्य शासन आवासहीन कर्मचारियों के लिए आवास गृह सुविधा उपलब्ध कराने के लिए क्या प्रयास कर रहा है? (ग) कब तक आवासहीनों को आवास की सुविधा उपलब्‍ध हो जावेगी?

लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) 19 अधिकारियों, कर्मचारियों के पास आवासगृह हैं एवं 206 के पास नहीं हैं। (ख) आवास गृह हेतु भूमि की उपलब्धता एवं प्रस्ताव प्राप्त होने पर उपलब्ध वित्तीय संसाधनों की सीमा में प्राथमिकतायें निर्धारित कर आवासगृह बनाने की स्वीकृतियां प्राप्त करने हेतु प्रयास किये जायेंगे। (ग) निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

पर्यटन स्‍थलों का विकास

[पर्यटन]

10. ( *क्र. 1394 ) श्री हरदीप सिंह डंग : क्या राज्‍यमंत्री, संस्कृति महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सुवासरा विधानसभा क्षेत्र में विभाग द्वारा कितने स्थानों पर विकास के कार्य प्रगति पर हैं तथा कौन-कौन से स्थानों पर विकास कार्य एवं सुविधाएं होना प्रस्तावित हैं? (ख) गांधी सागर में जो जल महोत्सव होना प्रस्तावित है, उसमें सुवासरा विधानसभा क्षेत्र के कितने स्था‍नों को जल महोत्सव के तहत सम्मिलित (चयनित) किया गया है? (ग) सुवासरा विधानसभा क्षेत्र में पर्यटन हेतु मुवाझर, माता, सीतामऊ, कोटेश्वर महादेव, सीतामउ, गंगेश्वर महादेव सीतामऊ, एलवी महादेव कयामपुर, भड़केश्वर महादेव बसई, माकड़ी माता शामगढ़, मोड़ी माता शामगढ़, आनंद धाम घसोई, हरणेश्वर महादेव घसोई, भैंसासरी माता, आम्बा, धर्मराजेश्वर, चंदवासा, जोगणिया माता, मेरियाखेड़ी, बाबा रामदेव, कचनारा, गुफामाता, सुवासरा, गणेश मगरा सुवासरा, बौद्ध गुफाएं खेजड़‍िया भूप, भेरू बावजी घसोई, परासली धाम, सांवरिया मंदिर, रूनीजा, आदि स्थानों पर विभाग द्वारा निरीक्षण कर कब तक पर्यटन स्थल घोषित कर दिया जावेगा? (घ) बसई एवं धर्मराजेश्वर में विभाग द्वारा कौन-कौन से कार्य एवं कितनी-कितनी राशि प्रस्तावित है, कब तक कार्य प्रारंभ कर दिया जावेगा?

राज्‍यमंत्री, संस्कृति ( श्री सुरेन्द्र पटवा ) : (क) सुवासरा विधानसभा क्षेत्र में 02 स्‍थानों, धर्मराजेश्‍वर, सीतामऊ पर कार्य प्रगति पर है, इसके अतिरिक्‍त अन्‍य कोई कार्य प्रस्‍तावित नहीं है। (ख) गांधी सागर में प्रस्‍तावित महोत्‍सव बाँध के निकट प्रस्‍तावित है। (ग) विभाग द्वारा जारी नवीन पर्यटन नीति 2016 के तहत किसी भी स्‍थल को ''पर्यटन स्‍थल'' घोषित करने की कोई नीति नहीं है। (घ) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है।

परिशिष्ट - ''तीन''

जिला शिक्षा अधिकारी के विरूद्ध कार्यवाही

[स्कूल शिक्षा]

11. ( *क्र. 1458 ) श्री शंकर लाल तिवारी : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या म.प्र. पाठ्य पुस्‍तक निगम द्वारा प्रकाशित न की जाने वाली पुस्‍तकों का प्रचार्यों द्वारा क्रय किया जाकर छात्र/छात्राओं को वितरित किये जाने के निर्देश हैं? निर्देश की प्रति देवें एवं प्रक्रिया बतावें। (ख) क्‍या फरवरी 2017 में सतना जिले को प्रश्नांश (क) की पूर्ति के लिये 45 लाख रूपये का आवंटन उपलब्‍ध कराया गया था? उक्‍त आवंटन किन-किन वर्षों का था? तत्‍कालीन डी.ई.ओ. द्वारा उक्‍त राशि का उपयोग किया या नहीं? उक्‍त राशि का भुगतान किन-किन संस्‍थाओं/प्राचार्यों को कितना-कितना किया जाना था? वर्षवार, संस्‍थावार विवरण एवं संस्‍था के बिल व्‍हाउचर की प्रतियां देवें (ग) यदि उक्‍त राशि का उपयोग नहीं किया गया और राशि समर्पित नहीं की गई तो आवंटित राशि क्‍या लैप्‍स हुई? स्‍वयं को बचाने के लिये तत्‍कालीन डी.ई.ओ. एवं लिपिक द्वारा राशि लैप्‍स होने के बाद प्रचार्यों के देयकों में आपत्ति लगाकर वापस किये गये? राशि को लैप्‍स कराने वाले अधिकारी एवं लिपिक को तत्‍काल निलंबित कर कब तक जाँच करा ली जावेगी? (घ) क्‍या संस्‍थाओं से देयकों को प्राप्‍त कर नियमानुसार संधारण नहीं किया जाकर उनका परीक्षण समय-सीमा में नहीं किया गया और आवंटन प्राप्‍त होने पर आनन-फानन में कार्यवाही की गई? फर्जी बिल होने एवं देयकों का नियमानुसार प्रतिवर्ष संधारण न कर परीक्षण न करने वाले तत्‍कालीन पाठ्य पुस्‍तक प्रभारी लिपिक एवं राशि लैप्‍स कराने वाले डी.ई.ओ. को अब तक निलंबित क्‍यों नहीं किया गया है? तत्‍काल निलंबित करते हुये प्रकरण की जाँच कब तक करा ली जायेगी?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जी हाँ। निर्देश की प्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) जी हाँ। यह आवंटन वर्ष 2013-14 से 2016-17 तक की अवधि के लिये था। जी नहीं। उक्‍त राशि का भुगतान जिन संस्‍थाओं को भुगतान किये जाने हेतु मांग पत्र प्राप्‍त हुआ था, उनका संस्‍थावार, वर्षवार विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ग) आवंटित राशि समर्पित की गई है। अत: शेषांश का प्रश्‍न उपस्‍िथत नहीं होता। (घ) आवंटित राशि का उपयोग समय-सीमा में नहीं करने के लिये तत्‍कालीन जिला शिक्षा अधिकारी को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया है। अत: शेषांश का प्रश्‍न उपस्‍िथत नहीं होता।

जिला चिकित्‍सालय श्‍योपुर में सर्जरी विशेषज्ञों की पदस्‍थी

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

12. ( *क्र. 677 ) श्री दुर्गालाल विजय : क्या लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता के तारा.प्र.सं. 03 (क्रमांक 1032), दिनांक 08.03.2017 में सदन में चर्चा के दौरान जिला चिकित्‍सालय श्‍योपुर में वेन्‍टीलेटर प्रदाय होने के उपरांत दो माह में आई.सी.यू. की स्‍थापना कर दिए जाने के कथन के उपरांत भी प्रश्‍न दिनांक तक इसकी स्‍थापना नहीं हो पाने का क्‍या कारण है? कब तक स्‍थापना होगी? (ख) चिकित्‍सालय में आई.सी.यू. के संचालन हेतु शासन निर्देशानुसार क्‍या विशेषज्ञ चिकित्‍सक व प्रशिक्षित स्‍टाफ पदस्‍थ कर दिया है? यदि नहीं, तो आई.सी.यू. को कौन ऑपरेट करेगा? (ग) उक्‍त प्रश्‍न के प्रश्‍नांश (ख) के उत्‍तर में बताया था कि जनवरी 2014 से दिनांक 30.11.2016 तक चिकित्‍सालय में सभी बीमारियों के गंभीर भर्ती 12107 मरीजों में से 168 मरीज रेफर किये, 24 के ऑपरेशन (सीजेरियन ऑपरेशन को छोड़कर) किये 11936 गंभीर मरीजों को मजबूरी में ऑपरेशन हेतु अन्‍यत्र नहीं जाना पड़ा, इनका उपचार वर्तमान पदस्‍थ विशेषज्ञ एवं चिकित्‍सकों द्वारा किया गया। (घ) क्‍या वास्‍तविकता यह है कि सर्जरी विशेषज्ञ के दोनों पद रिक्‍त होने से उक्‍त अवधि में 11936 मरीजों के ऑपरेशन ही नहीं हो पाये, इन्‍हें विशेषज्ञों व आई.सी.यू. के अभाव के कारण मजबूरी में अन्‍यत्र जाना पड़ा? यदि नहीं, तो क्‍या शासन इसकी जाँच कराएगा तथा सर्जरी विशेषज्ञों के पद शीघ्र भरकर आई.सी.यू. की स्‍थापना करवाएगा।

लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) मेसर्स कोबिडियन हेल्थ केयर गोर गॉव हरियाणा के द्वारा दिनांक 28.03.2017 को आई.सी.यू. वेन्टीलेटर जिला चिकित्सालय श्‍योपुर को प्रदाय कर दिया गया है। स्थान के अभाव होने के कारण आई.सी.यू की स्थापना नहीं हो सकी थी। वर्तमान में आई.सी.यू. कक्ष का चिन्हांकन कर लिया गया है। कक्ष में वेन्टीलेटर एवं पलंग स्थापित कर आई.सी.यू. का संचालन दिनांक 11.07.2017 को प्रारंभ कर दिया गया है। (ख) जिला चिकित्सालय श्‍योपुर में आई.सी.यू. संचालन हेतु शासन द्वारा जिला चिकित्सालय में पदस्थ 03 स्‍टॉफ नर्स को प्रशिक्षित किया गया है एवं कार्यरत 01 निश्‍चेतना विशेषज्ञ, 03 पी.जी.एम.ओ. निश्‍चेतना, 01 मेडीसि‍न विशेषज्ञ, 01 पी.जी.एम.ओ. चिकित्सा विशेषज्ञ, 01 पी.जी.एम.ओ. सर्जरी के द्वारा जिला चिकित्सालय श्‍योपुर में आई.सी.यू. का संचालन किया जावेगा। (ग) हाँ यह सही है कि जनवरी 2014 से दिनांक 30.11.2016 तक की स्थिति में गंभीर भर्ती मरीजों की संख्या 12107 एवं रेफर किये मरीजों की संख्या 168 एवं ऑपरेशन किये गये मरीजों की संख्या 24 थी। शेष 11936 गंभीर मरीजों का उपचार जिला चिकित्सालय श्‍योपुर में पदस्थ विशेषज्ञ एवं चिकित्सकों के द्वारा किया गया है। लेकिन सभी बीमारियों के अधिकांश मरीजों को अन्यत्र रेफर नहीं किया जाता है। कुछ बीमारियों से संबंधित गंभीर मरीजों को जैसे हेडइन्जरी, हृदय रोग वाले मरीजों को सुपर स्पेशलिस्ट के अभाव में आगामी उपचार हेतु हायर सेन्टर के लिये रेफर किया जाता है। (घ) हाँ यह सही है कि जिला चिकित्सालय श्‍योपुर में सर्जरी विशेषज्ञ के 2 पद स्वीकृत हैं, जो रिक्त हैं। परन्तु उक्त विधा में पी.जी.एम.ओ. सर्जरी वर्तमान में कार्यरत है। पी.जी.एम.ओ. चिकित्सा एवं सी.एम.एच.ओ. के द्वारा अस्पताल में आये मरीजों का ऑपरेशन किया जाता है। जिला चिकित्सालय श्‍योपुर में आई.सी.यू. का शुभारंभ दिनांक 11.07.2017 से किया गया है। प्रदेश में विशेषज्ञों की अत्यधिक कमी है। कुल स्वीकृत 3278 पदों के विरूध्‍द मात्र 1055 विशेषज्ञ उपलब्ध हैं। अतः विशेषज्ञ के रिक्त पदों में कठिनाई हो रही है। विभाग रिक्त पद की पूर्ति हेतु निरंतर प्रयासरत् है, उपलब्धता अनुसार पदस्थापना की कार्यवाही की जा सकेगी।

शाला भवनों का निर्माण

[स्कूल शिक्षा]

13. ( *क्र. 1443 ) श्री सुदेश राय : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधान सभा क्षेत्र सीहोर अन्‍तर्गत अप्रैल 2014 में शासन द्वारा किन-किन स्‍थानों पर नवीन शाला भवनों के निर्माण कार्य स्‍वीकृत किये गये? (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में स्‍वीकृत किये गये शाला भवनों में कितने भवनों के निर्माण कार्य पूर्ण कराये जाकर शाला भवन का आधिपत्‍य शिक्षा विभाग को सौंप दिया गया है तथा कितने भवन जो अपूर्ण हैं, उनका निर्माण कार्य कब तक पूर्ण हो जावेगा? पूर्ण तथा अपूर्ण शाला भवनों की जानकारी लागत एवं स्‍थान सहित पृथक-पृथक बतावें।

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) विधान सभा क्षेत्र सीहोर अन्‍तर्गत अप्रैल 2014 में किसी भी हाई/हायर सेकेण्‍डरी के नवीन भवन की स्‍वीकृति‍ नहीं की गई है। विधान सभा क्षेत्र सीहोर अन्‍तर्गत अप्रैल 2014 में कोई भी नवीन शासकीय प्राथमिक/माध्‍यमिक शाला भवन निर्माण कार्य स्‍वीकृत नहीं किया गयाअपितु दिसम्‍बर 2014 में एक नवीन शासकीय माध्‍यमिक शाला पट का भवन निर्माण कार्य स्‍वीकृत किया गया है। (ख) नवीन शासकीय माध्‍यमिक शाला भवन पट का निर्माण कार्य प्रगतिरत होने से शिक्षा विभाग को आधिपत्‍य नहीं सौंपा गया है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। 3 माह में पूर्ण कर लिया जायेगा। पूर्ण/अपूर्ण, लागत एवं स्‍थान की जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है।

परिशिष्ट - ''चार''

एम.वाय. अस्‍पताल में मरीजों की मौतों की जाँच

[चिकित्सा शिक्षा]

14. ( *क्र. 1637 ) श्री जितू पटवारी : क्या राज्‍यमंत्री, चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) महाराजा यशवंतराव (M.Y.) अस्‍पताल इन्‍दौर में दिनांक 25.05.2017 से 25.06.2017 तक सभी क्लिनिकल विभागों में हुयी मौतों की दिनांकवार जानकारी देवें? (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में हुयी मौतों की डेथ रिव्‍यु मीटिंग (D.R.M.) के मिनिट्स ऑफ मीटिंग (M.O.M.) का सम्‍पूर्ण विवरण देवें? (ग) 22.06.201723.06.2017 को हुयी मौतों का स्‍पष्‍ट कारण बतायें? क्‍या ऑक्‍सीजन की सप्‍लाय में खराबी/कमी के कारण कोई मौत हुयी? यदि हाँ, तो कितनी मौत और यदि नहीं, तो मौतों का क्‍या कारण था? (घ) महाराजा यशवंतराव (M.Y.) अस्‍पताल में कितने इंजीनियरों के स्‍वीकृत पद हैं व कितने-कितने सेवारत हैं? उनका नाम, पदनाम, क्‍या जिम्‍मेदारी संभाल रहे हैं, की जानकारी तथा 22.06.201723.06.2017 को उनकी अस्‍पताल में उपस्थिति व अनुपस्थिति की जानकारी देवें? (ड.) प्रश्‍नांश (ग) के संदर्भ में हुयी मौतों को लेकर क्‍या किसी डॉक्‍टर को निलंबित किया गया है? यदि हाँ, तो किस अधिकारी द्वारा व किस जाँच के आधार पर ऐसा किया गया? आदेश व नोटशीट की छायाप्रति उपलब्‍ध करायें?

राज्‍यमंत्री, चिकित्सा शिक्षा ( एडवोकेट शरद जैन ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-एक अनुसार है। (ख) एम.वाय. चिकित्सालय, इन्दौर के शिशुरोग विभाग के डेथ रिव्यु मीटिंग के निष्कर्षों के अनुसार मौतों के विवरण की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-दो अनुसार है। मेडीसिन विभाग, प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग तथा सर्जरी विभाग की डेथ रिव्यु मीटिंग नहीं हुई है। अतः शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) प्रश्नांश में उल्लेखित अवधि में हुई मौतों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-तीन अनुसार है। कोई भी मौत ऑक्सीजन की सप्लाय/कमी के कारण नहीं हुई है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) एम.वाय. चिकित्सालय, इन्दौर में इंजीनियर्स के पद स्वीकृत नहीं हैं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ड.) जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

शिक्षकों की मूल संस्‍था में पदस्‍थी

[स्कूल शिक्षा]

15. ( *क्र. 1010 ) कुँवर हजारीलाल दांगी : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या स्‍कूल शिक्षा विभाग मध्‍यप्रदेश शासन द्वारा हाल ही में शिक्षकों को गैर शिक्षकीय कार्य में संलग्‍न शिक्षकों को तत्‍काल उनकी मूल संस्‍था में वापिस किये जाने हेतु निर्देश जारी किये गये थे? यदि हाँ, तो उक्‍त निर्देशों के पालन में राजगढ़ जिले के अंतर्गत किन-किन शिक्षकों को उनकी मूल संस्‍था में वापिस किया गया तथा किन-किन शिक्षकों को मूल संस्‍था में किन कारणों से वापस पदस्‍थ नहीं किया गया? (ख) क्‍या श्रीमती अनिसा बेगम उच्‍च श्रेणी शिक्षक शासन नियमों के प्रतिकूल वर्तमान में प्रबंधक आजीविका मिशन (N.R.L.M.) में प्रतिनियुक्ति पर पदस्‍थ हैं? यदि हाँ, तो कब तक इनको मूल संस्‍था में वापिस किया जायेगा?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जी हाँ। वर्तमान में निर्देशों के पालन में राजगढ़ जिले के समस्त शिक्षक अपनी मूल संस्था में ही कार्यरत हैं। मात्र 01 उच्च श्रेणी शिक्षिका श्रीमती अनिसा बेगम की सेवायें म.प्र. शासन पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के आदेश दिनांक 20.01.2017 द्वारा मूल विभाग स्कूल शिक्षा विभाग को वापस की गईं थीं। उक्त वापिस आदेश के विरूद्ध माननीय उच्च न्यायालय खण्‍डपीठ इंदौर में दायर याचिका डब्ल्यू.पी. क्र. 3087/2017 में पारित निर्णय दिनांक 16.05.2017 में स्थगन होने के फलस्वरूप मूल संस्था में पदस्थ नहीं किया जा सका। (ख) माननीय उच्च न्यायालय खण्‍डपीठ इंदौर में दायर याचिका डब्ल्यू.पी. क्र. 3087/2017 में पारित निर्णय दिनांक 16.05.2017 में स्थगन होने के आधार पर प्रतिनियुक्ति पर पदस्थ हैं। प्रकरण माननीय न्यायालय में विचाराधीन होने के कारण न्यायालय निर्णय के अनुसार कार्यवाही की जा सकेगी।

सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र सेमरिया में चिकित्‍सकों की पदस्‍थापना

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

16. ( *क्र. 1314 ) श्रीमती नीलम अभय मिश्रा : क्या लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या उप स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र सेमरिया में 30 बिस्‍तरों का अस्‍पताल है एवं वर्तमान में केवल एक चिकित्‍सक पदस्‍थ है? (ख) क्‍या सेमरिया एवं आसपास के 20 कि.मी. की परिधि में कोई दूसरा अस्‍पताल नहीं है? (ग) क्‍या शासन के मापदण्‍डों के अनुसार उप स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र में एक महिला चिकित्‍सक सहित कुल 04 चिकित्‍सकों की पदस्‍थापना होनी चाहिए? (घ) यदि हाँ, तो तो उक्‍त उप स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र में चिकित्‍सकों की पदस्‍थापना कब तक कर ली जावेगी?

लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) सेमरिया उप स्वास्थ्य केन्द्र के रूप में संचालित नहीं है, सेमरिया 30 बिस्तरीय सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र है, 01 चिकित्सक, 01 आयुष चिकित्सक की पदस्थापना है, परंतु पदस्थ नियमित चिकित्सक का चयन पी. जी. अध्ययन हेतु होने के कारण वर्तमान एक चिकित्सक की ड्यूटी स्थानीय व्यवस्था अंतर्गत लगाई गई है। (ख) जी नहीं, 20 कि. मी. की परिधि में प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र रंगौली, बीड़ा, चचाई संचालित हैं। (ग) मापदण्ड अनुसार सेमरिया में 03 विशेषज्ञों (मेडिसिन, सर्जरी, स्त्रीरोग) तथा 02 चिकित्सा अधिकारियों के पद स्वीकृत हैं। (घ) प्रदेश में विशेषज्ञों की अत्यधिक कमी है कुल स्वीकृत 3278 पदों के विरूद्ध मात्र 1055 विशेषज्ञ उपलब्ध हैं, चिकित्सा अधिकारी के रिक्त पद की पूर्ति हेतु लोक सेवा आयोग से चयनित चिकित्सकों की काउंसलिंग प्रक्रिया प्रचलन में है, चिकित्‍सा अधिकारी के 01 पद हेतु रिक्ति प्रदर्शित की गई है। स्थानीय स्तर पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा आदेश क्रमांक 451/स्था./दिनांक 30.06.2017 अनुसार ड्यूटी लगाई गई है, आदेश की प्रति संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। रिक्त पदों की पूर्ति की प्रक्रिया निरंतर जारी है, निश्चित समयावधि बताई जाना संभव नहीं है।

परिशिष्ट - ''पाँच''

स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्रों में चिकित्‍सकों की पूर्ति

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

17. ( *क्र. 919 ) श्रीमती चन्‍दा सुरेन्‍द्र सिंह गौर : क्या लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या खरगापुर विधान सभा क्षेत्र के सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र बल्‍देवगढ़ एवं खरगापुर में शासन से स्‍वीकृत पदों के अनुसार डॉक्‍टर नहीं हैं और एक डॉक्‍टर खरगापुर अस्‍पताल में होने से तथा महिला डॉक्‍टर नहीं होने के कारण आम जनता को स्‍वास्‍थ्‍य लाभ सही रूप से नहीं मिल पा रहा है? इस संबंध में प्रश्‍नकर्ता द्वारा भी कई पत्र विभाग को लिखे गये, परन्‍तु आज तक महिला चिकित्‍सक खरगापुर अस्‍पताल में तैनात नहीं की गयी, इसका क्‍या कारण है? (ख) खरगापुर अस्‍पताल में महिला डॉक्‍टर की तैनाती कब तक कर दी जावेगी? यदि नहीं, तो क्‍यों?

लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) जी हाँ, खरगापुर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र खरगापुर में विशेषज्ञों के 03 पद स्वीकृत एवं रिक्त हैं, चिकित्‍सा अधिकारी के 02 पद स्वीकृत एवं 01 चिकित्सक कार्यरत है। सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र बल्देवगढ़ में विशेषज्ञों के 03 तथा चिकित्‍सा धिकारी के 02 पद स्वीकृत 02 चिकित्सक कार्यरत हैं एवं पदस्थ एक चिकित्सक पी.जी. अध्ययनरत् है। सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र खरगापुर में महिला चिकित्सक की पदस्थापना के संदर्भ में अवगत होवें कि स्त्रीरोग विशेषज्ञ का एक पद स्वीकृत एवं रिक्त है, प्रदेश में विशेषज्ञों की अत्यधिक कमी है कुल स्वीकृत 3278 पदों के विरूद्ध मात्र 1055 विशेषज्ञ उपलब्ध हैं। अतः सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र स्तर की संस्थाओं में विशेषज्ञों के रिक्त पद की पूर्ति में कठिनाई हो रही है। खरगापुर नान सीमांक संस्था है एवं वर्तमान में विभाग को सीमांक संस्थाओं में ही स्त्रीरोग विशेषज्ञ की उपलब्धता सुनिश्चित कर पाने में कठिनाई हो रही है। रिक्त पद की पूर्ति हेतु निरंतर प्रयास जारी है। (ख) विभाग प्रदेश में रिक्त पदों की पूर्ति हेतु निरंतर प्रयास कर रहा है, परंतु लोक सेवा आयोग के माध्यम से विभागीय मांग 1896 के विरूद्ध मात्र 726 चिकित्सकों की सूची प्राप्त हुई है, इनमें भी स्त्रीरोग योग्यता के चिकित्सकों की कमी है। रिक्त पद की पूर्ति हेतु निरंतर प्रयास जारी है, पदपूर्ति हेतु निश्चित समयावधि बताई जाना संभव नहीं है।

विधान सभा क्षेत्र केवलारी अंतर्गत बंद की जा रही प्राथमिक शालाएं

[स्कूल शिक्षा]

18. ( *क्र. 1497 ) श्री रजनीश सिंह : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला सिवनी अंतर्गत विधान सभा क्षेत्र केवलारी में वर्तमान सत्र में कितनी प्राथमिक शालायें बंद की जा रही हैं? (ख) प्राथमिक शालाओं के बंद किये जाने के कारण स्‍पष्‍ट करें। जिन ग्रामों में प्राथमिक शालाएं बंद की जा रही हैं, उन ग्रामों के छात्र-छात्राओं के अध्‍ययन की क्‍या व्‍यवस्‍थाएं विभाग द्वारा की गईं हैं? (ग) बंद की गई प्राथमिक शालाओं के भवनों, फर्नीचर आदि का उपयोग कैसे किया जावेगा?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जिला सिवनी अंतर्गत विधानसभा क्षेत्र केवलारी में वतर्मान सत्र में कोई भी प्राथमिक शाला बंद नहीं की जा रही है। (ख) एवं (ग) उत्‍तरांश (क) के प्रकाश में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

कस्‍तूरबा गांधी बालिका छात्रावासों की जांच

[स्कूल शिक्षा]

19. ( *क्र. 58 ) कुँवर विक्रम सिंह : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या कस्‍तूरबा गांधी बालिका छात्रावासों में प्रतिनियुक्ति हेतु विज्ञापन जारी किये गये? यदि नहीं, तो क्‍यों? (ख) क्‍या छतरपुर जिले के ईशानगर कस्‍तूरबा गांधी छात्रावास के अध्‍यक्ष द्वारा शिकायत की गई कि मेरे फर्जी हस्‍ताक्षर से अधिकारियों की सहमति से बैंक से राशि आहरित की गई, जिसका शपथ पत्र बैंक में दिया गया था? (ग) वर्ष 2012 से 2017 तक शासन का जो व्‍यय दर्शाया गया, उसका भण्‍डार क्रय नियमों के अनुसार किन-किन अधिकारियों ने परीक्षण किया? उनके पद सहित नाम बतायें। (घ) क्‍या कोषालय अधिकारी छतरपुर की टीम गठित कर शासन की राशि का जो व्‍यय किया गया, उसकी जाँच नियमानुसार कर प्रश्‍नकर्ता को अवगत कराया जावेगा?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जी नहीं। चयनित विद्यालय की महिला शिक्षिका (सहायक शिक्षक, सहायक अध्यापक, उच्च श्रेणी शिक्षक, अध्यापक) द्वारा कार्य करने की सहमति देने पर वार्डन का अतिरिक्त प्रभार दिया जाता है। चयनित विद्यालय में महिला शिक्षिका की अनुपलब्धता अथवा उपलब्ध शिक्षिकाओं की कार्य से असहमति की स्थिति में विज्ञापन के माध्यम से महिला शिक्षिकाओं से आवेदन आमंत्रित कर चयन किया जाता है। (ख) जी हाँ, परन्‍तु पुन: दिनांक 13.02.2017 को शपथ पत्र दिया जिसमें हस्‍ताक्षर को सही बताया। (ग) कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय ईसानगर में किए गए व्यय का परीक्षण मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सह जिला परियोजना संचालक जिला शिक्षा केन्द्र छतरपुर के आदेश क्र./5321/स.शि.अ./बा.शि./2012 छतरपुर दिनांक 27.03.2012 के अनुक्रम में सुश्री सुरभि तिवारी अनुविभागीय दण्डाधिकारी, एस.के. शर्मा, जिला परियोजना समन्वयक, इनायत खान, सहायक जिला परियोजना समन्वयक जेण्डर, एस.पी. वाजपेयी विकासखण्‍ड स्त्रोत केन्द्र समन्वयक, सुधा पटेल विकासखण्‍ड जेण्डर समन्वयक, संजय सिंह विकासखण्‍ड अकादमिक समन्वयक के द्वारा किया गया है। (घ) समस्त व्यय एवं सामग्री का सत्यापन समितियों द्वारा किया गया है, अतः शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

दोषियों के विरूद्ध कार्यवाही

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

20. ( *क्र. 883 ) श्री अरूण भीमावद : क्या लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या तारांकित प्रश्‍न क्रमांक 2797, दिनांक 01.03.2017 के भाग (क) से (घ) के तारतम्‍य में जिला चिकित्‍सालय शाजापुर में जिला कलेक्‍टर शाजापुर द्वारा जाँच समिति गठित कर दवाएं एवं सर्जिकल उपकरणों का क्रय करने पर जाँच की गई? (ख) क्‍या जाँच समिति ने जाँच प्रतिवेदन क्र./जिकोशा/जांच/189 शाजापुर दिनांक 21/2/2017 को जिला कलेक्‍टर शाजापुर के कुल 73 पृष्‍ठों का प्रतिवेदन प्रस्‍तुत कर कार्यवाही करने की अनुशंसा की? (ग) जाँच समिति के प्रतिवेदन पश्‍चात् जिला कलेक्‍टर शाजापुर के पत्र क्र./स्‍था.4-1/2017/77 शाजापुर दिनांक 22.2.2017 को आयुक्‍त स्‍वास्‍थ्‍य संचालनालय भोपाल को दोषी अधिकारी/कर्मचारियों के विरूद्ध अनुशासनात्‍मक कार्यवाही प्रस्‍तावित की गई? (घ) प्रश्‍नांक (ख) एवं (ग) के परिपालन में दोषी अधिकारियों/कर्मचारियों के विरूद्ध अभी तक कार्यवाही क्‍यों नहीं की गई? दोषियों को वर्तमान संस्‍था में अभी तक क्‍यों पदस्‍थ रखा गया है?

लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) से (ग) जी हाँ। (घ) कलेक्टर, शाजापुर द्वारा प्रेषित जाँच प्रतिवेदन पर संचालनालय द्वारा सूक्ष्म परीक्षण किये जाने के पश्‍चात् डॉ. श्रीमति अनुसूया गवली, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को दोषी पाते हुए आरोप पत्र जारी किये गये एवं आदेश दिनांक 03.07.2017 द्वारा उनका स्थानांतरण किया गया। आदेश की प्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। श्री कैलाश बाबू वर्मा ड्रेसर (प्रभारी स्टोर कीपर) को निलम्बित किया गया है। श्री एस.पी. जोशी, लेखापाल एवं श्री अनिल शर्मा, कैशियर सह स्टेशनरी क्रय प्रभारी को आरोप पत्रादि जारी किये गये। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है।

संविदा बहुउद्देशीय (पुरूष)कार्यकर्ताओं को वेतन का भुगतान

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

21. ( *क्र. 1238 ) श्री बाबूलाल गौर : क्या लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में किन-किन जिलों में कितने-कितने संविदा बहुउद्देशीय कार्यकर्ता (पुरूष) कार्यरत हैं? जिलेवार संख्‍या बताई जाए। (ख) क्‍या प्रश्नांश (क) में उल्‍लेखित संविदा बहुउद्देशीय कार्यकर्ता (पुरूष) को माह अक्‍टूबर 2016 से प्रश्‍न दिनांक तक वेतन का भुगतान नहीं किया गया है? यदि हाँ, तो इनको कब तक वेतन का भुगतान कर दिया जाएगा? (ग) क्‍या विभाग द्वारा प्रश्नांश (क) में उल्‍लेखित कार्यकर्ताओं को सेवा से पृथक किया जा रहा है?

लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) प्रदेश के 28 जिलों में 689 संविदा बहुउद्देशीय कार्यकर्ता (पुरूष) कार्यरत् थे, जिनकी जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) राष्ट्रीय वैक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम अंतर्गत संविदा बहुउद्देशीय कार्यकर्ता (पुरूष) की स्वीकृति मंत्री परिषद द्वारा माह सितम्बर 2016 तक ही प्रदान की गई थी, इस अवधि तक का वेतन भुगतान किया जा चुका है। अक्टूबर 2016 से जून 2017 तक इनके वेतन भुगतान का अनुमोदन विचाराधीन है। (ग) जी हाँ, दिनांक 31.05.2017 को सभी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों को निर्देश जारी कर सूचित किया गया कि समस्त संविदा बहुउद्देशीय कार्यकर्ता (पुरूष) को एक माह की पूर्व सूचना देकर दिनांक 30 जून, 2017 से इनका अनुबंध समाप्त किया जाना सुनिश्चित करें। निर्देशानुसार समस्त मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों द्वारा नियमानुसार प्रक्रिया का पालन कर दिनांक 30.06.2017 से 689 संविदा बहुउद्देशीय कार्यकर्ता (पुरूष) की सेवा अवधि समाप्त कर दी गई है।

परिशिष्ट - ''छ:''

शासकीय हाईस्कूल धरवारा का उन्नयन

[स्कूल शिक्षा]

22. ( *क्र. 748 ) श्री मोती कश्यप : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या दिनांक 22.8.2016 को मा. विभागीय मंत्रीजी ने वि.खं. ढीमरखेड़ा के ग्राम व ग्राम पंचायत धरवारा के अपने प्रवास पर सार्वजनिक रूप से शासकीय हाईस्कूल धरवारा को हायर सेकेण्डरी स्कूल में उन्नयन करने की घोषणा की है? (ख) क्या शासकीय हाईस्कूल धरवारा में कक्षा 10 वीं की छात्र संख्या 122 है और कक्षा 9 वीं की छात्र संख्या 147 है? (ग) क्या दिनांक 15.6.2017 से शैक्षणिक सत्र प्रारंभ हो जाने और प्रश्नांश (क) विद्यालय के उन्नयन न होने के कारण छात्र-छात्राओं का भटकाव बढ़ गया है? (घ) प्रश्नांश (क) (ख) (ग) का उन्नयन कब तक कर दिया जावेगा और छात्रों को प्रवेश का लाभ प्रदान कर दिया जावेगा?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जी हाँ। (ख) वर्तमान शैक्षणिक सत्र 2017-18 में शासकीय हाईस्कूल धरवारा की कक्षा 9 वीं की 65 तथा कक्षा 10 वीं की 116 छात्र संख्या दर्ज है। (ग) जी नहीं। शासकीय हाईस्कूल धरवारा से लगभग 4 कि.मी. की दूरी पर शा.उ.मा.वि. बंधी स्टेशन विकास खण्‍ड बहोरीबंद संचालित होने से भटकाव की कोई स्थिति नहीं है। (घ) प्रदेश में उन्नयन की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। शाला का उन्नयन बजट प्रावधान पर निर्भर करेगा। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं।

पोहरी विधानसभा क्षेत्र के स्वास्थ्य केन्द्रों में पद पूर्ति

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

23. ( *क्र. 1547 ) श्री प्रहलाद भारती : क्या लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शिवपुरी जिले के पोहरी विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत संचालित सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, उप स्वास्थ्य केन्द्र एवं प्रसव केन्द्रों में कौन-कौन से पद स्वीकृत हैं व उनमें से कौन-कौन से पद वर्तमान में रिक्त हैं? पदवार जानकारी उपलब्ध करावें। रिक्त पदों की पूर्ति हेतु क्या कार्यवाही की जा रही है? (ख) पोहरी विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत छर्च में प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र कब स्वीकृत हुआ? क्या प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र के नवीन भवन का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है? यदि हाँ, तो विभाग द्वारा कब तक नवीन भवन के अधिग्रहण की कार्यवाही पूर्ण कर स्वास्थ्य सेवाएं प्रारंभ कर दी जावेंगी? (ग) पोहरी विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत कितने व कौन-कौन से नवीन उप स्वास्थ्य केन्द्र स्वीकृत हुए हैं? क्‍या इन संस्थाओं पर स्वास्थ्य सेवाएं प्रारंभ कर दी गई हैं? यदि नहीं, तो सेवाएं कब से प्रारंभ कर दी जावेंगी? क्या उक्त स्वीकृत उप स्वास्थ्य केन्द्रों हेतु नवीन भवन स्वीकृत किए जा चुके हैं? यदि नहीं, तो कारण स्पष्ट करें एवं नवीन भवन कब तक स्वीकृत किए जाकर निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया जावेगा?

लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। विभाग के अधीन सीधी भर्ती के रिक्त पदों की पूर्ति‍ क्रमशः लोक सेवा आयोग एवं प्रोफेशनल एग्जामिनेशन बोर्ड के माध्यम से निरंतर जारी है। (ख) पोहरी विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत छर्च में लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के आदेश एफ 12-28/सत्रह/मेडि-तीन दिनांक 18.07.2014 द्वारा उप स्वास्थ्य से प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में उन्न्यन किया गया है। जी हाँ, अतिशीघ्र। (ग) पोहरी विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत 08 नवीन उप स्वास्थ्य केन्द्र क्रमशः सालोदा, बरोद, बेरजा, टौरिया, भौराना, भिलोड़ी, दौरानी तथा डांगबर्वे स्वीकृत हुए हैं। जी हाँ, उपलब्ध संसाधनों द्वारा संस्थाओं में स्वास्थ्य सेवायें दी जा रही हैं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। जी नहीं। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के पत्र क्रमांक 6/भवन/एन.एच.एम./2016-17/14199, दिनांक 03.07.2017 द्वारा उक्त नवीन उप स्वास्थ्य केन्द्रों को किराए के भवन लिये जाकर संचालित किये जाने के निर्देश प्रदान किये गये हैं। नवीन भवन के संबंध में कोई स्वीकृति जारी न होने से इन उप स्वास्थ्य केन्द्रों के भवन के निर्माण कार्य प्रारंभ किये जाने की समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

जिला चिकित्‍सालय में मरीजों का ब्‍लड परीक्षण

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

24. ( *क्र. 1363 ) श्री महेन्‍द्र सिंह : क्या लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2015 से प्रश्‍न दिनांक तक पन्‍ना जिला चिकित्‍सालय में मलेरिया एवं फाइलेरिया के परीक्षण के लिए कितने मरीजों के सैम्‍पल लिए गए? किस-किस पद्धति से उनका परीक्षण किया गया? उनमें से कितने पॉजिटिव एवं कितने निगेटिव पाये गये? मरीजवार, मलेरिया एवं फाइलेरिया बीमारीवार अलग अलग बतावें। कितने सेम्‍पल चिकिनगुनिया एवं डेंगू के पॉजिटिव पाये गये? (ख) फाइलेरिया एवं मलेरिया की जाँच एवं उपचार हेतु जिला चिकित्‍साल पन्‍ना अंतर्गत कितने कर्मचारी एवं अधिकारी तैनात हैं? जिला चिकित्‍सालय में जाँच कराने पर जिस मरीज का सेम्‍पल निगेटिव आता है, उसी पद्धति से उसी समय उसी मरीज की जाँच प्राइवेट में कराने पर पॉजिटिव आने का क्‍या कारण है? (ग) पन्‍ना जिला चिकित्‍सालय में अधिकतम डाक्‍टरों का अपने कक्ष में न बैठने का क्‍या कारण है? क्‍या सी.सी.टी.व्‍ही. कैमरों के फुटेज के माध्‍यम से इन डॉक्‍टरों के आने जाने एवं मरीजों के देखने के वास्‍ते कक्ष में बैठने की जाँच कराई जाकर दोषियों के विरूद्ध कार्यवाही की जावेगी? यदि हाँ, तो कब तक? (घ) क्‍या प्राइवेट प्रैक्टिस करने के कारण कुछ डॉक्‍टर चिकित्‍सालय में मरीज नहीं देखते हैं?

लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) वर्ष 2015 से प्रश्न दिनांक तक पन्ना जिला चिकित्सालय में मलेरिया के परीक्षण के लिये 12392 सैम्पल लिये गये एवं फाइलेरिया के परीक्षण के लिये 1403 मरीजों के सैम्पल लिये गये। मलेरिया के 11640 मरीजों की जाँच रक्त पट्टी द्वारा माइक्रोस्कोपी से की गई। 752 मरीजों की जाँच रेपिड डायग्नोस्टिक टेस्ट किट (मलेरिया बायवेलेंट) द्वारा की गई, फाइलेरिया के 1403 मरीजों की जाँच रक्त पट्टी द्वारा माइक्रोस्कोपी से की गई। मलेरिया की 11640 रक्त पट्टियों के परीक्षण में 219 मलेरिया पॉजीटिव एवं 11421 मलेरिया नेगेटिव पाई गई। 752 रेपिड डायग्नोस्टिक टेस्ट किट से जाँच में 73 मरीज मलेरिया पॉजीटिव पाये गये। 1403 मरीजों के रक्त की जाँच फाइलेरिया परजीवी के लिये करने पर 05 मरीज फाइलेरिया पॉजीटिव पाये गये। जिले से डेंगू के 130 एवं चिकनगुनिया के 33 सैम्पल लिये गये, इनमें से कोई भी सैम्पल डेंगू, चिकनगुनिया पॉजीटिव नहीं पाया गया। (ख) फाइलेरिया एवं मलेरिया की जाँच एवं उपचार हेतु जिला चिकित्सालय पन्ना अंतर्गत 23 चिकित्सा अधिकारी एवं 07 लैब टेक्नीशियन तैनात हैं। पन्ना जिला चिकित्सालय में इस प्रकार का कोई प्रकरण प्रश्न दिनांक तक संज्ञान में नहीं आया और न ही किसी के द्वारा शिकायत प्राप्त हुई है। (ग) पन्ना जिला चिकित्सालय में डॉक्टर अपने कक्ष में बैठकर मरीज देखते हैं। कुछ विशेषज्ञ, चिकित्सक वार्ड से सीरियस मरीज का कॉल आने पर अपने कक्ष से वार्ड जाते हैं एवं पूर्व से भर्ती मरीजों का राउन्ड लेते हैं। सी.सी.टी.वी. कैमरे जिला चिकित्सालय के मुख्य द्वार ओ.पी.डी. हॉल में एवं मरीजों के वेटिंग ऐरिया में लगे हुये हैं, जिनसे आने जाने की जानकारी मिलती है, जिस कक्ष में डॉक्टर बैठते हैं, उस कक्ष में सी.सी.टी.वी. कैमरे का कवरेज नहीं है। सिविल सर्जन को समय-समय पर निर्देशित किया जाता है कि ओ.पी.डी. के समय समस्त चिकित्सक एवं विशेषज्ञ निर्धारित कक्ष में निर्धारित समय तक बैठें। निर्देशों का पालन न करने वालों के विरूद्ध कार्यवाही की जाती है। (घ) शासकीय ड्यूटी के समय उपस्थित डॉक्टर चिकित्सालय में मरीज देखते हैं।

ओरछा व गढ़कुण्‍डार में किये गये कार्य

[पर्यटन]

25. ( *क्र. 951 ) श्री अनिल जैन : क्या राज्‍यमंत्री, संस्कृति महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या विधान सभा क्षेत्र निवाड़ी के ओरछा व गढ़ कुण्‍डार पर्यटन स्‍थलों पर 01.04.2014 से अब तक विभाग के द्वारा क्‍या कोई निर्माण, मरम्‍मत अथवा स्‍मारक संरक्षण के अन्‍य कार्य कराये गये हैं? यदि हाँ, तो पर्यटन स्‍थलवार, स्‍मारकवार कार्यों के नाम तथा उनके अनुमानित लागत व्‍यय की जानकारी दी जावे। (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार कार्यों पर प्रश्‍न दिनांक तक कितनी राशि व्‍यय की गई? कितने कार्य पूर्ण हैं तथा कितने अपूर्ण हैं? पूर्ण कार्यों में से कितने कार्यों का मूल्‍यांकन एवं भौतिक सत्‍यापन कब और किसके द्वारा किया गया है? साथ ही कार्य एजेन्‍सी का नाम बतायें। (ग) अपूर्ण कार्यों को कब तक पूर्ण किया जा सकेगा?

राज्‍यमंत्री, संस्कृति ( श्री सुरेन्द्र पटवा ) : (क) जी हाँ। जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' एवं '''' अनुसार है। (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार कार्यों पर दिनांक 01.04.2014 से प्रश्‍न दिनांक तक राशि रू. 3,04,62,790/- व्‍यय की गई। 10 कार्य पूर्ण हैं तथा 03 अपूर्ण हैं। सभी पूर्ण कार्यों का मूल्‍यांकन एवं भौतिक सत्‍यापन समय-समय पर संचालनालय पुरातत्‍व के उप संचालक, उत्‍तरी क्षेत्र, ग्‍वालियर, उप संचालक तकनीकी, मुख्‍यालय एवं सहायक यंत्री द्वारा किया गया है। जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र () अनुसार है। (ग) अपूर्ण कार्य शीघ्र पूर्ण किया जावेगा। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

परिशिष्ट - ''सात''

 

 

 

 






भाग-2

नियम 46 (2) के अंतर्गत अतारांकित प्रश्नोत्तर के रुप में

परिवर्तित तारांकित प्रश्नोत्तर


आदिवासी बाहुल्य जिलों में चिकित्सकों की उपलब्धता

[चिकित्सा शिक्षा]

1. ( क्र. 109 ) श्री कालुसिंह ठाकुर : क्या राज्‍यमंत्री, चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रदेश में चिकित्सकों का पंजीकरण किया जाता है? (ख) यदि हाँ, तो प्रदेश के आदिवासी बाहुल्य जिलों में जिलेवार कितने शासकीय एलोपेथिक चिकित्‍सक पंजीकृत है? (ग) प्रदेश के आदिवासी जिलों से प्रति हजार जनसंख्या पर कितने शासकीय चिकित्‍सक उपलब्‍ध है? (घ) वर्तमान में प्रदेश सरकार द्वारा आदिवासी बाहुल्य जिलों में चिकित्सकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु क्या प्रयास किये जा रहै हैं?

राज्‍यमंत्री, चिकित्सा शिक्षा ( एडवोकेट शरद जैन ) : (क) जी हाँ। (ख) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

साईकिल खरीदी में अनियमितता

[स्कूल शिक्षा]

2. ( क्र. 121 ) श्री महेन्द्र सिंह कालूखेड़ा : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अशोक नगर जिले के स्कूलों में बालक व बालिकाओं को शैक्षणिक सत्र 2015-162016-17 में किस-किस वर्ग के बालक बालिकाओं को कितनी-कितनी साईकिल का वितरण किया जाना था व कितनी-कितनी वितरण की गई वंचित छात्र-छात्राओं के कब तक वितरित की जायेगी? (ख) क्‍या 2015 में छात्र-छात्राओं को स्‍थानीय स्‍तर पर साईकिल 2400 रूपये प्रति साईकिल की दर से खरीदी गई तो फिर वर्ष 2016 में म.प्र. लघु उद्योग निगम से 3192 रूपये प्रति साईकिल पर 792 रूपये प्रति साईकिल से सप्‍लायर को बेजा लाभ क्‍यों दिया गया? (ग) प्रश्‍नांश (क) से संबंधित यदि प्रति साईकिल 792 रूपये अधिक लेकर 4 लाख साईकिल क्रय की गई तो क्‍या 316800000 रूपये (इकतीस करोड़ अडसठ लाख) अधिक व्‍यय क्‍यों किये गये?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट पर है। (ख) एवं (ग) वर्ष 2015-16 में साईकिल हेतु राशि 2400/- रूपये प्रति छात्र के मान से राशि छात्र/छात्राओं के बैंक खाते में जमा कराई जाती थी। वर्ष 2016-17 में नियमानुसार प्रक्रिया के माध्‍यम से प्रति साईकिल रूपयें 3192 राशि निर्धारित हुई है, जिसमें सभी कर सम्मिलित है। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''एक''

मेडिकल ऑफिसर के विरूद्ध प्राप्‍त शिकायतों पर कार्यवाही

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

3. ( क्र. 122 ) श्री महेन्द्र सिंह कालूखेड़ा : क्या लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विगत 4 वर्षां में सिविल हॉस्पिटल गरोठ जिला मंदसौर के मेडिकल ऑफिसर की अनियमितताओं एवं भ्रष्टाचार, साथ ही नियम विपरीत नियुक्ति देने के संबंध में कितनी-कितनी शिकायतें कब-कब व किस-किस के द्वारा किस-किस स्तर पर प्राप्त हुई? उन पर प्रश्न दिनांक तक क्या-क्या कार्यवाही की गई? बिन्दुवार विस्तृत विवरण दें। (ख) रोगी कल्याण समिति गरोठ को विगत पाँच वर्षों में कितनी-कितनी राशि प्राप्त हुई व कितनी-कितनी किस-किस कार्य पर व्यय की गई साथ ही रोगी कल्याण समिति की बैठकें कब-कब की गई व उसमें क्या-क्या निर्णय लिये गये? कौन-कौन उपस्थित थे? प्रति उपलब्ध कराते हुए विस्तृत विवरण दें। क्या समस्त व्यय शासन के नियमानुसार किया गया? (ग) क्या राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की अनुबंध की शर्तों में व म.प्र. शासन के नियमानुसार 1 जनवरी 2005 के पश्चात दो से अधिक सन्तान होने पर नियुक्ति नहीं दी जा सकती है तो सिविल अस्पताल गरोठ में कार्यरत श्रीमती अंजनी धुर्वे, निवासी सराई, जिला छिदंवाड़ा को किस आधार पर नियुक्त किया गया? विवरण दें।

लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) प्रश्नांश की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'''' अनुसार है। (ख) रोगी कल्याण समिति गरोठ को विगत पाँच वर्षों में प्राप्त राशि एवं उस राशि का किया गया व्यय संबंधी जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'''' अनुसार है तथा आयोजित बैठक एवं बैठक में लिये गये निर्णय संबंधी जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'''' अनुसार है। पाँच वर्ष में किये गये व्यय का ऑडिट श्री विरेन्द्र कुमार जैन एण्ड कंपनी द्वारा किया गया जिसमें किया गया व्यय नियमानुसार सही पाया। (ग) राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन की अनुबंध की शर्तों व मध्यप्रदेश शासन द्वारा जारी नियमानुसार 01 जनवरी 2005 के पश्चात दो से अधिक संतान होने पर नियुक्ति नहीं दी जा सकती है के अनुक्रम में सिविल अस्पताल गरोठ में कार्यरत श्रीमती अंजनी धुर्वे निवासी सराई जिला छिन्दवाड़ा के विरूद्ध शिकायतकर्ता श्री मुकेश पाटीदार निवासी गरोठ के द्वारा शिकायती पत्र कलेक्टर, मंदसौर को प्रेषित की जाने पर अपर कलेक्टर, जिला मंदसौर के पत्र क्रमांक 472/ दिनांक 19.09.2016 के द्वारा उक्त शिकायत जाँच हेतु मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जिला मंदसौर को प्राप्त हुई जिसकी जाँच उनके द्वारा ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, मेलखेड़ा से पत्र क्रमांक.6713 दिनांक 26.09.2016 द्वारा जारी करते हुये कराई गई जिसमें जांचकर्ता अधिकारी द्वारा प्रस्तुत जाँच प्रतिवेदन एवं श्रीमती अंजनी धुर्वे, महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता द्वारा समग्र आ.ई.डी./नॉन ज्यूडिशल स्टाम्प पर शपथ पत्र प्रस्तुत किया जिसमें उनके दो जीवित बच्चे क्रमशः भूमिका धुर्वे आयु 10 वर्ष एवं पंखुड़ी धुर्वे आयु 02 वर्ष होने का उल्लेख होने के आधार पर उक्त शिकायत असत्य पाई गई।

हाईस्कूलों के उन्नयन में अनियमितता

[स्कूल शिक्षा]

4. ( क्र. 135 ) श्री हरवंश राठौर : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या हाईस्कूल से हायर सेकेण्ड्री में उन्नयन के लिए विभाग के न्यूनतम मापदण्ड जनसंख्या 3000 से कम, दूरी 08 कि.मी. से कम, पोषक स्कूल में छात्रसंख्या 100 से कम तथा कक्षा 11वीं में 30 विद्यार्थियों से कम नहीं होना चाहिए? (ख) क्या हाईस्कूलों यथा - 1. दुगाहाकलां मालथौन जनसंख्या 1415, छात्र संख्या 45 2. रोड़ा मालथौन जनसंख्या 2132, छात्र संख्या 72 3. पिठौरिया मालथौन जनसंख्या 2157, दूरी 7 कि.मी. 4. मुहली सागर जनसंख्या 1603 वर्ष 2014 5. चितौरा सागर जनसंख्या 2466 छात्र संख्या 87 वर्ष 2014 6. भैंसानाका सागर दूरी 5 कि.मी. वर्ष 2016 7. सेमरा गोपालमन जैसीनगर जनसंख्या 1529 वर्ष 2014 8. छपरा रहली जनसंख्या 2386 छात्र संख्या 70 वर्ष 2014-15 9. चनौआ रहली जनसंख्या 1572 दूरी 7 कि.मी. वर्ष 2016-17 10. कन्या शाला खुरई छात्रसंख्या 63 दूरी 01 किलोमीटर का उन्नयन हायर सेकेण्डरी स्कूलों में किया गया है तथा निर्धारित मापदंडों की पूर्ति नहीं हो रही हैं? (ग) यदि कंडिका (ख) का जवाब हाँ में है तो क्या शासन ने मापदंड को दरकिनार कर शालाओं का उन्नयन नहीं किया है और विधानसभा क्षेत्र बण्डा की 6 हाई स्कूलों यथा कंदवा, सेसईसाजी, नीमोन, गूगराखुर्द, बहरोल तथा तारपोह को हायर सेकेण्डरी स्कूलों में उन्नयन क्यों नहीं किया जा रहा है?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) निर्धारित मापदंडों की जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी हाँ। (ग) सक्षम स्वीकृति के आधार पर उन्नयन आदेश जारी किये जाते हैं। शालाओं का उन्नयन बजट की उपलब्धता पर निर्भर है। सीमित वित्‍तीय संसाधनों के कारण सभी पात्र स्‍कूलों का उन्‍नयन नहीं हो पाता है।

परिशिष्ट - ''दो''

पोस्‍टमार्टम हाउस का निर्माण

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

5. ( क्र. 139 ) श्री हरवंश राठौर : क्या लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र बण्डा में पोस्टमार्टम हाउस का निर्माण कब किया गया था वर्तमान में इसकी भौतिक स्थिति क्या है? (ख) क्या उक्त पी.एम. हाउस की जर्जर हालत से बी.एम.ओ. बण्डा ने सी.एम.एच.ओ. सागर को या जिला स्तर से राज्य शासन को अवगत नहीं कराया है? (ग) क्‍या अस्पताल के निरीक्षण में पी.एम. हाउस को जर्जर स्थिति में पाया गया तथा यदि इस क्षतिग्रस्त हाउस को नहीं गिराया गया तो कभी भी धराशायी हो जावेगा। (घ) क्या विभाग अविलम्ब नया पी.एम.हाउस का निर्माण स्वीकृत करेगा ताकि भविष्य में होने वाली जानमाल की क्षति से बचा जा सके।

लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) वर्ष 1907-08. पुराना भवन सामान्य स्थिति में है पन्तु वर्तमान आवश्यकताओं के अनुरूप नहीं है। (ख) जी नहीं, अवगत कराया गया हैं। (ग) जी नहीं, जी नहीं। (घ) पुराना भवन वर्तमान आवश्यकताओं के अनुरूप नहीं होने से नवीन भवन निर्माण हेतु जिले से प्रस्ताव प्राप्त होने पर नया भवन निर्माण हेतु प्रक्रिया प्रारंभ की जायेगी।

बोतलबंद मिनरल पानी की गुणवत्‍ता का निर्धारण

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

6. ( क्र. 157 ) श्रीमती नीना विक्रम वर्मा : क्या लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या बोतलबंद मिनरल वाटर की गुणवत्‍ता हेतु शासन द्वारा किसी मापदण्‍ड का निर्धारण किया जाता है? यदि हाँ, तो उसकी संक्षिप्‍त जानकारी देवें। (ख) क्‍या गौसन ब्राण्‍ड बोतलबंद मिनरल वाटर का उत्‍पादन म.प्र के धार जिले के लेबड़ स्थित कारखाने में किया जाता है? (ग) यदि हाँ, तो क्‍या इस ब्राण्‍ड के मिनरल वाटर की गुणवत्‍ता का परीक्षण अंतिम बार कब किया गया था तथा इसकी रिपोर्ट अनुसार गुणवत्‍ता में क्‍या-क्‍या कमियां पायी गयी? (घ) लेबड़ स्थित गौसन मिनरल वाटर उत्‍पादन यूनिट हेतु कच्‍चा माल अर्थात पानी की आपूर्ति किस प्रकार से तथा किस संस्‍था द्वारा की जाती है तथा इस हेतु कितनी धनराशि का भुगतान सालाना किया जाता है एवं शासन को कितनी धनराशि की रायल्‍टी प्राप्‍त होती है। (ङ) क्‍या ग्राम लेबड़ तथा आस-पास की ग्राम पंचायतों में ग्रीष्‍मकाल एवं उसके पश्‍चात पेयजल का संकट रहता है? यदि हाँ, तो क्‍या गीष्‍मकाल में उक्‍त कारखाने के पानी के स्‍त्रोत का अधिग्रहण कर ग्रामवासियों को पानी के वितरण की व्‍यवस्‍था की जावेगी।

लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 एवं 2 अनुसार है। (ख) से (ड.) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है।

नि:शक्‍त मरीजों हेतु ई-रिक्शा की व्‍यवस्‍था

[चिकित्सा शिक्षा]

7. ( क्र. 234 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या राज्‍यमंत्री, चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या मेडिकल कॉलेज जबलपुर परिसर में नि:शक्‍त मरीजों को एक विभाग से दूसरे विभाग में जाने के लिये कोई वाहन व्यवस्था नहीं है? (ख) क्या ऐसे मरीजों को परिजनों की गोद में जाना पड़ता है? (ग) क्या गर्मी, बरसात, ठंड में मरीजों को ऐसी ही अव्यवस्था में इलाज कराना पड़ेगा? (घ) क्या ई-रिक्शे संचालित किये जा सकते हैं? यदि हाँ, तो कब तक? समय-सीमा बतावे. यदि नहीं, तो क्यों?

राज्‍यमंत्री, चिकित्सा शिक्षा ( एडवोकेट शरद जैन ) : (क) जी नहीं। परिसर में वाहन की आवश्यकता नहीं होती है, इस हेतु स्ट्रेचर, ट्राली, व्हील चेयर आदि की सुविधा उपलब्ध है। (ख) जी नहीं। (ग) मरीजों के ईलाज हेतु चिकित्सालय में समुचित व्यवस्था है। (घ) वर्तमान में शासन की ऐसी कोई योजना नहीं है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

मेडीकल कॉलेज अस्प‍ताल जबलपुर में अव्यवस्थाएं

[चिकित्सा शिक्षा]

8. ( क्र. 235 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या राज्‍यमंत्री, चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या मेडिकल कॉलेज अस्पताल जबलपुर में केजुअल लेबरों की कमी का खामियाजा मरीजों और उनके परिजनों को भुगतना पड़ रहा है? (ख) क्या वार्ड ब्वॉय न होने के कारण परिजनों को ऑक्सीजन सिलेन्डर एवं स्ट्रेचर से अपने मरीजों को स्वयं लाना ले जाना पड़ता है? (ग) क्या गंभीर मरीजों के लिये यह व्‍यवस्था नुकसानदेय नहीं है? (घ) क्या कॉलेज प्रशासन निकाले गये लेबरों को पुन: रखने पर विचार करेगा?

राज्‍यमंत्री, चिकित्सा शिक्षा ( एडवोकेट शरद जैन ) : (क) जी नहीं। (ख) जी नहीं। (ग) उत्तरांश '' एवं '' के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) उत्तरांश '', '' एवं '' के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

जिला चिकित्‍सालय का संचालन

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

9. ( क्र. 267 ) श्री रामलाल रौतेल : क्या लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अनूपपुर जिला चिकित्‍सालय का उन्‍नयन कब तथा कितने बिस्‍तर का हुआ था? क्‍या जिला चिकित्‍सालय सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र अनूपपुर के भवन में संचालित है? यदि हाँ, तो वर्तमान में कुल कितने बिस्‍तर लगे हैं तथा मेटरनिटी वार्ड, बर्न यूनिट, एस.एन.सी.यू. किस भवन में संचालित है? (ख) क्‍या म.प्र. शासन ने जिला चिकित्‍सालय को सौ से दो सौ बिस्‍तर उन्‍नयन कर दिया है? यदि हाँ, तो तिथि बतावें? दो सौ बिस्‍तर के जिला चिकित्‍सालय संचालन हेतु विभाग ने क्‍या वैकल्पिक व्‍यवस्‍था की है? (ग) क्‍या जिला चिकित्‍सालय भवन बनाने हेतु विभाग ने कोई पहल की थी? यदि हाँ, तो संपूर्ण विवरण प्रदान करें।

लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) 100 बिस्तरीय जिला चिकित्सालय अनूपपुर का 200 बिस्तर में उन्नयन दिनांक 01.10.2016 को किया गया। जी नहीं, जिला चिकित्सालय के भवन में, जिसमें सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र का भवन भी सम्मिलित हैं में संचालित है। वर्तमान में 140 बिस्तर लगे है तथा मेटरनिटी वार्ड, बर्न यूनिट, एस.एन.यू. जिला चिकित्सालय के भवन में संचालित है। (ख) जी हाँ। दिनांक 01.10.2016 को। जिला चिकित्सालय के वर्तमान भवन में वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। (ग) जी हाँ, कलेक्टर अनूपपुर द्वारा अधिग्रहित की गई भूमि पर 200 बिस्तरीय अस्पताल भवन के निर्माण के लिये कंसेप्ट प्लान एवं डी.पी.आर. प्रस्तुत करने हेतु संचालनालय के पत्र क्रमांक 1249 दिनांक 04.05.2017 द्वारा परियोजना संचालक, लोक निर्माण विभाग, परियोजना क्रियान्वयन इकाई भोपाल को भेजा गया है।

म.प्र. शासन के कर्मचारियों के उपचार हेतु मान्‍यता प्राप्‍त निजी चिकित्‍सालय

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

10. ( क्र. 275 ) श्री जयवर्द्धन सिंह : क्या लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्‍यप्रदेश शासन के स्‍थाई कर्मचारियों तथा उनके परिवार के आश्रित सदस्‍यों के उपचार के लिये क्‍या शासन द्वारा निजी अस्‍पतालों को मान्‍यता प्रदान की गई है? यदि हाँ, तो प्रदेश में कौन-कौन से निजी अस्‍पतालों को किस-किस रोग के उपचार के लिये मान्‍यता दी गई है? कृपया जिलेवार निजी चिकित्‍सालयों की सूची उपलब्‍ध करायें? (ख) उक्‍त मान्‍यता प्राप्‍त अस्‍पतालों में इनडोर एवं आउटडोर उपचार कराने के लिये शासकीय सेवकों को उपचार पूर्व विभाग/शासन से स्‍वीकृति लेनी होती है? यदि हाँ, तो इसके क्‍या नियम एवं प्रक्रिया निर्धारित की गई है? कृपया नियमों की प्रति उपलब्‍ध करावें? (ग) क्‍या उक्‍त अस्‍पतालों में उपचार के पूर्व शासकीय सेवकों या उनके परिवार के सदस्‍यों को किसी शासकीय चिकित्‍सालय के चिकित्‍सक द्वारा रेफर किया जाना अनिवार्य है? उसके क्‍या नियम है? कृपया निर्देश/नियमों की प्रति उपलब्‍ध करावें?

लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) जी हाँ। शेष प्रश्नांश की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र- अनुसार है। (ख) जी हाँ। शेष प्रश्नांश की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र- अनुसार है। (ग) जी हाँ। शेष प्रश्नांश की जानकारी प्रश्नांश में उल्लेखित नियम पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार।

बैरसिया के स्‍कूलों का उन्‍नयन

[स्कूल शिक्षा]

11. ( क्र. 280 ) श्री विष्‍णु खत्री : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रश्‍नकर्ता द्वारा स्‍कूल उन्‍नयन के संबंध में माननीय मंत्री जी को पत्र के माध्‍यम से लेख किया है अथवा नहीं? (ख) प्रश्‍नांश (क) यदि हाँ, है तो ग्राम डुंगरिया, सुकलिया, बरखेड़ा बरामद, कुल्‍होर, लाम्‍बाखेड़ा, मजीदगढ़, झिरनिया एवं बागसी में संचालित माध्‍यमिक शाला से हाई स्‍कूल में उन्‍नयन एवं ग्राम रतुआ, नायसमंद, सौहाया, धर्मरा एवं जमूसर-कलां को हाई स्‍कूल से हायर सेकेण्‍डरी स्‍कूल में उन्‍नयन कब तक हो जावेगा?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जी हाँ। (ख) शा. मा. शाला मजीदगढ़ का दिनांक 20 मई 2016 को हाई स्‍कूल में उन्‍नयन किया गया। वर्ष 2017-18 में उन्‍नयन कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। शालाओं का उन्‍नयन मापदण्‍डों की पूर्ति, बजट प्रावधान पर निर्भर करता है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

परियोजना समन्‍वयक के विरूद्ध कार्यवाही

[स्कूल शिक्षा]

12. ( क्र. 282 ) श्री यादवेन्‍द्र सिंह : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या जिनके विरूद्ध आपराधिक प्रकरण दर्ज है उन अधिकारियों को जिला परियोजना समन्‍वयक पद से पृथक किये जाने का प्रावधान है? (ख) क्‍या श्री मदन त्रिपाठी जिला परियोजना समन्‍वयक जिला शिक्षा केन्‍द्र शहडोल के विरूद्ध लोकायुक्‍त में प्रकरण दर्ज है? क्‍या श्री मदन त्रिपाठी के विरूद्ध न्‍यायालय प्रथम श्रेणी न्‍यायिक दण्‍डाधिकारी बुढ़ार में भारतीय दण्‍ड संहिता की धारा 420, 467, 468, 471 के तहत कारण आपराधिक प्रकरण प्रचलित है? (ग) यदि प्रश्‍नांश (ख) सही है तब श्री मदन त्रिपाठी को जिला परियोजना समन्‍वयक जिला शिक्षा केन्‍द्र शहडोल के पद से पृथक नहीं किये जाने के क्‍या कारण है जैसा कि श्री सी.बी. तिवारी तत्‍कालीन जिला परियोजना समन्‍वयक सीहोर को जिला परियोजना समन्‍वयक पद से पृ‍थक कर दिया गया था? (घ) श्री मदन त्रिपाठी को जिला परियोजना समन्‍वयक जिला शिक्षा केन्‍द्र से कब तक पृथक किया जावेगा? समय-सीमा बताएं। यदि नहीं, तो क्‍यों, स्‍पष्‍ट कारण बताएं।

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जिला परियोजना समन्‍वयक के पद पर प्रतिनियुक्ति पर लिये जाने के लिए अभ्‍यर्थी के विरूद्ध किसी प्रकार की विभागीय जाँच/अपराधिक प्रकरण/न्‍यायालयीन प्रकरण प्रचलित नहीं होने एवं अभ्‍यर्थी द्वारा दी गई उक्‍ताशय की जानकारी गलत पाये जाने की स्थिति में नियुक्ति निरस्‍त करने का प्रावधान है। (ख) जी नहीं। श्री छोटेलाल सरावगी द्वारा माननीय न्‍यायालय, बुढ़ार में उनकी पत्‍नी तथा भाईयों के नाम की भूमि पर परिवाद प्रस्‍तुत किया गया था। उपरोक्‍त परिवाद के विरूद्ध माननीय उच्‍च न्‍यायालय, जबलपुर द्वारा स्‍थगन दिया गया है। वर्तमान में प्रकरण माननीय न्‍यायालय में विचाराधीन है। प्रकरण में श्री मदन कुमार त्रिपाठी के विरूद्ध किसी प्रकार की कार्यवाही का निर्णय माननीय न्‍यायालय द्वारा पारित नहीं किया गया है। (ग) श्री चन्‍द्रभान तिवारी, जिला परियोजना समन्‍वयक, सीहोर के विरूद्ध तत्‍समय विकासखण्‍ड शिक्षा अधिकारी के पद पर रहते हुए लोकायुक्‍त प्रकरण 31/14 के परिप्रेक्ष्‍य में भा.द.संहिता की धारा 420, 409, 120 बी एवं 34 के तहत दिनांक 15.10.2016 को एफ.आई.आर. दर्ज होने से आदेश दिनांक 22.4.2017 से सेवायें मूल विभाग वापिस की गई है। श्री मदन कुमार त्रिपाठी के संबंध में कारण उत्‍तरांश (ख) अनुसार है। (घ) उत्‍तरांश (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति

[स्कूल शिक्षा]

13. ( क्र. 291 ) श्रीमती पारूल साहू केशरी : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या सर्व शिक्षा अभियान में शिक्षक, व्‍याख्‍याता, अध्‍यापक संवर्ग के शिक्षकों के प्रतिनियुक्ति पर जाने से और उनके स्‍थान पर पदस्‍थ किये गये शिक्षक/अतिथि शिक्षकों से अध्‍यापन कराया जाना गिरते शैक्षणिक स्‍तर एवं शिक्षा की गुणवत्‍ता में कमी, का एक विशिष्‍ट कारण हैं? (ख) क्‍या यह सच है कि स्‍कूल शिक्षा विभाग से सर्व शिक्षा अभियान अंतर्गत जिला एवं जनपद शिक्षा केन्‍द्र अंतर्गत प्रतिनियुक्ति पर, ऐसी शालाओं के शिक्षकों को बी.आर.सी.सी., बी.ए.सी. एवं टी.सी.सी. के पद पर भेजा गया है, जो एक शिक्षकीय थीं अथवा उन शिक्षकों की विषयमान से उस शाला में अति आवश्‍यकता थी? (ग) यदि नहीं, तो बतावें कि सागर जिले में स्‍कूल शिक्षा विभाग से सर्व शिक्षा अभियान अंतर्गत कौन-कौन प्राचार्य, व्‍याख्‍याता, शिक्षक, सहायक शिक्षक एवं अध्‍यापक संवर्ग के शिक्षक-शिक्षिकायें किस शाला से कब से प्रतिनियुक्ति पर हैं और वे किस विषय के हैं और उनके स्‍थान पर किन शिक्षकों को कब से रखा गया है? उनका शैक्षणिक अनुभव, शैक्षणिक एवं व्‍यवसायिक योग्‍यता क्‍या हैं? (घ) प्रतिनियुक्ति हेतु राज्‍य शासन की शर्त के अनुसार सागर जिले में ऐसे कितने शिक्षक संवर्ग के व्‍यक्ति हैं जो निर्धारित समयावधि समाप्‍त होने के बाद भी प्रतिनियुक्ति पर हैं, इनकी प्रतिनियुक्ति समाप्‍त कर इन्‍हें कब तक मूल विभाग में मूल पद पर वापिस किया जावेगा?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जी नहीं। (ख) जी नहीं। सर्वशिक्षा मिशन अंतर्गत निर्धारित चयन प्रक्रिया अनुसार शिक्षक संवर्ग की सेवायें प्रतिनियुक्ति पर ली जाती है। (ग) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' एवं '' अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। माननीय उच्‍च न्‍यायालय, जबलपुर के द्वारा याचिका क्रमांक 12090/2016, 13273/2016, 13304/2016 एवं अवमानना प्रकरण 1324/2016 में पारित आदेश के परिपालन में मूल विभाग में इनकी सेवायें वापिस नहीं की गई है। वर्तमान में माननीय न्‍यायालय में प्रकरण विचाराधीन होने से समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

 

 गर्भवती महिलाओं का पंजीयन

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

14. ( क्र. 316 ) श्री शैलेन्‍द्र पटेल : क्या लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या शासन द्वारा गर्भवती महिलाओं का प्रसव चार्ट संधारित किया जाना सुनिश्चित किया है? यदि हाँ, तो इस कार्य की जिम्‍मेदारी किस स्‍तर के अधिकारी व मैदानी कर्मचारी को सौंपी गई है? (ख) क्‍या भोपाल संभाग में गर्भवती महिलाओं का रिकार्ड एकत्रित किया गया है। यदि हाँ, तो विगत 2 वर्ष के दौरान भोपाल संभाग में दर्ज प्रसूताओं का जिलावार, ब्‍लॉकवार संख्‍यात्‍मक ब्‍यौरा दें। (ग) क्‍या भोपाल संभाग में दर्ज प्रसूताओं की संख्‍या एवं प्रसव संख्‍या में अंतर है? यदि हाँ, तो जिलावार एवं ब्‍लॉकवार ब्‍यौरा दें। (घ) क्‍या भोपाल संभाग में प्रश्‍नांश (ख) अवधि में भ्रूण लिंग परीक्षण के मामले प्रकाश में आए हैं? यदि हाँ, तो जिलावार ब्‍लॉकवार ब्‍यौरा दें।

लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) जी हाँ। प्रसव चार्ट (पार्टोग्राफ) के संधारण की जबाव देही स्टॉफ नर्स/ए.एन.एम. की होती है एवं स्टॉफ नर्स/ए.एन.एम. के कार्य की मॉनिटरिंग प्रसव कक्ष प्रभारी चिकित्सक की होती है। (ख) जी हाँ। प्रश्‍नांश की जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) जी हाँ, दर्ज/पंजीकृत गर्भवती महिलाओं की संख्या एवं प्रसव संख्या में अन्तर है। प्रश्‍नांश की जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। (घ) भोपाल संभाग के किसी जिलें में भ्रूण लिंग परीक्षण का कोई मामला प्रकाश में नहीं आया है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''तीन''

नर्सिंग एवं पैरामेडिकल कॉलेजों के संचालन की अनुमति

[चिकित्सा शिक्षा]

15. ( क्र. 317 ) श्री शैलेन्‍द्र पटेल : क्या राज्‍यमंत्री, चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या शासन द्वारा निजी संस्‍थाओं को नर्सिंग एवं पैरामेडिकल कॉलेज संचालित करने की अनुमति प्रदान की जाती है? यदि हाँ, तो नियम व शर्तों की पूर्ण जानकारी प्रदान करें। (ख) क्‍या भोपाल संभाग में प्रश्‍नांश (क) अनुसार कॉलेज संचालित हैं? यदि हाँ, तो जिलावार संचालित कॉलेजों का ब्‍यौरा दें? कॉलेजों में वर्तमान में संचालित पाठ्यक्रमों का ब्‍यौरा दें। (ग) प्रश्‍नांश (ख) अनुसार कॉलजों में पदस्‍थ/कार्यरत प्राचार्य और व्‍याख्‍याताओं की शैक्षणिक योग्‍यता का कॉलेजवार ब्‍यौरा दें। (घ) क्‍या कॉलेज निजी भवनों में संचालित हैं? यदि हाँ, तो कॉलेजवार उपलब्‍ध शिक्षण कक्ष, प्रयोगशालाओं तथा शासन द्वारा तय मापदण्‍डों के अनुसार वांछित एवं उपलब्ध सुविधाओं का कॉलेजवार ब्‍यौरा दें।

राज्‍यमंत्री, चिकित्सा शिक्षा ( एडवोकेट शरद जैन ) : (क) निजी संस्थाओं को नर्सिंग कॉलेज संचालित करने की अनुमति प्रदान नहीं की जाती है। पैरामेडिकल कॉलेज संचालित करने की अनुमति दी जाती है। नियम एवं शर्तों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-एक अनुसार है। (ख) भोपाल संभाग के अन्तर्गत प्रश्नांश '' अनुसार जिलेवार संचालित पैरामेडिकल कॉलेजों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-दो अनुसार है। (ग) प्रश्नांश की जानकारी उत्तरांश '' पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-दो अनुसार है। (घ) प्रश्नांश की जानकारी उत्तरांश '' पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-दो अनुसार है।

शासकीय शालाओं की बाउण्‍ड्रीवॉल का निर्माण

[स्कूल शिक्षा]

16. ( क्र. 395 ) श्री शैलेन्द्र जैन : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या माननीय मुख्‍यमंत्री जी की घोषणा के अनुक्रम में वर्ष 2015-16 एवं 2016-17 में प्रदेश की शासकीय शालाओं की बाउण्‍ड्रीवॉल निर्माण की स्‍वीकृति दी गयी थी? यदि हाँ, तो उक्‍त स्‍वीकृति के तारतम्‍य में सागर विधान सभा क्षेत्र की कितनी शालाओं को स्‍वीकृति दी गयी थी? (ख) क्‍या स्‍वीकृत शालाओं में बाउण्‍ड्रीवॉल निर्माण का कार्य पूर्ण हो चुका है? यदि नहीं, तो किन-किन शालाओं का शेष है? शेष रहने के क्‍या कारण है? (ग) क्‍या स्‍वीकृत शालाओं में बाउण्‍ड्रीवॉल निर्माण कार्य की एजेंसी को कार्य का भुगतान नहीं किये जाने से निर्माण कार्य समय पर पूर्ण नहीं हो सकें? यदि हाँ, तो इसके लिए कौन दोषी है? प्रश्‍नाधीन निर्माण कार्यों को कब तक राशि उपलब्‍ध करायी जायेगी?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जी नहीं। माननीय मुख्‍यमंत्री जी की घोषणा के अनुक्रम में वर्ष 2015-16 एवं वर्ष 2016-17 में सागर विधान सभा क्षेत्रान्‍तर्गत किसी भी शाला में बाउण्‍ड्रीवॉल स्‍वीकृत नहीं की गई है। (ख) सागर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत उत्‍तरांश '''' के उत्‍तर के प्रकाश में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। जिलें के शेष क्षेत्रों की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' एवं 1 अनुसार है। (ग) जी नहीं। हाई/हायरसेकेण्‍डरी शालाओं की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। वर्ष 2015-16 में बाउन्‍ड्रीवॉल हेतु स्‍वीकृत राशि का भुगतान नवीन वित्‍तीय व्‍यवस्‍था लागू होने के कारण जिले स्‍तर पर नहीं हो सका था। मांग के आधार पर लोक निर्माण विभाग को वर्ष 2016-17 में राशि रूपये 14,15,16,000 आवंटित की गई। शेषांश उपस्थित नहीं होता।

बी.एम.सी. सागर में सुपर स्‍पेशलिटी नर्सिंग प्रशिक्षण एवं एम्‍बुलेंस सुविधाओं की पूर्ति

[चिकित्सा शिक्षा]

17. ( क्र. 396 ) श्री शैलेन्द्र जैन : क्या राज्‍यमंत्री, चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या शासन की बुन्‍देलखण्‍ड मेडिकल कॉलेज सागर को सुपर स्‍पेशलिटी अस्‍पताल बनाने की योजना है? यदि हाँ, तो कितने सुपर स्‍पेशलिटी पद किन-किन विषयों के स्‍वीकृत किये जायेंगे एवं कब तक? (ख) क्‍या बुन्‍देलखण्‍ड मेडिकल कॉलेज सागर में नर्सिंग प्रशिक्षण केन्‍द्र संचालित है? क्‍या बी.एम.सी. सागर में बी.एस.सी. नर्सिंग प्रशिक्षण सुविधा उपलब्‍ध करायी जायेगी? यदि हाँ, तो कब तक? (ग) क्‍या नर्सिंग के विद्यार्थियों को छात्रावास की सुविधा उपलब्‍ध है? यदि नहीं, तो इसके क्‍या कारण है? छात्रावास की सुविधा कब तक उपलब्‍ध करा दी जायेगी? (घ) क्‍या मेडिकल कॉलेजों में एम्‍बुलेंस की सुविधा का प्रावधान है? यदि हाँ, तो बुन्‍देलखण्‍ड मेडीकल कॉलेज सागर में कितनी एम्‍बुलेंस उपलब्‍ध करायी गयी हैं? यदि नहीं, तो क्‍यों? एम्‍बुलेंस सुविधा कब तक उपलब्‍ध करा दी जायेगी?

राज्‍यमंत्री, चिकित्सा शिक्षा ( एडवोकेट शरद जैन ) : (क) वर्तमान में योजना विचाराधीन नहीं है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) जी हाँ। बी.एस.सी. नर्सिंग हेतु योजना विचाराधीन है। समय-सीमा बताना संभव नहीं है। (ग) जी हाँ। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) जी हाँ। एम्बुलेंस के क्रय सम्बन्धी प्रक्रिया जारी है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

औषधि दुकानों के लायसेंस का नवीनीकरण

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

18. ( क्र. 409 ) इन्जी. प्रदीप लारिया : क्या लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या विभाग के अंतर्गत ड्रग विभाग द्वारा औषधि विक्रेताओं के फुटकर एवं थोक लायसेंस प्रदान किये जाते हैं एवं क्‍या उनकी निश्चित समय-सीमा उपरांत नवीनीकरण भी किया जाता है? (ख) सागर जिले में ऐसे कितने औषधि एवं फुटकर विक्रेताओं के लायसेंस नवीनीकरण हेतु आवेदन करने के पश्‍चात लंबित हैं? (ग) ऐसे कितने फुटकर औषधि विक्रेता वर्तमान में अपनी दुकान का संचालन कर रहे हैं, जिनका नवीनीकरण का कार्य विभाग में लंबित है? (घ) औषधि विक्रेता का नवीनीकरण लंबित होने के लिये कौन जिम्‍मेदार है एवं नवीनीकरण कार्य कब तक किया जावेगा?

लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) जी हाँ। खाद्य एवं औषधि प्रशासन के अंतर्गत औषधियों के थोक एवं फुटकर विक्रय हेतु औषधि एवं प्रसाधन सामग्री नियमावली, 1945 के नियम 64 के अनुसार आवेदक (अनुज्ञप्तिधारी) द्वारा प्रस्तुत आवेदन की समस्त अर्हताओं का पालन किये जाने पश्चात संबंधित अनुज्ञापन प्राधिकारी द्वारा औषधि विक्रय अनुज्ञप्तियाँ जारी की जाती है। औषधि विक्रय अनुज्ञप्तियों की वैधता औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 एवं नियमावली, 1945 के नियम 63 के अनुसार जारी दिनांक से पाँच वर्ष होती है। अतः औषधि विक्रय अनुज्ञप्तियों का नवीनीकरण आवेदक द्वारा चाहे जाने पर एवं आवेदन की समस्त अर्हताओं का पालन किये जाने के पश्चात् जारी दिनांक से प्रत्येक पाँच वर्ष पश्चात् पूर्व से प्रदत्त औषधि विक्रय अनुज्ञप्ति का नवीनीकरण संबंधित अनुज्ञापन प्राधिकारी द्वारा किया जाता है। (ख) सागर जिले में 01.04.2016 से आज दिनांक 13.07.2017 तक औषधि विक्रय अनुज्ञप्तियों के नवीनीकरण हेतु प्राप्त आवदेनों की कुल संख्या 186 है जिनमें से कुल 84 आवेदनों का निराकरण कर पूर्व से प्रदत्त औषधि विक्रय अनुज्ञप्तियों का नवीनीकरण किया जा चुका है (जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है।) एवं कुल 102 आवेदन, आवेदक (अनुज्ञप्तिधारी) द्वारा नवीनीकरण हेतु प्रस्तुत आवेदन की समस्त अर्हताओं का पालन न किया जाने के कारण आवेदक के स्तर पर लंबित है। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र- अनुसार है। (ग) प्रश्नांश ' के परिप्रेक्ष्य में चाही गई जानकारी निरंक है। (घ) प्रश्नांश ' एवं ' के परिप्रेक्ष्य में जानकारी निरंक है। यहाँ यह भी उल्लेखनीय है कि आवेदक द्वारा प्रस्तुत आवेदन में कमियाँ होने के कारण आवेदन आवेदक के स्तर पर ही लंबित है। जिसके लिये आवेदक स्वंय ही जिम्मेदार है। कमियों की पूर्ति के उपरांत समय-सीमा में नवीनीकरण किया जा सकेगा।

हिन्‍दी से अंग्रेजी माध्‍यम स्‍कूल में उन्‍नयन

[स्कूल शिक्षा]

19. ( क्र. 410 ) इन्जी. प्रदीप लारिया : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सत्र 2014-15, 2016-17 में सागर जिले में म.प्र. शासन भोपाल द्वारा कितनी शालाओं को अंग्रेजी माध्‍यम में उन्‍नयन किया गया है? (ख) उन्‍नयन किये गये स्‍कूलों में कितने बच्‍चे अध्‍ययनरत है? शालावार जानकारी देवें? (ग) उन्‍नयन किये गये स्‍कूलों में अंग्रेजी माध्‍यम के कितने शिक्षक पदस्‍थ हैं एवं शासन द्वारा इन स्‍कूलों में अंग्रेजी माध्‍यम के किन-किन शिक्षकों को पदस्‍थ किया गया है? (घ) क्‍या उन्‍नयन किये गये शालाओं में शासन द्वारा पाठय सामग्री एवं अन्‍य व्‍यवस्‍थायें की गई हैं? यदि हाँ, तो क्‍या-क्‍या जानकारी देवें।

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) से (ग) प्रश्‍नांश (क), (ख), (ग) की जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' एवं '' अनुसार है। (घ) - अंग्रेजी माध्‍यम की शालाओं में शासन द्वारा शासकीय शालाओं के समान छात्रों को अंग्रेजी माध्‍यम की नि:शुल्‍क पाठ्य पुस्‍तक, गणवेश प्रदाय की जा रही है। इसके अतिरिक्‍त शालाओं को शासन द्वारा प्रदान की जाने वाली समस्‍त सुविधाएं प्रदान की जा रही है।

परिशिष्ट - ''चार''

विभागीय ठेके में ठेकेदार द्वारा लापरवाही बरती जाना

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

20. ( क्र. 420 ) श्रीमती उमादेवी लालचंद खटीक : क्या लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या दमोह जिलान्‍तर्गत शासकीय अस्‍पतालों में सफाई का ठेका शासन स्तर से हुआ था? यदि हाँ, तो कब व शासन के आदेश की छायाप्रति उपलब्‍ध करायी जाये? (ख) यह ठेका किस एजेंसी को प्रदाय किया गया था? क्‍या अस्‍पतालों की सफाई में जिला दमोह में भारी अनियमिततायें की जा रही हैं? सफाई में लगाये गये कर्मचारियों का 6-6 माह मानदेय नहीं देने से अस्‍पतालों में सफाई नहीं हो रही है? यदि ऐसा है तो जिस एजेंसी को ठेका दिया गया था क्‍या उस पर कार्यवाही प्रस्तावित की जावेगी? (ग) यदि नहीं, तो क्‍यों? यदि हाँ, तो क्‍या एवं कब तक।

लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) प्रश्‍नांश '' के उत्तर के परिपेक्ष्य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। वर्तमान में जिले की स्वास्थ्य संस्थाओं में साफ-सफाई का कार्य मेसर्स कामथेन सिक्योरिटी सर्विस इन्दौर एवं जिला चिकित्सालय दमोह में मेसर्स रवि सिक्योरिटी एजेन्सी भोपाल द्वारा किया जा रहा है। ऐजेन्सी को नियमित भुगतान किया जा रहा है एवं ऐजेन्सी के द्वारा रखे गये कर्मचारियों को अपने स्तर से भुगतान किया जाता है। विभागीय ऑडिट के दौरान कुछ अनियमितताएं परिलक्षित होने पर नियमानुसार एजेन्सी के विरूद्ध पेनाल्टी लगाई गई। जी हाँ। (ग) प्रश्न उपस्थित नहीं होता। जिलों में साफ-सफाई की व्यवस्था हेतु राज्य स्तर से टेण्डर की कार्यवाही प्रचलन में है। यथासंभव शीघ्र।

विभागीय मंत्री के पत्र पर की गई कार्यवाही

[चिकित्सा शिक्षा]

21. ( क्र. 421 ) श्रीमती उमादेवी लालचंद खटीक : क्या राज्‍यमंत्री, चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या मान. विभागीय मंत्री द्वारा अपने पत्र क्रमांक 2642 एवं 2643 दिनांक 25.04.2017 द्वारा विभागीय प्रमुख सचिव एवं आयुक्‍त चिकित्‍सा शिक्षा को हमीदिया चिकित्‍सालय भोपाल के अधीक्षक को पद से हटाकर उनके विरूद्ध प्राप्‍त शिकायतों पर उच्‍च स्‍तरीय जाँच कराकर दण्‍ड दिए जाने बावत पत्र लिखा गया था? (ख) क्‍या उपरोक्‍त पत्र में अधीक्षक हमीदिया चिकित्‍सालय की अवैध नियुक्ति एवं नियम विरूद्ध नियमितीकरण, शास. कार्यालय में व्‍यावसायिक गतिविधि संचालित करने, पैसे लेकर मरीजों को देखने बावत जाँच करने एवं अधिष्‍ठाता द्वारा स्‍टाफ नर्सों के निलंबन/सेवा समाप्‍त के संबंध में जारी निर्देशों को निरस्‍त करने के निर्देश दिए गये थे? (ग) क्‍या गांधी चिकित्‍सा महाविद्यालय में सहायक प्राध्‍यापक ग्रेड-2 का पद स्‍वीकृत है? यदि नहीं, तो इनकी नियुक्ति कैसे हुई एवं क्‍या वर्ष 2008 में उक्‍त चिकित्‍सक की स्‍नातकोत्‍तर डिग्री एम.सी.आई. में रजिस्‍टर्ड थी यदि नहीं, तो इनका नियम विरूद्ध नियमितीकरण क्‍यों किया गया? (घ) माननीय विभागीय मंत्री के उपरोक्‍त पत्र अनुसार प्रश्‍न दिनांक तक हमीदिया चिकित्‍सालय के अधीक्षक डॉ. दीपक मरावी को पद से हटाकर पत्र में उल्‍लेखित बिन्‍दुओं की जाँच क्‍यों नहीं की गई? अधीक्षक को हटाकर जाँच कब तक कर ली जावेगी? समय-सीमा बतायें।

राज्‍यमंत्री, चिकित्सा शिक्षा ( एडवोकेट शरद जैन ) : (क) जी हाँ। (ख) जी हाँ। (ग) जी नहीं। डॉ. दीपक मरावी की नियुक्ति संविदा सेवा भर्ती नियम, 2000 के तहत संविदा के आधार पर की गई थी। विभाग के आदेश दिनांक 08 मार्च, 2007 के द्वारा डॉ. मरावी का नियमितीकरण किया गया है। (घ) जाँच कराई गई है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

स्‍वास्‍थ्‍य सुविधाएं उपलब्‍ध न कराने के दोषियों के विरूद्ध कार्यवाही

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

22. ( क्र. 441 ) श्री सुन्‍दरलाल तिवारी : क्या लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भारत सरकार व राज्‍य सरकार के मध्‍य एन.आर.एच.एम. अंतर्गत लागत हिस्‍सेदारी वर्ष 2011 से 2016 के मध्‍य क्‍या थी? (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में अनुदान क्‍या सीधे एस.एच.एस. द्वारा राज्‍य को जारी किया गया, जिसको एस.एच.एस. द्वारा डी.एच.एस. के जिले स्‍तर पर डी.एच. ब्‍लॉक स्‍तर पर, सी.एच.सी. तथा ग्राम स्‍तर पर पी.एस.सी. को निधि वितरित की गई? (ग) प्रश्‍नांश (क) अनुसार प्राप्‍त राशि का प्रश्‍नांश (ख) अनुसार रीवा संभाग अंतर्गत वर्ष 2014 से प्रश्‍नांश दिनांक तक में कितनी राशि प्रश्‍नांश (ख) के संबंधितों को प्राप्‍त हुई तथा उन राशियों का किन कार्यों में व्‍यय किया गया? क्‍या जारी की गई पूरी राशि का उपयोग किया गया अथवा राशि संबंधितों के पास शेष बची यदि हाँ, तो क्‍यों? (घ) प्रश्‍नांश (ख) अनुसार क्‍या राशि एन.आर.एच.एम. की परिकल्‍पना अनुसार 10 प्रतिशत राज्‍य, 20 प्रतिशत जिले एवं 70 प्रतिशत ब्‍लॉक व निचले स्‍तर पर खर्च की गई? (ड.) प्रश्‍नांश (ख) अनुसार क्‍या स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र जनसंख्‍या के मापदण्‍ड अनुसार एन.आर.एच.एम. के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्र में सरकार द्वारा स्‍वास्‍थ्‍य सुविधा हेतु संचालित किये गये हैं? रीवा संभाग अंतर्गत उप स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र, पी.एस.सी., सी.एस.सी. के संचालन का मापदण्‍ड क्‍या जनसंख्‍या अनुसार है? अगर नहीं तो इस पर सरकार द्वारा क्‍या निर्णय लिया गया?

लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) भारत सरकार व राज्य सरकार के मध्य एन.आर.एच.एम. अन्तर्गत लागत हिस्सेदारी वर्ष 2011-12 में 85:15 वर्ष 2012-13 से वर्ष 2014-15 तक 75:25 एवं वर्ष 2015-16 में 60:40 अनुपात में थी। (ख) जी हाँ, भारत सरकार एवं राज्य सरकार से एस.एच.एस. को अनुदान प्राप्त होता है। एस.एच.एस. द्वारा डी.एच.एस को राशि आंवटित की जाती है। डी.एच.एस द्वारा डी.एच. एवं विकासखण्डों को राशि का आवंटन किया जाता है तथा विकासखण्डों द्वारा अधीनस्थ इकाइयों को राशि जारी की जाती है। (ग) रीवा संभाग में प्राप्त, व्यय एवं शेष राशि की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। तथा जिलेवार वर्षवार एवं गतिविधिवार व्यय की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। जी नहीं, कुल प्राप्त राशि में से निरंतर की जाने वाली गतिविधियों हेतु राशि शेष रहती है। (घ) जी नहीं, परिकल्पना के लगभग राशि व्यय की गयी है। (ड.) एन.आर.एच.एम. अन्तर्गत स्वास्थ्य केन्द्रों का संचालन जनसंख्या के मापदण्ड अनुसार नहीं किया जाता है बल्कि संस्थाओं के अनुसार संचालन किया जाता है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

लिंगानुपात एवं टीकाकरण की योजना

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

23. ( क्र. 442 ) श्री सुन्‍दरलाल तिवारी : क्या लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या स्‍वास्‍थ्‍य विभाग द्वारा एन.आर.एच.एम. के अंतर्गत प्रदेश में बढ़ रहे लिंग अनुपात के कारण लड़कियों की संख्‍या का अनुपात लड़कों की संख्‍या से कम हो रहा है, इस गिरावट को रोकने बाबत् क्‍या कार्यवाही की गई, विवरण देवें? (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में वर्ष 2014 से प्रश्‍नांश तक रीवा जिले अंतर्गत ए.एन.सी. के लिये कुल कितनी गर्भवती महिलाओं का पंजीकरण किया गया, उनमें से कितने प्रसव हुए,? उनमें से कितने मृत जन्‍में, जीवित जन्‍मों की संख्‍या के साथ बालक एवं बालिकाओं की संख्‍या क्‍या थी? (ग) प्रश्‍नांश (ख) के संदर्भ में वर्ष 2014 से प्रश्‍नांश तक यू.आई.पी. के तहत (क्षय, पोलियों, डिप्‍थीरिया, काली खांसी, टिटनेस, खसरा, हेपेटाइटिस बी) 07 रोगों के बचाव हेतु जिले में टीकाकरण की स्थिति क्‍या है? का विवरण देते हुए बतावें कि टीका न लगने के कारण वर्षवार कितने मृत्‍युएं कब-कब हुई? (घ) प्रश्‍नांश (ख) के प्रसव दौरान शिशुओं एवं माताओं की मृत्‍यु के लिये कौन-कौन जवाबदार हैं? उनके विरूद्ध क्‍या कार्यवाही करेंगे तथा प्रश्‍नांश (ग) अनुसार टीकाकरण लक्ष्‍य अनुसार पूर्ण न करने के लिये कौन-कौन दोषी है? टीकाकरण न होने से हुई मृत्‍युओं के लिये कौन-कौन जवाबदार है? लिंगानुपात के गिरते स्‍तर के सुधार बाबत् शासन एवं प्रशासन द्वारा की जा रही कार्यवाही असंतोषपूर्ण होने के लिये कौन-कौन जवाबदार है तथा इस पर रोक बाबत् क्‍या कार्यवाही प्रस्‍तावित की गई है?

लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) जी नहीं, एन.आर.एच.एम के अंतर्गत संधारित एच.आई.एम.एस. के अनुसार वर्ष 2014-15 वर्ष 15-16 एवं वर्ष 16-17 में जन्म के समय शिशुओं में पुरूष व महिला लिंग अनुपात क्रमश: 1000: 926, 1000: 929 एवं 1000:938 है। महिला लिंग अनुपात बढ़ाने के उद्देश्‍य से प्रदेश में गर्भधारण पूर्व एवं प्रसव पूर्व निदान तकनीक (लिंग चयन प्रतिषेध) अधिनियम एवं नियम का कड़ाई से क्रियान्वयन करने के प्रयास किये जा रहे है। विवरण संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-'एक' अनुसार है। (ख) प्रश्‍न भाग की जानकारी निम्नानुसार है:-

वर्ष

ए.एन.सी. पंजीकरण की संख्या

प्रसव की संख्या

जन्में बच्चों की संख्या

मृत जन्में बच्चों की संख्या

बालक

बालिका

2013-14

71171

44201

23154

20474

573

2014-15

71894

45426

23511

21067

848

2015-16

73238

46878

22003

24141

734

2016-17

63274

47527

22474

24508

545

कुल योग

208406

139831

67988

69716

2127

(ग) प्रश्नांश (ख) के संदर्भ में वर्ष 2013-14 से वर्ष 2016-17 तक रीवा जिले में यू.आई.पी. के तहत (क्षय, पोलिया, डिप्थीरिया, काली खांसी, टिटनेस, खसरा, हेपेटाईटिस-बी) 07 रोगों से बचाव हेतु किये गये टीकाकरण की जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-दो अनुसार है। केवल खसरा रोग से एक-एक बच्चे की मृत्यु वर्ष 2015-162017-18 में क्रमश: दिनांक 18.12.201516.04.2017 को हुई है। (घ) प्रसव के दौरान शिशुओं एवं माताओं की मृत्यु के लिये प्रसूता, उसके परिजन एवं स्वास्थ्य संस्था में कार्यरत स्टॉफ की व्यक्तिगत अथवा संयुक्त जवाबदेही हो सकती है। प्रसव के दौरान शिशुओं एवं माताओं की मृत्यु होने पर प्रत्येक प्रकरण की जांच/समीक्षा की जाती है और जांच/समीक्षा में स्टॉफ के दोषी पाये जाने पर संबंधितों दोषियों पर नियुमानुसार अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाती है। टीकाकरण नहीं करने वाले क्षेत्रिये स्वास्थ्य कार्यकर्ता जवाबदेह है। लिंग भेद करने वाले व इसमें सहयोग करने वाले लोग जवाबदेह है। इसके लिये प्रदेश में गर्भधारण पूर्व एवं प्रसव पूर्व निदान तकनीक (लिंग चयन प्रतिषेध) अधिनियम एवं नियम के कड़ाई से क्रियान्वयन करने के प्रयास शासन व प्रशासन के द्वारा किये जा रहे है।

परिशिष्ट - ''पाँच''

वित्‍तीय जानकारी एवं दैनिक व्‍यवस्‍थाओं की पूर्ती

[स्कूल शिक्षा]

24. ( क्र. 465 ) श्री मधु भगत : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) स्‍कूल शिक्षा विभाग जिला-बालाघाट में वर्ष 2014 से प्रश्‍न दिनांक तक कौन-कौन से कार्य कितनी-कितनी राशि के किस-किस मद से कब-कब करवाये गये, नियुक्‍त कार्य एजेंसी के नाम सहित दिनांकवार वर्षवार पूर्ण ब्‍यौरा देवें। साथ ही समस्‍त प्रकार की खरीदी/नीलामी की वित्‍तीय जानकारी दिनांकवार प्रदाय करें। विज्ञापनों के खर्चों का ब्‍यौरा पृथक से देवें। (ख) क्‍या तीनगडी शाला भवन, मोतेगांव, सहित कई शाला भवनों की स्थिति अत्‍यंत खराब है जिससे छात्र-छात्राओं सहित शिक्षकों के जान माल का खतरा हमेशा बना रहता है तथा क्‍या सर्वे कराकर क्षतिग्रस्‍त शाला भवनों का मरम्‍मत/नव निर्माण किया जावेगा? यदि हाँ, तो कब तक? (ग) क्‍या जिले की शालाओं में शौचालयों एवं शुद्ध जल की व्‍यवस्‍था भी पर्याप्‍त मात्रा में नहीं है? क्‍या विभागीय तौर पर उक्‍त व्‍यवस्‍थाओं को तत्‍काल ठीक कर लिया जावेगा। भवनविहीन, शौचालयविहीन, बाउंड्रीवॉल‍विहीन एवं हैण्‍डपम्‍पविहीन शालाओं की जानकारी भी प्रदाय करें। (घ) क्‍या शालाओं में पर्याप्‍त शिक्षकों की कमी के चलते अध्‍यापन कार्य में असुविधा हो रही है एवं विद्यार्थियों का भविष्‍य अंधकारमय हो रहा है? उक्‍त व्‍यवस्‍थाएं कब तक पूर्ण कर ली जावेंगी?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-एक पर है। (ख) जी नहीं। शासकीय प्राथमिक शाला तीनगडी एवं मोतेगाँव के शाला भवन मरम्मत हेतु राशि की स्‍वीकृति दी जाकर मरम्‍मत कार्य पूर्ण कराया जा चुका है। जिले में सर्वे पश्‍चात 253 जर्जर भवन चिन्हांकित किये गये है। नवीन भवनों का निर्माण भारत सरकार से राशि प्राप्‍त होने पर निर्भर है। निश्चित समय-सीमा बताना संभव नहीं है। (ग) बालाघाट जिले के समस्‍त प्राथमिक/माध्यमिक/हाईस्‍कूल/हायर सेकेन्‍डरी स्‍कूलों में शौचालय की व्‍यवस्‍था है, अत: शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। भवन विहीनस्थाई पेयजल स्त्रोत विहीन बाउंड्रीवॉल विहीन शालाओं की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'दो' पर है। (घ) जी नहीं। स्वीकृत पद अनुसार शिक्षक पदस्‍थ न होने पर अतिथि शिक्षक की व्यवस्था है। इसके अतिरिक्‍त शिक्षकों के रिक्‍त पदों की पूर्ति संविदा शाला शिक्षक के पद पर भर्ती/पदोन्‍नति/स्‍थानांतरण से किये जाने का प्रावधान है, जो एक सतत् प्रक्रिया है। निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

विद्यालयों का उन्‍नयन

[स्कूल शिक्षा]

25. ( क्र. 538 ) श्रीमती सरस्‍वती सिंह : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सिंगरौली जिले के चितरंगी विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत कुल कितने हाई स्‍कूल एवं कन्‍या प्रा.पाठशाला व कन्‍या शा. माध्‍य. विद्यालय संचालित हैं, उसमें से वर्ष 2014-15 से प्रश्‍न दिनांक तक में कितने विद्यालयों के उन्‍नयन किये गये है? (ख) क्‍या शास. हाई स्‍कूल सकरिया से चितरंगी की दूरी 15 कि.मी. है और इस विद्यालय में लगभग 450 छात्र-छात्राएं अध्‍ययनरत हैं तथा 10-12 गांव के बच्‍चे पढ़ने आते हैं, यहां की जनसंख्‍या 2500 के लगभग है जो शासन के गाईड लाईन के अनुकूल है। क्‍या पूर्व मान. मंत्री महोदय जी द्वारा स्‍वीकार किया था कि शासन द्वारा निर्धारित मापदण्‍ड के अनुकूल है और वित्‍तीय अभाव की कमी के कारण उन्‍नयन किया जाना संभव नहीं है और वर्तमान में जो उन्‍नयन की सूची प्राप्‍त हुई है, उसमें निर्धारित मापदण्‍ड का अभाव दिखाकर उन्‍नयन नहीं हो सकता? यदि हाँ, तो शासन का निर्धारित मापदण्‍ड क्‍या है? (ग) हाई स्‍कूल सकरिया को हायर सेकेण्‍ड्री में तथा कन्‍या शा.प्रा. शाला कर्थुआ को शास. माध्‍य. व कन्‍या शा.मा. विद्यालय को शा. हाई स्‍कूल में उन्‍नयन कब तक में करा दिये जायेंगे? समय-सीमा बताएं।

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) सिंगरौली जिले के चितरंगी विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत 32 हाईस्कूल, 03 शासकीय कन्या प्राथमिक शाला एवं 02 शासकीय कन्या माध्यमिक शालाएं संचालित है। वर्ष 2014-15 से प्रश्न दिनांक तक 03 माध्यमिक शालाओं का हाईस्कूल एवं 01 हाईस्कूल का उमावि में उन्नयन किया गया है। (ख) जी हाँ, इस विद्यालय में 227 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत है। यहां की जनसंख्या 1115 है। निर्धारित मापदण्ड पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट पर है। (ग) शालाओं का उन्नयन मापदंडों की पू‍र्ति, बजट प्रावधान पर निर्भर करेगा। निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

शालाओं में भृत्‍यों के पदों की पूर्ति

[स्कूल शिक्षा]

26. ( क्र. 551 ) श्री राजेन्द्र फूलचं‍द वर्मा : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्तमान में सोनकच्‍छ विधान सभा क्षेत्र अन्‍तर्गत शिक्षा विभाग में भृत्‍य के कितने पद रिक्‍त है? (ख) विधान सभा क्षेत्र सोनकच्‍छ अन्‍तर्गत शा.प्र.वि./शा.मा.वि./शा.हाई स्‍कूल तथा शा.हायरसेकेण्‍डरी स्‍कूलों में स्‍वीकृत पद अनुसार भृत्‍य हैं या नहीं यदि नहीं, तो उक्‍त पदों को कब तक भरा जावेगा? क्‍या सभी भृत्‍य अपनी मूल संस्‍था में कार्यरत हैं? यदि नहीं, तो क्‍यों नहीं? (ग) भृत्‍यों के आभाव में स्‍कूलों की साफ-सफाई व अन्‍य कार्य किस प्रकार किये जा रहे हैं?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) वर्तमान में सोनकच्‍छ विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत शिक्षा विभाग में 28 भृत्‍य के पद रिक्‍त है। (ख) जी नहीं। भृत्‍य के रिक्‍त पदों की पूर्ति एक सतत् प्रक्रिया है। निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। सभी भृत्‍य अपनी मूल संस्‍था में कार्यरत है। शेषांश का प्रश्‍न उपस्‍थित नहीं होता है। (ग) स्‍कूलों की साफ सफाई व अन्‍य कार्य शाला प्रबंधन समिति के पास उपलब्‍ध संसाधन एव जन सहयोग से किये जाते है।

शिक्षा विभाग के कार्यालयों में किये गए आसंजन

[स्कूल शिक्षा]

27. ( क्र. 552 ) श्री राजेन्द्र फूलचं‍द वर्मा : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या शिक्षा विभाग के कार्यालयों में कार्यालयों को सुचारू रूप से संचालन के लिए क्‍या विभाग के कई कर्मचारियों एवं शिक्षकों का आसंजन किया गया था, हाँ या नहीं। (ख) क्‍या विभाग द्वारा किए गए सभी कर्मचारियों का आसंजन समाप्‍त कर दिया गया है यदि हाँ, तो क्‍यों कारण बताएं। (ग) शासन की जन कल्‍याणकारी योजनाओं व विभाग के कार्यालयों को सुचारू रूप से संचालन हेतु विभाग रिक्‍त पदों की पूर्ति करेगा यदि हाँ, तो कब तक? कार्यालयों को सुचारू रूप से चलाने व कर्मचारियों की कमी की पूर्ति करने के लिए शासन की क्‍या योजना है।

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जी हाँ। (ख) स्कूल शिक्षा विभाग, के आदेश क्रमांक एफ 1-13/2017/20-1, भोपाल दिनांक 30.05.2017 एवं संचालनालय का पत्र क्रमांक/स्था-4/ए/संलग्नीकरण/2017/1209-1210 दिनांक 27.06.2017 के द्वारा निर्देश जारी किए गए है। शैक्षणिक व्‍यवस्‍था को सुदृढ़ करने हेतु यह निर्देश दिए गए है। (ग) विभाग के कार्यालयों में रिक्त पदों की पूर्ति एक सतत् प्रक्रिया है। शेषांश का प्रश्‍न उपस्‍थित नहीं होता।

प्रदेश के मॉडल स्‍कूल/उत्‍कृष्‍ट विद्यालयों में सी.सी.टी.वी. लगाये जाने में अनियमितता

[स्कूल शिक्षा]

28. ( क्र. 615 ) डॉ. गोविन्द सिंह : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वित्‍तीय वर्ष 2016-17 में लोक शिक्षण संचालनालय, म.प्र. के द्वारा चम्‍बल संभाग के मॉडल स्‍कूल/उत्‍कृष्‍ट विद्यालयों के संचालन हेतु किस-किस योजना के तहत किस-किस मद में कौन-कौन सी सामग्री व अन्‍य व्‍यवस्‍था हेतु कितनी राशि आवंटित की गई थी तथा आवंटित राशि से कौन-कौन सी सामग्री कितनी-कितनी राशि की किन-किन फर्मो से क्रय की गई? (ख) वर्ष 2016-17 में सी.सी.टी.वी. क्रय करने हेतु कितनी राशि आवंटित की गई है? (ग) उपरोक्‍त आवंटित राशि से किन-किन मॉडल स्‍कूलों/उत्‍कृष्‍ट विद्यालयों के लिए सी.सी.टी.वी. किस-किस कंपनी के कितनी-कितनी संख्‍या में किन-किन फर्मों से क्रय किये गये? प्रदायकर्ता फर्म के संचालक के नाम/पिता/पति का नाम पता सहित बतायें? (घ) उपरोक्‍त प्रश्‍नांश के परिप्रेक्ष्‍य में क्‍या सी.सी.टी.वी. क्रय करने हेतु भण्‍डार क्रय नियमों का उल्‍लंघन करते हुए क‍थित फर्मों से सीधे तीन-‍तीन कोटेशन प्राप्‍त कर गुणवत्‍ताविहीन एवं घटिया स्‍तर के सी.सी.टी.वी. लगाये गये है? यदि हाँ, तो इसकी उच्‍चस्‍तरीय जाँच करायी जाकर संबंधित दोषियों के विरूद्ध कार्यवाही की जायेगी?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-01 अनुसार है। (ख) वर्ष 2016-17 में चंबल संभाग के मॉडल/उत्कृष्ट विद्यालयों में सी.सी.टी.वी. कैमरे क्रय करने हेतु पृथक से राशि आवंटित नहीं की गई है। (ग) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-02 अनुसार है। (घ) जी नहीं। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

संस्‍कृति विभाग द्वारा आयोजित कार्यक्रमों/इवेंट मेनेजमेंट पर व्‍यय

[संस्कृति]

29. ( क्र. 616 ) डॉ. गोविन्द सिंह : क्या राज्‍यमंत्री, संस्कृति महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) संस्‍कृति विभाग द्वारा 01 जनवरी, 2016 से प्रश्‍न दिनांक तक कौन-कौन से कार्यक्रम कहाँ-कहाँ पर आयोजित कराये गये तथा उक्‍त किन-किन कार्यक्रमों पर कितनी-कितनी राशि व्‍यय हुई? (ख) उपरोक्‍त (क) अनुसार आयोजित कार्यक्रमों में इवेंट मेनेजमेंट कार्य हेतु किस-किस कंपनी को कौन-कौन से कार्य के लिये कितनी-कितनी राशि का भुगतान किया गया है? (ग) प्रश्‍नांश (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में उक्‍त कंपनियों के संचालक कौन-कौन है? उनका पूरा नाम, पिता/पति का नाम स्‍थाई/अस्‍थाई पता कंपनी का पंजीयन क्रमांक, दिनांक सहित पूर्ण ब्‍यौरा दें। (घ) उपरोक्‍त प्रश्‍नांश के परिप्रेक्ष्‍य में उक्‍त कंपनियों को जो कार्यादेश दिये गये हैं तथा कौन-कौन से कार्य ई-टेंडरिंग से कराये गये और कौन-कौन कार्य बिना ई-टेंडरिंग से कराये गये बतायें? (ड.) उपरोक्‍त प्रश्‍नांश के परिप्रेक्ष्‍य में भिण्‍ड जिले में जनवरी 2017 से 15 जून, 2017 विभाग द्वारा किन-किन संस्‍थाओं आदि को सांस्कृतिक आदि कार्यों हेतु कितने प्रस्‍ताव प्राप्‍त हुये तथा किन-किन संस्‍थाओं को कितनी-कितनी राशि भुगतान की गई एवं कितनी-कितनी भुगतान हेतु शेष है?

राज्‍यमंत्री, संस्कृति ( श्री सुरेन्द्र पटवा ) : (क) संस्‍कृति विभाग द्वारा 1 जनवरी, 2016 से प्रश्‍न दिनांक तक आयोजित कार्यक्रमों एवं उन पर व्‍यय की गई जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' एवं '' अनुसार. (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' एवं '' अनुसार. (ग) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' एवं '' अनुसार. (घ) प्रश्‍नांश '' की जानकारी के अनुरूप वेंडरों को कार्य दिया गया है. समस्‍त कार्य निविदा आमंत्रित कर कराये गये है. जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' एवं '' अनुसार. (ड.) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार.

अनुकंपा नियुक्ति से संबंधित

[स्कूल शिक्षा]

30. ( क्र. 648 ) श्री बलवीर सिंह डण्‍डौतिया : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या मृतक श्री राकेश कुमार शर्मा जो शा.प्रा.वि. काजोना ब्‍लॉक सबलगढ़ में पदस्‍थ थे की मृत्‍यु 09.11.1997 में हो गयी थी? (ख) यदि हाँ, तो उनके वारिशांक दीपेश शर्मा पिता श्री स्‍व.राकेश कुमार शर्मा करौली माता अम्‍बाह रोड जिला मुरैना (म.प्र.) दिनांक 22 फरवरी 2017 को जिला शिक्षा अधिकारी जिला मुरैना को अनुकंपा नियुक्ति हेतु आवेदन दिया था। (ग) यदि हाँ, तो प्रश्‍नांश (ख) में आवेदित पत्र में अभी तक क्‍या कार्यवाही हुई। यदि नहीं, तो क्‍यों?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जी हाँ। (ख) जी हाँ। (ग) मध्यप्रदेश शासन, सामान्य प्रशासन विभाग के परिपत्र क्रमांक/सी-3-12/2013/1/3, भोपाल दिनांक 29 सितम्बर, 2014 की कंडिका 9.9 के अनुसार दिवंगत शासकीय सेवक की मृत्यु के 07 वर्ष की समयावधि में अनुकंपा नियुक्ति दिए जाने का प्रावधान है। दिनांक 22 फरवरी, 2017 को अनुकंपा नियुक्ति का आवेदन दिया है। अनुकंपा नियुक्ति की पात्रता नहीं होने से आवेदन दिनांक 22 फरवरी, 2017 को निरस्त/अमान्य किया जा चुका है।

अध्‍यापक, शिक्षक संवर्ग की तबादला नीति

[स्कूल शिक्षा]

31. ( क्र. 649 ) श्री बलवीर सिंह डण्‍डौतिया : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) स्‍कूल शिक्षा विभाग द्वारा कार्यरत शिक्षक संवर्ग, अध्‍यापक संवर्ग (पुरूष + महिला + दिव्‍यांग) की पूर्व में व प्रश्‍न प्रस्‍तुत दिनांक तक वर्तमान वर्ष 2017 की तबादला नीति/स्‍थानांतरण/अंतर्निकाय संविलियन नीति क्‍या हैं? पूर्व की नीति व वर्तमान वर्ष 2017 की नीति की छायाप्रति दी जावें। (ख) क्‍या स्‍कूल शिक्षा विभाग द्वारा कार्यरत शिक्षक संवर्ग, अध्‍यापक संवर्ग (पुरूष + महिला + दिव्‍यांग) को विशेष परिस्थितियों में (अर्थात उनकी जान-माल की सुरक्षा की दृष्टि से) स्‍थानांतरण/तबादला/अंतर्निकाय संविलियन नीति हेतु विभाग द्वारा क्‍या मापदण्‍ड/नियम प्रक्रिया निर्धारित हैं। की जानकारी छायाप्रति सहित दी जावें। (ग) प्रश्‍नांश (ख) के संदर्भ में वर्ष 2015,2016 में मुरैना जिले में एवं मुरैना जिले से कितने स्‍थानान्‍तरण/तबादला/अन्‍तर्निकाय संविलियन किये गये है? उनके नाम,पदनाम,पदस्‍थ शाला एवं स्‍थानांतरित/संविलियन शाला का नाम सहित जानकारी देवें।

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) शिक्षक संवर्ग की स्‍थानांतरण नीति दिनांक 30.06.2017 को जारी हुई है। अध्‍यापक संवर्ग की अन्‍तर्निकाय संविलियन की नीति दिनांक 10.07.2017 को जारी की गई। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-'एक' एवं 'दो' अनुसार। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र 'दो' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र 'तीन' अनुसार।

जिला चिकित्‍सालय में 200 बिस्‍तरीय मान से सुविधाएं

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

32. ( क्र. 678 ) श्री दुर्गालाल विजय : क्या लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या 100 बिस्‍तरीय जिला चिकित्‍सालय श्‍योपुर को 200 बिस्‍तरीय में उन्‍नयन करने के कार्य के प्रस्‍ताव को बजट सत्र वर्ष 2017-18 के बजट में शामिल करके स्‍वीकृत किया गया था। (ख) यदि हाँ,, तो बतावें कि उन्‍नयन कार्य हेतु कितनी राशि व्‍यय की जावेगी? इससे कौन-कौन से कार्य व सुविधाएं उपलब्‍ध कराकर किस-किस श्रेणी के चिकित्‍सकों व अन्‍य स्‍टॉफ के कौन-कौन से पदों पर नवीन पदस्‍थापना की जावेगी? (ग) इस हेतु वर्तमान तक क्‍या-क्‍या कार्यवाही पूर्ण कर ली गई? क्‍या-क्‍या शेष रह गई हैं? इसे कब तक पूर्ण कर लिया जावेगा? (घ) क्‍या ये सच है, कि वर्तमान में चिकित्‍सालय में विशेषज्ञ चिकित्‍सकों सहित आई.सी.यू. व अन्‍य महत्‍वपूर्ण सुविधाओं के अभाव के कारण जिले के मरीजों को उपचार ऑपरेशन हेतु अन्‍यत्र जाना पड़ता है, जिससे उन्‍हें कठिनाई होती है यदि हाँ, तो कठिनाईयों के निवारण हेतु उक्‍त चिकित्‍सालय को कब तक 200 बिस्‍तरीय सेटअप के मान से पूर्णरूपेण सुसज्जित कर दिया जावेगा?

लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) जी हाँ वर्ष 2017-18 के बजट में 100 बिस्तरीय जिला चिकित्सालय श्योपुर का 200 बिस्तर में उन्नयन हेतु टोकन बजट प्रावधान किया गया है। (ख) संस्था के उन्नयन की कार्यवाही प्रचलन में है। प्रशासकीय स्वीकृति जारी होने के पश्‍चात प्रश्‍नभाग की जानकारी दी जा सकेगी। (ग) वर्ष 2017-18 के बजट में टोकन प्रावधान किया गया है एवं संस्था के उन्नयन की कार्यवाही प्रचलन में है। निश्चित समयावधि बताना संभव नहीं है। (घ) जी नहीं। जिला चिकित्सालय श्योपुर में पी.जी.एम.ओ. सर्जरी एवं सी.एम.एच.ओ. के द्वारा अस्पताल में आये मरीजों का ऑपरेशन, सिजेरियन, हिस्ट्रेक्टोमी, ओवेरियासिस्ट आदि तथा सामान्य सिजेरियन ऑपरेशन किये जाते है। 100 बिस्तर के मान से सभी प्रकार की जांच-उपचार सुविधाएं मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही है।

जिला विदिशा में दवा खरीदी

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

33. ( क्र. 829 ) श्री वीरसिंह पंवार : क्या लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला विदिशा में अस्‍पतालों के लिये औषधि खरीदने की पात्रता किसको है और 1 वर्ष में कितने रूपये की खरीदी की पात्रता है? इसकी क्‍या प्रक्रिया है? क्‍या निविदायें आमंत्रित की गईं या डायरेक्‍ट कुटेशन के आधार पर खरीदी गई स्‍पष्‍ट करें? (ख) जिले से सभी स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र और प्राथमिक चिकित्‍सा केन्‍द्र आदि पर किस तरह दवाओं का वितरण किया जाता है तथा वहां वितरण कैसे और सही तरीके से हो रहा है या नहीं? इसकी निगरानी कैसे की जाती है? क्‍या यह वह तरीका सही है। मरीजों को दवायें दी जा रही हैं या नहीं? (ग) जिला विदिशा में अप्रैल 15 से मार्च 16 और अप्रैल 16 से मार्च 17 तक किन-किन विक्रेताओं से कौन-कौन सी दवायें खरीदी गईं? उसमें कौन-कौन सी दवायें उपयोग में आ चुकी है तथा कौन सी दवा का स्‍टॉक कितना बचा हुआ है? हर चिकित्सालय में रोगी कल्‍याण समिति की क्‍या भूमिका है, उसकी बैठक समय पर हो रही है या नहीं? (घ) क्‍या खरीदी हुई सभी दवाइयां मरीजों के उपयोग में आ चुकी हैं या बची हैं? यदि बची हैं तो ऐसी अनुपयोगी दवायें क्‍यों खरीदी गईं? इनमें कितनी दवाओं की एक्‍सपायरी डेट निकल चुकी है? अब उन पर क्‍या कार्यवाही की जावेगी?

लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) जिला विदिशा की अधीनस्थ चिकित्सा संस्थाओं के लिये मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी एवं सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक को औषधी खरीदने की पात्रता है तथा शासन द्वारा आवंटित वार्षिक बजट अनुसार औषधि नीति में प्रावधान अनुसार खरीदी की जाती है। म.प्र. पब्लिक हेल्थ कॉर्पोरेशन भोपाल द्वारा निविदा आमंत्रित कर उनके द्वारा निर्धारित दरों पर औषधियां खरीदी गई है एवं स्थानीय स्तर पर भी निविदा आमंत्रित कर औषधियां खरीदी गई। (ख) जिले में अधीनस्थ संस्थाओं से आवश्‍यक औषधी के इंडेंट एम.पी. औषधी सॉफ्टवेयर के माध्यम से ऑनलाईन प्रेषित किये जाते है तथा जिला स्टोर से ऑनलाईन इंडेट प्राप्त होने पर एम पी औषधी साफ्टवेयर से औषधियां ऑनलाईन प्रदाय की जाती है एवं एम.पी. औषधी सॉफ्टवेयर के माध्यम से निगरानी की जाती है, वितरण में दवा नीति 2009 का पालन किया जाता है। अस्पताल प्रबंधन के नियमों के अनुसार मरीजो को दवायें वितरित की जा रही है। (ग) जिला विदिशा में क्रय की गई दवाओं की वर्षवार जानकारी सभी दवायें उपयोग की जा रही है। रोगी कल्याण समिति का गठन पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। रोगियों को उपचार देने की सुविधा हेतु किया गया है एवं बैठक समय पर हो रही है। (घ) सभी दवायें उपयोग की जा रही हैं, सभी दवायें आगामी माहों की आवश्‍यकता को ध्यान में रखकर क्रय की जाती है, जो शेष दवायें बची इनका उपयोग आगामी माह में किया जाता है। दवाओं का भण्डारण आगामी छः माह के लिये करके रखना आवश्‍यक हैं, जिससे दवाओं की उपलब्धता बनी रहे तथा कोई भी दवा इस कार्यालय के भण्डार में एक्सपायरी नहीं हुई है।

शहडोल जिले के परियोजना समन्‍वयक को पद से पृथक किया जाना

[स्कूल शिक्षा]

34. ( क्र. 843 ) श्रीमती शीला त्‍यागी : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शहडोल जिले में जिला परियोजना समन्‍वयक के पद पर कौन अधिकारी पदस्‍थ हैं, उनकी पदस्‍थापना एवं पदस्‍थापना अवधि की जानकारी आदेश के साथ देवें तथा क्‍या परियोजना समन्‍वयक के विरूद्ध लोकायुक्‍त प्रकरण संस्‍थापित है। (ख) प्रश्‍नांश (क) यदि हाँ, तो क्‍या उक्‍त अधिकारी के विरूद्ध् न्‍यायालय प्रथम श्रेणी न्‍यायिक दण्‍डाधिकारी बुढ़ार में धारा 420, 467, 468, 471 के तहत अपराधिक प्रकरण प्रचलित है? (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) यदि हाँ, तो क्‍या जिला परियोजना समन्‍वयक शिक्षा केन्‍द्र शहडोल को पद से पृथक कर दिया जावेगा। (घ) प्रश्‍नांश (ग) यदि हाँ, तो उक्‍त अधिकारी को कब तक पद से अलग कर दिया जायेगा, समय-सीमा बतायें।

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) श्री मदन कुमार त्रिपाठी दिनांक 12.07.2012 से जिला परियोजना समन्‍वयक, शहडोल के पद पर पदस्‍थ है। आदेश एवं उपस्थिति की प्रति संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र-12 अनुसार है। जी नहीं। (ख) श्री छोटेलाल सरावगी द्वारा माननीय न्‍यायालय, बुढ़ार में उनकी पत्‍नी तथा भाइयों के नाम की भूमि पर परिवाद प्रस्‍तुत किया गया था। उपरोक्‍त परिवाद के विरूद्ध माननीय उच्‍च न्‍यायालय, जबलपुर द्वारा स्‍थगन दिया गया है। वर्तमान में प्रकरण माननीय न्‍यायालय में विचाराधीन है। प्रकरण में श्री मदन कुमार त्रिपाठी के विरूद्ध किसी प्रकार की कार्यवाही का निर्णय माननीय न्‍यायालय द्वारा पारित नहीं किया गया है। (ग) एवं (घ) उत्‍तरांश क व ख के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''छ: ''

जिला शहडोल के जिला परियोजना समन्‍वयक के कायों की जाँच

[स्कूल शिक्षा]

35. ( क्र. 844 ) श्रीमती शीला त्‍यागी : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला परियोजना समन्‍वयक जिला शिक्षा केन्‍द्र शहडोल को जिला खनिज प्रतिष्‍ठान योजना से विगत दो वषों में किन-किन स्‍कूलों में लैब की सामग्री तथा किन-किन निर्माण कायों की कार्य एजेन्‍सी बनाये गये थे तथा कितनी-कितनी राशि स्‍वीकृत की गई स्‍कूलवार राशिवार जानकारी देवें। (ख) प्रश्‍नांश '''' के संदर्भ में उपरोक्‍त कार्यों के लिए आयुक्‍त आदि‍वासी विकास शहडोल को एजेन्‍सी न बनाने के लिए कौन अधिकारी जिम्‍मेदार है उस अधिकारी के विरूद्ध कौन सी दण्‍डात्‍मक कार्यवाही कब तक की जावेगी समय-सीमा बतायें।

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) माननीय प्रभारी मंत्री महोदय की अध्यक्षता में जिला खनिज प्रतिष्ठान योजना की बैठक दिनांक 18.09.2016 के द्वारा कार्यालय कलेक्टर (डी.एम.एफ.) जिला शहडोल के पत्र क्रमांक 62 एवं 63 दिनांक 17.10.2016 के तहत् शासकीय मॉडल उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भाटिया विकासखण्ड बुढ़ार लैब सामग्री हेतु 50.00 लाख एवं शासकीय मॉडल उच्चतर माध्यमिक विद्यालय चापा विकास खण्ड सोहगपुर को 10.00 लाख रू. की स्वीकृति प्रदान की गई। कार्यालय कलेक्टर (डी.एम.एफ.) जिला शहडोल के पत्र क्रमांक (डी.एम.एफ.)/प्र.स्वी./2016 -17/33 शहडोल दिनांक 30.09.2016 के तहत दिव्यांग छात्रावास सोहगपुर में बाउण्ड्रीवॉल निर्माण राशि 4.49 लाख की स्वीकृति दी गई थी। कार्यालय कलेक्टर (डी.एम.एफ.) जिला शहडोल के पत्र क्रमांक (डी.एम.एफ.)/प्र.स्वी./2016-17/34 शहडोल दिनांक 30.09.2016 के तहत 20 माध्यमिक शालाओं में शुद्ध पेयजल, हैण्डवाश, टायलेट हेतु चलित पानी बावत् एवं कम्पोजिट सिस्टम हेतु प्रति शाला 4.90 लाख की दर से स्वीकृति दी गई थी। (ख) दिव्यांग छात्रावास स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा संचालित है तथा माध्यमिक विद्यालय भी जिला शिक्षा केन्द्र के अधीन आता है। अतः जिला खनिज प्रतिष्ठान द्वारा जिला शिक्षा केन्द्र को नियमानुसार क्रियान्वयन एजेन्सी बनाया गया है। अत: शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

प्राथमिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र खोलने एवं 100 बिस्‍तर का अस्‍पताल का उन्‍नयन

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

36. ( क्र. 850 ) श्री यादवेन्‍द्र सिंह : क्या लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रश्‍नकर्ता सदस्‍य द्वारा विभागीय मंत्री को एवं प्रमुख सचिव को नागौद विधान सभा क्षेत्र के उचेहरा जनपद पंचायत के अन्‍तर्गत उप स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र अटरा को 6 ग्राम पंचायतों की बड़ी जनसंख्‍या को दृष्टिगत रखते हुये प्राथमिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र बनाये जाने का प्रस्‍ताव दिया था। (ख) यदि हाँ, तो कब तक उप स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र अटरा को प्राथमिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र बना दिया जायेगा यदि नहीं, तो क्‍यों? (ग) विधान सभा प्रश्‍न क्रमांक 3099 दि. 01 मार्च 17 में प्रश्‍नांश (ख) का उत्‍तर जी हाँ, जी हाँ, जी नहीं नागौद अस्‍पताल का उन्‍नयन की पात्रता नहीं होने से दिया गया है यदि हाँ, तो नागौद अस्‍पताल को 100 बिस्‍तर का किये जाने के लिये किन-किन बातों की पात्रता होनी चाहिए उन बिन्‍दुओं को स्‍पष्‍ट करें और उनकी पूर्ति के लिये शासन द्वारा कब-कब क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई जिससे नागौद अस्‍पताल का 100 बिस्‍तरों का अस्‍पताल का उन्‍नयन हो सके यदि नहीं, की गई तो कब तक की जाकर 100 बिस्‍तर का अस्‍पताल का उन्‍नयन किया जावेगा?

लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) जी हाँ, प्रमुख सचिव को उक्त प्रस्ताव दिया गया। (ख) मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी से प्रस्ताव मंगाकर, नियमानुसार कार्यवाही की जावेगी। निश्चित समय-सीमा बताना संभव नहीं है। (ग) वर्तमान 30 बिस्तरीय सीमांक सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र का पूर्ण उपयोग होने के उपरान्त उन्नयन की पात्रता आवेगी। इसकी समय-सीमा बताना संभव नहीं है।

ग्‍वालियर जिले में बंजारा समाज के कल्‍याण हेतु प्राप्‍त आवंटन

[विमुक्त, घुमक्कड़ एवं अर्द्ध-घुमक्कड़ जाति कल्याण]

37. ( क्र. 860 ) श्री लाखन सिंह यादव : क्या राज्‍यमंत्री, पिछड़ा वर्ग महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) ग्‍वालियर जिले में 1 अप्रैल 2014 से प्रश्‍न दिनांक तक विमुक्‍त, घुमक्कड़ एवं अर्द्ध-घुमक्कड़ (बंजारा समाज) जाति के लिये कितना-कितना वित्‍तीय आवंटन प्राप्‍त हुआ है? वित्‍तीय वर्षवार स्‍पष्‍ट करें तथा प्रत्‍येक वित्‍तीय वर्ष में किस-किस गांव में किस-किस कार्य में कितने हितग्राहियों को कितना लाभ दिया हैं? (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार बंजारा समाज के कल्‍याण हेतु विभाग द्वारा जो निर्माण कार्य उक्‍त अवधि में कराये गये हैं तथा कराये जा रहे हैं उन निर्माण कार्यों का नाम, किस ग्राम में कितनी लागत से किस स्‍थान पर कराये गये हैं तथा कराये जा रहे हैं किस-किस कार्य के लिये कितना-कितना वित्‍तीय आवंटन स्‍वीकृत किया गया था? निर्माण किस ऐजेन्‍सी/ठेकेदार से किस-किस यंत्री के सुपरवीजन में कराया गया था तथा कराया जा रहा हैं वर्तमान में उन निर्माण कार्यों की भौतिक तथा वित्‍तीय स्थिति क्‍या है, सम्‍पूर्ण जानकारी स्‍पष्‍ट करें? (ग) ग्‍वालियर जिले में बंजारा समाज किस-किस गाँव/मजरा/टोला में रहता हैं। उस ग्राम का नाम, ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत तथा निवासरत परिवार की संख्‍या एवं कुल जनसंख्‍या सहित ग्राम मजरा, टोला वार स्‍पष्‍ट करें?

राज्‍यमंत्री, पिछड़ा वर्ग ( श्रीमती ललिता यादव ) : (क) प्रदेश में समस्त विमुक्त, घुमक्कड़ एवं अर्द्ध-घुमक्कड़ जनजाति वर्ग के लिये योजनायें संचालित हैं। बंजारा समाज के पृथक से कोई आंवटन का प्रावधान नहीं है। ग्वालियर जिले में 01 अप्रैल 2014 से प्रश्न दिनांक तक विमुक्त, घुमक्कड़ एवं अर्द्ध-घुमक्कड़ जनजाति के लिये वर्ष 2014-15 में शून्य वर्ष 2015-16 में शून्य वर्ष 2016-17 में 30.00 लाख आवास योजना एवं वर्ष 2017-18 में 8.10 लाख आवास योजना हेतु आवंटन प्राप्त हुआ। उक्त प्राप्त आवंटन के विरूद्ध वर्ष 2016-17 में लाभांवित हितग्राहियों का ग्रामवार कार्यवार विवरण निम्नानुसार है:-

क्र.

ग्राम का नाम

कार्य का नाम

हितग्राही संख्या

लाभ लिया गया

1

उटीला

आवास

12

7.20 लाख

2

टोकोली

आवास

13

7.80 लाख

3

चिरपुरा

आवास

13

7.80 लाख

4

टिटोरा

आवास

12

7.20 लाख

वर्ष 2017-18 में प्राप्त आवंटन से स्वीकृत कार्यवाही प्रचलन में है। (ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) विमुक्त जाति वर्ग बंजारा समाज की पृथक से जनगणना नहीं होने के कारण ग्राम/ग्रामपंचायत/जनपद पंचायतवार जानकारी दिया जाना संभव नहीं है।

परिशिष्ट - ''सात''

विकासखण्‍ड शिक्षा अधिकारी के विरूद्ध लंबित जांच

[स्कूल शिक्षा]

38. ( क्र. 875 ) श्री गोवर्धन उपाध्‍याय : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विदिशा जिले के विधान सभा क्षेत्र सिरोंज के पूर्व विकास खण्‍ड शिक्षा अधिकारी श्री दिवान सिंह पर वर्तमान में कितनी जांचे कब से चल रही हैं और कितनी जांचे लंबित हैं जाँच लंबित रहने का क्‍या कारण हैं? (ख) विदिशा जिले के अपर कलेक्‍टर के आदेश के बाद जिला शिक्षा अधिकारी विदिशा के पत्र क्रमांक/विधि/शिका.जांच/2017/280 दिनांक 20.01.2017 जिसमें दिवान सिंह पूर्व बी.ई.ओ. सिरोंज की जाँच हेतु समिति बनाई गई थी, उस पर अभी तक क्‍या कार्यवाही की गई? यदि अब तक जाँच पूरी नहीं हुई है, तो क्‍या संबंधित जाँच समिति एवं जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा लापरवाही नहीं बरती जा रही हैं? क्‍या लापरवाही बरतने बालों पर कार्यवाही की जाएगी और कब तक? (ग) प्रश्‍नांश (ख) अनुसार शिकायतकर्ता द्वारा पूर्व बी.ई.ओ. दीवान सिंह के विरूद्ध साक्ष्‍य उपलब्‍ध कराने के बाद भी अब तक क्‍यों न्‍याय नहीं मिल सका?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जिला विदिशा स्कूल शिक्षा विभाग अंतर्गत पूर्व विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी श्री दीवानसिंह राजपूत पर वर्तमान में 02 जाँच क्रमश: दिनांक 20.01.17 एवं 03.05.17 चल रही है, जिसमें से दिनांक 03.05.17 के क्रम में जाँच अधिकारी द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन के आधार पर संचालनालय के आदेश दिनांक 07.07.17 द्वारा श्री दीवानसिंह राजपूत की एक वेतनवृद्धि असंचयी प्रभाव से रोकने की शास्ति अधिरोपित करते हुये प्रकरण समाप्त कर दिया गया है। दिनांक 20.01.17 के क्रम में जाँच की कार्यवाही पूर्ण हो चुकी है। (ख) जी हाँ। जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के पत्र क्र. 280 दिनांक 20.01.2017 द्वारा श्री दीवान सिंह राजपूत पूर्व विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी, सिरोंज के विरूद्ध की गई शिकायत की जाँच हेतु समिति द्वारा प्रस्तुत जाँच प्रतिवेदन जिला शिक्षा अधिकारी जिला विदिशा के पत्र क्र. 926 दिनांक 13.06.2017 के द्वारा अपर कलेक्टर विदिशा को कार्यवाही हेतु प्रेषित की जा चुकी है। शेषांश का प्रश्‍न उत्पन्न नहीं होता। (ग) श्री दीवान सिंह राजपूत पूर्व विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी, सिरोंज के विरूद्ध की गई शिकायत की जाँच का प्रतिवेदन जिला शिक्षा अधिकारी, विदिशा के पत्र क्र. 926 दिनांक 13.06.2017 के द्वारा अपर कलेक्टर विदिशा को कार्यवाही हेतु प्रेषित किया जा चुका है। कार्यवाही अपर कलेक्टर न्यायालय में प्रचलित है।

माध्‍यमिक शाला किड़ी में बाउंड्रीवॉल निर्माण

[स्कूल शिक्षा]

39. ( क्र. 876 ) श्री गोवर्धन उपाध्‍याय : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विदिशा जिले के विधानसभा क्षेत्र सिरोंज के नगरपालिका सिरोंज क्षेत्र के वार्ड कमांक 15 में माध्‍यमिक शाला किड़ी में बाउंड्रीवॉल निर्माण किये जाने के संबंध में प्रश्‍नकर्ता द्वारा विधानसभा ध्‍यानाकर्षण दिनांक 09.03.2017 के तारतम्‍य में शासन द्वारा अभी तक क्‍या कार्यवाही की गई? (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार क्‍या उक्‍त माध्‍यमिक शाला किड़ी में बाउंड्रीवॉल निर्माण कार्य को शासन द्वारा स्‍वीकृति प्रदान की गई है? यदि हाँ, तो कब पूर्ण जानकारी देवें? नहीं तो क्‍यों कब तक स्‍वीकृत किये जाने की संभावना हैं? स्‍वीकृत न किये जाने का क्‍या कारण हैं? स्‍वीकृति हेतु क्‍या प्रक्रिया अपनाई जावेगी?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) विदिशा जिले के विधानसभा क्षेत्र सिरोंज के नगर पालिका सिरोंज क्षेत्र के वार्ड 15 में माध्‍यमिक शाला किड़ी में बाउंण्‍ड्रीवॉल का निर्माण के संबंध में माननीय श्री गोवर्धन उपाध्‍याय द्वारा विधानसभा ध्‍यानाकर्षण दिनांक 09.03.2017 विभाग को प्राप्‍त नहीं हुआ। अत: कोई कार्यवाही नहीं की गई। (ख) जी नहीं। प्रश्‍नांश '' अनुसार माध्‍यमिक शाला किडी में बाउण्‍ड्रीवॉल निर्माण कार्य की स्‍वीकृति हेतु प्रस्‍ताव मानव संसाधन मंत्रालय, भारत शासन को भेजा गया था परन्‍तु स्‍वीकृति प्राप्ति नहीं हुई। निर्माण बजट की उपलब्‍धता पर निर्भर है। निश्चित समय-सीमा बताना संभव नहीं है।

जिला समन्‍वयक (डी.पी.सी.) द्वारा शासन की योजनाओं का नियम विरूद्ध क्रियान्‍वयन

[स्कूल शिक्षा]

40. ( क्र. 920 ) श्रीमती चन्‍दा सुरेन्‍द्र सिंह गौर : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या टीकमगढ़ जिले में सर्व शिक्षा अभियान के अंतर्गत संचालित छात्रावासों के वार्डनों/अधीक्षकों की अवधि तीन वर्ष के लिये होती है परंतु कई छात्रावासों में नियम के विरूद्ध अधीक्षकों एवं वार्डनों की तैनाती से चल रही हैं। वर्तमान अधीक्षकों एवं वार्डनों की तैनाती दिनांक से पदस्‍थापना के वर्षवार समस्‍त छात्रावासों की जानकारी उपलब्‍ध करायें? क्‍या इनकी जाँच करायेंगे? यदि हाँ, तो कब तक, यदि नहीं, तो क्‍यों? (ख) प्रश्‍नांश (क) जिले में (स्‍कूल चलें हम) अभियान कार्यक्रम में लिखित आमंत्रण किन-किन जनप्रतिनिधियों को 2017 में दिये गये किन-किन ग्रामों में स्‍कूल चलें अभियान कार्यक्रम किया गया? कौन-कौन जनप्रतिनिधि शामिल हुये? इस कार्यक्रम पर कितनी राशि व्‍यय हुई तथा इसके क्‍या सकारात्‍मक परिणाम हुये? (ग) क्‍या पूर्व जिला पंचायत अध्‍यक्ष एवं वर्तमान जिला पंचायत सदस्‍य के द्वारा कलेक्‍टर टीकमगढ़, प्रमुख सचिव स्‍कूल शिक्षा विभाग एवं माननीय मुख्‍यमंत्री महोदय को पत्र दिया गया परंतु आदिवासी जनप्रतिनिधि होने के नाते डी.पी.सी. टीकमगढ़ द्वारा उपेक्षा करते हुये किसी भी कार्यक्रम में जान बूझकर नहीं बुलाया जाता हैं? क्‍या इस प्रकार के आदिवासी जनप्रतिनिधि की उपेक्षा किये जाने की जाँच करायेंगे? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो कारण स्‍पष्‍ट करें। तथा दोषी पाये जाने वाले डी.पी.सी. के विरूद्ध वैधानिक कार्यवाही करेंगे, यदि हाँ, तो कब तक यदि नहीं, तो कारण स्‍पष्‍ट करें?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जी नहीं। टीकमगढ़ जिले में संचालित छात्रावासों में कार्यरत वार्डनों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-एक पर है। वर्तमान प्रावधान के अनुसार छात्रावासों में चयनित विद्यालय की महिला शिक्षिका को वार्डन का अतिरिक्त प्रभार दिया जाता है। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) स्कूल चले हम अभियान 2017 के अंतर्गत जिला मुख्यालय में जिला स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। माननीय अतिथियों को दूरभाष से सूचित कर एवं व्यक्तिगत संपर्क कर कार्यक्रम के लिये आमंत्रित किया गया है। इसके अतिरिक्त समस्त प्राथमिक एवं माध्यमिक शालाओं में प्रवेश उत्सव के कार्यक्रम आयोजित किए गए है। जिन स्थानों पर जन प्रतिनिधियों की सहभागिता की गई है, उनकी सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-दो पर है। जिला स्तरीय कार्यक्रम पर रूपये 50136/-व्यय हुआ है। ऐसे कार्यक्रम के माध्यम से शिक्षा के प्रति जागरूकता उत्पन्न होती हैं तथा समुदाय को शाला जाने योग्य बच्चों को शाला में दर्ज कराने हेतु प्रेरित किया जाता है। शाला स्तर के कार्यक्रम के लिए पृथक से कोई आवंटन जारी नहीं किया गया। (ग) माननीय जिला पंचायत सदस्य का प्रश्नांश में वर्णित पत्र जिला शिक्षा केन्द्र को दिनांक 23.06.2017 को प्राप्त हुआ है। इस कारण माननीय सदस्य को जिला स्तरीय कार्यक्रम के लिए पृथक से सूचित नहीं किया जा सका। विद्यालय स्तरीय कार्यक्रमों में भी समस्त माननीय जन प्रतिनिधियों को सूचित करने हेतु निर्देश जारी किए गए है। संबंधित अधिकारी को कारण-बताओ नोटिस जारी किया जा रहा है।

मुरैना के ग्राम खाडौली की खुदाई में प्राप्‍त पुरातन शिलालेख

[संस्कृति]

41. ( क्र. 938 ) श्री सत्‍यपाल सिंह सिकरवार : क्या राज्‍यमंत्री, संस्कृति महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या मुरैना के ग्राम खाडौली (बहरारा) में वर्ष अक्‍टूबर 2015 में राधाकृष्‍ण मंदिर की खुदाई में जो शिलालेख मिला है वह सैकड़ों वर्ष पुराना है जिस पर ग्‍वालियर स्‍टेट लिखा है? (ख) क्‍या उक्‍त शिलालेख पर 1914 से 1919 के प्रथम विश्‍वयुद्ध में गांव के बारह लोगों के मारे जाने का उल्‍लेख है? क्‍या उक्‍त शिलालेख के बारे में विधायक सुमावली द्वारा अक्‍टूबर 2015 एवं मई 2017 में जिलाधीश मुरैना व पुरातत्‍व अधिकारियों को पत्र लिखकर उनके नाम, उनकी मृत्‍यु के बारे में चाही गई जानकारी पर अभी तक क्‍या कार्यवाही की गई है?

राज्‍यमंत्री, संस्कृति ( श्री सुरेन्द्र पटवा ) : (क) जी हाँ. प्राप्‍त शिलालेख पर वर्ष 1914-1919 अंकित है. जिस पर ग्‍वालियर स्‍टेट लिखा है. (ख) जी नहीं. शिलालेख में निम्‍न पंक्ति उल्‍लेखित है. KHANDOLI FROM THIS VILLAGE 12 MEN WENT TO THE GREAT WAR OF 1914-1919 विधायक सुमावली का आवेदन क्रमांक 3412/17, दिनांक 24/05/2017 के परिपालन में संचालनालय, पुरातत्‍व अभिलेखागार एवं संग्रहालय द्वारा स्‍थल निरीक्षण कराया गया, जिसमें 12 व्‍यक्तियों के नामों का उल्‍लेख नहीं है.

प्राथमिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र की स्‍वीकृति

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

42. ( क्र. 952 ) श्री अनिल जैन : क्या लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या अप्रैल वर्ष 2016 में ग्राम उदय से भारत उदय अभियान के अंतर्गत प्रवास के दौरान माननीय मुख्‍यमंत्री जी द्वारा विधान सभा क्षेत्र निवाड़ी के ग्राम पुछीकरगुंवा में एक प्राथमिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र स्‍थापित करने की घोषणा की गई थी? यदि हाँ, तो विभाग के द्वारा क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई है? (ख) प्रश्‍नगत प्राथमिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र की स्‍वीकृति राज्‍य शासन के द्वारा यदि जारी हो गई है तो विवरण सहित स्‍वीकृत राशि बतायी जावे और यदि अभी तक स्‍वीकृति जारी नहीं हुई है तो विलंब होने के कारण सहित बताया जावे कि उक्‍त प्राथमिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र कब तक स्‍थापित करा दिया जावेगा?

लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) जी हाँ। ग्राम पुछीकरगुंवा के उप स्वास्थ्य केन्द्र का प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में उन्नयन की कार्यवाही प्रचलन में है। (ख) प्रश्‍न (क) के उत्तर उल्लेखित अनुसार कार्यवाही पर विभाग के निर्णय उपरान्त नियमानुसार कार्यवाही की जावेगी।

सर्व शिक्षा अभियान अंतर्गत अतिरिक्त कक्षों के निर्माण

[स्कूल शिक्षा]

43. ( क्र. 1031 ) श्री मुरलीधर पाटीदार : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सर्व शिक्षा अभियान अंतर्गत अतिरिक्त कक्षों के निर्माण कार्य स्वीकृत किए जाने के संबंध में क्‍या प्रश्नकर्ता ने इस संबंध में अपने पत्र क्रमांक 350 दिनांक 13.5.17 से कलेक्टर आगर/शाजापुर से जानकारी मांगी थी? यदि हाँ, तो क्या कार्यवाही की गई? (ख) प्रश्‍नांश (क) अन्‍तर्गत स्वीकृत अतिरिक्त कक्षों के निर्माण कार्य हेतु समय पर कार्य पूर्ण न करने या कार्य तय मापदण्ड अनुसार न करने संबंधी कितनी शिकायतें प्राप्त हुई हैं एवं प्राप्त शिकायतों पर या सक्षम अधिकारी द्वारा मॉनिटरिंग कर क्या-क्या कार्यवाही की गई? क्या प्रश्नकर्ता द्वारा अपने पत्र क्रमांक 350 दिनांक 13.05.17 से प्रमुख सचिव महोदय से इस बाबत् आग्रह किया था यदि हाँ, तो क्या कार्यवाही की गई? (ग) जिला आगर एवं शाजापुर अंतर्गत प्रश्‍नांश (ख) के संबंध में की गई कार्यवाही का विवरण देवें? (घ) क्या वर्तमान में भी स्वीकृत अतिरिक्त कक्षों के निर्माण कार्य अपूर्ण हैं? यदि हाँ, तो अपूर्ण कार्यों को पूर्ण करवाने हेतु कोई प्रभावी कार्यावाही की जावेगी? यदि हाँ, तो क्या?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जी हाँ। माननीय विधायक के पत्र क्रमांक 350 दिनांक 13.5.2017 के तारतम्य में जिला शिक्षा केन्द्र आगर के पत्र क्रमांक 131 दिनांक 21.06.2017 एवं जिला शिक्षा केन्द्र शाजापुर के पत्र क्रमांक 1119 दिनांक 23.05.2017 द्वारा कार्यवाही की गई। (ख) प्रश्‍नांश '''' के अन्तर्गत स्वीकृत अतिरिक्त कक्षों के निर्माण कार्यों को पूर्ण करने के संबंध में कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई। राज्य स्तर पर निर्माण कार्यों की दिनांक 15.05.2017 से 19.05.2017 तक संभागवार समीक्षा की गई एवं प्रश्‍नकर्ता के पत्र क्रमांक 350 दिनांक 13.05.2017 के तारतम्य में राज्य शिक्षा केन्द्र के पत्र क्रमांक 8812 भोपाल दिनांक 3.06.2017 से जिला आगर-मालवा के निर्माणाधीन कार्यों की प्रगति से अवगत कराया गया। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परि‍शिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ग) प्रश्‍नांश '' के संबंध में जिला आगर के 26 अतिरिक्त कक्षों का निर्माण अपूर्ण हैं। निर्माण एजेंसी पर की गई कार्यवाही की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परि‍शिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। जिला शाजापुर से संबंधित 09 अतिरिक्त कक्षों का निर्माण कार्य भूमि अभाव के कारण अप्रारंभ है अतः निर्माण एजेंसी पर कार्यवाही निरंक है। (घ) जी हाँ। उत्तरांश '' अनुसार कार्यवाही की गई है। निश्चित समय-सीमा बताना संभव नहीं है।

विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत स्वास्थ्य केन्द्रों के व्यवस्थापन

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

44. ( क्र. 1032 ) श्री मुरलीधर पाटीदार : क्या लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों के सिविल अस्पताल में उन्नयन हेतु क्या मापदण्ड एवं प्रक्रिया हैं? (ख) क्या सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र सुसनेर के सिविल अस्पताल में उन्नयन हेतु प्रस्ताव प्रक्रियाधीन हैं? यदि हाँ, तो किस स्तर पर प्रचलित हैं एवं कब तक स्वीकृति होगी? यदि नहीं, तो क्या स्वप्रेरणा से इस ओर कार्यवाही की जावेगी? (ग) जिला चिकित्सालय आगर मालवा, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र सुसनेर, नलखेड़ा, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र सोयतकलां में क्रमशः कौन-कौन से पद स्वीकृत हैं तथा कौन-कौन से पदों पर पदपूर्ति या व्यवस्था हैं, पृथक-पृथक विवरण देवे? (घ) क्या प्रश्नकर्ता द्वारा पत्र क्रं. 491 दिनांक 15.07.16 से कलेक्टर एवं सी.एम.एच.ओ. आगर को प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र सोयतकलां में चिकित्सक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र सुसनेर में एक्स-रे टेक्नीशियन की व्यवस्था हेतु अनुरोध किया था? यदि हाँ, तो क्या कार्यवाही की गई? प्रति उत्तर में कोई पत्र लिखा हो तो उसकी सत्यापित प्रति उपलब्ध करावें?

लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में 80% अथवा इससे अधिक बेड़ ऑक्यूपेंसी होने पर सिविल अस्पताल में उन्नयन का मापदण्ड/प्रावधान है। (ख) जी हाँ, संचालनालय स्तर पर एवं निश्चित समयावधि बताना संभव नहीं है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (घ) जी हाँ। प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र सोयतकलां में चिकित्सक का पद रिक्त होने से सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र सुसनेर में पदस्थ चिकित्सक डॉ. अखिलेश कुमार बागी को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जिला शाजापुर के आदेश क्रमांक/स्थापना/2013/13468 दिनांक 01.10.2013 द्वारा प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र सोयतकलां का प्रभार दिया गया है। उनके द्वारा उक्त संस्था में वर्ष 2013 से ही निरंतर अपनी सेवाएं दी जा रही है। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र सुसनेर में एक्स-रे टेक्नीशियन का पद रिक्त होने से सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र बड़ौद में पदस्थ श्री कैलाश पुष्पद एक्स-रे टेक्नीशियन (संविदा) की ड्युटी आदेश क्रमांक/स्थापना/2016/1321 दिनांक 24.03.2016 द्वारा सप्ताह में तीन दिवस प्रति सोमवार, बुधवार एवं शुक्रवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र सुसनेर में लगाई गई है। प्रति उत्तर में कोई पत्र नहीं लिखा गया है, लेकिन मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी आगर मालवा द्वारा माननीय विधायक को दूरभाष पर की गई कार्यवाही से अवगत कराया है।

परिशिष्ट - ''आठ''

स्‍कूलों में शैक्षणिक शुल्‍क वृद्धि

[स्कूल शिक्षा]

45. ( क्र. 1038 ) श्री जितेन्‍द्र गेहलोत : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) स्‍कूलों में (प्रायवेट) फीस वृद्धि के लिए क्‍या-क्‍या मापदण्‍ड निर्धारित है? नियम व शर्तों सहित पूर्ण ब्‍यौरा दें? (ग) नागदा जिला उज्‍जैन में बिरला के प्रायवेट स्‍कूलों में अचानक दस प्रतिशत से अधिक फीस बढ़ाने की अनुमति क्‍या शिक्षा विभाग ने प्रदान की है? यदि नहीं, तो फीस वृद्धि पर शासन ने अब तक क्‍या कार्यवाही की है? (ग) क्‍या शासन फीस वृद्धि के इस अवैध कदम को अनुचित करार देकर निरस्‍त करेगा