Top of Form

मध्यप्रदेश विधान सभा


प्रश्नोत्तर-सूची
जुलाई, 2016 सत्र


बुधवार, दिनांक 20 जुलाई, 2016


भाग-1
तारांकित प्रश्नोत्तर


 

( वर्ग 3 : गृह, जेल, पशुपालन, उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण, मछुआ कल्याण तथा मत्स्य विकास, कुटीर एवं ग्रामोद्योग, विधि और विधायी कार्य, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्‍ता संरक्षण, महिला एवं बाल विकास )


पाटन विधानसभा क्षेत्रांतर्गत संचालित नल-जल योजनाएं

1. ( *क्र. 827 ) श्री नीलेश अवस्‍थी : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) पाटन विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत कहाँ-कहाँ पर नल-जल योजनाएं शासन द्वारा स्‍वीकृत कर कितनी लागत से कब निर्मित की गईं? (ख) प्रश्‍नांश (क) में उल्‍लेखित नल-जल योजनाओं में से कौन-कौन सी प्रश्‍न दिनांक तक संचालित हैं एवं कौन-कौन सी नल-जल योजनाएं किन कारणों से बंद हैं, इन बंद पड़ी नल-जल योजनाओं को कब तक किस प्रकार से प्रारंभ किया जावेगा? (ग) पाटन विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत किस-किस ग्राम में कितने हैण्‍डपंप निर्मित थे? ग्रामवार सूची देवें। इन हैण्‍डपंपों में से प्रश्‍न दिनांक तक कितने चालू थे एवं कितने किन कारणों से बंद पड़े थे? ग्रामवार सूची देवें एवं इन बंद पड़े हैण्‍डपंपों को कब तक प्रारंभ कर दिया जावेगा? वित्‍त वर्ष 2016-17 में विभाग द्वारा पाटन विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत कहाँ-कहाँ पर किसकी अनुशंसा से कितने नलकूप खनित किये गये? सूची देवें। (घ) क्या ग्राम उड़ना (सड़क) विकासखण्‍ड पाटन की संचालित नल-जल योजना हेतु पेयजल टंकी निर्माण एवं नवीन जल स्‍त्रोत खनन हेतु पूर्व में राशि स्‍वीकृत कर निविदाएं आम‍ंत्रित की गईं थीं तथा उक्‍त कार्य का भूमि पूजन तत्‍कालीन मंत्री श्री अजय विश्‍नोई जी द्वारा किया गया था, परन्‍तु आज दिनांक तक टंकी निर्माण न होने का क्‍या कारण है? ग्राम उड़ना (सड़क) की नल-जल योजना के सुचारू रूप से संचालन हेतु यहां पर पेयजल संग्रहण टंकी का निर्माण कब तक कर दिया जावेगा?

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) एवं (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। साधारण सुधार योग्य हैण्डपंपों का सुधार सतत् सुधार प्रक्रिया के तहत् किया जाता है। वर्ष 2016-17 में खनित किये गये हैण्‍डपंपों नलकूपों का विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 के अनुसार है। (घ) जी हाँ, जी हाँ। टंकी निर्माण हेतु निविदाएं 5 बार आमंत्रित करने के बाद भी उपयुक्त दरें प्राप्त न होने के कारण टंकी निर्माण नहीं किया जा सका। वर्तमान में सीधे पंपिंग के माध्यम से जलप्रदाय किया जा रहा है। निश्चित समयावधि नहीं बताई जा सकती।

सीहोर जिलांतर्गत बोर खनन

2. ( *क्र. 114 ) श्री सुदेश राय : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) जिला सीहोर के अंतर्गत विधानसभा क्षेत्र 159 सीहोर में वर्ष 2015-16 से आज दिनांक तक विभिन्‍न योजना के तहत कितने नवीन बोर खनन कराये गये? वर्षवार नवीन बोर खनन की सूची मय स्थान सहित बतावें। (ख) वर्ष 2015-16 से आज दिनांक तक सिंगल फेस की कितनी मोटरें उपलब्‍ध करायी गई हैं? वर्षवार सूची मय स्‍थान सहित बतावें (ग) वर्ष 2015-16 से आज दिनांक तक कितनी नवीन नल-जल योजना स्‍वीकृत की जाकर पूर्ण की गई है तथा कितनी और प्रस्‍तावित हैं तथा किस योजना के तहत नल-जल योजना के बोर खनन कराये गये हैं?वर्षवार सूची मय स्‍थान सहित बतावें

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) 120 नवीन बोर खनन कराये गये। खनित नलकूपों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) 61 सिंगलफेस की मोटरें उपलब्ध कराई गईं। शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ग) कोई नवीन योजना स्वीकृत नहीं की गई है और न ही प्रस्तावित है तथा पूर्व स्वीकृत योजनाओं में असफल स्रोतों के स्थान पर स्रोत विकसित करने हेतु राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल कार्यक्रम के अंतर्गत बोर खनन कराये गये हैं, शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है।

गुना उप संचालक कार्यालय का भौतिक सत्‍यापन

3. ( *क्र. 632 ) श्री पन्‍नालाल शाक्‍य : क्या पशुपालन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) गुना उप संचालक कार्यालय हाट रोड गुना का भौतिक सत्‍यापन कब-कब और किस-किस अधिकारी द्वारा कराया गया है? इससे संबंधित विवरण उपलब्‍ध करायें (ख) गुना जिले में संचालित गौशालाओं और गौशाला संचालकों के नाम एवं गौशाला हेतु आवंटित या दान में प्राप्‍त भूमि का विवरण उपलब्‍ध करावें? (ग) कुक्‍कुट विकास निगम गुना की पोल्‍ट्री फार्म में पदस्‍थ अधिकारी कब से पदस्‍थ है? क्‍या इन्‍हें नियमानुसार तीन वर्ष में स्‍थानांतरित नहीं किया जाना चाहिए? यदि नहीं, तो क्‍यों? (घ) गुना उप संचालक कार्यालय द्वारा विगत 5 वर्षों में कितने हितग्राहियों को लाभांवित किया गया है तथा वर्तमान सत्र में कितने हितग्राहियों को लाभांवित किया जाना शेष है?

पशुपालन मंत्री ( श्री अंतरसिंह आर्य ) : (क) गुना उप संचालक कार्यालय हाट रोड गुना का निरीक्षण डॉ. एन.के. बामनिया, तत्कालीन संयुक्त संचालक, संभाग ग्वालियर, द्वारा दिनांक 18 नवम्बर से 19 नवम्बर 2011 एवं दिनांक 11 अक्टूबर से 12 अक्टूबर 2012 को तथा संयुक्त संचालक पशु चिकित्सा सेवाएं संभाग ग्वालियर द्वारा गठित समिति द्वारा 2 मार्च से 3 मार्च 2015 को किया गया है। विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। (ख) गुना जिले में 14 क्रियाशील एवं एक अक्रियाशील गौशालायें संचालित हैं। जिले की सभी गौशालाओं हेतु उपलब्ध भूमि दान से प्राप्त हुई है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार(ग) कुक्कुट विकास निगम के अधीन गुना में कोई कुक्कुट पोल्ट्रीफार्म संचालित नहीं है। पशुपालन विभाग के अधीन गुना में संचालित पोल्ट्रीफार्म में शासन द्वारा पशु चिकित्सा सहायक शल्यज्ञ का कोई भी पद स्वीकृत नहीं है। डॉ. के.डी. शर्मा पशु चिकित्सा सहायक शल्यज्ञ, मोबाईल यूनिट गुना दिनांक 21.8.2009 से पोल्ट्रीफार्म के अतिरिक्त प्रभार में है। अतः पोल्ट्रीफार्म गुना में पद स्वीकृत नहीं होने के कारण स्थानांतरण का प्रश्न नहीं उठता है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार। वर्तमान सत्र 2016-17 में प्रथम त्रैमास में 239 हितग्राहियों को लाभांवित किया जा चुका है। आगामी त्रैमासों में 67 हितग्राहियों को लाभान्वित किया जाना प्रस्तावित है जिन्हें उपलब्ध वंटन अनुसार लाभान्वित किया जा सकेगा।

स्‍व-सहायता समूहों को दुकानों का आवंटन

4. ( *क्र. 1530 ) श्री सूबेदार सिंह रजौधा : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला मुरैना में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत स्‍व-सहायता समूहों को दुकान आवंटित करने संबंधी वर्ष 2015 में पूरी प्रक्रिया सम्‍पादित कर ली गई है? चयनित समूहों को प्रश्‍न दिनांक तक दुकान आवंटित नहीं की गई है, इसके क्‍या कारण हैं और उन्‍हें कब तक उचित मूल्‍य की दुकानें आवंटित कर दी जावेंगी? तहसील जौरा के चयनित समूहों की पंचायतवार जानकारी उपलब्‍ध कराई जावेगी? (ख) क्‍या वर्तमान सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत ए.पी.एल. कार्डधारियों को केरोसिन से वंचित कर दिया गया है, खुले बाजार में भी केरोसिन उपलब्‍ध नहीं हैं तो ए.पी.एल. परिवारों को केरोसिन की आवश्‍यकता की पूर्ति हेतु सफेद केरोसिन की दुकानें प्रत्‍येक नगर में खोली जावेंगी? (ग) म.प्र. शासन खाद्य आपूर्ति नागरिक एवं उपभोक्‍ता संरक्षण विभाग के पत्र क्र. एफ 6-23/2007/1/उन्‍नीस/भोपाल, दिनांक 17 फरवरी 2008 के परिपालन में वर्तमान में सफेद केरोसिन की दुकानों की अनुज्ञप्ति दी जा सकेगी? यदि हाँ, तो दुकान अनुज्ञप्ति प्राप्‍त करने का प्रावधान क्‍या है? यदि नहीं, तो ए.पी.एल. परिवारों की केरोसिन आवश्‍यकता की पूर्ति हेतु क्‍या योजना बनाई गई है?

खाद्य मंत्री ( श्री ओम प्रकाश धुर्वे ) : (क) जी हाँ। परन्‍तु माननीय उच्च न्‍यायालय में लंबित याचिकाओं के परिप्रेक्ष्‍य में मध्‍यप्रदेश सार्वजनिक वितरण प्रणाली (नियंत्रण) आदेश, 2015 में संशोधन अपेक्षित था, जिसके फलस्‍वरूप उचित मूल्‍य दुकानों के आवंटन की कार्यवाही को स्‍थगित करने हेतु शासन द्वारा निर्देश जारी किये गये। उक्‍त नियंत्रण आदेश में संशोधन 11 अप्रैल, 2016 को अधिसूचित किया गया है। शासन ने पुन: नवीन प्रावधानों के परिप्रेक्ष्‍य में पूर्व में विहित प्रक्रिया का अनुसरण करते हुए उचित मूल्‍य दुकानों के आवंटन की कार्यवाही 31 जुलाई, 2016 तक सम्‍पन्‍न करने हेतु दिशा-निर्देश जारी किये हैं। मध्‍यप्रदेश सार्वजनिक वितरण प्रणाली (नियंत्रण) आदेश, 2015 में संशोधन पश्‍चात उचित मूल्‍य दुकान के आवंटन की कार्यवाही किया जाना शेष है। (ख) लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत वर्तमान में ए.पी.एल. कार्डधारकों की कोई श्रेणी नहीं है। राज्‍य सरकार ने उचित मूल्‍य दुकानों के माध्‍यम से गैर-पी.डी.एस. केरोसि‍न 6 जिलों- इन्‍दौर, भोपाल, सीहोर, जबलपुर, खण्‍डवा एवं सिवनी के जरूरतमंद परिवारों हेतु उपलब्‍ध कराये थे, परन्‍तु मांग के अभाव में उसका वितरण उपभोक्‍ताओं को नहीं हो सका। भारत सरकार ने केरोसि‍न (उपयोग पर निर्बन्‍धन और अधिकतम कीमत नियतन) आदेश, 1993 में संशोधन कर गैर-पी.‍डी.एस. केरोसि‍न की आपूर्ति के क्रियाकलाप, विपणन, व्‍यवसाय या वाणिज्‍य की गतिविधियों को केरोसि‍न (उपयोग पर निर्बन्‍धन और अधिकतम कीमत नियतन) आदेश, 1993 के प्रावधानों से मुक्‍त किया गया है। अब कोई भी व्‍यक्ति मध्‍यप्रदेश केरोसि‍न व्‍यापारी नियंत्रण आदेश, 1979 के तहत अनुज्ञप्ति प्राप्‍त कर गैर-पी.डी.एस. केरोसि‍न का व्‍यवसाय कर सकता है। (ग) जी नहीं, मध्‍यप्रदेश केरोसि‍न व्‍यापारी नियंत्रण आदेश, 1979 के तहत कोई भी अनुज्ञप्ति प्राप्‍त व्‍यक्ति गैर-सावर्जनिक वितरण प्रणाली का केरोसि‍न समानान्‍तर विपणनकर्ताओं से अथवा सरकारी तेल कंपनियों के थोक विक्रेताओं से क्रय कर उपभोक्‍ताओं को वितरित कर सकता है। अनुज्ञप्ति प्राप्‍त करने का प्रावधान मध्‍यप्रदेश केरोसि‍न व्‍यापारी नियंत्रण आदेश, 1979 में विहित किया गया है। शेष भाग का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

पन्‍ना जिलांतर्गत नलकूप खनन

5. ( *क्र. 222 ) श्री महेन्‍द्र सिंह : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) पन्‍ना जिले की तीनों विधान सभाओं में वर्ष 2015-16 से प्रश्‍न दिनांक तक कितने बोर खनन किए गए हैंविधान सभावार पृथक-पृथक बतावें। (ख) प्रश्‍नांश (क) में उल्‍लेखित अवधि में गुनौर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत किन-किन ग्रामों में कितनी गहराई के बोर किये गये हैं? ग्रामवार सूची उपलब्‍ध करावें। (ग) क्‍या पन्‍ना जिले में बोर की गहराई वास्‍तविक गहराई से अधिक बताकर लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकी विभाग द्वारा बिलों के भुगतान कर लिये जाते हैं? (घ) क्‍या निर्धारित मापदण्‍ड से बोर की वास्‍तविक गहराई कम होने के कारण बोर जल्‍दी ड्राई हो जाते हैं और पेयजल का संकट पैदा हो जाता है? क्‍या शासन जाँच करवाकर दोषियों के विरूद्ध कार्यवाही करेगा? यदि हाँ, तो कब तक?

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ग) जी नहीं। (घ) जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

 

 

सागर जिलांतर्गत नलकूप खनन

6. ( *क्र. 777 ) श्रीमती पारूल साहू केशरी : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) सागर जिले के लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकी विभाग में वर्ष 2014-15, 2015-16 एवं 2016-17 में कुल कितने नलकूप खनन के कार्य स्‍वीकृत किये गये? जानकारी वर्षवार, विधानसभा क्षेत्रवार दी जाये (ख) प्रश्‍नांश कंडिका (क) में वर्णित वर्षों में लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकी विभाग के द्वारा स्‍वीकृत नलकूप खनन कार्यों में से कितने-कितने नल कूप खनन का कार्य कर दिया गया है तथा कितने कार्य प्रश्‍न दिनांक को शेष हैं? जानकारी वर्षवार, विधानसभा क्षेत्रवार दी जावे (ग) प्रश्‍नांश कंडिका (क) अनुसार अपूर्ण नलकूप खनन का कार्य जिन ठेकेदारों के द्वारा अनुबंध अनुसार निर्धारित समयावधि में नहीं किया गया? उन ठेकेदारों के विरूद्ध विभाग द्वारा कब-कब, क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गयी? यदि कार्यवाही नहीं की गयी तो क्‍यों? कारण बतावें (घ) प्रश्‍नांश कंडिका (ख) के अनुसार शेष रहे खनन कार्य कब तक पूर्ण करा दिये जावेंगे? समय-सीमा बतायी जावे।

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) एवं (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ग) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता। (घ) वर्षा उपरांत शेष नलकूपों का खनन कराया जायेगा। निश्चित समयावधि नहीं बताई जा सकती।

परिशिष्ट - ''एक''

कटनी जिलांतर्गत नवीन हैण्‍डपंप उत्‍खनन हेतु निर्धारित लक्ष्‍य

7. ( *क्र. 149 ) कुँवर सौरभ सिंह : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या कटनी जिला सूखा एवं अन्‍य प्राकृतिक कारण से विगत तीन वर्षों से प्रभावित है तथा लगातार जलस्‍तर घटा है? (ख) कटनी जिले में वर्ष 2014-15 से 2016-17 तक विकासखण्‍डवार नवीन हैण्‍डपंप उत्‍खनन हेतु क्‍या लक्ष्‍य निर्धारित किए गए तथा लक्ष्‍य अनुसार कितने नवीन हैण्‍डपंप खोदे गए? विकासखण्‍डवार बताएं (ग) क्‍या लगातार सूखा होने के बाद भी अन्‍य वर्ष की तुलना में वर्ष 2016-17 के लिए कम लक्ष्‍य रखा गया? यदि हाँ, तो इसके कम जल स्‍तर को देखते हुए इसे पहले से भी अधिक बढ़ाया नहीं जा सकता था तथा लक्ष्‍य निर्धारण के क्‍या मापदण्‍ड हैं? (घ) क्‍या कटनी जिले के विकासखण्‍ड बहोरीबंद एवं रीठी में जल संकट सर्वाधिक होने के कारण जल का परिवहन करना पड़ा? क्‍या कटनी जिले में पेयजल की कमी, लगातार जलस्‍तर नीचे जाने के बावजूद कटनी को कम लक्ष्‍य दिया गया, वहीं दूसरी ओर अन्‍य जिले जहां पेयजल का इतना संकट नहीं था एवं जल स्‍तर भी ज्‍यादा नीचे नहीं था वहां अधिक लक्ष्‍य प्रदान किया गया? जबलपुर एवं इंदौर संभाग के प्रत्‍येक जिले को विधानसभावार दिये गये लक्ष्‍य के साथ जानकारी दें

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) जी नहीं। (ख) लक्ष्य विकासखण्डवार निर्धारित नहीं किये जाते। जिले को नलकूप खनन कार्य के दिये गये लक्ष्य के विरूद्ध विकासखण्डों में करवाये गये हैण्डपंप खनन कार्य की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) जी हाँ। जी नहीं। उपलब्ध संसाधन एवं जिलों में आंशिक पूर्ण बसाहटों के आधार पर लक्ष्य निर्धारित किये जाते हैं। (घ) जी नहीं। जी नहीं। लक्ष्य विधानसभा क्षेत्रवार नहीं दिये जाते। अतः जबलपुर एवं इंदौर संभाग के प्रत्येक जिले के विधानसभावार लक्ष्यों की जानकारी नहीं दी जा सकती।

परिशिष्ट - ''दो''

सीहोर जिले में आत्‍महत्‍या के प्रकरण

8. ( *क्र. 763 ) श्री शैलेन्‍द्र पटेल : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍न दिनांक से पूर्व विगत 3 वर्षों में सीहोर जिले में आत्‍महत्‍या के कितने मामले सामने आए हैं। थानावार मृतकों के नाम, आयु, पता सहित विवरण दें। (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार आत्‍महत्‍या के प्रकरणों की जाँच उपरांत आत्‍महत्‍या के कारणों का प्रकरणवार ब्‍यौरा दें। (ग) प्रश्‍नांश (क) अनुसार आत्‍महत्‍या के लिए उपयोग किए गए पदार्थ अथवा साधन का प्रकरणवार ब्‍यौरा दें। (घ) प्रश्‍नांश (क) अनुसार आत्‍महत्‍या में प्रयुक्‍त विष आदि विक्रय को रोकने के लिए क्‍या शासन स्‍तर पर कोई कार्यवाही प्रचलित है? यदि हाँ, तो विवरण दें।

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) से (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (घ) जी हाँ। विष अधिनियम 1919 तथा इसके अधीन म.प्र. शासन लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा बनाए गए मध्यप्रदेश विष (कब्जा और विक्रय) नियम 2014 के अनुसार कार्यवाही की जाती है।

लालबर्रा विकासखण्‍ड में सामूहिक नल-जल परियोजना का क्रियान्‍वयन

9. ( *क्र. 1369 ) सुश्री हिना लिखीराम कावरे : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) विषयांकित कार्य कब प्रारंभ किया गया तथा कार्य पूर्ण करने की अवधि क्‍या है? कुल कितने गांवों को पेयजल प्रदान करने की योजना है? वर्तमान में कितने गांवों को पेयजल प्रदाय किया जा रहा है? प्रमाणित जानकारी उपलब्‍ध करावें (ख) विषयांकित योजना की लागत कितनी है और किस एजेंसी से कार्य कराया जा रहा है? एजेन्‍सी के नाम, पते सहित प्रमाणिक जानकारी दें (ग) विषयांकित योजना का कितना कार्य हुआ है तथा कितना कार्य बाकी है अब तक कुल कितनी राशि का भुगतान किया गया है? (घ) किस-किस साईज़ के ह्यूम पाईप किस दर से किस फैक्‍ट्री से तथा किस प्रक्रिया के तहत खरीदा गया? ह्यूम पाईप परिवहन एवं लोडिंग अनलोडिंग में कितनी राशि व्‍यय की गयी? फैक्‍ट्री मालिक के नाम, पते सहित जानकारी दें

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) जनवरी 2011 में। जून 2017101 ग्रामों को। 61 ग्रामों को। (ख) रूपये 13001.28 लाख। जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) 80 प्रतिशत कार्य पूर्ण, 20 प्रतिशत शेष। अब तक रूपये 11638.04 लाख का भुगतान किया गया। (घ) योजना में ह्यूम पाईप का उपयोग नहीं किया गया है शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''तीन''

अज्ञात आरोपियों की गिरफ्तारी

10. ( *क्र. 1317 ) श्री यादवेन्‍द्र सिंह : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दिनांक 14.07.14 में मुद्रित ता. प्रश्‍न संख्‍या 03 (क्र. 364) के प्रश्‍नांश (क) का उत्‍तर जी हाँ थाना नागौद जिला सतना में अपराध क्र. 16/2014 की धारा 302 भ.द.वि. पंजीबद्ध किया गया है, दिया गया था जिस पर विधान सभा में चर्चा के दौरान माननीय गृह मंत्री जी द्वारा पुलिस महानिरीक्षक रीवा जोन द्वारा अतिरिक्‍त पुलिस अधीक्षक सतना के नेतृत्‍व में एक पाँच सदस्‍यीय टीम अज्ञात आरोपियों की तलाश हेतु गठित की गई थी, ऐसा कहा गया था? (ख) प्रश्‍नांश (क) यदि हाँ, तो अज्ञात आरोपियों को पकड़ने हेतु विगत दो वर्षों में क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई है? कार्यवाही संबंधित प्रतिवेदन दें (ग) क्‍या थाना प्रभारी एवं अतिरिक्‍त पुलिस अधीक्षक एवं गठित टीम के सदस्‍यों द्वारा आरोपियों से मिलीभगत होने के कारण हत्‍या के आरोपी पकड़ में नहीं आ रहे हैं? इसलिये क्‍या सी.आई.डी. जाँच कराई जायेगी? यदि हाँ, तो कब तक यदि नहीं, तो क्‍यों?

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) जी हाँ। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार(ग) जी नहीं। प्रकरण में आरोपी अज्ञात है, गठित विशेष अनुसंधान दल द्वारा प्रकरण का अनुसंधान किया जा रहा है। अतः सी.आई.डी. से जाँच कराई जाने का कोई औचित्य नहीं है।

पुलिस कर्मियों को प्रदत्‍त सुविधाएं

11. ( *क्र. 1527 ) श्री नारायण त्रिपाठी : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्तमान में प्रदेश के पुलिस कर्मचारियों-अधिकारियों को संवर्गवार क्‍या-क्‍या वेतन भत्‍ते, सुविधाएं शासन द्वारा दी जा रही हैं? क्‍या पुलिस कर्मचारियों-अधिकारियों की मैदानी ड्यूटी एवं कार्य अवधि को देखते हुए सरकार द्वारा उनके वेतन भत्‍तों व सुविधाओं में बढ़ोत्‍तरी पर विचार किया जा रहा है? (ख) वर्तमान में प्रदेश में कुल कितने पुलिस कर्मचारियों-अधिकारियों को शासकीय आवास सुविधा उपलब्‍ध है और कितनों को नहीं? पुलिस कर्मचारियों-अधिकारियों को सेवास्‍थल के समीप आवा‍सीय सुविधा उपलब्‍ध कराये जाने की क्‍या योजना है?

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार। जी नहीं। (ख) वर्तमान में प्रदेश में कुल 32794 पुलिस कर्मचारियों-अधिकारियों को शासकीय आवास सुविधा उपलब्ध है और 69978 पुलिस कर्मचारियों-अधिकारियों को शासकीय आवास सुविधा उपलब्ध नहीं है। उपलब्ध संसाधन एवं बजट की उपलब्धता को दृष्टिगत रखते हुए ''मुख्यमंत्री आवास योजना'' अंतर्गत हुडको से ऋण लेकर आगामी पाँच वर्षों में 25000 आवासों का निर्माण करने के संबंध में प्रस्तावित विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डी.पी.आर.) पर परियोजना परीक्षण समिति की बैठक दिनांक 27.02.2016 को सम्पन्न हो चुकी है। प्रस्ताव शासन स्तर पर विचाराधीन है।

परिशिष्ट - ''चार''

जबलपुर जिलांतर्गत खाद्यान्‍न का वितरण

12. ( *क्र. 1419 ) श्री अशोक रोहाणी : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जबलपुर जिले में गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले पंजीकृत कितने कार्डधारी उपभोक्‍ता हैं? इन्‍हें किस मान से कितनी-कितनी मात्रा में कौन-कौन सी खाद्यान्‍न सामग्री शक्‍कर, केरोसि‍न वितरित करने का क्‍या प्रावधान है? (ख) प्रदेश शासन ने माहवार कितनी-कितनी मात्रा में कौन-कौन सी खाद्यान्‍न सामग्री शक्‍कर, केरोसिन का आवंटन किया है एवं कितनी-कितनी मात्रा में वितरित की गई? कितने कार्डधारी उपभोक्‍ताओं को कब से राशन का वितरण नहीं किया जा रहा है एवं क्‍यों वर्ष 2015-16 से 2016-17 जून, 2016 तक की जानकारी दें? (ग) नगर निगम जबलपुर सीमान्‍तर्गत वार्डवार कार्डधारी कितने-कितने उपभोक्‍ता हैं? शासन की नई राशन वितरण नीति के तहत कितने कार्डधारी उपभोक्‍ताओं को पात्रता पर्ची जारी कर मेपिंग की गई है? इनमें से कितने उपभोक्‍ताओं को कब से राशन का वितरण नहीं किया गया है एवं क्‍यों? (घ) विधानसभा क्षेत्र केंट (जबलपुर) के तहत किन-किन वार्डों के कार्डधारी कितने-कितने उपभोक्‍ताओं को पात्रता पर्ची दी गई है एवं कितने उपभोक्‍ताओं को पात्रता पर्ची नहीं दी गई है एवं क्‍यों? पात्रता पर्ची व मेपिंग वाले कितने उपभोक्‍ताओं को कब से राशन का वितरण नहीं किया गया है एवं क्‍यों? क्‍या शासन इसकी जाँच कराकर दोषी अधिकारियों पर कार्यवाही कर राशन का वितरण कराना सुनिश्चित करेगा?

खाद्य मंत्री ( श्री ओम प्रकाश धुर्वे ) : (क) जबलपुर जिले में बी.पी.एल. श्रेणी (प्राथमिकता परिवार में शामिल) के 3,00,291 परिवार हैं। इन्‍हे प्रति माह 5 कि.ग्रा. खाद्यान्‍न प्रति सदस्‍य के मान से 1 कि.ग्रा. शक्‍कर एवं नमक प्रति परिवार के मान से तथा 4 लीटर केरोसि‍न (नगरीय क्षेत्र के गैस कनेक्‍शनधारी परिवारों को छोड़कर) प्रति परिवार के मान से उपलब्‍ध कराया जा रहा है। (ख) जबलपुर जिले को जनवरी, 2015 से जून, 2016 तक आवंटित राशन सामग्री एवं आवंटन के विरूद्ध उक्‍त अवधि में वितरित मात्रा की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। यह उल्‍लेखनीय है कि जबलपुर ग्रामीण एवं शहपुरा क्षेत्र के 'द्वार प्रदाय' योजनांतर्गत अनुबंधित परिवहनकर्ता द्वारा अनियमितता करने के फलस्‍वरूप उसे ब्‍लैक लिस्‍टेड कर अभियोजन की कार्यवाही की गई। उचित मूल्‍य दुकानों पर राशन सामग्री पहुंचाने हेतु नवीन परिवहनकर्ता की व्‍यवस्‍था करने में समय लगने के कारण उचित मूल्‍य दुकानों पर माह जून, 2016 की राशन सामग्री विलंब से प्रदाय हुई, जिसका वितरण उपभोक्‍ताओं को माह जुलाई, 2016 में कराया जाएगा। दुकान से राशन सामग्री लेने हेतु आने वाले सभी सत्‍यापित पात्र परिवारों को सामग्री का वितरण किया जा रहा है। ऐसे पात्र परिवार जो किसी कारण से किसी विशिष्‍ट माह में राशन सामग्री नहीं ले जाते हैं, उन्‍हें आगामी माह में उक्‍त राशन को प्राप्‍त करने की पात्रता है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। राष्‍ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 के अंतर्गत भारत सरकार द्वारा प्रदेश हेतु निर्धारित जनसंख्‍या एवं खाद्यान्‍न आवंटन सीमा से अधिक पात्र परिवारों का सत्‍यापन होने तथा उनके लिए अतिरिक्‍त खाद्यान्‍न आवंटन की आवश्‍यकता होने के कारण माह अप्रैल से जून, 2016 तक की अवधि में सत्‍यापित परिवारों में से बोगस एवं दोहरे परिवारों का विलोपन की कार्यवाही किए जाने के कारण उक्‍त अवधि में सत्‍यापित पात्र परिवारों को पात्रता पर्ची जारी नहीं की जा सकी थी, जिनकी पात्रता पर्ची माह जून, 2016 में जारी की गई है। इन परिवारों को भी माह जुलाई, 2016 से राशन का वितरण किया जाएगा। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-स अनुसार है। प्रश्‍नांश '' के उत्‍तर अनुसार। शेष भाग का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

छतरपुर जिलांतर्गत दूध का उत्‍पादन/खपत

13. ( *क्र. 1508 ) श्री पुष्‍पेन्‍द्र नाथ पाठक : क्या पशुपालन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) छतरपुर जिले का अनुमानित दूध उत्‍पादन एवं खपत माहवार कितनी है? माहवार कितना दूध जिले के बाहर भेजा जाता है? (ख) क्‍या दूध की खपत उसके उत्‍पादन से अधिक है? यदि हाँ, तो अतिरिक्‍त दूध कहाँ से और कैसे आता होगा? (ग) जिले में सिंथेटिक और नकली दूध और घी बनाने वाले कितने लोगों पर विगत 03 वर्षों में क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई? नकली और सिंथेटिक दूध और घी को पकड़ने हेतु विभाग द्वारा एवं अन्‍य विभाग द्वारा कब-कब कार्यवाही की गई?

पशुपालन मंत्री ( श्री अंतरसिंह आर्य ) : (क) छतरपुर जिले का वर्ष 2015-16 में माहवार औसत दुग्ध उत्पादन 26.51 हजार मेट्रिक टन रहा हैं। दुग्ध खपत से संबंधित जानकारी विभाग द्वारा संकलित नहीं की जाती है। दूध जिले के बाहर भेजे जाने संबंधित जानकारी विभाग द्वारा संकलित नहीं की जाती है। (ख) प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) खाद्य सुरक्षा एवं नियंत्रक एवं औषधि प्रशासन द्वारा छतरपुर जिले में विगत 03 वर्षों में लिए गए नमूनों में से जाँच में नकली एवं सिंथेटिक का दूध/घी नहीं पाया गया। इस संबंध में दूध एवं घी पर की गई कार्यवाही का विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है।

सूखा घोषित श्‍योपुर जिले में विशेष कार्य योजना की स्‍वीकृति

14. ( *क्र. 603 ) श्री दुर्गालाल विजय : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या सूखा घोषित श्‍योपुर जिले में (कराहल तहसील को छोड़कर) वर्तमान में भू-जल स्‍तर अत्‍यधिक गिर जाने के कारण कुल स्‍थापित हैण्‍डपम्‍पों में से आधे से अधिक हैण्‍डपम्‍प या तो सूख गये हैं या अपर्याप्‍त पानी दे रहे हैं तथा उक्‍त कारणों से जिले में पेयजल का गंभीर संकट व्‍याप्‍त है, जिलावासी व मवेशियों को पेयजल के अभाव में कई प्रकार की कठिनाईयों का सामना करना पड़ रहा है। (ख) प्रश्‍नकर्ता के परि.अता. प्रश्‍न संख्‍या 18 (क्रमांक 1490) दिनांक 16.03.2016 के प्रश्‍नांश (ग) के उत्‍तर में बताया है कि उक्‍त समस्‍या के समाधान हेतु ई.ई. पी.एच.ई. श्‍योपुर द्वारा राशि 557.50 लाख की जो विशेष कार्य योजना कलेक्‍टर श्‍योपुर के अनुमोदन उपरांत शासन को स्‍वीकृति हेतु भेजी थी, उसे शासन द्वारा केन्‍द्र सरकार को स्‍वीकृति हेतु भेजा है तो बतावें कि उक्‍त कार्य योजना को केन्‍द्र से स्‍वीकृत कराने हेतु शासन द्वारा वर्तमान तक क्‍या कार्यवाही की गई कब तक इसे स्‍वीकृत करा लिया जावेगा।

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) जी नहीं। जी नहीं। जी नहीं। (ख) जी हाँ। वर्तमान में सूखे की स्थिति समाप्त हो जाने के कारण अब प्रश्नाधीन योजना की स्वीकृति की आवश्यकता नहीं है।

गाडि़यों में अनाधिकृत रूप से लाल/पीली बत्ती का उपयोग

15. ( *क्र. 1 ) श्री महेन्द्र सिंह कालूखेड़ा : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या अशोकनगर जिलें में प्रसिद्ध भू-माफिया, खनन माफिया व राशन माफिया के परिवार के सदस्य द्वारा अपनी गाड़ियों में लाल बत्ती/पीली पत्ती लगाकर जिला पंचायत परिसर व जिलाधीश परिसर, भोपाल व जिले के गांवों में घूमते रहने की कितनी शिकायतें जिलाधीश, पुलिस व परिवहन विभाग को पिछले डेढ़ वर्ष में मिली। (ख) उन शिकायतों पर शासन ने क्या कार्यवाही की तथा लाल बत्ती/पीली बत्ती जप्त कर कितना व कब-कब जुर्माना किया?

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) जिला अशोकनगर में प्रसिद्ध भूमाफिया, खनन माफिया व राशन माफिया के परिवार के सदस्यों द्वारा अपनी गाड़ि‍यों पर लाल/पीली बत्ती लगाकर घूमने के संबंध में पुलिस विभाग को पिछले डेढ़ वर्ष में कोई शिकायती आवेदन पत्र प्राप्त नहीं हुआ है। (ख) उत्तरांश (क) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

सतना में नल-जल योजना की स्‍वीकृति

16. ( *क्र. 53 ) श्री शंकर लाल तिवारी : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकी खण्‍ड सतना द्वारा नल-जल योजना ग्राम बारीकला, लखनवार,पुरैनी, पुईधा में बनाई गई थी? यदि हाँ, तो कब स्‍वीकृत की गई? (ख) यदि स्‍वीकृत की गई तो कार्य प्रारंभ क्‍यों नहीं किया गया? कार्य प्रारंभ न होने के क्‍या कारण हैं? (ग) कार्य कब तक पूर्ण कर लिया जावेगा? विलंब के दोषी उक्‍त अधिकारी/कर्मचारियों के खिलाफ शासन/प्रशासन द्वारा कब-कब, क्या-क्‍‍या कार्यवाही की गई?

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) जी हाँ। बारीकला एवं लखनवाह योजनाएं दिनांक 10.3.15 को एवं पुरैनी तथा पुइधा योजनाएं दिनांक 15.12.14 को स्वीकृत की गईं। (ख) बारीकला, लखनवाह तथा पुइधा में उपयुक्त दरें प्राप्त न होने के कारण निविदाएं स्वीकृत नहीं की जा सकीं। पुरैनी की नल-जल प्रदाय योजना हेतु दिनांक 29.6.16 को कार्यादेश जारी कर दिया गया है। (ग) निश्चित समयावधि नहीं बताई जा सकती। कोई दोषी नहीं है, शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

बड़नगर विधानसभा क्षेत्रांतर्गत घटित आपराधिक घटनाएं

17. ( *क्र. 34 ) श्री मुकेश पण्‍ड्या : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बड़नगर विधानसभा क्षेत्र में तीन थाना क्षेत्र में वर्ष 2014-15 एवं 2015-16 में थानेवार हत्‍या, लूट, चोरी एवं चेन खींचने की कितनी घटनाएं हुईं? (ख) उज्‍जैन जिले के बड़नगर थाना क्षेत्रों में वर्ष 2014-15 एवं 2015-16 में कितने अपराधी पकड़े गये, कितनी हत्‍या, लूट, चोरी, चेन खींचने की कितनी घटना में अपराधी पकड़े गये? उनका विवरण देवें क्‍या चेन खींचने की घटना में एक भी अपराधी प्रश्‍न दिनांक तक नहीं पकड़ा गया? इसके क्‍या कारण हैं? समस्‍त थानावार जानकारी प्रदान करें

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार। चैन स्नैचिंग के 03 अपराधी पकड़े गये हैं।

परिशिष्ट - ''पाँच''

बन्‍द नल-जल योजना को चालू किया जाना

18. ( *क्र. 1009 ) श्री नरेन्‍द्र सिंह कुशवाह : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) परि.अता. प्रश्‍न संख्‍या 117 (क्रमांक 7669) दिनांक 30 मार्च 2016 में बताया गया कि बाराकलां, हारकी जमेह और कोट विद्युत अभाव के कारण नल-जल योजना बंद हैं तो प्रश्‍नांश दिनांक तक क्‍या कार्यवाही की गई? (ख) प्रश्‍नांश के अंतर्गत भिण्‍ड जिले में कौन सी बंद नल-जल योजना को चालू किया गया? क्‍या इस हेतु कोई प्रयास नहीं किये जा रहे हैं? यदि हाँ, तो क्‍यों? (ग) क्‍या वर्ष 2015-16 में नल-जल योजना में संजय शर्मा सूरजपुरा भिण्‍ड द्वारा कार्य किया गया है? यदि हाँ, तो इनका ठेकेदार का लायसेंस कब बना और क्‍या-क्‍या कार्य करवाया गया? विगत एक वर्ष में इनके द्वारा क्‍या कार्य किया गया? (घ) भिण्‍ड विधान सभा क्षेत्र की किस-किस नल-जल योजना में लाईन क्षतिग्रस्‍त है, विभाग की ओर से सुधार के क्‍या प्रयास किए जा रहे हैं? भिण्‍ड विधान सभा क्षेत्र के अंतर्गत कहाँ पर मरम्‍मत कार्य जनवरी 2012 से अभी तक किया गया?

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ग) जी हाँ। वर्ष 2011 में। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-4 अनुसार है। विभाग द्वारा पाईप लाईन सुधारने हेतु ग्राम पंचायतों को आवश्यक तकनीकी मार्गदर्शन दिया गया है। भिण्ड विधानसभा क्षेत्र में जनवरी 2012 से अभी तक नल-जल योजनाओं की पाईप लाईन का सुधार कार्य नहीं करवाया गया है।

सुवासरा विधानसभा क्षेत्र में कंजरों द्वारा की जा रही हिंसक वारदातें

19. ( *क्र. 230 ) श्री हरदीप सिंह डंग : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विगत एक वर्ष में कंजरों द्वारा सुवासरा विधानसभा क्षेत्र में कितनी वारदातों को अंजाम दिया है? (ख) सुवासरा विधानसभा क्षेत्र में यदि कंजरों द्वारा हिंसक वारदातों की अंजाम दिया है, तो नागरिकों की सुरक्षा हेतु गृह विभाग द्वारा कोई प्रभावी योजना बनाई गई हो तो बतावें? (ग) क्‍या कंजर प्रभावित ग्रामों में कंजरों ने हिंसक वारदातों को अंजाम दिया है? नागरिकों के द्वारा स्‍वयं आत्‍मरक्षा की गई है तथा शस्‍त्र लाइसेंस हेतु आवेदन दिये हैं? यदि हाँ, तो ऐसे कितने व्‍यक्ति हैं एवं आवेदन पश्‍चात् कितने व्‍यक्तियों को लाइसेंस स्‍वीकृत किये गये हैं? नाम एवं गांव सहित जानकारी दें (घ) ग्राम खेताखेड़ा, अजयपुर, कयामपुर एवं खेजड़ि‍या तथा अन्‍य गांव के कितने नागरिकों ने शस्‍त्र लाइसेंस के आवेदन किए हैं तथा कितने व्‍यक्तियों को स्‍वीकृति मिली है? एक वर्ष की जानकारी दें

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार(ख) विधानसभा सुवासरा क्षेत्र में कंजरों द्वारा हिंसक वारदात को रोकने के लिये थाना सीतामऊ क्षेत्र में चौकी साताखेड़ी, थाना सुवासरा क्षेत्र में चौकी रूनिजा, थाना श्यामगढ़ में चौकी चंदवास एवं थाना गरोठ में पुलिस सहायता केन्द्र बोलिया में पर्याप्त पुलिस बल लगाया गया है जिनसे कंजर गतिविधियों की रोकथाम एवं नागरिकों की सुरक्षा के लिए रात्रि गश्त, रोड पेट्रोलिंग, चैकिंग नियमित रूप से की जा रही है। इसके अतिरिक्त पुलिस द्वारा ग्राम रक्षा/नगर सुरक्षा समिति का गठन किया गया है तथा रक्षा समिति के सक्रिय सदस्यों की प्रतिमाह बैठक ली जाकर उनसे पुलिस कर्मियों के साथ गश्त एवं चैकिंग में सहयोग लिया जा रहा है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र तथा अनुसार है। (घ) ग्राम खेताखेड़ा, ग्राम अजयपुर, ग्राम खेजड़ि‍या में पिछले एक वर्ष में शस्त्र लायसेंस हेतु कोई आवेदन पत्र नहीं दिये गये हैं। शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र एवं अनुसार है।

आत्‍महत्‍या करने वाले कृषकों के परिवारों को आर्थिक सहायता

20. ( *क्र. 262 ) श्री सुन्‍दरलाल तिवारी : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नोत्‍तरी दिनांक 28.03.2016 में मुद्रित अता. प्रश्‍न संख्‍या 92 (क्रमांक 7036) के उत्‍तर के परिप्रेक्ष्‍य में कर्ज के बोझ से दबे जिन 3006 किसानों द्वारा आत्‍महत्‍याएं की गईं? इनके परिवार के भरण पोषण एवं जीवि‍कोपार्जन बावत सरकार द्वारा कब-कब, कौन-कौन सी कार्ययोजना तैयार कर लाभान्वित किया गया? साथ ही किसान भविष्‍य में आत्‍महत्‍या करने हेतु प्रेरित न हो इस हेतु सरकार की क्‍या कार्य योजना है? (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में आत्‍महत्‍या कर चुके किसानों के परिवार के कर्ज माफी के साथ परिवारों के भरण पोषण हेतु रोजगार उपलब्‍ध करायेंगे? यदि हाँ, तो कब तक? अगर नहीं तो क्‍यों?

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) इस संबंध में कोई योजना प्रचलित नहीं है अपितु किसान आत्महत्या के लिए मजबूर न हो, इसके लिए किसान कल्याण तथा कृषि विभाग द्वारा पाँच वर्ष में आय दोगुनी करने की कार्य योजना बनाई गई है। (ख) इस प्रकार का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।

विधानसभा क्षेत्र ब्‍यावरा अंतर्गत आंगनवाड़ी भवनों की स्‍वीकृति

21. ( *क्र. 518 ) श्री नारायण सिंह पँवार : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या प्रश्‍नकर्ता द्वारा अपने पत्र क्रमांक/11/विधायक/161/15-16 दिनांक 31 मार्च 2016 द्वारा माननीय महिला एवं बाल विकास विभाग मंत्री मध्‍यप्रदेश शासन को विधानसभा क्षेत्र ब्‍यावरा के अंतर्गत आंगनवाड़ी भवनविहीन केन्‍द्रों हेतु भवन निर्माण स्‍वीकृति प्रदान करने हेतु अनुरोध किया गया था। जिस पर माननीय मंत्री महोदय द्वारा दिनांक 04.05.2016 को आयुक्‍त एकीकृत बाल विकास सेवा भोपाल को नियमानुसार त्‍वरित कार्यवाही हेतु निर्देशित किया गया था तथा प्रश्‍नकर्ता द्वारा दिनांक 31 मार्च 2016 को इसी संबंध में प्रमुख सचिव महिला एवं बाल विकास विभाग मध्‍यप्रदेश को भी भवन निर्माण स्‍वीकृति हेतु लेख किया गया था? यदि हाँ, तो प्रश्‍न दिनांक तक प्रश्‍नकर्ता के पत्रों के परिप्रेक्ष्‍य में क्‍या कोई कार्यवाही की गई? यदि हाँ, तो बतावें? यदि नहीं, तो उक्‍त संबंध में किन कारणों से कार्यवाही किस स्‍तर पर लंबित है? (ख) प्रश्‍नांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में क्‍या आयुक्‍त एकीकृत बाल विकास सेवा भोपाल द्वारा कलेक्‍टर राजगढ़ से भवन निर्माण हेतु स्‍थल चयन, खसरा क्रमांक आदि की जानकारी चाही गई है? यदि हाँ, तो विधानसभा क्षेत्र ब्‍यावरा के किन-किन ग्रामों में आंगनवाड़ी भवन निर्माण हेतु चाही गई जानकारी प्राप्‍त हो चुकी हैशेष ग्रामों की जानकारी प्राप्‍त होने में विलम्‍ब के क्‍या कारण हैं? (ग) उपरोक्‍तानुसार क्‍या शासन विधानसभा क्षेत्र ब्‍यावरा के अंतर्गत भवनविहीन आंगनवाड़ी केन्‍द्रों हेतु भवन निर्माण की स्‍वीकृति प्रदान करेगा? यदि हाँ, तो कब तक?

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( श्रीमती अर्चना चिटनिस ) : (क) जी हाँ। विधानसभा क्षेत्र ब्‍यावरा के नगरीय क्षेत्र सुठालिया में 03 आंगनवाड़ी केन्‍द्र एवं ग्रामीण क्षेत्रों में 26 आंगनवाड़ी भवनों के निर्माण की मांग मान. विधायक द्वारा की गई है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 1 अनुसार है। इनमें से ग्रामीण क्षेत्र के 25 आंगनवाड़ी केन्‍द्रों के भवन निर्माण की स्‍वीकृति वर्ष 2016-17 में मनरेगा योजना के अभिसरण से विचाराधीन है। ग्रामीण क्षेत्र का देवलखेड़ा आंगनवाड़ी केन्‍द्र भवनविहीन नहीं है। नगरीय क्षेत्र में राज्‍य आयोजना मद से आंगनवाड़ी भवन निर्माण स्‍वीकृति की कार्य योजना विचाराधीन है। शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) प्रदेश में वर्ष 2016-17 के लिये मनरेगा योजना के अभिसरण से निर्मित होने वाले आंगनवाड़ी भवनों के परिप्रेक्ष्‍य में राजगढ़ जिले से आंगनवाड़ी भवन निर्माण हेतु स्‍थल चयन/खसरे, नक्‍शें की जानकारी चाही गई थी। जिसके अनुक्रम में राजगढ जिले से विधान सभा क्षेत्र ब्‍यावरा के लिये 93 आंगनवाड़ी भवनों के निर्माण हेतु स्‍थल चयन/खसरा नक्‍शा की जानकारी प्राप्‍त हुई है, विस्‍तृत जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 2 अनुसार है। शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) वर्ष 2016-17 में मनरेगा योजना के अभिसरण से (गैर आई.पी.पी.ई. विकासखंड अंतर्गत) आंगनवाड़ी भवन निर्माण की योजना विचाराधीन है। आंगनवाड़ी भवनों का निर्माण वित्‍तीय संसाधनों की उपलब्‍धता पर निर्भर करता है। अत: समय-सीमा दिया जाना संभव नहीं है।

आंगनवाड़ी केन्‍द्रों में टेकहोम राशन का प्रदाय

22. ( *क्र. 487 ) श्री संजय उइके : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या प्रदेश के आंगनवाड़ी केन्‍द्रों में टेकहोम राशन एम.पी. एग्रो इण्‍डस्‍ट्रीज डेवलपमेंट कॉर्पो.लि. के माध्‍यम से प्रदाय किया जा रहा है? (ख) यदि हाँ, तो वित्‍तीय वर्ष 2013-14 से प्रश्‍न दिनांक तक किस-किस एजेन्‍सी द्वारा कहाँ-कहाँ, किस-किस दर पर प्रदाय कराया जा रहा है?

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( श्रीमती अर्चना चिटनिस ) : (क) जी हाँ। (ख) एम.पी. एग्रो इण्डस्ट्रीज डेवलपमेंट कार्पो.लि. द्वारा स्वयं के जिला रायसेन में स्थापित-01 बाड़ी संयंत्र तथा संयुक्त क्षेत्र उपक्रम के रूप में मण्डीदीप-जिला रायसेन में स्थापित 02 संयंत्र तथा जिला इन्दौर में स्थापित 01 संयंत्र के माध्यम से टेकहोम राशन का प्रदाय प्रदेश की समस्त 453 बाल विकास परियोजनाओं में किया जाता है। टेकहोम राशन के रूप में प्रदाय खाद्य सामग्री की मात्रा एवं दर की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है।

परिशिष्ट - ''छ:''

हुसैन टेकरी शरीफ पर सुरक्षा व्‍यवस्‍था

23. ( *क्र. 1226 ) डॉ. राजेन्‍द्र पाण्‍डेय : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या हुसैन टेकरी शरीफ काफी पुराना धार्मिक स्‍थान होकर यहां वर्ष भर में लाखों श्रद्धालुओं का आना-जाना बना रहता है? (ख) साथ ही क्‍या देशभर के साथ ही विदेशों से भी कई श्रद्धालु समय-समय पर यहां आते रहते हैं तथा धर्म आराधना के साथ ही विभिन्‍न व्‍याधियों, रोगों का उपचार भी यहां पर रूक कर लेते हैं? (ग) यदि हाँ, तो क्‍या एक दो सप्‍ताह से लेकर कई वर्षों तक संबंधित धर्मालुओं का वहां पर लगातार रूक जाना (आवासीय रूप से रहना) भी हो जाता है? (घ) यदि हाँ, तो विगत कई वर्षों से लंबे समय से देश भर एवं विदेशों से आए कई व्‍यक्ति, परिवार यहीं रहने लगते हैं, तो क्‍या शासन/विभाग ऐसे अपरिचित व्‍यक्तियों, परिवारों को चिन्हित कर पहचाने जाने हेतु एवं उन्‍हें सूचीबद्ध किये जाने हेतु कुछ करता है? यदि हाँ, तो क्‍या?

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) से (ग) जी हाँ। (घ) थाना प्रभारी एवं वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा समय-समय पर आकस्मिक चैकिंग की जाकर पहचान पत्र लिया जाकर तस्दीक की जाती है एवं संदिग्ध व्यक्ति पाये जाने पर एस.एस. रोल जारी कर संबंधित थाने से तस्दीक कराई जाती है। हुसैन टेकरी परिसर में स्थित होटल, लॉज मुसाफिर खाना संचालकों को समय-समय पर मुसाफिरों की जानकारी थाना एवं चौकी प्रभारी को प्रतिदिन का लेखा जोखा दिये जाने हेतु एवं सी.सी.टी.वी. कैमरों की मदद से मुसाफिर/श्रद्धालुओं पर निगाह रखी जाती है। विदेशी श्रद्धालुओं के आगमन पर होटल लॉज संचालकों द्वारा सी फार्म भरे जाते हैं एवं जिला स्तर पर इसकी मानीटरिंग की जाती है। इसके लिये होटल, लॉज सराय के मैनेजरों को समय-समय पर जिला स्तर पर प्रशिक्षण भी दिया जाता है।

आंगनवाड़ी भवनों में बाउण्‍ड्रीवाल का निर्माण

24. ( *क्र. 1555 ) श्री रजनीश सिंह : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) राज्‍य में जबलपुर संभाग के अंतर्गत कितने आंगनवाड़ी (भवन) केन्‍द्र संचालित हैं? जिलेवार सूची देवें (ख) वर्तमान में कितने और आंगनवाड़ी भवन निर्माण हेतु शासन के पास प्रस्‍तावित हैं? या लंबित हैं? (ग) विधान सभा क्षेत्र केवलारी 116 के अंतर्गत कितने आंगनवाड़ी केन्‍द्र बाउण्‍ड्री विहीन हैं? सूची उपलब्‍ध करावें बाउण्‍ड्री विहीन आंगनवाड़ी केन्‍द्रों में कब तक बाउण्‍ड्रीवाल का निर्माण कराया जाना है?

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( श्रीमती अर्चना चिटनिस ) : (क) जबलपुर संभाग के अंतर्गत कुल 16839 आंगनवाड़ी केन्द्र संचालित हैं। जिनमें से 8861 आंगनवाड़ी केन्द्र विभागीय भवनों में, 4824 आंगनवाड़ी केन्द्र किराये के भवनों में एवं 3154 आंगनवाड़ी केन्द्र अन्य शासकीय भवनों में संचालित हैं। जिलेवार सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 1 अनुसार है। (ख) जबलपुर संभाग अन्तर्गत वर्तमान में वर्ष 2016-17 में मनरेगा योजना के अभिसरण से आई.पी.पी.ई. विकास खंडों में कुल 1001 आंगनवाड़ी भवनों की स्वीकृति जारी की जा चुकी है। जबलपुर संभाग के मनरेगा योजना के अभिसरण से (आई.पी.पी.ई./गैर आई.पी.पी.ई. विकास खंड में) कुल 1372 आंगनवाड़ी केन्द्रों के लिये आंगनवाड़ी भवन निर्माण के प्रस्ताव प्राप्त हुये हैं। जिसकी स्वीकृति वर्ष 2016-17 में दी जाना विचाराधीन है। सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 2 अनुसार है। (ग) सिवनी जिले में बाउंड्रीवाल युक्त 735 आंगनवाड़ी भवन संचालित हैं। विधानसभा केवलारी 116 के अन्तर्गत 223 आंगनवाड़ी भवन निर्मित किये गये हैं जिसमें से 154 भवन बाउंड्रीवाल युक्त एवं 69 आंगनवाड़ी भवन बाउंड्रीवाल विहीन हैं। बाउंड्रीवाल विहीन आंगनवाड़ी भवनों की सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 3 अनुसार है। आंगनवाड़ी भवनों के बाउंड्रीवाल का निर्माण वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता पर निर्भर करता है। अतः समय-सीमा दिया जाना संभव नहीं है।

शासकीय उचित मूल्‍य की दुकानों से केरोसि‍न का प्रदाय

25. ( *क्र. 1515 ) श्री सुरेन्‍द्र सिंह बघेल : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या म.प्र. में शासकीय उचित मूल्‍य की दुकान से ए.पी.एल. कार्डधारियों को केरोसि‍न प्रदाय बंद कर दिया गया है? (ख) यदि हाँ, तो उनके लिये केरोसिन उपलब्‍धता के लिये शासन द्वारा क्या व्‍यवस्‍था की गई है? (ग) क्‍या प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्र के ए.पी.एल. कार्ड धारियों को उपयोग हेतु केरोसि‍न आसानी से उपलब्‍ध हो रहा है? यदि नहीं, तो उनके लिये शासन कुछ उपाय करेगा? यदि हाँ, तो क्‍या?

खाद्य मंत्री ( श्री ओम प्रकाश धुर्वे ) : (क) प्रदेश में दिनांक 01 मार्च, 2014 से राष्‍ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के प्रावधान लागू होने के पश्‍चात ए.पी.एल. नाम की कोई श्रेणी प्रचलन में नहीं है। (ख) जी, नहीं। ऐसे परिवार जो राष्‍ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत पात्रता श्रेणी में नहीं आते हैं या पृथक से केरोसि‍न क्रय करना चाहते हैं, उनके लिये राज्‍य सरकार ने उचित मूल्‍य दुकानों के माध्‍यम से गैर-पी.डी.एस. केरोसि‍न 6 जिलों-इन्‍दौर, भोपाल, सीहोर, जबलपुर, खण्‍डवा एवं सिवनी में उपलब्‍ध कराये थे, परन्‍तु मांग के अभाव में उसका वितरण उपभोक्‍ताओं को नहीं हो सका। संशोधन पश्‍चात गैर-पी.‍डी.एस. केरोसि‍न की आपूर्ति के क्रियाकलाप, विपणन, व्‍यवसाय या वाणिज्‍य की गतिविधियों को केरोसि‍न (उपयोग पर निर्बन्‍धन और अधिकतम कीमत नियतन) आदेश, 1993 के प्रावधानों से मुक्‍त किया गया है। अब कोई भी व्‍यक्ति मध्‍यप्रदेश केरोसि‍न व्‍यापारी नियंत्रण आदेश, 1979 के तहत अनुज्ञप्ति प्राप्‍त कर गैर-पी.डी.एस. केरोसि‍न का व्‍यवसाय कर उपभोक्‍ताओं को केरोसि‍न उपलब्‍ध करा सकता है। (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के उत्‍तर के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

 

 

 







 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

Top of Form

भाग-2

नियम 46 (2) के अंतर्गत अतारांकित प्रश्नोत्तर के रुप में परिवर्तित तारांकित प्रश्नोत्तर


अथाईखेड़ा में शासकीय भूमि पर अतिक्रमण

1. ( क्र. 12 ) श्री महेन्द्र सिंह कालूखेड़ा : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) 26 फरवरी 2016 प्रश्न संख्या 2 क्रं. 17 के संदर्भ में बताएं कि नरेश जिलाबदर की कार्यवाही व शासकीय भूमि पर अथाईखेड़ा में भवन बनाना व तहसीलदार के भवन निर्माण के बाद भी पुलिस की जाँच में निर्माण नहीं रोकने व सीढ़ियों का बनना पाये जाने के बाद क्या कार्यवाही अभी तक हुई है? (ख) आत्म समर्पित अकु, छोटेसिंह भदौरिया ने बिना जिलाधीश की अनुमति के पट्टे की भूमि राजेन्द्र व बाद में अजय प्रताप को रजिस्ट्री कर शहर से 1 किलोमीटर दूर थी पर उसे जाल-साजी कर अथाईखेड़ा बस स्टैण्ड के पास बताकर तथा वहां भी अतिक्रमण कर भवन बनाने की शिकायत जो पुलिस में की थी व पुलिस ने जाँच भी की उसके बाद अभी तक क्या कार्यवाही हुई है, विवरण दें?

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) नरेश सिंह यादव पिता रघुवीर सिंह यादव के विरूद्ध दिनांक 27.05.2013 को थाना बहादुरपुर के द्वारा जिला बदर का प्रस्ताव भेजा गया था जिसे जिला दण्डाधिकारी, अशोकनगर द्वारा प्रकरण सारहीन होने से दिनांक 29.11.2014 को निरस्त किया गया है। यह सही है कि ग्राम अथाईखेड़ा के भूमि सर्वे क्रमांक 696/1 रकवा एक हेक्टेयर में नरेश सिंह यादव द्वारा अतिक्रमण की शिकायत प्राप्त होने पर अनुविभागीय अधिकारी राजस्व मुंगावली द्वारा सीमांकन होने तक निर्माण पर रोक लगाई थी जिसके आधार पर नायब तहसीलदार मुंगावली के आदेशानुसार थाना प्रभारी बहादुरपुर एवं पटवारी द्वारा मौके पर जाकर निर्माण कार्य रूकवाया था। अनुविभागीय अधिकारी राजस्व मुंगावली द्वारा पारित आदेश संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। वर्तमान में पुनः निर्माण कार्य जारी होना पाये जाने पर प्रश्नाधीन भूमि सर्वे क्र. 696/1 में अतिक्रमण का प्रकरण राजस्व मण्डल ग्वालियर में प्रचलित है। (ख) प्रकरण सिविल प्रकृति का होना पाया गया है। प्रकरण राजस्व मण्डल ग्वालियर में प्रचलित है।

परिशिष्ट - ''सात''

संविदा हैण्‍ड पम्‍प मैकेनिकों का E.P.F. कटौत्रा

2. ( क्र. 81 ) श्री गिरीश भंडारी : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या म.प्र. में नियुक्‍त एक हजार (1000) संविदा हैण्‍ड पम्‍प मैकेनिकों को वर्तमान में शासन के नियमानुसार E.P.F. कटौत्रा का प्रावधान है? यदि हाँ, तो संविदा हैण्‍ड पम्‍प मैकेनिकों का E.P.F. कटौत्रा कब से किया जावेगा? (ख) सन् 2010 से नियुक्‍त संविदा हैण्‍ड पम्‍प मैकेनिकों को वर्तमान में क्‍या पारिश्रमिक दिया जा रहा है? दिया जा रहा पारिश्रमिक उच्‍च कुशल का है? यदि नहीं, तो 1000 संविदा हैण्‍ड पम्‍प मैकेनिकों को उच्‍च कुशल के मान से न्‍यूनतम वेतन कब से दिया जावेगा?

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) जी नहीं। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता। (ख) राशि रूपये 65/- प्रति हैण्डपंप प्रतिमाह की दर से अधिकतम 100 हैण्डपंप हेतु रूपये 6500/- का मानदेय दिया जा रहा है। मानदेय किये जा रहे कार्य की दर के आधार पर होने के कारण शेष का प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता।

पोषण आहार वितरण

3. ( क्र. 86 ) श्री हरवंश राठौर : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) पोषण आहार वितरण के लिए किस प्रकार की शहरी क्षेत्र में प्रक्रिया है और कितने-कितने वर्षों के लिए रहती है? (ख) सागर जिले में पोषण आहार वितरण के लिए एक स्‍थानीय संस्‍था द्वारा कितने आंगनवाड़ी केन्‍द्रों पर पोषण आहार प्रदाय किया जा रहा है एवं नियम क्‍या है? (ग) प्रश्‍नांश (ख) संस्‍था को प्रश्‍न दिनांक तक कब-कब पोषण आहार वितरण के टेण्‍डर जारी किए गए है? (घ) क्‍या इस संबंध में कार्यालय जिला कार्यक्रम अधिकारी अधिकारी एकीकृत बाल सेवा जिला सागर द्वारा पोषण आहार वितरण के संबंध में मार्गदर्शन चाहा है एवं शासन स्‍तर से क्‍या मार्गदर्शन दिया गया है? मार्गदर्शन की प्रति उपलब्‍ध कराई जाए।

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( श्रीमती अर्चना चिटनिस ) : (क) शहरी क्षेत्र की बाल विकास परियोजनाओं में जिला स्तर पर स्थानीय संस्थाओं स्व-सहायता समूह/महिला मण्डल के माध्यम से पूरक पोषण आहार व्यवस्था संचालित की जाती है। पोषण आहार वितरण व्यवस्था कितने वर्षों के लिए रहती है इसकी कोई समय-सीमा निर्धारित नहीं है। (ख) सागर जिले में प्रदाय कर रहे स्व-सहायता समूह/महिला मण्डल की सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। पूर्व से कार्यरत एवं क्रियाशील स्व-सहायता समूह/महिला मण्डल को समय-समय पर उनकी कार्य क्षमता, आर्थिक स्थिति अनुसार कम से कम 50 आंगनवाड़ी केन्द्रों पर पोषण आहार प्रदाय कार्य दिये जाने के निर्देश है। निर्देशों की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। (ग) प्रश्‍नांश के संबंध में वर्तमान में प्रश्‍न दिनांक तक पोषण आहार व्यवस्था हेतु टेंडर जारी नहीं किये गये। पूर्व में विभाग के आदेश पत्र क्रमांक/एफ-3-21/07/50-2 भोपाल दिनांक 27.03.08 के निर्देश के परिपालन में दिनांक 20.06.08 को स्व-सहायता समूहो/महिला मण्डलों से पोषण आहार प्रदाय हेतु 11 ग्रामीण एवं 2 शहरी परियोजनाओं हेतु आवेदन आमंत्रित किये गये थे। (घ) जी हाँ। मार्गदर्शन की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है।

 

 

एकीकृत महिला बाल विकास परियोजना अधिकारी द्वारा अनियमितता की जाना

4. ( क्र. 124 ) श्रीमती चन्‍दा सुरेन्‍द्र सिंह गौर : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या पलेरा में पदस्‍थ परियोजना अधिकारी द्वारा अपनी मनमर्जी से महिला बाल विकास समिति पलेरा में सदस्‍य मनोनीत कर लिया है जबकि जनपद अध्‍यक्ष द्वारा उक्‍त सदस्‍य को नामित किया जाता परन्‍तु जनपद अध्‍यक्ष द्वारा जिसे नामित किया गया था उसे परियोजना अधिकारी ने समिति में नहीं रखा? क्‍या इसकी जाँच करायेंगे? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो कारण स्‍पष्‍ट करें? (ख) क्‍या परियोजना अधिकारी शासन में लगे किराये के वाहन से अपने निजी उपयोग में छतरपुर घर लेकर जाते हैं, जिसका संपूर्ण रिकार्ड टोल बूथ पर उपलब्‍ध है? इसकी जाँच करायेंगे? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्‍यों? (ग) क्‍या परियोजना अधिकारी द्वारा क्षेत्र में किसी प्रकार की योजनाओं की देख-रेख नहीं की जाती है और सांझा चूल्‍हा जैसी योजना बंद हो गई है और ऑडिट के नाम पर एवं घूस के नाम पर कार्यकर्ताओं सहायिकाओं से राशि वसूली की जा रही है? ऐसे परियोजना अधिकारी के विरूद्ध जाँच करायेंगे? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्‍यों?

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( श्रीमती अर्चना चिटनिस ) : (क) एकीकृत बाल विकास परियोजना पलेरा में पदस्थ परियोजना अधिकारी द्वारा आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं/ सहायिकाओं की नियुक्ति हेतु माननीय जनपद अध्यक्ष द्वारा श्रीमती कलावती अहिरवार को समिति की बैठक में उपस्थित रहने हेतु नामांकित किया गया था। परन्तु परियोजना अधिकारी बाल विकास परियोजना के द्वारा जानकारी दी गई है कि समिति की बैठक आहूत करते समय नामांकित प्रतिनिधि श्रीमती कलावती अहिरवार के स्थान पर लिपिकीय त्रुटिवश श्रीमती रामरती अहिरवार का नाम अंकित कर सूचना जारी हो गई। त्रुटि संज्ञान में आने पर परियोजना अधिकारी के पत्र क्रमांक 667 दिनांक 14.11.2015 द्वारा माननीय जनपद अध्यक्ष द्वारा नामित सदस्य श्रीमती कलावती अहिरवार को बैठक में उपस्थित होने हेतु पत्र जारी किया गया। दिनांक 16.11.2015 को खण्ड स्तरीय चयन समिति की बैठक में समस्त शासकीय सदस्य (अध्यक्ष) अनुविभागीय अधिकारी राजस्व जतारा, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत पलेरा (सदस्य) परियोजना अधिकारी बाल विकास परियोजना पलेरा (सदस्य सचिव) उपस्थित हुये। इसके अतिरिक्त समिति में नामांकित अशासकीय सदस्य बैठक में उपस्थित नहीं हुयें। चूंकि त्रुटि संज्ञान में आने पर सुधार कर लिया गया था तथा माननीय अध्यक्ष के द्वारा नामांकित सदस्य के स्‍थान पर अन्य सदस्य ने बैठक में भाग नहीं लिया इसलिए किसी प्रकार का नियमों का उल्लंघन नहीं होने से जाँच का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) परियोजना हेतु अनुबंधित वाहन का उपयोग शासकीय कार्यों के संपादन में किया जा रहा हैं। अनुबंधित वाहन का निजी उपयोग अथवा छतरपुर नहीं ले गये हैं। इस बात की पुष्टि वाहन की लॉक बुक से होती हैं। वाहन के उपयोग की पुष्टि लॉगबुक से होने से अन्य जाँच की आवश्यकता नहीं हैं। (ग) परियोजना अधिकारी पलेरा द्वारा परियोजना अंतर्गत संचालित सभी आंगनवाड़ी केन्द्रों का सतत् निरीक्षण कर शासन स्तर से चलाई जा रही सभी योजनाओं का नियमानुसार क्रियान्वयन कराया जा रहा है। पलेरा परियोजना के 227 आंगनवाड़ी केन्द्रों में 165 स्व सहायता समूहों द्वारा नाश्ता एवं भोजन वितरण किया जा रहा है। ऑडिट के नाम पर एवं घूस के नाम पर कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं से राशि वसूलने संबंधी कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। शिकायत प्राप्त नहीं होने से जाँच का प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता।

वन समितियों द्वारा खाद्यान्‍न का उठाव

5. ( क्र. 125 ) श्रीमती चन्‍दा सुरेन्‍द्र सिंह गौर : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या वन समिति लिधौरा का परिक्षेत्र कंदवा, बल्‍देवपुरा, मुहारा आदि ग्रामों में नहीं आता है तथा वन समिति लिधौरा द्वारा अनुविभागीय अधिकारी राजस्‍व को पत्र भी लिखकर दिया गया था कि मेरी वन समिति द्वारा खाद्यान्‍न का उठाव नहीं कर रही है? फिर भी नियम के तहत कंदवा, मुहारा, बल्‍देवपुरा के राशन का उठाव किया जा रहा है और कालाबाजारी भी की जा रही है? क्‍या इसकी जाँच करायेंगे? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो कारण स्‍पष्‍ट करें? (ख) क्‍या कालाबाजारी की जाँच करायेंगे और दोषी पाये जाने वाले कर्मचारी के विरूद्ध कानूनी कार्यवाही करेंगे? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो कारण स्‍पष्‍ट करें?

खाद्य मंत्री ( श्री ओम प्रकाश धुर्वे ) : (क) प्राथमिक वनोपज सहकारी समिति मर्यादित, लिधौरा के परिक्षेत्र में कंदवा एवं बल्‍देवपुरा ग्राम नहीं आते हैं, परन्‍तु ग्राम मुहारा उक्‍त समिति के परिक्षेत्र में आता है। जी हाँ, वन समिति, लिधौरा के तत्‍कालीन अध्‍यक्ष श्री कूरे द्वारा दिनांक 30.09.2012 को अनुविभागीय अधिकारी जतारा को इस आशय का शपथ पत्र पेश किया गया था कि वह फतेह का खिरक, पैतपुरा, कछियागुडा, चंदेरा एवं बराना की शासकीय उचित मूल्‍य दुकानों को छोड़कर कोई भी दुकान चलाना नहीं चाहता है। पुन: उक्‍त समिति के अध्‍यक्ष एवं प्रबंधक द्वारा दिनांक 04.10.2012 को संयुक्‍त रूप से आवेदन पत्र प्रस्‍तुत किया गया कि वे समिति लिधौरा की कोई भी दुकान चलाना नहीं चाहते हैं। उक्‍त शपथ पत्र एवं आवेदन पत्र के आधार पर सक्षम अधिकारी ने शासकीय उचित मूल्‍य दुकानों कंदवा, बल्‍देवपुरा एवं मुहारा सहित अन्‍य उचित मूल्‍य दुकानों को उक्‍त वन समिति से पृथक करके सेवा सहकारी समिति, लिधौरा को आवंटित कर दी। उक्‍त आदेश से व्‍यथित होकर तत्‍कालीन अध्‍यक्ष एवं विक्रेता द्वारा माननीय उच्‍च न्‍यायालय के समक्ष याचिका क्रमांक 686/2013 एवं 879/2013 दायर की गई, जिसमें क्रमश: दिनांक 21.01.2013 एवं 17.01.2013 को माननीय न्‍यायालय द्वारा स्‍थगन आदेश पारित किया गया है। उक्‍त स्‍थगन आदेश के पालन में उक्‍त वन समिति द्वारा कंदवा, बल्‍देवपुरा एवं मुहारा की उचित मूल्‍य दुकान का संचालन किया जा रहा है। उचित मूल्‍य दुकान से कालाबाजारी किये जाने संबंधी कोई तथ्‍य प्रकाश में नहीं आया है। शिकायत प्राप्‍त होने पर नियमानुसार कार्यवाही की जायेगी। (ख) शिकायत प्राप्‍त होने पर नियमानुसार जाँच एवं कार्यवाही की जायेगी। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

गुमशुदा एवं अपहृतों की पताशाजी व कार्यवाही

6. ( क्र. 150 ) कुँवर सौरभ सिंह : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जबलपुर संभाग के अंतर्गत वर्ष 2015 से प्रश्‍न दिनांक तक कितने बच्‍चे/बालिका के गुमशुदगी की रिपोर्ट पुलिस थाने में दर्ज कराई गई है, उनके नाम, पते गुमशुदगी का दिनांक सहित थानावार विवरण दें? (ख) प्रश्‍नांश (क) के गुम हुए व्‍यक्तियों में से किन-किन को पुलिस द्वारा खोजबीन कर बरामद किया गया, उनके नाम पते सहित थानावार विवरण दें? शेष को बरामद क्‍यों नहीं किया गया उसके क्‍या कारण हैं, थानावार बताएं? (ग) प्रश्‍नांश (क) की अवधि में कटनी जिले में लड़की/महिलाओं के अपहरण व भगाकर ले जाने के कितने प्रकरण थाने में दर्ज है? कितने प्रकरणों में अपराधी पकड़े गये एवं न्‍यायालय में चालान पेश किया गया तथा कितने ऐसे प्रकरण में जिनमें पताशाजी नहीं हो सकी व अपराधी नहीं पकड़े जा सके प्रकरणवार, कार्यवाहीवार एवं थानावार विवरण दें?

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) जबलपुर संभाग के अंतर्गत वर्ष 2015 से प्रश्न दिनांक तक कुल 1940 बालक/बालिकाओं की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। प्रश्नांश की विस्तृत जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) प्रश्नांश की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' में समाहित है। (ग) कटनी जिले के थानों पर बालिकाओं एवं महिलाओं के अपहरण के कुल 157 अपराध पंजीबद्ध किये गये हैं। प्रश्नांश की शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है।

अनाज पात्रता पर्ची का विवरण

7. ( क्र. 172 ) श्री दिलीप सिंह शेखावत : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता के विधान सभा क्षेत्र नागदा-खाचरौद में कुल कितने सूखा पीडि़त किसानों को खाद्यान्‍न पात्रता पर्ची का वितरण कर दिया गया है एवं कितने सूखा पीडि़त किसानों को विभाग द्वारा खाद्यान्‍न पर्ची का वितरण किया जाना शेष है? पर्ची वितरण नहीं होने का कारण भी बतावे? (ख) इसके लिए कौन-कौन दोषी है? दोषियों पर क्‍या कार्यवाही की जा रही है?

खाद्य मंत्री ( श्री ओम प्रकाश धुर्वे ) : (क) विधानसभा क्षेत्र नागदा-खाचरौद में सूखे के कारण 50 प्रतिशत से अधिक फसल क्षति वाले 5,259 प्रभावित किसानों को पात्रता पर्ची (ई-राशनकार्ड) जारी कर दी गई हैं, जिनका वितरण प्रचलित है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) प्रश्‍नांश (क) के उत्‍तर के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

सामुदायिक ग्राम नल-जल योजना

8. ( क्र. 173 ) श्री दिलीप सिंह शेखावत : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या नागदा-खाचरौद विधान सभा में भूजल स्‍तर लगातार गिरते जा रहा है एवं कई ग्रामों में 1000 फिट ट्यूबवेल खनन करने पर भी पानी नहीं निकल रहा है एवं जहां निकल रहा है वह पीने योग्‍य नहीं है? साथ ही इससे गंभीर बीमारियों का खतरा बना रहता है? (ख) क्‍या प्रश्‍नकर्ता के विधान सभा क्षेत्र में चंबल, बागेडी, मलिनी एवं कुदेल नदी एवं कई बड़े तालाब है? (ग) क्‍या भविष्‍य में सामूहिक ग्राम नल-जल योजना बनाने पर विचार चल रहा है? यदि हाँ, तो प्रश्‍नकर्ता के विधान सभा क्षेत्र को इसमें जोड़ा जावेगा? यदि नहीं, बनी है तो इस कब तक बना ली जावेगी?

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) जी नहीं। जी नहीं। जी नहीं। जी नहीं। (ख) जी हाँ। (ग) जी हाँ। जी हाँ। निश्चित समय-सीमा नहीं बताई जा सकती।

कर्रापुरा आवर्धन नल-जल प्रदाय योजना

9. ( क्र. 195 ) इन्जी. प्रदीप लारिया : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या कर्रापुर आवर्धन योजना मुख्‍यमंत्री की घोषणा क्र. 1286/कजम/26.01.2013 को की गई थी एवं आदेश पृष्‍ठ क्र. 3386/1071/2013 को की गई थी एवं उक्‍त आवर्धन योजना की स्‍वीकृति में विलंब का क्‍या कारण है? (ख) कार्यालय प्रमुख अभियंता लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकी भोपाल द्वारा भी निविदा दर स्‍वीकृति के संबंध में पत्र क्र./2586/मोनि./प्र.अ./लो.स्‍वा.यां.वि./16/भोपाल दिनांक 31.03.16 को निविदा स्‍वीकृति दर जारी करने के संबंध में पत्र जारी किया था। अधिनस्‍थ कार्यालय द्वारा पत्र के संबंध में क्‍या कार्यवाही की गई? (ग) कर्रापुर आवर्धन नल-जल योजना प्रदाय योजना की प्रशासकीय स्‍वीकृति कब तक जारी की जावेगी एवं नल-जल योजना का कार्य कब प्रारंभ कराया जावेगा?

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) जी हाँ, जी हाँ। स्वीकृति में विलंब नहीं हुआ है। (ख) जी हाँ। निविदा स्वीकृति की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। (ग) योजना की प्रशासकीय स्वीकृति जारी हो चुकी है एवं निविदा स्वीकृति पश्चात् नल-जल योजना के कार्य प्रारंभ करवाये जायेंगे। निश्चित समयावधि नहीं बताई जा सकती।

सायबर क्राईम की रोकथाम हेतु कार्य योजना

10. ( क्र. 206 ) श्री यशपालसिंह सिसौदिया : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रदेश में सायबर क्राइम लगातार बढ़ रहा है जिसमें मुख्य रूप से फर्जी बैंक अधिकारी बनकर डेबिट व क्रेडिट कार्ड से संबधित गोपनीय जानकारी ग्राहकों से प्राप्त करना, फर्जी बीमा अधिकारी बनकर लोन के नाम पर विभिन्न संदिग्ध बैंक खातों में रूपये प्राप्त करना, लाटरी खुलने की झूठी सूचना देकर एवं नौकरी देने के फर्जी विज्ञापन देकर विभिन्न प्रकार के चार्ज वसूलने के नाम पर विभिन्न खातों में स्थित खातों में रूपये प्राप्त करना, एक्स्प्रोटर व्यापारी को विदेशी ग्राहक के फर्जी ई-मेल भेज कर विदेशो में स्थित खातों में रूपये प्राप्त करना, फेस बुक वाट्सअप एवं सोशल साइट्स पर झूठे भ्रामक अश्लील फोटो विडियो भेजना आदि है? इस तरह के सायबर अपराध के कितने प्रकरण प्रदेश में दर्ज है? (ख) क्या राज्य में सायबर क्राइम के प्रभावी अनुसंधान के लिए राज्यस्तरीय एक क्राइम पुलिस स्टेशन का गठन किया गया है? यदि हाँ, तो इस पुलिस स्टेशन ने कब से कार्य प्रारम्भ कर दिया है तथा प्रारंभ दिनांक से कितने प्रकरणों का निराकरण कर कितनों के खिलाफ केस दर्ज किया गया? (ग) क्या राज्य स्तर पर ए.टी.एस एवं एस.ओ.जी. दवारा भी महत्वपूर्ण एवं अतिसंवेदनशील सायबर अपराधों का अनुसंधान किया जाता है? यदि हाँ, तो कौन-कौन से अपराध का अनुसंधान किया गया?

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) सायबर क्राइम के 829 प्रकरण पंजीबद्ध किये गये हैं। (ख) जी हाँ। प्रदेश में वर्ष 2012 में भोपाल शहर में सायबर सेल व सायबर थाना का गठन किया गया था जिसकी अधिकारिता पूरे प्रदेश में रखी गयी है। सायबर अपराधों पर बेहतर नियंत्रण हेतु प्रदेश के बड़े नगरों इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर एवं उज्जैन में सायबर जोनल कार्यालय खोले जाकर वर्तमान में कार्य संचालित किया जा रहा है। वर्ष 2012 से वर्तमान तक सायबर एवं उच्च तकनीकी अपराध थाना भोपाल में पंजीबद्ध 829 प्रकरणों में से अभी तक 192 प्रकरणों में आरोपीगणों को गिरफ्तार कर उनके विरूद्ध न्यायालय में चालान प्रस्तुत किया गया है। (ग) राज्य स्तर पर ए.टी.एस. एवं एस.टी.एफ. क्रमशः से आतंकवाद से संबंधित एवं संगठित अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण बनाये हुये है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

हैण्‍डपंपों के सुधार कार्य

11. ( क्र. 223 ) श्री महेन्‍द्र सिंह : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) गुनौर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत हैण्‍डपंप सुधारने हेतु वर्ष 2015-16 से प्रश्‍न दिनांक तक किस ठेकेदार को कितनी राशि प्रदाय की गई? जनपदवार बतावें। (ख) प्रश्‍नांश (क) के संबंध में संबंधित ठेकेदार द्वारा क्‍या-क्‍या सुधार कार्य किए गए? ग्रामवार बताएं। (ग) क्‍या पूर्व में चल रहे हैण्‍डपंप जो गर्मियों में जलस्‍तर नीचे चले जाने के कारण बंद हो गये थे, उनमें पाईप लाईन डालने की बजाय ठेकेदार को हैण्‍डपंप उखाड़ने के आदेश दिये गये हैं? यदि हाँ, तो गुनौर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत वर्ष 2015-16 से प्रश्‍न दिनांक तक किन-किन ग्रामों के कितने हैण्‍डपंप उखाड़े गये है? ग्रामवार सूची उपलब्‍ध करावें। (घ) प्रश्‍नांश (ग) के अनुसार यदि हैण्‍डपंप उखाड़ने के आदेश नहीं दिए गए है, तो ठेकेदार व इस कदाचार में संलिप्‍त दोषी अधिकारी एवं कर्मचारियों के विरूद्ध क्‍या और कब तक कार्यवाही की जावेगी?

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ग) जी नहीं। शेष प्रश्नांश उपस्थित ही नहीं होता। (घ) उत्तरांश- के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता।

 

 

मंदसौर जिले में ट्यूबवेल खनन

12. ( क्र. 231 ) श्री हरदीप सिंह डंग : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) मंदसौर जिले में विभाग द्वारा 01 जनवरी, 2016 से प्रश्‍न दिनांक तक कितने ट्यूबवेल खनन की स्‍वीकृति प्रदान की गई है? (ख) जिले की चारों विधानसभा क्षेत्रों में कितने-कितने नलकूप खनन हेतु विभाग द्वारा आदेश दिए गए संख्‍या बतावें? (ग) 01 जनवरी, 2016 से प्रश्‍न दिनांक तक कितने ट्यूबवेल खनन गरोठ, सुवासरा, मंदसौर, मल्‍हारगढ़ में हो चुके गांव एवं स्‍थान बतावें? (घ) मंदसौर जिले में पेयजल परिवहन करने की अनुमति किन स्‍थानों के लिये प्रदान की गई स्‍थान एवं किस दिनांक से किस दिनांक तक बतावें?

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) 447 नलकूपों की। (ख) मंदसौर जिले के विधानसभा क्षेत्र मंदसौर, मल्हारगढ़, सुवासरा एवं गरोठ में क्रमशः 75, 133, 144 एवं 95 इस प्रकार कुल 447 नलकूप खनन हेतु आदेश दिये गये। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (घ) मंदसौर जिले में परिवहन द्वारा पेयजल उपलब्ध करवाने की आवश्यकता नहीं होने के कारण अनुमति नहीं दी गई है। शेष प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता।

सबमर्सिवल पम्‍प खरीदी में अधिक भुगतान जाँच

13. ( क्र. 290 ) श्री रामसिंह यादव : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) शिवपुरी जिले को अप्रैल 2015 से जून 2016 तक किन-किन कार्यों हेतु कितना-कितना बजट एवं किन-किन कार्यों का कितना-कितना लक्ष्‍य निर्धारित किया गया? उक्‍त बजट से कहाँ-कहाँ पर क्‍या-क्‍या कार्य कितनी-कितनी राशि से कराए गए? कराए गए कार्यों की सूची संलग्‍न कर जानकारी दें? (ख) शिवपुरी जिले में अप्रैल 2015 से जून 2016 तक कितने हैण्‍डपंप/नलकूप कहाँ-कहाँ पर किस-किस मद से खनन कराए गए एवं विद्युत मोटरें कहाँ-कहाँ पर किन-किन नलकूपों में डाली गई? (ग) क्‍या शिवपुरी जिले में विभाग द्वारा अप्रैल 2015 से जून 2016 तक सबमर्सिवल पम्‍पसेट क्रय किए गए हैं? यदि हाँ, तो कितने पम्‍पसेट किस मेक (कंपनी) के किस फर्म से खरीदे गए हैं तथा किस दर पर खरीदे गए हैं? उक्‍त पम्‍पसेटों की कितनी अवधि की गारंटी दी गई है? (घ) क्‍या जो सबमर्सिवल पम्‍पसेट विभाग द्वारा जिस मेक/कंपनी के क्रय किए गए हैं वह पम्‍पसेट मार्केट में 14 हजार रूपये में उपलब्‍ध है? यदि हाँ, तो 03 गुना अधिक राशि का भुगतान संबंधित फर्म को क्‍यों किया गया? यदि नहीं, तो क्‍या जितने सबमर्सिवल पम्‍प सेट क्रय किए हैं वही पम्‍पसेट 14 हजार रूपये की दर से विभाग को उपलब्‍ध हो जाए, तो क्‍या विभाग संबंधित फर्म से शेष वसूल करेगा?

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) प्राप्त बजट एवं लक्ष्य का विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2,3,4,5 एवं 6 अनुसार है। (ख) खनित कराये गये नलकूपों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2,3,4,5 एवं 6 अनुसार है एवं विद्युत मोटरों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-7 अनुसार है। (ग) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-8 अनुसार। उक्त पम्प सेटों की गारण्टी अवधि एक वर्ष है (घ) जी नहीं। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता।

पशु चिकित्‍सकों/कर्मचारियों के रिक्‍त पदों की पूर्ति

14. ( क्र. 291 ) श्री रामसिंह यादव : क्या पशुपालन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या शिवपुरी जिले के कोलारस विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत जून-2016 की स्थिति में पशु चिकित्‍सकों/कर्मचारियों आदि के पद रिक्‍त हैं? यदि हाँ, तो कौन-कौन से पद कहाँ-कहाँ पर कब से रिक्‍त हैं? रिक्‍त पद कब तक भरे जाएंगे? (ख) शासन द्वारा रिक्‍त पदों की पूर्ति हेतु क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई? यदि नहीं, की गई तो क्‍यों? काफी लंबे समय से पद क्‍यों रिक्‍त है? (ग) क्‍या शासन पशु चिकित्‍सकों/कर्मचारियों आदि के रिक्‍त पद भरे जाने में कोई रूचि नहीं ले रहा है? यदि हाँ, तो क्‍यों? (घ) प्रश्‍नकर्ता द्वारा शासन का ध्‍यान विषयांतर्गत दिलाए जाने के बावजूद रिक्‍त पद क्‍यों नहीं भरे गए?

पशुपालन मंत्री ( श्री अंतरसिंह आर्य ) : (क) जी हाँ, जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है पदों की पूर्ति करने की निरंतर प्रकिया है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ख) पशु चिकित्सा विस्तार अधिकारी/पशु चिकित्सा सहायक शल्यज्ञ के रिक्त पदों की पूर्ति हेतु लोक सेवा आयोग इन्दौर द्वारा 492 रिक्त पदों की पूर्ति हेतु विज्ञापन प्रसारित किया गया। एवं कोलारस विधानसभा क्षेत्र में 05 सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारी की पदस्थापना आदेश जारी किये जा चुके है। (ग) कोलारस विधानसभा क्षेत्र में 05 सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारियों के पदस्थापना आदेश जारी किये जा चुके है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) प्रश्नांश (ग) के उत्तर के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''आठ''

पुलिस चौकी व थाने की स्‍थापना

15. ( क्र. 348 ) श्री अमर सिंह यादव : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) राजगढ़ जिले की विधानसभा क्षेत्र राजगढ़ अंतर्गत किन-किन स्‍थानों पर कब से पुलिस थाना एवं पुलिस चौकी संचालित है? (ख) राजगढ़ जिले की विधानसभा क्षेत्र राजगढ़ में उक्‍त पुलिस थानों एवं पुलिस चौकी में कुल कितने पद स्‍वीकृत हैं? कितने पद रिक्‍त हैं? पदस्‍थ स्‍टाफ की जानकारी उपलब्‍ध करावें? (ग) क्‍या राजगढ़ जिले की विधानसभा क्षेत्र राजगढ़ में जिला चिकित्‍सालय राजगढ़ एवं ग्राम चाटूखेड़ा में आये दिन मारपीट व चोरी और लूटपाट की घटनायें हो रही है तथा इसके लिये कई बार जनता द्वारा जिला चिकित्‍सालय राजगढ़ एवं ग्राम चाटूखेड़ा में पुलिस चौकी की मांग की जा रही है? पुलिस चौकी कब तक स्‍थापित की जावेगी? (घ) राजगढ़ जिले की विधानसभा क्षेत्र राजगढ़ में ग्राम पपड़ेल में अधिक अपराध होने से पपड़ेल में स्‍थापित पुलिस चौकी को पुलिस थाने में परिवर्तित करने की मांग की जा रही है? पुलिस थाना कब तक स्‍थापित हो सकेगा?

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार। (ग) चाटूखेड़ा गांव एवं जिला चिकित्सालय राजगढ़ में नवीन पुलिस चौकी खोले जाने के प्रस्ताव निर्धारित मापदण्ड अनुरूप नहीं पाए जाने से अमान्य किये गये। (घ) प्रस्ताव निर्धारित मापदण्ड नहीं पाए जाने से अमान्य किये गये।

परिशिष्ट - ''नौ''

खाद्य प्रोसेसिंग यूनिट की स्‍थापना

16. ( क्र. 360 ) श्री दीवानसिंह विट्ठल पटेल : क्या राज्‍यमंत्री, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या खेतिया एवं पलसूद को म.प्र. शासन द्वारा औद्योगिक क्षेत्र घोषित किया गया है? यदि हाँ, तो इन क्षेत्रों को कब औद्योगिक क्षेत्र घोषित किया गया है? इन क्षेत्रों को विस्‍तारित किये जाने हेतु खाद्य प्रसंस्‍करण केन्‍द्र हेतु कोई प्रस्‍ताव हैं? यदि हाँ, तो क्‍या? (ख) क्‍या उक्‍त औद्योगिक क्षेत्रों में खाद्य प्रसंस्‍करण केन्‍द्र स्‍थापित किए जाने हेतु प्रश्‍नकर्ता द्वारा कोई प्रस्‍ताव है? यदि हाँ, तो प्रश्‍नकर्ता प्रस्‍ताव पर क्‍या कार्यवाही हुई? (ग) क्‍या इन क्षेत्रों में मक्‍का, मिर्च, टमाटर एवं मटर के यूनिट लगाये जा सकते है? यदि हाँ, तो कब तक?

राज्‍यमंत्री, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण ( श्री सूर्यप्रकाश मीना ) : (क) शासन द्वारा वर्ष 2002 में पलसूद को औद्योगिक क्षेत्र घोषित किया गया है तथा वाणिज्य, उद्योग और रोजगार विभाग के आदेश क्रमांक एफ-11-90/2010/बी-ग्यारह, दिनांक 07/01/2012 से अधिसूचित किया गया। ग्राम खेतिया की कोई भी भूमि औद्योगिक क्षेत्र के रूप में शामिल नहीं है। जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) शासन कोई खाद्य प्रसंस्करण इकाई स्थापित नहीं करता है। निजी क्षेत्र में निवेशक से प्रस्ताव प्राप्त होने पर मध्यप्रदेश उद्योग संवर्धन नीति के क्रम में खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों के लिये विशेष वित्तीय सहायता के प्रावधान अनुसार अनुदान सहायता उपलब्ध कराई जा सकती है।

एकीकृत बाल विकास परियोजना

17. ( क्र. 395 ) श्री राजकुमार मेव : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) महिला एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत खरगोन जिले में कितनी एकीकृत बाल विकास परियोजनाएं कहाँ-कहाँ संचालित हो रही हैं? 01 अप्रैल 2012 से प्रश्‍‍न दिनांक तक कौन-कौन परियोजना अधिकारी (स्‍थाई/प्रभारी) पदस्‍थ रहे? (ख) प्रश्‍नांश (क) के संबंध में विधानसभा क्षेत्र महेश्‍वर के जनपद पंचायत महेश्‍वर एवं बडवाह एकीकृत बाल विकास परियोजना विकासखण्‍ड महेश्‍वर एवं बडवाह में 01 अप्रैल 2012 से वर्तमान तक कौन-कौन परियोजना अधिकारी (स्‍थाई/प्रभारी) कार्यरत रहे? इसकी सूची उपलब्‍ध करावें? (ग) क्‍या एकीकृत बाल विकास परियोजना महेश्‍वर में निरन्‍तर प्रभारी परियोजना अधिकारी कार्यरत रहने से विभागीय जिम्‍मेदारियों का निर्वहन सही तरीके से किया गया? यदि नहीं, तो क्‍या कार्यवाही की गई? (घ) शासन महेश्‍वर परियोजना में स्‍थाई परियोजना अधिकारी की पदस्‍थापना कब तक करेगी?

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( श्रीमती अर्चना चिटनिस ) : (क) महिला एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत खरगोन जिले में कुल 11 एकीकृत बाल विकास परियोजनाएं निम्नानुसार संचालित हो रही हैं:-

क्रं. परियोजना स्थान
1
खरगोन ग्रामीण देजला देवड़ा कालोनी विस्टान रोड़ खरगोन
2
खरगोन शहरी बावड़ी बस स्टैण्ड बी.टी.आई रोड़,सेफिया भवन, खरगोन
3
भीकनगांव जनपद पंचायत कार्यालय के पास भीकनगांव
4
झिरन्या जनपद पंचायत कार्यालय के पास झिरन्या
5
सेंगांव जनपद परिसर सेंगांव
6
भगवानपुरा जनपद पंचायत के सामने भगवानपुरा
7
कसरावद मुख्य मार्ग कृषि भवन कसरावद
8
महेश्वर धामनोद रोड़ शासकीय हॉस्पिटल पास,महेश्वर
9
बड़वाह सिलाई प्रशिक्षण केन्द्र नादिया रोड़ सिरलारा तहसील बड़वाह
10
सनावद सिंचाई कालोनी सनावद
11
गोंगावा जनपद परिसर गोंगावा

 01 अप्रैल 2012 से प्रश्न दिनांक तक पदस्थ परियोजना अधिकारियों की सूची संलग्न परिशिष्ट पर है। (ख) एकीकृत बाल विकास परियोजना बड़वाह में 01 अप्रैल 2012 से श्री अनिल जैन परियोजना अधिकारी वर्तमान तक पदस्थ है एवं परियोजना महेश्वर में श्रीमती ज्योति दीक्षित परियोजना अधिकारी 12.3.2014 से पदस्थ होकर निरन्तर अनुपस्थित है अनुपस्थित अवधि में जिन अधिकारियों के पास प्रभार रहा उनकी सूची संलग्‍न परिशिष्ट के क्रमांक 08 पर दर्ज हैं। (ग) परियोजना महेश्वर में परियोजना अधिकारी का प्रभार, प्रभारी अधिकारी को सौंपकर कार्य कराया गया है। प्रभारी द्वारा विभागीय जिम्मेदारियों का निर्वहन सही तरीके से किया गया है। (घ) महेश्वर परियोजना में स्थाई परियोजना अधिकारी पदस्थ हैं।

परिशिष्ट - ''दस''

स्‍वरोजगार योजनाओं का क्रियान्‍वयन

18. ( क्र. 396 ) श्री राजकुमार मेव : क्या पशुपालन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग द्वारा कौन-कौन सी स्‍वरोजगार हेतु योजनाएं संचालित की जाती हैं? इसके नियम एवं योजनाओं की जानकारी उपलब्ध करावें? (ख) प्रश्‍नांश (क) के संबंध में खरगोन जिले में विभाग द्वारा वर्ष 2014-15, 2015-16 एवं 2016-17 में स्‍वरोजगार हेतु कितना भौतिक एवं वित्‍तीय लक्ष्‍य प्राप्‍त हुआ? लक्ष्‍य के विरूद्ध कितने आवेदन पत्र प्राप्‍त हुये, कितने स्‍वीकृत किये गये कितने अस्‍वीकृत किये गये, कितने लंबित है, कितने स्‍वीकृति के पश्‍चात् वितरण कर दिये गये, संख्‍यात्‍मक जानकारी उपलब्‍ध कराई जावे? (ग) क्‍या विभाग हस्‍थकरघा, बुनकरों के लिए भी स्‍वरोजगार योजना संचालित करता है? यदि हाँ, तो महेश्‍वर विधानसभा क्षेत्रांतर्गत वर्ष 2014-15 एवं प्रश्‍न दिनांक तक कितने हितग्राहियों को स्‍व रोजगार योजनांतर्गत लाभान्वित किया गया? (घ) क्‍या विधानसभा क्षेत्र के बुनकरों के आर्थिक विकास हेतु कोई कार्ययोजना तैयार की गई है? यदि हाँ, तो क्‍या एवं कब तक इसका क्रियान्‍वयन किया जावेगा?

पशुपालन मंत्री ( श्री अंतरसिंह आर्य ) : (क) संचालित योजनाओं एवं नियम की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'एक' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'दो' अनुसार है। (ग) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'तीन' अनुसार है। (घ) जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

खाद्यान्‍न वितरण सामग्री का प्रदाय

19. ( क्र. 405 ) श्री निशंक कुमार जैन : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या उपभोक्‍ताओं की सुविधा की दृष्टि से यह व्‍यवस्‍था की गई है कि राशनकार्ड धारक किसी माह के दौरान उस माह की पात्रतानुसार सामग्री क्रय नहीं करता है तो ऐसी शेष सामग्री अगले माह प्रदान कर सकेगा? (ख) योजना का लाभ सही तरीके से उपलब्‍ध कराने के लिए शासन उक्‍त सूचना को उचित मूल्‍य दुकान के सूचना पटल पर अंकित करेगा या नहीं? यदि हाँ, तो कब तक नहीं तो क्‍यों?

खाद्य मंत्री ( श्री ओम प्रकाश धुर्वे ) : (क) जी हाँ। (ख) इस प्रावधान को आगामी तीन माह में उचित मूल्‍य दुकानों के सूचना पटल पर अंकित कराने हेतु दिशा-निर्देश जारी किये गए हैं।

ग्रामों में उदिता कॉर्नर स्‍थापित करना

20. ( क्र. 406 ) श्री निशंक कुमार जैन : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) आंगनवाड़ी केन्‍द्रों पर माहवारी स्‍वास्‍थ्‍य एवं स्‍वच्‍छता हेतु ग्राम में कम से कम प्रत्‍येक ग्राम में उदिता कॉर्नर स्‍थापित किये जाने थे या नहीं? यदि हाँ, तो आदेश/निर्देश की प्रति उपलब्‍ध करावें? (ख) यदि हाँ, तो विदिशा जिले में किस-किस परियोजना अंतर्गत किस-किस ग्राम में उदिता कॉर्नर केन्‍द्र स्‍थापित किये गये हैं, कितने शेष है, शेष का कारण बतावें? (ग) उक्‍त कितने केन्‍द्रों पर वेंडिग मशीन एवं कितनी किशोरी बालिकाओं को सेनेटरी नेपकिन उपयोग हेतु प्रदाय की गई है? इस सामग्री हेतु कितनी राशि किस दिनांक को आवंटित की गई है? परियोजनावार, केन्‍द्रवार जानकारी उपलब्ध करावें? (घ) प्रश्‍नांश (ख) एवं (ग) का यदि नहीं, तो इसके लिये कौन दोषी है? कब तक प्रश्‍नांश (क) के अनुसार कार्यवाही पूर्ण कर ली जावेगी?

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( श्रीमती अर्चना चिटनिस ) : (क) विभाग के आदेश क्रमांक 1184/1035/2016/50-2, दिनांक 12/05/2016 द्वारा उदिता योजना को सम्‍पूर्ण प्रदेश में विस्‍तारित किये जाने के आदेश जारी किये गये है। आदेश निर्देश की छायाप्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। (ख) विदिशा जिले में परियोजनावार/ग्रामवार उदिता कॉर्नर की सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। शेष 252 ग्रामों में उदिता कॉर्नर स्‍थापित किये जाने की प्रक्रिया प्रचलन में है। (ग) आंगनवाड़ी केन्‍द्रों पर स्‍थापित उदिता कॉर्नर हेतु वेंडिग मशीन प्रदाय नहीं की गई है तथा 9157 किशोरी बालिकाओं को सेनेटरी नेपकिन प्रदाय किये गये हैं। इस हेतु कोई आवंटन नहीं दिया गया है। आंगनवाड़ी केन्‍द्रों पर स्‍थापित उदिता कॉर्नर के माध्‍यम से किशोरी बालिकाओं द्वारा सेनेटरी नेपकिन स्‍वयं क्रय कर उपयोग किये जाते है। (घ) उदिता कॉर्नर स्‍थापित किये जाने हेतु आदेश माह मई, 2016 में जारी किये गये है, अत: इस हेतु कोई भी कर्मचारी/अधिकारी दोषी नहीं है। शेष ग्रामों में उदिता कॉर्नर स्‍थापित किये जाने की कार्यवाही शीघ्र ही की जावेगी।

हैण्‍ड पंप का सुधार कार्य

21. ( क्र. 436 ) श्री मुकेश नायक : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) विधानसभा क्षेत्र पवई जिला पन्‍ना में वर्ष 2013-2014, आज तक कौन-कौन से ग्रामों में कितने हैण्‍ड पंप खनन/स्‍थापित किये एवं नल-जल योजना संचालित की गई है? (ख) नल-जल योजना के तहत कितने हैण्‍ड पंप बंद पड़े है कितने हैण्‍ड पंप चालू अवस्‍था में है? ग्रामवार जानकारी देवें? (ग) नल-जल योजना प्रारंभ से आज दिनांक तक बंद पड़े हैण्‍ड पंपों का सुधार कार्य कब तक पूर्ण कर लिया जावेगा? (घ) पवई क्षेत्र में कौन-कौन से ग्रामों के कितने हैण्‍ड पंप/नल-जल योजना के कितने प्रस्‍तावित लंबित है?

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) नल-जल योजनाओं के अंतर्गत हैण्डपंप स्थापना का कार्य नहीं होता है। स्त्रोत से बंद नल-जल योजनाएं एवं जिन ग्रामों में नल-जल योजनायें क्रियान्वित हैं उन ग्रामों में स्थापित हैण्डपंपों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ग) स्त्रोत से बंद नल-जल योजनाओं के स्त्रोत निर्माण की कार्यवाही विभाग द्वारा की जा रही है। अन्य कारणों से बंद नल-जल प्रदाय योजनाओं को चालू करने का दायित्व संबंधित ग्राम पंचायतों का है। अतः इनके सुधार हेतु निश्चित समयावधि नहीं बताई जा सकती। साधारण खराबी से बंद हैण्डपंपों का सुधार कार्य एक सतत् प्रक्रिया है बिगड़े हैण्डपंप की सूचना प्राप्त होने पर विभाग द्वारा हैण्डपंप संधारण की कार्यवाही तत्काल की जाती है। (घ) 14 बसाहटों में हैण्डपंप स्थापना के लंबित प्रस्तावों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है। नल-जल प्रदाय योजना का प्रस्ताव लंबित नहीं है।

 

नल-जल योजना के अंतर्गत कितने गांव को जोड़ा जाना

22. ( क्र. 437 ) श्री मुकेश नायक : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकी विभाग के तहत नल-जल योजना के अंतर्गत पन्‍ना जिले की पवई विधानसभा क्षेत्र को शामिल किया गया है? यदि हाँ, तो विगत पाँच वर्ष में पन्‍ना जिले की पवई विधानसभा क्षेत्र के कितने ग्रामों को इस योजना के अंतर्गत जोड़ा जा चुका है व इन वर्षों में इस योजना अंतर्गत कितनी राशि का व्‍यय किया गया है वर्षवार, ग्रामवार जानकारी उपलब्‍ध करावें? (ख) पन्‍ना जिले की पवई विधानसभा क्षेत्र के ऐसे कितने ग्राम है जो नल-जल योजना होने के बावजूद ग्रामवासियों को कोई लाभ नहीं मिल रहा है? (ग) पवई विधानसभा क्षेत्र में ऐसे कितने ग्राम है जो नल-जल योजना के प्रस्‍तावित लंबित है? ग्रामवार सूचीवार जानकारी उपलब्‍ध करावें?
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के अनुसार है। (ख) 21 ग्रामों में। (ग) विधानसभा क्षेत्र पवई के अंतर्गत ग्रामों में नल-जल योजना के प्रस्ताव लंबित नहीं हैं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

नवीन पेट्रोल पम्‍प हेतु अनापत्ति

23. ( क्र. 458 ) श्री सतीश मालवीय : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) उज्‍जैन जिले में नवीन पेट्रोल पम्‍प अनापत्ति पत्र जारी करने हेतु कलेक्‍टर द्वारा किन-किन विभागों से जाँच रिपोर्ट/अनापत्ति प्रमाण पत्र मांगी जाती है। उन विभागों के नाम बतावें एवं संबंधित विभाग द्वारा अनापत्ति के साथ किन-किन शर्तों का उल्‍लेख किया जाता है? (ख) प्रश्‍न (क) के संदर्भ में संबंधित विभाग द्वारा अनापत्ति के साथ जो शर्तों का उल्‍लेख होता है, उसका पालन कराने का दायित्‍व किसका होता है। संबंधित कलेक्‍टर या संबंधित विभाग सम्‍पूर्ण जानकारी उपलब्‍ध करावें एवं 01 जनवरी 2014 से प्रश्‍न दिनांक तक नवीन पेट्रोल पम्‍प की जिला दण्‍डाधिकारी उज्‍जैन द्वारा जारी अनापत्ति प्रमाण पत्र की पेट्रोल पम्‍पवार प्रतिलिपि उपलब्‍ध करावें। (ग) उज्‍जैन जिले में 01 जनवरी 2014 से प्रश्‍न दिनांक तक कितने नवीन पेट्रोल पम्‍प कौन-कौन सी कम्‍पनी के खोले गये। पम्‍पों के आपस में दूरी कितनी है। पम्‍पवार, दूरीवार जानकारी उपलब्‍ध करावें। (घ) जनवरी 2014 से प्रश्‍न दिनांक तक विभागीय अधिकारियों द्वारा कितने पम्‍पों का निरीक्षण किया गया एवं कितने पम्‍पों से सेम्‍पल लिये गये। कितने सेम्‍पल पास हुए एवं कितने सेम्‍पल फेल हुए। फेल हुए सेम्‍पलों के पम्‍पों पर क्‍या कार्यवाही की गई?

खाद्य मंत्री ( श्री ओम प्रकाश धुर्वे ) : (क) उज्‍जैन जिले में नवीन पेट्रोल पंप की स्‍थापना से पूर्व जिन विभागों से अनापत्ति प्रमाण-पत्र/प्रतिवेदन प्राप्‍त किया जाता है, उसकी सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। संबंधित विभाग द्वारा विभिन्‍न शर्तों का उल्‍लेख किया जाता है जो विभिन्‍न विभागों के अनापत्ति प्रमाण-पत्र/प्रतिवेदन में उल्‍लेखित रहती हैं, जिसकी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) अनापत्ति के साथ जिन शर्तों का उल्‍लेख किया जाता है उसका पालन कराने का दायित्‍व संबंधित विभाग का होता है। प्रश्‍नांकित अवधि में स्‍थापित पेट्रोल पंपों हेतु जारी किये गये अनापत्ति प्रमाण-पत्रों की प्रतियां पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ग) प्रश्‍नांकित अवधि में उज्‍जैन जिले में कुल 79 पेट्रोल पंप विभिन्‍न कंपनियों के खोले गये। शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (घ) प्रश्‍नांकित अवधि में विभागीय अधिकारियों द्वारा 147 पंपों का 767 बार निरीक्षण किया गया एवं 29 पंपों से पेट्रोल/डीजल के नमूने लिए गये। उक्‍त नमूनों में से कोई भी नमूना निर्धारित मापदण्‍डों के प्रतिकूल नहीं पाया गया। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

बी.पी.एल. कार्डधारी परिवार को खाद्यान्‍न वितरण

24. ( क्र. 468 ) श्री कुँवरजी कोठार : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला राजगढ़ के विधानसभा क्षेत्र सारंगपुर अंतर्गत वर्ष 2015-16 में अतिओलावृष्टि से फसल नुकसान के उपरांत शासन द्वारा किन-किन ग्रामों को सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत खाद्यान्‍न पात्रता पर्ची वितरण की गई थी एवं कितने समय के लिये? अवधि की जानकारी से अवगत करायें? (ख) प्रश्‍नांश (क) में दर्शित ग्रामों में से ओलावृष्टि से प्रभावित ग्रामों के ग्रामवासियों के नाम हटाने के साथ-साथ जो पूर्व से ही बी.पी.एल. सूची में सम्मिलित हितग्राही थे उनके नाम का भी आबंटन शासन स्‍तर से निरस्‍त कर दिया गया है? ऐसे कितने ग्रामों के बी.पी.एल. कार्ड धारियों का शासन स्‍तर से पात्रता पर्ची निरस्‍त करते हुए खाद्यान्‍न का आबंटन नहीं किया गया है? उक्‍त पात्र हितग्राहियों की पात्रता पर्ची निरस्‍त करने के लिये कौन अधिकारी/कर्मचारी जिम्‍मेदार हैं एवं उनके विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की जावेगी? (ग) प्रश्‍नांश (ख) अनुसार ग्राम बाबडल्‍या के पात्र बी.पी.एल. कार्ड धारियों को राष्‍ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम,2012 के अन्‍तर्गत पात्रता पर्ची निरस्‍त की गई है उनके नाम कब तक जोड़े जाकर पात्रता पर्ची प्रदाय की जावेगी एवं विगत 3 माह का खाद्यान्‍न प्रदाय किया गया? उन्‍हें कब तक खाद्यान्‍न नहीं प्रदाय किया गया? उन्‍हें कब तक खाद्यान्‍न प्रदाय किया जावेगा?

खाद्य मंत्री ( श्री ओम प्रकाश धुर्वे ) : (क) ग्रामवार सूची संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। माह मार्च 2016 तक। (ख) ओला प्रभावित परिवारों की समय-सीमा समाप्‍त हो जाने के कारण अनमेप करने के साथ-साथ तकनीकी कारणों से 23 ग्रामों के बी.पी.एल. श्रेणी के परिवार भी समग्र पोर्टल से अनमेप हो गए थे, जिन्‍हें पुन: सम्मिलित किया जाकर पात्रता पर्ची जारी की गई है। जिन ग्रामों के बी.पी.एल. परिवार अनमेप हुए हैं, उनकी सूची संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। उक्‍त परिवार तकनीकी कारणों से अनमेप होने के कारण किसी अधिकारी/कर्मचारी पर कार्यवाही का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) ग्राम बाबडल्‍या के बी.पी.एल. परिवारों को माह जून, 2016 से पात्रता पर्ची जारी की जा चुकी है। माह अप्रैल 2016 से जून 2016 तक की खाद्य सामग्री प्रदाय नहीं की गई है। इन्‍हें माह जुलाई, 2016 से राशन सामग्री का वितरण किया जाएगा।

परिशिष्ट - ''ग्यारह''

खनन हेतु व्‍यय की गई राशि

25. ( क्र. 488 ) श्री संजय उइके : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या बालाघाट जिले के आदिवासी उपयोजना क्षेत्र के विकास हेतु आबादी वाले टोलों एवं ग्रामों में हैण्‍डपम्‍प खनन (41-0009) योजना में वित्‍तीय वर्ष 2013-14 एवं 2014-15 में 321.32 लाख और 248.04 लाख राशि एवं पाईपों द्वारा ग्रामीण जल प्रदाय योजना (41-2580) में 1104.00 लाख और 1116.00 लाख राशि आवंटन किया गया था? (ख) यदि हाँ, तो किन-किन कार्यों में कितनी-कितनी राशि कहाँ-कहाँ व्‍यय की गई?

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) जी नहीं। (ख) उत्तरांश के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता।

बाउण्‍ड्रीवॉल एवं आवास स्‍वीकृति

26. ( क्र. 519 ) श्री नारायण सिंह पँवार : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रश्‍नकर्ता के अता. प्रश्‍न संख्‍या-120 (क्रमांक 2358) दिनांक 16 दिसम्‍बर, 2015 के उत्‍तर में बताया गया था कि राजगढ़ जिले के अंतर्गत पुलिस थाना सुठालिया में पदस्‍थ पुलिस बल हेतु आवासीय गृह का निर्माण वर्ष 1987 में कराया गया था तथा थाना भवन निर्माण के समय बाउण्‍ड्रीवॉल निर्माण कार्य नहीं कराया गया था? तो क्‍या प्रश्‍नकर्ता द्वारा उक्‍त थाना भवन परिसर की बाउण्‍ड्रीवॉल एवं आवासीय गृह निर्माण हेतु दिनांक 9 जनवरी 2016 को माननीय मुख्‍यमंत्री महोदय को मांग पत्र सौंपा गया था? यदि हाँ, तो उक्‍त निर्माण कार्यों की स्‍वीकृति हेतु प्रश्‍न दिनांक तक क्‍या कार्यवाही की गई? (ख) क्‍या इसी प्रकार राजगढ़ जिले के अंतर्गत पुलिस थाना ब्‍यावरा में भी पदस्‍थ पुलिस बल हेतु निर्मित सभी आवास अत्‍यंत जीर्ण-शीर्ण अवस्‍था में है जो कि विशेष मरम्‍मत योग्‍य नहीं है? यदि हाँ, तो क्‍या शासन इन जीर्ण-शीर्ण आवास के स्‍थान पर नवीन आवास निर्माण की स्‍वीकृति प्रदान करेगा? यदि हाँ, तो कब तक?

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) जी हाँ। वर्तमान में वित्तीय अनुशासन के कारण कार्य सम्भव नहीं है। (ख) जी हाँ। उपलब्ध संसाधन एवं बजट की उपलब्धता को दृष्टिगत रखते हुए मुख्यमंत्री आवास योजना अंतर्गत हुडको से ऋण लेकर आगामी पाँच वर्षों में 25000 आवासों का निर्माण करने के संबंध में प्रस्तावित विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डी.पी.आर) पर परियोजना परीक्षण समिति की बैठक दिनांक 27.02.2016 को सम्पन्न हो चुकी है। प्रस्तावित परियोजना प्रतिवेदन में जिला राजगढ़ के लिए 208 पुलिस आवास-गृह पाँचवें चरण में बनाये जाने प्रस्तावित है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

आदिवासी हितग्राहियों का शोषण करने वाले एन.जी.ओ. के विरूद्ध कार्यवाही

27. ( क्र. 571 ) पं. रमेश दुबे : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) छिन्‍दवाड़ा जिले के विशेष केन्‍द्रीय सहायता मद से चयनित आदिवासी हितग्राहियों का आर्थिक शोषण करने वाले एन.जी.ओ. के विरूद्ध क्‍या थाना सौंसर में प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज करायी गयी थी? यदि हाँ, तो कब और किसके द्वारा यह रिपोर्ट दर्ज करायी गई थी। (ख) क्‍या प्रश्‍नकर्ता ने उक्‍त के संबंध में पत्र क्रमांक 1317 दिनांक 26.08.2015, क्रमांक 1344 दिनांक 28.08.2015 एवं पत्र क्रमांक 1552 दिनांक 29.09.2015 पुलिस अधीक्षक छिन्‍दवाड़ा को प्रेषित किया है? यदि हाँ, तो इन पत्रों में किन बिन्‍दुओं का उल्‍लेख है और कौन-कौन से दस्‍तावेज संलग्‍न थे? (ग) क्‍या दर्ज कराये गये प्रथम सूचना रिपोर्ट एवं उक्‍त पत्रों पर कार्यवाही की गई है? यदि हाँ, तो क्‍या और यदि नहीं, तो क्‍यों? क्‍या भोले भाले आदिवासियों का आर्थिक शोषण करने वाले एन.जी.ओ. को पुलिस बचाने का प्रयास कर रही है? यदि नहीं, तो अभी तक उनके विरूद्ध कार्यवाही न करने के क्‍या कारण हैं? (घ) प्रश्‍नकर्ता के बार-बार प्रश्‍न करने, सक्षम अधिकारियों को पत्र लिखने के पश्‍चात् भी दोषियों के विरूद्ध कार्यवाही नहीं करने के मामले को क्‍या शासन संज्ञान में लेकर दोषियों को बचाने वाले पुलिस अधिकारियों के विरूद्ध कार्यवाही तथा दोषियों को शीघ्र गिरफ्तार कर न्‍यायालय में पेश करने का आदेश देगा?

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) जी हाँ, थाना सौंसर में जिला हथकरघा कार्यालय सौंसर जिला छिन्दवाड़ा सहायक संचालक, श्री अजय पवार के द्वारा प्रस्तुत आवेदन पत्र की जाँच की जाकर तथ्य सही पाये जाने पर दिनांक 11.07.2015 को अप.क्र. 134/15 धारा 406, 420, 34 भा.द.वि. का प्रकरण पंजीबद्ध किया गया था। विवेचना के दौरान प्रकरण में धारा 409 भा.द.वि. एवं धारा 13-सी भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम का समावेश भी प्रकरण में किया गया। (ख) जी हाँ, यह सही है कि माननीय विधायक द्वारा दिनांक 26.08.2015 एवं 28.08.2015 के पत्र पुलिस अधीक्षक, छिन्दवाड़ा के समक्ष प्रस्तुत किये थे तथा दिनांक 29.09.2015 का पत्र जिलाध्यक्ष छिन्दवाड़ा को प्रेषित किया था। उक्त पत्रों में यह बिन्दु वर्णित थे कि वर्ष 2013-14 में विशेष केन्द्रीय सहायता मद से आदिवासी हितग्राहियों को स्वरोजगार हेतु 20 हजार रूपये प्रति हितग्राही के खाते में जमा किये गये थे, किंतु एन.जी.ओ. (चित्रांचल बहुद्देशीय सामाजिक संस्थान, भोपाल) द्वारा हितग्राहियों के कारे कागज (आहरण पत्र) में हस्ताक्षर कराकर राशि आहरित कर ली गई। हितग्राहियों को आज पर्यन्त तक स्वरोजगार हेतु किसी प्रकार का कोई सामग्री उपकरण या टूल प्रदाय नहीं किये गये। दिनांक 26.08.2015 के पत्र के साथ 24 हितग्राहियों के एवं दिनांक 28.08.2015 के पत्र के साथ 11 हितग्राहियों के शपथ पत्र संलग्न किये गये थे तथा दिनांक 29.09.2015 को पत्र में उक्त दोनों पत्रों की प्रति सहित उक्त आशय के शपथ पत्रों की प्रति संलग्न कर दोषियों के विरूद्ध सख्त कार्यवाही किये जाने का अनुरोध किया गया था। (ग) जी हाँ, थाना सौंसर में उपरोक्त संबंध में पंजीकृत अपराध में मुख्य आरोपी एन.जी.ओ. अध्यक्ष शिवदयाल बुआडे उर्फ शिव पवार, निवासी ग्राम परसठानी जिला बैतूल को दिनांक 07.02.2016 को गिरफ्तार किया गया। प्रकरण में आरोपी के विरूद्ध चालान माननीय न्यायालय में पेश किया गया जो न्यायालय में विचाराधीन है। यह सही नहीं है कि पुलिस आदिवासी हितग्राहियों का आर्थिक शोषण करने वाले एन.जी.ओ. को बचा रही है। अपितु सत्य यह है कि पुलिस द्वारा फरियादी अजय पंवार की रिपोर्ट पर विधिवत् प्रकरण दर्ज कर वैधानिक कार्यवाही की गई है। (घ) यह सत्य नहीं है कि प्रश्नकर्ता के बार-बार प्रश्न करने एवं सक्षम अधिकारियों को पत्र लिखने के पश्चात् भी दोषियों के विरूद्ध कार्यवाही नहीं की गई। अपितु पुलिस द्वारा विधि अनुसार एन.जी.ओ. के विरूद्ध उपरोक्त वर्णित प्रकरण पंजीकृत कर साक्ष्य संकलन कर आरोपी एन.जी.ओ. के अध्यक्ष को दिनांक 07.02.2016 को गिरफ्तार कर चालान 67/16 दिनांक 05.05.2016 को मान. न्यायालय प्रस्तुत किया गया। समपृति में आरोपी शिव (बुआडे) पवार, जिला जेल छिन्दवाड़ा में निरूद्ध है। प्रकरण में अन्य आरोपी जुबेर कुरैशी, घनश्याम साहू तथा एन.जी.ओ. के अन्य सदस्यों की भूमिका के संबंध में धारा 173 (8) भा.द.सं. के तहत विवेचना की जा रही है। घटना के संबंध में समुचित वैधानिक कार्यवाही पुलिस द्वारा की गई है। कोई भी पुलिस अधिकारी/कर्मचारी दोषी नहीं पाया गया।

लाड़ली लक्ष्‍मी योजना एवं इंदिरा गांधी मातृत्‍व सहयोग योजना का क्रियान्‍वयन

28. ( क्र. 581 ) श्रीमती ममता मीना : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) लाड़ली लक्ष्‍मी योजना एवं इंदिरा गांधी मातृत्‍व सहयोग योजना के नियम, पात्रता की शर्तें एवं चयन की प्रक्रिया क्‍या है? (ख) गुना जिले में प्रश्‍नांश (क) में वर्णित योजनाओं के तहत पात्र हितग्राहियों को आवेदन पत्र प्रस्‍तुतीकरण दिनांक के उपरांत कितने दिनों में लाभ किस स्‍तर से प्रदाय किया जा रहा है। आवेदन पत्र प्रस्‍तुतीकरण दिनांक से पात्र हितग्राहियों को लाभ दिये जाने की दिनांक सहित जानकारी दें? (ग) प्रश्‍नांश (क) में वर्णित योजनाओं के तहत विधानसभा क्षेत्र चाचौडा के कितने आवेदन पत्र लंबित हैं? लंबित रहने के कारण क्‍या हैं? (घ) प्रश्‍नांश (क) में वर्णित योजनाओं के लंबित आवेदनों में निर्धारित समयावधि में पात्र हितग्राहियों को लाभांवित नहीं किये जाने के लिये उत्‍तरदायी जिला कार्यक्रम अधिकारी एवं अन्‍य के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की जावेगी?

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( श्रीमती अर्चना चिटनिस ) : (क) इंदिरा गांधी मातृत्‍व सहयोग योजना/ लाड़ली लक्ष्‍मी योजना के नियम पात्रता की शर्तें एवं चयन की प्रक्रिया की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। (ख) गुना जिले में इंदिरा गांधी मातृत्‍व सहयोग योजना संचालित नहीं है। लाड़ली लक्ष्‍मी योजना अंतर्गत हितग्राहियों द्वारा आवेदन पत्र, प्रस्‍तुतीकरण दिनांक से एक माह के अंदर परियोजना/खण्‍ड महिला सशक्तिकरण अधिकारी कार्यालय द्वारा दस्‍तावेजों के सत्‍यापन उपरांत स्‍वीकृत किया जाकर हितग्राहियों को लाभ दिया जा रहा है। अपीलीय प्रकरण की स्थिति में जिला कलेक्‍टर की स्‍वीकृति उपरांत लाभ दिया जा रहा है। वित्‍तीय वर्ष 2016-17 में जिला गुना में 971 पात्र हितग्राहियों के प्रकरण स्‍वीकृत लाभान्वित किया गया है। इन पात्र हितग्राहियों को पंजीकृत किये जाने की नाम एवं दिनांक सहित सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। (ग) लाड़ली लक्ष्‍मी योजना अंतर्गत गुना जिले में समयावधि में प्राप्‍त कोई भी आवेदन पत्र लंबित नहीं है। (घ) उत्‍तर के परिप्रेक्ष्‍य में कोई उत्‍तरदायी नहीं अत: कार्यवाही का प्रश्‍न ही नहीं।

फर्जी भुगतान

29. ( क्र. 604 ) श्री दुर्गालाल विजय : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) महिला एवं बाल विकास विभाग जिला श्‍योपुर द्वारा दिनांक 24.03.2015 से 30.03.2015 तक विशुभ कम्‍प्‍यूटर एवं स्‍टेशनरी सप्‍लाई श्‍योपुर के प्रोपराईटर पवन गुप्‍ता की फर्म को कम्‍प्‍यूटर टाईपिंग व फॉटोकापी कराने के नाम पर 2,42,528.00 रूपये का भुगतान फर्म के पी.एन.बी. ब्रांच श्‍योपुर के खाता क्रमांक 6132000100011573 में तथा असलम अंसारी मोबाईल शॉप संचालक श्‍योपुर को कम्‍प्‍यूटर मेनटेनेन्‍स के नाम पर इनके एस.बी.आई. ब्रांच श्‍योपुर के खाता क्रमांक 63035563884 में 68,123.00 रूपये का भुगतान ई-पेमेन्‍ट के जरिये किया था? (ख) क्‍या उक्‍त फर्म श्‍योपुर शहर में संचालित ही नहीं है तथा उक्‍त बैंक खाता नम्‍बर फर्म के प्रोपराईटर का न होकर विभाग में कम्‍प्‍यूटर ऑपरेटर के रूप में कार्यरत पवन गुप्‍ता का है तथा असलम अंसारी मोबाईल मैकेनिक भी नहीं हैं। (ग) क्‍या वर्ष 2014-15 में भी इसी तरह 25 से 30 लाख का फर्जी भुगतान विभाग द्वारा किया गया। (घ) क्‍या उक्‍त मामले की जाँच कमिश्‍नर चम्‍बल मुरैना ने विभागीय संयुक्‍त संचालक मुरैना से कराई थी? क्‍या इनके द्वारा जाँच पूर्ण कर ली है? यदि नहीं, तो इसमें विलम्‍ब का क्‍या कारण है व निश्चित समय-सीमा में जाँच पूर्ण करके दोषियों के विरूद्ध कार्यवाही की जावेगी? यदि नहीं, तो क्‍यों?

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( श्रीमती अर्चना चिटनिस ) : (क) वर्ष 2014-15 में विशुभ कम्‍प्‍यूटर एवं स्‍टेशनरी सप्‍लाई के प्रोपराइटर श्री पवन कुमार गुप्‍ता को जिला कार्यालय से 67,000/- कम्‍प्‍यूटर कार्य एवं स्‍टेशनरी सप्‍लाई बाल विकास परियोजना कराहल से 1,43,613 प्रशिक्षण किट एवं स्‍टेशनरी सप्‍लाई तथा बाल विकास परियोजना श्‍योपुर शहरी से 31915/- कम्‍प्‍यूटर कार्य एवं स्‍टेशनरी सप्‍लाई कुल 2,42,528/- का भुगतान किया गया। लक कम्‍प्‍यूटर श्‍योपुर के प्रोपराइटर श्री असलम को जिला कार्यालय से 18,840/- कम्‍प्‍यूटर रिपेयर, प्रिन्‍टर रिफलिंग एवं बा‍इडिंग फोल्‍डर का कार्य इस प्रकार कुल 68,123/- का भुगतान किया गया। (ख) जी नहीं। श्री असलम अंसारी श्री लक मोबाईल कम्‍प्‍यूटर हार्डवेयर सप्‍लायर रिपेयरिंग के नाम से नवीन बस स्‍टैण्‍ड बड़ौदा रोड, श्‍योपुर में संचालित है। श्री पवन गुप्‍ता सप्‍लाई ऑर्डर पर कार्य करते थे। सप्‍लायर पवन गुप्‍ता का ही स्‍वयं का खाता है। वर्तमान में सप्‍लाई कार्य नहीं कर रहे हैं और न ही इन्‍हें मार्च 2015 के बाद कोई भुगतान किया गया है। (ग) जी नहीं। (घ) जी हाँ। जी हाँ। संयुक्‍त संचालक मुरैना द्वारा जाँच पूर्ण कर जाँच प्रतिवेदन आयुक्‍त, चंबल संभाग मुरैना को प्रस्‍तुत किया गया। आयुक्‍त द्वारा संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारियों को आरोप पत्र जारी कर वस्‍तुस्थिति के संबंध में उत्‍तर चाहा गया। संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारियों द्वारा वस्‍तुस्थिति स्‍पष्‍ट करते हुये लिखित प्रतिवाद पत्र प्रस्‍तुत किए गए। अभिलेखों के आधार पर वस्‍तुस्थिति का परीक्षण कर संबंधितों द्वारा प्रस्‍तुत जबाव से सहमत होकर आयुक्‍त चंबल संभाग मुरैना के आदेश दिनांक 17/06/2016, 21/06/2016 एवं 02/07/2016 द्वारा संबंधित अधिकारी/कर्मचारियों के विरूद्ध प्रचलित विभागीय जाँच की कार्यवाही समाप्‍त की गई है।

कर्मचारियों/अधिकारियों की पदस्‍थी

30. ( क्र. 661 ) श्री प्रदीप अग्रवाल : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) अता. प्रश्‍न संख्‍या-88 (क्र. 7223) दिनांक 30.03.2016 के उत्‍तर (ग) जी नहीं एवं (घ) प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता जानकारी दी गई? उत्‍तर के परिशिष्‍ट (क) में वर्णित कर्मचारी धीरज कुमार क्‍लीनर, अशोक सिंह हेल्‍पर, विवेक स्‍टोर क्‍लर्क की अनुकंपा नियुक्ति एवं विनोद कुमार वाटरमेन एवं सेवाराम हेल्‍पर का स्‍थानांतरण से आना बताया गया है? यदि जानकारी सही दी है तो वर्तमान में ये कर्मचारी कहाँ सेवारत हैं? (ख) श्री संजीव कुमार दुबे दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी वर्ष 1997 में अंबिकापुर स्‍थानांतरित होकर आये आज दिनांक तक दतिया में अपनी सेवायें दे रहे हैं, बताएं कि दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों के स्‍थानांतरण के संबंध में शासन के क्या नियम है? क्‍या श्री दुबे जी की नियुक्ति एवं यहां पदस्‍थी की प्रक्रिया सही है? जाँच कर सक्षम अधिकारी का प्रमाणीकरण उपलब्‍ध कराया जावे? (ग) क्‍या प्रश्‍नांश (क) में वर्णित कर्मचारियों की फर्जी नियुक्तियां थी? इन कर्मचारियों को वेतन एवं भत्‍तों के रूप में विभाग ने लाखों रूपये के भुगतान कर इन कर्मचारियों से व्‍यक्तिगत रूप से आर्थिक लाभ लिया और जब प्रकरण प्रकाश में आया तो इनकी सेवायें समाप्‍त कर घर भेज दिया? यदि हाँ, तो इसके लिये कौन-कौन जिम्‍मेदार है? उनके खिलाफ क्‍या कार्यवाही की जायेगी, नहीं तो प्रकरण की जाँच कराई जावेगी?

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) जी हाँ, प्रश्न संख्या-88 (7223) दिनांक 30.3.2016 के उत्तर के परिशिष्ट (क) में वर्णित जानकारी के अनुसार श्री धीरज कुमार क्लीनर, अशोक सिंह हेल्पर, विवेक स्टोर क्लर्क, विनोद कुमार वाटरमेन एवं सेवाराम हेल्पर माह फरवरी 2010 से बिना किसी पूर्व सूचना के अपने कार्य से अनुपस्थित है। (ख) श्री संजय कुमार दुबे को लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी खंड दतिया के अंतर्गत कार्य करने हेतु निर्देशित किया गया था, इनका स्थानान्तरण नहीं किया गया। दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों के स्थानान्तरण के शासन के कोई नियम नहीं है। श्री संजय कुमार की नियुक्ती के संबंध में सही स्थिति जांचोपरांत ही बताई जा सकेगी। (ग) जी नहीं। इन कर्मचारियों को इनके द्वारा किये गये शासकीय कार्य हेतु भुगतान किया गया तथा इनकी सेवाएं समाप्त नहीं की गई ये स्वयं माह फरवरी 2010 से बिना किसी सूचना के कार्य से अनुपस्थित है। इनकी अनुपस्थिति हेतु वे स्वयं उत्तरदायी हैं, शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होते।

पेयजल समस्‍या निराकरण की नीति

31. ( क्र. 706 ) श्री बलवीर सिंह डण्‍डौतिया : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) मध्‍यप्रदेश शासन लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकी विभाग द्वारा पेयजल समस्‍या के निराकरण हेतु ग्राम, मजरे, टोले आदि में पेयजल पूर्ति हेतु क्‍या नीति निर्धारित की है? (ख) क्‍या लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकी विभाग मध्‍यप्रदेश शासन द्वारा नीति अंतर्गत पेयजल समस्‍या की पूर्ति हेतु अ.जा., अ.ज.जा., अन्‍य पिछड़ा वर्ग, अल्‍पसंख्‍यक व नदी, नाले बेहड़ से लगे ग्रामों, मजरों, टोलों में पेयजल समस्‍या के निराकरण हेतु नीति में कोई विशेष राहत देने का प्रावधान है? यदि हाँ, तो अवगत करावें। (ग) प्रश्‍नांश (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में विधानसभा क्षेत्र 07 दिमनी जिला मुरैना में नीति अनुसार पेयजल पूर्ति की जा रही है? यदि नहीं, तो क्‍यों व कब तक पूर्ण हो सकेगी? (घ) मध्‍यप्रदेश शासन लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकी विभाग द्वारा विधानसभा क्षेत्र 07 दिमनी जिला मुरैना को पेयजल समस्‍या के निराकरण हेतु नवीन हैण्‍डपम्‍प खनन, पुराने हैण्‍डपम्‍पों की मरम्‍मत आदि एवं नल-जल योजनाओं हेतु कितनी राशि वर्ष 2015-16, 2016-17 में प्रदाय की गई व प्राप्‍त राशि से कितने ग्रामों में नवीन हैण्‍डपम्‍प खनन, मरम्‍मत, नल-जल योजना के कार्य किए गए?

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) मध्यप्रदेश शासन लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा पेयजल समस्या के निराकरण हेतु ग्राम, मजरे, टोले आदि बसाहटों में पेयजल उपलब्ध कराने हेतु निम्नानुसार नीति निर्धारित है:- 1. प्रत्येक ग्रामीण परिवार को कम से कम 55 लीटर प्रतिव्यक्ति प्रतिदिन के मान से पेयजल उपलब्ध कराया जाना। 2.प्रत्येक ग्रामीण परिवार को उसके निवास से अधिकतम 500 मीटर की परीधि में पेयजल का स्त्रोत उपलब्ध कराया जाना। 3. पहाड़ी क्षेत्र में प्रत्येक ग्रामीण परिवार को उसके निवास से अधिकतम 30 मीटर की ऊँचाई/नीचाई में पेयजल का स्त्रोत उपलब्ध कराया जाना। 4. अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति की बसाहटों में प्राथमिकता के आधार पर पेयजल स्त्रोत उपलब्ध कराया जाना। 5. गुणवत्ता प्रभावित बसाहटों में प्राथमिकता के आधार पर पेयजल उपलब्ध कराया जाना। (ख) उत्तरांश (क) अनुसार। (ग) जी हाँ। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता। (घ) राशि विधानसभा क्षेत्रवार प्रदाय नहीं की जाती। प्रश्नाधीन अवधि में विधानसभा क्षेत्र में प्रश्नांश में वर्णित कार्यों का विवरण संलग्न परिशिष्ट अनुसार है।

परिशिष्ट - ''बारह''

उचित मूल्‍य दुकानों की स्‍वीकृति

32. ( क्र. 707 ) श्री बलवीर सिंह डण्‍डौतिया : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) परि.अता.प्रश्‍न संख्‍या 38 ( क्रमांक 2100), दिनांक 04.03.2016 के उत्‍तर (क) में जी हाँ मध्‍यप्रदेश सार्वजनिक वितरण प्रणाली (नियंत्रण) आदेश 2015 के तहत पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट '' के अनुसार सरल क्र. 1 से 24 तक ग्राम पंचायतों में उचित मूल्‍य की दुकानें संचालित नहीं है, दिया है तो इन ग्राम पंचायतों में उचित मूल्‍य की दुकानें कब तक प्रारंभ कर दी जावेगी? निश्चित समय-सीमा बतावें? (ख) दुकानें प्रारंभ (स्‍वीकृति) के क्‍या कारण होकर कौन-कौन, किस-किस स्‍तर के अधिकारी/कर्मचारी दोषी हैं व उनके खिलाफ क्‍या कार्यवाही की जावेगी?

खाद्य मंत्री ( श्री ओम प्रकाश धुर्वे ) : (क) जी हाँ। प्रदेश में 31 जुलाई, 2016 तक नवीन दुकान आवंटन की कार्यवाही पूर्ण करने हेतु शासन द्वारा दिशा-निर्देश जारी किया गया है। (ख) मध्‍यप्रदेश सार्वजनिक वितरण प्रणाली (नियंत्रण) आदेश, 2015 में 11 अप्रैल, 2016 को किये गए संशोधन उपरांत उचित मूल्‍य दुकानों के आवंटन की प्रक्रिया प्रारम्‍भ करने हेतु 20 मई, 2016 को दिशा-निर्देश जारी किया गया है। अत: कोई अधिकारी/कर्मचारी दोषी नहीं हैं। शेष भाग का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता।

पेयजल योजनाएं

33. ( क्र. 731 ) श्री जितेन्‍द्र गेहलोत : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) प्रदेश में कुल बसाहट में पेयजल स्‍त्रोतों की उपलब्‍धता की वर्तमान स्थिति का ब्‍यौरा क्‍या है? प्रतिदिन प्रति व्‍यक्ति औसत पेयजल स्थिति का जिलेवार ब्‍यौरा क्‍या है? (ख) उज्‍जैन संभाग में जिलेवार स्‍थापित एवं खनित ट्यूबवेल, हैण्‍डपम्‍पों एवं नल-जल योजना की संख्‍या तथा चालू एवं बंद हैण्‍डपंपों तथा नल-जल योजनाओं का ब्‍यौरा क्‍या है तथा बंद योजनाओं का कारण दर्शायें। (ग) प्रदेश में इस ग्रीष्‍मकाल में सरकार ने किस प्रकार पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की?

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ग) हैण्डपंपों को सतत् चालू रख कर, कम जल स्तर वाले हैण्डपंपों में राईजर पाईप विस्तारित कर, सिंगल फेस मोटर पंप की स्थापना कर एवं स्त्रोत के कारण बंद नल-जल प्रदाय योजनाओं में नये स्त्रोत विकसित कर पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित की गयी। प्रदेश में कोई भी पहाड़ी क्षेत्र अधिसूचित नहीं है अतः पहाड़ी क्षेत्रवार ब्यौरा नहीं दिया जा सकता।

परिशिष्ट - ''तेरह''

लाड़ली लक्ष्‍मी योजना का क्रियान्‍वयन

34. ( क्र. 736 ) श्री जितेन्‍द्र गेहलोत : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) लाड़ली लक्ष्‍मी योजना की सन् 2011 से अब तक की भौतिक एवं वित्‍तीय उपलब्धि का ब्‍यौरा क्‍या है? (ख) योजना के संबंध में शासन को विगत तीन वर्षों में हितग्राहियों, जनप्रतिनिधियों आदि के सुझाव प्राप्‍त हुए हैं? यदि हाँ, तो तत्‍संबंधी ब्‍यौरा क्‍या है? (ग) शासन ने (ख) अंतर्गत प्राप्‍त सुझावों पर क्‍या-क्‍या संशोधन किये हैं?

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( श्रीमती अर्चना चिटनिस ) : (क) लाड़ली लक्ष्‍मी योजना की वर्ष 2011 से दिनांक 30/05/2016 तक की स्थिति में 1820479 बालिकाओं को लाभान्वित करने हेतु रूपये 4225.58 करोड़ व्‍यय किये गये। (ख) विगत तीन वर्षों में हितग्राहियों, जनप्रतिनिधियों आदि के कोई सुझाव प्राप्‍त नहीं हुए है। अत: शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

जेलों में कैदियों की संख्‍या अनुरूप व्‍यवस्‍थाएँ

35. ( क्र. 764 ) श्री शैलेन्‍द्र पटेल : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या जेलों में क्षमता से अधिक बंदियों को निरूद्ध किया जा रहा है? यदि हाँ, तो भोपाल संभाग की जेलों का ब्‍यौरा जेल क्षमता और निरूद्ध कैदियों की संख्‍या का ब्‍यौरा दें। (ख) क्‍या जेल में कैदियों की क्षमता के अनुरूप ही भोजन व अन्‍य सुविधाओं का बजट स्‍वीकृत है यदि हाँ, तो अधिक कैदियों की भोजन की क्‍या व्‍यवस्‍था है? (ग) क्‍या आगामी सालों में जेलों में निरूद्ध होने वाले कैदियों की संख्‍या में वृद्धि संभावित हैयदि हाँ, तो जेलों में क्षमता वृद्धि के क्‍या प्रयास किए जा रहे हैं? (घ) क्‍या भोपाल संभाग में नवीन जेल भवन निर्माण प्रस्‍तावित है? यदि हाँ, तो ब्‍यौरा दें।

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) जी हाँ। भोपाल संभाग की जेलों की क्षमता एवं निरूद्ध कैदियों की संख्‍या की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी नहीं, जेलों में निरूद्ध कैदियों की वास्‍तविक संख्‍या के अनुरूप भोजन व अन्‍य सुविधाओं का बजट स्‍वीकृत है। (ग) जी हाँ। पर्सपेक्टिव प्‍लान 2002-07 में सीहोर में नवीन जेल निर्माण के साथ-साथ केन्‍द्रीय जेल भोपाल, उप जेल गंजबासौदा में बैरिकों का निर्माण कराया गया है। जिला जेल विदिशा में 02 बैरिकों का निर्माण प्रगति पर है। आगामी योजनाओं में भी जेलों में क्षमता वृद्धि के प्रयास किये जावेंगे। (घ) जी नहीं।

परिशिष्ट - ''चौदह''

आत्‍महत्‍या की घटनाओं की जानकारी

36. ( क्र. 799 ) श्री रामनिवास रावत : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता के परि.अता. प्रश्‍न संख्‍या 260 (दिनांक 26.02.16) दिनांक 26.02.16 के उत्‍तर में दिनांक 01.01.15 से 31.01.16 तक प्रदेश में कुल 10664 आत्‍महत्‍याएं जिसमें से 829 कृषक तथा 1561 कृषक मजदूर थे, की आत्‍महत्‍या की जानकारी दी गई थी? (ख) यदि हाँ, तो प्रदेश में दिनांक 01 फरवरी 2016 से प्रश्‍नांकित दिनांक तक प्रदेश में आत्‍महत्‍या की कितनी घटनायें घटित हुईं? जिलेवार योग सहित बतावें? उक्‍त घटनाओं के क्‍या-क्‍या कारण रहे? (ग) प्रश्‍नांश (ख) की अवधि में आत्‍महत्‍या करने वालों का व्‍यवसाय क्‍या-क्‍या था? इनमें से कितने कृषक व कृषि मजदूर एवं कितने छात्र थे? प्रदेश में बढ़ रही आत्‍म हत्‍याओं (विशेषकर कृषक वर्ग एवं छात्रों में) को रोकने के लिए क्‍या प्रयास किए जा रहे हैं? क्‍या आत्‍महत्‍या करने वाले किसानों के परिवार के स्‍वावलंबन के लिए सरकार द्वारा किसी तरह की सहायता प्रदान की गई? यदि हाँ, तो किस-किस किसान के परिवार को? यदि नहीं, तो क्‍यों?

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) जी हाँ। (ख) प्रश्नांश अवधि में प्रदेश में कुल 3957 व्यक्तियों द्वारा आत्महत्या की गई है, जिलेवार जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। आत्महत्या का मुख्य कारण अधिकतर पारिवारिक कलह, बेरोजगारी एवं मानसिक तनाव है। (ग) आत्महत्या करने वालों का व्यवसाय मुख्यतः मजदूरी, खेती किसानी, गृह कार्य, दुकानदारी इत्यादि है। जिनमें से 280 कृषक, 884 कृषक मजदूर तथा 298 छात्र थे। इनकी जानकारी संलग्न परिशिष्ट में समाहित है। आत्महत्या करने पर किसी प्रकार की सहायता का प्रावधान नहीं है।

परिशिष्ट - ''पंद्रह''

व्‍यापम घोटाले की जाँच के सी.बी.आई. को सौंपे गए प्रकरण

37. ( क्र. 800 ) श्री रामनिवास रावत : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) व्‍यापम घोटाले से संबंधित एस.टी.एफ. तथा विभिन्‍न थानों में दर्ज 212 प्रकरणों में से किस-किस प्रकरण को सी.बी.आई. द्वारा जाँच/विवेचना में शामिल नहीं किया गया है? उनकी सूची, प्रकरण क्रमांक, कायमी दिनांक, धाराएं, आरोपी का नाम/पता, व्‍यापम की किस परीक्षा से संबंधित है, की जानकारी सहित प्रदान करें? साथ ही किस कारण से सी.बी.आई. द्वारा इन प्रकरणों को दर्ज नहीं किया गया? (ख) एस.टी.एफ. द्वारा व्‍यापम घोटाले में संबंधित प्राप्‍त लगभग एक हजार आवेदन की सी.बी.आई. को विवेचना/जाँच हेतु क्‍यों नहीं सौंपा गया? उनकी सूची आवेदक के नाम, पता आवेदन की विषय वस्‍तु तथा दिनांक सहित प्रदान करें? (ग) ऐसे कितने प्रकरण थे जो एस.टी.एफ. द्वारा की जा रही जाँच/विवेचना में लंबित थे लेकिन उन पर एफ.आई.आर. दर्ज नहीं की गई? उनकी सूची देवें? उन प्रकरणों को सी.बी.आई. को नहीं सौंपने के क्‍या कारण हैं? (घ) एस.टी.एफ. (रेस्‍पोन्‍डेंट नं. 3) द्वारा मान. उच्‍चतम न्‍यायालय में प्रस्‍तुत किए गए अंतरिम आवेदन में किस दिनांक की लंबित शिकायतें तथा लंबित प्रकरणों की जानकारी दी गई तथा यह बताया गया कि सी.बी.आई. द्वारा इन्‍हें नहीं लिया गया है?

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार(ख) मध्यप्रदेश एस.टी.एफ. द्वारा व्यापम से संबंधित आवेदन पत्रों पर कार्यवाही हेतु सी.बी.आई. को सौंपे जाने के संबंध में लेख किया गया था। सी.बी.आई. द्वारा लेख किया गया कि माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा अपने आदेश में व्यापम संबंधी प्रकरणों की मात्र विवेचनाएं सी.बी.आई. को हस्तांतरित किये जाने का आदेश पारित किया गया है। अतः व्यापम संबंधी समस्त शिकायतें अग्रिम कार्यवाही हेतु सी.बी.आई. से सुपुर्द की जाए। इस संबंध में म.प्र.शासन की ओर से दिनांक 19.11.2015 को माननीय उच्चतम न्यायालय में आवेदन प्रस्तुत किया गया है, जिस पर सुनवाई होनी शेष है। चूंकि शिकायतों के विषय में माननीय उच्चतम न्यायालय में सुनवाई विचाराधीन/प्रक्रियाधीन है। अतः ऐसे शिकायत पत्रों के संबंध में आवेदकों व आवेदन की विषयवस्तु की जानकारी दिया जाना संभव नहीं है। (ग) व्यापम संबंधी प्रकरणों की विवेचना के दौरान एस.टी.एफ. को संज्ञेय अपराधों के संबंध में प्रकरण पंजीबद्ध करने योग्य जो भी साक्ष्य प्राप्त हुए थे उनके आधार आपराधिक प्रकरण दर्ज कर लिये गये थे। माननीय उच्चतम न्यायालय के आदेश पर प्रकरणों के संबंध में समस्त साक्ष्य/दस्तावेज सी.बी.आई. के सुपुर्द किये जा चुके हैं। प्रकरणों की विवेचना के दौरान दिनांक 13.07.2015 के पश्चात् संज्ञेय अपराध के संबंध में यदि कोई साक्ष्य प्राप्त होता है तो उस पर अपराध पंजीबद्ध किये जाने की कार्यवाही सी.बी.आई. द्वारा संपादित की जानी है। (घ) एस.टी.एफ. (रेस्पोन्डेंट नं. 3) द्वारा माननीय उच्चतम न्यायालय में लंबित याचिका 417/2015 में दिनांक 09.07.2015 तक लंबित शिकायतों तथा लंबित प्रकरणों की जानकारी दी गई है।

सूखा प्रभावितों के खाद्यान्‍न वितरण

38. ( क्र. 878 ) श्री रामपाल सिंह : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या शहडोल जिला कृषि वर्ष 2016-17 सूखा प्रभावित क्षेत्र घोषित किया है और सूखा प्रभावित किसानों को खाद्यान्‍न प्रदाय करने का निर्णय शासन द्वारा लिया गया है? (ख) यदि प्रश्‍नांश (क) हाँ तो उक्‍त संबंध में कितने सूखा प्रभावित किसानों को खाद्यान्‍न मुहैया कराया जा रहा है और कब से तथा कुल कितनी खाद्यान्‍न कितने हितग्राहियों के मान से उपलब्‍ध कराया जा रहा है? (ग) क्‍या सूखा प्रभावित सभी किसानों को खाद्यान्‍न उपलब्‍ध कराया जा रहा है? यदि नहीं, तो कितने किसानों को खाद्यान्‍न मुहैया नहीं कराया जा रहा है और क्‍यों तथा उपरोक्‍त कार्य में लापरवाही करने वाले अधिकारी/कर्मचारी के विरूद्ध कार्यवाही की जावेगी?

खाद्य मंत्री ( श्री ओम प्रकाश धुर्वे ) : (क) जी हाँ। जिन किसानों की फसल सूखे के कारण 50 प्रतिशत से अधिक क्षति हुई थी, उन्‍हें प्राथमिकता परिवार की श्रेणी में सम्मिलित किया गया है। इन परिवारों को स्‍थानीय निकाय द्वारा सत्‍यापन उपरांत खाद्यान्‍न सामग्री 31 अक्‍टूबर, 2016 तक प्रदाय करने का निर्णय लिया गया है। (ख) वर्तमान में शहडोल जिले में 12,494 सूखा प्रभावित किसानों को 5 किलो प्रति सदस्‍य के मान से खाद्यान्‍न उपलब्‍ध कराया जा रहा है। जिले में माह फरवरी, 2016 से स्‍थानीय निकाय द्वारा जैसे-जैसे किसानों को सत्‍यापित किया गया है, तद्नुसार उन्‍हें पात्रता पर्ची जारी कर खाद्यान्‍न का वितरण किया गया है। माह अप्रैल से जून के मध्‍य सत्‍यापित परिवारों को जुलाई से वितरण प्रारंभ किया गया है। (ग) जी हाँ। शहडोल जिले में कुल 2,15,963 किसानों में से 12,494 किसानों को प्राकृतिक आपदा से प्रभावित श्रेणी में सत्‍यापित किया जाकर खाद्यान्‍न उपलब्‍ध कराया जा रहा है। शेष प्रभावित किसान अन्‍य श्रेणियों में पूर्व से पात्र होने से राशन प्राप्‍त कर रहे हैं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

शासकीय उद्यान का संचालन

39. ( क्र. 879 ) श्री रामपाल सिंह : क्या राज्‍यमंत्री, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या शहडोल जिले में उद्यानिकी विभाग अंतर्गत शासकीय उद्यान संस्‍थापित हैं? (ख) यदि प्रश्‍नांश (क) हाँ तो संस्‍थापित शासकीय उद्यान कहाँ-कहाँ और प्रत्‍येक उद्यान किस खसरा नंबर एवं कितने रकबे पर है? (ग) क्‍या प्रत्‍येक शासकीय उद्यानों में वर्ष 2014-15 एवं 15-16 में शासन द्वारा कितनी राशि आवंटित की गई और उन राशियों को किस-किस कार्य के लिये व्‍यय किया गया?

राज्‍यमंत्री, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण ( श्री सूर्यप्रकाश मीना ) : (क) जी हाँ। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। (ग) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है।

परिशिष्ट - ''सोलह''

मछुआ संघ के सदस्‍यों को आवास

40. ( क्र. 908 ) श्री शैलेन्द्र जैन : क्या पशुपालन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता के अतारांकित प्रश्‍न संख्‍या-124 (क्रमांक 5220) दिनांक 9 मार्च 2016 के उत्‍तरांश में बताया गया था कि, मछुआ आवास निर्माण हेतु तहसील मछुआ संघ सदस्‍यों के आवास हेतु भूमि चिन्हित किये जाने हेतु संघ के अध्‍यक्ष को सदस्‍यों की भूमि का खसरा एवं नक्‍शा जमा करने हेतु लेख किया गया है। तो अभी तक इस संदर्भ में क्‍या कार्यवाही हुई है? (ख) सागर नगर के जिन मछुआ संघ परिवारों के पास स्‍वयं की भूमि नहीं है, क्‍या ऐसे भूमिहीन मछुआरों के आवास हेतु कोई योजना प्रचलन में है? यदि नहीं, तो क्‍या शासन इस संबंध में विचार करेगा तथा कब तक? (ग) फिशरमेन क्रेडिट कार्ड योजना के तहत विगत दो वर्षों में सागर विधान सभा क्षेत्र के कितने व्‍यक्तियों को कार्ड जारी कर इस योजना से लाभान्वित किया गया है? (घ) सागर तालाब में सिंघाड़े एवं कमल गट्टा की खेती पर प्रतिबंध लगाये जाने से एक बड़ा वर्ग रोजगार विहीन हो गया है? ऐसे सदस्‍यों को उनके रोजगार हेतु शासन स्‍तर पर कोई व्‍यवस्‍था की जायेगी? यदि हाँ, तो कब तक? क्‍या रोजगार के विकल्‍प के तौर पर सागर में कृत्रिम मोती (पर्ल) के उत्‍पादन करने की योजना शुरू करने पर शासन विचार करेगा? यदि हाँ, तो कब तक?

पशुपालन मंत्री ( श्री अंतरसिंह आर्य ) : (क) प्रश्‍नाधीन तहसील मछुआ सहकारी संघ को भूमि का खसरा एवं नक्‍शा जमा करने के लेख उपरांत अद्यतन संघ द्वारा निर्धारित प्रपत्र में आवेदन एवं खसरा नक्‍शा प्रस्‍तुत नहीं किया गया है। कार्यालयीन पत्राचार संबंधी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) स्‍वयं की भूमि उपलब्‍ध न होने की स्थिति में शासकीय भूमि को नियमानुसार आवंटित कराकर आवास निर्माण कराये जाने का प्रावधान है। समय-सीमा निर्धारित किया जाना संभव नहीं है। (ग) प्रश्‍नाधीन अवधि में सागर विधान सभा क्षेत्र अन्‍तर्गत किसी भी व्‍यक्ति को फिशरमेंन क्रेडिट कार्ड जारी नहीं किये गये है। (घ) यह सही है कि नगर पालिक निगम सागर द्वारा सागर तालाब में सिंघाड़े की खेती बन्‍द करने संबंधी निर्देश दिये गये है परंतु सागर तालाब मछली पालन हेतु उपलब्‍ध कराने से रोजगार विहीन होने की स्थिति नहीं है। कृत्रिम मोती (पर्ल) उत्‍पादन करने की योजना में विभाग नहीं है। शेषांश प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

कैदियों का कौशल उन्‍नयन

41. ( क्र. 909 ) श्री शैलेन्द्र जैन : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) अतारांकित प्रश्‍न संख्‍या-90 (क्रमांक 2292) दिनांक 29 जुलाई 2015 के उत्‍तरांश में बताया गया था कि, जेल उत्‍पाद के विक्रय से प्राप्‍त 50 प्रतिशत राशि पीडि़त परिवारों को क्षतिपूर्ति के रूप में दी जाती है, इसके अलावा एक बड़ी राशि शेष रह जाती है इस बची हुई राशि के उपयोग हेतु क्‍या शासन की कोई योजना है? यदि नहीं, तो क्‍या पीडि़त परिवार के कल्‍याण हेतु कोई योजना बनाये जाने पर शासन विचार करेगा और कब तक? (ख) क्‍या कैदियों के कौशल उन्‍नयन की कोई योजना प्रचलन में है, यदि नहीं, तो यह कब तक प्रारंभ की जायेगी वर्तमान में म.प्र. की कितनी जेलों में तकनीकी शिक्षा (आई.टी.आई) की सुविधा उपलब्‍ध है? क्‍या शासन सागर जेल में यह सुविधा उपलब्‍ध कराने पर विचार करेगा? यदि हाँ, तो कब तक?

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) अतारांकित प्रश्‍न संख्‍या-90 (2292) दिनांक 29.07.2015 में स्‍पष्‍ट किया गया है कि जेल उत्‍पाद के विक्रय से प्राप्‍त राशि नियमानुसार शासकीय खजाने में जमा की जाती है। श्रम करने वाले बंदियों को पारिश्रमिक राशि भुगतान की जाती है, जिसमें से 50 प्रतिशत राशि पीडि़त परिवारों को भुगतान किये जाने के लिए निर्धारित किये गये पीडी एकाउण्‍ट में जमा की जाती है, इसी पीडी एकाउण्‍ट में से पीडि़त परिवारों को क्षतिपूर्ति राशि का भुगतान किया जाता है तथा पारिश्रमिक की शेष 50 प्रतिशत राशि बंदी के बैंक खाते में जमा की जाती है, इस प्रकार 100 प्रतिशत राशि का उपयोग उपरोक्‍तानुसार किया जाता है। (ख) केन्‍द्रीय जेलों पर पदस्‍थ विभिन्‍न तकनीकी प्रशिक्षकों जैसे बढ़ई, बुनाई, सिलाई पावरलूम आदि द्वारा सजायाफ्ता बंदियों को उनकी रूचि के अनुसार विभिन्‍न जेल उद्योग अंतर्गत प्रशिक्षण दिया जाता है। कैदियों को कौशल विकास के अंतर्गत एन.जी.ओ. के माध्‍यम से विभिन्‍न ट्रेड कारपेन्‍ट्री, हैन्‍डलूम, पावरलूम, प्रिंटिंग, स्‍क्रीन प्रिंटिंग, कुकिंग, सॉफ्ट टॉय मेकिंग, लैदर बैग एवं फेब्रीकेशन के प्रशिक्षण दिये जाने की कार्यवाही प्रचलन में है। वर्तमान में जिला जेल बैतूल एवं धार में तकनीकी शिक्षा हेतु आई.टी.आई. की सुविधा उपलब्‍ध है तथा केन्‍द्रीय जेल भोपाल एवं उज्‍जैन में इसे शीघ्र प्रारंभ किया जा रहा है। सागर जेल पर यह सुविधा उपलब्‍ध कराने की शासन की कोई योजना नहीं है।

जिला छतरपुर अंतर्गत पोषण आहार का वितरण

42. ( क्र. 931 ) श्री मानवेन्द्र सिंह : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या एन.आई.एन. की सर्वे रिपोर्ट के अनुसार छतरपुर जिले में 38556 से अधिक बच्‍चे कुपोषित है क्‍या यह सर्वे 5 से 05 वर्ष तक के बच्‍चों का किया गया था? (ख) क्‍या शासन द्वारा धाबीमाता, गर्भवती माता एवं बच्‍चों के लिए पोषण आहार का वितरण आंगनवाड़ी, केंद्रों के माध्‍यम से नियमित रूप से किया जा रहा है? क्‍या उक्‍त पोषण आहर एम.पी. एग्रो द्वारा आंगनवाड़ी केन्‍द्रों को सप्‍लाई किया जा रहा है? (ग) यदि प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) सही है तो क्‍या यह स्‍पष्‍ट है कि एम.पी. एग्रो द्वारा जो पोषण आहार आंगनवाड़ी केन्‍द्रों को वितरित किया जा रहा है वह गुणवत्‍ताहीन है और कुपोषण को रोकने में सफल नहीं है? इस पोषण आहार का कब-कब प्रयोगशाला में गुणवत्‍ता परीक्षण कराया गया है? रिपोर्ट की प्रति उपलब्‍ध करावें? (घ) गुणवत्‍ता विहीन पोषण आहार प्रदान करने वाली संस्‍था को कब तक ब्‍लैक लिस्‍टेड कर दिया जावेगा? कुपोषण के लिए दोषी अधिकारियों पर शासन क्‍या कार्यवाही करेगा?

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( श्रीमती अर्चना चिटनिस ) : (क) जी हाँ। जिले में एन.आई.एन. के वर्ष 2010-11 में सर्वे अनुसार कुपोषित बच्चों की संख्या 38556 से अधिक है। यह सर्वे 0 से 5 वर्ष के बच्चों का किया जाता है। (ख) जी हाँ। एम.पी. एग्रो के द्वारा उत्पादित टी.एच.आर. का वितरण आंगनवाड़ी केन्द्रों के माध्यम से गर्भवती/धात्री माताओं एवं 06 माह से 03 वर्ष तक के बच्चों को नियमित रूप से किया जा रहा है। (ग) एम.पी.एग्रो द्वारा प्रदायित पूरक पोषण आहार (टी.एच.आर.) फोर्टीफाइड एवं गुणवत्तायुक्त आंगनबाडि़यों में वितरित किया जा रहा है जो कुपोषण रोकने में सफल है। टेकहोम राशन के रूप में दी जा रही विभिन्न रैसिपी के प्रत्येक बेच की नमूना जाँच पोषाहार बोर्ड, भारत सरकार महिला एवं बाल विकास नई दिल्ली की प्रयोगशाला से कराई जाती है। नमूना जाँच रिर्पोट की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (घ) एम.पी.एग्रो द्वारा गुणवत्तायुक्त पूरक पोषण आहार प्रदाय किया जा रहा है। अतः ब्लैक लिस्टेड करने का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। कुपोषण के स्तर में काफी सुधार हुआ है। अतः किसी पर कार्यवाही का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

पाली हाउस निर्माण में अनियमितता

43. ( क्र. 953 ) श्री यशपालसिंह सिसौदिया : क्या राज्‍यमंत्री, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या उज्‍जैन इंदौर संभाग में गत 3 वर्षों से जैन एरिगेशन सिस्टम लिमिटेड जलगाँव द्वारा घटिया पाली हाउस का निर्माण कर अधिकारियों की मिली भगत से भारी अनियमितता की जा रही है? (ख) क्या प्रश्नकर्ता विधायक के तारांकित प्रश्‍न क्रमांक 126 दिनांक 1 मार्च 2016 के खंड (ख) के उत्तर में बताया गया की रतलाम जिले के ग्राम हर्थली निवासी कृषक श्रीमती रामकन्या बाई के पाली हाउस को सुधार दिया गया है जबकि कंपनी द्वारा फटे हुये पाली हाउस पर मात्र टेप चिपकाया गया? पाली हाउस की जाँच किस सक्षम अधिकारी ने की तथा प्रश्न का उत्तर गलत प्रेषित किया, क्या इसकी जाँच विभाग द्वारा की जायेगी। (ग) क्या उक्त कृषक द्वारा लगातार उच्च स्तरीय शिकायत करने के बाद दिनांक 5 अगस्त 2015 को विभाग तत्कालीन प्रमुख सचिव ने अपने पत्र क्रमांक 2015/ps/pa/horti के द्वारा उपसंचालक उद्यान जिला रतलाम को प्रेषित पत्र में स्पष्ट उल्लेख किया कि पाली हाउस घटिया है इसे परिवर्तित करने के निर्देश जारी किये जाए तथा कंसल्टेंसी को शोकाज नोटिस दिया जाये? तो प्रमुख सचिव के निर्देश का पालन क्यों नहीं किया गया था, फटे पाली हाउस की मात्र टेप लगाकर खाना पूर्ति करने का प्रयास क्यों किया गया.?

राज्‍यमंत्री, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण ( श्री सूर्यप्रकाश मीना ) : (क) जी नहीं। (ख) उत्तर यह दिया गया है कि कंपनी द्वारा सुधार कार्य किया गया है। पॉली हाउस की जाँच उप संचालक उद्यान, रतलाम द्वारा की गई। उत्तर गलत प्रस्तुत नहीं होने से शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) जी हाँ। प्रमुख सचिव के सन्दर्भित पत्र अनुसार कंपनी जैन इरीगेशन सिस्टम को कारण बताओं सूचना पत्र जारी किया गया था। कंपनी ने अपने व्यय पर समस्त सुधार कार्य किया है जिसकी पुष्टि विभागीय अधिकारी से कराई गई है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

मछुआ कल्‍याण बोर्ड का पुनर्गठन

44. ( क्र. 958 ) श्री मोती कश्यप : क्या पशुपालन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) किस विभागीय आदेश के अंतर्गत किसी की अध्‍यक्षता, उपाध्‍यक्षता और सदस्‍यता में मध्‍यप्रदेश मछुआ कल्‍याण बोर्ड का गठन किया गया था और किन अवधि में उसे भंग किया गया है? (ख) प्रश्‍नांश (क) के बोर्ड के भंग होने के दिनांक के बाद किस दिनांक को किसकी अध्‍यक्षता में बोर्ड का पुनर्गठन किया गया है और उसमें किन्‍हें उपाध्‍यक्ष एवं सदस्‍य बनाया गया है? (ग) प्रश्‍नांश (क), (ख) काल में मछुओं की समस्‍याओं के कितने अभ्‍यावेदन पर निराकरण की कार्यवाहियां की गई थी और बोर्ड की सामान्‍य सभा की कितनी बैठकें कब आहूत की गई थी? पृथक-पृथक विवरण देवें? (घ) क्‍या कारण है कि वर्ष 2013 से आज दिनांक की अवधि में बोर्ड का पुनर्गठन नहीं किया गया है? (ड.) प्रश्‍नांश (घ) के अभाव में वंशानुगत, अ.जा. तथा अ.ज.जा. के मछुआरों की समस्‍याओं का निराकरण किस विधि किया जाना संभव है?

पशुपालन मंत्री ( श्री अंतरसिंह आर्य ) : (क) मछुआ कल्‍याण बोर्ड के गठन संबंधी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। मछुआ कल्‍याण बोर्ड को भंग नहीं किया गया। (ख) मछुआ कल्‍याण बोर्ड के मनोनित अध्‍यक्ष, उपाध्‍यक्ष एवं सदस्‍यों का मनोनयन सामान्‍य प्रशासन विभाग के आदेश दिनांक 23.12.2013 से निरस्‍त किया गया तथा विभाग के आदेश दिनांक 24.01.2014 से माननीय मंत्री जी मछुआ कल्‍याण तथा मत्‍स्‍य विकास को बोर्ड का अध्‍यक्ष मनोनीत किया गया। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) काल में बोर्ड के कार्यालय को प्राप्‍त 05 आवेदनों पर निराकरण की कार्यवाही की गई बोर्ड की प्रथम बैठक का आयोजन 09.04.2013 को किया गया। कोरम के अभाव में बैठक नहीं हुई है। प्राप्‍त आवेदनों पर कार्यवाही एवं बैठक की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-स अनुसार है। (घ) मछुआ कल्‍याण बोर्ड के गठन का प्रकरण प्रकियाधीन है। (ड.) मछुआरों की समस्‍याओं का निराकरण संचालनालय मत्‍स्‍योद्योग स्‍तर से मत्‍स्‍य पालन नीति 2008 के प्रावधानों के तहत किया जा रहा है।

बंद नल-जल योजनायें और दोषपूर्ण ओव्‍हरहेड टैंक

45. ( क्र. 959 ) श्री मोती कश्यप : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) वि.स.क्षे. बड़वारा के किन विकासखण्‍डों की कितनी जनसंख्‍या के किन ग्रामों में नल-जल योजनायें प्रारंभ की गई है और उनमें कितनी पाईप लाइनों का विस्‍तार किया गया है और कितना विस्‍तार शेष है? (ख) क्‍या प्रश्‍नांश (क) में से किन ग्रामों की नल-जल योजना ग्राम पंचायतों को स्‍थानांतरित कर दी गई है और कौन सी नहीं तथा इनमें से कौन सी किन कारणों से कब से बंद है? (ग) प्रश्‍नांश (क) क्षेत्र के किन ग्रामों में ओव्‍हरहेड टैंकों का निर्माण पूर्ण किया गया है और उनके द्वारा जल प्रदाय किया जा रहा है और किन ग्रामों में ट्यूबवेल से सीधे जल प्रदाय किया जा रहा है? (घ) प्रश्‍नांश (ग) में से किन ग्रामों के ओव्‍हरहेड टैंक अनेकों बार उपचार किये जाने के उपरांत भी बहुत अधिक लीकेज के कारण निरूपयोगी हो चुके हैं और उनके स्‍थान पर कब तक नये ओव्‍हरहेड टैंकों का निर्माण करा दिया जावेगा? (ड.) प्रश्‍नांश (ग), (घ) के दोषपूर्ण निर्माण में हुये भ्रष्‍टाचार पर किन यंत्रियों और ठेकेदारों के विरूद्ध क्‍या-क्‍या कार्यवाहियां की गई हैं? नहीं, तो क्‍यों?

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) से (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (घ) किसी ग्राम के ओव्हर हेड टैंक अनुपयोगी नहीं हुये हैं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ड.) किसी ग्राम के ओव्हर हेड टैंक के निर्माण दोषपूर्ण नहीं हैं। अतः यंत्रियों और ठेकेदारों के विरूद्ध कार्यवाही का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

पूरक पोषण आहार का प्रदाय

46. ( क्र. 1010 ) श्री नरेन्‍द्र सिंह कुशवाह : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) एकीकृत बाल विकास सेवा महिला एवं बाल विकास विभाग जिला भिण्‍ड के अंतर्गत नगरीय निकायों में संचालित आंगनवाड़ी केन्‍द्रों में वर्ष 2015-162015-17 में ई.ओ.आई के लिए किस-किस संस्‍था से कब आवेदन पत्र प्राप्‍त हुए किसको स्‍वीकृत किए गए उनके क्‍या कार्य क्षेत्र हैं? (ख) प्रश्‍नांश '''' के संदर्भ में कब-कब आवेदन पत्र हेतु निविदा जारी की गई किस संस्‍था को कितना कार्य दिया गया? स्‍थानीय संस्‍था अर्हता के उपरांत स्‍वीकृत क्‍यों नहीं की गई? कई बार आवेदन क्‍यों मंगाये गये? कारण सहित जानकारी दें? (ग) प्रश्‍नांश '''' के संदर्भ में भिण्‍ड में किस महिला मण्‍डल को किस स्‍थान पर कार्य करने के लिए आदेश जारी किया गया यदि नहीं, तो क्‍यों? कारण सहित जानकारी दें। (घ) क्‍या महिला मण्‍डल/स्‍व-सहायता समूह अनियमित रूप से स्‍वीकृत किए गए यदि हाँ, तो इसके लिए कौन उत्‍तरदायी है? प्रश्‍नांश दिनांक तक क्‍या कार्यवाही की जावेगी?

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( श्रीमती अर्चना चिटनिस ) : (क) एकीकृत बाल विकास सेवा महिला एवं बाल विकास विभाग जिला भिण्ड के अंतर्गत नगरीय निकायों में संचालित आंगनवाड़ी केन्द्रों के लिए वर्ष 2015-16 के लिए कोई EOI जारी नहीं की गई। पूर्व से पोषण आहार प्रदाय कर रहें स्व-सहायता समूह/महिला मंडलों से ही कार्य कराया गया। वर्ष 2016-17 में EOI (एक्सप्रेंशन ऑफ इन्ट्रेस्ट) के लिए संस्थाओं से आवेदन प्राप्त किए गए है जिनकी सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। नगरीय क्षेत्रों में पूरक पोषण आहार हेतु महिला मंडलों/स्व-सहायता समूहों के चयन हेतु अधिकार प्राप्त समिति द्वारा निर्धारित प्रक्रिया का पालन करते हुए, 02 संस्थाओं का चयन किया गया विवरण पुस्तकालय में रखे के प्रपत्र अनुसार है। (ख) प्रश्नांश के संदर्भ में जिले में वर्ष 2016-17 हेतु दिनांक 16.04.16 एवं दिनांक 13.05.16 को निविदा प्रकाशन की गई। पुस्तकालय में रखे के प्रपत्र अनुसार दो संस्थाओं को कार्य दिया गया। पोषण आहार प्रदाय हेतु संस्थाओं के चयन में समिति द्वारा निर्धारित प्रक्रिया का अनुपालन करने के पश्चात् संस्था का चयन किया गया। जिला स्तरीय पोषण आहार समिति द्वारा प्रथम निविदा में प्राप्त आवेदनों का सूक्ष्मता से परीक्षण कर संस्थाओं का तुलनात्मक पत्रक तैयार किया गया। तत्पश्चात् EOI (एक्सप्रेशन ऑफ इन्ट्रेस्ट) के शर्तों के अनुरूप पात्र/अपात्र संस्थाओं की सूची तैयार की गई। EOI की शर्तों का पालन करने वाली 21 पात्र संस्थाओं को अपना प्रस्तुतीकरण करने हेतु बुलाया गया। अंत में समिति द्वारा EOI (एक्सप्रेश्न आफ इन्ट्रेस्ट) में स्व-सहायता समूह/महिला मंडल के चयन हेतु मापदण्ड एवं निर्धारित अंकों के आधार पर स्कोर कार्ड तैयार किया गया जो पुस्तकालय में रखे के प्रपत्र अनुसार है। स्कोर कार्ड में प्राप्त अंकों के आधार पर 02 महिला मंडलों का चयन आंगनवाड़ी केन्द्रों पर पोषण आहार प्रदाय हेतु किया गया। शेष स्व-सहायता समूह/महिला मंडलों का EOI (एक्सप्रेश्न आफ इन्ट्रेस्ट) की शर्तों का अनुपालन न करने के कारण चयन संभव नहीं हो सका। प्रथम निविदा में प्राप्त आवेदनों का जिला स्तरीय पोषण समिति द्वारा परीक्षण एवं निर्धारित चयन प्रक्रिया के फलस्वरूप सिर्फ 02 महिला मंडल को पोषण आहार प्रदाय हेतु योग्य पाया। जिन्हें पोषण आहार प्रदाय करने हेतु बाल विकास परियोजना भिण्ड (शहरी) के कुल 80 आंगनवाड़ी केन्द्र आवंटित किये गये। नगरीय क्षेत्रों के शेष आंगनवाड़ी केन्द्रों पर पोषण आहार प्रदाय की व्यवस्था हेतु पुनः निविदा आमंत्रित की गई। (ग) भिण्ड जिलें की बाल विकास परियोजना भिण्ड शहरी में पोषण आहार प्रदाय हेतु कार्य आदेश दिये गये महिला मंडलों को जारी आदेश पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र अनुसार है। शेष का प्रश्न उत्पन्न नहीं होता है। (घ) जी नहीं। अतः शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

 

पोषण आहार वितरण में अनियमितता

47. ( क्र. 1040 ) कुँवर हजारीलाल दांगी : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) राजगढ़ जिले के विधान सभा क्षेत्र खिलचीपुर के अंतर्गत जनवरी 2014 से प्रश्‍न दिनांक तक किन-किन आंगनवाड़ी केन्‍द्रों पर पोषण आहार वितरण हेतु किन-किन स्‍व-सहायता समूहों के साथ कितनी अवधि के लिये अनुबंध किया गया है? अनुबंध पत्र की प्रति सहित बतावें? (ख) प्रश्‍नांश '''' के परिप्रेक्ष्‍य में वर्तमान में शासन द्वारा आंगनवाड़ी केन्‍द्रों पर पोषण आहार वितरण के संबंध में क्‍या नियम है? क्‍या उक्‍त आंगनवाड़ी केन्‍द्रों पर शासन नियमों की परिधि में पोषण आ‍हार का वितरण पात्र स्‍व-सहायता समूहों से ही कराया जा रहा है? यदि हाँ, तो पोषण आहार वितरण में लापरवाही संबंधी कितनी शिकायतें किन-किन आंगनवाड़ी केन्‍द्रों की कब-कब, किस-किस स्‍तर पर उक्‍त अवधि में प्राप्‍त हुई तथा उनमें क्‍या-क्‍या निराकरण कब-कब किया गया? (ग) क्‍या विधान सभा क्षेत्र खिलचीपुर के अंतर्गत आंगनवाड़ी केन्‍द्रों पर स्‍व-सहायता समूहों द्वारा पोषण आहार वितरण में गंभीर लापरवाही बरती जा रही है। अनुबंधित समूहों के स्‍थान पर अपात्र व्‍यक्तियों द्वारा पोषण आहार का वितरण केन्‍द्र पर न किया जाकर सामग्री को बाजार में बेचा जा रहा है? यदि हाँ, तो विभाग द्वारा इस संबंध में प्रश्‍न दिनांक तक क्‍या कार्यवाही की गई?

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( श्रीमती अर्चना चिटनिस ) : (क) राजगढ़ जिले के खिलचीपुर विधान सभा क्षेत्र अंतर्गत परियोजना खिलचीपुर एवं जीरापुर में आंगनवाड़ी केन्द्रों पर पोषण आहार वितरण हेतु अनुबंध किये गये समूह की सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। शासन निर्देशानुसार मध्यान्ह भोजन प्रदाय करने वाले समूह से सांझा चूल्हा अन्तर्गत पोषण आहार हेतु अनुबंध किया गया है अनुबंध में अवधि निर्धारित नहीं है। अनुबंध पत्र की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। (ख) शासन निर्देशानुसार शाला में मध्यान्ह भोजन प्रदाय करने वाले समूह से सांझा चूल्हा अन्तर्गत आंगनवाड़ी केन्द्रों पर पोषण आहार प्रदाय करने के निर्देश है। विधानसभा क्षेत्र खिलचीपुर की परियोजना खिलचीपुर एवं जीरापुर में मध्यान्ह भोजन प्रदाय करने वाले समूह से सांझा चूल्हा अंतर्गत अनुबंध किया गया है, किन्तु कतिपय केन्द्रों पर समूह द्वारा पोषण आहार प्रदाय नहीं करने की स्थिति में पोषण आहार व्यवस्था बाधित न हो इसे दृष्टीगत रखते हुए वैकल्पिक व्यवस्था अन्तर्गत पोषण आहार अन्य समूह/तदर्थ समिति से वितरण करवाया जाता है। पोषण आहार वितरण संबंधी प्राप्त शिकायत एवं निराकरण का विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र पर है। (ग) जी नहीं। जी नहीं। प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता।

संतरा से जुड़े उद्योग एवं प्रोसेसिंग प्‍लांट

48. ( क्र. 1048 ) श्री मुरलीधर पाटीदार : क्या राज्‍यमंत्री, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) आगर जिला अंतर्गत विगत 03 वर्षों में कितना संतरा उत्पादन किया गया हैं? संतरा उत्पादन के प्रोत्साहन हेतु विभाग द्वारा कौन-कौन सी योजनायें चलाई जा रही हैं एवं इन योजनाओं से कितने कृषक लाभान्वित हुए हैं? (ख) प्रश्नकर्ता के विधानसभा क्षेत्र में संतरे से जुड़े उद्योग एवं प्रोसेसिंग प्लांट स्थापित किए जाने हेतु कोई पत्र लिखा था या मांग की थी? यदि हाँ, तो इस ओर क्या कार्यवाही की गई? (ग) क्या विधानसभा क्षेत्र सुसनेर अंतर्गत लगभग 45000 हेक्टेयर क्षेत्र में संतरा उत्पादन कार्य किया जा रहा हैं? यदि हाँ, तो संतरा उत्पादन उपरांत व्‍यवसायिक उपयोगिता को बढ़ावा देने हेतु क्या योजना हैं? (घ) विधानसभा क्षेत्र सुसनेर अंतर्गत संतरे से जुड़े उद्योग एवं प्रोसेसिंग प्लांट प्रारम्भ किये जाने संबंधी कोई प्रस्ताव प्रक्रियाधीन है? यदि हाँ, तो किस स्तर पर? यदि नहीं, तो क्या शीघ्र इस ओर कार्यवाही की जाकर उद्योग एवं प्रोसेसिंग प्लांट प्रारम्भ किये जावेगे? यदि हाँ, तो कब तक?

राज्‍यमंत्री, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण ( श्री सूर्यप्रकाश मीना ) : (क) विगत 3 वर्षों में संतरा उत्पादन की जानकारी निम्नानुसार है:-

वर्ष

उत्पादन मीट्रिक टन में

2013-14

2,28,284.17

2014-15

2,74,030.55

2015-16

3,23,030.34

 

संतरा उत्पादन के प्रोत्साहन के लिये विभाग द्वारा फल क्षेत्र विस्तार योजना संचालित की जा रही है, जिसमें 1607 कृषक लाभांवित हुये हैं। (ख) जी हाँ। आगर जिले में मध्यप्रदेश कृषि उद्योग विकास निगम द्वारा संतरा प्रसंस्करण उद्योगों से जुड़े 37 उद्योगपतियों को संतरा उत्पादन/प्रसंस्करण से संबंधित जानकारी से अवगत कराते हुये उद्योगों की स्थापना के लिये प्रेरित किया गया है। प्रश्न दिनांक तक किसी भी निवेशक द्वारा रूचि नहीं दिखाई गई है। (ग) सुसनेर विधासभा क्षेत्र अंतर्गत 27,701.85 हेक्टेयर में फलोद्यान है। मध्यप्रदेश उद्योग संवर्धन नीति, 2014 के क्रम में खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों के लिये विशिष्ट वित्तीय सहायतायें उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया है। (घ) जी नहीं। प्रोसेसिंग प्लांट की स्थापना निजी निवेशक की रूचि पर निर्भर है अतः समय-सीमा बताना सम्भव नहीं है।

खाद्य पात्रता पर्चियों का वितरण

49. ( क्र. 1049 ) श्री मुरलीधर पाटीदार : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या अप्रैल-2016 के पश्चात् खाद्यान्न पर्ची पूरे प्रदेश में कहीं भी जारी नहीं हुई हैं? यदि हाँ, तो किस कारण से? (ख) विधानसभा क्षेत्र सुसनेर अंतर्गत विगत 01 वर्ष में कितने नए परिवार बी.पी.एल. में सम्मिलित किए गए हैं? इनमें से कितने ग्राम उदय से भारत उदय अभियान अंतर्गत जोड़े गए हैं? (ग) प्रश्नांश (ख) में उल्लेखित आदेशों के परिपालन में विधानसभा क्षेत्र सुसनेर अंतर्गत नगरीय निकायों एवं ग्राम पंचायतों द्वारा कितने परिवारों के बी.पी.एल. कूपन जारी किए गए हैं एवं कितने शेष हैं? शेष बी.पी.एल. कूपन किस कारण से नहीं बनाए गए? (घ) विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत विगत 01 वर्ष में बनाए गए बी.पी.एल. कूपन में से कितने परिवारों को पात्रता पर्ची उपलब्ध कराई गई है एवं कितने परिवार शेष हैं? शेष परिवारों को कब तक पात्रता पर्ची उपलब्ध होगी?

खाद्य मंत्री ( श्री ओम प्रकाश धुर्वे ) : (क) माह अप्रैल से जून, 2016 तक सत्‍यापित पात्र परिवारों की पात्रता पर्ची माह जून, 2016 में जारी की गई है जिन्‍हें माह जुलाई, 2016 से राशन सामग्री का वितरण किया जाएगा। राष्‍ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 के अंतर्गत भारत सरकार द्वारा प्रदेश हेतु निर्धारित जनसंख्‍या एवं खाद्यान्‍न आवंटन सीमा से अधिक पात्र परिवारों का सत्‍यापन होने तथा उनके लिए अतिरिक्‍त खाद्यान्‍न आवंटन की आवश्‍यकता होने के कारण इस अवधि में सत्‍यापित परिवारों में से बोगस एवं दोहरे परिवारों का विलोपन की कार्यवाही किए जाने के कारण माह अप्रैल से जून, 2016 तक सत्‍यापित पात्र परिवारों को पात्रता पर्ची जारी नहीं की जा सकी है। (ख) विधानसभा क्षेत्र सुसनेर अंतर्गत विगत 01 वर्ष में 2760 नए परिवार बी.पी.एल. श्रेणी में सम्मिलित किए गए, इनमें से 1370 परिवार ग्राम उदय से भारत उदय अभियान के दौरान बी.पी.एल. परिवार की श्रेणी में सम्मिलित किए गए। (ग) विधानसभा क्षेत्र सुसनेर अंतर्गत विगत 01 वर्ष में 1362 बी.पी.एल. परिवारों को पात्रता पर्ची उपलब्‍ध करा दी गई है। शेष 1398 बी.पी.एल. परिवारों का सत्‍यापन स्‍थानीय निकाय द्वारा किए जाने के उपरांत पात्रता पर्ची जारी की जाएगी। (घ) प्रश्‍नांश '' के उत्‍तर अनुसार।

नल-जल योजना

50. ( क्र. 1056 ) श्री संदीप श्री प्रसाद जायसवाल : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) मुड़वारा विधानसभा में किस-किस ग्राम में नल-जल योजना चालू स्थिति में है और कितनों में बंद है? जिन ग्रामों में नल-जल योजना प्रारंभ नहीं है उनमें से किस-किस ग्राम में नल-जल योजना प्रस्‍तावित है एवं किस-किस में नहीं? जिन ग्रामों में प्रस्‍तावित नहीं हैं तो कब तक प्रस्‍तावित कर दी जायेगी. (ख) ग्रामोदय से भारत उदय कार्यक्रम के अन्‍तर्गत मुड़वारा विधानसभा क्षेत्र में ग्राम संसद से किस किस ग्राम में नल-जल योजना के बंद होने की जानकारी आई एवं उसमें से किस किस को सुधार कर पानी सप्‍लाई चालू कर दी गई है? जिनमें सुधार कार्य नहीं किया गया है तो कब तक कर दिया जायेगा. (ग) मुड़वारा विधानसभा क्षेत्र के किस किस ग्राम की नल-जल योजना पंचायत को हस्‍तांतरित हो गई है और किस-किस ग्राम की नहीं. इन ग्रामों में नल-जल योजना के हस्‍तांतरित न होने के क्‍या कारण हैं और कब तक हस्‍तांतरण हो जायेगी?

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। वर्तमान में नवीन नल-जल प्रदाय योजनाओं की स्वीकृति पर प्रतिबंध होने के कारण नई नल-जल योजनाएं प्रस्तावित नहीं हैं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है।

दोषी के विरूद्ध कार्यवाही

51. ( क्र. 1058 ) श्री सुखेन्‍द्र सिंह : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रश्‍नकर्ता द्वारा अपने पत्र क्रमांक 253 दिनांक 04.05.2016 द्वारा पुलिस महानिदेशक भोपाल को पत्र लिखकर प्रतिलिपि पुलिस महानिरीक्षक रीवा जोन रीवा एवं पुलिस अधीक्षक जिला रीवा को त्‍वरित आवश्‍यक कार्यवाही हेतु 4 बिन्‍दुओं का पत्र तथा प्रार्थिया मुन्‍नी पति अब्‍दुल रहीम निवासी बहुती थाना मऊगंज तहसील हनुमना जिला रीवा द्वारा दिनांक 09.04.2016 को थाना प्रभारी मऊगंज एवं प्रतिलिपि कार्यालय अतिरिक्‍त पुलिस अधीक्षक मऊगंज को पत्र दिया गया था? (ख) यदि हाँ, तो रीवा जिले के विकासखण्‍ड हनुमना थाना मऊगंज अंतर्गत ग्राम बहुती के श्री अब्‍दुल रहीम नामक व्‍यक्ति के ऊपर प्रशासनिक अत्‍याचार के रूप में एक घटना के 3 पृथक-पृथक आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध किये गये थे तथा अब्‍दुल रहीम के घर में आग लगाने की घटना हुई थी? (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के संदर्भ में यदि हाँ, तो अब्‍दुल रहीम के ऊपर एक ही घटना के ए‍क ही जगह के एक ही साथ के तीन प्रशासनिक कर्मचारियों के अलग-अलग एफ.आई.आर. क्‍यों लिखायी गयीजिला रीवा में इस तरह के विगत 5 वर्षों में कितने एफ.आई.आर. कराये गये हैं? सूची, घटना स्‍थल, नाम, पूर्ण पता सहित उपलब्‍ध करावें? (घ) प्रश्‍नांश (क), (ख), (ग) के संदर्भ में क्‍या उच्‍च स्‍तरीय समीक्षा तथा न्‍यायिक जाँच की जावेगी यदि हाँ, तो कब तक समय-सीमा बतावें? यदि नहीं, तो क्‍यों?

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) जी हाँ। (ख) जी नहीं बल्कि श्री अब्दुल रहीम निवासी बहुती द्वारा अपने सहयोगियों के साथ शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न करने, शासकीय सेवकों पर प्राणघातक हमला करने तथा अपने सहयोगियों के साथ शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न करते हुए स्वयं अपने मकान में आग लगाने की पृथक-पृथक घटनाओं के संबंध में पृथक-पृथक शिकायतकर्तागणों द्वारा की गई रिपोर्ट पर पृथक-पृथक 03 प्रकरण पंजीबद्ध किये गये हैं। पंजीबद्ध तीनों प्रकरणों में घटना का समय घटना स्थल व घटना का विवरण पृथक-पृथक है। संबंधित तीनों प्रकरणों का विवरण संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) प्रश्नांश के उत्तर के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं। (घ) प्रश्नांश तथा के उत्तर के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''सत्रह''

हैण्‍डपम्‍प का उत्‍खनन

52. ( क्र. 1059 ) श्री सुखेन्‍द्र सिंह : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) रीवा जिले में वर्ष 2014-15 एवं 2015-16 में बसाहटों में पेज जल व्‍यवस्‍था (हैण्‍डपंप योजना)? शालाओं में पेयजल व्‍यवस्‍था (हैण्‍डपंप योजना)? आंगनवाड़ी केन्‍द्रों में पेयजल व्‍यवस्‍था (हैण्‍डपंप योजना)? ग्रामीण नल-जल योजनाओं का क्रियान्‍वयन? मुख्‍यमंत्री पेयजल योजनाओं का क्रियान्‍वयन? भू-जल संवर्धन कार्यक्रम के अंतर्गत चेक डैम रूफ वाटर हार्वेस्टिंग रिचार्ज साफ्ट एवं नलकूपों की फ्लोसिंग एवं रिचार्जिंग कार्य? आश्रम-छात्रावासों में पेयजल व्‍यवस्‍था? के लक्ष्‍य एवं उपलब्धि की जानकारी वर्षवार पृथक-पृथक वर्षवार संख्‍या पृथक-पृथक देवें? (ख) प्रश्‍नांश '''' के पृथक-पृथक विवरण के अनुसार वर्षवार पृथक-पृथक कार्यक्रम के विवरण के लक्ष्‍य एवं उपलब्धि की पृथक-पृथक ब्‍लाकवार लक्ष्‍य एवं उपलब्धि की पृथक-पृथक सूची उपलब्‍ध करावें? (ग) रीवा जिले में वर्ष 2016-17 में हैण्‍डपंप खनन हेतु निविदा मध्‍यप्रदेश शासन द्वारा कब तक पूर्ण किये जाने हेतु निर्देश हैं प्रतिलिपि उपलब्‍ध करावें? लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकी विभाग रीवा द्वारा हैण्‍डपंप खनन हेतु निविदा कब तक पूर्ण की जावेगी? प्राप्‍त लक्ष्‍य से उपलब्धि कब तक पूर्ण कर ली जावेगी? (घ) प्रश्‍नांश '''' के संदर्भ में प्रक्रिया विलम्‍ब से शुरू करने एवं समय से उपलब्धि हासिल न कर पाने के लिए कौन-कौन से कर्मचारी/अधिकारी दोषी है? दोषी के खिलाफ क्‍या कार्यवाही कब तक की जावेगी? नहीं तो क्‍यों कारण स्‍पष्‍ट करें?

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ग) कोई निर्देश नहीं हैं। वर्ष 2016-17 के नलकूप खनन के लक्ष्य की पूर्ति हेतु स्वीकृत निविदायें 1.4.16 को उपलब्ध थी। लक्ष्य इसी वित्तीय वर्ष में पूर्ण किये जायेंगे। (घ) कार्य विलंब से शुरू नहीं किया गया है एवं लक्ष्यानुसार ही किया गया है कोई दोषी नहीं है, अतः कार्यवाही का प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता।

प्रदेश में वर्ष 2011 पुलिस परीक्षा X सर्विसमेन SI परीक्षा में अनियमितता

53. ( क्र. 1084 ) श्री सत्‍यपाल सिंह सिकरवार : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2011 में प्रदेश की पुलिस रिक्रूटमेन्‍ट में एक्‍स सर्विसमेन परीक्षा में कितने अभ्‍यर्थी चयनित हुए उनके नाम, प्राप्‍त अंक, सीरियल लिस्‍ट के अनुसार बताया जावे? (ख) क्‍या 137 (एक सौ सैंतीस) अंक प्राप्‍त कर बत्‍तीसवां स्‍थान पर रहे अभ्‍यर्थी को एस.आई./सूबेदार के बजाय प्‍लाटून कमाण्‍डर चयनित किया गया था, क्‍यों? (ग) क्‍या 125,123 (एक सौ पच्‍चीस व एक सौ तेईस) अंक प्राप्‍त कर छत्‍तीसवें, सैंतीसवें क्रम में आने वाले अभ्‍यर्थियों एस.आई. बनाया गया था,क्‍यों? इस अनियमितता के लिये कौन-कौन अधिकारी दोषी है? उनके खिलाफ क्‍या कार्यवाही की जावेगी? (घ) क्‍या शासन बत्‍तीसवां स्‍थान प्राप्‍त अभ्‍यर्थी को पदोंन्‍नत सहित एस.आई. रेंक पर पदस्‍थापना करेगा, यदि हाँ, तो कब तक?

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) कुल संख्‍या 30, जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी हाँ। गैर तकनीकी पदों के लिए भूतपूर्व सैनिक वर्ग की प्रावीण्‍य सूची में 32 वें क्रम पर श्री राजेश सिंह सिकरवार को स्‍थान मिला था। उन्‍हें कुल 137 अंक प्राप्‍त हुये थे। अत: नियमानुसार उनकी वरियता एवं प्राथमिकता के आधार पर उन्‍हें प्‍लाटून कमांडर का पद आवंटित किया गया। (ग) मुख्‍य सूची में 125, 123, अंक प्राप्‍त करने पर इनको कोई पद आवंटित नहीं हुआ है। तीनों श्रेणियों की प्रतीक्षा सूची एक ही बनाई गई थी। मुख्‍य सूची में से उ.नि के पद रिक्‍त होने के कारण उक्‍त अभ्‍यार्थियों को प्रतीक्षा सूची छतीसवें से तीसवें अभ्‍यार्थी को उ.नि. के रिक्‍त पद पर चयन समिति द्वारा चयन किया गया। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) बत्‍तीसवां स्‍थान प्राप्‍त करने वाले अभ्‍यार्थी श्री राजेश सिकरवार के द्वारा माननीय उच्‍च न्‍यायालय में रिट अपील क्रमांक 11/2015 दायर की गई है जो न्‍यायालय में विचाराधीन है।

खाद्य, पात्रता पर्चियाँ अपडेट नहीं होना

54. ( क्र. 1085 ) श्री सत्‍यपाल सिंह सिकरवार : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत बी.पी.एल. अंत्‍योदय, कामकाजी, नि:शक्‍त जैसी 25 श्रेणी को जोड़ा गया है, जिन्‍हें शासकीय कन्‍ट्रोल की दुकान से सस्‍ता खाद्यान्‍न देने की नीति है मुरैना भिण्‍ड श्‍यौपुर में कितने लोगों के नाम उक्‍त श्रेणी में वर्ष जून 2016 तक जोड़े गये हैं? (ख) क्‍या उक्‍त जिलों में जोड़े गये नामों का सत्‍यापन 31