मध्यप्रदेश विधान सभा


प्रश्नोत्तर-सूची
जुलाई, 2017 सत्र


गुरूवार, दिनांक 20 जुलाई 2017


भाग-1
तारांकित प्रश्नोत्तर


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नगरीय निकायों में नैमेत्तिक एवं नियमित कर्मचारियों की भर्ती

[नगरीय विकास एवं आवास]

1. ( *क्र. 1647 ) श्री रामलाल रौतेल : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) नगरीय निकायों में नैमेत्तिक एवं नियमित कर्मचारियों की भर्ती हेतु क्‍या नियम व निर्देश हैं? भर्ती नियम निर्देशिका की प्रमाणित छायाप्रति प्रदाय करें। (ख) नगर पालिका धनपुरी जिला शहडोल में चेक क्र. 100826, दिनांक 30.11.2016 के द्वारा किन अधिकारियों/कर्मचारियों के वेतन उनके खाते में जमा किये गये? (ग) कर्मचारियों/अधिकारियों का नाम, पदनाम, खाता क्र., जमा राशि, नियुक्ति दिनांक एवं नियुक्तिकर्ता अधिकारी का नाम बतायें?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) नगरीय निकायों में कर्मचारियों की भर्ती क्रमश: मध्‍य प्रदेश नगर पालिक निगम (अधिकारियों तथा सेवकों की नियुक्ति तथा सेवा की शर्तें) नियम 2000 एवं मध्‍य प्रदेश नगर पालिका कर्मचारी (भर्ती तथा सेवा शर्तें) नियम 1968 में दिए गए प्रावधान अनुसार की जाती है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) एवं (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है।

कपिल धारा कूप निर्माण में अनियमितता

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

2. ( *क्र. 1390 ) श्री हरदीप सिंह डंग : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) ग्राम पंचायत मकडावन में विगत 3 वर्षों में कितने विकास के कार्य महात्‍मा गांधी नरेगा मद से हुये, कार्य का नाम, स्‍थान एवं स्‍वीकृत राशि की जानकारी देवें। (ख) विगत तीन वर्षों में ग्राम पंचायत मकडावन में कपिल धारा योजना के तहत कितने कुंओं का निर्माण किया गया है? व्यक्तियों के नाम, सर्वे क्र. एवं खर्च की गई राशि की जानकारी उपलब्ध करावें। (ग) क्या कपिल धारा योजना के तहत कूप निर्माण की स्वीकृति संबंधी फाईल पर वर्तमान अजा. महिला सरपंच के हस्ताक्षर हैं या अन्य कर्मचारी/अधिकारी के गलत (फर्जी) हस्ताक्षर हैं? निर्मित समस्त कुंओं के वर्क कोड की भी जानकारी उपलब्ध करावें। (घ) विगत तीन वर्षों में कपिल धारा योजना के तहत कुओं के निर्माण हेतु किस कर्मचारी द्वारा फाईल तैयार की गई तथा स्वीकृति प्रदान की गई व स्थान का लेआऊट दिया गया? खुदाई व बंधाई की प्रगति रिपोर्ट तथा पूर्णता प्रमाणपत्र, राशि जारी करने का आदेश किन-किन अधिका‍री/कर्मचारियों द्वारा दिया गया? अधिकारी/कर्मचारी का नाम, पद एवं वर्तमान में कुंओं की प्रगति रिपोर्ट सहित जानकारी उपलब्ध करावें।

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ग) कपिलधारा कूप के प्रकरणों में महिला सरपंच के फर्जी हस्‍ताक्षर उसके पति द्वारा किये जाने की शिकायत जाँच में प्रथम दृष्‍टया सही पाई गई है। सरपंच के विरूद्ध मध्‍यप्रदेश पंचायतराज अधिनियम 1993 की धारा 40 के अंतर्गत प्रकरण दर्ज किया गया है एवं सरपंच पति के विरूद्ध आपराधिक प्रकरण दर्ज करने के लिए मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत, मंदसौर ने पुलिस अधीक्षक, मंदसौर को लिखा है। कपिलधारा कूप के वर्ककोड की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-2 अनुसार है।

निर्माण कार्यों में अनियमितताओं की जाँच

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

3. ( *क्र. 613 ) डॉ. गोविन्द सिंह : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भिण्‍ड जिले के विकासखण्‍ड लहार, रौन एवं गोहद में मनरेगा योजना अंतर्गत 01 फरवरी, 2017 से प्रश्‍न दिनांक तक किन-किन ग्राम पंचायतों को कौन-कौन से कार्यों हेतु कितनी-कितनी राशि की तकनीकी स्‍वीकृति किस-किस अधिकारी द्वारा दी गई? (ख) विधान सभा क्षेत्र लहार में मुख्‍यमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत प्रश्‍न दिनांक तक कौन-कौन सी सड़कें पूर्ण की गईं तथा कौन-कौन सी किन-किन कारणों से अपूर्ण हैं तथा किन-किन एजेन्सियों को कितनी-कितनी राशि की निविदायें स्‍वीकृत की गईं? एजेन्सियों के नाम पता सहित विवरण दें। किन-किन सड़कों के निर्माण हेतु कितनी-कितनी राशि किस-किस एजेंसी को भुगतान की गयी? प्रत्‍येक सड़क का अलग-अलग विवरण दें (ग) 01 जनवरी, 2017 से प्रश्‍न दिनांक तक भिण्‍ड जिले के लहार एवं रौन विकासखण्‍ड में किन-किन पंचायतों के ग्राम पंचायत सचिव एवं ग्राम रोजगार सहायकों की पदस्‍थापना पंचायत के अलावा कौन-कौन सी पंचायतों के अतिरिक्‍त प्रभार किन-किन कारणों से दिया गया? क्‍या ग्राम पंचायत सरपंचों ने मांग की थी? यदि नहीं, तो क्‍या अतिरिक्‍त प्रभार देने में सी.ई.ओ. लहार एवं रौन द्वारा किये गये भ्रष्‍टाचार की जाँच करायी जायेगी? यदि नहीं, तो क्‍यों?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ग) विकासखण्ड लहार की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 एवं विकासखण्ड रौन की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-4 अनुसार है। जी नहीं। सचिव/ग्राम रोजगार सहायकों के निलंबन, मृत्यु, एक्सीडेंट, चिकित्सा अवकाश, स्‍थानान्‍तरण होने के कारण प्रभार दिया गया है। प्रभार देने में सी.ई.ओ. लहार एवं रौन के विरूद्ध भ्रष्टाचार का प्रकरण अथवा प्रमाण शासन के संज्ञान में नहीं आने से उनके विरूद्ध कार्यवाही का प्रश्न उत्पन्न नहीं होता।

परफार्मेंस ग्रांट से राशि का प्रदाय

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

4. ( *क्र. 647 ) श्री बलवीर सिंह डण्‍डौतिया : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अता. प्रश्‍न क्र. 6569, दिनांक 21.03.2017 के उत्‍तर भाग (ख) में मुरैना जिले को प्रश्‍नांकित अवधि में 3 करोड़ की राशि प्रदाय करने तथा भाग (ग) में जिला पंचायत मुरैना की सामान्‍य सभा की बैठक दिनांक 25 जनवरी, 2017 को कार्य योजना का अनुमोदन किए जाने तथा उसके आधार पर कार्यवाही प्रचलित होने संबंधी उत्‍तर दिया है तो कार्य योजना अनुमोदन उपरांत कार्य प्रारंभ किये जाने की समय-सीमा क्‍या है? (ख) क्‍या कार्य समय-सीमा में प्रारंभ कर दिये गये हैं? यदि हाँ, तो जानकारी कार्य विवरण, लागत राशि, ग्राम पंचायत का नाम, क्रियान्‍वयन एजेंसी आदि सहित दी जावे? यदि अभी तक कोई कार्य प्रारंभ नहीं हुए तो उसके क्‍या कारण हैं?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ। पंचायत राज अधिनियम 1993 में सामान्य सभा से कार्ययोजना अनुमोदन उपरांत कार्य प्रारंभ किये जाने की समय-सीमा के प्रावधान का उल्लेख नहीं है। (ख) जी हाँ। अनुमोदित कार्य यथा समय प्रारंभ किये गये हैं। जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है।

परिशिष्ट - ''एक''

निविदा प्रक्रिया में अनियमितता

[नगरीय विकास एवं आवास]

5. ( *क्र. 1367 ) श्री अनिल फिरोजिया : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा 1.00 लाख से अधिक राशि के टेण्डर ऑनलाइन प्रक्रिया के माध्यम से बुलाये जाने के संबंध में कोई आदेश प्रसारित किये गये हैं? यदि हाँ, तो उक्त आदेश के परिपालन में नगर निगम उज्जैन के प्रकाश विभाग में दिनांक 20.06.2016 तक कितनी निविदा आमंत्रित की गई थी? निविदा प्रकरण की छायाप्रति देवें। (ख) क्या नगर निगम उज्जैन के प्रकाश विभाग की ई-निविदा क्रमांक 1991 में निविदा की शर्तों का पालन किया गया है? यदि हाँ, तो क्या निविदा से ई.एस.आई. दस्तावेज लिये गये? यदि हाँ, तो दस्तावेजों की छायाप्रति देवें? यदि नहीं, तो किन कारणों से निविदा शर्तों की अनदेखी कर निविदा खोली गई? (ग) क्या नगर निगम उज्जैन के प्रकाश विभाग की ई-निविदा क्रमांक 3529 में निविदा की शर्तों का पालन किया गया? यदि हाँ, तो क्या प्रश्‍नांश (ख) व प्रश्‍नांश (ग) में निविदादाताओं में समानता है? यदि हाँ, तो कितने निविदादाताओं में समानता है? (घ) क्या कारण है कि ई-निविदा कमांक 1991 में ई.एस.आई. दस्तावेज अभाव में तकनीकी रूप से संबंधित निविदादाता को योग्य घोषित किया गया एवं उसी निविदादाता को ई-निविदा क्रमांक 3529 में ई.एस.आई. दस्तावेज के अभाव में अयोग्य घोषित किया गया। इसके लिये कौन दोषी है? क्या विभाग दोषी अधिकारी के विरूद्ध कोई कार्यवाही करेगा? यदि हाँ, तो कब तक?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) जी हाँ। संचालनालय, नगरीय प्रशासन एवं विकास के आदेश क्रमांक 7814, दिनांक 17.06.2016 के पश्चात् नगर पालिक निगम उज्‍जैन के प्रकाश विभाग में दिनांक 20.06.2016 तक कोई निविदा आमंत्रित नहीं की गई। (ख) जी नहीं, निविदा में ई.एस.आई/ई.पी.एफ. की शर्त रखी गई थी, कार्य हेतु 03 निविदायें प्राप्‍त हुईं थीं, जिसमें से 01 निविदाकार द्वारा ई.एस.आई. के दस्‍तावेज प्रस्‍तुत नहीं किये गये थे। निविदा की तकनीकी मूल्‍यांकन रिपोर्ट में तकनीकी अधिकारियों द्वारा तीनों निविदाकारों को सफल बताये जाने के कारण निविदा खोली गई। (ग) जी हाँ। जी हाँ। एक निविदादाता में समानता है। (घ) निविदा क्रमांक 1991 में तकनीकी मूल्‍यांकन रिपोर्ट के कारण निविदादाता को योग्‍य घोषित किया गया था। निविदा क्रमांक 3529 में ई.आई.एस. दस्‍तावेज प्रस्‍तुत ना करने के कारण संबंधित निविदादाता को अयोग्‍य घोषित किया गया था। निविदा क्रमांक 1991 के तकनीकी मूल्‍यांकन रिपोर्ट में हुई त्रुटि के संज्ञान में आने पर नगर पालिक निगम, उज्‍जैन द्वारा संबंधित तकनीकी अधिकारी को सूचना पत्र जारी कर स्‍पष्‍टीकरण चाहा गया है। जी हाँ, जाँच उपरान्‍त नियमानुसार कार्यवाही की जावेगी। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

सड़कविहीन मार्गों को मुख्‍यमंत्री सड़क से जोड़ा जाना

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

6. ( *क्र. 874 ) श्री गोवर्धन उपाध्‍याय : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विदिशा जिले के सिरोंज विधान सभा क्षेत्रान्‍तर्गत सिरोंज एवं लटेरी क्षेत्र में सड़क विहीन मार्ग को मुख्‍यमंत्री सड़क से जोड़े जाने के संबंध में कार्यालयीन पत्र क्रमांक 12-13 दिनांक 15.04.2017 के द्वारा पंचायत एवं ग्रामीण वि‍कास मंत्री महोदय एवं मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी महोदय जिला पंचायत विदिशा को मुख्‍यमंत्री सड़क योजना के तहत् 21 रोड निर्माण किये जाने के संबंध में पत्र जारी किया गया था, उस पर शासन द्वारा अभी तक क्‍या कार्यवाही की गई? (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार उक्‍त सड़क निर्माण कार्य को शासन द्वारा किन-किन सड़कों को जोड़े जाने के संबंध में अभी तक स्‍वीकृति प्रदान की गई है? यदि हाँ, तो कब? पूर्ण जानकारी देवें नहीं तो क्‍यों कब तक स्‍वीकृत किये जाने की संभावना है? स्‍वीकृत न किये जाने का क्‍या कारण है? स्‍वीकृत हेतु क्‍या प्रक्रिया अपनाई जावेगी?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) उपलब्‍ध वित्‍तीय संसाधन पूर्व से स्‍वीकृत कार्यों के लिए आबद्ध होने के कारण स्‍वीकृति प्रदान नहीं की जा सकी है। स्‍वीकृति वित्‍तीय संसाधनों की सुनिश्चित उपलब्‍धता पर निर्भर होने से समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

परिशिष्ट - ''दो''

खरगोन जिलांतर्गत स्‍वीकृत कार्य

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

7. ( *क्र. 905 ) श्री राजकुमार मेव : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या विभाग द्वारा मुख्‍यमंत्री ग्राम संपर्क सड़क योजना, ग्राम सुदूर सड़क संपर्क योजना एवं खेत सड़क मार्ग निर्माण योजना वर्तमान में संचालित है? यदि हाँ, तो 01 अप्रैल, 2016 से प्रश्‍न दिनांक तक खरगोन जिले में किस-किस विकासखण्‍ड में कितने-कितने कार्य, कितनी-कितनी राशि के स्‍वीकृत किये गये? (ख) प्रश्‍नांश (क) के संबंध में कितने कार्य पूर्ण हुये, कितने कार्यों के पूर्णता प्रमाण-पत्र जारी किये गये एवं कितने कार्य वर्तमान में अपूर्ण हैं? अपूर्ण रहने का कारण क्‍या है? क्‍या अधूरे कार्यों को यथास्थिति पर ही बंद कर दिया गया है एवं उन्‍हें पूर्ण बताया जाकर उनके पूर्णता प्रमाण-पत्र जारी किये गये? यदि हाँ, तो ऐसे कितने कार्य किस-किस विकासखण्‍ड में है? जानकारी दी जावे। (ग) प्रश्‍नांश (क) के संबंध में खरगोन जिले में विकासखण्‍डवार पृथक-पृथक योजनाओं में कितने-कितने कार्य, कितनी-कितनी राशि के किस-किस वर्ष में स्‍वीकृत किये गये? कितने कार्य पूर्ण किए गए? कितनों के पूर्णता प्रमाण-पत्र जारी किये गये? वर्तमान में कितने कार्य अपूर्ण हैं? अपूर्ण रहने का क्‍या कारण है? क्‍या अधूरे कार्यों को यथा स्थिति पर ही बंद कर दिया गया है एवं उन्‍हें पूर्ण बताया जाकर उनके पूर्णता प्रमाण-पत्र जारी किये गये? यदि हाँ, तो ऐसे कितने कार्य किस-किस विकासखण्‍ड में हैं, इसकी जानकारी दी जावे? (घ) प्रश्‍नांश (क) के संबंध में मुख्‍यमंत्री ग्राम संपर्क सड़क योजना, ग्राम सुदूर सड़क संपर्क योजना एवं खेत सड़क मार्ग निर्माण योजनांतर्गत प्रश्‍नकर्ता द्वारा कब-कब कौन-कौन से कार्यों के लिये प्रस्‍ताव दिये गये? उन प्रस्‍ताव में विभाग द्वारा कितने कार्य स्‍वीकृत किये गये, कितने कार्य वर्तमान में स्‍वीकृति की प्रत्‍याशा में लंबित हैं? लंबित रहने का कारण क्‍या है?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) से (ग) जी हाँ। जानकारी संलग्न परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (घ) जानकारी संलग्न परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। उपलब्‍ध वित्‍तीय संसाधन पूर्व से स्‍वीकृत कार्यों के लिए आबद्ध होने के कारण स्‍वीकृति प्रदान नहीं की जा सकी है। स्‍वीकृति वित्‍तीय संसाधनों की सुनिश्चित उपलब्‍धता पर निर्भर होने से समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

परिशिष्ट - ''तीन''

मेट्रो रेल परियोजना का क्रियान्‍वयन

[नगरीय विकास एवं आवास]

8. ( *क्र. 7 ) श्री बाबूलाल गौर : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) भोपाल एवं इंदौर में मेट्रो रेल परियोजना के क्रियान्‍वयन में शासन द्वारा प्रश्‍न दिनांक तक क्‍या कार्यवाही की गई है? (ख) भोपाल एवं इंदौर में मेट्रो रेल परियोजना के क्रियान्‍वयन हेतु क्‍या शासन द्वारा धनराशि की व्‍यवस्‍था कर ली गई है? यदि हाँ, तो किस संस्‍था/केन्‍द्र सरकार द्वारा कितनी-कितनी धनराशि ऋण/अनुदान के रूप में देने हेतु सहमति प्रदान की गई है? (ग) मेट्रो रेल परियोजना के क्रियान्‍वयन हेतु भोपाल एवं इंदौर में कितनी-कितनी निजी एवं शासकीय भूमि के अधिग्रहण का प्रस्‍ताव है? (घ) विभाग द्वारा मेट्रो रेल परियोजना के क्रियान्‍वयन का कार्य कब तक प्रारंभ कर दिया जायेगा?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) भोपाल एवं इंदौर में मेट्रो रेल परियोजना के क्रियान्‍वयन के संबंध में कृत कार्यवाही विषयक जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) भोपाल एवं इंदौर में मेट्रो रेल परियोजना के क्रियान्‍वयन हेतु शासन द्वारा धनराशि की व्‍यवस्‍था की जा रही है। उभय परियोजनाओं कि लिए प्रस्‍तावित वित्‍तीय व्‍यवस्‍था पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ग) मेट्रो रेल परियोजना के क्रियान्‍वयन हेतु वर्तमान में भोपाल एवं इंदौर में निजी एवं शासकीय भूमि का अधिग्रहण प्रस्‍तावित नहीं है। (घ) विभाग द्वारा मेट्रो रेल परियोजना का कार्य वर्ष 2017-18 में प्रारंभ किया जाना प्रस्‍तावित है।

कब्रि‍स्‍तानों का जीर्णोद्धार/विकास कार्य

[नगरीय विकास एवं आवास]

9. ( *क्र. 1624 ) श्री आरिफ अकील : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या नगर पालिक निगम भोपाल के वित्‍तीय वर्ष 2016-17 के महापौर अभिभाषण में भोपाल के विभिन्‍न कब्रि‍स्‍तानों के जीर्णोद्धार/विकास/बाउण्‍ड्रीवाल निर्मित किए जाने हेतु राशि आवंटित किए जाने की घोषणा की थी? (ख) यदि हाँ, तो भोपाल के किन-किन कब्रि‍स्‍तानों के लिए कितनी-कितनी राशि आवंटित की गई और किन-किन कब्रि‍स्‍तानों का कितनी-कितनी राशि का किस-किस कार्य हेतु प्राक्‍कलन तैयार किया जाकर कब-कब निविदा आमंत्रित की गई तथा कार्य की अद्यतन स्थिति से अवगत करावें? (ग) प्रश्‍नांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में क्‍या बजट भाषण में की गई घोषणा के बावजूद कई कब्रि‍स्‍तानों के विकास/जीर्णोद्धार कार्य किए जाने हेतु न तो राशि आवंटित की गई और न ही प्राक्‍कलन तैयार किया गया? यदि हाँ, तो घोषणा करने का क्‍या तात्‍पर्य है? यदि नहीं, तो कब तक पूर्ति की जावेगी तथा वार्डवार कब्रि‍स्‍तानों के नाम सहित सूची उपलब्‍ध करावें?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) वित्‍तीय वर्ष 2016-17 में भोपाल के विभिन्‍न कब्रिस्‍तानों के जीर्णोद्धार/विकास/ बाउण्‍ड्रीवाल निर्मित किये जाने हेतु बजट मद 230590513 कब्रिस्‍तान मरम्‍मत एवं निर्माण प्रावधान राशि रूपये 1.00 करोड़ का प्रावधान किया गया था। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ग) कब्रिस्‍तानों के विकास/जीर्णोद्धार कार्य किये जाने हेतु राशि आंवटित की जाकर भोपाल के विभिन्‍न कब्रिस्‍तानों में कार्य कराये गये हैं स्‍वीकृत कार्यों की सूची संलग्न परिशिष्‍ट अनुसार है।

परिशिष्ट - ''चार''

अल्‍फा प्रोटीन्‍स संयंत्र के विरूद्ध प्राप्‍त शिकायतें

[सूक्ष्‍म, लघु और मध्‍यम उद्यम]

10. ( *क्र. 314 ) श्री शैलेन्‍द्र पटेल : क्या राज्‍यमंत्री, सूक्ष्‍म, लघु और मध्‍यम उद्यम महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या इछावर विधान सभा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम कांकरखेड़ा में अल्‍फा प्रोटीन नामक संयंत्र स्‍थापित है? यदि हाँ, तो कब और किस फर्म द्वारा किस प्रकार के उत्‍पादन के लिए संयंत्र की स्‍थापना की है। (ख) क्‍या प्रश्‍नांश (क) अनुसार संयंत्र की स्‍थापना के लिए वांछित वैध अनुज्ञप्तियां प्राप्‍त की गई हैं? यदि हाँ, तो ब्‍यौरा दें? (ग) क्‍या प्रश्‍नांश (क) अनुसार संयंत्र NGT के मापदण्‍डों को पूरा करता है? यदि हाँ, तो NGT की टीम ने संयंत्र का कब-कब निरीक्षण किया? यदि नहीं, तो क्‍यों? (घ) क्‍या उक्‍त संयंत्र से उत्‍सर्जित पानी से वातावरण एवं स्‍थानीय ग्रामीणों व पशुओं पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा है? यदि हाँ, तो विगत 3 वर्षों में ग्रामीणों ने इस संबंध में कब-कब शिकायत की? शिकायतों पर क्‍या कार्यवाही की गई? शिकायतवार ब्‍यौरा दें? यदि नहीं, तो क्‍यों और कब तक कार्यवाही की जाएगी?

राज्‍यमंत्री, सूक्ष्‍म, लघु और मध्‍यम उद्यम ( श्री संजय पाठक ) : (क) इछावर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम कांकरखेडा (भाउखेडी) में मेसर्स अल्‍फा प्रोटीन प्रा.लि. नामक संयंत्र स्‍थापित है। अल्‍फा प्रोटीन का प्रथम उत्‍पादन दिनांक 05.04.2001 से प्रारंभ किया है तथा डायवर्सीफिकेशन अंतर्गत दिनांक 02.07.2015 से उत्‍पादन प्रारंभ किया गया। मेसर्स अल्‍फा प्रोटीन प्रा.लि. के नाम से टेक्‍नीकल जिलेटिन एवं ग्‍लूस (एनीमल ग्‍लूस) एवं एग्री केमीकल प्रोटीन (हाईड्रोलाइज्ड पाउडर) का उत्‍पादन किया जाता है। (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार संयंत्र की स्‍थापना के लिए वांछित वैध अनुज्ञप्तियां प्राप्‍त की गई हैं। जैसे मध्‍यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, वाणिज्‍यक कर विभाग, ऊर्जा विभाग, वाष्‍पयंत्र संचालनालय, ग्राम पंचायत, कांकरखेडा आदि। (ग) मध्‍यप्रदेश शासन,पर्यावरण विभाग अनुसार एन.जी.टी. द्वारा उक्‍त उद्योग के लिए कोई मापदण्‍ड निर्धारित किये जाने की अथवा एन.जी.टी. की किसी टीम द्वारा उक्‍त उद्योग का निरीक्षण किये जाने की मध्‍यप्रदेश, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को जानकारी नहीं है। (घ) मध्‍यप्रदेश शासन, पर्यावरण विभाग अनुसार उद्योग के उत्‍सर्जित पानी को परिसर से बाहर निस्‍सारण नहीं किया जाता है। पर्यावरण विभाग अनुसार पर्यावरण विभाग को खण्‍ड चिकित्‍सा अधिकारी सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र, इछावर एवं जिला पशु प्रजनन कार्यक्रम अधिकारी, सीहोर से प्राप्‍त जानकारी अनुसार स्‍थानीय ग्रामीणों एवं पशुओं पर विपरीत प्रभाव पड़ने की कोई सूचना नहीं है। विगत तीन वर्षों में सी.एम. हेल्‍पलाईन के माध्‍यम से पर्यावरण विभाग को ग्रामीणों से प्राप्‍त शिकायतों एवं उस पर मध्‍यप्रदेश, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा की गई कार्यवाही की जानकारी संलग्न परिशिष्‍ट अनुसार है।

परिशिष्ट - ''पाँच''

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के द्वितीय चरण का सर्वे

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

11. ( *क्र. 279 ) श्री विष्‍णु खत्री : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता के विधान सभा क्षेत्रांतर्गत प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-2 में कौन-कौन से मार्गों को जोड़ा जाना प्रस्‍तावित किया गया है? (ख) क्‍या प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-2 का सर्वे विधानसभा क्षेत्र बैरसिया में किया गया है अथवा नहीं? (ग) प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के चरण 2 का कार्य बैरसिया विधानसभा में कब से प्रारंभ हो जावेगा?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) विधानसभा क्षेत्र बैरसिया में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-2 के अंतर्गत भोपाल बायपास (डोबरा) से बैरसिया मार्ग को जोड़ा जाना प्रस्तावित किया गया है। (ख) जी हाँ, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-2 का सर्वे विधानसभा क्षेत्र बैरसिया में किया गया है। (ग) वर्तमान में डी.पी.आर. तैयार करने का कार्य प्रगतिरत्‌ है। भारत सरकार से स्वीकृति उपरांत निर्माण कार्य किया जावेगा। समय-सीमा बताना संभव नहीं है।

ग्राम पंचायतों को प्रदत्‍त अधिकार

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

12. ( *क्र. 1444 ) श्री सुदेश राय : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) राज्‍य शासन द्वारा अभी हाल ही में ग्राम पंचायतों को क्‍या-क्‍या अधिकार प्रदाय किये गये हैं? (ख) प्रदाय किये गये अधिकार अन्‍तर्गत ग्राम पंचायत किस-किस योजना के अन्‍तर्गत कितनी-कितनी राशि के कौन-कौन से विकास कार्य करा स‍कती है? पृथक-पृथक जानकारी बतावें।

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) ग्राम पंचायतों को मध्यप्रदेश शासन, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के आदेश क्रमांक एफ-2-5/201322/पं.-1दिनांक 26.02.2013 द्वारा पंद्रह लाख लागत तक के निर्माण कार्य एवं विकास कार्यों की प्रशासकीय स्वीकृतियाँ जारी करने के अधिकार प्रदाय किये गये हैं। आदेश की प्रति संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र ''''अनुसार है।

परिशिष्ट - ''छ:''

हिण्‍डोरिया जल प्रदाय योजना में अनियमितता

[नगरीय विकास एवं आवास]

13. ( *क्र. 419 ) श्रीमती उमादेवी लालचंद खटीक : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) जिला दमोह की हिण्‍डोरिया नगर पंचायत अंतर्गत वृहद जल प्रदाय योजना किस वर्ष कितनी राशि से स्‍वीकृत की गई थी? (ख) हिण्‍डोरिया जल प्रदाय योजना का कार्य किस एजेन्‍सी से कराया गया एवं कार्य पूर्ण कराने की समय-सीमा क्‍या थी? (ग) क्‍या हिण्‍डोरिया नगर में भ्रमण उपरांत प्राप्‍त शिकायतों के आधार पर जल प्रदाय योजना का कार्य अपूर्ण एवं गुणवत्‍ताहीन कराया गया है एवं टंकी से पानी का रिसाव हो रहा है? प्रश्‍नकर्ता द्वारा क्‍या पूर्व में विभाग को शिकायत की गई थी, जिस पर आज दिनांक तक कोई कार्यवाही नहीं की गई? क्‍या उक्‍त जल प्रदाय योजना की सूक्ष्‍म जाँच करायी जावेगी? यदि हाँ, तो कब तक एवं कार्य एजेंसी पर क्‍या कार्यवाही की जावेगी?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) नगर परिषद हिण्‍डोरिया की जलप्रदाय योजना यू.आई.डी.एस.एस.एम.टी. अंतर्गत जलप्रदाय वर्ष 2008 में राशि रू. 1046.70 लाख की स्‍वीकृत की गई। (ख) योजना का कार्य मेसर्स तेजस कंस्‍ट्रक्‍शन एण्‍ड इन्‍फ्रास्‍ट्रक्‍चर प्रा.लि., पुणे (महाराष्‍ट्र) द्वारा किया गया है। योजना पूर्ण करने की समय-सीमा 31 दिसम्‍बर 2016 थी। (ग) जी नहीं। जी हाँ, माननीय विधायक द्वारा दिनांक 31.01.2017 को शिकायत की गई थी। जिसकी जाँच संभागीय कार्यपालन यंत्री सागर द्वारा की गई। जाँच में कार्य की गुणवत्‍ता उचित पाई गई। अत: शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

वन अपराध प्रकरण पर कार्यवाही

[वन]

14. ( *क्र. 1562 ) श्री रामपाल सिंह : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) तारांकित प्रश्न क्रमांक 1948, दिनांक 28.02.2017 के उत्तर में जानकारी प्रदान की गई है कि दोषी कर्मचारी के विरूद्ध आरोप पत्र जारी किया गया है। कार्यवाही पूर्ण होने पर नियमानुसार कार्यवाही की जावेगी। उक्त संबंध में प्रश्न दिनांक तक क्या कार्यवाही की गई है और आरोप पत्र की अवधि क्या थी। (ख) क्‍या जाँच उपरांत प्रश्नांकित वन प्रकरण तथ्यहीन पाया गया था और दोषी कर्मचारी के विरूद्ध कार्यवाही जाँच अधिकारी द्वारा प्रस्तावित की गई थी, किन्तु वाहन मालिक से 20 हजार रूपये जुर्माने की राशि वसूल की गई थी? उक्त राशि वाहन मालिक को अब तक क्यों वापस नहीं की गयी जबकि वह दोषी नहीं पाया गया था? (ग) उपरोक्त राशि वाहन मालिक को कब तक वापस की जावेगी?

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) आरोपी वन कर्मचारियों के विरूद्ध विभागीय जाँच की गई थी, जिसमें वे निर्दोष पाये गये। इनके विरूद्ध आरोप पत्र दिनांक 09.02.2017 को जारी किये गये थे। (ख) एवं (ग) जी नहीं। शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

पेयजल समस्‍या ग्रसित वार्डों में टंकी का निर्माण

[नगरीय विकास एवं आवास]

15. ( *क्र. 1509 ) श्री अशोक रोहाणी : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) विधानसभा क्षेत्र रांझी (जबलपुर) के किन-किन वार्डों में पेयजल आपूर्ति की क्‍या व्‍यवस्‍था है, कौन-कौन से वार्डों में पेयजल की समस्‍या है। इसके लिये नगर निगम जबलपुर ने क्‍या कार्य योजना बनाई है? (ख) प्रश्‍नांश (क) में शामिल किये गये किन-किन नये वार्डों के किन-किन ग्रामों में पेयजल की क्‍या स्थिति है, इन ग्रामों में किस माध्‍यम से पेयजल की आपूर्ति की जा रही है? (ग) क्‍या प्रश्‍नांश (क) में मानेगांव व मोहनिया में अत्‍यधिक पेय जल की समस्‍या है? यदि हाँ, तो इसके लिये नगर निगम जबलपुर ने कब कितनी राशि की क्‍या कार्य योजना बनाई है? यदि नहीं, तो क्‍यों? (घ) क्‍या प्रश्‍नांकित विधानसभा क्षेत्र के पेय जल समस्‍या ग्रसित वार्डों में 4 ओव्‍हर हेड टैंक (पानी की टंकी) का निर्माण कराने की घोषणा मा. मुख्‍यमंत्री म.प्र. शासन ने की थी? यदि हाँ, तो कब? जिला प्रशासन व नगर निगम जबलपुर ने 4 नये ओव्‍हर हेड टैंक (पानी की टंकी) का निर्माण कराने हेतु क्‍या प्रयास किये हैं एवं कब तक इनका निर्माण कराया जावेगा?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) विधानसभा क्षेत्र (जबलपुर केन्ट) रांझी, के 6 वार्डों की पेयजल आपूर्ति की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है, इन किसी भी वार्डों में पेयजल की समस्या नहीं है। अटल मिशन फॉर रिज्यूविनेशन एण्ड अर्बन ट्रान्सफार्मेशन (अमृत) परियोजना के अंतर्गत निगम में सम्मिलित नवीन लाला लाजपत राय वार्ड के मानेगांव में भविष्य में शहरीकरण को ध्यान में रखते हुए नवीन उच्च स्तरीय टंकी का निर्माण प्रस्तावित किया गया है। (ख) नवीन लाला लाजपत राय वार्ड जो कि ग्रामीण क्षेत्रों को शामिल करके बना है, इन क्षेत्रों में 6 उच्च स्तरीय टंकियों को ट्‌यूबवेल के माध्यम से भरा जा रहा है। सम्पूर्ण वार्ड में 25 ट्‌यूबवेल एवं 42 हैण्डपम्पों के माध्यम से जलापूर्ति की जा रही है साथ ही ग्रीष्मकाल में टैंकरों के माध्यम से अतिरिक्त जलापूर्ति की जा रही है। (ग) प्रश्नांश (क) में मानेगांव व मोहनिया में पेयजल की कोई समस्या नहीं है। मानेगांव क्षेत्र में 4 उच्च स्तरीय टंकियों व मोहनिया में 2 उच्च स्तरीय टंकियों के माध्यम से पर्याप्त मात्रा में जलापूर्ति की जा रही है। अटल मिशन फॉर रिज्यूविनेशन एण्ड अर्बन ट्रान्सफार्मेशन (अमृत) परियोजना के अंतर्गत मानेगांव में राशि रू. 264.00 लाख की लागत से नवीन उच्च स्तरीय टंकी का निर्माण प्रस्तावित है। अमृत परियोजना के वित्तीय प्रस्ताव की स्वीकृति दिनांक 30.05.2017 को राज्य स्तरीय तकनीकी समिति की 15वीं बैठक में प्राप्त हो गई है। (घ) माननीय मुख्यमंत्री, म.प्र. शासन द्वारा उच्च स्तरीय टंकी निर्माण के संबंध में कोई घोषणा नहीं की गई है, अपितु विधानसभा क्षेत्र (जबलपुर केन्ट) के राजा गोकुलदास धर्मशाला संभाग क्रमांक 11 में 3 एवं संभाग क्रमांक 10 रांझी में 1 के विभिन्न वार्डों में निम्न स्थलों पर 4 उच्च स्तरीय टंकी निर्माण अटल मिशन फॉर रिज्यूविनेशन एण्ड अर्बन ट्रान्सफार्मेशन (अमृत) परियोजना के अंतर्गत किया जाना प्रस्तावित है :-

1

मानेगांव

2.2 मिलियन लीटर

264.00 लाख

2

गधेरी

0.5 मिलियन लीटर

60.00 लाख

3

भौंगाद्वार

2.2 मिलियन लीटर

264.00 लाख

4

तिलेहरी भटौली

1.0 मिलियन लीटर

120.00 लाख

 

अमृत परियोजना की स्वीकृति दिनांक 30.05.2017 को राज्य स्तरीय तकनीकी समिति की 15वीं बैठक में प्राप्त हो गई। जिसका क्रियान्वयन किया जा रहा है।

परिशिष्ट - ''सात''

विश्‍वविद्यालयों में विभिन्‍न संवर्गों के चुनाव

[उच्च शिक्षा]

16. ( *क्र. 936 ) श्री सत्‍यपाल सिंह सिकरवार : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्‍यप्रदेश के विश्‍वविद्यालयों में पंजीकृत स्‍नातक एवं प्राचार्य, आचार्य, सहा. प्राध्‍यापक तथा कर्मचारी संवर्गों के चुनाव कब से नहीं कराये गये? वर्षवार, विश्‍वविद्यालय वार वर्तमान स्थिति की जानकारी दी जावे। (ख) शासन द्वारा अनेक बार निर्देश जारी करने के बावजूद विश्‍वविद्यालय प्रशासन द्वारा उक्‍त संवर्गों के चुनाव कराने में रूचि नहीं लेने के क्‍या कारण रहे? पूर्ण जानकारी दी जावे (ग) क्‍या वर्ष 2017 में अनेक विश्‍वविद्यालयों में पंजीकृत स्‍नातकों का पंजीयन शुल्‍क जमा कराने के बावजूद, अभी तक सदस्‍यता सूची जारी नहीं की है? कारण सहित जानकारी दी जावे तथा पंजीकृत स्‍नातकों की सूची कब तक जारी की जावेगी? (घ) प्रदेश के विश्‍वविद्यालय विभिन्‍न संवर्गों के चुनाव की अधिसूचना कब तक जारी करेंगे एवं क्‍या विश्‍वविद्यालय अधिनियम में वर्णित कर्तव्‍यों का पालन करेंगे?

उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री जयभान सिंह पवैया ) : (क) देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर में स्नातक एवं अन्य संवर्ग के चुनाव 1990 एवं 1996 के पश्चात्, विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन एवं बरकतउल्ला विश्वविद्यालय भोपाल में 1991 के पश्चात्, रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय जबलपुर में स्नातक एवं अन्य संवर्ग के चुनाव 1994 एवं 2000 के पश्चात्, अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय रीवा में वर्ष 2000 के पश्चात् एवं जीवाजी विश्वविद्यालय ग्वालियर में 2011 के पश्चात् तथा महाराजा छत्रसाल विश्वविद्यालय छतरपुर की स्थापना वर्ष 2014 में होने से चुनाव नहीं कराये गये। वर्तमान स्थिति प्रश्नांश (ख) के अनुसार। (ख) देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर में स्नातक पंजीकृत के लिये दिनांक 03 दिसम्बर, 2016 के द्वारा अधिसूचना जारी की गई है। विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन में सभा के गठन की अधिसूचना दिनांक 20.06.2017 द्वारा जारी की गई है तथा स्नातक के निर्वाचन हेतु राजभवन से निर्देश प्राप्त होने पर यथाशीघ्र कार्यवाही की जावेगी। बरकतउल्ला विश्वविद्यालय भोपाल द्वारा पंजीकृत स्नातक के निर्वाचन हेतु दिनांक 01.04.2017 को अधिसूचना जारी की गई है। अन्य संवर्गों के निर्वाचन स्नातक संवर्ग के उपरांत किये जावेंगे। रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय, जबलपुर में अधिसूचना दिनांक 27.04.2017 के द्वारा स्नातक संवर्ग की पंजीयन की कार्यवाही चल रही है शेष संवर्ग की वरिष्ठता सूची का प्रकाशन प्रक्रिया में है। अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय रीवा में अधिसूचना दिनांक 04.07.2017 के द्वारा कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। जीवाजी विश्वविद्यालय ग्वालियर में पंजीकृत स्नातकों का पंजीयन 28.05.2017 तक कराया जा चुका है, समीक्षा उपरांत शीघ्र ही सूची जारी कर दी जावेगी। छत्रसाल विश्वविद्यालय छतरपुर में अभी चुनाव की स्थिति निर्मित नहीं हुई है। अतः रूचि नहीं लेने का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। निर्वाचन हेतु कार्यवाही प्रक्रियागत होने से विलम्ब के लिए कोई दोषी नहीं है। (ग) अभी तक जिन तीन विश्वविद्यालयों में शुल्क जमा हुआ है, इसमें से देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर में पंजीकृत स्नातकों की सूची 20.04.2017 को जारी की जा चुकी है। बरकतउल्ला विश्वविद्यालय भोपाल एवं जीवाजी विश्वविद्यालय ग्वालियर में समीक्षा उपरांत शीघ्र सूची जारी की जावेगी। शेष विश्वविद्यालयों में पंजीकरण के उपरांत सूची जारी की जावेगी। (घ) प्रश्नांश (ख) के उत्तर के प्रकाश में समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। जी हाँ।

प्राध्‍यापकों की नियुक्ति

[उच्च शिक्षा]

17. ( *क्र. 549 ) श्री राजेन्द्र फूलचं‍द वर्मा : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश के महाविद्यालयों में कितने सहायक प्राध्‍यापकों के पद स्‍वीकृत हैं एवं कितने पद रिक्‍त हैं? शासन स्‍तर पर इन पदों पर नियमित नियुक्ति म.प्र. लोक सेवा आयोग से चयन के द्वारा कब तक की जावेगी? (ख) क्‍या रिक्‍त पदों पर नियुक्तियां नहीं होने से शिक्षा की गुणवत्‍ता पर प्रभाव पड़ता है? यदि हाँ, तो नियमित सहायक प्राध्‍यापकों की नियुक्ति के लिए शासन की क्‍या योजना है? (ग) महाविद्यालयों में कुल कितने आपाती सहायक प्राध्‍यापक कार्यरत हैं, जिन्‍हें वर्ष 1998 में नियमित किया गया, लेकिन वरिष्‍ठ व प्रवर श्रेणी वेतनमान न्‍यायालय के आदेश से कुछ लोगों को नियुक्ति दिनांक 1988-89 से दिया गया एवं शेष सहायक प्राध्‍यापकों को कब तक दिया जावेगा?

उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री जयभान सिंह पवैया ) : (क) प्रदेश के महाविद्यालयों में सहायक प्राध्यापकों के 7695 पद स्वीकृत हैं एवं 3167 पद रिक्त हैं। दिनांक 24.11.2016 एवं 16.02.2016 को मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग को 2371 सहायक प्राध्यापकों की भर्ती हेतु प्रस्ताव प्रेषित किया गया है। मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग से चयनित अभ्यर्थियों की सूची प्राप्त होने पर पद पूर्ति की जा सकेगी। वर्तमान में रिक्त पदों पर अतिथि विद्वानों से अध्यापन कार्य कराया जा रहा है। (ख) रिक्त पदों पर अतिथि विद्वानों को आमंत्रित किये जाने से अध्यापन व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित है तथा शिक्षा की गुणवत्ता कायम है। (ग) प्रदेश में कुल 523 आपाती सहायक प्राध्यापक कार्यरत हैं, जिनमें से 468 को वरिष्ठ श्रेणी वेतनमान एवं प्रवर श्रेणी वेतनमान स्वीकृत किया जा चुका है। शेष 55 सहायक प्राध्यापकों को वरिष्ठ श्रेणी एवं प्रवर श्रेणी वेतनमान स्वीकृत करने संबंधी कार्यवाही प्रचलित है।

जन भागीदारी समिति से निर्मित दुकानों का आधिपत्‍य

[योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी]

18. ( *क्र. 807 ) श्री महेन्‍द्र सिंह : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधान सभा क्षेत्र गुनौर अन्तर्गत वर्ष 2005 से जन भागीदारी से किन-किन ग्राम पंचायतों व नगर पंचायतों में दुकानों का निर्माण कब किया गया? सूची उपलब्‍ध करावें। क्या जब दुकानों का निर्माण कराया गया तब जन भागीदारी समिति बनाई गई थी? यदि हाँ, तो उस समिति में कौन-कौन सदस्य थे एवं समिति का गठन किसके अनुमोदन से किया गया? (ख) क्या जिन्हें जन भागीदारी समिति द्वारा दुकानें दी गईं थीं, उन सभी से पगड़ी की राशि पूर्णतः जमा कराने के 08-10 वर्ष बाद भी संबंधितों को दुकानों का आधिपत्य नहीं दिया गया और न ही दुकानों का निर्माण कार्य पूर्ण कराया गया है? (ग) क्या अधिकारियों द्वारा समिति न बनाकर दुकानदारों से किराये का अनुबंध न कर गैर कानूनी तरीके से तहसीलदार अमानगंज, गुनौर एवं अनुविभागीय अधिकारी राजस्‍व गुनौर द्वारा संबंधितों को बिना दुकानों का आधिपत्य दिए किराया वसूल किया जा रहा है? क्या जाँच कराई जाकर दोषियों के विरूद्ध कार्यवाही की जावेगी?

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) जनभागीदारी ग्राम पंचायत गुनौर, सिली, महेबा, सलेहा एवं नगर पंचायत अमानगंज में दुकानों का निर्माण वर्ष 2006 से 2008 के मध्य प्रारम्भ कराया गया। दुकानों के निर्माण के पूर्व विधिवत जनभागीदारी समिति बनाई गई थी। समिति में सम्मिलित सदस्यों के संबंध में आदेश पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जनभागीदारी समिति द्वारा निविदा आमंत्रित की जा कर दुकानों का आवंटन किया गया था। दुकानों का आवंटन जिनके नाम है, वही दुकानों पर काबिज हैं। 17 दुकानों पर विवाद की स्थिति होने पर मान. उच्च न्यायालय जबलपुर मध्यप्रदेश में मामला विचाराधीन होने के कारण निर्माण कार्य पूर्ण नहीं हुआ है। (ग) यह सही नहीं है। निविदा के द्वारा जिन दुकानों का आवंटन कर कब्जा दिया गया है, केवल उन्हीं दुकानदारों से किराया वसूल किया जा रहा है।

भवनों के निर्माण कार्य में विलंब

[नगरीय विकास एवं आवास]

19. ( *क्र. 281 ) श्री यादवेन्‍द्र सिंह : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या विधान सभा अतारांकित प्रश्‍न क्रमांक 164, दिनांक 19.07.2016 के संबंध में आई.एच.एस.डी.पी. योजना अंतर्गत निर्मित भवनों के निर्माण एवं आवंटन में की जा रही लापरवाही के संबंध में आयुक्‍त नगर पालिक निगम कटनी को किसी विधान सभा सदस्‍य द्वारा पत्र क्रमांक 778, दिनांक 05.08.2016 को लिखते हुये दिनांक 08.08.2016 को नगर पालिक निगम में पावती प्राप्‍त की गई थी तथा स्‍मरण पत्र क्रमांक 1535, दिनांक 24.10.2016 जारी किया गया है? (ख) प्रश्‍नांश (क) यदि हाँ, तो उक्‍त पत्र पर क्‍या कार्यवाही की गई? बिन्‍दुवार विवरण दें। यदि प्रश्‍न दिनांक तक कोई कार्यवाही नहीं की गई तो इसके लिये कौन दोषी है? (ग) प्रेम नगर अयोध्‍या बस्‍ती में किस ठेकेदार द्वारा निर्मित 40 भवनों का आधिपत्‍य नगर पालिक निगम को सौंप दिया है, जिसके आवंटन भी हितग्राहियों को किए जा चुके हैं, किन्‍तु ठेकेदार को अंतिम देयक का भुगतान क्‍यों नहीं किया? कब तक किया जावेगा? (घ) प्रश्‍नांश (क), (ख) (ग) के परिप्रेक्ष्‍य में उत्‍तरदायी अधिकारी/कर्मचारी/तकनीकी अमला कौन दोषी है, उसके विरूद्ध कब क्‍या कार्यवाही करेंगे?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ग) आई.एच.एस.डी.पी. योजनांतर्गत प्रेमनगर बस्ती में श्री एस.एन. खम्‍परिया, ठेकेदार को 40 ई.डब्‍ल्‍यू.एस. भवनों का निर्माण कार्य कराने हेतु कार्यादेश क्रमांक 5496, दिनांक 08.08.2008 को दिया गया था। इस कार्य हेतु कुल स्‍वीकृत राशि रूपये 114.80 लाख के विरूद्ध कराये गये कार्य की राशि रूपये 87.27 लाख का भुगतान किया जा चुका है। ठेकेदार को भवनों का कब्‍जा सौंपने हेतु नगर पालिक निगम, कटनी द्वारा पत्र क्रमांक 309, दिनांक 08.06.2012, पत्र क्रमांक 1364, दिनांक 15.06.2012, पत्र क्रमांक 3799, दिनांक 03.10.2013, पत्र क्रमांक 4399, दिनांक 16.11.2013, पत्र क्रमांक 5143, दिनांक 02.01.2014 एवं पत्र क्रमांक 5587, दिनांक 02.11.2016 द्वारा सूचित किया गया, किन्‍तु श्री एस.एन. खम्‍परिया, ठेकेदार द्वारा भवनों का कब्‍जा नहीं सौपा गया है। नगर निगम द्वारा प्रतिवेदित किया गया है कि चूंकि ठेकेदार द्वारा निर्मित भवनों का कब्‍जा नहीं दिया गया है एवं योजनांतर्गत निर्माण कार्यों के थर्ड पार्टी इंस्‍पेक्शन का प्रावधान है, जिसके संबंध में मेयर-इन-काउंसिल के प्रस्‍ताव क्रमांक 09 दिनांक 24.12.2016 द्वारा थर्ड पार्टी इंस्‍पेक्‍शन कराये जाने का निर्णय लिया गया है। ठेकेदार द्वारा निर्मित कराये गये भवनों का कब्‍जा सौंपने एवं थर्ड पार्टी इंस्‍पेक्‍शन रिपोर्ट प्राप्‍त होने के उपरांत ठेकेदार के अंतिम देयक का भुगतान किया जायेगा। प्रकरण में जाँच करवाई जाकर विलंब के लिए उत्‍तरदायित्‍व निर्धारण किया जा सकेगा (घ) प्रकरण की जाँच करायी जा रही है, जाँच उपरांत नियमानुसार कार्यवाही की जायेगी।

परिशिष्ट - ''आठ''

जनप्रतिनिधियों की अनुशंसाओं पर किए गए कार्य

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

20. ( *क्र. 71 ) श्री मेहरबान सिंह रावत : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सबलगढ़ विधान सभा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायतों में मुख्‍यमंत्री ग्राम सड़क योजना, खेत सड़क योजना, सुदूर ग्राम योजना, मनरेगा अथवा R.E.S. द्वारा दिनांक 01.04.2017 से प्रश्‍न दिनांक तक ग्राम पंचायतों के ठहराव के अनुसार एवं जनप्रतिनिधियों की अनुशंसा के आधार पर कौन-कौन से प्रस्‍ताव कब-कब स्‍वीकृत किये गये? कार्य का नाम, एजेंसी का नाम, स्‍वीकृत राशि, स्‍वीकृत करने वाले अधिकारी के नाम सहित जानकारी बतावें (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार कौन-कौन से निर्माण कार्य स्‍वीकृति के पश्‍चात् अभी तक प्रारंभ नहीं हुए हैं, कितने पूर्ण कर लिये गये हैं, कौन-कौन से लंबित हैं एवं क्‍यों तत्‍संबंधी ब्‍यौरा दें? (ग) उक्‍त क्षेत्रांतर्गत जन प्रतिनिधियों द्वारा दिये गये प्रस्‍तावों के आधार पर निर्माण कार्य जनहित में किया जाना अत्‍यंत आवश्‍यक है, जिन पर प्रश्‍न दिनांक तक कोई कार्यवाही नहीं की गई है और क्‍यों? जवाबदेही सुनिश्चित कर तत्‍संबंधी ब्‍यौरा दें? (घ) प्रश्‍नांकित (ग) की अवधि में प्रश्‍नकर्ता द्वारा उचित माध्‍यम से पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को निर्माण कार्य हेतु भेजे गये पत्रों पर की गई कार्यवाही से अवगत न कराये जाने के क्‍या कारण हैं? कौन-कौन से प्रस्‍ताव प्रश्‍न दिनांक तक की स्थिति में स्वीकृत हैं एवं प्रक्रियाधीन हैं? विलंब के क्‍या कारण हैं?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) एवं (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। शेष प्रश्‍नांश उत्‍पन्‍न नहीं होता है। (घ) माननीय प्रश्नकर्ता विधायक से प्राप्त प्रस्तावों पर कार्यवाही की जाकर उन्‍हें अवगत कराया गया है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है।

नगर सुठालिया में शासकीय महाविद्यालय की स्‍थापना

[उच्च शिक्षा]

21. ( *क्र. 1570 ) श्री नारायण सिंह पँवार : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रश्‍नकर्ता के प्रश्‍न क्रमांक 6332, दिनांक 21 मार्च, 2017 के उत्‍तर में बताया गया था कि माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा की गई घोषणा का क्रमांक बी. 3271, दिनांक 31.01.2017 सुठालिया नगर में नवीन महाविद्यालय खोले जाने संबंधी प्रस्‍ताव तैयार कर कार्यवाही की जा रही है? यदि हाँ, तो प्रश्‍न दिनांक तक उक्‍त प्रस्‍ताव की स्‍वीकृति हेतु क्‍या कार्यवाही की गई? (ख) प्रश्‍नांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में क्‍या प्रश्‍नकर्ता द्वारा माननीय विभागीय मंत्री जी को दिनांक 14.06.2017 को सुठालिया नगर में महाविद्यालय प्रारंभ करने हेतु शीघ्र कार्यवाही के लिये अनुरोध-पत्र सौंपा गया था? यदि हाँ, तो क्‍या शासन माननीय मुख्‍यमंत्री जी की घोषणानुरूप नवीन शिक्षण सत्र 2017 से नगर सुठालिया में महाविद्यालय प्रारंभ करेगा?

उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री जयभान सिंह पवैया ) : (क) जी हाँ। सुठालिया में नवीन महाविद्यालय खोले जाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है एवं स्वीकृति हेतु प्रक्रियाधीन है। (ख) जी हाँ। नवीन महाविद्यालय खोले जाने हेतु प्रस्ताव स्वीकृति हेतु प्रक्रियाधीन है।

पानी की टंकी का निर्माण

[नगरीय विकास एवं आवास]

22. ( *क्र. 124 ) श्री नारायण सिंह कुशवाह : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या परि.अता. प्रश्‍न क्र. 200, दिनांक 28.02.2017 के (ख) एवं (ग) भाग में वार्ड क्रमांक 47 एवं 50 के बिग्रेड पानी की लाइन मिलान का कार्य मार्च 2017 तक पूर्ण कराया जाना लक्षित था? क्या वह पूर्ण हो चुका है? (ख) अगर पूर्ण नहीं हुआ है तो क्यों नहीं हो पाया है? (ग) क्या उपरोक्त कार्य की टेंडर प्रक्रिया हुई थी? यदि हाँ, तो उपरोक्त कार्य किस ठेकेदार को मिला? उक्त कार्य का वर्कआर्डर, अनुबंध दिनांक बतायें (घ) पानी की लाईन मिलान का कार्य ठेकेदार ने क्‍यों नहीं किया, कार्य नहीं करने पर ठेकेदार के विरुद्ध क्या क्या कार्यवाही की गई? उपरोक्त कार्य कब तक पूरा कर वार्ड क्रमांक 4750 के निवासियों को पीने का पानी प्रदाय हो जावेगा?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) जी हाँ। जी नहीं। (ख) बिग्रेड टंकी से पेयजल एवं मिलान आदि कार्य के लिए मेसर्स राजीव शर्मा का टेण्‍डर स्‍वीकृत होने पर कार्यादेश जारी किया गया था। कार्यादेश में कार्य की अवधि 02 माह नियत थी, लेकिन निर्धारित अवधि में कार्य प्रारंभ नहीं होने के कारण ठेकेदार की धरोहर राशि राजसात करने की कार्यवाही प्रस्‍तावित कर पुन: नि‍विदा आमंत्रित की गई है, इसलिए कार्य पूर्ण नहीं हो सका। (ग) जी हाँ। मेसर्स राजीव शर्मा को अनुबंध उपरान्‍त कार्यादेश क्रमांक 55 दिनांक 17.03.2017 जारी किया गया था। (घ) ठेकेदार मेसर्स राजीव शर्मा द्वारा नियत अवधि में कार्य प्रारंभ नहीं करने के कारण उक्‍त फर्म की एफडीआर राजसात करने एवं 01 वर्ष के लिए टेण्‍डर प्रक्रिया से प्रतिबंधित (ब्‍लेक लिस्‍ट) की कार्यवाही प्रस्‍तावित की गई है। कार्य की द्वितीय निविदा आमंत्रण दिनांक 02.06.2017 एवं तृतीय निविदा आमंत्रण दिनांक 16.06.2017 में कोई भी निविदा प्राप्‍त नहीं होने के कारण चतुर्थ निविदा आमंत्रण दिनांक 01.07.2017 को किया गया, जिसमें दिनांक 21.07.2017 को निविदा खोलने की अंतिम तिथि नियत है। दिनांक 21.07.2017 को निविदा में प्राप्‍त निविदा दर की स्‍वीकृति होने के उपरांत कार्यादेश जारी किया जाकर टंकी का कार्य प्रारंभ किया जा सकेगा। कार्य पूर्ण होने के पश्‍चात् ही वार्ड क्रमांक 47 एवं 50 के निवासियों को पानी प्रदाय किया जा सकेगा। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

हरनामपुर औद्योगिक क्षेत्र का विकास

[वाणिज्य, उद्योग एवं रोजगार]

23. ( क्र. 1668 ) श्री नारायण त्रिपाठी : क्या खनिज साधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या सतना जिलांतर्गत मैहर तहसील के ग्राम हरनामपुर में औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने हेतु किसानों की भूमि अधिग्रहित की गई है? यदि हाँ, तो इन प्रभावित किसानों को किस दर से कितना मुआवजा दिया गया है? (ख) क्‍या अधिग्रहित भूमि पर विभाग द्वारा अब तक कोई विकास कार्य या अधोसंरचना विस्‍तार नहीं किया गया है? क्‍या इस क्षेत्र में उक्‍त स्‍थल पर निर्धारित उपयोग (औद्योगिक क्षेत्र) का कोई औचित्‍य है? यदि हाँ, तो क्‍या? (ग) क्‍या विभाग जनहित में कृषि योग्‍य इस भूमि को किसानों को वापिस करेगा अथवा कृषकों को भू-अर्जन अधिनियम 2014 के मापदण्‍डों के अनुसार मुआवजा देगा? यदि हाँ, तो कब तक? नहीं तो क्‍यों?

खनिज साधन मंत्री ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जी हाँ। सतना जिले में स्थित मैहर तहसील के ग्राम हरनामपुर में औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने हेतु किसानों की भूमि अर्जित की गई है, जिनके मुआवजे की दर का विवरण संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार हैं। (ख) जी नहीं, ए.के.व्‍ही.एन. रीवा दवारा अर्जित भूमि पर पूर्व में संपन्‍न विकास कार्यों के अधोसरंचना विस्‍तार कार्य हेतु राज्‍य शासन से रूपये 17.00 करोड़ की प्रशासकीय स्‍वीकृति दिनांक 04.10.2013 को प्राप्‍त करते हुए टेंडर उपरांत दिनांक 12.05.2017 को कार्यादेश जारी किया जा चुका है। वर्ष 2005 में इस अधिग्रहित भूमि पर 1.00 किलोमीटर डब्‍ल्‍यू.बी.एम. सड़क व 05 नग पुलिया का निर्माण किया गया था और इस क्षेत्र में विभिन्‍न औद्योगिक इकाइयों को 14.69 हेक्‍टेयर भूमि आवंटित की जा चुकी है और एक उद्योग उत्‍पादन में भी आ चुका है, जिससे स्‍पष्‍ट होता है कि इस क्षेत्र में उद्यमी उद्योग स्‍थापित करने में इच्‍छुक हैं और इस क्षेत्र में औद्योगिक क्षेत्र का विकास औचित्‍यपूर्ण है। (ग) प्रश्‍नाधीन भूमि राज्‍य शासन के उद्योग विभाग दवारा वर्ष 1975 में भू-अर्जन अधिनियम 1894 के प्रावधानों अंतर्गत विधिवत अर्जित की गई थी, कारण राईट टू फेयर कंपनसेशन एण्‍ड ट्रांसपेरेन्‍सी इन लैण्‍ड एक्‍वीजेशन, रिहेबिलिटेशन एण्‍ड रिसेटलमेंट एक्‍ट, 2013 के प्रावधानों अंतर्गत मुआवजा प्रदान करने का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। इसी प्रकार अधि‍ग्रहित भूमि पर ए.के.व्‍ही.एन. रीवा दवारा किये गये अधोसंरचना विकास एवं किये जा रहे अधोसंरचना विस्‍तार संबंधी विकास कार्यों को दृष्टिग्‍ात रखते हुए तथा इस क्षेत्र में उद्यमियों को आवंटित भू-खण्‍डों की स्थिति को दृष्टिगत रखते हुए भूमि कृषकों को वापस करने का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - ''नौ''

श्‍योपुर जिले में नवीन गर्ल्‍स कॉलेज की स्‍वीकृति

[उच्च शिक्षा]

24. ( *क्र. 675 ) श्री दुर्गालाल विजय : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता के परि.अता. प्रश्‍न क्रमांक 1029, दिनांक 07.03.2017 के प्रश्‍नांश (ख) एवं (ग) के उत्‍तर में जानकारी दी थी कि श्‍योपुर जिले में नवीन गर्ल्‍स कॉलेज स्‍वीकृत करने की मांग जिलेवासियों द्वारा की जा रही है एवं इस हेतु विभाग में प्रक्रियाधीन प्रस्‍ताव को स्‍थायी परियोजना परीक्षण समिति के समक्ष विचारार्थ विभागीय अनुमोदन उपरांत भेजना वर्तमान में सीमित वित्‍तीय संसाधनों के कारण संभव नहीं है, तो पर्याप्‍त वित्‍तीय संसाधनों की व्‍यवस्‍था हेतु वर्तमान तक क्‍या कार्यवाही की गई? (ख) क्‍या जिले में प्रतिवर्ष लगभग 1500 इण्‍टर पास आउट छात्राओं में से आधी से ज्‍यादा छात्राएं स्‍थानीय कॉलेज में एडमिशन नहीं ले पाती, क्‍योंकि उनके माता पिता सहशिक्षा से सहमत न होने के कारण अपनी बेटियों को आगे नहीं पढ़ाते? (ग) यदि हाँ, तो महिला शिक्षा को बढ़ावा देने की शासन की मंशा एवं जिलेवासियों की मांग को दृष्टिगत रखते हुए क्‍या शासन जिले में नवीन गर्ल्‍स कॉलेज की स्‍वीकृति हेतु उक्‍त प्रस्‍ताव का विभाग से व उक्‍त समिति से अनुमोदन करवाएगा तथा इसे अनुपूरक बजट में शामिल कर स्‍वीकृति प्रदान करेगा? यदि नहीं, तो क्‍यों?

उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री जयभान सिंह पवैया ) : (क) जी हाँ। (ख) नवीन महाविद्यालय के भवन निर्माण हेतु रूपये 12 करोड़ की स्वीकृति जारी की जा चुकी है। निर्माण कार्य प्रारंभ हो चुका है। (ग) पदों के निर्माण की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है।

नमामि देवी नर्मदे यात्रा का आयोजन

[योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी]

25. ( *क्र. 1201 ) श्री अजय सिंह : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नमामि देवी नर्मदे यात्रा को क्‍या जन अभियान परिषद के द्वारा या अन्‍य के द्वारा संचालित किया गया है? (ख) उक्‍त कार्यक्रम में किस-किस सेलेब्रिटी को आमंत्रण भेजा गया? कौन-कौन आया? उनके रूकने एवं आने-जाने में कितना व्‍यय किस मद में किया गया? सेलेब्रिटी समेत अन्‍य किस-किस को कितनी राशि पारिश्रमिक या अन्‍य के रूप में दी गई? सूची उपलब्‍ध करायें (ग) नमामि देवी नर्मदे यात्रा के दौरान कुल कितनी राशि किस-किस मद में कब-कब व्‍यय की गई व्‍यय की गई राशि की स्‍वीकृति किस नाम/पदनाम के द्वारा कब-कब दी गई? जारी सभी आदेशों की एक-एक प्रति दें

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) ''नमामि देवी नर्मदे'' यात्रा का संचालन सामान्य प्रशासन विभाग के आदेश एफ 19-65/16/114, दिनांक 23.11.2016 में उल्लेखित विभागों द्वारा किया गया। सामान्य प्रशासन विभाग का आदेश संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) एवं (ग) जानकारी संकलित की जा रही है।

परिशिष्ट - ''दस''

 


 


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भाग-2

नियम 46 (2) के अंतर्गत अतारांकित प्रश्नोत्तर के रुप में

परिवर्तित तारांकित प्रश्नोत्तर


हताईखेड़ा डेम एवं सरयू सरोवर को पर्यटन स्‍थल के रूप में विकसित करना

[नगरीय विकास एवं आवास]

1. ( क्र. 8 ) श्री बाबूलाल गौर : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) गोविन्‍दपुरा विधान सभा क्षेत्र में जनवरी 2009 से प्रश्‍न दिनांक तक हताईखेड़ा डेम, अयोध्‍या नगर स्थित सरयू सरोवर को पर्यटन स्‍थल के रूप में विकसित करने के लिये क्‍या-क्‍या कार्य किये गये? किस-किस कार्य में कितनी-कितनी धनराशि व्‍यय की गई? पृथक-पृथक विवरण दिया जाये? (ख) अयोध्‍या नगर स्थित सरयू सरोवर में स्‍टोन पार्क की प्रतिमाओं को शिफ्ट करने के लिये नगर निगम एवं गृह निर्माण मण्‍डल द्वारा क्‍या कार्यवाही की जा रही है? (ग) हताईखेड़ा एवं सरयू सरोवर पर्यटन स्‍थल का आम जनता के लिये कब तक लोकार्पण किया जायेगा?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) हथाईखेड़ा डेम पर म.प्र. पर्यटन विकास निगम द्वारा बोट क्‍लब, जल‍क्रीड़ा केन्‍द्र, पाथवे की जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार कार्यों पर रू. 1.30 करोड़ का व्‍यय किया गया है एवं सरयू सरोवर में डे शेल्‍टर पार्किंग पाथवे इत्‍यादि पर रू. 35.40 लाख के कार्य जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार किये गये हैं। सरयू सरोवर पार्क में मरम्‍मत पेटिंग एवं सी.सी. सड़क कार्य राशि रू. 4,61,973/- का कराया गया है। नगर निगम द्वारा हताईखेड़ा डेम पर विद्युत व्‍यवस्‍था का कार्य कराया जाना प्रस्‍तावित है। (ख) नगर निगम भोपाल द्वारा प्रतिमाओं को शिफ्ट करने के लिये प्‍लेटफार्म निर्माण कार्य हेतु राशि रू. 7,98,000/- का प्रस्‍ताव बनाया गया है, जोकि स्‍वीकृति में है। (ग) प्रश्‍नांश '' एवं '' में वर्णित कार्य पूर्ण होते ही लोकार्पण किया जायेगा। समय-सीमा बताना संभव नहीं है। 

परिशिष्ट - ''एक''

प्रधानमंत्री आवास योजना की जाँच

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

2. ( क्र. 56 ) कुँवर विक्रम सिंह : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) छतरपुर जिले वर्ष 2016-17 में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में कुल कितने व्‍यक्तियों को लाभ दिया गया? (ख) विकासखण्‍ड राजनगर, लवकुशनगर में कितने हितग्राहियों को प्रथम एवं द्वितीय किश्‍तों का भुगतान किया गया? ग्राम पंचायतवार जानकारी दें। (ग) ऐसे कितने हितग्राही थे, जिनका नाम काटा गया? किस नियम और आधार से उनके नाम बतायें। जिले में कितनी शिकायतें प्राप्‍त हुई और उनकी जाँच कब-कब की गई, कौन दोषी पाया गया? सप्रमाण अभिमत सहित जानकारी दें?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण अन्तर्गत छतरपुर जिले में अब तक कुल 18243 परिवारों को लाभ दिया गया। (ख) विकासखण्ड राजनगर तथा विकासखण्ड लवकुशनगर के लाभान्वित हितग्राहियों की ग्राम पंचायत की जानकारी पोर्टल पर उपलब्ध है। जिसकी मुद्रित प्रति की जानकारी पुस्तकालय में रखे  परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे  परिशिष्ट के प्रपत्र एवं  अनुसार है। 

मध्‍यान्‍ह भोजन योजना

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

3. ( क्र. 57 ) कुँवर विक्रम सिंह : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्‍यान्‍ह भोजन योजना के तहत क्रियान्‍वयन एजेंसी को म.प्र. नागरिक आपूर्ति निगम के माध्‍यम से वर्ष 2013-14 से 2016-17 तक छतरपुर जिले में कितने मे‍ट्रिक टन चावल प्रदाय किया गया? (ख) जिले में उक्‍त योजना के तहत हितग्राहियों की कुल कितनी संख्‍या है तथा वार्षिक कितनी राशि व्‍यय हुई? (ग) क्‍या दाल का क्रय एजेंसियों द्वारा सीधे बाजार से किया गया? यदि हाँ, तो कितनी राशि का व्‍यय हुआ? विभागीय परीक्षणकर्ता अधिकारी कौन रहे? उनके नाम बतायें। (घ) क्‍या विभाग को उक्‍त वर्षों में शिकायतें प्राप्‍त हुई, जिसके जाँच प्रतिवेदनों पर क्‍या कार्यवाहियां हुई?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार। (ग) जी हाँ। कार्यरत ऐजेंसी को शासन द्वारा भोजन पकाने की प्रति छात्र निर्धारित दर की राशि में दाल सहित अन्य सामग्री पर किया जाने वाला व्यय शामिल होता है। सामग्री का परीक्षण संबंधित शाला प्रबंधन समिति द्वारा किया जाता है। (घ) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार।

अनुकंपा नियुक्ति के लंबित प्रकरण

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

4. ( क्र. 99 ) श्री हितेन्द्र सिंह ध्‍यान सिंह सोलंकी : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला पंचायत खरगोन अंतर्गत विगत 5 वर्षों (वर्ष 2011 से 2016 ) में अनुकम्पा नियुक्ति के कितने आवेदन प्राप्त हुए है, उसकी सूची वरिष्ठता क्रम में दी जावे. (ख) अनुकम्पा के प्राप्त आवेदन में कितने आवेदनकर्ताओ की नियुक्ति की गई. उसकी सूची दी जावे व कितने प्रकरण निरस्त किये गए है. तथा निरस्त करने के क्या कारण रहे है, प्रकरण विभागीय प्रक्रिया में विलम्ब होने से कितने प्रकरण निरस्त हुए है. उसकी सूची दी जावे. (ग) प्रश्नकर्ता द्वारा विगत छ: माह में विभाग में अनुकम्पा नियुक्ति के सम्बन्ध में जिला प्रशासन एवं संचालनालय पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग भोपाल में कितने पत्र जारी किये गए है. इन प्राप्त पत्रों पर विभाग द्वारा क्या कार्यवाही की गई, यदि कार्यवाही नहीं की गई तो इसके क्या कारण रहे है.

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र एवं अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है।

जन भागीदारी मद अंतर्गत प्राप्त आवंटन एवं वितरण

[योजना,आर्थिक एवं सांख्यिकी]

5. ( क्र. 110 ) श्री कालुसिंह ठाकुर : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जनभागीदारी मद अंतर्गत विगत 04 वित्‍तीय वर्षों में धार जिले में कितना-कितना वर्षवार आवंटन प्राप्त हुआ है? जनभागीदारी मद अंतर्गत एक व्यक्ति अथवा एक ग्राम से कितनी मात्रा में अंश राशि का जन सहयोग प्राप्त होने पर कौन-कौन से कार्य स्वीकृत किये जा सकते हैं? (ख) प्रश्‍नांश (क) में अंकित अवधि में प्राप्त आवंटन में से किन-किन ग्राम/ग्राम पंचायत /विकास खण्ड को कितनी-कितनी राशि का वितरण, किन-किन कार्यों हेतु किन-किन व्यक्तियों द्वारा दिये गये जन सहयोग के आधार पर किया गया है? कार्यवार, ग्रामवार, ग्राम पंचायतवार, विकास खण्डवार, प्राप्त जन सहयोग व वितरित राशि का पूर्ण विवरण देवें? (ग) मद अंतर्गत कार्यों की स्वीकृति एवं राशि वितरण के क्या-क्या नियम है? क्या वर्ष में प्राप्त आवंटन का वितरण मात्र एक या दो विकास खण्डों में ही किया जा सकता है? यदि नहीं, तो विगत तीन वर्षों में सबसे अधिक राशि धार जिले के अति गरीब विकास खण्ड गंधवानी में वितरण किये जाने का कारण बतावें? क्‍या मिलीभगत से राशि का दुरूपयोग करने वाले दोषियों के विरूद्ध कोई कार्यवाही की जावेगी? यदि हाँ, तो समयावधि बतावें? प्रतिवर्ष जिले में जन सहयोग देने वाले सम्पूर्ण दानदाताओं की जानकारी उपलब्ध करावें।

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) जिले को वित्तीय वर्ष 2013-14 में 540.00 लाख वर्ष 2014-15 में 650.00 लाख वर्ष 2015-16 में 489.70 लाख एवं वर्ष 2016-17 में 897.70 लाख का आवंटन प्राप्त हुआ। योजनान्तर्गत कार्य कराये जाने के लिये सामान्य क्षेत्र में 50 प्रतिशत जन सहयोग एवं अनुसूचित जाति/जनजाति क्षेत्रों में 25 प्रतिशत जन सहयोग की राशि प्राप्त होने के उपरान्त कार्य स्वीकृत किये जाने का प्रावधान है। जनभागीदारी नियम 2000 के प्रावधान के तहत ऐसे कार्यों को लिया जाता है जो मूलभूत सेवाओं से संबंधित हो तथा नगरीय/ग्रामीण निकायों के रहवासियों के लिये जनोपयोगी हो। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। (ग) जिले को वर्ष में प्राप्त आवंटन अनुसार निकायों से मदवार प्रस्ताव प्राप्त कर स्वीकृति की कार्यवाही की जाती है। जी नहीं। जिले को प्राप्त आवंटन से समस्त जिले में विकास कार्य कराये जाते है। विकासखण्ड गंधवानी से प्राप्त प्रस्तावों पर नियमानुसार ही कार्यवाही की जाने से किसी के भी दोषी होने का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। प्रतिवर्ष जिलें में जन सहयोग देने वाले दान दाताओं की सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है।

सुड्डी के बरहाटोला को रिटेनिंग बाल से संरक्षित करना

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

6. ( क्र. 113 ) श्री मोती कश्यप : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या दिनांक 28-2-2017 के परिवर्तित अतारांकित प्रश्न क्र. 765 के उत्तर में दर्शित है कि ग्रामपंचायत मुख्यालय सुड्डी से बरहाटोला की दूरी एक कि.मी. है, कच्चा मार्ग है और वर्षाकाल को छोड़कर आवागमन चालू रहता है? (ख) प्रश्नांश (क) मार्ग किस मद की भूमि पर कितना चौड़ा है और किस योजना व विभाग द्वारा निर्मित है और क्या उस पर चौपहिया वाहन चलाये जाते हैं? (ग) प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्य में क्या बसाडी-बरही मार्ग पर सुड्डी से महानदी की दूरी 3 कि.मी. है और वहां 5 वर्ष पूर्व महानदी की बाढ़ से कटाव हुये कच्चे मार्ग की दूरी 1 कि.मी. है, आवागमन पूर्णतया बंद है एवं निरंतर कटाव से बस्ती‍ का अस्तित्व खतरे में है और ग्रामीण खेतों की पगडंडियों से 2 कि.मी. दूर ग्रा.पं. मुख्यालय सुड्डी जाते हैं? (घ) क्या प्रश्नांश (क) तथ्य के परीक्षण के लिये प्रश्नकर्त्ता विधायक सहित शासन की कोई समिति गठित की जावेगी? (ड.) क्या कटाव से बरहाटोला के अस्तित्व और ग्रामीणों के जीवन की रक्षा हेतु रिटेनिंगबाल और मार्ग का निर्माण किया जावेगा और आवागमन सुलभ बनाया जावेगा?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क)  जी हाँ। ग्राम पंचायत मुख्यालय सुड्डी से बरहा टोला के मध्‍य कच्चे मार्ग की लंबाई 1.00 कि.मी. है एवं शेष 3.80 कि.मी. लंबाई डामरीकृत है। (ख) मार्ग के 1.00 कि.मी. कच्चे भाग में शासकीय एवं निजी भूमि है। शासकीय भूमि में औसत चौड़ाई 2.50 से 3.00 मी. एवं निजी भूमि में औसत चौड़ाई 2.50 से 5.00 मी. के मध्य है। मार्ग किसी भी शासकीय योजना से निर्मित नहीं किया गया है। रेत खदान मालिकों द्वारा आवागमन हेतु अस्‍थाई मार्ग बनाया गया है। वर्तमान में मार्ग पर चौपहिया वाहनों का आवागमन नहीं है। (ग) बसाड़ी-बरही मार्ग पर स्थित ग्राम सुड्डी से महानदी की दूरी 3.80 कि.मी. है। महानदी की बाढ़ के कारण कटे हुए कच्चे मार्ग की लंबाई 0.40 कि.मी. है। वर्षाकाल को छोड़कर पैदल आवागमन सुड्डी ग्राम के लिए होता है। मार्ग के निरंतर कटाव से बस्‍ती के अस्तित्‍व को खतरा होने जैसी स्थिति नहीं है। जी हाँ। (घ) उत्‍तरांश (क) एवं (ग) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ड.) उपलब्‍ध वित्‍तीय संसाधन पूर्व से स्‍वीकृत कार्यों के लिए आबद्ध होने से मार्ग निर्माण एवं रिटेनिंगबाल वाल संबंधी स्‍वीकृति विचाराधीन नहीं है।

विधान सभा क्षेत्रों में विकास कार्य

[नगरीय विकास एवं आवास]

7. ( क्र. 125 ) श्री नारायण सिंह कुशवाह : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) वर्ष २०१३ से २०१७ जून तक नगर पालिका निगम ग्‍वालियर शहर की तीनों विधानसभा व ग्रामीण विधानसभा के 6 वार्डों में किस-किस विधानसभा में किस-किस मद से कितनी-कितनी राशि के विकास के कार्य हुए हैं? (ख) क्या विकास कार्य ग्वालियर दक्षिण विधानसभा क्षेत्र में आवश्यकता व मांग के अनुसार हुए हैं? अगर नहीं हुए तो क्‍यों नहीं हुए है?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) जी हाँ। उत्‍तरांश के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - ''दो''

ग्राम पंचायत सचिवों का निलंबन अवधि में वेतन भुगतान

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

8. ( क्र. 136 ) श्री हरवंश राठौर : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र बण्डा की दोनों जनपद पंचायतों के वर्ष 2013-14 से कितने ग्राम पंचायत सचिवों को निलम्बित किया गया है? क्या निलम्बन अवधि में जीवन निर्वाह भत्‍तों का प्रावधान है? (ख) किन-किन सचिवों के निलम्बन से बहाली आदेशों में निलम्बन अवधि का शेष वेतन देने का सक्षम अधिकारी ने उल्लेख किया है? यदि उल्लेख किया है तो उसके बहाली आदेशों की प्रमाणित छायाप्रतियाँ उपलब्ध करावें एवं निलंबन अवधि तक वेतन किन-किन सचिवों को नियमों के तहत प्रदाय किया गया है? सूची उपलब्‍ध कराई जाए। (ग) उक्त अवधि में कितने सचिवों की विभागीय जाँच की जाकर दोषी पाये गये हैं तथा कितने निर्दोष पाए गए हैं। (घ) विभागीय जाँच अथवा शिकायत जाँच में दोषी पाए गए सचिवों के विरूद्ध निलंबन के अलावा किस प्रकार की दण्डात्मक कार्यवाही जैसे (लघुशास्ति, दीर्घ शास्ति या राशि वसूली) की गई है? क्या कार्यवाही लंबित है? लंबित रहने का क्या कारण है और कब तक कार्यवाही को पूर्ण किया जावेगा?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क)विधानसभा क्षेत्र बंडा की दोनों जनपद पंचायत यथा बंडा एवं शाहगढ़ में वर्ष 2013-14 से प्रश्न दिनांक तक ग्राम पंचायत के 17 सचिवों को निलंबित किया गया है। मध्यप्रदेश पंचायत सेवा (अनुशासन तथा अपील) नियम, 1999 के नियम 13 में निलंबन के दौरान निर्वाह भत्ता भुगतान करने का प्रावधान है। (ख)जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) उक्त अवधि में 3 सचिवों के विरूद्ध विभागीय जाँच संस्थित की गई जो प्रचलित है। 4 सचिव न्यायालय द्वारा तथा जाँच में दोषमुक्त पाये गये। (घ) शिकायत जाँच में दोषी पाये गये सचिवों के विरूद्ध निलंबन के अलावा 3 सचिवों को लघुशास्ति से दंडित किया गया। 7 सचिव वर्तमान में निलंबित है, जिनकी विभागीय जाँच संस्थित किये जाने की कार्यवाही प्रचलित है। समय-सीमा बताना संभव नहीं है।

जनपद पंचायत बण्डा की दुकानों का आवंटन

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

9. ( क्र. 140 ) श्री हरवंश राठौर : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जनपद पंचायत बंडा के स्वामित्व की 42 दुकानों का आवंटन कब तथा किसको किया गया है, नामवार स्थिति से अवगत करावें? (ख) दुकानों के आवंटन के पूर्व क्या विज्ञापन, आरक्षण, तथा भाड़ा नियंत्रण अधिकारी से किराया का निर्धारण कराया गया था? यदि हाँ, तो अनुबंध पत्र तथा नियमित वसूली संबंधी प्रमाण उपलब्ध करावें। (ग) क्या सभी दुकानदारों द्वारा अनुबंध की सभी कंडिकाओं का पालन किया जा रहा है? यदि नहीं, तो उनके विरूद्ध विभाग द्वारा क्या कार्यवाही की गई है? प्रमाण उपलब्ध करावें। (घ) जनपद पंचायतों के आडिट में क्या दुकानों के संबंध में गंभीर आपत्तियां उठाई हैं? यदि हाँ, तो उनके उद्धरण तथा पालन प्रतिवेदन उपलब्ध करावें?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार। (ख) जी नहीं। (ग) जी नहीं। जिला पंचायत द्वारा जाँच दल गठित किया गया है। जाँच दल गठन का आदेश पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार। (घ) स्थानीय निधि संपरीक्षा द्वारा प्रश्नांश के संबंध में उठाई गई आपत्ति, पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-स अनुसार है। पालन प्रतिवेदन प्रक्रियाधीन है।

 

कन्या महाविद्यालय धार में स्नातकोत्तर कक्षाएं प्रारंभ करना

[उच्च शिक्षा]

10. ( क्र. 156 ) श्रीमती नीना विक्रम वर्मा : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या कन्या महाविद्यालय धार में स्नातकोत्तर कक्षाएं प्रारंभ करने की माननीय मुख्यमंत्री जी की घोषणा के पालन में स्नातकोत्तर प्रथम वर्ष की कक्षाएं पिछले शैक्षणिक सत्र में प्रांरभ की गई थी? (ख) यहां तो, क्या इस शैक्षणिक सत्र में स्नातकोत्तर की द्वितीय वर्ष की कक्षाओं की स्वीकृति प्रदान की जाकर छात्राओं को प्रवेश दिया जा रहा है? (ग) यदि नहीं, तो, कन्या महाविद्यालय की स्नातकोत्तर की प्रथम वर्ष की कक्षाओं में उत्तीर्ण छात्राओं के वर्तमान शैक्षणिक सत्र 2017-18 में द्वितीय वर्ष की कक्षाओं में अध्ययन हेतु क्या व्यवस्था की जा रही है? (घ) क्या विभाग प्रदेश के विभिन्न महाविद्यालय में आधिक्य के अतिशेष प्राध्यापक/सहायक प्राध्यापक के पदों को कन्या महाविद्यालय धार में स्थानांतरित कर, विश्वविद्यालय के मापदण्ड अनुसार पदों की पूर्ति कर उत्तरार्द्ध की कक्षाएं प्रारंभ करने हेतु कार्रवाई करेगा? (ङ) यदि नहीं, तो विभाग इस समस्या के समाधान हेतु क्या कार्रवाई करेगा?

उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री जयभान सिंह पवैया ) : (क) जी हाँ, माननीय मुख्यमंत्री जी की घोषणा के अनुपालन में रसायनशास्त्र, समाजशास्त्र एवं वाणिज्य में स्नातकोत्तर कक्षाएँ प्रारंभ की गई थी। (ख) सम्पूर्ण पाठयक्रम की स्वीकृति दिये जाने के कारण द्वितीय वर्ष की कक्षाओं की पृथक स्वीकृति की आवश्यकता नहीं है। (ग) जी हाँ। (घ) जी नहीं, पाठयक्रम की स्वीकृति के साथ पदों की स्वीकृति जारी की गई है। अतः उत्तरार्ध की कक्षायें प्रारंभ करने हेतु अन्य महाविद्यालय से पदों के स्थानांतरण की आवश्यकता नहीं है। (ड.) प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता है।

मेगनीज माइंस का आवंटन एवं संचालन की जाँच एवं कार्यवाही

[खनिज साधन]

11. ( क्र. 187 ) श्रीमती अनीता नायक : क्या खनिज साधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मेटल एंड मिनरल्‍स द्वारा ग्राम सेलवा तहसील जिला बालाघाट में संचालित मेगनीज माइंस, शासन/विभाग के किन आदेशों से किन खसरा नम्‍बरों की भूमि पर कब एवं किसको स्‍वीकृत की गयी थी? उपरोक्‍त खसरा नम्‍बरों की भूमि तत्‍समय किस मद की थी एवं किस प्रयोजन हेतु आरक्षित थी? (ख) प्रश्‍नांश (क) खनिपट्टा का प्रारंभ दिनांक से प्रश्‍न दिनांक तक किस-किस शासकीय सेवक द्वारा कब-कब निरीक्षण किया गया, जाँच में क्‍या पाया और क्‍या जाँच प्रतिवेदन दिए गए? (ग) क्‍या प्रश्‍नांश (क) खनिपट्टा हेतु स्‍वीकृत खसरा नम्‍बरों की भूमि जलमद में दर्ज एवं मरघट हेतु थी और विभाग के पत्र क्रमांक एफ-3-76/200/12/2 दिनांक 21/04/2005 खनिपट्टा/पूर्वे. अनु.निरस्‍त किये जाने का पत्र भी जारी किया गया था? हां, तो जलमद एवं मरघट की भूमि पर खनिपट्टा किन नियमों के तहत कौन-कौन सक्षम प्राधिकारियों के किन-किन आदेशों से क्‍यों स्‍वीकृत किया गया और पत्र दिनांक 21/04/2005 का किया गया निराकरण बताये? (घ) प्रश्‍नांश (क) क्‍या खनिपट्टा की स्‍वीकृति एवं संचालन में अनियमित्‍ताओं की दिनांक 16.05.2017 को कार्यालय मुख्‍यमंत्री, मुख्‍य सचिव, खनिज संचालनालय, दिनांक 17.05.2017 को कार्यालय खनिज मंत्री, सचिव खनिज, सिया एवं पत्र दिनांक 12.06.2017 से कलेक्‍टर, उपसंचालक (खनिज) बालाघाट को शिकायतें की गयी थी? यदि हाँ, तो प्राप्‍त शिकायतों पर प्रश्‍न दिनांक तक किस-किस के द्वारा कब-कब, क्‍या-क्‍या जाँच/कार्यवाही की गयी? कार्यालयवार, दिनांकवार बतायें। (ड.) प्रश्‍नांश (क) से (घ) क्‍या खनिपट्टा की स्‍वीकृति हेतु भ्रामक/असत्‍य दस्‍तावेज दिए गये और नियम विपरीत तरीके से खनिपट्टा स्‍वीकृत किया गया? हां, तो इस पर क्‍या कार्यवाही की जायेगी, नहीं तो क्‍या ऐसा नहीं होना सत्‍यापित किया जाएगा?

खनिज साधन मंत्री ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) प्रश्‍नाधीन कंपनी द्वारा प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में संचालित खदान विभागीय आदेश क्रमांक 2-60/2005/12/2 दिनांक 05-12-2006 द्वारा खसरा क्रमांक 150/1 रकबा 4.906 हेक्‍टेयर क्षेत्र पर आवेदक श्री महेश मिश्रा के पक्ष में खनिज मैगनीज हेतु खनिपट्टा पर स्‍वीकृत की गई थी। जिसे विभागीय आदेश क्रमांक एफ 3-4/2011/12/2 दिनांक 02.04.2011 से प्रश्‍नाधीन कंपनी के पक्ष में अंतरित की गई थी। प्रश्‍नाधीन क्षेत्र की भूमि भूजल पानी के नीचे मद में दर्ज थी। (ख) खनिपट्टा क्षेत्र पर भारतीय खान ब्‍यूरो, भारतीय खान सुरक्षा निदेशालय, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा समय-समय पर तथा राजस्‍व विभाग, खनिज विभाग द्वारा निरीक्षण किया जाता है। भारतीय खान ब्‍यूरो एवं भारतीय खान सुरक्षा निदेशालय भारत सरकार के उपक्रम हैं। इनके द्वारा की गई जाँच के प्रतिवेदन के संबंध में तथा अन्‍यों द्वारा की गई जाँच के प्रतिवेदन के संबंध में जानकारी एकत्रित की जा रही है। (ग) प्रश्‍न में उल्‍लेखित पत्र द्वारा पूर्वेक्षण अनुज्ञप्ति आवेदन पत्र पर स्‍वीकृति के पूर्व स्‍पष्‍टीकरण चाहा गया था। जिसके संबंध में कलेक्‍टर कार्यालय बालाघाट द्वारा प्रतिवेदन दिनांक 10.06.2005 प्रेषित किया गया था। प्रश्‍न की शेष जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट पर दर्शित है। (घ) जी हाँ। इसके संबंध में जाँच की कार्यवाही प्रचलित है। जाँच की कार्यवाही प्रचलित होने के कारण शेष प्रश्‍न वर्तमान में उपस्थित नहीं होता। (ड.) जी नहीं। अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

खनिज विभाग द्वारा जप्‍त रेत के स्टॉक

[खनिज साधन]

12. ( क्र. 226 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या खनिज साधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या जबलपुर जिले में खनिज विभाग द्वारा वर्ष 2016-17 में समय-समय पर अवैध रेत के स्टॉक जप्‍त किये गये हैं? (ख) यदि हाँ, तो क्या इन अवैध स्टॉक का विधि अनुसार निपटारा (डिस्पोजल) किया गया है? (ग) प्रश्‍नांश (ख) के अंतर्गत क्या इन स्‍टॉक को संबंधित क्षेत्र के ठेकेदार को दिया गया है? (घ) वर्ष 2016-17 से अद्यतन जप्‍त किये गये स्टॉक अन्य किसे प्रदाय किये?

खनिज साधन मंत्री ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जी हाँ। (ख) मध्‍यप्रदेश शासन, खनिज साधन विभाग के आदेश क्रमांक एफ 19-6/2016/12/2 दिनांक 29.04.2016 के अनुसार मध्‍यप्रदेश राज्य खनिज निगम के माध्‍यम से निगम के निकटतम ठेकेदार को तहसील में स्‍वीकृत उच्‍चतम दर पर रेत के मूल्‍य का भुगतान करने पर जप्‍त स्‍टॉक दिया गया है तथा इसी निर्देश के अनुरूप कार्यवाही की जा रही है। (ग) प्रश्‍नांश (ख) में दिये उत्‍तर में स्थिति स्‍पष्‍ट की गई है। (घ) प्रश्‍नांश (ख) में उल्‍लेखित निर्देशानुसार अन्‍य किसी को स्‍टॉक प्रदान नहीं किया गया है।

खनिज संपदा पर रॉयल्टी में विसंगति

[खनिज साधन]

13. ( क्र. 227 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या खनिज साधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या खनिज विभाग में आवेदन, रजिस्ट्रेशन एवं रॉयल्टी जमा करने हेतु ऑनलाईन व्यवस्था की गई है? (ख) यदि हाँ, तो क्या मालवाहक वाहन की भार क्षमता के अनुसार रॉयल्टी ली जाती है? (ग) प्रश्‍नांश (ख) के अधीन मालवाहक वाहन की भार क्षमता आर.टी.ओ. या खनिज, किस विभाग के नियमों के अनुसार है?

खनिज साधन मंत्री ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जी हाँ। (ख) पट्टेदार द्वारा खनिज परिवहन के लिये इलेक्ट्रोनिक अभिवहन पार पत्र में दर्ज खनिज मात्रा अनुसार रॉयल्‍टी देय होती है। (ग) खनिज परिवहन हेतु विभागीय पोर्टल पर पंजीयन करने पर वाहन की विशिष्‍टयों के अनुसार वाहन की भार क्षमता परिवहन विभाग के पोर्टल से एकीकृत होती है। इसी अनुसार वाहन की भार क्षमता होती है।

सचिव का निलंबन एवं बहाली

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

14. ( क्र. 262 ) पं. रमाकान्‍त तिवारी : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) कार्यालय जिला पंचायत रीवा म.प्र. के पत्र क्रमांक 5293/वि.स./वि.जा./ 2015 रीवा दिनांक 23.12.2015 द्वारा अनुशासनात्‍मक कार्यवाही विरूद्ध श्री पवन कुमार सिंह निलंबित सचिव गोदकला जनपद पंचायत त्‍योंथर जिला के ऊपर क्‍या आरोप लगाये गये थे? (ख) कार्यालय जिला पंचायत रीवा म.प्र. द्वारा जारी उपरोक्‍त आरोप पत्र के संबंध में आरोपी सचिव द्वारा क्‍या जवाब एवं साक्ष्‍य उपलब्‍ध कराये गये? (ग) क्‍या प्रकरण का निराकरण किये बगैर एवं खयानत राशि जमा कराये बगैर आरोपी सचिव को पुन: बहाल कर दिया गया? (घ) यदि हाँ, तो आरोपी सचिव को निर्दोष साबित हुये बगैर क्‍यों बहाल किया गया? क्‍या सचिव को दुबारा निलंबित कर प्रकरण की गंभीरता से जाँच कराकर दण्डित किया जायेगा एवं आरोपी सचिव द्वारा खयानत की गई राशि जमा कराई जावेगी? यदि हाँ, तो कब तक?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) आरोप पत्र संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी हाँ। (ग) जी हाँ। अपर आयुक्त न्यायालय, रीवा के आदेश के कारण। विभागीय जाँच प्रचलित है। (घ) जी हाँ। अपर आयुक्त न्यायालय, रीवा के आदेश के कारण। विभागीय जाँच प्रचलित है।

परिशिष्ट - ''तीन''

प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

15. ( क्र. 263 ) पं. रमाकान्‍त तिवारी : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रीवा जिले अंतर्गत विकासखण्‍ड त्‍योंथर एवं जवा में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजनायें एवं मुख्‍यमंत्री ग्राम सड़क योजनान्‍तर्गत वित्‍तीय वर्ष 2016-17 एवं 2017-18 के लिये कुल कितनी सड़कें निर्माण किये जाने हेतु प्रस्तावित/स्‍वीकृत हैं? (ख) उनमें से कितनी सड़कें स्‍वीकृत हैं? क्‍या उक्‍त सड़कों के निर्माण हेतु टेण्‍डर प्रक्रिया पूर्ण कर ली गई है? सड़कों से संबंधित संपूर्ण विवरण दें। (ग) उपरोक्‍त सड़कों की निर्माण एजेन्‍सी, कार्य अवधि एवं लागत सहित बतायें।

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) रीवा जिले के विकासखण्ड त्योंथर एवं जवा में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2016-17 में कुल 17 सड़कें निर्माण हेतु स्वीकृत है तथा वर्ष 2017-18 में कोई भी सड़क स्वीकृत नहीं है। मुख्‍यमंत्री ग्राम सड़क योजना अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2016-17 में कोई सड़क प्रस्तावित/स्वीकृत नहीं है, वर्ष 2017-18 में विकासखंड त्योंथर में 10 मार्गों तथा विकासखंड जवा में 04 मार्गों के निर्माण हेतु ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग द्वारा प्रस्ताव तैयार किये गये है। (ख) प्रश्नांश '' अनुसार प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अन्तर्गत कुल 17 सड़कें स्वीकृत है। इसमें से 01 सड़क का निर्माण लोक निर्माण विभाग द्वारा किया जा रहा है। शेष 16 सड़कों के निर्माण हेतु कार्यादेश जारी किये जा चुके है। मुख्‍यमंत्री ग्राम सड़क योजना के अन्तर्गत तैयार प्रस्तावों की स्वीकृति संबंधित कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-अ एवं ब अनुसार। (ग)  जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-अ एवं ब अनुसार। 

परिशिष्ट - ''चार''

क्षतिग्रस्‍त मार्गों का सुधार

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

16. ( क्र. 290 ) श्रीमती पारूल साहू केशरी : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रश्‍नकर्ता द्वारा विधानसभा के बजट सत्र में परि.अता. प्रश्‍न क्रमांक 3428 दिनांक 21 मार्च 2017 के माध्‍यम से पूछे गये प्रश्‍न के उत्‍तर में विभाग द्वारा 5 एवं 10 वर्षों से ज्‍यादा समय से क्षति ग्रस्‍त मार्गों का संधारण करने के लिये आवश्‍यक प्रस्‍ताव तैयार नहीं करने के लिये जिम्‍मेदार पाये गये श्री राजेश चौकसे महाप्रबंधक एवं अन्‍य अधिकारियों को दोषी पाकर उनके विरूद्ध विभागीय जाँच संस्थित करने का निर्णय लिये जाने बाबत् जानकारी दी गयी थी? (ख) यदि हाँ, तो क्‍या सरकार द्वारा प्रश्‍नांश (क) में वर्णित अधिकारियों के विरूद्ध विभागीय जाँच के आदेश जारी कर दिये हैं? आदेश की प्रति देवें। (ग) सं‍दर्भित प्रश्‍न के प्रश्‍नांश (क) में संलग्‍न परिशिष्‍ट-15 पर दर्शित क्षतिग्रस्‍त मार्गों का पुनर्निर्माण अथवा सुधार कार्य कब तक करा दिया जावेगा?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी नहीं, स्पष्टीकरण लेने के निर्णय की जानकारी दी गई थी। प्रश्नाधीन प्रश्न का उत्तर संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार। (ख) प्रश्नांश उत्पन्न नहीं होता है। (ग) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार। संधारण कार्य अनुबंधित अवधि में पूर्ण कराना लक्षित है।

परिशिष्ट - ''पाँच''

सीवरेज लाइन से सड़कों को नुकसान

[नगरीय विकास एवं आवास]

17. ( क्र. 315 ) श्री शैलेन्‍द्र पटेल : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या सीहोर शहर में सीवरेज लाइन डाली जा रही है? यदि हाँ, तो किस योजना के तहत किस कंपनी द्वारा कार्य किया जा रहा है? (ख) क्‍या पाइप-लाइन डालते समय सड़कों को बीचों-बीच से खोदकर पाइप-लाइन डाली जा रही है? यदि हाँ, तो शहर में कुल कितने कि.मी. सड़कों को बीचों-बीच से खोदा गया है? (ग) क्‍या पाइप-लाइन के लिए खोदी गई सड़कों का नए सिरे से निर्माण किया जाएगा? यदि हाँ, तो निर्माणकर्ता एजेन्‍सी कौन रहेगी? यदि नहीं, तो सड़कों का निर्माण कैसे होगा?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) जी हाँ। अटल मिशन फॉर रिज्‍यूविनेशन एण्‍ड अर्बन ट्रांसफॉर्मेशन (अमृत) योजनांतर्गत, कार्य मेसर्स अंकिता कंस्‍ट्रक्‍शन अहमदाबाद द्वारा किया जा रहा है। (ख) जी हाँ। उक्‍त पाइप-लाइन के कुल 80 कि.मी. में से 75 कि.मी. पाइप-लाइन सड़कों के मध्‍य से डाली जा रही है। (ग) पाइप-लाइन के लिए खोदी गई सड़कों का सीवरेज खुदाई के पूर्व की स्थिति में निर्माण कार्य किया जायेगा। मेसर्स अंकिता कंस्‍ट्रक्‍शन अ‍हमदाबाद द्वारा। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

सागर नगर स्थित महाविद्यालयों में पर्याप्‍त स्‍टाफ एवं संसाधन

[उच्च शिक्षा]

18. ( क्र. 397 ) श्री शैलेन्द्र जैन : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या सागर नगर स्थित शासकीय कन्‍या स्‍नातकोत्‍तर महाविद्यालय सागर एवं आर्ट एण्‍ड कॉमर्स कॉलेज सागर में विद्यार्थियों की संख्‍या के मान से स्‍टाफ एवं संसाधनों (कक्ष, फर्नीचर, लैब) की पर्याप्‍त व्‍यवस्‍था है? यदि हाँ, तो विवरण सहित बतायें? (ख) क्‍या महाविद्यालयों में विद्यार्थियों की बढ़ती संख्‍या को देखते हुए प्रश्‍नकर्ता द्वारा शैक्षणिक सत्र 2016-17 में विद्यार्थियों की संख्‍या के मान से पर्याप्‍त शिक्षकों की मांग की गयी थी? यदि हाँ, तो क्‍या कार्यवाही की गयी? (ग) क्‍या प्रश्‍नाधीन महाविद्यालयों में विद्यार्थियों की संख्‍या के मान से शैक्षणिक स्‍टाफ एवं संसाधनों की पूर्ति सत्र 2017-18 के पूर्व पूर्ण कर ली जावेगी?

उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री जयभान सिंह पवैया ) : (क) सागर कन्या शासकीय महाविद्यालय में 8331 विद्यार्थी (2016-17) छात्र संख्या के मान से स्टाफ एवं संसाधनों की कमी है। उपलब्ध स्टॉफ एवं संसाधन की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ, ब एवं स अनुसार है। (ख) रिक्त पदों पर अतिथि विद्वानों को आमंत्रित कर अध्यापन व्यवस्था कराई जाती है। रिक्त पदों की पूर्ति हेतु लोकसेवा आयोग को अनुरोध किया गया है। कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-द अनुसार है। (ग) पद पूर्ति एवं भवन निर्माण की कार्यवाही हेतु समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

सागर विकास प्राधिकरण का गठन

[नगरीय विकास एवं आवास]

19. ( क्र. 398 ) श्री शैलेन्द्र जैन : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या नगरों के विकास के लिए पूर्व में नगर सुधार न्‍यास की स्‍थापना की गयी थी? जिसे वर्ष 1992 में नगर निगम में मर्ज कर दिया गया था? क्‍या जिन नगरों में नगर सुधार न्‍यास की स्‍थापना की गयी थी, राज्‍य के उन सभी नगरों में विकास प्राधिकरण का गठन किया गया है? (ख) क्‍या 100 स्‍मार्ट सिटी की सूची में शामिल सागर शहर एक मात्र ऐसा शहर है जहां विकास प्राधिकरण का गठन नहीं किया गया है, जिससे सागर नगर का विकास प्रभावित हो रहा है? (ग) प्रश्‍नांश (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में यदि हाँ, तो क्‍या शासन संभागीय मुख्‍यालय सागर नगर में बढ़ते हुए जनसंख्‍या घनत्‍व, आंतरिक अधोसंरचना के विकास एवं औद्योगिक विकास की अपूर्व संभावनाओं को दृष्टिगत रखते हुए सागर विकास प्राधिकरण का गठन करेगा? यदि हाँ, तो कब तक?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) जी हाँ। विघटित नगर सुधार न्‍यासों को नगरों की जनसंख्‍या के आधार पर स्‍थानीय निकायों में मर्ज किया गया था। जी नहीं। (ख) जी नहीं। जी नहीं। (ग) उत्‍तरांश (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में शेष प्रश्‍नांश उपस्थित नहीं होता है।

लघु उद्योग निगम द्वारा किये गये निर्माण कार्य

[सूक्ष्‍म, लघु और मध्‍यम उद्यम]

20. ( क्र. 407 ) इन्जी. प्रदीप लारिया : क्या राज्‍यमंत्री, सूक्ष्‍म, लघु और मध्‍यम उद्यम महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या म.प्र. लघु उद्योग निगम सागर द्वारा सागर जिले में स्‍कूल शिक्षा विभाग अंतर्गत स्‍वीकृत किचिन शेड एवं शौचालय का निर्माण कार्य किया जा रहा है? यदि हाँ, तो विगत तीन वर्षों के कार्यों की जानकारी देवें? (ख) क्‍या म.प्र. लघु उद्योग निगम सागर द्वारा नरयावली विधान सभा क्षेत्र अंतर्गत शासकीय हाई स्‍कूल/माध्‍य. शाला परसोरिया में किचिन शेड एवं शौचालय का निर्माण कार्य किस वर्ष में एवं कब पूर्ण किया गया था? (ग) क्‍या शास. हाई स्‍कूल/ माध्‍य. शाला परसोरिया का शौचालय भवन वर्तमान में जर्जर/अनुपयोगी हो गया है? कारण सहित जानकारी देवें? (घ) शास. हाई स्‍कूल/माध्‍य. शाला परसोरिया का शौचालय भवन की वर्तमान स्थिति के लिये कौन जिम्‍मेदार है एवं कार्य एजेंसी के विरूद्ध कोई कार्यवाही की जावेगी बतावें?

राज्‍यमंत्री, सूक्ष्‍म, लघु और मध्‍यम उद्यम ( श्री संजय पाठक ) : (क) किचिन शेड का निर्माण नहीं किया गया। लेकिन विगत तीन वर्षों में वर्ष 2015 में 18 स्कूलों में शौचालयों का निर्माण कार्य किया गया था। (ख) किचिन शेड का निर्माण नहीं किया गया है। लघु उद्योग निगम द्वारा नरयावली विधान क्षेत्र अंतर्गत शासकीय हाई स्कूल परसोरिया में केवल शौचालय का निर्माण कार्य जुलाई 2015 को पूर्ण किया गया था तथा स्कूल शिक्षा विभाग को दिनांक 3/7/2015 को आधिपत्य दिया गया है। (ग) शौचालय भवन जर्जर नहीं हुआ है। शौचालय में आसपास के असमाजिक तत्वों द्वारा तोड़फोड़ की गयी है, पानी की टंकियाँ निकाली गयी हैं तथा टाईल्स, वाशवेसिन, सीट आदि को क्षति पहुँचायी गयी है। (घ) प्रश्नांश एवं के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

दोषियों के विरूद्ध कार्यवाही

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

21. ( क्र. 438 ) श्री सुन्‍दरलाल तिवारी : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रीवा संभाग में संचालित रोजगार गारंटी योजना के तहत वर्ष 2012 से प्रश्‍न दिनांक तक कितने मजदूरों को कार्य दिया गया का विवरण जनपदवार व पंचायतवार देवें? बतावें कि कार्यरत मजदूरों के मजदूरी कितने समय बाद भुगतान की गई? (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में क्‍या योजना के निर्देश 2008 के पैरा 7.1.5 में श्रमिकों के मजदूरी भुगतान साप्‍ताहिक आधार पर किये जाने का नियम है अगर मजदूरी भुगतान विलंब से की जाती है, तो क्‍या विलंब के भुगतान पर अधिनियम, 1936 के अनुसार क्षतिपूर्ति राशि की पात्रता मजदूर रखता है, जिसकी पूर्ति शासन द्वारा की जावेगी? (ग) प्रश्‍नांश (क) मजूदरों को प्रश्‍नांश (ख) अनुसार समय पर मजदूरी भुगतान न किये जाने पर क्‍या आयुक्‍त म.प्र.रोजगार गारंटी परिषद् भोपाल द्वारा मजदूरी विलंब से भुगतान पर क्षतिपूर्ति देने के संबंध में जनवरी, 2015 में आदेश भी जारी किये गये? (घ) प्रश्‍नांश (क) के मजदूरों के मजदूरी के भुगतान में हुए विलंब के लिए रीवा संभाग में कितने मजदूरों को क्षतिपूर्ति दी गई का विवरण जिला एवं जनपदवार देवें। क्‍या प्रश्‍नकर्ता सदस्‍य द्वारा पत्र क्रमांक 894 दिनांक 26.05.2017 के माध्‍यम से इस संबंध में जानकारी भी चाही थी, जो अभी तक अप्राप्‍त है। (ड.) प्रश्‍नांश (क) के मजदूरों के मजदूरी का भुगतान विलंब से किये जाने के लिये कौन-कौन दोषी है तथा विलंब से की गई मजदूरी भुगतान पर क्षतिपूर्ति न देने के लिये कौन-कौन जवाबदार है, जवाबदारों के ऊपर क्‍या कार्यवाही करेंगे? अगर नहीं तो क्‍यों?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जानकारी भारत सरकार के पोर्टल nrega.nic.in पर उपलब्‍ध है जिसकी मुद्रित प्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) जी हाँ। जी हाँ। (ग) जी हाँ। (घ) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। मान. प्रश्‍नकर्ता विधायक का पत्र शासन को प्राप्‍त नहीं है। (ड.) विलंब के कारणों का विश्‍लेषण एवं दोष निर्धारण करने की कार्रवाई पूर्ण नहीं हुई है। विलंब के लिए जिम्‍मेदारी नियत कर कार्रवाई करने की व्‍यवस्‍था की गई है।

दोषियों पर कार्यवाही

[खनिज साधन]

22. ( क्र. 439 ) श्री सुन्‍दरलाल तिवारी : क्या खनिज साधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या म.प्र. जिला खनिज प्रतिष्‍ठान नियम, 2016 का गठन प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्‍याण योजना (पी.एम.के.के.के.वाई.) खनन प्रभावित क्षेत्र के विविध विकासात्‍मक एवं कल्‍याण हेतु परियोजना/कार्यक्रम हेतु भारत सरकार की स्‍कीम है, जिसके तहत रीवा जिले में भी खनिज प्रतिष्‍ठान का गठन किया गया? (ख) यदि प्रश्‍नांश (क) हां, तो क्‍या मण्‍डल की शक्तियां तथा कृत्‍य के भाग (क) प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्‍याण योजना के मार्गदर्शिका अनुसार प्राथमिकताओं का निर्धारण करना था, जिसके तहत खनिज प्रभावी क्षेत्रों को उनके विकास हेतु खनिज प्रतिष्‍ठान को प्राप्‍त राशि का आवंटन कर योजना को क्रियान्वित कराना उद्देश्‍य था? (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के संदर्भ में म.प्र. राजपत्र दिनांक 28 जुलाई 2016 में दिए गए निर्देशों के विपरीत क्‍या दिनांक 11 मई 2017 को खनिज प्रतिष्‍ठान की राशि जिला पंचायत रीवा द्वारा माननीय प्रभारी मंत्री एवं मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी द्वारा नगर निगम क्षेत्र रीवा व विधान सभा सेमरिया में आवंटित कर दी गई, जबकि अन्‍य विधान सभा क्षेत्र के खनिज प्रभावित पंचायतों को राशि नहीं दी गई? क्‍या नियमानुसार इन्‍हें देने के निर्देश थे? (घ) प्रश्‍नांश (क) के तारतम्‍य में गुढ़ विधान सभा के प्रत्‍यक्ष एवं अप्रत्‍यक्ष खनिज प्रभावित क्षेत्र जो खनिज विभाग द्वारा चिन्‍हांकित हैं को भी राशि जारी नहीं की गई? क्‍यों? (ड.) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के निर्देशों से हटकर प्रश्‍नांश (ग) अनुसार आवंटित की गई, नियम विरूद्ध राशि के जारी होने पर रोक लगाने की कार्यवाही करेंगे एवं खनिज प्रभावित पंचायतों को राशि आवंटित कराने हेतु आदेश एवं निर्देश जारी करेंगे? साथ ही नियम विरूद्ध कार्य करने के दोषियों पर कार्यवाही प्रस्‍तावित करेंगे, यदि हाँ, तो कब तक?

खनिज साधन मंत्री ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) एवं (ख) जी हाँ। (ग) जी नहीं। दिनांक 11.05.2017 की बैठक में नियम अनुसार खनिजधारी तहसील क्षेत्रों में जिला खनिज प्रतिष्‍ठान के अंतर्गत कार्यों का अनुमोदन कर स्‍वीकृत किया गया है। जिसमें तहसील हुजूर एवं तहसील सिमरिया में कार्यों को स्‍वीकृत किया गया है। अभी राशि आवंटित नहीं की गई है। नियमानुसार प्रभावित क्षेत्रों में प्राथमिकता पर कार्य स्‍वीकृत किये गये हैं। अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) प्रश्‍नाधीन विधानसभा क्षेत्र में वर्तमान में कार्य स्‍वीकृत नहीं किये गये हैं। जिले को एकाई मानकर कार्य स्‍वीकृत किये जाते हैं। (ड.) प्रश्‍नांश (ग) में उल्‍लेख अनुसार कार्यों को स्‍वीकृत किया गया है। वर्तमान में राशि आवंटित नहीं की गई है। नियम विरूद्ध कार्य न होने के कारण कार्यवाही किये जाने का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

नवीन महाविद्यालयों को प्रारंभ किया जाना

[उच्च शिक्षा]

23. ( क्र. 462 ) श्री मधु भगत : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बालाघाट विकासखण्‍ड अन्‍तर्गत लामता, चांगोटोला एवं हट्टा में नवीन शासकीय महाविद्यालय प्रारंभ किये जाने हेतु क्‍या प्रयास किये जा रहे है? आतांराकित प्रश्‍न क्रमांक 1564 दिनांक 08.12.17 के जवाब में बताया गया कि मापदण्‍ड प्रस्‍तावित क्षेत्र में 500 विद्यार्थियों की उपलब्‍धता हैं, चूंकि उक्‍त क्षेत्र में लगभग 700 विद्यार्थियों की उपलब्‍धता है एवं उक्‍त क्षेत्र अतिसंवेदनशील, नक्‍शलप्रभावी क्षेत्र हैं, घने जंगलों के मध्‍य स्थित होने के कारण उक्‍त क्षेत्र के बच्‍चे उच्‍च शिक्षा अध्‍ययन से वंचित हो जाते हैं। ऐसी परिस्थिति में क्‍या उक्‍त स्‍थान में नवीन महाविद्यालय प्रारंभ करने हेतु शासन से अनुमति नहीं दी जावेंगी? यदि दी जावेगी तो कब तक? यदि नहीं, तो क्‍यों? (ख) उक्‍त प्रश्‍न के जवाब में कहा गया कि वर्तमान वित्‍तीय वर्ष में सीमित संसाधनों के कारण नवीन शासकीय महाविद्यालय प्रारंभ किये जाने संभव नहीं है तो क्‍या वित्‍तीय वर्ष 2017-18 के बजट में प्रावधानित कर उक्‍त महाविद्यालय प्रारंभ किया जावेगा? यदि हाँ, तो कब तक अनुमति प्रदान की जावेगी? यदि नहीं, तो कारण स्‍पष्‍ट करें? (ग) शासन के नियमानुसार क्‍या विद्यार्थियों की संख्‍या एवं संसाधनों एवं क्षेत्र की स्थिति अनुकूल है तो नवीन शासकीय महाविद्यालय प्रारंभ किये जाना संभव हैं? यदि हाँ, तो कार्यवाही कब तक की जावेंगी? यदि नहीं, तो क्‍यों? (घ) क्‍या छात्र-छात्राओं की परेशानियों को दृष्टिगत रखते हुये परसवाड़ा महाविद्यालय में साईन्‍स तथा गणित संकाय प्रारंभ किये जाने हेतु तत्‍काल अनुमति प्रदान की जाएगी? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्‍यों?

उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री जयभान सिंह पवैया ) : (क) जी नहीं। जी हाँ, जी नहीं। वर्तमान में सीमित संसाधनों के कारण लामता, चांगोटोला एवं हटा में नवीन शासकीय महाविद्यालय खोले जाने में कठिनाई है। (ख) जी नहीं। उत्तरांश "क" के परिप्रेक्ष्य में शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) उत्तरांश "क" अनुसार। (घ) उपसचिव मध्यप्रदेश शासन, उच्च शिक्षा विभाग, मंत्रालय, भोपाल के पत्र क्रमांक 21-3/2012/38-2 भोपाल दिनांक 02/06/12 के द्वारा शासकीय महाविद्यालय परसवाड़ा जिला बालाघाट में विज्ञान (भौतिकी, गणित, रसायनशास्त्र, वनस्पतिशास्त्र, प्राणीशास्त्र) संकाय प्रारंभ करने की स्वीकृति प्रदान की गई है। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता है।

सड़क निर्माण में अनियमितताओं की जाँच

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

24. ( क्र. 463 ) श्री मधु भगत : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रधानमंत्री सड़क योजना एवं मुख्‍यमंत्री सड़क योजना अंतर्गत परसवाड़ा विधानसभा क्षेत्र में वर्ष 2014 से प्रश्‍न तक कौन-कौन सी सड़क कितनी-कितनी राशि की स्‍वीकृत की गई? कितने कार्य पूर्ण किये गये? कितने कार्य निर्माणाधीन हैं एवं कितने कार्य अप्रारंभ हैं? इनकी कार्यवार स्‍वीकृत राशि, व्‍यय राशि, मूल्‍यांकन राशि की जानकारी उपलब्‍ध करावें? किस-किस अधिकारी द्वारा कब-कब, किस-किस सड़क का निरीक्षण किया गया? उसमें क्‍या कमियां पाई गई एवं उनकी कब और क्‍या पूर्ति की गई? (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में किन-किन सड़कों में मरम्‍मत कार्य कब-कब किया गया एवं कितनी-कितनी राशि व्‍यय की गई? कितनी-कितनी सड़कों के मरम्‍मत के प्रस्‍ताव भेजे गये हैं? कितने स्‍वीकृत हुये, कितने कार्य प्रारंभ किये एवं कितने कार्य प्रारंभ किये जाना लंबित हैं? (ग) परसवाड़ा विधान सभा क्षेत्र की कौन-कौन सी विकासखण्‍डवार नवीन सड़कों के निर्माण के कौन-कौन से प्रस्‍ताव चालू वित्‍तीय वर्ष में भेजे हैं? कितने प्रस्‍ताव स्‍वीकृति‍ हेतु किस स्‍तर पर लंबित हैं? प्रश्‍नकर्ता द्वारा वर्ष 2016-17 से प्रश्‍न दिनांक तक कितने प्रस्‍ताव विभाग को भेजे हैं, उन प्रस्‍तावों के विरूद्ध कितने कार्य स्‍वीकृत किये गये एवं कितने अस्‍वीकृत किये गये? अस्‍वीकृत किये जाने का कारण स्‍पष्‍ट करें? (घ) क्‍या विभिन्‍न माध्‍यमों से उरूरघोटा टिकरिया मार्ग जो कि विगत 4 से 5 वर्षों पूर्व निर्माण किया गया था में घटिया निर्माण सहित वित्‍तीय अनियमितता की शिकायतें की गई थी, किंतु आज दिनांक तक कोई संतोषजनक परिणाम नहीं आये क्‍या उक्‍त मार्ग की संपूर्ण जाँच कर तत्‍कालीन अधिकारी/कर्मचारी या एजेंसी के खिलाफ दण्‍डात्‍मक कार्यवाही की जावेगी यदि हाँ, तो कब तक यदि नहीं, तो क्‍यों?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अ, ब एवं स अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र द, , फ एवं ग अनुसार है। (ग) नवीन सड़क का कोई प्रस्ताव विभाग को प्राप्त नहीं हुआ है। अतः शेष प्रश्नांश उत्पन्न नहीं होते हैं। (घ) यद्यपि विभाग के संज्ञान में कोई शिकायत नहीं आई है। ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के अधीक्षण यंत्री को निरीक्षण करने के निर्देश दे दिए गए है। वर्तमान स्थिति में शेष प्रश्नांश उत्पन्न नहीं होते हैं।

पौधारोपण की जानकारी

[वन]

25. ( क्र. 476 ) श्री नरेन्‍द्र सिंह कुशवाह : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भिण्‍ड जिले के अन्‍तर्गत जनवरी 2017 से 30 जून 2017 तक कहाँ-कहाँ पर पौधारोपण किया गया? कितने पौधे प्रश्‍नांश दिनांक तक जीवित हैं? कितनी राशि का पौधा कहाँ से क्रय किया गया जानकारी दें? (ख) किस विद्यालय में कितने पौधों को लगाया गया है? प्रश्‍नांश दिनांक तक पौधारोपण के लिए प्रशासन द्वारा क्‍या व्‍यवस्‍था की गई है? (ग) भिण्‍ड विधान सभा क्षेत्र के अन्‍तर्गत किन मार्गों के किनारे जनवरी 2017 से प्रश्‍नांश दिनांक तक कहाँ-कहाँ पर पौधारोपण किया महाविद्यालय में कहाँ पर कब पौधारोपण किया गया? (घ) पौधारोपण के लिए शासन द्वारा क्‍या योजना निर्धारित की गई? कितने पौधों को रोपण के लिए व्‍यवस्‍था की गई है? कब तक पौधारोपण का कार्यक्रम चलेगा? क्‍या जन जागरूक अभियान चलाकर अधिकतम पौधारोपण किया जावेगा?

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) जानकारी निरंक है। अत: शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) जानकारी निरंक है। विभाग द्वारा क्षेत्र तैयारी पौधा तैयारी इत्यादि कार्य किया गया है। (ग) जानकारी निरंक है। (घ) कार्य आयोजना का क्रियान्‍वयन विस्‍तार वानिकी योजना, कैम्पा, राष्ट्रीय वनीकरण योजना एवं कृषि वानिकी से कृषक समृद्धि योजना निर्धारित है। 40,000.जी हाँ। 

जैन महावीर कीर्ति स्‍तम्‍भ को जमीन हस्‍तांतरण

[नगरीय विकास एवं आवास]

26. ( क्र. 483 ) श्री नरेन्‍द्र सिंह कुशवाह : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) परि. अता. क्रमांक 649 दिनांक 08.12.2016 के संदर्भ में बताएं कि क्‍या नगर पालिका भिण्‍ड के सर्वे क्रं. 324325 में जैन महावीर कीर्ति स्‍तम्‍भ भिण्‍ड का आधिपत्‍य है तथा नगर पालिका भिण्‍ड के संकल्‍प क्रमांक 53 दिनांक 29.03.1988 हस्‍तांतरित हेतु पारित किया गया हैं? यदि हाँ, तो प्रश्‍नांश दिनांक तक क्‍या कार्यवाही की गई? विवरण सहित जानकारी दें। (ख) नगर पालिका भिण्‍ड 100 मीटर लम्‍बाई, 100 मीटर चौड़ाई अल्‍प संख्‍यक जैन समुदाय महावीर जैन कीर्ति स्‍तम्‍भ के लिए 1975 से प्रीमियम एवं लीज रेन्‍ट पर देने के लिऐ अभी तक शासन द्वारा कब क्‍या कार्यवाही की गई? विवरण सहित जानकारी दें? (ग) शासन स्‍तर पर कब कार्यवाही पूर्ण होकर सर्वे क्रमांक 324325 जैन महावीर कीर्ति स्‍तम्‍भ भिण्‍ड को प्रीमियम एवं लीज रेन्‍ट पर दी जायेगी समय-सीमा सहित जानकारी दें? (घ) कलेक्‍टर भिण्‍ड द्वारा पत्र क्रमांक 415 दिनांक 11.11.2014 को प्रमुख सचिव नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग भोपाल को भेजा गया यदि हाँ, तो प्रश्‍न दिनांक तक क्‍या कार्यवाही की गई, जानकारी दें?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) जी हाँ, नगर पालिका परिषद्, भिण्‍ड द्वारा प्रश्‍नांकित संकल्‍प के पालन में मध्‍यप्रदेश नगरपालिका अचल सम्‍पत्ति (अंतरण) नियम, 2016 के प्रावधानुसार जैन महावीर कीर्ति स्‍तम्‍भ भिण्‍ड को भूमि हस्‍तांतरण के संबध में कार्यालय नगर पालिका परिषद्, भिण्‍ड के पत्र क्रमांक 887 दिनांक 22.02.2017 के द्वारा प्रस्‍ताव संचालनालय में प्राप्‍त हुआ था। प्रकरण के परीक्षणोपरांत प्रस्‍ताव नियमानुसार नहीं होने के कारण संचालनालय के पत्र क्रमांक 12945 दिनांक 05.07.2017 के द्वारा मुख्‍य नगर पालिका अधिकारी, नगर पालिका परिषद्, भिण्‍ड से संशोधित प्रस्‍ताव चाहा गया है, संशोधित प्रस्‍ताव प्राप्‍त होने पर आगामी आवश्‍यक कार्यवाही की जायेगी। जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) उत्‍तरांश '''' के परिप्रेक्ष्‍य में कार्यवाही प्रचलन में है। (ग) कार्यवाही प्रचलन में है, समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (घ) जी हाँ, प्राप्‍त प्रस्‍ताव मध्‍यप्रदेश नगर पालिका अचल संपत्ति (अंतरण) नियम 2016 के प्रकाश में परीक्षणाधीन होकर कार्यवाही प्रचलित है। 

परिशिष्ट - ''छ:''

विभागों में प्रेषित पत्रों का समय-सीमा में जवाब न देना

[लोक सेवा प्रबन्धन]

27. ( क्र. 518 ) श्री आर.डी. प्रजापति : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2014-15 से प्रश्‍न दिनांक तक प्रश्‍नकर्ता द्वारा जनशिकायत में विभागवार कितने शिकायती आवेदन/पत्र दिये गये है। उनमें क्‍या कार्यवाही की गयी है जानकारी उपलब्‍ध करावें? (ख) क्‍या सामान्‍य प्रशासन विभाग के आदेश क्र. एफ 19-76/2007/1/4 दिनांक 27/11/15 के अनुसार विधायकों के पत्रों पर कार्यवाही करते हुये जवाब तीन दिवस में दिये जाने का प्रावधान है? (ग) यदि संबंधित अधिकारियों के द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की गयी तो क्‍या म.प्र. सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण, अपील) के नियम 1966 के अंतर्गत कार्यवाही की जावेगी? (घ) यदि हाँ, तो क्‍या छतरपुर जिले के कलेक्‍टर कार्यालय खनिज विभाग, विद्युत विभाग, लोक निर्माण विभाग, वन विभाग पर समय-सीमा में जानकारी न देने पर क्‍या कार्यवाही की जावेगी और कब तक की जावेगी।

उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री जयभान सिंह पवैया ) : (क) वर्ष 2014-15 से प्रश्न दिनांक तक प्रश्नकर्ता द्वारा जन शिकायत में विभागवार कुल 77 शिकायती आवेदन पत्र दिए गए है, जिन पर की गयी कार्यवाही की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार। (ख) जी नहीं। सामान्य प्रशासन विभाग के आदेश में प्राप्त पत्र की अभिस्वीकृति तीन दिवस में देने का प्रावधान है। (ग) प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

पंचायत सचिव द्वारा भ्रष्‍टाचार किये जाने संबंधी

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

28. ( क्र. 521 ) डॉ. रामकिशोर दोगने : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या देवास जिले की ग्राम पंचायत हीरापुर ग्राम दोंगलापानी खल मेहदूल तहसील सतवास में पदस्‍थ सचिव के खिलाफ भ्रष्‍टाचार किये जाने की शिकायत स्‍थानीय निवासियों द्वारा वर्ष 2013-2014 में जिला कलेक्‍टर देवास को की गई थी? (ख) यदि हाँ, तो क्‍या इसकी जाँच कराई गयी थी यदि हाँ, तो किस स्‍तर के अधिकारी से जाँच कराई गई? जाँच में क्‍या पाया गया? (ग) क्‍या जाँच में पंचायत सचिव को दोषी पाया गया था? (घ) यदि हाँ, तो दोषी पर क्‍या कार्यवाही की गई है और यदि नहीं, तो उसके क्‍या कारण हैं?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ। (ख) जाँच आदेशित की गई थी, लेकिन सचिव श्री धर्मेन्द्र जोशी द्वारा अभिलेख उपलब्ध नहीं कराने से जाँच नहीं हो सकी है। (ग) पंचायत सचिव श्री धर्मेन्द्र जोशी को निलंबित कर उनके विरूद्ध विभागीय जाँच संस्थित की गई है ओर अभिलेख उपलब्ध न कराने के कारण थाना काटाफोड में एफ.आई.आर. क्रमांक 196/17 दर्ज कराई जा चुकी है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार। (घ) मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत के आदेश क्रमांक 8029 दिनांक 07.07.2017 से निलंबित किया जाकर दोषी सचिव के विरूद्ध विभागीय जाँच संस्थित की गई है, एवं श्री धर्मेन्द्र जोशी पंचायत सचिव के विरूद्ध थाना काटाफोड में एफ.आई.आर. क्रमांक 196/17 दर्ज कराई जा चुकी है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

चितरंगी शासकीय स्‍नातक महाविद्यालय भवन निर्माण

[उच्च शिक्षा]

29. ( क्र. 537 ) श्रीमती सरस्‍वती सिंह : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या सिंगरौली जिले के विधान सभा क्षेत्र चितरंगी मुख्‍यालय में क्‍या प्राइवेट भवन में शासकीय स्‍नातक विद्यालय संचालित है? यदि हाँ, तो क्‍या भवन में पर्याप्‍त स्‍थान नहीं होने से छात्रों को पढ़ने में असुविधा है तथा प्रयोगशाला एवं कार्यालय के लिये पर्याप्‍त स्‍थान नहीं है? (ख) यदि हाँ, तो चितरंगी में शासकीय स्‍नातक विद्यालय के लिये नवीन भवन निर्माण कब तक में कराया जायेगा और जब तक नवीन भवन का निर्माण नहीं जो जाता तब तक कोई पर्याप्‍त सुविधाजनक स्‍थल किराये पर लिया जावेगा?

उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री जयभान सिंह पवैया ) : (क) जी हाँ। सिंगरौली जिले के शासकीय महाविद्यालय, चितरंगी किराये के भवन 05 कमरों में संचालित है। जिनमें से 03 कमरों में अध्यापन कार्य, 01 कमरे में कार्यालय तथा 01 कमरे में प्रयोगशाला एवं ग्रन्‍थालय का कार्य संचालित हो रहा है। (ख) शासकीय महाविद्यालय, चितरंगी के भवन निर्माण हेतु विश्व बैंक परियोजना के अंतर्गत मध्यप्रदेश शासन, उच्च शिक्षा विभाग, मंत्रालय, भोपाल के आदेश क्रमांक 420-21/2017, दिनांक 23.03.2017 द्वारा राशि रूपये 650.00 लाख की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की जा चुकी है। वर्तमान में महाविद्यालय किराये के भवन में संचालित है।

सोनकच्‍छ विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत शासकीय महाविद्यालय भवन का निर्माण

[उच्च शिक्षा]

30. ( क्र. 550 ) श्री राजेन्द्र फूलचं‍द वर्मा : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि क्‍या शासकीय महाविद्यालय टोंक खुर्द का निर्माण कार्य प्रारंभ किया गया था जो कि अभी अधूरा है? शासन से पुनरीक्षित बजट की प्रशासकीय स्‍वीकृति की कुल राशि एक करोड़ चौदह लाख का बजट आवंटन कब तक किया जावेगा ताकि भवन निर्माण का कार्य प्रारंभ किया जावे?

उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री जयभान सिंह पवैया ) : (क) हाँ। प्राचार्य से पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति हेतु प्रस्ताव प्राप्त हुआ है। स्वीकृति हेतु प्रस्ताव प्रक्रियाधीन है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

लोक सेवा केन्‍द्रों का संचालन

[लोक सेवा प्रबन्धन]

31. ( क्र. 561 ) श्री राजेन्द्र फूलचं‍द वर्मा : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) तहसील स्‍तर पर संचालित लोक सेवा केन्‍द्रों के संचालन की प्रक्रिया हेतु टेन्‍डर कब जारी किये गये। सोनकच्‍छ विधानसभा क्षेत्र में संचालित लोक सेवा केन्‍द्रों के टेन्‍डर प्रकाशन की छायाप्रति संलग्‍न करें। (ख) वर्तमान में लोक सेवा केन्‍द्रों के संचालन हेतु कितने वर्षों के लिए टेन्‍डर जारी किये गये थे तथा उनके नवीनीकरण का क्‍या आधार है? (ग) कितने वर्षों के बाद नवीन टेन्‍डर जारी किये जाते हैं। टेन्‍डर कौन जारी करता है?

उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री जयभान सिंह पवैया ) : (क) तहसील स्‍तर पर संचालित लोक सेवा केन्‍द्रों के संचालन की प्रक्रिया हेतु टेन्‍डर दिनांक 04/02/2016 को जारी किये गये। सोनकच्‍छ विधानसभा क्षेत्र में संचालित लोक सेवा केन्‍द्रों के टेन्‍डर प्रकाशन की छायाप्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) वर्तमान में लोक सेवा केन्‍द्रों के संचालन हेतु 03 वर्षों के लिए टेन्‍डर जारी किये गये थे तथा उनके नवीनीकरण का आधार पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ग) 03 वर्षों के बाद नवीन टेन्‍डर जारी किये जाते हैं। संबंधित जिला कलेक्‍टर एवं सचिव जिला ई-गवर्नेंस सोसायटी द्वारा टेन्‍डर जारी किये जाते हैं।

नवीन उद्योग स्थापना

[सूक्ष्‍म, लघु और मध्‍यम उद्यम]

32. ( क्र. 596 ) श्री मुकेश नायक : क्या राज्‍यमंत्री, सूक्ष्‍म, लघु और मध्‍यम उद्यम महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वित्‍तीय वर्ष 2014-15, 2015-16 एवं 2016-17 में मार्च, 2017 तक राज्‍य में कुल कितने बड़े, मध्‍यम और लघु उद्योग स्‍थापित किये गये और इनमें कुल कितने रूपयों की पूंजी निवेश की गई तथा इन उद्योगों में कितने लोगों को रोजगार मिला है? (ख) उपरोक्‍त वर्षों में राज्‍य में कुल कितने उद्योगों के लिये कुल कितने पूजी निवेश के प्रस्‍ताव शासन को प्राप्‍त हुये और कितने प्रस्‍ताव निरस्‍त हुये तथा कितने प्रस्‍तावों पर कार्यवाही होकर उद्योग स्‍थापित हुये हैं? (ग) इन वर्षों में शासन की स्‍वरोजगार योजना के अन्‍तर्गत कितने उद्योग व्‍यवसाय स्‍थापित हुये हैं और कितने लोगों को स्‍वरोजगार योजना का लाभ मिला?

राज्‍यमंत्री, सूक्ष्‍म, लघु और मध्‍यम उद्यम ( श्री संजय पाठक ) : (क) वर्ष 2014-2015, 2015-16 एवं 2016-17 में मार्च, 2017 तक राज्‍य में कुल 11058 बड़े, मध्‍यम और लघु उद्योग स्‍थापित हुए और इनमें कुल 22970.93 करोड़ रूपये का पूंजी निवेश किया गया तथा इन उद्योगों में 211298 लोगों को रोजगार मिला है। (ख) उपरोक्‍त वर्षों में उद्योगों के लिये कुल 4342 निवेश आशय प्रस्‍ताव राशि रूपये 293279 करोड़ के प्रस्‍ताव शासन को प्राप्‍त हुये, जिनमें से कुल 544 निवेश आशय प्रस्‍ताव राशि रूपये 75528 करोड़ निरस्‍त हुये हैं। उपरोक्‍त प्राप्‍त प्रस्‍तावों में से रूपये 217751 करोड़ पूंजी निवेश के 3798 निवेश प्रस्‍ताव क्रियान्‍वयन के विभिन्‍न चरणों में हैं। (ग) इन वर्षों में शासन की स्‍वरोजगार योजना के अन्‍तर्गत कुल 155315 उद्योग/सेवा/व्‍यवसाय स्‍थापित हुए जिनमें 155315 लोगों को स्‍वरोजगार योजनाओं का लाभ मिला है।

वाटर शेड समिति की बैठक

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

33. ( क्र. 597 ) श्री मुकेश नायक : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) एकीकृत जलग्रहण क्षेत्र प्रबंधन मिशन अंतर्गत 2013 से प्रश्‍न दिनांक में जिला स्‍तरीय वाटरशेड समिति की बैठक अब-तक कहाँ पर संपन्‍न हुई, उन बैठकों में कौन-कौन विधायक उपस्थित हुये। बैठकवार सूची बतायें, एवं वर्तमान समिति सदस्‍यों की सूची उपलब्‍ध करावें। (ख) जिला स्‍तरीय वाटरशेड तकनीकी समिति की बैठक वर्ष 2013 से 2016 में कब-कब कहाँ पर संपन्‍न हुई? इन बैठकों के कार्यवृत्‍त की एक प्रति उपलब्‍ध करावें। (ग) पन्‍ना जिले की ग्राम स्‍तरीय वाटरशेड समिति की सूची उपलब्‍ध करावें, भूमिहीन महिला सदस्‍य किन-किन समितियों में है, समितियों के इन सदस्‍यों की सूची उपलब्‍ध करावें। (घ) पवई विधायक द्वारा कितने स्‍टाप डेम एवं अन्‍य कार्यों की शिकायत कब की गई? इस शिकायत पर क्‍या कार्यवाही की गई?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जिला स्‍तरीय वाटरशेड समिति की बैठक दिनांक  25-01-2014, 15-06-2015, 18-01-2016 तथा 19-05-2016  में पन्‍ना स्थित कलेक्‍टर कार्यालय में सम्‍पन्‍न हुई। माननीय विधायक समिति में सदस्‍य नहीं होने से उनकी उपस्थिति का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। समिति में वर्तमान सदस्‍यों की सूची पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '1'  अनुसार है। (ख) प्रश्‍नाधीन समिति के गठन का कोई प्रावधान नहीं है, अत: प्रश्‍नांश उपस्थित नहीं होता है। (ग) वर्तमान में प्रचलित परियोजनाओं की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '2' अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '3' अनुसार है।

नर्मदा नदी से रेत का अवैध उत्‍खन्‍न/परिवहन

[खनिज साधन]

34. ( क्र. 614 ) डॉ. गोविन्द सिंह : क्या खनिज साधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) माह दिसम्‍बर 2016 से प्रश्‍न दिनांक तक की अवधि में होशंगाबाद, हरदा, देवास एवं सीहोर जिले में नर्मदा रेत का ओव्‍हर लोडिंग परिवहन कर परिवहन किये जाने पर किस-किस माह में कितने-कितने वाहनों को पकड़ा गया एवं किन-किन वाहनों पर किस कानून के तहत किस धारा के अंतर्गत क्‍या-क्‍या कार्यवाही गई? वाहनों के प्रकार, वाहन स्‍वामी का नाम, पिता/पति का नाम पते सहित पूर्ण जानकारी दें? (ख) उक्‍त अवधि में नर्मदा नदी में जलीय बहाव के क्षेत्र अथवा जल सतह के नीचे रेत का अवैध रूप से उत्‍खनन पोकलेन मशीन आदि से किये जाने एवं स्‍वीकृत रेत खदान क्षेत्र सीमा से बाहर जाकर अवैध उत्‍खनन किये जाने तथा ओव्‍हर लोर्डिंग रेत का परिवहन किये जाने एवं रेत डंप किये जाने आदि के संबंध में किस-किस स्‍तर पर कब-कब, किस-किस के द्वारा शासन एवं प्रशासन को शिकायतें प्राप्‍त हुई है? उन प्राप्‍त शिकायतों में क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई? (ग) उपरोक्‍त प्रश्‍नांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में क्‍या हरदा एवं देवास जिले के अंतर्गत पोकलेन मशीनों से नर्मदा नदी में जलीय बहाव के क्षेत्र अथवा जल सतह के नीचे रेत का अवैध रूप से उत्‍खनन के लिए सिया की अनुमति के बिना किये जाने के संबंध में हरदा के पूर्व विधायक द्वारा शासन-प्रशासन को शिकायतें की थी ? यदि हाँ, तो कब-कब एवं क्‍या-क्‍या शिकायतें की थी? उन शिकायतों पर क्‍या कार्यवाही की गई? यदि नहीं, तो क्‍यों?

खनिज साधन मंत्री ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) से (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

औद्योगिक क्षेत्र की एन.ओ.सी.

[सूक्ष्‍म, लघु और मध्‍यम उद्यम]

35. ( क्र. 676 ) श्री दुर्गालाल विजय : क्या राज्‍यमंत्री, सूक्ष्‍म, लघु और मध्‍यम उद्यम महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या श्‍योपुर जिला मुख्‍यालय पर औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने हेतु 48.965 हेक्‍टेयर भूमि की एन.ओ.सी. हेतु एम.डी.आई.आई.डी.सी. ग्‍वालियर द्वारा कलेक्‍टर श्‍योपुर के माध्‍यम से नगरीय विकास एवं पर्यावरण विभाग को उद्योग संचालनालय के पत्र क्रमांक 830 दिनांक 14.02.2017 द्वारा भेजी जा चुकी हैं। (ख) यदि हाँ, तो बतावें कि जिले के औद्योगिक क्षेत्र को विकसित करने हेतु सतत् अंतर्विभागीय प्रक्रिया के माध्‍यम से विभाग द्वारा क्‍या-क्‍या कार्यवाही पूर्ण कर ली है? कौन-कौन सी नहीं व क्‍यों? (ग) अपूर्ण कार्यवाही को पूर्ण करने में कितना समय और लगेगा? इसे कब तक पूर्ण करके श्‍योपुर जिला मुख्‍यालय पर कलेक्‍टर श्‍योपुर द्वारा उक्‍त आरक्षित भूमि पर औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने की एन.ओ.सी. नगरीय विकास एवं पर्यावरण विभाग भोपाल द्वारा कब तक जारी कर दी जावेंगी? यदि नहीं, तो क्‍यों?

राज्‍यमंत्री, सूक्ष्‍म, लघु और मध्‍यम उद्यम ( श्री संजय पाठक ) : (क) जी हाँ। (ख) नगरीय विकास एवं आवास विभाग अनुसार मध्‍यप्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम, 1973 की धारा 23-क (1) (क) के अंतर्गत भूमि उपांतरण हेतु नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा दिनांक 27-04-2017 को आपत्ति/सुझाव आमंत्रित करने हेतु सूचना जारी की गई है। (ग) नगरीय विकास एवं आवास विभाग अनुसार उत्‍तरांश (ख) अनुसार वैधानिक कार्यवाही पूर्ण होने के उपरांत अंतिम सूचना प्रकाशित जा सकेगी।

नमामि नर्मदा यात्रा समापन कार्यक्रम में खर्च की गई राशि

[योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी]

36. ( क्र. 716 ) श्री सोहनलाल बाल्‍मीक : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अनूपपुर जिले के अमरकंटक में नमामि नर्मदा यात्रा कार्यक्रम के समापन समारोह में प्रधानमंत्री मान. श्री नरेन्‍द्र मोदी जी के आगमन एवं आमसभा के आयोजन में मध्‍यप्रदेश के संपूर्ण जिलों से शासकीय व्‍यय से इस कार्यक्रम में आमजनों को पहुंचने के लिये कितनी राशि का आवंटन किया गया? (ख) अमरकंटक में नमामि नर्मदा यात्रा के कार्यक्रम समापन समारोह हेतु मध्‍यप्रदेश सरकार द्वारा कुल कितनी राशि किस मद से व्‍यय की गई। (ग) अमरकंटक में नमामि नर्मदा यात्रा कार्यक्रम के समापन समारोह में व्‍यवस्‍था बनाये जाने हेतु कितने शासकीय अधिकारी एवं कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई थी?

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) अमरकंटक में नमामि देवि नर्मदे यात्रा कार्यक्रम के समापन समारोह में आम सभा के आयोजन एवं इस कार्यक्रम में सहभागिता हेतु मध्यप्रदेश के विभिन्न जिलों से परिवहन हेतु जन अभियान परिषद् द्वारा आवंटित की गई राशि का विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र- अनुसार है। (ख) जानकारी संकलित की जा रही है। (ग) नर्मदा सेवा यात्रा समापन कार्यक्रम में योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के अन्तर्गत म.प्र. जन अभियान परिषद् के जिन कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई उनका विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र- अनुसार है।

जलावर्धन योजना डेम निर्माण में की गई अनियमितताएं

[नगरीय विकास एवं आवास]

37. ( क्र. 719 ) श्री सोहनलाल बाल्‍मीक : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या परासिया विधानसभा क्षेत्र की नगर पालिका परासिया में जलावर्धन योजना के अन्‍तर्गत न्‍यूटन पेच नदी पर डेम का निर्माण कार्य किया गया है यदि हाँ, तो क्‍या इसमें विभागीय अधिकारी व ठेकेदार की सांठगांठ के कारण डेम निर्माण में बहुत सारी अनियमिततायें बरतते हुए, गुणवत्‍ताहीन सामग्री का उपयोग किया गया, जिसके कारण पिछले वर्ष बारिश में डेम का एक हिस्‍सा क्षतिग्रस्‍त होकर बह गया और आज भी उस डेम का निर्माण कार्य अधूरा पड़ा है। यदि हाँ, तो क्‍यों? (ख) क्‍या विभाग द्वारा इस लापरवाही के लिये लापरवाह विभागीय अधिकारियों व क्रियान्‍वयन एंजेसी ठेकेदार पर कार्यवाही की गई हैं? अगर हां, तो क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई? (ग) क्‍या उपरोक्‍त डेम का निर्माण कार्य पुन: ठेकेदार द्वारा कराया जायेगा? अगर हां, तो कब तक? (घ) उपरोक्‍त डेम निर्माण में की गई अनियमितताओं की उच्‍च स्‍तरीय जाँच कराये जाने के संबंध में प्रश्‍नकर्ता द्वारा अनुविभागीय अधिकारी (राजस्‍व) परासिया, जिलाध्‍यक्ष जिला छिन्‍दवाड़ा और आयुक्‍त महोदय (नगरीय प्रशासन विभाग) को पत्र प्रेषित किये गये थे। जिन पत्रों पर अभी तक संबंधित अधिकारियों द्वारा क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई है?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) जी हाँ। अतिवर्षा होने के कारण पेंच नदी में अत्‍यधिक जल स्‍तर बढ़ने के फलस्‍वरूप स्‍थल पर तटो के विंग वाल के समीप में लगभग 60.70 मीटर चौड़ाई में किनारों का कटाव हुआ है एवं विंग वाल क्षतिग्रस्‍त हुई है। माह दिसम्‍बर 2017 तक प्रवाह कम नहीं होने के कारण मार्च 2018 तक अधूरा निर्माण कार्य पूर्ण होना संभावित है। (ख) अतिवर्षा से उत्‍पन्‍न परिस्थिति के कारण विंग वाल क्षतिग्रस्‍त हुई। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) जी हाँ। ठेकेदार द्वारा क्षतिग्रस्‍त भाग को हटाकर उसका पुन: निर्माण कार्य कराया जायेगा। ठेकेदार द्वारा कार्य बर्षा उपरांत मार्च 2018 तक पूर्ण कर लिया जाना लक्षित है। (घ) उक्‍त पत्रों के आधार पर जाँच प्रचलित है। जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है।

परिशिष्ट - ''सात''

सड़क निर्माण में अनियमितताओं की उच्‍च स्‍तरीय जाँच

[नगरीय विकास एवं आवास]

38. ( क्र. 720 ) श्री सोहनलाल बाल्‍मीक : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) परासिया विधानसभा क्षेत्रान्‍तर्गत स्थित नगर पंचायत बड़कुही में वार्ड क्रमांक 13 में रामभरोसे आरसे के घर से लेकर अजीम ठेकेदार के घर तक सीमेन्‍ट क्रांकीट सड़क का निर्माण कार्य क्‍या नगर पंचायत बड़कुही द्वारा कियान्‍वयन एंजेसी से कराया गया था? अगर हाँ तो क्‍या स्‍वीकृत किये गये मार्ग का निर्माण कार्य क्रियान्‍वयन एंजेसी द्वारा अभी तक पूर्ण नहीं किया गया है फिर भी निर्माण एंजेसी को राशि का भुगतान किया जा चुका है? कार्य पूर्ण किये बिना भुगतान करने का क्‍या कारण हैं? (ख) क्‍या नगर पंचायत बड़कुही में वार्ड क्रंमाक 13 में रामभरोस आरसे के घर से लेकर अजीम ठेकेदार के घर तक सीमेन्‍ट क्रांकीट सड़क निर्माण कार्य को नियम विरूद्ध तरीके से औपचारिकता पूर्ण करते हुए, एक ही सड़क का दो बार वैल्‍यूशन कराकर संबंधित अधिकारी द्वारा राशि का आहरण किया गया है? अगर हॉ तो ऐसे अधिकारियों के ऊपर विभाग द्वारा क्‍या कार्यवाही की जायेगी? (ग) उपरोक्‍त सड़क निर्माण में की गई अनियमितताओं की उच्‍च स्‍तरीय जाँच कराये जाने के संबंध में प्रश्‍नकर्ता द्वारा अनुविभागीय अधिकारी (राजस्‍व) परासिया, जिलाध्‍यक्ष और आयुक्‍त महोदय (नगरीय प्रशासन विभाग) को पत्र प्रेषित किये गये थे, उन पत्रों पर अभी तक संबंधित अधिकारियों द्वारा क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई हैं? (घ) क्‍या विभाग द्वारा उपरोक्‍त सड़क निर्माण में की गई अनियमितताओं की उच्‍च स्‍तरीय जाँच कराई जायेगी

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) जी हाँ। जी नहीं, निमार्ण एजेंसी द्वारा कार्य पूर्ण कर दिया गया है। कार्य पूर्ण होने के उपरांत निर्माण एजेंसी को भुगतान किया गया है जिससें शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ख) जी नहीं। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) जी हाँ, निर्माण कार्य की जाँच प्रचलित है। (घ) प्रश्‍नांश '' अनुसार जाँच कराई जा रही है।

वि.स.क्षे. बड़वारा में घोषि‍त महाविद्यालयों की स्थिति

[उच्च शिक्षा]

39. ( क्र. 743 ) श्री मोती कश्यप : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या दिनांक 28-7-2016 के तारांकित प्रश्न संख्या 2 (क्र. 2955) की सदन में मौखिक चर्चा में मा. मंत्रीजी द्वारा विकासखण्ड ढीमरखेड़ा के उमरियापान में महाविद्यालय की घोषणा की है? (ख) दिनांक 28-2-2017 के ता. प्रश्न क्रं. 929 में मा. मुख्यमंत्री जी की किन दिनांकों की जनदर्शन यात्रा में किन स्थानों में किन संकाय के महाविद्यालयों की घोषणाओं और उन्हें किन भवनों में संचालित होने तथा भूमि आवंटन का उल्लेख किया गया है? (ग) प्रश्नांश (क), (ख) महाविद्यालयों में निर्धारि‍त तिथि में किन संकाय के कितने-कितने छात्रों ने प्रवेश लिया है और उपलब्ध कितने कक्षों में कक्षायें चलायी जा रही हैं और प्राचार्य, प्राध्यापक, कर्मचारी आदि के लिये कितने कक्षों का उपयोग किया जा रहा है? (घ) प्रश्नांश (क), (ख) एवं (ग) के संकायों के लिये किन महाविद्यालयों में किस शैक्षणिक योग्यता के किस स्तर के प्राध्यापकों की पदस्थापना की गई है?

उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री जयभान सिंह पवैया ) : (क) जी हाँ। (ख) प्रश्न क्रमांक 929 में दिया गया उत्तर संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-एक अनुसार है। शासकीय महाविद्यालय ढीमरखेड़ा एवं शासकीय महाविद्यालय सिलौड़ी, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों के तीन-तीन कक्षों में तथा शासकीय महाविद्यालय उमरियापान वर्तमान में शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, उमरियापान के एक कक्ष में संचालित है। महाविद्यालय के भवन निर्माण हेतु भूमि दिसम्बर 2016 में आवंटित की जा चुकी है। (ग) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-दो अनुसार है। (घ) शासकीय महाविद्यालय सिलौड़ी में भौतिक शास्त्र एवं अंग्रेजी विषय, शासकीय महाविद्यालय ढीमरखेड़ा हिन्दी एवं राजनीतिशास्त्र विषय के नियमित सहायक प्राध्यापकों को शासकीय तिलक महाविद्यालय कटनी से रिडिप्लाय किया गया है। नियमित शिक्षकों की पदस्थापना निरंक है। रिक्त पदों पर अतिथि विद्वानों को आमंत्रित कर अध्यापन की व्यवस्था की जाती है।

परिशिष्ट - ''आठ''

नदी-नालों में जलशोधक संयंत्रों की स्थापना

[नगरीय विकास एवं आवास]

40. ( क्र. 744 ) श्री मोती कश्यप : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) जबलपुर नगरनिगम क्षेत्र की परियट नदी तथा करौंदानाला, उल्दनानाला, मोतीनाला, ओमतीनाला, खंदारीनाला व अन्य नालों का पानी परियट-हिरन नदियों में मिलकर किन स्थानों पर नर्मदा नदी में मिलता है? (ख) प्रश्नांश (क) नदियों और नालों के जल की गुणवत्ता किस ग्रेड की पायी गई है और उनसे परियट, हिरन एवं नर्मदा नदी के जल की गुणवत्ता पर क्या प्रभाव पड़ता है? (ग) क्या नगर निगम जबलपुर के द्वारा प्रश्नांश (क), (ख) के जल के शुद्धिकरण संयंत्रों की किसी लागत की योजनायें बनायी गई है? यदि हाँ, तो किन स्थानों पर स्थापित करने हेतु बनायी गई हैं? (घ) क्या प्रश्नांश (ग) योजना के क्रियान्वयन से प्रश्नांश (क) के पानी का ग्रेड किस स्तर का हो जावेगा और उसका उपयोग किस निमित्त किया जावेगा? (ड.) प्रश्नांश (ग) योजनायें कब तक स्थापित कर दी जावेंगी?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) जबलपुर नगर निगम क्षेत्र के उल्‍दनानाला मोतीनाले में मिलकर ओमतीनाले में‍ मिलता है जो ग्राम रियाखेड़ा के पास परियट नदी में मिल जाता है। करौदानाला ग्राम-इमलिया में सीधे ही परियट नदी में मिलता है। परियट नदी ग्राम-गनियारी के पास हिरन नदी में मिलती है। हिरन नदी ग्राम-साकलघाट, जिला-नरसिंहपुर के पास नर्मदा नदी में मिलती है। खंदारीनाला ललपुर एवं तिलवाराघाट (जबलपुर) के बीच नर्मदा नदी में मिलता है। (ख) परियट नदी में ओमतीनाला मिलने के पूर्व एवं पश्‍चात नदी की जल गुणवत्‍ता की श्रेणी ''डी'' पाई गई है। अत: ओमतीनाला के मिलने से परियट नदी की जल गुणवत्‍ता श्रेणी में परिवर्तन नहीं है। परियट नदी के हिरन नदी में मिलने से हिरन नदी की जल गुणवत्‍ता श्रेणी '''' से घटकर ''सी'' एवं ''डी'' श्रेणी में पाई गई है। हिरन नदी के मिलने के पूर्व एवं पश्चात दोनों स्‍थलों पर नर्मदा नदी की जल गुणवत्‍ता '''' श्रेणी की पाई गई है। अत: हिरन नदी के नर्मदा में मिलने से नर्मदा की जल गुणवत्‍ता श्रेणी में परिवर्तन नहीं होता है। इसी प्रकार खंदारीनाला के मिलने के पूर्व एवं पश्‍चात दोनों स्‍थलों पर नर्मदा नदी की जल गुणवत्‍ता श्रेणी '''' में परिवर्तन नहीं पाया गया है। (ग) से (ड.) उत्‍तरांश '''' के अनुसार नर्मदा नदी में नाले मिलने से पानी की गुणवत्‍ता में परिवर्तन नहीं होने से जल शुद्धिकरण की आवश्‍यकता नहीं पाई जाती है जिससे शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

निशातपुरा पन्‍नानगर योजना में आवास आवंटन

[नगरीय विकास एवं आवास]

41. ( क्र. 847 ) डॉ. रामकिशोर दोगने : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) निशातपुरा पन्‍नानगर योजना के अंतर्गत बोर्ड द्वारा विज्ञापित स्‍वतंत्र भवन योजना किस दृष्टि से साध्‍य न होने से प्रकोष्‍ठ भवन प्रस्‍तावित की गई, योजना परिवर्तन करने में क्‍या आवेदकों की सहमति प्राप्‍त की गई थी? यदि हाँ, तो विवरण दें नहीं तो क्‍यों नहीं की गई थी? क्‍या यह बोर्ड की मनमानी कार्यवाही को दर्शित नहीं करता है? क्‍या बोर्ड की यह कार्यवाही नियमानुसार है? (ख) क्‍या दिनांक 21.03.2017 के तारांकित प्रश्‍न क्रं. 5712 में यह जानकारी दी गई कि आवेदकों के दुगने क्षेत्रफल पर भवन निर्माण करवा कर दिया जा रहा है। ऐसी स्थिति में यह स्‍पष्‍ट करें कि पूर्व में कितने क्षेत्रफल का भवन किस मूल्‍य पर दिया जा रहा था और वर्तमान में कितने क्षेत्रफल पर भवन उपलब्‍ध कराया जा रहा है। (ग) क्‍या शासन शेष बचे हितग्राहियों को या तो उसी प्रस्‍तावित योजना के अंतर्गत भूखण्‍ड/भवन/बनाकर उपलब्‍ध करायेगा या नगर निगम सीमा के अंतर्गत आवेदकों को पूर्व भवन/भूखण्‍ड के मूल्‍य को आधार मानते हुए मण्‍डल की अन्‍य संपत्ति/नवीन योजना के अंतर्गत भवन भूखण्‍ड उपलब्‍ध कराने की कार्यवाही करेगा।

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) संयुक्त संचालक, नगर तथा ग्राम निवेश विभाग के पत्र क्र. 1755, दिनांक 22.08. 2009 द्वारा प्रस्तावित योजना के स्थल का भोपाल विकास योजना 2005 में उपयोग यातायात निर्दिष्ट होने एवं यातायात भूमि उपयोग में आवासीय गतिविधियां स्वीकार्य न होने के कारण आवासीय योजना का अभिन्यास निरस्त कर दिया गया। मण्डल द्वारा आवेदकों को योजना स्थगित होने तथा योजना में अपनी जमा राशि मण्डल नियमानुसार वापिस लेने हेतु दिनांक 09.11.2012 को पत्र जारी किया गया। मण्डल द्वारा अभिन्यास निरस्तीकरण के विरूद्ध नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम की धारा 23 (क) के अंतर्गत भूमि उपयोग परिवर्तन हेतु आवेदन प्रस्तुत किया गया। शासन द्वारा भूमि का उपांतरण इस शर्त के साथ उपांतरित किया गया कि रेलवे सीमा से 30 मी. तक खुला क्षेत्र रखा जावे। तदानुसार योजना का अभिन्यास पुनरीक्षित होकर बहुमंजिले भवनों के अभिन्यास की स्वीकृति प्राप्त की गई, स्वीकृत अभिन्यास अनुसार पूर्व की योजना में पंजीकृत हितग्राहियों की सहमति हेतु पत्र जारी किया गया, जिन आवंटियों द्वारा सहमति दी गई उनका नई योजना में पंजीयन सुरक्षित किया गया तथा शेष हितग्राहियों को मण्डल नियमानुसार 8 प्रतिशत प्रतिवर्ष की दर से ब्याज सहित राशि वापिस की गई। मण्डल द्वारा संपूर्ण कार्यवाही नियमानुसार की गई है। (ख) जी नहीं। निशातपुरा पन्नानगर योजना में 46.80 वर्ग मी. निर्मित क्षेत्रफल का भवन दिया जाना प्रस्तावित था, जिसका मूल्य रू. 9.85 लाख प्रस्तावित था। वर्तमान में इसी योजना क्षेत्र के समीप मण्डल की हाउसिंग पार्क योजना में उपलब्ध जूनियर एच.आई.जी. भवन जिसका निर्मित क्षेत्रफल 95.50 वर्ग मी. तथा मूल्य रू. 18.30 लाख है। क्रय करने हेतु मण्डल द्वारा प्रस्ताव किया गया है। (ग) पूर्व योजनांतर्गत शेष बचे मात्र 3 आवेदकों जिनके द्वारा पंजीयन राशि वापिस नहीं ली है, उनके लिये प्रश्नाधीन योजनांतर्गत स्वतंत्र भूखण्ड भवन निर्मित कर प्रदान करना पुनरीक्षित अभिन्यास में प्रावधान उपलब्ध न होने के परिप्रेक्ष्य में संभव नहीं है। ये हितग्राही मण्डल की रिक्त संपत्ति अथवा नवीन योजनांतर्गत वर्तमान निर्धारित मूल्य पर संपत्ति प्राप्त कर सकते हैं, जिसमें उनके द्वारा जमा राशि निर्धारित 8 प्रतिशत ब्याज दर पर संपत्ति के मूल्य में समायोजित की जावेगी।

बारात घर का निर्माण

[नगरीय विकास एवं आवास]

42. ( क्र. 849 ) श्री यादवेन्‍द्र सिंह : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) दिनांक 18.12.16 के प्रश्‍न क्रमांक 279 के प्रश्‍नांश (क) का उत्‍तर जी हाँ प्रश्‍नांश (ख) का उत्‍तर प्रश्‍नांश (क) के तारतम्‍य में बारात घर का निर्माण स्‍थल विवाद होने के कारण प्रारम्‍भ नहीं हो सका कार्य प्रारम्‍भ करने हेतु कार्य आदेश जारी किया जा चुका है? स्‍थल विवाद निराकरण के बाद कार्य प्रारंभ किया जा सकेगा दिया गया है? तो क्‍या मुख्‍य नगर पालिका अधिकारी उचेहरा द्वारा पत्र लिखकर थाना प्रभारी से स्‍थल विवाद निपटाने हेतु पुलिस बल की मांग की गई हैं? (ख) यदि हाँ, तो आज दिनांक तक पुलिस बल क्‍यों उपलब्‍ध नहीं कराया गया? कब तक उपलब्‍ध करा दिया जायेगा, ताकि स्‍थल विवाद समाप्‍त कर बारात घर का निर्माण कार्य प्रारम्‍भ कराया जा सके।

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) जी हाँ। जी हाँ। जी हाँ। (ख) मुख्‍य नगर पालिका अधिकारी, नगर परिषद् उचेहरा द्वारा पुलिस बल उपलब्‍ध कराने की मांग थाना प्रभारी उचेहरा से की गई थी, परन्‍तु व्‍यस्‍तता के कारण पुलिस बल उपलब्‍ध नहीं कराया जा सका है। पुलिस अधीक्षक सतना के पत्र क्र. पु.अ./सतना/ओ.एम./वि.स.प्र./16/2017 दिनांक 07.07.2017 द्वारा अवगत कराया गया है कि नगर परिषद् उचेहरा द्वारा पुलिस बल की जब भी मांग की जायेगी, पुलिस बल उपलब्‍ध करा दिया जायेगा, जिसके परिपालन में भी मुख्‍य नगर पालिका अधिकारी नगर परिषद् उचेहरा द्वारा आगामी 15 दिवस में पुलिस बल के सहयोग से अतिक्रमण हटाकर निर्माण कार्य प्रांरभ किया जा सकेगा।

नवीन घोषित राजस्‍व ग्राम गुनाहा एवं चक कछौआ का मार्ग निर्माण

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

43. ( क्र. 857 ) श्री लाखन सिंह यादव : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) ग्रामीण यांत्रिकी सेवा द्वारा 1 अप्रैल 2014 से प्रश्‍न दिनांक तक भितरवार विधान सभा क्षेत्र में कौन-कौन से निर्माण कार्य कितनी-कितनी लागत के कराये गये हैं तथा कराये जा रहे हैं? प्रत्‍येक कार्यवार कितना-कितना वित्‍तीय आवंटन स्‍वीकृत हुआ था, निर्माण कार्य किस ठेकेदार/एजेन्‍सी द्वारा किस-किस यंत्री/अधिकारी के सुपरवीजन में किस-किस स्‍थान पर कराये गये हैं तथा कराये जा रहे हैं वर्तमान में उन निर्माण कार्यों की भौतिक तथा वित्‍तीय स्थिति क्‍या है? (ख) ग्राम पंचायत पनिहार के ग्राम गुनाहा तथा ग्राम पंचायत कछौआ के ग्राम चक कछौआ जो पूर्व में राजस्‍व ग्राम घोषित न होने के कारण मार्ग निर्माण से वंचित रह गये थे उक्‍त दोनों ग्राम किस दिनांक को राजस्‍व ग्राम घोषित हुये हैं? उक्‍त राजस्‍व ग्राम घोषित दिनांक से प्रश्‍न दिनांक तक दोनों मार्गों के निर्माण हेतु क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई है? (ग) राजस्‍व ग्राम घोषित होने के बाद इतने लम्‍बे समय तक रोड निर्माण की प्रक्रिया में विलंब के लिये कौन-कौन कर्मचारी/अधिकारी दोषी हैं? इन घोषित राजस्‍व ग्रामों की कितनी-कितनी जनसंख्‍या है? अब इन ग्रामों के मार्गों को कब तक स्‍वीकृत कर निर्माण करा लिया जावेगा?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) एवं (ग) ग्राम चक कछौआ आबादी 325 एवं ग्राम गुनाहा आबादी 860 क्रमश: दिनांक 26.08.2013 एवं 26.10.2016 को राजस्‍व ग्राम घोषित हुए हैं। उपलब्‍ध वित्‍तीय संसाधन पूर्व से स्‍वीकृत सड़कों के लिए आबद्ध होने से सड़क निर्माण की स्‍वीकृति नहीं दी जा सकी है। किसी के दोषी होने की स्थिति नहीं है। प्रश्‍नाधीन मार्गों की स्‍वीकृति वित्‍तीय संसाधनों की सुनिश्चित उपलब्‍धता पर निर्भर होने से स्‍वीकृति एवं निर्माण कराने के लिये समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। 

परिशिष्ट - ''नौ''

ग्‍वालियर जिले के वन परिक्षेत्र में स्‍वीकृत कार्य

[वन]

44. ( क्र. 858 ) श्री लाखन सिंह यादव : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) ग्‍वालियर जिले के किन-किन वन परिक्षेत्र में 1 अप्रैल 2014 से प्रश्‍न दिनांक तक कौन-कौन से कार्य किस-किस मद से स्‍वीकृत किये गये हैं? कार्य का प्रकार, स्‍वीकृत दिनांक, कार्य हेतु स्‍वीकृति‍ राशि तथा सम्‍पादित कार्यस्‍थल का नाम आदि बतलावें। (ख) प्रश्‍नांश (क) में स्‍वीकृत कार्यों में से कितने कार्य पूर्ण हैं तथा कितने आज दिनांक तक अपूर्ण हैं? कार्य के अपूर्ण रहने का क्‍या कारण है? (ग) वर्ष 2016 में स्‍वीकृत प्‍लांटेशन कार्य की प्रत्‍येक तिमाही में प्राप्‍त आवंटन के विरूद्ध कौन-कौन से कार्य कितनी-कितनी राशि के सम्‍पादित किये गये? प्‍लांटेशन में कितने मीटर सी.पी.आर. पत्‍थर की खकरी प्रस्‍तावित थी तथा उसके विरूद्ध कितने मीटर निर्मित की जा चुकी है एवं कितने मीटर निर्मित होना शेष है? कार्य में संलग्‍न मजदूरों की बैंक खाता सूची एवं डी.पी.आर. की जानकारी उपलब्‍ध करावें। (घ) प्रश्‍नांश (क) जिले एवं अवधि में वन विभाग द्वारा विगत तीन वर्षों में कहाँ-कहाँ पर वृक्षारोपण कार्य किया गया है, प्रत्‍येक रोपाणी में किस-किस प्रजाति के कितने-कितने पौधे रोपित किये गये हैं? प्रश्‍न दिनांक तक कितने पौधे जीवित हैं तथा कितने नष्‍ट हो गये हैं? पौधे नष्‍ट होने का क्‍या कारण रहा है एवं उन पर कितनी राशि व्‍यय की गई थी? इसके लिए कौन जिम्‍मेदार है? क्‍या विभाग द्वारा जाँच कर जिम्‍मेदारों पर कार्यवाही की गई है? यदि हाँ, तो क्‍या? यदि नहीं, तो क्‍यों?

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-3 अनुसार है। अधिकांशतः पौधे प्राकृतिक कारण से नष्ट हुये है जिनके लिये कोई जिम्मेदार नहीं है। जिन क्षेत्रों में अन्य कारणो से पौधे नष्ट हुये है उनमें जिम्मेदार पर आवश्यक कार्यवाही की जा रही है।

प्रधानमंत्री सड़क योजना में निर्माण

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

45. ( क्र. 877 ) श्री गोवर्धन उपाध्‍याय : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या विदिशा जिले के सिरोंज विधान सभा क्षेत्रान्‍तर्गत प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत सड़क निर्माण का कार्य किया जा रहा हैं? यदि हाँ, तो सिरोंज एवं लटेरी तहसील में कितने ग्रामों में कितने कि.मी. सड़क निर्माण का कार्य स्‍वीकृत किया गया है? सड़क निर्माण कार्यों में कितनी-कितनी राशि का व्‍यय किया गया है? (ख) विधान सभा सिरोंज के अंतर्गत वर्तमान में कितनी सड़कों के निर्माण कार्य प्रारंभ है तथा कितने अप्रारंभ हैं? कितने कि.मी. सड़क का निर्माण कर लिया गया हैं? अपूर्ण कार्यों को कब तक पूर्ण किया जावेगा?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ। सिरोंज एवं लटेरी तहसील अंतर्गत 186 ग्रामों हेतु 410.71 कि.मी. सड़कों का निर्माण कार्य स्वीकृत किया गया है। सड़क निर्माण कार्यों में रूपये 9871.91 लाख का व्यय किया गया है। विस्तृत जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ख) 08 सड़कों के निर्माण कार्य प्रारम्भ एवं 01 सड़क का निर्माण कार्य अप्रारंभ है। प्रगतिरत सड़कों में 12.23 कि.मी. की लंबाई में निर्माण कार्य कर लिया गया है। अपूर्ण/प्रगतिरत कार्यों को शीघ्र पूर्ण कराया जायेगा निर्धारित समयावधि बताना संभव नहीं है। विस्तृत जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है।

पेयजल हेतु इंटेकवेल का निर्माण

[नगरीय विकास एवं आवास]

46. ( क्र. 882 ) श्री अरूण भीमावद : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या शासन की मंशानुसार हर नागरिक को शुद्ध पेयजल उपलब्‍ध करना शासन एवं स्‍थानीय प्रशासन की जिम्‍मेदारी है? क्‍या शाजापुर जिला मुख्‍यालय के नगरवासियों को चीलर बांध से जल शुद्धिकरण संयंत्र तक पेयजल किस माध्‍यम से पहुंचाया जाता है? (ख) क्‍या शासन द्वारा स्‍थानीय प्रशासन को शाजापुर शहरवासियों को शुद्ध पेयजल उपलब्‍ध करवाने हेतु कार्ययोजना स्‍वीकृत की गई है? यदि हाँ, तो उसका नाम, लागत राशि एवं कार्यपूर्ण की अवधि नियम की गई है? (ग) क्‍या स्‍वीकृत कार्य पूर्ण होकर शहरवासियों को शुद्ध पेयजल उपलब्‍ध कराया जा रहा है? यदि नहीं, तो क्‍यों नहीं? (घ) तकनीकी रूप से असफल पेयजल हेतु निर्मित इंटेकवेल के लिए कौन जिम्‍मेदार है तथा इसकी लागत वसूली किस अधिकारी से की जावेगी?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) जी हाँ। चीलर डेम से जल शुद्धिकरण संयंत्र तक लगभग 2 कि.मी. ओपन चेनल द्वारा एवं 3 कि.मी. पाईप लाईन के माध्‍यम से पहुंचाया जाता है। (ख) जी हाँ। शुद्ध पेयजल उपलब्‍ध कराने के लिए यू.आई.डी.एस.एस.एम.टी. योजनान्‍तर्गत जल आवर्धन योजना राशि रू. 1200.00 लाख की स्‍वीकृत की गई है। योजना का कार्य पूर्ण करने की अवधि 18 माह निर्धारित की गई थी। (ग) योजनान्‍तर्गत चीलर डेम से इन्‍टेकवेल तक पाईप लाईन का कार्य अपूर्ण होने के कारण पुराने फिल्‍टर प्‍लांट से ही शुद्ध पेयजल उपलब्‍ध कराया जा रहा है। निर्माण कार्य में इंटेकवेल के त्रुटिपूर्ण निर्माण किये जाने के कारण योजना पूर्ण नहीं हुई है। (घ) निर्माण एजेंसी त्रुटिपूर्ण इंटेकवेल के निर्माण के लिए उत्‍तरदायी पाई गई है। अत: ठेकेदार के विरूद्ध अनुबंध अनुसार कार्यवाही करते हुए नवीन इंटेकवेल का निर्माण उचित स्‍थल पर करने की कार्यवाही की गई है। योजना तकनीकी रूप से असफल नहीं है। 

विभिन्‍न प्रकार की पेंशन योजना

[सामाजिक न्याय एवं निःशक्तजन कल्याण]

47. ( क्र. 906 ) श्री राजकुमार मेव : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍न दिनांक की स्थिति में विभाग द्वारा खरगोन जिले में सामाजिक सुरक्षा, वृद्धावस्‍था, परित्‍याक्‍ता, विधवा, दिव्‍यांग, बहु विकलांग, अभिभावक एवं विभिन्‍न प्रकार की पेंशन योजना के तहत कितने हितग्राहियों को पेंशन स्‍वीकृत की जाकर कितनी-कितनी राशि कौन-कौन सी पेंशन योजना में प्रतिमाह वितरि‍त की जा रही है? संख्‍या बताएँ? (ख) क्‍या प्रश्‍नांश (क) के संबंध में कितने लाभार्थीयों के बचत खाते राष्‍ट्रीयकृत बैंक, पोस्‍ट आफिस अथवा क्षेत्रीय बैंकों के माध्‍यम से पेंशनों का वितरण किया जा रहा है? क्‍या वर्तमान में भी सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में नगद राशि का वितरण किया जा रहा है? यदि हाँ, तो किस-किस विकासखण्‍ड में? (ग) क्‍या प्रश्‍नांश (क) के संबंध में हितग्राहियों को नियमित प्रतिमाह पेंशन का वितरण किया जा रहा है? क्‍या पेंशन वितरण के पश्‍चात नियमित रूप से हितग्राहियों को पेंशन भुगतान का सत्‍यापन किया जाता है? यदि हाँ, तो किनके द्वारा किया जाता है? यदि नहीं, तो इस संबंध में शासन स्‍तर से क्‍या कार्यवाही की जा रही है। (घ) प्रश्‍नांश (ग) के संबंध में क्‍या खरगोन जिले के विकासखण्‍डवार हितग्राहियों के खातों में पेंशन नहीं डालने की शिकायतें प्राप्‍त हो रही हैं? यदि हाँ, तो 01 अप्रैल 2016 से प्रश्‍न दिनांक तक ऐसे कितनी शिकायतें प्राप्‍त हुई? उनका क्‍या निराकरण किया गया एवं उन्‍हें पेंशन एवं पूर्व बकाया पेंशन का एरियर का भुगतान किया गया है? यदि हाँ, तो कितनों को? नहीं तो कारण बतावें?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) खरगोन जिले में सामाजिक सुरक्षा, वृद्धावस्था, परित्यक्ता, विधवा, दिव्यांग बहु विकलांग, अभिभावक एवं विभिन्न प्रकार की पेंशन योजना के तहत 82,219 हितग्राहियों को पेंशन स्वीकृत की जाकर पेंशन प्रतिमाह वितरित की जा रही है। योजनावार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ख) 82,219 पेंशन हितग्राहियों के बचत खाते राष्ट्रीयकृत बैंक, पोस्ट ऑफिस अथवा क्षेत्रिय बैंकों के माध्यम से पेंशनों का वितरण किया जा रहा है। जिले में किसी भी हितग्राही को नगद राशि के रूप में पेंशन का भुगतान नहीं किया जा रहा है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी हाँ। पेंशन वितरण का सत्यापन समय-समय पर पंचायत समन्वयक, पंचायत सचिव, ग्राम रोजगार सहायकों द्वारा पेंशन भुगतान का सत्यापन किया जाता है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है।

शासकीय महाविद्यालय पलेरा में स्‍नातकोत्‍तर की कक्षायें प्रारंभ कराये जाना

[उच्च शिक्षा]

48. ( क्र. 916 ) श्रीमती चन्‍दा सुरेन्‍द्र सिंह गौर : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या खरगापुर विधानसभा क्षेत्र के पलेरा में संचालित शासकीय महाविद्यालय में स्‍नातकोत्‍तर की कक्षायें संचालित नहीं हैं, जिसके कारण छात्र-छात्राओं को इधर-उधर उच्‍च शिक्षा प्राप्‍त करने हेतु भटकना पड़ता है तथा कुछ छात्र-छात्राओं को उच्‍च शिक्षा से वंचित रहकर घर बैठना पड़ता है? क्‍या छात्र-छात्राओं की समस्‍या को ध्‍यान में रखते हुय पलेरा महाविद्यालय में स्‍नातकोत्‍तर की कक्षायें प्रारंभ किये जाने के आदेश जारी करेंगे? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो कारण स्‍पष्‍ट करें। (ख) क्‍या उक्‍त महाविद्यालय में प्राचार्य, ग्रंथपाल, क्रीड़ा अधिकारी, सहायक प्राध्‍यापक, हिन्‍दी, राजनीति शास्‍त्र, अर्थशास्‍त्र, समाज शास्‍त्र, भौतिक शास्‍त्र, रसायन शास्‍त्र, प्राणी शास्‍त्र तथा वाणिज्‍य के पद रिक्‍त हैं, इन पदों की पूर्ति हेतु विभाग द्वारा क्‍या योजना बनाई गई है तथा छात्रों के‍ हित में उक्‍त रिक्‍त पदों की पूर्ति कब तक करा दी जावेगी? यदि नहीं, तो कारण स्‍पष्‍ट करें? (ग) क्‍या प्रयोगशाला एवं पुस्‍तकालय, बजट के अभाव में सुचारू रूप से छात्र-छात्राओं को लाभांवित नहीं कर पा रहा है? क्‍या प्रयोगशाला एवं पुस्‍तकालय के लिये बजट आवंटित करेंगे? यदि हाँ, तो कब तक यदि नहीं, तो कारण स्‍पष्‍ट करें?

उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री जयभान सिंह पवैया ) : (क) जी हाँ, शासकीय महाविद्यालय पलेरा में स्नातकोत्तर कक्षायें संचालित नहीं है। शासकीय महाविद्यालय पलेरा से 27 कि.मी. की दूरी पर शासकीय महाविद्यालय नौगांव संचालित है, जिसमें कला संकाय के पाँच विषयों में स्नातकोत्तर कक्षायें उपलब्ध हैं। यहां पर विद्यार्थी अध्ययन कर सकते हैं। वर्तमान में वित्तीय सीमित संसाधनों को दृष्टिगत रखते हुए शासकीय महाविद्यालय पलेरा में स्नातकोत्तर की कक्षायें प्रारंभ करने में कठिनाई है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार। नियमित नियुक्ति हेतु मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग को मांग पत्र भेजा गया है। रिक्त पदों पर अतिथि विद्वानों को आमंत्रित कर अध्यापन व्यवस्था की जाती है। (ग) सत्र 2017-18 में शासन द्वारा महाविद्यालय को आदर्श प्रयोगशाला उन्नयन हेतु रूपये 10,99,678/- एवं पुस्तकालय विकास हेतु राशि रूपये 6,44,150/- का बजट आवंटित किया गया। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - ''दस''

संजय दुवरी टाइगर रिजर्व क्षेत्र के विस्थापित

[वन]

49. ( क्र. 930 ) श्री कुंवर सिंह टेकाम : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सीधी जिले के अंतर्गत संजय दुबरी टाइगर अभ्‍यारण्‍य की स्‍थापना की अधिसूचना कब जारी की गई थी? संजय दुबरी टाइगर रिजर्व क्षेत्र के अंतर्गत कितने ग्राम सम्मिलित हैं? ग्रामों की सूची उपलब्‍ध करायें। (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में संजय दुबरी टाइगर रिजर्व क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्रामों के रहवासियों के विस्‍थापन एवं पुनर्वास हेतु क्‍या नियम निर्धारित हैं? कितने ग्रामों का विस्‍थापन का कार्य किया जा चुका है? कितने लोगों का विस्‍थापन कर दिया गया है? (ग) प्रश्‍नांश (ख) के संदर्भ में क्‍या दुबरी टाइगर रिजर्व क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम सुहिरा, चाफल, आगर, झरिया, दुधमनिया, भैंसाडोल एवं बेहरवार के विस्‍थापितों को बिना मुआवजा दिये एवं पूर्व सूचना के विस्‍थापित परिवारों के घरों को जे.सी.बी. के जबरदस्‍ती गिरा दिया गया है? यदि हाँ, तो जानकारी देवें। (घ) प्रश्‍नांश (ग) के संदर्भ में विस्‍थापितों के घरों को जबरन गिराये जाने के संबंध में थाना कुसमी, कलेक्‍टर सीधी, एस.पी. सीधी, प्रमुख वन संरक्षक भोपाल, प्रमुख सचिव वन भोपाल, माननीय वन मंत्री महोदय म.प्र.शासन भोपाल एवं माननीय मुख्‍यमंत्री म.प्र.शासन भोपाल को शिकायत पत्र दिया गया था? शिकायती पत्रों की क्‍या जाँच की गई है? जानकारी देवें। दोषी अधिकारी/कर्मचारियों के विरूद्ध अभी तक क्‍या कार्यवाही की गई है? जानकारी देवें। यदि नहीं, तो क्‍यों? कार्यवाही कब तक की जावेगी।

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) मध्‍यप्रदेश शासन, वन विभाग के आदेश क्रमांक/एफ 15-5/2003/10-2, दिनांक 08.09.2006 द्वारा। 48. सूची पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) राष्‍ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण नई दिल्‍ली के पत्र क्रमांक-3-1/2003 पी.टी., दिनांक 21.02.2008 एवं मध्‍यप्रदेश शासन, वन विभाग, भोपाल के पत्र क्रमांक-एफ 3-8/07/10-2/2129, दिनांक 30 अक्‍टूबर, 2008 से संरक्षित क्षेत्रों से ग्रामों के पुनर्वास के संबंध में दिशा-निर्देश जारी किये गये है। आदेश की प्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। 08 ग्रामों के 223 परिवारों के पुनर्स्‍थापन/विस्‍थापन का कार्य पूर्ण हो चुका है। (ग) जी नहीं। ग्राम-सुहिरा, चाफल, आगरझिरिया, दुधमनिया, भैंसाडोल एवं बहेरवार ग्रामों के परिवारों को उनके खातों में मुआवजा की राशि हस्‍तान्‍तरण किये जाने के उपरान्‍त 06 माह के पश्‍चात संजय टाइगर रिजर्व की भूमि छोड़कर स्‍वेच्‍छा से अन्‍यत्र न जाने के फलस्‍वरूप बेदखली नोटिस जारी किये गये। वर्तमान में ग्राम भैंसाडोल को छोड़कर शेष ग्राम विस्‍थापन हो चुके हैं। (घ) जी हाँ। जी हाँ। जाँच में किसी भी अधिकारी/कर्मचारी को दोषी नहीं पाया गया। अत: शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

संजय टाइगर रिजर्व क्षेत्र के विस्‍थापन

[वन]

50. ( क्र. 933 ) श्री कुंवर सिंह टेकाम : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सीधी जिले के अंतर्गत संजय दुबरी टाइगर अभ्यारण्य की स्‍थापना की अधिसूचना कब जारी की गई थी? संजय दुबरी टाइगर रिजर्व क्षेत्र के अंतर्गत कितने ग्राम सम्मिलित हैं? ग्रामों की सूची उपलब्‍ध करायें। (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में संजय दुबरी टाइगर रिजर्व क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्रामों के रहवासियों के विस्‍थापन एवं पुनर्वास हेतु क्‍या नियम निर्धारित हैं? कितने ग्रामों का विस्‍थापन का कार्य किया जा चुका है? कितने लोगों की विस्‍थापन कर दिया गया है? (ग) प्रश्‍नांश (ख) के संदर्भ में संजय दुबरी टाइगर रिजर्व क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम सुहिरा,