मध्यप्रदेश विधान सभा


प्रश्नोत्तर-सूची
फरवरी-मार्च, 2018 सत्र


बुधवार, दिनांक 21 मार्च, 2018


भाग-1
तारांकित प्रश्नोत्तर



लिपिकवर्गीय कर्मचारियों को समयमान वेतनमान का लाभ 

[वित्त]

1. ( *क्र. 4885 ) श्रीमती ऊषा चौधरी : क्या वित्त मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या म.प्र. शासन के अधीनस्थ विभागों में पदस्थ सहायक ग्रेड-1, 23 के कर्मचारियों को पदोन्नति/क्रमोन्नति देने हेतु आदेश प्रसारित किये गए हैं? यदि हाँ, तो कब? आदेश की प्रति उपलब्ध करावें (ख) क्या लिपिक वर्गीय कर्मचारियों को 10, 20 एवं 30 वर्ष में समयमान वेतनमान देने के लिए आदेश/निर्देश जारी किये गए थे? यदि हाँ, तो क्या जिला/जनपद पंचायतें, जो स्थानीय निकाय हैं, के लिपिकीय कर्मचारियों को भी उक्त नियम लागू हैं? यदि लागू हैं तो क्‍या संबंधित निकाय के नियोक्ताओं द्वारा अपने अधीनस्थ लिपिक कर्मचारियों को समयमान वेतनमान का लाभ दिया गया है? (ग) क्या समय-समय पर पदोन्नति के संबंध में विभाग द्वारा आदेश प्रसारित किये जाते रहे हैं, लेकिन कुछ विभागों द्वारा निर्देशों का कड़ाई से पालन नहीं किया गया, जिससे लम्बे समय से कर्मचारी एक ही पद पर पदस्थ हैं एवं इन्हें आर्थिक क्षति हो रही है? (घ) प्रश्नांश (ख) एवं (ग) यदि सही है तो संबंधित संस्‍था के नियोक्ताओं द्वारा अपने अधीनस्थ लिपिकवर्गीय कर्मचारियों को लाभ न देने पर उनके ऊपर कार्यवाही करते हुए विभाग द्वारा जारी आदेश का कड़ाई से पालन करने हेतु निर्देशित किया जावेगा? यदि हाँ, तो कब तक?

वित्त मंत्री ( श्री जयंत मलैया ) : (क) पदोन्‍नति संबंधी कार्यवाही विभिन्‍न विभागों के सेवा भर्ती नियमों अनुरूप संबंधित विभाग द्वारा की जाती है। क्रमोन्‍नति संबंधी आदेश दिनांक 17 मार्च 1999/19.4.1999 को जारी किये गये हैं। प्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) जी हाँ। जिला/जनपद पंचायतों के कर्मचारियों की सेवायें स्‍थानीय निकाय के अंतर्गत आती हैं। इनकी सेवायें पृथक हैं, जिनके लिए पृ‍थक से निर्णय लिया जाता है। (ग) एवं (घ) न्‍यायालयीन आदेश से वर्तमान में पदोन्‍नतियां स्‍थगित हैं।

 

सामान्‍य वर्ग द्वारा आदिवासी वर्ग में विवाह उपरांत प्राप्‍त होने वाले लाभ

[जनजातीय कार्य]

2. ( *क्र. 4898 ) श्री मंगल सिंग धुर्वे : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या आदिवासी विभाग में ऐसा कोई नियम है कि सामान्‍य/पिछड़ा वर्ग के व्‍यक्ति द्वारा आदिवासी वर्ग की बच्‍ची से शादी करने पर आदिवासी वर्ग को मिलने वाले समस्‍त लाभ प्राप्‍त होंगे? यदि हाँ, तो नियम निर्देश की प्रति उपलब्‍ध करावें? (ख) क्‍या आदिवासी बच्‍ची की सामान्‍य/पिछड़ा वर्ग जाति में शादी होने पर जमीन/संपत्ति एवं अन्‍य लाभ मिलेंगे?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जी नहीं। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ख) आदिवासी बच्‍ची की सामान्‍य/पिछड़ा वर्ग में शादी होने पर उसे पति को प्राप्‍त जमीन/सम्‍पत्ति एवं अन्‍य लाभ मिलेंगे।

विद्युत वितरण कम्‍पनियों के माध्‍यम से विद्युत सब्‍सि‍डी

[ऊर्जा]

3. ( *क्र. 4487 ) डॉ. राजेन्‍द्र पाण्‍डेय : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या म.प्र. में शासन/विभाग द्वारा केन्‍द्र/राज्‍य प्रवर्तित विभिन्‍न योजनाओं के माध्‍यम से उद्योगों के संवर्द्धन हेतु, गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले परिवारों हेतु, अ.जा, अ.जजा. वर्ग के कल्‍याण हेतु तथा कृषकों के कल्‍याण के साथ ही अन्‍य वर्गों को विद्युत वितरण कम्‍पनियों के माध्‍यम से विद्युत सब्‍सि‍डी (अनुदान) दी जा रही है? (ख) यदि हाँ, तो प्रश्‍नगत उल्‍लेखित और भी किन्‍हें किस-किस वर्ग को किन-किन कार्यों हेतु किस-किस प्रकार की कितनी-कितनी सब्‍सि‍डी विद्युत संयोजन कार्यों से लेकर विद्युत वितरण तक किस प्रकार दी जाती है? (ग) मध्‍यप्रदेश में वित्‍तीय वर्ष 2017-18 हेतु जारी टैरिफ आदेश के अनुसार विभिन्‍न श्रेणी के उपभोक्‍ताओं को किन दरों पर विद्युत प्रदाय की जा रही है? (घ) कृषकों से लेकर उद्योगों एवं गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले परिवारों के साथ ही अ.जा. एवं अ.ज.जा. वर्गों के कल्‍याण के साथ-साथ अन्‍य वर्गों के कल्‍याण हेतु भी किन-किन कार्यों हेतु किस-किस प्रकार से प्रति यूनिट की अंतर राशि एवं विद्युत संयोजन तथा विद्युत उपकरणों पर भी कितना-कितना अनुदान दिया जा रहा है?

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) जी हाँ। (ख) मध्यप्रदेश में वर्ष 2017-18 में उद्योगों, गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले अ.जा./अ.ज.जा. श्रेणी के घरेलू उपभोक्ता, अ.जा./अ.ज.जा. श्रेणी के कृषि उपभोक्ता, सामान्य श्रेणी के कृषि उपभोक्ता, सामान्य श्रेणी के घरेलू उपभोक्ता, नगर पालिका/नगर पंचायत के सड़क बत्ती उपभोक्ता आदि को म.प्र. शासन ऊर्जा विभाग के आदेश क्रमांक 4310, दिनांक 04.07.2017 एवं सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विभाग, मंत्रालय, भोपाल के आदेश क्रमांक एफ 1-20/2017/अ-तेहत्तर, भोपाल दिनांक 11.10.2017 के अनुसार प्रयोजन के मान से ऊर्जा प्रभार, नियत प्रभार, ईंधन प्रभार, न्यूनतम प्रभार एवं केपेसीटर प्रभार में सब्सिडी का समायोजन किया जा रहा है। उक्त समायोजन उपभोक्ताओं की मासिक खपत अनुसार उनके मासिक बिल में किया जा रहा है। उक्‍त आदेशों की प्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। इसके अतिरिक्‍त दीनदयाल उपाध्‍याय ग्राम ज्‍योति योजना के अंतर्गत गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले सभी श्रेणी के हितग्राहियों को नि:शुल्‍क कनेक्‍शन प्रदान करने हेतु केन्‍द्र शासन द्वारा प्रति कनेक्‍शन रू. 3000/- की राशि सब्सिडी के रूप में दी जा रही है तथा सौभाग्‍य योजना के अन्‍तर्गत ''सामाजिक-आर्थिक जातिगत जनगणना-2011'' में चिन्हित गरीब परिवारों को नि:शुल्‍क कनेक्‍शन प्रदान करने हेतु केन्‍द्र शासन द्वारा रू. 1800/- प्रति कनेक्‍शन एवं राज्‍य शासन द्वारा रू. 1200/- प्रति कनेक्‍शन की सब्सिडी दी जाना प्रस्‍तावित है। इसके अतिरिक्‍त जनजातीय कार्य विभाग एवं अनुसूचित जाति कल्‍याण विभाग द्वारा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के हितग्राहियों के विद्युत पंप कनेक्‍शन एवं अन्‍य विद्युतीकण के कार्य नि:शुल्‍क कराए जाते हैं। (ग) म.प्र. विद्युत नियामक आयोग द्वारा वित्तीय वर्ष 2017-18 हेतु जारी टैरिफ आदेश के अनुसार प्रदेश में विभिन्न श्रेणी के उपभोक्ताओं हेतु लागू विद्युत प्रदाय की दरों का विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र ''अनुसार है। (घ) विभिन्न श्रेणी के उपभोक्ताओं हेतु प्रति यूनिट की अंतर राशि की सब्सिडी का विवरण उत्तरांश (ख) अनुसार पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' में समाहित है। विद्युत उपकरणों पर कोई अनुदान विद्युत कंपनी द्वारा नहीं दिया जाता है। उत्‍तरांश (ख) में दर्शाए अनुसार दीनदयाल उपाध्‍याय ग्राम ज्‍योति योजना में गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले हितग्राहियों को नि:शुल्‍क कनेक्‍शन प्रदान करने के लिये केन्‍द्र शासन द्वारा रू. 3000/- प्रति कनेक्‍शन की दर से सब्सिडी दी जा रही है तथा सौभाग्‍य योजना में भी उत्‍तरांश (ख) में दर्शाए अनुसार चिन्हित हितग्राहियों को नि:शुल्‍क कनेक्‍शन उपलब्‍ध कराने के लिये केन्‍द्र शासन द्वारा रू. 1800/- एवं राज्‍य शासन द्वारा रू. 1200/- की राशि प्रति कनेक्‍शन सब्सिडी के रूप में दिया जाना प्रस्‍तावित है। अनुसूचित जाति/जनजाति के 1 हेक्‍टेयर तक की भूमि वाले स्‍थाई कृषि पंप उपभोक्‍ताओं को 5 अश्‍वशक्ति तक के पंप हेतु नि:शुल्‍क बिजली दी जाती है। साथ ही गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले अनुसूचित जाति एवं जनजाति के एकलबत्‍ती उपभोक्‍ताओं को 25 यूनिट तक बिजली बिना किसी ऊर्जा प्रभार के (नि:शुल्‍क) प्रदाय की जाती है, जिसका विवरण उत्‍तरांश () में दिया गया है। इसके अतिरिक्‍त जनजातीय कार्य विभाग एवं अनुसूचित जाति कल्‍याण विभाग द्वारा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के हितग्राहियों के विद्युत पंप कनेक्‍शन एवं अन्‍य विद्युतीकण के कार्य नि:शुल्‍क कराए जाते हैं।

ग्राम पंचायतों में आधारभूत संरचना विकास

[अनुसूचित जाति कल्याण]

4. ( *क्र. 4713 ) श्री सचिन यादव : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क‍) अनुसूचित जाति और जनजाति बाहुल्‍य ग्राम/ग्राम पंचायतों में आधारभूत संरचना विकास के लिए केन्‍द्र पोषित और राज्‍य पोषित कौन-कौन सी योजनाएं हैं? इन योजनाओं में वर्ष 2014 से प्रश्‍न दिनांक तक खरगोन जिले को वर्षवार प्राप्‍त आवंटन एवं व्‍यय की जानकारी विधानसभावार दें। (ख) कसरावद विधानसभा क्षेत्रान्‍तर्गत कितने अनुसूचित जाति वर्ग के बाहुल्‍य ग्राम हैं? क्‍या इन ग्रामों में प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में विभाग द्वारा अनुसूचित जाति विकास योजनान्‍तर्गत मूलभूत विकास कार्य कराये गये हैं? यदि हाँ, तो वर्ष 2014 से प्रश्‍न दिनांक किन-किन ग्रामों में क्‍या कार्य कराये गये? ग्रामवार, कार्यवार जानकारी दें क्‍या विभाग द्वारा जिला स्‍तर पर विभिन्‍न मदों में प्रदत्‍त आवंटन को विधानसभा क्षेत्रवार प्राथमिकता के आधार पर व्‍यय करने के क्‍या दिशा-निर्देश हैं? निर्देश की प्रति उपलब्‍ध करावें। (ग) क्‍या उक्‍त क्षेत्रान्‍तर्गत अनुसूचित जाति बस्तियों में विकास कार्य पूर्ण नहीं हैं, जिसमें अनुसूचित जाति बाहुल्‍य ग्राम मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं? यदि हाँ, तो इसके लिए कौन-कौन अधिकारी/कर्मचारी जिम्‍मेदार हैं?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) अनुसूचित जाति बाहुल्‍य ग्राम/ग्राम पंचायतों में आधारभूत संरचना विकास के लिए केंद्र पोषित योजनाओं में अनुसूचित जाति कृषकों के पम्‍पों का उर्जीकरण तथा राज्‍य पोषित योजनाओं में मध्‍यप्रदेश जाति/जनजाति बस्‍ती विकास योजना एवं विद्युतिकरण योजना संचालित है। अनुसूचित जनजाति बाहुल्‍य ग्राम/ग्राम पंचायतों हेतु विशेष केंद्रीय सहायता/आदिवासी उपयोजना, संविधान के अनुच्‍छेद 275 (1) वनबंधु कल्‍याण योजना, विद्युतिकरण एवं पूलफण्‍ड योजना संचालित है। इन योजनाओं में वर्ष 2014 से प्रश्‍न दिनांक तक वर्षवार प्राप्‍त आवंटन एवं व्‍यय की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। जी हाँ। प्रश्‍नांश अवधि में कार्यों की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। जी नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी नहीं। प्रत्‍येक वित्‍तीय वर्ष में जिले को प्राप्‍त आवंटन की सीमा के अंतर्गत योजना में प्रावधानों के तहत स्‍वीकृति की कार्यवाही की जाती है। योजना निरंतर है। अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

भवन विहीन हाई स्‍कूलों का भवन निर्माण

[जनजातीय कार्य]

5. ( *क्र. 1220 ) श्री रामप्यारे कुलस्ते : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या मण्‍डला जिले के हाई स्‍कूल खारी, चुभावल, बरबटी, मल्‍ठार को प्रारंभ हुये लग्‍ाभग 05 वर्ष हो चुके हैं? उक्‍त विद्यालयों में दर्ज संख्‍या भी अत्‍यधिक है, भवन नहीं होने के कारण बच्‍चों को विद्या अध्‍ययन में बहुत कठिनाई हो रही है, जिससे शैक्षणिक कार्य प्रभावित हो रहे हैं? (ख) क्‍या उक्‍त विद्यालयों में भवन निर्माण की कोई योजना प्रस्‍तावित है? अभी तक भवन निर्माण नहीं होने का क्‍या कारण हैं? (ग) उक्‍त विद्यालयों में कब तक भवन निर्माण की कार्यवाही पूर्ण करा ली जावेगी?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) शैक्षणिक कार्य प्रभावित नहीं हो रहा है। मण्‍डला जिले के हाई स्‍कूल खारी, चुभावल, बरबटी, मल्‍ठार शालाओं का संचालन ग्राम पंचायत खारी, माध्‍यमिक शाला चुभावल, माध्‍यमिक शाला बरबटी, माध्‍यमिक शाला मल्‍ठार के भवन में किया जा रहा है। (ख) एवं (ग) जी हाँ। स्‍कूल शिक्षा विभाग में उक्‍त भवनों के निर्माण की योजना प्रस्‍तावित है। आदिवासी विकासखण्‍डों में संचालित हाईस्‍कूल भवनों का निर्माण कराये जाने की कार्य योजना स्‍कूल शिक्षा विभाग द्वारा तैयार की गई है। तद्नुसार भवनों का निर्माण हो सकेगा। निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

राइस मिलों द्वारा किये जा रहे विद्युत खपत की जाँच

[ऊर्जा]

6. ( *क्र. 4402 ) श्री यादवेन्‍द्र सिंह : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) कटनी जिले में वर्ष 2013-14 से प्रश्‍न दिनांक तक की अवधि में राइस मिलवार विद्युत खपत एवं भुगतान किए गए बिल की राशि माहवार और मिलवार बताएं। (ख) प्रश्नांश (क) की राइस मिलों द्वारा क्‍या उक्‍त अवधि में कभी जनरेटर चलाए जाने की अनुमति बिजली विभाग से प्राप्‍त की थी? यदि हाँ, तो किस-किस राइस मिल द्वारा कब-कब मिलवार बताएं। (ग) प्रश्नांश (क) की राइस मिलों द्वारा कितने हार्सपावर का विद्युत कनेक्‍शन प्राप्‍त किया था? उक्‍त अवधि में विद्युत विभाग द्वारा किस-किस राइस मिल की कब-कब किस-किस के द्वारा जांच की गई। क्‍या उक्‍त अवधि में किसी राइस मिलों में कोई विद्युत चोरी के प्रकरण बनाए गए हैं? यदि हाँ, तो किस-किस का विवरण दें तथा उक्‍त प्रकरणों में प्रश्‍न दिनांक तक क्‍या निर्णय हुए, उनके निर्णयों की प्रति उपलब्‍ध करावें।

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) कटनी जिले में वर्तमान में 60 राइस मिल कनेक्‍शन विद्यमान हैं, वर्ष 2013-14 से प्रश्‍न दिनांक तक की अवधि में राइस मिलवार विद्युत खपत एवं भुगतान किये गये बिल की राशि से संबंधित माहवार एवं मिलवार जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ख) जी नहीं। (ग) उत्‍तरांश (क) में उल्‍लेखित राइस मिलों द्वारा लिए गये कनेक्‍शन के भार का विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। प्रश्‍नाधीन अवधि में 4 राइस मिल उपभोक्‍ताओं के परिसर की जांच सतर्कता दलों द्वारा की गई है। सर्तकता दल क्र. 07 कटनी द्वारा दिनांक 09.02.2017 को श्रीमती शशि गुप्‍ता के राइस मिल कनेक्‍शन की जांच की गई तथा विद्युत का अवैधानिक रूप से उपयोग पाये जाने पर नियमानुसार विद्युत अधिनियम 2003 के प्रावधानों के अनुसार विद्युत चोरी का प्रकरण बनाया गया, जिसमें रू. 3,61,009/- का अनन्‍तिम निर्धारण आदेश जारी किया गया तथा इसके विरूद्ध अभी तक रू. 2,50,000/- की राशि उपभोक्‍ता द्वारा जमा की गई है। उक्‍त प्रकरण में पंचनामा एवं अनन्‍तिम निर्धारण आदेश की छायाप्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के क्रमश: प्रपत्र-ब एवं '' अनुसार है। सर्तकता दल क्रमांक 06 सिवनी द्वारा दिनांक 12.4.2016 को श्री धनेश कुमार के राइस मिल कनेक्‍शन की जांच की गई, जिसमें उपभोक्‍ता द्वारा स्‍वीकृत भार से अधिक भार का उपयोग करते पाए जाने पर नियमानुसार भार वृद्धि का प्रकरण बनाया गया, जिसमें रू. 30000/- का अनन्‍तिम निर्धारण आदेश जारी किया गया, जिसका भुगतान लंबित है। उक्‍त प्रकरण में पंचनामा एवं अनन्‍तिम निर्धारण आदेश की छायाप्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के क्रमश: प्रपत्र-द एवं '' अनुसार है। उक्‍त के अतिरिक्‍त सतर्कता दल क्रमांक 07 द्वारा दिनांक 12.1.2017 को मेसर्स श्रीनिवास ट्रेडर्स के राइस मिल कनेक्‍शन की तथा सतर्कता दल क्रमांक 07. द्वारा दिनांक 23.7.17 को मेसर्स वरूण इण्‍डस्‍ट्रीज की जांच की गई है तथा इन प्रकरणों में कोई अनियमितता नहीं पाई गई।

कन्‍या छात्रावास के भवन की स्‍वीकृत

[जनजातीय कार्य]

7. ( *क्र. 4483 ) श्री के.डी. देशमुख : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या बालाघाट जिले में खैरलांजी, तिरोड़ी एवं कटंगी में पोस्‍ट मैट्रिक अनुसूचित जनजाति कन्‍या एवं बालक छात्रावास स्‍वीकृत होकर प्रारम्‍भ हैं? (ख) यदि हाँ, तो कब तक इन तीनों छात्रावासों के लिए भवन स्‍वीकृत कर दिया जावेगा?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जी हाँ। (ख) कटंगी में पोस्‍ट मैट्रिक कन्‍या छात्रावास भवन निर्माण कार्य की स्‍वीकृति शासन के पत्र क्रमांक-12-12/2016/25-2 भोपाल, दिनांक 22.07.2016 द्वारा प्रदाय की जा चुकी है। शेष छात्रावास भवन निर्माण को कार्य योजना में शामिल कर लिया गया है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

मांझी जाति को आरक्षण का लाभ

[जनजातीय कार्य]

8. ( *क्र. 5039 ) श्री नीलेश अवस्‍थी : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मांझी जाति को आदिवासी जाति (जनजाति) मानकर शासकीय सुविधायें देने या न देने को लेकर माननीय न्‍यायालय द्वारा समय-समय पर क्‍या निर्णय दिये गये? अदालती आदेशों की हिन्‍दी में छयाप्रति देवें। (ख) मांझी आदिवासी जाति को लेकर प्रदेश में वर्तमान समय में क्‍या स्थिति है? इस समाज को कब से प्रदेश के किन-किन जिलों में आदिवासी समाज मानकार किस-किस प्रकार की कौन-कौन सी शासकीय सुविधायें दी जा रही हैं? (ग) क्‍या मांझी समाज के समतुल्‍य इसी समाज की अन्‍य शाखाओं ढीमर, वर्मन, निषाद, केवट, कहार, मलाह, रैकवार, पवेहा, सोदिया आदि द्वारा आरक्षण में अनुसूचित जनजाति का दर्जा देने की मांग समय-समय पर शासन स्‍तर पर की जाती रही है? यदि हाँ, तो तत्‍संबंध में राज्‍य सरकार की क्‍या मंशा है एवं किस प्रकार से कब तक अनुसूचित जाति का दर्जा दिया जावेगा? (घ) प्रदेश में रजक/धोबी समाज को किन-किन जिलों में अनुसूचित जाति के अंतर्गत मान्‍यता प्राप्‍त है तथा किन-किन जिलों में यह जाति पिछड़ा वर्ग अंतर्गत आती है? रजक/धोबी समाज को संपूर्ण मध्‍यप्रदेश के सभी जिलों में अनुसू‍चित जाति के अंतर्गत मान्‍यता प्रदान करने के संबंध में विधान सभा द्वारा कब-कब अशासकीय संकल्‍प पास किये गये एवं तत्‍संबंध में केन्‍द्र सरकार से कब-कब, क्‍या-क्या पत्राचार किये गये? (ड.) रजक/धोबी समाज को संपूर्ण प्रदेश में अनुसूचित जाति के अंतर्गत किस प्रकार से कब तक मान्‍यता प्रदान कर दी जावेगी?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) कार्यालयीन अभिलेख अनुसार ऐसे कोई आदेश उपलब्‍ध नहीं हैं। (ख) माझी जनजाति (न कि मांझी) सम्‍पूर्ण प्रदेश में अनुसूचित जनजाति मान्‍य है, जिसे शासन द्वारा जनजातियों को प्रदत्‍त समस्‍त शासकीय सुविधाएं देय हैं। (ग) जी हाँ। इस संबंध में मध्‍यप्रदेश शासन, आदिम जाति कल्‍याण विभाग के आदेश दिनांक 30.05.2017 द्वारा माझी विशेषज्ञ समिति का गठन किया गया है। प्रकरण समिति के समक्ष विचाराधीन है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (घ) एवं (ड.) जानकारी संकलित की जा रही है।

राज्य प्रशासनिक सेवा की ''अधिसमय वेतनमान'' में नियुक्ति के लिए पात्रता शर्तें

[सामान्य प्रशासन]

9. ( *क्र. 3922 ) श्री यशपालसिंह सिसौदिया : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या म.प्र. राजपत्र दिनांक 06 जुलाई, 2012 पृष्ठ क्रमांक 525 में उल्लेखित राज्य प्रशासनिक सेवा की "अधिसमय वेतनमान" में नियुक्ति के लिए पात्रता की शर्तों के तारतम्य में कनिष्ठ वेतनमान पीबी, 3-15650-39100 ग्रेड-पे 5400 प्राप्त करने वाले अधिकारियों को इसी राजपत्र के पृष्ठ 526 में क्रमशः 6 वर्ष की अवधि में कनिष्ठ वेतनमान, 4 वर्ष की अवधि में वरिष्ठ वेतनमान, 6 वर्ष की अवधि में प्रवर श्रेणी वेतनमान एवं 6 वर्ष की अवधि में वरिष्ठ प्रवर श्रेणी वेतनमान (सुपर टाइम स्केल) दिया गया है? इस सम्बन्ध में जारी आदेशों की छाया प्रति दें (ख) यदि प्रश्नांश (क) का उत्तर हाँ है तो क्या वित्त विभाग के परिपत्र क्रमांक/एफ.11/1/2008/नियम/चार, भोपाल दिनांक 24 जनवरी, 2008 के अनुसार परिशिष्ट 2 में उल्लेखित विभाग/संवर्गों के राज्य के सिविल सेवा के (अ) तथा (ब) वर्ग के अधिकारियों को भी 8 वर्ष, 16 वर्ष में प्रथम एवं द्वितीय समयमान वेतनमान स्वीकृत किया गया है तथा वित्त विभाग के परिपत्र दिनांक 30 सितम्बर, 2014 के तारतम्य में 30 वर्ष की सेवा अवधि पूर्ण होने पर तीसरा समयमान वेतनमान स्वीकृत किया गया है? (ग) प्रश्नांश (ख) का उत्तर यदि हाँ, तो क्या उक्त परिशिष्ट-दो में उल्लेखित विभाग/संवर्गों के राज्य के सिविल सेवा के (अ) तथा (ब) वर्ग के अधिकारियों को तृतीय समयमान वेतनमान दिए जाने की दीर्घ अवधि को न्यायसंगत बनाते हुए 30 वर्ष के स्थान पर तृतीय समयमान वेतनमान की पात्रता अवधि 24 वर्ष अथवा 30 वर्ष से कम किये जाने पर शासन विचार करेगा? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो कारण बतायें?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) आदेश दिनांक 03 मई, 2012 की प्रति संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) जी हाँ। (ग) वर्तमान में इस आशय का कोई प्रस्‍ताव विचाराधीन नहीं है।

परिशिष्ट - ''एक''

सागर जिलांतर्गत आंगनवाड़ी भवन का निर्माण

[महिला एवं बाल विकास]

10. ( *क्र. 5078 ) श्रीमती पारूल साहू केशरी : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) मध्‍यप्रदेश शासन, महिला एवं बाल विकास विभाग के प्रस्‍ताव पर मध्‍यप्रदेश पंचायती राज संचालनालय के द्वारा सागर जिले के अंतर्गत किन-किन विधान सभा क्षेत्रों में दिनांक 01 अप्रैल, 2014 से प्रश्‍न दिनांक तक‍ किस-किस ग्राम की आंगनवाड़ी भवन निर्माण हेतु कितनी-कितनी राशि कब-कब जारी की गयी है? जानकारी विधान सभा क्षेत्रवार, माहवार वर्षवार, विकासखण्‍डवार एवं ग्रामवार दी जावे। (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार कितने भवनों का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है और कितने भवन अपूर्ण हैं तथा कितने भवनों के निर्माण कार्य अप्रारंभ है? कारण सहित जानकारी उपलब्‍ध करावें। (ग) सागर जिले में ऐसे कितने ग्राम हैं, जिनकी जनसंख्‍या 2000 और इससे भी ज्‍यादा है और उन ग्रामों में एक भी महिला बाल विकास विभाग का आंगनवाड़ी भवन नहीं है और विभाग द्वारा किराये के भवनों में आंगनवाड़ी संचालित की जा रही हैं? कारण सहित उन दोषी अधिकारियों के नाम भी बतावें, जिनके द्वारा कम आबादी वाले गांवों/पंचायतों में कई आंगनवाड़ी भवनों का निर्माण कार्य कराया गया है और ज्‍यादा आबादी वाले गांव को प्राथमिकता नहीं दी गयी? कब तक विसंगति को दूर करते हुये आबादी के अनुरूप प्राथमिकता के आधार पर आंगनवाड़ी भवनों की राशि जारी कर दी जावेगी?

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( श्रीमती अर्चना चिटनिस ) : (क) विभाग के प्रस्ताव पर मध्यप्रदेश पंचायतराज संचालनालय के द्वारा दिनांक 01 अप्रैल, 2014 से प्रश्न दिनांक तक सागर जिले में कुल 178 आंगनवाड़ी केन्द्र भवन निर्माण की स्वीकृति प्रदान की गई है। निर्माण हेतु राशि पंचायतराज संचालनालय से जारी की गई है। विधानसभा क्षेत्रवार, विकासखण्डवार एवं ग्रामवार जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार 02 भवनों का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है और 176 भवन अपूर्ण हैं। इसमें से समस्त भवनों का निर्माण कार्य प्रारंभ हो गया। अतः एक भी भवन निर्माण अप्रारंभ नहीं है। अतः शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) सागर जिले में कुल 156 ग्राम 2000 और इससे भी ज्यादा संख्या वाले ग्राम हैं, जिनमें से 04 ग्राम ऐसे हैं, जहां पर एक भी महिला एवं बाल विकास विभाग का भवन नहीं है व इन 04 ग्रामों में 05 आंगनवाड़ी केन्द्र किराये के भवनों में संचालित हैं। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। आंगनवाड़ी केन्द्र भवन निर्माण हेतु समस्त भवन विहीन आंगनवाड़ी केन्द्रों के प्रस्ताव जिले से प्राप्त किये जाकर उसी सूची में से भवनों की स्वीकृति जारी कर पंचायतराज संचालनालय के माध्यम से राशि जारी की गई है। आंगनवाड़ी भवन निर्माण की स्वीकृति केवल जनसंख्या के आधार पर नहीं होती है। अतः शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।

प्रदेश में शराब बंदी

[वाणिज्यिक कर]

11. ( *क्र. 4847 ) श्री रामनिवास रावत : क्या वित्त मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वित्तीय वर्ष 2013-14, 2014-15, 2015-16, 2016-17 एवं 2017-18 में प्रदेश में देशी, विदेशी शराब की कितनी बिक्री हुई? शासन को कितना राजस्व प्राप्त हुआ? वर्षवार जानकारी दें (ख) क्या मान. मुख्यमंत्री जी द्वारा प्रदेश में चरणबद्ध तरीके से शराब बंदी किये जाने की घोषणा एवं प्रदेश में सभी शराब अहाते बंद करने की घोषणा की गयी है? यदि हाँ, तो उक्त घोषणा की पूर्ति हेतु क्या कार्य योजना तैयार की गयी है? कब तक प्रदेश में पूर्णत शराब बंदी लागू कर दी जावेगी? (ग) क्या विभाग द्वारा नयी आबकारी नीति तैयार की गयी है? यदि हाँ, तो इस नीति में क्या-क्या प्रावधान किये गए हैं एवं उक्त नीति कब से लागू की जावेगी? क्या उक्त नीति में शराब अहाते बंद कराने का उल्लेख है? यदि नहीं, तो मुख्यमंत्री जी की घोषणा का पालन नहीं कराने के क्या कारण हैं? (घ) अवैध शराब बिक्री रोकने हेतु शासन की क्या नीति, नियम निर्देश हैं? दिनांक 01 जनवरी, 2017 से प्रश्नांकित दिनांक तक श्योपुर जिले में कहाँ-कहाँ अवैध शराब विक्रय, भण्डारण और आबकारी एक्ट अंतर्गत कितने प्रकरण दर्ज किये गये? प्रकरणवार जानकारी देवें इनमें से कितने प्रकरणों में माननीय न्यायालय में चालान प्रस्तुत किया गया और कितने प्रकरणों में नहीं एवं क्यों?

वित्त मंत्री ( श्री जयंत मलैया ) : (क) प्रश्‍नानुसार जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र ''एक'' अनुसार है। (ख) प्रश्‍नानुसार जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र ''दो'' अनुसार है। (ग) जी हाँ। प्रश्‍नांश का उत्‍तर पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-दो अनुसार है। उक्‍त नीति दिनांक 01.04.2018 से लागू की जायेगी। (घ) मध्‍यप्रदेश आबकारी अधिनियम, 1915 एवं इसके अंतर्गत निर्मित नियमों के तहत अवैध शराब बिक्री रोकने हेतु सतत् भ्रमण, निरीक्षण, दबिश एवं सूचना प्राप्‍त होने पर कार्यपालिक स्‍टाफ द्वारा यथासंभव कार्यवाही की जाती है। श्‍योपुर जिले में दिनांक 01.01.2017 से दिनांक 28.02.2018 तक 323 प्रकरण दर्ज किये गये हैं, जिसकी जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र ''तीन'' अनुसार है। 323 प्रकरणों के न्‍यायालय में चालान प्रस्‍तुत किये जा चुके हैं। 20 प्रकरण अभियोजन हेतु लंबित हैं, इन प्रकरणों में विवेचना उपरांत अभियोजन किया जायेगा।

मुरैना जिले में क्रूड सोयाबीन व अन्‍य तेलों का आयात

[वाणिज्यिक कर]

12. ( *क्र. 4908 ) श्री सत्‍यपाल सिंह सिकरवार : क्या वित्त मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मुरैना की विभिन्‍न तेल रिफाइनरियों में वर्ष 2016, वर्ष 2017, फरवरी 2018 तक क्रूड डीगम सोयाबीन ऑयल व अन्‍य खाद्य तेलों का कितनी मात्रा में आयात किया गया है? रिफाइनरीवार मात्रा सहित वर्ष माहवार की जानकारी दी जावे। (ख) जुलाई 2017 के जी.एस.टी. लागू होने के पूर्व उक्‍त संस्‍थानों द्वारा वर्णित समय अवधि में कितना वाणिज्‍यकर शासन को भुगतान किया गया? भुगतान राशि वर्ष सहित संस्‍थानवार जानकारी दी जावे। (ग) क्‍या अनेक खाद्य तेल विक्रेता कम्‍पनियों, रिफाइनरियों को वाणिज्‍यकर विभाग द्वारा वाणिज्‍यकर भुगतान हेतु ''वन टाईम सेटिलमेंट'' में कितनी राशि की छूट दी गई है? संस्‍थानों के नाम, राशि सहित जानकारी दी जावे। (घ) क्‍या क्रूड डीगम सोयाबीन ऑयल व पाम ऑयल का आयात कर रहे हैं, उसे सरसों के तेल के अलग-अलग ब्राण्‍ड बनाकर जनता को बेचा जा रहा है, जबकि संस्‍थानों द्वारा सी.डी.आर.ओ. का आयात किया ही नहीं गया है, जबकि सरसों व पाम तेल मूल्‍यों में काफी अन्‍तर है?

वित्त मंत्री ( श्री जयंत मलैया ) : (क) विभागीय वेटिज सिस्‍टम में उपलब्‍ध फार्म 49 की जानकारी के आधार पर मुरैना की विभिन्‍न तेल रिफाइनरियों द्वारा वर्ष 2015-16, 2016-17 एवं 2017-18 में (माह जून, 2017 तक) क्रूड डीगम सोयाबीन ऑयल व अन्‍य खाद्य तेलों के आयात की रिफाइनरीवार मात्रात्‍मक वर्षवार जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र "ए" अनुसार है। 01 जुलाई, 2017 से जी.एस.टी. लागू है। अत: उक्‍त प्रकार की जानकारी वर्तमान में उपलब्‍ध नहीं है। (ख) जुलाई, 2017 से जी.एस.टी. लागू होने के पूर्व उक्‍त संस्‍थानों द्वारा वर्णित समयावधि में भुगतान से प्राप्‍त राशि की वर्षवार, संस्‍थानवार जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र "बी" अनुसार है। (ग) निपटारा प्राधिकरण की बैठकों के कार्यवाही विवरण अनुसार खाद्य तेल विक्रेता कम्‍पनियों, रिफाइनरियों को निपटारा प्राधिकरण द्वारा छूट प्रदान नहीं की गई है। (घ) मुरैना जिले की विभिन्‍न तेल रिफाइनरियों द्वारा क्रूड डीगम सोयाबीन ऑयल व अन्‍य ऑयल का आयात किया जा रहा है। प्रश्‍नांश की शेष जानकारी का संबंध विभाग से नहीं होकर संज्ञान में नहीं है।

परिशिष्ट - ''दो''

लाड़ली लक्ष्मी योजनांतर्गत स्वीकृत प्रकरण

[महिला एवं बाल विकास]

13. ( *क्र. 1836 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) पनागर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत गत तीन वर्षों में लाड़ली लक्ष्‍मी योजना के कितने पंजीयन किये गये हैं? (ख) प्रश्नांश (क) के अंतर्गत कितने प्रकरण स्‍वीकृत एवं कितने अस्‍वीकृत किये गये हैं? (ग) प्रश्नांश (ख) के अंतर्गत कितनी बालिकाओं को रू. 1,18,000 स्‍वीकृति के प्रमाण-पत्र जारी किये गये?

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( श्रीमती अर्चना चिटनिस ) : (क) पनागर विधानसभा क्षेत्र में गत तीन वर्षों में लाड़ली लक्ष्मी योजना अंतर्गत 3319 बालिकाओं का पंजीयन किया गया। (ख) 3309 प्रकरण स्वीकृत एवं 10 प्रकरण अस्वीकृत किये गयेI (ग) 3309 बालिकाओं को प्रमाण-पत्र जारी किये गये l 

छान-बीन समिति की कार्यवाही को पोर्टल पर अपलोड किया जाना

[जनजातीय कार्य]

14. ( *क्र. 1523 ) श्री संजय शाह मकड़ाई : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या विभागीय फर्जी जाति प्रमाण पत्रों की छान-बीन समिति माधुरी पाटिल के न्‍यायिक निर्णय के निर्देशों का पालन कर रही है? (ख) यदि हाँ, तो छान-बीन समिति के स्‍तर पर विजिलेंस सेल का गठन क्‍यों नहीं किया गया है? (ग) छान-बीन समिति के लिए सतर्कता अधिकारी कौन है? निर्देश की प्रति उपलब्‍ध करावें। (घ) अनुसूचित जनजाति के फर्जी जाति प्रमाण पत्रों की छान-बीन समिति के सचिव के आदेशानुसार, छान-बीन समिति की कार्यवाही का विवरण विभागीय पोर्टल पर सार्वजनिक क्‍यों नहीं किया जा रहा है? इसे किसने निरस्‍त किया है?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जी हाँ। (ख) एवं (ग) सामान्‍य प्रशासन विभाग के आदेश क्रमांक एफ 7-1/96/प्र/1, दिनांक 08.09.1997 द्वारा निर्धारित प्रक्रिया अनुसार संबंधित जिले के पुलिस अधीक्षक उक्‍त दायित्‍व का निर्वाह कर रहे हैं। जिला पुलिस अधीक्षक। प्रति संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (घ) छान-बीन समिति द्वारा पारित आदेश पोर्टल में अपलोड किये जाते हैं तथा सार्वजनिक किया जाता है। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''तीन''

आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं के मानदेय एवं भत्‍ते में वृद्धि

[महिला एवं बाल विकास]

15. ( *क्र. 4013 ) श्री मुरलीधर पाटीदार : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) प्रदेश में कुल कितनी आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका कार्यरत हैं एवं इनको कितना मानदेय एवं भत्ता दिया जा रहा है? संभागवार केवल संख्यात्मक जानकारी देवें (ख) क्‍या आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं के मानदेय एवं भत्ते वृद्धि संबंधी कोई प्रस्ताव प्रक्रियाधीन है? यदि हाँ, तो निर्णय कब तक होगा? यदि नहीं, तो क्या स्व-प्रेरणा से अल्प मानदेय पर कार्यरत उक्त कर्मचारियों के मानदेय एवं भत्ते बढ़ाये जाने हेतु कोई प्रभावी कार्यवाही की जावेगी? (ग) आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं को नियमित करने संबंधी कोई प्रस्ताव प्रक्रियाधीन है? यदि हाँ, तो निर्णय कब तक होगा? यदि नहीं, तो क्या स्व-प्रेरणा से आंगनवाड़ी केन्द्रों के सुसंचालन हेतु इनको नियमित करने हेतु कोई निर्णय लिया जावेगा? (घ) आंगनवाड़ी केन्द्रों को प्री-प्रायमरी स्कूलों में परिवर्तित करने या शासकीय प्राथमिक विद्यालयों को पूर्णरूपेण आंगनवाड़ी केन्द्रों में मर्ज करने संबंधी कोई प्रस्ताव प्रक्रियाधीन है या मांग की जा रही है? यदि हाँ, तो निर्णय कब तक होगा? यदि नहीं, तो क्या स्व-प्रेरणा से शासकीय स्कूलों में प्रवेश बढ़ाने हेतु इस पर विचार कर निर्णय लिया जावेगा?

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( श्रीमती अर्चना चिटनिस ) : (क) प्रदेश में कुल कार्यरत आंगनवाड़ी कार्यकर्ता/आंगनवाड़ी सहायिका की संभागवार जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है, वर्तमान में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं आंगनवाड़ी सहायिका को दिए जा रहे मानदेय एवं भत्‍ते का विवरण निम्‍नानुसार है :-

विवरण

 

दिए जाने वाले मानदेय एवं अतिरिक्‍त मानदेय का योग

भत्‍ते

 

1

2

3

आंगनवाड़ी कार्यकर्ता

 

 

राशि रुपये 5000/- प्रतिमाह

 

 

निम्न श्रेणी लिपिक को देय यात्रा भत्ते के अनुसार राशि देय होती है।

आंगनवाड़ी सहायिका

 

राशि रुपये 2500/- प्रतिमाह

 

चतुर्थ श्रेणी को देय भत्ता अनुसार राशि देय होती है।

 

(ख) भारत सरकार द्वारा आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के पद को मानसेवी श्रेणी में रखा गया है। मानदेय एवं भत्ते बढ़ाने का निर्णय भारत सरकार द्वारा लिया जाता है। राज्य सरकार द्वारा अतिरिक्त मानदेय बढ़ोत्‍तरी किए जाने पर विचार किया जा रहा है व यह निर्णय नीतिगत होने के कारण समय-सीमा दिया जाना संभव नहीं है। शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी नहीं। भारत सरकार द्वारा सर्वोच्च न्यायालय के प्रकरण में अमीरी बी. एवं अन्य के संदर्भ में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका को मानसेवी होने से शासकीय सेवक नहीं माना गया है। साथ ही इनको न्यूनतम वेतन का लाभ एवं आंगनवाड़ी कार्यकर्ता/सहायिका को शासकीय सेवक संबंधी मांग पर कार्यवाही की जाना संभव नहीं है। (घ) जी नहीं। अतः शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''चार''

निगरानी समिति की बैठक का आयोजन

[महिला एवं बाल विकास]

16. ( *क्र. 4776 ) श्री सोहनलाल बाल्‍मीक : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या पोषण आहार की निगरानी हेतु जो निगरानी समिति गठित है, उसकी बैठक प्रत्‍येक तीन माह में कराना अनिवार्य है? अगर हाँ तो छिन्‍दवाड़ा जिले की परासिया परियोजना द्वारा अगस्‍त 2017 के बाद से निगरानी समिति की बैठक क्‍यों नहीं कराई गई है? (ख) पोषण आहार की निगरानी हेतु निगरानी समिति की बैठक अगस्‍त 2017 के बाद से प्रश्‍न दिनांक तक नहीं की गई है, जबकि निगरानी समिति की बैठक प्रत्‍येक 3 माह के अन्‍तराल में किये जाने हेतु शासन द्वारा निर्देश जारी किये गये हैं, परन्‍तु फिर भी संबंधित परियोजना अधिकारी द्वारा बैठक आयोजित नहीं की गई और शासन के निर्देशों की अवहेलना की गई है। क्‍या उपरोक्‍त संबंध में विभाग द्वारा जांच कराते हुए, लापरवाह अधिकारियों पर कार्यवाही की जायेगी? (ग) पोषण आहार की निगरानी हेतु निगरानी समिति की बैठक किये जाने एवं निगरानी समिति गठित किये जाने हेतु शासन द्वारा क्‍या दिशा-निर्देश जारी किये गये हैं? नियमावली सहित उपलब्‍ध करायें।

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( श्रीमती अर्चना चिटनिस ) : (क) जी हाँ। बाल विकास परियोजना अधिकारी परासिया-2 के अवकाश पर रहने तथा अन्य विभागीय कार्यों की व्यस्तता के कारण पोषण आहार निगरानी समिति की बैठक तत्समय नहीं की गई। (ख) बाल विकास परियोजना अधिकारी के अवकाश पर रहने तथा अन्य विभागीय कार्यों की व्यस्तता के कारण पोषण आहार निगरानी समिति की बैठक तत्समय नहीं की जा सकी। पोषण आहार की निगरानी समिति की बैठक दिनांक 12.3.2018 को आयोजित की गई। जिला कार्यक्रम अधिकारी छिन्दवाड़ा द्वारा परियोजना अधिकारी परासिया-1 एवं 2 को भविष्य में नियमित रूप से बैठक कराने हेतु कड़े निर्देश जारी किये गये हैं। (ग) पोषण आहार की निगरानी हेतु निगरानी समिति गठित किये जाने के लिए विभाग के आदेश क्र.एफ 4-5/14/50-2, दिनांक 24.02.2014 की कण्डिका 06 के अनुसार जारी किए गए हैं। शासन आदेश की प्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है।

वेतन विसंगतियों का निराकरण

[सामान्य प्रशासन]

17. ( *क्र. 4085 ) श्री तरूण भनोत : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या सामान्‍य प्रशासन विभाग द्वारा अक्‍टूबर 2006 में ब्रम्‍हस्‍वरूप समिति की अनुशंसायें लागू की गई थी? यदि हाँ, तो स्‍वास्‍थ्‍य विभाग में किन-किन पदों के लिए लागू की गयी हैं? जानकारी पदों के नामवार पृथक-पृथक से दी जावे। (ख) प्रदेश के स्‍वास्‍थ्‍य विभाग में विभिन्‍न पदों पर आई.टी.आई. से उत्‍तीर्ण योग्‍यता वाले पदों में वेतन विसंगति है, जिसमें स्‍टेनोग्राफर पद पर 1 वर्ष आई.टी.आई. योग्‍यता वाले पद को अधिक वेतनमान और रेफ्रीजरेटर मैकेनिक पद पर दो वर्ष की आई.टी.आई. योग्‍यता वाले को कम वेतनमान दिया जा रहा है? (ग) यदि प्रश्नांश (क) एवं (ख) सही है तो इस वेतन विसंगति के लिये कौन-कौन अधिकारी एवं कर्मचारी जिम्‍मेदार हैं और उन पर कब तक अनुशासनात्‍मक कार्यवाही की जावेगी? (घ) प्रश्नांश (क) एवं (ख) अनुसार ब्रम्‍हस्‍वरूप समिति की अनुशंसाओं में रेफ्रीजरेटर मैकेनिक के वेतनमान की वेतन विसंगति कब तक दूर कर स्‍टेनोग्राफर के समान वेतनमान दिया जावेगा?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) भर्ती नियमों में पृथक-पृथक अर्हता होने एवं पारस्‍परिक समानता नहीं होने के कारण वेतनमान भिन्‍न-भि‍न्‍न है। (ग) एवं (घ) उत्‍तरांश () के प्रकाश में प्रश्‍न उपथित नहीं होता।

माननीय मुख्यमंत्री जी की घोषणा का क्रियान्‍वयन

[सामान्य प्रशासन]

18. ( *क्र. 4933 ) श्री ओमकार सिंह मरकाम : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2013 से आज तक डिण्‍डोरी जिले में माननीय मुख्यमंत्री जी ने कब कब कहाँ-कहाँ क्या-क्या घोषणा की हैं, जिसमें कौन-कौन सी घोषणा पूर्ण हुई तथा कौन-कौन सी अपूर्ण हैं? (ख) वर्ष 2013 से आज तक माननीय मुख्यमंत्री जी ने डिण्‍डोरी जिले में कहाँ-कहाँ कब-कब कौन-कौन से निर्माण कार्य के भूमि पूजन किये हैं, जिसमें कौन-कौन से कार्य पूर्ण हुए हैं तथा कौन-कौन से अपूर्ण हैं?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है।

हाई स्‍कूल भवन के निर्माण कार्य को समय-सीमा में पूर्ण किया जाना

[जनजातीय कार्य]

19. ( *क्र. 3854 ) पं. रमेश दुबे : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) छिन्‍वाड़ा जिले के आदिवासी विकासखण्‍डों में कौन-कौन से हाई स्‍कूल/हायर सेकेण्‍ड्री स्‍कूल भवन कब से निर्माणाधीन हैं? नाम, स्‍वीकृत राशि, कार्य एजेंसी, पर्यवेक्षण एजेंसी, अनुबंध की शर्तें, कार्य अवधि सहित विकासखण्‍डवार जानकारी दें। (ख) क्‍या शासकीय हाई स्‍कूल घोराड़ विकासखण्‍ड बिछुआ का भवन विगत 6-7 वर्षों से निर्माणाधीन है? यदि हाँ, तो क्‍यों? इस भवन की निर्माण एजेंसी कौन है? कब कितनी राशि से स्‍वीकृत हुआ? समय पर निर्माण पूर्ण न होने के लिए कौन जिम्‍मेदार है? (ग) क्‍या उक्‍त भवन का निर्माण कार्य अपूर्ण होने के चलते उसका रख-रखाव सही तरीके से नहीं होने के कारण भवन का प्‍लास्‍टर टूट कर गिर रहा है? भवन की दीवार जगह-जगह से क्षतिग्रस्‍त हो रही है? हाँ तो इसके लिए कौन जवाबदेह है? इनके विरूद्ध शासन क्‍या कार्यवाही कर रहा है? (घ) क्‍या शासन शासकीय हाई स्‍कूल घोराड़ के निर्माणाधीन भवन का निर्माण कार्य शीघ्र पूर्ण कर स्‍कूल प्रशासन को सौंपने और निर्माण में विलंब करने वाले व्‍यक्तियों की जवाबदारी नियत कर उनके विरूद्ध कार्यवाही और समय पर निर्माण कार्य पूर्ण नहीं होने से निर्माणाधीन भवन को पहुंची क्षति से शासन को जो आर्थिक हानि हुई है, उसकी भरपाई जिम्‍मेदार व्‍यक्तियों से वसूल करने का आदेश देगा? नहीं तो क्‍यों?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्‍ट अनुसार है। शेषांश की जानकारी संकलित की जा रही है। (ख) जी हाँ। कार्य के ठेकेदार द्वारा कार्य समय-सीमा में पूर्ण नहीं किये जाने के कारण कार्य पूर्ण किये जाने में विलम्‍ब हुआ। कार्य विभागीय तौर पर कराया जा रहा है। भवन कार्य राशि रूपये 42.93 लाख का स्‍वीकृत हुआ है। समय पर कार्य पूर्ण नहीं किये जाने के लिये निर्माण एजेंसी जिम्‍मेदार है। (ग) जी हाँ। प्रथम दृष्‍टया उपयंत्री के जिम्‍मेदार होने से उन्‍हें कारण बताओ सूचना पत्र जारी किये गये हैं। (घ) शासकीय हाईस्‍कूल घोराड़ के खराब हुए प्‍लास्‍टर आदि कार्य को पूर्ण कराते हुए आगामी शैक्षणिक सत्र से संस्‍था को सौंप दिया जायेगा। विलम्‍ब हेतु पूर्व ठेकेदार का अनुबंध निरस्‍त कर धरोहर राशि को राजसात किया गया है।

परिशिष्ट - ''पाँच''

श्‍योपुर जिले में 220 के.व्‍ही. उपकेन्‍द्र का निर्माण

[ऊर्जा]

20. ( *क्र. 433 ) श्री दुर्गालाल विजय : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) श्‍योपुर में 220 के.व्‍ही. उपकेन्‍द्र के निर्माण की प्रशासकीय स्‍वीकृति प्रदान कर निर्माण हेतु वित्‍तीय संसाधन जुटाने की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है, निर्माण कार्य वर्ष 2018-19 में पूर्ण करना प्रस्‍तावित है वर्ष 2017-18 में सर्वे कार्य पूर्ण कर उपकेन्‍द्र एवं लाईन निर्माण हेतु निविदा प्रक्रिया प्रारंभ कर कार्यादेश जारी किया जावेगा, यह जानकारी प्रश्‍नकर्ता के प्रश्‍न क्रमांक 1017, दिनांक 23.02.2017 के उत्‍तर में दी गई है? (ख) यदि हाँ, तो क्‍या उक्‍त केन्‍द्र निर्माण हेतु भूमि का चयन कर लिया है? यदि हाँ, तो कितनी भूमि कहाँ चिन्हित की गई तथा क्‍या वित्‍तीय संसाधन जुटा लिए हैं? यदि नहीं, तो इस हेतु शासन/विद्युत कम्‍पनी द्वारा क्‍या कार्यवाही वर्तमान तक की गई। (ग) क्‍या कार्यवाही अपूर्ण रहने के कारण उक्‍त केन्‍द्र के निर्माण की निविदा प्रक्रिया व कार्यादेश जारी करना संभव नहीं हो पा रहा है। (घ) यदि हाँ, तो प्रश्नांश (ख) एवं (ग) में वर्णित कार्यवाहियां कब तक पूर्ण करके श्‍योपुर में 220 के.व्‍ही. उपकेन्‍द्र का निर्माण कार्य कब तक प्रारंभ करवा दिया जावेगा? इस हेतु निश्चित समय-सीमा बतायें।

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) जी हाँ। (ख) जी हाँ, प्रस्‍तावित 220 के.व्‍ही. उपकेन्‍द्र श्‍योपुर के निर्माण हेतु भूमि का चयन कर लिया है। ग्राम गोपालपुरा में उपकेन्‍द्र के निर्माण हेतु लगभग 7.23 हेक्‍टेयर भूमि प्राप्‍त कर ली गई है। वित्‍तीय संसाधन का प्रबंध करने हेतु वित्‍तीय संस्‍थान से अन्‍य कार्यों को सम्मिलित करते हुये ऋण प्राप्ति की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। (ग) उत्‍तरांश (ख) में उल्‍लेखानुसार ऋण प्राप्ति की प्रत्‍याशा में उक्‍त उपकेन्‍द्र के निर्माण हेतु निविदा प्रक्रिया पूर्ण कर ली गई है तथा 13.02.2018 को कार्यादेश भी जारी किया जा चुका है। (घ) 220 के.व्‍ही. उपकेन्‍द्र श्‍योपुर हेतु कार्यादेश दिनांक 13.02.2018 को प्रसारित किया जा चुका है। माह अप्रैल 2018 से कार्य प्रारंभ किया जाना संभावित है तथा कार्यादेश की शर्तों के अनुसार माह दिसम्‍बर 2019 तक कार्य पूर्ण होना संभावित है।

सहायिका/कार्यकर्ता की भर्ती में अनियमितता

[महिला एवं बाल विकास]

21. ( *क्र. 4440 ) श्री महेन्‍द्र सिंह : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) गुनौर विधान सभा क्षेत्र अन्तर्गत वर्ष 2016-17 से प्रश्‍न दिनांक तक महिला बाल विकास विभाग द्वारा आँगनवाड़ी केन्द्रों में सहायिका एवं कार्यकर्ता की भर्ती की गई है? आँगनवाड़ी केन्द्रवार जानकारी एवं विज्ञापन की प्रति उपलब्ध करावें (ख) क्या उक्त भर्ती प्रक्रिया में शासन द्वारा निर्धारित नियमों की अनदेखी कर भर्ती की गई है? क्या सही आवेदकों का चयन न कर अधिकारियों की सांठ-गांठ से गलत आवेदकों का चयन किया गया है? क्या उक्त संबंध में जांच कराई जावेगी? (ग) क्या विज्ञापन दिनांक के बाद कुछ आवेदकों ने अपना नाम बी.पी.एल. सूची में जुड़वाया है एवं जहां पद रिक्त थे, उस ग्राम पंचायत के निवास प्रमाण-पत्र बनवाये गये हैं, जबकि वह पूर्व से दूसरे ग्राम पंचायत के निवासी हैं, जिसमें अधिकारियों द्वारा भ्रष्टाचार कर पात्र आवेदकों का चयन न कर अपात्र आवेदकों का चयन किया गया है? समस्त चयनित आवेदकों के विज्ञापन का दिनांक, बी.पी.एल. सूची में नाम जोड़ने एवं निवास प्रमाण-पत्र जारी करने की दिनांकवार जानकारी उपलब्ध करावें? (घ) क्या उक्त भर्ती में जिन अधिकारियों द्वारा गलत कार्यवाही की गई एवं जिन आवेदकों ने गलत जानकारी देकर भर्ती प्राप्‍त की? क्‍या उनके खिलाफ कार्यवाही की जावेगी? यदि हाँ, तो क्‍या कार्यवाही और कब तक की जावेगी?

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( श्रीमती अर्चना चिटनिस ) : (क) गुनौर विधानसभा क्षेत्र अन्तर्गत एकीकृत बाल विकास परियोजना गुनौर एवं पन्ना ग्रामीण में वर्ष 2016-17 से प्रश्न दिनांक तक आंगनवाड़ी केन्द्रों में सहायिका एवं कार्यकर्ता की भर्ती की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है एवं जारी विज्ञापन की प्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) जी नहीं। विभाग के पत्र क्र./एफ-3-2/06/50-2/दिनांक 10.07.2007 के निर्देशों के अनुसार आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं की भर्ती की कार्यवाही की गई है। जी नहीं। अतः शेष का कोई प्रश्न नहीं उपस्थित होता है। (ग) जी नहीं। आवेदिकाओं के आवेदन दिनांक तक प्रस्तुत दस्तावेजों के आधार पर खण्ड स्तरीय चयन समिति द्वारा दस्तावेजों का परीक्षण उपरान्त अनन्तिम सूची जारी की गई है तथा जिला स्तरीय दावा आपत्ति निराकरण समिति द्वारा प्राप्त दावे आपत्तियों का निराकरण किया गया है। चयनित आवेदिकाओं के बी.पी.एल. एवं निवास की तिथि‍ संबंधी जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (घ) आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं की भर्ती प्रक्रिया नियमों के अनुसार की गई है। किसी प्रकार की अनियमितता नहीं हुई है। अतः शेष का कोई प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।

एकलव्य आवासीय विद्यालयों में मैस की व्यवस्था 

[जनजातीय कार्य]

22. ( *क्र. 2308 ) श्रीमती ममता मीना : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में कितने एकलव्य आवासीय विद्यालय संचालित हैं तथा पृथक-पृथक इनमें मैस संचालन किस पद्धति से हो रहा है? (ख) क्या गुना जिला मुख्यालय पर संचालित एकलव्य आवासीय विद्यालय में अधीक्षक द्वारा बच्चों को भोजन ठीक से न देने के कारण प्राचार्य को निलंबित किया गया है? यदि हाँ, तो क्या मैस संचालन का दायित्व प्राचार्य पर था? (ग) प्रश्नांश (ख) में यदि मैस संचालन का दायित्व अधीक्षक पर रहता है तो अधीक्षक के विरूद्ध क्या कार्यवाही की गई? यदि नहीं, तो कार्यवाही क्यों नहीं की गई तथा कार्यवाही कब तक की जावेगी? (घ) गुना के एकलव्य आवासीय विद्यालय में मैस व्यवस्था क्‍या अन्य एकलव्य आवासीय विद्यालयों की भांति ठेके पर या स्व-सहायता समूह को कब तक प्रदान की जाकर बच्चों को उचित भोजन मीनू अनुसार दिलाया जाना सुनिश्चित कराया जावेगा? यदि हाँ, तो समयावधि बतायें?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) प्रदेश में 29 एकलव्‍य आदर्श आवासीय विद्यालय एवं 03 संभाग स्‍तरीय एकलव्‍य आवासीय विद्यालय (विशेष पिछड़ी जनजाति) संचालित हैं। मेस संचालन का दायित्‍व संस्‍था प्रमुख के नियंत्रण में अधीक्षक द्वारा किया जाता है। (ख) जी हाँ। तथ्‍यात्‍मक स्‍िथति यह है कि एकलव्‍य आवासीय विद्यालय (विशेष पिछड़ी जनजाति) गुना में शैक्षणिक, आवासीय एवं अन्‍य व्‍यवस्‍थायें सीधे तौर पर प्राचार्य के नियंत्रणाधीन होने पर प्राचार्य द्वारा अपने कर्तव्‍य पालन में कोताही बरती जाने तथा विद्यालय में प्रशासकीय नियंत्रण नहीं रखने के फलस्‍वरूप कार्यालयीन आदेश दिनांक 29.01.2018 द्वारा प्राचार्य को निलंबित किया गया है। (ग) समग्र रूप से समुचित मैस संचालन का दायित्‍व प्राचार्य का होता है। निरीक्षण में पायी गई अनियमितताओं के कारण छात्रावास अधीक्षक को पत्र क्रमांक/स्‍था.1/डी2/2149/5598, दिनांक 07.03.2018 एवं पत्र क्रमांक/स्‍था.1/डी2/2149/5600, दिनांक 07.03.2018 द्वारा कारण बताओ नोटिस जारी कर स्‍पष्‍टीकरण चाहे गये हैं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) गुना एकलव्‍य आवासीय विद्यालय में मैस व्‍यवस्‍था ठेके पर या स्‍व-सहायता समूह को दिये जाने के संबंध में कोई प्रस्‍ताव विचाराधीन नहीं है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

रिक्त पदों की पूर्ति

[ऊर्जा]

23. ( *क्र. 5106 ) श्री संजय उइके : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या कार्यपालन अभियंता/यंत्री म.प्र.पूर्व.वि.वि.कं. लिमिटेड बैहर के अंतर्गत अधिकारियों/ कर्मचारियों की एवं विद्युत लाईन के संधारण हेतु बजट की कमी है? (ख) यदि हाँ, तो बैहर/मोहगांव/दमोह विद्युत वितरण केन्‍द्रों में कौन-कौन से पद किस-किस संवर्ग के स्‍वीकृत हैं? स्‍वीकृत पद के विरूद्ध कौन-कौन, कहाँ-कहाँ कब से पदस्‍थ हैं एवं कितने पद रिक्‍त हैं? (ग) रिक्‍त पदों पर भर्ती वैकल्पिक व्‍यवस्‍था कब तक की जावेगी, ताकि विद्युत लाईनों में कोई गड़बड़ी एवं विद्युत आपूर्ति संचालित होने में बाधा न उत्‍पन्‍न हो? (घ) कार्यपालन अभियंता/यंत्री म.प्र. पूर्व वि.वि.कं. लिमिटेड बैहर के कार्यालय में विद्युत लाईनों की खराबी के केबि‍ल कार्य हेतु एवं अतिरिक्‍त ट्रांसफार्मर हेतु कितने प्रस्‍ताव प्राप्‍त हुए हैं? उसके लिये आवंटन कब दिया जावेगा?

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) कार्यपालन अभियंता, संचालन एवं संधारण संभाग, बैहर के कार्यक्षेत्र में अधिकारियों/कर्मचारियों की कमी है, किन्‍तु विद्युत लाईनों के संधारण हेतु बजट की कोई कमी नहीं है। (ख) बैहर, मोहगांव एवं दमोह विद्युत वितरण केन्द्रों में प्रश्नाधीन चाही गई स्वीकृत संवर्गवार, पदवार, नामवार, स्थानवार पदस्थापना दिनांक एवं रिक्त पदों की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड, जबलपुर में भर्ती की कार्यवाही केन्द्रीय स्तर से की जाती है। वर्ष 2016 में 73 वर्ष 2017 में 827 एवं वर्ष 2018 में 11 कार्मिकों की भर्ती की गई है तथा 347 कार्मिकों की भर्ती प्रक्रिया में है। भर्ती निरंतर चलने वाली सतत् कार्यवाही है, अत: वर्तमान में रिक्‍त पदों पर भर्ती हेतु समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। विद्युत लाईन में गड़बड़ी आने अथवा विद्युत आपूर्ति में अवरोध उत्पन्न होने पर उपलब्ध संसाधनों का सुनियोजित उपयोग कर प्राथमिकता के आधार पर सुधार कार्य कर विद्युत आपूर्ति शीघ्र सुनिश्चित की जाती है। अत: पद रिक्त होने से विद्युत लाईन खराबी में सुधार अथवा विद्युत आपूर्ति में कोई बाधा उत्पन्न होने की स्थिति नहीं है। (घ) प्रश्नाधीन कार्यालय के केबिल लाईन में सुधार हेतु ग्राम पंचायत चालीस बोडी, ग्राम पंचायत दडकसा, ग्राम पंचायत मछुरदा, ग्राम पंचायत चौरिया एवं ग्राम पंचायत अडोरी के कुल 5 प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनके सुधार कार्य जारी हैं एवं मार्च-18 तक संभवत: पूर्ण हो जावेंगे। ग्राम बोरखेड़ा के ग्राम नयाटोला में अतिरिक्त ट्रांसफार्मर लगाने का प्रस्ताव प्राप्त हुआ है, जिसे वित्तीय वर्ष 2018-19 के कार्य योजना में सम्मिलित कर जून-2018 तक कार्य पूर्ण किए जाना संभावित है।

परिशिष्ट - ''छ:''

जुन्‍नारदेव विधान सभा क्षेत्रांतर्गत संचालित आंगनवाड़ी केन्‍द्र

[महिला एवं बाल विकास]

24. ( *क्र. 1478 ) श्री नथनशाह कवरेती : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) छिन्‍दवाड़ा जिले के अंतर्गत जुन्‍नारदेव विधान सभा क्षेत्र में कितने आंगनवाड़ी केन्‍द्र संचालित किये जा रहे हैं? इन केन्‍द्रों पर विगत 5 वर्षों से कितनी महिलाएं एवं पुरूष रसोईया के रूप में कार्यरत हैं? (ख) प्रश्नांश (क) के प्रकाश में कार्यरत रसोईयों का शासन द्वारा प्रत्‍येक माह कितना वेतन निर्धारित किया गया है तथा कितना प्राप्‍त हो रहा है? (ग) क्‍या प्रत्‍येक माह का वेतन एक हजार रूपये निर्धारित है? (घ) यदि हाँ, तो क्‍या इसे बढ़ाये जाने हेतु कोई प्रयास शासन स्‍तर पर किये जा रहे हैं?

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( श्रीमती अर्चना चिटनिस ) : (क) विधान सभा क्षेत्र जुन्नारदेव में कुल 702 आंगनवाड़ी केन्द्र संचालित किये जा रहे हैं तथा इन केन्द्रों में विगत 5 वर्षों में 653 महिला रसोइया कार्यरत हैं, पुरूष रसोइया के रूप में कार्यरत नहीं हैं। (ख) आंगनवाड़ी केन्द्रों में सांझा चूल्हा कार्यक्रम के तहत् मध्यान्ह भोजन कार्यक्रम अंतर्गत कार्यरत स्व-सहायता समूहों के माध्यम से पूरक पोषण आहार का प्रदाय किया जाता है। प्रश्नांश (क) के प्रकाश में इन स्व-सहायता समूहों के कार्यरत रसोइयों को राशि रू. 500/- प्रति माह पारिश्रमिक राशि दिए जाने का प्रावधान है तथा इन्हें राशि रू. 500/- प्रतिमाह पारिश्रमिक दिया जा रहा है। (ग) एवं (घ) जी नहीं।

विधान सभा क्षेत्र पृथ्‍वीपुर में आयोजित आनंद उत्‍सव 

[आनन्द]

25. ( *क्र. 5024 ) श्रीमती अनीता नायक : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला टीकमगढ़ में आनंद विभाग के अंतर्गत वर्ष 2016-17 से प्रश्‍न दिनांक तक कितनी-कितनी राशि स्‍वीकृत की गई? जनपदवार बतावें। विभाग के द्वारा कहाँ-कहाँ, क्‍या-क्‍या कार्य किये गये हैं? कार्यवार जनपदवार बतावें। (ख) विभाग में कुल कितना स्‍टॉफ है? इसमें नियुक्‍त अधिकारी कर्मचारी किस-किस विभाग से हैं? विभागवार बतावें एवं कितने पद वर्तमान में विभाग में रिक्‍त हैं और रिक्‍त पदों की पूर्ति किस आधार पर पूरी की जायेगी? (ग) विभाग में प्रतिनियुक्ति पर जाने का शासन का नियम क्‍या है? प्रतिनियुक्ति संबंधी प्रक्रिया की क्‍या नियमावली है? (घ) विधान सभा पृथ्‍वीपुर में विभाग के द्वारा क्‍या-क्‍या कार्य किये गये हैं और वर्तमान में क्‍या कार्य योजना है? विधानसभा क्षेत्र में विभाग के कितने पद रिक्‍त हैं?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) आनंद विभाग द्वारा जिला टीकमगढ़ को कोई राशि प्रदान नहीं की गई, अपितु पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग अंतर्गत पंचायत राज संचालनालय द्वारा आनंद उत्‍सव कार्यक्रम के आयोजन हेतु जिला टीकमगढ़ को राशि प्रदान की गई। जनपदवार राशि की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। आनंद विभाग द्वारा कार्य संपादित नहीं किये जाते, तथापि आनंद विभाग के गठन के उद्देश्‍यों की पूर्ति हेतु आनंद संबंधी विविध कार्यक्रम एवं गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। जिला टीकमगढ़ में विभाग अंतर्गत आनंद उत्‍सव एवं आनंदम गति‍विधियां संचालित की गईं हैं। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-2 एवं 3 अनुसार है। (ख) आनंद‍ विभाग में कोई पद स्‍वीकृत नहीं है। आनंद विभाग के विभागीय कार्य संपादित किये जाने हेतु अन्‍य विभागों के अधिकारियों को अतिरिक्‍त कार्यभार सौंपा गया है, जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अनुसार है। शेष प्रश्‍नांश लागू नहीं होते। (ग) उत्‍तरांश (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में लागू नहीं है। (घ) उत्‍तरांश (क) अनुसार पृथ्‍वीपुर विधानसभा क्षेत्र में जनवरी 2017 एवं जनवरी 2018 में आनंद उत्‍सव का आयोजन किया गया। पृथ्‍वीपुर विधानसभा अंतर्गत जनपद पंचायत जतारा एवं पृथ्‍वीपुर में आयोजित आनंद उत्‍सव की जानकारी एवं आनंदम स्‍थलों की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-2 एवं अनुसार है, वर्तमान में कोई कार्य योजना नहीं है। जानकारी उत्‍तरांश (ख) अनुसार है।

 

 

 







भाग-2

नियम 46 (2) के अंतर्गत अतारांकित प्रश्नोत्तर के रुप में परिवर्तित तारांकित प्रश्नोत्तर


अध्ययनरत विद्यार्थियों के जाति प्रमाण पत्र

[सामान्य प्रशासन]

1. ( क्र. 356 ) श्री निशंक कुमार जैन : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विदिशा जिले के विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों के जाति प्रमाण पत्र बनाने के लिए कितने आवेदन पत्र दिनांक 01.01.2015 से 31.12.2017 तक प्राप्त हुए? (ख) प्राप्त आवेदनों में से कितने छात्रों के जाति प्रमाण पत्र बनाये गये तथा छात्रों को वितरित किए गए? (ग) कितने आवेदन जाति प्रमाण पत्र बनाने के लिए शेष बचे हैं तथा कब तक इनके जाति प्रमाण पत्र वितरित किये जायेंगे? (घ) प्रश्नकर्ता के विधानसभा क्षेत्र बासौदा अन्तर्गत संचालित भारत माता कान्वेंट बासौदा एवं नंवाकुर विद्यालय बासौदा के कितने बच्चों के जाति प्रमाण पत्र जारी को चुके हैं एवं कितने बच्चों के जारी होना शेष हैं?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) 193514 (ख) 152874 (ग) कुल 82 जाति प्रमाण पत्र बनाए जाने हेतु शेष है। स्‍कूलों के माध्‍यम से जाति प्रमाण पत्र जारी करने संबंधी अभियान की समय-सीमा दिनांक 30 जून 2018 तक बढ़ाई गई है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। () बासौदा अंतर्गत संचालित भारत माता कान्‍वेंट स्‍कूल बासौदा में 394 छात्रों को जारी हो चुके है। कोई भी आवेदन शेष नहीं है। नंवाकुर विद्यालय (नंवाकुर विद्यापीठ) बासौदा में 857 छात्रों के जाति प्रमाण पत्र जारी हो चुके है एवं 01 शेष है।

विज्ञापन पर विभाग द्वारा किये गये प्रचार की व्‍यय राशि 

[महिला एवं बाल विकास]

2. ( क्र. 954 ) श्री अजय सिंह : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) विभाग के द्वारा स्‍वयं या किस शासकीय विभाग या अन्‍य एजेंसी के माध्‍यम से दिनांक 01/01/2014 से 31/12/2017 के दौरान विभाग द्वारा इलेक्‍ट्रानिक मीडिया, प्रिंट मीडिया, गूगल, वेबसाइट्स एवं अन्‍य किस-किस नाम को, कब-कब, कितनी-कितनी राशि के विज्ञापन दिए गए? कृपया राशिवार, नामवार, दिनांकवार, माहवार वर्षवार विवरणर उपलब्ध करावें? (ख) प्रश्नांश (क) में उल्लिखित समयानुसार विभाग द्वारा किस मापदंड/नीति के तहत विज्ञापनों को किस आधार पर (प्रसार संख्‍यावार) दिए गए? किस-किस इलेक्‍ट्रानिक मीडिया, प्रिंट मीडिया, गूगल, वेबसाइट्स एवं अन्‍य को नहीं दिया गया? विज्ञापन नहीं देने का कारण नियमों की एक-एक प्रति उपलब्‍ध कराते हुए जानकारी प्रदान करें।

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( श्रीमती अर्चना चिटनिस ) : (क) विभाग द्वारा स्‍वयं विज्ञापन प्रकाशन कार्य नहीं कराया जाता हैं। नियमानुसार विभाग के लिए विज्ञापन प्रकाशन संबंधी समस्‍त कार्य जनसंपर्क संचालनालय, मध्‍यप्रदेश शासन द्वारा किये जाते हैं। इसके अतिरिक्‍त शासकीय एजेंसियां प्रसार भारती, भारत सरकार आकाशवाणी केंद्र व दूरदर्शन केंद्र से भी प्रचार-प्रसार कार्य करवाया जाता है। जनसंपर्क संचालनालय, आकाशवाणी केंद्र व दूरदर्शन केंद्र को दिनांक 01.01.2014 से 31.12.2017 तक माहवार वर्षवार राशि का  विवरण संलग्‍न परिशिष्‍ट  पर है। (ख) शासन नीति अनुसार प्रचार प्रसार हेतु अधिकृत जनसंपर्क विभाग एवं प्रसार भारती, भारत सरकार आकाशवाणी केंद्र को विज्ञापन दिया गया। अत: शेष का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''सात''

पवन ऊर्जा कंपनियों द्वारा किये गये विकास कार्य 

[नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा]

3. ( क्र. 978 ) श्री अरूण भीमावद : क्या नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शाजापुर विधानसभा क्षेत्र में पवन ऊर्जा उत्‍पादन का कार्य कौन-कौन कंपनियों के द्वारा किया जा रहा है तथा कितनी पवन चक्‍की पोल लगाकर कितनी यूनिट ऊर्जा का उत्‍पादन किया जा रहा है? प्रारम्‍भ दिनांक से प्रश्‍न दिनांक तक जानकारी देवें। (ख) क्‍या पवन ऊर्जा कंपनियों द्वारा क्षेत्र के विकास हेतु कार्य किया जाता है या नहीं? नियमों की जानकारी देवें। (ग) शाजापुर विधानसभा क्षेत्र में किस कंपनी के द्वारा क्‍या-क्‍या विकास कार्य कराये गये हैं? स्‍थान, विकास का नाम एवं व्‍यय राशि की जानकारी देवें। (घ) यदि उपरोक्‍त कंपनियों द्वारा विकास के कार्य नहीं कराये गये हैं तो कारण बतावें एवं कब तक करा दिये जावेंगे?

नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री ( श्री नारायण सिंह कुशवाह ) : (क) शाजापुर विधानसभा क्षेत्र में मेसर्स सुधीर प्रोजेक्‍ट्स प्रायवेट लिमिटेड द्वारा स्‍थापित 40 पवन चक्कियाँ, कुल क्षमता 60 मेगावाट से 17.0 करोड़ यूनिट एवं मेसर्स आयनाक्‍स विण्‍ड इन्‍फ्रा. एण्‍ड सर्विसेस लिमि. द्वारा स्‍थापित 90 पवन च‍क्कियाँ, कुल क्षमता 190 मेगावाट से 50.62 करोड़ यूनिट विद्युत का उत्‍पादन किया गया है। जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ख) जी हाँ। पवन ऊर्जा विकासकों द्वारा ''कॉर्पोरेट सामाजिक उत्‍तरदायित्‍व (सी.एस.आर.) '' अन्‍तर्गत विकास कार्य किये जाते है। इस संबंध में कंपनी अधिनियम-2013 की धारा-135 (1) उन कम्‍पनियों पर लागू होती है, जिनमें नेट वर्थ रू. 500 करोड़ या उससे अधिक हो, अथवा टर्न-ओवर रू. 1000 करोड़ या उससे अधिक हो, अथवा नेट लाभ रू. 5 करोड़ या उससे अधिक हो। (ग) शाजापुर विधानसभा क्षेत्र में कम्‍पनी के द्वारा किये गये विकास कार्यों की जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। (घ) उत्‍तरांश (ख) एवं (ग) के सन्‍दर्भ में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''आठ''

आँगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं के वेतन तथा केन्‍द्र के मेंटेनेंस 

[महिला एवं बाल विकास]

4. ( क्र. 979 ) श्री अरूण भीमावद : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) आँगनवाड़ी कार्यकर्ताओं तथा सहायिकाओं को कितना वेतन दिया जा रहा है? इसमें केन्‍द्र तथा राज्‍य की कितनी हिस्‍सेदारी है? वेतन में केन्‍द्र एवं राज्‍य का अंश का नियम क्‍या है? (ख) आँगनवाड़ी कार्यकर्ताओं तथा सहायिकाओं द्वारा अपने वेतनों को लेकर विगत 4 वर्षों में कितनी बार केन्‍द्र एवं राज्‍य शासन को ज्ञापन दिये गये हैं वर्षवार एवं महिनेवार जानकारी उपलब्‍ध करायें। (ग) क्‍या शासन आँगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं के वेतन वृद्धि करने पर विचार कर रही है? (घ) क्‍या आँगनवाड़ी भवनों के मेंटेनेंस, बैठक व्‍यवस्‍था, फर्नीचर एवं बर्तन इत्‍यादि पर शासन पर्याप्‍त बजट उपलब्‍ध करवा रहा है?

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( श्रीमती अर्चना चिटनिस ) : (क) भारत सरकार द्वारा आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं एवं आंगनवाड़ी सहायिकाओं के पद को मानसेवी श्रेणी में रखा गया है, अतः आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं एवं आंगनवाड़ी सहायिकाओं को भारत सरकार द्वारा मानदेय दिया जाता है एवं राज्य शासन द्वारा अतिरिक्त मानदेय दिया जाता है। मानदेय में केन्‍द्र तथा राज्‍य की हिस्‍सेदारी की जानकारी निम्‍नानुसार है :-

विवरण

मानदेय केन्‍द्र सरकार द्वारा देय

राज्‍य सरकार द्वारा देय

कुल मानदेय एवं अतिरिक्‍त मानदेय की राशि (2+5)

कुल मानदेय

केन्‍द्र का 60 प्रतिशत

राज्‍य का 40 प्रतिशत

अतिरिक्‍त मानदेय शत्-प्रतिशत राज्‍य सरकार द्वारा वहन किया जाता है

1

2

3

4

5

6

आंगनवाड़ी कार्यकर्ता

राशि रुपये 3000/- प्रतिमाह

राशि रुपये 1800/- प्रतिमाह

राशि रुपये 1200/- प्रतिमाह

राशि रुपये 2000/- प्रतिमाह

राशि रुपये 5000/- प्रतिमाह

आंगनवाड़ी सहायिका

राशि रुपये 1500/- प्रतिमाह

राशि रुपये 900/- प्रतिमाह

राशि रुपये 600/- प्रतिमाह

राशि रुपये 1000/- प्रतिमाह

राशि रुपये 2500/- प्रतिमाह

भारत सरकार द्वारा देय मानदेय में केन्द्र सरकार का 60 प्रतिशत एवं राज्य सरकार का 40 प्रतिशत अंशदान होता है। गाईडलाईन की प्रति  पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र '''' पर पृष्ठ क्रमांक 1 से 23 अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ग) भारत सरकार द्वारा आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के पद को मानसेवी श्रेणी में रखा गया है। मानदेय बढ़ाने का निर्णय भारत सरकार द्वारा लिया जाता है। राज्य सरकार द्वारा अतिरिक्त मानदेय बढ़ोतरी किए जाने पर विचार किया जा रहा है यह निर्णय नीतिगत होने के कारण समय-सीमा दिया जाना संभव नहीं है। (घ) भारत सरकार द्वारा समय-समय पर भवनों के मेंटेनेंस, बैठक व्यवस्था, फर्नीचर एवं बर्तन इत्यादि हेतु निर्धारित मापदण्ड एवं बजट उपलब्ध कराये जाने पर तदानुसार कार्यवाही की जाती है।

मध्‍यप्रदेश शासन द्वारा गठित विद्युत सलाहकार समिति की बैठकों में आमंत्रण

[ऊर्जा]

5. ( क्र. 1077 ) श्रीमती चन्‍दा सुरेन्‍द्र सिंह गौर : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या मध्‍यप्रदेश शासन द्वारा विद्युत सलाहकार समितियों का गठन किया गया है? (ख) क्‍या उक्‍त समितियों के गठन की बैठकों में उपस्थित रहने हेतु माननीय ऊर्जा मंत्री जी के पत्र क्र. 1705 दिनांक 02.12.2016 द्वारा प्रश्‍नकर्ता को सूचित किया गया परंतु टीकमगढ़ जिले में तथा खरगापुर विधानसभा में कब-कब बैठकें आयोजित की गई तथा कौन-कौन से जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया, क्‍या इसकी जानकारी से अवगत करायें? (ग) क्‍या उक्‍त समिति कागजों पर बनाकर तैयार कर ली गई प्रश्‍नकर्ता को किसी भी बैठक में आमंत्रित नहीं किया? य‍ह समिति किस प्रकार गठित की गई है? अवगत करायें तथा आगामी बैठक कब आहूत की जा रही है?

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) जी हाँ। (ख) प्रश्‍नांश में उल्‍लेखित पत्र द्वारा समस्‍त माननीय विधायकों को विद्युत सलाहकार समिति के गठन एवं ऊर्जा विभाग से संबंधित अन्‍य जानकारी प्रेषित की गई थी। टीकमगढ़ जिले में विद्युत सलाहकार समिति की बैठक दिनांक 06.03.2017 एवं दिनांक 28.09.2017 को आयोजित की गई थी, जिनमें अधीक्षण अभियंता, टीकमगढ़ कार्यालय के सूचना पत्र कमांक 3937 दिनांक 04.03.2017 एवं 2120 दिनांक 25.09.2017 द्वारा समस्‍त माननीय सदस्‍यों को बैठक में उपस्थित होने हेतु सूचित किया गया था। उक्‍त प्रेषित सूचना पत्रों, जिनमें आमंत्रित माननीय सदस्‍यों का उल्‍लेख है, की छायाप्रति  संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-'एवं प्रपत्र-'अनुसार है। (ग) जी नहीं, अपितु टीकमगढ़ जिले में विद्युत सलाहकार समिति की बैठक दिनांक 06.03.2017 एवं बैठक दिनांक 28.09.2017 के लिये उत्‍तरांश (ख) में उल्‍लेखित पत्रों द्वारा माननीय प्रश्‍नकर्ता विधायक महोदया सहित समस्‍त माननीय सदस्‍यों से बैठक में उपस्थित होने का अनुरोध किया गया था। प्रश्‍नाधीन समिति जिले में विद्युत प्रदाय संबंधी विषयों पर सलाह देने तथा जिले में क्रियान्वित की जा रही विभिन्‍न विद्युतीकरण की योजनाओं में जन सहभागिता प्राप्‍त कर स्‍थानीय समस्‍याओं के निराकरण के उद्देश्‍य से राज्‍य शासन के आदेश अनुसार गठित की गई है। आगामी बैठक की तिथि निश्चित होने पर माननीया प्रश्‍नकर्ता विधायक महोदया को सूचित कर दिया जावेगा।

परिशिष्ट - ''नौ''

नागदा के बालक छात्रावास को 50 सीटर करना

[अनुसूचित जाति कल्याण]

6. ( क्र. 1117 ) श्री दिलीप सिंह शेखावत : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नागदा नगर में अनुसूचित जाति कल्याण विभाग के द्वारा संचालि‍त बालक छात्रावास मात्र 20 सीटर है, जबकी सम्पूर्ण जिले में 50 सीटर छात्रावास संचालित हैं? (ख) क्‍या नागदा नगर जिले का सबसे बड़ा शहर है तो यहां कब तक उक्त छात्रावास को 50 सीटर घोषित कर दिया जावेगा?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जी हाँ। जी नहीं, उज्‍जैन जिले में वर्तमान में नागदा के अतिरिक्‍त 8 छात्रावास 50 सीट से कम के संचालित हैं। (ख) जी नहीं। समय-सीमा बताई जाना संभव नहीं है।

आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं का मानसेवी मानदेय म.प्र. शासन द्वारा बढ़ाना 

[महिला एवं बाल विकास]

7. ( क्र. 1118 ) श्री दिलीप सिंह शेखावत : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाएं काफी समय से 5000 एवं 2500 रूपये के मानदेय पर कार्यरत है? (ख) मंहगाई बढ़ने के बावजूद इन आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं का मानदेय नहीं बढ़ाया गया है? उक्त मानदेय केन्द्र एवं राज्य सरकार के द्वारा संयुक्त रूप से दिया जा रहा है क्‍या अन्य राज्यों में राज्य सरकार का मानदेय यहां से अधिक है? (ग) क्या राज्य शासन अपनी मद से दिये जाने वाले मानदेय में बढोत्रा करने पर विचार कर रहा है? यह कब तक बढ़ा दिया जावेगा?

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( श्रीमती अर्चना चिटनिस ) : (क) जी हाँ। विवरण निम्‍नानुसार है।

विवरण

मानदेय केन्द्र सरकार द्वारा देय

अतिरिक्त मानदेय राज्य सरकार द्वारा देय

कुल योग मानदेय एवं अतिरक्त मानदेय

आंगनवाड़ी कार्यकर्ता

राशि रुपये 3000/- प्रतिमाह

राशि रुपये 2000/- प्रतिमाह

राशि रुपये 5000/- प्रतिमाह मानदेय

आंगनवाड़ी सहायिका

राशि रुपये 1500/- प्रतिमाह

राशि रुपये 1000/- प्रतिमाह

राशि रुपये 2500/- प्रतिमाह मानदेय

(ख) भारत सरकार द्वारा आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के पद को मानसेवी श्रेणी में रखा गया है। मानदेय बढ़ाने का निर्णय भारत सरकार द्वारा लिया जाता है। जी हाँ। राज्य सरकार द्वारा अपने सीमित वित्तीय संसाधनों से अतिरिक्त मानदेय का भुगतान किया जाता है। अतः शेष का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता। (ग) राज्य सरकार द्वारा अतिरिक्त मानदेय बढ़ोतरी किए जाने पर विचार किया जा रहा है यह निर्णय नीतिगत होने के कारण समय-सीमा दिया जाना संभव नहीं है।

भवन विहीन आंगनवाड़ी केन्‍द्रों के भवन निर्माण 

[महिला एवं बाल विकास]

8. ( क्र. 1274 ) कुँवर हजारीलाल दांगी : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) विधान सभा क्षेत्र खिलचीपुर के अंतर्गत कितने आंगनवाड़ी केन्‍द्र भवन विहीन हैं? नाम सहित बतावें। (ख) प्रश्नांश (क) वर्णित भवन विहीन आंगनवाड़ी केन्‍द्रों के भवन निर्माण की स्‍वीकृति हेतु प्रश्‍न दिनांक तक विभाग द्वारा क्‍या कार्यवाही की गई? (ग) क्‍या प्रश्‍नकर्ता द्वारा विधान सभा क्षेत्र खिलचीपुर के अंतर्गत भवन विहीन आंगनवाड़ी केन्‍द्रों के भवन निर्माण की स्‍वीकृति बाबत् माननीय मुख्‍यमंत्री जी, माननीय विभागीय मंत्री जी, प्रमुख सचिव महिला एवं बाल विकास मध्‍यप्रदेश शासन, सहित जिला महिला बाल विकास अधिकारी राजगढ़ से निरंतर मांग की गई है? यदि हाँ, तो क्‍या शासन उक्‍त भवन विहीन आंगनवाड़ी केन्‍द्रों के भवन निर्माण की प्रशासकीय स्‍वीकृतियां एवं आवश्‍यक राशि प्रदान करेगा? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो उक्‍त संबंध में विलंब के क्‍या कारण हैं?

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( श्रीमती अर्चना चिटनिस ) : (क) विधान सभा क्षेत्र खिलचीपुर के अंतर्गत 132 आंगनवाड़ी केन्द्र भवन विहीन है। नाम सहित सूची  पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट  अनुसार है। (ख) प्रश्नांश (क) वर्णित भवन विहीन 132 आंगनवाड़ी केन्द्रों में से 65 आंगनवाड़ी भवनों के निर्माण हेतु प्रस्ताव पंचायतराज संचालनालय को प्रेषित किये गये है। (ग) जी हाँ। प्रश्नांश (ख) के उत्तर में उल्लेखित आंगनवाड़ी भवनों का निर्माण वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता पर निर्भर करता है।

अशासकीय संस्‍थान/एन.जी.ओ. की जानकारी

[महिला एवं बाल विकास]

9. ( क्र. 1283 ) श्री देवेन्द्र वर्मा : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) खंडवा जिले में महिला एवं बाल विकास विभाग अंतर्गत कौन-कौन से अशासकीय संस्‍थान/एन.जी.ओ. कार्य कर रहे हैं? उनके नाम एवं पदाधिकारियों की सूची उपलब्‍ध करायें? (ख) खंडवा जिले में ऐसे कौन-कौन से एन.जी.ओ. हैं, जिन्‍हें शासकीय आवास या कार्यालय हेतु भवन उपलब्‍ध कराया गया है? क्‍या जिले के सभी पंजीबद्ध एन.जी.ओ. को शासकीय आवास/कार्यालय उपलब्‍ध कराया गए हैं? (ग) विभाग द्वारा विगत 03 वर्षों में किस-किस एन.जी.ओ. को कितनी-कितनी राशि अनुदान के रूप में किस-किस कार्य हेतु प्रदाय की है? उक्‍त राशि के व्‍यय पश्‍चात मॉनीटरिंग किसके द्वारा की गई? (घ) क्‍या यह सही है कि कागजों पर चल रहे कई एन.जी.ओ. एक ही परिवार के सदस्‍यों के नाम से अलग-अलग संचालित होकर शासन को लाखों रूपये का चूना लगा रहे हैं? (ड.) यदि हाँ, तो विभागीय अधिकारियों द्वारा नियमों की अनदेखी कर इन्‍हें कितनी राशि का अवैध लाभ दिया गया है? क्‍या उक्‍त राशि की वसूली ऐसे अधिकारियों एवं एन.जी.ओ. से की जाएगी? यदि हाँ, तो कब तक? (च) एक ही परिवार के नाम से चल रहे अनेक एन.जी.ओ. के भौतिक सत्‍यापन किये जाकर क्‍या उन्‍हें प्रदत्‍त शासकीय धन की वसूली की जाएगी? यदि हाँ, तो कब तक?

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( श्रीमती अर्चना चिटनिस ) : (क) संचालनालय एकीक़ृत बाल विकास सेवा द्वारा जिला खंडवा में कोई भी अशासकीय संस्थान/एन.जी.ओ. कार्य नहीं कर रहे है। संचालनालय महिला सशक्तिकरण द्वारा खंडवा जिले में विभाग अंतर्गत निम्‍नलिखित पाँच एन.जी.ओ. कार्य कर रहे है। हिंदू बाल सेवा सदन खंडवा, आस्‍था वेलफेयर सोसायटी खंडवा, नवजीवन चिल्‍ड्रन होम, खंडवा, सोसायटी फॉर एजुकेशन एंड एनवायरमेंट डेवलपमेंट (SEED) खंडवा, शांति निकेतन शिक्षा विकास समिति, ओं‍कारेश्‍वर जिला खंडवा एन.जी.ओ. के नाम एवं पदाधिकाररियों की सूची पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट  के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) खंडवा जिले में अशासकीय संस्‍था आस्‍था वेलफेयर सोसायटी खंडवा को आश्रय गृह एवं चाइल्‍ड लाइन के संचालन हेतु तथा अशासकीय संस्‍था सोसायटी फॉर एजुकेशन एंड एनवायरमेंट डेवलपमेंट (SEED) खंडवा को उषा किरण योजना अंतर्गत महिलाओं के आश्रय गृह संचालन हेतु आवंटित किया गया है। जी नहीं। (ग) खंडवा जिले में महिला सशक्तिकरण द्वारा विगत 03 वर्षों में एन.जी.ओ. को प्रदाय की गई अनुदान राशि एवं कार्य का विवरण  पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार  है। जिला महिला सशक्तिकारण अधिकारी द्वारा की जाती है। (घ) जी नहीं। (ड.) प्रश्‍नांश (घ) के संदर्भ में प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता है। (च) प्रश्‍नांश (घ) एवं (ड.) के संदर्भ में प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता।

कुपोषण-भ्रष्‍ट अधिकारियों पर गाज 

[महिला एवं बाल विकास]

10. ( क्र. 1285 ) श्री देवेन्द्र वर्मा : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) खण्‍डवा जिले में कुषोपण से विगत तीन वर्षों में कितने बच्‍चों की मौते हुई है? विकासखण्‍डवार संख्‍यात्‍मक जानकारी दें। (ख) विगत पाँच वर्षों में इन क्षेत्रों में कुपोषण पर कितनी राशि व्‍यय की गई है? जनपद एवं वर्षवार बतायें। क्‍या इस राशि का सदुपयोग किया गया है? (ग) क्‍या कुपोषण पर शासन का लाखों करोड़ों खर्च होने के बाद भी बच्‍चों की कुपोषण से मौत होना क्‍या इस बात का पर्याप्‍त आधार नहीं कि अधिकारियों द्वारा उक्‍त राशि का दुरूपयोग किया गया है? (घ) वर्ष 2013 से 2016-17 तक पदस्‍थ रहे ऐसे भ्रष्‍ट अधिकारियों के विरूद्ध उच्‍चस्‍तरीय जांच एवं शासन के लाखों करोड़ों रूपयो के दुरूपयोग की गई राशि की वसूली की जाएगी? यदि हाँ, तो कब तक? (ड.) क्‍या विभाग की योजनाओं के सही क्रियान्‍वयन के लिए जनप्रतिनिधियों की सहभागिता बढ़ाने पर विचार किया जाएगा?

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( श्रीमती अर्चना चिटनिस ) : (क) खण्डवा जिले में कुपोषण से विकासखण्ड खंडवा, पन्धाना, छैगावमांखन, पुनासा, खालवा, हरसूद एवं बलडी में प्रश्‍नांकित अवधि में किसी भी बच्चें की मौत नहीं हुई है। (ख) खण्डवा जिले में प्रश्‍नांकित अवधि में कुपोषण निवारण के लिये एकीकृत बाल विकास सेवा योजना अंतर्गत पूरक पोषण आहार एवं अटल बिहारी बाजपेयी बाल आरोग्य एवं पोषण मिशन पर व्यय की गई राशि का जनपद एवं वर्षवार विवरण निम्नानुसार है :

क्र.

जनपद का नाम

वर्ष में व्यय राशि (लाख रूपयों में)

2013-14

2014-15

2015-16

2016-17

2017-18

1

खण्डवा

110.57

108.58

145.44

147.87

135.27

2

पन्धाना

177.92

169.72

275.55

277.71

226.07

3

छैगावमांखन

87.93

86.04

115.24

117.16

114.56

4

पुनासा

127.85

125.79

168.49

178.30

170.82

5

खालवा

284.25

184.53

278.76

282.91

236.03

6

हरसूद

71.84

70.01

93.79

95.34

92.65

7

बलड़ी

36.68

35.00

49.27

50.10

45.65

जी हाँ, उक्तानुसार राशि का सदुपयोग किया गया है। (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के उत्तर के परिप्रेक्ष्य में शेष जानकारी निरंक है। (घ) प्रश्नांश (क) एवं (ग) के प्रकाश में जानकारी निरंक है। शेष का प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता। (ड.) विभाग द्वारा योजनाओं के सही क्रियान्वयन में जनप्रतिनिधियों की सहभागिता बढ़ाने के लिए समय-समय पर निर्देश जारी किए गए है।

नवीन आंगनवाड़ी एवं भवनों के निर्माण 

[महिला एवं बाल विकास]

11. ( क्र. 1310 ) श्री सुदेश राय : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) वर्ष 2013-14 से विधान सभा क्षेत्र सीहोर के अन्‍तर्गत किन-किन स्‍थानों पर नवीन आंगनवाड़ी की स्‍थापना कर आंगनवाड़ी प्रारम्‍भ की गई है एवं कितनी भवनविहीन आंगनवाड़ी के भवन स्‍वीकृत किये गये? इनमें से कितने भवनों का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है तथा कितने अपूर्ण है? जानकारी स्‍थान सहित दें। (ख) नवीन आंगनवाड़ी प्रारम्‍भ किये जाने के विभाग को कितने प्रस्‍ताव प्राप्‍त हुये तथा प्रस्‍ताव के विरूद्ध कितने आंगनवाड़ी केन्‍द्र प्रारम्‍भ किये गये? जानकारी सूची सहित बतावें?

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( श्रीमती अर्चना चिटनिस ) : (क) वर्ष 2013-14 से विधानसभा क्षेत्र सीहोर के अन्तर्गत 101 मुख्य आंगनवाड़ी केन्द्र तथा 13 मिनी आंगनवाड़ी केन्द्रों की स्थापना कर आंगनवाड़ी प्रारंभ की गयी है एवं 113 भवनविहीन आंगनवाड़ी केन्द्रों के भवन स्वीकृत किये गये है। इनमें से 64 भवनों का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है तथा 49 भवन अपूर्ण है जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''एक'' अनुसार है। (ख) नवीन आंगनवाड़ी प्रारंभ किये जाने के जिला सीहोर अंतर्गत कुल 114 नवीन आंगनवाड़ी केन्द्रों के प्रस्ताव स्वीकृति संचालनालय ए.बा.वि.से. से प्राप्त हुये। जिसमें 101 मुख्य आंगनवाड़ी केन्द तथा 13 मिनी आंगनवाड़ी केन्द्र स्वीकृत हुये जो कि प्रारंभ किये जा चुके है सूची पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''दो'' अनुसार है। इसके अतिरिक्त माननीय मुख्य मंत्री जी की घोषणा के पालन में परियोजना बुधनी अंतर्गत ग्राम पांगरी एवं बीजाठाना में मिनी आंगनवाड़ी केन्द्र स्वीकृति प्राप्त हुई जो कि प्रारंभ किये जा चुके है।

कृषक अनुदान योजना की जानकारी

[ऊर्जा]

12. ( क्र. 1353 ) श्री संजय शर्मा : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या मध्यप्रदेश में शासन द्वारा किसानों को कृषक अनुदान योजना के अंतर्गत, निर्धारित राशि जमा करने पर निश्चित समय अवधि में ट्रांसफार्मर उपलब्ध कराने की योजना है? (ख) प्रश्नांश (क) के अनुसार, यदि हाँ, तो तेंदूखेड़ा विधानसभा क्षेत्र में इस योजना के अंतर्गत वर्ष २०१७-१८ में कितने हितग्राहियों ने ट्रांसफार्मर लगाने हेतु आवेदन किये? आवेदकों के नाम एवं पता सहित जानकारी प्रदान करें। (ग) प्रश्नांश (ख) के अनुसार, आवेदक किसानों में से किन-किन किसानों को ट्रांसफार्मर उपलब्ध करा दिये गये हैं तथा कौन-कौन से किसान शेष हैं एवं क्यों? इन शेष किसानों की ग्राम वार सूची उपलब्ध करावें।

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) कृषक अनुदान योजना मुख्‍यमंत्री स्‍थाई कृषि पंप कनेक्‍शन योजना में समाहित हो गई है, जिसके अंतर्गत वर्तमान में किसानों द्वारा निर्धारित अंश राशि जमा कर औपचारिकताएँ पूर्ण करने पर 6 माह की अवधि में आवश्‍यकतानुसार वितरण ट्रांसफार्मर स्थापित कर स्‍थाई कृषि पंप कनेक्‍शन प्रदान किये जा रहे हैं। (ख) मुख्‍यमंत्री स्‍थाई कृषि पंप कनेक्‍शन योजनान्‍तर्गत वर्ष 2017-18 में दिनांक 28.02.2018 तक तेंदूखेड़ा विधानसभा क्षेत्र में स्‍थाई कृषि पंप कनेक्‍शन प्राप्‍त करने हेतु 433 हितग्राहियों के आवेदन प्राप्‍त हुए है, जिनकी नाम एवं पते (ग्राम का नाम) सहित जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-'अनुसार है। (ग) मुख्‍य मंत्री स्‍थाई कृषि पंप योजना के अंतर्गत प्रश्‍नाधीन प्राप्‍त 433 आवेदनों में से 207 किसानों को कनेक्‍शन प्रदान कर दिये गये हैं, जिनकी सूची  पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-'अनुसार है। शेष 226 किसानों में से 183 किसानों के कार्य प्रगति पर है जो योजना की निर्धारित 6 माह की समय-सीमा के भीतर के है तथा इन्‍हें निर्धारित समय-सीमा में कनेक्‍शन प्रदान करने की कार्यवाही की जा रही है। शेष 43 कृषकों के कार्य औपचारिकताएं पूर्ण नहीं करने के कारण लंबित है। उक्‍त शेष सभी 226 किसानों/आवेदको की सूची  पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-'अनुसार है।

रिक्त पदों, पोषण आहार एवं विहीन भवन की जानकारी

[महिला एवं बाल विकास]

13. ( क्र. 1562 ) श्री कमलेश्‍वर पटेल : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) विभाग के अन्तर्गत सिंहावल विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत विभिन्न श्रेणी के कितने पद रिक्त हैं? रिक्त पदों की पूर्ति कब तक की जावेगी? (ख) प्रश्नांश (क) कितने केन्द्र भवन विहीन हैं? कब तक भवन बनाये जायेंगे? कितने नए केन्द्र खोले जाना प्रस्तावित हैं? कब तक खोले जावेंगे? उपलब्ध बजट व संसाधनों सहित जानकारी दें। (ग) प्रदेश में पोषण आहार कौन-कौन सी एजेंसी/फर्म द्वारा उपलबध कराई जाती है? उनकी गुणवत्ता का मापदण्ड का परीक्षण कौन-कौन अधिकारियों द्वारा कब-कब किया गया? जिलेवार बतायें।

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( श्रीमती अर्चना चिटनिस ) : (क) संचालनालय एकीकृत बाल विकास सेवा के सिंहावल ब्‍लॉक अंतर्गत निम्‍नानुसार पद स्‍वीकृत भरे एवं रिक्‍त है।

क्रमांक

पद विवरण

स्‍वीकृत

भरे

रिक्‍त

रिमार्क

1

परियोजना अधिकारी, एकीकृत बाल विकास सेवा

01

01

-

 

2

विकास महिला सशक्तिकरण अधिकारी

01

01

-

 

3

पर्यवेक्षक

15

06

09

कार्यवाही प्रचलन में है। समय-सीमा दी जाना संभव नहीं है।

4

सहायक ग्रेड-3

02

02

-

 

5

भृत्‍य

01

01

-

 

(ख) सिंहावल परियोजना अंतर्गत आज दिनांक तक कुल 123 आंगनवाड़ी केन्द्र भवन विहीन हैं। भवनों का निर्माण कार्य बजट की उपलब्धता के आधार पर किया जाता है। समय-सीमा दी जाना संभव नहीं है। सिंहावल परियोजना अंतर्गत नवीन केन्द्र खोले जाने का प्रस्ताव जिले से प्राप्‍त नहीं हुआ है। नवीन केन्द्र खोले जाने का प्रस्ताव प्राप्‍त होने पर परीक्षण उपरांत भारत सरकार को भेजा जाता है। समय-सीमा दी जाना संभव नहीं है। (ग) आंगनवाड़ी केन्द्रों पर 06 माह से 03 वर्ष तक के बच्चों, गर्भवती धात्री माताओं एवं किशोरी बालिकाओं को टेकहोम राशन के रूप में पूरक पोषण आहार का प्रदाय एम.पी. एग्रो के माध्यम से तथा 03 वर्ष से 06 वर्ष तक के बच्चों को पूरक पोषण आहार की व्यवस्था ग्रामीण क्षेत्रों में सांझा चूल्हा कार्यक्रम तहत् मध्यान्ह भोजन कार्यक्रम अंतर्गत कार्यरत स्व-सहायता समूहों के माध्यम से तथा शहरी क्षेत्रों में स्व-सहायता समूह एवं महिला मण्डल के माध्यम से किया जा रहा है। एम.पी. एग्रो इण्डस्ट्रीज के द्वारा प्रतिमाह प्रदायित विभिन्न रैसिपी के 100-100 मैटन के प्रत्येक बैच से सेम्पल प्राप्‍त कर गुणवत्ता की जांच भारत सरकार, महिला एवं बाल विकास खाद्य एवं पोषण आहार बोर्ड नई दिल्ली की प्रयोगशाला से नियमित रूप से कराई जाती है तथा स्व-सहायता समूहों के माध्यम से प्रदाय ताजा पका नाश्ता एवं भोजन की गुणवत्ता की जांच प्रतिदिन स्थानीय ग्राम स्तर पर गठित ग्राम तदर्थ समिति, हितग्राही के अभिभावक एवं आंगनवाड़ी कार्यकर्ता द्वारा विवरण के पूर्व भोजन चखकर पंचनामा बनाया जाता है, क्‍वालिटी की संतुष्टि होने पर पोषण आहार वितरण हितग्राहियों को किया जाता है।

विद्युत समस्याओं के निराकरण

[ऊर्जा]

14. ( क्र. 1563 ) श्री कमलेश्‍वर पटेल : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सीधी सिंगरौली जिले में कितने ट्रान्सफार्मर माह अक्टूबर 2017 से प्रश्न दिनांक तक जले हुए हैं? (ख) सिंहावल क्षेत्रान्तर्गत किस-किस डीसी में किस-किस तारीख से ट्रान्सफार्मर जले हुए हैं? वे कितने के.बी.ए. के हैं? क्या निम्न गुणवत्ता के ट्रान्सरफार्मर लगाये जाते हैं, जो कि तत्काल ही जल जाते हैं? कब तक जले हुए ट्रान्सफार्मर बदल दिये जायेंगे? (ग) प्रश्नांश (क) कितने ग्रामों में तार जले होने से विद्युत सेवा अवरूद्ध है? कब तक ठीक किया जावेगा? रखरखाव किस एजेंसी द्वारा की जा रही है? एजेंसी का दायित्व क्या है? इसकी मानिटरिंग किस स्तर के अधिकारी द्वारा की जाती है?

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) म.प्र. पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के सीधी वृत्‍त के अन्‍तर्गत माह अक्‍टूबर 2017 से फरवरी 18 तक सीधी जिले में 40 एवं सिंगरौली जिले में 30 जले/खराब वितरण ट्रांसफार्मर बदलने हेतु शेष है। (ख) सिंहावल क्षेत्रान्‍तर्गत जले/खराब हुये वितरण ट्रांसफार्मरों की फेल होने की दिनांक सहित वितरण केन्‍द्रवार एवं क्षमतावार जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र- अनुसार है। जी नहीं, निर्धारित मानकों के अनुसार उच्च गुणवत्ता के ट्रांसफार्मर ही लगाये जाते है वर्तमान में लागू नियमानुसार जले एवं खराब वितरण ट्रांसफार्मरों से जुड़े 50 प्रतिशत उपभोक्ताओं द्वारा बकाया राशि का भुगतान करने पर अथवा कुल बकाया राशि का 20 प्रतिशत जमा होने के उपरांत फेल ट्रांसफार्मरों को बदले जाने का प्रावधान है। उपभोक्ताओं द्वारा नियमानुसार बकाया राशि जमा करने के पश्‍चात प्रश्‍नाधीन फेल ट्रांसफार्मर बदलने की कार्यवाही की जा सकेगी, अतः वर्तमान में प्रश्‍नाधीन फेल ट्रांसफार्मरों को बदले जाने की समय-सीमा बता पाना संभव नहीं है। (ग) प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में मात्र 8 ग्रामो में तार/केबल जले थे जिसे सुधारकर विद्युत सप्लाई चालू कर दी गई है वर्तमान में किसी भी ग्राम में विद्युत प्रदाय अवरूद्ध नहीं है। रख रखाव का कार्य किसी बाह्य एजेंसी द्वारा नहीं वरन वितरण कपंनी द्वारा विभागीय स्‍तर पर किया जा रहा है। रख-रखाव की जिम्मेवारी संबंधित वितरण केन्द्र के कनिष्ठ/सहायक अभियंता की है जिसकी मॉनिटरिंग संभागीय स्तर के अधिकारी द्वारा की जाती है।

परिशिष्ट - ''दस''

ई.ओ.डब्‍लू. द्वारा दर्ज अपराध क्रमांक 61/12 के संबंध में 

[सामान्य प्रशासन]

15. ( क्र. 1627 ) एडवोकेट सत्‍यप्रकाश सखवार : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) ई.ओ.डब्‍लू. द्वारा दर्ज अपराध क्रमांक 61/12 में किन किस आरोपी के विरूद्ध अभियोजन स्‍वीकृति जारी की जाना अक्षेपित हैं? अभियोजन स्‍वीकृति की कार्यवाही किस स्‍तर पर लंबित है? (ख) ई.ओ.डब्‍लू. द्वारा आरोपियों के विरूद्ध संबंधित विभाग/नियुक्तिकर्ता अधिकारी को अभियोजन स्‍वीकृति जारी करने हेतु लिखे गये पत्रों की प्रति उपलब्‍ध करावें? (ग) क्‍या अभियोजन स्‍वीकृति की कार्यवाही लंबित रखने वाले अधिकारियों के विरूद्ध सामान्‍य प्रशासन विभाग कोई प्रभावी कार्यवाही करेगा? यदि नहीं, तो क्‍यों नहीं? (घ) उक्‍त अपराध क्रमांक 61/12 में अन्‍य कौन-कौन संदेही हैं? नामवार विवरण दें। क्‍या आयुक्‍त, अनुसूचित जाति विकास के द्वारा अपने अधिकारियों का प्रत्‍यायोजन किस अधिकारी को किस आदेश के द्वारा किया गया है? यदि नहीं, तो आयुक्‍त का अपराध को रोकने हेतु दायित्‍व स्‍पष्‍ट करें?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) अपराध क्रमांक 61/12 में आरोपी/संदेही 1. श्रीमती अनिता बाथम, तत्‍का. आहरण एवं संवितरण अधिकारी 2. श्री अनिल पोल घंटरवार, सहायक वर्ग-2 कार्यालय अनुसूचित जाति विकास विभाग भोपाल 3. श्री भवानी भीख, भृत्‍य 4. भाउराव भलावी, भृत्‍य कार्यालय आयुक्‍त अनुसूचित जाति विकास, भोपाल 5. श्री एस.बी. गुप्‍ता, तत्‍का. वरिष्‍ठ कोषालय अधिकारी 6. श्री नंदकिशोर, तत्‍का. कोष लेखा लिपिक 7. श्री ए.सुरेश तत्‍का. कोश लेखा लिपिक 8. श्रीमती राजश्री पिल्‍लई, तत्‍का. कोष लेखा लिपिक 9. श्री किशोर थवानी, तत्‍का. लिपिक भोपाल को-ऑपरेटिव सेन्‍ट्रल बैंक लिमिटेड शाखा एम.पी. नगर भोपाल 10. श्री एस.एस. भंडारी, अपर संचालक, अनुसूचित जाति विभाग भोपाल 11. श्री ए.के. जासू, तत्‍का. अपर संचालक, अनुसूचित जाति विभाग भोपाल 12. श्रीमती ज्‍योति गोलाईत, तत्‍का. अपर संचालक, अनुसूचित जाति विभाग भोपाल एवं अन्‍य के विरूद्ध धारा-173 (8) द.प्र.स. के अंतर्गत विवेचना की जा रही है। विवेचना में प्राप्‍त साक्ष्‍य के आधार पर आरोपियों के विरूद्ध विधिसम्‍मत कार्यवाही की जावेगी। (ख) एवं (ग) उत्‍तरांश '' के प्रकाश में शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) उत्‍तरांश '' के अनुसार। जानकारी एकत्रित की जा रही है।

आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका को शासकीय कर्मचारी में सम्मिलित करना

[महिला एवं बाल विकास]

16. ( क्र. 1652 ) श्री राजेन्द्र फूलचं‍द वर्मा : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या शासन द्वारा प्रदेश की आंगनवाड़ि‍यों में कार्यरत कार्यकर्ता व सहायिकाओं को शासकीय कर्मचारी घोषित करने तथा तृतीय एवं चतुर्थ वर्ग का दर्जा दिये जाने की कोई योजना है, या नहीं? यदि हाँ, तो क्‍या यदि नहीं, तो क्‍यों नहीं? (ख) क्‍या आंगनवाड़ी कर्मियों को सामाजिक सुरक्षा जैसे मंहगाई भत्‍ता, भविष्‍य निधि, पेंशन, शासकीय अवकाश, स्‍थानांतरण मेडिकल, बीमा आदि की सुविधाएं प्रदान हैं या नहीं? यदि हाँ, तो क्‍या यदि नहीं, तो क्‍यों नहीं? (ग) क्‍या महिला सशक्तिकरण एवं एकीकृत बाल विकास विभाग की भर्तियों में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं को पदोन्‍नत किया जाता है या नहीं? यदि नहीं, तो क्‍यों नहीं? (घ) क्‍या भविष्‍य में शासन इन आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं के भविष्‍य को देखते हुए इनकी मांगों पर विचार करेगा या नहीं?

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( श्रीमती अर्चना चिटनिस ) : (क) जी नहीं। प्रदेश में संचालित आई.सी.डी.एस. योजना भारत सरकार द्वारा निर्धारित किये गये स्वरूप अनुसार प्रदेश में लागू है। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता/सहायिका भारत सरकार द्वारा निर्धारित नियमों के तहत कार्य करने वाले मानसेवी कार्यकर्ता है। (ख) आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, सहायिकाओं एवं मिनी आंगनवाड़ी कार्यकर्ता को भारत सरकार द्वारा निर्धारित मानदेय एवं प्रदेश सरकार द्वारा अतिरिक्त मानेदय का भुगतान किया जाता है। आंगनवाड़ी कर्मियों की सेवायें मानसेवी होने से इन्हें महंगाई भत्ता, भविष्य निधि पेंशन, स्थानान्तरण, मेडिकल आदि की सुविधायें प्रदान नहीं की जाती है। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका तथा मिनी आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के लिये नियमानुसार शासकीय अवकाश की पात्रता है। सामाजिक सुरक्षा योजना अन्तर्गत आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका तथा मिनी आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को आंगनवाड़ी कार्यकर्ता/सहायिका बीमा योजना/प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना/प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना द्वारा पात्रतानुसार लाभ दिया जाता है। (ग) जी नहीं। केवल एकीकृत बाल विकास सेवा प्रभाग अन्तर्गत पर्यवेक्षक सवंर्ग में पर्यवेक्षक पद के रिक्त पदों का 50 प्रतिशत आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की सीमित सीधी भर्ती प्रतियोगिता परीक्षा के माध्यम से चयन कर नियुक्ति का प्रावधान है। (घ) आंगनवाड़ी कार्यकर्ता/सहायिका भारत सरकार द्वारा निर्धारित नियमों के तहत कार्य करने वाले मानसेवी कार्यकर्ता है। अतः प्रचलित नियमों के अधीन ही मांगों पर विचार किया जाकर नियमानुसार निराकरण किया जाता है।

वि.स. क्षेत्र सरदारपुर में संचालित आंगनवाड़ी 

[महिला एवं बाल विकास]

17. ( क्र. 1780 ) श्री वेलसिंह भूरिया : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) विधान सभा क्षेत्र सरदारपुर के अंतर्गत कितनी आंगनवाडियां स्‍वीकृत हैं? इनमें से कितनी आदिवासी क्षेत्रों में एवं कितनी अन्‍य क्षेत्रों में संचालित हैं? (ख) प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में कितनी आंगनवाड़ि‍यां शासकीय भवनों में संचालित हैं एवं कितनी भवन विहीन हैं? आंगनवाड़ीवार पृथक-पृथक जानकारी दें। (ग) विधान सभा क्षेत्र सरदापुर अंतर्गत वर्ष 2015-16 वर्ष 2016-17 वर्ष 2017-18 में विभाग द्वारा कितनी आंगनवाड़ी भवनों का निर्माण किया गया है? इन निर्मित भवनों का सत्‍यापन किस अधिकारी द्वारा किया गया है? (घ) क्‍या उक्‍त भवनों के निर्माण तकनीकी मापदण्‍ड अनुसार नहीं किये जाने संबंधी कोई शिकायत प्राप्‍त हुई है? यदि हाँ, तो इस पर क्‍या कार्यवाही की गई और यदि नहीं, तो क्‍यों?

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( श्रीमती अर्चना चिटनिस ) : (क) धार जिले की विधानसभा क्षेत्र सरदारपुर अन्तर्गत 02 परियोजनाएं संचालित होकर 418 आंगनवाड़ी केन्द्र संचालित है इनमें से 387 आंगनवाड़ी केन्द्र आदिवासी क्षेत्रों में संचालित है तथा अन्य क्षेत्र नगर परिषद् राजगढ़ में 22 तथा नगर परिषद् सरदारपुर में 09 इस प्रकार कुल 31 केन्द्र संचालित है। (ख) प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्य में 113 आंगनवाड़ि‍यां शासकीय भवनों में संचालित है तथा 305 आंगनवाड़ि‍यां भवन विहीन है। विस्तृत जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है वर्ष 2015-16 में मनरेगा अन्तर्गत कुल 11 आंगनवाड़ी भवन निर्माण की स्वीकृति प्रदान की गई थी वर्तमान में उक्त भवन निर्माणाधीन होने से सत्यापन शेष है। (घ) उक्त भवनों के निर्माण तकनीकी मापदण्ड अनुसार नहीं किये जाने संबंधी कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है।

वि.स. क्षेत्र सरदारपुर में विद्यु‍तीकरण

[ऊर्जा]

18. ( क्र. 1788 ) श्री वेलसिंह भूरिया : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सरदार विधानसभा क्षेत्र की 95 ग्राम पंचायतों के 216 ग्रामों एवं 800 मजारे/टोलों में फीडर सेपरेशन एवं मुख्‍य मंत्री एवं अन्‍य विद्युतीकरण योजनाओं में कितने ग्रामों/मजरे/टोलों में 24 घंटे बिजली की आपूर्ति कर दी गई है? जिनमें नहीं की गई हैं वहां कब तक विद्यु‍तीकरण कार्य पूर्ण कर लिया जायेगा? (ख) ऐसे कितने ग्रामों/मजरो/टोलों में फीडर सेपरेशन एवं विद्युतीरकण का कार्य अपूर्ण है? यदि अपूर्ण है तो इसके लिये विभाग द्वारा क्‍या कार्यवाही की गई है? इसके लिये कौन अधिकारी/कर्मचारी जिम्‍मेदार हैं और उनके विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की गर्इ है? (ग) इन कार्यों में प्रयुक्‍त सामग्री घटिया किस्‍म की लगी होने के कारण वर्ष 2015-16 एवं 2016-17 में कितने व्‍यक्तियों एवं पशुओं की करंट लगने से मृत्‍यु हुई हैं तथा इसके लिये कौन जिम्‍मेदार है एवं जिम्‍मेदारों के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की गई?

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) धार जिले के सरदारपुर विधानसभा क्षेत्र में 95 ग्राम पंचायतों के अंतर्गत 195 राजस्व ग्राम एवं 721 मजरे/टोले (216 राजस्‍व ग्राम एवं 800 मजरे/टोले नहीं) है। सरदारपुर विधानसभा क्षेत्र के 195 राजस्व ग्रामों में फीडर विभक्तिकरण का कार्य पूर्ण कर घरेलू उपभोक्ताओं को आकस्मिक अवरोधों को छोड़कर 24 घण्टे विद्युत प्रदाय किया जा रहा है। सरदारपुर विधानसभा क्षेत्र के अन्तर्गत राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना एवं अन्य योजनाओं में 442 मजरों/टोलों में कार्य पूर्ण कर आकस्मिक अवरोधों को छोड़कर 24 घण्टे विद्युत प्रदाय किया जा रहा है तथा शेष 279 मजरे/टोले जो कि आंशिक रूप से विद्युतीकृत है, के सघन विद्युतीकरण का कार्य दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना के अंतर्गत माह दिसम्‍बर-2018 तक पूर्णकर उक्‍तानुसार 24 घण्‍टे विद्युत प्रदाय उपलब्‍ध करा दिया जायेगा। मुख्यमंत्री स्थायी कृषि पम्प कनेक्शन योजना के अन्तर्गत केवल स्‍थाई कृषि पम्‍प कनेक्शन हेतु विद्युत लाईन विस्तार कार्य किया जाना प्रावधानित है तथा इस योजना में ग्रामों/मजरों/टोलों के विद्युतीकरण का कार्य सम्मिलित नहीं है। (ख) सरदारपुर विधानसभा क्षेत्र के समस्त राजस्व ग्राम विद्युतीकृत है तथा इन सभी राजस्व ग्रामों में फीडर विभक्तिकरण का कार्य पूर्ण किया जा चुका है। फीडर विभक्तिकरण योजना, राजस्व ग्रामों के आबादी क्षेत्र में विद्युत प्रदाय करने वाले घरेलू फीडर और कृषि क्षेत्र में प्रदाय करने वाले सिंचाई फीडरों को अलग करने की योजना थी। सरदारपुर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत सभी 48 मिक्स फीडरों के विभक्तिकरण के कार्य पूर्ण किये जा चुके है। सरदारपुर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत वर्तमान में 279 मजरे/टोले यद्यपि आंशिक रुप से विद्युतीकृत है, किन्तु इनके फीडर सेपरेशन का कार्य नहीं किया गया है। उत्‍तरांश (क) में दर्शाए अनुसार यह कार्य दिसम्‍बर, 2018 तक पूर्ण किया जाना संभावित है। सरदारपुर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत कोई भी मजरा/टोला अविद्युतीकृत नहीं है तथा फीडर विभक्तिकरण योजना के अंतर्गत समस्त राजस्व ग्रामों के लिए फीडर विभक्तिकरण का कार्य पूर्ण किया जा चुका है। अत: किसी अधिकारी/कर्मचारी के दोषी होने का प्रश्‍न नहीं उठता। (ग) म.प्र.पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी क्षेत्रान्तर्गत सरदारपुर विधानसभा क्षेत्र में विद्युत लाईनों में निर्धारित मानकों के अनुरूप ही सामग्री उपयोग की गई है। वित्तीय वर्ष 2015-16 एवं वर्ष 2016-17 में प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में विद्युत लाईनों में प्रयुक्‍त सामग्री की गुणवत्‍ता के कारण नहीं अपितु अन्‍य कारणों से विद्युत दुर्घटनाएं घटित हुई हैं, अत: सामग्री की गुणवत्‍ता को लेकर किसी के दोषी होने अथवा किसी के विरूद्ध कार्यवाही करने का प्रश्‍न नहीं उठता।

परियोजना अधिकारी की पदस्‍थापना

[महिला एवं बाल विकास]

19. ( क्र. 1851 ) श्री जतन उईके : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या छिन्‍दवाड़ा जिले के पांढुर्णा विधानसभा क्षेत्र में विगत 6 माह से परियोजना अधिकारी का पद रिक्‍त हैं तथा पदस्‍थापना नहीं होने से शहरी क्षेत्र/ग्रामीण क्षेत्र की जनता को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है? जिस कारण कार्य भी प्रभावित हो रहा है? (ख) प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में पांढुर्णा में परियोजना अधिकारी की पदस्‍थापना कब तक कर दी जावेगी?

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( श्रीमती अर्चना चिटनिस ) : (क) जी हाँ। जी नहींकार्यालय कलेक्टर जिला छिन्दवाड़ा के आदेश क्रमांक/24/एबाविसे/स्था.दिनांक  1.1.2018 द्वारा श्रीमती लक्ष्मी चौधरीपर्यवेक्षक को अतिरिक्त प्रशासकीय प्रभार सौंपा गया था। श्रीमती चौधरी के अवकाश पर जाने के कारण पुनः आदेश क्रमांक/589/एबाविसे/स्था./2018, दिनांक 3.2.2018 द्वारा तत्कालिक व्यवस्था के रुप में विकासखंड महिला सशक्तिकरण अधिकारी श्री शैलेन्‍द्र चौकसे  को बाल विकास परियोजनापांढुर्णा का अतिरिक्त प्रशासकीय प्रभार दिया गया है। (ख) पदों की रिक्ति एवं पूर्ति निरन्तर चलने वाली प्रक्रिया है। अतः निश्चित समय-सीमा बताई जाना संभव नहीं है।

स्‍वीकृत कार्य की जानकारी

[ऊर्जा]

20. ( क्र. 1930 ) श्री रामलाल रौतेल : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला अनूपपुर अंतर्गत कुल कितने स्‍थानों पर सब स्‍टेशन कार्य स्‍वीकृत किये गये हैं? स्‍थानवार जानकारी देवें। (ख) स्‍वीकृत आदेश क्रमांक, दिनांक, लागत तथा संविदाकार से अनुबंध की तिथि एवं कार्य पूर्ण करने की अवधि क्‍या है? (ग) वर्णित कार्य किस स्‍थान में किस आराजी खसरा नम्‍बर पर कितने वर्ग मीटर पर निर्माण कार्य कि‍या जाना है।

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) जिला अनूपपुर के अंतर्गत कुल दो स्‍थानों पर 33/11 के.व्‍ही. उपकेन्‍द्रों के निर्माण का कार्य स्‍वीकृत है, जिसकी स्‍थानवार जानकारी निम्‍नानुसार है:-

क्रमांक

स्‍वीकृत किये गये 33/11 के.व्‍ही. उपकेन्‍द्र का नाम

उपकेन्‍द्र की क्षमता

1

चोरभट्ठी

1x5 एम.व्‍ही.ए.

2

पसान शहर

1x5 एम.व्‍ही.ए.

(ख) उत्‍तरांश (क) में उललेखित उपकेन्‍द्रों की स्‍वीकृति का आदेश क्रमांक, दिनांक, लागत राशि, संविदाकार से अनुबंध की तिथि तथा कार्य पूर्ण करने की निर्धारित अवधि निम्‍नानुसार है:-

 

क्रमांक

उपकेन्‍द्र का नाम

स्‍वीकृति आदेश क्रमांक एवं दिनांक

लागत राशि
(
लाख रूपय में)

संविदाकार से अनुबंध की तिथि

कार्य पूर्ण करने की निर्धारित अवधि

1

चोरभट्ठी

अवार्ड क्रमांक 1094, दिनांक 02.05.2017

149

08.05.2017

एल.ओ.आई. दिनांक 27.03.2017 से 24 माह

2

पसान

एल.ओ.ए. नं. 60, दिनांक 27.04.2017

197

05.05.2017

एल.ओ.आई. दिनांक 27.03.2017 से 24 माह

(ग) प्रश्नांश (क) में वर्णित उपकेन्‍द्रों हेतु चयनित स्‍थलों की प्रश्‍नाधीन चाही गई जानकारी निम्‍नानुसार है:-

क्रमांक

स्‍वीकृत उपकेन्‍द्र का नाम

आराजी खसरा क्र.

स्‍थल का क्षेत्रफल (वर्ग मीटर में)

1

चोरभट्टी

खसरा क्र. 1161/3

1980

2

पसान

301

10,000

लोक सेवा आयोग द्वारा पदों पर भर्ती हेतु विज्ञापन पर अभ्‍यार्थियों की नियुक्ति

[सामान्य प्रशासन]

21. ( क्र. 2013 ) श्री अजय सिंह : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या म.प्र. लोक सेवा आयोग द्वारा वर्ष 2014 में सहायक क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी एवं अन्‍य पदों पर भर्ती हेतु विज्ञापन जारी किया गया था? यदि हाँ, तो किन-किन पदों पर लोक सेवा आयोग द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के तहत चयन किया गया तथा किन-किन पदों पर कितने अभ्‍यर्थियों को प्रश्‍न तिथि तक नियुक्ति प्रदान की गई एवं प्रश्‍न तिथि तक किन-किन पदों पर नियुक्ति प्रदान नहीं की गई? (ख) जिन पदों पर नियुक्ति प्रदान नहीं की गई क्‍या उन अभ्‍यर्थियों को नियुक्ति प्रदान की जाएगी? यदि हाँ, तो कब तक और नहीं तो क्‍यों नहीं? यदि नियुक्ति प्रदान की जाती है तो उस वर्ष के अन्‍य विभागों में चयनित अभ्‍यर्थियों के समान वरिष्‍ठता मानी जाएगी? (ग) नियुक्तियों में विलंब के लिए किसे दोषी माना गया और उनके खिलाफ क्‍या कार्यवाही की गई? (घ) क्‍या प्रश्‍नकर्ता के द्वारा पत्र क्र. 2638/ने.प्र./17 दिनांक 30.12.17 को माननीय मुख्‍यमंत्री को इस प्रकरण पर पत्र लिखा गया था? अगर हाँ तो प्रश्‍न तिथि पर कब व क्‍या कार्यवाही की गई? जानकारी बिन्‍दुवार प्रदान करें।

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) से घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

ग्रामों मजरों टोलों में 24 घंटे विद्युत प्रवाह किया जाना 

[ऊर्जा]

22. ( क्र. 2051 ) श्री राजकुमार मेव : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या शासन द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में ग्रामों, मजरों, टोलों में घरेलु उपयोग हेतु 24 घंटे विद्युत प्रवाह किये जाने के निर्देश हैं? (ख) यदि हाँ, तो महेश्‍वर विधान सभा क्षेत्र के ऐसे कितने ग्राम, मजरे, टोले एवं वनग्राम हैं? जहाँ 24 घंटे विद्युत प्रवाह नहीं किया जा रहा है? सूची उपलब्‍ध कराई जावे। (ग) क्‍या महेश्‍वर विधान सभा क्षेत्र में ऐसे ग्राम हैं, जिनमें फीडर सेपरेशन (फीडर विभक्तिकरण) का कार्य शेष है? यदि हाँ, तो ग्रामों की सूची उपलब्‍ध कराई जावे? इन ग्रामों में कब तक 24 घंटे विद्युत प्रवाह उपलब्‍ध करा दिया जावेगा? (घ) क्‍या महेश्‍वर विधान सभा क्षेत्र में फिडर विभक्‍तीकरण का कार्य, कार्य एजेंसी से माह फरवरी 2016 तक पूर्ण कराये जाने के संबंध में विधान सभा प्रश्‍न क्रमांक 626 दिनांक 15/12/2015 में पूर्ण कराये जाने का उत्‍तर दिया गया था? यदि हाँ, तो यह कार्य वर्तमान में भी शेष क्‍यों है? कब तक यह कार्य पूर्ण करा लिया जावेगा?

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) जी हाँ, राज्‍य शासन द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में समस्त राजस्व ग्रामों में एवं घरेलू (गैर-कृषि) फीडरों से संबद्ध मजरों/टोलों में घरेलू उपयोग सहित अन्‍य गैर-कृषि कार्यों हेतु 24 घंटे विद्युत प्रदाय किये जाने के निर्देश प्रदान किये गये हैं। (ख) महेश्‍वर विधानसभा क्षेत्र के सभी राजस्व ग्रामों में उत्‍तरांश (क) में दर्शाए अनुसार 24 घंटे विद्युत प्रदाय किया जा रहा है तथा प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में कृषि फीडर से संबद्ध 13 मजरे/टोले ऐसे है जिनमें 24 घण्टे विद्युत प्रदाय नहीं किया जा रहा है, जिनकी सूची  संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-'' अनुसार है। (ग) जी हाँ, महेश्‍वर विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत 8 राजस्व ग्राम ऐसे है जिसमें फीडर विभक्तिकरण का कार्य शेष है। उक्‍त ग्रामों की सूची संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र-'' अनुसार है। उक्‍त सभी 8 राजस्व ग्रामों को प्राकृतिक आपदा/तकनीकी कारणों से आए आकस्मिक अवरोधों को छोड़कर 24 घण्टे विद्युत प्रदाय किया जा रहा है। (घ) जी हाँ। महेश्‍वर विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत विधानसभा प्रश्न क्रमांक 626 दिनांक 15/12/2015 के उत्‍तर में 34 राजस्व ग्रामों में फीडर विभक्तिकरण का कार्य शेष होने की जानकारी दी गई थी, जिसमें से 26 राजस्व ग्रामों का फीडर विभक्तिकरण का कार्य माह नवम्बर-2016 तक पूर्ण कर दिया गया है। शेष 8 राजस्व ग्रामों में वन व्यवधान एवं पहुँच मार्ग की समस्या के कारण कार्य शेष है। उक्त कार्य वर्तमान में दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना में स्वीकृत है तथा माह दिसम्बर-2018 तक पूर्ण किया जाना संभावित है।

परिशिष्ट - ''ग्यारह''

वन भूमि के वन अधिकार पत्र हेतु दावे

[जनजातीय कार्य]

23. ( क्र. 2053 ) श्री राजकुमार मेव : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जनवरी 2008 से प्रश्‍नांकित दिनांक तक विधान सभा क्षेत्र महेश्‍वर में कितने आदिवासी एवं कितने गैर आदिवासियों के कितनी वन भूमि के वन अधिकार पत्र हेतु आवेदन/दावे प्राप्‍त हुये? उनमें से कितने आदिवासी एवं कितने गैर आदिवासियों के दावे मान्‍य किये? कितने दावे अमान्‍य किये गये? (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में दावों को अमान्‍य किये जाने के क्‍या-क्‍या कारण रहे हैं? इन दावों को मान्‍य किये जाने हेतु संबंधितों से कौन-कौन से साक्ष्‍य ग्राम सभा को उपलब्‍ध कराये गये? यदि साक्ष्‍य उपलब्‍ध नहीं कराये गये तो कारण बतावें? (ग) प्रश्‍नांकित तिथि तक कितने ग्रामों की कितनी भूमियों के कितने वन अधिकार पत्र एवं कितने सामुदायिक वन अधिकार पत्र वितरित किये गये? कितने वन अधिकार पत्र धारियों को शासन की किन-किन लाभकारी योजनाओं से लाभान्वित किया गया? विस्‍तृत विवरण दिया जावे? (घ) क्‍या महेश्‍वर विधान सभा क्षेत्र में प्रश्‍नांकित दिनांक तक भी वन अधिकार पत्र दावों से संबंधित आवेदन पत्र लंबित हैं? यदि हाँ, तो कितने एवं किस-किस ग्राम के कितने-कितने? उक्‍त दावों का कब तक निराकरण किया जाकर पात्र दावों में वन अधिकार पत्र का वितरण किया जावेगा?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जनवरी 2008 से प्रश्‍नांकित दिनांक तक विधानसभा क्षेत्र महेश्‍वर में प्राप्‍त व्‍यक्तिगत दावों, मान्य दावों एवं अमान्‍य दावों की जानकारी निम्‍नानुसार हैं-

क्र.

मद

प्राप्‍त दावे

मान्‍य दावे

अमान्‍य दावे

सं.

रकबा हे. में

सं.

रकबा हे. में

सं.

रकबा हे. में

1

आदिवासी

816

1649.474

213

257.144

603

1392.330

2

गैर आदिवासी

0

0

0

0

0

0

(ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' एवं '''' अनुसार है। (घ) महेश्‍वर विधानसभा क्षेत्र में वन अधिकार पत्र दावों से संबंधित कोई भी आवेदन पत्र लंबित नहीं है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

पदक्रम सूची के संबंध में

[वित्त]

24. ( क्र. 2065 ) श्रीमती नंदनी मरावी : क्या वित्त मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या मध्‍यप्रदेश शासन वित्‍त विभाग के आदेश क्रमांक एफ 52/97/ई/चार दिनांक 02/09/2000 के तहत मध्‍यप्रदेश अधीनस्‍थ लेखा सेवा के अधिकारियों की पदोन्‍नति भूतलक्षी प्रभाव दिनांक 11/12/98 से की जाकर पदक्रम सूची में वरिष्‍ठता का निर्धारण कनष्ठि कर्मचारी के उपर रखने के आदेश हुये थे? (ख) क्‍या 18 वर्षों बाद भी उक्‍त आदेश के परिपालन से वरिष्‍ठता सूची का संशोधन आज दिनांक तक नहीं किया गया? जिसके फलस्‍वरूप प्रवर श्रेणी वेतनमान का लाभ वरिष्‍ठ कर्मचारी के पूर्व कनिष्‍ठ कर्मचारियों को प्राप्‍त हो गया? (ग) उक्‍त आदेश के परिपालन में वरिष्‍ठता का निर्धारण न करने के कारण कौन अधिकारी दोषी है एवं उन पर क्‍या कार्यवाही की जावेगी? (घ) उक्‍त आदेश के तहत पदक्रम सूची का निर्धारण कर वरिष्‍ठ कर्मचारियों को कनष्ठि कर्मचारियों के दिनांक से प्रवर श्रेणी वेतनमान का लाभ दिया जायेगा या नहीं? यदि दिया जावेगा तो कब तक?

वित्त मंत्री ( श्री जयंत मलैया ) : (क) जी हाँ। (ख) आदेश के पालन में वरिष्‍ठता सूची में संशोधन किया गया है। (ग) उत्‍तरांश "ख"के प्रकाश में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) वरिष्‍ठता के क्रम में पात्रता अनुसार देय प्रवर श्रेणी वेतनमान का लाभ दिया जाता है।

वरिष्‍ठता निर्धारण 

[वित्त]

25. ( क्र. 2066 ) श्रीमती नंदनी मरावी : क्या वित्त मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या संचालनालय कोष एवं लेखा के आदेश क्रमांक स्‍था./एस.ए.एस./2011/1052 दिनांक 26/09/2011 अनुसार रिट पिटीशन क्रमांक 4458/1007 में वरिष्‍ठता निर्धारण के संबंध में माननीय न्‍यायालय के अंतिम निर्णय तक वर्ष 1987 में नियुक्‍त अधीनस्‍थ लेखा सेवा के शिशिक्षुओं की संवर्ग में वरियता यथावत रहने के निर्देश थे? (ख) क्‍या माननीय न्‍यायालय द्वारा उक्‍त याचिका पर अंतिम निर्णय चार साल पहले ही दिया जा चुका है जिसमें वित्‍त विभाग के आदेश दिनांक 30/12/2006 को विधि सम्‍मत माना तथा ऐसा कोई निर्णय नहीं दिया है, जो मूल नियम के प्रावधानों के विपरीत हो? (ग) क्‍या वित्‍त विभाग के आदेश दिनांक 30/12/2006 के आदेश के खिलाफ संचालनालय कोष एवं लेखा द्वारा किसी न्‍यायालय आदि में कोई अपील नहीं है? (घ) प्रश्नांश (क), (ख) एवं (ग) का उत्‍तर नहीं तो सही क्‍या हैं? विवरण देवे। यदि हाँ, तो अभी तक कोई कार्यवाही क्‍यों नहीं की गई? वित्‍त विभाग के आदेश का पालन कब तक किया जाएगा?

वित्त मंत्री ( श्री जयंत मलैया ) : (क) एवं (ख) जी हाँ। (ग) जी नहीं। (घ) विभाग के पत्र क्रमांक 10-11/2005/ई/चार,दिनांक 01.01.2010 द्वारा निर्देश दिये गये कि "शिशिक्षुता अवधि में निश्चित वेतनमान दिया जाता है। अत: शिशिक्षुता अवधि को वेतनवृद्धि हेतु मान्‍य करना उचित नहीं है। इस संबंध में म.प्र.अधीनस्‍थ लेखा सेवा (भर्ती तथा सेवा की शर्ते) नियम, 1965 में उल्‍लेखित प्रावधान अनुसार कार्यवाही की जाये।" तदनुसार कार्यवाही की गई है।

वन अधिकारी पत्रों का वितरण

[जनजातीय कार्य]

26. ( क्र. 2185 ) डॉ. रामकिशोर दोगने : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या बैतूल जिले के घोड़ाडोंगरी ब्‍लाक के ग्राम कटंगी, सिवनपाट एवं डुल्‍हारा की संरक्षित वन सर्वे में शामिल बड़े झाड़, छोटे झाड़ के जंगल मद में दर्ज जमीनों को ग्राम सालीवाड़ा में आयोजित अन्‍त्‍योदय मेले में दिनांक 6 अप्रैल 2016 को वन अधिकार पत्र वितरित किए जाने की बजाय कृषि कार्य के पट्टों का वितरण किया गया है? (ख) यदि हाँ, तो जनवरी 2008 से लागू वन अधिकारी कानून 2006 की किस-किस धारा के अनुसार संरक्षित वन भूमि एवं बड़े झाड़ के जंगल, छोटे झाड़ के जंगल मद में दर्ज जमीन के वन अधिकार पत्र वितरित किए जाने की बजाय पट्टें वितरित करने का प्रावधान दिया गया है? (ग) 6 अप्रैल 2016 को किस ग्राम के बड़े झाड़, छोटे झाड़ के जंगल मद में दर्ज किस खसरा क्रमांक को कितने रकबे के पट्टों का वितरण किया गया? इसमें से कितनी भूमि वन विभाग ने संरक्षित वन सर्वें में शामिल की थी? (घ) कटंगी, सिवनपाट एवं डुल्‍हारा ग्राम की संरक्षित वन सर्वे में शामिल एवं बड़े झाड़, छोटे झाड़ के जंगल मद में दर्ज जमीनों पर 1960 से लगातार काबिज आदिवासी, गैर आदिवासी को वन अधिकार पत्र किन कारणों से प्रश्‍नांकित दिनांक तक भी दिए जाने की कार्यवाही प्रारंभ नहीं की जा सकी है?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) दिनांक 6 अप्रैल 2016 के ग्राम सालीवाड़ा में आयोजित अन्त्योदय मेले में वन अधिकार पत्रों का वितरण नहीं किया गया अपितु ग्राम कटंगी, डुल्हारा एवं सीवनपाट के 67 हितग्राहियों को खसरा बी-1 दुरूस्त किया जाकर ऋण पुस्तिका वितरण की गई है। (ख) एवं (ग) उत्तरांश '''' के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) ग्राम कटंगी, सिवनपाट एवं डुल्हारा ग्राम की राजस्व अभिलेखों में विभिन्न मदों में दर्ज गैरखातों की जमीन को वन भूमि नहीं माना गया है एवं न ही राजस्व भूमि के वन अधिकार पत्र इन ग्रामों में वितरित किये गये। शेषांश का प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता।

लोकायुक्‍त में पकड़े गये अधिकारियों पर कार्यवाही

[वाणिज्यिक कर]

27. ( क्र. 2254 ) श्री आर.डी. प्रजापति : क्या वित्त मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या लोकायुक्‍त सागर द्वारा दिनांक 17 नवम्‍बर 2015 में वाणिज्‍यककर विभाग सागर में पदस्‍थ सहायक आयुक्‍त श्री जलज रावत व संभागीय उपायुक्‍त श्री एच.एस ठाकुर एवं कर सलाहकार श्री पंकज कुकरेजा को संभागीय आयुक्‍त वाणिज्यिक कर विभाग सागर के शासकीय आवास पर रूपये तीन लाख की रिश्‍वत लेते हुये लोकायुक्‍त सागर द्वारा रंगे हाथ पकड़ा गया था? (ख) क्‍या प्रश्नांश (क) में वर्णित दोनों शासकीय अधिकारियों को आज दिनांक तक निलम्बित न किया जाकर उनकी निय‍मित पदस्‍थापना जारी है? यदि हाँ, तो क्‍या इससे भ्रष्‍ट अधिकारियों के मन में लोकायुक्‍त पुलिस का डर कम नहीं हो रहा है? (ग) क्‍या उक्‍त ट्रेप प्रकरण में पहले अनुसंधान लोकायुक्‍त पुलिस सागर द्वारा किया जा रहा था, बाद में प्रकरण में अनुसंधान लोकायुक्‍त पुलिस इन्‍दौर द्वारा किया गया? फिर पुन: अनुसंधान की कार्यवाही लोकायुक्‍त पुलिस सागर द्वारा की गयी? प्रकरण का एक स्‍थान से दूसरे स्‍थान तक एवं दूसरे स्‍थान से पुन: उसी जगह अनुसंधान की कार्यवाही क्‍यों की गयी है? कारण बतावें। (घ) क्‍या पूर्व में दिनांक 3/3/2016 के तारांकित प्रश्‍न क्रमांक 3996 से जानकारी दी गयी कि लोकायुक्‍त के प्रकरण में लोकायुक्‍त संगठन द्वारा ही कार्यवाही की जाना है समय-सीमा बताना संभव नहीं हैं? क्‍या 2 वर्ष बीत जाने के पश्‍चात भी प्रकरण में न्‍यायालय में चालान प्रस्‍तुत करने की समय-सीमा बतायेंगे?

वित्त मंत्री ( श्री जयंत मलैया ) : (क) जी हाँ। (ख) जी हाँ। आपराधिक प्रकरणों में सामान्‍य प्रशासन विभाग के परिपत्र क्रमांक एफ 11-19/2011/1/10 दिनांक 23.02.2012 में प्रदत्‍त दिशा-निर्देशों के अनुक्रम में ट्रेप की कार्यवाही प्रकाश में आने पर प्रश्नांश (क) में वर्णित विभागीय अधिकारियों को उनकी वर्तमान पदस्‍थापना सागर से स्‍थानांतरित किया जा चुका है। सामान्‍य प्रशासन विभाग के परिपत्र क्रमांक एफ 11-58/1-10 दिनांक 26 फरवरी1998 में प्रदत्‍त दिशा-निर्देशों के अनुसार निलम्‍बन की कार्यवाही माननीय न्‍यायालय में चालान प्रस्‍तुत होने के पश्‍चात किया जाना प्रावधित है। (ग) प्राप्‍त जानकारी के अनुसार अनुसंधान लोकायुक्‍त सागर द्वारा किया जा रहा था। प्रशासनिक आधार पर विशेष पुलिस स्‍थापना भोपाल के पत्र क्रमांक 3887दिनांक 08.06.2016 के पालन में प्रकरण विवेचना हेतु इंदौर संभाग प्रेषित किया गया था। विशेष पुलिस स्‍थापना भोपाल के पत्र क्रमांक 7319दिनांक 25.11.2016 के माध्‍यम से पुन: प्रकरण अग्रिम विवेचना हेतु सागर संभाग को प्राप्‍त हुआ थाजिसके पालन में प्रकरण में अग्रिम विवेचना की गई। (घ) जी हाँ। प्रकरण में अभियोजन स्‍वीकृति के संबंध में कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। निश्चित समय-सीमा बताना संभव नहीं है।

कोचिंग व्यवस्था में मानदेय की विसंगति 

[अनुसूचित जाति कल्याण]

28. ( क्र. 2309 ) श्रीमती ममता मीना : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में संचालित जिला स्तरीय उत्कृष्ठ एवं विकासखण्ड स्तरीय उत्कृष्ठ छात्रावासों में किस कक्षा से किस कक्षा तक के विद्यार्थियों को प्रवेश दिया जाता है? (ख) क्या इन छात्रावासों में कक्षा 9 से 12 वी तक के विद्यार्थियों को प्रवेश दिया जाने का प्रावधान है? यदि हाँ, तो, बतायें कि इन संस्थानों में कोचिंग व्यवस्था का क्या प्रावधान है? (ग) जिला स्तरीय उत्कृष्ठ छात्रावासों एवं विकास खण्ड स्तरीय उत्कृष्ठ छात्रावासों में विषयवार कोचिंग शिक्षक को कितना-कितना मानदेय का प्रावधान है? (घ) जिला स्तरीय उत्कृष्ठ छात्रावासों एवं विकासखण्ड स्तरीय उत्कृष्ठ छात्रावासों में जब कक्षा 9 से 12 वीं तक के समान कक्षाओं के विद्यार्थियों को प्रवेश दिया जाता है तो इनमें कोचिंग व्यवस्था तथा मानदेय प्रावधानों में विसंगति क्यों है तथा इस विसंगति को कब तक दूर कर दिया जावेगा?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) प्रदेश में संचालित जिला स्‍तरीय उत्‍कृष्‍ठ एवं विकास खंड स्‍तरीय उत्‍कृष्‍ठ छात्रावासों में कक्षा 9 वीं से 12 वीं तक के विद्यार्थियों को प्रवेश दिया जाता है। (ख) जी हाँ। इन संस्‍थाओं में प्रवेशित विद्यार्थियों को गणित, अंग्रेजी, विज्ञान एवं कम्‍प्‍यूटर/सामान्‍य ज्ञान, भौतिक शास्‍त्र, रसायन शास्‍त्र, जीव विज्ञान, एकाउण्‍ट, एप्‍लाईड अर्थशास्‍त्र विषय के विशेषज्ञों द्वारा कोचिंग कक्षाएं संचालित किये जाने का प्रावधान है। (ग) जिला स्‍तरीय उत्‍कृष्‍ठ छात्रावासों में प्रतिमाह राशि रू. 2500/- प्रति शिक्षक 5 शिक्षक प्रति छात्रावास मानदेय देने का प्रावधान है। (घ) कोचिंग मानदेय में विसंगति को दूर कर दिया गया है।

प्रभारी अनुविभागीय अधिकारी राजस्‍व के दुर्व्‍यवहार की शिकायत संबंधी

[सामान्य प्रशासन]

29. ( क्र. 2409 ) श्री जितेन्‍द्र गेहलोत : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (‍क) क्‍या आलोट जिला रतलाम में प्रभारी एस.डी.ओ. राजस्‍व श्रीमती लक्ष्मी नामड संयुक्‍त कलेक्‍टर  द्वारा कर्मचारियों आम लोगो, जनप्रतिनिधियों से दुर्व्‍यवहार, कार्य न करने अमर्यादित भाषा का प्रयोग व कर्मचारियों आदि से पद के मद में मारपीट आदि की शिकायत प्रश्‍नकर्ता द्वारा व अन्‍य जनप्रतिनिधियों ने की थी? यदि हाँ, तो शासन ने उक्‍त शिकायत पर क कार्यवाही की? (ख) क्‍या पूर्व में पदस्‍थ जिलों में भी इनके विरूद्ध शिकायतें मिली हैं? यदि हाँ, तो इन्‍हें जिले से कब तक हटाया जायगा?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जी हाँ। आयुक्त, उज्जैन संभाग, उज्जैन द्वारा म.प्र.सिविल सेवा (आचरण) नियम-1965 के नियम 3 (1) (एक) (दो) (तीन) के प्रावधानों का उल्लंघन होने से संबंधित अधिकारी के विरूद्ध म.प्र.सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियत्रंण तथा अपील) नियम-1966 के अर्न्‍तगत दिनांक 09.02.2018 को ''कारण बताओ सूचना पत्र'' जारी किया गया। (ख) जी हाँ। अनुशासनात्मक कार्यवाही प्रचलित है।

विधानसभा क्षेत्र पनागर के अंतर्गत विद्यत बिलों में एरियर्स एवं अधिभार की राशि

[ऊर्जा]

30. ( क्र. 2697 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या विद्युत समस्‍या निवारण शिविर में विद्युत बिलों की विसंगतियां दूर की गई है? (ख) यदि हाँ, तो तत्‍समय सुधारे गये बिलों में पुन: अधिभार एवं एरियर्स की राशि क्‍यों अंकित की गई है? (ग) प्रश्नांश (क) के अनुसार शिविर लगाने का क्‍या औचित्‍य है एवं सुधार के बाद पुन: बढ़े बिलों का दोषी कौन है? क्‍या इन पर कार्यवाही करेंगे?

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) जी हाँ। (ख) विद्युत बिलों में सुधार के बाद यदि उपभोक्‍ता विद्युत देयक की पूर्ण राशि जमा नहीं करता है तो उसके आगामी बिलों में बकाया राशि एवं अधिभार दर्शित होता है। (ग) उपभोक्‍ताओं की शिकायतों के निवारण हेतु शिविर लगाने के पूर्व बिलिंग डाटा फाइनल हो जाने एवं बिलिंग प्रक्रिया प्रारम्‍भ हो जाने की स्थिति में शिविरों में बिल में किया गया संशोधन/सुधार, उस माह के बिल में दर्शित नहीं हो पाता तथापि यह संशोधन/सुधार आगामी माह के बिल में दर्शित होता है एवं उपभोक्‍ता से संशोधित राशि का ही भुगतान प्राप्‍त किया जाता है। अत: किसी अधिकारी/कर्मचारी के दोषी होने अथवा किसी के विरूद्ध कार्यवाही करने का प्रश्‍न नहीं उठता।

वल्‍लभनगर वार्ड स्थित सामुदायिक भवन का निर्माण

[अनुसूचित जाति कल्याण]

31. ( क्र. 2719 ) श्री शैलेन्द्र जैन : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या सागर विधान सभा क्षेत्रांतर्गत वल्‍लभ नगर वार्ड में विभाग द्वारा स्‍वीकृत राशि से सामुदायिक भवन का निर्माण कराया गया था? यदि हाँ, तो कब एवं कितनी राशि से? (ख) क्‍या प्रश्‍नाधीन भवन का कार्य अपूर्ण होने एवं रख-रखाव के अभाव में वह जीर्ण-शीर्ण हो गया है? यदि हाँ, तो इसके लिए कौन जिम्‍मेदार है? (ग) क्‍या शासन उक्‍त भवन को उपयोगी बनाने हेतु राशि स्‍वीकृत कर अपूर्ण कार्य को पूर्ण करायेगा? यदि हाँ, तो कब तक?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जी हाँ, वर्ष 1993-94 में रूपये 76000/- की लागत से सामुदायिक भवन का निर्माण कार्य एजेंसी नगर पालिका निगम, सागर द्वारा किया गया। (ख) जी हाँ। निर्मित सामुदायिक भवन के रखरखाव की जिम्‍मेदारी नगर पालिक निगम सागर की है। (ग) जी नहीं। विभागीय अनुसूचित जाति बस्‍ती विकास योजनान्‍तर्गत निर्मित सामुदायिक भवनों का रख-रखाव विभाग द्वारा नहीं किया जाता है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

अनुसूचित जा‍ति कल्‍याण विभाग द्वारा संचालित प्रशिक्षण सह उत्‍पादन केन्‍द्र

[अनुसूचित जाति कल्याण]

32. ( क्र. 2720 ) श्री शैलेन्द्र जैन : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या सागर विधान सभा क्षेत्र के शास्‍त्री वार्ड में विभाग द्वारा संचालित प्रशिक्षण सह उत्‍पादन केन्‍द्र को कुछ वर्ष पूर्व बंद कर दिया गया है? (ख) प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में यदि हाँ, तो क्‍यों? (ग) क्‍या शासन अनुसूचित जाति/जनजाति वर्ग के शिक्षित युवकों/युवतियों को स्‍वरोजगार उपलब्‍ध कराने हेतु प्रशिक्षण सह उत्‍पादन केन्‍द्र को पुन: प्रारंभ कर प्रशिक्षण प्रदान करेगा? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्‍यों?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जी हाँ। (ख) वित्‍त विभाग द्वारा चयनित एवं अनुशंसित योजनाओं के अंतर्गत प्रशिक्षण सह उत्‍पादन केंद्रों को बंद करने का निर्णय लिये जाने के परिप्रेक्ष्‍य में बंद किया गया है। (ग) जी नहीं वर्तमान में शिक्षित युवक/युवतियों को स्‍वरोजगार उपलब्‍ध कराने हेतु मध्‍यप्रदेश रोजगार एवं प्रशिक्षण परिषद् तथा मध्‍यप्रदेश राज्‍य सहकारी अनुसूचित जाति वित्‍त एवं विकास निगम द्वारा रोजगारोन्‍मुखी प्रशिक्षण दिया जा रहा है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

प्रायवेट कम्‍पनी द्वारा कार्यों में अनियमितता

[ऊर्जा]

33. ( क्र. 2848 ) श्री राजेश सोनकर : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) इन्दौर जिला अंतर्गत इंदौर (संचालन-संधारण) संभाग में वर्ष 2017-18 में 31 जनवरी 2018 तक अधिक बिल आने संबंधी कितनी शिकायतें उपभोक्‍ताओं से प्राप्त हुई? मेसर्स फेडको कम्पनी को विद्युत वितरण संबंधी क्या-क्या कार्य दिये गये है? मेसर्स फेडको कम्पनी द्वारा उक्‍त कार्य हेतु कितने कर्मचारी लगाने थे वर्तमान में उक्‍त कंपनी के कितने कर्मचारी मैदानी क्षेत्रों में कार्यरत है? क्या मेसर्स फेडको कम्पनी को आवंटित कार्य विद्युत कंपनी के कर्मचारियों से कराया जा रहा है? (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में विद्युत वितरण कंपनी द्वारा इंदौर (संचालन-संधारण) संभाग में किन कम्‍पनियों को विद्युत मीटर लगाने के ठेके दिये गये है? प्रश्‍नांकित क्षेत्र में वर्ष 2017-18 में 31 जनवरी 2018 तक किन-किन मीटर निर्माता कंपनियों के मीटरों की अत्यधिक खराब/बंद होने की शिकायतें आई हैं? क्‍या मीटरों के गुणवत्ता हीन होने से अधिक बिल आते हैं? यदि हाँ, तो इस पर क्या कार्यवाही की गई? क्या इन मीटर की गुणवत्ता की जांच की गई थी? हाँ या नहीं? यदि हाँ, तो इन मीटर निर्माता कंपनियों के मीटरों की एन.ए.बी.एल. प्रमाणित प्रयोगशाला में की गई जांच रिपोर्ट की छायाप्रति देवें। यदि नहीं, तो कारण स्पष्ट करें? (ग) इन्दौर जिला अंतर्गत इंदौर (संचालन-संधारण) संभाग में उपभोक्ताओं द्वारा विद्युत कंपनी में शिकायत करने पर भी बिलों की जांच नहीं की जाकर उपभोक्ता से जबरन वसूली/कुर्की की कार्यवाही की जा रही है? हाँ या नहीं? यदि हाँ, तो खराब मीटरों के सम्‍बंध में विद्युत कंपनी द्वारा क्‍या कार्यवाही की गई वर्तमान में प्रश्‍नांकित क्षेत्र में कितने मीटर खराब है एवं उन्‍हें कब तक बदला जावेगा?

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) इंदौर जिले के संचालन-संधारण संभाग इंदौर के अंतर्गत आने वाले वितरण केन्द्र कार्यालयों पर वित्तीय वर्ष 2017-18 में 31 जनवरी-2018 तक अधिक बिल आने संबंधी कुल 2962 शिकायतें प्राप्त हुई है। म.प्र. पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा मेसर्स फेडको कंपनी गुडगांव (मेसर्स फीडबेक एनर्जी डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लि. गुडगांव) को संचालन-संधारण संभाग इंदौर के अंतर्गत ए-3 निविदा के तहत विभिन्न प्रकार के कार्यों हेतु कार्यादेश जारी किया गया है। कार्यादेश में सम्मिलित कार्यों का विवरण  पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र 'अनुसार है। मेसर्स फेडको कंपनी गुडगांव को जारी कार्यादेश में उपरोक्त कार्यों के सम्पादन हेतु उनके द्वारा लगाये जाने वाले कर्मचारियों की संख्या के बारे में कोई शर्त निविदा अनुबंध में उल्लेखित नहीं है। मेसर्स फेडको कंपनी गुडगांव द्वारा कार्य की मात्रा एवं आवश्यकतानुसार कार्य सम्पादन हेतु कर्मचारी नियुक्त किये है तथा वर्तमान में 66 कर्मचारी कार्यरत है। जी नहीं, विद्युत वितरण कंपनी के कर्मचारियों से मेसर्स फेडको कंपनी गुडगांव का कार्य नहीं कराया जा रहा है।
(ख) उत्तरांश (क) अनुसार पश्चिम क्षेत्र विद्युत कंपनी द्वारा इंदौर जिले के संचालन-संधारण संभाग इंदौर में मेसर्स फेडको कंपनी गुडगांव को आवंटित कार्य में विद्युत वितरण कंपनी द्वारा उपलब्ध करवाये गये मीटर लगाने का कार्य भी सम्मिलित है। प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में वित्तीय वर्ष 2017-18 में 31 जनवरी-2018 तक किसी विशेष मीटर निर्माता कंपनी के मीटर अत्यधिक खराब/बन्द होने की शिकायतें प्राप्त नहीं हुई है। विद्युत मीटर के मानक स्तर का नहीं होने पर विद्युत मीटर द्वारा कम या अधिक खपत अंकित की जा सकती है। विद्युत कंपनी में मानक स्तर के ही विद्युत मीटर क्रय किये जाते है। कतिपय प्रकरणों में शिकायत प्राप्त होने पर जांच उपरांत नियमानुसार विद्युत देयक सुधारने की कार्यवाही की जाती है। जी हाँ, विद्युत मीटर निर्माता कंपनियों से विद्युत मीटर क्रय करते समय निविदा अनुबंध की शर्त अनुसार मीटरों की जांच करवायी जाती है वर्ष 2017-18 में दिनांक 31/01/2018 तक जिन मीटर निर्माता कंपनियों के मीटर प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में स्थापित किये गये है उनकी एन.ए.बी.एल. प्रमाणित प्रयोगशाला में की गई जांच रिपोर्ट की छायाप्रति  पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ग) जी नहीं, जिला इंदौर अंतर्गत संचालन-संधारण संभाग इंदौर में विद्युत उपभोक्ताओं द्वारा बिलों के संबंध में शिकायत करने पर उसकी जांच की जाती है। साथ ही विद्युत मीटरों के खराब होने संबंधी शिकायत प्राप्त होने पर नियमानुसार जांच करवाकर मीटर बदलने की कार्यवाही की जाती है वर्तमान में प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में कुल 1827 विद्युत मीटर खराब/बन्द है, जिनमें से थ्री फेस के 147 एवं सिंगल फेस के 1680 विद्युत मीटर हैं। इन खराब/बन्द विद्युत मीटरों को माह मई-2018 तक बदलने के प्रयास किये जा रहे हैं।

संचालनालय स्‍थानीय निधि संपरीक्षा मुख्‍यालय शिफ्टिंग एवं पदों का युक्तियुक्‍तकरण

[वित्त]

34. ( क्र. 3015 ) डॉ. गोविन्द सिंह : क्या वित्त मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या संचालनालय स्‍थानीय निधि संपरीक्षा (लोकल फण्‍ड ऑडिट) ग्‍वालियर का मुख्‍यालय भोपाल शिफ्ट कर संचालनालय का कार्य भोपाल स्थित प्रकोष्‍ठ से संचालित कराए जाने का निर्णय शासन स्‍तर पर लिया गया है? यदि हाँ, तो क्‍या इस हेतु राज्‍य मंत्रिपरिषद् से अनुमोदन प्राप्‍त किया गया है? यदि हाँ, तो कब एवं किन कारणों से उक्‍त संचालनालय को भोपाल शिफ्ट करने का निर्णय लिया गया? (ख) उपरोक्‍त प्रश्‍नांश के परिप्रेक्ष्‍य में क्‍या संचालनालय स्‍थानीय निधि संपरीक्षा (लोकल फण्‍ड ऑडिट) ग्‍वालियर हेतु 19 सितम्‍बर 2014 को 45 पद विभिन्‍न स्‍वीकृत किए गए थे एवं भोपाल प्रकोष्‍ठ हेतु 50 पद स्‍वीकृत किए गए, किन्‍तु ग्‍वालियर में किसी भी पद पर नियुक्ति नहीं की जाकर, मुख्‍यालय ग्‍वालियर से संचालक उप संचालक, सहायक संचालक, स्‍टेनो, अधीक्षक एवं वाहन चालक सहित लगभग 30 पद समाप्‍त कर दिए गए? यदि हाँ, तो ग्‍वालियर मुख्‍यालय हेतु स्‍वीकृत पदों को नहीं भरा जाकर पूर्व स्‍वीकृत पदों को क्‍यों समाप्‍त किया गया? (ग) क्‍या मध्‍यप्रदेश गठन के तहत पाँच मुख्‍यालय (1) आबकारी (2) भू-अभिलेख (3) राजस्‍व (4) परिवहन एवं (5) स्‍थानीय निधि संपरीक्षा (लोकल फण्‍ड आडिट) के मुख्‍यालय ग्‍वालियर में स्‍थापित किए गए थे? यदि हाँ, तो फिर केवल लोकल फण्‍ड ऑडिट का भोपाल में प्रकोष्‍ठ बनाकर, संचालनालय का कार्य किस आधार पर संचालित किया जा रहा है?

वित्त मंत्री ( श्री जयंत मलैया ) : (क) जी नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) जी नहीं। वित्‍त विभाग के आदेश दिनांक 19 सितम्‍बर, 2014 से संचालनालय के विभिन्‍न संवर्गों के स्‍वीकृत पदों का युक्तियुक्‍तकरण किया गया है, जिसमें कार्य की आवश्‍यकता के दृष्टिगत पदों को विभिन्‍न कार्यालयों को आवंटित किया गया है। जिसके अनुसार 45 पद संचालनालय ग्‍वालियर एवं 50 पद प्रकोष्‍ठ भोपाल के लिये निर्धारित किये गये है। इस प्रकार संचालक, उपसंचालक, सहायक संचालक, स्‍टेनो, अधीक्षक एवं वाहन चालक सहित स्‍वीकृत पदों में से किसी भी पद को समाप्‍त नहीं किया गया है, बल्कि प्रशासकीय आवश्‍यकता अनुसार पदों का युक्तियुक्‍तकरण किया गया है। रिक्‍त पदों की पूर्ति हेतु कार्यवाही सतत् प्रक्रिया है। (ग) संचालनालय पंचायत राज भोपाल से ग्राम पंचायतों की संपरीक्षा कार्य संचालनालय स्‍थानीय निधि संपरीक्षा के आवंटित होने से प्रशासकीय आवश्‍यकता के दृष्टिगत संचालनालय स्‍थानीय निधि संपरीक्षा कार्यालय का प्रकोष्‍ठ भोपाल में स्‍थापित किया गया है।

अनुशासनात्‍मक कार्यवाही

[जनजातीय कार्य]

35. ( क्र. 3030 ) श्री हर्ष यादव : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जनजातीय कार्य विभाग (आदिम जाति कल्‍याण) में कार्यरत रहे मुख्‍य कार्यपालन अधिकारियों जं.पं. (अति.सहायक विकास आयुक्‍त) को संभागायुक्‍त स्‍तर से दिनांक 01.01.2010 से दिनांक 31.03.2014 तक की अवधि में किन-किन अधिकारियों को म.प्र.सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के तहत उप नियम 14 एवं 16 के तहत अनुशासनात्‍मक कार्यवाही के संबंध में नोटिस/आरोप पत्र जारी किए गए? अधिकारियों के नाम, नोटिस/आरोप पत्र क्रमांक व दिनांक दोषमुक्ति एवं दोष सिद्धि का विवरण दें। (ख) जनजातीय कार्य विभाग में कार्यरत रहे मुख्‍य कार्यपालन अधि. (अति.सहायक विकास आयुक्‍त) की परिवीक्षावधि कब-कब समाप्‍त की गई? अधिकारियों के नाम, परिवीक्षावधि समाप्ति के आदेश क्रमांक व दिनांक सहित विवरण दें। (ग) प्रश्नांश (क) में उल्‍लेखित अवधि में किन-किन अधिकारियों के दण्‍डादेश पारित किए गए? दण्‍डादेश क्रमांक व दिनांक, दण्‍ड का स्‍वरूप का विवरण दें। यदि दण्‍डादेश पारित किए गए तो दण्‍डादेश के प्रभावशील रहने की अवधि क्‍या-क्‍या थी? अधिकारियों के नाम सहित विवरण दें।

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) से (ग) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' एवं '''' अनुसार है।

कुम्‍हार/प्रजापति समाज को अनुसूचित जाति में किया जाना 

[अनुसूचित जाति कल्याण]

36. ( क्र. 3139 ) श्री आर.डी. प्रजापति : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या मध्‍यप्रदेश में कुम्‍हार/प्रजापति समाज के लोग कुछ संभागों में अनुसूचित जाति में एवं कुछ संभागों में पिछड़ा वर्ग में आते हैं? (ख) यदि हाँ, तो कुम्‍हार जाति/प्रजापति समाज को सम्‍पूर्ण मध्‍यप्रदेश में अनुसूचित जाति का दर्जा देने हेतु शासन स्‍तर पर क्‍या कदम उठाये जा रहे हैं?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) मध्‍यप्रदेश के लिए कुम्‍हार जाति छतरपुर, दतिया, पन्‍ना, रीवा, सतना, शहडोल, सीधी और टीकमगढ़ जिलों के लिए अनुसूचित जाति में दर्ज है तथा शेष जिलों में पिछड़ा वर्ग में अधिसूचित है। (ख) किसी जाति को अनुसूचित जाति में शामिल करने का क्षेत्राधिकार भारत सरकार के अधीन है। भारत सरकार ने कुम्‍हार जाति के क्षेत्रीय बंधन को हटाने संबंधी राज्‍य शासन के प्रस्‍ताव को निरस्‍त कर दिया है।