मध्यप्रदेश विधान सभा


प्रश्नोत्तर-सूची
फरवरी, 2019 सत्र


गुरुवार, दिनांक 21 फरवरी, 2019


भाग-1
तारांकित प्रश्नोत्तर



भूमि नामांतरण के प्रकरणों का निराकरण

[राजस्व]

1. ( *क्र. 651 ) श्री संदीप श्रीप्रसाद जायसवाल : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता के चतुर्दश विधान सभा में प्रस्‍तुत प्रश्‍न क्रमांक 3707, दिनांक 14.03.2018 के प्रश्‍नांश (ड.) के उत्‍तरानुसार किस-किस पर क्‍या-क्‍या कार्यवाही कब-कब एवं क्‍यों की गई? शासकीय सेवकवार बतायें और कृत कार्यवाही संबंधी आदेश उपलब्‍ध कराएं। (ख) तहसील कटनी अंतर्गत विगत 03 वर्षों में किन-किन आवेदकों के भूमि नामांतरण के आवेदन किन सक्षम प्राधिकारियों को कब-कब प्राप्‍त हुए? प्राप्‍त आवेदनों को मान्‍य अथवा अमान्‍य कब-कब किया गया? प्रकरणवार एवं वृत्‍तवार तथा आदेशकर्ता के नाम, पदनाम सहित बताएं। (ग) प्रश्‍नांश (ख) के तहत अमान्‍य किए गए आवेदनों को अस्‍वीकृत करने के कारण आवेदनवार बतायें और प्रकरणवार यह स्‍पष्‍ट करें कि इन्‍हीं ख्‍ासरा नम्‍बरों के आस-पास की भूमियों के नामांतरण किए गए/किए जा रहे हैं, तो इन आवेदनों को अमान्‍य/निरस्‍त करने के आदेश किस प्रकार नियमानुसार हैं? क्‍या इन अनियमितताओं का संज्ञान लेकर कार्यवाही की जावेगी? यदि हाँ, तो किस प्रकार एवं कब तक? यदि नहीं, तो क्‍यों?

राजस्व मंत्री ( श्री गोविन्द सिंह राजपूत ) : (क) तहसील कटनी से प्राप्‍त जानकारी अनुसार प्रश्‍नकर्ता के प्रश्‍न क्रमांक 3707 एवं प्रश्‍न क्रमांक 3242, दिनांक 06.12.2017 के उत्‍तर में उल्लेखित तथ्‍यों के अनुसार कोई कार्यवाही किया जाना शेष न होने से प्रश्‍नांश (ड.) के अनुसार किसी सेवक के विरूध्‍द त‍हसील कटनी में कार्यवाही नहीं की गई है, अत: कार्यवाही संबंधी आदेश निरंक है। (ख) तहसील कटनी अंतर्गत विगत तीन वर्षों में जिन आवेदकों के द्वारा न्‍यायालय मुडवारा-1, मुडवारा-2 एवं पहाड़ी वृत्‍त में नामांतरण हेतु आवेदन पत्र प्रस्‍तुत किये गए हैं, उनकी सूची, मान्‍य अथवा अमान्‍य दर्शित करते हुए पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) प्रश्‍नांश (ख) के तहत अमान्‍य किए गए प्रकरणों का विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। अमान्‍य किये गये प्रकरणों के आदेश में कारण का विवरण है, जिन प्रकरणों में नामांतरण हेतु स्‍पष्‍ट दस्‍तावेज संलग्‍न किये गये हैं, उनके नामान्‍तरण किये गये तथा जिसमें दस्‍तावेज स्‍पष्‍ट नहीं हैं, उन्‍हें अमान्‍य किया गया है। मान्‍य किये गये प्रकरणों पर कोई अनियमितता नहीं हुई है, अत: संज्ञान में लेकर कार्यवाही का प्रश्‍न उद्भूत नहीं होता।

पुरस्‍कार निर्धारण में त्रुटि

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

2. ( *क्र. 708 ) श्री नीरज विनोद दीक्षित : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या वित्‍तीय वर्ष 2017-18 में लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकी विभाग के उच्‍चयंत मद में विगत लगभग 16 वर्षों सें लंबित राशि के समायोजन हेतु की गयी कार्यवाही के संबंध में सुशील चंद्र वर्मा उत्‍कृष्‍टता पुरस्‍कार प्रदान किया गया है? (ख) यदि हाँ, तो क्‍या वर्ष 2017-18 में कार्य करने वाले ऐसे अधिकारी को यह पुरस्‍कार प्रदान किया गया है, जिसने इस वित्‍तीय वर्ष में लगभग मात्र 10 दिवस विभाग में कार्य किया है? यदि हाँ, तो वर्ष 2017-18 में 11 माह 20 दिवस की अवधि तक जिस अधिकारी ने कार्य किया है, उसे किस आधार पर पुरस्‍कार से वंचित किया गया? (ग) यदि विभाग इसे त्रुटि मानता है, तो क्‍या इस त्रुटि का सुधार किया जाएगा? (घ) इस त्रुटि के लिए दोषियों पर क्‍या कार्यवाही की जावेगी?

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( श्री सुखदेव पांसे ) : (क) जी हाँ। (ख) जी नहीं। प्रश्‍नांश (क) के अनुसार उच्चयंत मद में लंबित राशि के समायोजन हेतु तत्समय संबंधित शाखा के सभी अधिकारी/कर्मचारियों को सामूहिक तौर पर पुरस्कृत किया गया है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) जी नहीं, शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) उत्तरांश (ग) अनुसार कार्यवाही आवश्यक नहीं।

आगर जिला अंतर्गत मार्ग निर्माण

[लोक निर्माण]

3. ( *क्र. 341 ) श्री विक्रम सिंह राणा गुड्डू भैया : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) आगर जिला अंतर्गत कौन-कौन से ग्राम राजमार्ग/मुख्‍य डामर मार्ग से एकल संबद्धता से छूटे हुए हैं? कौन से मार्ग मुख्‍य जिला मार्ग के रूप में प्रस्‍तावित होकर प्रस्‍ताव प्रक्रियाधीन हैं? (ख) प्रश्‍नांश (क) के प्रकाश में दोहरी सम्‍बद्धता हेतु कौन-कौन से मार्ग के निर्माण के प्रस्‍ताव प्रक्रियाधीन हैं? (ग) विधान सभा क्षेत्र सुसनेर अंतर्गत इन्‍दौर-कोटा से लोलकी, माल्‍याहेड़ी से टिकोन, बड़ागांव से देहरीपाल, श्‍यामपुरा से कालवा डुंगरी, निपानियाखिंची से बल्‍डावदा हनुमान मंदिर मार्ग के प्रस्‍ताव प्रक्रियाधीन हैं? यदि हाँ, तो प्रस्‍ताव किस स्‍तर पर संचालित हैं एवं स्‍वीकृति कब तक होगी तथा क्‍या इन्‍दौर-कोटा रोड से अमरकोट धतुरिया मार्ग के प्रस्‍ताव प्रक्रियाधीन हैं? यदि हाँ, तो प्रस्‍ताव किस स्‍तर पर प्रचलित हैं एवं स्‍वीकृति कब तक होगी? (घ) प्रश्‍नांश (ग) का उत्‍तर यदि नहीं, है तो क्‍या स्‍व-प्रेरणा से उक्‍तानुसार उल्‍लेखित मार्गों के जनहित में स्‍व-प्रेरणा से विधिवत प्रस्‍ताव तैयार करवा कर साध्‍य होने पर स्‍वीकृति पर विचार कर प्रभावी कार्यवाही की जावेगी? यदि हाँ, तो कब तक?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सज्जन सिंह वर्मा ) : (क) मध्‍यप्रदेश ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण परियोजना क्रियान्‍वयन इकाई शाजापुर-2 जिला आगर से प्राप्‍त जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। विभाग अंतर्गत आगर जिले में प्रस्‍तावित नवीन मुख्‍य जिला मार्गों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) दोहरी सम्‍बद्धता हेतु प्रस्‍तावित मार्गों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ग) जी हाँ। विस्‍तृत जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (घ) उपयोगिता स्‍थापित होने पर स्‍वीकृति पर विचार संभव, वर्तमान में समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

ग्‍वालियर शहर वृत्‍त में विद्युतीकरण 

[ऊर्जा]

4. ( *क्र. 190 ) श्री मुन्नालाल गोयल (मुन्ना भैया) : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शहर वृत्‍त ग्‍वालियर में म.प्र. वि. नियामक आयोग के विनियम 2009 (जी-31) की कंडिका (घ) पद क्रमांक 4.4.1 से 4.5.2 के अंतर्गत प्रोस्‍पेटिव कन्‍जूमर्स से अप्रैल, 2014 से दिसम्‍बर, 2018 तक कुल उपभोक्‍ताओं की संख्‍या एवं उनके द्वारा जमा कराई गई राशि की वर्षवार जानकारी देवें? (ख) क्‍या शहर वृत्‍त ग्‍वालियर में अवैध कॉलोनियों में विद्युतीकरण की कोई योजना है? विगत 2 वर्षों (दिनांक 01.04.2017 से 31.01.2019 तक) में ऐसे कुल कितने प्राक्‍कलन बनाए गये? क्रियान्‍वयन हेतु धन की व्‍यवस्‍था किस योजना से ओर कब तक की जावेगी? (ग) क्‍या वर्तमान में 2.12 लाख घरेलू उपभोक्‍ताओं के यहाँ विद्युत मीटर संयोजित हैं? यदि हाँ, तो फिर भी आंकलित खपत के बिल क्‍यों दिये जा रहे हैं? (घ) क्‍या शहर वृत्‍त ग्‍वालियर का आंकलित खपत सहित वृत्‍त बनाने की कोई योजना विचाराधीन है? यदि हाँ, तो कब तक पालन हो जावेगा?

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रियव्रत सिंह ) : (क) म.प्र. विद्युत नियामक आयोग के विनियम, 2009 (आर जी 31 (1) ) की कंडिका (घ) के पद क्रमांक 4.4.1 से 4.5.2 के अन्‍तर्गत शहर वृत्‍त ग्‍वालियर की अवैध कालोनियों/असंगठित बस्तियों/अधिसूचित गन्‍दी बस्‍ती क्षेत्र एवं अन्‍य अधिसूचित क्षेत्रों के विद्युतीकरण कार्य हेतु राशि जमा करने वाले उपभोक्‍ताओं की संख्‍या एवं उनके द्वारा जमा कराई गई राशि का वर्षवार विवरण संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) म.प्र. विद्युत नियामक आयोग के विनियम, 2009 (आर जी 31 (1) ) के अधिसूचित होने की दिनांक 07.09.2009 की स्थिति में विद्यमान अवैध कालोनियों/असंगठित बस्तियों/अधिसूचित गन्‍दी बस्‍ती क्षेत्र एवं अन्‍य अधिसूचित क्षेत्रों में विद्युतीकरण के कार्य उक्‍त विनियमों में निर्धारित प्रक्रिया अनुसार आवेदक द्वारा आवश्‍यक राशि जमा कराए जाने अथवा नियमानुसार वितरण कंपनी के संबंधित कार्यालय में 5 प्रतिशत सुपरविजन चार्ज जमा करवाकर स्‍वयं अनुज्ञप्ति प्राप्‍त ठेकेदार से संपादित कराए जाने का प्रावधान है। उक्‍त विनियमों के अन्‍तर्गत प्रश्‍नाधीन अवधि में शहर वृत्‍त ग्‍वालियर में कोई प्राक्‍कलन स्‍वीकृत नहीं किया गया। उक्‍त के अतिरिक्‍त प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में अन्‍य कोई योजना प्रचलित नहीं है, अत: तत्संबंध में प्रश्‍नाधीन चाही गई अन्‍य जानकारी दिये जाने का प्रश्‍न नहीं उठता। (ग) शहर वृत्‍त ग्‍वालियर में वर्तमान में कुल 212746 घरेलू उपभोक्‍ता हैं, जिनके परिसर में मीटर स्‍थापित हैं। शहर वृत्‍त ग्‍वालियर में मीटरों में दर्ज खपत के अनुसार ही विद्युत बिल जारी किये जा रहे हैं। तथापि विद्युत प्रदाय संहिता 2013 के प्रावधानों के अनुसार बन्‍द/खराब मीटर वाले उपभोक्‍ताओं को नियमानुसार आंकलित औसत खपत के बिल जारी किये जा रहे हैं। उल्‍लेखनीय है कि उपभोक्‍ता के परिसर में बिजली की चोरी पाए जाने पर नियमानुसार अतिरिक्‍त यूनिट की बिलिंग भी की जाती है। (घ) जी नहीं। शहर वृत्‍त ग्‍वालियर को आंकलित खपत रहित वृत्‍त बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है, किन्‍तु वर्तमान में इस हेतु निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

परिशिष्ट - ''एक''

नल-जल योजना का क्रियान्‍वयन

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

5. ( *क्र. 637 ) श्रीमती रामबाई गोविंद सिंह : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या मध्यप्रदेश की पिछली सरकार ने नल-जल योजना की शुरूआत की थी? यदि हाँ, तो आज भी लोगों को पानी के लिये दूर-दूर क्‍यों जाना पड़ता है? (ख) प्रदेश में नल-जल योजना के क्या आंकड़े हैं? (ग) दमोह जिले के कितने ग्रामों तक यह योजना पहुँची है? ग्रामवार आंकड़े देवें।

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( श्री सुखदेव पांसे ) : (क) जी हाँ। जी नहीं। (ख) 15555 नल-जल योजनायें। (ग) 355 ग्रामों तक। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है।

विधानसभा क्षेत्र आमला अंतर्गत संचालित नल-जल योजनाएं

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

6. ( *क्र. 527 ) डॉ. योगेश पंडाग्रे : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विगत 5 वर्षों में आमला विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत विभिन्न योजनाओं के तहत लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा कितनी नल-जल योजनाएं स्वीकृत की गई हैं? ग्रामवार जानकारी दें। (ख) इन स्वीकृत नल-जल योजनाओं में से कितनी योजनाएं वर्तमान में चालू हैं तथा कितनी योजनाएं पाईप लाईन टूटने तथा नलकूप के सूखने आदि कारणों से बंद हैं? (ग) जिले में अत्यंत कम वर्षा के चलते बंद नल-जल योजनाओं को प्रारंभ करने एवं चालू नल-जल योजनाओं के बन्द न होने के लिये शासन की क्या योजना है?

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( श्री सुखदेव पांसे ) : (क) 16 नल-जल योजनाएं। जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) 9 योजनाएं चालू हैं तथा 7 नल-जल योजनाओं के क्रियान्वयन का कार्य प्रगतिरत एवं प्रक्रियाधीन है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) हस्तांतरित नल-जल योजनाओं के संचालन-संधारण का दायित्व संबंधित ग्राम पंचायतों का है। बंद नल-जल योजनाएं यथाशीघ्र चालू की जा सकें, इस हेतु शासन द्वारा प्रत्येक जिले में कलेक्टर की अध्यक्षता में गठित समिति को रु. 20.00 लाख प्रति योजना प्रतिवर्ष तक के मरम्मत के कार्यों की स्वीकृति के अधिकार सौपें गये हैं।

परिशिष्ट - ''दो''

एन.एच. 92 पर टोल टैक्‍स की वसूली 

[लोक निर्माण]

7. ( *क्र. 564 ) श्री अरविंद सिंह भदौरिया : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या राष्‍ट्रीय मार्ग (NH) क्रमांक 92 ग्‍वालियर-इटावा मार्ग पर P.N.C. कम्‍पनी द्वारा टोल टैक्‍स वसूल किया जा रहा है? यदि हाँ, तो कब से? अनुबंधानुसार P.N.C. कम्‍पनी को कितने वर्षों तक सम्‍पूर्ण मार्ग का नवीनीकरण करना है? अनुबंध की प्रति देते हुये बतावें। (ख) क्‍या P.N.C. कम्‍पनी ने अनुबंधानुसार सम्‍पूर्ण मार्ग का नवीनीकरण किया है? यदि हाँ, तो कब-कब? MPRDC के किस-किस अधिकारी के द्वारा कब-कब मार्ग का निरीक्षण किया? निरीक्षण प्रतिवेदन देंवे? यदि P.N.C. कम्‍पनी द्वारा अनुबंधानुसार मार्ग का नवीनीकरण नहीं किया गया है तो उसके विरूद्ध विभाग द्वारा क्‍या कार्यवाही की गई? (ग) P.N.C. कम्‍पनी द्वारा उपरोक्‍त मार्ग निर्माण के दौरान कितने पेड़ काटे गये थे? अनुबंधानुसार कम्‍पनी को एक पेड़ काटने पर कितने पेड़ लगाने थे? क्‍या कम्‍पनी द्वारा अनुबंधानुसार पेड़ लगाये गये हैं? यदि हाँ, तो कितने पेड़ काटे एवं कितने लगाये गये? क्‍या कम्‍पनी द्वारा पेड़ लगाये ही नहीं गये? यदि पेड़ लगाये हैं तो प्रश्‍न दिनांक तक कितने पेड़ जीवित हैं? MPRDC के किस अधिकारी द्वारा पेड़ों का सत्‍यापन किया गया था? (घ) NH92 राष्‍ट्रीय मार्ग की भार क्षमता कितने टन की है एवं टोल प्‍लाजा पर कितने टन तक के भार क्षमता वाले वाहन पास किये जा रहे हैं? ओवर लोडिंग वाहनों को पास करने के क्‍या नियम हैं? क्‍या टोल प्‍लाजा पर निर्धारित भार क्षमता से अधिक भार क्षमता के वाहन पास किये जा रहे हैं? यदि हाँ, तो क्‍या इसके लिए टोल प्‍लाजा के कर्मचारियों द्वारा अधिक राशि वसूली जा रही है? यदि हाँ, तो कितनी? यदि नहीं, तो क्‍यों एवं क्‍या ओवर लोडेड वाहनों से अधिक क्षमता का भार कम करके टोल प्‍लाजा के गोदाम में रखने का नियम है? यदि हाँ, तो कब-कब कितना-कितना माल रखा गया, कितनी अतिरिक्‍त राशि वसूल की गई?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सज्जन सिंह वर्मा ) : (क) जी हाँ। दिनांक 06.03.2013 से। सम्पूर्ण मार्ग का नवीनीकरण प्रारंभिक डिजाईन पीरियड (10 वर्ष) की समाप्ति पर करना है। अनुबंध की प्रति की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''1'' अनुसार है। (ख) जी नहीं। प्रश्न उपस्थित नहीं होता है जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''2'' पर अनुबंध अनुसार नवीनीकरण आवश्यक नहीं अतः शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है।

रेत खदानों में उत्‍खनन 

[खनिज साधन]

8. ( *क्र. 656 ) श्री राहुल सिंह लोधी : क्या खनिज साधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) टीकमगढ़ जिले में कुल कितनी रेत खदानें आज दिनांक तक खनन हेतु स्‍वीकृत हैं? उनमें से कितनी खदानों में उत्‍खनन चल रहा है एवं कितनी बंद हैं? स्‍वीकृत खदानों से उत्‍खनन की अनुज्ञा किन-किन कम्‍पनियों को दी गई है? (ख) क्‍या उक्‍त स्‍वीकृत खदानों का सीमांकन (Demarcation) किया गया है? यदि नहीं, तो क्‍यों? (ग) यदि हाँ, तो सीमांकन के अलावा उत्‍खनन हुआ है या नहीं? (घ) यदि हाँ, तो अवैध उत्‍खनन के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की गई? क्‍या कोई अर्थदण्‍ड अधिरोपित किया गया है? यदि हाँ, तो उसमें से कितनी वसूली शेष है और क्‍यों?

खनिज साधन मंत्री ( श्री प्रदीप जायसवाल ) : (क) टीकमगढ़ जिले में आज की स्थिति में मध्‍यप्रदेश राज्‍य खनिज निगम के पक्ष में 24 रेत खदानें स्‍वीकृत हैं। मध्‍यप्रदेश राज्‍य खनिज निगम से प्राप्‍त जानकारी अनुसार उनमें से केवल 02 रेत खदानों में उत्‍खनन कार्य चल रहा है। शेष 22 खदानों में से 21 खदानों का समर्पण ठेकेदारों द्वारा रेत खनन नीति, 2017 एवं मध्‍यप्रदेश रेत नियम, 2018 के तहत कर दिया गया है। 01 खदान में वैधानिक अनुमति प्राप्‍त नहीं होने से खनन कार्य बंद है। निगम की 02 संचालित खदानों में जिन कं‍पनियों द्वारा कार्य किया जा रहा है, उनका विवरण संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। इसके अलावा टीकमगढ़ जिले में 09 खदानें संबंधित ग्राम पंचायतों को संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-ब अनुसार हस्‍तांतरित की गईं हैं, जिनमें से 05 खदानें संबंधित ग्राम पंचायत द्वारा संचालित हैं। (ख) मध्‍यप्रदेश राज्‍य खनिज निगम को उपरोक्‍त 24 खदानें पूर्व से उत्‍खनिपट्टे पर स्‍वीकृत हैं। ठेकेदारों द्वारा खनन योजना बनाते समय खदान क्षेत्रफल की सीमायें निर्धारित कराई गईं हैं, जिनके अक्षांश व देशांस का विवरण उनकी खनन योजना में है। (ग) टीकमगढ़ जिले में स्‍वीकृत खदान क्षेत्रों के बाहर अवैध उत्‍खनन होना पाया गया है, जिस पर की गई कार्यवाही का विवरण संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-स अनुसार है। (घ) अवैध उत्‍खनन के विरूद्ध की गई कार्यवाही की जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-स अनुसार है।

परिशिष्ट - ''तीन''

राजगढ़ विधानसभा क्षेत्रांतर्गत प्रस्‍तावित सिंचाई परियोजनाएं

[जल संसाधन]

9. ( *क्र. 95 ) श्री बापूसिंह तंवर : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) राजगढ़ विधानसभा क्षेत्र की कितनी सिंचाई परियोजनाएं हैं, जो दिनांक 01.04.2013 से प्रश्‍न दिनांक तक जिले से साध्‍यता स्‍वीकृति हेतु वरिष्‍ठ कार्यालय/शासन को प्रेषित की गई? परियोजना का नाम दर्शाते हुए जानकारी उपलब्‍ध करावें? (ख) प्रश्‍नांश (क) के आधार पर उपलब्‍ध जानकारी के आधार पर यह बतायें कि कितनी योजनाएं स्‍वीकृत हो गईं, स्‍वीकृत योजनाओं के नाम दर्शाते हुए जानकारी दें कि प्रश्‍न दिनांक तक कितनी योजनाओं की निविदा आमंत्रित कर ली गई है? कितनी योजनाओं पर कार्य प्रारंभ हो गया? यदि कार्य प्रारंभ हो गया तो प्रश्‍न दिनांक तक कितने प्रतिशत कार्य हो गया है? (ग) प्रश्‍नांश की कंडिका (क) अनुसार उपलब्‍ध जानकारी के आधार पर कितनी योजनाएं आपत्ति लगाकर जिले को वापिस प्रेषित कर दी गईं? क्‍या जिला स्‍तर पर आपत्ति का निराकरण कर पुन: योजनाएं शासन को प्रेषित करने पर स्‍वीकृति दी जा सकेगी?

जल संसाधन मंत्री ( श्री हुकुम सिंह कराड़ा ) : (क) विभाग में चिन्हित लघु सिंचाई परियोजनाओं की साध्‍यता रिपोर्ट विभागीय वेबसाईट पर ऑनलाईन दर्ज करने की व्‍यवस्‍था है। परीक्षण किए गए चिन्हित लघु सिंचाई परियोजनाओं की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। (ग) ऑनलाईन प्राप्‍त लघु सिंचाई परियोजनाएं असाध्‍य होने की स्थिति में आपत्ति लगाकर वापिस करने की परम्‍परा नहीं है। तकनीकी मापदण्‍ड पर असाध्‍य पाई गईं तथा निरस्‍तीकरण हेतु प्रस्‍तावित परियोजनाओं की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। शेष प्रश्‍न उत्‍पन्‍न नहीं होते हैं।

तहसील हनुमना में क्रेशरों से गिट्टी उत्‍पादन

[खनिज साधन]

10. ( *क्र. 288 ) श्री प्रदीप पटेल : क्या खनिज साधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रीवा जिले की विधान सभा क्षेत्र मऊगंज की तहसील हनुमना में किस-किस ग्राम पंचायतों में किस नाम की फर्म में क्रेशर किस-किस दिनांकों से, किन-किन विभागों की अनुमति लेकर कब से स्‍थापित किये गये हैं? इन क्रेशरों के द्वारा कितने मीट्रिक टन किस प्रकार की (कितने एम.एम.) गिट्टी प्रतिदिन उत्‍पादन करने का लायसेंस लिया गया है? जारी सभी विभागों की अनुमति (एन.ओ.सी.) एवं उत्‍पादन करने का लायसेंस की एक-एक प्रति प्रत्‍येक क्रेशरवार उपलब्‍ध करायें। (ख) क्‍या उक्‍त क्रेशरों के द्वारा गिट्टी के उत्‍पादन को उत्‍तर प्रदेश में भेजा जा रहा है? अगर नहीं तो उक्‍तों के द्वारा 01 जनवरी, 2016 से 31 दिसम्‍बर, 2018 तक कितनी-कितनी रॉयल्‍टी विभाग को जमा की गई है? क्रेशरवार/ग्राम पंचायतवार/स्‍थानवार/क्रेशर के नामवार उपलब्‍ध करायें। अगर उ.प्र. गिट्टी भेजी जा रही है, तो क्‍या राज्‍य शासन द्वारा इसकी अनुमति दी गई है? (ग) क्‍या उक्‍त क्रेशर आदिवासियों के क्षेत्रों में लगाये गये हैं? इनके द्वारा किस-किस स्‍थान पर कितने-कितने हेक्‍टेयर की माईनिंग लीज़ कब से ली गई है? माईनिंग लीजों की प्रत्‍येक क्रेशरवार एक प्रति उपलब्‍ध करायें। किन-किन क्रेशरों के पास स्‍वयं की माईनिंग लीज़ नहीं है? क्रेशरवार जानकारी दें। (घ) हनुमना क्षेत्र में स्‍थापित क्रेशरों के द्वारा प्रतिदिन 1000 ट्रक गिट्टी उ.प्र. जा रही है? पूरी सड़कें क्षतिग्रस्‍त हो गई हैं? इनकी माईनिंग लीजों में डायनामाईट लगाकर ब्‍लास्टिंग से आदिवासियों के घर टूट-फूट रहे हैं? शासन इनके विरूद्ध कब एवं क्‍या कार्यवाही करेगा?

खनिज साधन मंत्री ( श्री प्रदीप अमृतलाल जायसवाल (गुड्डा) ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' एवं '' पर दर्शित है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' पर दर्शित है। प्रदेश में स्‍वीकृत उत्‍खनन पट्टों से गिट्टी प्रदेश के बाहर उत्‍तरप्रदेश भेजने पर कोई प्रतिबंध नहीं है। अत: शेष का प्रश्‍न उदभूत नहीं होता है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' में उल्‍लेखित अनुसार 01 क्रेशर आदिवासी के क्षेत्र पर स्‍थापित है। प्रश्‍नाधीन क्षेत्र (भूमि) में माईनिंग लीज़ स्‍वीकृत नहीं है। अपितु प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में गौण खनिज की स्‍वीकृत लीजों/खनि रियायतों के संबंध में चाही गई जानकारी व अन्‍य शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' पर दर्शित है। (घ) हनुमना क्षेत्र में स्‍थापित क्रेशरों के द्वारा प्रतिदिन 1000 ट्रक गिट्टी उत्‍तरप्रदेश भेजने की बात सही नहीं है। मात्र गिट्टी के वाहनों के कारण से सड़कें क्षतिग्रस्‍त होने का प्रकरण प्रकाश में नहीं आया है। ब्‍लास्टिंग से आदिवासियों के घर टूटने-फूटने का प्रकरण भी प्रकाश में नहीं आया है। अत: शेष का प्रश्‍न उदभूत नहीं होता है।

खेतों में स्‍थापित पम्पों के उर्जीकरण कार्यों में विलम्ब

[ऊर्जा]

11. ( *क्र. 498 ) श्रीमती झूमा डॉ. ध्यानसिंह सोलंकी : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भीकनगांव विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत पम्पों के उर्जीकरण हेतु अनुसूचित जनजाति विभाग द्वारा वर्ष 2017-18 एवं वर्ष 2018-19 में विद्युत मण्डल को कितनी राशि प्रदाय की गई है? (ख) उक्त राशि का कब तक उपयोग किया जाकर हितग्राहियों को लाभांवित किया जाएगा? क्या वर्तमान में कुछ कार्य प्रारंभ हुए हैं? नहीं तो कार्य प्रारंभ नहीं होने के क्या कारण हैं (ग) कार्य प्रारंभ नहीं होने के लिये कौन-कौन अधिकारी/कर्मचारी जिम्मेदार हैं, इन पर क्या कार्यवाही प्रस्तावित की जावेगी तथा यह कार्य कब तक प्रारंभ होकर पूर्ण हो जाएंगे?

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रियव्रत सिंह ) : (क) भीकनगांव विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत सिंचाई पम्‍प कनेक्‍शन हेतु अधोसंरचना विकास कार्य के लिये जनजातीय कार्य विभाग द्वारा म.प्र. पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी को वित्तीय वर्ष 2017-18 में रु. 135.98 लाख एवं वित्तीय वर्ष 2018-19 में रु. 50.00 लाख की राशि उपलब्ध करवायी गई थी। (ख) उक्त राशि का उपयोग कर माह जून-2019 तक हितग्राहियों को लाभान्वित किये जाने के प्रयास किये जायेंगे। जी नहीं वर्तमान में कोई भी कार्य प्रारंभ नहीं हुआ है। म.प्र. पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा सौभाग्य योजना, मुख्यमंत्री स्थाई कृषि पम्प कनेक्‍शन योजना एवं एस.एस.टी.डी. योजना के अंतर्गत विभिन्न कार्य किये जाने लक्षित थे, जिन्हें समय-सीमा में प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण किया जाना था। उक्‍त परिप्रेक्ष्‍य में वितरण कंपनी के पास प्रश्‍नाधीन कार्यों को सम्पादित करने हेतु अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध नहीं थे एवं तदानुसार अधीक्षण यंत्री (संचालन-संधारण) खरगोन द्वारा पत्र क्रमांक 501/अ.य./ख.वृ./कार्य/ 2017-18 दिनांक 30.01.2018 से सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग, खरगोन को अवगत कराते हुए म.प्र. पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी को दी गई राशि लौटाये जाने हेतु लेख किया गया था। उल्लेखनीय है कि सामान्यतः अनुसूचित जाति कल्‍याण/जनजातीय कार्य विभाग द्वारा इस प्रकार के विद्युतीकरण के कार्य स्वयं ही निविदा आमंत्रित कर अ-श्रेणी के ठेकेदार के माध्यम से टर्न-की आधार पर सम्पादित कराये जाते रहे हैं, जिनके मात्र पर्यवेक्षण का कार्य विद्युत कंपनी के अधिकारियों द्वारा किया जाता है। उक्‍त कारणों के दृष्टिगत प्रश्‍नाधीन कार्य आरंभ नहीं हो सके। (ग) उत्‍तरांश (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में कार्य प्रारंभ नहीं होने के लिए म.प्र. पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी का कोई अधिकारी/कर्मचारी जिम्मेदार नहीं है। वर्तमान में प्रश्‍नाधीन कार्यों हेतु वर्ष 2017-18 में आवंटित राशि रु. 135.98 लाख के विरूद्ध 80 सिंचाई कृषि पम्पों एवं वर्ष 2018-19 में आवंटित राशि रु. 50.00 लाख के विरुद्ध 34 सिंचाई कृषि पम्पों के कार्य किये जाने के लिए वितरण कंपनी द्वारा प्राक्कलन स्वीकृत कर प्रशासनिक स्वीकृति हेतु सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग खरगोन को प्रेषित किये गये हैं। उक्तानुसार प्रशासनिक स्वीकृति प्राप्त होने के पश्चात् इन पम्पों के कार्य म.प्र. पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा प्रारंभ कर 6 माह की अवधि में पूर्ण किये जाने के प्रयास किये जावेंगे।

शासकीय आवास में विद्युत व्‍यवस्‍था 

[लोक निर्माण]

12. ( *क्र. 3 ) श्री गिरीश गौतम : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रश्‍नकर्ता द्वारा कार्यपालन यंत्री लोक निर्माण विभाग (विद्युत यांत्रिकी) रीवा को शासकीय आवास क्रमांक एम.आई.जी. II 236 में विद्युतीकरण हेतु पत्र क्रमांक 157, दिनांक 21.01.2018, पत्र क्रमांक 1423, दिनांक 30.09.2018 एवं पूर्व में भी वर्ष 2017 में कई पत्र लिखे गये हैं? यदि हाँ, तो उक्‍त पत्रों पर क्‍या कार्यवाही की गयी? (ख) क्‍या वर्ष 2017 में प्रश्नकर्ता के पत्र के आधार पर सहायक यंत्री लोक निर्माण विभाग (विद्युत यांत्रिकी) स्‍वागत भवन रीवा द्वारा प्राक्‍कलन तैयार कर दो प्राक्‍कलन क्रमश: आवास क्रमांक एम.आई.जी. II 236 एवं एम.आई.जी. II 238 अनुविभागीय अधिकारी लोक स्वास्‍थ्‍य यांत्रिकी विद्युत यांत्रिकी रीवा की ओर भेजा गया था? यदि हाँ, तो क्‍या विभागीय प्रस्‍ताव वाले आवास एम.आई.जी. II 238 में वर्ष 2017 में ही कार्य पूर्ण करा दिया गया, लेकिन दूसरे आवास में कोई कार्यवाही नहीं की गयी? उक्‍त स्थिति के लिये कौन जिम्‍मेदार है? दोषी अधिकारियों के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की जायेगी और कब तक लाईट फिटिंग का कार्य पूर्ण कराया जायेगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सज्जन सिंह वर्मा ) : (क) जी हाँ। प्रश्‍नाधीन पत्र प्राप्‍त हुए हैं। प्रस्‍तावानुसार, कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण विभाग (वि./यां.) संभाग रीवा के द्वारा प्राक्‍कलन अधीक्षण यंत्री, लोक निर्माण विभाग मण्‍डल रीवा को भेजे गये थे। (ख) जी हाँ। एम.आई.जी. II 238 का कार्य पूर्ण कर दिया गया है। एम.आई.जी. II 236 में स्‍वीकृति के अभाव में कार्य नहीं हो सका। उक्‍त भवन में कार्य के संबंध में नवीन एस.ओ.आर. दर अनुसूची अनुसार पुन: प्रस्‍ताव तैयार किया जाकर अग्रिम कार्यवाही की जा सकेगी। जिम्‍मेदारी का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। कोई अधिकारी दोषी नहीं है। अत: कार्यवाही का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। समय-सीमा बताना संभव नहीं है।

शासकीय भूमि का स्‍वामित्‍व परिवर्तन

[राजस्व]

13. ( *क्र. 320 ) श्री डब्बू सिद्धार्थ सुखलाल कुशवाहा : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या विधानसभा सत्र फरवरी-मार्च 2018 के तारांकित प्रश्‍न क्र. 757, दिनांक 07 मार्च 2018 को मा. राजस्‍व मंत्री ने सदन में गड़बड़ी स्‍वीकार की थी? क्‍या इस प्रकरण की जांच सदन में मा. मुख्‍य सचिव महोदय से कराये जाने की घोषणा मा. राजस्‍व मंत्री ने की थी? प्रश्‍नतिथि तक उक्‍त प्रकरण में मुख्‍य सचिव/प्रमुख सचिव खनिज साधन के द्वारा क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई? प्रकरणवार बिन्‍दुवार जानकारी दें (ख) क्‍या तत्‍कालीन नेता प्रतिपक्ष के द्वारा अपने अर्द्ध शा. पत्र क्रमांक 451/ने.प्र./18, दिनांक 10.03.2018 से मुख्‍य सचिव म.प्र. शासन को सतना जिले के रामस्‍थान में सैकड़ों एकड़ शासकीय भूमि जिसे अनुसूचित जनजाति एवं अनुसूचित जाति के लोगों को बंटन पर आवंटित की गयी थी, जिसे जिला कलेक्‍टर एवं जिला दण्‍डाधिकारी की आज्ञा/आदेश के विरूद्ध दस्‍तावेजों में कूट रचना कर निजी स्‍वामित्‍व में बदले जाने एवं इसी भूमि पर खनिज लीज़ आवंटित करवा लेने के प्रकरण जांच बाबत पत्र लिखा था, उसकी प्रश्‍नतिथि तक क्‍या स्थिति है? सभी जारी पत्रों की एक प्रति एवं की गई कार्यवाही का बिंदुवार विवरण दें? (ग) क्‍या तहसीलदार रघुराजनगर ने पत्र क्रमांक 306, दिनांक 31.08.2017 एवं पत्र क्रमांक 1885, दिनांक 27.02.2018 के जरिये कारण बताओ नोटिस जारी किये थे? क्‍या इस प्रकरण में 14.09.2017 को नोटिस के जवाब दिये गये थे? क्‍या जवाब समाधानकारक ना होने पर तहसीलदार एवं एस.डी.एम. रघुराजनगर ने कलेक्‍टर सतना को उक्‍त आराजियों को शासकीय किये जाने की अनुशंसा की है? सभी पत्रों की एक प्रति उपलब्‍ध करायें? (घ) कब तक कलेक्‍टर सतना/राज्‍य शासन द्वारा उक्‍त भूमियों की खनिज लीज़ तथा उक्‍त आराजियों को म.प्र. शासन घोषित कर दस्‍तावेजों (खसरों) में अंकित किया जायेगा?

राजस्व मंत्री ( श्री गोविन्द सिंह राजपूत ) : (क) जी हाँ। जी हाँ। विभागीय पत्र क्रमांक 26/1/2019/सात/2, दिनांक 09.01.2019 द्वारा आयुक्‍त रीवा संभाग, रीवा की अध्‍यक्षता में जांच समिति का गठन किया जाकर जांच प्रचलित है। (ख) जी हाँ। उक्‍त पत्र के अनुक्रम में कलेक्‍टर सतना को प्रेषित विभागीय पत्र क्रमांक 429/773/2018/सात/2, दिनांक 10.04.2018, पत्र क्रमांक 564/773/2018/सात/2, दिनांक 18.05.2018, अ.शास.पत्र क्रमांक 849/773/2018/सात/2, दिनांक 12.07.2018, पत्र क्रमांक 1637/773/2018/सात/2, दिनांक 27.12.2018 तथा पत्र क्रमांक 137/773/2018/सात/2, दिनांक 01.02.2019 द्वारा प्रकरण में जांच उपरान्‍त प्रतिवेदन आयुक्‍त रीवा संभाग, रीवा के माध्‍यम से चाहा गया है, जो अपेक्षित है। जारी पत्रों की छायाप्रतियां पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) जी हाँ, 6 प्रकरणों में अवैधानिक प्रविष्टियां पाये जाने पर न्‍यायालय अनुविभागीय अधिकारी रघुराजनगर द्वारा पारित आदेश दिनांक 02.02.2019 से पुन: म.प्र. शासन दर्ज करने का आदेश पारित किया जा चुका है। शेष प्रकरणों में विधि अनुसार कार्यवाही प्रचलित है। (घ) आयुक्‍त रीवा संभाग, रीवा की अध्‍यक्षता में समिति का गठन किया गया। जाँच पश्‍चात् विधि अनुकूल कार्यवाही की जावेगी।

विजयराघवगढ़ विधानसभा क्षेत्रांतर्गत स्‍थापित नलकूप

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

14. ( *क्र. 104 ) श्री संजय सत्येन्द्र पाठक : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या कटनी जिले के विजयराघवगढ़ विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत ग्रामवार स्थापित नलकूपों/हैंडपपों में आधे से अधिक नलकूप बंद पड़े हैं? (ख) यदि हाँ, तो इस अचानक आये जलसंकट हेतु कौन दोषी हैं? दोषियों के विरूद्ध क्या कार्यवाही की जावेगी? (ग) प्रश्नांश (क) यदि नहीं, तो उक्‍त विधान सभा क्षेत्र के ग्रामों में कुल स्‍थापित हैंडपंप में से चालू एवं बंद पड़े नलकूप/हैंडपंप की सूची उपलब्ध करावें?

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( श्री सुखदेव पांसे ) : (क) जी नहीं। (ख) उत्तरांश (क) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार हैं।

''जय किसान फसल ऋण माफी योजना'' का क्रियान्‍वयन

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

15. ( *क्र. 367 ) श्री रामपाल सिंह : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) ''जय किसान फसल ऋण माफी योजना'' में किन-किन श्रेणी के किसानों का, किन-किन बैंकों का ऋण माफ होगा? किन-किन श्रेणी के किसानों का ऋण माफ नहीं होगा? प्रायवेट बैंकों के किसानों का ऋण माफ क्‍यों नहीं होगा? (ख) राज्‍य शासन ने किसानों से ऋण माफी के संबंध में क्‍या वचन दिया था, वचन पत्र में ऋण माफी के संबंध में क्‍या-क्‍या शर्तें थीं? (ग) रायसेन जिले में कितने किसानों का कितनी राशि का ऋण माफ हो रहा है? तहसीलवार संख्‍या बतायें (घ) किसानों के नाम फर्जी ऋण धोखाधड़ी, सोसायटी में गबन आदि प्रकरणों के किसानों का ऋण माफ होगा या नहीं?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री सचिन सुभाषचन्‍द्र यादव ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। () जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ग) पोर्टल पर बैंक शाखाओं में आवेदन पत्रों के डाटा का परीक्षण कार्य प्रचलन में है। (घ) किसानों के नाम फर्जी ऋण धोखाधड़ी सोसायटी में गबन आदि प्रकरणों के सूक्ष्‍मता से परीक्षण एवं जांच हेतु कलेक्‍टर द्वारा जिला स्‍तरीय एवं अनुभाग स्‍तरीय समिति का गठन किया गया है, परीक्षण उपरांत कर्ज माफी हेतु पात्र किसानों को लाभान्वित किया जावेगा।

रतलाम सैलाना टू लेन सड़क निर्माण  में अनियमितता

[लोक निर्माण]

16. ( *क्र. 543 ) श्री हर्ष विजय गेहलोत (गुड्डू) : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रतलाम सैलाना टू लेन की लागत तथा ठेकेदार का नाम बतावें। इसकी कुल 37 किलोमीटर की लम्‍बाई में टोल नाका रतलाम से कितने कि.मी. की दूरी पर है तथा पहले तथा दूसरे टोल नाके के बीच कितनी दूरी है? दूसरे टोल नाके और अंतिम बिन्‍दु के बीच कितनी दूरी है? क्‍या प्रारंभिक D.P.R. अनुबंध में टोल नाका यहीं पर प्रस्‍तावित था? D.P.R. तथा अनुबंध की प्रतियां दी जायें। (ख) महाराणा प्रताप ब्रि‍ज से बड़बड़ तक फोरलेन किस ठेकेदार द्वारा कितनी राशि में बनाई गई? ठेकेदार को आवंटन किस प्रक्रिया से किया गया? क्‍या इस फोरलेन पर अनुबंध के अनुसार सारा कार्य कर दिया गया D.P.R. तथा अनुबंध की प्रति देवें? (ग) प्रश्‍न क्र. 894, दिनांक 04 दिसम्‍बर, 2017 के उत्‍तर के संदर्भ में बतावें कि जब पुलिया टूटने, कार्य अपूर्ण रहने, यातायात बाधित रहने को स्‍वीकार किया गया था तो फिर ठेकेदार पर कार्यवाही क्‍यों नहीं की गई? पुलिया क्षतिग्रस्‍त होने पर अनुबंध की किस शर्त के अनुसार मरम्‍मत की गई? शर्त की प्रति भी देवें तथा बतावें कि क्‍या 12 से 14 इंच बरसात में पुलिया टूटना स्‍वाभ‍ाविक है, तो उस अ‍वधि में अन्‍य 8 पुलिया इसी लेन में क्‍यों नहीं टूटी? (घ) प्रश्‍न क्र. 894 के खण्‍ड (ख) के उत्‍तर में यह क्‍यों नहीं बताया गया कि पुलिया निर्माण में घटिया सामग्री के उपयोग पर सुपरवाईज़र के कथन पर क्‍या कार्यवाही की गई? (ड.) क्‍या प्रश्‍नाधीन टू लेन सड़क पूरी तरह क्षतिग्रस्‍त है तथा पुलिया अनुबंध के अनुसार उंचाई तथा चौड़ाई की नहीं बनी है? क्‍या इसका टोल बंद किया जाएगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सज्जन सिंह वर्मा ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) महाराणा प्रताप ब्रिज से बड़बड़ तक फोरलेन का कार्य रतलाम-सैलाना बी.ओ.टी. (टोल+एन्‍यूटी) के अनुबंध में शामिल है। अत: अलग से आवंटन का प्रश्‍न नहीं है। जी हाँ। अनुबंध की प्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ग) जी नहीं निवेशकर्ता पर कार्यवाही का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। कंसेशन अनुबंध शेड्यूल पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। पुलिया नहीं टूटी थी, केवल साईट प्रोटेक्‍शन वर्क एवं पटरीया (शोल्‍डर) क्षतिग्रस्‍त हुये थे। अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (घ) प्रकरण माननीय जे.एम.एफ.सी. न्‍यायालय सैलाना के समक्ष विचाराधीन होने के कारण। (ड.) जी नहीं। पुलिया मापदण्‍डानुसार निर्मित की गई है। अत: टोल बंद किये जाने का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

धर्मश्री-भोपाल बायपास मार्ग निर्माण की प्रगति 

[लोक निर्माण]

17. ( *क्र. 680 ) श्री शैलेन्द्र जैन : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता के तारांकित प्रश्‍न क्र. 361, दिनांक 27.02.2018 के प्रश्‍नांश (ग) के उत्‍तर में बताया गया था कि एक रेखण परिवर्तन की सैद्धांतिक स्‍वीकृति का प्रस्‍ताव परीक्षणाधीन है? तो क्‍या उक्‍त परिवर्तन हेतु परीक्षण करा लिया गया है? यदि हाँ, तो की गई कार्यवाही से अवगत करायें। (ख) क्‍या उक्‍त मार्ग के एक रेखण में परिवर्तन की सैद्धांतिक स्‍वीकृति मिल गई है? यदि नहीं, तो इसका क्‍या कारण्‍ा है? (ग) क्‍या शासन शहर में भारी वाहनों के यातायात दवाब को दृष्टिगत रखते हुये उक्‍त बायपास निर्माण हेतु शीघ्र कार्यवाही करेगा? यदि हाँ, तो उक्‍त अधूरे मार्ग को कब तक पूर्ण कर लिया जायेगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सज्जन सिंह वर्मा ) : (क) जी हाँ। वर्तमान में एकरेखण परिवर्तन की सैद्धांतिक स्‍वीकृति का प्रस्‍ताव भू-अर्जन की राशि अत्‍याधिक होने से परीक्षणाधीन है। शेष प्रश्‍नांश उपस्थित नहीं होता। (ख) जी नहीं। परीक्षणाधीन है। (ग) प्रश्‍नांश (क) के उत्‍तर के परिप्रेक्ष्‍य में वर्तमान में समय-सीमा बताना संभव नहीं है।

मुख्‍यमंत्री फसल ऋण माफी योजना का क्रियान्‍वय

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

18. ( *क्र. 49 ) श्री गोपाल भार्गव : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मुख्‍यमंत्री फसल ऋण माफी योजना के तहत प्रदेश के कितने कृषक अभी तक लाभान्वित हो चुके हैं? योजना प्रारंभ दिनांक से प्रश्‍न दिनांक तक की जानकारी दें। (ख) 01 अप्रैल, 2007 के बाद कृषकों द्वारा लिये गये फसल ऋण जो 31 मार्च, 2018 तक कालातीत हो या रेग्‍यूलर, क्‍या उनके कर्ज खाते में सरकार द्वारा राशि जमा करा दी गई है? यदि हाँ, तो कितनी? अद्यतन स्थिति के साथ स्‍पष्‍ट जानकारी दें। (ग) उक्‍त योजना में किन-किन बैंकों को फसल ऋण के संबंध में शामिल किया गया है? (घ) प्रश्‍नांश (ख) के प्रकाश में क्‍या अधिकांश किसानों को 2 लाख रूपये तक के ऋण माफी का लाभ नहीं मिल पाया है? यदि हाँ, तो क्‍यों? इनके लिये कौन दोषी है?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री सचिन सुभाषचन्‍द्र यादव ) : () योजना अन्‍तर्गत नियत प्रक्रिया अनुसार ऋण माफी की कार्यवाही प्रचलन में है। (ख) उत्‍तरांश (क) अनुसार। (ग) योजना में सहकारी बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक तथा राष्‍ट्रीयकृत बैंकों को शामिल किया गया है। (घ) उत्‍तरांश (क) अनुसार।

''जय किसान फसल ऋण्‍ा माफी योजना'' अंतर्गत कृषि ऋण माफी की पात्रता

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

19. ( *क्र. 469 ) श्री कमल पटेल : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या ''जय किसान फसल ऋण्‍ा माफी योजना'' अंतर्गत 31 मार्च, 2018 को मध्‍यरात्रि जिन किसानों के ऋण खाते में शेष ऋण राश‍ि‍ थी, उन्‍हीं को ऋण माफी योजना में पात्र माना गया है? (ख) प्रश्‍नांश (क) यदि नहीं, तो कौन-कौन किसान इसके लिए पात्र हैं? (ग) क्‍या जिन किसानों ने ईमानदारी से 31 मार्च, 2018 तक अपने ऋण खाते में संपूर्ण ऋण जमा करा दिया, ऐसे किसानों को अपात्र की श्रेणी में रखा गया है? (घ) प्रश्‍नांश (ग) यदि नहीं, तो ऐसे किसानों के खाते में भी जमा की गई राशि अधिकतम 2 लाख रूपये शासन द्वारा जमा कराई जाएगी? यदि हाँ, तो कब तक और नहीं तो क्‍यों?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री सचिन सुभाषचन्‍द्र यादव ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) से (घ) उत्‍तरांश (क) अनुसार।

ग्राम पंचायत का नाम परिवर्तन

[राजस्व]

20. ( *क्र. 603 ) श्री विष्‍णु खत्री : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रश्नकर्ता के बैरसिया विधानसभा क्षेत्रांतर्गत जनपद पंचायत फंदा की ग्राम पंचायत इस्‍लामनगर के निवासियों द्वारा इसे इसके प्राचीन नाम ''जगदीशपुर'' किये जाने के संबंध में प्रयास किये गये थे? (ख) प्रश्‍नांश (क) के तारतम्‍य में कलेक्‍टर कार्यालय द्वारा ग्राम पंचायत का नाम प्राचीन नाम जगदीशपुर किये जाने के संबंध में जो पत्राचार किया गया था, उसकी प्रति उपलब्‍ध करावें एवं इस संबंध में तत्‍कालीन तहसीलदार द्वारा कोई प्रतिवेदन प्रस्‍तुत किया गया था अथवा नहीं? यदि हाँ, तो प्रति उपलब्‍ध करावें? (ग) शासन द्वारा ग्राम पंचायत इस्‍लामनगर को उसके प्राचीन नाम जगदीशपुर किये जाने के संबंध में शासन द्वारा क्‍या प्रयास किये जा रहे हैं? पत्राचार की प्रतियां उपलब्‍ध करावें। (घ) ग्राम पंचायत का नाम बदले जाने के संबंध में शासन के क्‍या मार्गदर्शी सिद्धांत/नियम अ‍ादि हैं? प्रति उपलब्‍ध करावें

राजस्व मंत्री ( श्री गोविन्द सिंह राजपूत ) : क) जी हाँ। (ख) कलेक्‍टर के प्रस्‍ताव की प्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र ''''  अनुसार है। वर्तमान में तहसीलदार का प्रतिवेदन कार्यालय नस्‍ती में उपलब्‍ध नहीं है। (ग) राज्‍य शासन द्वारा प्रयास किये गये हैं। पत्राचार की प्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्टि के प्रपत्र '''' अनुसार है। (घ) मार्गदर्शी सिद्धांत/नियम की प्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्टि के प्रपत्र '''' अनुसार है।

जावरा एवं पिपलोदा विकासखण्‍ड में सड़कों/पुलों की स्‍वीकृति‍

[लोक निर्माण]

21. ( *क्र. 493 ) डॉ. राजेन्‍द्र पाण्‍डेय (राजू भैया) : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) लोक निर्माण विभाग द्वारा वर्ष 2016-17 से लेकर प्रश्‍न दिनांक तक जावरा एवं पिपलोदा विकासखंड में किन-किन सड़कों व पुलों की स्वीकृतियाँ प्रदान की गयी हैं? (ख) जावरा नगर, पिपलोदा नगर एवं जावरा व पिपलोदा तहसील अंतर्गत प्रश्‍नांश (क) वर्णित अवधि में लोक निर्माण विभाग द्वारा किन-किन स्थानों पर निर्माण एवं मरम्‍मत कार्य प्रारम्भ हुए, अप्रारम्भ रहे तथा पूर्ण हुए, अपूर्ण रहे अवगत कराएँ? (ग) उपरोक्त कार्य कब स्वीकृत होकर कब तक पूर्ण कर लिए जायेंगे? (घ) किन-किन स्वीकृत कार्यों के टेंडर लगना शेष रहे हैं, उन कार्यों की टेंडरिंग की कार्यवाही कब तक पूर्ण कर ली जायेगी?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सज्जन सिंह वर्मा ) : (क) स्‍वीकृत सड़क एवं पुल कार्यों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) निर्माण कार्यों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' एवं मरम्‍मत कार्यों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ग) निर्माण कार्यों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' एवं मरम्‍मत कार्यों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (घ) कोई भी स्‍वीकृत सड़क एवं पुल कार्यों के टेण्‍डर लगाया जाना शेष नहीं है। अत: शेष प्रश्‍नांश उपस्थित नहीं होता है।

सुभाष नगर ओव्‍हर ब्रिज का निर्माण

[लोक निर्माण]

22. ( *क्र. 720 ) श्री चेतन्‍य काश्‍यप : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सुभाष नगर ओव्‍हर ब्रिज के निर्माण हेतु टेण्‍डर की क्‍या स्थिति है? (ख) टेण्‍डर प्रक्रिया में विलंब क्‍यों हो रहा है? (ग) टेण्‍डर कब तक जारी कर दिये जायेंगे?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सज्जन सिंह वर्मा ) : (क) टेण्‍डर आमंत्रण की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। (ख) रेल्‍वे विभाग द्वारा रेल्‍वे पोर्शन पर बनने वाले पुल के हिस्‍से का फार्मेशन लेबिल एवं लंबाई में परिवर्तन होने से राज्‍य के हिस्‍से वाले पुल की जी.ए.डी. में परिवर्तन होने के कारण पुनरीक्षित तकनीकी स्‍वीकृति जारी करने की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। तत्‍पश्‍चात् निविदा आमंत्रण की कार्यवाही की जावेगी। (ग) पुनरीक्षित तकनीकी स्‍वीकृति जारी होने के पश्‍चात् निविदा आमंत्रण की कार्यवाही की जावेगी। समय-सीमा बताना संभव नहीं है।

किसानों की कर्जमाफी योजना का क्रियान्‍वयन

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

23. ( *क्र. 126 ) श्री भूपेन्द्र सिंह : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) राज्‍य सरकार की किसानों की कर्जमाफी हेतु क्‍या योजना है? (ख) कितने कृषकों का कुल कितना कर्ज माफ किया जाना है? (ग) इस हेतु सरकार द्वारा वर्तमान में कितनी राशि का प्रावधान किया गया है?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री सचिन सुभाषचन्‍द्र यादव ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) योजना अन्‍तर्गत नियत प्रक्रिया अनुसार ऋण माफी की कार्यवाही प्रचलन में है। (ग) वित्‍तीय वर्ष 2018-19 हेतु राशि रू. 5000.00 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

बेतबा एवं जामनी नदी पर प्रस्‍तावित पुलों की वित्‍तीय स्‍वीकृति 

[लोक निर्माण]

24. ( *क्र. 387 ) श्री अनिल जैन : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या निवाड़ी विधानसभा क्षेत्र के अन्‍तर्गत बेतवा एवं जामनी नदियों पर प्रस्‍तावित पुलों की स्‍वीक‍ृति शासन के विचाराधीन है? यदि हाँ, तो उक्‍त पुलों की तकनीकी स्‍वीकृति विभाग द्वारा कब और किस आदेश के द्वारा की गई है? स्‍वीकृत राशि सहित बतायें? यदि नहीं, तो कब तक की जायेगी? (ख) क्‍या उक्‍त पुलों की वित्‍तीय स्‍वीकृति प्राप्‍त हो गई है? यदि हाँ, तो स्‍वीकृति आदेश, स्‍वीकृत राशि एवं टेण्‍डर लगाये जाने की सम्‍भावित तिथि सहित बताया जाये कि उक्‍त पुलों पर निर्माण कार्य कब तक प्रारंभ कर दिया जायेगा और यदि स्‍वीकृति अप्राप्‍त है, तो बतायें कि कब तक यह स्‍वीकृति जारी की जायेगी?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सज्जन सिंह वर्मा ) : (क) जी नहीं। शेष प्रश्‍नांश की जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) जी हाँ। शेष प्रश्‍नांश की जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। वर्तमान में निश्चित तिथि बताना संभव नहीं है। प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - ''चार''

लहार रोड से किला रोड तक सी.सी. रोड निर्माण

[लोक निर्माण]

25. ( *क्र. 112 ) श्री संजीव सिंह (संजू) : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या नगर पालिका सीमा भिण्‍ड क्षेत्र में लहार रोड से किला रोड तक सी.सी.रोड स्‍वीकृत की गई है? यदि हाँ, तो कितनी लागत की एवं उक्‍त रोड निर्माण कार्य की कार्य पूर्णता अवधि क्‍या है? शासन का स्‍वीकृति आदेश एवं कार्यादेश की प्रति उपलब्‍ध करावें। (ख) क्‍या उक्‍त रोड निर्माण कार्य पूर्ण कर लिया गया है? यदि नहीं, तो क्‍यों? विलम्‍ब का कारण स्‍पष्‍ट करते हुये बतावें कि निर्माण एजेन्‍सी के विरूद्ध विलम्‍ब के लिये क्‍या दण्‍ड रोपित किया गया? यदि नहीं, तो क्‍यों? (ग) उक्‍त कार्य कब तक पूर्ण कर लिया जावेगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सज्जन सिंह वर्मा ) : (क) जी हाँ जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '1' एवं '2' अनुसार है। (ख) जी नहीं। शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है।

 

 

 

 







 


भाग-2

नियम 46 (2) के अंतर्गत अतारांकित प्रश्नोत्तर के रुप में परिवर्तित तारांकित प्रश्नोत्तर


विधायक निधि अंतर्गत हैण्‍डपंप उत्‍खनन 

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

1. ( क्र. 4 ) श्री गिरीश गौतम : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र विकास योजना अन्‍तर्गत वित्‍तीय वर्ष 2016-17 से वित्‍तीय वर्ष 2018-19 तक हैण्‍डपंप उत्‍खनन एवं स्‍थापना हेतु जारी प्रशासकीय स्‍वीकृति आदेश अंतर्गत कितनी राशि योजना एवं सांख्यिकी रीवा संभाग रीवा से लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकी मेकेनिकल विभाग रीवा को जारी की गयी वर्षवार/तकनीकी स्‍वीकृति/ प्रशासकीय स्‍वीकृति‍ की जानकारी उपलब्‍ध करायें। (ख) प्रश्‍नांश (क) में वर्णित हैण्‍डपंपों में लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकी मेकेनिकल विभाग रीवा द्वारा कितने हैण्‍डपपों का उत्‍खनन एवं स्‍थापना की गयी? स्‍थान का नाम सहित बताए तथा शेष हैण्‍डपम्‍पों की संख्‍या बताएं। (ग) उत्‍खनन एवं स्‍थापित कितने हैण्‍डपम्‍पों में प्‍लेटफार्म का निर्माण किया गया है तथा कितने शेष हैं? शेष हैण्‍डपम्‍पों में पूर्ण राशि आहरित करने के बावजूद प्‍लेटफार्म का निर्माण क्‍यों नहीं किया गया, उसके लिए कौन जिम्‍मेवार है? शेष हैण्‍डपम्‍पों का कब तक उत्‍खनन एवं स्‍थापित किया जायेगा? जिम्‍मेदार अधिकारियों के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की जायेगी?

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( श्री सुखदेव पांसे ) : (क) कुल रूपये 1,76,34,500 राशि स्वीकृत की गई, जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 एवं 2 अनुसार है। (ख) 162 नलकूपों का उत्खनन कर हैण्डपंपों की स्थापना की गई, जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ग) स्थापित सभी हैण्डपंपों में प्लेटफार्म निर्माण किया गया है, जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। खनित नलकूपों में स्थापित किये गये हैण्डपंपों एवं निर्मित प्लेटफार्मों की ही राशि आहरित की गई है अतः शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। शेष नलकूपों का खनन स्थल पहुँच विहीन एवं विवादित होने के कारण नहीं किया जा सका, निश्चित समयावधि नहीं बताई जा सकती है। कोई अधिकारी जिम्मेदार नहीं है, कार्यवाही का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।

शासकीय नर्सरी में वृक्षारोपण 

[राजस्व]

2. ( क्र. 29 ) श्री सुशील कुमार तिवारी (इंदु भैया) : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या विधानसभा क्षेत्र पनागर अंतर्गत ग्राम इमलिया पिपरिया की 55 एकड़ की शासकीय नर्सरी में वृक्षारोपण के स्थान पर धान गेहूं की फसलें बोयी गयी हैं? (ख) यदि हाँ, तो धान, गेहूं की फसलें किसके द्वारा बोयी गयी है? इसका क्या उद्देश्य है? (ग) क्या नर्सरी में वृक्षारोपण नहीं किया जावेगा?

राजस्व मंत्री ( श्री गोविन्द सिंह राजपूत ) : (क) विधानसभा क्षेत्र पनागर के अंतर्गत ग्राम इमलिया पिपरिया में 55 एकड़ भूमि शासकीय अभिलेख में नर्सरी के नाम दर्ज नहीं है। ग्राम के चारागाह मद में दर्ज भूमि खसरा नबंर 60 एवं 64 रकवा क्रमश; 2.23 हे. एवं 19.39 है कुल रकवा 21.62 हे. के कुछ भाग पर स्थानीय निकाय द्वारा वृक्षारोपण किया गया है। खसरा नबंर 64 के अंश रकवा 11.60 एकड़ पर धान, गेहूं की फसल बोई गई है। (ख) निम्‍न स्थानीय ग्राम वासियों द्वारा धान गेहूं, की फसल बोकर अतिक्रमण किया गया है।:-

1- रामजी काछी, रकवा 0.60 हे.
2-
ईश्वरदास वर्मन, रकवा 0.40 हे.
3-
मनोज काछी, रकवा 0.30 हे.
4-
प्रकाश वर्मन, रकवा 1.00 हे.
5-
कंछेदीलाल गोड़, रकवा 1.60 हे.
6-
मंगल सिह गोड, रकवा 0.80 हे.
(ग) भूमि शासकीय अभिलेख में नर्सरी दर्ज नहीं है।

टीसी कनेक्शनों से दुर्घटनाएं 

[ऊर्जा]

3. ( क्र. 30 ) श्री सुशील कुमार तिवारी (इंदु भैया) : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या विधानसभा क्षेत्र पनागर अंतर्गत समस्त नियमों की अनदेखी कर टी.सी. कनेक्शन दिये गये हैं? (ख) यदि नहीं, तो नगर निगम जबलपुर के वार्ड क्रमांक 72 में अनेक स्थानों पर जमीन के ऊपर खुली विद्युत लाईन डालकर टी.सी. कनेक्शन क्‍यों दिये गये है? (ग) क्या यह कृत्य दुर्घटनाओं को खुला निमंत्रण नहीं है? (घ) प्रश्नांश (ख) के अंतर्गत क्या खुली विद्युत लाईन खम्बों के ऊपर शिफ्ट की जावेगी? यदि हाँ, तो कब तक? नहीं तो क्यों?

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रियव्रत सिंह ) : (क) जी नहीं। (ख) नगर निगम, जबलपुर के वार्ड क्रमांक 72 के अन्‍तर्गत वर्तमान में कुल 87 अस्‍थायी विद्युत कनेक्‍शन चल रहे हैं। विद्युत वितरण कंपनी द्वारा उपभोक्‍ताओं को उक्‍त अस्‍थायी विद्युत कनेक्‍शन विद्युत पोल पर मीटर लगाकर प्रदान किये गये है। नियमानुसार विद्युत मीटर से उपभोक्‍ता के परिसर तक उपभोक्‍ता द्वारा उपलब्‍ध कराई गयी इन्‍सूलेटेड वायर/केबिल की सर्विस लाईन उपभोक्‍ता द्वारा ही विद्युत वितरण कंपनी के पंजीकृत ठेकेदार के माध्‍यम से लगवाई जाती है, जिसकी टेस्‍ट रिपोर्ट विद्युत वितरण कंपनी को प्रदान की जाती है। कोई भी अस्‍थायी विद्युत कनेक्‍शन खुली (बिना इन्‍सुलेशन की) विद्युत लाईनों से नहीं दिया गया है। (ग) प्रश्‍नाधीन विद्युत सर्विस लाईन इन्‍सूलेटेड वायर/केबिल की होने तथा जमीन से सुरक्षित ऊंचाई पर स्‍थापित होने से विद्युत दुर्घटना होने की संभावना नगण्‍य है। (घ) उत्‍तरांश (ख) एवं (ग) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न नहीं उठता।

पाला पड़ने से खराब हुई फसलों का मुआवजा

[राजस्व]

4. ( क्र. 44 ) श्री विश्वास सारंग : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) 1 दिसम्‍बर 2018 से 15 जनवरी 2019 तक प्रदेश के किन-किन जिलों में पाला पड़ा? क्‍या पाला पड़ने से किसानों की फसलें खराब हुई हैं? यदि हाँ, तो कितने प्रतिशत तक फसलें खराब हुई हैं? जिलावार जानकारी दें। (ख) प्रश्‍नांश (क) के तहत पाला पड़ने से खराब हुई फसलों को लेकर किसानों को ढांढस बंधाने क्‍या माननीय मुख्‍यमंत्री, माननीय मंत्री और कृषि व राजस्‍व विभाग के उच्‍च स्‍तर के अधिकारियों ने पाला ग्रस्‍त क्षेत्रों का दौरा किया था? यदि हाँ, तो कहाँ-कहाँ का? (ग) प्रश्‍नांश (क) (ख) के तहत प्रश्‍न दिनांक तक पाले से खराब हुई फसलों की कितनी-कितनी मुआवजा राशि किस-किस जिले में वितरित की गयी है? यदि नहीं, की है तो क्‍यों? नियम बतायें। कब तक कर दी जायेगी?

राजस्व मंत्री ( श्री गोविन्द सिंह राजपूत ) : (क) जी हां, प्रश्‍नांश में उल्‍लेखित अवधि में पाला पड़ने से प्रदेश के 11 जिलों में आंशिक फसल क्षति हुई है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र अनुसार(ख) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र- अनुसार(ग) प्रभावित फसलों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र- अनुसार। शेष प्रश्‍न उद्भूत नहीं होता।

जय किसान ऋण मुक्ति योजना माफ होना

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

5. ( क्र. 45 ) श्री विश्वास सारंग : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या जय किसान ऋण मुक्ति योजनांतर्गत सिर्फ 31 मार्च 2018 तक 2 लाख तक के अल्‍पकालीन फसल ऋण माफ किये जा रहे हैं? यदि हाँ, तो योजना की पात्रता और नियम-शर्त क्‍या हैं? एक प्रति देते हुए जानकारी दें। (ख) प्रश्‍नांश (क) के तहत 1 अप्रैल 2018 से 11 दिसम्‍बर 2018 तक लिये गये अल्‍पकालीन फसल ऋणों को माफ नहीं किया जा रहा है? यदि हाँ, तो क्‍यों? नियम बतायें। (ग) प्रश्‍नांश (क) (ख) के तहत क्‍या किसानों के कृषि से संबंधित अन्‍य ऋणों को माफ नहीं किया जा रहा है? यदि हाँ, तो क्‍यों? नियम बतायें। (घ) प्रश्‍नांश (क), (ख) व (ग) के तहत प्रश्‍न दिनांक तक कितने किसानों का कितनी-कितनी राशि का कर्ज माफ हो गया है? यदि हाँ, तो जिलावार, किसानों की संख्‍या से अवगत करायें? यदि नहीं, हुआ है तो, कयों नहीं हुआ है? नियम बतायें?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री सचिन सुभाषचन्‍द्र यादव ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-एक अनुसार है। (ख) उत्‍तरांश (क) अनुसार। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-एक अनुसार है। (घ) कर्जमाफी की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है।

आबादी की भूमि पर काबिज लोगों के नाम राजस्‍व अभिलेख में अंकित करना

[राजस्व]

6. ( क्र. 75 ) डॉ. सीतासरन शर्मा : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या विधान सभा में दिये गये आश्‍वासनों की एक निर्धारित समय-सीमा में पूर्ति करने के संबंध में समय-समय पर मुख्‍य सचिव, म.प्र. शासन, भोपाल द्वारा राजस्‍व सहित समस्‍त विभागों को निर्देश दिये गये हैं? यदि हाँ, तो निर्देश की प्रति उपलब्‍ध करायें। (ख) मा. श्री गिरिजाशंकर शर्मा के प्रश्‍न क्र. 35 (732) दिनांक 18.11.2009 के प्रश्‍नांश में राज्‍य शासन द्वारा दिये गये उत्‍तर में उल्‍लेखित निर्देशों का पालन अभी तक किन कारणों से नहीं हो सकी है? क्‍या इस संबंध में जवाबदेही सुनिश्चित की जावेगी? यदि हाँ, तो किनके खिलाफ? (ग) आबादी की भूमि पर काबिज लोगों के नाम राजस्‍व अभिलेख में कब तक अंकित किये जावेंगे? इस संबंध में समयबद्ध योजना की जानकारी दें।

राजस्व मंत्री ( श्री गोविन्द सिंह राजपूत ) : (क) जी हाँ। जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) प्रश्न क्रमांक 35 (732) दिनांक 18.11.2009 के प्रश्नांश के उत्तर में लेख है कि ग्रामों की आबादी का भू-अभिलेख/नक्शे तैयार किये जाने के निर्देश दिये गये हैं। आबादी के अधिकार अभिलेख बनाये जाने का कार्य वृहद स्वरूप का होकर प्रक्रिया धीन है अत: किसी को दोषी नहीं ठहराया जा सकता। (ग) कार्य वृहद स्वरूप का होने से कार्यवाही निरन्तर प्रक्रियाधीन है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

परिशिष्ट - ''पाँच''

कृषि कार्य में लगे स्‍व-सहायता समूहों को ऋण माफी

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

7. ( क्र. 76 ) डॉ. सीतासरन शर्मा : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दिसम्‍बर 2018 में गठित नवनिर्वाचित सरकार द्वारा किसानों की ऋण माफी से संबंधित आदेशों को प्रति उपलब्‍ध कराते हुए बतावें कि इससे प्रदेश में कितने किसानों की कितनी राशि माफ की गयी? (ख) इसमें से होशंगाबाद जिले के कुल कितने किसानों में से कितने किसानों के राशि के ऋण माफ हुए? तहसीलवार जानकारी दें। (ग) क्‍या महिलाओं के ऐसे स्‍व-सहायता समूह जो बैंकों से ऋण लेकर कृषि कार्य करते हैं उनके भी ऋण ऊपर वर्णित योजना में माफ किये जाने हेतु प्रश्‍नकर्ता द्वारा जनवरी 2019 में माननीय मुख्‍यमंत्री जी को पत्र लिखकर अनुरोध किया गया था? (घ) यदि हाँ, तो पत्र के संबंध में शासन महिला स्‍व-सहायता समूहों के कर्ज भी माफ करेगा? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्‍यों?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री सचिन सुभाषचन्‍द्र यादव ) : (क) शासन द्वारा जारी आदेश की प्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। प्रदेश में कृषकों की ऋण माफी की कार्यवाही लगातार जारी है। (ख) ऋण माफी की कार्यवाही प्रचलन में है। (ग) जी हां। (घ) योजनान्‍तर्गत महिला स्‍व-सहायता समूहों के कर्ज माफ किए जाने का प्रावधान नहीं है।

पाला प्रभावित किसानों को सहायता

[राजस्व]

8. ( क्र. 88 ) डॉ. नरोत्तम मिश्र : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या माह दिसम्‍बर 2018 से प्रश्‍न दिनांक तक प्रदेश में पाला पड़ा है? यदि हाँ, तो प्रदेश में किस-किस जिले में कितने हैक्‍टे. की फसल पाले से प्रभावित हुई है? (ख) यदि हाँ, तो क्‍या शासन/प्रशासन द्वारा सर्वे कार्य कराया गया? यदि हाँ, तो जिलेवार-ग्रामवार सहित जानकारी दें? यदि नहीं, तो क्‍यों? (ग) प्रश्‍नांश (क) (ख) यदि हाँ, तो कौन-कौन सी फसल प्रभावित है? फसलों के नाम बतावें? (घ) क्‍या पाला प्रभावित किसानों को शासन से सहायता राशि/मुआवजा राशि प्रदान की गई? यदि हाँ, तो किस प्रकार से यदि नहीं, तो क्‍यों?

राजस्व मंत्री ( श्री गोविन्द सिंह राजपूत ) : (क) जी हां, माह दिसम्‍बर में पाला पड़ने से प्रदेश में 11 जिलों द्वारा आर.बी.सी. 6-4 के तहत 25 प्रतिशत से अधिक क्षति प्रतिवेदित की गई है। जिलावार प्रभावित फसलों का क्षेत्र (हेक्‍टे.) में पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र- अनुसार है। (ख) जी हाँ। आर.बी.सी. 6-4 के तहत सर्वे कार्य कराया गया है। जिलावार/ग्रामवार सहित जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र- अनुसार है। (ग) जिलावार प्रभावित फसलों की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र- के कॉलम नं. 5 अनुसार है। (घ) जी हाँ। पाला प्रभावित फसलों हेतु शासन द्वारा आर.बी.सी. 6-4 के प्रावधानों के तहत राहत राशि प्रदान की गई है। जिलावार जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र- के कॉलम नं. 6 अनुसार है। शेष प्रश्‍न उद्भूत नहीं होता।

आदिवासियों और अन्य परंपरागत वन्य निवासियों को स्थायी पट्टों का प्रदाय 

[जनजातीय कार्य]

9. ( क्र. 90 ) डॉ. हिरालाल अलावा : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे किक्या वन मंत्री जी यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वनाधिकार कानून 2006 के तहत इन्‍दौर संभाग में कितने आदिवासियों और अन्य परंपरागत वन्य निवासियों को स्थायी पट्टे दिये गये हैं और कितने लंबित है? जिलावार जानकारी उपलब्‍ध कराएं। (ख) कितने आदिवासियों ने स्थायी पट्टे के लिए आवेदन किया है? (ग) कितने आदिवासियों को वन विभाग द्वारा वनभूमि से बेदखल किया गया है? बेदखल करने के क्या कारण थे? (घ) वन विभाग को वनोपज से पिछले पाँच साल में कितनी राशि प्राप्त हुई और किन-किन मदों में इसे खर्च किया गया? क्या इस राशि में से वनों में निवास करने वाले आदिवासियों को भी हिस्सा मिला? अगर मिला तो कितना मिला? अगर नहीं मिला तो क्यों? (ङ) क्या इस अधिनियम से आदिवासियों की सुरक्षा-संरक्षण के लिए वन-विभाग की कोई नियम या योजना है?

जनजातीय कार्य मंत्री ( श्री ओमकार सिंह मरकाम ) : (क) अनुसूचित जनजाति और अन्य परम्परागत वन निवासी (वन अधिकारों की मान्यता) 2006 के तहत आदिवासियों एवं अन्य परम्परागत वन निवासियों को स्थायी पट्टे नहीं दिये जाते है। अपितु वन अधिनियम 2006 के तहत वन भूमि पर काबिज पात्र दावेदारों को वन अधिकार पत्र दिये जाते है। जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-'एक' अनुसार है। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र - 'एक' अनुसार है। (ग) इन्दौर संभाग में 1738 आदिवासियों को वन विभाग द्वारा वन भूमि से बेदखल किया गया है। उक्त आदिवासियों को वनभूमि पर अवैध कटाई कर नवीन अतिक्रमण करने, दिनांक 13.12.2005 के पश्चात् अतिक्रमण करने वल्दियत त्रुटि होने, अभिलेखानुसार वास्तविक अतिक्रामक न होने एवं अपात्र होने के कारण बेदखल किया गया है। (घ) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र - 'दो' अनुसार है। (ड.) इस अधिनियम में अधिकारिता नहीं होने से आदिवासियों को सुरक्षा - संरक्षण हेतु नियम एवं योजना बनाने की वन विभाग की कोई योजना नहीं है।

परिशिष्ट - ''छ: ''

राजगढ़ विधानसभा से निकलने वाले राष्‍ट्रीय राज्‍य मार्ग के निर्माण कार्य

[लोक निर्माण]

10. ( क्र. 96 ) श्री बापूसिंह तंवर : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) राजगढ़ विधानसभा क्षेत्र में राजस्‍थान सीमा से ब्‍यावरा तक बनने वाले राष्‍ट्रीय राजमार्ग की कुल लागत कितनी है तथा प्रश्‍न दिनांक तक कितने प्रतिशत कार्य पूर्ण हो गया है? (ख) प्रश्‍न कंडिका (क) अनुसार राष्‍ट्रीय राजमार्ग के अनुबंध के अनुसार कितने प्रतिशत कार्य करने के बाद ठेकेदार/फर्म टोल टैक्‍स वसूल कर सकती है? अनुबंध के अनुसार सड़क निर्माण करने वाली एजेन्‍सी टोल टैक्‍स वसूल करना प्रारंभ करने के बाद शेष बचा हुआ कार्य कितने समय में पूर्ण करना चाहिए? (ग) क्‍या प्रश्‍नकर्ता विधायक द्वारा राजगढ़ से निकलने वाले राष्‍ट्रीय राजमार्ग के संबंध में वरिष्‍ठ अधिकारियों को शिकायत कर आपत्ति दी है अथवा जानकारी मांगी है? यदि हाँ, तो क्‍या आपत्ति दी है? यदि विभाग द्वारा निर्वाचित विधायक को सामान्‍य प्रशासन विभाग के विधायक के पत्रों के उत्‍तर देने के नियम के अनुसार जानकारी उपलब्‍ध करा दी है? तो कब? क्‍या जानकारी उपलब्‍ध कराई गई है?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सज्जन सिंह वर्मा ) : (क) प्रशासकीय स्‍वीकृति राशि रू. 220.95 करोड़। 100 प्रतिशत कार्य पूर्ण। (ख) परियोजना की कुल लंबाई के 75 प्रतिशत पूर्ण होने पर। प्रोविजनल कंपलीशन सर्टिफिकेट जारी होने के नब्‍बे (90) दिवस के अंदर। (ग) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-2 अनुसार है।

स्‍वीकृत योजना के अंतर्गत कराये गये कार्य

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

11. ( क्र. 105 ) श्री संजय सत्येन्द्र पाठक : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या मध्यप्रदेश शासन लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के पत्र क्रमांक एफ..08.3./2013/2/34 भोपाल दिनांक 25 जनवरी 2018 के माध्यम से इंदवार.1 समूह जलप्रदाय योजना उमरिया एवं कटनी लागत 291.33 करोड़ रू. की योजना को प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई थी? (ख) प्रश्नांश (क) यदि हाँ, तो इस योजना के अंतर्गत प्रश्न दिनांक तक क्या क्या कार्य कराये जा चुके हैं? नहीं तो क्यों?

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( श्री सुखदेव पांसे ) : (क) जी हाँ। (ख) इंदवार-1 समूह जल प्रदाय योजना अंतर्गत सर्वेक्षण कार्य पूर्ण कर, डिजाइन एवं ड्राइंग कार्य प्रगतिरत है। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता है।

प्रदेश में ग्राम पंचायत स्‍तर पर गौशालाएं खोलने के प्रस्‍ताव

[पशुपालन]

12. ( क्र. 116 ) श्री संजीव सिंह (संजू) : क्या पशुपालन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या सरकार द्वारा प्रदेश में ग्राम पंचायत स्‍तर पर गौशालाएं खोलने की कोई योजना बनाई गई है? यदि हाँ, तो क्‍या? इस संबंध में सरकार द्वारा प्रश्‍न दिनांक तक क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई? (ख) क्‍या गौशालाएं खोलने के हेतु नोटिफिकेशन प्रसारित कर दिया? यदि नहीं, तो कब तक जारी किया जावेगा एवं क्‍या गौशालाएं खोलने हेतु कोई समय-सीमा निर्धारित की गई है? यदि हाँ, तो क्‍या?

पशुपालन मंत्री ( श्री लाखन सिंह यादव ) : (क) जी हाँ। इस संबंध में शासन द्वारा ''गौशाला परियोजना'' के प्रभावी क्रियान्‍वयन के संबंध में दिशा निर्देश तथा गौशालाओं की कार्य विधियां एवं न्‍यूनतम मानक संहिता प्रदेश में समस्‍त कमिश्‍नर, कलेक्‍टर एवं मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी को जारी कर दिए गए हैं। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार(ख) जी नहीं। गौशालाएं खोलने हेतु नोटिफिकेशन की आवश्‍यकता नहीं है किन्‍तु पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग म.प्र. शासन के पत्र दिनांक 06.02.2019 द्वारा प्रदेश में 1000 गौशाला खोले जाने हेतु प्रत्‍येक जिले को संभावित लक्ष्‍य दिए गए है। गौशालाएं खोलने हेतु समय-सीमा निर्धारित नहीं की गई है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

गेहूं के समर्थन मूल्‍य पर बोनस 

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

13. ( क्र. 127 ) श्री भूपेन्द्र सिंह : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रदेश के किसानों को पूर्ववर्ती सरकार द्वारा गेहूं के समर्थन मूल्‍य के अतिरिक्‍त 265 रूपये प्रति क्विंटल की दर से बोनस राशि देने का प्रावधान किया गया था? (ख) यदि हाँ, तो वर्तमान में सरकार की क्‍या योजना है?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री सचिन सुभाषचन्‍द्र यादव ) : () पूर्ववर्ती सरकार द्वारा गेहूं के समर्थन मूल्‍य के अतिरिक्‍त रूपये 265 प्रति क्विंटल की दर से गेहूं बोनस राशि के प्रावधान की कोई योजना नहीं थी। अपितु केवल रबी 2017-18 के लिये गेहूं पर समर्थन मूल्‍य के अतिरिक्‍त रूपये 265 प्रति क्विंटल की दर से प्रोत्‍साहन राशि देने का प्रावधान किया गया। (ख) प्रश्‍नांश (क) के क्रम में गेहूं पर बोनस की योजना विचाराधीन नहीं है।

सोयाबीन पर बोनस राशि का प्रावधान 

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

14. ( क्र. 128 ) श्री भूपेन्द्र सिंह : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या पूर्ववर्ती सरकार ने केबिनेट प्रस्‍ताव के माध्‍यम से इस वर्ष खरीफ फसल सोयाबीन पर समर्थन मूल्‍य के अतिरिक्‍त बोनस राशि देने का प्रावधान किया था? यदि हाँ, तो बोनस राशि क्‍या है? (ख) प्रदेश के कितने कृषकों को इसका लाभ प्रदान किया गया?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री सचिन सुभाषचन्‍द्र यादव ) : () हां। अधिसूचित मंडियों में विक्रय पर सोयाबीन फसल के लिए रू. 500 प्रति क्विंटल तक फ्लेट भावांतर भुगतान योजनान्‍तर्गत प्रोत्‍साहन राशि के रूप में देने का प्रावधान किया गया था किन्‍तु प्रति क्विंटल कितनी राशि प्रोत्‍साहन के रूप में दी जानी है, इसका निर्णय नहीं लिया गया था। (ख) प्रदेश में फ्लैट भावांतर भुगतान योजनान्‍तर्गत वर्तमान सरकार ने रू. 1,500 करोड़ का प्रावधान द्वितीय अनुपूरक बजट में किया है तथा पात्रतानुसार किसानों को नियत की जाने वाली प्रोत्‍साहन राशि का भुगतान किया जाएगा।

किसानों का बिजली बिल हाफ किया जाना 

[ऊर्जा]

15. ( क्र. 129 ) श्री भूपेन्द्र सिंह : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रदेश सरकार द्वारा किसानों का बिजली बिल हाफ (आधा) करने की योजना है? यदि हाँ, तो कब तक किसानों को इसका लाभ प्रदान किया जावेगा?

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रियव्रत सिंह ) : (क) प्रदेश सरकार द्वारा 10 हार्सपावर तक के स्‍थाई एवं अस्‍थाई कृषि पंप कनेक्‍शन वाले किसानों का बिजली का बिल आधा किये जाने हेतु 'इंदिरा किसान ज्‍योति योजनाको दिनांक 07.02.2019 को स्‍वीकृति दी गई है। आगामी बिलिंग चक्र अर्थात् अप्रैल, 2019 में जारी होने वाले बिलों से किसानों को इस सुविधा का लाभ प्रदान किया जाएगा।

कर्ज से परेशान किसान द्वारा आत्‍महत्‍या

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

16. ( क्र. 142 ) श्री देवेन्द्र वर्मा : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दिनांक 11 दिसम्‍बर के बाद से आज तक प्रदेश में कितने किसानों द्वारा कर्ज से परेशान होकर आत्‍महत्‍या की है? (ख) क्‍या खण्‍डवा जिले की पंधाना विधानसभा में एक किसान द्वारा कर्जमाफी की घोषणा के बाद भी कर्ज माफ नहीं होने के कारण फांसी लगाकर आत्‍महत्‍या की है? (ग) यदि हाँ, तो किसान पर कितनी राशि का किस बैंक का कर्ज था? क्‍या किसान हित में सरकार कर्ज से परेशान किसान द्वारा आत्‍महत्‍या करने वाले परिवार को कर्जमाफी के साथ बड़ी आर्थिक सहायता देगी? (घ) क्‍या किसानों को कर्जमाफी के नाम पर विभाग के अधिकारी लाल, पीले, नीले-हरे फार्म भरवाकर भ्रमित किया जा रहा है? किसानों को भावनात्‍मक रूप से ब्‍लेकमेल किया जा रहा है? (ड.) यदि हाँ, तो क्‍या किसानों के साथ हो रहे इस छलावें को बन्‍द किया जायेगा ताकि प्रदेश में किसानों की आत्‍महत्‍या रोकी जा सके, यदि हाँ, तो कब तक?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री सचिन सुभाषचन्‍द्र यादव ) : (क) जानकारी निरंक है। (ख) जी, नहीं। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) उत्‍तरांश '' अनुसार प्रश्‍न ही उत्‍पन्‍न नहीं होता। (घ) जी, नहीं। योजनांतर्गत नियत प्रक्रिया अनुसार कार्यवाही की जा रही है। (ड.) उत्‍तरांश '' अनुसार प्रश्‍न ही उत्‍पन्‍न नहीं होता।

मीटर रीडिंग एवं बिल वितरण पद्धति

[ऊर्जा]

17. ( क्र. 162 ) इन्जी. प्रदीप लारिया : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या सागर ग्रामीण एवं बंडा ग्रामीण में एकल ठेका पद्धति लागू की गई है? (ख) क्‍या एकल ठेका पद्धति में कार्य एजेंसी से 100 प्रतिशत फोटो मीटर रीडिंग का प्रावधान रखा गया है? यदि हाँ, तो विवरण देवें। क्‍या कार्य एजेंसी द्वारा अनुबंध का पालन किया गया है? (ग) क्‍या कार्य एजेंसी के द्वारा अनुबंध का पालन न करने की स्थिति में उपभोक्‍ताओं को अनुमानित बिल प्रदाय किये गये थे एवं सरल विद्युत योजना के तहत सरकार से भी विद्युत बिल राशि ली गई है? (घ) यदि उपभोक्‍ताओं को अनुमानित बिल प्रदान किये गये हैं, तो इसके लिये कौन जिम्‍मेदार है एवं क्‍या जिम्‍मेदार अधिकारी/कर्मचारी/कार्य एजेंसी के विरूद्ध कार्यवाही की जावेगी?

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रियव्रत सिंह ) : (क) जी हाँ, म.प्र.पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के सागर ग्रामीण एवं बंडा ग्रामीण संचालन एवं संधारण संभागों में मीटर रीडिंग एवं बिल वितरण हेतु एकल ठेका पद्धति जारी है। (ख) प्रश्नाधीन एकल ठेका पद्धति के अन्तर्गत ठेकेदार एजेन्सी को जारी किये गये अवार्ड/अनुबंध की शर्तों के अनुसार कृषि उपभोक्ताओं को छोड़कर सभी निम्नदाब उपभोक्ताओं हेतु मेनुअल मीटर रीडिंग एवं फोटो बेस्ड मीटर रीडिंग, दोनों का प्रावधान रखा गया है। वर्तमान में अनुबंध की शर्तों के अनुसार ठेकेदार एजेंसी द्वारा सागर ग्रामीण एवं बंडा ग्रामीण संचालन एवं संधारण संभागों में फोटो बेस्ड मीटर रीडिंग ली जा रही है। इस प्रकार ठेकेदार एजेंसी द्वारा अनुबंध का पालन किया जा रहा है। (ग) प्रश्नाधीन क्षेत्र में जिन उपभोक्ताओं के मीटर बंद अथवा दोषपूर्ण पाये गये हैं उन उपभोक्ताओं को ही ठेकेदार एजेन्सी द्वारा विद्युत प्रदाय संहिता, 2013 के प्रावधानों के अनुसार औसत खपत के विद्युत देयक प्रदान किये गये हैं तथा शेष उपभोक्ताओं को मीटर रीडिंग के आधार पर बिल जारी किये गये हैं, अतः अनुबंध का उल्लंघन किये जाने का प्रश्न नहीं उठता। उपभोक्ताओं को मीटर रीडिंग एवं बंद/खराब मीटरों हेतु वैधानिक प्रावधानानुसार दिये गये औसत खपत के मासिक विद्युत देयकों के आधार पर सरल बिजली बिल स्कीम के तहत नियमानुसार कंपनी द्वारा सब्सिडी का क्लेम किया गया है। (घ) उत्तरांश (ग) में दर्शाए अनुसार विद्युत प्रदाय संहिता, 2013 के प्रावधानों के अनुसार ही बंद/खराब मीटर वाले उपभोक्ताओं को औसत खपत के बिल दिये गये हैं, अतः किसी अधिकारी/कर्मचारी/कार्य एजेंसी पर कार्यवाही किये जाने का प्रश्न नहीं उठता।

कड़ान सतगढ़ परियोजना के निर्माण 

[जल संसाधन]

18. ( क्र. 163 ) इन्जी. प्रदीप लारिया : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या नरयावली विधानसभा क्षेत्र अन्‍तर्गत कड़ान सतगढ़ परियोजना का कार्य वर्तमान में निमार्णाधीन है? लागत सहित जानकारी देंवे। (ख) निर्माणाधीन सतगढ़ परियोजना का कार्य कब से प्रारंभ किया गया एवं विभाग द्वारा कार्य एजेंसी से कब अनुबंध किया गया वर्तमान में प्रश्‍न दिनांक तक कार्य एजेंसी द्वारा क्‍या-क्‍या कार्य किया गया है? (ग) कार्य एजेंसी को विभाग द्वारा कब-कब किस-किस कार्य/मद का भुगतान किया गया है? भुगतान की जानकारी, राशि एवं दिनांक सहित देंवे।

जल संसाधन मंत्री ( श्री हुकुम सिंह कराड़ा ) : (क) जी हाँ। परियोजना की प्रशासकीय स्‍वीकृति दिनांक 01.04.2017 को रू. 385.79 करोड़ की 9990 हेक्‍टर सैच्‍य क्षेत्र हेतु प्रदान की गई। (ख) परियोजना का कार्य दिनांक 07.09.2018 को अनुबंधित होकर एजेंसी द्वारा कार्य दिनांक 20.09.2018 से प्रारंभ कर दिया गया है, जो प्रारंभिक चरण में है। (ग) एजेंसी को भुगतान नहीं किया गया है। अतः शेष प्रश्न उत्पन्न नहीं होते हैं।

बरगी विधानसभा में पायली परियोजना में धांधली 

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

19. ( क्र. 177 ) श्री संजय यादव (सिवनी टोला) : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या जिला जबलपुर के अन्‍तर्गत जल निगम द्वारा पायली परियोजना के अन्‍तर्गत आदिवासी बाहुल्‍य अन्‍य ग्रामों में पेयजल आपूर्ति हेतु पाईप लाईन पानी की टंकी आदि का निर्माण किया जा रहा है? यदि हाँ, तो किन-किन ग्रामों में पाईप लाईन एवं पानी की टंकी का निर्माण किया जावेगा सूची देवें? यह भी बताया जावे कि योजना में कुल कितनी राशि का व्‍यय किया जावेगा। (ख) प्रश्‍नांश (क) में होने वाले कार्यों की कुल लागत कितनी है? किन-किन फर्मों द्वारा निविदा, किस दर पर डाली गई, विवरण सहित बतावें? यह भी बताया जावे कि इस योजना के अंतर्गत किस फर्म को किस दर पर निविदा प्राप्‍त हुई है? फर्म द्वारा वर्तमान में कितना कार्य कर भुगतान प्राप्‍त कर लिया है? (ग) क्‍या जल निगम द्वारा कराये जा रहे पायली परियोजना की कार्य योजना गलत बनी है? जिससे शासन को राजस्‍व की आर्थिक क्षति हुई है जबकि जल लाभान्वित ग्रामों के पास से अन्‍य स्‍त्रोतों से प्राप्‍त कर राजस्‍व को बचाया जा सकता था, यदि हाँ, तो कहां? क्‍या अधिकारियों/ कर्मचारियों ने एक फर्म को लाभ पहुंचाने की दृष्टि से फर्म द्वारा बताये अनुसार ही कार्यों का अनुमोदन कर निविदा प्रदान कर दी, यदि हाँ, तो क्‍यों? क्‍या दोषी अधिकारियों के विरूद्ध शासन उच्‍चस्‍तरीय जांच कर कार्यवाही करेगी, यदि हाँ, तो कब तक?

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( श्री सुखदेव पांसे ) : (क) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट  अनुसार है। योजना में निविदा लागत रूपये 645.46 करोड़ है। (ख) रूपये 645.46 करोड़ है। मेसर्स लार्सन एण्ड टुब्रो कंस्ट्रक्शन लिमिटेड चेन्नई द्वारा रूपये 645.46 करोड़ एवं मेसर्स इंडियन ह्यूम पाईप कंपनी लिमिटेड मुंबई द्वारा रू. 666.20 करोड़ निविदा दर डाली गई। मेसर्स लार्सन एण्ड टुब्रो कंस्ट्रक्शन लिमिटेड चेन्नई को न्यूनतम दर के आधार पर निविदा प्राप्त हुई। अभी तक कोई भुगतान नहीं किया गया है। (ग) जी नहीं। जी नहीं, शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता।

म.प्र.क.क्षे.वि.वि.कं. में अतिरिक्‍त रीजन हेतु

[ऊर्जा]

20. ( क्र. 191 ) श्री मुन्नालाल गोयल (मुन्ना भैया) : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या भोपाल रीजन में 23.84 लाख तथा ग्‍वालियर रीजन में 19.30 लाख निम्‍न दाब विद्युत उपभोक्‍ता हैं? यदि हाँ, तो वर्ष 2004 की तुलना में कितने प्रतिशत की वृद्धि हुई? (ख) क्‍या वर्तमान में 44.14 लाख  उपभोक्‍ताओं की समस्‍या निराकरण हेतु तृतीय नवीन रीजन की आवश्‍यकता नहीं हैं? यदि हाँ, तो गुना रीजन बनाए जाने में क्‍या आपत्ति है? यदि नहीं, तो कब तक बनाये जाने की संभावना है? (ग) क्‍या वर्तमान में मध्‍यक्षेत्र के अंतर्गत 15 वृत्‍त हैं? बढ़ते हुये उपभोक्‍ताओं की समस्‍या निराकरण हेतु अतिरिक्‍त वृत बनाए जाने की कोई योजना है? यदि हाँ, तो कब तक? (घ) क्‍या जिला ग्‍वालियर और दतिया जिले में डवरा में नवीन वृत बनाया जा सकता है? क्‍या प्रस्‍तावित दतिया वृत के स्‍थान पर डवरा में सर्किल आफिस बनाये जाने में कोई आपत्ति है?

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रियव्रत सिंह ) : (क) जी हाँ। वर्ष 2004 की तुलना में निम्‍न दाब विद्युत उपभोक्‍ताओं की संख्‍या में म.प्र. मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के भोपाल क्षेत्र (रीजन) में 131 प्रतिशत एवं ग्‍वालियर क्षेत्र (रीजन) में 163 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। (ख) म.प्र. मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी में विद्यमान विद्युत उपभोक्‍ताओं की समस्‍याओं के निराकरण एवं उन्‍हें नियमानुसार विद्युत प्रदाय उपलब्‍ध कराने हेतु सभी आवश्‍यक सेवाएँ प्रदान करने के लिये म.प्र.मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी क्षेत्रान्‍तर्गत वर्तमान में स्‍थापित 2 रीजनों में उपलब्‍ध व्‍यवस्‍थाएँ पर्याप्‍त हैं। अत: गुना सहित अन्‍यत्र कहीं भी वर्तमान में नवीन रीजन के गठन की आवश्‍यकता नहीं है। उक्‍त परिप्रेक्ष्‍य में समय-सीमा बताए जाने का प्रश्‍न नहीं उठता। (ग) जी हाँ, म.प्र. मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी क्षेत्रान्‍तर्गत 15 वृत्‍त कार्यालय क्रियाशील है। वर्तमान में दतिया, अशोकनगर एवं हरदा जिलों के अतिरिक्‍त म.प्र. मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के अन्‍तर्गत अन्‍य सभी जिला मुख्‍यालयों पर वृत कार्यालय कार्यरत हैं। म.प्र. मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी क्षेत्रान्‍तर्गत जिला दतिया, अशोकनगर एवं हरदा में जिला मुख्‍यालय पर वृत्‍त कार्यालय की स्‍थापना के प्रस्‍ताव कंपनी मुख्‍यालय में दिनांक 07.02.2019 को प्राप्‍त हुए हैं, जिनका परीक्षण किया जा रहा है। (घ) उत्‍तरांश '' में दर्शाए अनुसार म.प्र. मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के अन्‍तर्गत जिला मुख्‍यालय पर वृत्‍त कार्यालय स्‍थापित होने अथवा इस हेतु कार्यवाही प्रक्रियाधीन होने के परिप्रेक्ष्‍य में, अन्‍यत्र वृत्‍त कार्यालय की स्‍थापना का कोई प्रस्‍ताव विचाराधीन नहीं है।

गायों एवं गौवंशों की समुचित व्‍यवस्‍था कर किसानों के फसल की सुरक्षा 

[पशुपालन]

21. ( क्र. 213 ) श्री के.पी. त्रिपाठी : क्या पशुपालन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या रीवा जिले के विधानसभा क्षेत्र सेमरिया अन्‍तर्गत बसामन मामा के पास दो हजार बेसहारा गायों एवं गौ वंशों के ठहरने हेतु गौशाला संचालित हैं? (ख) यदि हाँ, तो क्‍या इस गौशाला का उन्‍नयन दो हजार से दस हजार कर गायों एवं गौवंशों के ठहरने एवं भोजन इत्‍यादि की व्‍यवस्‍था की जावेगी? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्‍यों? (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के प्रकाश में क्‍या इस गौशाला में 22 एकड़ की जमीन एवं अभयारण्य भी लगा है? जिसमें गौवंश चरने भी जाते हैं? क्‍या इसका उन्‍न्‍यन किया जायेगा? यदि हाँ, तो कब तक एवं यदि नहीं, तो क्‍यों?

पशुपालन मंत्री ( श्री लाखन सिंह यादव ) : (क) जी हाँ। अधोसंरचना की दृष्टि से गौशाला में 600 गौवंश रखने की क्षमता है। (ख) जी नहीं। शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी हाँ। जी हाँ। उन्‍नयन की कार्यवाही विचाराधीन नहीं है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

संबल योजनांतर्गत पात्र हितग्राहियों को योजना का लाभ नहीं दिया जाना

[ऊर्जा]

22. ( क्र. 233 ) श्री दिलीप सिंह गुर्जर : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) संबल योजनांतर्गत नागदा खाचरौद विधान सभा क्षेत्र में कितने हितग्राहियों के पंजीयन हुए हैं? पंजीकृत हितग्राहियों की संख्‍या तथा उनके विद्युत बिल की माफ की गई कुल राशि बतावें। (ख) नागदा-खाचरौद विधान सभा क्षेत्र में संबल योजना के अंतर्गत विद्युत बिल माफी हेतु कितने लोगों का आवेदन मिलने पर भी पंजीयन नहीं हो पाया है? इसमें दोषी अधिकारियों के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की गई है?

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रियव्रत सिंह ) : (क) मुख्‍यमंत्री जन कल्‍याण (संबल) योजना, 2018 के तहत् पंजीकृत श्रमिकों तथा मध्‍यप्रदेश भवन एवं अन्‍य संनिर्माण कर्मकार कल्‍याण मंडल के अंतर्गत पोर्टल पर पंजीकृत संनिर्माण कर्मकारों को लाभान्वित किये जाने हेतु नागदा-खाचरौद विधानसभा क्षेत्र में ''सरल बिजली बिल स्‍कीम'' में 26455 हितग्राहियों एवं ''मुख्‍यमंत्री बकाया बिजली बिल माफी स्‍कीम, 2018'' में 32949 हितग्राहियों के पंजीयन हुए हैं। ''मुख्‍यमंत्री बकाया बिजली बिल माफी स्‍कीम, 2018'' में प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में पंजीकृत किये गए सभी 32949 हितग्राहियों की विद्युत बिलों की कुल राशि रू. 1682.89 लाख माफ की गई है। (ख) नागदा-खाचरौद विधानसभा क्षेत्र में ''मुख्‍यमंत्री बकाया बिजली बिल माफी स्‍कीम-2018'' में विद्युत बिल माफी हेतु समस्‍त पात्र उपभोक्‍ताओं के आवेदनों का पंजीयन किया गया है। अत: किसी के दोषी होने अथवा किसी के विरूद्ध कार्यवाही किये जाने का प्रश्‍न नहीं उठता।

नल-जल योजना एवं हैण्‍डपंपों की जानकारी

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

23. ( क्र. 234 ) श्री दिलीप सिंह गुर्जर : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नागदा-खाचरौद विधानसभा क्षेत्र में कितनी नल-जल योजनाएं है? इसमें कितनी चालू हैं तथा कितनी बंद हैं तथा कितनी निर्माणाधीन है, स्‍थान का नाम सहित विवरण दें? (ख) नागदा-खाचरौद विधानसभा क्षेत्र में कितने हैण्‍डपंप चालू हालत में हैं तथा कितने बन्‍द हैं? बंद पड़े हैण्‍डपंपों को चालू करने हेतु शासन द्वारा क्‍या कार्यवाही की जा रही है? (ग) नागदा-खाचरौद विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत वर्ष 2015 से 31 दिसम्‍बर 2018 तक हैण्‍डपंप मरम्‍मत एवं संधारण कार्य ठेके पर दिया गया था? यदि हाँ, तो ठेकेदार/एजेन्‍सी द्वारा कितने हैण्‍डपंपों की मरम्‍मत/सुधार संधारण का कार्य किया गया? स्‍थान का नाम सहित विवरण दें तथा एजेन्‍सी को कितनी राशि का भुगतान किया गया?

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( श्री सुखदेव पांसे ) : (क) 35 नलजल योजनाएं। 31 चालू एवं 3 योजनाएं बंद हैं तथा 1 निर्माणाधीन है। शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) 1235 हैण्डपंप चालू एवं 174 हैण्डपम्प बन्द हैं। हैण्डपंप संधारण प्रक्रिया के तहत् हैण्डपंपों का संधारण निरंतर किया जाता है। (ग) जी हाँ। प्रश्नांकित अवधि में 5733 हैण्डपम्पों का, जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। रूपये 46,14,991.00 का भुगतान किया गया।

सर्किल आर्गेनाइजर के रिक्‍त पदों एवं अध्‍यापकों के रिक्‍त पदों को भरे जाना

[जनजातीय कार्य]

24. ( क्र. 242 ) श्री सुनील उईके : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जनजातीय कार्य विभाग जुन्‍नारदेव विधान सभा में सर्किल आर्गेनाइजर के कितने पद स्‍वीकृत है एवं उनमें किस की पदस्‍थापना कितने समय से है एवं छिन्‍दवाड़ा जिले में कितने पद स्‍वीकृत हैं एवं उनमें कितने समय से कौन-कौन पदस्‍थ है, रिक्‍त पदों को कब तक भरा जावेगा? (ख) छिन्‍दवाड़ा जिले के तामिया, बिछुआ, हर्रई, जुन्‍नारदेव अनुसूचित विकासखण्‍डों में जनजातिय कार्य विभाग के व्‍याख्‍याता, प्रधान अध्‍यापक वरिष्‍ठ अध्‍यापक एवं अध्‍यापक व सहायक अध्‍यापक के कितने पद स्‍वीकृत हैं एवं वर्तमान में कितने पद रिक्‍त हैं? ये रिक्‍त पद पदोन्‍नति एवं सीधी भर्ती से कब तक भरे जावेंगे?

जनजातीय कार्य मंत्री ( श्री ओमकार सिंह मरकाम ) : (क) जुन्‍नारदेव विधानसभा में सर्किल आर्गेनाइजर का पद स्‍वीकृत नहीं है। छिन्‍दवाड़ा जिले में मण्‍डल संयोजक के 07 पद स्‍वीकृत हैं। निम्‍नानुसार मण्‍डल संयोजक  पदस्‍थ हैं:-

क्र.

मण्‍डल संयोजक का नाम

जिले में पदस्‍थ तिथि

1

श्रीमती रजनी अगामें

28/07/2006

2

श्री रवि कनौजिया

06/10/2008

निश्चित अवधि बताना संभव नहीं है। (ख) स्‍वीकृत एवं रिक्‍त पदों की जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। पदोन्‍नति में आरक्षण के संबंध में विशेष अनुमति याचिका माननीय उच्‍चतम न्‍यायालय में विचाराधीन है तथा सीधी भर्ती की प्रक्रिया प्रारंभ है। निश्चित अवधि बताना संभव नहीं है।

परिशिष्ट - '' सात''

 

मार्गों के निर्माण में अनियमितता की जांच

[लोक निर्माण]

25. ( क्र. 243 ) श्री सुनील उईके : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) लोक निर्माण विभाग द्वारा विधानसभा क्षेत्र जुन्‍नारदेव जिला छिन्‍दवाड़ा में मार्ग का निर्माण संधारण, मरम्‍मत व विस्‍तारीकरण हेतु वर्ष 2012 से 2018 तक कितनी राशि आवंटित की गई, कितनी राशि व्‍यय की गई? (ख) प्रश्‍नांश (क) में किन-किन मार्गों पर निर्माण कराने हेतु कब कितनी राशि की तकनीकी एवं प्रशासकीय स्‍वीकृति दी गई? इनकी निर्माणाधीन अवधि क्‍या है? किस एजेंसी को कार्यादेश जारी किया गया? कितने प्रतिशत कार्य पूर्ण हुआ, कितनी राशि व्‍यय हुई? (ग) प्रश्‍नांश (क) में किन-किन निर्माण एजेंसियों ने निविदा की स्‍वीकृति शर्तों के तहत निर्माण कार्य पूर्ण नहीं कराया क्‍यों? दोषी एजेंसियों पर क्‍या कार्यवाही की गई? किस स्‍तर के अधिकारी द्वारा निरीक्षण, परीक्षण किस दिनांक को किया गया? क्‍या रिपोर्ट प्रस्‍तुत की गई? यदि हाँ, तो छायाप्रति उपलब्‍ध करा दें।

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सज्जन सिंह वर्मा ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ख) एवं (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है।

 

तालाब पर कब्‍जा से मुक्ति 

[राजस्व]

26. ( क्र. 252 ) श्री शिवनारायण सिंह (लल्लू भैया) : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या बांधवगढ़ तह. नौरोजाबाद राजस्‍व मण्‍डल के पटवारी खसरा नं. 120 रकबा 3.43 हे. में जो तालाब विगत तीन दशकों से हैं को रिकार्ड में दर्ज है? यदि हाँ, तो खसरे वार विस्‍तृत जानकारी देवें और यदि रिकार्ड में नहीं हैं, तो कब्‍जेदार का नाम एवं विवरण तथा की गई कार्यवाही से अवगत करावें। (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में सार्वजनिक निस्‍तार के तालाब को रोककर उक्‍त तालाब को कब तक मुक्‍त किया जावेगा? (ग) तालाब निरस्‍तीकरण के लिये कौन-कौन अधिकारी/ कर्मचारी दोषी है। और उन पर आज दिनांक तक क्‍या कार्यवाही की गई? (घ) तालाब को सुरक्षित करने के संबंध में क्‍या शासन स्‍तर पर कार्यवाही की जा रही है?

राजस्व मंत्री ( श्री गोविन्द सिंह राजपूत ) : (क) तहसील नौरोजाबाद अंतर्गत कुल 65 ग्राम 15 पटवारी हल्‍के है। समस्‍त ग्रामों में प्रश्‍नांकित आराजी खसरा नं. 120 की जांच कराई गई। किसी भी ग्राम में उक्त आराजी खसरा नं. पर तालाब दर्ज नहीं पाया गया एवं मौके पर भी तालाब नहीं पाया गया है। (ख) से (घ) प्रश्‍नांश (क) के उत्‍तर के परिप्रेक्ष्‍य में शेष प्रश्‍न उद्भूत नहीं होता है।

खदानों में खनिज उत्‍खनन के दौरान हुई दुर्घटना

[खनिज साधन]

27. ( क्र. 262 ) श्री विक्रम सिंह (विक्‍की) : क्या खनिज साधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या खदानों से खनिज निकालने के दौरान ब्‍लास्टिंग से कोई दुर्घटना न हो इस हेतु पर्याप्‍त सुरक्षा व्‍यवस्‍था की जिम्‍मेदारी लीज धारक की रहती है? (ख) यदि हाँ, तो सतना जिले के अंतर्गत प्रश्‍नकर्ता के विधान सभा क्षेत्र में रामपुर बघेलान प्रिज्‍म जॉनसन सीमेंट प्रा.लि. एवं अल्‍ट्राट्रेक सीमेंट प्रा.लि. कंपनियों के लिये दी गई लीज क्षेत्र में उत्‍खनन के दौरान 01 जनवरी 2018 से 20 जनवरी 2019 तक की अवधि में ब्‍लास्टिंग के दौरान कोई दुर्घटना की एफ.आई.आर. दर्ज की गई है? यदि हाँ, तो उसकी विवरण दें एवं पुलिस विभाग द्वारा की गई कार्यवाही से अवगत करायें।

खनिज साधन मंत्री ( श्री प्रदीप जायसवाल ) : (क) जी हां। (ख) प्रश्‍नाधीन अवधि में मेसर्स प्रिज्‍म जॉनसन सीमेंट लिमिटेड की लीज क्षेत्र में 01 घटना की एफ.आई.आर. दर्ज की गई है। जिसका विवरण संलग्‍न परिशिष्‍ट पर है।

परिशिष्ट - ''आठ''

बजट की स्‍वीकृति योजना मण्‍डल की बैठक द्वारा किए जाना

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

28. ( क्र. 272 ) श्री राकेश गिरि : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) टीकमगढ़ जिले में वर्ष 2017-18 एवं 18-19 में किसान कल्‍याण तथा कृषि विकास विभाग की हितग्राही मूलक योजनाओं का योजनावार आवंटन एवं व्‍यय राशि तथा लाभान्वित हितग्राहियों की संख्‍या उपलब्‍ध करावें (ख) क्‍या वर्णित वर्षों में जिला योजना की स्‍वीकृति हेतु जिला योजना समिति की बैठक आयोजित कर ली गई है? यदि हाँ, तो उपस्थित माननीय अध्‍यक्ष सहित सदस्‍यों की उपस्थिति एवं बैठक के विवरण की छायाप्रति उपलब्‍ध करावें। (ग) क्‍या बैठक आयोजित किए बिना बजट आवंटन के विरूद्ध व्‍यय किया गया है, यदि हाँक्‍यों एवं  इसके लिए कौन-कौन अधिकारी जिम्‍मेदार हैं? पदनाम सहित बतावें। (घ) इस कृत्‍य में क्‍या जिम्‍मेदार अधिकारियों के विरूद्ध कार्यवाही की जावेगी? यदि हाँ, तो क्‍या और कब तक? यदि नहीं, तो क्‍यों?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री सचिन सुभाषचन्‍द्र यादव ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) जी हां। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ग) जी नहीं। (घ) प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

तालाब के ग्रीन जोन एवं जलभराव क्षेत्र में सड़क निर्माण

[लोक निर्माण]

29. ( क्र. 273 ) श्री राकेश गिरि : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या टीकमगढ़ नगर के चन्‍देल कालीन महेन्‍द्र सागर तालाब के जल भराव क्षेत्र एवं ग्रीन जोन में लोक निर्माण विभाग द्वारा सड़क का निर्माण किया गया है? अगर हां तो क्‍या टाउन एण्‍ड कन्‍ट्री प्‍लान (टी एण्‍ड सी.पी.) एवं जल संसाधन विभाग की अनुमति ली गई, अगर नहीं तो क्‍यों? (ख) जिन अधिकारियों के द्वारा बिना अनुमति के जल भराव क्षेत्र में सड़क निर्माण कार्य किया गया है, क्‍या उन अधिकारियों के विरूद्ध विभाग कार्यवाही करेंगा? अगर हां तो क्‍या और कब तक? यदि नहीं, तो क्‍यों? (ग) क्‍या ठेकेदार द्वारा सड़क निर्माण के लिये सड़क किनारे से मिट्टी खोदी गई है? यदि हाँ, तो ऐसा क्‍यों किया गया है? क्‍या यह नियम के विरूद्ध नहीं है? यदि हाँ, तो ऐसे ठेकेदार के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की जावेगी और कब तक? यदि नहीं, तो क्‍यों?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सज्जन सिंह वर्मा ) : (क) जी नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) उत्‍तरांश '' के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी नहीं शेष प्रश्‍नांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

वर्ष 2007-08 में बने जाति-प्रमाण पत्र वर्ष 1997 में नौकरी पाना

[जनजातीय कार्य]

30. ( क्र. 289 ) श्री प्रदीप पटेल : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या कार्यालय आयुक्‍त, जनजाति कार्य विभाग (राज्‍य स्‍तरीय अनुसूचित जनजाति छानबीन समिति) मध्‍यप्रदेश के पत्र क्रमांक/जा.प्र.समिति/1619/2015/2160 भोपाल दिनांक 24.01.2018 से कलेक्‍टर दमोह (म.प्र.) को शोभित पिता खूबचंद, तहसील जबेरा जिला दमोह के जाति प्रमाण पत्र की पुष्टि कराये जाने हेतु पत्र लिखा गया गया था? (ख) क्‍या उक्‍त पत्र में लिखा है कि श्री शोभित पिता श्री खूबचंद, तहसील जबेरा जिला दमोह के जाति प्रमाण पत्र की जांच के संबंध में उच्‍च स्‍तरीय छानबीन समिति की बैठक दिनांक 19.01.2018 में लिये गये निर्णय अनुसार संबंधित को न्‍यायालय नायब तहसीलदार जबेरा जिला दमोह के पत्र क्रमांक/प्र.वा./ना.तह./08 जबेरा दिनांक 16.09.2008 में अंकित जाति प्रमाण पत्र क्रमांक/रा.प्र.क्र. 492 बी 121/07-08 में जारी किया गया है, प्रति संलग्‍न है? (ग) जब श्री शोभित का अनुसूचित जन जाति (हल्‍वा) का जाति प्रमाण पत्र 2007-2008 में जारी हुआ तो उक्‍त श्री शोभित 1997 में किस सक्षम कार्यालय के द्वारा जारी अनुसूचित जनजाति के जाति प्रमाण पत्र के आधार पर औषधि निरीक्षक के पद पर नियुक्‍त हुआ? नायब तहसील/तह./एसडीएम/कलेक्‍टर के द्वारा 1997 या पूर्व में जारी जाति प्रमाण पत्र उपलब्‍ध करायें? (घ) क्‍या छानबीन समिति ने तहसीलदार, तहसील जबेरा जिला दमोह म.प्र. का क्रमांक/ 164/12.10.2018 को सूचना के अधिकार के तहत का पत्र देखा? क्‍या छानबीन समिति ने देखा कि नौकरी 1997 में पाई? जाति प्रमाण पत्र 2007-08 में जारी हुआ? राज्‍य शासन उक्‍त छानबीन समिति के विरूद्ध कब तक एवं क्‍या कार्यवाही करेगी?

जनजातीय कार्य मंत्री ( श्री ओमकार सिंह मरकाम ) : (क) एवं (ख) जी हाँ। संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार। (ग) लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण से जानकारी एकत्रित की जा रही है। (घ) प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''नौ''

लोक निर्माण विभाग खण्‍ड मुरैना B/R संबंधी कार्य 

[लोक निर्माण]

31. ( क्र. 301 ) श्री गिर्राज डण्‍डौतिया : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जनवरी 2015 से दिसंबर, 2018 तक की अवधि में विधानसभा क्षेत्र 07 दिमनी जिला मुरैना में पी.डब्‍लू.डी. विभाग द्वारा कितने रोड मार्ग व भवन निर्माण कार्य स्‍वीकृति होकर पूर्ण, निर्माणाधीन एवं प्रक्रियाधीन हैं? (ख) क्‍या विगत 3 वर्ष में पी.डब्‍लू.डी. खंड मुरैना में विभागीय जनप्रतिनिधियों द्वारा कार्य स्‍वीकृत हेतु आवेदन शासन को प्राप्‍त हुये? यदि हाँ, तो  उनमें से कितने स्‍वीकृति/प्रक्रियाधीन व अस्‍वीकृत हैं व प्रक्रियाधीन कार्य कब तक पूर्ण कर दिए जावेंगे?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सज्जन सिंह वर्मा ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '', 'अ-1' अनुसार है। (ख) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' एवं 'ब-1' अनुसार है।

नल-जल योजनाओं का संचालन

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

32. ( क्र. 302 ) श्री गिर्राज डण्‍डौतिया : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र 07 दिमनी अन्‍तर्गत जिला मुरैना पी.एच.ई.डी. द्वारा कितनी नल-जल योजनायें स्‍वीकृत होकर संचालित हैं? (ख) प्रश्‍नांश (क) में वर्णित कितनी योजनायें संचालित एवं कार्यरत हैं, कितनी बंद हैं? बंद होने के कारण क्‍या हैं कब तक प्रारंभ कर दी जायेगी? (ग) क्‍या वित्‍तीय वर्ष 2018-19 में पी.एच.ई.डी. म.प्र. शासन द्वारा बंद योजनाओं को प्रारंभ हेतु राशि स्‍वीकृत की थी? यदि हाँ, तो क्‍या सभी बंद योजनाओं को प्रारम्‍भ कर दिया गया है? नहीं तो क्‍यों? कब तक पूर्ण हो सकेंगी? क्‍या स्‍वीकृत राशि का वित्‍तीय वर्ष में उपयोग हो चुका है या शेष है? यदि हाँ, तो कितनी राशि शेष है? इस हेतु कौन-कौन जिम्‍मेदार है, क्‍या शासन उनके खिलाफ कब तक कोई कार्यवाही करेगा?

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( श्री सुखदेव पांसे ) : (क) 46 योजनाएं। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) जी हाँ। कार्यवाही प्रक्रियाधीन है, निश्चित समयावधि नहीं बताई जा सकती है। राशि का उपयोग किया जा रहा है। प्रदेश में इस मद में रूपये 4502.03 लाख की राशि शेष है। कोई जिम्मेदार नहीं है, कार्यवाही का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - ''दस''

भवन मरम्‍मत कार्यों के सत्‍यापनकर्ता 

[लोक निर्माण]

33. ( क्र. 313 ) श्री रवि रमेशचन्द्र जोशी : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विगत 3 वर्षों के कार्यालय, कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण विभाग (भवन एवं पथ) खरगोन, संभाग खरगोन द्वारा मद 67-2216 एवं 67-2059 के अंतर्गत साधारण मरम्‍मत एवं अनुरक्षण कार्यों की सूची राशि सहित देवें। इनके मूलयांकनकर्ता/सत्‍यापनकर्ता अधिकारी का नाम व पद का भी उल्‍लेख करें। (ख) उक्‍त कार्यों के कार्य या झोन अनुसार प्राक्‍कलन तैयार किये गये थे यदि हाँ, तो इन प्राक्‍कलनों पर कार्यवार जारी या एकमुश्‍त जारी तकनीकी स्‍वीकृति की प्रति देवें। (ग) उक्‍त कार्यों के लिए प्राप्‍त निविदा/कोटेशनों की जानकारी कार्यवार एवं निविदा उपरांत तय एजेंसियों की कार्यवार जानकारी दें।

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सज्जन सिंह वर्मा ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ एवं ब अनुसार है। (ख) जी हां। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ एवं ब अनुसार है।

राज्‍य शासन के निर्देशों के बाद भी समय-सीमा में जांच पूरी नहीं किया जाना 

[राजस्व]

34. ( क्र. 321 ) श्री डब्बू सिद्धार्थ सुखलाल कुशवाहा : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या म.प्र. शासन राजस्‍व विभाग मंत्रालय वल्‍लभ भवन भोपाल के पत्र क्रमांक 773/2018/सात-2ए दिनांक 18.05.2018 से कलेक्‍टर सतना को पत्र लिखा गया था? पत्र की एक प्रति देते हुये बतायें कि प्रश्‍नतिथि तक कलेक्‍टर सतना ने उक्‍त पत्र पर कब व क्‍या कार्यवाही की है? जारी सभी आदेशों की एक प्रति दें। (ख) क्‍या प्रश्‍नांश (क) में वर्णित उक्‍त पत्र के संदर्भ में तत्‍कालीन नेता प्रतिपक्ष के तारांकित प्रश्‍न क्रमांक 757 दिनांक 7 मार्च 2018 का उल्‍लेख है? क्‍या उक्‍त पत्र में लेख है कि मुख्‍य सचिव कार्यालय का मॉनिटरिंग क्रमांक 1780/2018 एवं राजस्‍व विभाग का पत्र क्रमांक 429/773/2018 दिनांक 10.04.18 से भी कलेक्‍टर सतना को पत्र लिखा गया था? (ग) क्‍या उक्‍त पत्र में 15 दिवस की समय-सीमा जांच हेतु तय की गयी थी? दिनांक 18.05.2018 से प्रश्‍नतिथि के मध्‍य कलेक्‍टर सतना के द्वारा जनहित के इस गंभीर विषय पर जिसे तत्‍कालीन मा. राजस्‍व मंत्री ने सदन में गड़बड़ी को स्‍वीकार कर मुख्‍य सचिव से जांच के आदेश सदन से जारी किये थे में क्‍या-क्‍या कार्यवाही किस आदेश क्रमांकों से किन-किन दिनांकों से कब की गई? जारी सभी आदेशों की एक-एक प्रति उपलब्‍ध करायें।

राजस्व मंत्री ( श्री गोविन्द सिंह राजपूत ) : (क) जी हाँ। इस संदर्भ में कलेक्‍टर कार्यालय सतना के पत्र क्रमांक 381 दिनांक 23/05/2018, पत्र क्रमांक 394/ दिनांक 07/06/2018 द्वारा तहसीलदार रघुराजनगर को जांच प्रतिवेदन प्रस्‍तुत करने के निर्देश जारी किए गए थे। जिसके पालन में तहसीलदार रघुराजनगर द्वारा प्रस्‍तुत प्रतिवेदन अपूर्ण होने से कलेक्‍टर कार्यालय के पत्र क्रमांक 476/ दिनांक 27/08/2018 तथा पत्र क्रमांक 11/ दिनांक 03/01/2019 समस्‍त बिन्‍दुओं की जांच हेतु अनुविभागीय अधिकारी (राजस्‍व) रघुराजनगर जिला सतना को निर्देशित किया गया है। (पत्रों की प्रतियां पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अ अनुसार है।) (ख) जी हां। (ग) जी हां। उक्‍त पत्र में 15 दिवस की समय-सीमा जांच हेतु तय की गई थी। जी हाँकलेक्‍टर सतना द्वारा की गई कार्यवाही उपरोक्‍त प्रश्‍नांश (क) में दिए गए विवरण अनुसार है। प्रकरण में म.प्र. शासन राजस्‍व विभाग के ज्ञाप क्रमांक 26/01/2019//सात-2 दिनांक 09/01/2019 के द्वारा आयुक्‍त रीवा संभाग रीवा को जांच हेतु लिखा गया है तथा आयुक्‍त रीवा संभाग रीवा के आदेश दिनांक 02/02/2019 के द्वारा कमेटी गठित कर जांच की कार्यवाही प्रारंभ कर दी गयी है। (पत्र की प्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-ब अनुसार है।)


सिंहस्‍थ 2016 में लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकी विभाग द्वारा की गई अनि‍यमितताएं

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

35. ( क्र. 332 ) श्री संजय शुक्ला : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) उज्जैन सिंहस्थ, 2016 के दौरान पेयजल हेतु खरीदी गई पानी की प्लास्टिक टंकियों एवं स्टैंड खरीदी में करोड़ों रूपये के घोटालों को दृष्टिगत रखते हुए किसी-किस विभाग द्वारा जांच कर अपराध दर्ज हुआ है? (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में पेयजल टंकिया एवं स्टैंड विभाग ने कितनी-कितनी क्षमता की व कितनी-कितनी राशि की कितनी संख्या में क्रय की गई? (ग) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में टंकियां व स्टैंड खरीदी के लिये कब-कब निविदाएं आमंत्रित की गईं? निविदा में अंतिम रूप से किस फर्म/कंपनी का चयन हुआ? दर व क्षमतावार विवरण दें? किन-किन ठेकेदारों को कितनी-कितनी राशि भुगतान की गई व कितनी राशि का भुगतान किया जाना शेष है? शेष राशि का भुगतान कब तक किया जायेगा? (घ) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में क्या क्रय की गई टंकियां/ स्टैंड में अनियमितताएं पाई गई थीं? हां या नहीं? यदि हाँ, तो क्‍या अनियमितताएं थीं?

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( श्री सुखदेव पांसे ) : (क) उज्जैन सिंहस्थ, 2016 के दौरान पेयजल हेतु खरीदी की गई पानी की टंकियों एवं स्टैण्ड खरीदी में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी परियोजना खण्ड उज्जैन के विरूद्ध कोई भी अपराध प्रकरण दर्ज नहीं है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र- अनुसार है। (ग) प्रश्नांश () के संदर्भ में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी परियोजना खंड उज्जैन द्वारा केवल टंकी एवं स्टैण्ड खरीदी के लिए निविदाएँ आमंत्रित नहीं की गईं बल्कि टंकियों के प्रदाय मय एम.एस.स्टैण्ड स्थापना तथा स्टैण्ड पोस्ट निर्माण कार्य संचालन संधारण सहित निविदाएँ की गई थीं। शेष प्रश्नांश की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ख" अनुसार है। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी संधारण खण्ड नगरपालिक निगम उज्जैन द्वारा आमंत्रित निविदाओं की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ग" अनुसार है। (घ) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी परियोजना खण्ड उज्जैन के अंतर्गत क्रय की गई टंकियों/स्टैण्ड में कोई अनियमितता नहीं पाई गई, शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी संधारण खंड नगरपालिक निगम उज्जैन के अंतर्गत टंकी/स्टैण्ड की खरीदी में कथित अनियमितता से संबंधित आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो में दर्ज शिकायत क्रमांक 187/18 के अंतर्गत तथा विभागीय जांच अपर कलेक्टर जिला उज्जैन के अंतर्गत जारी है।

अवैध रेत उत्‍खनन से शासन को होने वाली राजस्‍व की हानि

[खनिज साधन]

36. ( क्र. 333 ) श्री संजय शुक्ला : क्या खनिज साधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में विगत् 05 वर्षों में नर्मदा नदी में अवैध रेत उत्खनन की कितनी शिकायतें प्राप्त हुईं? (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में शिकायत पर खनिज अधिकारियों ने रेत उत्खनन क्षेत्र के बाहर खनन करने वाले कितने ठेकेदारों के विरूद्ध क्या-क्या कार्यवाही की है? कहाँ-कहाँ पर अवैध रेत उत्खनन कार्यवाही की गई? (ग) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में अवैध रेत उत्खनन करने वाले ठेकेदारों से कितनी राशि रायल्टी के रूप में वसूली की गई? रायल्टी से कितनी आय शासन को प्राप्‍त हुई वर्षवार जानकारी दें? (घ) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में अवैध रेत उत्खनन करने वाले कितने वाहनों को राजसात किया गया?

खनिज साधन मंत्री ( श्री प्रदीप जायसवाल ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अ पर दर्शित है। (ख) वांछित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-ब पर दर्शित है। (ग) अवैध उत्‍खनन के प्रकरणों में संबंधित सक्षम न्‍यायालय द्वारा अर्थदण्‍ड में रॉयल्‍टी शामिल कर आरोपित किए जाने पर अर्थदण्‍ड की वसूली की जाती है। जिसका विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-ब पर दर्शित है। शेष प्रश्‍न ही उद्भूत नहीं होता है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अ पर दर्शित है।

कुंडालिया परियोजना अन्‍तर्गत मुआवजा वितरण में अनियमितता

[राजस्व]

37. ( क्र. 342 ) श्री विक्रम सिंह राणा गुड्डू भैया : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र सुसनेर अंतर्गत कुण्‍डालिया बांध परियोजना से पूर्णत:/अंशत: प्रभावितों के पुनर्वास एवं मुआवजा वितरण की क्‍या स्थिति है? लंबित प्रकरणों की पूर्ण जानकारी देवें। (ख) कुं‍डालिया परियोजना अंतर्गत सिंचित भूमि को असिंचित एवं इसके विपरीत असिंचित भूमि को सिंचित बनाकर मुआवजा वितरण, डूब क्षेत्र में आने के उपरांत भी मुआवजा वितरण नहीं करने संबंधी कितनी शिकायतें/मांगपत्र जिला अधिकारियों/उपसंभाग अधिकारियों को विगत 01 वर्ष में प्राप्‍त हुए है? प्राप्‍त आवेदनों पर क्‍या कार्यवाही की गई? विवरण देवें। (ग) क्‍या कुंडालिया परियोजना अंतर्गत अनियमित मुआवजा वितरण की उच्‍च स्‍तर से जांच की जावेगी एवं दोषियों पर कार्यवाही होगी? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्‍या इसकी समीक्षा कर कार्यवाही पर विचार होगा? (घ) परियोजना अंतर्गत पुनर्वास एवं मुआवजा वितरण के लंबित प्रकरणों के शीघ्र निराकरण हेतु राजस्‍व विभाग के समन्‍वय से शीघ्र कोई प्रभावी कार्यवाही की जावेगी? पाक्षिक रूप से कैम्‍प लगाकर लंबित प्रकरणों के शीघ्र निराकरण की योजना बनाई जावेगी?

राजस्व मंत्री ( श्री गोविन्द सिंह राजपूत ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। सभी प्राप्‍त प्रकरणों का निराकरण किया गया है। मात्र न्‍यायालय में विचाराधीन प्रकरणों में भू-अर्जन अधिकारी राजस्‍व विभाग द्वारा यथा स्थिति रखी गई है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। (ग) मुआवजा वितरण की समय-समय पर जिला भू-अर्जन अधिकारी द्वारा समीक्षा की जाती है। तथा जांच में दोषी पाये जाने पर कार्यवाही की जाती है। (घ) वर्तमान माह जनवरीफरवरी 2019 में ग्राम-सामरीरोजड़ीपटना भिलखेड़ीलटूरीउमठभण्‍डावद एवं गडि़या में कैंप लगाकर कार्यवाही की गई है। इससे पूर्व भी समय समय पर ग्रामवार कैंप लगाकर आपत्तियों का निराकरण किया जाता रहा है। पाक्षिक रूप से कैम्‍प लगाने की कोई योजना नहीं है।

विद्युतीकरण का कार्य

[ऊर्जा]

38. ( क्र. 368 ) श्री रामपाल सिंह : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विद्युतविहीन ग्रामों, मजरा, टोला आदि के विद्युतीकरण की कौन-कौन सी योजनायें संचालित हैं? रायसेन जिले के किन-किन ग्रामों, मजरा-टोला आदि का विद्युतीकरण कार्य नहीं हुआ तथा क्‍यों? कब तक होगा? (ख) 23 जनवरी 19 की स्थिति में रायसेन जिले में कहाँ-कहाँ के ट्रांसफार्मर कब से जले एवं खराब हैं? उक्‍त ट्रांसफार्मर क्‍यों नहीं बदले गये? कब तक बदल दिये जायेंगे? (ग) रायसेन जिले में फीडर सेपरेशन का कार्य अपूर्ण तथा अप्रारंभ क्‍यों है? उक्‍त कार्य कब तक पूर्ण होगा? (घ) मुख्‍यमंत्री स्‍थायी पम्‍प कनेक्‍शन योजना के अंतर्गत 23 जनवरी,2019 की स्थिति में रायसेन जिले में कितने किसानों के ट्रांसफार्मर रखवाया जाना शेष है? कब तक रखवायेंगे?

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रियव्रत सिंह ) : (क) रायसेन जिले में अविद्युतीकृत ग्रामों/मजरों/टोलों आदि के विद्युतीकरण तथा विद्युतीकृत ग्रामों/मजरों/टोलों आदि के सघन विद्युतीकरण सहित विद्युत अधोसंरचना के सुदृढ़ीकरण, मीटरीकरण, फीडर विभक्तिकरण आदि कार्यों हेतु दीनदयाल उपाध्‍याय ग्राम ज्‍योति योजना एवं राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना संचालित हैं। रायसेन जिले के सभी ग्रामों/मजरों/टोलों के विद्युतीकरण का कार्य पूर्ण किया जा चुका है। (ख) दिनांक 23 जनवरी, 2019 की स्थिति में रायसेन जिले में 3 जले/खराब वितरण ट्रांसफार्मर संबद्ध उपभोक्‍ताओं द्वारा नियमानुसार विद्युत बिल की बकाया राशि जमा नहीं करने के कारण बदले जाने हेतु शेष थे। तदुपरांत नियमानुसार विद्युत बिल की बकाया राशि जमा होने पर 2 वितरण ट्रांसफार्मर बदले जा चुके हैं तथा शेष एक वितरण ट्रांसफार्मर संबद्ध उपभोक्‍ताओं द्वारा नियमानुसार विद्युत बिल की बकाया राशि जमा करने के उपरांत बदल दिया जायेगा, जिस हेतु निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। उक्‍त ट्रांसफार्मरों की स्‍थानवार, जलने/खराब होने तथा बदले जाने की दिनांक सहित प्रश्‍नाधीन चाही गई जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) रायसेन जिले में संबंधित ठेकेदार एजेंसियों द्वारा श्रमिकों की समय पर अनुपलब्‍धता, वित्‍तीय समस्‍या, राईट ऑफ वे की समस्‍या आदि विभिन्‍न कारणों से कार्य में विलंब किये जाने के कारण फीडर विभक्तिकरण कार्य कतिपय प्रकरणों में अप्रारंभ/अपूर्ण है। उक्‍त अप्रारंभ/अपूर्ण कार्यों को दिसम्‍बर, 2019 तक पूर्ण किये जाने के प्रयास किये जा रहे हैं। (घ) मुख्‍यमंत्री स्‍थाई कृषि पंप कनेक्‍शन योजना अंतर्गत दिनांक 23 जनवरी, 2019 की स्थिति में रायसेन जिले में 1204 कृषकों को स्‍थाई कृषि पम्‍प कनेक्‍शन प्रदान करने हेतु विद्युत अधोसंरचना के विस्‍तार सहित आवश्‍यकतानुसार वितरण ट्रांसफार्मर स्‍थापित करने का कार्य शेष है, जिसे योजनान्‍तर्गत निर्धारित समय-सीमा (कृषक द्वारा अंश राशि जमा करने के उपरांत 6 माह) में पूर्ण करने के प्रयास किये जा रहे हैं।

परिशिष्ट - ''ग्‍यारह''

किसानों को राशि का भुगतान

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

39. ( क्र. 379 ) श्री देवेन्‍द्र सिंह पटेल : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रायसेन जिले में जनवरी 2019 की स्थिति में समर्थन मूल्‍य पर गेहूं, चना, मूंग, मसूर आदि फसलों की भावांतर भुगतान योजना में कितने किसानों की कितनी राशि का भुगतान बकाया है? तहसीलवार जानकारी दें। (ख) उक्‍त किसानों को कब तक राशि का भुगतान किया जायेगा? (ग) प्रश्‍नांश (क) राशि भुगतान न होने के लिये कौन-कौन अधिकारी जवाबदार है? (घ) क्‍या किसानों को ब्‍याज सहित राशि का भुगतान किया जायेगा? यदि नहीं, तो क्‍यों?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री सचिन सुभाषचन्‍द्र यादव ) : () जनवरी 2019 की स्थिति में खरीफ 2017 में मूंग, उड़द, सोयाबीन, मक्‍का, तुअर, मूंगफली, तिल एवं रामतिल फसलों को भावांतर योजना के अन्‍तर्गत कृषकों द्वारा अधिसूचित मंडियों में विक्रय किये जाने वाले 12 कृषकों को तुअर फसल की भावांतर राशि रू. 116793/- का भुगतान शेष है। तहसीलवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) एन.आई.सी. भोपाल द्वारा गणना पत्रक सूची प्रदर्शित होने के पश्‍चात भुगतान की कार्यवाही की जावेगी। (ग) भावांतर भुगतान योजनान्‍तर्गत तुअर फसल विक्रय किये जाने वाले 12 कृषकों के भुगतान लंबित होने का कारण नीलामी के दौरान कृषकों के गलत पंजीयन नंबर अंकित है। जिनके विक्रय संव्‍यवहारों की प्रविष्‍ट पोर्टल पर समय पर दर्ज नहीं हो सकी है तथा बाद में पोर्टल बंद हो गया। प्रबंध संचालक मंडी बोर्ड से कलेक्‍टर रायसेन के पत्र क्रमांक/टीए/भा.भु.यो/2018-19/916-17 रायसेन दिनांक 02.02.2019 द्वारा उक्‍त शेष कृषकों के भुगतान हेतु मार्गदर्शन चाहा गया था। प्रबंध संचालक मण्‍डी बोर्ड भोपाल के पत्र क्रमांक/मं.बो./भा.भु.यो./2017/131/3474 भोपाल, दिनांक 04.02.2019 से दी गयी अनुमति अनुसार दिनांक 08.02.2019 को शेष 12 कृषकों की छूटी गई प्रविष्टियों में से 11 कृषकों की प्रविष्‍ट पूर्ण की जा चुकी है तथा 01 कृषक की प्रविष्‍ट तकनीकी कारणों से अभी भी शेष है। (घ) भावांतर भुगतान योजना अन्‍तर्गत कृषकों को अंतर की राशि पर ब्‍याज देने का कोई प्रावधान नहीं है।

लंबित प्रकरणों का निराकरण कर मुआवजे का भुगतान

[राजस्व]

40. ( क्र. 381 ) श्री देवेन्‍द्र सिंह पटेल : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जनवरी 19 की स्थिति में रायसेन जिले में सीमांकन, बंटवारा, नामांतरण तथा आर.बी.सी. 6 (4) के तहत राहत राशि भुगतान के कितने प्रकरण कब से एवं क्‍यों लंबित है? तहसीलवार जानकारी दें। (ख) उक्‍त प्रकरणों का निराकरण कब तक होगा? उक्‍त लंबित प्रकरणों की समीक्षा किन-किन अधिकारियों ने कब-कब की? परिणाम क्‍या रहा? (ग) जनवरी 19 की स्थिति में रायसेन जिले में ऐसे कितने किसान हैं जिनकी भूमि पर बांध, नहर, पुल तथा सड़क का निर्माण हो रहा है या हो गया है, परंतु उनकों मुआवजा राशि का भुगतान नहीं हुआ? भुगतान कब तक होगा? (घ) किसानों की निजी भूमि पर बांध सड़क आदि निर्माण कार्यों की स्थिति में मुआवजा राशि भुगतान के संबंध में क्‍या गणना सिंचित-असिंचित की परिभाषा के संबंध में क्‍या निर्देश है? उनकी प्रति दें।

राजस्व मंत्री ( श्री गोविन्द सिंह राजपूत ) : (क) जनवरी 2019 की स्थिति में रायसेन जिले में सीमांकन बंटवारा नामांतरण एवं आर.बी.सी. 6 (4) के लंबित प्रकरण तहसीलवार निम्‍नानुसार है:- 

तहसील

सीमांकन

बंटवारा

नामांतरण

आरबीसी 6 (4)

रायसेन

25

145

377

0

गैरतगंज

03

46

124

0

बेगमगंज

01

79

294

132

बाड़ी

03

37

246

0

सिलवानी

130

20

400

0

बरेली

0

11

88

0

उदयपुरा

26

71

240

0

गोहरगंज

09

129

502

0

सुल्‍तानपुर

0

08

67

0

योग

197

546

2338

132

 
जिले की तहसील रायसेन में बंटवारा के 10, नामांतरण के 5 तथा तहसील गैरतगंज में बंटवारा के 10, नामांतरण के 7 प्रकरण 01 वर्ष से अधिक की सीमा में विवादित होने के कारण लंबित है। (ख) अविवादित प्रकरणों को राजस्‍व लोक अदालत दिनांक 16-02-2019 में निराकरण हेतु चिन्‍हाकिंत किया गया है। लंबित प्रकरणों की समीक्षा प्रतिमाह कलेक्‍टर/अपर कलेक्‍टर/अनुविभागीय अधिकारी राजस्‍व के द्वारा नियमित रूप से की जा रही है। (ग) जनवरी 2019 की स्थिति में रायसेन जिले में कुल 3017 किसान है जिनकी भूमि पर बांध, नहर, पुल तथा सड़क का निर्माण हो रहा है या हो गया है परंतु 676 किसानों को मुआवजा राशि का भुगतान नहीं हुआ है। स्‍वत्‍व संबंधी विवाद न्‍यायालय में प्रचलित होने, संयुक्‍त रूप से कृषि भूमि अंकित होने सहखातेदारों के रूप में उपस्थिति न होने के कारण भुगतान लंबित है। (घ) मुआवजा राशि का निर्धारण भू-अर्जन, पुनर्वासन और पुर्नव्‍यवस्‍थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 26 की तहत भूमि के बाजार मूल्‍य के आधार पर होता है। बाजार मूल्‍य का निर्धारण वाणिज्‍य कर विभाग के अधीन पंजीयन एवं मुद्रांक महानिरीक्षक द्वारा अंतिम की गई कलेक्‍टर गाईडलाईन के आधार पर होता है जिसमें सिंचित एवं असिंचित के लिए पृथक-पृथक दरें निर्धारित रहती है।

मुख्‍य मंत्री ग्रामीण पेयजल योजना के अंतर्गत पेयजल का प्रदाय 

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

41. ( क्र. 389 ) श्री अनिल जैन : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या विधान सभा क्षेत्र निवाड़ी अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल प्रदाय हेतु नल-जल योजना शुरू की गई है? तो कब तक योजना में शामिल ग्रामों में पेयजल प्रदाय प्रारम्‍भ कर दिया जायेगा? गांव में सी.सी. युक्‍त रास्‍ते/गलियों में पाईप-लाईन बिछाने के लिये सी.सी. को तोड़े जाने का क्‍या प्रावधान है? (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार क्‍या यहां के गांव में लाईन बिछाते समय सड़कें तोड़कर नष्‍ट कर दिया गया है? उनकी मरम्‍मत के लिये क्‍या किसी विभाग के द्वारा कोई कदम उठाये जा रहे हैं? यदि हाँ, तो इस विधान सभा क्षेत्र के गांव में प्रश्‍नगत सड़कें कब तक ठीक कर दी जायेगी?

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( श्री सुखदेव पांसे ) : (क) जी हाँ, विधानसभा क्षेत्र निवाड़ी अंतर्गत दो ग्रामीण समूह जल प्रदाय योजनायें प्रारंभ की गई है। निवाड़ी समूह जलप्रदाय योजना अंतर्गत 32 ग्रामों में से 26 ग्रामों में जल प्रदाय प्रारम्भ कर दिया गया है, शेष ग्रामों में पाईप-लाईन टेस्टिंग का कार्य किया जा रहा है टेस्टिंग का कार्य पूर्ण होने पर नियमित जल प्रदाय प्रारम्भ कर दिया जावेगा तथा निवाड़ी-पृथ्वीपुर-1 समूह जल प्रदाय योजनान्तर्गत योजना के कार्य प्रगतिरत हैं, अनुबंध के अनुसार योजना दिनांक 26.11.2019 तक पूर्ण होना लक्षित है। इस योजना के कार्य पूर्ण होने पर जल प्रदाय प्रारंभ किया जा सकेगा। पाईप-लाईन बिछाने हेतु खोदी गई ट्रैंच को पाईप-लाईन डालने के उपरांत उसी प्रकार पूर्ववत् (पूर्वानुसार) करने का उत्तरदायित्व संबंधित निर्माण एजेंसी का है। (ख) जी नहीं, केवल पाईप लाईन कार्य हेतु सड़क पर ट्रैंच खोदी गई है। जी हाँ, पाईप लाईन बिछाने एवं टेस्टिंग का कार्य प्रगति पर है, टेस्टिंग कार्य पूर्ण होने के उपरांत ग्रामों में पाईप लाईन बिछाने हेतु सड़कों पर खोदी गई ट्रैंच में पाईप लाईन कार्य पूर्ण होने के पश्चात् सड़क को पूर्ववत् कर दिया जाएगा। यह कार्य संबंधित निर्माण एजेंसी द्वारा किया जा रहा है, निश्चित समयावधि बताया जाना संभव नहीं है।

जबलपुर मण्‍डला सड़क का निर्माण 

[लोक निर्माण]

42. ( क्र. 409 ) श्री अशोक ईश्‍वरदास रोहाणी : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) राष्‍ट्रीय राजमार्ग 12 ए जबलपुर से मण्‍डला तक कहाँ से कहाँ तक कितने-कितने कि.मी. सड़क का निर्माण कराने की मूल योजना क्‍या है? इसकी निर्माणाधीन अवधि व लागत क्‍या है? (ख) प्रश्‍नांकित सड़क निर्माण कार्य का ठेका कब किस एजेन्‍सी को किन शर्तों पर दिया गया? एजेन्‍सी ने कार्य कब प्रारंभ किया? निर्धारित कार्य योजना के तहत एजेन्‍सी ने कहाँ से कहाँ तक का कौन-कौन सा कितना कार्य निर्धारित समयावधि में पूर्ण नहीं कराया है एवं क्‍यों? कहाँ से कहाँ तक कितने कि.मी. तक का कौन सा कार्य कब से अपूर्ण/निर्माणाधीन है एवं क्‍यों? इसे कब तक पूर्ण कराया जावेगा? (ग) प्रश्‍नांश (क) में डोबीगांव और उससे आगे मण्‍डला तक का कितने कि.मी. तक का हिस्‍सा कब से अत्‍यधिक खराब है एवं क्‍यों? निर्माण कार्य निर्धारित समयावधि में पूर्ण न कराने के लिए कौन दोषी है? क्‍या शासन इसकी जांच कराकर दोषी अधिकारियों व एजेन्‍सी पर कार्यवाही करेगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सज्जन सिंह वर्मा ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' एवं '' अनुसार है। (ग) यह सही नहीं है कि डोबीगांव और उसके आगे मंडला तक का हिस्‍सा अत्‍यधिक खराब है, मार्ग का यह भाग अपूर्ण होकर निर्माण एजेंसी द्वारा वाहनों के चलने योग्‍य बनाए रखा जाता है। निर्माण कार्य निर्धारित समयावधि में पूर्ण न करने का कारण वन विभाग की अनुमति में प्रारंभिक विलंब एवं निर्माण एजेंसी के प्रबंधन में कमी होना है। अनुबंधानुसार एजेंसी को नोटिस दिया गया है। कोई अधिकारी दोषी नहीं है अत: कार्यवाही का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

वन भूमि के ग्रामों को राजस्व विभाग द्वारा राजस्व ग्रामों में व्यवस्थापन 

[राजस्व]

43. ( क्र. 423 ) श्री कुँवर विक्रम सिंह (नातीराजा) : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) छतरपुर जिले में क्या वन विभाग एवं राजस्व विभाग की भूमि का व्यवस्थापन हुआ है? यदि हुआ है तो किस दिनांक से किस दिनांक तक का व्यवस्थापन किया गया है? (ख) क्या पन्ना नेशनल पार्क से विस्थापित किए गए ग्राम मोटाचौकन,रैपुरा,चनारी के रहवासियों को विस्थापित किया गया है? (ग) प्रश्न दिनांक तक क्या इन विस्थापित ग्रामों के लोगों को भूमि स्वामी अधिकार दिए गए? यदि नहीं, तो क्‍यों?

राजस्व मंत्री ( श्री गोविन्द सिंह राजपूत ) : (क) जी हां। व्‍यवस्थापन वर्ष 2006-2007 से 2009-2010 तक किया गया। (ख) जी हां। (ग) जी नहीं। विस्‍थापित परिवारों को पन्‍ना टाईगर रिजर्व पुर्नवसाहट पर आवंटित वन भूमि के अस्‍थाई भू-अधिकार प्रमाण पत्र प्रदाय किए गए है।

निर्मित निमार्णाधीन गुणवत्‍ताविहीन कार्यों की जांच 

[लोक निर्माण]

44. ( क्र. 427 ) श्री विनय सक्सेना : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता की विधानसभा क्षेत्र जबलपुर उत्‍तर के अन्‍तर्गत वित्‍तीय वर्ष 2016-17 से वर्ष 2018-19 तक लोक निर्माण विभाग में कितना बजट प्रावधान किस-किस योजनान्‍तर्गत किया गया था? स्‍वीकृत योजनाओं में कितनी योजनाएं पूर्ण हैं एवं कितनी अपूर्ण? स्‍वीकृत राशि सहित विवरण देंवे। (ख) क्‍या प्रश्‍नांश (क) वर्णित स्‍वीकृत योजनाओं में से अधिकांश कार्य प्रारंभ नहीं हो पायें हैं यदि हाँ, तो क्‍यों? योजनाओं के क्रियान्‍वयन में इतना विलंब क्‍यों हुआ, इसका दोषी कौन है? उन पर शासन क्‍या कार्यवाही करेगा? यदि हाँ, तो कब तक यदि नहीं, तो क्‍यों? योजनाओं के विलंब होने से शासन पर कितना अतिरिक्‍त भार आया? (ग) क्‍या वित्‍तीय वर्ष 2016-17 से वर्ष 2018-19 तक निर्मित एवं निर्माणाधीन कार्य गुणवत्‍ताविहीन थे एवं पूर्ण कार्य वर्तमान में क्षतिग्रस्‍त हो चुके हैं, यदि हाँ, तो इनकी जांच प्रश्‍न दिनांक तक शासन द्वारा क्‍यों नहीं की गई, शासन पूर्ण एवं निर्माणाधीन कार्यों की जांच कमेटी कब तक गठित करेगा? क्‍या जांच प्रश्‍नकर्ता के समक्ष होगी।

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सज्जन सिंह वर्मा ) : (क) विभाग को विधानसभा क्षेत्रवार बजट प्राप्‍त नहीं होता है। प्रश्‍नकर्ता के विधानसभा क्षेत्र जबलपुर उत्‍तर के अंतर्गत वित्‍तीय वर्ष 2016-17 से वर्ष 2018-19 तक योजना मद अंतर्गत कोई भी बजट प्रावधान विधानसभा क्षेत्रवार नहीं किया गया है। शेष प्रश्‍नांश का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता। (ख) एवं (ग) उत्‍तरांश '' अनुसार प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता।

सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम हेतु प्रयास

[लोक निर्माण]

45. ( क्र. 432 ) श्री संजय शाह मकड़ाई : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मकड़ाई से मसनगांव (जिला-हरदा) सड़क मार्ग पर विगत तीन वर्षों में कितनी सड़क दुर्घटना हुई? इन दुर्घटना में कितने लोगों की मृत्‍यु हुई? क्‍या बड़े एवं भारी वाहनों की अनियंत्रित गति से ये दुर्घटना हुई? (ख) प्रश्‍नांश (क) के अनुसार क्‍या विगत वर्षों से अनुबंधित एजेंसी द्वारा नियमित मेंटेनेंस नहीं करने के कारण सड़कें जर्जर होने की कगार पर है? विभाग द्वारा संबंधित एजेंसी को कब-कब नोटिस जारी किये गए? (ग) इन सड़क दुर्घटनाओं में जन धन की हानि रोकथाम के लिये लोक निर्माण विभाग द्वारा क्‍या कदम उठाये जा रहे हैं?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सज्जन सिंह वर्मा ) : (क) लोक निर्माण विभाग में दुर्घटना संबंधित जानकारी संधारित नहीं की जाती है। पुलिस विभाग से प्राप्‍त जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-1 एवं 2 अनुसार है। (ख) जी नहीं। शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) मार्ग पर आवश्‍यकतानुसार सूचना एवं चेतावनी, संकेतक बोर्ड लगाये गये है।

परिशिष्ट - ''बारह''

रोडों के निर्माण में अनियमितता

[लोक निर्माण]

46. ( क्र. 433 ) श्री संजय शाह मकड़ाई : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) एम.पी.आर.डी.सी. के अधीन निर्मित हो रहे टेमागांव से छिदगांव एवं सिराली से चारवा मार्ग (हरदा जिले अंतर्गत) अनुबंध अनुसार उल्‍लेखित मार्ग के निर्माण के किन-किन स्‍थानों पर कितनी-कितनी लागत से कौन-कौन से निर्माण कार्य होने थे? रोडों के कार्य पूर्ण होने का समय बताएँ? (ख) क्‍या निर्माण कंपनी द्वारा सी.सी. रोड निर्माण में घटिया रेत एवं स्‍तरहीन गिट्टी का इस्‍तेमाल किया गया है? यदि हाँ, तो घटिया निर्माण के संबंध में शासन द्वारा की गई कार्यवाही का विवरण देवें। (ग) प्रश्‍न क्र. (क एवं ख) अंतर्गत इस्‍तेमाल की गई सामग्री की गुणवत्‍ता रिपोर्ट की छायाप्रति देवें? (घ) प्रश्‍न क्र. (क एवं ख) के संदर्भ में साईड सोल्‍डर भरे जाने में की गई लापरवाही के संबंध में विभाग द्वारा क्‍या कार्यवाही की गई?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सज्जन सिंह वर्मा ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) जी नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (घ) साईड शोल्‍डर का निर्माण कार्य निर्धारित मापदंड अनुसार कराया गया है। अत: कार्यवाही का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

गौ-शाला का निर्माण

[पशुपालन]

47. ( क्र. 436 ) श्री पुरुषोत्तम तंतुवाय : क्या पशुपालन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) घोषणानुसार प्रत्‍येक ग्राम पंचायत में गौ-शाला का निर्माण कब तक होगा? (ख) गौ-शाला के रख-रखावों संबंधी कार्य किस विभाग का होगा और कार्य संरचना क्‍या होगी? (ग) क्‍या आवारा पशुओं के रख-रखाव का भी प्रावधान होगा? यदि होगा तो उसकी कार्य संरचना क्‍या होगी?

पशुपालन मंत्री ( श्री लाखन सिंह यादव ) : (क) गौशालाओं का निर्माण चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ख) गौशालाओं के रख-रखाव के कार्य पशु पालन विभाग और पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के समन्‍वय से किया जाएगा। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार(ग) जी हां। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार

अपूर्ण एवं अप्रारंभ कार्यों को पूर्ण कराने हेतु कार्यवाही

[लोक निर्माण]

48. ( क्र. 450 ) श्री कुँवरजी कोठार : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र सारंगपुर अंतर्गत वर्ष 2016-17 से प्रश्न दिनांक तक लोक निर्माण विभाग द्वारा कितने नवीन सड़क निर्माण कार्य स्वीकृत किये गये? स्वीकृत कार्यों के नाम, लागत कार्य पूर्ण करने की दिनांक, कार्य की भौतिक प्रगति से अवगत करावें? (ख) प्रश्नांश (क) में दर्शित अवधि के सड़क निर्माण कार्य निर्धारित अवधि में पूर्ण न होने एवं प्रारंभ न करने के कारणों से अवगत करावें? (ग) प्रश्नांश (ख) में दर्शाये गये अपूर्ण एवं अप्रारंभ कार्यों को पूर्ण एवं प्रारंभ कराने के लिये विभाग द्वारा क्या कार्यवाही की जावेगी? यदि नहीं, की जावेगी तो क्यों?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सज्जन सिंह वर्मा ) : (क) एवं (ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ग) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। शेष का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - ''तेरह''

अपूर्ण एवं प्रगतिरत सड़कों का कार्य समयावधि में पूर्ण कराना

[लोक निर्माण]

49. ( क्र. 451 ) श्री कुँवरजी कोठार : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र सारंगपुर अंतर्गत लोक निर्माण विभाग अंतर्गत आने वाली सड़कों के नाम एवं लंबाई की जानकारी से अवगत करावें? उक्त सड़कों की मरम्मत/जीर्णोद्धार अंतिम बार किस वर्ष किया गया था? सड़कों की मरम्मत/जीर्णोद्धार कार्य कितने-कितने अंतराल से कराये जाने के क्या नियम है? नियम की प्रति प्रदान करें? (ख) वर्ष 2016-17 से प्रश्न दिनांक तक प्रश्‍नांश (क) वर्णित किन-किन सड़कों का मरम्मत जीर्णोद्धार कार्य निविदा बुला कर करवाया जा रहा हैं? प्रगतिरत सड़कों की स्वीकृत राशि, ठेकेदार का नाम, उसके विरुद्ध व्यय राशि, सड़क की लंबाई तथा किये गये कार्य की भौतिक स्थिती तथा कितना कार्य शेष है की सड़कवार कार्यों की जानकारी से अवगत करावें? (ग) प्रश्नांश (ख) में दर्शित प्रगतिरत कार्यों को निर्धारित समयावधि में पूर्ण न करने हेतु दोषी ठेकेदार, अधिकारी/कर्मचारी के विरुद्ध विभाग द्वारा क्या कार्यवाही की गयी तथा अपूर्ण कार्य कब तक पूर्ण कराये जावेंगे?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सज्जन सिंह वर्मा ) : (क) विस्‍तृत जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' एवं 'अ-1' अनुसार है। नियम की प्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) विस्‍तृत जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'अ-1' एवं '' अनुसार है। (ग) प्रश्‍नांश '' में वर्णित कार्यों को निर्धारित समयावधि में पूर्ण न करने पर संबंधित ठेकेदारों के विरूद्ध अनुबंधानुसार काली सूची में डालने की कार्यवाही प्रचलन में होने के कारण अधिकारी/कर्मचारी के विरूद्ध कार्यवाही करने का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता। शेष प्रश्‍नांश की विस्‍तृत जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है।

विमुक्‍त घुमक्‍कड़ एवं अर्द्धघुमक्‍कड़ जातियों के कल्‍याण योजना

[विमुक्त, घुमक्कड़ एवं अर्द्धघुमक्कड़ जाति कल्याण]

50. ( क्र. 457 ) श्री आशीष गोविंद शर्मा : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) देवास जिले के अंतर्गत घुमक्‍कड़, अर्द्धघुमक्‍कड़ जातियों के अंतर्गत कितनी जातियों को चिन्हित किया गया है? इन जातियों के नाम एवं जनसंख्‍या देवास जिले में कितनी है? (ख) कन्‍नौद एवं खातेगांव तहसील में निवासरत ''गाड़ोत्‍या'' -''टाकिया'' जातियों को इस श्रेणी में क्‍या शामिल किया गया है? (ग) यदि हाँ, तो इन लोगों को सरकार की ओर से आवासीय भूमि का पट्टा प्रदान किया जाने की कोई योजना है एवं रोजगार के लिये ऋण देने का कोई प्रावधान है? (घ) यदि ऋण और आवास या आवासीय पट्टा दिया गया है, तो उसकी संख्‍या एवं हितग्राही परिवार के कितनों को लाभ मिला है?

जनजातीय कार्य मंत्री ( श्री ओमकार सिंह मरकाम ) : (क) देवास जिले के अंतर्गत 11 जातियों को। इन जातियों के नाम इस प्रकार है:- (1) बंजारा (2) बागरी (3) धनगर (4) नट (5) सांसी (6) गारोडीया लोहार (7) बेरागी (8) कालबेलीया (9) सिक्‍लीगर (10) मोगीया (11) पारधी। अनुमानित जनसंख्‍या 35475 है। (ख) जी नहीं। (ग) उत्‍तरांश (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) उत्‍तरांश (ख) एवं (ग) के प्रकाश में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

नसरूल्‍लागंज से संदलपुर फाटा मार्ग पर जामनेर नदी पुलिया पर रेलिंग निर्माण

[लोक निर्माण]

51. ( क्र. 458 ) श्री आशीष गोविंद शर्मा : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) देवास जिले के अंतर्गत नसरूल्‍लागंज से संदलपुर फाटे के मध्‍य जामनेर नदी के पुल पर रेलिंग नहीं होने से आये दिन वाहन नदी में गिर रहे हैं जिससे लोगों की मृत्‍यु एवं गंभीर रूप से घायल होने की घटनाएं आम हो चुकी है। (ख) क्‍या कारण है कि इतनी बड़ी संख्‍या में वाहनों की आवाजाही वाले इस मार्ग पर अभी तक रेलिंग लगाने के प्रति विभाग के अधिकारी गंभीर नहीं है? (ग) क्‍या रेलिंग लगाने के लिये विभाग के पास वित्‍तीय संसाधन उपलब्‍ध नहीं है? यदि हाँ, तो क्‍यों? (घ) यदि पर्याप्‍त बजट उपलब्‍ध है तो यह कार्य कब तक करवा दिया जावेगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सज्जन सिंह वर्मा ) : (क) जी नहीं। (ख) दायित्‍व निवेशकर्ता एजेंसी का है। निवेशकर्ता एजेंसी द्वारा, हटाने योग्‍य रेलिंग (कोलेप्सिबल रेलिंग) लगाने का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। (ग) जी नहीं। शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) अनुबंधानुसार संधारण का दायित्‍व निवेशकर्ता एजेंसी का है। उनके द्वारा कार्य प्रारंभ कर दिया गया है।

हरदा जिले की नहरों का लाइनिंग कार्य

[जल संसाधन]

52. ( क्र. 470 ) श्री कमल पटेल : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या हरदा जिले में नहरों की लाइनिंग का कार्य चल रहा है? (ख) प्रश्‍नांश (क) यदि हाँ, तो हरदा जिले में नहरों की लाइनिंग हेतु निविदा कब निकाली गई? निविदा किस दर पर कितनी राशि की कितनी समय-सीमा के कार्य करने हेतु किस एजेंसी को दी गई? (ग) क्‍या हरदा जिले में चल रहे नहरों की लाइनिंग का कार्य समय-सीमा में हो रहा है? यदि नहीं, तो क्‍यों? (घ) क्‍या नहरों की लाइनिंग का जो कार्य हुआ है उसमें कहीं कहीं दरारें आ रही हैं? यदि हाँ, तो विभाग द्वारा क्‍या कार्यवाही की गई?

जल संसाधन मंत्री ( श्री हुकुम सिंह कराड़ा ) : (क) जी हाँ। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) जी हाँ। शेष प्रश्‍न उत्पन्न नहीं होते हैं। (घ) जी नहीं। शेष प्रश्‍नांश उत्पन्न नहीं होता है।

परिशिष्ट - ''चौदह''

किसानों की कर्ज माफी

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

53. ( क्र. 477 ) श्री कुँवर सिंह टेकाम : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सीधी एवं सिंगरौली जिले में किसान कल्‍याण तथा कृषि विभाग के द्वारा किसानों को कर्जमाफी के लिये किन योजनाओं से कर्ज लिये जाने पर कर्ज माफी का लाभ दिया जायेगा? (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में क्‍या किसानों के खाद बीज कृषि यंत्र हार्टीकल्‍चर एवं कुंआ पम्‍प आदि के लिये बैंकों से लिये गये कर्ज, कर्ज माफी के लिये पात्र हैं? (ग) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में कितने किसानों को कर्ज माफी के लिये चयनित किया गया हैं और‍ कितने किसान शेष हैं? (घ) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में सेवा सहकारी बैंक/सहकारी समितियों के अन्‍तर्गत कुसमी, पोड़ी टमसार, मझौली, ताला, मड़वास, टिकरी, गिजवार, निवास, महुआगांव, झारा एवं सरई से कितने किसानों को कर्जमाफी के लिये पात्र बनाया गया है? बैंक/समितिवार संख्‍या उपलब्‍ध करावें। अपात्र किसानों की संख्‍या बैंक/समितिवार संख्‍या उपलब्‍ध करावें।

किसान कल्याण मंत्री ( श्री सचिन सुभाषचन्‍द्र यादव ) : () जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-एक अनुसार है। (ख) योजना केवल अल्‍पकालीन फसल ऋण के लिये है। उत्‍तरांश '' अनुसार। (ग) योजना प्रावधान अनुसार एम.पी. ऑनलाईन के पोर्टल पर राष्‍ट्रीयकृत बैंक, सहकारी बैंक एवं क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक द्वारा अपलोड कराई गई सूची अनुसार जिला सीधी में लगभग 25753 एवं जिला सिंगरौली में लगभग 19525 ऋण खातेदार संभावित है। योजना प्रावधान अनुसार उक्‍त संख्‍या के अलावा बैंक ऋण खातों की बैंकों से प्राप्‍त प्रदर्शित सूची अनुसार किसान शेष नहीं है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-दो एवं तीन अनुसार है।

सड़कों का निर्माण

[लोक निर्माण]

54. ( क्र. 478 ) श्री कुँवर सिंह टेकाम : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सीधी एवं सिंगरौली जिले के विकासखंड कुसमी, मझौली एवं देवसर के अंतर्गत लोक निर्माण विभाग के द्वारा वित्‍तीय वर्ष 2015-16, 2016-17, 2017-18 एवं 2018-19 में कितनी सड़कों की स्‍वीकृति प्रदान की गई? (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में कितने सड़कों का कार्य पूर्ण कर लिया गया है? कितनी सड़कें निर्माणाधीन हैं एवं कौन-कौन सी सड़कें अपूर्ण हैं? अपूर्ण एवं निर्माणाधीन सड़कें क्‍या समय-सीमा के अन्‍दर पूर्ण कर ली जावेंगी? यदि नहीं, तो कारण बतावें। गुणवत्‍तायुक्‍त सड़कों के निर्माण हेतु क्‍या-क्‍या कदम उठाये गये हैं? सीधी जिले के अन्‍तर्गत खाम्‍हघाटी, पथरौला-टिकरी गिजवार मार्ग जर्जर हालत में है, क्‍या इस सड़क के निर्माण हेतु विभाग के पास प्रस्‍ताव लंबित है? यदि हाँ, तो इसकी स्‍वीकृति कब तक प्रदान कर दी जावेगी?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सज्जन सिंह वर्मा ) : (क) प्रश्‍नाधीन अवधि में विकासखण्‍ड कुसमी, मझौली एवं देवसर के अंतर्गत लोक निर्माण विभाग के द्वारा वित्‍तीय वर्ष 2015-16, 2016-17, 2017-18 एवं 2018-19 में कुल 35 नग सड़कें स्‍वीकृत हुई है। (ख) वांछित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। गुणवत्‍तायुक्‍त सड़कों के निर्माण नियमित पर्यवेक्षण कर शासन के पत्र दिनांक 30.11.2011 के द्वारा जारी दिशा निर्देश के अनुसार सामग्रियों का परीक्षण मापदण्‍डानुसार प्रयोगशाला द्वारा आंकलन कर मानकों व विशिष्‍टताओं के अनुरूप एम.ओ.आर.टी.एच. के पाँचवे संस्‍करण के अनुसार कराये जाते है। खाम्‍हघाटी पथरौला टिकरी गिजवार मार्ग लंबाई 26.69 कि.मी. मोटरेबल है। मार्ग उन्‍नयन का प्रस्‍ताव लंबित है वित्‍तीय संसाधन सीमì