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मध्यप्रदेश विधान सभा


प्रश्नोत्तर-सूची
जुलाई, 2016 सत्र


गुरूवार, दिनांक 21 जुलाई, 2016


भाग-1
तारांकित प्रश्नोत्तर


 


( वर्ग 4 : लोक निर्माण, वाणिज्य, उद्योग एवं रोजगार, खेल एवं युवा कल्याण, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व, वन, तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास, उच्च शिक्षा )


एम.पी.आर.डी.सी. द्वारा अवैध टोल वसूली

1. ( *क्र. 585 ) श्रीमती ममता मीना : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) गुना से अशोकनगर रोड के निर्माण का प्रारंभ बिन्‍दु तथा अंतिम बिन्‍दु क्‍या है? प्रारंभ बिन्‍दु एवं अंतिम बिन्‍दु अर्थात् ओरीजन पाईन्‍ट तथा डेस्‍टीनेशन पाईंट क्‍या निर्धारित थे? (ख) क्‍या उक्‍त ओरीजन पाईन्‍ट से डेस्‍टीनेशन पाईन्‍ट तक कार्य पूर्ण हो गया है? कार्य पूर्ण होने का दिनांक बतायें (ग) उक्‍त मार्ग पर टोल वसूली प्रारंभ करने का दिनांक बतायें। क्‍या उपर्युक्‍त दोनों बिन्‍दुओं अनुसार कार्य पूर्ण न होने की स्थिति में टोल वसूली की जा सकती है? यदि हाँ, तो नियम बतायें। यदि नहीं, तो अवैध वसूली प्रारंभ कराने के लिये कौन अधिकारी जवाबदेह है? (घ) जवाबदेह अधिकारी के विरूद्ध विभाग द्वारा कब तक जाँच कर कार्यवाही पूर्ण की जावेगी?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) म.प्र. सड़क विकास निगम के अंतर्गत गुना अशोकनगर-ईसागढ़ मार्ग (एस.एच. 20) को विकसित करने का कार्य बी..टी. (टोल) योजना में किया जा रहा है। इस मार्ग का प्रारंभ बिन्‍दु (ओरीजन पाईन्‍ट) गुना अशोकनगर मार्ग का कि.मी. 2+000 गुना पुलिस स्‍टेशन के पास एवं मार्ग का अंतिम बिन्‍दु (डेस्‍टीनेशन पाईन्‍ट) अशोकनगर-ईसागढ़ मार्ग के कि.मी. 35+150 पर ईसागढ़ कस्‍बे में तिराहे तक (परियोजना का कि.मी. 78+150) निर्धारित है। (ख) जी नहीं, ओरीजन एवं डेस्‍टीशन पाईंट तक कार्य पूर्ण नहीं हुआ है। गुना-अशोकनगर-ईसागढ़ मार्ग का कार्य अनुबंधानुसार दो सेक्‍शनों में पूर्ण किया जाना था, मार्ग के प्रथम सेक्शन (कि.मी. 2+000 से 44+710 तक) का कार्य 75 प्रतिशत पूर्ण होने पर अनुबंधानुसार प्रोविजनल कम्‍पलीशन प्रमाण-पत्र स्‍वतंत्र इंजीनियर द्वारा दिनांक 23.12.2014 को जारी किया गया। मार्ग के द्वितीय सेक्‍शन (कि.मी. 44+710 से 78+150 तक) का कार्य 75 प्रतिशत पूर्ण होने पर प्रोविजनल कम्‍पलीशन प्रमाण-पत्र दिनांक 22.03.2016 को जारी किया गया। (ग) मार्ग के प्रथम सेक्‍शन (कि.मी. 2+000 से 44+710 तक) में टोल वसूली दिनांक 23.2.2014 एवं द्वितीय सेक्‍शन (कि.मी. 44+710 से 78+150 तक) में टोल वसूली दिनांक 22.03.2016 से प्रारंभ की गई है। जी हाँ, सेक्‍शन 75 प्रतिशत कार्य पूर्ण होने पर प्रोविजनल कम्‍पलीशन प्रमाण-पत्र जारी होने पर अनुबंध के क्‍लॉज 14.3.2 के अनुसार टोल वसूली की जा सकती है। अनुबंध के क्‍लॉज 14.3.2 की छायाप्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। वसूली नियमानुसार की जा रही है। अवैध वसूली का प्रश्‍न ही उत्‍पन्‍न नहीं होता है। (घ) टोल वसूली का कार्य नियमानुसार किया जा रहा है। अत: जाँच एवं कार्यवाही का प्रश्‍न उत्‍पन्‍न नहीं होता है।

माननीय मुख्‍यमंत्री जी की घोषणा का क्रियान्‍वयन

2. ( *क्र. 1449 ) श्रीमती नीना विक्रम वर्मा : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या माननीय मुख्‍यमंत्री जी द्वारा 10 जनवरी 2016 को धार में आम सभा को संबोधित करते हुए शासकीय कन्‍या महाविद्यालय धार में स्‍नातकोत्‍तर कक्षाएं तथा पीथमपुर महाविद्यालय में वाणिज्‍य संकाय इसी सत्र जुलाई 2016 से प्रारंभ करने की घोषणा की गई थी तथा घोषणा के संबंध में कलेक्‍टर धार द्वारा पत्र भी शासन को प्रेषित किया जा चुका है? (ख) क्‍या घोषणा के क्रियान्‍वयन के क्रम में प्राचार्य शासकीय कन्‍या महाविद्यालय धार व महाविद्यालय पीथमपुर द्वारा वांछित जानकारी सहित प्रकरण उच्‍च शिक्षा विभाग को प्रेषित कर दिया गया है? (ग) क्‍या घोषणा के अनुरूप इसी सत्र से कन्‍या महाविद्यालय धार में स्‍नातकोत्‍तर कक्षाएं तथा पीथमपुर महाविद्यालय जिला धार में वाणिज्‍य संकाय प्रारंभ करने हेतु विभाग द्वारा सभी आवश्‍यक कार्यवाही पूर्ण कर ली जाकर आदेश कर दिये गये हैं? (घ) यदि नहीं, तो कन्‍या महाविद्यालय धार में स्‍नातकोत्‍तरीय कक्षाएं तथा पीथमपुर महाविद्यालय जिला धार में वाणिज्‍य संकाय कक्षाएं कब से प्रारंभ हो जावेंगी?

उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री जयभान सिंह पवैया ) : (क) दिनांक 10 जनवरी, 2016 को धार में आमसभा से संबंधित घोषणा क्रमांक बी 1521 के तहत ''धार कन्या महाविद्यालय को अगले सत्र से स्नातकोत्तर महाविद्यालय में अपग्रेड किया जाएगा।'' की घोषणा प्राप्त हुई। उक्त दिनांक को हुई शासकीय महाविद्यालय पीथमपुर से संबंधित कोई घोषणा उच्च शिक्षा विभाग में प्राप्त नहीं है। (ख) जी हाँ। (ग) शासकीय कन्या महाविद्यालय धार में स्नातकोत्तर की कक्षायें खोले जाने हेतु डी.पी.आर. तैयार कर स्थायी परियोजना परीक्षण समिति के समक्ष विचारार्थ प्रस्तुति हेतु प्रक्रियाधीन है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) प्रश्नांश (ग) अनुसार। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं।

वृक्षारोपण पर व्‍यय राशि

3. ( *क्र. 1600 ) श्री संदीप श्री प्रसाद जायसवाल : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वन विभाग द्वारा 2011 से प्रश्‍न दिनांक तक कटनी जिले में किस-किस योजना के तहत किस-किस स्‍थल पर कितनी-कितनी संख्‍या में वृक्षारोपण किया गया एवं कितना-कितना व्‍यय किया गया? (ख) प्रश्‍नांश (क) के अन्‍तर्गत किये गये वृक्षारोपण में से किस-किस योजना के तहत किस-किस स्‍थल पर कितने-कितने वृक्ष जीवित बचे हैं एवं विभाग द्वारा कुल किये गये व्‍यय एवं जीवित बचे वृक्ष के आधार पर प्रति जीवित वृक्ष लागत कितनी आई है?

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) एवं (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है।

चंदला विधान सभा क्षेत्रांतर्गत स्‍वीकृत कार्य

4. ( *क्र. 1674 ) श्री आर.डी. प्रजापति : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या वर्ष 2014-15, 2015-16 में वन विभाग द्वारा चंदला विधान सभा क्षेत्र में निर्माण हेतु कार्य स्‍वीकृत किये गये थे? यदि हाँ, तो कार्यों का पूर्ण विवरण प्रत्‍येक कार्य की लागत तथा निर्माण कार्य पूर्ण होने के पत्र की जानकारी उपलब्‍ध कराई जावे। (ख) यदि कोई कार्य अपूर्ण रह गये हैं तो उनकी भी सूची कारणों सहित प्रदाय की जावे। (ग) उक्‍त निर्माण कार्य के संबंध में कोई शिकायत प्राप्‍त हुई हो तो उन शिकायतों पर विभाग ने क्‍या कार्यवाही की? (घ) इस प्रकार उक्‍त कार्यों में एवं शिकायतों में दोषी पाये गये अधिकारियों के विरूद्ध क्‍या कोई कार्यवाही की गयी है? यदि नहीं, तो कब तक की जायेगी?

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) जी हाँ। जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) कोई भी कार्य अपूर्ण नहीं है। अत: सूची कारणों सहित प्रदान करने का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) एवं (घ) उक्‍त कार्यों में कोई शिकायत प्राप्‍त नहीं हुई। अत: कार्यवाही का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। 

परिशिष्ट - ''एक''

रीवा से हनुमना फोरलेन सड़क निर्माण में काटे गये वृक्ष

5. ( *क्र. 1639 ) श्री गिरीश गौतम : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रीवा से हनुमना फोरलेन सड़क निर्माण में पुरानी सड़क के किनारे लगे कितने पेड़ काटे गये और कटे हुए पेड़ों को कहाँ रखा गया है? क्‍या कटे हुए पेड़ों को नीलाम किया गया? यदि हाँ, तो नीलामी से प्राप्‍त राशि कितनी है और कहाँ जमा की गयी? (ख) क्‍या काटे गये पेड़ों के स्‍थान पर नये पेड़ लगाये जाने की शर्तों का अनुबंध सड़क ठेकेदार से हुआ है? यदि हाँ, तो कितने पेड़ सड़क के किनारे लगाये गये हैं? उनकी भी संख्‍या बतायें। यदि नहीं, तो क्‍यों? शर्तों के उल्‍लंघन के लिये कौन जिम्‍मेदार है और उनके विरूद्ध क्‍या कार्यवाही कब तक होगी?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) रीवा से हनुमना फोरलेन सड़क निर्माण में पुरानी सड़क के किनारे लगे कुल 3580 वृक्ष काटे गये एवं उन काटे गये वृक्षों को वन विभाग रीवा के शासकीय डि‍पो के अतिरिक्‍त निजी रूप से ग्राम मसुरिया, पटहरा, खीरी, धोरहा, पलिया टुबान, बहिकटा, जमुहरा, देवरा, पलिया त्रिवेणी सिंह मिसिरगंवा तथा रायपुर कर्चुलियान में रखा गया था। जी हाँ। रू. 9,80,559.00 जो कि वन मंडल अधिकारी जिला रीवा के खाते में जमा है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) जी हाँ। निवेशकर्ता द्वारा 40526 नग पौधे रोपित किये गये। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। चूंकि शर्तों का उल्‍लंघन नहीं हुआ है, अत: कार्यवाही का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

शासकीय महाविद्यालय चांद में रिक्‍त पदों की पूर्ति

6. ( *क्र. 573 ) पं. रमेश दुबे : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शासकीय महाविद्यालय चांद, जिला छिन्‍दवाड़ा में कुल कितने पद स्‍वीकृत हैं? पदवार जानकारी दें (ख) महाविद्यालय कब से संचालित है? संचालन प्रारंभ होने के समय से कितने पदों पर किन-किन की नियुक्तियां की गयी हैं? नहीं की गयी हैं तो क्‍यों? (ग) क्‍या शासकीय महाविद्यालय चांद में केवल प्रभारी प्राचार्य के पद पर एक नियमित सहायक प्राध्‍यापक की पदस्‍थापना की गयी है, शेष सहायक प्राध्‍यापक के पद पर गेस्‍ट फैकल्‍टी से कार्य चलाया जा रहा है तथा तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के पदों पर पदस्‍थापना नहीं होने से कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है? (घ) क्‍या शासन शासकीय महाविद्यालय चांद, जिला छिन्‍दवाड़ा में विषयवार स्‍वीकृत सहायक प्राध्‍यापकों के पदों पर अन्‍य महाविद्यालयों से स्‍थानांतरण कर पदस्‍थ करने तथा तृतीय श्रेणी और चतुर्थ श्रेणी के पदों पर पदस्‍थापना किये जाने का आदेश देगा? यदि नहीं, तो क्‍यों?

उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री जयभान सिंह पवैया ) : (क) शासकीय महाविद्यालय चांद जिला छिंदवाड़ा में राजपत्रित संवर्ग के 09 एवं अराजपत्रित संवर्ग के 08 पद, कुल 17 पद स्वीकृत है। शेष जानकारी संलग्‍न ​परिशिष्ट अनुसार है। (ख) महाविद्यालय 2015-16 से संचालित है। महाविद्यालय में एक सहायक प्राध्यापक (हिन्दी) की पदस्थापना की गई है तथा अराजपत्रित संवर्ग में किसी भी पद पर पदस्थापना नहीं की गई। शैक्षणिक संवर्ग में शिक्षकों की तथा ​तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के कार्यरत कर्मचा​रियों की कमी के कारण। (ग) जी हाँ। (घ) जी नहीं। शैक्षणिक संवर्ग के रिक्त पदों की पूर्ति हे​तु म.प्र. लोक सेवा आयोग द्वारा दिनांक 19.02.2016 को विज्ञापन जारी किया जा चुका है, चयन प्रक्रिया जारी है। तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के पदों पर यथासमय नियमानुसार रिक्त पदों की पूर्ति हेतु कार्यवाही की जावेगी।

परिशिष्ट - ''दो''

धार जिले में स्‍थापित उद्योग

7. ( *क्र. 1764 ) श्री सुरेन्‍द्र सिंह बघेल : क्या खनिज साधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) धार जिले में पाँच सौ करोड़ रू. या अधिक के शुद्ध मूल्‍य वाली या पाँच करोड़ रू. या अधिक के लाभ वाली कितनी कंपनियां हैं? उनकी सूची नाम, स्‍थान सहित देवें (ख) इनका वर्ष 2013-14, 2014-15, 2015-16 में कितना टर्न ओव्‍हर एवं शुद्ध लाभ रहा? प्रत्‍येक कंपनी के नाम सहित वर्षवार बतावें

खनिज साधन मंत्री ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) कंपनियों के शुद्ध मूल्‍य तथा उनके द्वारा अर्जित लाभ अथवा हानि की जानकारी राज्‍य शासन द्वारा संधारित नहीं की जाती है। (ख) उद्योगों के टर्न ओव्‍हर एवं लाभ हानि की जानकारी संधारित नहीं की जाती है।

सोनकच्‍छ में बायपास तक सड़क निर्माण

8. ( *क्र. 925 ) श्री राजेन्द्र फूलचं‍द वर्मा : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या सोनकच्‍छ से शासकीय अस्‍पताल से नवीन बायपास तक का सड़क निर्माण हेतु कोई प्रस्‍ताव है? यदि है, तो उस पर क्‍या कार्यवाही चल रही है? (ख) उक्‍त सड़क स्‍वीकृत है या नहीं? यदि हाँ, तो निर्माण कार्य कब तक शुरू होगायदि नहीं, तो विभाग द्वारा इसकी स्‍वीकृति हेतु क्‍या कार्यवाही प्रचलित है? (ग) क्‍या नगरवासियों को भविष्‍य में उक्‍त सड़क प्राप्‍त हो सकेगीयदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्‍यों नहीं?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ। डी.पी.आर. बनाने की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। (ख) जी नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। प्रश्‍नांश (क) के उत्‍तर अनुसार। (ग) कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। निश्चित समय-सीमा बताना संभव नहीं, प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

हरियाली महोत्‍सव अंतर्गत पौधरोपण

9. ( *क्र. 398 ) श्री राजकुमार मेव : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) खरगोन जिले में हरियाली महोत्‍सव 2014 एवं 2015 के अंतर्गत कहाँ-कहाँ एवं कितने-कितने पौधों का रोपण कार्य किया गया एवं उस पर कितनी राशि व्‍यय की गई? (ख) प्रश्‍नांश (क) के संबंध में वर्तमान में कितने पौधे जीवित हैं एवं कितने पौधे मृत हो गये? प्रोजेक्‍टवार जानकारी उपलब्‍ध करावें (ग) वर्ष 2016 में खरगोन जिले की जनपद पंचायतवार कितने पौधरोपण की कार्य योजना तैयार की गई है एवं कहाँ-कहाँ कितने-कितने पौधे लगाये जावेंगे एवं उस पर कितना व्‍यय किये जाने का प्रावधान किया गया है? (घ) क्‍या विभाग द्वारा जनपद पंचायत महेश्‍वर एवं बड़वाह क्षेत्रांतर्गत नर्मदा नदी के दोनों किनारों पर वृक्षारोपण किये जाने की कोई कार्य योजना तैयार की गई? यदि हाँ, तो ग्रामवार कितने पौधे कहाँ-कहाँ रोपण की कार्ययोजना बनाई गई? प्रोजेक्‍टवार जानकारी दी जावे

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) एवं (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (घ) योजना तैयार की जा रही है। 

गाडरवारा विधान सभा क्षेत्र में निर्माणाधीन सड़कें

10. ( *क्र. 1666 ) श्री गोविन्‍द सिंह पटेल : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) गाडरवारा विधान सभा क्षेत्र में सन 2014 से प्रश्‍न दिनांक तक कितने सड़क निर्माण के प्रस्‍ताव विभाग को प्राप्‍त हुये? (ख) कितनी सड़कें स्‍वीकृत की गईं एवं कितनों में कार्य प्रारंभ हो चुका है, कितनी स्‍वीकृति हेतु शेष हैं? (ग) प्रस्‍तावित अन्‍य सड़कें किस कारण से अभी तक स्‍वीकृत नहीं हुईं? कारण सहित बतायें (घ) क्षेत्र में बची हुई प्रस्‍तावित सड़कें कब तक स्‍वीकृत करके कार्य करा दिये जायेंगे?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) मार्गवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र अनुसार है। म.प्र. सड़क विकास निगम को गाडरवारा विधानसभा क्षेत्र में सन 2014 से प्रश्‍न दिनांक तक किसी भी सड़क निर्माण हेतु कोई भी प्रस्‍ताव प्राप्‍त नहीं हुआ है। निगम द्वारा तीन सड़कें ए.डी.बी. (पाँच) में प्रस्‍तावित की जा रही हैं। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र अ-1 अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र अनुसार है। सड़क विकास निगम की स्‍वीकृति ए.डी.बी. (पाँच) अंतर्गत प्रक्रियाधीन है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र अनुसार है। (घ) वर्तमान में समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

महिदपुर वि.स. क्षेत्र के अपूर्ण कार्यों को पूर्ण किया जाना

11. ( *क्र. 1761 ) श्री बहादुर सिंह चौहान : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2015-16 से प्रश्‍न दिनांक तक महिदपुर वि.स. क्षेत्र में विभाग के कितने कार्य कब से अपूर्ण हैं? उनकी सूची स्‍वीकृति दिनांक, लागत, कार्य पूर्णता दिनांक सहित देवें (ख) उपरोक्‍त कार्यों में कब-कब, कितनी राशि आहरित की गई? प्रत्‍येक कार्य की पृथक-पृथक बतावें। वर्तमान तक कितना कार्य पूर्ण है, प्रतिशत में बतावें (ग) निर्माण एजेंसियों पर विलंब के लिए क्‍या कार्यवाही की गई? य‍े कार्य कब तक पूर्ण होंगे? (घ) कार्य पूर्ण होने में देरी के लिए जिम्‍मेदार अधिकारियों पर शासन कब तक कार्यवाही करेगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) से (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' एवं 'अ-1' अनुसार है। (घ) कोई अधिकारी दोषी नहीं है। अत: कार्यवाही का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

धार्मिक स्‍थानों का जीर्णोद्धार

12. ( *क्र. 1671 ) श्री सूबेदार सिंह रजौधा : क्या खेल और युवा कल्याण मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) विधान सभा क्षेत्र जौरा में विभाग के कितने धार्मिक स्‍थान हैं और उन स्‍थानों पर वर्ष 2015-16 में जीर्णोद्धार हेतु कितनी-कितनी राशि व्‍यय की गई है? (ख) वर्ष 2014-15 एवं 2015-16 में कितने धार्मिक स्‍थानों पर निर्माण कार्य कराया गया है? (ग) जौरा विधानसभा क्षेत्र में जीर्णोद्धार से वंचित रह गये धार्मिक स्‍थानों का आगामी समय में जीर्णोद्धार कराया जावेगा? यदि हाँ, तो कौन-कौन से स्‍थानों को चिन्हित किया जावेगा?

खेल और युवा कल्याण मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) से (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

''विधायक कप'' के आयोजन पर किये गये व्‍यय की जाँच

13. ( *क्र. 1545 ) डॉ. गोविन्द सिंह : क्या खेल और युवा कल्याण मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या प्रश्‍नकर्ता के परि‍वर्तित अता. प्रश्‍न संख्‍या 53 (क्र. 6971), दिनांक 29.03.2016 के संदर्भ में भिण्‍ड जिले के लहार विधानसभा क्षेत्र में माह फरवरी, 2016 में आयोजित ''विधायक कप'' प्रतियोगिता में खेल अधिकारी द्वारा आर्थिक अनियमितता किये जाने की शिकायत की जाँच समय-सीमा में पूर्ण कराई जाकर, जाँच निष्‍कर्ष के आधार पर कार्यवाही की गई है? यदि हाँ, तो जाँच समय-सीमा में पूर्ण कराकर संबंधितों के विरूद्ध क्‍या-क्या कार्यवाही की गई? (ख) उक्‍त प्रश्‍नांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में ''विधायक कप'' के आयोजन हेतु शासन द्वारा कितनी राशि उपलब्‍ध कराई गई एवं आवंटन के विरूद्ध किस-किस कार्य पर कितनी-कितनी राशि व्‍यय की गई? (ग) भिण्‍ड जिले में वर्ष 2016 में ग्रीष्‍मकालीन खेल प्रतियोगिताएं कहाँ-कहाँ संपन्‍न कराई गईं एवं इन प्रतियोगिताओं के आयोजन हेतु शासन द्वारा कितनी-कितनी राशि आवंटित की गई थी एवं आवंटित राशि के विरूद्ध किस-किस कार्य पर कितनी-कितनी राशि व्‍यय की गई?

खेल और युवा कल्याण मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) भिण्ड जिले के लहार विधानसभा क्षेत्र में माह फरवरी, 2016 में आयोजित विधायक कप प्रतियोगिता में खेल अधिकारी द्वारा आर्थिक अनियमितता किये जाने की शिकायत की जाँच समय-सीमा में पूर्ण कराई गई। प्रतियोगिता में कोई आर्थिक अनियमितता नहीं पाई गई। इस कारण सम्बन्धित संभागीय खेल और युवा कल्याण अधिकारी, जिला-भिण्ड के विरूद्ध कार्यवाही किये जाने का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ख) लहार विधानसभा क्षेत्र में विधायक कप के आयोजन हेतु रू. 30,000/- की राशि उपलब्ध कराई गई थी। आवंटन के विरूद्ध व्यय की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ग) वर्ष 2016 में ग्रीष्मकालीन खेल प्रतियोगिताएं जिला मुख्यालय के साथ-साथ विकासखण्ड गोहद, मेहगाँव, भिण्ड, अटेर, रौन एवं लहार में सम्पन्न कराई गई। उक्त प्रतियोगिताओं के आयोजन हेतु संचालनालय द्वारा जिला खेल और युवा कल्याण अधिकारी, भिण्ड को राशि रू. 4,50,000/- का आवंटन स्वीकृत किया गया था। आवंटन राशि रू. 4,50,000/- के विरूद्ध किए गए कार्य का विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है।

ग्रामीण मार्गों के निर्माण की स्‍वीकृति

14. ( *क्र. 520 ) श्री नारायण सिंह पँवार : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता के अता.प्रश्‍न संख्‍या 98 (क्रमांक 7471), दिनांक 29 मार्च, 2016 के उत्‍तर में बताया गया था कि तेलीगांव एवं कानरखेड़ी ग्राम सड़क मार्ग से नहीं जुड़ा है एवं माननीय मुख्‍यमंत्री जी से वन-टू-वन चर्चा में सुन्‍दरपुरा से लखनवास मार्ग के निर्माण हेतु निर्देशित किया गया है। सक्षम समिति के अनुमोदन पश्चात् बजट में सम्मिलित करने की प्रक्रिया की जावेगी? तो क्‍या उक्‍त मार्गों के निर्माण हेतु कार्यपालन यंत्री लोक निर्माण विभाग संभाग राजगढ़ द्वारा प्राक्‍कलन तैयार कर शासन को सक्षम स्‍वीकृति‍ हेतु प्रेषित कर दिये गये हैं? (ख) प्रश्‍नांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में क्‍या माननीय मुख्‍यमंत्री जी के निर्देशों के पालन में ग्राम सुन्‍दरपुरा से लखनवास 5 कि.मी., ग्राम कानरखेड़ी से पार्वती ब्रिज 3 कि.मी. तथा कानेड़ से तेलीगांव 6 कि.मी. सड़क निर्माण की स्‍वीकृति हेतु सक्षम समिति से अनुमोदित कराकर प्रथम अनुपूरक बजट में सम्मिलित कर लिया गया है? यदि हाँ, तो बतावें यदि नहीं, तो क्‍यों? (ग) क्‍या शासन उक्‍त मार्गों के निर्माण हेतु प्रथम अनुपूरक बजट में प्रावधान करेगा? यदि नहीं, तो क्‍यों?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ, जी नहीं। (ख) जी नहीं, माननीय मुख्‍यमंत्री जी द्वारा वन-टू-वन चर्चा में केवल सुंदरपुरा से लखनवास मार्ग को लेने के कारण प्राक्‍कलन संशोधित कर पुन: दिनांक 06.06.2016 से जारी एस..आर. पर तैयार किया जा रहा है। शेष प्रश्‍नांश हेतु वित्‍तीय संसाधन की उपलब्‍धता के आधार पर स्‍वीकृति प्रदान की जावेगी। (ग) सक्षम समिति से अनुमोदन पश्‍चात् बजट में सम्मिलित करने की कार्यवाही की जावेगी।

आगर जिले में मार्गों का निर्माण

15. ( *क्र. 1604 ) श्री मुरलीधर पाटीदार : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विगत 03 वर्षों में मध्यप्रदेश में कितने मार्गों को जिला मार्ग घोषित किया जाकर कार्य किए गए हैं? आगर जिले की विवरणात्मक सूची उपलब्ध करावें (ख) नवगठित आगर जिले में किन-किन मार्गों को जिला मार्ग घोषित कर तद्नुसार मार्ग उन्नयनीकरण/निर्माण कार्य किया जाना आवश्यक है? इस बाबत् कोई सर्वे किया गया है? यदि हाँ, तो कब व किसके द्वारा? (ग) प्रश्नांश (ख) का उत्तर यदि नहीं, है तो क्या स्वप्रेरणा से नवगठित आगर जिले में नवीन जिला मार्गों हेतु कोई कार्ययोजना बनाई गई है? यदि हाँ, तो विवरण देवें व कार्य किस स्तर पर है? (घ) विधानसभा क्षेत्र सुसनेर अंतर्गत किन-किन मार्गों को जिला मार्ग घोषित करने के प्रस्ताव विगत 01 वर्ष में प्राप्त हुए हैं? क्या प्रश्नकर्ता ने भी पत्र लिखकर तत्‍संबंध में मांग की थी? यदि हाँ, तो क्या कार्यवाही की गई व कब तक स्वीकृति होगी?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' एवं ''1' अनुसार है। प्रश्‍नांश अवधि में आगर जिले में कोई मुख्‍य जिला मार्ग घोषित नहीं किया गया। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। उक्‍त मार्गों का वर्तमान में कोई सर्वे नहीं किया गया। अत: शेष प्रश्‍नांश की जानकारी निरंक है। (ग) जिला मार्ग घोषित करने हेतु कार्ययोजना में सम्मिलित मार्गों का प्रारंभिक चयन कलेक्‍टर की अध्‍यक्षता वाली जिला स्‍तरीय समिति द्वारा किया जाकर दिनांक 11.09.2015 को सांसद महोदय की अध्‍यक्षता वाली जिला सतर्कता एवं मूल्‍याकंन समिति की बैठक में अनुमोदित किया गया। (घ) जी नहीं। जी नहीं। शेष प्रश्‍नांश का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता है।

जंगली जानवरों द्वारा फसल नुकसानी पर क्षतिपूर्ति

16. ( *क्र. 1615 ) श्री दिनेश राय : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सिवनी विधान सभा क्षेत्रांतर्गत वर्ष 2011-12 से प्रश्‍न दिनांक तक जंगली जानवरों सुअरों, हिरणों आदि के द्वारा खेत की फसल नुकसान की कितनी शिकायतें विभाग को प्राप्‍त हुईं? उनमें से कितने किसानों को क्षतिपूर्ति मुआवजा राशि दी गई है? ग्रामवार सूची उपलब्‍ध करावें। (ख) क्‍या जंगली सुअरों, हिरणों आदि के द्वारा फसल नुकसानी पर क्षतिपूर्ति मुआवजा दिया जाता है? यदि हाँ, तो आदेश की प्रति उपलब्‍ध करावें (ग) नित जंगली सुअरों, हिरणों आदि द्वारा किसानों की फसल नुकसान की घटनायें प्रकाश में आ रही हैं, इसके रोकथाम हेतु विभाग द्वारा क्‍या कोई कार्यवाही प्रचलन में है? (घ) यदि नहीं, तो इसकी रोकथाम हेतु कोई ठोस योजना बनायी जावेगी? हाँ तो कब तक? निश्चित समय-सीमा बतावें।

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) सिवनी विधान सभा क्षेत्रान्‍तर्गत वर्ष 2011-12 से 2012-13 तक जंगली जानवरों सुअरों, हिरणों आदि के द्वारा फसल नुकसानी की कुल 07 शिकायतें/आवेदन विभाग को प्राप्‍त हुये थे, जिनमें से 07 किसानों को रूपये 20,988/- की क्षतिपूर्ति मुआवजा राशि दी गई है। ग्रामवार सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। वर्ष 2013-14 से जंगली जानवरों द्वारा फसल नुकसानी की क्षतिपूर्ति योजना राजस्‍व विभाग को हस्‍तांतरित की जा चुकी है। (ख) जी हाँ। आदेश की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ग) सिवनी जिले में स्थित पेंच टाइगर रिजर्व में फसल नुकसानी रोकथाम बाबत् पार्क की सीमा से लगे ग्रामों के पास आवश्‍यकतानुसार पत्‍थर की दीवार एवं सोलर फेंसिंग बनायी गई है। मध्‍यप्रदेश शासन, वन विभाग की अधिसूचना क्रमांक-22/285/99/10-2 दिनांक 31 मई, 2000 एवं समसंख्‍यक अधिसूचना दिनांक 29 अक्‍टूबर, 2003 द्वारा फसलों को नुकसान पहुँचाने वाली नीलगाय एवं जंगली सुअर को मारने की अनुमति जारी करने हेतु प्रदेश के समस्‍त अनुविभागीय अधिकारी राजस्‍व को अपनी-अपनी अधिकारिता क्षेत्र की सीमाओं के भीतर प्राधिकृत अधिकारी नियुक्‍त किया गया है। (घ) प्रदेश में नीलगाय से फसलहानि को रोकने के उद्देश्‍य से प्रायोगिक तौर पर 50 नीलगाय को छतरपुर/ नीमच/उज्‍जैन/मंदसौर जिले के राजस्‍व क्षेत्र से पकड़ कर अन्‍यत्र वनक्षेत्र में छोड़े जाने की कार्यवाही हेतु सहमति दी गई है।

शासकीय मंदिरों का जीर्णोद्धार

17. ( *क्र. 1377 ) कुँवर विक्रम सिंह : क्या खेल और युवा कल्याण मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) छतरपुर जिले में शासकीय मंदिरों के जीर्णोद्धार एवं बाउण्‍ड्रीवॉल निर्माण कराये जाने हेतु कोई कार्य योजना बनाई गई तथा मंदिरों में ठहरने के लिए धर्मशाला निर्माण की कोई योजना है? (ख) जिले में राजनगर तहसील, लवकुशनगर तहसील के मंदिरों के सुधार हेतु/बाउण्‍ड्रीवॉल निर्माण हेतु किन-किन ग्रामों में लोक निर्माण विभाग से सर्वे कराया गया? यदि नहीं, तो क्‍यों? (ग) क्‍या धार्मिक न्‍यास विभाग राजनगर एवं लवकुशनगर तहसील के अंतर्गत शासकीय मंदिरों के जीर्णोद्धार/बाउण्‍ड्रीवॉल कराये जाने के प्राक्‍कलन तैयार करवाने हेतु आदेश करेंगे?

खेल और युवा कल्याण मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) से (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

 

विधान सभा क्षेत्र सेमरिया अंतर्गत अपूर्ण मार्गों का निर्माण

18. ( *क्र. 321 ) श्रीमती नीलम अभय मिश्रा : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रश्‍नकर्ता के विधान सभा क्षेत्र सेमरिया के अंतर्गत तीन मार्ग (1) सेमरिया से भटिगवां मार्ग. (2) सेमरिया रीवा रोड से लटियार पहुंच मार्ग. (3) ग्राम चित्‍ती से देवगांव पहुँच मार्ग के डामरीकरण हेतु 3 वर्ष पहले कार्य शुरू हुआ था एवं आज भी अपूर्ण है? (ख) यदि हाँ, तो इसका कारण क्‍या है एवं कार्य पूर्ण न होने के दोषी कौन-कौन हैं? (ग) क्‍या विभाग द्वारा दोषियों पर कोई कार्यवाही की जा रही है? यदि हाँ, तो विवरण दें यदि नहीं, तो क्‍यों? (घ) उपरोक्‍त सड़कों का निर्माण कार्य कब तक पूर्ण कर लिया जावेगा? समय-सीमा बतावें

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ। जी नहीं, केवल एक कार्य अपूर्ण है। (ख) ग्राम चित्‍ती से देवगांव पहुंच मार्ग ठेकेदार द्वारा समानुपातिक प्रगति न देने के कारण अपूर्ण। ठेकेदार। (ग) जी हाँ। ठेकेदार की जोखिम एवं लागत पर निविदा आमंत्रण की एवं ठेकेदार को काली सूची में डालने की कार्यवाही प्रचलन में है। प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) निश्चित तिथि बताना संभव नहीं है।

सतनबाड़ा से नरवर सड़क मार्ग का निर्माण

19. ( *क्र. 272 ) श्री प्रहलाद भारती : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) पोहरी विधान सभा क्षेत्रान्‍तर्गत सतनबाड़ा से नरवर मार्ग कितने वर्षों से निर्माणाधीन है? (ख) क्‍या उक्‍त सड़क निर्माण हेतु नवीन टेण्‍डर के उपरांत नवम्‍बर 2015 में नवीन कार्य आदेश जारी किया गया है? नवीन कार्य आदेश अनुसार सड़क निर्माण हेतु क्‍या समय-सीमा निर्धारित की गयी है? ठेकेदार द्वारा प्रश्‍न दिनांक तक कितने प्रतिशत कार्य पूर्ण किया जाना चाहिए था, उसके अनुपात में ठेकेदार द्वारा कितना कार्य पूर्ण किया गया है? स्‍पष्‍ट करते हुए सड़क निर्माण की अद्यतन स्थिति से अवगत करावें। (ग) क्‍या सतनबाड़ा नरवर सड़क मार्ग के बीच में पड़ने वाली वनभूमि/नेशनल पार्क में सड़क निर्माण हेतु वन विभाग से अनुमति ली जा चुकी है? यदि नहीं, तो कारण स्‍पष्‍ट करें व कब‍ तक अनुमति प्राप्‍त कर ली जावेगी? (घ) क्‍या उक्‍त सड़क मार्ग में पड़ने वाले पुल/पुलियाओं का निर्माण नहीं हो पाया है और न ही ठेकेदार द्वारा पुलियाओं के निर्माण हेतु बनाये जाने वाले बायपास का निर्माण ठीक ढंग से किया गया है जिससे बारिश के मौसम में उक्‍त मार्ग पर आवागमन बंद होने की संभावना बनेगी? क्‍या प्रश्‍न दिनांक तक निर्माणाधीन मार्ग पर कई स्‍थानों पर केवल मिट्टी कार्य पूर्ण हुआ है, जिससे इस मार्ग पर आवागमन बंद हो जावेगा? यदि हाँ, तो विभाग सड़क पर आवागमन जारी रखने हेतु क्‍या कार्यवाही कर रहा है?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) 29 दिसम्‍बर 2012 से निर्माणाधीन है। (ख) जी हाँ। 04.11.2015 को नवीन कार्यादेश जारी किया गया। अनुबंधानुसार सड़‍क निर्माण हेतु 24 माह (दो वर्ष) ठेकेदार द्वारा प्रश्‍न दिनांक तक 12.9 प्रतिशत कार्य पूर्ण किया जाना चाहिये था उनके अनुपात में ठेकेदार द्वारा 11.03 प्रतिशत कार्य पूर्ण किया गया है। सड़क निर्माण की अद्यतन स्थिति के अनुसार नये ठेकेदार द्वारा सबग्रेड का कार्य पूर्ण, जी.एस.बी. का कार्य 10.16 कि.मी. में से 3.5 कि.मी. कार्य पूर्ण एवं डब्‍ल्‍यू.बी.एम. का कार्य 25.54 कि.मी. में से 0.5 कि.मी. पूर्ण ह्यूम पाईप कल्‍वर्ट 16 नग में से 15 नग पूर्ण तथा स्‍लेब कल्‍वर्ट 7 नग में से 5 नग पूर्ण हो चुके हैं। शेष कार्य प्रगतिरत् है। (ग) जी हाँ। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (घ) पुल-पुलियों का निर्माण कार्य प्रगति पर है। ठेकेदार द्वारा पुलियाओं के निर्माण हेतु बनाये जाने वाले अस्‍थाई बायपास का निर्माण ठीक ढंग से किया गया है। जी नहीं। जी हाँ, जी नहीं, शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

वन विभाग की भूमि पर अनाधिकृत वाहनों का आवागमन

20. ( *क्र. 228 ) श्री हरदीप सिंह डंग : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या सुवासरा विधानसभा क्षेत्र में वन विभाग द्वारा सौर ऊर्जा कंपनियों को वन विभाग की भूमि पर सड़क निर्माण तथा अन्‍य उपयोग हेतु अनुमति प्रदान की गई है? (ख) तहसील सीतामऊ में नाटाराम स्थित सौर ऊर्जा प्‍लांट पर कंपनियों की गाड़ि‍यों को आवागमन हेतु रास्‍ता वन विभाग कि भूमि पर किसकी अनुमति से दिया गया है? (ग) अगर विभाग की जानकारी के बिना कंपनियों की गाड़ि‍यों का आवागमन विगत एक वर्ष से हो रहा है, तो इसके लिये कौन जिम्‍मेदार है? (घ) कंपनी के द्वारा पैसे एवं राजनैतिक बल से वन विभाग की भूमि का उपयोग किया गया है तो विभाग द्वारा कंपनी से हर्जाना वसूल किया गया है या नहीं?

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) जी नहीं। अतः शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) प्रश्नांकित क्षेत्र में स्थित सौर ऊर्जा प्लांट पर कम्पनियों की गाड़ि‍यों को आवागमन हेतु वन विभाग द्वारा वन भूमि पर किसी भी प्रकार की अनुमति प्रदान नहीं की गई है। (ग) वन क्षेत्र से किसी भी प्रकार की गाड़ि‍यों का आवागमन नहीं हो रहा है अतः शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) जी नहीं। वन मण्डल मंदसौर के परिक्षेत्र मंदसौर के अंतर्गत कक्ष क्रमांक पी-7 में विद्यमान क्षतिग्रस्त गाड़ी को रास्ता आवागमन हेतु बिना स्वीकृति एवं अनुमति के समतल एवं मरम्मत करते पाये जाने पर भारतीय वन अधिनियम, 1927 की धारा 33 (1) ग के उल्लंघन का प्रकरण क्रमांक/ 3806/10, दिनांक 15.10.2015 पंजीबद्ध कर 02 जे.सी.बी. मशीन जप्त की गई। प्रकरण का प्रशमन उप वन मण्डल अधिकारी गरोठ वन मण्डल, मंदसौर द्वारा भारतीय वन अधिनियम, 1927 की धारा 68 (3) मध्यप्रदेश संशोधित अधिनियम, 2009 के अंतर्गत कर प्रतिकर के रूप में कुल राशि रूपये 20,000/- वसूल की गई। 

राईपुरा घाटी को दुर्घटना मुक्‍त बनाया जाना

21. ( *क्र. 1509 ) श्री पुष्‍पेन्‍द्र नाथ पाठक : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या जनसामान्‍य को सुगम, स‍ुरक्षित यातायात मार्ग उपलब्ध कराना शासन का उद्देश्‍य है? (ख) यदि हाँ, तो विधानसभा क्षेत्र बिजावर स्थित राईपुरा घाटी में होने वाली दुर्घटनाओं और मृत्‍यु को कम करने के लिए विभाग ने क्‍या-क्‍या प्रयास किए? (ग) राईपुरा घाटी में हो रही दुर्घटनाओं और मृत्‍यु को रोकने हेतु और क्‍या-क्‍या संभावित प्रयास किए जा सकते हैं? विभाग इन प्रयासों पर कब तक अमल करेगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) विभाग द्वारा दुर्घटना संभावित क्षेत्र में वाहन की गति कम करने हेतु रम्‍बल स्‍ट्रीप्‍स एवं गो-स्‍लो जैसे संकेतक का सड़क पर उपयोग किया गया है। संकेतक बोर्डस भी लगाए गए हैं। (ग) दुर्घटनाओं और मृत्‍यु को रोकने हेतु उक्‍त स्‍थल पर सड़क चौड़ीकरण, बोर्ड लगाना, घाटी की चढ़ाई में सुधार, गति नियंत्रण, गार्डवाल निर्माण इत्‍यादि के प्रयास किये जा सकते हैं। म.प्र. सड़क विकास निगम द्वारा प्रश्‍नांश (ख) अनुसार कार्य किया जा चुका है। शेष सुधार कार्यों की समय-सीमा बताना संभव नहीं है।

जंगल मद की जमीनों को वर्किंग प्‍लान में सम्मिलित किया जाना

22. ( *क्र. 1757 ) श्री हेमन्‍त विजय खण्‍डेलवाल : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता के अता.प्र.सं. 39 (क्र. 3357) दि. 08.03.2016 के उत्‍तर (क) में बताया कि नारंगी इकाई के प्रारंभिक सर्वे में तत्‍समय अनुपयुक्‍त पाई गई राजस्‍व भूमियां पूर्ववत् राजस्‍व विभाग के ही आधिपत्‍य में है? शेष बची अनुपयुक्‍त पाई गई नारंगी भूमियों का अंतरण/निर्वनीकरण नहीं किया गया तो बड़े झाड़ के जंगल, छोटे झाड़ के जंगल मद की जमीनों के संबंध में वन विभाग के पत्र दिनांक 14.05.1996 एवं याचिका क्रं. 202/95 दिनांक 12.12.1996 में क्‍या आदेश दिए गए हैं? (ख) किस राजकीय आदेश एवं किस न्‍यायालयीन आदेश के अनुसार बड़े झाड़ के जंगल, छोटे झाड़ के जंगल मद की जमीनों को नारंगी भूमि सर्वे या नारंगी वनखण्‍ड में शामिल कर वर्किंग प्‍लान में सम्मिलित किया है? (ग) नारंगी भूमि सर्वे में उपयुक्‍त प्रश्‍नांश (क) अनुसार 7565.067 हेक्‍टेयर भूमि में से कितनी भूमि राजपत्र में डीनोटीफाई भूमि है? इस भूमि को किन कारणों से किसके आदेश से नारंगी वनखण्‍ड में शामिल किया गया है?

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) प्रश्‍नांकित पत्र दिनांक 14.05.1996 एवं माननीय सर्वोच्‍च न्‍यायालय की याचिका क्रमांक 202/95 में पारित अंतरिम आदेश दिनांक 12.12.1996 में बड़े झाड़ के जंगल, छोटे झाड़ के जंगल मद की राजस्‍व भूमि के संबंध में कोई उल्‍लेख नहीं है। पत्र एवं आदेश की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) बड़े झाड़ के जंगल छोटे झाड़ के जंगल मद की राजस्‍व भूमि मध्‍यप्रदेश शासन, वन विभाग के पत्र क्रमांक एफ 5/43/90/10-3 दिनांक 14.05.1996 के निर्देशों के तहत नारंगी इकाई द्वारा सर्वेक्षण कर वनखण्‍डों में शामिल क्षेत्रों को कार्य-आयोजना में सम्मिलित किया गया। (ग) नारंगी क्षेत्र सर्वेक्षण में उपयुक्‍त 7565.067 हेक्‍टेयर भूमि में से 3192.091 हेक्‍टेयर निर्वनीकृत भूमि है। इस भूमि पर अच्‍छी श्रेणी के वन होने के कारण वन विभाग के पत्र दिनांक 14.05.1996 के निर्देशों के तहत वनखण्‍डों में शामिल किया गया।

 

इंजीनियरिंग महाविद्यालयों की गुणवत्‍ता

23. ( *क्र. 1448 ) श्री यशपालसिंह सिसौदिया : क्या राज्‍यमंत्री, तकनीकी शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रदेश में गत 5 वर्षों में बेरोजगार इंजीनियरों की संख्या लगातार बढ़ रही है? क्या तकनीकी शिक्षा विभाग मानता है कि प्रदेश के निजी इंजीनियरिंग महाविद्यालय के विद्यार्थियों की गुणवत्ता देश स्तर पर प्रमाणिक नहीं हो पा रही, जिससे प्रतिवर्ष प्रदेश के हजारों युवा इंजीनियर बेरोजगारी की मार झेल रहे हैं, इसका आंकलन विभाग ने कब-कब किया? क्या इसके लिए कोई कमेटी बनाई गई है? यदि हाँ, तो कमेटी के निर्णय एवं कार्यवाही से अवगत करायें (ख) सत्र 2014-2015, 2015-2016 में कितने विद्यार्थियों ने इंदौर उज्‍जैन संभाग के महाविद्यालयों में इंजीनियरिंग की परीक्षा पास की तथा कितने विद्यार्थियों को कैम्पस के माध्यम से रोजगार प्राप्त हुआ? महाविद्यालयवार सूची उपलब्ध करायें (ग) क्या उज्‍जैन, इंदौर संभाग के कई महाविद्यालय शासन द्वारा निर्धारित शर्तों का पालन ही नहीं करते, अर्थात् अनुभवहीन एवं योग्यताविहीन शिक्षक, निर्धारित मापदण्‍ड के अनुसार प्रयोगशालाओं का अभाव आदि कारणों से विद्यार्थी डि‍ग्री तो प्राप्त कर लेते हैं किन्तु योग्यता नहीं? इसका आंकलन एवं निरीक्षण विभाग ने कब-कब किया, निजी महाविद्यालयवार 1 जनवरी 2013 के पश्चात् की जानकारी, निरीक्षणकर्ता सहित देवें निरीक्षणकर्ता की रिपोर्ट से भी अवगत करायें

राज्‍यमंत्री, तकनीकी शिक्षा ( श्री दीपक जोशी ) : (क) जी हाँ। गत पाँच वर्षों में प्रदेश में इंजीनियरिंग महाविद्यालयों की संख्‍या एवं उनमें प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों की संख्‍या में अत्‍यधिक वृद्धि होने के कारण यह स्थिति निर्मित हुई है। प्रदेश में इंजीनियरिंग डिग्री प्राप्‍त करने वाले विद्यार्थियों को निजी क्षेत्रों में रोजगार के अवसर उपलब्‍ध कराने की दृष्टि से विभिन्‍न संस्‍थाओं द्वारा कैम्पस इंटरव्यू आयोजित किये जाते हैं, जिसमें काफी संख्‍या में विद्यार्थियों को रोजगार प्राप्‍त होता है। विभाग द्वारा शैक्षणिक गुणवत्‍ता सुनिश्चित किये जाने हेतु दिनांक 16.05.2016 द्वारा परिपत्र जारी किया गया है। शासन द्वारा कोई कमेटी का गठन नहीं किया गया। अत: शेष का प्रश्‍न नहीं हैं। (ख) प्रश्‍नांकित वर्षों में इंदौर एवं उज्‍जैन संभाग के महाविद्यालयों में इंजीनियरिंग की परीक्षा पास करने वाले विद्यार्थियों की सूची की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है एवं कैम्पस के माध्‍यम से सिलेक्‍शन हुये विद्यार्थियों की संस्‍थावार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है (ग) जी नहीं। अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद नई दिल्‍ली के द्वारा नई संस्‍थाओं को अनुमति एवं विद्मान संस्‍थाओं के संचालन की अनुमति उनके द्वारा निर्धारित मापदण्‍डों की पूर्ति के उपरांत ही दी जाती है एवं शैक्षणिक मापदण्‍डों की पूर्ति के उपरांत संबंधित विश्‍वविद्यालय द्वारा संबद्धता प्रदान की जाती है। राजीव गाँधी प्रौद्योगिकी विश्‍वविद्यालय द्वारा 26 महाविद्यालयों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षणकर्ताओं के नाम सहित संस्‍थावार निरीक्षण रिपोर्ट की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है।

विधानसभा क्षेत्र राजगढ़ के मार्गों का मरम्‍मतीकरण

24. ( *क्र. 349 ) श्री अमर सिंह यादव : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या लोक निर्माण विभाग द्वारा राजगढ़ जिले की विधानसभा क्षेत्र राजगढ़ में वर्ष 2015-16 से 2016-17 में राजगढ़ से खुजनेर, राजगढ़ से पिपलोदी, राजगढ़ से किला अमरगढ़, राजगढ़ से सवासड़ा आदि मार्गों का रिपेयरिंग कार्य करवाया गया है? (ख) यदि हाँ, तो क्‍या यह कार्य विभाग द्वारा करवाया गया है अथवा ठेकेदार द्वारा करवाया गया है? (ग) क्‍या रिपेयरिंग कार्य पूर्ण हो चुका है? यदि ठेकेदार द्वारा रिपेयरिंग कार्य करवाया गया है तो ठेकेदार का नाम, राशि की जानकारी दें (घ) क्‍या ठेकेदार को पूरी राशि का भुगतान किया जा चुका है?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। (घ) जी हाँ।

मॉडल सड़क के निर्माण कार्य में अनियमितता

25. ( क्र. 1796 ) श्री हर्ष यादव : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या विभाग द्वारा गौरझामर-केसली-टड़ा-सियरमऊ मार्ग को मॉडल सड़क के रूप में निर्मित कराया जा रहा है? यदि हाँ, तो फिर गुणवत्‍ता नियंत्रण हेतु क्‍या-क्‍या प्रबंध विभाग द्वारा किये गये हैं? (ख) क्‍या प्रश्‍नकर्ता सदस्‍य द्वारा पत्र के माध्‍यम से विभाग के प्रमुख सचिव एवं मुख्‍य अभियंता को उक्‍त सड़क निर्माण में की जा रही अनियमितताओं से अवगत कराया था? यदि हाँ, तो पत्रों पर की गई कार्यवाही का विवरण दें? (ग) सड़क निर्माण कार्य में विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत से ओ.वी.सी. सीमेंट की जगह पी.पी.सी. सीमेंट का प्रयोग किये जाने, 6 (एम.एम.) से छोटी एवं 25 एम.एम. से बड़ी गिट्टी का प्रयोग किये जाने के क्‍या कारण हैं? खराब गुणवत्‍ता के लिए कौन-कौन जिम्‍मेदार है? (घ) क्‍या प्रमुख सचिव द्वारा उक्‍त सड़क का निरीक्षण किया गया था? यदि हाँ, तो घटिया निर्माण को लेकर उनके द्वारा क्‍या निर्देश दिये गये थे?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ, मार्ग के पर्यवेक्षण गुणवत्‍ता नियंत्रण हेतु विभाग द्वारा तकनीकी कन्‍सलटेंट की नियुक्ति की गयी है। विभागीय उच्‍चाधिकारियों की उपस्थिति में भी नियमित रूप से पर्यवेक्षण एवं परीक्षण कर सतत् रूप से गुणवत्‍ता नियंत्रण किया जा रहा है। (ख) जी हाँ। माननीय विधायक जी द्वारा प्रमुख अभियंता को पत्र लिखा गया है। तद्नुसार उठाये गये बिन्‍दुओं की जाँच करा ली गई है एवं मार्ग निर्माण में कोई अनियमितता नहीं पाई गई है। कार्यवाही का प्रश्‍न ही नहीं उठता। (ग) सड़क निर्माण में उपयोग में लाई जा रही समस्‍त सामग्री मापदण्‍डानुसार उपयोग में लाई जा रही है। प्रश्‍न ही नहीं उठता। (घ) जी हाँ। उत्‍तरांश '' के उत्‍तर अनुसार शेष का प्रश्‍न नहीं उठता।

 


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भाग-2

नियम 46 (2) के अंतर्गत अतारांकित प्रश्नोत्तर के रुप में

परिवर्तित तारांकित प्रश्नोत्तर


किसानों की भूमि का निराकरण

1. ( क्र. 2 ) श्री महेन्द्र सिंह कालूखेड़ा : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) ग्राम हारूखेड़ी व सरदारपुर तहसील मुंगावली, जिला अशोकनगर में वर्षों से खेती करने वाले कौन-कौन व कितने किसानों को वन विभाग ने कब-कब गत वर्ष रोका तथा उन की भूमि पर खंतिया खोदी। (ख) प्रश्‍नांश (क) इन किसानों में से किस-किस से राजस्व विभाग ने जुर्माना वसूला व इन किसानों ने जो पुराने पट्टे बताएं, उन पर शासन ने क्या विचार किया तथा राजस्व, वन विभाग के विवाद का कब तक निर्णय हो जायेगा। (ग) अशोक नगर जिले में ग्राम राजपुर कचनार के पास किस-किस व कितने व्यक्तियों के मकान व भूमि पर से वन विभाग ने कब-कब कब्जे हटाये व पिछले 2 वर्ष में घर, मकान छोड़ने पर बाध्य किया तथा बाद में जाँच में यह भूमि वन विभाग की नहीं राजस्व विभाग की निकली। इस पर शासन क्या कार्यवाही कर रहा है।

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) प्रश्‍नांकित ग्रामों के किसी भी किसान को गत वर्ष खेती करने से नहीं रोका गया है, परन्‍तु ग्राम हारूखेड़ी के वन क्षेत्र से 85 व्‍यक्तियों तथा ग्राम सरदारपुर के वन क्षेत्र से 31 व्‍यक्तियों द्वारा स्‍वेच्‍छा से अतिक्रमण रिक्‍त किये जाने से इन वन क्षेत्रों की सुरक्षा एवं सीमांकन हेतु खंती खोदी गई हैं। वन भूमि रिक्‍त की गई व्‍यक्तियों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) वर्ष 2009-10 में वन सीमारेखा राजस्‍व नक्‍शों में डाले जाने के उपरंत राजस्‍व विभाग द्वारा अतिक्रामकों से कोई भी जुर्माना नहीं वसूला गया। इन अतिक्रामकों द्वारा कोई भी पुराने पट्टे नहीं बताये जाने के कारण शासन स्‍तर पर विचार करने का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता। (ग) प्रश्‍नांकित जिले एवं ग्राम से वन विभाग द्वारा कोई भी कब्‍जा नहीं हटाया गया है, बल्कि 68 अतिक्रामकों द्वारा स्‍वेच्‍छा से उनके द्वारा अतिक्रमित शासकीय भू‍मि से कब्‍जा हटा लिया गया है, जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। यह सही नहीं है कि बाद में जाँच में यह भूमि वन विभाग की न होकर राजस्‍व विभाग की निकली क्‍योंकि वन राजस्‍व सीमा के निर्धारण की कार्यवाही पूर्ण नहीं हुई है। अत: शासन स्‍तर पर किसी प्रकार की कार्यवाही का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता।

रोज घोड़ों (नील गाय) को मारने की अनुमति

2. ( क्र. 15 ) श्री महेन्द्र सिंह कालूखेड़ा : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में लगभग कितने रोज घोड़े हैं, जो किसानों की फसलों में भिण्ड से लेकर मंदसौर तक फसल नष्ट करती है। क्या शासन ने अनुमान लगाया है कि प्रदेश में इनकी संख्या कितनी है व कितने करोड़ की फसलें नष्ट करती है? (ख) क्या रोज घोड़े (रोजड़े) हिरन की तरह है व हिरन की प्रजाति का पशु है। जब यह गाय की तरह पोटा नहीं करता तो इसे नील गाय क्यों कहा जाता है, जिससे जनता की धार्मिक भावना जुड़ती है? (ग) क्या बिहार सरकार की तरह मध्यप्रदेश सरकार केन्द्र शासन से इनको मारने की अनुमति लेगी, ताकि किसानों की फसलों को हानि से बचाया जा सकें।

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) वन विभाग द्वारा अखिल भारतीय वन्‍यजीव आंकलन की भारत सरकार द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के अंतर्गत केवल वनक्षेत्रों में वन्‍यजीवों का आंकलन किया जाता है। अत: प्रदेश में वनों के बाहर रोज घोड़े की संख्‍या अथवा फसल हानि की राशि का कोई आंकलन वन विभाग में उपलब्‍ध नहीं है। (ख) रोज घोड़े नहीं अपितु वन्‍यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 की अनुसूची III में नीलगाय (Bioselaphus tragocamelus) के नाम से उल्‍लेखित है। यह एंटीलोप (Antelope) वर्ग का वन्‍यप्राणी है। देश-प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में पृथक-पृथक नाम क्षेत्रीय स्‍तर पर प्रचलित रहते हैं, जिनका स्‍थानीय निवासी उपयोग करते हैं। नीलगाय के संबंध में ''गाय'' प्रजाति के भ्रम को दूर करने हेतु नीलगाय का नाम रोजड़ करने के लिये भारत शासन को लेख किया गया है। (ग) भारत सरकार द्वारा विशिष्‍ट अवधि व क्षेत्र के लिये नीलगाय को वर्मिन घोषित किया है। अभी मध्‍यप्रदेश राज्‍य में भारत सरकार द्वारा ऐसी कोई घोषणा नहीं की गई है। शासन द्वारा प्रायोगिक तौर पर 50 नीलगाय को राजस्‍व क्षेत्र से पकड़कर वनक्षेत्र में स्‍थानांतरित करने हेतु अनुमति दी गई है।

पी.आई.यू्.द्वारा निर्मित शासकीय भवन एवं अन्‍य निर्माण कार्य

3. ( क्र. 117 ) श्री सुदेश राय : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला सीहोर के विकासखण्‍ड सीहोर में पी.आई.यू. द्वारा विभिन्‍न विभागों अंतर्गत कौन-कौन से शासकीय भवनों का निर्माण किया जा रहा है? शासकीय भवनों की विस्‍तृत जानकारी विभागवार देवें? (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में कितने भवनों का निर्माण पूर्ण कर भवन विभाग को सौंप दिये गये है तथा कितने निर्माण कार्य अपूर्ण हैं जो पूर्ण होने हैं? इनके निर्माण की अवधि क्‍या थी और यदि इनमें विलंब हुआ तो इसके लिये कौन उत्‍तरदायी है तथा निर्माण कार्य कब तक पूर्ण करा लिये जावेंगे? (ग) सीहोर मुख्‍यालय स्थित चर्च ग्राउण्‍ड में स्‍‍टेडियम के निर्माण हेतु कौन-कौन से कार्य प्रस्‍तावित थे तथा इस हेतु कुल कितना आवंटन स्‍वीकृत हुआ है तथा इसके निर्माण की अवधि क्‍या थी? (घ) प्रश्‍नांश (ग) के संदर्भ में क्या बिना ड्राईंग के ही उक्‍त निर्माण कार्य का ठेका दे दिया गया था जिसके कारण कार्य समय पर पूरा नहीं हो सका तथा दो ठेकेदारों का ठेका निरस्‍त कर नये ठेकेदार को ठेका दिया गया है? बिना ड्राइंग के कार्य प्रारंभ कराने हेतु कौन उत्‍तरदायी है तथा समय-समय पर विभाग को कितनी राशि प्राप्‍त हुई है और इस राशि से कौन-कौन से निर्माण कार्य कराये गये? कराये गये निर्माण समय अवधि में पूर्ण नहीं होने तथा कार्य गुणवत्‍ताहीन होने इस हेतु कौन-कौन उत्‍तरदायी है तथा लापरवाही हेतु किस के विरूद्ध अभी तक क्‍या कार्यवाही की गई? यदि नहीं, तो क्‍यों नहीं?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) एवं (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ग) सीहोर मुख्‍यालय स्थित चर्च ग्राउण्‍ड में वृहद स्‍टेडियम का निर्माण कार्य प्रस्‍तावित था, जिसके लिए शासन से रू. 95.22 लाख की प्रशासकीय स्‍वीकृति दिनांक 14.09.2012 को प्राप्‍त हुई थी। उक्‍त कार्य हेतु आवंटन का विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। उक्‍त निर्माण की अवधि 8 माह वर्षाकाल सहित थी। (घ) जी नहीं। समय-सीमा में कार्य न करने के कारण पूर्व के दो ठेके विखण्डित किये गये है एवं उनका पंजीयन निलम्‍बन किया गया है। प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। प्राप्‍त जमा राशि एवं भुगतान की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' के कॉलम 10 अनुसार है। वृहद स्‍टेडियम का कार्य गुणवत्‍ता सहित कराया जा रहा है। कार्य समयावधि में पूर्ण न करने के कारण दो ठेकेदार के विरूद्ध कार्यवाही की गई। प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

पलेरा एवं खरगापुर में आई.टी.आई. कॉलेज खोले जाना

4. ( क्र. 122 ) श्रीमती चन्‍दा सुरेन्‍द्र सिंह गौर : क्या राज्‍यमंत्री, तकनीकी शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या खरगापुर एवं पलेरा खरगापुर विधान सभा क्षेत्र के दोनों बड़े कस्‍बे हैं और इन कस्‍बों से लगा हुआ काफी ग्रामीण क्षेत्र भी है तथा तकनीकी शिक्षा पाने हेतु छात्र-छात्राओं को काफी दूर जाना पड़ता है? ऐसी स्थिति को ध्‍यान में रखते हुये क्‍या खरगापुर एवं पलेरा में आई.टी.आई. महाविद्यालय खोले जायेंगे? यदि हाँ, तो समयावधि बतायें। यदि नहीं, तो कारण स्‍पष्‍ट करें। (ख) क्‍या प्रत्‍येक विकासखण्‍ड मुख्‍यालय पर आई.टी.आई. खाले जाने की सरकार की मंशा है? क्‍या इस योजना के आदेश प्रसारित कर दिये गये हैं? यदि नहीं, तो कारण बतायें? यदि हाँ, तो कहाँ-कहाँ के लिये किये गये हैं और आई.टी.आई. कॉलेज खोलने हेतु शासन के क्‍या मापदण्‍ड हैं?

राज्‍यमंत्री, तकनीकी शिक्षा ( श्री दीपक जोशी ) : (क) जी हाँ। विभाग की नीति के अनुसार प्रथमत: ऐसे विकासखण्‍ड जिसमें कोई शासकीय/प्राईवेट आई.टी.आई. नहीं है, में आई.टी.आई. स्‍थापित की जाये। खरगापुर कस्‍बा, विकासखण्‍ड बल्‍देवगढ़ के अंतर्गत आता है, जिसके अंतर्गत शासकीय आई.टी.आई. बल्‍देवगढ़ संचालित है। अतएव खरगापुर कस्‍बे में आई.टी.आई. खोलने का औचित्‍य नहीं है। पलेरा विकासखण्‍ड है, जिसमें कोई आई.टी.आई. संचालित नहीं है। ऐसे 63 विकासखण्‍ड हैं, जिनमें कोई शासकीय अथवा प्राईवेट आई.टी.आई. नहीं है। वित्‍तीय वर्ष 2016-17 में पलेरा विकासखण्‍ड में आई.टी.आई. खोलने की कोई योजना नहीं है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) जी हाँ। वर्तमान में कुल 313 विकासखण्‍ड हैं, जिनमें से 63 विकासखण्‍डों में कोई भी प्राईवेट अथवा शासकीय आई.टी.आई. नहीं है। 63 विकासखण्‍डों की जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र एक/दो अनुसार है। आई.टी.आई. खोलने के लिये प्रदेश शासन के कोई मापदण्‍ड नहीं है। आई.टी.आई. में प्रशिक्षण संचालित करने के लिये व्‍यवसायवार वर्कशॉप, सैद्धांतिक कक्षायें, अमला तथा विद्युत कनेक्‍शन आदि के लिये राष्‍ट्रीय व्‍यवसायिक प्रशिक्षण परिषद् द्वारा मानदण्‍ड निर्धारित किये गये है।

परिशिष्ट - ''तीन''

गुणवत्‍ता विहीन सड़क निर्माण की जाँच व कार्यवाही

5. ( क्र. 151 ) कुँवर सौरभ सिंह : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सिहोरा से हटा दमोह रोड का निर्माण म.प्र. रोड डेव्‍हलपमेंट कार्पोरेशन लिमिटेड सागर के द्वारा ठेकेदार से बी.ओ.टी. योजना के तहत कराया जा रहा है? (ख) क्‍या प्रश्‍नकर्ता को विभाग द्वारा यह अवगत कराया गया है कि उक्‍त मार्ग के निर्माण में आर.एम.सी. प्‍लांट का उपयोग न कर फलोरी का उपयोग किया जा सकता है? यदि हाँ, तो अनुबंध की प्रति उपलब्‍ध कराये तथा कंडिका से भी अवगत करायें? (ग) क्‍या संभागीय प्रबंधक म.प्र. रोड डेव्‍हलपमेंट कार्पोरेशन लिमिटेड सागर ने स्‍वयं अपने पत्र क्रमांक 65/2016-17 सागर दिनांक 06.04.2016 के पत्र के द्वितीय पैरा में स्‍वीकार किया है कि जो कार्य गुणवत्‍ताविहीन पाए गए हैं उन्‍हें समय रहते रिजेक्‍ट करते हुए हटाया गया है? यदि हाँ, तो वो कौन-कौन से कार्य गुणवत्‍ता विहीन थे जिनकों हटाया गया है? (घ) क्‍या प्रश्‍नकर्ता सदस्‍य द्वारा मुख्‍य सचिव म.प्र. शासन एवं एम.पी.आर.डी.सी. सागर को पत्र क्रमांक 366 दिनांक 31.05.2016 से प्रश्‍नांकित रोड निर्माण में हो रही अनियमिताओं की जाँच करने हेतु लिखा था? यदि हाँ, तो उन पत्रों पर क्‍या कार्यवाही की गई? जाँच किसके द्वारा की जा रही है? जाँच पूर्ण हुई अथवा नहीं? यदि कार्यवाही नहीं की गई तो क्‍यों तथा दोषियों को संरक्षण प्रदान करने का क्‍या कारण है? जाँच कब तक करवाई जाकर कार्यवाही की जायेगी?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी नहीं। (ख) जी हाँ, अनुबंध की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। कंडिका के रूप में सेक्‍शन 6 का अवलोकन किया जा सकता है। (ग) जी हाँ निम्‍न कार्यों को पुन: कराया गया है। (1) कि.मी. 75+000 से 78+000 एवं कि.मी. 84+000 से 85+000 तक मिट्टी के शोल्‍डर हटाया जाकर पुन: बनाया गया। (2) कि.मी. 46+900 से कि.मी. 47+250 तक (दोनों लेयर) कि.मी. 71+300 से 71+600 एवं कि.मी. 87+700 से 88+100 तक जी.एस.बी. का मटेरियल हटाया जाकर पुन: बनाया गया। (3) कि.मी. 84+000 से 86+000 तक डब्‍ल्‍यू.एम.एम. की (प्रथम लेयर) हटाई जाकर पुन: बनाई गई। (4) कि.मी. 17+000 से 17+200 तक डी.बी.एम. एवं बी.सी. लेयर हटाई जाकर पुन: बनाई गई। (5) कि.मी. 19+200 से कि.मी. 19+300 (एल.एन.एस.) एवं कि.मी. 29+200 से 29+250 के दोनों तरफ डी.एल.सी. हटाई जाकर पुन: बनाई गई। (घ) जी हाँ। पत्रों पर कार्यवाही का म.प्र. सड़क विकास निगम द्वारा पत्र क्रमांक 2666 दिनांक 23.05.2016 एवं पत्र क्रमांक 3595 दिनांक 06.06.2016 द्वारा मान. विधायक महोदय को अवगत करा दिया गया था। जाँच संभागीय प्रबंधक म.प्र. सड़क विकास निगम के माध्‍यम से अंतराष्‍ट्रीय कंसलटेंट मेसर्स यू.आर.एल स्‍काट विल्‍सन द्वारा की गई। जाँच पूर्ण हो गई है। प्रश्‍नांश '' के उत्‍तर में उल्‍लेखित कार्यवाही कर दी गई है। अत: दोषियों के संरक्षण एवं जाँच कराकर कार्यवाही करने का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

बनवाड़ा से मोकड़ी रास्‍ते पर पुलिया निर्माण

6. ( क्र. 176 ) श्री दिलीप सिंह शेखावत : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) खाचरौद में मा. मुख्‍य मंत्री जी की दिनांक 10.01.16 क्रमांक 14 द्वारा बनवाड़ा से मोकड़ी रास्‍ते पर चम्‍बल नदी पर बड़ी पुलिया निर्माण कराये जाने की घोषणा की गई थी तो उक्‍त पुलिया निर्माण का प्रस्‍ताव वर्तमान में किस स्थिति में है? (ख) क्‍या इसे कार्य योजना में सम्मिलित कर लिया गया है? यदि नहीं, किया गया है तो कब तक कर लिया जावेगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) उत्‍तरांश के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। वर्तमान में बताना संभव नहीं।

पुजारियों का मानदेय

7. ( क्र. 177 ) श्री दिलीप सिंह शेखावत : क्या खेल और युवा कल्याण मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) प्रश्‍नकर्ता के विधान सभा क्षेत्र में कितने शासकीय मंदिर दर्ज हैं? सूची उपलब्‍ध करावें? (ख) उनमें से कितने मंदिरों पर पुजारी नियुक्‍त नहीं हैं? पुजारी नियुक्ति की क्‍या अर्हताएं हैं? (ग) पुजारी रहित इन शेष मंदिरों में कब तक पुजारी नियुक्‍त कर दिये जावेंगे? (घ) क्‍या वर्तमान में पुजारियों को 700/- रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जाता है, जो काफी कम है? हाँ तो इनका मानदेय बढ़ाने पर कोई विचार किया जा रहे?

खेल और युवा कल्याण मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

शास. हाईस्‍कूल केरबना के भवन का निर्माण

8. ( क्र. 194 ) इन्जी. प्रदीप लारिया : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या शास.हाई स्‍कूल केरबना में विभाग द्वारा शास.हाई स्‍कूल भवन निर्मित या निर्माणाधीन किया जा रहा है? (ख) स्‍कूल भवन की निर्माण की अवधि किस दिनांक तक थी एवं विभाग द्वारा समय अवधि में भवन निर्माण कार्य सम्‍पन्‍न करा लिया गया है? भवन बनकर उपयोग हेतु तैयार हो गया है? (ग) यदि भवन शाला लगने हेतु तैयार हो गया है तो क्‍या इसे विभाग द्वारा स्‍कूल शिक्षा विभाग को सुपुर्द कर दिया गया है? यदि नहीं, किया गया तो कारण बतावें एवं कब तक सुपुर्द किया जावेगा? (घ) यदि स्‍कूल भवन समय अवधि में पूर्ण नहीं हुआ है एवं स्‍कूल शिक्षा विभाग को सुपुर्द नहीं किया गया है तो इसके लिये कौन जिम्‍मेदार है एवं दोषियों के विरूद्ध विभाग द्वारा क्‍या कार्यवाही की जावेगी?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ (ख) स्‍कूल भवन के निर्माण की अवधि दिनांक 25.09.2012 तक तय थी परन्‍तु ठेकेदार की धीमी गति के कारण कार्य दिनांक 28.02.2015 को पूर्ण करा लिया गया है। जी हाँ। (ग) जी हाँ। कार्य पूर्ण हो चुका है एवं दिनांक 08.06.2015 को शिक्षा विभाग को हस्‍तांतरित किया जा चुका है। शेष प्रश्‍नांश का प्रश्‍न ही नहीं उठता। (घ) जी हाँ। जी नहीं। ठेकेदार। दोषी ठेकेदार से राशि रूपये 504561.00 अर्थदण्‍ड के रूप में वसूले गये।

पुरानी सड़कों का डामरीकरण

9. ( क्र. 229 ) श्री हरदीप सिंह डंग : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विभाग द्वारा जिला मंदसौर अन्‍तर्गत विगत 2 वर्ष में किन-किन पुरानी सड़कों पर डामरीकरण का कार्य किया जा रहा है? पुरानी सड़कों पर कौन-कौन से वर्ष में निर्माण कार्य किया गया था? (ख) प्रश्‍नांश (क) वर्णित पुरानी सड़कों पर नवीन डामरीकरण एक छोर से दूसरे छोर पूर्ण किया जा रहा है या टुकड़े-टुकड़े में डामरीकरण का कार्य किया जा रहा है? (ग) मंदसौर जिले में पुरानी सड़कों पर डामरीकरण किन-किन सड़कों पर कितनी लंबाई में किया गया? सड़कों के नाम एवं अलग-अलग राशि बतावें? (घ) कौन सी एवं कितनी लंबाई की सड़कें हैं, जिनका नवीन डामरीकरण का कार्य होना शेष है?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र एवं अ-1 अनुसार है। (ख) पुरानी सड़कों पर नवीन डामरीकरण कार्य आवश्‍यकतानुसार किलोमीटरों की लंबाई में किया जाता है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्रअ एवं अ-1 अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र एवं अ-1 अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है।

डामर/सी.सी. रोडों का निर्माण

10. ( क्र. 249 ) श्री लाखन सिंह यादव : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधान सभा सत्र जुलाई 2014 में दिनांक 07.07.2014 को प्रश्‍नकर्ता द्वारा पूछे गये तारांकित प्रश्‍न संख्‍या 4 (क्र. 2078) में क्‍या माननीय लोक निर्माण मंत्री महोदय ने माननीय पंचायत मंत्री श्री गोपाल भार्गव जी को सदन में निम्‍न लिखित रोडों (1) ए.वी. रोड नयागांव से चीनोर (2) चीनोर से करईया (3) करईया से भितरवार को पी.एम.जी.एस.वाई. से लोक निर्माण विभाग में आज ही लेकर लोक निर्माण विभाग से निर्माण कराने की सदन में आपसी सहमती से स्‍वीकृति दी थी? यदि हाँ, तो क्‍या उक्‍त रोडों का लोक निर्माण विभाग में हस्‍तांतरण हुआ है? यदि नहीं, तो क्‍यों? (ख) 01 अप्रैल 2013 से प्रश्‍न दिनांक तक लोक निर्माण विभाग भोपाल द्वारा ग्‍वालियर जिले में डामर/सी.सी. रोडों के निर्माण के लिये किस-किस विधान सभा क्षेत्र अंतर्गत किस स्‍थान से किस स्‍थान तक, कितनी-कितनी लंबाई की तथा कितनी-कितनी वित्‍तीय राशि की कौन-कौन सी रोडों की स्‍वीकृति किस-किस दिनांक को दी गई है वर्तमान में उक्‍त रोडों की भौतिक तथा वित्‍तीय स्थिति क्‍या है? अलग-अलग सड़कवार स्‍पष्‍ट करें। इन रोडों का निर्माण किस एजेंसी/ठेकेदार से किस-किस यंत्री/सहायक यंत्री/कार्यपालन यंत्री के सुपरवीजन में कराया जा रहा है तथा कराया गया है?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। जी नहीं। शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है।

भितरवार विधानसभा क्षेत्र की जर्जर रोडों का निर्माण

11. ( क्र. 250 ) श्री लाखन सिंह यादव : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भितरवार विधानसभा क्षेत्र की रोडों के निर्माण हेतु प्रश्‍नकर्ता के परि.अता. प्रश्‍न संख्‍या 43 (क्र. 1083) दिनांक 29 फरवरी 2016 को दिये उत्‍तर में रोडों के निर्माण में जानकारी अलग-अलग रोड वाईज उपलब्‍ध कराई थी? 29 फरवरी 2016 से प्रश्‍न दिनांक तक निम्‍नलिखित रोडों में क्‍या प्रगति हुई है? (1) नयागाँव ए.बी. रोड से भितरवार व्‍हाया बनवार, चीनौर, करईया (2) डांडाखिरक से तिघरा तक (3) करईया से आरौन व्‍हाया गोलार घाटी (4) बनवार से अमरौल (5) दौलतपुर से पचौरा व्‍हाया वरिगमा (6) करईया से दुबई (7) सी.सी. रोड मोहना (डॉडा मोहल्‍ला) में (8) जौरासी से छीमक मार्ग व्‍हाया ऑतरी,राया, कछौआ, बडकीसराह मार्ग (9) चिटौली रानीघाटी मार्ग से लखेश्‍वरी माता मंदिर तक (10) मकोड़ा से छीमक व्‍हाया लदवाया, खैरवाया, समाया (11) समराई से बडका गाँव (12) झॉकरी से पिपरौआ (13) टोडा से धिरौली (14) बराहना से सेकरा मार्ग (15) बरई पनिहार मार्ग से आमी गांव तक। उक्‍त रोडों को स्‍वीकृत कर कब तक आवागमन हेतु निर्माण करा लिया जावेगा एक निश्चित समय-सीमा अलग-अलग सड़कवार स्‍पष्‍ट करें। (ख) भितरवार विधानसभा क्षेत्र में लोक निर्माण विभाग में कौन-कौन श्रमिक पदस्‍थ हैं उनका नाम, पद, मुख्‍यालय एवं कार्यक्षेत्र भी स्‍पष्‍ट करें।

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ। विस्‍तृत जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है।

वन विभाग के तालाबों का रख-रखाव एवं गहरीकरण

12. ( क्र. 292 ) श्री रामसिंह यादव : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शिवपुरी जिले कोलारस विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत वन भूमि पर कहाँ-कहाँ पर कौन-कौन से तालाब निर्मित हैं? इनमें से कौन-कौन से तालाब की पारें फूटी हुई हैं? जिसमें पानी बह जाने से जल संग्रहण नहीं हो पाता है? ऐसे तालाबों की पारों पर मेंटीनेंस एवं गहरीकरण कब तक कराया जाएगा? यदि नहीं, तो क्‍यों? (ख) क्‍या कोलारस विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत वन भूमि पर जो पुराने तालाब निर्मित हैं उनसे वन्‍य प्राणी एवं मवैशी पानी पीते थे? क्‍या अब इन तालाबों की पार फूटने एवं मलबा जमा हो जाने के कारण पानी न भरने के कारण वन्‍य प्राणी एवं मवेशी प्‍यास से मर रहे हैं? यदि हाँ, तो इस समस्‍या का समाधान शासन कब तक करेगा? (ग) क्‍या शासन उक्‍त तालाबों की पारों के सुधार एवं गहरीकरण हेतु कोई कार्ययोजना तैयार करेगा? जिससे भू-जल स्‍तर बढ़ सकें तथा वन्‍य प्राणियों एवं मवेशियों को पीने का पानी मिल सकें? (घ) क्‍या शासन वन भूमि पर निर्मित तालाबों की पार मेंटीनेंस एवं गहरीकरण विधायक निधि एवं सांसद निधि से कराए जाने की अनुमति प्रदान करेगा? यदि हाँ, तो उक्‍त आदेश कब तक जारी कर दिए जाएंगे?

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। फूटे हुए तालाबों की मरम्‍मत हेतु कार्ययोजना तैयार की जा रही है। बजट उपलब्‍धता के अनुसार मरम्‍मत कार्य संपादित किये जा सकेंगे। (ख) जी हाँ। जी नहीं। कोई भी प्रकरण प्रकाश में नहीं आया है अत: समस्‍या के समाधान का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी हाँ। वन विभाग द्वारा निर्मित तालाबों के सुधार एवं गहरीकरण हेतु कार्य योजना तैयार की जा रही है। (घ) वन भूमि पर निर्मित तालाबों पर मेंटीनेंस एवं गहरीकरण का कार्य विधायक या सांसद निधि से वन विभाग द्वारा की जा सकती है।

परिशिष्ट - ''चार''

विभाग द्वारा स्‍वीकृत किए गए कार्य

13. ( क्र. 293 ) श्री रामसिंह यादव : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या विभाग द्वारा शिवपुरी जिले में जनवरी 2015 से जून 2016 तक नवीन सड़कें, भवन, पुल-पुलिया एवं सड़क मेंटीनेंस व पुलिया मेंटीनेंस के कार्य स्‍वीकृत किए गए हैं? यदि हाँ, तो कौन-कौन से कार्य कहाँ-कहाँ पर कितनी-कितनी राशि के कब-कब स्‍वीकृत किए गए एवं कब प्रारंभ हुए? उक्‍त कार्यों की वर्तमान स्थिति क्‍या है? शेष कार्य कब तक पूर्ण होंगे? (ख) शिवपुरी जिले में नवीन सड़कें, भवन, पुल-पुलिया एवं सड़कें व पुल-पुलिया मेंटीनेंस के कार्य स्‍वीकृत किया जाना प्रक्रियाधीन है अथवा प्रस्‍तावित है? यदि हाँ, तो कार्यों के पूर्ण विवरण सहित जानकारी दें? (ग) क्‍या शिवपुरी जिले के बदरवास विकासखण्‍ड के ग्राम बिजरौनी के खतौरा-बिजरौनी एवं बदरवास-बिजरौनी मार्ग को आपस में जोड़ने की कोई योजना है? यदि हाँ, तो इसकी स्‍वीकृति कब तक प्रदान की जाएगी? यदि नहीं, तो उक्‍त मार्गों को जोड़ने हेतु सर्वे कराकर स्‍वीकृति की प्रक्रिया कब तक प्रारंभ की जाएगी? (घ) कोलारस विधान सभा क्षेत्र के अंतर्गत विभाग की कौन-कौन सी सड़कें, पु‍ल-पुलिया जीर्ण-शीर्ण या क्षतिग्रस्‍त हैं? इन पर कार्य कब तक कराया जाएगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ। विस्‍तृत जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '', 'अ-1' एवं '' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार एवं शिवपुरी जिले में म.प्र. सड़क विकास निगम अंतर्गत निम्‍नांकित दो मार्गों का चौड़ीकरण एवं पुर्ननिर्माण कार्य ए.डी.बी. पंचम चरण में प्रस्‍तावित किया गया है। वर्तमान में इन कार्यों की डी.पी.आर. निर्मित की जा रही है। (1) नरवर-अमोला मार्ग लंबाई 26.33 कि.मी. अनु. लागत 75.02 करोड़ (2) सिरसौद-पिछौर मार्ग लंबाई 31.24 कि.मी. अनु. लागत 111.386 करोड़ (ग) जी नहीं। प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। वित्‍तीय वर्ष 2016-17 के बजट में सम्मिलित नहीं होने से कार्यवाही की जाना संभव नहीं। निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (घ) विस्‍तृत जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

शासकीय महाविद्यालय की मूलभूत सुविधाएं

14. ( क्र. 363 ) श्री दीवानसिंह विट्ठल पटेल : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शासकीय महाविद्यालय निवाली और पानसेमल की स्‍थापना कब की गई है? क्‍या उक्‍त महाविद्यालयों में मूलभूत सुविधाएं उपलब्‍ध है? यदि हाँ, तो क्‍या-क्‍या सुविधाएं उपलब्‍ध है? (ख) क्‍या आज भी उक्‍त दोनों कॉलेजों में फर्नीचर पानी आदि का आज भी अभाव होने से विद्यार्थी परेशान है? क्‍या ये सुविधाएं विभाग उपलब्‍ध करवायेगा? यदि हाँ, तो कब तक? (ग) क्‍या इन कॉलेजों में अतिथि प्राध्‍यापकों द्वारा अध्‍यापन करवाया जा रहा है? क्‍या यहां नियमित प्राध्‍यापकों की नियुक्ति की जावेगी? यदि हाँ, तो कब तक?

उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री जयभान सिंह पवैया ) : (क) 1. शासकीय महाविद्यालय निवाली की ​स्थापना शासन द्वारा वर्ष 200405 में की गई। 2. शासकीय महाविद्यालय पानसेमल की स्थापना शासन द्वारा 28/04/2012 में की गई। जी हाँ, उक्त दोनों महाविद्यालयों की जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी नहीं। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता। (ग) जी हाँ। जी हाँ सहायक प्राध्यापक के विभिन्न विषयों के कुल 2371 पदों का विज्ञापन दिनांक 19/02/2016 को लोक सेवा आयोग से जारी हो चुका है। चयन के पश्चात रिक्त पदों की पूर्ति हो सकेगी। पूर्ति की निश्चित समयावधि बताया जाना संभव नहीं है।

परिशिष्ट - ''पाँच''

दैनिक वेतनभोगी (गैंगमेन) कर्मचारियों की नियुक्ति

15. ( क्र. 365 ) श्री दीवानसिंह विट्ठल पटेल : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) लोक निर्माण विभाग में दैनिक वेतन भोगी (गैंगमेन) कर्मचारियों की नियुक्ति कौन से वर्ष से प्रारंभ की गई तथा ये नियुक्तियां कब बंद की गई हैं? (ख) वर्तमान में म.प्र. में कुल कितने गैंगमेन विभाग में कार्यरत है? इन्‍हें क्‍या वेतन दिया जा रहा है? (ग) विभाग में पदस्‍थ इन दैनिक वेतनभोगियों को आज दिनांक तक नियमि‍त क्‍यों नहीं किया गया है? क्‍या इन्‍हें नियमित करने की शासन की कोई योजना है? यदि हाँ, तो क्‍या और नहीं तो क्‍यों नहीं कारण स्‍पष्‍ट करें? इन्‍हें आज तक क्रमोन्‍नति का लाभ दिया गया है क्‍या? नहीं तो क्‍यों नहीं? कई कर्मचारियों की मृत्‍यु भी हो गई है? क्‍या उनके परिवारों को कोई लाभ दिया है? नहीं तो कारण बतावें?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) विभाग में दैनिक वेतन भोगी (गैंगमेन) श्रमिकों की नियुक्ति विभाग में मध्य प्रदेश राज्य स्थापना वर्ष से तथा वर्ष 2000 से नियुक्तियां बंद कर दी गई है। (ख) वर्तमान में लोक निर्माण विभाग में दैनिक वेतन भोगी (गैंगमेन) कुल 18803 कार्यरत है। समय-समय पर श्रमायुक्त द्वारा निर्धारित दर अनुसार वेतन दिया जा रहा है। (ग) प्रचलित नियमों में प्रावधान न होने के कारण। जी नहीं। नियुक्ति अनियमित एवं अवैधानिक होने के कारण। जी नहीं। नियमों में प्रावधान न होने के कारण। मृत्यु उपरान्त आश्रित परिवार के सदस्य को उपादान एवं अनुकंपा अनुदान की राशि का भुगतान किया जा रहा है। शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

जनप्रतिनिधियों के पत्रों का जवाब

16. ( क्र. 407 ) श्री निशंक कुमार जैन : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 01 जुलाई 15 से 31.05.16 की अवधि में प्रश्‍नकर्ता द्वारा प्रमुख सचिव, उच्‍च शिक्षा एवं आयुक्‍त उच्‍च शिक्षा को कब-कब, किस-किस विषय पर पत्र लिखे और आज दिनांक तक उन पर क्‍या कार्यवाही की गई? (ख) क्‍या प्रश्‍नकर्ता के पत्रों का 15 दिवस में जवाब देने का प्रावधान है? यदि हाँ, तो बतावें कि अब तक एक भी पत्र का जवाब क्‍यों नहीं दिया गया है? इसका दोषी कौन है? उस अधिकारी पर कब तक क्‍या कार्यवाही कर दी जावेगी?

उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री जयभान सिंह पवैया ) : (क) वर्ष 01 जुलाई 2015 से 31-05-2016 की अवधि में प्रश्नकर्ता द्वारा आयुक्त उच्च शिक्षा को प्राप्त पत्रों पर की गई कार्यवाही की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ पर है। (ख) पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार सा.प्र.वि. का पत्र क्रमांक एफ 19-76/2007/1/4 दिनांक 22 मार्च 2011 की कंडिका-1 में 03 दिवस में पत्र की अभिस्वीकृति देने एवं कंडिका-3 में नियमानुसार कार्यवाही कर अवगत कराने के निर्देश है। कार्यवाही प्रक्रियाधीन होने के कारण जवाब नहीं दिया जा सका, परन्तु पत्रों की अभिस्वीकृति नहीं देने के कारण दोषी अधिकारी/कर्मचारी के विरूद्ध कार्यवाही की जा रही है।

SC/ST विद्याथियों को स्‍टेशनरी/पुस्‍तकों का प्रदाय

17. ( क्र. 408 ) श्री निशंक कुमार जैन : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या शासकीय महाविद्यालयों में अध्‍ययनरत अनुसूचित जाति, जनजाति के विद्यार्थियों को स्‍नातक स्‍तर एवं स्‍नातकोत्‍तर स्‍तर पर नि:शुल्‍क पुस्‍तकें रू. 1500/- प्रति विद्यार्थी तथा रूपये 500/- प्रति विद्यार्थी की दर से नि:शुल्‍क स्‍टेशनरी का प्रदाय किये जाने के निर्देश हैं? (ख) प्रश्‍नांश (क) का उत्‍तर हाँ है तो विदिशा जिले के अन्‍तर्गत शासकीय महाविद्यालयों में वर्ष 2014-15 एवं 2015-16 में अनुसूचित जाति/जनजाति के प्रवेशित छात्र-छात्राओं में से कितने कितने छात्र-छात्राओं को कौन-कौन सी पुस्‍तकें एवं कौन-कौन सी स्‍टेशनरी, कितने-कितने मूल्‍य की नि:शुल्‍क प्रदान की गई है। कितनी शेष है? (ग) शेष रहे छात्र छात्राओं को योजना का लाभ कब तक प्रदान किया जावेगा? अभी तक योजना का लाभ नहीं दिलाने के लिए कौन उत्‍तरदायी है?

उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री जयभान सिंह पवैया ) : (क) जी हाँ। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' एवं '' अनुसार है। (ग) विदिशा जिले के शासकीय महाविद्यालयों का कोई भी छात्र-छात्रा वंचित नहीं रही है। 

शासकीय मंदिरों का जीर्णोद्धार

18. ( क्र. 460 ) श्री सतीश मालवीय : क्या खेल और युवा कल्याण मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) उज्‍जैन जिले की घट्टिया विधानसभा क्षेत्र में कितने शासकीय एवं कितने अशासकीय मंदिर निर्मित है? शासन द्वारा विगत 01 जनवरी 2014 से प्रश्‍न दिनांक तक‍ कितने शासकीय मंदिरों का जीर्णोद्धार किया गया तथा कितने मंदिरों का जीर्णोद्धार शेष एवं प्रस्‍तावित है? (ख) कितने शासकीय मंदिरों में पुजारी नियुक्‍त है तथा कितने मंदिरों में पुजारी की नियुक्ति शेष है? शासकीय मंदिरों में पुजारी नियुक्ति के क्‍या नियम है? कितने मंदिरों की भूमि पर पुजारी एवं अन्‍य लोगों का अवैध कब्‍जा है? (ग) विधानसभा क्षेत्र घट्टिया के सभी शासकीय मंदिरों के राष्‍ट्रीयकृत बैंक में खाते है तथा कितने मंदिरों के नहीं है मंदिरवार आय-व्‍यय पत्रक सहित सूची उपलब्‍ध करावें? विगत 5 वर्षों में जिन मंदिरों का ऑडिट नहीं हुआ है की सूची कारण सहित उपलब्‍ध करावें?

खेल और युवा कल्याण मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) से (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

लोक निर्माण विभाग द्वारा स्‍वीकृत निर्माण कार्यों की अद्यतन स्थिति

19. ( क्र. 461 ) श्री सतीश मालवीय : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) उज्‍जैन जिले में घट्टिया विधानसभा क्षेत्र में दिनांक 01 जनवरी 2014 से प्रश्‍न दिनांक तक लोक निर्माण विभाग द्वारा स्‍वीकृ‍त निर्माण कार्यों की संख्‍या, लागत, स्‍वीकृति दिनांक, कार्यपूर्णता दिनांक सहित संपूर्ण जानकारी उपलब्‍ध करावें? (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में पूर्ण एवं अपूर्ण कार्यों की सूची पृथक-पृथक उपलब्‍ध करावें? (ग) जो कार्य निर्धारित समयावधि से विलंब से जारी है उनकी सूची विलंब का कारण ठेकेदार सहित उपलब्‍ध करावें? उक्‍त कार्यों को कब तक पूर्ण करा लिया जावेगा? कार्य विलंब के उत्‍तरदायी ठेकेदार व अधिकारियों पर शासन कब तक एवं क्‍या कार्यवाही करेगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' एवं 'अ-1' अनुसार है। इसके अतिरिक्‍त म.प्र. सड़क विकास निगम द्वारा उज्‍जैन जिले में घटिया विधानसभा क्षेत्र से गुजरने वाला महिदपुर पानबिहार जीवाजी नगर मार्ग लंबाई 31.935 कि.मी. अनुमानित लागत रू. 54.54 करोड़ की स्‍वीकृति म.प्र. शासन द्वारा दिनांक 09.12.2014 को जारी की गई है। निविदा प्रक्रिया उपरान्‍त एडीबी योजनांतर्गत पैकेज-ओ अंतर्गत अनुबंध क्रं. 180 दिनांक 10.11.2015 को मेसर्स गेनन डंकली एण्‍ड कंपनी लि. नई दिल्‍ली से किया गया निर्माण कंपनी को कार्य प्रारंभ दिनांक 05.12.2015 से समयावधि 730 दिवस में निर्माण कार्य पूर्ण करना है, जिसकी निर्धारित दिनांक 03.12.2017 है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' एवं 'अ-1' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है।

आदिवासी उपयोजना क्षेत्र व्‍यय राशि

20. ( क्र. 489 ) श्री संजय उइके : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या आदिवासी उपयोजना क्षेत्र में व्‍यय हेतु प्रत्‍येक वित्‍तीय वर्ष में सड़क/पुल हेतु बजट में उपयोजना क्षेत्र की राशि का प्रावधान रखा जाता है? (ख) यदि हाँ, तो वित्‍तीय वर्ष 2015-16 में विभाग द्वारा बैहर विधान सभा क्षेत्रान्‍तर्गत किन-किन सड़कों, पुल का निर्माण कितनी-कितनी लागत से कहाँ-कहाँ किया गया?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है।

परिशिष्ट - ''छ:''

वन अपराधों के दर्ज प्रकरण

21. ( क्र. 490 ) श्री संजय उइके : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या बालाघाट जिले में विभिन्‍न वन अपराधों के पी.ओ.आर. प्रकरण वित्‍तीय वर्ष 2014-15 एवं 2015-16 में दर्ज किए गये हैं? (ख) यदि हाँ, तो पी.ओ.आर. प्रकरणों की वन अपराध के प्रकारवार संख्‍या, अपराधियों की संख्‍या, जप्‍त वनोपज की मात्रा वसूल की गई प्रतिकर (जुर्माना) की राशि, न्‍यायालय में प्रस्‍तुत प्रकरणों की संख्‍या या अभिसंधानित किये गये प्रकरणों की संख्‍या की जानकारी उपलब्‍ध करावें? (ग) वन अपराधों के प्रतिकार, जुर्माना की राशि हेतु विभाग द्वारा जारी किए आदेश/निर्देश की प्रति देवें?

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) एवं (ख) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ब अनुसार है।

भोपाल-ब्‍यावरा फोरलेन सड़क निर्माण

22. ( क्र. 521 ) श्री नारायण सिंह पँवार : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता के परि.अता. प्रश्‍न संख्‍या 76 (क्रमांक 5820) दिनांक 15 मार्च, 2016 के उत्‍तर में माननीय विभागीय मंत्री जी द्वारा बताया गया था कि राष्‍ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 12 अंतर्गत भोपाल से ब्‍यावरा तक फोरलेन सड़क निर्माण कार्य में निवेशकर्ता एजेन्‍सी को अनुबंध के अनुसार दिनांक 22.04.2015 को अनुबंध निरस्‍तीकरण का नोटिस दिया गया है तथा निवेशकर्ता एजेन्‍सी को मार्ग के गड्ढ़े भरवाने का कार्य तीव्र गति से करने के निर्देश दिये गये हैं? तो क्‍या हाल ही में उक्‍त निवेशकर्ता एजेन्‍सी का अनुबंध निरस्‍त कर दिया गया है? यदि हाँ, तो उक्‍त फोरलेन सड़क निर्माण कार्य को पूर्ण कराने हेतु वर्तमान में क्‍या कार्यवाही की जा रही है? (ख) क्‍या उक्‍त मार्ग पर ब्‍यावरा से कुरावर तक सड़क की स्थिति खराब होने से वर्षाकाल में आवागमन में अत्‍यंत कठिनाईयां उत्‍पन्‍न होगी? यदि हाँ, तो क्‍या शासन यथाशीघ्र उक्‍त फोरलेन सड़क निर्माण कार्य को पूर्ण कराये जाने हेतु कोई ठोस कदम उठायेगा? यदि हाँ, तो क्‍या और कब तक?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) प्रश्‍नांकित मार्ग लोक निर्माण विभाग के कार्यक्षेत्र अंतर्गत नहीं है, अपितु भारतीय राष्‍ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधीन है, जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जानकारी प्रश्‍नांश '' के उत्‍तर अनुसार है।

परिशिष्ट - ''सात''

नवीन पुल निर्माण की स्‍वीकृत

23. ( क्र. 605 ) श्री दुर्गालाल विजय : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता के परि.अता. प्रश्‍न संख्‍या 6 (क्रमांक 1479) दिनांक 15.03.2016 के प्रश्‍नांश (क) के उत्‍तर में स्‍वीकारा है कि श्‍योपुर विधानसभा क्षेत्रांतर्गत ग्राम नयागांव शाहपुरा के मध्‍य गुजर रही सीप नदी के दाहिने एवं बायी और कराहल एवं श्‍योपुर तहसील के बसे दर्जनों ग्रामों के बाशिंदों को दोनों ओर के विद्यमान ग्रामों में जाने आने हेतु 22 से 38 किमी की दूरी सड़क मार्ग से तय करनी पड़ती है, नतीजतन साधनों के अभाव में नागरिकों को कठिनाईयों का सामना करना पड़ता है? (ख) यदि हाँ, तो क्‍या सीप नदी पर नयागांव शाहपुरा के मध्‍य नवीन पुल का निर्माण करा दिया जावे तो नागरिकों को दोनों ओर के ग्रामों में आने जाने हेतु सीधे आवागमन की सुविधा मिल जावेगी तथा दूरी भी कम हो जावेगी, क्‍या इसी कारण क्षेत्रीय नागरिक निरंतर कई वर्षों से उक्‍त पुल निर्माण की मांग कर रहे हें? (ग) यदि हाँ, तो क्‍या शासन नागरिकों की उक्‍त कठिनाई एवं मांग को दृष्टिगत रखते हुए उक्‍त नवीन पुल निर्माण कार्य को प्राथमिकता सूची में शामिल करके इसे अनुपूरक बजट में शामिल करेगा, तत्‍पश्‍चात् डी.पी.आर. तैयार कराकर डी.पी.आर. को शीघ्र स्‍वीकृत करेगा? यदि नहीं, तो क्‍यों?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) एवं (ख) जी हाँ। जी हाँ। (ग) जी नहीं प्रश्‍नाधीन मार्ग विभाग के कार्यक्षेत्र अंतर्गत न होने से कार्यवाही की जाना संभव नहीं।

बागर नदी के रपटे पर पुल निर्माण

24. ( क्र. 606 ) श्री दुर्गालाल विजय : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) श्‍योपुर विधानसभा क्षेत्रांतर्गत तलावदा आवनी मार्ग पर बागर नदी के रपटे पर नवीन पुल निर्माण के संबंध में प्रश्‍नकर्ता के परि.अता. प्रश्‍न संख्‍या 24 (क्रमांक 1499) दिनांक 08.03.2016 के प्रश्‍नांश (ख) के उत्‍तर में अवगत कराया है कि डी.पी.आर. तैयार की जा रही है? तो क्‍या डी.पी.आर. तैयार कर ली गई है? यदि नहीं, तो इसमें कितना समय और लगेगा? (ख) क्‍या वर्षाकाल में चम्‍बल नदी में बाढ़ आ जाने पर उक्‍त रपटे पर कई-कई फिट पानी कई-कई दिनों तक रहता है? आवागमन बंद हो जाता है, रपटे के दोनों ओर विद्यमान ग्रामों का संपर्क टूट जाता है। नागरिकों को कई प्रकार की कठिनाईयों का सामना करना पड़ता है? (ग) यदि हाँ, तो क्‍या शासन नागरिकों की कठिनाईयों के मद्देनजर उक्‍त रपटे पर नवीन पुल निर्माण कार्य को आगामी अनुपूरक बजट में शामिल करके इसकी डी.पी.आर. शीघ्र तैयार कराकर इसे शीघ्र स्‍वीकृति प्रदान करेगा, यदि नहीं, तो क्‍यों?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ। जी नहीं। कार्यवाही प्रगति पर है, समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं। (ख) जी हाँ। जी हाँ। जी हाँ। (ग) वित्‍तीय संसाधनों की उपलब्‍धतानुसार कार्यवाही की जा रही है। वर्तमान में निश्चित तिथि बताना संभव नहीं है।

वृक्षों की कटाई

25. ( क्र. 676 ) डॉ. योगेन्‍द्र निर्मल : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या बालाघाट जिले के वनपरिक्षेत्र सामान्‍य किरनापुर अन्‍तर्गत २२ फरवरी २०१६ को पीपलगाँव वन चौकी के समीपस्‍थ लोडांगी बीट में हरे-भरे बेशकीमती वृक्षों की बेरहमी पूर्वक अंधाधुंध कटाई कर दी गई? जिसमें मुख्‍यत: बीजा, साजा, धावडा, लेड़िया एवं अन्‍य प्रजातियों के बेशकीमती वृक्ष थे? जिनकी कीमत वर्तमान में लाखों की आंकी जा रही है? (ख) क्‍या विभाग के उच्‍चाधिकारी अपने अधीनस्‍थ अधिकारियों/कर्मचारियों को बचाना चाहते हैं? यदि नहीं, तो क्‍या कार्यवाही सिर्फ कागजों में सिमटकर रह जायेगी? (ग) क्‍या विभाग के अधिकारी/कर्मचारी की माफियाओं से सांठ-गांठ है? उक्‍त अधिकारी/कर्मचारी के खिलाफ क्‍या दण्‍डात्‍मक कार्यवाही कि जायेगी, और कब तक?

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) जी नहीं। बालाघाट वनवृत्त अंतर्गत सामान्य वनमण्डल दक्षिण बालाघाट के परिक्षेत्र किरनापुर की लोढांगी बीट के कक्ष क्रमांक 239 में दिनांक 22.02.2016 को बीजा, साजा, धावड़ा, लेड़िया एवं अन्य प्रजातियों के 32 वृक्षों की कटाई हुई, जिनका कुल मूल्य रू. 65556/- है। (ख) जी नहीं। विभागीय अमले द्वारा त्वरित कार्यवाही की जाकर काटे गये वृक्षों की सम्पूर्ण वनोपज जब्त की गई है। अतः किसी कर्मचारी के दोषी न होने के कारण शेष का प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता। (ग) प्रश्नांश (ख) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता।

दस्‍तावेजों में कूट रचना कर शासन से अवैध रूप से रियायतें लेना

26. ( क्र. 691 ) चौधरी मुकेश सिंह चतुर्वेदी : क्या खनिज साधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या राज्‍य शासन के द्वारा प्रिज्‍म सीमेंट कंपनी मनकहरी सतना जिला को उसकी दूसरी यूनिट के लिये कुछ रियायतें दी थी? कब व क्‍या दी? जारी सभी आदेशों की एक प्रति दें? (ख) क्‍या 01.04.2011 से 01.04.2014 के दौरान यूनिट एक के सीमेंट एवं क्लिंकर के उत्‍पादन को यूनिट दो का उत्‍पादन दस्‍तावेजों में कूट रचना कर दिखाकर राज्‍य शासन से रियायतें ली गई? अगर नहीं तो वर्ष 2010 से 2013 के दौरान सीमेंट सायलों के पूरी तरह टूट जाने पर यूनिट दो का उत्‍पादन पूरी तरह बंद हो गया था? (ग) 01.04.2011 से 31.02.2014 के दौरान प्रिज्‍म सीमेंट की यूनिट एक एवं दो के द्वारा कितने-कितने टन सीमेंट एवं क्लिंकर का उत्‍पादन किया? माहवार, वर्षवार सीमेंट टनवार, क्लिंकर टनवार जानकारी दें? इस दौरान क्‍या-क्‍या रियायतें कितनी-कितनी राशि की ली गई का विवरण वर्षवार, माहवार, राशिवार, मदवार उपलब्‍ध करायें? (घ) क्‍या राज्‍य शासन/वाणिज्‍यकर आयुक्‍त इंदौर उक्‍त कंपनी के द्वारा कूट रचित दस्‍तावेजों की जाँच कर कंपनी के द्वारा अवैध रियायतें लेने पर कंपनी के विरूद्ध पेनाल्‍टी लगाकर आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध करायेगा? अगर हाँ तो कब तक? अगर नहीं तो क्‍यों? कारण बिन्‍दुवार दें? नियमों की एक प्रति उपलब्‍ध करायें?

खनिज साधन मंत्री ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) इकाई प्रिज्‍म सीमेंट लि., यूनिट-2 ग्राम मनकहरी, पोस्‍ट-बठिया, तहसील-रामपुर बघेलान जिला सतना को उद्योग निवेश संवर्धन सहायता योजना-2004 (यथा संशोधित-2007) अंतर्गत राज्‍य स्‍तरीय मध्‍यप्रदेश उद्योग निवेश संवर्धन सहायता समिति की 20 वीं बैठक दिनांक 21/12/2012 में उद्योग निवेश संवर्धन सहायता की पात्रता 75 प्रतिशत की दर से एवं शीर्ष स्‍तरीय निवेश संवर्धन साधिकार समिति के आदेश क्रमांक एफ-16/30/06/बी-ग्‍यारह, दिनांक 08/02/2008 के अनुसार सुविधा अवधि 01/01/2011 से 31/12/2017 (07 वर्ष) तक मान्‍य की गई। उद्योग संचालनालय, भोपाल दवारा इकाई के पक्ष में दिनांक 01/11/2010 से 31/10/2017 (07 वर्ष) तक प्रवेशकर छूट सुविधा हेतु पात्रता प्रमाण पत्र क्रमांक 145, दिनांक 02/09/2013 जारी किया गया है। आदेशों की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ पर है। (ख) इकाई प्रिज्‍म सीमेंट लि., यूनिट-2 को उद्योग निवेश संवर्धन सहायता योजना-2004 अंतर्गत, इकाई से प्राप्‍त फार्म-5 एवं वाणिज्यिक कर विभाग से प्राप्‍त संबंधित वर्ष हेतु जमा कर का सत्‍यापित फार्म-4 तथा पारित कर निर्धारण आदेश के आधार पर 01/04/2011 से 01/04/2014 अंतर्गत वित्‍तीय वर्ष 2011-12, 2012-13 एवं 2013-14 हेतु उद्योग निवेश संवर्धन सहायता स्‍वीकृत की गई है। वर्ष 2010 से 2013 के दौरान सीमेंट सायलों के पूरी तरह टूट जाने के संबंध में इकाई दवारा कार्यालय को अवगत कराया गया है कि ''प्रिज्‍म सीमेंट लि., यूनिट-2 का सीमेंट सायलों नहीं टूटा था अपितु रॉ-मिल सायलों दिनांक 02/03/2012 को टूट गया था उक्‍त्त सायलों के टूटने के उपरांत भी इकाई से उत्‍पादन किया जा सकता था।'' इकाई से प्राप्‍त जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' पर है। (ग) दिनांक 01/04/2011 से 31/03/2014 के दौरान प्रिज्‍म सीमेंट यूनिट-1 एवं यूनिट-2 द्वारा उत्‍पादित सीमेंट एवं क्लिंकर के उत्‍पादन की माहवार, वर्षवार सीमेंट टनवार, क्लिंकर टनवार जानकारी इकाई से प्राप्‍त की गई है। विस्‍तृत विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' पर है। दिनांक 01/04/2011 से 31/03/2014 की अवधि अंतर्गत इकाई को वित्‍तीय वर्ष 2011-12, 2012-13 एवं 2013-14 हेतु स्‍वीकृत की गई उद्योग निवेश संवर्धन सहायता की वर्षवार, राशिवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' पर है। (घ) अवैध रियायतें प्राप्‍त किये जाने की कोई जानकारी प्रकाश में नहीं आई है। नियमों की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र -'' पर है।

 

वन्‍य प्राणी बाघों की मृत्‍यु

27. ( क्र. 737 ) श्री जितेन्‍द्र गेहलोत : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जनवरी 2015 से जून 2016 तक प्रदेश में कितने बाघों की कहाँ-कहाँ एवं किस-किस कारण से मौत हुई? (ख) सरकार ने इन मौतों की कब-कब जाँच करवायी व जाँच ब्‍यौरा एवं अपराधियों अथवा इन मौतों के लिए जिम्‍मेदारों पर अब तक की गई कार्यवाही का ब्‍यौरा क्‍या है? (ग) प्रदेश से ''टाइगर स्‍टेट'' का तमगा छिनने में कौन-कौन सी लापरवाहियां कारण बनी? सरकार ने उन्‍हें सुधारने के लिए क्‍या कदम उठाये?

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) जनवरी, 2015 से जून, 2016 तक प्रदेश में 32 प्रकरणों में कुल 34 बाघों की मृत्‍यु हुई है, जिसका विवरण संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) राष्‍ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण, नई दिल्‍ली द्वारा निर्धारित मानक परिचालन प्रक्रिया (एस.ओ.पी.) के अनुसार जाँच कराई गई है, जिनमें 56 आरोपियों के विरूद्ध प्रकरण पंजीबद्ध कर न्‍यायालय में प्रस्‍तुत किया जा चुका है। (ग) ''टाइगर स्‍टेट'' के नाम से कोई औपचारिक घोषणा किसी भी स्‍तर पर नहीं की जाती है। अत: शेष प्रश्‍नांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। बाघों के संवर्धन हेतु राज्‍य द्वारा रहवास सुधार के प्रयास किये गये हैं। 

परिशिष्ट - ''आठ''

बीमार उद्योगों हेतु कार्ययोजना

28. ( क्र. 738 ) श्री जितेन्‍द्र गेहलोत : क्या खनिज साधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में बीमार उद्योगों को पुर्नजीवित करने के लिए सरकार ने क्‍या कार्ययोजना बनाई है? (ख) क्‍या प्रदेश में इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ पैकेजिंग का रीजनल सेंटर खोलने की योजना सरकार बना रही है? यदि हाँ, तो अब तक की योजना क्रियान्‍वयन कार्यवाही का ब्‍यौरा क्‍या है?

खनिज साधन मंत्री ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) उद्योग संवर्धन नीति, 2014 एवं कार्य योजना के अंतर्गत अधिग्र‍हण/ क्रय कर पुर्नसंचालित करने पर मध्‍यप्रदेश शासन द्वारा ''विशेष पैकेज, 2014 '' के अन्‍तर्गत कतिपय सुविधायें स्‍वीकृत की जाती है। इसी तरह वृहद एवं मध्‍यम श्रेणी के बीमार उद्योग जिनके संबंध में प्रकरण औदयोगिक और वित्‍तीय पुर्ननिर्माण बोर्ड (बी.आई.एफ.आर.) के समक्ष विचाराधीन है, को उद्योग संवर्धन नीति, 2014 के अंतर्गत पॉलिसी पैकेज,2014 के अनुसार कतिपय सुविधायें स्‍वीकृत की जाती है। उद्योग संवर्धन नीति में बीमार लघु श्रेणी उदयोगों के लिये पुनर्जीवन योजना भी निर्धारित की गई है। जिसमें उद्योग विशेष दवारा सुविधायें चाहे जाने पर कतिपय सुविधायें स्‍वीकृत की जाती है। तीनों पैकेज/योजना की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र ''एक'' ''दो'' एवं तीन पर है। (ख) वर्तमान में इंस्‍टीट्यूट ऑफ पैकेजिंग जो भारत सरकार का उपक्रम है से रीजनल सेन्‍टर खोलने हेतु कोई प्रस्‍ताव विभाग को प्राप्‍त नहीं हुआ है। अत: शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

मजदूरी का भुगतान

29. ( क्र. 778 ) श्रीमती पारूल साहू केशरी : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रश्‍नकर्ता के तारांकित प्रश्‍न क्रमांक 1406 दिनांक 24 फरवरी 2015 को चर्चा के दौरान माननीय मंत्री जी ने प्राथमिकता के आधार पर स्‍थानीय मजदूरों को अनिवार्य रूप से काम देने की जिम्‍मेवारी स्‍वयं की बतलायी थी? (ख) यदि हाँ, तो क्‍या माह जून 2016 में सागर जिले के वन मण्‍डल अंतर्गत मालथौन में उमरिया के 54 मजदूरों, शाहगढ़ में सीधी जिले के 35 मजदूरों को काम कराने के बाद भी वन विभाग के द्वारा मजदूरी के पैसों का भुगतान न करने के कारण मजदूरों के द्वारा कलेक्‍टर कार्यालय परिसर में अपना डेरा डाल लिया था? (ग) यदि हाँ, तो वास्‍तव में सदन में हुई चर्चा के विपरीत वन विभाग के अधिकारियों ने दूर-दराज जिलों के मजदूरों को कम दरों पर कार्य करने के लिये लगाया जाकर स्‍थानीय मजदूरों की उपेक्षा कर सदन में माननीय मंत्री जी द्वारा दिये गये आश्‍वासन की उपेक्षा की है? इसके लिये कौन उत्‍तरदायी है और क्‍या उत्‍तरदायित्‍व का निर्धारण कर दोषी के विरूद्ध कोई कार्यवाही की जावेगी? यदि हाँ, तो कब तक और यदि नहीं, तो क्‍यों?

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) जी हाँ। (ख) यह सही है कि उमरिया एवं सीधी जिले के मजदूरों द्वारा कलेक्‍टर कार्यालय परिसर में डेरा डाला गया था। मजदूरों द्वारा किये गये कार्य गुणवत्‍ता सही न होने के कारण पुन: कार्य में सुधार करने के निर्देश दिये गये जिस कारण भुगतान में विलंब हुआ। कार्यों में सुधार होने के उपरांत श्रमिकों के किये गये कार्य का उनके द्वारा उपलब्‍ध खातों में ई-भुगतान किया गया। (ग) स्‍थानीय मजदूरों के अनुपलब्‍ध होने की स्थिति में ही अन्‍य जिलों के मजदूरों को लगाया जाकर समय-सीमा में पूर्ण होने वाले कार्य को स्‍वीकृत जॉबदर के अनुसार कराया गया एवं मजदूरी का भुगतान ई-पेमेन्‍ट से किया गया। अत: स्‍थानीय मजदूरों की कोई उपेक्षा नहीं हुई है। प्रा‍थमिकता के तौर पर स्‍थानीय मजदूरों को ही वानिकी कार्य में लगाये जाते हैं। माननीय मंत्री जी के आश्‍वासन की उपेक्षा नहीं होने से किसी उत्‍तरदायित्‍व का निर्धारण एवं दोषी व्‍यक्ति के विरूद्ध कार्यवाही का कोई प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

पाटन विधान सभा अंतर्गत मार्ग एवं पुल निर्माण

30. ( क्र. 826 ) श्री नीलेश अवस्‍थी : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या पनागर से सिंगलदीप होते हुये मझौली पहुंच मार्ग दूरी 30 कि.मी. के निर्माण की स्‍वीकृति शासन द्वारा पूर्व में प्रदान की गई थी एवं इस निर्माण कार्य हेतु निविदा भी आमंत्रित की गई थी? (ख) यदि हाँ, तो उक्‍त मार्ग का निर्माण प्रारंभ न होने के क्‍या कारण है? क्‍या उक्‍त स्‍वीकृत मार्ग निरस्‍त कर दिया गया है? यदि हाँ, तो इसके क्‍या कारण है, जबकि उक्‍त मार्ग आधे से ज्‍यादा दूरी तक अत्‍यन्‍त जर्जर है? क्‍या शासन ग्रामीणों के आवागमन को सुगम बनाने हेतु उक्‍त मार्ग के निर्माण की पुन: स्‍वीकृति प्रदान करेगा? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्‍यों नहीं? (ग) पाटन विधान सभा अंतर्गत बनखेड़ी, मुरेठ, लमकना, पौडी मार्ग पर किलो मीटर 3/4 एवं 20/2 सुहार नदी एवं आलासूर नाले पर तथा इन्‍द्राना से गनियारी मुरई मार्ग पर किलो मीटर 7/2 हिरन नदी पर तथा कंजई सकरी मार्ग पर किलो मीटर 2/4 कॉकरदेही नाला पर तथा बुढ़ागर, कंजई कूडा मार्ग पर किलो मीटर 15/2 कूडा ग्राम के पास पुलों का निर्माण न होने से ग्रामीणजनों को वर्षा ऋतु में आवागमन की असुविधा रहती है तथा विभाग को वर्षा ऋतु में नाका लगाकर रपटों के दोनों और नाकेदारों को तैनात करना पड़ता है? क्‍या शासन जनहित में उल्‍लेखित स्‍थलों पर ऊंचे पुलों का निर्माण करेगा? यदि हाँ, तो किस प्रकार से कब तक? यदि नहीं, तो क्‍यों नहीं?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ, जी हाँ। (ख) वर्तमान में मार्ग के 2.00 कि.मी. के भाग में मजबूतीकरण एवं 12.00 कि.मी. के भाग में नवीनीकरण कार्य किया गया है, जो परफारमेंस गारंटी के अंतर्गत है तथा 2.30 कि.मी. में कांक्रीट मार्ग है, जो कि अच्‍छी स्थिति में है। मार्ग पर भारी वाहनों का आवागमन नहीं के बराबर है। अत: इसके चौड़ीकरण के कार्य की आवश्‍यकता वर्तमान में प्रतिपादित नहीं हुई है। इस परिप्रेक्ष्‍य में मुख्‍य अभियंता (मध्‍य परिक्षेत्र) लो.नि.वि. जबलपुर के पत्र दिनांक 16.05.16 द्वारा मार्ग के चौड़ीकरण कार्य को स्‍थगित करने हेतु लेख किया गया, जिसके आधार पर मार्ग की आमंत्रित निविदा को निरस्‍त किया गया। मार्ग की प्रशासकीय स्‍वीकृति को निरस्‍त नहीं किया गया। शेष मार्ग का आंशिक भाग बैठा हुआ है, जिसको मजबूतीकरण के अंतर्गत प्रस्‍तावित किया जा रहा है। समय-सीमा बताना संभव नहीं है। (ग) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है।

परिशिष्ट - ''नौ''

विश्‍वविद्यालय परीक्षाओं के संदर्भ में

31. ( क्र. 835 ) श्री नीलेश अवस्‍थी : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या विश्‍वविद्यालय जोनल और राष्‍ट्रीय स्‍तर पर खेलकूद या अन्‍य गतिविधियों में शामिल होने वाले छात्र-छात्राओं के लिये विशेष परीक्षा का प्रावधान तत्‍कालीन आयुक्‍त (उच्‍च शिक्षा) द्वारा 8 दिसम्‍बर, 2008 को दिया गया था और इस प्रावधान को आयुक्‍त उच्‍च शिक्षा के आदेश दिनांक 22, दिसम्‍बर 2012 के द्वारा समाप्‍त कर दिया गया? (ख) यदि हाँ, तो क्‍या ऐसी स्थिति में खेलकूद एवं अन्‍य गतिविधियों में भाग लेने वाले प्रतियोगियों द्वारा परीक्षा काल में प्रदेश के बाहर होने वाली प्रतियोगिताओं में भाग लेने या न लेने की विषम परिस्थिति उत्‍पन्‍न हो रही है तथा ऐसे छात्र या तो खेलकूद सहित अन्‍य गतिविधियों से विमुख हो रहे हैं या फिर उन्‍हें साल खराब करना पड़ रहा है? क्‍या ऐसी स्थिति में शैक्षणिक सत्र 2015-16 में परीक्षाएं होने के कारण दो सेमेस्‍टरों में सैकड़ों छात्रों ने प्रदेश के बाहर होने वाली प्रतियोगिताओं में हिस्‍सा नहीं लिया है? (ग) क्‍या ऐसी स्थिति में चयनित छात्रों को या तो परीक्षा छोड़नी पड़ती है या प्रतियोगिता क्‍या शासन छात्रों की प्रतिभाओं को प्रोत्‍साहित करने के लिये पूर्व की भॉति प्रतियोगी छात्र-छात्राओं के लिये विशेष परीक्षा लेने का प्रावधान लागू करेगी? यदि हाँ, किस प्रकार से कब तक? यदि नहीं, तो क्‍यों नहीं?

उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री जयभान सिंह पवैया ) : (क) जी नहीं। 8 दिसम्बर 2008 के पत्र क्रमांक्र 446/आउशि/नि.का/08 में एन.सी.सी./एन.एस.एस./क्रीडा शिविरों में महाविद्यालय, राज्य एवं राष्ट्र का प्रतिनिधित्व करने वाले विद्यार्थियों के लिये पृथक से आंतरिक परीक्षा आयोजित करने के संबंध में निर्देश हैं। विशेष परीक्षा के नहीं। जी नहीं। (ख) प्रश्नांश '' के उत्तर के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता। (ग) प्रश्नांश '' के उत्तर के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता।

वन परिक्षेत्र अंतर्गत संचालित कार्य

32. ( क्र. 883 ) श्री रामपाल सिंह : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शहडोल जिले के उत्‍तर वन मंडल अंतर्गत उप वन मंडल जयसिंहनगर एवं ब्‍यौहारी के विभिन्‍न परिक्षेत्र अंतर्गत कितने कार्य संचालित हैं तथा प्रत्‍येक कार्यवार कितनी राशि किस कार्य के लिए व्‍यय की गयी है। (ख) उक्‍त उप वन मंडल क्षेत्रांतर्गत वन एवं अन्‍य परिसंपत्तियों के रख-रखाव हेतु 2014-15 एवं 2015-16 में कितनी राशि शासन द्वारा प्रदाय की गई है तथा किस-किस कार्य के लिये कितनी राशि व्‍यय की गई? (ग) उक्‍त उप वन मंडल क्षेत्रांतर्गत कितने नवीन कार्य प्रस्‍तावित हैं तथा कितनी राशि स्‍वीकृत है और कितनी राशि की मांग प्रस्‍तावित है?

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है।

वन विभाग की भूमि पर अतिक्रमण

33. ( क्र. 929 ) श्री राजेन्द्र फूलचं‍द वर्मा : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या सोनकच्‍छ विधानसभा क्षेत्र की वन विभाग की भूमि पर विभाग की लापरवाही के चलते कुछ लोगों के द्वारा अतिक्रमण कर दिया गया है यदि हाँ, तो किन-किन लोगों का कितने सालों से अतिक्रमण है? (ख) क्‍या विभाग द्वारा क्‍या जमीन का सीमांकन कराकर वन विभाग की जमीन पर से अतिक्रमणकारियों को कब्‍जा हटाने का प्रयास किया गया है यदि हाँ, तो क्‍या वर्तमान में कब्‍जा हट गया है? यदि नहीं तो क्‍यों नहीं। (ग) क्‍या विधानसभा क्षेत्र सोनकच्‍छ में वन विभाग की भूमि में सागवान, बांस, आवला, खेर, जैसी अन्‍य औषधियां पाई जाती हैं।यदि हाँ, तो क्‍या उसकी देखभाल सही तरह से हो रही है? यदि नहीं, तो क्‍यों?

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) प्रश्‍नांकित क्षेत्र के वनों में वन विभाग के अमले द्वारा पूर्ण मुस्‍तैदी से वन सुरक्षा की जाती है, इसके उपरांत भी वनक्षेत्र में कही अतिक्रमण की घटना घटती है तो तत्‍काल अतिक्रामक के विरूद्ध वन अपराध प्रकरण पंजीबद्ध किया जाता है। सोनकच्‍छ विधान सभा क्षेत्र में परिक्षेत्र देवास के अंतर्गत काबिज अतिक्रामकों की जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी हाँ। वन विभाग द्वारा वन भूमि का सीमांकन किया गया है, जिसमें वन सीमा के अंदर आने वाले 37 अतिक्रामकों के विरूद्ध प्रकरण पंजीबद्ध किये गये, जिनमें से 4 प्रकरणों में अतिक्रामकों को वन भूमि से बेदखल किया जा चुका है। शेष 33 अतिक्रामकों के विरूद्ध कब्‍जा हटाने की कार्यवाही की जा रही है, जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट पर है। 19 प्रकरण जिनमें अतिक्रामकों के विरूद्ध बेदखली आदेश जारी किये जा चुके है, जिला स्‍तरीय टास्‍कफोर्स से समन्‍वय स्‍थापित कर कब्‍जा हटा दिया जावेगा एवं 12 प्रकरण वर्तमान में वन अधिकार अधिनियम के अंतर्गत परीक्षण हेतु लंबित है, जिनमें यदि अपात्र पाये जाते है तो बेदखली की कार्यवाही की जावेगी। शेष 2 प्रकरणों में जाँच उपरांत नियमानुसार कार्यवाही की जावेगी। (ग) जी हाँ। सुरक्षा का कार्य प्रभावी रूप से किया जा रहा है। अत: शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''दस''

वन-मण्‍डल छतरपुर में कराये गये कार्य

34. ( क्र. 930 ) श्री मानवेन्द्र सिंह : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) 01 अप्रैल 2012 से प्रश्‍न दिनांक तक वन-मण्‍डल छतरपुर में कितने कुओं में परकोलेशन टैंक वन प्राणियों के पीने के पानी हेतु तालाब, पानी रोकने की खन्‍ती, कन्‍टूर ट्रैंच निर्माण कराया गया एवं बुन्‍देलखण्‍ड पैकेज से कितने नवीन तालाबों का निर्माण कार्य कराया गया? कूपवार, परिक्षेत्रवार, स्‍थलवार, लम्‍बाई एवं घनमीटरवार स्‍पष्‍ट करें? (ख) प्रश्‍नांश (क) के अनुसार उक्‍त निर्माण कार्यों में प्रत्‍येक कार्यवार कितनी-कितनी वित्‍तीय स्‍वीकृति थी तथा कितना-कितना व्‍यय किया गया? निर्माण कार्य किस-किस कर्मचारी/अधिकारी के सुपरविज़न में किस-किस निर्माण एजेन्‍सी/ठेकेदार से कराया गया? क्‍या उक्‍त निर्माण कार्य पूर्ण होने के उपरांत संबंधित तकनीकी विभाग से उसकी गुणवत्‍ता का सर्टिफिकेट लिया गया? यदि हाँ, तो कार्य तथा परिक्षेत्र वाईज स्‍पष्‍ट करें? यदि नहीं, तो कारण सहित स्‍पष्‍ट करें? (ग) जिला छतरपुर में किन-किन वन समितियों द्वारा वाहन व सुरक्षा कार्यों पर 01 अप्रैल 2012 से प्रश्‍न दिनांक तक कितनी राशि व्‍यय की गई? समितियों का नाम, कार्य एवं व्‍यय की गई राशि की जानकारी दें?

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 एवं 2 अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। निर्माण एजेन्‍सी/ठेकेदार से कोई कार्य नहीं कराया गया है। वन विभाग द्वारा विभाग के तकनीकी कार्य स्‍वंय किये जाते हैं। अत: किसी तकनीकी विभाग से पृथक से गुणवत्‍ता प्रमाण नहीं लिया जाता है। शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है।

वन क्षेत्रों में सड़क निर्माण में

35. ( क्र. 939 ) श्री दिव्‍यराज सिंह : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सड़क मार्गों के निर्माण के दौरान यदि कहीं वन विभाग की भूमि का कुछ अंश मार्ग निर्माण हेतु अधिग्रहीत करना हो तो वन अधिकारियों द्वारा अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी नहीं किये जाते तथा सड़क निर्माण कार्य में व्‍यवधान उत्‍पन्‍न किया जाता है, उक्‍त संबंध में क्‍या मंत्री महोदय विभाग को अनुमति प्रक्रिया सरलीकरण हेतु आदेशित करने का कष्‍ट करेंगे, ताकि सड़क मार्गों के निर्माण में व्‍यवधान उत्‍पन्‍न न हो? (ख) विधानसभा क्षेत्र सिरमौर अन्‍तर्गत लटियार रामबाग रोड से मदरी सड़क निर्माण ६०० मीटर, रामबाग बड़गड़ रोड से खारा १५० मीटर, जवा जनकहाई रोड से चरपरिहनपुर्वा ६०० मीटर एवं डभौरा हरदोली रोड से ओवरी मार्ग निर्माण हेतु वन विभाग द्वारा अनापत्ति कब तक प्रदाय की जावेगी? (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के संदर्भ में विभाग द्वारा अनापत्ति प्रमाणन प्रक्रिया का सरलीकरण किया जावेगा?

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) सड़क निर्माण हेतु आवश्यक वन भूमि का अधिग्रहण करने का अधिनियम/नियम में प्रावधान नहीं है, अपितु वन संरक्षण अधिनियम, 1980 के तहत वन भूमि का गैर वानिकी कार्य हेतु व्यपवर्तन भारत सरकार के पूर्वानुमति से किया जाता है। सड़क एवं अन्य विकास कार्य हेतु वन भूमि के उपयोग पर दिए जाने के संबंध में प्रक्रिया का सरलीकरण कर प्रसारित किए गए आदेशों का विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) आवेदक संस्था द्वारा जवा जनकहाई रोड से चरपनिहनपुर्वा एवं डभौरा हरदोली रोड से ओवरी मार्ग की अनुमति के लिए विभाग में कोई आवेदन प्रस्तुत नहीं किया है, शेष दो मार्ग की आपत्तियों का निराकरण आवेदक संस्थान द्वारा कर देने पर मार्ग निर्माण की स्वीकृति दी जा सकेगी। अतः निश्चित समय-सीमा बतायी जाना सम्भव नहीं है। (ग) उत्तरांश में उल्लेखित प्रक्रिया अनुसार सरलीकरण किया जा चुका है। 

रानी दुर्गावती विश्‍वविद्यालय जबलपुर में डिग्री शुल्‍क की वसूली

36. ( क्र. 943 ) डॉ. योगेन्‍द्र निर्मल : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या रानी दुर्गावती विश्‍वविद्यालय जबलपुर द्वारा संकाय के अंतिम सेमेस्‍टर के परीक्षा फार्म ऑनलाईन भरते समय डिग्री शुल्‍क लिया जाता है तथा राशि भुगतान उपरांत निकलने वाली रसीद में राशि का उल्‍लेख तो होता हैं? किन्‍तु डिग्री शुल्‍क नहीं लिखा होता है? क्‍यों? (ख) क्‍या सभी विद्यार्थीयों को डिग्री विश्‍वविद्यालय द्वारा प्रेषित की जाती है? यदि नहीं, तो क्‍यों? विगत ३ वर्षों में कितने जिले के छात्रों को डिग्री भेजी गयी है? संख्‍यावार विवरण देवें? (ग) विश्‍वविद्यालय द्वारा कितने छात्रों से दो बार डिग्री शुल्‍क लिया गया है? कितने छात्रों को सामान्‍य प्रक्रिया के तहत डिग्री शुल्‍क भरकर डिग्री प्राप्‍त हुई हैं? संख्‍यावार बतावें? (घ) ऐसे कितने छात्र-छात्राएँ हैं जिन्‍होंने दो बार डिग्री शुल्‍क भरा तथा विश्‍वविद्यालय ने किस आधार पर एक छात्र से दो बार डिग्री शुल्‍क लिया है? साथ ही भुगतान की राशि कितनी थी?

उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री जयभान सिंह पवैया ) : (क) जी हाँ। डिग्री शुल्क का पृथक से उल्लेख नहीं होता है बल्कि समग्र शुल्क की रसीद प्राप्त होती है। शुल्क की विस्तृत जानकारी अधिसूचना में अंकित होती है। (ख) जी नहीं। क्योंकि डिग्री शुल्क में डाक शुल्क शामिल नहीं होता है, जो छात्र आवेदन के साथ डाक शुल्क जमा करते हैंउनको उनके पते पर डिग्री प्रेषित की जाती है। शेष जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट पर है। (ग) छात्रों से दो बार डिग्री शुल्क नहीं लिया गया है। सामान्य प्रक्रिया के तहत ही कुल डिग्री 15,976 भेजी गई जिसकी कुल राशि रुपये 88,82,505/ प्राप्त हुई। (घ) छात्र-छात्राओं से विश्वविद्यालय द्वारा दो बार डिग्री शुल्क नहीं लिया गया, किन्तु विश्वविद्यालय की अधिसूचना क्रमांक/सभा/2013/1860, दिनांक 21/06/2013 के अनुसार 01 जुलाई 2013 से तत्कल डिग्री प्राप्त करने हेतु छात्रों द्वारा आवेदन करने पर तत्काल शुल्क रुपये 1000/ जमा करवाकर अधिकतम 48 घंटे में डिग्री प्रदान कर दी जाती है। शेष जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट पर है।

परिशिष्ट - ''ग्यारह''

कार्यों में हुई अनियमितताओं की जाँच

37. ( क्र. 951 ) श्री रामनिवास रावत : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रश्नकर्ता के विधान सभा अता. प्रश्न क्र. 759 दिनांक 24-02-15 के प्रश्नांश (क) के उत्तरानुसार गोरस-आवदा-अजापुरा मार्ग की जाँच पूर्ण हो गई है? जाँच प्रतिवेदन की प्रति उपलब्ध कराते हुए बतावें कि प्रतिवेदन अनुसार अभी तक क्या कार्यवाही की गई है? (ख) प्रश्‍नांश (क) में संदर्भित प्रश्न के प्रश्नांश (ख) के उत्तरानुसार सम्बंधित ठेकेदार के विरुद्ध क्या कार्यवाही की गई है? बिना कार्य कराये मूल्यांकन पुस्तिका पर दर्ज कर भुगतान करने, अधिक भुगतान करने आदि अनियमितताओं का दोषी मानते हुए सम्बंधित अधिकारियों एवं ठेकेदार के विरुद्ध राशि वसूली की कार्यवाही की गई है? यदि हाँ, तो क्या? यदि नहीं, तो कब तक कार्यवाही की जावेगी?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ। जाँच प्रतिवेदन की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार तथा जाँच प्रतिवेदन पर की गई कार्यवाही पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। (ख) श्री महेशचंद्र गोयल, बी-श्रेणी ठेकेदार का पंजीयन काली सूची (ब्लैक लिस्ट) में डाल दिया गया है। जी हाँ, संबंधित अधिकारियों के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही के लिये आरोप पत्र जारी किये जा चुके है। जिनमें शासन को हुई क्षति का भी उल्लेख है एवं ठेकेदार से रू. 1056289.00 की कटौती अंतिम देयक से कर ली गई है।

कटनी जिले में औद्योगिक निवेश की स्थिति

38. ( क्र. 961 ) श्री मोती कश्यप : क्या खनिज साधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या कटनी जिले के किन्‍हीं स्‍थानों में ऊर्जा एवं अन्य खनिज आधारित उद्योगों का किन्‍हीं दिनांकों को किन्‍हीं स्‍थानों में आयोजित इन्‍वेस्‍टर समि‍टों में किन्‍हीं राशि के निवेश के अनुबंध और किन्‍हीं तिथियों में एम.ओ.यू् निष्‍पादित हुये है तथा उन्‍हें नदियों से किन्‍हीं मात्रा में कि‍न्‍हीं के द्वारा जल का आवंटन किया गया है? (ख) प्रश्‍नांश (क) में से किनके द्वारा कब किन प्रकार के उद्योग स्‍थापित कर लिये गये है और किनके द्वारा आज दिनांक तक अपनी औद्योगिक गतिविधियां प्रारंभ नहीं की है? जिन्‍होंने प्रारंभ नहीं की है, क्‍या उनके अनुबंध, एम.ओ.यू्. और जल आवंटन किन्‍हीं आदेशों से निरस्‍त कर दिये गये हैं? (ग) क्‍या प्रश्‍नकर्ता ने तहसील ढीमरखेड़ा में उपलब्‍ध लगभग 26,000 एकड़ भूमि के खसरे व रकबों का विवरण माननीय मुख्‍यमंत्री जी व विभागीय आयुक्‍त को प्रस्‍तुत किये है और जिनके किन्‍हीं खसरे और रकबों में किन्‍हीं उद्योगों की स्‍थापना हेतु अनापत्ति हेतु किन्‍हीं राजस्‍व अधिकारियों द्वारा कार्यवाही की जा रही है और उसकी अद्यतन स्थिति क्‍या है? (घ) क्‍या प्रश्‍नांश (ग) उद्योगों के लिये आरक्षित भूमि के उपरांत शेष बची भूमि की अनापत्ति की प्रक्रिया कब तक पूर्ण कर ली जावेगी, कि जिससे अन्‍य उद्योगों की स्‍थापना का अवसर सृजित हो और औद्योगिक वातावरण विकसित हो?

खनिज साधन मंत्री ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जी हाँ। (ख) प्रश्‍नांश (क) के अनुसार जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' में उल्‍लेखित 05 इकाईयों द्वारा उत्‍पादन प्रारंभ कर लिया गया है तथा शेष इकाईयों के एम.ओ. यू. विभिन्‍न कारणों से निरस्‍त किये गये है। जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। जल आवंटन निरस्‍त की जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ग) जी हाँ। तहसील ढीमरखेड़ा में लगभग 26,000 एकड़ भूमि में से 1604 हेक्‍टेयर (3961.68 एकड़) भूमि चिन्हित की गई है, जिसके हस्‍तांतरण की कार्यवाही राजस्‍व विभाग में प्रचलित है। (घ) उद्योगों के लिये आरक्षित भूमि उद्योग विभाग को हस्‍तांतरण उपरांत शेष बची भूमि के संबंध में आगामी कार्यवाही हेतु समय-सीमा दिया जाना संभव नहीं है।

परिशिष्ट - ''बारह''

दैनिक श्रमिकों की वन रक्षक के पदों पर भर्ती

39. ( क्र. 970 ) श्री प्रताप सिंह : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या मध्‍यप्रदेश शासन द्वारा जारी निर्देशानुसार वन विभाग में कार्यरत दैनिक श्रमिकों की वनरक्षक के पद पर भर्ती हेतु परीक्षा वर्ष 2008 में आयोजित की गई थी? क्‍या प्रधान मुख्‍य वन संरक्षक भोपाल ने परीक्षा में उत्‍तीर्ण उम्‍मीदवारों की सूची के आदेश क्रमांक प्रशा.।।/क्षे.स्‍था.।।/4417 दिनांक 23.08.2010 से जारी कर चयनित उम्‍मीदवारों के नियुक्ति आदेश जारी कर आदेश की प्रतियां दिनांक 30.08.2010 तक मुख्‍यालय में चाही गई थी? (ख) प्रश्‍नांश (क) में चयनित उम्‍मीदवारों की सूची में दमोह जिले के कुल कितने दैनिक श्रमिक चयन किये गये थे, क्‍या उनके नियुक्ति आदेश जारी किये गये हैं यदि हाँ, तो उनके नाम, उपस्थिति दिनांक तथा पदस्‍थापना स्‍थान बतलावें? (ग) क्‍या माननीय उच्‍च न्‍यायालय एवं उच्‍चतम न्‍यायालय के आदेश के बावजूद भी दमोह जिले के चयनित दैनिक श्रमिकों की वनरक्षक के पद पर 5-6 वर्ष की अवधि पूर्ण हो जाने के पश्‍चात् भी शासन/प्रशासन नियुक्ति आदेश जारी करने में असफल रही है, माननीय उच्‍च न्‍यायालय/उच्‍चतम न्‍यायालय के आदेश की अवहेलना तथा विलंब के लिए कौन उत्‍तरदायी है? नियुक्ति आदेश संबंधी प्रक्रिया किस स्‍तर पर किस विभाग में लंबित है, क्‍या शासन संज्ञान में लेकर नियुक्ति संबंधी लंबित नस्‍ती का निराकरण यथाशीघ्र पूर्ण करावेगा?

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) जी, हाँ। (ख) दमोह जिले हेतु 12 दैनिक वेतन भोगी श्रमिकों का चयन किया गया था। शासन द्वारा नियुक्ति पर प्रतिबन्‍ध लगाने के कारण नियुक्ति आदेश जारी नहीं किये गये अत: उपस्थिति दिनांक एवं पदस्‍थापना बताने का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) चयनित दैनिक वेतन भोगी श्रमिकों में से 05 के द्वारा मान. उच्‍च न्‍यायालय में याचिकाएं दायर की गई। मान. न्‍यायालय द्वारा पारित निर्णय के पालन में नियमितीकरण की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। चूंकि नियुक्ति की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। अत: मान. न्‍यायालय के आदेश की अवहेलना का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। जी हाँ।

समितियों द्वारा वन सुरक्षा एवं आस्‍थामूलक कार्य

40. ( क्र. 976 ) श्री प्रताप सिंह : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दमोह जिले के तेन्‍दूखेड़ा एवं जबेरा विकासखण्‍ड की वन समितियों को वर्ष 2008-09 से प्रश्‍न दिनांक तक कितनी-कितनी राशि प्रदाय की गई है, प्राप्‍त राशि से समितियों द्वारा वन सुरक्षा एवं आस्‍थामूलक के कौन-कौन से कार्य कितनी-कितनी राशि के कराये गये हैं, कार्य का नाम एवं स्‍थान बतलावें? (ख) क्‍या आस्‍थामूलक कार्य में वन समितियों की राशि से टैंकर अथवा अन्‍य कोई सामग्री क्रय करने के आदेश हैं, यदि हाँ, तो आदेश की प्रति उपलब्‍ध करावें? (ग) वन समितियों द्वारा प्रश्‍नांश (क) में उल्‍लेखित अवधि के दौरान कितनी-कितनी राशि की कौन-कौन सी सामग्री किस एजेंसी से किस-किस समिति द्वारा कब-कब क्रय की गई? क्‍या क्रय सामग्री समितियों के पास वर्तमान में उपलब्‍ध है? (घ) क्‍या वन समिति के खाते में राशि जमा न कर वन विभाग के अधिकारियों द्वारा राशि का आहरण स्‍वयं कर वन समितियों के अधिकारों का अतिक्रमण किया है, यदि हाँ, तो किस नियम/आदेश के तहत राशि आहरित की गई है?

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी नहीं। अत: आदेश की प्रति उपलब्‍ध कराने का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (घ) जी नहीं।

वन मण्‍डल पन्‍ना में कराये गये कार्य

41. ( क्र. 994 ) श्री मुकेश नायक : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) 01 अप्रैल 2013 से प्रश्‍न दिनांक तक वन मण्‍डल पन्‍ना में कितने कूपों में परकोलेशन टैंक वन प्राणियों के पीने के पानी हेतु तालाब, पानी रोकने की खंती कंटूर टैंच निर्माण कराया गया है। कूपवार, परिक्षेत्रवार स्‍थलवार, लम्‍बाई एवं घनमीटर वाईज स्‍पष्‍ट करें। (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार उक्‍त निर्माण कार्यों में प्रत्‍येक कार्यवार कितनी-कितनी वित्‍तीय स्‍वीकृति थी तथा कितना-कितना व्‍यय किया गया, निर्माण कार्य किस-किस कर्मचारी/अधिकारी के सुपरविजन में किस-किस निर्माण एजेंसी/ठेकेदार से कराया गया। क्‍या उक्‍त निर्माण कार्य पूर्ण होने के उपरांत संबंधित तकनीकी विभाग से उनकी गुणवत्‍ता का सर्टीफिकेट लिया गया है? यदि हाँ, तो कार्य तथा परिक्षेत्रवार स्‍पष्‍ट करें। यदि नहीं, तो क्‍यों। कारण सहित स्‍पष्‍ट करें। (ग) पन्‍ना जिले में किन-किन वन समितियों द्वारा वाहन चालकों, वन सुरक्षा कार्यों पर 2013 से प्रश्‍न दिनांक तक कितनी राशि व्‍यय की गयी? समिति का नाम कार्य एवं व्‍यय की गयी राशि की जानकारी उपलब्‍ध करावें।

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) एवं (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। निर्माण कार्य विभागीय रूप से किये गये हैं। अतः तकनीकी विभाग से प्रमाण पत्र लेने का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है।

पन्‍ना जिले में पी.आई.यू. के तहत निर्माण कार्य

42. ( क्र. 995 ) श्री मुकेश नायक : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) पन्‍ना जिले में पी.आई.यू. के तहत कुल कितने निर्माण कार्य कितनी-कितनी लागत के किये जा रहे है? 1 जनवरी, 2013 से प्रश्‍न दिनांक तक की कार्यवार जानकारी उपलब्‍ध करावें? (ख) उपरोक्‍त में से कौन-कौन से कार्य में कितना-कितना विलंब हुआ है एवं उसके कारण लागत में कितनी-कितनी वृद्धि हुई है? (ग) क्‍या कार्यों के गुणवत्‍ताहीन होने संबंधी शिकायतें प्राप्‍त हुई है हाँ, तो उनका भौतिक सत्‍यापन किस अधिकारी द्वारा किया गया एवं क्‍या-क्‍या कमियां पाई गई? (घ) उक्‍त निर्माण कार्य किस-किस एजेंसी के माध्‍यम से कराये जा रहे है?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) एवं (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है।

नवीन जिला जेल भिण्‍ड का अतिशीघ्र निर्माण कार्य पूर्ण कराया जाना

43. ( क्र. 1006 ) श्री नरेन्‍द्र सिंह कुशवाह : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नवीन जिला जेल भिण्‍ड के निर्माण कार्य में अवस्‍थी ब्रदर्स को अनुबंध क्र. 20/2008-09 अनुमानित लागत 450.0 लाख में किया गया था? प्रश्‍नांश दिनांक तक कितना कार्य पूर्ण हुआ? कितना शेष? कब तक पूर्ण होगा? गुणवत्‍ताहीन कार्य की जाँच किस स्‍तर पर कब की गई? (ख) प्रश्‍नांश (क) के अंतर्गत कार्य 12.10.2010 तक पूर्ण होना था? अभी तक पूर्ण क्‍यों नहीं हुआ? क्‍या लागत वृद्धि हुई? क्‍यों की गई? किस स्‍तर के अधिकारी द्वारा कब निरीक्षण किया गया? शासन को कितनी क्षति हुई? (ग) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में अनुबंध धारा 3 सी में निरस्‍त कर क्‍या कार्यवाही पूर्ण है? क्‍या अधिकारियों की मिलीभगत से कार्य की गति धीमी रहती है? यदि हाँ, तो किस स्‍तर के अधिकारी के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की गई? (घ) क्‍या नवीन जिला जेल भिण्‍ड में 10 बिस्‍तरीय हॉस्‍पिटल का निर्माण हो रहा है? यदि हाँ, तो निर्माण पूर्ण करके कब तक जेल प्रशासन को सौंप दी जायेगी?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ प्रश्‍नांश दिनांक तक प्रथम एजेंसी में अवस्‍थी ब्रदर्स द्वारा अनुबंध क्रमांक 20/2008-09 के तहत राशि रू. 192.61 लाख एवं द्वितीय एजेंसी में मूलचंद जैन द्वारा अनुबंध 49/2015-16 के तहत राशि रू. 105.95 लाख इस प्रकार कुल राशि रू. 298.56 लाख का कार्य पूर्ण हुआ है तथा द्वितीय अनुबंध अंतर्गत राशि रू.589.90 लाख का कार्य शेष है। कार्य दिनांक 25.01.2017 तक पूर्ण होना संभावित है। कार्य की जाँच की जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के कालम 12/13 अनुसार है। (ख) जी हाँ प्रथम ठेकेदार में अवस्‍थी ब्रदर्स द्वारा निर्माण कार्य की समानुपातिक प्रगति न होने से कार्य में विलंब हुआ। अत: अनुबंध की कण्डिका 3 सी के तहत निरस्‍त कर शेष कार्य रिस्‍क एण्‍ड कास्‍ट पर एंजेसी तय की गयी। शेष कार्य की निविदा प्रतिशत अधिक होने के कारण कार्य की लागत में वृद्धि हुई है। संलग्‍न परिशिष्‍ट के कालम 12 एवं 13 अनुसार कार्य का निरीक्षण किया गया। कार्य की लागत में वृद्धि प्रथम ठेकेदार मै. अवस्‍थी ब्रदर्स से रिस्‍क एण्‍ड कास्‍ट पर होने के कारण शासन को क्षति नहीं हुई है। (ग) जी हाँ अनुबंध क्रमांक 20/2008-09 अनुबंध की कण्डिका 3 सी के अनुसार कार्यवाही की गई है। जी नहीं अधिकारियों के विरूद्ध कार्यवाही का प्रश्‍न नहीं उठता। लोक निर्माण विभाग, उत्‍तर परिक्षेत्र ग्‍वालियर के पत्र दिनांक 08.07.2016 के दवारा मै. अवस्‍थी ब्रदर्स, मिल एरिया रोड, मुरैना का पंजीयन काली सूची में डाला गया है। (घ) लोक निर्माण विभाग दवारा केवल अस्‍पताल भवन का निर्माण किया जाना है। निर्माण कार्य अनुबंधानुसार दिनांक 25.01.2017 तक पूर्ण कर जेल प्रशासन को सौंपने का लक्ष्‍य है।

परिशिष्ट - ''तेरह''

भृत्‍य और चौकीदार की नियुक्ति

44. ( क्र. 1007 ) श्री नरेन्‍द्र सिंह कुशवाह : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शासकीय एम.जे.एस. महाविद्यालय भिण्‍ड में दिनांक 22.01.2016 को जनभागीदारी मद अंतर्गत जिलाधीश दर पर तीन चौकीदार, तीन भृत्‍य की नियुक्ति की गई है? यदि हाँ, तो नियुक्ति करने के लिए क्‍या प्रक्रिया अपनाई गई? शासन ने क्‍या मापदण्‍ड निर्धारित किए गए हैं छायाप्रति सहित जानकारी दें। (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में कुल पद भृत्‍य 28 स्‍वीकृत हैं, 19 कार्यरत हैं यदि हाँ, तो 9 नियुक्ति के लिए जनभागीदारी समिति की सामान्‍य बैठक आयोजित कर अनुमति क्‍यों नहीं ली गई? नियमों का अनुपालन क्‍यों नहीं किया गया? (ग) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में चौकीदार के कितने पद स्‍वीकृत हैं कितने कार्यरत हैं? चार चौकीदार की नियुक्ति की क्‍यों आवश्‍यकता थी? विधि महाविद्यालय कहाँ पर चलाया जा रहा है? क्‍या विधि महाविद्यालय प्रागंण से बाहर चलाया जा रहा है? (घ) प्रश्‍नांश (क), (ख) और (ग) में शासन के नियमों का परिपालन नहीं करने के लिए कौन उत्‍तरदायी हैं? क्‍या कार्यवाही की गई हैं? जनवरी 13 से प्रश्‍नांश दिनांक तक जनभागीदारी को आय, व्‍यय कितना किया गया? किसके आदेश से किया गया?

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उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री जयभान सिंह पवैया ) : (क) जी नहीं। महाविद्यालय में कार्य की आवश्यकता अनुसार जनभागीदारी निधी से 6 मजदूरों को अस्थाई तौर पर जिलाधीश दर पर रखा गया। जनभागीदारी समिति की बैठक न होने के कारण प्रस्ताव पारित नहीं हो सका है लेकिन अध्यक्ष जनभागीदारी समिति (कलेक्टर भिण्ड) से अनुमोदन प्राप्त किया गया है। जनभागीदारी समिति के राजपत्र में प्रकाशित नीति निर्देश पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ पर है। (ख) नियमित स्थापना में स्वीकृत पदों पर नियुक्ति हेतु जनभागीदारी समिति सक्षम नहीं है। शेष प्रश्नांश का प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता। (ग) चौकीदार के 3 पद नियमित स्थापना में स्वीकृत हैं जो पूर्व से भरे हुये हैं। अत: पद रिक्त नहीं होने से चौकीदार के पद पर नियुक्ति का प्रश्न ही नहीं उठता है। विधि महाविद्यालय शासकीय एम.जे.एस. महाविद्यालय भिण्ड के परिसर में ही संचालित है। मजदूरों को जिलाधीश दर पर सुरक्षा एवं सफाई इत्यादि कार्य हेतु रखा गया। (घ) प्रश्नांश (क), (ख), (ग) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता। माह जनवरी 2013 से प्रश्न दिनांक तक आय-व्यय का विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब पर है। जनभागीदारी मद से जिलाधीश दर पर मजदूर रखने की अनुमति के प्रस्ताव पर अध्यक्ष जनभागीदारी समिति (कलेक्टर भिण्ड) की अनुमति अनुसार प्राचार्य एम.जे.एस. महाविद्यालय भिण्ड द्वारा भुगतान किया गया। पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-स पर है।

प्रस्‍तावित स्‍टे‍डियम का निर्माण

45. ( क्र. 1030 ) श्री दिव्‍यराज सिंह : क्या खेल और युवा कल्याण मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) विधान सभा क्षेत्र सिरमौर अंतर्गत ग्राम पंचायत नष्टिगवां एवं ग्राम पंचायत पड़री में प्रस्‍तावित स्‍टेडियम निर्माण की क्‍या प्रगति है? (ख) प्रस्‍तावित स्‍टेडियम निर्माण हेतु समय-सीमा क्‍या निर्धारित की गई है?

खेल और युवा कल्याण मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की परफोरमेन्‍स ग्रान्ट से ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग द्वारा विधान सभा क्षेत्र सिरमौर के ग्राम पंचायत नष्टिगवां में खेल परिसर के निर्माण का कार्य प्रारंभ कर दिया गया हैं चूंकि योजनान्तर्गत एक विधान सभा क्षेत्र में एक ही ग्रामीण खेल परिसर का निर्माण होना हैं इसलिये पडरी ग्राम में स्वीकृति पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा जारी नहीं की गई हैं। (ख) पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग द्वारा खेल परिसर का निर्माण कराया जा रहा हैं, इसलिये खेल विभाग द्वारा समय-सीमा बताई जाना संभव नहीं है। 

सड़क निर्माण की स्‍वीकृति

46. ( क्र. 1034 ) कुँवर हजारीलाल दांगी : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या राजगढ़ जिले के अंतर्गत खिलचीपुर से ब्यावराकलां व्‍हाया छापीहेड़ा मार्ग वर्तमान में पूर्णत: जीर्ण-शीर्ण अवस्‍था में होकर आवागमन योग्‍य नहीं रह गया है? यदि हाँ, तो क्‍या कार्यपालन यंत्री लोक निर्माण विभाग संभाग राजगढ़ द्वारा उक्‍त मार्ग पर सी.सी. रोड निर्माण कार्य हेतु राशि रूपये 37 करोड़ की डी.पी.आर. तैयार स्‍वीकृति हेतु भेजा गया है? यदि हाँ, तो प्रश्‍न दिनांक तक उक्‍त कार्य की स्‍वीकृति हेतु क्‍या कार्यवाही की गई? यदि नहीं, तो उक्‍त संबंध में किन कारणों से स्‍वीकृति हेतु कार्यवाही किस स्‍तर पर लंबित है? (ख) प्रश्‍नांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में क्‍या प्रश्‍नांकित मार्ग पर आगामी वर्षाकाल में आवागमन पूर्णत: बाधित हो जाऐगा जिससे क्षेत्रवासियों को अत्‍याधिक कठिनाईयां उत्‍पन्‍न होगी? यदि हाँ, तो क्‍या शासन यथाशीघ्र उक्‍त मार्ग की स्‍वीकृति प्रदान करेगा? यदि हाँ, तो कब तक? (ग) उपरोक्‍तानुसार क्‍या शासन वर्षाकाल के पूर्व उक्‍त मार्ग को आवागमन योग्‍य करने एवं ग्राम अम्‍बावता के समीप स्थित जीर्ण-शीर्ण पुलिया की मरम्‍मत करवाएगा? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो इस हेतु विभाग क्‍या व्‍यवस्‍था कर रहा है?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी नहीं। मात्र ग्राम अमलावता के समीप पुलिया क्षतिग्रस्‍त है। जी हाँ, ब्रिक्‍स योजना अंतर्गत मार्ग सम्मिलित किया गया था। ऋण स्‍वीकृति के अभाव में स्‍वीकृत नहीं हो सकता। (ख) जी हाँ, मार्ग से नहीं अपितु पुलिया क्षतिग्रस्‍त होने के कारण मार्ग पर यातायात बाधित होगा। जी हाँ, क्षतिग्रस्‍त पुलिया के पुर्ननिर्माण एवं मार्ग उन्‍नयन की प्रशासकीय स्‍वीकृति दिनांक 07.06.2016 को प्राप्‍त हो चुकी है। प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता। (ग) वर्षाकाल के पूर्व नहीं अपितु, वर्षाकाल उपरांत प्राप्‍त प्रशासकीय स्‍वीकृति रू. 412.75 लाख के आधार पर क्षतिग्रस्‍त पुलिया की मरम्‍मत एवं मार्ग का उन्‍नयन किया जावेगा। मार्ग के नवीनीकरण सहित निविदा प्रक्रिया प्रचलन में है। शेष का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता।

आई.टी.आई. की स्‍वीकृति

47. ( क्र. 1035 ) कुँवर हजारीलाल दांगी : क्या राज्‍यमंत्री, तकनीकी शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या शासन द्वारा तहसील मुख्‍यालय पर आई.टी.आई. खोले जाने की नीति है? क्‍या राजगढ़ जिले के अंतर्गत तहसील मुख्‍यालय जीरापुर में आई.टी.आई. नहीं है? यदि हाँ, तो इसके क्‍या कारण हैं? (ख) प्रश्‍नांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में क्‍या तहसील मुख्‍यालय जीरापुर में आई.टी.आई. हेतु राजस्‍व विभाग द्वारा भूमि का आवंटन कर भूमि आरक्षित की जा चुकी है? जिसका कब्‍जा भी विभाग को दिला दिया गया है तथा प्रश्‍नकर्ता द्वारा तहसील मुख्‍यालय जीरापुर में आई.टी.आई. स्‍वीकृति के संबंध में माननीय मुख्‍यमंत्री जी एवं माननीय तकनीकी शिक्षा मंत्री जी से अनेकों बार आग्रह किया गया है? (ग) क्‍या शासन तहसील मुख्‍यालय जीरापुर में छात्र-छात्राओं के भविष्‍य को दृष्टिगत रखते हुये आई.टी.आई. की स्‍वीकृति प्रदान करेगा? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्‍यों?

राज्‍यमंत्री, तकनीकी शिक्षा ( श्री दीपक जोशी ) : (क) जी नहीं। तहसील मुख्‍यालय जीरापुर में अगस्‍त 2015 से प्रगति प्राईवेट आई.टी.आई. संचालित है। प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) जी हाँ। कार्यालय कलेक्‍टर, जिला राजगढ़ के आदेश 3618/16/ नजूल/2010 राजगढ़, दिनांक 27.12.2010 द्वारा अधीक्षण औद्योगिक प्रशिक्षण संस्‍था, खिलचीपुर की शासकीय भूमि सर्वे क्रमांक 1521/2 रकबा 1.902 हेक्‍टेयर चरनोई में से 3 एकड़ भूमि सुरक्षित की गई है, जिसका आधिपत्‍य प्राप्‍त किया जा चुका है। जी हाँ। (ग) विभाग की नीति के अनुसार विभाग का यह प्रयास है कि प्रथमत: ऐसे विकासखण्‍ड जिसमें कोई शासकीय/प्राईवेट आई.टी.आई. नहीं है, में आई.टी.आई. स्‍थापित की जाये। विकासखण्‍ड जीरापुर में अगस्‍त 2015 से 01 प्रगति प्राईवेट आई.टी.आई., जीरापुर संचालित है। अतएव यह एक सर्विस्‍ड विकासखण्‍ड है। अतएव विकासखण्‍ड जीरापुर में शासकीय आई.टी.आई. खोले जाने की योजना नहीं है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

दोषी के खिलाफ कार्यवाही

48. ( क्र. 1064 ) श्री सुखेन्‍द्र सिंह : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या एन.एच 7 रीवा-हनुमना फोर-लेन निर्माण में संभागीय प्रबंधक एम.पी.आर.डी.सी. संभाग क्रमांक-2 रीवा द्वारा पत्र क्र. 174 दिनांक 19.01.2014 लिखकर निर्माण कंपनी को एन.एच.7-बहेराडाबर, हनुमना-बहुती, एन.एच 7-धर्मपुरा, गाड़ा-दादर (काजिन), एन.एच. 7- निहाई नाला प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क के उपयोग करने हेतु सड़क की यथावत स्थिति बरकरार रखते हुये अनु‍मति महाप्रबंधक प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क विकास योजना मऊगंज रीवा (म.प्र.) से मांगी गयी थी तथा निर्माण में बाधित नल-जल योजना एवं हैण्‍डपंपों के स्‍थान की सूची तथा निर्माण में कितने फलदार एवं इमारती पौधे बाधित हुये सूची उपलब्‍ध करावें? (ख) प्रश्‍नांश (क) के पालन में महाप्रबंधक मध्‍यप्रदेश ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण परियोजना क्रियान्‍वयन इकाई मऊगंज जिला रीवा द्वारा पत्र क्र. 860 दिनांक 26.08.2015 से 5 पत्रों के संदर्भ सहित पत्र लिखकर मार्गों का संधारण कराये जाने हेतु तथा कार्यपालन यंत्री लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकी खण्‍ड रीवा द्वारा नल-जल योजना एवं हैण्‍डपंप को संधारित करने हेतु एवं बाधित फलदार एवं इमारती पौधे संधारित हेतु लेख किया गया था? (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के पालन में एम.पी.आर.डी.सी. द्वारा सड़क निर्माण कंपनी को पत्र लिखकर यथास्थिति बनाने हेतु आदेश दिया गया था? यदि हाँ, तो क्‍या आदेश का पालन किया गया? यदि हाँ, तो प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क विकास मऊगंज तथा कार्यपालन यंत्र लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकी खण्‍ड रीवा से संतुष्‍ट प्रमाण-पत्र दें? नहीं तो उनके खिलाफ क्‍या कार्यवाही प्रस्‍तावित की गई? (घ) प्रश्‍नांश (क), (ख), (ग) के पालन न करने कराने में कौन-कौन दोषी है? दोषी के खिलाफ क्‍या कार्यवाही की गई? नहीं की गई तो क्‍यों? की जाएगी तो कब तक क्‍या की जायेगी?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ। म.प्र. सड़क विकास निगम लि. संभाग क्रं. 2 रीवा द्वारा पत्र क्रमांक 174 दिनांक 19.01.14 द्वारा आवेदन कंपनी के दिनांक 19.01.2014 को प्राप्‍त पत्र के आधार पर दादर रोड (प्रधानमंत्री सड़क योजना के अंतर्गत) दूरी 5 कि.मी. तथा पलिया पटपरा वाया सागर रोड दूरी 5 कि.मी. आवेदन कंपनी द्वारा सड़क की स्थिति यथावत रखे जाने के आधार पर उपयोग की अनुमति बाबत पत्र दिया गया था। इन मार्गों के उपयोग में नल-जल योजना हैण्‍डपंप तथा फलदार वृक्ष एवं इमरती पौधों से किसी भी तरह सरोकार नहीं था। अत: जानकारी निरंक समझी जावे। रीवा हनुमना मार्ग निर्माण में बाधित नल-जल योजना एवं हैण्‍डपंपों तथा निर्माण में बाधित वृक्षों की सूची क्रमश: पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1, 2 एवं 3 अनुसार है। (ख) महाप्रबंधक मध्‍यप्रदेश ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण परियोजना क्रियान्‍वयन इकाई मऊगंज जिला रीवा द्वारा पत्र क्रमांक 860 दिनांक 26.08.2015 द्वारा एन.एच. 7 से बहेराडावद, पन्‍नी फरहदा रोड हनुमना से बहुती पटपरा पवैया रोड से पनिगवां पटरा से पलिया एन.एच. 7 से निहाई नाला मार्ग के संधारण कराये जाने हेतु प्राप्‍त हुआ था। कार्यपालन यंत्री लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकी खण्‍ड रीवा का नल-जल योजना, हैण्‍डपंप को करने तथा बाधित फलदार एवं इमारती पौधे संधारित हेतु किसी भी तरह का पत्र म.प्र. सड़क विकास निगम को प्राप्‍त नहीं हुआ। (ग) जी हाँ। उपयोग में लाये जाने के दौरान मार्ग संधारण आवेदक कंपनी द्वारा किया गया। अन्‍य कई मार्ग जो कि उनके पत्र में वर्णित थे उनका आवेदन कंपनी द्वारा उपयोग ही नहीं किया। अत: कार्यवाही का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता। वस्‍तुत: मार्ग का निर्माण नियमत: आवागमन हेतु किया जाता है। अत: आवागमन किये जाने स्थिति में किसी के दोषी होने का प्रश्‍न ही नहीं है। (घ) प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता।

फोर-लेन पर हो रही दुर्घटनाएं

49. ( क्र. 1097 ) श्री जतन उईके : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या नागपुर से भोपाल फोर-लेन अत्‍यधिक वाहनों की आवाजाही का व्‍यस्‍ततम मार्ग होकर इस पर घनपेढ से लेंदोरी मार्ग पर काफी दुर्घटनाएँ होकर बड़ी संख्‍या में जनहानि एवं गंभीर घायल एवं मृत्‍यु हो रही है? (ख) क्‍या उक्‍त मार्ग की अधिकृत कंपनी/विभाग द्वारा हो रही दुर्घटनाओं को रोके जाने हेतु क्‍या-क्‍या सुरक्षात्‍मक उपाय किये साथ यातायात हेतु क्‍या कार्यवाही की? (ग) जनहानि एवं दुर्घटनाओं को रोके जाने के बाय-पास रोड पर घनपेठ पर ब्रिज बनाने की मांग लगातार की जा रही है? (घ) यदि हाँ, तो अत्‍याधिक होने वाली दुर्घटनाओं यातायात की सुगमता हेतु कब तक ब्रिज पुल की स्‍वीकृति दी जायेगी?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) प्रश्‍नांकित मार्ग लोक निर्माण विभाग के कार्य क्षेत्रान्‍तर्गत नहीं है, अपितु भारतीय राष्‍ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधीन है। प्राप्‍त उत्‍तर की जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) से (घ) प्रश्‍नांश '' के उत्‍तर अनुसार है।

परिशिष्ट - ''चौदह''

नवीन महाविद्यालय का प्रस्‍ताव

50. ( क्र. 1098 ) श्री जतन उईके : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या शासन के समक्ष छिन्‍दवाड़ा जिले के पांढुर्णा विधान सभा क्षेत्र के अंतर्गत उप तहसील नांडनबाड़ी नवीन महाविद्यालय प्रारंभ करवाने का कोई प्रस्‍ताव लंबित है? यदि हाँ, तो किस क्षेत्र में महाविद्यालय प्रारंभ करवाने की शासन के पास योजना है? (ख) पांढुर्णा विधान सभा क्षेत्र छिन्‍दवाड़ा के अंतर्गत नांडनबाड़ी उप तहसील में शासन के पास निजी महाविद्यालय प्रारंभ करवाने का प्रस्‍ताव है? यदि नहीं, तो कब तक उक्‍त क्षेत्र में निजी महाविद्यालय प्रारंभ करवाने का प्रस्‍ताव बनवाकर नांडनबाड़ी उप तहसील क्षेत्र के छात्रों को लाभांवित किया जायेगा।

उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री जयभान सिंह पवैया ) : (क) जी नहीं तथापि प्रश्‍नाधीन नांडनबाड़ी में महाविद्यालय खोलने से संबंधी परीक्षण उपरांत विभागीय मानदण्‍डों की पूर्ति प्रथम दृष्ट्या नहीं हो रही है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ख) जी नहीं। निजी महाविद्यालय की स्‍थापना का प्रस्‍ताव महाविद्यालय प्रारंभ करने वाली इच्‍छुक पंजीकृत समिति, ट्रस्ट द्वारा प्रस्‍तुत किया जाता है, प्राप्त प्रस्ताव पर विचारोपरान्त अनापत्ति प्रमाण-पत्र जारी किया जाता है। शासन स्‍तर से निजी महाविद्यालय खोलने हेतु प्रस्‍ताव नहीं दिया जाता है।

ग्रंथपाल/सह. ग्रंथपाल लिपिक में पदोन्‍नति

51. ( क्र. 1289 ) श्रीमती शीला त्‍यागी : क्या राज्‍यमंत्री, तकनीकी शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) परि.अता. प्रश्‍न संख्‍या क्र. 89 (क्र. 7465) दिनांक 29.03.16 के द्वारा सहायक ग्रंथपाल/ग्रंथपाल लिपिकों की पदोन्‍नति के संबंध में पदोन्‍नति नहीं की गई है, की जानकारी दी गई है? (ख) यदि प्रश्‍नांश (क) हाँ तो संचालक तकनीकी शिक्षा के आदेश क्र./प्रशा./31बी/93/1448 भोपाल दिनांक 29.09.93 एवं आदेश क्र. प्रशा./3बी/98/725 भोपाल दिनांक 28.07.98 के द्वारा किनकी पदोन्‍नति आदेश जारी किये गये एवं किस नियम के तहत किया गया? नियम एवं पदोन्‍नति की सूची देवें? (ग) प्रश्‍नांश (क) की जानकारी किस अधिकारी द्वारा भ्रामक तरीके से दी गई है? दोषी अधिकारी के विरूद्ध कौन सी कार्यवाही एवं कब तक की जायेगी?

राज्‍यमंत्री, तकनीकी शिक्षा ( श्री दीपक जोशी ) : (क) जी हाँ। वर्तमान में प्रचलित सेवा नियमों में पदोन्‍नति का प्रावधान नहीं है। (ख) उक्‍त आदेश तत्‍समय वर्ष 1992 में प्रचलित सेवा भरती नियम के अनुसार किये गये हैं। (ग) प्रश्‍नांश '' एवं '' के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

जयन्‍ती माता पहुँच मार्ग की स्‍वीकृति

52. ( क्र. 1307 ) श्री हितेन्द्र सिंह ध्‍यानसिंह सोलंकी : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या बड़वाहा विधान-सभा क्षेत्र के नगर बड़वाहा के पूर्वी दिशा में लगभग 500 वर्ष पुराना आस्‍था का केन्‍द्र जयन्‍ती माता के मंदिर पहुँच मार्ग एव चोरल नदी पर ब्रिज निर्माण हेतु प्रश्‍नकर्ता द्वारा समय-समय पर विभाग प्रमुख एवं विभागीय अधिकारियों को पत्र प्रस्‍ताव प्रस्‍तुत किया गया था? यदि हाँ, तो पत्र प्राप्ति के दिनांक से वर्तमान तक विभाग द्वारा तत्‍संबंध में क्‍या कार्यवाही की गई है वर्तमान में ब्रिज की क्‍या स्थिति है? (ख) प्रश्‍नांश (क) के अनुसार प्रस्‍ताव पर विभाग द्वारा क्‍या कार्यवाही की गई है? प्रस्‍ताव अनुसार कितनी लागत का प्रस्‍ताव कनिष्‍ठ अधिकारी द्वारा वरिष्‍ठ अधिकारी को किस दिनांक को प्रेषित किया गया है? अत्‍याधिक श्रृद्धालुओं की संख्‍या को देखते हुए क्‍या वित्‍त वर्ष में इसकी स्‍वीकृति प्रदान की जावेगी? हाँ, तो समय-सीमा बताई जावे?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ डी.पी.आर. तैयार किया गया है। रपटा क्षतिग्रस्‍त है। (ख) डी.पी.आर. तैयार किया गया। रूपये 299.90 लाख का डी.पी.आर. दिनांक 22.06.2016 द्वारा अधीक्षण यंत्री से मुख्‍य अभियंता को प्रेषित किया गया, जो परीक्षणाधीन है। प्रश्‍नाधीन पुल बजट में सम्मिलित नहीं है, वर्तमान में निश्चित तिथि बताना संभव नहीं है।

शासकीय महाविद्यालयों के भवनों की स्‍वीकृति

53. ( क्र. 1366 ) सुश्री हिना लिखीराम कावरे : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वि.स. क्षेत्र लांजी अंतर्गत शास. महाविद्यालय किरनापुर का नवीन भवन बनाने संबंधी प्रक्रिया कहाँ तक हुई है? क्‍या इस भवन की तकनीकी स्‍वीकृति प्राप्‍त हो चुकी है? यदि हाँ, तो प्रशासकीय स्‍वीकृति कब तक दे दी जाएगी? तकनीकी स्‍वीकृति की राशि बताएं? (ख) क्‍या शास. महाविद्यालय लांजी के भवन का कार्य बजट के अभाव में रूका हुआ है? यदि हाँ, तो इसमें कब तक बजट उपलब्‍ध करा दिया जाएगा?

उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री जयभान सिंह पवैया ) : (क) शासकीय महाविद्यालय, किरनापुर के भवन निर्माण हेतु मध्यप्रदेश शासन, उच्च शिक्षा विभाग के पत्र क्रमांक एफ-21-1/ 2015/38-2, दिनांक 30.06.2016 द्वारा राशि रूपये 353.33 लाख की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई है। जी हाँ। उपरोक्त पत्र में तकनीकी स्वीकृति की राशि रूपये 353.33 लाख है। (ख) जी नहीं। लांजी के भवन का कार्य बजट के आभाव में नहीं रूका है। 

तेंदुपत्‍ता लाभांश से स्‍वीकृत कार्य

54. ( क्र. 1371 ) सुश्री हिना लिखीराम कावरे : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) तेंदुपत्‍ता संग्रहण 2009 की राशि से अध्‍यक्ष लघु वनोपज संघ के विवेकाधीन राशि से स्‍वीकृत ग्राम पंचायत किरनापुर, ग्राम पंचायत पाला तथा ग्राम पंचायत कलकत्‍ता वन परिक्षेत्र किरनापुर में सीमेंट-कांक्रीट रोड निर्माण कार्य अब तक प्रारंभ नहीं होने के क्‍या कारण है? (ख) उक्‍त तीनों रोडों की लागत राशि कितनी-कितनी है? उक्‍त रोडों में यदि लागत बढ़ती है तो इसके लिए कौन जिम्‍मेदार है? (ग) उक्‍त कार्य कब तक प्रारंभ कर दिये जाएंगे तथा इनमें देरी के क्‍या कारण है? दोषियों पर शासन क्‍या कार्यवाही करेगा?

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) तेन्दूपत्ता संग्रहण वर्ष 2009 की राशि से अध्यक्ष, लघु वनोपज संघ के विवेकाधीन कोष राशि से किरनापुर परिक्षेत्र के अंतर्गत ग्राम पंचायत किरनापुर एवं ग्राम पंचायत कलकत्ता के लिये निम्नानुसार सीमेंट कांक्रीट रोड निर्माण कार्य की स्वीकृति प्राप्त हुई है।

 

अ.क्र.

विकास कार्य का नाम

 

1

सी.सी.रोड निर्माण खुश्याल बाहेकर के घर के सामने से ग्राम किरनापुर

2

सी.सी.रोड निर्माण ग्राम कलकत्ता वार्ड नं. 12


ग्राम पंचायत पाला में लघु वनोपज संघ के विवेकाधीन कोष राशि से राशि स्वीकृत नहीं हुई है। परिक्षेत्र अधिकारी द्वारा सुरक्षा एवं वानिकी कार्य के साथ-साथ विभागीय अन्य कार्यों का समय पर संपादन किया जाना होता है। जिसके कारण सी.सी. रोडों का कार्य प्रारंभ नहीं किया जा सका। (ख) उत्‍तरांश (क) के अनुसार स्वीकृत रोडों की लागत राशि निम्नानुसार है :-

 

अ.क्र.

विकास कार्य का नाम

स्वीकृत राशि

 

1

सी.सी.रोड निर्माण खुश्याल बाहेकर के घर के सामने से ग्राम किरनापुर

6,00,000.00

2

सी.सी.रोड निर्माण ग्राम कलकत्ता वार्ड नं.12

6,00,000.00


उक्त सी.सी. रोडों का निर्माण कार्य स्वीकृत लागत राशि के भीतर शीघ्र पूर्ण करा लिया जावेगा। यदि निर्माण कार्य में लागत राशि बढ़ती है तो जिम्मेदारी निर्धारित कर संबंधित दोषी से गुण दोष के आधार पर राशि वसूली की कार्यवाही की जावेगी। (ग) उक्त सी.सी.रोडों का कार्य शीघ्र प्रारंभ कर पूर्ण करा लिया जावेगा। परिक्षेत्र में अन्य वानिकी कार्य एवं विभागीय कार्य की व्यस्तता के कारण कार्य प्रारंभ नहीं हो सका।

सड़क मरम्‍मत एवं पेचवर्क में अनियमितता

55. ( क्र. 1378 ) कुँवर विक्रम सिंह : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधान सभा परिवर्तित अतारांकित प्रश्‍न संख्‍या 49 (क्र. 913) दिनांक 23/7/2015 के उत्‍तर में पुस्‍तकालय प्रपत्र-अ में क्र. 1 से 19 तक जो व्‍यय दर्शाया गया है उनके कितनों के पूर्णता प्रमाण-पत्र जारी किये गये? अपूर्ण भवन किस कारण से हैं? विवरण दें? (ख) छतरपुर जिले में राजनगर से डहरी तक अनुमानित लागत विभाग ने 1623.20 लाख बताई है तो इसकी स्‍वीकृति के लिए कौन जिम्‍मेदार है? (ग) वर्ष 13-14, 14-15 और 15-16 में सड़क मरम्‍मत की गई और शासन का व्‍यय किया गया इसके बावजूद जो खराब हो गई तो ऐसे मूल्‍यांकनकर्ता अधिकारी कौन-कौन है? उनके नाम, पद सहित बतायें? (घ) क्‍या जाँच कर दोषियों के विरूद्ध कार्यवाही की जायेगी? यदि हाँ, तो कब? नहीं तो क्‍यों?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) 62 कार्यों के पूर्णता प्रमाण-पत्र जारी किये। जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) जी हाँ। वित्‍तीय संसाधन उपलब्‍ध होने पर शासन द्वारा स्‍वीकृति की जावेगी। (ग) जी हाँ, जी हाँ, मरम्‍मत का कार्य एक सतत् प्रक्रिया है। अत: शेष प्रश्‍नांश का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता। (घ) जी नहीं। शेष प्रश्‍नांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''पंद्रह''

गुणवत्‍ताहीन निर्माण कार्य की जाँच

56. ( क्र. 1397 ) श्री सुन्‍दरलाल तिवारी : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दिनांक 15.03.2016 के परि.अता. प्रश्‍न संख्‍या 66 (क्रमांक 5593) के उत्‍तर (क) एवं (ख) का दिया गया उत्‍तर यदि सही है तो किन-किन सड़कों की जाँच कब-कब किन-किन वरिष्‍ठ अधिकारियों द्वारा करायी गई तथा किन-किन सड़कों में गुणवत्‍ता की कमी के साथ अन्‍य क्‍या कमी पायी गई? शासन एवं अनुबंध की शर्तों के अनुसार क्‍या कार्य मौके पर होना पाया गया? अगर जाँच की गई तो जाँच का विवरण देते हुए बतावें कि दोषियों के विरूद्ध वसूली की कार्यवाही कब-कब किन-किन माध्‍यमों से की गई? (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में अगर सड़कें गुणवत्‍ताविहीन एवं अनुबंध के शर्तों अनुसार कार्य मौके पर नहीं पाया गया, फर्जी बिल वाउचर तैयार कर राशि का गबन किया गया तो संबंधितों से क्‍या वसूली के साथ आपराधिक प्रकरण दर्ज करायेंगे? करायेंगे तो कब तक? अगर नहीं तो क्‍यों?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ। 24 निर्माणाधीन मार्गों में से 3 मार्गों एवं परफारमेंस गारंटी के अंतर्गत 2 मार्गों की जाँच की गई जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' एवं '' अनुसार है तथा म.प्र. सड़क विकास निगम के अंतर्गत जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र 'अ-1' अनुसार है। (ख) जाँच में निर्माणाधीन तीन मार्गों में गुणवत्‍ता विहीन एवं अनुबंध की शर्तों के अनुसार कार्य न पाये जाने पर दोषियों के विरूद्ध आरोप पत्र जारी किये जा चुके है, आरोप पत्र के संदर्भ में जाँच उपरांत दोषी पाये जाने पर दंडित करने की कार्यवाही की जायेगी।

आपराधिक प्रकरण दर्ज कराना

57. ( क्र. 1398 ) श्री सुन्‍दरलाल तिवारी : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) ध्‍यानाकर्षण सूचना क्रमांक 788 दिनांक 01.04.2016 के विभागीय टीप अनुसार निर्माणाधीन चिडि़याघर एवं वन्‍य प्राणी सह-उपचार केन्‍द्र के निर्माण में व्‍यापक पैमाने पर भ्रष्‍टाचार होना पाया गया है? तो क्‍या निर्माणाधीन चिडि़याघर एवं सी-उपचार केन्‍द्र के निर्माण एवं सामग्री क्रय में व्‍यापक भ्रष्‍टाचार किया गया है? निर्माण में शासन के नियमों का पालन न करते हुए 363 प्रमाणक का भुगतान एक ही संविदाकार भारत सिंह को कूट-रचित दस्‍तावेज तैयार कर लाभ पहुँचाया गया? (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में अगर प्रायवेट ठेकेदारों द्वारा कूट-रचित दस्‍तावेज तैयार कर लाभ अवैधानिक रूप से प्राप्‍त किया गया तो इसके लिए संबंधित ठेकेदार सहित संलिप्‍त अधिकारी एवं कर्मचारियों के विरूद्ध वसूली के साथ आपराधिक प्रकरण दर्ज करायेंगे? क्‍यों कि सामग्री क्रय एवं निर्माण कार्य में की गई अनियमितता को लेकर तात्‍कालीन वन संरक्षक सतना एवं मुख्‍य वन संरक्षक रीवा के विरूद्ध क्‍या आरोप पत्र जारी किये गये? (ग) प्रश्‍नांश (क), (ख) के संदर्भ में निर्माण कार्य में व्‍यापक अनियमितता कर ठेकेदारों को लाभ पहुँचाने में लिप्‍त कर्मचारियों के द्वारा कूट-रचित दस्‍तावेज तैयार कराने में सहयोग किया गया? पिटपास में छेड़छाड़ कर संबंधितों को लाभ पहुंचाया गया? इन कार्यों में संलिप्‍त प्रायवेट ठेकेदारों एवं अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरूद्ध आपराधिक प्रकरण दर्ज कराते हुए क्‍या राशि की वसूली की कार्यवाही करेंगे? हाँ तो कब तक अगर नहीं तो क्‍यों?

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) प्रश्‍नांकित ध्‍यानाकर्षण सूचना पर विभागीय टीप के आधार पर यह कहना तथ्‍यात्‍मक नहीं है कि प्रकरण में व्‍यापक पैमाने पर भ्रष्‍टाचार होना पाया गया है। यह भी तथ्‍यात्‍मक नहीं है कि निर्माण एवं सामग्री क्रय में व्‍यापक भ्रष्‍टाचार किया गया है। 363 प्रमाणकों के संबंध में भी उक्‍त ध्‍यानाकर्षण सूचना पर विभागीय टीप में यह स्‍पष्‍ट किया गया है कि आहरण एवं संवितरण अधिकारी द्वारा कार्यों के सत्‍यापन उपरांत निर्धारित प्रक्रिया के अनुरूप भुगतान किया गया है। कूट-रचित दस्‍तावेज तैयार कर एक ही संविदाकार को लाभ पहुंचाने का कथन भी तथ्‍यात्‍मक नहीं है। (ख) प्रश्‍नांश के उत्‍तर के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍नांश के प्रथम भाग का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। तत्‍कालीन वन संरक्षक, सतना के विरूद्ध नियमों एवं प्रक्रियाओं का पालन न करने के संबंध में आरोप पत्र जारी किये जा चुके हैं। इसी प्रकार तत्‍कालीन मुख्‍य वन संरक्षक, रीवा के विरूद्ध शासन के नियमों एवं प्रक्रियाओं का पालन सुनिश्चित न करवा पाने के संबंध में आरोप पत्र जारी किया जा चुका है। (ग) प्रश्‍नांश एवं के अनुसार कार्यवाही प्रचलित है।

खेल सामग्री/उपकरणों का क्रय

58. ( क्र. 1420 ) श्री अशोक रोहाणी : क्या खेल और युवा कल्याण मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) जिला खेल एवं युवा कल्‍याण जबलपुर को प्रदेश शासन ने खेलों को बढ़ावा देने व खिलाडि़यों को प्रोत्‍साहित करने हेतु संचालित किन-किन योजना मद में कितनी-कितनी राशि आवंटित की है एवं कितनी राशि किन-किन कार्यों में व्‍यय हुई? खेल सामग्री व उपकरणों आदि की खरीदी पर कितनी राशि व्‍यय हुई है वर्ष 2014-15 से 2016-17 तक की जानकारी दें? (ख) प्रश्‍नांश (क) में शासन ने किस-किस योजना मद से किन-किन खेलों से संबंधित कितनी-कितनी मात्रा में कितनी राशि की खेल सामग्री व उपकरण आदि प्रदाय किये हैं? इसमें से कब-कब, कहाँ-कहाँ, कितनी-कितनी मात्रा में कौन-कौन सी खेल सामग्री व उपकरण आदि प्रदाय किये गये है एवं किन खेलों से संबंधित कितनी खेल सामग्री व उपकरणों आदि का उपयोग नहीं किया गया है एवं क्‍यों? इसकी जाँच कब किसने की है? कितनी खेलकूद सामग्री बेकार, खराब व टूटफूट गई है, कितनी अनुपयोगी पड़ी हुई है? (ग) प्रश्‍नांश (क) में‍ किन-किन निर्माण कार्यों पर कितनी-कितनी राशि व्‍यय हुई है कहाँ-कहाँ पर कितने क्षेत्रफल में इंडोर/मिनी स्‍टेडियम खेल मैदानों का निर्माण स्‍वीकृत/प्रस्‍तावित व निर्माणाधीन है? इसके लिए कितनी-कितनी राशि का प्रावधान किया गया है एवं कितनी राशि व्‍यय हुई है?

खेल और युवा कल्याण मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) वर्ष 2014-15 से 2016-17 तक जबलपुर जिले को आवंटित एवं व्यय राशि की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-क अनुसार है, जिसमें खेल सामग्री व उपकरण क्रय पर व्यय राशि भी समाहित है। (ख) प्रश्नांकित अवधि में क्रय कर उपलब्ध कराई गई खेल सामग्री से संबंधित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ख एवं अनुसार है। उपलब्ध कराई गई खेल सामग्री व उपकरण आदि का उपयोग किया गया है। कोई सामग्री टूट-फूट, बेकार अथवा खराब अथवा अनुपयोगी नहीं होने से जाँच कराये जाने संबंधी प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-क में व्यय राशि की उपलब्ध है। जबलपुर जिले की अधोसंरचना संबंधी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-घ अनुसार है।

पहुँच मार्ग का निर्माण

59. ( क्र. 1438 ) श्री सचिन यादव : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता के परि.अता. प्रश्‍न संख्‍या 97 (क्र. 4589) दिनांक 08 मार्च, 2016 के विभागीय उत्‍तर के संलग्‍न परिशिष्ट में दी गई सड़कों की जानकारी के उपरांत तब से प्रश्‍न दिनांक तक में की गई कार्यवाही की अद्यतन स्थिति क्‍या है? (ख) प्रश्‍नांश (क) में दर्शित उक्‍त मुख्‍य मार्गों की पहुँच से दूर ग्रामों तक के इन सड़क मार्गों का निर्माण कार्य की स्‍वीकृति कब तक जारी की जायेगी समय-सीमा दें नहीं तो विलंब के क्‍या कारण है और इनमें कौन-कौन अधिकारी/कर्मचारी जिम्‍मेदार हैं? (ग) क्‍या शासन की नीति अनुसार ग्रामों को मुख्‍य मार्गों से जोड़ने के लिए पहुँच मार्ग में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं की जायेगी हाँ, तो उक्‍त मार्गों का‍ निर्माण कार्य कब तक पूर्ण कर लिया जायेगा वस्‍तुस्थिति से अवगत करावें?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) विस्‍तृत जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) विस्‍तृत जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। कोई अधिकारी/कर्मचारी जिम्‍मेदार नहीं है। (ग) जी हाँ। विस्‍तृत जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट '' अनुसार है।

पहुँच मार्ग का निर्माण

60. ( क्र. 1439 ) श्री सचिन यादव : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) कसरावद विधान सभा क्षेत्र के अंतर्गत मुख्‍य मार्ग तक पहुँचने के लिए पहुँच मार्ग सड़क निर्माण कार्यों की स्‍वीकृति हेतु माह मार्च, 2016 में शासन के निर्देशन पर जिला स्‍तर से लोक निर्माण विभाग को कितने-कितने प्रस्‍ताव प्राप्‍त हुए और उस पर प्रश्‍न दिनांक तक क्‍या कार्यवाही की गई? (ख) उक्‍त प्रस्‍तावों में कौन-कौन से पहुँच मार्गों की स्‍वीकृति जारी की गई और उनके निर्माण कार्य कब तक करा दिये जायेंगे? (ग) क्‍या प्रश्‍नांश (ख) में दर्शित शेष प्रस्‍तावों को इसी वित्‍तीय बजट में सम्मिलित कर निर्माण कार्य पूर्ण करा लिये जायेंगे हाँ, तो बतायें नहीं तो कारण सहित जानकारी दें?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) एवं (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। (ग) वर्तमान में समय-सीमा बताना संभव नहीं है।

निजी आई.टी.आई. में फीस का निर्धारण

61. ( क्र. 1470 ) श्री शैलेन्‍द्र पटेल : क्या राज्‍यमंत्री, तकनीकी शिक्षा महोदय यह बत&